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पूर्व CM उमा भारती ने फिर उठाया डॉग बाइट का मुद्दा, मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र

Former CM Uma Bharti again raised the issue of dog bite, wrote a letter to Chief Minister Mohan Yadav भोपाल । उमा भारती मृतक बच्चे के परिजनों से भी मिल चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और जिस जगह यह घटना हुई थी, उसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया था. इसके साथ ही उमा भारती ने घटनास्थल का भी दौरा किया था. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) को पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से उन्होंने आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने (Action Against Dog Bites) की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने राजधानी भोपाल (Bhopal) में हाल ही में कुत्तों के काटने से बच्चे की हुई मौत का जिक्र करते हुए पत्र में लिखा कि गरीबों के जिंदा बच्चों को कुत्ते खा जाएं, ये हमारे समाज के लिए कलंक है. उमा भारती ने कहा कि ये क्रिमिनल नेग्लिजेंस है. बनाए हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए. जो लोग सरकार के बनाए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, ये अपराध है. उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.

प्रदेश के समस्त जिलो में साइबर तहसील लागू करने के आदेश जारी किए 

Orders issued to implement Cyber ​​Tehsil in all the districts of the state 2 फरवरी से मध्य प्रदेश के समस्त जिलो में साइबर तहसील लागू करने के समस्त कलेक्टरों को दिए गए निर्देश।

कैंपा फंड के फायर प्रोटेक्शन मद से उपकरणों की खरीदी में गड़बड़ झाला

Jhala: Irregularities in purchasing equipment from fire protection item of Campa Fund. उदित नारायण भोपाल। जंगल महकमे में कैंपा फंड से फायर प्रोटक्शन के लिए 11 करोड़ रूपए रिलीज किए गए हैं। 11 करोड़ रूपया रिलीज होते ही सप्लायरों का एक सिंडिकेट सक्रिय हो गया है। इस सिंडिकेट में वित्तीय सेवा के एक अधिकारी के शामिल होने की खबर विभाग में सुर्खियों में है। हालांकि शासन की ओर से अधिकारी की पदस्थापना अभी मंत्री स्टाफ में नहीं हो पाई है। बावजूद इसके, इनके द्वारा फील्ड में पदस्थ वन संरक्षक और डीएफओ पर दबाव बनाया जा रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि सिंडिकेट के संचालक कर्ता धार, अलीराजपुर और झाबुआ से जुड़े हैं। फायर प्रोटेक्शन के लिए कैंपा फंड से 11 करोड़ रूपया रिलीज किए गए हैं, क्योंकि 15 मार्च तक खर्च किया जाना है। 11 करोड़ रूपये से ब्रशयुक्त कटर, ब्लोअर, अग्निरोधी किट  और पानी की जैरीकेन की खरीदी होनी है। इन उपकरणों मार्केट रेट से दुगना और डेढ़ गुना दाम पर हो रही है। मसलन, ब्रशयुक्त कटर की बाजार दर 12000 से लेकर 14000 रुपए तक है किंतु विभाग 45000 रुपए में खरीद रहा है। इसी प्रकार ब्लोअर की बाजार दर अधिक से अधिक 14000 रुपए है। जबकि विभाग ₹60000 प्रति ब्लोअर की दर से भुगतान करने जा रहा है। 5000से ₹6000 में मिलने वाला अग्निरोधी किट वन विभाग ₹12000 में खरीद रहा है। सूत्रों का कहना है यह है कि यह डर इसलिए निर्धारित किए गए हैं क्योंकि अधिकारियों का सिंडिकेट संचालक कर्ता द्वारा सप्लायरों से 15% कमीशन की डिमांड किये जाने की खबर है। सूत्रों ने बताया कि वन मंत्री के नाम से सिंडिकेट में शामिल अनाधिकृत अफसर फील्ड के अफसरों (डीएफओ- सीएफ) को धमकाया जा रहा है कि वर्क ऑर्डर इन्हीं फर्मों को ही दिया जाय। यह फॉर्म में भी सिंडिकेट में शामिल सदस्यों की ही है। सूत्रों की माने तो  खंडवा सतना और दक्षिण शहडोल के अलावा किसी भी अधिकारी ने टेंडर नहीं बुलाए हैं।  एक सीनियर अधिकारी की सलाह है कि विभाग में जो भी खरीदी हो उसके टेंडर अथवा बिड विभाग की साइट पर अपलोड किए जाएं। इससे अधिक से अधिक फर्म पार्टिसिपेट कर सकेंगी और विभाग को वित्तीय फायदा भी होगा। फील्ड के अवसर दबाव में आकर बीट के द्वारा खरीदी की जाती है, जिसकी जानकारी सिर्फ सिंडिकेट के सदस्यों को ही रहती है। फायर प्रोटक्शन के लिए खरीदी होने वाली उपकरण  नाम                   संख्या            मद (करोड़)  ब्रशयुक्त कटर      4400            1.98  ब्लोअर                440             2.64  अग्निरोधी किट    4400           5.28 पानी जैरीकेन       4400           1.10

अब कुत्ते के काटने पर मालिक को हो सकती है जेल, पढ़िए क्या कहता है कानून

Now the owner can be jailed for dog bite, read what the law says Dog Bite श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।देश के हर हिस्से से आए दिन श्वान के काटने की खबरें सामने आती रहती हैं। श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है, लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।इस कानूनी अधिकार को समझाते हुए अधिवक्ताओं का कहना हैं कि श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है और अगर चोट गंभीर है तो मालिक को जेल भी जाना पड़ सकता है। आम तौर पर लोग ऐसे मामलों में कानून न जानने की स्थिति में शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं और कई बार आपसी विवाद भी हो जाते हैं । अधिवक्ताओं का कहना हैं कि अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो वह श्वान के मालिक के खिलाफ पुलिस थाने जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है।कानून के मुताबिक, किसी भी पालतू जानवर से किसी को नुकसान पहुंचने पर उसके मालिक की ही जवाबदेही होती है। जैसे पालतू श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ दर्ज एफआइआर हो सकती है। इसमें उसके खिलाफ आइपीसी की धारा 289 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। क्या है आईपीसी की धारा 289? आईपीसी की धारा 289 कहती है कि जो कोई व्यक्ति अपने पालतू जानवर से दूसरे व्यक्ति के जीवन को संकट में डालेगा या किसी भी तरह की क्षति पहुंचाएगा, तो ऐसे व्यक्ति के लापरवाह रवैये के लिए उसे 6 महीने की जेल हो सकती है, साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।

मोहन कैबिनेट ने दी स्टार्टअप नीति में संशोधन को मंजूरी

Mohan cabinet approved amendment in startup policy मंत्रालय में हुई मोहन कैबिनेट की बैठक। स्टार्टअप नीति में संशोधन के बाद अब राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए स्टार्टअप को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि मिलेगी। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में स्टार्टअप नीति में संशोधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसमें अब यह प्रविधान किया गया है कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रदेश के स्टार्टअप को प्रतिपूर्ति राशि दी जाएगी। राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में भाग लेने पर 50 हजार और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने पर डेढ़ लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति होगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग ने यह प्रस्तावित किया था कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए स्टार्टअप को प्रोत्साहन राशि दी जाए। इसके अलावा बैठक में विभागीय जांच संबंधी कुछ अन्य निर्णय भी लिए गए। इसलिए किया संशोधन दरअसल स्टार्टअप से जुड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए पंजीयन कराना होता है। इसका शुल्क अधिक होता है, जिसके कारण स्टार्टअप इनमें सम्मिलित नहीं होते हैं। जबकि, ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने से अनुभव मिलता है और संपर्क भी बनते हैं, जो व्यापार को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

मध्य प्रदेश खनिज नियम के तहत हुई कार्यवाही रेत के अवैध परिवहन पर वसूला गया 95 हजार रूपये का प्रशमन शुल्क

Action taken under Madhya Pradesh Mineral Rules, mitigation fee of Rs 95 thousand recovered on illegal transportation of sand विषेश संवादाता कटनी ! कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में गंभीरता से कार्यवाही करने के दिए गए निर्देश के बाद खनिज विभाग द्वारा तीन ट्रेक्टर ट्राली वाहनों से रेत का अवैध परिवहन करते पकडे पाये जानें पर 94 हजार 875 रूपये की प्रशमन शुल्क की राशि की वसूली की गई है। खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों पर जिला प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है और कड़ी नजर रखी जा रही है साथ ही खनिज के अवैध परिवहन में लिप्त वाहनों से निर्धारित प्रशमन शुल्क की राशि भी जमा कराई जा रही है।

हायर सेकेंडरी स्कूल में आए पैसे को लेकर हुआ गड़बड़ झाला काम कराने के नाम पर 3 लाख से ज्यादा की हुई पैसे की लीपा पोती विभाग बना अंजान

There was a mess regarding the money received in the Higher Secondary School, in the name of getting the work done, more than Rs. 3 lakhs of money was covered up, the department became unknown. विशेष सवदाता कटनी । शासन के द्वारा जो स्कूलों में मरम्मत को लेकर पैसे दिए जाते हैं उसे पर भी भ्रष्टाचार का घुन लग जाता है जबकि यह पैसा विद्यालयों के रखरखाव के लिए दिया जाता है ताकि विद्यार्थियों को परेशानी ना हो लेकिन सरकारी पैसे के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है इस मामले को लेकर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है बताया गया है कि पूरे पैसे को मिलजुल कर बंदर बांट किया गया है और जिसने यह खेल रचा है आज तक उसके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की गई है स्कूलों में मरम्मत के नाम पर जारी हुई राशि जमकर खुर्दबुदृ की गई है। थोड़ा-बहुत काम कराकर तीन लाख रुपए से अधिक आहरित कर लिए गए है। ऐसा ही एक मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरौध में सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां पर मरम्मत के लिए तीन लाख रुपए शिक्षा विभाग से मिले हैं। स्कूल में ग्रीन बोर्ड का कार्य नहीं कराया गया। नियमानुसार एसएमडीसी समिति नहीं बनाई बाउंड्रीवॉल की पुताई नहीं कराई गई. दरवाजे आदि का भी रंगरोगन नहीं कराया गया। 20 से 25 हजार रुपए का एक टीन शेड बनवाया गया है। इस काम के लिए इंजीनियर ने इस्टीमेट भी नहीं बनाया और राशि जारी हो गई है। वर्क ऑर्डर भी नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि अलग-अलग फर्म से कोटेशन नहीं मंगाए गए। ना ही आमसूचना हुई। विभिन्न फर्मो के टेंडर नहीं है सामग्री बिल वा लेबर वाउचर नहीं है भुगतान एक ही व्यक्ति को 299615 रुपए किया गया जिसमें साफ समझ में आ रहा है की राशि का गोलमाल किया गया है स्कूल समिति अभियान जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में निर्देश सीनियरों को दरकिनार कर जूनियरों को शामिल किया गया है। खेल मैदान ठीक कराने के नाम पर भी मनमानी की गई है। मैदान को साफ कराया गया है, जिसके नाम पर 58 हजार रुपए निकाले ग्रामीणों ने कहा कि विद्यार्थियों की नामांकन फीस में भी मनमानी की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि प्राचार्य संत बक्स तिवारी द्वारा मनमानी की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कराए जाने मांग की गई है। इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि की जानकारी में नहीं है बताया गया है कि विभाग की तरफ से लीपापोती की जा रही है और मामले को दबाया जा रहा है शासन की राशि का खुलेआम भ्रष्टाचार की होली खेली गई है अब सवाल यह उठता है कि जांच करने वाले ही अनजान बन रहे हैं इस बात को लेकर कलेक्टर महोदय को संज्ञान में लेना चाहिए

राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर परिधि में कैसे संचालित हो रही हैं शराब दुकानें “हाई कोर्ट “

How are liquor shops operating within 500 meters radius from the National Highway “High Court” जनहित याचिका में होना है सुनवाई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर नोटिस जारी कर मांगा था जवाब। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं।कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है।सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। इंदौर। शासन को बुधवार को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष बताना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं। इनका संचालन रोकने के लिए शासन क्या कर रहा है। कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका राजेंद्र गुप्ता ने दायर की है। वे स्वयं ही इसमें पैरवी भी कर रहे हैं। याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। कोर्ट के निर्देश के बाद 500 मीटर की परिधि से बाहर संचालित होने वाली शराब दुकानों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए थे। आबकारी विभाग में की थी शिकायत याचिका में कहा है कि इंदौर-देवास राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में नौ शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। याचिकाकर्ता ने आबकारी विभाग में इसकी शिकायत की थी लेकिन शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। ये दुकानें आज भी संचालित हो रही हैं। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता ने याचिका में यह भी कहा है कि उन्होंने दुकानों के संबंध में आबकारी विभाग में शिकायत की तो वहां से जवाब दिया गया कि ये शराब दुकानें परंपरागत हैं। याचिका के समर्थन में इन शराब दुकानों के फोटोग्राफ और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। बुधवार को शासन को जवाब देना है।

वन विभाग की टीम पर लाठी-डंडों और पत्थर से हमला, 3 वनकर्मी घायल

Forest department team attacked with sticks and stones, 3 forest workers injured राजगढ़ में वन विभाग की टीम पर लाठी-डंडों और पत्थर से हमला हुआ है। जिसमें तीन वनकर्मी घायल हो गए हैं। किशनगढ़ में कुछ लोगों ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर लिया था। राजगढ़ ! जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने ग‌ई वन विभाग की टीम पर मंगलवार को हमला हो गया। हमला करने वालों ने कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे और पत्थरों से अतिक्रमण हटाने ग‌ई टीम पर हमला कर दिया। हमलें में तीन वनकर्मीयों को चोटें आई हैं। वन विभाग की शिकायत पर कोतवाली थाने में तीन लोगों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। राजगढ़ रेंज ऑफिसर गौरव गुप्ता ने बताया कि वन विभाग के किशनगढ़ क्षेत्र की डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। कब्जा करने वालों ने वन विभाग की जमीन पर लकड़ी के खंभे गाड़कर तार फेसिंग कर दी थी। जिसकी सूचना मिलने पर मंगलवार दोपहर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कब्जा करने वालों ने इसका विरोध किया। उन्होंने टीम पर लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और पत्थर से हमला कर दिया। टीम ने अपनी जान बचाते हुए पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद 20 से 25 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर हमलावर मौके से भाग निकले। तीन वनकर्मीयों को आई चोंटे इस घटना में में तीन वनकर्मीयों को पत्थर लगे हैं। उन्हें गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने अतिक्रमणहटाने की कार्रवाई की। इसके बाद राजगढ़ थाने पहुंचे और हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज करवाया। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर आरोपी मोहन उर्फ बंटी गुर्जर, भारत गुर्जर, राजू गुर्जर पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।

स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से बनेगा आत्मनिर्भर भारत: केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी

Construction of smart village along with smart city will make India self-reliant: Union Minister Shri Gadkari जबलपुर ! केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से आत्म निर्भर भारत का निर्माण हो सकेगा। जबलपुर मध्यप्रदेश का ग्रोथ इंजन है। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में जबलपुर का नाम पूरे देश में जाना जाता है। जबलपुर में सड़कों-पुलों के निर्माण और सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक विकास के लिये सरकार कार्य कर रही है। श्री गडकरी जबलपुर में वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़कों के निर्माण से उद्योगों का विकास होता है। पर्यटन में वृद्धि होती है। कृषि एक्सपोर्ट बढ़ता है और इस तरह सड़क प्रदेश के विकास की धुरी बन जाती है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का विजन, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का ध्येय गांव और किसानों के विकास से सीधा जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग और रिंग रोड निर्माण के दौरान जमीन से खोदी गई मिट्टी और मुरूम की जगह पर पानी का स्टोरेज टैंक और तालाब बनाया जा सकता है। इससे वाटर कंजर्वेशन तो होगा साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। हर गांव की 75% जमीन सिंचित होगी तो किसान और गांव समृद्ध होंगे और कृषकों की आमदनी बढ़ेगी। किसान आगे बढ़कर बने ऊर्जा दाता केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो एविएशन फ्यूल, बायो सीएनजी और बायो एलएनजी निर्माण की दिशा में कार्य करके अन्नदाता से आगे बढ़कर ऊर्जा दाता बन सकता है। कृषि से उपजे बायोमास को एनर्जी क्रॉप्स में परिवर्तित करें। पानीपत में इंडियन ऑयल के बिटुमिन प्लांट का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कि प्रदेश में पराली से 1 लाख लीटर एथेनॉल, 1.5 टन बिटुमिन और 75 हजार टन हवाई ईंधन तैयार किया जाता है। यह उत्पाद हवाई जहाज के ईंधन के रूप में उपयोग किए जा सकते है। इसे सस्टेनेबल एवियशन फ्यूल कहा गया है। दो साल पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम में फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में बायो फ्यूल का उपयोग किया गया था। प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह पुरातन काल में सम्राट विक्रमादित्य का काल सुशासन का काल माना जाता था। उसी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में सुशासन की स्थापना की जा रही है। जैसे हिमालय से गंगा अविरल बहती है वैसे ही प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने अपने संबोधन में प्रदेश के जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने से जिलों के विकास के द्वार खुलेंगे और विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में यह अहम प्रयास साबित होगा।

पंचवटी हनुमान मंदिर अनदेखी के चलते खो रहा अपनी चमक

Panchavati Hanuman temple is losing its shine due to neglect लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, पंचवटी हनुमान मंदिर अनदेखी के चलते खो रहा अपनी चमकप्राचीन धरोवर सहेजने होने चाहिए प्रयास । हरिप्रसाद गोहे आमला । बीते लंबे अरसे से आमला की पहचान बना रहा पंचवटी मन्दिर अनदेखी के चलते आंसू बहा रहा है । गौरतलब हो की कभी शहर का एक धार्मिक स्थल पंचवटी हनुमान मंदिर की सुंदरता लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा करती थी।यहां की सुंदरता देखते ही बनती थी । लेकिन देख रेख के आभाव में यह धार्मिक स्थल अपनी चमक खोता नजर आ रहा है । ज्ञात हो कि राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त शिक्षक मोतीलाल पांडे जी द्वारा रामायण के पात्रों व हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को कड़ी मेहनत करके अपने हाथों से बनाया था, उनके अथक प्रयासों से आमला को एक भव्य स्थान मिला था आस्था व सुकून के पल बिताने के लिए यह बेहतर स्थल था, लेकिन जिम्मेदारो की लापरवाही के चलते ये स्थान अवस्था मे पहुँच गया । शोरगुल से दूर स्थित पंचवटी मन्दिर की तमाम प्रतिमाएं लोगो का ध्यान खिंचती है, जिनमे हनुमान जी की पर्वत उठाती मूर्ति, सुरसा के मुंह मे खड़े बजरंगबली, वनवास को जाते सियाराम-लक्ष्मण, शबरी के झूठे बेर खाते राम, बाली वध, लक्ष्मण रेखा एव शारदा माता के साथ अन्य आकर्षक व दिव्य मूर्तियां श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है, पर अन्य व्यवस्थाओ के अभाव में मन्दिर में आगन्तुको की कमी होने लगी है। अगर प्रशासन चुने हुए क्षेत्र के जन प्रतिनिधि थोड़ा सा प्रयास करें तो ये स्थान पुनः वही चमक दोबारा प्राप्त कर सकता है । लोगों की जन चर्चा अनुसार नगरपालिका अगर पंचवटी मंदिर को बढ़िया फेंसिंग कर कवर्ड करवा दे एवं लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था, बैठने के लिए बेंच एवं बच्चो के लिए झूले व अन्य साधन की व्यवस्था करवा दी जाए, तो लोगो का यहां आना सार्थक हो जाएगा एवं उन्हें सुगम दर्शन के साथ सुकून से बैठने की जगह भी मिल जाएगी। स्वर्गीय पांडे जी द्वारा जिस भाव से कड़ी मेहनत कर पंचवटी की रचना की गई थी वो भाव हाल के वर्षों में लुप्त हो गया एवं पंचवटी मंदिर शहर से कट सा गया, एक दौर था जब शहरवासी बाहर से आये अपने मेहमानों को यहां आकर्षक मूर्तियां दिखाने लाया करते थे, वे दिन वापस आ सके इसके लिए नगरपालिका को पहल करनी होगी, जरा सी पहल से शहर की ये अमूल्य धरोहर पुनः अपना सौंदर्य प्राप्त कर सकती है ।

सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ थे गॉधी

Gandhi was the “Mahatma” of goodwill and tolerance. राष्ट्रपिता की 76वीं पुण्यतिथि पर विशेष शहीद दिवस डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) महात्मा गॉधी ने अपने जीवन में अहिंसा का पालन कर यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़े शक्तिशाली युद्ध हैं। उनका यह उपदेश हमें आत्म-नियंत्रण, सद्भावना और सहिष्णुता की ओर प्रवृत्त करता है। उनके सिद्धांतों ने हमें बताया कि समस्त मानव जाति को एक परिवार की भावना के साथ जीना चाहिए। सभी को समानता और न्याय का अधिकार है। शहीद दिवस पर करते हैं महात्मा गॉधी का पुण्य स्मरण। 30 जनवरी को महात्मा गॉंधी की 76वीं पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाकर पूरा देश आज बापू का पुण्य स्मरण कर रहा है। भारत सदियों से वीरों की भूमि रहा है। देश में अनेक वीर-सपूतों ने जन्म लिया और अपनी शहादत से वतन की मिट्टी को पावन कर दिया। वीर-शहीदों की याद में ही हर वर्ष शहीद दिवस मनाया जाता है। हालांकि भारत में विभिन्न तिथियों में शहीद दिवस मनाने की परंपरा है। जनवरी, मार्च और नवंबर महीने में शहीद दिवस की तारीख अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन इन दिवसों की भावना एक ही है। हम जांबाज क्रांतिकारियों को याद कर उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने यह दिवस मनाते हैं। आज का शहीद दिवस गांधी जी की अहिंसात्मक सोच और उनके बलिदान के स्मरण का प्रतीक है। 1948 को इस दिन ही नाथूराम गोडसे ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। महात्मा गॉधी, जिन्हें कोई बापू कहता है तो कोई देश का राष्ट्रपिता। दोनों का अर्थ एक ही है। वे एक ऐसे महान आत्मा थे जो अपने आदर्शों और अनूठी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। बापू ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर आजादी की जंग लड़ी और देशवासियों का भी मार्गदर्शन किया।अहिंसा परमो धर्मः…. धर्म हिंसा तथैव चः … अर्थात अहिंसा ही मनुष्य का परम धर्म है और जब धर्म पर संकट आए तो उसकी रक्षा करने के लिए की गई हिंसा उससे भी बड़ा धर्म है। बावजूद इसके अहिंसा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने वाले गॉधी ने इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार में उतारा। अहिंसा परमो धर्मः को ही जीवन में अपनाया। हालांकि भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और महात्मा गाँधी की अंहिसा की धारणाएं अलग-अलग थीं फिर भी वेद, महावीर और बु़द्ध की अहिंसा से महात्मा गाँधी प्रेरित थे।महात्मा गाँधी ने अपने जीवन को भारतीय समाज के लिए समर्पित किया और अपने आदर्शों का पालन करते हुए आजादी के लिए संघर्ष किया। महात्मा गाँधी की शहादत ने यह सिखाने का मौका दिया कि हमें अपने मौलिक सिद्धांतों के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे जैसी भी परिस्थिति हो। उनका संदेश था कि सत्य, अहिंसा और ईमानदारी का पालन करते हुए हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करके एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। महात्मा गॉधी का मानना था कि एक मात्र वस्तु जो हमें पशु से भिन्न करती है वह है अहिंसा। व्यक्ति हिंसक है तो वह पशुवत है। मानव होने या बनने के लिए अहिंसा का भाव होना आवश्यक है। गॉधी जी की सोच थी कि हमारा समाजवाद अथवा साम्यवाद अहिंसा पर आधारित होना चाहिए। जिसमें मालिक, मजदूर एवं जमींदार, किसान के मध्य परस्पर सद्भाव पूर्ण सहयोग हो। निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी। सच्ची अहिंसा मृत्यु शैया पर भी मुस्कराती रहेगी। बहादुरी, निर्भिकता, स्पष्टता, सत्यनिष्ठा इस हद तक बढ़ा लेना कि तीर-तलवार उसके आगे तुच्छ जान पड़ें। यह अहिंसा की साधना है। शरीर की नश्वरता को समझते हुए उसके न रहने का अवसर आने पर विचलित न होना अहिंसा है। उनकी इसी सोच ने महात्मा गॉधी को देश का सबसे ज्यादा प्रभावशाली नेता बना दिया।जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रहों को एक मात्र हथियार बनाकर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी। सामाजिक और राजनीतिक सुधार में उनकी सार्वजनिक भूमिका का परिणाम ऐसा था कि उनके विचारों और आंदोलनों पर अमेरिकी और यूरोपीय समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और रेडियों पर चर्चा होने लगी थी। उनके काम को दुनियाभर के शीर्ष राजनेताओं द्वारा उत्सुकता से अनुसरण किया जाने लगा। जबकि अहिंसा या अहिंसा का दर्शन गॉधी का पर्याय बन गया था। अहिंसा का उनका अभ्यास अन्य धर्मां के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना का विस्तार था। सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें शांति का वैश्विक प्रतीक और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना दिया। अहिंसक विरोध आज गॉधीवादी विरासत की प्राथमिक अभिव्यक्ति है। गॉधी जी के अनुसार अहिंसा केवल एक दर्शन ही नहीं बल्कि कार्य करने की एक बेहतर पद्धति है। मानव के हृदय परिवर्तन का एक साधन है। यही वजह थी कि उन्होंने कभी भी अहिंसा को व्यक्तिक आचरण तक ही सीमित न रखकर उसे मानव जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में लागू किया। उनका मानना था कि सत्य सर्वोच्च कानून है। तो अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है। आत्म-समर्पण और सत्य के माध्यम से ही हम अद्वितीय भारत की ऊँचाइयों को छू सकते हैं। महात्मा गांधी ने दिखाया कि एक व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने मौलिक आदर्शों पर कैसे कड़ाई से अड़े रह सकता है और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।उनकी महानता को समझने का यह एक अद्वितीय अवसर है, जो हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में प्रेरित कर सकता है। क्योंकि सत्य की तरह ही अहिंसा की शक्ति भी कम नहीं है। वह भी असीम है। इसी सोच ने उन्हें सत्य और अहिंसा का पुजारी बना दिया। वे देश ही नहीं दुनिया में अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ बन गए। सत्य, प्रेम और अहिंसा के ऐसे महात्मा को हमारा शत्-शत् नमन्।

आमला के आर्जवी, सक्षम हारोड़े राष्ट्रीय स्तर पर हुए चयनित

Amla’s Arjvi, Saksham Harode selected at national level पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय आमला के छात्रों का विज्ञान प्रदर्शनी मे हुआ राष्ट्रीय चयन हरिप्रसाद गोहेआमला।आमला केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स आमला के छात्र आर्जवी हारोड़े व सक्षम हारोड़े का चयन 51 वी संभाग स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी में हुआ है । उक्त दो दिवसीय कार्यक्रम केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 इंदौर में संपन्न हुआ चयनित छात्र राष्ट्रीय स्तर प्रदर्शनी के लिए भुनेश्वर ( उड़ीसा) जाएगे छात्रों की इस उपलब्धि पर विद्यालय प्राचार्य मदन मोहन कटियार ने हर्ष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह विज्ञान के नवाचार और प्रयोगों पर उपलब्धि प्राप्त करते रहने और विद्यालय को गौरवान्वित करने की मंशा जाहिर की और छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय के अन्य छात्रों को भी इससे प्रेरणा लेने और आगे बढ़ने का संकल्प लेने की मंशा जाहिर की । छात्रों के चयन पर विद्यालय के विज्ञान शिक्षक सुनील कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षकों ने और विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए छात्रों को बधाई दी ।

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