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चार विश्वविद्यालयों के भवन निर्माण सहित पूंजीगत परियोजना के लिए 495 करोड़ रुपए की स्वीकृति

भोपाल उच्च शिक्षा विभाग ने मंत्रि-परिषद् के आदेश के अनुपालन में 4 विश्वविद्यालयों के भवन निर्माण सहित पूंजीगत परियोजना के लिए सशर्त 495 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। जारी आदेश के अनुसार रानी अवन्तीबाई लोधी विश्ववि‌द्यालय सागर के लिए 150 करोड़ रुपए, क्रांतिसूर्य टंटया भील विश्वविद्यालय खरगौन के लिए 150 करोड़ रुपए, क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना के लिए 150 करोड़ रुपए एवं पंडित शम्भुनाथ शुक्ला विश्ववि‌द्यालय शहडोल के लिए 45 करोड़ रुपए भविष्य में पुनर्विलोकन की शर्त पर सैद्धांतिक अनुमति दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में शहीद नायक बद्रीलाल यादव को मंत्री टेटवाल ने दी श्रद्धांजलि

भोपाल जम्मू-कश्मीर के राजौरी में शहीद हुए मध्यप्रदेश के आर्मी जवान बद्रीलाल यादव का बुधवार को आगर मालवा जिले के पैतृक गांव नरवल में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री तथा उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने नरवल पहुंचकर शहीद की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शहीद के दोनों पुत्रों ने पार्थिव देह को मुखाग्नि दी और हजारों नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। शहीद की पार्थिव देह को पहले इंदौर एयरपोर्ट लाया गया, जहां से सड़क मार्ग द्वारा पैतृक गांव नरवल ले जाया गया। पूरे मार्ग में आमजन ने पार्थिव देह पर पुष्प-वर्षा कर शहीद नायक बद्रीलाल यादव को सच्ची श्रद्धांजलि दी। गांव में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह को रखा गया, जहां हजारों लोगों के दर्शन कर पुष्पांजलि दी। शहीद नायक बद्रीलाल यादव को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। वे भारतीय सेना की 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर (EME) विभाग में सेवा दे रहे थे। सोमवार रात को राजौरी में पेट्रोलिंग के दौरान नायक बद्रीलाल यादव कर्त्तव्य की बलिवेदी पर शहीद हुए थे।

’अनुपम खेर जैसा कोई नहीं’ : सूरज बड़जात्या

मुंबई, बॉलीवुड फिल्मकार सूरज बड़जात्या ने दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की तारीफ करते हुये कहा है कि उनके जैसा कोई नहीं है। फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या और अनुपम खेर पिछले चार दशकों से रचनात्मक सहयोगी और दोस्त रहे हैं! बहुत कम लोग जानते हैं कि सूरज और अनुपम की पहली मुलाकात महेश भट्ट निर्देशित फिल्म सारांश के सेट पर हुई थी। यह अनुपम का डेब्यू था, और उस समय सूरज बड़जात्या इस राजश्री प्रोडक्शंस की क्लासिक फिल्म में चौथे सहायक निर्देशक के रूप में काम कर रहे थे। राजश्री प्रोडक्शंस के आधिकारिक सोशल मीडिया पर, सूरज बड़जात्या ने अपने दोस्त और सहयोगी अनुपम खेर के लिए प्रशंसा पत्र लिखा है, जो उनके 40 साल के फिल्मी सफर को सलाम करता है।सूरज बड़जात्या ने लिखा, मैंने हिंदी सिनेमा में अनुपम सर के 40 साल लंबे सफर को करीब से देखा है। सारांश के सेट पर मैं चौथा सहायक निर्देशक था, और वहीं से हमारी दोस्ती और साथ का सफर शुरू हुआ। उन्होंने मुझे मेरा पहला काम दिया, जो था उन्हें सारांश की स्क्रिप्ट लाकर देना।मैंने उन्हें हम आपके हैं कौन, विवाह, प्रेम रतन धन पायो और हाल ही में ऊंचाई में निर्देशित किया। अनुपमजी मेरे करियर के महत्वपूर्ण पलों का हिस्सा रहे हैं और शायद मैं भी उनके सफर का हिस्सा रहा हूं। शायद यही कारण है कि हमारा बंधन इतना खास है। हम दोनों ने एक-दूसरे को बढ़ते हुए देखा है, अपने ऊंच-नीच साझा किए हैं, और हमारी दोस्ती ने समय की हर कसौटी को पार किया है।” सूरज बड़जात्या ने लिखा,अनुपमजी मेरे लिए अभिनय की एक संस्था हैं। जितना अधिक आप उन्हें गौर से देखते हैं, उतनी ही बारीकियां और परतें नज़र आती हैं। इस पीढ़ी के सभी उभरते और सफल अभिनेता अनुपमजी के अभिनय को देखकर बहुत कुछ सीख सकते हैं।विजय 69 का ट्रेलर देखकर मैं स्तब्ध रह गया। 69 साल की उम्र में भी अनुपमजी की भूख बरकरार है, वह आज भी नए मानक स्थापित करने की चाह रखते हैं। मैं उन्हें देखकर प्रेरित होता हूं और विजय 69 में उनकी उत्कृष्टता के सफर को देखकर उनका समर्थन करता हूं। अनुपमजी जैसा कोई नहीं है। मुझे यकीन है कि अपने 40वें साल में सिनेमा में वह एक और यादगार प्रदर्शन के साथ हमें भावुक करेंगे। हम सब भाग्यशाली हैं कि उनके इस अद्भुत सफर के गवाह हैं।  

केन्द्र सरकार देशभर में 100 ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स ‘ तैयार करने की योजना : डॉ. शाह

प्रदेश के 19 जिलों में ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स की स्थापना के लिये प्रस्ताव भेजा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बनेंगे टीएमएमसी  केन्द्र सरकार देशभर में 100 ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स ‘ तैयार करने की योजना : डॉ. शाह भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि देश के सभी जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास एवं जनजातियों को देश में हो रहे चहुंमुखी विकास के प्रकाश का लाभ देने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में प्रदेश के 51 जिलों के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांवों का संर्वागीण विकास किया जायेगा। इन 51 जिलों में 43 जनजातीय समुदायों के 18 लाख 58 हजार परिवार निवास करते हैं, जिनकी कुल 93 लाख 23 हजार आबादी इस अभियान से सीधे तौर पर लाभान्वित होगी। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि अभियान में केन्द्र सरकार द्वारा देशभर में 100 ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स (टीएमएमसी) या कहें ‘जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार’ तैयार करने की योजना है। इसमें ‘पहले आयें-पहले पायें’ की तर्ज पर केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय को जिस राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश से सबसे पहले प्रस्ताव मिलेंगे, उन्हें प्राथमिकता से यह टीएमएमसी आवंटित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने इस दिशा में त्वरित एवं प्रगतिशील कदम उठाते हुए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव को वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 19 जिलों में एक-एक टीएमएमसी स्थापित करने का अधिकृत प्रस्ताव भेज दिया है। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को प्रदेश के 19 जिलों में एक-एक टीएमएमसी (जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार) स्थापना के लिये विधिवत् प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार 19 जिलों में यह टीएमएमसी एक-एक करोड़ रूपये लागत से लगभग 2000 स्क्वायर मीटर लैंड एरिया में बनाये जायेंगे, जिसका बिल्ट-अप लैंड एरिया करीब 367.80 स्क्वायर मीटर होगा। प्रमुख सचिव डॉ. कुमार ने बताया कि यह टीएमएमसी राज्य सरकार के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित किये जायेंगे। टीएमएमसी की स्थापना के लिये धनराशि केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी। टीएमएमसी में जनजातियों की पुरातन कला, संस्कृति के प्रतीक, शिल्पकारी, चित्रकारी, खिलौने, मिट्टी व बांस से निर्मित उत्पाद आदि का विक्रय भी किया जायेगा। इससे जनजातीय समुदाय को आजीविका के नये साधन मुहैया होंगे और इन्हें अतिरिक्त आय उपार्जन भी हो सकेगा। टीएमएमसी स्थापना का मुख्य उद्देश्य जनजातियों द्वारा एकत्रित की जाने वाली लघु वनोपजों व गैर लघु वनोपजों का एक ही छत के नीचे प्रदर्शन, इनकी गुणवत्ता संवर्धन एवं इन वनोपजों के विक्रय के लिये जनजातीय बंधुओं को स्थायी प्लेटफार्म उपलब्ध कराना है। इससे जनजातियों की आजीविका में तेजी से सुधार के साथ इन्हें अपने स्व-निर्मित उत्पादों के प्रमोशन के लिये स्थानीय स्तर पर आऊटलेट की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा इन टीएमएमसी की स्थापना से जनजातीय वर्ग के किसानों की फसल लगाने से पूर्व एवं उपज के उपरांत मौसमी हानियों को भी बेहद कम किया जा सकेगा।  

आयुष्मान योजना में कैंसर पीड़ितों को राहत, देश में अबतक 25 लाख रोगियों ने करवाया उपचार

भोपाल  सितंबर 2018 में प्रारंभ आयुष्मान भारत योजना के छह साल पूरे हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 29 अक्टूबर को 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त बीमा कवर देना शुरू किया है। योजना के पिछले छह वर्ष के आंकड़े देखें तो कैंसर रोगियों के लिए यह योजना बड़ा संबल बनी है। देशभर में अभी तक सात करोड़ से अधिक लोगों का उपचार इस योजना के अंतर्गत हुआ है, इनमें 25 लाख कैंसर के हैं। स्पेशियलिटी के हिसाब से उपचार कराने वाला का यह चौथा बड़ा आंकड़ा है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यानी सिकाई कराने वाले रोगियों को मिला लें तो यह संख्या और अधिक होगी। गुजरात में तो आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले में ही सर्वाधिक कैंसर रोगी हैं। मप्र में एक लाख 62 हजार रोगियों ने कैंसर का उपचार कराया है। ‘पीएमजय’ डैशबोर्ड से मिली जानकारी     मप्र में जनरल मेडिसिन के बाद योजना का लाभ लेने वालों की सर्वाधिक संख्या कैंसर रोगियों की है। उप्र में 88 हजार कैंसर रोगियों ने योजना से उपचार कराया है।     यहां योजना का लाभ लेने वाले रोगियों की सर्वाधिक संख्या के मामले में कैंसर चौथे नंबर पर है। यह जानकारी ‘पीएमजय’ डैशबोर्ड के अनुसार है।     सामान्य तौर पर निजी और सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन के बाद आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग आदि के रोगी अधिक रहते हैं।     जब आयुष्मान योजना से उपचार लेने वालों की संख्या बात आती है तो मेडिकल आंकोलाजी किसी राज्य में पहले तो कहीं दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर है।     देश में सबसे ऊपर क्रमश: मेडिसिन, संक्रामक रोग और सर्जरी है। अब प्रोसीजर के आंकड़े देखें तो रोगियों ने सबसे अधिक लाभ हीमोडायलिसिस का लिया है।     देश भर में 64 रोगियों ने अभी तक आयुष्मान योजना से डायलिसिस कराई है, जिसमें मध्य प्रदेश के पांच लाख 43 हजार हैं।     दूसरे नंबर पर मल्टीपल पैकेज यानी जिसमें कई तरह प्रोसीजर शामिल हैं, तीसरे क्रम में 57 हजार मामलों के साथ सीजर डिलीवरी है। मप्र में किस बीमारी के कितने रोगियों ने उपचार कराया     मेडिसिन 10 लाख     मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर, जिसमें सर्जरी शामिल नहीं ) 1.62     आर्थोपेडिक 1. 62     स्त्री एवं प्रसूति रोग 1.33     हड्डी रोग 1.04 एक्सपर्ट ने बताया कारण प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के जीएम ऑपरेशन रहे सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी का कहना है कि कैंसर का उपचार एक तो महंगा है। दूसरा यह कि इसका उपचार दो से तीन वर्ष और कुछ का तो इससे भी अधिक समय तक चलता है। यही कारण है कि अधिकतर रोगी आयुष्मान भारत योजना से ही उपचार कराते हैं। वह कहते हैं कि यह बात भी सही है सरकारी अस्पतालों की तुलना में योजना के अंतर्गत अनुबंधित निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों में इसके उपचार की अच्छी सुविधाएं हैं। प्रोसीजर के मामले में रेडिएशन ओंकोलॉजी और कीमोथेरेपी का लाभ लेने वाले रोगियों की संख्या भी अन्य प्रोसीजर की तुलना अधिक है।

प्रदेश में 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड, कई शहरों का तापमान लुढ़का

भोपाल मध्य प्रदेश में अब धीरे धीरे ठंड की दस्तक होने लगी है। हवाओं का रुख बार बार बदलने से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।  उत्तरी हवाओं के चलने से 15 नवंबर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में तेज ठंड पड़ने की उम्मीद है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में शहरों का अधिकतम तापमान 29-30 डिसे तो न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच हो सकता है। नवंबर के तीसरे हफ्ते में ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में तापमान 6 डिग्री तक गिर सकता है। अगले 3-4 दिनों तक राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर में  अधिकतम तापमान 31-32 व न्यूनतम तापमान 18-19 डिसे के बीच आ सकता है।आमतौर पर नवंबर में दिन का तापमान 30 डिसे तो रात का तापमान 15 डिसे से कम हो जाता है। अगले हफ्ते से बढ़ेगी ठिठुरन आज  प्रदेश में ठंडी हवाएं चलेंगी जिससे ग्वालियर, भोपाल, इंदौर , जबलपुर सहित कई शहरों में ठंड बढ़ेगी, ।आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं की वजह से पचमढ़ी, मलाजखंड, अमर कंटक, सहित कई जिलों के मौसम में परिवर्तन होगा और रात के तापमान में गिरावट आते ही ठिठुरन बढ़ेगी। अबतक नवंबर महीने में ट्रेंड रहा है कि दूसरे सप्ताह से ही सर्दी जोर पकड़ती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है।इस दौरान कुछ जिलों में मावठे की हल्की वर्षा भी होती है, जिसके बाद सर्दी का असर तेज होता है। 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड मौसम विभाग की मानें तो 15 नवंबर से ठंड का असर और तेज देखने को मिल सकता है। पिछले 10 वर्षों से तापमान ने ऐसा ही माहौल बना रखा है। बताया गया है कि दिन में गर्मी का असर दूसरे सप्ताह तक बना रहेगा। इसके बाद पारा तेजी से नीचे आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उत्तरी हवाओं की वजह से मौसम में तेजी से गिरावट आ रही है। इन शहरो में तेजी से नीचे आ रहा पारा बदलते मौसम के बीच कई जिलो में ठंड का असर तेज देखने को मिल रहा है। यहां तेजी से पारा नीचे आया है, जिनमें मंडला में 15.6 डिग्री टेम्प्रेचर मापा गया, तो वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत प्रदेश के करीब 20 से 25 शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। वहीं पचमढ़ी में टेम्प्रेचर 13.4 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 16.4 डिग्री, मंडला में 15.6 डिग्री, रीवा में 16.6 डिग्री के अलावा बैतूल-मलाजखंड में तापमान 16.8 डिग्री रहा।

मप्र और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया

भोपाल मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने और चीता कॉरिडोर के विकास के लिए दोनों राज्यों ने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया है। यह समिति चीता के संरक्षण, पर्यटन संभावनाओं और क्षेत्रों के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाएगी। साथ ही, यह हर तीन माह में अपनी रिपोर्ट दोनों राज्यों की सरकारों को सौंपेगी। इस समिति के संयुक्त अध्यक्ष मध्यप्रदेश और राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक होंगे। अन्य सदस्य के रूप में चीता प्रोजेक्ट के निदेशक, क्षेत्र संचालक/संचालक, वन्य-प्राणी विशेषज्ञ, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि और भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा नामांकित प्रतिनिधि होंगे। समिति मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता परियोजना कॉरिडोर के लिए एमओयू का मसौदा तैयार करेगी। यह कॉरिडोर चीतों के सुरक्षित भ्रमण और उनके संरक्षण के लिए विकसित किया जाएगा। समिति कूनो और रणथंबौर क्षेत्रों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन के लिए नए मार्गों का मूल्यांकन करेगी। यह पर्यटन के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ चीतों के संरक्षण में भी सहायक होगा। समिति उन अधिकारियों और फ्रंट-लाइन कर्मचारियों के क्षमता निर्माण पर भी ध्यान देगी, जो कूनो से राजस्थान तक मौजूदा कॉरिडोर में चीतों की निगरानी और गश्त में शामिल हैं। इससे चीतों की सुरक्षा और संरक्षण में सुधार आएगा। कूनो और गांधी सागर अभ्यारण्य क्षेत्रों से चीतों के भविष्य के माइग्रेशन के लिए उपयुक्त क्षेत्रों का विकास भी समिति के कार्यक्षेत्र में शामिल रहेगा। इसके लिए प्रि-औगमेंटेशन बेस तैयार कर सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।

सचिन पायलट : भोपाल सचिवालय में जमे है माफिया, 400 पार के अहंकार को जनता ने दिया करारा जवाब

Sachin Pilot: Mafia is established in Bhopal Secretariat, public gave a befitting reply to the arrogance of Rs 400 भोपाल। MP by election 2024: मध्यप्रदेश पहुंचे कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि- हम सब आज उपचुनाव में प्रचार करेंगे। जनता ने जिन उम्मीदों को लेकर वोट डाले थे उस पर सरकार खरा नहीं उतरी। हर क्षेत्र में सिर्फ प्रचार, प्रसार, फोटो छप रही हैं। भोपाल सचिवालय में माफिया जमे है। 400 पार के अहंकार को जनता ने करारा जवाब दिया है। भाजपा ने दो बैसाखियों पर सरकार बनाई है। राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद सरकार की जवाबदारी तय की है।केंद्र की सरकार आज भी कांग्रेस को दोष दे रही है। चिन्हित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं। बीजेपी का ग्राफ देशभर में डाउन हो रहा है। झारखंड और महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की हवा चल रही है। हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे एमपी में मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार काम कर रही है। उपचुनाव में हम अच्छा करेंगे, एक नए बदलाव की शुरुआत होगी। प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं, सुखद परिणाम हर जगह कांग्रेस के लिए है।भारत की सीमाओं का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है। गौ माता, भगवान राम के नाम पर वोट बटोरते हैं, विपक्षी सरकारों को बजट नहीं देते, बहुत सारे नेता पार्टी छोड़ते हैं, हमारे यहां पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है। फ्री बीज को लेकर बोले – कांग्रेस सरकार अगर गरीबों को मदद करना चाहे तो उसे फ्री बीज कहते हैं, हमने जहां जो कहा वह करके दिखाया है। झूठ बोलना, कांग्रेस को कोसना कब तक करेंगे। शिवराज की योजना इतनी अच्छी थी तो उन्हें हटाया क्यों। हमारा संख्या बल अब बहुत बेहतर है, हम हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर को फुल स्टेट का दर्जा मिले यह हम चाहते हैं। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पायलट ने कहा कि- बाटेंगे और काटेंगे के खिलाफ कांग्रेस का नया प्लान। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पर कांग्रेस काम करेगी।लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस अगर आई तो मंगलसूत्र छीन ले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री काटेंगे की बात करते हैं। हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे। बीजेपी का काम है कि ध्रुवीकरण करना, धार्मिक भावना राजनीतिक आक्रमण करना, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना। अब एक तरफा हवा चल रही है गठबंधन की सरकार बनाने के लिए लोग उठ चुके हैं। नेताओं की बयानबाजी और नाराजगी बहुत सारे नेता छोड़ते हैं तो आते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने-अपने संगठन अपने विचारधारा पर काम कर रही है। हम एकजुटता से काम कर रहे हैं। शिवराज के बयान पर कहा कि वे कितने साल से काम कर रहे थे। मजबूरन उन्होंने जाना क्यों पड़ा, इसका जवाब दें। रेवाड़ी की राजनीति करते हैं। हम लोग काम करते हैं तो दिक्कत और हम अगर अनुदान देना चाहे तो समस्या, और खुद 80 करोड लोगों को फ्री भोजन कर रहे हैं. आप अन्नदाता है हम कोई घोषणा करें तो हम पाप कर रहे हैं.. सीजी में उपराष्ट्रपति के बयान पर छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बोल- कानून के बारे में रहकर कानून का काम करना चाहिए। चुनाव से पहले इस प्रकार की बातें करना और धार्मिक बातें बोलकर वोट बटोरना ठीक बात नहीं है। विकास की बात करनी चाहिए। कभी गौ माता, कभी नागरिक संहिता, कभी मंदिर की बात सिर्फ चुनाव के लिए करते हैं। ऐसी राजनीति को जनता भी स्वीकार नहीं कर रही है

बुधनी और विजयपुर उपचुनाव भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण, मोहन यादव सरकार की बड़ी परीक्षा

भोपाल मध्य प्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव मोहन यादव सरकार के लिए बड़ी परीक्षा की तरह हैं। अमरवाड़ा विधानसभा सीट के उपचुनाव के बाद हो रहे इन दो सीटों के उपचुनाव की अलग-अलग चुनौतियां हैं। बुधनी में वर्ष 2003 से लगातार जीत रही भाजपा के सामने जीत का अंतर बरकरार रखने की चुनौती है। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बुधनी सीट पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे से रिक्त हो गई। वहीं, विजयपुर में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए रामनिवास रावत के इस्तीफे से उपचुनाव की स्थिति बनी। अब रामनिवास रावत भाजपा प्रत्याशी हैं और उन्हें विजयी बनाना भी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस की परंपरागत सीट कांग्रेस ने रामनिवास रावत के विरुद्ध आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाकर चुनाव को रोचक बना दिया है। दूसरी वजह यह है कि विजयपुर कांग्रेस की ही परंपरागत सीट रही है। यहां से रामनिवास रावत ही कांग्रेस के टिकट पर छह बार विधायक रहे हैं। इसी कारण कांग्रेस के दिग्गज नेता भी यहां जोर लगा रहे हैं। रामनिवास रावत के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न सीट निकालना रामनिवास रावत के लिए इस कारण भी प्रतिष्ठा का प्रश्न हैं क्योंकि वह विधानसभा का सदस्य निर्वाचित हुए बिना मंत्री बने हुए हैं। यहां भाजपा को जीत नहीं बल्कि वोटों के अंतर की चिंता है। इन दोनों विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए भाजपा संगठन और सरकार दोनों ने ही ताकत झोंक दी है। कार्तिकेय संभाल रहे कमान बुधनी से भले ही भाजपा ने रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है लेकिन परंपरागत सीट पर जीत का अंतर बरकरार रखने की जिम्मेदारी तो शिवराज सिंह चौहान पर ही है। शिवराज सिंह इन दिनों झारखंड के चुनाव प्रभारी हैं। वे पूरा समय झारखंड को ही दे रहे हैं। बुधनी में उनके बेटे कार्तिकेय रमाकांत भार्गव के पक्ष में वोट मांग रहे हैं। प्रतिष्ठा बचाने के लिए संगठन और सरकार जुटे कांग्रेस ने यहां से अपने पुराने नेता राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है। राजकुमार पटेल इस सीट से 1993 में विधायक चुने गए थे। उनके जातिगत वोट भी यहां बड़ी संख्या में है इसलिए भाजपा के सामने जीत का पिछला रिकार्ड बरकरार रखने की चुनौती है। वहीं श्योपुर की विजयपुर सीट पर वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत की प्रतिष्ठा बचाने के लिए संगठन और सरकार जुट गए हैं। दोनों सीटों पर मुख्यमंत्री का खास ध्यान मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधनी में सैकड़ों करोड़ रुपये के कार्यों के शुभारंभ के साथ और नौ अक्टूबर को विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में वन समितियों का सम्मेलन कर चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी। दोनों सीटों पर उनका विशेष ध्यान है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी दोनों सीटों पर कार्यकर्ताओं की बैठक से लेकर बूथ प्रबंधन तक जमावट कर ली है।

एक करोड़ 24 लाख के सात विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र  में एक करोड़ 24 लाख के सात विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र में विकास की रफ्तार यूं ही जारी रहेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इंद्रपुरी के सी सेक्टर में  45 लाख रुपए लागत की बीमा हॉस्पिटल से चीनी टाइल्स तक सीसी सड़क निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने  श्री दुर्गा मंदिर इंद्रपुरी सेक्टर ए में लगभग 7 लाख रुपए की बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। कर्मवीर नगर में 22 लाख रुपए लागत के  कम्युनिटी हॉल के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नरेला शंकरी में भवानीधाम के अपोजिट साइड पर 8 लाख रुपए लागत के आरसीसी नाली निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही  साई धाम कॉलोनी में 14 लाख रुपए लागत की सीसी रोड और रिटेनिंग वाल का भूमि-पूजन किया। इसकी नीरजा नगर फेस-2 के सामने पार्क में 9 लाख रुपए लागत के प्लेटफार्म शेड और एक्यूप्रेशर ट्रैक के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। पार्षद श्रीमती उर्मिला मोर्य, श्रीमती शिरोमणि शर्मा, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, श्रीमती छाया ठाकुर, श्री जीत राजपूत, श्री मनोज विश्वकर्मा, श्री छोटू पंडित, श्री लवकुश यादव, श्री भीकम सिंह यादव  आदि मौजूद रहे।

स्काई डाइविंग फेस्टिवल 9 नवम्‍बर से उज्जैन में-राज्य मंत्री श्री लोधी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की मंशानुरूप म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा डाइविंग फेस्टिवल के चौथे संस्करण का आयोजन उज्जैन में 9 नवंबर से किया जा रहा है। उज्जैन में तीन माह के लिये पर्यटकों को 10 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर महाकाल की नगरी को देखने का रोमांचकारी अनुभव मिल सकेगा। यह बात संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताई। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि संस्था द्वारा उच्चतम मानकों के साथ प्रशिक्षित स्काई डाइवर के सहयोग से स्काई डाइविंग कराई जायेगी। यह पूर्णतः सुरक्षित है। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि स्काई-डाइविंग फेस्टिवल के तीन संस्‍करण की सफलता एवं एडवेंचर गतिविधि के प्रति पर्यटकों के उत्‍साह को देखते हुए इस वर्ष उज्‍जैन में चतुर्थ संस्करण (तीन माह के लिए) आयोजन किया जा रहा है। उज्जैन में दताना एयरस्ट्रिप पर एडवेंचर लवर्स आसमान में उड़ने के रोमांच का अनुभव कर पाएंगे। स्काई डाइविंग करने का समय सुबह 8 से शाम 5 बजे तक रहेगा। बुकिंग www.skyhighindia.com पर की जा सकती है। एक हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद इस संस्‍करण में आयोजक संस्‍था Sky-high India द्वारा स्‍पेशल स्‍काई-डाइविंग Aircraft New CESSNA  182P (fully modified for sky-diving) Aircraft द्वारा स्‍काई डाइविंग हेतु प्रयोग किया जायेगा, जिसकी क्षमता कुल 6 सदस्‍यों की है, जिसमें एक बार में 2 प्रतिभागी, 2 Instructors के साथ स्‍काई डाइविंग कर सकेंगे। तीन माह में 1000 से अधिक प्रतिभागियों के सम्मिलित होने की संभावना है। भविष्‍य में स्‍काई-डाइविंग के साथ अन्‍य एयरबेस्‍ड  गतिविधि भी संचालित की जावेंगी।    आधुनिक और बेहद सुरक्षित होगी राईड स्काई डाईविंग का संचालन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डी.जी.सी.ऐ) एवं यूनाइटेड स्टेट पैराशूट एसोसिएशन (यू.एस.पी.ए.) USPA द्वारा प्रमाणित संस्था “स्काई-हाई इंडिया” द्वारा किया जा रहा है। स्काई डाइविंग में उपयोग किए जाने वाला एयरक्राफ्ट नागरिक विमानन निदेशालय से पंजीकृत है।  

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों के प्रवेश के लिये संशोधित दरें प्रभावशील, संशोधित दरें 7 नवम्बर से होंगी लागू

भोपाल मध्यप्रदेश शासन वन विभाग द्वारा वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में पर्यटकों के प्रवेश के लिये संशोधित दरें जारी कर दी गई हैं। यह दरें 7 नवम्बर, 2024 से प्रभावशील होंगी। संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान ने बताया कि प्रवेश के लिये संशोधित दरों में पैदल भ्रमण प्रति व्यक्ति 25 रुपये, स्वयं की साइकल से 30 रुपये, उद्यान की साइकिल से 40 रुपये, दोपहिया मोटर वाहन 2 व्यक्ति 80 रुपये, ऑटो रिक्शा चालक सहित अधिकतम 4 व्यक्ति 120 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन अधिकतम 5 व्यक्ति 300 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन 5 व्यक्ति से अधिक क्षमता वाले 500 रुपये, मिनी बस अधिकतम 20 व्यक्ति 1100 रुपये, बस 20 से अधिक व्यक्ति 2200 रुपये, गोल्फ कॉर्ट से भ्रमण (प्रवेश शुल्क के अतिरिक्त) प्रति व्यक्ति 60 रुपये, 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 40 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क, पूरी गोल्फ कॉर्ट अधिकतम 6 व्यक्ति 400 रुपये और प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराये गये वाहन से सफारी भ्रमण (प्रति ट्रिप) प्रति व्यक्ति 100 रुपये, 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 30 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क तथा सम्पूर्ण वाहन (अधिकतम 6 व्यक्ति) 1000 रुपये देय होगा। प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराये गये वाहन से सूर्यास्त उपरांत सफारी भ्रमण (प्रति ट्रिप) प्रति व्यक्ति 300 रुपये, 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक आयु के बच्चे 150 रुपये, 5 वर्ष तक आयु के बच्चे नि:शुल्क और सम्पूर्ण वाहन (अधिकतम 6 व्यक्ति) 1500 रुपये देय होगा। संचालक ने बताया कि बैटरी-चलित वाहनों के लिये उपरोक्त दरों की 75 प्रतिशत राशि देय होगी। शुल्क में प्रत्येक 3 वर्ष में 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिसे 5 तक पूर्णांकित किया जायेगा। विदेशी पर्यटकों के लिये शुल्क दोगुना होगा।  

सागर के संपूर्ण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सागर के संपूर्ण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खाद , उर्वरक के वितरण में किसान भाइयों को कोई असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जावे। सागर का बहु प्रतीक्षित सागर बाईपास का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। सागर से भोपाल फोरलेन सड़क का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होगा यहां 2100 करोड़ रुपए की लागत से सागर-दमोह फोरलेन भी बनेगा। उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने सागर कलेक्टर कार्यालय में जिला योजना समिति की बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। राइट टू हेल्थ के साथ-साथ राइट टू स्क्रीनिंग पर भी ज़ोर दें उप मुख्यमन्त्री ने कहा कि राइट टू हेल्थ के साथ-साथ राइट टू स्क्रीनिंग पर भी ज़ोर दें ताकि संपूर्ण जिले वासियों की हेल्थ प्रोफाइलिंग की जा सके। सभी नागरिकों की स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था की जाये। आईपीएचएस-12 (इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स -12) के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में मैनपावर की कमी जल्द पूरी होगी। साथ ही जिला चिकित्सालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मर्जर के बाद डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी तथा अन्य विभाग भी शुरू होंगे। उन्होंने निर्देश दिये कि इंदिरा नेत्र चिकित्सालय में गैप एनालिसिस करें जिससे अस्पताल के अंडर यूटिलाइजेशन से संबंधित मुद्दों पर कार्य किया जा सके। जल जीवन मिशन में पानी की गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में पानी की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जावे एवं रेस्टोरेशन कराएं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1792 ग्रामों के 3 लाख 31 हज़ार 958 परिवारों को पानी प्रदान किया जाना है। उन्होंने जल निगम के माध्यम से जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का कार्य समय सीमा में किया जावे जिससे कि समय पर शुद्ध पेयजल प्रदान किया जा सके और सिंचाई भी की जा सके। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले की जिन विधानसभा क्षेत्रों के व्यक्तियों के नाम आवास सूची से छूटे हुए हैं उनका पुनः परीक्षण कराएं और मैपिंग की कार्रवाई शुरू करें जिससे कि छूटे हुए पात्र व्यक्तियों को भी शीघ्रता से आवास प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी कार्य शीघ्रता से पूरे करें। सागर-दमोह फोरलेन का कार्य समयसीमा में पूर्ण करें उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सागर जिले की बहु प्रतीक्षित सागर बाईपास का वर्क आर्डर जारी होने के साथ ही शीघ्रता से कार्य पूर्ण किया जाए। 2100 करोड रुपए की लागत से बनने वाली सागर-दमोह फोरलेन के कार्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की एवं निर्देश दिए कि वर्क आर्डर जारी होते ही कार्य प्रारंभ करें और भू अर्जन के कार्य भी शुरू करें। सागर भोपाल फोरलेन सड़क के संबंध में निर्देश दिए कि बेलखेड़ी सड़क से ग्यारसपुर विदिशा रायसेन होते हुए जो फोरलेन सड़क बन रही है, उसे बेरखेड़ी सड़क से सागर तक जोड़ा जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एनएचएआई के अंतर्गत जिले में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि जो कार्य स्वीकृत हुए हैं उनका डीपीआर तैयार करें और विभाग को प्रेषित करें, जिससे कि राशि स्वीकृत कर आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने तिलीचौराहा- गिरधारीपुरम रोड का काम शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का होगा विस्तार उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि तिलीमाफी में बन रहे छात्रावास का कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करें जिससे कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर में बने छात्रावासों के स्थान पर अस्पताल का विस्तार किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय का बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मर्जर होने के बाद डॉक्टर की कमी पूरी होगी एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने की परेशानी भी खत्म होगी। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के लिए जो भी वित्तीय आवश्यकता है उसका एक विस्तृत प्रारूप तैयार कर प्रस्तुत करें जिससे सभी कार्य समय सीमा में कराये जा सकें।

भोपाल कलेक्टोरेट गाइडलाइन पर पहले जन-प्रतिनिधियों से चर्चा करें : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने भोपाल कलेक्टर गाइडलाइन के संबंध में सभी जन-प्रतिनिधियों से चर्चा करने के बाद अंतिम निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निवास पर आज यहां कलेक्टर गाइडलाइन के संबंध में भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी ने सुझाव पत्र सौंपा। श्री देवड़ा ने प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर, महानिरीक्षक पंजीयन, कलेक्टर भोपाल और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा कर कहा कि वे पहले जन-प्रतिनिधियों से प्रत्येक बिंदु पर चर्चा कर उनका मत और सुझाव लें। इसके बाद अग्रिम कार्यवाही करें।  

स्व-सहायता समूह ने बदली मंजूलता की ज़िन्दगी, जैविक खेती से बढ़ाई आय

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जोड़कर उनकी क्षमतावृद्धि कर रहा है। मिशन में महिलाओं को आर्थिक मदद देकर आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में कटनी जिले के ग्राम बण्डाट की मंजूलता हल्दकार भी हैं, जो आज समूह से जुडकर खुशहाल रूप में जीवन यापन कर रही है। मंजूलता कहती हैं कि वे स्वयं सहायता समूह से जुडने पूर्व मजदूरी करके जीवन यापन करती थी। आय का सशक्त साधन न होनें के कारण, यदि उन्हें अचानक किसी कार्य के लिए पैसों की जरूरत पड़ जाती थी, तो उसकी व्यवस्था करनें में काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। यदि कहीं से पैसे ब्याज पर मिलते भी थे तो उसकी ब्याज दर ज्यादा होने के कारण उसे चुका पाना संभव नहीं था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के फायदों को समझकर मंजूलता ने भी अपने आर्थिक स्तर की 14 महिलाओं को जोडकर “जागृति स्व-सहायता समूह” बनाया। समूह की सदस्य बनी सभी महिलाओं ने प्रत्येक सप्ताह 10 रूपये से बचत करना प्रारंभ किया। प्रथम ग्रेडिंग के रूप में प्राप्त 14 हजार रुपये एवं उसके पश्चात् समूह को सीआईएफ राशि 50 हजार ग्राम संगठन से प्राप्त हुई। प्राप्त राशि की मदद लेकर मंजूलता ने कृषि कार्य को बढ़ावा दिया। साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। मंजूलता ने खेत में टमाटर, बैगन, मिर्च, लौकी, खीरा, हल्दी और अदरक की व्यावसायिक खेती करना शुरू किया। सब्जी लगाकर उन्होंने अच्छी फसल उगाई जिससे उनके परिवार की आय में वृद्धि होने लगी है। आज मंजूलता आपने साथ ग्राम के अन्य लोगों को भी सब्जी उत्पादन की समझाईश देती हैं।

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