LATEST NEWS

कलियासोत नदी को बारहमासी बनाकर साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने, केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुलाकात की।

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar to make Kaliyasot river perennial and develop it on the lines of Sabarmati River Front. भोपाल की कलियासोत नदी को गुजरात की साबरमती की तर्ज पर विकसित किया जाए – विधायक रामेश्वर शर्मा भोपाल। भोपाल की हुजूर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरों की तर्ज पर विकसित कराते हुए विकास पुरुष की पहचान बनाने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा ने क्षेत्रीय विकास को लेकर एक नई मुहिम छेड़ दी है। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा ने केन्द्रीय नगरीय विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर कोलार की कलियासोत नदी को बारहमासी बनाने के साथ-साथ साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने एवं उसके घाटों को विकसित कर पर्यटन केन्द्र बनाने की मांग को लेकर निवेदन पत्र सौंपा है। इस निवेदन पत्र में उन्होंने भोपाल की जीवन रेखा कहीं जाने वाली कलियासोत नदी के सालभर सूखे रहने की चिंता तथा उससे होने वाली नागरिक असुविधा को व्यक्त किया, साथ ही उसे बारहमासी बनाने के उपाय एवं उससे होने वाले लाभ को भी विधायक शर्मा ने मांग पत्र में उल्लेखित किया। ज्ञात हो कि कलियासोत नदी कोलार से होते हुए बेतवा नदी में मिलती है। जो कि वर्तमान में कलियासोत डेम पर पूर्णरूपेण निर्भर करती है। डेम के गेट खुलने के बाद ही इस नदी में पानी आता है बाकि वर्ष भर यह सूखी रहती है। निम्न मांगों को लेकर सौंपा पत्र केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि – कलियासोत नदी भोपाल की जीवन रेखा है। उसे बचाने का दायित्व हम सबका है। और केवल बचाना नहीं है, उसका संवर्धन भी करना है। इसको लेकर कल माननीय केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी से भेंट कर उनको कलियासोत नदी की यथास्थिति से अवगत कराया। साथ ही उनकी विकास योजना को लेकर भी सुझाव प्रस्तुत किए। उन्हें गुजरात की साबरमति रिवर फ्रंट की कार्य योजना की भी जानकारी दी। जिसके मूल स्वरूप एवं पर्यावरण के अनुरूप CEPT अहमदाबाद (Center for Environmental Planning and Technology) द्वारा विकसित किया गया था।कलियासोत के सौंदर्गीकरण हेतु भी इसी तरह के अनुभवी संस्थान के द्वारा कार्य योजना बनवाई जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि – माननीय केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री कलियासोत नदी के संरक्षण की दिशा में साबरमती नदी की तर्ज पर विकसित करने हेतु सार्थक निर्देश सम्बन्धितों को दिए । जिसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया ।

पीडब्ल्यूडी मंत्री का फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी का प्रयास

PWD Minister's attempt to cheat by creating fake Facebook ID

PWD Minister’s attempt to cheat by creating fake Facebook ID मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पैसों की मांग का मामला सामने आया है। मंत्री स्टाफ ने साइबर पुलिस की जबलपुर यूनिट में शिकायत कर दी है। हालांकि कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन साइबर पुलिस ने इस संबंध में फेसबुक से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने का पत्र भेज दिया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को मंत्री राकेश सिंह को जबलपुर प्रवास के दौरान एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि आपके नाम से फेसबुक मैसेंजर से मैसेज आया है कि कुछ पैसों की जरूरत है। इसके बाद मंत्री ने स्टाफ को जानकारी जुटाने को कहा। मंत्री स्टाफ ने फेसबुक खंगाला तो मंत्री राकेश सिंह के नाम से एक फर्जी अकाउंट एक्टिव था, जिसकी डीपी में मंत्री राकेश सिंह की फोटो लगी हुई थी। इसके बाद मंत्री ने साइबर सेल में शिकात करा दी। मंत्री की अपील जालसाजों से सावधान रहेंमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में जालसाज द्वारा लोगों को मैसेज भेजकर पैसे मांगने संबंधी चैट की स्क्री शॉट पोस्ट करने के साथ अपील की है कि जालसाजों से लोग सावधान रहें। मंत्री सिंह ने कहा कि कोई भी इस ठग की बात पर ना आए। क्या है चैट मेंअज्ञात जालसाज ने मंत्री राकेश सिंह की फर्जी फेसबुक आईडी से उनके एक परिचित को भेजे मैसेज में लिखा – हेलो, कैसे हो, इसके बाद सामने वाले ने जवाब दिया कि अच्छा है भैया, आपका आशीर्वाद है। इसके बाद जालसाज ने कहा – कहां पर हो, इस पर सामने वाला जवाब देता है कि एंजेसी में भैया, महेन्द्रा ट्रेक्टर वाली। इसके बाद जालसाज ने कुछ पैसे ट्रांसफर कर करने संबंधी मैसेज किया। चूंकि ट्रैक्टर एजेंसी संचालक भी जबलपुर क्षेत्र का है और मंत्री राकेश सिंह के पुराने परिचित हैं। उन्हें पता है कि मंत्री राकेश सिंह कभी किसी से उधार पैसे नहीं मांगते। इससे उसे शक हुआ तो उसने मंत्री के करीबियों से संपर्क कर उन तक बात पहुंचाई।

प्रदेश में आज मूसलाधार बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया येलो-ऑरेंज अलर्ट

Meteorological Department: Rain alert

Torrential rain forecast in the state today, IMD issues yellow-orange alert भोपाल ! मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में जुलाई की तरह अगस्त महीने में भी मौसम खासा मेहरबान रहेगा. प्रदेश में बारिश का सिस्टम फिर एक्टिव हो गया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज गुरुवार (1 अगस्त) से प्रदेश में तीन-चार दिन बारिश होगी. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 15 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून टर्फ गंगानगर, हिसार, दिल्ली होते हुए गुजर रही है. पश्चिम बंगाल की ओर और अरब सागर में ऊपरी हवा का चक्रवात सक्रिय होने से दोनों तरफ से नमी आ रही है. इसके चलते प्रदेश में अगले तीन-चार दिन भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने जिलों को येलो और ऑरेंज अलर्ट में बांट रखा है. मौसम विभाग के अनुसार सिंगरौली, सीधी, डिंडोरी, बालाघाट जिलों में बारी बारिश का ऑरेंज जारी किया गया है. जबकि सीहोर, बैतूल, हरदा, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां सहित कुछ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इनके अलावा भी अन्य शहरों में तेज बारिश होगी. कल इन जिलों में होगी भारी बारिशमौसम विभाग ने दो अगस्त के लिए भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में विदिशा, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, सिवनी, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, देवास, सीहोर, हरदा, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, छतरपुर, टीकमगढ़ और बालाघाट शामिल हैं. तीन दिनों से थी राहतबता दें बीते एक सप्ताह से प्रदेश के कई शहरों में झमाझम बारिश का दौर जारी था, लेकिन सिस्टम के नरम पड़ जाने की वजह से बीते तीन दिनों से प्रदेश में राहत थी. जबकि इससे पहले कटनी सहित तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए थे. भारी बारिश की वजह से लोगों को असुविधाओं का सामना भी करना पड़ गया था.

चैनलिंक, बारवेड वायर और पोल्स की 60 करोड़ की खरीदारी में कमीशनबाजी बंट जाते हैं 12 करोड़

12 crore commission is divided in the purchase of 60 crores of chainlink, barbed wire and poles.

12 crore commission is divided in the purchase of 60 crores of chainlink, barbed wire and poles. उदित नारायणभोपाल ! चालू वित्त वर्ष में जंगल महकमे में करीब 50 से 60 करोड़ रूपए की चैनलिंक, बारवेड वायर और टिम्बर पोल्स की खरीदी में बड़े पैमाने पर कमीशन बाजी का खेल खेला जा रहा है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट की 18 से 20% धनराशि कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। यानि सप्लायर्स को हर साल लगभग 10-12 करोड़ कमीशन में बांटने पड़ते हैं। दिलचस्प पहलू यह है कमीशन में अधिक हिस्सेदारी न बढ़े, इसके लिए प्रोटेक्शन शाखा से बंटने वाली राशि भी अब कैंपा शाखा से बंटने लगी है। जबकि पूर्व में विभाग में परम्परा रही है कि फायर लाइन से लेकर मोबाइल, वायरलेस, वाहन आदि से समन्धित बजट प्रोटेक्शन शाखा से बंटता रहा है।मुख्यालय से सबसे अधिक फंड कैंपा शाखा से रिलीज किया जाता है। इसके बाद सामाजिक वानिकी और विकास शाखा से भी करोड़ों की धनराशि वन मंडलों को दिया जाता है। तीनों शाखाओं को मिलाकर हर वन मंडल को 5 से 7 करोड़ रूपए की राशि हर साल खरीदी के लिए रिलीज किया जा रहा है। चैनलिंक जाली, बारवेड वायर, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी और गोबर एवं रासायनिक खाद वगैरह की खरीदी की जाती है। इस खरीदी में 15 से 18 फीसदी तक राशि कमीशन बाजी में बंटती है। इस खेल को रोकने के लिए पूर्व वन मंत्री विजय शाह ने ग्लोबल टेंडर बुलाने की पहल की थी किंतु मैदानी अफसरों के विरोध के चलते वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए थे। इसकी मुख्य वजह यह है कि मुख्यालय से लेकर मैदानी अमले का नेक्सस से सीधा रिश्ता है। गौरतलब यह भी है कि मुख्यालय से विभिन्न शाखों द्वारा फंड रिलीज करने का कोई निर्धारित मापदंड नहीं है। चेहरा देखकर फंड वितरित किया जा रहा है। इस फार्मूले का उपयोग सबसे अधिक कैम्पा फंड में किया जा रहा है। अनूपपुर वन मंडल में तीन रेंज है जहां कैंपा फंड से फायर प्रोटक्शन के 24 लाख रुपए रिलीज किए गए। वहीं उत्तर शहडोल वन मंडल में बड़े जंगल हैं, उसके लिए कैम्पा शाखा से मात्र 14 लाख रूपये दिए गए। इसी प्रकार सिंगरौली में तीन रेंज है वहां 36 लाख और नरसिंहपुर वन मंडल के लिए मात्र ₹1200000 दिए। यह असमानता इसलिए है कि कैंपा पीसीसीएफ अपनी मनमर्जी के अनुसार डीएफओ को फंड डिलीट कर रहे हैं। जबकि संरक्षण शाखा फायर प्रोटक्शन के लिए वार्षिक एप्सन प्लान तैयार करता है। पीसीसीएफ डॉ दिलीप कुमार का कहना है कि कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को ट्रांसफर होनी चाहिए और उसके बाद संरक्षण शाखा ही डीएफओ को अपने एक्शन प्लान के अनुसार बजट रिलीज करें।इसके कारण गड़बड़ी की आशंका बढ़ती जा रही है। सरकार के निर्देशों की अवहेलना राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि वायरवेट, चैनलिंक और पोल की खरीदी में लघु उद्योग निगम को प्राथमिकता दें किंतु 95% खरीदी जेम्स और ई टेंडर से हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लघु उद्योग निगम की दर और जेम (GEM) की दरों में डेढ़ गुना अंतर है। यानी लघु उद्योग निगम में वायरवेट कि दर 83 रुपए से लेकर 85 रुपए तक निर्धारित की गई है। जबकि जेम (GEM) में ₹150 तक है। सरकार की मंशा यह भी है कि लघु और मध्यम उद्यमियों को इस कारोबार से जोड़ा जाए। मुख्यालय से लेकर फील्ड के अफसर टेंडर की शर्तों में ऐसी शर्ते जुडवा देते हैं जिसके चलते लघु और मध्यम उद्यमी प्रतिस्पर्धा की दौड़ से बाहर हो जाते हैं। सरकार के अन्य विभाग में टेंडर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाती है किंतु वन विभाग में या परंपरा नहीं है। प्रतिस्पर्धियों का कहना है कि सभी डीएफओ को अपने वन मंडल के प्रत्येक टेंडर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करें। चहेती फर्म को उपकृत करने जोड़ देते हैं नई शर्तें फंड बंटवारे को लेकर दो अफसर भिड़ चुके विभाग में फंड बंटवारे को लेकर दो सीनियर अधिकारी भिड़ चुके हैं। पीसीसीएफ कैंपा महेंद्र सिंह धाकड़ की पदस्थापना के पहले तक फॉरेस्ट प्रोटक्शन को लेकर कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को रिलीज किया जाता था और फिर संरक्षण शाखा डीएफओ की मांग के आधार पर वितरित करता था। धाकड़ ने इस परंपरा को बदल दिया। अब वह प्रोटेक्शन की राशि भी स्वयं जारी करते हैं। पूर्व में पीसीसीएफ प्रोटेक्शन रहे अजीत श्रीवास्तव ने इसका पुरजोर विरोध किया था और तीखा पत्र भी लिखा था, लेकिन बात नहीं बनी। मुद्दे को लेकर एक बैठक में तो दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई पर तत्कालीन वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने पीसीसीएफ कैंपा धाकड़ का साथ दिया। हालांकि अजीत श्रीवास्तव जल्द ही रिटायर हो गए। मौजूदा पीसीसीएफ प्रोटेक्शन डॉ दिलीप कुमार किंकर्तव्यविमुढ़ की स्थिति में है और वह सेवानिवृत्ति के दिन गिन रहे हैं। विभाग में चर्चा है कि पीसीसीएफ कैंपा महेन्द्र धाकड़ फाइनेंस कंपनी की तरह फंड रिलीज़ करते हैं। वे तो एक उच्च स्तरीय बैठक में यहां तक कह चुके हैं कि कैम्पा शाखा स्वायत्त संस्था है। ब्लैक लिस्ट फर्म कर रही हैं अभी भी धंधा वन विभाग में अलग-अलग वन मंडलों में कई फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसके बाद भी ब्लैक लिस्ट फर्म अपने राजनीतिक रसूख के दम पर सामग्री की सप्लाई कर रही हैं। इसकी वजह भी साफ है कि वन विभाग में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं है, जहां ब्लैक लिस्ट की गई फर्म को अन्य वन मंडलों में मैसेज कर धंधा करने से रोका जाए। वैसे पीडब्ल्यूडी जल संसाधन और अन्य विभागों में ऐसी व्यवस्था है कि ब्लैक लिस्ट फर्म की सूची बनाकर मैदानी अफसरों को भेजा जाता है और उन्हें निर्देशित किया जाता है कि इनसे कोई भी वर्क आर्डर न दिया जाए। कमीशन बाजी के खेल में प्रमुख संस्थाएं प्रखर इंटरप्राइजेज इंदौर, तिरुपति इंजीनियरिंग वर्क बालाघाट, जबलपुर वायरस जबलपुर, श्री विनायक स्टील इंदौर, राजपूत फेसिंग पोल भोपाल, अरिहंत मेटल (नाहटा), लकी इंडस्ट्रीज इंदौर, आकांक्षा इंडस्ट्रीज विदिशा, नवकार … Read more

