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भोपाल की सेन्ट्रल लाइब्रेरी होगी आधुनिकीकृत

Bhopal's Central Library will be modernized

Bhopal’s Central Library will be modernized भोपाल : भोपाल में स्कूल शिक्षा विभाग के 3 पुस्तकालय संचालित हो रहे है। इन पुस्तकालायों के माध्यम से नागरिकों विशेष रूप से युवाओं को समाचार पत्रों के साथ विभिन्न अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इन पुस्तकालायों के जीर्णोंद्वार के लिये विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये गये है। शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल जिसे मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता है। इसके जीर्णोंद्वार के लिये कलेक्टर भोपाल द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपये का बजट उपलब्ध कराया है। बजट राशि से पुस्तकालय क्षेत्र का विस्तार, 3 मंजिला भवन निर्माण, पार्किंग व्यवस्था और नवीन फर्नीचर आदि का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों के हो जाने के बाद सेंट्रल लाइब्रेरी में वर्तमान व्यवस्था के अलावा 500 और नये सदस्यों को अध्ययन सुविधा उपलब्ध होगी। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के द्वारा भी पुस्तकालय का अनुरक्षण एवं विकास का कार्य किया गया है। पुस्तकालय सदस्यों की मांग पर विभागीय बजट से करीब 350 नई ज्ञानवर्धक पुस्तकें क्रय कर पाठकों को उपलब्ध कराई गई है। 60 हजार पुस्तकों का है भंडार भोपाल के न्यू मार्केट में मल्टीलेवल स्मार्ट पार्किंग के द्वितीय तल पर भोपाल जिला पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। इस पुस्तकालय में करीब 60 हजार पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। इस पुस्तकालय में भी प्रतिदिन नागरिकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये युवा अध्ययन करने पहुँचते है। जीटीबी कॉम्प्लेक्स की लाइब्ररी में होती है विविध गतिविधियाँ भोपाल के जीटीबी कॉम्प्लेक्स में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुदान से स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी संचालित हो रही है। पूर्व में यह पुस्तकालय ब्रिटिश लाइब्रेरी रूप में जाना जाता था। स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी में पिछले वर्ष 2 दिवसीय फेस्टिवल में बच्चों के लिये स्टोरी टेलिंग, क्विज काम्प्टीशन और फन एक्टिविटीज का आयोजन किया गया। जिसमें विजेता रहे बच्चों को पुरस्कार वितरित किये गये। इसके साथ ही जवाहर बाल भवन और वर्ल्ड-वे इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा तीसरी से 8वीं तक के बच्चों को लाइब्रेरी द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गयी। बच्चों को मोबाइल के स्थान पर पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित किया गया। लाइब्रेरी के सदस्यों की मांग पर लगभग 600 नई पुस्तकों को लाइब्रेरी के कलेक्शन में शामिल किया गया। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5 केन्द्रीय पुस्तकालय और 36 जिलो में जिला पुस्तकालय संचालित हो रहे है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में होगी खाद्य प्रसंस्करण उत्पादकों की बायर-सेलर मीट मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में

Buyer-seller meet of food processing producers will be held at Kushabhau Thakre Convention Center

Buyer-seller meet of food processing producers will be held at Kushabhau Thakre Convention Center on Tuesday in the presence of Chief Minister Dr. Yadav. भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादकों की बायर- सेलर मीट मंगलवार 30 जुलाई को होगी। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली इस मीट में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह भी उपस्थित रहेंगे। संचालक उद्यानिकी श्री एस.बी. सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य उद्यानिकी विभाग में संचालित पीएमएफ़एमई योजना अंतर्गत प्रदेश के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों में निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों तथा विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, बायर एवं सेलर को साझा मंच उपलब्ध कराना, कृषकों तथा युवा कृषक उद्यमियों को उद्यानिकी फसल उत्पादन तथा प्रसंस्करण की उन्नत तकनीकों, प्रसंस्करण के क्षेत्र में संभावना, बाज़ार, शासकीय योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता आदि के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करना तथा सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाना है। श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ मिशन के क्रम में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूर्ण करने का प्रयास है। मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में स्थान रखता हैI प्रदेश के कुल कृषि क्षेत्रफल में उद्यानिकी फसलों की भागीदारी 11.20 प्रतिशत है। प्रदेश में लगभग 400 लाख मी. टन उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश मसाला, धनिया, लहसुन, संतरा, एवं टमाटर के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा मिर्च, प्याज के उत्पादन में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश में उत्पादित इन उद्यानिकी फसलों को नष्ट होने से बचाने तथा मूल्य वर्धन करने के लिए उद्यानिकी विभाग में संचालित पीएमएफ़एमई योजना अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण उद्यम स्थापित किये जाने के लिए इच्छुक उद्यमियों को परियोजना लागत का 35% अधिकतम राशि रूपए 10 लाख तक अनुदान का प्रावधान है। बायर-सेलर की होगी राउंड टेबल चर्चा कार्यक्रम में इकाइयों में निर्मित उत्पादों एवं प्र-संस्करण मशीनों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश तथा अन्य राज्यों के क्रेता, विक्रेता, निर्यातकों, विशेषज्ञों सहित लगभग 250 प्रतिनिधियों द्वारा सहभागिता की जाएगी। आयोजन में क्रेता-विक्रेता के परस्पर संबंधों को बढ़ावा देने तथा उद्यानिकी क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्पादकों, व्यापारियों, खरीदारों और उद्योग विशेषज्ञों सहित हितधारकों के विविध समूह को एक साथ लाया जा रहा है। इस हेतु विशिष्ट उत्पाद के क्रेता-विक्रेताओं द्वारा राउंड टेबल चर्चा की जायेगी, जिससे वे एक दूसरे की आवश्यकताओं को समझें तथा भविष्य में व्यापार के लिए लिंकेज बनाया जा सके। उद्यानिकी फसलों को उनके उत्पादों/प्र-संस्कृत उत्पादों का उचित मूल्य तथा बाज़ार प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में होने वाली प्रमुख गतिविधियाँ उत्पादन आधारित क्रेता- विक्रेताओं की वार्ता, प्रदेश में पीएमएफएमई योजना अंतर्गत निर्मित उत्पादों तथा विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों तथा प्र-संस्करण की उन्नत मशीनों का प्रदर्शन, विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी-सत्र तथा योजना के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से अनुदान राशि का वितरण होगा। कार्यक्रम के आयोजन से योजना अंतर्गत लाभान्वित छोटे और सीमान्त उद्यानिकी उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रेताओं तथा नए बाजारों तक पहुंच प्राप्त होगी। तकनीकी सत्र के माध्यम से उद्यानिकी तथा प्र-संस्करण की उन्नत तकनीकों तथा उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं निर्यात सम्बन्धी जानकारी प्राप्त होगी। उत्पाद आधारित राउंड टेबल चर्चा से क्रेता एवं विक्रेता के मध्य संपर्क और आपसी चर्चा एवं लिंकेज उद्यानिकी जगत में नई संभावनाओं और सफलताओं को जन्म देगा।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे जाजागढ़ में बाघ का हमला, चरवाहे गंभीर रूप से घायल

