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‘जिसकी 2 पत्नियां उसे कांग्रेस हर साल देगी 2 लाख रुपये’, कांतिलाल भूरिया के बयान से गरमाई सियासत

‘Congress will give Rs 2 lakh every year to the one who has two wives’, politics heated up due to Kantilal Bhuria’s statement लोकसभा चुनाव के बीच मध्य प्रदेश में कांतिलाल भूरिया के दो पत्नियों को लेकर दिए बयान से सियासत गरमा गई है. कांतिलाल भूरिया रतलाम से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. रतलाम ! लोकसभा चुनाव के तीन चरणों का मतदान हो चुका है. चौथे चरण की वोटिंग से पहले राजनीतिक पार्टियों के नेता जोर-शोर से चुनाव प्रचार में लगे हैं. जनता के बीच पहुंचकर उनसे वोट देने की अपील करते हुए बड़े-बड़े चुनावी वादे कर रहे हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के रतलाम से कांग्रेस उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कांतिलाल भूरिया ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो जैसा कि हमारे घोषणापत्र में कहा गया है, प्रत्येक महिला को उसके बैंक खाते में 1 लाख रुपये मिलेंगे. घर की हर महिला को 1-1 लाख रुपये मिलेंगे, जिनकी दो पत्नियां हैं, उन्हें 2 लाख रुपए मिलेंगे.” कांतिलाल भूरिया के बयान का जीतू पटवारी ने किया समर्थनइसी सभा में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे. उन्होंने कांतिलाल भूरिया के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार घोषणा की है 2 पत्नियों वाले व्यक्तियों को 2 लाख रुप/s की सहायता मिलेगी. बता दें कि कांग्रेस के घोषणापत्र के अनुसार महालक्ष्मी योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को इस कैटेगरी से बाहर निकलने तक 8 हजार 500 रुपये हर महीने मिलेंगे, जो एक साल में 1,02,000 रुपये होते है. क्या मतदाता आपकी जेब में है जो 400 पार कर देंगे?वहीं सभा को संबोधित करते हुए कांतिलाल भूरिया ने आगे कहा, “पीएम मोदी कहते हैं अबकी बार 400 पार तो क्या मतदाता उनकी जेब में है जो 400 पार कर देंगे.” कांतिलाल भूरिया ने पीएम मोदी को घेरते हुए कहा कि पहले वे कहते थे मुझे प्रधानमंत्री बना दो 2 करोड़ युवाओं को नौकरी दूंगा. 15-15 लाख खाते में जमा करा दूंगा. 400-500 रुपये जमा करवा के खाते खुलवा लिए, लेकिन इन खातों में एक रुपया तक जमा नहीं हुआ, बल्कि पीएम मोदी ने खाते खुलवाकर करोड़ों जमा कर लिए. बीजेपी ने साधा निशानाकांतिलाल भूरिया के बयान पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री जब कहते हैं कि आपका हक छीनकर मुसलमानों को दे दिया जाएगा तो वो इस बात को ऐसे ही नहीं कहते, कांग्रेस के नेता उनकी इस बात पर मुहर लगाते हैं और अपना असली रूप जनता को दिखाते हैं. जिस व्यक्ति की दो पत्नियां हैं, उसे दो लाख रुपये सालाना दिए जाएंगे. तुष्टिकरण के लिए बहुसंख्यक हिंदुओं को सरेआम बेइज्जत करने के लिए अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और विक्रांत भूरिया ने मंच का सहारा लेना शुरू कर दिया है.”

कमलेश्वर डोडियार ने ‘BAP’ से तोड़ा रिश्ता! खुद को बता दिया निर्दलीय विधायक

Kamleshwar Dodiyar breaks ties with ‘BAP’! Called himself an independent MLA मध्य प्रदेश की सैलाना विधानसभा सीट से विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. इस बार उन्होंने अपनी पार्टी को लेकर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. रतलाम ! कमलेश्वर डोडियार ने ‘BAP’से तोड़ा रिश्ता! खुद को बता दिया निर्दलीय विधायक, क्यों शुरू हुआ ये विवाद?मध्य प्रदेश की सैलाना विधानसभा सीट से विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. इस बार उन्होंने अपनी पार्टी को लेकर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. किस बात पर है हाईकमान नाराज?दरअसल रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक कमलेश्वर डोडियार से अब उनकी ही पार्टी का आलाकमान गहरा नाराज है. नाराजगी की वजह विधायक कमलेश्वर डोडियार की लोकसभा चुनाव में निष्क्रियता बताई जा रही है. राजस्थान से लगी मध्यप्रदेश की रतलाम लोकसभा क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है. लेकिन विधायक की सक्रियता न होने के कारण पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. मैंने कब ज्वाइन की बाप पार्टी?- डोडियारनोटिस मिलने के बाद सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने इंदौर से सैलाना जाते समय रतलाम में रुक कर देर रात मीडिया से चर्चा की है. उन्होंने कहा कि “मैं बाप पार्टी का सदस्य बना यह वह बताएं? मैं जयस का उम्मीदवार था. मुझे सिंबल बाप पार्टी का दिया गया था. यह अलायंस के तहत चुनाव लड़ा गया था. डोडियार आगे कहते हैं कि “मुझे खुद नहीं पता कि मैं आदिवासी पार्टी का सदस्य हूं या नहीं” पहले तो बाप पार्टी को इस बात का खुलासा करना चाहिए कि मुझे पार्टी की सदस्यता कब दिलाई गई? अब मैं निर्दलीय विधायक- कमलेश्वरकमलेश्वर डोडियार कहते हैं कि “जिस तरह से पार्टी काम कर रही है उस हिसाब काम नहीं होता है, अगर मैं पार्टी का सदस्य हूं तो मुझे एक नियम के तहत नोटिस दिया जाता न कि WHATSAAP पर भेज दिया जाए” वे आगे कहते हैं “लोग कह रहे हैं कि आपको पार्टी से निष्काशित कर दिया गया है अच्छी बात है मैं अब निर्दलीय विधायक हूं” और निर्दलीय रहकर ही जनता की सेवा करूंगा. डोडियार कहते हैं कि “बीजेपी ने बहुत कोशिश की और दवाब बनाया कि मैं बीजेपी ज्वाइन कर लूं लेकिन मैंने नहीं की है. अब मैं निर्दलीय रहकर जनता की सेवा करूंगा. पार्टी ने जब निष्कासित कर ही दिया है तो नोटिस का जवाब देना मैं अब जरूरी नहीं समझता हूं. अगर कोर्ट की तरफ से कोई नोटिस आता है तो जरूर जवाब दूंगा. बीजेपी के लोगों ने पत्र किया तैयारसैलाना से विधायक कमलेश्वर डोडियार ने नोटिस को लेकर कहा “पत्र में जो हैंड राइटिंग है वह भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नहीं है” ये बीजेपी के किसी नेता की राइटिंग है, क्योंकि रतलाम लोकसभा सीट पर बीजेपी की हार होने जा रही है” बीजेपी के पक्ष में प्रचार करने के लिए मेरे ऊपर दवाब बनाना चाह रहे हैं.