सावधान रहें, डेंगू बन सकता है जानलेवा… बर्तनों में मिले सबसे ज्यादा लार्वा

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils भोपाल। सतर्कता जरूरी है, नहीं तो डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है। विभाग द्वारा किए एक सप्ताह के सर्वे में आठ हजार से अधिक घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। मलेरिया विभाग की टीम लगातार घरों में जाकर सर्वे कर रही है। टीमों ने अभी तक दो लाख 75 हजार, 176 घरों का सर्वे किया है, जिसमें लगभग आठ हजार घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। इन घरों में फूलों और पौधों के गमलों से लेकर पानी के बर्तनों, कूलरों एवं कंटेनरों में लार्वा जमा मिला है। खासबात यह कि घर के बर्तनों में सबसे ज्यादा लार्वा पाया गया है। आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा इस दौरान अधिकारियों ने 1997940 बर्तनों का सर्वे किया गया, जिनमें आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा पाया गया है। जांच के दौरान तीन हजार 187 कंटेनरों में खतरे की आशंका दिखाई दी है, जिनमें भारी लार्वा होने की उम्मीद है। इन कंटेनरों को खाली कराकर टोमोफास डाला गया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में लार्वा सर्वे का काम और भी अधिक प्रभावी तरीके से चलेगा। इसके लिए टीमें भी बढ़ाई जाएंगी। बतादें कि अभी तक भोपाल में डेंगू के मरीजों की संख्या 82 हो गई है। पनप रहा एडीज मच्छर

भोपाल की सेन्ट्रल लाइब्रेरी होगी आधुनिकीकृत

Bhopal's Central Library will be modernized

Bhopal’s Central Library will be modernized भोपाल : भोपाल में स्कूल शिक्षा विभाग के 3 पुस्तकालय संचालित हो रहे है। इन पुस्तकालायों के माध्यम से नागरिकों विशेष रूप से युवाओं को समाचार पत्रों के साथ विभिन्न अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इन पुस्तकालायों के जीर्णोंद्वार के लिये विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये गये है। शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल जिसे मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता है। इसके जीर्णोंद्वार के लिये कलेक्टर भोपाल द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपये का बजट उपलब्ध कराया है। बजट राशि से पुस्तकालय क्षेत्र का विस्तार, 3 मंजिला भवन निर्माण, पार्किंग व्यवस्था और नवीन फर्नीचर आदि का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों के हो जाने के बाद सेंट्रल लाइब्रेरी में वर्तमान व्यवस्था के अलावा 500 और नये सदस्यों को अध्ययन सुविधा उपलब्ध होगी। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के द्वारा भी पुस्तकालय का अनुरक्षण एवं विकास का कार्य किया गया है। पुस्तकालय सदस्यों की मांग पर विभागीय बजट से करीब 350 नई ज्ञानवर्धक पुस्तकें क्रय कर पाठकों को उपलब्ध कराई गई है। 60 हजार पुस्तकों का है भंडार भोपाल के न्यू मार्केट में मल्टीलेवल स्मार्ट पार्किंग के द्वितीय तल पर भोपाल जिला पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। इस पुस्तकालय में करीब 60 हजार पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। इस पुस्तकालय में भी प्रतिदिन नागरिकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये युवा अध्ययन करने पहुँचते है। जीटीबी कॉम्प्लेक्स की लाइब्ररी में होती है विविध गतिविधियाँ भोपाल के जीटीबी कॉम्प्लेक्स में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुदान से स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी संचालित हो रही है। पूर्व में यह पुस्तकालय ब्रिटिश लाइब्रेरी रूप में जाना जाता था। स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी में पिछले वर्ष 2 दिवसीय फेस्टिवल में बच्चों के लिये स्टोरी टेलिंग, क्विज काम्प्टीशन और फन एक्टिविटीज का आयोजन किया गया। जिसमें विजेता रहे बच्चों को पुरस्कार वितरित किये गये। इसके साथ ही जवाहर बाल भवन और वर्ल्ड-वे इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा तीसरी से 8वीं तक के बच्चों को लाइब्रेरी द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गयी। बच्चों को मोबाइल के स्थान पर पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित किया गया। लाइब्रेरी के सदस्यों की मांग पर लगभग 600 नई पुस्तकों को लाइब्रेरी के कलेक्शन में शामिल किया गया। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5 केन्द्रीय पुस्तकालय और 36 जिलो में जिला पुस्तकालय संचालित हो रहे है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में होगी खाद्य प्रसंस्करण उत्पादकों की बायर-सेलर मीट मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में

Buyer-seller meet of food processing producers will be held at Kushabhau Thakre Convention Center

Buyer-seller meet of food processing producers will be held at Kushabhau Thakre Convention Center on Tuesday in the presence of Chief Minister Dr. Yadav. भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादकों की बायर- सेलर मीट मंगलवार 30 जुलाई को होगी। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली इस मीट में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह भी उपस्थित रहेंगे। संचालक उद्यानिकी श्री एस.बी. सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य उद्यानिकी विभाग में संचालित पीएमएफ़एमई योजना अंतर्गत प्रदेश के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों में निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों तथा विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, बायर एवं सेलर को साझा मंच उपलब्ध कराना, कृषकों तथा युवा कृषक उद्यमियों को उद्यानिकी फसल उत्पादन तथा प्रसंस्करण की उन्नत तकनीकों, प्रसंस्करण के क्षेत्र में संभावना, बाज़ार, शासकीय योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता आदि के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करना तथा सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाना है। श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ मिशन के क्रम में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूर्ण करने का प्रयास है। मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में स्थान रखता हैI प्रदेश के कुल कृषि क्षेत्रफल में उद्यानिकी फसलों की भागीदारी 11.20 प्रतिशत है। प्रदेश में लगभग 400 लाख मी. टन उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश मसाला, धनिया, लहसुन, संतरा, एवं टमाटर के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा मिर्च, प्याज के उत्पादन में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश में उत्पादित इन उद्यानिकी फसलों को नष्ट होने से बचाने तथा मूल्य वर्धन करने के लिए उद्यानिकी विभाग में संचालित पीएमएफ़एमई योजना अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण उद्यम स्थापित किये जाने के लिए इच्छुक उद्यमियों को परियोजना लागत का 35% अधिकतम राशि रूपए 10 लाख तक अनुदान का प्रावधान है। बायर-सेलर की होगी राउंड टेबल चर्चा कार्यक्रम में इकाइयों में निर्मित उत्पादों एवं प्र-संस्करण मशीनों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश तथा अन्य राज्यों के क्रेता, विक्रेता, निर्यातकों, विशेषज्ञों सहित लगभग 250 प्रतिनिधियों द्वारा सहभागिता की जाएगी। आयोजन में क्रेता-विक्रेता के परस्पर संबंधों को बढ़ावा देने तथा उद्यानिकी क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्पादकों, व्यापारियों, खरीदारों और उद्योग विशेषज्ञों सहित हितधारकों के विविध समूह को एक साथ लाया जा रहा है। इस हेतु विशिष्ट उत्पाद के क्रेता-विक्रेताओं द्वारा राउंड टेबल चर्चा की जायेगी, जिससे वे एक दूसरे की आवश्यकताओं को समझें तथा भविष्य में व्यापार के लिए लिंकेज बनाया जा सके। उद्यानिकी फसलों को उनके उत्पादों/प्र-संस्कृत उत्पादों का उचित मूल्य तथा बाज़ार प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में होने वाली प्रमुख गतिविधियाँ उत्पादन आधारित क्रेता- विक्रेताओं की वार्ता, प्रदेश में पीएमएफएमई योजना अंतर्गत निर्मित उत्पादों तथा विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों तथा प्र-संस्करण की उन्नत मशीनों का प्रदर्शन, विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी-सत्र तथा योजना के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से अनुदान राशि का वितरण होगा। कार्यक्रम के आयोजन से योजना अंतर्गत लाभान्वित छोटे और सीमान्त उद्यानिकी उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रेताओं तथा नए बाजारों तक पहुंच प्राप्त होगी। तकनीकी सत्र के माध्यम से उद्यानिकी तथा प्र-संस्करण की उन्नत तकनीकों तथा उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं निर्यात सम्बन्धी जानकारी प्राप्त होगी। उत्पाद आधारित राउंड टेबल चर्चा से क्रेता एवं विक्रेता के मध्य संपर्क और आपसी चर्चा एवं लिंकेज उद्यानिकी जगत में नई संभावनाओं और सफलताओं को जन्म देगा।

International Tiger Day 2024 : कहा ‘टाइगर है जंगल का असली राजा, मध्य प्रदेश के बाघों ने नया रिकॉर्ड बनाया’ सीएम डॉ. मोहन यादव

International Tiger Day 2024: Said 'Tiger is the real king of the jungle,

International Tiger Day 2024: Said ‘Tiger is the real king of the jungle, tigers of Madhya Pradesh made a new record’ CM Dr. Mohan Yadav International Tiger Day 2024 : अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि असल मायने में बाघ जंगल का राजा होता है और मध्य प्रदेश इस मामले में ख़ुशक़िस्मत है कि यहाँ दुनियाभर के बाघों का एक बड़ा हिस्सा पाया जाता है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत,राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रमइस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाघों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। उन्होंने वन विभाग के तीन प्रकाशनों “विलेज रीलोकेशन: सतपुड़ा मॉडल”, “पेंच टाइगर: बिहेवियर एंड एक्टिविटीज” और “कान्हा की कहानियां” का विमोचन भी किया। सीएम ने विश्व बाघ दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ‘हम सभी जानते हैं कि मध्यप्रदेश ‘टाइगर स्टेट’ अर्थात भारत के अधिकांश बाघों का घर है। मध्यप्रदेश ने अपनी इस उपलब्धि से इको टूरिज्म की ओर तेजी से कदम बढ़ाए हैं। इसलिए हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि बाघों के संरक्षण को बढ़ावा दें, उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करें तथा पर्यावरण संतुलन की दिशा में सदैव कार्य करते रहें।’ ‘भोपाल में रात में बाघ निकलते हैं विचरण पर’सीएम ने कहा कि ‘बाघ नाम लेते ही रोमांच और आनंद आ जाता है। हम और सौभाग्यशाली हैं। कई राजधानियाँ हैं लेकिन भोपाल की कैपिटल सबपर भारी पड़ रही। यहाँ दिन में मनुष्य घूमते हैं, रात में बाघ घूमते हैं..कोई राजधानी ऐसी नहीं है जहां बाघों का ऐसा विचरण होता है। हम लोग अपनी अपनी टेरीटरी में अपना अपना आनंद लेते हैं। परमात्मा की कृपा है कि हमें बदलतो दौर में ये अनुभव भी हो रहा है। ये सुखद संयोग है और अच्छी बात भी है। हमारे यहाँ 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की स्थापना हुई थी।’ उन्होंने कहा कि बाघ के पक्ष में बहुत सारी बात है। हम इनकी संख्या में भी विशिष्ट है। टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में भारत के कुल बाघों के 20 प्रतिशत से अधिक बाघ हमारे यहाँ पाए जाते हैं। बाघ गणना 2022 के अनुसार मध्यप्रदेश में 785 बाघ हैं। हमें संख्या बढ़ाने की दिशा में और आगे बढ़ना है। अभी हमारे ऐसे कई हमें जंगल बुला रहे हैं। जहां आगे बढ़ना है। हमारे प्रदेश में 55 से 60 करोड़ राजस्व टूरिज़्म से आता है। बदलते दौर में हम चीतों का राज्य भी हो गए हैं।’ ‘बाघ है जंगल का असली राजा’ इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भले ही लोग कहते हैं कि शेर जंगल का राजा है लेकिन वो सिर्फ दिखने में ही विशाल है। उन्होंने कहा कि ‘बाघ के साथ बात करने का मज़ा अलग है। उसका अलग स्वभाव है। लोग शेर को जंगल का राजा बोलते हैं लेकिन ये अन्याय है बाघ के साथ। वो कमाने खाने में आलसी है। वो अपने बलबूते पर नहीं कमाता खाता है। शेर के लिए कोई और शिकार करता है। जो अपने बूते कमाने खाने का नहीं रखता वो कैसे राजा हो सकता है। हममें पुरुषार्थ और पराक्रम होना चाहिए, और ये टाइगर दिखाता है। उसमें पुरुषार्थ और पराक्रम है। इसलिए मुझे लगता है जंगल के राजा का ख़िताब टाइगर के नाम होना चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के टाइगर नया रिकॉर्ड है। भोपाल के टाइगर और आगे निकल गए है। मध्यप्रदेश के लिए नया रिकॉर्ड बन गया है। आमतौर पर बाघ और मनुष्य एक दूरी पर रहते हैं लेकिन भोपाल के बाघ तो जैसे कहते हैं कि दिन में मनुष्य घूम लें, रात में वो घूम लेंगे। ये एडजस्ट करना भी एक रिसर्च का विषय हो गया है। दुनिया नें कहीं ऐसा नहीं होता जो अपने टाइगर कर रहे हैं। हमें टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है जो बेहद आनंद की बात है। इस अवसर पर उन्होंने कहा दिन कि हम बाघ और चीते के साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण दिनबता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, जिसे ग्लोबल टाइगर डे के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखना है। बाघ पृथ्वी पर सबसे अद्भुत और ताकतवर जीवों में से एक हैं। बाघों का संरक्षण केवल बाघों की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि समग्र जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर, विभिन्न संगठन, सरकारें और सामुदायिक समूह बाघों के संरक्षण के लिए कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित करते हैं। इन अभियानों में वन्यजीवों के महत्व, अवैध शिकार की रोकथाम और बाघों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के उपायों पर जोर दिया जाता है। मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट कहा जाता है क्योंकि यह राज्य भारत में सबसे अधिक बाघों की संख्या के लिए प्रसिद्ध है। प्रदेश के प्रमुख बाघ अभयारण्य जैसे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और संजय दुबरी राष्ट्रीय उद्यान बाघों के प्रमुख निवास स्थान हैं। ये अभयारण्य न केवल बाघों की सुरक्षा करते हैं बल्कि अन्य वन्यजीवों और जैव विविधता को भी संरक्षित करते हैं।

चक्रवात फिर से एक्टिव , कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी

Cyclone active again, alert issued for heavy to very heavy rain in many districts

Cyclone active again, alert issued for heavy to very heavy rain in many districts Rain Alert: मानसून (Monsoon Season) अब तक मध्यप्रदेश पर मेहरबान रहा है। रविवार को सूबे के 80 फीसद हिस्से में बारिश दर्ज की गई। इसमें 165 स्थानों पर तो चौबीस घंटों में बारिश 1 इंच से ज्यादा हुई। बारिश के चलते रविवार को कोलार डैम के दो गेट खोले। सारणी के सतपुड़ा और राजगढ़ के मोहनपुरा डैम के गेट खोले गए। मौसम विभाग ने 24 घंटे में 35 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट किया है। दूसरी ओर मानसूनी सीजन राजधानी के लिए अब तक कुछ खास नहीं रहा। भोपाल में औसत बारिश 956.2 मिमी की तुलना में अब तक 790.7 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगस्त की शुरुआत से नए सिस्टम एक्टिव होने के बाद अच्छी बारिश की उम्मीदें लगाई हैं। अपतटीय द्रोणिका बनीअगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल के तटों तक पश्चिमी तट पर समुद्र तल से अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है। वहीं साइक्लोन सर्कुलेशन सिस्टम (Cyclone Circulation System) के साथ विरूपक हवाओं का क्षेत्र (शियर जोन) ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ बना हुआ है। ट्रफ लाइन भी खिसक रही है जिसके कारण बारिश जारी है। इन जिलों में रेड अलर्ट जारीमौसम विभाग (IMD ने नर्मदापुरम, देवास और मंदसौर बारिश (heavy rain) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बैतूल, खरगौन, बड़वानी, रतलाम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सागर, पांढुर्ना में यलो अलर्ट जारी किया है। भोपाल, झाबुआ, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, रीवा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में रेड अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy rain) का भी अलर्ट जारी किया गया है।कहां कितनी हुई वर्षानर्मदापुरम में 100, पचमढ़ी में 99, गुना में 40, सिवनी में 36, छिंदवाड़ा में 31, खरगोन में 27, रायसेन में 23, बैतूल में 19, उज्जैन में 18, इंदौर एवं मंडला में 15, सतना में 14, भोपाल, रतलाम एवं नरसिंहपुर में 13, मलाजखंड में 11, सीधी, खंडवा एवं शिवपुरी में सात, धार में छह, सागर में दो एवं जबलपुर में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।आज खुलेंगे बरगी गेटजबलपुर के बरगी डैम में सोमवार को गेट खुलने की संभावना है। नर्मदा घाटों पर अलर्ट किया गया है।कोलार नदी और आसपास के गांवों में अलर्टकोलार डैम से पानी छोड़ेने के बाद जलसंसाधन विभाग ने कोलार नदी और आसपास के गांव में अलर्ट कर दिया है। पानी की आवक लगातार जारी है।

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता आरिफ अकील का निधन, मध्य प्रदेश में शोक की लहर

