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इजरायली सेना ने गाजा को खंडहर में बदल दिया, अब 42000 मौतें, इजरायल कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है युद्ध

तेल अवीव इजरायल ने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के बर्बर हमले की पहली बरसी पर 10 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर के दिन इजरायल में अचानक धावा बोल दिया था. उसके लड़ाकों ने आसमान, जमीन और समुद्र के रास्ते इजरायल में घुसकर कत्लेआम मचाया था. इस हमले में 1200 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत हुई थी और हमास ने 250 से के करीब लोगों को बंधक बना लिया था, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं. हमास ने अपने इस हमले को ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड (Operation Al-Aqsa Flood) नाम दिया था. इजरायल ने इस बर्बरता का बदला लेने और हमास का अस्तित्व मिटाने की कसम खाई थी. उसने गाजा में ऑपरेशन आयरन स्वॉर्डस (Operation Iron Swords) चलाया. उसकी सेना ने गाजा को खंडहर में बदल दिया. पिछले एक साल के अंदर गाजा में इजरायली कार्रवाई में करीब 41000 मौतें हुई हैं, लाखों लोग गाजा से विस्थापित हुए हैं. इजरायल अब तक इस्माइल हानिया और मोहम्मद डेफ समेत हमास के कई शीर्ष नेताओं को ढेर कर चुका है. यह 2008 के बाद से फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष का पांचवां युद्ध है, और 1973 में योम किप्पुर युद्ध के बाद इस क्षेत्र में सबसे बड़ा सैन्य अभियान है. हमार ने 7 अक्टूबर के हमले को बताया ‘Glorious’ गाजा पट्टी पर 2007 से हमास का शासन है और 7 अक्टूबर, 2023 के हमले के बाद इजरायल की बदले की कार्रवाई में यहां बड़े पैमाने पर विनाश हुआ है. गाजा में बुनियादी ढांचे मलबे में तब्दील हो चुके हैं. एक वर्ष बीत जाने के बाद भी, गाजा युद्ध अनसुलझा है और पूरे क्षेत्र में युद्ध की संभावना अधिक बनती जा रही है. अपने कई शीर्ष नेताओं और कमांडरों के मारे जाने के हमास सक्रिय है. कतर स्थित हमास के सदस्य खलील अल-हया ने एक वीडियो संदेश जारी करके 7 अक्टूबर, 2023 के हमले को ‘महान कार्य’ बताया है. अल-हया ने 7 अक्टूबर के हमले की बरसी पर जारी अपने संदेश में कहा, ‘पूरा फिलिस्तीन, विशेष रूप से गाजा और हमारे फिलिस्तीनी नागरिक दुश्मन के खिलाफ अपने प्रतिरोध के साथ एक नया इतिहास लिख रहे हैं.’ इजरायल कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है युद्ध हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2024 को किए गए हमले की पहली बरसी आने तक इजरायल कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है. अब उसका फोकस गाजा से लेबनान में शिफ्ट हो गया है. लेबनान के अलग-अलग हिस्सों में हिज्बुल्लाह को निशाना बनाते हुए इजरायली सेना की जमीनी कार्रवाई और वायुसेना के हवाई हमले जारी हैं. गाजा में 41,000 से अधिक मौतों के बावजूद ऐसा लगता है कि यह हिंसा कभी खत्म नहीं होने वाली. इजरायली रक्षा बलों ने 5 अक्टूबर, 2024 को गाजा शहर के बगल में स्थित जबालिया में हमास लड़ाकों को खत्म करने के इरादे से एक और अभियान शुरू किया. इजरायल ने कहा कि हमास जबालिया में फिर सिर उठाने की कोशिश कर रहा था. अब भी 101 बंधकों के बारे में नहीं चल सका पता यह संभव है कि इजरायल के खिलाफ उसके दुश्मनों द्वारा एक और आतंकवादी हमला या सैन्य अभियान इलाके में संघर्ष की स्थिति को और भी भयावह बना सकता है. हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमले के दौरान जिन 250 लोगों को बंधक बनाया था, उनमें से 101 बंधकों का अब भी पता नहीं चल सका है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में इन बंधकों का जिक्र किया था. उन्होंने यह प्रतिबद्धता जाहिर की थी कि इजरायल आखिरी बंधक का पता लगाए बिना चैन से नहीं बैठेगा. गाजा में इजरायल का उद्देश्य हमास की सैन्य क्षमताओं और शासन को नष्ट करना और बंधकों को छुड़ाना है. अपने युद्ध को अंजाम तक पहुंचा पाएगा इजरायल? लेबनान के खिलाफ मोर्चा खोलने के पीछे इजरायल का लक्ष्य अपने उन 60,000 से अधिक नागरिकों को सीमा के पास अपने घरों में लौटने के लिए सुरक्षित महसूस कराना है, जिन्हें ​हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमलों की जद में आने का डर सताता है. पिछले एक साल में इजरायल अपने दुश्मनों पर नकेल कसने में कामयाब रहा है, लेकिन अपने युद्धों को अंजाम तक पहुंचाने में सफल नहीं रहा है. इजरायली सैन्य अधिकारी भी यह स्वीकार करते हैं कि हमास और हिज्बुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने और उनकी सैन्य क्षमताओं को कुंद करने के बावजूद, ये दोनों मिलिशिया समूह फिलिस्तीन और लेबनान में एक ताकत बने रहेंगे. इस संघर्ष में ईरान की एंट्री से स्थिति और बिगड़ सकती है. इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यही समझ में आता है कि इजरायल को निकट भविष्य में भी युद्धों और संघर्षों के लिए तैयार रहना होगा.  

विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है, इसे सही दिशा देकर मानव कल्याण से जोड़ने के लिए समाज में सद्मूल्यों को विकसित करना होगा। विकास को वरदान बनाना है तो समाज में प्रेम, दया, करुणा, परोपकार और शांति की भावना को जागृत करना होगा। ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों द्वारा जन-चेतना के लिए किये जा रहे कार्य सशक्त और समृद्ध भारत तथा वैश्विक खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित शिखर सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में (4 अक्टूबर) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सपनों के भारत के निर्माण का चल रहा है महायज्ञ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है आज भारत विश्व की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आगामी 5 वर्षों में हम तीसरी और वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। व्यापक स्तर पर तेज गति से विकास हो रहा है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने विकास के द्वार खोले हैं। नागरिकों को सक्षम बनाने के लिये उच्चस्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। विकास की राह के हर पड़ाव में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। इस विकास को स्थायी बनाने के लिये मानव जाति का जागृत होना आवश्यक है। इसके लिये भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और आध्यमिकता का पुनरुत्थान करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे 21 वीं सदी भारत की होगी। भारत विश्वगुरु होगा। वर्तमान वैश्विक पारिस्थितियों में भारत का नेतृत्व नितांत आवश्यक है। आर्थिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास पर भी कार्य करना होगा। विकसित, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिये भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की सोच पर सभी को चलना होगा। वैश्विक कल्याण के इस अहम दायित्व के निर्वहन के लिये आवश्यक है कि भारत का हर नागरिक सकारात्मक भूमिका निभाकर लोक-कल्याणकारी पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं, समाज और विश्व का कल्याण किया जा सकता है सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी कहते थे “आज मानव ने आकाश में पक्षी की तरह उड़ना सीख लिया है, मछली की तरह समुद्र में तैरना सीख लिया है लेकिन इंसान की तरह जमीन पर चलना नहीं सीख पाया।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वैश्विक कल्याण के लिये मानव मूल्यों को जागृत करना होगा। समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ कार्य कर रही हैं, परंतु ख़ुशी की बात है कि समाज को जोड़ने वाली, चिंतन करने वाली, वैश्विक कल्याण के भाव वाली संस्थाएँ और विचारक सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों को आशा भरी नज़रों से देख रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है आगामी पीढ़ी को भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। एक अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं का, समाज का और विश्व का कल्याणकारी भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल को ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। ब्रह्मकुमारी के राजयोगी बृजमोहन, राजयोगिनी सुचन्द्रिका दीदी सहित 20 हजार से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल थे।

खत्म हो गया बॉन्ड का चक्कर, राज्य सरकार का बड़ा कदम, काउंसलिंग के बाद भी छोड़ सकेंगे सीट

भोपाल  प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी-एमएस में प्रवेश लेने जा रहे डॉक्टरों के लिए अच्छी खबर है। अब काउंसलिंग के पहले दो चरण तक प्रवेश के बाद सीट छोड़ने पर उनके ऊपर सीट लीविंग बांड लागू नहीं होगा। मॉप-अप राउंड से यह प्रभावी होगा। पिछले सत्र तक दूसरे चरण में प्रवेश लेने के बाद सीट छोड़ने पर सीट लीविंग बांड लगता था। इसमें सरकारी कॉलेज में प्रवेश लेने वाले को 30 लाख रुपये और निजी कॉलेज वाले को पूरे पाठ्यक्रम की शुल्क बांड राशि के रूप में शासन को जमा करानी होती थी। अभ्यर्थी अच्छा कॉलेज या विषय मिलने के बाद भी त्यागपत्र नहीं दे पाते थे। एमबीबीएस में पहले ही यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र में प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पीजी की 1262 और निजी कॉलेजों में 830 सीटें थीं। इस वर्ष सरकारी और निजी दोनों कॉलेजों में कुछ सीटें बढ़ने के आसार हैं। प्रवेश नियमों में यह भी निर्धारित किया गया है कि अभ्यर्थियों को सिर्फ एक बार ही पंजीयन का अवसर दिया जाएगा। एमबीबीएस में दूसरी बार भी अवसर दिया था। एमडी-एमएस में प्रवेश के लिए दो अक्टूबर से पंजीयन प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। अभी जारी नहीं हुआ काउंसलिंग का कार्यक्रम हालांकि, अखिल भारतीय कोटे की सीटों का कार्यक्रम अभी तक जारी नहीं होने से चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने भी अभी काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी नहीं किया है। पहले चरण की काउंसलिंग में सीट आवंटन इसी माह होने के आसार हैं। MBBS and BDS: अब नहीं भरना होगा बॉन्ड मध्यप्रदेश सरकार ने ये ऐतिहासिक फैसला लिया है। आप चाहे सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस बीडीएस में दाखिले ले रहे हों या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में, आपको सीट लीविंग बॉन्ड भरने की जरूरत नहीं होगी। आने वाले सत्र से इसे लागू किया जाएगा। इस फैसले से सीधे सीधे 30 से 40 लाख रुपये तक की बचत हो सकेगी। क्योंकि किसी भी कारण से बीच में ही पढ़ाई छोड़ने पर आपको ये मोटी रकम नहीं भरनी होगी। Seat Leaving Bond क्या है? अब तक जो नियम हैं, उसके अनुसार MBBS Admission और BDS Admission के समय कॉलेज स्टूडेंट्स से एक बॉन्ड भरवाते हैं। इसमें ये लिखा होता है कि अगर छात्र/ छात्रा किसी भी कारण कोर्स पूरा नहीं करते हैं और बीच में ही कॉलेज छोड़ देते हैं, तो उन्हें एक निश्चित रकम कॉलेज को देनी होगी। ये रकम 5 लाख से 40 लाख रुपये तक.. बल्कि कई कॉलेजों में इससे ज्यादा भी होती है। इसी साल नेशनल मेडिकल कमीशन ने भी इस मामले में दखल दिया था। National Medical Commission ने 2024 की शुरुआत में कहा था कि ‘हमारे पास आयोग के पास इस बॉन्ड को लेकर ढेर सारी शिकायतें आई हैं। ये बताती हैं कि हालात कितने गंभीर हैं। इस नियम के कारण स्टूडेंट्स स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन तक का शिकार हो रहे हैं। खासकर पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स।’ इसके मद्देनजर NMC ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से मेडिकल कॉलेजं में सीट लीविंग बॉन्ड खत्म करने के लिए कहा था।

