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राजमाता विजयाराजे सिंधिया सिविल एयरपोर्ट पर निर्माणा कार्य के दौरान मजदूर घायल.

During the construction work at Rajmata Vijayaraje Scindia Civil Airport, laborers were injured. ग्वालियर। ग्वालियर में निर्माणाधीन राजमाता विजयाराजे सिंधिया सिविल एयरपोर्ट पर निर्माणधीन एयर टर्मिनल में काम के दौरान आज फिर एक हादसा होने से एक मजदूर गभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद वहां हड़कम्प मच गया । तीन महीने में यह दूसरी बड़ी घटना है । घटना के बाद घायल मजदूर के नाराज साथियों ने जमकर बवाल किया जिसके चलते मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी फिलहाल घायल को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है और पुलिस विवेचना में लगी है। आपको बता दें कि लगभग पांच सौ करोड़ की लागत से यहां कार्गो टर्मिनल बन रहा है. इसमें अभी फिनिशिंग का काम चल रहा है और आज दोपहर अचानक इसमें गिरने से एक श्रमिक गम्भीर रूप से घायल हो गया । उसे तत्काल उठाकर बिरला अस्पताल ले जाया गया और वहां उसे भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद साथी मजदूर ने बताया कि सुबह जब काम करने ले लिए वह ऊपर चढ़ा तो संतुलन गड़बड़ाने से काफी ऊंचाई से वह एकदम नीचे आ गया और गम्भीर रूप से घायल हो गया। किसी सेफ्टी उपकरण के बिना उसे पचास फुट ऊंची सीलिंग पर चढ़ा दिया गया जिससे वह गिर गया । मोहकम के गिरने के बाद वहां मौजूद कम्पनी के अधिकारी मौके से भाग निकले। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल को अस्पताल पहुंचा दिया गया है. और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है बाईट,,, राजवीर घायल मजदूर का साथी बाईट,,,, थाना प्रभारी महाराजपुरा ग्वालियर

गोवा एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा की मौत, पूर्व सैनिक संगठन ने स्टेशन मैनेजर को ज्ञापन सौंपा.

Death of Army Subedar Major Krishnakant Sharma while boarding the Goa Express. ग्वालियर ! रेलवे स्टेशन पर अप गोवा एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा की मौत को लेकर पूर्व सैनिक संगठन ने स्टेशन मैनेजर से इस मामले में जांच की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार के लिए रेलवे की ओर से मुआवजा राशि देने की भी उनके द्वारा मांग की गई है। उन्होंने इस बात पर दुख जताया है कि रेलवे सुरक्षा बल जीआरपी या प्रबंधन का कोई भी सदस्य पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर नहीं पहुंचा है। दरअसल सोमवार रात को ग्वालियर के दीनदयाल नगर में रहने वाले सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा छुट्टियां खत्म होने पर वापस अपनी ड्यूटी जा रहे थे। लेकिन ट्रेन में चढ़ने के दौरान वह ट्रैक पर चले गए और उनका शरीर दो टुकड़ों में बंट गया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई । इस घटना को लेकर पूर्व सैनिक संगठन ने गहरा क्षोभ जताया है और रेलवे प्रशासन पर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगा भी लगाया है। उनका कहना है कि ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान भीड़ पर काबू करने के लिए जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल तैनात रहता है लेकिन वह यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बेपरवाह रहते हैं जिसके कारण इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं। एक होनहार देश के जवान की इस दुर्घटना में मौत हुई है इसलिए रेलवे को इस मामले में सेना के जवान के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा देना चाहिए। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की अनदेखी पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए।

ग्वालियर , युवक की गोली मार कर हत्या मौके से आरोपी फरार.

In Gwalior, the accused in the murder case of a young man, who shot him dead, has fled the crime scene. ग्वालियर। युवक की बेरहमी से गोली मारकर हत्यामुरार के 6 नंबर चौराहे की घटना है। तीन बाइक सवार बदमाशों ने दिया वारदात को युवक के भेजे में मारी गोलीयुवक को गोली मारकर मौके से फरार हुए बदमाश,पुलिस मौके पर पहुंची बदमाशों की तलाश में जुटी ,मुरार थाना क्षेत्र का मामला मृतक युवक की नहीं हुई अभी पहचान

आठ महीने पहले गायब हुई मुरैना की महिला को शहर की इंदरगंज पुलिस ने सूरत से बरामद किया.

The woman from Morena, who went missing eight months ago, was apprehended by the city’s Indarganj police from Surat. ग्वालियर ! करीब आठ महीने पहले अपने दोनों बच्चों के साथ गायब हुई मुरैना की महिला को शहर की इंदरगंज पुलिस ने सूरत से बरामद कर लिया है। बच्चों के साथ इस महिला को उच्च न्यायालय में भी पेश किया गया जहां से महिला को स्वतंत्र रूप से कहीं भी जाने की अनुमति प्रदान की गई। खास बात यह है कि पुलिस इस महिला को तलाशने के लिए उसके बैंक खातों आधार कार्ड पैन कार्ड की जानकारी को लगातार अपडेट कर रही थी। इस बीच पता लगा कि महिला ने अपना आधार कार्ड अपडेट कराया है। इसी आधार पर पुलिस गुजरात के सूरत में महिला तक पहुंची। दरअसल 8 अप्रैल 2023 को यह महिला जिला न्यायालय क्षेत्र से अचानक अपने दो मासूम बच्चों के साथ गायब हो गई थी। यह महिला जिला न्यायालय में अपने पति की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद क्लेम संबंधी जानकारी लेने अपने देवर के साथ मुरैना से ग्वालियर आई थी । लेकिन यह महिला अपने देवर से यह कह कर चली गई कि वह अपने वकील से बात करके आ रही है ।इसके बाद देवर काफी देर तक उसका इंतजार करता रहा। लेकिन महिला नहीं आई ।महिला को नजदीकी रिश्तेदारों और आसपास ढूंढने के बाद परिजनों ने इंदरगंज थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिवार के लोगों ने यह भी बताया था कि महिला को रेलवे कॉलोनी मुरैना में रहने वाला एक युवक बहला फुसला कर अगवा कर ले गया है ।इस पर पुलिस ने उसे खोजने की। काफी कोशिश की लेकिन महिला और उसके बच्चों का कुछ सुराग नहीं लगा । पिछले दिनों जब उसने सूरत में अपने आधार कार्ड को अपडेट करने के लिए डाला और अपने फोन नंबर को चालू किया तब इंदरगंज पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से महिला की मौजूदगी गुजरात के सूरत में मिली ।इसके बाद इंदरगंज पुलिस की एक टीम महिला को बरामद करने सूरत पहुंच गई। जहां से महिला को उसके दोनों नाबालिग बच्चों के साथ बरामद कर लिया गया। फिलहाल पुलिस ने यह नहीं बताया है कि महिला को बहला फुसला कर अगवा करने वाले युवक के बारे में क्या स्टेटस है। महिला के घर वालों ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी लगा दी थी। सूरत से महिला की बरामदगी के बाद उसे हाई कोर्ट में पेश किया गया लेकिन महिला बालिग थी इसलिए न्यायालय ने उसे स्वतंत्रता दी है कि वह कहीं भी जा सकती है। निरंजन शर्मा… ए एस पी

क्राइम ब्रांच पुलिस ने रामगोविंद बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.

The Crime Branch police filed a case against Ramgovind Baghel. ग्वालियर! ग्वालियर ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी ओमप्रकाश शर्मा की शिकायत पर आखिरकार क्राइम ब्रांच पुलिस ने रामगोविंद बघेल के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। दो दिन पहले सोशल मीडिया पर अयोध्या के नवनियुक्त पुजारी मोहित पांडे की अश्लील और फेक तस्वीर शेयर करने पर पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया था।जिसमें राम गोविंद बघेल एवं कन्हैयालाल गर्ग के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई थी। दरअसल पिछले दिनों ही सरकार ने अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के नवनियुक्त पुजारी मोहित पांडे को नियुक्त किया है लेकिन कुछ लोगों ने उनकी एक युवती के साथ अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कीं। जिन्हें पुलिस ने फेक करार देते हुए अहमदाबाद के कांग्रेस से जुड़े हितेंद्र पिथाड़िया को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर जारी यह अश्लील तस्वीरें ग्वालियर में भी कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गई थीं।बाइट निरंजन शर्मा… एएसपी ग्वालियर

अयोध्या के नवनियुक्त पुजारी मोहित पांडे की सोशल मीडिया पर वायरल विडियो पर ग्रामीण ब्राह्मण महासभा ने पुलिस प्रशासन को आवेदन सौंपा,

The newly appointed priest Mohit Pandey of Ayodhya filed an FIR against the Gwalior Rural Brahmin Association. सुभाष पांडेय ग्वालियर ! ग्वालियर ग्रामीण ब्राह्मण महासभा ने सोशल मीडिया पर अयोध्या के नवनियुक्त पुजारी मोहित पांडे की अश्लील और फेक तस्वीर शेयर करने पर पुलिस प्रशासन को आवेदन सौंपा है ! और राम गोविंद बघेल एवं कन्हैयालाल गर्ग के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। दरअसल पिछले दिनों ही सरकार ने अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के नवनियुक्त पुजारी मोहित पांडे को नियुक्त किया है लेकिन कुछ लोगों ने उनकी एक युवती के साथ अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कीं। जिन्हें पुलिस ने फेक करार देते हुए अहमदाबाद के कांग्रेस से जुड़े हितेंद्र पिथाड़िया को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर जारी यह अश्लील तस्वीरें ग्वालियर में भी कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गई है। इस पर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस से ऐसे लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने ब्राह्मण समाज को आश्वस्त किया है कि वह इस मामले में न्यायोचित कार्रवाई करेंगे।

गरीब, शोषित, पीड़ित और मजदूर वर्ग को उनका हक दिलाना ही मानवाधिकारो का उद्देश्य है: रविंद्र सिंह तोमर.

Empowering the poor, oppressed, distressed, and the labor class to ensure their rights is the aim of human rights: Ravindra Singh Tomar. ग्वालियर! अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवश 10 दिसंबर के अवसर पर मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दिल्ली अल्पसंख्यक दिल्ली सरकार सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में विशाल रैली का आयोजन कर एवं जनसभा कर आम जन को उनके मानवाधिकारो के प्रति जागरूक किया गया । रैली फूलबाग़ से महाराज बाड़े तक निकाली गयी एवं मानस भवन फूलबाग पर विशाल जनसभा मानवाधिकारों के संदर्भ में आयोजित की गयी जनसभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सदस्य अल्पसंख्यक आयोग (राज्यमन्त्री दर्जा ) रविंद्र सिंह तोमर ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग मजदूरों एवं ग्रामीण पिछड़े इलाको के लोगो के मानवाधिकारो का हनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है! काम के बदले उचित पारिश्रमिक मिले ये हर मजदुर का हर भारतीय का मौलिक अधिकार भी है और मानवाधिकार भी है परन्तु वर्तमान में ना केबल मजदूरों का वल्कि पड़े लिखे नौजवानो को प्राइवेट क्षेत्र में उचित मेहनताना नहीं दिया जा रहा है! और श्रम कानून का भी उल्ल्घन भी किया जा रहा परन्तु चुकी आम जन को उनके मानवाधिकारो का ज्ञान नहीं है जिसके आभाव में वे शोषण सहन करते है साथ ही श्री तोमर ने पुलिस द्वारा सबसे अधिक मानवाधिकार हनन की बात कही| तोमर ने बताया की संस्था मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग को सबसे ज्यादा पुलिस प्रताड़ना से संबधित शिकायत मिलती है एवं ज्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष की पुलिस द्वारा प्रथामिक सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी होती जबकि प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाना हर पीड़ित का अधिकार है! तोमर ने बताया की संस्था देश भर में मानवाधिकार जागरूकता कैंप एवं जनसुनवाई शिविर लगाकर आम जन को उनके मानवाधिकार के प्रति जागरूक कर रही है एवं मानवाधिकार हनन के शिकार पीड़ितों को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माध्यम से न्याय भी दिलवा रही है!इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष तोमर द्वारा शासन प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियो को उत्कृष्ट सेवा कार्य करने पर मानवाधिकार रत्न सम्मान दिया गया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मीना ने बताया कि कर्तव्यों की वकालत तो सब करते हैं लेकिन अगर हर व्यक्ति अमल करें तो मानव अधिकारों की जरूरत ही ना पड़े अपने अधिकारों को समझना और पालन करना यही मानव अधिकार बताता है ।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन कटारे, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सह सचिव भानु व्यास, संभागीय अध्यक्ष अखिलेश परिहार, जिला अध्यक्ष विष्णु जादौन ,प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंसाना प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग संजय कंसाना, ग्वालियर ग्रामीण अध्यक्ष प्राण सिंह छवाई ,विधान सभा अध्यक्ष सोनू जादौन, विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र महोबिया, जिला मीडिया प्रभारी सोनू कौशल, जिला महसचिव तरुण राठौर ,जिला सचिव धर्मेंद्र खटीक ,प्रदेश महासचिव नरेश तोमर ,जिला अध्यक्ष यूथ राहुल चौहान ,प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्म परमार ,जिला उपाध्यक्ष बहादुर कुशवाह उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट धर्म सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीना जी को स्मृति चिन्ह देकर फूल माला पहनकर सम्मानित किया गया। इनका किया सम्मान….. डीएसपी नागेंद्र सिंह भदोरिया ,टीआई अजय पवार ,टी आईआर बी परिहार , टी आई नरेंद्र वर्मा टी इला टंडन, टी आई प्रीति भार्गव ,टीआई जितेंद्र सिंह तोमर, टीआई राजेश तोमर, टी आई यशवंत गोयल, समाजसेवी सुधीर त्रिपाठी, एडवोकेट धर्म सिंह चौहान को मानव रन मेडल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

फर्जी दस्तावेज लगाकर 16 साल से नौकरी कर रहे 8 शिक्षक, 15 साल चली जांच.

Eight teachers have been working for 16 years using fake documents; investigation has been ongoing for the past 15 years. मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर Special Correspondent, Sahara Samachaar, Gwalior भोपाल। ग्वालियर में शिक्षक भर्ती परीक्षा के जरिये टीचर के रूप सोलह साल से नौकरी कर रहे, आठ शिक्षकों की जांच मे बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि इन टीचरों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के समय फर्जी मार्कशीट और फर्जी दस्तावेज लगाए थे। पुलिस ने ऐसे आठ शिक्षकों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। इसकी खबर फैलने के बाद न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया है। 2007-08 में बने थे शिक्षक2007-08 में मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा को पास करने के बाद कुछ शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगा था। ग्वालियर के भितरवार इलाके में फरियादी गौरी शंकर राजपूत ने इसकी शिकायत थाने में की थी। जिसमें बताया गया था कि जनपद पंचायत भितरवार में पदस्थ शिक्षा कर्मियों ने फर्जी और कूटरचित अंकसूचियों की संरचना करके शासकीय सेवा प्राप्त कर अनाधिकृत रूप से शासकीय सेवा का लाभ उठाया है। उन्होंने इस मामले में धर्मेंद्र सिंह यादव, भगवत शर्मा, कृष्णा ,पान सिंह यादव, अनिल पाठक, बृजेंद्र सिंह रावत, अरविंद सिंह राणा, सतीश कुमार रजक, केशव सिंह पर फर्जी दस्तावेज लगाकर शासकीय नौकरी पाने का आरोप लगाया था। 2008 से चल रही थी जांच, 15 साल बाद हुई एफआईआरएडिशनल एसपी ग्वालियर निरंजन शर्मा ने बताया कि इस मामले पर विभिन्न बिन्दुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल और साक्ष्य संकलन किया गया और फरियादी द्वारा प्रस्तुत आरोप के दस्तावेज सही पाए जाने पर आठ आरोपियों के खिलाफ थाना भितरवार में धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना करके शासकीय नौकरी पाने की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच का दायरा बढ़ने पर बढ़ सकती है आरोपियों की संख्याअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अभी जांच जारी है और इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। इस एफआईआर की सूचना से पूरे प्रदेश के शिक्षा विभाग में भूचाल मच गया है। क्योंकि जांच का दायरा बढ़ा तो प्रदेश भर में ऐसे सैकड़ों मामले उजागर हो सकते हैं।

ग्वालियर पूर्व, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Gwalior East, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 16 – Gwalior East (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Maya Singh) BJP – 31554कांग्रेस : पीछे (Dr Satish Sikarwar) INC – 27066

सिंधिया स्कूल कैंपस में मंदिर दर्शन के लिए जैन मुनि को नहीं मिली इजाजत, जमकर हुआ हंगामा.

Jain monk denied permission for temple visit at Scindia School campus, uproar ensues. सिंधिया स्कूल परिसर में जैन मंदिर के दर्शन नहीं करने पर 24 घंटे तक अनशन फिर भी नहीं मिली अनुमति ग्वालियर । ग्वालियर किले पर स्थित फेमस सिंधिया स्कूल के परिसर में मौजूद एक प्राचीन भवन को भगवान महावीर स्वामी का मंदिर बताया जाता है। इसी के दर्शन करने की मांग करते हुए जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज ने पूरे 24 घंटे तक सिंधिया स्कूल के गेट पर अनशन किया। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया। थक हार कर जैन मुनि ने स्कूल के बाहर से खड़े होकर दूर से ही मंदिर के दर्शन किए और वहां से रवाना हो गए। दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार की सुबह शुरू हुआ था। ग्वालियर में चातुर्मास पूरा करने के बाद जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज ने ग्वालियर किले पर स्थित भगवान महावीर स्वामी के मंदिर के दर्शन करने की इच्छा जैन समाज के लोगों से जाहिर की। जैन समाज के कुछ लोग जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज को लेकर ग्वालियर किले पर पहुंचे। लेकिन यहां जैन मुनि को मंदिर में भगवान के दर्शन नहीं हो सके। क्योंकि जिस मंदिर में जैन मुनि दर्शन करना चाहते थे, वो मंदिर सिंधिया स्कूल के परिसर में मौजूद है।स्कूल प्रबंधन ने जैन मुनि को स्कूल के अंदर आने की अनुमति नहीं दी। अनुमति नहीं मिलने पर और भगवान के दर्शन नहीं होने पर जैन मुनि सिंधिया स्कूल के गेट पर ही अनशन पर बैठ गए। उनके साथ जैन समाज के कुछ लोग भी अनशन पर बैठ गए। मंगलवार सुबह से शुरू हुआ यह अनशन बुधवार की सुबह तक जारी रहा। स्कूल प्रबंधन ने किया साफ मनाइस दौरान पुलिस प्रशासन ने जैन मुनि को अनशन तोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन जैन मुनि ने भगवान के दर्शन करने के बाद ही अनशन तोड़ने की बात कही। बुधवार की सुबह स्कूल प्रबंधन द्वारा जैन मुनि को साफ तौर पर बता दिया गया कि उन्हें किसी भी हालत में स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस दौरान जैन समाज के लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। स्कूल प्रबंधन ने बनवा दी दीवारजैन समाज के लोगों ने बताया कि पहले वे इस मंदिर में दर्शन के लिए जाया करते थे। लेकिन फिर स्कूल प्रबंधन ने दीवार बनवा दी। जिसके बाद उन्हें अंदर जाने नहीं दिया जाता है। उन्हें स्कूल की दीवार के बाहर जाल से ही मंदिर के दर्शन करने पड़ते हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा जब जैन मुनि को स्कूल के अंदर प्रवेश देने से साफ मना कर दिया गया तो जैन समाज के लोग आक्रोशित हो गए। जाली में से मंदिर के दर्शन करने पड़ेजैन मुनि ने जब देखा की बात बनने की बजाय बिगड़ रही है तो जैन मुनि स्कूल के बाहर से ही मंदिर के दर्शन करने के लिए तैयार हो गए। जैन मुनि ने अपना अनशन तोड़कर स्कूल के बाउंड्री के बाहर खड़े होकर जाली में से मंदिर के दूर से ही दर्शन किए और इसके बाद में वहां से चले गए। हालांकि, इस मामले में जैन समाज के लोगों का कहना है कि अब वह इस मंदिर को स्कूल परिसर से मुक्त करवाने के लिए प्रयास करेंगे।

लोकायुक्त ने ठेकेदार से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हांथो पकड़ा, कार्यपालन यंत्री।

Lokayukta caught the contractor red-handed taking a bribe of 15 thousand rupees, the Executive Engineer. Manish Trivedi ग्वालियर:- पीडब्ल्यूडी का कार्यपालन यंत्री ठेकेदार से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया। लोकायुक्त ने मंगलवार को मेला मैदान में घूसखोर को दबोच लिया. तीन दिन पहले कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता ठेकेदार से 55 हजार रुपए ऐंठ चुका था। रिश्वत की दूसरी किस्त वसूलने के लिए उसने ठेेकेदार को मेला मैदान में बुलाया। ठेकेदार पैसों के साथ लोकायुक्त टीम को भी लेकर पहुंचा। ठेकेदार महेंद्र सिंह बैस ने बताया भिंड में कलेक्टर बंगले पर बिजली का काम किया है। इसका 4 लाख 20 हजार रुपए का बिल बना। अभी जो काम चल रहा है उसका बिल 2 लाख 72 हजार रुपए है। इन बिलों को कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता को पास करना था। उसके बदले गुप्ता 70 हजार रुपया घूस मांगी। पैसा नहीं दिया तो उसने ठेकेदार का बिल रोक दिया। पहली किस्त में 55 हजार रुपए देकर ठेकेदार ने कहा कि अब तो बिल पास कर दो, लेकिन गुप्ता पूरी रकम वसूले बिना बिल पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं था।

शिवपुरी में मतदान के बाद देर रात दो गुटों में खूनी संघर्ष, इलाज के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़।

Bloody clash between two groups late night after voting in Shivpuri, three people died during treatment. शिवपुरी में मतदान के बाद पुरानी रंजिश के चलते हुआ पथराव, आगजनी और गोलीकांड। दोनों गुटों के 12 से ज्यादा लोग हुए घायल, एक महिला सहित तीन की इलाज के दौरान मौत। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / शिवपुरी। जिले के नरवर थाना क्षेत्र के चकरामपुर गांव में 17 नवंबर को मतदान के बाद दो गुटों में रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। पथराव, आगजनी और गोलीकांड में दोनों गुटों के 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए पहले नरवर फिर ग्वालियर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान शनिवार को ग्वालियर में एक महिला और दो युवकों की मौत हो गई। हिंसा के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ गांव में मौजूद हैं। योगेंद्र उर्फ गोला पुत्र मुन्ना भदौरिया का गांव के ही दिनेश कुशवाह से दो माह पहले विवाद हो गया था। तभी से दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही थी। 17 नवंबर को वोटिंग के बाद रात में दोनों परिवारों के युवकों में रंजिश को लेकर विवाद हो गया। इसके कुछ देर बाद ही दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों गुटों ने लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में कुशवाह समाज के एक युवक को गोली लग गई। इस खूनी संघर्ष के दौरान हुई आगजनी में एक बोलेरो कार भी जलकर राख हो गई। खूनी संघर्ष में मुन्ना भदौरिया की पत्नी आशा देवी उम्र 55 वर्ष, भाई लक्ष्मण और हिमांशु सेंगर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अतिरिक्त मुन्ना भदौरिया के दो बेटे राजेंद्र भदौरिया और भोला भदौरिया घायल हुए थे। सभी घायलों को पहले नरवर के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से सभी घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया था। इस झगडे़ में मुन्ना भदौरिया की पत्नी आशादेवी और आशादेवी के भतीजे हिमांशु सेंगर और लक्ष्मण भदौरिया की ग्वालियर में मौत हो चुकी है। कुशवाह परिवार के सदस्यों का उपचार भी ग्वालियर के अस्पताल में जारी है। करैरा एसडीओपी शिवनारायण मुकाती ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों पर बलवा सहित हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। एक पक्ष के तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस ने अब हत्या की धारा बढ़ाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

छुटपुट घटनाओं के बीच ग्वालियर में शांतिपूर्ण रहा मतदान।

Voting remained peaceful in Gwalior amid minor incidents. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नहीं हुआ कोई बड़ा झगड़ा फसाद। भाजपा और कांग्रेस के बीच ही दिखाई दे रहा है सीधा मुकाबला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1659 मतदान केंद्रों और 3 सहायक मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मौसम में ठंडक होने के कारण सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ कम ही रही, लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ा मतदान केन्द्रों पर लाईन भी बढ़ती चली गई। चुनाव आयोग ने भले ही तमाम वायदे वोटिंग को लेकर किये हो, लेकिन मतदान के समय भी लोग अपने वोटर कार्ड लेकर घूमते दिखे। जबकि उनका नाम वोटर लिस्ट में था ही नहीं आयोग द्वारा नियुक्त एजेंटों द्वारा इसको लेकर कहा गया कि मतदाता की पुष्टि नहीं हुई होगी, इसके कारण नाम कट गया होगा, यह कहकर पलड़ा झाड़ लिया गया। ग्वालियर ग्रामीण के 269, ग्वालियर के 303, ग्वालियर पूर्व के 319, ग्वालियर दक्षिण के 249, भितरवार के 266 और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र डबरा (अजा) के 256 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता रूपी जनता ने अपने मताधिकार का उपयोग कर नई सरकार चुन ली है। साथ ही अपने क्षेत्र के विधायक को भी चुन लिया। मतदान के दौरान चाक चौबंद रही कानून व्यवस्था ग्वालियर में मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए दस हजार से ज्यादा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के अलावा बीएसएफ और क्यूआरएफ फोर्स को बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों की भी तैनाती की गई थी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चन्देल पूरे समय मतदान केन्द्रों पर घूम-घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।ग्वालियर में 16 लाख 24 हजार 567 वोटर्स हैं। इनमे 7 लाख 5 हजार 871 महिला वोटर हैं। इन चुनावों में पहली बार अस्सी साल से ज्यादा वाले बुजुर्गों को घर पर ही वोट डालने का अधिकार मिला था। ऐसे वोटर्स की संख्या 17081 है। जिले में 275 बूथ संवेदनशील भी थे जिनकी सुरक्षा के खास इंतजान किए गए थे। हालांकि शहर में मतदान प्रक्रिया के दौरान दो से तीन स्थानों पर लड़ाई झगडे की खबरें भी आईं थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते छोटे छोटे विवाद तो देखने को मिले लेकिन ये विवाद किसी बड़े झगड़े या अप्रीय घटना का कारण नहीं बन सके, कुल मिलाकर शहर में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। दांव पर लगी मंत्री और पूर्व मंत्रिओं की शाख ग्वालियर में भाजपा के दो वर्तमान मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और भारत सिंह कुशवाहा के अलावा तीन पूर्व मंत्री माया सिंह, इमरती देवी और नारायण सिंह कुशवाह और कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मैदान में हैं। इस चुनाव में इन सभी वर्तमान एवं पूर्व मंत्रिओं की शाख दांव पर लगी है। अब यह तो तीन तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि किसकी शाख बचेगी और किसकी डूबेगी। जिसका इंतजार सभी को रहेगा। आपको बता दें कि सुबह निर्धारित समय पर राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों का मॉक टेस्ट हुआ और फिर वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के बाद मतदान शुरू हुआ था। पोलिंग बूथों पर लगी रही मतदाताओं की भीड़ ग्वालियर की 6 विधानसभा सीटों पर लोकतंत्र के महापर्व को लेकर उत्साह चरम पर रहा। सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर वोट डालने के लिये मतदाताओं को पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ते ही पोलिंग बूथों पर लोगों की लाइनें लगना शुरू हो गई थी। लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई मतदान केन्द्रों पर मतदान धीमे होने की शिकायतें भी सामने आई। वहीं मतदान का समय पूर्ण होने पर भी कुछ पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगीं दिखाई दीं। जिसके चलते लाइन में लगे हुए मतदाताओं को मतदान केंद्रों के अंदर कर दिया गया और कुछ अतरिक्त समय का उपयोग कर मतदान पूर्ण कराया गया। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला ग्वालियर दक्षिण की बात करें तो यहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक प्रवीण पाठक और पूर्व मंत्री भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह के बीच सीधी लडाई है। ग्वालियर पूर्व में कांग्रेस के मौजूदा विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार और पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री माया सिंह के बीच मुकाबला है। जबकि ग्वालियर विधानसभा में मंत्री भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला है। ग्रामीण विधानसभा में भाजपा नेता मंत्री भारत सिंह कुशवाह और कांग्रेस प्रत्याशी साहब सिंह गुर्जर में आमने सामने की टक्कर है। भितरवार में कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखन सिंह और भाजपा के मोहन सिंह राठौर के बीच मुकाबला है वहीं डबरा में पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री इमरती देवी और कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुरेश राजे में सीधा मुकाबला है।

मुरैना में पूर्व सरपंच को गोली मारी, हालत गंभीर।

Former Sarpanch shot in Morena, condition critical. आधा दर्जन हथियारबंद बाइक सवार बदमाशों ने चलाई गोलियां। घायल को ग्वालियर रेफर किया, चुनावी रंजिश पर हुआ हमला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मतदान का दिन चुनावी हिंसात्मक घटनाओं से भर रहा, दिमनी विधानसभा के साथ-साथ जिले की अन्य विधानसभा में पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। वहीं मतदान संपन्न होने के बाद यहां घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बताया जा रहा है कि बीती रात बाइक से आधा दर्जन बदमाशों ने भाजपा समर्थक पूर्व सरपंच को गोली मार दी। घटना कोतवाली थाना इलाके के गणेशपुरा की है। गंभीर रूप से घायल पूर्व सरपंच को जिला अस्पताल लाया गया जहां से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। आपको बता दें कि मतदान के दिन जिले में जमकर फायरिंग और पथराव की घटना सामने आई है। मतदान होने की साथ-साथ एक और बड़ी घटना सामने आई है। शहर की कोतवाली थाना इलाके की गणेशपुरा में रहने वाले भाजपा समर्थक और पूर्व सरपंच खेम सिंह के ऊपर दर्जन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें पूर्व सरपंच खेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया। इस घटना का कारण आपसी चुनावी रंजिश बताई जा रही है। वहीं घायल पूर्व सरपंच के परिजनों ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के बेटे और उनके साथियों ने गोली चलाई है फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इनका कहना है कोतवाली थाना प्रभारी सुनील खेमरिया का कहना है कि पूर्व सरपंच का कहना है कि वह अपनी सिस्टर के घर से निकलकर गांव जा रहे थे। इस दौरान आधा दर्जन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें उन्होंने बताया है कि कोई प्रत्याशी का लड़का बताया जा रहा है। फिलहाल घायल पूर्व सरपंच को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है और पूरी घटना की जांच की जा रही है।

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के भाई ने साथियों सहित थामा भाजपा का झंडा।

Leader of Opposition of Congress and brother of Lahar MLA Dr. Govind Singh held the BJP flag along with his colleagues. चुनाव के समय हर बार चर्चाओं में रहे हैं विधायक के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह।पहले भी चुनावों में कर चुके हैं डॉ. गोविंद सिंह का विरोध और दल बदल। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह ने अपने कई साथियों सहित कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने भोपाल में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस खबर ने भिंड जिला सहित पूरे प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस बारे में कांग्रेस नेताओं का कहना है की शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं। जबकि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बेटे डॉ. अमित सिंह का कहना है की शैलेंद्र सिंह शुरू से ही कभी भी उनके साथ नहीं रहे और इसके पहले भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी का नहीं बल्कि भाजपा का ही साथ दिया है। उनके भाजपा में जुड़ने से क्षेत्र में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।एक ओर मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान होना है वहीं बीजेपी कांग्रेस में दल बदल का खेल अब भी जारी है। ताजा मामला मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के क़द्दावर नेता डॉ गोविंद सिंह से जुड़ा हुआ है, क्योंकि उनके चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह टप्पे अचानक भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह ने चुनाव प्रचार के बीच भोपाल पहुंचकर केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। अचानक इस तरह कांग्रेस छोड़कर उनके भाजपा में शामिल होने से क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है। साथियों सहित ली भाजपा की सदस्यता भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते समय लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेन्द्र सिंह कुशवाह उर्फ टप्पे के साथ साथ मनोज कुशवाह पचोखरा तथा अरविंद कुशवाह बगुलरी, अरुण कुशवाह पचेरा तथा रमेश रावत रावत मुहल्ला लहार ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ साथ 2022 में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 11 से रमेश कुशवाह जिन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था जिनका लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बीच लेनदेन का अभी हाल ही में ऑडियो वीडियो वायरल हुआ था, उन्हें भी हृदेश शर्मा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिलाकर भाजपा की प्राथमिकता सदस्यता दिलवाई। शैलेंद्र सिंह ने हमेशा डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया जब इस मामले में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो चुनावी व्यस्तता के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं जब उनके बेटे डॉ. अमित सिंह से इस विषय को लेकर फोन पर बात की तो उन्होनें इस बात का जवाब देते हुए कहा की शैलेंद्र सिंह उर्फ टप्पे मेरे पिता डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई हैं और उनका सहयोग कभी भी हमारे साथ नहीं रहा। एक ही परिवार से जुड़े होने के कारण उनका नाम कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक के भाई के रूप में जरूर जाना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा हर चुनाव में कांग्रेस पार्टी और डॉक्टर साहब का विरोध ही किया है। उनके कारनामों को क्षेत्र की जनता अच्छे से जानती है और उनके भाजपा या अन्य किसी भी दल में आने-जाने से कहीं कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसके पहले 2020 में भी उन्होंने भाजपा ज्वॉइन की थी और उनकी ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रद्युमन सिंह तोमर के साथ कई तस्वीरें भी सामने आईं थीं। उनका आप उनका पिछला रिकॉर्ड देख सकते हैं। शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं शैलेंद्र सिंह के भाजपा ज्वॉइन करने को लेकर क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष मान सिंह कुशवाह से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह कांग्रेस में थे ही कब, उनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि यह नेता प्रतिपक्ष का पारिवारिक मामला है इसलिए फिलहाल किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।  शैलेंद्र सिंह को है दलबदल की आदत बता दें कि लहार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शैलेंद्र सिंह (टप्पे) चुनाव आते ही दलबदल करते रहे हैं इसलिए ये कोई नई बात नहीं है। उनका दल बदल चलता रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो उन्हें विभीषण भी कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि हरबार विधानसभा चुनाव में उनके द्वारा कांग्रेस पार्टी और अपने बड़े भाई, लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया गया है, लेकिन इससे वे डॉ. गोविंद सिंह का कभी भी कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाए और इस बार भी उनके इस काम से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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