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away, wave of mourning in Madhya Pradesh भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रहे आरिफ अकील का निधन हो गया। 72 साल के आरिफ अकील काफी समय से बीमार थे। आरिफ अकील को रविवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी के चलते पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस से टिकट नहीं लिया था और अपने बेटे को चुनाव लड़ाया था। भोपाल उत्तर विधानसभा से लगातार अपनी जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता आरिफ अकील ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। उनके विधायक पुत्र आतिफ अकील ने उनके निधन की पुष्टि की है। रविवार शाम को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उन्होंने अंतिम सांस ली। 40 साल तक रहा शेर ए भोपाल का जलवाशेर ए भोपाल नाम से चर्चित रहे पूर्व मंत्री आरिफ अकील भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर 40 सालों तक सक्रिय रहे। मिलन सार और हर वर्ग के व्यक्ति के लिए हमेशा तैयार रहने वाले आरिफ अकील के बारे में कहा जाता है कि जो भी उनके घर किसी समस्या के लिए पहुंच जाता था, वो अपना सारा काम छोड़कर उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते थे।कांग्रेस शासन काल में वे दो बार मंत्री रहे। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, जेल खाद्य जैसे प्रमुख विभाग मिले थे। आरिफ अकील की शुरुआती राजनीतिक जनता दल से हुई थी। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए थे। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान भी उत्तर विधानसभा में आरिफ अकील की सीट को नहीं हिला पाए थे। कांग्रेस में शोक की लहरआरिफ अकील के निधन से प्रदेश कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आरिफ अकील के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

भोपाल के 5 फीमेल टाइगर की टेरिटरी में बढ़ती इंसानी दखल

Increasing human interference in the territory of 5 female tigers of Bhopal

Increasing human interference in the territory of 5 female tigers of Bhopal गणेश पाण्डेय भोपाल। राजधानी के रियासत में कभी बेगमों का राज रहा है पर आज इसी  रियासत के जंगलों में 5 शक्तिशाली फीमेल टाइगर (टाइग्रेस) राज है। इन 5 फीमेल टाइगर के वंश बढ़कर 17 से अधिक शावकों की  संख्या हो गई हैं पर टेरिटरी को लेकर उनमें आपस में फाइट होने की खबर हुई। दिलचस्प पहलू यह  भी है कि आबादी के करीब होते हुए भी आज तक मनुष्य और उनके बीच द्वंद्व नहीं हुआ है। हां, राजनेता, नौकरशाह और रसूखदार कॉलोनाइजर जरूर उनके क्षेत्र जंगलों में अतिक्रमण करते जा रहे हैं। यदि अभी भी हम नहीं संभले तो मानव और टाइगर के बीच कनफ्लिक्ट की खबरें आम होने लगेगी। आश्चर्य की बात ये है कि पूरी दुनिया में भोपाल अकेला शहर है जहां नगर निगम की सीमा में टाइगर विचरण कर रहे हैं । बाघों की बढ़ती आबादी के बीच जंगलों में बढ़ती इंसानी दखल, बढ़ता शहरीकरण और खेती के लिए लगातार साफ होते जंगले और जमीन राज्य को खोखला कर रहे हैं। नतीजन बाघ भी नए ठिकाने की तलाश में शहर के अंदर घूमते नजर आते हैं।  भोपाल शहर से सटे जंगलों में पांच शक्तिशाली फीमेल टाइगर और  उनकी टेरिटरी स्थापित्य होने से एक बार फिर भोपाल के इतिहास में बेगमों का राज याद आ गया। पिछले कुछ साल में इन 5 बाघिनों का कुनबा बढ़कर पच्चीस हो गया है, जिसमें सत्रह शावक और तीन बाघ शामिल हैं। ये बाघ पास के जंगलों से यहां आते-जाते रहते हैं। भोपाल से लगे केरवा, कलियासोत, मिंडोरी और कठोतिया जैसे बाघ विचरण क्षेत्र में कुल 25 बाघ-बाघिन हैं । इनमें तीन बाघ हैं, पांच बाघिन और 17 शावक शामिल हैं। ये बाघ अभयारण्य के आस-पास के इलाकों में विचरण करते रहते हैं। आश्चर्य की बात ये है कि पूरी दुनिया में भोपाल अकेला शहर है जहां नगर निगम की सीमा में टाइगर विचरण कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले किये गए सर्वेक्षण में पता चला है कि पांच बाघिन भोपाल के आस-पास के इलाकों में बस गई हैं। इन्होंने यहां अपना स्थाई ठिकाना बना लिया है।  मानव और बाघों के बीच बढ़िया सामंजस्य बाघों के विशेषज्ञ मानते हैं कि बाघिन अपना घर और बच्चों का पालन-पोषण उसी जगह पर करती है जहां उसे किसी तरह का तनाव या सुरक्षा का भय नहीं रहता। दूसरी वजह है भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला भोजन, जिसमें नीलगाय, सांभर, चौसिंगा, जंगली सूअर, हिरण आदि आसानी से मिल जाते हैं। यहाँ तक कि बंदर भी इनका आसान भोजन हैं। अगर शहर के बीचों-बीच ये बाघिनें अपने 17 शावकों को पाल रहीं हैं तो मानव और बाघों के बीच इससे बढ़िया सह-अस्तित्व और सामंजस्य पूरे विश्व में कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन ये सुख के दिन कब तक चलेंगा ? मिसाल के तौर पर भोपाल के जाने माने शिक्षा संस्थान, MACT, के कैम्पस और हॉस्टल तक बाघ अपनी मौजूदगी दिखा चुके हैं। एक बाघ तो नई टेरिटरी बनाने के चक्कर में 10 दिन तक कॉलेज कैम्पस और बॉयज  हॉस्टल के आसपास घूमता दिखाई दिया। बाघ ने कॉलेज परिसर में मवेशियों को भी मार डाला जिससे छात्रों में दहशत फैल गई। एक हफ्ते बाद बाघ ने अपनी मौजूदगी पास के भोज यूनिवर्सिटी कॅम्पस में भी दिखा दी। गनीमत रही कि दोनों जगह पर बाघ का आदमी के साथ सीधा आमना-सामना या मुठभेड़ नहीं हुई । पिछले एक साल में ऐसी दर्जनों घटनाएँ हुई हैं जब बाघिन किसी संस्थान में अपने शावकों के साथ देखी गई या स्कूल्स के पास, अथवा निजी कॉलेज या यूनिवर्सिटी कॅम्पस के नजदीक टहलती दिखाई पड़ी । कई बार तो लोगों ने बाघिन को शावकों के साथ सड़क पर चहलकदमी करते हुए भी देखा। एक बात सभी ने महसूस की कि न तो बाघिन ने किसी आदमी पर हमला किया न ही स्थानीय रहवासियों को बाघ से कोई ख़तरा महसूस हुआ। मानव-टाइगर द्वंद से बचने के लिए करने होंगे उपाय जिस तरह से बाघों की संख्या भोपाल और उसके आस पास के इलाकों में बढ़ रही है, उसको देखते हुए यह कहना ज़रूरी होगा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इनकी सुरक्षा और मानव-टाइगर द्वंद से बचने के लिए तुरंत उपाय करने होंगे। ऐसा कई बार देखा गया है कि ये बाघ भीड़ भरे इलाकों में लगातार चहलकदमी कर रहे हैं। साथ ही उन इलाकों में भी घूम रहे हैं जहां से छात्र-छात्राओं का हर रोज आना जाना बना रहता है। कुछ लोगों ने इन बाघों को अर्बन  टाइगर्स नाम दे दिया है। लेकिन क्या ऐसा हो सकता है कि टाइगर अर्बन एरिया में आया हो? ये तो इंसान है जो बाघ के क्षेत्र में, उसके घर में, लगातार घुसपैठ कर रहा है और उसके इलाके पर अपना झूठा हक भी जता रहा है। बाघों के लिए सबसे मुफीद केरवा क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि अकादमी के छात्र (एनएलआईयू), उसकी फैकलटीस और क्षेत्र के निवासी रहते हैं। इसके अलावा खानपान की दुकानों के व्यापारी और कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारी और अधिकारी भी उसी इलाके में रहते हैं। इन इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर अक्सर बाघ दिख जाते हैं। इस क्षेत्र में कई स्कूल और कॉलेज हैं, इसलिए सरकार ने सावधानी बरतते हुए साइन बोर्ड लगा दिए हैं, “सावधान, बाघ विचरण क्षेत्र।” बाघों की आवाजाही दो बांधों- केरवा और कलियासोत और कलियासोत बांध के करीब एक पहाड़ी पर स्थित वाल्मी के आसपास के जंगलों में 22 वर्ग किलोमीटर में फैले एक बड़े क्षेत्र में हो रही है। अकेला वाल्मी परिसर कलियासोत के किनारे पर 200 एकड़ वन क्षेत्र में फैला हुआ है।  बाघ मूवमेंट क्षेत्र में मानव गतिविधियों रोकनी होगी  बाघों की निगरानी करने वाले वन विभाग और बाघ संरक्षण संस्थाओं के अधिकारियों का कहना है कि परिवार से अलग हुए कई बाघ शहर में अपनी टेरिटरी की खोज कर रहे हैं, मतलब अपने क्षेत्र को चिह्नित कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी बाघों पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलरिंग या उनकी आवाजाही प्रतिबंधित करने के लिए पूरे इलाके में चेन लिंकिंग की बात कर रहे हैं। अभी तक 22 किमी के बड़े क्षेत्र में बाड़ लगा दी गई है। इससे बाघों की … Read more

सिंधी पंचायत ने लगाई मृत्‍यु भोज पर रोक, पगड़ी रस्‍म के दिन तेरहवीं नहीं करने का भी निर्णय

Sindhi Panchayat bans funeral feast

Sindhi Panchayat bans funeral feast, also decides not to celebrate Thirteenth on the day of turban ritual संत हिरदाराम नगर। सिंधी समाज की प्रतिनिधि संस्था पूज्य सिंधी पंचायत ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए नए सिरे से अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पगड़ी रस्म के दिन ही तेरहवीं करने एवं इसी दिन मृत्यु भोज करने पर रोक लगा दी गई है। लंबे समय तक पंचायत के अध्यक्ष रहे स्व. साबू रीझवानी ने सामाजिक बुराइयां दूर करने एवं मांगलिक अवसरों पर फिजूलखर्ची रोकने का अभियान शुरू किया था। पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष भरत आसवानी के अनुसार इस अभियान को अब गति दी जा रही है। अगली साधारण सभा में हम इस मामले में अब तक की प्रगति का प्रेजेंटेशन देंगे, साथ ही सदस्यों से आग्रह किया जाएगा किवे इस अभियान में सहभागी बनें। पगड़ी पर तेरहवीं करना अनुचितपिछले कुछ समय से लोग पगड़ी रस्म के दिन ही तेरहवीं करने लगे थे। कुल ब्राह्मणों ने इसे गलत परंपरा बताया था। आसवानी के अनुसार पंचायत की सख्ती के कारण यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म हो रही है। पंचायत पदाधिकारी लंबे समय से मृत्यु भोज नहीं करने का अभियान चला रहे हैं। पदाधिकारी भोज में शामिल नहीं हो रहे हैं। तीसरे दिन तेरहवीं करने से पंचायत का अभियान अधूरा नजर आने लगा था। वैदिक दृष्टि से भी तीसरे दिन तेरहवीं एवं भोज करना उचित नहीं है। इसे देखते हुए पंचायत ने अंतिम संस्कार के दिन ही स्वजनों से मृतक की तेरहवीं समय पर एवं सादगी से करने की अपील करना शुरू कर दी है। महंगे इवेंट करने से परहेज करेंकार्यकारी अध्यक्ष भरत आसवानी के अनुसार अगली साधारण सभा में रिसेप्शन के दौरान महंगे इवेंट, भव्य डेकोरेशन एवं काकटेल पार्टियां नहीं करने की आग्रह सदस्यों से किया जाएगा। बैठक में सदस्यों को अब तक मिली सफलता के बारे में बताया जाएगा। साधारण सभा से पहले पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें आसवानी अभियान की रूपरेखा पेश करेंगे। पदाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद साधारण सभा का एजेंडा तया किया जाएगा।

ठगों के निशाने पर प्रदेश के नए मंत्री, रामनिवास रावत से फोन कर मांगे गए 5 लाख रुपये

Ramniwas Rawat was the target of thugs and demanded 5 lakh rupees by calling him.

The new minister of the state, Ramniwas Rawat was the target of thugs and demanded 5 lakh rupees by calling him. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश सरकार के नवागत मंत्री रामनिवास रावत से फ्रॉड करने की कोशिश की गई है. मंत्री रामनिवास रावत से बीजेपी संगठन महामंत्री बनकर पांच लाख रुपये की डिमांड की गई. मंत्री रावत की ओर से क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है आरोपी मध्य प्रदेश का ही निवासी है. वन और पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत ने 19 जुलाई को भोपाल पुलिस कमिश्रर हरिनारायणचारी मिश्र से शिकायत की थी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में मंत्री रावत ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास मोबाइल नंबर 9285127561 से कॉल आया था. कॉलर ने खुद को बीजेपी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का पीए बताया. ठग ने पांच लाख रुपये की डिमांड कीउन्होंने आगे बताया कि “कॉलर ने कहा कि विजयपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में आपके लिए कुछ लोगों की व्यवस्था करा देंगे, जो आपका पूरा काम देखेंगे. हर व्यक्ति के हिसाब से पांच लाख रुपये लगेंगे. इसके बाद दो-तीन बार तो मैंने उसकी को टाल दिया, लेकिन कॉलर का कई बार फोन आया.” मंत्री को ऐसे हुआ शकमंत्री रावत के अनुसार कई बार फोन करने के बाद कॉलर ने किसी अन्य व्यक्ति से भी बात कराई, उसने खुद को बीजेपी का संगठन महामंत्री बीएल संतोष बताया. वह धीरे-धीरे गंभीर आवाज में बात कर रहा था. जब उसने संगठन महामंत्री का गलत नाम बताया तो मंत्री रावत समझ गए. इसके बाद मंत्री रावत ने फ्रॉड कॉल करने वाले की अपने स्तर पर जानकारी जुटाई. इसके बाद उन्होंने शिकायत की. क्राइम ब्रांच ने धारा 319(2) भारतीय न्याय संहिता और 66(सी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

MP Weather:प्रदेश के 21 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, IMD से जानें अपने शहर का हाल

MP Weather: Rain alert in 21 districts of the state today

MP Weather: Rain alert in 21 districts of the state today, know the condition of your city from IMD. Madhya Pradesh Weather Update: मध्य प्रदेश में भारी बारिश से अभी दो दिन राहत की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन और मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव रहेगा. 29 जुलाई के बाद ही कुछ राहत की उम्मीद है. इधर मौसम विभाग ने आज शनिवार (27 जुलाई) को भी प्रदेश के 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार एमपी में लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम होने की वजह से प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है. आज प्रदेश के रायसेन, विदिशा, बैतूल, जबलपुर, बालाघाट में भारी बारिश, जबकि 21 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं शुक्रवार को प्रदेश के 18 जिलों में बारिश हुई. इन जिलों में अलर्टमौसम विभाग ने आज प्रदेश के रायसेन, विदिशा, हरदा, बैतूल, जबलपुर, बालाघाट, भोपाल, इंदौर, धार, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, राजगढ़, सीहोर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और सिवनी में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. जबकि बाकी शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. भोपाल-ग्वालियर में सामान्य से ज्यादा बारिशप्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और ग्वालियर में जुलाई महीने के सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है. भोपाल में अब तक 16.30 इंच बारिश होनी थी, जिसके एवज में 20.58 इंच बारिश हो चुकी है. इसी तरह ग्वालियर में 10.54 इंच बारिश होनी थी, जबकि 13.56 इंच बारिश हो चुकी है. इंदौर में 13.89 इंच बारिश होनी थी, लेकिन अभी 12.79 इंच बारिश हुई. जबलपुर में 17.72 इंच बारिश होनी थी, जहां 16.65 इंच बारिश हुई और उज्जैन में 14.30 इंच बारिश होनी थी, लेकिन यहां अभी 11.78 इंच बारिश हो सकी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि बरगी बांध जलाशय 53 प्रतिशत तक भर चुका है. इसका जल स्तर अभी 416 मीटर है, जो अगले दो दिनों में दो मीटर बढ़ सकता है, ऐसी स्थिति में बरगी डैम के गेट खोले जा सकते हैं.

आईएफएस संगठन से नहीं मिले सीएम और सीएस

The government's order regarding IFS's APAR revision was challenged in the Supreme Court

CM and CS did not meet IFS organization भोपाल ! आईएफएस संगठन के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिन वीरा राणा से मुलाकात नहीं हो सकी। ऐसे में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सचिवालय और सीएस कार्यालय को एपीएआर में किए गए बदलाव के विरोध पर प्रेजेंटेशन दिया। इसमें संगठन ने आग्रह किया एपीएआर लिखने में वर्ष 2004 से प्रचलित व्यवस्था में बदलाव न हो। संगठन का कहना है कि इस संबंध में 2016 में भी इसी तरह की आदेश शासन द्वारा जारी किए गए थे। संगठन ने अपने प्रेजेंटेशन में उल्लेख किया है कि अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों का एपीएआर अखिल भारतीय सेवा नियम 1970 के तहत जारी कार्यकारी निर्देशों द्वारा शासित होता है, जो अखिल भारतीय सेवा (प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट) नियम, 2007 के लिए प्रासंगिक हैं। संगठन का कहना है कि एपीसीसीएफ तक प्रदर्शन, मूल्यांकन रिपोर्ट सीनियर आईएफएस अधिकारियों द्वारा लिखा जाना चाहिए। पीसीसीएफ स्तर तक के आईएफएस अफसरों के एपीएआर एसीएस और मुख्य सचिव ही लिखे। संगठन ने यह भी कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह आदेश दिया गया था कि जिला कलेक्टर और मंडलायुक्त जिले में कार्यरत आईएफएस संवर्ग के डीएफओ और वन संरक्षक की एपीएआर नहीं लिख सकते आईएफएस संगठन डीओपीएंडटी के विचार से भी सहमत है कि यदि वन अधिकारी सचिवालय या अन्य विभागों में काम कर रहा है जहां उसका तत्काल पर्यवेक्षण अधिकारी गैर-वन अधिकारी है तो उसका सीआर. ऐसे अधिकारी द्वारा लिखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से स्मरण है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2004 में केंद्रीय कार्मिक विभाग ने यह व्यवस्था लागू की थी और सभी राज्यों के लिए अनिवार्य था। वैसे भी भारतीय वन सेवा, एक अखिल भारतीय सेवा, देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य वनों और वन्यजीवों का वैज्ञानिक प्रबंधन, सुरक्षा और संरक्षण करना है।संगठन ने माननीय उच्चतम न्यायालय ने आईए 1995 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 202 (टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुल्कपाद बनाम भारत संघ और अन्य) का उल्लेख करते हुए अपने प्रेजेंटेशन में कहा है कि वन विभाग के अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट लिखने के लिए सक्षम प्राधिकारी के मुद्दे पर विचार किया था। पर्यावरण और वन मंत्रालय ने बाद में पत्र संख्या 22019/1/2001-IFS-1 दिनांक 8 नवंबर, 2001 के माध्यम से निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिनांक 22 सितम्बर 2000 को एक विशेष संदर्भ में जारी किया गया था और इसे अन्य सेवाओं को कवर करने के लिए सामान्यीकृत नहीं किया जाना चाहिए। सीईसी का विचार है कि माननीय न्यायालय के दिनांक 22 सितम्बर 2000 के आदेश में किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet