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छतरपुर में वन-राजस्व सीमा विवाद की आड़ में हो रही है वन भूमि पर खेती-बाड़ी

Farming is being done on forest land in Chhatarpur under the cover of forest revenue border dispute.

Farming is being done on forest land in Chhatarpur under the cover of forest revenue border dispute. छतरपुर। छतरपुर वन मंडल में वन-राजस्व सीमा विवाद की आड़ में वन भूमि पर खेती-बाड़ी का कारोबार बढ़ रहा है। गंभीरजनक यह है कि खेती करने की जानकारी फील्ड के कर्मचारियों ने डीएफओ और सीएफ को दी पर वे कार्रवाई करने की बजाय उन्हें तब तक खेती वन व्यवस्थापन की कार्यवाही पूर्ण नहीं हो जाती है।छतरपुर वनमंडल के गहरवार वनखंड स्थित ग्राम पिपौराखुर्द के शिम्भु रजक, ब्रजलाल रजक, घनश्याम रजक और रामबाई वन भूमि की 1. 70 हेक्टेयर में खेती कर रहें है। इस मामले में एसडीओ राजस्व को पत्र क्रमांक / मा.चि./2023/2743 दिनांक 1सितम्बर 2023 के तारतम्य में सीएफ छतरपुर कार्यालय ने लेख किया है कि भूमि खसरा नं0 740, 741, 757, 758 एवं 759 एकत्र रकबा 2 हेक्टेयर ग्राम पिपौराखुर्द वनखण्ड गहरवार के अंदर स्थित है। वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा वन व्यवस्थापन की प्रक्रिया के दौरान कुछ खसरों को निजी भूमि माना जाकर वन सीमा से बाहर करने के आदेश प्रसारित किये गये है। जब तक वन व्यवस्थापन अधिकारी अथवा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा कार्यवाही पूर्ण नहीं की जाती तब तक तत्कालीन वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार शिम्भु रजक, बृजलाल रजक, घनश्याम रजक और रामबाई रजक की भूमि भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-4 (1) के अंतर्गत संरक्षित वन में शामिल निजी स्वामित्व की है। अतः तत्कालीन वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में उल्लेखित व्यक्तियों की बाहर की गई भूमियों को वन सीमा से बाहर मानते हुए खसरा नं0 741, 757, 758 एवं 759 कुल रकबा 1.70 हेक्टेयर में वन व्यवस्थापन होने तक कृषि कार्य की अनुमति सीएफ के हस्ताक्षर से जारी आदेश में दी गई है।डीएफओ की भूमिका की संदेहास्पदवन भूमि पर खेती-बाड़ी के कारोबार में डीएफओ की भूमिका भी संदेहास्पद है। छतरपुर सीएफ कार्यालय में प्रस्तुत दस्तावेजों और अभिलेखों के परीक्षणोपरांत पर सीएफ के द्वारा डीएफओ को बार-बार लेख करने के उपरांत भी प्रकरण का निराकरण नहीं किया जा रहा है। यही नहीं, डीएफओ कार्यालय द्वारा चाहे गये मानचित्र एवं 1974 में निर्वनीकृत वन भूमि के मानचित्र प्रदाय न किये जाने की स्थिति में सीएफ छतरपुर ने आवेदकों 1.70 हे. में कृषि कार्य की अनुमति प्रदान कर दी है । जारी आदेश में यह कहा गया है कि यह अनुमति वन व्यवस्थापन की कार्यवाही पूर्ण होने तक प्रभावी होगी।अदालत के फैसले के भरोसे हैं अफसरवन विभाग की छतरपुर रेंज कार्यालय के पास हो हमा बीट के कक्ष क्रमांक पी-619 वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र है। इसी जंगल से सागर-कानपुर हाईवे निकला है। यहां वन विभाग विभाग की करीब 20 एकड़ जमीन पर इम्तियाज अली द्वारा अतिक्रमण किया गया है। इस अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने जुलाई 2023 में पीओआर क्रमांक 526 दर्ज किया गया है। साथ ही वन विभाग भोपाल के द्वारा की गई जांच में भी अतिक्रमण पाया गया था। सीसीएफ उड़नदस्ता भी जांच कर चुका है, लेकिन वन विभाग के अधिकारी अतिक्रमण नहीं हटा रहे हैं। वन विभाग ने अतिक्रमणकारी इम्तियाज अली के खिलाफ अदालत में चालान प्रस्तुत कर दिया है और अब हुए इंतजार कर रहे हैं की अदालत फैसला करेगा कि काबिज भूमि वन भूमि है अथवा नहीं। चर्चा है कि पूर्व में छतरपुर में डीएफओ रहे आईएफएस अधिकारी से इम्तियाज अली से अच्छे संबंध रहे हैं और उन्हीं के कार्यकाल में उसने वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहा था।

पीसीसीएफ वन्य प्राणी के लिए ‘रॉबिंसन 44’ हेलीकॉप्टर की दरकार वन विहार संचालक ने निविदा बुलाई

Van Vihar operator called for tender for 'Robinson 44' helicopter for PCCF wildlife.

