महाकौशल के तीन दिग्गज नेताओं दाव पर लगी साख.
Mahakaushal three stalwart leaders of expertise face a challenge. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद और फग्गन सिंह कुलस्ते मैदान में, तीनों के परिणामों पर पूरे प्रदेश की नजर, भाजपा और कांग्रेस बेचैन, परिणामों को लेकर सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा 2023 के परिणामों को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्वालियर-चंबल, निमाड़-मालवा, बुंदेलखंड, बिंध्य क्षेत्र और महाकौशल में यूं तो लोग अपने-अपने नेताओं की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के महाकौशल क्षेत्र की है। क्योंकि यह क्षेत्र उनका गढ़ कहा जाता है। इस क्षेत्र में इस बार कांग्रेस भारी रहेगी या भाजपा, इसको लेकर प्रदेश भर की नजर लगी हैं। कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में जहां पर जबरदस्त बढ़त ली थी। कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की सभी 7 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने अपने दो केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और फगन सिंह को भी इस क्षेत्र से विधानसभा के चुनाव मैदान में उतारा है। इस क्षेत्र में आने वाले आठ जिलों की 38 सीटों पर किसे कितनी सीटें मिलेंगी इस पर पूरे प्रदेश की नजर है। दरअसल, मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए इस क्षेत्र को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कमलनाथ के परिणामों पर सबकी नजरमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ छिंदवाड़ा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। साल 2018 में वह चुनाव नहीं लड़े थे, लेकिन उनका प्रभाव साफ तौर पर इस जिले में दिखाई दिया था। जिले की सभी सिम कांग्रेस ने जीत ली थी बाद में कमलनाथ के उपचुनाव छिंदवाड़ा सीट से लड़ा और चुनाव जीत गए। इस बार कमलनाथ कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा इसलिए ना सिर्फ उनकी सीट छिंदवाड़ा पर लोगों की नजर है, बल्कि उनके जिले की हर सीट पर प्रदेश भर की नजर गड़ी हुई है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते के चौकाने वाले होंगे परिणामकेंद्रीय मंत्री पहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर से चुनाव लड़ रहे हैं उनके भाई जालम सिंह पटेल इसी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार प्रहलाद सिंह पटेल के चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के साथ प्रदेश भर के सभी राजनेताओं की नजर उन पर है। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का भाजपा के दलित आदिवासियों नेताओं में बड़ा नाम है। इस बार उन्होंने निवास विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा है। साल 2018 में यह सीट कांग्रेस ने जीती थी। भाजपा ने आदिवासियों के सबसे बड़े नेता माने जाने वाले कुलस्ते को इस सीट से उतर कर मुकाबला रोचक बना दिया है। पूरे प्रदेश पर की नजर इस सीट पर है। महाकौशल में आने वाली आदिवासी बाहुल्य सीटों पर कुलस्ते के चुनावी मैदान में उतरने से कितना असर पड़ेगा। इस पर भी दोनों ही राजनीतिक दलों के लोगों की नज़रें टिकी हुई है।