LATEST NEWS

एमपी बोर्ड द्वितीय परीक्षा 10वीं 12वीं प्रवेश हुए जारी, ऐसी रहेगी पूरी व्यवस्था, ये रहेंगे नियम

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड की 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बोर्ड ने प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। MPBSE ने प्रवेश पत्र mpbse.mponline.gov.in वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। द्वितीय परीक्षा में केवल 65 प्रतिशत छात्रों ने ही आवेदन किया है। परीक्षा 17 जून से 5 जुलाई तक सुबह 9 से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। 3.31 लाख विद्यार्थियों ने किया आवेदन किया एमपी बोर्ड 10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षा के लिए 3.31 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है,जबकि दोनों कक्षाओं में 5.10 लाख विद्यार्थी फेल हुए हैं। यानी द्वितीय परीक्षा में 65 प्रतिशत विद्यार्थी ही शामिल होंगे।  बता दें कि इस साल पहली बार मप्र बोर्ड की पूरक परीक्षा के बदले द्वितीय परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।10वीं की 17 जून से 26 जून तक एवं 12वीं की परीक्षा 17 जून से 05 जुलाई तक सुबह नौ से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा के मुख्य बिंदु 1- प्रदेश भर में 1306 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें राजधानी में करीब 50 केंद्र बनाए गए हैं। 2- इस बार भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम रहेंगे। 3- दोनों परीक्षा का समय सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। 4- विद्यार्थियों को केंद्र पर एक घंटा पहले यानी सुबह 8 बजे तक पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले तक विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। 5- प्रायोगिक परीक्षाएं विद्यार्थियों को आवंटित परीक्षा केंद्र पर 17 जून से 25 जून के बीच संचालित की जाएगी। इसकी तारीख संबंधित स्कूलों से विद्यार्थियों को मिलेगी परीक्षा कार्यक्रम और समय 10वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 26 जून तक 12वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 5 जुलाई तक प्रायोगिक परीक्षाएं: 17 जून से 26 जून के बीच परीक्षा समय: सुबह 9  बजे से दोपहर 12 बजे तक इन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ – इस विशेष परीक्षा में वे छात्र भी भाग ले सकेंगे जो— – मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहे – किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए – देर से पहुंचे और परीक्षा नहीं दे सके – श्रेणी सुधार के इच्छुक हैं  

मणिपुर में सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई: 328 हथियार और युद्ध जैसी सामग्री बरामद

मणिपुर  मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों ने 13-14 जून की दरम्यानी रात को राज्य के पांच घाटी जिलों में खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में 328 हथियार, विस्फोटक और युद्ध जैसी सामग्री बरामद की गई, जो राज्य में हिंसा और अशांति को रोकने के प्रयासों में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। बरामद किए गए हथियारों में 151 एसएलआर राइफल, 65 इंसास राइफल, 73 अन्य प्रकार की राइफल, पांच कार्बाइन बंदूकें, दो एमपी-5 बंदूकें और युद्ध जैसी अन्य सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा, विस्फोटक और अन्य युद्ध सामग्री भी बरामद की गई है। सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई मणिपुर पुलिस के एडीजीपी, लहरी दोरजी लहाटू ने बताया कि यह अभियान हिंसा को रोकने और अशांत राज्य में स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की यह संयुक्त कार्रवाई राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।   पहले किए गए अभियान इससे पहले, भारतीय सेना और असम राइफल्स ने 26 मई से 5 जून के बीच मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के साथ मिलकर पहाड़ी और घाटी जिलों में खुफिया-आधारित अभियान चलाए थे। इन अभियानों के परिणामस्वरूप पहाड़ी और घाटी-आधारित समूहों के 23 कैडरों को पकड़ा गया और 40 हथियार, नौ इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), ग्रेनेड, गोला-बारूद और युद्ध जैसी सामग्री बरामद की गई।

पुलिस आरक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में अब तक 65 आरोपी बने, एसटीएफ को सौंपने से नेटवर्क का हो सकता है भंडाफोड़

भोपाल मध्यप्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक इस मामले में प्रदेश के नौ जिलों में कुल 29 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 65 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। भर्ती प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए अब पुलिस मुख्यालय इस मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।   फर्जीवाड़े में सक्रिय संगठित गिरोह का शक अभी तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार इस फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। अधिकांश मुख्य आरोपित ग्वालियर-चंबल अंचल से जुड़े हुए हैं, जो साल्वरों (दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले व्यक्ति) से लंबे समय से संपर्क में थे। बिहार के दो साल्वरों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। शारीरिक दक्षता परीक्षा से लेकर लिखित परीक्षा तक, अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया। एसटीएफ को सौंपने से नेटवर्क का हो सकता है भंडाफोड़ पुलिस सूत्रों का मानना है कि मामला एसटीएफ को सौंपा जाए तो संगठित गिरोह की गहराई से जांच संभव हो सकेगी। फिलहाल नौ जिलों की पुलिस इस केस की जांच कर रही है, लेकिन एक समान अपराध के तरीकों और प्रदेश भर में फैले आरोपितों के नेटवर्क को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि जांच एक विशेष एजेंसी को दी जाए। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिया जाएगा। हर दो दिन में दर्ज हो रही नई एफआईआर स्थिति यह है कि हर एक या दो दिन में एक नई एफआईआर दर्ज हो रही है। वर्ष 2023 में हुई इस भर्ती परीक्षा में कुल 7411 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिनमें से ओबीसी आरक्षण के कारण 13 प्रतिशत पदों को होल्ड पर रखते हुए 6423 पदों का परिणाम जारी किया गया था। इनमें से लगभग छह हजार चयनित उम्मीदवारों ने पद ज्वाइन भी कर लिया है, जिससे सरकार के सामने अब इनकी नियुक्ति की वैधता को लेकर भी चुनौती खड़ी हो गई है। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग उठाई इस मामले में विपक्ष भी सक्रिय हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने फर्जीवाड़े की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में विफल रही है और अब यह जरूरी हो गया है कि केंद्रीय एजेंसी पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों को सामने लाए।