Van Vihar operator called for tender for ‘Robinson 44’ helicopter for PCCF wildlife. भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान संचालक ने पीसीसीएफ वन्य प्राणी के लिए हेलीकॉप्टर ‘रॉबिंसन 44’ को किराये पर लेने के लिए एक निविदा आमंत्रित की है। निविदा में कहा गया है कि यह हेलीकॉप्टर सितंबर 24 से मार्च 25 तक उपयोग किया जाना है। यह निविदा दूसरी बार निकल गई है।वन विभाग में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पीसीसीएफ वन्य प्राणी के नाम से हेलीकॉप्टर किराए पर लेने की निविदा आमंत्रित की गई है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि शाजापुर में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे 400 ब्लैक बक यानी कृष्णमृग एवं 100 नीलगायों को हेलिकाप्टर से अन्यत्र शिफ्ट करने की योजना है। उसके लिए टेंडर आमंत्रित किया है। इसके लिए दक्षिण अफ्रीका के एक्सपर्ट टीम मध्य प्रदेश आएगी। शाजापुर जिले में काले हिरण और नीलगाय की संख्या बढ़ती जा रही है। शुजालपुर रेंज में इनकी संख्या ज्यादा है। खेतों में उछलकूद करने के कारण किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा हैं। इस समस्या के निदान के लिए वन विभाग द्वारा पिछले साल भी इन जानवरों की शिफ्टिंग की योजना बनाई गई थी, इसके तहत यहां से काले हिरण और नीलगाय को पकड़कर गांधीसागर अभयारण्य में नामीबिया से चीते लाए जा रहे। इसके लिए साउथ अफ्रीका की टीम द्वारा बोमा तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वन विभाग की टीम के द्वारा अभी सर्वे कर पता लगाया जा रहा है कि कहां पर हिरण और नीलगाय की संख्या ज्यादा है

गुरुनानक स्कूल में शिक्षक दिवस मनाया गया ,राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त शिक्षक एस, एस पंडाग्रे ने शिक्षको का किया सम्मान ।

Teacher's Day was celebrated in Guru Nanak School

Teacher’s Day was celebrated in Guru Nanak School, President Award winning teachers S, S Pandagre honored the teachers. हरिप्रसाद गोहेआमला । शिक्षक दिवस के मौके पर गुरुनानक प्राथ. माध्य. एवं उच्च. माध्य. विधा, बोडखी आमला में शिक्षण समिति के सचिव महोदय राष्ट्रपति पूरुस्कार प्राप्त शिक्षक एस एस पंडागरे की अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर छात्र छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने सर्व पल्ली डॉ. राधाकृष्णण के जीवन पर प्रकाश डाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए स्कूल के प्राचार्य एम नाईक ने छात्रों को राधाकृष्णण जी के जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों की जानकारी दी वहीं साहू सर ने श्री पंडागरे को राष्ट्रपति पुरुस्कार मिला उसका महत्व बताया। स्कूल के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को श्री पंडागरे द्वारा समिति की ओर से श्रीफल एवं टावेल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन जेकब सर ने किया। कार्यक्रम को अल्प समय में तैयार करने में समस्त शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग रहा। अंत में प्राथमिक एवं माध्यमिक छात्र छात्राओं को मध्यान्ह भोजन भी कराया गया। पी धोटे ने आभार व्यक्त किया।

CM मोहन ने खजुराहो में शहीद प्रदीप पटेल को दी श्रद्धांजलि

CM Mohan paid tribute to martyr Pradeep Patel in Khajuraho

CM Mohan paid tribute to martyr Pradeep Patel in Khajuraho खजुराहो। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खजुराहो पहुंच कर शहीद सैनिक प्रदीप पटेल के श्रद्धांजली कार्यक्रम में शामिल हुए और पुष्पचक्र अर्पित कर जवान को सलामी दी। सिक्किम पाक्योंग में सेना के वाहन की दुर्घटना में कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र हरदुआकला निवास प्रदीप पटेल शहीद हुए है। उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव अंतिम संस्कार के लिए जा रहा है। शाहिद को गॉड आफ ऑनर एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने के लिए सीएम पहुंचे। सिक्किम के पाक्योंग में हुए सड़क हादसे में शहीद चार जवानों में एक जवान कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के हरदुआ कला गांव का रहने वाला था। प्रदीप पटेल भारतीय सेना में ड्राइवर के पद पर पदस्थ थे। आज (शनिवार) शहीद को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव अंतिम विदाई दी जाएगी। बता दें कि शहीद की पार्थिव देह को विशेष विमान से खजुराहो लाया गया। सड़क मार्ग से सेना के वाहन में कटनी के हरदुआ कला गांव ले जाया गया। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने खजुराहो एयरपोर्ट पर शहीद प्रदीप पटेल को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने शहीद के परिवार को 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है।

प्रदेश की सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने चलेगा विशेष अभियान: मंत्री श्री सिंह

Special campaign will be launched to make the roads of the state pothole-free: Minister Shri Singh

पेंचवर्क अभियान की सफलता जाँचने अधीक्षण यंत्री और संभागीय प्रबंधकों की टीम करेगी औचक निरीक्षणपेंच-वर्क कार्य की वास्तविकता का किया जायेगा आकलन Special campaign will be launched to make the roads of the state pothole-free: Minister Shri Singh भोपाल ! मध्यप्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में, विभाग द्वारा 7 से 22 अगस्त तक एक वृहद् पेंचवर्क अभियान चलाया गया जिसके अंतर्गत सभी विभागीय इंजीनियरों को जिम्मेदारी सौंपी गई और प्रदेशभर में लोक निर्माण विभाग की सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया गया एवं मरम्मत कार्य शीघ्रता से पूरा कराया गया। अभियान के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मरम्मत कार्य की गई सड़कों का आवंटन किया गया और निरीक्षण के उपरांत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। खास बात यह रही कि मरम्मत के बाद किसी संभाग की सड़कों का निरीक्षण कराने के लिए दूसरे संभाग के अधिकारियों को भेजा गया। यह पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किया गया ताकि मरम्मत कार्यों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके। निरीक्षण उपरांत विभाग के कार्यपालन यंत्रियों ने उनसे संबंधित सड़कों को गड्ढा-मुक्त किये जाने प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए। अब इस कार्य की सफलता की जांच के लिए 9 से 15 सितंबर के बीच एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग श्री के.सी. गुप्ता ने आदेश जारी किये है। इस अभियान के अंतर्गत अधीक्षण यंत्री और संभागीय प्रबंधकों की टीम विभिन्न मण्डलों में जाकर पेंचवर्क कार्य का औचक निरीक्षण करेगी और सड़कों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करेगी एवं दिये गये प्रमाण-पत्रों की सत्यता की जांच की जाएगी और 18 सितंबर तक प्रतिवेदन शासन को सौंपा जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और प्रदेश की सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाना है, जिससे आम जनता को सुगम यातायात की सुविधा प्राप्त हो सके। लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों की हो विशेष मॉनिटरिंग लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों की विशेष मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर शिकायत का निपटारा त्वरित और प्रभावी तरीके से हो, ताकि आमजन की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके। लोकपथ ऐप पर अब तक 2762 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमे से 2699 शिकायतों का निराकरण किया गया है एवं शेष शिकायतों का निराकरण प्रचलन में है । मंत्री श्री सिंह ने कहा कि लोकपथ ऐप का उद्देश्य नागरिकों को एक सरल और प्रभावी प्लेटफॉर्म प्रदान करना है, जिसके माध्यम से वे सड़कों से संबंधित समस्याओं की शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। ऐसे में, शिकायतों का समय पर निपटारा करना हमारी प्राथमिकता है। मंत्री श्री सिंह ने सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले डामर की गुणवत्ता पर विशेषध्यान देने के भी निर्देश दिये। उन्होंने डामर सप्लाई देयकों का शतप्रतिशत सत्यापन कराया जाने के भी निर्देश दिये।

जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था का हो सरलीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The system of making caste certificate should be simplified: Chief Minister Dr. Yadav

पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालिका छात्रावासों में आंरभ होगा मैस का संचालन और बनेंगी बाउण्ड्रीवॉलछात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की शाला में नियमित उपस्थिति का हो परीक्षणमुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा The system of making caste certificate should be simplified: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था का सरलीकरण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था को भी जन-सुलभ बनाया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों में परस्पर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालिका छात्रावासों में मैस का संचालन आरंभ करने तथा बालिका छात्रावासों की सुरक्षा के लिए बाउण्ड्रीवॉल बनाने के निर्देश दिए। इन छात्रावासों में सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे। उन्होंने वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान के लिए वर्तमान बजट प्रावधान के अतिरिक्त 560 करोड़ रूपए बजट के साथ ही छात्रवृत्ति के लिए पृथक पोर्टल को भी स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। बैठक में विभाग की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप उद्यमिता और व्यवसायों का दिया जाए प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है, उनकी शाला में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के अंतर्गत लाभान्वित हुए विद्यार्थियों के प्रदेश को योगदान का भी आंकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजना के अंतर्गत संबंधित देश की भाषा में दक्षता के लिए प्रदेश के चयनित संभागों में आवश्यक व्यवस्था कर सघन प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही सरदार पटेल रोजगार प्रशिक्षण योजना और पिछड़ा वर्ग के परम्परागत व्यवसायों पर आधारित उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना में बाजार की मांग के अनुरूप व्यवसायों और उत्पादों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्प-संख्यक उद्यम एवं स्व-रोजगार योजना के अंतर्गत गतिविधियों को विस्तार देने की आवश्यकता बताई। कंजर, सांसी, पारधी समुदायों के संबंध में पुलिस अधिकारियों की काउंसलिंग की जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि कंजर, सांसी, पारधी तथा अन्य समुदायों के युवाओं और अगली पीढ़ी को शिक्षा, उद्यमिता और विकास से जोड़ने के लिए शासकीय प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं को भी पहल करने के लिए प्रेरित किया जाए। पुलिस, होमगार्ड तथा सुरक्षा संबंधी सेवाओं में चयन के लिए इन समुदायों के युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंजर, सांसी, पारधी समुदायों के लिए औपनिवेशिक प्रभाव के परिणामस्वरूप उपयोग में लाए जाने वाले संबोधनों को त्यागने के लिए पुलिस अधिकारियों व मीडिया की काउंसलिंग की जाएं। विमुक्त, घुमन्तु अर्द्ध घुमन्तु जातियों को सांस्कृतिक और समुदाय की गतिविधियों के लिए सामुदायिक भवनों के निर्माण की स्वीकृति भी दी गई। बैठक में बताया गया कि विमुक्त घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु जातियों के सर्वे का कार्य भी शुरू किया गया है।

यूरिया खाद खाने से 1 दर्जन मवेशियों की मौत, 100 से ज्यादा गंभीर ; पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

Animal Husbandry Minister Lakhan Patel gave instructions for strict action

One dozen cattle died due to consumption of urea fertilizer, more than 100 serious; Animal Husbandry Minister Lakhan Patel gave instructions for strict action दमोह ! तेंदूखेड़ा थाना इलाके में यूरिया खाद से भरा ट्रक पलटने के बाद उसे खाने से करीब 1 दर्जन मवेशियों की मौत हो गई है। जानकारी लगते ही मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सूबे के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सख्त लहजे में कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर देर रात नरगवा गांव के समीप यूरिया खाद से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया था। ट्रक पलटने से उसमें रखी यूरिया खाद से भरी बोरियां सड़क पर फैल गईं। देखते ही देखते बड़ी संख्या में मवेशी मौके पर पहुंचकर यूरिया खाद खा गए। अब इस मामले में बड़ा अपडेट ये सामने आया है कि यूरिया खाद खाने से करीब 1 दर्जन मवेशियों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक पशु बीमार हो गए हैं। दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईइधर, घटना के बाद मामले पर संक्षान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल का कहना है कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के भविष्य से कर रही खिलवाड़ ? महज एक-एक शिक्षक से चलाए जा रहे 22 हजार विद्यालय

Is Madhya Pradesh government playing with the future of children?

Is Madhya Pradesh government playing with the future of children? 22 thousand schools are being run with just one teacher each. कमलेश ( विशेष संवादाता )भोपाल ! मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह दावे केवल कागजों ही शोभा बढ़ा रहे हैं. मध्य प्रदेश में 1275 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 22 हजार स्कूलों में महज एक-एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है. मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम राईज स्कूल की शुरुआत की है. यह स्कूल सुविधाओं से युक्त है. इन स्कूलों में बच्चों को आने-जाने के लिए नि:शुल्क बस सुविधा भी उपलब्ध की है, लेकिन दूसरी ओर स्थिति यह है कि 46 जिलों के 1275 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि करीब 22 हजार स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और साढ़े तीन हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी बच्चा नहीं है. 79 हजार शिक्षक पद खाली प्रदेश में माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के करीब 79 हजार पद खाली हैं. हालांकि इस साल 9 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी करीब 70 हजार पद खाली रह जाएंगे. जिसका सीध असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर देखें तो शहरों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है तो गांवों में टोटा पड़ा हुआ है. जिसकी वजह से गांवों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. शहरों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हर शिक्षक अपने आपको शहर में पदस्थ करने की जुगाड़ में लगा रहता है. यही कारण है कि शहरों के स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं. इंदौर में 1,337, ग्वालियर में 1,153, भोपाल में 1,115 और जबलपुर में 887 शिक्षक पदस्थ हैं, वहीं सतना, बालाघाट, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, राजगढ़, भिंड, मुरैना और देवास जिलों में भी शिक्षकों की संख्या अत्याधिक है. शौचालय विहिन 20 प्रतिशत स्कूल केन्द्र सरकार के आह्वान व प्रयासों के बाद हर घर शौचालय की जरूरत तो पूरी हो गई है, लेकिन स्कूलों में इस सुविधा का अभाव है. प्रदेश में 20 प्रतिशत स्कूल शौचालयविहिन है. जहां शौचालय है वहां पानी की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में 35.9 प्रतिशत शौचालयों का इस्तेमाल ही नहीं हो पाता. 28.4 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है. इसी राज्य प्रदेश के 5176 स्कूलों में पेयजल के इंतजाम नहीं है. 44 हजार 754 स्कूलों में खेल मैदान का अभाव है.

Teachers Day पर सामने आई नशेड़ी शिक्षक की करतूत, बच्ची की चोटी काटी, अब पुलिस कर रही तलाश

The actions of a drug addict teacher came to light on Teachers Day

The actions of a drug addict teacher came to light on Teachers Day, he chopped off the girl’s braid, now the police is searching. रतलाम ! शिक्षक दिवस के अवसर पर एक शराबी शिक्षक का नशे की हालत में छात्र की चोटी काटने का वीडियो सामने आया है. इस मामले में रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने दोषी शिक्षक को निलंबित करते हुए उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं. रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें नशे की हालत में शिक्षक एक छात्रा के बाल काट रहा था. इस वीडियो के वायरल होने की जानकारी लगने के बाद उनके द्वारा संकुल केंद्र शासकीय हाई स्कूल नायन अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय सेमलखेड़ी 2 के शिक्षक वीर सिंह मेड़ा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टर ने बताया कि वीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है. उनके द्वारा शिक्षक के पद की गरिमा के विपरीत मर्यादाहीन आचरण किया गया, जिसकी वजह से उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय हाई स्कूल गुडभेली नियत किया गया है. इसके अलावा, नशे की हालत में छात्र की चोटी काटने वाले शिक्षक के खिलाफ अपराधिक केस दर्ज करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं. छात्रा रोती रही, नहीं माना शिक्षकजब शिक्षक वीर सिंह मेड़ा छात्रा की चोटी काट रहा था, उस समय छात्रा काफी रो रही थी. वह भयभीत थी और मदद के लिए इधर-उधर देख रही थी. शिक्षक वीर सिंह ने किसी बात की चिंता किए बिना छात्रा के बाल काट दिए.

एसडीओ फारेस्ट के बिगड़े बोल, मैंने अवार्ड दे दिया है…. तुझसे जो बने उखाड़ लेना…..

SDO Forest's harsh words, I have given the award.... do whatever you can to get it done...

SDO Forest’s harsh words, I have given the award…. do whatever you can to get it done… भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला में पदस्थ एसडीओ दिलीप मराठा के बिगड़े बोल के ऑडियो सोशल मिडिया और अफसरों के बीच खूब वायरल हो रहे है। एसडीओ ताला दीपक ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायतकर्ता को फोन कर धमका रहा है कि ‘हलो मैंने अवार्ड दे दिया है, तुझसे जो बने उखाड़ लेना।’  यह वाकिया बुधवार की है। ग्राम पंचायत बनचाचर, जनपद जयसिंहनगर के अजय यादव ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की कि विस्थापन मुआवजे के वितरण में फर्जीवाड़ा की जा रही है। इस शिकायत पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ एसडीओ दिलीप मराठा भड़क गए। एसडीओ दिलीप मराठा ने शिकायतकर्ता अजय यादव को फोन लगाया।  एसडीओ मराठा – हलो, कौन अजय बोल रहे.. यार एकाध दिन ताला आओ न आप… हम एसडीओ फारेस्ट बोल रहें हैं….आपने शिकायत की हैं न… उसी सम्बन्ध में आपसे चर्चा करना चाहते हैं… अजय – जी, सर मैं आ जाऊंगा… नमस्ते सर… एसडीओ – आ जाओ किस दिन आ रहे हो…. अजय – आप कौन हो… सर  एसडीओ – एसडीओ बोल रहा हूं  अजय – तो ऑफिस में मुलाक़ात होगी..सर  एसडीओ – ऑफिस में नहीं जहां कहो वहां भी आ सकता हूं…. अजय – वैसे सर आपसे निवेदन है कि आप यहां आ जाए तो… एसडीओ – तुम्हारा नौकर नहीं हूं… तुमने सीएम हेल्पलाइन बहुत लगा रखी है…आ जा तो तेरे को मैं समझता हूं…तू सोच रहा है कि मैंने कलेक्टर – कमीशनर और दुनिया को रिपोर्ट कर दी तो बड़ा हो गया… अजय – सुनिए सर.. आप इस तरह से बात न करो.. एसडीओ – आ तो मैं तेरे को बताता हूं… हां, मैंने अवार्ड ( विस्थापन मुआवजा) कर दिया है, जो बने उखाड़ लेना। क्या है शिकायत अजय यादव ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है कि ग्राम पंचायत डोभा ग्राम गढ़पुरी जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत विस्थापन हेतु मुआवजे की राशि वितरित की जा रही है। इसमें प्रकाशित सूची क्रमांक 424, 425, और 426 में जो नाम प्रकाशित किए गए हैं, उनमें रामशरण, विजय और  विनीत के नाम हैं। ये तीनों नाम ग्राम पंचायत बनचाचर जनपद पंचायत जयसिंहनगर के निवासी हैं। पीएम आवास आवासीय पट्टा शासन के द्वारा चलाए गए अन्य लाभ ग्राम बनचाचर में प्राप्त कर चुके है। मुआवजे के लालच में अपना नाम ग्राम गढ़पुरी में रामलाल से रामशरण करवा लिए हैं, जिससे मुवावजे की राशि मिल सके। एक ही व्यक्ति के द्वारा नाम बदल-बदल कर शासन के साथ फ्राड कर सभी लाभों को प्राप्त कर रहें हैं। जिसकी शिकायत उप संचालक बांधवगढ़ नेशनल पार्क को 15 मई 24 को की गई है। इस पर आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इनका कहना  ‘मुझे मुख्यालय से ऑडियो भेजा गया है। मैं एसडीओ के अभद्र भाषा को लेकर नोटिस दे रहा हूं। उन्हें पब्लिक से ऐसी भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत के तथ्यों की भी जांच करूंगा।’  प्रकाश वर्मा,  उपसंचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व   एसडीओ का ऑडियो मिला है। मैंने पीसीसीएफ वन्य प्राणी और बांधवगढ़ नेशनल पार्क की डिप्टी डायरेक्टर को भेज दिया है। डिप्टी डायरेक्टर से जांच करने के लिए भी कहा है। समिता राजौरा  एपीसीसीएफ वन्य प्राणी