Tiger attack in Jajagarh adjacent to Bandhavgarh Tiger Reserve, shepherd seriously injured

Tiger attack in Jajagarh adjacent to Bandhavgarh Tiger Reserve, shepherd seriously injured कटनी ! जंगल में बकरी चराने गए एक चरवाहे पर बाघ ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने चरवाहे को बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में न जाने की हिदायत दी है। बरही वन परिक्षेत्र के जाजागढ़ बीट में बाघ ने एक चरवाहे पर जानलेवा हमला करते हुए उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। चरवाहे की तेज आवाज सुनकर आसपास खेतों में मौजूद किसान दौड़ पड़े। ग्रामीणों के शोरगुल से बाघ चरवाहे को छोड़कर भाग गया। घायल चरवाहे को इलाज के लिए बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद बरही अस्पताल पहुंचे रेंजर ने 60 वर्षीय घायल मंगल सिंह के बयान दर्ज किए। जाजागढ़ के ग्रामीणों को जंगल में न जाने की हिदायत दी है। बरही वन विभाग के रेंजर गोविंद नारायण शुक्ला ने बताया कि मामले की कागजी कार्रवाई करते हुए मुख्यालय भेजा जाएगा ताकि पीड़ित को सहायता राशि मिल सके। बरही वन परिक्षेत्र का जाजागढ़ बीट, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन एरिया से सटा हुआ है, जहां आए दिन बाघ का मूवमेंट बना रहता है। जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय मंगल सिंह पिता दुईया सिंह रोजाना की तरह जंगल की ओर बकरी चराने गए थे। तभी झाड़ियों में छुपे बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायल को हॉस्पिटल में भर्ती कराया। ग्रामीण दौलत मिश्रा और लालमन सिंह ने बताया कि जाजागढ़ में कई दिन से बाघ की दस्तक बनी हुई थी, जो अक्सर घनी बस्ती के समीप पहुंच जाता था। इस घटना से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कही ऐसी बात, निर्मला सीतारमण ने पकड़ लिया माथा

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget, Nirmala Sitharaman held her head लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के कई बयानों पर आपत्ति जताई. इस दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने भी नेता प्रतिपक्ष से सदन के नियमों का पालन करने की बात कही. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए. इस दौरान बजट की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ओबीसी की भागीदारी का सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट बनाने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक या ओबीसी समुदाय से हैं. उनके इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक मिनट से झेंप गई. उन्होंने आपना माथा पकड़ लिया. राहुल गांधी ने भाषण के दौरान स्पीकर से बजट के बाद हलवा समारोह की तस्वीर दिखाने की अनुमति मांगी लेकिन स्पीकर ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया. राहुल ने फिर तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2024 तैयार करने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि वे तस्वीर में मौजूद भी नहीं हैं. सदन में हंगामाकेंद्रीय बजट पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में हंगामा हो गया. गांधी पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आप सदन के नियम नहीं जानते, आप सदन के अध्यक्ष को चुनौती देते हैं. राहुल गांधी ने बजट भाषण में पेपर लीक मुद्दे का जिक्र न करने के लिए निर्मला सीतारमण पर हमला बोला. इस मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में देश में पेपर लीक के 70 मामले सामने आए हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 99% युवा केंद्रीय बजट 2024 में पेश किए गए इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि आपने युवाओं के लिए क्या किया? इस दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी खड़े हो गए. उन्होंने कहा कि अग्निवीर को लेकर नेता प्रतिपक्ष देश को गुमराह कर रहे हैं.

प्रदेश सरकार ने दिया लोगों को बिजली का झटका ,अब बड़े हुए बिल आएंगे

State government gave electric shock to the people, now increased bills will come

State government gave electric shock to the people, now increased bills will come जयपुर ! राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर है. राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2024-25 के लिए बिजली के नए टैरिफ की घोषणा कर दी है. इस नए टैरिफ के तहत उपभोक्ताओं को फिक्स्ड चार्जेस में वृद्धि का सामना करना पड़ेगा. फिक्स्ड चार्जेस में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी की गई है. इस तरह अब राजस्‍थान में बिजली उपभोक्‍ताओं के बिल बढ़े हुए आएंगे. दरअसल, बिजली कंपनियों की याचिका पर आयोग ने प्रदेश में नया टैरिफ लागू किया है. आयोग द्वारा तय नए टैरिफ के अनुसार, बीपीएल (बिलो पॉवर्टी लाइन) और आशा कार्डधारी उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज 100 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है. इसी तरह 50 यूनिट तक बिजली यूज करने वाले छोटे ग्राहकों के फिक्स्ड चार्ज में भी वृद्धि की गई है, जो अब 125 रुपए से बढ़कर 150 रुपए हो जाएगा. इसके अलावा इन श्रेणियों में भी फिक्स्ड चार्जेस में बढ़ोतरी की गई है… इसके अलावा एचटी घरेलू उपभोक्ताओं को अब 250 रुपए प्रति KVA के बजाय 275 रुपए प्रति KVA देने होंगे. मौजूदा समय में 200 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सरकार फिक्स्ड चार्ज समेत सभी चार्जेस का वहन करती है, लेकिन यह लाभ केवल फ्री बिजली योजना में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को ही मिलता है.

International Tiger Day 2024 : कहा ‘टाइगर है जंगल का असली राजा, मध्य प्रदेश के बाघों ने नया रिकॉर्ड बनाया’ सीएम डॉ. मोहन यादव

International Tiger Day 2024: Said 'Tiger is the real king of the jungle,

International Tiger Day 2024: Said ‘Tiger is the real king of the jungle, tigers of Madhya Pradesh made a new record’ CM Dr. Mohan Yadav International Tiger Day 2024 : अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि असल मायने में बाघ जंगल का राजा होता है और मध्य प्रदेश इस मामले में ख़ुशक़िस्मत है कि यहाँ दुनियाभर के बाघों का एक बड़ा हिस्सा पाया जाता है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत,राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रमइस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाघों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। उन्होंने वन विभाग के तीन प्रकाशनों “विलेज रीलोकेशन: सतपुड़ा मॉडल”, “पेंच टाइगर: बिहेवियर एंड एक्टिविटीज” और “कान्हा की कहानियां” का विमोचन भी किया। सीएम ने विश्व बाघ दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ‘हम सभी जानते हैं कि मध्यप्रदेश ‘टाइगर स्टेट’ अर्थात भारत के अधिकांश बाघों का घर है। मध्यप्रदेश ने अपनी इस उपलब्धि से इको टूरिज्म की ओर तेजी से कदम बढ़ाए हैं। इसलिए हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि बाघों के संरक्षण को बढ़ावा दें, उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करें तथा पर्यावरण संतुलन की दिशा में सदैव कार्य करते रहें।’ ‘भोपाल में रात में बाघ निकलते हैं विचरण पर’सीएम ने कहा कि ‘बाघ नाम लेते ही रोमांच और आनंद आ जाता है। हम और सौभाग्यशाली हैं। कई राजधानियाँ हैं लेकिन भोपाल की कैपिटल सबपर भारी पड़ रही। यहाँ दिन में मनुष्य घूमते हैं, रात में बाघ घूमते हैं..कोई राजधानी ऐसी नहीं है जहां बाघों का ऐसा विचरण होता है। हम लोग अपनी अपनी टेरीटरी में अपना अपना आनंद लेते हैं। परमात्मा की कृपा है कि हमें बदलतो दौर में ये अनुभव भी हो रहा है। ये सुखद संयोग है और अच्छी बात भी है। हमारे यहाँ 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की स्थापना हुई थी।’ उन्होंने कहा कि बाघ के पक्ष में बहुत सारी बात है। हम इनकी संख्या में भी विशिष्ट है। टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में भारत के कुल बाघों के 20 प्रतिशत से अधिक बाघ हमारे यहाँ पाए जाते हैं। बाघ गणना 2022 के अनुसार मध्यप्रदेश में 785 बाघ हैं। हमें संख्या बढ़ाने की दिशा में और आगे बढ़ना है। अभी हमारे ऐसे कई हमें जंगल बुला रहे हैं। जहां आगे बढ़ना है। हमारे प्रदेश में 55 से 60 करोड़ राजस्व टूरिज़्म से आता है। बदलते दौर में हम चीतों का राज्य भी हो गए हैं।’ ‘बाघ है जंगल का असली राजा’ इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भले ही लोग कहते हैं कि शेर जंगल का राजा है लेकिन वो सिर्फ दिखने में ही विशाल है। उन्होंने कहा कि ‘बाघ के साथ बात करने का मज़ा अलग है। उसका अलग स्वभाव है। लोग शेर को जंगल का राजा बोलते हैं लेकिन ये अन्याय है बाघ के साथ। वो कमाने खाने में आलसी है। वो अपने बलबूते पर नहीं कमाता खाता है। शेर के लिए कोई और शिकार करता है। जो अपने बूते कमाने खाने का नहीं रखता वो कैसे राजा हो सकता है। हममें पुरुषार्थ और पराक्रम होना चाहिए, और ये टाइगर दिखाता है। उसमें पुरुषार्थ और पराक्रम है। इसलिए मुझे लगता है जंगल के राजा का ख़िताब टाइगर के नाम होना चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के टाइगर नया रिकॉर्ड है। भोपाल के टाइगर और आगे निकल गए है। मध्यप्रदेश के लिए नया रिकॉर्ड बन गया है। आमतौर पर बाघ और मनुष्य एक दूरी पर रहते हैं लेकिन भोपाल के बाघ तो जैसे कहते हैं कि दिन में मनुष्य घूम लें, रात में वो घूम लेंगे। ये एडजस्ट करना भी एक रिसर्च का विषय हो गया है। दुनिया नें कहीं ऐसा नहीं होता जो अपने टाइगर कर रहे हैं। हमें टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है जो बेहद आनंद की बात है। इस अवसर पर उन्होंने कहा दिन कि हम बाघ और चीते के साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण दिनबता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, जिसे ग्लोबल टाइगर डे के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखना है। बाघ पृथ्वी पर सबसे अद्भुत और ताकतवर जीवों में से एक हैं। बाघों का संरक्षण केवल बाघों की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि समग्र जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर, विभिन्न संगठन, सरकारें और सामुदायिक समूह बाघों के संरक्षण के लिए कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित करते हैं। इन अभियानों में वन्यजीवों के महत्व, अवैध शिकार की रोकथाम और बाघों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के उपायों पर जोर दिया जाता है। मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट कहा जाता है क्योंकि यह राज्य भारत में सबसे अधिक बाघों की संख्या के लिए प्रसिद्ध है। प्रदेश के प्रमुख बाघ अभयारण्य जैसे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और संजय दुबरी राष्ट्रीय उद्यान बाघों के प्रमुख निवास स्थान हैं। ये अभयारण्य न केवल बाघों की सुरक्षा करते हैं बल्कि अन्य वन्यजीवों और जैव विविधता को भी संरक्षित करते हैं।

अतंरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर विशेषः इस साल अब तक 61 बाघों की मौत, 29 तो मध्य प्रदेश में ही मारे गए

International Tiger Day

Special on International Tiger Day: 61 tigers have died so far this year, 29 were killed in Madhya Pradesh alone. देश में टाइगर स्टेट के नाम से अपनी प्रतिष्ठा को कायम करने के बाद अब मध्य प्रदेश में बाघ संरक्षण के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। देशभर में इस साल अब तक 61 बाघों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें अकेले मध्य प्रदेश में ही 25 बाघ मारे गए हैं। ज्यादातर बाघों की मौत टाइगर रिजर्व में हुई है, जो चिंता का सबब बन गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 13, कान्हा टाइगर रिजर्व में आठ और पन्ना टाइगर रिजर्व में चार बाघ मारे गए हैं। 2023 में मध्य प्रदेश में 41 बाघों की मौत हुई थी, जो आंकड़ा इस बार बढ़ सकता है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक देश में 2012 से अब तक सबसे ज्यादा बाघों की मौतें मध्य प्रदेश में हुई है। इन 12 वर्षों में मध्य प्रदेश में ही 340 बाघों की मौत हुई है। इसके कारणों में बाघों के बीच क्षेत्र पर कब्जे की लड़ाई, शिकार और बीमारी शामिल है। जून में शिकारियों ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में घुसकर बाघ का शिकार किया था। उसका सिर काटकर साथ ले गए थे। इसके बाद बाघों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने अलर्ट जारी किया था। जुलाई में रायसेन जिले की आशापुरी बीट में एक बाघ का कंकाल मिला था। इसका गोली मारकर शिकार करने की आशंका व्यक्त की गई थी। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स नहीं बनीवाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि बाघों की मौत का सबसे बड़ा कारण उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों की उदासीनता है। केंद्र ने बाघों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स बनाने को कहा था, लेकिन अब तक राज्य सरकार ने इस पर काम नहीं किया। जब बाघों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी हथियार लेकर जंगल में उतरेंगे तो बाघों की सुरक्षा तो होगी ही, जंगल की अवैध कटाई और अवैध खनन पर भी अंकुश लगेगा। टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत शिकार की आशंका को ताकत दे रही है। शिकार नहीं रुकने का कारण यह है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी ही तय नहीं है। जिन मामलों में बाघों के शिकार की पुष्टि हुई है, उनमें भी शिकारियों को सजा का प्रतिशत बहुत कम है। केस दर्ज होता है। जांच होती है। लेकिन कितने लोगों को सजा दी गई, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

‘कोचिंग बिजनेस हो गए, छात्रों की मौत पर भड़के उप राष्ट्रपति धनखड़

Vice President Dhankhar angry over the death of students

‘Coaching has become a business, Vice President Dhankhar angry over the death of students दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से शनिवार को तीन छात्रों की मौत हो गई थी. राज्यसभा सभापति धनखड़ इस मामले पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं. दिल्ली ! उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली की कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से 3 UPSC छात्रों की मौत पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि कोचिंग आजकल बिजनेस बन गए हैं. हम अखबार पढ़ते हैं, उनमें पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी. दरअसल, शनिवार को दिल्ली में हुई बारिश के दौरान इस बेसमेंट में पानी भर गया था. बेसमेंट में कोचिंग की लाइब्रेरी चल रही थी. ऐसे में घटना के वक्त बेसमेंट में करीब 30 छात्र मौजूद थे. तभी बेसमेंट में करीब 10-12 फीट पानी भर गया. इसके चलते कई छात्र इसमें फंस गए थे. इनमें से कुछ छात्रों को रस्सी डालकर निकाल लिया या था. जबकि तीन छात्रों की मौत डूबने से हो गई थी. राज्यसभा में 3 छात्रों की मौत पर होगी चर्चा राज्यसभा में 3 यूपीएससी छात्रों की मौत पर चर्चा होगी. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिला है. इसमें सदस्यों ने अधिकारियों की लापरवाही के चलते दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है. मुझे लगता है कि युवा जनसांख्यिकीय को देश में आगे बढ़ाना है. मैंने पाया कि कोचिंग व्यापार बन गया है. जब भी हम अखबार पढ़ते हैं, उनके पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. कोचिंग में 3 छात्रों की मौत के मामले में चर्चा के लिए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने नोटिस दिया है. लोकसभा में भी उठा मुद्दा इससे पहले ये मुद्दा सोमवार को लोकसभा में भी उठा. लोकसभा में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा. उन्होंने इस मामले में जांच की भी मांग की.

बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 65% आरक्षण आदेश पर रोक बरकरार

Shock to Bihar government from Supreme Court

Shock to Bihar government from Supreme Court, stay on 65% reservation order remains intact Bihar Reservation News: बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से सोमवार (29 जुलाई) को बड़ा झटका लगा है. बिहार में आरक्षण को बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने के खिलाफ पटना हाईकोर्ट का फैसला फिलहाल बना रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से मना कर दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा है कि वह सितंबर में मामले पर विस्तृत सुनवाई करेगा. पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के आरक्षण बढ़ाने के फैसले को रद्द कर दिया था. फिर राज्य सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के उस फैसले को रद्द किया था, जिसमें सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के लिए पिछड़े वर्गों के आरक्षण में इजाफा किया गया था. बिहार सरकार ने पिछड़े वर्ग, एससी और एसटी समाज से आने वाले लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के लिए मिलने वाले आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी किया था. आरक्षण के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर हुई थीं याचिकाएं बिहार सरकार की तरफ से जब आरक्षण की सीमा बढ़ाई गई थी तो इस संबंध में पटना हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं, जिसमें राज्य के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई. हाईकोर्ट ने मार्च में इस संबंध में दायर रिट याचिकाओं के एक बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद 20 जून को हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को बड़ा झटका देते हुए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में राज्य द्वारा निर्धारित 65 फीसदी आरक्षण सीमा को रद्द कर दिया. सबसे ज्यादा आरक्षण देने वाला राज्य बन गया था बिहार बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में आधिकारिक तौर पर राज्य गजट में दो विधेयकों को नोटिफाई किया था. इसका मकसद पिछड़े और वंचित समाज के लोगों के आरक्षण की सीमा को बढ़ाना था. विधेयकों के साथ बिहार में उन बड़े राज्यों में शामिल हो गया, जहां सबसे ज्यादा आरक्षण दिया जा रहा था. आरक्षण सीमा को 65 फीसदी करने पर राज्य में कुल आरक्षण 75 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसमें 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाला रिजर्वेशन भी शामिल था.

चक्रवात फिर से एक्टिव , कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी

Cyclone active again, alert issued for heavy to very heavy rain in many districts

Cyclone active again, alert issued for heavy to very heavy rain in many districts Rain Alert: मानसून (Monsoon Season) अब तक मध्यप्रदेश पर मेहरबान रहा है। रविवार को सूबे के 80 फीसद हिस्से में बारिश दर्ज की गई। इसमें 165 स्थानों पर तो चौबीस घंटों में बारिश 1 इंच से ज्यादा हुई। बारिश के चलते रविवार को कोलार डैम के दो गेट खोले। सारणी के सतपुड़ा और राजगढ़ के मोहनपुरा डैम के गेट खोले गए। मौसम विभाग ने 24 घंटे में 35 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट किया है। दूसरी ओर मानसूनी सीजन राजधानी के लिए अब तक कुछ खास नहीं रहा। भोपाल में औसत बारिश 956.2 मिमी की तुलना में अब तक 790.7 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगस्त की शुरुआत से नए सिस्टम एक्टिव होने के बाद अच्छी बारिश की उम्मीदें लगाई हैं। अपतटीय द्रोणिका बनीअगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल के तटों तक पश्चिमी तट पर समुद्र तल से अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है। वहीं साइक्लोन सर्कुलेशन सिस्टम (Cyclone Circulation System) के साथ विरूपक हवाओं का क्षेत्र (शियर जोन) ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ बना हुआ है। ट्रफ लाइन भी खिसक रही है जिसके कारण बारिश जारी है। इन जिलों में रेड अलर्ट जारीमौसम विभाग (IMD ने नर्मदापुरम, देवास और मंदसौर बारिश (heavy rain) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बैतूल, खरगौन, बड़वानी, रतलाम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सागर, पांढुर्ना में यलो अलर्ट जारी किया है। भोपाल, झाबुआ, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, रीवा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में रेड अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy rain) का भी अलर्ट जारी किया गया है।कहां कितनी हुई वर्षानर्मदापुरम में 100, पचमढ़ी में 99, गुना में 40, सिवनी में 36, छिंदवाड़ा में 31, खरगोन में 27, रायसेन में 23, बैतूल में 19, उज्जैन में 18, इंदौर एवं मंडला में 15, सतना में 14, भोपाल, रतलाम एवं नरसिंहपुर में 13, मलाजखंड में 11, सीधी, खंडवा एवं शिवपुरी में सात, धार में छह, सागर में दो एवं जबलपुर में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।आज खुलेंगे बरगी गेटजबलपुर के बरगी डैम में सोमवार को गेट खुलने की संभावना है। नर्मदा घाटों पर अलर्ट किया गया है।कोलार नदी और आसपास के गांवों में अलर्टकोलार डैम से पानी छोड़ेने के बाद जलसंसाधन विभाग ने कोलार नदी और आसपास के गांव में अलर्ट कर दिया है। पानी की आवक लगातार जारी है।

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता आरिफ अकील का निधन, मध्य प्रदेश में शोक की लहर