रतन टाटा की तबीयत खराब, मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के ICU में हुए भर्ती

मुंबई जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा की तबियत खराब है और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. टाटा संस के चेयरमैन ऐमिरेट्स रतन टाटा की आयु 86 वर्ष है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया है.  उन्हें सोमवार की सुबह अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. बता दें कि रतन टाटा को गंभीर हालत में रात 12:30 से 1:00 बजे के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया था और उन्हें तुरंत आईसीयू में ले जाया गया, जहां जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शारुख अस्पी गोलवाला की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. 1962 में शुरू हुई असल कहानी 28 दिसंबर 1937 को तत्कालीन बॉम्बे जो अब मुंबई के नाम से जाना जाता है. वहां रतन टाटा का जन्म हुआ. वह टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा के परपोते हैं. वे 1990 से 2012 तक समूह के अध्यक्ष थे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम अध्यक्ष थे. रतन टाटा समूह के धर्मार्थ ट्रस्टों के प्रमुख बने हुए हैं. टाटा की असल कहानी 1962 में शुरू हुई जब वे टाटा समूह में शामिल हुए. उन्होंने 1990 में समूह के अध्यक्ष बनने से पहले कई कार्य किए और धीरे-धीरे बिजनेस की सीढ़ी चढ़ते गए. उनके कार्यकाल में टाटा समूह ने घरेलू और विदेश दोनों ही स्तरों पर पर्याप्त वृद्धि और विस्तार का अनुभव किया. टाटा की दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच ने कंपनी को टेलीकॉम, रिटेल और ऑटो जैसे नए उद्योगों में विस्तार करने की अनुमति दी. सरकार ने किया सम्मानित टाटा की सबसे खास उपलब्धियों में से एक 2008 में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण था, जो टाटा समूह के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था. परोपकार और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित अनगिनत सम्मान दिलाए हैं. कैसा रहा रतन टाटा का करियर (Ratan Tata Profile) 28 दिसंबर, 1937 को बॉम्बे (अब मुंबई), भारत में जन्मे रतन टाटा, टाटा ग्रुप के फाउंडर जमशेदजी टाटा के परपोते हैं। वे 1990 से 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम चेयरमैन रहे। रतन टाटा ग्रुप के चैरिटी ट्रस्ट्स के प्रमुख बने हुए हैं। टाटा का करियर 1962 में शुरू हुआ जब वे टाटा ग्रुप में शामिल हुए। उन्होंने 1990 में चेयरमैन बनने से पहले ग्रुप में अलग-अलग पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल में, टाटा ग्रुप ने घरेलू और विदेशी दोनों ही लेवल पर शानदार ग्रोथ और विस्तार किया। क्या रही खास उपलब्धि टाटा की दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच के जरिए ग्रुप टेलीकॉम, रिटेल और ऑटो जैसे नए सेक्टरों में दाखिल हुआ। टाटा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2008 में जगुआर लैंड रोवर को खरीदना था, जो टाटा ग्रुप के इतिहास में एक अहम पल था। पद्म विभूषण से सम्मानित चैरिटी और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति रतन टाटा के समर्पण ने उन्हें अनगिनत सम्मान दिलाए हैं, जिनमें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण और पद्म विभूषण भी शामिल हैं। अपने पूरे करियर के दौरान, रतन टाटा को उनके असाधारण लीडरशिप के लिए जाना जाता रहा है।  

