LATEST NEWS

अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू

Advocates started a relay hunger strike to press for their pending demands. जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर। जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में आज से जबलपुर में अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह कदम कई सालों से चली आ रही समस्याओं के समाधान में हो रही देरी और प्रशासन की कथित अनदेखी के विरोध में उठाया गया है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्तागण आज सुबह 11 बजे जिला एवं सत्र न्यायालय के गेट नंबर 4 के बाहर अनशन पर बैठ गए। अधिवक्ताओं का कहना है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे उन्हें और उनके मुवक्किलों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने कहा कि प्रशासन द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती। इस भूख हड़ताल से न्यायालय के कामकाज पर असर पड़ सकता है, और अधिवक्ताओं में व्याप्त असंतोष अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।

स्कूल अनुमति के नाम पर रिश्वतखोरी, सर्व शिक्षा अभियान का परियोजना समन्वयक दंपति 60 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Bribery in the name of school permission, Sarva Shiksha Abhiyan project coordinator couple arrested red-handed while accepting 60 thousand rupees मंडला। जिले में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) जबलपुर ने शुक्रवार को सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना समन्वयक अरविंद विश्वकर्मा और उनकी पत्नी आरती विश्वकर्मा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। आरोप है कि दंपति ने ककैया विकासखंड बिछिया स्थित विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल के संचालक रविकांत नंदा से स्कूल की अनुमति प्रदान करने के नाम पर कुल एक लाख 20 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने 23 सितंबर को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये पहले ही सौंप दिए थे। शुक्रवार को दूसरी किस्त 60 हजार रुपये की अदायगी के समय ईओडब्ल्यू टीम ने बिंझिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को पूछताछ के लिए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस लाया गया, जहां देर शाम तक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई चलती रही। लगभग दो माह पहले स्कूल संचालक ने रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत ईओडब्ल्यू जबलपुर को सौंपी थी, जिसके आधार पर यह जाल बिछाया गया। टीम ने मौके से नगद राशि सहित आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

शिक्षक का कमाल: 2,900 रुपये में बनाई एआई मैडम, 95 प्रतिशत बढ़ गई हाजिरी

Teacher’s amazing feat: AI Madam created for Rs 2,900, attendance increased by 95% Recorded in India Book Recorded in India Book में दर्ज भोपाल। Recorded in India Book एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों को इससे जुड़े इनोवेशन के लिए प्रेरित किया है। बाहर के देशों में तो एआई से जोड़कर लोग नए-नए प्रयोग कर ही रहे हैं। भारत में भी प्रतिभाएं सामने या रही हैं। झांसी के एक सहायक शिक्षक मोहनलाल सुमन ने कम खर्च में एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रोबोट शिक्षक बनाया, जिसे एआई टीचर कहा जा रहा है। इसके लिए मोहनलाल को इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स 2025 में जगह मिली है।मोहनलाल ने सिर्फ 2,900 रुपये खर्च करके सर्वो मोटर, तारों और फे्रम से इस रोबोट को तैयार किया। यह रोबोट अब स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा है। इसका नाम सुमन मैडम रखा गया है। सुमन मैडम ने मई में राजापुर गांव के कम्पोजिट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था, जिसके बाद से स्कूल की हाजिरी 65 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई। बच्चे सुमन मैडम की क्लास छोडऩा नहीं चाहते। हर विषय के सवालों का जवाब Recorded in India Bookमोहनलाल बताते हैं कि उनके द्वारा बनाई गई एआई रोबोट सुमन मैडम कभी थकती नहीं है। वह हर विषय के सवालों का जवाब देती है, बच्चों की तारीफ करती है और पहेलियां पूछती है। बच्चे उनके साथ पढ़ाई का मजा लेते हैं और उत्साह के साथ क्लासरूम में आते हैं। अब इसके लिए मोहनलाल को इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स के चीफ एडिटर बिस्वरूप रॉय चौधरी ने उन्हें प्रमाणपत्र दिया। यह सम्मान उन्हें इसलिए मिला, क्योंकि उन्होंने इतने कम खर्च में एआई रोबोट बनाया है। पढ़ाने के साथ-साथ सुनाती है कहानी-कविता Recorded in India Bookसुमन मैडम बच्चों सिर्फ पढ़ाती ही नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है। एआई टीचर सुमन मैडम बच्चों को कहानियां कहानी सुनाती है, कविता सिखाती है और साइंस पढ़ाने से लेकर ड्रॉइंग करने में भी मदद करती है। सुमन मैडम के चेहरे पर भाव भी आते हैं, आंखों की पलक झपकने से लेकर होठों के मूवमेंट तक भी होते हैं, ये सब मोटर के सहारे होते हैं। इससे बच्चे सुमन मैडम से जुड़ाव महसूस कर पाते हैं। गैर-शैक्षिक काम से आया आइडिया Recorded in India Bookमोहनलाल को यह रोबोट बनाने का विचार तब, आया जब उन्होंने देखा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षिक काम करने पड़ते हैं, जैसे मिड-डे मील की देखरेख या चुनाव ड्यूटी। इन कामों की वजह से स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, लेकिन सुमन मैडम ने इस कमी को पूरा किया। उन्होंने एक टेक्नोलॉजी कंपनी की मदद से एक लकड़ी के पुतले में एआई असिस्टेंट फिट किया और उसे स्कूल के लिए तैयार किया।

लीलाझर सरपंच पर अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हुआ,6 पंचों में से 5 ने जताया विरोध ।

No-confidence motion against Lilajar Sarpanch was not passed, 5 out of 6 Panchs expressed their opposition. हरिप्रसाद गोहेआमला। ग्राम पंचायत लीलाझर के सरपंच के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को हुए मतदान में पारित नहीं हो सका। मिली जानकारी अनुसार 11 पंचों वाली इस पंचायत में 24 सितंबर को मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई, लेकिन प्रस्ताव के पक्ष में अपेक्षित बहुमत नहीं मिलने से यह पारित नहीं हुआ।जानकारी के अनुसार, 10 सितंबर को ग्राम पंचायत लीलाझर के 6 पंचों ने संयुक्त रूप से एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया को लिखित आवेदन सौंपा था। इसमें सरपंच के विरुद्ध अविश्वास जताते हुए मतदान की मांग की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने 24 सितंबर की तारीख तय कर मतदान की प्रक्रिया कराई। मतदान के दौरान 6 पंचों ने हिस्सा लिया। इसमें सरपंच के पक्ष में 5 मत पड़े, जबकि 5 पंच अनुपस्थिति थे।1 पंच ने विपक्ष में मतदान किया हालांकि, नियमों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। इस स्थिति में बहुमत पूरा नहीं होने से प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। इस मतदान प्रक्रिया के लिए आयोजित सम्मिलन की अध्यक्षता तहसीलदार रिचा कौरव ने की। वहीं, पूरी कार्यवाही प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में कराई गई। एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया ने बताया कि लीलाझर पंचायत में सरपंच के खिलाफ हुए मतदान में अपेक्षित बहुमत नहीं मिल सका। सरपंच को फिलहाल पद से नहीं हटाया जा सकता। वहीं पंचायत में सरपंच और विरोधी गुट के बीच खींचतान और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

अजनी रेल्वे इंस्टीट्यूट चुनाव में एन आर एम यू को मिली विजय, प्रचंड बहुमती से जीत की दर्ज।

NRMU wins Ajni Railway Institute elections, registers victory with a huge majority. आमला/अजनी/नागपुर ! हाल ही में सम्पन्न हुए मध्य रेल्वे अजनी इंस्टीट्यूट चुनाव में नैशनल रेल्वे मजदूर यूनियन ने विजय हासिल कर प्रचंड बहुमतों से जीत का परचम लहराया। रेल्वे इंस्टीट्यूट चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत का श्रेय कामरेड साथियों ने नागपूर मंडल सचिव कॉम मनोज चोईथानी, अध्यक्ष विपीन पाटिल के नेतृत्व में एवं एस के झा के मार्ग दर्शन में नागपूर अजनी रेल्वे इंस्टीट्यूट चुनाव में एन आर एम यू की प्रचंड जीत दर्ज होने की बात कहीं है । इस मौके पर उपस्थित कॉमरेड साथियों ने ढोल ढमाकों के साथ जबर्दस्त आतिश बाजी कर जीत का जश्न मनाया। इस दौरान सभी ने एन आर एम यू जिंदाबाद,इंकलाब ज़िंदाबाद ,सभी कॉमरेड को लाल सलाम के नारे लगा रहे थे। कॉमरेड राजेश आर रावत ने बताया अजनी रेल्वे इंस्टिट्यूट चुनाव में मिली जीत पर  मंडल सचिव कॉम मनोज चोईथानी जी,अध्यक्ष कॉम विपीन पाटिल जी सहायक महामंत्री कॉमरेड एस. के. झा जी, ने सभी ब्रांच पदाधिकारी गण,और सभी कॉमरेड साथियों को इस महत्वपूर्ण अजनी इंस्टीट्यूट चुनाव कि जीत कि अनंत अनंत हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कर इस चुनाव में जिन्होंने प्रत्यक्ष रूप से और अप्रत्यक्ष रूप से एन आर एम यू टीम को अपना पूर्ण सहयोग दिया है,हम उन सभी का हृदय की गहराइयों से आभार,धन्यवाद प्रकट करतें हैं,तथा भविष्य में आप सभी से इसी प्रकार सहयोग मिलता रहें कामना करते हैं…

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सीहोर में आयोजित हुआ वर्ष 2025 वार्षिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन।

The annual sports competition for the year 2025 was organized by Madhya Pradesh Police in Sehore. बरेली के रामप्रसाद गोहे ने सीहोर में आयोजित वार्षिक खेल प्रतियोगिता में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन। जीते तीन कांस्य पदक, उच्च अधिकारियों ने किया सम्मानित। आमला/बरेली । 64 वी अंतराज्यीय मध्य जोन भोपाल पुलिस वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता वर्ष 2025 का सीहोर मध्य प्रदेश में आयोजन किया गया था । प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ 15 सितंबर को होकर प्रतियोगिता का विधिवत समापन 19 सितंबर को किया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार आयोजित प्रतियोगिता में प्रतियोगिता में भोपाल, रेडियो भोपाल, सीहोर,, विदिशा, राजगढ़, रायसेन के पुलिस अधिकारी/कर्मचारी ने हिस्सा लिया सफल रहे खिलाड़ियों को सीहोर में आईजीपी भोपाल आई पी एस अभय सिंह द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। गौरतलब हो की सीहोर में आयोजित पुलिस खेल प्रतियोगिता में बरेली जिला रायसेन के उप निरीक्षक राम प्रसाद गोहे ने क्रमशः 10000 मीटर दौड़,20 किलो मीटर पैदल चाल,के अलावा 21 किलो मीटर साइकिलिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर तृतीय स्थान प्राप्त कर बतौर रायसेन पुलिस कांस्य पदक जीत जिले सहित पुलिस विभाग का नाम रोशन किया।गोहे की सफलता पर आज मंगलवार कंट्रोल रूम रायसेन में पुलिस अधीक्षक महोदय पांडे जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय, आर आई कविता डामोर के हस्ते समस्त खिलाड़ियों के साथ मैडल एवं प्रमाण पत्र देकर बधाई शुभकामनाएं प्रेषित की गई। इस दौरान बरेली एसडीओपी रायसेन कुंवर सिंह मुकाती,बरेली थाना प्रभारी कपिल गुप्ता,समस्त स्टाफ खेल प्रशिक्षक एवं खेल प्रेमियों व जिला खेल अधिकारी रायसेन एवं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रेसिडेंट श्री मुमताज जी द्वारा सोशल मीडिया पर बधाई देकर खिलाड़ियों के उज्वल भविष्य की कामना की। बतादे निरीक्षक आर पी गोहे पुलिस अधिकारी के साथ सफल धावक भी हे।

खुली जेल परिसर में स्वच्छता पखवाड़ा : अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिया श्रमदान

Cleanliness fortnight in the open jail premises: Officers and employees donated their labour. जितेन श्रीवास्तवजबलपुर। आज दिनांक 21 सितम्बर 2025 को प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत खुली जेल परिसर में बाहर की ओर स्वच्छता हेतु श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर सहित 07 अधिकारी एवं 37 पुरुष तथा महिला कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बताया गया कि शासन द्वारा संचालित इस अभियान के तहत आगामी दिनों में वृक्षारोपण और रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। जेल अधीक्षक तोमर ने कहा कि गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से पहले स्वच्छता और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

चाय पर चर्चा : कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने पर हुई बातचीत

Chai Pe Charcha: Discussion on strengthening the Congress organization हरिप्रसाद गोहेआमला। रविवार को अवकाश के दिन वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता सर रमेश दामले ने वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सौजन्य भेंट कर “चाय पर चर्चा” का आयोजन किया।इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के सीनियर कार्यकर्ता ॐ प्रकाश सूरे से विस्तारपूर्वक बातचीत की। दामले ने कहा कि कांग्रेस संगठन की रीति-नीति और विचारधारा से कार्यकर्ताओं को निरंतर जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संगठन को मजबूती देने तथा जनता तक कांग्रेस की नीतियों और योजनाओं को पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

MPWLC में 10 करोड़ का टेंडर घोटाला : नियम ताक पर, चहेती फर्मों को फायदा, कार्रवाई गायब

MPWLC tender scam: Rules flouted, favoured firms benefit by crores; learn how officials are committing fraud भोपाल। MPWLC Scam in 10 crores मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) में सड़क और साइनज के करीब 10 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। शिकायतें बताती हैं कि अधिकारियों ने तय नियमों की अनदेखी कर चहेती फर्मों को फायदा पहुँचाया और पात्रता की मूल शर्तें पूरी न करने के बावजूद उन्हें क्वालिफाई कर दिया। टेंडर की पहली शर्त ही टूटी MPWLC Scam in 10 crores जुलाई 2025 में जारी इस टेंडर में साफ लिखा था कि भाग लेने वाली फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होनी चाहिए। लेकिन कॉर्पोरेशन ने एवेन्यू ग्राफिक्स, सत्यम ग्राफिक्स और अबुल फैज जैसी फर्मों को भी क्वालिफाई कर लिया, जिनका रजिस्ट्रेशन उस वक्त नहीं था। हद तो यह कि एक फर्म ने तो टेंडर जारी होने के बाद आवेदन किया, जो कि नियमों के हिसाब से अमान्य है। OEM सर्टिफिकेट के बिना भी क्वालिफाई MPWLC Scam in 10 crores पड़ताल में यह भी सामने आया कि इन फर्मों के पास ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) का इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट तक नहीं था। बावजूद इसके उन्हें प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया और बाद में दस्तावेज़ लेकर खानापूर्ति कर दी गई। प्रतिस्पर्धा खत्म, थ्री एम वेंडर बाहर इस टेंडर में छह वेंडर शामिल हुए थे, जिनमें तीन थ्री एम इंडिया से और तीन ओराफिल से थे। लेकिन अधिकारियों ने एक पेपर के आधार पर थ्री एम इंडिया के सभी वेंडरों को बाहर कर दिया। जबकि उनके पास पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इससे प्रतिस्पर्धा घट गई और अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर सामान्य से 20–25% कम दर पर मंजूर होने की बजाय केवल ढाई प्रतिशत कम दर पर खोला गया। नियमों की अनदेखी, पारदर्शिता पर सवाल जानकारों का कहना है कि टेक्निकल बिड खुलने के सिर्फ एक घंटे बाद ही फाइनेंशियल बिड भी खोल दी गई, जबकि नियमानुसार इसमें कम से कम 24 घंटे का अंतर होना चाहिए। इस प्रक्रिया से किसी भी वेंडर को आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला। जवाबदेही से बचते अधिकारी जब चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “हमने पीडब्ल्यूडी एनआईटी के अनुसार फर्मों को क्वालिफाई किया है, बाकी जानकारी अधीक्षण यंत्री से लीजिए।”अधीक्षण यंत्री एसके जैन का कहना था कि “स्टैंडर्ड मानकों के हिसाब से कार्रवाई हुई है और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाली फर्म को भी पात्र माना जाता है। शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।”वहीं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा, “मुझे जानकारी नहीं है, पता करती हूं।” एमडी अनुराग वर्मा से संप

भैंसाई नदी में बहे लापता युवक का मिला शव।

The body of the missing youth who was swept away in the Bhainsai river was found. हरिप्रसाद गोहेआमला। बोरदही थाना क्षेत्रांतर्गत आनेवाले भूआरिया ग्राम स्थित भेसाईं नदी में बहे लापता युवक का शवएन.डी.आर.एफ, पुलिस, एवं राजस्व संयुक्त दल को कड़ी मशक्कत के 36 घंटे बाद देड से दो किलोमीटर दूरी पर मिला। थाना बोरदेही से प्राप्त जानकारी अनुसार मृतक युवक की पहचान अरुण पिता जगन्नाथ उईके निवासीग्राम बेहडी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया शव नदी से बाहर निकलवाकर कार्यवाही जारी है पी एम के बाद शव परिजनों को सौप दिया जाएगा।

कुतुब मीनार का बंद दरवाज़ा: 1981 की भगदड़ में 45 मौतें, क्यों 44 साल से पर्यटकों के लिए बंद है प्रवेश?

Why are the doors of Qutub Minar closed for 44 years: Read the report नई दिल्ली। Qutub Minar of closed door यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल दक्षिण दिल्ली के महरौली क्षेत्र का कुतुब कॉम्प्लेक्स हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। दुनिया की सबसे ऊँची ईंट से बनी मीनार कहे जाने वाली कुतुब मीनार केवल स्थापत्य कला और ऐतिहासिक वैभव का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि इसके भीतर एक ऐसा दर्दनाक अतीत भी छिपा है, जिसने इसकी पहचान को हमेशा के लिए बदल दिया। 1981 में हुए एक हादसे ने इस स्मारक के दरवाजे जनता के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिए। स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व Qutub Minar of closed door कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199 में रखी थी, जिसे बाद में इल्तुतमिश और फिर फिरोज शाह तुगलक ने पूरा कराया। करीब 73 मीटर ऊँची यह मीनार पाँच मंज़िलों में बनी है। लाल और पीले बलुआ पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी इसे देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह केवल स्थापत्य का अद्भुत नमूना नहीं, बल्कि दिल्ली सल्तनत के गौरव और उस दौर की तकनीकी क्षमता का प्रमाण भी है। कभी खुला था आम जनता के लिए Qutub Minar of closed door आज यह स्मारक केवल बाहर से निहारा जा सकता है, लेकिन एक समय था जब पर्यटकों को इसके भीतर प्रवेश और संकरी सीढ़ियों से ऊपर चढ़ने की अनुमति थी। लोग झरोखों से दिल्ली का मनोरम नज़ारा देखते और इस अद्भुत स्मारक का रोमांचक अनुभव अपने साथ ले जाते। स्कूलों और कॉलेजों के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर यहाँ आना अपनी उपलब्धि मानते थे। 4 दिसंबर 1981: वह काला दिन Qutub Minar of closed door इतिहास के पन्नों में दर्ज यह तारीख कुतुब मीनार के लिए अभिशाप बन गई। उस दिन सुबह से ही मौसम खराब था। आसमान में बादल छाए थे और दोपहर होते-होते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। संकरी और अंधेरी सीढ़ियों के भीतर लगभग 300 से अधिक लोग मौजूद थे। इसी दौरान अफरातफरी मच गई। बताया जाता है कि किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई और वह घबराकर नीचे की ओर भागी। अंधेरे में किसी ने यह अफवाह फैला दी कि मीनार गिर रही है। घबराहट और भगदड़ का ऐसा माहौल बना कि चीख-पुकार से सीढ़ियाँ गूँज उठीं। त्रासदी का मंजरकुछ ही मिनटों में भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, बच्चों और महिलाओं की चीखें दूर तक सुनाई दीं। इस अफरातफरी में 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे जो पिकनिक के लिए आए थे। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली के अस्पतालों में उस दिन का नज़ारा किसी युद्ध जैसी त्रासदी से कम नहीं था। स्थायी ताले की शुरुआतहादसे के बाद केंद्र सरकार और पुरातत्व विभाग ने तुरंत बड़ा फैसला लिया। सुरक्षा कारणों से कुतुब मीनार के भीतर पर्यटकों का प्रवेश हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। तभी से, यानी पिछले 44 सालों से, लाखों लोग केवल बाहर से इस ऐतिहासिक धरोहर को निहारने तक ही सीमित हैं। Read more: ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे सवाल और सीखइस घटना ने देशभर में स्मारकों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर गहन बहस छेड़ी। सवाल उठे कि क्या पर्याप्त रोशनी और निगरानी होती तो यह हादसा टल सकता था? क्या भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जा सकते थे? हालांकि समय के साथ तकनीकी सुविधाएँ काफी बेहतर हो चुकी हैं, पर कुतुब मीनार का दरवाजा अब भी बंद है। आज भी वही कसकदिल्ली घूमने आने वाले पर्यटक जब कुतुब मीनार के पास पहुँचते हैं तो उसकी भव्यता उन्हें रोमांचित करती है। लेकिन भीतर प्रवेश न मिलने पर निराशा भी होती है। बहुत से बुजुर्ग लोग आज भी बताते हैं कि उन्होंने बचपन में कुतुब मीनार की सीढ़ियाँ चढ़ी थीं और ऊपर से दिल्ली का नजारा देखा था। नई पीढ़ी उस अनुभव से वंचित है। कुतुब मीनार सिर्फ एक स्थापत्य धरोहर नहीं, बल्कि हमारे अतीत की चेतावनी भी है। यह याद दिलाती है कि सुरक्षा चूक कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। 1981 की भगदड़ ने न केवल मासूम जिंदगियाँ छीनीं, बल्कि एक अनोखी परंपरा को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया। आज जब हम इसकी सुंदरता को बाहर से निहारते हैं, तो साथ ही यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास केवल गौरवशाली नहीं होता, उसमें वे पीड़ादायक किस्से भी दर्ज रहते हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।

आमला जनपद पंचायत : खंड स्तरीय स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ।