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away, wave of mourning in Madhya Pradesh भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रहे आरिफ अकील का निधन हो गया। 72 साल के आरिफ अकील काफी समय से बीमार थे। आरिफ अकील को रविवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी के चलते पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस से टिकट नहीं लिया था और अपने बेटे को चुनाव लड़ाया था। भोपाल उत्तर विधानसभा से लगातार अपनी जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता आरिफ अकील ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। उनके विधायक पुत्र आतिफ अकील ने उनके निधन की पुष्टि की है। रविवार शाम को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उन्होंने अंतिम सांस ली। 40 साल तक रहा शेर ए भोपाल का जलवाशेर ए भोपाल नाम से चर्चित रहे पूर्व मंत्री आरिफ अकील भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर 40 सालों तक सक्रिय रहे। मिलन सार और हर वर्ग के व्यक्ति के लिए हमेशा तैयार रहने वाले आरिफ अकील के बारे में कहा जाता है कि जो भी उनके घर किसी समस्या के लिए पहुंच जाता था, वो अपना सारा काम छोड़कर उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते थे।कांग्रेस शासन काल में वे दो बार मंत्री रहे। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, जेल खाद्य जैसे प्रमुख विभाग मिले थे। आरिफ अकील की शुरुआती राजनीतिक जनता दल से हुई थी। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए थे। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान भी उत्तर विधानसभा में आरिफ अकील की सीट को नहीं हिला पाए थे। कांग्रेस में शोक की लहरआरिफ अकील के निधन से प्रदेश कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आरिफ अकील के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा नगर मंडल आमला ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया ।

BJP Scheduled Caste Front Nagar Mandal Amla planted trees under the campaign 'One Tree in the Name of Mother'.

BJP Scheduled Caste Front Nagar Mandal Amla planted trees under the campaign ‘One Tree in the Name of Mother’. हरिप्रसाद गोहे  आमला। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर “एक पेड़ माँ के नाम”  देशव्यापी  अभियान आमला में भी चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा नगर मंडल आमला ने वृक्षारोपण किया और पौधो के संरक्षण की जिम्मेदारी लेते हुए ट्री गार्ड भी लगाया । मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मण चौकीकर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी अजा मोर्चा द्वारा आज मप्र में वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत आमला ब्लॉक में विभिन्न स्थानों अजा मोर्चा द्वारा पौधारोपण किया गया। इसके साथ ही मोर्चा कार्यकर्ताओं द्वारा 1000 पौधे आमला ब्लॉक में लगाए जाएंगे । और उनका पालन पोषण किया जाएगा कार्यकर्ताओं ने सुना मन की बात का 112 वां एपिसोड  । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कार्यकर्ताओं एवं वार्डवासियों के साथ बूथ क्रमांक 123 पर सुना, मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस ओलंपिक में विजयी खिलाड़ियों से संवाद किया और उनका उत्साह वर्धन किया । साथ ही  एक पेड़ माँ के नाम अभियान की सफलता पर खुशी जाहिर की । इस अवसर पर प्रमुख रूप से भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख, अजा मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मण चौकीकर, वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक नागले, राजेंद्र ढोलेकर, राजेश पंडोले, नितिन खातरकर, जयंत गोहे, मनोज कश्यप, विनोद परदेशी ,गीता ढोलेकर, रणधीर अतुलकर,मनोज दीवाने, अरुण उबनारे, शेखर पंडाग्रे, दीपक गाडरे, सहित मोर्चा के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

भोपाल के 5 फीमेल टाइगर की टेरिटरी में बढ़ती इंसानी दखल

Increasing human interference in the territory of 5 female tigers of Bhopal

Increasing human interference in the territory of 5 female tigers of Bhopal गणेश पाण्डेय भोपाल। राजधानी के रियासत में कभी बेगमों का राज रहा है पर आज इसी  रियासत के जंगलों में 5 शक्तिशाली फीमेल टाइगर (टाइग्रेस) राज है। इन 5 फीमेल टाइगर के वंश बढ़कर 17 से अधिक शावकों की  संख्या हो गई हैं पर टेरिटरी को लेकर उनमें आपस में फाइट होने की खबर हुई। दिलचस्प पहलू यह  भी है कि आबादी के करीब होते हुए भी आज तक मनुष्य और उनके बीच द्वंद्व नहीं हुआ है। हां, राजनेता, नौकरशाह और रसूखदार कॉलोनाइजर जरूर उनके क्षेत्र जंगलों में अतिक्रमण करते जा रहे हैं। यदि अभी भी हम नहीं संभले तो मानव और टाइगर के बीच कनफ्लिक्ट की खबरें आम होने लगेगी। आश्चर्य की बात ये है कि पूरी दुनिया में भोपाल अकेला शहर है जहां नगर निगम की सीमा में टाइगर विचरण कर रहे हैं । बाघों की बढ़ती आबादी के बीच जंगलों में बढ़ती इंसानी दखल, बढ़ता शहरीकरण और खेती के लिए लगातार साफ होते जंगले और जमीन राज्य को खोखला कर रहे हैं। नतीजन बाघ भी नए ठिकाने की तलाश में शहर के अंदर घूमते नजर आते हैं।  भोपाल शहर से सटे जंगलों में पांच शक्तिशाली फीमेल टाइगर और  उनकी टेरिटरी स्थापित्य होने से एक बार फिर भोपाल के इतिहास में बेगमों का राज याद आ गया। पिछले कुछ साल में इन 5 बाघिनों का कुनबा बढ़कर पच्चीस हो गया है, जिसमें सत्रह शावक और तीन बाघ शामिल हैं। ये बाघ पास के जंगलों से यहां आते-जाते रहते हैं। भोपाल से लगे केरवा, कलियासोत, मिंडोरी और कठोतिया जैसे बाघ विचरण क्षेत्र में कुल 25 बाघ-बाघिन हैं । इनमें तीन बाघ हैं, पांच बाघिन और 17 शावक शामिल हैं। ये बाघ अभयारण्य के आस-पास के इलाकों में विचरण करते रहते हैं। आश्चर्य की बात ये है कि पूरी दुनिया में भोपाल अकेला शहर है जहां नगर निगम की सीमा में टाइगर विचरण कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले किये गए सर्वेक्षण में पता चला है कि पांच बाघिन भोपाल के आस-पास के इलाकों में बस गई हैं। इन्होंने यहां अपना स्थाई ठिकाना बना लिया है।  मानव और बाघों के बीच बढ़िया सामंजस्य बाघों के विशेषज्ञ मानते हैं कि बाघिन अपना घर और बच्चों का पालन-पोषण उसी जगह पर करती है जहां उसे किसी तरह का तनाव या सुरक्षा का भय नहीं रहता। दूसरी वजह है भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला भोजन, जिसमें नीलगाय, सांभर, चौसिंगा, जंगली सूअर, हिरण आदि आसानी से मिल जाते हैं। यहाँ तक कि बंदर भी इनका आसान भोजन हैं। अगर शहर के बीचों-बीच ये बाघिनें अपने 17 शावकों को पाल रहीं हैं तो मानव और बाघों के बीच इससे बढ़िया सह-अस्तित्व और सामंजस्य पूरे विश्व में कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन ये सुख के दिन कब तक चलेंगा ? मिसाल के तौर पर भोपाल के जाने माने शिक्षा संस्थान, MACT, के कैम्पस और हॉस्टल तक बाघ अपनी मौजूदगी दिखा चुके हैं। एक बाघ तो नई टेरिटरी बनाने के चक्कर में 10 दिन तक कॉलेज कैम्पस और बॉयज  हॉस्टल के आसपास घूमता दिखाई दिया। बाघ ने कॉलेज परिसर में मवेशियों को भी मार डाला जिससे छात्रों में दहशत फैल गई। एक हफ्ते बाद बाघ ने अपनी मौजूदगी पास के भोज यूनिवर्सिटी कॅम्पस में भी दिखा दी। गनीमत रही कि दोनों जगह पर बाघ का आदमी के साथ सीधा आमना-सामना या मुठभेड़ नहीं हुई । पिछले एक साल में ऐसी दर्जनों घटनाएँ हुई हैं जब बाघिन किसी संस्थान में अपने शावकों के साथ देखी गई या स्कूल्स के पास, अथवा निजी कॉलेज या यूनिवर्सिटी कॅम्पस के नजदीक टहलती दिखाई पड़ी । कई बार तो लोगों ने बाघिन को शावकों के साथ सड़क पर चहलकदमी करते हुए भी देखा। एक बात सभी ने महसूस की कि न तो बाघिन ने किसी आदमी पर हमला किया न ही स्थानीय रहवासियों को बाघ से कोई ख़तरा महसूस हुआ। मानव-टाइगर द्वंद से बचने के लिए करने होंगे उपाय जिस तरह से बाघों की संख्या भोपाल और उसके आस पास के इलाकों में बढ़ रही है, उसको देखते हुए यह कहना ज़रूरी होगा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इनकी सुरक्षा और मानव-टाइगर द्वंद से बचने के लिए तुरंत उपाय करने होंगे। ऐसा कई बार देखा गया है कि ये बाघ भीड़ भरे इलाकों में लगातार चहलकदमी कर रहे हैं। साथ ही उन इलाकों में भी घूम रहे हैं जहां से छात्र-छात्राओं का हर रोज आना जाना बना रहता है। कुछ लोगों ने इन बाघों को अर्बन  टाइगर्स नाम दे दिया है। लेकिन क्या ऐसा हो सकता है कि टाइगर अर्बन एरिया में आया हो? ये तो इंसान है जो बाघ के क्षेत्र में, उसके घर में, लगातार घुसपैठ कर रहा है और उसके इलाके पर अपना झूठा हक भी जता रहा है। बाघों के लिए सबसे मुफीद केरवा क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि अकादमी के छात्र (एनएलआईयू), उसकी फैकलटीस और क्षेत्र के निवासी रहते हैं। इसके अलावा खानपान की दुकानों के व्यापारी और कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारी और अधिकारी भी उसी इलाके में रहते हैं। इन इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर अक्सर बाघ दिख जाते हैं। इस क्षेत्र में कई स्कूल और कॉलेज हैं, इसलिए सरकार ने सावधानी बरतते हुए साइन बोर्ड लगा दिए हैं, “सावधान, बाघ विचरण क्षेत्र।” बाघों की आवाजाही दो बांधों- केरवा और कलियासोत और कलियासोत बांध के करीब एक पहाड़ी पर स्थित वाल्मी के आसपास के जंगलों में 22 वर्ग किलोमीटर में फैले एक बड़े क्षेत्र में हो रही है। अकेला वाल्मी परिसर कलियासोत के किनारे पर 200 एकड़ वन क्षेत्र में फैला हुआ है।  बाघ मूवमेंट क्षेत्र में मानव गतिविधियों रोकनी होगी  बाघों की निगरानी करने वाले वन विभाग और बाघ संरक्षण संस्थाओं के अधिकारियों का कहना है कि परिवार से अलग हुए कई बाघ शहर में अपनी टेरिटरी की खोज कर रहे हैं, मतलब अपने क्षेत्र को चिह्नित कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी बाघों पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलरिंग या उनकी आवाजाही प्रतिबंधित करने के लिए पूरे इलाके में चेन लिंकिंग की बात कर रहे हैं। अभी तक 22 किमी के बड़े क्षेत्र में बाड़ लगा दी गई है। इससे बाघों की … Read more

IND Vs SL 1st T20I: आज से भारत के टी20 क्रिकेट का नया युग, श्रीलंका के खिलाफ पहला मैच

IND Vs SL 1st T20I: New era of India's T20 cricket from today

IND Vs SL 1st T20I: New era of India’s T20 cricket from today, first match against Sri Lanka नई दिल्ली। Sri Lanka vs India,1st T20I: शनिवार से भारत के टी20 क्रिकेट का नया युग शुरू होगा। भारतीय टीम नए हेड कोच गौतम गंभीर और नए कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज का पहला मैच खेलेगी। मैच का प्रसारण शाम 7 बजे सेमैच शाम 7 बजे से सोनी नेटवर्क पर टेलीकास्ट होगा। गौतम गंभीर बतौर खिलाड़ी दो बार के वर्ल्ड कप विजेता हैं, जबकि सूर्या इस छोटे फॉर्मेट के नंबर 1 बल्लेबाज हैं। गौतम IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाकर अपनी कोचिंग की ताकत दिखा चुके हैं। हालांकि उनके लिए भारतीय टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी आसान नहीं रहेगी। सूर्या के हाथों में भारत की कमानराहुल द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया पिछले सभी आईसीसी इवेंट के फाइनल में पहुंची थी और टी20 विश्व कप चैंपियन 2024 बनी। कप्तन के रूप में हार्दिक पंड्या की जगह सूर्याकुमार यादव को मौका दिया गया है, जबकि उनके पास कप्तानी का अनुभव कम है। श्रीलंकाई टीम नई कप्तान के नेतृत्व में खेलेगीअगले टी20 विश्व कप 2026 में भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होगा। टीम बनाने के लिए सलेक्टर्स के पास काफी समय है। शुभमन गिल को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में उपकप्तान बनाया गया है। चरिथ असलांका श्रीलंका टीम का नेतृत्व करने को तैयार हैं। ऐसे में सीरीज के धमाकेदार होने की पूरी संभावना है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच पिच रिपोर्ट (IND Vs SL 1st T20I Pitch Report)पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के अनुकूल है। डेथ ओवरों में गेंदबाजी काफी अहम हो जाती है। इस पिच पर स्पिनरों से ज्यादा पेसर की मदद मिलती है। हालांकि यहां बल्लेबाजों का खुलकर हाथ खोलने का मौका मिलता है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच वेदर रिपोर्ट (IND Vs SL 1st T20I Weather Report)एक्यूवेदर के अनुसार, दांबुला में बारिश की 88% संभावना है और 99% बादल छाए रहेंगे। इसके अलावा गरज के साथ बरसात की 53% संभावना है। तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच संभावित प्लेइंग 11 (IND Vs SL 1st T20I Probable Playing XI)भारत की संभावित प्लेइंग 11शुभमन गिल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज। श्रीलंका की संभावित प्लेइंग 11पथुम निसांका, अविष्का फर्नांडो, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), चरिथ असलांका (कप्तान), दासुन शनाका, कामिंडु मेंडिस, वानिंदु हसरंगा, महेश थीक्षाना, दिलशान मदुशंका, मथीशा पथिराना, बिनुरा फर्नांडो। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच ड्रीम11 (IND Vs SL 1st T20I Dream11 Predication)विकेटकीपर- ऋषभ पंत बल्लेबाज- कुसल मेंडिस, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), चरिथ असलांका, यशस्वी जायसवाल ऑलराउंडर- हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, दासुन शनाका, वानिंदु हसरंगा गेंदबाज- अर्शदीप सिंह (उपकप्तान), मथीशा पथिराना

सिंधी पंचायत ने लगाई मृत्‍यु भोज पर रोक, पगड़ी रस्‍म के दिन तेरहवीं नहीं करने का भी निर्णय

Sindhi Panchayat bans funeral feast

Sindhi Panchayat bans funeral feast, also decides not to celebrate Thirteenth on the day of turban ritual संत हिरदाराम नगर। सिंधी समाज की प्रतिनिधि संस्था पूज्य सिंधी पंचायत ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए नए सिरे से अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पगड़ी रस्म के दिन ही तेरहवीं करने एवं इसी दिन मृत्यु भोज करने पर रोक लगा दी गई है। लंबे समय तक पंचायत के अध्यक्ष रहे स्व. साबू रीझवानी ने सामाजिक बुराइयां दूर करने एवं मांगलिक अवसरों पर फिजूलखर्ची रोकने का अभियान शुरू किया था। पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष भरत आसवानी के अनुसार इस अभियान को अब गति दी जा रही है। अगली साधारण सभा में हम इस मामले में अब तक की प्रगति का प्रेजेंटेशन देंगे, साथ ही सदस्यों से आग्रह किया जाएगा किवे इस अभियान में सहभागी बनें। पगड़ी पर तेरहवीं करना अनुचितपिछले कुछ समय से लोग पगड़ी रस्म के दिन ही तेरहवीं करने लगे थे। कुल ब्राह्मणों ने इसे गलत परंपरा बताया था। आसवानी के अनुसार पंचायत की सख्ती के कारण यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म हो रही है। पंचायत पदाधिकारी लंबे समय से मृत्यु भोज नहीं करने का अभियान चला रहे हैं। पदाधिकारी भोज में शामिल नहीं हो रहे हैं। तीसरे दिन तेरहवीं करने से पंचायत का अभियान अधूरा नजर आने लगा था। वैदिक दृष्टि से भी तीसरे दिन तेरहवीं एवं भोज करना उचित नहीं है। इसे देखते हुए पंचायत ने अंतिम संस्कार के दिन ही स्वजनों से मृतक की तेरहवीं समय पर एवं सादगी से करने की अपील करना शुरू कर दी है। महंगे इवेंट करने से परहेज करेंकार्यकारी अध्यक्ष भरत आसवानी के अनुसार अगली साधारण सभा में रिसेप्शन के दौरान महंगे इवेंट, भव्य डेकोरेशन एवं काकटेल पार्टियां नहीं करने की आग्रह सदस्यों से किया जाएगा। बैठक में सदस्यों को अब तक मिली सफलता के बारे में बताया जाएगा। साधारण सभा से पहले पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें आसवानी अभियान की रूपरेखा पेश करेंगे। पदाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद साधारण सभा का एजेंडा तया किया जाएगा।

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