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देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करेंगे, सीएम. 

Chief Minister will participate in the country’s renowned music festival. ग्वालियर । देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ग्वालियर आएंगे। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सोमवार को ही भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का जन्मदिन भी है। इसे लेकर महाराज बाड़े पर गौरव दिवस का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। वह तानसेन संगीत समारोह में इस साल के तानसेन अलंकरण के लिए पंडित गणपति भट्ट हासणगि को सम्मानित करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री किले पर जाएंगे जहां तबला वादक रिकॉर्ड के लिए एक साथ 1650 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे ।कलेक्टर ने रविवार को तानसेन समारोह महाराज वाडा़ और मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थलों का दौरा किया और आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से इंटक मैदान में रात को रिचा शर्मा के प्रोग्राम में संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर का हिस्सा लिया। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी तानसेन संगीत समारोह को यादगार बनाने के लिए शहर वासी बड़ी संख्या में यहां पहुंचेंगे।

आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत,सशक्त भारत के सशक्त कानून

The beginning of the era of self-reliance, empowered laws for a strong India. विष्णुदत्त शर्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के दोनों सदनों में आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार के तीन विधेयक प्रस्तुत किये एवं दोनों सदनों में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित होने के पश्चात् एक नए युग की शुरुआत हो गयी है। (1) भारत में अब भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 जो आईपीसी, 1860 को प्रतिस्थापित करेगा। (2 ) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 जो सीआरपीसी, 1898 को प्रतिस्थापित करेगा। (3) भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 जो साक्ष्य अधिनियम, 1872 को प्रतिस्थापित करेगा। इन विधेयकों की शुरूआत ऐसे समय में हुई है जब विश्व तेजी से तकनीकी प्रगति, सामाजिक परिवर्तन और विकसित हो रहे वैश्विक मानकों को देख रहा है। ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए मौजूदा कानूनों कि अक्सर पुराने होने और समकालीन जरूरतों के अनुरूप नहीं होने के कारण आलोचना की जाती रही है। नए कानून 21वीं सदी के साथ कानूनी प्रणाली को संरेखित करने की मोदी सरकार कि मंशा को दर्शाते हैं, जिसमें नागरिक-केंद्रित कानूनी संरचनाओं, लिंग तटस्थता, डिजिटल परिवर्तन और सजा के बजाय न्याय पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है। इन परिवर्तनकारी कानूनी सुधारों का उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को नया आकार देना, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और न्याय के कुशल प्रशासन को सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एव हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प शक्ति का परिणाम था कि सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद इन कानूनों को लाया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के नाम अपने सम्बोधन में कहा था कि “ये समय गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर, अपनी विरासत पर गर्व करने का है“ और आजादी के अमृतकाल में भारत ने संकल्प लिया है कि उन सभी गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति पाना है। वास्तव में भारत की प्राचीन सभ्यता में अपराधियों को दंड देने के बजाय पीड़ित को न्याय देने का प्रचलन था किन्तु औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों ने अपनी सत्ता स्थायी रखने के उद्देश्य से भय प्रस्थापित करने हेतु दंड को प्राधान्य दिया था। इन कानूनों के प्रमुख प्रावधानों में राजद्रोह को निरस्त कर देशद्रोह को स्थापित करना, मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक नया प्रावधान, नाबालिगों के बलात्कार के लिए मृत्युदंड, आतंकवाद की परिभाषा और छोटे अपराधों के लिए पहली बार सामुदायिक सेवा को दंड के रूप में सम्मिलित किया है। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, हत्या और राज्य के खिलाफ अपराधों को प्राथमिकता दी गई है। अलगाववादी गतिविधियों या भारत की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाले कृत्यों पर नए अपराध जोड़े गए हैं। मुख्यतः यह विधेयक मानव केंद्रित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे और अब लोगां को “तारीख पर तारीख“ से मुक्ति मिलेगी। यह नए कानून भारतीय आत्मा से ओत-प्रोत हैं और इनका उद्देश्य संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और न्याय प्रदान करना है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयकों की शुरूआत भारत की कानूनी प्रणाली के लिए अत्यधिक महत्व रखती है जिससे निम्नलिखित संकल्प पूर्ति का लक्ष्य है – आधुनिकीकरणः यह कानून औपनिवेशिक विरासत से प्रस्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे प्रावधान प्रस्तुत करते हैं जो समकालीन सामाजिक मूल्यों और तकनीकी प्रगति को दर्शाते हैं। डिजिटल अपराधों और साक्ष्यों को मान्यता देकर, नए कानून 21 वीं सदी की वास्तविकताओं को दर्शाते हैं, जिससे भारत की कानूनी प्रणाली का आधुनिकीकरण होता है। दक्षताः कानूनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और डिजिटल साक्ष्य को मान्यता देकर, इन कानूनों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाना, देरी को कम करना और त्वरित न्याय को सुनिश्चित करना है। नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोणः नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और जीवन में सुगमता सुनिश्चित करने पर जोर देने के साथ ही इनका लक्ष्य दंड से न्याय पर लक्ष्य केंद्रित करना है। वैश्विक मानकों के अनुरूपः यह आपराधिक न्यायिक प्रणाली के सुधार भारत की कानूनी प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम क़ानूनी प्रथाओं के अनुरूप हैं। गौरतलब है आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार की यह प्रक्रिया वर्ष 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा शरू की गई जिसमें विभिन्न हितधारकों से इस संदर्भ में सुझाव मांगे गए। गृह मंत्री जी ने सितम्बर 2019 में सभी राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों/प्रशासकों को पत्र लिखा था। जनवरी 2020 में भारत के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, बार काउंसिलों और विधि विश्वविद्यालयों और दिसम्बर 2021 में संसद सदस्यों से भी सुझाव मांगे गए। बीपीआरडी ने सभी आईपीएस अधिकारियों से सुझाव मांगे। मार्च 2020 को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की गई जिसे कुल 3200 सुझाव प्राप्त हुए थे। साथ ही 18 राज्यों, 06 संघ राज्य क्षेत्रों, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, 16 उच्च न्यायालयों, 27 न्यायिक अकादमियों-विधि विश्वविद्यालयां, पुलिस बलों ने भी अपने सुझाव दिए है। गृह मंत्री अमित शाह ने 158 व्यक्तिगत बैठकें की, तत्पश्चात इन सुझावों पर गृह मंत्रालय में गहन विचार-विमर्श किया गया और इसी के परिणाम स्वरूप यह तीन कानून बने हैं। हम यह कह सकते हैं कि सरकार ने व्यापक चर्चा उपरांत जनआकांक्षाओं का सम्मान कर इन कानूनों को लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पिछले साढ़े 9वर्षों में, हमारी संस्थाओं और प्रणालीगत कानूनों को पुनर्जीवित करने के मिशन पर कार्य रही है, जो 19 वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन और उनके प्रतिनिधियों द्वारा हमारे प्राचीन सभ्यतागत सोच विचार को ब्रिटिश शासन के अधीन एवं राज्य चलाने के उद्देश्य से बनाये गए थे। निश्चित रूप से यह नए कानून हमारी कानूनी आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत है एवं इन कानूनों के पारित होने का सुखद अनुभव वास्तव में हमें दासता से मुक्ति का बोध कराता है। नोट – लेखक भाजपा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंच रही गांव-गांव

Developed India Sankalp Yatra reaching every village ग्यारसपुर ! जनपद ग्यारसपुर की ग्राम पंचायत पथरई, इमलावदा मे विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंची जहां पर ग्रामीणों को केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी गई जिसमें सरकारी विभागों के कर्मचारियों अधिकारियों के द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं से वंचित परिवारों के आवेदन लिए गए उनके नाम जोड़े गए , यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया जिसमें जीते हुए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, पथरई ग्राम पंचायत में छोटी-छोटी छात्राओं के द्वारा मतदाता जागरूकता नुक्कड़ नाटक का भी प्रदर्शन किया गया जिसमें सभी अतिथियों के द्वारा उनकी सराहना की गई । इमलावदा मैं बुजुर्ग दादा के द्वारा नृत्य किया गया । ग्राम पंचायत का 100% ऑनलाइन रिकॉर्ड राजस्व का किया गया जिसके चलते ग्राम पंचायत इमलावदा को अभिनंदन पत्र दिया गया, कार्यक्रम में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मीणा प्रताप सिंह रघुवंशी, लक्ष्मण सिंह रघुवंशी, मुन्नालाल रघुवंशी, रामनारायण रघुवंशी, रामशरण सिंह रघुवंशी, बरेलाल लोधी, विजय कुमार जैन, गोविंद सिंह रघुवंशी, संजय सिंह रघुवंशी, नीरेंद्र दांगी स्थानीय सरपंच मनोज रघुवंशी, संजीव रघुवंशी, समग्र सुरक्षा अधिकारी महेश कुशवाहा नोडल अधिकारी शानू जैन सचिव कौशल कुमार जैन नर्मदा प्रसाद श्रीवास्तव, रोजगार सहायक सरिता रघुवंशी, रविंद्र मेटोलिया, मुख्यमंत्री जन सेवा मित्र सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे ।