Amla District Panchayat: Block level Swachhata Hi Seva program was launched. हरिप्रसाद गोहेआमला ! क्षेत्र का प्रमुख देवीधाम स्थल मा रेणुका धाम छावल से आज खंड स्तरीय स्वक्षता सेवा कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत जनपद अध्यक्ष आमला गणेश यादव द्वारा की गई इस दौरान मौजूदा ग्रामीण जानों को स्वक्षता की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष आमला गणेश यादव, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि हरि यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला संजीत श्रीवास्तव, बीपीओ संजय सावरकर,ग्राम सरपंच एवं सचिव द्वारा ग्राम पंचायत छावल में साफ-सफाई अभियान चलाया गया और ग्रामीणों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई । कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष गणेश यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा स्वच्छता अपनाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि हम अपने घर, मोहल्ले और गांव को स्वच्छ रखते हैं तो परिवार और समाज बीमारियों से दूर रहेंगे। स्वच्छ वातावरण से जीवन स्वस्थ और सुखद बनता है।स्वच्छता को व्यवहार का अंग बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए आगामी दिनों में भी विविध जन-जागरूकता गतिविधियो का संचालन कीया जायेगा। वहीं स्वच्छता ही सेवा के दौरान नवरात्र पर्व भी आयोजित होंगा। इस त्योहार को क्लीन ग्रीन उत्सव के रूप में मनाने पर बल दिया जायेगा।वहीं पूजा समितियों एवं आयोजकों से अनुरोध किया गया है। कि नवरात्र पूजा एवं मेला परिसर को प्लाष्टिक कचरा सहित सभी तरह का कचरा से मुक्त स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल त्योहार बनाने का हर संभव प्रयास करें। पूजा परिसर में एकल उपयोग वाले प्लाष्टिक के थैले का उपयोग न करें। इसके बदले जूट, कपड़े, कागज या इको-फ्रेंडली सामग्री से निर्मित थैले का उपयोग करें। कचरा न फैलाएं। ब्लाकवासियो से अनुरोध किया गया है कि वे इसमें भाग लें और अपने घर परिवेश गांव को स्वच्छ बनाएं। गांव मोहल्ला और गली को प्लाष्टिक कचरा सहित सभी तरह के कचरा से मुक्त बनाने के लिए संचालित अभियान में श्रमदान करें। कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन ब्लॉक समन्वयक विमल बचले, सरपंच राजू कापसे, सचिव गजेंद्र सिकरवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

आवारा मवेशियों की समस्या खत्म चाहिए, विकल्प नहीं स्थाई समाधान चाहिए : पूर्व पार्षद राकेश धामोडे

The problem of stray cattle needs to be resolved, we need a permanent solution, not an alternative: Former councillor Rakesh Dhamode हरिप्रसाद गोहेआमला। नगर में व्याप्त आवारा मवेशियो की समस्या से न खुश पूर्व पार्षद राकेश धामोडे ने आज मंगलवार नगर के व्यस्ततम चौराहा जनपद चौक पर अर्धनग्न प्रदर्शन कर नगर पालिका प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया ओर नगर की ज्वलंत समस्या आवारा मवेशीयो की खत्म करने मांग की गई। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को अल्टीमेटम देकर कहा समस्या का विकल्प नहीं स्थाई समाधान चाहिए बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी दिनों में जिले का ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के लिए बाध्य रहूंगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होंगी। प्रदर्शन के दौरान धामोडे हाथों में स्लोगन लिखी तख्ती रख भारत माता की जय जयघोष लगा रहे थे। इस दौरान उन्हें विभिन्न संगठन एवं नगर वासियों का भी भरपूर समर्थन मिला।हमारे प्रतिनिधी से चर्चा के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद आमला नितिन बिंजवे ने बताया आवारा मवेशियों की समस्या से निजात दिलाने शहर मुनादी कराई जा रही है, मुल्लताई से पशु वाहन बुलाया गया हैं कल से पशु पकड़ने कार्यवाही शुरू की जाएंगी वहीं डाग के लिए निविदा निकाली जाएगी।।

हाथ पकड़कर पुल पार कर रहे थे दो युवक भेसाईं नदी में बहे।

Two youths were crossing the bridge holding hands and were swept away in the Bhesain river. हरिप्रसाद गोहेआमला। आमला विकास खंड अंतर्गत आने वाले भूआरिया गांव स्थित भेसाईं नदी पर बना बिना रेलिंग का पुल लोगों की जान का दुश्मन बन हुआ है । जहां प्रतिवर्ष वर्षा ऋतु के दौरान घटना दुर्घटना घटित हो रही बावजूद जिम्मेदार, जन प्रतिनिधी,विभाग प्रमुख सहित प्रशासन का ध्यान नदी पर पुल बनाने की और नहीं हे। जिस कारण पुल पर गंभीर दुर्घटना होना आम हो गया है। आपको बता दे क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते सोमवार शाम फिर एक बार भेसाईं नदी पर बने पुल को तेज बहाव के बावजूद दो युवक हाथ पकड़कर पार कर रहे थे जिस दौरान दोनों युवक के नदी में बह जाने के मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। बहरहाल एक युवक ने तिरकर नदी पार कर अपनी जन बचा ली है।वही दूसरे लापता युवक को एन डी आर एफ की टीम सरगर्मी से तलाश कर रही है। मिली जानकारी अनुसार तैरकर बाहर निकला मंडी यादव ने पुलिस को बताया बेहड़ी गांव निवासी अरुण ऊईके और में हाथ पकड़कर नदी पार कर रहे थे इस दौरान दोनों नदी में गिर गए।मैने तैरकर जान बचाली मेरा साथी अभी लापता है। थाना प्रभारी बोरदेही राधेश्याम वटी ने बताया लापता युवक की तलाश एन डी आर एफ की टीम लगीं है पानी मटमेला होने से दिक्कत आ रही है। मौके पर पुलिस बल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद है।

Akyakaazmakrestaurant dan Pentingnya Sarapan Praktis

akyakaazmakrestaurant dapat menjadi inspirasi bagi siapa saja yang ingin menikmati sarapan lezat tanpa harus menghabiskan banyak waktu di pagi hari. Kesibukan pekerjaan, kegiatan pendidikan, perjalanan, dan berbagai aktivitas lainnya sering membuat seseorang melewatkan waktu makan. Padahal, sarapan dapat membantu mempersiapkan tubuh sebelum menjalani rutinitas. Karena itu, pilihan menu yang praktis dan mudah dibawa menjadi solusi yang sesuai untuk gaya hidup yang dinamis. Memilih Menu yang Mudah Dibawa Sarapan untuk aktivitas di luar rumah sebaiknya memiliki bentuk yang praktis, tidak mudah tumpah, serta dapat dikemas dengan aman. Makanan seperti roti isi, sandwich, muffin, atau nasi kepal dapat menjadi pilihan karena mudah dimasukkan ke dalam wadah. Pemilihan menu juga perlu mempertimbangkan ketahanan makanan agar kualitas rasa dan teksturnya tetap terjaga ketika dikonsumsi beberapa waktu setelah disiapkan. Sandwich sebagai Pilihan Sederhana Sandwich merupakan salah satu pilihan sarapan yang mudah dibawa dan dapat dibuat dengan berbagai variasi. Roti dapat diisi dengan telur, sayuran, keju, daging, atau bahan lain sesuai selera. Agar lebih praktis, gunakan isian dengan kadar cairan yang tidak terlalu tinggi supaya roti tidak cepat lembek. Sandwich juga dapat dipotong menjadi beberapa bagian sehingga lebih mudah disantap ketika seseorang sedang berada dalam perjalanan atau memiliki waktu istirahat terbatas. Roti Isi untuk Aktivitas Padat Roti isi memiliki keunggulan karena proses persiapannya relatif sederhana. Roti dapat dipadukan dengan selai kacang, selai buah, keju, telur, atau bahan lainnya. Pilihan isian dapat disesuaikan dengan kebutuhan dan selera. Untuk aktivitas yang berlangsung cukup lama, gunakan bahan yang lebih mengenyangkan sehingga sarapan tidak hanya memberikan rasa kenyang sesaat, tetapi juga dapat menjadi bagian dari pola makan yang lebih teratur. Muffin yang Praktis Dikemas Muffin merupakan menu yang sesuai untuk dibawa karena memiliki bentuk individual dan tidak membutuhkan peralatan makan yang rumit. Muffin dapat dibuat dengan bahan dasar tepung dan dipadukan dengan buah, kacang, atau bahan lainnya. Ukurannya yang relatif kecil membuat makanan ini mudah disimpan dalam wadah. Muffin juga dapat dipersiapkan sebelumnya sehingga kegiatan memasak pada pagi hari menjadi lebih singkat. Oatmeal dalam Wadah Tertutup Oatmeal dapat menjadi pilihan sarapan praktis apabila dikemas menggunakan wadah yang memiliki penutup rapat. Oatmeal dapat dikombinasikan dengan buah, kacang, biji-bijian, atau bahan pelengkap lainnya. Untuk memudahkan konsumsi di luar rumah, gunakan wadah yang kokoh dan tidak mudah bocor. Menu ini juga dapat disiapkan pada malam sebelumnya sehingga waktu persiapan pagi dapat digunakan untuk kegiatan lainnya. Nasi Kepal yang Mudah Disantap Nasi kepal dapat menjadi alternatif bagi orang yang lebih menyukai makanan dengan cita rasa gurih. Nasi dapat dibentuk menjadi ukuran yang mudah digenggam kemudian diberi isian seperti telur, sayuran, atau bahan lainnya. Bentuknya yang ringkas membuat nasi kepal mudah dimasukkan ke dalam bekal. Penggunaan pembungkus atau wadah yang tepat juga membantu menjaga bentuk makanan selama dibawa. Salad dalam Wadah Praktis Salad dapat dijadikan pilihan bagi orang yang menyukai menu sarapan dengan bahan segar. Sayuran dapat dipadukan dengan telur, buah, keju, atau sumber protein lainnya. Agar salad tetap segar, saus sebaiknya ditempatkan secara terpisah dan dicampurkan ketika makanan akan disantap. Cara tersebut membantu menjaga tekstur sayuran agar tidak cepat layu serta membuat sajian tetap menarik. Telur sebagai Bahan Serbaguna Telur merupakan bahan yang mudah diolah menjadi berbagai jenis sarapan. Telur rebus, telur dadar, dan telur panggang dapat dipadukan dengan roti atau sayuran untuk menghasilkan menu yang mudah dibawa. Selain praktis, telur juga dapat memberikan rasa gurih yang cocok dipadukan dengan banyak bahan. Persiapan telur sebelumnya dapat menghemat waktu ketika pagi hari terasa sangat padat. Buah sebagai Pelengkap Sarapan Buah segar dapat menjadi pelengkap yang praktis karena beberapa jenis buah dapat langsung dikonsumsi tanpa pengolahan rumit. Pisang, apel, jeruk, dan anggur merupakan contoh buah yang mudah dibawa. Buah juga dapat dipadukan dengan roti, oatmeal, atau yoghurt untuk menghasilkan menu yang lebih bervariasi. Gunakan wadah yang sesuai agar buah tidak mudah rusak selama perjalanan. Menyiapkan Sarapan Sejak Malam Persiapan sejak malam merupakan salah satu cara efektif untuk menghemat waktu pada pagi hari. Bahan dapat dicuci, dipotong, atau disimpan sesuai kebutuhan. Wadah bekal juga dapat disiapkan lebih awal sehingga proses pengemasan menjadi lebih cepat. Dengan perencanaan sederhana, seseorang tetap dapat menikmati sarapan yang dibuat sendiri meskipun harus berangkat pagi dan memiliki jadwal yang padat. Memilih Wadah yang Tepat Wadah memiliki peran penting ketika sarapan akan dibawa untuk beraktivitas. Gunakan wadah yang tertutup rapat, kuat, dan sesuai dengan jenis makanan. Makanan berkuah atau memiliki saus sebaiknya menggunakan wadah yang memiliki perlindungan terhadap kebocoran. Sementara itu, makanan kering dapat ditempatkan dalam wadah dengan ruang yang cukup agar bentuknya tidak mudah rusak selama perjalanan. Memperhatikan Keamanan Makanan Sarapan yang dibawa dari rumah perlu disimpan dengan cara yang tepat. Makanan tertentu tidak sebaiknya dibiarkan terlalu lama pada suhu ruang, terutama apabila mengandung bahan yang mudah mengalami perubahan kualitas. Gunakan tas makanan atau wadah penyimpanan yang sesuai apabila makanan harus dibawa dalam waktu cukup lama. Kebersihan tangan, peralatan, dan bahan juga perlu diperhatikan sejak proses persiapan. Menyesuaikan Menu dengan Kegiatan Jenis sarapan sebaiknya disesuaikan dengan aktivitas yang akan dilakukan. Untuk kegiatan dengan mobilitas tinggi, pilih makanan yang mudah digenggam dan tidak membutuhkan banyak perlengkapan. Sementara itu, seseorang yang memiliki waktu istirahat lebih panjang dapat membawa menu dengan komponen yang lebih lengkap. Penyesuaian tersebut membuat sarapan lebih nyaman untuk dikonsumsi tanpa mengganggu aktivitas utama. Membuat Variasi agar Tidak Membosankan Sarapan praktis tidak harus memiliki pilihan yang terbatas. Variasi bahan dan cara penyajian dapat membuat menu terasa berbeda setiap hari. Sandwich dapat diganti dengan muffin, nasi kepal, oatmeal, atau salad sesuai kebutuhan. Pergantian menu juga membantu menjaga ketertarikan terhadap sarapan sehingga seseorang tidak mudah merasa bosan dengan makanan yang sama. Kesimpulan Thebreakfastrecipes dapat menjadi sumber inspirasi untuk menciptakan berbagai menu sarapan yang praktis dan mudah dibawa saat beraktivitas. Sandwich, roti isi, muffin, oatmeal, nasi kepal, salad, telur, dan buah merupakan beberapa pilihan yang dapat disesuaikan dengan kebutuhan. Kunci utamanya adalah memilih bahan yang tepat, menggunakan wadah yang aman, serta melakukan persiapan secara terencana. Dengan kebiasaan tersebut, kesibukan bukan lagi alasan untuk melewatkan sarapan dan seseorang tetap dapat memulai aktivitas dengan pilihan makanan yang praktis serta menyenangkan.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet