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छिंदवाड़ा जैसा जिला विश्व में कहीं नहीं है, जो प्यार आपने मुझे दिया है, वही नकुलनाथ को दीजिए

There is no district like Chhindwara anywhere in the world, give the same love you have given me to Nakulnath. भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने जब स्किल इंडिया का नाम भी नहीं सुना था, तब से छिन्दवाड़ा में स्किल सेन्टर संचालित हो रहे हैं। इन सेन्टरों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निरंतर रोजगार से जुड़ रहे हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सर्वाधिक स्किल सेन्टरों वाला जिला हमारा है। जब यह सुनता हूं तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी होती है। कभी लोग पूछते थे कौन सा छिन्दवाड़ा आज उसी छिन्दवाड़ा का नाम देश ही नहीं विदेशों में जाना जाता है और इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने जिले की जनता को देता हूं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने चौरई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दो जनसभाओं में कही। चौरई एवं चांद में आयोजित जनसभाओं में उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि मैंने तो कभी घोषणाएं नहीं की, किन्तु जो सपना हमने देखा था उसे साकार करने के लिये मैं निरंतर कार्यरत हूं, ताकि जो शेष है वह भी पूरा हो सके और मेरे जिले की आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे आज तक भाजपा पूरे नहीं कर पाई है, यह बात मत भूलिएगा। क्या कहा था 450 रुपए में सिलेण्डर देंगे, सस्ती दरों पर बिजली देंगे, माताओं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के िलए कम ब्याज दरों पर लोन देंगे, ये सब झूठ साबित हुए हैं।

ऑब्जर्वर ने क्रिटिकल मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण,मोरखा चेक पोस्ट में हो रही वाहन चेकिंग

Observer inspected critical polling stations, vehicle checking is being done at Morkha check post आमला । बैतूल हरदा हरसूद संसदीय क्षेत्र 29 के लोकसभा चुनाव को संपन्न करने के लिए निर्वाचन आयोग से नियुक्त ऑब्जर्वर (आईएएस) प्रदीप कुमार ठाकुर ने आमला विधानसभा 130 के क्रिटिकल मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया वहीं मतदान केंद्रों में की जाने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया आमला विधानसभा के  सहायक रिटर्निंग अधिकारी सैलेंद्र बडोनिया ने बताया कि बैतूल, हरदा, हरसूद के संसदीय क्षेत्र के चुनाव के लिए अधिकतर तैयारी की जा चुकी है। ऑब्जर्वर प्रदीप कुमार ठाकुर, द्वारा आमला विधान सभा के मतदान केंद्र रोझड़ा, बेलोंड, जामखोदर, मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया गया। सहायक रिटर्निंग अधिकारी सैलेंद्र बडोनिया, नायाब तहसीलदार सारणी संतोष पथरिया, सीएमओ सारणी सीके मेश्राम, टीआई सारणी अरविंद कुमार उपस्थित थे। सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बडोनिया ने बताया कि आमला विधानसभा में 5 क्रिटिकल मतदान केंद्रों में तकनीकी से लेकर मूलभूत सभी सुविधाएं की गई है। किसी भी प्रकार से मतदान दल को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी तत्काल ही उनके लिए व्यवस्था बनाए जाने के लिए रनर (संदेश वहाक) को भी वहां के लिए रखा गया है। मोरखा चेक पोस्ट में हो रही वाहनों कि चेकिंग मोरखा के बाद छिंदवाड़ा जिले की बॉर्डर लगती है। जहां अधिकतर छिंदवाड़ा से वाहन आमला पहुंचते है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोरखा में चेक पोस्ट बनाया गया है। जहां वहानो की जांच लगातार जारी है। चेक पोस्ट की जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार श्यामबिहारे समेले ने मोरखा चेक पोस्ट का निरीक्षण कर वाहनों की जांच के लिए दिशा निर्देश दिए गए है।

कलेक्टर भिंड विधायक के इशारे पर कर रहे हैं काम, निर्वाचन आयोग से शिकायत

Collector is working on the instructions of Bhind MLA, complaint to Election Commission भोपाल।  पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव की भाजपा के पक्ष में कार्य करने की अनेक शिकायतें करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में श्रीवास्तव द्वारा चुनाव प्रभावित कर रहें है। नेता – प्रतिपक्ष डॉ सिंह का आरोप है कि भिण्ड जिले में सिन्ध नदी से रेत (बालू) का अवैध उत्खनन भाजपा के नेताओं से मिलकर लहार थाने के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक उप्र में ले जाकर बेची जा रही है। रेत माफियाओं के लठेतों द्वारा इन्ट्री के नाम से प्रति ट्रक 10 हजार व प्रति ट्रेक्टर ट्राली 2 हजार रूपये वसूल की जा रही है। जिसका उदाहरण भिण्ड नगर में रेत माफियाओं के लठैतो को इन्ट्री फीस न देने पर 3 अप्रैल 24 को 26 वर्षीय नवयुवक शिवमसिंह तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा है कि लहार क्षेत्र के स्थानीय विधायक के सजातीय थाना प्रभारियों की पदस्थापना कर दी गई है। इन थाना प्रभारियों की रिश्तेदारियां भाजपा के नेताओं से है। जिससे पुलिस के माध्यम से मतदाताओं में भय बनाया जा रहा है। चुनाव को प्रभावित करने हेतु क्षेत्र के काग्रेस कार्यकर्ताओं पर असत्य अपराध पंजीबद्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। काग्रेस कार्यकर्ताओं पर काग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने का दबाव डाला जा रहा है।  दांगी सहकारी संस्थाओं को बनाया खरीदी केंद्र वरिष्ठ नेता सिंह का कहना है कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने स्थानीय विधायक के आदेश से जिन सहकारी संस्थाओं को मप्र में उत्कृष्ठ होने से सम्मानित किया गया उन्हें गेहूँ, सरसों आदि अनाजों का खरीदी केन्द्र नहीं बनाया। इसकी वजह यह है कि इन संस्थाओं पर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष है। यह भिण्ड जिले की सर्वोत्तम संस्थाएं है। बीजेपी विधायक के इशारे पर अनेकों ऐसी संस्थाओं को खरीदी केन्द्र बनाया, जिनके कर्मचारियों पर गबन तथा संस्था की राशि वसूली होने के साथ-2 लाखों रूपये के घाटे में चल रही है।