हुकुमचंद मिल मजदूरों को 25 दिसंबर को मिलेगी राहत राशि, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Hukumchand Mill workers will receive relief funds on December 25, says Chief Minister Dr. Mohan Yadav. इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित होगा कार्यक्रम। लंबित देनदारियों के भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 25 दिसंबर को इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 464 करोड़ रुपये की राशि वितरण करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस पर इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित हितलाभ वितरण के इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और इस कार्यक्रम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मजदूरों को संबोधित करेंगे पीएम मोदीयहां पर यह बता दें कि हुकुमचंद मिल के मजदूरों की 30 साल से देनदारियां बकाया हैं। देनदारियों के इस भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशि सीधे मजदूरों को ही मिले। इस संदर्भ में उन्होंने मजदूर संघों से बात करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश की अन्य बंद मिलों और उनके मजदूरों को होने वाले भुगतान की लंबित जानकारी भी तलब की।

हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया

The vehicle carrying ‘Modi’s Guarantee’ reached Mundla village of Huzur Assembly, हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया 2047 तक विकसित भारत केवल मोदी जी का सपना नहीं, जन-जन का संकल्प है। – विधायक रामेश्वर शर्मा 2047 में विकसित भारत का संकल्प हर राष्ट्रप्रेमी के लिए मिशन की तरह है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के माध्यम से मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजनाओं से जोड़ रही है। भोपाल की हुजूर विधानसभा में भी विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव में मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी पहुंची। यहां विधायक रामेश्वर शर्मा ने विकसित भारत के संकल्प लेकर स्थानीय नागरिकों को संबोधित किया। इस दौरान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े अधिकारियों ने भी स्टॉल लगाकर नागरिकजनों का विभिन्न योजनाओं में पंजीयन कराया। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तारतम्य में मुण्डला के नागरिकों को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हम सभी देशवासियों को आज गर्व होता है कि हमारे देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में है, जिसका लोहा पूरा विश्व मानता है। पूरे विश्व में सर्वाधिक लोकप्रियता की बात हो या देश के हर गरीब की चिंता करने की बात हो, प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी सदैव अग्रणी रहते हैं। अपने प्रधानमंत्री काल में मोदी जी ने जो जो वादे किए थे वे सब आज गारंटी बन गए हैं। चाहे आवास हो या उज्ज्वला, आयुष्मान हो या अन्न योजना जैसे अनेकों कल्याणकारी प्रयास, मोदी जी हर क्षेत्र में देश के नागरिकों की सेवा और सुविधा में तत्पर रहते हैं। इसलिए आज देश के जन-मन को मोदी जी की हर गारंटी पर भरोसा है। इसी भरोसे और दृढ़ करने के लिए देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। जिसके माध्यम से समाज के हर वर्ग को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह मोदी जी हर नागरिक को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं उसी तरह हम सब भी 2024 में पुनः मोदी जी को सशक्त बनाएंगे। ताकि जनकल्याण के साथ राष्ट्रीय गौरव भी निरंतर बढ़ता रहे। विकसित भारत के लिए योगदान देने की शपथ दिलाईविधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में पहले मुण्डला गांव के रहवासियों को विकसित भारत के संकल्प से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने नागरिकों को विकसित भारत बनाने के लिए अपना योगदान देने की शपथ दिलाई। विधायक शर्मा ने कहा कि भारत तभी 2047 के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा जब हम सब इसके लिए आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

मोहन सरकार का टारगेट लोकसभा 29-0 कैंपेनिंग जल्द शुरू करेगी बीजेपी

Mohan government’s target is Lok Sabha 29-0; BJP will start campaigning soon भोपाल ! मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी इस बार भी पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी। साथ में होंगे सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा। बीजेपी प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने का टारगेट लेकर चुनाव में उतरेगी। यानी बीजेपी 29-0 से क्लीन स्वीप करने कैपेनिंग करेगी। यहां बता दें, इससे पहले के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान प्रमुख चेहरा थे। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 29 लोकसभा सीटों में 28 पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को केवल छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर हार मिली थी। यह सीट कमलनाथ का गढ़ है, जहां से उनके बेटे नकुलनाथ जीते थे। बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी मप्र की 29 लोकसभा सीटों के लिए बीजेपी ने मंथन शुरू कर दिया है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से नए काम दिए जा रहे हैं। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जीत के लिए पांच पॉइंट में अपनी रणनीति तैयार की है और लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इन 5 पॉइंट से समझें बीजेपी की तैयारी 51 प्रतिशत वोट का टारगेट लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने राज्य में 51 फीसदी वोट का टारगेट तैयार किया है। बीजेपी इसके लिए प्लान कर रही है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 48.55 फीसदी था। अब बीजेपी लोकसभा चुनाव में 51 फीसदी वोट शेयर का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। हारे हुए बूथों पर फोकस विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटों पर जीत मिली है। बीजेपी को विधानसभा चुनाव में जिन बूधों पर पार्टी की हार हुई है। उसे देखते हुए बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है। हारे हुए बूथ के कार्यकर्ताओं से बीजेपी संगठन जल्द मीटिंग करने की योजना बना रहा है। हारी हुई सीटों पर अलग तैयारी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जिन विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। वहां, पार्टी अलग तरह की रणनीति बना रही है। बीजेपी यहां नए नेताओं को जिम्मेदारी दे सकती है। इसके लिए नेताओं की लिस्ट तैयार की जा रही है। फिलहाल अभी किसी नेता को इसके लिए जिम्मेदारी नहीं दी गई है।हर माह तय होंगे कार्यक्रम लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने हर महीने बूथ स्तर पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्लानिंग कर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से आम लोगों तक केंद्र सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाएगा। उन योजनाओं पर फोकस किया जाएगा जिसमें आम लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। नई जोड़ी ने थमाई जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने बीजेपी विधायक दल की बैठक की थी। इस बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। सीएम और वीडी शर्मा की नई जोड़ी ने विधायकों को लोकसभा चुनाव के लिए टारगेट दिए हैं। सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट प्रतिशत बढ़ाने का टारगेट दिया गया है।

पीएम जन मन योजना का मुख्य उद्देश्य पीवीटीजी समूहों को संपूर्ण रूप से सशक्त बनाना: शम्मी आबिदी

The main objective of PM Janman Yojana is to empower PVTG groups as a whole: Shammi Abidi विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर।  प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना के क्रियान्वयन हेतु आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नया रायपुर के ऑडिटोरियम में आज दो दिवसीय प्रशिक्षण सह-कार्यशाला प्रारंभ हुई। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की आयुक्त  शम्मी आबिदी ने प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूहों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास कर उन्हें राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल करना है।उल्लेखनीय है कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों- बैगा, बिरहोर, अबुझमाड़िया, कमार एवं पहाड़ी कोरवा के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए 15 नवंबर 2023 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना प्रारंभ की गई है। इस संबंध में भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय से प्राप्त निर्देश अनुसार राज्यों को विस्तृत कार्य योजना बनाकर इनके समुचित विकास हेतु आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।आयुक्त  शम्मी आबिदी ने बताया कि योजना अंतर्गत 9 केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाना है। इन गतिविधियों में पक्के घर का प्रावधान, पक्की सड़क, नल से जल, समुदाय आधारित पेयजल, छात्रावासों का निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पोषण, बहुउद्देशीय केन्द्रों का निर्माण, घरों का विद्युतीकरण (ग्रिड तथा सोलर पावर के माध्यम से), वनधन केन्द्रों की स्थापना, इंटरनेट तथा मोबाइल सर्विस की उपलब्धता और आजीविका संवर्धन के लिए कौशल विकास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों का संपूर्ण विकास करना ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। इन सभी गतिविधियों का क्रियान्वयन मिशन मोड में तीन वर्ष की अवधि में पूर्ण कर सभी बसाहटों को आवश्यकतानुसार अधोसरंचनात्मक रूप से सुदृढ़ बनाना है।प्रशिक्षण सह-कार्यशाला में आज प्रदेश के इन पीवीटीजी समुदायों, एनजीओ एवं विभागीय अधिकारियों सहित 198 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से  इतवारी राम बैगा,  दुरली बाई बैगा,  सुकचंद नेताम,  बेंदाराम बिरहोर,   मनकुमार,   कोलू मेरामी आदि शामिल थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों के साथ की वीसी : प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

Chief Minister Vishnu Dev Sai VC with Collectors: Give top priority to the works of Pradhan Mantri Awas Yojana पहली कैबिनेट बैठक में ही हुआ था 18 लाख आवास बनाने का निर्णय। कानून-व्यवस्था और राजस्व मामलों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश।जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश। विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय शुक्रवार को  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों से पहली बार मुखातिब हुए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की सूची जल्द तैयार करने के निर्देश दिए ताकि शीघ्र ही इनका निर्माण किया जा सके। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अपराध पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई करने को कहा। श्री साय ने राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण भी तेजी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फौती, जाति प्रमाण पत्र, सीमांकन और नक्शा दुरूस्तीकरण जैसे कामों को लेकर जनता से किसी भी तरह की शिकायत नहीं आनी चाहिए। बिना किसी लेन-देन के लोगों के काम तेजी से होने चाहिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नालियों और गलियों की साफ-सफाई पर विशेष जोर देने को कहा। उप मुख्यमंत्री  अरूण साव और विजय शर्मा तथा मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य में नई सरकार के गठन होते ही 18 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास देने और 12 लाख किसानों को दो वर्ष के बकाया बोनस की राशि देने का बड़ा फैसला लिया गया है। उन्होंने आवास के लिए पात्र सभी लोगों की सूची तत्काल तैयार करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए। श्री साय ने आगामी 25 दिसम्बर को प्रदेश में मनाए जाने वाले सुशासन दिवस की तैयारी के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सभी कलेक्टरों के साथ प्रदेश में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इससे बचाव और रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना के संभावित लक्षण वाले लोगों के सैम्पल की जांच प्रतिदिन ज्यादा-ज्यादा से संख्या में करने को कहा। उन्होंने कोरोना के इलाज के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की जांच के लिए अस्पतालों में मॉक-ड्रिल भी करने को कहा। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सभी कलेक्टरों से कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी होनी चाहिए। प्रदेशवासियों को किसी भी तरह की तकलीफ न हो। शासन की हर योजना लोगों तक अच्छे तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी योग्यता और क्षमता का उपयोग जनता के हित में करें। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावी होने के बाद से रूके हुए कार्यों पर विशेष ध्यान दें। लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर आप लोग नई ऊर्जा और उत्साह से काम करेंगे, ऐसी अपेक्षा मैं करता हूं। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने वीसी में कहा कि सरकार गठन के शुरूआती आठ दिनों में ही राज्य में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। शासन और प्रशासन को मिलकर इन फैसलों का लाभ लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर को सुशासन दिवस के बाद 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस मनाया जाना है। वीर बाल दिवस के माध्यम से बच्चों में वीरता का भाव जगेगा। उन्होंने कलेक्टरों को इसकी तैयारी के निर्देश दिए।  स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के विशेष सचिव अय्याज फकीर तम्बोली, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक  जयप्रकाश मौर्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक  भोस्कर विलास संदिपान, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  चंद्रकांत वर्मा और आईडीएसपी के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेद्र गहवई भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में उपस्थित थे।

142 सांसदों के निलंबन के विरोध में, जिला कांग्रेस कमेटी कटनी द्वारा धरना और फूका पुतला.

In protest against the suspension of 142 MPs, a district Congress committee staged a demonstration and burnt an effigy. कटनी, संवाददाता, सहरा सामाचारकटनी। संसद के सुरक्षा में चूक मामले पर सवाल पूंछनें और सदन में गृहमंत्री के वक्तव्य की मांग करने पर भाजपा सरकार द्वारा लोकसभा एवम राज्यसभा से 142 सांसदों का अलोकतांत्रिक तरीके से निलंबन लोकतंत्र पर तानाशाही के हावी होने का प्रमाण है।लोकतंत्र बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी कटनी शहर एवं ग्रामीण के तत्वाधान में समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया।इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष विक्रम खम्परिया ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से लोकतंत्र को तार-तार कर संसद के दोनों सदनों से विपक्ष के 142 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है जो लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार हुआ है जो देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है इनके निलंबन को बहाल कर लोकतंत्र के ऊपर हो रहे ऐसे घिनौनी कृत को रोकने की मांग कांग्रेस करती है lजिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा विपक्ष के आवाज को कुचलने का जो कार्य किया जा रहा है यह देश के प्रत्येक नागरिक के हक अधिकार के विरुद्ध है,लोकतंत्र पर अब के इतिहास में सबसे बड़ा कुठारा घात है l कांग्रेस पार्टी ऐसा कतई होने नहीं देगी हम सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता ऐसे ही विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे l विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश जैन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता के हित और देश हित के लिए आवाज उठाना नहीं छोड़ेंगे जरूरत पड़ी तो देश एवं प्रदेश की कांग्रेस कमेटी के एक आवाज पर एकजुट होकर आगे और जोरदार प्रदर्शन हम लोग करेंगे।जिला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष इंजी यदुवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या कर केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा जो यहां विपक्ष की आवाज को दबाने का कार्य किया जा रहा है इससे सपा डरने वाली नहीं है हम सड़कों पर जनता के बीच उनके अधिकार के लिए लड़ाइयां लड़ते रहेंगे।प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र मिश्र ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देशहित के लिए कार्य किया है जनता के हक अधिकार के लिए कार्य की है और देश हित के लिए हम सभी एकत्रित होकर लड़ाईया लड़ेंगे lजिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंशु मिश्रा ने कहा कि आज इस भ्रष्ट भाजपा सरकार का जो चरित्र सामने आ रहा लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले दृश्य पर जिसने जनता की आवाज उठाने वाले विपक्ष के 142 सांसदों का निलंबित किया जाना लोकतंत्र पर कुठाराघात हमला किए जाने का प्रमाण है जिसका जिला युवा कांग्रेस घोर निन्दा करती है। जिला महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि देश हित में लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज बुलंद करती है आगे भी जरूरत पड़ी तो आम जनता के हक अधिकार के लिए आवाज बुलन्द करते हुए उग्र आंदोलन भी करेंगे।इस अवसर पर मप्र कांग्रेस शिक्षा एवं शिक्षक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी प्रदेश महामंत्री राकेश जैन कक्का राजा जगवानी देवीदीन गुप्ता डॉ बीके तोमर शशि शेखर भारद्वाज ने भी धरना में संबोधन दिया।धरने के उपरांत देश की सत्ता में बैठकर देश के लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा का पुतला जलाया गया। सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे

कांग्रेस में हलचल तेज़, लोकसभा चुनाव के लिए बनी, कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी.

There is a buzz in the Congress, as a manifesto committee has been formed for the Lok Sabha elections. नई दिल्ली ! MP से ओमकार सिंह मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी ! लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां !एआईसीसी ने लोकसभा इलेक्शन के लिए घोषणा पत्र कमेटी का किया गठन !मध्य प्रदेश से विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मिली जगह !वहीं पी चिदंबरम को कमेटी का चेयरमैन और छत्तीसगढ़ से टीएस सिंहदेव को बनाया संयोजक !देखिए सूची…पी. चिदंबरम – अध्यक्ष, टी.एस. सिंहदेव – संयोजक , सिद्धारमैया , प्रियंका गांधी वाड्रा , आनंद शर्मा , जयराम रमेश , डॉ. शशि थरूर , गायखंगम , गौरव गोगोई , प्रवीण चक्रवर्ती , इमरान प्रतापगढ़ी ,के. राजू , ओमकार सिंह , मरकाम , रंजीत रंजन , जिग्नेश मेवाणी , गुरदीप सप्पल

मोहन कैबिनेट जल्द लेंगा शपथ , दिल्ली दरबार बैठक सम्पन्न

The Mohan Cabinet will soon take the oath, and the Delhi meeting has concluded. नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल की सारी अड़चनें दूर कर ली गई। मंत्रियों की लिस्ट को शुक्रवार रात अंतिम रूप दे दिया गया। फार्मूले के तहत तीन बार मंत्री रहे चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा। इस बार ऐसे विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जो तीन या पांच बार विधायक बने पर कभी मंत्री नहीं बन पाए। जानकारी के मुताबिक 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल शपथ लेगा। मंत्रियों की संख्या भी शायद 20 से ज्यादा नहीं होगी। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री की तरह मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को शामिल करना चाहता है। यही कारण है कि तीन से पांच बार विधायक बनने के बाद भी मंत्री नहीं बन सके चेहरों को इस बार मौका देना तय किया गया। अपनी दो दिन की दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से मुलाकात की। बताते हैं कि सिंधिया से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। हाईकमान के साथ हुई बैठक में डॉ मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की लिस्ट को अंतिम रूप दिया। संभावना है कि 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार होप्नाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल शपथ में अधिक विलंब नहीं किया जाएगा। क्योंकि, फिर सभी सांसदों और विधायकों को नरेंद्र मोदी की संकल्प यात्रा के साथ जनता के बीच जाना है। ऐसे में केबिनेट गठन में देरी नहीं की जा सकती। भाजपा हाईकमान ने तय किया है कि मंत्रिमंडल का विस्तार 23 या 24 दिसंबर को कर ही दिया जाए। अभी करीब 20 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें ज्यादातर कैबिनेट और कुछ को राज्य मंत्री बनने का मौका मिलेगा। इनके मंत्री बनने की संभावना डॉ मोहन यादव ने जिन संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की उनमें सभी गुटा, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई। इसके अलावा सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा चुनावों को देखते हुए भी किया गया है। इसके तहत हर लोकसभा क्षेत्र से कम से कम एक विधायक को मंत्री बनने की कोशिश की गई। जिन नामों पर मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई उनमें विश्वास सारंग, रमेश मेंदोला (या मालिनी गौड़), इंदरसिंह परमार, निर्मला भूरिया, मंजू दादू, एदल सिंह कंसाना, कुंवर टेकाम, संपतिया उइके, ओमप्रकाश धुर्वे, रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, अंबरीश शर्मा गुड्डू, बृजेंद्र यादव, नीना वर्मा, भगवानदास सबनानी, राकेश सिंह, राजेश सोनकर, रीति पाठक, राजकुमार मेव, दिव्यराज सिंह, ललिता यादव, प्रदीप लारिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, देवेंद्र कुमार जैन, प्रियंका मीणा के नाम शामिल हैं। इनमें से भी कुछ नाम बाहर हो सकते हैं। बड़े नामों पर ये हुआ फैसला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय को मंत्रिमंडल में शामिल न करके उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया है। यह काम भी मंत्रिमंडल गठन के साथ ही होगा। वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा। राकेश सिंह और रीति पाठक को मंत्री बनाया जा रहा है, जबकि, प्रहलाद पटेल को फिर लोकसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। नरेंद्र तोमर को पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा चुका है।

शहर में आवारा कुत्तों की धमक, प्रशासन, निगम लाचार

Threat of stray dogs in the city, administration, corporation helpless दहशत में लोगों ने सुबह-शाम टहलना छोड़ा। स्कूली बच्चों से लेकर साइकिल व बाइक वालों पर झपटते हैं श्वान। 3500 मामले हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।2014-15 से कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा।1 लाख 80 हजार श्वानों की अब तक हुई नसबंदी। 60 हजार करीब श्वान नसबंदी के लिए बचे। इंदौर। ऐसा लगता है, मानो नगर निगम और प्रशासन ने इंदौर को आवारा कुत्तों के हवाले कर दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हद तो यह कि बीते कुछ ही दिनों में शहर में डाग बाइट अर्थात कुत्तों द्वारा बच्चों या लोगों पर हमला करने, उन्हें काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिमाह औसतन 3500 ऐसे मामले हो रहे हैं, जिनमें किसी व्यक्ति, बच्चे या महिला को कुत्ते ने काटा हो। यह बहुत भयावह आंकड़ा है। लोगों ने कुत्तों की दहशत के कारण सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे दहशत में हैं। बाइक सवारों पर कुत्तों के झपटने और उन्हें गिरा देने के मामले भी लगातार हो रहे हैं। इसके बावजूद निगम आयुक्त, महापौर और कलेक्टर नींद में हैं तथा कुत्तों के इस आतंक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।देश के सबसे स्वच्छ शहर की टांग पर इन दिनों आवारा कुत्तों के दांत गड़े हुए हैं और इन कुत्तों के सामने नगर निगम, प्रशासन, जनप्रतिनिधि…सब मानो असहाय हो गए हैं। दरअसल, कुछ दिनों से शहर में डाग बाइट के मामले अचानक तेजी से बढ़ गए हैं। महालक्ष्मी नगर, निपानिया क्षेत्र में तो ऐसे-ऐसे केस हो रहे हैं कि लोगों ने डर के मारे सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।शाम होते ही बच्चों को घरों में कैद कर दिया जाता है। कोचिंग के लिए बच्चों को साइकिल से भेजने के बजाय पालक उन्हें कार से छोड़ने जा रहे हैं। इधर, नगर निगम के जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब है कि श्वानों की नसबंदी कराकर हम उन्हें कैद में नहीं रख सकते, उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समाधान निकालना ही होगा।

चार महीने के सरकारी खर्च और योजनाओं की गति के लिए मोहन सरकार लेकर आएगी लेखानुदान.

Mohan government will bring in an audit for the government expenditures and the pace of schemes for the last four months. भोपाल। भाजपा सरकार की 8 महीने में चलाई गई शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं में कटौती की जाएगी। इसके पीछे का कारण है कि अक्टूबर तक का बजट सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है। अब नई सरकार के सामने चुनौती है की योजनाओं को गति दी जाए और विकास कार्य के प्रोजेक्ट भी पूरे किया जाए। इसके लिए सरकार लेखा अनुदान लेकर आएगी। नए साल में आने वाले 4 महीने के लिए मोहन सरकार पुनरीक्षित बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। वित्त विभाग में संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें जल्द से जल्द वित्तीय बजट साल 2023 24 में की गई घोषणाओं के मुताबिक खर्च की जानकारी देनी होगी। किन योजनाओं में कितना पैसा खर्च हो चुका है। इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही लाडली बहना गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित तमाम योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था बचे हुए फंड से की जाएगी।वही संकल्प पत्र के वचन के मुताबिक योजनाओं को गति देने के लिए भी राशि की सरकार के पास जरूरत है। इस बात का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आखिर सरकार विकास कार्यों के लिए कितना चार महीने के लिए बजट जारी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर 100 करोड रुपए किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करती है। अगर वित्तीय स्थिति प्रोजेक्ट के मुताबिक बेहतर नहीं है तो योजना को गति देने के लिए 20 से 30 फीसदी फंड जारी कर विकास कार्य को जारी रखा जा सकता है। ऐसे ही कोई नई स्कीम की शुरूआत लेखानुदान में नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के लिए सलाना वित्तीय बजट जरूरी होता है। जरूरत खर्च और योजना रहेगी प्रथमिकता लोकसभा चुनाव के चलते पड़ा असर, केंद्र के फंड से राज्य सरकार तय करती है बजट

सीएम डॉ. यादव ने एसीएस लेवल के अधिकारियों को सौंपी संभागीय बैठक की जिम्मेदारी.

CM Dr. Yadav assigned the responsibility of the regional meeting to the officers of the ACS level. पीएम मोदी की गारंटी और भाजपा के संकल्प को पूरा करने के लिए रहेगा लक्ष्य, रिव्यू के साथ करेंगे मानिटरिंग भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने संभागीय बैठक के लिए एसीएस लेवल के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम ने अधिकारियों को संभाग बैठक के लिए प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश के दस संभाग के लिए दस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये सभी अधिकारी संभागीय बैठक की न सिर्फ तैयारी करेंगे बल्कि बैठक के बाद बैठक में दिए गए सीएम के निदेर्शों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। एसीएस स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के पीछे की वजह है कि मध्य प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता देनी है। यानी कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि गारंटियों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही भाजपा के संकल्प को भी पूरा करने की चुनौती होगी। लोक स्वास्थ्य, वन विभाग, गृह, नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण, जनजातिय कार्य विभाग, वित्त विभाग, किसान कल्याण, पिछड़ा वर्ग, उच्च शिक्षा से जुड़े विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दरअसल, सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की कमान संभालते ही संभागों की बैठक लेना शुरू किया है। उन्होंने इसकी शुरूआत अपने गृह संभाग उज्जैन से की थी। इसके बाद जिले वार समीक्षा के लिए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। अधिकारियों को भी फील्ड की जानकारी भी सीएम को देना होगा। खास बात है कि राजेश राजौरा को उज्जैन का प्रभार दिया गया है। सीएम बनने के बाद राजौरा ही पहले अधिकारी थे। जिन्होंने लाउड स्पीकर पर नियंत्रण का आदेश जारी कराया। उज्जैन में रहते हुए एसीएस राजौरा सीएम मोहन यादव के काफी भरोसेमंद अफसरों में शुभार रहे हैं। इन्हें बनाया प्रभारी एसीएस मोहम्मद सुलेमान को भोपाल संभाग, एसीएस विनोद कुमार को जबलपुर संभाग, एसीएस जेएन कंसोटिया को रीवा संभाग, एसीएस राजेश राजौरा को उज्जैन संभाग, एसीएस एसएन मिश्रा को सागर संभाग, एसीएस मलय श्रीवास्तव को इंदौर संभाग, एसीएस अजीत केसरी को नर्मदापुरम संभाग, एसीएस अशोक वर्णवाल को शहडोल संभाग, एसीएस मनु श्रीवास्तव को चंबल संभाग और एसीएस केसी गुप्ता को ग्वालियर संभाग की जिम्मेदारी दी गई।

चुनावी आचार संहिता : विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी हटेंगे अफसर.

Election Code of Conduct: Officers will also be transferred in the Lok Sabha elections after the Assembly elections. आयोग के फरमान: राज्य सरकार को 30 जून तक एक ही जिले में पदस्थ अफसरों का करना होगा तबादला- जनवरी के पहले ही सप्ताह से अफसरों के प्रमोशन और ट्रांसफर की शुरू हो जाएगी प्रक्रिया भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बीच अफसरों की पदस्थापना को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव 30 जून 2024 को एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना पूरी करने वाले अफसरों को हटाते हुए रिपोर्ट देंगे। हालांकि इसकी प्रक्रिया सरकार जनवरी 2024 के पहले ही सप्ताह से शुरू कर दे दी। इसके पीछे का कारण है कि जनवरी में कई अफसरों के प्रमोशन का समय भी है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर से साथ पोस्टिंग भी होगी। कई अफसरों को फील्ड से हटाकर मंत्रालय में अटैच किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव से सीधा संबंध रखने वाला कोई भी अधिकारी उस जिले में पदस्थ नहीं रहेगा जो उसका गृह जिला होगा। अगर संबंधित अफसर ने पिछले चार साल के अंतराल में पदस्थापना वाले जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या फिर 30 जून 2024 को उसके तीन साल पूरे होने वाले हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 जून के पहले पूरी कर ली जाएगी। इसलिए आयोग ने निर्णय लिया है कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों में गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को हटाने की कार्यवाही की समय पर की जाए। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने कई जिलों के अफसरों को हटा दिया था। हालांकि स्पष्ट है कि विधानसभा में ड्यूटी करने वाले अधिकांश अफसर चुनाव ड्यूटी में शामिल रहेंगे।

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