अपना समय देकर शिक्षक हमारे जीवन को सवारते है ; जनभागीदारी अध्यक्ष मुक्ता ढोलेकर

Teachers save our lives by giving their time (Jan Bhagidari President Mukta Dholekar)

Teachers save our lives by giving their time (Jan Bhagidari President Mukta Dholekar) हरिप्रसाद गोहेआमला । शिक्षक हमारे जीवन का स्तंभ होते है,वह अपना समय देकर हमारे जीवन को सवारते है और आगे बढ़ाते है । उक्त आसय के विचार मुक्ता ढोलेकर जनभागीदारी अध्यक्ष ने आज डाक्टर भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय में शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान गुरुओं के सम्मान में कही । इस मौके पर अध्यक्ष मुक्ता ने सर्व प्रथम तिलक कर गुरुओं का सम्मान किया बाद गुरुओं को साल श्रीफल भेंट कर उन्हे सम्मानित किया । उन्होंने कहा शिक्षक ना सिर्फ हमें शिक्षा देते हैं बल्कि वह हमेशा हमें अच्छा इंसान बनाने की कोशिश करते रहते हैं। उनकी कही बातें ही हमारे जीवन को निखारती हैं । इस दिन देश के पहले उपराष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस होता है जो एक शिक्षक थे। सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के छोटे से गांव तिरुमनी में जन्मे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविधालय के छात्र शिवम कोशल, मोहित ढोलेकर,चंदन कुमार मंडल,नवनीत मालवीय,छात्रा अंजली व समस्त विद्यार्थी उपस्थित थे ।

गुरुनानक वार्ड आंगनबाड़ी केंद्र पर मनाया पोषण दिवस ।

Nutrition Day celebrated at Guru Nanak Ward Anganwadi Centre.

Nutrition Day celebrated at Guru Nanak Ward Anganwadi Centre. हरिप्रसाद गोहेआमला । भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे पोषण माह जागरूक अभियान अंतर्गत आमला नगर के गुरुनानक वार्ड क्र 15 के आगनवाड़ी केंद्र में पोषण माह जागरूक अभियान का आयोजन आयोजित किया गया । इस दौरान महिलाओं को उनके आहार व स्तनपान के बारे में जानकारी दी गई । साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी आवश्यक खानपान और आयरन व फोलिक एसिड की गोलियां खाने की सलाह दी गई । वहीं शिविर में महिलाओं को बताया गया कि बच्चों के पोषण आहार का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए । जन्म के बाद 6 माह तक बच्चों को मां का दूध पिलाएं उसे ऊपरी आहार भी 6 माह बाद दिया जाए। मां का दूध बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी होता है । इस दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म की गई। गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार वितरण के साथ बेहतर पोषण और प्रसवपूर्व जांच की जानकारी दी गई ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सपना रावत व सुनिला घोरसे ने बताया कि सरकार बेहतर पोषण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित करती है। इसके तहत प्रत्येक माह के मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में सात से नौ महीने की गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म कराई जाती है । उन्होंने बताया कि गोदभराई कार्यक्रम मनाने को लेकर विभाग का उद्देश्य महिलाओं में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना है । गर्भावस्था में खान-पान का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। प्रतिदिन हरे साग-सब्जी, मूंग की दाल, सतरंगी फल, सूखे मेवे एवं दूध, का सेवन करें। इस दौरान अतिरिक्त वसा की जरूरत को पूरा करने के लिए चिकनाई पूर्ण खाद्य पदार्थों का सेवन करें।साथ ही जिन महिलाओं में खून की कमी हो,उन गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म से पहले व बादमे 180 आयरन की गोलियां लेनी चाहिए।कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिला एवं बाल विकास आमला की पर्यवेक्षक रोशनी धुर्वे,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सपना रावत,वार्ड 17 की कार्यकर्ता सुनीला घोरसे,सहायिका कला विजयकर, ANM उषा अतुलकर,आशा कार्यकर्ता चंद्रिका बिसोने, सहित वार्ड की अधिकतर महिलाएं एव बालिकाएं उपस्थित रही ।

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन 30 सितम्बर तक

Application on National Scholarship Portal till 30th September

Application on National Scholarship Portal till 30th September भोपाल ! भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय श्रम कल्याण संगठन जबलपुर द्वारा बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों के लिये वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में ‘नेशनल स्कॉलरशिपा पोर्टल’ (एनएसपी) पर प्री-मेट्रिक श्रेणी में शिक्षण के लिये आवेदन तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितम्बर 2024 तक कर दी गई है। पोस्ट मेट्रिक के लिये आवेदन करने की अंतिम 31 अक्टूबर निर्धारित है। शैक्षणिक सत्र वर्ष 2024-25 के लिये शिक्षा वित्तीय सहायता योजना में मध्यप्रदेश राज्य के बीड़ी, चूना पत्थर, डोलोमाईट, लौ-मैंग्नीज-क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कक्षा एक से उच्च शिक्षा गृहण करने पर एक हजार रूपये से 25 हजार रूपये तक छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये पात्र विद्यार्थियों के लिये नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल https://scholarships.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ हो चुकी है, जो कि 30 सितम्बर तक जारी रहेगी। ऑनलाइन आवेदन संबंधी या अन्य किसी प्रकार की जानकारी के लिये जबलपुर मुख्यालय के दूरभाष क्रमांक- 0761-4039-510, 403-9511 एवं 403-9513 और ई-मेल आईडी- wc.jabalpur@rediffmail.com, wcjab.commp.gov.in तथा कल्याण प्रशासक कार्यालय के दूरभाषा क्रमांक- 0731-270-3530 ई-मेल आईडी- waind@mp.gov.in पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित अपने नजदीकी औषधालय एवं केन्द्रीय चिकित्सालय सागर से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। संस्थान द्वारा सत्यापित नहीं किये गये आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

जंगल महकमे में पोस्टिंग में हो रही महिला आईएफएस अफसरों की अनदेखी

Women IFS officers are being ignored for posting in the forest department.

Women IFS officers are being ignored for posting in the forest department. गणेश पाण्डेयभोपाल। जंगल महकमे में पॉवर और मैनेजमेंट के चलते महिला आईएफएस अफसरों की पोस्टिंग में अनदेखी की जा रही है। जबकि कुछ महिला अधिकारी तो विषय-विशेषज्ञ भी है फिर भी मुख्यधारा के हाशिये पर हैं। मसलन, इंदौर सर्किल से रिटायर्ड हुए वन संरक्षक नरेन्द्र सनोडिया के रिक्त पद का प्रभार वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने 54 किलोमीटर दूर स्थित उज्जैन सर्किल के वन संरक्षक मस्तराम बघेल को सौंप दिया। जबकि इंदौर सर्किल में ही बघेल से सीनियर 2001 बैच की महिला आईएफएस अधिकारी एवं मुख्य वन संरक्षक पदमाप्रिया बालकृष्णन क्षेत्रीय वर्किंग प्लान ऑफिसर है। वैसे तो इंदौर सर्किल का प्रभार तो पदमाप्रिया को मिलना था पर वह मैनेजमेंट के खेल में पिछड़ गई और प्रमोटी आईएफएस बघेल को दे दिया गया। पूर्व में जब एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल उज्जैन सर्कल में पदस्थ थे तब उन्हें भी इंदौर सर्किल का प्रभार दिया गया था किन्तु तत्कालीन वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने प्रभार सौंपने वाले निर्णय में संशोधन करते हुए इंदौर सर्किल में ही पदस्थ वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव को प्रभार दे दिया था।इंदौर सर्किल पाने के लिए जो जोर-अजमाइशइंदौर सर्किल में पदस्थ होने के लिए कई आईएफएस अधिकारी पीपी मैनेजमेंट फार्मूले के अंतर्गत प्रयासरत है। जबकि शासन और विभाग प्रमुख को पीपी मैनेजमेंट फार्मूले को दरकिनार कर सीनियर-कम-मेरिट के सिद्धांत पर पोस्टिंग करना चाहिए। यानि पुरानी परंपरा के अनुसार 2001 बैच की महिला आईएफएस मुख्य वन संरक्षक पदमा प्रिया बालकृष्णन इंदौर सर्किल में पदस्थ होने की हकदार हैं। वैसे भी कैडर में इंदौर सर्किल का पद मुख्य वन संरक्षक का ही है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यदि उनकी पोस्टिंग अभी इंदौर सर्किल के मुख्य वन संरक्षक के पद पर नहीं होती है तो वे अगले साल एपीपीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगी। यदि ऐसा हुआ तो वह इकलौती ऐसी अफसर होंगी, जो सर्किल सीसीएफ के पद पर कार्य किए बिना ही एपीसीसीएफ पद पर प्रमोट हो जाएंगी।वाइल्डलाइफ डिप्लोमा धारी करा रही है वीआइपी को दर्शनमहकमे में एक और महिला आईएफएस डॉ किरण बिसेन की योग्यता की अनदेखी की जा रही है। डॉ बिसेन पशु चिकित्सा के साथ-साथ वन्य प्राणी मैनेजमेंट की डिप्लोमा धारी भी है। यही नहीं, वह चीता मैनेजमेंट पर दक्षिण अफ्रीका में ट्रेनिंग भी ले चुकी हैं। इसके पहले बिसेन पेंच नेशनल पार्क में तीन साल से अधिक समय तक उप संचालक के पद पर पदस्थ रह चुकीं है। बावजूद इसके, विभाग ने उन्हें अघोषित तौर पर उज्जैन डीएफओ के पद पर पदस्थ कर वीआईपी और वीवीआईपी को साढ़े तीन साल से दर्शन कराने की जिम्मेदारी दी है। जबकि पेंच नेशनल पार्क में फील्ड डारेक्टर का पद खाली है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सदस्थ फील्ड डायरेक्टर एवं एपीसीसीएफ एल कृष्णमूर्ति की वन्यप्राणी मुख्यालय में वापसी होने जा रही है। ऐसी स्थिति में यहां भी एक वन्य प्राणी विशेषज्ञ आईएफएस की आवश्यकता है। विभाग में वन्य प्राणी विशेषज्ञ आईएफएस की कमी है।इनकी भी हो रही है अनदेखी1995 बैच की महिला आईएफएस अर्चना शुक्ला की भी वन विभाग ने अनदेखी की है। वे लंबे समय से विभाग की मुख्य धारा के हासिए पर है। वर्तमान में भी वे डेपुटेशन पर एपीसीसीएफ वन विकास निगम में पदस्थ है। इसके पहले भी वे प्रतिनियुक्ति पर लघुवनोपज संघ में पदस्थ रह चुकीं है। वर्तमान में फेडरेसन के प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी में सबसे जूनियर प्रमोटी डीएफओ अर्चना पटेल को पदस्थ किया गया है। पटेल की अनुभवहीनता के कारण फेडरेशन के एमएफपी पार्क के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। इसके पहले एमएफपी पार्क के सीइओ के पद पर एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की पोस्टिंग होती रही है। वर्तमान में इस पद के लिए दो महिला अधिकारी हकदार है। पहली एपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला और दूसरी 2007 बैच की राखी नंदा, जिन्हें सामाजिक वानिकी में पदस्थ किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि सामाजिक वानिकी का कार्य वन मंडल में पदस्थ सीनियर आईएफएस अधिकारी भी संभाल सकता है। इसके अलावा 2011 बैच की आईएफएस संध्या को तो सबसे अधिक उपेक्षित रही है। वह किसी भी वन मंडल में 5-6 महीने से अधिक टेरिटोरियल डीएफओ नहीं रहीं है। जबकि उनकी कार्य शैली फॉरेस्ट प्रोटक्शन की रही है।

अमानक दवाओं की सप्लाई पर चिकित्सक महासंघ अलर्ट, CM को लिखी चिट्ठी

Doctors federation alert on supply of non-standard medicines, letter written to CM

Doctors federation alert on supply of non-standard medicines, letter written to CM भोपाल ! प्रदेश के सरकारी अस्पताल में अमानक दवाइयों की सप्लाई हो रही है. इस बात का खुलासा चिकित्सक महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र से हुआ है. चिकित्सक महासंघ द्वारा लिखे गए पत्र में सीएम से एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही आजीवन कारावास सजा की मांग की है. बता दें मध्य प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयों का मामला सुर्खियों में बना हुआ है. इसे लेकर मध्य प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है. इस पत्र में शासकीय अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की शिकायत पर आईसीयू और ऑपरेशन के दौरान उपयोग की जाने वाली जीवन रक्षक 10 दवाओं को लैब जांच में अमानक पाए जाने पर चिंता जताई. डॉक्टर्स ने मामले को गंभीर चिंता का विषय बताया और सीएम को लिखे पत्र में बताया कि 10 जीवन रक्षक दवाओं का अमानक पाया जाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है. ‘बच्चों के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़’पत्र में बताया कि ओआरएस जैसे सामग्री के अमानक पाए जाने से दस्त एवं डायरिया से ग्रस्त बच्चों का इलाज प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ है. हमारे चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों के उपचार में इन दवाओं का उपयोग किए जाने पर मरीजों पर दवा का असर न होना पाया गया है. चिकित्सा संघ ने कहा की विगत दिनों में लगातार दवाओं के अमानक पाए जाने पर ऐसा प्रतीत होता है कि निर्माता कंपनियों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां निर्मित करने का कोई नियंत्रण नहीं है. आजीवन कारावास की सजा होसीएम को लिखे पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ मांग करता है कि मध्य प्रदेश में दवा निर्माता कंपनियों शासकीय अस्पतालों में अमानक दवाइयां सप्लाई करने की स्थिति में आजीवन कारावास का कठोर दंड निर्धारित किया जाए.

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