चैत्र नवरात्र के अवसर पर सीताराम कीर्तन का शुभारंभ हुआ ,कीर्तन का ये 40 वाँ वर्ष है

Sitaram Kirtan was started on the occasion of Chaitra Navratri This is the 40th year of Kirtan हरिप्रसाद गोहे आमला । चैत्र नवरात्र के अवसर पर हवाई पट्टी स्थित मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में आज सीताराम सीताराम कीर्तन का शुभारंभ हुआ । शिव मंदिर में प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के अवसर पर नौ दिवसीय सीताराम कीर्तन आयोजित किया जाता है । कीर्तन 9 अप्रैल से आरंभ होकर 17 अप्रैल रामनवमी को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा । सीताराम कीर्तन में आमला बोड़खी के रामायण मंडल एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के भजन मंडल और महिला मंडल सम्मिलित होते है ।  मंदिर समिति के लक्ष्मण चौकीकर ने बताया कि कीर्तन का ये 40 वांँ वर्ष है । विगत 39 वर्षो से प्रतिवर्ष उमराव चौकीकर भगत जी के रामायण मंडल द्वारा चैत्र नवरात्र रामनवमी के अवसर पर अखंड सीताराम कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है । मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओ से कीर्तन में सम्मिलित होने का आगृह किया  है।

नागपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने पांढुर्णा, मुलताई और बैतूल स्टेशनों का निरीक्षण किया

Divisional Railway Manager (DRM) of Nagpur Division inspected Pandhurna, Multai and Betul stations हरिप्रसाद गोहे  आमला। नागपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री मनीष अग्रवाल ने दिनांक 09.04.2024 को पांढुर्णा, मुलताई और बैतूल स्टेशनों का व्यापक निरीक्षण किया, जिसमें यात्री सुविधाओं, माल शेड विकास और चल रही स्टेशन विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।  निरीक्षण के दौरान डीआरएम मनीष अग्रवाल ने पांढुर्णा, मुलताई और बैतूल स्टेशनों पर चल रही परियोजनाओं और गुड्स शेड विकास की प्रगति पर विशेष जोर दिया। उनका प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ये परियोजनाएं यात्री सुविधाओं, पहुंच और समग्र स्टेशन सौंदर्यीकरण को बढ़ाने के लिए कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही हो। निरीक्षण के दौरान श्री सचिन गनेर, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (उत्तर) और श्री अमन मित्तल वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक डीआरएम के साथ थे।

148 मतदान केन्द्रों पर भारत निर्वाचन आयोग की रहेगी नजर

Election Commission of India will keep an eye on 148 polling centers  हरिप्रसाद गोहे  आमला । लोकसभा चुनाव वर्ष 2024 निर्भीक और निष्पक्ष चुनाव संपन्न करने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम करना शुरू कर दिया है । लोकसभा क्षेत्र 29 के जिला रिटर्निंग अधिकारी(कलेक्टर) नरेन्द्र सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में चुनाव की तैयारी जोरों पर चल रही है । मतदान दल से किसी प्रकार की कोई चूक ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है । हर पहलू पर पैनी नजर रखी जा रही है । स्ट्रांग रूम को कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया है । चेक पोस्ट से भी बिना चेकिंग के वहानो को आने-जाने नही दिया जा रहा है । लोकसभा चुनाव के लिए आमला विधानसभा 130 के लिए नियुक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया ने पीठासीन अधिकारी,नोडल अधिकारी,रूटगाईड,रनर को चिन्हित मतदान सामाग्री मतदान केन्द्रों तक सुरक्षित पहुचने के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण दिया है। सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया ने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि विधानसभा आमला में 64 रूट बनाए गए है 64 रुटगाइड को प्रशिक्षण दिया गया है रूटगाईड द्वारा निर्वाचन आयोग के निर्धारित समय पर अपने-अपने वाहनों पर पहुचकर बसों को हैंडवर्क में लेना है। उसके बाद मतदान दल को 25 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय से बसों से सुरक्षित मतदान केन्द्र तक समय पर पहुचना है। वही मतदान  सम्पन्न होने के बाद शाम 6 बजे सभी रुटगाईड को लौटाते क्रम में मतदान दल को 26 अप्रैल को जीएच महाविद्यालय सुरक्षित पहुचना है । वही रनरो को समय पर नेटवर्क विहीन स्थान पर पहुचकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करना है। रनर ऐसे स्थान पर रहेंगे जिस स्थान पर नेटवर्क नही रहता है। उसके लिए 5 स्थान चिन्हित किए गए है। आमला विधानसभा के ग्राम लादी, बाबरबोह , वही सारणी के ग्राम रोजड़ा,बाकुड़,जामखोदर,मतदान केन्द्रों पर रनरो को तैनात रहना है। उनको मतदान केन्द्र की सुरक्षा व्यवस्था,सुविधाएं,एव मतदान का प्रतिशत की जानकारी कन्ट्रोल रूम को समयानुसार देना है। जिसके की मतदान दल की तत्काल सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। 5 स्थानों को किया गया नेटवर्क विहीन एरिया लगाए जाएंगे वायरलेस सेट आमला विधानसभा के लिए नियुक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया ने बताया कि आमला विधानसभा 130 में 5 स्थानों में नेटवर्क नही मिलता है। अधिकारीयो ओर मतदान दल की सुविधाओं को देखते हुए आमला के ग्राम लादी,बाबरहोह,सारणी के ग्राम जामखोदर,रोजड़ा,बेलुण्ड में नेटवर्क विहीन(सेडो एरिया)चिन्हित किया गया है  जहां मतदान दल एव सुरक्षाकर्मियों की सुविधाओं के लिए वायरलेस लगाए जाएंगे, जांमखोदर,बेलुण्ड सारणी थाने से कनेक्ट रहेगा,वही लादी,बाबरहोह,बोरदेही थाने से कनेक्ट होगा ऐसे में नेटवर्क की समस्या इन ग्रामों में नही होगी। 148 मतदान केन्द्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे रहेगी जरे-जरे पर नजर निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव सम्पन्न कराने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए है। इस क्रम में आमला विधानसभा 130 के 148 मतदान केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। जिसका लाइफ कास्टिंग सीधे निर्वाचन आयोग दिल्ली,सीईओ आफिस भोपाल,जिला रिटर्निंग अधिकारी (कलेक्टर) को होगा। चिन्हित मतदान केन्द्रों को लाइफ कास्टिंग के माध्यम से अधिकारी नजर रखगे, वही सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम किए गए है।