भोपाल में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1800 करोड़ रुपयों से अधिक का नशीला पदार्थ जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त कार्रवाई में नशीले पदार्थ का उत्पादन करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर लगभग नौ क्विंटल एमडी (मेफेड्रोन) और अन्य सामान जप्त करने के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में राज्य सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ यादव ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के सोशल मीडिया एक्स पर भोपाल के पास नशे की एक फैक्ट्री के खुलासे के संबंध में किए गए पोस्ट बाद सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। डॉ यादव ने संघवी की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कल रात लिखा, “नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में मध्यप्रदेश सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।” डॉ यादव ने एक अन्य पोस्ट में संघवी की ओर से उन्हें (मुख्यमंत्री डॉ यादव को) लिखे गए पत्र की प्रति पोस्ट करते हुए लिखा है, “प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी शामिल है। इसी क्रम में गुजरात एटीएस एवं एनसीबी दिल्ली द्वारा की गयी कार्रवाई में मध्यप्रदेश पुलिस ने भी तत्परता के साथ सहयोग किया है। जिसके तहत सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश के मार्ग में बाधा बनने वाली किसी भी अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। माननीय हर्ष संघवी जी आपका हृदय से आभार।” इसके पहले संघवी ने कल शाम सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, “गुजरात एटीएस तथा एनसीबी दिल्ली द्वारा भोपाल में की गयी संयुक्त कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा सराहनीय मदद की गयी। ऑपरेशन की सफलता में मध्यप्रदेश पुलिस के अमूल्य योगदान के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूँ। इस ऑपरेशन की आगे की इन्वेस्टीगेशन में भी मध्यप्रदेश पुलिस गुजरात एटीएस की निरंतर मदद कर रही है। इस तरह के विभिन्न राज्यों तथा केंद्रीय एजेंसीज़ के समन्वित प्रयासों से ही नार्कोटिक्स के विरुद्ध की लड़ाई को जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी एवं उनकी समस्त टीम का बहुत-बहुत आभार।’’ संघवी की ओर से मुख्यमंत्री डॉ यादव को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस की “सराहनीय मदद” का जिक्र किया गया है। दूसरी ओर भोपाल पुलिस आयुक्त की ओर से सोशल मीडिया के जरिए कहा गया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश पर भोपाल पुलिस मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस अभियान के तहत ऑपरेशन अंकुश चलाया गया है, जिसमें अब तक 55 आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर 13 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जप्त किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल के पास फैक्ट्री के भंडाफोड़ मामले में भोपाल पुलिस के सहयोग से मंदसौर पुलिस एवं गुजरात पुलिस द्वारा एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले संघवी ने इस सिलसिले में कल दिन में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। संघवी ने अपनी पोस्ट में कहा कि गुजरात एटीएस और एनसीबी दिल्ली ने अपने संयुक्त अभियान में ड्रग्स (मादक पदार्थों) के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की है। हाल ही में इन दोनों एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान के तहत भोपाल में एक कारखाने पर छापामार कार्रवाई की, जिसके बाद वहां से लगभग 1814 करोड़ रुपए की एमडी (एक प्रकार का मादक पदार्थ) और उसके निर्माण में उपयोग आने वाला सामान जब्त किया गया। संघवी के पोस्ट के बाद राजधानी भोपाल के विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप में भोपाल पुलिस और राज्य सरकार को लक्ष्य करके अनेक टिप्पणियां की जाने लगीं और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को निशाने पर ले लिया। सोशल मीडिया में कहा गया कि भोपाल के पास इतनी बड़ी फैक्ट्री चलती रही और पुलिस को इसका पता ही नहीं चला। इसके अलावा गुजरात पुलिस कार्रवाई करके भी चली गयी और इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी। रविवार रात को यहां सूत्रों ने बताया कि भोपाल के पास औद्योगिक क्षेत्र बगरौदा में एक फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई शनिवार को की गयी। इस दौरान दो युवकों को हिरासत में लिया गया और फैक्ट्री स्थल से बड़ी मात्रा में एमडी तरल और ठोस अवस्था में जप्त किया गया। बताया गया है कि इस फैक्ट्री में प्रतिदिन कई किलो एमडी बनायी जा रही थी और यह कार्य कई दिनों से चल रहा था। यह नशीला पदार्थ कहां पर सप्लाई किया जा रहा था, इस बारे में अब तक ठोस जानकारी नहीं आयी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह पदार्थ मध्यप्रदेश के बाहर भेजा जा रहा था। सूत्रों ने इस घटनाक्रम को लेकर हुयी प्रारंभिक छानबीन के हवाले से कहा कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक महाराष्ट्र का और एक अन्य मध्यप्रदेश का ही निवासी है। महाराष्ट्र निवासी आरोपी ड्रग तस्करी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। इन दोनों ने कथित तौर पर भोपाल के पास बगरौदा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री कुछ दिनों पहले किराए पर ली और यहां पर एमडी का उत्पादन किया जाने लगा। इस संबंध में और जानकारी अभी आना शेष है। वहीं संयुक्त दल ने रविवार शाम को स्थानीय पुलिस की मदद से मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।  

शेयर बाजार की आज मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 25,100 के ऊपर

 मुंबई भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त क साथ खुले.इसके पीछे की वजह यह है कि एशियाई बाजारों में बढ़त के कारण वैश्विक बाजारों में सेंटीमेंट कुछ हद तक स्थिर हुआ, क्योंकि  इज़राइल और ईरान के बीच हालात थोड़े शांत हैं. बाजार खुलते ही लगभग 9:17 बजे बीएसई सेंसेक्स 412 अंकों यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,100 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में 121 अंकों यानी 0.48 प्रतिशत की तेजी आई और यह  25,135 पर पहुंच गया. पिछले सप्ताह, निफ्टी 50 और एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स दोनों का प्रदर्शन  पिछले दो साल से अधिक समय में सबसे खराब  रहा . मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर विदेशी निवेशकों के सेंटिमेंट पर देखा गया. शुक्रवार का बाजार कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुआ. बीएसई पर सेंसेक्स 801 अंकों की गिरावट के साथ 81,688.45 पर क्लोज हुआ. वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 25,014.60 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एनएसई पर एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स शेयर टॉप गेनर के लिस्ट में शामिल रहे. जबकि इंफोसिस, ओएनजीसी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी लाइफ के शेयर टॉप लूजर के लिस्ट में शामिल रहे. पीएसयू बैंक और आईटी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए, जिसमें ऑटो, एफएमसीजी, रियल्टी, पावर, मीडिया, टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5-0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले सप्ताह दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. केवल पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 4,000 अंक टूट गया. ईरान-इजरायल युद्ध और चीन के प्रोत्साहन पैकेज के दोहरे झटके ने भारतीय शेयर बाजार पर मंदी का असर देखने को मिल रहा. कुछ ही मिनटों में 82000 के पार सेंसेक्स शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते पांच दिनों से जारी गिरावट पर सोमवार को ब्रेक लगा नजर आया और पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी जोरादार तेजी के साथ भागे. बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. एक ओर जहां गुरुवार को सेंसेक्स 1769 अंक फिसला था, तो वहीं शुक्रवार को इसमें 808 अंकों की बड़ी गिरावट आई थी. लेकिन सोमवार को BSE Sensex अपने पिछले बंद 81,688.45 की तुलना में 239 अंक की बढ़त के साथ 81,926.99 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 400 अंकों से ज्यादा की उछाल के साथ 82,137.77 के स्तर पर पहुंच गया. Nifty ने भी मारी लंबी छलांग सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी भी ग्रीन जोन पर ओपन हुआ. Nifty ने अपने पिछले बंद 25,014.60 की तुलना में चढ़कर 25,084 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और अचानत इसमें भी जोरदार तेजी आई और ये इंडेक्स 120.90 अंकों की उछाल मारते हुए 25,143 के लेवल पर पहुंच गया. गौरतलब है कि बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में Nifty-50 में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. जहां गुरुवार को ये 546 अंक फिसला था, तो वहीं शुक्रवार को इसमें 235 अंकों की गिरावट आई थी. इन 10 शेयरों ने खुलते ही पकड़ी शेयर मार्केट में जारी तेजी के बीच मार्केट ओपन होने पर जो शेयर शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागे, उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल ITC Share 1.89%, Kotak Bank Share 1.50%, ICICI Bank Share 1.30% चढ़ा. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल शेयरों की बात करें, तो Mphasis Share 3.54%, AUBank Share 2.64% और Godrej Properties Share 1.50% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कैटेगरी में शामिल Heidelberg Share में खुलते ही 13.91% की तेजी देखने को मिली, तो DBCorp Share 9.15% की उछाल के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. फार्मा कंपनी  AstraZen Share 7.22% तक उछलकर 7969.05 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. इसके अलावा Senco Gold के शेयर में 5.69% की तेजी आई और ये 1484.35 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था.  

छत्‍तीसगढ़ के हवाई यात्रियों को पांच प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाओं का मिल सकता है तोहफा

रायपुर अगले महीने नवंबर से छत्‍तीसगढ़ के हवाई यात्रियों को पांच प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाओं का तोहफा मिल सकता है। विमानन कंपनियां इसके लिए नई फ्लाइटें भी देख रही है तथा ट्रैवल्स एजेंटों से संपर्क कर रही है कि इन क्षेत्रों के लिए ट्रैफिक कितना मिलेगा। रायपुर से शुरू होने वाली इन हवाई सेवाओं में जयपुर, राजकोट, सूरत, पटना और विशाखापट्टनम है। इस महीने से अहमदाबाद के लिए भी उड़ान शुरू हो चुकी है। ट्रैवल्स संचालकों का कहना है कि जयपुर के लिए तो विंटर सीजन में शेड्यूल भी तय हो गया है। वहीं राजकोट व सूरत के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही है। इसके साथ ही 13 नवंबर से विस्तारा एयरलाइंस की फ्लाइट एयर इंडिया हो जाएगी तो रायपुर से विशाखापट्टनम फ्लाइट शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। व्यास हॉलीडेज के संचालक कीर्ति व्यास ने बताया कि उन्होंने विमानन कंपनी को इन क्षेत्रों के लिए फ्लाइट शुरू करने पत्र भी लिखा है। विमानन कंपनी ने इस पर आश्वासन भी दिया है। 27 अक्टूबर से शुरू होगी पुणे व चेन्नई फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस 27 अक्टूबर से रायपुर से पुणे व चेन्नई के लिए फ्लाइट शुरू कर रही है। फ्लाइट क्रमांक 6ई6137 चेन्नई से रायपुर दोपहर 1.35 बजे उड़ान भरेगी और रायपुर 3.20 बजे पहुंचेगी। इसके साथ ही फ्लाइट क्रमांक 6ई6138 रायपुर से रात्रि 8.25 बजे उड़ान भरेगी और 10.15 बजे चेन्नई पहुंचेगी। इसी प्रकार फ्लाइट क्रमांक 6ई6895 रायपुर से पुणे के लिए दोपहर 3.50 बजे उड़ान भरेगी तथा शाम 5.35 बजे पुणे पहुंचेगी,इसके बाद फ्लाइट क्रमांक 6ई6905 पुणे से शाम 6.15 बजे उड़ान भरेगी और 7.55 बजे रायपुर पहुंचेगी।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले 4 वर्षों में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर निरंतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता आया है

भोपाल प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले 4 वर्षों में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर निरंतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता आया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में बेहतर प्रदर्शन के लिये मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 11 पुरस्कार तथा प्रदेश स्तर पर 44 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। योजना में अब तक शहरी क्षेत्र के 12 लाख 30 हजार हितग्राहियों को 1769 करोड़ 16 लाख रूपये का ऋण स्व-रोजगार के लिये उपलब्ध कराया गया है। योजना में मध्यप्रदेश में 4 लाख 89 हजार पथ विक्रेता सफलतापूर्वक डिजिटल लेन-देन कर रहे हैं, जिसमें उन्हें 21 करोड़ रूपये का कैशबैक भी प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी पटरी वाले, हाथ ठेला वालों के रोजगार को मजबूती देने के उद्देश्य से शुरू की गई, जिसमें छोटे स्तर पर अपना काम-धंधा करने वाले हितग्राहियों को 10, 20 और 50 हजार रूपये की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराकर उन्हें आत्म-निर्भर बनाना है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की इस योजना में कोरोना काल के दौरान पूर्व में असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत पथ विक्रेताओं को राज्य सरकार की ओर से एक-एक हजार रूपये की अनुदान राशि भी उपलब्ध कराई गई थी। हितग्राहियों को अन्य योजनाओं का भी मिला लाभ प्रदेश में स्व-निधि से समृद्धि योजना अंतर्गत प्रदेश के 16 लाख 17 हजार से अधिक पंजीकृत पथ विक्रेताओं और परिवार के सदस्यों को सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी दिलाया गया है। इनमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, प्रधानमंत्री जनधन योजना, भवन और अन्य निर्माण श्रमिक, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना, एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना, जननी सुरक्षा और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्रदाय किया गया है।  

MP सरकार कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसे 18 गांव को खाली कराया जा रहा है, अब चीतों को घूमने के लिए मिलेगा बड़ा जंगल