PM आपका और RSS भी साथ; देखते हैं क्या कर लोगे, असदुद्दीन ओवैसी का BJP को करारा जवाब

PM is yours and RSS is also with you; let’s see what you can do, Asaduddin Owaisi’s befitting reply to BJP माधवी लता के प्रचार में पहुंचीं राणा ने कहा था, ‘छोटा बोलता है कि पुलिस को 15 मिनट बता दो तो हम बताएंगे कि बोले क्या कर सकते हैं। छोटे को मेरा कहना है तेरे को 15 मिनट लगेंगे और हमको सिर्फ 15 सेकेंड। हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नवनीत राणा ने तेलंगाना में ’15 सेकेंड’ के लिए पुलिस हटाने की बात कहते हुए ओवैसी ब्रदर्स को चुनौती दी थी। उनके बयान पर अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री भी आपके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी आपके साथ है। देखते हैं 15 सेकेंड में क्या कर लेते हो। ओवैसी ने कहा, “मैं मोदी जी से कहता हूं कि उन्हें 15 सेकेंड दीजिए। एक घंटा दीजिए। आप क्या करेंगे? जैसा मुख्तार अंसारी के साथ किया वैसा ही करेंगे? हम भी देखना चाहते हैं कि क्या आपमें थोड़ी भी इंसानियत बची है। कौन डरता है? हम तैयार हैं। अगर कोई इसके लिए खुला आह्वान कर रहा है तो ऐसा होने दें। पीएम आपका है, आरएसएस भी आपका है। सब कुछ आपका है। आपको कौन रोक रहा है। हमें बताओ कि हमें कहां आना है। हम वहां आएंगे।” आपको बता दें कि अकबरुद्दीन ओवैसी ने 2013 में कहा था, ‘अगर 15 मिनट के लिए पुलिस को हटा लिया गया, तो हम (मुसलमान) बता देंगे किसमें हिम्मत है।’ भाजपा उम्मीदवार माधवी लता के प्रचार में पहुंचीं राणा ने कहा था, ‘छोटा बोलता है कि पुलिस को 15 मिनट बता दो तो हम बताएंगे कि बोले क्या कर सकते हैं। छोटे को मेरा कहना है तेरे को 15 मिनट लगेंगे और हमको सिर्फ 15 सेकेंड लगेंगे। 15 सेकेंड सिर्फ पुलिस को हटाया तो छोटे और बड़े को यह पता नहीं लगेगा कि कहां से आया और कहां गया।’

राजस्थान में सीटों को लेकर सचिन पायलट का बड़ा दावा, ‘BJP से ज्यादा सीटें लाएगी कांग्रेस’

Sachin Pilot’s big claim regarding seats in Rajasthan, ‘Congress will get more seats than BJP’ राजस्थान कांग्रेस नेता सचिन पायलट BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि जो बहुत ऊपर चले जाते हैं वो कभी न कभी नीचे भी आते हैं. वहीं, उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस की जीत का दावा किया है. लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान के तीन चरण पूरे हो चुके हैं. पहले दो चरण में ही राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर वोटिंग संपन्न हो गई. ऐसे में अब राजस्थान के हर राजनीतिक दलों के नेताओं का ध्यान बाकी राज्यों पर आ गया है. इसी बीच राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता सचिन पायलट का बड़ा बयान आया है. उन्होंने दावा किया है कि इस बार राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बीजेपी से ज्यादा सीटें लाने वाली है. सचिन पायलट ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘बहुत ऊपर जाने वाले एक न एक दिन नीचे भी आते हैं.’ यह बात उन्होंने बीजेपी के 400 पार के दावे को लेकर कही. सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पहले हारती थी तो 20-21 सीटें या 50-55 सीटें लाती थी, लेकिन इस बार 70 सीटें मिली हैं. इससे जाहिर है कि कांग्रेस जीत की ओर अग्रसर है.

हरियाणा में BJP कि बड़ी मुश्किलें सरकार से ,तीन निर्दलीय विधायकों ने वापस लिया समर्थन

BJP faces big problems in Haryana, three independent MLAs withdraw support from the government हरियाणा में नायब सिंह सैनी सरकार से तीन निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है। सरकार के सामने बहुमत साबित करने का संकट आ गया है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार अल्पमत में आ चुकी हैं। चंडीगढ़ । हरियाणा में भाजपा सरकार संकट में आ गई है। राज्य में नायब सिंह सैनी की सरकार से 3 निर्दलीय विधायकों से सरकार ने समर्थन वापस ले लिया है। विधायक रणधीर गोलन, धर्मपाल गोंदर व सोमवीर सांगवान ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस्तीफा मांग लिया है। कुछ (निर्दलीय) विधायकों का हरियाणा सरकार से समर्थन वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने की खबरों के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे यह जानकारी मिली है। शायद कांग्रेस कुछ लोगों की इच्छाओं को पूरा करने में लगी हुई है। अब कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से कोई लेना-देना नहीं है।

विधायक: पंडाग्रे ने सह परिवार उपनगरी बोड़खी में किया मतदान : लोगो को भी मतदान करने किया प्रेरित

MLA Pandagre along with his family cast his vote in the suburb of Bodkhi and also motivated people to vote. हरिप्रसाद गोहे आमला । विश्व के सर्वाधिक बड़े लोकतंत्र में अपनी आहुति के लिए लोकसभा चुनावों में लोगो के द्वारा दिन भर अपने मताधिकार का उपयोग किया गया इसी श्रृंखला में आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने भी उनकी धर्म पत्नी संजु पंडाग्रे के साथ पहुंच मतदान के प्रारंभिक चरण में ही उप नगरी बोड़खी के बूथ क्रमांक 127 पर अपने मताधिकार का उपयोग किया । विधायक डॉ पंडाग्रे ने किया मतदान का आग्रह विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने आमला सारणी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न बूथों पर प्रवास कर लोगो से अधिक से अधिक मतदान का आग्रह किया। इस दौरान बूथ पर उपस्थित भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारियों का उत्साह वर्धन कर अत्याधिक तापमान के बावजूद दिन भर बूथ कर कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया । चुनावो में भाजपा महिला मोर्चा की दिखी सक्रिय भागीदार लोकसभा चुनावों में भाजपा संगठन के सभी कार्यकर्ताओ ने बूथ ईकाई के रूप में उत्साह के साथ कार्य किया । संगठनात्मक कार्य में भाजपा महिला मोर्चा सदस्यो के द्वारा सभी दायित्वों में अपना सक्रिय योगदान दिया नगर मंडल के कार्यकर्ताओ के साथ बराबर सहयोगी के रूप में पार्षद शोभा देशमुख , मीडिया प्रभारी सपना सोनी, रीना कश्यप भाजपा बूथ अध्यक्ष तो पोलिंग एजेंट के रूप में मंडल उपाध्यक्ष अंबिका साबले ने कार्य किया ।इस दौरान लाजवंती नागले, संजू योगेश पंडाग्रे, सुषमा नरवरे, ओमवती विश्वकर्मा, आरती पाटिल, गीता ढोलेकर, भारती झा ,श्रृद्धा मालवीय ,गीता पंडोले ,गीता वर्मा , सपना सोनी, दीक्षा सुरजेकर, नीलम साहू ,रीना तोमर ,रजनी बनाईत समेत बड़ी संख्या में महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने दिन भर मतदान करवाने के लिए सक्रियता से कार्य किया ।

मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये माफ किए , राहुल गांधी

Modi government waived Rs 16 lakh crore of industrialists, Rahul Gandhi खरगोन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खरगोन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने आदिवासी मतदाताओं को साधने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण, जातिगत जनगणना सहित कई मुद्दों पर बात रखी। राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें यह आरक्षण को बचाने का चुनाव है। जो भी देश के गरीब लोगों को मिला है, सारा का सारा संविधान ने गरीबों को दिया है। अगर संविधान खत्म हो गया तो जो भी आपको अधिकार मिल हैं, सारा का सारा खत्म हो जाएगा। आपकी जमीन, जंगल गायब हो जाएगा और भारत में 22-25 लोगों का राज होगा। इन लोगों को नजग आपके जंगल और जमीन पर है। मोदी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये उद्योगपतियों का माफ किया। लेकिन वे किसानों और गरीब का कर्ज माफ नहीं किया। हम देश में करोड़ों लखपति बनाने जा रहे हैं। आप जीएसटी और टैक्स देते हैं, लेकिन ये धन आपको नहीं दिया जाता। इसलिए इंडी गठबंधन सरकार महिलाओं को एक लाख रुपये सालाना देगी और तक तक दिया जाएगा तब तक परिवार गरीबी रेखा से बाहर नहीं आ जाता। हम निजी कपंनियों और सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करेंगे, जिससे आपको परमानेंट नौकरी मिलेगी। हम चुनाव के बाद गरीब किसानों का कर्ज माफ करने जा रहे हैं। साथ ही एमएसपी के लिए कानून बनाएंगे। छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया गया। नोटबंदी और जीएसटी अमीरों के लिए किया गया था। दो करोड़ युवा आज पूछ रहे हैं हमें आपने झूठ क्यों कहा।

जिन नेताओं पर पीएम मोदी लगाते थे दाग, बीजेपी की वॉशिंग मशीन में धुलते ही हो गए बेदाग

The leaders on whom PM Modi used to put allegations, became spotless as soon as they were washed in BJP’s washing machine! विषेश संवाददाता भोपाल। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है। चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है। दरअसल शराब घोटाले के आरोप में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी विपक्षी दलों के नेताओं को चुन-चुनकर टारगेट कर रही है। बीजेपी में शामिल होने के बाद नेताओं से भ्रष्टाचार के आरोप हटा लिए जा रहे है। है कि 2014 के बाद से कथित भ्रष्टाचार के लिए विपक्ष के 25 नेता जो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे ये, बीजेपी में शामिल हुए और उनमें से 2.3 को राहत मिल गई। उनके खिलाफ जांच या तो बंद हो गई या ठंडे बस्ते में चली गई। 2014 के बाद जिन प्रमुख राजनेताओं का जिक्र किया जा राय है, वे विपक्षी दलों से बीजेपी में शामिल हो गए थे। इनमें से 10 कांग्रेस से हैं. एनसीपी और शिवसेना से चार-चार, टीएमसी से तीन, टीडीपी से वो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी से एक-एक नेता शामिल है। 2014 के बाद से भ्रष्टाचार की जांच का सामना कर रहे 25 विपक्षी नेता बीजेपी में शामिल हो गए, उनमें से 23 को राहत मिली 3 मामले बंद, 20 रुके ,भाजपा में शामिल होने के बाद जांच एजेंसियों से राहत पाने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस के 10, राकांपा और शिवसेना के चार-चार, तृणमूल कांग्रेस के तीन, टीडीपी के दो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी के एक- एक नेता शामिल हैं बीजेपी से हाथ मिलाते ही अजीत पवार की फाइल क्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 और 2023 की राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान केंद्रीय कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र पर केंद्रित था। 2022 में एकनाथ शिंदे गुट ने शिवसेना से अलग होकर बीजेपी के साथ नई सरकार बना ली। एक साल बाद अजित पवार गुट एनसीपी से अलग हो गया और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल हो गया। अजीत पवार और प्रफुल पटेल के मामले भी बंद हो गए है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र के 12 प्रमुख राजनेता 25 की सूची में है, जिनमें से 11 नेता 2022 या उसके बाद बीजेपी में चले गए, जिनमें एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के चार-चार शामिल है। इनमें से कुछ मामले गंभीर हैं। किन दो मामलों में कार्रवाई जारी है 25 मामलों में से केवल दो में कार्रवाई नहीं रुकी। इनमें पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा और पूर्व टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी का है। दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी ईडी द्वारा ढील दिए जाने का कोई सबूत नहीं है। कम से कम अभी तक तो कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से इस बारे में कमेंट मांगने पर द इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। हालांकि, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की सभी जांच सबूतों पर आधारित हैं। जब भी सबूत मिलते हैं उचित कार्रवाई की जाती है। उन मामलों के बारे में पूछे जाने पर जहां आरोपी के पक्ष बदलने के बाद एजेंसी ने अपना रास्ता बदल लिया है, अधिकारी ने कहा, ‘कुछ मामलों में विभिन्न कारणों से कार्रवाई में देरी होती है। लेकिन वे खुले हैं।’ ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि उसके मामले अन्य एजेंसियों की एफआईआर पर आधारित है। अगर अन्य एजेंसियां अपना मामला बंद कर देती हैं, तो ईडी के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। फिर भी, हमने ऐसे कई मामलों में आरोपपत्र दायर किए हैं। जिन मामलों में जांच चल रही है, जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सूची में कुछ प्रमुख नाम पवारः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए प्रफुल्ल पटेलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए हिमेत बिस्वा सरमाः 2015 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए संजय सेठः 2019 में सपा से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारीः 2020 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए छगन भुजबलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुएअशोक चव्हाणः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएनवीन जिंदलः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएगीता कोड़ाः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईबाबा सिद्दीकीः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को शारदा घोटाले में क्लीन चिट शुभेदु अधिकारी इस समय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष हैं। ममता सरकार में मंत्री रहे शुभेदु से सीबीआई ने शारदा घोटाला मामले में पूछताछ की थी। टीएमसी आरोप लगाती रही है कि जब अधिकारी टीएमसी में थे तो जांच एजेंसियां उन्हें परेशान करती थी लेकिन, बीजेपी में जाते ही उन्हें क्लीन चिट मिल गई। विपक्ष को अकेले दोष नहीं देना चाहिए, खासकर तब जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने दिखाया है कि उसे खराब रिकॉर्ड वाले राजनेताओं को गले लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। दाग धोना ऐसा प्रतीत होता है कि वॉशिंग मशीन अब एक सौम्य घरेलू उपकरण नहीं रह गई है। एक तरह से कहें तो यह राजनीतिक क्षेत्र में एक उपयोगितावादी उपकरण बन गया है। भारत का विपक्ष अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को हथियार बनाने की भारतीय जनता पार्टी की प्रवृत्ति के चारे में काफी मुखर रहा है। आरोप निराधार नहीं है. 2022 में, एक अखबार की जांच से पता चला कि आश्चर्यजनक रूप से 95% राजनेता जी 2014 से प्रवर्तन निदेशालय या केंद्रीय जांच ब्यूरो के रडार पर थे, विपक्ष के थे। लेकिन, जाहिर है, उनकी दुर्दशा से बाहर निकलने का एक रास्ता है। अब उसी अखबार के नए आंकड़ों से पता चलता है कि जिन 25 विपक्षी नेताओं ने एजेंसियों की सख्ती का सामना करने के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसला किया, उनमें से 23 राहत पाने में कामयाब रहे है। तीन मामले बंद कर दिए गए हैं, जबकि 20 अन्य में कार्यवाही प्रभावी रूप से ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भाजपा की शक्तिशाली वॉशिंग मशीन पर विपक्ष का तंज, जो भगवा पार्टी में शामिल होते ही भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं के दाग … Read more

बनते बिगड़ते समीकरण..राजधानी में भाजपा-कांग्रेस के बीच बन गए कड़े मुकाबले के हालात

The equations are getting worse…conditions for a tough contest between BJP and Congress in the capital भोपाल। भोपाल का गढ़ बन चुकी भोपाल लोकसभा सीट में मुकाबला इस बार रोचक होता दिख रहा है। अब जबकि प्रचार में एक दिन का ही समय शेष है तब भाजपा के आलोक शर्मा और कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव के बीच कड़े मुकाबले के आसार बन गए हैं। वजह है जातीय और दलीय आधार पर मतदाताओं का लामबंद हो जाना। कांग्रेस के अरुण प्रारंभ में मुकाबले से बाहर दिख रहे थे लेकिन कायस्थ और मुस्लिम समाज के एकजुट हो जाने के कारण वे मुकाबले में आ गए। दलितों का बड़ा वर्ग भी कांग्रेस के अरुण के साथ नजर आ रहा है। दूसरी तरफ भाजपा भोपाल में बड़ी ताकत है ही। वह पिछले दो चुनाव साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीती है। ऐसे में उसकी पराजय के बारे में कोई कल्पना ही नहीं कर रहा था। भाजपा के पक्ष में ब्राह्मण वर्ग के साथ पिछड़े वर्ग की तमाम जातियां एकजुट दख रही हैं। स्पष्ट है कि माहौल भाजपा में पक्ष में भले हो, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं है। अरुण का फोकस गांवों में, आलोक हर जगहचुनाव प्रचार पर नजर डालने से पता चलता है कि कांग्रेस के अरुण का ज्यादा संपर्क ग्रामीण क्षेत्रों में है। यहां उन्हें व्यक्ितगत तौर पर लोग जानते हैं और अच्छा इंसान मानते हैं। हालांकि शहर के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और आरिफ मसूद उनके लिए काम कर रहे हैं। नरेला के विधानसभा प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने माेर्चा संभाल रखा है। उनके प्रयास से प्रभावी रोड शो हो चुका है। दूसरी तरफ भाजपा के आलोक का प्रचार हर जगह दिखता है। उत्तर भोपाल और भोपाल मध्य को छाेड़कर भाजपा का शेष 6 विधानसभा सीटों में कब्जा है। कांग्रेस की तुलना में भाजपा का संगठन भी हर गांव और बूथ तक मजबूत है। इसका लाभ आलोक शर्मा को मिल रहा है। नेताओं-कार्यकर्ताओं की फौज के कारण भाजपा प्रचार में आगे दिखती है। मुद्दों के मसले पर भी वह कांग्रेस पर भारी है। जातिगत समीकरण ही ऐसे हैं, जिनकी बदौलत कांग्रेस के अरुण मुकाबले में हैं। दो-दो विधानसभा सीटों में भाजपा एक अदद जीत के लिए तरस रही कांग्रेसभोपाल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस एक अदद जीत के लिए लंबे समय से तरस रही है। कांग्रेस हर तरह के प्रत्याशियों को आजमा चुकी लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी है। भोपाल में पहले स्व सुशील चंद्र वर्मा जीतते थे और उनकी जीत का अंतर कभी 1 लाख से कम नहीं रहा। उनके बाद उमा भारती और स्व कैलाश जोशी भी बड़े अंतर से जीते। जोशी दूसरा चुनाव 2009 में लगभग 56 हजार वोटों के अंतर से जीते थे। यह भाजपा की सबसे छोटी जीत थी। पिछले दो चुनाव तो भाजपा ने साढ़े 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते। जबकि कांग्रेस की ओर से मैदान में क्रमश: भोपाल के स्थानीय लोकप्रिय नेता पीसी शर्मा और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह थे। कांग्रेस ने लंबे समय बाद किसी कायस्थ पर दांव लगाया है। इस समाज के मतदाताओं की संख्या ढाई से तीन लाख बताई जाती है। भोपाल में आमतौर पर कायस्थ प्रत्याशी हारता नहीं है। इसलिए भी पार्टी इस बार जीत की उम्मीद कर रही है। हालांकि यह आसान नहीं है।

राहुल गांधी की चिठ्ठी मिलते ही सिद्धारमैया सरकार का बड़ा लिया एक्शन,JDS नेताओं के घर पहुंची SIT

Siddaramaiah government took big action after receiving Rahul Gandhi’s letter, SIT reached JDS leaders’ house कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पत्र में लिखा, ‘उनमें से कई महिलाएं, जो उसे भाई और बेटे के रूप में देखती थीं, उनके साथ भी हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखा है। इसमें जनता दल सेक्युलर के नेता प्रज्वल रेवन्ना के उत्पीड़न का शिकार हुईं पीड़िताओं को हरसंभव मदद देने को कहा गया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने सिद्धरमैया को लिखे पत्र में रेवन्ना के कृत्यों की निंदा की और उनके ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हाथ होने का आरोप लगाया। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसा जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों पर लगातार चुप्पी साधे रखी हो। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया पीड़िताओं को हरसंभव सहायता प्रदान करें।’ राहुल गांधी ने लिका, ‘वे हमारी करुणा और एकजुटता की पात्र हैं क्योंकि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई | लड़ रही हैं। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को सजा दी जाए।’ संबंधित घटनाओं को भयावह यौन हिंसा करार देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रज्वल रेवन्ना ने बीते कई वर्षों में सैकड़ों महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनका वीडियो बनाया। उन्होंने कहा, ‘उनमें से कई महिलाएं, जो उसे भाई और बेटे के रूप में देखती थीं, उनके साथ भी हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। हमारी माताओं और बहनों से दुष्कर्म के लिए सबसे सख्त सजा दिए जाने की आवश्यकता है।’ ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि…’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि दिसंबर 2023 में जी देवराजे गौड़ा ने प्रज्वल रेवन्ना की हरकतों, विशेष रूप से उनके यौन हिंसा के इतिहास और वीडियो के बारे में हमारे गृह मंत्री अमित शाह को बताया था।’ उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को इन वीभत्स आरोपों की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद मोदी ने एक बलात्कारी के लिए प्रचार किया। राहुल ने कहा, ‘इसके अलावा केंद्र सरकार ने जानबूझकर रेवन्ना को भारत से भागने दिया ताकि जांच को नुकसान पहुंचाया जा सके। इन अपराधों की प्रकृति को देखते हुए और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री का सिर पर हाथ होने से जद-एस नेता को मिले फायदे की कड़ी निंदा होनी चाहिए।’ राहुल बोले- प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘अपने 2 दशकों के जनसेवा इतिहास में मैंने कभी ऐसा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर निरंतर चुप्पी साधे रखी हो। हरियाणा की हमारी पहलवानों से लेकर मणिपुर की हमारी बहनों तक सभी भारतीय महिलाओं को ऐसे अपराधियों को प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।’ उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ना कांग्रेस का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि कर्नाटक सरकार ने इन गंभीर आरोपों की जांच के लिए SIT का गठन किया है। प्रधानमंत्री से प्रज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने व उन्हें जल्द से जल्द भारत लाए जाने का अनुरोध भी किया है।’ SIT अधिकारी पहुंचे रेवन्ना के घर इस बीच, एसआईटी अधिकारी जद (एस) नेता एचडी रेवन्ना और प्रज्वल रेवन्ना के होलेनरसीपुरा स्थित आवास पर शनिवार को पहुंचे। मालूम हो कि एचडी रेवन्ना के खिलाफ मैसूर में अपहरण का मामला भी दर्ज कराया गया है। होलेनरसीपुरा थाने में पिता-पुत्र के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर के अनुसार, बुधवार रात को एक और शिकायत दर्ज की गई। इस नए मामले में मैसुरू जिले के कृष्णराजा नगर के रहने वाले 20 वर्षीय शिकायतकर्ता ने कहा कि रेवन्ना ने उसकी मां का अपहरण कर लिया है। युवक ने कहा कि 6 साल पहले उसकी मां होलेनरसीपुरा में रेवन्ना के घर पर काम करती थीं। 3 साल पहले उन्होंने काम छोड़ दिया और अपने गृहनगर लौट आईं।

प्रज्ज्वल रेवन्ना मामले में राहुल गांधी की CM को चिट्ठी, पढ़ें

Rahul Gandhi’s letter to CM regarding Prajjwal Revanna case, read सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने प्रज्जवल रेवन्ना की आलोचना की। साथ ही मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो। कर्नाटक की राजनीति में हलचल मची हुई है। कई महिलाओं से यौन शोषण के आरोप झेल रहे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्ज्वल रेवन्ना की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा है। उन्होंने अनुरोध किया है कि पीड़ितों की हरसंभव सहायता की जाए। इस पत्र का सिद्धारमैया ने जवाब दिया है। सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाएराहुल गांधी ने कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया आप सभी पीड़ितों की हरसंभव मदद करें। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।’ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साधीसिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने दक्षिणी राज्य से सांसद रेवन्ना की आलोचना की। इसके साथ ही उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्रछाया में रहने का आरोप लगाया। मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो।उन्होंने कर्नाटक के सीएम से अनुरोध किया कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाए। गांधी ने कहा, ‘वे हमारी करुणा और एकजुटता की पात्र हैं क्योंकि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई लड़ रही हैं। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।’ कठोर से कठोर सजा देने की जरूरतगांधी ने आरोप लगाया कि रेवन्ना ने कई वर्षों तक सैकड़ों महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनका वीडियो बनाया। उन्होंने कहा कि कई लोग जो उन्हें भाई और बेटे के रूप में देखते थे, उनके साथ सबसे हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा लूट ली गई। माताओं और बहनों के साथ दुष्कर्म किए जाने के लिए कठोर से कठोर सजा देने की जरूरत है। पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि पिछले साल दिसंबर में हमारे गृह मंत्री अमित शाह को देवराजे गौड़ा ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के घिनौने कारनामों के बारे में बताया था। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा इन वीभत्स आरोपों को सामने लाए जाने के बावजूद मोदी ने एक दुष्कर्मी के लिए प्रचार किया। गांधी ने आगे कहा, ‘इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने जानबूझकर उसे भारत से भागने दिया। इन अपराधों की और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के आशीर्वाद से प्रज्ज्वल रेवन्ना को मिली छूट की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।’ मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही महिलाएंउन्होंने आरोप लगा, ‘दो दशकों में मैंने कभी ऐसा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ लगातार चुप्पी साध रखी हो। हरियाणा में हमारे पहलवानों से लेकर मणिपुर में हमारी बहनों तक भारतीय महिलाएं ऐसे अपराधियों के लिए प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही हैं। गांधी ने कहा कि कांग्रेस का नैतिक कर्तव्य है कि वह हमारी माताओं और बहनों के लिए न्याय की लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि कर्नाटक सरकार ने गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और प्रधानमंत्री से प्रज्ज्वल रेवन्ना के राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करने और उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने का अनुरोध किया है।’ सीएम सिद्धारमैया का जवाबकर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने राहुल गांधी के पत्र का जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि प्रज्जवल रेवन्ना से जुड़े मामले ने देश को बुरी तरह झरझोर दिया है। हमारी कानूनी प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए पीड़ितों को न्याय को मिलना जरूरी है। राहुल गांधी ने पत्र लिखकर पीड़ितों के लिए समर्थन पर जोर दिया है। हम निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ यह है मामलाबता दें कि 33 वर्ष के प्रज्ज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के पोते और विधायक व पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। उनके खिलाफ कई महिलाओं के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं और कई इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हो गए हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है। प्रज्ज्वल कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां 26 अप्रैल को मतदान हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जैसे ही सांसद से जुड़े वीडियो सामने आने लगे, वह वोटिंग खत्म होने के बाद वह देश छोड़कर भाग गए।

पाकिस्तान आतंकी हमले करता रहा, कांग्रेस सरकार लव लेटर भेजती रही; पीएम मोदी

Pakistan kept carrying out terrorist attacks, Congress government kept sending love letters: PM Modi पीएम मोदी ने कहा जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। एक ऐसा वक्त था जब भारत दूनियाभर में जाकर रोता था, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। झारखंड के पलामू में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब पाकिस्तान भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचता था और कांग्रेस सरकार उन्हें लव लेटर भेजती थी और अमन की आस लगाती थी। उन्होंने कहा, वो जितने ज्यादा लव लेटर भेजते थे उतने ही आतंकी पाकिस्तान से भारत में आते थे। लेकिन फिर जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। पीएम मोदी ने कहा, एक ऐसा वक्त था जब दुनियाभर में कमजोर कांग्रेस सरकारी की बात होती थी, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। आज पाकिस्तान दूनिया भर में रो रहा है और बचाओ बचाओ चिल्ला रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार में बम धमाके होते थे, आतंकवादी गोलियां चलाते थे और सरकार उन्हें प्रेम पत्र भेजती थी। उनके पास ‘अमन की आस’ थी। कांग्रेस जितने लव लेटर भेजती थी पाकिस्तान उससे ज्यादा आतंकी भेजता था। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपके एक वोट ने मुझे इतनी ताकत दी कि मैंने आते ही कहा ‘बहुत हो गया’। ये नया भारत है, ‘घर में घुस के मारता है’। सर्जिकल और बालाकोट स्ट्राइक के तमाचे से पाकिस्तान हिल गया था। उन्होंने कहा, एक समय था जब किसी आतंकी हमले के बाद कमजोर कांग्रेस सरकार की पूरी दुनिया में दुहाई दी जाती थी। अब पाकिस्तान पूरी दुनिया में रो रहा है और चिल्ला रहा है ‘बचाओ, बचाओ’। पाकिस्तान में नेता दुआ कर रहे हैं कि कांग्रेस के शहजादा पीएम बनें। लेकिन सशक्त भारत अब केवल एक मजबूत सरकार चाहता है।”

समीकरण..राजगढ़ में दिग्विजय समर्थक कान्फिडेंट, भाजपा के रोडमल से उनके कार्यकर्ता नाराज

Equation…Digvijay supporters confident in Rajgarh, their workers angry with BJP’s Rodmal. भोपाल। छिंदवाड़ा के बाद राजगढ़ दूसरी ऐसी हाई प्रोफाइल लोकसभा सीट है, जिस पर सभी की नजर है। छिंदवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कारण चर्चा में थी और राजगढ़ दिग्विजय सिंह के कारण। छिंदवाड़ा की ही तरह राजगढ़ का चुनाव भी रोचक और कड़े मुकाबले का है। छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ मैदान में हैं जबकि राजगढ़ में खुद दिग्विजय कांग्रेस प्रत्याशी। छिंदवाड़ा के लिए पहले चरण में मतदान हो चुका है जबकि राजगढ़ में तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होना है। राजगढ़ में भाजपा की ओर से सांसद रोडमल नागर फिर मैदान में हैं। दिग्विजय समर्थक सोशल मीडिया में कान्फिडेंट दिखते हैं और जीत का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा को नागर के जीत की उम्मीद है। भाजपा की तुलना में कांग्रेस की प्रचार शैली अलगराजगढ़ में भाजपा के रोडमल और कांग्रेस के दिग्वजय की प्रचार शैली में बड़ा फर्क है। दिग्विजय सिंह जब से प्रत्याशी घोषित हुए तब से ही पदयात्रा कर रहे हैं। हर दिन वे 15 से 20 किमी तक पैदल चलते हैं और रात्रि विश्राम गांव में ही करते हैं। गांव में समर्थक चंदा कर सामूहिक भोजन की व्यवस्था करते हैं और साथ बैठकर खाते हैं। इस दौरान दिग्विजय लोगों से संपर्क और बातचीत करते हैं। दिग्विजय खासतौर पर भाजपा के गढ़ों को टारगेट कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के रोडमल नागर कभी पदयात्रा करते दिखाई नहीं पड़े। वे रोड शो पर भरोसा करते हैं और एक दिन में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कह सकते हैं कि दिग्विजय की प्रचार शैली भाजपा के रोडमल की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। नाराज लोगों को भी मना रहे हैं दिग्विजय राजगढ़ क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के नेता प्रत्याशियों के लिए एकजुट नजर आते हैं। सांसद रोडमल को प्रत्यााशी बनाए जाने से लोगों में नाराजगी है। पार्टी के एक पदाधिकारी का कहना है कि कार्यकताओं को रोडमल से नाराजगी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं। इसलिए बाद में सभी लोग वोट भाजपा को ही देंगे। दिग्विजय के लिए कांग्रेस नेता भी एकजुट हैं लेकिन उनके भाई लक्ष्मण सिंह प्रचार में नहीं दिख रहे थे। खबर है कि दिग्विजय ने उन्हें मना लिया है। अब वे प्रचार में जुट गए हैं। दिग्विजय ने भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना को भी अपने पक्ष में कर लिया है। चाचौड़ा क्षेत्र में वे कांग्रेस का काम कर रही हैं। बता दें, कि विधानसभा में टिकट न मिलने से ममता ने भाजपा छोड़ दी थी और आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। उन्हें लगभग 27 हजार वोट मिले थे। ममता के कांग्रेस के पक्ष में आने का लाभ दिग्विजय को मिल सकता है। राजगढ़ में इसलिए मुकाबला कड़ा लोकसभा के इस चुनाव में राजगढ़ में मुकाबला कड़ा दिख रहा है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का गृह क्षेत्र है। वे यहां से सांसद रह चुके हैं और विधायक के साथ 10 साल तक मुख्यमंत्री। इस नाते क्षेत्र में उनके पास अच्छी टीम है और अच्छा संपर्क भी। कांग्रेस एकजुट है ही। दिग्विजय की इस टीम का मुकाबला सरकार, संघ और भाजपा के बड़े संगठन से है। संघ और दिग्विजय एक दूसरे के पसंदीदा हैं। इसीलिए दिग्विजय को हराने के लिए सरकार और भाजपा संगठन के साथ संघ ने भी पूरी ताकत झोंक रखी है। दिग्विजय को राम द्रोही और मुस्लिम तुष्टिकरण का अगुवा बताया जा रहा है। जवाब में दिग्विजय खुद को सबसे बड़ा सनातनी बता रहे हैं। दिग्विजय यह भी कहते हैं कि भाजपा राम के नाम पर वोट मांगती है। उसका सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। राजगढ़ की जय-पराजय इस मुद्दे पर जनता का फैसला माना जाएगा। अमित शाह ने विधायकों को दिया यह ऑफरजैसे कमलनाथ ने छिंदवाड़ा किसी बड़े कांग्रेस नेता को नहीं बुलाया था, उसी तरह दिग्विजय भी राजगढ़ में अकेले अपनी टीम के साथ प्रचार कर रहे हैं। आज जरूर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजगढ़ के जीरापुर में दिग्विजय के समर्थन में सभा की है और कल शनिवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आ रहे हैं। भाजपा की ओर से लगभग हर प्रमुख नेता पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कई बार जा चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन कुछ क्षेत्रों में प्रचार के लिए गए हैं, उनमें राजगढ़ शामिल है। भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह भी राजगढ़ होकर गए हैं। उन्होंने मंच से ही विधायकों को ऑफर दिया कि जिनके क्षेत्र का परफारमेंस अच्छा होगा, आने वाले समय में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। शाह के इस ऑफर के बाद पार्टी के सभी 5 विधायक रोडमल के लिए प्राण-प्रण से जुट गए हैं। भाजपा- कांग्रेस के बीच जातियो का बंटवारालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और तंवर समाज के हैं। ये आमतौर पर भाजपा के साथ रहते हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। इनकी भी स्थित वही है। हालांकि दिग्विजय के कारण हर समाज मे बंटवारा देखने को मिल रहा है। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। कांग्रेस और भाजपा ने जातिगत आधार पर नेताओं को मैदान में उतार रखा है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के बीच बंटी दिखाई पड़ रही हैं। ऐसे में यह कहना कठिन है कि आखिर, जीत किसके पाले बैठेगी।

लोकसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस का जनता को गारंटी पत्र, जाने क्या?

Lok Sabha Elections 2024: Congress’s guarantee letter to the public, know what? कांग्रेस की गारंटी युवा न्याय नारी न्याय किसान न्याय श्रमिक न्याय हिस्सेदारी न्याय 1.गिनती करो – सामाजिक व आर्थिक समानता के लिए हर व्यक्ति, हर वर्ग की गिनती2.आरक्षण का हक – संवैधानिक संशोधन द्वारा 50% सीमा हटाकर SC/ST/OBC को आरक्षण का पूरा हक3.⁠SC/ST सब प्लान की कानूनी गारंटी – जितनी SC/ST जनसंख्या, उतना बजट; यानी ज़्यादा हिस्सेदारी4.जल-जंगल-ज़मीन का क़ानूनी हक़ – वन अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फैसला5.अपनी धरती, अपना राज – कांग्रेस उन बस्तियों को अनुसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित करेगी जहां आदिवासी सबसे बड़ा सामाजिक समूह हैं

आप सभी अवैध खनन करों हम तुम्हारे साथ है, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, विडियो वायरल

All of you do illegal mining, we are with you, Agriculture Minister Aidal Singh Kansana, video goes viral MP के मंत्री कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। ग्वालियर चंबल अंचल में लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना चुनावी पंचायत में कथित तौर से लोगों से कह रहे हैं कि चुनाव के बाद न तो किसी का पत्थर का ट्रैक्टर पकड़ा जाएगा न रेत का। अगर किसी का ट्रैक्टर पकड़ा जाए तो मुझे फोन करना, मेरी जवाबदारी है। कंसाना एक वायरल वीडियो में ये सब कहते दिख रहे हैं। वीडियो नूराबाद क्षेत्र स्थित करह धाम मंदिर परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में वे लोगों से कह रहे हैं, ‘हमें मालूम है कि हमारे लोग धंधा करते हैं। पत्थर का, रेत का ये अपराध नहीं है। अगर इसको नहीं करेंगे तो हमारे समाज के लोग, रिश्तेदार गलत काम यानी चोरी- चपाटी में चले जाएंगे। उससे हमारे समाज की बदनामी होगी, बच्चों की जिंदगी खराब होगी।’ कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि चंबल रेत माफियाओं के लिए पूरे प्रदेश भर में जाना जाता है। सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बावजूद भी यहां पर आज तक सरकार से लेकर प्रशासन अवैध उत्खनन को नहीं रोक पाया है और जिस अधिकारी ने इन माफिया को रोकने की कोशिश की है उसे मौत के घाट उतार दिया गया है। मुरैना में लगातार बढ़ रहे अवैध उत्खनन को लेकर सबसे ज्यादा आवाज कृषि मंत्री कंसाना पर लगाते रहे हैं और विपक्ष भी लगातार इन्हीं पर आरोप लगाता रहा है। ऐसे में कृषि मंत्री कंसाना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और विपक्ष को इस चुनाव में एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

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