G-7 से पहले भारत और कनाडा के बीच करीब दो साल से चले आ रहे तनाव के बाद अब दोनों देशों ने बड़ा कदम उठाया

नई दिल्ली  भारत और कनाडा के बीच करीब दो साल से चले आ रहे तनाव के बाद अब दोनों देशों ने रिश्तों को फिर से सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों सरकारें अब एक नई व्यवस्था बनाने जा रही हैं जिसके तहत वे  आतंकवाद, अंतर्राष्ट्रीय अपराध और उग्रवादी गतिविधियों  से जुड़ी खुफिया जानकारियां आपस में साझा करेंगी। यह समझौता दोनों देशों की जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन विभागों  को जोड़ेगा, ताकि सीमा पार के अपराधों और आतंकी गतिविधियों पर मिलकर काम किया जा सके। यह जानकारी उन अधिकारियों ने दी है जो इस वार्ता से जुड़े हैं लेकिन उन्होंने अपनी पहचान गोपनीय रखी क्योंकि बातचीत अभी पूरी तरह सार्वजनिक नहीं हुई है। इस समझौते में कनाडा की ओर से बाह्य न्यायिक हत्याओं की जांच पर भी जोर रहेगा, खासकर वर्ष 2023 में हुए हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से, जिसे कनाडा ने भारत से जोड़ा था। भारत ने इन आरोपों को ‘बेतुका और निराधार’ बताया था और कनाडा पर खालिस्तानी तत्वों को पनाह देने का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की आगामी G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात होनी है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का एक अहम मौका माना जा रहा है। हालांकि, 12 जून को एयर इंडिया विमान हादसे और ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते पीएम मोदी की यात्रा योजना में बदलाव संभव है।   साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो  ने सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए सार्वजनिक रूप से भारत को जिम्मेदार ठहराया था, जिससे रिश्तों में भारी दरार आई। दोनों देशों ने एक-दूसरे के  राजनयिकों को निष्कासित  किया, वीजा सेवाएं सीमित कर दीं और संपर्क न्यूनतम कर दिए थे।हालांकि,  दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने आपसी सहयोग जारी रखा और अब दोनों सरकारें इसे औपचारिक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मार्क कार्नी द्वारा पीएम मोदी को G-7 सम्मेलन में आमंत्रित करना भी कनाडा की विदेश नीति में बदलाव और संबंधों में सुधार की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

श्रद्धालु जब भी जम्मू से आएं, सुबह सुरक्षाबलों की निगरानी में निकलने वाले काफिले में ही आएं: LG मनोज सिन्हा

श्रीनगर बैसरन,पहलगाम नरसंहार के बाद सावधानी के आधार पर बंद किए विभिन्न पर्यटनस्थलों को अब एक बार फिर पर्यटकों के लिए चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है। यह जानकारी शनिवार को स्वयं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहलगाम में दी। उन्होंने बताया कि कश्मीर प्रांत में और जम्मू प्रांत में आठ-आठ पर्यटनस्थलों खोल दिया गया है,अन्य भी जल्द ही पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर देश विदेश से श्रद्धालुओं केा बड़ी संख्या में श्री अमरेश्वर धाम की तीर्थयात्रा में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि श्रद्धालु जब भी जम्मू से आएं, सुबह सुरक्षाबलों की निगरानी में निकलने वाले काफिले में ही आएं। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित बैसरन में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय घोड़ेवाले की हत्या कर दी थी। इसके बाद प्रशासन ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 50 से ज्यादा पर्यटनस्थलों और पार्कों को आम लोगों के लिए विशेषकर पर्यटकों के लिए बंद कर दिया था। विभिन्न सामाजिक,व्यापारिक और राजनीतक संगठन इन पार्कों को खोले जाने की लगातार मांग कर रहे थे। प्रदेश प्रशासन ने इन पार्काें को खोलने के लिए एक समिति का भी गठन किया है।   उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज पहलगाम में नुनवन आधार शिविर, आपदा प्रबंधन केंद्र और यात्री निवासी का जायजा लेने के अलावा यात्रा मार्ग के सुरक्षा बंदोबस्त का भी जायजा लिया। उन्होंने तीन जुलाई से शुरु हो रही श्री अमरेश्वर धाम जिसे श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के नाम से भी पुकारा जाता है, की तीर्थयात्रा से जुड़ी सभी तैयारियों को अगले 10 दिन में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि काेई भी कार्य शेष नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबधित अधिकारियों से एक बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में 22 अप्रैल के नृशंस आतंकी हमले के बाद बंद किए गए पर्यटनस्थलों को चरणबद्ध तरीके से खोलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जम्मू और कश्मीर दोनों प्रांतों के मंडलायुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद, पर्यटन स्थलों को चरणबद्ध तरीके से आम पर्यटकों के लिए फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि अनंतनाग जिले में पहलगाम, बेताब घाटी, पहलगाम बाजार क्षेत्र में स्थानीय पार्क, वेरीनाग गार्डन, कोकरनाग गार्डन और अच्छाबल गार्डन जैसे स्थलों को फिर से खोल दिया गया है। श्रीनगर में बादामवारी पार्क, नगीन झील के पास डक पार्क और दरगाह हजरतबल के पास तकदीर पार्क को भी जनता के लिए सुलभ बना दिया गया है।जम्मू संभाग में पर्यटक स्थल सरथल, बग्गर, देवी पिंडी, सिहाड़ बाबा झरना, सुल्ला पार्क, गुल डंडा, जय घाटी, पंचैरी भी पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति की समीक्षा करते हुए,अन्य पर्यटनस्थलो को भी जल्द खोल दिया जाएगा। हाल ही में शुरू की गई वंदे भारत ट्रेन सेवा के प्रति लोगों के उत्साह का जिक्र करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि रेलवे अधिकारियों ने मुझे बताया कि अगले दस दिनों के लिए बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है। लोग जबरदस्त दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जो बढ़ते आत्मविश्वास और सामान्य स्थिति को दर्शाता है। वादी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार यहां आधिकारिक बैठकों और संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के दौरों का भी आयोजन कर रही है, जिससे आम लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। देश विदेश से कश्मीर आने वाले पर्यटकों और श्री अमरेश्वर धाम की आगामी तीर्थयात्रा की सुरक्षा से जुडे़ सवाल के जवाब में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यहां हालात पूरी तरह सामान्य हैं, सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त है। सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने श्री अमरनाथ जी की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोगों की यात्रा है।सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त है। ज्यादा से ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं केा बाबा अमरनाथ की यात्रा में भाग लेन आना चाहिए। एक अनुरोध है,जम्मू से जब भी श्रद्धालु श्री अमरनाथ जी की यात्रा के लिए प्रस्थान करें तो सुबह रवाना होने वाले काफिले के साथ ही प्रस्थान करें। काफिले के साथ सुरक्षाबल तैनात रहते हैं। इससे यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलती है।

कंपनी ने ईरान का एयरस्पेस बंद होने के कारण कई उड़ानों के मार्ग में परिवर्तन किया : एयर इंडिया

नई दिल्ली  मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, भारत की दो प्रमुख एयरलाइनों, एयर इंडिया और इंडिगो, ने ईरान के एयरस्पेस के बंद होने के कारण उड़ानों में देरी और रूट बदले जाने को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी की है। एयर इंडिया ने शनिवार को कहा कि कंपनी ने ईरान का एयरस्पेस बंद होने के कारण कई उड़ानों के मार्ग में परिवर्तन किया है। एयरलाइन ने घोषणा की कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसकी कुछ उड़ानें अब लंबे, वैकल्पिक मार्गों पर संचालित हो रही हैं। एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक अपडेट साझा किया, जिसमें कहा गया, “ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में उभरती स्थिति के कारण हवाई क्षेत्र के बंद होने और हमारे यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हमारी कुछ उड़ानें वैकल्पिक विस्तारित मार्गों पर चल रही हैं। हम हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण अपने यात्रियों को होने वाली किसी भी असुविधा को कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम दोहराना चाहेंगे कि एयर इंडिया में, हमारे यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।” यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्रीय तनाव की एक सीरीज के बाद ईरान और आस-पास के क्षेत्रों में हवाई क्षेत्र बंद है। इस स्थिति ने कई अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है जो आमतौर पर ईरान से गुजरते हैं। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी एक्स के माध्यम से एक बयान जारी कर यात्रियों को संभावित व्यवधानों के बारे में चेतावनी दी है। एयरलाइन ने अपनी एडवाइजरी में कहा, “ईरान और उसके आस-पास के इलाकों में हवाई क्षेत्र अभी भी उपलब्ध नहीं है। कुछ उड़ान मार्गों को एडजस्ट करने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे यात्रा की अवधि बढ़ सकती है या देरी हो सकती है।” इंडिगो ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपने फ्लाइट स्टेटस की जांच करें। एयरलाइन ने आश्वासन दिया कि उसकी कस्टमर सर्विस टीम इन देरी से प्रभावित यात्रियों की सक्रिय रूप से सहायता कर रही है। दोनों एयरलाइनें वैकल्पिक हवाई गलियारों के माध्यम से प्रभावित उड़ानों को फिर से रूट करने के लिए काम कर रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप उड़ान का समय लंबा हो सकता है। परिणामस्वरूप, यूरोप, खाड़ी और मध्य एशिया से आने-जाने वाली कई सेवाएं 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक की देरी का सामना कर रही हैं।

25 हजार रुपये महीने पर युवतियां उतार रहीं थी कपड़े, युवतियों की आइडी पर लॉग इन के लिए देने होते थे 100 रुपये प्रति मिनट

गाजियाबाद वेबसाइट के जरिये ऑनलाइन आकर युवतियों के निर्वस्त्र होकर युवाओं से मोटा शुल्क वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दंपती और एक अन्य युवती को गिरफ्तार किया है, जबकि सरगना सहित तीन आरोपित फरार हैं। वेबसाइट पर आने वाली युवतियों की लॉग इन आईडी को खोलने वालों को प्रति मिनट करीब सौ रुपये का भुगतान करना पड़ता था। जबकि वेबसाइट पर आने वाली युवतियां को 20 से 25 हजार रुपये महीने वेतन दिया जा रहा था। होटल के कमरे से दो लैपटॉप, दो मोबाइल, दो वाइब्रेटर और मास्क बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि तीन आरोपित फरार हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस को सूचना मिली कि बजरिया स्थित महादेव होटल में युवक-युवतियां कमरा किराए पर लेकर अश्लील वीडियो तैयार कर रहे हैं। इस पर टीम ने होटल में छापा मारा तो मौके से रोजी कॉलोनी निवासी मोहित कुमार मिला।  वेबसाइट के जरिये करते थे ऑनलाइन अश्लील हरकतें  वहीं, कमरे में दो युवतियां अर्द्धनग्न हालत में थीं। तीनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि एक वेबसाइट के जरिये ये लोग होटलों में कमरा किराये पर लेकर युवाओं के साथ ऑनलाइन अश्लील हरकतें करते हैं। युवाओं की डिमांड के मुताबिक ऑनलाइन ही अश्लील बातें करती हैं और अपने कपड़े उतारती हैं। इसके लिए लोगों को वेबसाइट पर आकर अपनी पसंद की लड़की की आईडी पर आकर लॉग इन करना पड़ता है। इसके लिए उन्हें प्रति टोकन 12 रुपये देने होते हैं।  युवतियां लाइव आकर निर्वस्त्र होती थी एक टोकन पर कुछ ही सेकेंड के लिए लॉग इन रह सकते हैं। इसमें करीब सौ रुपये प्रति मिनट की दर से लोगों से शुल्क देना होता था। इसके बाद युवतियां लाइव आकर निर्वस्त्र होती हैं। इस दौरान वह मास्क से अपना चेहरा छिपा लेती थीं। वेबसाइट पर अलग-अलग शहर की दर्जनों युवतियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी सुविधानुसार होटल में कमरा किराये पर लेकर छह से आठ घंटे के लिए ऑनलाइन आती थीं। आरोपित इंटरनेट के जरिये प्रचार प्रसार कर युवाओं को टारगेट कर रहे थे। बैंक खातों की होगी जांच  पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीम करते हुए जो भी भुगतान आता है वह आरोपित किस खाते में ले रहे थे। इसकी जांच हो रही है। मामले में लालकुआं स्थित पंचशील कॉलोनी निवासी अनुज त्यागी, दिल्ली के द्वारका निवासी राज और एक युवती फरार हैं। पुलिस ने बताया कि अनुज त्यागी गिरोह का सरगना है।  दंपती ने आर्य समाज मंदिर में की थी शादी  पुलिस ने बताया कि पकड़े गए दंपती ने आर्य समाज मंदिर में शादी किए जाने का दावा किया है। इसके दस्तावेज भी उसने पुलिस को मुहैया कराए हैं। अब पुलिस इन दस्तावेजों की सत्यता जानने के लिए सत्यापन कराएगी।

निर्मला सीतारमण ने कहा- हमारी अर्थव्यवस्था विश्वास-आधारित शासन के साथ नई ऊंचाइयों को छू सकती है

नई दिल्ली  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत पिछले 11 वर्षों में स्ट्रक्चरल सुधारों ने भारत के व्यापक आर्थिक बुनियादी ढांचे को नया आकार दिया है। वित्त मंत्री ने एक मीडिया आर्टिकल में लिखा कि भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरना कई अनुकूल कारकों पर आधारित है। साथ ही यह अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों जैसे बैंकों, कॉरपोरेट्स, परिवारों, सरकार और एक्सटर्नल सेक्टर की बैलेंस शीट को मजबूत करने के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है। वित्त मंत्री सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था का ‘ट्विन डेफिसिट प्रॉब्लम से फाइव-बैलेंस शीट लाभ’ तक परिवर्तन पीएम मोदी के नेतृत्व में ठोस नीतिगत प्रयासों का परिणाम है।” उन्होंने आगे कहा कि “जब हम 2014 में सत्ता में आए तो हमारी सबसे पहली प्राथमिकता विकास को पुनर्जीवित करना था। जीएसटी, आईबीसी, आरईआरए और महामारी के वर्षों के दौरान, पीएलआई योजना और ईसीएलजीएस जैसे संरचनात्मक सुधार पेश किए गए, ताकि क्रेडिट-योग्य एमएसएमई को कोरोना से उबरने में मदद मिल सके।” वित्त मंत्री ने अपने आर्टिकल में बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में पूंजी निवेश जीडीपी के 1.7 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 3.2 प्रतिशत हो गया। 11 वर्षों में, 88 हवाई अड्डों का संचालन किया गया, 31,000 किलोमीटर रेल पटरियां बिछाई गईं, मेट्रो नेटवर्क का चार गुना से अधिक विस्तार किया गया, बंदरगाह की क्षमता दोगुनी हो गई और राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 60 प्रतिशत बढ़ गई। वित्त मंत्री ने अपने आर्टिकल में भारत की गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण प्रगति को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने विश्व बैंक के लेटेस्ट आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने पिछले दशक में अपनी अत्यधिक गरीबी दर को कम करने में प्रगति की है और देश में अत्यधिक गरीबी दर 2011-12 में 27.1 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 5.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। वित्त मंत्री के अनुसार, यूपीआई द्वारा शुरू की गई डिजिटल भुगतान क्रांति से लेकर मुद्रा ऋण द्वारा प्रकट उद्यमशीलता की लालसा तक, पिछले 11 वर्षों ने दिखाया है कि जब हम विश्वास-आधारित शासन को नियामक बोझ में कमी और सार्वजनिक वस्तुओं के विस्तार के साथ जोड़ते हैं तो हमारी अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों को छू सकती है।

3700 करोड़ से बनेगा यूपी का नया हाईवे, कानपुर से कबरई तक एक नई राह, ग्रीन हाईवे का सपना अब होगा साकार

कानपुर  कानपुर से कबरई तक बनने वाला नया ग्रीन हाईवे 96 गांवों को जोड़ेगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसा होगा। 3700 करोड़ के बजट वाले इस प्रोजेक्ट से यातायात सुगम होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।   कानपुर से कबरई तक एक नई राह उत्तर प्रदेश को एक नया ग्रीन हाईवे मिलने जा रहा है, जो कानपुर से लेकर महोबा के कबरई तक फोरलेन सड़क के रूप में बनेगा। जानिए इस प्रोजेक्ट से क्या होगा फायदा। ग्रीन हाईवे का सपना अब होगा साकार कानपुर-कबरई ग्रीन हाईवे की डीपीआर भेजी जा चुकी है। 25 जून तक बजट को मंजूरी मिलने की उम्मीद है जिससे निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी। 3700 करोड़ के बजट से बनेगा फोरलेन ग्रीन हाईवे 112 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट कानपुर से महोबा तक फतेहपुर व हमीरपुर जिलों से होकर गुजरेगा और 96 गांवों को जोड़ेगा। गडकरी के आदेश के बाद तेज़ हुआ काम केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर इस प्रोजेक्ट की योजना तेजी से बनी। अब डीपीआर को मंजूरी की अंतिम मुहर बाकी है। एनएचएआइ ने की मौके पर समीक्षा बैठक सड़क मंत्रालय के सदस्य विशाल चौहान ने झांसी जाते समय स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों से विस्तार से समीक्षा की और रिपोर्ट तैयार कर भेजी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की तरह होगा हाईवे यह हाईवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसा ही होगा, जो ना सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। वाहनों का बोझ होगा कम, सफर होगा सुगम कानपुर-सागर मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा। नया ग्रीन हाईवे वैकल्पिक मार्ग के रूप में राहत देगा और ट्रैफिक समस्या घटेगी। क्या होता है ग्रीन हाईवे? जानिए यहां ग्रीन हाईवे ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाला नया मार्ग होता है, जिससे घनी आबादी से बचते हुए विकासशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाता है। एनएचएआइ का भरोसा: मंजूरी बस एक कदम दूर एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने कहा कि डीपीआर व बजट की मंजूरी को लेकर हमें 25 जून तक सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है। गांवों को जोड़ेगा, क्षेत्र को देगा रफ्तार यह ग्रीन हाईवे 96 गांवों को जोड़ेगा, जिससे परिवहन आसान होगा और ग्रामीण इलाकों में रोजगार, कारोबार और सुविधा का विस्तार होगा।  

एयर इंडिया विमान दुर्घटना का खर लगातार जारी है, अब तक 270 लोगों की हो चुकी मौत

अहमदाबाद एयर इंडिया विमान दुर्घटना के बाद अब तक कुल 270 शव अहमदाबाद सिविल अस्पताल में लाए गए हैं। अस्पताल के चिकित्सकों ने शनिवार को बताया कि अहमदाबाद फायर ब्रिगेड एवं इमरजेंसी सर्विस (एएफईएस) ने विमान दुर्घटनास्थल से पिछले 24 घंटों में एक शव और कुछ मानव शरीर के अंग बरामद किए हैं। अधिकारियों ने पहले मरने वालों की संख्या 265 बताई थी। बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद से 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई 171) विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद मेघाणी नगर में एक मेडिकल हॉस्टल और उसके कैंटीन परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। बीजे मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धवल गामेती ने पीटीआई-भाषा से कहा कि विमान दुर्घटनास्थल से अब तक लगभग 270 शव सिविल अस्पताल लाए गए हैं।डीएनए नमूनों का मिलान करके शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया अभी जारी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव रिश्तेदारों को सौंप दिए जाएंगे। अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी जयेश खड़िया ने कहा कि दुर्घटनास्थल पर जारी जांच में फोरेंसिक और विमानन विशेषज्ञों की मदद कर रहे हमारे अग्निशमन कर्मियों को शुक्रवार को कैंटीन के मलबे से कुछ शव मिले, जबकि आज सुबह एक शव मिला। एयर इंडिया विमान दुर्घटना स्थल पर केंद्रीय और राज्य सरकार की एजेंसियों के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक टीम भी तैनात की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एनएसजी टीम को राहत कार्यों में अन्य एजेंसियों की सहायता के लिए तैनात किया गया है। दुर्घटनास्थल पर हॉस्टल की इमारत में एनएसजी कमांडो देखे गए, जहां दुर्घटना के बाद विमान का पिछला हिस्सा फंस गया था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), अहमदाबाद अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस जैसी एजेंसियां ​​जांच में शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली में कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। मंत्रालय ने कहा कि समिति भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी और तीन महीने में अपनी रिपोर्ट प्रकाशित करेगी। इस बीच, एआईबी दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए छात्रावासों को जांच के लिए खाली करा रहा है। बी जे मेडिकल कॉलेज की डीन मीनाक्षी पारीख ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एआईआईबी) जांच करना (विमान दुर्घटना की) चाहता है। इसके लिए छात्रावास खाली कराए जा रहे हैं। हमने वहां रहने वाले स्नातकोत्तर छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है।  

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का पचमढ़ी आगमन

भोपाल  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का शनिवार को पचमढ़ी आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव भी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल एवं श्री जगदीश देवड़ा सहित नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह, विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा,  सांसद श्री वीडी शर्मा, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी, विधायक श्री विजयपाल सिंह, श्रीमती प्रीती पवन शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

अमेरिका और इजरायल के दृष्टिकोण में अब दरार, क्षेत्रीय संतुलन खतरे में

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में वैश्विक मंच पर ‘शांति पुरुष’ बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। लेकिन उनके इस मिशन को उनके करीबी सहयोगी इजरायल और उससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने तगड़ा झटका दिया है। इजरायल ने ट्रंप की सलाह को नजरअंदाज कर ईरान पर सैन्य हमला किया, जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराकर ट्रंप की कूटनीतिक कोशिशों को चुनौती दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इजरायल से ईरान पर हमला न करने की अपील की थी। ट्रंप ने कहा था कि उनका लक्ष्य “शांति स्थापित करना” है। लेकिन इसी अपील के कुछ घंटों बाद, ट्रंप के करीबी दोस्त इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भीषण हमले की घोषणा कर दी। यह हमला ट्रंप के उस उद्देश्य को एक और झटका है, जिसमें वह खुद को “शांति पुरुष” बता रहे थे। इससे पहले, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ट्रंप की यूक्रेन में युद्धविराम की अपील को खारिज कर दिया था। इसके साथ ही, इजरायल ने गाजा पट्टी में भी एक और बड़ा सैन्य अभियान जारी रखा है। यहां भी ट्रंप प्रशासन की देखरेख में हुआ संघर्षविराम अब टूट चुका है। ओमान में बातचीत से पहले हमला ट्रंप के मित्र और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ यूक्रेन-रूस, इजरायल-गाजा और इजरायल-ईरान इन तीनों संकटों में मध्यस्थता कर रहे हैं। वह रविवार को ओमान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करने वाले थे। ऐसे में इजरायल का हमला न केवल चौंकाने वाला प्रतीत हो रहा है, बल्कि अमेरिकी कूटनीति को भी कमजोर करता है। हालांकि ट्रंप ने बाद में खुद को इजरायल से पूरी तरह अलग नहीं किया। कुछ सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के सार्वजनिक बयानों का उद्देश्य ईरान को चौंकाना था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने उनकी शर्तें मानने से इनकार कर दिया और हमला 60-दिवसीय अल्टीमेटम के एक दिन बाद हुआ, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इसके बावजूद विटकॉफ की बातचीत क्यों तय थी। ट्रंप बोले: “मैं नहीं चाहता कि वो हमला करें” इजरायली हमले से पहले ट्रंप ने कहा था, “मैं नहीं चाहता कि वो अंदर जाएं, क्योंकि इससे सब कुछ बिगड़ जाएगा।” लेकिन नेतन्याहू ईरान की सरकार को इजरायल के लिए अस्तित्वगत खतरा बताते हैं और पहले भी ईरान के हवाई रक्षा तंत्र पर हमले कर चुके हैं। अमेरिका-इजरायल के रुख में दरार पूर्व पेंटागन अधिकारी और वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ फेलो डैना स्ट्रौल ने कहा, “हम स्पष्ट रूप से देख रहे हैं कि अमेरिका और इजरायल के दृष्टिकोण में अब एक मोड़ आ गया है।” उन्होंने कहा कि ये हमले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कुछ समय के लिए बाधित करेंगे, लेकिन सवाल यह है कि अमेरिका और इजरायल अब एक साथ मिलकर आगे क्या करेंगे। स्ट्रौल ने यह भी कहा कि ट्रंप और इजरायल के बीच पहले से ही मतभेद उभर रहे थे, खासकर जब ट्रंप ने सीरिया पर लगे प्रतिबंध हटा दिए थे और पूर्व इस्लामी लड़ाका अहमद अल-शराआ को सत्ता में आने के बाद स्वीकार कर लिया। क्षेत्रीय संतुलन खतरे में पिछले महीने कतर में ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ समझौता जल्द होगा और “परमाणु धूल” का खतरा नहीं रहेगा। लेकिन अब इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने हालात पलट दिए हैं। सीटो संस्थान के रक्षा नीति निदेशक जस्टिन लोगन ने कहा कि इजरायली हमला अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों को “नष्ट कर देगा” और ट्रंप को अमेरिका की सैन्य भागीदारी से अलग रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “इजरायल को अपनी विदेश नीति चुनने का अधिकार है, लेकिन उसे उसकी कीमत भी खुद चुकानी चाहिए।” पुतिन का यूक्रेन युद्धविराम पर इनकार दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ट्रंप की शांति पहल को करारा जवाब दिया था। ट्रंप ने यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने के लिए 30 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए उन्होंने पुतिन के साथ कई दौर की बातचीत की, जिसमें घिरे हुए यूक्रेनी सैनिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी शामिल था। हालांकि, पुतिन ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने कहा कि वह यूक्रेन के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी शर्तें वही रहेंगी, जिनमें यूक्रेन को रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों को छोड़ना होगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने साफ कहा कि रूस किसी दबाव में नहीं आएगा। भारत ने भी किया था खारिज डोनाल्ड ट्रंप की ‘शांति पुरुष’ बनने की कोशिशों को भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर उनके हालिया विवादित दावों ने भी झटका दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी और दोनों देशों ने इसे स्वीकार किया था। हालांकि, भारत ने तुरंत इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि उन्होंने व्यापार का हवाला देकर भारत-पाकिस्तान की लड़ाई रुकवा दी। भारत ने इस दावे को भी खारिज किया है। ट्रंप की कूटनीति पर सवाल ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान में बार-बार दावा किया था कि वह वैश्विक युद्धों को खत्म कर शांति स्थापित करेंगे। लेकिन इजरायल और रूस के ताजा कदमों ने उनकी इस छवि को धक्का पहुंचाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की ‘शांति पुरुष’ की छवि तब तक अधूरी रहेगी, जब तक उनके सहयोगी उनकी सलाह को गंभीरता से नहीं लेंगे। ट्रंप और पुतिन की शख्सियत में समानता है, लेकिन पुतिन अपनी रणनीति पर अडिग हैं। इजरायल भी अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे ट्रंप की कूटनीति कमजोर पड़ रही है। अमेरिकी राजनीति में विभाजन ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसद इजरायल के साथ खुलकर खड़े हैं। सीनेटर टॉम कॉटन ने कहा, “अमेरिका को इजरायल का पूरा समर्थन करना चाहिए और अगर ईरान अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाता है तो उसकी सरकार को गिरा देना चाहिए।” वहीं ट्रंप के डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वियों ने इजरायली हमले की आलोचना की है। सीनेट सशस्त्र बल समिति के शीर्ष डेमोक्रेट जैक रीड ने कहा, “ईरान पर इजरायल का … Read more