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने चीतों के रहवास पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से 11 गांव खाली कराए हैं। इन गांवों की भूमि राष्ट्रीय उद्यान में शामिल की गई है। दरअसल, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसे 18 गांव को खाली कराया जा रहा है। इन गांवों की भूमि के बदले 3 हजार 720.9 हेक्टेयर भूमि दूसरी जगह दी गई है। उद्यान के अंदर 18 गांवों का कुल रकबा 4 हजार 407 हेक्टेयर है, इनमें अब तक कुल 11 गांव खाली कराए जा चुके हैं। चीता कॉरिडोर बनाने की योजना इन गांव की भूमि को वन विभाग ने राष्ट्रीय उद्यान का वनखंड घोषित कर दिया है। इस फैसले से वहां चीतों का संरक्षण किया जा सकेगा। उन्हें खुले में घूमने के लिए निर्बाध वन क्षेत्र मिलेगा। इसके पहले चीतों के घर का दायरा भी बढ़ाया जा चुका है। इसको इस तरह से विकसित कर रहे हैं कि चीता मप्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा तक घूम सकें। इसके लिए इन तीन राज्यों के बीच चीता कॉरिडोर बनाने की योजना भी है। गांव को खाली कराकर घोषित किया वनखंड बता दें कि कूनो के अंदर बने बरेड, लादर, पांडरी, खजूरी में खजूरी, खजूरी कलां और खजूरी खुर्द है। इसी तरह पैरा में चार गांव पैरा, पालपुर, जाखोद एवं मेघपुरा और बसंतपुरा गांव है। इन सभी गांवों को खाली कराकर अब वनखंड घोषित किया है, जिससे ये राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित वन बन गए हैं। इन गांवों का कुल रकबा 1 हजार 854.932 हेक्टेयर है। शेष गांव की भूमि भी शीघ्र वनखंड घोषित की जाएगी। चीतों के रहवास का बढ़ाया दायरा मध्य प्रदेश में चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले उनका रहवास पालपुर कूनो नेशनल पार्क का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। कूनो का कुल 54 हजार 249.316 हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ाया गया है। जिसके बाद अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761.816 हेक्टेयर हो गया है।

मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारी के लिए एक कमेटी का गठन किया, हलचल शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के लिए हलचल शुरू हो गई है. कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारी के लिए एक कमेटी का गठन किया है. बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के लिए ये कमेटी गठित की गई है. विजयपुर विधानसभा की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह यादव और नीतू शिखरवार को सौंपी गई है. तो वहीं बुधनी विधानसभा की ज़िम्मेदारी पूर्व सांसद अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल को मिली है. AICC की तरफ से इसको लेकर लेटर जारी किया गया है. कांग्रेस के लिए मजबूत सीट रही है विजयपुर बता दें कि विजयपुर सीट से छह बार के कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली थी. लेकिन करीब डेढ़ महीने तक उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया. 8 जुलाई को रावत ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली और विधायकी से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में रामनिवास रावत का बीजेपी से लड़ना तय माना जा रहा है. हालांकि ये सीट कांग्रेस के प्रभाव वाली रही है. इसलिए कांग्रेस इस सीट पर जीत को बरकरार रखने के लिए पूरा जोर लगा रही है. शिवराज सिंह के इस्तीफे के बाद खाली हुई बुधनी सीट सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. इसलिए कांग्रेस के लिए इस सीट पर एक मजबूत टिकाऊ चेहरा खोजना बड़ी चुनौती है. फिलहाल कांग्रेस के पास शिवराज सिंह चौहान के प्रभाव वाली इस सीट पर कोई मजबूत चेहरा नहीं दिखाई दे रहा. ऐसे में कांग्रेस यहां दमदार और असरदार उम्मीदवार खोज रही है. वहीं इस सीट की ज़िम्मेदारी पूर्व सांसद अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल को दी गई है ताकि जीत की दावेदारी को मजबूत किया जा सके.

चीतों के संरक्षण के लिए 18 गांवों की भूमि को वनखंड किया घोषित

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने चीतों के रहवास पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से 11 गांव खाली कराए हैं। इन गांवों की भूमि राष्ट्रीय उद्यान में शामिल की गई है। दरअसल, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसे 18 गांव को खाली कराया जा रहा है। इन गांवों की भूमि के बदले 3 हजार 720.9 हेक्टेयर भूमि दूसरी जगह दी गई है। उद्यान के अंदर 18 गांवों का कुल रकबा 4 हजार 407 हेक्टेयर है, इनमें अब तक कुल 11 गांव खाली कराए जा चुके हैं। चीता कॉरिडोर बनाने की योजना इन गांव की भूमि को वन विभाग ने राष्ट्रीय उद्यान का वनखंड घोषित कर दिया है। इस फैसले से वहां चीतों का संरक्षण किया जा सकेगा। उन्हें खुले में घूमने के लिए निर्बाध वन क्षेत्र मिलेगा। इसके पहले चीतों के घर का दायरा भी बढ़ाया जा चुका है। इसको इस तरह से विकसित कर रहे हैं कि चीता मप्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा तक घूम सकें। इसके लिए इन तीन राज्यों के बीच चीता कॉरिडोर बनाने की योजना भी है। गांव को खाली कराकर घोषित किया वनखंड बता दें कि कूनो के अंदर बने बरेड, लादर, पांडरी, खजूरी में खजूरी, खजूरी कलां और खजूरी खुर्द है। इसी तरह पैरा में चार गांव पैरा, पालपुर, जाखोद एवं मेघपुरा और बसंतपुरा गांव है। इन सभी गांवों को खाली कराकर अब वनखंड घोषित किया है, जिससे ये राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित वन बन गए हैं। इन गांवों का कुल रकबा 1 हजार 854.932 हेक्टेयर है। शेष गांव की भूमि भी शीघ्र वनखंड घोषित की जाएगी। मध्य प्रदेश में चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले उनका रहवास पालपुर कूनो नेशनल पार्क का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। कूनो का कुल 54 हजार 249.316 हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ाया गया है। जिसके बाद अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761.816 हेक्टेयर हो गया है।

महाकुंभ में प्रयागराज में नहीं होगी मांस-मदिरा की बिक्री, सनातन परंपरा के सम्मान के लिए सरकार समर्पित: सीएम योगी

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज की शास्त्रीय सीमा में मांस-मदिरा की बिक्री नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रयागराज में सभी 13 अखाड़ों, खाक-चौक परंपरा, दंडीबाड़ा परंपरा और आचार्यबाड़ा परंपरा के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों की उपस्थिति में यह घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन सनातन धर्म के ध्वजवाहक अखाड़ों और विभिन्न संत परंपराओं के निर्देशन में उनके ही द्वारा किया जाता है। राज्य सरकार, इसमें सहयोगी है और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुगण अतिथि हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में पूरी दुनिया सनातन भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार करेगी। सनातन परंपरा के सम्मान के लिए सरकार समर्पित है। साधु-संतों, संन्यासियों, वैरागियों सहित समस्त सनातन समाज की भावनाओं का सम्मान रखते हुए प्रयागराज की शास्त्रीय सीमा में मांस-मदिरा का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन त्रिवेणी संगम में स्नान की अभिलाषा लिए महाकुंभ आने वाले हर संत और श्रद्धालु को अविरल-निर्मल गंगा-यमुना के दर्शन होंगे। पवित्र नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन साधु-संत समाज का सहयोग भी अपेक्षित है। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि, महाकुंभ के दौरान ब्रह्मलीन होने वाले साधु-संतों की समाधि के लिए प्रयागराज में शीघ्र ही भूमि आरक्षित कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में ही सनातन समाज का उत्कर्ष संभव है। महाकुंभ 2025, कुंभ 2019 से भी अधिक भव्य हो, इसके लिए सभी को योगदान करना होगा। उन्होंने कहा कि, संतों की कृपा और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में आज अयोध्या, वाराणसी और ब्रजधाम के नए स्वरूप का दर्शन पूरी दुनिया कर रही है। ब्रह्मलीन नरेंद्र गिरी जी महराज की स्मृति को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, आज लेटे हुए हनुमान जी मंदिर के पास कॉरीडोर का निर्माण भी हो रहा है। उन्होंने सभी संतों से स्वच्छ महाकुंभ के अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छता के संकल्प के लिये यह सभी के लिए उचित होगा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग न किया जाए। संत समाज की ओर से गो-हत्या पर प्रतिबंध की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या अपराध है। गोहत्या के विरुद्ध उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही, राज्य सरकार सात हजार से अधिक गोवंश आश्रय स्थल का संचालन कर रही है, जहां 14 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामान्य लोगों को भी गोसेवा से जोड़ा गया है। गोवंश संरक्षण के इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने में संत समाज का सहयोग अपेक्षित है। यह सर्वथा उचित होगा कि सभी आश्रमों में गोवंश संरक्षण स्थल का विकास हो। हर आश्रम में गोसेवा हो। महाकुंभ में सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संतों-संन्यासियों, आचार्यों से अनुरोध किया कि अपने आश्रम में तब तक किसी को प्रवास की अनुमति न दें, जब तक कि उनका विधिवत सत्यापन न कर लिया जाए। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ मेला क्षेत्र में संत समाज के साथ बैठक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और सनातन धर्म की जयघोष के बीच मुख्यमंत्री योगी ने सभी साधु-संतों, आचार्यों को अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया। संतों के समक्ष महाकुंभ 2025 के प्रबंधन एवं व्यवस्था के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। अखाड़ों और विभिन्न संत परंपराओं के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में तनाव व्याप्त है। एक देश, दूसरे देश के साथ युद्ध को आतुर हैं। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आयोजित होने वाला महाकुंभ-2025 पूरे विश्व को शांति का संदेश देने वाला होगा। पूरा संत समाज इसमें अपना योगदान करने को आतुर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म ध्वज के रक्षक हैं, जिनके नेतृत्व में आज सनातन समाज गौरवान्वित हो रहा है। संतों ने कहा कि सीएम योगी पहले मुख्यमंत्री हैं, जो महाकुंभ के विषय में साधु-संतों, आचार्यों से इस तरह सीधे संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं, सुझाओं को सुनकर लिपिबद्ध कर रहे हैं। साधु-संतों, आचार्यों के लिए यह अवसर अतुलनीय है। अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने संत समाज की सुरक्षा के अच्छे प्रबंध की भी अपेक्षा जताई। संत गणों ने महाकुंभ-2025 की तैयारियों पर संतुष्टि जताई। साथ ही कहा कि मेला क्षेत्र में चल रही तैयारियों को देखकर यह साफ हो जाता है कि महाकुंभ-2025 प्रयागराज में पूर्व में आयोजित हुए सभी अर्धकुंभ/महाकुंभ से भव्य एवं दिव्य होगा।

सीधी जिले बहरी थाना क्षेत्र में सड़क हादसा, ट्रक और बाइक में सीधी भिड़ंत, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, चालक मौके से फरार

सीधी ट्रक और बाइक में सीधी भिड़ंत होने से तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। तीनों युवक सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के गाजर गांव निवासी हैं। मामला सीधी जिले बहरी थाना क्षेत्र में शनिवार रात दस बजे नेशनल हाइवे 39 नेबूहा बंधा गांव में हुआ। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चालक घटना के बाद फरार हो गया है। राकेश बैस थाना प्रभारी बहरी ने बताया कि बाइक सवार मुकेश पुत्र देवराज यादव (25), मनीष पुत्र मंगल यादव (27), प्रकाश पुत्र संजय यादव (12) निवासी गाजर थाना सिटी कोतवाली बाइक से सीधी से बहरी की ओर जा रहे थे। रात करीब दस बजे बाइक नेबूहा बंधा गांव के पास पहुंची, तो समाने से आ रहे ट्रक से सीधी भिड़ंत हो गई।मुकेश यादव और प्रकाश यादव की मौके पर ही मौत हो गई। मनीष यादव को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन ने किया हंगामा मृतक के स्वजन ने आरोप लगाया कि शनिवार की रात मनीष यादव को घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर डॉक्टर नहीं मिले। इलाज समय पर हो जाता, तो उसकी मौत नहीं होती।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा भूषण अखिल भारतीय सम्मान समारोह को किया संबोधित, शिक्षा, मानव मन व इन्द्रियों की स्वामिनी है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरुकुल परंपरा हमारे देश की शिक्षा का आधार रही है। शिक्षक हमेशा पूज्य थे और पूज्य रहेंगे। भारत विश्व गुरु के रूप में उस शिक्षक परंपरा को स्थापित करना चाहता है, जो गुरुकुल परंपरा चाणक्य से चंद्रगुप्त तक और चंद्रगुप्त से विक्रमादित्य तक हर जगह, हर समय, हर काल में कायम रही है। मुख्यमंत्री रविवार को रवीन्द्र भवन सभागार में शिक्षा भूषण अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री सुरेश सोनी, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, राज्यसभा सदस्य स्वामी उमेश नाथ जी महाराज कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा भूषण अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान -2024 से डॉ. रामचंद्रन आर., प्रोफेसर के.के. अग्रवाल और प्रोफेसर कुसुमलता केडिया को सम्मानित किया। गुरु और गुरुकुल परंपरा में गुरु का विशेष महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज के उद्देश्य से आयोजित शिक्षक समारोह के आयोजन में शैक्षिक फाउंडेशन और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत की गुरु और गुरुकुल परंपरा में गुरु का बड़ा महत्व है। इतिहास में जब भी कोई प्रश्न खड़े हुए तो गुरु की भूमिका सामने आई। यदि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को गुरु वशिष्ठ वनवास के लिए नहीं ले जाते तो रामायण में राम का चरित्र अधूरा रहता। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा में गुरु सांदीपनि का उज्ज्वल चरित्र शिष्यों के लिए अनुकरणीय और चुनौतियों में प्रेरणा का स्रोत रहा है। शिक्षा न तो सत्ता की दासी है और न ही कानून की किन्करी अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री सुरेश सोनी ने कहा कि वास्तव में विकास तभी हो सकता जब हमारे आसपास के परिवेश और जीवन मूल्यों का विकास हो। उन्होंने 1928 में गुजरात विद्यापीठ में दिए गए काका कालेलकर के संबोधन को उद्घृत करते हुए कहा कि शिक्षा ने अपने स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि शिक्षा न तो सत्ता की दासी है और न ही कानून की किन्करी है, न ही यह विज्ञान की सखी है औप न ही कला की प्रतिहारी यह अर्थशास्त्र की बांदी, शिक्षा तो धर्म का पुनर्रागमन है, यह मानव के हृदय, मन और इन्द्रियों की स्वामिनी है। मानव शास्त्र और समाज शास्त्र, इनके दो चरण हैं, तर्क और निरीक्षण शिक्षा की दो आँखें हैं, विज्ञान मस्तिष्क, इतिहास कान और धर्म शिक्षा के हृदय है। श्री सोनी ने बताया कि काका कालेलकर ने अपने संबोधन में कहा था कि उत्साह और उद्यम शिक्षा के फेफड़े हैं। शिक्षा ऐसी जगत जननी जगदम्बा है, जिसका उपासक कभी किसी का मोहताज नहीं होगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।” काका कालेलकर के चिंतन के अनुरूप देश में शिक्षा का वातावरण बनाना जरूरी श्री सोनी ने कहा कि मूल्य परक शिक्षा-भारत केंद्रित शिक्षा, शिक्षकों के सामाजिक सम्मान और संस्कारों पर जोर देने वाली शिक्षा के लिए सामूहिक रूप से विचार करते हुए काका कालेलकर द्वारा दिए गए चिंतन के अनुरूप देश में शिक्षा का वातावरण बनाने के लिए प्रयास करने होंगे। इसी से 2047 तक विश्व के रंग मंच पर भारत, प्रमुख नेतृत्व कर्ता के रूप में स्थापित होगा। कार्यक्रम में पुरुस्कृत डॉ. रामचंद्रन आर., प्रोफेसर के.के. अग्रवाल और प्रोफेसर कुसुमलता केडिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  

पाकिस्तान की टीम को पहली हार मिली और भारत को मिली पहली जीत, भारत ने 6 विकेट से जीता मैच

दुबई भारत और पाकिस्तान के बीच आज दुबई में महिला टी20 विश्व कप 2024 का 7वां लीग मैच खेला गया। इस मैच में टीम इंडिया को 6 विकेट से जीत मिली, जो इस टी20 विश्व कप की भारत की पहली जीत है। पाकिस्तान की टीम को पहली हार मिली है, क्योंकि भारत ने पहले मैच में हार झेली थी और पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में जीत मिली थी। इस मैच में 20 ओवर खेलकर पाकिस्तान ने 8 विकेट के नुकसान पर 105 रन बनाए थे। भारत ने 106 रनों का लक्ष्य 18.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल किया। ग्रुप ए की पॉइंट्स टेबल में भारत पांचवें से चौथे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पाकिस्तान तीसरे पायदान पर बरकरार है। श्रीलंका अब चौथे से पांचवें स्थान पर खिसक गया है। 6 विकेट से जीता भारत टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराकर आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2024 में पहली जीत दर्ज की है। भारतीय टीम अब पॉइंट्स टेबल में पांचवें से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। सना का कमाल टीम इंडिया को चौथा झटका ऋचा घोष के तौर पर लगा। उनको पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने आउट किया। इससे पहली गेंद पर जेमिमा आउट हुई थीं। इस तरह पाकिस्तान की वापसी उन्होंने कराई है। जेमिमा रॉड्रिग्स 23 रन बनाकर आउट हुईं। पाकिस्तान यहां से वापसी कर सकता है। भारत के लिए ज्यादा बड़ा लक्ष्य नहीं है। 106 रनों के जवाब में भारत का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 70 के पार हो चुका है, लेकिन नेट रन रेट अभी भी भारत का खराब है। इस मैच को भारत को जल्द खत्म करना होगा। शेफाली वर्मा ने टीम के रन रेट को बढ़ाया, लेकिन वे 32 रनों की पारी खेलकर आउट हो गईं। इस तरह भारत को दूसरा झटका लगा। नेट रन रेट पर नहीं है फोकस भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला जीत सकती है, लेकिन नेट रन रेट इस समय भारत के ध्यान में नही हैं। 9 ओवर में टीम ने एक विकेट खोकर 42 रन बनाए हैं। इससे भारत की मुश्किलें आगे बढ़ सकती हैं, क्योंकि पॉइंट्स टेबल में टीम आखिरी पायदान पर है।

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