मैदानी खबर: बालाघाट में भारती और सम्राट का खेल बिगाड़ने कंकर उतरे

Field news: In Balaghat, stones came to spoil the game of Bharti and Samrat बालाघाट में हमेशा की तरह मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही संभावित है लेकिन इनका खेल बिगाड़ने बसपा ने भी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। सांसद ढाल सिंह बिसेन का टिकट काट कर भाजपा ने पार्षद भारती पारधी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरसवार पर भरोसा किया है। क्षेत्र के तेजतर्रार समाजवादी नेता कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। देश, प्रदेश की तरह बालाघाट में माहौल भाजपा के पक्ष दिख रहा है लेकिन कई मसलों पर पार्टी का विरोध भी है।  भोपाल। महाकौशल अंचल की बालाघाट लोकसभा सीट का 2019 का चुनाव ढाल सिंह बिसेन ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीता था। बालाघाट में भाजपा की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी लेकिन पार्टी ने अपने इस सांसद का टिकट काट कर नगर पालिका की पार्षद भारती पारधी को दे दिया। प्रत्याशी घोषित होते ही लगाए गए पहले बैनर से ही ढाल सिंह बिसेन का फोटो गायब था। बिसेन की टिप्पणी थी, लीजिए अभी से मेरी फोटो हट गई। ऐसे में ढाल सिंह से ईमानदारी से काम की उम्मीद कैसे की जा सकती है। प्रचार अभियान से वे दूरी बनाए दिख भी रहे हैं। बालाघाट भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन काम तो कर रहे हैं लेकिन पूरी ताकत से नहीं क्योंकि वे अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। बावजूद इसके माहौल भाजपा के पक्ष में ज्यादा दिख रहा है।  कांग्रेस के सम्राट सरसवार भी कमजोर प्रत्याशी नहीं हैं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके पिता विधायक रहे हैं। इस नाते उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे उस स्थिति में भी कांग्रेस का पूरी ताकत से प्रचार कर रही हैं जब उनके पति कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। इस चुनाव में पति-पत्नी में ऐसे मतभेद हुए कि कंकर मुंजारे अपना घर छोड़कर एक झोपड़ी में रहने पहुंच गए हैं। पहले उन्होंने पत्नी अनुभा से कहा था कि वे घर छोड़कर चली जाएं क्योंकि मेरे घर में रहकर वे मेरे खिलाफ प्रचार नहीं कर सकतीं। विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष हिना कांवरे भी कांग्रेस के लिए मेहनत कर रही हैं। लिहाजा हार- जीत भाजपा-कांग्रेस के बीच ही तय है लेकिन कंकर मुंजारे के कारण मुकाबला तीन कोणीय दिखाई पड़ रहा है।  प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल 1999 में बालाघाट से सांसद रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। उनके प्रयास से जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे और एक अन्य नेता नगपुरे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है, वे इस समाज को साधने की कोिशश कर रहे हैं। कंकर मुंजारे और सामाजिक कारणों से यह वर्ग भाजपा से कटा दिखाई पड़ रहा है। वैसे भी आमतौर पर इस सीट में जातीय आधार पर भी वोट पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर पार्टियां टिकट देती हैं और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश भी होती है। चर्चा यह भी है कि जातीय समीकरणों के तहत भाजपा ने रणनीति के तहत कंकर मुंजारे को चुनाव लड़ाने में भूमिका निभाई है ताकि लोधी मतदाता कांग्रेस के पक्ष में एकमुश्त न जा सके। किसानों में धान का समर्थन मूल्य भी मुद्दा बालाघाट संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी चुनाव लड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने यहां किसान कर्जमाफी और धान के समर्थन मूल्य को मुद्दा बना दिया है। भाजपा प्रत्याशी और अन्य नेता प्रचार के लिए पहुंचते हैं तो किसान पूछते हैं कि धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए करने की घोषणा का क्या हुआ। इसे लेकर एक किसान ने भाजपा की भारती पारधी की गाड़ी ही रोक ली थी। कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने का वादा करती है और महिलाओं के बीच बताती है कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए मासिक देने का वादा किया गया था, वह भी पूरा नहीं हुआ। भाजपा राम लहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को गिना रही है। कांग्रेस की ओर से घोषणा पत्र में किए गए वादे बताए जा रहे हैं। 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार किया जा रहा है। विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस की ताकत बराबर विधानसभा में सदस्यता के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस की ताकत लगभग बराबर है। क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में दोनों दलों के पास 4-4 हैं। 4 माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी भाजपा ने जीती थीं जबकि बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट और बारासिवनी में कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस ने चार सीटें 56 हजार 697 वोटों के अंतर से जीती है जबकि भाजपा की जीत का अंतर 60 हजार 203 वोटों का रहा है। इस दृष्टि से भाजपा की बढ़त महज 3 हजार 506 वोटों की ही है। लोकसभा चुनाव में इस अंतर को कवर करना कठिन नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नतीजे लगभग इसी तरह के थे लेकिन भाजपा ने ढाई लाख वोटों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीत लिया था। इसकी वजह राष्ट्रीय स्तर भाजपा के पक्ष में बना माहौल रहा है। यह माहौल इस चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। दो जिलों तक फैला है बालाघाट लोकसभा क्षेत्र महाकौशल की बालाघाट लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों तक फैला है। इसके तहत बालाघाट जिले की 6 एवं सिवनी जिलेकी 2 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बालाघाट जिले की बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी और सिवनी जिले की दो विधानसभा सीटें बरघाट, सिवनी शामिल हैं। जहां तक बालाघाट सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 और 1996 में यहां से कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत जीते थे। इसके बाद से लगातार भाजपा का कब्जा है। दो बार गौरीशंकर बिसेन और एक बार प्रहलाद पटेल बालाघाट से सांसद रहे हैं। केडी देशमुख, बोध सिंह भगत और ढाल सिंह बिसेने भी एक-एक बार चुनाव जीते हैं। आमतौर पर बालाघाट में हार-जीत का अंतर एक लाख से कम रहा है लेकिन 2019 में पहली बार भाजपा ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह रिकार्ड टूटता … Read more

चुनाव प्रेक्षक ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण, दिए निर्देश

Election observer inspected the polling stations and gave instructions हरिप्रसाद गोहे आमला । लोकसभा चुनाव को लेकर प्रशासन की तैयारी जोर-शोर के साथ चल रही है। पोलिंग बूथो से लेकर रास्तों को अधिकारी परख रहे हैं। जिससे कि चुनाव के दिन पोलिंग पार्टियों के सामने कोई समस्या खड़ी ना हो। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ऑब्जर्वर(सामान्य प्रेक्षक) प्रदीप कुमार ठाकुर,(आईएएस) द्वारा हसलपुर स्थित डॉक्टर भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय में चुनाव दल के साथ पहुचकर स्ट्रांग रूम निरीक्षण किया वही ऑब्जर्वर ने दर्जनों पुलिंग बूथों का भ्रमण किया। सबसे पहले चुनाव आब्जर्वर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम का जायजा लिया । शहर में बनने वाले पोलिंग बूथ पर गए। स्कूल के स्टाफ से उन्होंने पोलिंग बूथ की पूरी जानकारी ली। इस दौरान पोलिंग बूथ के आसपास आब्जर्वर ने साफ सफाई के निर्देश दिए। उसके बाद चुनाव आब्जर्वर पास के गांव पहुंचे। उन्होंने हाई स्कूल, प्राथमिक,माध्यमिक,विद्यालय एवं पंचायत आदि पर बनने वाले पोलिंग बूथ का जायजा लिया। इस दौरान बिजली व्यवस्था एवं पानी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। आब्जर्वर ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया को चुनाव से पहले पोलिंग बूथ पर सारे इंतजाम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया,तहसीलदार पूनम साहू,थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना, बोडखी चौकी प्रभारी नितिन पटेल मौजूद थे। स्ट्रांग रूम के आस- पासअनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध आमला विधानसभा 130 के लिए चुनाव आयोग से द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर (सामान्य प्रेक्षक)आईएस अधिकारी प्रदीप कुमार ठाकुर ने चुनाव दल को निर्देशित करते हुए कहा कि स्ट्रांग रूम के आस-पास अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा,किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां होने पर तत्काल ही कंट्रोल रूम को सूचना कर तत्काल कार्रवाई करने की दिशा निर्देश से दिए गए। वहीं उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम के पास किसी भी प्रकार के मोबाइल,सीसीटीवी,ड्रोन कैमरे से वीडियो ग्राफी करना आम लोगों के लिए प्रतिबधित किया गया है मतदान केंद्रों पर व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए आब्जर्वर (सामान्य प्रेक्षक) प्रदीप कुमार ठाकुर ने आमला विधानसभा 130 के सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया को निर्देश दिए कि मतदान केन्द्रों पर रोशनी की व्यवस्था के साथ साथ साफ सफाई मतदान केन्द्रों के पीने के पानी एवं लोगो के लिए छाव की व्यवस्था की जाए विकलांगों के लिए ट्राय साइकल,रेम्प की व्यवस्था करने के दिशा निर्देश दिए है।

करणी सेना का वार्षिक होली मिलन संपन्न

Karni Sena’s annual Holi meet concludes जबलपुर ! प्रतिवर्ष अनुसार श्री राजपूत करणी सेना जबलपुर द्वारा प्रज्ञा मंडपम में वार्षिक होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया गया । करणी सेना के जिला अध्यक्ष संजू राजपूत ने बताया की होली मिलन के माध्यम से स्वजातीय बंधुओं एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया गया है ।कार्यक्रम की अध्यक्षता करणी सेना के संभाग अध्यक्ष श्री विशाल सिंह जी एवं जिला अध्यक्ष महिला मधु देवी सिंह द्वारा की गई ।इस दौरान क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेंद्र सिंह, श्री अभिषेक सिंह (गुरुजी), श्रीमती माला राकेश सिंह जी, श्रीमती रूपलेखा चौहान जी, दिलीप सिंह जी, अमित सिंह जी, अर्पित सिंह रक्षित सिंह अंकित परिहार, सुजीत सिंह, शिवम परिहार आदि बड़ी संख्या में क्षत्रिय राजपूत समाज उपस्थित रहा ।

कांग्रेस को एक और झटका, मुरैना से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में होंगे शामिल

Another blow to Congress, former MLA from Morena Ajab Singh Kushwaha will join BJP. मुरैना ! मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.मुरैना से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाएंगे. सीएम मोहन यादव बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आम सभा को संबोधित करने के लिए मुरैना पहुंच रहे हैं. पहाड़गढ़ जनपद के मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की इस सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. कुशवाह कांग्रेस के टिकट पर सुमावली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. बीजेपी के टिकट पर भी सुमावली से चुनावी जंग लड़ चुके थे.

रक्तदान शिविर में 152 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर परोपकार का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया

152 blood donors presented a great example of charity by donating blood in the blood donation camp हरिप्रसाद गोहे आमला । मानव जन्म दुर्लभ है,इसकी सार्थकता साबित करना आसान नहीं पर इतना भी मुश्किल नहीं, जरूरी नहीं कि मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध करने के लिए आप कलेक्टर, डॉक्टर ही बनें,बंगलो के मालिक हो या बहुत बड़े बिजनेस टायकून बने या रसूखदार बने, अगर आप अपना थोड़ा सा समय देकर भी किसी के जीवन को बचाने के प्रयास में भागीदार बनते हैं तो आपकी मनुष्यता सिद्ध होती है, ऐसा ही एक श्रेष्ठ उदाहरण बचपन प्ले स्कूल आमला में देखने को मिला, जहां जनसेवा कल्याण समिति एवं बचपन प्ले स्कूल ,ए एच पी एस के सयुक्त तत्वाधान में आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं द्वारा जबरदस्त जज्बा दिखाते हुए आयोजन को सफल बनाया और मानव जीवन की सार्थकता साबित की ।स्वर्गीय पंकज उसरेठे एवं स्वर्गीय शशि टिकारे जी की स्मृति में रविवार बचपन ए प्ले स्कूल में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया । आयोजन समिति के नीरज बारस्कर ,राहुल धेण्डे ,हर्षित ठाकरे ने बताया कि स्वर्गीय पंकज उसरेठे एवं स्वर्गीय शशि टिकारे की स्मृति में आयोजित होने वाला ये रक्तदान शिविर विगत सात वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है, तीव्र गर्मी के बावजूद इस आयोजन का सफल होना रक्तदाताओं की जिंदादिली का द्योतक है । कुल 152 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर इस शिविर को सफल बनाया। शिविर में आधे से ज्यादा नए रक्तदाताओं ने एवं महिला शक्ति ने भी आगे आकर पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया ।बैतूल से आए शैलेंद्र बिहारिया , दीप मालवीय एवं सागर सिंह चौहान द्वारा रक्तदान का महत्व बताया गया , अमित यादव ,कैलाश ठाकरे ,चंद्रकिशोर टिकारे बताते है कि रक्तदान शिविर का जनसेवा कल्याण समिति एवं बचपन ए प्ले स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन किया गया, जिसे सफल बनाने में शहर की सभी रक्तदान समितियों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले रक्तदान के मामले में आमला थोड़ा उदासीन सा था,परन्तु रक्तदाता समितियों के प्रयासों एवं जागरूकता के चलते आज आमला को रक्त राजधानी का तमगा प्राप्त हो चुका है। आयोजन समिति द्वारा रक्तदान करने आये बड़े दिल वाले दानदाताओं को प्रमाणपत्र के साथ सम्मानस्वरूप शील्ड प्रदान की गई ।

जनरल,ऑब्जर्वर पहुंचे अमला, स्ट्रांग रूम एवं एस एस टी चेक पॉइंट का किया निरीक्षण

General, Observer arrived and inspected the staff, strong room and SST check point. हरिप्रसाद गोहे आमला। जनरल ,ऑब्जर्वर सर प्रदीप कुमार ठाकुर आज आमला पहुंचे थे । जिन्होंने सयुक्त दल के साथ लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए हसलपुर स्थित डाक्टर भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय आमला में बनाए गए स्ट्रांग रूम पहुंच निरीक्षण किया । बाद हसलपुर में बनाए गए एस एस टी चेक प्वाइंट का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए । इस दौरान प्रमुख रूप से सहायक रिटर्निग अधिकारी सर शैलेंद्र बड़ोनिया, तहसीलदार पूनम साहू, नायब तहसीलदार श्याम बिहारी समेले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला संजीत श्रीवास्तव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी विरेंद्र तिवारी, नगर निरीक्षक आमला सत्य प्रकाश सक्सेना, बोडखी चौकी प्रभारी नितिन पटेल मौजूद रहे ।

लोकसभा चुनाव के लिए बने चेक पोस्ट का , सहायक रिटर्निंग अधिकारी ने किया निरीक्षण , दिए आवश्यक दिशा निर्देश, गहनता से करे वाहनों की जांच

the Assistant Returning Officer inspected the check post set up for the Lok Sabha elections, gave necessary guidelines to check the vehicles thoroughly. हरिप्रसाद गोहे आमला । लोकसभा चुनाव वर्ष 2024 चलते तैयारियां तेज हो गई हैं । अधिकारी लगातार बैठकें लेकर व्यवस्था बना रहे हैं । सुरक्षा और सुविधा पर फोकस किया जा रहा है । बैतुल हरदा संसदीय क्षेत्र क्रमांक 29 के जिला रिटर्निंग अधिकारी एवं जिला कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में चुनाव की व्यापक रूप से तैयारी की जा रही है । लोकसभा निर्वाचन 2024 के मद्देनजर सुरक्षा को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाने के लिए कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं । इस क्रम में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने, तकनीकी तौर पर भी दक्ष रहने, वोटरों का किसी तरह से भयादोहन न हो यह सुनिश्चित करने के दिशा निर्देश दिए जा रहे है । लोकसभा चुनाव के लिए बनाई गई शहर के ग्राम हसलपुर में चेकपोस्ट का सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया ने निरीक्षण किया चेक पोस्ट के सभी अधिकारियों को सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया ने दिशा निर्देश दिए है । चेक पोस्ट पर एसएसटी एवं एफएसटी टीम द्वारा लोकसभा आम चुनाव में प्रतिबंधात्मक सामग्री की रोकथाम के लिए की जा रही जांच का आकस्मिक निरीक्षण कर अधिकारियों को सक्रियता के साथ प्रभावी कार्यवाही करने के आवश्यक दिशा – निर्देश दिए गए । ‘लोडिंग वाहनों का गहनता से निरीक्षण किया जाये’ सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया ने निरीक्षण के दौरान वाहनों में प्रतिबंधात्मक सामग्री के परिवहन को रोकने के लिए गहनता से निरीक्षण करने एवं यात्री वाहनों में जांच के समय यात्रियों से शालीनता से व्यवहार करते हुए बैग एवं अन्य सामग्री की जांच करने के निर्देश दिएउन्होंने कहा कि लोडिंग वाहनों का गहनता से निरीक्षण किया जाए माल लदान,वस्तु,सामग्री,का जीएसटी बिल एवं गंतव्य स्थान के बारे में संतोष जनक जवाब मिलने के बाद ही वहां से आगे जाने दें । गहनता से की जाए वहानो कि जांच सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया ने अवैध शराब, अवैध हथियार या नकदी मिलने पर संबंधित विभागों को भी सूचित करने के निर्देश देते हुए चेक पोस्ट पर सभी वाहनों को आदर्श आचार संहिता की गाइड लाइन के अनुसार जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए,एसएसटी टीम से जांच के दौरान जब्ती के विषय में विस्तार से जानकारी ली एवं मौके पर मौजूद वीडियो ग्राफर से उनके द्वारा बनाए गए वीडियो चेक किया सहायक रिटर्निंग अधिकारी ने चेक पोस्ट पर सभी वाहनों की रजिस्टर में एंट्री करने के लिए कहा गया वही चेक पोस्ट में कार्यरत अधिकारीयो को निर्वचन आयोग के सभी नियमो का पालन करने के निर्देश दिए है ।

1479 करोड़ के बजट के बंटवारे का अधिकार हाथ से छीनने के भय से ठेके पर देने में वन विभाग कर रहा है ना-नुकुर

The Forest Department is reluctant to give the right to distribute the budget of Rs 1479 crore on contract due to the fear of snatching it away. भोपाल। राज्य शासन को अपने एक आदेश का पालन कराने के लिए अब तक एक के बाद एक, चार आदेश जारी करना पड़े। इसके बाद भी उस पर क्रियान्वयन होने में 6 महीने का समय और लग सकता है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि वन विभाग के कैंपा शाखा और विकास शाखा में पदस्थ पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि रिटायरमेंट के पहले ही बजट बांटने का अधिकार उनके हाथ से निकल जाए। यही वजह है कि मैन्युअल और शर्तों के निर्धारण की आड़ में पीसीसीएफ द्वय टेंडर प्रक्रिया से वानिकी कार्य कराने संबंधित आदेश का क्रियान्वयन अक्टूबर-नवंबर तक टालने की उधेड़बुन में लगे हैं। अक्टूबर में पीसीसीएफ महेंद्र सिंह धाकड़ (कैम्पा) और नवंबर में पीसीसीएफ (विकास) उत्तम कुमार सुबुद्धि सेवानिवृत होने जा रहे हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि अंधा बांटे रेवड़ी….की तर्ज पर कैंपा शाखा 959 करोड़ और विकास शाखा 520 करोड रुपए का बंदरबांट किया जाता है। प्रदेश में वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ जंगलों की सुरक्षा और बढ़ते अपराध पर रोकने की दिशा में पूरा अमला मुस्तैद रहे। इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन ने वन विभाग में अधोसंरचना निर्माण कार्य, पशु अवरोधक दीवार से लेकर वारवेड वायर एवं चैनलिंक फेंसिंग और पॉलीहाउस आदि के कार्य निविदा बुलाकर कराने का पहला आदेश 29 मई 23 को प्रसारित किया था। जबकि इसकी स्क्रिप्ट 29 अप्रैल 22 को लिखी गई थी। तत्कालीन वन मंत्री डॉ विजय शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभाग के सभी अधिकारियों को निविदा बुलाकर वानिकी कार्य करने के निर्देश दिए थे। यहीं नहीं, शाह ने विकास शाखा के तत्कालीन प्रमुख चितरंजन त्यागी को इसके लिए नियम और शर्तें बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। चूंकि त्यागी अक्टूबर 22 में रिटायर होने वाले थे, इसलिए नियम बनाने में टालमटोल करते रहे। उनके सेवानिवृत्ति के बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। जब एसीएस जेएन कंसोटिया ने वन विभाग का दायित्व संभाला तब फिर से निविदा बुलाकर कार्य करने संबंधित फाइल मंत्रालय में मूव होने लगी। 29 मई 23 को शासन ने पहला आदेश जारी किया कि 2 लाख के कार्य विभागीय रूप से किया जाएगा। विभागीय अधोसंरचना निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग के निर्माण कार्यों की दरों के आधार पर वन विभाग अपने मैन्युअल के आधार पर कराए। 31 दिसंबर तक निविदा प्रक्रिया के स्थान पर विभाग में पुरानी व्यवस्था अनुसार निर्माण कार्यों की अनुमति दी जाती है। 1 जनवरी 24 से जो भी कार्य प्रारंभ हो, उन्हें निविदा प्रक्रिया के उपरांत कराए जाएं। विभागीय अफसरों ने नहीं दिखाई रुचि वन बल प्रमुख से लेकर कैंपा शाखा और विकास शाखा के प्रमुख तक शासन के आदेश के क्रियान्वयन में कोई रुचि नहीं दिखाई। 31 दिसंबर 23 तक पूर्व वन बल प्रमुख आरके गुप्ता चाहते थे कि उनके सेवानिवृत होने के बाद इस पर क्रियान्वयन हो। यही वजह रही कि शासन के 29 में 23, 17 अगस्त 23 और 19 अक्टूबर 23 को जारी आदेश का क्रियान्वयन नहीं हो पाया। इस बीच सभी पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों ने एक प्रेजेंटेशन बनाकर अपर मुख्य सचिव कंसोटिया को सौपा। इसमें निविदा से कार्य करने की तमाम सारी विसंगतियां बताई गई थी। बताते हैं कि कंसोटिया भी विभाग के शीर्ष अधिकारियों के तर्क पर सहमत हो गए थे। निविदा से कार्य करने का मामला ठंडा पड़ चुका था। अचानक 7 मार्च 24 को कंसोटिया ने फिर से आदेश जारी करने का हुक्म अपने मातहत को दिया। आदेश जारी होते वन भवन से फील्ड तक में हड़कंप मच गया। वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव और उनके सिपहसालार पीसीसीएफ सक्रिय हुए। वन बल प्रमुख ने आनन-फानन में पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इसके लिए वन विभाग एक मैन्युअल और शर्ते बनाए। ऐसा करने में 6 महीने का समय निकल जाएगा और तब तक 1479 करोड़ रुपए का 30% बजट पहले त्रेमासिक के लिए पुरानी व्यवस्था के आधार पर चहेते डीएफओ को अपने मन माफिक बजट आवंटित कर दिया जाएगा। बैठक में ही उपस्थित एक सीनियर आईएफएस अधिकारी का कहना है कि मैन्युअल और शर्ते बनाने में अधिक से अधिक 1 महीने का समय लग सकता है। प्रदेश में आचार संहिता लागू है। ऐसे में अफसर चाहे तो 15-20 दिन में ही मैन्युअल और निविदा की शर्ते से बना सकते है। चर्चा है कि कैंपा और विकास शाखा में पदस्थ से पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि उनके रिटायरमेंट के पहले शासन के आदेश पर क्रियान्वयन हो।

ग्राउंड रिपोर्ट: जबलपुर में भाजपा के आशीष लैंड लार्ड, कांग्रेस के दिनेश मांग रहे ‘एक नोट-एक वोट’

Ground report: BJP’s Ashish Land Lord, Congress’s Dinesh are demanding ‘one note-one vote’ in Jabalpur भोपाल। जबलपुर लोकसभा सीट में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला तो है लेकिन पलड़ा भाजपा का भारी है। ऐसा पहली बार नहीं है, भाजपा यहां लगातार जीत भी दर्ज करती आ रही है। 1991 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के श्रवण पटेल पहली बार मामूली अंतर 6 हजार 722 वोटों के अंतर से भाजपा के बापूराव परांजपे को हरा कर चुनाव जीते थे। इसके बाद से सीट पर भाजपा का कब्जा है और कांग्रेस एक अदद जीत के लिए तरस रही है। 1996 और 1998 के दो चुनाव बापूराव परांजपे ने जीते और 1999 में जयश्री बनर्जी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2004, 2009, 2014 और 2019 में भाजपा की ओर से लगातार राकेश सिंह ने कमल खिलाया। राकेश सिंह ने पिछला चुनाव साढ़े 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीता। मौजूदा माहौल देखकर कहा जा रहा है कि जीत का यह आंकड़ा और बढ़ने वाला है। लगातार चार जीत दर्ज करने वाले राकेश सिंह इस बार जबलपुर से मैदान में नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वे विधानसभा का चुनाव लड़े थे और इस समय राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। उनके स्थान पर भाजपा ने बिल्कुल नए चेहरे आशीष दुबे को प्रत्याशी बनाया है। वे तीन बार से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। उन्होंने ज्यादा संगठन में काम किया है और अब लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अपनी छवि के कारण आशीष भाजपा की पसंद बने हैं। वे कभी विवादों में नहीं रहे। उनकी बेदाग और निर्विवाद छवि है। आशीष की पारिवारिक पृष्ठभूमि भाजपाई है। उनकी गिनती जबलपुर के लैंड लार्ड के तौर पर होती है। कांग्रेस के दिनेश यादव भी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वे प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हैं। इससे पहले वे पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। कांग्रेस की ओर से वे महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी छवि भी अच्छी है लेकिन वे भाजपा के आशीष से काफी पिछड़ते दिखाई पड़ रहे हैं। जबलपुर में भाजपा जैसी जीत दर्ज करती है, उसे देखकर स्पष्ट है कि यहां जातीय और सामाजिक गणित फेल हो जाते हैं। बावजूद इसके कांग्रेस को जातीय आधार पर ही वोट मिलने की संभावना है। भाजपा द्वारा कराए गए काम बने चुनाव का मुद्दाजबलपुर प्रदेश का महानगर है, इसलिए यहां राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दो ंका खासा असर है। इसके साथ यहां सरकार द्वारा कराए गए काम भी मुद्दा बने हुए हैं। गांव-गांव तक सड़कों की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। सड़कों का जाल बिछा है। 4-5 फ्लाई ओवर बन कर तैयार हुए हैं। एक बड़ा फ्लाई ओवर बन रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी केंद्र और राज्य सरकार ने काफी काम किए है। भाजपा मोदी और राम लहर के साथ इन कामों को मुद्दा बना रही है। भाजपा के आशीष पारिवारिक संबंधों का हवाला देकर भी समर्थन मांग रहे हैं। कांग्रेस अपनी 19 माह की सरकार के कार्यों को गिना रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस किस तरह सभी किसानों का कर्ज माफ करने जा रही थी लेकिन भाजपा ने इसे रोक दिया। केंद्र एवं राज्य सरकार की महंगाई और रोजगार को लेकर नाकामिंया भी बताई जा रही है। कांग्रेस के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कांग्रेस के दिनेश को यादव समाज से भी काफी उम्मीद है। विधानसभा में भाजपा को हासिल है बड़ी बढ़तप्रदेश की कई अन्य सीटों की तरह जबलपुर में भी भाजपा को विधानसभा में बड़ी बढ़त हासिल है। लोकसभा क्षेत्र की 8 में से 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट है। 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा ने पाटन, बरगी, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट, जबलपुर पश्चिम, पनागर और सिहोरा विधानसभा क्षेत्रों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस सिर्फ जबलपुर पूर्व सीट ही जीत सकी है। जबलपुर पूर्व में कांग्रेस के लखन घनघोरिया 27 हजार 741 वोटों के अंतर से जीते हैं जबकि सातों सीटों में भाजपा की जीत का अंतर 2 लाख 36 हजार 359 वोट है। साफ है कि भाजपा को विधानसभा चुनाव से ही 2 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त हासिल है। कांग्रेस के लिए इस अंतर को पाटना बड़ी चुनौती है। जबलपुर जिले को मिलाकर बनी लोकसभा सीटजबलपुर लोकसभा सीट का भाैगोलिक एरिया बाहर नहीं गया। इसके तहत आने वाली सभी 8 विधानसभा सीटें जबलपुर जिले की ही हैं। जातीय आधार पर जरूर हर विधानसभा सीट की अलग-अलग स्थिति है। किसी सीट में दलित और आदिवासी ज्यादा हैं तो किसी में पिछड़े और ब्राह्मण। कुल मिलाकर दबदबा भाजपा का ही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तब भाजपा और कांग्रेस को बराबर 4-4 सीटें मिली थीं। बावजूद इसके 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के राकेश सिंह 4 लाख 54 हजार 744 वोटों के बड़े अंतर से जीते थे। अब तो विधानसभा में भी भाजपा का पलड़ा भारी है। माहौल भी भाजपा का है। ऐसे में यदि भाजपा के जीत का अंतर और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है तो गलत नहीं है। वैसे भी जबलपुर में भाजपा की जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता ही गया है। क्षेत्र में ब्राह्मण, दलित, पिछड़े वर्ग का दबदबाजबलपुर लोकसभा सीट में आमतौर पर जातीय आधार पर मतदान नहीं होता। सामाजिक समीकरण फेल होने की वजह से यहां हार-जीत का अंतर ज्यादा होता है। लोकसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के मतदाताओं का दबदबा है। ब्राह्मण एकमुश्त भाजपा के खाते में जा सकते हैं जबकि पिछड़े वर्ग का एक हिस्सा कांग्रेस को मिल सकता है। भाजपा प्रत्याशी ब्राह्मण और कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़े वर्ग से हैं। क्षेत्र में मुस्लिम और आदिवासी वर्ग के मतदाताओं की तादाद भी काफी है। इनमें मुस्लिम का अधिकांश वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है जबकि दलित और आदिवासी मतों में बंटवारा होगा। हालांकि इनका ज्यादा हिस्सा भी भाजपा के पक्ष में ज्यादा जाने की संभावना है। क्षेत्र के वैश्य, क्षत्रिय एवं अन्य जाितयों में भाजपा का दबदबा देखने को मिल रहा है।

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