अब निवेशकों को इस स्कीम के तहत डिपॉजिट पर पहले के मुकाबले कम ब्याज मिलेगा, SBI ने निवेशकों को दिया झटका

मुंबई  देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एफडी वाले निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। एसबीआई ने अपनी स्पेशल एफडी “अमृत वृष्टि” योजना पर ब्याज दर घटा दी है। नई ब्याज दर 15 जून, 2025 से प्रभावी है। इसका मतलब है कि अब निवेशकों को इस स्कीम के तहत डिपॉजिट पर पहले के मुकाबले कम ब्याज मिलेगा। हालांकि, एसबीआई ने अन्य नियमित एफडी ब्याज दरों में किसी तरह के बदलाव नहीं किए हैं। कितनी हुई है कटौती अमृत वृष्टि योजना के तहत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की कटौती की गई है। सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज दर अब 444 दिनों की अवधि पर 6.6% प्रति वर्ष है, जबकि पहले यह दर 6.85% प्रति वर्ष थी। सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन ब्याज दर में अपने अतिरिक्त लाभ के लिए पात्र हैं। सीनियर सिटीजन को अब एसबीआई की विशेष एफडी योजना पर 7.10% प्रति वर्ष की ब्याज दर की पेशकश की जाती है। वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष और उससे अधिक) के लिए लागू ब्याज दर के अलावा 10 बीपीएस का अतिरिक्त लाभ लागू है। संशोधन के बाद सुपर सीनियर सिटीजंस (80 वर्ष और उससे अधिक आयु) को अब प्रति वर्ष 7.20% की ब्याज दर की पेशकश की जाती है। समय से पहले निकासी पर जुर्माना 5 लाख रुपये तक की रिटेल एफडी के लिए समय से पहले निकासी (सभी अवधियों में) के लिए 0.50% का जुर्माना लागू होगा। 5 लाख रुपये से अधिक लेकिन 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल एफडी के लिए समय से पहले निकासी को लागू जुर्माना 1% (सभी अवधियों में) होगा। बता दें कि पिछले सप्ताह आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और केनरा बैंक सहित अधिकांश बैंकों ने अपनी सावधि जमा ब्याज दरों में कटौती की, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी जून की मौद्रिक नीति बैठक में रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती की थी।  

दक्षिण अफ्रीका सबसे लंबे अंतराल के बाद ट्रॉफी जीतने वाली टीम बनी, वेस्टइंडीज का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैपियनशिप फाइनल के चौथे दिन शनिवार को ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका ने इस तरह तक ‘चोकर्स’ के तमगे को पीछे छोड़ते हुए 27 साल के लंबे अंतराल के बाद आईसीसी के किसी टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस टीम ने अपना पिछला आईसीसी खिताब 1998 में चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में जीता था। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका सबसे लंबे अंतराल के बाद ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन गई है। अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को इस मामले में पीछे छोड़ा।   2 टाइटल के बीच सबसे लंबा अंतराल दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 1998 में वेस्टइंडीज को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। इसके बाद से अफ्रीका की तलाश अब जाकर खत्म हुई है। दक्षिण अफ्रीका ने तेम्बा बावुमा के नेतृत्व में 27 साल बाद खिताब पर कब्जा जमाया। जोकि किसी भी टीम का दो टाइटल के बीच सबसे लंबा अंतराल भी हो गया है। 25 साल बाद वेस्टइंडीज की चमकी किस्मत वेस्टइंडीज की टीम ने 2004 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर 25 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड कायम किया था। वेस्टइंडीज ने 1979 में वनडे विश्व कप जीता था, जिसके बाद टीम को अगली ट्रॉफी के लिए 25 साल का इंतजार करना पड़ा। न्यूजीलैंड को 21 साल बाद मिली ट्रॉफी न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी, इसके बाद टीम लगातार कई बार आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल- फाइनल में पहुंची लेकिन खिताब नहीं जीत सकी। 2021 में भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतकर न्यूजीलैंड ने 21 साल का ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। भारत का 19 साल का इंतजार भारतीय टीम ने भी 1983 में ऐतिहासिक वनडे विश्व कप जीतने के बाद ट्रॉफी जीतने के लिए लंबा इंतजार किया था। भारतीय टीम ने 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। 19 साल बाद भारत के हाथ आईसीसी ट्रॉफी लगी थी। पाकिस्तान का भी लिस्ट में नाम पाकिस्तान ने 1992 में पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता था, जिसके बाद टीम को अगली आईसीसी ट्रॉफी के लिए 17 साल का इंतजार करना पड़ा था। पाकिस्तान ने 2009 में टी20 विश्व कप जीतकर ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को करना पड़ा इंतजार श्रीलंका की टीम को भी ट्रॉफी जीतने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। श्रीलंका ने 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था, जिसके बाद श्रीलंका की टीम 12 साल बाद 2014 में टी20 विश्व कप जीतने में सफल रही। सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम भी एक समय ट्रॉफी जीतने के लिए संघर्ष करती हुई नजर आई थी। ऑस्ट्रेलिया ने 1987 में वनडे विश्व कप जीता था, जिसके बाद टीम को 12 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी वनडे विश्व कप 1999 में नसीब हुई थी।  

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: 7 दिन पहले ही लंदन जाने वाले थे विजय रुपाणी, फिर क्यों चुन ली थी 12 जून की तारीख?

अहमदाबाद गुजरात के दो बार मुख्यमंत्री रहे विजय रुपाणी की गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया में विमान हादसे में निधन हो गया। वह अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे। बताया जा रहा है कि उनका प्लान एक हफ्ते पहले ही लंदन जाने का था लेकिन फिर चुनाव प्रचार के चलते उन्हें थोड़े दिनों के लिए प्लान टालना पड़ा। जानकारी के मुताबिक विजय रुपाणी पहले 5 जून को अपनी बेटी से मिलने लंदन जाने वाले थे। उनके साथ उनकी पत्नी भी जाने वाली थी। लेकिन रुपाणी को जो पंजाब प्रभारी भी है, लुधियाना पश्चिम उपचुनाव के प्रचार अभियान के कारण अपनी दौरा टालना पड़ा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य पार्टी प्रमुख सुनील जाखड़ ने बताया कि 5 जून को उनकी पत्नी तो लंदन चली गईं लेकिन वह रह गए और फिर उन्होंने 12 जून की तारीख तय की लेकिन उनका वो सफर कभी पूरा हो ही नहीं पाया। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जाने वाला विमान टेकऑफ के कुछ मिनटों बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विजय रुपाणी भी इसी फ्लाइट में मौजूद थे जिसमें अन्य यात्रियों के साथ उनकी भी दर्दनाक मौत हो गई। विजय रुपाणी के भाई ने क्या कहा? गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के रिश्ते के भाई विपुल को अपने भाई की मौत के बारे में दिन में बाद में उनके एक पारिवारिक सदस्य द्वारा सोशल मीडिया ग्रुप पर की गई पोस्ट से पता चला। विपुल ने शुक्रवार को बताया, मैंने एक अभिभावक खो दिया, जो मेरे और कोलकाता में परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हर अच्छे-बुरे समय में खड़ा रहा। दिवंगत भाजपा नेता के बड़े भाई उम्मेद रुपाणी सहित रुपाणी परिवार के लगभग 25 सदस्य पीढ़ियों से कोलकाता और निकटवर्ती हावड़ा के विभिन्न हिस्सों में रहते आए हैं, जबकि विजय रुपाणी पढ़ाई के लिए राजकोट चले गए और गुजरात में बस गए। दिवंगत नेता को अपना बड़ा भाई बताते हुए विपुल ने पिछले साल एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए उनकी कोलकाता यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा, पिछली बार वह (विजय) कोलकाता एक साल पहले आए थे, जब वह अपने बड़े भाई उम्मेद के साथ हाजरा में उनके घर पर रुके थे, जहां मैं रहता हूं, उससे ज़्यादा दूर नहीं। हमने खूब बातें कीं और साथ में खूब मौज-मस्ती की। उस समय वह गुजरात के राजनीतिक नेता नहीं थे, लेकिन वह सभी को अपना करीबी रिश्तेदार मानते थे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet