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अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

Aravalli is our heritage, Rakesh Tikait roared at the Mahapanchayat of 6 districts on Yamuna Expressway. जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए और अधिकारियों को साफ कहा कि अब वादों से काम नहीं चलेगा, अब हमें ठोस फैसला चाहिए। भारतीय किसान यूनियन की इस महापंचायत में छह जिलों से किसान शामिल हुए। सभी किसानों ने एक सुर में मुआवजे और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं इस महापंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी ने माहौल को और गर्मा दिया। इसी दौरान राकेश टिकैत ने सराकार को समाधान के लिए 14 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है और अरावली विवाद पर भी बयान देते हुए चेतावनी दी है। पांच घंटों तक चली महापंचायतसोमवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिले के किसान बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। किसानों की यह महापंचायत पांच घंटों तक चली, जिसमें इकट्ठे हुए सभी किसानों ने अपनी मांगें खुलकर रखीं। किसानों का कहना था कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर उनसे जमीन तो ले ली, लेकिन उसके बदले उन्हें जो हक मिलना चाहिए था, वह अभी तक अधूरे हैं। इसी नाराजगी की वजह से किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरणों के खिलाफ आवाज उठाई। किसानों ने क्या-क्या मांगें रखीं?महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण इलाके में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन किसानों को 64.7% ज्यादा मुआवजा दिया जाए और जमीन के प्राइस यानी सर्किल रेट भी बढ़ाए जाएं। साथ ही किसानों ने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने नोएडा एयरपोर्ट और फैक्ट्रियों के लिए जमीन दी, उनके बच्चों को पढ़ाई और योग्यता के हिसाब से पक्की नौकरी भी दी जाए। इसके साथ ही 10% विकसित भूखंड देने, आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। किसानों ने इन मुद्दों का प्राथमिकता के साथ हल किए जाने की मांग की। राकेश टिकैत ने दी चेतावनी और कहा अरावली हमारी धरोहर हैराकेश टिकैत ने सरकार और प्राधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को सालों से सिर्फ आस्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर 14 जनवरी तक समाधान नहीं होगा, तो किसान लखनऊ कूच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन देने वाले किसानों को नौकरी और बसने का पूरा हक मिलना चाहिए।इतना ही नहीं, हाल ही में अरावली को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है और मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुद्दे पर भी उन्होंने बयान दिया और कहा कि अरावली हमारी धरोहर है और अगर इसे किसी को भी नष्ट नहीं करने देंगे। अगर फिर भी किसी ने कोशिश की, तो हम इसे बचाएंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदर्शन करेंगे और वहीं जाकर बैठ जाएंगे। अधिकारियों ने किसानों से की बातचीतमहापंचायत के दौरान जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरणों के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे बातचीत की। एडीएम एलए बच्चू सिंह, यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी ने वहा किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों का समाधान एक प्रक्रिया के अनुसार चल रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर भी काम चल रहा है और इस पर नए साल में फैसला किया जा सकता है। राकेश टिकैत ने किया ऐलानअधिकारियों से बातचीत के दौरान रोकेश टिकैत ने साफ कहा कि नोएडा एयरपोर्ट लगभग तैयार हो चुका है और उन्हें अभी तक न तो उन्हें 64.7% मुआवजा दिया गया है और न ही नौकरी या मकान बनाने के लिए जमीन के बदले कोई हक दिया गया है। उनका मानना है कि एक बार एयरपोर्ट चालू हो गया तो किसानों की आवाजें और कम कर दी जाएंगी, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। टिकैत ने ऐलान किया कि सराकर ने मांगे नहीं मानी तो 22 जनवरी के बाद लखनऊ की तरफ ट्रैक्टर मार्च किया जाएगा।इस मार्च में एक ट्रैक्टर और करीब 10 लोग शामिल होंगे। आगे उन्होेंने कहा कि किसान 15 दिन का राशन लेकर जाएंगे और वहीं डेरा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी में प्रयागराज में होने वाले शिविर में आंदोलन की आगे की प्लानिंग की जाएगी।

Delhi-Leh Indigo Flight आधे रास्ते से लौटा, यात्री परेशान, कारण पर सवालिया निशान

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 2006 को तकनीकी कारणों से आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी है। विमान लेह पहुंचने के कुछ ही देर बाद वापस लौट आया और सुरक्षित तरीके से दिल्ली में उतर गया। विमान में चालक दल के सदस्यों सहित करीब 180 लोग सवार थे। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सभी को विमान से नीचे उतार लिया गया है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद कई भारतीय एयरलाइन के विमानों को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। 16 जून को गोवा से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट को उड़ान भरने के तुरंत बाद इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। विमान में सवार यात्रियों ने इस अनुभव को भयावह बताया। अशांति के कारण केबिन के अंदर दहशत फैल गई। हालांकि. चालक दल ने शांति बहाल करने और विमान को सुरक्षित रूप से उतारने में कामयाबी हासिल की। इसके अगले दिन 17 जून को कोच्चि से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक और फ्लाइट 6E 2706 को नागपुर डायवर्ट कर दिया गया, क्योंकि अधिकारियों को बम की धमकी मिली थी। इसमें विशेष रूप से फ्लाइट नंबर का उल्लेख था। धमकी को विश्वसनीय माना गया, जिसके बाद प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई गई। तब तक फ्लाइट उड़ान भर चुकी थी। सुबह 9:20 बजे उड़ान भरने वाला विमान सुरक्षित रूप से नागपुर में उतरा। हालांकि, बाद में जांच के दौरान विमान में कुछ नहीं मिला। 18 जून को भुवनेश्वर से कोलकाता के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E 6101 टेक-ऑफ की तैयारी कर रही थी, जब पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को संदिग्ध तकनीकी गड़बड़ी के बारे में सूचित किया। तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ATC ने विमान को टेक-ऑफ को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पार्किंग बे में लौटने का निर्देश दिया। विमान को तुरंत रनवे से वापस ले जाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतार दिया गया। उसी दिन रायपुर एयरपोर्ट पर एक तकनीकी खराबी के कारण तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब दिल्ली-रायपुर इंडिगो की एक उड़ान में यात्री विमान के दरवाजे के जाम होने के कारण उतरने के बाद लगभग आधे घंटे तक विमान के अंदर फंसे रहे। छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे ने दावा किया कि बुधवार को दिल्ली से रायपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे इंडिगो के विमान का दरवाजा नहीं खुलने के कारण यात्री 30 मिनट से अधिक समय तक विमान में बैठे रहे। विमान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य नेता भी मौजूद थे। चौबे ने फोन पर पीटीआई को बताया कि अपराह्न दो बजकर 20 मिनट पर रायपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद विमान संख्या 6E-6312 का दरवाजा 30 मिनट से अधिक समय तक बंद रहा। उन्होंने कहा, “जब हमने गेट खुलने में देरी का कारण पूछा तो चालक दल ने हमें बताया कि कुछ तकनीकी समस्या है।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ऐसे प्रयास निश्चित ही मील का पत्थर सिद्ध होंगे

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित महर्षि आयुर्वेद हॉस्पिटल में ‘सोमा किचन’ का उद्घाटन किया। रेखा गुप्ता का कहना है कि ये पहल न सिर्फ दिल्ली को आयुर्वेद और स्वास्थ्य संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ के विजन को भी साकार करती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ऐसे प्रयास निश्चित ही मील का पत्थर सिद्ध होंगे। महर्षि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के डायरेक्टर लक्ष्मण श्रीवास्तव ने बताया कि ये किचन पूरी तरह सात्विक भोजन पर आधारित है, जहां न तो प्याज और लहसुन का प्रयोग होता है और न ही मैदा या रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। लक्ष्मण श्रीवास्तव ने बताया कि आजकल के रेस्टोरेंट्स में अक्सर पुराना और मिलावटी खाना परोसा जाता है, लेकिन ‘सोमा किचन’ में ‘नो मैदा कॉन्सेप्ट’ को अपनाते हुए शुद्ध, पौष्टिक और ताजा भोजन तैयार किया जाता है। यह भोजन आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। लक्ष्मण श्रीवास्तव ने कहा, “आयुर्वेद में खाने की जो पद्धति है, उसको ध्यान में रखते हुए सोमा किचन में खाना बनाया जा रहा है, क्योंकि आयुर्वेद हमारी बहुत पुरानी पद्धति है। हमारे दिमाग में जब भी आयुर्वेद का नाम आता है तो हम सिर्फ खिचड़ी के बारे में सोचते हैं, लेकिन इसी चीज को बदलने के लिए हम लोगों के लिए अलग-अलग तरीके का स्वादिष्ट भोजन बना रहे हैं, जो पूरी तरीके से सात्विक है और मिलेट बेस है। सोमा किचन इस सोच को बदलने की दिशा में एक प्रयास है।” उन्होंने कहा, “महर्षि आयुर्वेद हॉस्पिटल नॉर्थ इंडिया का पहला ऐसा हॉस्पिटल है, जहां आयुर्वेदिक पंचकर्म पद्धति से ट्रीटमेंट किया जाता है। यहां इलाज के लिए कई देशों के नेता आ चुके हैं। साथ ही कई सेलिब्रिटी भी आयुर्वेदिक इलाज के लिए यहां आते हैं। हॉस्पिटल में मानसिक, आध्यात्मिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़े संपूर्ण उपचार मिलते हैं, जो पूरी तरह आयुर्वेदिक पद्धतियों पर आधारित हैं।” डायरेक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि अगर हम अपनी दिनचर्या में छोटी-छोटी आदतें, जैसे कि सुबह गर्म पानी पीना शामिल करें, तो हम पाचन तंत्र को बेहतर बना सकते हैं और कई बीमारियों से बच सकते हैं। हॉस्पिटल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा।

आरोपी पर पत्नी की अदला-बदली, रेप और गैंगरेप के आरोप, हाईकोर्ट ने कहा- जमानत देना सही नहीं

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने एक ऐसे शख्स को जमानत देने से इनकार किया है जिस पर पत्नी को ‘पार्टनर स्वैप’ के लिए मजबूर करने का आरोप है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी की तस्वीर लगा उसके साथ सेक्स का ऑफर दिए जाने का भी आरोप है। कोर्ट ने यह कहते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी कि यह ‘सामान्य वैवाहिक विवाद के आरोपों’ का केस नहीं है।  रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस गिरीश कथपालिया जिस शख्स की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे उस पर बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, शारीरिक शोषण, क्रूरता और आपराधिक धोखाधड़ी जैसे आरोप हैं। 9 जून को दिए आदेश में कोर्ट ने कहा, ‘FIR में लगाए गए आरोप रूढ़िवादी वैवाहिक विवाद के नहीं हैं। कोर्ट ने महिला के इस आरोप पर विचार किया कि उसका देवर उसे गलत तरीके से छूकर उसका यौन उत्पीड़न करता था। महिला ने जब इसकी शिकायत अपने पति से की तो उसने उसे इस अपमान को अनदेखा करने के लिए कहा। अदालत ने एफआईआर का हवाला दिया, ‘जिसमें दर्ज किया गया था कि पति “ब्लेड से उसके हाथों को चोट पहुंचाता था और घायल हाथों से उसे रसोई का काम करवाता था” और साथ ही “उस पर पत्नी की अदला-बदली के लिए सहमत होने का दबाव बनाने लगा था और इस उद्देश्य के लिए, वह उसे एक होटल में ले गया जहां उसके दोस्तों ने उसके साथ छेड़छाड़ की, इसलिए वह भाग गई”। उस व्यक्ति पर महिला की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने और “उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने” के अलावा “लोगों को पैसे के लिए उसके साथ यौन संबंध बनाने के लिए उकसाने” का भी आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने कहा कि “गंभीर आरोपों” के अलावा, महिला ने बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के अपराधों का आरोप लगाते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया। अदालत ने कहा कि इसके अलावा, ऐसा प्रतीत होता है कि इससे पहले, जब अग्रिम जमानत दी गई थी, तो आरोपी ने अभियोक्ता से संपर्क किया था और टेक्स्ट चैट का आदान-प्रदान किया था, जिसकी प्रतियां रिकॉर्ड में हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा कि उन टेक्स्ट चैट को आरोपी ने एक नए सिम कार्ड के माध्यम से एक काल्पनिक नाम के तहत बनाया था, लेकिन जांच में, उक्त सिम उसके नाम पर पंजीकृत पाया गया।”

मौसम विभाग ने आज आंधी तूफान की और बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट किया जारी

नई दिल्ली  दिल्ली में मौसम बदल गया है। आसमान में बादल नजर आ रहे हैं और आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इस बीच मौसम विभाग ने आज आंधी तूफान की और बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने आज दोपहर के समय – बिजली के साथ तूफान, हल्की से मध्यम वर्षा, 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ तूफान की भविष्यवाणी की है। वहीं शाम के समय भी आंधी तूफान के साथ बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम विभाग ने आज दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट और एनसीआर के अन्य इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आंधी तूफान के चलते अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। कल कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने कल भी आंधी तूफान के साथ बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान अधिकतम तापमान में भी 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है और यह 34 डिग्री दर्ज किया जा सकता है जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि कल यानी बुधवार शाम के समय बिजली के साथ तूफान, हल्की से मध्यम बारिश, 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ तूफान और रात के समय तूफान और बारिश के आसार हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क करते हुए मौसम विभाग ने कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।  

‘अगर मां कमाती भी हो, बच्चे ही परवरिश के लिए पैसे देना पिता की ही जिम्मेदारी’, हाईकोर्ट का अहम फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए महिलाओं और बच्चों के हक में एक बड़ा फैसला सुनाया है। इसके तहत दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि मां ज्यादा कमाती है तो क्या हुआ, बच्चे की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी पिता पर होगी। पिता को पूरा खर्च देना होगा। दरअसल, एक तलाकशुदा व्यक्ति ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उसकी पूर्व पत्नी हर महीने 75 से 80 हजार रुपये प्रति माह कमाती है, इसलिए अपने दो बच्चों की परवरिश का वित्तीय बोझ बराबर-बराबर बांटना चाहिए। पिता की मांग को हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। फिर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही पूर्व पत्नी नौकरीपेशा हो और प्रति माह 75 से 80 हजार रुपये कमाती हो लेकिन दो बच्चों के भरण-पोषण की पूरी वित्तीय जिम्मेदारी पिता पर होनी चाहिए, जो लगभग 1.75 लाख रुपये प्रति माह कमाता है। हाईकोर्ट ने केवल आय के आधार पर खर्च को 50:50 विभाजित करने की पिता की मांग को खारिज कर दिया। न्यायालय ने दोहराया कि भरण-पोषण में न केवल बुनियादी जरूरतें शामिल होनी चाहिए, बल्कि शिक्षा, सह-पाठयक्रम गतिविधियां और बच्चे की गरिमा बनाए रखना भी शामिल होना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बच्चे का भरण-पोषण मुख्य रूप से गैर-संरक्षक माता-पिता का कर्तव्य है, खासकर अगर वह माता-पिता आर्थिक रूप से मजबूत हो। मां दोहरी भूमिका निभाती है: हाईकोर्टन्यायालय ने मां की दोहरी भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार किया। एक कार्यरत पेशेवर और एकमात्र देखभालकर्ता के रूप में, वह भावनात्मक और तार्किक बोझ उठाती है जो उसे वित्तीय दायित्व से बचाने के लिए काफी है। उच्च न्यायालय ने कहा कि पत्नी को दो काम करने पड़ते हैं, एक कार्यालय के लिए और दूसरा कार्यालय के बाद बच्चे की देखभाल के लिए। इसे मौद्रिक शब्दों में नहीं आंका जा सकता।  

दिल्ली में 14 करोड़ के GST रिफंड घोटाले का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के ट्रेड और टैक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े GST रिफंड घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसकी कुल राशि लगभग ₹14 करोड़ है. इस मामले में अब तक ₹1.16 करोड़ की वसूली की जा चुकी है, और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. जांच में यह पता चला है कि कुछ व्यक्तियों ने 4 फर्जी फर्में स्थापित कीं और उन्हें वैध व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत कर अवैध रूप से GST रिफंड का दावा किया. यह बताया जा रहा है कि यह मामला विभाग द्वारा किया गया एक अनूठा ऑपरेशन है, जिसमें अत्याधुनिक बिग डेटा एनालिटिक्स, बैंकिंग लेनदेन की श्रृंखला विश्लेषण और अन्य डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके फंड के लेनदेन का पता लगाया गया है. विभाग ने यह पाया कि फर्जी कंपनियों के लिए इस्तेमाल किए गए PAN, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अन्य संस्थाओं में भी सक्रिय थे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली में सभी संदिग्ध इकाइयों का पंजीकरण तुरंत निलंबित कर दिया गया है. साथ ही, अन्य राज्यों के संबंधित प्राधिकरणों को भी इस मामले की जानकारी दी गई है ताकि वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें. 27 फर्जी संस्थाओं से जुड़े 45 बैंक खाते फ्रीज इसके अतिरिक्त, फर्जी पैन कार्डों को ब्लॉक करने के लिए इनकम टैक्स विभाग के साथ सहयोग करने की सिफारिश की गई है. चूंकि कुछ धनराशि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, जैसे हांगकांग और सिंगापुर, में भेजी गई थी, इसलिए इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार के राजस्व विभाग को भी प्रेषित की जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में 27 फर्जी संस्थाओं से संबंधित 45 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, ताकि अवैध धन के और अधिक ट्रांसफर को रोका जा सके. इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा FIR दर्ज की गई है. एक आरोपी, बंटी (पुत्र हरीश चंदर), जो एक लाभार्थी फर्म का मालिक है, को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है. उसे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इस मामले में और भी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है. दिल्ली GST विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई हमारे जीएसटी धोखाधड़ी के प्रति शून्य सहिष्णुता के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है. ऐसे अपराध न केवल सरकारी राजस्व को हानि पहुँचाते हैं, बल्कि ईमानदार करदाताओं पर भी अतिरिक्त बोझ डालते हैं. विभाग जीएसटी प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाता रहेगा.

दिल्ली में पानी की किल्लत, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार पर कसा तंज, बोले – चार इंजन वाली सरकार भी पूरी तरह असफल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में पानी की कमी को लेकर बीजेपी सरकार पर कड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि इस गर्मी में दिल्लीवासियों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, और भाजपा की ‘चार इंजन’ वाली सरकार इस समस्या का समाधान करने में पूरी तरह असफल रही है. भारद्वाज ने यह भी पूछा कि सरकार ने समर एक्शन प्लान के तहत कितने नए ट्यूबवेल स्थापित किए हैं, जिसका उत्तर अभी तक जनता को नहीं मिला है. सौरभ भारद्वाज ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी यह दावा करती है कि उनके पास केंद्र, दिल्ली, MCD और उपराज्यपाल के चार इंजन हैं, लेकिन इन इंजनों ने दिल्ली को पानी की एक बूंद भी नहीं दी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गर्मियों की शुरुआत से पहले ट्यूबवेल लगाने और जल प्रबंधन में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. लोगों को पानी के टैंकरों के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, और कई स्थानों पर टैंकरों की कमी ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है. उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों में पानी पहुंचाना तो एक दूर की बात है, बल्कि जिन क्षेत्रों में पहले से ही पर्याप्त जल आपूर्ति होती थी, वहां भी अब पानी की कमी हो रही है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब भाजपा और एलजी आम आदमी पार्टी की सरकार पर पानी के कुप्रबंधन का आरोप लगाते थे, तो अब वे खुद पानी के प्रबंधन में असफल क्यों हो रहे हैं? भारद्वाज ने यह आरोप लगाया कि दिल्ली को यमुना और गंगा नदियों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है, फिर भी जल वितरण में गंभीर अव्यवस्था बनी हुई है. उन्होंने कहा कि यह संकट प्राकृतिक नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की लापरवाही का परिणाम है. आम आदमी पार्टी के नेता ने सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर तुरंत जवाब दे और पानी की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए. सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार को चार महीने होने वाले हैं, और यह समय किसी भी नई सरकार के लिए अपने राज्य में सुधार लाने के लिए पर्याप्त होता है. हालांकि, जून के महीने में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की गंभीर कमी देखी जा रही है, जिससे लोग मजबूर होकर मदद की गुहार लगा रहे हैं. दिल्ली में इस तरह की भयंकर जल संकट पहले कभी नहीं देखी गई. सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के अंबेडकर नगर विधानसभा में पानी की गंभीर कमी है. देवली विधानसभा के निवासी जल बोर्ड के कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं, जहां एक सप्ताह पहले लोगों ने मटके भी फोड़े थे. बदरपुर विधानसभा के लोग रातभर पानी के लिए जागते हैं और ट्यूबवेल से पानी भरने के लिए दो-दो घंटे लाइन में खड़े रहते हैं. तुगलकाबाद विधानसभा में भी जल संकट है, जहां पहले 40-46 टैंकर आते थे, अब उनकी संख्या आधी कर दी गई है. छतरपुर और मेहरौली में भी पानी की कमी की समस्या बनी हुई है. दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है. बिजवासन और पालम में स्थिति अत्यंत खराब है, जबकि नॉर्थ दिल्ली के तिमारपुर, मॉडल टाउन, आदर्श नगर और बुराड़ी में भी पानी की कमी महसूस की जा रही है. पश्चिमी दिल्ली के हरिनगर, रजौरी गार्डन और जनकपुरी में भी जल संकट बना हुआ है. ग्रेटर कैलाश के कई इलाकों में, जहां पहले पानी की कोई कमी नहीं थी, अब वहां भी जल आपूर्ति ठप हो गई है. पहले जो स्थिति सुधर गई थी, वह अब फिर से बिगड़ चुकी है, और टैंकरों की व्यवस्था भी प्रभावी नहीं रह गई है. सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली में अभी भी 100 एमजीडी पानी की कमी है, जबकि केंद्र और दिल्ली दोनों जगह भाजपा की सरकार है. चार इंजन की सरकार होने के बावजूद भाजपा हरियाणा और केंद्र से पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रही है. पहले भाजपा और दिल्ली के उपराज्यपाल का कहना था कि पानी की कमी नहीं है, केवल प्रबंधन में समस्या है. अब यह सवाल उठता है कि वे प्रबंधन क्यों नहीं कर पा रहे हैं? उपराज्यपाल को अपनी ही सरकार को पानी के प्रबंधन के बारे में समझाना चाहिए. वर्तमान में दिल्ली में पानी की स्थिति गंभीर है, लोग जगह-जगह मटके फोड़कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर अनजान बनी हुई है. मॉडल टाउन में भी पानी की भारी कमी पूर्व विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने बताया कि विधानसभा मॉडल टाउन में पानी की गंभीर कमी है. हाल ही में, स्थानीय लोगों ने मटके फोड़कर अपना विरोध जताया. खिलौना बाग, लाल बाग, राजपुरा गांव और गुरु नानक गली ओल्ड कॉलोनी में पानी की स्थिति अत्यंत खराब है. राणा प्रताप बाग बी ब्लॉक में गंदा पानी आ रहा है, जबकि रूपनगर में भी नागरिकों ने शिकायतें की हैं. दिल्ली के लोग अब यह समझने लगे हैं कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार किया था, जबकि भाजपा की सरकार न तो पानी उपलब्ध करा पा रही है, न बिजली, और न ही स्कूलों की फीस में वृद्धि को रोकने में सफल हो रही है. इस चार इंजन वाली सरकार ने हर मोर्चे पर असफलता का सामना किया है.

यमुना नदी के वजीराबाद जलाशय में घटा जलस्तर, दिल्ली में गहराया जल संकट

नई दिल्ली दिल्ली में गर्मी और हीटवेव के बीच पानी का संकट और बढ़ गया है. यमुना नदी के वजीराबाद जलाशय में जलस्तर गिरकर 668.70 फीट रह गया है, जबकि सामान्य स्तर 674.50 फीट होना चाहिए. इससे वजीराबाद और चंद्रावल जल संयंत्रों को कच्चे पानी की सप्लाई में भारी दिक्कत हो रही है. इस कमी के चलते दोनों संयंत्रों में पीने योग्य पानी का उत्पादन करीब 25 से 30 फीसदी तक घट गया है. इसका सीधा असर दिल्ली के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति पर पड़ा है. प्रभावित इलाकों में पानी का दबाव कम रहेगा और सप्लाई अनियमित हो सकती है. वजीराबाद संयंत्र से जिन इलाकों में असर पड़ेगा उनमें मजनूं का टीला, आईएसबीटी, जीपीओ, एनडीएमसी क्षेत्र, आईटीओ, एलएनजेपी अस्पताल, डिफेंस कॉलोनी, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, राजघाट, डब्ल्यूएचओ, रामलीला ग्राउंड, दिल्ली गेट, गुलाबी बाग, तिमारपुर, पंजाबी बाग, शालीमार बाग, वज़ीरपुर, मॉडल टाउन, बुराड़ी, साउथ एक्सटेंशन, जीके, कैंट एरिया और दक्षिण दिल्ली के कई इलाके शामिल हैं. दिल्ली के कई इलाकों में भारी पानी की दिक्कत चंद्रावल संयंत्र से प्रभावित होने वाले क्षेत्र हैं सिविल लाइंस, हिंदूराव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, पटेल नगर, बालजीत नगर, प्रेम नगर और इंदरपुरी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का दुरुपयोग न करें और हालात सामान्य होने तक जल संरक्षण करें.

दिल्ली में जल्द आएगी नई आबकारी नीति, सामाजिक सुरक्षा को दी जाएगी प्राथमिकता : सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली में नई आबकारी नीति जल्द ही लागू होने वाली है. 30 जून तक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति इस नीति का प्रस्ताव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि नई नीति में सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शांति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, उच्चस्तरीय समिति विभिन्न राज्यों की आबकारी नीतियों का गहन अध्ययन कर रही है. यह समिति विभिन्न राज्यों की आबकारी नीतियों का मूल्यांकन कर रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य राजधानी के निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली शराब उपलब्ध कराना है, साथ ही शराब की बिक्री और वितरण प्रणाली को पारदर्शी, आधुनिक और उत्तरदायी बनाना भी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि दिल्ली की मौजूदा आबकारी नीति 30 जून को समाप्त हो रही है, जिसके मद्देनजर नई नीति का निर्माण किया जा रहा है. इस नई नीति में आबकारी व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जा रहा है, जैसे शराब की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण, बिक्री प्रणाली का डिजिटलीकरण, अवैध बिक्री पर रोक और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता. नई शराब नीति के विकास के लिए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समिति कार्यरत है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में चार सरकारी एजेंसियां शराब की दुकानों का संचालन कर रही हैं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पूर्व सरकार की आबकारी नीति भ्रष्टाचार, पक्षपात और जनहित के खिलाफ थी. इस नीति के तहत कुछ विशेष निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे राजस्व को नुकसान हुआ. पूर्व सरकार की यह नीति न तो कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करती थी और न ही जनता के हितों को प्राथमिकता देती थी. इसके परिणामस्वरूप, पूर्व मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को जेल की सजा भी भुगतनी पड़ी. भ्रष्टाचार की नहीं होगी कोई आशंका मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार पिछली गलतियों से सीख लेकर एक नई आबकारी नीति तैयार कर रही है, जिसमें भ्रष्टाचार की कोई संभावना नहीं होगी. उन्होंने यह भी बताया कि अन्य राज्यों की आबकारी नीतियों का अध्ययन करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में लागू होने वाली नई नीति से किसी को भी नुकसान न पहुंचे.

यमुना के डूब क्षेत्र में अभियान चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त, करीब 40 हजार वर्गमीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराई गई

नोएडा  प्राधिकरण ने यमुना के डूब क्षेत्र में अभियान चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। इस दौरान करीब 40 हजार वर्गमीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराई गई। यहां पांच पक्के निर्माण को ध्वस्त किया गया, साथ ही अवैध प्लाॅटिंग के लिए की गई दीवार को ढहाया गया। इस जमीन की कीमत करीब छह करोड़ रुपये आकी गई है। प्लाॅटिंग कर लोगों को बेची जा रही थी। प्राधिकरण अधिकारी ने बताया कि वर्क सर्किल-10 की टीम शुक्रवार को भूलेख अधिकारी व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। अब तक 150 इमारतों पर लिखवाया गया ‘अवैध इमारत’  अभियान में 70 छोटे बड़े कर्मचारी पांच जेसीबी और 2 डंपर का प्रयोग किया गया, जिनकी मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। लोग से कहा गया कि वह भूमाफिया के चंगुल में न फंसे। यह जमीन प्राधिकरण की अधिसूचित जमीन है, जिस पर निगरानी का काम नोएडा प्राधिकरण का है। बता दें कि नोएडा प्राधिकरण की ओर से अब करीब 150 इमारतों पर अवैध लिखवाया जा चुका है। इसमें कई रिहायशी इमारत और कामर्शियल इमारत शामिल है, जिनको ध्वस्त किया जाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया नोएडा में किसी भी तरह का अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। डूब क्षेत्र में जमीन खरीदने और बेचने पर है प्रतिबंध नोएडा में यमुना सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135, 168 के अलावा 150 से होकर निकलती है। इसी तरह हरनंदी नदी छिजारसी से प्रवेश करते हुए सेक्टर-63 ए, बहलोलपुर, शहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंड़ी, सेक्टर-123, 118, 115, 143, 143 ए, 148, 150, मोमनाथल के पास यमुना में मिलती है। यह दोनों ही नदियां नोएडा को चारों तरफ से घेरे हुए हैं और नदियों के किनारे की जमीन को ही डूब क्षेत्र कहते हैं, जहां पर खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध है।

Delhi में 13 00 से ज़्यादा झुग्गियों पर कार्रवाई…कालकाजी में चला बुलडोजर

 नई दिल्ली  कालकाजी में भूमिहीन कैंप में बुधवार की सुबह पूरी तरह उजाला भी नहीं हुआ था कि तभी DDA के बुलडोजर यहां पर बने करीब 1300 से अधिक झुग्गियों को तोड़ने के लिए निकल पड़े। कई लोगों की अभी नींद भी नहीं खुली थी। लेकिन बुलडोजर की आवाज से सब अपने-अपने घर से बाहर निकल गए। कई ऐसे लोग भी थे जो अपना सारा सामान भी नहीं निकाल पाए थे और चंद ही घंटों में 1300 से अधिक झुग्गियां मिट्टी में मिला दी गईं। लोग विरोध करें, इसके लिए पहले से ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्ध सैनिक बल के जवान भी तैनात थे। हालांकि यहां पर कई ऐसे परिवार भी थे जो 80 के दशक से यहां रह रहे थे। बताया जा रहा है कि इन 1300 झुग्गियों में करीब 2300 से अधिक परिवार रहता था। हर झुग्गी कम से कम दो मंजिल की बनी थी। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब 10 हजार से अधिक लोग इन झुग्गियों में रहते थे। हालांकि 1862 परिवार ऐसे भी है जिन्हें दो साल पहले ही कालकाजी एक्सटेंशन, पौकेट A में सरकार की तरफ से बने मकान दे दिए गए थे। लेकिन अभी भी 2300 से अधिक परिवार इन झुग्गियों में रह रहा था। जहां झुग्गियां तोड़ी गई हैं वह लगभग दो एकड़ में बनी थीं। अभी आसपास की कई झुग्गियां ऐसी हैं जो भूमिहीन कैंप के अंदर आती हैं। उसे भी तोड़े जाने का डर है। यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि 6 जून को नोटिस आया था कि यहां पर रहने वाले लोग 10 जून तक अपनी-अपनी झुग्गियां खाली कर दें। इसके बावजूद 2300 परिवार यहां से नहीं हटे थे। मकान में बदल चुकी थी झुग्गी भूमिहीन कैंप में हर झुग्गी पक्की थी और कम से कम दो मंजिल की थी। इन मकानों में मकान मालिक के अलावा किराएदार भी रहते थे। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग पूर्वी यूपी और बिहार के रहने वाले थे। कोई रेहड़ी-पटरी लगाता था तो कोई ई रिक्शा, ऑटो रिक्शा चलाता था। हालांकि सभी को पता था कि झुग्गी टूटने वाली है। लेकिन इतने सालों से रहने के चलते यहां से जाना नहीं चाहते थे। अभी भी करीब 1300 झुग्गी वालों को दूसरे जगह मकान नहीं मिला था। यही कारण था कि वह यहां से जाना नहीं चाहते थे। सुबह 4:00 बजे ही पहुंच गया था बुलडोजर यहां रहने वालों ने बताया कि भारी सुरक्षा के बीच सुबह 4:00 बजे ही 8 बुलडोजर पहुंच गया था। एक दिन पहले भी भारी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात थे। बुधवार सुबह उनकी संख्या और बढ़ा दी गई। सुबह 5:00 बजे से बुलडोजर ने तोड़फोड़ शुरू कर दी और 10:00 बजे तक सभी झुग्गियों को तोड़ दिया गया। बटला हाउस में तोड़फोड़ पर HC का राहत देने से इनकार बटला हाउस इलाके में प्रस्तावित तोड़फोड़ को लेकर आप विधायक अमानतुल्लाह खान द्वारा दायर जनहित याचिका पर कोई राहत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया। इलाके में बुधवार को ही तोड़फोड़ होनी थी। जस्टिस गिरीश कठपालिया और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि इस तरह की जनहित याचिका में संरक्षण का सामान्य आदेश पारित करने से व्यक्तिगत वादियों के मामले को जोखिम में डालने की संभावना है। बेंच के रुख को भांपते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने जनहित याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी। बेंच ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के वकील याचिका वापस लेने की अनुमति चाहते हैं ताकि याचिकाकर्ता जो एक जनहितैषी व्यक्ति हैं, बटला हाउस इलाके के स्थानीय निवासियों को तीन कामकाजी दिनों के भीतर उचित मंच पर उचित कार्यवाही शुरू करने के उनके अधिकार के बारे में सूचित करेंगे। इसी के साथ कोर्ट ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया। बेंच का मानना था कि कुछ पीड़ित लोगों ने कानूनी उपायों का फायदा उठाया है और कुछ को राहत भी मिली है। खान का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि विचाराधीन जमीन का डीमार्केशन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं किया गया था। वहीं डीडीए का प्रतिनिधित्व करने वाली एडवोकेट शोभना टकियार ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के खास निर्देश के कारण जनहित याचिका विचारणीय नहीं है, जिसमें केवल पीड़ितों को उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।

दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की वो 3 जबरदस्त स्कीम, जिससे आपको मिलेगा लाखों का फायदा

नई दिल्ली दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली वासियों के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू किया है। विकास को केंद्र में रखते हुए कई अहम योजनाओं की शुरुआत की। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नीति निर्माण को लेकर कई ठोस कदम उठाए हैं। दिल्ली की जनता को सीधा लाभ देने के लिए सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना, आयुष्मान भारत योजना (दिल्ली टॉप-अप), अपना घर आवास योजना, ई-वाहन सब्सिडी और दिव्यांग सहायक योजना जैसी योजनाओं को लागू किया। इसके जरिये जनता तक सीधा लाभ पहुंचाना शुरू किया गया है। सरकार के इन कदमों का दिल्ली वासियों को मिलने लगा सीधा लाभ 1. पीएम सूर्य घर योजना  पीएम सूर्य घर टाप अप योजना में सोलर पैनल लगवाने वालों को दिल्ली सरकार की ओर से 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 78 हजार रुपये की सब्सिडी से 30 हजार रुपये की सब्सिडी अतिरिक्त होगी। इस तरह से दिल्ली वासियों को 3 किलोवॉट के सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पर कुल 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। एक किलोवॉट के पैनल पर 10,000 रुपये की सीधी सब्सिडी निर्धारित की गई है. इन्हें मिलेगा योजना का लाभ योजना के लिए आवेदन करने वाला दिल्ली का निवासी हो और उसके पास एक छत होनी चाहिए। उसके नाम पर एक बिजली का कनेक्शन होना चाहिए। इसके साथ ही पहले से किसी और सोलर सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो। इस तरह करें योजना के लिए आवेदन केंद्र सरकार की सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए बिजली बिल और आधार कार्ड की जरूरत होगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वेबसाइट https://solar.delhi.gov.in/ आवेदन करना होगा। जिससे दिल्ली सरकार अतिरिक्त सब्सिडी भी मिल सकेगी। 2. आयुष्मान भारत पीएम-जय योजना  आयुष्मान योजना के तहत दिल्लीवासियों को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। दिल्ली सरकार केंद्र के 5 लाख रुपये के अलावा 5 लाख रुपये का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही 70 वर्ष अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इन्हें मिलेगा योजना का लाभ पीएम-जेएवाई योजना दो श्रेणियों (शहरी और ग्रामीण लाभार्थी) के लाभार्थियों को कवर करेगी। दिल्ली के 6.54 लाख गरीब परिवारों के करीब 30 लाख सदस्यों, 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब छह लाख बुजुर्गों, आशा वर्कर, आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसका लाभ मिलेगा इस तरह करें योजना के लिए आवेदन आवेदक PM-JAY (https://pmjay.gov.in) वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन पर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। फिर ABHA पंजीकरण बटन पर क्लिक करें। पात्र लोगों को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए अपनी जानकारी और दस्तावेज (आधार, पैन, वोटर आईडी) जमा करने होंगे। आवेदन की समीक्षा और स्वीकृति हो जाने के बाद, आवेदकों को उनका आयुष्मान कार्ड मिल जाएगा। ऑफलाइन आवेदन करने के लिए अपने निकटतम CSC पर जाएं। यहां CSC ऑपरेटर आपको आवेदन पत्र भरने के लिए आपके दस्तावेजों को सत्यापित करेगा और आवेदन जमा करेगा। 3. अपना घर आवास योजना दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की अपना घर आवास योजना के तहत फ्लैट खरीद पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। डीडीए के अनुसार लोकनायकपुरम, सिरसपुर और नरेला में एलआईजी फ्लैटों पर 25 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। नरेला में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी पर 15 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकनायकपुरम में एमआईजी फ्लैटों पर 15 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध है। वहीं डीडीए ने लोगों को स्कीम को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह भी दी है। डीडीए के अनुसार फ्लैटों की बुकिंग सिर्फ डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट से करवाएं। डीडीए फ्लैटों की बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े की कोशिश हो रही है। कुछ वेबसाइट डीडीए फ्लैट बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश में हैं।

दिल्ली सरकार अब प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि पर लगाई गी रोक, अध्यादेश के जरिए पास किया नया बिल

नई दिल्ली  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी।  मंगलवार को दिल्ली सरकार की आठवीं बैठक हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 को कैबिनेट ने पास कर दिया है। अब बिल को उपराज्यपाल और फिर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। इनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी। यह नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस फैसले से दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए राहत मिलेगी।  

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लू जैसे हालात: मौसम विभाग

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर, यूपी समेत देश के कई राज्यों में अप्रैल और मई में गर्मी से बड़ी राहत थी। यही नहीं मई की कूलिंग ने तो इस बार दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। लेकिन अब जून में सारा सुकून छीन गया है और प्रचंड गर्मी पड़ रही है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लू जैसे हालात हैं। मई के तीसरे सप्ताह में ही अच्छी बारिश से मौसम कूल हो गया था, लेकिन अब मॉनसून आने में फिलहाल देर है और उससे पहले प्रचंड गर्मी से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सप्ताह के अंत तक भीषण गर्मी बनी रहेगी और लू भी चलेगी। पश्चिमोत्तर और मध्य भारत में फिलहाल प्रचंड गर्मी बनी रहेगी, जबकि दक्षिण भारत में मॉनसून सक्रिय रहने की संभावना है। 12 से 15 जून के दौरान कर्नाटक में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 13 से 15 जून के दौरान कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में लू की संभावना है। 13 से 15 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश,हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि यह बारिश इतनी छिटपुट होगी कि इससे तापमान में कोई खास असर नहीं होगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 5 दिनों में उत्तर पश्चिम भारत यानी यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में तापमान में गिरावट की संभावना कम ही है। इसका अर्थ हुआ कि तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। यही नहीं बुधवार को लेकर तो अनुमान है कि तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि सप्ताहांत के बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। इसी तरह से अगले दो से तीन दिन यानी गुरुवार तक पूर्वी भारत के राज्यों में भी तापमान में गिरावट नहीं होगी। इसके बाद अगले कुछ दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी धीरे-धीरे आएगी।  

राजधानी दिल्ली में बड़ा हादसा: द्वारका के एक अपार्टमेंट की 7वीं मंजिल पर लगी भीषण आग, पिता और दो बच्चों की गई जान

नई दिल्ली  दिल्ली में एक अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई. द्वारका सेक्टर-13 स्थित मल्टीस्टोरी बिल्डिंग ‘सबद अपार्टमेंट’ में आज (10 जून) सुबह एक फ्लैट में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया. आग इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में लगी. इस दौरान एक 2 बच्चों के साथ एक पिता ने बिल्डिंग से जान बचाने के लिए छलांग लगा दी, जिससे तीनों की मौत हो गई. इससे पहले दमकल विभाग को सुबह 10 बजकर 01 मिनट पर आग की कॉल की गई, जिसके तुरंत बाद राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें अपार्टमेंट की बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर धू-धू कर आग जलते देखा जा सकता है. दमकल विभाग ने दी ये जानकारी दमकल विभाग ने मौके पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और 8 फायर टेंडरों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. दमकलकर्मी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुट गए. दमकल विभाग ने बताया कि आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है और मौके पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. दमकल विभाग ने किसी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की. बाकी विवरण और आग के कारणों की जानकारी के लिए फायर डिपार्टमेंट द्वारा आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है. मौके पर राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है. बता दें कि द्वारका में स्थित ‘सबद अपार्टमेंट’ में आग लगी, जो एमआरवी स्कूल के पास स्थित है. इस तरह की घटना ने स्थानीय लोगों में घबराहट पैदा कर दी. जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसमें रहने वाले तमाम लोगों ने यह आरोप लगाया कि अपार्टमेंट की कमेटी के लोगों को जब इसकी जानकारी दी गई, तो उनकी तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया. इस पूरे मामले में लापरवाही बरती गई. शब्द अपार्टमेंट में आग से हड़कंप दिल्ली में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। पारा लगातार ऊपर जा रहा। हीटवेव का अलर्ट है। ऐसे में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच दिल्ली के द्वारका में शब्द अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। ये आग कितनी भयावह है ये तस्वीरों को देखकर समझा जा सकता है। अपार्टमेंट की ऊपरी मंजिल पर लगी आग से तेजी से फैल रही। इसने नीचे के फ्लोर को भी कब्जे में ले लिया। बिल्डिंग से तीन लोगों के नीचे गिरने की खबर द्वारका के इस अपार्टमेंट आग की भयावहता से लोगों में हड़कंप मच गया। एक फ्लोर पर कई लोग फंसे हैं और बचाव के लिए चिल्लाते नजर आ रहे हैं। इस बीच दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं। अपार्टमेंट फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि तीन लोग बिल्डिंग से नीचे गिरे हैं। आग बुझाने में जुटी दमकल टीम ऐसी आशंका जताई जा रही कि बिल्डिंग से बाहर निकलने के चक्कर में ये लोग बालकनी से नीचे उतरने की कोशिश में गिर गए। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें तुरंत ही नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। आग बुझाने की कवायद जारी है।

दिल्ली-NCR में आसमान से बरस रही आग, पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने बताया- कब होगी बारिश

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में आसमान से आग बरस रही है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। आया नगर में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह अभी और बढ़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सुबह का तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता का स्तर लगभग 48 प्रतिशत दर्ज किया गया। यदि दोनों स्थितियों को मिला दें यह गर्मी से असहज करने के लिए पर्याप्त है। रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिनों तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लू चलने की भी संभावना है। आईएमडी के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने एएनआई को बताया कि अगर हम उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो अगले चार दिनों तक मैदानी इलाकों में लू की स्थिति रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार और मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की उम्मीद है, जिससे अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति पैदा होगी। इस क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। किन-किन इलाकों में बरस रही आग सफदरजंग- 43.4 डिग्री सेल्सियस पालम- 44.3 डिग्री सेल्सियस लोधी रोड- 43.3 डिग्री सेल्सियस रिज- 44.9 डिग्री सेल्सियस आया नगर- 45.3 डिग्री सेल्सियस वायु गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में पहुंचा दिल्ली में वायु गुणवत्ता भी खराब हो गई है। सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 219 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस स्तर को खराब श्रेणी में ऱखता है। गर्मी और उमस के अलावा AQI एक और समस्या है जिसका दिल्ली के लोग सामना कर रहे हैं। क्या बारिश से राहत मिलेगी? दिल्ली-एनसीआर में सप्ताह के मध्य तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसस भीषण गर्मी से राहत मिलने का अनुमान है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है। आईएमडी के मौसम बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी यूपी में 13 और 14 जून को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।  

दिल्ली के इस मेट्रो स्टेशन पर अचानक लगी आग, हालांकि अब स्थिति सामान्य

नई दिल्ली दिल्ली के त्रिलोकपुरी संजय लेक मेट्रो स्टेशन के सर्वर रूम में सोमवार को दोपहर के समय आग लग गई। इसके चलते ट्रेनों की आवाजाही पर भी कुछ देर के लिए असर पड़ा। हालांकि अब स्थिति सामान्य हो गई है। अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन विभाग को दोपहर 11.10 बजे आग लगने के बारे में सूचना मिली, जो संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। उन्होंने बताया, सूचना मिलने के बाद हमने दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजीं और अपराह्न एक बजकर 10 मिनट तक आग पर काबू पा लिया गया। इससे पहले डीआरसी की तरफ से जानकारी दी गई थी कि दोनों दिशाओं से त्रिलोकपुरी-संजय लेक स्टेशन के पास पहुंचने वाली ट्रेनें फिलहाल सिग्नलिंग की उपलब्धता ना रहने के कारण 25 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमित गति से चल रही हैं। हालांकि पिंक लाइन के बाकी हिस्सों पर ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। डीएमआरसी ने कहा था कि यात्रियों को सूचित करने के लिए स्टेशन परिसर और ट्रेनों के अंदर लगातार अंतराल पर केंद्रीकृत घोषणाएँ की जा रही हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा कर्मियों की मदद से धुंआ छंट गया है और प्रभावित हिस्से में सिग्नलिंग/एएफसी को बहाल करने के प्रयास जारी हैं

क्लासरूम घोटाले में जवाब देने बुलाया था एंटी करप्शन ब्यूरो ने, मनीष सिसोदिया बोले बिजी हूं, नहीं आ सकता

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के सामने पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। आम आदमी पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता को दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्लासरूम निर्माण में कथित घोटाले को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सिसोदिया ने एसबी को भेजे अपने जवाब में खुद को बिजी बताया। एसीबी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं मनीष सिसोदिया और लोक निर्माण विभाग के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को पूछताछ के लिए बुलाया था। जैन शुक्रवार को एसीबी के सामने पेश हुए, जबकि सिसोदिया को सोमवार को पेश होना था। एसीबी ने जैन से पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। एसीबी के सूत्रों ने कहा, ‘मनीष सिसोदिया के वकील ने हमें सूचना दी कि वह आज नहीं आ सकेंगे। उन्हें दोबारा दोबारा बुलाया जाएगा।’ पार्टी सूत्रों ने बताया कि सिसोदिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त थे और इस वजह से एसीबी के पास नहीं जा पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिसोदिया के वकील ने जांच एजेंसी को अपना जवाब भेज दिया है। एसीबी ने 30 अप्रैल को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी जिसके बाद समन जारी किए गए थे। ‘आप’ के दोनों नेताओं के खिलाफ दिल्ली सरकार के स्कूलों में 12,000 से अधिक कक्षाओं या अर्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। इससे पहले मनीष सिसोदिया कथित शराब घोटाले में भी लंबे समय तक जेल में बंद रहे हैं। वह फिलहाल जमानत पर हैं और दिल्ली में पार्टी की हार के बाद पंजाब में पार्टी को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।  

मॉनसून 2025 को लेकर नया अपडेट आया सामने, दिल्ली में मॉनसून 24-25 जून तक दे सकता है दस्तक

नई दिल्ली देश में समय पहले एंट्री लेने वाले मॉनसून की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। पिछले हफ्ते तक उत्तर भारत की तरफ मॉनसून तेजी से बढ़ रहा था लेकिन अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है जिससे दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में गर्मी महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में दिल्ली का तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में हर किसी को इस वक्त दिल्ली में मॉनसून का इंतजार है। आम तौर जून के महीने में दो तरह के मौसम देखने को मिलते हैं। महीने के पहले भाग में जहां गर्मी झेलनी पड़ती है तो वहीं दूसरे भाग में मॉनसून के आने के बाद बारिश और तेज हवाओं वाला मौसम देखा जाता है। स्काईमेट वेदर के अनुसार आम तौर पर दिल्ली में मॉनसून 27 जून को दस्तक देता है। हालांकि इस बार सामने आई नई तारीखों के मुताबिक ये दो दिन पहले ही दिल्ली में एंट्री ले सकता है। यानी दिल्ली में इस बार 24-25 जून के मॉनसून की दस्तक संभव है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। दिल्ली में अगले एक हफ्ते का मौसम बात करें अगले एक हफ्ते की तो दिल्ली के लोगों को भीषण गर्मी झेलनी पड़ सकती है। इस बीच दो दिन पारा 43 डिग्री के पार भी पहुंच सकता है और बारिश की संभावना भी ना के बराबर है। हालांकि हफ्ते के आखिरी तीन दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में 8 जून को मौसम साफ रहेगा जबकि कल धूल उड़ाने वाली हवाएं चल सकती हैं। आज अधिकतम तापमान 41 डिग्री और कल 42 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद 10 और 11 जून से गर्मी और भी ज्यादा बढ़ सकती है और अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। 12 जून से आसमान में बादल छाए रहने की आशंका है। इस दौरान तापमान में भी मामूली गिरावट आ सकती है। 12 जून को जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया जा सकता है वही 13 और 14 जून को ये 41 डिग्री के आसपास रह सकता है। तीन दिन येलो अलर्ट मौसम विभाग ने दिल्ली से सटे गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट भी जारी किया है। आईएमडी ने 9, 10 और 11 जून को गुरुग्राम औऱ फरीदाबाद के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है।  

मद्रासी कैंप को हटाने का निर्णय न्यायालय का है, न कि राज्य सरकार का, ‘इसमें मैं कुछ नहीं कर सकती…’: CM रेखा गुप्ता

नई दिल्ली हाल ही में मद्रासी कैंप झुग्गी बस्ती को हटाए जाने को लेकर चल रही बहस के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन झुग्गियों को हटाने के लिए अदालत ने आदेश दिया है, उसमें सरकार या प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। बारापुला नाले के किनारे बनी इन झुग्गियों को हटाने की बात कोर्ट ने चार बार दोहराई है, ताकि नाले की सफाई के लिए मशीनें लगाई जा सकें। साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति का दोबारा सामना कर सकती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार दिल्लीवासियों की चिंता करती है और किसी भी हालात में लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि नाले के किनारे बसे मद्रासी कैंप को हटाने का निर्णय न्यायालय का है, न कि राज्य सरकार का। अदालत के आदेश की अवहेलना करना किसी के लिए भी संभव नहीं है। बारापुला नाले पर अतिक्रमण के कारण इसकी चौड़ाई कम हो गई है, जिससे आस-पास के इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। कोर्ट ने झुग्गी बस्तियों के लिए कुछ आदेश दिया है: रेखा गुप्ता उन्होंने कहा कि गाद निकालने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। अगर कोर्ट ने झुग्गी बस्तियों के लिए कुछ आदेश दिया है, तो न तो सरकार और न ही प्रशासन कुछ कर सकता है। मद्रासी कैंप बारापुला नाले के किनारे बनाया गया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस झुग्गी बस्ती के निवासियों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया गया है और उन्हें घर भी आवंटित किए गए हैं। रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर साधा निशाना रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में आज 700 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य हो रहे हैं, जो ना तो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने किए और ना ही कांग्रेस की सरकार ने कभी इसकी पहल की। उन्होंने कहा कि जब तक किसी झुग्गीवासी को पक्का मकान नहीं मिलता, तब तक उसे वहां से हटाया नहीं जाएगा और सरकार उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन कोर्ट के आदेशों की अनदेखी संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के राजनीतिकरण पर भी सवाल उठाए मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई के राजनीतिकरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि कोर्ट जानता है कि उसे क्या करना है, और इसी कारण उसने नाले की सफाई और बाढ़ की आशंका को लेकर यह सख्त आदेश जारी किए हैं। दिल्ली सरकार अदालत के आदेशों का पालन करते हुए लोगों को सर्वोत्तम सुविधा देने के प्रयास में जुटी है।

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा, पत्र में दिल्ली में बुलडोजर ऐक्शन पर रोक लगाने की मांग की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र में दिल्ली में बुलडोजर ऐक्शन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में दिल्ली की बीजेपी सरकार पर झुग्गी बस्तियों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी से इन्हें बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, बीते कुछ महीनों से दिल्ली की अनेक बस्तियों में, जिनमें मद्रासी कैंप, बस्ती निज़ामुद्दीन, बटला हाउस, आजादपुर मंडी और ओखला क्षेत्र की बस्तियाँ शामिल हैं, लगातार तोड़फोड़ की जा रही है, जिससे हजारों परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने कहा, आपकी सरकार ने लोगों के पैरों से 2 गज ज़मीन और सिर से छत भी छीन ली। आज वही जमीन उन लोगों के पांवों तले खिसकती जा रही है। ‘बिना नोटिस हटाई जा रही झुग्गियां’ संजय सिंह ने अपने पत्र में कहा, दिल्ली वह शहर है जहां देश का हर कोना अपने भविष्य की तलाश में आता है। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आए श्रमिकों ने इस शहर को अपने खून-पसीने से सींचा है। उन्होंने इसकी सड़कें बनाई,भवन खड़े किए, इसकी अर्थव्यवस्था को गति दी। और अब जब वही श्रमिक झुग्गीमें रहते हैं, तो उन्हें “अवैध” कहकर हटा दिया जाता है- बिना नोटिस, बिना पुनर्वास, बिना मानवीय सहानुभूति के। उन्होंने आगे कहा, निदा फ़ाज़ली की चंद पंक्तियाँ है कि “ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें, ये ज़र्मी चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें, लेकिन, आपकी सरकार ने लोगों के पैरों से 2 गज ज़मीन और सिर से छत भी छीन ली। आज वही ज़मीन उन लोगों के पांवों तले खिसकती जा रही है। याद दिलाए भाजपा के वादे संजय सिंह ने आगे कहा, आपकी सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने पिछले सालों में अनेक घोषणाएं की थीं जो इन बस्तीवासियों को आश्वस्त करती थीं। साल 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनावों के दौरान भाजपा ने ‘जहां झुग्गी वहां मकान योजना के अंतर्गत 17,000 फ्लैट्स उपलब्ध कराने का वादा किया था। साल 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने 3.5 लाख पक्के घर बनाने का वादा दोहराया, साथ ही 15 में भोजन (अटल कैंटीन), मुफ्त बिजली, सामुदायिक शौचालय, जल एटीएम,और महिला सहायता योजनाएं जारी रखने का आश्वासन भी दिया। ‘खुद अमित शाह ने किया था मकान का वादा’ आप सांसद ने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्वयं “झुग्गी बस्ती प्रधान सम्मेलन” में यह वादा किया था किहर बस्तीवासी को मकान मिलेगा और कोई भी योजना रोकी नहीं जाएगी। लेकिन वर्तमान स्थिति इन वादों के विपरीत है। तथ्य यह है कि आज भी लाखों झुग्गीवासियों को मकान नहीं मिला है और 2025 तक केवल 4700 घर ही वितरित किए जा सके हैं। इससे साफ संजय सिंह ने कहा, ऐसा लगता हैं कि घोषित योजनाएं ज़मीन पर लागू नहीं हो पा रहीं, और उलटे बुलडोज़र की नीति अपनाई जा रही है। क्या यूपी-बिहार से आए वे श्रमिक इस देश के नागरिक नहीं हैं? क्या संविधान द्वारा प्रदत्त अनुच्छेद 21 – जीवन और गरिमा का अधिकार केवल नगरों के धनी नागरिकों के लिए है? महोदय, गरीबों की बस्तियों को तोड़ते समय यह ध्यान रहना चाहिए कि सपनों की दिल्ली में, अगर गरीब का ही सपना टूट जाए, तो दिल्ली शहर नहीं, सिर्फ इमारतों का जंगल रह जाता है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा, दुनिया सबसे बड़ा धर्म है और देश की जनता की ओर से आपसे उम्मीद करते है कि आप इसी मानवता के धर्म को सबसे आगे रखेंगे। इन गरीबों की जिंदगियों को उजड़ने से रोकिए। इन झुग्गियों को बचाइए और जहां झुग्गियाँ हैं,वहीं लोगों को मकान बनाकर दिलाने की कृपा करें।  

दिल्ली के नागरिकों को रेखा गुप्ता सरकार की ओर से एक और तोहफा मिलने जा रहा

नई दिल्ली  सरकार की ओर से दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान तो पहले ही कर दिया गया था। अब दिव्यांगजन के सहायकों को भी पैसा देने की तैयारी की जा रही है। दिव्यांगजन की देखभाल के लिए सहायकों को सरकार की ओर से यह आर्थिक मदद दी जाएगी। जरूरी नहीं है कि दिव्यांगजन के सहायक उनके माता-पिता, पति-पत्नी या भाई-बहन ही हो। जो भी व्यक्ति दिव्यांगजन की देखभाल कर रहा है, वह भी 5000 रुपये महीने पाने का हकदार होगा। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह के मुताबिक दिव्यांगजनों की देखभाल अच्छे से हो, इसके लिए सहायकों का भी ध्यान रखना जरूरी है। सरकार की ओर से 5000 रुपये महीने का मानदेय देने का प्रस्ताव दिया गया है। अभी इस प्रस्ताव में कुछ संशोधन किए जा रहे हैं और जल्द ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। 5000 रुपये के लिए होगी यह शर्त दिल्ली में अभी उन्हीं लोगों को दिव्यांग पेंशन मिलती है, जिनकी दिव्यांगता 40% से ज्यादा है। हालांकि सहायक को मानदेय के लिए प्रस्ताव में शर्त रखी गई है कि 5000 रुपये उसी स्थिति में मिलेंगे, अगर दिव्यांगजन 80 प्रतिशत दिव्यांग होंगे और पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर होंगे। ऐसी स्थिति में ही दिव्यांगजन के सहायक को 5000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। माना जा रहा है कि अभी मौजूद आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 1000 से ज्यादा परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। 1.5 लाख लोगों को मिल रही दिव्यांग पेंशन दिल्ली में एक अनुमान के मुताबिक करीब 1.5 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन दी जा रही है। दिव्यांग पेंशन के लिए 40% से ज्यादा दिव्यांगता होना जरूरी है। इसके अलावा व्यक्ति दिल्ली में कम से कम 5 साल से रह रहा हो और परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। अगर आवेदक को पहले से किसी सरकारी पेंशन का फायदा मिल रहा है तो फिर उसे दिव्यांग पेंशन नहीं मिलेगी। कब मिलेगी बढ़ी हुई दिव्यांग पेंशन दिल्ली सरकार बजट में पेंशन योजनाओं में 500 रुपये बढ़ाने का भी ऐलान कर चुकी है। इसके मुताबिक दिव्यांगजन को पेंशन के रूप में हर महीने 3000 रुपये मिलेंगे। हालांकि लाभार्थियों के खाते में बढ़ा हुआ पैसा अभी तक मिलना शुरू नहीं हुआ है। दरअसल दिल्ली सरकार पेंशन योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को देखते हुए सत्यापन कराने में लगी हुई है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही जल्द ही लाभार्थियों के खाते में दिव्यांग पेंशन आना शुरू हो जाएगी।

पिछले 11 वर्षों में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 1.76 लाख तक पहुंची, यूनिकॉर्न की संख्या 118 दर्ज की गई: सीतारमण

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 1.76 लाख तक पहुंच गई है, जिसमें 1 बिलियन डॉलर और उससे अधिक वैल्यूएशन वाले स्टार्टअप यानी यूनिकॉर्न की संख्या 118 दर्ज की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में वित्त मंत्री ने कहा कि “भारत के युवा स्टार्टअप बना रहे हैं और नौकरियों के अवसर ला रहे हैं”। उन्होंने पोस्ट किया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में युवाओं के लिए किए गए कार्यों की एक झलक है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक अलग एक्स पोस्ट में कहा कि पिछले 11 वर्षों में 7 नए आईआईटी, 8 नए आईआईएम और 16 नए एम्स स्थापित किए गए। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा, “पीएमकेवीवाई (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) के तहत 1.6 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया और 1.6 लाख स्टार्टअप से 17.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए गए। लगभग 30,000 व्यावसायिक शिक्षा विद्यालय स्थापित किए गए, जिनमें 30 लाख से अधिक छात्र नामांकित हैं।” पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत, शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए गए। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि देश के हर कोने में उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए लगभग 490 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। पिछले महीने, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (सीजीएसएस) के विस्तार को अधिसूचित किया, जो प्रति उधारकर्ता गारंटी कवर की सीमा को 10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर देता है। सरकार के अनुसार, 10 करोड़ रुपये तक की ऋण राशि के लिए गारंटी कवर की सीमा को भी बढ़ाकर डिफॉल्ट राशि का 85 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि के लिए डिफॉल्ट राशि का 75 प्रतिशत कर दिया गया है। भारत को इनोवेशन-संचालित आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए पीएम मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, अधिसूचित विस्तार का उद्देश्य इनोवेशन-ड्रिवन स्टार्टअप्स की फाइनेंसिंग जरूरत को पूरा करना है। विस्तारित योजना स्थापित वित्तीय संस्थानों में स्टार्टअप को ऋण देने से जुड़े जोखिमों को कम करेगी, जिससे स्टार्टअप के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट एक्सपेरिमेंट करने और कटिंग-एज इनोवेशन और टेक्नोलॉजी बनाने के लिए अधिक फाइनेंशियल फ्लो और रनवे सक्षम होगा।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तहव्वुर राणा की अगली कोर्ट पेशी 9 जुलाई को होगी

नई दिल्ली  दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। राणा की अगली कोर्ट पेशी 9 जुलाई को होनी है। इसका अर्थ है कि तहव्वुर राणा को अब 9 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से उसे वर्चुअल मोड के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। राणा के वकील ने उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। दलीलों पर गौर करते हुए कोर्ट ने तिहाड़ के अधिकारियों को 9 जून तक मामले पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान राणा ने अपने परिवार से बातचीत करने की इच्छा जताई है। खबरों के अनुसार, मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने परिवार से बातचीत के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। राणा की इस अर्जी पर कोर्ट 9 जून को सुनवाई करेगा। जब राणा को एनआईए ने हिरासत में लिया गया तब उसने परिवार से बात करने की इच्छा जताई थी। राणा के वकील की ओर से तर्क दिया गया था कि एक विदेशी नागरिक के तौर पर राणा का यह मौलिक अधिकार है कि वह अपने परिवार से बातचीत करे। राणा का परिवार उसकी भलाई को लेकर चिंतित है। इससे पहले 24 अप्रैल को विशेष न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने राणा की अपने परिवार से बात करने की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। एनआईए द्वारा उसकी याचिका का विरोध करने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया था। सुनवाई के दौरान, एनआईए ने तर्क दिया कि अगर राणा को अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति दी जाती है, तो वह बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कर सकता है। ज्ञात हो कि पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर के पूर्व अधिकारी राणा को हाल ही में 26/11 मुंबई आतंकी हमले में मुकदमा चलाने के लिए अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था, जिसमें 26 नवंबर, 2008 को 166 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। 9 मई को विशेष अदालत ने राणा को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पटियाला कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद राणा को 9 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

एक अज्ञात कॉलर ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को जान से मारने की दी धमकी: पुलिस अधिकारी

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गाजियाबाद पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि गुरुवार रात करीब 11 बजे पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में एक अज्ञात कॉलर ने यह धमकी दी। धमकी भरा कॉल करने के तुरंत बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। गाजियाबाद पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (सिटी) के अनुसार, कॉल के तुरंत बाद फोन बंद हो गया और अब तक चालू नहीं हुआ है। गाजियाबाद पुलिस की इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन सेल ने दिल्ली पुलिस को इस धमकी की सूचना दी। जांच में सामने आया है कि जिस सिम से धमकी दी गई, उसके मालिक की पहचान कर ली गई है और इसमें टेलीकॉम कंपनी की मदद ली गई। धमकी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सार्वजनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को पहले भी हमलों और धमकियों का सामना करना पड़ा है। 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक ऑटो ड्राइवर ने थप्पड़ मारा था। उसका आरोप था कि केजरीवाल ने चुनावी वादे पूरे नहीं किए। 2016 में छत्रसाल स्टेडियम में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल पर एक महिला ने स्याही फेंकी थी। यह महिला पंजाब की एक संस्था से जुड़ी थी और दिल्ली में सीएनजी वाहनों के स्टिकर घोटाले का विरोध कर रही थी। यह हमला उस समय हुआ था जब केजरीवाल ‘ऑड-ईवन’ योजना की सफलता पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां तक कि फरवरी 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले भी एक सुरक्षा संबंधी घटना सामने आई थी, जब केजरीवाल पर सावित्री नगर, मालवीय नगर में पदयात्रा के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने तरल पदार्थ फेंका था।

मेट्रो स्टेशन पर विदेशी युवती मिली बेहोश, होश में आने पर खुला चौंकाने वाला सच

नई दिल्ली  नोएडा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने नाइजीरिया से आई युवती गाजियाबाद के कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर बेहोशी की हालत में मिली और बाद में उसने एक अज्ञात ई-रिक्शा चालक पर लूटपाट का आरोप लगाया। पुलिस ने यह जानकारी दी। नोएडा के थाना सेक्टर 58 के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि युवती कौशल राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान द्वारा 21 मई से 3 जून तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने यहां आई थी। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात संस्थान के एक अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई कि नाइजीरियाई युवती अतिलोलो 2 जून को संस्थान से बाहर गई थी लेकिन वह 3 जून को भी वापस नहीं आई। ई-रिक्शा चालक ने युवती से किया दुर्व्यवहार, मोबाइल छीनकर बेहोशी की हालत में छोड़ा सिंह ने शिकायत के आधार पर बताया कि अतिलोलो को बाद में कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर बेहोशी की हालत में पाया गया। उन्होंने बताया कि युवती ने होश में आने के बाद बताया कि वह एक मॉल में खरीदारी करने कई थी और लौटते समय एक ई- रिक्शा पर बैठी थी। अतिलोलो के अनुसार, चालक उसे गलत दिशा में ले जाने लगा तो उसने उसका विरोध किया। शिकायत के अनुसार, ई-रिक्शा चालक ने युवती से दुर्व्यवहार किया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया जिसके बाद वह डर कर ई-रिक्शा से कूद गई। सिंह ने बताया कि पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।  

दिल्ली की 100 साल पुरानी ‘मेट्रो’, जिससे गई थी नेहरू की बारात, ट्राम की पढ़िए पूरी कहानी

नई दिल्ली दिल्ली की लाइफलाइन माने जाने वाली मेट्रो का सफर आपने जरूर किया होगा। आज दिल्ली मेट्रो की रफ्तार शहर की धड़कन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज से 100 साल पहले भी इसी शहर पर एक ‘मेट्रो’दौड़ती थी? जी हां हम बात कर रहे हैं ट्राम की। कभी दिल्ली की सड़कों पर ट्राम की खटखट सुनाई देती थी। सौ साल पहले, जब सड़कों पर कारें गिनती की थीं और मेट्रो का नामोनिशान नहीं था, तब दिल्ली में बिजली की ट्राम दौड़ती थी। यह न सिर्फ ट्रांसपोर्ट का साधन थी, बल्कि दिल्लीवालों की जिंदगी का हिस्सा थी। आज हम दिल्ली की इसी ट्राम की कहानी बता रहे हैं। दिल्ली में कब शुरू हुई ट्राम सेवा? ये बात है साल 1908 की जब दिल्ली ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक ट्राम का स्वागत किया। यह वो दौर था जब अंग्रेजी हुकूमत भारत में अपनी जड़ें जमा रही थी। ट्राम की शुरुआत ने दिल्ली की सैर को आसान बना दिया। चांदनी चौक से लेकर जामा मस्जिद, खारी बावली से अजमेरी गेट तक, 15 किलोमीटर के ट्रैक पर 24 खुली गाड़ियां चलती थीं। ये ट्रामें न सिर्फ लोगों को जोड़ती थीं, बल्कि दिल्ली की संस्कृति को भी एक धागे में पिरोती थीं। ट्राम से गई थी नेहरू की बारात 4 फरवरी 1916, वसंत पंचमी का दिन, पुरानी दिल्ली के बाजार सीताराम में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और कमला कौल की शादी हुई। उस दिन ट्राम ने इतिहास रचा। बारात में शामिल कई मेहमान ट्राम में सवार होकर विवाह स्थल पहुंचे। सोचिए, उस दौर में ट्राम की खटखट के बीच बारातियों का उत्साह और दिल्ली की गलियों का रंग। यह नजारा अपने आप में एक कहानी बन गया। उस समय दिल्ली के मशहूर हकीम अजमल खान भी अपने घर बल्लीमारान जाने के लिए ट्राम का सहारा लेते थे। कहां से कहां तक चलती थी ट्राम उस वक्त ट्राम दिल्ली के प्रमुख इलाकों तक पहुंचती थी। चांदनी चौक, जामा मस्जिद, फतेहपुरी, लाल कुआं, चावड़ी बाजार, सिविल लाइंस और सब्जी मंडी जैसे इलाकों को जोड़ने वाली ट्राम दिल्ली की लाइफलाइन थी। 1921 तक इसका विस्तार हुआ और यह 24 खुली गाड़ियों के साथ रोजाना हजारों लोगों को ढोती थी। उस समय दिल्ली की आबादी आज की तरह फैली नहीं थी और पुरानी दिल्ली ही शहर का केंद्र थी। ट्राम की धीमी रफ्तार और घंटियों की आवाज लोगों के लिए एक परिचित मेलोडी थी। ऐसे लगा ट्राम की रफ्तार पर ब्रेक आजादी के बाद, जब बसें और अन्य आधुनिक परिवहन साधन दिल्ली की सड़कों पर उतरे, ट्राम की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगी। 1960 में दिल्ली ने अपनी ट्राम को अलविदा कह दिया। लेकिन ट्राम की यादें आज भी दिल्ली के इतिहास में बसी हैं। लेखिका निर्मला जैन ने अपनी किताब दिल्ली शहर दर शहर में लिखा कि आजादी के कई साल बाद तक चांदनी चौक के दोनों सिरों को जोड़ने वाली ट्राम की आवाज गूंजती थी। ट्राम की विरासत अब दिल्ली की यादों का हिस्सा ट्राम भले ही दिल्ली की सड़कों से गायब हो गई, लेकिन इसकी कहानी आज भी जीवित है। प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली खान ने अपने बचपन की यादों में बताया कि 1957 में जब वे दिल्ली आए, तब ट्राम पुरानी दिल्ली की शान थी। आज भले ही मेट्रो ने ट्राम की जगह ले ली हो, लेकिन उस दौर की सादगी और ट्राम की खटखट आज भी पुरानी दिल्ली की गलियों में कहीं न कहीं गूंजती सी लगती है। दिल्ली की ट्राम सिर्फ एक परिवहन का साधन नहीं थी, यह एक दौर था, एक कहानी थी, जो नेहरू की बारात से लेकर चांदनी चौक की चहल-पहल तक, दिल्ली के इतिहास का हिस्सा बनी। क्या आपने कभी सोचा कि अगर आज ट्राम वापस लौटे, तो दिल्ली की गलियों में कैसी लगेगी?  

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए फाइनल हो गए 4BHK वाले 2 बंगले, ‘चमकाने’ पर खर्च होंगे 47 लाख रुपये

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए आखिर बंगले की तलाश पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री बनने के करीब साढ़े तीन महीने बाद राज निवास मार्ग पर रेखा गुप्ता के लिए दो बंगले फाइनल किए गए हैं। बताया बंगले 4 BHK वाले हैं इन बंगलों की पहले मरम्मत और रंग-रोगन का काम भी किया जाएगा। गुप्ता पहले ही उस बंगले को ना कह चुकी थीं,जिसमें मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल रहा करते थे। भाजपा इसे शीशमहल कहकर पुकारती थी। रेखा गुप्ता के नाम सिविल लाइंस में राज निवास मार्ग पर दो बंगले 1/8 और 2/8 आवंटित किए गए हैं। 4 एकड़ में फैले इन बंगलों में से एक का इस्तेमाल रेखा गुप्ता सरकारी आवास और दूसरे का कैंप ऑफिस के रूप में करेंगी। रेखा गुप्ता अभी तक शालीमार बाग स्थित अपने निजी आवास में ही रह रही थीं। सीएम रेखा गुप्ता ने इनके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के लिए लंबे समय से एक ऐसे बंगले की तलाश की जा रही थी जिसकी दूरी सचिवालय, आईटीओ और केंद्रीय सरकार के दफ्तरों से नजदीक हो। इससे पहले सामाजिक कल्याण मंत्री रवि इंद्रारज सिंह को राज निवास मार्ग पर बंगला नंबर 3/8 मिला था। सीएम का आवास उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बंगले के नजदीक होगा। दिल्ली सरकार के पास राज निवास मार्ग पर कुछ बंगले हैं जो आमतौर पर मंत्रियों को दिए जाते हैं। इनमें 4 बेडरूम, फ्रंट लॉन, लिविंग और ड्रॉइंग एयरिया और स्टाफ क्वॉर्टर शामिल हैं। यहां रवि इंद्रराज सिंह और डिप्टी स्पीकर बिष्ट सीएम के पड़ोसी होंगे। रेखा गुप्ता के पहले सीएम रहीं आतिशी एबी-17 मथुरा रोड स्थित बंगले में रहती थीं। वहीं, अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस में 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगले में रहते थे। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने गलत तरीके से इस बंगले में सुख सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए। अब यह बंगला जांच के दायरे में है। रेखा गुप्ता ने पहले ही कह दिया था कि वह इस बंगले में नहीं रहना चाहेंगी, बल्कि इसे म्यूजियम बनाने समेत कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। मरम्मत पर खर्च होंगे 47 लाख रुपये पीटीआई ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि आंवटन पत्र पीडब्ल्यूडी को दिया जा चुका है और इसके बाद बंगलों की मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने पीटीआई को बताया, ‘हम इसमें कुछ मरम्मत और रेनोवेशन का काम कर रहे हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री शिफ्ट होंगी।’ सीएम के लिए कैंप ऑफिस बनाने को पीडब्ल्यूडी ने टेंडर निकाला है। अधिकारी ने बताया कि बंगले की मरम्मत पर करीब 47 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है और 60 दिन में काम पूरा होगा।  

द्वारका जिला पुलिस ने मई में अवैध रूप से रह रहे 71 विदेशियों को पकड़कर डिपोर्टेशन के लिए भेजा

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ मई और जून में कड़ा एक्शन लिया। द्वारका जिला पुलिस ने मई में 71 विदेशियों को डिपोर्ट किया, जिनमें 47 बांग्लादेशी, 17 म्यांमार के रोहिंग्या और 7 नाइजीरियाई शामिल हैं। इसके अलावा, नॉर्थ-वेस्ट और शाहदरा जिला पुलिस ने भी बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई द्वारका जिला पुलिस ने मई में अवैध रूप से रह रहे 71 विदेशियों को पकड़कर डिपोर्टेशन के लिए भेजा। डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने बताया कि इन विदेशियों के पास वैध वीजा नहीं था। पुलिस की स्पेशल स्टाफ, उत्तम नगर थाना, एंटी-नारकोटिक्स सेल, छावला थाना और AATS की टीमें इस ऑपरेशन में शामिल थीं। पकड़े गए विदेशियों को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा गया। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में छापेमारी 2 जून को नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली पुलिस ने भारत नगर थाना क्षेत्र में 18 बांग्लादेशी नागरिकों को धर दबोचा। खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किए गए इस ऑपरेशन में पुलिस ने वजीरपुर जेजे कॉलोनी में तलाशी ली। डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि 36 फुटपाथों और 45 गलियों को खंगाला गया। एक संदिग्ध को पहले पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में बांग्लादेशी होने की बात कबूल की। ये लोग हरियाणा से दिल्ली आए थे और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदल रहे थे। शाहदरा में भी पुलिस की पैनी नजर इसी दिन शाहदरा जिला पुलिस ने सीमापुरी इलाके में 16 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। खबर मिली थी कि उत्तर प्रदेश-दिल्ली बॉर्डर के पास शहीद नगर इलाके में अवैध प्रवासियों की आवाजाही हो रही है। पुलिस ने तुरंत सूचना की पुष्टि की और एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। मुखबिर की मदद से इन लोगों को सीमापुरी में घुसते समय पकड़ लिया गया। ये कार्रवाई क्यों है अहम? दिल्ली पुलिस की इन कार्रवाइयों से साफ है कि अवैध प्रवासियों पर नकेल कसने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी जा रही। बांग्लादेशी नागरिकों की बड़ी संख्या ने पुलिस की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। लेकिन, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और खुफिया तंत्र की तारीफ करनी होगी, जो लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए है।  

दिल्‍ली आनेवाले लोगों की जेब नहीं होगी ढीली, CM रेखा गुप्‍ता देंगी सौगात, गडकरी को कहिए थैंक …

नई दिल्ली  दिल्ली की सीमाओं से MCD टोल बूथ हटाने की तैयारी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए जोर दिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और एलजी वीके सक्सेना भी इससे सहमत हैं। उनका मानना है कि शहर की सीमाओं पर एंट्री फीस लेने वाले बूथों को हटाने की जरूरत है। इन बूथों के कारण लोगों को परेशानी होती है और समय बर्बाद होता है। सरकार अब एमसीडी के लिए राजस्व के नए स्रोत तलाशने पर विचार कर रही है। दिल्ली की सीमाओं से टोल बूथ हटाने का सुझाव दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक में MCD के लिए राजस्व के नए स्रोत खोजने के सुझाव पर सहमति जताई। एमसीडी को एंट्री फीस से हर साल लगभग 800-900 करोड़ रुपये मिलते हैं। गडकरी ने कहा कि मुख्य मार्गों पर लगे टोल बूथ यात्रियों के लिए ‘भारी उत्पीड़न’ का कारण बनते हैं। इससे लोगों के काम के घंटे बर्बाद होते हैं और ट्रैफिक जाम लगता है। नितिन गडकरी ने इसलिए लिया अहम फैसला एक सूत्र ने बताया कि गडकरी ने दिल्ली सरकार को राजस्व के नए स्रोत खोजने का सुझाव दिया। इसमें प्रॉपर्टी डेवलपमेंट या गाड़ियों पर मामूली अतिरिक्त चार्ज शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि एंट्री फीस और ग्रीन सेस की वसूली ‘खुलेआम लूट’ से कम नहीं है। उन्होंने हाइवे डेवलपमेंट में किए गए भारी निवेश पर भी प्रकाश डाला। MCD को 800-900 करोड़ रुपये का नुकसान दिल्‍ली सरकार यदि एंट्री प्‍वाइंट पर बने बूथ को खत्‍म करने की योजना पर आगे बढ़ती है तो केंद्र प्रशासित क्षेत्र के रेवेन्‍यू पर इसका व्‍यापक असर पड़ेगा. इन बूथों के जरिये MCD को सालाना 800 से 900 करोड़ रुपये का राजस्‍व हासिल होता है. ऐसे में यदि इन बूथ को हटा दिया जाएगा तो नगर निगम को तकरीबन 1000 करोड़ रुपये का रेवेन्‍यू लॉस होगा. ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम रेखा गुप्‍ता और एलजी वीके सक्‍सेना इस बात पर सहमत हैं कि MCD को आय के लिए दूसरा सोर्स ढूंढ़ना होगा, ताकि 800-900 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई की जा सके. गडकरी की सलाह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में एनवायरमेंट कंप्रेसन चार्ज (ईसीसी) यानी ग्रीन सेस और एंट्री फीस की वसूली को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. एक उच्चस्तरीय बैठक में गडकरी ने इसे ‘पब्लिक लूट’ करार देते हुए कहा कि यह व्यवस्था यात्रियों को भारी परेशानी और देश को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है. उन्होंने संकेत दिया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस वसूली को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है. बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, गडकरी ने कहा कि दिल्ली की मुख्य सड़कों पर लगे टोल बूथ यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुके हैं. इससे न सिर्फ घंटों समय की बर्बादी होती है, बल्कि ट्रैफिक जाम से ईंधन की खपत और प्रदूषण भी बढ़ता है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली सरकार को नए राजस्व स्रोतों की तलाश करनी चाहिए, जैसे कि संपत्ति विकास या वाहनों पर मामूली अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है. MCD के सालाना बजट पर प्रभाव गडकरी ने जब सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही तो उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसे अदालत से बाहर सुलझाने की बात कही और भरोसा जताया कि इस पर जल्द समाधान निकाला जाएगा. बैठक में नगर निगम (MCD) के अधिकारी भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि यदि ईसीसी और एंट्री फीस वसूली बंद की जाती है तो इसका एमसीडी के सालाना बजट पर गहरा असर पड़ेगा, जो लगभग 5,000 करोड़ रुपये का है. अधिकारियों का कहना है कि यह राजस्व उनके लिए आवश्यक सेवाएं चलाने के लिए जरूरी है. गडकरी ने बैठक में यह भी दोहराया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली की सड़कों और हाईवे नेटवर्क के विस्तार में भारी निवेश किया है. ऐसे में इन टोलों से वसूली करना अनुचित है, खासकर जब इससे आम जनता को असुविधा हो रही हो. ऐसे एमसीडी को राजस्व की होगी प्राप्ति जब गडकरी ने कहा कि NHAI पर्यावरण मुआवजा शुल्क (ECC) या ग्रीन सेस की वसूली रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी, तो सक्सेना ने जवाब दिया कि इस मुद्दे को अदालत जाए बिना भी सुलझाया जा सकता है। जल्द ही इसका रास्ता निकाल लिया जाएगा। बैठक में मौजूद MCD अधिकारियों ने कहा कि राजस्व में कमी से नागरिक निकाय के वार्षिक बजट पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा, जो लगभग 5,000 करोड़ रुपये है। दिल्ली के एलजी, सीएम, मंत्रियों के साथ बैठक दिल्ली के PWD मंत्री परवेश वर्मा, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और MoS (सड़क परिवहन) हर्ष मल्होत्रा भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में सभी चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की गई। पिछले हफ्ते, दिल्ली सरकार और MCD के शीर्ष अधिकारी फिजिकल बूथों को हटाने के लिए मल्टीलेन फ्री फ्लो (MMLF) टोल और एंट्री फीस कलेक्शन सिस्टम लगाने पर सहमत हुए थे। बैठक में कई प्रोजेक्ट पर चर्चा बैठक में लिए गए निर्णयों पर अधिकारियों ने कहा कि NHAI ग्यारह मूर्ति से आईएनए से वसंत कुंज तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड तक एक अंडरग्राउंड लिंक (सुरंग) की संभावना तलाशने के लिए एक तकनीकी अध्ययन करेगी। एक अधिकारी ने कहा कि इससे सरदार पटेल मार्ग पर ट्रैफिक कम करने में मदद मिलेगी, जो सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान पूरी तरह से जाम हो जाता है और यहां वीआईपी मूवमेंट भी बहुत होता है। CM कार्यालय ने एक बयान में यह भी कहा कि सराय काले खान को IGI एयरपोर्ट से जोड़ने वाली सुरंग के लिए भी एक व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। NHAI जल्द ही तीन NH स्ट्रेच की रिपोर्ट करेगा तैयार अधिकारियों ने कहा कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि NHAI जल्द ही तीन NH स्ट्रेच – हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से पंजाबी बाग (18.5 किमी), आश्रम से बदरपुर (7.5 किमी) और मेहरौली से गुड़गांव बॉर्डर (8.5 किमी) – को अपने कब्जे में लेगी और विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के बाद उन्हें सिग्नल फ्री बनाएगी। उन्होंने कहा कि PWD इन राजमार्ग स्ट्रेच के किनारे सर्विस रोड और नालियों का रखरखाव करेगी।  

पेशी पर आए 2 कैदियों ने साकेत कोर्ट के लॉकअप में एक कैदी को उतारा मौत के घाट

नई दिल्ली दिल्ली के साकेत कोर्ट के अंदर बने लॉकअप में हत्या से हड़कंप मच गया है।  साकेत कोर्ट के लॉकअप में दो अन्य कैदियों ने अमन नामक कैदी की हत्या कर दी। वे दोनों तिहाड़ जेल नंबर 8 में बंद थे और उन्हें अदालती कार्यवाही के लिए साकेत कोर्ट लाया गया था। दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के साकेत कोर्ट लॉकअप के अंदर अमन नामक कैदी की हत्या हुई है। अन्य सह कैदियों पर अमन की हत्या का आरोप है। वे दोनों तिहाड़ जेल नंबर 8 में बंद थे और उन्हें अदालती कार्यवाही के लिए साकेत कोर्ट लाया गया था। व्यवसायी अरुण लोहिया की हत्या की गुत्थी को सुलझी वहीं, दक्षिण जिला पुलिस ने सीडीआर चौक पर हुई व्यवसायी अरुण लोहिया की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस को दो बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई। दोनों के पैर में गोली लगी है। बताया जा रहा है कि अरुण लोहिया हत्याकांड में यह दोनों बदमाश शामिल थे। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को इनपुट मिला था कि दीपक अपने साथी के साथ शेख सराय इलाके में आने वाला है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने ट्रैप लगाकर दीपक को उसके साथी के साथ आता देख रोकने की कोशिश की लेकिन दीपक और उसके साथी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और उसके बाद दिल्ली पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस और बदमाशों के बीच 5 से ज्यादा गोलियां चली है। 

शाहदरा में जिस जमीन पर गुरुद्वारा बना हुआ है, वह वक्फ की जमीन है और वहां एक मस्जिद थी, दिल्ली वक्फ बोर्ड का दावा

नई दिल्ली दिल्ली के शाहदरा स्थित एक गुरुद्वारे की जमीन को वक्फ भूमि बताते हुए एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई। दिल्ली वक्फ बोर्ड का दावा था कि शाहदरा में जिस जमीन पर गुरुद्वारा बना हुआ है, वह वक्फ की जमीन है और आजादी से पहले वहां एक मस्जिद थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि गुरुद्वारा कई दशकों से वहां पर है, इसलिए वक्फ बोर्ड को पीछे हट जाना चाहिए। इसके पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी वक्फ बोर्ड की याचिका को खारिज कर दिया था। शाहदरा इलाके में स्थित है गुरुद्वारा ये पूरा मामला शाहदरा स्थित गुरुद्वारे की जमीन से जुड़ा है। इसे वक्फ की संपत्ति बताते हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड ने वहां मस्जिद होने का दावा किया था। बोर्ड की तरफ से पेश हुए वकील संजय घोष ने कहा कि निचली अदालतों में मस्जिद होने के दावे को स्वीकार किया था।

दिल्ली में तेज हवाओं के साथ हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट किया जारी

नई दिल्‍ली नौतपा खत्म होते ही देश के कई राज्‍यों में मौसम तेजी से बदलता नजर आ रहा है। जहां पूर्वोत्तर के राज्‍यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ से जूझ रहे हैं तो वहीं मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़, दिल्‍ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और बिहार को लेकर भी मौसम विभाग ने तेज हवा के साथ बारिश का अनुमान जताया है। देशभर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मंगलवार को थोड़ी राहत मिली। राजधानी में तेज हवाओं के साथ हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इससे तापमान में काफी गिरावट भी आई। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए दिल्ली में बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। साथ ही 5 और 6 जून तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में, प्रशासन की ओर से दी जा रही चेतावनियों का पालन करना जरूरी है। हालांकि, इस बार मानसून ने जल्दी दस्तक दे दी है। फिलहाल मानसून के आगे बढ़ने की कोई खास संभावना नहीं दिख रही। इसका असर पूर्वी भारत के कई राज्यों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश होने में देरी हो सकती है। इससे वहां के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश से हालात काफी खराब हो गए हैं। मणिपुर, सिक्किम और असम में मूसलधार बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए मौसम थोड़ा राहत जरूर लेकर आया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोग तेज धूप की चपेट में आने से बच गए हैं।

रोहिणी सेक्टर 7 में तीन मंजिला इमारत अचानक गिरी, दो घायल और एक महिला के फंसे होने की आशंका

नई दिल्ली रोहिणी सेक्टर 7 में एक इमारत अचानक गिर गई। इसमें 3 से 4 लोग फंसे हुए हैं। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। घटना अभी आधे घंटे पहले की है। यह तीन मंजिला इमारत थी। बताया जा रहा है कि इमारत के अंदर मरम्मत का काम चल रहा था। तभी इमारत ढह गई। इमारत के ढहते ही 6 मजदूर बाहर आ गए। इनमें से दो घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। मानसून से पहले की जाएगी कार्रवाई एमसीडी रोहिणी जोन के एमडीसी प्रेम मंडल का कहना है कि इमारत गिरने की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। मलबा हटाने का काम चल रहा है। मलबा हटने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। ऐसी जर्जर इमारतों की पहचान की जा रही है। मानसून से पहले कार्रवाई की जाएगी। मलबे में एक महिला के फंसे होने की आशंका है। मलबा हटाने का काम जारी है। इमारत करीब 45 साल पुरानी है। पूरी इमारत 6 महीने पहले ही बिक गई थी। खरीदार इमारत का जीर्णोद्धार करवा रहा था। इमारत के अंदर पहली मंजिल पर जीर्णोद्धार का काम चल रहा था। तभी इमारत ढह गई। पहली और दूसरी मंजिल ढह गई है। नॉर्थ रोहिणी थाना पुलिस, एमसीडी अधिकारियों समेत रोहिणी जिले के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। इस इमारत में करीब तीन महीने से मरम्मत का काम चल रहा था।

AAP ने किया विरोध, कहा- संस्थाओं का हो रहा दुरुपयोग, ‘हमारे नेताओं को निशाना बना रही भाजपा

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनके नेताओं को निशाना बनाने के लिए दिल्ली की भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर कर रही है। भ्रष्टाचार के एक मामले में दो पूर्व मंत्रियों-मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद ‘आप’ की तरफ से ये आरोप लगाए गए हैं। ‘आप’ ने कहा कि जिन कक्षाओं के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप दोनों नेताओं पर लगाए जा रहे हैं उनमें भ्रष्टाचार जैसा कुछ नहीं है और एसीबी का समन ‘‘पूरी तरह राजनीति से प्रेरित” है। एसीबी ने सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सिसोदिया और जैन को समन भेजा है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि जैन को छह जून को एसीबी के समक्ष पेश होने को कहा गया है, जबकि सिसोदिया को नौ जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। समन पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘आप’ ने कहा, ‘‘यह कोई घोटाला नहीं है। यह भाजपा की एक सोची-समझी राजनीतिक चाल है। वे ‘आप’ नेताओं को निशाना बनाने और झूठी कहानी गढ़ने के लिए संस्थानों को हथियार बना रहे हैं। इन आरोपों में कोई दम नहीं है। यह साफ-साफ राजनीति है।” ‘आप’ के आरोपों पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। दिल्ली सरकार के विद्यालयों में 12,000 से अधिक कक्षाओं या अर्द्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर 30 अप्रैल को एसीबी द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद यह समन जारी किया गया है। ‘आप’ ने एक बयान में कहा, ‘‘जब आम आदमी पार्टी दिल्ली में सत्ता में थी तो भाजपा ने एसीबी को कमजोर कर दिया ताकि उसका कोई वास्तविक अधिकार न रह जाए। आज वे उसी कमजोर संस्थान का इस्तेमाल ‘आप’ नेताओं को निशाना बनाने और अपने खुद के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक हथियार के रूप में कर रहे हैं।” दिल्ली में फरवरी में हुए चुनावों के बाद भाजपा लगभग 26 साल बाद सत्ता में आई है? बयान में कहा गया, ‘‘यह साफ होता जा रहा है कि भाजपा का शासन चलाने का कोई इरादा नहीं है – उनकी पूरी पांच साल की योजना हमें निशाना बनाने, हमें कोसने और किसी तरह झूठ और बदले की भावना से सरकार चलाने की है।” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं कपिल मिश्रा, हरीश खुराना और नीलकांत बख्शी ने 2019 में एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें दिल्ली के तीन क्षेत्रों में कक्षाओं के निर्माण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। शिकायत के अनुसार, प्रति कक्षा औसत लागत 24.86 लाख रुपये बताई गयी थी – जो समान संरचनाओं के लिए अनुमानित पांच लाख रुपये की लागत से काफी अधिक थी। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में जांच जारी है और इसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।   

दिल्ली-NCR में नौतपा पर नरम गर्मी का तेवर

नई दिल्ली दिल्ली-NCR में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है. राजधानी में कभी तेज आंधी और मूसलधार बारिश हो रही है, तो कभी उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. शनिवार की रात को आई आंधी और बारिश ने 125 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. रविवार की सुबह गरज-चमक के साथ हुई बारिश में केवल दो घंटे में 68 मिमी वर्षा हुई, जबकि आंधी की गति 82 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई. इस बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, और मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा, तेज हवाएं 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की उम्मीद है.इससे यह संभावना जताई जा रही है कि नौतपा के दौरान, 25 मई से 2 जून तक, गर्मी के तेवर कुछ नरम रहेंगे. आईएमडी के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. इस दौरान उमस भरी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है, और हीट इंडेक्स 50 डिग्री तक पहुंच सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई तक दिल्ली में गरज के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. इस अवधि में दिल्लीवासियों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. 24 मई की रात हुई 81.2 मिमी बारिश दिल्ली में 24 मई की रात को आंधी-तूफान और भारी बारिश ने विमान परिचालन को प्रभावित किया. इस दौरान कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, शहर के मुख्य मौसम केंद्र ने रात 11.30 बजे से सुबह 5.30 बजे के बीच 82 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं और 81.2 मिमी बारिश दर्ज की. खराब मौसम के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों का परिचालन बाधित रहा, जबकि मोती बाग, मिंटो रोड, दिल्ली छावनी और दीन दयाल उपाध्याय मार्ग जैसे कई प्रमुख सड़कें आंशिक रूप से जलमग्न हो गईं. दिल्ली में प्रदूषण से राहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार शाम छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 105 दर्ज किया गया, जो कि संतोषजनक श्रेणी में आता है. सीपीसीबी के वर्गीकरण के अनुसार, एक्यूआई के मानों को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है: 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है.

1 जुलाई से दिल्ली में पुरानी गाड़ियों को तेल मिलना होगा बंद

 नई दिल्ली  दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए बड़े कदम उठा रही है। सरकार 1 जुलाई 2025 से दिल्ली में 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल से पुरानी पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंपो पर फ्यूल नहीं मिलेगा। यह फैसला कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों के तहत लिया गया है। आइए इसके मुख्य नियमों के बारे में जानते हैं। नियम की प्रमुख बातें CAQM के निर्देशों के तहत 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल वाहन और 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं दिया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों को लगाया जा रहा है, जो गाड़ियों की उम्र की पहचान करने के साथ ही उन्हें फ्यूल नहीं देने में मदद करेगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर वाहन को जब्त किया जा सकता है और मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। क्या है मामला? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में दिल्ली में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया था। NGT ने 2014 में ऐसे वाहनों को सार्वजनिक स्थानों पर पार्क करने पर भी रोक लगाई थी। अब, ऐसी गाड़ियों को फ्यूल देने से रोकने के लिए यह नया कदम उठाया गया है। वहीं, इस कदम को दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उठाया गया है। यह उन वाहन मालिकों के लिए एक चुनौती भी है, जिन्हें अब अपने पुराने वाहनों के ऑप्शन देखने होंगे। इस नियम के लागू होने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। ऐसे में वाहन मालिकों क्या करना होगा? 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों को अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने के लिए आधिकारिक स्क्रैपिंग सेंटर्स से संपर्क करना होगा। वहीं, अगर आप अपनी गाड़ी को दिल्ली-एनसीआर से बाहर लेकर जाना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको NOC लेना होगा। क्या है नियम? दरअसल, अप्रैल 2025 में ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि 1 जुलाई से सभी ‘एंड ऑफ लाइफ’ (EoL) यानी तय उम्र पार कर चुकी गाड़ियों को फ्यूल देना बंद किया जाए. इसमें डीजल गाड़ियों के लिए 10 साल और पेट्रोल गाड़ियों के लिए 15 साल की समयसीमा तय की गई है. कैमरे की भूमिका ANPR कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट पढ़कर उसकी उम्र की पहचान करेंगे. अगर कोई गाड़ी तय समय सीमा से ज्यादा पुरानी पाई गई, तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा. आगे क्या होगा? – पुरानी गाड़ियों के मालिकों को एनओसी लेना होगा या गाड़ी को स्क्रैप करना होगा. – मोटर व्हीकल एक्ट, 1989 के तहत कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. परिवहन विभाग ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा है कि अगर कोई वाहन कैमरे से या किसी अन्य निगरानी प्रणाली से पुराने वाहन के रूप में चिह्नित होता है, तो उसे फ्यूल नहीं मिलेगा. इसके अलावा वाहन मालिक को या तो उस गाड़ी एनओसी लेना होगा. कैमरा इंस्टॉलेशन की स्थिति अब तक लगभग सभी पेट्रोल और सीएनजी पंपों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं. सिर्फ 10-15 पंप ही बचे हैं, जहां ये काम बाकी है. दिल्ली में लगभग 400 पेट्रोल पंप और 160 सीएनजी स्टेशन हैं.

कर्मचारियों को पेंशन योजना की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए, रेल मंत्रालय का आदेश

नई दिल्ली रेल मंत्रालय ने अपने सभी जोन को एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के अंतर्गत उपलब्ध विकल्पों के संबंध में सभी कर्मचारियों के बीच व्यापक और प्रभावी संचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सभी 17 रेलवे जोन के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों को संबोधित 21 मई के एक परिपत्र में मंत्रालय ने कहा कि ‘‘यूपीएस के तहत उपलब्ध विकल्पों के बारे में स्पष्ट, सटीक और व्यापक जानकारी प्रसारित करने के लिए तत्काल और सक्रिय उपाय की आवश्यकता है।” मंत्रालय ने इन अधिकारियों से मानव संसाधन, वित्त कर्मियों और विषय विशेषज्ञों से पर्याप्त सहायता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न स्थानों पर सुविधा शिविर आयोजित करने का भी आग्रह किया। परिपत्र में कहा गया है, ‘‘ये शिविर कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने, संदेहों को स्पष्ट करने तथा आसानी से अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेंगे।”  

दिल्ली एयरपोर्ट पर दिखा तूफान का कहर, टर्मिनल-1 की छत का हिस्सा टूटकर गिरा, यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बना

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के टर्मिनल-1 पर अचानक एक हादसा हो गया। तेज बारिश और आंधी के कारण टर्मिनल के बाहर छत का एक हिस्सा यानी ओवरहैंग नीचे गिर गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें देखा जा सकता है कि ओवरहैंग का एक बड़ा टुकड़ा फुटपाथ पर गिरा पड़ा है और चारों ओर पानी ही पानी भरा है। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है लेकिन इससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया। तेज आंधी और बारिश के कारण हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट से जारी बयान के अनुसार, 24 मई की रात हुई भारी बारिश और तेज हवा की वजह से कुल 49 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया। इनमें से 17 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि मौसम की मार से प्रभावित ऑपरेशनों को सामान्य करने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई और ग्राउंड स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई। 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 81.2 मिमी बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार रात 11:30 बजे से रविवार सुबह 5:30 बजे तक राजधानी में 81.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। हवाओं की रफ्तार 82 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे पेड़ और अस्थायी ढांचे गिर गए। दिल्ली एयरपोर्ट के मुताबिक, यह बारिश अचानक और बहुत तीव्र थी जो महज 30 से 45 मिनट के भीतर हुई। तेज बारिश के कारण टर्मिनल-1 अराइवल फोरकोर्ट पर लगे बाहरी तन्यता कपड़े (टेंशन फैब्रिक स्ट्रक्चर) का एक हिस्सा दबाव के कारण ढह गया, जिससे पानी फैलाने में मदद मिल सकी। एयरपोर्ट प्रशासन ने साफ किया है कि टर्मिनल के अन्य हिस्सों पर कोई नुकसान नहीं हुआ है। जलभराव और ट्रैफिक ने शहर को रोका तेज बारिश के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में भीषण जलभराव देखने को मिला। सड़कें पानी में डूबी हुई थीं और कई जगहों पर वाहन धीमे चलते नजर आए। मिंटो रोड जैसे इलाकों से तस्वीरें आईं जिनमें एक कार पानी में डूबी नजर आ रही थी। ट्रैफिक पुलिस को कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। तेज आंधी और बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। कुछ जगहों पर घंटों तक लाइट नहीं आई। अधिकारियों ने बताया कि बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने और तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई, जिसे जल्दी ठीक कर लिया गया। पहले भी आया था मौसम का झटका इससे पहले बुधवार को भी दिल्ली के ऊपर बादलों का एक घना समूह मंडराया था और तेज धूल भरी आंधी के साथ-साथ हल्की बारिश भी हुई थी। हवाओं की रफ्तार तब भी 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी जिससे कुछ इलाकों में पेड़ गिरे और बिजली गुल हो गई थी। दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में टर्मिनल स्ट्रक्चर ने सामान्य प्रक्रिया के तहत पानी के दबाव को सहा और जहां भी आवश्यकता पड़ी, वहां क्षति को रोकने के लिए बनावट ने खुद को समायोजित किया। साथ ही, टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एयरपोर्ट पर सामान्य स्थिति बहाल कर दी ताकि यात्रियों को अधिक परेशानी न हो।

ट्रेन यात्रा के बाद दिखे लक्षण, परिवार को रखा गया निगरानी में, 55 वर्षीय महिला हुई कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है। नोएडा के सेक्टर 110 में रहने वाली 55 वर्षीय महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। महिला को हल्के लक्षण दिखने पर उन्होंने एक निजी अस्पताल में जांच कराई थी, जहां से उनके सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए भेजे गए। रिपोर्ट आने के बाद यह पुष्टि हुई कि महिला कोरोना संक्रमित हैं। महिला होम आइसोलेशन में, परिवार के सैंपल जांच को भेजे गए मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि महिला को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनका इलाज घर पर ही चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत उनके घर जाकर महिला और उनके परिवार वालों को आइसोलेट कर दिया है। साथ ही, परिवार के बाकी सदस्यों के भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। ट्रेन यात्रा के बाद दिखे लक्षण, परिवार को रखा गया निगरानी में बताया जा रहा है कि महिला हाल ही में ट्रेन से सफर करके लौटी थीं। सफर के बाद उनमें कोरोना के शुरुआती लक्षण दिखे। उनके घर में पति और एक मेड भी रहते हैं, जिन्हें अब निगरानी में रखा गया है। डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के अस्पतालों में अब कोरोना टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है और टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग की अपील– ना घबराएं, सावधानी और सफाई रखें बरकरार स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहें, मास्क पहनें, हाथ धोने और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। नोएडा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ इस मामले को देख रहे हैं और हर संभव कदम उठा रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

दिल्ली एनसीआर में भी कोरोना के मामले सामने आए, अब दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता सरकार भी हुई सर्तक, 23 नए मामले आये

नई दिल्ली देशभर के कई हिस्सों में कोरोना फिर पैर पसारता नजर आ रहा है। कई लोगो में कोरोना की पुष्टि हुई है। दिल्ली एनसीआर में भी कोरोना के मामले सामने आए हैं। ऐसे में अब दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार भी सर्तक हो गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एडवाइजरी जारी की है जिसमें अस्पतालों से बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इसी के साथ सभी स्वास्थ्य संस्थानों को जीनोम सिक्वेसिंग के लिए सभी पॉजिटिव कोविड-19 सैंपल लोक नायक अस्पताल भेजने के लिए कहा गया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के मामले में तैयारी सुनिश्चित करनी चाहिए। वेंटिलेटर, बाई-पीएपी, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीएसए जैसे सभी उपकरण चालू हालत में होने चाहिए। इसके अलावा दिल्ली राज्य स्वास्थ्य डेटा प्रबंधन पोर्टल पर सभी मापदंडों की दैनिक रिपोर्टिंग भी की जानी चाहिए। दिल्ली में कोरोना के 23 नए मामले ये एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब दिल्ली में कोरोना के 23 मामले आ चुके हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि शहर में 23 नए कोविड मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह देख रही है कि मामले दिल्ली के हैं या दिल्ली के बाहर से आए थे। इसके अलावा दिल्ली से सटे गुरुग्राम और फरीदाबाद में कोरोना वायरस संक्रमण के तीन मामले सामने आए थे। इसके अलावा गाजियाबाद में भी चार नए मामले सामने आए थे। अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम से दो और फरीदाबाद से संक्रमण का एक मामला सामने आया है। अधिकारी के मुताबिक गुरुग्राम में हाल में मुंबई से लौटी 31 वर्षीय एक महिला में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है जबकि 62 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों मरीजों को पृथकवास में भेज दिया गया है। फरीदाबाद में पल्ला क्षेत्र के सेहतपुर का 28 वर्षीय एक व्यक्ति कोविड संक्रमित पाया गया। पिछले कई दिन से बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित होने के बाद वह इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल गया था। अधिकारी ने बताया कि वहां की गयी जांच में उसमें कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई। गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग के डॉ. जेपी राजलीवाल ने कहा, ‘गुरुग्राम में दोनों मरीजों को घर में पृथकवास में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग उन पर नजर बनाए हुए है। उन्हें अपने परिवार से दूर रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर रहा है ताकि उनके नमूनों की भी जांच की जा सके।  

मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और दिल्ली में झमाझम बारिश ने जन जीवन को पूरी तरीके से अस्त व्यस्त कर दिया

नई दिल्ली देश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम का मिजाज बदला दिखा। बुधवार को देश के कई राज्यों में आफत की बारिश देखने को मिली। मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और दिल्ली में झमाझम बारिश (Heavy Rain) ने जन जीवन को पूरी तरीके से अस्त व्यस्त कर दिया। दिल्ली एनसीआर में बुधवार हुई बारिश ने तगड़ी तबाही मचाई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और सटे इलाकों में 79 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इस आंधी ने बड़े-बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों को जड़ से उखाड़ दिया। कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी देखने को मिली। वहीं, मौसम विभाग ने दिल्ली में आज भी तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। जानिए अचानक क्यों होने लगी इतनी बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, असामान्य रूप से जल्दी हुई बारिश मौसम के बदलते पैटर्न के कारण है। विभाग का कहना है कि ये बदलाव आगे सक्रिय मानसून सीजन का संकेत हो सकता है। वहीं, मानसून को लेकर भी IMD ने बड़ी अपडेट दी है। मानसून पर लेटेस्ट अपडेट जानिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को जारी अपने प्रेस रिलीज में बताया कि अगले 2-3 दिनों में केरल में मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, आने वाले दो से तीन दिनों में दक्षिण अरब सागर के कुछ और हिस्सों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। आगे कैसा रहेगा मौसम? आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान में बताया गया कि देश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश देखने को मिल सकती है। विभाग ने कहा कि 22 से 28 मई के दौरान कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, 25 से 28 मई के दौरान गुजरात राज्य में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इसके अलावा अगले एक- दो दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश में गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और 25 और 26 मई को पूर्वी राजस्थान में तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? गत 24 घंटों में दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ तेज बारिश देखने को मिली। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात क्षेत्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 60-100 किमी प्रति घंटे की स्पीड के साथ तूफानी हवाएं चलीं। इसके अलावा कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि देखी गई। वहीं, पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, असम, त्रिपुरा और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिली। अगले 24 घंटे में तापमान में भी दिखेगा बदलाव मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। वहीं, विभाग ने कहा कि इस गिरावट के बाद फिर 2 से तीन डिग्री सेल्सियस तक तापमान में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी। विभाग ने कहा कि अगले 4 दिनों के दौरान मध्य भारत में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है और उसके बाद अगले 3 दिनों तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। वहीं, देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

सीएम रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम से इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, निकाली गई बाइक रैली

नई दिल्ली भारतीय सशस्त्र बलों के सम्मान में बुधवार को दिल्ली में ‘खालसा तिरंगा यात्रा’ में कई सिख युवकों ने भाग लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम से इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कर्तव्य पथ पर संपन्न हुई इस यात्रा के दौरान सिख युवा बाइक पर तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाते नजर आए। मुख्यमंत्री के अलावा उनके कैबिनेट सहयोगी मनजिंदर सिंह सिरसा और आशीष सूद भी यात्रा में शामिल हुए। गुप्ता ने खालसा समुदाय को देश के सबसे बहादुर समुदायों में से एक बताया और कहा कि वे आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपकी यहां उपस्थिति हमारे सशस्त्र बलों के प्रति भावना की अभिव्यक्ति है। यह एकता का संदेश देगी और पूरे देश के लोगों को प्रेरित करेगी।” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए भारतीय सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्मान में पूरे देश में तिरंगा यात्रा निकाल रही है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।  

जेएनयू ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर किया जारी, रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई से 8 जुलाई तक

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। जारी कैलेंडर में मानसून और शीतकालीन सेमेस्टर की तिथियों, परीक्षाओं और छुट्टियों का स्पष्ट विवरण दिया गया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी मानसून सेमेस्टर 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी। सेमेस्टर की अवधि 9 जुलाई से 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। 9 जुलाई से 9 दिसंबर तक कक्षाएं चलेंगी, जिसके बाद 10 दिसंबर से 18 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम परीक्षा परिणाम 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि 26 दिसंबर से 9 जनवरी तक छात्रों को शीतकालीन अवकाश मिलेगा। इसके बाद शुरू होने वाले शीतकालीन सेमेस्टर 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच किए जाएंगे। यह सेमेस्टर 16 जनवरी से 26 मई तक चलेगा। शीतकालीन सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 मई से 23 मई तक होंगी और परिणाम 10 जून को घोषित किया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश 27 मई से 3 जुलाई तक रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार रहें, ताकि शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।

इस हफ्ते 3 दिन दिल्लील में तूफान के साथ बारिश हो सकती है, भीषण गर्मी से मिल सकती है राहत: मौसम विभाग

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर वालों को क्या आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी? मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में इस बात की जानकारी दी है। मौसम विभाग ने दिल्ली एनसीआर में आंधी और बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस हफ्ते 3 दिन दिल्लील में तूफान के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज और धूल भरी आंधी की आशंका भी जताई गई है। इसी के इस हफ्ते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है जिससे दिल्ली एनसीआर वालों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के नए अपडेट के मुताबिक आज यानी 20 मई को दिल्ली एनसीआर में आंधी और बारिश के आसार है। मौसम विभाग ने इसके लिए गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में येलो अलर्ट भी जारी किया है। वहीं आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। हालांकि इसके बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। अगले दो दिन तूफान के साथ बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक 21 औ 22 मई को दिल्ली में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। वहीं इन दोनों ही दिन गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में भी आंधी का येलो अर्लट जारी किया गया है। दिल्ली में इन दोनों दिन अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27-28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। हालांकि 21 और 22 मई को फरीदाबाद और गुरुग्राम में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हफ्ते के आखिरी तीन दिन कैसा मौसम आईएडी ने अपने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि 23 से 26 मई तक दिल्ली में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि इन तीनों दिन ही बारिश की चेतावनी नहीं है। इस दौरान अधिकतम तापमान 38-39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

दिल्ली की रेखा सरकार ने आज से एक जलदूत योजना शूरू की, शहर के प्रमुख बस स्टैंडों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली भी इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। हालांकि बीच में गरज-चमक के साथ बारिश जरूर राहत पहुंचा रही है,लेकिन दोपहर में तेज धूप और तापमान में वृद्धि लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच दिल्ली की रेखा सरकार ने आज से एक नई योजना शूरू की है। इस योजना का नाम जलदूत योजना रखा गया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने जलदूत योजना की शुरुआत करते हुए बताया कि इस योजना के तहत शहर के प्रमुख बस स्टैंडों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ जलदूत स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी। मंत्री पंकज सिंह ने जलदूत योजना के बारे में विस्तार से बचाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने हमारी बड़ी हीट स्ट्रोक रोकथाम योजना के हिस्से के रूप में जलदूत योजना शुरू की है। हमारा लक्ष्य सीधा है:गर्मी में दिल्ली में कोई भी साफ,ठंडे पानी की कमी से पीड़ित न हो। आज से,शहर भर के प्रमुख बस स्टैंडों पर साफ और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल दिल्ली परिवहन के सहयोग से लागू की जा रही है। जरूरतमंदों को आसानी से पानी वितरित किया जा सके,इसके लिए इन बस स्टैंडों पर विशेष स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में,बारह सक्रिय आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। आश्रय स्थल भीड़ को संभालने और सुचारू जल वितरण सुनिश्चित करने के लिए रस्सियों और अन्य बुनियादी ढांचे से लैस होंगे। जनता की सहायता के लिए इन स्थानों पर 100 से अधिक समर्पित स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। यदि स्थिति की मांग हुई,तो हम इस प्रयास को और आगे बढ़ाएंगे। दिल्ली सरकार,स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर,लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस गर्मी में कोई भी प्यासा न रहे। मंत्री पंकज सिंह ने इसके अलावा DTC नेहरू प्लेस टर्मिनल और स्मार्ट कोल्ड RO वाटर डिस्पेंसर के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया।

दिल्ली में आप पार्टी छात्र संगठन के जरिए युवाओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश करेगी, आप ने बनाया ASAP

नई दिल्ली दिल्ली में हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) अपनी ताकत बढ़ाने के लिए नई कोशिशों में जुट गई है। पार्टी ने मंगलवार को अपने स्टूडेंट विंग का गठन किया, जिसे असोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) नाम दिया है। पार्टी छात्र संगठन के जरिए युवाओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश करेगी। आने वाले दिनों में पार्टी दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेएनयू समेत अन्य यूनिवर्सिटी में छात्र संघ का चुनाव इसी विंग के जरिए लड़ेगी। पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और कोचिंग टीचर से नेता बने अवध ओझा की मौजूदगी में दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में इसका ऐलान किया गया। इस दौरान विंग का लोगो भी जारी किया गया। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मौके पर कहा कि यह युवाओं का प्रिय शब्द है, ASAP। आज जहां भी रिफॉर्म की जरूरत है,वहां इसकी जरूरत है, हम लेट हो चुके हैं। जब-जब हम इस नाम को सोचेंगे यह हमें बताएगा कि समय नहीं है। सिसोदिया ने कहा, ‘मैं चाहूंगा कि एक दिन हर उस दिन यूनिवर्सिटी में जहां चुनाव होता है वहां से एएसएपी का अध्यक्ष, सेक्रेट्री, टीम जीतकर आए। जहां चुनाव नहीं भी होता है वहां हम वैकल्पिक राजनीति की बात करेंगे।’ पार्टी ने इस विंग का गठन ऐसे समय पर किया है जब लगातार 10 साल के शासन के बाद दिल्ली में उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और उनके करीबी मनीष सिसोदिया समेत तमाम बड़े नेता अपनी सीट तक नहीं बचा पाए। इसके बाद दिल्ली नगर निगम से भी उसकी सत्ता चली गई है। करीब एक दशक में राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी ‘आप’ ने एक बार फिर विस्तार योजना पर काम शुरू किया है। पार्टी एक तरफ जहां पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है तो दूसरी तरफ गुजरात में भी संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इस बीच पार्टी ने अब स्टूडेंट विंग के जरिए कैंपस पॉलिटिक्स में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश शुरू की है।

देश के सामने बहुत सारी समस्याएं हैं, 24 घंटे बच्चों को हिंदू-मुसलमान सिखाते हैं: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नए स्टूडेंट विंग ASAP का गठन किया, जिसका पूरा नाम है- एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने इस मौके पर मेनस्ट्रीम और अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स का अंतर बताते हुए भाजपा और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। केजरीवाल ने कहा कि नेताओं के बच्चे विदेश में पढ़ते हैं, जबकि जनता के बच्चों से हिंदू-मुसलमान कराते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के सामने बहुत सारी समस्याएं हैं। खाने को नहीं है, पढ़ाई नहीं हैं, इलाज नहीं है, अस्पताल नहीं, सड़कें नहीं हैं। कोई खुश नहीं है। महिलाएं दुखी हैं, स्टूडेंट दुखी हैं,व्यापारी दुखी हैं। सबकी जड़ एक ही है, मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स। भाजपा कांग्रेस और अन्य दलों की जो राजानीति है, जो एक ही ढर्रे पर चलती आर रही है। यह मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स सभी समस्याओं की जड़ है। अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर भी जोरदार प्रहार किया। उन्होंने राजनीति में हिस्सा लेने की जरूरत बताते हुए कहा, ‘आम आदमी पार्टी की जब दिल्ली में सरकार थी तो 24 घंटे बिजली आती थी, आज दिल्ली में पावर कट लगने लगे हैं। बिजली आपके घर आएगी या नहीं इसमें भी राजनीति है। बिजली सस्ती मिलेगी या नहीं इसमें भी राजनीति है। आपको राजनीति का हिस्सा बनना पड़ेगा,इसमें दिलचस्पी लेनी पड़ेगी। जिस तरह की राजनीति चल रही है हमारे देश में वह सभी समस्याओं की जड़ है।’ आम आदमी पार्टी ने 10 साल दिल्ली में राज किया और अब पंजाब में हमारी सरकार है। दिल्ली में जिस तरह का काम हमने किया और जिस तरह की राजनीति की, उसे ऑल्टरनेटिव पॉलिटिक्स कहते हैं। हम कहते हैं कि स्कूल बनने चाहिए, ये लोग कहते हैं अच्छे स्कूल नहीं होने चाहिए। हम कहते हैं कि लोगों को इलाज मिलना चाहिए, हमने शानदार अस्पताल बनाए। स्कूल अच्छे कर दिए। स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने दी। तीन महीने नहीं हुए इनकी सरकार बने हुए स्कूलों को बर्बाद करना शुरू कर दिया, क्योंकि यह इनकी राजनीति का हिस्सा नहीं है। 24 घंटे बच्चों को हिंदू-मुसलमान सिखाते हैं: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा माफिया को कंट्रोल किया था लेकिन भाजपा की सरकार बनने के तीन महीने के भीतर स्कूलों की फीस बढ़ गई। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने बिजली कंपनियों पर लगाम कसी थी। फिर से पावर कट लग रहे हैं। केजरीवाल ने कहा, ‘एक तरफ पूरी दुनिया एआई की बात कर रही है और ये लोग आपके बच्चों को 24 घंटे हिंदू-मुसलमान सिखाते हैं। इनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं और आपके बच्चों के हाथ में डंडा देकर मस्जिद के सामने हिंदू मुसलमान कराते हैं।’

CM रेखा गुप्ता सरकार ने MLA का LAD फंड 15 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ किया, AAP सरकार ने पिछले ही साल बढ़ाया था

नई दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद परिवर्तनों का दौर चल रहा है. रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली सरकार ने अब विधायकों के लिए लोकल एरिया डेवलपमेंट (एलडीए) फंड पर कैंची चला दी है. दिल्ली सरकार ने अब विधायकों की विकास निधि 15 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ कर दिया है. विधायक निधि में कटौती का दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने आधिकारिक ऐलान कर दिया है. दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने विधायक निधि कम किए जाने से संबंधित आदेश जारी कर दिया है. शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक निधि को पांच करोड़ रुपये वार्षिक करने का निर्णय 2 मई को हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया था. विभाग की ओर से कहा गया है कि कैबिनेट निर्णय संख्या 3187, दिनांक 2 मई 2025 के अनुपालन के क्रम में विधायकों को क्षेत्र के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये वार्षिक फंड दिया जाएगा. विधायक निधि में कटौती करने का रेखा गुप्ता कैबिनेट का यह फैसला चालू वित्त वर्ष (वित्तीय वर्ष 2025-26) से लागू होगा. शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि यह एक अनटाइड फंड है. इस फंड का उपयोग विधायक पूंजीगत प्रकृति के स्वीकृत कार्यों के साथ ही बिना किसी सीमा के संपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए खर्च किया जा सकता है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बीजेपी के एक विधायक ने कहा कि विधायक निधि के लिए सरकार ने 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसे 70 विधायकों में बांटा जाना है. प्रत्येक विधायक को पांच करोड़ क्षेत्र के विकास के लिए मिलेंगे. गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार के समय वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में विधायकों को एलएडी फंड के तहत चार-चार करोड़ रुपये मिले थे. वित्तीय वर्ष 2023-24 में एलएडी फंड के तहत दी जाने वाली धनराशि सरकार ने बढ़ाकर सात करोड़ रुपये कर दिया था. 2024-25 में एलएडी फंड 10 करोड़ हुआ और पिछले ही साल दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसे 10 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये वार्षिक करने का ऐलान कर दिया था.  

दिल्ली-NCR में रिपोर्ट के अनुसार अगले कई दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में ही बनी रहेगी

नई दिल्ली मौसमी उतार चढ़ाव के बीच फिलहाल प्रदूषण से राहत है। हवा की गुणवत्ता भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार अगले कई दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में ही बनी रहेगी। इसके बाद एयर इंडेक्स में और सुधार हो सकता है और हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में भी पहुंच सकती है। इसी के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने रविवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-एक के प्रविधानों को दो दिन बाद ही हटा दिया। पिछले वर्ष 15 अक्टूबर को ग्रेप-एक के प्रविधान लागू किए गए थे। 24 फरवरी को ग्रेप-दो के प्रतिबंधों को हटाया गया था। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में ग्रेप-एक के प्रविधान लागू थे। तीन मार्च को इन्हें भी हटा दिया गया। लेकिन बाद में कई बार ग्रेप एक लगा और कई बार हटा। पिछली बार यह शुक्रवार यानी 16 मई को लगा था और रविवार को दो दिन बाद ही हटा दिया गया। आयोग की सब कमेटी की रविवार को बैठक हुई। इसमें दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। पिछले दो दिनों से लगातार हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। इसीलिए अब ग्रेप-एक के प्रविधानों को भी हटाने का फैसला किया गया। इस तरह अब दिल्ली और एनसीआर से ग्रेप के सभी प्रतिबंध पूरी तरह से हट गए हैं। साथ ही आयोग ने कहा है कि हवा की गुणवत्ता खराब न होने पाए, इसके लिए एनसीआर की संबंधित सभी एजेंसियां प्रयास जारी रखें। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 179 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में है। गाजियाबाद का एयर इंडेक्स 164, गुरुग्राम का 115, ग्रेटर नोएडा का एयर इंडेक्स 97 व नोएडा का 178 रहा, जो मध्यम श्रेणी में है।

सीएम रेखा गुप्ता ने 11 जिलों की विकास समितियों के लिए अध्यक्ष के रूप में की विधायकों की नियुक्ति

 नई दिल्ली दिल्ली में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने 11 जिलों की विकास समितियों के लिए विधायकों की नियुक्ति अध्यक्ष के रूप में की है। शनिवार को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कुल 11 विधायकों को जिलेवार विकास समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जिनमें 8 बीजेपी और 3 आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक शामिल हैं। दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी में विकास योजनाओं के विकेंद्रीकरण और पारदर्शी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बीजेपी के जिन विधायकों को अध्यक्ष बनाया गया है, उनमें कुलवंत राणा (उत्तर पश्चिम दिल्ली), अजय महावर (उत्तर पूर्व दिल्ली), गजेंद्र यादव (दक्षिण दिल्ली), पवन शर्मा (दक्षिण पश्चिम), मनोज शौकीन (पश्चिम दिल्ली), राजकुमार भाटिया (उत्तर दिल्ली), शिखा रॉय (नई दिल्ली) और जितेंद्र महाजन (शाहदरा) के नाम शामिल हैं। वहीं, आप पार्टी के संजीव झा (मध्य दिल्ली), रवि कांत (पूर्वी दिल्ली) और राम सिंह नेताजी (दक्षिण-पूर्व दिल्ली) को संबंधित जिला विकास समितियों का अध्यक्ष बनाया गया है। दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी में विकास योजनाओं के विकेंद्रीकरण और पारदर्शी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मकसद सरकार के अनुसार, इन जिला विकास समितियों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत बनाना है, ताकि विकास कार्यों में जनता और उनके प्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके. इन समितियों में विधायकों के साथ-साथ नगर पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), जिला मजिस्ट्रेट और अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे. ये सभी मिलकर स्थानीय स्तर की बुनियादी सुविधाओं, योजनाओं और नीतियों की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे।

पड़ोसी मुल्क, देश की राजधानी दिल्ली में आतंकी वारदात करवा सकता है, हाई अलर्ट पर स्पेशल सेल

नई दिल्ली संघर्ष विराम की घोषणा के बाद अब दोनों मुल्कों के बीच युद्ध भले ही रुक गया हो लेकिन केंद्रीय एजेंसियों को शक है कि पड़ोसी मुल्क, देश की राजधानी दिल्ली में आतंकी वारदात करवा सकता है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा व हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों से राजधानी में बम धमाका अथवा फिदायीन हमला करवा सकता है। इस तरह के इनपुट के मद्देनजर पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस के सभी आला अधिकारियाें के साथ बैठक की और उन्हें अलर्ट के बारे में जानकारी देते हुए आने वाले लंबे समय तक बेहद चौकस रहने के निर्देश दिए। स्पेशल सेल को विशेष रूप से इन दोनों संगठनों पर नजर रखने को कहा गया है। दिशा-निर्देश 15 जिले के डीसीपी से साझा किया गया बैठक में स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, इंटेलीजेंस व दोनों जोनों के विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था के अलावा संयुक्त आयुक्त व एडिशनल पुलिस कमिश्नर रैंक के अधिकारी शामिल हुए। बाद में बैठक में दिए गए दिशा निर्देश को सभी 15 जिले के डीसीपी से साझा किया गया। उच्च स्तरीय सुरक्षा अलर्ट जारी रहेगा सूत्रों के मुताबिक राजधानी में अभी लंबे समय तक आतंकी हमले क संभावना के मद्देनजर उच्च स्तरीय सुरक्षा अलर्ट जारी रहेगा। सभी भीड़भाड़ वाले प्रमुख बाजारों, माल व अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर पुलिसकर्मियों की उपस्थित रहेगी। इंडिया गेट पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए हल्के स्ट्राइक वाहनों में पैरा कमांडो तैनात लगातार गश्त करते रहेंगे। पुलिस संवेदनशील इलाकों में जांच जारी रखेगी दुश्मनों के किसी भी तरह के नापाक इरादों से निपटने के लिए सभी केंद्रीय एजेंसियां, दिल्ली पुलिस व अर्द्ध सैनिक बलों के जवान तैयार रहेंगे। सार्वजनिक स्थानों के अलावा गेस्ट हाउस, होटलों, सेकेंड हैंड कार डीलर और अन्य संभावित आसान लक्ष्यों पर पुलिस लगातार जांच करती रहेगी। दिल्ली पुलिस लोगों से बार-बार अपील कर रही है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें। मकान मालिकों और होटल मालिकों को किरायेदारों और मेहमानों का उचित सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है। अगर उन्हें कुछ भी संदिग्ध दिखाई देता है, तो उन्हें तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करना चाहिए।

दिल्ली के नबी करीम इलाके में दर्दनाक हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी, दो की मौत

नई दिल्ली पुरानी दिल्ली के नबी करीम इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत गिरने की सूचना है। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई के फंसे होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पुलिस ने बताया कि दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर भेजी गई है, जिसने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने कई लोगों के फंसे होने की आशंका व्यक्त की है। बारिश और आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरा दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था। मलबे को हटाकर फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। दो मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बता दें, शनिवार को आंधी और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने की भी सूचना है।

मौसम विभाग ने आज बारिश और तूफान की आशंका भी जताई थी, कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई शुरू

नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर मौसम बदल गया है। कई इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने आज बारिश और तूफान की आशंका भी जताई थी। ऐसे में मौसम में आए बदलाव के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए आज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। इसकी के साथ बारिश की आशंका भी जताई गई थी। मौसम विभाग ने एक हफ्ते का पूर्वानुमान जारी किया है जिसमें पांच दिन आंधी तूफान और बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 मई कोि बिजली चमकने के साथ तूफान, धूल उड़ाने वाली हवाएं, तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। आने वाले दिनों में बारिश की आशंका, गिरेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों मेंं तापमान 3 डिग्री गिर सकता है। इसी के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। 18 मई को तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। वहीं 19 मई को फिर एक बार आंधी तूफान और बारिश आ सकती है।

आम आदमी पार्टी को दिल्ली में बड़ा झटका लगा, पार्टी के 13 निगम पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी को दिल्ली में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 13 निगम पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। इन सभी ने नई पार्टी बनाने की घोषणा भी की है। पार्षदों ने इस्तीफे का ऐलान करते हुए आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर नगर निगम को ठीक से ना चला पाने का आरोप लगाया है। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा है क जनता से किए गए वादे को पूरा न कर पाने के कारण हम पार्टी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। नई पार्टी का ऐलान पार्षदों ने नई पार्टी का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का नाम इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी होगा और मुकेश गोयल को पार्टी का मुखिया चुना गया है। पार्षदों ने बताया कि हम सभी निगम पार्षद दिल्ली नगर निगम में वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकिट से चुने गए थे लेकिन 2022 में दिल्ली नगर निगम में सत्ता में आने के बावजूद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व दिल्ली नगर निगम को सुचारू रूप से चलाने में असमर्थ रहा। शीर्ष नेतृत्व का निगम पार्षदों से आपस में समन्वय न के बराबर रहा जिसके कारण पार्टी विपक्ष में आ गई। जनता से किए गए वादे को पूरा न कर पाने के कारण हम निम्नलिखित पार्षद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हम निगम पार्षद आज दिनांक 17-5-2025 को अपनी एक पार्टी बना रहे हैं जिसका नाम इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी होगा और उसके द्वारा लिए गए फैसलों पर पूर्ण सहमत्ति व्यक्त करते हैं। हम सभी मुकेश गोयल जी को अपने दल का नेता स्वीकार करते हैं। उन्होंने बताया कि आज हेमवंद गोयल जी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें 13 निगम पार्षदों ने मुकेश गोयल जी को इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का नेता चुना गया। इन 13 पार्षदों ने छोड़ी पार्टी जिन 13 पार्षदों ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया उनमें मुकेश गोयल, हिमानी जैन, देवेंद्र कुमार, राजेश कुमार लाडी, सुमन अनिल राणा और दिनेश भारद्वाज शामिल हैं।

पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली, छह माह बाद फिर से शुरू हुई पार्किंग

नई दिल्ली कृष्णा नगर इलाके में छह माह बाद फिर से दिल्ली नगर निगम की बहुमंजिला पार्किंग शुरू हो गई है। दमकल विभाग की एनओसी मिलने के बाद इसको शुरू किया गया है। पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। पार्किंग के बंद होने से लोग सड़कों पर वाहनों को पार्क कर रहे थे। जिससे क्षेत्र में जाम की समस्या बनी हुई थी। पार्किंग में अभी लाइट की व्यवस्था नहीं है, पार्किग ठेकेदार ने बिजली के मीटर के लिए बीएसईएस में आवेदन किया हुआ है। कार मालिकों से एक माह का किराया दो हजार रुपये लिया जा रहा है। पार्किंग में 250 गाड़ियों के खड़े होने की जगह है। यह निगम की यमुनापार में एकमात्र बहुमंजिला पार्किंग है। गत 31 अक्टूबर को पार्किंग संचालक की ठेका अवधि पूरी हो गई थी। निगम ने समय रहते इसकी फायर एनओसी नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था। एनओसी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को फिर से पार्किंग शुरू कर दी गई है। जोन चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि पार्किंग में आग बुझाने के उपकरण लगे हुए हैं। जैसे की फायर अलार्म, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, इंटर्नल हाइड्रेंट, यार्ड हाइड्रेंट में कमी थी। जिस वजह से एनओसी मिल नहीं पा रही थी। चेयरमैन ने स्थानीय लोगों से कहा कि पार्किंग शुरू हो गई है। लोग सड़कों की जगह पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करें। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्किंग के बंद होने से वह काफी समस्या का सामना कर रहे थे। क्षेत्र में कोई दूसरी ऐसी पार्किंग नहीं है, जहां वह अपना वाहन खड़ा कर सकें। बहुमंजिला पार्किंग शुरू होने से क्षेत्र में यातायात की समस्या दूर होगी। कृष्णा नगर मार्केट में सामान खरीदने के लिए आने वाले वाहन चालकों को भी पार्किंग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

रेखा गुप्ता ने कहा- दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद इन लोगों को मिलेगी नौकरी में प्राथमिकता

नई दिल्ली दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद अपनी नौकरी को लेकर चिंतित मोहल्ला क्लीनिक में तैनात डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रति मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सहानुभूति दिखाई है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि नई भर्ती में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। शुक्रवार सुबह शालीमार बाग स्थित आवास पर मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अपनी चिंता साझा कीं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि आप निश्चिंत रहें, दिल्ली में जो भी नए आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे, उनमें नई भर्ती में पहले आपको प्राथमिकता (आक्यूपाइ करेंगे) दी जाएगी, इसके बाद किसी और को रखा जाएगा। दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लिनिक उल्लेखनीय है कि दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लीनिक है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने 14 मई को ही मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत 431 डॉक्टर को एक साल के लिए कार्य विस्तार दिया गया है। इसके अलावा 410 पैरा मेडिकल कर्मचारियों को भी कार्य विस्तार दिया गया है लेकिन इस कार्य विस्तार में डाली गई एक शर्त को लेकर मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ चिंतित है। नई शर्त में यह कहा गया है कि यदि इस अनुबंध अवधि के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए नई नियुक्ति होती हैं तो वर्तमान अनुबंध स्वत: खत्म हो जाएगा।

नोएडा में अब तक 2 लाख फ्लैट खरीदारों को कब्जा दिया, लेकिन 18 हजार की ही रजिस्ट्री, DM ने बिल्डरों को भेजा नोटिस

नई नोएडा नोएडा के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट की रजिस्ट्री में देरी पर ऐक्शन की तैयारी में है। डीएम ने 95 बिल्डरों को नोटिस जारी करते हुए तलब किया है। इस मामले में जिला प्रशासन ने एक बैठक बुलाई है जिसमें फ्लैट की रजिस्ट्री न होने की शिकायत करने वाले खरीदारों को भी बुलाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब तक 2 लाख फ्लैट खरीदारों को कब्जा तो दे दिया गया है, लेकिन रजिस्ट्री को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। कई फ्लैट मालिक तो पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बावजूद कई बिल्डर खरीदारों को उनके फ्लैट का कब्जा तो दे रहे हैं लेकिन फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगभग दो लाख खरीदारों को फ्लैट का कब्जा मिल चुका है, लेकिन अब तक केवल 18 हजार फ्लैट की ही रजिस्ट्री हो पाई है। कई खरीदार करीब एक दशक से इंतजार कर रहे हैं और बिल्डरों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। अब डीएम के नोटिस के बाद बिल्डरों पर ऐक्शन शुरू हो सकता है इस बारे में पूछे जाने पर सहायक पुलिस महानिदेशक बृजेश कुमार ने मीडिया को बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बिल्डर जानबूझकर रजिस्ट्री में देरी कर रहे हैं। इस संबंध में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के लगभग 95 बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बैठक में बिल्डरों को खरीदारों के सवालों का जवाब देना होगा। उनके अनुसार, अगर कोई बिल्डर बैठक में शामिल नहीं होता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एयरपोर्ट-फिल्म सिटी के बाद मोदी सरकार का एक और बड़ा तोहफा, जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट

दिल्ली नोएडा गौतमबुद्धनगर जिले का जेवर अब उत्तर प्रदेश का नया गहना बन गया है। देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रॉजेक्ट फिल्म सिटी से इसकी किस्मत पहले ही बदल चुकी है। अब मोदी सरकार के नए तोहफे ने जेवर की चमक में चार चांद लगा दिए हैं। तीन बड़े प्रॉजेक्ट्स के बाद यह रोजगार और रिहायश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। क्या है मोदी सरकार का नया तोहफा मोदी सरकार ने जेवर में नए सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर जॉइंट वेचर को हरी झंडी दी। दोनों कंपनियां मिलकर जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएंगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला और देश का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, गाड़ियों और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री में हर महीने 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार होगा। इससे यहां 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ना सिर्फ देश में सबसे बड़ा होगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में इसकी गिनती होने लगी है। दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होना है। पहला चरण सितंबर 2024 में पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लेकिन इस साल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस हवाई अड्डे का विकास उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) के तहत ‘यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है, जो स्विस कंपनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी’ की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। फिल्म सिटी का काम भी हो चुका है शुरू उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक और ड्रीम प्रॉजेक्ट ‘फिल्म सिटी’ भी जेवर में ही आकार ले रहा है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी ‘बेव्यू प्रॉजेक्ट्स’ और ‘भूटानी ग्रुप’ को इसे बनाने का जिम्मा मिला है। यमुना फिल्म सिटी में 2027 तक फिल्मों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस फिल्म सिटी में 300 से ज्यादा फिल्मों की हर साल शूटिंग का लक्ष्य रखा गया है। यूपी के सीएम जेवर में मुंबई की तरह समृद्धि फिल्म इंडस्ट्री बसाना चाहते हैं और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सड़क से नमो भारत ट्रेन तक, जेवर में होगा सबकुछ जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पूरे एनसीआर से यात्रियों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यहां एक तरफ जहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तो नमो भारत मेट्रो की योजना पर भी काम चल रहा है। तेजी से आकार ले रहा नया शहर, निवेश का बना नया अड्डा दिल्ली से सटे नोएडा का विस्तार अब जेवर तक पहुंच गया है। नया शहर तेजी से आकार लेता दिख रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से आवासीय और कॉमर्शल प्रॉजेक्ट्स का निर्माण हो रहा है। एनसीआर के लोगों के लिए यह निवेश का नया अड्डा बन चुका है। यही वजह है कि जेवर और आसपास के इलाकों में जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ रही है।  

फिर ‘आप’ ने सेना के शौर्य का ‘सबूत’ मांगना शुरू कर दिया, आतिशी की ओर से पूछे गए एक सवाल पर अब भाजपा हमलावर

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान में सीजफायर के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के तमाम बड़े नेता सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना की ओर से पूछे गए एक सवाल पर अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमलावर हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सर्जिकल स्ट्राइक की तरह एक बार फिर ‘आप’ ने सेना के शौर्य का ‘सबूत’ मांगना शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मार्लेना पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि मोदी विरोध और भाजपा विरोध के नाम पर सबूत गैंग फिर काम पर। उन्होंने कहा, ‘आम आदमी पार्टी जो सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग चुकी है। पाकिस्तान के अखबारों में फ्रंट पेज पर छप चुकी है। बालाकोट स्ट्राइक के बाद सेना के शौर्य पर सवाल किए। अब ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की जयजयकार की बजाय सबूत मांग रही है कि पाकिस्तान ने हाथ कहां जोड़े, पाकिस्तान ने तो दुनिया के सामने नहीं माना कि हाथ जोड़े, तो कैसे मान लें। मतलब कि सेना के बयान पर, डीजीएमओ के बयान पर, सेना ने जो प्रमाण दिए उस पर सवाल खड़े कर दिए।’ पूनावाला ने कहा कि आम आदमी पार्टी पाकिस्तान के नैरेटिव को दोहरा रही है और कह रही है कि पाकिस्तान ने हाथ नहीं जोड़े। पाकिस्तान ने तो 71 के बाद भी नहीं माना, पाकिस्तान ने तो 1999 के कारगिल के बाद भी नहीं माना कि उन्हें शिकस्त खाई। तो क्या पाकिस्तान के वर्जन पर हम भरोसा करें, भारत की सेना पर नहीं? ये वही लोग हैं जिन्होंने पहलगाम के बाद पहले पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहे थे, इंडि गठबंधन के नेता, फिर गिड़गि़ड़ा रहे थे कि पाकिस्तान पर कार्रवाई ना हो। अब जब कार्रवाई हुई है तो सेना के मनोबल पर चोट करने के लिए कभी अजय राय माखौल उड़ाते हैं, कभी इमरान मसूद सबूत मांगते हैं। अब आतिशी मार्लेना, जिनके माता-पिता ने अफजल गुरु का समर्थन किया था, सबूत मांग रही हैं, यह दिखाता है कि टू एंड हाफ फ्रंट वॉर में ये हाफ फ्रंट हैं। दो शरीर एक जान, आम आदमी पार्टी और पाकिस्तान।’ आतिशी ने क्या कहा ऐसा? दिल्ली की पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी मार्लेना ने मंगलवार को सीजफायर पर सवाल उठाते हुए कई सवाल सरकार पर दागे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, ‘कल प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के साथ एकतरफा संवाद किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने उनके सामने हाथ जोड़े और उन्हें दया आ गई। इसलिए उन्होंने सीजफायर के लिए हां कह दिया। मोदी जी ने यह बात कह तो दी लेकिन इस पर बहुत सारे सवाल उठते हैं। पहला सवाल- अगर पाकिस्तान ने हाथ जोड़े और भारत ने पाकिस्तान पर दया खाकर सीजफायर किया तो इसकी घोषणा भारत ने खुद क्यों नहीं की, क्यों इसकी घोषणा ट्रंप ने की। दूसरा सवाल- अगर पाकिस्तान ने भारत के सामने हाथ जोड़े तो सामने आकर समझौता क्यों नहीं हुआ। क्यों पाकिस्तान दुनिया के सामने आकर नहीं बोलता, कागज पर साइन नहीं करता, मीडिया के सामने आकर नहीं बोलता कि हमने भारत से हार मानी और हाथ जोड़े। आज पूरा देश जानना चाहता है कि यदि पाकिस्तान ने हाथ जोड़े थे तो वो दुनिया के सामने क्यों नहीं कह पाते। अगर पाकिस्तान ने भारत के सामने हाथ जोड़े तो क्या उसने कम से कम पहलगाम में हमला करने वाले आतंकवादियों को भारत को सौंपा? इसका भी कोई प्रमाण नहीं है।’ पीएम मोदी ने क्या कहा था? पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर और इसके बाद पाकिस्तान की बौखलाहट पर भारत की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर देश को संबोधित करते हुए बताया था कि किस तरह पाकिस्तान ने भारतीय सेना के डीजीएमओ के सामने सीजफायर के लिए गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा, ‘भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा रहा था। बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे। आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। पाकिस्तान के सीने में आतंकी अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था। इसलिए पाकिस्तान की तरफ से जब गुहार लगाई गई पाकिस्तान की तरफ से जब यह कहा गया कि वह आगे कोई आतंकी गवितिधि और सैन्य दुस्साहस नहीं करेगा तो भारत ने भी उस पर विचार किया।’

‘ऑपरेशन सिंदूर’: इंडिया गेट पर दिखा भारत का दम, वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

नई दिल्ली भारत का पाकिस्तान में रह रहे आतंकवादियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। जिसकी सफलता के बाद देशभर में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले हमारे देश के वीर सैनिकों के सम्मान में दिल्ली सरकार ने कर्तव्य पथ पर मंगलवार को तिरंगा यात्रा निकाला। इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत उनकी कैबिनेट के कई मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सांसद और विधायक भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में आए लोगों ने बढ़ चढ़कर इसमें भाग लिया। भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘सेना के सम्मान में, देश का हर नागरिक मैदान में’। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस पर देश के जवानों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने भारत माता की जय उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, “इस जयघोष की ताकत अभी-अभी दुनिया ने देखी है। भारत माता की जय, ये सिर्फ उद्घोष नहीं है। ये देश के हर उस सैनिक की शपथ है जो मां भारती की मान-मर्यादा के लिए जान की बाजी लगा देता है।” पीएम मोदी बोले, “ये देश के हर उस नागरिक की आवाज है, जो देश के लिए जीना चाहता है, कुछ कर गुजरना चाहता है। भारत माता की जय, मैदान में भी गूंजती है और मिशन में भी।”

मौसम विभाग ने अगले 15 घंटे के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने और लगातार तेज हवाएं चलने का अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली के साथ ही NCR के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवा के साथ बारिश से मौसम बदल गया है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले 15 घंटे के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने और लगातार तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। हवा की स्पीड 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा देखी जा सकती है। कभी-कभी इसके 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में 16 मई को मौसम में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। इस दिन तेज हवाओं के साथ बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने 14 और 15 मई को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और लगातार तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग की मानें तो हवा की स्पीड 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। कभी-कभी हवा की स्पीड 35 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन दोनों ही दिन अधिकतम तापमान के 40 से 42 डिग्री जबकि न्यूनतम के 27 से 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली के साथ ही एनसीआर में मौसम कमोबेश एक जैसा रहेगा। इस हफ्ते मौसम में गर्मी रहेगी लेकिन अचानक आंधी पानी से मौसम में बड़ा उलटफेर भी देखा जाएगा। मौसम विभाग ने 16 मई को दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहने। बहुत हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा देखी जा सकती है। आंधी के दौरान हवा की स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन तापमान में बड़ी गिरावट का अनुमान नहीं है। मौसम विभाग ने 16 मई को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग की मानें तो 17 मई को दिल्ली में आंशिक बादल नजर आएंगे। इस दिन दिल्ली में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 और 19 मई को दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पराये मर्द के प्यार में अंधी हुई 26 साल की मॉडल, सुपारी किलर से कराई बीवी की हत्या… इंसाफ की फिल्मी कहानी

नई दिल्ली  नाम- एंजल गुप्ता, उम्र- 26 साल और जुर्म- अपने शादीशुदा प्रेमी को पाने के लिए उसकी पत्नी का मर्डर। एक ऐसी मॉडल की कहानी, जिसने अपनी असल जिंदगी को भी एक क्राइम थ्रिलर बना दिया। प्रेमी को पाने के लिए वो इस हद तक अंधी हो गई कि उसने दो मासूम बच्चों से उनकी मां छीन ली। एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। सात साल बाद उसे उसके किए का अंजाम मिला और अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। उसके प्रेमी सहित चार और लोगों को भी मामले में उम्रकैद की सजा हुई। कहानी की शुरुआती होती है साल 2016 से। हरियाणा के गुरुग्राम इलाके में देर रात, एक डिस्को के बाहर खड़ी एक युवती अपनी कार का इंतजार कर रही थी। तभी वहां से गुजर रहे दो लोगों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। इतने में डिस्को से एक शख्स बाहर निकला और युवती को परेशान कर रहे उन दोनों लोगों से भिड़ गया। कुछ देर में ही दोनों मनचले वहां से भाग गए। युवती ने शख्स को शुक्रिया और दोनों के बीच जान-पहचान हो गई। आपस में मोबाइल नंबर की अदला-बदली हुई और अक्सर दोनों को बीच बातें होने लगीं। कुछ वक्त बाद यही बातें, मुलाकातों में बदलीं और मुलाकातें, रोमांस में। युवती का नाम था- एंजेल गुप्ता और शख्स का नाम मंजीत। मंजीत की मोहब्बत में एंजेल इस कदर डूबी कि उसने फैसला कर लिया कि अपनी आगे की जिंदगी वो उसी के साथ गुजारेगी। एंजेल मॉडलिंग करती थी। मां की नौकरी दिल्ली के लोक निर्माण विभाग में थी और पिता का देहांत हो चुका था। काम के सिलसिले में राजीव नाम के बिजनेसमेन की मुलाकात एंजेल की मां से हुई और बाद में वही उसके परिवार को संभालने लगा। मॉडलिंग के लिए एंजेल मुंबई चली गई, जहां उसके घर का 50 हजार रुपये किराया भी मुंह बोला पिता राजीव ही देता था। उम्र में 10 साल बड़ा था शादीशुदा मंजीत शुरुआत में एंजेल को काम मिला। बी-ग्रेड बॉलीवुड फिल्मों के अलावा उसने कुछ आइटम सॉन्ग्स भी किए। लेकिन, कुछ वक्त बाद जब काम मिलना बंद हो गया, तो वह दिल्ली लौट आई। यही वो वक्त था, जब मंजीत उसकी जिंदगी में आया। मंजीत उम्र में एंजेल से लगभग 10 साल बड़ा था और शादीशुदा भी था। एंजेल को मंजीत की शादी के बारे में पता चला, लेकिन उसके प्यार में वह इतना आगे बढ़ चुकी थी कि उसने इस रिश्ते को कायम रखा। एंजेल जब मुंबई से दिल्ली आती, तो मंजीत उसके घर आकर रहने लगता। मंजीत के इस नाजायज रिश्ते की भनक उसकी पत्नी सुनीता को भी लगी और उसने अपनी शादीशुदा जिंदगी बचाने के लिए भरपूर कोशिश की। बच्चों की दुहाई भी दी, लेकिन मंजीत के कदम नहीं रुके और उसने सुनीता से तलाक मांग लिया। सुनीता ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। मंजीत को पाने की जिद ने बनाया कातिल सुनीता हरियाणा के सोनीपत में एक स्कूल में टीचर थी। दिल्ली के बवाना इलाके में रहने वाली सुनीता का हर दिन एक ही रुटीन था। सुबह बच्चों का नाश्ता-खाना बनाने के बाद स्कूटी से स्कूल जाना और शाम को वापस आकर घर संभालना। उसकी जिंदगी पूरी तरह से अब केवल अपने बच्चों के लिए थी। इसके अलावा रात में वह डायरी भी लिखती थी। जो कुछ वह अपनी जिंदगी में झेल रही थी, सब डायरों के पन्नों में बयां करती। इधर, एंजेल किसी भी कीमत पर मंजीत को पाना चाहती थी। जब उसे पता चला कि सुनीता ने तलाक देने से मना कर दिया है, तो उसने मंजीत के साथ मिलकर एक खतरनाक प्लान बनाया। वह अपने मुंहबोले पिता राजीव के पास गई और उसे सबकुछ बताया। तीनों ने मिलकर तय किया कि रास्ते में रुकावट बन रही सुनीता को खत्म कर दिया जाए। मिस कॉल से दिया हत्यारों को इशारा इस काम के लिए राजीव के ड्राइवर ने उन्हें दो ऐसे लोगों से मिलवाया, जो रुपये मिलने पर किसी की भी जान ले सकते थे। 10 लाख रुपये में एंजेल ने इन दोनों को सुनीता के मर्डर की सुपारी दे दी। हत्या के लिए करवा चौथ का दिन चुना गया और एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये किलर्स को दे दिए गए। सुनीता कब घर से निकलती है, कब लौटती है और किस रूट से जाती है, एंजेल और मंजीत ने पूरी जानकारी जुटाई। सुनीता के बारे में सारी जानकारी मिलने के बाद हत्यारों ने 24 अक्टूबर 2018 को उसे मारने की कोशिश की, लेकिन प्लान पूरा नहीं हो पाया। इसके चार दिन बाद फिर से कोशिश की गई। सुनीता जैसे ही सुबह तैयार होकर स्कूल के लिए अपने घर से निकली, मंजीत ने राजीव के नंबर पर मिस कॉल दी। ये इशारा था कि सुनीता घर से निकल गई और हत्यारों को भी ये बात बता दी गई। डायरी ने खोली एंजेल और मंजीत की पोल सुनीता अभी अपने घर से कुछ ही दूर गई थी कि हत्यारों ने उसे गोली मार दी। हत्या के बाद उन्हें 2 लाख रुपये और दिए गए। दिनदहाड़े हुई सुनीता की हत्या से राजधानी में हड़कंप मच गया। हत्यारों की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई। पुलिस अभी सीसीटीवी, मोबाइल कॉल डिटेल्स और बाकी सबूतों पर काम कर ही रही थी कि उन्हें वह डायरी मिल गई, जिसमें सुनीता सबकुछ लिखती थी। इस डायरी में सुनीता ने मंजीत और एंजले के रिश्ते के बारे में भी लिखा था। पुलिस ने मंजीत से पूछताछ की, लेकिन उसने झूठी कहानियां गढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल रिकॉर्ड्स खंगाले और आखिरकार वह टूट गया। मामले में मंजीत, एंजेल, राजीव, उसके ड्राइवर और दोनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया। सात साल तक कोर्ट में मामले की सुनवाई चली। सबूतों के आधार पर इन सभी को दोषी माना गया और कोर्ट ने इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।  

सीएम ने दिया एनयूजे और डीजेए को संकल्प पत्र में पत्रकारों के हित में किए वादे पूरे करने का भरोसा

नई दिल्ली, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) (एनयूजे-आई) अध्यक्ष रास बिहारी और दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीजेए) के अध्यक्ष राकेश थपलियाल के नेतृत्व में पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। दिल्ली विधानसभा स्थित सीएम आफिस में प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किये जाने का आश्वासन दिया। एनयूजेआई अध्यक्ष रास बिहारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि दिल्ली में कार्यरत सभी पत्रकारों (मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त) को मुफ्त चिकित्सा सुविधा, पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पेंशन सुविधा मुहैया कराई जाए। इसके अलावा दिल्ली सरकार की प्रत्यायन समिति (एक्रीडिटेशन कमेटी) के पुनर्गठन को लेकर भी चर्चा की गई। साथ ही महिला पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संकल्प पत्र में जो घोषणाएं की गई थीं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द ही लागू किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में एनयूजे सचिव अमलेश राजू, डीजेए महासचिव प्रमोद कुमार सिंह, एनयूजे महिला प्रकोष्ठ संयोजक प्रतिभा शुक्ला, डीजेए उपाध्यक्ष अनिता चौधरी, एनयूजे चुनाव आयोग चेयरमैन दधिबल यादव, पब्लिक एशिया के संपादक मुकेश वत्स, एनयूजे कार्यकारिणी सदस्य उषा पाहवा और प्रदीप श्रीवास्तव शामिल रहे।

राजधानी दिल्ली में 15 दिन बंद रहेगी यह सड़क, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक रास्तों से निकलने को कहा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में काठिया बाबा मार्ग पर स्वरूप नगर एसडीएम ऑफिस से लेकर बुराड़ी के विजय चौक तक 15 दिन गाड़ियों की आवाजाही बंद रहेगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक रास्तों से निकलने को कहा है। इसके साथ ही यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, काठिया बाबा मार्ग (स्वरूप नगर-बुरारी रोड) पर पीडब्ल्यूडी की टीम द्वारा मरम्मत और री-कार्पेटिंग के काम के चलते 10 मई 2025 से 15 दिन के लिए स्वरूप नगर एसडीएम ऑफिस (एनएच-44 पर नाला के पास) और विजय चौक (बुराड़ी साइड) के बीच वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इससे ट्रैफिक जाम हो सकता है और इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है। इन वैकल्पिक मार्ग के इस्तेमाल की सलाह • एसडीएम ऑफिस स्वरूप नगर नाला रोड से यात्री सीसी रोड के माध्यम से भलस्वा लैंडफिल (कूड़ा-खट्टा) की ओर जा सकते हैं, फिर झंडा चौक से बुराड़ी चौक तक जा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, बुराड़ी पहुंचने के लिए झंडा चौक से विजय चौक तक का मार्ग चुनें। • विजय चौक से यात्री गुरुद्वारा रोड से होते हुए गुर्जर चौक के रास्ते झंडा चौक से भलस्वा लैंडफिल (कूड़ा-खट्टा) और फिर नाला तक का रास्ता अपना सकते हैं। यात्रियों के लिए सामान्य निर्देश • प्रभावित मार्ग से जाने से बचें और सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। • इस अवधि के दौरान धैर्य और सहयोग बनाए रखें। • ट्रैफिक नियमों का पालन करें और मुख्य मोड़ बिंदुओं पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों और मार्शलों/गार्डों के निर्देशों का पालन करें। • सड़क पर भीड़भाड़ कम करने के लिए कृपया सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। • अपने वाहनों को केवल तय पार्किंग क्षेत्रों में ही पार्क करें। • सुचारू यातायात प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सड़क किनारे पार्किंग से बचें। • वाहन चालकों से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ सहयोग करें। प्रमुख चौराहों पर तैनात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। • दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के माध्यम से अपडेट रहें।  

पैरा ओलंपिक समिति पीसीआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की

नई दिल्ली पैरा ओलंपिक समिति ऑफ इंडिया (पीसीआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष, कोयंबटूर से विधायक और पीसीआई की मुख्य संरक्षक श्रीमती वनाथी श्रीनिवासन ने किया। इस बैठक का आयोजन सितंबर-अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली में प्रस्तावित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया था। इस दौरान श्रीमती वनाथी श्रीनिवासन के साथ पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया, मुख्य कोच सत्यनारायण, निदेशक सत्यबाबू और नई दिल्ली 2025 चैंपियनशिप के संयुक्त सचिव किरुबाकरार राजू भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और समर्थन प्रदान किया जाएगा। यह पहली बार है जब नई दिल्ली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी करने जा रही है, जिसमें 100 से अधिक देशों के एथलीटों के भाग लेने की उम्मीद है। बैठक के दौरान आयोजन स्थलों की संरचना, पहुंच की सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स, एथलीटों के आवास, स्वयंसेवकों की भूमिका और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समन्वय जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद श्रीमती वनाथी श्रीनिवासन ने दिल्ली प्रशासन की तत्परता की सराहना की और कहा कि यह आयोजन न केवल पैरा-एथलेटिक्स को बढ़ावा देगा, बल्कि विकलांग खिलाड़ियों को एक वैश्विक मंच भी प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह चैंपियनशिप भारत की खेलों में बढ़ती वैश्विक पहचान और समावेशिता की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी। पैरा ओलंपिक समिति ऑफ इंडिया विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय में काम कर रही है ताकि इस आयोजन को स्मरणीय और ऐतिहासिक बनाया जा सके, जिससे भारत में पैरा खेलों को एक नई ऊंचाई मिल सके।

दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट्स के साथ सीएम रेखा गुप्ता ने की बैठक

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के मद्देनजर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मौजूदा हालात को देखते हुए शुक्रवार को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट्स (एमएस) के साथ बैठक की। सीएम ने उन्हें बैठक में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करने का निर्देश दिया है। सीएम ने कहा कि देश में उत्पन्न विपरीत स्थिति को देखते हुए राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से इमरजेंसी वार्ड भी स्थापित किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह भी मौजूद रहे। सीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा हालात, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, आवश्यकताओं और चुनौतियों को लेकर समीक्षा की। रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा संकल्प है कि राजधानी में हर नागरिक को सुलभ, सस्ता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। मुख्यमंत्री ने बैठक में दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवाओं की कमी पर चिंता जताते तत्काल जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि लगातार ऐसी खबरें सामने आती रही हैं कि अस्पतालों में आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने समाधान के लिए ठोस ऐक्शन प्लान बनाकर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सीएम ने केंद्र सरकार की तीन प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं, आयुष्मान भारत, वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदना योजना और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आरोग्य मंदिर योजना प्रभावी प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। अस्पताल अलर्ट मोड पर, हर स्थित के लिए तैयार वहीं, भारत-पाकिस्तान में तनाव के मद्देनजर दिल्ली सरकार और केंद्र के अधीन प्रमुख अस्पतालों में आपदा प्रबंधन को लेकर कड़े कदम उठाए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। दिल्ली का प्रमुख सरकारी अस्पताल लोक नायक पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। अस्पताल में 250 स्वास्थ्य कर्मियों को आपदा प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग दी गई है ताकि हर स्थिति से निपटा जा सके। अस्पतालों में बेड आरक्षित लोकनायक अस्पताल में 70 बेड का एक स्पेशल वार्ड आरक्षित किया गया है, जो आपदा के समय इस्तेमाल किया जाएगा। महरौली स्थित राष्ट्रीय क्षयरोग संस्थान में आपदा की स्थिति को देखते हुए 50 बेड का वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। आरएमएल अस्पताल में 10 बेड का एक विशेष वार्ड बनाया गया है। इस बीच स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

दिल्ली एसीबी ने सौरभ भारद्वाज के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांगी इजाजत

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की स्थिति गंभीर हो सकती है. दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने उनके खिलाफ एक कथित भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी है. एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच आरंभ करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति मांगी है. एसीबी के एक अधिकारी के अनुसार, दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भारद्वाज और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था. इस शिकायत के संदर्भ में एसीबी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच के लिए पीओसी अधिनियम की धारा 71 ए के तहत पूर्व अनुमोदन के लिए अनुरोध सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में फरवरी महीने में अपनी पारंपरिक सीट पर हार का सामना करने के बाद, आम आदमी पार्टी (आप) ने संगठन में बदलाव करते हुए पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज को दिल्ली इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. सौरभ भारद्वाज एक कुशल और तेज-तर्रार नेता माने जाते हैं. पिछले महीने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ दर्ज हुआ था केस दिल्ली सरकार के स्कूलों में 12,748 क्लास रूम्स के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के मामले में ACB ने अप्रैल के अंत में ‘AAP’ के नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ कार्रवाई की थी. ACB के अनुसार, यह घोटाला लगभग 2,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें ठेके अत्यधिक बढ़ी हुई दरों पर दिए गए थे. रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रत्येक क्लास रूम का निर्माण 24.86 लाख रुपये में किया गया, जो सामान्य लागत से लगभग 5 गुना अधिक है. यह कार्य कथित तौर पर ‘AAP’ से जुड़े ठेकेदारों को सौंपा गया था.

दिल्ली में कई जगह बढ़ाई सुरक्षा, पाकिस्तानी हमलों के बीच तैयारी, आज बजने वाला है सायरन

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। पड़ोसी मुल्क की ओर से गुरुवार रात जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में हमले की नाकाम कोशिशें की गईं। पाकिस्तान की बौखलाहट को देखते हुए राजधानी दिल्ली में भी पाकिस्तान की नापाक साजिशों को नाकाम करने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को दिल्ली में 3 बजे टेस्टिंग के तौर पर ‘एयर रेड सायरन’ बजने वाला है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (सेंट्रल) जी सुधाकर की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि आईटीओ स्थित पीडब्ल्यूडी हेडक्वॉर्टर पर लगे एयर रेड सायरन की सिविल डिफेंस डायरेक्टोरेट की ओर टेस्टिंग की जाएगी। टेस्टिंग करीब 3 बजे शुरू होगी और 15-20 मिनट तक चलेगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि सायरन से घबराने की जरूरत नहीं है, यह सिर्फ टेस्टिंग के तौर पर बजाया जाएगा। इससे पहले दिल्ली में 7 मई को कई जगह मॉक ड्रिल करके लोगों को बताया गया था कि हवाई हमलों की स्थिति में कैसे खुद को और अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखा है। दिल्ली में कई जगह बढ़ाई गई सुरक्षा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकारी भवनों, सीवेज उपचार संयंत्रों, जल उपचार संयंत्रों, अदालतों और विदेशी दूतावासों सहित सभी महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बाजार, रेलवे स्टेशन, मॉल, पार्क और मेट्रो स्टेशन सहित अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी है। बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार रात दिल्ली पुलिस के सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। रात में ज्यादा चौकसी एक अधिकारी ने बताया, ‘रात्रिकालीन चौकसी बढ़ा दी गई है। हम हर संवेदनशील क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर रहे हैं।’ पुलिस सूत्रों के अनुसार’ सभी क्षेत्र के विशेष आयुक्त सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए अपने पुलिस उपायुक्तों के साथ बैठक कर रहे हैं। एक पुलिस सूत्र ने कहा’ ‘सभी पुलिस उपायुक्त अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की सक्रियता से निगरानी कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।’ पुलिस ने बताया कि दिल्ली में आने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है। कई जगह बम निरोधक दस्तों ने तलाशी अभियान भी शुरू किया है।

पंजाब में उनकी पार्टी की सरकार दिल्ली में कम पानी भेज रही है, दिल्ली में अपनी हार का बदला अब लोगों से ले रहे हैं: प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली पंजाब और हरियाणा में जल विवाद के बीच दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली में अपनी हार का बदला अब लोगों से ले रहे हैं। पंजाब में उनकी आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में कम पानी भेज रही है और अरविंद केजरीवाल दिल्ली के लोगों को प्यासा मारने की साजिश रच रहे हैं। उहोंने कहा, आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता से नाराज हैं क्योंकि लोगों ने उन्हें हरा दिया और अब इसी का बदला वह लोगों को प्यासा मारकर ले रहे हैं। दिल्ली सरकार में पीडब्लूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, दिल्ली में पिछले क हफ्ते से कम पानी आ रहा है। इसकी वजह है पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार जिसने अपनी हार का बदला लेने के लिए दिल्ली का पानी कम कर दिया। उन्होंने कहा, बीबीएमबी के भाकड़ा बोट से हरियाणा के लिए जो पानी रिलीज होता था, उन्होंने उसे कम किया। वहीं दिल्ली में रोज हरियाणा से जो पानी आता था वह 980 क्यूसेक था। लेकिन पिछले एक हफ्ते से यानी एक तारीख को हमारे पास 88 क्यूसेक पानी कम आया, 2 मई को 119 क्यूसेक, 3 मई को 71 क्यूसेक पानी, 4 मई को 55 क्यूसेक और 5 तारीख यानी कल 130 क्यूसेक पानी कम आया। इसका मतलब दिल्ली को 15 फीसदी पानी कम मिला। प्रवेश वर्मा ने कहा, पंजाब सरकार, और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के लोगों से बदला लेना चाहते हैं। पंजाब सरकार अरविंद केजरीवाल के आदेश पर हरियाणा को पानी कम दे रही है और उसी के चलते दिल्ली को भी कम पानी मिल रहा है। ये अरविंद केजरीवाल की गुंडागर्दी और साजिश है। उन्होंने कहा, हम ये गंदी राजनीति चलने नहीं देंगे। उन्होंने कहा है कि दिल्ली वाले इसके लिए अरविंद केजरीवाल को कभी माफ नहीं करेंगे। इसी के साथ उन्होंने अरविंद केजरीवाल से भी कहा कि इतनी गंदी राजनीति आपको शोभा नहीं देती। बता दें, इससे पहले पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें पड़ोसी राज्य के लिए अपने हिस्से का एक भी बूंद पानी नहीं छोड़ने का संकल्प जताया गया। सदन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब, हरियाणा को पानी की एक भी बूंद नहीं छोड़ने देगा, क्योंकि उनके राज्य के पास अतिरिक्त पानी नहीं है। इससे पहले जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव पेश किया, जिसके बाद इस पर चर्चा की गई। गोयल ने प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा कि भाजपा हरियाणा और केंद्र में अपनी सरकारों तथा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के माध्यम से पंजाब के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, असंवैधानिक व गैरकानूनी तरीके से बीबीएमबी की बैठक बुलाकर पंजाब के हक का पानी जबरदस्ती हरियाणा को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। हरियाणा ने 31 मार्च तक अपने हिस्से का पूरा पानी इस्तेमाल कर लिया है। अब भाजपा पंजाब का पानी हरियाणा को देना चाहती है।

दिल्ली में 13-14 मई को विधानसभा का विशेष सत्र

नई दिल्ली दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। सरकार ने 13 और 14 मई को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। बैठक में सत्र के दौरान संभावित विधेयकों और विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के बाद भाजपा विधायक शिखा राय ने बताया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सरकार की मौजूदा और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनता तक उनका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से, 20 दिवसीय स्वच्छता अभियान की शुरुआत होने वाली है, जिसमें सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिखा राय ने कहा कि इस अभियान के जरिए दिल्ली को स्वच्छ बनाने का वादा पूरा किया जाएगा। भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने बताया कि इस सत्र में दिल्ली के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी। इनमें शिक्षा से संबंधित विधेयक और मानसून के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। हालांकि, विधेयकों का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सत्र की तारीखें 13 और 14 मई तय की गई हैं। भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि बैठक में मानसून की तैयारियों, नालों से गाद निकालने, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, टेंडर माफिया को खत्म करने और पानी की उचित व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें सरकार और विधायकों के बीच समन्वय के लिए नियमित रूप से आयोजित होती हैं। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह बैठक विशेष सत्र की तैयारियों और जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाएंगे और उनका समाधान निकालेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार जनता के लिए सप्ताह में सातों दिन-चौबीसों घंटे काम कर रही है। चाहे मौसम, सड़कों की स्थिति या जलभराव की समस्या हो, हर क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल की रिकॉर्ड बारिश के बावजूद जलभराव की स्थिति को एक घंटे में नियंत्रित कर लिया गया। सीएम ने कहा कि 27 साल के बैकलॉग को खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सचिवालय हर दिन जनता की सेवा के लिए खुला रहता है।

कल दूध की बढ़ी कीमतों के खिलाफ मदर डेयरी बूथों पर कांग्रेस करेगी प्रदर्शन

नई दिल्ली दूध की बढ़ी कीमतों के खिलाफ दिल्ली कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। इसके विरोध में कांग्रेस 5 मई को दिल्ली के सभी मदर डेयरी बूथों पर कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे और हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। हाल ही में मदर डेयरी और अमूल डेयरी ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि इस अभियान में बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को शामिल करना है ताकि बीजेपी का जनविरोधी चेहरा सबके सामने आए। उन्होंने ब्लॉक अध्यक्षों से मंडल और सेक्टर स्तर पर भी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। वहीं देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में शनिवार को दिल्ली कांग्रेस ने दिल्ली की सभी 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की मासिक बैठकों में बड़ा फैसला लिया। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराने का फैसले को कांग्रेस की जीत बताते हुए सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को धन्यवाद का प्रस्ताव पास किया गया। यादव ने कहा कि यह प्रस्ताव दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, आदिवासी और अन्य वर्गों के सामाजिक न्याय की लड़ाई के तहत कांग्रेस द्वारा उठाए गए मजबूत जनदबाव के परिणामस्वरूप पारित किया गया। देवेन्द्र यादव ने कहा, ”राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में दलितों, पिछड़ों, अति-पिछड़ों, आदिवासियों और समाज के वंचित वर्गों के लिए सामाजिक न्याय की लड़ाई लंबे समय से लड़ी जा रही थी। इसी का नतीजा है कि केंद्र सरकार को झुकना पड़ा और जातिगत जनगणना का फैसला लेना पड़ा। इसे कांग्रेस की बड़ी जीत बताते हुए यादव ने कहा, ”अब हर घर तक ये संदेश पहुंचाना है कि कांग्रेस ही वो पार्टी है जो लोगों के हक की लड़ाई लड़ती है। इसके लिए हर ब्लॉक में 1000-1000 पोस्टर लगाने का टारगेट दिया गया है, जिसमें राहुल गांधी और खड़गे को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस का मैसेज जनता तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही, दिल्ली कांग्रेस जल्द ही तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में एक बड़ा स्वागत समारोह करने जा रही है, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को सम्मानित किया जाएगा। यादव ने सभी ब्लॉक अध्यक्षों से कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को लेकर इस कार्यक्रम में शामिल हों और तैयारियां शुरू कर दें।

दिल्ली कैबिनेट ने ‘दिल्ली स्कूल एजुकेशन बिल, 2025’ को दी मंजूरी, ऐतिहासिक कदम उठाया

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों में फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दिल्ली कैबिनेट ने ‘दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) बिल, 2025’ को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य सभी 1677 निजी स्कूलों में फीस को पारदर्शी तरीके से नियंत्रित करना है। इस कदम को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो लंबे समय से स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और उत्पीड़न की शिकायत कर रहे थे। वहीं धन्यवाद ज्ञापन के दौरान अभिभावकों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “इस एक्ट के माध्यम से सभी 1677 स्कूलों की फीस को पारदर्शी रूप से नियंत्रित किया जाएगा। पिछली सरकारों के कार्यकाल में फीस लगातार बढ़ रही थी। पहली बार किसी सरकार ने यह एक्ट बनाया है। जल्द ही दिल्ली सरकार इतनी व्यवस्थित हो जाएगी कि लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों में भेजने के लिए मजबूर हो जाएंगे। हम जल्द ही विधानसभा बुलाकर और एक्ट पर मुहर लगाकर इसे दिल्ली की जनता को सौंप देंगे।” हमारा उद्देश्य छात्रों का मानसिक उत्पीड़न बंद हो: आशीष सूद शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, “आप सरकार के विपरीत, हमारी सरकार ने उन सभी रास्तों को बंद कर दिया है जिनके माध्यम से बच्चों को लूट का माध्यम बनाया जाता था। पिछली सरकार यह कर सकती थी, लेकिन अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, उन्होंने स्कूलों द्वारा छात्रों पर दबाव डालकर वसूली गई राशि के लिए मेज के नीचे समझौता किया। 27 वर्षों तक फीस हर साल लगातार बढ़ रही थी। हमारी सरकार ने डीएम कमेटी भेजी, जिसके बाद पहली बार कोर्ट ने डीपीएस को फटकार लगाई। हमारा एकमात्र उद्देश्य है कि छात्रों का मानसिक उत्पीड़न बंद हो।”

दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह तेज हवा के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में इस हफ्ते मौसम खुशनुमा रहनेवाला है। शनिवार को भी मौसम के मिजाज में बदलाव आया है। हवा चलने के साथ-साथ आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह तेज हवा के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है। आईएमडी ने शनिवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया था। आठ मई तक रोज ही हल्के बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और तापमान कम रहने के आसार जताए हैं। इससे पहले शुक्रवार को हुई तेज बारिश से दिल्ली-एनसीआर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। जलभराव के कारण भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई राज्यों में बिजली गिरने की चेतावनी वहीं आईएमडी ने कई राज्यों में भीषण गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है। आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के लिए अलर्ट जारी किया है। आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह जारी आईएमडी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “पूर्वी राजस्थान से पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहे सिस्टम में भीषण गरज-चमक के साथ खतरनाक बिजली गिरने की गतिविधि शुरू हो रही है। पूरे क्षेत्र में ओलावृष्टि की भी संभावना है। आवश्यक सावधानियां/कार्रवाई की सलाह दी जाती है।” 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं आईएमडी ने असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ तूफान की चेतावनी भी जारी की है। आईएमडी ने एक्स पर कहा, “असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बसों का किया उद्घाटन, दिल्लीवालों को 400 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली

नई दिल्ली दिल्लीवालों को 400 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन बसों का उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि यह यह ट्रिपल इंजन वाली सरकार की ताकत है। तीनों अंग एक साथ मिलकर अथक काम कर रहे हैं। कहा कि इस साल के अंत तक 2080 और इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इनिशिएटिव (डीईवीआई) के तहत 400 नई इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 45 प्रतिशत प्रदूषण वाहनों के कारण होता है। हम अगले साल तक 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार राजधानी के परिवहन को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति पर भी काम कर रही है। गुप्ता ने शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी में हुई बारिश के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि सुबह से ही मंत्री और अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए जमीन पर थे। उन्होंने कहा, “हमारे कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा सुबह 6 बजे मिंटो रोड पर थे और अधिकारी सुबह 5 बजे से काम कर रहे थे।” सीएम ने कहा, “हमें याद नहीं है कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री या मंत्री ने बाढ़ या सीवर की स्थिति का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया हो। हम यह सुनिश्चित करने के लिए यहां हैं कि दिल्ली को पिछली उपेक्षा के कारण नुकसान न उठाना पड़े।” सीएम ने प्री-मानसून बारिश को शहर के बुनियादी ढांचे के लिए एक चेतावनी संकेत और विकास में एक दशक से चल रहे पिछड़ेपन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली में योजनाबद्ध विकास नहीं होगा तो ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती रहेंगी। हालांकि आज पूरा प्रशासन इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्पर है।

टीम से बाहर रहने के बावजूद भारत की तरफ से खेलने के उनकी इच्छा और भूख पहले की तरह बरकरार: अजिंक्य रहाणे

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दो साल से राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बावजूद भारत की तरफ से खेलने के उनकी इच्छा और भूख पहले की तरह बरकरार है। इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने आखिरी टेस्ट मैच 2023 में खेला था और वह करीब एक दशक से सीमित ओवरों की टीम से बाहर हैं लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी करने को लेकर अभी हार नहीं मानी है। उन्होंने एक तरह से चयनकर्ताओं को संदेश दे दिया है कि वह उपलब्ध हैं। उनके नाम पर विचार होना चाहिए। रहाणे ने स्टार स्पोर्ट्स प्रेस रूम पर कहा, ‘मैं फिर से भारतीय टीम में जगह बनाना चाहता हूं। मेरी इच्छा, भूख, जज्बा पहले की तरह बरकरार है। मैं अब भी पहले की तरह फिट हूं। मैं एक समय में केवल एक मैच पर ध्यान देना चाहता हूं और अभी मेरा ध्यान केवल आईपीएल पर है। इसके बाद देखते हैं कि भविष्य में क्या होता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो कभी हार नहीं मानता। मैं हमेशा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। मैं मैदान पर 100 प्रतिशत से अधिक देता हूं। यह उन चीजों से जुड़ा है जो मेरे नियंत्रण में हैं। मैं घरेलू क्रिकेट भी खेल रहा हूं और इस समय मैं वास्तव में अपने क्रिकेट का आनंद ले रहा हूं।’ रहाणे के लिए गौरव का सबसे बड़ा क्षण शायद 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा था जिसमें उन्होंने चोटों से जूझ रही टीम का नेतृत्व करते हुए भारत को टेस्ट श्रृंखला में 2-1 से जीत दिलाई थी। इसके बाद वह हालांकि लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने कहा, ‘हर सुबह जब मैं उठता हूं तो यही सोचता रहता हूं कि मैं कौन से लक्ष्य हासिल करना चाहता हूं। मेरे लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करने से बढ़कर कुछ नहीं है। मैं फिर से भारतीय जर्सी पहनना चाहता हूं। जब कोई टूर्नामेंट नहीं चल रहा होता है तो मैं एक दिन में दो से तीन सत्र तक अभ्यास करता हूं। मुझे लगता है कि अभी मेरे लिए खुद को फिट रखना वास्तव में काफी महत्वपूर्ण है।’ रहाणे ने कहा, ‘मैं अपने आहार पर भी ध्यान दे रहा हूं। मेरे अंदर भारत की तरफ से अच्छा प्रदर्शन की प्रेरणा पहले की तरह बनी हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि मैं पहले की तरह खेल का पूरा आनंद ले रहा हूं। मैं खेल को लेकर भावुक हूं। मैं अब भी खेल से प्यार करता हूं।’ रहाणे ने आईपीएल के संदर्भ में कहा कि टीम प्रबंधन नाइट राइडर्स के उप कप्तान वेंकटेश अय्यर का पूरा समर्थन करती है जो इस सत्र में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम पूरी तरह से वेंकटेश अय्यर का समर्थन कर रहे हैं। वह बड़ा स्कोर बनाने से सिर्फ एक पारी दूर हैं। आप शायद अगले चार मैचों में उनकी एक अच्छी पारी देख सकते हैं।’

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज का दिन मुश्किलों से भरा रहा, 100 फ्लाइट्स लेट, 40 डायवर्ट

नई दिल्ली गर्मी से राहत की बारिश इस बार आफत बनकर आई। शुक्रवार सुबह दिल्ली-NCR में अचानक मौसम ने ऐसा करवट ली कि राजधानी की रफ्तार ही थम गई। तेज़ धूल भरी आंधी और भारी बारिश ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया बल्कि हवाई सेवाएं भी बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गईं। 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर में हलचल मचा दी। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर येलो अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है। उड़ानों पर असर: 100 फ्लाइट्स लेट, 40 डायवर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज का दिन मुश्किलों से भरा रहा। मौसम की मार से करीब 100 फ्लाइट्स में देरी हुई है, जबकि 40 से ज्यादा उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इंडिगो की इस्तांबुल से दिल्ली आ रही फ्लाइट 6E-12 को खराब मौसम के चलते अहमदाबाद भेजना पड़ा। एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे फ्लाइट की स्थिति की पुष्टि किए बिना एयरपोर्ट की ओर न बढ़ें। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन की स्थिति एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, मौसम खराब होने के कारण रनवे संचालन में बाधा आई है, लेकिन ज़मीन पर मौजूद टीमें स्थिति को संभालने में जुटी हैं। सभी एयरलाइंस यात्रियों को वास्तविक समय की जानकारी दे रही हैं ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। राजधानी की सड़कें बनीं तालाब भारी बारिश से दिल्ली की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। खानपुर, द्वारका, डीएनडी, मोती बाग, मिंटो ब्रिज, और लोधी रोड जैसे क्षेत्रों में जलभराव के चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। अंडरपासों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन रुक गए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले मार्गों से बचें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं। तेज हवाओं का रिकॉर्ड सुबह 5:30 से 5:50 के बीच दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाएं दर्ज की गईं। प्रगति मैदान में सबसे अधिक 78 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके अलावा लोधी रोड, पिटमपुरा, नजफगढ़, IGNOU और पालम में भी 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ झोंके रिकॉर्ड किए गए। क्या कहता है मौसम विभाग? IMD के अनुसार 1 मई से 7 मई के बीच दिल्ली-NCR में एक-दो दिन के अंतराल पर आंधी और बारिश की संभावना बनी रहेगी। 5 और 6 मई को शाम के वक्त फिर से गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान, उखड़े पेड़, बारिश से सड़कें लबालब

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में आज सुबह मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं, भीषण गर्मी से परेशान दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने लोगों को राहत दी। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के चलते पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। सुबह-सुबह दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। गरज-चमक के बीच बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने व्यक्त किया था। लगातार हो रही तेज बारिश से दिल्ली की सड़कों पर पानी भर गया है। दिल्ली में बूंदाबांदी का सिलसिला तड़के 3 बजे के बाद शुरू हुआ। पहले आईटीओ, मंडी हाउस और मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी और बारिश शुरू हुई। इसके बाद हवाओं में तेजी आई और अंधेरे के बीच गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने लगी। मौसम विभाग के अनुसार 1 मई से 7 मई तक आंधी व बारिश का अनुमान है। इस कारण से तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से 1 मई की रात से 4 मई की सुबह तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 5 और 6 मई को शाम के समय आंधी-तूफान और बादल गरजने की गतिविधियां रहेंगी। इससे पहले मौसम विभाग 1 से 2 मई के लिए बारिश व आंधी का यलो अलर्ट जारी किया था। दिल्ली हवाई अड्डे पर शुक्रवार सुबह आंधी-तूफान और तेज़ हवाओं के कारण परिचालन बाधित होने के कारण तीन उड़ानों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया और 200 से अधिक उड़ानें विलंबित हो गईं। दिल्ली में खराब मौसम के कारण एक फ्लाइट को अहमदाबाद और दो फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया और कई अन्य फ्लाइट में देरी हुई। गाजियाबाद में शुक्रवार तड़के मौसम का मिजाज बदल गया। पहले तेज आंधी चली। इसके बाद बादल गरजे और पांच बजे बारिश शुरू हो गई। इसके बाद पारा चार डिग्री नीचे आ गया। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर यूपी शाही ने बताया कि तेज हवा चलने की वजह से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता अचानक बढ़ गई। आने वाले चार-पांच दिन तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान जहां 40 को पार कर रहा था। वहीं अब यह 30-32 के आसपास रहेगा। रविवार और सोमवार को भी बारिश होने की संभावना बन रही है। हवा की रफ्तार बढ़ने से धूप निकलने पर भी गर्मी से राहत मिली रहेगी। बारिस से गुरूग्राम बना जलग्राम गुरुग्राम में बारिश से शुक्रवार को कई जगहों पर जलभराव हो गया है। घरों के अंदर पानी घुस गया। नरसिंहपुर गांव के सामने दिल्ली जयपुर हाईवे और सर्विस लेन पर तीन फीट पानी भर गया है। इससे वाहन चालकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंधी से कई जगह पेड़ टूट गए। इसकी चपेट में आकर पालम विहार में पार्क की दीवार ढह गई। दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई, जमकर गरजा DDA का बुलडोजर, 200 से ज्यादा झुग्गियां ध्वस्त

नई दिल्ली मयूर विहार यमुना खादर में शुक्रवार को डीडीए ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। 10 बुलडोजर लगाकर एनएच-नौ से डीएनडी के बीच 200 से ज्यादा झुग्गियों को ध्वस्त किया गया। उनके आगे बने चबूतरे तोड़े गए। खेतों में फसल को बुलडोजर से रौंदा गया। नर्सरियों को भी तहस-नहस कर दिया गया। कार्रवाई होते देखते काफी संख्या में लोग ट्रैक्टर, टेंपो और रेहड़ी में झुग्गियों से अपना सामान ले जाते हुए दिखे। मौके पर माैजूद डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि थोड़ी-थोड़ी कार्रवाई कई दिन से चल रही है, अब बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। यह आगे भी जारी रहेगी। झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई मयूर विहार खादर क्षेत्र में नेचर पार्क प्रस्तावित है। इस जगह पर लोग अवैध रूप से झुग्गी डालकर रह रहे थे। यहीं पर वह सब्जियों की खेती करते थे। कुछ लोग पौधों की नर्सरी चला रहे थे। इन झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई। लेकिन बार-बार लोग दोबारा आकर बस जाते थे। कार्रवाई के खिलाफ कई लोग व संगठन दिल्ली हाई कोर्ट ले गए थे। वहां से भी इनको कोई राहत नहीं मिली। बुलडोजर से झुग्गियों को ध्वस्त किया डीडीए ने अब दोबारा से मयूर विहार खादर क्षेत्र में रह रहे झुग्गीवासियों को झुग्गियां खाली करने और अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं किया तो डीडीए खुद अतिक्रमण हटाएगा। उसके तहत ही डीडीए की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से शुक्रवार को खादर में कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से झुग्गियों को ध्वस्त किया। इस दौरान किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ। दबंग किराये पर देते हैं जमीन, उन पर नहीं होती कार्रवाई खादर में दबंग सक्रिय हैं। ये मजदूरी की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को खादर में बसाते हैं। झुग्गी उजड़ने के बाद गाजीपुर के रामखिलावन ने बताया कि वह यहां खेती कर रहे थे। उनके मुताबिक, चिल्ला गांव के एक व्यक्ति से प्रति बीघा 10 हजार रुपये सालाना पर 20 बीघा जमीन ली थी। वहीं पर रहकर सब्जियों की खेती करते थे। पौधों की नर्सरी के लिए 50 हजार रुपये वार्षिक किराये पर भूमि दी गई थी। इस खादर क्षेत्र में बरेली, बदायं, मुजफ्फरपुर, दरभंगा समेत कई इलाकों के लोग रह रहे थे, जो अब छत की तलाश में हैं। इनमें से कुछ ने बताया कि वह नजदीकी आश्रय स्थल चले जाएंगे, कई लोगों ने बताया कि वह न्यू अशोक नगर, त्रिलोकपुरी में कमरा किराये पर लेंगे। अभी बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि डीडीए दबंगों पर कार्रवाई नहीं करता, जो उसकी जमीन का किराया वसूलते हैं। डीडीए की रही है लापरवाही यमुना खादर में पिछले वर्ष भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई थी। उस वक्त दो हजार से अधिक झुग्गियों को हटाकर वहां पर निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड लगाए गए थे। इन गार्डों के रहते हुए वहां पर दोबारा कब्जा हो गया। सुरक्षा गार्डों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह समय-समय पर यहां बस रहे लोगों की जानकारी डीडीए अधिकारियों को देते रहे हैं। इस बारे में डीडीए के प्रवक्ता बिजय पटेल को फोन करके और वाट्सएप पर पक्ष मांगा गया, लेकिन उनका जवाब प्राप्त नहीं हुआ।

भाजपा पार्षद राजा इकबाल सिंह दिल्ली के नए महापौर चुने गए, कांग्रेस के मनदीप सिंह को 125 वोट से हराया

नई दिल्ली इस बार का चुनाव विशेष रूप से दिलचस्प रहा, क्योंकि सत्तारूढ़ आप ने इन पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल नहीं करवाया था। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया से बहिष्कार भी कर दिया था। दिल्ली नगर निगम में मेयर चुनाव के परिणाम शुक्रवार को घोषित हो गए। भाजपा पार्षद राजा इकबाल सिंह दिल्ली के नए महापौर चुने गए, उन्होंने कांग्रेस के मनदीप सिंह को 125 वोट से हराया। चुनाव में 142 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिसमें से एक वोट अवैध पाया गया। कांग्रेस को अपने पार्षदों की संख्या के अनुसार आठ वोट प्राप्त हुए, वहीं राजा इकबाल सिंह को 133 वोट प्राप्त मिले। किसकी थी कैसी स्थिति इस बार का चुनाव विशेष रूप से दिलचस्प रहा, क्योंकि सत्तारूढ़ आप ने इन पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल नहीं करवाया था। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया से बहिष्कार भी कर दिया था। दोनों पदों के लिए विपक्षी दल भाजपा व कांग्रेस के पार्षदों के बीच मुकाबला था। एमसीडी सदन में भाजपा के पास 135 वोट हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल आठ वोट हैं। आप के पास 119 वोट हैं। सत्या शर्मा को चुना गया था पीठासीन अधिकारी मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव में लोकसभा के सातों व राज्यसभा के तीनों सांसदों और विधानसभा की ओर से मनोनीत किए जाने वाले 20 प्रतिशत (14) विधायकों को भी मतदान करने का अधिकार है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मेयर चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए भाजपा की वरिष्ठ पार्षद सत्या शर्मा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया था।

डॉ. ओबेरॉय ने कहा- भाजपा ने एमसीडी के परिसीमन से लेकर चुनाव प्रक्रिया तक में अलोकतांत्रिक तरीके अपनाए

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में शुक्रवार को होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव का आम आदमी पार्टी (आप) ने बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि अब एमसीडी में भाजपा की सरकार है और ‘ट्रिपल इंजन’ वाली सरकार को बिना बहाने जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। यह जानकारी दिल्ली की पूर्व मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय, नेता सदन मुकेश गोयल और पार्षद अंकुश नारंग ने गुरुवार को दी। डॉ. ओबेरॉय ने कहा कि भाजपा ने एमसीडी के परिसीमन से लेकर चुनाव प्रक्रिया तक में अलोकतांत्रिक तरीके अपनाए। इसके बावजूद दिसंबर 2022 में जनता ने आम आदमी पार्टी को बहुमत से जिताया। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में केंद्र, राज्य और एमसीडी तीनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में उसे अब कोई बहाना नहीं बनाना चाहिए और जनता से किए हर वादे को पूरा करना चाहिए। आम आदमी पार्टी विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रूप से निभाएगी और भाजपा को उसकी जिम्मेदारियां याद दिलाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में निगमायुक्त ने हाउस टैक्स में छूट और 12 हजार कर्मचारियों को नियमित करने जैसे प्रस्तावों को लागू नहीं किया। नेता सदन मुकेश गोयल ने कहा कि एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को राहत देने के लिए कई फैसले लिए। इनमें सबसे अहम 100 वर्ग गज से कम के मकानों का हाउस टैक्स माफ करना और 100 से 500 वर्ग गज के मकानों पर टैक्स को आधा करना था। यह प्रस्ताव सदन में पास हुआ। लेकिन, इसे भाजपा के दबाव में निगमायुक्त ने लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि जनता पर उल्टे यूजर चार्ज का बोझ डाल दिया गया, जिससे लोग परेशान हैं। पार्षद अंकुश नारंग ने कहा कि हाउस टैक्स से राहत देने वाला प्रस्ताव सदन से पास हो चुका है, लेकिन भाजपा इसे अधिसूचित नहीं करवा रही। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की आवाज है और इसी कारण मेयर चुनाव में भाग नहीं लेने का फैसला किया गया है। उन्होंने भाजपा से मांग की कि वह निगमायुक्त को निर्देश दे कि हाउस टैक्स छूट की फाइल को तुरंत मंजूरी दी जाए और लागू किया जाए।

बिजली कटौती पर आतिशी का तंज , बोली- लोग कर रहे कठिनाइयों का सामना, मुख्यमंत्री बना रही मजाक

नई दिल्ली दिल्ली में अत्यधिक गर्मी के बीच बिजली की कटौती ने नागरिकों की समस्याओं को बढ़ा दिया है. 40 डिग्री सेल्सियस की तपिश में कई क्षेत्रों में रात के समय घंटों तक बिजली गायब रहती है. इस स्थिति पर आम आदमी पार्टी की नेता और विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री इस गंभीर मुद्दे का मजाक बना रही हैं. पूर्व सीएम आतिशी ने कहा कि दिल्लीवाले गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से परेशान हैं, जिससे रात में नींद भी नहीं आ रही. जबकि सीएम रेखा गुप्ता का दावा है कि दिल्ली में कोई पावर कट नहीं हो रहा और लोग खुद ही लाइट बंद करके मोमबत्ती की रोशनी में डिनर कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सोशल मीडिया पर सभी दिल्लीवाले झूठ बोल रहे हैं या क्या सभी ने मोमबत्ती जलाकर डिनर करने का कार्यक्रम बना लिया है. उन्होंने सीएम से अपील की कि लोगों का मजाक उड़ाना बंद करें और उनकी बिजली की समस्या का समाधान करें. ‘रात में कई घंटों गुल रही बत्ती’ आतिशी ने बताया कि सोमवार रात दिल्ली के कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति ठप रही. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि कल तापमान 40 डिग्री था, जिससे गर्मी की स्थिति बेहद खराब हो गई थी, और रात में घंटों तक बिजली न होने से लोगों को और भी कठिनाई का सामना करना पड़ा. उन्होंने रेखा जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोग कैंडल लाइट डिनर का मजाक न उड़ाएं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करें. ‘मेरे पास आ रहीं शिकायतें’ उन्होंने शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके व्हाट्सऐप और इनबॉक्स में हर सुबह पावर कट की शिकायतें आती हैं. उदाहरण के लिए, कल रात 11:05 बजे भजनपुरा से सूचना मिली कि आधे घंटे से बिजली नहीं है. इसके बाद, 12:44 बजे संगम विहार सी-ब्लॉक, 1:51 बजे कमला नगर, 1:52 बजे उत्तम नगर और 1:53 बजे द्वारका सेक्टर 2 से लोगों ने घंटों से बिजली न होने की जानकारी दी. सोनिया विहार में तो 4:16 बजे तक बिजली गायब थी. भोगल में एक व्यक्ति ने बताया कि रात 3:30 बजे से बिजली चली गई, जबकि वह भी बीजेपी का समर्थक है. कोटला मुबारकपुर में वोल्टेज की समस्या की भी शिकायत की गई है. ‘लोगों की तकलीफ दूर कीजिए’ आतिशी ने प्रश्न उठाया कि क्या रेखा जी, ये सभी लोग झूठ बोल रहे हैं? क्या कमला नगर, संगम विहार, भोगल, उत्तम नगर और द्वारका के निवासी मोमबत्ती जलाकर डिनर कर रहे हैं? आप दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं, कृपया मजाक को छोड़कर लोगों की समस्याओं का समाधान करें. कल रात का तापमान अत्यधिक था, और इतनी गर्मी में बिजली का जाना असहनीय है. फिर भी, दिल्ली के कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली नहीं थी. लोग अपनी परेशानियों की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री को लगता है कि यह सब मजाक है.

दिल्ली में आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता पर साधा निशाना, कहा-भीषण गर्मी और बिजली कटौती से लोग परेशान

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग बेहद परेशान हैं। रविवार को दिल्ली में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, और इस भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में रात के समय घंटों तक बिजली गुल रही। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किए हैं। आतिशी ने कहा कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में लंबे-लंबे पावरकट लगे हैं, जिससे लोग बेहद मुश्किल में हैं। लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दावा है कि दिल्ली में कहीं कोई बिजली कटौती नहीं हो रही और लोग खुद कैंडल लाइट डिनर करने के लिए अपनी लाइटें बंद कर रहे हैं। आतिशी ने सवाल किया, “क्या सोशल मीडिया पर सभी दिल्लीवासी झूठ बोल रहे हैं? क्या सभी ने कैंडल लाइट डिनर करने के लिए अपनी लाइटें बंद कर मोमबत्तियां जला ली हैं?” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को दिल्लीवासियों का मजाक उड़ाने के बजाय बिजली समस्या का समाधान करना चाहिए। आतिशी ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में बताया कि कैसे उन्हें देर रात तक अलग-अलग इलाकों से बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि भजनपुरा में रात 11:05 बजे बिजली गुल होने की शिकायत, संगम विहार (सी-ब्लॉक) में रात 12:44 बजे बिजली न होने की जानकारी, कमला नगर में रात 1:51 बजे एक घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती, जीवन पार्क, उत्तम नगर में रात 1:52 बजे एक घंटे से ज्यादा बिजली गुल, सेक्टर 2, द्वारका में रात 1:53 बजे से दो घंटे से ज्यादा बिजली नहीं, सोनिया विहार में सुबह 4:16 बजे से लगातार बिजली नहीं, भोगल में सुबह 4:26 बजे से एक घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती। आतिशी ने दावा किया है कि ये सब शिकायतकर्ता भाजपा समर्थक हैं। इसके अलावा, कोटला मुबारकपुर के लोगों ने लगातार वोल्टेज फ्लक्चुएशन की शिकायत की। नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि दिल्ली में जगह-जगह से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। क्या यह सब झूठ है? क्या कमला नगर, संगम विहार, भोगल, उत्तम नगर जैसे इलाके काल्पनिक हैं? आतिशी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि जनता की पीड़ा को समझें और उसका हल निकालें। उन्होंने कहा, “दिल्लीवाले पावरकट नहीं चाहते। उन्हें राहत चाहिए, मजाक नहीं।”

दिल्ली मेयर चुनाव नहीं लड़ेगी आम आदमी पार्टी , आतिशी बोली- बीजेपी को मुबारक हो तोड़फोड़ की राजनीति

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी  ने मेयर चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस बार वह मेयर का चुनाव नहीं लड़ेगी. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि BJP उन स्थानों पर चुनाव हारने के बाद साम, दाम, दण्ड और भेद की नीति अपनाकर सरकारें बनाती है. बीजेपी अन्य पार्टियों को तोड़कर अपनी सरकार बनाती है. एमसीडी चुनाव को गुजरात चुनाव के साथ आयोजित किया गया, लेकिन उनकी कोई रणनीति सफल नहीं हुई. पिछले ढाई वर्षों में आम आदमी पार्टी के पार्षदों को बीजेपी ने तोड़कर अपने पक्ष में किया है. हम किसी विधायक या पार्षद को खरीदने या बेचने में विश्वास नहीं रखते. पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि वर्तमान में MCD में बीजेपी का बहुमत है, जो तोड़फोड़ के परिणामस्वरूप प्राप्त हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी तोड़फोड़ की राजनीति में शामिल नहीं है, इसलिए वे इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. बीजेपी को अपनी ट्रिपल इंजन सरकार का संचालन करना चाहिए और दिल्ली के कानून तथा सफाई की जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए. आतिशी ने यह भी कहा कि बीजेपी ने निगम में अपने संख्याबल को बढ़ाने के लिए तोड़फोड़ की है, और यदि उन्हें चुनाव जीतना है, तो उन्हें भी ऐसा करना पड़ेगा, जो कि उनकी पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है. आम आदमी पार्टी के मेयर चुनाव में भाग न लेने के निर्णय के बाद, बीजेपी ने इस पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं. बीजेपी के दिल्ली प्रवक्ता, प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी को यह भली-भांति समझ में आ गया है कि वह दिल्ली नगर निगम में न केवल बहुमत खो चुकी है, बल्कि पिछले ढाई वर्षों में नगर निगम के प्रशासनिक और रखरखाव कार्य भी ठप हो गए हैं. इस स्थिति के कारण आम आदमी पार्टी अब त्याग का दिखावा कर रही है. बीजेपी के प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी के मेयर चुनाव से पीछे हटने पर उसे आलोचना का निशाना बनाया है. इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस और आप के संभावित गठबंधन का भी जिक्र किया. उनका कहना है कि भविष्य में “आप” और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने एक-दूसरे से अलग होकर चुनाव लड़ा था.

एमसीडी चुनाव : बीजेपी ने मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की

 नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर बीजेपी ने मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ऐलान करते हुए बताया कि सरदार राजा इकबाल सिंह एमडीसी मेयर और जय भगवान यादव डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार होंगे. राजा इकबाल सिंह और जय भगवान यादव आज नामांकन दाखिल करेंगे. आम आदमी पार्टी के एमसीडी मेयर चुनाव लड़ने से इनकार के बाद अब इनका चुना जाना औपचारिकता भर है. राजा इकबाल सिंह दुबारा संयुक्त एमसीडी होने के बाद बीजेपी के पहले मेयर होंगे. इकबाल सिंह फिलहाल सदन में नेता विपक्ष हैं. ये पहले ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रह चुके हैं. बता दें कि हर वित्तीय वर्ष की पहली बैठक में मेयर का चुनाव होता है, जो आमतौर पर अप्रैल में आयोजित की जाती है. चुनाव होने तक मौजूदा मेयर पद पर बने रहते हैं. वर्तमान में ‘आप’ के महेश खींची इस पद पर काबिज हैं और चुनाव तक वही कार्यरत रहेंगे. 11 अप्रैल को जारी आदेश में एमसीडी सचिव शिव प्रसाद ने कहा था, “एमसीडी की अप्रैल की सामान्य बैठक 25 अप्रैल, 2025 को दोपहर 2 बजे अरुणा आसफ अली सभागार, सिविक सेंटर में आयोजित की जाएगी, जिसमें मेयर और उपमेयर का चुनाव भी कराया जाएगा.” दिल्ली में निगम चुनाव हर पांच साल में होते हैं, जबकि मेयर का चुनाव हर साल होता है. पिछला मेयर चुनाव नवंबर 2024 में हुआ था, क्योंकि अप्रैल 2024 में उस समय के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के कारण समय पर मंजूरी नहीं मिल पाई थी. इस साल मेयर पद सभी पार्षदों के लिए खुला है, क्योंकि पहले कार्यकाल में महिलाओं और तीसरे कार्यकाल में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण लागू होता है. इस बार कोई आरक्षण लागू नहीं है. फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद ‘आप’ के कई पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे बीजेपी को मेयर चुनाव में बढ़त मिल गई. मेयर चुनाव के लिए निर्वाचन मंडल में 250 पार्षद, सात लोकसभा सांसद, तीन राज्यसभा सांसद और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नामित 14 विधायक शामिल होते हैं. 10 नामित पार्षद (एल्डरमेन) भी प्रक्रिया में भाग लेते हैं, लेकिन उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होता. एमसीडी चुनाव में आप को मिली थी 134 सीटों पर जीत दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 22 मार्च को एमसीडी के लिए 14 विधायकों को नामित किया, जिनमें 11 बीजेपी और 3 आप के विधायक हैं. 2022 के निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 134 सीटें जीतकर बीजेपी (104 सीटें) को हराया था. 14 नवंबर, 2024 को हुए मेयर चुनाव में ‘आप’ उम्मीदवार को केवल तीन वोटों के अंतर से जीत मिली थी, जिसमें क्रॉस वोटिंग की भूमिका रही. वर्तमान में 274 सदस्यीय निर्वाचन मंडल में बीजेपी के पास 135 और आप के पास 119 सदस्यों का समर्थन है. 12 सीटें खाली हैं, क्योंकि 11 पार्षद विधायक और एक सांसद चुने जा चुके हैं.  

आज आप पार्टी और बीजेपी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी, मेयर चुनाव 25 अप्रैल को होना है

नई दिल्ली दिल्ली में आज मसीडी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के नामांकन का आखिरी दिन है. दिल्ली में मेयर चुनाव 25 अप्रैल को होना है, ऐसे में नामांकन के आखिरी दिन आम आदमी पार्टी और बीजेपी की तरफ से मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी. उम्मीदवार अपना नामांकन सुबह 10 बजे से शाम 5 के बीच नगर निगम सेक्रेटरी के पास सिविक सेन्टर में करेंगे. दरअसल, दिल्ली नगर निगम में पिछले तीन सालों से आम आदमी पार्टी की सरकार है. पहले साल आम आदमी पार्टी ने अपना मेयर शैली ओबेरॉय और डिप्टी मेयर अली मोहम्मद इकबाल को बनाया था, इसके बाद दूसरे साल भी यही लोग मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर रहे. तीसरे साल में रिजर्व सीट होने की वजह से इस सीट पर महेश कुमार खींची मौजूदा वक्त में मेयर है जो कि आम आदमी पार्टी से ही है. आप के लिए मुश्किल रहा साल हालांकि एमसीडी में यह साल आम आदमी पार्टी के लिए कुछ मुश्किल भरा रह सकता है क्योंकि इस बार विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की दिल्ली में हर के बाद सत्ता से आम आदमी पार्टी की सरकार चली गई है और एमसीडी में भी पार्षदों के नंबर बीजेपी के मुकाबले काफी कम हो गए हैं. 3 साल से विपक्ष में बीजेपी अगर बीजेपी की बात करें तो पिछले तीन सालों से बीजेपी विपक्ष के तौर पर एमसीडी में थी लेकिन इस बार एमसीडी चुनाव में बीजेपी का पडला भारी दिखाई दे रहा है. जिसकी दो मुख्य वजह हैं एक यह की बीजेपी के पार्षद नंबर में ज्यादा हैं और दूसरी वजह मेयर चुनाव के लिए पार्षदों के अलावा विधायक और एमपी भी वोट करते हैं जिसे हिसाब से दिल्ली में बीजेपी के विधायक को और एमपी की संख्या भी ज्यादा है. किसका नंम्बर कितना? एमसीडी चुनाव में नंबरों का आंकड़ा बेहद दिलचस्प है और यही आंकड़ा किसी एक पार्टी को जीत की ओर ले जाएगा और एमसीडी में सत्ता दिलाएगा. मौजूदा वक्त में आम आदमी पार्टी के 113 पार्षद हैं बीजेपी के 117 और कांग्रेस के 8 पार्षद हैं. इसके इलावा विद्यायक और सांसद भी वोट करते हैं जिसके हिसाब से आंकड़ा देखा जाए तो वोट के लिए आम आदमी पार्टी के पास वोट के लिए 3 विधायक और 3 सांसद हैं. बीजेपी के पास 11 विधायक और 7 सांसद हैं.  

सीलमपुर हत्याकांड: 2 साल के बच्चे की मां है लेडी डॉन जिकरा, क्यों बना रही थी नाबालिग लड़कों की गैंग

नई दिल्ली दिल्ली के सीलमपुर में हुई 17 साल के कुणाल की हत्या के बाद पुलिस ने जिकरा नाम की लेडी डॉन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए जिकरा की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, जिसके बाद उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। आरोप है कि कुणाल की हत्या जिकरा के चचेरे भाइयों ने की है और इसकी साजिश जिकरा ने रची थी। वह कुणाल से भाई पर हुए हमले का बदला लेना चाहती थी। जिन दो लोगों ने गुरुवार रात को कुणाल पर हमला किया वह नाबालिदग बताए जा रहे हैं। इस बीच 22 साल की लेडी डॉन जिकरा को लेकर हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सीलमपुर हत्याकांड की मास्टरमाइंड लेडी डॉन जिकरा दो साल के बच्चे की मां थी और अपने पति से अलग रह रही थी। बताया ये भी जा रहा है कि वह मस्तान गैंग का हिस्सा थी जिसे शोएब मस्तान नाम का शख्स चला रहा था। फिलहाल वह लूट के मामले में जेल में है। रिपोर्ट के मुताबिक जिकरा नाबालिग लड़कों की एक गैंग तैयार कर रही थी ताकी उनके जरिए आपराधिक गतिविधयों को अंजाम दे सके। उसने अपनी गैंग में 8-10 नाबालिग लड़के रखे हुए थे। कुणाल हत्याकांज में शामिल दो आरोपी भी इसी गैंग का हिस्सा थे। हालांकि इनमें से एक आरोपी अगले महीने 18 साल का होने वाला है। इससे पहले खबर थी कि वह जेल में बंद हाशिम बाबा की पत्नी जोया की बाउंसर के रूप में काम करती थी। वह जोया के जरिए हाशिम बाबा तक पहुंचना चाहती थी और जोया के गिरफ्तार होने से पहले वह उसी के साथ रह रही थी। जब जोया गिरफ्तार हुई तो उसने अपनी अगल गैंग बनानी शुरू कर दी। वहीं उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था कि पिछले साल नवंबर में लाला और शंभू नाम के दो लोगों ने उसके भाई पर हमला किया था। ये दोनों कुणाल के दोस्त हैं। उस वक्त वहां कुणाल भी था लेकिन वह नाबालिग था, इसके लिए उसका नाम एफआईआर में नहीं आया। जिकरा और उसके भाई को लगता था कि कुणाल की वजह से ही उसके भाई पर हमला हुआ, इसलिए उन्होंने कुणाल से बदला लेने का प्लान बनाया था। गुरुवार की शाम कुणाल अपने पिता के लिए चाय बनाने के लिए दूध लेने के लिए निकला था। तभी वहां उसे आरोपी मिल गए। उन्होंने उस पर चाकू से वार किए। इसके बाद कुणाल किसी तरह एक क्लिनिक पहुंचा जहां डॉक्टर ने उसका प्राथमिक उपचार किया और फिर उसे अस्पताल ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में ही कुणाल ने दम तोड़ दिया।

दिल्ली में दो दिन भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, उत्तर भारत में मौसम ने पलटी चाल

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ली है, और शुक्रवार शाम से शुरू हुई आंधी-बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस वीकेंड दिल्ली में तेज आंधी और बारिश की संभावना है, जिसके साथ ही बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के कई अन्य राज्यों में भी मौसम बिगड़ने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली में दो दिन भारी बारिश और आंधी का अलर्ट शनिवार और रविवार को दिल्लीवासियों को फिर से मौसम की सख्ती का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली का तापमान इस दौरान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक गिर सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान: यूपी, पंजाब और अन्य राज्यों में आफत दिल्ली के अलावा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा मैदानी इलाकों में भी आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा, हिमालयी क्षेत्रों और उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर जैसे राज्यों में भी आंधी और बिजली की संभावना बनी हुई है। राजस्थान और अन्य राज्यों में गर्मी का प्रकोप वहीं, कुछ राज्यों में गर्मी का कहर भी जारी है। राजस्थान में लू चलने की संभावना जताई जा रही है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी उमस और गर्मी का असर देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है, जबकि गुजरात में भी तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ और इसकी भूमिका मौसम विभाग के अनुसार, इस अचानक मौसम परिवर्तन का कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जो उत्तरी ईरान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 से 21 अप्रैल तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश, गरज, और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

अफगानिस्तान बॉर्डर पर था केंद्र, दिल्ली-एनसीआर में भूकंप से फिर हिली धरती

नई दिल्ली अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में शनिवार दोपहर आए 5.8 तीव्रता के भूकंप से उत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए। कश्मीर घाटी और दिल्ली-एनसीआर में भी दोपहर करीब 12:17 बजे कंपन दर्ज किया गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन से 86 किलोमीटर नीचे थी और इसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में स्थित था। यह इलाका पहले से ही भूकंपीय गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। कश्मीर घाटी में झटकों के बाद लोग अपने-अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। एक वायरल वीडियो में देखा गया कि श्रीनगर में एक इमारत से लोग तेजी से बाहर भागते नजर आए। इसी तरह दिल्ली-एनसीआर में भी कई लोगों ने कंपन महसूस होने की पुष्टि की और सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। कोई जान-माल का नुकसान नहीं अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव टीमों को सतर्क कर दिया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस गहराई पर आए भूकंप से व्यापक क्षति की संभावना कम होती है। इस इलाके में क्यों आते हैं भूकंप? अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र यूरेशियन और इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट्स के टकराव की वजह से भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय है। यहां नियमित अंतराल पर भूकंप आते रहते हैं। हाल के वर्षों में भी इस क्षेत्र में कई बार तीव्र झटके दर्ज किए जा चुके हैं।

दिल्ली के Dayalpur में देर रात गिरी चार मंजिला इमारत, 4 लोगों की मौत

दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. रात करीब 3 बजे यहां के शक्ति विहार इलाके में स्थि​त एक चार मंजिला इमारत भराभरा कर गिर गई. बता दें कि यह इलाका मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इमारत के गिरने से करीब दो दर्जन लोग मलबे में दब गए. एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा के मुताबिक इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो गई है. मृतकों की पहचान चांदनी, दानिश, रेशमा और नावेद के रूप में हुई है. फिलहाल 18 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है जिनमें से 14 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभी भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं. एनडीआरएफ, डॉग स्क्वाड, दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. स्थानीय लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं. एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत पुरानी या जर्जर हालत में नहीं थी बल्कि अच्छी कंडीशन में थी लेकिन यह प्लॉट ‘L’ शेप में था जो संभवत: बिल्डिंग के गिरने की एक वजह हो सकता है. दिल्ली फायर सर्विस के एक कर्मी ने बताया कि हमें रात करीब 2:50 बजे एक मकान के ढहने की सूचना मिली. हम मौके पर पहुंचे तो पाया कि पूरी इमारत ढह गई है और लोग मलबे में फंसे हुए हैं. एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस लोगों को बचाने के लिए काम कर रही है.  

सीलमपुर हत्या मामला: CM रेखा गुप्ता ने कहा, जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी, मृतक परिवार के साथ होगा पूरा न्याय

नई दिल्ली उत्तर पूर्वी दिल्ली में न्यू सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद से आरोपी फरार हैं। इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की गुरुवार शाम को चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान उसी इलाके के कुणाल के रूप में हुई है। नाबालिग लड़के पर गुरुवार शाम करीब 7.38 बजे हमला हुआ था। सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए सीलमपुर में युवक की हत्या पर कहा, “मैंने खुद पुलिस कमिश्नर से बात की है। कुणाल पर चाकुओं से हमला हुआ था। परिवार के लोग गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या के दोषियों को पुलिस गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। हमें पूरी उम्मीद है कि पुलिस दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बताया था कि चाकू घोंपने की घटना की सूचना सीलमपुर थाने को मिली थी। इसके बाद तुरंत पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, तब तक कुणाल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद, गहन जांच के लिए क्राइम टीम को भी मौके पर भेजा गया था। सीलमपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की हैं। वरिष्ठ अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। हत्या के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। परिजनों की मांग है कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे।

फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार दो अज्ञात युवकों ने साइड नहीं देने को लेकर किया झगड़ा, मारी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली नोएडा की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने सड़क पर मामूली विवाद के चलते एक व्यक्ति के साथ गाली-गलौज की और उसके सिर में गोली मार दी। यह घटना शुक्रवार को सामने आई, जब पीड़ित ने थाने में मामला दर्ज करवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार दो अज्ञात युवकों ने पीड़ित के गांव के एक व्यक्ति से साइड नहीं देने को लेकर झगड़ा किया। इसके बाद देखते ही देखते गोली चला दी। इस वारदात में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-63 पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। घटना की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और फॉर्च्यूनर वाहन को ट्रेस किया। जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की। इनमें विकास कुमार बुलंदशहर का मूल निवासी है, जो फिलहाल नोएडा के सेक्टर-71 में रहता है। वहीं, ललित कुमार अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना के खालिसपुर भटोनी का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर गाड़ी, एक लाइसेंसी पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक लाइसेंस बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि सेक्टर-63 इलाके में यह घटना हुई थी और इसमें शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित की हालत स्थिर बनी हुई है। दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने जनता के पैसों का किया गबन, नेशनल हेराल्ड मामले पर भाजपा का प्रदर्शन

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के अकबर रोड स्थित मुख्यालय के पास नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने जनता के पैसों का गबन किया है और इसे पार्टी नेताओं के निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ता मान सिंह रोड पर एकत्र हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने से पहले ही रोक लिया। “मामला 2,000 करोड़ की संपत्ति का है” – भाजपा प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र सचदेवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा- “यह मामला 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के कम मूल्यांकन का है, जिसे मात्र 50 लाख रुपये में मां ने बेटे को सौंप दिया।” उनका सीधा इशारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एक राजनीतिक पार्टी की आड़ में घोटाला किया है और अब जवाब देने से बच रही है। ED की जांच और कांग्रेस नेताओं पर आरोप प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में धनशोधन (money laundering) के आरोप में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र (charge sheet) दाखिल किया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने सार्वजनिक पैसे का दुरुपयोग करते हुए इसे अपने नेताओं के निजी ट्रस्ट ‘यंग इंडियन’ को ट्रांसफर कर दिया। कांग्रेस ने ईडी की इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। “जमानत क्यों ली गई?”: भाजपा का सवाल वीरेंद्र सचदेवा ने यह भी सवाल उठाया कि अगर सोनिया गांधी और राहुल गांधी खुद को निर्दोष मानते हैं, “तो उन्होंने जमानत क्यों ली? उन्हें कोर्ट में जाकर कानूनी लड़ाई लड़नी चाहिए और खुद को सही साबित करना चाहिए था।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले से बचने की कोशिश कर रही है, लेकिन भाजपा इसे यूं ही नहीं छोड़ने वाली। “चुराया गया हर पैसा वसूला जाएगा” भाजपा नेता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला केवल एक ट्रांसफर या दस्तावेजी गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह “साजिश, भ्रष्टाचार और जनता के धन की चोरी” का मामला है। “कांग्रेस द्वारा चुराए गए एक-एक पैसे की वसूली की जाएगी,” उन्होंने कहा। कांग्रेस की प्रतिक्रिया: “यह बदले की राजनीति है” वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है कि भाजपा और केंद्र सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि यह मामला वर्षों पुराना है और इसे सिर्फ चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए उठाया जा रहा है। नेशनल हेराल्ड मामला एक बार फिर से भारतीय राजनीति में भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी लड़ाई का केंद्र बन गया है। जहां एक ओर भाजपा इसे घोटाले और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे सत्ता का दुरुपयोग मान रही है।  

रोज़मर्रा की सफाई में काम आने वाला घड़ी डिटर्जेंट, अब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म्स का नाम होगा

नई दिल्ली देश की राजधानी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों को एक नया नजारा देखने को मिलेगा। रोज़मर्रा की सफाई में काम आने वाला घड़ी डिटर्जेंट, अब केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका नाम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 6, 7, 8 और 9 पर प्रमुखता से चमकेगा। आरएसपीएल ग्रुप (RSPL Group) की इस प्रमुख डिटर्जेंट ब्रांड ने भारतीय रेलवे के साथ एक साल के लिए प्लेटफॉर्म्स के नामकरण अधिकार हासिल किए हैं। कंपनी ने गुरुवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। ब्रांडिंग में दिखेगा घड़ी का नया अवतार समझौते के तहत इन पांच प्लेटफॉर्म्स पर घड़ी डिटर्जेंट की ब्रांडिंग पैनल, बिलबोर्ड, विनाइल रैपिंग और डिजिटल साइन बोर्ड्स के जरिए की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य है ब्रांड को यात्रियों के बीच अधिक व्यापक रूप से पहुंचाना और स्टेशन की सुंदरता में भी इजाफा करना। आरएसपीएल समूह के प्रवक्ता ने कहा: “यह हमारे लिए मील का पत्थर है। यह अनूठा अवसर हमें अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचने में मदद करेगा, और हम भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी करके बेहद खुश हैं।” यात्रियों के लिए सुविधाओं में भी बढ़ोतरी ब्रांडिंग के अलावा, घड़ी डिटर्जेंट ने यात्रियों की सुविधाओं को भी ध्यान में रखा है। समझौते के तहत इन प्लेटफॉर्म्स पर: ➤ महिला फीडिंग रूम ➤ साफ-सुथरे साइन बोर्ड्स ➤ डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन घड़ी डिटर्जेंट: एक घरेलू ब्रांड से राष्ट्रीय पहचान तक घड़ी डिटर्जेंट की कहानी 1987 में आरंभ हुई थी, जब आरएसपीएल समूह ने इसे भारतीय बाजार में लॉन्च किया। आज यह भारत के शीर्ष डिटर्जेंट ब्रांड्स में शामिल है, जिसका मार्केट शेयर 25% से अधिक है। इसकी टैगलाइन “पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें” ने इसे आम भारतीय उपभोक्ताओं से जोड़ा और इसे एक भरोसे का नाम बना दिया। घड़ी की सफलता के पीछे कारण हैं: ➤ किफायती मूल्य ➤ मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क ➤ सटीक मार्केटिंग रणनीति ➤ ग्राहकों की जरूरतों को समझना ब्रांडिंग और स्टेशन सुधार का नया मॉडल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यह ब्रांडिंग एक उदाहरण है कि कैसे कॉर्पोरेट साझेदारियों के ज़रिए सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे ना केवल ब्रांड को नई पहचान मिलती है, बल्कि यात्रियों को सुविधाएं भी बढ़ती हैं। भारतीय रेलवे और निजी कंपनियों के बीच इस तरह की साझेदारियां भविष्य में रेलवे स्टेशनों की सूरत बदलने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती हैं।  

आखिर टूट गया 2016 से चला आ रहा वाम छात्र गठबंधन, 2015-16 में आखिरी बार जीती थी ABVP, मुकाबला हुआ दिलचस्प

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) चुनाव के लिए 2016-17 से चला आ रहा वाम छात्र संगठनों का गठबंधन टूट गया है। आखिरी समय तक अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान चलती रही। अब आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) ने गठबंधन बनाया है। दूसरी ओर, स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआई), बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंटस एसोसिएशन (बापसा), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पीएसए) ने अपना गठबंधन बनाने की घोषणा की है। 2015-16 में आखिरी बार जीती थी ABVP हालांकि, इनके अधिकतर उम्मीदवारों के नामांकन रद हो गए और देर रात तक गठबंधन अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाया। 2015-16 में आखिरी बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2016-17 के चुनावों में आईसा, एसएफआई और एआईएसएफ ने गठबंधन किया था। 2018 के चुनावों में डीएसएफ भी इस गठबंधन का हिस्सा बन गया था। तब से चारों संगठन साथ मे चुनाव लड़ते आ रहे हैं। लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। कोविड में तीन साल नहीं हुए चुनाव कोविड के तीन वर्ष बाद 2023 में भी हुए चुनावों में संयुक्त वाम गठबंधन ने जीत हासिल की थी। एबीवीपी कोई सीट नहीं जीत सकी थी। लेकिन, इस वर्ष अध्यक्ष पद को लेकर जेएनयू के दो प्रमुख छात्र संगठन आईसा और एसएफआई आमने-सामने थे। दोनों अपने उम्मीदवार को अध्यक्ष पद देना चाहते थे। इसलिए गठबंधन पर बात नहीं बन सकी। आईसा और डीएसएफ साथ चले गए। उधर, एसएफआई और अन्य छात्र संगठन आखिरी तक अपने उम्मीदवार अंतिम नहीं कर सके। जिसके चलते उनके अधिकतर उम्मीदवारों के नांमाकन रद हो गए। एसएफआई ने सूची को गलत बताया जो सूची बाहर आई है, उसमें एसएफआई की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार बताई जा रहीं गोपिका का ही नाम नहीं है। एसएफआई का अध्यक्ष पद पर चौधरी तैय्यबा अहमद का नाम है। एसएफआई ने सूची को गलत बताया है। इसलिए वह प्रदर्शन कर रहे हैं और नाम वापसी के लिए और समय मांग रहे हैं। अगर उनको समय नहीं मिलता है तो इसका सीधा फायदा एबीवीपी को मिल सकता है। एनएसयूआई ने चारों पदों पर घोषित किए उम्मीदवार नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने जेएनयूएसयू चुनाव में चारों पदों पर उम्मीदवार उतारे हैं। अध्यक्ष पद के लिए प्रदीप ढाका, उपाध्यक्ष पर फर्टिनिटी से मोहम्मद कैफ, महासचिव पद पर अरुण प्रताप और संयुक्त सचिव के लिए सलोनी खंडेलवाल को उम्मीदवार बनाया है।

बिना अनुमति के चलने ढाबों को तत्काल ध्वस्त कर दिया जाएगा और उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए जाएंगे: पर्यावरण मंत्री

नई दिल्ली दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में अवैध ढाबों और मांस की दुकानों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना अनुमति के चलने वाले इन ढाबों को तत्काल ध्वस्त कर दिया जाएगा और उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। सिरसा ने यह निर्देश पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके के दौरे के दौरान दिए, जब उन्होंने नागरिक मुद्दों की समीक्षा की। मनजिंदर सिंह सिरसा के इन सख्त निर्देशों से यह साफ है कि दिल्ली सरकार अवैध ढाबों और प्रदूषण की समस्या पर कड़ा रुख अपनाने के लिए तैयार है। इन कार्रवाईयों से न केवल अवैध प्रतिष्ठानों पर काबू पाया जाएगा, बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए कदमों से दिल्ली को और भी साफ और हवादार बनाया जा सकेगा। सिरसा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा “राजधानी में कहीं भी अवैध व्यवसायों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासकर, यहां 40-50 अवैध ढाबे और मांस की दुकानें बिना अनुमति के चल रही हैं। ऐसे गैरकानूनी प्रतिष्ठानों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ा जाएगा।” उन्होंने जिला आयुक्त और अधिकारिक आयुक्त को आदेश दिया कि वे इस मामले में तुरंत कार्रवाई करें और इन सभी अवैध ढाबों को सील करें। साथ ही इन प्रतिष्ठानों के पानी और बिजली कनेक्शन काट दिए जाएं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम इसके अलावा, सिरसा ने प्रदूषण से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीपीएस युक्त पानी के टैंकरों का इस्तेमाल प्रदूषण वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। इन टैंकरों को उस क्षेत्र में तैनात किया जाएगा जहां धूल और प्रदूषण का स्तर अधिक है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन टैंकरों की गतिविधि और आवागमन पर दैनिक रूप से निगरानी रखी जाए। सिरसा ने बताया कि यह कदम दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को सुलझाने के लिए उठाया गया है, और इसके प्रभावी परिणाम मिलने की उम्मीद है। पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक इसके अलावा, सिरसा ने पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार उन वहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए कदम उठा रही है, जो प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। यह कदम दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और साफ हवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और ऐसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं जो शहर में स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को बेहतर बनाएं। सरकार की सख्त नीति सिरसा ने यह भी कहा कि इन सभी कदमों का उद्देश्य दिल्ली को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रदूषण रहित शहर बनाना है। उन्होंने राज्य सरकार के दृढ़ इरादों का जिक्र करते हुए कहा- “दिल्ली में प्रदूषण कम करना हमारी प्राथमिकता है, और हम इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” उनका यह भी कहना था कि यह सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली में कोई भी अवैध गतिविधि न हो, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।  

एनएचएआई द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया: केंद्र सरकार

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू करने की बात कही गई थी। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया हाउस की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू हो जाएगा और यह मौजूदा फास्टैग आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम को रिप्लेस करेगा। मंत्रालय ने आगे कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।” टोल प्लाजा पर वाहनों की निर्बाध, बिना किसी परेशानी के आवाजाही को सक्षम करने और यात्रा के समय को कम करने के लिए चुनिंदा टोल प्लाजा पर ‘एएनपीआर-फास्टैग बेस्ट बैरियर-लैस टोलिंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि यह एडवांस टोलिंग सिस्टम ‘ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ (एएनपीआर) टेक्नोलॉजी, जिसमें नंबर प्लेट से वाहनों की पहचान की जाती है और ‘फास्टैग सिस्टम’, जो कि रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) पर काम करता है, दोनों का मिश्रण होगा। इस सिस्टम के तहत वाहनों से टोल हाई परफॉर्मेंस वाले एएनपीआर कैमरा और फास्टैग रीडर्स के माध्यम से लिया जाएगा, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्रालय के मुताबिक, अगर वाहन चालक टोल पर भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें ई-नोटिस दिया जाएगा और उनका फास्टैग भी रद्द किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर करीब 855 प्लाजा हैं, जिनमें से 675 सरकारी हैं, जबकि 180 या उससे अधिक निजी ऑपरेटरों द्वारा मैनेज किए जाते हैं। इस महीने की शुरुआत में, एनएचएआई ने बढ़ती लागतों के कारण देश भर में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के टोल शुल्क में औसतन 4 से 5 प्रतिशत की वृद्धि की थी।

दिल्ली कैपिटल्स के पास छह मैचों में पांच जीत के साथ 10 अंक हैं, अब और मजबूत हुई स्थिति

नई दिल्ली आईपीएल में अभी तक 32 मैच खेले जा चुके हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को हराने के बाद अपनी स्थिति और ज्यादा मजबूत कर ली है। दिल्ली कैपिटल्स के पास छह मैचों में पांच जीत के साथ 10 अंक हैं। वहीं, राजस्थान की टीम की जगह तो नहीं बदली है, लेकिन सात मैचों में पांचवीं हार के बाद उसकी हालत काफी ज्यादा खराब है। गौरतलब है कि दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को सुपर ओवर में हरा दिया। इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा। आइए देखते हैं कल के मैच बाद प्वॉइंट्स टेबल की ताजा स्थिति क्या है? दिल्ली सबसे ज्यादा मजबूत आईपीएल 2025 के प्वॉइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति सबसे मजबूत है। दिल्ली ने अभी तक छह मैच खेले हैं। इसमें उसे सिर्फ एक बार हार का सामना करना पड़ा है और उसके पास कुल 10 अंक हैं। दूसरे नंबर पर गुजरात टाइटंस की टीम है। उसके पास छह मैचों में चार जीत के बाद आठ अंक हैं। तीसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु है, उसके पास भी आठ अंक हैं।   कल के मैच में क्या हुआ गौरतलब है कि दिल्ली कैपिटल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांचक मुकाबले में बुधवार को यहां राजस्थान रॉयल्स को सुपर ओवर में हराकर जीत की राह पर वापसी की। लगातार चार जीत के साथ शुरुआत करने वाले दिल्ली कैपिटल्स ने अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम में पिछला मैच गंवाया था। सुपर ओवर में रॉयल्स के लिए शिमरोन हेटमायर (06) और रियान पराग (04) बल्लेबाजी के लिए उतरे जबकि गेंद मिचेल स्टार्क ने थामी। हेटमायर और पराग ने चौके मारे लेकिन पराग फ्री हिट पर रन आउट हो गए। यशस्वी जायसवाल (00) भी इसके बाद रन आउट हुए जिससे दिल्ली को 12 रन का लक्ष्य मिला। दिल्ली की ओर से लोकेश राहुल (नाबाद 07) और ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 06) बल्लेबाजी के लिए उतरे जबकि रॉयल्स ने गेंद संदीप शर्मा को थमाई। राहुल ने पहली गेंद पर दो रन लिए और फिर अगली गेंद पर चौका मारा। स्टब्स ने चौथी गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई।

दिल्ली कैपिटल्स ने कांटे की टक्कर में राजस्थान रॉयल्स को हरा दिया, संजू सैमसन ने सुपर ओवर में नहीं की होती वो गलती तो

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स ने बुधवार को कांटे की टक्कर में राजस्थान रॉयल्स को हरा दिया। दोनों ही टीमें निर्धारित 20 ओवर में 188 रन बना पाईं लिहाजा जीत-हार का फैसला सुपर ओवर से हुआ। सुपर ओवर में राजस्थान सिर्फ 11 रन ही बना पाई। जवाब में दिल्ली की टीम ने सिर्फ 4 गेंदों में ही 13 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। अब कई एक्सपर्ट और क्रिकेट के जानकार सुपर ओवर में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों के चयन पर सवाल उठा रहे हैं। ये कह रहे हैं कि कप्तान संजू सैमसन और कोच राहुल द्रविड़ ने निर्णायक ओवर में बड़ी गलती कर दी। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शेन वॉटसन ने सुपर ओवर में नीतीश राणा को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजने के फैसले की आलोचना की है। राणा मैच में राजस्थान के लिए टॉप स्कोरर थे और 28 गेंदों में 51 रन की पारी खेली थी। सुपर ओवर में उन्हें उतारने के बजाय RR ने रियान पराग और शिमरन हेटमायर को उतारा था। तीसरे नंबर पर यशस्वी जायसवाल को भेजा। वॉटसन ने मैच के बाद कहा, ‘हम कहते चले आ रहे थे कि नीतीश राणा ने आखिर कौन सी गलती की जो उन्हें सुपर ओवर में नहीं भेजा गया। आपके पास एक ऐसा बल्लेबाज था जो सेट था और जिसने रन बनाए थे। ऐसे में उसे नहीं भेजने का कोई तुक नहीं था।’ चेतेश्वर पुजारा ने भी सुपर ओवर में नीतीश राणा को नहीं भेजने के फैसले की आलोचना की है। ईएसपीएन क्रिकइंफो के कार्यक्रम ‘टाइम आउट’ में उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि नीतीश को उन तीन में होना चाहिए था। हालांकि, मैं नहीं सोचता कि उसे स्टार्ट के लिए ही भेजा जाना चाहिए था। मैं चाहता कि जायसवाल पहली गेंद खेलते क्योंकि उन्होंने मिचेल स्टार्क के खिलाफ शानदार खेला था।’ इसी कार्यक्रम में कैरेबियाई दिग्गज इयान बिशप ने भी सुपर ओवर में बल्लेबाजों के चयन को लेकर राजस्थान के फैसले को गलत बताया। बिशप ने कहा, ‘मैं जायसवाल को पहले उतारता लेकिन मेरा झुकाव नीतीश राणा की तरफ भी है।’ वैसे सुपर ओवर में हेटमायर को बल्लेबाजी के लिए उतारने के राजस्थान के फैसले से दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल को भी हैरानी हुई थी। उन्होंने मैच के बाद कहा, ‘हेटमायर इस मैच में लय में नहीं थे। इसलिए मुझे लगता था कि जायसवाल और रियान शुरुआत के लिए आएंगे। लेकिन उन्होंने जिसे भी भेजा, हमारे लिए अच्छा साबित हुआ।’

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक के घर सीबीआई ने छापा मारा

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक के आवास पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, ये कार्रवाई विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से संबंधित मामले में हुई है। सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ तमाम आप नेताओं के बयान सामने आए हैं। आप नेताओं ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है। आतिशी ने बीजेपी पर साधा निशाना दुर्गेश पाठक के आवास पर सीबीआई रेड को लेकर विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी का बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘आम आदमी पार्टी ने जैसे ही गुजरात चुनाव की तैयारी शुरू की, गुजरात के सह-प्रभारी दुर्गेश पाठक के घर CBI रेड करने पहुंच गई! गुजरात में आप ही भाजपा को चुनौती दे सकती है और यह रेड इनकी बौखलाहट दिखा रही है! इतने सालों मे भाजपा को समझ नहीं आया कि हम उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।’ ‘बीजेपी ने गंदा खेल शुरू किया’ वहीं आप सांसद संजय सिंह ने एक्स पर कहा, “BJP का गंदा खेल फिर शुरू गुजरात के सहप्रभारी दुर्गेश पाठक के घर CBI पहुंची है। मोदी सरकार ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने का हर हथकंडा अपना कर देख लिया लेकिन फिर भी उनको चैन नही। गुजरात में BJP की हालत पतली है जैसे ही दुर्गेश पाठक को गुजरात का सहप्रभारी बनाया गया उनको धमकाने के लिए CBI भेज दी।’ मनीष सिसोदिया का भी बयान आया सामने इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया का भी बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “गुजरात चुनाव 2027 की ज़िम्मेदारी मिलते ही दुर्गेश पाठक के घर पर CBI रेड! ये कोई इत्तेफाक नहीं, ये बीजेपी की डर से निकली हुई साजिश है। BJP जानती है कि गुजरात में अब सिर्फ़ आम आदमी पार्टी ही उन्हें चुनौती दे सकती है — और इस सच्चाई ने उन्हें हिला दिया है। डर की गूंज, CBI की दस्तक में साफ सुनाई दे रही है।”

DPS द्वारका को HC की कड़ी फटकार, क्यों न स्कूल को बंद कर प्रिंसिपल पर मुकदमा चलाया जाए

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि क्यों न डीपीएस द्वारका को बंद कर दिया जाए। साथ ही छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करने को लेकर कहा कि प्रिंसिपल के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। हाई कोर्ट छात्रों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल द्वारका को फीस के लिए छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करने और क्लास में भाग नहीं लेने देने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने इसे अपमानजनक व्यवहार बताया। जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि छात्रों के साथ ‘संपत्ति’ जैसा व्यवहार करने वाले स्कूल को बंद कर दिया जाना चाहिए। कोर्ट छात्रों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है कि स्कूल द्वारा छात्रों को प्रताड़ित न किया जाए। ऐसा लग रहा है कि स्कूल केवल पैसा कमाने की मशीन के रूप में संस्थान चला रहा था। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान कई छात्र अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में, किताबों और बैग के साथ अपने माता-पिता के साथ मौजूद थे। जस्टिस दत्ता ने कहा, “मुझे चिंता है कि आपने छात्रों के साथ घटिया और अमानवीय व्यवहार किया। फीस का भुगतान करने में असमर्थता स्कूल को छात्रों के साथ इस तरह के अपमानजनक व्यवहार करने का लाइसेंस नहीं देती है।” हाई कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट (दक्षिण-पश्चिम) के नेतृत्व वाली आठ सदस्यीय निरीक्षण समिति की निरीक्षण रिपोर्ट का अवलोकन किया। इसमें फीस वृद्धि विवाद के दौरान छात्रों के खिलाफ कई भेदभावपूर्ण व्यवहारों को चिन्हित किया गया था। ऐसे छात्रों के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने अनधिकृत शुल्क का भुगतान नहीं करने पर उनके बच्चों को परेशान किया। कोर्ट ने कहा कि समिति की रिपोर्ट में स्कूल में चिंताजनक स्थिति का खुलासा हुआ है। कोर्ट ने संस्थान को निर्देश दिया कि वह विद्यार्थियों को लाइब्रेरी तक सीमित न रखे। उन्हें कक्षाओं में उपस्थित होने दे। उन्हें अन्य विद्यार्थियों से अलग न करे। उन्हें स्कूल में अपने दोस्तों के साथ बातचीत करने से न रोके तथा उन्हें अन्य सुविधाओं तक पहुंच से न रोके। कोर्ट ने कहा कि इस व्यवहार के लिए स्कूल के प्रिंसिपल पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। छात्रों के वकील ने दावा किया कि वे स्वीकृत फीस का भुगतान करने के लिए तैयार हैं। वहीं, स्कूल के वकील ने दलील दी कि छात्रों को दिसंबर में ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वे मार्च तक बकाया भुगतान करने में विफल रहे। इसके बाद उन्हें स्कूल नहीं आने के लिए कहा गया। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के वकील ने कहा कि उन्होंने 8 अप्रैल को स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें प्रबंधन से सात दिनों के भीतर यह बताने को कहा गया था कि उसके खिलाफ मान्यता रद्द करने की कार्रवाई क्यों न की जाए।

सीएम रेखा गुप्ता निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस पर तात्कालिक प्रभाव से रोक लगाए रोक : आतिशी

नई दिल्ली दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर राजनीतिक विवाद कई दिनों से जारी है. इस संदर्भ में, नेता विपक्ष आतिशी ने एक्स पर दिल्ली की मुख्यमंत्री को चुनौती दी है कि वे निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए तुरंत आदेश क्यों नहीं जारी करतीं. आतिशी ने CM से पूछा है कि वे सभी निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस पर तात्कालिक प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश क्यों नहीं देतीं? रेखा गुप्ता जी: मैं आपको चैलेंज करती हूँ कि आप आज सब स्कूलों की बढ़ी हुई फ़ीस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का ऑर्डर जारी कीजिए। जब तक स्कूल के खातों का ऑडिट नहीं होता, तब तक बढ़ी हुई फीस लेने पर रोक लगाइए। आतिशी ने X पर टिप्पणी की, रेखा गुप्ता जी: मैं आपको चैलेंज करती हूँ कि आप आज सब स्कूलों की बढ़ी हुई फ़ीस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का ऑर्डर जारी कीजिए.जब तक स्कूल के खातों का ऑडिट नहीं होता, तब तक बढ़ी हुई फीस लेने पर रोक लगाइए. अगर सीएम रेखा गुप्ता जी की प्राइवेट स्कूलों के साथ साँठ-गाँठ है, तो यह ऑर्डर नहीं निकलेगा. अगर साँठ-गाँठ नहीं है, तो आज-के-आज ऑर्डर जारी हो सकता है. फीस में 60 से 80 फीसद की बढ़ोत्तरी का दावा आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार के गठन के बाद से निजी स्कूलों के संचालक मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि कर रहे हैं. कई स्कूलों ने फीस में 60 से 80 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. ये निजी संस्थान बढ़ी हुई फीस को शीघ्र जमा करने के लिए बच्चों के माता-पिता पर दबाव बना रहे हैं, और जो माता-पिता फीस जमा करने में असमर्थ हैं, उनके बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. ‘प्राइवेट स्कूल वालों से मिले हैं BJP वाले’ आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावक सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि बीजेपी के किसी भी मंत्री या विधायक ने उनकी सहायता के लिए आगे नहीं बढ़ा है. उनका मानना है कि बीजेपी सरकार की मिलीभगत के कारण ही निजी स्कूल इस तरह की मनमानी कर रहे हैं. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कई अभिभावकों और छात्रों से संवाद किया. इसके बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. इस वीडियो में वह अधिकारियों को निर्देश देती हैं कि निजी स्कूलों की प्राधिकरण को बुलाया जाए. सीएम रेखा गुप्ता ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि जो शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दिल्ली के अंदर अब ईडब्लूएस सर्टिफिकेट नहीं बनेंगे: सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी ने बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में EWS सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगा दी है। आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दिल्ली के अंदर अब ईडब्लूएस सर्टिफिकेट नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा, आदेश देते हुए कहा गया है कि ईडब्लूएस सर्टिफिकेट बनाने में कुछ खामियां पाई गई हैं, इसलिए सर्टिफिकेट जारी करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी जाए। सौरभ भारद्वाज ने कहा, सरकार ने स्कूल-कॉलेजों में 10 फीसदी EWS का आरक्षण दे रखा है और अब इससे छात्रों को दिक्कत होगी। अस्पतालों में EWS प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण मिलता है लेकिन अब यह संभव नहीं हो पाएगा। आप नेता ने कहा, अगर EWS प्रमाण पत्र गलत बने थे तो बीजेपी ने अपने कितने अधिकारियों को सजा दी? उन्होंने कहा, EWS सर्टिफिकेट रोकने के पीछे कारण बताया है कि कई EWS सर्टिफिकेट गलत बन गए हैं। अब सरकार बताये कि गलत EWS Certificate बनाने वाले कितने SDM और DM के ऊपर एक्शन लिया गया? उन्होंने कहा, अपने अधिकारियों की गलती की सजा आम जनता को क्यों दी जा रही है? सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा, EWS सर्टिफिकेट बंद करके BJP ने निजी स्कूल और अस्पतालों को फायदा पहुंचाने का प्लान बनाया है अब ना EWS सर्टिफिकेट बनेंगे और ना ही कोई EWS आरक्षण का फायदा उठा सकेगा।

कोई भी प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाता है तो उन्हें नोटिस भेजा जाएगा, जवाबदेही तय करनी होगी: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाए जाने का मुद्दे पर पिछले काफी दिनों से सियासत गरमाई हुई है। आम आदमी पार्टी लगातार इस मसले को लेकर दिल्ली सरकार पर हमलावर है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा के आते ही प्राइवेट स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ा रहे हैं। हालांकि इस मसले पर रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलो को चेतावनी दे दी है। इतना ही नहीं उन्हें नोटिस भेजने की बात भी की है। उन्होंने कहा है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाता है तो उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। उन्हें जवाबदेही तय करनी होगी। अगर बावजूद स्कूल फीस बढ़ाते हैं तो फिर इसका नतीज उन्हें भुगतना होगा। इसी के साथ सीएम रेखा गुप्ता एक स्कूल पर कार्रवाई की तैयारी में भी हैं। दरअसल आज कुछ बच्चों के माता-पिता सीएम रेखा गुप्ता के फीस बढ़ाने की शिकायत लेकर पहुंचे जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारी को फोन कर कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस बारे में जानकारी देते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, आज जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान क्वीन मैरी स्कूल, मॉडल टाउन से संबंधित एक मामला सामने आया, जिसमें बच्चों के परिजनों ने गलत तरीके से फीस वसूली और बच्चों को स्कूल से निकाले जाने की शिकायत दर्ज की। उन्होंने आगे कहा, इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर कड़ी और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, समान अवसर और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार का अन्याय, शोषण या अनियमितता को लेकर Zero Tolerance की नीति अपनाई गई है—इसमें कोई ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।हमारा संकल्प स्पष्ट है—हर बच्चे को न्याय, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “कुछ स्कूलों के बच्चों के अभिभावक लगातार मुझसे मिल रहे हैं और अपनी समस्याएं बता रहे हैं। यह बात पक्की है कि किसी भी स्कूल को किसी भी अभिभावक या बच्चे को परेशान करने, या स्कूल से निकालने की धमकी देने या सामान्य फीस बढ़ाने का अधिकार नहीं है। इसके लिए नियम, कानून हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। अगर कोई स्कूल इसका उल्लंघन करता पाया गया तो उसे भुगतना पड़ेगा। जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें आ रही हैं, उन सभी के खिलाफ हमने नोटिस जारी कर दिए हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले चरण में लगभग 2.35 लाख परिवारों को बीमा दिए जाने की घोषणा की थी

नई दिल्ली दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक की जगह अब आरोग्य मंदिर नजर आएंगे। दिल्ली सरकार पहले चरण में कुल 70 आरोग्य मंदिर की शुरुआत करेगी। प्रत्येक विधानसभा में एक आरोग्य मंदिर शुरू किया जाएगा। दिल्ली सरकार के सूत्रों की मानें तो अगले एक महीने में यह तैयार हो जाएंगे। यहां प्राथमिक चिकित्सा की सभी सुविधाएं मिलेंगी। यह आरोग्य मंदिर आयुष्मान भारत योजना के तहत खोले जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक साल में 1139 आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। दिल्ली सरकार ने 5 अप्रैल को ही राजधानी में योजना को लेकर केंद्र सरकार के साथ समझौता किया था। उसके बाद 10 अप्रैल को आयुष्मान योजना के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियादी संरचना को विकसित करने के लिए एक और समझौता किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले चरण में लगभग 2.35 लाख परिवारों को बीमा दिए जाने की घोषणा की थी। आयुष्मान भारत योजना 27 विशेषज्ञताओं में 1,961 चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए मुफ्त और ‘कैशलेस’ उपचार प्रदान करती है, जिसमें दवाओं, नैदानिक ​​सेवाओं, अस्पताल में भर्ती होने, आईसीयू देखभाल, सर्जरी और अन्य लागत शामिल हैं। इस योजना के तहत, दिल्ली में पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलेगा, जिसमें से पांच लाख रुपये केंद्र और शेष पांच लाख रुपये दिल्ली सरकार प्रदान करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि राजधानी में इस योजना के लागू होने से दिल्ली के 6.54 लाख पात्र परिवारों, यानी करीब 30 लाख लोगों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। इसके अलावा, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के करीब छह लाख लोगों को, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत पांच लाख रुपये के वार्षिक बीमा के पात्र होंगे। आयुष्मान वय वंदना योजना पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुई थी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली में इस योजना के लाभार्थी भारत भर में आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध लगभग 30,957 अस्पतालों में भी इलाज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उन 24 नए अस्पतालों का निर्माण पूरा करेंगे, जो पिछली सरकार द्वारा अधूरे छोड़े गए थे। हमने इसके लिए दिल्ली सरकार के बजट में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे दिल्ली के अस्पतालों में करीब 17,000 बिस्तर बढ़ जाएंगे।

दिल्ली एनसीआ में पारा चढ़ने का पूर्वानुमान व्यक्त, लोगों को एक बार फिर गर्मी झेलनी पड़ेगी, लू का येलो अलर्ट भी जारी

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआ में एक बार फिर भीषण गर्मी का प्रकोप पड़ने वाला है। गुरुवार और शुक्रवार को आंधी-तूफान और बारिश के बाद लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली थी लेकिन आज से फिर पारा चढ़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है जिससे लोगों को एक बार फिर गर्मी झेलनी पड़ेगी। इस दौरान लू का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिन में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है, जबकि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 14 अप्रैल से तापमान बढ़ेगा और मौसम साफ रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 39 और 22 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। वहीं 15 से 19 अप्रैल तक तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 को अधिकतम तापमान 40 डिग्री, 16 को 41 डिग्री, 17 को 40 डिग्री, 18 को 39 डिग्री और फिर 19 को 41 डिग्री दर्ज किया जाएगा जबकि न्यूनतम तापमान इन सभी दिन 23-25 डिग्री के बीच दर्ज किया जा सकता है। इन दो दिन लू का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने अपने पूर्नानुमान में लू की चेतावनी भी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक 16 और 17 अप्रैल को दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले शुक्रवार शाम दिल्ली एनसीआर के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला और धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलीं। आईएमडी ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए ‘ऑरेंज’ चेतावनी जारी की थी।

आतिशी का दावा, बोली- दिल्ली की सरकार रेखा गुप्ता नहीं बल्कि उनके पति चला रहे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार सीएम रेखा गुप्ता नहीं बल्कि उनके पति मनीष गुप्ता चला रहे हैं। जी हां.. ये सनसनीखेज दावा आम आदमी पार्टी ने किया है। AAP की सीनियर लीडर आतिशी ने अपने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा कि दिल्ली की सत्ता की कमान असल में सीएम रेखा गुप्ता नहीं, बल्कि उनके पति मनीष गुप्ता चला रहे हैं। इधर AAP के आरोपों पर BJP ने भी पलटवार किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP के इन आरोपों का जवाब देते हुए इसे सीएम रेखा का अपमान बताया है साथ ही कुछ सवाल भी किए हैं। दरअसल शनिवार दोपहर करीब 1 बजे AAP की सीनियर लीडर आतिशी ने अपने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर किया। फोटो किसी बैठक की है। बैठक में सीएम रेखा गुप्ता के पति मनीष गुप्ता बैठे हैं।  शल मीडिया एक्स पर फोटो शेयर करते हुए आतिशी ने लिखा कि- यह फोटो ध्यान से देखिए। जो व्यक्ति MCD, DJB, PWD और DUSIB के अफसरों की मीटिंग ले रहे हैं, यह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के पति मनीष गुप्ता जी हैं। हम पहले सुनते थे कि अगर गाँव में एक महिला सरपंच चुन कर आती थी, तो सारा सरकारी काम उसका पति संभालता था। आतिशी ने आगे लिखा कि- ऐसा कहा जाता था कि गांव की महिलाओं को सरकारी काम संभालना नहीं आता, इसलिए काम ‘सरपंच-पति’ संभालेंगे। लेकिन इस प्रथा का विरोध हुआ, महिला सरपंचों को ट्रेनिंग देने की शुरुआत हुई कि वे अपनी ज़िम्मेदारी संभाल सकें। लेकिन देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ होगा कि एक महिला मुख्यमंत्री बनी और सारा सरकारी काम उनके पति संभाल रहे हैं। दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने सवाल किया कि- क्या रेखा गुप्ता जी को सरकारी काम संभालना नहीं आता? क्या इसी वजह से दिल्ली में रोज़ लंबे-लंबे पॉवर कट हो रहे हैं? क्या रेखा जी से बिजली कंपनियाँ नहीं संभल रहीं? क्या इसी वजह से प्राइवेट स्कूलों की फ़ीस बढ़ रही है? क्या रेखा जी से शिक्षा विभाग नहीं संभल रहा? एक मुख्यमंत्री-पति का सरकार चलाना बेहद खतरनाक है! आतिशी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए मनीष सीसोदिया ने लिखा कि- यह है बीजेपी का असली “परिवारवाद मॉडल” — जनता ने रेखा गुप्ता जी को चुना, लेकिन सिस्टम को चला रहे हैं उनके पति! CM कुर्सी पर पत्नी और फाइलों पर पति — यही है BJP का नया सुशासन? शर्मनाक और अलोकतांत्रिक! मामले में बीजेपी ने पलटवार किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP के इन आरोपों का जवाब देते हुए इसे सीएम रेखा का अपमान बताया है साथ ही कुछ सवाल भी किए हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है साथ ही दो तस्वीरें भी साझा की हैं। एक तस्वीर में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल की पत्नी हैं और दूसरी में आतिशी हैं। अपने पोस्ट में सचदेवा ने लिखा ‘आतिशी जी आपकी यह X Post देख कर आश्चर्यचकित हूं की एक महिला होते हुए आपने – अपने खुद के परिश्रम से जनसेवा के संकल्प के साथ डूसू छात्रसंघ सचिव से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री पद तक की यात्रा पूर्ण करने वाली श्रीमती रेखा गुप्ता जी के प्रति अपमानजनक कटाक्ष किया है’। सचदेवा ने आगे कहा ‘सीएम रेखा जी के पति द्वारा उनका सहयोग करना पूरी तरह सामान्य है और राजनीति में दैनिक जन समस्याओं का निदान अति आवश्यक है और उसमें जन प्रतिनिधि के परिजनों का पार्टी पदाधिकारियों का सहयोग करना सामान्य बात है’। उन्होंने आगे कहा कि अगर आपको यह लगता है कि किसी जनप्रतिनिधि के पति या पत्नी का सहयोग करना लोकतंत्र का अपमान है तो मेरे कुछ सवालों के जवाब दीजिए। इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष ने एक-एक कर सवाल दागे।

दिल्ली से कसोल जा रही वोल्वो बस पलटी, 30 यात्री घायल

मंडी चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर मंडी से पंडोह के बीच चार मिल के पास रविवार तड़के करीब 4:00 बजे दिल्ली से कसोल जा रही एक वोल्वो बस पहाड़ी से टकराकर सड़क पर पलट गई। बस में लगभग 38 यात्री सवार थे, जिनमें से करीब 30 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से छह को जोनल अस्पताल मंडी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। दो यात्रियों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें मंडी अस्पताल से नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। शेष यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण बस की तेज रफ्तार बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए करेंगी 100 करोड़ की योजना

नई दिल्ली दिल्ली के झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेखा गुप्ता सरकार उनके लिए 100 करोड़ रुपए की योजना शुरू करने जा रही है। इसका मकसद है कि कोई भी भूखा नहीं रहे। सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी सरकार का कर्तव्य है कि शहर में कोई भी भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार झुग्गी बस्तियों और निर्माण स्थलों के पास 100 अटल कैंटीन खोलने की योजना बना रही है। सीएम ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने एक स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन का उद्घाटन किया जो एक घंटे में 1200 रोटियां बना सकती है। उन्होंने कहा कि हमें 100 अटल कैंटीन खोलनी हैं, ताकि दिल्ली में कोई भी भूखा न रहे। हम झुग्गी-झोपड़ियों और निर्माण स्थलों के पास ये कैंटीन खोलने की योजना बना रहे हैं, जहां भोजन उपलब्ध कराने के लिए ऐसी स्वचालित मशीनें लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने इससे पहले मार्च में दिल्ली का 2025-26 का बजट पेश किया था, जिसमें शहर में अटल कैंटीन खोलने के लिए 100 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे। अटल कैंटीन में गरीबों और जरूरतमंदों को मामूली शुल्क पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल कैंटीन कई अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी चलाए जा रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि शालीमारबाग स्थित सिद्ध कात्यायनी देवी मंदिर में स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराकर रोजाना ‘अन्न सेवा’ चलाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यह सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास की दृष्टि से गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने में समाज को साथ लेने का कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अगर समाज आगे बढ़ेगा तो देश हर रोज कई कदम आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगवान हनुमान से प्रार्थना की है कि वे ‘विकसित दिल्ली’ के लिए उनकी सरकार के प्रयासों को आशीर्वाद दें। कहा कि जब समाज के सभी वर्ग आगे आएंगे और अपनी भूमिका निभाएंगे तो चीजें सही दिशा में आगे बढ़ेंगी। सीएम ने करोल बाग स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए। गुप्ता ने कहा, “मैंने प्रार्थना की कि राक्षसी शक्तियां वापस अपने मूल स्थान पर लौट जाएं और दिल्ली के लिए काम करने की सकारात्मक ऊर्जा सभी में भर जाए।” उन्होंने कहा कि हमें एक बेहतर दिल्ली, एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध दिल्ली के लिए मिलकर काम करना होगा। हमारी सरकार भगवान हनुमान के आशीर्वाद से उस दिशा में काम करना जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और दिल्ली की प्रगति के लिए काम करने में सक्षम होने के लिए भगवान हनुमान से आशीर्वाद भी मांगा।

राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में तेज आंधी चली, इसके साथ ही कई इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में तेज आंधी चल रही है। इसके साथ ही कई इलाकों में बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं, गुरुग्राम में धूल भरी आंधी से मौसम का मिजाज बदल गया है। यहां पर हल्की बूंदाबांदी हो रही है। रेवाड़ी में भी हल्की बूंदाबांदी कारण नई अनाज मंडी में उठान कार्य में श्रमिक जुटा हुआ है। मौसम विभाग ने आज रात 9 बजे तक के लिए खास चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो घंटों में दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों गरज चमक के साथ आंधी तूफान की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। कई इलाकों में गिरी पेड़ की टहनियां दिल्ली में धूल भरी आंधी चलने के कारण कई इलाकों में पेड़ों की टहनियां गिर गईं। वहीं कई इलाकों में जाम की स्थिति बन रही है। गाड़ियां रेंगते हुए आगे बढ़ रही है। पीक आवर होने के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिख रही है। धूल भरी आंधी चलने के कारण दृश्यता भी कम हो गई है। कल भी आंधी तूफान का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 12 अप्रैल को भी आंधी तूफान और बारिश की आशंका जताई है। इसके लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। इस तरह मौसम के अचानक बदलने से तापमान में गर्मी से तो राहत मिली है लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने के लिए भी कहा है। वहीं आज दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों तेज आंधी की वजह पेड़ टूटने की खबरें भी आ रही हैं। आगे कैसा रहेगा मौसम? आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक मौसम की ये स्थिति केवल दो दिन यानी आज और कल रहेगी। फिर 13 अप्रैल से मौसम साफ रहेगा और गर्मी बढ़नी शुरू हो जाएगी। इस दौरान तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और 16 और 17 अप्रैल को 40 डिग्री के पार पहुंच जाएगी। मौसम विभाग ने इन दोनों दिन हीटवेव का येलो अलर्ट भी जारी किया है।

अब अभिभावकों को स्कूलों की मनमानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, अब नहीं कर सकते मनमानी

नई दिल्ली 2025 से शुरू होने वाले स्कूल एडमिशन के लिए सरकार ने प्राइवेट स्कूलों पर सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं, जिससे अब अभिभावकों को स्कूलों की मनमानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य शुल्कों में अनावश्यक बदलाव नहीं करेंगे और अभिभावकों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालेंगे। इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और छात्रों व उनके परिवारों को राहत मिलेगी। यह कदम हरियाणा सरकार ने उठाया है। प्राइवेट स्कूलों के द्वारा किताबों और ड्रेस में बार-बार बदलाव से अभिभावकों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि स्कूल केवल सरकारी मान्यता प्राप्त किताबें ही पढ़ाने के लिए बाध्य होंगे, जिससे अतिरिक्त खर्चों पर नियंत्रण पाया जा सके। सरकार ने स्कूलों को पानी की व्यवस्था के लिए भी सख्त निर्देश दिए हैं। कई स्कूल बच्चों को अपनी बोतल लाने के लिए मजबूर करते थे, लेकिन अब उन्हें स्कूल परिसर में स्वच्छ और शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। सरप्राइज चेकिंग और शिकायत समाधान प्रक्रिया अब हरियाणा के जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की अचानक जांच करने का अधिकार दिया गया है। यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने सभी अधिकारियों के ई-मेल और मोबाइल नंबर जारी किए हैं, ताकि अभिभावक सीधे शिकायत कर सकें।    

आतिशी ने भाजपा पर लापरवाही का आरोप लगाया- दिल्ली में बढ़ी बिजली कटौती

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने आज एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद, दिल्लीवासियों को फिर से पुराने दिनों की तरह लंबी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। ‘आप’ ने कहा कि पिछले साल 8500 मेगावॉट की पीक डिमांड के बावजूद बिजली कटौती नहीं हुई थी, लेकिन अब हालात बेहद खराब हो गए हैं। दिल्ली की जनता यह सोचने पर मजबूर हो गई है कि अगर अब ही हालात इतने खराब हैं, तो आने वाली गर्मियों में क्या होगा? यह स्थिति दिल्लीवासियों के लिए परेशान करने वाली है और इसे लेकर राजनीति गरमाती जा रही है। बिजली कटौती के बढ़ते मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि दिल्ली सरकार इस समस्या का समाधान कैसे करती है और क्या आने वाले दिनों में बिजली की आपूर्ति की स्थिति में कोई सुधार होता है या नहीं। दिल्ली में बिजली कटौती का बढ़ता संकट आप ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार के आने के बाद से दिल्ली में बिजली कटौती की समस्या एक बार फिर लौट आई है। वर्ष 2015 से पहले दिल्ली में बिजली कटौती आम बात थी, लेकिन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को ठीक किया और दिल्लीवासियों को अंधेरे के दौर से बाहर निकाला। अब, भाजपा की सरकार के तहत स्थिति फिर से बिगड़ गई है और बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है। अरविंद केजरीवाल, जो ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, ‘‘बुधवार को दिल्ली में पीक डिमांड 5462 मेगावॉट थी, और इसके बावजूद दिल्ली के कई इलाकों में घंटों बिजली नहीं आई। पिछले साल, जब पीक डिमांड लगभग 8500 मेगावॉट थी, तो भी कहीं पर कोई बिजली कटौती नहीं हुई थी।’’ केजरीवाल ने सवाल उठाया कि ‘‘आने वाले हफ्तों में जब गर्मी बढ़ेगी और बिजली की डिमांड भी बढ़ेगी, तब क्या होगा? हम पिछले 10 सालों में दिल्ली की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे, लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे महज दो दिनों में खराब कर दिया।’’ आप और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप अरविंद केजरीवाल के अलावा, ‘आप’ की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, आतिशी ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘बुधवार की रात दिल्ली के विभिन्न इलाकों से मुझे बहुत सी परेशानियों की जानकारी मिली। जगह-जगह पर बिजली कटौती के कारण लोग काफी परेशान थे। लोग मुझसे रातभर फोन और मैसेज के माध्यम से अपनी परेशानियों को साझा कर रहे थे। लेकिन भाजपा की सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है और सो रही है।’’आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार ने दिल्लीवासियों के जीवन को और मुश्किल बना दिया है और इस मामले में उनकी लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि दिल्लीवाले अब एक बार फिर से बिजली कटौती के संकट से जूझ रहे हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से लगभग खत्म हो गया था। भाजपा का जवाब भा.ज.पा. के नेताओं ने इस आरोप को नकारते हुए कहा कि बिजली कटौती के मामले में दिल्ली सरकार की नाकामी है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में बिजली की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार दिल्ली सरकार है और भाजपा इस मुद्दे पर जिम्मेदारी नहीं ले सकती। भाजपा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की ओर से कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है, जिससे बिजली आपूर्ति की स्थिति सुधारी जा सके। बिजली आपूर्ति पर चिंता और सरकार का रुख इस बीच, बिजली कटौती के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्लीवासियों में गहरी चिंता बनी हुई है। लोग गर्मियों में बिजली के अधिक उपयोग की संभावना को लेकर डर रहे हैं। विशेष रूप से ऐसे समय में जब पूरे देश में गर्मी की लहर चल रही है, दिल्लीवासियों को बिजली की कटौती का सामना करना एक गंभीर समस्या बन गई है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि भाजपा की सरकार ने दिल्लीवासियों के हितों को नजरअंदाज किया है और बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की कार्यशैली में खामियां हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।    

यमुना सफाई पर पहले के मुकाबले बहुत फर्क आ गया, सभी टारगेट समय से पूरे हो रहे हैं: सीएम

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना सफाई के मुद्दे पर दिल्लीवालों को एक खुशखबरी दी है। रेखा गुप्ता ने गुरुवार दिल्ली के उन बड़े नालों की सफाई का कामकाज जांचा, जो यमुना में जाकर गिरते हैं और इसके प्रदूषण के लिए जिम्मेदार बताए जाते हैं। सीएम ने कहा कि पहले के मुकाबले बहुत फर्क आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी टारगेट समय से पूरे हो रहे हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री परवेश साहिब सिंह ने वजीराबाद, नजफगढ़ जैसे बड़े नालों की सफाई के काम का निरीक्षण किया। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने एलजी साहब के साथ उन सभी नालों का निरीक्षण किया है जो यमुना में जाकर गिरते हैं। वजीराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन नालों की सफाई से यमुना में फर्क आ रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा, ‘जब बात होती है कि यमुना की सफाई के लिए क्या किया जा रहा है, तो मैं आपको बताना चाहती हूं कि 22 नाले जो यमुना में जाकर गिरते हैं उनसे गाद निकालने का काम चल रहा है। उनके लिए एसटीपी बनाए जा रहे हैं। हर 15 दिन बाद दौरा किया जा रहा है। यमुना सफाई के लिए ही यह सारा काम चल रहा है। पिछली बार जो हमने विजिट किया और आज में बहुत बड़ा फर्क आप सबने देखा।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस स्पीड में काम हो रहा है, जिस गति से मशीनें यहां लगी हैं। जो टारगेट था सफाई का, गाद निकालने का, उसे यहां से उठाने का वह सारे टारगेट पूरे हो रहे हैं। सरकार प्रतिबद्ध है सभी बड़े नालों की सफाई के लिए, एक अच्छा वातावरण, जिसमें दूषित हवाएं ना हों और नाले अपनी रफ्तार से बहें, रुकावटों को हटाया जाए और अंत में जब ये यमुना में गिरें तो साफ स्वरूप में रहें ताकि नदी दूषित ना हो। मुख्यमंत्री ने पूर्व की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कभी एसी कमरों से बाहर निकलकर कभी यह चिंता नहीं की कि इन नालों पर आकर खड़े होने की जरूरत है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की अनुपस्थिति में एलजी साहब ने इस काम को संभाला और आज भी मुस्तैद हैं। उन्होंने दिल्लीवालों की बेहतर सुविधा के लिए उनकी सरकार एक टीम के रूप में काम कर रही है।

भाजपा सरकार ने 190+ को किया सिस्टम से बाहर, दिल्ली में AAP नेताओं को नया झटका

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने आम आदमी पार्टी को एक और झटका दिया है। पिछले आप प्रशासन द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, समितियों और अकादमियों में की गई कम से कम 194 मनोनीत नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। इसे लेकर सेवा विभाग ने एक आदेश जारी किया है। 4 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया है कि कम से कम 22 संस्थानों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। इनमें दिल्ली जल बोर्ड, पशु कल्याण बोर्ड, दिल्ली हज समिति, तीर्थयात्रा विकास समिति, उर्स समिति, हिंदी अकादमी, उर्दू अकादमी, साहित्य कला परिषद, पंजाबी अकादमी और संस्कृत अकादमी आदि शामिल हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इनमें से ज्यादातर नियुक्तियां राजनीतिक थीं – जिन्हें सरकार बदलने के बाद अक्सर पलट दिया जाता है। अधिकारी ने कहा, “इन पदों पर आसीन लोग- निर्वाचित विधायक और विषय विशेषज्ञ दोनों- नई सरकार को आने वाले प्रशासन के दृष्टिकोण और नीतियों को लागू करने में मदद करते हैं। पिछली सभी सरकारों ने अपनी पसंद के हिसाब से इन बोर्डों और संस्थानों में लोगों को नियुक्त किया। इनमें से कुछ पद विषय विशेषज्ञों के लिए हैं जैसे कि पशु कल्याण बोर्ड या वृक्ष प्राधिकरण के मामले में, लेकिन कई पद राजनेताओं के लिए हैं। उदाहरण के लिए, डीजेबी के वीसी और डीएएमबी के अध्यक्ष विधायक हैं। एक बार जब कोई सरकार सत्ता से हट जाती है, तो इनमें से कई नियुक्तियां भी निरर्थक हो जाती हैं।” बर्खास्त किए गए नियुक्तियों में वर्तमान और पूर्व विधायक शामिल हैं, और आदेश में संबंधित विभागों से इन निकायों के पुनर्गठन के लिए नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया है। उप सचिव (सेवाएं) भैरव दत्त द्वारा 4 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया है, “सक्षम प्राधिकारी नामित गैर-सरकारी पदाधिकारियों और गैर-सांविधिक और सांविधिक निकायों, प्राधिकरणों, बोर्डों, समितियों और अकादमियों के सदस्यों के कार्यकाल को तत्काल प्रभाव से खत्म किया जा रहा है। इसके अलावा, जीएनसीटीडी के सभी विभागों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा उनके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत प्राधिकरणों या निकायों के संबंध में इसी तरह की कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाता है।”

दिल्ली में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की वजह से सख्त पहरा, मेट्रो स्टेशन के 2 गेट भी बंद

नई दिल्ली 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने की वजह से दिल्ली में बेहद सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर पटियाला हाउस कोर्ट और एनआईए मुख्यालय के आसपास सबसे ज्यादा सख्त पहरा है। एनआईए मुख्यालय के पास जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के दो गेट को भी बंद कर दिए गए हैं। पाकिस्तानी कनाडाई मूल का राणा (64) 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है। वह अभी अमेरिका के जेल में बंद था। लंबे समय तक कोशिश के बाद उसे भारत लाने का रास्ता साफ हुआ। बेहद खूंखार इस आतंकवादी को पाकिस्तान के अपने आकाओं से ही खतरा हो सकता है। क्योंकि राणा से एनआईए हमले से जुड़े बड़े राज उगलवाने वाली है। पटियाला हाउस कोर्ट के पास अर्धसैनिक बल भी तैनात दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद पेश किया जाना है। एक अधिकारी ने बताया कि अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के जवानों को अदालत के बाहर तैनात किया गया है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आगंतुकों की गहन तलाशी ली जा रही है। तिहाड़ जेल में रखा जाएगा राणा, बढ़ाई गई सुरक्षा दिल्ली में राणा को तिहाड़ जेल में रखा जाएगा। तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने कहा कि राणा को हाई सिक्यॉरिटी वाले जेल वार्ड में रखने की सभी तैयारियां कर ली गई हैं और वे अदालत के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। तिहाड़ में राणा को जिस सेल में रखा जाएगा वहां भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तिहाड़ जेल के आसपास काफी चौकसी बरती जा रही है। एयरपोर्ट समेत पूरे रूट पर अलर्ट दिल्ली में एयरपोर्ट से लेकर तिहाड़ जेल, पटियाला हाउस कोर्ट और एनआईए मुख्यालय के पास हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पूरे रूट पर जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। गाड़ियों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। मेट्रो स्टेशन के दो गेट बंद दिल्ली में एनआईए मुख्यालय के पास मौजूद जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के दो गेट बंद कर दिए गए हैं। गेट नंबर 2 और 3 से आवाजाही बंद कर दी गई है। दोनों गेट बंद करके ताला लटका दिया गया है।

जब एक यात्री ने कथित तौर पर दूसरे यात्री पर पेशाब कर दिया, यह घटना विमान के भीतर, शर्मनाक घटना

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बैंकॉक जा रही एअर इंडिया की उड़ान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक यात्री ने कथित तौर पर दूसरे यात्री पर पेशाब कर दिया। यह घटना विमान के भीतर यात्रा कर रहे अन्य यात्रियों के लिए काफी चौंकाने वाली और असहज स्थिति उत्पन्न करने वाली थी। घटना के बाद, एअर इंडिया ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को तुरंत सूचित किया और कहा कि वह इस घटना की पूरी जांच कर रही है। यह घटना न केवल एअर इंडिया के लिए बल्कि पूरे विमानन उद्योग के लिए एक चुनौती बन गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब यात्री सुरक्षा और उड़ान के भीतर अनुशासन के मामलों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि डीजीसीए इस मामले में क्या कदम उठाता है और इस घटना से भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या नए नियम बनाए जाते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही लिया गया कार्रवाई का निर्णय सूत्रों ने बताया कि यह घटना विमान के उड़ान भरने के कुछ समय बाद हुई, जब एक यात्री ने बिना किसी स्पष्ट कारण के दूसरे यात्री पर पेशाब कर दिया। यह अप्रत्याशित और अस्वीकार्य घटना विमान में यात्रा कर रहे अन्य यात्रियों के बीच एक असामान्य तनाव पैदा कर गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एअर इंडिया ने डीजीसीए को इस घटना की जानकारी दी और इसके बाद मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया। मंत्रालय ने लिया संज्ञान, एयरलाइन से पूछताछ की जाएगी नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रालय इस मामले का संज्ञान लेगा और घटना की पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम विमानन कंपनी से बात करेंगे और यदि कोई गलत चीज हुई है तो हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे।” नायडू ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया, जिसमें उन्होंने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सुरक्षा और नियमों की उल्लंघन पर होगी जांच विमानन उद्योग में यात्रियों के बीच अनुशासन बनाए रखने के लिए कठोर नियम होते हैं, और इस प्रकार की घटनाएं न केवल यात्रियों के मानसिक शांति को भंग करती हैं, बल्कि विमानन सुरक्षा मानकों को भी प्रभावित करती हैं। ऐसी घटनाओं के बाद अक्सर सुरक्षा और विमानों के संचालन के नियमों की समीक्षा की जाती है। यह घटना इसलिए भी अधिक चिंता का विषय है क्योंकि यह एक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान पर हुई थी, जिसका अर्थ है कि इसके वैश्विक विमानन मानकों पर भी असर पड़ सकता है। एयर इंडिया ने यात्री की पहचान की एयर इंडिया ने इस घटना में शामिल यात्रियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वह संबंधित यात्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी के अधिकारियों ने यात्रियों से यह अपील की है कि इस प्रकार की घटनाओं में सहयोग करें और विमानों के अंदर अनुशासन बनाए रखें ताकि सभी यात्रियों के लिए यात्रा सुरक्षित और आरामदायक हो सके।

महिलाओं को नए कपड़े खरीदने का ज्यादा शौक, एक कपड़े पर आया 2 महिलाओं का दिल, हुई ढिशुम-ढिशुम

नई दिल्ली महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले नए कपड़े खरीदने का ज्यादा शौक होता है। वे किसी भी मौके पर सबसे अलग दिखने की कोशिश करती हैं। लेकिन क्या हो अगर दो महिलाओं को एक ही कपड़ा पसंद आ जाए औj दोनों उसे छोड़ने को तैयार न हों? आप कहेंगे उनमें से कोई एक बड़ा दिल दिखाते हुए उसे छोड़ देगी। लेकिन अगर ऐसा न हो तो क्लेश होना तो पक्का है। ऐसा ही नजरा देखने को मिला दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में, जहां एक कपड़े को लेकर दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। दोनों के बीच जमकर मारपीट भी हुई। अब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक कपड़ा पसंद आने पर दोनों महिलाओं में बहस होती है। जिसके बाद सूट पहनी महिला वेस्टर्न ड्रेस पहने दूसरी महिला को थप्पड़ मार देती है। इसके बाद एक थप्पड़ खाने वाली महिला उसे नीचे गिराकर पीटना चालू कर देती है। इसी दौरान तीसरी महिला बीच-बचाव के मकसद से उनके बीच आती है लेकिन वह भी मारपीट पर उतारू हो जाती है। इसके बाद कपड़ों की दुकान पर क्लेश बढ़ने लगता है। आसपास लोग खड़े होकर इस नजारे को देखने लगते हैं। फिर दोनों मिलकर एक सूट पहने महिला के बाल पकड़कर खींचते उसे मारते दिख रही हैं। वहीं लड़ाई देखने के बाद एक महिला सूट पहने महिला को छुड़ाने की कोशिश करती है। घर के क्लेश नामक एक्स यूजर ने वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया है। जिसे 342.2K व्यूज मिल चुके हैं। वहीं लोगों ने इसपर कई तरह के कमेंट्स भी किए हैं। दुकानदार की गलती है एक यूजर ने लिखा, ‘मेरा उन लोगों को टैग करने का मन कर रहा है जो ‘देहाती’ लोगों के बारे में लेक्चर देते है। जरा देखिए – आधुनिक कपड़े पहने हुए, फिर भी इनकी हरकतें बिल्कुल हास्यास्पद हैं। ‘अच्छे कपड़े पहन लेने से मानसिकता नहीं बदल जाती, यह उसका सबसे अच्छा उदाहरण है।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘आंटियां पागल हो गई हैं।’ तीसरे यूजर ने कहा, ‘महिलाएं कपड़ों के मामले में समझौता नहीं करतीं।’ चौथे यूजर ने लिखा, ‘गलती दुकानदार की है, एक डिजाइन के 2 कपड़े रखने चाहिए।’ पांचवे यूजर ने लिखा, सारी गलती दुकानदार की ही है।

दिल्ली के मंत्रियों और आतिशी को मिल गए बंगले, शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री मालचा रोड चाणक्यपुरी में रहेंगे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के मंत्रियों के लिए बंगलों की तलाश पूरी हो गई है। नेता विपक्ष आतिशी मार्लेना का पता भी बदलने जा रहा है। उन्हें भी नया बंगला मिलने जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता किस बंगले में रहेंगी यह अभी फाइनल नहीं हुआ है। दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद और स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह मालचा रोड चाणक्यपुरी में रहेंगे। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा विंडसर रोड वाले मौजूदा बंगले में रहेंगे। उन्हें बतौर सांसद यह बंगला मिला था। 2024 में वह लोकसभा का चुनाव नहीं लड़े थे, लेकिन नियमों के मुताबिक किराया चुकाकर वह अभी भी उसी बंगले में रह रहे थे। एक बार फिर यह बंगला उनके नाम आवंटित हो गया है। कानून मंत्री कपिल मिश्रा और सामाजिक कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्रराज सिविल लाइंस में बंगला आवंटित किया गया है। मोहन सिंह बिष्ट को आप सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय वाला बंगला दिया गया है। यह सिविल लाइंस में राजनिवास मार्ग पर है। आतिशी को भी नया बंगला मिला पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी का पद की तरह अब पता भी बदल गया है। अब उन्हें 115 अंसारी रोड दरियागंज का सरकारी आवास मिला है। नेता विपक्ष के तौर पर उन्हें यह बंगला आवंटित किया गया है। मंत्री के तौर पर उन्हें मथुरा रोड पर बंगला दिया गया था। बाद में उन्हें वह बंगला भी आवंटित किया गया, जहां अरविंद केजरीवाल रहते थे। हालांकि, वह वहां शिफ्ट नहीं हो पाईं। सीएम रेखा गुप्ता के लिए तलाशा जा रहा आवास मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहां रहेंगी, यह सवाल अभी तक कायम है। बताया जा रहा है कि सीएम के लिए लुटियंस जोन में कहीं आवास की तलाश चल रही है। रेखा गुप्ता पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वह उस बंगले में नहीं रहेंगी जहां बतौर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहा करते थे। भाजपा इसे शीशमहल कहती है।

मुंबई का जांबाज योद्धा हार्दिक पांड्या जो अकेले लड़ और अड़ रहा, मायूसी की ये तस्वीर बहुत कुछ कहती है

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच सोमवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में हार्दिक पांड्या एक जांबाज योद्धा की तरह खेले। मुंबई का ये कप्तान सबकुछ झोंक दिया। गेंद से कमाल किया। बल्ले से कमाल किया। दोनों ही मोर्चे पर टीम का आगे बढ़कर नेतृत्व किया। लेकिन कहते हैं न कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। पांड्या के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा। अपनी विध्वंसक पारी से टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाते-पहुंचाते रह गए पांड्या की मायूसी की तस्वीरें बहुत कुछ कहती हैं। आरसीबी की बल्लेबाजी के दौरान विराट कोहली अपने चिर-परिचित अंदाज में खेल रहे थे। वह मुंबई की गेंदबाजी की बखिया उधेड़ रहे थे। तब पांड्या ने ही उन्हें नमन धीर के हाथों कैच कराकर पवैलियन का रास्ता दिखाया। कोहली ने 42 गेंदों में 67 रन की पारी खेली थी। आरसीबी की तरफ से पांड्या ने ट्रेंट बोल्ट के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। आरसीबी ने निर्धारित 20 ओवर में जीत के लिए 222 रन का बड़ा लक्ष्य रखा। बल्लेबाजी की बारी आई तो पांड्या ने एक बार फिर किसी योद्धा की तरह आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। उन्होंने महज 15 गेंदों में 42 रनों की विस्फोटक पारी खेली। 3 चौके और 4 छक्के जड़े। वह जब क्रीज पर थे तो मुंबई इंडियंस को जीत की खुशबू आने लगी थी, लेकिन उनके आउट होते ही मुंबई ही उम्मीदें भी धराशायी हो गई। पांड्या को लेकिन तब भी यकीन था कि जीत मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं। हार्दिक जब छठे विकेट के तौर पर आउट हुए तब मुंबई को जीतने के लिए 11 गेंदों में 28 रन की जरूरत थी जो असंभव तो कतई नहीं था। 18वें ओवर की 5वीं गेंद पर जब सैंटनर ने छक्का लगाया तो पांड्या का जोश देखने लायक था। लेकिन आखिरी ओवर में खेल पलट गया। आखिरी ओवर में मुंबई इंडियंस को जीत के लिए 19 रन की जरूरत थी और 4 विकेट हाथ में थे। गेंदबाजी की कमान संभाली हार्दिक पांड्या के भाई क्रुणाल पांड्या ने। पहली ही गेंद पर उन्होंने सैंटनर को सीमा रेखा के एकदम नजदीक कैच आउट करा दिया। आरसीबी में उत्साह की लहर थी। फील्डिंग कर रहे विराट कोहली का जश्न देखने लायक था लेकिन मुंबई खेमे में मायूसी थी। पांड्या के चेहरे पर निराशा थी। रही सही कसर क्रुणाल ने अगली ही गेंद पर दीपक चाहर को आउट करके पूरी कर दी। वह हैट्रिक से तो चूक गए लेकिन आखिरी ओवर में 3 विकेट अपने नाम कर लिए। मुंबई इंडियंस 10 साल बाद अपने होम ग्राउंड वानखेड़े में आरसीबी के हाथों हार चुकी थी। अकेले किला लड़ाने वाला योद्धा हार्दिक पांड्या निराश था। चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। एक कप्तान के तौर पर, एक गेंदबाज के तौर या एक बल्लेबाज के तौर पर पांड्या ने वह सबकुछ किया, जो एक लीडर को करना चाहिए। फिर भी हार हाथ लगी तो सोचिए उन पर क्या गुजर रही होगी? आखिर अब और क्या करूं? किसको दोष दूं? टीम को या किस्मत को? ऐसे तमाम मनोभाव उनके भीतर डूबते और उतरते होंगे। पांड्या को टीम का पूरा साथ नहीं मिल पा रहा। कुछ ऐसी ही कहानी लखनऊ के खिलाफ खेले गए मैच में भी थी। पांड्या ने गेंदबाजी में कमाल करते हुए लखनऊ सुपर जॉइंट्स के 5 विकेट अपने नाम किए। 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई की टीम 5 विकेट पर 191 रन ही बना सकी। हार्दिक पांड्या ने 16 गेंदों में 28 रनों की तेजतर्रार नाबाद पारी खेली लेकिन वह काम नहीं आई। इस सीजन में मुंबई को अबतक 5 मैचों में सिर्फ 1 में जीत मिली है। 4 मैच हार चुकी है और पॉइंट टेबल में मुंबई इंडियंस काफी नीचे 8वें नंबर पर है। इस सीजन में हार्दिक पांड्या ने दिखाया कि वह कितने बड़े योद्धा हैं, योद्धा निराश हो सकता है, मगर हताश नहीं। हार सकता है लेकिन टूट नहीं सकता। बस जरूरत है तो टीम के साथ की।

दिल्ली सरकार की शिक्षा योजना पर सवाल: 50% बजट खर्च करने में ‘फेल’ रहा शिक्षा विभाग

नई दिल्ली दिल्ली की पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शिक्षा पर अपने कुल वार्षिक बजट का 25 फीसदी खर्च करने का दावा किया था लेकिन शिक्षा निदेशालय पिछले वर्ष सामान्य शिक्षा के लिए आवंटित बजट का 50 फीसदी पैसा भी खर्च कर पाने में नाकाम रहा। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक आवेदन में यह जानकारी सामने आई है। शिक्षा निदेशालय मुख्यत: तीन मदों -सामान्य शिक्षा, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले विद्यालयों और खेलों पर खर्च करता है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने 2024-25 में शिक्षा निदेशालय के लिए अनुमानित बजट के रूप में कुल 4335.08 करोड़ रुपये आवंटित किये थे, जिसे बढ़ाकर 4836.41 करोड़ रुपये कर दिया गया लेकिन विभाग इसमें से सिर्फ 2818.23 करोड़ रूपये ही खर्च कर पाया। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा निदेशालय को 2024-25 में सामान्य शिक्षा के लिए 2703.12 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ लेकिन इसमें से वह सिर्फ 1267.87 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका जो 50 फीसदी से भी कम है। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के विद्यालयों के लिए प्राप्त 2085.01 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन में से शिक्षा विभाग ने जरूर 1523.33 करोड़ रुपये खर्च किये। स्कूली विद्यार्थियों को खेल के लिए संसाधन मुहैया कराने वाले बजट का भी विभाग पूरा इस्तेमाल करने में विफल साबित हुआ। शिक्षा निदेशालय को खेल के लिए 48.28 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे लेकिन खर्च सिर्फ 18.02 करोड़ रुपये किये गये। शिक्षा निदेशक से जब इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर मिलने से इनकार कर दिया। ‘ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि सामान्य शिक्षा पर बजट का 50 फीसदी पैसा खर्च न कर पाना शिक्षा विभाग के ‘निक्कमेपन’ को दर्शाता है। उन्होंने बताया, “दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में करीबन 17 लाख बच्चे पढ़ते हैं और ज्यादातर बच्चे गरीब तबके से आते हैं। सामान्य शिक्षा पर बजट का आधा पैसा भी खर्च न कर पाना कहीं न कहीं इन स्कूली बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है।” गैर सरकारी संगठन ‘लोकतान्त्रिक अध्यापक मंच’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कृष्ण कुमार फौगाट ने कहा, “ज्यादातर चीजें हवा हवाई ही रहीं और धरातल पर कुछ काम नहीं हुआ। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 2014 से 2019 तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय को 13,425.64 करोड़ रुपये आवंटित किये, जिसमें से विभाग ने 11892.23 करोड़ रुपये खर्च किये थे। इसी प्रकार दिल्ली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में 2019 से 2024 तक शिक्षा निदेशालय को 24,349.18 करोड़ रुपये आवंटित किये और विभाग 20,762.39 करोड़ रुपये खर्च करने में सफल रहा। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय शहर के सरकारी विद्यालयों में मुफ्त पुस्तकों से लेकर स्कूल की वर्दी, कंप्यूटर लैब, शिक्षकों को पुरस्कार, विद्यालयों में पुस्तकालय के लिए पुस्तकें खरीदने जैसी 79 मदों पर पैसा खर्च करता है।

दिल्ली में सत्ता गई तो एक के बाद एक नेता यूट्यूबर बन रहे AAP नेता, एक और ने शुरू किया नया काम

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सत्ता गई तो इसके नेता अब यूट्यूब पर अपने लिए संभावनाएं तलाशने में जुट गए हैं। सौरभ भारद्वाज के बाद अब पार्टी के एक और तेज तर्रार नेता ने यूट्यूब चैनल बनाकर ‘व्यूज’ कमाने की कोशिश शुरू की है। किराड़ी के पूर्व विधायक ऋतुराज झा ने यूट्यूब का रुख किया है। उन्होंने अपने नाम से एक यूट्यूब चैनल बनाया जिस पर वह राजनीति के अलावा लाइफस्टाइल, ट्रैवल समेत सभी विषयों पर वीडियो बनाएंगे। राजनीतिक दलों के नेताओं को कभी सत्ता में रहकर जनता के लिए काम करना होता है तो कभी विपक्ष में रहकर उनकी आवाज को उठाना होता है। एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बाद ‘आप’ पहली बार दिल्ली में विपक्ष की भूमिका में आई है। एक तरफ जहां पार्टी के नेता बिजली, शिक्षा, अस्पताल, मुफ्त बस सफर जैसे कई मुद्दों पर दो महीने पुरानी भाजपा सरकार को घेरने में जुटी है तो दूसरी तरफ कुछ नेता अब यूट्यूब पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने में जुट गए हैं। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज अपने ग्रेटर कैलाश से इस बार चुनाव हार गए। ऐसे में उन्होंने खुद को ‘बेरोजगार’ बताते हुए बेरोजगार नेताजी नाम से यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि घर चलाने के लिए उन्हें नए काम की तलाश थी। हालांकि, भारद्वाज की ‘बेरोजगारी’ दूर करने के लिए अरविंद केजरीवाल ने उन्हें दिल्ली में पार्टी की कमान सौंप दी। दिल्ली के संजोयक बनाए जाने के बाद भी सौरभ भारद्वाज ‘पार्ट टाइम’ यूट्यूब पर कर रहे हैं। पहले वीडियो में ऋतुराज ने मोटापा कम करना सिखाया किराड़ी से टिकट कटने के बाद शुरुआत में बागी तेवर दिखाने वाले ऋतुराज झा को पार्टी ने वक्त रहते मना लिया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान टीवी डिबेट से लेकर कई विधायकों के लिए प्रचार का जिम्मा भी संभाला। हाल में वह दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए ‘2500 रुपए कब मिलेंगे’ वाले पोस्टर लेकर सड़कों पर भी उतरे। अब उन्होंने यूट्यूब चैनल बनाकर अपने काम को विस्तार दिया है। ऋतुराज ने इस पर दो वीडियो पोस्ट करके मोटापा कम करने के टिप्स दिए हैं।

गर्भवती महिला ने ओला कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने उसके ही बच्चे को जान से मारने की धमकी दी

नई दिल्ली दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि जब उसने ओला कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने उसके ही बच्चे को जान से मारने की धमकी दे दी। महिला नोएडा एक्सटेंशन से साकेत जा रही थी। घटना इसी दौरान की बताई जा रही है। महिला ने दावा किया कि जब उसने कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने साफ मना कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक उसने लिंक्डइन पर इस घटना के बारे में बताते हुए कहा, मैंने नोएडा एक्सटेंशन से साकेत तक के लिए कैब बुक की थी। सफर के दौरान जब मैंने एसी चलाने के लिए कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया। महिला की पोस्ट के मुताबिक जब उसने एसी चालाने के लिए जोर दिया तो ड्राइवर कथित तौर पर आक्रामक हो गया। महिला ने अपनी पोस्ट में कहा, “उसने मुझे धमकाते हुए कहा, ‘तेरे पेट में लात मार के बच्चा गिरा दूंगा’, जबकि उसे पता था कि मैं गर्भवती हूं। महिला ने दावा किया कि ड्राइवर ने उसे बीच रास्ते में ही कैब से उतरने के लिए मजबूर किया और धमकाते हुए कहा, अभी आगे देखो क्या क्या होता है। रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने बताया कि उसने ओला के कस्टमर सपोर्ट में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई है और महिला हेल्पलाइन पर भी घटना की सूचना दी है। जवाब में कंपनी ने महिला को आश्वासन दिया कि ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। कंपनी ने कहा, हम ओला कैब के साथ आपकी यात्रा के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए माफी मांगना चाहते हैं। कंपनी ने कहा, हमने पार्टनर के खिलाफ उचित कार्रवाई की है ताकि निकट भविष्य में इस तरह की समस्याओं को खत्म किया जा सके।

खुशखबरी! दिल्लीवालों का इंतजार खत्म होने जा रहा, आज से दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू

नई दिल्ली खुशखबरी! दिल्लीवालों का इंतजार खत्म होने जा रहा है। आज यानी शनिवार से दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू हो सकती है। दिल्ली सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। जानकारी के मुताबिक पहले चरण में एक लाख लोगों का दिल्ली में आयुष्मान कार्ड बनेगा। इसके बाद तेजी से इस योजना को आगे बढ़ाते हुए सभी पात्र दिल्ली वालों को इसमें शामिल कर लिया जाएगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समझौते पत्र (MOU) साइन होने वाले हैं। इसके बाद 10 अप्रैल तक कम से कम 1 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। बीजेपी ने दिल्ली में विधानसभा चुनावों से पहले ही ऐलान किया था कि सत्ता में आने के बाद इस योजना को लागू किया जाएगा। आयुष्मान योजना के तहत दिल्ली में 5 लाख + 5 लाख यानी 10 लाख रुपये का मेडिकल कवर मिलेगा। सबसे पहले किसके बनेंगे आयुष्मान कार्ड केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना गरीब व जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए है। दिल्ली में भी इस योजना का लाभ इन्हीं लोगों को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक जिन लोगों के पास अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड है, उन्हीं के कार्ड पहले बनाए जाएंगे। इसके बाद बीपीएल कार्डधारकों के नंबर आएंगे। माना जा रहा है कि शुरुआत में एक लाख अंत्योदय कार्डधारकों को इस योजना का लाभ होने वाला है। आयुष्मान योजना के लिए बजट दिल्ली में आयुष्मान योजना लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने 2144 करोड़ रुपये का बजट पास किया हुआ है। आयुष्मान कार्ड बनवाने पर अन्य राज्यों में 5 लाख रुपये तक का मेडिकल कवर मिलता है। दिल्ली में यह मेडिकल कवर 10 लाख रुपये है। इसमें से 7 लाख का खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। दिल्ली में कितनी तरह के राशन कार्ड दिल्ली में वर्तमान में दो तरह के राशन कार्ड बनते हैं। पहला: Priority Category या बीपीएल कार्ड, जो गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के बनते हैं। इन्हें PR कार्ड भी कहा जाता है। दूसरा अंत्योदय अन्न कार्ड यानी AAY कार्ड। ये कैटेगरी गरीबी रेखा के मामले में सबसे निचले पायदान पर मानी जाती है। इन्हें प्रति परिवार 35 किलो राशन हर महीने दिया जाता है। द‍िल्‍ली में क‍ितने AAY राशन कार्ड द‍िल्‍ली में 72,77,995 राशन कार्ड को मंजूरी म‍िली हुई है। केंद्र सरकार द्वारा तय संख्या के अनुसार दिल्ली में 1,56,800 AAY राशन कार्ड को मंजूरी मिली हुई है। ये कार्ड Poorest of Poor वर्ग में आने वाले सबसे गरीब वर्ग का ही बनता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक जनवरी, 2025 में दिल्ली में AAY राशन कार्ड की संख्या महज 66,532 ही थी। अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड के अंतर्गत प्रति परिवार 2 रुपये किलो के हिसाब से 25 किलो गेहूं और 3 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 10 किलो चावल मिलता है। इसके अलावा 13.50 रुपये किलो के हिसाब से 6 किलो चीनी मिलती है।

दिल्ली सीएम ने कहा- वक्फ संशोधन विधेयक पर खुशी जताते हुए ‘न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत तय’

नई दिल्ली लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुशी जताई। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज का दिन ऐतिहासिक है। संसद ने ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक – 2025’ को मंजूरी दे दी है, जो दशकों से चले आ रहे अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत करेगा। 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक कदम से अब इसकी पारदर्शिता से निगरानी की जा सकेगी।” उन्होंने लिखा, “2013 में लाए गए संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में कुल साढ़े 5 घंटे चर्चा हुई थी, जबकि इस विधेयक पर दोनों सदनों में 16 घंटे से ज्यादा की चर्चा हुई। मोदी सरकार ने संयुक्त समिति बनाई, जिसमें 38 बैठकें हुईं, 113 घंटे चर्चा हुई और 284 हितधारकों को शामिल किया गया। ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद के पटल पर लाने से पहले मोदी सरकार को देशभर से करीब एक करोड़ ऑनलाइन सुझाव मिले, जिनका विश्लेषण करने के बाद यह कानून बनाया गया, जो दर्शाता है कि जहां मोदी सरकार मुस्लिमों के साथ खड़ी है, वहीं विपक्ष केवल वोट बैंक की आड़ में गुमराह कर रहा है।” सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा, “इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। इसे समर्थन देने वाले सभी दलों और सांसदों का भी धन्यवाद। वक्फ बोर्ड को अधिक उत्तरदायी बनाना अनिवार्य था। यह विधेयक सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और इसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे करोड़ों लोगों को न्याय मिलेगा।”

इस माह से शुरू होने से जा रही नोएडा से देहरादून और हरिद्वार के लिए बस सेवा

नोएडा नोएडा से देहरादून और हरिद्वार के लिए बस सेवा इसी माह से शुरू होने से जा रही है। डिपो को 50 नई बसें मिलेंगी। देवभूमि के अन्य स्थलों समेत यूपी के पूर्वांचल के लिए भी यहां से बस सेवा शुरू हो सकती है। डिपो प्रबंधन समय सारिणी का चार्ट जारी करेगा। देहरादून जाने वालों को 428 और हरिद्वार के लिए 381 रुपये प्रति व्यक्ति किराया निर्धारित किया गया है। तीन से चार घंटे के अंतराल पर देवभूमि के लिए नोएडा डिपो से बसें मिल सकेंगी। भर्ती के लिए 13 चालकों के टेस्ट हुए हैं। 167 परिचालकों की भर्ती और की जाएगी। नए रूट हल्द्वानी, देहरादून और ऋषिकेश पर भी नई बसों चलाया जाएगा। छुट्टी के दिन परिवार के साथ भारी संख्या में यात्री उत्तराखंड घूमने के लिए जाते हैं। इनमें हरिद्वार, ऋषिकेश तीर्थस्थल भी शामिल हैं। नोएडा से सीधे यात्री इन तीर्थस्थलों पर पहुंच सकें इसके लिए डिपो से इस माह बसों का संचालन होगा। यात्रियों की मांग बढ़ने पर कैंचीधाम, नीलकंठ, हरिद्वार और टपकेश्वर के लिए भी बसें संचालित की जा सकतीं हैं। 33 प्रतिशत बढ जाएगी बसों की संख्या नोएडा डिपो से वर्तमान में 158 बसें संचालित होती हैं। नई बसें मिलने से संख्या में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से कुल 208 बसों का संचालन यहां से होगा। बुदंलशहर, आगरा, एटा, इटावा रूट पर बढेंगी बसें एआरएम एसएन पांडेय ने कहा कि बुलंदशहर रूप पर सबसे अधिक यात्री होते हैं। डिपो को सबसे अधिक राजस्व भी यहां से मिलता है। आगरा, एटा, इटावा, सहारनपुर के लिए भी यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। नई बसें मिलने पर इन रूटों पर संख्या बढ़ाई जाएगी। 414 चालक डिपो के पास हैं वर्तमान में डिपो से संचालित हो रहीं 158 बसों के लिए 414 चालक और 416 परिचालक हैं। नई बसों के लिए कुछ चालक और 167 परिचालकों की भर्ती भी होगी।

दिल्ली में अब मुफ्त बस सफर करना है तो दो अहम शर्तों का करना होगा पालन, रजिस्ट्रेशन भी जल्द

नई दिल्ली दिल्ली में मुफ्त बस सफर की सुविधा पर रेखा गुप्ता सरकार दो अहम शर्तें लगाने जा रही है। राजधानी में मुफ्त बस यात्रा का लाभ अब उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो दिल्ली की निवासी हैं। दूसरी शर्त यह है कि दिल्ली महिलाओं को भी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसका मतलब है कि यदि अन्य किसी राज्य की महिला दिल्ली में घूमने या अन्य किसी काम से आई है तो उसे बस में सफर के लिए टिकट का भुगतान करना होगा। यदि आप दिल्ली की रहने वाली हैं और रजिस्ट्रेशन करवाकर स्मार्ट कार्ड हासिल नहीं किया है तो आपको भी टिकट खरीदकर यात्रा करनी होगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के लिए ‘स्मार्ट कार्ड’ जारी किया जाएगा, जो ‘लाइफटाइम’ वैध रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बसों में मुफ्त यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड पाने की इच्छुक महिलाओं के लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन शुरू करेगी। यह कदम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गुलाबी टिकट योजना के तहत भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। गुप्ता ने कहा था, ‘हम महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं… भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम महिलाओं के लिए डिजिटल यात्रा कार्ड शुरू करेंगे, जो उन्हें सरकारी बसों में कभी भी स्वतंत्र रूप से मुफ्त यात्रा करने की सुविधा देगा, जिससे टिकट से जुड़ा ‘गुलाबी भ्रष्टाचार’ खत्म हो जाएगा।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि दक्षता बढ़ाने के लिए टिकट प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल किया जाएगा। गुप्ता ने कहा था कि संपूर्ण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जाएगा और पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा त्रुटिपूर्ण योजनाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा था, ‘हमारा लक्ष्य दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, विश्वसनीय और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त बनाना है।’ ‘आप’ ने 2019 में भाई दूज के अवसर पर गुलाबी टिकट योजना पेश की थी, जिसके तहत महिलाओं को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। महिलाओं को गुलाबी टिकट के रूप में एकल यात्रा पास मिलते हैं, जिसमें दिल्ली सरकार प्रति टिकट 10 रुपये की लागत वहन करती है और जारी किए गए कुल टिकट के आधार पर बस कंपनियों को भुगतान करती है। अधिकारियों के अनुसार, भाजपा सरकार के अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर स्मार्ट कार्ड पहल पर काम शुरू करने की उम्मीद है। उन्होंने पात्रता मानदंड के बारे में बताया कि स्मार्ट कार्ड केवल दिल्ली में रहने वाली महिलाओं को जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें बिना किसी पाबंदी के कहीं भी, कभी भी यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।

हर आदमी एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता, सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा बैन पर ढील से इनकार

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगी रोक पहले की तरह बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के उत्पादन, भंडारण और और बिक्री में ढील देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वायु प्रदूषण का स्तर लंबे समय तक चिंताजनक स्थिति में था। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा सड़कों पर काम करता और प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित है। बेंच ने कहा कि प्रदूषण का मुकाबला करने के लिए हर आदमी घर या कार्यस्थल पर एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता है। कोर्ट ने कहा,’इस अदालत से पिछले 6 महीने में पास किए गए कई ऑर्डर दिल्ली में बहुत अधिक प्रदूषण की वजह से उत्पन्न भयानक स्थिति को रिकॉर्ड पर रखा है। स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का अहम हिस्सा है, इसी तरह प्रदूषणमुक्त वातावरण में जीने का अधिकार भी।’ बेंच ने कहा कि अदालत जब तक इस बात से संतुष्ट नहीं होती कि कथित ग्रीन पटाखों से न्यूनतम प्रदूषण होता है, पिछले आदेश पर विचार का सवाल पैदा नहीं होता है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि समय-समय पर दिए गए आदेशों से यह पता चलता है कि पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध दिल्ली में उत्पन्न असाधारण स्थिति की वजह से जरूरी थे।

दिल्ली को साफ और सांस लेने लायक बनाने के लिए दिल्ली की रेखा सरकार ने 70 लाख नए पौधे लगाने का किया दावा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली पलूशन से आए दिन दो चार होती है। राहत दिलाने के लिए और दिल्ली को साफ और सांस लेने लायक बनाने के लिए दिल्ली की रेखा सरकार ने 70 लाख नए पौधे लगाने का दावा किया है। इसके साथ ही रेखा गुप्ता ने बीती सरकार पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने बीती सरकार (आप) में पौधे लगाने के नाम पर बर्बाद हुए पैसों का भी जिक्र किया। सीएम रेखा ने तंज भरे लहजे में कहा कि इससे पहले की सरकारें पौधे लगाती थीं, लेकिन कागजों में। इसके लिए उन्होंने आप की विधायक के कार्यकाल में पौधे लगाने के नाम पर किस तरह का रवैया अपनाया गया, इसका जिक्र भी किया। सीएम ने कहा कि मैं आपको अपनी विधानसभा शालीमार बाग का हाल बताती हूं। पिछली सरकार की पिछली विधायक ने 8 करोड़ रुपये का टेंडर उठाया कि पौधे लगाएंगे। सीएम ने दावा करते हुए कहा कि एक भी पौधा कहीं नहीं लगाया गया। ऐसा हर जगह हुआ है। पूरी दिल्ली में ऐसा हुआ है। सीएम ने दावा करते हुए कहा कि कागजों पर पौधे लगे, उगे और जो फल लगे उन्हें सरकार के ये लोग खा गए। सरकार ने जो कुछ किया उसका एक भी पर्सेंट लाभ जनता को नहीं मिला। इसके बाद सीएम ने विधानसभा में जनता से वादा किया कि हमारी सरकार में 70 लाख नए पौधे लगाने का काम करेंगे। ऐसा हमने प्रण किया है। सीएम ने इसे हरित दिल्ली, ग्रीन दिल्ली के तहत करने की बात कही है। बीती दो बार से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी। इस बार जनता ने बदलाव का रास्ता चुना और 27 साल बाद विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की वापसी हुई और आप विपक्ष की भूमिका में आ गई। आप की हार के बाद दोनों दलों में खींचतान तेज हो गई है। आए दिन एक नया मामला सामने आता है। इस कड़ी में सबसे बड़ा उदाहरण कैग रिपोर्ट हैं। इनमें आप सरकार के सही-गलत कामों का जिक्र किया गया है।

महिला समृद्धि योजना से जुड़े सवाल पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा- ‘जब कोई सरकार बनती है तो बजट आवंटन आवश्यक है

नई दिल्ली दिल्ली में गरीब महिलाओं को 2500 रुपए मासिक आर्थिक सहायता का दावा करके सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आम आदमी पार्टी (आप) लगातार घेरने में जुटी हुई है। नेता विपक्ष आतिशी की ओर से बार-बार सरकार से पूछा जा रहा है कि महिलाओं के खाते में पैसे कब आएंगे? इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंटरव्यू में विस्तार से इस योजना पर बात की और बताया कि क्यों इसमें वक्त लग रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्दबादी में ‘आप’ सरकार की तरह गलती नहीं करना चाहती हैं। महिला समृद्धि योजना से जुड़े एक सवाल के जवाब में रेखा गुप्ता ने कहा, ‘जब कोई सरकार बनती है तो बजट आवंटन आवश्यक है, योजना की रूपरेखा, नियम बनाने पड़ते हैं। रजिस्ट्रेशन पूरा करना होता है और उसकी जांच होती है। यह एक ही बार पैसा देने की योजना नहीं है। हमें एक टिकाऊ रूपरेखा बनानी ताकि केवल योग्य लाभार्थियों को फायदा मिले। ‘आप’ सरकार ने योजनाओं की घोषणा कागजों पर की लेकिन एक साल से ज्यादा चला नहीं पाई। हम भी वही गलती नहीं करना चाहते हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गरीब महिलाओं के लिए मदद का वादा किया। हमें सावधानीपूर्वक योग्यता की शर्तें तय करनी हैं ताकि दुरुपयोग को रोका जा सके, जैसा कि ईडब्ल्यूएस स्कीमों में होता कि फायदा अक्सर अयोग्य लोगों को मिल जाता है। किर्यान्वयन में समय लगता है, लेकिन हम अपने हर वादे को पूरा करेंगे। सीएम ने कहा, ‘हमें नियम और शऱ्तें बनानी हैं। हमें ऐसी रूपरेखा बनानी है कि सही लोगों को ही फायदा मिले।’ गुप्ता ने ‘आप’ पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब में इसी तरह का वादा किया लेकिन तीन साल बात भी लागू नहीं किया है। आलोचना करना उनका राजनीतिक खेल है और इसमें कोई वजन नहीं। उन्हें अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में 10 साल पहले मुफ्त वाई-फाई देने का वादा किया था। मुझे बताइए दिल्ली के किस हिस्से में मुफ्त वाई-फाई है। उन्होंने अपनी खुशी के मुताबिक सरकार चलाई। दूसरी तरफ हम मौजूदा योजनाओं को चालू रखेंगे और नई भी लाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसके लिए कोई विशेष तारीख देने से इनकार करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र अभी समाप्त हुआ है और सरकार को अभी एक महीना ही हुआ है। उन्होंने कहा कि एक महीने पुरानी सरकार से योजनाओं को इतनी जल्दी लागू करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सीएम ने कहा, ‘नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल को शुरू होता है। हमने बस अभी बजट पेश किया है। यह एक बहुत बड़ा काम था। हमें ओपनिंग बैलेंस का आकलन करना है और यह देखना है कि वित्तीय स्थिरता के साथ कितने लाभार्थियों को मदद दे सकते हैं। हम इस योजना को फंड देने के लिए वेतन देना नहीं रोक सकते हैं। हमें दोनों प्राथमिकताओं में बैलेंस रखना होगा।’ दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कल्याणाकारी योजनाओं पर सब्सिडी देने के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश करना है। पूंजीगत निवेश आवश्यक है। पिछली सरकार ने अस्पतालों के प्रॉजेक्ट अधूरे छोड़ दिए। स्कूल और कॉलेज बनाने में विफल रही और दिल्ली के 12 सरकारी कॉलेज में वेतन नहीं दे सकी। सीएम ने कहा, ‘हम सुनिश्चित करेंगे कि वेतन दिए जाएं, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो और सभी सेक्टर में शासन प्रभावशाली हो।’

स्कूलों ने अभिभावकों से किताबों व यूनिफार्म के नाम पर मोटी रकम वसूलना शुरू किया, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी

नई दिल्ली राजधानी के निजी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही अभिभावकों की जेब पर तगड़ी मार पड़ने लगी है। स्कूलों ने अभिभावकों से किताबों व यूनिफार्म के नाम पर मोटी रकम वसूलना शुरू कर दिया है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को किसी खास विक्रेता से किताबें व यूनिफार्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करने और स्कूल की वेबसाइट पर किताबें खरीदने के लिए स्कूल के नजदीक की कम से कम पांच दुकानों का पता और टेलीफोन नंबर भी प्रदर्शित करने को कहा था। ताकि अभिभावक अपनी सुविधानुसार उन दुकानों से किताबें व यूनिफार्म खरीद सकें। इसके बावजूद निजी स्कूल कैंपस के अंदर ही निजी प्रकाशकों की किताबें, स्टेशनरी और यूनिफार्म मंहगें दामों पर बेच रहे हैं। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने के लिए अलग-अलग कक्षा के अनुसार यूनिफार्म भी अलग कर दी है। यूनिफार्म की डिजाइन के बारे में भी बाहर के किसी वेंडर को जानकारी नहीं दी ताकि अभिभावकों को मजबूरन कैंपस के अंदर से ही यूनिफार्म लेनी पड़े। कोई पांच तो कोई आठ हजार में स्कूल के अंदर से बेच रहा किताबें निजी स्कूलों हर बार की तरह इस बार भी शिक्षा निदेशालय के आदेश की अवहेलना करते हुए स्कूल कैंपस के अंदर से बढ़े हुए दामों पर निजी प्रकाशकों की किताबें, कापी और स्टेशनरी का समान दे रहे हैं। प्री-प्राइमरी, केजी में महज तीन किताबें, आर्ट क्राफ्ट का सामान, स्टेशनरी और नोट बुक पांच से छह हजार की पड़ रही है। अशोक विहार स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल में कैंपस के अंदर से प्री-स्कूल की कापी-किताब व स्टेशनरी का सेट 4940 रुपये, पहली कक्षा की किताब, कापी व स्टेशनरी का सेट 6345 रुपये, पांचवीं कक्षा का 8239 रुपये, सातवीं का 8311 रुपये, आठवीं का 8935 रुपये में बेचा जा रहा है। इसमें किताबों पर कवर चढ़ाने के रुपये अलग से लिए जा रहे हैं। वसंत कुंज स्थित मैसोनिक पब्लिक स्कूल में आठवीं की कापी-किताब और स्टेशनरी का सेट 5598 रुपये का पड़ रहा है। करीब हर निजी स्कूल का यही हाल जनकपुरी स्थित सुमेरमल जैन पब्लिक स्कूल में पांचवीं की कॉपी-किताब और स्टेशनरी का सेट 4931 रुपये का बेचा जा रहा है। श्रीजन स्कूल में आठवीं की कापी-किताब व स्टेशनरी का सेट आठ हजार में बेचा जा रहा है। लगभग हर निजी स्कूल का यही हाल है। राजधानी के ये निजी स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को धता बता एनसीईआरटी की किताबों से ज्यादा निजी प्रकाशकों की किताबों को स्कूल में पढ़वा रहे हैं। स्कूलों में बेचे जा रहे सेट में अधिकतर किताबें निजी प्रकाशकों की ही हैं। इक्का-दुक्का किताब ही एनसीईआरटी की ली गई हैं। उसमें भी कहा गय है कि सेट में लिखी एनसीईआरटी की किताबें अभिभावकों को स्वयं ही बाहर से खरदनी पड़ेगी। कुछ स्कूलों में पूरा सेट लेने पर छूट जैसे आफर देकर अभिभावकों को लुभाने की भी कोशिश हो रही है। एनसीईआरटी की जो किताबें 30 रुपये से लेकर 100 रुपये तक मिलती है, उसी विषय की निजी प्रकाश की किताब की कीमत 300 से 700 रुपये तक में बेची जा रही है। यूनिफॉर्म को बार-बार बदला जाता स्कूलों में सिर्फ लूट का ये काम कापी-किताब और स्टेशनरी तक ही सीमित नहीं रखा है। बहुत से स्कूलों ने अब यूनिफार्म के नाम पर लूटने के अलग-अलग तरीके ढूंढे़ हैं। कुछ स्कूलों ने अलग-अलग कक्षाओं के लिए यूनिफार्म ही अलग कर रखी है ताकि बच्चे को कक्षा बदलते ही यूनिफार्म भी बदलनी पड़े। यूनिफॉर्म के लिए भी निदेशालय ने स्कूलों को आदेश दिया है कि वो पांच वेंडरों की सूची चस्पा करें जहां से अभिभावक यूनिफॉर्म खरीद सकें। लेकिन स्कूलों ने कैंपस के अंदर ही विक्रेता बैठाए हुए हैं और यूनिफॉर्म का डिजाइन भी बदल दिया और बाहर के विक्रेताओं को डिजाइन के बारे में जानकारी ही नहीं दी। मजबूरन अभिभावकों को स्कूल के अंदर बैठे विक्रेता से महंगे दाम पर यूनिफार्म खरीदनी पड़ रही है।

वित्त विभाग के आदेश से हुआ बड़ा खुलासा, दिल्ली सरकार के बजट पर आतिशी ने उठाया सवाल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी ने भाजपा सरकार के बजट को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 1 लाख करोड़ के बजट का महज जुमला दिया है, लेकिन उनके ही अधिकारियों ने इस झूठ को बेनकाब कर दिया। आतिशी ने बताया कि 31 मार्च को दिल्ली सरकार के वित्त विभाग से जारी आदेश के अनुसार, किसी भी विभाग को अप्रैल में कुल बजट का केवल 5 प्रतिशत खर्च करने की अनुमति दी गई है। इसका अर्थ यह हुआ कि अप्रैल महीने में सरकार केवल 5,000 करोड़ ही खर्च कर सकती है। इसी आधार पर पूरे साल में सरकार 60,000 करोड़ ही खर्च कर सकेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार के पास खर्च करने के लिए पैसा ही नहीं है, तो 1 लाख करोड़ का बजट कैसे संभव है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट विधानसभा के इतिहास का सबसे झूठा बजट है। दिल्ली सरकार ने बजट पेश करते समय 1 लाख करोड़ का दावा किया, जबकि हकीकत में यह बजट मात्र 78,000 करोड़ का ही है। यहां तक कि भाजपा सरकार के वित्त विभाग ने खुद इस झूठे बजट को उजागर कर दिया है। आतिशी ने कहा कि जब सरकार के पास 60,000 करोड़ से अधिक का राजस्व ही नहीं है, तो 1 लाख करोड़ का बजट पेश करना पूरी तरह से जुमलेबाजी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता को गुमराह कर रही है और झूठे आंकड़ों के सहारे अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। 31 मार्च को जारी वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, किसी भी विभाग को अप्रैल में बजट का मात्र 5 प्रतिशत खर्च करने की इजाजत दी गई है। अगर इसे साल भर के हिसाब से देखें, तो कुल खर्च 60,000 करोड़ तक ही सीमित रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह साफ हो जाता है कि दिल्ली सरकार के पास 60,000 करोड़ से ज्यादा खर्च करने की क्षमता नहीं है। ऐसे में 1 लाख करोड़ के बजट की घोषणा पूरी तरह से हवा-हवाई साबित होती है।

चार ही दिन बाद हवा फिर खराब, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां भी लागू कर दी

नई दिल्ली चार दिन तक मध्यम श्रेणी में रहने के बाद दिल्ली की हवा एक बार फिर से हवा खराब हो गई। इसी के चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां भी लागू कर दी गईं। 29 मार्च को ही हवा के स्तर में सुधार आने के बाद सभी पाबंदियां हटा दी गई थीं लेकिन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को ग्रेप के पहले चरण के प्रतिबंध पुन: लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत अपनी समयावधि पूरी कर चुके पेट्रोल और डीजल के वाहनों पर रोक रहेगी। कचरा जलाने पर भी रोक रहेगी। साथ ही रेस्टोरेंट और होटलों में कोयला और लकड़ी जलाने पर भी रोक रहेगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार बुधवार को राजधानी का एक्यूआइ 217 रहा जो खराब श्रेणी में आता है। 29 मार्च को यह 153 यानी मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया था। उसके बाद से यह लगातार 200 से नीचे यानी मध्यम श्रेणी में चल रहा था। एनसीआर के शहरों में भी बुधवार को एक्यूआई मध्यम से खराब श्रेणी में रहा। अभी अगले कई दिन इसमें बहुत बदलाव होने के कोई आसार नहीं हैं।

दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर हुई खाक

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में बुधवार तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर खाक हो गईं। यह घटना द्वारका के धूलसिरस स्थित एक गैराज में हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग (डीएफएस) के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गए। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यह घटना दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में गैराज में लगी आग के बाद हुए भारी नुकसान को दर्शाती है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा और आग से संबंधित प्रबंधन की अहमियत को फिर से उजागर किया है। अब इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी उपाय किए जा सकें। आग लगने की सूचना और दमकल की कार्रवाई दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना बुधवार तड़के 2.58 बजे मिली। जैसे ही यह सूचना मिली, दमकल विभाग ने घटनास्थल पर तुरंत नौ दमकल गाड़ियों को भेजा। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए संघर्ष किया और अग्निशमन अभियान सुबह 4.05 बजे तक जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि आग में 11 कारें पूरी तरह से जल गईं, साथ ही कुछ कल पुर्जे और स्पेयर पार्ट्स भी जलकर राख हो गए। आग की लपटें बहुत तेज थीं, जिससे गैराज के अंदर खड़ी कारों और अन्य सामान को भारी नुकसान हुआ। कारणों की जांच हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। आग के कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम घटनास्थल पर मौजूद है और जांच जारी है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं गैराज के अंदर उस वक्त कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, इस वजह से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आग की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने यह कहा कि अगर समय पर दमकल गाड़ियां न पहुंची होतीं, तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी। आग बुझाने में हुई कठिनाइयाँ दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के दौरान उन्हें बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि गैराज के अंदर गाड़ी के तेल और अन्य ज्वलनशील सामग्री थी, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। बावजूद इसके, दमकल कर्मचारियों ने अपनी तत्परता और पेशेवर तरीके से आग पर काबू पाया। आगे की कार्रवाई अब पुलिस और दमकल विभाग की टीम जांच कर रही है कि आग किस कारण से लगी और इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं थी। इसके अलावा, गैराज मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। यह घटना द्वारका इलाके के निवासियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इस तरह की घटनाओं से स्थानीय सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

दिल्ली में म्यांमार जैसे भूकंप का दावा करने वाला ’12वीं पास वैज्ञानिक’, मशीन बना लेने का दावा

नई दिल्ली दिल्ली में म्यांमार की तरह 7 की तीव्रता से भूकंप की ‘भविष्यवाणी’ करने वाले विकास कुमार का दावा है कि उन्होंने जलजले का पूर्वानुमान लगाने वाली मशीन बना ली है। हालांकि, ’12वीं पास इस वैज्ञानिक’ का दावा गलत निकला। विकास की भविष्यवाणी से पैनिक फैलने से रोकने के लिए राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) को सामने आना पड़ा। एनसीएस साफ किया कि यह दावा आधारहीन है। एनसीएस की ओर से यह भी बताया गया कि विकास ने बिना मंजूरी अपने स्तर पर इस तरह का दावा किया है, जबकि भूकंप का पूर्वानुमान लगा पाना अभी तक संभव नहीं है। क्या किया गया था दावा विकास जियो सेंसिंग की ओर से अपने लेटर हैड पर एक बयान जारी करते हुए दिल्ली और नेपाल में तेज भूकंप की चेतावनी 31 मार्च को की थी। उन्होंने लिखा, ‘दिनांक 31 मार्च 2025 की सुबह 7:15 पर भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली (ANDSS) से प्रथम सिग्नल दिल्ली से उत्तर-दक्षिण की तरफ 20 डिग्री पर सिग्नल प्राप्त हो रहा है जिसकी दूरी 100 किलोमीटर है। यह भूकंप 3 से 5 मेग्नीट्यूड के बीच में आ सकता है एवं द्वितीय सिग्नल भारत नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में प्राप्त हो रहा है, जिसकी दूरी 300 किलोमीटर है। यह भूकंप का सिग्नल दिल्ली से उत्तर-पूर्व की तरफ 45 डिग्री पर मिल रहा है। यह भूकंप 5 से 7 मेग्नीट्यूड के बीच में आ सकता है। कृपया सतर्क रहें एवं 24 घंटे के अंदर आ सकता है। यह भूकंप की सूचना गणेश नगर पांडव नगर दिल्ली में लगी हुई मशीन से प्राप्त हुई है।’ गलत निकला विकास का दावा विकास की ओर से किया गया दावा गलत निकला। बताए गए समय के दो दिन के बाद भी दिल्ली या नेपाल में कोई भूकंप दर्ज नहीं किया गया है। इससे पहले भी विकास ने कई दावे किए थे जो सही नहीं निकले। कौन हैं विकास? दरअसल विकास कुमार ‘विकास जियो सेंसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ नाम का स्टार्टअप चलाते हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले विकास का दावा है कि उन्होंने एक मशीन तैयार की है जो भूकंप आने से पहले चेतावनी देने में सक्षम है। महज 12वीं तक पढ़े विकास के यूट्यूब चैनल से पता चलता है कि वह लंबे समय से भूकंप पर शोध करने और अलर्ट सिस्टम बनाने पर काम कर रहे हैं। विकास का कहना है कि वह गरीबी की चलते आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाए, लेकिन वह भूकंप पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। विकास ने यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर अपनी मशीन भी स्थापित की है, जिसके जरिए वह भूकंप की पूर्व चेतावनी मिलने का दावा करते हैं। काम आई थी विकास की एक मशीन विकास के बारे में जानकारी जुटाते हुए कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी मिले जिनमें बताया गया है कि उन्होंने उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों से बात करने के लिए विकास के बनाए एक कम्युनिकेशन सिस्टम का ही इस्तेमाल किया गया था।

यातायात पुलिस ने रविवार को छोड़कर शेष छह दिन भारी व मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए नो एंट्री रखने का लिया निर्णय

फरीदाबाद यातायात पुलिस ने रविवार को छोड़कर शेष छह दिन भारी व मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए नो एंट्री रखने का निर्णय लिया है। सुबह सात बजे से सुबह साढ़े दस बजे तक तथा शाम पांच बजे से रात दस बजे तक सार्वजनिक मार्गों पर प्रवेश व पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। इन रूटों पर प्रतिबंध यह प्रतिबंध दिल्ली-मथुरा रोड के दोनों ओर तथा झाड़सेंतली ट्रांसपोर्ट नगर से बदरपुर बॉर्डर तक हाईवे की साइड लेन पर, ट्रांसपोर्ट नगर से सेक्टर-58, सेक्टर-24-25 व अन्य आंतरिक मार्गों पर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिंक रोड पर, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे से बल्लभगढ़ की ओर आते-जाते समय चंदावली व मच्छगर के मुख्य मार्ग पर, सोहना पाली, धौज होते हुए फरीदाबाद आने वाले मार्ग पर, फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर लागू रहेगा। डीसीपी जसलीन कौर ने बताया कि यह आदेश आपातकालीन वाहनों जैसे पुलिस वाहन, फायर ब्रिगेड वाहन, एंबुलेंस, सेना व अर्धसैनिक बलों से संबंधित वाहनों पर लागू नहीं होगा। किसी अन्य आवश्यक आपूर्ति से संबंधित वाहन छूट पाने के लिए नियमानुसार आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राजधानी दिल्ली की सड़कों पर रात के समय भारी ट्रक और कमर्शियल वाहन मौत बनकर दौड़ते हैं। यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले इन चालकों की चपेट में आकर अक्सर लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। इस साल जनवरी और फरवरी में इन भारी वाहनों से 122 सड़क हादसे हो चुके हैं। ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध इन भारी वाहनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राजधानी की सड़कों पर प्रवेश निषेध प्रतिबंधों को और कड़ा कर रही है और अब ऐसे ओवरलोड वाहनों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा। इन वाहनों में भारी परिवहन और माल वाहन, टेंपो, क्रेन, ट्रैक्टर और डिलीवरी वैन भी शामिल हैं, जिनमें से करीब 48 फीसदी परिवहन और माल वाहन हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2024 तक मालवाहक वाहनों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2023 में इन वाहनों से जुड़ी ऐसी दुर्घटनाओं की संख्या कम से कम 267 थी, जो 2024 में बढ़कर 294 हो गई। इससे पहले, 2021 में यह कम से कम 240 और 2022 में कम से कम 258 थी। 2023 में 292 और 2024 में 317 मौतें इन भारी वाहनों के कारण 2023 में 292 और 2024 में 317 मौतें हुई हैं। वाणिज्यिक वाहनों पर अंकुश लगाने में एक बड़ी चुनौती कानून प्रवर्तन है। मौजूदा नो-एंट्री नियमों के बावजूद, कई ट्रक अवैध रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं। 2024 में नो-एंट्री उल्लंघन के लिए 93,684 चालान जारी किए गए, जबकि एक साल पहले 66,459 चालान जारी किए गए थे।

विधानसभा में प्रदूषण और उसके रोकथाम से संबंधित कैग की रिपोर्ट पेश की

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में प्रदूषण और उसके रोकथाम से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुरूप नहीं थी, जिसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक का डेटा अविश्वसनीय रहा। उचित निगरानी के लिए आवश्यक प्रदूषक सांद्रता डेटा उपलब्ध नहीं था और लेड के स्तर की माप भी नहीं की गई। प्रदूषण स्रोतों पर वास्तविक समय का डेटा न होने से जरूरी अध्ययन नहीं हो सके। वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का कोई आकलन नहीं किया गया, जिससे स्रोत-विशिष्ट रणनीतियां बनाने में मुश्किलें आईं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 24 निगरानी स्टेशनों में से 10 में बेंजीन का स्तर तय सीमा से अधिक था, लेकिन पेट्रोल पंपों से होने वाले उत्सर्जन की प्रभावी निगरानी नहीं हुई। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी चिंता का विषय रही। दिल्ली में 9,000 बसों की आवश्यकता के मुकाबले केवल 6,750 बसें उपलब्ध थीं। बस प्रणाली में संचालन संबंधी अक्षमताएं, जैसे बसों का ऑफ-रोड रहना और तर्कहीन मार्ग योजना, भी सामने आईं। साल 2011 के बाद ग्रामीण-सेवा वाहनों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि जनसंख्या लगातार बढ़ी और पुराने वाहन प्रदूषण बढ़ाते रहे। वैकल्पिक परिवहन साधनों (मोनोरेल, लाइट रेल ट्रांजिट, ट्रॉली बस) के लिए आवंटित बजट पिछले सात वर्षों से अप्रयुक्त पड़ा रहा। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि सार्वजनिक परिवहन बसों की उत्सर्जन जांच, जो माह में दो बार अनिवार्य है, नियमित रूप से नहीं हुई। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं, जिसमें अत्यधिक उत्सर्जन वाले वाहनों को भी पास कर दिया गया। प्रदूषण जांच केंद्रों का कोई निरीक्षण या थर्ड पार्टी ऑडिट नहीं हुआ। आधुनिक तकनीकों, जैसे रिमोट सेंसिंग डिवाइस, को अपनाने में देरी और वाहन फिटनेस परीक्षणों का ज्यादातर मैन्युअल तरीके से होना भी चिंताजनक रहा। वित्त वर्ष 2018-19 में 64 प्रतिशत वाहन, जो फिटनेस परीक्षण के लिए नियत थे, परीक्षण के लिए नहीं पहुंचे। स्वचालित वाहन निरीक्षण इकाइयों का उपयोग न्यूनतम रहा और बिना उचित परीक्षण के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए गए। दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद, विधानसभा में आबकारी नीति से संबंधित रिपोर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित रिपोर्ट और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) से संबंधित रिपोर्ट सहित अब तक पांच कैग रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जा चुकी हैं।

दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे में कपिल मिश्रा की भूमिका की जांच की मांग पर अदालत ने दिया FIR-जांच का आदेश

नई दिल्ली दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली दंगे से जुड़े केस में अदालत ने कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे में कपिल मिश्रा की भूमिका की जांच की मांग करते हुए दायर याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को यह आदेश दिया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी, 2020 को दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्रियों के आधार पर पता चलता है कि कपिल मिश्रा की मौजूदगी कर्दम पुरी इलाके में थी और एक संज्ञेय अपराध हुआ है जिसकी जांच की आवश्यकता है। कपिल मिश्रा अभी करावल नगर से विधायक हैं और दिल्ली की भाजपा सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया है। मिश्रा कानून और रोजगार समेत कई अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं। अडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने ‘प्रथम दृष्टया’ संज्ञेय अपराध पाया और आगे जांच की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, ‘यह साफ है कि वह कथित अपराध के समय इलाके में मौजूद थे। आगे जांच की आवश्यकता है।’ अदालत ने यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास की याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मोहम्मद इलियास ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की थी। दिल्ली पुलिस ने यह कहकर याचिका का विरोध किया था कि कपिल मिश्रा की दंगों में कोई भूमिका नहीं थी। पुलिस ने अदालत को बताया कि प्राथमिकी में मिश्रा की भूमिका की जांच की गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा था, ‘डीपीएसजी (दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट) समूह की चैट से पता चलता है कि चक्का जाम की योजना पहले से ही बनाई गई थी, 15 और 17 फरवरी, 2020 की शुरुआत में। पुलिस जांच से पता चला है कि मिश्रा पर दोष मढ़ने की एक योजना बनाई गई थी।’

शराब के लिए दिल्ली से बुरी खबर, पांच दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने रामनवमी और गुड फ्राइडे सहित महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों पर शराब की दुकानें बंद रखने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में पांच ड्राई डे घोषित किए हैं। आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली में शराब की दुकानें राम नवमी (6 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल), गुड फ्राइडे (18 अप्रैल), बुद्ध पूर्णिमा (12 मई) और ईद-उल-जुहा (6 जून) को बंद रहेंगी। दुकानों के बाहर आदेश प्रदर्शित करने के निर्देश आबकारी आयुक्त सनी सिंह ने कहा कि दिल्ली आबकारी नियम, 2010 के नियम 52 के प्रावधानों के अनुसार शराब लाइसेंसधारियों के लिए ड्राई डे घोषित किए गए हैं। लाइसेंसधारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने लाइसेंस प्राप्त परिसर में आदेश को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें।

2 साल की बच्ची को 15 साल के लड़के ने कार से कुचला

नई दिल्ली दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में गली में खेल रही 2 साल की बच्ची को कार से कुचलने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। कार एक पड़ोसी की थी, जिसे 15 साल का नाबालिग चला रहा था। यह घटना रविवार शाम को करीब सवा छह बजे पहाड़गंज के राम नगर में हुई। हादसे में बच्ची की मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने आरोपी नाबालिग लड़के के पिता पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की कार जब्त कर ली गई है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हुंडई वेन्यू कार 15 साल का एक लड़का चला रहा था। यह दुर्घटना रविवार को उस वक्त हुई जब बच्ची अपने घर के बाहर गली में खेल रही थी। घटना का सीसीटीवी वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कार को धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दिखाया गया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि नाबालिग ने बच्ची अनाबिया से लगभग एक मीटर दूर गाड़ी को रोकता है। इसके बाद अचानक कार चल देती है। ऐसा लगता है कि कार चला रहे नाबालिग लड़के को इस बात का अंदाजा नहीं होता है कि बच्ची सड़क पर ही है। कार आगे बढ़ती है और बच्ची को कुचलते हुए आगे बढ़ जाती है। आसपास खड़े लोग कार की ओर दौड़ते हैं तो लड़का कार पीछे करता है। इसके बाद लोग बच्ची को पहिये के नीचे से निकालते हैं। बच्ची को अस्पताल ले जाया जाता है जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद बच्ची के घर में ईद की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी लड़का पीड़ित परिवार का पड़ोसी है। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 281 (तेज गति से वाहन चलाना) और 106(1) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अस्पताल से ही पुलिस को घटना की सूचना मिली। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची की डेड बॉडी परिजनों को सौंप दी गई है। पुलिस ने एसयूवी को जब्त कर लिया है। पंकज का प्लाईवुड का कारोबार है। वहीं 15  साल का नाबालिग कक्षा 11 का छात्र है।

नदी पार कर आईं भारत आई दो बांग्लादेशी महिला को मंडावली थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली मंडावली थाना पुलिस ने दो बांगलादेशी महिला घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। नदी के जरिये बार्डर को पार करके भारत अवैध रूप से आई थीं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बांगलादेश के जिला फरीदपुर निवासी आतिफा व ढाका निवासी असमा के रूप में हुई है। कुछ दिनों पहले पुलिस ने नौ घुसपैठियों को पकड़ा था, उनकी निशानदेही पर पुलिस ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया। पुलिस 15 दिनों से दोनों महिलाओं पर खुफिया तरीके से निगरानी रख रही थी। दोनों को एफआरआरओ को सौंप दिया है। दिल्ली में पुलिस ने चलाया विशेष अभियान जिला पुलिस उपायुक्त अभिषेक धानिया ने बताया कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांगलादेशियों के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाया हुआ है। इनकी पहचान के लिए जिले में नवंबर 2024 से सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने अवैध रूप से रहे रहे नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। यह लोग दिल्ली एनसीआर में रह रहे थे। दोनों महिलाएं घरेलू सहायिका के तौर पर करती थीं काम उनसे पुलिस ने लगातर पूछताछ की तो कुछ और नाम निकलकर सामने आए। तफ्तीश करके पुलिस ने मंडावली थाना क्षेत्र अवैध रूप से रह रही दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। पहले से यह खुद को बंगाल का बता रही थी। सख्ती से पूछताछ करने पर बताया वह बांगलादेश की हैं। आतिफा अविवाहित है और असमा शादीशुदा है। यह दोनों लोगों के घरों में घरेलू सहायिका का काम कर रही थी। जहांगीरपुरी से छह बांग्लादेशी नागरिक हुए थे गिरफ्तार इससे पहले, उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने जहांगीरपुरी में रह रहे छह अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने पकड़ा था। पहचान छिपाने के लिए ट्रांसजेंडर के रूप में ट्रैफिक सिग्नल पर भीख मांगते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि भेष बदलने के अलावा इन लोगों ने रूप बदलने के लिए मामूली सर्जरी और हार्मोनल इंजेक्शन भी लगवाए थे। ये लोग बांग्लादेश में अपने परिवारों से बातचीत के लिए प्रतिबंधित आइएमओ ऐप का इस्तेमाल करते थे। सभी के मोबाइल में यह प्रतिबंधित ऐप इंस्टाल था। पुलिस ने छह मोबाइल अपने कब्जे में लिए हैं।

दिल्ली जल बोर्ड में 11 लाख कंज्यूमर्स के 5700 करोड़ रुपये पानी का बिल लंबे समय से है बकाया

नई दिल्ली  जिस तरह से दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियां बिजली बिल बकाया होने पर ऑफिस में बैठे-बैठे ही किसी भी कंज्यूमर्स की बिजली मीटर से सप्लाई डिस्कनेक्ट कर देती हैं, जल बोर्ड भी बकाया बिलों की वसूली के लिए कुछ ऐसा ही तकनीकी मैनेजमेंट सिस्टम डिवेलप करने का प्लान बना रहा है। जल बोर्ड अफसरों का कहना है कि करीब 11 लाख ऐसे कंज्यूमर्स हैं, जिनका का करीब 5700 करोड़ रुपये पानी का बिल लंबे समय से बकाया है। मीटर न लगाने वालों की पहचान की जाएगी जल बोर्ड अफसरों के अनुसार जल बोर्ड को घाटे से उबारने के लिए रोजाना सीनियर अफसरों के साथ बैठकें चल रही हैं। इस दौरान यह बात सामने आई कि दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या तो 52 लाख से भी अधिक है, लेकिन पानी उपभोक्ताओं की संख्या बिजली उपभोक्ताओं की तुलना में करीब आधी है। अधिकारियों ने कहा कि बिजली कंपनियों ने जिन लोगों को कनेक्शन दिया है, उनसे डेटा लेकर प्रत्येक घरों का सर्वे किया जाए। ताकि यह पता चल सके कि पानी के उपभोक्ताओं की वास्तविक संख्या कितनी है। उसी के हिसाब से फिर बिलिंग प्रोसेस शुरु किया जाए। ऐसे में जल बोर्ड के रेवेन्यू काफी बढ़ सकता है। कनेक्शन काटने के लिए स्कॉडा सिस्टम जल बोर्ड अफसरों के अनुसार दिल्ली में पानी उपभोक्ताओं की कुल संख्या करीब 28.26 लाख है। इसमें से 11 लाख के आसपास ऐसे उपभोक्ता है, जिन्हें अपने पानी के बिलों पर आपत्ति हैं और लंबे समय से बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं और लगातार उनका पानी का बिल बढ़ता जा रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का एरियर के रूप में करीब 5700 करोड़ रुपये बकाया है। भविष्य में पानी के बकाया बिलों का समय पर भुगतान के लिए पाइप लाइनों के वॉल्व पर स्कॉडा सिस्टम लगाने की बात की जा रही है, ताकि किसी भी उपभोक्ता का पानी का बिल अधिक समय से बकाया है, तो उसका कनेक्शन जल बोर्ड अधिकारी ऑफिस में बैठे ही काट दे। सबसे पहले कमर्शल और बल्क वॉटर कंस्यूमर पर एक्शन स्काडा सिस्टम पूरी तरह से डिवेलप होने के बाद सबसे पहले इस कैटिगरी में कमर्शल कंस्यूमर्स और बल्क वॉटर कंस्यूमर्स को शामिल किया जाएगा। दिल्ली में कमर्शल कंस्यूमर्स की संख्या 82 हजार से अधिक है। बल्क कंस्यूमर्स 4300-4500 हैं। यह प्रयोग सफल होने के बाद दूसरे कैटिगरी के पानी उपभोक्ताओं को इस सिस्टम के तहत शामिल किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जगन्नाथ मंदिर में किया दर्शन-पूजन, प्रदेश की खुशहाली की कामना की

पुरी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा और बीजेपी सांसद संबित पात्रा के साथ ओडिशा के पुरी पहुंचीं। उन्होंने पुरी धाम में भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलराम जी के दर्शन किए। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद पहली बार पुरी धाम आने और प्रभु के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने भगवान जगन्नाथ के चरणों में प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और दिल्ली प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहें। मुख्यमंत्री ने दर्शन के बाद आभार व्यक्त करते हुए कहा, “भगवान के आशीर्वाद से दिल्ली सरकार को ‘विकसित दिल्ली’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।” 1 अप्रैल को मनाए जाने वाले ओडिशा दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “इस बार दिल्ली सरकार पहली बार ओडिशा दिवस को धूमधाम से मनाएगी। दिल्ली में भी एक अप्रैल को उत्कल दिवस का आयोजन होगा। दिल्ली में अलग-अलग प्रांतों से लोग अपने सपने लेकर आते हैं। ओडिशा से आए हजारों लोग दिल्ली को गति देने में योगदान दे रहे हैं। वे दिल्ली का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके सुख-दुख में सरकार उनके साथ खड़ी है। उनकी समृद्धि और भविष्य के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।” इस मौके पर उन्होंने ओडिशा के सभी नागरिकों और दिल्ली में बसे ओडिशा के परिवारों को ‘उत्कल दिवस’ की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली सरकार पहली बार ‘उत्कल दिवस’ को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना और दिल्ली की सांस्कृतिक विविधता को और मजबूत करना है। सीएम गुप्ता ने कहा, “मैं प्रत्येक ओडिशावासी और दिल्ली में रह रहे ओड़िया भाई-बहनों को उत्कल दिवस की बधाई देती हूं। भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद बना रहे और देश प्रगति की राह पर चलता रहे।” रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली, देश की राजधानी होने के नाते, विभिन्न राज्यों से आए लाखों लोगों के सपनों का केंद्र है। हजारों परिवार जो ओडिशा से आए हैं, वे दिल्ली की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दिल्ली सरकार ओडिशा के लोगों की समृद्धि, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” इस यात्रा और घोषणा के साथ दिल्ली सरकार ने ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने और दोनों क्षेत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

1 अप्रैल से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर में प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है, 70% तक का इजाफा

नई दिल्ली अगर आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर में प्रॉपर्टी खरीदने का सोच रहे हैं, तो इस समय को एक अच्छा अवसर माना जा सकता है। बढ़ती कीमतों के साथ-साथ इन शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में भी लगातार सुधार हो रहा है। लेकिन इस बीच आपको यह जानकर हैरानी होगी कि  नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में यहां की प्रॉपर्टी की कीमतें 20% से लेकर 70% तक बढ़ने की संभावना है, जो कि लगभग 9 सालों के बाद हो रही इस तरह की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। यह बढ़ोत्तरी मुख्यतः बढ़ती हुई डिमांड और जमीन के बाजार में निरंतर हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण हो सकती है। बता दें कि यह 9 साल बाद इतनी बड़ी बढ़ोतरी हो रही है।   नोएडा में हाई-राइज अपार्टमेंट की कीमतें लगभग 20% तक बढ़ने की संभावना है, जबकि ग्रेटर नोएडा में यह बढ़ोत्तरी 30% तक हो सकती है। इसके अलावा, नोएडा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के खुलने से भी प्रॉपर्टी की कीमतों में 70% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। ANAROCK रिसर्च रिपोर्ट ANAROCK रिसर्च के अनुसार, 2019 से लेकर अब तक नोएडा की आवासीय प्रॉपर्टी की कीमतों में लगभग 92% की बढ़ोतरी देखी गई है। ग्रेटर नोएडा में यह बढ़ोतरी 97% तक पहुंच चुकी है। 2019 में प्रति वर्ग फीट ₹4,795 से शुरू होकर अब ये कीमतें ₹9,200 प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई हैं। ग्रेटर नोएडा में भी यही ट्रेंड देखा गया है, जहां कीमतें ₹3,340 से ₹6,600 प्रति वर्ग फीट तक बढ़ गई हैं।  

AAP नेता सौरभ भारद्वाज को कोर्ट से बड़ी राहत, दिल्ली अदालत ने बीजेपी के नेता की याचिका की खारिज

नई दिल्ली दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सूरज भान चौहान की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ कथित मानहानि के लिए मुकदमा चलाने की मांग की थी। यह मामला सितंबर 2018 में भारद्वाज द्वारा चौहान के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने चौहान की याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें उनकी शिकायत को अस्वीकार कर दिया गया था। भारद्वाज पर चौहान के खिलाफ झूठ बोलने का आरोप चौहान ने आरोप लगाया था कि सौरभ भारद्वाज ने 2018 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में झूठा दावा किया था कि उनके खिलाफ एक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। बीजेपी नेता ने इस बयान को मानहानिकारक बताते हुए दिसंबर 2024 में राउज एवेन्यू कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी। मानहानि के मामले को तीन साल के भीतर करना होता है दायर हालांकि, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 19 फरवरी को उनकी याचिका खारिज कर दी थी, क्योंकि मानहानि का कथित अपराध सितंबर 2018 में हुआ था और इस तरह के मामले में शिकायत दर्ज करने की समय सीमा तीन साल होती है। मजिस्ट्रेट ने कहा था कि चौहान द्वारा देरी को माफ करने के लिए दिए गए कोई भी आधार उचित नहीं पाए गए। शिकायतकर्ता देर दायर करने के माफी के हकदार नहीं: कोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “शिकायतकर्ता इस शिकायत को देर से दायर करने की माफी के हकदार नहीं हैं। इसलिए, यह आवेदन खारिज किया जाता है।” इसके खिलाफ चौहान ने ऊपरी अदालत में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जिसे विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने शनिवार को खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने कहा, “आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज की जाती है।”

भविष्य में कचरे से हाइड्रोजन बनाने जैसी तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकती है: नितिन गडकरी

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क, परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक ऐसी जानकारी साझा की, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र नागपुर में टॉयलेट के पानी को रिसाइकिल करके सालाना 300 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है। गडकरी ने समिट 2025 में इस अनोखी पहल के बारे में बताया, जिसमें वेस्ट वॉटर रिसाइक्लिंग के जरिए जल को पुनः उपयोग के लायक बनाया जाता है। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक पर्यावरणीय समाधान नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “आप शायद विश्वास न करें, लेकिन हम टॉयलेट का पानी रिसाइकिल करके सालाना 300 करोड़ रुपये कमा रहे हैं।” इसकी सफलता के पीछे गडकरी ने वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट और रिसाइक्लिंग के महत्व को बताया, जो कि एक बेहद सस्टेनेबल और प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य शहरों में भी ऐसे प्रोजेक्ट्स को लागू करने की बात की, जिससे न केवल जल संकट का समाधान हो, बल्कि शहरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो। इसके अलावा, गडकरी ने यह भी कहा कि भविष्य में कचरे से हाइड्रोजन बनाने जैसी तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकती है। उन्होंने बताया कि कचरे को रिसाइकिल करके बायोडाइजेस्टर से मिथेन उत्पन्न किया जाएगा, जिसे फिर हाइड्रोजन में बदला जाएगा। यह हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन होगा, और अगर यह सफलतापूर्वक और सस्ती दर पर तैयार किया गया, तो भारत जीवाश्म ईंधन पर खर्च होने वाली बड़ी रकम को बचा सकेगा और एक दिन ऊर्जा का निर्यातक देश बन जाएगा। गडकरी की यह सोच न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह आर्थिक विकास और सस्टेनेबिलिटी का भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है।

नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा- महिलाओं को 2,500 रुपए देने के भाजपा सरकार के वादे पर सवाल पूछा तो किया सदन से बाहर

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों को तब सदन से बाहर कर दिया गया, जब उन्होंने महिलाओं को 2,500 रुपए देने के भाजपा सरकार के वादे पर सवाल पूछा। विपक्ष की नेता आतिशी के नेतृत्व में ‘आप’ विधायकों ने विधानसभा परिसर में ‘2,500 रुपए कब आएंगे’ के प्लेकार्ड के साथ जोरदार प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च तक उनके बैंक खातों में 2,500 रुपए जमा किए जाएंगे। लेकिन, 8 मार्च बीत गई और महिलाओं के बैंक खाते में एक भी रुपया नहीं आया। आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह साफ हो गया है कि भाजपा का 2,500 रुपए देने का कोई इरादा नहीं था और उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से झूठ बोला। उन्होंने कहा कि जब ‘आप’ विधायकों ने विधानसभा में इस मुद्दे पर सवाल किया कि महिलाओं को 2,500 रुपए कब मिलेंगे, तो भाजपा की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। सरकार ने इस वादे को पूरा करने की समय सीमा बताने से भी इनकार कर दिया। जब ‘आप’ विधायकों ने बार-बार इस मुद्दे पर जवाब मांगा, तो स्पीकर ने सभी विधायकों को सदन से निष्कासित कर दिया। आतिशी ने कहा कि भाजपा महिलाओं को 2,500 रुपए देने के मुद्दे से भाग रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए जगहों के नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले मुस्तफाबाद का नाम बदलने की बात कही और जब मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा नहीं कर पाएगी, तो किसी और सड़क का नाम बदलने की बात करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिल्ली की जनता से कई बड़े वादे किए थे, 2,500 रुपए, मुफ्त गैस सिलेंडर, 50 हजार नौकरियां और पुजारियों के लिए 20 हजार रुपए का मानदेय, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। आम आदमी पार्टी जिम्मेदार विपक्ष के रूप में भाजपा को उसके वादे याद दिलाती रहेगी और जब तक दिल्ली की महिलाओं को 2,500 रुपए नहीं मिल जाते, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे। आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती और आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के हक की लड़ाई जारी रखेगी।

बाबरपुर का नाम बदलने की बात कही, नजफगढ़ के बाद दिल्ली में बदलेगा एक और नाम!: विधायक अजय महावर

नई दिल्ली दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद मुस्तफाबाद और नजफगढ़ जैसे इस्लामिक पहचान वाले नामों को बदलने की मांग जोर पकड़ चुकी है। मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिव विहार करने का प्रस्ताव विधानसभा में लाए जाने की तैयारी के बीच अब बाबरपुर का नाम बदलने की मांग भी उठ गई है। भाजपा विधायक अजय महावर ने कहा है कि वह इसके लिए विधानसभा में प्रस्ताव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाबर एक लुटेरा और आक्रांता था वह हमारा हीरो कैसे हो सकता है। बाबरपुर विधानसभा सीट पर मुसलमानों की बड़ी आबादी है और 2015 से लगातार यहां ‘आप’ के गोपाल राय जीत रहे हैं। घोंडा विधानसभा सीट से विधायक अजय महावर ने एक से बातचीत में बाबरपुर का नाम बदलने की बात कही। महावर ने कहा, ‘बाबरपुर विधानसभा सीट का नाम बदलने की मांग मैंने पिछली सरकार के दौरान भी किया था। बाबर लुटेरा, आक्रांता, बर्बर था। वह हमारा हीरो कैसे हो सकता है। उसने भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में जबरन बाबरी ढांचा बनाया था, उसका का नाम बदलकर फैजाबाद कर दिया था। नाम तो उसने बदला था।’ मोहनपुरी रखो या कलामपुरी: महावर यह पूछे जाने पर कि नया नाम क्या रखा जाए, अजय महावर ने कहा कि बाबरपुर का नाम मोहनपुरी कर सकते हैं या फिर अब्दुल कलाम के नाम पर अब्दुल कलामपुरी भी रख सकते है। महावर ने कहा कि किसी मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी का भी नाम रखा जा सकता है। महावर ने कहा कि मोहन सिंह बिष्ट की ओर से लाए जा रहे प्रस्ताव पर यदि उन्हें बोलने का मौका मिला तो वह बाबरपुर का नाम बदलने का भी प्रस्ताव विधानसभा में रखेंगे। नजफगढ़ का नाम नाहरगढ़ करने की उठ चुकी मांग भाजपा की विधायक नीलम पहलवान नजफगढ़ क्षेत्र का नाम बदलकर ‘नाहरगढ़’ करने की मांग विधानसभा के पहले ही सत्र में उठा चुकी हैं। उन्होंने कहा था, ‘आलम-द्वितीय के समय में मुगल शासन के तहत नजफगढ़ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 1857 के विद्रोह के दौरान, राजा नाहर सिंह ने लड़ाई लड़ी और नजफगढ़ क्षेत्र को दिल्ली के क्षेत्र में शामिल किया। हम नजफगढ़ का नाम नाहरगढ़ कराने की लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं। निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को पूरी उम्मीद है कि यह विधानसभा नाम बदलने के हमारे प्रयासों का समर्थन करेगी।’

एसी के ब्लास्ट होने से अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में लगी आग, अफरा-तफरी मची, जान बचाते हुए गिरी लड़कियां

नई दिल्ली ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में एक बड़ी घटना घटी, जब अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग एक एयर कंडीशनर (एसी) के ब्लास्ट होने से लगी, और ये आग इतनी तेजी से फैल गई कि हॉस्टल में मौजूद लड़कियां किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में कामयाब हुईं। आग के दौरान कुछ लड़कियां हॉस्टल की बालकनी से लटकते हुए और सीढ़ियों का सहारा लेते हुए बाहर निकलीं। एक सोशल मीडिया वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़कियां अपनी जान की परवाह किए बिना बिल्डिंग से उतरने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन एक लड़की का संतुलन बिगड़ जाता है और वह फर्स्ट फ्लोर से गिरकर नीचे गिर जाती है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गिरने के बाद लड़की को चोट लगने की आशंका जताई जा रही है, जबकि आसपास के लोग उसकी मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हॉस्टल में आग के चलते धुएं का गुबार भी दिखाई दे रहा था, जिससे हालात और खतरनाक हो गए थे। वीडियो में एक लड़की एसी के आउटडोर यूनिट पर बैठकर नीचे उतरने की कोशिश करती है, लेकिन सीढ़ियों पर पैर रखने से पहले ही उसका पैर फिसल जाता है और वह गिर जाती है। इस घटना को देख रहे लोग घबराए हुए थे और जल्दी से उसे मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। यह घटना न केवल हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि दिल्ली एनसीआर में हजारों छात्र-छात्राएं पीजी और हॉस्टल में रहते हुए अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी के कारण ऐसी घटनाओं का सामना करते हैं। सरकार की अनदेखी और सुरक्षा नियमों की अवहेलना के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो किसी भी छात्र के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

‘हिंदू नववर्ष’ पर दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार फलाहार पार्टी का करेगी आयोजन

नई दिल्ली दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार इफ्तार पार्टी की तर्ज पर फलाहार पार्टी आयोजित करेगी. हिंदू नववर्ष के मौके पर दिल्ली सरकार अगले दो हफ्ते तक उत्सव मनाएगी. 30 मार्च को हिंदू नववर्ष के मौके पर सांस्कृतिक संध्या से इसकी शुरुआत होगी, जो आंबेडकर जयंती पर खत्म होगी. 30 मार्च को दिल्ली विधानसभा में कैलाश खेर और कैलासा बैंड का कार्यक्रम रखा गया है. इस कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री समेत बीजेपी के अन्य नेता शामिल होंगे. कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पहली बार दिल्ली में हिंदू नववर्ष उत्सव होगा. नवरात्र के दौरान ‘फलाहार पार्टी’ का आयोजन किया जाएगा. कपिल मिश्रा ने कहा कि हनुमान जयंती और रामनवमी के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे. हिंदू नववर्ष के अवसर पर होगी शुरुआत 30 मार्च से लगभग दो सप्ताह तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में एक विशाल कार्यक्रम से होगी और बैसाखी पर इसका समापन होगा. नवरात्रि के दौरान अपनी तरह की पहली फलाहार पार्टी भी आयोजित की जाएगी. यह पहली बार होगा जब राजधानी में हिंदू नववर्ष इतने बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है. दिल्ली सरकार पहली बार हिंदू नववर्ष मनाने जा रही है. भाजपा सरकार 30 मार्च से 14 अप्रैल तक कई कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित करने जा रही है. यह हिंदू त्योहार सप्ताह की तरह होगा और हर साल मनाया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग हनुमान जयंती, बैसाखी और नवरात्रि जैसे त्योहारों को मनाने के लिए चार से पांच बड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित करने जा रहा है. पहली बार दिल्ली में आयोजित होगी फलहार पार्टी सरकार के सूत्रों के अनुसार, दिल्ली सरकार द्वारा पहले उर्दू अकादमी के साथ मिलकर इफ्तार पार्टियों का आयोजन किया जाता था, लेकिन यह पहली बार होगा जब सरकार ‘फलाहार पार्टी’ आयोजित करने जा रही है. दिल्ली सरकार ने इस साल अब तक इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं किया है. चैत्र नवरात्रि, देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित 9 दिवसीय त्योहार है, जो मार्च और अप्रैल में मनाया जाता है. एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “शाम को ‘फलाहार पार्टी’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोग फलों का सेवन करेंगे और अपना उपवास तोड़ेंगे. यह तीन दिवसीय कार्यक्रम होगा, जो सप्तमी, अष्टमी और नवमी (नवरात्रि के त्योहार का सातवां, आठवां और नौवां दिन) को आयोजित किया जाएगा.” रामनवमी और हनुमान जयंती पर आयोजित होंगे कार्यक्रम इसके बाद, सरकार ‘राम नवमी’ और ‘हनुमान जयंती’ मनाने के लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगी. अधिकारी ने कहा, “दोनों दिन बड़े पैमाने पर मनाए जाएंगे. एक स्टेडियम, संभवतः त्यागराज स्टेडियम, बुक किया जाएगा, जहां दिल्ली के मंदिरों के पुजारियों को आमंत्रित किया जाएगा और एक बड़ी पूजा भी आयोजित की जाएगी.” इसके अलावा, भाजपा सरकार अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन का भी आयोजन करेगी, जब देवी दुर्गा के नौ रूपों का सम्मान करने के लिए छोटी लड़कियों की पूजा की जाती है. अधिकारी ने कहा, “कन्या पूजन के दौरान सरकार गरीब परिवारों की बच्चियों को भोजन कराने की योजना बना रही है.” सरकार 14 अप्रैल को बड़े पैमाने पर डॉ. अंबेडकर जयंती मनाने की भी योजना बना रही है और “कला एवं संस्कृति, समाज कल्याण, कानून और अन्य सभी विभागों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.”  

दिल्ली में बीजेपी गवर्नमेंट आते ही शुरू हुई बिजली समस्या, लोगों का धरना प्रदर्शन, आप ने दिल्ली सरकार को घेरा

Electricity problem started in Delhi as soon as BJP government came नई दिल्ली ! बुराड़ी के पास इलाकों में बिजली कटौती की समस्या लंबे समय तक देखी गई, ऐसे में वहां के लोग विरोध के लिए सड़कों पर उतर आए. बिजली कटौती को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी ने डेढ़ महीने में दिल्ली की व्यवस्था खराब कर दी. मनीष सिसोदिया ने कहा कि मई-जून के महीने में क्या होगा? दिल्ली में पावर कट को लेकर आप नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में मार्च में बिजली का ये हाल है कि पॉवर-कट के कारण लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो मई-जून की तपती गर्मी में पीक डिमांड बढ़ने के समय क्या हाल होगा? उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार में 10 सालों तक लगातार दिल्लीवालों को 24 घंटे बिजली दी गई, लेकिन ‘विपदा’ सरकार ने 1 महीने में ही साबित कर दिया कि 24 घंटे बिजली देना उनके बस की बात नहीं है. डेढ़ महीने में दिल्ली का बुरा हाल कर दियावहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमनें बड़ी मुश्किल से दिल्ली में बिजली की व्यवस्था को ठीक किया था, बहुत मेहनत की थी और रोज उस पर नज़र रखते थे. दस साल कभी कहीं पॉवर कट नहीं हुए. इन लोगों ने मात्र डेढ़ महीने में बिजली का बुरा हाल कर दिया. पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के रहते हमेशा चौबीस घंटे बिजली आती थी, लेकिन बीजेपी सरकार आते ही हालात देखिए. बिजली को लेकर लोग सड़क पर उतरने लगे हैं. अभी ये हाल है तो मई-जून की भयंकर गर्मियों में क्या हाल होने वाला है? बीजेपी की डबल इंजन सरकार का मतलब है बिजली मिलेगी नहीं और अगर बिजली कटौती के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरोगे तो पुलिस का इंजन है ही. थाने में रात गुजारिये. बिजली विभाग के खिलाफ किया विरोधबुराड़ी के जगतपुर गांव के रहने वाले लोगों ने ज्यादा समय से बिजली कटौती के कारण दिल्ली रिंग रोड को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लोग गर्मी से परेशान होकर सड़कों पर उतर आए. उन्होंने विरोध में जमकर नारे भी लगाए.

जन्म से लेकर मृत्यु तक सरकार नागरिकों की मदद करने के बजाय उन पर टैक्स लगाती है: सांसद राघव चड्ढा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को राज्यसभा में भारत की कर प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने जीवन के हर चरण में करों के बोझ को स्पष्ट करते हुए कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक सरकार नागरिकों की मदद करने के बजाय उन पर टैक्स लगाती है। चड्ढा ने यह भी पूछा कि क्या नागरिकों को उनके द्वारा दिए गए करों के बदले विश्व स्तरीय स्वास्थ्य, शिक्षा या बुनियादी ढांचा मिलता है? चड्ढा ने कहा, “जीवन में दो चीजें निश्चित हैं- मृत्यु और कर। जैसे ही बच्चा जन्म लेता है, उसे दी जाने वाली वैक्सीन पर 5% जीएसटी लगता है। अगर अस्पताल का कमरा 5,000 रुपये से अधिक का है, तो उस पर भी 5% जीएसटी देना पड़ता है। शिशु देखभाल उत्पादों और मिठाइयों पर भी 5% जीएसटी लागू होता है।” राज्यसभा सांसद ने कहा कि विश्व गुरु बनने आए थे लेकिन टैक्स गुरु बनकर रह गए हैं। जनता इतना टैक्स सरकार को देती है लेकिन टैक्स के बदले जनता को क्या मिलता है?   बचपन में कई चीजों पर देना होता है टैक्स उन्होंने बचपन के चरण का जिक्र करते हुए कहा कि बेबी फूड पर 12-18%, डायपर और खिलौनों पर 12%, और मुंडन जैसी सेवाओं पर 18% जीएसटी लगता है। स्कूल यूनिफॉर्म, जूते, नोटबुक (12% जीएसटी) और स्टेशनरी (18% जीएसटी) भी कर के दायरे में आते हैं। किशोरावस्था में हर चीजों पर देना होता है टैक्स किशोरावस्था में स्मार्टफोन, रिचार्ज, इंटरनेट, नेटफ्लिक्स, और मूवी टिकट पर जीएसटी लागू होता है। पहली बाइक या स्कूटर पर भी कर देना पड़ता है। उच्च शिक्षा में निजी कॉलेज की फीस, हॉस्टल, और छात्र ऋण पर जीएसटी लगता है। करियर शुरू होने पर टीडीएस और आयकर कटता है, रेस्तरां बिल और बीमा प्रीमियम पर भी कर लागू होता है। रिटायरमेंट में पेंशन और दवाइयों पर कर का भार मध्यम आयु में आय बढ़ने के साथ आयकर, कार पर जीएसटी, ईंधन पर वैट, और संपत्ति कर का बोझ बढ़ता है। रिटायरमेंट में पेंशन, ब्याज आय, स्वास्थ्य बिल, दवाइयों, और वसीयत के कानूनी शुल्क पर भी कर लगता है। चड्ढा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर कर वसूलती है, लेकिन नागरिकों को उसके बदले क्या मिलता है, यह सवाल अभी भी बना हुआ है।

विधानसभा स्पीकर ने कहा- विपक्ष प्रश्नकाल ठीक से चलने नहीं देना चाहता, मैंने वो दर्द सहन किया है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र का आज यानी गुरुवार को चौथा दिन काफी हंगामेदार रहा। कभी कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग को लेकर तो कभी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गैरमौजूगदी को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने खूब हंगामा किया। इस दौरान एक समय ऐसा भी आया विपक्ष का हंगामा देख विधानसभा स्पीकर उठ खड़े हुए और विपक्ष के हंगामे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रश्नकाल ठीक से चलने नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा, मैंने विपक्ष को सवाल पूछने का मौका ज्यादा दे रहा हूं क्योंकि मैं इन्हीं की बिरादरी का रहा हूं। उन्होंने कहा, हम 10 साल विपक्ष में रहे और सवाल पूछने के लिए तरसते रहे। इसलिए मैं अब विपक्ष को ज्यादा मौका दे रहा हूं। विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष से कहा, मैं आपके दर्द को समझ सकता हूं क्योंकि मैंने वो दर्द सहन किया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने प्रश्नकाल के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेस वर्मा पर आतिशी से बदतमीजी से बात करने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेता ने कहा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पिछले दो दिनों से सदन में नहीं आ रही हैं तो इस पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी जी ने सवाल उठाया। इस पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने उनके साथ बदतमीजी के साथ बात की।जब हमने इसका विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता जी से विरोध जताया तो उन्होंने प्रवेश वर्मा पर एक्शन लेने की जगह हमें ही बाहर निकाल दिया।

मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर यह जानकारी और खुशी साझा की, हुर्रियत से जुड़े दो और गुटों ने छोड़ा अलगाववाद

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी है कि जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े दो और समूहों ने अलगाववाद का रास्ता छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और उनके नए भारत के सपनों पर अपना भरोसा जताया है। शाह ने ट्वीट कर यह जानकारी और खुशी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “कश्मीर घाटी से एक और बड़ी खुशखबरी। हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों, जेएंडके तहरीकी इस्तेकलाल और जेएंडके तहरीक-ए-इस्तिकामत ने अलगाववाद को त्याग दिया है और प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी द्वारा निर्मित नए भारत में अपना विश्वास जताया है।” गृह मंत्री ने इसके साथ ही लिखा है, “मोदी सरकार के तहत अलगाववाद अपनी अंतिम सांस ले रहा है और पूरे कश्मीर में एकता की जीत की गूंज सुनाई दे रही है।” दो दिन पहले यानी मंगलवार को भी गृह मंत्री अमित शाह ने यह जानकारी दी थी कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो घटकों जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) और जेएंडके डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट (जेकेडीपीएम) ने अलगाववाद से अपने सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की एकता मजबूत होगी। गृह मंत्री शाह ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकलाल के प्रमुख गुलाम नबी सोफी ने ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स या इसी विचारधारा को मानने वाले किसी भी तरह के अलगाववादी संगठन और समूह से औपचारिक रूप से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि हमने तमाम मुश्किलों के बावजूद अपना संघर्ष जारी रखा, लेकिन न तो एपीएचसी (गिलानी) और न ही एपीएचसी (मीरवाइज) आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतर पाए। वे लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करने में हर कदम पर विफल रहे। हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स पर भड़के सोफी ने एक बयान में कहा, “मैंने बहुत पहले ही अलगाववादी विचारधारा से नाता तोड़ लिया था और आज मैं आधिकारिक तौर पर इसकी निंदा करता हूं। मैं भारत का सच्चा और प्रतिबद्ध नागरिक हूं और भारतीय संविधान में विश्वास करता हूं।” बता दें कि दो दिन पहले एक अन्य समूह, मोहम्मद शरीफ सरताज के नेतृत्व वाले जम्मू स्थित ‘जेएंडके फ्रीडम मूवमेंट’ ने भी अलगाववादी संगठन के साथ लंबे समय से जारी अपने संबंध समाप्त कर लिए हैं तथा तत्काल प्रभाव से समूह को भंग करने की घोषणा की थी। सरताज ने ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स यानी एपीएचसी की विचारधारा का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं और शिकायतों को दूर करने में विफल रही है। खुद को भारत का प्रतिबद्ध नागरिक बताते हुए जम्मू में रहने वाले सरताज ने राष्ट्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए खुद को समर्पित करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने अलगाववादी धड़े जेकेएफएम को भंग करने की भी घोषणा की।

दिल्ली में BJP सरकार ने मुफ्त वाली एक सुविधा बंद कर दी, पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने किया दावा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया है कि दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज वाली सुविधा बंद कर दी है। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को दावा किया कि बजट में इस योजना के लिए फंड आवंटित नहीं किया गया और चुपचाप इस बंद कर दिया गया है। हाल ही में दिल्ली में पार्टी के संयोजक बनाए गए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से पेश किए गए बजट की डिटेल अब सामने आ रही है और कुछ इतनी खतरनाक है कि दिल्ली में हाहाकार मचने वाला है। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘2017 में अरविंद केजरीवाल ने प्रावधान किया था कि यदि कोई मरीज दिल्ली सरकार के अस्पताल में सर्जरी के लिए आता है और उसे एक महीने के भीतर का समय नहीं मिलता है तो वह निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवा सकता है और खर्च सरकार वहन करेगी।’ उन्होंने दावा किया कि अब रेखा गुप्ता सरकार ने इसे बंद कर दिया है। दिल्ली सरकार ने 2017 में यह भी तय किया था कि यदि सरकारी अस्पताल में एमआरआई और सिटी स्कैन नहीं हो सकता है तो निजी अस्पताल से मुफ्त में करवा सकते हैं। भारद्वाज ने कहा कि इस योजना के लागू होने के बाद एक ही साल में 47 हजार मरीजों ने निजी अस्पतालों सर्जरी या जांच करवाई।

उपराष्ट्रपति ने की मीटिंग, उठी ये मांग, जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है, न्यायिक जवाबदेही तय होनी चाहिए

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर बड़े पैमाने पर कैश मिलने की खबरों के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मीटिंग की। इस मीटिंग में जेपी नड्डा, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे। बैठक में खुलकर कहा गया कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। न्यायिक जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी कोई असर न पड़े। बैठक में मौजूद खरगे समेत ज्यादातर नेताओं ने कहा कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और उनके व्यवहार को लेकर भी आचार संहिता तय हो और सख्ती से उसे लागू भी किया जाए। राज्यसभा चेयरमैन जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खरगे की सलाह पर यह मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में पहुंचे ज्यादातर नेताओं की राय थी कि जजों की नियुक्ति में उचित पारदर्शिता नहीं है और रिश्वत लिए जाने के मामले भी आ रहे हैं। फिर भी जो बदलाव किया जाए, उससे न्यायपालिका की स्वायत्तता और स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। हालांकि न्यायिक जवाबदेही भी तय करने की जरूरत है। इस बीच कई नेताओं ने कहा कि हमें उस तीन सदस्यीय पैनल की जांच का इंतजार करना चाहिए, जिसे शीर्ष न्यायपालिका ने गठित किया है। चर्चा के दौरान कॉलेजियम सिस्टम की खामियों पर भी बात हुई, जिसमें जज ही जजों के नामों की सिफारिश करते हैं और उन दिए हुए नामों में से ही किसी एक पर सरकार को मुहर लगानी होती है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसदों ने इस दौरान न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन का भी सुझाव दिया। केंद्र सरकार इस आयोग के गठन का बिल 2014 में ही लेकर आई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। तब से ही यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट और सरकार के बीच मतभेद का कारण रहा है। अब जस्टिस यशवंत वर्मा वाले मामले से यह मामला फिर से उभऱा है। कांग्रेस सांसदों ने यह मांग भी है कि जस्टिस यशवंत वर्मा प्रकरण पर लोकसभा में चर्चा की जानी चाहिए।

हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन प्रतिशत का नुकसान हो रहा है : नितिन गडकरी

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन प्रतिशत का नुकसान हो रहा है। नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी में “सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी हस्तक्षेप : भारत-अमेरिका साझेदारी” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं हमारी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं। हर साल देश में 4,80,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1,88,000 लोगों की मौत होती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जान गंवाने वाले लोगों में 18 से 45 वर्ष की आयु के 66 प्रतिशत लोग होते हैं। युवा, प्रतिभाशाली, इंजीनियरिंग स्नातक, मेडिकल छात्रों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। वहीं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का यह आंकड़ा 10,000 है। अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं स्कूलों के आसपास वाले इलाकों में होती हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है। हमें यह समझने की जरूरत है कि हम इन दुर्घटनाओं के साथ अपनी जीडीपी का तीन प्रतिशत खो रहे हैं।” उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय परिदृश्य में एक समस्या यह है कि हम डीपीआर सलाहकार के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें कभी-कभी लागत और बचत आदि पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनमें सुधार किया जा सकता है। इन सुधारों के साथ मौजूदा सरकार ने सड़क हादसों में मौत के आंकड़ों में 48 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में 49 प्रतिशत की कमी की है। उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को 100 प्रतिशत सही बनाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब दुर्घटनाओं के आंकड़े में 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उनके सही कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों का लाभ उठाते हुए, अब हम बेहतरीन यातायात प्रणाली के संबंध में बहुत सारे कदम उठा रहे हैं। इसके कार्यान्वयन के संबंध में बहुत सारे निर्णय लिए गए हैं।” गडकरी ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए स्कूली शिक्षा में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी देने की जरूरत पर जोर दिया।

दिल्ली को दिया ‘हवा-हवाई’ बजट, पूरी तरह से आधारहीन है और इससे जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है : आतिशी

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार द्वारा पेश बजट को ‘हवा-हवाई’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से आधारहीन है और इससे जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है। आतिशी ने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी सरकार ने इस बार आर्थिक सर्वेक्षण क्यों नहीं पेश किया। उन्होंने कहा, “आज मालूम हो रहा है कि सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण क्यों पेश नहीं किया। अगर सरकार सर्वे पेश करती, तो उसके इस फ़र्ज़ी बजट की पोल खुल जाती। मैं भाजपा सरकार को चुनौती देती हूं कि वह आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखे, जिससे सच सामने आ जाएगा और उनके झूठ का पर्दाफाश हो जाएगा।” “आप” नेता ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बजट आवंटन पर भी बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस बार शिक्षा बजट में 20 प्रतिशत से भी कम आवंटन किया है, जो दर्शाता है कि बीजेपी सरकार दिल्ली के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के मॉडल को खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी कर रही है और सरकारी स्कूलों की बेहतरी के लिए किए गए प्रयासों को खत्म करने पर तुली हुई है। “आप” सरकार के कार्यकाल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन अब बीजेपी सरकार उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए आतिशी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को तबाह करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार ने इस बार बजट में हेल्थ सेक्टर को मात्र 13 प्रतिशत आवंटन दिया है। इससे साफ है कि बीजेपी सरकार मुफ्त इलाज और दवाओं की सुविधा को खत्म करना चाहती है।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी अस्पतालों के माध्यम से मुफ्त इलाज और दवाओं की व्यवस्था की थी, जिससे लाखों गरीब लोगों को फायदा हुआ। लेकिन अब बीजेपी सरकार इसे खत्म करने पर तुली हुई है। आतिशी ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह पूरी तरह से हवा-हवाई है। उन्होंने कहा, “आज जो बजट माननीय रेखा गुप्ता ने पेश किया है, उसे देखकर साफ हो गया कि बीजेपी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण क्यों नहीं रखा। उन्होंने सर्वे इसलिए नहीं रखा क्योंकि अगर वह ऐसा करते, तो उनके बजट की सच्चाई सामने आ जाती।” उन्होंने कहा कि यह बजट दिल्ली के लोगों के लिए निराशाजनक है और बीजेपी सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने फिर से बीजेपी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह आर्थिक सर्वेक्षण को सदन में पेश करे, जिससे सच सबके सामने आ सके।

एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 IPS अफसरों का ट्रांसफर

नई दिल्ली दिल्ली में बजट खत्म होने के बाद बड़ा प्राशसनिक फेरबदल हुआ है। एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिशों के बाद एक पत्र जारी कर ट्रांसफर का आदेश लागू कर दिया गया। ट्रांसफर के आदेश में लिखा है कि दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल,पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में वर्तमान में तैनात निम्नलिखित आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों के स्थानांतरण/पदस्थापन का आदेश देते हैं,जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आए दिल्ली के अब तक के सबसे बड़े बजट में सरकार ने सभी वर्गों को खुश करने का प्रयास किया है। खासकर महिलाओं के लिए भी कई ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला समृद्धि योजना उनकी सरकार का संकल्प है, प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। रेखा गुप्ता ने दिल्ली की महिलाओं को भरोसा दिया कि निश्चित तौर पर पैसे दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने पर गरीब परिवार की महिलाओं को मासिक 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर दिल्ली की कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी थी। सरकार ने नियम एवें शर्तें तय करने के लिए एक कमिटी का गठन किया है। कमिटी की ओर से शर्तों को तय किए जाने के बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पंजीकृत महिलाओं को मासिक सहायता राशि उनके अकाउंट में भेजी जाएगी। जिस वक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला समृद्धि योजना का जिक्र किया, विपक्ष की ओर से शोर-शराबा किया गया। आम आदमी पार्टी महिला समृद्धि योजना को लेकर लगातार हमलावर है। ‘आप’ का कहना है कि भाजपा ने 8 मार्च तक महिलाओं के खाते में पैसे भेजने का वादा किया था, लेकिन यह जुमला निकला।

दिल्ली: ‘जनता को अब ₹10 लाख का बीमा मिलेगा’, बजट में CM रेखा का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश कर रही हैं. यह 27 वर्षों में दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा प्रस्तुत पहला बजट है. बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रदूषण नियंत्रण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बजट के लिए जनता से सुझाव मांगे थे, जिसमें ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए 10,000 से ज्यादा सुझाव मिले थे.  सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के लिए नई औद्योगिक नीति पेश करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नई औद्योगिक नीति के साथ नई वेयरहाउस पॉलिसी लेकर आएगी. उन्होंने दिल्ली में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन का भी ऐलान किया. सीएम ने कहा कि व्यापार के लिए लोग दिल्ली से बाहर जा रहे हैं. एक रिडेवलपमेंट प्लान के तहत सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा, जिससे व्यापारी भाई अपना बिजनेस ठीक से कर सकें. उन्होंने कहा कि आज हम सदन में घोषणा करते हैं, ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाएगी. यह व्यापरियों की समस्याओं की पहचान करने के साथ ही उसका निवारण करेगी. दिल्ली विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने विधायक निधि के लिए 350 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की. सीएम ने कहा कि सभी विधायकों को काम करने के लिए पूरा फंड मिलेगा. अब विधायकों को फंड के लिए कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जेजे कॉलोनी (झुग्गी बस्तियों का विकास) के विकास के लिए 696 करोड़ रुपये आवंटित किए. उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘पिछली सरकार के मुख्यमंत्री ने अपने लिए शीश महल बनवाया, उसमें लाखों रुपये का टॉयलेट सीट लगवाया. हम झुग्गी वालों के लिए शौचालय बनाएंगे. लेकिन हमारी सरकार झुग्गियों का विकास करेगी. वहां पानी और सड़क पहुंचाएगी.’ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 100 स्थानों पर अटल कैंटीन खोलेगी जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 50,000 अतिरिक्त सीसीटीवी लगाए जाएंगे. दिल्ली के सड़क परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास और एनसीआर के साथ कनेक्टिविटी पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.  बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ ही 10 फोकस एरिया को चिह्नित किया गया है. इसमें बिजली, पानी, और सड़क का विकास का शामिल है. सीएम ने कहा कि 2025-26 के बजट में इंफ्रा प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से 1 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. सीएम ने कहा कि हम दिल्ली को नया रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के बुनियादी ढांचे को हमारी सरकार मजबूत करके राष्ट्रीय राजधानी के तेज विकास की रफ्तार सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि ₹28,000 करोड़ के पूंजीगत व्यय से बीजेपी सरकार दिल्ली में सड़क, पुल, जल निकासी, ट्रांसपोर्ट और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में व्यापक सुधार करेगी. यह बजट दिल्ली को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर में बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है. दिल्ली सरकार के बजट में पीएम जन आरोग्य योजना के लिए 2,144 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसके तहत दिल्ली में पात्र लोगों को 10 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज मिलेगा. इसमें 5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 5 लाख रुपये दिल्ली सरकार देगी.  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में दिल्ली की महिलाओं के लिए महत्वकांक्षी योजना का ऐलान किया. उन्होंने सदन को बताया कि महिला समृद्धि योजना के लिए बजट में 5100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. बता दें कि बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में दिल्ली के महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा किया था.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार में सड़कों पर बहता सीवर का पानी दिल्ली की पहचान बन चुकी थी. उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी दिया जलता है.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपने बजट में आम आदमी पार्टी की सरकार के 15000 करोड़ रुपये की तुलना में 28000 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आवंटित किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पहली बार दिल्ली के इतिहास में ऐसा हुआ कि 2024 25 में बजट घटा. इस बार दिल्ली सरकार का बजट एक लाख करोड़ का है. पिछले साल की तुलना में 31.5% अधिक बजट है. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय पिछली सरकार के दौरान देश की तुलना में कम गति से बढ़ी. आम आदमी पार्टी की सरकार की इच्छा शक्ति काफी कम थी, वह ना खर्च कर पाई और ना लोगों की आय बढ़ा पाई.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 10 सालों में विकास के हर पैमाने पर दिल्ली फिसलती गई. यमुना की सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए कोई काम नहीं हुआ. पिछली सरकार की नीतियों की वजह से जनता त्रस्त रही.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपना बजट भाषण शुरू करते हुए कहा, आज एक ऐतिहासिक दिन है. यह साधारण बजट नहीं हैं. दिल्ली की नई सरकार जो ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में आई है, वह अपना पहला बजट पेश कर रही है. पूरा देश आज दिल्ली का बजट देखना चाहता है. ये केवल सरकारी लेखा-जोखा नहीं है बल्कि 10 साल से बेहाल दिल्ली को विकसित बनाने के लिए यह बजट है. दिल्ली बजट में 500 करोड़ रुपये का सीवेज ट्रीटमेंट प्लान दिल्ली बजट में इस बार सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पानी और सीवर अब समस्या नहीं रहेगी। सीएम ने कहा कि 250 करोड़ का प्रावधान पुरानी सीवर लाइन बदलने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि सीवर साफ करने के लिए 31 सुपर सकर मशीन किराये पर लाए गए हैं। जरूरत के हिसाब से और मशीने मंगाई जाएंगी। दिल्ली में खत्म होगा टैंकर घोटाला सिस्टम, टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगाएंगे दिल्ली … Read more

DTC पर पेश हुई CAG रिपोर्ट, 8,433,000,000 का घाटा, 11 और बाकी

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस बजट सत्र में रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार अपना पहला बार बजट पेश करेंगी। बजट सत्र में डीटीसी पर सीएजी रिपोर्ट को सदन में रखा गया। शराब घोटाले के साथ ही मोहल्ला क्लीनिक के बाद सीएजी की यह तीसरी रिपोर्ट है। सीएम रेखा गुप्ता की तरफ से दिल्ली परिवहन निगम के कामकाज को लेकर सीएजी की इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा गया। रिपोर्ट पर चर्चा में होगा हंगामा सीएम रेखा गुप्ता की तरफ से डीटीसी के कामकाज को लेकर रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद हंगामा होना तय है। इससे पहले बीजेपी लगातार आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरती रही है। अब सदन में बीजेपी नेता भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधेंगे। बीजेपी पहले ही डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में हुए घोटाले को लेकर आप सरकार पर सवाल उठा चुकी है। डीटीसी पर सीएजी रिपोर्ट में क्या है? डीटीसी पर सीएजी को लेकर करीब एक महीने पहले रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट में दिल्ली परिवहन निगम की वित्तीय समस्याओं के बढ़ने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में डीटीसी का कुल घाटा 25,300 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 60,750 करोड़ रुपये हो गया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2022 तक, निगम ने 3,937 बसें संचालित कीं, जो आवश्यक 5,500 से काफी कम थीं। भाजपा विधायकों ने कहा है कि वे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ‘आप’ को घेरेंगे और शहर में 10 साल के शासन के दौरान डीटीसी के कामकाज पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर ‘आप’ से जवाब मांगेंगे। मुख्यमंत्री के साथ वित्त विभाग संभाल रहीं रेखा गुप्ता मंगलवार 25 मार्च को दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी सरकार का पहला बजट पेश करेंगी। इसमें सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और वर्ष के लिए विकास एजेंडे की रूपरेखा बताई जाएगी। 27 मार्च को प्रस्तावित बजट पर चर्चा के साथ उसे विधानसभा में पारित किया जाएगा। बता दें कि, भाजपा पिछले महीने विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को हराकर 1998 के बाद दिल्ली की सत्ता में लौटी है। ‘आप’ ने एक बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटियों’ को पूरा न करके महिलाओं के साथ ‘विश्वासघात’ करने और लोकतंत्र पर ‘ खुल्लमखुल्ला हमला’ करने को लेकर वह विधानसभा में भाजपा को घेरेगी। विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि भाजपा ने पिछली ‘आप’ सरकार से अधिशेष बजट विरासत में मिलने के बावजूद वित्तीय सहायता देने से इनकार करके दिल्ली की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। हम इस विश्वासघात को विधानसभा के साथ-साथ सड़कों पर और हर घर में उजागर करेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने वादा किया था कि वह महिला समृद्धि योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देगी। दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, लेकिन लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन अभी तक शुरू नहीं हुआ है। आतिशी ने भाजपा पर दिल्ली विधानसभा में ‘तानाशाही’ करने तथा जनता के मुद्दे उठाने पर विपक्षी विधायकों को निलंबित कर देने का आरोप लगाया। 2009 से नहीं बढ़ा डीटीसी का किराया डीटीसी उपलब्ध धन के बावजूद अपने बेड़े का विस्तार करने में विफल रही है। 2007 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि निगम के पास 11,000 बसें होनी चाहिए, लेकिन 2012 में, दिल्ली कैबिनेट ने 5,500 का संशोधित लक्ष्य निर्धारित किया। डीटीसी की कुल बसों में से 1,770 ओवरएज थीं, जिनमें लो-फ्लोर बसें 10 साल से अधिक सेवा दे चुकी थीं। इन्हें जल्द ही चरणबद्ध तरीके से बंद होने करना है। 2009 से किराया नहीं बढ़ाना इसके वित्तीय संघर्ष का एक बड़ा कारण रहा है। कई बार अनुरोध करने के बावजूद, दिल्ली सरकार ने किराया वृद्धि को मंजूरी नहीं दी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को बजट पेश करेंगी, आज से दिल्ली का बजट सत्र शुरू

नई दिल्ली दिल्ली बजट पेश किए जाने से पहले खीर सेरेमनी हुई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भगवान राम को भोग लगाया. इस तरह की सेरेमनी पहली बार हुई है. इसके बाद कल यानी 25 मार्च को दिल्ली का बजट पेश होना है. इसके अलावा, जिन लोगों ने बजट के सुझाव दिए हैं, उन्हें खीर दिया जाएगा. एक तरफ दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली बजट के लिए “खीर समारोह” कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ AAP विधायक दिल्ली विधानसभा के अंदर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दिल्ली सरकार से पूछ रहे हैं कि महिला लाभार्थियों को 2500 रुपये प्रति माह कब मिलेंगे? दिल्ली का बजट कैसे तय होता है? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को बजट पेश करेंगी. आज यानी सोमवार से दिल्ली का बजट सत्र शुरू होगा जो 28 मार्च तक चलेगा. सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के बजट की रूपरेखा बताई है. उन्होंने इस बजट को ‘विकसित दिल्ली बजट’ करार दिया और बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, प्रदूषण और जलभराव की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर दिल्ली का बजट कैसे तय होता है, केंद्र से इसके लिए कितनी मदद मिलती है और दिल्ली की आमदनी के सोर्स क्या हैं? दिल्ली एक केंद्रीय शासित क्षेत्र है, जिसका प्रशासन केंद्र और राज्य दोनों द्वारा साझा किया जाता है. दिल्ली के बजट को राज्य सरकार द्वारा तैयार किया जाता है, लेकिन इस पर केंद्र सरकार का भी प्रभाव होता है. यह दिल्ली सरकार के खर्चों और आमदनी से संबंधित होता है. इसमें मुख्य रूप से राज्य के विकास कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, और अन्य बुनियादी सेवाओं के लिए धन आवंटित किया जाता है. केंद्र से कितनी मदद मिलती है? दिल्ली को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं पर निर्भर करती है. केंद्र से प्राप्त होने वाली मदद का मुख्य स्रोत केंद्रीय योजनाएं और फंडिंग होती हैं. केंद्र सरकार के कई प्रमुख योजनाओं, जैसे स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिल्ली को मदद मिलती है.  

काला जठेड़ी गिरोह के दो शार्पशूटरों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया, गिरोह के कई सदस्य सक्रिय

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देर रात छावला इलाके में मुठभेड़ के बाद कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमित डागर और उसके सहयोगी अंकित के रूप में हुई है। अमित डागर, जेल में बंद गैंगस्टर ओमप्रकाश उर्फ काला का भाई है।  पुलिस को रात अमित डागर और उसके सहयोगी की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस पर स्पेशल सेल की टीम ने छावला इलाके में जाल बिछाया। जब पुलिस ने दोनों को घेरने की कोशिश की, तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिससे दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।   गिरोह के कई सदस्य दिल्ली-NCR में सक्रिय पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी काला जठेड़ी गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं और कई संगीन अपराधों में शामिल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ है और इसके कई सदस्य दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में सक्रिय हैं।   पुराने आपराधिक गतिविधियों की हो रही पड़ताल पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।   काला जठेड़ी गैंग का बढ़ रहा प्रभाव दिल्ली-एनसीआर में काला जठेड़ी गैंग का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। यह गिरोह जबरन वसूली, हत्या और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे अपराधों में संलिप्त है। पुलिस ने हाल के दिनों में इस गिरोह के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के पास से जले हुए नोटों के नए सबूत मिले, नए वीडियो में मिला सबूत

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर 15 करोड़ की भारी भरकम रकम मिलने से सनसनी मची हुई है। उनके खिलाफ कई वकील कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं तो वहीं जस्टिस यशवंत वर्मा इसे साजिश बता रहे हैं। इस बीच उनके घर के पास से एक नया वीडियो सामने आया है। वीडियो में उनके घर के पास से जले हुए नोटों के नए सबूत मिले हैं। नोटों के इस नए सबूत ने फिर एक बार शक की सुई जस्टिस यशवंत वर्मा की तरफ मोड़ दी है। दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर के पास से आए इस नए वीडियो में जले हुए नोट देखे जा सकते हैं। देखने पर तो यह 500 के नोट लग रहे हैं जो आधे-अधूरे और फटी हालत में हैं। बता दें कि यशवंत वर्मा के घर आग लगने के बाद मिले 15 करोड़ कैश पर सब हैरत में हैं। इससे पहले हाई कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के कॉल रेकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। एक सफाई कर्मचारी,इंदरजीत ने बताया कि हम इस इलाके में काम करते हैं। हम सड़कों से कचरा इकट्ठा करते हैं। हम 4-5 दिन पहले यहाँ सफाई कर रहे थे और कचरा इकट्ठा कर रहे थे,तभी हमें जले हुए 500 रुपये के नोटों के कुछ छोटे टुकड़े मिले। हमें वह उस दिन मिला था। अब,हमें 1-2 टुकड़े मिले हैं। हमें नहीं पता कि आग कहां लगी। हम सिर्फ कचरा इकट्ठा करते हैं। शनिवार देर रात सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास पर मिली बेहिसाब नकदी के आरोपों से संबंधित रिपोर्ट,फोटो और वीडियो अपलोड किए। कोर्ट की वेबसाइट पर अब उपलब्ध सामग्री में एक आंतरिक जांच के निष्कर्ष और जस्टिस वर्मा द्वारा आरोपों से इनकार करते हुए दिए गए विस्तृत जवाब का खुलासा किया गया है। 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास पर आग लगने के बाद बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद यह विवाद शुरू हुआ था।

दिल्ली के एक पार्क में पेड़ से लटके मिले लड़के और लड़की के शव

नई दिल्ली दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले के डियर पार्क में एक लड़के और लड़की के शव पेड़ से लटके मिले। शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। पेड़ों पर दोनों के शव मिलने के जानकारी वहां के सुरक्षा गार्ड ने दी। अभी दोनों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, आज सुबह 6.31 बजे बलजीत सिंह (35), निवासी हौज खास गांव, जो डियर पार्क में सुरक्षा गार्ड है, उन्होंने एक पीसीआर कॉल की। जिसमें बताया गया कि एक लड़का और एक लड़की एक पेड़ की शाखा पर लटके हुए हैं। सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि एक लड़का उम्र लगभग 17 वर्ष, जिसने काली टी-शर्ट और नीली जींस पहनी हुई थी और एक लड़की जो लगभग 17 वर्ष की थी, जिसने हरे रंग की पोशाक पहनी हुई थी, दोनों एक पेड़ की शाखा पर नायलॉन की रस्सी से लटके थे। पुलिस ने शवों को शवगृह में रखवा दिया गया है। दोनों ने आत्महत्या की है या फिर उनकी हत्या हुई है। यह जांच में सामने आएगा।

बहादुरगढ़ ब्लास्ट मामला: हरपाल ने अपनी पत्नी, एक बेटी और 2 बेटों की हत्या की थी

 बहादुरगढ़ बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 में हुए भीषण ब्लास्ट के मामले में चौंकाने वाला मोड़ आया है। पहले इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि घायल हरपाल सिंह ने ही अपनी पत्नी, एक बेटी और दो बेटों की हत्या की थी। पुलिस को मौके से पेट्रोल से भरी बोतल और 12 पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी बहन और जीजा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने बहादुरगढ़ शहर थाने में आरोपी हरपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हरपाल सिंह, जो मूल रूप से दिल्ली के उत्तम नगर का निवासी है और ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है, पिछले 7 महीने से बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 स्थित मकान नंबर 312 में किराए पर रह रहा था। शनिवार शाम को हुए भीषण धमाके में उसकी पत्नी, एक बेटी और दो बेटों की मौके पर मौत हो गई, जबकि वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गया था। ब्लास्ट की वजह अब भी रहस्य पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच के अनुसार, घर में रखा एलपीजी सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित मिला, जबकि एसी की इनडोर यूनिट को आग से नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार शाम दो जोरदार धमाके हुए, जिसके बाद घर में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने मुख्य गेट को तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन चारों तरफ धुआं और आग होने के कारण राहत कार्य में देरी हुई। जब फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, तब जाकर चार शव बरामद किए गए। पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई चारों मृतकों के शवों को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल भेज दिया गया और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।

प्रवेश वर्मा ने अधिकारियों से कहा, ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो

 नई दिल्ली दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड करने के बाद आज एक और इंजीनियर उनके निशाने पर आ गया. प्रवेश वर्मा ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ट्रांसफर का दिया है. उन्होंने कहा कि ‘काम नहीं करोगे तो कार्रवाई होगी.’ ‘ऐसे तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा’ दिल्ली सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने कल रात शराब पी होगी इसलिए उनके मुंह से बदबू आ रही है. उन्होंने कहा, ‘मुझे भी ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड करना अच्छा नहीं लगता. ऐसा किया तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा. सब अधिकारी अच्छे से काम करें और फोन उठाना शुरू करें.’ ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो’ दिल्ली के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो. 10 दिनों के अंदर समाधान नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जैसे कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड किया. अब अगला नंबर आप लोगों का हो सकता है.’ ‘पसीना निकलेगा तो चर्बी घटेगी’ एक दिन पहले प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि 10 साल में अधिकारियों की खाल मोटी हो गई है. हम लोग खुद जमीन पर उतरकर पसीना बहा रहे हैं, उनको भी सड़क पर ला रहे हैं. जब उनके पसीने निकलेंगे तो उनकी चर्बी घटेगी. उन्होंने कहा कि काम तो इन्हीं अधिकारियों से करवाएंगे. समर एक्शन प्लान को लेकर हम हर तीसरे दिन बैठक कर रहे हैं. पिछली बैठकों में कितना क्रियान्वयन हुआ है. हर एक चीज की समीक्षा कर रहे हैं, पूरे सिस्टम को ऑनलाइन किया जाएगा और पूरी दिल्ली को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा. प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘अधिकारी चाहते हैं कि वे मॉनिटर ना हों, लेकिन हम लोग करेंगे. हम लोग जहां भी जमीन पर उतरे, वहां पर दिक्कत दिख रही है. लेकिन हम इन्हीं अधिकारियों से काम करवाएंगे.’  

दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई के लिए की प्लानिंग, यमुना में ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने और पानी में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे

नई दिल्ली  दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर बीते दो दशकों में कई प्लानिंग हुईं। यमुना पर इस दौरान काफी खर्च भी किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। दिल्ली की यमुना अब भी नाले के समान ही नजर आ रही है। अब एक बार फिर नई दिल्ली सरकार ने यमुना को लेकर लोगों में आशा जगाई है। यमुना को साफ करने के इसी प्लान पर  पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से बात की। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। 1. यमुना को साफ करने में कितना समय लग जाएगा? यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता, लेकिन मैं यह विश्वास जरूर दिला सकता हूं कि अगले दो से तीन साल में यमुना में फर्क को महसूस किया जा सकेगा। दिल्ली में यमुना नजर आने लगेगी और लोग इसके किनारों पर आकर नदी से जुड़ेंगे। इसके लिए हमने पहले दिन से कोशिश शुरू कर दी है। यमुना पर कई तरह के काम किए जा रहे हैं। 2. अगले तीन साल में यह फर्क लाने के लिए किन स्तरों पर काम किया जा रहा है? सबसे पहले तो हम यह कोशिश कर रहे हैं कि यमुना में एक बूंद पानी भी अनट्रीटेड न जाए। इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से STP पर काम शुरू हो गया है। दूसरा यमुना अभी दिल्ली में मरी हुई है। यमुना में ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम है। इसलिए पानी में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने की योजनाएं बन रही हैं। तीसरा यमुना में किसी भी इंडस्ट्री का वेस्ट न जाए इसके लिए भी काम शुरू हो रहा है। तीन सालों में 95 प्रतिशत सीवरेज समस्या को हम खत्म कर देंगे। 3. क्या आप मानते हैं प्रदूषण सिर्फ दिल्ली नहीं, हरियाणा से भी यमुना में घुल रहा है? हरियाणा से जब यमुना दिल्ली में आती है तो इसके पानी में ऑक्सीजन होता है। लेकिन दिल्ली में आने के बाद ऑक्सीजन खत्म हो जाता है। इसका मतलब यही है कि दिल्ली यमुना को अधिक प्रदूषित कर रही है। हरियाणा से भी यमुना में थोड़ा बहुत प्रदूषण आ रहा है। वह काम कर रहे हैं। हरियाणा का रोल यमुना को साफ करने में कम है। यमुना से आने वाला 90 प्रतिशत पानी लगभग साफ है। दिल्ली में आने से पहले हरियाणा में करीब आधा किलोमीटर के हिस्से में कुछ फैक्ट्रियां हैं जिससे सीमित मात्रा में प्रदूषण यमुना में आ रहा है। हरियाणा CM ने इसे रोकने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। 4. यमुना में आरती शुरू हो गई है। धार्मिक टूरिज्म की भी तैयारी है? नदियां दूसरे शहरों में आकर्षण का केंद्र हैं। हम दिल्ली में भी यमुना को उसी रूप में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए यमुना को साफ करना हमारी प्राथमिकता है। रिवर फ्रंट का काम तेजी से चल रहा है। यह पूरा काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यमुना के किनारे विकसित हुए पार्क से लोग यमुना से जुड़ रहे हैं। अगले दो से तीन सालों में यह फर्क राजधानी का हर व्यक्ति महसूस करेगा। 5. टूरिज्म बढ़ाने के लिए नदी में बहाव जरूरी है। अभी यमुना अधिकांश महीनों में सूखी रहती है? हम यूपी सरकार के साथ पानी बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। योजना के तहत यूपी सरकार हमें कच्चा पानी देगी और दिल्ली ट्रीटेड पानी यूपी को देगी। इससे यमुना में पानी का स्तर बढ़ेगा। उसे तेजी से फॉलोअप किया जा रहा है। उस कच्चे पानी को लेकर कैसे आना है इस पर काम हो रहा है। DJB के साथ इस पर मीटिंग हुई है। 6. यमुना के पानी में ऑक्सीजन का स्तर किस तरह बढ़ाया जाएगा? बीते दस सालों में यमुना में दिल्ली में सीवर काफी मात्रा में डाला गया है। यह सीवर नदी की निचली सतह में जमा हो चुका है। इस गाद को निकालने का काम किया जा रहा है। जैसे ही गाद निकलेगा पानी का बहाव बढ़ेगा। इसये पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता जाएगा। 7. 22 नालों को ट्रैप किया जाना है। अभी तक कितने को पूरी तरह ट्रैप कर पाए हैं? बड़ी संख्या में नाले ट्रैप कर लिए गए हैं। अगले सात से आठ महीने में सभी नालों को ट्रैप कर लिया जाएगा। हमारी चिंता STP को अपग्रेड करना और ठीक करना है ताकि यमुना में एक बूंद दूषित पानी न जाए। 8. एक्सपर्ट कहते आए हैं कि यमुना के एक्शन प्लान में उनसे सलाह नहीं ली जाती? यह NBT का अच्छा सुझाव है। कहीं से भी अच्छे सुझाव आएं, उसे शामिल किया जाना चाहिए। हम ऐसा जरूर करेंगे। सभी कंसलटेंट, सबजेक्ट एक्सपर्ट, रिवर एक्टिविस्ट आदि से हम सलाह लेंगे और यमुना को सबके सहयोग से साफ करेंगे। हमारा मकसद यमुना की सफाई है। 9. कई जगह पर यमुना में लोग कूड़ा डालते दिख रहे हैं। इसे रोकने के लिए क्या जुर्माना बढ़ाया जाएगा? जुर्माना बढ़ाने की बात तो नहीं है। लेकिन NBT ने यह अच्छा सुझाव दिया है। अब फोर्स भी बढ़ा रहे हैं ताकि यमुना के प्रमुख पॉइंट पर चौकसी बढ़ा सकें। जरूरत के हिसाब से यह फोर्स ड्रेन या यमुना में तैनात रहेगी ताकि कचरा यमुना में न जाए। एक बटालियन लेने की हम कोशिश कर रहे हैं। 10. यमुना की सहायक नदी साहिबी को रिवाइव करने का प्लान था? इसके लिए क्या कर रहे हैं? साहिबी नदी को रिवाइव करने का काम दिल्ली सरकार कर रही है। वह काम पहले भी LG वी के सक्सेना की निगरानी से शुरू हुआ था। इसका उस समय काफी असर दिखने लगा था। यमुना और नजफगढ़ ड्रेन में ऑक्सीजन बढ़ने लगा था। लेकिन पिछली सरकार ने कोर्ट में केस डाला और यह काम रुक गया। इन मामलों से जुड़े मुकदमों को वापस लिया जा रहा है। साथ ही विभिन्न डिपार्टमेंट के साथ इसे लेकर उनकी मीटिंग हो चुकी है।    

सीएम रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश-सांसदों-विधायकों के कॉल और मैसेज का तुरंत जवाब दें अधिकारी

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को अधिकारियों को सांसदों और विधायकों के कॉल या मैसेज का तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा इस संबंध में मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के बाद यह कदम उठाया गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि कुछ अधिकारी विधायकों के पत्रों, फोन कॉल और मैसेज का जवाब नहीं देते हैं। दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि मुख्य सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने विधायकों और सांसदों के साथ व्यवहार करते समय पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में व्यापक निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (जीएडी) नवीन कुमार चौधरी द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि निर्देशों का अक्षरशः सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई मौका नहीं होना चाहिए कि विधायकों या सांसदों को ऐसी शिकायतें करने के लिए बाध्य होना पड़े। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी के मूल्यांकन में यह एक महत्वपूर्ण इनपुट होगा। परिपत्र में प्रशासन, सांसदों और विधायकों के आधिकारिक व्यवहार के बारे में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी साझा की गई है, जिसे जीएडी ने 2020 में तैयार किया था। इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त संचार पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए। एसओपी में कहा गया है कि सांसद या विधायक द्वारा मांगी गई सूचना प्रदान की जानी चाहिए, जब तक कि वह ऐसी प्रकृति की न हो कि उसे देने से इनकार किया जा सके।इसके अलावा इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त प्रत्येक संचार की 15 दिनों के भीतर पावती दी जानी चाहिए। उसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर उत्तर दिया जाना चाहिए।

भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, आतिशी ने दिल्ली सरकार पर लगाया आरोप

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने शुक्रवार को भाजपा नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं और जब अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें धमकाया और निलंबित किया जा रहा है। आतिशी ने कहा, “आज (शुक्रवार) सुबह से भाजपा के मंत्री प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार के अधिकारियों को गालियां दे रहे हैं और उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन यही अधिकारी पिछले 10 साल से दिल्ली में शानदार काम कर रहे थे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब उन्होंने काम करना बंद कर दिया?” उन्होंने कहा, “अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और जब वे भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें निलंबित किया जा रहा है। दिल्ली के अधिकारियों ने हमें फोन करके बताया कि भाजपा सरकार के मंत्री हर काम में 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। जब अफसर इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी दी जा रही है।” विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ एक महीना हुआ है और उनके मंत्री बहाने बनाने लगे हैं। पिछले एक महीने में भाजपा नेता केवल आम आदमी पार्टी (आप) और अरविंद केजरीवाल को गालियां देने में व्यस्त रहे हैं। आम आदमी पार्टी की जनहितकारी योजनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं और अपना ट्रांसफर कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और उनके किसी भी काम को मुद्दा बनाकर उन पर तुरंत हमला बोलना शुरू कर देती है।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध झुग्गियों को हटाने पहुंचने तो अचानक BJP विधायक पहुंचे और रुक गया ऐक्शन

नई दिल्ली दिल्ली के यमुना खादर क्षेत्र में शुक्रवार को अवैध झुग्गियों को हटाने के लिए डीडीए अधिकारी बुलडोजर लेकर पहुंच गए। जिसके बाद वहां हंगामा हुआ। इसी बीच पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रविन्द्र सिंह नेगी कार्रवाई को रोकने के लिए वहां पहुंचे। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध झुग्गियों को हटाने के लिए अधिकारी बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। हालांकि विधायक के हस्तक्षेप से ऐक्शन को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। पटपड़गंज विधानसभा से भाजपा विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने कहा, ‘यह हाईकोर्ट का आदेश था और पिछले कई सालों से यह योजना चल रही थी। हम उच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं लेकिन हमने कोर्ट से कहा है कि यमुना नदी के किनारे कई लोग कई सालों से रह रहे हैं और उनकी रोजी-रोटी और कमाई यहां की खेती पर ही निर्भर है। हमने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अनुरोध किया है कि हमें कुछ समय दिया जाए ताकि यहां के लोग अपनी फसल काट सकें। ये लोग बहुत परेशान हैं।’ भाजपा विधायक ने कहा, ‘हाईकोर्ट का आदेश है कि यमुना किनारे जो ग्रीन बेल्ट है उससे अतिक्रमण हटाया जाए। पिछले कई सालों से यह प्लानिंग चल रही है। हम हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। अभी यहां खेती उगी हुई है, अगर इसे हटा दिया जाएगा तो ये खाएंगे क्या। हमने एलजी सक्सेना और सीएम रेखा गुप्ता से अनुरोध किया है कि इन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए ताकि ये फसल काट सकें। ये लोग बहुत परेशान हैं। हम न्यायालय का सम्मान करते हैं। ये लोग भी यहां फंसे हुए हैं, मैं विनती करूंगा की इन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए।’

सौरभ भारद्वाज बनाए गए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, सिसोदिया को पंजाब का प्रभार, आप पार्टी में हुए बड़े बदलाव

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर हुई ‘आप’ की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) में इस पर फैसला लिया गया है। नए फेरबदल के तहत ‘आप’ ने सौरभ भारद्वाज को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं पार्टी के दूसरे बड़े नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। गोपाल राय और पंकज गुप्ता को गुजरात और गोवा का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली ‘आप’ अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद सौरभ भारद्वाज ने कहा मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम पार्टी को और मजबूत करेंगे। मेरा मानना ये है कि हारने के बाद संगठन निर्माण करना सबसे आसान भी होता है, क्योंकि जीतने के समय तो कई लोग आपके साथ आ जाते हैं। मगर जो पार्टी की हार के समय भी आपके साथ रहता है वो खरा सोना होता है। 24 कैरेट गोल्ड होता है, इससे आपको पीतल और सोने में फर्क करने में दिक्कत नहीं होती।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता पार्टी संगठन का विस्तार करना होगी। चुनाव आते-जाते रहेंगे। ‘आप’ सांसद संदीप पाठक ने कहा, “आज पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कई फैसले लिए गए। गोपाल राय को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। पंकज गुप्ता को गोवा का प्रभारी बनाया गया है। मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है और मुझे छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। सौरभ भारद्वाज को पार्टी की दिल्ली इकाई का प्रमुख और मेहराज मलिक को पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया है। ‘आप’ के वर्तमान दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय ने गुजरात के प्रभारी के रूप में अपनी नियुक्ति पर कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी और पार्टी उन राज्यों में काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां चुनाव होने वाले हैं और मजबूती से चुनाव लड़ेगी। वहीं, पंजाब के प्रभारी बनाए गए मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद पंजाब में काफी विकास हुआ है। ‘आप’ सरकार पंजाब के लोगों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ‘आप’ का हर समर्पित कार्यकर्ता पार्टी का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करे। पंजाब के लोग अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान का बहुत सम्मान करते हैं।

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया

 नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी नेतृत्व बड़ा परिवर्तन हुआ है. दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है. वहीं, सत्येंद्र जैन को पंजाब का सह-प्रभारी बनाया गया है. इसके अलावा, सौरभ भारद्वाज को दिल्ली AAP संयोजक नियुक्त किया गया है. भारद्वाज ने गोपाल राय की जगह ली है. आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा और संजय सिंह पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे हैं. दिल्ली में AAP की हार के बाद आतिशी राजधानी में मुख्य जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. बतौर नेता विपक्ष आतिशी बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक रणनीति तय करेंगी. विधानसभा चुनाव और दिल्ली सरकार पर होने वाले बड़े राजनीतिक हमलों की रणनीति आतिशी ही बनाएंगी. बड़े फैसलों में वो शीर्ष नेतृत्व की सहमति लेंगी. हालांकि, दिल्ली यूनिट का संगठनात्मक कार्य, पार्टी का विस्तार और फेरबदल का काम प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेगा. वहीं, दिल्ली इकाई संगठन के काम प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेंगे। पार्टी की मजबूती से लेकर विस्तार और फेरबदल तक सभी काम गोपाल राय ही संभालेंगे। पीएसी की मंजूरी के बाद आने वाले महीने में दिल्ली प्रदेश इकाई में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, ‘आप’ अपने शीर्ष नेतृत्व को तीन प्रमुख राज्यों – पंजाब, गुजरात और गोवा में तैनात करेगी, जहां पार्टी मजबूत स्थिति में है। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन पंजाब में ‘आप’ का काम देखेंगे। वे न सिर्फ संगठनात्मक कामों को संभालेंगे बल्कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय लक्ष्यों को लागू करने में प्रदेश संयोजक और पदाधिकारियों की मदद करेंगे। इसके साथ ही सिसोदिया ‘आप’ के वादों और पंजाब सरकार द्वारा मुख्य एजेंडों के लागू करने पर भी नजर रखेंगे। प्रभारी के तौर पर वे ‘आप’ हाईकमान और पंजाब इकाई के बीच पुल का काम करेंगे। सूत्रों ने कहा कि सिसोदिया और जैन दोनों आने वाले महीनों में पंजाब में अधिक सक्रिय नजर आएंगे। इसका मकसद संगठनात्मक कार्यों से लेकर भगवंत मान सरकार की स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ ‘पंजाब मॉडल’ बनाने में मदद करना है। ‘आप’ के लिए गुजरात भी एक और महत्वपूर्ण चुनावी रण का मैदान बना हुआ है। 2022 में पंजाब जीतने के बाद ‘आप’ ने भाजपा के इस ‘अभेद्य’ किले को भेदने की कोशिश की थी। दिल्ली में ‘आप’ के लिए कानूनी मुश्किलें पैदा होने के बावजूद गुजरात में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने भगवा गढ़ में पहली बार लड़े गए विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीती थीं। ‘आप’ को यहां लगभग 14 प्रतिशत वोट मिले थे। सूत्रों ने बताया कि गुजरात में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक विस्तार के सूत्रधार संदीप पाठक फिलहाल राज्य से दूर ही रहेंगे। इसलिए, गोपाल राय और दुर्गेश पाठक को गुजरात मामलों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। गोवा में ‘आप’ के दो विधायक हैं। वह लगातार 6-7 प्रतिशत वोट शेयर पर बरकार रखे हुए है। सूत्रों से पता चलता है कि सौरभ भारद्वाज को गोवा पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया गया था। हालांकि, दुर्गेश पाठक अभी गोवा के मामलों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं। ‘आप’ मुख्य विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस की जगह लेने की कोशिश करेगी।  

Delhi High Court के जज का आग ने खोला ‘राज’, बंगले में मिला कैश का भंडार; कॉलेजियम ने कहा न्यायपालिका पर…

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के आवासीय बंगले में आग लगने की घटना ने न्यायिक क्षेत्र में हलचल मचा दी है. इस आगजनी के दौरान जज के घर से बड़ी मात्रा में नकद राशि बरामद की गई. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस यशवंत वर्मा के तबादले की सिफारिश की है. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता में तीन वरिष्ठ जजों के कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को उनके मूल इलाहाबाद हाईकोर्ट, वापस भेजने की सिफारिश की है. सूत्रों के अनुसार, जब आग बुझाने वाली टीम वहां पहुंची, तो उन्हें जज के सरकारी बंगले में भारी मात्रा में नकद राशि मिली. मामले से संबंधित जानकारी के अनुसार, हाल ही में जस्टिस यशवंत वर्मा के निवास पर आग लग गई थी, जबकि उस समय जज घर पर उपस्थित नहीं थे. उनके परिवार ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया. आग बुझाने के बाद, जब नुकसान का आकलन किया गया, तो कर्मचारियों को एक कमरे में बड़ी मात्रा में नकद मिला. यह सूचना पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंची, जिन्होंने इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी बताया. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद, CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को पुनः इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस जाएंगे सूत्रों के अनुसार, जब आग लगी, तब जस्टिस वर्मा शहर में उपस्थित नहीं थे. उनके परिवार के सदस्यों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया. आग बुझाने के बाद, दमकल कर्मियों ने बंगले के कमरों में बड़ी मात्रा में नकदी पाई. इसके बाद, रिकॉर्ड बुक में बेहिसाब नकदी के मिलने का आधिकारिक विवरण दर्ज किया गया. CJI को इस घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद कॉलेजियम की बैठक में सबसे पहले उन्हें इलाहाबाद भेजने की सिफारिश की गई. इमरजेंसी में हुई मीटिंग सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के स्थानांतरण की सिफारिश के लिए एक आपात बैठक आयोजित की, जिसमें इस संबंध में सिफारिश की गई. जानकारी के अनुसार, न्यायाधीश के खिलाफ रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद गुरुवार को यह आपात बैठक बुलाई गई. इसके साथ ही, इन-हाउस जांच पर भी चर्चा की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. सूत्रों का कहना है कि स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया गया है. ट्रांसफर के अलावा होगी जांच जस्टिस यशवंत वर्मा को अक्टूबर 2021 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया था. अब उनके खिलाफ जांच और महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की बात उठ रही है, साथ ही उन्हें वापस भेजने की सिफारिश भी की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के कुछ सदस्यों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि जस्टिस वर्मा का केवल स्थानांतरण किया जाता है, तो इससे न्यायपालिका की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. क्या जस्टिस वर्मा का होगा इस्तीफा? देश में न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है. कॉलेजियम के कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया है कि जस्टिस वर्मा से इस्तीफा मांगा जाना चाहिए. यदि वे ऐसा करने से इनकार करते हैं, तो संसद में उन्हें हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. इसके अलावा, यदि आवश्यक समझा जाए, तो उनके खिलाफ आंतरिक जांच भी की जा सकती है, जो एक सुप्रीम कोर्ट के जज और दो अलग-अलग हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की समिति द्वारा की जाती है. यदि जांच में जज दोषी पाए जाते हैं, तो रिपोर्ट संसद को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाती है, जहां जज को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होता है. जस्टिस यशवंत वर्मा 2014 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज बने और 2021 में उनका ट्रांसफर दिल्ली हाई कोर्ट में हुआ. वर्तमान में, वह दिल्ली हाई कोर्ट के जजों में वरिष्ठता के क्रम में तीसरे स्थान पर हैं. संविधान के अनुसार, किसी भी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनियमितता या कदाचार के आरोपों की जांच के लिए 1999 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक आंतरिक प्रक्रिया विकसित की गई थी. इस प्रक्रिया में, मुख्य न्यायाधीश पहले संबंधित न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगते हैं. यदि उत्तर संतोषजनक नहीं होता या मामले की गहन जांच की आवश्यकता होती है, तो मुख्य न्यायाधीश एक सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और दो उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की एक आंतरिक समिति का गठन करते हैं. इसके बाद, जांच के परिणामों के आधार पर या तो न्यायाधीश का इस्तीफा लिया जाता है या महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई टली, कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 3 अप्रैल नियत की

नई दिल्ली कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में गुरुवार को सुल्तानपुर की एमपीएमएलए विशेष कोर्ट में सुनवाई टल गई। दीवानी न्यायालय में होली मिलन कार्यक्रम के आयोजन के कारण अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे जिसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 3 अप्रैल 2025 नियत की है। इस दिन राहुल गांधी के अधिवक्ता अगले गवाह से जिरह करेंगे। यह मामला भारतीय जनता पार्टी नेता विजय मिश्रा द्वारा 2018 में दायर किया गया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान अभद्र टिप्पणी की थी, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुईं। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद राहुल गांधी ने फरवरी 2024 में कोर्ट में सरेंडर किया था और उन्हें जमानत मिल गई थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था।   इसके बाद कोर्ट ने परिवादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हालांकि, अधिवक्ताओं की हड़ताल और अन्य कारणों से कई बार सुनवाई टल चुकी है। 11 फरवरी को राहुल के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने परिवादी से जिरह की थी और अब अगले गवाह से जिरह के लिए 3 अप्रैल की तारीख तय की गई है। कोर्ट की कार्यवाही व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही है और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जा रहा है फिलहाल, यह मामला सुचारु रूप से चल रहा है, और अगली सुनवाई में आगे की प्रगति की उम्मीद है।  

मंदिरों पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने का इनकार, याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने को कहा

नई दिल्ली मयूर विहार फेज 2 में स्थित तीन मंदिरों पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने रोक लगाने वाली अर्जी को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को दिल्ली हाईकोर्ट जाने को कहा है। मयूर विहार फेज-2 में स्थित तीन मंदिरों पर डीडीए कार्रवाई करने पहुंचा था। दिल्ली प्रशासन का पंजा(बुलडोजर) देख वहां रहने वाले स्थानीय लोगों ने हंगामा और विरोध करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद कार्रवाई को रोकना पड़ा था। मयूर विहार फेज 2 में तीन मंदिर हैं। पूर्वी दिल्ली काली बाड़ी समिति,श्री अमरनाथ मंदिर संस्था और श्री बद्रीनाथ मंदिर। इन तीनों मंदिरों की समितियों ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के 19 मार्च 2025 को जारी विध्वंस नोटिस को चुनौती दी है। वकील विष्णु शंकर जैन के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि अधिकारियों ने बुधवार रात 9 बजे सार्वजनिक नोटिस लगाया और बताया कि मंदिरों को 20 मार्च 2025 को सुबह 4 बजे ध्वस्त कर दिया जाएगा। वकील विष्णु शंकर जैन ने याचिका में कहा कि डीडीए या किसी धार्मिक समिति के किसी भी प्राधिकरण द्वारा मंदिरों को सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया। याचिका में बताया गया है कि मंदिर 35 साल पुराने हैं और डीडीए ने खुद काली बाड़ी समिति मंदिर को मंदिर के सामने मैदान में दुर्गा पूजा करने की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिरों की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आगे कहा गया कि डीडीए ने अपनी मनमानी से, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के प्रावधानों का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए,मंदिर को गिराने का फैसला किया है। डीडीए या किसी धार्मिक समिति के किसी भी अधिकारी ने याचिकाकर्ताओं को सुनवाई का कोई मौका नहीं दिया। मयूर विहार फेज-2 पहुंची डीडीए की टीम को स्थानीय लोगों का विरोध झेलना पड़ा। पटपड़गंज विधायक रविंदर सिंह नेगी ने लोगों को आश्वासन दिया कि सीएम रेखा गुप्ता ने अनिश्चतकाल के लिए कार्रवाई पर रोक लगा दी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण की टीम भी बाद में लौट गई। इसके बाद मामला देश की सर्वोच्च अदालत पहुंचा।

दिल्ली में हत्याकांड का खुलासा- आसिफ ने कोमल को मारकर उसे पत्थर से बांधा गया और फिर लाश नहर में फेंक दी

नई दिल्ली दिल्ली में एक लड़की की हत्या के बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सीमापुरी के सुंदरी नगर में रहने वाली कोमल नाम की एक लड़की को मारकर उसे पत्थर से बांधा गया और फिर लाश नहर में फेंक दी गई। पुलिस आसिफ नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो उसे लंबे समय से उसे जानता था। हत्याकांड को 12 मार्च को अंजाम दिया गया था, जबकि लाश 17 मार्च को बरामद की गई थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में टैक्सी चलाने वाले आसिफ की कोमल से लंबे समय से जान पहचान थी। 12 मार्च को आसिफ ने कोमल को सीमापुरी इलाके से अपनी कार में बिठाया। इस दौरान दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान आसिफ ने गला दबाकर कोमल की हत्या कर दी। कोमल की हत्या के बाद आसिफ ने लाश को ठिकाने के लिए हैरान करने वाली तरकीब निकाली। उसने शव को एक भारी पत्थर से बांध छावला इलाके में मौजूद नहर में फेंक दिया। कई दिनों तक पानी में रहने के बाद जब शव काफी फूल गया तो यह पानी की सतह पर आ गया। लोगों ने नहर में लाश देखकर पुलिस को खबर दी। इससे पहले कोमल के परिवारवालों ने पुलिस को उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। लाश मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा छावला पुलिस स्टेशन में दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने जल्द ही कड़ियों को जोड़ते हुए आसिफ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आसिफ के साथ और भी कोई इस अपराध में शामिल थी।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी डिटेल, कपिल मिश्रा के उस X में क्या विवादित था? 8 अप्रैल को फैसला

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में दिल्ली की अदालत ने पुलिस से कपिल के उस विवादित एक्स पोस्ट की जानकारी मांगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। उस दिन कपिल मिश्रा पर आरोप भी तय हो सकता है। आचार संहिता के उल्लंघन वाले मामले पर आज सुनवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उत्तरी पश्चिमी जिले के डीसीपी से ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) से उस पोस्ट की जानकारी जुटाने के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है,जो कथित तौर पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पोस्ट की थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि डीसीपी अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने आरोप तय करने पर बहस के लिए मामले को 8 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा को कोई राहत न देते हुए निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कपिल मिश्रा के वकील ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई को रोकने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR CrPc में दिए गए नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना दर्ज की गई थी। उनके वकील ने यह भी कहा कि ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर किया गया पोस्ट किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से नहीं किया गया था। सोशल मीडिया पोस्ट में किसी भी धर्म या धार्मिक समुदाय का जिक्र नहीं था। इसके अलावा, पोस्ट में CAA प्रदर्शन को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की गई थी।

दिल्ली : रोहिणी इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़, दो बदमाशों के पैर में लगी गोली

नई दिल्ली दिल्ली के रोहिणी के बेगमपुर इलाके में बुधवार देर रात दिल्ली पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश कार में सवार होकर इलाके में आने वाले हैं. इस इनपुट के आधार पर जिला पुलिस ने ट्रैप लगाया और बदमाशों को रोकने की कोशिश की. बदमाशों ने की फायरिंग जैसे ही पुलिस ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, उन्होंने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें कई राउंड गोलियां चलीं. इस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरे को भी हिरासत में ले लिया गया.  घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गोविंद: 70 से ज्यादा मामले दर्ज पकड़े गए बदमाशों में से एक का नाम गोविंद है, जिसके खिलाफ 70 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह अपराधी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और कई संगीन वारदातों में शामिल रहा है. पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. दूसरा बदमाश: 16 अपराधों का आरोपी दूसरे गिरफ्तार बदमाश के खिलाफ 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन तीनों अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें लूट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं. पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुट गई है.  

क्या है CCTV और 7 करोड़ की रिश्वत वाला केस, सत्येंद्र जैन पर एक और मुसीबत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे सत्येंद्र जैन की मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं। वरिष्ठ ‘आप’ नेता के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हो गया है। दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 571 करोड़ रुपए के सीसीटीवी प्रॉजेक्ट में कथित धांधली से जुड़े मामले में जैन पर 7 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली सरकार ने सभी 70 विधानसभा सीटों में कुल 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए 571 करोड़ के प्रॉजेक्ट को मंजूरी दी थी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को इसका ठेका दिया गया था। लेकिन सीसीटीवी इंस्टॉल करने में देरी की वजह से कंपनी पर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने 7 करोड़ रुपए की रिश्वत लेकर यह जुर्माना माफ कर दिया। एसीबी के जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा की ओर से बताया गया कि आरोप सबसे पहले एक न्यूज आर्टिकल से सामने आया था जिसमें बताया गया था कि प्रॉजेक्ट के नोडल ऑफिसर सत्येंद्र जैन को देने के लिए 7 करोड़ रिश्वत की व्यवस्था की गई थी। एसीबी ने इसके सत्यापन के लिए बीईएल के एक अधिकारी से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने आरोपों का समर्थन करते हुए इस मामले में विस्तृत शिकायत भी दी। 23 अगस्त 2019 को मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सीसीटीवी कैमरा लगाने में हुई देरी को लेकर तबकी दिल्ली सरकार ने बीईएल पर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। हालांकि, शिकायत के मुताबिक, ना सिर्फ 16 करोड़ रुपए माफ किए गए, बल्कि 1.4 लाख और कैमरे लगवाने के लिए बीईएल से ही समझौता किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि 7 करोड़ की रिश्वत उसी ठेकेदार के जरिए दी गई जिसे 1.4 लाख अतिरिक्त कैमरे लगाने का ठेका मिला। एसीबी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने कहा कि पूरे प्रॉजेक्ट को घटिया तरीके से अंजाम दिया गया और पीडब्ल्यूडी को सौंपे जाने के वक्त ही बहुत से कैमरे खराब हो चुके थे। एसीबी ने कहा है कि केस चलाने के लिए मंजूरी पहले ही ली जा चुकी है।

दिल्ली में अगले महीने से चलेगी 1200 ई-बसें, महिलाओं को मिलेगी मुफ्त यात्रा

नई दिल्ली दिल्ली की सड़कों पर DTC बसों में प्रतिदिन लाखों यात्री यात्रा करते हैं. पहले से ही बसों की कमी से जूझ रही दिल्ली में अब यह जानकारी मिली है कि अप्रैल में 5000 पुरानी बसों को हटाया जाएगा. ये बसें अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुकी हैं, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है. पूर्व सरकार ने नई DTC बसों का संचालन नहीं किया, जिससे दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इस स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक बसों के आगमन की तैयारी शुरू कर दी है. परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, अप्रैल में दिल्ली को 1200 नई इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी. परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि हमने वेंडर्स के साथ चर्चा की है और यह सुनिश्चित किया है कि बसों की कमी नहीं होगी. मेक इन इंडिया की शर्तों के कारण कुछ समस्याएं उत्पन्न हुई थीं, जिससे आपूर्ति में विलंब हुआ. अब, बसों की आपूर्ति शीघ्र ही प्रारंभ होने वाली है. जल्द ही प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. परिवहन मंत्री ने जानकारी दी कि एक अप्रैल से हर सप्ताह बसों की आपूर्ति होगी, जिससे पूरे महीने में 1200 बसें उपलब्ध होंगी. इन बसों की जांच प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें शीघ्रता से सड़कों पर उतारा जाएगा. सड़कों से हटाई जाने वाली बसों में लगभग दो हजार से अधिक क्लस्टर और लगभग तीन हजार डीटीसी की बसें शामिल हैं. उन्होंने जानकारी दी कि सभी इलेक्ट्रिक बसें मेक इन इंडिया योजना के तहत निर्मित हैं. मेक इन इंडिया की आवश्यकताओं के चलते बसों की समय पर उपलब्धता में कुछ समस्याएँ उत्पन्न हुई थीं, जिससे आपूर्ति में विलंब हुआ. हालांकि, अब इस समस्या का समाधान कर लिया गया है. अप्रैल में 1200 बसों की आपूर्ति की जाएगी और इन बसों की जांच प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करके इन्हें सड़कों पर उतारने की योजना है. 2000 क्लस्टर बसें और 3 हजार DTC की मियाद पूरी दिल्ली की सड़कों से हटाई जाने वाली बसों में लगभग दो हजार क्लस्टर बसें और लगभग तीन हजार डीटीसी बसें शामिल हैं. सभी हटाई जाने वाली बसें अपनी निर्धारित उम्र पूरी कर चुकी हैं. अब इनकी जगह नई बसों को लाने की योजना बनाई जा रही है. महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा रहेगी जारी महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना पहले की तरह जारी रहेगी, ऐसा उन्होंने कहा. अगले वित्त वर्ष में डीटीसी को लाभ में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को सूचित किया कि अप्रैल से डीटीसी के बेड़े में 9 मीटर और 12 मीटर लंबी नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी. विशेष रूप से, 9 मीटर लंबी छोटी बसों का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों और संकरी सड़कों वाले इलाकों में किया जाएगा, जिससे लोगों को अपने घर के निकट बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी. मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बसें अपने निर्धारित रूट का पालन करें और बीच में संचालन को न रोका जाए.

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अगले कुछ दिनों में बारिश के आसार

नई दिल्ली दिल्ली में अब दिनभर की तेज धूप के कारण तापमान में वृद्धि की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में दो डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है. मंगलवार को दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया. मंगलवार सुबह से दिल्ली के अधिकांश क्षेत्रों में तेज धूप रही, लेकिन उत्तर पश्चिमी दिशा से आने वाली हवा के कारण अधिकतम तापमान में तेजी से वृद्धि नहीं हुई. सफदरजंग में मंगलवार को अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम है. वहीं, न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.9 डिग्री नीचे है. मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में वृद्धि की संभावना है. अनुमान है कि राजधानी का तापमान गुरुवार तक 6-7 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है, और कुछ क्षेत्रों में यह 38 डिग्री तक पहुंच सकता है. सप्ताहांत में हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है. शनिवार को 3 साल बाद साफ हवा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 130 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है. इससे पहले, शनिवार को एक्यूआई 85 तक गिर गया था, जिससे पिछले तीन वर्षों में एक जनवरी से 15 मार्च के बीच किसी भी दिन की तुलना में यहां की हवा सबसे स्वच्छ रही. अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को मौसम में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा और आसमान साफ रहेगा, जिससे लोगों को तेज धूप का सामना करना पड़ सकता है. गुरुवार और शुक्रवार को हल्के बादल दिखाई देंगे, जबकि शनिवार को मौसम में बदलाव आ सकता है और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है. इसके बाद रविवार, सोमवार और मंगलवार को फिर से आसमान साफ रहेगा, जिससे तापमान में वृद्धि होने की संभावना है.

डीटीसी की उन सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों में ये रेस्टोरेंट खोले जाएंगे, अब पुरानी बसों में खाने का लुत्फ

नई दिल्ली आपने कई जगहों पर ट्रेन और प्लेन थीम वाले रेस्टोरेंट देखे होंगे। अब दिल्ली में नई सरकार बनते ही दिल्ली की पुरानी बसों का इस्तेमाल करके रेस्टोरेंट बनाए जाने जा रहे हैं। इस अभियान को चलाने के पीछे दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य यमुना के किनारों को साफ रखना है। इसके साथ ही दिल्ली में यमुना किनारे जगह-जगह ‘बस रेस्टोरेंट’ खोले जाएंगे। इस महत्वपूर्ण योजना को मूर्त रूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने काम भी शुरू कर दिया है। ‘एक पंथ दो काज’ डीडीए के उद्यान विभाग की यह योजना ‘एक पंथ दो काज’ से जुड़ी है। विभाग की ओर से जारी रिक्वेस्ट ऑफ इंफॉर्मेशन (आरएफआई) के मुताबिक, डीटीसी की उन सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों में ये रेस्टोरेंट खोले जाएंगे, जो अपनी लाइफ पूरी कर चुकी हैं। मतलब एक तरफ ये रेस्टोरेंट अपने आप में आकर्षण का केंद्र होंगे तो दूसरी तरफ डीटीसी की पुरानी बसों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहला रेस्टोरेंट कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास स्थित यमुना वाटिका में खोलने की तैयारी है। डीडीए इसके लिए एजेंसी फाइनल करने में जुटा है। बस के पावर सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि बस के इंटीरियर को फिर से डिजाइन किया जाएगा, ताकि किचन के उपकरण, स्टोरेज और बैठने की जगह के लिए जगह बनाई जा सके। बस में कुछ संरचनात्मक बदलाव भी किए जाएंगे, जैसे फ्लोरिंग, दीवारें और छत, खिड़कियां और गेट बदले जाएंगे। बस के बाहरी लुक में भी बदलाव किए जाएंगे। बस के किचन में प्रोफेशनल किचन स्टोव, रेफ्रिजरेटर, स्टोरेज, सिंक, काउंटर टॉप शामिल होंगे। सभी बेहतर क्वालिटी के होंगे। बस के पावर सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा। टेंडर से पहले आरएफआई के जरिए हर पहलू पर चर्चा होगी डीडीए के मुताबिक टेंडर देने से पहले आरएफआई के जरिए यह भी जानने की कोशिश है कि डीटीसी की सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों को किचन में बदलने की कितनी संभावनाएं हैं। इस काम में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, कितना खर्च आएगा, किस तरह के सामान की जरूरत होगी, कितने समय में एक बस को किचन में बदला जा सकता है और सीएनजी बसों में किचन शुरू करना किस हद तक सुरक्षित रहेगा? रेस्टोरेंट में टाटा मार्कोपोलो मॉडल का होगा इस्तेमाल डीडीए अधिकारियों के मुताबिक जिस बस को रेस्टोरेंट में बदलने की योजना बनाई जा रही है, वह टाटा मार्कोपोलो मॉडल की एसी सीएनजी लो फ्लोर बस है। यह 2010 का मॉडल है। बस में 36 पैसेंजर सीट, इंजन और सभी इंटीरियर हैं। इलेक्ट्रिक फिटिंग भी है। बस की लाइफ खत्म हो चुकी है।

दिल्ली में, मैंने कई कीवी-हिंदुओं के लिए पवित्र स्थान – बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में नमन किया

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 16-20 मार्च तक भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के तीसरे दिन मंगलवार को नई दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। लक्सन ने एक्स पर लिखा, “न्यूजीलैंड के हिंदू समुदाय ने हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। आज दिल्ली में, मैंने कई कीवी-हिंदुओं के लिए पवित्र स्थान – बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में नमन किया।” सोमवार शाम को न्यूजीलैंड के नेता ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय चर्चा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राजधानी में गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब का दौरा किया। लक्सन ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैंने गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब का दौरा किया, जो गहरी आस्था और इतिहास का स्थान है। सेवा और मानवता के प्रति सिख समुदाय की अटूट प्रतिबद्धता सराहनीय है।” मंगलवार शाम को दिल्ली की अपनी यात्रा समाप्त कर मुंबई के लिए रवाना होने से पहले न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट जाने का भी समय निकाला। सोमवार को लक्सन और कीवी प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री के भारत से गहरे लगाव का जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम सबने देखा कि कैसे कुछ दिन पहले उन्होंने ऑकलैंड में होली का त्यौहार मनाया! न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के प्रति प्रधानमंत्री लक्सन का स्नेह इस बात से भी देखा जा सकता है कि उनके साथ एक बड़ा सामुदायिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।” दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों पर गहन चर्चा की और रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत एवं संस्थागत बनाने का निर्णय लिया। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय चर्चा के बाद जारी भारत-न्यूजीलैंड संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, “प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर संतोष व्यक्त किया।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- दिल्ली की जनता ने जो जिम्मेदारी हम सबको दी है, यह हम सबके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में सकारात्मक संवाद और विकास की प्रतिबद्धता देखने को मिली। पक्ष और विपक्ष, दोनों ने मिलकर दिल्ली की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार किया और शहर के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की जनता ने जो जिम्मेदारी हम सबको दी है, दिल्ली की जनता का दिल जीतकर हम सब लोग इस सदन के अंदर पहुंचे हैं, यह हम सबके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का एहसास है कि हमारा एक ही लक्ष्य है दिल्ली की प्रगति, दिल्ली का विकास, दिल्ली की समृद्धि। सीएम ने कहा कि हमारा पांच साल का पूरा सत्र इसी प्रकार से मुद्दों पर चर्चा करते हुए चले, ताकि दिल्ली के हित में काम हो सके। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इसमें हम सबका एक ही लक्ष्य है- दिल्ली के लिए काम करना।” दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि इस सदन में बैठना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को विजेंद्र गुप्ता ने याद दिलाया है। लाला लाजपत राय, मदन मोहन मालवीय, विठ्ठलभाई पटेल और पूर्व पीएम नेहरू सदन में बैठ चुके हैं। जब हमारे देश में महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला था, तो कई व‍िकस‍ित देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था। यह ताकत संविधान के कारण मिली, बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने वो ताकत दी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी इस अवसर पर सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह भवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम का साक्षी रहा है और आज यह लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का मंच है। उन्होंने कहा, “दिल्ली को मिनी भारत कहा जाता है। हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम जनता की अपेक्षाओं को पूरा करें और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करें, ताकि देश में एक सकारात्मक संदेश जाए।” उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा की कार्रवाई केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

अपने विभागों से संबंधित विकास कार्यों के लिए 100 दिनों की योजना बनाई: मंत्री प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली दिल्ली के पीडब्ल्यूडी और जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधायकों के साथ बैठक कर अपने विभागों से संबंधित विकास कार्यों के लिए 100 दिनों की योजना बनाई। दिल्ली की नई भाजपा सरकार के एजेंडे में सड़कों और नालों की मरम्मत, सीवर की सफाई और जल निकासी प्रबंधन, बाढ़ और जलभराव की समस्या, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और लंबित विकास परियोजनाओं में तेजी लाना शामिल है। वर्मा ने कहा, “सालों से दिल्ली में कोई काम नहीं हुआ क्योंकि कोई इरादा नहीं था। स्थिति अब इतनी खराब हो गई है कि हमें लोगों को राहत देने के लिए युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है। सड़कों की मरम्मत, सीवरों की सफाई और नालियों को साफ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। हमारी प्राथमिकता विकास है और अगले 100 दिनों में दिल्ली के लोगों को बदलाव दिखेगा। हम अधिक से अधिक इलाकों की समस्याओं को दूर करने का हर संभव प्रयास करेंगे। भाजपा सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, हम लोगों की सेवा के लिए काम करते हैं।” दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में शकूर बस्ती, त्रिलोकपुरी, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, मुंडका, नांगलोई जाट, मोती नगर, मादीपुर (पश्चिम क्षेत्र), मंगलापुरी और किराड़ी के विधायक शामिल हुए। बैठक में पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी मौजूद थे। प्रवेश वर्मा ने एचटी को बताया कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए विधायकों और संबंधित अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठक करने का फैसला लिया गया है। वर्मा ने कहा कि अब हर विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को सीधे अधिकारियों के सामने रख रहा है और संबंधित विभागों को समाधान के लिए तत्काल निर्देश दिए जा रहे हैं। भाजपा सरकार दिल्लीवासियों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर काम करेगी। इस पहल का असर अगले 100 दिनों में जमीनी स्तर पर दिखाई देगा।

दिल्ली में एक बार फिर बड़ी लूट की घटना, चांदनी चौक में एक बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया

नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर लूट की बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है। चांदनी चौक में एक ‘टोपीवाला’ वाला बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है। पुलिस पीड़ित शख्स से भी पूछताछ कर रही है। घटना सोमवार 17 मार्च की है। शाम करीब 6.15 बजे हवेली हैदर कुली चांदनी चौक में आर के गुजराती आंगड़िया के कर्मचारी से नकदी से भरा बैग लूट लिया गया। काले रंग के बैग में 80 लाख रुपए थे। लूट के वक्त बदमाश ने चार राउंड फायरिंग भी की। पूरी घटना एक सीसीटीवी में कैद हो गई है। 48 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि पीड़ित कर्मचारी एक काले रंग के बैग को पीठ पर लादे हुए पैदल चला जा रहा है। कुछ दुकानें बंद हैं तो कुछ खुली है। बाजार में दुकानों पर कुछ लोग भी मौजूद हैं। इस बीच कर्मचारी के पीछे एक शख्स टोपी पहने और मास्क लगाए हुए आ रहा है। उसके हाथ में पिस्टल है और गली में पीछे-पीछे आ रहा है। वह अचानक बैग वाले शख्स को दबोच लेता है और बंदूक दिखाकर बैग छीन लेता है। वह चार राउंड फायरिंग भी करता है। इसके बाद वह भाग निकलता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरे की तलाश शुरू कर दी है।

दिल्ली पुलिस में पहली बार परीक्षा से नियुक्त होगा SHO, 15 पदों के लिए 122 आवेदन

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस पहली बार एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) की नियुक्ति के लिए योग्यता आधारित परीक्षा शुरू करने जा रही है। अब तक एसएचओ की नियुक्ति वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर होती थी, लेकिन इस नई प्रणाली का उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। इस पहल के रूप में दिल्ली पुलिस विशेष रूप से साइबर थानों के लिए एक परीक्षा आयोजित कर रही है, जो राजधानी में डिजिटल अपराधों से निपटने में सबसे आगे रहे हैं। कुल 122 पुलिस इंस्पेक्टरों ने सिर्फ 15 उपलब्ध साइबर एसएचओ पदों के लिए आवेदन किया है, जिससे यह एक बेहद प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया बन गई है। यह परीक्षा 18 मार्च को वजीराबाद में दिल्ली पुलिस एकेडमी में होने वाली है। साइबर खतरों के बढ़ने के साथ दिल्ली पुलिस डिजिटल क्राइम के खिलाफ अपनी लड़ाई का नेतृत्व करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अफसरोंं की तलाश कर रही है। इस परीक्षा के माध्यम से चुने गए अफसरों को साइबर क्राइम जांच, डिजिटल फोरेंसिक और साइबर सुरक्षा प्रवर्तन का प्रबंधन सौंपा जाएगा। पश्चिमी दिल्ली के एक इंस्पेक्टर ने कहा, “प्रतियोगिता कठिन है – केवल 15 ही सफल होंगे।” उन्होंने कहा, “रोजाना पुलिस ड्यूटी और परीक्षा की तैयारी के बीच संतुलन बनाना थका देने वाला है, लेकिन हम इस भूमिका के महत्व को जानते हैं।” इस परीक्षा में उम्मीदवारों को व्यापक सिलेबस पर परखा जाएगा, जिसमें महत्वपूर्ण कानून और पुलिसिंग अधिनियम शामिल हैं, जिनमें – भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय साक्ष्य एक्ट (बीएसए), साइबर अपराध और आईटी कौशल, एनडीपीएस एक्ट, पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, आर्म्स एक्ट, दिल्ली पुलिस एक्ट, दिल्ली आबकारी एक्ट, कंपनी एक्ट, आदि शामिल हैं। मल्टिपल चॉइस और डिस्क्रिप्टिव प्रश्नों का संयोजन उम्मीदवारों को कानूनी ज्ञान, जांच कौशल और निर्णय लेने की चुनौती देगा। इस कदम को दिल्ली पुलिस के लिए एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। सीनियर अफसरों का मानना ​​है कि योग्यता आधारित यह प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि केवल सबसे योग्य अधिकारियों को ही नेतृत्व की भूमिका दी जाए। नाम न बताने की शर्त पर एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “इस कदम से इन्वेस्टिगेशन स्किल में सुधार के साथ पुलिसिंग के मानकों में भी सुधार होगा।” उन्होंने कहा, “यह एसएचओ की नियुक्ति का एक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी तरीका है – जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी।” परीक्षा की डेट तेजी से पास आ रही है, ऐसे में दिल्लीभर के पुलिस थानों में उत्सुकता और आखिरी समय में होने वाले बदलावों की भरमार है। इंस्पेक्टर रात-रात भर जागकर चाय की चुस्की ले रहे हैं और सहकर्मियों के साथ रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। रोहिणी के एक इंस्पेक्टर ने कहा कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है – अब सब कुछ भगवान के हाथ में है। बता दें कि, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार भविष्य में सभी पुलिस थानों में एसएचओ की नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रही है। दिल्ली पुलिस इस ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ रही है, ऐसे में सभी की निगाहें 18 मार्च पर टिकी हैं। क्या यह परीक्षा भविष्य में एसएचओ की नियुक्तियों के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी? यह तो समय ही बताएगा।

बिलासपुर क्षेत्र में अलग-अलग सड़क हादसे में महिला समेत दो लोगों की मौत, जांच जारी

नई दिल्ली दिल्ली के हाईवे बिलासपुर क्षेत्र में अलग-अलग सड़क हादसे में महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। दोनों को अलग-अलग बस ने टक्कर मारी। थाना बिलासपुर पुलिस ने दोनों मामले दर्ज किए है। दिल्ली के आजादपुर के लाल बाग निवासी नसीम आलम ने थाना बिलासपुर में शिकायत दी कि वह सिलाई का काम करता है। यूपी के देवरिया के गांव लार निवासी उसकी भांजी हसीना खातुन गांव पथरेड़ी की एक डिलीवरी कंपनी में काम करती थी। बिलासपुर खुर्द में बालाजी होटल के समीप किराये के कमरे में रहती थी। उसने बताया कि वह भांजी को लेकर दिल्ली जा रहा था। बिलासपुर चौक पर दिल्ली की तरफ से आ रही बस ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसकी भांजी को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। बस चालक बस को छोड़कर मौके से भाग निकला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, वाराणसी के गांव मरुई के निवासी मनोज कुमार ने थाना बिलासपुर में शिकायत दी है कि वह गांव पथरेड़ी में रहता है। फ्लिपकार्ट कंपनी में नौकरी करता है। वह अपने दोस्त गांव पथरेड़ी निवासी रिंकू कुमार के साथ कमरे पर जा रहा था। आरोप है कि जिंदल कंपनी के समीप बस चालक ने लापरवाही से बस चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। उससे रिंकू और वह घायल हो गए। लोगों ने उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां डॉक्टरों ने रिंकू को मृत घोषित कर दिया। सड़क दुर्घटना में उसका हाथ टूट गया। बस चालक मौके से भाग गया।  

अब दिल्ली की सड़कें होंगी धूल मुक्त, दिए निर्देश, सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कई ठोस कदम उठाए जा रहे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। डिवाइडर पर लगाए जाएंगे पेड़ अभियान के तहत पूरे रिंग रोड को धूल मुक्त बनाने, सड़क किनारे डिवाइडर पर पेड़ लगाने और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है। सरकार ने विभिन्न उपायों की समीक्षा की है और सभी संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्ययोजना के बारे में सीएम ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वैज्ञानिक और टिकाऊ उपायों के माध्यम से वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़कों के किनारे हरित पट्टी विकसित करके, आधुनिक तकनीकों से धूल को नियंत्रित करके और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करके दिल्ली के लोगों को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित भविष्य देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदूषण सोखने वाले पौधे लगाए जाएंगे इस दिशा में सरकार ने एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए और अन्य संबंधित सड़क स्वामित्व एजेंसियों को सड़क के किनारे और डिवाइडर पर पेड़ लगाने के निर्देश दिए हैं। सड़क के किनारे विशेष प्रदूषण सोखने वाले पौधे लगाए जाएंगे, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। रेखा गुप्ता ने आगे बताया कि दिल्ली में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पूरे रिंग रोड को धूल मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए रिंग रोड पर नियमित रूप से मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग की जाएगी। सड़क किनारे धूल जमने से रोकने के लिए स्प्रिंकलर और ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण प्रबंधन को सख्ती से लागू किया जाएगा। पीयूसीसी के गहन निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं। मिलेगा जाम से छुटकारा सीएम ने कहा कि दिल्ली में जाम की समस्या के समाधान के लिए 250 प्रमुख सड़कों की पहचान की गई है। सभी संबंधित विभागों को ट्रैफिक पुलिस की मदद से जाम के कारणों का निदान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को और अधिक कुशल बनाने के लिए डीटीसी बसों के रूट रेशनलाइजेशन प्लान पर भी काम किया जाएगा। सार्वजनिक बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सड़कों के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित करने, यातायात सुधार और सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुचारू बनाने से राजधानी की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आएगा।

दिल्ली-NCR में गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना

नई दिल्ली दिल्ली-NCR में शुक्रवार को होली के अवसर पर मौसम में परिवर्तन देखा गया. सुबह की चिलचिलाती गर्मी के बाद शाम को आसमान में बादल छा गए. कई क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबंदी हुई, जिसने मौसम को खुशनुमा बना दिया. मौसम विभाग ने शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें गरज के साथ बहुत हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि दिल्ली और एनसीआर में बारिश की संभावना बनी हुई है. आज भी हल्की बारिश की उम्मीद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शाम और रात के समय हल्की बारिश, बिजली चमकने और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, और 17 मार्च तक हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी. आईएमडी ने शनिवार को बादलों के छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. विभाग के अनुसार, अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 34 डिग्री सेल्सियस और 17 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. शुक्रवार रहा सबसे गर्म दिन मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में इस वर्ष का सबसे गर्म दिन देखा गया, जब अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 7.3 डिग्री अधिक है. इससे पहले, 11 मार्च को इस वर्ष का उच्चतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शाम चार बजे के आसपास दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 193 रहा, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है. आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. कई क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी. रविवार और सोमवार को भी बादल बने रहेंगे और बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी. मंगलवार से मौसम में बदलाव आएगा, जिससे तेज धूप लोगों को असुविधा पहुंचा सकती है. बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद है.

एक झटके में माफ हो जाएंगे हजारों के ट्रैफिक चालान, यहाँ से करें रजिस्ट्रेशन

दिल्ली ट्रैफिक नियमों के पालन न करने पर काटे गए पेंडिंग चालान अगर आपके भी कलेजे को चुभ रहे हैं और आप भी इनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. जी हां, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस हफ्ते शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करने जा रही है. दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण की मदद से दिल्ली की 7 जिला अदालतों में लोक अदालतें लगेंगी, जिसमें आप अपने चालान को आसानी से माफ करवा पाएंगे. ये अदालत कोर्ट में काफी वक्त से पेंडिंग चल रहे चालानों के निपटारे के लिए लगाई जा रही है. इस तरह माफ होंगे चालान इसके लिए आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से पेंडिंग चालान की स्लिप डाउनलोड करनी होगी. कोर्ट केवल इसी स्लिप के आधार पर आपके चालान पर फैसला सुना पाएगा. इस स्लिप के ना होने पर आप इस अदालत का फायदा नहीं उठा पाएंगे. अगर आपका चालान 1000 रुपये का है, तो आप कोर्ट से माफी मांग सकते हैं और नरम रुख अपनाने की अपील कर सकते हैं. कोर्ट अपने विवेक से चालान 500 रुपये या 200 रुपये कर सकती है. आपका चालान पूरा भी माफ हो सकता है. हालांकि, यह पूरी तरह से जज के विवेक पर निर्भर करता है. इवनिंग कोर्ट नियमित कोर्ट की तरह काम करती है, जिसमें महीने के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई जाती है. यहां लगेंगी अदालतें ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक इस लोक अदालत में कुल 1 लाख 80 हजार के पेंडिंग चालानों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है. चालान स्लिप डाउनलोड करने के लिए आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat पर जाना होगा. आपको बता दें कि यह अदालत दिल्ली की रोहिणी, साकेत, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, द्वारका, तीस हजारी और राउज एवेन्यू कोर्ट में लगेगी. इनमें केवल उन्हीं चालान वाले मामलों का निपटारा होगा जो 30 नवंबर 2024 तक वर्चुअल कोर्ट में पेंडिंग थे. लोक अदालत का समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होगा.

दिल्ली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी, जल्द मिलेंगे आयुष्मान कार्ड

नई दिल्ली राजधानी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 18 मार्च को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होगा।इसके साथ ही दिल्ली में यह योजना लागू हो जाएगी और लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड जारी करने का काम शुरू हो जाएगा। इसके दायरे में आएंगे साढ़े छह लाख परिवार बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार ही अभी गरीब लोगों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। ऐसे में दिल्ली में अभी करीब साढ़े छह लाख परिवार इसके दायरे में आएंगे। इन सभी को मिलेगा लाभ इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्करों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पीएमजेएवाई के तहत पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज का प्राविधान है। सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा इसके अलावा पांच साल रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी। इस तरह लाभार्थियों को दस लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज मिल सकेगा। इससे गरीब व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को बड़ी राहत मिल सकेगी। उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। निजी अस्पतालों में वे आसानी से इलाज करा सकेंगे। किन्नरों को भी मिलना चाहिए महिला सम्मान योजना का लाभ : ओपी शर्मा पूर्वी दिल्ली में विश्वास नगर से भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने कहा कि महिला सम्मान योजना का लाभ दिल्ली के किन्नरों को भी मिलना चाहिए। यह समाज का उपक्षित वर्ग है। यह योजना महिलाओं से ज्यादा किन्नरों के लिए जरूरी होनी चाहिए। विधायक ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को पत्र लिखा है। विधायक ने कहा कि किन्नर लोगों के सामने हाथ फैलाकर मांगते हैं, जिससे वह अपना गुजर बसर करते हैं। उनके उत्थान के लिए कोई सरकारी योजनाएं नहीं है। दिल्ली में 27 वर्ष बाद भाजपा की सरकार आई है। सरकार महिलाओं को सम्मान राशि दे रही है, उस योजना पर किन्नरों का भी हक बनता है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आशा किरण शेल्टर होम पहुंचकर बच्चों को गुलाल लगाया और उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम पहुंचीं। सीएम ने शेल्टर होम में खास बच्चों के साथ होली मनाई। इस दौरान उन्होंने बच्चों को गुलाल लगाया और उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “आज मैंने आशा किरण के बच्चों के साथ होली मनाई और यह बहुत अच्छा अनुभव रहा। बच्चे बहुत खुश नजर आए।” मुख्यमंत्री ने शेल्टर होम की सुविधाओं और बच्चों की रहने की व्यवस्था का जायजा भी लिया। सीएम ने कहा, “मैं यह समझना चाहती थी कि बच्चे यहां कैसे रह रहे हैं और व्यवस्था में क्या कमियां हैं। मैंने कुछ सुधारों की आवश्यकता महसूस की है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द इन मुद्दों का समाधान करें।” रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि वह भविष्य में बिना पूर्व सूचना के भी निरीक्षण करेंगी, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष देखभाल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पार्क की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को शेल्टर होम की क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी दिए ताकि अधिक जरूरतमंद बच्चों को यहां आश्रय मिल सके। दिल्लीवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, “मैं सभी दिल्लीवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह पर्व खुशियों और रंगों का है, लेकिन हमें इसे जिम्मेदारी से मनाना चाहिए। पानी की बर्बादी न करें और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें। दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।” इसके साथ ही, उन्होंने अपने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “होलिका दहन के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हम सभी को सत्य, धर्म और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने कहा कि इस अवसर पर नकारात्मकता, अहंकार और वैमनस्य को जलाकर प्रेम, सद्भावना और नए उत्साह के साथ जीवन में आगे बढ़ें।

डीएमआरसी ने 13 मार्च को यात्रियों को शाहदरा से सीलमपुर तक रेड लाइन पर सेवाओं में देरी की सूचना दी

नई दिल्ली दिल्ली की रेड लाइन मेट्रों पर सुबह से सेवाएं प्रभावित हैं। इसकी वजह है केबल चोरी की घटना। केबल चोरी की घटनाओं के कारण यात्रियों को बार-बार असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसपर डीएमआरसी ने खेद जताया है। डीएमआरसी बार-बार इस तरह की होने वाली समस्याओं को हल करने के लिए कानूनी मशीनरी के संपर्क में है। नॉन पीक आवर्स के दौरान प्रभावित खंड की मरम्मत करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, अगर ऐसा नहीं हो पाता है, तो आज रात यात्री सेवाएं समाप्त होने के बाद मरम्मत का काम शुरू होगा। डीएमआरसी ने एक्स पर दी सूचना डीएमआरसी ने 13 मार्च को यात्रियों को शाहदरा से सीलमपुर तक रेड लाइन पर सेवाओं में देरी की सूचना दी है। इसमें कहा गया है कि अन्य सभी लाइनों पर सेवाएं सामान्य हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डीएमआरसी ने बताया, ‘रेड लाइन अपडेट। शाहदरा से सीलमपुर तक सेवाओं में देरी। अन्य सभी लाइनों पर सेवा सामान्य है।’ होली पर बदला मेट्रो का समय दूसरी ओर, 11 मार्च को डीएमआरसी ने बताया कि होली के मौके पर 14 मार्च को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित दिल्ली मेट्रो की सभी लाइन पर दोपहर 2:30 बजे तक मेट्रो ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। डीएमआरसी ने कहा कि इसके बाद (दोपहर 2.30 बजे के बाद) सभी लाइन पर सामान्य सेवाएं शुरू होंगी। दिल्ली मेट्रो ने कहा, ‘होली त्योहार के दिन 14 मार्च को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन समेत सभी मेट्रो लाइन पर मेट्रो सेवाएं दोपहर 2:30 बजे तक उपलब्ध नहीं होंगी।’ डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं सभी लाइन पर टर्मिनल स्टेशन से दोपहर 2:30 बजे शुरू होंगी और इसके बाद सामान्य दिन की तरह जारी रहेंगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी फ्रीबीज कल्चर पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि इसके चलते लोग काम करने तैयार नहीं हो रहे

नई दिल्ली इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने फ्रीबीज यानी मुफ्त में चीजें बांटने के ट्रेंड की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि इस तरह से देश नहीं, बल्कि रोजगार के मौके तैयार करने से गरीबी दूर हो सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी फ्रीबीज कल्चर पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि इसके चलते लोग काम करने तैयार नहीं हो रहे हैं। मूर्ति ने बुधवार को कहा कि मुफ्त की चीजों से गरीबी दूर नहीं होगी, बल्कि यह नवोन्मेषी उद्यमियों के रोजगार तैयार से खत्म होगी। टाइकॉन मुंबई-2025 कार्यक्रम में मूर्ति ने उद्यमियों से अधिक कंपनियां और कारोबार बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर हम नवोन्मेषी उद्यम बनाने में सक्षम हैं, तो गरीबी धूप वाली सुबह में ओस की तरह ‘गायब’ हो जाएगी। मूर्ति ने उद्यमियों के समूह को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप में से प्रत्येक व्यक्ति सैकड़ों-हजारों नौकरियां पैदा करेगा और इसी तरह आप गरीबी की समस्या का समाधान करेंगे। आप मुफ्त उपहार देकर गरीबी की समस्या का समाधान नहीं कर सकते, कोई भी देश इसमें सफल नहीं हुआ है।’ इन्फोसिस के सह-संस्थापक का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मुफ्त में चीजें दिए जाने और उनकी लागत पर बहस छिड़ी हुई है। बाद में मूर्ति ने स्पष्ट किया कि उन्हें राजनीति या शासन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने नीतिगत ढांचे के नजरिये से कुछ सिफारिशें की हैं। उन्होंने कहा कि लाभ के बदले में स्थिति में सुधार का आकलन भी किया जाना चाहिए। प्रतिमाह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उदाहरण देते हुए मूर्ति ने कहा कि राज्य ऐसे घरों में छह महीने के अंत में सर्वेक्षण कर यह पता लगाया जा सकता कि बच्चे अधिक पढ़ रहे हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि इन दिनों बेचे जाने वाले अधिकांश AI समाधान ‘मूर्खतापूर्ण, पुराने कार्यक्रम’ हैं जिन्हें भविष्य के काम के रूप में प्रचारित किया जाता है। एआई में ‘मशीन लर्निंग’ और ‘डीप लर्निंग’ क्षमताएं शामिल हैं।

विदेशी महिला ने कैलाश नामक युवक की सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर दोस्ती की, दिल्ली बुलाकर किया गैंगरेप

नई दिल्ली दिल्ली के महिपालपुर में एक विदेशी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस घटना में एक शख्स और होटल कर्मचारी का नाम सामने आया है जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया। महिला ब्रिटिश मूल की है और यहां सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बनाकर पहुंची थी। पुलिस ने आरोपियों को अरेस्ट कर आगे की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इंग्लैंड की रहने वाली विदेशी महिला ने कैलाश नामक युवक की सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर दोस्ती की थी। आरोपी ने शराब पी रखी थी। इसी दौरान युवती ने आरोपी युवक को मिलने के लिए होटल बुलाया था। होटल में दोनों आरोपियों ने महिला से गंदी हरकत की। वसंत कुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने ब्रिटिश हाईकमीशन को घटना को लेकर सूचना दे दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी युवक वसुंधरा,मयूर विहार पूर्वी दिल्ली में रहता है। उसे रील बनाकर इंस्टग्राम पर डालने का शौक है। कुछ महीने पहले उसकी लंदन में रहने वाली युवती से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हो गई। कुछ दिन पहले युवती महाराष्ट्र व गोवा घूमने आई थी। वहां से उसने कैलाश को फोन किया और मिलने के लिए बुलाया। कैलाश ने वहां जाने में असमर्थता जताई और युवती को दिल्ली आने के लिए कहा। युवती मंगलवार शाम को दिल्ली आई जो महिपालपुर स्थित एक होटल में ठहरी थी। युवती के बुलाने पर कैलाश अपने दोस्त वसीम को लेकर होटल में पहुंच गया। वहां शराब पी और खाना खाया। उसके बाद बात करते-करते होटल के कमरे में चले गए। उसके बाद आरोपी ने युवती की मर्जी के बिना उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद युवती चिल्लाने और हंगामा करने लगी। कैलाश ने वसीम को कमरे में बुला कर युवती को समझाने व शांत करने की कोशिश की। जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवती रात को सो गई,मगर बुधवार सुबह वह खुद फोर्टिज अस्पताल पहुंच गई। उसने अस्पताल में अपनी मेडिकल जांच कराई। अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई। उसके बाद वसंतकुज,नार्थ थाना पुलिस ने दोपहर को कैलाश व उसके साथ वसीम को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।

इस महीने लागू होगा 8वां वेतन आयोग, 50 हजार रुपए से अधिक हो सकती है न्यूनतम बेसिक सैलरी

नई दिल्ली अगर सैलरी की बात करें तो 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बढ़ोतरी होगी। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार 1.92 से 2.08 के बीच फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है। केंद्र सरकार ने जनवरी माह में 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी थी। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनधारकों की पेंशन में बंपर इजाफा होगा। वहीं इस घोषणा के बाद से सरकारी कर्मचारी 8वां वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार करने लगे हैं। कितनी बढ़ेगी सैलरी? अगर सैलरी की बात करें तो 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बढ़ोतरी होगी। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार 1.92 से 2.08 के बीच फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर 2.86 को मंजूरी देगी। यदि फिटमेंट फैक्टर 2.08 तय होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी (Basic Salary) 18,000 रुपए से बढ़कर लगभग 37,440 रुपए हो सकती है। इसी तरह, पेंशन 9,000 रुपओ से बढ़कर 18,720 रुपए तक हो सकती है। वहीं, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक तय किया जाता है, तो सैलरी में करीब 186% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में न्यूनतम सैलरी 51,480 रुपये और पेंशन 25,740 रुपए तक बढ़ सकती है।   कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग पहले कहा जा रहा था सरकार 1 जनवरी, 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू कर सकती है। लेकिन कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि 8वां वेतन आयोग लागू करने में कुछ देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि अगर 8वां वेतन आयोग लागू होने में देरी होती है तो सरकार सभी कर्मचारियों को देरी की अवधि के बराबर एरियर यानि पूरे बकाए का भुगतान करेगी। हालांकि, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि 8वां वेतन आयोग लागू करने के लिए पर्याप्त समय है क्योंकि एक साल पहले ही इसकी घोषणा कर दी गई है। 

दिल्ली मेट्रो के एक स्टेशन पर सिर पर गुलाल लगाए हुए लड़की एक भोजपुरी के एक फूहड़ गाने पर नाजती दिख रही, गाना भी गंदा

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो के एक स्टेशन पर अचानक एक लड़की इस तरह डांस करने लगी कि लोग देखते रह गए। सिर पर गुलाल लगाए हुए लड़की एक भोजपुरी के एक फूहड़ गाने पर नाजती दिख रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। 22 सेकेंड का यह डांस वीडियो किस मेट्रो स्टेशन पर बनाया गया है यह साफ नहीं है। हालांकि, वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि यह ब्लू लाइन पर बनाया गया है। एक बोर्ड पर ‘द्वारका सेक्टर 21 की ओर’ लिखा हुआ दिख रहा है। प्लैटफॉर्म नंबर 2 पर अचानक यह लड़की आकर डांस करने लगती है, जिसके सिर पर गुलाल भी लगा दिख रहा है। सोशल मीडिया पर यह काफी वायरल हो रहा है। लोग तरह-तरह की टिप्पणी कर रहे हैं। कई लोगों ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से ऐक्शन की भी मांग की है। इससे पहले भी दिल्ली मेट्रो और इसके स्टेशन पर बनाए गए कई रील्स वायरल हो चुके हैं, जबकि यहां कैमरों के इस्तेमाल की मनाही है। लेकिन अक्सर लोग मेट्रो के भीतर और स्टेशन पर नाचते हुए रील बनाते हैं।

क्या रूस का SU-35 पिला देगा पानी?, F-16 के नाम पर मिला धोखा!, हवाई हमले में क्यों नहीं उतार रहा यूक्रेन

नई दिल्ली अमेरिका और यूरोपीय देशों से यूक्रेन को मिले एफ- 16 लड़ाकू विमान युद्ध के मैदान में रूस के सु-35 के सामने कहीं नहीं टिकते हैं। यही वजह है कि यूक्रेन एफ-16 विमानों को सीधे लड़ाई में नहीं उतार रहा है। वह इन विमानों का इस्तेमाल हवाई सुरक्षा में कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप से तीखी बहस के बाद अमेरिका ने एफ-16 विमानों के रडार सिस्टम को निलंबित कर दिया है। यूक्रेन को मिले अब तक 20 एफ-16 लड़ाकू विमान यूक्रेनी वायुसेना कमान के संचार विभाग के प्रमुख कर्नल यूरी इहनात का मानना है कि यूक्रेन के पास जो विमान है, उन्हें हवाई लड़ाई में शामिल नहीं किया जा सकता है। एकीकृत वायु रक्षा के बिना एफ- 16 विमान रूस के सामने टिकने वाले नहीं हैं। यूक्रेन को डेनमार्क, नीदरलैंड और अमेरिका से अभी तक 20 एफ-16 विमान मिल चुके हैं। इनमें से एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। काफी पुराने हैं लड़ाकू विमान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन को मिले एफ-16 विमान काफी पुराने हैं। ये 1980 और 1990 के दशक हैं। कुछ लड़ाकू विमानों को अपग्रेड किया गया है। मगर यह शुरुआती C/D मॉडल या F-16A/B हैं। यह लड़ाकू विमान APG-66 और APG-68 जैसे पुराने रडार सिस्टम से लैस है। युद्ध क्षेत्र में ये एफ-16 विमान AIM-9 साइडवाइंडर्स और AIM-120 AMRAAMs जैसी मिसाइलों के पुराने संस्करण ही ले जाने में सक्षम है।

होली के त्यौहार के दिन दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर दोपहर 2:30 बजे तक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी

नई दिल्ली होली के दिन दोपहर 2:30 बजे से मेट्रो ट्रेन सेवाएं शुरू होंगी। होली के त्यौहार के दिन यानी 14 मार्च को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर दोपहर 2:30 बजे तक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। इस प्रकार 14 मार्च को सभी लाइनों पर टर्मिनल स्टेशनों से मेट्रो ट्रेन सेवाएं दोपहर 2:30 बजे शुरू होंगी और उसके बाद सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

2027 तक 95% वाहनों को इलेक्ट्रिक करने का टारगेट, पेट्रोल-डीजल गाड़ियां होंगी बंद?, दिल्ली में लॉन्च हुई EV पॉलिसी 2.0

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 (Delhi EV policy 2.0) के प्रमुख बिंदुओं की घोषणा कर दी है। इस नई पॉलिसी के तहत 2027 तक दिल्ली में 95% न्यू व्हीकल रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने और देश में EV लीडरशिप को मजबूत करने के लिए यह नीति तैयार की गई है। दिल्ली EV पॉलिसी पहली बार 2020 में पेश की गई थी, जो 2024 में समाप्त हो गई थी। इसे कई बार बढ़ाया गया, लेकिन अब यह नई पॉलिसी पुराने ढांचे की जगह लेगी। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। CNG से इलेक्ट्रिक में बदलाव सभी CNG ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और लाइट कॉमर्शियल व्हीकल (LCV) को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा। सभी बसें भी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी। खरीदारी पर विशेष प्रोत्साहन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, LCV और ट्रकों की खरीद पर इंसेंटिव मिलेगा। स्क्रैपिंग और रेट्रोफिटिंग इंसेंटिव भी मिलेगा, ताकि लोग पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से EV की तरफ शिफ्ट हों। फ्लीट और कॉमर्शियल ट्रांसपोर्ट का इलेक्ट्रिफिकेशन कैब, डिलीवरी सर्विस और अन्य कॉमर्शियल वाहनों को EV में बदला जाएगा। पॉलिसी में सख्त नियम और रेगुलेशन लाए जाएंगे, ताकि इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके। EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार दिल्ली में नए पब्लिक और प्राइवेट EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। नए बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स में EV चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होंगे। रिंग रोड और आउटर रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर फास्ट-चार्जिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। राज्य EV फंड का गठन: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन टैक्स, पॉल्यूशन सेस और एग्रीगेटर लाइसेंस फीस से एक विशेष फंड बनाया जाएगा। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट: EV सेल्स, सर्विसिंग, फाइनेंसिंग और बैटरी मैनेजमेंट में नई नौकरियां पैदा होंगी। दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) EV मैकेनिक और ड्राइवरों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएगी। दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 क्यों है खास? यह नीति न केवल वाहन मालिकों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ आकर्षित करेगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही EV सेक्टर में रोजगार बढ़ाने और इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने का यह एक बड़ा कदम है।

होर्डिंग लगाकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ FIR दर्ज!

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को झटका देते हुए होर्डिंग लगाने के लिए कथित तौर पर पब्लिक मनी के दुरुपयोग के मामले में FIR दर्ज करने आदेश दे दिया है. बताया जा रहा है कि होली के बाद केजरीवा और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने साल 2019 में द्वारका में बड़े होर्डिंग लगाकर कथित तौर पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में ये स्पष्ट किया कि केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बनता है. पुलिस को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि 156(3) CRPC के तहत याचिका मंजूर की जाती है. कोर्ट ने द्वारका साउथ पुलिस को इस मामले मे FIR दर्ज कर 18 मार्च तक SHO को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. क्या है मामला दरअसल, 2019 में कोर्ट के समक्ष दाखिल शिकायत में आरोप लगाया गया था कि केजरीवाल, पूर्व आप विधायक गुलाब सिंह और द्वारका की पार्षद नितिका शर्मा ने इलाके में विभिन्न जगहों पर बड़े आकार के होर्डिंग लगाकर जानबूझकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया है. इसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने सितंबर 2022 में शिकायत को खारिज करते हुए एक आदेश पारित किया था. इसके बाद सत्र न्यायाधीश ने मामले को मजिस्ट्रेट अदालत में वापस भेज दिया था. इस मामले में विशेष न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेट अदालत से मामले की नए सिरे से सुनवाई करने को कहा था.  

सिकंदर बेहल: दिल्ली के संघर्षों के बीच आशा और मानवता की उत्कृष्टता का एक प्रकाशपुंज

नईदिल्ली भारत की धड़कन कही जाने वाली दिल्ली एक ऐसा शहर है जहाँ प्राचीन गौरवशाली इतिहास आधुनिक समस्याओं—प्रदूषण, चरम मौसम और सामाजिक-आर्थिक असमानता—के साथ गहराई से टकराता है। हाल के वर्षों में, दिल्ली ने प्रदूषण और प्रतिकूल मौसम की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी है, जिसने नागरिकों, विशेष रूप से हाशिए पर जीने वाले लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर प्रभाव डाला है। इन बढ़ती चुनौतियों के बीच, एक व्यक्ति आशा की किरण और सच्चे मानवतावादी नेता के रूप में उभरा है—सिकंदर बेहल। सिकंदर न केवल अपनी उत्कृष्ट व्यावसायिक समझ के लिए बल्कि सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता के लिए भी व्यापक रूप से सम्मानित हैं। अपने पेशेवर उपलब्धियों से आगे बढ़कर, उन्होंने परोपकार को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया है और समाज के सबसे कमजोर वर्गों के प्रति करुणा और जिम्मेदारी की भावना को लगातार प्रदर्शित किया है। दिल्ली के बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जरूरतों को समझते हुए, सिकंदर ने एक बड़े स्तर पर मानवीय सहायता अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य शहर की कठोर सर्दियों और खराब होती वायु गुणवत्ता से उत्पन्न कठिनाइयों को कम करना था। उन्होंने प्रमुख अस्पतालों और प्रतिष्ठित बंगला साहिब गुरुद्वारे के सहयोग से खाद्य एवं कंबल वितरण अभियान चलाया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि समाज के सबसे असहाय वर्ग—बच्चे, बुजुर्ग और निराश्रित—ठंड के कठिन महीनों में गर्मी, पोषण और देखभाल प्राप्त कर सकें। उनकी पहल सिर्फ सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं रही; उन्होंने समाज में व्यापक स्तर पर जागरूकता और भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया, जिससे कई अन्य लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित हुए। सिकंदर की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता कोविड-19 महामारी के दौरान और अधिक स्पष्ट हुई, जब यह वैश्विक संकट करोड़ों लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर चुका था। उन्होंने तत्काल आवश्यक संसाधनों को जुटाया और जरूरतमंदों तक खाद्य सामग्री, मास्क और सैनिटाइज़र पहुँचाने का प्रबंध किया, ताकि महामारी से प्रभावित लोगों को जीवन की आवश्यक सुविधाएँ मिल सकें। उनकी सहायता केवल भौतिक संसाधनों तक सीमित नहीं थी; उन्होंने समाज में एकता और परस्पर सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया, जिससे लोग इस कठिन समय में एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आएं। अपनी मानवीय सेवाओं के अतिरिक्त, सिकंदर नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और उदारता के आदर्श उदाहरण हैं। उनकी उत्कृष्ट शिक्षा ने उन्हें व्यावसायिक सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचाया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सामाजिक कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कभी कमजोर नहीं होने दिया। उनका वैश्विक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव उन्हें न केवल एक प्रेरणादायक व्यक्ति बनाता है बल्कि उन लोगों के लिए एक मार्गदर्शक भी, जिन्हें उन्होंने सहारा दिया है। एक प्रभावशाली वक्ता और परिवर्तन के प्रबल समर्थक, सिकंदर विभिन्न मंचों पर पर्यावरणीय स्थिरता, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि सच्ची सफलता केवल वित्तीय उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज पर छोड़ी गई सकारात्मक छाप से मापी जाती है। उनकी परोपकारी गतिविधियाँ केवल दान के रूप में नहीं, बल्कि एक संतुलित और न्यायसंगत समाज की उनकी दूरदृष्टि का प्रतीक हैं, जहाँ समृद्धि सबके लिए हो और कोई भी वंचित न रहे। सिकंदर बेहल की यात्रा महत्वाकांक्षा और निःस्वार्थता के समावेश की एक प्रेरणादायक मिसाल है। व्यवसाय में नेतृत्व हो या मानवीय सहायता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता, वे निरंतर लोगों को प्रेरित करते हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि जब साहस और करुणा एक साथ आती हैं, तो एक व्यक्ति भी समाज में सार्थक बदलाव लाने की शक्ति रखता है, जिससे सफलता का वास्तविक अर्थ पुनर्परिभाषित होता है।

78 लाख के ड्रग्स के साथ 2 सप्लायर को दिल्ली पुलिस ने किया अरेस्ट

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 78 लाख के ड्रग्स के साथ 2 सप्लायर को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने कार में कुल 156.734 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली गांजा (मारिजुआना) बरामद किया है। दिल्ली पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी विजय और अमित द्वारा संचालित एक ड्रग सिंडिकेट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था। मुखबिर के नेटवर्क और तकनीकी विश्लेषण के जरिए टीम ने इस सिंडिकेट का ब्यौरा मंगाया। हेड कांस्टेबल रवि और एसआई अंशु की मदद से जानकारी तस्करों की जानकारी जुटाई। दिल्ली पुलिस ने टीम का गठन करके राजा गार्डन फ्लाईओवर के पास जाल बिछाया। विजय को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह अमित को गांजे की खेप सौंपने जा रहा था। वह एक सफेद टोयोटा इनोवा क्रिस्टा कार में था। NDPS अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जब कार की तलाशी ली गई, तो 75 प्लास्टिक के बोरे बरामद हुए, जिनमें कुल 156.742 किलोग्राम (व्यावसायिक मात्रा) गांजा था। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलासा दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला कि विजय और अमित के लिए ड्रग तस्करी करता था। वह नागपुर से गांजा लाकर उसे अमित को सौंपता था, जो इसे दिल्ली-एनसीआर में बांटा करता था. अमित सोनिया विहार का रहने वाला है।

दिल्ली में सरकार द्वारा महिला समृद्धि योजना का पैसा मिलने में क्यों हो रही देर, समझ लीजिए पूरी बात

नई दिल्ली दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने के लिए भाजपा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला समृद्धि योजना को मंजूरी दे दी। सचिवालय में शनिवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में गरीब महिलाओं को आर्थिक मदद के लिए 5100 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया। ऐसे में आपके मन में सवाल होगा कि योजना को मंजूरी मिल गई और पैसों का भी इंतजाम हो गया तो फिर खातों में क्यों नहीं डाले गए हैं? दरअसल, यह स्कीम दिल्ली की सभी महिलाओं के लिए नहीं है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में ही साफ कर दिया था कि यह योजना गरीब परिवारों की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए है। दिल्ली में करीब 72 लाख महिला वोटर्स हैं। सरकार को यह तय करना है कि इनमें से किनको आर्थिक सहायता की आवश्यकता है और किनको नहीं। यानी पहले पहले सरकार को यह तय करना है कि कितनी आमदनी तक वाले परिवारों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। नियम और शर्तों को तय करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में चार मंत्रियों की एक कमिटी बनाई गई है। सूत्रों की माने तो महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना के तहत जो पात्रता और शर्ते तय की थीं, उन्हें लेकर सरकार सहमत नहीं थी। नियम और शर्तों को तय करने के अलावा सरकार एक पोर्टल भी बनाएगी जिस पर महिलाओं को रजिस्ट्रेशन कराना है। रजिस्ट्रेशन के बाद जिन आवेदनों को स्वीकार कर लिया जाएगा उनके खाते में पैसे डाले जाएंगे। नियम और शर्तों को तय करने और रजिस्ट्रेशन में 15-20 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले महीने से महिलाओं को महिला समृद्धि योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने बीपीएल कार्डधारक महिलाओं को ही आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। यदि बीपीएल को आधार बनाया जाता है तो करीब 17-18 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिल सकता है। क्या बोलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य दिल्ली की गरीब महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता देकर उनके सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। लाभार्थियों को प्रमाणित करने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी सत्यापन का इस्तेमाल किया जाएगा। सही महिलाओं तक मदद पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के प्रयोग से यह सुनिश्चित होगा कि वित्तीय सहायता केवल उन लोगों तक पहुंचे, जो पात्र हैं। उन्होंने कहा कि किसी तरह का दुरुपयोग रोकने के लिए मजबूत डिजिटल भुगतान तंत्र लागू किया जाएगा। इससे प्रक्रिया सुरक्षित, परेशानी मुक्त और सभी लाभार्थियों के लिए आसानी से सुलभ होगी।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि कल से बदलेगा मौसम का मिजाज, आ रहा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, 6 दिनों तक होगी बारिश

नई दिल्ली उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में कल से मौसम में बदलाव आने वाला है। एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक देगा, जिसकी वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 9-14 मार्च यानी कि छह दिनों तक बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में भी 10 मार्च को भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, गर्मी की बात करें तो गुजरात के कच्छ इलाके में आज से हीटवेव की शुरुआत होगी और फिर 9-12 मार्च के बीच यह गुजरात के अन्य और कोंकण इलाके में फैल जाएगी। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल और माहे में भी बरसात हुई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 9 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अपना असर दिखाएगा। इसकी वजह से जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 9-14 मार्च के बीच बारिश होने वाली है। वहीं, पंजाब में 12-14 मार्च, हरियाणा में 13 और 14 मार्च, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 मार्च को बरसात होगी। इसमें जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 10 मार्च को तेज बारिश, आंधी तूफान की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, सिक्किम में आठ मार्च, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल में 8 और 9 मार्च को बारिश का अलर्ट है। वहीं, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 10 और 11 मार्च, केरल, माहे, लक्षद्वीप, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 11 और 12 मार्च, तमिलनाडु, केरल और माहे में 11 मार्च को तेज बारिश होगी। उत्तर पश्चिम भारत में अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने जा रही है। इतना ही नहीं, मध्य और पूर्वी भारत, महाराष्ट्र में अगले पांच दिनों के बीच अधिकतम तापमान दो से चार डिग्री के बीच बढ़ जाएगा। गुजरात में अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री की बढ़ोतरी का अलर्ट है। कोंकण, गोवा में आठ और 12 मार्च, गुजरात, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे में 8 और 9 मार्च को हॉट एंड ह्यूमिड वेदर रहने वाला है।

Delhi में इन महिलाओं को मिलेंगे ₹2500, BPL कार्ड जरूरी, 21 से 60 साल की उम्र, रजिस्ट्रेशन जरूरी…

नईदिल्ली  दिल्ली में महिला समृद्धि योजना का लाभ करीब 17-18 लाख महिलाओं को ही मिलने जा रहा है। दिल्ली की भाजपा सरकार ने जो शर्तें तय की है, उससे साफ हो गया है कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को ही मिलेगा। महिला समृद्धि योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने उनके खाते में 2500 रुपए दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में भी यह साफ कर दिया था कि इसका लाभ सिर्फ गरीब परिवारों को मिलेगा।  महिला सम्मान योजना का लाभ शुरुआत में बीपीएल कार्ड धारकों को ही मिलेगा. पहली शर्त यह है कि जिन बीपीएल कार्ड धार महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, वह दूसरी कोई और सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रही होंगी. जिन महिलाओं को यह लाभ मिलेगा उनकी उम्र 21 साल से 60 साल के बीच में होनी चाहिए, इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. बता दें कि आज किसी भी महिला के अकाउंट में पैसे नहीं आएंगे. दिल्ली सचिवालय में दिल्ली कैबिनेट की बैठक के लिए मंत्रियों का आना शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली सचिवालय पहुंच गई हैं. मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली सचिवालय पहुंच चुके हैं. दिल्ली के मुख्य सचिव और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी भी दिल्ली सचिवालय पहुंचे हैं. BPL कार्ड के लिए क्यो होगी पात्रता?     आवेदक को आवेदन करने से पहले कम से कम पांच साल तक दिल्ली का निवासी होना चाहिए.     आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए.     आवेदक के पास दिल्ली में एक एकल संचालित बैंक खाता होना चाहिए, जो उनके आधार नंबर से जुड़ा हो.     3 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय के लिए क्षेत्र के SDM या राजस्व विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी से आय प्रमाण पत्र.     1 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम आय के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड. आज क्या तैयारी? सूत्रों ने बताया कि महिला सहायता योजना के लिए पंजीकरण शुरू करने की घोषणा जेएलएन स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि संभावित पात्रता मानदंडों में 21 से 60 वर्ष की आयु की महिलाएं होंगी और उनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी. पार्टी सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को 2,500 रुपये देने की योजना का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा. पिछले सप्ताह बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि योजना के लिए पंजीकरण 8 मार्च से शुरू होगा और पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद आर्थिक रूप से गरीब हर महिला को 2,500 रुपये देने की प्रक्रिया डेढ़ महीने में पूरी हो जाएगी. दिल्ली में जिस दिन से बीजेपी सरकार आई है, उसी दिन से विपक्ष में बैठी AAP चुनावी वादे पूरे किए जाने पर घेर रही है. खासतौर पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने के वादे पर सवाल किया जा रहा है. वहीं, बीजेपी भी AAP सरकार में हुए भ्रष्टाचार की परतें खोले जाने के दावे कर रही है. 4 मार्च को विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता ने जब नेता विपक्ष आतिशी को यह कहकर घेरा कि हमें आपकी सुरक्षा की चिंता है तो जवाब में आतिशी ने कह दिया कि मैं अपनी सुरक्षा का खुद ध्यान रख सकती हैं. वो दिल्ली की महिलाओं का ध्यान रखें. जो उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च को पहली किस्त देंगे, वो अपना वादा पूरा करें. सीएम रेखा गुप्ता ने भी कहा है कि महिलाओं से हमने जो वादा किया है, उसे 100 प्रतिशत लागू किया जाएगा. 8 मार्च का दिन जो महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, उनके खाते में आर्थिक मदद जरूर पहुंचेगी. 1. आमदनी वाली शर्त यह तो पहले से तय था कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब परिवार की महिलाओं को मिलेगा। गरीबी की सीमा क्या होगी यह पहले से तय नहीं था। दिल्ली सरकार के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सालाना आय की सीमा 2.50 लाख रुपए तय की गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने यही सीमा तय की है। दिल्ली में भी उन्हीं परिवारों की महिलाओं को यह लाभ मिलेगा जिनकी सालाना आदमनी 2.50 रुपए से अधिक नहीं है। इस शर्त की वजह से दिल्ली के अधिकतर परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 4.61 लाख रुपए है। ऐसे में 2.50 लाख सालाना आमदनी वाले परिवारों की संख्या कम है। 2. परिवार की एक ही महिला को लाभ सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया है कि परिवार की एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इस वजह से भी लाभार्थियों की संख्या काफी सीमित रह सकती है। दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर भारी आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। खजाने की हालत पहले से ही बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में कोशिश की गई है कि योजना का लाभ जरूरतमंद महिलाओं को मिले और सरकार पर बहुत बोझ भी ना हो। और क्या हो सकती हैं शर्तें महिला समृद्धि योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं को महिलेगा। योजना का लाभ विवाहित महिलाओं को ही दिया जा सकता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं वृद्धा पेंशन की हकदार हो जाती हैं। किसी को विधवा पेंशन, बुजुर्ग पेशन, सरकारी पेंशन मिल रही है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

3 लाख से कम होगी आय , तो दिल्ली की महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, आज से रजिस्ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च यानीआज  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता महिला समृद्धि योजना का शुभारंभ करने वाली हैं। सीएम के ऐलान के बाद इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा और वैरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के खाते में 2500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। बीजेपी शासित दिल्ली की नई सरकार 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला दिवस पर सरकार गरीब महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्कीम लॉन्च करके इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके पहले कैबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस योजना को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। । विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र का यह सबसे प्रमुख वादा था, जिसमें बीजेपी ने दिल्ली में सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। महिला दिवस पर बड़े आयोजन की तैयारी सूत्रों से यह भी पता चला है कि दिल्ली बीजेपी ने आज 8 मार्च को दोपहर 12 बजे जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया है, जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल होंगे। पार्टी के महिला मोर्चे के बैनर तले आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में दिल्ली के अलग-अलग कोनों से महिलाओं को भी बुलाया जाएगा और नड्डा व सीएम के हाथों महिला समृद्धि योजना के तहत कुछ महिलाओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा। आज  होगा ऐलान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज  8 मार्च को International Women’s Day के मौके पर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम से इस योजना को लॉन्च करने वाली हैं। उनके साथ बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी होंगे। जानकारी के मुताबिक ऐलान होने के बाद ड्राफ्ट को मंजूरी मिलेगी और इसी के साथ ही योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। रजिस्ट्रेशन कैसे होगा..ऑनलाइन या ऑफलाइन? महिला समृद्धि योजना के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने होंगे या फिर घर बैठे ही आवेदन हो जाएगा? अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो बता दें कि टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। माना जा रहा है कि महिला समृद्धि योजना के लिए एक अलग वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च किया जा सकता है। महिला समृद्धि योजना के लिए पात्रता क्या होगी?     इस योजना में आवेदन के लिए पहली शर्त तो यह होगी कि आवेदक महिला दिल्ली की नागरिक हो     वह किसी भी तरह की सरकारी नौकरी या रिटायर्ड कर्मचारी न हो     बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि महिला समृद्धि योजना गरीब महिलाओं के लिए है     महिला गरीबी रेखा से नीचे (BPL) या EWS कैटेगरी में आती हो     माना जा रहा है कि परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से 3 लाख होनी चाहिए     महिला की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए     महिला पहले से किसी अन्य योजना का लाभ न उठा रही हो महिला सम्मान योजना के लिए होगा इनकम क्राइटेरिया इस योजना को लागू करने के लिए सरकार कुछ इनकम क्राइटेरिया भी निर्धारित करेगी और इस क्राइटेरिया में फिट बैठने वाली महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार, 18 से 60 साल की महिलाएं ही योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। लाभार्थियों का वेरिफिकेशन वोटर कार्ड, बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड और इनकम सर्टिफिकेट के आधार पर किया जाएगा। जिन महिलाओं की सालाना घरेलू इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है, वही इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगी। अनुमान है कि दिल्ली में ऐसी महिलाओं की संख्या दिल्ली में करीब 15 लाख हो सकती है। दिल्ली में महिलाएं 2500 रुपये मिलने से पहले उठा सकती हैं इन योजनाओं का लाभ सरकारी जॉब करने वाली, खुद का इनकम टैक्स भरने वाली, आर्थिक सहायता से जुड़ी दिल्ली सरकार की किसी भी अन्य योजना का लाभ लेने वाली महिलाएं इस योजना के तहत लाभ नहीं ले सकेंगी। योजना का लाभ देने के लिए एक वेब-पोर्टल भी बनाया जाएगा, जिस पर पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए खुद से आवेदन कर सकती हैं। एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। आवेदन करने वाली सभी महिलाओं के दस्तावेज गोपनीय रखे जाएंगे। वेरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में हर महीने 2500 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।

केजरीवाल ने चेतावनी दी थी कि भाजपा जीत गई तो मोहल्ला क्लिनिक बंद कर देगी, आज बात सच निकल आई: आतिशी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के नेता आतिशी ने दिल्ली में 250 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कथित योजना की शुक्रवार को कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल जी ने चेतावनी दी थी कि भाजपा जीत गई तो मोहल्ला क्लिनिक बंद कर देगी। आज उनकी बात सच निकल आई। आप नेता आतिशी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ”चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल जी ने चेतावनी दी थी कि भाजपा जीत गई तो मोहल्ला क्लिनिक, स्कूल, फ्री बिजली-पानी-बस यात्रा सब बंद हो जायेंगे। मोदी जी ने दावा किया कि कुछ बंद नहीं होगा। आज अरविंद केजरीवाल जी की बात सच निकल आई। भाजपा सरकार मोहल्ला क्लिनिक बंद करने जा रही है। यह तो शुरुआत है। जल्द फ्री बिजली, फ्री पानी, महिलाओं की फ्री बस यात्रा, फ्री शिक्षा – सब बंद होगा।” यह कदम स्वास्थ्य ढांचे को पंगु बना देगा- जैन आप नेता सत्येंद्र जैन ने भी दिल्ली में 250 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने की बीजेपी सरकार की योजना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय राजधानी के स्वास्थ्य सेवा ढांचे को पंगु बना देगा। जैन ने सरकार से अनुरोध किया कि वह मोहल्ला क्लीनिक की संख्या कम करने के बजाय बढ़ाए। दिल्ली की पूर्ववर्ती ‘आप’ सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों को सस्ती प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए अक्टूबर 2015 में मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत की थी। ‘आप’ नेता ने इस बात पर जोर दिया कि मोहल्ला क्लीनिक में बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें डॉक्टर से परामर्श और 365 तरह के मुफ्त नैदानिक ​​परीक्षण शामिल हैं।   यह दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ा झटका उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि लोगों को अस्पतालों तक की लंबी दूरी न तय करनी पड़े और उन्हें अपने घरों के पास ही चिकित्सा सुविधा मिल सके। जैन ने बताया कि दिल्ली में मौजूदा समय में मोहल्ला क्लीनिक की कुल संख्या 550 है और इन्हें बंद करना एक बड़ी गलती होगी। उन्होंने कहा, “सरकार को मोहल्ला क्लीनिक का विस्तार करना चाहिए, उन्हें बंद नहीं करना चाहिए। यह दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ा झटका है। हम उनसे अनुरोध कर रहे हैं कि वे एक भी क्लीनिक बंद न करें।” फैसले से कमजोर वर्ग की आबादी को नुकसान होगा जैन ने चेतावनी दी कि इस फैसले से शहर की सबसे कमजोर वर्ग की आबादी को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि औसतन 7,500 मरीज रोजाना इलाज के लिए मोहल्ला क्लीनिक पहुंचते हैं और इन्हें बंद करने से शहर की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। कई मोहल्ला क्लीनिक किराये के परिसर में संचालित होने के एक संवाददाता के सवाल पर जैन ने कहा कि यह इस पहल को खत्म करने का बहाना भर है और कई सरकारी कार्यालय भी किराये की इमारतों में चलाए जाते हैं। उन्होंने सरकार पर जानबूझकर दिल्ली की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को कमजोर करने का आरोप लगाया। 

केंद्रीय मंत्री और सांसद ने बदल दिया सड़क का नाम, यह तुगलक लेन नहीं, स्वामी विवेकानंद मार्ग है

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर को सरकारी आवास दिल्ली के तुगलक लेन में मिला है, लेकिन उन्होंने घर पर लगी नेमप्लेट में स्वामी विवेकानंद मार्ग लिखवा लिया है। शुक्रवार को यह बदलाव किया गया, जिसमें उनके घर का पता तुगलक लेन नहीं बल्कि स्वामी विवेकानंद मार्ग बताया गया है। उनके अलावा भाजपा के एक अन्य सांसद दिनेश शर्मा ने भी ऐसा ही किया है। उन्होंने इसकी जानकारी गुरुवार को एक्स पर दी थी। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘आज नई दिल्ली स्थित नए आवास स्वामी विवेकानंद मार्ग (तुगलक लेन) में सपरिवार विधि विधानपूर्वक, पूजन-अर्चन कर गृह प्रवेश किया।’ इसके साथ ही उन्होंने तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिसमें से एक में पते के तौर पर स्वामी विवेकानंद मार्ग लिखा दिखता है। यह फैसला भाजपा की दिल्ली में बनी नई सरकार की लाइन पर ही दिखता है। नई सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि नजफगढ़ का नाम बदलकर नाहरगढ़ कर दिया जाए। इसके अलावा मोहम्मदपुर गांव का नाम माधवपुरम किया जाए और मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिवपुरी कर दिया जाए। इस बीच लुटियन दिल्ली में भी केंद्रीय मंत्री और सांसद ने खुद ही अपने नेम प्लेट में नया नाम लिख दिया है। हालांकि तुगलक लेन नाम भी हटाया नहीं गया है। बताया कैसे बोर्ड पर लिखा गया स्वामी विवेकानंद मार्ग इस पर दिनेश शर्मा की सफाई भी आ गई है और उन्होंने नेम प्लेट पर विवेकानंद मार्ग लिखे जाने की अलग ही वजह बताई है। उन्होंने कहा, यह सामान्य प्रक्रिया है कि जब कोई किसी घर में जाता है तो नाम पट्टिका लगा दी जाती है। मैं वहां नहीं गया था, मैंने नहीं देखा था, जब मुझसे उससे संबंधित लोगों ने पूछा कि किस तरह की नाम पट्टिका होनी चाहिए तो मैंने कहा कि आसपास के हिसाब से होनी चाहिए। आस-पास के घरों पर विवेकानंद मार्ग लिखा था और नीचे तुगलक लेन लिखा था, दोनों एक साथ लिखे थे।’ सांसद बोले- आज भी नेमप्लेट पर तुगलक लेन लिखा है उन्होंने कहा कि नेमप्लेट पर आज भी तुगलक लेन लिखा है और सुविधा के लिए विवेकानंद मार्ग लिख दिया है। मैंने कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि गूगल पर वह स्थान विवेकानंद रोड आता है, ऐसा इसलिए लिखा है ताकि लोगों को विवेकानंद रोड और तुगलक लेन में भ्रम न हो… मैं जानता हूं कि सांसद को सड़क का नाम बदलने का अधिकार नहीं है। ये राज्य सरकार और नगर निकाय का काम है, इसके लिए एक प्रक्रिया होती है… मुझे इसे बदलने का न अधिकार था, न है, न मैंने किया है। सामान्य प्रक्रिया में पेंटर ने वही नाम लिखा होगा जो आस-पास के घरों पर लिखा था, इसका मतलब यह नहीं है कि मैंने कोई स्थान(का नाम) बदला है…।

भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी, जितेंद्र रावत ने सरकारी आवास की छत से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के राजनयिक क्षेत्र चाणक्यपुरी में शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत दुखद घटना घटी, जहां भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी, जितेंद्र रावत ने अपने सरकारी आवास की छत से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने मंत्रालय और उनके सहयोगियों को गहरे शोक में डाल दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 6:00 बजे घटी, जब रावत ने विदेश मंत्रालय की आवासीय सोसायटी में स्थित अपने आवास की छत से छलांग लगा दी। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि रावत अवसाद से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। वह अपनी मां के साथ इमारत की पहली मंजिल पर रहते थे, जबकि उनकी पत्नी और दो बच्चे देहरादून में निवास करते हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि रावत पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान थे। घटना स्थल से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। विदेश मंत्रालय ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में मंत्रालय ने रावत के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह दिल्ली पुलिस के साथ लगातार संपर्क में है और मामले की जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। मंत्रालय ने इस दुख की घड़ी में परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील भी की है। इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है। यह घटना समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।  

8 मार्च से महिला समृद्धि योजना के रजिस्ट्रेशन की होगी शुरुआत, खाते में आएंगे 2500 रुपए

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली की महिलाओं को एक और सौगात देने जा रही हैं। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर, दिल्ली सरकार दो महत्वपूर्ण वादे पूरे करने वाली है। पहले वादा महिला समृद्धि योजना का है, और दूसरा 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है। 500 रुपए में गैस सिलेंडर 8 मार्च से महिला समृद्धि योजना के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो जाएगी, जिससे दिल्ली की महिलाओं को इससे जुड़ी कई सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, इसी दिन से गरीब महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर मिलेंगे। हालांकि, इस योजना के तहत 500 रुपए की सब्सिडी बाद में सीधे महिलाओं के खाते में वापस कर दी जाएगी। संकल्प पत्र में किया था वादा दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि होली और दिवाली पर दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। यही नहीं, गरीब परिवारों को 500 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देने और महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने का भी वादा किया गया था। महिला दिवस पर होगी योजनाओं की शुरुआत दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 सीटों में से 48 सीटों पर जीत हासिल की और दिल्ली में सरकार बनाई। अब रेखा गुप्ता की सरकार इन योजनाओं को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। बताया जा रहा है कि महिला दिवस के मौके पर इन दोनों योजनाओं की शुरुआत होगी, जिसका फायदा दिल्ली की महिलाओं को होगा। गैस सिलेंडर 500 रुपए में मिलेंगे और होली-दिवाली पर मुफ्त मिलेंगे।  

सीएम गुप्ता ने व्यापारी संगठनों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, महत्वपूर्ण सुझाव मिले

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट 2025-26 के लिए जनता से उनके सुझाव और अपेक्षाएं प्राप्त करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सीएम गुप्ता ने बताया कि आज उन्हें व्यापार जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण और कीमती सुझाव प्राप्त हुए हैं। हमें दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए व्यापारियों से उनके अनुभव और समस्याएं सुनने का अवसर मिला। इन सुझावों से यह समझने में मदद मिली कि पिछले कई सालों से व्यापारिक संगठनों को अफसरशाही और अव्यावहारिक नीतियों के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। सीएम ने कहा कि व्यापारियों ने जो समस्याएं बताई हैं, उनमें सीवरेज की दिक्कतें, गली-मोहल्लों की खराब स्थिति, नालियों का जाम होना और खड़ंजा नहीं बनने जैसी बुनियादी समस्याएं शामिल हैं। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया में आवश्यक सुधार नहीं होने, छोटे-छोटे मार्केट कॉम्प्लेक्स और बड़े बाजारों में शौचालय की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने व्यापारी संगठनों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पूर्व सरकारों में केवल समस्याओं का प्रचार हुआ था, लेकिन हम कोशिश करेंगे कि इन समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाए और व्यापारियों की परेशानियों को दूर किया जाए।” इससे पहले भी महिला संगठनों के साथ मुख्यमंत्री ने मुलाकात कर उनके सुझाव और समस्याओं को जाना था। मुख्यमंत्री लगातार इस तरह का आयोजन कर लोगों से मिल रही हैं। यह बैठक दिल्ली के विकास में व्यापारियों और उद्योग जगत के सुझावों की अहमियत को दर्शाती है। सीएम गुप्ता ने इस बात का विश्वास दिलाया कि दिल्ली की उन्नति के लिए व्यापारियों के दर्द का उपचार किया जाएगा।

केजरीवाल के लंबे काफिले को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच मिलती रहेगी Z सिक्यॉरिटी, MHA ने नहीं किया है बदलाव

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को जेड सिक्यॉरिटी मिलती रहेगी। गृह मंत्रालय ने फिलहाल इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। पंजाब में केजरीवाल के लंबे काफिले को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया है ‘आप’ प्रमुख की सुरक्षा पहले की तरह जारी रहेगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय से निर्देश मांगा है। किसी वीआईपी की सुरक्षा को लेकर खुफिया ब्यूरो से से जो इनपुट मिलता है उसके आधार पर रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी जाती है। इसके आधार पर वीआईपी सुरक्षा में जिस श्रेणी की जरूरत होती है, वह मुहैया कराई जाती है। अरविंद केजरीवाल को जेड श्रेणी की सुरक्षा पहले ही मुहैया कराई गई है। वीआईपी सुरक्षा से जुड़ी पुलिस यूनिट के मुताबिक सिक्योरिटी पहले जैसी ही रहेगी। इसमें कोई फेरबदल नहीं किया गया है। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के करीब एक महीने बाद अरविंद केजरीवाल 10 दिन की विपश्यना के लिए पंजाब गए हैं। होशियारपुर पहुंचने पर केजरीवाल के काफिले के साथ सुरक्षाकर्मियों की कई गाड़ियां दिखीं, जिस पर भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं ने सवाल खड़े किए थे। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा के तहत सुरक्षा में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जिनमें निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ), सुरक्षा दस्ते, निगरानी दल के अलावा और लगभग आठ सशस्त्र गार्ड शामिल होते हैं। यह सुरक्षा आमतौर पर शीर्ष स्तरीय राजनीतिक हस्तियों और मुख्यमंत्रियों को दी जाती है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को भी उनके कार्यकाल के दौरान ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। दिल्ली की सीएम बनने पर रेखा गुप्ता को भी इसी कैटिगरी की सुरक्षा दी गई है।

अस्पताल के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित एक सरकारी स्कूल में अचानक पहुंच कर हालात का लिया जायजा

नई दिल्ली सरकार गठन के बाद से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्त ऐक्शन मोड में हैं। इन दिनों वह ताबड़तोड़ छापेमारी में जुटी हैं। गुरुतेग बहादुर अस्पताल के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित एक सरकारी स्कूल में अचानक पहुंच कर हालात का जायजा लिया। यहां पानी और साफ-सफाई से संबंधित दिक्कतों को लेकर उन्होंने स्कूल प्रबंधन और अफसरों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार दोपहर अपने विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग के एक सरकारी स्कूल में छापेमारी के लिए पहुंचीं। यहां उन्होंने नल में पानी नहीं आने को लेकर नाराजगी जाहिर की। सीएम ने पूछा, ‘मैडम इसमें पानी क्यों नहीं आ रहा है, नल है तो पानी क्यों नहीं है।’ मुख्यमंत्री ने शौचालय में जाकर भी हाल देखा और रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने स्कूल में व्यवस्था को दुरुस्त करने का आदेश दिया। स्कूल के अलावा सीएम ने शालीमार गांव चौक, मैक्स रोड, हैदरपुर गांव चौक सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल, सफाई और सड़कों की स्थिति का जायजा लिया। सीएम ने एक्स पर लिखा कि इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की। सीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जल, सड़कों और गंदगी से संबंधित समस्याओं का तुरंत समाधान करने को कहा। सीएम ने इसकी जानकारी एक्स पर देते हुए कहा, ‘हमारा उद्देश्य है कि दिल्ली के हर नागरिक तक सभी मूलभूत सुविधाएं उचित रूप से पहुंचें, और इसके लिए हम निरंतर कार्यरत हैं।’

Kejriwal को Z कैटेगरी सुरक्षा मिलती रहेगी, रिव्यू के बाद MHA का बड़ा फैसला

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की जेड कैटेगरी सुरक्षा जारी रहेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिक्योरिटी रिव्यू के बाद यह फैसला लिया है. केजरीवाल की जेड कैटेगरी सुरक्षा को फिलहाल बरकरार रखा गया है. हालांकि, आईबी और दिल्ली पुलिस के द्वारा खतरे के आकलन के बाद इस पर आगे फैसला लिया जाएगा. इस संबंध में दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी विंग केंद्रीय गृह मंत्रालय को मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर रिपोर्ट भेज सकती है. बता दें कि केजरीवाल को Z प्लस की सुरक्षा मिली हुई है. वो दूसरे राज्य की सुरक्षा की नहीं ले सकते और न और न उनको दूसरे राज्य से सुरक्षा मिल सकती है. ये कानूनी तौर पर गलत है. अगर दूसरे राज्य के VVIP आते हैं और उनके साथ सुरक्षा होती है, तो वो भी 72 घंटे ही सिक्योरिटी रख सकते हैं. उसके लिए भी दिल्ली पुलिस को जानकारी देनी होती है. अगर जानकारी नहीं देते हैं, तो ये कानूनन गलत है. रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा इकाई ने गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली पुलिस मुख्यालय को एक पत्र भेजा है, जिसमें केजरीवाल की सुरक्षा पर निर्णय लेने की मांग की गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल को वर्तमान में ‘जेड प्लस’ सुरक्षा कवर प्राप्त है, जो खतरे की आशंका के आधार पर गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है, तथा जेड श्रेणी की सुरक्षा दिल्ली पुलिस द्वारा दी जाती है। प्रोटोकॉल के अनुसार, दिल्ली के मुख्यमंत्री को Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जिसे मूल्यांकन के बाद बढ़ाया जा सकता है। कई सुरक्षा खतरों के कारण, गृह मंत्रालय ने केजरीवाल को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा कवर प्रदान किया था और सितंबर 2024 में सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद भी दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “एमएचए के निर्देश पर सुरक्षा एजेंसियां ​​वीआईपी या वीवीआईपी लोगों के खतरे का आकलन करती हैं।” एक सूत्र ने कहा, “सुरक्षा इकाई की ओर से पीएचक्यू को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें उनके (केजरीवाल के) सुरक्षा कवर की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है और इस पर निर्णय मांगा गया है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति जारी रहनी चाहिए या घटाई जानी चाहिए।” पत्र का हवाला देते हुए सूत्र ने कहा कि यह पत्र फिलहाल पीएचक्यू में है और आने वाले दिनों में इसे गृह मंत्रालय को भेजे जाने की संभावना है। एक सूत्र ने बताया कि केजरीवाल के सुरक्षा कवर पर पत्र के साथ ही गृह मंत्रालय को एक और पत्र भेजा जा रहा है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के जेड श्रेणी सुरक्षा कवर के बारे में जानकारी दी गई है और पूछा गया है कि क्या मौजूदा सुरक्षा स्थिति जारी रखी जाए या घटाई जाए। टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर, दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि ये पत्र इसलिए भेजे जा रहे हैं क्योंकि ये सुरक्षा कवर मूल रूप से उन विभागों के साथ आते हैं जो व्यक्ति संभालते हैं। अधिकारी ने कहा कि अब चूंकि वे इन विभागों के पास नहीं हैं, इसलिए पत्र गृह मंत्रालय को भेजे जाने चाहिए। इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने के बाद सुरक्षा इकाई ने मंत्री रविंदर इंद्राज सिंह और पंकज सिंह को एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। इसके साथ ही सभी नए मंत्रियों को सुरक्षा कवर मिल गया है। मनजिंदर सिंह सिरसा को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, जबकि प्रवेश साहिब सिंह, कपिल मिश्रा और आशीष सूद को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।

झुग्गी वालों के आएंगे अच्छे दिन, DDA बनाएगा 10 हजार फ्लैट, स्लम बस्तियों के जीर्णोद्धार का काम जारी

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में स्लम बस्तियों के जीर्णोद्धार का काम जारी है। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने एक निजी फर्म को ट्रांजेक्शन एडवाइजर बनाया है। झुग्गी बस्तियों में बनाए जाएंगे फ्लैट इस फर्म को 10 पुनर्वास प्रोजेक्ट के आकलन की जिम्मेदारी दी गई है। ज्ञात हो कि अशोक विहार इलाके के जेजे क्लस्टर में रहने वालों के लिए नए फ्लैट बनाए गए हैं। उसी तरह अन्य झुग्गी बस्तियों में भी फ्लैट बनाए जाएंगे। डीडीए ने दिया सात महीने का समय डीडीए ने पिछले साल 13 दिसंबर को व्यवहार्यता मूल्यांकन और डेवलपर्स की भागीदारी के लिए निजी फर्म को अनुबंध पत्र जारी किया था। 10 परियोजनाओं में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों के 26,438 घरों वाले 19 जेजे (झुग्गी झोपड़ी) क्लस्टर शामिल हैं। आकलन के लिए डीडीए ने सात महीने का समय दिया है। लगभग 10,000 घरों वाले छह जेजे क्लस्टर शामिल इसके तहत दिलशाद गार्डन और कालकाजी में एक-एक जबकि शालीमार बाग और पीतमपुरा को कवर करने वाली एक अन्य परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। तीन परियोजनाओं में लगभग 10,000 घरों वाले छह जेजे क्लस्टर शामिल हैं। यह जानकारी दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। इसके मुताबिक, दिल्ली में 675 जेजे बस्तियों में से 350 डीडीए के अधिकार वाली जमीन पर मौजूद है। नीति में बदलाव को दी थी मंजूरी डीडीए ने गत वर्ष नवंबर में एलजी वीके सक्सेना की अध्यक्षता में एक बैठक की थी, जिसमें इसने अपने झुग्गी बस्ती एवं पुनर्वास नीति में बदलाव को मंजूरी दी थी। डीडीए ने एक बयान में कहा था कि बदलाव इसलिए लाया गया है कि यह सुनिश्चित किया जा सके 100 प्रतिशत लाभार्थी उसी स्थान पर समायोजित हों।

दिल्ली के बजट के मद्देनजर सीएम रेखा गुप्ता ने की महिला संगठनों से मुलाकात, कई विषयो पर हुई चर्चा

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली के विभिन्न महिला संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया। इस बैठक में दिल्ली के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें सुरक्षा, आर्थिक अवसर, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसे विषय शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित दिल्ली बजट के लिए दिल्ली के विभिन्न महिला संगठनों के साथ विचार-विमर्श क‍िया। दिल्ली सरकार से उनकी अपेक्षाएं और उनके सुझाव को हमने सुना। महिलाओं ने जो अपेक्षाएं और सुझाव दिए, वह बेहद महत्वपूर्ण हैं। चाहे वह सुरक्षा हो, स्वास्थ्य हो या शिक्षा, दिल्ली की महिलाओं की असल जरूरतों पर चर्चा हुई, और यह मेरे लिए बहुत ही सार्थक था। दिल्ली को लेकर मैं विश्वास दिलाती हूं कि आपकी मुख्यमंत्री बहन जरूर उन सभी क्षेत्रों में काम करेगी, जहां अभी तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। मैं दिल्ली की बहनों की सभी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। उन्होंने आगे कहा कि इसी कड़ी में अगले तीन दिन तक लगातार समाज के अलग-अलग वर्गों में जाकर हम उनके सुझाव लेकर आने वाले हैं। कल व्यापार और उद्योग से जुड़े हुए संगठनों को बुलाया गया है, आज शाम को शिक्षा से जुड़े हुए बहुत ही महत्वपूर्ण वर्ग के लोगों को बुलाया गया है। मैं खुद झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली माताओं-बहनों से से मिलने जाऊंगी। उनको इस सरकार से जो अपेक्षाएं हैं, उसे पूरा करने की कोशिश करूंगी। सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि युवाओं और प्रोफेशनल्स का जो कार्यक्षेत्र है, उनसे बातचीत करते हुए दिल्ली का बजट तैयार किया जाएगा। यह एक ऐसा बजट होगा, जो जनता की उम्मीदों को पूरा पूरा करेंगा। महिलाओं की सम्मान निधि हो या फिर लोगों को मिलने वाला सिलेंडर, जो हमने जनता से वादे किए हैं, उसे पूरा किया जाएगा। दिल्ली का विकास हमारी प्राथमिकता है।

अरविन्द केजरीवाल के काफिले का वीडियो तेजी से हो रहा वायरल, दिख रहा ट्रंप से भी बड़ा सुरक्षा घेरा: स्वाति मालीवाल

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की हार के करीब एक महीने बाद अरविंद केजरीवाल ‘मन की शांति’ की तलाश में विपश्यना के लिए पंजाब पहुंचे हैं।  वह अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ पंजाब के होशियारपुर पहुंचे। वह होशियारपुर से लगभग 11 किलोमीटर दूर आनंदगढ़ गांव में स्थित धम्म धजा विपश्यना केंद्र में 10 दिन तक रहेंगे। इस बीच अरविंद केजरीवाल के काफिले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कभी वीआईपी कल्चर की खिलाफत करने वाले अरविंद केजरीवाल जब पंजाब पहुंचे तो उनके आगे पीछे गाड़ियों का लंबा काफिला दिखा। लाल-नीली बत्तियों वाली कई गाड़ियां आगे पीछे थीं। पूर्व मुख्यमंत्री के इस काफिले के वीडियो के साथ के साथ लोग तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। ‘आप’ की बागी राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी वीडियो शेयर करते हुए केजरीवाल पर तंज कसा और कहा कि उनका काफिला ट्रंप से भी बड़ा है। स्वाति मालीवाल ने एक्स पर लिखा, ‘जिस पंजाब की जनता ने इतना प्यार दिया उससे इतना डर लगता है केजरीवाल जी को? सारी दुनिया को वीआईपी कल्चर पर टोकने वाले केजरीवाल जी आज खुद डोनाल्ड ट्रंप से भी बड़ा सुरक्षा घेरा लेकर घूम रहे हैं। गजब ही है… कैसे पंजाब जैसे महान सूबे को सबने अपने ऐश आराम के साधन निकालने का जरिया बना लिया है।’ गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को जेड कैटिगरी की सुरक्षा प्राप्त है। भाजपा ने भी साधा निशाना केजरीवाल के काफिले को लेकर भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी तंज कसा। सिरसा ने कहा, ‘कल अरविंद केजरीवाल विपश्यना के लिए पंजाब पहुंच गए। नजारा देखने वाला था। 50 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला था। 2-2 करोड़ की गाड़ियां थीं। 100 से ज्यादा पुलिस कमांडो चल रहे थे। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां थीं। और ये शांति लेने गए थे, कैसी शांति है जिसके लिए पंजाब के लोगों के खजाने से लाखों रुपया उड़ाया जा रहा है। कैसी शांति है जिसके लिए सारे होशियारपुर को जगाया जा रहा है। ये कैसी शांति है जिसके लिए 100 कमांडो सुरक्षा में निकले हैं। केजरीवाल वह मसीहा हैं जो वैगनार में निकले थे और जैसे ही सत्ता मिली अपना असली रंग दिखाया। अब विपश्यना के लिए भी उनको 100 कमांडो चाहिए। 50 गाड़ियों का काफिला चाहिए।’ केजरीवाल विपश्यना सत्र में पहले भी शामिल होते रहे हैं। इससे पहले वह जयपुर, नागपुर, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास धर्मकोट और बेंगलुरु सहित कई स्थानों पर जा चुके हैं। यह दूसरी बार है जब केजरीवाल विपश्यना सत्र के लिए आनंदगढ़ आए हैं। इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2023 में 10 दिवसीय सत्र में भाग लिया था।

आतिशी को लेकर कहा मुझे आपकी चिंता है, अगर स्वाति मालीवाल को ये लोग पिटवा सकते हैं तो आप भी बहुत दूर नहीं: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी को लेकर कहा कि मुझे आपकी चिंता है, अगर स्वाति मालीवाल को ये लोग अपने घर पर पिटवा सकते हैं तो आप भी बहुत दूर नहीं हैं। सीएम रेखा गुप्ता के इस बयान को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सोमनाथ भारती ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के बयान को लेकर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सोमनाथ भारती ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “सीएम रेखा गुप्ता को अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। वह ऐसे बयान देकर यह बता रही हैं कि उनका काम के प्रति ध्यान नहीं है। चुनाव के दौरान कई तरह के वादे किए गए और उन सभी वादों के पूरे होने का दिल्ली की जनता इंतजार कर रही है। स्वाति मालीवाल का मामला अभी कोर्ट में है। मैं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को बताना चाहूंगा कि आतिशी नेता प्रतिपक्ष हैं और इसलिए वह मुद्दे को सदन में उठाती रहेंगी। आतिश सवाल पूछती रहेंगी, क्योंकि वह बड़े अदब के साथ सवाल पूछती हैं और रेखा गुप्ता को भी अदब के साथ जवाब देना चाहिए।” सोमनाथ भारती ने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच को लेकर कहा, “आज भारत और ऑस्ट्रेलिया का सेमीफाइनल मुकाबला है, जिसे लेकर देशवासी रोमांचित हैं और टीम इंडिया रोहित शर्मा के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया को हराकर एक बार फिर से फाइनल में पहुंचेगी।” इससे पहले सोमवार को दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि भाजपा सरकार ने इस सत्र को केवल आम आदमी पार्टी (आप) को गाली देने के लिए बुलाया था। आतिशी ने आरोप लगाया कि पूरे सत्र में भाजपा ने केवल आम आदमी पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल को गालियां दी, जबकि सरकार ने किसी भी महत्वपूर्ण काम पर चर्चा नहीं की।

दिल्ली पुलिस ने दो करोड़ की ब्राइडल आउटफिट चोरी का खुलासा किया, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र में एक बड़ी चोरी का खुलासा किया है। घटना पिछले सप्ताह की है। एक नामी बुटीक से दो करोड़ रुपये के ब्राइडल आउटफिट और अन्य कीमती सामान चुराए गए थे। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग और एक महिला शामिल हैं। चोरी की घटना 28 फरवरी और 1 मार्च के बीच की रात को हुई थी। आरोपी महिला अपने दो साथियों के साथ बुटीक में घुसी और सुरक्षा गार्ड को बंधक बना लिया। फिर, उन्होंने बुटीक से 50 से ज्यादा ब्राइडल आउटफिट और अन्य कीमती सामान चुरा लिए। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपियों ने डीवीआर भी चुराया था, ताकि उनकी पहचान न हो सके। पुलिस ने तकनीक का सहारा लेकर जांच की और आरोपियों का पता लगाते हुए उनके द्वारा उपयोग किए गए वाहन को मंगलपुरी क्षेत्र में पकड़ लिया। वहां से पुलिस ने सभी चोरी की गई वस्तुएं बरामद कीं। इस चोरी का मास्टरमाइंड बुटीक का पूर्व सेल्सबॉय था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी साथी महिला को भी पकड़ लिया गया है, जो गार्ड को गुमराह करने में शामिल थी। पुलिस ने कुल 50 डिजाइनर ब्राइडल आउटफिट्स, कैमरा, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित दो करोड़ रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले को कुछ ही घंटों में सुलझा लिया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी अचिन गर्ग ने मीडिया को बताया कि दिल्ली के फतेहपुर में एक ब्राइडल डिजाइनर बुटीक में लूट और चोरी की घटना 28 फरवरी और 1 मार्च की दरम्यानी रात हुई। पीसीआर कॉल के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि एक बुटीक में चोरी हो रही है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो पता चला कि वहां एक सुरक्षा गार्ड था, जिसने फोन करके मदद मांगी थी। गार्ड ने बताया कि तीन लोग आए थे, जिनमें एक महिला भी थी। महिला ने गार्ड से कहा कि वह बुटीक के मालिक की रिश्तेदार है और अंदर सामान लेने के लिए आई है। जब गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोका और फोन करने को कहा, तो महिला ने गार्ड का फोन छीन लिया और दो अन्य लोग बाहर से आए। उन तीनों ने मिलकर गार्ड को बंधक बना लिया और दो घंटे तक बुटीक के अंदर लूटपाट की। वे महंगे लहंगे, सूट और साड़ियां अपने साथ ले गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 30 घंटे के अंदर मामले को सुलझा लिया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय जांच और बुटीक के पास स्थित 70-80 कैमरों को चेक किया। इसके बाद, एक टेम्पो का पता चला जिसका इस्तेमाल लूट करने के लिए किया गया था। पुलिस ने टेम्पो के मालिक से संपर्क किया और एक किशोर को गिरफ्तार किया, जिसने बाकी आरोपियों की पहचान करवाई। एक आरोपी बुटीक में ही काम करता था और महिला एक सोशल मीडिया के जरिए उससे मिली थी। पूरी लूट की योजना उस कर्मचारी ने बनाई थी, जो बुटीक में काम करता था। वह ऑनलाइन जुआ में पैसा हार चुका था। उसके पास बुटीक के ग्राहकों की संपर्क जानकारी थी, जिन्हें वह सस्ते दामों पर चोरी का सामान बेचने की योजना बना रहा था। शिकायकर्ता आशीष बत्रा ने कहा, “मैं दिल से पुलिस टीम का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इतनी मेहनत से मेरी सभी चीजें पूरी तरह से रिकवर कर दीं। उन्होंने इतनी अच्छे तरीके से ऑपरेशन चलाया, बिना किसी को डिस्टर्ब किए और केस को बहुत जल्दी सॉल्व किया। चोरी किए गए सामान बहुत कीमती और खास थे, जो हमारी ब्राइड्स के लिए डिजाइन किए गए थे।” बत्रा ने कहा कि उन्हें घटना की रात एक बजे चोरी की जानकारी मिली। जब वह वहां पहुंचे तो, पुलिस टीम भी पहुंच चुकी थी और जांच शुरू कर चुकी थी। उन्होंने बताया कि करीब एक-दो करोड़ रुपये का माल चोरी हो गया था, जो पूरी तरह से रिकवर कर लिया गया है।

एलजी की तारीफ करते हुए उनकी तुलना केदारनाथ के एक पत्थर से की: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि एलजी वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी के शासन के दौरान दिल्ली को बचाया। गुप्ता ने एलजी की तारीफ करते हुए उनकी तुलना केदारनाथ के एक पत्थर से की जिसकी वजह से वहां आपदा के समय मंदिर की रक्षा हो पाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी पत्थर की तरह एलजी ने दिल्ली में काम किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एलजी वीके सक्सेना के साथ भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया। यहां हटाए गए कूड़े के पहाड़ के स्थान पर बांस रोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पिछली सरकार तो केवल पहाड़ों की बात करती थी, पर पहाड़ का शिला भी नहीं पकड़ पाए। यहां जो काम हो रहा है और जो टारगेट सेट किया गया है। उसमें केंद्र सरकार का सहयोग है। इस साइट से हटाई गई चीजों (कूड़े) का इस्तेमाल एनएचएआई की कई परियोजनाओं और डीडीए ग्राउंड को समतल करने में किया जा रहा है। लाखों टन मैटेरियल यहां से वहां लगाया गया।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम हर महीने निरीक्षण करेंगे और तीनों लैंडफिल साइटों का दौरा करेंगे। एक साल के अंदर हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लैंडफिल की ऊंचाई कम हो और ग्रीन लैंड विकसित हो ताकि आने वाले दिनों में अच्छी परियोजनाएं शुरू की जा सकें। हमारा मिशन दिल्ली को साफ और सुंदर बनाना है। दिल्ली सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। डबल इंजन की सरकार डबल रफ्तार से काम करेगी।’ इस दौरान मुख्यमंत्री ने एलजी की तारीफ करते हुए कहा, ‘जैसे केदारनाथ में जब बादल फटा था तो वहां एक शिला थी, उसने मंदिर को बचाए रखा कि बादल का पानी मंदिर को बहाकर ना ले जाए, ऐसे ही शिला का काम आपने उस सरकार (आम आदमी पार्टी की सरकार) के समय किया कि इस दिल्ली के प्रांगन, दिल्ली के मंदिर को बचाकर रखा।’ लगाए जा रहे बांस, जिनसे मिलता है ज्यादा ऑक्सीजन: LG एलजी ने कहा कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर एक नई शुरुआत हुई है, जो पिछले दो साल में मेहनत करके जमीन को खाली कराया गया था, वहां पौधारोपण की शुरुआत हुई है। 2 हजार बांस के पेड़ लगाए गए हैं। 54 हजार और पौधे लगाए गए हैं। बांस के पेड़ों को जानबूझकर लगाया गया है, क्योंकि यह 30 फीसदी अधिक ऑक्सजीन देता है। दिल्ली एक प्रदूषित शहर है, इसको हमारी सरकार प्रदूषण मुक्त करने वाली है। इसके लिए नई शुरुआत है। बांस पानी कम इस्तेमाल करता है और बढ़ता बहुत जल्दी है। एक साल में 20-25 फीट की हाईट हो जाएगी। अब जब आप हाईवे से गुजरेंगे तो आपको कूड़े का पहाड़ नहीं ग्रीन पैच दिखेगा।

दिल्ली में यमुना नदी पर छह किलोमीटर लंबे ट्रिप पर चलेगा क्रूज , निविदा जारी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बड़ा सियासी मुद्दा रही यमुना नदी को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली दिल्ली की नई भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही यमुना के उत्थान के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने यमुना नदी में 6 किलोमीटर लंबे राउंड ट्रिप के लिए क्रूज या फेरी चलाने को लेकर निजी एजेंसियों को आमंत्रित करने के लिए निविदा जारी की है। यह क्रूज मॉनसून के दिनों को छोड़कर कुल 270 दिन तक चलाए जाएंगे। क्रूज आधुनिक सुविधाओं से लैस वातानुकूलित होंगे। इनका किराया पर्यटन विभाग तय करेगा। परियोजना के मुताबिक, क्रूज का परिचालन वजीराबाद बैराज से जगतपुर गांव के बीच 6-7 किलोमीटर लंबा होगा। क्रूज में 20-30 लोग बैठ सकेंगे। पीटीआई के मुताबिक, यमुना नदी क्षेत्र के पहचाने गए हिस्से में सौर ऊर्जा या विद्युत बैट्री चालित दो ‘क्रूज’ के संचालन के लिए उपयुक्त ‘ऑपरेटर’ की नियुक्ति के लिए शुक्रवार को कोटेशन के अनुरोध के साथ आरएफक्यू जारी किया गया है। प्रपोजल दस्तावेज में कहा गया है कि विकसित होने पर यह नदी-क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देगा क्योंकि यह भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), डीटीटीडीसी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के समन्वित प्रयासों से पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ जल-परिवहन परियोजना होगी। डीटीटीडीसी क्रूज सेवाओं के लिए ऑपरेटर को नियुक्त करेगा जो सोनिया विहार से शुरू होकर वहां खत्म होगी, जिसमें कुल 7 से 8 किलोमीटर की यात्रा होगी। दस्तावेज में कहा गया है कि इस परियोजना को आईडब्ल्यूएआई और डीडीए द्वारा डीजेबी के सहयोग से लागू किया जाएगा और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग क्रूज के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ फ्लोटिंग जेटी और नेविगेशनल एड्स शोर सुविधा प्रदान करेगा। चयनित ऑपरेटर शुरू में फेरी सेवाओं के संचालन के लिए दो इलेक्ट्रिक-सोलर हाइब्रिड बोट प्रदान करेगा। बोट में 20-30 यात्रियों के बैठने की क्षमता और पांच से सात नॉट की गति होनी चाहिए। नावों में इनबोर्ड बायो-टॉयलेट (जीरो डिस्चार्ज), एक घोषणा प्रणाली और सुरक्षा जैकेट भी लगे होंगे। ऑपरेटर सभी यात्रियों, चालक दल और अन्य नदी उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक सुरक्षित, विश्वसनीय और आरामदायक क्रूज सेवा प्रदान करेगा। वातानुकूलित बोट्स पट्टे पर या स्वामित्व वाली होंगी और दो साल से ज्यादा पुरानी नहीं होंगी। दस्तावेज में कहा गया है कि ऑपरेटर कम से कम चार यात्राएं सुनिश्चित करेगा।

यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नगर निगम को उसका उचित हिस्सा मिले, की जाएगी गौशालाओं की मदद: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने मंत्रिमंडल के साथ रविवार को बवाना स्थित गोपाल गोसदन हरेवली गौशाला का दौरा किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा गौशालाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नगर निगम को उसका उचित हिस्सा मिले। उन्होंने पिछली सरकारों की गलतियों से बचने की शपथ ली। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “हम पिछली सरकारों के तरीके का पालन नहीं करेंगे, जिन्होंने नगर निगम को पैसे का उचित हिस्सा नहीं दिया। मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि नगर निगम को उसका हिस्सा मिले और गौशालाओं का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे।” उन्होंने राष्ट्र की प्रगति और परंपराओं के संरक्षण के महत्व पर भी विचार व्यक्त किए। धार्मिक और सांस्कृतिक संरक्षण को दिल्ली सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा, “आजादी के 70 साल बाद भी हमारा देश बर्बादी की स्थिति में था। हमारे सनातन धर्म में जो पूजनीय था, उसे भी नजरअंदाज किया गया। सभी तीर्थ स्थल, सभी गौशालाएं और हमारे भगवान के प्रति हमारी भक्ति, को किसी न किसी तरह नजरअंदाज क‍िया गया। 2014 के बाद एक नई सुबह आई, जिसने सनातन में आस्था रखने वालों के दिलों में उम्मीद जगाई।” वहीं भाजपा सांसद योगेंद्र चांदोलिया ने भी कार्यक्रम में बोलते हुए गौशालाओं के प्रति पूर्ववर्ती सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि किस तरह दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम ने अतीत में गौशालाओं के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से गौशालाओं के लिए आवंटित धनराश‍ि को जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि दिल्ली सरकार की ओर से गौशालाओं को सशक्‍त बनाया जाएगा।

ईडी ने दिल्ली के एयरपोर्ट से 3,558 करोड़ रुपये के घोटाले के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवर्तन निदेशालय ने 3,558 करोड़ रुपये के घोटाले के कथित मास्टरमाइंड सुखविंदर सिंह खरूर और डिंपल खरूर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लुक आउट सर्कुलर के चलते उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। क्या है घोटाले का मामला? ईडी के अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद जालंधर की एक अदालत ने दोनों आरोपियों को ईडी की हिरासत में भेज दिया है, ताकि उनसे और जानकारी मिल सके। क्लाउड पार्टिकल घोटाले का खुलासा यह घोटाला ‘क्लाउड पार्टिकल स्कैम’ के नाम से जाना जा रहा है। इस घोटाले में निवेशकों को झूठे ‘सेल एंड लीज-बैक’ (SLB) मॉडल के जरिए फंसाया गया। ईडी ने इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। ईडी की जांच में यह सामने आया कि सुखविंदर सिंह खरूर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया। इसके तहत निवेशकों से क्लाउड पार्टिकल टेक्नोलॉजी के नाम पर भारी रकम इकट्ठी की गई, जबकि इसका असली व्यापार या तो था ही नहीं या फिर इसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। निवेशकों से ठगे गए 3,558 करोड़ रुपये ईडी के अनुसार, इस फर्जी निवेश योजना के जरिए करीब 3,558 करोड़ रुपये की रकम निवेशकों से ठगी गई। यह रकम बाद में गैर-व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल की गई। इस पूरी स्कीम में निवेशकों को गुमराह किया गया और उन्हें धोखे में रखा गया।  

ट्रैफिक मैनेजमेंट से हादसों तक सबका होगा समाधान, दिल्ली पुलिस ने बनाया 100 दिन वाला ऐक्शन प्लान

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने राजधानी में ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार लाने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए 100 दिन का ऐक्शन प्लान बनाया है। सूत्रों ने बताया कि लागू किए गए इस ऐक्शन प्लान का मकसद यातायात की भीड़ को कम करना, वाहन चालकों और पैदल यात्रियों दोनों के बीच ट्रैफिक नियमों के अनुपालन को बढ़ाना, सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और समन्वित अंतर-एजेंसी प्रयासों के माध्यम से अतिक्रमण हटाना शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस विभाग ने इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 25 प्रमुख उपायों की रूपरेखा तैयार की है। इन उपायों में बस स्टैंडों को अधिक उपयुक्त स्थानों पर शिफ्ट करना, सड़कों की मरम्मत और उनका पुनर्निर्माण करना, सड़क चिन्हों को नया रूप देना और उचित संकेत और जेब्र क्रॉसिंग बनाना शामिल है। इस योजना में गड्ढों और पानी के रिसाव को दूर करने के लिए जल निकासी व्यवस्था को ठीक करना, कचरा डंप और अनधिकृत डंपिंग यार्ड को हटाना या शिफ्ट करना और सिविक एजेंसियों द्वारा नागरिक कार्यों को समय पर पूरा करना भी शामिल है। इसके अलावा, ऐक्शन प्लान में सड़क पर कटों को खोलना और बंद करना, साप्ताहिक बाजारों का बेहतर प्रबंधन और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा तय वेंडिंग जोन का आवंटन शामिल है। अन्य कदमों में अंडरपास और फुटओवर ब्रिज का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और जहां आवश्यक हो, सड़कों या सेंट्रल वर्ज को बाधित करने वाले धार्मिक ढांचों को शिफ्ट करना हटाना शामिल है। ऐक्शन प्लान में ट्रैफिक नियमों से जुड़े रूल्स और रेगुलेशंस को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी सिफारिश की गई है। इनके अलावा हाईट बैरियर लगाना, बोलार्ड लेन डिसिप्लिन सिस्टम लागू करना, सेंट्रल वर्ज पर ग्रिल लगाना, विजिबिलिटी को बाधित करने वाले पेड़ों और झाड़ियों की नियमित छंटाई करना तथा टैक्सियों के लिए तय पार्किंग स्थान बनाना शामिल है। अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस इस ऐक्शन प्लान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों के बीच तत्परता को बढ़ावा देना है ताकि पूरी दिल्ली में सड़क व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार हो सके। हालांकि, अधिकारियों ने ऐक्शन प्लान को लागू करने में कई चुनौतियां होने की बात मानी है। इनमें खराब सड़क डिजाइन, बस स्टैंड और रैन बसेरों की अनुचित स्थिति, ट्रैफिक में बाधा डालने वाले आवारा पशु और अच्छी तरह से बनाए गए सेंट्रल वर्ज की कमी से उत्पन्न होने वाली समस्याएं शामिल हैं। अतिरिक्त चुनौतियों में गड्ढों और अवरोधों से भरी असुरक्षित सड़कें, पैदल यात्री क्रॉसिंग के लिए अपर्याप्त सुविधाएं, अपर्याप्त संकेत और आमतौर पर अनुशासनहीन सड़क उपयोगकर्ता शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, व्यापक उपायों से शहर की यातायात स्थितियों में काफी सुधार होगा और सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ेगी।

महिला समृद्धि योजना के दौरान आगामी 8 मार्च को ही खाते में पैसे भेजने को लेकर योजना बना रही दिल्ली सरकार

नई दिल्ली दिल्ली सरकार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आठ मार्च को महिला सम्मान योजना की शुरुआत कर सकती है। उसी दिन कुछ महिलाओं के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए जा सकते हैं। भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में योजना के तहत महिलाओं को ढाई हजार रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। सूत्रों के अनुसार, आठ मार्च को इस योजना के लिए महिलाओं के पंजीकरण की शुरुआत के साथ कुछ महिलाओं को यह राशि जारी भी की जा सकती है। हालांकि, दिल्ली सरकार की ओर से अभी तक इसपर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार आगामी 8 मार्च को इस योजना को लेकर एक बड़ा आयोजन दिल्ली में करने की योजना बना रही है। इस दौरान भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी मौजूद रह सकता है। इस कार्यक्रम में अलग-अलग विधानसभाओं से महिलाओं को आमंत्रित किया जाएगा। दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के बाद से भाजपा महिला सम्मान योजना को तय समय पर पूरा करने की कवायद में जुट गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है। इस बैठक में योजना की योग्यता और शर्तों पर चर्चा हुई थी। अधिकारियों को उसके आधार पर प्रस्ताव बनाने को कहा गया था। इसके साथ ही दूसरे राज्यों में जहां पहले से इस तरह की योजनाएं चल रही हैं उनका भी अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कई मौके पर कह चुकी हैं कि पिछली सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति को खराब कर रखा है, लेकिन हमने जो वादा किया है उसे पूरा करेंगे। किसे और कैसे मिलेगा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को इस योजना का लाभ देने की तैयारी है। संभावना है कि जो महिलाएं करदाता हैं या पेंशन पा रही हैं या सरकारी योजना के तहत उन्हें आर्थिक लाभ मिल रहा है वो इसके दायरे में नहीं आएंगी। योजना की पात्र महिलाओं से इससे जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे और सत्यापन के बाद भी उन्हें इसका लाभ मिलेगा।

दिल्ली सरकार इस दिन से महिलाओं के खातों में डालेगी 2500 रुपये, जल्द करेगी नियम व शर्तों की घोषणा

नई दिल्ली दिल्ली सरकार 8 मार्च को महिला सम्मान योजना की शुरुआत कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि 8 मार्च को महिलाओं के खातों में 2500 रुपये जमा किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में महिला सम्मान योजना की शुरुआत की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस योजना की शर्तें और नियम आने वाले दिनों में आधिकारिक रूप से लागू कर दिए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जेपी नड्डा की मौजूदगी में एक बैठक आयोजित कर महिलाओं की मौजूदगी में इसकी शुरुआत की जाएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने होली से पहले महिलाओं को 2500 रुपये देने की आश्वासन दिया था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में आश्वासन दिया था कि भाजपा सरकार महिलाओं को 2500 रुपये मासिक सहायता देने का अपना वादा पूरा करेगी। शपथ ग्रहण समारोह के लिए रामलीला मैदान रवाना होने से पहले अपने आवास के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही थी।

पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद शोरा को बड़ी राहत, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को देशद्रोह का केस वापस लेने की मंजूरी दी

नई दिल्ली दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने JNU (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद शोरा को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने साल 2019 के देशद्रोह मामले में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की दिल्ली पुलिस की अर्जी स्वीकार कर ली है। शेहला के खिलाफ यह मामला भारतीय सेना को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक ट्विट्स करने के बाद दर्ज किया गया था। इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि अदालत ने दिल्ली पुलिस को JNU की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद शोरा के खिलाफ सेना पर उनके ट्वीट के लिए मामला वापस लेने की अनुमति दे दी है। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अनुज कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष द्वारा दायर एक आवेदन पर 27 फरवरी को यह आदेश पारित किया। शेहला के खिलाफ यह मामला देशद्रोह समेत धर्म, भाषा, नस्ल और जन्म स्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगे भड़काने जैसे विभिन्न अपराधों के लिए दर्ज किया गया था। इन आरोपों में अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर LG ने वापस ली मंजूरी पुलिस ने केस वापस लेने की अपील तब की जब दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शोरा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अपनी मंजूरी वापस ले ली। एलजी का यह आदेश स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर आया। दिल्ली पुलिस की तरफ से कोर्ट में दिए गए आवेदन में बताया गया कि, ‘दिल्ली के उपराज्यपाल ने स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश को मंजूरी दे दी है…।’ उपराज्यपाल ने यह मंजूरी 23 दिसंबर, 2024 को दी थी। शेहला ने सेना को लेकर किया था आपत्तिजनक ट्वीट शेहला ने 18 अगस्त, 2019 को किए गए अपने ट्वीट में भारतीय सेना पर कश्मीर में घरों में घुसने और स्थानीय लोगों को यातना देने का आरोप लगाया था। हालांकि सेना ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था। उनकी इसी पोस्ट को लेकर अलख आलोक श्रीवास्तव नाम के शख्स ने नई दिल्ली के स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ ट्वीट के माध्यम से विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सद्भाव बिगाड़ने वाले कृत्यों में शामिल होने को लेकर मामला दर्ज किया गया था। एलजी कार्यालय ने कहा कि अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव दिल्ली पुलिस द्वारा पेश किया गया था और दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा इसका समर्थन किया गया था।

15 साल पुराने वाहनों पर सरकार का बड़ा फैसला, 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

 नई दिल्ली  दिल्ली की सरकार ने वाहनों को लेकर शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया। जिसमें पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने कहा कि 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार 31 मार्च के बाद शहर भर के ईंधन स्टेशनों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को पेट्रोल देना बंद कर देगी। प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम-सिरसा राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद, सिरसा ने कहा कि सरकार वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। बैठक में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, अनिवार्य एंटी-स्मॉग उपाय और इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन में बदलाव सहित प्रमुख नीतिगत निर्णयों पर ध्यान केंद्रित किया गया. बैठक के बाद सिरसा ने कहा, “हम पेट्रोल पंपों पर गैजेट लगा रहे हैं जो 15 साल से ज़्यादा पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें कोई ईंधन नहीं दिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस फ़ैसले के बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को सूचित करेगी. पुराने वाहनों को ईंधन की आपूर्ति को प्रतिबंधित करने के अलावा, सिरसा ने घोषणा की कि राजधानी में सभी ऊंची इमारतों, होटलों और वाणिज्यिक परिसरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 90 प्रतिशत सार्वजनिक सीएनजी बसों को दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा और उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जो सरकार के स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में उठाए गए कदम का हिस्सा है. यह घोषणाएं शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में की गई हैं. AAP सरकार पर साधा निशाना उन्होंने पूर्व के AAP सरकार पर निशाना साधा और कहा कि पिछली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कोई भी कम नहीं उठाया. केंद्र सरकार की तरफ से जो भी फंड दिया गया उनका भी इस्तेमाल नहीं किया गया था. दिल्ली में तीन विषय हैं- एक डस्ट प्रदूषण है, एक व्हीकल प्रदूषण है , एक कंस्ट्रक्शन प्रदूषण है. दिल्ली में स्प्रिंकलर भी नहीं लगाए थे. पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हम एक टीम का गठन कर रहे हैं जो 15 साल पुराने व्हीकल को आईडेंटिफाई करेगी. हैवी व्हीकल को लेकर पहले जांच करेंगे कि आखिर कौन से व्हीकल दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं. जो तय नियम है क्या उसी के तहत दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं या नहीं. यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को प्लांटेशन के ड्राइव में जोड़ा जाएगा. दिल्ली में कई बड़े ऑर्गेनाइजेशन हैं, जिनकी वजह प्रदूषण होता है. हम उन्हें भी निर्देश जारी कर रहे हैं कि प्रदूषण को कम करने के लिए नए गैजेट्स को लगाए. दिल्ली की हाई राइज बिल्डिंग पर एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य होगा. होटलों को भी लगानी होगी स्मॉग गन मंत्री ने कहा कि दिल्ली में जितने कमर्शियल कंपलेक्स हैं, होटल हैं, उन्हें भी अनिवार्य होगा कि स्मॉग गन लगाई जाए. दिल्ली में जो खाली लैंड है, उसमें नए जंगल तैयार किए जाएंगे ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके. हम क्लाउड सीडिंग को लेकर भी काम करना शुरू करेंगे. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जब दिल्ली में प्रदूषण सबसे अधिक होगा तब क्लाउड सीडिंग के माध्यम से प्रदूषण को कम किया जा सके. दिल्ली में जो नई हाई राइज बिल्डिंग बन रही है, उसके लिए भी नए नियम लागू होंगे. हमारा एक ही लक्ष्य है, जो प्रदूषण कर रहा है समाधान भी वही देगा. जब हम अपने राज्य का प्रदूषण कम करेंगे तभी हम दूसरे राज्यों को बोल पाएंगे. दिल्ली का अपना प्रदूषण भी 50 फ़ीसदी से ज्यादा है. हमने अपनी अथॉरिटी को कहा है कि सरकार पूरी तरीके से सपोर्ट करने के लिए तैयार है.

कोरोना टीकाकरण के लिए केंद्र से मिले पैसे को भी केजरीवाल सरकार नेकाफी समय तक अटकाए रखा: सीएजी रिपोर्ट

नई दिल्ली नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था की कलई खोल दी है। पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान दिल्ली में अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी, ऑपरेशन थियेटर बंद होने और दवाओं की किल्लत का खुलासा किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से शुक्रवार को विधानसभा के पटल पर रखी गई रिपोर्ट में कोरोना काल में भी कुप्रबंधन का जिक्र किया गया है। सीएजी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौरान दिल्लीवालों के टीकाकरण के लिए जो पैसा केंद्र सरकार ने जारी किया था उसे भी तब की सरकार ने काफी समय तक अटकाए रखा। केंद्र से जो पैसा जनवरी और मार्च 2021 में मिला उसे अप्रैल और मई में आगे बढ़ाया गया। सीजएजी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टीकाकरण के लिए मिला पूरा पैसा खर्च भी नहीं हुआ। सीएजी की रिपोर्ट में पेज नंबर 125 पर कोरोना टीकाकरण के लिए पैसा जारी करने में देरी की बात कही गई है। कैग ने कहा है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘कोविड-19 टीकाकरण के लिए दिल्ली सरकार को सहायता अनुदान आवंटित किया था, जिसे उसे दिल्ली स्टेट हेल्थ सोसाइटी (डीएसएचएस) को बढ़ाना था।’ सीएजी ने कहा है कि डीएसएचएस के आय-व्यय खाते (2020-21) और अन्य संबंधित आवंटन आदेशों से पता चला कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो किस्तों में 9.60 करोड़ रुपए सहायता के रूप में आवंटित किए गए। जनवरी 2021 में 3.46 करोड़ और मार्च 2021 में 6.14 करोड़ रुपए जारी किए गए, लेकिन यह पैसा दिल्ली सरकार ने डीएसएचएस को अप्रैल और मई 2021 में दिया। डीएसएचएस ने यह फंड इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटीज को भेजा। उपयोगिता सर्टिफिकेट के मुताबिक मार्च 2022 तक 9.60 करोड़ रुपए में से 7.93 करोड़ रुपए ही खर्च हो पाए थे। गौरतलब है कि कोरोना महामारी का दिल्ली में घातक प्रभाव हुआ था। इसकी वजह से हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। देशभर में टीकाकरण के बाद संक्रामक महामारी पर काबू पाया जा सका।

दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे पर आई सीएजी की रिपोर्ट में फंड का कम इस्तेमाल और कोरोना कुप्रबंधन को उजागर किया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पेश की, जिसमें कई तरह की खामियों को उजागर किया है। दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे पर आई सीएजी की रिपोर्ट में फंड का कम इस्तेमाल और कोरोना महामारी के कुप्रबंधन को उजागर किया गया है। 255 पन्नों की इस रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर खामियां हैं, जिनमें स्टाफ की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता, अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं और वित्तीय कुप्रबंधन शामिल हैं। 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए इस ऑडिट रिपोर्ट में कोरोना महामारी से निपटने के इंतजाम और मोहल्ला क्लीनिक को लेकर कई अहम बातें हैं।

यमुना नदी की सफाई के लिए ‘यमुना मास्टर प्लान’ तैयार, जल्द ही पीएम मोदी की मंजूरी के लिए होगा पेश

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यमुना नदी को साफ और स्वच्छ बनाने का वादा जनता से किया था। चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद अब यह जिम्मेदारी नई भाजपा की सरकार की हो गई है कि यमुना को साफ करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसको लेकर अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। अब एक सुखद खबर सामने आ रही है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में यमुना नदी की सफाई करने के लिए एक ‘यमुना मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इसे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। मिडिया ने रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। आपको बता दें कि यमुना की सफाई बीजेपी के साथ-साथ आप (AAP) के लिए भी प्रमुख चुनावी मुद्दा था। पिछले सप्ताह, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी वादे के तहत दिल्ली में यमुना की सफाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, ‘यमुना मास्टर प्लान’ के लिए जल शक्ति मंत्रालय ने विशेषज्ञों से परामर्श किया है। इन्हीं विशेषज्ञों ने गुजरात के साबरमती नदी किनारे एक रिवर फ्रंट बनाया था। इसके अलावा मंत्रालय द्वारा कुछ बैठकें भी आयोजित की गईं। आपको बता दें कि यमुना सफाई परियोजना के चार प्रमुख तत्व हैं। कचरे और कीचड़ का निष्कासन, प्रमुख नालों की सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कड़ी निगरानी और इसका विस्तार। दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद रेखा गुप्ता ने अपनी कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर वसुदेव घाट पर यमुना आरती की। दिल्ली बीजेपी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में सीएम के अलावा दिल्ली बीजेपी प्रभारी बैजयंत जय पांडा, परवेश वर्मा, आशीष सूद, मंजींदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा जैसे मंत्री आरती करते हुए देखे गए। यमुना में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर दोनों दोलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित हरियाणा दिल्ली की जल आपूर्ति को बाधित करके यमुना में “जहर” मिला रहा है। हालांकि हरियाणा ने इसका पुरजोर तरीके से खंडन किया। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली की बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की संभावना है। इसमें यमुना की सफाई भी शामिल है। जस्टिस बीआर गवई और ऑगस्टिन जॉर्ज मासिह की पीठ ने यह टिप्पणी ‘प्रदूषित नदियों का सुधार’ मामले की सुनवाई के दौरान की।

CAG की रिपोर्ट ने खोली दिल्ली की वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल, मोहल्ला क्लीनिक में टॉयलेट नहीं, अस्पताल में डॉक्टर नहीं

नई दिल्ली दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्र सरकार से मिले 787.91 करोड़ रुपये में से सिर्फ 582.84 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए, जबकि बाकी राशि बिना उपयोग के रह गई। इसके चलते कोरोना संकट के दौरान जरूरी सुविधाओं की भारी कमी रही। फंड की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती और वेतन के लिए मिले 52 करोड़ रुपये में से 30.52 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं किए गए। इससे साफ है कि सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त भर्ती नहीं की, जिससे महामारी के दौरान लोगों को इलाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी तरह दवाओं, पीपीई किट और अन्य मेडिकल सप्लाई के लिए मिले 119.85 करोड़ में से 83.14 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हुए। सरकारी अस्पतालों में बेड की भारी कमी दिल्ली सरकार ने 2016-17 से 2020-21 के बीच 32,000 नए बेड जोड़ने का वादा किया था, लेकिन सिर्फ 1,357 बेड ही जोड़े गए, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 4.24% है। राजधानी के कई अस्पतालों में बेड की भारी कमी देखी गई, जहां बेड ऑक्यूपेंसी 101% से 189% तक रही, यानी एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को रखा गया या मरीजों को फर्श पर इलाज कराना पड़ा। अस्पतालों की परियोजनाओं में देरी और लागत में भारी इजाफा रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दिल्ली में तीन नए अस्पताल बनाए गए, लेकिन सभी प्रोजेक्ट पहले की सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए थे। इनके निर्माण में 5 से 6 साल तक की देरी हुई और लागत भी बढ़ गई।     इंदिरा गांधी अस्पताल: 5 साल की देरी, लागत 314.9 करोड़ रुपये बढ़ी।     बुराड़ी अस्पताल: 6 साल की देरी, लागत 41.26 करोड़ रुपये बढ़ी।     एमए डेंटल अस्पताल (फेज-2): 3 साल की देरी, लागत 26.36 करोड़ रुपये बढ़ी। डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी-     दिल्ली के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभागों में 8,194 पद खाली पड़े हैं।     नर्सिंग स्टाफ की 21% और पैरामेडिकल स्टाफ की 38% कमी है।     राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की 50-74% कमी पाई गई।     नर्सिंग स्टाफ की 73-96% तक भारी कमी दर्ज की गई। सर्जरी के लिए लंबा इंतजार, कई उपकरण खराब     लोक नायक अस्पताल में बड़ी सर्जरी के लिए 2-3 महीने और बर्न व प्लास्टिक सर्जरी के लिए 6-8 महीने का इंतजार करना पड़ा।     चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय (CNBC) में पीडियाट्रिक सर्जरी के लिए 12 महीने का इंतजार करना पड़ा।     CNBC, RGSSH और JSSH जैसे अस्पतालों में कई एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनें बेकार पड़ी रहीं। जरूरी सेवाओं की कमी और बदहाल मोहल्ला क्लीनिक-     27 अस्पतालों में से 14 में ICU सेवा उपलब्ध नहीं थी।     16 अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं थी।     8 अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई नहीं थी।     12 अस्पतालों में एंबुलेंस की सुविधा नहीं थी।     CATS एंबुलेंस भी जरूरी उपकरणों के बिना चलाई जा रही थीं। मोहल्ला क्लीनिकों की स्थिति भी खराब पाई गई     21 मोहल्ला क्लीनिकों में शौचालय नहीं थे।     15 क्लीनिकों में बिजली बैकअप की सुविधा नहीं थी।     6 क्लीनिकों में डॉक्टरों के लिए टेबल तक नहीं थी।     12 क्लीनिकों में दिव्यांगों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। CAG रिपोर्ट ने दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उजागर कर दी है। कोविड काल में सरकार द्वारा मिले फंड का सही इस्तेमाल नहीं करना, अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं की भारी कमी, स्टाफ की भारी किल्लत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी इस लापरवाही को लेकर अब सरकार को जवाब देना होगा।

बीजेपी निर्वाचन क्षेत्र में एक भी नहीं लगाया गया सीसीटीवी कैमरा, अब इस मामले की होगी जांच, PWD मंत्री ने दिए आदेश

नई दिल्ली दिल्ली के पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण मंत्री) प्रवेश साहिब सिंह ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि पिछली आप सरकार के दौरान भाजपा विधायकों के आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए, इसकी जांच की जाएगी। दिल्ली विधानसभा में इस मुद्दे पर संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अब प्राथमिकता होगी। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि राजनीतिक पूर्वाग्रह के कारण सुरक्षा उपायों से समझौता न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बीजेपी निर्वाचन क्षेत्र में एक भी नहीं लगाया गया सीसीटीवी कैमरा भाजपा के विश्वास नगर से विधायक ओपी शर्मा ने विधानसभा सदन में यह मामला उठाया और आरोप लगाया कि आप सरकार के तहत उनके निर्वाचन क्षेत्र में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया। उन्होंने मामले की केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से जांच की मांग की। इस दावे का समर्थन करते हुए लक्ष्मी नगर विधायक अभय वर्मा ने साफ किया कि भाजपा विधायकों ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था और अदालत के आदेश और मुख्य सचिव की सिफारिश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। BJP विधायकों के आठ विधानसभा क्षेत्रों को किया गया नजरअंदाज विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में 2,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन पिछली सरकार ने भाजपा विधायकों के आठ विधानसभा क्षेत्रों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि आप ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगाने के लिए 1.40 लाख कैमरे खरीदे, फिर भी इन आठ सीटों को बाहर रखा गया। इन चिंताओं का जवाब देते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री पवर्मा ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों को परिणाम भुगतने होंगे।

मोहन सिंह बिष्ट बने दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, आतिशी को मिली नेता प्रतिपक्ष की मान्यता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी को विपक्षी दल के नेता के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह निर्णय विधानसभा सदस्य आतिशी, जो सदन में सरकार के विपक्ष में सर्वाधिक सदस्यों वाले दल की नेता हैं, को दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के लिए लिया गया। इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ने 2001 के ‘विधानसभा नेता प्रतिपक्ष (वेतन एवं भत्ते) अधिनियम, 2001’ की धारा-2 के तहत आतिशी को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी। दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 में आम आदमी पार्टी (आप) को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी शिकस्त मिली। इस हार के बाद आतिशी मुख्यमंत्री पद से हट गईं, लेकिन उनकी सैलरी और भत्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को समान वेतन और सुविधाएं मिलती हैं। इसका मतलब यह है कि भले ही अब आतिशी मार्लेना की मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन गई हो, उनकी सैलरी, भत्तों और सुविधाओं में किसी तरह की कोई कटौती नहीं होगी। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, यह पहले से ही तय था कि विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें यह कुर्सी छोड़नी होगी। चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़ा और पार्टी ने आतिशी को नेता प्रतिपक्ष बना दिया। इसी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री के समान वेतन और अन्य भत्ते मिलते रहेंगे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत तमाम दिग्गज नेताओं के हारने के बाद विधानसभा पहुंची आतिशी ही वह नेता थीं, जिसे आम आदमी पार्टी ने सर्वसम्मति से अपने दल का नेता चुना था।  दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से विधायक मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर चुना गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर बनाने का प्रस्ताव रखा था। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रस्ताव को समर्थन दिया था। वहीं, दिल्ली विधानसभा में वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता स्पीकर हैं। करावल नगर से कई बार विधायक रह चुके हैं मोहन सिंह बिष्ट दिल्ली की सियासत में अनुभवी नेता माने जाते हैं। वह करावल नगर विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, इस बार वो मुस्तफाबाद सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के आदिल अहमद खान को 17 हजार से अधिक वोट से शिकस्त दी थी। करावल नगर से कपिल मिश्रा को टिकट मिला करावल नगर सीट से मोहन सिंह बिष्ट ने पहली बार 1998 में चुनाव जीता था और 2015 तक इस सीट से विधायक रहे। 2015 के चुनाव में उन्हें कपिल मिश्रा के हाथों शिकस्त मिली थी। तब कपिल मिश्रा ‘आप’ के टिकट पर चुनाव लड़े थे। बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद मोहन बिष्ट ने एक बार फिर 2020 में करावल नगर सीट से जीत दर्ज की, जबकि 2025 के चुनाव में उन्हें मुस्तफाबाद से टिकट मिला और यहां से चुनाव जीते। बीजेपी ने इस बार कपिल मिश्रा को करावल नगर से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने यहां बड़े अंतर से जीत दर्ज की और रेखा गुप्ता की सरकार में मंत्री बने। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत बता दें कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटें मिलीं। राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में बीजेपी 27 सालों के बाद वापसी की है।

17 वर्षीय युवक चार पैरों के साथ जी रहा था, दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने सर्जरी कर दिया नया जीवन

नई दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के सर्जन एक अभूतपूर्व सर्जिकल केस में सफल रहे हैं। उन्होंने उन्नाव (उत्तर प्रदेश) के 17 वर्षीय युवक से उसके परजीवी जुड़वां भाई के अवशेषों को निकालने में सफलता हासिल की। इस युवक के शरीर में एक अविकसित जुड़वां भाई था, जिसकी एक जोड़ी पैर और अविकसित पुरुष जननांग युवक के धड़ से बाहर निकले हुए थे। यह जन्मजात समस्या थी, जिससे युवक को 17 वर्षों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। जटिल सर्जरी युवक के शरीर में जुड़वां भाई के अविकसित अवशेष होने के कारण उसकी जीवनशैली में कई कठिनाइयां थीं। इसके कारण युवक को शारीरिक और मानसिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता था और उसकी पढ़ाई भी आठवीं कक्षा में ही छूट गई थी। ऐसे मामलों में सर्जरी एक कठिन चुनौती होती है, क्योंकि इसमें नसों का जाल और अंगों को अलग करने की प्रक्रिया बहुत जटिल होती है। इस मामले में, एम्स के सर्जनों को छाती की दीवार, आंतों और किडनी के पास के टिशूज को अलग करना था। इस विशेष सर्जरी में युवक के अविकसित अंग न केवल बाहर निकले थे, बल्कि उनमें स्पर्श और दर्द का अहसास भी होता थाऔर समय के साथ यह अंग बढ़ते जा रहे थे। इनमें अविकसित पुरुष जननांग भी शामिल थे, जो युवक के लिए एक मानसिक चुनौती बन गए थे। सफल ऑपरेशन एम्स के डॉक्टरों की एक टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को आठ फरवरी 2024 को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह सर्जरी विशेष रूप से महत्वपूर्ण और दुर्लभ मानी जा रही है, क्योंकि दुनिया में इस तरह के केवल 40 मामले ही सामने आए हैं। इस प्रकार के ऑपरेशन में एक जुड़वां भाई विकसित हो जाता है, जबकि दूसरा अविकसित रहता है और शरीर में अलग तरह की जटिलताएं पैदा करता है। अब, युवक को एक नया जीवन मिला है और वह शारीरिक और मानसिक रूप से पहले से अधिक स्वतंत्र महसूस कर रहा है। उसे अब न केवल अपनी जिंदगी में एक नया मौका मिला है, बल्कि उसकी आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई है।  

आतिशी मार्लेना की कुर्सी भले ही छिन गई, लेकिन उनके वेतन, भत्तों और सुविधाओं में कटौती नहीं होगी

  नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की हार के बाद आतिशी मार्लेना की मुख्यमंत्री की कुर्सी भले ही छिन गई, लेकिन उनके वेतन, भत्तों और सुविधाओं में कटौती नहीं होगी। इसकी वजह यह है कि दिल्ली में मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष के लिए वेतन और भत्ते एक जैसे हैं। इनके अलावा डिप्टी स्पीकर और मंत्रियों के लिए भी यही वेतन-भत्ते लागू हैं। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं आतिशी का चुनाव बाद इस पद से हटना तय था। यदि चुनाव में आम आदमी पार्टी की भी जीत हुई होती तो भी उन्हें सीएम की कुर्सी छोड़नी थी। पार्टी ने घोषणा की थी कि यदि चुनाव में जीत मिली तो अरविंद केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। ‘आप’ की हार के बाद ‘आप’ को विपक्ष में बैठना पड़ा है। ऐसे में पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और चुने हुए विधायकों ने आतिशी को नेता विपक्ष के रूप में स्वीकार किया। नेता विपक्ष की कुर्सी मिलने से यह तय हो गया कि उन्हें पहले की तरह वेतन और अन्य भत्ते मिलते रहेंगे। दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में स्पीकर, डिप्टी, स्पीकर, मुख्यमंत्री-मंत्रियों और नेता विपक्ष की सैलरी और भत्ते समान हैं। मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं (14 फरवरी 2023 से लागू) मासिक वेतन– 60,000 प्रति माह निर्वाचन क्षेत्र भत्ता– 30,000 प्रति माह सचिवीय सहायता भत्ता– 25,000 प्रति माह प्रतिनिधिक भत्ता– 10,000 प्रति माह कुल वेतन और भत्ते– 25,000 प्रति माह अन्य सुविधाएं और भत्ते सरकारी वाहन, चालक और 700 लीटर तक पेट्रोल मुफ्त। यदि स्वयं का वाहन उपयोग किया जाए, तो 10,000 प्रति माह का वाहन भत्ता। दैनिक भत्ता – 1,500 प्रति दिन (पूरे कार्यकाल के दौरान)। डाटा एंट्री ऑपरेटर का वेतन प्रति माह 30,000 तक (दो ऑपरेटरों के लिए, प्रत्येक को 15,000)। एकमुश्त भत्ता– 1,00,000 का भुगतान लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, मोबाइल आदि की खरीद के लिए। कार के लिए अडवांस 12,00,000 तक का अग्रिम ऋण वाहन खरीदने के लिए, जिसे कार्यकाल के दौरान चुकाना होगा।ब्याज दर और वसूली का तरीका सरकार तय करेगी, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता होगी। आवास और बिजली और इलाज सरकारी आवास की सुविधा दी जाती है। यदि किराये पर रह रहे हैं तो अधिकतम 20 हजार रुपए मासिक दिए जाते हैं। यदि स्वयं के मकान में रहते हैं, तो उसकी दर की गणना कर उतनी ही राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री को प्रतिमाह 5000 यूनिट और मंत्रियों को 3 हजार यूनिट प्रतिमाह बिजली का खर्च। इसके अलावा सालाना एक लाख रुपए भारत में यात्रा के लिए दिए जाते हैं।

दिल्ली के सेलेक्ट सिटी मॉल के सिनेमा हॉल में लगी आग, फिल्म ‘छावा’ देख रहे दर्शकों में मची अफरा-तफरी

नई दिल्ली दिल्ली के साकेत स्थित मशहूर सेलेक्ट सिटी मॉल में एक सिनेमाघर में आग लग गई. बुधवार (26 फरवरी) को हुई इस घटना की जानकारी मिलने के बाद छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आग पर काबू पा लिया गया. दिल्ली फायर सर्विस ने इसकी जानकारी दी. राजधानी दिल्ली के सेलेक्ट सिटी मॉल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बुधवार शाम 5:44 बजे इस मॉल के एक सिनेमाघर में आग लग गई. इस घटना को लेकर मॉल प्रशासन की ओर से इसकी सूचना दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग को दी गई. इसके बाद 6 फायर टेंडर्स को मौके पर भेजा गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता से काम करते हुए आग पर काबू पाया. आग की घटना में कोई हताहत नहीं जानकारी के अनुसार आग सेलेक्ट सिटी मॉल में स्थित पीवीआर ऑडी-3 सिनेमाघर के स्क्रीन में लगी थी. राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं. आग की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन घटना के समय मॉल में ज्यादा भीड़ नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया. विकी कौशल की फिल्म ‘छावा’ की चल रही थी स्क्रीनिंग बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति यह हादसा हुआ उसे वक्त पीवीआर स्क्रीन नंबर 3 पर अभिनेता विकी कौशल की बहुचर्चित फिल्म ‘छावा’ की स्क्रीनिंग चल रही थी. इस दौरान अचानक से पर्दे पर आग लग गई. सिनेमा हॉल में मूवी देख रहे लोगों में भगदड़ मच गई. हालांकि सिनेमा हॉल में कई सारे एग्जिट गेट होने के चलते सभी लोग बड़ी आसानी से सिनेमाघर से बाहर निकल गए. सलेक्ट सिटी मॉल में सामान्य स्थिति बहाल आग बुझाने के बाद फायर ब्रिगेड द्वारा स्थिति का निरीक्षण किया गया और मॉल में सुरक्षा उपायों को लेकर अधिकारियों को सूचित किया गया. फिलहाल मॉल में सामान्य स्थिति बहाल है. दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया, ”इस पूरे घटनाक्रम में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. आग बहुत ही छोटी थी जिस पर दमकल कर्मियों ने कुछ ही देर में काबू पा लिया”. बता दें कि दिल्ली के उपहार सिनेमा हॉल में 1997 में लगी आग में करीब 60 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी.

केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे उसका दो साल का बिल 41 लाख रुपए, भाजपा ने दागे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली में सरकार चलाते हुए जनता के लिए 200 यूनिट खपत पर बिजली मुफ्त करने वाले अरविंद केजरीवाल अब अपने ही बिल को लेकर घिर गए हैं। अत्यधिक बिजली खपत का आरोप लगा भाजपा उन पर सवाल उठा रही है। भाजपा को यह मौका सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब से मिला है, जिसमें दिल्ली सरकार ने बताया है कि अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे उसका दो साल का बिल 41 लाख रुपए से अधिक का था। आरटीआई एक्टिविस्ट कन्हैया कुमार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया कि अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2024 के बीच 6 फ्लैग स्टाफ रोड के बंगले में 41.5 लाख रुपए की बिजली खपत हुई। इस बंगले को भाजपा और कांग्रेस की ओर से शीशमहल कहा जाता है। बंगले में सुख-सुविधा पर करोड़ों रुपए खर्च का आरोप है और इसकी जांच चल रही है। आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल के बंगले में दो साल में 560335 यूनिट की बिजली खपत की गई, जिसका बिल 41,51,350 रुपए है। इस लिहाज से औसत निकालें तो हर दिन करीब 767 यूनिट बिजली खपत की गई, जिसका मूल्य करीब 5700 रुपए है। दिल्ली में CM के लिए कितनी बिजली मुफ्त दिल्ली विधानसभा की वेबसाइट पर मंत्रियों और मुख्यमंत्री के वेतन और भत्ते की विस्तार से जानकारी दी गई है। इसमें मुफ्त बिजली का भी जिक्र है। इसमें बताया गया है मुख्यमंत्री को हर महीने 5000 यूनिट बिजली के बिल के लिए प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) का प्रावधान है, जबकि मंत्रियों के लिए सीमा 3000 यूनिट मासिक है। इस लिहाज से देखें तो अरविंद केजरीवाल के लिए हर महीने 5000 यूनिट बिजली मुफ्त थी जबकि उनकी खपत औसतन करीब 21000 यूनिट मासिक थी। भाजपा का तीखा हमला आरटीआई जवाब के बहाने भाजपा अब केजरीवाल पर हमलावर है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने एक वीडियो में कहा, ‘शीशमहल के खर्च की कहानी तो हम सबने सुनी है। हमें पता है कि किस तरह केजरीवाल ने जनता के 45 करोड़ रुपए इस पर खर्च किए। पर अब एक और चौंकाने वाली खबर है। आरटीआई दिखाती है कि 2 साल में मुख्यमंत्री निवास में बिजली का बिल 41.5 लाख रुपए का था। 5.60 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई। हर दिन 5700 रुपए का प्रतिदिन है। आप समझ सकते हैं कि कितने एसी नॉन स्टॉप चल रहे ते। यह वही केजरीवाल है जिसने करोड़ों रुपए खर्च किए अपने ऐशो-आराम पर। वैगनार कार में घूमते थे और फिर 1.5 करोड़ रुपए की गाड़ी खरीद ली वह भी आरटीआई से सामने आया था। शीशमहल की कहानी दरअसल बंगले नहीं मानसिकता के रेनोवेशन की है।’

दिल्ली पुलिस के SHO CL मीणा की वकीलों ने पिटाई की, पुरानी रंजिश का मामला

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में  सुबह दिल्ली पुलिस के SHO की पिटाई होने की खबर आग की तरह सोशल मीडिया पर फैली। मगर अधिकारिक तौर पर मामले में किसी ने कुछ नहीं कहा। यहां तक की पीड़ित खुद भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ। सबसे पहले अपने पाठकों को बताने जा रहा है कि आखिरकार उस दिन कोर्ट में हुआ क्या था। सान्ध्य टाइम्स संवाददाता के हाथ इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी लगी है। जिसमें SHO की आपबीती दर्ज है। SHO मारपीट में जमीन पर गिरे एफआईआर के मुताबिक, 54 वर्षीय पीड़ित इंस्पेक्टर सीएल मीणा इन दिनों सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के कमला मार्केट थाने में तैनात हैं। सोमवार सुबह वह साल 2014 में शकरपुर थाने में दर्ज हुए धोखाधड़ी के एक मामले में सुनवाई पर आए थे। कोर्ट नंबर 32 में सुनवाई के बाद वह करीब 11:30 बजे वापस लौट रहे थे। आरोप है कि वह अभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग, पोस्ट ऑफिस के सामने पहुंचे ही थे कि तभी उन्हें आरोपी वकील और उसके साथियों ने घेर लिया। मुख्य आरोपी उनका हाथ खींचकर उन्हें घसीटने लगा और कहने लगा आज हम तुझे छोड़ेंगे नहीं। इसके बाद सभी ने SHO को लात-घूंसे मारने शुरू कर दिए। इस दौरान कई वकील उन्हें घेरे खड़े रहे। वकीलों ने पिटाई कर उनकी वर्दी तक फाड़ दी। SHO जमीन पर गिर गए। फिर भी आरोपी रुके नहीं। आरोपी ने पर्स भी छीना आरोपी उन्हें पीटते रहे और गालियां देते रहे। मुख्य आरोपी ने उनका पर्स भी छीन लिया। जिसमें पीड़ित का आधार कार्ड, सीजीएचएस कार्ड, दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब सात हजार रुपये कैश थे। पीड़ित के दोनों मोबाइल भी वहां गिर गए। अब कुछ और वकील आए और उन्होंने SHO को भीड़ से बचाकर कोर्ट के गेट नंबर-4 से बाहर किया। एक वकील ने उनके दोनों मोबाइल लौटाए। वकील ने बोला, ये उसे जमीन पर पड़े मिले थे। इसके बाद SHO ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल की। हेडगेवार अस्पताल में मेडिकल करवाया और फिर थाने में जाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। जिस पर मुख्य आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। SHO से पुरानी रंजिश वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि SHO की आरोपियों से कोई पुरानी रंजिश है। किसी गाड़ी को लेकर इनके बीच थाने में बहसबाजी हुई थी। उसी का बदला लेने के लिए मारपीट की गई। गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ है। मगर उन धाराओं में सात साल से कम सजा होने का प्रावधान है। इस कारण आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस बार को आरोपी के खिलाफ शिकायत देगी। वहीं इस पूरे मामले पर पीड़ित SHO से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मैं कुछ नहीं बोल पाउंगा।

भ्रष्ट केजरीवाल सरकार की शराब नीति के चलते 2,002.68 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ: वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) पर शराब घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगाया। सचदेवा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत सीएजी रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भ्रष्ट केजरीवाल सरकार की शराब नीति के चलते 2,002.68 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। सचदेवा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की सरकार ने इस रिपोर्ट को टेबल करने से बार-बार बचने की कोशिश की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब घोटाले की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया है और अब सब कुछ सामने आ रहा है। ये भ्रष्टाचारियों के कार्य हैं, जिनका पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि वह पहले से ही आरोप लगाते रहे हैं कि अगर दिल्ली में कोई शराब का दलाल है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। इस रिपोर्ट में साफ तौर पर यह साबित हो रहा है कि कैसे दिल्ली सरकार को 2002.68 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लॉस हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि रेवेन्यू लॉस तो एक हिस्सा है, असल में भ्रष्टाचार और लूट तो और भी ज्यादा है, जो इन लोगों ने की है। सचदेवा ने आगे कहा कि रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शराब की दुकानों के लिए गलत नियम बनाए गए थे और पूरे क्षेत्र में कानून का उल्लंघन किया गया। दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत सीएजी रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया कि दिल्ली की आप-दा सरकार की ‘शराब नीति’ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की महाभ्रष्ट जुगलबंदी का परिणाम थी। इन्होंने एकाधिकार को बढ़ावा दिया, कुछ ही कंपनियों को शराब आपूर्ति का पूरा नियंत्रण मिला। इंडोस्पिरिट, महादेव लिकर और ब्रिंडको ने 71 फीसदी सप्लाई पर कब्जा जमाया। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में कैबिनेट प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया। बिना कैबिनेट और एलजी की मंजूरी के शराब नीति में बड़े बदलाव किए गए। शराब की अवैध दुकानें खोली गईं, रिहायशी इलाकों में एमसीडी-डीडीए की ब‍िना मंजूरी के ठेके खोल दिए गए, एमसीडी ने 4 अवैध दुकानें सील कीं। सचदेवा ने कहा कि कोरोना महामारी की आड़ में शराब व्यापारियों को छूट दी गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह पैसा सीधे तौर पर मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की जेब में जा रहा था। सरकारी विभागों में जमा किए गए डिपॉजिट का लाभ इन नेताओं ने उठाया, इससे सरकार को 27 करोड़ रुपये का और नुकसान हुआ।

विजेंद्र गुप्ता ने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा

नई दिल्ली लगातार रोहिणी विधानसभा सीट से तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का स्पीकर चुना गया। उन्होंने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा। ऐसे में दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया तो विजेंद्र गुप्ता ने सदन में हंगामा कर रहे ‘आप’ विधायकों को पहले तो चेतावनी दी, फिर विधायकों को बाहर निकालने के लिए मार्शलों का सहारा लिया। सदन की कार्यवाही में हंगामा मचाने के आरोप में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को तीन दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। वहीं, दिल्ली विधानसभा का यह विशेष सत्र तीन दिनों के लिए बढ़ा भी दिया गया है। यानी विपक्षी विधायक अब सोमवार तक सदन की कार्यवाही मे सम्मलित नहीं हो पाएंगे। वैसे मंगलवार को आम आदमी पार्टी के एक विधायक अमानतुल्लाह खान विधानसभा में उपस्थित नहीं थे, इसलिए उन्हें निलंबित नहीं किया गया। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की लहर के बीच भी विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से चुनकर आए। उन्होंने 2015 से 2020 के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। फिर पिछले अगस्त के महीने से भी वह कुछ समय के लिए नेता प्रतिपक्ष रहे। वह दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 1997 में एक पार्षद के तौर पर उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। जबकि 2013 में नई दिल्ली सीट से वह अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पहला विधानसभा चुनाव लड़े और हार गए थे। वह इससे पहले डीडीए के मेंबर भी रहे और एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। जून 2015 का वह दिन जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को सरकार का विरोध करने के लिए मार्शल द्वारा घसीट कर सदन से बाहर निकाला गया था। उस दिन वह सरकार से चौथे दिल्ली वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद अक्टूबर 2016 में वह सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक मेज पर चढ़ गए। वह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सदन में पेश करने पर जोर दे रहे थे और उन्हें एक बार फिर जबरन सदन से बाहर निकाला गया था। यानी दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने जिस बात का अंदेशा सोमवार को लगाया था। वह काम विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को करके अपना बदला ले लिया। रेखा गुप्ता ने सोमवार को ही बोल दिया था कि ‘आप’ विधायकों का अब अपना व्यवहार सदन में सही रखना होगा। ऐसे में मंगलवार को जब उपराज्यपाल के अभिभाषण के बीच में ही आम आदमी पार्टी के विधायक हंगामा करने लगे तो विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें समझाने की खूब कोशिश की और शांत रहने की अपील करते रहे। लेकिन, जब इस पर भी ‘आप’ विधायक नहीं माने तो विजेंद्र गुप्ता ने मार्शल बुलवाकर ‘आप’ विधायकों को सदन से बाहर निकलवा दिया। इसके बाद ‘आप’ के जो बचे विधायक थे वह सीएम रेखा गुप्ता के द्वारा सीएजी की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखते समय हंगामा करने लगे तो एक बार फिर विजेंद्र गुप्ता ने ‘आप’ के बचे विधायकों को मार्शल के सहारे बाहर का रास्ता दिखा दिया और उनको तीन दिन के लिए सदन की कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया। इस तरह मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आखिरकार अपना बदला ले ही लिया। राष्ट्रीय राजधानी में करीब 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी हुई है, जिसमें से 12 साल तक राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में आम आदमी पार्टी का कब्जा रहा है। सदन में उस समय विपक्ष इतना मजबूत नहीं था। 2015 में तो भाजपा के केवल तीन विधायक थे, जिसमें से विजेंद्र गुप्ता एक थे और वह नेता प्रतिपक्ष भी थे। लेकिन, तब आदमी पार्टी की सरकार के द्वारा हर सत्र से इसी तरह भाजपा नेताओं को मार्शल के द्वारा बाहर भेजा जाता था। वहीं, 2020 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के 62 और भाजपा के आठ विधायक थे। यह क्रम तब भी नहीं रूका और बार-बार सदन चलते समय मार्शल के द्वारा भाजपा नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाता रहा। याद कीजिए, जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और तारीख थी 30 नवंबर 2015, इस दिन ‘आप’ विधायक अलका लांबा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भाजपा विधायक ओपी शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। फिर इसको लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर राम निवास गोयल ने तब विजेंद्र गुप्ता से कहा था कि वह सदन से बाहर जाएं, लेकिन, उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद मार्शलों ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर बाहर निकाल दिया। यानी जिनको कभी मार्शल उठाकर सदन से बाहर फेंकते रहे, अब वही असेंबली के स्पीकर बनकर वापस आए हैं। बीते 10 साल में तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान कई ऐसे मौके आए, जब बीजेपी नेता को असेंबली से बाहर किया गया। विजेंद्र गुप्ता जब सोमवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष बने तो उस समय सीएम रेखा गुप्ता ने उन्हें बधाई देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के सामने ही पिछले सदन के दौरान हुए अपमान की भी याद दिलाई थी। मतलब साफ है कि भाजपा इस बार ‘आप’ के नेताओं के सदन में जारी अराजक रवैये को सहने के मूड में बिल्कुल नहीं नजर आ रही है।

केजरीवाल और सिसोदिया के लिए नई मुश्किलों का हो सकता है आगाज, PAC के पास जाएगी CAG की रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान लागू की गई नई शराब नीति पर नियंत्रक एवं मसहालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को काफी समय तक लंबित रहने के बाद मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया। रिपोर्ट में कई तरह की गड़बडियों और इससे सरकारी खजाने को 2000.68 करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही गई है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए प सरब्लिक अकाउंट्स कमिटी (पीएसी) के पास भेजने की बात कही है। माना जा रहा है कि इसके बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए नई मुश्किलों का आगाज हो सकता है, जो पहले भी इस मामले में जेल जा चुके हैं। दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इस रिपोर्ट पर अभी विधानसभा में और भी चर्चा होनी है। इसके बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए पीएएसी के पास भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, गुप्ता जल्द ही इस पर 12 सदस्यीय पीएसी का गठन कर सकते हैं, जिसमें भाजपा और ‘आप’ के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। पीएसी की जांच के बाद रिपोर्ट स्पीकर को सौंपी जाएगी और इसके बाद वह इस पर आगे ऐक्शन का आदेश दे सकते हैं। तलब किए जा सकते हैं केजरीवाल और सिसोदिया जानकारों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट पीएसी के पास जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आबकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्हें एक बार फिर इस मामले में सवाल-जवाब का सामना करना पड़ सकता है। पीएसी की ओर से उन्हें तलब किया जा सकता है। पीएसी के पास इस मामले से जुड़े लोगों को तलब करने का अधिकार है। पीएसी की ओर से अरविंद केजरीवाल के अलावा तब के जीओएम (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) को भी बुलाया जा सकता है। पीएससी की ओर से संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे स्पीकर को भेजा जाएगा। कमिटी इसमें सिफारिश करेगी कि आगे क्या कार्यवाही की जाए।

विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश, केजरीवाल कार्यकाल के दौरान जो लूट-खसूट की गई उसके कच्चे खुलेंगे चिट्ठे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में पिछली सरकार के दौरान हुए कामकाज को लेकर कई सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) रिपोर्ट को मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। पिछले 3 साल के 14 सीएजी रिपोर्ट लंबित हैं, जिन्हें भाजपा सरकार पटल पर रखने जा रही है। रिपोर्ट्स के सामने आने से पहले ही भाजपा सरकार आम आदमी पार्टी और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल पर आक्रामक है। रेखा गुप्ता सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि केजरीवाल को सारी लूट-करप्शन सामने आ जाने का डर था जिसकी वजह से वह इन रिपोर्ट्स को 3 साल तक दबाए बैठे रहे। सिरसा ने विधानसभा जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘आज दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए घोटालों को, जो कैग रिपोर्ट से सामने आई थी, जिसको तीन साल से दबा रखा था, एक-एक करके विधानसभा में पेश किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान जो दिल्ली में लूट-खसूट की गई उसके कच्चे चिट्ठे खुलेंगे।’ सिरसा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल इसलिए इन्हें दबाकर बैठे थे क्योंकि जो करप्शन करके उन्होंने दिल्ली को लूटा था वह कैग ने हाईलाइट करके निकाल लिया था। केजरीवाल जानते थे कि ये रिपोर्ट अगर सामने आ जाएगी, तो उनकी सारी लूट, खसूट के चिट्ठे सामने आ जाएंगे। लेकिन बचा नहीं पाए, सरकार बदल गई। केजरीवाल की पहली सरकार है जिसने कैग रिपोर्ट को भी टेबल नहीं किया और इसके लिए भी विपक्ष को हाई कोर्ट जाना पड़ा। सोचिए कितने कट्टर बेईमान हैं केजरीवाल कि कैग रिपोर्ट भी टेबल नहीं होने देते, तीन साल तक। जनता के सामने आएंगे काले कारनामे: सचदेवा दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने से पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इससे अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान हुए काले कारनामे सामने आएंगे। उन्होंने कहा, ‘सीएजी रिपोर्ट ‘आप’ के काले कारनामे का चिट्ठा है और हमने चुनाव में वादा किया था जिस-जिस ने भ्रष्टाचार किया है उसे जवाब देना पड़ेगा। तो आज हम उम्मीद करते हैं कि उपराज्यपाल के भाषण के बाद सीएजी रिपोर्ट पेश किया जाएगा तो जितने भी इनके काले कारनामे हैं वो दिल्ली की जनता के सामने आएगी।’

इसलिए दबाए रहे केजरीवाल; सिरसा बोले- CAG की 14 रिपोर्ट्स से खुलेगा लूट का चिट्ठा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। आज का सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक आज CAG की 14 रिपोर्ट में से सिर्फ एक ही रिपोर्ट ही पेश की जाएगी, जिसमें शराब घोटाला प्रमुख है। उसके बाद हो सकता है कि दूसरे दिन डीटीसी बसों को लेकर कैग की दूसरी रिपोर्ट पेश की जाए। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पर सीएजी की रिपोर्ट में वित्तीय घाटे का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि 2015-16 से 2021-22 तक, डीटीसी का संचयी घाटा 25,300 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 60,750 करोड़ रुपये हो गया। इसका प्रमुख कारण पुराना बेड़ा था, 45% बसें पुरानी हो चुकी थीं और उनके खराब होने का खतरा था, जिसके परिणामस्वरूप बेड़े का उपयोग कम हो रहा था। सूत्रों के अनुसार यह रिपोर्ट्स होंगी पेश 1. मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 2. 31 मार्च 2020 और 2021 को खत्म हुए साल के लिए राजस्व, आर्थिक, सामाजिक और सामान्य क्षेत्र और सार्वजनिक उपक्रम रिपोर्ट 3. 31 मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए दिल्ली में वाहन वायु प्रदूषण की रोकथाम और मिटिगेशन परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 4. 31 मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 5. मार्च 2022 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 6. दिल्ली में शराब आपूर्ति पर परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 7. मार्च 2023 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 8. सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 9. दिल्ली परिवहन निगम के कामकाज पर सीएजी की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 10. 31 मार्च 2022 के लिए सीएजी की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट सूत्रों ने बताया कि कुल 14 रिपोर्टों में से 4 रिपोर्ट फाइनेंस अकाउंट और अप्रोप्रीएशन (स्वायत्तीकरण) अकाउंट हैं, जिन्हें दिल्ली सरकार के लेखा नियंत्रक ने 2021-22 और 2022-23 के लिए तैयार किया है। इससे पहले, दिसंबर 2024 में, दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने विधानसभा के समक्ष सीएजी रिपोर्ट पेश करने में विफल रहने के लिए पूर्व सीएम आतिशी की निंदा की थी, जिसके कारण उन्होंने 19-20 दिसंबर को एक विशेष सत्र भी बुलाया था। पूर्व सीएम आतिशी को लिखे पत्र में, सक्सेना ने विधायिका के सामने वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट पेश करने के सरकार के संवैधानिक कर्तव्य पर जोर दिया था। उन्होंने पूर्व सीएम को याद दिलाया कि ये रिपोर्ट सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। सक्सेना ने बताया था कि लगातार याद दिलाने के बावजूद, सीएजी रिपोर्ट को दो साल तक रोककर रखा गया। उन्होंने इन रिपोर्टों को पेश करने में सरकार की विफलता को ‘जानबूझकर की गई चूक’ बताया और पारदर्शिता की कमी के लिए प्रशासन की आलोचना की। सीएम रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार पर लोगों की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है और कहा है कि उन्हें एक-एक पाई का हिसाब देना होगा। गुप्ता ने कहा, ‘हम दिल्ली से किए अपने वादों पर खरे उतरेंगे और उन्हें पूरा किया जाएगा।’ सीएम गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘सबसे अहम बात आने वाली है। हमने कहा था कि हमें पहले सत्र में सीएजी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखनी चाहिए। यह लोगों की मेहनत की कमाई है जिसका पिछली सरकार ने दुरुपयोग किया। उन्हें लोगों के सामने एक-एक पाई का हिसाब देना होगा।’

पीएम मोदी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में मरने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त

नई दिल्ली नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मचे भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई तो दर्जनों लोग घायल हो गए। घटना में जान गंवाने वाले अधिकतर लोग बिहार के हैं। 7 साल के बच्चे से लेकर 79 साल के बुजुर्गों तक ने घटना में अपनी जान गंवाई है। मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया गया है। मृतकों में 12 महिलाएं शामिल हैं तो 4 बच्चों को भी जान चली गई। भगदड़ में मारे गए बच्चों की उम्र 7 साल से लेकर 15 साल तक की है। 18 मृतकों में से 9 की पहचान बिहार निवासी के रूप में हुई है। बक्सर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के कई लोगों ने हादसे में अपनी जान गंवा दी। इनकी गई जान 1. आहा पत्नी पति रविंदे नाथ, निवासी बक्सर, उम्र- 79 साल 2. पिंकी पत्नी पति उपेंद्र शर्मा, निवासी संगम विहार दिल्ली, उम्र- 41 साल 3. शीला पत्नी पति उमेश गिरी, निवासी सरिता विहार दिल्ली, उम्र 50 साल 4. व्योम पुत्र धर्मवारी, निवासी बवाना दिल्ली, उम्र- 25 साल 5. पूनम देवी पत्नी मेघा नाथ, निवासी सारन बिहार, उम्र- 40 साल 6. ललिता देवी पत्नी संतोश, निवासी- पटना बिहार, उम्र- 35 साल 7. सुरुचि पुत्री मनोज शाह निवासी मुजफ्फरपुर बिहार, उम्र- 11 साल 8. कृष्णा देवी पत्नी विजय शाह, निवासी- समस्तीपुर बिहार, उम्र- 40 साल 9. विजय शाह पुत्र राम स्वरूप शाह निवासी- समस्तीपुर बिहार, उम्र- 15 साल 10. नीरज पुत्र इंद्रजीत पासवान, निवासी वैशाली बिहार, उम्र- 12 साल 11. शांति देवी पत्नी राज कुमार मांझी, निवासी- नवादा बिहार, उम्र 40 साल 12. पूजा कुमार पुत्री राज कुमार मांझी, नवादा बिहार, उम्र- 8 साल 13. संगीता मलिक पत्नी मोहित मलिक, निवासी- भिवानी हरियाणा, उम्र 34 साल 14. पूनम पत्नी वीरेंद्र सिंह, निवासी महावीर एनक्लेव उम्र 34 साल 15. ममता झा पत्नी विपिन झा, निवासी- नांगलोई दिल्ली, उम्र 40 साल 16. रिया सिंह पुत्री ओपिल सिंह, निवासी- सागरपुर दिल्ली, उम्र 7 साल 17. बेबी कुमारी पुत्री प्रभु शाह, निवासी- बिजवासन दिल्ली, उम्र- 24 साल 18. मनोज पुत्र पंजदेव कुशवाहा, निवासी नांगलोई दिल्ली, उम्र 47 साल प्रयागराज होते हुए बिहार जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी भी थी लेट शनिवार रात महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। प्लेटफॉर्म 14, 15 के बीच पुल पर भीड़ के अनियंत्रित हो जाने से सीढ़ियों पर खड़े लोग हादसे का शिकार हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस देरी से चल रही थीं और इन ट्रेन के यात्री भी प्लेटफार्म नंबर 12, 13 और 14 पर मौजूद थे। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस प्रयागराज होते हुए बिहार जाती है। बड़ी संख्या में लोग स्वतंत्रता सेनानी में बैठना चाहते थे। कई गाड़ियों के लेट होने के बीच जब एक स्पेशल ट्रेन की घोषणा हुई तो अधिक से अधिक लोग उसकी तरफ बढ़ना चाहते थे, जिससे यह हादसा हुआ। पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजन को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने घोषणा की। रेलवे ने कहा कि गंभीर रूप से घायलों को ढाई-ढाई लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपए दिए जाएंगे। भगदड़ की पुलिस ने शुरू की जांच दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ की घटना की रविवार को जांच शुरू कर दी जिसके तहत सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि अफरातफरी क्यों मची। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात भगदड़ मचने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने कहा, ‘हमारा मुख्य लक्ष्य भगदड़ के मुख्य कारण की जांच करना है। हम सीसीटीवी फुटेज और उस दौरान की गई घोषणाओं का सारा डेटा एकत्र करेंगे।’  नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में कई लोग घायल हैं, जिनका दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में इलाज चल रहा है। रेलवे ने हादसे की जांच के लिए कमिटी गठित कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, रेलवे की रिपोर्ट में सामने आया है कि स्टेशन पर इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ। रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। घंटेभर में 1500 जनरल टिकट बेचे गए रिपोर्ट में सामने आया है कि नई दिल्ली स्टेशन पर प्रयागराज के लिए ट्रेन आने वाली थी। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के लिए भारी संख्या में लोग शाम से ही स्टेशन पहुंचना शुरू हो गए थे। जिन लोगों के पास ट्रेन का कंफर्म टिकट था, उनके अलावा भी हजारों की तादाद में लोग प्लेटफॉर्म पर पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली स्टेशन पर एक घंटे में 1500 जनरल टिकट बेचे गए। ये संख्या बताती है कि स्टेशन पर यात्रियों की कितनी भारी भीड़ थी। अचानक कैसे मची भगदड़? जानकारी के अनुसार, भगदड़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर हुई। दरअसल 14 नंबर प्लेटफॉर्म पर प्रयागराज एक्सप्रेस आने वाली थी। वहीं 13 नंबर प्लेटफॉर्म पर बिहार के लिए आने वाली ट्रेन देरी से चल रही थी। इसके बाद अनाउंसमेंट हुआ कि प्लेटफॉर्म नंबर 16 से एक स्पेशल ट्रेन प्रयागराज के लिए चलेगी। घोषणा के बाद ही लोग प्लेटफॉर्म नंबर 14 से 16 की ओर बढ़ने लगे। प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर पहले से ही ओवर क्राउड था। भीड़ सीढ़ियों की मदद से ऊपर की ओर बढ़ी, वहीं सीढ़ियों पर पहले से ही पैर रखने की जगह नहीं थी। ऐसी धक्का-मुक्की में कुछ लोग बेहोश हो गए और नीचे गिर गए। लोगों को कुचलते हुए भीड़ आगे बढ़ने लगी। प्लेटफॉर्म पर भगदड़ की स्थिति हो गई।   रेलवे अधिकारी ने बताई भगदड़ की वजह उत्तर रेलवे के CPRO हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, “कल जब यह दुखद घटना हुई, उस समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 14 पर पटना की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस और प्लेटफार्म नंबर 15 पर जम्मू की ओर जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति खड़ी थी। इसी दौरान फुट ओवर ब्रिज से प्लेटफार्म नंबर 14-15 की ओर आने वाली सीढ़ियों पर यात्रियों के फिसलकर गिरने से उनके पीछे खड़े कई यात्री इसकी चपेट … Read more

दिल्ली के नए सीएम का नाम सभी जानना चाहते, 15 नाम तय किए जा चुके हैं, 9 मंत्री बनेंगे

नई दिल्ली दिल्ली के नए सीएम के लिए लगातार कयासों का दौर जारी है. बीजेपी में बैठकों का दौर जारी है. पीएम मोदी विदेश दौरे पर थे. वे अब भारत लौट आए हैं. अब विधायक दल के लिए पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जा सकती है. इसके बाद ही नए मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को बीजेपी के बैठक में 48 विधायकों में से 15 विधायकों की एक लिस्ट तैयार की गई है. इस लिस्ट से 9 विधायकों को सलेक्ट किया जाएगा, जो दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्री होंगे. मुख्यमंत्री बनने के रेस में कौन-कौन? सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर है कि दिल्ली के सीएम रेस में रेखा गुप्ता का नाम सबसे आगे है. वो एक महिला विधायक है. इनके अलावा आशीष सूद, जितेंद्र महाजन और राजकुमार भाटिया बीजेपी के पुराने पंजाबी चेहरे हैं. ब्राह्मण और संगठन के पुराने व्यक्ति में पवन शर्मा और सतीश उपाध्याय हैं. प्रवेश वर्मा जाट चेहरा हैं. विजेंद्र गुप्ता और मोहन सिंह बिष्ट के स्पीकर के लिए चुने की संभावना है. खबर है कि दिल्ली में 19 या 20 फरवरी को शपथग्रहण हो सकता है. आज 15 जनवरी है. इसका मतलब ये कि दिल्ली को 5 दिनों के अंदर नया मुख्यमंत्री मिल जाने की पूरी पूरी संभावना है. जानकारी ये भी है कि 17 या 18 फरवरी को बीजेपी विधायक दल की बैठक हो सकती है, उसमें सीएम के नाम पर मुहर लग सकती है. सूत्रों से खबर है कि 48 में से 15 विधायकों के नाम छांटे गए हैं, उसमें से 9 नाम शॉर्ट लिस्ट किए जाएंगे. फिर उन 9 में से ही मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर का नाम तय किया जाएगा. इन नामों की चर्चा तेज फिलहाल जिन नामों की चर्चा मुख्यमंत्री को लेकर हो रही है… उनमें रेखा गुप्ता, शिखा राय, प्रवेश वर्मा, मोहन सिंह बिष्ट, विजेंद्र गुप्ता, सतीश उपाध्याय, आशीष सूद और पवन शर्मा जैसे नाम शामिल हैं… पहले बात रेखा गुप्ता और शिखा राय की… रेखा गुप्ता आरएसएस के बैकग्राउंड से हैं. वो शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक बनीं हैं. दिल्ली नगर निगम में तीन बार की पार्षद हैं. वहीं एक और नाम है शिखा राय का.. जो तीन बार से विधायक हैं. इस बार उन्होंने ग्रेटर कैलाश सीट से कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज को हराया है. प्रवेश वर्मा भी रेस में दिल्ली की लड़ाई में इस बार सबसे अहम चेहरा रहे प्रवेश वर्मा भी रेस में हैं. नई दिल्ली सीट से उन्होंने केजरीवाल को चुनाव में हराया है. 2 बार के विधायक और 2 बार सांसद रह चुके हैं. दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं. 6 बार के विधायक हैं मोहन सिंह विष्ट एक नाम मोहन सिंह बिष्ट का है जो 6 बार के विधायक हैं. मूल रुप से उत्तराखंड के रहने वाले बिष्ट छात्र जीवन में ही आरएसएस से जुड़ गए थे. विजेंदर गुप्ता का नाम भी… दिल्ली बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाने वाले विजेंदर गुप्ता भी रेस में हैं. वो लगातार 3 बार के विधायक हैं. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं. बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं. कौन हैं सतीश उपाध्याय वहीं, सतीश उपाध्याय भी दावेदारों में हैं. वो ब्राह्मण चेहरा होने के साथ इस बार चुनाव भी जीता है. पहले वो दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा एक नाम आशीष सूद का है जो पहली बार विधायक बने हैं. फिलहाल वे गोवा बीजेपी के प्रभारी हैं और जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के सह-प्रभारी हैं. नवनिर्वाचित विधायक पवन शर्मा का नाम भी सामने आ रहा है. वो इस बार उत्तम नगर से विधायक चुने गए हैं. दरअसल, दिल्ली में बीजेपी का सीएम कौन होगा, ये चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि चुनाव के वक्त बीजेपी ने कोई चेहरा घोषित नहीं किया था. और आम आदमी पार्टी बार-बार बीजेपी पर सीएम के चेहरे को लेकर प्रहार कर रही थी. बीजेपी ने 48 सीट जीती दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने 48 सीट पर जीत दर्ज की. जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीट से संतोष करना पड़ा. वहीं, कांग्रेस 2015 और 2020 के बाद एक बार फिर अपना खाता नहीं खोल पाई.

पूर्व सीएम केजरीवाल के शीशमहल के रिनोवेशन की जांच होगी, CVC ने दिया आदेश

नई दिल्ली अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक सीएम आवास पर सीपीडब्ल्यूडी द्वारा एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने 13 फरवरी को 6 फ्लैगस्टाफ बंगले (पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का निवास) के नवीनीकरण की जांच का आदेश दिया। CVC ने सीपीडब्ल्यूडी से इन आरोपों की विस्तृत जांच करने को कहा है कि 40,000 वर्ग गज (8 एकड़) में फैली एक भव्य हवेली के निर्माण के लिए भवन निर्माण मानदंड जारी किए गए थे। केजरीवाल ने जो भ्रष्टाचार किया वो सबके सामने आया है-विजेंद्र गुप्ता वहीं पर इस पूरे मामले पर भाजपा नेता और रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता (vijender gupta) ने कहा- ‘शीशमहल’ को लेकर आप और अरविंद केजरीवाल का भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आ गया है। सीवीसी ने तथ्यों के आधार पर संज्ञान लिया है। मैंने 14 और 21 अक्टूबर को सीवीसी को दो पत्र लिखे। मैंने सीवीसी को लिखा कि ‘शीशमहल’ का क्षेत्रफल मूल रूप से 10,000 गज से कम था, लेकिन बगल के बंगलों और 8 टाइप-5 फ्लैटों को खाली करा लिया गया और इसमें 50,000 गज के करीब विलय कर दिया गया। पूरी संरचना अवैध है। मैंने यह भी लिखा कि करोड़ों रुपये की बेहिसाब विलासिता की वस्तुएं स्थापित की गईं। मेरे द्वारा लिखे गए दो पत्रों के आधार पर, सीवीसी ने सीपीडब्ल्यूडी से एक तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा है। सीवीसी ने सीपीडब्ल्यूडी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जांच का आदेश दिया है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी दिया बयान वहीं पर इस मामले पर बोलते हुए राजौरी गार्डन से भाजपा के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने कहा कि मैं यह जानकर हैरान हूं कि बंगले का क्षेत्रफल 8 एकड़ है। अरविंद केजरीवाल को रहने के लिए 8 एकड़ के घर की जरूरत थी। मैं इसके खिलाफ सतर्कता जांच का स्वागत करता हूं।

दिल्ली पुलिस ने अभियान के दौरान 90 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया, मादक पदार्थ जब्त

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और सभी 15 जिलों की स्थानीय पुलिस यूनिट ने आपरेशन ‘कवच 7.0’ के तहत बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर नशे के कारोबारियों और संगठित अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। यह 24 घंटे का समन्वित अभियान 12 फरवरी की शाम 6 बजे से 13 फरवरी की शाम 6 बजे तक चला, जिसमें दिल्ली के 15 जिलों में 784 स्थानों पर छापेमारी की गई। 48 दोपहिया वाहन भी जब्त अभियान के दौरान 87 एनडीपीएस मामलों में 90 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए। बरामदगी में 553.05 ग्राम हेरोइन, 43.028 किलोग्राम गांजा, 199 ग्राम कोकीन और 2,07,600 अल्प्राजोलम टैबलेट शामिल हैं। इसके अलावा, 48 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए। विशेष पुलिस आयुक्त अपराध देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशानुसार दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा नशीली दवाओं और नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अभियान के तहत नार्को-अपराधियों पर समन्वित छापेमारी की कार्रवाई की योजना बनाई गई। मानव खुफिया जानकारी के साथ-साथ तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से जानकारी विकसित की गई और पूरी दिल्ली में एक साथ ये ऑपरेशन चलाया गया। 784 स्थानों पर छापेमारी कर की कार्रवाई 87 एनडीपीएस मामलों में 90 नार्को-अपराधियों को किया गिरफ्तार। 553.05 ग्राम हेरोइन, 43.028 किलोग्राम गांजा, 199 ग्राम कोकीन और अल्प्राजोलम की 2,07,600 गोलियां की गईं जब्त। आबकारी अधिनियम के तहत 157 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 161 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई। 94 बोतलें और 432 कैन बीयर, 33,098 क्वार्टर अवैध शराब और 5 हुक्का जब्त। 27 आर्म्स एक्ट मामलों में 29 लोगों को किया गया गिरफ्तार। 1 रिवॉल्वर, 1 पिस्टल, 6 कट्टे, 11 कारतूस, 1 सर्जिकल ब्लेड, 18 चाकू, 24,000 नकद और 2 चोरी की मोटरसाइकिलें और 2 चोरी के रिक्शा बरामद। 909 व्यक्तियों को निवारक हिरासत में लिया गया, 5077 व्यक्तियों को 65 डीपी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया। 48 वाहनों को यू/एस 66 डीपी अधिनियम के तहत जब्त किया गया। शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में अवैध तंबाकू बिक्री पर कार्रवाई करते हुए 1,407 लोगों पर कोटपा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। कोटपा अधिनियम के तहत एक व्यक्ति को 10,000 सिगरेट पैकेट के साथ गिरफ्तार किया गया।  

दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है, सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है। वहीं, विधायक दल की बैठक 17 और 18 फरवरी को आयोजित की जाएगी, जिसमें नई सरकार के गठन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर एक अहम बैठक होगी। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी मौजूद होंगे। इन नेताओं की बैठक में दिल्ली में सरकार गठन के लिए अंतिम रूप से निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा, यह भी तय हो जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए पहले ही होमवर्क पूरा कर लिया है। पार्टी ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए विधायकों के नामों की एक सूची तैयार की है, जिसमें 48 में से 15 विधायकों के नाम को प्राथमिकता दी गई है। इन 15 विधायकों में से 9 नामों को अंतिम रूप से चुना जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर के नाम तय किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि दिल्ली में नई भाजपा सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। बता दें कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए। इस चुनाव में भाजपा ने 42 सीटों पर शानदार जीत हासिल की, तो वहीं, आम आदमी पार्टी महज 22 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस का खाता नहीं खुला। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा।

दिल्ली में केजरीवाल पर पहला बड़ा एक्शन! 51 लाख लोगों को जारी होंगे आयुष्मान भारत कार्ड, मोहल्ला क्लिनिक बनेंगे ‘आरोग्य मंदिर’

नई दिल्ली दिल्ली में सत्ता परिवर्तन हो चुका है, जिसके बाद कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे। भाजपा ने इसे लेकर प्लान भी बनाने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सरकार बनने के बाद दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों के स्टेटस की समीक्षा करने वाला है, जिसमें उन्हें संभावित रूप से ‘आरोग्य मंदिर’ में बदलने की योजना है। यह कदम क्लीनिकों में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उठाया गया है, जिसके चलते मंत्रालय ने नए स्वास्थ्य मंत्री से रिपोर्ट मांगी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ‘केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय योजनाओं पर चर्चा करेगा और दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों को आरोग्य मंदिर के रूप में बेस्ट पॉसिबल मेकओवर के रूप से बदलने की कोशिश करेगा। साथ ही, मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर नए स्वास्थ्य मंत्री से रिपोर्ट भी मांगेगा।’ एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, मंत्रालय दिल्ली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) को लागू करने पर भी जोर देगा। 51 लाख लोगों को मिलेंगे आयुष्मान कार्ड मंत्रालय आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना (AB-PMJAY) के कार्यान्वयन की भी समीक्षा करेगा. सूत्रों के अनुसार, 51 लाख लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए जाने की संभावना है. यदि मोहल्ला क्लिनिकों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बदला जाता है, तो उन्हें योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. एक सूत्र ने बताया, “सरकार मोहल्ला क्लिनिकों में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बहुत चिंतित है. दिल्ली के नए स्वास्थ्य मंत्री से मोहल्ला क्लिनिकों की स्थिति पर और यह जानने के लिए रिपोर्ट मांगी जाएगी कि क्या इन्हें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बदला जा सकता है.” जनवरी में, उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने दिल्ली सरकार द्वारा संचालित मोहल्ला क्लिनिकों में निजी प्रयोगशालाओं को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी डायग्नोस्टिक टेस्ट के आरोपों पर सीबीआई जांच का आदेश दिया था. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के तहत, सामान्य गैर-संक्रामक बीमारियों (NCDs) जैसे कि सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग सेवा का एक अनिवार्य हिस्सा है. AAP के नेतृत्व वाली रही दिल्ली सरकार और टीएमसी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल ने अभी तक AB-PMJAY योजना को लागू नहीं किया. AAP सरकार ने लागू नहीं की थी योजना AAP के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और पश्चिम बंगाल ने अभी तक AB-PMJAY योजना को लागू नहीं किया है. AB-PMJAY सरकार की एक प्रमुख योजना है, जो भारत की आबादी के आर्थिक रूप से कमज़ोर 40 प्रतिशत हिस्से में से 12.37 करोड़ परिवारों के लगभग 55 करोड़ लाभार्थियों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है. हाल ही में, इस योजना का विस्तार करके 4.5 करोड़ परिवारों के 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया है, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो. सूत्रों ने बताया, ‘एक और बड़ा कदम दिल्ली में एबी-पीएमजेएवाई योजना को लागू करना है, जिसके तहत 51 लाख लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जाने की संभावना है।’ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के गरीब और कमजोर परिवारों को 5 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान करती है। इस योजना में 70 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा ने अपने घोषणापत्र में आयुष्मान योजना को लागू करने का वादा किया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली शानदार जीत के बाद अब पार्टी से इस वादे को पूरा करने की उम्मीद है। इस योजना से दिल्ली के करीब 51 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें आयुष्मान कार्ड जारी किए जाएंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले दिल्ली के सभी सात भाजपा सांसदों द्वारा दायर एक जनहित याचिका के बाद आप सरकार द्वारा आयुष्मान योजना को लागू न करने पर सवाल उठाए थे। भाजपा को जनता ने ऐतिहासिक जनादेश दिया है। पार्टी ने 48 सीटें जीतीं, जिसमें 27 साल बाद दिल्ली में उसकी सत्ता में वापसी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आप के कई नेता अपनी सीटें हार गए, जबकि आतिशी अपनी सीट बचाने में सफल रहीं। 8 फरवरी को घोषित दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। ​​पार्टी ने दिल्ली विधानसभा का नेतृत्व करने के लिए अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की फिलहाल घोषणा नहीं की है। दिल्ली में पिछली भाजपा सरकार 1993 से 1998 तक थी।

दिल्ली में कुछ ऐसे नाम हैं जिन्हें कैबिनेट में जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा है

नई दिल्ली दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद से ही नए मुख्यमंत्री और कैबिनेट को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाईं जा रही हैं। मुख्यमंत्री और मंत्रियों को लेकर कई नामों की चर्चा तेज है। संभव है कि रविवार तक नए मुख्यमंत्री का चुनाव हो जाए और अगले सप्ताह शपथ ग्रहण हो सकता है। दिल्ली में सीएम समेत अधिकतम 7 मंत्री बनाए जा सकते हैं। आम आदमी पार्टी के 10 साल पुराने शासन को खत्म करके भाजपा ने दिल्ली की 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की है। बहुमत से 12 अधिक सीटें हासिल करने वाली भाजपा ने चुनाव से पहले किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया था। पीएम मोदी के नाम और उनकी गारंटियों पर बनी सरकार का चेहरा कोई ऐसा शख्स भी हो सकता है, जो अभी तक रेस में नहीं बताया जा रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भाजपा चौंका चुकी है। हालांकि, कुछ ऐसे नाम हैं जिन्हें कैबिनेट में जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे 8 में से कम से कम 3 विधायकों की कुर्सी पक्की बताई जा रही है। पहले जाट चेहरों की बात, एक केजरीवाल का पुराना साथी पिछले दो चुनावों में भाजपा एक भी जाट बहुल सीट नहीं जीत पाई। लेकिन इस बार जाटों ने खुलकर भगवा पार्टी का साथ दिया। यही वजह है कि भाजपा ने सभी 10 जाट बहुल सीटों मुंडका, नजफगढ़, नांगलोई जाट, मटियाला, बिजवासन, महरौली, बवाना, नरेला, रिठाला और विकासपुरी में जीत दर्ज की। ऐसे में अब जाटों को रिटर्न गिफ्ट भी मिल सकता है। नई दिल्ली सीट पर अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा भी जाट समुदाय से आते हैं। सीएम की रेस में भी वह सबसे आगे बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि नेतृत्व ने सीएम के तौर पर किसी और को भी चुना तो प्रवेश वर्मा को मंत्री पद मिलना लगभग तय है। वहीं, जाट चेहरे के तौर पर पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत भी रेस में हैं। गहलोत ने चुनाव से ठीक पहले इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी सरकार को बड़ा झटका दिया था। इस बार वह भाजपा के टिकट पर बिजवासन से विधायक बने हैं। ‘आप’ सरकार में गृह और परिवहन जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके कैलाश गहलोत के अनुभव को देखते हुए उन्हें सरकार में शामिल किया जा सकता है। 3 में से एक सिख नेता को मिल सकता है पद भाजपा के टिकट पर तीन दिग्गज सिख नेता भी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। इनमें किसी एक को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। राजौरी गार्डन से जीत हासिल करने वाले मनजिंदर सिंह सिरसा प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे और लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अरविंदर सिंह लवली भी रेस में आगे बताए जा रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता मनीष सिसोदिया को जंगपुरा जैसी सीट से हराने वाले तरविंदर सिंह मारवाह को भी दांव लग सकता है। इन तीन में से एक सिख नेता का मंत्री बनना लगभग तय बताया जा रहा है। 3 पूर्वांचली नेताओं में भी रेस दिल्ली में इस बार भाजपा ने उन सीटों पर भी शानदार सफलता हासिल की है, जहां पूर्वांचली वोटर्स की अधिकता है। भाजपा ने झुग्गी-झोपड़ी और कच्ची कॉलोनियों वाली 17 सीटों पर जीत हासिल की है। चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच पूर्वांचली वोटर्स के लिए खूब खींचतान देखने को मिली। दिल्ली की राजनीति में पूर्वांचलियों की अहमियत को देखते हुए कैबिनेट में कम से कम एक पूर्वांचली नेता का शामिल होने की पूरी गुंजाइश है। इस मामले में लक्ष्मी नगर से जीते अभय वर्मा की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है तो आप लहर में भी यहां कमल खिलाने में कामयाब रहे थे। अभय मूल रूप से दरभंगा के रहने वाले हैं। अभय वर्मा के अलावा संगम विहार से जीते चंदन चौधरी और विकासपुरी से जीते पंकज कुमार सिंह भी दावेदार हैं।

मोदी के अमेरिका दौरे से लौटने के बाद ही नए सीएम का नाम तय होगा, निर्वाचित विधायकों में से ही होगा नया सीएम

नई दिल्ली हाल ही में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम के लिए अब भाजपा आलाकमान के फैसले का इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से लौटने के बाद ही नए सीएम का नाम तय होगा। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा, जो पीएम मोदी के लौटने के बाद होगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि नई भाजपा सरकार के प्रमुख एजेंडे में यमुना की सफाई भी शामिल है। पार्टी ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और नदी को निर्मल करने का अपना वादा पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू की जाएगी, जिससे वंचित नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी। यह योजना आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में दिल्ली में लागू नहीं की गई थी। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि दिल्ली में नई भाजपा सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। भाजपा ने 5 फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि आप को केवल 22 सीटें मिलीं। चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए गए थे। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा।

अमानतुल्लाह खान को कोर्ट से डबल राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल लगी रोक, पुलिस के सामने पेशी का आदेश

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) नेता अमानतुल्लाह खान को अदालत से फौरी राहत मिल गई है। अदालत ने तीसरी बार ओखोला से निर्वाचित हुए विधायक को पुलिस के सामने पेश होने को कहा है। लेकिन उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अदालत ने यह भी कहा है कि अमानतुल्लाह खान से पूछताछ सीसीटीवी कैमरे के सामने होगी। एक अपराधी को भगाने के आरोप के बाद ओखला विधायक पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई थी, अग्रिम जमानत के लिए उन्होंने राउज एवेन्यू कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस तीन दिन से लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आए। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह की अदालत ने 24 फरवरी तक किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने अमानतुल्लाह खान से कहा कि वे पुलिस की जांच में शामिल हों। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता से पूछताछ सीसीटीवी सर्विलांस में हो। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जामिया नगर में पुलिस की एक टीम पर कथित रूप से हमला करने के आरोप में विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने कहा कि विधायक की अगुवाई में आई भीड़ ने हत्या के प्रयास के एक मामले के आरोपी को हिरासत से भागने में मदद की। पुलिस ने कहा कि घटना उस समय घटी जब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रान्च ने शाबाज खान नामक आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की। आरोप है कि अमानतुल्लाह कान ने पुलिसकर्मियों को धमकाया और कुछ लोगों ने उनके साथ धक्कामुक्की भी की। अमानतुल्लाह खान ने अदालत में याचिका दायर कर जांच में शामिल होने से पहले गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। इससे पहले ‘आप’ की ओर से बताया गया कि अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लेटर लिखकर बताया है कि वह कहीं भागे नहीं हैं और अपने विधानसभा क्षेत्र में ही मौजूद हैं। दिल्ली पुलिस बुधवार को उनके घर पर नोटिस भी चस्पा किया था।

योगेंद्र यादव ने बताया कि पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की हार की संभावना जताई, यदि ऐसा हुआ तो पार्टी कहा बचेगी

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के बाद एक बार फिर इसके भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। करीब एक दशक पहले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की कोख से जन्मी पार्टी अपने सबसे बड़े गढ़ में 22 सीटों पर गई है और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत तमाम बड़े चेहरे अपनी सीटें नहीं बचा सके। दिल्ली में इस हार के बाद पंजाब में पार्टी टूटने का खतरा बताया जाने लगा तो भविष्य को लेकर कई अटकलें लगने लगी हैं। इस बीच पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे योगेंद्र यादव ने भी आशंकाएं जाहिर की हैं। जानेमाने राजनीतिक विश्लेषक और स्वराज इंडिया पार्टी के सह संस्थापक योगेंद्र यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की हार की संभावना जताई और कहा कि यदि ऐसा होता है तो पार्टी कहां बचेगी और कैसे बचेगी यह बड़ा सवाल है। 2015 में आम आदमी पार्टी से निकाले गए योगेंद्र यादव ने वह वजहें भी गिनाईं जिनको लेकर उनके मन में अरविंद केजरीवाल के दल को लेकर आशंकाएं हैं। पत्रकार दीपक शर्मा को दिए इंटरव्यू में योगेंद्र यादव ने कहा, ‘चुनौतीपूर्ण (समय) है, इसमें कोई संदेह नहीं है। वैसे जिस पार्टी के पास 40 पर्सेंट से ज्यादा वोट हो, 22 विधायक हों, अपने आप में पार्टी ध्वस्त नहीं हुई है। 10 साल राज के बाद एक बार चुनाव हार जाना ऐसी बात नहीं है कि जिससे आपकी पार्टी टूट जाए। लेकिन जिस तरह की पार्टी आम आदमी पार्टी है, जिस तरह से वह चुनाव पर निर्भर है, जिस तरह से वह अरविंद केजरीवाल पर निर्भर है, और जिस शक्ति से उसका मुकाबला है, और बीजेपी जिस तरह के काम करेगी, वह देखते हुए मेरे मन में आम आदमी पार्टी के भविष्य को लेकर सवालिया निशान है।’ योगेंद्र यादव ने आगे कहा, ‘गुजरात में कोई राह नहीं है, हरियाणा में कुछ हुआ नहीं। अब ले दे के पंजाब है। पंजाब पर निर्भर करके… और यदि पंजाब में आम आदमी पार्टी हार जाती है, जिसकी संभावना है, मैं भविष्यवाणी नहीं कर रहा, लेकिन हार सकती है इसमें कोई संदेह नहीं। अगर पंजाब में भी हार गई तो फिर आम आदमी पार्टी कैसे बचेगी और कहां बचेगी यह बहुत बड़ा सवाल है।’

आतिशी ने कहा- तीन दिन में ही लोगों को अपनी ‘गलती’ का अहसास हो गया, बिजली पर बड़ा दावा

नई दिल्ली दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के साथ ही राजधानी में पावर कट लगने शुरू हो गए हैं। आतिशी ने दावा किया कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से सैकड़ों लोगों ने पावर कट की शिकायत की है और उन्हें इनवर्टर खरीदकर लाना पड़ रहा है। आतिशी ने कहा कि तीन दिन में ही लोगों को अपनी ‘गलती’ का अहसास हो गया है। आतिशी ने कुछ कागज दिखाते हुए दावा किया लोग सोशल मीडिया पर अपने इलाकों में बिजली कटने की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि तीन दिन में पावर सेक्टर का 24 घंटे बिजली का ध्वस्त होना दिखाता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार हर दिन, एक एक घंटे पर पूरे बिजली सेक्टर को मॉनिटर कर रही थी। यह दिखाता है कि जैसे ही आम आदमी पार्टी की सरकार हटी है, पूरा पावर सेक्टर ध्वस्त हो गया है। मुझे अलग अलग हिस्सों से कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कल रात मयूर विहार में लाइट कटी, मुझे सुबह कई लोगों के फोन आए। उन्होंने बताया कि वे इनवर्टर खरीदकर लाए हैं।’ आतिशी ने कहा, ‘कई लोगों ने मुझे कॉल करके कहा कि तीन दिन में ही हमें अहसास हो गया कि शायद चुनाव में हमसे गलती हुई। आम आदमी पार्टी के जाते ही पता चल गया है कि भाजपा से सरकार नहीं चलती है। आज सुबह किसी ने मुझसे कहा कि आज तो हम इनवर्टर ले आए, लेकिन यदि फरवरी में इतने लंबे कट लग रहे हैं तो मई, जून, जुलाई में क्या होगा, जब साढ़े 8 हजार मेगावट से आगे पीक डिमांड जाएगी। भाजपा को सरकार चलानी नहीं आती। 1993 से 98 में पावर में थे, तब भी पावर सेक्टर का बुरा हाल था। आज 20 राज्यों में भाजपा की सरकार है और उन सब राज्यों में बिजली का यही हाल है।’ आतिशी ने कहा कि बहुत दुख की बात है कि भाजपा चुनाव जीतने के बाद दिल्ली को यूपी बना रही है। जिस तरह यूपी में बिजली जाती थी दिल्ली का भी तीन दिन में वही हाल हो गया। शायद यही दिखाता है कि पढ़े लिखे लोगों की सरकार, जहां अरविंद केजरीवाल इंजीनियर हैं, उन्हें पावर सेक्टर चालाना आता है और दूसरी तरफ बिना-पढ़े लिखे, फर्जी डिग्रीवालों की सरकार। कार्यवाहक सीएम ने कहा- 8 तारीख से ही भाजपा चला रही सरकार यह पूछे जाने पर कि वह अभी भी कार्यकारी मुख्यमंत्री हैं और भाजपा की सरकार बनी नहीं है, आतिशी ने कहा, ‘8 तारीख को ही काउंटिंग के समय इन लोगों ने आदेश जारी कर दिया था कि मंत्रियों के दफ्तरों पर ताला लगा दो, सचिवालय में ना घुसने दिया जाए, उनको कोई कागज-फाइल ना देखने दी जाए। अब साफ है कि भाजपा 8 तारीख से ही खुद सरकार चला रही है। इसका नतीजा दिल्ली वाले दिन में ही… दिल्लीवालों को अब साफ हो रहा है कि भाजपा को लाने का क्या नतीजा है।’

MLA अमानतुल्लाह खान ने अग्रिम जमानत के लिए दायर की याचिका, कोर्ट से भगोड़े आरोपी शावेज को भगाने का है आरोप

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है जिस पर आज सुनवाई होनी है. खान पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के जामिया नगर में पुलिस टीम पर हमले का नेतृत्व करने और कोर्ट से घोषित अपराधी को फरार करवाने में मदद की थी. इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान तीन दिन से फरार हैं. सोमवार को दर्ज एफआईआर के बाद से वे पुलिस के सामने नहीं आए हैं. दिल्ली पुलिस की कई टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में उनकी तलाश कर रही हैं. भगोड़े आरोपी के मामले में हुआ था ये खुलासा दिल्ली के जामिया नगर में पुलिस टीम पर हमले का कथित तौर पर नेतृत्व करने के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. कोर्ट ने जिस आरोपी शावेज़ खान को PO (भगोड़ा) घोषित किया हुआ है विधायक अमानतुल्ला खान उसको बचा रहे थे. वहीं अमानतुल्लाह खान ने कल दावा किया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने रेड के दौरान जिस शावेज़ को पकड़ा था वो जमानत पर था और उसने जमानत के कागजात दिखाए थे. जबकि कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक शावेज़ खान को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया हुआ है. इसी शावेज़ खान को जामिया इलाके में क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा था तब अमानतुल्लाह और उनके कुछ समर्थकों ने क्राइम ब्रांच की टीम पर हमला किया और आरोप को पुलिस के कब्जे से छुड़वा कर फरार करवा दिया. अमानतुल्लाह का दावा वहीं अमानतुल्लाह ने पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया है. उनके घर पर दो बार नोटिस चस्पा किया गया है. पुलिस ने उन पर अपराधियों को भगाने, सरकारी काम में बाधा डालने और माहौल बिगाड़ने के आरोप लगाए हैं. अमानतुल्लाह खान ने 12 फरवरी को लिखे पत्र में कहा, “दिल्ली पुलिस के कुछ लोग मुझे झूठे मामले में फंसा रहे हैं. जिस व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार करने आई थी, वो जमानत पर है. पुलिस अपनी गलती छिपाने के लिए मुझे झूठे मामले में फंसा रही है.” उन्होंने कहा कि उन्हें सोमवार को उनके इलाके में लगे कुछ अस्थायी पंपों के खराब होने की सूचना मिली थी. इसका जायजा लेने वे मौके पर पहुंचे थे. आप’ विधायक का दावा है कि उस व्यक्ति को 2018 में साकेत कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी. इसके बावजूद सादे कपड़ों में मौजूद लोग, जो खुद को पुलिस बता रहे थे, उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे. लोगों को धमका रहे थे. उन लोगों ने अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी. इसके बाद उस व्यक्ति ने उन्हें कोर्ट का आदेश दिखाया, तो वे चले गए.  

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा- अमानतुल्लाह खान की तलाश में लगातार छापेमारी, यदि निर्दोष हैं, तो वह भाग क्यों रहे हैं

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम आम आदमी पार्टी के ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इस बीच, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने सवाल किया है कि यदि आप विधायक निर्दोष हैं, तो वह पुलिस से भाग क्यों रहे हैं। प्रवीण खंडेलवाल ने बुधवार को आईएएनएस से कहा, “यदि आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुछ नहीं किया है तो फिर वह पुलिस से छिपकर क्यों भाग रहे हैं। अगर पुलिस लगातार उन्हें ढूंढ रही है तो यह स्पष्ट है कि उन्होंने कुछ तो किया होगा, तभी वह पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना बताती है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं का अतीत काला है, इसलिए वे जांच एजेंसियों से बचते हैं। अगर अमानतुल्लाह खान ने कुछ नहीं किया है तो पुलिस के सामने आकर अपनी बात रखें।” आम आदमी पार्टी की बैठक पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “दिल्ली की जनता ने 10 साल तक अरविंद केजरीवाल के शासन का दंश झेला है। पंजाब में भी वैसा ही माहौल है। मैं लगातार कह रहा हूं कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में अपने निजी कारणों से अपनी पार्टी का सूपड़ासाफ किया है, अब पंजाब की बारी है।” उन्होंने दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के बारे में पूछे जाने पर कहा, “दिल्ली में जो भी व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा, वह पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता होगा। हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व इस पर जल्द ही फैसला लेगा, क्योंकि भाजपा में एक प्रक्रिया है, सभी उसे फॉलो करते हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री के नाम का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा और जब सही वक्त आएगा तो वह फैसला ले लेगा। मुख्यमंत्री का जो चेहरा होगा, वह सबके सामने आ जाएगा।”

दिल्ली नई सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में करेगी बदलाव, प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा होगा मजबूत

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में स्वास्थ्य की दो बड़ी योजनाएं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन योजना (पीएम-एबीएचआइएम) को दिल्ली में लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत उम्मीद है कि दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद नई सरकार इन दोनों योजनाओं को यहां लागू करेगी। इससे गरीबों व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही दिल्ली में अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बनाए जाएंगे। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। असल में मार्च 2020 में कोरोना की वैश्विक महामारी फैलने के बाद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की कमी सामने आई थी। 2,406 करोड़ रुपये की लागत इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में पीएम-एबीएचआइएम योजना शुरू की थी। इसका मकसद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था। इसके तहत केंद्र सरकार ने दिल्ली में भी 2,406 करोड़ रुपये की लागत से 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटर, 11 जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब व दस क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाने की योजना को स्वीकृति दी थी। बाद में केंद्र सरकार ने वेलनेस सेंटरों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया। योजना को लागू नहीं होने दिया था AAP सरकार पीएम-एबीएचआइएम योजना बड़ा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर खर्च करना था। यही वजह है कि 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटरों के विकास पर 2,058.75 करोड़ रुपये खर्च करना था। जिसमें से 1,232.25 करोड़ केंद्र सरकार को और 823.5 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार को खर्च करना था, लेकिन तब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से इस योजना को स्वीकृति नहीं दिए जाने से यह दिल्ली में लागू नहीं हो सकी। केजरीवाल का मोहल्ला क्लीनिक पर जोर आप सरकार का जोर मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने पर था। आप सरकार ने एक हजार मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन दस वर्ष में करीब 545 मोहल्ला क्लीनिक ही बने। इसमें कई मोहल्ला क्लीनिक अभी कई बंद पड़े हैं। साथ ही मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार का मामला भी सामने आया था। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सरकार से पीएम-एबीएचआइएम योजना को लागू करने की सिफारिश भी की थी। अब यदि यह योजना लागू होती है तो इसके तहत दिल्ली में 1,139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जा सकते हैं।

AAP के अमानतुल्लाह खान लापता, फोन भी बंद, दिल्ली, UP से राजस्थान तक ताबड़तोड़ छापे

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के नवनिर्वाचित विधायक अमानतुल्लाह खान पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है. उन पर गिरफ्तारी के बाद मकोका लगाने की तैयारी चल रही है. विधायक की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीम की ओर से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों पर रेड डाले गए हैं. आम आदमी पार्टी (आप) के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे और अक्सर विवादों में घिरे रहने वाले अमानतुल्लाह खान को एक बार फिर पुलिस तलाश रही है। हाल ही में ओखला विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने वाले अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस बीच अमानतुल्लाह ने दिल्ली पुलिस को लेटर लिखकर दावा किया है कि वह अपनी विधानसभा क्षेत्र में ही मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी के बाद मकोका लगाया जा सकता है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है. उनके फोन की आखिरी लोकेशन मीठापुर में मिली, लेकिन उसके बाद से उनका फोन बंद चल रहा है. सूत्रों का यह भी दावा है कि पुलिस को शक है कि कुछ आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह की मदद कर रहे हैं. अमानतुल्लाह के खिलाफ FIR इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 2 दिन पहले सोमवार को जामिया नगर में पुलिस टीम पर हमले की अगुवाई करने के आरोप में ओखला के AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस के अनुसार, अमानत ने हत्या की कोशिश के मामले में भगोड़े आरोपी की हिरासत से भागने में मदद भी की है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर इस मामले में अपनी पुष्टि की और कहा कि वे अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों के खिलाफ लोकसेवक को दायित्व निर्वहन से रोकने के लिए एफआईआर दर्ज कर रहे हैं. अमानतुल्लाह की मौजूदगी में भागा आरोपी अधिकारी ने बताया कि यह वाकया तब हुआ जब दिल्ली के जामिया नगर इलाके में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम हत्या की कोशिश के एक मामले में वांछित शाबाज खान को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी. AAP विधायक अमानतुल्लाह के समर्थकों के पुलिस टीम के साथ भिड़ने की वजह से शाबाज मौके से भागने में कामयाब हो गया. सूत्रों के अनुसार, हमले के समय अमानतुल्लाह वहां घटनास्थल पर थे, जिससे आरोपी भागने में सफल रहा. अमानतुल्लाह ने लगाई जीत की हैट्रिक दिल्ली पुलिस के डीसीपी रवि कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम की कई धाराएं लगाई गई हैं क्योंकि कई ऐसे मुकदमे हैं जो कि अमानतुल्लाह के खिलाफ पेंडिंग हैं, या फिर ट्रायल चल रहे हैं. अभी तक तो उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है. वह अब जांच में शामिल नहीं हुए हैं. उनसे संपर्क करने की पूरी कोशिश की जा रही है और जिससे हम अपनी जांच को आगे बढ़ा सके. पिछले हफ्ते दिल्ली में हुए चुनाव में ओखला विधानसभा सीट पर अमानतुल्लाह खान ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मनीष चौधरी को 23,639 वोट से हराया. अमानतुल्लाह को 88,392 वोट मिले जबकि बीजेपी के मनीष के खाते में 65,304 वोट आए. अमानतुल्लाह ने ओखला से अपनी जीत की हैट्रिक लगाई. पिछले 24 घंटों में अमानतुल्लाह केस में जुड़ीं नई धाराएं अमानतुल्लाह पर पुलिस ने दंगे से जुड़ी बीएनएस की धारा लगाई है. क्योकि अमानतुल्लाह खान ने भीड़ इकठ्ठा कर ली थी और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, इसलिए पुलिस ने बीएनएस की धारा 191(2) लगाई है. वहीं, पुलिस ने अमानतुल्लाह पर बीएनएस 190 भी लगाई है. जिसका मतलब है अगर कोई व्यक्ति गैरकानूनी सभा का हिस्सा था और उस सभा के मकसद के तहत कोई अपराध हुआ, तो उस व्यक्ति को भी दोषी माना जाएगा. इसके अलावा अमानतुल्लाह पर धारा 221 यानी कि ड्यूटी पर मौजूद लोक सेवक को बाधा पहुंचाना. धारा 121(1) यानी अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे किसी लोक सेवक को नुकसान पहुंचाने का अपराध व धारा 132 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं में भी दर्ज हुई है FIR अमानतुल्लाह पर धारा 351(3) के तहत भी एफआईआर दर्ज की गई है. यह धारा मौत, गंभीर चोट या संपत्ति को नष्ट करने की धमकी से संबंधित है. वहीं, उन पर धारा 263 यानी कि किसी अन्य व्यक्ति की वैध गिरफ्तारी में बाधा डालने या उसका विरोध करने का कार्य करना आदि शामिल है. इसके अलावा अमानतुल्लाह पर धारा 111 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. जानें पूरा मामला क्राइम ब्रांच की टीम जामिया इलाके में वांटेड बदमाश शावेज़ को पकड़ने गई थी. शावेज़ को क्राइम ब्रांच ने पकड़ भी लिया था. लेकिन  अमानतुल्लाह खान अपने 20-25 समर्थकों के साथ पहुंच गए. अमानतुल्लाह खान ने क्राइम ब्रांच के स्टाफ को कहा….तुम्हारी यहां आने की हिम्मत कैसे हुई”. मैं ऐसी पुलिस और कोर्ट कुछ नहीं मानता. साथ ही अमानतुल्लाह खान और समर्थकों ने पुलिस पर हमला भी किया था और हाथापाई भी की थी. इसके अलावा पुलिस वाले का आई कार्ड भी छीन लिया गया था. अमानतुल्लाह खान ने पुलिस को धमकी देते कहा था ये इलाका हमारा है, यहां से निकल जाओ वरना जिंदा निकलना भारी पड़ेगा. हमारी आवाज पर इतने लोग इक्कठे हो जाएंगे कि की तुम लोगों का पता भी नहीं चलेगा कि तुम कहां गए. अमानतुल्लाह खान को पकड़ने के लिए पुलिस ने कहां-कहां दी दबिश अमानतुल्लाह खान पर एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस तलाश कर रही है. लेकिन आप विधायक का अभी तक पता नहीं चल सका है. उनका फोन भी बंद आ रहा है. पुलिस अब तक ओखला सहित दिल्ली के कई अन्य इलाकों में दबिश दे चुकी है. वहीं, पुलिस दिल्ली बॉर्डर से लगे राज्यों में भी दबिश दे रही है.  

दिल्ली उपराज्यपाल ने नोटिस किया जारी, गुरु रविदास जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने 11 फरवरी 2025 को एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। बुधवार 12 फरवरी 2025 को गुरु रविदास जयंती के मौके पर दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से जारी एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। इस दिन दिल्ली सरकार के सभी ऑफिस, सार्वजनिक उपक्रम और स्वायत्त निकाय बंद रहेंगे। यह अवकाश दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर भी लागू होगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि पहले नवंबर 2024 में गुरु रविदास जयंती के लिए घोषित प्रतिबंधित अवकाश अब रद्द कर दिया गया है और उसकी जगह अब सार्वजनिक अवकाश होगा। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 12 फरवरी को छुट्टी रहेगी। हालांकि, अभी तक निजी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इसके बारे में और जानकारी के लिए कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है। क्यों मनाई जाती है रविदास जयंती? गुरु रविदास जयंती हर साल पारंपरिक रूप से कई राज्यों में मनाई जाती है, जैसे कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब। इस दिन दिल्ली के लोग गुरु रविदास की शिक्षाओं और उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए उत्सवों में भाग लेने के लिए प्रेरित किए जाते हैं। गुरु रविदास 15वीं सदी के संत और कवि थे, और भक्ति आंदोलन में उनके योगदान के लिए उन्हें याद किया जाता है। उनकी शिक्षाएं समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित थीं।  

दिल्ली पुलिस की छापेमारी तेज, अमानतुल्लाह खान एक बार फिर मुश्किलों में घिरे

नई दिल्ली आम आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान एक बार फिर मुश्किलों में घिर गए हैं। एक अपराधी को भगाने में मदद का आरोप लगने के बाद से अमानतुल्लाह खान फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस जॉइंट ऑपरेशन चला रही है। जामिया नगर थाने समेत साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट और क्राइम ब्रांच की टीम रेड कर रही है। माना जा रहा है कि विधायक अमानतुल्ला खान किसी भी वक्त गिरफ्तार हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के सबसे प्रमुख मुस्लिम चेहरे के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की। भ्रष्टाचार के केस में जेल की यात्रा कर चुके अमानतुल्लाह खान पर आरोप है कि उन्होंने जामिया नगर इलाके में पुलिस के काम में बाधा पहुंचाई और गिरफ्त में चुके एक अपराधी को भागने में मदद की। आरोप है कि अमानतुल्लाह कान के साथ पहुंची भीड़ ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की भी की। दिल्ली पुलिस की एक टीम दोपहर जामिया नगर में शाहबाज खान को गिरफ्तार करने पहुंची। शाहबाज हत्या की कोशिश और आर्म्स ऐक्ट में वांछित अपराधी है। जनवरी 2018 में शाहबाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुताबिक उसने आपसी रंजिश में तीन लोगों पर हमला किया था और एक को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। उसे हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। लेकिन वह कोर्ट की तारीखों और पुलिस के समन को ठुकराना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सोमवार को हम उससे (शाहबाज) से पूछताछ कर रहे थे। तभी अचानक वहां कुछ लोग पहुंच गए। वो हमसे सवाल करने लगे और शाहबाज को खींच ले गए। इससे पहले कि हम कुछ कर पाते, उन्होंने कहा कि वे अमानतुल्लाह खान के आदमी हैं और वह भी पास ही हैं। हम सभी घेर लिए गए और भीड़ ने हमें शाहबाज को पकड़ने नहीं दिया। उन्होंने हमारे साथ धक्का-मुक्की की। शाहबाज भागने में कामयाब हो गया।’ कथित तौर पर बाद में वहां अमानतुल्लाह खान भी पहुंच गए। शाहबाज घटना के बाद से फरार है। पुलिस ने बताया कि अमानतुल्लाह खान के घर पर भी एक टीम पहुंची, लेकिन वह नहीं मिले। डीसीपी साउथईस्ट रवि कुमार सिंह ने कहा कि शाहबाज वांछित अपराधी है। ‘उसे 2018 में कोर्ट ने अपराधी घोषित किया था। क्राइम ब्रान्च की एक टीम उसे गिरफ्तार करने गई थी। उससे जब पूछताछ चल रही थी अमानतुल्लाह खान अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और उसे भगा दिया। यह साफतौर पर सरकारी काम में बाधा है। क्राइम ब्रान्च की शिकायत के आधार पर हमने अमानतुल्लाह कान और उनके सहयोगियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 221 के तहत केस दर्ज कर लिया है।’ डीसीपी ने कहा कि वे उन सभी लोगों की जांच कर रहे हैं जो इसमें शामिल थे। अमानतुल्लाह खान से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अमानतुल्लाह खान ने ओखला विधानसभा सीट से तीसरी बार जीत हासिल की है। उन्हें पिछले साल सितंबर में ईडी ने दिल्ली वक्फ बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें नवंबर 2024 में कोर्ट ने बेल दी थी।

दिल्ली में चुने गए विधायकों में से अगला मुख्यमंत्री किसी महिला विधायक को बना सकती है!

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिली है और इस जीत के साथ राजधानी में मुख्यमंत्री के नाम की चर्चा जोरों पर है. इस बीच पता चला है कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी विधायकों में से ही होगा. सूत्रों की मानें तो बीजेपी किसी महिला विधायक को भी सीएम बना सकती है. सोशल इंजीनियरिंग के लिहाज से माना जा रहा है कि बीजेपी राजधानी दिल्ली में डिप्टी सीएम भी बना सकती है. बीते कुछ चुनावों के बाद भी बीजेपी खेमे में डिप्टी सीएम का कॉन्सेप्ट देखा गया है. कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं और दलितों को भी शामिल किया जाएगा. दिल्ली के अगले सीएम के नाम पर चल रही चर्चा दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर आम आदमी पार्टी को एक दशक बाद सत्ता से बाहर किया है. इस जीत के साथ ही अब इस बात पर ध्यान केंद्रित हो गया है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, क्योंकि बीजेपी ने सीएम पद का चेहरा घोषित किए बिना ही चुनाव लड़ा था. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा इस बारे में फैसले लिए जाने की उम्मीद है, और इस बारे में तमाम पहलुओं को देखते हुए बताया जा रहा है कि चर्चा चल रही है. प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ​दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने नई दिल्ली सीट पर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराकर भाजपा के लिए बड़ी जीत हासिल की. मसलन, नतीजे के दिन से ही उनके नाम की चर्चा तेज है, क्योंकि नई दिल्ली सीट से उन्होंने अरविंद केजरीवाल को हराया है जो आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी हार साबित हुई. विजेंद्र गुप्ता वरिष्ठ बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली बीजेपी प्रमुख के रूप में काम किया है और लगातार रोहिणी से विधायक चुने जा रहे हैं, आप के प्रभुत्व के बावजूद 2015 और 2020 दोनों में जीत हासिल की थी. ​गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया. सतीश उपाध्याय सतीश उपाध्याय को भाजपा का ब्राह्मण चेहरा माना जाता है, उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, दिल्ली युवा मोर्चा के प्रमुख और एनडीएमसी के उपाध्यक्ष के रूप में काम किया है. उनके पास प्रशासनिक अनुभव है और उन्होंने संगठन के भीतर कई जिम्मेदारियाँ संभाली हैं, मध्य प्रदेश के सह-प्रभारी थे और आरएसएस से करीबी संबंध माना जाता है. बीजेपी का पंजाबी चेहरा आशीष सूद पार्षद रह चुके हैं और दिल्ली बीजेपी के महासचिव भी रहे हैं. वे फिलहाल गोवा के प्रभारी और जम्मू-कश्मीर के सह-प्रभारी हैं. केंद्रीय नेताओं से उनके करीबी संबंध हैं और वे डीयू के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. जितेंद्र महाजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी जितेंद्र महाजन वैश्य समुदाय से आते हैं. वे तीसरी बार विधायक बने और सरिता सिंह को हराकर रोहतास नगर सीट जीती है. बीजेपी की तरफ से चुनकर आईं ये महिलाएं! बीजेपी की तरफ से चार महिलाएं दिल्ली विधानसभा पहुंची हैं. इनमें रेखा गुप्ता, शिखा राय, पूनम शर्मा और नीलम पहलवान शामिल हैं.

सुकेश चंद्रशेखर ने केजरीवाल को लेटर लिख कर राजनीति से संन्यास लेने की दी सलाह, कहा-आपका अहंकार शौचालय में बह गया

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की हार के बाद जहां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के तमाम नेता तंज कस रहे हैं तो इस बीच जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अरविंद केजरीवाल को लेटर लिखा है। मंडोली जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखकर ने केजरीवाल पर तीखे शब्दबाण चलाए तो उन्हें अपनी भविष्यवाणी भी याद दिलाई, जिसमें उसने कहा था कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी चुनाव हार जाएंगे। सुकेश ने पूर्व सीएम को राजनीति से संन्यास की सलाह भी दी। सुकेश ने अपनी बातें याद दिलाते हुए लिखा, ‘सबसे पहले मैं आपको, मनीष जी और सत्येंद्र जी को अपनी सीटें हारने के लिए बधाई देता हूं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपकी कट्टर भ्रष्ट पार्टी AAP चुनाव हार गई। केजरीवाल जी अगर आपके पास मेरे पिछले पत्र सुरक्षित हैं तो कृपया वे पत्र देखें जो मैंने 3, 6, 8 महीने पहले लिखे थे, मैंने आपको चुनौती दी थी कि आप अपनी सीट हार जाएंगे और AAP सत्ता से बाहर हो जाएगी।’ सुकेश चंद्रशेखर ने आगे लिखा, ‘केजरीवाल जी आज बिल्कुल वैसा ही हुआ है। आपको बाहर निकाल दिया गया है, आपका सारा अहंकार आपके साथ ही शौचालय में बह गया है। आपके सारे जुमले बेनकाब हो चुके हैं और सही साबित हो चुके हैं, दिल्ली की जनता ने आपको और आपकी दुनिया की सबसे भ्रष्ट पार्टी को सचमुच लात मार दी है।’ पूर्व जेल मंत्री सत्येंद्र जैन पर वसूली और अरविंद केजरीवाल पर चंदे को लेकर कई आरोप लगा चुके सुकेश ने आम आदमी पार्टी की हार के बाद पंजाब में भी हार की ‘भविष्यवाणी’ की और केजरीवाल को संन्यास लेने की सलाह दी। उसने लिखा, ‘अब केजरीवाल जी, आप और आपके साथियों को थोड़ी शर्म आनी चाहिए और राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए, राजनीतिक संन्यास ले लेना चाहिए क्योंकि अगली बार पंजाब से भी आपका सफाया हो जाएगा।’

ग्रेटर कैलाश में हार के बाद समर्थकों के बीच भावुक हो गए सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली कालकाजी सीट पर जीत के बाद जहां आतिशी मार्लेना की खुशी से झूमती हुई तस्वीरें वायरल हो गईं तो अब ग्रेटर कैलाश में हार के बाद इमोशनल हुए सौरभ भारद्वाज का वीडियो सामने आया है। समर्थकों से बात करते हुए सौरभ भारद्वाज की आंखें नम हो गईं। दिल्ली सरकार में मंत्री रहे सौरभ भारद्वाज अपनी जीत को लेकर काफी आश्वास्त थे, लेकिन भाजपा उम्मीदवार शिखा राय ने उन्हें हरा दिया। सौरभ भारद्वाज का 1.36 मिनट का वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह कुछ समर्थकों के साथ बात करते हुए इमोशनल हो जाते हैं। ग्रेटर कैलाश से हार के बाद समर्थकों की भावनाओं को देखते हुए वह इमोशनल हो गए। सौरभ कहते हैं- देख रहा हूं कि लोग बहुत ज्यादा इमोशनल हैं। इतना कहते ही वह खुद इमोशनल हो जाते हैं। समर्थक नारेबाजी करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। सौरभा कहते हैं, ‘मैं बहुत खुश था, लेकिन मैं आप लोगों के आंखों में आंसू देखकर इमोशनल हो गए हैं। आप इतने इमोशनल मत होइए। मैं कल से बहुत नियंत्रण में हूं और इसे खिलाड़ी वाली भावना से ले रहा हूं…।’ सौरभ भारद्वाज खुद को संभालते हुए फिर इमोशनल हो जाते हैं। इस दौरान उनके समर्थक उनके लिए नारेबाजी करते हैं और साथ बने रहने का वादा करते हैं। सौरभ भारद्वाज ग्रेटर कैलाश से तीन बार के विधायक थे। मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के इस्तीफे के बाद उन्होंने आतिशी के साथ दिल्ली सरकार में मंत्री बनाया गया। अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद सौरभ ने आतिशी के साथ मिलकर सरकार और पार्टी का अधिकतर कामकाज देखा। सौरभ भारद्वाज अपनी सीट पर काफी सक्रिय थे और पार्टी के आंतरिक सर्वे में भी उन्हें जीतते हुए बताया गया था। सूत्रों के मुताबिक, आंतरिक सर्वे में वह अरविंद केजरीवाल की नई दिल्ली सीट से भी आगे बताए गए थे। यही वजह है कि अब हार के बाद सौरभ भारद्वाज और उनके समर्थक सकते में आ गए।

बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ की बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली दिल्ली में प्रंचड बहुमत से जीत हासिल करने के बाद आला नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों को उचित संगठनात्मक व प्रशासनिक नियमों के अंतर्गत कार्य करने के दिशा निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि बिना समय खोये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए काम शुरू करना होगा। रविवार को बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इस मीटिंग में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली बीजेपी के चुनाव प्रभारी बैजयंत जय पांडा, राष्ट्रीय मंत्री दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डा अल्का गुर्जर, सह प्रभारी अतुल गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा व संगठन महामंत्री पवन राणा समेत कई दिग्गज मौजद रहे। इन वरिष्ठ नेताओं ने सभी 48 नवनिर्वाचित विधायकों के साथ छोटी बैठकें की। दिल्ली के लगभग सभी सांसदों ने भी अपने क्षेत्र के विधायकों के साथ हिस्सा लिया। रामबीर बिधूड़ी ने बैठक के बाद कहा कि यह परिचय मीटिंग थी। चुनाव में बीजेपी द्वारा किये वादों को समय से कैसे पूरा किया जाएगा और क्षेत्र में विकास कार्यों पर चर्चा की गई। सरकार के गठन और सीएम के चेहरे पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। वहीं उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती, चुनाव आयोग की टीम और तमाम मीडिया के कैमरों के बीच चुनाव हुआ है। अगर किसी के पास कोई सबूत है तो सामने रखें और संबंधित एजेंसियों को शिकायत करें, कार्रवाई होगी। नवनिर्वाचित विधायकों को दिए ये निर्देश वरिष्ठ नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायकों को उचित संगठनात्मक व प्रशासनिक नियमों के अंतर्गत कार्य करने के दिशा-निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी विधायक अपनी कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी रखें। बैठकों में नेताओं ने विधायकों का ध्यान परसों शाम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय संदेश की ओर आकृष्ट किया। कहा कि हमें बिना समय खोये प्रधानमंत्री के मन की विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए काम शुरू करना होगा। आपको बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की है। भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर कब्जा जमाया। जबकि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी 22 सीटों पर सिमट गई। वहीं कांग्रेस एक बार फिर खाता तक नहीं खोल सकी। इसी के साथ दिल्ली में आम आदमी पार्टी का शासन समाप्त हो गया है। राजधानी में 27 साल के बाद बीजेपी की धमाकेदार वापसी हो रही है।

PM की अमेरिका यात्रा के बाद दिल्ली में जल्द होगा मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह

दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) 27 साल के लंबे सूखे को समाप्त करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सरकार बनाने के लिए तैयार है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 13 फरवरी के बाद होने की संभावना है. सूत्रों ने रविवार को कहा, बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी में अगली सरकार का नेतृत्व करने के लिए अपने नेता को खोजने के लिए विचार-विमर्श कर रही है. दिल्ली में शनिवार (8 फरवरी) को वोटों की गिनती के बाद बीजेपी ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीटें हासिल कर अपना 27 साल का लंबा इंतजार खत्म करते हुए दिल्ली की सत्ता में वापसी की. एक दशक से शहर पर शासन कर रही आप 22 सीटें जीतने में सफल रही, जबकि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया समेत उसके प्रमुख नेताओं को हार का सामना करना पड़ा. कौन बन सकता है दिल्ली का CM मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा किए बिना चुनाव लड़ने वाली बीजेपी ने सरकार का मुखिया तय करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें शुरू कर दी हैं, जिसमें पांच नेता प्रमुख दावेदारों के रूप में उभर रहे हैं. नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल को हराकर एक बड़े हत्यारे के रूप में उभरे परवेश वर्मा दिल्ली में संभावित मुख्यमंत्री चेहरों की सूची में सबसे आगे हैं. इसके अलावा विजेंदर गुप्ता, एक वरिष्ठ बीजेपी नेता, जो दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य कर चुके हैं, एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरा सतीश उपाध्याय, जो पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं, दिल्ली बीजेपी के महासचिव आशीष सूद, जिनके केंद्रीय नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, और वैश्य समुदाय से आरएसएस के एक मजबूत सदस्य जितेंद्र महाजन अन्य दावेदार हैं. PM मोदी का अमेरिकी दौरा पीएम मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पहली मुलाकात के लिए 12-13 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा करने वाले हैं. सूत्रों ने कहा कि अगले हफ्ते पीएम के विदेश से लौटने के बाद पार्टी सत्ता पर दावा पेश कर सकती है और उसके बाद शपथ ग्रहण होने की संभावना है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनने का निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा, उन्होंने शीर्ष पद पर किसी नए चेहरे के आने की संभावना भी जताई. पार्टी ने अपने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी महिला उम्मीदवार पर दांव लगाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे देख कई उम्मीदवारों के चेहरों पर पसीने छूटे, नोटा ने दो सीटों पर बिगाड़ा खेल!

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे देख कई उम्मीदवारों के चेहरों पर पसीने छूट गए। इस बार नोटा ने राजनीतिक खेल बिगाड़ दिया है। संगम विहार और त्रिलोकपुरी विधानसभा सीट पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार बीच जबर्दस्त टक्कर देखने को मिली, लेकिन जीत का ताज महज कुछ ही वोट से बीजेपी के सिर पर सज गया। जबकि इस सीट में हार और जीत के बीच में जितने वोट का अंतर उसमें नोटा पर पड़े वोट की संख्या अधिक है। वहीं, इस चुनाव में कांग्रेस, बीएसपी समेत करीब 557 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। वहीं, लगभग 448 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्हें नोटा से भी कम वोट मिले हैं।   इन सीटों पर रोमांचक रहा मुकाबला दिल्ली विधानसभा के 70 सीट में से 48 सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल कर ली है। सबसे रोचक जीत संगम विहार विधानसभा सीट पर देखने को मिली, जहां बीजेपी उम्मीदवार ने 344 वोट से जीत हासिल की। जबकि इस सीट पर नोटा पर 537 वोट पड़े हैं। वहीं, त्रिलोकपुरी सीट पर बीजेपी उम्मीदवार ने 392 वोट से जीत हासिल की, जबकि इस सीट में नोटा पर 683 वोट पड़े हैं। नतीजों के आंकड़े देख हर कोई दंग रह गया है। वहीं, इस चुनाव में कुल 70 सीटों पर 53000 से ज्यादा नोटा पर वोट पड़े हैं। इसके अलावा करीब 557 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनकी जमानत जब्त हो गई है। सबसे बुरा हाल बीएसपी समेत कई छोटी-छोटी पार्टियों का रहा है। कुछ विधानसभा में तो बीएसपी से ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवार को वोट मिले हैं। वहीं, इस चुनाव में लगभग 448 उम्मीदवार ऐसे हैं। जिन्हें नोटा से कम वोट मिले हैं। इसमें अधिकतम उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने तिहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकें। कब होती है जमानत जब्त? जानकारी के मुताबिक, जमानत बचाने के लिए लोकसभा क्षेत्र में कुल हुए मतदान का छठा हिस्सा यानी 16.66 फीसदी वोट लेना होता है। इससे कम वोट मिलने पर प्रत्याशी की जमानत जब्त हो जाती है। पर्चा दाखिला के दौरान जमानत राशि के तौर पर सामान्य वर्ग के लिए 25000 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 12500 रुपये जमा कराए जाते हैं। अगर कोई प्रत्याशी अपनी सीट पर कुल वोटिंग का छठा हिस्सा लाता है तो उसे उसकी जमानत राशि लौटा दी जाती है। वहीं,जमानत जब्त होने पर वह राशि रिफंड नहीं होती है।

भाजपा की बड़ी जीत के बाद सीएम पद की दौड़ शुरू, सबसे आगे चल रहे 3 बड़े नाम, अंतिम फैसला भाजपा आलाकमान करेगा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद सीएम पद की दौड़ शुरू हो गई है। समर्थकों ने कयास लगाने शुरू कर दिए हैं, लेकिन अंतिम फैसला भाजपा आलाकमान करेगा। अलग अलग फैक्टर के हिसाब से भाजपा में सीएम पद के कई दावेदार हैं। अभी कोई भी खुलकर अपनी दावेदारी नहीं कर रहा है। सीएम चेहरा तय होने में कुछ समय लग सकता है। इस लिस्ट में परवेश वर्मा की दावेदारी सबसे पुख्ता मानी जा रही है। हालांकि, 2 ऐसे नाम भी दावेदारों में हैं, जो विधायक भी नहीं हैं। भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कोई सीएम पद का चेहरा तय नहीं किया था। दिल्ली का चुनाव पीएम मोदी के नाम पर लड़ा गया। जीत के बाद अब सभी को सीएम पद के ऐलान का इंतजार है। भाजपा में अलग अलग फैक्टर के चलते कई सीएम पद के दावेदार हैं। पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को हराकर बड़ा उलटफेर करने वाले प्रवेश वर्मा का नाम इस दौड़ में सबसे आगे है। प्रवेश दो बार सांसद रह चुके हैं। नई दिल्ली सीट जीतने के बाद प्रवेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की। दिल्ली देहात में मिली बड़ी सफलता भी प्रवेश की दावेदारी को पुख्ता करती है। 2 सांसदों का भी चल रहा नाम भाजपा सूत्रों का कहना है कि सीएम पद का ऐलान विधायकों के बीच से ही होना है। इसके चलते किसी विधायक को ही इस पद पर चुना जाएगा। अगर विधायकों के बाहर सीएम चुना गया तो सांसद मनोज तिवारी और बांसुरी स्वराज भी भाजपा का सीएम फेस हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा बड़े बहुमत के साथ सत्ता में आई है। ऐसे में दिल्ली के विकास और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर सीएम चुना जाएगा। रोहिणी से चुनाव जीते नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। विजेंद्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके है। वह 2015 से 2020 तक नेता प्रतिपक्ष रहे। इसके बाद रामवीर सिंह बिधूड़ी नेता प्रतिपक्ष बने थे। बिधूड़ी के सांसद बनने के बाद विजेंद्र को दोबारा नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। संगठन से जुड़े सतीश उपाध्याय, जितेंद्र महाजन और अजय महावर का नाम भी इस सूची में शामिल है।

दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट पर बीजेपी की ओर से रविंद्र सिंह नेगी ने जीत की दर्ज

नई दिल्ली  दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट पर वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है और भाजपा के रविंद्र सिंह नेगी ने यहां जीत का परचम लहराया है. उन्होंने आम आदमी पार्टी के अवध ओझा को कुल 28072 वोटों से हराया है. वह आम आदमी पार्टी की ओर से अपना पहला चुनाव लड़ रहे थे. इसमें वह बुरी तरह से मात खा गए. कई राउंड में लगातार रविंद्र नेगी लीड करते रहे. कांग्रेस के अनिल कुमार ने 16549 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे.  इस बीच अवध ओझा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा-  ‘ये मेरी व्यक्तिगत हार है. मैं लोगों से कनैक्ट नहीं कर पाया. एक महीने में मैं जितने लोगों से जुड़ सका, उतना वोट ही मुझे मिला. कल से जा रहा हूं, फिर लोगों से मिलूंगा और अगला विधानसभा चुनाव फिर पटपड़गंज से ही लड़ूंगा.इसके अलावा पार्टी की हार को लेकर अभी मैं कुछ नहीं कह सकता हूं.’ भाजपा के रविंदर सिंह नेगी की शानदार जीत, आप पीछे ग्यारहवें राउंड की वोटिंग के बाद बीजेपी उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी 63,509 वोटों से आगे चल रहे हैं। AAP के अवध ओझा उनसे 23,280 वोटों से पीछे हैं। आप के अवध ओझा ने कहा, ‘यह मेरी व्यक्तिगत हार है’ आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अवध ओझा ने कहा, “यह मेरी निजी हार है। मैं लोगों से जुड़ नहीं पाया।” उन्होंने आगे बताया कि अगली बार वह लोगों से मिलेंगे और अगला चुनाव यहीं से (पटपड़गंज) लड़ेंगे। मतगणना के 10वें दौर के अंत में भाजपा आगे दसवें राउंड की वोटिंग के बाद बीजेपी उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी 58,821 वोटों से आगे चल रहे हैं। AAP के अवध ओझा उनसे 22,243 वोटों से पीछे हैं। भाजपा जीत के करीब, अवध ओझा पीछे चल रहे हैं मतगणना के 9वें राउंड में बीजेपी उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी 54,077 वोटों से आगे चल रहे हैं। AAP के अवध ओझा 21,270 वोटों के अंतर को कम करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  8वें दौर की मतगणना में रवि नेगी आगे चल रहे हैं आठवें राउंड की वोटिंग में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अवध ओझा, बीजेपी के रविंदर सिंह नेगी से 18699 वोटों से पीछे चल रहे हैं। ओझा 15616 मतों से पीछे, आप और भाजपा के बीच का अंतर बढ़ा पटपड़गंज में BJP उम्मीदवार रवि नेगी 42263 वोटों से आगे चल रहे हैं। ओझा 15,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से पीछे हैं।

राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने ट्वीट में द्रौपदी के चीरहरण की तस्वीर पोस्ट की, प्रदर्शन पर गहरा तंज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सत्ता गंवाती नजर आ रही है। इसके साथ ही पुराने सहयोगियों और साथियों ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में द्रौपदी के चीरहरण की तस्वीर पोस्ट की है। बता दें कि स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल के आवास में अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार ने उनके साथ बदसलूकी की थी। स्वाति ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल पर भी सवाल उठाया था और पद छोड़ने की मांग की थी। गौरतलब है कि कुछ समय पहले स्वाति मालीवाल ने दिल्ली मुख्यमंत्री आवास में खुद के साथ बदसलूकी के आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि वह मुख्यमंत्री आवास के ड्राइंग रूम में इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार आए। विभव ने बिना किसी उकसावे के उन्हें थप्पड़ मारा। सिर्फ इतना ही नहीं, उनके पेट पर मुक्के भी मारे। बता दें कि स्वाति मालीवाल और अरविंद केजरीवाल की जान-पहचान काफी पुरानी रही है। दोनों इंडिया अगेंस्ट करप्शन के दिनों के साथी रहे हैं। कैसा है आम आदमी का प्रदर्शन दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सत्ता की दौड़ से बाहर होती नजर आ रही है। दोपहर तक आए रुझानों में आम आदमी पार्टी 22 सीटों पर सिमटती नजर आई। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने 48 सीटों पर बढ़त बना रखी थी। आम आदमी पार्टी के बड़े चेहरों में मनीष सिसोदिया जंगपुुरा सीट से चुनाव हार गए हैं। वहीं, अरविंद केजरीवाल और आतिशी भी हारती नजर आ रही हैं। इसके अलावा राजेंद्र नगर से आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक भी चुनाव हार गए हैं। अहंकार रावण का भी नहीं बचा था… इसके कुछ ही देर के बाद स्वाति मालीवाल ने एक्स पर एक और पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने लिखा कि अहंकार रावण का भी नहीं बचा था। यह पोस्ट अरविंद केजरीवाल की सीट का परिणाम आने के तुरंत बाद ही की गई। माना जा रहा है कि स्वाति ने यह ट्वीट केजरीवाल की हार पर तंज के रूप में की थी।

बीजेपी 27 साल के लंबे इंतजार के बाद वापसी, दिल्ली भाजपा को जीत का क्रेडिट, देश कार्यालय जाएंगे मोदी

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी 27 साल के लंबे इंतजार के बाद दिल्ली की विधानसभा में वापसी करती दिख रही है। शुरुआती रुझानों में भाजपा 43 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, दिल्ली में लगातार दो बार सरकार चलाने वाली आम आदमी पार्टी 28 सीटों पर सिमटती दिख रही है। यहां कांग्रेस का खाता खुलता नहीं दिख रहा है। भाजपा की इस बड़ी जीत का जश्न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मनाएंगे। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी आज शाम 6 बजे के करीब कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय नहीं, बल्कि दिल्ली बीजेपी के दफ्तर जाएंगे। वहां इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। आपको बता दें कि भाजपा का क्षेत्रीय कार्यालय पंडित पंत मार्ग पर स्थित है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना के रूझानों में निर्णायक बढ़त मिलते ही राजधानी स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय में समर्थकों ने जश्न की शुरुआत कर दी। समर्थकों ने ढोल बजाकर नृत्य किया और पार्टी के झंडे लहराए। भाजपा के चुनाव चिह्न कमल के ‘कटआउट’ पकड़े हुए समर्थकों ने एक-दूसरे को भगवा रंग भी लगाया। शुरुआती रुझानों में भाजपा को महत्वपूर्ण बढ़त मिलती दिखने के बाद, पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने विश्वास जताया कि भाजपा राष्ट्रीय राजधानी में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा और इस बारे में फैसला केंद्रीय नेतृत्व लेगा। उन्होंने कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब तक के नतीजे हमारी उम्मीदों के अनुरूप हैं, लेकिन हम अंतिम परिणाम का इंतजार करेंगे।’’

सामजसेवी अन्ना हजारे ने कहा- शराब की दुकान बढ़ाने से केजरीवाल की इमेज हुई खराब

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में यह तय माना जा रहा है कि बीजेपी दिल्ली में 26 साल बाद सत्ता में वापसी कर सकती है। इस बीच सामजसेवी अन्ना हजारे का पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर इशारों-इशारों पर निशाना साधते हुए कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि उम्मीदवार का आचरण, विचार शुद्ध होने चाहिए, जीवन बेदाग होना चाहिए, त्याग होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ये गुण मतदाताओं को उस पर विश्वास करने देते हैं। दिल्ली चुनाव नतीजों की बात करें तो 12 बजे के पहले ही तस्वीर साफ होती दिख रही है। 70 में से भाजपा को 46 और आम आदमी पार्टी के खाते में 24 सीटें आईं हैं। AAP को क्या बोल गए अन्ना हजारे? दिल्ली में अन्ना आंदोलन के जनक और समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली चुनाव नतीजों के बीच कहा कि लोगों ने नई पार्टी पर विश्वास किया था, लेकिन आगे चलकर शराब की दुकान बढ़ाने के कारण अरविंद केजरीवाल छवि खराब होने लगी। निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा ही भगवान की पूजा होती है। उन्होंने आगे कहा कि ये उनके समझ में नहीं आया,जिसके कारण वो गलत रास्ते पर गया। आरोप गलत साबित करना जरूरी- हजारे अन्ना हजारे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तो चलता रहता है। जरूरी यह है कि आप अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत साबित कर पाते हैं या नहीं। अपने ऊपर लगे आरोपों पर आप साबित करें कि ये गलत था। अन्ना ने कहा कि दिल्ली में पहली बार एक मीटिंग हुई थी। उस मीटिंग में अरविंद केजरीवाल ने पार्टी बनाने की बात कही थी। मैंने तब भी कहा था कि मैं पार्टी में शामिल नहीं होउंगा। जनता की सेवा भी भगवान की पूजा है अन्ना हजारे ने मीडिया से कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि उम्मीदवार का आचरण, विचार शुद्ध होने चाहिए, जीवन बेदाग होना चाहिए, त्याग होना चाहिए… ये गुण मतदाताओं को उस पर विश्वास करने देते हैं। आप हमेशा निष्काम भाव से काम करो। पूजा केवल मंदिर में नहीं होती, जनता की सेवा करना भी भगवान की पूजा होती है।

पूर्व मुख्यमंत्री अपनी हार को स्वीकार करते हुए कहा- वह रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने ना सिर्फ जनता के फैसले को स्वीकार किया बल्कि बड़ा दिल दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत की बधाई दी। हालांकि, अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर हार की मायूसी साफ नजर आ रही थी। प्रचार दौरान कई बार चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके अरविंद केजरीवाल ने मतदान से ठीक पहले ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका भी जाहिर की थी, लेकिन नतीजों के बाद उन्होंने किसी तरह का प्रश्नचिह्न लगाने की बजाय जनादेश को स्वीकार किया। केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘आज दिल्ली चुनाव के नतीजे आए हैं। जनता का जो भी फैसला है उसे हम पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। जनता का निर्णय सिर माथे पर।’

सचिवालय सील, सरकारी दस्तावेजों और डाटा की सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों को तुरंत दिल्ली सचिवालय पहुंचने का निर्देश दिया

नई दिल्ली दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों की मतगणना जारी है। इसी बीच प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकारी दस्तावेजों और डाटा की सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों को तुरंत दिल्ली सचिवालय पहुंचने का निर्देश दिया गया है। संयुक्त सचिव ने आदेश जारी किया है। जिसमें उन्होंने आला अधिकारी को तुरंत दिल्ली सचिवालय पहुंचने का निर्देश दिया है। यह फैसला दिल्ली में चुनाव रुझानों को देखते हुए लिया गया है। दिल्ली में भाजपा की जीत के बाद हलचल तेज हो गई है। सरकारी दस्तावेजों और डाटा की सुरक्षा के लिए संयुक्त सचिव प्रदीप तायल ने अधिकारियों को तुरंत दिल्ली सचिवालय पहुंचने का आदेश दिया है। आदेश में उन्होंने लिखा है, ‘सुरक्षा चिंताओं और रिकॉर्ड्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, यह अनुरोध किया जाता है कि प्रशासनिक विभाग की अनुमति के बिना कोई भी फाइल/दस्तावेज, कंप्यूटर हार्डवेयर आदि दिल्ली सचिवालय परिसर से बाहर न ले जाया जाए। इसलिए यह निर्देश दिया जाता है कि दिल्ली सचिवालय में स्थित विभागों/कार्यालयों के अंतर्गत संबंधित सभी ब्रांच इंचार्ज को उनके सेक्शन/ब्रांच के अंतर्गत रिकॉर्ड्स, फाइलों, दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक फाइलों आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।’

दिल्ली चुनाव: मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे

नई दिल्ली नई दिल्ली विधानसभा सीट से आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए हैं. अरविंद केजरीवाल कुल 1200 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा से ये चुनाव हार गए हैं. नई दिल्ली सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था. यहां से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Kejriwal Election Result), भारतीय जनता पार्टी के प्रवेश वर्मा हैं और कांग्रेस के संदीप दीक्षित मैदान में थे. नई दिल्ली सीट की जनता ने चुनाव में बीजेपी का साथ देते हुए इस सीट पर कमल खिलाया है. बता दें दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत का आंकड़ा मिला है. रुझानों के अनुसार, भाजपा 47 सीटों पर और आम आदमी पार्टी 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. 10 साल से सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी एक करारी हार की ओर बढ़ रही है. मनीष सिसोदिया भी हारे चुनाव आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं. बीजेपी उम्मीदवार तरविंदर सिंह मारवाह ने इस सीट से जीत दर्ज की है. मीडिया से बात करते हुए सिसोदिया ने कहा कि लोगों ने उनका बहुत अच्छा समर्थन किया है और उम्मीद जताई कि भाजपा के उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा, “पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छा संघर्ष किया, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे.” मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने मतगणना केंद्र जाने से पहले कनॉट प्लेस में स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किए थे. हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद प्रवेश वर्मा ने मीडिया से बात की थी.  उन्होंने कहा था, “आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. हम बहुत समर्थन देख रहे हैं और पूरे दिन लगातार समर्थन मिल रहा है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा समर्थन मिलता रहेगा.” पिछले दस वर्षों से दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य पर आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा है, जबकि बीजेपी 1998 से शहर की सत्ता से बाहर है. वर्ष 1998 से 2013 तक दिल्ली पर शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी लगातार तीसरी बार हार की ओर अग्रसर दिख रही थी. दिल्ली में पांच फरवरी को हुए चुनाव में 1.55 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 60.54 प्रतिशत ने मतदान किया था. करनैल सिंह ने सत्येंद्र जैन को हराया शकूरबस्ती से भाजपा के करनैल सिंह ने आप के सत्येंद्र जैन को हराया. जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं: मनीष सिसोदिया जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार मनीष सिसोदिया ने हार स्वीकार करते हुए कहा, पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छी लड़ाई लड़ी, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह क्षेत्र के लिए काम करेंगे. सभी का आभार व्यक्त करता हूं: रविंदर सिंह नेगी पटपड़गंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी ने कहा, मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा. यह उनका आशीर्वाद था, जिस तरह से उन्होंने आम आदमी पार्टी को आपदा कहा, उन्होंने कहा आपदा हटाओ, दिल्ली बचाओ. लोगों ने इसे स्वीकार भी किया। शीर्ष नेतृत्व के नेतृत्व में हमें जीत मिली है, मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं. ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित: कुलदीप कुमार कोंडली विधानसभा से AAP उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने जीत दर्ज की. उन्होंने कहा, ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित है. उन्होंने दूसरी बार मुझे टिकट दिया था और मैं जीत के आया हूं. AAP दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है और अरविंद केजरीवाल चौथी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.  

दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी की हार के ये बड़े 5 फैक्टर

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 27 सालों का सूखा खत्म करते हुए सत्ता की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। भाजपा ने सीटों पर बढ़त बनाकर रुझानों में बहुमत हासिल कर लिया है। 2013 में अन्ना हजारे के ‘क्रांतिपथ’ से निकलकर राजनीति की राह में बढ़ने वाले अरविंद केजरीवाल को पहली राजनीतिक हार मिली है। मुफ्त बिजली, पानी, बस सफर जैसी स्कीमों के बाद उनकी हार ने काफी कुछ साफ कर दिया है। मुस्लिम बहुल इलाके हों, गांधी नगर जैसे कारोबारी क्षेत्र हों या फिर पूर्वी दिल्ली का पटपड़गंज हो, सभी जगहों पर आम आदमी पार्टी को करारा झटका लगा है तो साफ है कि अलग-अलग वर्गों में उसने अपने जनाधार को खोया है। इसकी पर्याप्त वजहें हैं, जो चुनाव के दौरान ही साफ थीं, लेकिन अरविंद केजरीवाल अपने नाम पर चुनाव में जीत दिलाने की कोशिश में थे।   दिल्ली की सड़कों की बदहाली अरविंद केजरीवाल एक तरफ रेवड़ियां बांटने के लगातार ऐलान करते रहे तो भाजपा ने सड़क, पानी जैसे मुद्दों को नहीं छोड़ा। बुराड़ी से संगम विहार तक और पटपड़गंज से उत्तम नगर तक अलग-अलग इलाकों में टूटी सड़कों को भाजपा दिखाती रही। भाजपा का कहना था कि कहीं जल बोर्ड ने सड़कें उखाड़ तो दीं, लेकिन उन्हें सही नहीं किया। वहीं तमाम इलाकों में 10 साल में एक बार भी सड़क नहीं बनी। खराब सड़कों की रिपेयरिंग तक नहीं हो सकी। यहां तक कि अरविंद केजरीवाल ने भी सड़कों की बदहाली को स्वीकार किया था और उनका कहना था कि हम इस मोर्चे पर काम नहीं कर सके। पानी के टैंकर और पलूशन का भी असर दिल्ली के कई इलाकों में टैंकर माफिया के सक्रिय होने और गर्मी के मौसम में हर साल पानी की किल्लत की खबरें आती रही हैं। एक तरफ फ्री बिजली और पानी देने के वादे तो कहीं पानी की ही किल्लत होने से दिक्कतें आईं। माना जा रहा है कि जनता ने पानी की परेशानी के नाम पर भी वोट दिया। एक तरफ भाजपा ने फ्री वाली स्कीमों को जारी रखने का वादा किया तो वहीं सुधार की भी बात कही। माना जा रहा है कि दिल्ली के लोगों ने पानी और सड़क के नाम पर भाजपा को मौका देने का फैसला लिया है। मुस्लिम वोटों का बंटवारा, दिल्ली दंगों ने बदला माहौल ओखला से लेकर मुस्तफाबाद तक में भाजपा ने बढ़त कायम की है। यहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने वोट काटे हैं तो वहीं कांग्रेस को भी मुस्लिमों का वोट मिला है। इस बार मुस्लिमों के बीच आम आदमी पार्टी के लिए एकतरफा वोटिंग नहीं हुई। माना जा रहा है कि इसके चलते भाजपा को सीधे बढ़त मिली है। कई मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों ने इस बात की शिकायत की कि 2020 के दंगों में अरविंद केजरीवाल ने साथ नहीं दिया। इसके अलावा कोरोना काल में मुस्लिमों को बदनाम किया गया। ऐसे में मुस्लिम वोटों का AAP के पक्ष में एकजुट न रहना उसके लिए झटके के तौर पर सामने आया है। 8वां वेतन आयोग, पेंशन और टैक्स राहत के ऐलान से भाजपा के साथ सरकारी कर्मी? आरके पुरम जैसी सीट पर भाजपा आगे है। यह सीट सरकारी कर्मचारिचों के बहुलता वाली मानी जाती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों ने भाजपा को समर्थन किया है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम और फिर 8वां वेतन आयोग घोषित करके भाजपा ने दिल्ली चुनाव में सरकारी कर्मचारियों को लुभा लिया। यही नहीं 1 फरवरी को ही आए बजट में 12 लाख रुपये तक ही कमाने वालों की आय को टैक्स फ्री कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इसका फायदा पार्टी को चुनाव में मिला है। आरएसएस ने संभाला मोर्चा, एकजुटता से लड़ा संगठन भाजपा ने लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सातों सीटें पाई थीं। लेकिन कुछ राज्यों में झटका लगा था तो आरएसएस के साथ तालमेल को लेकर सवाल उठा था। इस बार भाजपा और आरएसएस के बीच बेहतर तालमेल दिखा। यही नहीं संघ के लोगों को बूथ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह भाजपा और संघ के आनुषांगिक संगठनों में अच्छा समन्वय दिखा। माना जा रहा है कि इसका असर ग्राउंड पर दिखा और अब नतीजा सामने है।

Milkipur By-Election Result 2025 : मिल्कीपुर उपचुनाव में तीसरे राउंड की गिनती पूरी, बीजेपी के चंद्रभानु पासवान 10, 170 वोट से आगे

नई दिल्ली दिल्ली चुनाव में अब नतीजे का वक्त आ गया है. सुबह 8 बजे से काउंटिंग शुरू हो गई है. 11 जिलों के 19 केंद्रों पर काउंटिंग चल रही है. शुरुआती रुझान में बीजेपी आगे चल रही है. AAP भी कड़ी टक्कर दे रही है. राजधानी में 5 फरवरी को वोट डाले गए. कुल 60.54 प्रतिशत वोट पड़े थे. दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजे की घड़ी आ गई है. वोटों की काउंटिंग चल रही है. शुरुआती रुझान में बीजेपी आगे चल रही है. AAP भी कड़ी टक्कर दे रही है. AAP के कई दिग्गज नेता पीछे चल रहे हैं. दिल्ली में कुल 70 सीटें हैं और बहुमत के लिए 36 सीटें होना जरूरी है. सुबह से हर किसी की निगाहें इस बात पर रहीं कि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार तीसरी बार जीत हासिल करती है या बीजेपी राजधानी में 27 साल के सत्ता के सूखे को खत्म करेगी. वहीं, पिछले दो चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई कांग्रेस को भी इस चुनाव से काफी उम्मीदें हैं.  रुझानों में कांटे की टक्कर रुझानों में बीजेपी और AAP के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. अब तक BJP 39 सीटों पर आगे है. जबकि AAP भी 30 सीटों पर आगे है. एक सीट पर कांग्रेस आगे है. ओखला में बीजेपी आगे नजफगढ़ से बीजेपी 4383 वोटों से आगे है. मटियाला सीट से बीजेपी 2862 वोटों से आगे है. उत्तमनगर से बीजेपी 2223 वोटों से आगे है. द्वारका सीट से बीजेपी 1257 वोटों से आगे है. बिजवासन सीट और पालम सीट पर भी बीजेपी आगे है. पटेलनगर में बीजेपी के राजकुमार आनंद आगे हैं. ओखला सीट से लगातार बीजेपी आगे है. पहले राउंड की गिनती पूरी हो गई है.  ग्रेटर कैलाश में सौरभ भारद्वाज पीछे ग्रेटर कैलाश से AAP के सौरभ भारद्वाज पीछे चल रहे हैं. बीजेपी की शिखा राय आगे हैं. मटियाला सीट से बीजेपी के संदीप सहरावत आगे हैं. कोंडली सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका गौतम आगे हैं. मादीपुर सीट से बीजेपी के कैलाश गंगवाल आगे हैं. AAP की उम्मीदवार राखी बिरला पीछे हैं. रुझानों में बीजेपी की लहर देखी जा रही है. बीजेपी 45 और AAP 24 सीटों पर बढ़त बनाए है. एक सीट पर कांग्रेस आगे है.  जंगपुरा में सिसोदिया भी आगे जंगपुरा सीट पर भी उलटफेर हुआ है. AAP के मनीष सिसोदिया दो राउंड की गिनती के बाद 1800 वोटों से बढ़त बनाई है. हालांकि, आतिशी अभी भी पीछे चल रही हैं.  उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज शनिवार को जारी होंगे. मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है. सपा नेता अवधेश प्रसाद के फैजाबाद से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई इस सीट पर बुधवार को उपचुनाव हुआ. समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच यहां मुख्य मुकाबला है. ये उपचुनाव समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है. कारण, यह सीट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अयोध्या जिले का हिस्सा है. दरअसल, 2024 में फैजाबाद लोकसभा सीट जीतने के बाद सपा नेता अवधेश प्रसाद के मिल्कीपुर सीट खाली करने के बाद यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी है. अब, जबकि सपा इस सीट को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, भाजपा इस चुनाव को फैजाबाद में अपनी हार का बदला लेने के अवसर के रूप में देख रही है. कारण, 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर अयोध्या जिले की एकमात्र विधानसभा सीट थी, जिसे भाजपा हार गई थी. बुधवार को हुए उपचुनाव में पड़े 65 फीसदी वोट मिल्कीपुर सीट पर हुए बुधवार को हुए उपचुनाव में कुल 3.70 लाख मतदाताओं में से 65 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो 2022 के विधानसभा चुनावों में दर्ज किए गए मतदान से अधिक है. चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान पूरा होने तक 65.35 फीसदी वोट पड़े. 2022 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत 60.23 था. पांचवें राउंड के बाद- BJP- 27115 वोट सपा- 12850 वोट आजाद समाज पार्टी- 835 वोट अन्य- 1172 वोट कुल- 41972 अब बीजेपी 14220 वोटों से आगे मिल्कीपुर चुनाव में बीजेपी 14220 वोटों से आगे. बीजेपी के चंद्रभानु पासवान सपा के अजीत प्रसाद से पांचवें राउंड में भी आगे. आजाद समाज पार्टी को 549 वोट मिले  अभी तक की काउंटिंग में बीजेपी को 17123, सपा को 7000 जबकि, आजाद समाज पार्टी को 549 वोट मिले हैं. कुल 25407 वोटों की गिनती हुई है.      चौथे राउंड में भी बीजेपी आगे मिल्कीपुर चुनाव में बीजेपी 11635 वोटों से आगे. बीजेपी के चंद्रभानु पासवान सपा के अजीत प्रसाद से चौथे राउंड में भी आगे चल रहे हैं.  

दिल्ली में चुनाव के बाद हर किसी की नजर परिणाम पर, इस Direct Link से देखें सबसे तेज नतीजे

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फ़रवरी, 2025 को मतदान हुआ था, और परिणाम आज यानी 8 फ़रवरी को घोषित किए जाएंगे। जानें कब, कहां और कैसे देखें दिल्ली विधानसभा के चुनावों का नतीजा।  दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी 2025, बुधवार को संपन्न हुए, जिसमें 70 सीटों के लिए कुल 699 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। चुनाव आयोग (ECI) ने बताया कि इस बार 60.42% मतदान दर्ज किया गया, जो यह संकेत देता है कि जनता में चुनाव को लेकर रुचि बनी हुई थी। अब, सभी की निगाहें आज  8 फरवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि दिल्ली की कमान आम आदमी पार्टी (AAP) के हाथ में बनी रहेगी या भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में वापसी करेगी। दिल्ली चुनाव नतीजों के लाइव अपडेट देखने के लिए     चुनाव आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट: eci.gov.in     ECI का रिजल्ट पोर्टल: results.eci.gov.in     दिल्ली चुनाव 2025 के Live Updates, Mint की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 8 फरवरी, आज शनिवार को सुबह 7:00 बजे से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। शुरुआती रुझान सुबह 7:30 बजे से आने लगेंगे, लेकिन सीटवार विजेता पूरे दिन घोषित किए जाएंगे। मतगणना समाप्त होने की संभावना शाम 6:00 बजे तक है। चुनावी मुकाबला: किस सीट से कौन उम्मीदवार? दिल्ली चुनाव 2025 में कुल 699 उम्मीदवारों ने 70 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव लड़ा, जो बुधवार को एक ही चरण में हुआ। इस चुनाव में तीन प्रमुख दल आमने-सामने थे- आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस। दिल्ली में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 36 सीटें जीतनी होंगी। दिल्ली के चुनावी मैदान में कई दिग्गज उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नई दिल्ली सीट पर AAP के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मुकाबला BJP के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। कालकाजी सीट पर मौजूदा मुख्यमंत्री AAP की आतिशी को कांग्रेस की अल्का लांबा और BJP के रमेश बिधूड़ी से कड़ी टक्कर मिल रही है। जंगपुरा सीट पर AAP के मनीष सिसोदिया का मुकाबला BJP के तरविंदर सिंह मारवाह और कांग्रेस के फरहाद सूरी से है। शकूर बस्ती सीट से AAP के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन के सामने BJP के कर्नैल सिंह चुनौती पेश कर रहे हैं। क्या AAP की जीत की हैट्रिक होगी या BJP सत्ता में वापसी करेगी? इन चुनावी नतीजों से यह तय होगा कि AAP तीसरी बार लगातार दिल्ली की सत्ता पर काबिज होगी या BJP 27 साल बाद सत्ता में लौटेगी। 2015 और 2020 में हुए चुनावों में AAP को जबरदस्त जीत मिली थी, लेकिन इस बार BJP आक्रामक प्रचार के साथ मैदान में थी। अगर AAP जीतती है, तो आतिशी दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी। वहीं, BJP जीत दर्ज करती है तो यह 27 साल के लंबे इंतजार का अंत होगा। ता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 विधानसभा सीटों के लिए कुल 699 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा हैं, जिसमें सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच टक्कर है. इस चुनाव में कुल 699 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में नई दिल्ली शामिल है, जहां अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित के खिलाफ चुनाव लड़ा है. अन्य प्रमुख मुकाबलों में कालकाजी में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी का मुकाबला कांग्रेस की अलका लांबा और भाजपा के रमेश बिधूड़ी से है. क्या कह रहे हैं एग्जिट पोल? 5 फरवरी को दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद कई एग्जिट पोल्स सामने आए, जिनमें राजधानी में बड़े बदलाव के संकेत दिखे. ज्यादातर एग्जिट पोल्स में आम आदमी पार्टी को पिछड़ता दिखाया गया है. दिल्ली में बीजेपी और AAP के बीच कांटे की टक्कर है, लेकिन बीजेपी को मामूली बढ़त मिलती दिख रही है. अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता का फैसला किसके पक्ष में जाता है।

केजरीवाल के आवास पर एसीबी की टीम के पहुंचने के बाद ‘आप’ के लीगल हेड ने कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के ‘आप’ के प्रत्याशियों को खरीदने के दावे के बाद अब इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच शुरू कर दी है। अरविंद केजरीवाल के आवास पर शुक्रवार को एसीबी की टीम के पहुंचने के बाद ‘आप’ के लीगल हेड संजीव नासियार ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। ‘आप’ के लीगल हेड संजीव नासियार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भाजपा द्वारा राजनीतिक ड्रामा बनाने की कोशिश की जा रही है। क्योंकि, जो लोग यहां पर आए हैं उनके पास लिखित में कोई आदेश नहीं है कि वह यहां पर किस चीज की पूछताछ करने आए हैं। एसीबी से आए लोग बाहर ही हैं, कोई अंदर नहीं गया है। जब हमने उनसे नोटिस मांगा तो उन्होंने नहीं दिखाया।” उन्होंने आगे कहा, “एसीबी की टीम कोई नोटिस लेकर नहीं आई है। वो नोटिस तैयार करने के लिए भाजपा या किससे निर्देश ले रहे हैं, अभी तक कुछ साफ नहीं है। इस टीम में छह सदस्य हैं और उनके जो इंचार्ज हैं, वो भी लगातार किसी से फोन पर बात कर रहे हैं। मैं इतना ही कहूंगा कि कोई भी गैर-कानूनी काम करने नहीं देंगे। कानूनी तौर पर कोई नोटिस दिया जाएगा तो उसका रिप्लाई हमारे द्वारा दिया जाएगा।” संजीव नासियार ने बताया कि एसीबी की टीम अभी घर के बाहर मौजूद है और जब तक कोई नोटिस नहीं दिखाया जाएगा, तब तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। हमारी तरफ से शिकायत पहले ही कर दी गई है। ज्ञात हो कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर शुक्रवार को एसीबी की टीम पहुंची है। यह टीम केजरीवाल के घर पर मौजूद है और वह उनसे 15 करोड़ के दावे को लेकर पूछताछ करेगी।दरअसल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि उनके 16 उम्मीदवारों को अन्य पार्टी में शामिल होने के लिए फोन आया है और प्रत्येक को 15-15 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया गया है।  

अपनी सीट हार सकते हैं मनीष सिसोदिया और केजरीवाल, दिल्ली चुनाव का रिजल्ट कल

नई दिल्ली  दिल्ली चुनाव के नतीजे शनिवार को सामने आ जाएंगे। उससे पहले ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुमानों में भाजपा सरकार बनती दिख रही है।  तीन और एग्जिट पोल जारी हुए। इनमें भी भाजपा को प्रचंड जीत के संकेत मिलते दिख रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) पिछड़ती दिख रही है। इसी बीच एक्सिस माई इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि नई दिल्ली विधानसभा सीट में भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी है। यहां आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का मुकाबला भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। आप को 20 सीटें मिलने का अनुमान पोलस्टर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 50 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है, जबकि आप को 42 प्रतिशत वोट शेयर के साथ केवल 20 सीटें मिल सकती हैं। गुप्ता ने सीएनएन-न्यूज18 के मैनेजिंग एडिटर जक्का जैकब से कहा कि उनकी एजेंसी सीट-दर-सीट अनुमान नहीं लगाती, लेकिन यह बताती है कि किसी विशेष विधानसभा में कौन सी पार्टी सबसे लोकप्रिय है। हार सकते हैं केजरीवाल यदि अनुमान के मुताबिक नई दिल्ली विधानसभा सीट पर भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी हुई, तो इससे केजरीवाल की टेंशन बढ़ सकती है। वे अपनी सीट हार सकते हैं। उन्हें लगातार तीन बार यहां से जीत मिल चुकी है। यहां 2013 की स्थिति दोबारा देखने को मिल सकती है जब आप नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। सिसोदिया को भी मिल सकती है हार गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि आम आदमी पार्टी (आप) कालकाजी, बाबरपुर और ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्रों में सबसे लोकप्रिय पार्टी है, जबकि जंगपुरा में भाजपा ज्यादा पॉपुलर है। उन्होंने कहा, ‘आप और भाजपा दोनों ही कालकाजी में लोकप्रिय हैं, जहां से मुख्यमंत्री आतिशी लड़ रही हैं, लेकिन आप को थोड़ी बढ़त हासिल है। जंगपुरा में, भाजपा को आप पर थोड़ी बढ़त हासिल है, यहां मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ रहे हैं। सौरभ भारद्वाज की सीट ग्रेटर कैलाश में, आप को भाजपा पर थोड़ी बढ़त हासिल है, लेकिन यह पार्टी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। वहीं गोपाल रीय की सीट बाबरपुर आप के लिए सुरक्षित सीट है।’ सर्वे के अनुसार यह हो सकता है कि केजरीवाल और सिसोदिया जैसे बड़े आप नेता चुनाव हार सकते हैं। अगर AAP जीती और बड़े चेहरे हारे तो CM कौन? दिल्ली में अगर ऐसा हुआ और आम आदमी पार्टी दिल्ली में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर लेती है, तो सवाल उठता है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. यदि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया या आतिशी चुनाव हार जाते हैं, तो आम आदमी पार्टी के सीएम चेहरे के रूप में कौन उभर कर सामने आएगा? दिल्ली की सियासत में ये तीनों हि बड़े चेहरे हैं और इन सीटों पर इस बार कड़ी टक्कर भी है. कुछ संभावित नाम जो दिल्ली के अगला मुख्यमंत्री बन सकते हैं, उनमें पार्टी के पुराने और प्रभावशाली नेता शामिल हो सकते हैं, जैसे गोपाल राय, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, और राखी बिडलान. हालांकि, इस सवाल पर कोई स्पष्टता नहीं है कि क्या अरविंद केजरीवाल खुद फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी. हारने के बाद क्या कोई सीएम बन सकता है? एक और संभावना यह है कि अगर केजरीवाल खुद सीएम बनते हैं और चुनाव में हारते हैं, तो उन्हें छह महीने के भीतर सदन में जीतने के लिए किसी सीट पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है. इस स्थिति में, किसी जीते हुए विधायक को इस्तीफा देना पड़ेगा ताकि केजरीवाल उस सीट से चुनाव लड़ सकें. लेकिन, अगर केजरीवाल चुनाव हारते हैं, तो उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं रहेगा.

एंटी करप्शन ब्यूरो अब केजरीवाल के उस दावे की जांच करेगी, जिसमे 15 करोड़ का ऑफर भी दिया गया, LG ने दिए आदेश

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले एक ओर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो, आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के उस दावे की जांच करेगी जिसमें उन्होंने बीजेपी पर उनके मौजूदा विधायकों तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायकों को 15 करोड़ का ऑफर भी दिया गया है। इस मामले में बीजेपी ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिख शिकायत की थी उनसे एंटी करप्शन ब्यूरो को केजरीवाल और संजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि एलजी ने एसीबी को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

साजिद रशीदी ने बताया की दिल्ली चुनाव में BJP को दिया वोट, वीडियो जारी कर मुस्लिमों को दिया संदेश

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म हो चुका है अब सबको शनिवार का इंतजार है जब नतीजे सामने आएंगे। इसी बीच भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी कह रहे हैं कि उन्होंने दिल्ली चुनाव में भाजपा को वोट दिया है। एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए अमित मालवीय ने लिखा, ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के साजिद रशीदी कहते हैं कि उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया है। यह कोई अकेला मामला नहीं है। यदि मुसलमान भी बड़े पैमाने पर भाजपा का समर्थन करने लगें तो तथाकथित ‘धर्मनिरपेक्ष’ दलों को चिंतित होना चाहिए।’ मुस्लिमों को दिया संदेश वीडियो में साजिद कहते हैं, ‘दोस्तों मैंने वोट कर दिया है। मैंने ये वोट किसको किया है, आफको सुनकर बड़ा आश्चर्य होगा। मैंने यह वोट भारतीय जनता पार्टी को किया है। जिंदगी में पहली बार मैंने भारतीय जनता पार्टी को वोट किया है। क्यों किया है इसके पीछे बहुत सारे कारण हैं। अबतक मुसलमानों पर यह आरोप लगता रहा कि भाजपा को हराने के लिए मुसलमान वोट करता है। मैंने यह वोट इसलिए किया बीजेपी को कि दिल्ली के अंदर बीजेपी जीते। मुसलमानों के मन में यह बात बैठा दी गई है कि भाजपा को हराओ, नहीं तो अगर वे सत्ता में आए तो मुसलमानों के अधिकार छीन लिए जाएंगे। मैंने मुसलमानों के मन से उस डर को निकालने के लिए (भाजपा को) वोट दिया। अगर दिल्ली में भाजपा की सरकार बनती है तो मैं मुसलमानों को दिखाऊंगा कि मुसलमानों के कौन से अधिकार छीने गए हैं। ऐसा नहीं है कि मैं भाजपा में शामिल हो गया हूं या उनके सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। अगर उनकी कोई नीति मुसलमानों के खिलाफ जाती है तो मैं उसका विरोध करूंगा। मुझे धमकियां मिल रही हैं और आरोप लगाया जा रहा है कि मैं भाजपा के हाथों बिक गया हूं। ऐसा कुछ नहीं है, मैं भाजपा के किसी नेता से भी नहीं मिला हूं। मेरे खिलाफ मामले दर्ज हैं। मेरा एकमात्र उद्देश्य मुसलमानों के दिल और दिमाग से उस डर को निकालना है। अगर मुसलमान भाजपा को वोट देते हैं तो हमारा हक होगा और अगर भाजपा हमारे खिलाफ कुछ करती है तो हम उससे सवाल कर सकते हैं।’ एग्जिट पोल में बीजेपी सरकार बुधवार को वोटिंग खत्म होने के बाद एग्जिट पोल के अनुमान सामने आए हैं। जिसमें ज्यादातर में भाजपा के दिल्ली में अगली सरकार बनाने का अनुमान जताया गया है। वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन में खास फर्क नहीं है। जबकि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पिछड़ती दिख रही है। एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत के अंतर को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए गए हैं। एक पोल में कहा गया है कि पार्टी दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 51-60 सीटें जीत सकती है। दो पोल में आप की जीत का भी अनुमान लगाया गया है।

दिल्ली चुनाव वोटिंग के दौरान जब मनीष सिसोदिया के सामने लगे मोदी-मोदी के नारे, खड़े होकर उन्हें देखते रह गए

नई दिल्ली दिल्ली की जनता 70 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाल रही है। शाम 6 बजे तक मतदान जारी रहेगा। इसी बीच जंगपुरा सीट पर बवाल हो गया। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा उम्मीदवार द्वारा लोगों में पैसे बांटने का आरोप लगाया। इसे लेकर पुलिस से भी उनकी बहस हो गई। उन्होंने आरोप लगाया की भाजपा सरेआम लोगों के वोट खरीदने के लिए पैसे बांट रही है। इस दौरान जब वे पुलिस के साथ बहस कर रहे थे तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसपर खड़े होकर उन्हें देखते रह गए। क्या है पूरा मामला जंगपुरा सीट से आप उम्मीदवार मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि इलाके के एक घर से पैसे बांटे जा रहे हैं। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों से घर पर छापा मारने को कहा। वे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से उलझते हुए दिखाई दिए। जब सिसोदिया पुलिसवालों से कह रहे थे कि यहां तीन-तीन टेबल भाजपा की क्यों लगी है। ये बीजेपी की टेबल राकेश सागर के नाम से कैसे लगी हुई है? इसी दौरान वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिसपर वे उन्हें खड़े होकर उन्हें देखने लगे। फिर वे वहां से चले गए। आप-बीजेपी का पलटवार आम आदमी पार्टी ने एक्स पर एक वीडियो शेयर करके लिखा, ‘जंगपुरा में मतदाताओं को सरेआम बिल्डिंग में ले जाकर पैसे बांट रही बीजेपी। जंगपुरा विधानसभा में बीजेपी के बूथ के साथ वाली बिल्डिंग में मतदाताओं को पैसे बांटे जा रहे हैं। यह सब दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग की निगरानी में किया जा रहा है।’ पार्टी ने आयोग से इसपर ऐक्शन लेने को कहा। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि आप-दा ने अपनी हार मान ली। आप के टेबल पर कोई आ नहीं रहा है, दूसरी तरफ भाजपा के टेबल पर भारी भीड़ देखकर आपियों का दिमाग काम नहीं कर रहा तो इल्जाम लगाना शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस ने दावों से किया इनकार मनीष सिसोदिया के पैसे बांटने के आरोप का दिल्ली पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। भ्रम दूर कर दिया गया है।

अभिषेक सिंघवी ने बड़ा दावा करते हुए कहा- इस बार कांग्रेस नतीजों में चौंका सकती है

नई दिल्ली दिल्ली में मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 6 बजे तक चलेगी। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी लंबे समय बाद दिल्ली में वोटिंग की। सिघंवी ने बताया कि मैं लंबे समय बाद दिल्ली में वोट डाल रहा हूं, पहले मेरा वोट जोधपुर में था जिसे मैंने इस बार दिल्ली ट्रांसफर कराया है। बातचीत के दौरान अभिषेक सिंघवी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस नतीजों में चौंका सकती है, हालांकि पार्टी को कितनी सीटें आएंगी,इसपर उन्होंने न बोलना ही बेहतर समझा। लंबे समय बाद दिल्ली में वोट डाला चौथी बार सांसद बने अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है कि लंबे समय बाद दिल्ली में वोट डाल रहा हूँ। मेरा वोट जोधपुर में था, लेकिन अब मैंने इसे दिल्ली में ट्रांसफर करवा लिया है। वोटिंग बहुत अच्छे से चल रही है और पोलिंग बूथों पर मतदाताओं का सम्मान और आदर के साथ स्वागत किया जा रहा है। वोट देने का अधिकार संविधान में सबसे बड़ा अधिकार है। मैं उन सभी संगठनों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं जो 12 घंटे काम करेंगे। कांग्रेस चौंकाने वाली है वोट डालने के बाद उनसे कांग्रेस कती सीटों और प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि दिल्ली का मतदाता समझदार है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। सीटों से जुड़े सवाल पर अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह समय इस बात का नहीं है, शाम तक वोटिंग हो जाएगी। मुझे लगता है दिल्ली का वोटर परिपक्व है, वह ऐसी सरकार चुनेगा जो उसकी दिक्कतों को दूर करे और जीवन में सकरात्मक प्रभाव लाए।

दिल्ली में हो रहे मतदान के बीच सीलमपुर में हुआ हंगामा, बुर्के में महिलाओं के फर्जी वोटिंग के लगने लगे आरोप

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए सभी 70 सीटों पर वोटिंग हो रही है। कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक मतदान चल रहा है। कुछ जगहों से आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने एक दूसरे पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। इस बीच सीलमपुर में एक बूथ पर कुछ देर के लिए हंगामा हो गया। बुर्के में महिलाओं के फर्जी वोटिंग के आरोप लगने के बाद कुछ देर हो-हंगामा हुआ। हालांकि, पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया। यहां आर्यन पब्लिक स्कूल के पास बने बूथ पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बाहर की महिलाओं को लाकर बुर्के में फर्जी वोटिंग कराई जा रही है। भाजपा कार्यकर्ता बूथ के बाहर नारेबाजी करने लगे। आम आदमी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता आमने सामने आ गए। इस हंगामे की शुरुआत उस वक्त हुई जब कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि जब वह वोट डालने पहुंचीं तो पता चला कि उनके नाम से किसी और ने पहले ही वोट डाल दिया है। भाजपा समर्थकों ने दावा किया कि सीलमपुर सीट से सटे यूपी के लोनी से लोगों को लागकर बुर्के की आड़ में वोटिंग कराई जा रही है। आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। आम आदमी पार्टी के समर्थक भी सामने आ गए। दोनों पक्षों के तरफ से नारेबाजी होने लगी। हंगामा इतना बढ़ा कि कुछ देर के लिए वोटिंग बाधित हो गई। माहौल बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया। कुछ देर बाद ही स्थति को पूरी तरह सामान्य र दिया गया। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी कुछ सीटों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राष्ट्रपति भवन के पास पैसे बांटने के आरोप लगाए। वहीं, जंगपुरा में भी एक बूथ के पास पैसे बांटने के आरोप भाजपा पर लगाए गए। आप के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि उनकी सीट पर आम आदमी पार्टी के समर्थकों को बूथ तक जाने में बाधा डाली जी रही है।

विधायक अमानतुल्ला खान और दिनेश मोहनिया के खिलाफ FIR दर्ज, जानिए क्या है मामला

 नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के विधायक व ओखला से आप उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) और आप विधायक दिनेश मोहनिया ( Dinesh Mohaniya) के खिलाफ खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आप विधायकों पर अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई है। दिनेश मोहनिया पर फ्लाइंग Kiss देने का आरोप समचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, संगम विहार थाने में एक महिला ने आप विधायक दिनेश मोहनिया के खिलाफ फ्लाइंग किस देने का मामला दर्ज कराया है। दिल्ली पुलिस ने धारा 323/341/509 के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आप उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आचार संहिता उल्लंघन में अमानतुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज दिल्ली पुलिस ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर ओखला विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई एक वीडियो सामने आने के बाद की, जिसमें आप नेता कथित तौर पर चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद अपने समर्थकों के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र (ओखला) में घूमते हुए दिख रहे थे। साउथ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी ने एक्स पर लिखा, “इस मामले में, आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के लिए अमानतुल्लाह के खिलाफ धारा 223/3/5 बीएनएस और 126 आरपी अधिनियम के तहत एफआईआर नंबर 95/25 पुलिस स्टेशन जामिया नगर में दर्ज की गई है।” दिल्ली की सभी 70 सीटों पर हो रहा मतदान दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार सुबह सात बजे से मतदान हो रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान वोट कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर लगाया आरोप इससे पहले मंगलवार को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस पर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे और दावा किया था कि उनकी कार्रवाई आप के खिलाफ गुंडागर्दी का समर्थन करने और भाजपा के गलत कामों को बचाने के समान है। आप संयोजक ने ऐसा तब कहा जब दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया। इसे आप संयोजक के अलावा अन्य आप नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नाराजगी जताई।  

आतिशी समेत कई लोगों पर आचार संहिता उल्लंघन में दर्ज हुई एफआईआर

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले कालका जी विधानसभा क्षेत्र में बीती देर रात तक हंगामा हुआ। राजनीतिक पार्टियों ने एक-दूसरे पर मारपीट और कैश बांटने के आरोप लगाए हैं। इस हंगामे के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी गोविंदपुरी थाने पहुंचीं और पुलिस को शिकायत दी, जिसमें उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर दिल्ली के झुग्गी बस्तियों के लोगों को धमकाने का आरोप लगाया है। आतिशी का आरोप है कि उनकी शिकायत देने के बाद उल्टा पुलिस ने उनके और आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही दो मामले दर्ज कर दिए। पुलिस के मुताबिक, दोनों ही मामले सरकारी काम में बाधा डालने और आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली चुनाव के प्रचार का समय कल समाप्त हो गया था, लेकिन देर रात तक अलग-अलग पार्टियों के कार्यकर्ता कई जगहों पर प्रचार करते हुए देखे गए, जिससे कई जगहों पर हंगामा हुआ। सबसे ज्यादा हंगामा कालका जी में हुआ, जहां मुख्यमंत्री आतिशी की सीट है। इस घटना के बाद गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन के तहत आतिशी और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन के पहले मामले में आतिशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि आतिशी 10 गाड़ियों और 50-60 समर्थकों के साथ फतेह सिंह मार्ग पर पहुंची थीं। जब पुलिस ने आचार संहिता का हवाला देते हुए वहां से जाने का आदेश दिया, तो उन्होंने इसे मना कर दिया। चुनाव आयोग की शिकायत पर उनके खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया। दूसरे मामले में, आतिशी के समर्थकों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमले का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भी केस दर्ज किया है। वहीं, भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी के भतीजे मनीष बिधूड़ी के खिलाफ रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। एक गाड़ी में संदिग्ध सामान होने की सूचना मिली थी, लेकिन जांच में कुछ भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक 4 फरवरी को रात 12:30 बजे कालका जी (एसी-51) से आप उम्मीदवार आतिशी और उनके 50-70 समर्थकों के साथ फतेह सिंह मार्ग पर पाए गए। पुलिस ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का हवाला देते हुए वहां से जाने का निर्देश दिया। एफएसटी की शिकायत पर, गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में धारा 223 बीएनएस और 126 आरपी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। आतिशी ने आरोप लगाया चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है। आतिशी ने आरोप लगाया कि रमेश बिधूड़ी के परिवार के सदस्य खुलेआम आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग और पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, उन्होंने अपनी शिकायत पर पुलिस और चुनाव आयोग को बुलाए जाने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किए जाने पर नाराजगी जताई और सवाल किया कि चुनावी प्रक्रिया की धज्जियां और कितनी उड़ाई जाएंगी।  

दिल्ली : सीएम आतिशी के खिलाफ दर्ज हुई FIR, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले सीएम आतिशी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। आतिशी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गोविंदपुरी थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। क्या है मामला? दरअसल दिल्ली चुनाव के लिए कल प्रचार थम गया लेकिन देर रात तक पार्टी के कार्यकर्ता कई जगहों पर प्रचार करते दिखे। जिसकी वजह से कई जगहों पर हंगामा भी हुआ। सबसे ज्यादा हंगामा सीएम आतिशी की सीट कालकाजी में हुआ। जिसके बाद गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में पुलिस ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए आतिशी खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने बताया कि आतिशी 4 फरवरी की रात को फतेह सिंह मार्ग पर काफी लोगों और गाड़ियों के साथ मौजूद थीं। पुलिस के अनुसार, उनके साथ 50 से 70 लोग और लगभग 10 गाड़ियां थीं। यह आचार संहिता का उल्लंघन है। फ्लाइंग स्क्वाड टीम की शिकायत पर गोविंदपुरी थाने में केस दर्ज हुआ है। यह केस बीएनएस की धारा 223 और आरपी ऐक्ट 126 के तहत दर्ज किया गया है। दिल्ली में कल होनी है वोटिंग दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होने हैं और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।बता दें कि दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 36 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में,आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं।

केजरीवाल ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में दावा किया कि हमारे कार्यकर्ताओं को BJP वाले धमका रहे, दिल्ली पुलिस की भी की शिकायत

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने अपने पत्र में दावा किया है कि नई दिल्ली विधानसभा में AAP कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से धमकाया और परेशान किया जा रहा है। केजरीवाल ने इलेक्शन कमिश्नर को लिखे पत्र में दिल्ली पुलिस की भी शिकायत की है। केजरीवाल ने चुनाव आयोग से दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की भी मांग की है। अरिवंद केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस,2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। केजरीवाल ने पत्र में क्या-क्या लिखा? अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा कि मैं चुनाव के दिन से पहले नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस की ओर से हमारे जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों को दी जा रही धमकी और उत्पीड़न पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं। कल,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक चेतन (प्रिंसेस पार्क पार्ट-2 के निवासी) को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में BNSS, 2023 की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस आधार पर कि उनके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन पर बेशर्मी से ऐसे आरोप लगाए गए जो उन्होंने कभी किए ही नहीं। पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें इस हद तक गंभीर शारीरिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा कि वे बेहोश हो गए और बाद में उन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया। बाद में काफी संघर्ष के बाद उन्हें संबंधित रिटर्न ऑफिसर/SDM के सामने पेश किया गया और जमानत दे दी गई,जिस मामले में उन्हें बेशर्मी से फंसाया गया था। झूठे केस में फंसाया गया- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि एक अन्य समान घटना में,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री ओम प्रकाश (निवासी जोधपुर मेस, पांडारा रोड) को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन से फोन आया और उन्हें पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने के लिए कहा गया क्योंकि एसएचओ उनसे बात करना चाहते थे। पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उन्हें गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस, 2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया कि उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बाद में बहुत संघर्ष के बाद,उन्हें संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर/एसडीएम के समक्ष पेश किया गया और जमानत दी गई, जबकि उन्हें खुलेआम और स्पष्ट रूप से फंसाया गया था। केजरीवाल ने की चुनाव आयोग से ये मांग केजरीवाल ने अपने पत्र में आगे लिखा कि दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि हमारे स्वयंसेवक चुनाव के दिन उत्पीड़न या गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने के डर के बिना स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। मैं अपने प्रमुख जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों की एक सूची संलग्न कर रहा हूं जिन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए,क्योंकि उन्हें हाल के दिनों में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस ने निशाना बनाया है। हम आग्रह करते हैं कि उन्हें दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हम मांग करते हैं कि जिन पुलिस अधिकारियों ने इस असंवैधानिक और अवैध तरीके से और अपने कर्तव्यों की पूर्ण अवहेलना में काम किया है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। चुनाव आयोग को उन कानून प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए जो हमारे स्वयंसेवकों को डराने या दबाने के लिए राजनीतिक दबाव में काम करते पाए जाते हैं। हमारे स्वयंसेवकों पर हमला करने और धमकाने में शामिल व्यक्तियों को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 170 और 171 और चुनाव कानूनों के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

Delhi Election: चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक, ये अधिकारी होंगे शामिल

Delhi Assembly Election: दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Election) से पहले तीनों दलों में कड़ी चुनौती देखने को मिल रही है। इस बार चुनाव में AAP, भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है। यह मुकाबला 70 विधानसभा सीटों के लिए होने वाला है। इसी की तैयारी के लिए चुनाव से एक सप्ताह पहले, चुनाव आयोग आज आगामी चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक करने वाली है। चुनाव आयोग की बैठकआज आगामी चुनावों की तैयारियों के लिए आयोग शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करने वाला है। इस बैठक में चुनाव से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।ये अधिकारी होंगे शामिलचुनाव आयोग की इस बैठक में दिल्ली के सीईओ, आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, एमसीडी एसपीएनओ, अतिरिक्त सीपी, संयुक्त सीपी, दिल्ली पुलिस के डीसीपी, एनडीएमसी के अध्यक्ष, सचिव, दिल्ली के कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ, सभी पर्यवेक्षक और सभी रिटर्निंग अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही दिल्ली के सभी संयुक्त आयुक्तों और अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों के साथ-साथ विशेष पुलिस आयुक्त/विशेष प्रकोष्ठ भी बैठक में शामिल होंगे।सरकारी अधिकारी भी होंगे शामिलसभी राज्य पुलिस नोडल अधिकारी (सीएपीएफ/प्रशिक्षण/सोशल मीडिया और साइबर अपराध/ईईएम/पोस्टल बैलट), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के एनडीएमसी सचिव, दिल्ली विधानसभा के आम चुनाव के लिए तैनात सभी ईसीआई पर्यवेक्षक, दिल्ली नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त (चुनाव), दिल्ली एनसीटी के सभी जिला चुनाव अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट और राष्ट्रीय राजधानी के कई अन्य सरकारी अधिकारी भी शामिल होंगे।5 फरवरी का वोटिंग, 8 को परिणामआपको बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को एक ही चरण में होंगे। दो दिन बाद 8 फरवरी को मतगणना होगी। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए कुल 699 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। दिल्ली में लगातार 15 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस को पिछले दो विधानसभा चुनावों में झटका लगा है और वह कोई भी सीट जीतने में विफल रही है। इसके विपरीत, आप ने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में कुल 70 सीटों में से 67 और 62 सीटें जीतकर अपना दबदबा बनाया। वहीं, भाजपा को इन चुनावों में केवल तीन और आठ सीटें मिलीं।

Delhi Elections: 3 करोड़ से सीधा 96 करोड़… 5 साल में बढ़ी प्रवेश वर्मा की संपत्ति, आप ने उठाए सवाल

pravesh verma movable assets increased from rs 3 20 crore to rs 96 50 crore aap raised questions Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है वैसे वैसे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में घमासान मचा हुआ है। पोस्टर वॉर के बाद अब आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। आप ने नई दिल्ली विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा की संपत्ति को लेकर सवाल खड़े किए है। उनकी संपत्ति बीते 5 सालों में इतनी तेजी से बड़ी है कि जितना कोई बड़े बिजनेसमैन के व्यापार में ग्रोथ नहीं होती है। 5 साल में चल संपत्ति 3.20 करोड़ से पहुंची 96.50 करोड़आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग में दिया गया शपथ पत्र वर्मा का शपथ पत्र कहता है कि बीते पांच साल में उनकी संपत्ति तीन करोड़ से बढ़कर 96 करोड़ हो गई है। आप ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी प्रत्याशी वर्मा के पास आय बढ़ाने का क्या जादू है, इसके बारे में उन्हें बताना चाहिए।यह भी पढ़ें संपत्ति 2915 प्रतिशत का हुआ इजाफाआप ने कहा कि प्रवेश वर्मा की चल संपत्ति जो 5 साल पहले 3 करोड़ 20 लाख की थी। अब यह बढ़कर 96 करोड़ 50 लाख पहुंच गई है। इसमें 2915 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा के पोस्टर बॉय प्रवेश वर्मा भाजपा के आदर्श नेता हैं। इनका एफिडेविट 18 अप्रैल 2019 का है, जब यह लोकसभा के लिए चुनाव लड़े थे। उसके बाद जनवरी 2025 का इनका दूसरा एफिडेविट सत्यापित है कि उनके पास कितनी संपत्ति है, चल-अचल और कितनी इनकी वार्षिक कमाई है।

दिल्ली चुनाव 2025 : मालवीय नगर सीट पर आप पार्टी का कब्जा है, ऐसे में भाजपा की राह नहीं है आसान

नई दिल्ली दिल्ली की मालवीय नगर विधानसभा सीट की गिनती हाई प्रोफाइल सीटों में होती है। कभी कांग्रेस का गढ़ रही मालवीय नगर सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनाव से आम आदमी पार्टी (आप) का कब्जा है। आइए जानते हैं मालवीय नगर सीट से जुड़ी अहम बातें। मालवीय नगर सीट पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। आप ने लगातार चौथी बार यहां से सोमनाथ भारती को उतारा है, वह पिछले तीन चुनाव 2013, 2015 और 2020 में जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। वह दिसंबर 2013 से फरवरी 2014 तक अरविंद केजरीवाल की सरकार में कानून, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार, कला और संस्कृति मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बीजेपी ने सतीश उपाध्याय को यहां से उतारा है, जो भाजपा की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। जुलाई 2014 में लोकसभा चुनाव में उन्हें दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष चुना गया गया था। दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष पद संभालने से पहले वह दिल्ली भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष और सचिव भी रह चुके हैं। वहीं, कांग्रेस ने मालवीय नगर से जितेंद्र कुमार कोचर को टिकट दिया है, जो दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पूर्व नेता सदन भी रह चुके हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार सोमनाथ भारती ने बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें 52,043 वोट मिले थे और उनका वोट शेयर 57.97 फीसद था, जबकि भाजपा के उम्मीदवार शैलेंद्र सिंह को 33,899 वोट मिले और उनका वोट शेयर 37.76 फीसद था। वहीं, कांग्रेस की नीतू वर्मा को 3.18 फीसद वोटों के साथ 2,856 वोट मिले थे। इस बार कांग्रेस और भाजपा ने यहां से अपने उम्मीदवारों को बदला है। मालवीय नगर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। यहां पुरुष मतदाता 80,777, महिला मतदाता 70,020 और थर्ड जेंडर वोटर 3 हैं। यहां कुल वोटर 1,50,800 हैं। बता दें कि मालवीय नगर विधानसभा सीट दिल्ली के नई दिल्ली जिले में आती है। 1993 से 2020 तक के विधानसभा चुनाव की बात करें तो सिर्फ एक बार ही इस सीट पर भाजपा जीत दर्ज कर पाई है। 1993 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 1998, 2003 और 2008 में जीत हासिल की थी। हालांकि, 2013 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की थी, जो वर्तमान में भी आप के पास है।

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की बिगड़ी तबीयत, एम्स में कराया भर्ती, सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की

नई दिल्ली अंडरवर्ल्ड डॉन और गैंगस्टर छोटा राजन को हाल ही में स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, छोटा राजन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन्हें कई गंभीर अपराधों के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। एम्स में भर्ती होने के बाद, अस्पताल के वार्ड में उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। 2015 में गिरफ्तार हुआ था छोटा राजन छोटा राजन को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। 25 अक्टूबर 2015 को बाली एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार किया गया था, और फिर उसे भारत भेज दिया गया। तब से वह तिहाड़ जेल में बंद है। उम्रकैद की सजा और जमानत बीते साल मई में, एक विशेष अदालत ने छोटा राजन को एक होटल व्यवसायी की हत्या के आरोप में दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, बंबई हाई कोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया और उसे जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बावजूद, छोटा राजन अन्य कई अपराधों के मामलों में अभी भी जेल में हैं। आरोपमुक्त होने के मामले छोटा राजन को एक अन्य मामले में भी आरोपमुक्त किया गया था। मुंबई की एक सत्र अदालत ने 1999 में दाऊद इब्राहीम के गैंग के सदस्य अनिल शर्मा की हत्या के मामले में छोटा राजन को निर्दोष करार दिया। अनिल शर्मा को दो सितंबर 1999 को अंधेरी इलाके में गोली मारी गई थी, लेकिन इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिलने पर राजन को आरोपमुक्त कर दिया गया था। इस तरह के कई मामलों में छोटा राजन की स्थिति पर अदालतों द्वारा अलग-अलग फैसले आए हैं, लेकिन वह अभी भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल हैं।  

दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता कम होने से 150 से अधिक उड़ानें लेट हुईं, वहीं करीब 26 ट्रेनें देरी से चलीं

नई दिल्ली दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कई इलाकों में शुक्रवार को घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी शून्य हो गई। घने कोहरे का असर विमान और रेल सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता कम होने से 150 से अधिक उड़ानें औसतन 41 मिनट लेट हुईं। वहीं करीब 26 ट्रेनें देरी से चलीं। स्थिति पर अपडेट देते हुए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने शुक्रवार सुबह कहा कि घने कोहरे के कारण उड़ानें प्रभावित हुई है। हालांकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों ने चिंतित यात्रियों को आश्वस्त किया कि कैट III-कॉम्प्लायंट फ्लाइट्स एयरपोर्ट पर उतर सकती हैं और वहां से उड़ान भर सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए मध्यम से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में पिछले कुछ हफ्तों में घने कोहरे के कारण सैकड़ों उड़ानें और ट्रेनें रद्द या विलंबित हुई हैं। शुक्रवार की सुबह खराब दृश्यता के कारण दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में वाहन रेंगते हुए देखे गए। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह 6 बजे के आसपास 408 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में आ गया। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक्यूआई 328 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है, ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 295 ‘खराब’ रहा और गाजियाबाद भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा, जो 318 पर पहुंच गया। हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ रहा, जो क्रमशः 303 और 317 पर पहुंच गया। शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ माना जाता है। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम एजेंसी ने कहा कि शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम और न्यूनतम तापमान 6 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर केंद्र के पैनल ने मौसमी परिस्थितियों के कारण वायु प्रदूषण के स्तर में तेज वृद्धि के बीच गुरुवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत चरण 3 प्रतिबंधों को फिर से लागू किया।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: राजनीतिक दलों में पोस्टर वॉर जारी, आप ने भाजपा नेताओं को बताया ‘गालीबाज दानव’

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच राजनीतिक दलों के बीच पोस्टर वॉर जारी है। आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को एक नया पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में उन्होंने बीजेपी नेताओं को गालीबाज बताया है। आम आदमी पार्टी ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्टर शेयर किया है। उन्होंने पोस्टर को कैप्शन दिया, “भाजपा के गालीबाज दानवों से दिल्ली रहे सतर्क।” इस पोस्टर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वीरेंद्र सचदेवा, विजेंद्र गुप्ता, प्रवेश वर्मा, मनोज तिवारी, रमेश बिधूड़ी की तस्वीर लगाई गई है। इस पोस्टर को ‘गालीबाज दानव’ नाम दिया गया है। वहीं, आम आदमी पार्टी के पोस्टर के जवाब में भाजपा ने भी पलटवार किया है। दिल्ली भाजपा ने अपने एक्स अकाउंट पर अरविंद केजरीवाल की एक हंसती हुई तस्वीर को शेयर किया। उन्होंने ‘आप’ को पूर्वांचल विरोधी बताया है। भाजपा ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, “पूर्वांचल समाज का अपमान, शीशमहल के नवाब केजरीवाल की पहचान।” इतना ही नहीं, पोस्टर में लिखा गया है कि पूर्वांचलियों का दुश्मन, पूर्वांचलियों को फर्जी बताया, कोरोना में उन्हें भगाया। जब भी मिला मौका महाठग ने उनका मजाक उड़ाया। इसके अलावा भाजपा ने अपने एक अन्य पोस्ट में आम आदमी पार्टी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “महाठग ने दिल्लीवासियों को लंदन का झूठा सपना दिखाकर ठग लिया। अब दिल्ली से आप-दा जाएगी, भाजपा आएगी।” इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर होर्डिंग्स लगवाए थे, जिसमें भाजपा से मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सवाल पूछा गया है। साथ ही उसे गाली-गलौज पार्टी भी बताया था। आम आदमी पार्टी के इस होर्डिंग में एक तरफ अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाई, जबकि दूसरी तरफ प्रश्न चिन्ह छपा हुआ है। होर्डिंग में सबसे ऊपर लिखा है दिल्ली का सीएम कौन? इसके बाद अरविंद केजरीवाल की फोटो के साथ आम आदमी पार्टी का नाम लिखा है। जबकि दूसरी तरफ प्रश्न चिन्ह के साथ गाली-गलौज पार्टी लिखा है। आम आदमी पार्टी की तरफ से यह होर्डिंग दिल्ली के वजीरपुर फेस-1 अशोक विहार में लगाई गई थी।

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की एक और गारंटी, RWA के तहत होगी सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति

arvind kejriwal one more guarantee to delhite security guards appointed through rwa Delhi Vidhan sabha Chunav 2025: दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आमदी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव प्रचार को लेकर मचे घमासान के बीच दिल्ली वालों को एक और गारंटी देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती आरडब्लूए के जरिए होगी. उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली में लोग डरे हुए हैं. बीजेपी दिल्ली वालों से नफरत करती है. ‘दिल्ली को बना दिया क्राइम कैपिटल’ आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली को बीजेपी खासकर अमित शाह ने क्राइम कैपिटल बना दिया है. बीजेपी को दिल्लीवालों से कुछ लेना देना नहीं है, लेकिन हम दिल्लीवासियों के लिए काम कर रहे हैं.

दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। 5 फरवरी को दिल्ली में वोटिंग होनी है। चुनावों के ऐलान से पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली की दो सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने सभी अटकलों पर ब्रेक लगाते हुए अपना मूड बता दिया। अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि विधानसभा चुनावों के की सुगबुगाहट के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे। इस मामलो को लेकर भाजपा ने भी हवा दी थी। भाजपा का कहना था कि अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव में जीत को लेकर अश्वस्त नहीं हैं, इसलिए वो दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अब इन सभी अटकलों विराम लगाते हुए केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि वो सिर्फ नई दिल्ली विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने तेजी दिखाते हुए सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। ‘आप’ कैंडिडेट लिस्ट में जानकारी सामने आई, जिसमें पूर्व डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की सीट बदल गई थी। सिसोदिया की सीट पटपड़गंज विधानसभा से मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर अवध ओझा पर आम आदमी पार्टी ने भरोसा जताया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आतिशी कालका जी और मनीष सिसोदिया को इस बार के चुनावों में जंगपुरा सीट से मैदान में उतारा है। इसके अलावा आप ने सभी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान पहले ही कर दिया था। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के ऐलान के बाद अब भाजपा के प्रत्याशियों का ऐलान बाकी है। हालांकि, भाजपा ने भी 29 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: अरविन्द केजरीवाल ने चला आरक्षण दांव, पीएम मोदी को लेटर भी लिखा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आरक्षण कार्ड खेल दिया है। उन्होंने जाट समुदाय को साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के जाटों से चार बार ओबीसी लिस्ट में जोड़ने का वादा किया, लेकिन इसे पूरा नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर भी लिखा है और दिल्ली के जाटों के साथ 5 अन्य जातियों को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार की संस्थाओं में राजस्थान के जाटों को आरक्षण मिलता है, लेकिन दिल्ली के जाटों को नहीं। उन्होंने सरकार बनने पर जाटों के आरक्षण के लिए संघर्ष करने का वादा भी किया। पूर्व सीएम ने जाटों के अलावा रावत, रोनियार, राय तंवर, चारण और ओड का भी जिक्र किया। अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के नाम लिखे लेटर में कहा है कि उन्होंने और गृहमंत्री ने कई बार दिल्ली के जाटों से वादा किया किया कि उन्हें केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों में कई विसंगतियां हैं जिनकी ओर वह ध्यान खींचना चाहते हैं। केजरीवाल ने लिखा, ‘मुझे पता चला कि केंद्र की ओबीसी लिस्ट में होने की वजह से राजस्थान से आने वाले जाट समाज के युवाओं को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है, दूसरी तरफ दिल्ली के ही जाट समाज को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि आपकी सरकार ने दिल्ली में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण होने के बावजूद उन्हें केंद्र लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।’ केजरीवाल ने कहा कि यह दिल्ली के जाट समाज के साथ धोखा है और 10 साल से केंद्र सरकार लगातार धोखा दे रही है। केंद्र सरकार दूर करे विसंगतियां: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी, एनडीएमसी, डीडीए, एम्स, सफरदरजंग, राम मनोहर लोहिया जैसे केंद्र सरकार के कई संस्थानों में नौकरियां नहीं हैं, जिनमें केंद्र सरकार के नियम लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। केजरीवाल ने लिखा, ‘जाट समाज व ओबीसी की 5 अन्य जातियों के साथ केंद्र सरकार के ये पक्षपातपूर्ण रवैया इन जातियों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के उचित अवसर हासिल नहीं होने दे रहा है। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत केंद्रीय ओबीसी सूची की विसंगतियों में सुधार कर दिल्ली में ओबीसी दर्जा प्राप्त सभी जातियों को केंद्र सरकार के संस्थानों में भी आरक्षण का लाभ देना चाहिए। मैं आपके जवाब का इंतजार करूंगा।’ कुछ और जातियों की बात केजरीवाल ने कहा है कि सिर्फ जाट समाज नहीं बल्कि रावत, रोनियार, राय तंवर, चारण और ओड जातियों को भी दिल्ली सरकार में ओबीसी दर्जा दिया हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इन जातियों को दिल्ली में मौजूद अपने संस्थानों में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं दे रही है।

दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध!

delhi farmers whose cot will they destroy time fierce war of words between shivraj and atishi Delhi’s Farmers: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार किसान भी मुद्दा बन रहे हैं। दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में करीब 300 से ज्यादा गांव हैं। ये गांव करीब आधा दर्जन सीटों को प्रभावित करते हैं। इस बार किसान महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। भाजपा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूरी तरह से इस काम में लगा रखा है। चौहान दिल्ली के किसानों से लगातार मिल रहे हैं। वह आप सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप भी लगा रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और शिवराज सिंह में किसानों को लेकर बयानबाजी हो चुकी है। शिवराज के पत्र पर आतिशी ने किया पलटवार शिवराज ने पिछले दिनों आतिशी को पत्र लिखकर दिल्ली के किसानों की व्यथा बताई थी। पलटवार करते हुए आतिशी ने जवाब दिया था कि भाजपा का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है, जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो। उन्होंने कहा कि जितना बुरा हाल किसानों का भाजपा के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। भाजपा के राज में किसानों पर गोलियां और लाठियां चलाई गई थीं। ‘शीशमहल’ पर सियासत…धरने पर बैठे आप नेता दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ‘शीशमहल’ मामले को लेकर सियासत गर्मा गई है। आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा को चुनौती दी कि वह 2700 करोड़ रुपए में बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलीशान राजमहल को दिखाए। संजय सिंह ने कहा था कि वह पहले मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री का आवास देखने जाएंगे। वह सौरभ भारद्वाज के साथ दिल्ली सीएम आवास पहुंचे। आप नेताओं को सीएम आवास में जाने से पुलिस ने रोक दिया। इस पर आप नेता धरने पर बैठ गए। बाद में दोनों नेता पीएम आवास के लिए निकले। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस और आप नेताओं के बीच नोकझोंक हुई। दोनों आप नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए।

Delhi: ‘दिल्ली के जाटों को OBC सूची में करें शामिल’, जाट समाज को लेकर अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी को लिखा पत्र

arvind kejriwal writes to pm modi to include the jat community of delhi in the center s obc list आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जाट समुदाय को केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा। केजरीवाल ने लिखा कि केंद्र सरकार पिछले 10 सालों से लगातार जाट समाज के साथ धोखा कर रही है। केंद्र सरकार की वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। केजरीवाल ने पत्र में लिखा, ‘एक महत्वपूर्ण विषय पर 10 साल पहले आपका किया वादा आपको याद दिलाने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं। दिल्ली के जाट समाज के कई प्रतिनिधियों से पिछले कुछ दिनों में मुलाकात हुई। इन सभी ने केंद्र की ओबीसी लिस्ट में दिल्ली के जाट समाज की अनदेखी किये जाने पर चिंता जाहिर की। जाट समाज के प्रतिनिधियों ने मुझे बताया कि आपने 26 मार्च 2015 को दिल्ली के जाट समाज के प्रतिनिधियों को अपने घर बुलाकर ये वादा किया था कि जाट समाज, जो दिल्ली की ओबीसी लिस्ट में है, उसे केंद्र की ओबीसी लिस्ट में भी जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें दिल्ली में मौजूद केंद्र सरकार के कॉलेजों और नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके।’ केजरीवाल ने आगे लिखा, ‘फिर 8 फरवरी 2017 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूपी चुनाव से पहले चौधरी बीरेंद्र सिंह के घर पर दिल्ली और देश के जाट नेताओं की मीटिंग बुलाई और उनसे वादा किया कि स्टेट लिस्ट में जो ओबीसी जातियां हैं उनको केंद्र की लिस्ट में जोड़ा जाएगा। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में फिर भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के आवास पर अमित शाह जाट नेताओं से मिले और उन्होंने फिर वादा किया कि दिल्ली के जाट समाज को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल किया जाएगा लेकिन चुनाव के बाद इस पर कोई काम नहीं हुआ।’केजरीवाल ने लिखा, ‘ओबीसी आरक्षण को लेकर केंद्र की नीतियों में कई विसंगतियां हैं जिनकी तरफ मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जैसे कि मुझे पता चला कि केंद्र की ओबीसी लिस्ट में होने की वजह से राजस्थान से आने वाले जाट समाज के युवाओं को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है, लेकिन दूसरी तरफ दिल्ली के ही जाट समाज को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है क्योंकि आपकी सरकार ने दिल्ली में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण होने के बावजूद उन्हें केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में शामिल नहीं किया है। ये तो दिल्ली के जाट समाज के साथ धोखा है। और भाजपा की केंद्र सरकार पिछले 10 सालों से लगातार ये धोखा कर रही है। सिर्फ जाट समाज ही नहीं रावत, रौनियार, राय तंवर, चारण व ओड, इन सभी जातियों को दिल्ली सरकार ने ओबीसी दर्जा दिया हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इन जातियों को दिल्ली में मौजूद अपने संस्थानों में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं दे रही है।’उन्होंने आगे लिखा, ‘दिल्ली में केंद्र सरकार की सात यूनिवर्सिटी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के दर्जनों कॉलेज हैं। दिल्ली पुलिस, एनडीएमसी, डीडीए, एम्स, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया जैसे केंद्र सरकार के कई संस्थानों में नौकरियां हैं जिनमें केंद्र सरकार के नियम लागू होते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की इस वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। दिल्ली में जाट समाज व ओबीसी की 5 अन्य जातियों के साथ केंद्र सरकार का ये पक्षपातपूर्ण रवैया इन जातियों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के उचित अवसर हासिल नहीं होने दे रहा है। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत केंद्रीय ओबीसी सूची की विसंगतियों में सुधार कर दिल्ली में ओबीसी दर्जा प्राप्त सभी जातियों को केंद्र सरकार के संस्थानों में भी आरक्षण का लाभ देना चाहिये।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा दांव चला, ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का किया ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का ऐलान किया है। इसे भाजपा के ‘मंदिर प्रकोष्ठ’ का जवाब माना जा रहा है। अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में भाजपा के मंदिर प्रकोष्ठ के कई सदस्यों को इस विंग में शामिल भी किया गया। पुजारियों और ग्रंथियों को मासिक 18 हजार रुपए का ऐलान कर चुकी पार्टी ने कई संतों की मौजूदगी में नई विंग की घोषणा की। आम आदमी पार्टी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संतों का स्वागत किया गया जिनमें जगतगुरु रामानुजाचार्य, स्वामी योगेश्वर महाराज, स्वामी अवधेश महाराज, कथावाचक आचार्य श्री मधुर दास जी महाराज, बालाजी महंत महेश चंद्र जी महाराज समेत अनेक संत और पुजारी शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल ने संतों को भगवा अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। संतों ने 18 हजार रुपए वाली घोषणा को लेकर केजरीवाल की तारीफ की। केजरीवाल ने कहा कि ऊपर वाला तय करता है कि किस काम के लिए उसे किसे चुनना है। उन्होंने कहा कि वह ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य क्रांति और बिजली सुधार के लिए उन्हें चुना। केजरीवाल ने कहा, ‘अब सनातन धर्म के लिए जो इतना बड़ा काम किया जा रहा है, सनातन धर्म के लिए जो पुजारी वर्ग, संत वर्ग 24 घंटे काम करता है, जो लोगों और भगवान के बीच सेतु का काम करता है, उन लोगों के लिए सेवा करने का मौका हमें दिया, इसके लिए मैं अपने आप को और आम आदमी पार्टी को सौभाग्यशाली मानता हूं।’ जो कहा है वह पूरा करेंगे: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा, ‘भाजपा का एक मंदिर प्रकोष्ठ है वे लोग समय-समय पर वादे करते रहे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। आम आदमी पार्टी जो कहती है वह करती है। चाहे हम ऐलान करने में थोड़ी देरी कर दें, लेकिन ऐलान कर देते हैं तो रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन ना जाए। जो हम कह रहे है वह करेंगे। चुनाव बाद इसे लागू करेंगे। आप लोगों का इसमें गाइडेंस रहेगा सभी संतों और सनातन धर्म के लोगों का।’ इमामों को पहले से मिल रहा पैसा, घेर रही थी भाजपा गौरतलब है कि अब तक इमामों को मासिक सहायता राशि देती आ रही आप सरकार ने कहा है कि एक बार फिर सत्ता मिली तो पुजारियों और ग्रंथियों को भी 18 हजार मासिक सम्मान राशि दी जाएगी। सिर्फ इमामों को वेतन देने की वजह से भाजपा लंबे समय से हमलावर थी और पुजारियों को भी वेतन देने की मांग उठा रही थी। चुनाव के ऐलान से ठीक पहले ‘आप’ ने वादा कर दिया कि चौथी बार सरकार मिलने पर पुजारियों और ग्रंथियों को भी सम्मान राशि दी जाएगी।

दिल्ली में सीएम आवास पर संग्राम, पुलिस ने रोका तो संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज धरने पर बैठे

delhi assembly election 2025 police stopped aap sanjay singh and saurabh bhardwaj to cm residence Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली का विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. इस बीच बीजेपी के सीएम आवास को शीशमहल करार दिए जाने पर आम आदमी पार्टी बीजेपी पर हमलावर है. आप के दो वरिष्ठ नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज बुधवार (8 जनवरी) को सीएम आवास दिखाने के लिए 6 फ्लैग स्टाफ मार्ग पहुंच गए. आप नेता को 6 फ्लैग स्टाफ मार्ग पर स्थित सीएम आवास पर जाने से रोक दिया गया. यहां भारी संख्या में पुलिस का जाप्ता तैनात रहा. साथ ही दोनों नेताओं को रोकने के लिए बेरीकेडिंग की गई. इसके बाद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने सीएम आवास के बाहर ही धरना दिया. उन्होंने कहा कि हमें सीएम आवास जाने से क्यों रोका जा रहा है. भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने हमें बताया कि ऊपर से आदेश है. इस बीच पीडब्ल्यूडी ने मुख्यमंत्री आवास को अपने कब्जे में ले लिया. वहीं धरना खत्म होने के बाद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज सेंट्रल विस्टा में बन रहे पीएम आवास के लिए निकल गए. आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब हम सीएम आवास जनता को दिखाने के लिए आए हैं तो हमें क्यों रोका जा रहा है. हम ये दिखाना चाहते हैं बीजेपी झूठे आरोप लगाती है. साथ ही उन्होंने कहा कि जनता को पीएम आवास भी दिखाना चाहिए जो कि इससे कहीं ज्यादा कीमत का है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टिया कर रही चुनावी वादे, ‘आप’ के ये पांच वादे, मिलेगी हैट्रिक!

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में जनता को लुभाने के लिए राजनीतिक पार्टियों के द्वारा चुनावी वादे किए जा रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी पांच चुनावी वादे कर तीसरी बार हैट्रिक लगाने की योजना बना रही है। केजरीवाल ने हाल ही में ‘महिला सम्मान योजना’ की घोषणा की। इस योजना के तहत हर महिला को प्रति माह 2100 रुपये दिए जाएंगे। केजरीवाल ने हाल ही में इस योजना के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू क‍िया था। केजरीवाल की इस योजना के सामने कांग्रेस ने ‘प्यारी दीदी योजना’ लाई है। इस योजना के तहत महिलाओं के बैंक खाते में प्रतिमाह 2500 रुपये देना का वादा किया गया है। हालांकि, भाजपा ने अभी महिलाओं के हित में कोई बड़ी घोषणा नहीं की है। लेकिन नई दिल्ली व‍िधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वर्मा महिलाओं को चुनाव से पहले 1100 रुपये की सहायता राशि दे रहे हैं। इसे लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आप का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी पैसे बांटकर वोट खरीद रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि मैं तो चुनाव से पहले बांट रहा हूं, केजरीवाल की तो दिल्ली में सरकार है वह चुनाव के बाद क्यों सहायता राशि देने की बात कर रहे हैं, अगर उन्हें सहायता करनी है, तो वह अभी क्यों नहीं कर रहे हैं। दिल्ली में तीसरी बार सरकार बनाने के मकसद से केजरीवाल ने न‍िम्‍न पांच घोषणाएं की हैं। 1.’महिला सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं को 2100 रुपये दिए जाएंगे। 2.बुजुर्गों के लिए ‘संजीवनी योजना’ इसके तहत 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों का फ्री में इलाज होगा। 3..ऑटो चालकों के परिवार में बेटी की शादी पर 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। 4..दलित छात्रों के लिए अंबेडकर स्कॉलरशिप, इस योजना के तहत द‍िल्‍ली सरकार दलित छात्रों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी। 5, पुजारियों-ग्रंथियों के लिए 18 हजार रुपये महीना दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल मंगलवार को बज गया। 5 फरवरी को दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी और 8 फरवरी को परिणाम घोषित किया जाएगा।

चुनाव की घोषणा के बाद आप ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा- सीएम आतिशी को मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकाल दिया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम आतिशी को मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकाल दिया गया। तीन महीने में यह दूसरी बार हुआ है जब मुख्यमंत्री आवास से सीएम आतिशी को बाहर निकल गया है। सीएम आतिशी ने मंगलवार को सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये जानकारी साझा की है। आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा ने तीन महीने में दो बार मुझसे मेरा आवास छीना है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं दिल्ली वालों के घर में जाकर रहूंगी लेकिन दिल्ली वालों के काम नहीं रुकेंगे।” इस मौके पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी को इस बात की चिंता नहीं है कि दिल्ली वालों के बारे में कुछ काम किया जाए। दिल्ली वालों को 24 घंटे बिजली कैसे मिले। उनका अस्पताल में इलाज कैसे हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ आम आदमी पार्टी के नेताओं को परेशान करना जानती है कि कोई नई जांच शुरू कर दी जाए ताकि आप के नेताओं को जेल में भेज दिया जाए। भाजपा ने देश के 75 सालों के इतिहास में पहली बार एक ऐसा काम किया जो कभी सुना नहीं था। भाजपा ने एक राज्य की मुख्यमंत्री को दूसरी बार उनके आधिकारिक निवास से बेघर कर दिया है। मुख्यमंत्री का सारा सामान पैक करके मुख्यमंत्री निवास से बाहर फेंका गया है। इस मौके पर आतिशी ने कहा कि दिल्ली के चुनाव की घोषणा जिस दिन होती है उससे पिछली रात को भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने जो मेरा सरकारी आवास है, उससे मुझे बाहर कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने मुझे तीन महीने में दूसरी बार मुख्यमंत्री आवास से निकाल कर बाहर फेंक दिया है। मुख्यमंत्री आवास का अलॉटमेंट कैंसिल किया और मुख्यमंत्री आवास एक चुनी हुई सरकार की चुनी हुई मुख्यमंत्री से छीन लिया। तीन महीने पहले भी उन्होंने मुख्यमंत्री आवास से मेरा सामान, मेरे परिवार का सामान घर से निकालकर सड़क पर फेंक दिया था। भारतीय जनता पार्टी को लगता है कि वह घर छीनकर, हमारे साथ गाली गलौज करने से मेरे परिवार के बारे में निचले स्तर की बातें करके हमारे काम रोक देंगे। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली वालों को यह कहना चाहूंगी कि अगर जरूरत पड़े तो मैं आपके घर पर जाकर रहूंगी और आपके घर से दिल्ली वालों के लिए काम करूंगी। दोगुनी स्पीड से काम करूंगी, दोगुने जज्बे से काम करूंगी। भारतीय जनता पार्टी को यह बताने के लिए काम करूंगी कि आप हम पर कोई भी अत्याचार कर लीजिए, हमें कितना भी परेशान कर लीजिए, हम दिल्ली वालों के काम रुकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले मेरा सामान सड़क पर भले फेंक दिया था। उसके बाद तीन महीने में मैंने दिल्ली की सड़क ठीक करवाई। मैंने दिल्ली में फ्लाईओवर बनवाए। मैंने दिल्ली में स्कूल बनवाए, मोहल्ला क्लीनिक में जो टेस्ट रुके हुए थे वो टेस्ट शुरू करवाए। उन्होंने कहा कि जब भाजपा वालों ने मुझे मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकाल कर फेंक है। अब वह याद रखें कि आज मैं यह प्रण ले रही हूं दिल्ली की हर महिला को 2,100 रुपये दिलवा कर रहूंगी। संजीवनी योजना के तहत दिल्ली के हर बुजुर्ग को सरकारी अस्पताल में प्राइवेट अस्पताल में फ्री इलाज करवा कर रहूंगी। दिल्ली के हर पुजारी और हर ग्रंथी को हर महीने 18,000 रुपये की सम्मान राशि दिलवा कर रहूंगी। भारतीय जनता पार्टी वाले समझ लें कि आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता, एक एक नेता और मुख्यमंत्री अपने सिर पर कफन बांधकर निकला है। दिल्ली वालों के लिए काम करने के लिए निकला है। आप हमें जितना परेशान करेंगे, हम और ज्यादा जज्बे से काम करेंगे।

दिल्ली की जनता बेसब्री से चुनाव का इंतजार कर रही है, जनता आप को हटाकर भाजपा को सत्ता में लाना चाहती है: मनोज तिवारी

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान में अब कुछ ही घंटे का समय बचा है। आम आदमी पार्टी (आप) जहां दोबारा सत्ता में आने का दावा कर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। इसी बीच भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने अरविंद केजरीवाल और आप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि हम और दिल्ली की जनता बेसब्री से चुनाव का इंतजार कर रही है। जनता आप को हटाकर भाजपा को सत्ता में लाना चाहती है। झाड़ू वाला ही दारू वाला है उन्होंने कहा, ‘जनता आप को हटाकर भाजपा को लाकर, अब दिल्ली को सर्वश्रेष्ठ, बेहतरीन, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बनाना चाहती है। दिल्ली के लोग इतने परेशान हैं कि कल मैं दिल्ली के एक हिस्से में था और वहां कुछ महिला-पुरुष मिलकर यह गीत गा रहे थे- झूठ बोलने में न हिचकता, मन का काला है, ये झाड़ू वाला ही दारू वाला है। तो जिस दिल्ली को यह पता है कि चिकनी चुपड़ी बातें करके, अच्छे-अच्छे सपने दिखाकर दिल्ली को लूटने वाला, शराबी बनाने वाला, शराब घोटाला करने वाला, बुजुर्गों का पेंशन रोकने वाला, दिल्ली की हवा को प्रदूषित करने वाला, अब वो है जाने वाला। अरविंद केजरीवाल और उसका जो गिरोह है अपराधियों का, वो लोग जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी आएगी। आपदा को हटाएंगे, भाजपा को लाएंगे। हमें भी हैं इंतजार।’ इससे पहले तिवारी ने बीते गुरुवार को आप सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि दुर्भाग्य से दिल्ली में एक ऐसी सरकार है जिसकी बुनियाद झूठ और लूट पर टिकी हुई है। तिवारी ने कहा था कि प्रदेश सरकार दिल्ली के लोगों को ‘मौत परोस’ रही है और भाजपा दिल्लीवासियों को ‘जीवन’ देना चाहती है। वहीं भाजपा सांसद मिलकर दिल्ली के विकास के लिए काम कर रहे हैं। दिल्ली के विकास और यहां के लोगों के जीवन स्तर को सुधारने को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने ‘आप’ पर दबाव डालने और ऐसी जानकारी मांगने का आरोप लगाया है जिसे साझा करने की अनुमति नहीं है

नई दिल्ली नई दिल्ली विधानसभा सीट को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है, जहां से ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने ‘आप’ पर दबाव डालने और ऐसी जानकारी मांगने का आरोप लगाया है जिसे साझा करने की अनुमति नहीं है। अधिकारी की शिकायत पर ‘आप’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डीएम कोई लाट साहब नहीं हैं और शिकायत होगी तो उन्हें ही तो बताया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि डीएम का प्रॉटोकॉल उनके मुकाबले बहुत नीचे है और अधिकारी को तो सम्मानित महसूस करना चाहिए कि वह (सांसद) उनके दफ्तर तक गए। संजय सिंह ने एएनआई से बातचीत में नई दिल्ली जिले के डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘वह कोई लाट साहब नहीं हैं। उनकी जवाबदेही है हमारे प्रति। उनका काम है चुनाव की व्यवस्था को देखना, चुनाव में निष्पक्षता रहे। यह देखना, वह इतने बड़े लाट साहब हैं कि मैं उसे मिल नहीं सकता। यदि चुनाव से संबंधित कोई शिकायत है तो डीएम से नहीं करेंगे? उनको यह सोचना चाहिए कि एक सांसद होकर, वैसे यदि आप प्रॉटोकॉल की बात करें, हम लोग इन चक्करों में नहीं पड़ते, डीएम का प्रॉटोकॉल हमसे बहुत नीचा है, हम तो इनके दफ्तर गए, उनको अपने आप को सम्मानित महसूस करना चाहिए, शर्म नहीं आती इस तरह के बयान देने में।’ चुनाव अधिकारी को डराए-धमकाए जाने के आरोप को लेकर एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा, ‘किस प्रकार डरा धमका रहे हैं। अपने चुनाव के वोटर लिस्ट के बारे में पूछा और जो फर्जी ऑब्जेक्टर्स के बारे में जानकारी लेना डराना धमाका होता है? केंद्रीय चुनाव आयोग को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए कि ऐसे अफसर जो मुलाकात को डराना धमाका बता रहे हैं वह क्या चुनाव कराएंगे। हम तो राजनीतिक दल हैं, 100 बार मिलना पड़ेगा अधिकारी से। जो अधिकारी मुलाकात को धमकाना बताएगा वह क्या चुनाव कराएगा। कोई गड़बड़ी होगी तो उनसे ही तो मिलेंगे। इसे धमकी कहेंगे तो अजीब बात हो जाएगी। इतना दिमाग सातवें आसमान पर नहीं रहना चाहिए किसी अधिकारी का।’

DM को सम्मानित महसूस करना चाहिए कि हम उनके दफ्तर गए: संजय सिंह

नई दिल्ली. नई दिल्ली विधानसभा सीट को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है, जहां से ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने ‘आप’ पर दबाव डालने और ऐसी जानकारी मांगने का आरोप लगाया है जिसे साझा करने की अनुमति नहीं है। अधिकारी की शिकायत पर ‘आप’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डीएम कोई लाट साहब नहीं हैं और शिकायत होगी तो उन्हें ही तो बताया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि डीएम का प्रॉटोकॉल उनके मुकाबले बहुत नीचे है और अधिकारी को तो सम्मानित महसूस करना चाहिए कि वह (सांसद) उनके दफ्तर तक गए। संजय सिंह ने नई दिल्ली जिले के डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘वह कोई लाट साहब नहीं हैं। उनकी जवाबदेही है हमारे प्रति। उनका काम है चुनाव की व्यवस्था को देखना, चुनाव में निष्पक्षता रहे। यह देखना, वह इतने बड़े लाट साहब हैं कि मैं उसे मिल नहीं सकता। यदि चुनाव से संबंधित कोई शिकायत है तो डीएम से नहीं करेंगे? उनको यह सोचना चाहिए कि एक सांसद होकर, वैसे यदि आप प्रॉटोकॉल की बात करें, हम लोग इन चक्करों में नहीं पड़ते, डीएम का प्रॉटोकॉल हमसे बहुत नीचा है, हम तो इनके दफ्तर गए, उनको अपने आप को सम्मानित महसूस करना चाहिए, शर्म नहीं आती इस तरह के बयान देने में।’ चुनाव अधिकारी को डराए-धमकाए जाने के आरोप को लेकर एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा, ‘किस प्रकार डरा धमका रहे हैं। अपने चुनाव के वोटर लिस्ट के बारे में पूछा और जो फर्जी ऑब्जेक्टर्स के बारे में जानकारी लेना डराना धमाका होता है? केंद्रीय चुनाव आयोग को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए कि ऐसे अफसर जो मुलाकात को डराना धमाका बता रहे हैं वह क्या चुनाव कराएंगे। हम तो राजनीतिक दल हैं, 100 बार मिलना पड़ेगा अधिकारी से। जो अधिकारी मुलाकात को धमकाना बताएगा वह क्या चुनाव कराएगा। कोई गड़बड़ी होगी तो उनसे ही तो मिलेंगे। इसे धमकी कहेंगे तो अजीब बात हो जाएगी। इतना दिमाग सातवें आसमान पर नहीं रहना चाहिए किसी अधिकारी का।’

आसाराम को मिली यौन शोषण केस में जमानत, देखें क्या-क्या हैं शर्तें

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने स्वयंभू संत आसाराम बापू को बलात्कार मामले में मंगलवार को अंतरिम जमानत दे दी। साल 2013 के रेप केस को लेकर मेडिकल आधार पर उन्हें यह राहत मिली है। आसराम को 31 मार्च तक के लिए बेल मिली है। इसके साथ ही, एससी ने आसाराम को निर्देश दिया कि वह अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया, ‘आसाराम बापू को तीन पुलिसकर्मियों का एस्कॉर्ट मुहैया कराया जाएगा। यह शर्त होगी कि वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। साथ ही, उन्हें अपने अनुयायियों से सामूहिक रूप से मिलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’ मालूम हो कि एससी का यह फैसला गुजरात में उस बलात्कार मामले के संबंध में आया है, जिसमें वह आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। हालांकि, राजस्थान में दर्ज ऐसे ही एक मामले को लेकर वह अभी भी हिरासत में हैं। जनवरी 2023 में सत्र अदालत ने आसाराम बापू को 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराया था। यह मामला एक महिला ने दर्ज कराया जो अपराध के समय गांधीनगर के पास उनके आश्रम में रह रही थी।

Delhi Election 2025 Date: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान, 8 को आएंगे नतीजे

Delhi Assembly Election 2025 Date: चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा। 8 फरवरी 2025 को मतगणना होगी और इसी के साथ यह तय हो जाएगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनने जा रही है? दिल्ली में इस तरह है चुनाव कार्यक्रम चुनाव की अधिसूचना- 10 जनवरीनामांकन की आखिरी तारीख- 17 जनवरीनामांकन पत्रों की जांच- 18 जनवरीनाम वापसी का अंतिम दिन- 20 जनवरीमतदान की तारीख- 5 फरवरीमतगणना की तारीख- 8 फरवरी ‘दुनिया के देशों में तो एक-एक महीने काउंटिंग चल रही है’ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हम पर यह सवाल उठाए गए कि शाम पांच बजे के बाद कैसे मतदान का आंकड़ा बढ़ जाता है? करोड़ों वोट कैसे बढ़ जाते हैं? यह ध्यान रखना होगा कि सुबह 9:30 बजे, 11:30, दोपहर 1:30, 3:30 और शाम 5:30 बजे के बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान का आंकड़ा इकट्ठा करते हैं। वोटिंग खत्म होने के समय फॉर्म 17-सी दिया जाता है। जब शाम 7:30 बजे तक अधिकारी तक सारी मशीनें इकट्ठा करता है, तब उसके मतदान केंद्र का अंतिम आंकड़ा पता चल पाता है, जबकि हमसे कहा जाता है कि छह बजे ही आंकड़ा बता दें। लोग ये भूल जाते हैं कि दुनिया के बड़े देशों में तो एक-एक महीना मतगणना चल रही है। ‘ईवीएम को नई बैटरी डालकर सील किया जाता है’ उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ईवीएम में नई बैटरी डाली जाती है। उसी दिन उसे सील किया जाता है। जिस दिन मतदान होता है, उस दिन सील पोलिंग एजेंट के सामने तोड़ी जाती है। मॉक पोल किया जाता है। पोलिंग एजेंट रिकॉर्ड रखते हैं कि कौन आया, कौन गया। किसमें कितने वोट पड़े, इसकी संख्या उनको दी जाती है। काउंटिंग के दिन भी पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है। फॉर्म 17 सी से मिलान होता है। उसके बाद किसी भी पांच वीवीपैट से भी मिलान किया जाता है। हमारी प्रक्रिया पर कई बार सवाल उठाए गए हैं। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि भारतीय मतदाता बेहद जागरूक हैं। मतदाता सूचियों को लेकर अब भी कहानियां चल रही हैं। करीब 70 सीटें हैं। जिसमें राजनीतिक दल और उम्मीदवार हमारे साथ रहते हैं, जितने भी दावे और आपत्तियां आती हैं। उन्हें सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाता है। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता। ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं है। ईवीएम में वायरस या बग आने का कोई सवाल ही नहीं है। ईवीएम में अवैध वोट होने का सवाल ही नहीं है। कोई धांधली संभव नहीं है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट अलग-अलग फैसलों में लगातार यही कह रहे हैं और क्या कहा जा सकता है? ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस है। टेम्परिंग के आरोप बेबुनियाद हैं। हम अभी बोल रहे हैं क्योंकि चुनाव के समय हम नहीं बोलते।

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले ‘सामना’ में केजरीवाल पर कड़ी टिप्पणी की, जनता की अनदेखी कर ‘शीशमहल’ बनवाया

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय ‘सामान’ में दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। ‘सामना’ में कहा गया है कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के हितों पर कुठाराघात किया है। केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए जनता के हितों की अनदेखी करते हुए अपने लिए करोड़ों का शीशमहल बनवा लिया, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ‘सामना’ में कहा गया है कि केजरीवाल सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल साबित हुई। उन्होंने दिल्ली की जनता को जो सुविधाएं देने का दावा और वादा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होने से पहले किया था। बड़े अफसोस की बात है कि वो उन दावों और वादों को पूरा करने में विफल साबित हुए और दिल्ली की जनता यह सबकुछ देख रही है। इतना ही नहीं, ‘सामना’ के संपादकीय में दिल्ली के विधानसभा चुनाव की तुलना मौत से की गई है। कहा गया है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव अब दोनों पार्टियों के लिए जिंदगी और मौत का खेल बन चुका है। ऐसी स्थिति में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि दिल्ली की राजनीति की दिशा व दशा कैसी रहती है। ‘सामना’ ने अपने संपादकीय में कहा है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने मिलकर लड़ा था। लेकिन, अब दिल्ली का विधानसभा चुनाव दोनों ही पार्टियां फ्रीस्टाइल कुश्ती के तौर पर लड़ रही है। बता दें कि फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में अभी से ही दोनों पार्टियां चुनाव प्रचार में जुट गई है। दिल्ली की राजनीति में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना ने अपने संपादकीय ‘सामना’ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करके प्रदेश की राजनीतिक में कई बड़े संकेत दे दिए थे। ‘सामना’ ने अपने संपादकीय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कई कार्यों का उल्लेख कर उनकी तारीफ की थी। ‘सामना’ ने अपने लेख में लिखा था कि नए साल की शुरुआत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गढ़चिरौली जिले को विकास की नई दिशा देने का संकल्प लिया। जब बाकी मंत्रिमंडल के मंत्री विशेष जिलों और मलाईदार महकमों की तलाश में थे, मुख्यमंत्री फडणवीस ने गढ़चिरौली का दौरा किया और वहां कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। ‘सामना’ में आगे कहा गया था कि मुख्यमंत्री ने इस दौरान गढ़चिरौली के विकास के नए युग की शुरुआत की बात कही। मुख्यमंत्री का कहना था कि अगर यह विकास योजनाएं सफल होती हैं, तो यह न केवल गढ़चिरौली, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक सकारात्मक कदम होगा। विशेष रूप से गढ़चिरौली के गरीब आदिवासी समुदाय के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।  

बड़ा वादा: अब कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं के लिए 2500 रुपए हर महीने देने का वादा किया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने बड़ा वादा किया है। आम आदमी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं के लिए 2500 रुपए हर महीने देने का वादा किया है। ‘आप’ की ‘महिला सम्मान’ योजना के सामने कांग्रेस ने ‘प्यारी दीदी’ योजना का लाने का वादा किया है। इस योजना के तहत दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए दिए जाएंगे। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले दिल्ली की महिलाओं के लिए महिला सम्मान योजना के तहत 2100 रुपए देने का वादा किया है। इसका ऐलान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने किया था। अब कांग्रेस ने भी महिला वोटरों को लुभाने के लिए ‘प्यारी दीदी योजना’ के तहत दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपए हर महीना देने का वादा किया है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने प्यारी दीदी योजना के तहत दिल्ली में सरकार बनने के बाद महिलाओं को 2500 रुपए देने का वादा किया है। इससे पहले साल 2023 में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने महिलाओं के लिए खातों में पैसे देने का वादा किया था। उस साल सरकार बनने के बाद से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ‘गृह लक्ष्मी योजना’ के तहत महिलाओं को 2000 रुपए हर महीने महिलाओं के खातों में भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने एक और योजना का ऐलान किया था, जिसके तहत महिलाओं को गैस सिलेंडर भी दिया जा रहा है। इसकी जानकारी सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी लगातार घोषणाएं कर रही है। दिल्ली की महिलाओं के लिए महिला सम्मान योजना के साथ ही आम आदमी पार्टी ने दलित छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई के लिए पूरा खर्च उठाने का वादा भी किया है। इसके अलावा भी आम आदमी पार्टी ने कई वादे किए हैं।

बड़ा विवाद: ‘शीशमहल’ पर राजनीती तेज, 29 लाख का तो बस एक TV, खर्च किए गए 8 की जगह 33 करोड़!

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले उस बंगले को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है जिसमें बतौर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहा करते थे और जिसे भाजपा और कांग्रेस के नेता ‘शीशमहल’ कहते हैं। बंगले पर अब सीएजी रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई है, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें कही गईं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को परिवर्तन रैली में इसका जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला किया था। मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीएजी ने कहा है कि मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण पर 33 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए, जबकि शुरुआती अनुमान 7.9 करोड़ रुपए ही था। बंगले का नवीनीकरण 2020 में शुरू हुआ था, जब यह अरविंद केजरीवाल के नाम आवंटित था। सीएजी रिपोर्ट में बंगले में लगाए गए सामानों का भी जिक्र किया है। रिपोर्ट में कहा गया है, ’88 इंच OLVED TV (8K LG) लगा है जिसे 28.9 लाख रुपए में खरीदा गया। 10 अन्य OLED टीवी (4K Sony) पर 43.9 लाख रुपए खर्च किए गए। एक माइक्रोवेव ओवन 1.8 लाख रुपए का लगाया गया है। दो स्टीम ओवन की कीमत 6.5 लाख है। वॉशिंग मशीन 1.9 लाख रुपए का है। 10 बेड और सोफे पर 13 लाख रुपए का खर्च किया गया है।’ दिल्ली सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) की ओर से बंगले में जकूजी, सॉना और स्पा की भी व्यवस्था की गई थी जिस पर 19.5 लाख रुपए खर्च किए गए। इसके अलावा 7 सर्वेंट क्वॉर्टर 19.8 करोड़ रुपए में बनाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सीएजी ने रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से ऑडिट के लिए सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। कई बार कहने के बावजूद ऐसा नहीं किया गया। सीएजी रिपोर्ट को एलजी को सौंप दिया गया है। सीएजी ने बजट बढ़ाए जाने और खर्च की प्रक्रिया में भी अनियमितताएं पाईं। 21000 स्क्वॉयर फीट में बने 6 फ्लैगस्टाफ रोड बंगले में 8 बेडरूम, 3 मीटिंग रूम, दो ड्रॉइंग रूम, दो किचन, 12 टॉयलेट और एक डायनिंग हॉल है। तीन मंजिला भवन में 24 सोफा, 76 टेबल, 45 कुर्सियां, 8 बेड, 5 रिक्लाइनर सोफे (हर सोफा 81 हजार का) लगे हैं। 11 अक्टूबर 2024 को पीडब्ल्यूडी ने जो इनवेंट्री बनाई थी इसके मुताबिक 75 बोस सीलिंग स्पीकर, 50 एसी थे, जो किचन, टॉयलेट, वॉशिंग एरिया जिम समेत अन्य स्थानों पर लगे थे। भाजपा इस बंगले को ‘शीशमहल’ कहती है और इसकी सुख-सुविधाओं का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल की घेराबंदी करती है। भाजपा याद दिलाती है कि कैसे वह सत्ता में आने से पहले कहते थे कि वह अन्य नेताओं की तरह बड़ा बंगला-गाड़ी आदि सुविधाएं नहीं लेंगे। वहीं, हाल के दिनों में अरविंद केजरीवाल ने इस विवाद पर कहा कि यह उनका पर्सनल घर नहीं था, बल्कि सीएम आवास है, जो भी सीएम बनेगा वह इस घर में रहेगा। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद केजरीवाल ने इसे खाली कर दिया था। फिलहाल दिल्ली की सीएम आतिशी के नाम यह बंगला आवंटित है।

दिल्ली चुनाव: कांग्रेस ने किया ‘प्यारी दीदी’ योजना का ऐलान, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये

Delhi Elections: Congress announces ‘Pyaari Didi’ scheme, women will get Rs 2500 every month दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है. कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं के लिए प्यारी दीदी योजना का ऐलान किया है. इस योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मैं यहां प्यारी दीदी योजना को लॉन्च करने आया हूं. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी और हमारी पहली कैबिनेट में प्यारी दीदी योजना लागू की जाएगी और दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये दिए जाएंगे. यह उसी मॉडल पर है जो हमने कर्नाटक में लागू किया था. कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कांग्रेस जरूरी है. दिल्ली की महिलाओं को 2100 रुपए देगी AAP सरकार इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने महिला सम्मान योजना का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि अगर दिल्ली में हमारी सरकार फिर से सत्ता में आएगी तो हम इस सम्मान की राशि 1000 से बढ़ाकर 21 रुपये कर देंगे. केजरीवाल ने 2024 के बजट में इसका ऐलान किया था. 18 से 60 साल तक की महिलाओं को इस योजना का फायदा मिलेगा. लाभार्थियों की संख्या 38 लाख है. सूत्रों के मुताबिक, अगले 2-3 दिन में दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐलान हो सकता है. सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है. कांग्रेस भी दो लिस्ट जारी कर अपने कुछ उम्मीदवार उतार दिए हैं. बीजेपी ने दो दिन पहले 29 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है. बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली सत्ता पर काबिज होने की जंग लड़ रही हैं.

दिल्ली में एक्यूआई पहुंचा 400 पार, खराब वायु गुणवत्ता से लोग परेशान, हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने लोगों का जीना बेहाल किया

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है तो दूसरी तरफ वायु प्रदूषण से भी लोग परेशान हैं। इसने लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर दीं हैं। इससे लोगों में आंखों के जलन की समस्या और सांस संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 374 था। वहीं, दिल्ली एनसीआर के अन्य शहरों में फरीदाबाद का एक्यूआई 188, गुरुग्राम का 278, गाजियाबाद का 260, ग्रेटर नोएडा का 184 और नोएडा का 242 था। दिल्ली के 9 इलाकों में एक्यूआई 400 से ज्यादा और 500 के आसपास था। इनमें बवाना, द्वारका सेक्टर 8, जहांगीरपुरी, मुंडका, फताफतगंज, रोहिणी, सिविल लाइन्स, विवेक विहार और वजीरपुर शामिल हैं। इन इलाकों में एक्यूआई 400 से 426 के बीच था। दिल्ली के बाकी इलाकों में एक्यूआई 300 से 400 के बीच था, जो वायु गुणवत्ता के खराब स्तर को दर्शाता है। वहीं, दिल्ली के कई इलाके में एक्यूआई गंभीर बनी हुई है। इन इलाकों का एक्यूआई 400 से ज्यादा दर्ज किया गया है, जिसमें अशोक विहार 407, द्वारका सेक्टर-8 410, जहांगीरपुरी- 407, मुंडका 424, पटपड़गंज 415, आरके पुरम 403, रोहिणी 411, सिरीफोर्ट 428, विवेक विहार 436, वजीरपुर 425 और बवाना का एक्यूआई 401 दर्ज किया गया हैं। इन इलाकों के अलावा भी दिल्ली के 22 इलाकों का एक्यूआई भी खतरनाक स्थिति में बना हुआ है। उधर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, आने वाले 6 दिनों तक दिल्ली के वायु गुणवत्ता में कोई भी सुधार होने के आसार नहीं है। दिल्ली में 11 जनवरी तक वायु प्रदूषण की स्थिति जस की तस बनी रहेगी। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने ग्रेप-3 को लागू कर दिया गया है।  

केजरीवाल ने कहा, नितिन गडकरी जी मुझे अच्छे लगते हैं, उनका काम भी अच्छा लगता है, उन्होंने काफी काम किया है

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय सड़क एवं परिवन मंत्री नितिन गडकरी की खुलकर तारीफ की है। ‘आप’ मुखिया ने कहा उनके कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि वह उन्हें अच्छे लगते हैं। केजरीवाल ने एक तरफ नितिन गडकरी की तारीफ की तो दूसरी तरफ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को भी साफ नीयत वाला नेता बताया। अक्सर कांग्रेस और भाजपा को भ्रष्ट बताने वाले केजरीवाल को कम ही मौकों पर इस तरह दूसरे दलों के नेताओं की तारीफ करते हुए देखा गया है। दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे अरविंद केजरीवाल ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कई बड़ी बातें कहीं। केजरीवाल से जब पूछा गया कि क्या भाजपा के किसी नेता का काम अच्छा है? इस पर ‘आप’ मुखिया ने कहा, ‘नितिन गडकरी जी मुझे अच्छे लगते हैं। उनका काम भी अच्छा लगता है। उन्होंने काफी काम किया है, सड़कों पर। मुझे वह अच्छे लगते हैं।’ नितिन गडकरी मोदी सरकार में सड़क और परिवहन मंत्री हैं। देश में कई अच्छे राजमार्ग बनाने की वजह से उन्हें ‘हाईवे मैन’ भी कहा जाने लगा है। उनके कामकाज की विपक्ष के भी कई नेता तारीफ कर चुके हैं। अब इनमें ‘आप’ प्रमुख भी शामिल हो गए हैं। मनमोहन सिंह की तारीफ में क्या बोले केजरीवाल अरविंद केजरीवाल से इसी इंटरव्यू में जब पूछा गया कि वह अपने अलावा क्या देश में किसी राजनेता को साफ नीयत वाला समझते हैं तो उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का नाम लिया। केजरीवाल ने कहा कि वह बहुत साफ नीयत वाले नेता थे। एक अन्य सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा, ‘पढ़े लिखे थे, शांत थे। उनकी उपलब्धियां इतनी ज्यादा है। उन्होंने राइट टु एजुकेशन दिया, राइट टु इन्फॉर्मेशन ऐक्ट दिया, मनरेगा दिया, न्यूक्लियर डील किया, कितना काम किया, कभी गाया उन्होंने। न्यूक्लियर डील उन्हें लगा कि देश हित में है उन्होंने अपनी सरकार दांव पर लगा दी। कितने लोगों में हिम्मत होती है। 2008 में पूरी दुनिया में मंदी थी, वह अर्थशास्त्री थे उन्होंने देश को बचा लिया।’

दिल्ली में लगातार तीसरी सुबह धुंध और घने कोहरे का साया, 6 फ्लाइट कैंसिल, 100 से ज्यादा लेट…

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरी सुबह धुंध और घने कोहरे का साया है. ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे गलन भी बढ़ गई है. बेहद कम विजिबिलिटी के कारण ट्रेनों से लेकर उड़ानें तक प्रभावित हो रही हैं. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. IMD ने लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने बताया कि 10 से 12 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे 10 जनवरी को इस क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज भी कई उड़ानें देरी से चल रही है. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट flightradar के मुताबिक, घने कोहरे के कारण आज सुबह 8 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर 6 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 114 उड़ानों में औसतन 18 मिनट की देरी हुई. शनिवार को IGI एयरपोर्ट पर करीब 48 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और 564 उड़ानों में देरी हुई थी. सुबह 8 बजे IGI एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी में थोड़ा सुधार हुआ और यह 50 मीटर हो गई. सुबह 4 से 8 बजे तक जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई. IGI एयरपोर्ट पर आज करीब चार घंटे की जीरो विजिबिलिटी देखी गई. IGI ने एडवाइजरी में कहा, दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेक ऑफ जारी है. जो उड़ानें CAT III का अनुपालन नहीं करती हैं, उन पर असर पड़ सकता है. यात्रियों से अनुरोध है कि वे उड़ान की अपडेट जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें. किसी भी असुविधा के लिए हमें गहरा खेद है. देरी से चल रही हैं ट्रेनें मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में रविवार सुबह 5.30 बजे 10 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. शनिवार को भी इसी समय 10.2 डिग्री सेल्सियस तापमान था. कोहरे के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशान पर कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं. दिल्ली में वायु गुणवत्ता भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है. आज सुबह 6 बजे AQI 377 रिकॉर्ड किया गया. कल इसी समय यह 385 था. दिल्ली में 9 घंटे तक जीरो विजिबिलिटी रही इससे पहले शनिवार को 10 से 12 घंटे तक दिल्ली में घना कोहरा रहा. करीब 9 घंटे तक जीरो विजिबिलिटी रिकॉर्ड की गई. IMD ने बताया, पालम में शाम छह बजे से सुबह तीन बजे के बीच 9 घंटे तक जीरो विजिबिलिटी रही, जो इस मौसम की सबसे लंबी अवधि थी. जबकि सफदरजंग केंद्र ने आठ घंटे तक जीरो विजिबिलिटी दर्ज की. शहर में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण ट्रेनें भी प्रभावित हुईं. उत्तर रेलवे ने बताया कि 59 ट्रेनें छह घंटे तक की देरी से चल रही हैं. जबकि 22 ट्रेनें करीब आठ घंटे की देरी से चल रही हैं. आज भी घना कोहरा छाए रहने का अनुमान भारतीय मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी के अधिकांश हिस्सों में रविवार को धुंध और मध्यम कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है. कुछ इलाकों में घना कोहरा और आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. दोपहर में दक्षिण-पूर्व से हवा की गति बढ़कर 8-10 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन शाम और रात तक यह 6 किमी प्रति घंटे से कम हो सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि सुबह के समय ज्यादातर जगहों पर धुंध/मध्यम कोहरा और कुछ जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. शाम/रात में धुंध/हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 18 और 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. कहां हो सकती है बारिश? मौसम विभाग ने 6 जनवरी तक जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा होने की भविष्यवाणी की है. 5 जनवरी को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान में और 5- 6 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा और बर्फबारी होने की संभावना है. इसके अलावा, 5 और 6 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में और 6 जनवरी को उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश में गरज के साथ छिटपुट वर्षा होने की संभावना है. 7 और 8 जनवरी को कई पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है. 6 जनवरी को उत्तराखंड में छिटपुट वर्षा और बर्फबारी की संभावना है. वहीं, कश्मीर के कई इलाकों में कोहरे की घनी चादर छाई हुई है, जबकि इस क्षेत्र में व्यापक बर्फबारी की संभावना है. मौसम विभाग ने रविवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बर्फबारी और अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी का अनुमान है. अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में क्षेत्र के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होने की संभावना है. इससे पहले शनिवार सुबह श्रीनगर समेत कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे हवाई यात्रा प्रभावित हुई. खराब विजिबिलिटी के कारण श्रीनगर एयरपोर्ट पर विमान परिचालन बाधित हुआ, जिससे उड़ानों में देरी हुई. हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, दृश्यता में सुधार होने पर विमान परिचालन फिर से शुरू हो गया और पहला विमान सुबह 11.13 बजे उतरा. मौसम विभाग ने कहा कि मध्यम से मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के जम्मू-कश्मीर पर असर पड़ने की उम्मीद है. ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना है. शनिवार रात से सोमवार सुबह के बीच सबसे ज़्यादा बर्फबारी होने की उम्मीद है. इस दौरान कश्मीर और चिनाब घाटी के मध्य और ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी का भी अनुमान है. मौसम विभाग ने रविवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें व्यापक बर्फबारी और अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी की भविष्यवाणी की गई है. मौसम विभाग ने सड़क और हवाई परिवहन में संभावित अस्थायी व्यवधान की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और व्यवधान कम से कम हो.  

दिल्ली साइबर पुलिस ने शातिर साइबर अपराधी को किया गिरफ्तार, मिले 700 लड़कियों के मिले न्यूड फोटो और वीडियो

 नई दिल्ली/नोएडा डेटिंग ऐप से एक नहीं, दो नहीं, 10-20 भी नहीं, तकरीबन 700 से अधिक लड़कियों से दोस्ती करके और उन लड़कियों की न्यूड फोटो के जरिए ब्लैकमेल करके 23 साल के युवक ने उन्हें ठग लिया। आरोपी खुद को विदेशी फ्रीलांस मॉडल बताकर 18 से 30 साल तक की लड़कियों से दोस्ती करता था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी तुषार बिष्ट को गिरफ्तार किया है। वह यमुनापार के शकरपुर का रहने वाला है। बीबीए पास बिष्ट पिछले तीन साल से नोएडा की एक फर्म में काम कर रहा था। डीसीपी वेस्ट विचित्र वीर के मुताबिक आरोपी के पास से अलग-अलग बैंक के 13 क्रेडिट कार्ड बरामद हुए हैं। मोबाइल में 60 से ज्यादा का चैटिंग डेटा मिला है। ज्यादातर टारगेट दिल्ली-एनसीआर की लड़कियों को किया गया है। पुलिस को दो बैंक अकाउंट के बारे में भी पता चला है। इसके बारे में जानकारी मिलने पर चार और पीड़ित लड़कियां भी सामने आकर शिकायत कर चुकी हैं। खुद को बताया अमेरिकी मॉडल पुलिस ने बताया कि खुद को अमेरिका में रहने वाला मॉडल बताकर आरोपी ने एक वर्चुअल इंटरनेशनल मोबाइल नंबर और ब्राजीलियाई मॉडल की तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी प्रोफाइल बनाई। लड़कियों को विश्वास में लेकर चैटिंग करता। फिर अंतरंग वीडियो और फोटो (न्यूड) हासिल कर लेता था। पहले उसने मजाक में यह सब किया, फिर पैसा ऐंठने के लिए लड़कियों को टारगेट करने लगा। कैसे पकड़ में आया आरोपी? एक लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए 13 दिसंबर को साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने जांच की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उन लड़कियों से भी संपर्क करने के प्रयास में जुटी है, जो इसके झांसे में आई हैं। नोएडा में करता था नौकरी 23 साल का तुषार बिष्ट पूर्वी दिल्ली के स्कूल ब्लॉक में रहता था और नोएडा की एक कंपनी में काम करता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पहले महिलाओं और लड़कियों से दोस्ती करता था। उसके बाद उनकी न्यूड फोटो और तस्वीरें मंगा लेता था, जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर पैसा ऐंठता था।

पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में, दिल्ली में छाया घना कोहरा, कई राज्यों में कड़ाके की ठंड, ऑरेंज अलर्ट जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली में ठंड और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। जम्मू कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके चलते कहीं ऑरेंज तो कहीं येलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के मुताबिक उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अगले 2 दिन तक शीत दिवस और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली के अलग-अलग स्थानों में 3 और 4 जनवरी को देर रात/सुबह के समय बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना पहले ही जताई गई थी। वहीं उत्तर प्रदेश में भी जबरदस्त ठंड पड़ रही है। विजिबिलिटी भी काफी कम है। कई जगहों पर विजिबिलिटी घटकर 50-100 मीटर रह गई है। यूपी में अति घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी कर दी गई थी। राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में भी विजिबिलिटी महज 10 मीटर रही। 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चल रही है। यहां वायु प्रदूषण का स्तर भी बेहद खराब रिकॉर्ड किया गया। एक्यूआई 300 पार पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली एनसीआर में ठंड के कारण लोग संभल कर निकल रहे हैं। सड़क पर वाहन रेंगते देखे जा सकते हैं। इसका असर हवाई और रेल सेवा पर भी पड़ा है। घने कोहरे की वजह से आईजीआई पर फ्लाइट्स परिचालन प्रभावित हुआ है। आवाजाही और प्रस्थान रोक दिया गया। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से शुक्रवार को संचालित होने वाली 100 से ज्यादा विमान देरी से रवाना हुईं। रनवे पर लो विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू कर विमानों की आवाजाही कराई गई। इससे कई विमानों के संचालन में देरी हुई। दिल्ली-एनसीआर में भी घना कोहरा छाया हुआ है। गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम में भी शीतलहर का प्रकोप जारी है। तापमान लगातार गिर रहा है। मौसम पूर्वानुमान में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का संकेत दिया गया है। वहीं शनिवार सुबह बहादुरगढ़ का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  

सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा के आरोपों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई, आरोपों को बताया गलत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा ने शुक्रवार को जाम नगर हाउस में नई दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर कथित मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। उनके आरोपों को लेकर शनिवार को नई दिल्ली जिला निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई है। नई दिल्ली जिला निर्वाचन अधिकारी के एक्स अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर आरोपों को निराधार बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है, “राज्यसभा सांसद संजय सिंह का आरोप है कि जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), नई दिल्ली ने आपत्तिकर्ताओं का विवरण नहीं दिया और दावा किया कि डीईओ जानबूझकर मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटा रहे हैं, यह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और निराधार है।” उन्होंने आगे बताया, “भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दिशानिर्देशों के अनुसार, फॉर्म 7 का सारांश, जिसमें ऑब्जेक्टर्स और ऑब्जैक्ट्स दोनों के नाम शामिल हैं, उनको फॉर्म 10 के माध्यम से साप्ताहिक आधार पर ‘आप’ सहित सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाता है। इसके अलावा यह जानकारी सार्वजनिक पहुंच और पारदर्शिता के लिए सीईओ दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड की जाती है। इसलिए, यह आरोप कि ऑब्जेक्टर्स के नाम साझा नहीं किए जा रहे हैं, वह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। इसी के तहत फॉर्म 10 की एक प्रति एक्स पर शेयर की गई है, जहां ऑब्जेक्टर्स और ऑब्जैक्ट्स के नामों को स्पष्ट रूप से सत्यापित किया जा सकता है।” इसके अलावा मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया है। कहा गया, “निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची से किसी भी नाम को हटाने की प्रक्रिया सख्ती से की जाती है। यह प्रक्रिया फॉर्म 7 दाखिल करने के साथ शुरू होती है और ऐसे सभी मामलों में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ), बीएलओ सुपरवाइजर और अन्य अधिकारियों द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार एक सत्यापन किया जाता है। सिर्फ नाम हटाने के लिए एक लिस्ट जमा करने से इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं होती है।” नई दिल्ली जिला निर्वाचन अधिकारी ने संजय सिंह की पत्नी अनीता से संबंधित आरोपों पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा, “एक विशिष्ट उदाहरण को सामने लाने के लिए राज्यसभा सांसद संजय सिंह की पत्नी अनीता के नाम को मतदाता सूची से हटाने के लिए दो अलग-अलग फॉर्म 7 आवेदन दायर किए गए थे। फील्ड वेरिफिकेशन के बाद बीएलओ ने पाया कि वह दिए गए पते पर निवास कर रही हैं और दोनों फॉर्म 7 आवेदन को खारिज कर दिया गया। इसके अलावा फॉर्म 7 को गलत तरीके से दाखिल करने के लिए ऑब्जेक्टर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर की प्रति भी जानकारी के लिए शेयर की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “कई अन्य मामलों में नामों को हटाने के लिए फॉर्म 7 आवेदनों को उचित प्रक्रिया और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद खारिज कर दिया गया है। प्रत्येक आवेदन की व्यक्तिगत रूप से जांच की जाती है और अगर अवैध पाया जाता है तो मेरिट के आधार पर खारिज कर दिया जाता है।” इसके अलावा उन्होंने झूठे आरोपों पर कहा, “यह आरोप कि डीईओ नई दिल्ली जानबूझकर वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा रहे हैं, यह आरोप पूरी तरह से निराधार है। मतदाता सूची की अखंडता और सटीकता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग के मानदंडों का सख्ती से पालन करते हुए सभी तरह के निर्णय किए जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “जिला निर्वाचन कार्यालय मतदाता सूचियों की तैयारी और रखरखाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता को आधारहीन दावों के साथ गुमराह करने के किसी भी प्रयास को नियमों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए दृढ़ता से संबोधित किया जाएगा।”

विजिबिलिटी बहुत कम होने के कारण रोड पर वाहनों की रफ्तार थम गई है और फ्लाइट संचालन बुरी तरह से प्रभावित

नई दिल्ली देश की राजधानी समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में शनिवार तड़के से ही घना कोहरा छाया हुआ है। विजिबिलिटी बहुत कम होने के कारण रोड पर वाहनों की रफ्तार थम गई है और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर फ्लाइट संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। दिल्ली एयरपोर्ट ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली हवाई अड्डे पर लैंडिंग और टेक ऑफ जारी रहने के बावजूद, कैट-3 मानकों का पालन न करने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि वे उड़ान संबंधी अपडेट जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। किसी भी असुविधा के लिए हमें गहरा खेद है।” इससे पहले एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, “दिल्ली एयरपोर्ट पर घने कोहरे के कारण उड़ानों का परिचालन प्रभावित हुआ है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे उड़ानों की अपडेट जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। किसी भी असुविधा के लिए हमें खेद है।” वहीं, इंडिगो ने रात 1.05 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, “दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने से दिल्ली हवाई अड्डे पर आगमन और प्रस्थान फिलहाल रोक दिए गए हैं।” मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 9 और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। हालांकि, कोहरे का कहर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में दिल्ली में सर्दी और बढ़ सकती है तथा बारिश हल्की बारिश की भी आशंका है। जनवरी में भयंकर शीतलहर चलने का अनुमान है।  

नोएडा में आरक्षी सीधी भर्ती में एक अभ्यर्थी की जगह शामिल होने पहुंचा आरक्षी, पुलिस ने किया अरेस्ट

नोएडा नोएडा में आरक्षी सीधी भर्ती -2023 की डीवी/पीएसटी की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया में अभ्यर्थी के स्थान पर फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर एक आरक्षी स्वयं आया था जो दस्तावेज जांच में पकड़ा गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। साथ ही उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया। इन चारों को न्यायालय के सामने पेश किया गया। वहां से चारों को जेल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि रिजर्व पुलिस लाइन गौतमबुद्धनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी सीधी भर्ती-2023 की डीवी/पीएसटी की प्रक्रिया चल रही है। 30 दिसंबर को एक अभ्यर्थी अभय सिंह प्रक्रिया में शामिल होने आया था। जब बोर्ड द्वारा उक्त अभ्यर्थी के शैक्षणिक व अन्य प्रपत्रों की जांच, ई केवाईसी जांच की तो उनको शक हो गया। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी वास्तव में असली नहीं है। बल्कि वह किसी और के नाम पर यहां शामिल होने आया था। उसने फर्जी तरीके से नाम, जन्मतिथि, बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। सख्ती से पूछताछ की गई। ऐसे में उसका वास्तविक नाम अरविंद कुमार, निवासी सरधना जनपद मेरठ के रूप में हुई। जो कि वर्तमान में पीएसीा की 36वीं वाहिनी वाराणसी में आरक्षी के पद पर नियुक्त है। इस संबंध में 31 दिसंबर 2024 को थाना इकोटेक-3 पर धारा 318(2,) 318)(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस व 13 उप्र संशोधित परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए अरविंद को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने तीन और लोगों के शामिल होने की बात बताई। जिसके बाद तीन और साथियों विशाल सोम, तुषार और अंकित को मेरठ से गिरफ्तार किया गया। इन चारों को न्यायालय के सामने पेश किया गया।  

महिलाओं ने दिल्ली पहुंचकर किया केजरीवाल के घर का घेराव, चुनाव में पंजाब सरकार के झूठे वादों को लेकर किया प्रदर्शन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जब से महिला सम्मान योजना की घोषणा की है, तभी से लगातार विपक्षी पार्टियों उनके लिए हमलावर हो गई हैं। केजरीवाल ने महिलाओं को फिलहाल 1,000 रुपये अभी देने और चुनाव जीतने के बाद उस रकम को 2,100 बढ़ा देने का वादा किया है। केजरीवाल के इन दावों और वादों को झूठा बताया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा लगातार अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधती दिखाई दे रही है। अब पंजाब से आई महिलाओं ने अरविंद केजरीवाल के घर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी भी की। शनिवार सुबह पंजाब से आई महिलाओं का कहना है कि पंजाब में भी चुनाव के समय आम आदमी पार्टी ने महिलाओं को 1000 रुपये महिला सम्मान राशि देने की घोषणा की थी लेकिन सरकार बनने के बाद अभी तक महिलाओं को वह राशि नहीं मिली है। पंजाब से आई महिलाओं ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के घर का घेराव भी किया। इन महिलाओं का कहना है कि पंजाब सरकार ने चुनाव से पहले इनसे झूठे वादे किए थे कि इनको 1000 महीने के मिलेंगे, लेकिन अभी तक भी इनको पैसे नहीं मिले हैं। इन महिलाओं का यह भी कहना है कि यह लोग काफी परेशान हैं और इन्हें पंजाब सरकार से काफी उम्मीद थी। लेकिन जिस तरह से अभी तक इन्हें कोई पैसा नहीं मिला है उससे साफ है कि आम आदमी पार्टी सिर्फ वादे और दावे ही कर रही है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं का कहना है कि उनके हक का पैसा उन्हें अरविंद केजरीवाल ही दिलवाएं। इसके साथ-साथ इन महिलाओं ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नाम के हाय हाय के नारे भी लगाए हैं। पंजाब से आई मनप्रीत कौर ने बताया कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने वादा किया था और फॉर्म भरवाएं थे कि चुनाव के बाद सरकार बनते ही एक 1000 रुपये हर महीने महिलाओं के अकाउंट में आएंगे। लेकिन 3 साल बीत गए अभी तक एक पैसा महिलाओं के अकाउंट में नहीं आया है। मनप्रीत कौर का कहना है कि पंजाब में नशे का बुरा हाल है। युवा नशे के शिकार होते जा रहे हैं और सरकार कुछ नहीं कर रही है। सरकार ने जो वादे महिलाओं से किए थे उसे भी सरकार पूरा नहीं कर रही है। मनप्रीत कौर का कहना है कि आम आदमी पार्टी के सबसे बड़ा नेता अरविंद केजरीवाल हैं और उन्होंने ही भगवंत मान को सीएम बनाया है। ऐसे में हम लोग अपनी मांग को लेकर अरविंद केजरीवाल के पास आए हैं ताकि वह हमारे हमारी परेशानियों को सुलझा सकें।  

दिल्ली के पहाड़गंज में हिट एंड रन केस, शख्स की मौत, पुलिस ने मृतक शख्स की पहचान सब इंस्पेक्टर प्रदीप के रूप में की

नई दिल्ली दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में हुए एक हिट एंड रन केस में एक शख्स की मौत हो गई है. पुलिस के अनुसार जिस शख्स की इस घटना में मौत हुई है वो गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद कर कार्यरत था. पुलिस ने मृतक शख्स की पहचान सब इंस्पेक्टर प्रदीप के रूप में की है. बताया जा रहा है कि प्रदीप दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में रहते थे. जिस समय पहाड़गंज में उन्हें एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी उस दौरान वह अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस की टीम को घटनास्थल से एक नंबर प्लेट का कुछ हिस्सा भी मिला है. जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिशों में जुटी है.  दिल्ली पुलिस की विशेष टीम पहाड़गंज में जिस जगह पर ये घटना हुई है उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि अलग-अलग जगहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की कार जरूर दिखेगी. पुलिस घटना को लेकर आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है.  

केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर बोला हमला, दिल्ली में बीजेपी के पास अभी तक कोई मुख्य मंत्री का चेहरा नहीं

नई दिल्लीम आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर हमला बोला. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी के पास अभी तक कोई मुख्य मंत्री का चेहरा नहीं है… न कोई विजन है कि वे दिल्लीद में क्‍या काम करेंगे? पिछले 10 सालों में उन्हों ने कोई काम नहीं किया. इसलिए बीजेपी केवल आम आदमी पार्टी को गालियां देकर ये चुनाव लड़ना चाहती है. हम लोगों को बता रहे हैं कि पिछले 10 सालों में हमने क्याि काम किया? आने वाले 5 सालों में क्याा काम करेंगे, हमें हमारे कामों के बल पर वोट दो. लोगों को अब ये निर्णय लेना है कि काम के दम पर वोट देना है या गालियों के दम पर काम करना है.     आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अभी तक अपने वादे पूरे नहीं किये हैं. वे सिर्फ आम आदमी पार्टी को गालियां देते हैं, कोई काम नहीं गिनवाते हैं. पानी के बढ़े बिलों की कथित समस्या  को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘हम दिल्ली  में हर परिवार को प्रतिमाह 20000 हजार से ज्यारदा लीटर पानी मुफ्त दे रहे हैं. लगभग 12 लाख लोगों का पानी का बिल जीरो आता था, लेकिन मेरे जेल जाने के बाद, इन्होंमने (केंद्र सरकार ) पता नहीं क्या  गड़बड़ की है कि लोगों के लाखों-लाखों रुपये के पानी के बिल आने लगे हैं. मैं ऐसे लोगों को विश्वानस दिलाना चाहता हूं कि उनकी समस्याक का समाधान किया जाएगा. पानी के बिल माफ किये जाएंगे. वे अभी से पानी के बिल भरना बंद कर दें. हम फिर सत्ताा में आने पर बिल माफ कर देंगे. ये मेरी लोगों को गारंटी है.’ कांग्रेस और बीजेपी पर हमला करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘इन दोनों पार्टियों को अब ये घोषणा कर देनी चाहिए कि ये मिलकर चुनाव लड़ रही हैं, बीजेपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन हो गया है. आम आदमी पार्टी के खिलाफ लड़ रही हैं. चोरी-छिपे ये अलायंस करना ठीक नहीं है. कांग्रेस को तो जनता ने भी सीरियस लेना छोड़ दिया है. दिल्लीर में जल्दक ही विधानसभा चुनाव की तरीख का ऐलान होने वाला है. चुनाव फरवरी में होने हैं. कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई हैं. आम आदमी पार्टी ने अपने 70 उम्मी दवारों की लिस्ट् भी जारी कर दी है. कांग्रेस ने भी कुछ उम्मीवदवारों की सूची जारी की है, लेकिन बीजेपी ने अभी तक किसी उम्मी दवार का नाम घोषित नहीं किया है. हालांकि, बीजेपी ने दिल्लीत में चुनाव कैंपेन शुरू कर दिया है. 3 जनवरी को दिल्‍ली के अशोक विहार में पीएम मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित किया, जिसमें उन्होंनने आम आदमी पार्टी को दिल्लीे के लिए ‘आपदा’ बताया.    

विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने पहली लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान, केजरीवाल के सामने होंगे प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की पहली लिस्ट जारी हो गई है. बीजेपी ने इस लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. केजरीवाल के खिलाफ प्रवेश वर्मा को टिकट दिया गया है. वहीं, सीएम आतिशी के खिलाफ रमेश बिधूड़ी को चुनावी मैदान में उतारा गया है. आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले कैलाश गहलोत को भी पार्टी ने बिजवासन सीट से टिकट दिया है. बिजवासन से कैलाश गहलोत को टिकट बीजेपी ने आदर्श नगर सीट से राजकुमार भाटिया, बादली से दीपक चौधरी, रिठाला से कुलवंत राणा, नांगलोई जाट से मनोज शौकीन, मंगोलपुरी सीट से राजकुमार चौहान, रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता, शालीमार बाग से रेखा गुप्ता, मॉडल टाउन से अशोक गोयल, करोल बाग से दुष्यंत कुमार गौतम, पटेल नगर से राजकुमार आनंद, राजौरी गार्डन से सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, जनकपुरी से आशीष सूद, बिजवासन सीट से कैलाश गहलोत को टिकट दिया है. कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी पर भरोसा इसके साथ ही नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम सीट से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर में नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश वर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से अरविंदर सिंह लवली, सीमापुरी से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंद्र महाजन और घोंडा से अजय महावर को चुनावी मैदान में उतारा गया है. इसके अलावा जनकपुरी विधानसभा सीट से आशीष सूद, बिजवासन से कैलाश गहलोत, नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह मारवाह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर (एससी) से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर से नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रविंद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश शर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से सरदार अरविंद सिंह लवली, सीमापुरी (एससी) से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंदर महाजन और गोहाना से अजय महावर को उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट पहले ही जारी कर दी है।

जिन लोगों को लगता है कि उनके पानी के बिल गलत है, उन्हें वो गलत बिल भरने की जरूरत नहीं है, हम कर देंगे माफ: केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को लगता है कि उनके पानी के बिल गलत है। उन्हें वो गलत बिल भरने की जरूरत नहीं है। चुनाव के बाद जब दोबारा गमारी सरकार आएगी तो हम उन्हें माफ कर देंगे। मैं यह बात पहले भी कई बार कह चुका हूं, आज फिर कह रहा हूं। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘दिल्ली सरकार लोगों को फ्री पानी उपलब्ध करवा रही है। हर परिवार को 20-20 हजार लीटर पानी मुफ्त दिया जाता है। लगभग 12 लाख से ज्यादा परिवारों के दिल्ली में बिल जीरो आते हैं। लेकिन जब मैं जेल गया तो इन लोगों ने पीछे से पता नहीं किया। कुछ तो गड़बड़ की जो लोगों के लाखों-हजारों रुपए के पानी के बिल आने लगे। लोग अपने पानी के बिलों को लेकर त्रस्त हैं।’ पूर्व सीएम ने आगे कहा, ‘दिल्ली के लोग किसी बात से दुखी, परेशान हों, हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। मैंने पहले भी कई मंचों से ऐलान किया है लेकिन आज सार्वजनिक मंच से मैं ऐलान करना चाहता हूं कि जिन लोगों को लगता है कि उनके बिल गलत आए हैं। हजारों-लाखों के जो बिल हैं वो गलत हैं, उन लोगों को अपने पानी के बिल भरने की जरूरत नहीं है। वो इंतजार करें। आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी, चुनाव के बाद हम उन बिलों को माफ करवा देंगे। ये मेरी सब लोगों को गारंटी है। लोगों को चिंतित या परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप सरकार उनके साथ खड़ी है।’ इससे पहले नवंबर में भी केजरीवाल ने जनता से पानी के गलत बिल माफ करने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि आप फरवरी में हमारी सरकार बनवा दो, पानी के सभी गलत माफ कर दूंगा। आप लोगों के दोबारा जीरो बिल आना शुरू हो जाएंगे। बता दें कि दिल्ली के कई लोगों ने दावा किया है कि उनके लाखो-हजारों के बिल आ रहे हैं जबकि उनकी खपत काफी कम है।  

सत्ता में आते ही पानी के गलत बिल माफ होंगे, केजरीवाल ने फिर किया बड़ा ऐलान

rvind kejriwal pc no need to submit water-bill delhi assembly election 2025 aap press conference Arvind Kejriwal Press Conference PC: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी का सियासी पारा आसमान छूने लगा है। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिन दिल्ली वासियों के पास पानी का गलत बिल आया है, उनका बिल माफ किया जाएगा। माफ होंगे पानी के गलत बिल अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली सरकार हर महीने 20 हजार लीटर पानी मुफ्त दे रही है। मेरे जेल जाने के बाद इन्होंने पानी के बिल भेज दिए। जिन लोगों के पानी के गलत बिल आए हैं, दिल्ली में हमारी सरकार बनने के बाद वो सारे बिल माफ कर दिए जाएंगे। केजरीवाल ने क्या कहा? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सभी परिवारों को 20-20 हजार लीटर पानी फ्री दिया जाता है। दिल्ली में लगभग 12 लाख से ज्यादा परिवारों के पानी के बिल जीरो आते हैं। मगर जब मैं जेल गया तो इन्होंने पीछे से कुछ तो गड़बड़ की कि लोगों के हर महीने लाखों-हजारों रुपए पानी के बिल आने लगे। हमारे दिल्ली के लोग पानी के बिल को लेकर त्रस्त हैं। इसलिए आज मैं सार्वजनिक रूप से ऐलान करना चाहता हूं कि जिन लोगों को लगता है कि उनका पानी का बिल गलत आया है, उन्हें अपना बिल भरने की जरूरत नहीं है। आप इंतजार करिए। दिल्ली में एक बार फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हम आपके सारे बिल माफ करवा देंगे। कांग्रेस पर साधा निशाना कांग्रेस पार्टी पर प्रहार करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस को जीत की भविष्यवाणी करने दीजिए। हमें जनता पर भरोसा है। कांग्रेस और बीजेपी को अब औपचारिक रूप से ऐलान कर देना चाहिए कि वो मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस को वैसे भी कोई सीरियस नहीं लेता है। बीजेपी को घेरा बीजेपी पर बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अभी तक बीजेपी के पास न कोई मुख्यमंत्री चेहरा है, न कोई नैरेटिव है और न कोई दिल्ली को लेकर विजन है कि वो आगे क्या करेंगे? 10 साल में बीजेपी ने कोई काम नहीं किया। अब वो केवल AAP को गालियां देकर ये चुनाव जीतना चाहती है। हम लोगों को बता रहे हैं कि हमने 10 साल में यह काम किया और आने वाले 5 साल में यह काम करेंगे। हमें हमारे कामों के आधार पर वोट दो। वहीं बीजेपी कह रही है कि पिछले 10 साल में हमने इतनी गालियां दी और आने वाले 10 साल में और अच्छी-अच्छी गालियां देंगे केजरीवाल को, हमें गालियों के नाम पर वोट दो। अब जनता तय करेगी कि किसे वोट देना है।

कांग्रेस ने CM आतिशी के खिलाफ अलका लांबा को उतारा, कालकाजी विधानसभा सीट का मुकाबला हुआ दिलचस्प

नई दिल्ली दिल्ली की राजनीति में कालकाजी विधानसभा सीट का मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प होने वाला है। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) की मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ अपने कद्दावर नेता अलका लांबा को मैदान में उतारने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस ने कहा, केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में 51-कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अलका लांबा के नाम पर मोहर लगाई है।

प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वह अशोक विहार के स्वाभिमान अपार्टमेंट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र और सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टरों का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का उद्घाटन करेंगे और नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी सभी के लिए आवास की प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी ‘सभी के लिए आवास’ (हाउसिंग फॉर ऑल) की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 3 जनवरी 2025 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के अशोक विहार स्थित स्वाभिमान अपार्टमेंट में इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत झुग्गी झोपड़ी (जेजे) समूहों के निवासियों के लिए नवनिर्मित फ्लैटों का दौरा करेंगे। इसके बाद करीब 12 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे आपको बता दें अशोक विहार में पीएम मोदी झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। वह लाभार्थियों को स्वाभिमान अपार्टमेंट की चाबियां भी सौंपेंगे। नवनिर्मित फ्लैटों के उद्घाटन से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा दूसरी सफल इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना को पूर्ण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के निवासियों को उचित सुख-सुविधाओं से सुसज्जित बेहतर और स्वस्थ परिवेश प्रदान करना है। सरकार द्वारा फ्लैट के निर्माण पर खर्च किए गए प्रत्येक 25 लाख रुपये के लिए, पात्र लाभार्थी कुल राशि का 7 प्रतिशत से भी कम भुगतान करते हैं, जिसमें 1.42 लाख रुपये का नाममात्र योगदान और पांच साल के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं। नौरोजी नगर और सरोजिनी नगर में टाइप-II क्वार्टर का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र (डब्ल्यूटीसी) और सरोजिनी नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) टाइप-II क्वार्टर का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों में बदला नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों से बदलकर इस क्षेत्र का कायाकल्‍प कर दिया है। इससे उन्नत सुविधाओं के साथ लगभग 34 लाख वर्ग फ़ीट प्रीमियम वाणिज्यिक स्‍थल उपलब्‍ध हुआ है। सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टर में 28 टावर शामिल हैं, जिनमें 2,500 से अधिक आवासीय इकाइयां हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं और स्‍थल का कुशल उपयोग किया गया हैं। परियोजना के डिजाइन में वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल उपचार संयंत्र तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले अपशिष्ट कॉम्पैक्टर शामिल हैं जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जनजीवन को प्रोत्साहित करते हैं। द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे इसके अलावा प्रधानमंत्री दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें कार्यालय, ऑडिटोरियम, उन्नत डेटा सेंटर, व्यापक जल प्रबंधन प्रणाली आदि शामिल हैं। पर्यावरण के अनुकूल इस इमारत का निर्माण उच्च पर्यावरणीय मानकों के अनुसार किया गया है और इसे भारतीय हरित भवन परिषद (आईजीबीसी) के प्लेटिनम रेटिंग मानकों के अनुसार निर्मित किया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये की 3 नई परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला शुक्रवार को पीएम मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार के पूर्वी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक और द्वारका के पश्चिमी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक शामिल है। इसमें नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज का भवन भी शामिल है, जिसमें शिक्षा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।  

नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे, जिलाधिकारी ने स्कूलों से जुड़ा एक अहम आदेश जारी किया

नोएडा ठंड और घने कोहरे को देखते हुए कई राज्यों में स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया है। गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने भी स्कूलों से जुड़ा एक अहम आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, जिले के नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। यह आदेश यूपी बोर्ड, सीबीएसई और अन्य सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। स्कूल बंद करने का कारण डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि बढ़ती ठंड और कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल आने में कठिनाई हो रही थी, और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। सर्दी और कोहरे के चलते बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता था, इसलिए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। तापमान और AQI आज सुबह नोएडा का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, हवा की गुणवत्ता (AQI) 170 दर्ज की गई है, जो सामान्य स्तर पर है। इस सर्दी और कोहरे को ध्यान में रखते हुए, जिले के नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जब तक डीएम द्वारा अगला आदेश नहीं आता, तब तक यह आदेश लागू रहेगा। अन्य राज्यों में भी स्कूल बंद नोएडा में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी ठंड और सर्द हवाओं के कारण कई जगहों पर स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। इस समय ठंडी लहरें बच्चों के लिए मुश्किल पैदा कर रही हैं, और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

भाजपा ने दिल्ली की 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर लिया, ऐलान जल्द

नई दिल्ली नए साल की शुरुआत में ही होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा में गहमागहमी बढ़ती जा रही है। दिल्ली भाजपा ने सभी 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर लिया है। अब केंद्रीय नेतृत्व के साथ अनौपचारिक बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी की शुरुआत में होने की संभावना है। पार्टी का प्रचार अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से शुरू होगा। हरियाणा और महाराष्ट्र की बड़ी जीतों, लेकिन झारखंड के झटके के बाद भाजपा नेतृत्व ने अपनी चुनावी रणनीति को लेकर अंदरूनी तौर पर काफी विचार-विमर्श किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का मानना है कि जहां वह सीधे जनता तक अपना जुड़ाव कायम करने में सफल रही है, वहां उसे जीत मिली है और जहां इस मामले में कमजोर पड़ी, उसे हार का सामना करना पड़ा है। बड़े नेताओं को मैदान में उतारेगी पार्टी : सूत्रों का कहना है कि पार्टी मध्य प्रदेश की तरह दिल्ली में भी अपने अधिकांश बड़े नेताओं को चुनाव लड़ा सकती है। इनमें लोकसभा चुनाव में टिकट कटने वाले पूर्व सांसद, पूर्व विधायक भी शामिल हैं। एक बड़ी दावेदारी पूर्व और मौजूदा पार्षदों की है, लेकिन उनकी छवि को देखते हुए ही फैसला किया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने कुछ एजेंसियों से भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया है। जनता से जुड़ाव को दिया जा रहा महत्व पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि जनता से जुड़ाव का केवल यह अर्थ नहीं है कि हम हर व्यक्ति से प्रत्यक्ष मिलें, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उसे यह लगना चाहिए कि भाजपा की सत्ता में ही बेहतरी होगी। अगर अन्य दल आए तो उनकी अपनी दिक्कतें बढ़ेंगी। यह काम मानस परिवर्तन यानी तथ्यों और स्थितियों के आधार पर मानसिकता में बदलाव लाने का है। ऐसे में साफ-सुथरे, सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए उम्मीदवार उतारने से जीतने की संभावना बढ़ जाती है।

दिल्ली सीएम आतिशी का शिवराज को जवाब , यह वैसे ही जैसे दाऊद इब्राहिम अहिंसा पर प्रवचन दे

Delhi CM Atishi’s reply to Shivraj is like Dawood Ibrahim giving sermon on non-violence. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखकर किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र की किसान-कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में विफल रही है, जिससे दिल्ली के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखा है. उन्होंने दिल्ली में किसानों की स्थिति पर चिंता जताई है. शिवराज ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार किसानों के प्रति बेहद उदासीन है. किसानों के लिए आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार में कोई संवेदना नहीं. शिवराज सिंह की चिट्ठी पर सीएम आतिशी का जवाब आया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो. जितना बुरा हाल किसानों का बीजेपी के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ. आतिशी ने कहा कि पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं, मोदी जी से कहिए उनसे बात करें. किसानों से राजनीति करना बंद करिए. बीजेपी राज में किसानों पर गोलियां, लाठियां चलाई गईं. शिवराज ने क्या कहा था?चिट्ठी में शिवराज ने लिखा, दिल्ली में केजरीवाल और आतिशी ने कभी किसानों के हित में उचित निर्णय नहीं लिए. केजरीवाल ने हमेशा चुनावों से पहले बड़ी बड़ी घोषणाएं कर राजनैतिक लाभ लिया है. केजरीवाल ने सरकार में आते ही जनहितैषी निर्णयों को लेने के स्थान पर अपना रोना रोया है. उन्होंने आगे लिखा, 10 वर्षो से दिल्ली में आप की सरकार है, लेकिन पूर्व सीएम केजरीवाल ने हमेशा किसानों के साथ केवल धोखा किया है. केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं किया. दिल्ली के किसान केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं. ‘किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया’केंद्रीय मंत्री चिट्ठी में आगे लिखते हैं, दिल्ली में आप सरकार का किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया है. एकीकृत बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, बीज ग्राम कार्यक्रम सहित अनेक योजनाओं का लाभ किसान नहीं ले पा रहे हैं. दिल्ली में केंद्र की कृषि योजनाएं लागू नहीं होने से किसान भाई-बहन नर्सरी और टिशू कल्चर की स्थापना, रोपण सामग्री की आपूर्ति, फसल उपरांत प्रबंधन के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, नए बाग़, पाली हाउस एवं कोल्ड चैन की सब्सिडी सहित अनेक योजनाओं के लाभ नहीं ले पा रहे हैं. उन्होंने लिखा, कृषि विकास योजना को लागू नहीं होने से कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, फसल अवशेष प्रबंधन, परंपरागत कृषि विकास योजना, कृषि वानिकी और फसल डायवर्सिफिकेशन के लिए सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ दिल्ली के किसान नहीं ले पा रहे हैं. बीज ग्राम कार्यक्रम के दिल्ली में क्रियान्वयन नहीं होने से बीजों के वितरण, बीज परीक्षण, प्रयोगशालाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, बीज प्रमाणीकरण एजेंसियों की सहायता, बीजों की पारंपरिक किस्म के लिए सहायता और बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी जैसे लाभ नहीं मिल पा रहे हैं. ‘किसानों की आजीविका पर संकट’शिवराज सिंह चौहान ने आगे लिखा, दिल्ली में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर सहित किसान उपकरण का पंजीकरण कमर्शियल व्हीकल श्रेणी में किया जा रहा है, जिससे किसानों को अधिक दाम देना पड़ रहा है. आप की सरकार फ्री बिजली की बात करती है, लेकिन दिल्ली में किसानों के लिए बिजली की उच्च दरें निर्धारित कर रखी है. यमुना से लगे गांवों में सिंचाई उपकरणों के बिक़ली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है. कृषि मंत्री ने पत्र में लिखा, राजनैतिक प्रतिस्पर्धा किसान कल्याण में बाधा नहीं बननी चाहिए, किसान कल्याण सभी सरकारों का कर्तव्य हैं. दलगत राजनीति से उठकर आप की सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेने चाहिए. आम आदमी पार्टी की सरकार को केंद्र की योजनाओं को लागू कर दिल्ली के किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए.

अरविंद केजरीवाल ने हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर पुजारी का रजिस्ट्रेशन कर ‘पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना’ की शुरुआत की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना’ के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत मंगलवार से कर दी। उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल भी मौजूद थी। अरविंद केजरीवाल ने आईएसबीटी स्थित मरघट वाले बाबा के मंदिर पहुंचकर हनुमान जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। इसके साथ वहां मौजूद पुजारी का रजिस्ट्रेशन कर इस योजना की शुरुआत की। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मरघट वाले बाबा मंदिर के महंत का योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करके प्रदेशभर में ‘पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना’ के रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम की शुरुआत की। अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज मरघट वाले बाबा के मंदिर (आईएसबीटी) में दर्शन किए और पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना का शुभारंभ किया। यहां के महंत जी का आज जन्मदिन है। उनके साथ जन्मदिन भी मनाया।” उन्होंने कहा, “भाजपा ने रजिस्ट्रेशन रोकने की पूरी कोशिश की। लेकिन, भक्त को अपने भगवान से मिलने से कोई नहीं रोक सकता।” अरविंद केजरीवाल ने सुबह ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “बीजेपी वाले मुझे कल से गंदी-गंदी गालियां दे रहे हैं, जब से पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा हुई है। मेरा उनसे प्रश्न है – क्या मुझे गाली देने से देश का फायदा होगा? आपकी 20 राज्यों में सरकारें हैं। गुजरात में तो आपकी 30 साल से सरकार है। अभी तक आपने वहां पुजारियों और ग्रंथियों का सम्मान क्यों नहीं किया? चलो अब ही कर दो? मैंने अब सबको रास्ता दिखा दिया है। मुझे गाली देने की बजाय आप अपने बीस राज्यों में इसे लागू करो ना, तब तो सबका फायदा होगा? मुझे गालियां क्यों देते हो?” दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच वाद-विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इससे पहले महिला सम्मान योजना और बुजुर्गों के लिए शुरू की गई संजीवनी योजना को लेकर भी बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच भिड़ंत हो चुकी है।

दिल्ली पुलिस को गुप्त सूचना मिली, अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों पर की कार्रवाई, पकड़े गए मां-बेटे

नई दिल्ली दक्षिण पश्चिम दिल्ली की पुलिस टीम ने अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नईम खान और उसकी मां नजमा खान के रूप में हुई है। नईम खान (22 वर्ष) बांग्लादेश के खुलना जिले के ग्राम सुंदर गुना का निवासी है। नईम ने 2020 में पश्चिम बंगाल की सीमा के माध्यम से भारत में प्रवेश किया था। मां-बेटा कटवारिया सराय में रहते हैं। पुलिस टीम को 29 दिसंबर 2024 को गुप्त सूचना मिली कि एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक दिल्ली के पिप्पल चौक स्थित शास्त्री मार्केट में मौजूद है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नईम खान को गिरफ्तार किया और वेरिफाई किया तो बांग्लादेशी होने का पता चला। नईम ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिसके कारण वह स्कूल नहीं जा सका और भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया। मां नजमा भी लगभग 20 साल पहले बेनापोल सीमा से भारत आई थी और कटवारिया सराय में घरेलू काम करती थीं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर एफआरआरओ के माध्यम से बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया। पुलिस ने कहा कि वे अन्य अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए प्रयास तेज करेंगे। यह कार्रवाई दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस द्वारा दिल्ली में अवैध प्रवासियों की पहचान और उनका निष्कासन सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का हिस्सा है। इससे पहले दिल्ली में पकड़े गए 12 अवैध रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर साउथ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी रवि कुमार सिंह ने बताया कि सभी को डिटेंशन कैंप भेजा जाएगा। अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को लेकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। डीसीपी रवि कुमार ने बताया था, “इस साल अभी तक 12 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है। इस पर अलग-अलग थानों सरिता विहार और कालिंदी कुंज की टीम ने मिलकर काम किया है। भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस टीम इनको लगातार तलाश कर रही है।”  

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल का बड़ा ऐलान, पुजारियों, ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये वेतन

नई दिल्ली दिल्ली में पुजारियों और के लिए आप सरकार नई योजना लेकर आई है। अरविंद केजरीवाल ने आज अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत सरकार बनने के बाद,दिल्ली के पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए कल यानी 31 दिसंबर से रजिस्ट्र्र्रेशन भी शुरू हो जाएंगे। पुजारियों और ग्रंथियों को मिलेंगे 18 हजार रुपये अरविंद केजरीवाल ने आज 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों के लिए हमने सम्मान राशि देने की घोषणा की है। इस योजना का नाम पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना होगा। केजरीवाल ने बताया कि हमारी सरकार आते ही इस योजना के तहत पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपए दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 31 दिसंबर से कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर से इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत होगी। बीजेपी पर भी साधा निशाना अरविंद केजरीवाल ने इस नई योजना के बहाने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब बीजेपी इस योजना को बंद नहीं करा सकती। उन्होंने कहा कि हमारी बीजेपी वालों से विनती है कि महिला सम्मान और संजीवनी योजना की तरह इस योजना को कोशिश नहीं करेंगे। मैं तो कांग्रेस और बीजेपी की सरकारों से भी अपने-अपने यहां इस योजना को लागू करें। रोहिंग्या के मुद्दे पर केजरीवाल ने हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं उनसे हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने का अनुरोध करता हूं। उनके पास रोहिंग्याओं को कहां और कैसे बसाया,इसका सारा डेटा है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी। हरदीप सिंह पुरी और अमित शाह के पास रोहिंग्याओं को कैसे और कहां बसाया, इसका सारा डेटा है।

आज दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो मोस्ट वांटेड अपराधियों को गिरफ्तार किया, हिरासत में पूछताछ की जा रही है

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने रविवार को मुठभेड़ के बाद दो मोस्ट वांटेड अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो डकैती और करीब 80 अन्य आपराधिक मामलों में शामिल थे। आरोपियों की पहचान रोहित कपूर और रिंकू के रूप में हुई है। रोहित कपूर द्वारका जिले का कुख्यात अपराधी है, जबकि रिंकू पश्चिमी दिल्ली के ख्याला का हिस्ट्रीशीटर है। दोनों आरोपियों से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही है। पुलिस को मिली थी खुफिया जानकारी पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विचित्र वीर ने बताया कि पुलिस को मादीपुर इलाके में इन दोनों अपराधियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में कई टीमों को तैनात किया। रविवार की सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस को दोनों संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने के लिए कहा, लेकिन वे भागते हुए पुलिस पर गोलियां चलाने लगे। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, लेकिन किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। वहीं, पुलिस की गोली से दोनों अपराधियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। CCTV की जांच कर जुटाए सबूत   पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी दिल्ली के विभिन्न थानों में लूट की कई घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं में बदमाशों ने बंदूक या खंजर की नोक पर लोगों से आभूषण लूटे थे। ये घटनाएं ज्यादातर सुबह या देर रात को हुई थीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और करीब 300 सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद अपराधियों के बारे में सुराग जुटाए। इनमें रिंकू पर सशस्त्र डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम सहित 48 मामले दर्ज हैं। वहीं, रोहित कपूर पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। लेडी डॉन गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने दो महीने पहले लेडी डॉन अनु धनखड़ को नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया था। अनु धनखड़ अमेरिका में छिपे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के लिए काम करती थी। हिमांशु भाऊ को गुजरात की साबरमती जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का विरोधी माना जाता है। दोनों के गैंग एक दूसरे के जानी दुश्मन हैं। अनु धनखड़ पर आरोप है कि उसने पश्चिमी दिल्ली के बर्गर किंग रेस्टोरेंट में हनी ट्रैप का इस्तेमाल करके हत्या करवाई थी।

केजरीवाल के मतदाताओं के नाम काटने के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया, फाइनल लिस्ट 6 जनवरी तक होगी जारी

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मतदाताओं के नाम काटने के आरोपों पर अब चुनाव आयोग ने सफाई दी है. वह इस मुद्दे पर लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, और कह रहे हैं कि बीजेपी ये ‘साजिश’ रच रही है. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि फाइनल वोटर लिस्ट 6 जनवरी तक जारी की जाएगी, और ये कि ये कि वोटर लिस्ट में बदलाव होता रहता है, जो कि अभी भी चल रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री का आरोप था कि, 15 दिसंबर को बड़े पैमाने पर अभियान शुरू हुआ, जिसमें उनके विधानसभा क्षेत्र नई दिल्ली में अब तक 5,000 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए एप्लिकेशन दिए गए थे, जबकि जोड़ने के लिए 7500 एप्लिकेशन दाखिल किए गए. उन्होंने दावा किया कि इससे उनके निर्वाचन क्षेत्र के 12 फीसदी वोट बदल सकते हैं. अरविंद केजरीवाल का का कहना था कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 106,873 है. उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं की यह संख्या 20 अगस्त से 20 अक्टूबर के बीच किए गए संशोधन के बाद 29 अक्टूबर को जारी की गई लिस्ट के मुताबिक है. 6 जनवरी को जारी की जाएगी फाइनल लिस्ट अरविंद केजरीवाल जिस लिस्ट का हवाला दे रहे हैं उसपर अब चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि वो वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 29 अक्टूबर को जारी किया गया था. इनके अलावा, 29 अक्टूबर से 28 नवंबर तक मिली अर्जियों का निपटारा 24 दिसंबर तक किया गया. इसके आगे, 1 जनवरी तक जो भी  अर्जियां आएंगी उसे शामिल किया जाएगा और फिर फाइनल लिस्ट 6 जनवरी को जारी की जाएगी. अरविंद केजरीवाल के आरोप अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया, “ऑपरेशन लोटस अब मेरे निर्वाचन क्षेत्र तक पहुंच गया है. वे चुनाव परिणाम बदलने के लिए मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, “इस तरह की हेराफेरी लोकतंत्र को कमजोर करती है. हम चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि वह इस तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए अपनी सख्त निगरानी जारी रखे.”

आप पार्टी की महिला सम्मान योजना पर उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव, डिवीजनल कमिश्नर और पुलिस को जांच के आदेश दिए

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार की महिला सम्मान योजना पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में उपराज्यपाल ने आज मुख्य सचिव, डिवीजनल कमिश्नर और पुलिस को पत्र लिखा है और जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि भाजपा महिला सम्मान योजना से बौखला गयी है। उन्होंने पूछा कौन सी धारा में कार्रवाई हो रही है। उनकी (बीजेपी) बपौती है क्या?अरविंद केजरीवाल ने कहा, हमने कहा था कि चुनाव जीतने के बाद हम महिलाओं को 2100 रुपये और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों का मुफ्त इलाज करेंगे। ये दोनों योजनाएं जनता के लिए इतनी फायदेमंद थीं कि इनके लिए लाखों लोगों ने पहले ही रजिस्ट्रेशन करा लिया था। इससे बीजेपी घबरा गई, कई बीजेपी नेताओं ने मुझसे कहा कि जीतने की बात तो छोड़िए, कई जगहों पर बीजेपी की जमानत जब्त हो जाएगी। पहले इन्होंने अपने गुंडे भेजे, फिर पुलिस भेजकर रजिस्ट्रेशन कैंप उखाड़ दिया, आज फर्जी जांच का आदेश दिया है कि जांच होगी। क्या होगी जांच? हमने चुनावी घोषणा की थी कि अगर हम चुनाव जीतेंगे तो इसे लागू करेंगे। मुझे खुशी है कि इस कदम से बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वे चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि मैं भाजपा से बार बार पूछ रहा हूं कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव लड़ रहे हो आप क्या करोगे यह तो बताओ तो आज उन्होंने बता दिया कि अगर वह दिल्ली में आपने उनको वोट दिया तो बीजेपी का एक ही मकसद है आपकी महिला सम्मान योजना लागू नहीं होने देंगे। आपकी संजीवनी योजना बुजुर्गों के लिए लागू नहीं होने देंगे। आपके जो दिल्ली के अंदर महिलाओं को फ्री बस का सफर मिल रहा है वह बंद कर देंगे। आपकी फ्री बिजली बंद कर देंगे। आपका फ्री पानी बंद कर देंगे। आपके मोहल्ला क्लीनिक बंद कर देंगे। आपको दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जो अच्छा और फ्री इलाज मिल रहा है वह बंद कर देंगे। आपके सरकारी स्कूल जो शानदार हो गए उन स्कूलों का कबाड़ा कर देंगे और फ्री शिक्षा बंद कर देंगे। बीजेपी ने खुद दे दिया हिंट- अरविंद केजरीवाल केजरीवाल ने कहा, भारतीय जनता पार्टी दिल्ली का चुनाव आपके लिए कुछ करने के लिए नहीं लड़ रहे सब कुछ बंद करने के लिए लड़ रही है। आज उन्होंने यह साबित कर दिया। महिला सम्मान योजना यह बंद करना चाहते हैं। यह नहीं चाहते कि महिलाओं का भला हो। यह नहीं चाहते कि बुजुर्गों का भला। संजीवनी योजना बंद करने के लिए यह तो इन्होंने आज एक हिंट दिया है इशारा दिया है। अपनी नियत बताइ है कि बीजेपी अगर चुनाव बीजेपी को वोट दोगे तो बीजेपी सारी योजनाएं आपकी बंद कर देगी। आपको आज तक जो मिला , बीजेपी छीनने आ रही- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, मैं आज दिल्ली के लोगों को कहना चाहता हूं अगर बीजेपी को गलती से वोट दे दिया तो दिल्ली छोड़कर जानी पड़ेगी। आप लोगों दिल्ली में रहने लायक नहीं बचोगे। आज इन्होंने एक तरह से बीजेपी वालों ने जारी कर दिया है हमें वोट दो हम आपकी बिजली बंद करेंगे। हमें वोट दो हम आपके पानी बंद करेंगे। हमें वोट दो हम आपके अस्पताल आपका इलाज आपकी हम महिला सम्मान योजना सब बंद करेंगे। आपसे जो आज तक आपको मिल रहा है वह छीनने आ रहे हैं । मैं दिल्ली वालों को कहना चाहता हूं केजरीवाल पर भरोसा है नाष पिछले कुछ सालों में बिजली फ्री की थी। इन्होंने बिजली रोकने की कोशिश की थी। जब मैंने मोहल्ला क्लीनिक बनाए थे इन्होंने मोहल्ला क्लीनिक रोकने की कोशिश की थी ।मैंने लड़के करवा लिया। फ्री पानी कर दिया। मोहल्ला क्लीनिक बना दिए। आपके बच्चों के जब मैं स्कूल बना रहा था इन्होंने पूरी टांग लड़ाई, पूरी इन्होंने कोशिश की कि स्कूल नहीं बनने चाहिए। आपको अपने केजरीवाल पर भरोसा है ना तो यह 2100 रुपए वाली स्कीम भी मैं लागू कर दूंगा।

दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज, ऑरेंज अलर्ट जारी

नई दिल्ली दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश आज पूरे दिन होने की आशंका है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। इसमें पालम, सफदरजंग, लोदी रोड, आईजीआई एयरपोर्ट, महरौली, छतरपुर, आयानगर, डेरामंडी, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर जैसे इलाके शामिल हैं। नोएडा और मानेसर में भी हल्की से लेकर भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि यहां गंभीर मौसम की स्थिति बनी रह सकती है। भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण दिल्ली के कई इलाकों में पेड़ गिर गए। आरके पुरम के सेक्टर-9 में सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिसके कारण एक मोटरसाइकिल और एक कार उस जगह गिर गए। वहीं, रिठाला मेट्रो के पास भारी बारिश के कारण गुलेरिया हाउस के पीछे भी सड़क का एक हिस्सा टूट गया आईएमडी ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। हरियाणा में यमुनानगर, झज्जर, फरुखनगर और होडल; उत्तर प्रदेश में सहारनपुर, गंगोह, देवबंद, मुजफ्फरनगर, सकौती टांडा, बड़ौत, दौराला, बागपत, मेरठ, मोदीनगर, किठौर और नंदगांव; और राजस्थान में तिज़ारा और अलवर में बारिश हो सकती है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर के कई इलाकों में शुक्रवार रात को बारिश हुई। इससे पहले शुक्रवार को लगातार बारिश की वजह से दिल्ली के कई हिस्सों में पानी भर गया और गंभीर यातायात जाम लग गया। शनिवार को शहर का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार को दिसंबर महीने में पिछले 15 सालों में सबसे ज्यादा बारिश हुई। गुरुवार सुबह से शुरू हुई भारी बारिश पूरे दिन जारी रही। बारिश की वजह से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है। लेकिन, यह अभी भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 355 रहा। इस स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एएक्यूआई) इस प्रकार रहा: आनंद विहार में एएक्यूआई 390, आईजीआई हवाई अड्डे (टी 3) पर 314, आया नगर में 329, लोधी रोड पर 327, आईटीओ पर 360, चांदनी चौक में 300 और पंजाबी बाग में 361 मापा गया। सुबह 7 बजे एएक्यूआई का स्तर ज्यादा था: आनंद विहार में 398, आईजीआई हवाई अड्डे (टर्मिनल3) पर 340, आया नगर में 360, लोधी रोड पर 345, आईटीओ पर 380, चांदनी चौक में 315 और पंजाबी बाग में 386 था। केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता निगरानी पैनल ने हाल ही में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत चरण IV (‘गंभीर+’) के उपायों को हटा दिया है। हालांकि, वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए चरण I, II और III के उपाय लागू रहेंगे, जैसा कि 24 दिसंबर को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बताया। आईएमडी और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान के मुताबिक, हवा की गुणवत्ता में सुधार का कारण अच्छे मौसमीय हालात हैं, जिनमें हवा की गति का बढ़ना भी शामिल है।  

दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी

नई दिल्ली दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग में सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में 41.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.  यह दिल्ली के इतिहास में दिसंबर महीने में एक ही दिन में अब तक की दूसरी सबसे अधिक बारिश है. इससे पहले  3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी है. तो आज की दर्ज की गई बारिश 101 साल बाद एक रिकॉर्ड है. इससे पहले शुक्रवार तक पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी. इससे कल अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री की गिरावट आई और तापमान गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस लिहाज से ये पिछले 5 सालों में सबसे ठंडा दिन रहा. दिल्ली में कल से रुक रुक कर बारिश हो रही है. हालांकि अच्छी खबर ये है कि बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और अब GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. केंद्रीय प्रदूषण सूचकांक बोर्ड के मुताबिक, आज दिल्ली का एक्यूआई घटकर ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गया, जो पिछले कई दिनों से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ था. सीपीसीबी डाटा के मुताबिक, आज सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 164 मापा गया. जो कल तक 300 के पार बना हुआ था. NCR में प्रदूषण का हाल     ग्रेटर नोएडा- 87     गाजियाबाद- 87     नोएडा- 116     गुरुग्राम- 108     फरीदाबाद-108 दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड राष्ट्रीय राजधानी में 15 सालों में दिसंबर में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान यानी अधिकतम तापमान तेजी से गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस हो गया. दिल्ली में कल, 27 दिसंबर की रात 2.30 बजे से बारिश हो रही थी, दिन के तापमान में 9.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई, जो दिसंबर में पिछले पांच सालों में सबसे कम अधिकतम तापमान था. आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में पिछले पांच सालों में दिसंबर का सबसे कम तापमान था. 15.9 डिग्री सेल्सियस (2023) 15.6 डिग्री सेल्सियस (2022) 17.8 डिग्री सेल्सियस (2021) 15.2 डिग्री सेल्सियस (2020) 14.3 डिग्री सेल्सियस (2019) कल से शुरू होगा ठंड और कोहरे का कहर मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को भी आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा सुबह से लेकर दोपहर तक एक या दो बार हल्की बारिश होने की संभावना है, इसके बाद बाकी दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे. मुख्य सतही हवा सुबह के समय 4 किमी प्रति घंटे से कम गति के साथ दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने की उम्मीद है. मौसम कार्यालय ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में धुंध या हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है और सुबह के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मध्यम कोहरा रहेगा. बारिश का दौर खत्म होने के बाद 29 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के साथ ठंड बढ़ेगी और कोहरे का कहर शुरू होगा. कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’ माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. इसी के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप श्रेणी की पाबंदियां लगाई जाती हैं. दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के सुधार को देखते हुए  ग्रैप के स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. फिलहाल ग्रैप के स्टेज 1 और 2 की पाबंदियां लागू हैं. ग्रैप के स्टेज-3 के तहत हटीं ये पाबंदियां ग्रैप-III के प्रावधानों के तहत आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को छोड़कर, बीएस-IV सर्टिफिकेशन से नीचे के इंजन वाले माल वाहन नहीं चल सकते हैं. और राष्ट्रीय राजधानी के बाहर पंजीकृत माल वाहन अगली सूचना तक शहर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं, यदि उनका इंजन बीएस-IV सर्टिफिकेशन वाला नहीं है. दिल्ली और एनसीआर के शहरों में सरकारी कार्यालयों में काम के घंटे अलग-अलग होते हैं.

‘ये आदेश एलजी नहीं, अमित शाह के ऑफिस से आया है’, महिला सम्मान योजना के जांच के आदेश पर भड़के केजरीवाल

‘This order has come from Amit Shah’s office, not from LG’, Kejriwal angry over the order to investigate Mahila Samman Yojana दिल्ली ! उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने महिला सम्मान योजना की जांच के आदेश दिए हैं। इसे लेकर अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर हमला बोला है। केजरीवाल का कहना है कि भाजपा दिल्ली में महिला सम्मान योजना रोकना चाहती है। ये आदेश एलजी ऑफिस से नहीं, अमित शाह के ऑफिस से आया है। भाजपा महिलाओं का सम्मान नहीं करती है। भाजपा दिल्ली चुनाव में हार मान चुकी है। दिल्ली में महिला सम्मान योजना को महिलाओं का पूरा समर्थन मिल रहा है। अब तक 22 लाख से ज्यादा महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। केजरीवाल ने कहा कि महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना से दिल्ली के लोग खुश थे। भाजपा इन योजनाओं को रोकना चाहती है। भाजपा महिला सम्मान योजना से बौखला गई है। भाजपा वाले दिल्ली में पैसे बांट रहे हैं। मैंने कहा था कि चुनाव जीतने के बाद हम महिलाओं को 2100 रुपए देंगे और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देंगे। ये दोनों योजनाएं जनता के लिए इतनी फायदेमंद थीं कि लाखों लोगों ने पहले ही इनके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया था। इससे भाजपा घबरा गई, कई भाजपा नेताओं ने मुझसे कहा कि जीतना तो छोड़िए, कई जगह भाजपा की जमानत जब्त हो जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि पहले उन्होंने अपने गुंडे भेजे, फिर पुलिस भेजकर रजिस्ट्रेशन कैंप उखाड़ दिया, आज उन्होंने फर्जी जांच के आदेश दे दिए कि जांच होगी। किस बात की जांच होगी? हमने चुनावी घोषणा की थी कि चुनाव जीतेंगे तो इसे लागू करेंगे। मुझे खुशी है कि इस कदम से भाजपा ने साफ कर दिया है कि वे चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। आज उन्होंने बता दिया है कि अगर आप उन्हें वोट देंगे तो वे महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना को लागू नहीं करेंगे। वे बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा बंद कर देंगे, वे आपकी मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, मोहल्ला क्लीनिक, मुफ्त इलाज और मुफ्त शिक्षा बंद कर देंगे।उपराज्यपाल ने महिला सम्मान योजना के जांच के आदेश दिएएलजी सचिवालय ने महिला सम्मान योजना के जांच के आदेश दिए हैं। एलजी सचिवालय ने दिल्ली के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। डिविजनल कमिश्नर से जांच करने को कहा गया है। सचिवालय ने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि वे उन लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करें जो लाभ देने की आड़ में डेटा की गोपनीयता भंग कर रहे हैं।

अब दिल्ली में भी होगी मोदी सरकार की स्कीम लागू, हाई कोर्ट ने दिया आदेश, 12 दिन का दिया वक्त

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) स्कीम को राजधानी में लागू करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच 5 जनवरी 2025 तक एमओयू साइन करने को कहा है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने कहा कि योजना को पूरी तरह लागू करना होगा ताकि दिल्ली के लोग इस स्कीम के तहत मिलने वाले फंड और सुविधाओं से वंचित ना रहें। 24 दिसंबर के आदेश में कोर्ट ने कहा कि यदि इस बीच दिल्ली में आचार संहिता लागू हो जाए तो भी एमओयू साइन करना ही होगा, क्योंकि यह दिल्ली के नागरिकों के फायदे के लिए है। कोर्ट ने कहा कि जब 33 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसे पहले ही लागू कर चुके हैं तो ऐसा दिल्ली में ना करना उचित नहीं है। कोर्ट ने 12 दिन की मोहलत देते हुए 5 जनवरी तक एमओयू साइन करने को कहा। अगली सुनवाई के दिन इस एमओयू को पेश करने को कहा गया है। कोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बेड्स और वेंटिलेटर्स की सुविधा से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। फरवरी में डॉ. एसके सरीन कमिटी का गठन किया गया था जिसे दिल्ली सरकार और एमसीडी समेत अन्य अस्पतालों में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए सलाह देनी थी। बेंच ने इससे पहले दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा था कि राजधानी में सभी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोले जाएं। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाई कोर्ट का आभार जताते हुए कहा कि PM-ABHIM योजना की घोषणा फरवरी 2021 में की गई थी और उसी साल अक्टूबर में लॉन्च किया गया था। इस योजना के तहत मोदी सरकार हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए पैसा देती है। दिल्ली के लिए मोदी सरकार ने 2406.77 करोड़ रुपए आवंटित करके रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दिल्ली में 1139 अर्बन हेल्थ और वेलनेस सेंटर बनने थे। 11 डिस्ट्रिक्ट इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनने थे, 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स बनने थे जिनमें 950 बेड होते। 400 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स बनने थे हर जिला अस्पताल में। 50 बेड वाले 5 ब्लॉक्स बनने थे हर सरकारी जिला अस्पताल में। सांसद ने कहा, ‘कितनी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि एमओयू बना रखा है, 2400 करोड़ रुपया मोदी सरकार ने दिल्ली सरकार के लिए रखा है। लेकिन द्वेष की राजनीति के कारण केजरीवाल सरकार ने ना तो एमओयू साइन किया, ना पैसा लिया, ना हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया। दिल्ली के विकास में अवरोध डाला।’

दिल्ली-NCR में लगातार बारिश से जलभराव, ट्रैफिक जाम की समस्या, प्रदूषण में आई कमी

नई दिल्ली दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है, जिससे शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलजमाव और यातायात जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। दिल्ली के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने के कारण इलाके में भारी जलजमाव के कारण यातायात बाधित हो गया है। बुराड़ी इलाके में कई जगहों पर जलभराव देखा गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शहर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आज बारिश के साथ आंधी की भविष्यवाणी की है। इससे पहले, एक स्थानीय निवासी, दीपक पांडे ने कहा, “मौसम अच्छा हो गया है और कश्मीर जैसा महसूस हो रहा है। मौसम इतना सुहावना हो गया है कि कोई भी बाहर सफर कर सकता है। ठंड है, लेकिन बारिश से प्रदूषण का स्तर कम हो गया है।” दिल्ली में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रहा इस बीच, शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली अंतर देखा गया, हालांकि, यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक एक्यूआई 355 मापा गया। दोपहर 2 बजे तक, आनंद विहार में AQI 390, IGI एयरपोर्ट (T3) में 314, आया नगर में 329, लोधी रोड में 327, ITO में 360, चांदनी चौक में 300 और पंजाबी बाग में 361 है। दिल्ली से ग्रैप-4 के प्रतिबंध हटाए गए केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता निगरानी पैनल ने मंगलवार को वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत चरण IV उपायों को वापस ले लिया। हालांकि, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 24 दिसंबर को घोषणा की कि वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए चरण I, II और III के तहत कार्रवाई लागू रहेगी। वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद हटाया गया ग्रैप-4 24 दिसंबर को दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार के बाद यह निर्णय लिया गया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमानों के अनुसार, हवा की गुणवत्ता में सुधार का श्रेय अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों को दिया गया, जिसमें हवा की गति में सुधार भी शामिल है।  सुभाष स्टेडियम के पास अत्यधिक जल भराव होने के कारण एक गाड़ी रोड बीच में बंद हो गई और गाड़ी नाले में चली गई। नोएडा में बारिश से लोगों को हुई दिक्कतें नोएडा में सुबह छह बजे से हल्की वर्षा होने के बाद सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो गई, जबकि कई सेक्टरों में पानी भर गया। वर्षा होने के दौरान लोगों को ऑफिस और छात्र-छात्राओं को कॉलेज जाने में दिक्कत हुई। लगातार वर्षा होने से वायुमंडल पूरी तरह साफ नजर आया। कई वाहन चालकों को सड़क पर दिक्कत भी महसूस हुई। मौसम विभाग का मानना है कि शनिवार को भी नोएडा और अन्य इलाकों में वर्षा होने से बादल छाए रहेंगे। गुरुग्राम में भी बदला मौसम का मिजाज साइबर सिटी में लगातार हो रही बारिश से मौसम का मिजाज बदला गया। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड हो रही बर्फबारी के बाद बृहस्पतिवार की रात 3बजे शुरू हुई वर्षा से साइबर सिटी में ठिठुरन बढ़ गई वहीं सड़को पर पानी जमा होने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई हैं।

आम आदमी पार्टी की चेतावनी- कांग्रेस 24 घंटे के भीतर अजय माकन पर करे कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता अजय माकन की बयानबाजी से बौखलाई आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को 24 घंटे के भीतर उन पर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। आप ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर वह ‘इंडिया’ ब्लॉक के सभी घटक दलों से बात कर कांग्रेस बाहर करवा देगी। आप नेता संजय सिंह और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि वह माकन की ओर से की गई बयानबाजी पर सफाई पेश करे और 24 घंटे में उन पर कार्रवाई करे। पार्टी ने चेतावनी भरे लहजे में आगे कहा कि ऐसा नहीं होने पर ‘इंडिया’ ब्लॉक के दूसरे घटक दलों से बात की जाएगी और कांग्रेस को बाहर करने की मांग की जाएगी। आप नेताओं ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता अजय माकन “भाजपा की स्क्रिप्ट” पढ़ते हैं। वह भाजपा के कहने पर बयान देते हैं और आप के नेताओं को टारगेट करते हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को अजय माकन ने “सारी हदें पार करके अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रविरोधी बताया”। इसके अलावा आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ यूथ कांग्रेस की तरफ से शिकायत तक दी गई है। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि अब यह बिल्कुल साफ हो गया है कि कांग्रेस ने भाजपा के साथ दिल्ली विधानसभा चुनाव में गठबंधन कर लिया है और आप को हराने के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया, “सूत्रों से पता चला है कि कांग्रेस के जो प्रत्याशी हैं, उनका चुनाव का खर्चा भारतीय जनता पार्टी से आ रहा है। कांग्रेस के प्रत्याशियों को भाजपा फंडिंग कर रही है। इसमें प्रमुख संदीप दीक्षित हैं, जिनको फंड मिल रहा है। इसके अलावा जंगपुरा से भी कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी से फंड दिया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल साफ हो गया है कि दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस के दिल्ली के नेताओं ने भाजपा से सांठगांठ कर ली है। अगर कांग्रेस भाजपा को नहीं जीतना चाहती तो 24 घंटे में अजय माकन के खिलाफ एक्शन ले, नहीं तो आम आदमी पार्टी ‘इंडिया’ ब्लॉक के बाकी सभी घटक दलों से बात करेगी कि कांग्रेस पार्टी के साथ अब गठबंधन में नहीं रहा जा सकता।

आप पार्टी के नेताओं का आरोप है कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में महिला वोटरों को नकदी बांटी गई, की शिकायत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भाजपा नेताओं प्रवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा पर दिल्ली के महिला वोटरों पर पैसे बांटने का आरोप लगाते हुए उनकी शिकायत ईडी दफ्तर जाकर की है। आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में महिला वोटरों को नकदी बांटी गई है। शिकायत देने के बाद संजय सिंह ने दावा किया कि ईडी कर्मचारियों की ओर से उनको शिकायत के संबंध में एक रीसिविंग भी मिली है। शिकायत की रीसिविंग मिलने का दावा संजय सिंह ने शिकायत देने के बाद ईडी दफ्तर से बाहर संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने केवल शिकायत दी है। किसी अधिकारी ने हमें कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया है। इस मामले में ईडी क्या कार्रवाई करेगी इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। ईडी के अधिकारियों ने शिकायत की आधिकारिक प्राप्ति मिलने की बात कही है। उनकी ओर से मुझे रीसिविंग भी दी गई है। 1,100 रुपये बांटने का आरोप एक दिन पहले ही दिल्ली की सीएम आतिशी ने आरोप लगाया था कि भाजपा के पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा के विंडसर प्लेस स्थित आवास पर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली महिलाओं को 1,100-1,100 रुपये बांटे गए हैं। यही नहीं उनका यह भी दावा था कि इन महिलाओं की मतदाता पहचान-पत्र की जानकारी भी दर्ज की गई है। क्या बोले परवेश वर्मा? वहीं प्रवेश वर्मा ने आतिशी के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके दिवंगत पिता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की ओर से गठित गैर सरकारी संगठन ‘राष्ट्रीय स्वाभिमान’ के एक अभियान के तहत यह एक रकम जरूरतमंद लोगों को बांटी गई है। नई दिल्ली सीट पर दिग्गज करेंगे दो-दो हाथ सनद रहे परवेश वर्मा का दाव है कि BJP ने उन्हें नई दिल्ली से चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है। बता दें कि नई दिल्ली सीट से राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल विधायक हैं। वह साल 2013 से ही यहां से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इन चुनावों में इस सीट पर तगड़ी चुनावी लड़ाई के आसार हैं। कांग्रेस ने पूर्वी सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को यहां से उतारा है।

अरविंद केजरीवाल को राष्ट्र विरोधी कहने पर भड़की AAP, ’24 घंटे में अजय माकन पर एक्शन ले कांग्रेस

नई दिल्ली दिल्ली चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है. अजय माकन के अरविंद केजरीवाल को एंटी नेशनल बोलने पर AAP बुरी तरह से भड़क गई है. AAP ने मांग की है कि कांग्रेस 24 घंटे के अंदर अजय माकन पर कार्रवाई करे. प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा,’कांग्रेस के बयानों और एक्शन से यह बिल्कुल साफ हो गया है कि दिल्ली के चुनाव के लिए कांग्रेस ने बीजेपी से सांठगांठ कर ली है. कल अजय माकन कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल एंटी नेशनल हैं. क्या उन्होंने आज तक बीजेपी के किसी भी नेता पर ऐसा आरोप लगाया है?’ बता दें कि एक दिन पहले (25 दिसंबर) ही कांग्रेस के सीनियर नेता अजय माकन ने AAP के साथ गठबंधन को कांग्रेस की बड़ी भूल बताया था. इस दौरान उन्होंने दिल्ली के पू्र्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा था. केजरीवाल के खिलाफ बयान देते-देते माकन ने उन्हें एंटी-नेशनल तक कह दिया था. अजय माकन के इस बयान के बाद ही AAP ने उनके खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है. AAP ने सीनियर नेता संजय सिंह ने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहा,’दिल्ली के अंदर कांग्रेस पार्टी बीजेपी के पक्ष में खड़ी हो गई है. कांग्रेस हर वो काम कर रही है, जिससे बीजेपी को चुनाव में फायदा हो. दिल्ली के अंदर कांग्रेस के नेता हैं अजय माकन. वो बीजेपी की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं. वो बीजेपी के कहने पर आम आदमी पार्टी के नेताओं को टारगेट करते हैं. कल तो उन्होंने हद ही पार कर दी. उन्होंने देश और दिल्ली के सबसे लोकप्रिय नेता अरविंद केजरीवाल को एंटी-नेशनल कह दिया. अगर केजरीवाल एंटी-नेशनल हैं तो आप मुझे बताइए, वो केजरीवाल दिल्ली के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली पानी और रोजगार का इंतजाम कैसे कर रहे हैं.’  

नए साल के पहले हफ्ते दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के आसार, तैयारियां अंतिम चरण में पहुंची

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा नए साल के पहले सप्ताह में की जा सकती है। आयोग के सूत्रों की मानें तो चुनाव को लेकर की जा रहीं तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाली विभिन्न निगरानी टीमों के गठन को लेकर बीते दो दिनों में अधिसूचना जारी कर दी गई है। आयोग के निर्देश पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने चुनाव के लिए स्टेट सर्विलांस टीम, फ्लाइंग स्क्वॉड और सेक्टर अधिकारियों को लेकर अधिसूचना जारी करने के साथ उन्हें स्पेशल मजिस्ट्रेट पावर भी दे दी है, जिससे वह चुनावों में गड़बड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। यह टीम निष्पक्ष चुनाव और आचार संहिता को लागू कराने में अहम भूमिका निभाती हैं। आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा किए जाने वाले खर्च पर निगरानी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब निगरानी समिति को रोजाना उम्मीदवारों के खर्च आदि की जानकारी ईईएमएस सॉफ्टवेयर पर अपडेट करनी होगी। इसमें उम्मीदवार का नाम, उसका खाता, शैडो रजिस्टर बना या नहीं, 30 दिन में खर्च की पूरी जानकारी, अगर नहीं दी तो क्या कारण है, समेत कई जानकारी देनी होगी। पांच जनवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी चुनाव घोषणा के साथ ही आयोग पांच जनवरी को अंतिम मतदाता सूची भी जारी करेगा। फिलहाल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और हटवाने के लिए आए आवेदन की जांच प्रक्रिया चल रही है। बुधवार तक यह प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। चुनाव आयोग को कुल 2.67 लाख से अधिक आवेदन नाम जुड़वाने, हटवाने और सुधार के लिए मिले हैं। आयोग की 29 अक्टूबर 2024 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के मुताबिक दिल्ली में कुल 1.53 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। हेल्पलाइन पर जानकारी मिलेगी दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एलिस वाज ने दिल्ली के मतदाताओं से अपील की है कि वह मतदाता सूची से जुड़ी कोई भी जानकारी, आपत्ति जताने के लिए वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 पर काल करें। यहां से उन्हें हर तरह की जानकारी मिलेगी। मसलन, उनका नाम मतदाता सूची में है कि नहीं, उनका पोलिंग स्टेशन कहां है। ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया समेत अन्य सभी चुनाव संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अगर कोई शिकायत है तो उसे भी यहां दर्ज करा सकते हैं।

पार्षद प्रियंका गौतम भाजपा में हुई शामिल, आप पार्टी को लगा झटका

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) की अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी/एसटी) इकाई के दिल्ली प्रदेश की उपाध्यक्ष एवं कोंडली विधानसभा के वार्ड संख्या 194 की पार्षद प्रियंका गौतम बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गयी। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित समारोह में श्रीमती प्रिंयका सहित काफी संख्या में उनके कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री एवंय भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्ष मल्होत्रा ने पार्टी का पट्टा पहना कर श्रीमती गौतम को पार्टी की सदस्यता दिलायी। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जम्मू-कश्मीर के सह प्रभारी अनिल सूद, दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता अभय वर्मा, पार्टी के नेता अनिल त्यागी उपस्थि थे। भाजपा में शामिल होने के बाद श्रीमती गौतम ने कहा कि बड़ी उम्मीद के साथ हम आम आदमी पार्टी से जुड़े थे। मुझे उम्मीद थी कि हम आप के साथ जुड़ कर अपने जाटव समाज की सेवा कर पाऊंगा, लेकिन आप ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया। उन्होंने कहा कि बात महिला सम्मान योजना की हो या, संजीवनी योजना की, ये सब छलावा है। आम आदमी पार्टी ने समाज को सभी वर्गों विशेषकर जाटव समाज के साथ छल करने का काम किया है। दिल्ली की आप सरकार ने विकास का कोई कार्य नहीं किया है। इस मौके पर श्री सूद ने कहा कि आम आमदी पार्टी एवं जाटव समाज की नेता प्रियंका गांधी भाजपा में शामिल हुयी है। इसके साथ ही आप के अन्य नेता और समाज के विभिन्न वर्गों के नेता भी पार्टी में हुए हुए। इनके भाजपा में शामिल होने के पार्टी को मजबूती मिलेगी। वहीं, हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि श्रीमती गौतम जाटव समाज की सशक्त नेता हैं और इनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। इस मौके पर उन्होंने आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार पर निशाना साधा और कहा कि आप विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली की जनता से छल कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ऐसी योजना के नाम पर लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं, जिसको लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं हुयी और जो योजना सरकारी दस्तावेजों में हैं ही नहीं।  

26 वर्ष से दिल्ली की सत्ता से बाहर रही भाजपा मोदी के कार्यक्रमों के जरिए चुनावी माहौल बनाने का प्रयास करेगी

नई दिल्ली दिल्ली दंगल में भाजपा प्रधानमंत्री के दो बड़े कार्यक्रमों के सहारे ताल ठोकेगी। 26 वर्ष से दिल्ली की सत्ता से बाहर रही भाजपा मोदी के कार्यक्रमों के जरिए चुनावी माहौल बनाने का प्रयास करेगी। दोनों स्थानों पर दिल्ली से जुड़ी विकास योजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा। विकास योजनाएं और पीएम के चेहरे के सहारे भाजपा दिल्ली में 10 वर्ष से काबिज आप को चुनौती देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 दिसंबर को रोहणी के जापानी पार्क में कार्यक्रम कर मेट्रो फेज-चार का उद्घाटन करेंगे। इसी दिन न्यू अशोक नगर तक नमो भारत का परिचालन शुरू हो सकता है। इसके बाद तीन जनवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कार्यक्रम किया जाएगा। यहां पीएम दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के दो चरणों का उद्घाटन कर सकते हैं। दोनों कार्यक्रमों में दिल्ली से जुड़ी अन्य विकास योजनाओं का भी उद्घाटन किया जा सकता है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी शुरू हो गई है। द्वारका एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी किया जा सकता है। भाजपा ने संगठन स्तर पर भी कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली के दो बड़े इलाकों में पीएम के कार्यक्रमों के बाद भाजपा अन्य नेताओं के कार्यक्रम क्षेत्रवार लगाएगी। आचार संहिता लगते ही काम रुकेंगे दिल्ली में विधानसभा चुनाव की घोषणा जनवरी के पहले सप्ताह में हो सकती है। पांच जनवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होना है। इसी के आसपास चुनाव आयोग राजधानी में चुनावों को घोषणा कर सकता है। इसके बाद दिल्ली में आचार संहिता लग जाएगी और विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास रुक जाएगा। सीटों के समीकरणों के आधार पर गुणा-भाग में जुटी भाजपा ने विधानसभा सीटों पर अभी पहली सूची जारी नहीं की है। आप के अलावा कांग्रेस भी अपनी दूसरी सूची जारी कर चुकी है, लेकिन भाजपा में अभी मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम के कार्यक्रमों के बाद सूची जारी होने की संभावना है। भाजपा बड़े नेताओं के चुनाव लड़ने की संभावना और सीटों के समीकरणों के आधार पर गुणा-भाग में जुटी है। प्रदेश स्तर पर चर्चा के बाद नामों को आलाकमान के पास भेज दिया गया है। केंद्रीय नेताओं की सहमति के बाद पहली सूची जारी की जाएगी। इसमे पूर्व सांसदों के नाम भी शामिल हो सकते हैं।

महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना अभी अधिसूचित नहीं है, दिल्ली सरकार ने कहा-कोई कागज दिया तो फ्रॉड हो सकता है

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से घोषित मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली सरकार की ओर से अखबारों में विज्ञापन देकर बताया गया है कि मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना अभी अधिसूचित नहीं है। विज्ञापन में लोगों को संभावित फर्जीवाड़े से सावधान करते हुए कहा गया है कि किसी को बैंक खाते, वोटर कार्ड, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज ना दें। वहीं, ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने मुख्यमंत्री आतिशी की गिरफ्तारी की आशंका जताई है। केजरीवाल ने घर-घर जाकर दोनों योजनाओं के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की थी। दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से अखबारों में पब्लिक नोटिस निकालकर सावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि एक राजनीतिक दल की ओर से मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत 2100 रुपए मासिक देने का वादा किया जा रहा है। यह साफ किया जाता है कि ऐसी किसी योजना को दिल्ली सरकार की ओर से नोटिफाई नहीं किया गया है। इसी तरह संजीवनी योजना को लेकर भी कहा गया है कि यह अभी अधिसूचित नहीं है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा है कि जब भी ऐसी किसी योजना को अधिसूचित किया जाएगा। विभाग की ओर से आवेदन के लिए एक वेबसाइट को लॉन्च किया जाएगा। योग्यता की शर्तें और नियमों को भी साफ किया जाएगा। पब्लिक नोटिस में साफ किया गया है कि चूंकि ऐसी कोई योजना अभी है ही नहीं, इसलिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म/आवेदन का सवाल ही पैदा नहीं होता। नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई शख्स/राजनीतिक दल ऐसे फॉर्म/आवेदन या आवेदकों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं तो यह फर्जीवाड़ा और बिना अधिकार के है। नागरिकों को सावधान किया जाता है कि बैंक अकाउंट डिटेल, वोटर कार्ड, फोन नंबर, पता या ऐसी किसी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से उनके साथ फर्जीवाड़ा हो सकता है। अपराध, साइबर अपराध, बैकिंग धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। दिल्ली के आम जनमानस को सवाधान किया जाता है कि अस्तित्व में मौजूद नहीं ऐसी किसी स्कीम पर ध्यान ना दें। महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कोई जानकारी साझा करता है और उसके साथ कोई धोखाधड़ी होती है तो विभाग जिम्मेदार नहीं। संजीवनी योजना पर भी किया गया सावधान इसी तरह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से ‘संजीवनी योजना’ पर सावधान किया गया है। पब्लिक नोटिस में कह गया है कि अभी योजना लागू नहीं है और इसके नाम पर किसी को किसी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। नोटिस में कहा गया है कि वोटर कार्ड, फोन नंबर, बैंक डिटेल आदि देने से फर्जीवाड़े का खतरा है। जब ऐसी स्कीम लागू होगी तो वेबसाइट लॉन्च किया जाएगा जिस पर लोग खुद अपना आवेदन कर सकते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में 60 साल से अधिक के सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा की घोषणा की गई है। इसके लिए भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन करने में जुटे हैं। आतिशी की गिरफ्तारी का प्लान: केजरीवाल इस बीच आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आतिशी की गिरफ्तारी की आशंका जाहिर की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना से ये लोग बुरी तरह से बौखला गए हैं। अगले कुछ दिनों में फर्जी केस बनाकर आतिशी जी को गिरफ्तार करने का इन्होंने प्लान बनाया है। उसके पहले ‘आप’ के सीनियर नेताओं पर रेड की जाएंगी।’

अरविंद केजरीवाल ने कहा- आतिशी को गिरफ्तार किया जा सकता है, मुझ पर भी रेड होगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संजोयक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में चुनाव से पहले आशंका जाहिर की है कि मुख्यमंत्री आतिशी को गिरफ्तार किया जा सकता है। केजरीवाल ने बुधवार को आतिशी, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि एक बार फिर उनके खिलाफ भी रेड होगी। केजरीवाल ने आशंका जाहिर की कि ट्रांसपोर्ट विभाग के एक केस के तहत ऐसा किया जा सकता है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है। पूर्व सीएम ने कहा, ‘हमें 3-4 दिन पहले हमें अपने सूत्रों से पता चला है कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की मीटिंग हुई है। उस मीटिंग में ऊपर से आदेश आए हैं कि कुछ भी फर्जी केस करके आतिशी को गिरफ्तार किया जाए। मैं पूरी जिम्मेदारी से आरोप लगा रहा हूं कि इन तीनों एजेंसियों से कहा गया है कि कुछ भी फर्जी केस करके आतिशी को गिरफ्तार किया जाए।’ आप सुप्रीमो ने कहा कि चुनावी तैयारियों से रोकने के लिए उनके खिलाफ, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी, सौरभ भारद्वाज के खिलाफ छापेमारी की जाएगी। केजरीवाल ने कहा, ‘ऐसा भी सूत्रों से पता चला है कि ट्रांसपोर्ट विभाग में कोई फर्जी केस तैयार किया जा रहा है। इनका मकसद है कि महिलाओं की फ्री यात्रा बंद कराना चाहते हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग में फर्जी केस तैयार किया जा रहा है। हमें यकीन है कि लोग गंदी साजिशों का जवाब देंगे। देश की जनता इस तरह की राजनीति पसंद नहीं करती।’ मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा: आतिशी आतिशी ने कहा, ‘हमें पुख्ता खबर मिली है कि ट्रांसपोर्ट विभाग के एक फर्जी केस के माध्यम से दिल्ली में महिलाओं की फ्री यात्रा बंद करने के लिए मेरे ऊपर फर्जी केस का प्रयास किया जा रहा है। हमने हमेशा ईमानदारी से काम किया है और करेंगे। मुझे विश्वास है कि यदि एजेंसियां मुझे गिरफ्तार करती हैं, आखिरकार सच्चाई सामने आएगी। मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। जिस तरह सीनियर नेताओं को फर्जी केस में गिरफ्तार किया गया और फिर सबको बेल मिली। मुझे संविधान और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। आप हम पर झूठे केस करके दिल्लीवालों की सुविधाएं रोकना चाहते हैं, दिल्ली की जनता सब देख रही है।’ महिला सम्मान योजना और संजीवनी पर क्या दी सफाई आतिशी ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नोटिस को गलत बताया है, जिनमें जनता से अपील की गई है कि वे इन योजनाओं के नाम पर अपने दस्तावेज किसी से साझा ना करें। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, ‘जो नोटिस आज अखबारों में जारी हुए वे पूरी तरह गलत हैं। कुछ अफसरों पर भाजपा ने दबाव बनाकर गलत सूचना अखबार में छपवाई है। इन अफसरों पर पुलिस कार्रवाई भी की जाएगी। सूचना निकाली गई कि महिला सम्मान जैसी योजना नहीं, जबकि दिल्ली सरकार की कैबिनेट का नोटिफिकेशन है। 1000 की स्कीम नोटिफाई हो चुकी है। अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी, पुलिस कार्रवाई भी होगी। आम आदमी पार्टी की घोषणा है कि सरकार बनने के बाद संजीवनी योजना लाई जाएगी। सरकार बनने के बाद 1000 की स्कीम को 2100 किया जाएगा।’ वहीं, पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘जाहिर तौर पर यह चुनावी घोषणा है, जनता को भरोसा है, जनता रजिस्टर कर रही है। जो लोग रजिस्टर कर रहे हैं, उन्हें चुनाव के बाद फायदा दिलाएंगे। यह हमारा, आम आदमी पार्टी का चुनावी वादा है तो आम आदमी पार्टी रजिस्टर कर रही है।’

दिल्ली से हटाई गई ग्रैप-4 की पाबंदियां, पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में सुधार के संकेत, 369 पर AQ

नई दिल्ली पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम के बदले मिजाज और पूर्वानुमानों में पलूशन से राहत मिलने के संकेत हैं। दिल्ली में मंगलवार को प्रदूषण के स्तर में सुधार देखा गया। शाम को एक्यूआई 369 अंकों के साथ बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। सोमवार को यह गंभीर श्रेणी में था। इस बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली एनसीआर में लगाई गई ग्रैप-4 की पाबंदियों को हटाने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, पलूशन को काबू में रखने के लिए ग्रैप 1, 2 और 3 के तहत लागू पाबंदियां जारी रहेंगी। पिछले तीन दिनों के दौरान AQI की स्थिति 1- 22 दिसंबर 409 मौसम के बदले मिजाज से सुधार पर एक्यूआई राजधानी के मौसम में बदलाव और हवा की गति में परिवर्तन होने से प्रदूषण के स्तर में कमी देखी जा रही है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह से ही सुधार पर है। दिल्ली में मंगलवार को शाम 4 बजे AQI 369 पर था। समिति का कहना है कि यह आंकड़ा ग्रैप-4 लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय सीमा से 31 अंक नीचे है। मौसम विभाग ने दी गुड न्यूज दरअसल, मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली एनसीआर में 26, 27 और 28 दिसंबर को बूंदाबांदी या बारिश की संभावना जताई है। 27 दिसंबर को हवा की स्पीड भी तेज रहने का अनुमान है। इससे पलूशन के स्तर में भी कमी देखी जा सकती है। अनुमान है कि वाले दिनों में दिल्ली का AQI 300-400 के बीच में रह सकता है। इन कार्यों पर लगी रोक हटी ग्रैप-4 की पाबंदिया हटने से दिल्ली के कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली में गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों के दाखिल होने पर लगी रोक हटा ली जाएगी। साथ ही नेशनल हाइवे और फ्लाईओवर समेत सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर लगे प्रतिबंध भी हटा लिए जाएंगे। 16 दिसंबर को लगी थीं ग्रैप-4 की पाबंदियां उल्लेखनीय है कि वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद 16 दिसंबर से पूरे एनसीआर में ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू थीं। ग्रैप-4 के तहत दिल्ली एनसीआर में सभी प्रकार की निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को 24 घंटे साफ पानी देने का वादा किया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने फिर से बड़े वादे करना शुरू कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को 24 घंटे साफ पानी देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष प्लांट लगाए जाएंगे, जो पानी से अमोनिया हटाएंगे, और साथ ही 2,500 ट्यूबवेल भी लगाए जाएंगे। 24 घंटे मिलेगा साफ पानी आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को यहां राजिंदर नगर इलाके में पांडव नगर डीडीए फ्लैटों में चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति शुरू की। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “जब हम 10 साल पहले दिल्ली में सत्ता में आए थे, तब करीब 50-60 फीसदी पानी टैंकरों से सप्लाई होता था। टैंकर माफिया हुआ करते थे। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि आज, 10 साल बाद, दिल्ली के 97 फीसदी हिस्से में पाइपलाइन से पानी आता है।”  हमने वादा किया था कि दिल्ली के हर घर में 24 घंटे साफ़ पानी पहुँचाएंगे। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इसकी शुरुआत हो चुकी है। राजेंद्र नगर विधानसभा में जाकर मैंने ख़ुद टोंटी से पानी पिया, पानी एकदम साफ़-सुथरा है। अब पूरी दिल्ली को नल से 24 घंटे साफ़ पानी मिलेगा। उन्होंने कहा, “आज, राजिंदर नगर में चौबीसों घंटे साफ पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है और हम आने वाले समय में इसे पूरी दिल्ली में लागू करेंगे।” यह दिखाने के लिए कि पानी साफ है, केजरीवाल ने सीधे नल से पानी पिया। आप प्रमुख के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक भी थे। आप ने अगले साल फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए राजिंदर नगर निर्वाचन क्षेत्र से पाठक को मैदान में उतारा है। केजरीवाल के अन्य वादे केजरीवाल ने 2025 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कई और बड़े वादे किए हैं। इनमें से एक बड़ा वादा है कि अगर AAP फिर से सत्ता में आई, तो हर पात्र महिला को हर महीने 2100 रुपये दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ 18 साल और उससे ऊपर की हर महिला को मिलेगा, इसके लिए उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना होगा।इसके अलावा, केजरीवाल ने दलित समाज के लिए भी एक अहम घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जो भी दलित छात्र विदेश में पढ़ना चाहते हैं, दिल्ली सरकार उनका पूरा खर्च उठाएगी। इन वादों के साथ, आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है और दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधाएं देने का वादा कर रही है।

बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ मशहूर कंपनी डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

नई दिल्ली अपने कई उत्पादों के लिए मशहूर कंपनी डाबर ने बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उसके उस विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की है, जिसमें कथित तौर पर उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अपमानजनक विज्ञापन चलाने के आरोप हैं। मंगलवार को दायर अपनी याचिका में डाबर ने आरोप लगाया है कि पतंजलि आयुर्वेद उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ अपमानजनक विज्ञापन चला रही है। याचिका में डाबर ने पतंजलि को तुरंत अपमानजनक विज्ञापन चलाने से रोकने के लिए आदेश देने की मांग की है। डाबर की अर्जी पर जस्टिस मिनी पुष्करणा ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और अंतरिम आदेशों पर विचार करने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह में मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया  है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब डाबर ने अपनी अर्जी डालकर इस पर सुनवाई की गुहार की, तब जस्टिस पुष्करणा ने शुरू में इसे मध्यस्थता के लिए भेजने की इच्छा जताई, लेकिन डाबर ने बार-बार इस मामले में तत्काल राहत की गुहार लगाई तो उन्होंने अंततः मामले की सुनवाई करने का फैसला किया। डाबर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि पतंजलि आयुर्वेद एक आदतन अपराधी है। इसके साथ ही उन्होंने इस साल की शुरुआत में पतंजलि के खिलाफ दर्ज अवमानना ​​याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लेख किया, जिसमें पतंजलि, बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने अखबारों में लिखित माफीनामा छपवाया था। डाबर ने अपनी अर्जी में कहा कि वह पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक स्वामी रामदेव के एक विज्ञापन से व्यथित है, जिसमें वह कहते हैं, “जिनको आयुर्वेद और वेदों का ज्ञान नहीं, चरक, सुश्रुत, धन्वंतरि और च्यवनऋषि की परंपरा में ‘असली’ च्यवनप्राश कैसे बना पाएंगे?” (यह बताते हुए कि केवल पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश ही ‘असली’/प्रामाणिक है; और बाजार में अन्य च्यवनप्राश के निर्माताओं को इस परंपरा के बारे में कोई जानकारी नहीं है, और परिणामस्वरूप, वे सभी नकली/’साधारण’ हैं)। सिब्बल के अनुसार, अन्य च्यवनप्राश को ‘साधारण’ कहना यह दर्शाता है कि वे घटिया हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की पतंजलि का विज्ञापन च्यवनप्राश की पूरी श्रेणी को अपमानित करता है, जो एक पुरानी आयुर्वेदिक दवा है। सिब्बल ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि सभी च्यवनप्राश को प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लिखित विशिष्ट फॉर्मूलेशन और अवयवों का पालन करना चाहिए, जिससे “साधारण” च्यवनप्राश की धारणा भ्रामक और डाबर जैसे प्रतिस्पर्धियों के लिए हानिकारक हो है क्योंकि इस सेगमेंट में 61.6% बाजार की हिस्सेदारी डाबर की है। सिब्बल ने यह तर्क भी दिया कि पतंजलि का विज्ञापन न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहा है, बल्कि अन्य ब्रांडों को बदनाम भी कर रहा है, क्योंकि उनके विज्ञापन से यही संदेश जा रहा है कि सिर्फ उन्हीं के पास च्यवनप्राश बनाने की सही ज्ञान और आवश्यक तरीका है बाकी सभी इस मामले में अनाड़ी और दोयम दर्जे के उत्पादक हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल के बाद अब आतिशी के खिलाफ भी मजबूत उम्मीदवार उतारने जा रही है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री और ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में 35 सीटों के लिए उम्मीदवार कों नामों पर चर्चा हुई। इसमें अलका लांबा सहित पर 28 नामों पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की अलका लांबा को आतिशी के सामने कालकाजी विधानसभा सीट पर उतारने की तैयारी है। वहीं, सीमापुरी सीट से राजेश लिलोठिया कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। वहीं मनीष सिसोदिया की सीट जंगपुरा से फरहाद सूरी को कांग्रेस का टिकट मिल सकता है। इनके अलावा बिजवासन से देवेंद्र सहरावत और मटिया महल सीट से आसिम अहमद कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि 35 सीटों पर चर्चा के लिए आज हुई कांग्रेस की बैठक में 28 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो चुके हैं, जबकि 7 सीटों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा होना अभी बाकी है। बता दें कि, कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बता दें कि, कांग्रेस 2013 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है, जबकि आम आदमी पार्टी 2015 से दिल्ली में अपने दम पर सत्ता में काबिज है। उससे पहले कांग्रेस की तरफ से शीला दीक्षित लगातार 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं। हालांकि, 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे अधिक खराब रहा और वो अपना खाता तक नहीं खोल सकी। गौरतलब है कि, दिल्ली विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने की उम्मीद है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 तक है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी चौथी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें हासिल कर बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं, वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 62 पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को वर्ष 2015 में 3 और 2020 में महज 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

एक मर्डर से खुल गया बड़ा खेल, बांग्लादेश के मिदुल मियां और फरदीन कैसे बने दिल्ली के वोटर, पुलिस ने 11 लोग गिरफ्तार किये

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने एक मर्डर केस की जांच के दौरान बांग्लादेशियों को अवैध तरीके से भारत में बसाने में शामिल एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी साउथ अंकित चौहान ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से पांच लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं, जबकि 6 लोग फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाने वाले रैकेट से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान करने के लिए खास ऑपरेशन शुरू किया है। अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी संगम विहार और गिरोह के गुर्गे रोहिणी इलाके से पकड़े गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, आधार कार्ड मशीन, रिकॉर्ड रजिस्टर और विभिन्न दस्तावेज, 25 आधार कार्ड, 4 मतदाता पहचान पत्र और 8 पैन कार्ड बांग्लादेशी नागरिकों के होने का शक है। हत्या की जांच से खुला रैकेट का राज दिल्ली पुलिस ने बताया कि नवंबर महीने में आपसी रंजिश में भारत के ही शिंटू शेख की हत्या की जांच में इस गिरोह का खुलासा हुआ। शिंटू ने ही आरोपियों को अवैध तरीके से दिल्ली पहुंचाया था, बाद में पैसे के विवाद में उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि रैकेट से जुड़े लोग बांग्लादेशी नागरिकों को जंगल के रास्ते से भारत में प्रवेश कराकर बाइक और स्थानीय परिवहन का इस्तेमाल करने के बाद ट्रेन से दिल्ली लाते थे। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में भी रहने लगते थे। इसके बाद दिल्ली में रजत मिश्रा नामक शख्स उनका फर्जी कागजात बनाता था, वह फर्जी वेबसाइट बनाकर जरूरी जानकारी लेकर कागजात बनाता था। अब तक 21 लोगों के आधार कार्ड सीज कर 6 पैन कार्ड और वोटर कार्ड बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि रैकेट से जुड़े आरोपी रोहिणी में कार्यालय बनाकर गिरोह चल रहे थे और दुकान, मिस्त्री, ब्यूटी पार्लर वगैरह का काम करते थे। अक्टूबर में हुई थी शिंटू शेख की हत्या पुलिस अधिकारी ने बताया कि 20 अक्टूबर 2024 को रात में लगभग 12 बजे एक महिला संगम विहार पुलिस थाने में जाकर पुलिस को बताया कि उसका पति शिंटू शेख उर्फ ​​राजा उनके घर पर बेहोश पड़ा है। इस सूचना पर 21 अक्टूबर 2024 को संगम विहार थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद संगम विहार पुलिस में बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत एक मामला और 8 नवंबर 2024 को दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक टीम बनाकर मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया। बांग्लादेशी नागरिकों ने ही ली थी शिंटू की जान इस हत्याकांड की जांच के दौरान चार बांग्लादेशी नागरिक- मिदुल मियां उर्फ ​​आकाश अहमद, फरदीन अहमद उर्फ ​​अभि अहमद और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। हत्या के पीछे का मकसद यह पता चला कि मृतक शिंटू शेख उर्फ ​​राजा उन्हें किसी न किसी बहाने से धमकाता रहता था। चारों आरोपियों ने शिंटू शेख की हत्या की योजना एक महीने पहले ही बना ली थी और योजना के अनुसार उन्होंने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, साथ ही उसकी नकदी और सामान भी लूट लिया, जो जांच के दौरान बरामद किया गया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि चारों आरोपी अवैध रूप से भारत में घुसे थे और पिछले एक साल से दिल्ली के संगम विहार इलाके में फर्जी भारतीय पहचान पत्र खरीदकर रह रहे थे। पूछताछ के दौरान, उन सभी ने अपने बांग्लादेशी पहचान पत्र (चिप आधारित एनआईडी कार्ड) या जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। इसके अलावा, शिंटू शेख के घर से 21 आधार कार्ड, 4 वोटर आईडी कार्ड और 8 पैन कार्ड बरामद किए गए, जो बांग्लादेशी नागरिकों के होने का शक है। इसके बाद पुलिस की जांच फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने, अवैध घुसपैठ को सुविधाजनक बनाने वाले रूटों और तंत्रों में लिप्त गिरोह की ओर बढ़ी। 3 अहम बिंदुओं पर पुलिस की पूरी जांच फोकस का टिका रहा 1. फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाले तरीके। 2. अवैध घुसपैठ को सुविधाजनक बनाने वाले रूट और तंत्र। 3. बरामद वोटर आईडी कार्ड के संबंध में जांच और पहचान। फर्जी दस्तावेजों की जांच 1. आरोपियों ने अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करने के लिए फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया। इस संबंध में थाना संगम विहार में 6 दिसंबर 2024 को बीएनएस की धारा 318(2)/319(2)/337/61(1ए) बीएनएस और 34 आधार एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। 2. जांच में पता चला कि आरोपियों ने अपने आधार कार्ड दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-5 स्थित ‘पूनम ऑनलाइन कंप्यूटर सेंटर’ से बनवाए थे, जिसका मालिक 26 वर्षीय साहिल सहगल है। 3. साहिल सहगल को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ में पता चला कि मृतक शिंटू शेख उर्फ ​​राजा के माध्यम से अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों ने उससे संपर्क किया था। साहिल ने फर्जी वेबसाइट ‘जनताप्रिंट्स.साइट’ का इस्तेमाल कर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए और उन्हें आधार कार्ड प्रोसेसिंग के लिए अपने सहयोगी रंजीत को भेजे थे। 4. रोहिणी सेक्टर 7 के नाहरपुर गांव वाला 30 वर्षीय रंजीत रोहिणी सेक्टर-5 के कर्नाटक बैंक में अधिकृत आधार ऑपरेटर अफरोज के साथ काम करता था। फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल करके बवाना की जेजे कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय अफरोज ने आधार कार्ड बनाने में मदद की।  

राम जन्मभूमि केस हिंदुओं ने साक्ष्य के आधार पर जीता है, न कि आस्था के आधार पर: पीएन मिश्र

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एन.मिश्र ने कहा कि रामजन्म भूमि केस पर निर्णय आए पांच साल हो चुके हैं, परन्तु कुछ लोग अभी भी इस पर विवाद पैदा कर देश में भ्रम की स्थिति बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक बात साफ कर दूं कि रामजन्म भूमि पर सुप्रीम कोर्ट ने साक्ष्यों और मेरिट के आधार पर हिंदुओं के पक्ष में निर्णय दिया है न कि आस्था या विश्वास के आधार पर, जैसा कि कुछ लोग गाहे-बगाहे अनर्गल बयान देते रहते हैं। पी.एन.मिश्र ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका यह वक्तव्य कुछ समय पूर्व पूर्व न्यायाधीश आर.एफ.नरीमन के द्वारा दिए गये बयान का जवाब है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एन.मिश्र कुरुक्षेत्र गुरुकुलम् फाउंडेशन द्वारा दिल्ली के द्वारका में आयोजित एक सेमिनार में बोल रहे थे। ‘सनातन धर्म: भारतीय संस्कृति का मूल आधार’ विषय पर आयोजित सेमिनार में एडवोकेट पी.एन.मिश्र ने कहा कि 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट और 2019 में सुप्रीम कोर्ट से रामजन्म भूमि के पक्ष में आया निर्णय साक्ष्य आधारित है, न कि आस्था अथवा भावना आधारित, जैसा कि कुछ लोग बिना कोर्ट का निर्णय पढ़े यह बयान देते हैं और समाज में भ्रम और अदालत के निर्णय के विरुद्ध अविश्वास पैदा करने का प्रयास करते रहते हैं। अब ऐसे बयानों पर रोक लगना चाहिए। ज्ञात हो कि अभी कुछ दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आरएफ नरीमन ने राम मंदिर को लेकर एक ऐसा बयान दिया था, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की कानूनी लड़ाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया था वह सेकुलरिज्म के सिद्धातों के विरुद्ध था। पी.एन.मिश्र का वक्तव्य जस्टिस नरीमन के उपरोक्त बयान का जवाब माना जा रहा है। ज्ञात हो कि रामजन्म भूमि केस में सबसे लंबे समय तक बहस करने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पी.एन.मिश्र शंकराचार्यों की संस्था ‘अखिल भारतीय श्रीराम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति’ की ओर से इस केस में 2009 से पैरवी कर रहे थे और विदेशी लेखक हंस बेकर की पुस्तक से आखिरी साक्ष्य उन्होंने ही प्रस्तुत किया, जिससे सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के बेंच ने रामजन्म भूमि के पक्ष में निर्णय दिया। उक्त मौके पर बेंच में शामिल पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़ ने स्पष्ट कहा भी कि मिश्रा जी आपके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य की वजह से हम इस निर्णय पर पहुंच सके हैं। कुरुक्षेत्र गुरुकुलम् फाउंडेशन द्वारा आयोजित सेमिनार में सीबीआई के पूर्व निदेशक एम.नागेश्वर राव ने अपने वक्तव्य में बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के नरसंहार पर प्रकाश डाला और यह बताया कि हिंदुओं के खोते शत्रु बोध और वास्तविक हिंदू नेतृत्व के अभाव में आज विश्व में हिंदुओं के लिए एक भी देश नहीं है, जबकि क्रिश्चियन, मुस्लिम और बौद्धों तक के अनेक देश हैं। इस सेमिनार के अन्य वक्ताओं में मानुषी की संस्थापक प्रो मधु किश्वर सहित डॉ शिल्पी तिवारी, रितु राठौर, अचार्य गिरिरत्न मिश्र, डॉ प्रदीप भारद्वाज, कमल रावत, विशाल सिंह, विजय मुंडा आदि शामिल थे।    

दिल्ली में आज से शुरू होंगे महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली दिल्ली की महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली में महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन आज से शुरू होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल आज इसका ऐलान किया। इसके लिए ‘आप’ कार्यकर्ता लोगों के घर-घर जाकर महिलाओं और बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन करेंगे। ‘आप’ मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि महिला सम्मान निधि के 2100 रुपये के लिए दिल्ली सरकार द्वारा कल से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जा रहा है। ‘आप’ पार्टी की तरफ से टीम लोगों के घर जाएगी और वहां पर जाकर रजिस्ट्रेशन करेगी। दूसरी योजना संजीवनी के तहत 60 से अधिक उम्र के बुजुर्गों का मुफ्त इलाज करने की योजना है। सबके इलाज का खर्चा दिल्ली सरकार की तरफ से वहन किया जाएगा। इसका रजिस्ट्रेशन भी कल से किया जाएगा क्या है महिला सम्मान योजना केजरीवाल ने बीते 12 दिसंबर को ही दिल्ली सरकार की ओर से मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की थी। केजरीवाल ने कहा था कि यदि चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी फिर से सत्ता में लौटती है तो मासिक सहायता राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये की जाएगी। ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ की घोषणा इस वर्ष का बजट पेश करते हुए मार्च में 2,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रावधान के साथ की गई थी। उसे दिल्ली कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी है। योजना के तहत दिल्ली में 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को मूल रूप से 1,000 रुपये प्रति माह देने का प्रस्ताव था। ‘आप’ सरकार ने मौजूदा बजट के तहत इस योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। संभावित लाभार्थियों की पात्रता के लिए मानदंड यह है कि महिला सरकारी नौकरी न करती हो या उसे पेंशन नहीं मिलती हो और वह जीएसटी या आयकर का भुगतान नहीं करती हो। ‘बुजुर्गों का मुफ्त इलाज होगा’ इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने 18 दिसंबर को ऐलान किया था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद हमारी ‘आप’ की सरकार बनने के बाद संजीवनी योजना लागू कर दिल्ली के 60 साल से ऊपर के हर बुजुर्ग का मुफ्त इलाज कराएंगे। केजरीवाल ने कहा था कि हमारी सरकार बनने पर 60 साल से अधिक सभी बुजुर्गों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि बुढ़ापे में सभी को एक चीज तकलीफ देती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे 100 बीमारियां आदमी को घेर लेती हैं। आदमी की सबसे बड़ी चिंता होती है कि वह इलाज कैसे कराएगा। मैं दिल्ली के बुजुर्गों के लिए ‘संजीवनी योजना’ का ऐलान कर रहा हूं। 60 साल से ऊपर के जितने भी बुजुर्ग हैं, उनका पूरा इलाज मुफ्त कराया जाएगा। हम चुनाव के बाद इस योजना को पारित करेंगे। ‘आप’ संयोजक ने कहा कि बुजुर्ग चाहे सरकारी अस्पताल में इलाज कराना चाहें या प्राइवेट अस्पताल में, उनका पूरा इलाज मुफ्त कराया जाएगा। अमीर हो या गरीब, सभी बुजुर्गों का इलाज मुफ्त कराया जाएगा। इस योजना में कोई अपर लिमिट नहीं होगी, जितना भी बुजुर्गों की बीमारी पर खर्चा आएगा उसे दिल्ली सरकार वहन करेगी।

AAP के बहाने नहीं बदलाव चाहिए, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने इसे आप पार्टी का सबसे बड़ा झूठ करार दिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली में महिला सम्मान योजना और बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना के रजिस्ट्रेशन को लेकर जानकारी दी। इसपर बीजेपी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने इसे आप का सबसे बड़ा झूठ करार दिया है। बांसुरी स्वराज ने कहा- आज विश्व की सबसे छोटी प्रेस कॉन्फ्रेस केजरीवाल ने की। इतनी छोटी प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए की गई, क्योंकि वह झूठ पुराना हो चुका है। पंजाब में भी ऐसी घोषणाएं आप ने की थी। आज तक पंजाब में महिलाओं के खाते में एक रूपया नहीं आया है। एक महिला सांसद के साथ आपके सचिव ने दुर्व्यवहार किया और उसे मुख्य सलाहकार बनाया गया। संजीवनी योजना के झांसे में दिल्ली के बुजुर्ग न आएं: बांसुरी स्वराज स्वराज ने कहा कि संजीवनी योजना के झांसे में दिल्ली के बुजुर्ग न आएं। आयुष्मान योजना को आम आदमी पार्टी ने लागू नहीं होने दिया। एक दशक की सत्ता भोगने के बाद ये नाटक आप कर रही है। ये चुनावी जुमले हैं और कुछ नहीं। इस मामले पर हम हाईकोर्ट गए। 11 दिसंबर को आप सरकार ने हाईकोर्ट में एफिडेविट फाइल नहीं किया।  

दिल्ली के लोगों को 26 जनवरी में भाग लेने से क्यों रोका जाता है, केजरीवाल ने केंद्र सरकार से सवाल किया

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि दिल्ली के लोगों को 26 जनवरी में भाग लेने से क्यों रोका जाता है। 26 जनवरी की परेड में दिल्ली की झांकी न होने के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने यह बात कही है। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी की परेड में हर साल अलग-अलग राज्यों की झांकियां दिल्ली में कर्तव्य पथ पर निकल जाती हैं। दिल्ली की झांकी शामिल न होने के मुद्दे पर रविवार को अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली तो देश की राजधानी है, दिल्ली के लोगों से इनको इतनी नफरत क्यों है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली तो देश की राजधानी है, ऐसे में राजधानी दिल्ली की झांकी तो हर वर्ष 26 जनवरी की परेड में शामिल होनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि पिछले कितने वर्षों से दिल्ली की झांकी 26 जनवरी की परेड में शामिल नहीं हुई है। जबकि राजधानी की झांकी तो हर साल शामिल होनी चाहिए। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा कि आखिर यह किस किस्म की राजनीति है। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि इन लोगों को दिल्ली से और दिल्ली के लोगों से इतनी नफरत क्यों है। केजरीवाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में आखिर दिल्ली वाले इन लोगों को वोट क्यों दें। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि अभी भी ये लोग दिल्ली में जो पूरा का पूरा चुनाव लड़ रहे हैं, इस पूरे चुनाव में उनके पास कोई नेरेटिव नहीं है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए इनके पास कोई प्लानिंग नहीं है। दिल्ली वासियों के लिए इनके पास कोई विजन या कोई प्रोग्राम नहीं है। इनके पास केवल एक ही चीज है कि आम आदमी पार्टी को सुबह से शाम तक गालियां देना, केजरीवाल को गालियां देना। इससे दिल्ली के लोगों का क्या भला होगा। केजरीवाल ने कहा, “मैं दिल्ली के उपराज्यपाल का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, उन्होंने जो-जो कमियां निकाली है उन सभी कमियों को हम दूर करेंगे। मुझे याद है वह नागलोई-मुंडका रोड पर गए थे। वहां पर उन्होंने बताया था कि सड़क पर गड्ढे हैं। हम वहां सड़क बनवा रहे हैं और कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री आतिशी उस सड़क का उद्घाटन करेंगी। उपराज्यपाल ने रविवार को भी कुछ ऐसी समस्याएं बताई हैं। हम वहां उनके द्वारा बताई गई समस्याओं को हल करते हुए सफाई करवाएंगे। उपराज्यपाल हमें हमारी ऐसी सभी कमियां बताएं, हम वे सारी कमियां दूर करेंगे।”

नोएडा के सेक्टर 65 स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में अचानक भीषण आग लगी, आग लगने से आसपास हड़कंप मचा

नई दिल्ली नोएडा के सेक्टर 65 स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में आज अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से आसपास हड़कंप मच गया और पूरी इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल की 15 गाड़ियां घटनास्थल पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने के लिए पूरा अभियान चलाया जा रहा है। आग बुझाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस घटना के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास की अन्य कंपनियों को भी खाली करवा दिया गया है। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया, “सेक्टर 65 में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में आग लगी है। पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है और दमकल की 15 गाड़ियां आग बुझाने के लिए प्रयासरत हैं।” फिलहाल आग पर काबू पाने के लिए राहत कार्य जारी है और किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

दिल्ली में महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कल से होंगे शुरू

नई दिल्ली दिल्ली की महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली में महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन सोमवार 23 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल आज इसका ऐलान किया। इसके लिए ‘आप’ कार्यकर्ता लोगों के घर-घर जाकर महिलाओं और बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन करेंगे। ‘आप’ मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि महिला सम्मान निधि के 2100 रुपये के लिए दिल्ली सरकार द्वारा कल से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जा रहा है। ‘आप’ पार्टी की तरफ से टीम लोगों के घर जाएगी और वहां पर जाकर रजिस्ट्रेशन करेगी। दूसरी योजना संजीवनी के तहत 60 से अधिक उम्र के बुजुर्गों का मुफ्त इलाज करने की योजना है। सबके इलाज का खर्चा दिल्ली सरकार की तरफ से वहन किया जाएगा। इसका रजिस्ट्रेशन भी कल से किया जाएगा क्या है महिला सम्मान योजना केजरीवाल ने बीते 12 दिसंबर को ही दिल्ली सरकार की ओर से मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की थी। केजरीवाल ने कहा था कि यदि चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी फिर से सत्ता में लौटती है तो मासिक सहायता राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये की जाएगी। ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ की घोषणा इस वर्ष का बजट पेश करते हुए मार्च में 2,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रावधान के साथ की गई थी। उसे दिल्ली कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी है। योजना के तहत दिल्ली में 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को मूल रूप से 1,000 रुपये प्रति माह देने का प्रस्ताव था। ‘आप’ सरकार ने मौजूदा बजट के तहत इस योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। संभावित लाभार्थियों की पात्रता के लिए मानदंड यह है कि महिला सरकारी नौकरी न करती हो या उसे पेंशन नहीं मिलती हो और वह जीएसटी या आयकर का भुगतान नहीं करती हो। ‘बुजुर्गों का मुफ्त इलाज होगा’ इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने 18 दिसंबर को ऐलान किया था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद हमारी ‘आप’ की सरकार बनने के बाद संजीवनी योजना लागू कर दिल्ली के 60 साल से ऊपर के हर बुजुर्ग का मुफ्त इलाज कराएंगे। केजरीवाल ने कहा था कि हमारी सरकार बनने पर 60 साल से अधिक सभी बुजुर्गों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि बुढ़ापे में सभी को एक चीज तकलीफ देती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे 100 बीमारियां आदमी को घेर लेती हैं। आदमी की सबसे बड़ी चिंता होती है कि वह इलाज कैसे कराएगा। मैं दिल्ली के बुजुर्गों के लिए ‘संजीवनी योजना’ का ऐलान कर रहा हूं। 60 साल से ऊपर के जितने भी बुजुर्ग हैं, उनका पूरा इलाज मुफ्त कराया जाएगा। हम चुनाव के बाद इस योजना को पारित करेंगे। ‘आप’ संयोजक ने कहा कि बुजुर्ग चाहे सरकारी अस्पताल में इलाज कराना चाहें या प्राइवेट अस्पताल में, उनका पूरा इलाज मुफ्त कराया जाएगा। अमीर हो या गरीब, सभी बुजुर्गों का इलाज मुफ्त कराया जाएगा। इस योजना में कोई अपर लिमिट नहीं होगी, जितना भी बुजुर्गों की बीमारी पर खर्चा आएगा उसे दिल्ली सरकार वहन करेगी।

लॉरेंस बिश्नोई के नाम की धमकी देकर किया रेप; शख्स पर लगे ऐसे आरोप, फिर मिली जमानत

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पंजाब के एक व्यक्ति को जमानत दी है, जिसे बलात्कार और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देने के आरोप में बुक किया गया था। आरोपी ने अपनी जमानत याचिका में दावा किया कि वह शिकायतकर्ता महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था, लेकिन बाद में उस महिला ने पंजाब पुलिस के एसपी स्तर के एक अधिकारी के साथ संबंध बना लिए। आरोपी ने यह भी आरोप लगाया कि उस अधिकारी ने पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करते हुए उसे झूठे मामले में फंसाया। जमानत याचिका में आरोपी ने व्हाट्सएप चैट्स और एक कॉल रिकॉर्डिंग जैसे तथाकथित सबूत पेश किए, जिनमें उस पुलिस अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता (महिला) को फोन करने का जिक्र था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के वकील आर.के. ग्रेवाल ने अदालत में तर्क दिया, “इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि याचिकाकर्ता ने शिकायतकर्ता (महिला) को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस विभाग में तैनात अधिकारी के प्रभाव में आकर झूठी कहानी गढ़ी। व्हाट्सएप चैट्स और वीडियो रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट है कि पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ रिश्ते में था और वह याचिकाकर्ता के साथ उसके संबंध को बर्दाश्त नहीं कर सका।” इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर उसे धमकाया था। हालांकि, अदालत ने कहा कि इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत दे दी। मामले की आगे की जांच अभी जारी है।

यमुना में अमोनिया घटने तक संकट, दिल्ली के कई इलाकों में एक बार फिर जल संकट गहरा गया

नई दिल्ली दिल्ली के कई इलाकों में एक बार फिर जल संकट गहरा गया है। यमुना में प्रदूषण बढ़ने की वजह से वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में उत्पादन प्रभावित होने की वजह से 30 से अधिक इलाकों में पानी आपूर्ति में दिक्कत हो सकती है। दिल्ली जल बोर्ड ने कहा है कि जब तक अमोनिया का बढ़ा हुआ स्तर कम नहीं हो जाता है तब तक लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली जल बोर्ड की ओर से शनिवार को बताया गया कि वजीराबाद पॉन्ड पर यमुना में अमोनिया का स्तर 5 पीपीएम से अधिक हो गया है। इस वजह से वजीराबबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में उत्पादन 25 से 50 फीसदी तक कम हो गया है। इसलिए जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता है पानी कम प्रेशर पर उपलब्ध होगा। बताया जा रहा है कि कुछ इलाकों में शुक्रवार रात से ही दिक्कत शुरू हो गई थी। वजीराबाद प्लांट से दिल्ली के बड़े भूभाग में पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां हर दिन 131 मिलियन गैलन पानी को साफ किया जाता है। लेकिन अमोनिया बढ़ने से यहां 98.25 एमजीडी उत्पादन हो पा रहा है। उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में लोग पानी कम या ना आने की शिकायतें कर रहे हैं। अब जल बोर्ड ने साफ कर दिया है कि यमुना में अमोनिया का स्तर घटने तक उन्हें असुविधा हो सकती है। इन इलाकों में रहेगी दिक्कत 1. मजून का टीला 28. बुराड़ी और आसपास के इलाके 29. कैंटोनमेंट बोर्ड के कुछ इलाके 30. दक्षिणी दिल्ली और अन्य ऐसे इलाके जो वजीराबाद डब्ल्यूटीपी से जुड़े हैं। मंगवा सकते हैं टैंकर यदि आपके इलाके में पानी की अधिक किल्लत है तो आप दिल्ली जल बोर्ड से टैंकर मंगवा सकते हैं। 1916 पर कॉल करके टैंकर की मांग की जा सकती है।

आप पार्टी ने दिल्ली के मटिया महल से शोएब इकबाल की जगह उनके बेटे आले मोहम्मद को टिकट दिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को दिल्ली के मटिया महल विधानसभा सीट से अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं। इस सीट से शोएब इकबाल की जगह उनके बेटे आले मोहम्मद को टिकट दिया है। आले मोहम्मद आप के चांदनी महल वार्ड से पार्षद हैं। पार्टी ने इससे पहले मेहरौली सीट से अपने प्रत्याशी बदला था। नरेंद्र यादव की जगह महेंद्र चौधरी को टिकट दिया था। कौन हैं आले मोहम्मद मटिया महल सीट से नए उम्मीदवार आले मोहम्मद इकबाल फिलहाल वार्ड नंबर 76 से आप के पार्षद हैं। वह 2023 में एमसीडी के डिप्टी मेयर भी रह चुके हैं। उनके पिता शोएब इकलाब 6 बार के विधायक रह चुके हैं और पार्टी ने उन्हें इस बार भी टिकट दिया था, लेकिन अब उनके बेटे को यहां से मौका मिला है। आले मोहम्मद 2012 से ही लगातार एमसीडी के पार्षद चुने जा रहे हैं। 2022 में एमसीडी चुनाव में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले पार्षद भी आले इकबाल ही थे।  

केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान, दलित छात्रों की मुफ्त विदेशी शिक्षा के लिए अंबेडकर छात्रवृत्ति की घोषणा की

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनावों से पहले आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को शहर के दलित छात्रों की मुफ्त विदेशी शिक्षा के लिए अंबेडकर छात्रवृत्ति की घोषणा की। केजरीवाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर सम्मान छात्रवृत्ति भाजपा द्वारा अंबेडकर के “अपमान” का जवाब है। स्कॉलरशिप बाबासाहेब अंबेडकर के अपमान का जवाब- केजरीवाल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आप मुख्यालय में कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर का अपमान किया और उनका मजाक उड़ाया। अंबेडकर को चाहने वाले करोड़ों लोगों को इससे गहरा दुख हुआ है। केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा ही आगे बढ़ने का रास्ता है और उन्होंने तमाम बाधाओं के बावजूद अमेरिका से पीएचडी हासिल की। आप प्रमुख ने कहा कि यह छात्रवृत्ति भाजपा द्वारा भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता के अपमान का जवाब है। केजरीवाल ने कहा, “इस योजना के तहत दिल्ली का कोई भी दलित छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर सकेगा। अगर उन्हें ऐसे किसी विश्वविद्यालय में दाखिला मिलता है तो दिल्ली सरकार उनकी शिक्षा, यात्रा और आवास का पूरा खर्च वहन करेगी।” सरकारी कर्मचारियों के बच्चे भी योजना के पात्र होंगे सरकारी कर्मचारियों के बच्चे भी इस योजना के लिए पात्र होंगे, उन्होंने कहा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि छात्रवृत्ति कैसे और कब दी जाएगी। फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले, आप सुप्रीमो ने वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में लौटती है तो सभी वयस्क महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह और वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज दिया जाएगा।

आप के पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल ने आज भाजपा का दामन थामा, आप पार्टी को लगा बड़ा झटका

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले आम आदमी पार्टी (आप) को एक बड़ा झटका लगा है। आप के पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत पार्टी के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में सुखबीर सिंह दलाल भाजपा में शामिल हुए। दलाल के भाजपा में शामिल होने से माना जा रहा है कि पार्टी को स्थानीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी। भाजपा में शामिल होने के बाद सुखबीर सिंह ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नीतियों से प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति और विकास कर रहा है। बता दें कि सुखबीर सिंह दलाल दिल्ली के मुंडका सीट से विधायक रह चुके हैं। 2015 में वह आम आदमी पार्टी से विधायक बने थे। 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था। इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जसबीर कराला को उम्मीदवार बनाया है। सियासी गलियारों में खबर है कि भाजपा मुंडका से सुखबीर दलाल को टिकट देकर मैदान में उतार सकती है। बता दें कि इससे पहले दिल्ली सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, दुष्यंत गौतम और अन्य भाजपा नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। कैलाश गहलोत ने भाजपा की सदस्यता लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा था कि आम आदमी पार्टी छोड़ना मेरे लिए आसान कदम नहीं था। अन्ना आंदोलन से मैं पार्टी से जुड़ा था। लगातार दिल्लीवासियों के लिए काम किया। हर कोई सोच रहा है कि मैंने किसी दबाव में यह निर्णय लिया। मैंने आज तक किसी के दबाव में कोई काम नहीं किया। 2015 से राजनीतिक जीवन से पार्टी में रहकर कोई भी काम दबाव में नहीं किया।  

दिल्ली के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में विश्व ध्यान दिवस पर सैकड़ों लोगों ने ध्यान लगाया

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया है। इस अवसर पर दिल्ली के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में विश्व ध्यान दिवस पर सैकड़ों लोगों ने ध्यान लगाया। योग अनुसंधान अधिकारी ए. दौरेन सिंह ने बताया, “मैं इस केंद्र में लगभग 25 सालों से काम कर रहा हूं। 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। साथ ही 21 दिसंबर को अब से विश्व ध्यान दिवस मनाया जाएगा। यह दोनों ही विशेष दिवस हैं। एक साल का सबसे बड़ा दिन है, तो दूसरा साल की सबसे बड़ी रात है। बिना ध्यान के योग अधूरा है। इसलिए हर व्यक्ति को योग करना चाहिए। अभी तक लोगों को लगता था कि योग अलग है, ध्यान अलग है। लेकिन, ध्यान एक योग की ही प्रक्रिया है। जिसको योग करना है, उसके लिए ध्यान जरूरी है। बिना ध्यान के मन शांत नहीं होता है। आजकल की भागम भाग भरी जिंदगी में हर किसी को तनाव और एनजाइटी है। इसलिए मन शांत रखना चाहिए।” एक अन्य प्रतिभागी सेजल ने बताया, “मैं यहां फाउंडेशन कोर्स की छात्र हूं। मुझे योग सीखते दो महीने हो गए है। हम इसके माध्यम से दुनिया को दिखा रहे हैं कि हमारी जड़ें कहां हैं। आजकल के लोग मानसिक रूप से स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से योग की भूमिका अहम हो जाती है।” पीतमपुरा की रहने वाली रजनी अग्रवाल ने कहा, “मैंने यहां से फाउंडेशन कोर्स किया है। इसके बाद मैंने यहां से कई कोर्सेज किए। हम सब योग को बहुत मानते हैं। योग हमारे शरीर को ठीक रखता है। लेकिन, ध्यान हमारे मानसिक तनाव को दूर करता है। इस समय की कार्यशैली की वजह से लगभग हर व्यक्ति तनाव में रहता है। इससे लोगों को कई मानसिक बीमारियां हो जाती हैं। इससे हमारी शारीरिक स्थिति भी खराब हो जाती है। जब तक हम अंदर से शांत नहीं होंगे तब तक हमारा योग करने से कोई मतलब नहीं है। इसमें ध्यान बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।”  

दिल्ली चुनाव में इस बार पूर्व बस मार्शल भी ‘जनहित दल’ पार्टी के बैनर तले दिल्ली के सियासी समर में कूद गए

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। कांग्रेस-भाजपा और आम आदमी पार्टी के अलावा इस बार पूर्व बस मार्शल भी ‘जनहित दल’ पार्टी के बैनर तले दिल्ली के सियासी समर में कूद गए हैं। दिल्ली डेमोक्रेटिक एलायंस की तरफ से शुक्रवार शाम दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए छह प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई। दिल्ली डेमोक्रेटिक एलायंस में जनता पार्टी के साथ जनहित दल और दिल्ली जनता पार्टी शामिल हैं। नई दिल्ली विधानसभा सीट से आदित्य राय, बुराड़ी विधानसभा सीट से अनिल कुमार, तिमारपुर विधानसभा सीट से राकेश रंजन श्रीवास्तव, मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से ललित भाटी, मुंडका विधानसभा सीट से प्रवीण कुमार लकड़ा और नरेला विधानसभा सीट से श्रीमती श्यामो देवी को उम्मीदवार बनाया है। तिमारपुर विधानसभा को छोड़कर इन सभी छह प्रत्याशियों में से शेष सभी 5 सिविल डिफेंस वॉलंटियर हैं। यह पांचों प्रत्याशी उन दस हजार सिविल डिफेंस कर्मियों में से चुने गए हैं जो आज पिछले चौदह महीनों से अपनी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि हमने इन सिविल डिफेंस कर्मियों के संघर्ष को सदा सहयोग किया है और कोर्ट में इनके हक के लिए लड़ रहे हैं। हमारे साथी अंशुमन जोशी (अध्यक्ष-जनहित दल) वाले काफी समय से इस संघर्ष के साक्षी और सहयोगी हैं। ‘आप’ और कांग्रेस ने उतारे उम्मीदवार, भाजपा का इंतजार दिल्ली विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने हैं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 तक है। दिल्ली में अभी तक दिल्ली में चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सियासी दलों की चुनावी तैयारियां चरम पर हैं। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने सबसे पहले दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। वहीं कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट जारी कर दी है। माना जा रहा है कि भाजपा भी अगले हफ्ते अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सकती है।

ईडी ने पांच दिसंबर को केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए एलजी से अनुमति मांगी थी, मिली अनुमति, बढ़ेगी मुश्किलें

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय को मंजूरी दे दी है। ईडी ने पांच दिसंबर को केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए एलजी से अनुमति मांगी थी। ईडी ने बताया था कि उसे शराब नीति बनाने और उसके कार्यान्वयन में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का पता चला है, जिसकी जांच के लिए उसने एलजी से इजाजत मांगी थी। इस साल 17 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अभियोजन शिकायत) में एजेंसी ने इसका उल्लेख किया था। जिसपर कोर्ट ने 9 जुलाई को संज्ञान लिया। क्या है ईडी की शिकायत ईडी ने आप सुप्रीमो के तौर पर केजरीवाल के खिलाफ केस चलाने की उपराज्यपाल से इजाजत मांगी थी, जो उसे मिल गई है। ईडी ने अभियोजन शिकायत में आरोप लगाया है कि केजरीवाल ने ‘साउथ ग्रुप’ के सदस्यों के साथ मिलकर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली और ‘टेलर-मेड’ शराब नीति तैयार और उसे लागू करके निजी संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुंचाया। इसमें कहा गया है कि साउथ ग्रुप के लिए अलग-अलग शराब की दुकानों में हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई और उसे आबकारी नीति 2021-22 के उद्देश्यों के विरुद्ध कई रीटेल जोन रखने की अनुमति दी गई। केजरीवाल हैं जिम्मेदार ईडी ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि अपराध की आय से मिले लगभग 45 करोड़ रुपये गोवा चुनावों में केजरीवाल की मिलीभगत और सहमति से पार्टी के प्रचार में इस्तेमाल किए गए। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि आप अपराध की आय की ‘मुख्य लाभार्थी’ थी। अंततः केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक और राजनीतिक मामलों की समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य होने के नाते, गोवा चुनावों के दौरान धन के उपयोग को लेकर जिम्मेदार हैं। आप ने क्या कहा इस मामले पर आप का कहना है कि 250 से अधिक छापे मारे गए लेकिन एक भी पैसा नहीं मिला। बीजेपी का मकसद केजरीवाल को कुचलना है। पार्टी ने कहा, ‘तथाकथित शराब घोटाले की जांच दो साल तक चली, 500 लोगों को परेशान किया गया, 50,000 पन्नों के दस्तावेज दाखिल किए गए और 250 से अधिक छापे मारे गए, लेकिन एक भी पैसा नहीं मिला। विभिन्न अदालती आदेशों द्वारा मामले में कई तरह की खामियां उजागर की गईं। भाजपा का असली लक्ष्य किसी भी तरह से आप और अरविंद केजरीवाल को कुचलना है।’ दो तरह से आरोपी हैं केजरीवाल अरविंद केजरीवाल दिल्ली की शराब नीति से जुड़े कथित घोटाले के मामले में दो तरह से आरोपी हैं। एक केस उनपर बतौर मुख्यमंत्री होने के नाते अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नीति बनाने के आरोप में चल रहा है। इस मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से सितंबर में जमानत मिली थी। दूसरा केस, जिसकी हाल ही में अनुमति उपराज्यपाल से मिली है, वो आप के मुखिया होने के नाते है। इजाजत मिलने के बाद अब ईडी उनके खिलाफ मुकदमा चलाएगी।

दिल्ली स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां 1 जनवरी से शुरू होकर 15 जनवरी 2025 तक रहेंगी

नई दिल्ली दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DOE) ने राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों के लिए सर्दी की छुट्टियां घोषित कर दी हैं, जो 1 जनवरी से शुरू होकर 15 जनवरी 2025 तक रहेंगी। इस दौरान, शिक्षा विभाग ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए सुधारक कक्षाओं के दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। ये कक्षाएं 10 दिनों तक चलेंगी और छात्रों को उनकी कमजोरियों वाले विषयों के बुनियादी सिद्धांतों को समझने में मदद करेंगी। शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कक्षा 9 से 11 तक के छात्रों के लिए अंग्रेजी, विज्ञान और गणित को दैनिक आधार पर पढ़ाया जाएगा। वहीं, कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए सुधारक कक्षाएं प्री-बोर्ड प्रश्न पत्रों की पुनरावृत्ति और अभ्यास पर केंद्रित रहेंगी। शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को प्रश्न पत्रों को सही तरीके से हल करने की विधियां भी सिखाएं। इसके साथ ही सहायक सामग्री का प्रभावी रूप से उपयोग करने पर भी जोर दिया जाएगा। विभाग ने यह भी कहा है कि संबंधित विषय के शिक्षकों को यह समझना आवश्यक है कि छात्रों के कौन से विषय या टॉपिक्स कठिन हैं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से ध्यान देना चाहिए, ताकि छात्र अपनी समस्याओं को हल कर सकें। सभी स्कूलों से कहा गया है कि वे इन सुधारक कक्षाओं की सूचना छात्रों और उनके माता-पिता को पहले से ही सुबह/शाम की सभा, SMC बैठकें, छात्रों की डायरी और सामूहिक SMS के माध्यम से दें। स्कूल प्रमुख (HoS) यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि सभी छात्र इन कक्षाओं में शामिल हों।

अब भाजपा को दिल्ली का पूरा पूर्वांचली समाज जवाब देगा: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान पर उन्हें घेरते हुए कहा है कि उन्होंने पूर्वांचल के रहने वालों के लिए जो बयान दिया है, वह पूरी तरीके से गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपी नड्डा ने संसद में दो दिन पहले हमारे पूर्वांचल के रहने वाले भाइयों की रोहिंग्या, बांग्लादेशियों और घुसपैठियों से तुलना की थी। दिल्ली का पूरा पूर्वांचली समाज अब भाजपा को जवाब देगा। दरअसल, आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह आम आदमी पार्टी के वोटरों के वोट कटवाने के लिए इलेक्शन कमीशन को पत्र दे रही है और जिसमें नाम-पता सब कुछ होने के बावजूद उनके उस स्थान पर नहीं होना बताया गया था। इस पर आम आदमी पार्टी ने अपनी तरफ से एक सर्वे भी करवाया था, जिसमें तकरीबन 75 प्रतिशत लोग इस पते पर पाए गए, जिनके वोट कटवाने के लिए भाजपा की तरफ से आवेदन दिए गए थे। इसी मुद्दे पर जब सदन में सवाल उठा तो भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा ने जिन लोगों का भी नाम कटवाने के लिए पत्र दिया है, उसमें उन्होंने कारण लिखे होंगे। फिर चाहे वह पूर्वांचली हो, रोहिंग्या हो या बांग्लादेशी हों। उनके बयान को आम आदमी पार्टी ने मुद्दा बनाया और अब भाजपा पर हमलावर है। अरविंद केजरीवाल ने इस बयान को लेकर कहा कि जब से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, हमने पूर्वांचलियों को सम्मान दिया है और हम हमेशा उन्हें सम्मान देते रहेंगे।

प्रदूषण से कान, नाक और गले पर भी बुरा असर पड़ता है, हल्के में न लें

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। महीने भर से सिलसिला जारी है हालांकि बीच में कुछ हद तक स्थिति नियंत्रण में थी लेकिन एक बार फिर एक्यूआई ने लोगों की पेशानी पर बल डाल दिया है। प्रदूषण से कान, नाक और गले पर भी बुरा असर पड़ता है। हाल ही में इसे लेकर दिल्ली में एक सर्वे कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य निकल कर सामने आए। हेल्थकेयर प्रदाता प्रिस्टीन केयर द्वारा कराए सर्वेक्षण में दिल्ली, मेरठ, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, रोहतक, चंडीगढ़, कानपुर आदि शहरों के 56,176 व्यक्तियों को शामिल किया गया। इनमें से लगभग आधे (41 प्रतिशत) ने उच्च प्रदूषण की अवधि के दौरान आंखों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी, जबकि 55 प्रतिशत ने अपने कान, नाक या गले को प्रभावित करने वाली समस्याओं की बात बताई। इनमें से 38 प्रतिशत ने प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन और सूजन की शिकायत की है। इसके प्रभावित लोगों में आंखें में लालिमा और खुजली जैसे आम लक्षण दिखाई दिए। लोगों ने प्रदूषण बढ़ने के दौरान इन बीमारियों में वृद्धि का उल्लेंख किया। इसमें गले में खराश, नाक में जलन और कान में तकलीफ जैसी ईएनटी समस्याएं भी शामिल थीं। इन स्वास्थ्य समस्यांओं ने दीर्घकालिक चिंताएं पैदा की। इस सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि ईएनटी समस्यांओं से जूझ रहे 68 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों से परामर्श नहीं करते। प्रिस्टिन केयर के ईएनटी सर्जन डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया, ”खतरनाक वायु गुणवत्ता सभी के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। बच्चे विशेष रूप से इसके प्रति संवेदनशील हैं। ऐसी हवा के संपर्क में आने से नाक और कान में संवेदनशील श्लेष्म झिल्ली में जलन हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप समय के साथ पुरानी स्थितियां हो सकती हैं। इन सबसे बचने के लिए बाहरी संपर्क को कम करना, मास्क पहनना और हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है। इसके साथ ही आंखों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।” वही प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक डॉ वैभव कपूर ने कहा, “यह जानकर आश्चर्य होता है कि लोग प्रदूषण और स्वास्थ्य पर इसके हानिकारक प्रभाव को कितने हल्के में लेते हैं। आंख और ईएनटी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि के उपायों की तत्काल आवश्यकता पर जोर देती है। बढ़ते प्रदूषण के स्तर के साथ, व्यक्तियों को अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।” इन चुनौतियों के बावजूद सर्वेक्षण ने जनता के बीच इससे निपटने के उपायों को अपनाने में कमी नजर आई। केवल 35 प्रतिशत ने सुरक्षात्मक आईवियर या धूप का चश्मा पहनने की सूचना दी, और लगभग 40 प्रतिशत ने उच्च प्रदूषण वाले दिनों में ईएनटी से संबंधित मुद्दों के लिए कोई विशेष सावधानी नहीं बरतने की बात स्वीकार की। फिर भी, आधे से अधिक लोगों ने आंखों और ईएनटी स्वास्थ्य पर प्रदूषण के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में चिंता व्यक्त की।  

दिल्ली के चार स्कूलों में तो वहीं नोएडा के एक स्कूल को मेल के जरिए धमकी दी गई, बम से उड़ाने की धमकी

नोएडा दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग स्कूलों में शुक्रवार को एक बार फिर धमकी भरा मेल मिलने से सनसनी मच गई है। एक तरफ दिल्ली के चार स्कूलों में तो वहीं नोएडा के एक स्कूल को मेल के जरिए धमकी दी गई है। स्कूलों को धमकी भरे मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया है। राहत की बात है कि अभी तक कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। फायर विभाग दिल्ली की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें सुबह 5.02 बजे डीपीएस द्वारका से पहली कॉल मिली, जिसके बाद एक फायर टेंडर और टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया है। इसके साथ ही पुलिस टीम, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड भी पहुंच गए और तलाशी अभियान शुरू किया गया है। डीपीएस स्कूल में जब तलाशी अभियान चलाया जा रहा था तभी तीन और स्कूलों जाफरपुर में कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, पश्चिम विहार में विशाल भारती और नजफगढ़ में एकता मॉडल स्कूल ने भी इसी तरह की धमकी मिलने के बारे में अलर्ट जारी किया था। दिल्ली पुलिस की कई टीमें फिलहाल स्कूल परिसर की जांच कर रही हैं। इस बीच, कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर नोएडा के लोटस वैली इंटरनेशनल ने माता-पिता से आपातकालीन स्थिति के कारण अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने के लिए कहा है। स्कूल की तरफ से जारी किए गए मैसेज में कहा गया है कि “आज स्कूल बंद रहेगा, और जो लोग बसों में चढ़ गए हैं उन्हें घर वापस भेजा जा रहा है। कृपया सुनिश्चित करें कि वह घर पर सकुशल पहुंच जाएं। हमें हुई असुविधा के लिए खेद है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली में इस साल एक के बाद कई बम की धमकियां मिली हैं। अगर बात की जाए तो बीते 11 दिनों में छठी बार है। जब बम की धमकी मिली है।  

महिलाओं को साधने की जद्दोजहद, दिल्ली में बड़े ऐलान की तैयारी, AAP से भी ज्यादा पैसा देने का वादा कर सकती है BJP!

नई दिल्ली दिल्ली में सभी पार्टियां आधी आबादी यानी महिलाओं को साधने की जद्दोजहद कर रहे हैं। सत्तासीन आम आदमी पार्टी (आप) ने जहां ऐलान किया है कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की पहली किस्त (1000 रुपए) महिलाओं के खाते में भेजेगी। वहीं भाजपा आप से बड़ी योजना के ऐलान को लेकर तैयारी कर रही है। ऐसी अटकले हैं कि भाजपा अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए एक योजना का ऐलान कर सकती है, जिसके तहत उन्हें प्रतिमाह 2,500 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा पार्टी छठ पूजा या करवा चौथ जैसे त्यौहारों के दौरान साल में एक बार लगभग 1,000 रुपये देगी। दोबारा जीतने पर 2100 देगी आप सरकार आप सरकार ने हाल ही में महिला सम्मान योजना शुरू की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है, जिसकी रकम दोबारा सत्ता में आने पर बढ़कर 2,100 रुपये कर दी जाएगी। वहीं टीओआई ने भाजपा पदाधिकारियों के हवाले से बताया है कि घोषणापत्र समिति पार्टी शासित राज्यों में चल रही डायरेक्ट ट्रांसफर वाली योजनाओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के लिए सटीक राशि फिलहाल तय नहीं हुई है, लेकिन यह निश्चित तौर पर आप के वादे से ज्यादा होगी। फ्री योजनाओं का मिलता रहेगा लाभ भाजपा के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि घोषणापत्र में पार्टी लोगों को आश्वस्त करेगी कि वह पानी और बिजली की मौजूदा मुफ्त योजनाएं जारी रखेगी। दिल्ली सरकार प्रति माह 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देती है। हर महीने 201 से 400 यूनिट बिजली की खपत करने वालों को 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। वहीं 20,000 लीटर तक पानी इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को भी इतनी ही सब्सिडी मिलती है। जनता से मांगे सुझाव दिल्ली भाजपा ने इस महीने की शुरुआत में घोषणापत्र तैयार करने से पहले जनता से सुझाव मांगने के लिए इस महीने की शुरुआत में ‘मेरी दिल्ली मेरा संकल्प भाजपा’ नाम से एक अभियान शुरू किया था। पार्टी जिन फीडबैक और मुद्दों पर काम कर रही है, उनमें नौकरी की सुरक्षा, वेतन संशोधन और छात्रों के लिए स्कॉलरशिप शामिल हैं। एक नेता ने कहा कि दिल्ली के लोग जानते हैं कि भाजपा कानूनों में बदलाव करने की बेहतर स्थिति में है, क्योंकि केंद्र में भी हमारी सरकार है।

बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी और फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजपूत को चोटें आई हैं, पीएम ने पूछा हाल-चाल

नई दिल्ली संसद भवन के बाहर हुई धक्का-मुक्की में भाजपा के दो सांसद घायल हुए हैं। बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी और फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजपूत को चोटें आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों सांसदों को फोन करके उनसे हाल-चाल पूछा है। बता दें कि प्रताप सारंगी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने एक अन्य सांसद को धक्का मारा। इसके बाद वह सांसद प्रताप सारंगी के ऊपर गिर पड़े। इससे प्रताप सारंगी के माथे पर गहरी चोटें लगी हैं। बाद में पता चला कि सांसद मुकेश राजपूत को भी चोट लगी है। दोनों सांसद फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के ऊपर हमला बोला है। भाजपा इस मामले में कानूनी रास्ता भी देख रही है। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहाकि राहुल गांधी मारपीट करने के लिए बीच में घुसे थे। उनका व्यवहार मानो गुंडे का व्यवहार था, यह देश गुंडे को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने हमारे एक बुजुर्ग सांसद को धक्का देकर गिरा दिया। गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने मुख्य विपक्षी दल पर संविधान निर्माता के अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच कथित तौर धक्का-मुक्की भी हुई। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्का-मुक्की की जिसमें उसके सांसद प्रताप सारंगी के सिर पर चोट लग गई। दूसरी तरफ, राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की। राहुल गांधी ने कहाकि मैं अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। भाजपा के सांसद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे, मुझे धमका रहे थे। अक्सर सफेद रंग टी-शर्ट पहनने वाले राहुल गांधी गुरुवार को नीले रंग की टी-शर्ट पहनकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि संविधान और बाबासाहेब की स्मृति का अपमान हुआ है।

भाजपा ने आतिशी का आरक्षण पर एक पुराना बयान निकालकर बड़ा पलटवार किया, चुनाव में आंबेडकर पर घमासान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर घमासान छिड़ गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी (आप) और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल बेहद आक्रामक हैं। इस बीच भाजपा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी का आरक्षण पर एक बुराना बयान निकालकर बड़ा पलटवार किया है। भाजपा ने 10 साल पुराने बयान की याद दिलाकर ‘आप’ पर आरक्षण और दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी के पुराने ट्वीट के स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए एक्स पर लिखा, ‘आम आदमी पार्टी ने हमेशा से आरक्षण के खिलाफ अपनी मानसिकता को जाहिर किया है। मुख्यमंत्री आतिशी का यह ट्वीट इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जिसमें उन्होंने आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। यह साफ दर्शाता है कि ‘आम आदमी’ का झूठा मुखौटा पहनने वाली AAP वास्तव में दलितों, पिछड़ों और वंचितों के हक के खिलाफ काम करती रही है।’ भाजपा के और भी नेता और कार्यकर्ता आतिशी का पुराना बयान दिखाकर ‘आप’ से सवाल दाग रहे हैं। भाजपा इसके साथ हैशटैग ‘आप अगेंस्ट रिजर्वेशन’ का इस्तेमाल कर रही है। आतिशी का पुराना बयान भाजपा आतिशी के जिस बयान को सामने आई है वह 4 अप्रैल 2014 का है। तब #askatishiaap के जरिए आतिशी एक्स (तब ट्विटर) पर सोशल मीडिया यूजर्स के सवालों का जवाब दे रही थीं। सुधांशु नाम के एक एक्स यूजर ने आतिशी से पूछा, ‘नौकरी और उच्च शिक्षा में आरक्षण को लेकर आम आदमी पार्टी की राय क्या है?’ इसके जवाब में आतिशी ने जवाब दिया, ‘जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है, उनकी अगली पीढ़ी को कतार में सबसे पीछे रखना चाहिए।’

केजरीवाल का नया दांव, गिराना चाहते हैं मोदी सरकार, नीतीश-नायडू को लेटर लिख समर्थन वापस लेने को कहा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंंत्री अरविंद केजरीवाल ने आंबेडकर विवाद पर नया दांव चल दिया है। वह इसके सहारे मोदी सरकार को गिराना चाहते हैं। केजरीवाल ने इसके लिए नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को चिट्ठी लिखी है। एनडीए सरकार के दोनों अहम साझेदारों से केजरीवाल ने समर्थन वापस लेने के लिए विचार करने को कहा है। लोकसभा में भाजपा की 240 सीटें हैं। सरकार चलती रहे इसके लिए नीतीश कुमार की जेडीयू और नायडू की टीडीपी की भूमिका अहम है। केजरीवाल ने नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को लिखे लेटर को सार्वजनिक भी किया है। इसमें उन्होंने संसद में अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि गृहमंत्री ने बाबा साहब का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि इससे देशभर में करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया है। केजरीवाल ने लिखा कि अमित शाह ने अपने बयान पर माफी मांगने की बजाय इसे सही ठहराया है। प्रधानमंत्री ने भी सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया। केजरीवाल ने आगे लिखा, ‘लोग यह महसूस करने लगे हैं कि जो बाबा साहब का सम्मान करते हैं वो भाजपा का समर्थन नहीं कर सकते हैं। बाबा साहब सिर्फ एक नेता नहीं, राष्ट्र की आत्मा हैं। भाजपा के इस बयान के बाद लोग आप से उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे पर गहराई से विचार करें।’ अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले भाजपा मुख्यालय के पास प्रदर्शन भी किया। उन्होंने सड़क पर धरना दिया और कहा कि दिल्ली में घर-घर जाकर वह बताने वाले हैं। गौरतलब है कि संविधान पर संसद में चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर कांग्रेस के रवैये की आलोचना कर रहे थे। इस दौरान उनकी ओर से की गई टिप्पणी के एक अंश को लेकर विपक्ष हमलावर है और अमित शाह पर संविधान निर्माता के अपमान का आरोप लगा रही है। हालांकि, खुद अमित शाह ने बुधवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी सफाई पेश की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल उनके भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। अमित शाह ने मीडिया से अपील की कि उनके पूरे बयान को दिखाया जाए। भाजपा का आरोप है कि अमित शाह का 12 सेकेंड के वीडियो क्लिप को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, उनके पूरे बयान को नहीं दिखाया जा रहा है।

अमानतुल्लाह खान ने कहा- दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आप पार्टी 60 से अधिक सीटों पर जीतकर सरकार बनाएगी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर आम आदमी पार्टी ने 70 की 70 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र ओखला विधानसभा से आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर अमानतुल्लाह खान पर भरोसा जताया है। अमानतुल्लाह खान वर्तमान में इस सीट से विधायक हैं। टिकट मिलने के बाद वह ओखला विधानसभा क्षेत्र में लोगों से रूबरू हो रहे हैं और जनसमर्थन जुटा रहे हैं। बुधवार को अमानतुल्लाह खान ने बातचीत के दौरान कहा कि मुझे तीसरी बार उम्मीदवार बनाने के लिए मैं अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेतृत्व का बहुत आभारी हूं। मैं उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरूंगा और लोगों के लिए काम करूंगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की लहर चल रही है। केजरीवाल के 10 सालों में किए गए कार्यों से जनता खुश है। पिछली बार इस सीट से रिकॉर्ड जीत हासिल की थी। इस बार भी हम इस सीट पर रिकॉर्ड जीत हासिल करेंगे। मैं समझता हूं कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी 60 से अधिक सीटों पर जीतकर सरकार बनाएगी। भाजपा के साथ मुकाबले पर उन्होंन कहा है कि भाजपा मुकाबले में दूर-दूर तक नहीं है। क्योंकि, भाजपा के पास कोई भी मुद्दा नहीं है। भाजपा का एक ही काम है अरविंद केजरीवाल को गाली देना। आम आदमी पार्टी जो काम कर रही है उन कामों को रोकना ही भाजपा के पास एकमात्र काम है। ओखला विधानसभा में हम लोगों ने कई कार्य किए हैं। हालांकि, मेरे जेल जाने से काम प्रभावित हुए हैं। लेकिन, मैं जेल से बाहर आया हूं तो मैं लोगों से मिल रहा हूं उनकी समस्याओं को सुन रहा हूं और जो कार्य रह गए थे उन कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है। बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर अभी चुनाव आयोग की ओर से घोषणा नहीं की गई है।

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बुज़ुर्गों के लिए एक स्पेशन स्कीम का ऐलान किया, बुज़ुर्गों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना का ऐलान किया है। इस योजना में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुज़ुर्गों का इलाज फ्री में होगा। ये केजरीवाल की गारंटी है।  केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने दिल्ली के बुज़ुर्गों के लिए एक स्पेशन स्कीम का ऐलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में 60 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों का इलाज मुफ्त होगा। ये केजरीवाल की गारंटी है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे 100 बीमारियों आकर घेर लेती हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चिंता इलाज की होती है। मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूं, जो काफी अच्छे परिवार से आते हैं, लेकिन फिर भी उनके बच्चे उनका ख्याल नहीं रखते। उन्होंने कहा कि रामायण में एक प्रसंग है जब लक्ष्मण मूर्च्छित हो गए थे और हनुमान ने उनके लिए संजीवनी बूटी लाकर उन्हें जीवनदान दिया। आज, मैं दिल्ली सरकार के लिए बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना का ऐलान कर रहा हूं। इस योजना के तहत 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों का इलाज पूरी तरह से निशुल्क होगा। चुनाव के बाद हम इस योजना को पारित करेंगे और इसमें किसी भी तरह की आय सीमा नहीं होगी। आपको एक कार्ड दिया जाएगा, जिसे संभालकर रखना होगा। जैसे ही आम आदमी पार्टी चुनाव जीतकर सरकार बनाएगी, यह योजना पारित कर लागू की जाएगी। जानते हैं क्या है संजीवनी स्कीम- संजीवनी स्कीम 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए लाई गई है। इस योजना के तहत बुजुर्गों का इलाज निशुल्क होगा। वे सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा सकते हैं। इस स्कीम के तहत आप पार्टी के कार्यकर्ता अगले दो से तीन दिनों में घर-घर जाकर बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन करेंगे। इस स्कीम इलाज करवाने वाले बुज़ुर्गों का पूरा खर्चा दिल्ली सरकार करेगी। महिलाओं के लिए भी लाई गई थी स्कीम- जानकारी के लिए बता दें कि बीते सप्ताह केजरीवाल ने महिलाओं के लिए महिला सम्मान योजना भी पेश की थी। इस स्कीम में दिल्ली की 18 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये जबकि चुनाव जीतने के बाद 2100 रुपये मिलना शुरू हो जाएंगे।

केजरीवाल ने भाजपा मुख्यालय के पास धरना देते हुए कहा कि वह दिल्ली चुनाव में आंबेडकर मामले को घर-घर लेकर जाएंगे

नई दिल्ली गृहमंत्री अमित शाह की ओर से संसद में भीमराव आंबेडकर पर दिए गए बयान को बाबा साहब का अपमान बताते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली चुनाव में इसे मुद्दा बनाने की बात कही है। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा मुख्यालय के पास धरना देते हुए कहा कि वह दिल्ली चुनाव में इस बात को घर-घर लेकर जाएंगे। पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा के समर्थकों को भाजपा और बाबा साहब में से किसी एक को चुनना होगा। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नारा देते हुए लिखा- जो बाबा साहेब से करे प्यार, वो बीजेपी को करे इनकार। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के कार्यकर्ताओं संग भाजपा मुख्यालय के पास सड़क पर धरना दिया। वह भाजपा मुख्यालय तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। केजरीवाल ने सड़क पर बैठकर मीडिया से बात की और भाजपा पर आरोप लगाया कि जानबूझकर बाबा साहब का अपमान किया गया। केजरीवाल ने कहा, ‘मैं अमित शाह जी से कहना चाहता हूं कि देश के करोड़ों दलितों, गरीबों, पिछड़ों, वंचितों के लिए बाबा साहब भगवान से कम नहीं। मरने के बाद पता नहीं स्वर्ग मिलता है या नहीं, लेकिन पृथ्वी पर करोड़ों लोग जिंदा हैं क्योंकि उन्हें संविधान ने जीने और रहने का हक दिया। जिस तरह अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुईं।’ केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री जी अमित शाह जी के समर्थन में उतर आए उससे लगता है कि कल जो अमित शाह ने कहा था वह भाजपा की सोची हुई रणनीति थी, जिसके तहत संसद में बाबा साहब का अपमान किया गया। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। इससे साफ हो गया कि भाजपा बाबा साहब और संविधान के खिलाफ है। अब भाजपा के समर्थकों को चुनना पड़ेगा कि या तो भाजपा के साथ हैं या बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के साथ। आप दोनों के साथ नहीं हो सकते हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वो बाबा साहब के खिलाफ हैं। दिल्ली में चुनाव, हम घर-घर ले जाएंगे यह बात: केजरीवाल पूर्व सीएम ने कहा, ‘हम मांग करते हैं कि अमित शाह जी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जो लोगों में रोष है वह खत्म तो नहीं हो सकता है, लेकिन गुस्सा कम हो सकता है। हम देशभर में इस बात को लेकर जाएंगे कि किस तरह भाजपा और शीर्ष नेतृत्व बाबा साहब का अपमान कर रहा है। दिल्ली में चुनाव है, हम घर-घर में इस बात को लेकर जाएंगे कि किस तरह उनका अपमान हो रहा है।’

‘आप’ के संयोजक केजरीवाल पार्टी मुख्यालय में संजीवनी योजना लॉन्च करने जा रहे हैं, बुजुर्गों के लिए एक बड़ी घोषणा होगी

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने एक और बड़ा ऐलान करने जा रही है। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संजीवनी योजना लॉन्च करने जा रहे हैं। इस स्कीम के तहत दिल्ली के बुजुर्गों के लिए एक बड़ी घोषणा की जाएगी। इस अहम ऐलान के लिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में बुजुर्गों को ‘आप’ मुख्यालय में लाया गया है। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दो बड़े ऐलान किए हैं। एक तरफ जहां ऑटो चालकों को उनकी मदद के लिए ‘पांच गारंटी’ दी गई तो दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। ‘आप’ ने वादा किया है कि यदि दिल्ली में उनकी सरकार बनी तो हर महिला को 2100 रुपए की मासिक सहायता दी जाएगी। पार्टी एक बार फिर दिल्ली चुनाव में ‘मुफ्त रेवड़ियों’ को मुख्य मुद्दा बनाने की कोशिश में जुटी है। खुद अरविंद केजरीवाल अपनी हर सभा और पदयात्रा में यह गिनाना नहीं भूलते कि वह जनता को कौन-कौन सी मुफ्त सुविधाएं दे रहे हैं। 200 यूनिट मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, मुफ्त इलाज जैसी 6 सुविधाओं को वह ‘6 रेवड़ी’ कहते हैं और बताते हैं कि 7वीं रेवड़ी महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में आ रही है। दिल्ली में लगातार चौथी जीत के लिए ‘आप’ एक तरफ जहां जनता से नए-नए वादे कर रही है तो दूसरी तरफ सबसे पहले उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। 10 साल की एंटी इनकंबेंसी फैक्टर की काट के लिए केजरीवाल ने अपने 20 विधायकों के टिकट भी काट दिए हैं। वहीं मनीष सिसोदिया और राखी बिड़लान जैसे बड़े नेताओं की सीट बदलने में भी संकोच नहीं किया।

दिल्ली में 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों का होगा मुफ्त इलाज, केजरीवाल ने किया संजीवनी योजना का एलान

There will be free treatment for elderly people above 60 years of age in Delhi, Kejriwal announced Sanjeevani scheme. नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना शुरू करने का एलान किया है।इस योजना के तहत दिल्ली में 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों का नि:शुल्क उपचार दिया जाएगा। केजरीवाल ने एलान किया कि उनके उपचार का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। महिलाओं के लिए भी किया था बड़ा एलान इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सभी महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की थी। केजरीवाल ने कहा कि चुनाव के बाद दिल्ली की हर महिला के खाते में 2100 रुपये भेजे जाएंगे।

जहांगीरपुरी से लेकर समयपुर बादली के बीच अगले 10 दिन तक मेट्रो सेवाएं प्रभावित रहेंगी: डीएमआरसी

नई दिल्ली डीएमआरसी ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले 10 दिन तक कुछ हिस्सों में दिल्ली मेट्रो की सेवाएं प्रभावित रहेंगी। जहांगीरपुरी से लेकर समयपुर बादली के बीच बुधवार से लेकर 10 दिन तक मेट्रो सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इन बदलाव में मेट्रों की आवाजाही में परिवर्तन हुए हैं। साथ ही कहीं-कहीं की सेवाएं बंद भी की गई हैं। डीएमआरसी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी शेयर की। इसके अनुसार, जहांगीरपुरी से समयपुर बादली जाने वाली मेट्रो के समय में बदलाव किया गया है। अभी तक इस हिस्से में मेट्रो सुबह 6:18 बजे से लेकर रात 12:14 बजे तक चलती थीं, लेकिन इन दस दिन में यहां सुबह 7:07 बजे से लेकर रात 10:45 बजे तक चलेगीं। ये टाइम 17-18 दिसंबर की दरमियानी रात से लेकर 28-29 की दरमियानी रात तक लागू रहेगा। इसमें कहा गया है कि समयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर-18, 19 और हैदरपुर बादली मोड़ स्टेशन इस अवधि के दौरान बंद रहेंगे। हालांकि, जहांगीरपुरी-मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम के बीच सामान्य ट्रेन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। डीएमआरसी ने एक दूसरी पोस्ट में बताया है कि केशवपुरम से रिठाला की ओर जाने वाली रेड लाइन (लाइन-1) पर मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात से 31 दिसंबर और 1 जनवरी 2025 तक ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। मिलेनियम सिटी सेंटर से गुरुग्राम की तरफ जाने वाली मेट्रो की टाइमिंग में भी बदलाव हुआ है। अब तक रात 11 बजे तक चलने वाली ट्रेन कुछ दिन के लिए रात में केवल 9:30 बजे तक ही चलेगी। इस रूट की ट्रेन में सुबह की टाइमिंग में बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली की राजनीति का दिलचस्प पहलू है, और अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक सफर भी इसी में उलझा हुआ : वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की राजनीति का एक बड़ा दिलचस्प पहलू है, और अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक सफर भी इसी में उलझा हुआ है। 2011 में जब अरविंद केजरीवाल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी, तब उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया था। वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “केजरीवाल ने सीएजी (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए थे कि सरकार ने सार्वजनिक वित्त का दुरुपयोग किया था और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया था। केजरीवाल की यह शिकायत विशेष रूप से पावर डिस्कॉम और बिजली कंपनियों के खातों के बारे में थी। इसी आधार पर उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) की स्थापना की और जनलोकपाल बिल की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया।” उन्होंने कहा, “जब अरविंद केजरीवाल खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री बने, तो उनका रुख बदल गया। यह एक बहुत बड़ी विडंबना है कि जिस रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत की थी, वही रिपोर्ट अब उनके लिए एक चुनौती बन गई है। अरविंद केजरीवाल अब 12 साल पुरानी सीएजी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से बच रहे हैं, जबकि उन्होंने पहले इसी रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस सरकार को निशाने पर लिया था।” उन्होंने कहा, “इसके अलावा केजरीवाल अब पावर डिस्कॉम कंपनियों का भी बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कभी उनके विरोध का मुख्य मुद्दा हुआ करती थीं।” उन्होंने कहा, “16 फरवरी 2014 को जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की थी। सीएजी एक स्वतंत्र संस्था है। जिसका कार्य सरकारी खर्चों का ऑडिट करना और उनकी समीक्षा करना है। प्रत्येक सरकार का यह कर्तव्य होता है कि वह सीएजी रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखे और जनता के सामने पेश करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन, अरविंद केजरीवाल की सरकार ने 2017 से 2021 के बीच सीएजी की कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट को दबा दिया। इन रिपोर्टों में शराब पर वैट और साइज ड्यूटी, प्रदूषण से संबंधित मामलों और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर 14 प्रमुख बिंदु उठाए गए थे।” उन्होंने कहा, “यहां पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि अरविंद केजरीवाल क्यों इन रिपोर्टों को सार्वजनिक नहीं कर रहे। यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि जब सरकारी खर्चों की समीक्षा की जाती है और सीएजी रिपोर्ट तैयार होती है, तो वह राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है कि उसे विधानसभा के पटल पर रखा जाए। इसके लिए प्रशासनिक मंजूरी और उपराज्यपाल से अनुमति की आवश्यकता होती है। अरविंद केजरीवाल, जो खुद इस प्रक्रिया के बारे में जानते हैं, शायद इस बात से डरते हैं कि यदि इन रिपोर्टों को सार्वजनिक किया गया, तो उन पर आर्थिक घोटाले और भ्रष्टाचार के मुकदमे बन सकते हैं। यही कारण है कि उन्होंने इन रिपोर्टों को दबा रखा है और उन्हें सार्वजनिक नहीं किया है।”  

दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में तापमान में लगातार दर्ज की जा रही गिरावट के कारण ठिठुरन भी बढ़ी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। तापमान में लगातार दर्ज की जा रही गिरावट के कारण ठिठुरन भी बढ़ी है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह हल्का कोहरा भी छाया रहा। भारत मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक जा सकती है। दिल्ली एनसीआर में तो एक्यूआई लेवल भी बढ़ गया है जिसके कारण ग्रैप 4 पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा, यूपी और बिहार में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसके कारण तापमान में गिरावट आएगी। दोनों प्रदेश के कई जिलों में कोहरे और शीतलहर की आशंका है। बता दें कि पहाड़ी इलाके में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाके में भी दिखने लगा है। आने वाले दिनों में भी तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा। श्रीनगर और हिमाचल प्रदेश की अगर हम बात करें तो यहां इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तापमान में लगातार गिरावट का दौर जारी है। इसके अलावा, तमिलनाडु के तटीय जिलों में मंगलवार से भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले दो दिनों में और अधिक स्पष्ट हो सकता है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में तमिलनाडु तट की ओर बढ़ सकता है, जिसके चलते मंगलवार से बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी समेत आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव में कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। तमिलनाडु के तटीय इलाकों और पुडुचेरी में कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जानकारी के अनुसार, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम और तिरुवरुर जिलों के साथ-साथ कराईकल क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, अरियालुर, पेरम्बलुर, तिरुचिरापल्ली, तंजावुर और पुदुक्कोट्टई जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की भी भविष्यवाणी की है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, बुधवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से लेकर मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा, अलग-अलग जगहों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है। आरएमसी ने तिरुवल्लुवर, चेन्नई, चैंगलपट्टू, कांचीपुरम, तिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम और तिरुवरूर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश की आशंका जताई है।  

राघव चड्ढा ने कहा, यह हमारा आत्मविश्वास दिखाता है कि अभी दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा भी नहीं हुई

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर रविवार को आम आदमी पार्टी ने चौथी और अंतिम लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट के साथ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। राज्यसभा सांसद और पार्टी का बड़ा चेहरा राघव चड्ढा के मुताबिक ये लिस्ट पार्टी के जीत के प्रति समर्पण को दर्शाती है। राघव चड्ढा ने कहा, “आम आदमी पार्टी की आज जो लिस्ट आई है। इसमें सभी 70 विधानसभा सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशियों को घोषित कर दिया है। आज की यह आखिरी लिस्ट दिखाती है कि आम आदमी पार्टी पूरी तैयारी के साथ दिल्ली विधानसभा चुनाव में जाने के लिए तैयार है। आम आदमी पार्टी की आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक रूप से भी तैयारी है और जनता के भविष्य की नीति भी तैयार है।“ राघव चड्ढा ने कहा, “यह हमारा आत्मविश्वास दिखाता है कि अभी दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा भी नहीं हुई है और आम आदमी पार्टी ने 70 की 70 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।“ आगे बोले, “दूसरी ओर दिल्ली में हमारा मुकाबला भाजपा से रहता है लेकिन अभी तक भाजपा की ओर से एक भी लिस्ट नहीं आई है। भाजपा ने एक भी विधानसभा सीट पर प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। मैं देख रहा हूं कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। हम हमारे लिए अच्छी बात है। यह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी पूरी तैयारी और रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है।” बता दें, रविवार को जारी की गई चौथी और आखिरी लिस्ट से साफ हो गया है कि एक बार फिर नई दिल्ली विधानसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ताल ठोकेंगे। उनके सामने भूतपूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित होंगे। कांग्रेस ने उनको अपना उम्मीदवार बनाया है। केजरीवाल इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में इस सीट से विधायक हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को कालकाजी से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया है। आतिशी यहां से साल 2020 में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थी।

विजिलेंस टीम ने नोएडा विकास प्राधिकरण के पूर्व ओएसडी नोएडा और इटावा स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की

नोएडा उत्तर प्रदेश विजिलेंस टीम ने नोएडा विकास प्राधिकरण के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी रवींद्र सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस टीम ने नोएडा और इटावा स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान करोड़ों की संपत्ति, नकदी और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। नोएडा के सेक्टर-47 स्थित आवास से 62.44 लाख रुपये के आभूषण और 2.47 लाख रुपये नकद बरामद हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि उनका यह घर लगभग 16 करोड़ रुपये का है। आवासीय परिसर के बाहर इनोवा और क्विड कार भी मिली। इसके अलावा विभिन्न बैंकों में 6 खाते, पॉलिसी और निवेश संबंधी कागजात मिले। आवासीय परिसर में लगे सुख सुविधा के सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अनुमानित कीमत 37 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं इटावा के अरिसटोटल वर्ल्ड स्कूल की भूमि और इमारत की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है। इस स्कूल में लगे सभी उपकरण और फर्नीचर की अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये है। स्कूल की 10 बसों की अनुमानित कीमत 1.04 करोड़ रुपये है। इस स्कूल का अध्यक्ष आरोपी का बेटा है। रवींद्र सिंह यादव पर 2007 में नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी रहते हुए सरकारी भूमि के कथित नियम विरुद्ध आवंटन का आरोप है। यह मामला पहले सीबीआई और अब सतर्कता विभाग की जांच के दायरे में है। रवींद्र सिंह यादव पर 2012 से 2017 तक रिश्वत लेकर संपत्ति बनाने का आरोप है। आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार को लेकर रवींद्र सिंह यादव ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से निलंबित चल रहे हैं।

नई दिल्ली सीट पर होगा हाईवोल्टेज ड्रामा, हो सकता है त्रिकोणीय मुकाबला, संदीप दीक्षित के बाद प्रवेश वर्मा ने कसी कमर

नई दिल्ली दिल्ली में फरवरी के महीने में विधानसभा चुनाव होना है. इसके लिए आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. AAP ने तो सभी सीटों पर अपने कैंडिडेट उतार दिए हैं. AAP ने रविवार को अपनी चौथी और फाइनल लिस्ट जारी की, इसमें 38 उम्मीदवारों के नाम हैं, पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. इसी सीट से कांग्रेस ने संदीप दीक्षित को उतारा है, जबकि बीजेपी ने अभी कैंडिडेट फाइनल नहीं किया है. हालांकि भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने इस सीट से अपनी उम्मीदवारी के संकेत दिए हैं. प्रवेश वर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने यहां (नई दिल्ली सीट) से संदीप दीक्षित को मैदान में उतारने का फैसला किया है, पार्टी (भाजपा) ने मुझे नई दिल्ली के लिए तैयारी शुरू करने को कहा है, हमारी सूची अभी जारी होनी है. उन्होंने कहा कि वह नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे. खास बातचीत में प्रवेश साहब सिंह वर्मा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा है. प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि जो खुद को आम आदमी बताते हैं, वो आम नहीं, बल्कि खास आदमी हैं, शीशमहल में रहते हैं. उन्होंने नई दिल्ली विधानसभा में जनता के लिए कुछ नहीं किया. बता दें कि प्रवेश वर्मा पश्चिमी दिल्ली से पूर्व सांसद रह चुके हैं और पूर्व मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा के बेटे हैं. इस सीट से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को भी चुनावी मैदान में उतारा है. अगर बात संदीप दीक्षित की करें तो वह लंबे समय से अरविंद केजरीवाल पर राजनीतिक हमले कर रहे हैं. इसलिए इस हाई प्रोफाइल मुकाबले में वे एक बार फिर से केजरीवाल के खिलाफ जमकर हल्ला बोलेंगे. बीजेपी ने भले ही अभी अपने उम्मीदवार की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन पश्चिमी दिल्ली के पूर्व सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि वह अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ताल ठोकेंगे. इस बार नई दिल्ली सीट पर दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों और अरविंद केजरीवाल के बीच होगा.

लोकसभा XI की ओर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए कप्तान अनुराग ठाकुर ने शतकीय पारी खेली, जीता मैच

नई दिल्ली टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सांसदों के बीच खेले गए दोस्ताना क्रिकेट मैच में लोकसभा अध्यक्ष एकादश ने राज्यसभा अध्यक्ष एकादश को 73 रनों से हरा दिया। लोकसभा XI की ओर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए कप्तान अनुराग ठाकुर ने शतकीय पारी खेली। इसके अलावा, लोकसभा XI के गेंदबाज दीपेंद्र हुड्डा का भी जलवा दिखा और उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट चटकाए। इसके लिए उन्हें बेस्ट बॉलर ऑफ मैच का अवॉर्ड दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष XI ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 251 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में राज्यसभा XI 178 रन ही बना सकी। राज्यसभा XI की ओर से बल्लेबाजी करते हुए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सबसे ज्यादा 74 रनों की पारी खेली। उन्हें कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आउट किया। उनके अलावा, कप्तान किरेण रिजिजू सिर्फ एक ही रन बना सके। एन डांगी ने 28 रन बनाए, जबकि के सुधाकर ने 27 रनों की पारी खेली। टीम राज्यसभा XI टारगेट को हासिल नहीं कर सकी और निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेटों पर 178 रन ही बना सकी। इस तरह से लोकसभा XI टीम ने 73 रनों से यह मैच जीत लिया। लोकसभा XI के बॉलर निशिकांत दुबे ने भी बॉलिंग की और दो विकेट चटकाए। लोकसभा XI ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 251 रन बनाए, जिसके जवाब में राज्यसभा XI की टीम 178 रन ही बना सकी। लोकसभा XI की ओर से मनोज तिवारी ने छह गेंदों में 13 रन बनाए। दीपेंद्र हुड्डा ने छह रन बनाए, चंद्रखेशर आजाद ने 54 रनों की पारी खेली। अनुराग ठाकुर 65 गेंदों में 111 रन पर नाबाद रहे। वहीं, राज्यसभा XI की ओर से किरेण रिजिजू ने चार ओवरों में 57 रन देते हुए एक विकेट झटका। सौमित्र खान ने दो ओवरों में 20 रन देकर एक विकेट लिया। रवि किशन ने एक ओवर में 17 रन देते हुए एक भी विकेट नहीं लिया। कमलेश पासवान ने तीन ओवरों में 26 रन देते हुए तीन विकेट झटके। इसके अलावा, राघव चड्ढा ने भी एक ओवर बॉलिंग की, लेकिन एक भी विकेट नहीं मिल सका। लोकसभा अध्यक्ष एकादश के कप्तान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने जीत के बाद कहा, “…पिछले 10 वर्षों में टीबी के कारण होने वाली मृत्यु दर में 38% की गिरावट आई है…नए टीबी मामलों में लगभग 18% की गिरावट आई है। लेकिन हमें अभी लंबी दूरी तय करनी है। टीबी को लेकर अब भी एक कलंक है…इसलिए, हमें सभी को बताना होगा कि टीबी का इलाज संभव है। सरकार मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराती है।” बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष एकादश की कप्तानी की, जबकि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा अध्यक्ष एकादश की अगुआई की। इस मैत्रीपूर्ण आयोजन को ‘टीबी मुक्त भारत जागरूकता क्रिकेट मैच’ नाम दिया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “हमारे कई सांसद साथी यहां आए हैं। फिटनेस के मंत्र के साथ…यह आयोजन लोगों को खेलों के माध्यम से जोश से भरने के लिए किया गया है। मेरा मानना ​​है कि हर कोई ऊर्जा के साथ खेलेगा। हमारा मंत्र ‘टीबी मुक्त भारत’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ है।” उन्होंने कहा, “फिटनेस के बिना आप देश की सेवा नहीं कर सकते। आपको मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहना होगा।” भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया है, जबकि वैश्विक लक्ष्य 2030 है। अगर आप 2015 से अब तक देखें तो भारत में टीबी से होने वाली मौतों में 38 प्रतिशत की कमी आई है। नए मामलों में 18 प्रतिशत की कमी आई है। वैश्विक स्तर पर यह संख्या करीब 8 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि भारत बाकी दुनिया से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश है। इसका इलाज है। सरकार मुफ्त दवाइयां देती है और इसके लिए 1000 रुपये देती है।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर हुई पीएसी की बैठक के बाद लिस्ट को अंतिम रूप दिया, जारी की 38 नामों लिस्ट

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट आज जारी कर दी है। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर हुई पीएसी की बैठक के बाद लिस्ट को अंतिम रूप दिया गया। इस लिस्ट में भी ‘आप’ ने कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर नए चेहरों पर दांव लगाया है। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने हैं। ‘आप’ ने इस लिस्ट में कुल 38दक उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है। अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली, आतिशी कालकाजी, सौरभ भारद्वाज ग्रेटर कैलाश और सोमनाथ भारती मालवीय नगर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं शोएब इकबाल मटिया महल सीट से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि, भाजपा दिल्ली में 1998 से सत्ता से बाहर है। वर्ष 2015 से दिल्ली में आम आदमी पार्टी अपने दम पर सत्ता में काबिज है। भाजपा को वर्ष 2015 में तीन और 2020 में महज आठ सीटों पर संतोष करना पड़ा।

अरविंद केजरीवाल ने AAP में शामिल किए 2 नेता, एक और विधायक का कट सकता है टिकट

नई दिल्ली कस्तूरबा नगर विधानसभा से भाजपा नेता रमेश पहलवान एवं उनकी पत्नी कुसुमलता (निगम पार्षद) ने आप पार्टी का दामन थामा है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन्हें पार्टी में शामिल किया। कुसुमलता दूसरी बार निगम पार्षद हैं। उनका पहला कार्यकाल 2012 से 2017 तक रहा। उसके बाद 2022 का चुनाव आम आदमी पार्टी से जीता था। कस्तूरबा नगर से अभी आम आदमी पार्टी के विधायक मदनलाल हैं। माना जा रहा है कि उनका टिकट कट सकता है। सात साल बाद हुई घर वापसी केजरीवाल ने बताया कि 2013 में रमेश पहलवान आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। फिर 2017 तक आप में रहे, लेकिन किसी कारणवश आप छोड़ी और आज सात साल बाद फिर से घर वापसी हुई है। रमेश पहलवान स्पोर्ट्स खासकर रेसलिंग के क्षेत्र में काफी संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, इनके अध्यक्ष और सदस्य हैं। इन्होंने दिल्ली के स्तर पर काफी अहम भूमिका निभाई है। पार्टी ज्वाइन करने पर क्या कहा कुसुमलता दो बार पार्षद रही हैं। केजरीवाल ने बताया कि बीच में पांच साल एससी सीट हो जाने के कारण चुनाव नहीं लड़ पाईं। इसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ा और फिर चुनाव जीता। आप ज्वाइन करने पर कुसुमलता ने कहा कि मैं अपने आपको सौभाग्यशाली समझती हूं कि केजरीवाल की विचारधारा से प्रभावित होकर आप ज्वाइन की है। वहीं आप ज्वाइन करने पर रमेश पहलवान ने कहा कि मेरी आज घर वापसी हो रही है और मैं अपने आपको सौभाग्यशाली समझता हूं। केजरीवाल ने दोहराया अपना सपना केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के सभी अच्छे-अच्छे लोग आप ज्वाइन कर रहे हैं। केजरीवाल ने बताया कि मेरा एक सपना है कि एक दिन दिल्ली के दो करोड़ लोग सारे कांग्रेसी, सारे बीजेपी वाले और सारे लोग आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। आने वाले साल दिल्ली विधानसभा के चुनाव हैं। इसके लिए आप ने 11 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी। इसमें छह ऐसे चेहरों को मौका दिया गया था, जो बीजेपी या कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए थे।

प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेप-2 के नियम हुए सख्त, अन्य डीजल इंजन बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई

नई दिल्ली दिल्ली सहित एनसीआर में सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) दो, तीन और चार के प्रावधानों को संशोधित किया है। इसके तहत ग्रेप तीन के कुछ प्रावधानों को ग्रेप दो शामिल कर उसे सख्त बनाया गया है। इसके तहत बीएस छह डीजल इंजन, इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को छोड़कर एनसीआर के रास्ते दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले अन्य डीजल इंजन बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। पहले यह प्रावधान ग्रेप तीन में शामिल था। लेकिन अब सीएक्यूएम ने इसे ग्रेप दो में शामिल कर दिया है। मौजूदा समय में दिल्ली एनसीआर में ग्रेप दो के प्रावधान लागू हैं। इसलिए ग्रेप दो में शामिल नए प्रावधान भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सीएक्यूएम ने दिल्ली और एनसीआर से संबंधित राज्यों के परिवहन विभाग, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियों को इस पर अमल करने का निर्देश दिया है। सीएक्यूएम के अनुसार सर्दी के मौसम में लंबे समय तक हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रहती है। ग्रेप के प्रावधानों में कुछ अहम संशोधन किए गए इसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ग्रेप के प्रावधानों में कुछ अहम संशोधन किए गए हैं और ग्रेप तीन के शुरुआती तीन प्रावधानों को ग्रेप दो में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत चिन्हित सड़कों की प्रतिदिन मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव करना होगा। इसके लिए मशीनों की कार्य अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। सभी हाट स्पाट व वाहनों के अधिक दबाव वाले सड़कों पर धूल की रोकथाम लिए पानी में रसायन मिलाकर प्रतिदिन छिड़काव करना होगा। ठंड से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश सार्वजनिक परिवहन की मजबूती के लिए सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसें और मेट्रो के फेरे बढ़ाने के साथ-साथ सुबह-शाम व्यस्त और गैर व्यस्त समय के लिए अलग-अलग किराए का प्रावधान करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सीएक्यूएम ने सभी आरडब्ल्यूए को सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा सफाई, बागवानी के कर्मचारियों को भी ठंड से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ताकि कर्मचारी ठंड से बचाव के लिए लकड़ी, उपले या कूड़ा न जलाएं। ग्रेप तीन में ये प्रतिबंध होंगे लागू     ग्रेप तीन में दिव्यांग लोगों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जिले में व्यक्तिगत जरूरत के लिए बीएस तीन पेट्रोल इंजन और बीएस चार डीजल इंजन के हल्के वाहन (कार) का इस्तेमाल की छूट रहेगी।     दिल्ली में माल ढुलाई के लिए बीएस चार के डीजल इंजन वाले एमजीवी (मीडियम गूड्स व्हीकल) पर प्रतिबंध रहेगा। इस प्रतिबंध से सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट रहेगी।     दिल्ली से बाहर पंजीकृत बीएस चार और उससे कम मानक के डीजल इंजन वाहनों को ग्रेप तीन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश वर्जित रहेगा। पहले ये प्रावधान चौथे चरण में शामिल थे।     ग्रेप तीन में दिल्ली एनसीआर के स्कूल पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में करा सकते हैं। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार आनलाइन या आफलाइन क्लास का विकल्प चयन कर सकते हैं।     ग्रेप चार में स्कूल छठवीं से नौवीं व 11वीं की कक्षा भी हाइब्रिड मोड में चला सकते हैं। ग्रेप तीन में दिल्ली सरकार और एनसीआर से संबंधित राज्य सरकारें सरकारी विभागों व सिविक एजेंसियों के कार्यालय के समय में बदलाव कर सकती हैं।     आने वाले समय में जब भी ग्रेप तीन व चार लागू होंगे तो उसमें शामिल नए प्रावधानों का पालन संबंधित एजेंसियों को सुनिश्चित करना होगा। हवा की गुणवत्ता के आधार पर लगते हैं ग्रेप के प्रावधान     एयर इंडेक्स खराब श्रेणी- 201-300: ग्रेप एक     एयर इंडेक्स बेहद खराब श्रेणी- 301-400: ग्रेप दो     एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी- 401-450: ग्रेप तीन     एयर इंडेक्स खतरनाक श्रेणी-450 से अधिक: ग्रेप चार  

दिल्ली-एनसीआर में कोल्ड वेव का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा, तेज हवाओं ने ठंड का एहसास बढ़ाया

नोएडा दिल्ली-एनसीआर में लगातार चल रही तेज हवाओं ने ठंड का एहसास को बढ़ा दिया है। कोल्ड वेव का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में लोगों को घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान पारे में और भी ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 14 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 8 दर्ज किया गया है। वहीं 15 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहने की संभावना है। 16 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है और घना कोहरा छाया रह सकता है। 16 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23, न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो 16 दिसंबर के बाद से एनसीआर के लोगों को लगातार कोहरे का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान पारे में भी लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस बार पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हो रही है। इसका असर एनसीआर में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। जिन पहाड़ों पर बीते कई सालों से बर्फबारी नहीं हुई थी, वहां पर वादियां बर्फ से पटी पड़ी हैं। इस कारण दिल्ली-एनसीआर में कोल्ड वेव की दस्तक हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक, बीते दिनों न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। दिल्ली का न्यूनतम तापमान आगे और भी गिरने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ से ढकी पहाड़ियों से आ रही ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण तापमान में गिरावट आई है। लगातार बढ़ती ठंड के साथ-साथ दिल्ली समेत पूरे एनसीआर का मौसम भी साफ बना हुआ है, जिसकी वजह से पारे में ज्यादा गिरावट दर्ज की जा रही है।  

दिल्ली के लिए पैदल निकले 101 किसानों को पुलिस ने रोक दिया और उनपर आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया

नई दिल्ली दिल्ली कूच करने पर अड़े किसानों पर हरियाणा पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई शुरू कर दी है। शंभू बॉर्डर पर भारी पुलिस बल की तैनाती है। दिल्ली के लिए पैदल निकले 101 किसानों को पुलिस ने रोक दिया और उनपर आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछार की। इससे पहले 6 और 8 दिसंबर को भी किसानों ने दिल्ली कूच की कोशिश की थी लेकिन उन्हें हरियाणा पुलिस ने रोक दिया था। पुलिस ने उनपर आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इस टकराव में कई किसान घायल भी हो गए थे। किसानों ने शनिवार को एक बार फिर दिल्ली कूच करने की कोशिश की लेकिन बॉर्डर के पास ही उन्हे बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। इसके बाद किसानों और प्रशासन के बीच संवाद भी हुआ। किसान नेताओं ने कहा कि वे देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और अपनी मांगों को लेकर राजधानी जाना चाहते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रधानमंत्री के सामने रखना चाहते हैं। किसानों ने कहा कि उनकी तलाशी ली जा सकती है। उनके पास ना तो ट्रैक्टर है और ना ही ट्रॉली।प्रशासन ने किसानों से कहा कि वे कानून व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि वे मान्यीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसान दिल्ली जाना चाहते हैं तो वे पहले राजधानी मे प्रदर्शन के लिए परमीशन ले लें और इसके बाद पुलिस ही उन्हें वहां तक छोड़कर आएगी। पानी की तेज धार और आंसू गैस से बचने के लिए किसान गीले कपड़ों और बोरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस टकराव में कुछ किसान घायल हुए हैं। उन्हें स्ट्रेचर पर अलग ले जाया गया है। बता दें कि एमएसपी सहित कई मांगों को लेकर किसान लंबे समय से दिल्ली जाने की जिद पर अड़े हैं। वहीं मोदी सरकार की तरफ से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया नहीं जा रहा है। ऐसे में किसानों ने फरवरी से ही शंभू बॉर्डर पर डेरा डाल रखा है। वहीं खनौरी बॉर्डर पर जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन कर रहे हैं। एंबुलेंस से ले जाए जा रहे किसान पुलिस की क्र्रवाई के बाद घायल हुए किसानों को एंबुलेंस से ले जाया जा रहा है। आज 101 किसानों ने दिल्ली कूच करने का फैसला किया था। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और मीडियाकर्मी भी मौजूद हैं। हरियाणा पुलिस किसानों को खदेड़ने के लिए पानी की बौछार कर रही है। वहीं कसान टस से मस होने को तैयार नहीं हैं। किसानों के समर्थन में पहुंचे बजरंग पूनिया ने कहा कि सरकार ने जो भी वादे किए हैं, उसे पूरा करें। इसके अलावा डल्लेवाल जी की हालत को भी सरकार को ध्यान में लेना चाहिए।

दिल्ली के पश्चिम विहार में स्कूल में पढ़ने वाले छात्र ने ही ईमेल भेजा था, पुलिस पूछताछ में कबूला गुनाह

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पश्चिम विहार के एक स्कूल में बम की धमकी देने वाले ईमेल का पता लगा लिया है। बताया गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्र ने ही ईमेल भेजा था। पूछताछ के दौरान छात्र ने अपने गुनाह को स्वीकार कर लिया। फिर काउंसलिंग के बाद उसे छोड़ दिया गया। उसके माता-पिता को उसके व्यवहार पर नजर रखने की चेतावनी दी गई। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने पुष्टि की है कि यह घटना शुक्रवार को दिल्ली के कई स्कूलों को भेजे गए समूह ईमेल की सीरिज से जुड़ी नहीं है। बच्चे ने भी भेजा संदेश दिल्ली में 30 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल भेजे जाने के बीच 12 वर्षीय बच्चे ने भी अपने स्कूल में ऐसा ही ईमेल भेज दिया। जांच में खुलासा होने पर स्पेशल सेल उस बच्चे के घर पहुंच गई। स्पेशल सेल के उच्चाधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। क्या लिखा था ईमेल में स्कूलों को भेजे गए ईमेल में लिखा था कि हम आपको यह सूचित कर रहे हैं कि आपके स्कूल में विस्फोटक सामग्री लगाई जा चुकी है। हमें यह भी पता है कि आप अपने स्कूल में प्रवेश करने वाले बच्चों के बैग की नियमित जांच नहीं करते हैं। हम 13-14 दिसंबर को स्कूल परिसर को बम से उड़ा देंगे।   शनिवार को कई स्कूलों को मिली धमकी शनिवार सुबह, डीपीएस आरके पुरम और रयान इंटरनेशनल सहित दिल्ली के 30 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले। सुबह 6.12 बजे भेजे गए इस ईमेल में धार्मिक रेफरेंस थे और वीकेंड में स्कूल की इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। स्कूलों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को सूचित किया, जिसने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन अधिकारियों को तैनात किया। हालांकि छानबीन के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

दिल्ली में बिगड़ती कानून-व्यवस्था हुई ख़राब, केजरीवाल ने अमित शाह को चिट्ठी लिखी, चर्चा के लिए मांगा समय

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अमित शाह से मिलने का समय मांगा है। अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में लिखा, दिल्ली की कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन है। दिल्ली को अब अपराध की राजधानी के नाम से जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के 19 मेट्रो शहरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध में नंबर वन पर है। साथ ही हत्या के मामलों में भी दिल्ली नंबर वन है। दिल्ली में जबरन वसूली वाले गैंग सक्रिय हुए हैं। एयरपोर्ट और स्कूलों को धमकी मिल रही हैं। केजरीवाल ने लिखा कि पूरी दिल्ली में लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। दिल्ली अब देश-विदेश में अपराध की राजधानी के रूप में पहचानी जा रही है। गौरतलब है कि केजरीवाल दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर केंद्र पर लगातार हमलावार रहते हैं। ‘आप’ नेता ने 7 दिसंबर को भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट डालकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला था। केजरीवाल ने कहा था कि भाजपा अब दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालने में सक्षम नहीं है। अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखा था, “अमित शाह जी ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया। दिल्ली को जंगल राज बना दिया। चारों तरफ लोग दहशत की जिंदगी जी रहे हैं। बीजेपी से अब दिल्ली की कानून व्यवस्था नहीं संभल रही। दिल्ली वालों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।” वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की थी और इसकी तुलना 1990 के दशक के मुंबई से की थी। बता दें कि, दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है। 2020 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं और भाजपा ने आठवीं सीट हासिल की थी।

विधायक नरेश बाल्यान को 7 दिन की पुलिस हिरासत के बाद अदालत के सामने पेश किया, न्यायिक हिरासत में फिर से भेजा

नई दिल्ली संगठित अपराध के एक मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान को राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने शुक्रवार को फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। उन्हें मकोका मामले में 7 दिन की पुलिस हिरासत के बाद अदालत के सामने पेश किया गया था। इससे पहले एक दिन की न्यायिक हिरासत समाप्त होने पर पुलिस ने नरेश बाल्यान को बीते शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष पेश किया गया था। हालांकि बाल्यान को जबरन वसूली मामले में बीते बुधवार को ट्रायल कोर्ट ने जमानत दे दी थी। जमानत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने नरेश बाल्यान को मकोका के मामले में गिरफ्तार किया था।

चालू वित्त वर्ष में सेक्टर की वृद्धि दर 5 से 6 प्रतिशत रह सकती है, अगले वित्त वर्ष में 9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान!

नई दिल्ली भारत का एग्रोकेमिकल सेक्टर अगले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 26) में 7 से 9 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 25) में सेक्टर की वृद्धि दर 5 से 6 प्रतिशत रह सकती है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में शुक्रवार को दी गई। क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वृद्धि की वजह स्थिर घरेलू मांग और निर्यात की वॉल्यूम में रिकवरी होना है। रिपोर्ट में बताया गया कि ऑपरेटिंग मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। यह 100 आधार अंक बढ़कर 12 से 13 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, यह महामारी के पूर्व के स्तर 15 से 16 प्रतिशत से कम है। इससे कंपनियां पूंजीगत व्यय को लेकर सतर्क रहेंगी और अपने नकदी प्रवाह और बैलेंस शीट को स्थिर रखने के लिए कार्यशील पूंजी के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करेंगी। क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा कि निर्यात से आय जो सेक्टर के कुल आय का आधा हिस्सा है। इसमें बदलाव देखा जा रहा है। सेठी ने कहा, “वैश्विक कंपनियों ने कम लागत वाली चीनी कंपनियों की आपूर्ति से संबंधित अपने अतिरिक्त इन्वेंट्री के मुद्दों को काफी हद तक हल कर लिया है और अब कार्यशील पूंजी के बेहतर प्रबंधन के लिए फसल के मौसम के करीब ऑर्डर दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि हम इस वित्त वर्ष में अच्छी मात्रा में वृद्धि की उम्मीद करते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धी मूल्य वाले चीनी कंपनियों के उत्पादों कारण आय वृद्धि 3-4 प्रतिशत पर मामूली रहेगी। अगले वित्त वर्ष में प्रतिस्पर्धी दबाव कम होने पर यह बढ़कर 7 प्रतिशत से अधिक हो सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि इस वित्त वर्ष में कंपनियों की घरेलू स्तर पर आय में 8 से 9 प्रतिशत का उछाल देखने को मिल सकता है। इसकी वजह अच्छा मानसून और बांधों में पर्याप्त पानी होना है। इससे कृषि उत्पादन में इजाफा हो सकता है।

आप पार्टी ने तीसरी लिस्ट जारी की, कैलाश गहलोत की सीट से ‘आप’ ने तरुण यादव को बनाया उम्मीदवार

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को अपनी तीसरी लिस्ट जारी कर दी। आप ने इस लिस्ट में सिर्फ एक उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है। पार्टी ने नजफगढ़ से तरुण यादव को टिकट दिया है। कुछ दिन पहले ही तरुण यादव आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। नजफगढ़ सीट से कैलाश गहलोत विधायक थे, जो अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। कैलाश गहलोत के भाजपा में जाने के बाद से ‘आप’ को इस सीट पर एक दमदार प्रत्याशी की तलाश थी। आम आदमी पार्टी अब तक कुल 32 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी दूसरी लिस्ट जारी की थी। जिसमें 20 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया था। आम आदमी पार्टी ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की सीट बदली थी। पार्टी ने उन्हें पटपड़गंज की जगह जंगपुरा से चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, पटपड़गंज से पार्टी ने अवध ओझा को टिकट दिया। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने नरेला से दिनेश भारद्वाज, तिमारपुर से सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू, आदर्श नगर से मुकेश गोयल, मुंडका से जसबीर कारला, मंगोलपुरी से राकेश जाटव धर्मरक्षक, रोहिणी प्रदीप मित्तल, चांदनी चौक से पुनरदीप सिंह साहनी (सेबी), पटेल नगर से प्रवेश रतन, मादीपुर से राखी बिड़लान, जनकपुरी से प्रवीण कुमार, बिजवासन से सुरेंद्र भारद्वाज, पालम से जोगिंदर सोलंकी, जंगपुरा से मनीष सिसोदिया, देवली से प्रेम कुमार चौहान, त्रिलोकपुरी से अंजना पारछा, कृष्णा नगर से विकास बग्गा, गांधी नगर से नवीन चौधरी (दीपू), शाहदरा से पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी और मुस्तफाबाद से आदिल अहमद खान को उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने नवंबर में अपनी पहली लिस्ट जारी की थी, जिसमें 11 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की थी। इनमें आम आदमी पार्टी ने छतरपुर से ब्रह्म सिंह तंवर, लक्ष्मी नगर से बीबी त्यागी, किराड़ी से अनिल झा, विश्वास नगर से दीपक सिंघला, रोहतास नगर से सरिता सिंह, बदरपुर से राम सिंह, सीलमपुर से जुबैर चौधरी, सीमापुरी से वीर सिंह धींगान, घोंडा से गौरव शर्मा, करावल नगर से मनोज त्यागी, मटियाला से सोमेश शौकीन को टिकट दिया था

विदेशी नागरिकों के साथ ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 9 महिलाओं समेत 76 आरोपियों को किया गिरफ्तार

नोएडा नोएडा पुलिस ने विदेशी नागरिकों के साथ अमेजन पार्सल, टैक सपोर्ट और पे-डे लोन प्रक्रिया के नाम पर फर्जी मैसेज लिंक एवं कॉल के माध्यम से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 9 महिलाओं समेत 76 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना सेक्टर-63 पुलिस और सीआरटी टीम नोएडा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इंस्टा सॉल्यूशन नाम से कॉल सेंटर संचालित कर विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए उनके कब्जे से 58 लैपटॉप, 1 एप्पल मैक बुक, 45 लैपटॉप चार्जर, 2 राउटर, 45 हेडफोन, 24 मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किए हैं। डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि थाना सेक्टर-63 पुलिस और सीआरटी टीम नोएडा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लोकल इंटेलीजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर इंस्टा सॉल्यूशन नाम से कॉल सेंटर संचालित कर विदेशी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले कॉल सेंटर में छापेमारी कर 76 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया है कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि ये लोग साथ मिलकर विदेशो में बैठे लोगों को अमेजन सपोर्ट, माइक्रोसॉफ्ट, टेक सपोर्ट एवं पे-डे के नाम पर ठगी करते हैं। इस कॉल सेंटर को कुरूनाल रे, सौरभ, सादिक, साजिद अली द्वारा मिलकर चलाया जा रहा था। ये लोग स्काइप एप्प के माध्यम से ग्राहकों का व्यक्तिगत डाटा खरीदते हैं, जिसका पेमेंट यूएसडीटी में यूएस के लोगों को करते हैं, जो डिजिटल करेंसी में होता है। उसके बाद यूएस में जिन लोगों के कम्प्यूटरों में सीएक्स भेजा जाता है तो उनके कंप्यूटर में खराबी आने के कारण उसकी स्क्रीन नीले रंग की हो जाती है इसके बाद स्क्रीन पर एक नंबर दिखाई देता है। जिस नंबर पर पीड़ित कॉल करता है वह कॉल इनके सिस्टम पर आती है, जिस पर ये लोग अपने आप को माइक्रोसॉफ्ट का अधिकारी बताकर उनकी समस्या का समाधान करने के लिए 99 डॉलर या इससे अधिक का पेमेंट मांगते हैं। पेमेंट के बाद पीड़ित को एक कमांड बताते है जिससे उसका कम्प्यूटर ठीक हो जाता है। इसी प्रक्रिया में ये लोग व्यक्ति को धोखा देकर पैसे लेने के लिए बात करते हैं। इस गैंग के आरोपियों ने बताया है कि अमेजन प्रोसेस में ये स्काइप ऐप से डाटा लेते हैं। जिसमें यूएस के नागरिकों की जानकारी होती है और उसका किसी ना किसी साइट पर लोन का आवेदन होता है। जिसका फायदा उठाकर हमारे द्वारा हमारे फोन से उनके लोन के संबंध में एक मैसेज भेजा जाता है। मैसेज में नाम व मोबाइल नंबर आवश्यकतानुसार चेंज करते है। जिस व्यक्ति को लोन की जरूरत होती है वह या तो हमे यस का मैसेज भेजता है या हमारे द्वारा दिए गये नम्बर पर काल करता है। फिर हम उससे लोन कराने के लिए 100-500 डॉलर की मांग करते है। अगर उसके पास पैसा होता है तो हम उससे पैसा एप्पल ई-बे, वालमार्ट गिफ्ट कार्ड के माध्यम से प्राप्त कर लेते हैं। यदि उसके पास पैसा नही होता तो उसको ये फर्जी चेक भेजते हैं और वह व्यक्ति उस चेक का फोटो लेकर अपने अकाउंट में लगा देता है। यदि बैंक उसको पैसा पे करता है तो पेमेंट उसके अकाउंट में आ जाता है। जिस पैसे को हम गिफ्ट कार्ड के माध्यम से ले लेते हैं। अगर बैंक उस चेक को पकड़ लेता है तो उसका बैंक अकाउंट फ्रीज हो जाता है। अमेजन प्रोसेस में भी ये लोग स्काइप के माध्यम से प्राप्त डाटा जुटाकर विदेशी ग्राहकों को एक वॉयस नोट भेजते हैं जिसमें ग्राहकों को बताया जाता है कि आपका पार्सल रेडी टू डिलीवर है। यदि आपके द्वारा ये पार्सल नही मंगाया गया है तो आपका अकाउंट चोरी हो गया है। इसके बाद ग्राहक डर जाता है। फिर ये ग्राहक से उसका नया अमेजन अकाउंट बनाने के नाम पर डॉलर की मांग कर लेते है। ये लोग अधिकतर विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाते थे ताकि कोई शिकायत न कर सके। डीसीपी ने बताया है कि मुख्य आरोपी कुरूनाल रे, सादिक, सौरभ राजपूत पहले भी इसी प्रकार की ठगी करने के कारण गुजरात पुलिस द्वारा जेल भेजे जा चुके हैं।

दिल्ली में लगातार दूसरे दिन खराब श्रेणी में रही हवा की गुणवत्ता, फिलहाल सुधार के आसार नहीं

नई दिल्ली राजधानी में शुक्रवार को एयर इंडेक्स में आंशिक सुधार हुआ। इससे हवा की गुणवत्ता पर खास असर नहीं पड़ा। दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली में अभी दो दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रह सकती है। इसलिए अभी वायु प्रदूषण से बहुत ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली में सुबह स्मॉग होने के कारण एयर इंडेक्स 288 था, लेकिन दोपहर में 14 से 16 किलोमीटर की प्रति घंटे से हवा चली। इस वजह से आसमान भी साफ रहा और गुनगुनी धूप भी निकली। इससे दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स 262 रहा जो खराब श्रेणी में है। कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब एक दिन पहले दिल्ली का एयर इंडेक्स 288 था। इसके मुकाबले एयर इंडेक्स में 16 अंकों की गिरावट हुई। शाम पांच बजे दिल्ली के बवाना, जहांगीरपुरी, नेहरू नगर व पूसा में एयर इंडेक्स 300 से अधिक बेहद खराब श्रेणी में रही। बवाना व नेहरू नगर में एयर इंडेक्स सबसे अधिक 309 रहा। आइक्यूएयर ने दिल्ली का AQI 191 बताया वहीं स्विस कंपनी के आइक्यूएयर ऐप ने दिल्ली का एयर इंडेक्स 191 बताया। सीपीसीबी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार एयर इंडेक्स 191 होने पर हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में मानी जाती है। आईआईटीएम पुणे के डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार इन दिनों दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन और फैक्ट्रियों के धुएं की भागीदारी अधिक बनी हुई है। फैक्ट्रियों के धुएं की हिस्सेदारी 8.66 प्रतिशत शुक्रवार को वायु में प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन की हिस्सेदारी 17.81 प्रतिशत और फैक्ट्रियों के धुएं की हिस्सेदारी 8.66 प्रतिशत रही। दिल्ली के वातावरण में पीएम-10 का अधिकतम स्तर 189.5 माइक्रोग्राम प्रति धन मीटर और पीएम-2.5 का अधिकतम स्तर 96.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। एनसीआर के प्रमुख शहरों में सिर्फ गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही। इस वजह से एनसीआर के शहरों में वायु प्रदूषण से अधिक राहत रही।

मुगल बादशाह की पौत्र वधू ने लाल किले का मांगा मालिकाना हक, HC ने याचिका की खारिज

 नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर-द्वितीय के पड़पोते की विधवा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कानूनी उत्तराधिकारी होने के कारण लाल किले पर कब्जा मांगा था। इस याचिका में सुल्ताना बेगम ने हाईकोर्ट के सिंगल जज के दिसंबर 2021 के फैसले को चुनौती दी थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने देरी की वजह से इस याचिका को खारिज कर दिया। फैसला देते हुए कोर्ट ने कहा कि यह अपील ढाई साल से अधिक समय की देरी से दायर की गई है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि सुल्ताना बेगम ने बताया कि वह अपनी खराब सेहत और बेटी के निधन के कारण अपील दायर नहीं कर सकी थीं। लेकिन कोर्ट ने उनकी इस दलील को नहीं माना। देरी की माफी को कर दिया अस्वीकार हाई कोर्ट की डबल बेंच ने कहा, ‘हमें यह स्पष्टीकरण अपर्याप्त लगता है, क्योंकि देरी ढाई साल से ज्यादा की है। याचिका को पहले ही कई दशकों की अत्यधिक देरी के कारण (सिंगल जज द्वारा) खारिज कर दिया गया था। ऐसे में देरी के लिए माफी के आवेदन को अस्वीकार करते हुए खारिज किया जाता है। नतीजतन यह अपील भी खारिज की जाती है। समय-सीमा के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकती।’ कोर्ट ने कहा था- 150 साल गुजर चुके हैं इससे पहले 20 दिसंबर, 2021 को उच्च न्यायालय के एकल जज ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अवैध रूप से लिए गए लाल किले पर कब्जा देने की मांग करने वाली बेगम की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 150 साल से ज्यादा गुजर चुके हैं और इतनी देरी के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाने का कोई औचित्य नहीं है। याचिकाकर्ता बोले- अंग्रेजों ने हमसे छीना था लाल किला इस याचिका को अधिवक्ता विवेक मोरे के माध्यम से दायर किया गया था। इसमें दावा किया गया था कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने उनके परिवार की सम्पत्ति छीन ली थी, और मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को देश से निर्वासित करते हुए लाल किले का कब्जा मुगलों से जबरन ले लिया गया था। सरकार पर लगाया था अवैध कब्जे का आरोप याचिका में सुल्ताना बेगम को बहादुर शाह जफर-द्वितीय का वंशज बताते हुए उन्हें लाल किले की असली मालकिन बताया गया था। इसमें कहा गया था, बेगम लाल किले की असली मालिक हैं, क्योंकि उन्हें यह किला उनके पूर्वज बहादुर शाह जफर-द्वितीय से विरासत में मिला है, जिनकी मृत्यु 11 नवंबर 1862 को 82 वर्ष की उम्र में हुई थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि भारत सरकार ने इस संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। HC से कहा- या तो कब्जा, या मुआवजा दिलवाइए याचिका में केंद्र को लाल किले को याचिकाकर्ता को सौंपने या सरकार द्वारा कथित अवैध कब्जे के लिए 1857 से लेकर आज तक के मुआवजे के अलावा पर्याप्त मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग की गई थी। हालांकि कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।

अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है, यह बात हुई वायरल

नई दिल्ली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा राजनीति में एंट्री के बाद से ही काफी चर्चा में हैं। पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी बनाए गए अवध ओझा ने अब अरविंद केजरीवाल से जुड़े बंगला विवाद पर जो कहा वह वायरल हो गया है। अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए भगवान राम का भी उदाहरण दिया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में अवध ओझा से पूछा गया था भाजपा ने सीएम आवास का वीडियो शेयर किया है और याद दिलाया है कि केजरीवाल कहते थे कि ना गाड़ी लूंगा ना बंगला लूंगा, ना गाड़ी लूंगा, अब देखिए आवास कितना आलीशान बना लिया गया है। ओझा ने कहा, ‘मैंने तो वह आवास देखा नहीं है। लेकिन प्रभु राम जंगल में रहे और जब जंगल से तपस्या करके लौटे तो राजा को महल में ही रहना पड़ता है। राजा का एक आवास होता है। प्रभु राम अगर जंगल में महल बनाते तो लोग कहते कि यह कौन सी तपस्या है जी। एक आधिकारिक प्रोटोकॉल होता है कि राजा को ऐसा रहना है। एक मुख्यमंत्री है उसको एक जगह से दूसरी जगह जाएगा तो उसका प्रोटोकॉल होगा। शब्द है एक तो उसमें कोई बात ही नहीं है।’ ओझा ने कहा, ‘मैं जहां तक अरविंद केजरीवाल को जानता हूं, अगर वो व्यक्तिगत जीवन में जाएंगे तो फिर झोपड़ी में ही रहेंगे। बहुत साधारण, सिंपल और सरल किस्म के इंसान है। लेकिन राजा के साथ कुछ चीजें जुड़ी हुई हैं तो मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं। आप उसे महल कहो, पैलेस कहो वह एक अलग चीज है।’ गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल बतौर सीएम जिस बंगले में रहते थे उसे भाजपा ‘शीशमहल’ कहते हुए आरोप लगाती है कि सुख-सुविधा के लिए ‘आप’ मुखिया ने गलत तरीके से करोड़ों रुपए खर्च किए। भाजपा केजरीवाल के पुरानी बातें याद दिला रही है, जब उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को बड़े बंगले की आवश्यकता नहीं होती है। हाल ही में भाजपा ने कथित शीशमहल का वीडियो जारी करके केजरीवाल की घेराबंदी तेज कर दी है। इस बीच अवध ओझा की ओर आई यह दलील खूब चर्चा में है। अवध ओझा का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कुछ लोग अवध ओझा का एक और वीडियो साझा करके सवाल दाग रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में नता नहीं जनता राजा है।

आप की सांसद ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा, मुख्यमंत्री के माता-पिता को घेरा

नई दिल्ली 2001 में संसद भवन पर हुए हमले की 23वीं बरसी पर उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने अपने प्राणों को न्योछावर करके आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम किया था। संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत सभी दलों के सांसदों ने श्रद्धांदलि दी। सोशल मीडिया पर भी कई शख्सियतों ने शहीदों के प्रति कृतज्ञता जाहिर की। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी की घेराबंदी भी जा रही है। आम आदमी पार्टी (आप) से बगावत कर चुकीं सांसद स्वाति मालीवाल और भाजपा नेताओं ने आतिशी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के माता-पिता ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को बचाने की कोशिश की थी। आप की राज्यसभा सांसद ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। इसके साथ ही उन्होंने आतिशी को उनके माता-पिता को लेकर घेरा। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली की सीएम आतिशी मार्लेना जी के माता पिता ने इस आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को बचाने के लिए माफी याचिकाएं डाली, राष्ट्रपति को पत्र लिखे, कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी। आज उन्हें माफी मांगनी चाहिए और खुलकर बोलना चाहिए की अफजल गुरु एक आतंकी था। ये हमला सिर्फ संसद पर नहीं, बल्कि इस देश के लोकतंत्र पर था।’ गौरतलब है कि आतिशी के पिता पिता विजय सिंह और मां तृप्ता वाही दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे हैं। आतिशी को सीएम बनाए जाने के मौके पर भी मालीवाल ने यह मुद्दा उठाया था और कहा था कि आतिशी के माता-पिता ने आतंकवादी अफजल गुरु को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने फांसी की सजा माफ कराने के लिए राष्ट्रपति के सामने याचिका दायर की थी। दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली इस बात को भूल नहीं सकती है कि आतिशी के माता-पिता ने अफजल गुरु को बचाने के लिए अभियान चलाया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘आज के दिन संसद भवन पर आतंकवादियों ने हमला किया था। हमले का मास्टरमाइंड था अफजल गुरु। उस हत्यारे आतंकी अफजल गुरु को बचाने के लिए आतिशी मार्लेना के माता पिता ने अभियान चलाया था, अफजल को फांसी होने पर फूट-फूट कर रोए थे। दिल्ली भूलेगी नहीं।’

मेरी मौत के जिम्मेदार हुंडई शोरूम के मालिक समेत पांच लोग हैं, जीएम ने मैसेज कर लगा ली फांसी

नई दिल्ली मुझपर गलत काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर गबन के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी जाती है। मैं जान देने जा रहा हूं… मेरी मौत के जिम्मेदार सीतापुर खैराबाद स्थित बीआर हुंडई शोरूम के मालिक समेत पांच लोग हैं। पड़ोसी रिश्तेदार को यह मैसेज भेजकर कार शोरूम के जीमए ने गुरुवार को लखनऊ के गुडंबा स्थित घर में फांसी लगा ली। तहरीर पर गुडंबा पुलिस कार शोरूम मालिक समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। गुडंबा के कल्याणपुर कंचन नगर निवासी विजय सिंह बिष्ट (38) सीतापुर खैराबाद स्थित बीआर हुंडई मोटर्स में जीएम थे। मूलरूप से वह उत्तराखंड पिथौरागढ़ के रहने वाले थे। कंचन नगर में विजय पत्नी सीता बिष्ट, बेटी वंशिका व बेटे विद्युत के साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक गुरुवार दोपहर पत्नी सीता किसी काम से बाहर गई थी। बेटी वंशिका स्कूल गई थी। घर पर विजय और छह वर्ष का बेटा विद्युत था। दोपहर 2:30 बजे विजय ने पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार पप्पू को फोन कर कहा कि एक मैसेज भेज रहा हूं। उसे सबको दिखा देना। मैसेज में आत्महत्या करने की बात पढ़कर उन्होंने पत्नी को विजय के घर भेजा। मेन गेट बंद था। उन्होंने विजय के मोबाइल पर फोन किया। बेटे विद्युत ने फोन उठाकर कहा कि पापा पंखे से लटके हुए हैं। आसपास के लोगों के लोगों के साथ वह घर पहुंचे तो विजय पंखे से दुपट्टे के फंदे के सहारे लटके हुए थे। आनन-फानन में उन्हें फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक पत्नी सीता बिष्ट की तहरीर पर कंपनी के मालिक सुरेश अग्रवाल, सुमित अग्रवाल व उनके सहयागी महेश अग्रवाल, संजय और ऑडिटर जितेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जेल भेजने की देते हैं धमकी पुलिस के मुताबिक विजय ने पड़ोस में रहने वाले पप्पू को भेजे गए मैसेज में लिखा है कि कार कि शो-रूम में मुझसे गलत काम करने का दबाव बनाया जाता है। काम करने से मना करने पर शोरूम मालिक समेत अन्य अधिकारी गबन के आरोप में जेल भेजने की धमकी देते हैं। मेरी मौत के जिम्मेदार शो-रूम मालिक समेत पांच लोग हैं। 20 लाख रुपये लेने की चर्चा कंपनी के कर्मचारियों के मुताबिक विजय ने कंपनी से 20 लाख रुपये लिए थे। उनपर रुपये लौटाने का दबाव था। विजय रुपये लौटाने के लिए प्रयास भी कर रहे थे। गुरुवार को विजय की पत्नी सीता एक फाइनेंस कंपनी में जेवर गिरवी रखने भी गई थी।

दिल्ली के सात विधानसभा इलाकों से भाजपा ने साजिश करके 22,000 से ज्यादा वोट कटवाने की एप्लीकेशन दी: आम आदमी पार्टी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली की अलग-अलग विधानसभा में भाजपा द्वारा साजिश करके ‘आप’ के वोट काटने के आरोप लगाए हैं। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली के सात विधानसभा इलाकों से भाजपा ने साजिश करके 22,000 से ज्यादा वोट कटवाने की एप्लीकेशन दी है। राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली में सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा समरी-रिवीजन का समय समाप्त होने के बाद वोट कटवाने की एप्लीकेशन क्यों दी जा रही है? राघव चड्ढा ने कहा कि चुनाव आयोग भी अन्य सभी राजनीतिक दलों को अंधेरे में रखकर वोट काटने की कार्रवाई कर रहा है। राघव चड्ढा ने तुगलकाबाद विधानसभा के आंकड़े को सामने रखते हुए कहा कि तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र के लालकुआं इलाके के बूथ नंबर 117 पर 1,337 वोट हैं। इस बूथ पर 556 लोगों के वोट काटने की एप्लीकेशन दी गई है। इसमें भी 554 लोगों के वोट कटवाने की एप्लीकेशन भाजपा के दो लोगों ने दी है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी के इस गैरकानूनी काम में चुनाव आयोग का साथ देना बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर समेत लाखों शहीदों ने अपनी जान देकर हमें अंग्रेजों से आजादी दिलाई और जनता को वोट डालने का अधिकार दिलाया। अब बीजेपी लोगों से वोट डालने का अधिकार छीनकर संविधान और बाबा साहेब के विजन की हत्या कर रही है। मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि रोहिंग्या को दिल्ली में बीजेपी ने ही बसाया है। खुद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन्हें सरकारी आवास देने की बात कही है। अब चुनाव के समय भाजपा वाले रोंहिग्या के नाम पर ड्रामा कर रहे हैं।

कार्ति चिदंबरम ने जमानत की शर्तों में संशोधन की मांग की, दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में कार्ति चिदंबरम ने जमानत की शर्तों में संशोधन की मांग की है। अदालत ने इस मामले में सीबीआई से जवाब देने को कहा है और मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2025 को निर्धारित की है। क्या है मामला? कार्ति चिदंबरम पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में आरोप हैं। उन्होंने अपनी जमानत शर्तों को बदलने की मांग की है जिससे उनकी गिरफ्तारी से बचने में मदद मिल सके। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर उन्हें जवाब देने को कहा है। अगली सुनवाई 16 जनवरी को अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2025 को होगी जब अदालत सीबीआई से कार्ति चिदंबरम की याचिका पर जवाब मांगेगी।

आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया को दी राहत, जमानत शर्तों में ढील: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आबकारी नीति कथित घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राहत देते हुए जमानत की शर्तों में बुधवार को ढील दे दी। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने सिसोदिया की जमानत के मामले में अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की शर्त जरूरी नहीं है।हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें नियमित रूप से निचली अदालत में उपस्थित होना चाहिए। श्री सिसोदिया ने हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की जमानत की शर्तों में ढील के लिए शीर्ष अदालत से गुहार लगाई थी। उच्चतम न्यायालय ने 9 अगस्त 24 को श्री सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)- दोनों मामलों में जमानत देकर उन्हें बड़ी राहत दी थी। अदालत ने यह देखते जमानत दी थी कि मुकदमे की सुनवाई में देरी और आरोपी सिसोदिया के लंबे समय तक जेल में रहने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के उनके अधिकार पर असर पड़ता है। शीर्ष अदालत ने जमानत की शर्तों में सिसोदिया को प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 से 11 बजे के बीच जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने जमानत देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के 21 मई, 2024 के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिसोदिया को उपमुख्यमंत्री रहते हुए 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया गया था।  

अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें, LG के आदेश पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस अब अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं और इन घुसपैठियों को पहचानने और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का काम शुरू कर दिया है। सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें। क्राइम ब्रांच की टीम भी इस अभियान में शामिल होगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि फर्जी पहचान पत्र बनाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एलजी ने क्यों दिए निर्देश? मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) सचिवालय ने मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जाए और उन्हें दो महीने के भीतर दिल्ली से बाहर निकाला जाए। यह कदम उस समय उठाया गया, जब शनिवार को हजरत निजामुद्दीन में मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने एलजी वीके सक्सेना से मुलाकात कर बांग्लादेश में हिंदू और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के बारे में चिंता जताई थी। प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद एलजी ने इस मामले पर सख्त कदम उठाने का आदेश दिया। घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम वहीं, प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि इन घुसपैठियों को किराए पर मकान नहीं मिलना चाहिए, और जो पहले से मकान में रह रहे हैं, उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। घुसपैठियों को किसी भी सरकारी दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड या वोटर कार्ड बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, और ऐसे दस्तावेज़ों को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सड़कों, पार्कों, फुटपाथों और सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाने की मांग की गई थी। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि किसी मस्जिद या मदरसे ने घुसपैठियों को शरण दी है, तो उन्हें बाहर किया जाए। इस पर उपराज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने के लिए कहा है। चुनाव से पहले घुसपैठियों का मुद्दा यह आदेश दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है, जिस कारण राजनीति में हलचल मच सकती है। पहले भी भाजपा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप लगाया था कि वह अवैध घुसपैठियों को वोटर के रूप में शामिल कर रही है। इस मुद्दे के राजनीतिक तूल पकड़ने की संभावना है, खासकर जब आम आदमी पार्टी तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी 25 साल बाद दिल्ली में सत्ता पाने के लिए संघर्ष कर रही है।

50 बड़े प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अमित बंसल का नाम शामिल

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अमित बंसल का नाम 50 बड़े प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल हुआ है। मैनेजिंग आईपी द्वारा जारी की गई लिस्ट में दोनों ने जगह बनाई है। जस्टिस ज्योति सिंह को यह सम्मान 2024 के अप्रैल महीने में उनके ऐतिहासिक फैसले के लिए मिला। इस फैसले में उन्होंने 14 साल लंबे पेटेंट विवाद में उन्होंने कम्युनिकेशन कंपोनेंट्स एंटेना (CCA) को मोबी एंटेना टेक्नोलॉजीज के खिलाफ 217 करोड़ का रिकॉर्ड हर्जाना देने का आदेश दिया। इस फैसले के साथ लंबे समय तक चल रहे एक कानूनी संघर्ष हो गया। साथ ही पेटेंट विवादों में हर्जाने की गणना के लिए एक नया मानक स्थापित किया। खोए हुए मुनाफे के आधार पर हर्जाने का निर्धारण किया गया था। CCA को दिया गया यह हर्जाना भारत में खोए हुए मुनाफे के आधार पर अब तक का सबसे बड़ा हर्जाना था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, मैनेजिंग आईपी ने लिस्ट जारी करते हुए कहा, “जस्टिस सिंह की जटिल कानूनी मुद्दों की क्षमता ने इस मामले का निपटारा किया। इस फैसले ने आईपी कानूनी परिदृश्य पर उनके गहरे प्रभाव को उजागर किया।” जस्टिस अमित बंसल का भी नाम जस्टिस अमित बंसल को 2024 के मार्च में एक स्टैंडर्ड-एसेंशियल पेटेंट्स (SEPs) केस में उनके महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सराहा गया। उन्होंने एरिक्सन को भारतीय हैंडसेट निर्माता लावा के खिलाफ 244 करोड़ का हर्जाना देने का दिया था आदेश। यह केस इसलिए भी खास था क्योंकि यह भारत का पहला ऐसा मामला था जिसमें FRAND (Fair, Reasonable, and Non-Discriminatory) रॉयल्टी दरों का निर्धारण एक मुकदमे के बाद किया गया था। मैनेजिंग आईपी ने कहा कि जस्टिस बंसल ने हर्जाने की गणना अंतिम उपकरण के आधार पर की और एरिक्सन के एक पेटेंट के अमान्य होने को ध्यान में रखते हुए रॉयल्टी दरों को समायोजित किया।

नोएडा के सूरजपुर में मिला लिव इन रिलेशन में धोखा, विरोध करने पर भी वह नहीं सुधरा तो तंग आकर छात्रा ने आत्महत्या की

नई दिल्ली नोएडा के सूरजपुर में बीबीए स्टूडेंट की मौत के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। 19 साल की विक्टिम प्रेमी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। जांच में सामने आया है कि लिव इन पार्टनर को अब किसी दूसरी लड़की से प्यार हो गया था। इस वजह से वह शादी के वादे से भी मुकर गया था। प्यार में मिले इस धोखे ने अंज विरोध करने पर भी वह नहीं सुधरा तो तंग आकर छात्रा ने आत्महत्या कर ली। दो दिसंबर को अंजलि की सूरजपुर कस्बे ने संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई थी। सेंट्रल डीसीपी ने बताया कि आत्महत्या के उकसाने के आरोप में बलिया निवासी सतीश को दुर्गा गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। पहले आरोपी ने अंजली सिंह को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। बाद में उससे शादी करने मना कर दिया है। जिससे परेशान होकर अंजली सिंह ने आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि इसी बीच सतीश के किसी अन्य युवती से संबंध हो गए थे। जिसकी वजह से दोनों के बीच कहासुनी होती थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के मामा की शिकायत पर इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। सूरजपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अंजलि बलिया की रहने वाली थी और नोएडा में बीबीए की पढ़ाई करती थी। अंजलि और आरोपी युवक सतीश एक साथ सूरजपुर में रहते थे। सतीश एक कंपनी में काम करता है। घटना के बाद से आरोपी युवक फरार था, जिसे आज गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात को दुर्गा दत्त सिंह ने सूरजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 18 वर्षीय भांजी अंजलि सिंह के साथ ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में रह रहे उसके पार्टनर सतीश उर्फ संतोष ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसकी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट के अनुसार, सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि एक दिन अंजलि ने अपनी मां और बहन को फोन करके बताया था कि सतीश अब उससे शादी करना नहीं चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि सतीश द्वारा शादी से मना करने से परेशान अंजलि ने दो दिसंबर को कस्बा सूरजपुर स्थित घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (किसी को आत्महत्या करने के लिए उकसाने, मजबूर करने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस ने फरार आरोपी युवक को बुधवार को सूरजपुर थाना क्षेत्र में कलेक्ट्रेट के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार किया, अवैध हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में बीती रात दादरी थाना पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में बदमाश पुलिस की गोली से घायल हो गया, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार और एक बाइक बरामद की है। उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। इस बदमाश पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। गौतमबुद्ध नगर के जारचा थाना इलाके में रहने वाला यह बदमाश कई दिनों से वांछित चल रहा था। उसने एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में कई वारदातों को अंजाम भी दिया था। मिली जानकारी के मुताबिक, 10 दिसंबर को थाना दादरी पुलिस घोड़ी गोल चक्कर से रामगढ़ की तरफ, रामगढ़ कट पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान संदिग्ध लगने पर पुलिस ने एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख बदमाश ने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने जब पीछा किया तो उनसे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी की पहचान मेहराज (25) निवासी जारचा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उसके पास से एक तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस व 1 खोखा कारतूस और एक बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार, बदमाश पर 25,000 का इनाम रखा गया था। यह लूट और चोरी की गई घटनाओं में शामिल था और कई दिनों से यह फरार चल रहा था। पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि इसके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।  

सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस के संबंधों को लेकर भारी हंगामे के चलते राज्यसभा में गतिरोध जारी, कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस के संबंधों को लेकर भारी हंगामा हुआ जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले भी सदन की कार्यवाही इसी मुद्दे पर 12 बजे तक स्थगित की गई थी।पहले स्थगन के बाद उपसभापति हरिवंश ने सदन में प्रश्नकाल शुरू करने के लिए कार्यवाही आरंभ की तो सत्ता पक्ष‌ और विपक्ष के सदस्य जोर-जोर से बोलने लगे। सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि पिछले दो दिनों से सदस्य श्रीमती गांधी और सोरोस के संबंधों को लेकर उद्वेलित है। इन संबंधों का असर देश की संप्रभुता और अखंडता पर प्रभाव पड़ सकता है। यह संबंध देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि देश को इन संबंधों की वास्तविकता जानने का अधिकार है इसलिए सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए। श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा से बचने के लिए देश का ध्यान भटकना चाहती है इसलिए सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लायी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रहा है और उनका अपमान कर रहा है। विपक्षी ने कभी भी संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का सम्मान नहीं किया है और सदन के भीतर तथा बाहर लगातार अपमानजनक बर्ताव करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस निवेशक सोरोस का उपकरण बन गई है और इसके तीव्र भर्त्सना की जानी चाहिए। इस बीच सदन में दोनों पक्षों की ओर से शोरशराबा और नारेबाजी होती रही। श्री हरिवंश दोनों पक्षों से शांत होने की अपील करते रहे लेकिन हंगामा बढ़ता गया। उसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। राज्यसभा में इस सप्ताह लगातार तीसरे दिन भी सोरोस को लेकर हंगामा जारी रहा और कार्यवाही ठप्प रही। लगातार तीसरे दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सका।  

केजरीवाल का बड़ा ऐलान, दिल्ली चुनाव में अकेले लड़ेगी AAP, कांग्रेस संग गठबंधन नहीं

नई दिल्ली दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. राजनीतिक दर अभी से चुनाव की तैयारियों में लग गयी है. इस बीच सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है. आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को भी खारिज किया है. केजरीवाल ने अपने एक्स हैंडल पर एएनआई के पोस्ट को रिट्वीट किया है, जिसमें सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है कि दिल्ली चुनाव में गठबंधन के लिए कांग्रेस और आप के बीच सहमति अंतिम चरण में है. कांग्रेस को 15 सीटें, अन्य भारतीय गठबंधन सदस्यों को 1-2 और बाकी आप के खाते में जायेगी. केजरीवाल ने लिखा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी. कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना नहीं है. बता दें कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं. ऐसे में दोनों पार्टियों के मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही थी. लेकिन केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज करने कर दिया है. इसके बाद दोनों राष्ट्रीय दलों के मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना खत्म हो चुकी है. AAP ने उम्मीदवारों की दो लिस्ट कर दी है जारी   बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP)  ने विधानसभा चुनाव के लिए अब तक कैंडिडेट की दो लिस्ट जारी कर दी है. पहली लिस्ट में 11 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गयी थी. आप ने छतरपुर से ब्रह्म सिंह तंवर, किराड़ी से अनिल झा, विश्वास नगर से दीपक सिंघला, रोहतास नगर से सरिता सिंह, लक्ष्मी नगर से बीबी त्यागी, बदरपुर से राम सिंह, सीलमपुर से जुबेर चौधरी, सीमापुरी से वीर सिंह धींगान, घोंडा से गौरव शर्मा, करावल नगर से मनोज त्यागी और मटियाला से सुमेश शौकीन को चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं पार्टी ने अपनी दूसरी लिस्ट में 20 उम्मीदवारों की घोषणा की थी. AAP ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज की जगह जंगपुरा से खड़ा किया है.  वहीं मनीष सिसोदिया जिस सीट से चुनाव लड़ते थे, उस सीट से पार्टी ने अवध ओझा को टिकट दिया है, जो हाल ही में AAP में शामिल हुए हैं. दूसरी लिस्ट में मनीष, अवध के अलावा  AAP ने नरेला से दिनेश भारद्वाज, तिमारपुर से सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू, आदर्श नगर से मुकेश गोयल, मुंडका से जसबीर कारला, मंगोलपुरी से राकेश जाटव धर्मरक्षक, रोहिणी प्रदीप मित्तल, चांदनी चौक से पुनरदीप सिंह साहनी (सेबी), पटेल नगर से प्रवेश रतन, मादीपुर से राखी बिडला, जनकपुरी से प्रवीण कुमार, बिजवासन से सुरेंद्र भारद्वाज, पालम से जोगिंदर सोलंकी, जंगपुरा से मनीष सिसोदिया को टिकट दिया है. AAP- कांग्रेस गठबंधन की लग रहीं थी अटकलें मंगलवार (10 दिसंबर) को आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की सुगबुगाहट शुरू हुई थी. सूत्रों के हवाले से खबरें आईं कि दिल्ली में कांग्रेस-AAP साथ आ सकते हैं. इसके बाद आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के नेता शरद पवार के घर पहुंचे. जिसके बाद गठबंधन की खबरों ने और जोर पकड़ लिया. आज सुबह एक बार फिर ये कयास लगाए जाने लगे कि कांग्रेस-AAP, दिल्ली के रण में बीजेपी को मात देने के लिए एक दूजे का हाथ थामने वाले हैं. लेकिन अरविंद केजरीवाल ने X पर दो टूक लिखा और कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन का कोई चांस नहीं है. आप को बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी अब तक उम्मीदवारों की दो लिस्ट जारी कर चुकी है. पहली लिस्ट में पार्टी 11 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया था. वहीं, दूसरी लिस्ट में सोमवार को 20 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए गए. आम आदमी पार्टी दिल्ली में जोर शोर से प्रचार में जुटी हुई है. खुद पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल लोगों के बीच जाकर उनका हाल-ए-दिल जान रहे हैं. जबकि बीजेपी वाले अरविंद केजरीवाल को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे. कल जहां बीजेपी की ओर से वीडियो जारी कर ‘शीशमहल’ के नाम पर अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए गए. वहीं अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बीजेपी ने चार्जशीट बनाकर जनता के बीच पेश की है. बीजेपी ने दावा किया है कि इस बार दिल्ली को AAP मुक्त बनाएंगे.

कुलदीप सिंह सेंगर को मेडिकल ग्राउंड पर दी अंतरिम जमानत, दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को 20 दिसंबर तक के लिए मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी है। कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा काट रहा है। जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने मेडिकल ग्राउंड पर कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को 20 दिसंबर तक के लिए अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में जेल की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को एम्स में भर्ती होने और मेडिकल बोर्ड की देखरेख में जांच कराने का निर्देश दिया था। इससे पहले साल 2023 में कुलदीप सिंह सेंगर को बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जमानत दी गई थी। कुलदीप सिंह सेंगर पोक्सो मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कुलदीप सिंह सेंगर ने मेडिकल ग्राउंड पर सजा के अंतरिम निलंबन की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अधिवक्ता कन्हैया सिंघल ने अपनी दलील में कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को इससे पहले पोक्सो मामले में मेडिकल ग्राउंड पर दो हफ्ते के लिए राहत दी गई थी। उनकी सजा पर अदालत ने दो हफ्ते के लिए अंतरिम रोक लगाई थी। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 दिसंबर को मेडिकल आधार पर कुलदीप सिंह सेंगर को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी लेकिन वह बाहर नहीं आ सके थे। वकील सिंघल ने अपनी दलील में कहा कि हिरासत में मौत के मामले में सजा निलंबित होने का आदेश नहीं होने के कारण कुलदीप सिंह सेंगर जेल से बाहर इलाज के लिए नहीं आ सके थे। कुलदीप सेंगर को 2018 में उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराया गया था। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने इलाज के लिए कुलदीप सिंह सेंगर को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी। हालांकि कुलदीप सेंगर के वकील ने इलाज के लिए 30 दिनों के लिए सजा को निलंबित करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि सेंगर को कम से कम 2 से 3 दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाए। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, वह जांच अधिकारी के संपर्क में जानकारी वाली जगह पर रहेंगे। वह दिल्ली नहीं छोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात का किया आमंत्रित

नई दिल्ली मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसद भवन में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात उन्होंने प्रदेश में चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के शुभारंभ और केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान की शुरुआत करने जा रही है, जो 11 दिसंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा, नारी, किसान और गरीब कल्याण की चिन्हित योजनाओं के माध्यम से शत प्रतिशत सैचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 दिसंबर 2024 के बीच मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व आयोजित किया जाएगा जो प्रदेश के समग्र विकास और जनहित पर आधारित होगा।

‘बेटी की शादी पर 1 लाख रुपए देगी दिल्ली सरकार’, किये 5 बड़े ऐलान, ऑटो चालकों के साथ मेरा पुराना रिश्ता- केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के ऑटो चालकों के लिए पांच बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने कहा कि अब किसी भी ऑटो चालक की बेटी की शादी होगी तो दिल्ली सरकार उसे एक लाख रुपए की मदद देगी। इसके अलावा, हर ऑटो चालक को 10 लाख रुपए का लाइफ इंश्योरेंस और 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। ऑटो चालकों के साथ मेरा पुराना रिश्ता- केजरीवाल केजरीवाल ने ऑटो चालकों के साथ अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा, “मेरा ऑटो चालकों के साथ बहुत पुराना रिश्ता है। 2013 में जब मेरी पार्टी नई थी और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी, तब ऑटो चालकों को अक्सर तिरस्कृत किया जाता था। उस समय मैंने ऑटो चालकों के समर्थन में सभा की थी। ये लोग व्यवस्था के शिकार हैं और अगर हमारी सरकार बनी तो हम सिस्टम को ठीक करेंगे।”     सरकार बनने के बाद हमने काफी सुधार किए उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार बनने के बाद हमने कई सुधार किए हैं। हाल ही में मैंने ऑटो चालकों के साथ अपने घर पर बैठक की थी, जहां मुझे बहुत अच्छे से भोजन पर आमंत्रित किया गया था। मैं कह सकता हूं कि मैंने ऑटो चालकों का नमक खाया है।” बताते चलें कि, 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव अगले साल फरवरी में होने हैं। भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ खड़ी आप लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। 

लोकसभा अध्यक्ष ने संसद परिसर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों को अशोभनीय बताया

नई दिल्ली लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण मंगलवार को भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सका और कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब 12.17 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों को अशोभनीय तथा प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं के आचरण को संसदीय परंपराओं को प्रतिकूल बताया और कहा कि सभी को संसद की गरिमा, मर्यादा और प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए। बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर इस विषय का उल्लेख किया और अफसोस जताया। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाने का प्रयास करते हुए हंगामा किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब पांच मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक पुन: शुरू होने पर पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर प्रस्तुत कराए। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने ‘वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2024′ हंगामे के बीच ही प्रस्तुत किया। सैकिया ने विपक्ष के सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘आपके कारण सदन नहीं चल रहा, ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए।” संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘आपके शर्मनाक व्यवहार की वजह से सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है, इसके लिए आपको माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस और देश विरोधी ताकतों से क्या रिश्ते हैं, पता चलना चाहिए और इसके लिए विपक्षी दल को सदन में माफी मांगनी चाहिए। रीजीजू ने कांग्रेस और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये लोग जॉर्ज सोरोस के साथ तालमेल करके देश के खिलाफ काम करते हैं और रग-बिरंगे पहनकर आपत्तिजनक बातें करते हैं।.पीठासीन सभापति सैकिया ने आसन के समीप हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। जिसका कोई असर नहीं होने पर उन्होंने कार्यवाही करीब 12 बजकर 17 मिनट पर बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी। गौरतलब है कि भाजपा पिछले कुछ दिन से कांग्रेस, पार्टी नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सोरोस के साथ देश की सरकार, संसद और अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए काम करने का आरोप लगा रही है। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों द्वारा संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किए जाने का उल्लेख सदन में किया और क्षोभ जताया। एक दिन पहले ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी का मुखौटा पहने दो कांग्रेस सांसदों का प्रतीकात्मक साक्षात्कार करते हुए सरकार एवं प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। कांग्रेस सांसद शिवाजी कलगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मणिकम टैगोर ने उद्योगपति गौतम अदाणी का मुखौटा पहन रखा था। पार्टी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा के कुछ नेताओं के आरोपों से जुड़े मुद्दे उठाने का भी प्रयास कर रही है। कांग्रेस तथा कई अन्य विपक्षी दल अदाणी मामले को लेकर संसद परिसर में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का हंगामा अशोभनीय-  ओम बिरला बिरला ने मंलगवार को सदन में कहा, ‘‘संसद एक पवित्र स्थल है और इस भवन की उच्च गरिमा, प्रतिष्ठा और मर्यादा है। इसी भवन में हमने आजादी प्राप्त की है। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था है। इस संस्था में लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जाता है। सहमति-असहमति हमारे लोकतंत्र की परंपरा रही है, जो संविधान बनते समय भी हमने अभिव्यक्त की थी।” उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं कि संसद परिसर में जिस प्रकार के प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिस प्रकार के नारे, पोस्टर और मुखौटों का उपयोग किया जा रहा है, वह न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि हमारी नियम प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं के अनुरूप भी नहीं है।” अध्यक्ष को सत्तापक्ष का भी नाम लेना चाहिए- कांग्रेस बिरला ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इसमें प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं का आचरण-व्यवहार भी संसदीय व्यवहार के अनुकूल नहीं है।” इस पर कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने टोका-टोकी करते हुए कहा कि अध्यक्ष को सत्तापक्ष का भी नाम लेना चाहिए। इस पर बिरला ने कहा कि चाहे सत्तापक्ष हो या प्रतिपक्ष हो, सभी दलों के लोग संसद की गरिमा, परंपरा, मर्यादा और प्रतिष्ठा को बनाए रखें। उन्होंने कहा, ‘‘मर्यादित आचरण रखेंगे तो जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा। इस लोकतंत्र के मंदिर के प्रति लोगों की बहुत गहरी आस्था और विश्वास है। आजादी के 75 वर्ष में हमने यहां चर्चा, संवाद और तीखी आलोचना देखी है। यह यहां की परंपराएं रही हैं।” बिरला ने सदस्यों से अपील की, ‘‘आप सकारात्मक सहयोग करें। जो मुद्दे हैं उन पर आप आकर चर्चा करें। सत्तापक्ष से प्रतिपक्ष के लोग बैठकर चर्चा करें, सदन को चलाने का प्रयास करें।”

केजरीवाली और शरद पवार के बीच होगी बैठक, दिल्ली चुनाव पर भी चर्चा संभव, ममता को दी जाए इंडिया गठबंधन की कमान?

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाली और शरद पवार के बीच बैठक होगी। मंगलवार शाम को होने वाली इस बैठक में ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक की कमान सौंपे जाने को चर्चा हो सकती है। इसके अलावा दिल्ली विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन का क्या रोल रहेगा, इसे लेकर भी चर्चा हो सकती है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है। आज शाम को अरविंद केजरीवाल और शरद पवार के बीच बैठक होने वाली है। इंडिया गठबंधन की कमान ममता बनर्जी को कमान सौंपी जाए इसे लेकर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान इंडिया गठबंधन का क्यों रोल रहेगा इसपर भी चर्चा हो सकती है। इंडिया गठबंधन के नेता आप के समर्थन में रैली करेंगे या नहीं इसे लेकर भी चर्चा हो सकती है। कई और मुद्दों पर भी दोनों नेता बात कर सकते हैं। लालू यादव ने किया समर्थन दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान पर कि वह ‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो का समर्थन करते हुए मंगलवार को कहा कि उन्हें भाजपा विरोधी इस गठबंधन का नेतृत्व करने दिया जाना चाहिए। लालू ने पत्रकारों से कहा, ‘ममता बनर्जी को ‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व करने दिया जाना चाहिए।’ जब पत्रकारों ने ममता के दावों पर कांग्रेस की आपत्ति के बारे में पूछा, तो लालू ने कहा, ‘कांग्रेस के विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ेगा…उन्हें ‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व करने दिया जाना चाहिए।’

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को तुरंत रोका जाए और ऐसा करने वालों के खिलाफ ऐक्शन हो, उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन

नई दिल्ली बांग्लादेश के उच्चायोग के बाहर दिल्ली में बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के लोग जुटे हैं। इन लोगों ने डिमांड की है कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को तुरंत रोका जाए और ऐसा करने वालों के खिलाफ ऐक्शन हो। यह प्रदर्शन दिल्ली स्थित बांग्लादेशी उच्चायोग के बाहर हो रहा है। इसमें सैकड़ों लोग जुटे हैं, जो विभिन्न हिंदू संगठनों के आह्वान पर पहुंचे हैं। इस दौरान लोगों ने हिंदुओं की हत्या बंद करो-बंद करो और इस्कॉन के संतों को रिहा करो जैसे नारे लगाए। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ हाय-हाय के भी नारे लगाए गए। इन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संयुक्त राष्ट्र तमाम मामलों पर बात करता है, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर कुछ नहीं कहता। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाएं भी हिंदुओं पर भीषण अत्याचार के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहीं। आंदोलन में शामिल लोग किसी एक संगठन के आह्वान पर नहीं जुटे बल्कि अलग-अलग हिंदू संस्थाओं की ओर से आए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में सिविल सोसायटी के लोग भी शामिल हैं। इससे पहले मुंबई में भी बांग्लादेश के कौंसुलेट के बाहर प्रदर्शन हुआ था और हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार पर ऐक्शन की मांग की गई थी। यही नहीं रविवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में जिला स्तर पर बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर प्रदर्शन हुए थे। बता दें कि सोमवार को ही विदेश सचिव विक्रम मिसरी बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की थी। इस मीटिंग के दौरान भारत की ओर से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा रोके जाने की मांग भी की गई थी। इस पर विदेश मामलों के एक्सपर्ट रॉबिंदर सचदेव ने कहा कि अब हमें कुछ वक्त इंतजार करन चाहिए कि बांग्लादेश कुछ ऐक्शन ले। यदि अब भी वह कोई कदम नहीं उठाता है तो यह साफ संकेत होगा कि वह भारत के साथ अच्छे रिश्ते नहीं चाहता।

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तमाशा करने का आरोप लगाया, कहा- ये लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे

नई दिल्ली संसद में अडानी, जॉर्ज सोरोस से सोनिय गांधी के लिंक जैसे मुद्दों पर जोरदार हंगामा जारी है। राहुल गांधी ने तो सोमवार को नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के मुखौटा लाए दो सांसदों का मॉक इंटरव्यू भी लिया था। लेकिन अंदर लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा जारी रहा और दोनों सदनों को कई बार स्थगित करना पड़ा। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तमाशा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर कांग्रेस टीशर्ट पहनकर तमाशा क्यों करती है। इस बीच मंगलवार को एक बार संसद की कार्य़वाही शुरू होते ही स्थगित हो गई। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को समझाने की जरूरत है। हमारे पास बिल पास कराने के लिए जरूरी संख्या है। कांग्रेस को सदन की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए और चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। वहीं अडानी के मसले पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी मंत्री ने सवाल उठाया। किरेन रिजिजू ने कहा कि अमेरिकी अदालत के मामले को लेकर यहां तमाशा करने से क्या फायदा होगा। राज्यसभा में तो सभी दलों के सांसद चाहते हैं कि सदन चले। हमसे सपा, कांग्रेस, टीएमसी समेत कई दलों के सांसद मिले हैं और बोले कि सदन चलना चाहिए। इस पर मैंने कहा कि राहुल गांधी को समझाओ। उन्हें आम लोगों से तो कोई लेना-देना नहीं है। उनका अपना स्टाइल है और तमाशा करते रहते हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं एक बात साफ कर दूं कि जनता के हित के लिए जो भी बिल लाने होंगे, हम लेकर आएंगे। लेकिन हम चाहते हैं कि बिलों पर चर्चा हो। इसलिए एकतरफा पास नहीं करना चाहते। चर्चा होने से संसद की गरिमा बढ़ेगी। इस बीच कांग्रेस की नई सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि हम तो चर्चा चाहते हैं। सरकार ही सदन में परेशानी खड़ी कर रही है और संसद नहीं चलने दे रही। बता दें कि राज्यसभा में भी सोमवार को हंगामा हुआ और खरगे ने तो सीधे स्पीकर जगदीप धनखड़ पर ही सवाल उठा दिया और कहा कि आप तय करके आए हैं कि विपक्ष को बोलने ही नहीं दिया जाएगा। ऐसा करके आप लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। आपने मंत्री को बोलने दिया, पर हमें मौका नहीं मिला।

केजरीवाल के बंगले पर जितना खर्च हुआ है उतने में डीडीए के 34 ईडब्लूएस फ्लैट बन सकते थे- बीजेपी

नई दिल्ली  दिल्ली में भले ही अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन फिजा एकदम चुनावी हो चुकी है। तीनों प्रमुख पार्टियां आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में लगी हैं। एक दूसरे पर वार-पलटवार का सिलसिला तेज हो गया है। इसी कड़ी में बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आलीशान बंगले का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया है कि उन्होंने दिल्ली के टैक्सपेयर्स की ‘कमाई लूटी’ है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक्स पर ये लिखते हुए वीडियो पोस्ट किया है- ‘खुद को आम आदमी कहने वाले अरविंद केजरीवाल के शीशमहल की सच्चाई।’ उन्होंने ये भी बताया है कि बंगले पर केजरीवाल ने जितना खर्च किया है, उतने में कितने गरीबों का उद्धार हो सकता था, कितनों को घर मिल सकते थे या ऑटो रिक्शा मिल सकते थे। उन्होंने दिल्ली के पूर्व सीएम पर हमला करते हुए लिखा है- ‘भ्रष्टाचार के लाल, वाह रे केजरीवाल।’ दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘खुद को आम आदमी कहने वाले अरविंद केजरीवाल की अय्याशी के शीशमहल की सच्चाई हम बताते आए हैं, आज आपको दिखाएंगे भी! जनता के पैसे खाकर अपने लिए 7 स्टार रिजॉर्ट का निर्माण करवाया है! शानदार Gym-Sauna Room-Jacuzzi की कीमत! मार्बल ग्रैनाइट लाइटिंग- 1.9 करोड़ रुपये; इंस्टालेशन-सिविल वर्क- 1.5 करोड़ रुपये; जिम/स्पा इक्विपमेंट और फिटिंग- 35 लाख रुपये। कुल 3.75 करोड़ रुपये।’ सचदेवा ने आगे लिखा है, ‘बच्चों की कसम खाकर सरकारी घर, गाड़ी, सुरक्षा ना लेने का झूठा वादा करने वाले कैसे दिल्ली के टैक्स पेयर्स की कमाई लूट रहें है। इतने में दिल्ली का आम आदमी DDA के 34 EWS फ्लैट, या 15 एलआईजी फ्लैट, या 150 सीएनजी ऑटो, या 326 ई-रिक्शा खरीद सकता है! भ्रष्टाचार के लाल, वाह रे केजरीवाल!! बस और कुछ नहीं कहना!!’ दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी दिल्ली में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार और बीजेपी पर हमलावर है। पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में अपराधों को लेकर सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेर रही है। दरअसल केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों के मुद्दे पर भी शाह को घेर रही है। पार्टी ने इस साल स्कूलों, अस्पतालों, एयरपोर्ट वगैरह को बम से उड़ाने की धमकियों की लिस्ट शेयर करके पूछा है- ‘अमित शाह जी, अब तो जाग जाओ।’

‘एक देश, एक चुनाव’ बिल मौजूदा संसद सत्र में ही ला सकती है मोदी सरकार

नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मौजूदा संसद सत्र में ही ‘एक देश, एक चुनाव’ बिल पेश कर सकती है। सरकारी सूत्रों के हवाले से यह कहा गया है कि सरकार शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को पेश करने की तैयारी में है। बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने पहले ही एक देश, एक चुनाव पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे रखी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस बिल पर आम सहमति बनाना चाहती है और विस्तृत चर्चा के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजना चाहती है। सरकार से जुड़े सूत्र कह रहे हैं कि सरकार चाहती है कि रामनाथ कोविंद की अगुवाई वाली एक्सपर्ट कमेटी की 18,636 पन्नों की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा हो। खबर है कि सरकार ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, किरण रिजिजू और अर्जुनराम मेघवाल को विपक्षी नेताओं के साथ बैठकें कर आम राय बनाने को कहा गया है। सूत्रों ने बताया कि जेपीसी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से इस बिल पर विस्तार से चर्चा करेगी और इस प्रक्रिया में अन्य हितधारकों से भी बातचीत करेगी। सूत्रों ने बताया कि इस प्रक्रिया में देशभर के बुद्धिजीवियों के साथ-साथ सभी राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों को भी बुलाया जा सकता है। इसके अलावा आम लोगों की राय भी ली जा सकती है क्योंकि आम सहमति के बिना मौजूदा चुनावी व्यवस्था को बदलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जानकार बताते हैं कि “एक राष्ट्र एक चुनाव” योजना को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करने के लिए कम से कम छह विधेयक लाने होंगे और इसके लिए सरकार को संसद में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ेगी। फिलहाल, एनडीए के पास संसद के दोनों सदनों में साधारण बहुमत ही है। ऐसे में संसद के किसी भी सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना सरकार के लिए एक कठिन काम हो सकता है। राज्यसभा की 245 सीटों में से एनडीए के पास 112 और विपक्षी दलों के पास 85 सीटें हैं। दो-तिहाई बहुमत के लिए सरकार को कम से कम 164 वोटों की जरूरत है।

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव के लिए दूसरी लिस्ट जारी की, 11 कैंडिडेट की लिस्ट पहले ही जारी कर दी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दूसरी लिस्ट आ जारी कर दी है। दिल्ली के पूर्व डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया की सीट इस बार बदल गई है। इस बार वो पटपड़गंज की जगह जंगपुरा से चुनाव लड़ेंगे। वहीं पटपड़गंज से अवध ओझा चुनाव लड़ेंगे। वो हाल ही में आप में शामिल हुए हैं। सिसोदिया की सीट बदल गई सबसे बड़ा फैसला तो सिसोदिया की सीट को लेकर हुआ है। पिछली बार पटपड़गंज से बड़ी मुश्किल से चुनाव जीत पाए सिसोदिया को जंगपुरा से मैदान में उतारा गया है। जबकि पटपड़गंज से अवध ओझा मैदान में उतरे हैं। पहली लिस्ट में किसे कहां से मिला मौका? आम आदमी पार्टी के 11 कैंडिडेट्स वाली पहली लिस्ट में विश्वास नगर से दीपक सिंघला को टिकट दिया गया है। मटियाला से सोमेश शौकीन को टिकट मिला है, लक्ष्मी नगर से बीबी त्यागी को आम आदमी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी छोड़ आप में शामिल हुए अनिल झा को किराड़ी सीट से, बदरपुर से रामसिंह, घोंडा से गौरव शर्मा, करावल नगर से मनोज त्यागी, छतरपुर से ब्रम्ह सिंह तंवर, सीलमपुर से जुबैर चौधरी,सीमापुरी से वीर सिंह धींगान, रोहतास नगर से सरिता सिंह को पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में जगह दी है।

प्रदर्शन कर रहे किसानों को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली शंभू बॉर्डर पर हो रहे किसान आंदोलन के मामले पर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, ‘हम इस मसले पर दाखिल नई याचिका पर सुनवाई के इच्छुक नहीं हैं। अदालत इस मामले पर पहले से सुनवाई कर रही है। ये मामला उसके संज्ञान में है। पहले से ही एक मामला पेंडिंग है।’ हाईवे को जाम करने वालों के खिलाफ हो कानूनी कार्रवाई इस जनहित याचिका में शंभू बॉर्डर समेत हाईवे को खोलने के लिए केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि इस तरह हाईवे को बाधित करना लोगों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। साथ ही ये नेशनल हाइवे एक्ट और BNS के तहत भी अपराध है। ऐसे में हाईवे को जाम करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। केंद्र, हरियाणा और पंजाब सरकार जारी करे निर्देश इसके साथ ही याचिका में ये भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकारों को प्रदर्शनकारी किसानों को हाइवे से हटाने के निर्देश जारी करे। पंजाब के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर याचिका में केंद्र और राज्य को किसानों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध हटाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। किसानों के प्रदर्शन से आम लोगों को हो रही दिक्कत कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि सुचारू सार्वजनिक आवाजाही के लिए आंदोलनकारी किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे पटरियों को बाधित न किया जाए। इससे वहां से गुजर रहे लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस साल फरवरी से शंभू बॉर्डर पर बैठे हैं किसान बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा संगठन और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान इस साल फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए हैं। रविवार को एक बार फिर पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम ने दिल्ली कूच को रोक दिया।

दिल्ली के 40 स्कूलों को फिर मिली बम की धमकी, बच्चों को भेजा गया वापस

नई दिल्ली दिल्ली के 40 से ज्यादा स्कूलों को एक ईमेल मिला है, जिसमें बम ब्‍लास्‍ट करने की धमकी दी गई है. ये ईमेल 8 दिसम्बर को रात करीब 11:38 बजे आया. ईमेल में कहा गया कि स्कूलों के कैंपस में बम प्लांट कर दिए गए हैं. अगर ये बम (Delhi Bomb Threat) फटे, तो बड़ा नुकसान होगा. मेल भेजने वाले ने बम न ब्‍लास्‍ट करने की ऐवज में 30 हजार डॉलर की मांग की है. दिल्ली पुलिस आईपी एड्रेस और मेल भेजने वाले की जांच में जुटी. इसके बाद पता चला कि ये जानकारी पूरी तरह से गलत थी. जांच के बाद पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. इसके बाद मेल को हॉक्स करार दिया गया. दिल्ली के जिन स्कूलों में बम होने की धमकी दी गई है, उनमें डीपीएस आरकेपुरम और जीडी गोयनका शामिल है. यह जानकारी मिलने के बाद स्कूलों ने बच्चों को वापस घर भेज दिया है. साथ ही बम की खबर मिलने के बाद स्कूलों ने फायर और पुलिस विभाग को इसकी जानकारी दी है. जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह 7 बजे ये खबर मिली है. बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में किसी स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इस साल की शुरुआत में भी ऐसे मामले कई बार सामने आए हैं. इससे पहले 2 फरवरी 2024 को भी डीपीएस आरकेपुरम के प्रिंसिपल को एक मेल के जरिए स्कूल में बम होने की धमकी दी गई थी. इसके बाद मई में भी कई स्कूलों को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली थी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर की मेल आईडी पर धमकी भरा मेल किया गया था. अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर तंज दिल्ली वालों ने दिल्ली में कानून व्यवस्था की इतनी बुरी हालत पहले कभी नहीं देखी थी. अमित शाह जी को आकर दिल्ली वालों को जवाब देना चाहिए. दिल्ली में हो चुके हैं कम तीव्रता वाले विस्फोट रोहिणी के स्कूल को धमकी मिलने से एक दिन पहले ही प्रशांत विहार इलाके में कम तीव्रता का एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था. इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, उसमें देखा जा सकता था कि छोटे ब्लास्ट के बाद आसपास धुआं छा गया था. वहीं, इससे पहले दिल्ली के रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के पास भी एक विस्फोट हुआ था. दो महीने के अंदर दिल्ली में ऐसे दो विस्फोट हो चुके हैं, जिसके चलते अब यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इतना ही नहीं, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फ्लाइट्स में भी बम की धमकियां मिलती रही हैं, जो जांच के बाद झूठी साबित हुई हैं. पुलिस कर रही है जांच घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. धमकी के कारण ज्यादातर स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया. सुबह बच्चों के स्कूल पहुंचने पर उन्हें इमरजेंसी का हवाला देकर घर वापस भेज दिया गया. 

दिल्ली एनसीआर के आसमान में हल्के बादलों की छिटपुट मौजूदगी देखी, दिल्ली को लेकर जारी हुआ अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर में मौसम की आंखमिचौली देखी जा रही है। नोएडा में कुछ जगहों पर छिटपुट बूंदाबांदी देखी गई है। मौसम विभाग ने 8 दिसंबर को दिल्ली के साथ ही एनसीआर के इलाकों में बूंदाबांदी का अनुमान जारी किया था। दिल्ली एनसीआर के आसमान में हल्के बादलों की छिटपुट मौजूदगी देखी जा रही है। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में भी हल्की से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। अपने नवीनतम पूर्वानुमान में IMD ने 9 दिसंबर से उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में शीत लहर की भी चेतावनी जारी की है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम के बारे में IMD के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने कहा कि 9 दिसंबर के बाद दिल्ली-एनसीआर में तापमान में कमी आएगी। इस हफ्ते दिल्ली में न्यूनतम तापमान के 6 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। वहीं अधिकतम तापमान के 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने कहा कि 8 और 9 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर में तापमान बढ़ सकता है। 9 दिसंबर के बाद तापमान में कमी आएगी और शीत लहर की स्थिति देखी जा सकती है। सबसे पहले राजस्थान और उसके बाद पंजाब और हरियाणा में शीत लहर देखी जाएगी। 9 से 14 दिसंबर तक पश्चिमी राजस्थान में जबकि पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 दिसंबर से शीत लहर की स्थिति रहेगी। दिल्ली में रविवार को सुबह न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सीजन के औसत से दो डिग्री कम है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, सुबह 9 बजे दिल्ली का एक्यूआई 276 के साथ ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में रविवार रात को पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखा सकता है। इसके प्रभाव से कुछ इलाकों में रविवार और सोमवार को हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार देर शाम या रात के समय देखने को मिल सकता है। इसमें कुछ बूंदाबांदी हो सकती है। इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालय में भी ताजा बर्फबारी हो सकती है। मंगलवार से हमें उम्मीद है कि ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इससे मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी। वहीं दिल्ली में एक्यूआई भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। यह शाम 4 बजे 302 दर्ज किया गया। स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा धीमी हो गई है। इसकी वजह से प्रदूषण के कणों का बिखराव कम हुआ है। आने वाले दिनों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। वहीं दिल्ली के लिए केंद्र की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) के अनुसार, सोमवार को भी AQI खराब श्रेणी में रहेगा। इसके मंगलवार तक बहुत खराब श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। आगे भी हालात कमोबेश ऐसे ही नजर आ सकते हैं।

दिल्ली में 20 सिटिंग विधायकों के कट सकते हैं टिकट, सत्ता विरोधी लहर से निपटने को केजरीवाल का प्लान

नई दिल्ली दिल्ली में सत्ता विरोधी लहर और लोगों के गुस्से को कम करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) एक तिहाई मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है। इनमें वो विधायक भी शामिल हैं जिन्होंने 2015 के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। मगर 2025 की चुनावी दौड़ से इन्हें बाहर किया जा सकता है। यह जानकारी पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं ने दी है। 20 विधायकों के कट सकते हैं टिकट पार्टी की चुनावी रणनीति में शामिल नेताओं ने बताया कि 20 से अधिक विधायकों को टिकट न देने का फैसला जमीनी सर्वे और विधायकों के विभिन्न मानदंडों जैसे कि संबंधित क्षेत्रों में किए गए विकास कार्य, लोकप्रियता, पहुंच और सत्ता विरोधी भावना के आधार पर किया गया है। पार्टी ने पिछले महीने जारी उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची से तीन मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया। विधायक से जनता नाराज एक नेता ने कहा, ‘सर्वे और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर टिकटों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कई विधायक काफी लोकप्रिय बने हुए हैं, वहीं कई विधायकों के खिलाफ गुस्सा है, लेकिन स्थानीय लोग कह रहे हैं कि वे अरविंद केजरीवाल से संतुष्ट हैं। हमारे अनुमान के मुताबिक, करीब 20 विधायकों को हटाया जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।’ फरवरी 2020 के विधानसभा चुनावों में आप ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में 62 सीटें जबकि आठ सीटों पर भाजपा को विजय मिली थी। आप के चार नेताओं, जिनमें हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले पूर्व परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत शामिल हैं, ने या तो इस्तीफा दे दिया या उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इससे विधानसभा में पार्टी की ताकत घटकर 58 रह गई। सत्तारूढ़ पार्टी अब चुनावों के लिए कमर कस रही है और इस उम्मीद में है कि वह भ्रष्टाचार के आरोपों से ऊपर उठ जाएगी, जिसके कारण पिछले कुछ सालों में आप में कई बदलाव हुए हैं। एक नेता ने स्वीकार किया कि लोगों में ‘काम न करने वाले कई विधायकों’ के खिलाफ भी गुस्सा पनप रहा है।

दिल्ली आप पार्टी में बगावत की आवाज बुलंद, हाथ में इस्तीफा लेकर पूरी टीम ने ही कर दिया ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) बड़े बैमाने पर विधायकों के टिकट काटने जा रही है। तिमारपुर से पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक दिलीप पांडेय का भी टिकट कट गया है। दिलीप पांडेय ने भले ही पार्टी में कुछ और काम करने के लिए अपनी सहमति जाहिर की है, लेकिन उनके समर्थक बगावत की आवाज बुलंद करने लगे हैं। तिमारपुर में ‘आप’ की पूरी विंग ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। इस्तीफा देते हुए नए संभावित उम्मीदवार के लिए काम नहीं करने की घोषणा की है। एक वीडियो में एक महिला कार्यकर्ता रोती हुई भी दिख रही है। वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि तीन दर्जन से अधिक लोग एक साथ अपने हाथों में कथित तौर पर इस्तीफा लेकर खड़े हैं और वह पार्टी के फैसले से नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कार्यकर्ता और पदाधिकारी यह भी कह रहे हैं कि वह अपनी सदस्यता नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। वीडियो में वह कह रहे हैं, ‘हम आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता, तिमारपुर विधानसभा, हम सारे लोग अपनी पार्टी की सदस्यता से नहीं, अपने पद से इस्तीफा देते हैं। अभी जिसे पार्टी ने टिकट दिया है, जिसके खिलाफ हम तीन चुनाव लड़ चुके हैं, हम उसे यहां से चुनाव नहीं लड़ा सकते। हम इससे सहमत नहीं। हमारे दिलीप पांडेय जी का टिकट क्यों काटा, इसकी वजह भी बताई जाए। जब तक इसका फैसला नहीं होता, हम में से कोई काम नहीं करेगा।’ हालांकि, कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी जिंदाबाद के नारे भी लगाते दिख रहे हैं। इस्तीफा देने वाले कई पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर इसे शेयर भी किया है और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य बड़े नेताओं को टैग किया है। सभी ने पहले एक साथ बैठक की और इसमें पार्टी के फैसले पर दुख जाहिर किया। दिलीप पांडेय के कुछ समर्थक पदाधिकारी रोने भी लगे। तिमारपुर से पार्टी को सोशल मीडिया इंचार्ज सुंदर मल्होत्रा ने एक्स पर जो इस्तीफा शेयर किया है उसमें कहा है कि वह ऐसे व्यक्ति के लिए नहीं लड़ सकते हैं तो टिकट खरीदने के लिए कुख्यात है और जिसे तीन बार हराया जा चुका है। शुक्रवार को एक तरफ दिलीप पांडेय ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी कि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी में भाजपा नेता सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू शामिल हुए। तिमारपुर से दो बार विधायक रह चुके बिट्टू के ‘आप’ में शामिल होने के बाद उन्हें यहां से टिकट मिलना पक्का माना जा रहा है। इसी को देखते हुए ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने विरोध जाहिर किया है। दिलीप पांडेय की ओर से उनके समर्थकों की नाराजगी पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करते हुए दिलीप पांडेय ने लिखा था, ‘राजनीति में पहले संगठन निर्माण और फिर चुनाव लड़ने के दायित्व का निर्वहन करने बाद, अब समय है आम आदमी पार्टी में ही रह कर कुछ और करने का. तिमारपुर विधानसभा में चुनाव जो भी लड़े, दिल्ली के मुख्यमंत्री तो अरविंद केजरीवाल जी ही बनेंगे, और हम सभी दिल्ली वाले मिल कर यह सुनिश्चित भी करेंगे। मेरे संबंधों की पूंजी मेरे साथ रहेगी, ऐसा विश्वास है मुझे, आप में से कोई मुझे संपर्क करे, तो इसी विश्वास को और मज़बूत करे, ऐसी कामना है।’

चुनाव की तैयारियों को लेकर दिल्ली भाजपा ने पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश इकाई मुख्यालय में चुनाव कार्यालय खोल दिया

नई दिल्ली दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कमर कस ली है। चुनाव की तैयारियों को लेकर दिल्ली भाजपा ने पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश इकाई मुख्यालय में चुनाव कार्यालय खोल दिया। इसके अलावा पार्टी ने घोषणापत्र के लिए फीडबैक जुटाने को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जाने वाली वैन के बेड़े को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने अपनी पत्नी, राज्य चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा, चुनाव समन्वय समिति के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज, योगेंद्र चंदोलिया, प्रवीण खंडेलवाल और अन्य के साथ हवन किया। दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। 1993-98 में पुनर्गठित विधानसभा में पांच साल के कार्यकाल के बाद, भाजपा को राजधानी में बहुमत नहीं मिला पाया है। 1998 से 2013 तक कांग्रेस के सामने मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद, वह पिछले एक दशक से आमआदमी पार्टी (आप) के दबदबे को खत्म करने की हरसंभव कोशिश कर रही है। सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के लोग परेशान हो चुके हैं और वे गंदे पानी की आपूर्ति, क्षतिग्रस्त सड़कों, महंगी बिजली और प्रदूषण से राहत पाने के लिए आप को सत्ता से हटाना चाहते हैं। सचदेवा ने दावा किया कि ‘बड़े-बड़े’ वादे करने के बावजूद, आप सभी मोर्चों पर बुरी तरह विफल रही और उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भाजपा सत्ता में वापस आएगी। 14 वैन के बेड़े को लॉन्च करते हुए, पांडा ने फीडबैक अभ्यास को ‘अब नहीं सहेंगे, बदल कर रहेंगे’ का नारा दिया। पांडा ने कहा कि फीडबैक के आधार पर, भाजपा आगामी 2025 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना ‘संकल्प पत्र’ तैयार करेगी। कमजोर कड़ी को मजबूत करने पर जोर विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी कमजोर कड़ी को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी ने इस बार जेजे क्लस्टर को लेकर विशेष अभियान चलाया है। झुग्गियों में बूथवार मैपिंग कर चुनाव की तैयारी की जा रही है। भाजपा इस बार झुग्गियों के 1100 बूथों पर योजना बनाकर काम में जुटी है।

AAP का BJP पर ‘पुष्पा’ वाला पलटवार, दोनों राजनीतिक दलों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों के तीखे तीर जारी

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर भाजपा और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के बीच पोस्टर वार छिड़ गई है। इस सियासी जंग में दोनों राजनीतिक दलों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों के तीखे तीर चलाए जा रहे हैं। भाजपा जहां अपने पोस्टरों में ‘आप’ के घोटालों को उजागर करने में जुटी है। वहीं ‘आप’ ने भी ‘पुष्पा’ स्टाइल में भाजपा पर पलटवार कर घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा ने एक पोस्टर जारी कर ‘आप’ सरकार के कथित घोटालों का जिक्र किया। इस पोस्टर में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के फोटो भी लगाया गया है। इसके कैप्शन में ‘केजरीवाल के घोटालों का मकड़जाल’ के साथ शराब, मोहल्ला क्लीनिक, हवाला, सिक्योरिटी, राशन, पैनिक बटन, शीशमहल, दवाई, दिल्ली जल बोर्ड, क्लासरूम और सीसीटीवी घोटालों को दर्शाया गया है। वहीं, इसके जवाब में आम आदमी पार्टी ने भी अपने पोस्टरों में दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। वहीं एक अन्य पोस्टर में ‘आप’ ने अरविंद केजरीवाल के हाथ झाड़ू दिखाते हुए ‘पुष्पा’ स्टाइल में ‘फिर आ रहा है केजरीवाल’ कहते हुए भाजपा पर पलटवार किया है। इस फोटो के कैप्शन में ‘केजरीवाल झुकेगा नहीं’, केजरीवाल 4 टर्म कमिंग सून लिखा गया है। इससे पहले कल दिल्ली भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए ‘अब नहीं सहेंगे, बदल कर रहेंगे’ वाला नारा जारी किया था। भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली के लोग अब बहुत कुछ सह चुके हैं और अब वे गंदे पानी की आपूर्ति, क्षतिग्रस्त सड़कों, महंगी बिजली और उच्च स्तर के प्रदूषण से राहत पाने के लिए आप को सत्ता से हटाना चाहते हैं।   भाजपा के नारे पर केजरीवाल ने कसा तंज इसके बाद भाजपा के नारे पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि विपक्षी पार्टी का ‘बदल के रहेंगे’ नारा दर्शाता है कि वह दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा किए गए सभी कार्यों को रोकना चाहती है। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने आज आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वे सब कुछ बदल देंगे। इसका मतलब है कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी और हजारों रुपये के बिल के साथ लंबी बिजली कटौती होगी, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा बंद हो जाएगी, सभी स्कूल बर्बाद हो जाएंगे, मोहल्ला क्लीनिक बंद हो जाएंगे और मुफ्त दवाइयां और इलाज भी बंद हो जाएगा।’’ उन्होंने लोगों से संभलकर मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए कहा, क्योंकि भाजपा ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है। गौरतलब है कि दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने हैं। भाजपा दिल्ली में 1998 से सत्ता से बाहर है। वर्ष 2015 से दिल्ली में आम आदमी पार्टी अपने दम पर सत्ता में काबिज है। भाजपा को वर्ष 2015 में 3 और 2020 में महज 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा था।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आज हल्की बारिश की संभावना है, जिससे ठंड में होगा इजाफा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में सर्दियों की पहली बारिश का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आज हल्की बारिश की संभावना है, जिससे ठंड में इजाफा होगा। बारिश के बाद न्यूनतम तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दिन के तापमान में भी 2-3 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य है, जबकि न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा है। हवा में नमी का स्तर 32 से 90 प्रतिशत तक रहा।  सुबह के समय स्मॉग छाने के साथ ही आज संभावित बारिश के बाद 9 दिसंबर से मौसम साफ होने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ने लगेगी। अनुमान है कि 9 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक गिर सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 23 डिग्री रहने की उम्मीद है। 10 और 11 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम 23-24 डिग्री के बीच रह सकता है। यहां बताते चलें कि इस सीजन में कोहरा छाना जल्दी शुरू हुआ है। नवंबर में 17 से 20 तारीख तक घना कोहरा देखा गया था, जबकि 8 से 11 दिसंबर तक मध्यम कोहरे की संभावना व्यक्त की गई है। विजिबिलिटी कम होने से लोगों को परेशानी हो सकती है। दिसंबर और जनवरी में भी कोहरे के कई स्पेल देखने को मिल सकते हैं। बहरहाल बारिश होने पर दिल्ली समेत आस-पास के इलाकों में ठंड बढ़ने के आसार हैं।  

अरविंद केजरीवाल ने कहा- भाजपा अब राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालने में सक्षम नहीं

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालने में सक्षम नहीं है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया और इसे जंगल राज में बदल दिया है। अमित शाह ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, “अमित शाह जी ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने दिल्ली को जंगल राज में बदल दिया है। लोग हर जगह आतंक की जिंदगी जी रहे हैं। भाजपा अब दिल्ली में कानून व्यवस्था को संभालने में सक्षम नहीं है। दिल्ली के लोगों को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी।”   सुबह-सुबह गोलियों की आवाज गूंजी- सौरभ भारद्वाज आप नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि शाहदरा जिले में सुबह-सुबह गोलियों की आवाज गूंजी। अपराध की राजधानी- शाहदरा जिले में सुबह-सुबह गोलियों की आवाज गूंज उठी, जब बर्तन व्यापारी संजय जैन मॉर्निंग वॉक के बाद स्कूटर से घर लौट रहे थे, बदमाशों ने उन्हें रोककर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि 6 से 7 राउंड फायरिंग की गई और सभी गोलियां संजय जैन को लगीं। इससे पहले बुधवार को दिल्ली के नेब सराय में एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और बेटी की उनके घर पर चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हत्या दंपति के बेटे ने की थी, जिसने दावा किया था कि वह उस समय सुबह की सैर पर गया था। 28 नवंबर को दिल्ली के प्रशांत विहार में एक विस्फोट की सूचना मिली थी। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और बम निरोधक दस्ते की टीमों के साथ दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मुख्यमंत्री आतिशी ने भी केंद्र सरकार का घेरा दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की और इसकी तुलना 1990 के दशक के मुंबई से की। दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है। 2020 के विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं और भाजपा ने आठवीं सीट हासिल की थी।

8 और 9 दिसंबर को पश्चिमी यूपी, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में दो दिनों तक बारिश होगी: मौसम विभाग

नई दिल्ली उत्तर भारत में पड़ रही ठंड के बीच कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। 8 और 9 दिसंबर को पश्चिमी यूपी, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में दो दिनों तक बारिश होगी। ठंड में हो रही बारिश की वजह से लोगों को और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह बारिश वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से हो रही है, जिसका असर पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 8-11 दिसंबर तक देखने को मिलेगा। इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से भी दक्षिण में 10-13 दिसंबर तक झमाझम बारिश होगी। कम दबाव के क्षेत्र की वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम और कई जगह भारी बारिश होगी। 10-13 दिसंबर तक ऐसा मौसम देखने को मिलेगा, जबकि तटीय तमिलनाडु में 12 दिसंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 दिसंबर को बरसात होने वाली है। वहीं, केरल और माहे में 11-13 दिसंबर को तेज बारिश देखने को मिलने वाली है। उत्तर भारत के मौसम की बात करें तो एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाला है। इसकी वजह से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश में 8 और 9 दिसंबर को बारिश होगी। वहीं, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 9, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, झारखंड में 8-10 दिसंबर, उत्तर प्रदेश में 9-12 दिसंबर, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 10 दिसंबर तक, हिमाचल प्रदेश में 10-12 दिसंबर तक घना कोहरा देखने को मिलेगा। उत्तरी राजस्थान में 9-13 दिसंबर तक शीतलहर की स्थिति रहने वाली है। इन दिनों उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 5-10 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। मध्य प्रदेश और पूर्वी भारत के राज्यों में न्यूनतम तापमान 15-20 डिग्री के बीच चल रहा है। वहीं, हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि राजस्थान को छोड़कर बाकी उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने जा रही है। दो दिन फिर तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस गिर जाएगा। राजस्थान में अगले पांच दिनों में मिनिमम टेम्प्रेचर दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम हो सकता है। वहीं, महाराष्ट्र में अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस कम हो जाएगा। इसके अलावा, गुजरात में अगले दो दिनों में मिनिमम टेम्प्रेचर में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने वाली है।

केजरीवाल को RSS का छोटा रिचार्ज बताते हुए कहा कि मुसलमानों ने उन्हें खूब वोट दिया लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला: ओवैसी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी तैयारियां शुरू करते हुए प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। जिसकी कमान दिल्ली AIMIM प्रमुख शोएब जमई ने संभाल रखी है और वे इन दिनों ‘कौमी इंसाफ यात्रा’ निकाल रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने शहर में मुसलमानों की खराब स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने केजरीवाल को RSS का छोटा रिचार्ज बताते हुए कहा कि मुसलमानों ने उन्हें खूब वोट दिया लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला। अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखी पोस्ट में शोएब जमई ने लिखा, ‘जिस अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के मुसलमानों ने पिछले दस सालों में भर भर कर वोट दिया, उसी केजरीवाल ने ना सिर्फ दिल्ली दंगों और मरकज के मामले में धोखा दिया बल्कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र में कोई भी तरक्की का काम नहीं होने दिया। RSS के छोटा रिचार्ज से और क्या उम्मीद करें।’ इस पोस्ट के साथ ही जमई ने अपना एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे कह रहे हैं, ‘सालों से केजरीवाल को वोट दे रहे हैं, उसका ये सिला मिला है। इसलिए हम ये कहते थे, ये केजरीवाल किसी का नहीं हो सकता। इसमें संघ के लोग घुसे हैं, RSS के लोग घुसे हैं और इन्होंने दिल्ली के मुसलमानों को बर्बाद और तबाह कर दिया है। ना सिर्फ मरकज के मामले में, ना सिर्फ दंगों के मामले में इन्होंने धोखा दिया, बल्कि विकास की भी जो बात आएगी तो मुसलमानों की बस्तियों को उठाकर देख लीजिए, जहां-जहां केजरीवाल के विधायक हैं वो बस्तियां बैकवर्ड लेवल पर आ गई हैं। उन बस्तियों की हालत ऐसी है कि चलना मुश्किल हो रहा है। लिहाजा मजलिस (AIMIM) ने ये ठाना है कि दिल्ली को एक नया ऑप्शन दिया जाएगा और दिल्ली की जो अवाम है वो मजलिस के साथ खड़ी रहेगी।’ आगे जमई ने कहा, ‘लोग चाहते हैं कि मजलिस को वोट करें, लेकिन इतने दिनों में वो एक ऑप्शन तैयार होने में समय लग रहा था। इस बार दिल्ली विधानसभा के चुनाव में मजलिस मजबूती के साथ लड़ेगी। बैरिस्टर ओवैसी साहब के पैगाम को हमने लोगों तक पहुंचाया है। ये पहला चरण है, आगे के चरणों में तमाम एरियों को कवर किया जाएगा। हम 10 तारीख को इम्तियाज जलील और हमारी टॉप लीडरशिप के साथ एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दिल्ली के लिए कुछ घोषणाएं करेंगे। मुझे ऐसा लगता है कि लोग प्यासे हैं तड़प रहे हैं, एक नए विकल्प की तलाश में थे और इस बार उनको मजलिस के तौर पर एक ऑप्शन मिला है।’ AIMIM के तीसरा विकल्प बनने के बारे में उन्होंने कहा, ‘आम आदमी पार्टी की नैय्या डूब चुकी है। आम आदमी पार्टी कहीं दिख नहीं रही है। उस पार्टी की तो इतनी नेगिटिविटी है, कि जब मैं इमरान हुसैन के घर के पास से भी गुजरा तो उसके पड़ोसी भी उसकी बुराई कर रहे हैं। जो विधायक का पड़ोसी है उसका ही विकास नहीं हुआ हो तो बताइए बाकी लोगों का कैसे विकास होगा।’

तबातोड़ फायरिंग से सहमी दिल्ली,बदमाशों ने कारोबारी की हत्या की, आठ राउंड फायरिंग

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्‍ली के शाहदरा में एक बार फिर फायरिंग की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि शाहदरा में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक शख्स पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। जिससे उसकी मौत हो गई। दो बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया है। बदमाशों ने इलाके में 7-8 राउंड फायरिंग की है। मिली जानकारी के अनुसार, मरने वाले शख्स का नाम सुनील जैन बताया जा रहा है। जो शाहदरा के विश्वास नगर इलाके का एक बर्तन व्यापारी है। बता दें, गोली लगने के बाद शख्स को पास के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इस धटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जिसके बाद दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। दो हमलावरों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग क्राइम सीन की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि शख्स मॉर्निंग वॉक से आ रहा था, जिसे कहा जा रहा है कि चार गोलियां लगीं. क्राइम सीन पर काफी खून के धब्बे मिले हैं. स्कूटी भी सड़क पर गिरी है. घटना की जानकारी पुलिस को 8.36 पर मिली और फिर पुलिस टीम मौके पर पहुंची. डीसीपी ने बताया कि किसी आपसी रंजिश और लड़ाई के बारे में परिवार ने इनकार किया है, और पुलिस को फिलहाल हमले को कारणों की जानकारी नहीं है. इसका पता लगाया जा रहा है. केजरीवाल ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी शाहदरा में हुई गोलीबारी पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के एक्स पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “अमित शाह जी ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया. दिल्ली को जंगल राज बना दिया. चारों तरफ लोग दहशत की जिंदगी जी रहे हैं. बीजेपी से अब दिल्ली की कानून व्यवस्था नहीं संभल रही. दिल्ली वालों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी.” बदमाशों ने रोक कर मारी गोली आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, “क्राइम कैपिटल- शाहदरा जिले में सुबह ही गोलियों की आवाज गूंज उठी जब बर्तन व्यापारी संजय जैन मॉर्निंग वॉक करके अपनी स्कूटी से घर की तरफ लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने रोक कर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी. बताया जा रहा है कि 6 से 7 राउंड फायर चले और सभी गोलियां संजय जैन को लगी है.” क्या है पूरा मामला? दरअसल, शाहदरा डीसीपी  ने बताया कि थाना फर्श बाजार में गोलीबारी की घटना के बारे में उन्हें पीसीआर कॉल आई थी। जिसके बाद पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि फायरिंग में 52 वर्षीय सुनील जैन घायल हो गए थे। वह यमुना स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स में सुबह की सैर के बाद अपने घर लौट रहे थे। कॉल पर बताया कि एक एम/सी में आए दो व्यक्तियों ने उन्हें गोली मार दी। शाहदरा डीसीपी  ने आगे बताया कि क्राइम टीम को मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद इस मामले की जांच शुरु हो चुकी है। दिल्ली के पूर्व सीएम ने दी प्रतिक्रिया बता दें, इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के एक्स पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा ‘अमित शाह जी ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया। दिल्ली को जंगल राज बना दिया। चारों तरफ लोग दहशत की जिंदगी जी रहे हैं। बीजेपी से अब दिल्ली की कानून व्यवस्था नहीं संभल रही। दिल्ली वालों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

केजरीवाल ने कहा- पिछले चुनाव के दौरान किए तीन वादे वह पूरा नहीं कर पाए, फिर मौका दिया तो वह इन कामों को पूरा करेंगे

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार किया है कि पिछले चुनाव के दौरान किए तीन वादे वह पूरा नहीं कर पाए। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि यदि जनता उन्हें एक बार फिर मौका दिया तो वह इन कामों को पूरा करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि अच्छी सड़कें, यमुना की सफाई और 24 घंटे साफ पानी का वादा वह पूरा नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कोरोना और जेल जाने को इसकी वजह बताई। अरविंद केजरीवाल ने इंटरव्यू में कहा कि वह पिछले चुनाव के तीन वादे और महिलाओं को आर्थिक सहायता के नए वादे समेत चार काम आगे करना चाहते हैं। पिछले चुनाव के वादों को नहीं पूरा कर पाने की बात को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘तीन चीजें मैंने पिछले चुनाव में कही थी। मैं दिल्ली की सड़कों को बहुत शानदार बनाना चाहता हूं, यूरोपियन स्टैंडर्ड की साफ सुथरी, वेल पेंटेंड, दोनों तरफ फूल पत्तियां, यमुना साफ करना चाहता हूं, घर-घर में 24 घंटे साफ पानी आए। ये तीन वादे मैंने पिछले चुनाव में किए थे, ये तीनों वादे मैं पूरे नहीं कर पाया।’ केजरीवाल ने अधूरे वादों की वजह करोना और शराब घोटाले के फंदे को बताया। उन्होंने कहा, ‘कारण रहा कि दो ढाई साल कोरोना रहा और डेढ़ दो साल ये सारा बेल और झूठे मामले में हमें उलझा दिए। अब हम सारी चीजों से निपट गए हैं। सारा मामला भी खत्म हो गया। कोरोना भी नहीं है। अब हम शांति से काम कर सकते हैं। ये तीन बड़े काम करने के लिए यदि जनता मुझे एक मौका और देती है तो ये तीन बड़े काम मैं करना चाहता हूं। एक काम जो अब मैंने वादा किया है, 18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को 1000 रुपए देंगे।’ गौरतलब है कि यमुना में प्रदूषण और सड़कों की खराब हालत को लेकर भाजपा और कांग्रेस की ओर से आम आदमी पार्टी की सरकार को लगातार घेरा जा रहा है। अब केजरीवाल ने खुद इसे स्वीकार किया है। दिल्ली में अगले साल जनवरी या फरवरी में चुनाव होने जा रहा है। पूर्व सीएम ने इंटरव्यू में कहा कि वह जनता को 6 रेवड़ी दे रहे हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी विकास कर रहे हैं। आप के मुखिया ने कहा कि वह महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाना चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल ने भरोसा जताया कि अगले चुनाव में उनकी पार्टी एक बार फिर जीत हासिल करेगी। उन्होंने अपनी तरफ से सीटों की संख्या तो नहीं दी, लेकिन कहा कि पूर्ण बहुमत हासिल करेंगे। 2020 में ‘आप’ को 70 में से 62 और 2015 में 67 सीटों पर जीत हासिल की थी।

अवध ओझा ने एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि भाववश उससे यह गलती हो गई, इसलिए दंड देना ठीक नहीं

नई दिल्ली हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हुए टीचर और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा एक विवाद में घिर गए हैं। ‘आप’ दफ्तर में इंटरव्यू को बीच में छोड़ने की वजह से ओझा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच उन्होंने ने चुप्पी तोड़ते हुए माना है कि जो कुछ हुआ वह गलत था। उन्होंने कहा है कि एक वॉलंटियर ने ऐसा किया। हालांकि, ‘अनजाने में हुई गलती’ बताकर ओझा ने बचाव भी किया। अवध ओझा ने शुक्रवार को एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि भाववश उससे यह गलती हो गई, इसलिए दंड देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह एक शिक्षक हैं और हमेशा सवालों के लिए तैयार हैं। उन्होंने लिखा, ‘वो शिक्षक ही क्या जो सवाल का जवाब ना दे। कल बीबीसी के साथ बढ़िया इंटरव्यू हुआ। उसे अवश्य देखें। दुर्भाग्यवश साक्षात्कार के दौरान हमारे एक वालंटियर ने अनजान वश पत्रकार महोदय को रोक दिया जो की बिल्कुल सही नहीं था।’ ओझा आगे लिखते हैं, ‘लोग कह रहे उसे दंड दो, बर्खास्त करो। उसे दंड देना उचित नहीं हैं, क्योंकि भाववश गलती हो गई। बाकी मैं किसी भी प्रश्न के लिए हमेशा तैयार हूं। शिक्षक हूं, प्रश्नों से ही मुझे ऊर्जा मिलती है। और यह मत भूलना, हमेशा ‘दोस्ती बनी रहे।’ उन्होंने अपने पोस्ट में इस इंटरव्यू का लिंक भी साझा किया है। दरअसल, अवध ओझा ने गुरुवार को बीबीसी को यह इंटरव्यू दिया था। इस दौरान उनसे सवाल किया गया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ किया करते थे, क्या अब आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद भी ऐसा करना जारी रखेंगे? ओझा सहजता के साथ इस सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी की तारीफ करने में बुराई क्या है, वह उदाहरण देते हैं कि सचिन तेंदुलकर भी ब्रायन लारा की तारीफ करते थे। ओझा अपनी बात रख ही रहे थे तभी कोई कमरे में दाखिल होता है और पत्रकार से कहता है कि आपको पहले ही कहा था ना कि ‘उलटा-सीधा’ सवाल नहीं करना। पत्रकार ने अवध ओझा से पूछा कि क्या उनसे कोई आपत्तिजनक सवाल किया गया है, जिस पर उन्होंने गर्दन हिलाते हुए ना में जवाब दिया। लेकिन इसके बाद भी पत्रकार को बीच में इंटरव्यू रोकने को कहा गया। इस पर ओझा कहते हैं कि वह पार्टी लाइन का पालन करेंगे, जो उनसे कहा जाएगा। बीबीसी ने इस अधूरे इंटरव्यू को इस संदेश के साथ प्रसारित किया कि आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने इसके आगे रिकॉर्डिंग नहीं करने दी। सोशल मीडिया पर भी यह इंटरव्यू काफी वायरल हो गया। लोगों ने अवध ओझा पर सवाल दागने शुरू कर दिए तो भारतीय जनता पार्टी ने भी ‘आप’ के रवैये की आलोचना की।

आप पार्टी के विधानसभा स्पीकर गोयल के बाद अब दिलीप पांडेय ने दिल्ली चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) इस बार कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटने जा रही है। अब इस लिस्ट में कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हो गए हैं। विधानसभा स्पीकर राम निवास गोयल के बाद अब दिलीप पांडेय ने चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी है। तिमारपुर से विधायक दिलीप पांडेय दिल्ली डायलॉग कमीशन के अध्यक्ष रहे हैं और अभी विधानसभा में पार्टी के चीफ व्हिप हैं। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल के संग अपनी एक तस्वीर के साथ पांडेय ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने की सूचना दी और पार्टी में रहकर कुछ और करने की बात कही। उन्होंने लिखा, ‘राजनीति में पहले संगठन निर्माण और फिर चुनाव लड़ने के दायित्व का निर्वहन करने बाद, अब समय है आम आदमी पार्टी में ही रह कर कुछ और करने का। तिमारपुर विधानसभा में चुनाव जो भी लड़े, दिल्ली के मुख्यमंत्री तो अरविंद केजरीवाल जी ही बनेंगे, और हम सभी दिल्लीवाले मिल कर यह सुनिश्चित भी करेंगे। मेरे संबंधों की पूंजी मेरे साथ रहेगी, ऐसा विश्वास है मुझे, आप में से कोई मुझे संपर्क करे, तो इसी विश्वास को और मजबूत करे, ऐसी कामना है।’ पांडेय ने इससे पहले कहा, ‘मेरे लिए राजनीति में बने रहने का कुल संतोष यही रहा है कि हमारी सरकार की वजह से बहुत सारे आम लोगों का, गरीब लोगों का जीवन आसान हुआ, बहुत सारे बच्चों की जिंदगी के बेहतर होने की संभावनाएं प्रबल हुई।’ 2020 विधानसभा चुनाव में दिलीप पांडेय ने तिमारपुर सीट से 24151 वोटों से जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा के सुरिंदर पाल सिंह को हराया था। दिलीप पांडेय जैसे बडे़ नेताओं का भी टिकट कटते देख पार्टी के विधायकों में बेचैनी है। पार्टी 11 उम्मीदवारों की पहली ही लिस्ट तीन मौजूदा विधायकों के टिकट काट चुकी है। 10 साल की एंटी इंकंबेंसी से निपटने के लिए ‘आप’ कई सीटों पर नए चेहरों को मौका दे रही है। भाजपा और कांग्रेस से लाकर कई नेताओं को टिकट दिया गया है। खुद अरविंद केजरीवाल कह चुके हैं कि वह जनता से मिले फीडबैक के आधार पर टिकट देने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में और भी कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। कुछ बड़े नेताओं की सीट भी बदल सकती है।चर्चा यह भी है कि पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी इस बार पटपड़गंज की बजाय किसी अन्य सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

खरगे पीएम मोदी से हाथ मिलाते हैं और उनसे कुछ बातचीत करने लगते हैं, दिखा आज अलग ही अंदाज

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आमतौर पर पीएम मोदी की आलोचना करते नजर आते हैं। चुनावी रैलियों से लेकर संसद तक उनके निशाने पर प्रधानमंत्री रहते हैं। लेकिन शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ खरगे एक अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने प्रधानमंत्री का हाथ अपने हाथों में पकड़ रखा था। उनकी बातें सुनकर पीएम मोदी हंस रहे थे। इस दौरान वहां पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई अन्य हस्तियां मौजूद थीं। मौका था डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें परिनिर्वाण दिवस पर संसद भवन के लॉन में आयोजित श्रद्वांजलि कार्यक्रम का। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर पीएम मोदी और मल्लिकार्जुन खरगे मिलते हैं। खरगे पीएम मोदी से हाथ मिलाते हैं और उनसे कुछ बातचीत करने लगते हैं। इस दौरान पीएम मोदी उनका हाथ पकड़े हुए नजर नजर आते हैं। इसके बाद खरगे की किसी बात पर प्रधानमंत्री जोर से हंसते हैं और खरगे के पीछे खड़े नेता की तरफ इशारा करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष इसके बाद फिर से पीएम मोदी का हाथ पकड़ लेते हैं। वह हाथों के इशारे से कुछ कहते हैं, जिसे देखकर लगता है कि उनके बीच कुछ हंसी-मजाक चल रहा है। खरगे प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में काफी मशगूल नजर आते हैं। इसके बाद पीछे खड़े लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, खरगे को टोकते हैं, जिसके वह अपनी बात खत्म करके अन्य माननीयों के साथ फोटो खिंचाने के लिए लाइन में खड़े हो जाते हैं। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के तमाम नेताओं ने भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और अन्य नेता 69वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए संसद भवन लॉन पहुंचे।

केजरीवाल ने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा किया, दे रही चुनाव आयोग में आवेदन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में बड़े स्तर पर वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन दे रही है। उन्होंने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा करते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग चोरी-छिपे ऐसे वोटर्स का नाम हटा रहा है, जोकि जीवित हैं और अपने पते पर ही रह रहे हैं। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे कुछ लोगों को पेश भी किया। पूर्व सीएम ने चुनाव आयोग से मांग की कि अब चुनाव होने तक किसी वोटर का नाम ना काटा जाए। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा बड़े स्तर पर दिल्ली में वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन कर रही है और चुनाव आयोग में चोरी छिपे इन आवेदनों पर कार्रवाई चल रही है। आज हम एक विधानसभा का डेटा रख रहे हैं। आने वाले समय में और विधानसभा क्षेत्रों का डेटा रखा जाएगा। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले एक महीने में भाजपा ने 11 हजार 18 वोट कटवाने के लिए आवेदन दिया है। इसमें हर पेज पर भाजपा के पदाधिकारी विशाल भारद्वाज के हस्ताक्षर हैं। भाजपा ने लेटर हेड पर आवेदन दिए हैं। चुनाव तक पता नहीं कितने वोट कटवाएंगे। इन आवेदनों में कहा गया है कि ये लोग या तो शिफ्ट हो गए हैं या मर गए हैं। हमारे लिए कम समय में सबकी जांच करना संभव नहीं था हमने 500 लोग छांटे। कई पते तो नहीं मिले, लेकिन 500 से 372 लोग ऐसे मिल जो वहीं रह रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि इनमें से अधिकतर आम आदमी पार्टी के वोटर्स हैं। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 86 हजार वोटर्स हैं। भाजपा 11 हजार वोट कटवाना चाहती है, यानी 6 फीसदी। पिछली बार आम आदमी पार्टी 5294 वोट से जीती थी, अब ये 11 हजार वोट कटवा रहे हैं तो चुनाव का मतलब क्या रह गया। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका बहुत संदिग्ध है। चुनाव आयोग का नियम है कि हर दिन जितने लोगों के वोट कटने के आवेदन आते हैं, उसे हर दिन फॉर्म नंबर 10 में डालना होता है। कल तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शाहदरा में केवल 487 आवेदन दिखाए जा रहे हैं। यानी भाजपा ने जो 11 हजार आवेदन दिए हैं उन पर चोरी-छिपे काम हो रहा है, इसका सबूत है कि 22 नवंबर को चुनाव आयोग ने इन पर कार्रवाई का आदेश दिया है। चुनाव आयोग की क्या मंशा है?

यह नोटों का बंडल सीट नंबर 222 के नीचे से मिली जो अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित है, जांच जारी: सभापति

नई दिल्ली राज्यसभा में नोटों की गड्डियां मिलने का दावा किया गया है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को सदन को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि एक नियमित एंटी-सैबोटेज जांच के दौरान सदन के अंदर से नकदी के बंडल बरामद किए गए। सभापति ने बताया कि यह नकदी सीट नंबर 222 के नीचे से मिली जो कि वर्तमान में तेलंगाना से निर्वाचित कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित है। धनखड़ ने सदन में कहा, “सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने चेंबर की नियमित जांच की। इस दौरान सीट नंबर 222 के नीचे से नकदी का बंडल बरामद किया गया। मामला मेरे संज्ञान में लाया गया और मैंने सुनिश्चित किया कि इस पर जांच हो। फिलहाल जांच जारी है।” क्या बोले अभिषेक मनु सिंघवी? सिंघवी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं राज्यसभा में जाते समय केवल 500 का एक नोट अपने साथ रखता हूं। मैंने इस मामले के बारे में पहली बार सुना है। कल मैं ठीक 12:57 बजे सदन में पहुंचा। सदन 1 बजे स्थगित हो गया। उसके बाद मैं कैंटीन में 1:30 बजे तक बैठा रहा और फिर संसद परिसर से चला गया।” राज्यसभा में संसदीय दल के नेता और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे काफी गंभीर घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सदन की गरिमा पर एक चोट है। सदन के क्रियाकलाप पर सवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने इस दौरान सिंघवी का नाम भी लिया था। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने जेपी नड्डा के द्वारा कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का नाम लेने पर पलटवार किया है। खरगे ने कहा, “मैं यह निवेदन करता हूं कि जब तक इस घटना की जांच पूरी नहीं होती और इसकी प्रामाणिकता स्थापित नहीं होती,तब तक किसी सदस्य का नाम नहीं लिया जाना चाहिए।” सभापति के इस खुलासे के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी और सत्ताधारी दलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कुछ सदस्यों ने निष्पक्ष जांच की मांग की तो कुछ ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।

सीएम आतिशी ने मृत स्कूली छात्र के परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी वसंत विहार स्थित कुसुमपुर पहाड़ी में एक स्कूली छात्र की मौत की खबर सुनकर, मृत छात्र के परिवार से मुलाकात कर सांत्वना देने उनके घर पहुंची थीं। आतिशी ने मृत स्कूली छात्र के परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया। इस दौरान आतिशी ने दिल्ली में कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “बदहाल कानून व्यवस्था का असर अब हमारे बच्चों पर भी हो रहा है। स्कूल परिसर के अंदर एक बच्चे की मौत होना बेहद ही दुखद घटना है। हम शिक्षा विभाग की तरफ से जांच करा रहे हैं और अगर इसमें स्कूल की तरफ से लापरवाही सामने आती है तो स्कूल पर एक्शन लिया जाएगा।” आतिशी ने कहा, “हमने यह पता लगाने के लिए शिक्षा विभाग से एक इंक्वारी शुरू की है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बच्चे की मौत हो गई। अगर इसमें स्कूल की कोई भी लापरवाही पाई जाएगी तो स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में अब ऐसा माहौल हो गया है कि उसका असर हमारे बच्चों पर भी पड़ रहा है। ऐसा माहौल है कि छठी क्लास के बच्चे एक दूसरे के साथ ऐसी हिंसा करते हैं कि उसमें बच्चे की मौत हो जाती है।” उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील की है कि हिंसा की हमारी जिंदगी में कोई भी जगह नहीं है। दिल्ली की जनता को एक साथ आना पड़ेगा और अपनी सुरक्षा का मद्दा खुद उठाना पड़ेगा। आए दिन कहीं बाजार में, कहीं पार्क में, कहीं मोहल्ले में, गोली चलना, मारपीट होना आम बात हो गई है। अब इस शहर में हिंसा की हद पार हो गई है। उन्होंने कहा कि अब हमारे बच्चे टीवी में, अखबारों में, हमेशा हर तरफ हिंसा की खबरें पढ़ रहे और देख रहे हैं, जिसका असर उन पर भी हो रहा है। जब हर तरफ, हर जगह क्राइम की और हिंसा की खबर आएगी तो इसका असर हमारे बच्चों पर पड़ेगा ही।

केबल चोरी के कारण मेट्रो रुक-रुक कर चल रही, यात्री परेशान

नई दिल्ली दिल्ली नोएडा के सबसे व्यस्त रूट यानि ब्लू लाइन पर मेट्रो की रफ्तार धीमी हो गई है। केबल चोरी के कारण मेट्रो रुक-रुक कर चल रही है। डीएमआरसी ने इसकी वजह केबल चोरी को बताया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में भी अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी। सलाह दी है कि लोग ज्यादा समय लेकर घर से निकले। डीएमआरसी ने कहा कि मोती नगर और कीर्ति नगर के बीच केबल चोरी होने के कारण ब्लू लाइन पर सेवाओं में देरी हो रही है। डीएमआरसी न ने यात्रियों से अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने का आग्रह किया है साथ ही शुक्रवार सुबह तक सेवाएं पूरी तरह से बहाल हो जाने की उम्मीद है। डीएमआरसी ने असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया है। एक्स हैंडल पर लिखा गया है, “मोती नगर और कीर्ति नगर के बीच ब्लू लाइन पर केबल चोरी की समस्या रात में परिचालन समय समाप्त होने के बाद ही ठीक हो सकेगी, चूंकि दिन के दौरान प्रभावित खंड पर ट्रेनें प्रतिबंधित गति से चलेंगी, इसलिए सेवाओं में कुछ देरी होगी।” एक्स हैंडल पर आगे कहा गया, “यात्रियों से अनुरोध है कि वे मौजूदा स्थिति को देखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, क्योंकि यात्रा में कुछ अतिरिक्त समय लगेगा।” ब्लू लाइन बिजी रूट के तौर पर जाना जाता है। मेट्रो फ्रीक्वेंसी में भी कमी देखने को मिल रही है। इस वजह से मेट्रो में यात्रियों की भारी भीड़ भी देखी जा रही है। बता दें कि ब्लू लाइन, द्वारका सेक्टर 21 को नोएडा सिटी सेंटर और वैशाली से जोड़ती है। इस लाइन पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं।  

दिल्ली में पंकज त्रिपाठी के ‘मूर्ख नहीं हूं’ वाले वीडियो पर कैसे फंस गई AAP, ‘आप’ खुद घिरती दिख रही

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच घमसान तेज हो गया है। सड़क से सोशल मीडिया तक दोनों पार्टियां एक दूसरे को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। ऐसे ही एक प्रयास में ‘आप’ खुद घिरती दिख रही है। पार्टी पर अभिनेता पंकज त्रिपाठी के एक वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते ही सैकड़ों यूजर्स ने ‘आप’ की खिंचाई की। वहीं, भाजपा ने भी जोरदार पलटवार किया है। दरअसल, ऑनलाइन ठगी से लोगों को बचाने के लिए एनपीसीआई की ओर से एक कैंपेन ‘मैं मूर्ख नहीं हूं’ की शुरुआत की गई है। विज्ञापन में अभिनेता पंकज त्रिपाठी लोगों को यूपीआई पेमेंट में धोखाधड़ी से सावधान करते हैं। आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को इसमें से एक वीडियो को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर किया। वीडियो और आवाज में बदलाव करके इसे भाजपा के खिलाफ बनाया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि पंकज त्रिपाठी लोगों को भाजपा से बचने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, सोशल यूजर्स ने वीडियो के साथ हुई छेड़छाड़ को पहचानने में देर नहीं की। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने जहां ‘आप’ को इस तरह के फर्जीवाड़े से बचने की सलाह दी तो कई लोगों ने पंकज त्रिपाठी को टैग करते हुए लिखा कि वे कानूनी कार्रवाई करें। दिल्ली भाजपा और इसके कई नेताओं ने भी पलटवार किया। किरकिरी होते देख ‘आप’ ने इसे अपने मुख्य हैंडल से डिलीट कर दिया। हालांकि, पार्टी के कई अन्य पेज और समर्थक अब भी इसे साझा कर रहे हैं। दिल्ली भाजपा ने असली और फर्जी वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से न जाए। फर्जीवाल का नया फर्जीवाड़ा देखिए। यूं तो केजरीवाल और AAP की पूरी राजनीति का आधार ही झूठ, झांसा, प्रचार, भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर है लेकिन अब चुनाव आते ही फर्जीवाड़े का अलग स्तर दिखने लगा है। 10 साल में दिल्ली के लिए जो कुछ न कर सका उसके पास Deep Fake वीडियो का ही सहारा बचा है। दिल्ली को चांद तारे तोड़ने के सपने बेचने वाले फर्जीवाल ने दिल्ली को नर्क बना दिया। फर्जीवाल के पास मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है। अगर होता तो बताते की आखिर क्यों?’

राम निवास गोयल के इस्तीफे के बाद उन्हें शंटी शाहदरा से टिकट मिलना तय, आम आदमी पार्टी में हुए शामिल

नई दिल्ली मशहूर समाजसेवक और पद्म श्री विजेता जितेंद्र सिंह शंटी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कराने, बीमार लोगों को एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने वाले और खुद 100 से अधिक बार रक्तदान करके रिकॉर्ड बना चुके शंटी शाहदरा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से विधायक रह चुके हैं। राम निवास गोयल के इस्तीफे के बाद उन्हें शाहदरा से टिकट मिलना तय है। शंटी शहीद भगत सिंह सेवा दल (एसबीएस) फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं। उन्हें एंबुलेंस मैन के नाम से भी जाना जाता है। वह 2013 में शाहदरा सीट से विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। दो बार पार्षद भी रह चुके हैं। हालांकि, पिछले चुनाव में उन्हें राम निवास गोयल के सामने हार का सामना करना पड़ा था। शंटी के आम आदमी पार्टी में शामिल होने से ठीक पहले राम निवास गोयल का लेटर सामने आया, जिसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल को सूचना दी है कि उन्होंने चुनावी राजनीति से अलग होने का फैसला किया है। अरविंद केजरीवाल ने शंटी की तारीफ करते हुए कहा, ‘जितेंद्र सिंह शंटी ना केवल दिल्ली और देश बल्कि विदेशों में भी चर्चित हैं। 29-30 सालों से समाज सेवा में हैं। उन्हें एंबुलेंस मैन जैसे नाम से जाना जाता है। खासकर उन्होंने जिस तरह मृत लोगों को सम्मान दिया है, उनके बारे में कोई नहीं सोचता। क्योंकि उनसे वोट तो मिलता नहीं है। उनका ख्याल तो सच्चा और अच्छा इंसान ही रख सकता है। अभी तक 70 हजार डेड बॉडी का वह अंतिम संस्कार करा चुके हैं। खासकर कोरोना काल में जब लोग अपने घर के लोगों का शव नहीं लेते थे, उस वक्त शंटी जी ने शवों का अंतिम संस्कार कराया। इस वजह से उन्हें खुद भी कोरोना हो गया। उस वक्त जब पूरा परिवार कोरोना से पीड़ित था वह मिशन में लगे रहे। उन्हें पद्म श्री से नावाज गया। वह बीमार लोगों को एंबुलेंस उपलब्ध कराते हैं, रक्तदान का कैंप लगाते हैं।’ शंटी ने कहा कि केजरीवाल की अपील पर वह राजनीति में दोबारा आए हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे जब लावारिस लाशों का संस्कार करते हुए अरविंद केजरीवाल जी का फोन आया कि मैं भी इस यज्ञ में आहूति देना चाहता हूं तो मैंने सोचने का समय मांगा। मेरे दिल, जमीर, परिवार, साथियों ने कहा कि शंटी जी आपके और उनके काम में समानता है। वो पैदा होने से लेकर बुजुर्गों तक सभी जरूरतमंदों की जरूरत पूरा कर रहे हैं। जब लोग जाने लगते हैं, खासकर जो प्रवासी यहां योद्धा के रूप में काम करते हैं, जब मौत हो जाती है तो लकड़ी भी नसीब नहीं होती। जीवन वाला काम ये संभाल रहे हैं और मृत्यु वाला मैं संभाल लूंगा। हम दोनों भगत सिंह के अनुयायी हैं।’ शंटी ने बताया कि वह 106 बार रक्तदा कर चुके हैं और उनके नाम रिकॉर्ड दर्ज है।

बेटे ने अपने ही परिवार को उतरा बेरहमी से मौत के घाट, बेहद चालक निकला हत्यारा, नहीं चलने दिया किसी को पता

नई दिल्ली दिल्ली के नेब सराय में ट्रिपल मर्डर की खबर ने पूरी दिल्ली को दहला दिया तो वारदात के खुलासों ने हैरान कर दिया है। एक बेटे ने ही अपने मां-बाप और बड़ी बहन को बेहरमी से मौत के घाट उतार दिया। उसने बेहद क्रूरता से पहले तीनों का खून किया और फिर शातिराना तरीके से कहानी रच दी। हालांकि, पुलिस के सवालों में फंसकर उसने कुछ ही घंटों में अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने हत्या की वजह, तरीके और बचने के लिए किए उपायों के बारे में एक-एक राज उगल दिया। बुधवार सुबह अचानक नेब सराय के देवली गांव में एक साथ तीन लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर देने की खबर आई तो दिल्लीवाले खौफजदा हो गए। मॉर्निग वॉक से लौटे 20 साल के अर्जुन ने शोर मचाते हुए पड़ोसियों को बुलाया कि उसकी गैरमौजूदगी में किसी ने उसके मां-बाप और बहन की हत्या कर दी। फिर उसने पुलिस खुद पुलिस को फोन करके वारदात की जानकारी दी। ना सिर्फ नेब सराय बल्कि पूरी दिल्ली के लोग चिंतित हो उठे। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना को लेकर पहले सोशल मीडिया और फिर विधानसभा में चिंता जाहिर की और कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। बिगड़ैल बेटे ने खत्म कर दिया रिटायर्ड फौजी का परिवार मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले 51 वर्षीय राजेश सेना से रिटायर्ड थे। एनएसजी कमांडो रह चुके राजेश अभी दिल्ली में एक उद्योगपति के पीएसओ के रूप में काम कर रहे थे। वह अपनी पत्नी कोमल (46) और बेटी कविता (23) और बेटे अर्जुन (20) के साथ देवली गांव में रह रहे थे। बिगरैल बेटे अर्जुन ने पिता और बहन से बदला लेने के लिए पूरे परिवार को खत्म कर दिया। पिता से नफरत और बहन से जलन में हत्या अर्जुन बॉक्सिंग का खिलाड़ी था। उसका पढ़ाई पर कम और खेल पर अधिक ध्यान देता था, जिसको लेकर पिता टोकते थे। अर्जुन इस बात को लेकर पिता से नाराज रहता था। हाल ही में उसका गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया जब पिता ने सबके सामने उसकी पिटाई कर दी। इसके अलावा उसे यह भी लगता था कि मां-बाप उसकी बहन कविता को अधिक प्यार करते हैं। उसके मन में यह बात घर कर गई थी कि पिता सारी संपत्ति बहन के नाम कर देंगे। पिता से नफरत और बहन से जलन की आग में उसने तीनों को खत्म करने की प्लानिंग कर ली थी। पहले से कर ली थी पूरी प्लानिंग अर्जुन ने अचानक इस वारदात को अंजाम नहीं दिया बल्कि कई दिनों से इसकी प्लानिंग में जुटा था। उसने सेना से रिटायर्ड पिता के पास मौजूद एक धारदार चाकू को छिपाकर अपने पास रख लिया था। इसके अलावा उसने वारदात के लिए 4 दिसंबर की तारीख तय कर रखी थी। इस दिन उसके मां-बाप की शादी की सालगिरह थी। उसने इस खास मौके पर ही उन्हें मौत के घाट उतराने की प्लानिंग की थी और फिर उसे अंजाम भी दिया। हत्या करके चला गया घूमने बुधवार सुबह अर्जुन ने प्लानिंग के मुताबिक एक-एक करके तीनों को मौत के घाट उतार दिया। पहले उसने ग्राउंड फ्लोर पर सो रही अपनी बहन का गला रेत दिया। फिर वह ऊपर की मंजिल पर गया जहां पिता सो रहे थे। उसने पहले पिता का गला रेत दिया और फिर उनके सिर में भी चाकू से कई बार वार किया। इस दौरान उसकी मां बाथरूम में थी। जैसे ही वह बाहर निकलीं अर्जुन ने उनके गले पर भी चाकू से वार कर दिया। तीनों हत्याओं को अंजाम देकर वह टहलने के लिए निकल गया। वह करीब एक घंटे तक मॉर्निंग वॉक करता रहा और फिर वहां से लौटकर वारदात को अलग रंग देने में जुट गया। चीख ना निकले इसलिए गले पर वार जिस मकान में इस वारदात को अंजाम दिया गया वह एक सघन बस्ती में हैं। आसपास दूसरे घर भी हैं। अर्जुन इस तरह से तीनों का कत्ल करना चाहता था कि वे चीख ना सकें। उसे डर था कि चीख सुनकर पड़ोसी वहां आ सकते हैं। एक अनुभवी हत्यारे की तरह अर्जुन ने चीख रोकने के लिए तीनों का गला रेत दिया। खून की धार रोकने के लिए दूसरे हाथ में कपड़ा रखा था। गर्दन पर चाकू चलाते ही वह कपड़े से दबा देता था।

अमृतसर से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेन को मिली बम से उड़ाने की धमकी, जांच में मिला पटाखा

नई दिल्ली अमृतसर से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 11058 के पार्सल वैन में बम की कॉल मिलने से जीआरपी कंट्रोल रूम में खलबली मच गई। जब गहनता से जांच की गई तो जीआरपी को पटाखे मिले। जिसके बाद अधिकारियों ने चैन की सांस ली है। मिली जानकारी के अनुसार, 11058 अमृतसर-सीएसएमटी एक्सप्रेस में दिल्ली से आए एक पार्सल में ‘बम’ होने की सूचना जीआरपी कंट्रोल रूम को मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 30 मिनट पर मिली थी। कॉल का संज्ञान लेते हुए बम निरोधी दस्ता और डॉग स्क्वाड के साथ जीआरपी व आरपीएफ के जवान पार्सल ऑफिस पहुंचे। यहां पार्सल वैन की अच्छे से जांच की गई तो एक बोरी में पटाखे से भरे दो बॉक्स मिले। दोनों बॉक्स में 30 पटाखे रखे थे। पटाखों की बोरी पर मार्कर से एक जगह का पता भी लिखा गया था। जिस पार्सल वैन में विस्फोटक आने की जानकारी मिली थी, उसे निजी कंपनी ने लीज पर लिया है। पार्सल वैन की जांच के बाद रेलवे ने पार्सल कंपनी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आरपीएफ ने दोनों बॉक्स को कब्जे में ले लिया है और अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। आरपीएफ इस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन पार्सल में इतनी बड़ी लापरवाही ने रेलवे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आरपीएफ एक्ट के तहत ट्रेन में किसी भी तरह के ज्वलनशील पदार्थ लेकर नहीं जा सकते हैं। आरपीएफ इस कड़ी को सुलझाने का प्रयास कर रही है कि आखिर कैसे पार्सल वैन विस्फोटक आया। बता दें कि 11058 अमृतसर-मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस तक सप्ताह के सातों दिन चलती है। यह ट्रेन करीब 40 घंटे में 2046 किलोमीटर की दूरी तय करती है। ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर क्लास कोच की सुविधा यात्रियों को मिल रही है।  

नेब सराय थाना क्षेत्र देवली गांव में ट्रिपल मर्डर का मामला, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की चाकू से गोदकर हत्या

नई दिल्ली दक्षिणी दिल्ली के नेब सराय थाना क्षेत्र देवली गांव में ट्रिपल मर्डर का मामला प्रकाश में आया है, जहां एक परिवार के ही तीन लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई है। वारदात के दौरान मृतक का बेटा सुबह 5 बजे जिम के लिए गया था। जब वह घर लौटा तो उसने देखा कि उसके परिवार के तीन लोगों की हत्या हो चुकी थी। फर्श पर खून ही खून था। ट्रिपल मर्डर की इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं, अज्ञात हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, नेब सराय इलाके में एक परिवार के तीन सदस्यों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान राजेश (55), कोमल (47) और कविता (23) के तौर पर हुई है। पुलिस ने शव को कस्टडी में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह 5 बजे से लेकर 7 बजे के बीच हुई है। मृतक के एक पड़ोसी ने बताया कि सुबह घटना के समय अधिकतर लोग सोए हुए थे। उसने कहा, “मैं सो रही थी। जब लोग इकठ्ठा हुए तो मैं वहां गई थी। परिवार का लड़का 5 बजे जिम गया हुआ था। वह बाहर से ताला लगाकर गया था। जब वह जिम से आया तो घर में खून ही खून था। तीन लोगों की हत्या हुई है।” बता दें कि बीते दिनों मंगोलपुरी इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर एक युवक की हत्या कर दी गई है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। वहीं, पुलिस को जब इस घटना की जानकारी दी गई तो वह मौके पर पहुंची। पुलिस ने पास में लगे सीसीटीवी कैमरे को कब्जे में ले लिया है। साथ ही घटनास्थल से पुलिस को खाली कारतूस भी मिले हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा कुछ संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक पंकज कपड़े के व्यवसाय में था। बताया जा रहा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों का पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में हाथ रहा है। आरोपी मृतक के ही पड़ोसी बताए जा रहे हैं। वही दिल्ली में लगातार होती घटनाओं को लेकर एक तरफ आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल लगातार केंद्र सरकार को घेरते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ आज सुबह दिल्ली के नेब सराय में हुए ट्रिपल मर्डर मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर तंज कसा है। आतिशी ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज सुबह नेब सराई में ट्रिपल मर्डर हुआ। दिल्ली में दिन दहाड़े हत्याएं हो रही हैं, गोलियां चल रही रही हैं, खुलेआम ड्रग्स बिक रहे हैं। केंद्र सरकार की दिल्ली में एक ही जिम्मेदारी है – दिल्ली वालों को सुरक्षा देना। वो अपनी ज़िम्मेदारी में पूरी तरह फेल हैं।”

राकेश टिकैत का बेटे गौरव टिकैत महापंचायत में पहुंच गए, किसानों का आरोप, पुलिस पहुंचने नहीं दे रही है

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में होने वाली महापंचायत के लिए किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। राकेश टिकैत का बेटे गौरव टिकैत महापंचायत में पहुंच गए हैं। इसी बीच किसानों ने आरोप लगाया है कि हापुड़ समेत अन्य जगहों से महापंचायत में आ रहे किसानों को लगातार रोका जा रहा है। राकेश टिकैत को भी रोकने की खबर टप्पल से आ रही है। इसके अलावा नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे कुछ किसानों को भी रोका गया है और उनको गिरफ्तार किया गया है। ये महापंचायत ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर हो रही है। इसमें महापंचायत में पांच मंडल सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा के हजारों की संख्या में किसान शामिल होने आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव में हुई पंचायत में इसका निर्णय भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने लिया था। इसके बाद राकेश टिकैत ने नोएडा के किसानों के संगठन से फोन पर बातचीत की। बताया गया कि किसान यमुना एक्सप्रेसवे से होते हुए ग्रेटर नोएडा आ रहे हैं। दरअसल मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के 10 संगठनों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया था। सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने दिल्ली कूच की शुरुआत की। शाम को प्राधिकरण अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने 7 दिन का समय दिया और नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर आंदोलन को शिफ्ट कर दिया। मंगलवार को नाटकीय ढंग से पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल पर आने वाले किसानों को रोक दिया साथ ही कई किसानों को थाना और हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ किसानों को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान जबरन किसानों को बसों में भरकर पहले पुलिस लाइन फिर लुक्सर जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन ने मुजफ्फरनगर के सिसौली में पंचायत बुलाई। शाम चार बजे पंचायत में महापंचायत कर निर्णय लिया गया था।  

जाटव बिरादरी से आने वाले प्रवेश रतन को दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आप पार्टी की सदस्यता दिलाई

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक और नेता को अपने पाले में कर लिया है। पटेल नगर से 2020 विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे प्रवेश रतन बुधवार को ‘आप’ में शामिल हो गए। जाटव बिरादरी से आने वाले प्रवेश रतन को दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने सदस्यता दिलाई। प्रवेश रतन ने कहा कि वह अरविंद केजरीवाल के कामकाज से प्रभावित होकर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। उन्होंने भाजपा पर खुद को दरकिनार किए जाने का भी आरोप लगाया। पटेल नगर से पिछले चुनाव में झाड़ू निशान पर राज कुमार आनंद ने जीत हासिल की थी। आनंद को दिल्ली सरकार में मंत्री भी बनाया गया। लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले वह बागी हो गए। दलितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और बसपा में शामलि हो गए। बसपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। लेकिन बाद में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। राज कुमार आनंद के इस्तीफे के बाद से ही ‘आप’ को यहां अपने लिए एक चेहरे की तलाश थी। प्रवेश रतन के रूप में ‘आप’ की वह खोज पूरी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवेश रतन का टिकट तय हो चुका है। दूसरी तरफ भाजपा से राज कुमार आनंद को टिकट मिलना तय माना जा रहा है। संभव है कि एक बार फिर यहां राज कुमार आनंद और प्रवेश रतन के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिलेगा, लेकिन उनके चुनाव चिह्न स्वैप हो चुके होंगे। पिछले विधानसभा चुनाव में प्रवेश रतन को राज कुमार आनंद ने करीब 31 हजार वोटों से मात दी थी। 2015 में भी आम आदमी पार्टी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।

South Delhi में ट्रिपल मर्डर, नेब सराय इलाके में मां-बाप और बेटी की चाकू गोदकर हत्या

 नई दिल्ली दक्षिणी दिल्ली के नेब सराय इलाके में ट्रिपल मर्डर से सनसनी फैल गई है। देवली गांव के एक घर में मां-बाप और बेटी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई है। परिवार में अकेले बच गए बेटे ने कहा है कि वारदात उस वक्त हुई जब वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकला था। घर आया तो देखा कि तीनों की हत्या कर दी गई है। मृतकों की पहचान राजेश (55) उनकी पत्नी कोमल (47) और बेटी कविता (23) के रूप में हुई है। मॉर्निग वॉक से वापस आकर जैसा ही बेटा घर में घुसा उसने परिवार के सभी लोगों को मरे हुए देखकर शोर मचाया। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और जांच शुरू कर दी है। राजेश के बेटे से भी पूछताछ की जा रही है। एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया और सबूत एकत्रित किए गए हैं। हत्या किसने और क्यों की, पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे उन्हें हत्या की बात पता चली। राजेश और कोमल की बुधवार को ही मैरिज एनिवर्सरी थी। राजेश मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे और कई सालों से देवली गांव में रह रहे थे। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्रिपल मर्डर के बाद एक बार फिर दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘नेब सराय के एक ही घर में तीन हत्याएं। ये बेहद दर्दनाक और डराने वाला है। हर रोज दिल्लीवासियों की सुबह ऐसी ही डरावनी खबरों के साथ हो रही है। अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है, कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। घर के घर बर्बाद हो रहे हैं, मासूम जिंदगियां जा रही हैं। और जिनकी जिम्मेदारी है वो लोग चुपचाप ये सब होते देख रहे हैं। क्या केंद्र सरकार ऐसे ही चुप्पी साध के दिल्ली की कानून व्यवस्था को दम तोड़ते देखती रहेगी? क्या अब भी इनकी पार्टी यही कहेगी कि दिल्ली में क्राइम कोई मुद्दा नहीं है?’

दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मियों को नहीं दे रही वेतन, केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना

नई दिल्ली महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला सुरक्षा से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं के प्रति दिल्ली सरकार की उदासीनता की आलोचना की। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही है जबकि केंद्र सरकार ने पूरा फंड दिल्ली सरकार को दे दिया है। देशभर में 802 वन स्टाप सेंटर मंगलवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्भया फंड से 11 हजार करोड़ से अधिक की 49 योजनाएं चल रही हैं। पूरे देश में 802 वन स्टॉप सेंटर हैं, जिनमें अभी तक करीब 10 लाख महिलाओं को मदद मुहैया कराई गई है। वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिला को एक ही जगह सारी सुविधाएं कानूनी मदद, चिकित्सा सुविधा आदि मिलती है। हाई कोर्ट भी पहुंच चुका मामला महिला बाल विकास मंत्री ने कहा कि दिल्ली में भी 11 वन स्टॉप सेंटर हैं लेकिन दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही है जबकि केंद्र सरकार दिल्ली को पूरा फंड दे चुकी है। दिल्ली के वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन न मिलने का मामला हाई कोर्ट भी पहुंचा है और हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को वेतन देने का आदेश दिया है। स्पष्ट है कि दिल्ली के आगामी चुनाव में भाजपा इसे मुद्दा बना सकती है। केंद्र सरकार का महिला सशक्तीकरण पर जोर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार की पहल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा महिला सशक्तीकरण के महत्व पर जोर दिया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हम महिलाओं के विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के तहत पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया। 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना लक्ष्य केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि महिलाओं के लिए लैंगिक बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2024-25 के लिए 3 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है। 2014 से पहले के आंकड़ों की तुलना में काफी इजाफा किया गया है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है और हमारा लक्ष्य महिला केंद्रित विकास योजनाओं के माध्यम से तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। बंगाल ने नहीं शुरू की हेल्पलाइन अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 2037 तक अधिकांश क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना लक्ष्य है। निर्भया फंड के तहत लगभग 49 योजनाओं के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित आवंटन किया गया है। 2014 से अब तक 181 महिला हेल्पलाइन शुरू की गई है। 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को सहायता मिल रही है। हालांकि पश्चिम बंगाल ने अभी तक इस हेल्पलाइन को लागू नहीं किया है।

दिल्ली में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर राज्यसभा में राघव चड्ढा ने स्थगन नोटिस देकर चर्चा की मांग की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर राज्यसभा में स्थगन नोटिस देकर चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में दिल्ली में आपराधिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच चुकी है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और दिल्ली के आम लोगों का जीना दूभर हो चुका है। बता दें कि दिल्ली में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के हाथों में है। ऐसी स्थिति में इस विषय पर चर्चा की मांग करके वो केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बिल्कुल ठीक है, लेकिन इसके विपरीत आम आदमी पार्टी इन दावों को खोखला बताती है। ऐसे में आप नेता राघव चड्डा ने स्थगन नोटिस देकर दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने अपने नोटिस में कहा, “राज्य सभा (राज्य सभा) में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 267 (नियमों के निलंबन के प्रस्ताव की सूचना) के तहत, मैं प्रस्ताव पेश करने की सूचना देता हूं।” उल्लेखनीय है कि इससे पहले राघव चड्डा ने बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूहों द्वारा हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले पर चर्चा की मांग के लिए राज्यसभा में स्थगन नोटिस दिया है। राघव चड्ढा ने प्रस्ताव के नोटिस में कहा था, “राज्यसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 267 (नियमों के स्थगन के लिए प्रस्ताव की सूचना) के तहत, मैं प्रस्ताव पेश करने के अपने इरादे की सूचना देता हूं।” उन्होंने कहा था, “यह सदन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और चिन्मय कृष्ण दास सहित तीन इस्कॉन पुजारियों की गिरफ्तारी पर चर्चा करने के लिए शून्यकाल और प्रश्नकाल तथा दिन के लिए सूचीबद्ध अन्य कार्यों से संबंधित प्रासंगिक नियमों को निलंबित करे। इसके अलावा, मैं मांग करता हूं कि यह सदन सामूहिक रूप से इस्कॉन पुरोहित चिन्मय कृष्ण दास की हिरासत पर चर्चा करें और उसकी निंदा करे।”  

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा, चली ताबड़तोड़ गोलियां, एक युवक की मौत

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। यहां पर गोलियां चलाना अब आम बात हो गई है।  मंगोलपुरी इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर एक युवक की हत्या कर दी गई है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। वहीं, पुलिस को जब इस घटना की जानकारी दी गई तो वह मौके पर पहुंची। पुलिस ने पास में लगे सीसीटीवी कैमरे को कब्जे में ले लिया है। साथ ही घटनास्थल से पुलिस को खाली कारतूस भी मिले हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा कुछ संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान पंकज के रूप में हुई है। वह कपड़े के व्यवसाय में था। बताया जा रहा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों का पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में हाथ रहा है। आरोपी मृतक के पड़ोसी बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, आपसी विवाद के चलते कुछ लड़के अपने घर गए और पिस्टल लेकर बाहर आए और फायरिंग कर दी। इसी दौरान पंकज को गोली लग गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगोलपुरी इलाके में हुई इस घटना के बाद से लोगों में डर पैदा हो गया है। मृतक के परिजन के अनुसार, मंगोलपुरी के केके ब्लॉक में तीन लोगों के साथ पंकज का झगड़ा हुआ था। हालांकि, झगड़ा किस वजह से हो रहा था, इसके बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन जब परिजन जब बीच-बचाव करने गए तो बदमाशों ने पिस्तौल निकाली और गोली चलाकर भाग गए। इस घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस उस सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है जो घटनास्थल से ली गई है। साथ ही पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। बता दें कि मंगोलपुरी में कुछ माह पहले एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।  

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार रहा, सांस पर संकट बरकरार

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के लोगों को मंगलवार को भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। दिल्ली के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 के पार रहा। लोगों में सांस लेने की समस्या, आंखों में जलन की शिकायत भी देखने को मिली है। हालांकि, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार लगातार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। दिल्ली सरकार के द्वारा एंटी स्मॉग गन चलाई जा रही हैं। जिससे डस्ट प्रदूषण को कम किया जा सके। इसके अलावा प्रदूषण को कम करने के लिए कई चीजों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी के अनुसार 3 दिसंबर को सुबह 7:30 बजे तक औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 274 अंक बना हुआ है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 255, गुरुग्राम में 222, गाजियाबाद में 181, ग्रेटर नोएडा में 195 और नोएडा में 162 अंक बना हुआ है। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई 300 से लेकर 400 के बीच दर्ज किया गया है। बवाना में 305, जहांगीरपुरी में 307, मुंडका में 325, नेहरू नगर में 304, आरके पुरम में 303, रोहिणी में 302, शादीपुर में 342, सिरी फोर्ट में 306 बना हुआ है। वहीं, दिल्ली के अन्य इलाकों में एक्यूआई का स्तर 200 से ऊपर 300 के बीच रहा है। अलीपुर में 272, आनंद विहार में 293, अशोक विहार में 285, चांदनी चौक में 249, मथुरा रोड में 235, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 293, डीटीयू में 265, द्वारका सेक्टर 8 में 299, आईजीआई एयरपोर्ट में 257, दिलशाद गार्डन में 262,आईटीओ में 235, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 250, लोधी रोड में 232, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 271, मंदिर मार्ग में 262, नजफगढ़ में 237, नरेला में 260, नॉर्थ कैंपस डीयू में 261, द्वारका में 252, ओखला फेस 2 में 278, पटपड़गंज में 271, पंजाबी बाग में 252, पूषा में 248, सोनिया विहार में 289, श्री अरविंदो मार्ग में 238 दर्ज किया गया है।  

दिल्ली में इस बार भाजपा विधानसभा चुनाव में मुफ्त लारही है योजनए, आप पार्टी के दाव से पटकने की तैयारी

नई दिल्ली दिल्ली में अपना ‘वनवास’ खत्म करने को बेकरार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जहां इस बार आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ एंटी इंकंबेंसी की आस है तो अरविंद केजरीवाल को परास्त करने के लिए इस बार उनके ही ‘हथियार’ को अपनाने की तैयारी है। मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं को मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों के जरिए लगातार तीन बार दिल्ली की सत्ता में पहुंची ‘आप’ से ‘विधानसभा की चौथी जंग’ में भाजपा मुफ्त पर खूब दांव लगाने जा रही है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि यदि वह सत्ता में आई तो दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर की सुविधा मिलती रहेगी। भाजपा ने यह वादा ऐसे समय पर किया है जब केजरीवाल जनता से कह रहे हैं कि यदि भाजपा जीत गई तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर देगी। पार्टी के मेनिफेस्टो कमिटी के चेयरमैन और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यदि भाजपा को विधानसभा में बहुमत मिलता है तो भाजपा मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों को जारी रखेगी। बिधूड़ी ने कहा कि गुरुवार से पार्टी दिल्लीवालों से संकल्प पत्र के लिए सुझाव लेने की शुरुआत करेगी। भाजपा नेता ने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दूसरे पार्टी नेता प्रोपेगेंडा के जरिए लोगों को गुमराह करना चाहते हैं कि भाजपा की सरकार बनी तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर दिया जाएगा। बिधूड़ी ने कहा कि ना सिर्फ भाजपा इन योजनाओं को जारी रखेगी बल्कि इनमें सुधार किए जाएंगे। पार्टी के एक नेता ने बताया कि दिल्ली में इन स्कीमों का बड़ा लाभार्थी वर्ग है, जो अरविंद केजरीवाल सरकार के कामकाज से संतुष्ट तो नहीं है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ चाहती है। आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए बस सफर जैसी योजनाओं को जारी रखने का वादा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह आर्थिक सहायता देने का वादा भी किया जा सकता है। वह मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक कई राज्यों में भाजपा को मिली चुनावी सफलता में इसके योगदान का जिक्र करते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली और हर महीने 20 हजार लीटर पीने का पानी मुफ्त देती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए बस में सफर भी मुफ्त है। माना जाता है कि पिछले दो चुनावों में ‘आप’ को मिली बंपर जीत में इन योजनाओं का अहम योगदान है। भाजपा ने पहले इन योजनाओं का ‘रेवड़ी कल्चर’ कहकर विरोध किया, लेकिन दिल्ली की जनता में इन योजनाओं की स्वीकार्यता को देखते हुए पार्टी अपने स्टैंड को बदलती दिख रही है। दिल्ली में अगले साल जनवरी या फरवरी में विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के महज 8 विधायक हैं, जबकि 2015 में केवल उसे तीन सीटों पर जीत मिली थी। जुमले में नहीं आएंगे दिल्लीवाले: AAP भाजपा की ओर से मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर योजना को जारी रखने के वादे पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह जुमला है और लोग इस पर भरोसा नहीं करेंगे। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंक कक्कड़ ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘दिल्लीवाले भाजपा के जमुलों में नहीं आने वाले हैं। हमें पता है कि भाजपा के पास 20 राज्य हैं, वे कहीं भी आज तक मुफ्त बिजली या मुफ्त पानी नहीं दे पाए हैं। अगर गलती से भी भाजपा दिल्ली में जीत जाती है तो सबसे पहले दिल्लीवालों की मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी बंद करेगी। सीधा डिस्कॉम को अडाणी के हाथ में देगी जो महंगी बिजली और लंबे-लंबे पावर कट देंगे,जैसा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में होता है।’

आज ओम बिरला का लोकसभा में दिखा चुटीला अंदाज, टीआर बालू से पूछ लिया ऐसा सवाल

नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला का चुटीला अंदाज देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं ने मजाकिया सवाल पूछे, जिससे सदन का माहौल हल्का-फुल्का नजर आया। ओम बिरला ने प्रश्नकाल के दौरान द्रमुक नेता टी आर बालू से चुटीले अंदाज में सवाल किया कि क्या वह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं? उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की जब बालू ने मनरेगा से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछा। असल में टीआर बालू ने इस मुद्दे को उठाते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में मनरेगा का मानदेय कम होने का दावा किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्या बालू जी, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात में पार्टी का विस्तार करना चाह रहे हो? गौरतलब है कि टीआर बालू द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पार्टी से सांसद हैं। बीते लोकसभा चुनाव में डीएमके ने तमिलनाडु में 39 में 22 सीटों पर जीत हासिल की है। उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। मनरेगा से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे जाने के दौरान बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी पर भी व्यंग्यात्मक अंदाज में टिप्पणी की। प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछने के लिए आसन से नाम पुकारे जाने पर जब बनर्जी खड़े नहीं हुए जो बिरला ने कहाकि थोड़ा कानों को ठीक रखो कल्याण बाबू। इससे पहले मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित रही। विपक्षी गठबंधन के कई घटक दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग दोहराई। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), शिवसेना (उबाठा), द्रमुक और वाम दलों सहित अन्य सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आप के संजय सिंह, राजद की मीसा भारती और शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया।

‘जहां मुस्लिम नमाज अदा करें, वही वक्फ संपत्ति’: तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी

नई दिल्ली. वक्फ संशोधन बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सदस्य और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान पर JPC के चीफ और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भी नाराजगी जाहिर की है और उन्हें नसीहत दी है कि वह समिति के बाहर कोई बयान देने से बाज आएं और जो कुछ कहना है वह समिति के अंदर कहें। पाल ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, “कल्याण बनर्जी जेपीसी के सदस्य हैं। इसलिए वक्फ पर उन्हें कोई भी विचार समिति के समक्ष रखना चाहिए। उन्हें बाहर बयान नहीं देना चाहिए।” जगदंबिका पाल कल्याण बनर्जी के एक वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। वायरल वीडियो में कल्याण बनर्जी को बांग्ला में कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कोई भी स्थान, जहां मुसलमान नमाज अदा करते हैं, उसे स्वत: मौलिक रूप से वक्फ संपत्ति माना जाएगा। उनके इस बयान पर भाजपा के आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने तीखी टिप्पणी की है। मालवीय ने एक्स पर कल्याण बनर्जी का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है,”बनर्जी की टिप्पणी का मतलब है कि सार्वजनिक स्थान, जैसे कि सड़कें, रेलवे ट्रैक, हवाई अड्डे, पार्क और अन्य क्षेत्र, जिनका उपयोग नमाज के लिए किया जाता है, किसी न किसी बहाने से वक्फ की भूमि के रूप में दावा किया जा सकता है। इस व्याख्या के तहत, कोलकाता के महत्वपूर्ण क्षेत्रों सहित भूमि के बड़े हिस्से मुस्लिम समुदाय को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।” उन्होंने आगे लिखा, “अगर चुनावी लाभ के लिए इस तरह के विचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो बंगाली हिंदू समुदाय को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, यहां तक ​​कि संभावित रूप से उनके गृह राज्य पश्चिम बंगाल में विस्थापन का जोखिम भी हो सकता है।” इस बीच जगदंबिका पाल ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा वक्फ विधेयक के खिलाफ राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाने की योजना संसदीय लोकतंत्र और “संविधान के सिद्धांतों” दोनों पर हमला है। पाल ने कहा, “पिछले तीन महीनों में हमने 29 बैठकें कीं और 147 से ज़्यादा प्रतिनिधिमंडलों की बात सुनी। हमने अपने जनादेश के अनुसार सभी संगठनों को अवसर दिए हैं। अगर विपक्षी सांसदों को लगता है कि ज़्यादा लोगों की बात सुनी जानी चाहिए, तो बैठक का बहिष्कार करना सही तरीका नहीं है। मैंने संजय सिंह, कल्याण बनर्जी और असदुद्दीन ओवैसी समेत सभी विपक्षी सदस्यों की बात सुनी है।” बता दें कि संयुक्त संसदीय समिति में शामिल विपक्षी नेताओं ने 27 नवंबर की बैठक से वॉकआउट कर दिया था और चिंता जताई थी कि कई राज्य बोर्डों की बात अभी तक नहीं सुनी गई है। उन्होंने समिति के कार्यकाल को बढ़ाने की भी मांग की थी, जो 29 नवंबर को समाप्त होने वाला था। अब इस समिति का कार्यकाल अगले साल बजट सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ा दिया गया है। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा जो मार्च तक चलेगा।

लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को मिला एक वर्ष का कार्यकाल विस्तार, 30 नवंबर 2025 तक रहेगा प्रभावी

नई दिल्ली. लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मौजूदा शर्तों पर कैबिनेट सचिव के पद के स्तर पर उनके कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी दी है और उनका कार्यकाल 30 नवंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा। सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा के उत्तराखंड कैडर के 1986 बैच के अधिकारी हैं और उत्तराखंड सरकार में मुख्य सचिव रहने की बाद उन्होंने एक दिसंबर, 2020 को लोकसभा महासचिव का पदभार संभाला। उन्होंने केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया। सिंह अत्यंत सरल स्वभाव के हैं और वह संसदीय मामलों के गहरे जानकार हैं।

ड्रोन से निगरानी, संसद घेराव करने निकले किसानों का RAF और वज्र वाहन ने रोका रास्ता

नई दिल्ली। संसद का घेराव करने के लिए निकले किसान महामाया फ्लाईओवर के पास इकट्ठा हो गए हैं और यहां से वह अब दिल्ली की तरफ कूच करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन महज 100 मीटर आगे जाते ही पुल‍िस ने किसानों को रोक दिया और वे वहीं धरने पर बैठ गए हैं। पुलिस ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को महामाया के पास दोनों तरफ से बंद कर दिया है और आरएएफ और वज्र वाहन लगाकर दलित प्रेरणा स्थल के पास रोड को पूरी तरीके से ब्लॉक कर दिया गया है। इसके अलावा महामाया फ्लाईओवर से चिल्ला बॉर्डर तक की सड़क को भी बंद कर दिया गया है। पुलिस ने नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के पास ट्रक और क्रेन लगाकर अवराेध खड़ा कर द‍िया है, ताकि किसान अपना ट्रैक्टर लेकर आगे न बढ़ पाएं। इसके अलावा पुलिस ने डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है और सेक्टर 18 की तरफ से ग्रेटर नोएडा जाने वालों को मोड़ा जा रहा है। ग्रेटर नोएडा जाने वाले रूट को सेक्टर 18 से डायवर्ट किया गया। वहीं नोएडा से दिल्ली जाने वाला रूट सेक्टर 94 से डायवर्ट कर दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ड्रोन के जरिए क‍िसानों की निगरानी की जा रही है और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। नोएडा पुलिस की कोशिश है कि किसानों को किसी भी तरीके से बॉर्डर तक न पहुंचने दिया जाए। गौरतलब है कि रव‍िवार को हुई वार्ता के फेल हो जाने के बाद किसानों ने दिल्ली में संसद घेराव करने का निर्णय लिया था। ग्रेटर नोएडा से भी ट्रैक्टर और दूसरे वाहनों से निकले किसान अब महामाया फ्लाईओवर पर पहुंच गए हैं और धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है।

दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में आई, लोगों ने ली राहत की सांस, जानें कितना हैं AQI

नई दिल्ली. हवा अब ‘खराब’ है दिल्लीवालों के लिए यह भी एक राहत की सांस है। जी हां, ऐसा इसलिए कि अब की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है और यह ‘बहुत खराब’ की श्रेणी से ‘खराब’ श्रेणी में आ गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सोमवार को वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है, हालांकि सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 273 के साथ ‘खराब’ श्रेणी में रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में रविवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 285 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में सुधार बताता है। यहां एक्यूआई लगातार 32 दिनों तक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा और ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता (एक्यूआई 400 से अधिक) की स्थिति भी आई। इसके बाद वायु गुणवत्ता में मामूली ही सही, सुधार राहत की बात है। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली में इससे पहले आखिरी बार 29 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता 268 एक्यूआई के साथ ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं और पर्याप्त धूप से यह सुधार हुआ है क्योंकि इन हवाओं से प्रदूषक तत्वों को दूर करने में मदद मिली है। हालांकि दिल्ली की वायु गुणवत्ता सामान्य से बहुत दूर है। 201 से 300 के बीच एक्यूआई अब भी संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक माना जाता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 0.9 डिग्री अधिक रहा। आईएमडी ने बताया कि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं और सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 89 प्रतिशत दर्ज किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने दी किसान आंदोलनकारियों को नसीहत- जनता की सुविधा का भी ख्याल रहे

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाले खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों को नसीहत दी है। अदालत ने सोमवार को सुनवाई के दौरान किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से कहा कि आप प्रदर्शनकारी किसानों को समझाएं कि वे राजमार्गों को बाधित न करें और लोगों को सुविधाओं का ध्यान रखें। डल्लेवाल को पुलिस ने खनौरी बॉर्डर से उठा दिया था, लेकिन अब कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि उन्हें पुलिस ने कथित हिरासत से रिहा कर दिया है। इसके बाद वह एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। उनके साथ कई किसान एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने समेत कई मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। डल्लेवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आप शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन लोगों को असुविधा नहीं होने दें। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुयां की बेंच ने कहा कि 26 नवंबर को खनौरी बॉर्डर से डल्लेवाल को उठाया गया था। अब वह फिर से रिहा हो गए हैं और अपने साथियों को समझाते हुए भी दिखे कि वे आमरण अनशन समाप्त कर दें। बेंच ने डल्लेवाल की ओर से पेश वकील गुनिंदर कौर गिल से अदालत ने कहा कि आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि जनता को आंदोलन से असुविधा न हो। बेंच ने कहा, ‘एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपको शांतिपूर्ण प्रदर्शन का पूरा अधिकार है, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जनता को इससे असुविधान हो। आप सभी लोग जानते हैं कि खनौरी बॉर्डर पंजाब के लिए लाइफलाइन की तरह है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि प्रदर्शन सही है या गलत, लेकिन जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।’ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि डल्लेवाल प्रदर्शनकारियोंको यह समझा सकते हैं कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन करें। यह ध्यान रखें कि उनके प्रदर्शन से आम लोगों को कोई परेशानी न हो।

गोधरा और गुजरात दंगों पर बनी है फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ संसद में देखेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली. संसद के शीत सत्र में अब तक एक भी दिन कार्यवाही ठीक तरीके से नहीं चल पाई। सोमवार को भी कार्यवाही शुरू होने के बाद ही विपक्षी सांसदों ने संभल और अडाणी के मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया और सदन फिर से स्थगित हो गया। इस बीच खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को संसद भवन के ही बालयोगी ऑडिटोरियम में ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखने वाले हैं। उनके साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और कैबिनेट के कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि गोधरा अग्निकांड पर आधारित एकता कपूर और विक्रांत मैसी की इस फिल्म को यूपी, उत्तराखंड समेत की राज्यों ने करमुक्त करने का आदेश दिया है। विक्रांत मैसी ने दिया संन्यास का संकेत अभिनेता विक्रांत मैसी ने कुछ समय के लिए अभिनय की दुनिया से दूरी बनाने के सोमवार को संकेत दिए और कहा कि अब पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए घर लौटने का समय आ गया है। मैसी की आखिरी फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। ‘12 वीं फेल’ तथा ‘सेक्टर 26’ जैसी फिल्मों के जरिये अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके मैसी (37) ने सोशल मीडिया मंच ‘इंस्टाग्राम’ पर लिखा, ‘ मैं आप सभी को आपके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हालांकि जिंदगी में आगे बढ़ते हुए मुझे एहसास हुआ है कि एक पति, एक पिता और एक बेटे के तौर पर जिम्मेदारी संभालने और घर वापस लौटने का समय आ गया है।’ पीएम मोदी इस फिल्म की पहले भी तारीफ कर चुके हैं। इस फिल्म में विक्रांत मैसी मुक्य किरदार में हैं। वह एक वकील के रोल में हैं जो कि न्याय के लिए संघर् करता है। यह फिल्म समर कुमार नाम के एक पत्रकार के इर्द-गिर्द घूमती है। अंग्रेजीदां लोग पत्रकार को नीची जनर से देखते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि समर को गोधरा कांड के पुख्ता सबूत मिल जाते हैं और फिर वह झूठी खबरें दिखाने वाले मीडिया चैनल और भ्रष्टाचार को चुनौती दे देते हैं।

मतदान केंद्रों पर वोटर्स की संख्या बढ़ाने वाले मामले में EC के फैसले को SC में चुनौती, आज होगी सुनवाई

नई दिल्ली. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट उस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें चुनाव आयोग द्वारा जारी दो आदेशों को चुनौती दी गई है। इस याचिका में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें भारत में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या बढ़ाई गई है। ये जनहित याचिका इंदु प्रकाश सिंह ने शीर्ष न्यायालय में दायर की है। दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा अगस्त 2024 में दो नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस आदेश के अनुसार देश के प्रत्येक मतदान केंद्र पर वोटरों की संख्या 1200 से बढ़ाकर 1500 करने का आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देने के लिए शीर्ष न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कही गई ये बात इंदु प्रकाश सिंह के वकील अभिषेक सिंघवी ने इस जनहित याचिका को लेकर कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्रों पर 1200 से 1500 मतदाताओं की संख्या बढ़ाने से वंचित समुदाय की मतदान में भागीदारी कर होने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब किसी भी बूथ पर मतदाताओं की संख्या ज्यादा होगी तो मतदान में ज्यादा वक्त लगेगा। वहीं, सिंघवी ने आगे कहा कि मतदान केंद्र पर लंबी कतारें और इंतजार वोटर्स के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। पीठ ने कही ये बात याचिकाकर्ता के तर्क पर पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान करें और ईवीएम के इस्तेमाल से समय की बचत होती है। आयोग मतदान के समय को कम करने के लिए ज्यादा ईवीएम का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। आगामी चुनावों पर पड़ेगा असर इस याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग के फैसले से बिहार और दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं पर असर पड़ेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी का कहना है कि एक वोट डालने में 1 सेकंड का समय लगता है और इसलिए एक ईवीएम के साथ एक मतदान केंद्र पर एक दिन में 660 से 490 लोग अपना वोट डाल सकते हैं। औसत मतदान प्रतिशत 65.70 प्रतिशत होने पर विचार करते हुए, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 1,000 मतदाताओं को स्वीकार करने के लिए तैयार एक मतदान केंद्र पर लगभग 650 मतदाता आते हैं। जनहित याचिका में यह भी कहा गया है कि देश में ऐसे बूथ भी हैं जहां मतदाताओं का मतदान 85-90 प्रतिशत के बीच है। ऐसी स्थिति में, लगभग 20 प्रतिशत मतदाता या तो मतदान के घंटों के बाद कतार में खड़े रहेंगे या लंबे इंतजार के कारण अपने मताधिकार का प्रयोग करना छोड़ देंगे। प्रगतिशील गणराज्य या लोकतंत्र में दोनों में से कोई भी स्वीकार्य नहीं है।

आप विधायक नरेश बाल्यान को कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया, बीजेपी नेता ने लगाए थे गंभीर आरोप

नई दिल्ली उत्तम नगर से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक नरेश बाल्यान को कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पुलिस ने उन्हें रविवार को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। उन पर जबरन वसूली करने का आरोप लगाया है। इससे पहले, नरेश बाल्यान को रविवार को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रंगदारी के एक मामले में नरेश बाल्यान को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनसे शनिवार को आरके पुरम के दफ्तर में लंबी पूछताछ की थी। दरअसल, गैंगस्टर कपिल सांगवान के साथ बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई हुई। बीजेपी नेता ने लगाए थे गंभीर आरोप बता दें, बीजेपी नेता वीरेंद्र सचदेवा और गौरव भाटिया ने नरेश बाल्यान पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि इनके सबसे बड़े समर्थक गैंगस्टर हैं। नरेश बाल्यान वसूली एमएलए हैं। गैंगस्टर के साथ बातचीत कर रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि एमएलए ने कहा कि फलाना बिल्डर से पैसे वसूल लें। इस तरह ये पूरी दिल्ली में गैंगस्टर्स रैकेट चला रहे हैं।

दिल्ली में आप पार्टी किसी से गठबंधन नहीं करेगी और अकेले चुनाव लड़ेगी, गठबंंधन की बात से केजरीवाल का साफ इनकार

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी किसी से गठबंधन नहीं करेगी और अकेले चुनाव लड़ेगी। इससे पहले कांग्रेस ने भी राजधानी में गठबंधन की बात से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि अरविंद केजरीवाल ने इस पर कुछ नहीं कहा था। लेकिन आज उन्होंने भी गठबंधन की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है। दरअसल अरविंद केजरीवाल ने उन पर कल हुए हमले को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसी दौरान उनसे दिल्ली चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर सवाल किया गया। इसका जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोई गठबंधन नहीं होगा। अरविंद केजरीवाल का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अगले साल की शुरुआत में ही दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। फिलहाल आम आदमी पार्टी का 70 में से 62 सीटों पर कब्जा है। लोकसभा चुनाव में साथ लड़ा था चुनाव इसी साल हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी के खिलाफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन इसके बावजूद सात लोकसभा सीटों में से एक पर भी जीत हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाए थे। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया था कि चुनावों में हार आम आदमी पार्टी की वजह से हुई है। उधर हरियाणा विधानसभा चुनावों के बाद भी ऐसी चर्चा थी कि कांग्रेस-आप में कोई गठबंधन नहीं होगा। हरियाणा में दोनों पार्टियों के बीच सीटों के लिए हुए झगड़े के चलते गठबंधन नहीं हो सका था।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि नरेश बाल्यान के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल चुप क्यों है? : कपिल मिश्रा

नई दिल्ली दिल्ली भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने रविवार को अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नरेश बाल्यान की गिरफ्तारी पर केजरीवाल चुप क्यों हैं। दिल्ली भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने खास बातचीत में कहा, सबसे बड़ा सवाल यह है कि नरेश बाल्यान के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल चुप क्यों है? उनकी पूरी पार्टी में सन्नाटा छाया हुआ है। ऐसा लग रहा है कि जैसे रंगे हाथों कोई चोर पकड़ा गया है। आम आदमी पार्टी का अपराधियों के साथ कनेक्शन कोई पहली बार नहीं है। नरेश बाल्यान के साथ-साथ नरेश यादव को भी कोर्ट से सजा मिली है। आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश यादव को पंजाब की कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है।” कपिल मिश्रा ने आगे कहा, “आम आदमी पार्टी के नेताओं को लगातार पकड़ा जा रहा है। नरेश बाल्यान जिस अपराधी से बात कर रहा था, वह एक डॉन है और दिल्ली में भाजपा के नेता की हत्या का उसके ऊपर मामला चल रहा है। इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल की गैंग पर सन्नाटा छा गया है, जो यह बताता है कि उनकी चोरी पकड़ी गई है। दिल्ली में केजरीवाल के द्वारा एक तरह का माफिया गैंग चलाया जा रहा है।” भाजपा नेता ने अरविंद केजरीवाल पर हुए हमले पर कहा, “यह हमला नहीं है, बल्कि किसी ने पानी फेंका है, जिसकी आंखों में आंसू थे और वो रो रहा था। दिल्ली में 10,000 बस मार्शल रो रहे हैं, लेकिन वह उसको आतंकवादी साबित करना चाह रहे हैं। जिसके दिल में दर्द था, जिसकी तनख्वाह नहीं आई और उसे नौकरी से भी निकाल दिया। इसलिए उसने गुस्से में पानी फेंका है।” उन्होंने कहा, “लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है और उन पर यह हमला नहीं था, बल्कि लोगों का आक्रोश था। उस व्यक्ति की पीड़ा थी, जिसे नौकरी से निकाला गया है। यह दिल्ली के लोग हैं और उनकी पीड़ा को आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को समझना चाहिए।”

बस मार्शल्स की नियुक्ति को लेकर CM आतिशी ने LG को लिखी चिट्ठी, कहा, अभी तक नहीं मिली आपकी मंजूरी

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने बस मार्शलों की नियुक्ति के मुद्दे पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखा है। आतिशी ने पत्र में लिखा है कि दिल्ली सरकार ने 13 नवंबर को मार्शलों की फिर से नियुक्ति का प्रस्ताव आपके पास भेजा था, लेकिन अब तक उस प्रस्ताव को आपकी मंजूरी नहीं मिली है। मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि इस प्रस्ताव को मंजूरी दें। सरकार, मार्शल और पूरी दिल्ली की महिलाएं आपकी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। आतिशी ने पत्र में लिखा कि पूरी दिल्ली कभी नहीं भूल सकती वो दिन जब हमारी माताएं बहनें और बेटियां बसों में असुरक्षित महसूस करती थीं। छेड़खानी और गलत नजरों का शिकार होना जैसे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया था। बच्चियों का स्कूल और कॉलेज जाना किसी चुनौती से कम नहीं था और महिलाएं काम पर जाने से पहले सौ बार सोचती थीं कि क्या वे सुरक्षित लौट पाएंगी। ये दर्द हर घर में महसूस किया जाता था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बसों में 10,000 से ज्यादा मार्शल तैनात किए इन मार्शल ने ईमानदारी से अपना काम करते हुए बहुत से उपद्रवियों को पकड़ा था। उसके बाद से ही हर महिला ने पहली बार बसों में खुद को सुरक्षित महसूस किया था। बसों में तैनात हमारे मार्शल हर उस मां-बहन, बेटी के लिए उम्मीद थे जो रोज अपने घर से निकलती हैं। इन मार्शलों ने न सिर्फ महिलाओं को सुरक्षा दी बल्कि उन्हें आत्मविश्वास भी दिया। उनमें ये भरोसा भी जगाया कि अब कोई भी असामाजिक तत्व उनको तंग नहीं करेगा। लेकिन फिर केंद्र सरकार के इशारों पर दिल्ली सरकार में बैठे कुछ अफसरों ने एक सजिश के तहत पहले तो इन सभी मार्शलों की तनख्वाह रोकी और फिर 31 अक्टूबर 2023 को इन बस मार्शलों को उनकी नौकरी से भी हटा दिया गया। हमारी सरकार ने आपसे तब भी गुजारिश की थी कि ऐसे अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, लेकिन दुर्भाग्यवश उन पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें तरक्की देकर और भी बड़े पदों पर बैठा दिया गया। आतिशी ने आगे लिखा कि इन गरीब मार्शलों की नौकरी छीनने से न केवल उनके परिवारों का सहारा छिन गया, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा का वह कवच भी कमजोर हो गया जो हर दिन लाखों महिलाओं को निडर होकर बसों में सफर करने की ताकत देता था। इन सभी मार्शलों को दोबारा नियुक्ति देकर इन्हें वापस नौकरी पर रखने के लिए 13 नवम्बर 2024 को हमारे सभी मंत्रियों ने एक प्रस्ताव पास करके आपके पास आपके कार्यालय में भेजा। अब लगभग दो हफ्ते से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी इस प्रस्ताव पर आपकी ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ये देरी क्यों हो रही है। आपसे हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि इस प्रस्ताव पर जल्द से जल्द अपनी स्वीकृति दें ताकि उन 10,000 परिवारों में फिर से रौशनी लौट आए और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में मार्शल तैनात हो सकें। आपकी स्वीकृति का इंतजार केवल इन मार्शलों को ही नहीं बल्कि मुझे और हमारी पूरी सरकार इन मार्शलों के परिवार और दिल्ली की सभी महिलाओं को है। हम सब आपकी सहमति का इंतजार कर रहे हैं।

‘आप’ ने कहा- दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को नरेश बालियान की गिरफ्तारी की पहले से थी जानकारी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने विधायक नरेश बालियान की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। ‘आप’ ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। ‘आप’ प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को नरेश बालियान की गिरफ्तारी की पहले से जानकारी थी। उन्होंने एक जनसभा के मंच से पहले ही घोषणा कर दी थी कि नरेश बालियन को डिटेन किया जाएगा, जबकि किसी को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा ने लगातार एजेंसियों का दुरुपयोग किया है। नरेश बालियान के मामले पर रोक लगी हुई थी, यह अदालत की अवमानना ​​है। नरेश बालियान ने बार-बार यह कहा था कि उन्हें जबरन वसूली के लिए कॉल आ रहे थे। इस पर जांच करने के बावजूद भाजपा ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को लगता है कि अरेस्ट के बाद वो आम आदमी पार्टी को वो डरा सकते हैं। दो-दो साल हमारे नेता जेल में रहकर आए हैं। आज आम आदमी पार्टी दोगुनी शक्ति से साथ खड़ी है और भाजपा को यह बात आने वाले चुनावों में समझ में आ जाएगी। बता दें कि, दिल्ली पुलिस ने ‘आप’ विधायक नरेश बालियान को पिछले साल दर्ज जबरन वसूली के मामले में शनिवार रात को गिरफ्तार कर लिया था। भाजपा के आरोपों का आप विधायक ने किया खंडन भाषा के अनुसार, भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बालियान जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल हैं। साथ ही यह भी पूछा कि अरविंद केजरीवाल ने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। वहीं ‘आप’ विधायक ने भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह उन लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराएंगे जो उनके बारे में झूठ फैलाते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए गैंगस्टर के साथ ‘आप’ विधायक की कथित बातचीत की एक ऑडियो क्लिप भी सुनाई। भाटिया ने आरोप लगाया कि ‘आप’ लोगों को धमकाने और उनसे पैसे ऐंठने में शामिल है। उन्होंने पूछा कि क्या केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और उनसे इस्तीफा मांगेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वे उनका इस्तीफा नहीं मांगते हैं तो यह माना जाएगा कि जबरन वसूली का पैसा पार्टी और उसके नेताओं के पास जा रहा है। अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए उत्तम नगर से विधायक बालियान ने कहा, “मैं उन सभी लोगों को नोटिस भेज रहा हूं जिन्होंने झूठी क्लिप फैलाई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा रहा हूं। याद रखिए, मैं कांग्रेसी नहीं हूं। झूठ फैलाने वालों को कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।”

अरविंद केजरीवाल ग्रेटर कैलाश में पदयात्रा ‘लिक्विड’ फेकर किया हमला, आरोपी को हिरासत में लिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ग्रेटर कैलाश में पदयात्रा निकाल रहे थे, इस दौरान उन पर एक व्यक्ति ने लिक्विड फेंकने की कोशिश की है। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने लिक्विड फेंकने वाले को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने केजरीवाल कर हमला किया है। AAP संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हुए हमले पर दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा नेता सभी राज्यों में रैलियां करते हैं, उन पर कभी हमला नहीं होता है। अरविंद केजरीवाल पर लगातार हमले हो रहे हैं, भाजपा ने नांगलोई में उन पर हमला किया। छतरपुर में उन पर हमला हुआ। दिल्ली में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और केंद्र सरकार और गृह मंत्री कुछ नहीं कर रहे हैं।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 318 दर्ज किया गया, नोएडा और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है, जिसके कारण लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 318 दर्ज किया गया है, जबकि नोएडा और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। शनिवार को लगातार छठा दिन है, जब दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक आनंद विहार में शनिवार सुबह 8 बजे के आसपास एक्यूआई 505 दर्ज किया गया है। जो दिल्ली की खराब हो रही पर्यावरण परिस्थितियों के लिए भी एक गंभीर संकेत है। इतना ही नहीं, जहरीली हवा सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी शहर भी खतरनाक प्रदूषण स्तर से जूझ रहे हैं। शनिवार की सुबह उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक्यूआई 267, ग्रेटर नोएडा में 286 और गाजियाबाद में 250 दर्ज किया गया है। इसके अलावा हरियाणा के गुरुग्राम का एक्यूआई 284 रहा है। हालांकि, नोएडा के सेक्टर 125 का एक्यूआई 184 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर की तुलना में काफी बेहतर है। दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे प्रदूषण का असर और बढ़ गया है। शुक्रवार की सुबह तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। शुक्रवार का दिन इस सर्दी का अब तक का सबसे ठंडा दिन था। इस बीच, प्रदूषण के खतरनाक स्तर से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि स्कूलों को छोड़कर सभी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान ग्रैप-4 उपाय 2 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे।  

‘लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का मिल रहा संरक्षण!’, केंद्र सरकार पर भड़के केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला किया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का संरक्षण मिल रहा है. केजरीवाल ने कहा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह दिल्ली में कहर बरपा रहा है. उन्होंने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई खुद साबरमती जेल में बंद है, जो भाजपा शासित राज्य है. वो वहां की जेल से दिल्ली में जबरन वसूली रैकेट कैसे चला रहा है? लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का मिल रहा संरक्षण- अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र भी किया. केजरीवाल ने कहा कि इनसे दिल्ली संभल नहीं रही है.दिल्ली विधानसभा में AAP विधायक ने कहा कि पिछले 10 सालों दिल्ली की कानून व्यवस्था बद से बदतर हो गई है. गृहमंत्री अमित शाह पर साधा निशाना आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2019 के बाद जब अमित शाह गृह मंत्री बने, उस समय से दिल्ली की हालत बद से बदतर होती चली गई है. अपराध को रोकने में वो असमर्थ दिख रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हत्या की घटनाएं अक्सर हो रही हैं. लोगों को रंगदारी के लिए कॉल आ रहे हैं. खुलेआम गैंगवॉर और गोलीबारी हो रही है. केजरीवाल ने कहा कि जो हमने फिल्मों में देखा वो आज दिल्ली में हो रहा है. किडनैपिंग, महिलाओं का अपहरण, दुष्कर्म सब दिल्ली में रहा है.उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने में नाकाम है.

दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान, पार्टी से कहूंगी आपके खिलाफ न उतारे कैंडिडेट, CM आतिशी का विजेंद्र गुप्ता को चैलेंज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा विधायक दल के नेता विजेंद्र गुप्ता के सामने एक चैलेंज पेश की। आतिशी ने कहा कि अगर ऐसा हो जाता है तो वह पार्टी से कहेंगी कि रोहिणी से वह कैंडिडेट न उतारे। आतिशी ने तो यहां तक कहा कि वह गुप्ता के लिए प्रचार भी करेंगी। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन बस मार्शलों के मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि विजेंद्र गुप्ता जी बार-बार कहते हैं कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कहने पर बस मार्शलों को हटाया गया। आतिशी ने कहा, मैं भी मुख्यमंत्री हूं। मैं बार-बार एलजी साहब से कह चुकी हूं कि बस मार्शलों को वापस लगा लें। अगर वो मुख्यमंत्री की हर बात मानते हैं तो मेरी भी गुजारिश है कि वे बस मार्शलों को तुरंत प्रभाव से वापस लगा लें। मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा विधायक दल के नेता विजेंद्र गुप्ता को चैलेंज देते हुए कहा कि आप एलजी साहब से बस मार्शलों की नियुक्ति पर साइन करा लीजिए, मैं अपने पार्टी को मना लूंगी कि वह आपके खिलाफ रोहिणी से कोई कैंडिडेट खड़ा नहीं करे। यहां तक कि मैं आपके लिए वहां प्रचार करूंगी। आतिशी ने कहा कि हमारे लिए एक सीट मायने नहीं रखती। हमारे लिए बस मार्शलों की नियुक्ति मायने रखती है। दिल्ली की महिलाओं की सुरक्षा मायने रखती है। आतिशी ने कहा कि 13 नवंबर को दिल्ली सरकार के कैबिनेट द्वारा बस मार्शलों की नियुक्ति का जो प्रस्ताव भेजा गया है, एलजी साहब उसे पास कर दें और तुरंत प्रभाव से उन्हें नियुक्त कर दें। इससे पहले आतिशी ने कहा कि मैंने भी दिल्ली से पढ़ाई की है। कोई भी महिला जब डीटीसी बस से कॉलेज या नौकरी के लिए जाती हैं, तो बस के अंदर इनके साथ किस प्रकार दुर्व्यवहार होता है, मैं भलीभांति जानती हूं। नेता तो अपने काफिले में जाते हैं, उन्हें क्या पता इन लड़कियों का दर्द। दिल्ली की लड़कियां और महिलाओं का भाग्य उस दिन बदला जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने। अरविंद केजरीवाल पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने दिल्ली की लड़कियों और महिलाओं का दर्द समझा।

दिल्ली में वायु प्रदूषण से नहीं मिल रही राहत, एक्यूआई 400 के ‘गंभीर’ स्तर को भी पार कर गया

नई दिल्ली दिल्ली में वायु प्रदूषण से स्थिति लगातार खराब हो रही है, शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। सुबह 7 बजे राजधानी का औसत एक्यूआई 332 दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में एक्यूआई 400 के ‘गंभीर’ स्तर को भी पार कर गया। दिल्ली -एनसीआर के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता बिगड़ गई है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 272, गाजियाबाद में 258, नोएडा में 249, गुरुग्राम में 258 और फरीदाबाद में 166 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 0-50 एक्यूआई ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’, 401-450 ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर ‘गंभीर प्लस’ माना जाता है। इस बीच, दिल्ली ने गुरुवार को इस मौसम की सबसे ठंडी रात का सामना किया, जब न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर से निपटने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी ग्रैप-4 उपाय, जो स्कूलों से संबंधित नहीं हैं वह अगले सुनवाई तक प्रभावी रहेंगे। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने ग्रैप-4 के दिशानिर्देशों के पालन में लापरवाही पर भी चिंता जताई थी। कोर्ट ने अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इसके साथ ही, राज्य सरकारों को यह भी निर्देश दिया था कि वह निर्माण कार्यों पर लगी रोक से प्रभावित निर्माण श्रमिकों के लिए एकत्रित लेबर सेस का उपयोग करें। प्राधिकरणों ने ग्रैप-4 के तहत कई प्रतिबंध लागू किए हैं, जिनमें गैर-आवश्यक ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाना शामिल है, सिवाय उन ट्रकों के जो आवश्यक वस्तुएं लेकर आ रहे हैं या जो स्वच्छ ईंधनों जैसे एलएनजी, सीएनजी, बीएस-6 डीजल या बिजली से चल रहे हैं।  

उच्च सदन बांग्लादेश में चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी और वहां हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर चितन करे: आप पार्टी

नई दिल्ली बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी से जुड़ा मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है और इसके लिए सभापति जगदीप धनखड़ को नोटिस दिया है। चड्ढा ने सदन के नियम 267 के तहत दिए अपने प्रस्ताव में शून्यकाल और प्रश्नकाल को स्थगित कर इसपर चर्चा की मांग की है। आप सांसद ने अपने प्रस्ताव में यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि संसद का उच्च सदन बांग्लादेश में इस्कॉन के पुजारी चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी की निदा करे और वहां हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर चितन करे। हालांकि, सभापति धनखड़ ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। चड्ढा की इस मांग से पहले दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली स्थित इस्कॉन समूह के कम्यूनिकेशन डायरेक्टर वृजेंद्र नंदन दास से मुलाकात की और उनसे इस विषय पर लंबी चर्च की है। सिसोदिया ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा, “बांग्लादेश में इस्कॉन के साथ जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। इस्कॉन ने हमेशा वैश्विक स्तर पर प्रेम और शांति का संदेश दिया है और ऐसे संगठन को आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता। हम ऐसे निराधार आरोपों को स्वीकार नहीं करेंगे और हम भारत सरकार से सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करते हैं।” दरअसल, दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी चाहती है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी के बहाने संसद से सड़क तक चर्चा-परिचर्चा कर एक तरफ खुद को हिन्दुओं का हितैषी साबित करे और दूसरी तरफ यह साबित करने की कोशिश करे कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा को बांग्लादेश के हिन्दू भाइयों से सहानुभूति नहीं है। आप का यह भीतरी दांव दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण है। अगले साल जनवरी-फरवरी में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां आप का मुकाबला भाजपा से है। आप को इस बात की भी चिंता सता रही है कि हालिया चुनावों की तरह अगर दिल्ली में भी ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ और ‘एक हैं तो सेफ हैं’ जैसे नारों से भाजपा ने हिन्दू मतदाताओं का ध्रुवीकरण किया तो उसके लिए जीत की हैट्रिक लगा पाना मुश्किल होगा। लोकसभा चुनावों में कमतर प्रदर्शन के बाद भाजपा एक बार फिर से अपने फुल फॉर्म में है। उसे महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों और हरियाणा विधानसभा चुनावों में अनुमान से ज्यादा और बड़ी जीत मिली है। अब भाजपा की नजर दिल्ली पर है। दिल्ली में आप की ईमानदार राजनीति के ग्राफ में गिरावट आई है क्योंकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और पार्टी के सांसद-विधायक भी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं। आप को भी लगता है कि उसकी ईमानदारी का दांव अब नहीं चलने वाला है, इसलिए बांग्लादेश में हिन्दू अत्याचार के बहाने सॉफ्ट हिन्दुत्व के एजेंडे के सहारे टीम केजरीवाल चुनावी बैतरणी पार करना चाहती है।

दिल्ली-NCR में लागू रहेंगी GRAP-4 की पाबंदियां: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 2 दिसंबर तक ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू रहेंगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि बस स्कूलों को प्रतिबंध से छूट रहेगी। इसका मतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में स्कूल हाइब्रिड मोड में चलते रहेंगे जैसा कि जैसा कि कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने सिफारिश की थी। जस्टिस अभय ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि स्कूलों से संबंधित उपायों को छोड़कर ग्रैप-4 के तहत सभी पाबंदियां दो दिसंबर तक लागू रहेंगी। इस बीच सीएक्यूएम को बैठकें करके सलाह देने को कहा है कि ग्रैप-4 से ग्रैप-3 या 2 की तरफ किस तरह बढ़ा जाए। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि ‘कोर्ट कमिश्नर’ की रिपोर्ट से पता चलता है कि अधिकारी ग्रैप-4 के तहत पाबंदियों को सही तरीके से लागू करने में ‘पूरी तरह विफल’ रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि ‘ग्रैप-4’ की पाबंदियों को सुनिश्चित करने में ‘गंभीर चूक’ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण में चिंताजनक वृद्धि रोकने के लिए कड़े कदम उठाने में विलंब पर नाराजगी जाहिर करते हुए दिल्ली-एनसीआर राज्यों को ग्रैप-4 के तहत प्रतिबंध लागू करने के लिए तुरंत टीम गठित करने का 18 नवंबर को निर्देश दिया था और कहा था कि अगला आदेश दिए जाने तक ये प्रतिबंध लागू रहेंगे। ग्रैप-4 की पाबंदियों की तहत दिल्ली-एनसीआर में में डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक है तो निर्माण और ध्वस्तीकरण पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जा चुकी है। दिल्ली में गुरुवार को सुबह प्रदूषण का स्तर थोड़ा बढ़ गया और वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 313 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को सुबह नौ बजे यह 301 था। राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की मोटी परत छाई रही। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

बांग्लादेश में जो इस्कॉन के लोगों के साथ हो रहा है, उसको लेकर भारत सरकार से सख्‍त कदम उठाने की मांग: मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज आज इस्कॉन मंदिर पहुंचे। यहां पर उन्होंने इस्कॉन टेंपल के डायरेक्टर से मुलाकात कर बांग्‍लादेश के हालात के बारे में जानकारी ली। मनीष सिसोदिया ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा है कि बांग्‍लादेश में अल्‍पसंख्‍यकों पर हो रहे अत्‍याचार का प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को खुलकर विरोध करना चाहिए। मनीष सिसोदिया ने कहा है कि बांग्लादेश में जिस तरीके से हमारे संत चिन्मय कृष्ण दास जी को जेल में डाला गया है और उनकी जमानत नहीं हुई, यह अनुच‍ित है। बांग्लादेश में जो इस्कॉन के लोगों के साथ हो रहा है, उसको लेकर अरविंद केजरीवाल हम सब पार्टी के लोग व देश के लोग चिंचित हैं। उन्‍होंने कहा क‍ि स्वामी चिन्मय कृष्ण दास के बारे में जानकारी करने और उनकी क्या खबर मिली, वहां के हालात क्‍या हैंं, इन सारे विषयों पर बात करने आज हम लोग यहां पर पहुंचे थे। मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस्कॉन ने पूरी दुनिया में प्रेम का संदेश दिया है। प्रेम और सौहार्द का संदेश देने वाली संस्था आतंकवादी तो हो नहीं सकती है। ये लोग कभी कट्टरपंथी तो हो ही नहीं सकते। हमने बड़े-बड़े शहरों में देखा है कि जब हरे कृष्णा करते हुए इस्कॉन के लोग सड़कों पर निकलते हैं, तो हर धर्म जाति के लोग खुशी से झूम उठते हैं। मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऐसी संस्था को जो प्रेम और सौहार्द का संदेश देती है, अगर कोई कट्टरपंथी और आतंकवादी कहे तो यह मान्य नहीं होना चाहिए और हम तो भारत में इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं कर सकते हैं। मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं भारत सरकार से अपील करूंगा कि अभी तक जो कुछ हुआ है उसको देखते हुए कुछ और किए जाने की जरूरत है, क्योंकि भारतीय विचार की अस्मिता दांव पर है, भारतीयता दांव पर है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों इस बात को देखें और कुछ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से अपील है कि जल्‍द से जल्‍द जरूरी कदम उठाया जाए। इस मुद्दे पर ईस्ट ऑफ कैलाश के डायरेक्टर विजेंद्र नंदन ने कहा है कि इस्कॉन पूरी दुनिया में 1000 केंद्रों के द्वारा भाईचारा, सद्भावना और प्रेम फैलता है। गीता जैसे ग्रंथ का व‍िदेशी भाषा में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। ऐसे संगठन को अगर बांग्लादेश में कट्टरपंथी और आतंकवादी कहा जाए तो यह बिल्कुल बेबुनियाद है। स‍िसोद‍िया ने कहा कि हम हमेशा से आपदा के समय पर लोगों के साथ खड़े रहे हैं, कोविड के समय में भी हम 5 लाख लोगों का प्रसाद बनाकर दिल्ली सरकार के जरिए उसे बंटवाते थे। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि जल्द से जल्द इस पर कड़ा कदम उठाया जाए। जिन लोगों ने यह दुर्व्यवहार किया है उनको दंडित किया जाए।

प्रशांत विहार में बंसीवाला स्वीट के पास यह धमाका, मौके से सफेद पाउडर बरामद होने की बात सामने आई,जांच शुरू

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में एक बार फिर गुरुवार को धमाका हुआ। यह धमाका प्रशांत विहार इलाके में हुआ। इससे कुछ दूरी पर ही रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर पिछले दिनों विस्फोट हुआ था। इस बार एक मिठाई की दुकान के पास यह धमाका हुआ। स्थानीय पुलिस की टीम सहित बम स्क्वॉड व डॉग स्क्वॉड दस्ते को बुलाया गया है। इलाके को घेरकर पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी। एहतियातन मौके पर फायर विभाग ने चार दमकल वाहनों को भी भेजा गया। प्रशांत विहार में बंसीवाला स्वीट के पास यह धमाका हुआ है। मौके से सफेद पाउडर बरामद होने की बात सामने आई है। सूचना मिलते ही मौके पर जांच में जुटी पुलिस सूत्रों का कहना है कि जैसा ब्लास्ट सीआरपीएफ स्कूल की दीवार पर हुआ था, कुछ वैसा ही पैटर्न इस ब्लास्ट का भी है। हालांकि लेकिन ये लो इन्टेन्सिटी का ब्लास्ट था। एक शख्स के मामूली रूप से घायल होने की भी बात सामने आ रही है। लेकिन अभी अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उधर फायर विभाग के मुताबिक ब्लास्ट की यह कॉल 11 बजकर 48 मिनट पर कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिली कि प्रशांत विहार इलाके में बंसी वाला स्वीट के पास तेज ब्लास्ट हुआ है। इसके बाद फायर व पुलिस विभाग मौके पर पहुंची गए। हालांकि घटना की विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है।

IMD ने बताया आज के मौसम का हाल, कहीं आंधी-बारिश तो कहीं कोहरे की मार, कैसा रहेगा यूपी-बिहार

नई दिल्ली बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में बना गहन दबाव क्षेत्र त्रिंकोमाली से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में अब भी बरकरार है और अगले 12 घंटों में इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) चेन्नई ने गुरुवार को यह जानकारी दी है। वहीं, मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में आज कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई शहरों में उड़ानों पर भी इसका असर देखने को मिला। आरएमसी ने अपने हालिया बुलेटिन में कहा कि यह श्रीलंका तट से होते हुए लगभग उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ेगा तथा अगले 12 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। आरएमसी ने कहा, ‘‘30 नवंबर की सुबह के आसपास यह गहन दबाव क्षेत्र के रूप में कराईकल और महाबलीपुरम के बीच उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों को पार करेगा। इस दौरान 50-60 से लेकर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है।’’ तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा चक्रवात ‘फेंगल’ के चेन्नई के निकट तटों से गुजरने की संभावना है। यूपी का मौसम उत्तर प्रदेश की बात करें तो आज राज्य में मौसम सामान्य रूप से साफ रहने की संभावना है। दिन के समय हल्की धूप रहेगी और अधिकतम तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। रात के समय ठंडक बढ़ेगी और न्यूनतम तापमान लगभग 14-16 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुबह हल्का कोहरा देखा जा सकता है, विशेष रूप से पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में। हवाएं सामान्य गति से चलेंगी​ बिहार का हाल बिहार में भी आज मौसम साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। राज्य में ठंड धीरे-धीरे बढ़ रही है। पछुआ हवाएं तापमान में गिरावट का कारण बन रही हैं। सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस की जाएगी। पटना और इसके आसपास के इलाकों में हल्का कोहरा संभव है​।

दिल्ली में ईडी की टीम मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में छापेमारी करने पहुंची थी, हुआ हमला, अफसर जख्मी

नई दिल्ली दिल्ली में छापेमारी करने गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हमला कर दिया गया। घटना में एडिशनल डायरेक्टर स्तर के अधिकारी भी जख्मी हुए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी की टीम राजधानी के बिजवासन इलाके में छापेमारी करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि मौके पर पांच लोग थे जिनमें से एक भागने में कामयाब रहा। आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस को शिकायत दी गई है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में छापेमारी करने पहुंची थी। यह जांच पीपीपीवाईएल साइबर ऐप धोखाधड़ी के मामले से संबंधित है। वारदात कापसहेड़ा थानाक्षेत्र में बिजवासन इलाके में हुई। ‘एके फार्म’ नामक फार्म हाउस पर ईडी की टीम छापेमारी के लिए पहुंची थी। सूत्रों ने बताया कि मामले में आरोपी अशोक शर्मा और उसके भाई ने ईडी टीम पर ने हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और स्थिति नियंत्रण में है। पीटीआई के मुातबिक एक इन्फोर्समेंट ऑफिसर (ईओ) को हमले में मामूली चोट आई है। वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई का दावा है कि एडिशनल डायरेक्टर भी जख्मी हुए हैं। हमले के बावजूद टीम ने छापेमारी जारी रखी। सूत्रों के मुताबिक I4C और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट से इनपुट मिलने के बाद छापेमारी की गई थी। क्यूआर कोड, पार्ट टाइम जॉब जैसे तरीकों से साइबर ठगी और बड़ी संख्या में लोगों को चपत लगाए जाने की जानकारी मिली थी। यह पाया गया कि साइबर अपराधों से हासिल पैसों को 15000 खातों में भेजा गया और डेबिट-क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके निकाला गया। सूत्रों के मुताबिक इस नेटवर्क को कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स चला रहे थे।

शपथ ग्रहण के लिए प्रियंका जब संसद भवन की सीढ़ियां चढ़ रही थीं, तभी राहुल ने उनकी फोटोज लीं, बना आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने जब पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया, तो उनके बड़े भाई राहुल गांधी का अनोखा अंदाज सबके आकर्षण का केंद्र बन गया। शपथ ग्रहण के लिए प्रियंका जब संसद भवन की सीढ़ियां चढ़ रही थीं, तभी राहुल ने उन्हें अचानक रोक दिया और उनकी फोटोज लीं। यह देखकर साथ में खड़े अन्य नेता भी मुस्कुराने लगे। राहुल ने कहा, “स्टॉप… स्टॉप” जैसे ही प्रियंका ने सीढ़ियां चढ़ना शुरू कीं, राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा, “स्टॉप… स्टॉप!”। प्रियंका रुक गईं और चौंककर भाई की ओर देखने लगीं। तभी राहुल ने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और बोले, “मुझे भी एक फोटो लेने दो।” इस पर वहां मौजूद सांसद और नेता मुस्कुराने लगे। हर एंगल से ली तस्वीरें प्रियंका ने चलते हुए भी फोटो खींचने का आग्रह किया, तो राहुल गांधी पूरे फोटोग्राफर बन गए। उन्होंने अपनी बहन के अलग-अलग एंगल से तस्वीरें लीं। तस्वीरें लेने के बाद उन्होंने प्रियंका को दिखाया, जिस पर दोनों मुस्कुराए। यह नजारा देखकर वहां मौजूद सभी सांसद ठहाके लगाते रहे। भाई-बहन की गहरी बॉन्डिंग राहुल और प्रियंका गांधी की बॉन्डिंग हमेशा चर्चा में रहती है। दोनों हर मौके पर एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं। अब जब प्रियंका लोकसभा में भी आ गई हैं, तो वह राहुल के साथ सत्ता पक्ष पर हमले करने में सहयोग करेंगी। बता दें कि, हाल ही में संपन्न उपचुनावों में प्रियंका गांधी वाड्रा केरल के वायनाड से सांसद चुनी गई थीं। उन्होंने इस निर्वाचन क्षेत्र से अपनी राजनीतिक शुरुआत की, जब राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में पारिवारिक गढ़ रायबरेली को बरकरार रखने के लिए सीट खाली कर दी थी। चुनावी मैदान में उनकी शुरुआत 20 साल बाद हुई है, जब उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनावों के दौरान रायबरेली में सोनिया गांधी और अमेठी में राहुल गांधी के लिए प्रचार किया था।  प्रियंका गांधी के लोकसभा में प्रवेश के साथ ही राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी समेत तीनों गांधी अब संसद सदस्य बन गए हैं। सोनिया गांधी वर्तमान में राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यरत हैं।

कैलाश गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को अपना इस्तीफा सौंपा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कैलाश गहलोत ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद बुधवार को दिल्ली विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को अपना इस्तीफा सौंपा। त्यागपत्र में क्या कहा? अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते होंगे, मैंने 17 नवंबर को दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उसी दिन मैंने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। इसका मुख्य कारण यह था कि आप अपने नैतिक मूल्यों से भटकने लगी थी, जिससे मेरे लिए पार्टी में बने रहना मुश्किल हो गया था।” उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली विधानसभा से अपना इस्तीफा दे रहा हूं।” कैलाश गहलोत ने दिल्ली के परिवहन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और 17 नवंबर को आप छोड़ दी और अगले दिन भाजपा में शामिल हो गए। 23 नवंबर को, उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी से दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव समन्वय समिति का सदस्य नियुक्त किया गया था। भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात गहलोत ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की और अगले साल की शुरुआत में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की। भाजपा में शामिल होने के बाद, गहलोत ने पार्टी के मूल्यों और सिद्धांतों के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का हवाला देते हुए आप छोड़ने के अपने फैसले को स्पष्ट किया। चीजों को समझने में समय लगता है- गहलोत एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह रातोंरात नहीं होता है; कुछ चीजों को समझने में समय लगता है। मैंने बार-बार कहा है कि हम कुछ मूल्यों और सिद्धांतों से जुड़े हुए हैं। जब मैंने उन मूल्यों को कमजोर होते देखा, तो मैंने छोड़ने का साहस जुटाया। मेरे जैसे कई अन्य लोग हैं, जिन्होंने अभी तक साहस नहीं जुटाया है। मुझे लगता है कि वे जारी रखेंगे।” आप ने 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी। ​​​​​​​इस सूची में छतरपुर, किराड़ी, विश्वास नगर, रोहताश नगर, लक्ष्मी नगर, बदरपुर, सीलमपुर, सीमापुरी, घोंडा, करावल नगर और मटियाला जैसी सीटों के उम्मीदवार शामिल हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में, AAP ने 70 में से 62 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की, जबकि भाजपा ने आठ सीटें जीतीं।

दिल्ली में प्रदूषण स्तर फिर बढ़ा, एक्यूआई 400 के पार, ग्रैप-4 रहेगा जारी

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता फिर गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 396 है। वहीं, कुछ इलाकों में यह स्तर 400 के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, अलीपुर में एक्यूआई 416, आनंद विहार में 431, अशोक विहार में 420, और जहांगीरपुरी में 422 दर्ज किया गया है। इसके अलावा, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में AQI 412, मंदिर मार्ग में 409, और मुंडका में 443 के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, नरेला में 415, नेहरू नगर में 420, पटपड़गंज में 409, और पंजाबी बाग में 413 के आंकड़े सामने आए हैं। रोहिणी में 432, शादीपुर में 423, सोनिया विहार में 425, विवेक विहार में 432 और वजीरपुर में 423 AQI रिकॉर्ड किया गया है। इन इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंचने से नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंचने के कारण यह प्रदूषण अब स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक बन गया है। बता दें कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण (ग्रैप-4) को लागू कर दिया गया है। ग्रैप-4 लागू किए जाने के बाद वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा कई कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली में कारखानों, निर्माण कार्यों, और यातायात पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई है। आपको बताते चलें, प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और औसत एक्यूआई 450 को पार कर जाता है तो ग्रैप का चौथा चरण लागू किया जाता है। ग्रैप-4 लागू होने के बाद प्रतिबंध सबसे ज्यादा और सबसे कड़े होते हैं। राजधानी में ट्रक, लोडर समेत अन्य भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत नहीं है।  

नोएडा प्राधिकरण के स्वीकृत पदों से ही डीएनजीआईआर के गठित सेल में स्टाफ को पोस्ट किया जाएगा

नोएडा न्यू नोएडा मास्टर प्लान अप्रूव हो चुका है। जमीन अधिग्रहण के लिए 1000 करोड़ रुपए रिजर्व किए गए हैं। नोएडा प्राधिकरण के स्वीकृत पदों से ही डीएनजीआईआर के गठित सेल में स्टाफ को पोस्ट किया जाएगा। ताकि समय से न्यू नोएडा को बसाने की प्रक्रिया को शुरू किया जा सके। नोएडा प्राधिकरण न्यू नोएडा (डीएनजीआईआर) का नोडल है। ऐसे में अधिग्रहण से लेकर नया शहर बसाने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। नोएडा और न्यू नोएडा यानी डीएनजीआईआर में प्लाट काटने , प्लान्ड सिटी बसाने के लिए यहां कुल 43 पद स्वीकृत हैं। इसमें से महज 5 पद पर ही अधिकारी नियुक्त हैं। 38 पद खाली हैं। ऐसे में डीएनजीआईआर का काम बाधित हो रहा है। बता दें प्लानिंग विभाग का काम अर्जित भूमि पर नक्शा बनाना, प्लाट काटना और योजनाओं को खसरे के अनुसार सुपर इंपोज करना है। न्यू नोएडा में सबसे पहले जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की जाएगी। यहां किसानों से आपसी सहमति से जमीन खरीदी जाएगी। इसके लिए प्राधिकरण के भू लेख के साथ सलाहकार कंपनी भी मदद करेगी। हालांकि स्टाफ की कमी के चलते ये काम धीमी गति से चल रहा है। वर्तमान में नोएडा प्राधिकरण में भू लेख विभाग में 24 पद स्वीकृत हैं। इन सभी पद को मिलाकर कुल 9 अधिकारी ही नियुक्त हैं। 17 अब भी खाली हैं। जबकि बिना इन अधिकारियों का जमीन अधिग्रहण करना मुश्किल है। न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। यहां आपसी सहमति के आधार पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए सैटेलाइट सर्वे किया जा रहा है। जिसमें सभी फेज की तस्वीरें ली जा रही हैं। इसी निर्माण के अनुसार ही आबादी की जमीन का निर्धारण किया जाएगा। क्योंकि प्राधिकरण ने अक्टूबर 2024 में न्यू नोएडा की अधिसूचित करीब 209 वर्ग किमी के एरिया में निर्माण पर रोक लगा दी है। प्राधिकरण ने बताया कि न्यू नोएडा के पहले फेज में 3165 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।  

दिल्ली में अफसरों को आप पार्टी के वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काटने का आदेश, दिल्ली की CM आतिशी का बड़ा दावा,

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने विधानसभा चुनाव से पहले सनसनीखेज दावा किया है। आतिशी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में अफसरों को आम आदमी पार्टी (आप) के वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काटने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बकायदा लिस्ट सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि एक डीएम ने अपने तहत आने वाले हर विधानसभा में 20 हजार वोटर्स का नाम काटने को कहा है। आतिशी ने कहा कि उन्हें कई बीएलओ ने यह जानकारी दी है। आतिशी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार दिल्लीवालों के लिए बहुत बड़ी साजिश रच रही है। आने वाले दिल्ली के विधानसभा चुनाव को गलत तरीके से जीतने के प्रयास में केंद्र सरकार लोकतंत्र का हनन करने के लिए तैयार है। बहुत बड़े स्तर पर सरकारी तंत्र के माध्यम से केंद्र सरकार दिल्लीवालों के वोट काटने का काम शुरू कर रही है। यह सिस्टमैटिक तरीके से चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसका पहला कदम था 28 अक्टूबर को दिल्ली में 29 एसडीएम के ट्रांसफर का आदेश, जोकि केंद्र सरकार और एलजी के हाथ में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तबादले के बाद अफसरों को बड़े स्तर पर वोट काटने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से कई बीएलओ ने संपर्क करके उन्हें बताया कि वोट काटने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। आतिशी ने कहा कि एक डीएम, जिनके क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं, ने अपने हर असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एईआरओ) को 20 हजार वोटर्स की लिस्ट दी है और नाम काटने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि यह लिस्ट केंद्र सरकार ने पार्टी के माध्यम से एकत्रति की है, जो-जो आम आदमी पार्टी के वोटर्स हैं उनकी लिस्ट बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक एसडीएम ने अपने सभी बीएलओ को कहा कि केंद्र सरकार पार्टी के माध्यम से वोटर लिस्ट देगी। जो वोटर आम आदमी पार्टी के वोटर हैं उनके नाम दिए जाएंगे, बीएलओ को उनके नाम को वोटर लिस्ट से काटना है। उन्हें यह भा कहा गया है कि कोई नया वोट नहीं बनवाना है। यह आदेश सरकारी तंत्र की ओर से बीएलओ को दिए जा रहे हैं, क्योंकि भाजपा को पता है कि वह चुनाव हार रही है। केंद्र सरकार के गलत इस्तेमाल के अलावा उनके पास चुनाव जीतने का कोई रास्ता नहीं है। आतिशी ने कहा, ‘मैं दिल्ली के सभी एसडीए, एडीएम, एईआरओ, बीएलओ से कहना चाहती हूं कि मुझे पता है कि आपको डराया जा रहा है कि आपका करियर केंद्र सरकार के हाथ में है, बात नहीं मानी तो तलवार गिर जाएगी। लेकिन मैं सबसे अपील करना चाहती हूं कि कोई भी अफसर आपको गलत तरीके से वोट काटने को कहे, आपको नए वोट बनवाने से मना करे तो आप उनकी रिकॉर्डिंग कर लें और मुझे भेजना। उन अफसरों पर ऐक्शन हम लेंगे।’

अरविंद केजरीवाल ने बताई अपनी ‘चिंता’, चुनाव हार गए तो उनका क्या होगा, उन्हें चिंता दिल्लीवालों की है

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ‘आप’ के स्थापना दिवस पर कहा कि 12 साल में उन्होंने देश को एक नया ‘मॉडल ऑफ गवर्नेंस’ दिया है। केजरीवाल ने इस दौरान दिल्ली चुनाव को लेकर भी बात की और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि हार गए तो उनका क्या होगा, उन्हें चिंता दिल्लीवालों की है। केजरीवाल ने भरोसा जताया कि कुछ सीटें कम-ज्यादा हो सकती हैं, लेकिन सरकार उनकी ही बनेगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 12 सालों में हर छह महीने में उनकी सरकार के लिए ‘श्रद्धांजलि’ लिखी गई और कहा गया कि अब आम आदमी पार्टी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले 14 मई 2014 को ओबिचूएरी लिखी गई थी। मैंने कहा था कि अमित शाह के साथ डिबेट के लिए तैयार हूं। उस दिन उन्होंने कहा था कि 16 मई 2014 के बाद यदि केजरीवाल राजनीति में रहा तो मैं डिबेट करूंगा। मैं हूं राजनीति में। मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और मैं जेल गए तब भी कहा गया कि अब यह पार्टी खत्म हो गई। देख लो अभी भी है आम आदमी पार्टी।’ केजरीवाल ने कहा कि हर छह महीने में हमारी श्रद्धांजलि लिखी जाती है कि अब तो गए। एक पत्रकार मिले तीन चार दिन पहले, बोला कि केजरीवाल जी हवा तो यही है कि दिल्ली में आप लोगों की सरकार आ रही है, दो चार सीटें ऊपर नीचे हो सकती हैं, यही चल रहा है ना दिल्ली में आजकल कि 2-4 सीटें ऊपर नीचे हो जाए लेकिन सरकार तो… लेकिन कहता है कि मान लो केजरीवाल जी अगर आप हार गए तो आपका क्या होगा? मैंने कहा कि दोस्त मुझे इस बात कि चिंता नहीं कि हार गया तो मेरा क्या होगा। मुझे चिंता है कि मैं हार गया तो दिल्ली में पढ़ने वाले 18 लाख बच्चों का क्या होगा। दिल्ली जैसे स्कूल देश में कहीं नहीं हैं। बड़ी मुश्किल से स्कूल अच्छे किए हैं। हमारी सरकार चली गई तो उनके अभिभावकों का क्यो होगा जिन्होंने उम्मीद देखी है कि उनका भी बच्चा डॉक्टर इंजीनियर बनेगा। केजरीवाल ने आगे कहा कि मेरी चिंता इस बात की नहीं है कि मेरा क्या होगा। मैं यहां सत्ता के लिए नहीं आया। मुझे चिंता है कि दिल्ली में जब कोई गरीब बीमार होता है तो उसे पैसे की चिंता नहीं होती। उन सब लोगों का क्या होगा जिनके घर में कोई बीमार होता है। अगर हमारी सरकार चली गई तो दिल्ली में फिर से 8-10 घंटे के पावर कट लगने लगेंगे। हमारे देश की राजधानी का क्या होगा। 2 करोड़ लोगों का क्यो होगा। केजरीवाल ने कहा कि यह संयोग नहीं है कि उनकी पार्टी का गठन संविधान दिवस पर हुआ। उन्होंने कहा कि भगवान जो भी करते हैं उसके पीछे उनकी कुछ मंशा होती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 साल में क्या पाया, इस पर कोई कहेगा कि दो राज्यों में सरकार और कई प्रदेशों में विधायक हैं, लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उनकी पार्टी ने शासन का नया तरीका दिया है, जिसमें लोगों को सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ उन्होंने लोगों को सुविधाएं दीं तो दूसरी तरफ इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी विकास किया और फिर भी बजट फायदे में रहा। उन्होंने कहा कि अब उनकी देखादेखी राजनीति में स्कूल, पानी, बिजली, सड़क आदि की बातें होने लगी हैं।

आप पार्टी का स्थापना दिवस : केजरीवाल ने कहा- हर एक दिन संघर्ष के साथ बीता और अब पार्टी यहां तक पहुंच चुकील

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की स्थापना दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया के जरिए सभी कार्यकर्ताओं और आम आदमी पार्टी से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा है कि हर एक दिन संघर्ष के साथ बीता और अब पार्टी यहां तक पहुंच चुकी है। अरविंद केजरीवाल ने कहा, “2012 में आज का ये दिन इतिहास का वो पल है, जब देश के आम आदमी ने अपनी ताकत पहचानी और “आम आदमी पार्टी” की स्थापना की। अब तक का हमारा ये सफ़र संघर्ष, बलिदान और जीत की कहानियों से भरा रहा। पिछले एक साल में तो हमें मिटाने की लाख कोशिशें हुईं, लेकिन हमारी ईमानदारी, जनता के प्यार और कार्यकर्ताओं के हौसले ने हमें और मजबूत बना दिया। हम अन्याय और तानाशाही के खिलाफ पहले से ज्यादा मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र बचाने की हमारी ये लड़ाई जारी रहेगी। आइए, पार्टी के इस स्थापना दिवस पर देश को और बेहतर बनाने का संकल्प लें। जय हिंद।” अरविंद केजरीवाल ने संविधान दिवस की भी सबको बधाई देते हुए कहा, “संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं, ये हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार है। बाबा साहेब अंबेडकर और संविधान निर्माताओं के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। हमारा संविधान हमारी पहचान है, और इसे बचाना हमारा धर्म। सभी देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।” आम आदमी पार्टी की स्थापना दिवस के मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, “आम आदमी पार्टी के स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएँ। 12 साल पहले शुरू हुई इस क्रांति ने करोड़ों लोगों के दिलों में काम की राजनीति के ज़रिए उम्मीद और बदलाव का सपना जगाया और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में इस सपने को पूरा किया जा रहा है। 12 साल का यह सफर आसान नहीं था। हर दिन एक नई चुनौती आई लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत, विश्वास और जनता के प्यार से हम आगे बढ़ते रहे। आइए इस स्थापना दिवस पर संकल्प लें कि, आम आदमी को बेहतर जिंदगी देने की इस क्रांति को देश के हर हिस्से में पहुंचाएंगे और भारत को दुनिया का नंबर.1 देश बनायेंगे।”  

दिल्ली के सभी इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका, स्कूल चल रहे है ऑनलाइन

नई दिल्ली दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में अभी भी हवा जहरीली बनी हुई है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। दिल्ली के सभी इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका है। वहीं अगर बात करें तो दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी में भी हवा काफी ज्यादा जहरीली है। खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में अभी भी स्कूल ऑनलाइन चल रहे हैं। एनसीआर में हवा अभी भी साफ नहीं हुई है। अभी भी कक्षा 12 तक के स्कूल बंद हैं। कभी दिन में मौसम साफ रहता है तो शाम को धुंध जैसा मौसम बना रहता है। तो कभी दिन निकलते ही धुंध है। धूप खिलने पर धुंध छंट जा रही है, लेकिन दिन में अलग अलग क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। दिल्ली में अगर वायु गुणवत्ता की बात करें तो एवरेज 392 एक्यूआई बना हुआ है। वही आनंद विहार में एक्यूआई 440, रोहिणी में 421 और विवेक विहार में एक्यूआई 419 बना हुआ है। इसी तरह दिल्ली के लगभग सभी इलाके में हाल बेहाल है। ऐसे में अगर गाजियाबाद की बात करें तो दिल्ली से गाजियाबाद के लोनी का इलाका बिल्कुल सटा हुआ होने की वजह से यहां पर भी हवा काफी ज्यादा जहरीली हो चुकी है। जबकि गाजियाबाद के अन्य इलाकों में कुछ राहत जरूर दिखाई दे रही है। गाजियाबाद में एवरेज वायु गुणवत्ता एक तरफ जहां 285 है तो वहीं लोनी में एक्यूआई 331 पर पहुंचा हुआ है। लगातार कंस्ट्रक्शन पर रोक के साथ-साथ अन्य उपाय किए जा रहे हैं लेकिन फिर भी बढ़ते प्रदूषण से निजात मिलती नहीं दिखाई दे रही है। दिल्ली से सटे नोएडा में भी औसत वायु गुणवत्ता 285 है और नोएडा के सेक्टर 116 में एक्यूआई 326 पर बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल अभी स्थिति में सुधार आने के हालात नज़र नहीं आ रहे हैं। अगर बारिश होती है और तेज हवा चलती है तभी वातावरण से ये स्मॉग की चादर हटने के आसार हैं।  

वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली-NCR में खुलेंगे स्कूल! SC ने कहा, AQI लेबल देखें, फिर

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई की और स्कूल खोलने से पहले दो दिन और इंतजार करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा, “हमारा सुझाव है कि अगले दो दिनों के लिए AQI लेबल देखें.. परसों डेटा लाएं, फिर हम देखेंगे कि पिछले दो दिनों में क्या रुझान रहा है और फिर शिक्षण संस्थान खोलने से जुड़े मामले पर फैसला लेंगे।” दिल्ली एनसीआर में स्कूल फिर से खुल सकते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम (Commission for Air Quality Managemen) को ऑफलाइन स्कूलों या हाइब्रिड कक्षाओं की अनुमति देने पर विचार करने की अनुमति दी है. एससी ने मध्याह्न भोजन और ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच की कमी को इस अपवाद के पीछ के मुख्य कारणों के तौर पर बताया है. फिलहाल सीएक्यूएम के फैसले तक कक्षाएं ऑनलाइन ही रहेंगी.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान IV (जीआरएपी IV) के तहत वर्तमान में लागू कुछ उपायों में छूट देने पर विचार करने के लिए सहमति व्यक्त की है. इन उपायों में स्कूलों को बंद करना भी शामिल है.  इसे लेकर कुछ माता-पिता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि हर घर में स्वच्छ हवा नहीं है और सभी के पास बच्चों की ऑनलाइन कक्षाओं के लिए तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के “गंभीर से अधिक” श्रेणी में पहुंचने के बाद सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था. कक्षा 10 और 12 को छोड़कर सभी कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित कर दिया गया था.  बता दें कि जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ इस पर सुनवाई कर रही है कि ग्रेप 4 के तहत लगी पाबंदियों को जारी रखा जाए या उनमें कुछ छूट दी जाए. इस पर SC ने पूछा कि कितनी चेकपोस्ट की जांच की गई? वकील ने बताया कि कोर्ट कमिश्नर ने कुल 83 चेकपोस्ट की जांच की है. एमाइकस अपराजिता सिंह ने कहा कि कई चेक पोस्ट्स पर तो कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों की तैनाती की गई. उनके बीच दिशा-निर्देशों को लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है.  सर्वे करने गए वकील ने बताया कि चेक पोस्ट्स पर चेकिंग तो हो रही थी लेकिन प्रभावी तरीके से नहीं. कुछ चेक पोस्ट पर हरियाणा और दूसरी तरफ से आने वाले वाहनों को रोका जा रहा था. वहां दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के कर्मचारी नहीं थे. कोई बैरिकेड नहीं थे. पुलिस ट्रकों को रोकने के लिए सड़क के बीच जाकर चेकिंग कर रही थी. दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि तीन से चार अलग-अलग स्तर के कर्मचारी चेकिंग मे लगाए गए थे. दिल्ली पुलिस,नगर निगम के कर्मचारी और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक थे.  इस पर एमाइकस ने कहा कि ट्रक ड्राइवरों को यह नहीं पता था कि उन्हें दिल्ली में प्रवेश करना है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि 18 नवंबर के बाद क्या कोई लिखित आदेश आया था जिसमें पुलिस को चेकपॉइंट पर स्थायी रूप से तैनात करने का निर्देश दिया गया था? ट्रकों के प्रवेश को रोकने के लिए 13 एंट्री प्वाइंट पर तैनात लोगों को सूचित करने के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए? ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि आदेश दिए गए थे लेकिन अभी हमारे पास कॉपी नहीं है.  पीठ ने कहा कि हम बयान दर्ज करना चाहते हैं. हमें बताएं कि क्या आदेश को लागू करने के लिए इन चेकपोस्ट पर 24/7 पुलिसकर्मियों को तैनात करने के लिए कोई आदेश जारी किया गया था? ASG एश्वर्या भाटी ने कहा कि हमें 23 प्रमुख चेकपॉइंट पर पुलिस तैनात करने के आदेश दिए जाने चाहिए. अभी आदेश नहीं आया है, लेकिन हमारे पास की गई कार्रवाई का विवरण है.  उधर, कोर्ट कमिश्नर ने बताया कि अदालत के आदेश का पालन नहीं हो रहा है. कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कुछ जगहों पर चेक पोस्ट बने हैं चेकिंग हो रही है लेकिन वह प्रभावी नहीं है.  बेरिकेड्स नहीं होने की वजह से अवैध रूप से दिल्ली में घुस रहे ट्रकों को रोकने के लिए बीच सड़क पर हाईवे के चलते ट्रैफिक में पुलिस के जवान कूदकर ट्रकों को रोकते हुए पाए गए.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 तारीख को 13 वकीलों को कोर्ट कमिश्नर्स नियुक्त किया था जिन्हें रिपोर्ट देना था कि दिल्ली में इंटर करने वाले ट्रकों को रोकने के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रेप 4 के दिशानिर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया है. ट्रकों को दिल्ली आने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि सिर्फ़ 13 पोस्ट पर ही क्यों चेकपोस्ट लगे? यह लापरवाही सिर्फ़ 23 प्वाइंट पर की गई. हम CAQM आयोग को धारा 14 के तहत दिल्ली के पुलिस आयुक्त पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम CAQM को सभी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने, जवाब लेने और उन पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे.  सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के तहत प्रतिबंधों को ठीक से लागू न करने के लिए दिल्ली सरकार की भी आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रुप 4 के दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए। यूपी के इन शहरों में खुल गए स्कूल दिल्ली से सटे नोएडा में स्कूल बंद हैं. इसका आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया था. गाजियाबाद के स्कूलों को खोलने का भी कोई नोटिस नहीं आया है. वहीं, मेरठ के डीएम दीपक मीणा ने सोमवार, 25 नवंबर 2024 से सभी स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया है. यहां अब ऑनलाइन क्लास के बजाय बच्चों को स्कूल जाकर ही पढ़ाई करनी होगी. मेरठ और हापुड़ में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग समेत सभी … Read more

अडानी मुद्दे पर चर्चा की विपक्षी मांग, शशि थरूर ने सरकार पर उठाए सवाल

Opposition demands discussion on Adani issue, Shashi Tharoor makes serious allegations against the government नई दिल्ली ! कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अडानी समूह से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, “दोनों सदनों के सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देशहित में संसद का सुचारू रूप से चलना बेहद महत्वपूर्ण है और सदन में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” थरूर ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का कर्तव्य है कि वह संवाद और चर्चा को प्राथमिकता दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे, ताकि देशहित से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें। विपक्षी दल लंबे समय से अडानी समूह के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। अब देखना होगा कि संसद का अगला सत्र इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान लेकर आता है या नहीं।

संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: कपिल मिश्रा

नई दिल्ली दिल्ली के भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दंगों से न अयोध्या रुकी है और ना ही संभल रुकेगा। संभल घटना पर दिल्ली भाजपा नेता ने कहा है कि कोर्ट का आदेश है, सर्वे होगा और सच सामने आएगा। उसके बाद जो होना चाहिए वह भी होगा। जो करोड़ों लोग जिस चीज़ की प्रतीक्षा में उसका निर्माण भी वहां होगा। अगर कोई सोचता है कि वे पत्थर फेंककर, गुंडागर्दी करके या दंगे कराकर अदालत के आदेश या लाखों लोगों की आस्था को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं। संभल में एक अत्याचार हुआ था। अब उसे अत्याचार को दूर करने का समय आ गया है। मुझे लगता है कि न्याय की दृष्टि से कानून की दृष्टि से जो आदेश आया है उसका पालन होना चाहिए। संभल में दंगा करने की कोशिश की जा रही है। इस पर भाजपा नेता ने कहा है कि दंगों से न अयोध्या रुकी है और ना ही संभल रुकेगा, दंगों से ना काशी मथुरा रुका है। कानून अपना काम करेगा संभल में लोगों की जो आस्था है। वह सत्य वैज्ञानिक आधार पर सच सामने आएगा वह सच है जो वहां पर पहले था दोबारा बनेगा यह भी सत्य है, मुझे लगता है कुछ लोग जरूर उत्पाद करने की कोशिश करेंगे। लेकिन योगी आदित्यनाथ उनका इलाज कर देंगे। शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया था। जानकारी के अनुसार, जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान स्थिति बिगड़ गई और हिंसा फैल गई। मौके पर संभल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे, लेकिन फिर भी माहौल बिगड़ता चला गया। पुलिस द्वारा किए जा रहे सर्वे के खिलाफ स्थानीय लोगों ने रोष जताया। इसी बीच, हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। भीड़ ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया और साथ ही फायरिंग भी की गई। इस बीच, पुलिस को खुद को बचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फायरिंग और पथराव के बीच पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

यमुना एक्सप्रेसवे पर एक कैंटर ने दो कारों को पीछे से टक्कर मार दी, इस हादसे में 1 की मौत 7 घायल

ग्रेटर नोएडा यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रविवार तड़के एक बेकाबू कैंटर ने दो कारों को टक्कर मार दी। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ वाले कृपालु जी महाराज की 3 बेटियों सहित 8 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है। इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के थाना दनकौर अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक कैंटर ने दो कारों इनोवा हायक्रॉस और टोयोटा केमरी को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में कारों में सवार आठ लोग घायल हो गए। हादसे का शिकार हुए लोगों में प्रतापगढ़ वाले कृपालु महाराज की तीन बेटियां भी शामिल हैं। तीनें बहनों सिंगापुर की फ्लाइट पकड़ने के लिए प्रतापगढ़ के मनगढ़ से कार में सवार होकर दिल्ली जा रही थीं। इसी दौरान ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक थर्ड थाना क्षेत्र में रविवार तड़के यह हादसा हुआ। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल विशाखा की मौत हो गई, जबकि श्यामा और कृष्णा त्रिपाठी गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों बेटियों और ड्राइवर को इलाज के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया है। हादसे का शिकार हुए घायलों की डिटेल 1. दीपक पुत्र यशपाल उम्र 35 वर्ष, निवासी दिल्ली 2. हंसा पटेल पुत्री शिवाजी पटेल उम्र 56 वर्ष, निवासी मथुरा 3. कश्मीरा पटेल पुत्री रामखडका उम्र 53 वर्ष, निवासी मथुरा 4. जानूका खडका पुत्री रामखडका उम्र 40 वर्ष निवासी मथुरा 5. संजय मलिक उम्र 57 वर्ष, निवासी प्रतापगढ 6. विशाखा त्रिपाठी उम्र 75 वर्ष, निवासी सेक्टर 10 द्वारका दिल्ली 7. श्यामा त्रिपाठी उम्र 69 वर्ष, निवासी सेक्टर 10 द्वाराका दिल्ली 8. कृष्णा त्रिपाठी उम्र 67 वर्ष, निवासी सेक्टर 10 दिल्ली

नेहा चुनाव से पहले लाईं ‘दिल्ली में का बा’, केजरीवाल आ रहे निशाने पर

नई दिल्ली. ‘यूपी में का बा?’ और ‘बिहार में का बा?’ गाकर फेमस हुईं लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने अब इसका एक और वर्जन पेश किया है। योगी आदित्यानाथ और नीतीश कुमार के बाद अब उनके निशाने पर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल हैं। नेहा ने दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले नेहा ने ‘दिल्ली में का बा?’ गाना रिलीज किया है। इसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर तीखे शब्द-बाण चलाए हैं। नेहा का यह गाना खूब वायरल हो रहा है। एक्स पर अपना गाना जारी करते हुए नेहा ने कहा कि एक वह सत्ता के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी, चाहे वह कोई भी प्रदेश हो। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा, ‘लोकगायिका के तौर पर मेरे गीत हमेशा सत्ता के विरुद्ध आम जनता की आवाज रहे हैं और रहेंगे…फिर वो चाहे कोई प्रदेश हो या पूरा देश। आम आदमी पार्टी दिल्ली में दस साल से सत्ता में है और उसके शासन में तमाम खामियां रही हैं जिसे उजागर करना मेरा धर्म है। जय हिन्द…जय भोजपुरी।’ गौरतलब है कि नेहा पर अक्सर आरोप लगाया जाता रहा है कि वह सिर्फ भाजपा और एनडीए शासित राज्यों की खामियां उठाती हैं। नेहा ने गाने के साथ ‘पार्ट 1’ लिखा है, जिसका मतलब है कि वह इस गाने को अभी और आगे बढ़ाने वाली हैं। रिलीज किए गाने के बोल कुछ इस तरह हैं- लोकपाल ले आवन वाला के बदलल अंदाज बा बेसमेंट में चलत यूपीएससी के क्लास बा राजेंद्र नगर लाइब्रेरी में तैरत लइकन के लाश बा तोहरे नेता कहां पैग लगाके बदहवास बा दिल्ली के जनता के ना तोहरा पर विश्वास बा लाखों के पर्दा, लाखों के बंगला, लाखों के टॉलेट सीट बा अरे चौकीदार को मिनी वर्जन, इहो बड़का ढीठ बा

रॉकी को पुलिस ने एनकाउंटर में किया ढेर

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने कांस्टेबल किरनपाल के हत्यारों का 24 घंटे में हिसाब कर दिया है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी राघव उर्फ रॉकी देर रात एक मुठभेड़ के बाद मारा गया। तीनों बदमाशों ने शनिवार तड़के किरनपाल की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। एक पुलसकर्मी की हत्या को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे। दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि दक्षिणी दिल्ली में संगम विहार इलाके में आधी रात को पुलिस ने रॉकी की पहचान की तो उसे सरेंडर करने के लिए कहा। लेकिन उसने पुलिस पार्टी पर नजदीक से फायरिंग शुरू कर दी। अपने बचाव में पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। रॉकी गोली लगने से जख्मी हो गया। पुलिस उसे ओखला के ईएसआईसी हॉस्पिटल में लेकरक पहुंची, जहां उसने दम तोड़ दिया। एनकाउंटर को लोकल पुलिस और स्पेशल सेल ने मिलकर अंजाम दिया। यूपी के बुलंदशहर का रहने वाला किरन पाल गोविंदपुरी थाने में तैनात थे। शनिवार तड़के वह गश्त पर निकले। इस दौरान उसने संदेह के आधार पर तीन युवकों को रोका तो विवाद हो गया। आरोपियों ने सिपाही पर चाकू से हमला कर दिया। सुबह लोग सोकर उठे, तो उन्हें गली नंबर 13 में मुख्य चौराहे के पास सिपाही खून से लथपथ मिला। लोग उसे अस्पताल ले गए। जहां मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद तीन आरोपियों की पहचान की। दूसरा आरोपी संग भी एनकाउंटर क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि सिपाही की हत्या के मामले की जांच में पुलिस की कई टीमें जुटी थीं। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया, जिसमें पता चला कि इनमें से एक आरोपी दीपक है। यह भी पता चला कि वह कालकाजी इलाके में मिल सकता है। एसीपी उमेश बड़थ्वाल की टीम को सूचना मिली कि एक हमलावर गोविंदपुरी डीडीए फ्लैट इलाके में छिपा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे आत्मसमर्पण के लिए बोला तो उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इस पर पुलिस ने भी आत्मरक्षा करते हुए जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई। गोली बदमाश के पैर में लगी, जिससे वह गिर गया। पुलिस टीम ने उसे काबू कर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद आरोपी से पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

बारिश की कमी ने दिल्ली में प्रदूषण संकट को बढ़ा, वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर गई है: CAQM

नई दिल्ली दिल्ली एक बार फिर गंभीर प्रदूषण स्तर से जूझ रही है, जिससे शहर की वायु गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को प्रदूषण की निगरानी करने और विभिन्न राज्यों को उचित उपाय करने के लिए मार्गदर्शन देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. वायु प्रदूषण का मुख्य कारण पंजाब और हरियाणा में जलाई जाने वाली पराली को माना जाता है, लेकिन इस साल पराली जलाने पर रोक लगाने के बावजूद भी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस साल रिकॉर्ड तोड़ रहा है. प्रदूषण में खतरनाक वृद्धि के लिए CAQM द्वारा पहचाने गए प्रमुख कारकों में से एक नवंबर में देखा गया असामान्य मौसम पैटर्न है. इंडिया टुडे से खास बातचीत में, आयोग के एक तकनीकी सदस्य एसडी अत्री ने बताया कि पिछले साल नवंबर में घने कोहरे ने मौसमी गतिविधियों को काफी हद तक बदल दिया है. घना कोहरा, जो पहले इस अवधि में असामान्य था ने वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण का संकट बढ़ गया है. दिल्ली में क्यों घुट रहा है लोगों का दम? पिछले दो हफ़्तों में बढ़े प्रदूषण स्तर ने आयोग के लिए काफी चिंता पैदा कर दी है. जिससे मौसम की स्थिति पर फिर से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है क्योंकि यह एक प्रमुख कारक है. एसडी अत्री ने बताया कि पिछले 20 साल में औसतन नवंबर में आधे दिन तक घना कोहरा दर्ज किया जाता था. हालांकि, इस साल लगातार और तीव्र धुंध ने स्थिति को जटिल बना दिया है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ी समस्या है. हाल के वर्षों में वैश्विक तापमान वृद्धि और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां दुनिया भर के शहरी वातावरण में तेजी से देखने को मिल रही हैं. कई दशकों से भारतीय मौसम विभाग से जुड़े एक अनुभवी विशेषज्ञ अत्रेय ने बताया कि कैसे ये वैश्विक घटनाएं दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण स्तर में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं. बारिश की कमी के कारण भी बढ़ा प्रदूषण आमतौर पर अक्टूबर और नवंबर के महीनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारत के मैदानी इलाकों में बारिश होती है. हालांकि, इस साल बारिश नहीं हुई है. बारिश ना होने से एक प्राकृतिक तंत्र को नष्ट हो गया है, जो आमतौर पर प्रदूषकों को फैलाने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है. बारिश की कमी ने दिल्ली में प्रदूषण संकट को बढ़ा दिया है, जहां वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर गई है. इंडिया टुडे से बातचीत में अत्री ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सामने प्रदूषण के स्तर की निगरानी और नियंत्रण में आने वाली चुनौतियों पर जोर दिया. हालांकि, आयोग स्थिति पर कड़ी नज़र रखता है, लेकिन मौसम और वायुमंडलीय कारकों को नियंत्रित करना लगभग असंभव है. ये कारक प्रदूषकों के फैलाव और सांद्रता को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हवा की गति से लेकर हवा की दिशा तक हर तत्व इस बात को प्रभावित करता है कि प्रदूषक दिल्ली में कैसे पहुंचते हैं और कैसे बसते हैं. दुर्भाग्य से पिछले दो हफ़्तों में ये कारक अनुकूल नहीं रहे हैं, जिससे हवा में स्थिरता बनी हुई है और प्रदूषण में वृद्धि हुई है. सीएक्यूएम द्वारा दी गई जानकारी दिल्ली और इसी तरह के शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को संबोधित करने की जटिलता को रेखांकित करती है. चूंकि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन मौसम के पैटर्न को बदलना जारी रखते हैं इसलिए नीति निर्माताओं के लिए वायु गुणवत्ता को प्रबंधित करने के लिए समाधान तैयार करते समय इन कारकों पर विचार करना अनिवार्य है. इन वैश्विक मुद्दों से उत्पन्न प्रदूषण चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों में जलवायु लचीलापन शामिल होना चाहिए.  

दिल्ली की हवा फिर से खराब होकर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई और एक्यूआई 400 पार कर गया

नई दिल्ली दो दिनों तक राहत मिलने के बाद शनिवार को दिल्ली की हवा फिर से खराब होकर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई और एक्यूआई 400 पार कर गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सुबह सात बजे तक राष्ट्रीय राजधानी में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 422 रहा। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शहरों में भी एक्यूआई उच्च रहा। फरीदाबाद में 290, गुरुग्राम में 324, गाजियाबाद में 357, ग्रेटर नोएडा में 295 और नोएडा में 345 रहा। दिल्ली के नौ इलाकों में एक्यूआई का स्तर 300 से ऊपर और 400 के बीच रहा। आया नगर में यह 394, मथुरा रोड में 384, आईजीआई एयरपोर्ट में 397, दिलशाद गार्डन में 390, आईटीओ में 388, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 394, पूसा में 398 और श्री अरबिंदो मार्ग में 388 रहा। दिल्ली के 27 इलाकों में एक्यूआई का स्तर 400 से 500 के बीच रहा। अलीपुर में यह 452, आनंद विहार में 458, अशोक विहार में 457, बवाना में 458, बुराड़ी क्रॉसिंग में 422, चांदनी चौक में 440, डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 420, डीटीयू में 419, द्वारका सेक्टर 8 में 432, जहांगीरपुरी में 463, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 418, मंदिर मार्ग में 418, मुंडका में 443, नजफगढ़ में 406, नरेला में 437, नेहरू नगर में 448, नॉर्थ कैंपस में 419, एनएसआईटी द्वारका में 401, ओखला सिस्टम में 420, पटपड़गंज में 426, पंजाबी बाग में 454, आरके पुरम में 430 रहा। रोहिणी में 439, शादीपुर में 406, सिरी फोर्ट में 406, विवेक विहार में 453, वजीरपुर में 467 दर्ज किया गया। सीपीसीबी के अनुसार, 0-50 के बीच एक्यूआई अच्छा माना जाता है। 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम, 201-300 के बीच में खराब, 301-400 के बीच बहुत खराब और 401-500 के बीच गंभीर माना जाता है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए लागू प्रदूषण विरोधी उपायों का चौथा चरण यानी जीआरएपी-4 अगले 72 घंटों तक लागू रहेगा। कोर्ट ने कहा कि वह अगले सप्ताह इस बात पर विचार करेगा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान 4 (जीआरएपी 4) के तहत दिल्ली-एनसीआर में वर्तमान में लागू कुछ नियमों, खासकर स्कूलों से संबंधित नियमों में ढील दी जाए या नहीं।  

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में रात्रि गश्त के दौरान कांस्टेबल की चाकू घोंपकर हत्या

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल की शनिवार को अज्ञात लोगों ने चाकू घोंपकर उस समय हत्या कर दी जब वह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में रात्रि गश्त पर था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि 28 वर्षीय कांस्टेबल किरण पाल गोविंदपुरी थाने में तैनात थे। उन्होंने कहा कि शनिवार तड़के एक गली से उनका शव बरामद किया गया जिस पर चाकू से वार के निशान थे। उन्होंने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

अरविंद केजरीवाल बोले – पंजाब के लोगों ने फिर से आप पर भरोसा जताया है

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि पंजाब के लोगों ने एक बार फिर उनकी पार्टी पर भरोसा जताया है, क्योंकि पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव में चार में से तीन सीटें जीती हैं। पंजाब में पार्टी के प्रदर्शन से उत्साहित केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “पंजाब के लोगों ने उपचुनाव में चार में से तीन सीटें देकर एक बार फिर आप की विचारधारा और हमारी सरकार के काम पर भरोसा जताया है।” दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी के प्रदर्शन के लिए पंजाब के लोगों का आभार व्यक्त किया। विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए आप के वरिष्ठ नेता और सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लोगों का भरोसा मजबूत हो रहा है। “विधानसभा उपचुनाव में तीन सीटें जीतने पर आप पंजाब के सभी स्वयंसेवकों और समर्थकों को हार्दिक बधाई। अरविंद केजरीवाल जी और भगवंत मान जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी कल्याणकारी नीतियों और ईमानदार राजनीति में लोगों का भरोसा मजबूत हो रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बड़ी जीत की ओर आगे बढ़ें।” वरिष्ठ आप नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पार्टी की जीत का श्रेय केजरीवाल और मान को दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पंजाब उपचुनाव में आप की जीत भगवंत मान की कड़ी मेहनत और अरविंद केजरीवाल की ईमानदार राजनीति और नेतृत्व का नतीजा है। पंजाब के लोगों ने साफ संदेश दिया है- अब झूठ और भ्रष्टाचार की नहीं, बल्कि काम की राजनीति चलेगी।” आप सांसद संदीप पाठक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “पंजाब उपचुनाव में शानदार जीत के लिए पंजाब के लोगों और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई।”  

यूपी योद्धाज ने प्रो कबड्डी लीग के 11वें सीजन के 69वें मैच में तमिल थलाइवाज पर बड़ी जीत दर्ज की

नोएडा यूपी योद्धाज ने शुक्रवार को खेले गए प्रो कबड्डी लीग के 11वें सीजन के 69वें मैच में तमिल थलाइवाज पर बड़ी जीत दर्ज की। यूपी की जीत में भवानी राजपूत (10) के अलावा डिफेंस से हितेश (6) ने कमाल किया जबकि थलाइवाज के लिए डिफेंस से नितेश ने 6 अंक बटोरे। थलाइवाज के लिए रेड में विशाल चहल (6) ही सबसे अधिक अंक ले सके। पहले 10 मिनट में थलाइवाज के पास 9-7 की लीड थी। इसके बाद खेल 6-6 की बराबरी पर आया। फिर 1 के मुकाबले लगातार तीन अंक लेकर थलाइवाज ने फासला 3 का कर दिया। ब्रेक के बाद यूपी ने लगातार दो अंक लेकर स्कोर 8-9 किया और फिर स्कोर बराबर भी कर लिया। नितेश शानदार खेल रहे थे। डू ओर डाई रेड पर केशव को लपक उन्होंने चौथा शिकार किया। पाला बदलते ही बदला मैच का हाल इसके बाद डू ओर डाई रेड पर दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। 16वें मिनट में स्कोर 11-11 से बराबरी पर था। खेल डू ओर डाई रेड पर चल रहा था। 12-11 के स्कोर पर सचिन को लपक यूपी ने स्कोर फिर बराबर कर दिया, लेकिन इसी तरह की रेड पर भरत का शिकार कर थलाइवाज ने लीड ले ली। नितेश ने हाई-5 पूरा किया। दोनों टीमों ने 13-13 के स्कोर पर पाला बदला। हाफटाइम के बाद यूपी ने बनाई बढ़त हाफटाइम के बाद केशव ने बस्तामी और अभिषेक को बाहर कर यूपी को 15-13 से आगे कर दिया। फिर डिफेंस ने नरेंदर का शिकार कर थलाइवाज को ऑलआउट की ओर धकेल दिया, जिसे अंजाम तक पहुंचाकर यूपी ने 20-14 की लीड ले ली। आलइन के बाद लगातार दो अंक लेकर थलाइवाज ने वापसी की राह पकड़ी। यूपी ने लगातार पांच अंक के साथ स्कोर 26-17 कर लिया। अंत में यूपी ने दर्ज की बढ़ी जीत अब थलाइवाज के लिए सुपर टैकल आन था। फिर विशाल को लपक यूपी ने थलाइवाज को ऑलआउट की ओर धकेला। 30 मिनट के बाद स्कोर 27-17 से यूपी के हक में था। 36 मिनट के बाद यूपी 34-21 से आगे थे। यूपी ने मैच स्लो कर दिया था। थलाइवाज के लिए इतने बड़े फासले को भर पाना मुश्किल था और हुआ भी वही। तमाम कोशिशों के बावजूद थलाइवाज शिकस्त झेलनी पड़ी।  

दिल्ली के सीएम की उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने की प्रशंसा, केजरीवाल से हजार गुना बेहतर

नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के सीएम की प्रशंसा की। एक समारोह में एलजी ने सीएम आतिशी की तरफ देखते हुए कहा कि वह अपने पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल से हजार गुना बेहतर हैं। एलजी और आप सरकार के बीच के संबंध को देखते हुए आतिशी की प्रशंसा करना किसी हैरानी से कम नहीं है। इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री आतिशी, दोनों पहुंचे थे। वहां मौजूद छात्राओं को संबोधित करते हुए एलजी ने आतिशी की प्रशंसा की। उपराज्यपाल ने कहा कि आतिशी अपने पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल से हजार गुना बेहतर हैं। उपराज्यपाल ने कहा, “मुझे आज खुशी है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री एक महिला हैं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि वह अपनी पूर्ववर्ती से हजार गुना बेहतर हैं।” यह टिप्पणी करते समय उपराज्यपाल ने आतिशी पर नजर भी डाली। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने छात्राओं से कहा, “जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, आपके पास चार जिम्मेदारियां होती हैं। पहली आपकी खुद के प्रति जिम्मेदारी है, दूसरी आपके माता-पिता और परिवार के प्रति आपकी जिम्मेदारी है जबकि तीसरी जिम्मेदारी समाज और राष्ट्र निर्माण के प्रति है।” उन्होंने कहा कि चौथी जिम्मेदारी खुद को ऐसी महिला के रूप में साबित करना है, जिसने लिंग के बंधन को तोड़ दिया है। एक ऐसी महिला जो सभी क्षेत्रों में दूसरों के बराबर खड़ी हो गई है। दरअसल, दिल्ली के उपराज्यपाल और आप सरकार के बीच अक्सर विवाद सामने आते रहते हैं। ऐसे में उपराज्यपाल द्वारा आतिशी की प्रशंसा करना किसी हैरानी से कम नहीं है। केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद आप सरकार और उपराज्यपाल कई मुद्दों पर एक-दूसरे केआमने-सामने हैं। केजरीवाल ने कहा था कि वह अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर जनता से ईमानदारी का प्रमाण पत्र मांगेंगे। अगर जनता उन्हें ईमानदार घोषित करेगी तभी वह दोबारा मुख्यमंत्री के पद पर बैठेंगे। केजरीवाल ने विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के तौर पर आतिशी का नाम प्रस्तावित किया था, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया था।

पर्यावरण मंत्री ने कहा- दिल्ली के अंदर आम आदमी पार्टी की जब सरकार बनी तो एक नया अध्याय शुरू हुआ था

नई दिल्ली दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को बातचीत की। उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा “रेवड़ी पर चर्चा” सहित अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है। पर्यावरण मंत्री ने कहा है कि दिल्ली के अंदर आम आदमी पार्टी की जब सरकार बनी तो एक नया अध्याय शुरू हुआ था। अब तक जितनी सरकारें बनती थी, तब सरकार के खजाने से सिर्फ नेताओं को सुविधा मिलती थी। लेकिन अरविंद केजरीवाल की सरकार ने यह निर्णय लिया कि हम जनता को सुविधा देंगे। हमने लोगों को 24 घंटे बिजली, 200 यूनिट फ्री, फ्री पानी और अच्छे स्कूल के जरिए यह कर दिखाया है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली में फ्री में मोहल्ला क्लीनिक बनाकर दिए। बसों में महिलाओं की यात्रा मुफ्त की। बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा मुफ्त की। दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों को सुविधाएं दे रही है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम केजरीवाल द्वारा बांटी जा रही रेवड़ियां बंद कर देंगे। आज आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया कि हां हम फ्री की रेवड़ी देते हैं और आम जनता को सुविधाएं देते रहेंगे। भाजपा कह रही है कि हम फ्री की रेवड़ी बंद कर देंगे। आज से रेवड़ी पर चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। दिल्ली की सभी विधानसभा में रेवड़ी पर चर्चा की जाएगी और जनता की राय लेंगे। भाजपा द्वारा जनता को सुविधा दिए जाने की बात पर गोपाल राय ने कहा कि जनता को पता है कि कौन रेवड़ी देता है और कौन सिर्फ कहता है। 30 साल से गुजरात में भाजपा की सरकार है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा में इनकी सरकार है। इनकी सरकार में जनता को महंगी बिजली मिल रही है और बिजली कट लग रहे हैं। अब जनता को एक बात समझ में आ गई है कि अरविंद केजरीवाल के काम के सामने भाजपा को झुकना पड़ रहा है। ‘7वीं रेवड़ी’ के सवाल पर गोपाल राय ने कहा है कि महिलाओं को मिलने वाली यह सुविधा कब से शुरू हो जाती। लेकिन, केजरीवाल के जेल जाने से यह रुक गई। जबकि, इसके लिए पैसे भी आवंटित कर दिए गए थे। लेकिन अरविंद केजरीवाल अब आ गए हैं और उन्होंने ऐलान कर दिया है कि यह सुविधा भी जल्द शुरू कर देंगे।  

चौधरी जुबैर अहमद ने कहा ने कहा- कांग्रेस से चुनौती नहीं भाजपा और आप की लड़ाई है

नई दिल्ली दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आम आदमी पार्टी ने पहली सूची जारी कर दी। सीलमपुर विधानसभा से चौधरी जुबैर अहमद को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है। हाल ही में वह कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए थे। आप प्रत्याशी ने कहा कि सीलमपुर विधानसभा में स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास पर काम करेंगे। मेरा एकमात्र मुद्दा विकास है। इसे लेकर हम चुनाव में जा रहे हैं। इस सीट पर मौजूदा विधायक आप का ही है। चौधरी जुबैर अहमद ने कहा है कि 10 साल में विधानसभा में काम हुए हैं। लेकिन और काम करने की जरूरत है। 200 बेड का जगप्रवेश चंद अस्पताल आज से 20 साल पहले मेरे पिता ने ही बनवाया था। अस्पताल को और बेहतर किया जा सकता है। इस अस्पताल को 500 बेड का करने की जरूरत है। आबादी के हिसाब से यहां पर डिस्पेंसरी, स्कूल को बेहतर करने की जरूरत है। सीवर पर काम करने की जरूरत है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा है कि काम करने के लिए सरकार की जरूरत होती है। सरकार द्वारा मिलने वाले फंड की जरूरत होती है। एक फंड है जो सरकार द्वारा विधायक को मिलती है लेकिन नीतियों को लाने के लिए सरकार की जरूरत होती है। 500 बेड का अस्पताल करने के लिए सरकार की जरूरत पड़ेगी। सरकार का मैं हिस्सा रहूंगा तो आसानी से कार्य कर पाऊंगा। यहां की जनता चाहती है कि मैं आम आदमी पार्टी से विधायक बनूं। जनता के विश्वास और भरोसे पर आम आदमी पार्टी ज्वाइन की है। चुनाव में आपके लिए कौन सी पार्टी चुनौती है। इस पर उन्होंने कहा है कि हमारे लिए कोई चुनौती नहीं है। कांग्रेस तो हमारे लिए कहीं से भी चुनौती नहीं है। भाजपा और आम आदमी पार्टी की लड़ाई है। विकास के नाम पर चुनाव लड़ेंगे और अरविंद केजरीवाल का विकास के मामले में कोई हाथ नहीं पकड़ सकता है। विकास को लेकर अरविंद केजरीवाल की जो सोच है वह किसी अन्य नेता की नहीं है। दिल्ली में उन्होंने 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी। महिलाओं के लिए परिवहन व्यवस्था फ्री की। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में मार्शल तैनात किए गए। केजरीवाल के कामों को लेकर जनता के बीच जाएंगे।  

दिल्ली में तापमान में भी लगातार गिरावट जारी, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, बढ़ी ठंड

नई दिल्ली भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को हल्का कोहरा रहने का अनुमान जताया। आईएमडी के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिल्ली एनसीआर में ठंड बढ़ रही है। तापमान में भी लगातार गिरावट जारी है। गुरुवार को 10.2 डिग्री सेल्सियस के साथ इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार रात का तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार रात न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम का अब तक का दूसरा और तीसरा सबसे कम तापमान रहा। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान साल 2023 में तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस और 2022 में 11.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। कोहरे की चादर में लिपटे और सर्द हवा से परेशान शहर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन के वक्त आर्द्रता का स्तर 80 से 64 प्रतिशत के बीच रहा। दिल्ली भारत का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जिसका औसत पीएम 2.5 स्तर 243.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है और सप्ताह-दर-सप्ताह प्रदूषण में 19.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ‘रेस्पायर लिविंग साइंसेज’ की एयर क्वालिटी एनालिसिस रिपोर्ट के अनुसार, वायु गुणवत्ता के मामले में शहरों की सूची में दिल्ली 281वें स्थान पर सबसे नीचे है। ‘रेस्पायर लिविंग साइंसेज’ की ओर से 3 से 16 नवंबर तक 281 शहरों में पीएम 2.5 के स्तर का विश्लेषण किया। मुख्य प्रदूषक पीएम 2.5 था। ये 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले सूक्ष्म कण होते हैं। यह मोटे तौर पर एक मानव बाल की चौड़ाई के बराबर होते हैं। दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली/एनसीआर में न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट आई है। बुलेटिन में कहा गया कि दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 24 से 27 डिग्री सेल्सियस और 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच है। अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा और क्षेत्र के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। बुलेटिन में आगे कहा गया कि बुधवार को दिन के समय मुख्य रूप से हल्के कोहरा/धुंध की स्थिति रही, जिसमें उत्तर-पश्चिम दिशा से 6 से 10 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल रही थीं और रात के समय हवा शांत थी। आईएमडी के मुताबिक 21 नवंबर की सुबह सफदरजंग हवाई अड्डे पर हल्का कोहरा छाया रहा। सफदरजंग हवाई अड्डे पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक 600 मीटर की सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई, जो उसके बाद सुधरकर साढ़े नौ बजे 700 मीटर हो गई। दोपहर में मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम दिशा से 8 किमी प्रति घंटे से कम गति से हवाएं चल रही थीं।  

किराड़ी से लागतार दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके ऋतुराज झा ने बातचीत में कहा, चुनाव जरूर लड़ूंगा

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने पहली ही लिस्ट में तीन मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। इनमें से एक विधायक ऋतुराज झा ने बागी तेवर अपनाते दिख रहे हैं। किराड़ी से लागतार दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके ऋतुराज झा ने बातचीत में कहा है कि वह 2025 में भी विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ऋतुराज झा का टिकट काटकर पार्टी ने चंद दिनों पहले भाजपा से आए अनिल झा को उम्मीदवार बनाया है। ऋतुराज झा ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी अरविंद केजरीवाल की है और टिकट भी अरविंद केजरीवाल का है। उन्होंने टिकट दिया था और उन्होंने ही काट भी दिया है। क्या ऋतुराज झा चुनाव लड़ने जा रहे हैं, इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘योद्धा कभी मैदान छोड़ते हैं क्या, मैदान-ए-जंग में योद्धा कभी मैदान छोड़ते हैं? हम चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे तो कहा, ‘ऐसा मैंने नहीं कहा है। मैंने सिर्फ यह कहा है कि मैं चुनाव लड़ूंगा।’ ‘आप’ के उम्मीदवार अनिल झा को लेकर उन्होंने कहा कि उस आदमी के लिए प्रचार क्यों करेंगे जिससे 10 साल लड़े हैं। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में ऋतुराज झा ने अनिल झा को मात दी थी। वह लगातार 10 साल से ‘आप’ आप के विधायक हैं। प्रवक्ता का भी पद संभालने वाले ऋतुराज की गिनती पूर्वांचल से आने वाले प्रमुख चेहरों में होती है। वह विधानसभा में भी अक्सर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए दिखते थे। लेकिन अब टिकट कट जाने से खिन्न हैं। वह अपने समर्थकों से विचार-विमर्श के बाद जल्द कोई फैसला ले सकते हैं। आम आदमी पार्टी को इस बार 10 साल की ‘एंटी इनकंबेंसी’ का भी सामना करना है। ऐसे में अटकलें हैं कि पार्टी बड़े पैमाने पर विधायकों के टिकट काट सकती है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जनता से मिले फीडबैक और जीत की संभावना को देखते हुए टिकटों का बंटवारा किया जाएगा। पार्टी ने पहली लिस्ट में जिन तीन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें ऋतुराज झा के अलावा सीलमपुर से अब्दुल रहमान और मटियाला से गुलाब सिंह हैं। अब्दुल रहमान ने बातचीत में अधिक टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि वह परिवार में एक शादी को लेकर व्यस्त हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे क्या करना है इसको लेकर वह विचार-विमर्श के बाद कोई फैसला लेंगे।

कोर्ट ने कहा कि हमारे लिए यह मानना ​​बहुत मुश्किल है कि दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश बंद कर दिया गया, लगी फटकार

नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति के बीच एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई और पूछा कि वह दिल्ली में ट्रकों की एंट्री रोकने के लिए क्या कर रही है? कोर्ट ने कहा कि हमारे लिए यह मानना ​​बहुत मुश्किल है कि दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। वहीं दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली में कुल 113 एंट्री पॉइंट है जिसमें से 13 ट्रकों के लिए भी शामिल है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार से मदद करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को ट्रकों के प्रवेश की जांच के लिए 113 एंट्री पॉइंट्स पर पुलिस कर्मियों को तैनात करने का निर्देश देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शीर्ष अदालत और सीएक्यूएम आदेशों के बावजूद, दिल्ली सरकार और पुलिस ग्रैप चरण IV के तहत नियमों का पालन करने में विफल रही है।

दिल्ली-एनसीआर में 371 रहा औसत एक्यूआई, वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही और कई इलाकों में हल्की धुंध भी देखने को मिली। दिल्ली में धुंध की परत बनी रही और सुबह 7:15 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 371 था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। 200 से 300 तक का एक्यूआई “खराब”, 301 से 400 तक “बहुत खराब”, 401 से 450 तक “गंभीर” और 450 से ज्यादा “गंभीर प्लस” माना जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कई दिनों तक ‘गंभीर’ और ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में रहने के बाद गुरुवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता थोड़ा बेहतर होकर ‘बहुत खराब’ हो गई। हालांकि कुछ इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर अभी भी गंभीर बना हुआ है। दिल्ली के सात इलाकों में एक्यूआई लेवल 400 से ऊपर और 450 के बीच रहा। आनंद विहार में 410, बवाना में 411, जहांगीरपुरी में 426, मुंडका में 402, नेहरू नगर में 410, शादीपुर में 402 और वजीरपुर में 413 रहा। दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही। अलीपुर में 389, अशोक विहार में 395, आया नगर में 369, बुराड़ी क्रॉसिंग में 369, चांदनी चौक में 369, मथुरा रोड में 333, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 357, आईजीआई एयरपोर्ट पर 357, दिलशाद गार्डन में 320, आईटीओ और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 344 एक्यूआई रहा। इस बीच, केंद्र ने अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग काम के घंटे तय किए हैं। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कर्मचारियों से वाहन प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने को कहा गया है। आदेश में कहा गया है कि कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक या सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुल सकते हैं। गंभीर वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कड़े कदम उठाए हैं और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) में बदलाव किया है। संशोधित दिशानिर्देशों के तहत, एनसीआर राज्यों को ग्रैप चरण 3 में कक्षा 5 तक और ग्रैप चरण 4 में कक्षा 12 तक की स्कूलों की ऑफलाइन कक्षाएं बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। संशोधित जीआरएपी में स्टेज 3 के तहत एक नया निर्देश भी जोड़ा गया है, जिसमें राज्य सरकारों को सार्वजनिक कार्यालयों और नगर निकायों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने की जरूरत है, ताकि यातायात और प्रदूषण कम किया जा सके। जीआरएपी स्टेज 4 के तहत, लोगों को खतरनाक वायु गुणवत्ता के दौरान बाहर मास्क पहनने की सलाह दी गई है।  

चुनाव से पहले ‘मुफ्त-मुफ्त’ की हवा चलाएंगे केजरीवाल, दिल्ली में आप पार्टी के नेता जनता के साथ ‘रेवड़ी पर चर्चा’ करेंगे

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) नया अभियान शुरू करने जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को ‘रेवड़ी पर चर्चा’ कैंपेन को लॉन्च करने जा रहे हैं। पूरी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता जनता के साथ ‘रेवड़ी पर चर्चा’ करेंगे। दरअसल आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से चलाई जा रही मुफ्त वाली स्कीमों को भारतीय जनता पार्टी ने ‘रेवड़ी कल्चर’ कहकर हमला किया था। केजरीवाल अब इसे अपने लिए हथियार बना चुके हैं। वह जोरशोर से अपनी जनसभाओं में कहते हैं कि वह दिल्ली में जनता को मुफ्त बिजली, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त इलाज, महिलाओं को मुफ्त बस सफर जैसी 6 रेवड़ी दे रहे हैं। हाल के दिनों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को यह भी कहा है कि यदि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को जितवा दिया तो मुफ्त वाली योजनाओं को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में नए कैंपेन के तहत एक तरफ जहां केजरीवाल जनता के बीच यह गिनवाएंगे कि उनकी सरकार क्या-क्या मुफ्त दे रही है तो दूसरी तरफ उन्हें यह भी बताया जाएगा कि भाजपा इनका विरोध करती है और सरकार में आई तो इन स्कीमों को बंद कर देगी। हालांकि, पिछले दिनों भाजपा ने कहा कि यदि दिल्ली में उसकी सरकार बनती है तो केजरीवाल सरकार की किसी योजना को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि और भी नई स्कीमें लागू की जाएंगी। दिल्ली में अगले साल फरवरी से पहले विधानसभा का चुनाव होना है। लगातार 10 साल से सत्ता चला रही आम आदमी पार्टी प्रचार को तेज कर चुकी है। पार्टी ने 11 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी कर दिया है। भाजपा जहां कथित शराब घोटाले, मुख्यमंत्री आवास में सुख-सुविधा पर खर्च, यमुना की गंदगी, खराब सड़कें और दिल्ली के कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई जैसे मुद्दों को धार देने में जुटी है तो केजरीवाल की कोशिश है कि वह चुनाव को उनकी स्कीमों पर केंद्रित रखें। ‘आप’ के रणनीतिकारों का मानना है कि मुफ्त बिजली, स्कूल, इलाज जैसे फ्लैगशिप स्कीमों के जरिए एक बार फिर दिल्ली में जीत हासिल की जा सकती है।

महिला कांस्टेबल ने 9 महीने में खोज निकाले 104 लापता बच्चे, परिवार वाले भी दे रहे दुआ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की दो महिला हेड कांस्टेबल ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसके बाद उनकी चहुंओर वाहवाही हो रही है। दोनों महिला कांस्टेबल सीमा देवी और सुमन हुड्डा ने पिछले नौ महीनों में 104 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकालने का सराहनीय काम किया है। मार्च से नवंबर के बीच ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत उन्होंने हरियाणा,बिहार और यूपी के दूर-दराज के इलाकों का दौरा किया और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा,जिनमें बच्चों की नई तस्वीरें न होना, भाषा की बाधा,अनजान जगहों पर जाना और स्थानीय लोगों से मदद न मिलना शामिल था। इन मुश्किलों के बावजूद,दोनों ने बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया। कई मुश्किलें भी आईं दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तरी जिला की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में तैनात, सीमा और सुमन ने बताया कि ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत मार्च से नवंबर के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दूर-दराज के इलाकों में उन्हें कई बार नई जगहों और वहां के लोगों से अनजान होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में उन्हें स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सीमा देवी ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ कि जिन नंबरों से बच्चे बात करते थे,वे बंद हो जाते थे। ऐसे में हमने साइबर टीम की मदद से फोन की आखिरी लोकेशन का पता लगाया। एक मामले को याद करते हुए सीमा ने बताया कि बवाना से एक 13 साल की बच्ची लापता हो गई थी। उसके सबसे छोटे भाई ने हमें बताया कि उसने अलग-अलग नंबरों से फोन करके बताया था कि वह ठीक है। हालांकि,अलग-अलग नंबरों से फोन आने के कारण उसे कुछ गड़बड़ होने का शक था। हमने मामले की जांच की और बच्ची को नोएडा के जारचा इलाके में पाया। वह वहां घर का काम कर रही थी। हमने उसे तुरंत वहां से छुड़ाया। फोटो से पहचानने में होती थी समस्या नए इलाकों में,सीमा और सुमन को स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने में समय लगता था,जिसके बाद ही वे घर-घर जाकर तलाशी ले पाती थीं। सीमा ने बताया कि पुरानी तस्वीरें होने के कारण कई मौकों पर बच्चों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। जब परिवारों के पास अपने बच्चों की नई तस्वीरें नहीं होती थीं,तो 4 से 17 साल के इन बच्चों की पहचान उनके माता-पिता को खुद आकर करनी पड़ती थी। मार्च में AHTU में शामिल हुईं सुमन हुड्डा ने कहा कि बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर उन्हें बहुत गर्व और सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि हमारी कोई निश्चित ड्यूटी नहीं होती। जब भी हमें गुमशुदा बच्चों की जानकारी मिलती है,हम तुरंत घर से निकल पड़ते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि मैं अपने बच्चों को कई दिनों तक नहीं देख पाती। कई लोग मदद करने से भी कतराते थे सुमन ने बताया कि उन गांवों में गुमशुदा बच्चों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है,जहां जाने के लिए कोई रास्ता ही न हो। उन्होंने बताया कि कई बार तो हमें परिवहन के साधनों के अभाव में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बहुत से लोग हमारी मदद के लिए तैयार रहते हैं,लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद करने से वे कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं। सुमन ने बताया कि कैसे उन्हें अक्सर रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और फेरी वालों से महत्वपूर्ण सुराग मिलते थे। गुमशुदा बच्चों की तस्वीरें दिखाने पर अक्सर उन्हें देखे जाने की जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि 13 से 17 साल के बच्चे खास तौर पर सोशल मीडिया पर मिले अजनबियों के बहकावे में आ जाते हैं।पुलिस के मुताबिक,बच्चों के लापता होने की वजहों में प्रेम प्रसंग,नशा,माता-पिता की उचित देखभाल न मिलना और शिक्षा की कमी शामिल हैं। डीसीपी ने कहा- हमें गर्व है सीमा के खुद के दो बच्चे हैं,जिनकी उम्र 16 और 10 साल है। उन्होंने बताया कि जब मैं कुछ दिनों के लिए घर से बाहर होती हूं,तो मेरा छोटा बेटा मुझे बहुत याद करता है। एक मां होने के नाते,उनका मानना है कि माता-पिता को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं। DCP (बाहरी उत्तरी) निधिन वलसन ने कहा कि हमें ‘ऑपरेशन मिलाप’ में सीमा और सुमन की ओर से किए गए असाधारण कार्य पर बहुत गर्व है। उनकी यह उपलब्धि बच्चों की तस्करी से निपटने और अपने समुदाय की रक्षा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।  

CM आतिशी ने रोहिणी सेक्टर-27 में एक नवनिर्मित स्कूल के रूप में नई सौगात दी

नई दिल्ली दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार सक्रिय मोड़ पर है। आप सरकार दिल्लीवासियों को एक के बाद एक कई सौगात देने की कवायद में जुट गई है। इसी क्रम में दिल्ली सरकार ने नरेला विधानसभा की जनता को खास तोहफा दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम लिखते हुए रोहिणी सेक्टर-27 में एक नवनिर्मित स्कूल के रूप में नई सौगात दी है। आप नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने इस नवनिर्मित स्कूल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके साथ स्थानीय आप विधायक शरद चौहान, शिक्षा विभाग के अधिकारी समेत अन्य मौजूद थे। इस मौके पर सीएम आतिशी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-27 में हमने शानदार नये स्कूल जिसमें 121 कमरे, 9 लैब, योगा कमरे, बहुउद्देश्यीय हॉल, एक शानदार प्लेग्राउंड है। आज इस स्कूल का हमने इलाके के लोगों को लिए उद्घाटन किया है। अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में दिल्ली की सरकार लगातार शिक्षा को पहली प्राथमिकता पर रखती है। पिछले कुछ महीनों से लगातार हर हफ़्ते किसी स्कूल का उद्घाटन हो रहा है, किसी स्कूल का शिलान्यास हो रहा है। यह आज की बात नहीं है, पिछले दस सालों से जब से दिल्ली के लोगों ने अरविंद केजरीवाल को अपना मुख्यमंत्री बनाया, जब से आम आदमी पार्टी की सरकार चुनी है, तब से इस सरकार ने बच्चों की शिक्षा को, उनके भविष्य को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया है। मुझे खुशी है कि आज रोहिणी सेक्टर-27 के बच्चों को अपने घर के बगल में एक शानदार स्कूल मिला है। अब उन्हें 10-15 किलोमीटर की दूसरी पर स्कूल नहीं जाना पड़ेगा। सीएम ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली के हर बच्चे को चाहे वह अमीर परिवार से आता हो या गरीब परिवार से आता हो, उसको वर्ल्ड क्लास शिक्षा मिलनी चाहिए। हर बच्चे को वर्ल्ड क्लास शिक्षा देना हमारा मकसद है।

चुनाव से पहले लगा झटका, केजरीवाल के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही पर नहीं लगेगी रोक: दिल्ली हाईकोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वह कथित दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 से जुड़ी अनियमितताओं के एक मामले में आरोपी हैं। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने मामले में आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका पर जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा है। अब इस मामले की सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मिली अनुमति: तुषार मेहता केजरीवाल ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की और तर्क दिया कि विशेष अदालत ने उनके अभियोजन के लिए किसी मंजूरी के अभाव में आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था क्योंकि जब कथित अपराध किया गया था, तब वह एक लोक सेवक थे। हालांकि, ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी मिल गई है और वह एक हलफनामा दाखिल करेंगे। पूर्व सीएम ने सुनवाई की शीघ्र तारीख की मांग की, जब अदालत ने शुरू में सुनवाई अगले साल के लिए तय की और उनके वकील ने तत्कालता के कारण दिन के दौरान रोक लगाने की उनकी याचिका पर आदेश देने पर जोर दिया। मेहता ने इस तरह के दृष्टिकोण को अनुचित बताते हुए स्थगन आवेदन पर जवाब दाखिल करने की मांग की। हाईकोर्ट ने एक अन्य याचिका पर ईडी से मांगा जवाब 12 नवंबर को, हाईकोर्ट ने केजरीवाल द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर ईडी से जवाब मांगा, जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एजेंसी की शिकायत पर उन्हें जारी किए गए समन को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया था। केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी थी। वहीं शीर्ष अदालत ने उन्हें 13 सितंबर को सीबीआई मामले में जमानत पर रिहा कर दिया था। सीबीआई और ईडी के अनुसार, उत्पाद नीति में संशोधन करते समय अनियमितताएं की गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। एलजी वीके सक्सेना ने दी केस दर्ज करने की अनुमति दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत तक इसे खत्म कर दिया था। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा उत्पाद शुल्क नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच की सिफारिश के बाद दर्ज किए गए सीबीआई मामले के बाद आया है।

दिल्ली में 4 करोड़ की ड्रग्स जब्त, नाइजीरियन नागरिक को भी किया गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पार्टी ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद करते हुए 4 करोड़ की MDMA ड्रग्स बरामद की है। इसमें एक नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। ड्रग्स उत्तम नगर से पकड़ी गई है। एक घर से तकरीबन 7 हजार ड्रग्स की गोलियां MDMA क्वालिटी में (6790 गोलियां) बरामद हुईं, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट वैल्यू 4 करोड़ है। आरोपी चुकू ने बताया कि उसका साथी भी है, जो उसके साथ ड्रग्स सप्लाई में शामिल है। वहीं,  अहमदाबाद में 1 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स के साथ युवक गिरफ्तार हुआ है। क्राइम ब्रांच ने 40 जिंदा कारतूस समेत 18 लाख जब्त किए हैं। 1.23 किलोग्राम एमडी से ज्यादा ड्रग्स है।

राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पता है कि गौतम अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी, पर मोदी हैं तो सेफ हैं

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कारोबारी गौतम अडानी पर अमेरिका में लगे आरोपों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। राहुल गांधी ने कहा कि हम गौतम अडानी के मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे। इस बार तो हमने आरोप नहीं लगाए हैं बल्कि अमेरिका में यह मसला उठा है। उन्होंने कहा कि गौतम अडानी और मोदी एक हैं तो सेफ हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पता है कि गौतम अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी। मुझे उनके काम करने के तरीके से आपत्ति है। अडानी पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और कीनिया समेत कई देशों में ऐसे ही काम करने का आरोप हैं। यही नहीं राहुल गांधी ने कहा कि सेबी की अध्यक्ष माधवी बुच के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि आप लोगों को जागरूक करता रहूं। यह जरूरी है कि रिटेल निवेशकों को बचाया जाए। इसलिए सेबी की अध्यक्ष पर भी ऐक्शन लिया जाए और उन्हें पद से ही हटा दिया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि इस देश में बिजली ही इसलिए महंगी हो रही है ताकि गौतम अडानी को अमीर किया जाए। उन्होंने कहा कि हम संसद में मिलकर मसला उठाएंगे। गौतम अडानी ने 2000 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। उन्होंने अमेरिका और भारत के निवेशकों से झूठ बोला है। एफबीआई का कहना है कि गौतम अडानी ने अमेरिका और भारत में क्रिमिनल ऐक्ट किया है। इसके बाद भी अब सीबीआई और ईडी क्यों कुछ नहीं कर रहे हैं। हम तो जानते हैं कि अडानी की गिरफ्तारी नहीं होगी। हमारा काम है कि जनता को बताएं कि क्या गलत हो रहा है। हम पहले भी कह चुके हैं कि हमारे पास औजार नहीं हैं, जो विपक्ष के पास होने चाहिए। आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हमसे भाजपा के सवाल पूछे जा रहे हैं। दूसरी तरफ 2000 करोड़ रुपये का घोटाला होने के बाद भी गौतम अडानी के खिलाफ ऐक्शन नहीं हो रहा है। हरियाणा में नेता विपक्ष चुनने पर बोले- एफबीआई जांच कर रही है राहुल गांधी से इस दौरान एक पत्रकार ने हरियाणा चुनाव को लेकर सवाल पूछा तो वह मजाकिया अंदाज में बोले कि आइए इसी पर बात कर लें। उन्होंने कहा कि आप पूछ रहे हैं कि वहां नेता विपक्ष क्यों नहीं चुना गया। इस मामले की एफबीआई जांच कर रही है और जब रिपोर्ट आ जाएगी तो फिर इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। इस पर मीडियाकर्मी ने कहा कि आप मुद्दे को भटका रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं मुद्दे को भटका नहीं रहा बल्कि मजाक कर रहा हूं।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी अगर जीत जाती है तो दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन बनेगा?, सत्येंद्र जैन ने कर दिया साफ

नई दिल्ली आने वाले 2-3 महीनों में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों से पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलवा देखने को मिला। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और आतिशी ने सीएम पद की शपथ ली। ऐसे में चुनाव से पहले एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी? और दिल्ली में आम आदमी पार्टी अगर जीत जाती है तो दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और ‘आप’ सत्येंद्र जैन ने इन सवालों का जवाब दिया है। दिल्ली में किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी AAP आगामी जनवरी-फरवरी में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खबर आ रही है कि आम आदमी पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। हाल ही में सत्येंद्र जैन ने ‘जिस्ट’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि दिल्ली का चुनाव आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में आप की सरकार बनने पर सीएम कौन होगा का जवाब भी दे दिया है। जीते तो कौन बनेगा दिल्ली का CM सत्येंद्र जैन से सवाल पूछा गया कि अगर आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी जीत दर्ज करती है तो मुख्यमंत्री आतिशी बनेंगी या अरविंद केजरीवाल? इस सवाल का जवाब देते हुए सत्येंद्र जैन ने अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के वक्त का बयान याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने इस्तीफा देते समय ही कहा था कि वो जनता की अदालत में जा रहे हैं, अगर जनता उन्हें क्लीन चिट दे देगी तभी वो सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे। उनके इस बयान से साफ हो जाता है कि दिल्ली में ‘आप’ की सरकार बनने पर अरविंद केजरीवाल ही मुख्यमंत्री बनेंगे।

‘शीश महल विवाद’ गहराया, अरविंद केजरीवाल के घर के पास भारी संख्या में भीड़ जुटी, विरोध प्रदर्शन जारी

नई दिल्ली दिल्ली भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘शीश महल’ विवाद को लेकर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। घर के पास भारी संख्या में भीड़ जुटी है। इसमें बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा दिल्ली के सांसद शामिल है। बीजेपी ने केजरीवाल पर मुख्यमंत्री आवास पर करोड़ों रुपए खर्च करने का आरोप लगाया था। इस सीएम आवास को ही केजरीवाल शीशमहल कहती है। एक बार फिर यह मुद्दा गरमा गया है। चप्पल और दो रुपए का पेन नहीं, दस्तावेज लिखेंगे कहानी बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा और कहा कि ये राजतंत्र की मानसिकता वाला अरविंद केजरीवाल जिसको अय्याशी और ऐशोआराम की आदत पड़ चुकी है। अब सौ रुपए की चप्पल और दो रुपए के पेन से तेरी कहानी नहीं लिखी जाएगी। अब तो वो दस्तावेज तेरी कहानी लिखेंगे, जिसमें भ्रष्टाचार के सारे सबूत मौजूद हैं।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आप ‘पार्टी’ ने पहली सूची में 11 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने पहली सूची में 11 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। खास बात है कि पार्टी ने पहली ही सूची में तीन मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। पार्टी ने हाल ही में भाजपा और कांग्रेस छोड़कर शामिल हुए नेताओं पर भी दांव लगाया है। इस लिस्ट में 6 ऐसे उम्मीदवारों के नाम हैं, जो हाल ही में कांग्रेस या बीजेपी छोड़कर AAP में शामिल हुए हैं. बता दें कि दूसरी पार्टियों से AAP में शामिल हुए जिन 6 नेताओं को टिकट मिला है, उन्हें खुद अरविंद केजरीवाल ने पार्टी में शामिल कराया था. इनमें 2 ऐसे नेता भी शामिल हैं, जो BJP से विधायक रह चुके हैं. छतरपुर से ब्रह्मा सिंह तंवर चुनाव लड़ेंगे किराड़ी से अनिल झा AAP उम्मीदवार होंगे विश्वास नगर से दीपक सिंघला चुनाव लड़ेंगे रोहतास नगर से सरिता सिंह AAP उम्मीदवार होंगी लक्ष्मी नगर से BB त्यागी AAP उम्मीदवार होंगे बदरपुर से राम सिंह नेता जी उम्मीदवार होंगे सीलमपुर से जुबैर चौधरी AAP उम्मीदवार होंगे सीमापुरी से वीर सिंह धींगान चुनाव लड़ेंगे घोंडा से गौरव शर्मा चुनाव लड़ेंगे करावल नगर से मनोज त्यागी AAP प्रत्याशी होंगे मटियाला से सोमेश शौकीन AAP के उम्मीदवार होंगे   किसे कहां से टिकट? 1. छतरपुर से ब्रह्मा सिंह तंवर चुनाव लड़ेंगे. > बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर रहे और तीन बार के विधायक ब्रह्म सिंह तंवर ने हाल ही में 31 अक्तूबर को AAP का दामन थाम लिया था. तंवर ने ठीक दिपावली के दिन दिल्ली के पूर्व सीएम और APP चीफ अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में AAP जॉइन की थी. 2. किराड़ी से अनिल झा AAP उम्मीदवार होंगे. > 17 नवंबर को बीजेपी के दिग्गज नेता रहे और किराड़ी से दो बार के विधायक रहे अनिल झा ने AAP की सदस्यता ले ली थी. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने अनिल झा को पूर्वांचल का सबसे बड़ा नेता बताते हुए उनका पार्टी में स्वागत किया था. 3. विश्वास नगर से दीपक सिंघला चुनाव लड़ेंगे. 4. रोहतास नगर से सरिता सिंह AAP उम्मीदवार होंगी. 5. लक्ष्मी नगर से BB त्यागी AAP उम्मीदवार होंगे. > बीजेपी को दिल्ली में एक बड़ा झटका 4 नवंबर को लगा था, जब बीजेपी नेता रहे और दो बार के पार्षद बीबी त्यागी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे. त्यागी ने मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में AAP का दामन थामा था. 6. बदरपुर से राम सिंह (नेता जी) उम्मीदवार होंगे. 7. सीलमपुर से जुबैर चौधरी AAP उम्मीदवार होंगे. > सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस से AAP में आने वाले नेताओं को भी टिकट मिला है. कांग्रेस से 5 बार विधायक रहे मतीन अहमद के बेटे चौधरी जुबैर अहमद ने अपनी पत्नी और कांग्रेस पार्षद शगुफ्ता चौधरी के साथ 29 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली थी. 8. सीमापुरी से वीर सिंह धींगान चुनाव लड़ेंगे. 9. घोंडा से गौरव शर्मा चुनाव लड़ेंगे. 10. करावल नगर से मनोज त्यागी AAP प्रत्याशी होंगे. 11. मटियाला से सुमेश शौकीन AAP के उम्मीदवार होंगे.  

पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत केजरीवाल के खिलाफ सड़कों पर उतरे तो उन्होंने जय श्रीराम के नारे के साथ हुंकार भरी

नई दिल्ली बीते दिनों आम आदमी पार्टी के बड़े नेता और दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। गुरुवार को भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान भाजपा नेताओं के साथ कैलाश गहलोत भी दिखे। ये पहली बार है जब कैलाश गहलोत दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाया है। केजरीवाल के सरकार बंगले को लेकर भी भाजपा ने केजरीवाल को आड़े हाथों लिया है। जय श्रीराम के नारे के साथ भरी हुंकार गुरुवार को जब दिल्ली के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत केजरीवाल के खिलाफ सड़कों पर उतरे तो उन्होंने जय श्रीराम के नारे के साथ हुंकार भरी और भारी भीड़ में लोगों को संबोधित किया। यह पहली बार है जब दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत अपने पूर्व नेता पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। गुरुवार को केजरीवाल के खिलाफ शुरू हुए बीजेपी के विरोध प्रदर्शन में भाजपा के कई नेताओं ने हिस्सा लिया। इसमें प्रमुख रूप से कैलाश गहलोत के साथ ही सांसद मनोज तिवारी, कमलजीत सहरावत, विजय गोयल और वीरेंद्र सचदेवा ने भी हिस्सा लिया। इन सभी ने केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जवाब मांगा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने केजरीवाल के लाइफस्टाइल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। भाजपा नेताओं ने कहा कि केजरीवाल ने चुनाव लड़ने से पहले वादा किया था कि वो सरकार में आने के बाद भी सादा जीवन व्यतीत करेंगे और महंगी कारों और महंगे बंगलों में नहीं रहेंगे। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने वादाखिलाफी करते हुए अपने बंगले में भ्रष्टाचार करके काफी पैसा लगाया और अपनी जिंदगी को लग्जरी बनाई।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्र संघ डूसू चुनाव के परिणाम अब 25 नवंबर को, एक बार फिर टली मतगड़ना

नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्र संघ (डूसू) चुनाव के परिणाम फिर से टाल दिये और अब मतगणना 25 नवंबर को होगी, जो उच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित समय सीमा से ठीक एक दिन पहले है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में चुनाव प्रचार के कारण विरुपित हुई संपत्ति को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए संघर्ष कर रहा है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, डूसू की केंद्रीय पैनल के लिए मतगणना अब 25 नवंबर को नॉर्थ कैंपस के वनस्पति विज्ञान विभाग के पास कॉन्फ्रेंस सेंटर में होगी जबकि कॉलेज स्तर की मतगणना एक दिन पहले 24 नवंबर को होगी। सुबह के कॉलेजों को मतगणना सुबह आठ बजे शुरू करने जबकि शाम के कॉलेजों को अपराह्न दो बजे शुरू करने का निर्देश दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हमारी कई टीम अभी भी साफ-सफाई के प्रयासों पर काम कर रही हैं। परिसरों को बड़े पैमाने पर साफ कर दिया गया है जबकि अन्य हिस्सों में अब भी गंदगी है। हम इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।” डूसू चुनाव के नतीजे मूल रूप से 28 सितंबर को घोषित किए जाने थे, लेकिन लगभग तीन महीने की देरी हो गई है। इससे पहले, डीयू ने 21 नवंबर को केंद्रीय पैनल और कॉलेज स्तर के चुनावों के लिए मतगणना कराने की योजना बनाई थी।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए ग्रेप-4 के प्रावधानों के तहत सरकार ने कई कदम उठाए

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने और जनता को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार के फैसले की जानकारी साझा करते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए ग्रेप-4 के प्रावधानों के तहत सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उसी क्रम में बुधवार को दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि कार्यालय 50 प्रतिशत क्षमता से खुलेंगे, जबकि 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। आवश्यक सेवाएं वाले विभाग में वर्क फ्रॉम होम लागू नहीं होगा। इसे लागू करने के लिए पर्यावरण विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और औद्योगिक संघ फिक्की, एसोचैम और सीआईआई के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली सचिवालय में हुई। उन्होंने कहा कि प्राइवेट संस्थानों में भी 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम करने के लिए निर्देश जारी की जा रही है। प्राइवेट संस्थान अपना कार्यालय खोलने का समय सुबह 10.30 बजे या 11 बजे करें। साथ ही प्राइवेट कंपनी अपने कर्मचारी के लिए शटल बस सेवा शुरू करें। इसके लिए भी एडवाइजरी जारी की जा रही है। गोपाल राय ने कहा कि पूरे उत्तर भारत में बदलते मौसम में प्रदूषण का प्रभाव मारक होता जा रहा है। पूरा उत्तर भारत गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए कई अभियान चला रही है, जैसे एंटी डस्ट अभियान, बायो डीकम्पोजर का छिड़काव, पौधरोपण अभियान, जागरूकता अभियान आदि। पूरी दिल्ली में सड़कों पर 200 मोबाइल एंटी स्मॉग गन से पानी के छिड़काव का अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया गया है। सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट कार्यालयों में भी वर्क फ्रॉम होम लागू होगा। अत्यावश्यक सेवाएं वाले विभाग में वर्क फ्रॉम होम लागू नहीं होगा, वह पूरी क्षमता के साथ काम करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है। ग्रेप-4 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने के लिए उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग कर आदेश जारी किया गया है कि ग्रेप-4 के नियमों को लागू करवाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन, पड़ोस के राज्यों को भी कड़े कदम उठाने होगें। उसके बाद ही दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

केएमएफ के प्रबंध निदेशक एमके जगदीश ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी, दिल्ली के दूध मार्केट में नंदिनी ब्रांड की एंट्री

नई दिल्ली दिल्ली में अमूल और मदर डेयरी जैसे बड़े डेयरी ब्रांड की टेंशन बढ़ने वाली है। दरअसल, नंदिनी ब्रांड के तहत अपने डेयरी उत्पादों का डिस्ट्रिब्यूशन करने वाले कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने विस्तार की योजना बनाई है। यह फेडरेशन दूध और दही जैसे ताजा डेयरी उत्पादों के साथ दिल्ली तक अपनी पहुंच का विस्तार करने को तैयार है। केएमएफ के प्रबंध निदेशक एमके जगदीश ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया 21 नवंबर को दिल्ली में नंदिनी दूध और दही उत्पाद लॉन्च करेंगे। इसके अलावा 26 नवंबर को बेंगलुरु में इडली और डोसा बैटर भी पेश किया जाएगा। कहां तक है KMF का विस्तार KMF अपने उत्पाद कर्नाटक, महाराष्ट्र (मुंबई, नागपुर, पुणे और सोलापुर), गोवा, हैदराबाद, चेन्नई और केरल में बेचता है। दिल्ली में एंट्री के साथ फेडरेशन उत्तर भारतीय बाजार में प्रवेश कर सकेगा। यहां नंदिनी ब्रांड गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ के अमूल जैसे बड़े ब्रांड के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। बता दें कि दिल्ली के डेयरी बाजार पर फिलहाल मदर डेयरी, अमूल, मधुसूदन और नमस्ते इंडिया जैसे ब्रांडों का दबदबा है। विस्तार के लिए KMF का प्लान हाल ही KMF ने मांड्या मिल्क यूनियन से दिल्ली तक इंसुलेटेड रोड टैंकरों के माध्यम से दूध के ट्रांसपोर्ट के लिए एक टेंडर जारी किया है। KMF ने मांड्या से दिल्ली, हरियाणा के कुछ हिस्सों सहित आसपास के क्षेत्रों में दूध पहुंचाने के लिए 2,190 टैंकरों का उपयोग करने की योजना बनाई है। मनीकंट्रोल से फेडरेशन के एक अधिकारी ने कहा- ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले दूध की दैनिक अनुमानित मात्रा लगभग 1,00,000 किलोग्राम है। 33 केएल टैंकरों के साथ प्रतिदिन तीन टैंकरों की आवश्यकता होगी। कर्नाटक के 22,000 गांवों में है KMF KMF कर्नाटक के 22,000 गांवों में 15 यूनियनों, 24 लाख दूध उत्पादकों और 14,000 सहकारी समितियों के विशाल नेटवर्क से जुड़ा है। यह प्रतिदिन 8.4 मिलियन लीटर दूध प्रोसिडिंग करता है और 65 से अधिक उत्पाद पेश करता है। फेडरेशन किसानों को प्रतिदिन 17 करोड़ रुपये वितरित करता है और 2021-22 में लगभग 19,800 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। केएमएफ सशस्त्र बलों को भी आपूर्ति करता है। यह फेडरेशन मध्य पूर्व, सिंगापुर, भूटान, म्यांमार और अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दूध का निर्यात करता है।

शराब घोटाले में केजरीवाल की HC से मांग, मेरा मुकदमा रोक दीजिए, उन्होंने इसके लिए मंजूरी नहीं होने की दलील दी

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कथित शराब घोटाले में एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने ट्रायल कोर्ट में उनके खिलाफ मुकदमा चलाए जाने पर रोक की मांग की है। केजरीवाल ने ट्रायल कोर्ट की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर संज्ञान लेने के फैसले को चुनौती दी है। उन्होंने इसके लिए मंजूरी नहीं होने की दलील दी है। याचिका में तर्क दिया गया है कि निचली अदालत के न्यायाधीश ने कथित आदेश में पीएमएलए की धारा 3 के तहत अपराध का संज्ञान लेने में गलती की है। याचिकाकर्ता केजरीवाल ने कहा है कि अभियोजन के लिए सीआरपीसी की धारा 197 (1) के तहत पूर्व मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है। लेकिन उनके मामले में ईडी ने ऐसा नहीं किया है। यह विशेष रूप से जरूरी है क्योंकि याचिकाकर्ता अरविंद केजरीवाल कथित अपराध के समय एक लोक सेवक (मुख्यमंत्री) थे। इससे पहले 12 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की ओर से दायर उस याचिका पर ईडी से जवाब मांगा था जिसमें उन्होंने उन्हें जारी समन को चुनौती दी है। अरविंद केजरीवाल इस समय ईडी और सीबीआई केस में जमानत पर हैं। केजरीवाल को इस मामले में इसी साल 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। केजरीवाल के अलावा इस मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पार्टी नेता विजय नायर को भी जेल जाना पड़ा था। फिलहाल सभी नेता जमानत पर बाहर हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने गलत तरीके से शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाया और बदले में उनसे रिश्वत ली। रिश्वत की रकम का इस्तेमाल पंजाब विधानसभा चुनाव में किए जाने का आरोप है। हालांकि, आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार आरोपों को झूठा बताती रही है।

प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर, मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की मांग की

नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। सोमवार से ग्रैप-4 को भी लागू कर दिया गया है। इन सब के बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर आईएएनएस ने खास बातचीत की। इसमें उन्होंने केंद्र सरकार के रवैए और प्रदूषण की मौजूदा स्थिति पर विचार व्यक्त किए। गोपाल राय से जब पूछा गया कि आपने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखा है, क्या लगता है जवाब आएगा। इस पर गोपाल राय ने सवाल करते हुए कहा कि क्यों नहीं आएगा? यही तो देश जानना चाहता है कि भाजपा की केंद्र सरकार इतनी लापरवाह है कि एक बैठक भी नहीं बुला सकती। काम करना तो दूर, केंद्र सरकार एक बैठक भी नहीं बुला सकती और किसी को भरोसा नहीं है कि वह बैठक बुलाएंगे। आज पूरा उत्तर भारत, सिर्फ दिल्ली ही नहीं, वायु आपातकाल की स्थिति में है। बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बच्चों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और भाजपा सरकार सो रही है। उनके पास एक बैठक बुलाने की भी फुर्सत नहीं है। इससे ही उनकी गंभीरता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि इस इमरजेंसी जैसी स्थिति के समाधान के लिए हमने अगस्त से केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया। हमने सबसे पहले 30 अगस्त को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। फिर 10 अक्टूबर को और फिर 23 अक्टूबर को पत्र भेजा, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। आज स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब हमें फिर से पत्र लिखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरा निवेदन है कि इस पर तुरंत हस्तक्षेप करें और कार्रवाई की जाए। दिल्ली में ऑड-ईवन लागू करने और वर्क फ्रॉम होम जैसे कदम उठाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम सभी पहलुओं पर नज़र बनाए हुए हैं और विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं। जो भी जरूरी कदम होगा, हम उठाएंगे। हम स्थिति का पूरी तरह से आकलन कर रहे हैं और हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं। डीटीसी कर्मचारियों के हड़ताल को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हम डीटीसी कर्मचारियों से बातचीत कर रहे हैं। हमारा सबसे निवेदन है कि इस समय सभी को मिलकर सहयोग करने की जरूरत है। हम सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए, ताकि संकट की स्थिति को दूर किया जा सके। दिल्ली में भाजपा की ओर मास्क बांटे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री एक बैठक बुलाने को तैयार नहीं हैं और मास्क बांट रहे हैं। भाजपा नेताओं से मेरा निवेदन है कि नौटंकी बंद करें। अपनी सरकार को कहिए कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से एक बैठक बुलवाएं। अगर वे कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम मास्क बांटने का ही काम करें।

सिर्फ बालकनी से नहीं,दिल्ली का प्रदूषण अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है, चौंका देंगी तस्वीरें

नई दिल्ली उत्तर भारत में इन दिनों प्रदूषण का कहर जारी है। खराब आबोहवा के बीच लोगों का सांस लेना भी दूभर हो रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद खराब रही जहां कोहरे और धुंध की वजह से स्थिति असामान्य बनी हुई है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के बताए गए सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा है। इस बीच अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली का प्रदूषण अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है। रेडिट पर शेयर किए गए एक तस्वीर में भारत के नक्शा दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, “उत्तर भारत में प्रदूषण अंतरिक्ष से साफ दिखाई दे रहा है। सिर्फ एक महीने पहले ऐसा नहीं था।” नक्शे में देखा जा सकता है कि एक महीने पहले जहां स्थिति सामान्य थी, वहां अब सफेद चादर की परत दिखाई दे रही है। इस पोस्ट पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह सच में पागलपन है।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “यह इतना भयानक है कि मेरा एयर प्यूरीफायर बिना रुके चल रहा है लेकिन यह अभी भी लाल बत्ती दिखाता है। मैंने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी हैं लेकिन यह ठीक नहीं हो रहा।” कुछ लोग इस पर मजेदार कमेंट भी करते दिखे। एक यूजर ने कहा, “अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमें भारत में ज्यादा जनसंख्या के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि औसत जीवन आयु दर 1900 की स्थिति में पहुंच जाएगी।” गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली के कई इलाकों में AQI 500 के आंकड़े को भी पार कर चुका है। इस स्केल पर 0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’, 401 से 450 को ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर को ‘गंभीर से अधिक’ माना जाता है।

Delhi Metro यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब सिंगल प्लेटफॉर्म पर खरीदें दिल्ली मेट्रो, नमो भारत के QR टिकट

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की धड़कन बन चुकी है। यह दिल्ली के चप्पे-चप्पे में तो चल ही रही है, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भी कई इलाकों में चल रही है। इसी के साथ अब नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) का परिचालन शुरू हो गया है। इस समय यह ट्रेन मेरठ साउथ से सहिबाबाद तक चल रही है। जल्दी ही इसकी सेवा आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशनों तक मिलेगी। इन दोनों स्टेशनों पर नमो भारत ट्रेन और दिल्ली मेट्रो ट्रेन का जंक्शन है। अब यात्री एक टिकट पर ही दोनों ट्रेनों पर यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए अलग अलग टिकट खरीदने की बाध्यता नहीं होगी। एकीकृत टिकटिंग सिस्टम लॉन्च राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) नेअपने एकीकृत क्यूआर-टिकटिंग सिस्टम को आधिकारिक तौर से लॉन्च कर दिया। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को और अधिक आसान एवं सुविधाजनक बनाना है। दिल्ली-एनसीआर में एक एकीकृत, एवं डिजिटल रूप से संचालित यात्री केंद्रित नेटवर्क बनाने के उद्देश्य से इसी साल, अगस्त में एनसीआरटीसी और डीएमआरसी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किया गया था। यह पहल उसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है। इससे आरआरटीएस के परिचालित 42 किलोमीटर के कॉरिडोर के साथ अब 393 किलोमीटर के डीएमआरसी मेट्रो नेटवर्क के जुड़ने से, यात्री एकीकृत और कुशल यात्रा अनुभव का आनंद ले सकते हैं। किन्होंने की शुरुआत एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने मोबाइल ऐप पर नमो भारत और दिल्ली मेट्रो की टिकट बुक कर आधिकारिक तौर पर इस एकीकृत टिकटिंग सिस्टम की शुरुआत की। उन्होने यह विश्वास जताया कि यह डिजिटल एकीकरण यात्रियों की राह तो आसान करेगा ही, साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित भी करेगा। यात्री अब ‘आरआरटीएस कनेक्ट’ ऐप के माध्यम से दिल्ली मेट्रो का क्यूआर कोड टिकट और ‘डीएमआरसी मोमेंटम 2.0’ ऐप से नमो भारत के लिए क्यूआर कोड टिकट बुक कर सकते हैं। इससे आरआरटीएस और दिल्ली मेट्रो, दोनों में निर्बाध टिकटिंग संभव होगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा बताया जा रहा है कि आरआरटीएस और डीएमआरसी नेटवर्क का एकीकरण, इस नई लॉन्च की गई क्यूआर-टिकटिंग प्रणाली के साथ और सुदृढ़ होगा तथा एनसीआर में निर्बाध यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करेगा। दोनो ही परिवहन प्रणालियां मल्टी-मॉडल इंटिग्रेशन के तहत, आपस मे जोड़ी जा रही हैं। नमो भारत द्वारा प्रदान की जाने वाली क्षेत्रीय पारगमन सेवा और दिल्ली मेट्रो द्वारा प्रद्दत इंट्रा-सिटी पारगमन सेवाएं, साथ मिलकर एक व्यापक और कुशल आवागमन नेटवर्क बनाती हैं। यह निर्बाध कनेक्टिविटी न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाती है बल्कि सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी प्रोत्साहन देती है, जिससे इन आवश्यक पारगमन परियोजनाओं की दीर्घकालिक सततता में भी योगदान मिलता है। एनसीआरटीसी आरआरटीएस परियोजना के कार्यान्वयन के साथ इस क्षेत्र के परिवहन परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस एकीकरण से उम्मीद है कि नमो भारत व दिल्ली मेट्रो, दोनों परिवहन प्रणालियों के स्टेशनों पर टिकट की लाइनें कम होंगी, यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा, डिजिटल लेनदेन और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों को अधिक सहज और समय-कुशल यात्रा अनुभव का लाभ मिल सकेगा। आईआरसीटीसी से भी हुआ है समझौता एनसीआरटीसी ने आईआरसीटीसी के साथ भी इसी प्रकार का एक समझौता किया है जिसके अंतर्गत, यात्री आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय रेलवे के ट्रेन टिकट के साथ-साथ नमो भारत ट्रेन टिकट भी बुक कर सकते हैं। इससे यात्रियों के लिए टिकट लेना आसान तो होगा ही, उनका समय भी बचेगा। अभी नमो भारत रेल की सेवा कहां तक अभी नमो भारत रेल की सेवा 9 स्टेशनों के साथ 42 किलोमीटर का कॉरिडोर परिचालित है। इनमें साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुराद नगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ और मेरठ साउथ शामिल हैं। सहिबाबाद से दिल्ली की तरफ देखें तो आनंद विहार होते हुए न्यू अशोक नगर सेक्शन में ट्रायल रन निर्बाध रूप से चल रहा है। इस सेक्शन का परिचालन आरंभ होने के बाद, कॉरिडोर के परिचालित सेक्शन का विस्तार 54 किलोमीटर तक हो जाएगा। यह सेक्शन आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यात्रियों के लिए पारगमन विकल्प की संख्या में विशिष्ट वृद्धि होगी। इस विस्तार से एनसीआर में यात्रियों के लिए अधिक सुविधा, सुव्यवस्थित कनेक्टिविटी और बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश के बिना ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने से भी रोका

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में तेजी बढ़ते प्रदूषण के बीच ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने में देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को उसके आदेश के बिना ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने से भी रोक दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू करने में 3 दिन की देरी क्यों हुई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह एक आदेश पारित करने का प्रस्ताव कर रहा है कि अधिकारी अदालत की इजाजत के बिना ग्रैप के चरण 4 से नीचे नहीं जाएंगे, भले ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से नीचे चला जाए। पीटीआई के अनुसार, जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद भी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 4 के तहत निवारक उपायों के कार्यान्वयन में देरी हुई है। कोर्ट ने इस देरी को लेकर दिल्ली सरकार से सवाल किया और कोर्ट ने दिल्ली सरकार से राजधानी में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताने को कहा। इस दौरान दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ग्रैप-4 सोमवार से लागू हो गया है और भारी वाहनों को राजधानी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। “जब AQI 300 से 400 के बीच पहुंचता है, तो चरण 4 लागू करना होता है। बेंच ने वकील से कहा, “आप ग्रैप के चरण 4 लागू करने में देरी करके इन मामलों में जोखिम कैसे उठा सकते हैं।” कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि अदालत जानना चाहती है कि उसने प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। बेंच ने कहा, “हम चरण 4 के तहत निवारक उपायों को कम करने की अनुमति नहीं देंगे, भले ही एक्यूआई 450 से नीचे चला जाए। चरण 4 तब तक जारी रहेगा, जब तक अदालत अनुमति नहीं देती।” इसके साथ ही बेंच ने कहा कि वह दिन के काम के अंत में मामले की विस्तार से सुनवाई करेगी। बता दें कि, सीएक्यूएम ने रविवार को ग्रैप-4 के तहत दिल्ली-एनसीआर के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत सख्त पाबंदिया लागू करने घोषणा की थी, जो सोमवार सुबह 8 बजे से प्रभावी होंगे, जिसमें ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और सार्वजनिक परियोजनाओं पर निर्माण पर अस्थायी रोक शामिल है। सीएक्यूएम ने यह आदेश तब जारी किया, जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) गंभीर हो गई, जो शाम 4 बजे 441 पर पहुंच गई और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण शाम 7 बजे 457 तक जा पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने 14 नवंबर को याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की थी, क्योंकि उसे बताया गया था कि बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर नहीं बनना चाहिए। कोर्ट ने पहले कहा था कि प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 द्वारा संरक्षित प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।

AAP से इस्तीफा देकर BJP में शामिल हुए कैलाश गहलोत, बोले- ED-CBI के दबाव में नहीं बदली है पार्टी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे चुके कैलाश गहलोत आज बीजेपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने बीजेपी हेडक्वार्टर में आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ली. कैलाश गहलोत ने बीजेपी नेता मनोहर लाल खट्टर, दुष्यंत गौतम और हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ली. बीजेपी में शामिल होने के बाद गहलोत ने कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़ना आसान नहीं था. यह फैसला मैंने एक रात में नहीं लिया. गहलोत ने कहा कि जो लोग ये नैरेटिव बना रहे हैं कि मैंने किसी के दबाव में आकर यह फैसला लिया है तो यह गलत है. मैंने आज तक किसी के भी दबाव में कोई काम नहीं किया. 2015 से मेरे राजनीतिक जीवन में मैंने कभी किसी के दबाव में कुछ काम नहीं किया. ये गलतफहमी है. कैलाश गहलोत ने कहा कि ये जो नैरेटिव बनाया जा रहा है कि मैंने ईडी या सीबीआई के दबाव में आम आदमी पार्टी छोड़ी है तो ये गलत है. मैं पेशे से वकील हूं. मैं वकालत छोड़कर आम आदमी पार्टी से जुड़ा था क्योंकि हमें एक पार्टी में एक व्यक्ति में उम्मीद नजर आई थी. मेरा मकसद सिर्फ लोगों की सेवा करना था. उन्होंने एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इस बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक ने गहलोत के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर कहा है कि यह उनकी (गहलोत) मर्जी है, वह जहां भी जाएं. गहलोत ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर कहा था कि नया बंगला जैसे कई शर्मनाक और अजीबोगरीब विवाद हैं, जो अब सभी को संदेह में डाल रहे हैं कि क्या हम अभी भी आम आदमी होने में विश्वास करते हैं…अब यह स्पष्ट है कि अगर दिल्ली सरकार अपना अधिकांश समय केंद्र से लड़ने में बिताती है तो दिल्ली के लिए वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती. मेरे पास AAP से अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है और इसलिए मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें कि कैलाश गहलोत ने AAP पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि एक और दर्दनाक बात यह है कि लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय हम केवल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं, इससे दिल्ली के लोगों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने में भी कठिनाई हो रही है… मैंने अपनी राजनीतिक यात्रा दिल्ली के लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता के साथ शुरू की थी और मैं ऐसा करना जारी रखना चाहता हूं, यही कारण है कि मेरे पास किसी भी पार्टी से अलग होने का कोई विकल्प नहीं बचा है और मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें कि नजफगढ़ से विधायक गहलोत ने रविवार को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था. वह गृह, प्रशासनिक सुधार, आईटी और महिला एवं बाल विकास विभागों के प्रभारी थे. यह घटनाक्रम दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है, जो फरवरी में होने हैं.  

आज ही कैलाश गहलोत हो सकते हैं भाजपा में शामिल, एक दिन पहले छोड़ा था अरविंद केजरीवाल का साथ

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मंत्री रहे कैलाश गहलोत बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से खबर है कि कैलाश गहलोत दोपहर में बीजेपी में शामिल होंगे। गहलोत ने एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया था। कैलाश गहलोत दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्रालय समेत कई अहम विभाग देख रहे थे। गहलोत का पिछले कुछ महीनों से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मतभेद चल रहा था। केजरीवाल पर लगाए थे आरोप गहलोत ने अपने इस्तीफे में पार्टी के सामने मौजूद ‘गंभीर चुनौतियों’ की ओर इशारा किया था। उन्होंने पार्टी के अहम नेता गहलोत ने केजरीवाल पर कटाक्ष भी किया था। उन्होंने इस्तीफे में ‘शीशमहल’ जैसे विवादों को भी उठाया था। गहलोत ने ‘शीशमहल’ विवाद का जिक्र भाजपा नेताओं के उस आरोप की पृष्ठभूमि में किया था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने ‘6 फ्लैगस्टाफ रोड’ स्थित अपने पूर्व आधिकारिक आवास पर महंगी चीजों और आधुनिक सुविधाओं पर करोड़ों खर्च किए हैं। आप ने कहा ईडी के दबाव में इस्तीफा आप’ नेताओं ने कहा कि गहलोत ईडी और सीबीआई के मामलों का सामना कर रहे हैं और उनके पास बीजेपी में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की ‘घिनौनी राजनीतिक साजिश’ है। वह ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करके दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतना चाहती है। वहीं, बीजेपी की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने गहलोत के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि साहसी कदम बताया था। बीजेपी ने क्या कहा? सचदेवा का कहना था कि गहलोत ने उन्हीं मुद्दों को उठाते हुए पद छोड़ा है, जिनके लिए बीजेपी केजरीवाल और ‘आप’ के खिलाफ लड़ाई कर रही थी। उनके इस्तीफे से साबित होता है कि ‘आप’ के नेता भी केजरीवाल को ईमानदार नेता नहीं मानते हैं। आप के वरिष्ठ नेता गहलोत ने ऐसे में समय में इस्तीफा दिया है जब पार्टी अगले साल फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है।

कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं, अब इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री खुद समभालेंगी ये विभाग

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने इस्तीफा दे दिया है। उनके पास परिवहन विभाग समेत कई विभागों की जिम्मेदारी थी। अब जानकारी सामने आई है कि सीएम आतिशी ही इन विभागों की कमान संभालेंगी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के एलजी को प्रस्ताव भेज दिया है। दिल्ली की नजफगढ़ सीट से विधानसभा पहुंचने वाले कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं। कैलाश गहलोत के मौजूदा विभाग कैलाश गहलोत के पास परिवहन मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा उनके पास प्रशासनिक सुधार, महिला और बाल विकास, सूचना प्रोद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार जैसे बड़े विभाग थे। अब इन विभागों की जिम्मेदारी सीएम आतिशी संभालेंगीं। सीएम आतिशी के मौजूदा विभाग दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। सीएम आतिशी के पास इस समय शिक्षा, पॉवर, लोक निर्माण विभाग, ट्रेनिंग और टेक्निकल एजूकेशन, जनसंपर्क विभाग, राजस्व, वित्त, सेवा, जल, सतर्कता, योजना और कानून न्याय और विधिक मामले जैसे विभाग हैं। इसके अलावा उनके पास उन सभी विशेष विभागों की जिम्मेदारी है जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। पहले भी आतिशी पर दिखाया गया था भरोसा दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। इसके अलावा अब उनके पास और भी जिम्मेदारियां आ जाएंगीं। आपको बता दें कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल में जाने के दौरान भी पार्टी ने आतिशी पर भरोसा जताया था। उस समय भी मनीष सिसोदिया के विभाग आतिशी के पास पहुंचे थे। इसमें शिक्षा मंत्रालय की चर्चा काफी हुई थी।

केजरीवाल ने भाजपा के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई, लगा झटका

नई दिल्ली दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री के पद पर काबिज कैलाश गहलोत ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गहलोत का इस्तीफा आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कैलाश गहलोत को अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता था, और उनके इस्तीफे के बाद से आम आदमी पार्टी में हलचल मच गई है। वहीं अब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने दिल्ली के राजनीतिक हालात पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान, केजरीवाल ने भा.ज.पा. के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई। जो बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। इस्तीफा और पार्टी में हलचल आपको बता दें कि कैलाश गहलोत के इस्तीफे के बाद, आम आदमी पार्टी में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। गहलोत को अरविंद केजरीवाल के विश्वसनीय सहयोगियों में गिना जाता था, और उनकी ओर से इस्तीफा देना पार्टी के लिए एक अचानक और अप्रत्याशित कदम था। पार्टी ने गहलोत के इस्तीफे को साजिश करार दिया है और इसका आरोप भाजपा पर लगाया है। पार्टी का मानना है कि यह सब एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।   अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया इस इस्तीफे के बाद, आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह सब एक साजिश है और गहलोत का इस्तीफा पार्टी की योजनाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए दिया गया है।    केजरीवाल ने BJP नेता को दिलाई पार्टी सदस्यता इस मौके पर, अरविंद केजरीवाल ने भा.ज.पा. के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई। यह कदम खास था क्योंकि केजरीवाल ने यह दिखाने की कोशिश की कि भाजपा के लोग भी पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं, जो भाजपा के लिए एक बड़ा संदेश हो सकता है। कैलाश गहलोत का इस्तीफा आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट बन चुका है। इसके बाद अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने यह साफ किया कि वे इसे किसी साजिश का हिस्सा मानते हैं। अब यह देखना होगा कि इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में क्या नए बदलाव होते हैं और इसका असर आगामी चुनावों पर क्या पड़ता है।

भाजपा नेता कमलजीत सहरावत ने कहा- ‘आप’ हर स्तर पर प्रदूषण रोकने में विफल रही

नई दिल्ली पश्चिमी दिल्ली से लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता कमलजीत सहरावत ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग बीमार हैं लेकिन आप सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने एक्यूआई लेवल को लेकर सरकार की निंदा की। कहा, दिल्ली का एक्यूआई लेवल आज 450 हो गया है और शहर एक गैस चैंबर में तब्दील हो चुका है। हर घर में कोई न कोई बीमार है और डॉक्टर के यहां लाइन लगी हुई है। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ठोस कदम उठाने के लिए एक लंबी प्लानिंग की आवश्यकता होती है, जो सरकार के पास नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के अंदर मेट्रो रूट को बढ़ाया नहीं गया है। जो बसें चल रही हैं अगर उनको रूट प्लान करके चलाया जाता तो लोग निजी वाहन लेकर सड़कों पर नहीं निकलते। अगर दिल्ली सरकार ठीक से काम करती तो यहां पर जाम नहीं लगते। यहां पर गलियां और नालियां बनी होती तो पीएम पार्टिकल 2.5 नहीं होता। कुल मिलाकर दिल्ली सरकार हर स्तर पर प्रदूषण को रोकने में फेल रही है और अब ये ड्रामा कर रहे हैं, जिससे कुछ होने वाला नहीं है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि भाजपा शासित राज्यों से आने वाली बसें, दिल्ली में प्रदूषण फैला रही हैं। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने ईस्टर्न पेरिफेरल और वेस्टर्न पेरिफेरल, द्वारका, एक्सप्रेस-वे की की सौगात दी है। अगर यह नहीं बना होता तो कम से कम एक लाख ट्रक दिल्ली से होकर गुजरते। अब यह यूपी और पंजाब की बसों को रोकेंगे और बसों में सफर करने वाली जनता को परेशान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गोपाल राय अपनी विफलता को दूसरे के ऊपर डालना चाह रहे हैं, अगर उनकी सरकार ने 10 साल सही से काम किया होता तो ऐसे हालात का सामना नहीं करना पड़ता अरविंद केजरीवाल की पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलजीत सहरावत ने कहा कि उनकी सभा में किसी ने कहा कि पानी का बिल बहुत आ रहा है, इस पर केजरीवाल कहते हैं कि मेरी सरकार आएगी तो इसको माफ कर दूंगा। ऐसे में वो 10 साल तक किसकी सरकार समझ रहे थे। उनकी यह आदत मजाक बन चुकी है और जनता भी इसको समझ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल ने बच्चों की कसम खाई थी कि घर नहीं लूंगा और अब 42 करोड़ का घर छोड़ने में तकलीफ हो रही है। पहले ये सवाल उठाते थे कि शीला दीक्षित टैक्स पेयर के पैसे से 10 एसी कैसे चलाती हैं, पर आज वो 75 एसी चला रहे हैं। यह अभी से पूर्व मुख्यमंत्री हो चुके हैं और आने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता इनको सबक सिखाएगी।  

दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज, AQI 400 के पार

नई दिल्ली दिल्ली और एनसीआर में रविवार को वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रही और अधिकतर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली का AQI 428 था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शहरों में AQI निम्नलिखित रहा: फरीदाबाद: 268 गुरुग्राम: 287 गाजियाबाद: 379 ग्रेटर नोएडा: 342 नोएडा: 304 दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI का स्तर दिल्ली में आज भी वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बरकरार, कई इलाकों में AQI 400 के पार, दिल्ली में आज भी वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बरकरार, कई इलाकों में AQI 400 के पार, दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, कई इलाकों में AQI 400 के पार, दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, कई इलाकों में AQI 400 के पार, स्मॉग से दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 400 के करीब दर्ज, स्मॉग से दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 400 के करीब दर्ज, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर रहा। प्रदूषण के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता अक्टूबर से खराब हो रही है, और इसका मुख्य कारण मौसम में ठंडक, हवा का धीमा बहना, पटाखे, पराली जलाना और वाहनों से होने वाला प्रदूषण है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पराली जलाने का असर भी दिल्ली पर पड़ता है, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है। GRAP के तहत उठाए गए कदम दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) का चरण 3 लागू किया है। यह कदम प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए गए हैं, जिसमें निर्माण कार्यों पर पाबंदी, कूड़े जलाने पर रोक, और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसी योजनाएं शामिल हैं। आगामी चुनौती दिल्ली में प्रदूषण की यह गंभीर स्थिति चिंता का कारण बन गई है, और यह आने वाले दिनों में और बिगड़ सकती है यदि प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। प्रदूषण कम करने के लिए हर स्तर पर ठोस उपायों की जरूरत है, ताकि लोगों की सेहत पर इसके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।  

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, कैलाश गहलोत का AAP से इस्तीफा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों में फेर-बदल और जोड़-तोड़ तेज हो गई है। इसी बीच आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। आप के नेता कैलाश गहलोत ने पार्टी से इस्तीफा देने के लिए केजरीवाल और दिल्ली की सीएम आतिशी के नाम चिट्ठी लिखी है। गहलोत के पास दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी थी। गहलोत ने यमुना की सफाई, बीजेपी द्वारा लगाए जा रहे शीशमहल जैसे आरोप और केंद्र सरकार से बढ़ते गतिरोध जैसे मुद्दों पर चिट्ठी में अपनी बात कही है। आइए जानते हैं कि उन्होंने केजरीवाल को क्या लिखा है… यमुना की सफाई करने में रहे असफल केजरीवाल को लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि मुझे लोगों की सेवा करने का मौका और मंत्री एवं विधायक का पद मिला, इसके लिए शुक्रिया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज पार्टी अंदर और बाहर कई तरह की चुनौतियां झेल रही है। उन्होंने एक-एक कर इन्हें गिनाया। उदाहरण के लिए यमुना की सफाई की बात कही। यमुना की सफाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमने यमुना साफ करने का वादा किया था, लेकिन हम इसे पूरा नहीं कर पाए। अब यमुना शायद पहले से और ज्यादा प्रदूषित हो गई है। लोगों के अधिकारों के लिए नहीं लड़ पा रहे उन्होंने कहा कि अब शीशमहल जैसे कई शर्मनाक और अजीबोगरीब विवाद सामने निकलकर आ रहे हैं। इनके बाहर आने से सभी लोगों में संदेह पैदा हो रहा है कि क्या हम अब भी आम आदमी होने में विश्वास रखते हैं। मंत्री ने कहा कि एक और दुखद बात है कि आज हम लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं। इससे दिल्ली के लोगों को बुनियादी जरूरतें देने के हमारी क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आज यह साफ तौर पर दिख रहा है कि हम अपना ज्यादातर समय केंद्र सरकार से लड़ने में बिताते हैं। इससे दिल्ली की वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती। आप की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा गहलोत ने कहा कि मैंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत दिल्ली के लोगों की सेवा करने के वायदे से की थी और मैं इसे आगे भी जारी रखना चाहता हूं। यही कारण है कि मेरे पास आम आदमी पार्टी से अलग होने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। इसलिए मैं आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। अंत में उन्होंने पूर्व सीएम केजरीवाल के स्वास्थ्य की कामना करते हुए पार्टी के सभी सहयोगियों और शुभचिंतकों को धन्यवाद कहा।

दिल्ली LG ने पुलिस को दिए अवैध प्रवासियों की पहचान के आदेश, एक महीने तक स्पेशल ड्राइव चलाने के निर्देश

 नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर अब जल्द ही कोई बड़ा ऐक्शन हो सकता है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस को राजधानी में अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा है। एलजी ने इसके लिए पुलिस को एक महीने तक स्पेशल ड्राइव चलाने का भी निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली में अवैध अप्रवासियों की संख्या में इजाफा होने की खबरों का संज्ञान लेकर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और उनकी पहचान के लिए एक महीने तक अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। एलजी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे राजधानी में अवैध प्रवासियों की पहचान कर केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर उन पर कार्रवाई करें। एलजी ऑफिस द्वारा दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, एमसीडी कमिश्नर और एनडीएमसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी खबरें हैं कि अवैध अप्रवासियों के पहचान दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार करने और हेरफेर करने की प्रक्रिया अपनाने के प्रयास चल रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर राजधानी में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर बोला हमला अवैध प्रवासियों पर उपराज्यपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की ‘आप’ सरकार ने कहा, “भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए अवैध प्रवासियों के मुद्दे का इस्तेमाल करती है। इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि अवैध प्रवासी हमारे देश में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए सीधे तौर पर अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्रालय जिम्मेदार हैं।” ‘आप’ ने एक बयान में कहा, “यदि अवैध अप्रवासी हैं, तो कितने हैं? यह एक बड़ी विफलता है तथा ऐसे लोगों पर कार्रवाई ना करना, इसे और अधिक स्पष्ट रूप से उजागर करता है।” ‘आप’ ने कहा, “एक तरफ भाजपा अवैध प्रवासियों को नागरिकता दे रही है और दूसरी तरफ जांच का दिखावा कर रही है। भाजपा को यह पाखंड बंद करना चाहिए और अपनी गंदी राजनीति खत्म करनी चाहिए।” एलजी के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि दिल्ली में अवैध प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। पत्र में कहा गया है, “ऐसे लोगों द्वारा सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और पार्कों पर अतिक्रमण भी बढ़ा है। ऐसी खबरें हैं कि उनके पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, चुनाव पहचान पत्र आदि बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धोखाधड़ी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।” सक्सेना ने कहा, “यदि अवैध प्रवासियों को चुनाव पहचान पत्र जारी किया जाता है तो इससे उन्हें लोकतंत्र का सबसे शक्तिशाली अधिकार अर्थात हमारे देश में वोट देने का अधिकार प्राप्त होगा। अवैध प्रवासियों को ऐसे अधिकार देना किसी भी भारतीय नागरिक द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरह के कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।” सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतें उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव संभागीय आयुक्तों के माध्यम से जिलाधिकारियों को पहचान दस्तावेजों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी करें। पत्र में कहा गया है कि पुलिस कमिश्नर क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से सड़क किनारे तथा खाली सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बसे लोगों का निरीक्षण करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दें। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली पुलिस अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए एक महीने तक स्पेशल अभियान चलाएगी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राजधानी में कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर अनाधिकृत कब्जा न हो।

रोहिंग्या-बांग्लादेशियों पर ऐक्शन की तैयारी?, एलजी ने दिल्ली पुलिस को अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर अब जल्द ही कोई बड़ा ऐक्शन हो सकता है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस को राजधानी में अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा है। एलजी ने इसके लिए पुलिस को एक महीने तक स्पेशल ड्राइव चलाने का भी निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली में अवैध अप्रवासियों की संख्या में इजाफा होने की खबरों का संज्ञान लेकर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और उनकी पहचान के लिए एक महीने तक अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। एलजी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे राजधानी में अवैध प्रवासियों की पहचान कर केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर उन पर कार्रवाई करें। एलजी ऑफिस द्वारा दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, एमसीडी कमिश्नर और एनडीएमसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी खबरें हैं कि अवैध अप्रवासियों के पहचान दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार करने और हेरफेर करने की प्रक्रिया अपनाने के प्रयास चल रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर राजधानी में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर बोला हमला अवैध प्रवासियों पर उपराज्यपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की ‘आप’ सरकार ने कहा, “भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए अवैध प्रवासियों के मुद्दे का इस्तेमाल करती है। इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि अवैध प्रवासी हमारे देश में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए सीधे तौर पर अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्रालय जिम्मेदार हैं।” ‘आप’ ने एक बयान में कहा, “यदि अवैध अप्रवासी हैं, तो कितने हैं? यह एक बड़ी विफलता है तथा ऐसे लोगों पर कार्रवाई ना करना, इसे और अधिक स्पष्ट रूप से उजागर करता है।” ‘आप’ ने कहा, “एक तरफ भाजपा अवैध प्रवासियों को नागरिकता दे रही है और दूसरी तरफ जांच का दिखावा कर रही है। भाजपा को यह पाखंड बंद करना चाहिए और अपनी गंदी राजनीति खत्म करनी चाहिए।” एलजी के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि दिल्ली में अवैध प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। पत्र में कहा गया है, “ऐसे लोगों द्वारा सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और पार्कों पर अतिक्रमण भी बढ़ा है। ऐसी खबरें हैं कि उनके पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, चुनाव पहचान पत्र आदि बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धोखाधड़ी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।” सक्सेना ने कहा, “यदि अवैध प्रवासियों को चुनाव पहचान पत्र जारी किया जाता है तो इससे उन्हें लोकतंत्र का सबसे शक्तिशाली अधिकार अर्थात हमारे देश में वोट देने का अधिकार प्राप्त होगा। अवैध प्रवासियों को ऐसे अधिकार देना किसी भी भारतीय नागरिक द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरह के कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।” सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतें उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव संभागीय आयुक्तों के माध्यम से जिलाधिकारियों को पहचान दस्तावेजों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी करें। पत्र में कहा गया है कि पुलिस कमिश्नर क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से सड़क किनारे तथा खाली सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बसे लोगों का निरीक्षण करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दें। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली पुलिस अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए एक महीने तक स्पेशल अभियान चलाएगी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राजधानी में कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर अनाधिकृत कब्जा न हो।  

वीरेंद्र सचदेवा ने आप पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। इससे पहले आप ने भाजपा पर अपने फायदे के लिए रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा उठाने की बात कही थी। उन्होंने कहा, “दिल्ली को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली के राज्यपाल ने कुछ एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे रोहिंग्या द्वारा किए जा रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करें, क्योंकि ऐसी शिकायतें विभिन्न व्यापारी संगठनों और नागरिकों द्वारा सामने आ रही हैं। जबकि आम आदमी पार्टी के नेता इसे राजनीतिक नजरिए से देखते हुए इस पर आपत्ति जता रहे हैं, यह समझना जरूरी है कि अगर दिल्ली और उसके निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, तो इसमें गलत क्या है? दिल्ली को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, उनका समर्थन किया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “आम आदमी पार्टी, जो एक विशेष वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए तुष्टिकरण की राजनीति करती है, इस कार्रवाई से असहज महसूस कर रही है। लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि दिल्ली की सुरक्षा और उसके निवासियों की भलाई सर्वोपरि है। ऐसे प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए, ताकि दिल्ली सुरक्षित हाथों में रहे और इसके नागरिकों को शांति और सुरक्षा का अनुभव हो।” बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने राज्य में रोहिंग्या मुस्लिमों की उपस्थिति के शक में पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए कि वे दिल्ली में अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाएं। साथ ही केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद व दिल्ली के मुख्य सचिव को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए थे। इस पर आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर अपने फायदे के लिए रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा उठाने की बात कही थी। आप ने कहा था कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि अवैध प्रवासी हमारे देश में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। आप ने यह भी आरोप लगाया था कि इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और गृह मंत्रालय जिम्मेदार हैं। ज्ञात हो कि दिल्ली के नजफगढ़ स्थित सब्जी मंडी में रेहड़ी-पटरी वालों को अपने ठेले पर अपना नाम और फोन नंबर लिखने का फरमान मार्केट एसोसिएशन ने जारी किया गया था। तब स्थानीय पार्षद और मार्केट एसोसिएशन ने कहा था कि इस कदम का उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को वहां सब्जी बेचने से रोकना है। मार्केट एसोसिएशन ने सभी विक्रेताओं को अपने ठेले पर एक नेम प्लेट पर नाम और फोन नंबर लिखने का निर्देश भी दिया है। तबसे रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है।  

दिल्ली में छेड़छाड़ के विरोध पर कत्ल, मनीष को सलमान और अरबाज ने मार डाला

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में एक बार फिर दिल दहलाने वाली आपराधिक वारदात को अंजाम दिया गया है। नंदनगरी में 28 साल के मनीष की गर्दन पर धारदार हथियार से वार करके हत्या कर दी गई। मनीष के चाचा ने एक लड़की के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया तो बदला लेने के लिए उसकी जान ले ली। हत्या के आरोप में पुलिस ने सलमान खान और अरबाज खान नाम के दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक नंदनगरी थाना क्षेत्र के सुंदर नगरी मुर्गा मार्केट में वारदात को अंजाम दिया गया। शुक्रवार रात पुलिस को कृषण कुमार नाम के व्यक्ति ने फोन करके सूचना दी। अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट के पास उसके भतीजे के गर्दन पर धारदार हथियार (गुपटी) से हमला किया गया है। मनीष की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। कृषण कुमार ने बताया कि सलमान और अरबाज नाम के दो भाई सुंदर नगरी में गली नंबर एक के पास एक लड़की के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। उन्होंने दखल दी और दोनों को डांटकर वहां भगा दिया। आधे घंटे बाद उन्हें सूचना मिली कि सलमान और अरबाज उनके भतीजे मनीष के साथ झगड़ा कर रहे हैं। वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि अरबाज ने मनीष को पकड़ा हुआ है और सलमान ने एक धारदार हथियार से गर्दन पर दाहिने तरफ वार कर दिया। पुलिस के मुताबिक हमले में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे अस्पताल पहुंचाया गया था। तड़के करीब 4 बजे उसके दम तोड़ देने की सूचना मिली। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हथियार भी बरामद कर लिया है। कृषण कुमार सुंदर नगरी में केबल ऑपरेटर का काम करते हैं तो आरोपी सलमान चाय की दुकान चलाता है। वहीं उसका भाई अरबाज मजदूरी करता है।

सरकारी ऑफिस के टाइमिंग में दिल्ली सरकार की ओर से बदलाव, अब सरकारी दफ्तरों के लिए अलग-अलग टाइमिंग होगी

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकारी ऑफिस के टाइमिंग में दिल्ली सरकार की ओर से बदलाव किए गए हैं। अब सरकारी दफ्तरों के लिए अलग-अलग टाइमिंग होगी। एमसीडी के ऑफिस 8.30 से 5 बजे तक खुलेंगे। वहीं सेंट्रल गवर्नमेंट के ऑफिस पहले की ही तरह सुबह 9 से 5 होंंंगे। वहीं दिल्ली सरकार के दफ्तरों की टाइमिंग 10 से 6.30 बजे होगी। टाइमिंग को बदलने का मकसद है कि वाहनों की संख्या सड़कों पर कम हो और जब लोग ऑफिस के लिए निकलेंं, तो अलग-अलग समय होने के चलते वाहनों का दबाव सड़कों पर कम पड़े और प्रदूषण कम हो। इससे पहले बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्राइमरी से पांचवी तक के स्कूल बंद कर दिए हैं और उनकी ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी है। ग्रेप 3 के नियम लागू होने के बाद कई जरूरी नियम एनसीआर में लागू हो गए हैं। इसमें बीएस-3 के पेट्रोल वाहनों और बीएस -4 के डीजल वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन और डीजल जनरेटर चलाने पर भी पूरी तरीके से रोक लगा द‍िया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया है कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ये बदलाव किया जा रहा है। इसके चलते प्रदूषण के रोकथाम में काफी राहत मिलेगी। सीएम आतिशी ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली नगर निगम के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक, केंद्र सरकार के दफ्तर सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।”

मीट की दुकान आरोपी ने एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी थी, पुलिस ने मुठभेड़ में किया गिरफ्तार

  नोएडा पुलिस ने एक व्यक्ति की हत्या के आरोपी को 12 घंटे में ही मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मीट की दुकान आरोपी ने एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उसे पकड़ने का प्रयास कर रही थी। पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया था जो आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि थाना सेक्टर-113 पुलिस ने मात्र 12 घंटे के अंदर हत्या की घटना का खुलासा करते हुए हत्यारे आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 14 नवंबर को थाना सेक्टर-113 क्षेत्र के अंतर्गत गौशाला के पास सोरखा में एक अज्ञात व्यक्ति ने शहजाद की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश के लिए कई पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस के मुताबिक 15 नवंबर को लोकल इंटेलिजेंस व गोपनीय सूचना की सहायता से इस घटना से संबंधित व्यक्ति के सेक्टर-117 के जंगल की ओर जाने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आरोपी की तलाश करते हुए पकड़ने की कोशिश की गई तो आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद पुलिस टीम द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की पहचान अमरजीत महतो (35) के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से 1 अवैध तमंचा, 1 जिंदा कारतूस व 1 खोखा कारतूस और घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और उसके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।  

एनसीआर में ग्रैप 3 लागू होने के बाद अब बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल वाहनों की थमेगी रफ्तार

नोएडा एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड एक्शन रिस्पांस प्लान (ग्रैप) के स्टेज 3 को लागू कर दिया गया है। इसके मुताबिक अब बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल वाहनों के साथ-साथ बिल्डर प्रोजेक्ट पर, सड़क निर्माण पर और अन्य निर्माण परियोजनाओं पर पूरी तरीके से रोक लग जाएगी। इसके साथ-साथ पूरे एनसीआर में तकरीबन साढ़े 5 लाख वाहनों की रफ्तार भी थम जाएगी। ग्रैप 3 के नियम लागू होते ही सिर्फ अति आवश्यक जगह जिनमें, एयरपोर्ट, अस्पताल, एलिवेटेड रोड और एसटीपी प्लांट परियोजनाओं को छोड़कर सभी जगह पर निर्माण कार्य बंद कर दिया जाता है। इसके साथ-साथ दिल्ली की बात करें तो वहां पर एक्यूआई के 400 पर पहुंचने के बाद प्राइमरी से कक्षा 5 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं और उन्हें ऑनलाइन मोड पर चलने के निर्देश दिए गए हैं। नोएडा और गाजियाबाद में अभी स्कूलों को बंद करने के आदेश नहीं जारी किए गए हैं। यहां पर एहतियात के तौर पर आउटडोर एक्टिविटी बंद कर दी गई है। फिलहाल नोएडा और गाजियाबाद में दिल्ली की तरह हालत अभी बेकाबू नहीं हुए हैं। एक्यूआई की बात करें तो यहां पर कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार पहुंचा जरूर है। लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां पर अभी भी लोग राहत की सांस लेते दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में और भी ज्यादा हालत खराब होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस धुंध और प्रदूषण के बढ़ने का कारण पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मैदान में अचानक तापमान का गिरना बताया जा रहा ह। साथ ही साथ हवा की गति भी काफी धीमी पड़ गई है और नमी भी बढ़ गई है। इस वजह से धुंध की यह चादर पूरे एनसीआर में देखने को मिल रही है।  

NCRTC शुरू की नई प्रतियोगिता, इसमें हिस्सा लेकर आप 1.5 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार जीत सकते हैं

नई दिल्ली अगर आप रील्स बनाने के शौकीन हैं और वीडियो शूटिंग में माहिर हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर आया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने हाल ही में एक नई प्रतियोगिता की घोषणा की है, जिसमें कंटेंट क्रिएटर्स और फिल्म मेकर्स को अपनी क्रिएटिविटी दिखाने का मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता का नाम है “नमो भारत शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता”। इसमें हिस्सा लेकर आप 1.5 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार जीत सकते हैं। प्रतियोगिता में कौन भाग ले सकता है? इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं है। यह प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है, चाहे आप कॉलेज के छात्र हों, एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता हों या फिर एक कंटेंट क्रिएटर। यदि आप शॉर्ट फिल्म या रील बनाना पसंद करते हैं और उसमें अपनी क्रिएटिविटी को दर्शाना चाहते हैं, तो यह अवसर आपके लिए है। प्रतियोगिता के नियम और शर्तें इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एक शॉर्ट फिल्म या रील बनानी होगी, जिसमें नमो भारत ट्रेन और RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) स्टेशन को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। इसमें कोई फिक्स्ड स्टाइल या कहानी की आवश्यकता नहीं है, यानी आप अपनी वीडियो में अपनी विशेष और यूनिक क्रिएटिविटी को पूरी तरह से दिखा सकते हैं। इसके साथ ही, प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए आपको आरआरटीएस स्टेशन और नमो भारत ट्रेन के अंदर शूटिंग करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क है। वीडियो की आवश्यकताएँ – वीडियो फॉर्मेट: आपकी शॉर्ट फिल्म या रील को MP4 या MOV फॉर्मेट में होना चाहिए। – रिज़ॉल्यूशन: वीडियो का रिज़ॉल्यूशन 1080p होना चाहिए। – सबसिटाइटल: आप अपनी फिल्म या रील में ऑप्शनल सबटाइटल जोड़ सकते हैं, जिन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में शामिल करना होगा। – समय सीमा: वीडियो की लंबाई का कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन आपको अपनी फिल्म या रील को 20 दिसंबर 2024 तक सबमिट करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए, आपको अपनी शॉर्ट फिल्म या रील को एक ईमेल के माध्यम से भेजना होगा। ईमेल का विषय होना चाहिए: “एप्लिकेशन फॉर नमो भारत शॉर्ट फिल्म मेकिंग कॉम्पिटिशन”। ईमेल में निम्नलिखित जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल करनी होगी: 1. आपका पूरा नाम 2. आपकी फिल्म या रील का संक्षिप्त विवरण (Short Summary) 3. फिल्म या रील की समयावधि (Duration of the film/ reel) ईमेल भेजने के लिए आपको pr@ncrtc.in पर संपर्क करना होगा। पुरस्कारों की जानकारी यह प्रतियोगिता तीन विजेताओं का चयन करेगी। विजेताओं को पुरस्कार के रूप में नकद राशि दी जाएगी: – पहला स्थान: 1,50,000 रुपये – दूसरा स्थान: 1,00,000 रुपये – तीसरा स्थान: 50,000 रुपये प्रतियोगिता की तारीखें – आवेदन की अंतिम तिथि: 20 दिसंबर 2024 – विजेताओं की घोषणा: इसका आयोजन और परिणाम की घोषणा बाद में की जाएगी। क्यों है यह प्रतियोगिता खास? NCRTC की इस प्रतियोगिता का उद्देश्य नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है, साथ ही इसके माध्यम से फिल्म मेकर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को एक प्लेटफॉर्म प्रदान करना है, जहां वे अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन कर सकें। इस प्रतियोगिता के जरिए लोगों को नमो भारत ट्रेन और RRTS परियोजनाओं के बारे में भी जागरूक किया जाएगा, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाली ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह प्रतियोगिता न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है, बल्कि यह एक बड़े इनाम का भी अवसर है। अगर आप शॉर्ट फिल्म या रील बनाने के शौक़ीन हैं और आपके पास अच्छी फिल्म बनाने का हुनर है, तो यह एक बेहतरीन मौका है अपनी प्रतिभा को दिखाने और 1.5 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार जीतने का। आपको बस अपनी वीडियो को ठीक से शूट करना है, अपनी क्रिएटिविटी दिखानी है और 20 दिसंबर 2024 से पहले अपनी एंट्री सबमिट करनी है।  

गंभीर श्रेणी में नई दिल्ली की हवा बरकरार, एक्यूआई 409 दर्ज किया गया

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में बरकरार है। शुक्रवार को यहां का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 409 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह 6:15 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 409 दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 283, गुरुग्राम में 314, गाजियाबाद में 332, ग्रेटर नोएडा में 258 और नोएडा में 328 एक्यूआई दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली के 25 इलाकों में एक्यूआई का स्तर 400 से 500 के बीच देखने को मिला। जिसमें आनंद विहार में 441, अशोक विहार में 440, आया नगर में 417, बवाना में 455, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 412, द्वारका सेक्टर 8 में 444, आईजीआई एयरपोर्ट में 440, जहांगीरपुरी में 458, लोधी रोड में स्टेडियम में 422 और मंदिर मार्ग में 402 एक्यूआई रहा। इनके अलावा मुंडका में 449, नजफगढ़ में 404, नरेला में 428, नेहरू नगर में 438, एनएसआईटी द्वारका में 430, फेस्टिवल 422, पटपड़गंज में 439, पंजाबी बाग में 443, पूसा में 405, आरके पुरम में 437, रोहिणी में 452, शादीपुर में 438, सिरी फोर्ट में 426, विवेक विहार में 439, वजीरपुर में 455 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली के 14 इलाकों में एक्यूआई का स्तर 300 से ऊपर और 400 के बीच में बना हुआ है। जिसमें अलीपुर में 398, बुराड़ी क्रॉसिंग में 383, चांदनी चौक में 347, मथुरा रोड में 368, डीटीयू में 395, दिलशाद गार्डन में 369, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 374, लोधी रोड में 314, नॉर्थ कैंपस डीयू में 338, पूसा में डीपीसीसी में 381 और श्री अरविंदो मार्ग में 301 एक्यूआई रहा। बता दें कि एक दिन पहले, गुरुवार को दिल्ली में औसत एक्यूआई 430 दर्ज किया गया था। ऐसे में लगातार दो दिनों से दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में बनी हुई है, जिससे सुबह-सुबह स्मॉग देखने को मिल रहा है और दिल्ली के लोगों, जिसमें खासकर बच्चों और बूढ़ों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक्यूआई के वर्गीकरण के अनुसार 0 से 50 को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब और 301 से 400 को बहुत खराब की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा 401 से 500 को गंभीर और 450 से अधिक एक्यूआई होने पर गंभीर प्लस की श्रेणी में रखा गया है।  

सराय काले खां बस अड्डे के बाहर चौक का नाम बिरसा मुंडा चौक किया गया

नई दिल्ली झारखंड में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को संपन्न हो चुका है और दूसरे चरण के तहत 20 नवंबर को मतदान होगा। झारखंड में तो चुनावी पारा चढ़ा ही है। अब दिल्ली से भी झारखंड को साधने की कोशिश हो रही है। दिल्ली में सराय काले खां बस अड्डे के बाहर बड़े चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रख दिया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज यानी शुक्रवार 15 नवंबर को इसकी घोषणा की। यहां बिरसा मुंडा की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया ऐलान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि यहां आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक को भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाएगा। इस प्रतिमा और उस चौक का नाम देखकर न केवल दिल्ली के नागरिक बल्कि बस स्टैंड पर आने वाले लोग भी निश्चित रूप से उनके जीवन से प्रेरित होंगे।” बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “अभी हमारे एलजी साहब ने मुझे बताया कि ये 30 हज़ार हेक्टेयर ज़मीन जिस पर ये बांसेरा बनाया गया है, कभी कूड़े का ढेर हुआ करता था और आज यहां लाखों पक्षी आते हैं। जब कोई सरकार लोगों और समाज के कल्याण को ध्यान में रखकर आती है, तो ये उसका उत्तम उदाहरण है…” उन्होंने कहा, इस चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम से रखा जाता है, ताकि दिल्ली के नागरिक, न सिर्फ दिल्ली के नागरिक, बल्कि अन्य प्रांतों से भी यहां पर आने-जाने वाले लोग जब यहां से गुजरेंगे तो इस प्रतिमा का दर्शन और उस चौक का नाम उनके नाम होने से, उनके जीवन से हमेशा-हमेशा के लिए हमें प्रेरणा मिलती रहेगी।

दिल्ली में प्रदूषण की पड़ रही मार, याचिकाकर्ता ने कहा- लोग गंभीर स्थिति में, अब सुनवाई होगी 18 नवंबर को

नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 18 नवंबर को सुनवाई होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता और न्याय मित्र अपराजिता सिंह की ओर से दायर याचिका पर गौर करते हुए न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने पीठ से कहा कि कल से लोग गंभीर स्थिति में हैं। इससे बचने के लिए अदालत ने सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को एहतियाती कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को इस बारे में सूचित कर दिया है और उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या कदम उठाए जा रहे हैं? दिल्ली समेत एनसीआर में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने के कारण राजधानी में धुंध की चादर छाई हुई है। सीरीफोर्ट इलाके में एक्यूआई 438 दर्ज किया गया है, जिसे सीपीसीबी के मुताबिक ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। आनंद विहार में एक्यूआई 472 दर्ज हुआ है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जिस तरह से उत्तर भारत में पराली जलाने के मामले दिख रहे हैं, उसके हिसाब से फिलवक्त इसमें बड़े पैमाने पर कमी आने का अंदेशा नहीं है। राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है, जिससे अक्षरधाम मंदिर और आस-पास के इलाकों में धुंध की मोटी परत छा गई है। 11 नवंबर को दिल्ली पुलिस को लगाई थी फटकार सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध के उसके आदेश को गंभीरता से न लेने पर 11 नवंबर को दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा माना जाता है कि कोई भी धर्म किसी भी ऐसी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता, जो प्रदूषण को बढ़ाती है या लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाती है।’ जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की सदस्यता वाली पीठ ने कहा कि अगर पटाखे इसी तरह से फोड़े जाते रहे तो इससे नागरिकों का सेहत का मौलिक अधिकार प्रभावित होगा। सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत सहित अन्य न्यायाधीशों ने आज सुप्रीम कोर्ट कैंटीन में वकीलों की तरफ से आयोजित लंगर में भाग लिया।

2025 से शुरू होने वाली10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए CBSE बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025 से शुरू होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने, शिक्षा को अधिक समझने योग्य बनाने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किए गए हैं। CBSE ने इन बदलावों की जानकारी हाल ही में इंदौर में आयोजित “ब्रिजिंग द गैप” प्रिंसिपल्स समिट में दी, जिसमें बोर्ड के भोपाल रीजनल ऑफिसर, विकास कुमार अग्रवाल ने ये फैसले साझा किए। 1. सिलेबस में 15% की कमी CBSE ने घोषणा की है कि 10वीं और 12वीं के सभी विषयों के सिलेबस में 15% की कमी की जाएगी। इससे छात्रों पर अध्ययन का दबाव कम होगा और वे परीक्षा के लिए रटने की बजाय विषयों को अच्छे से समझने पर ध्यान देंगे। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को अधिक गहराई से विषयों की समझ प्रदान करना है, जिससे उनका अकादमिक विकास बेहतर हो सके और वे इन विषयों का व्यावहारिक उपयोग कर सकें। विकास कुमार अग्रवाल ने बताया कि सिलेबस में की गई यह कमी छात्रों को एक अधिक संतुलित और समझने योग्य अध्ययन सामग्री प्रदान करेगी, जिससे उन्हें आसानी से और अधिक प्रभावी ढंग से सीखने का अवसर मिलेगा। 2. असेसमेंट स्ट्रक्चर में बदलाव असेसमेंट के तरीके में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब फाइनल ग्रेड का 40% आंतरिक असेसमेंट (जैसे प्रोजेक्ट, असाइनमेंट, पीरियडिक टेस्ट) पर आधारित होगा, जबकि 60% अंक छात्रों के फाइनल लिखित परीक्षा पर आधारित होंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों को पूरे साल अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का अवसर मिले, जिससे केवल अंतिम परीक्षा पर निर्भर रहने की स्थिति से बचा जा सके। आंतरिक असेसमेंट छात्रों के ज्ञान और कौशल का समग्र मूल्यांकन करेगा, जिससे उनका पूरा शैक्षिक सफर अच्छा रहेगा। आंतरिक असेसमेंट में छात्रों को प्रोजेक्ट्स, असाइनमेंट्स, और पीरियडिक टेस्ट्स के माध्यम से अपनी समझ और क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्र पूरे साल सक्रिय रूप से पढ़ाई करते रहें और केवल अंतिम परीक्षा तक सीमित न रहें। 3. डिजिटल असेसमेंट का उपयोग CBSE ने परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल असेसमेंट की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इससे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन त्वरित और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। डिजिटल असेसमेंट प्रणाली से छात्रों के उत्तरों का मूल्यांकन तेज, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी होगा। इसके अलावा, इससे मूल्यांकन में इंसान से होने वाली त्रुटियों को भी कम किया जा सकेगा। 4. ओपन बुक परीक्षा का प्रयोग CBSE ने इंग्लिश लिटरेचर और सोशल साइंस जैसे विषयों के लिए ओपन बुक परीक्षा का प्रयोग शुरू किया है। इस प्रक्रिया में छात्रों को किताबों और नोट्स के साथ परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। ओपन बुक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों को केवल रटने के बजाय विषयों की गहरी समझ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रक्रिया छात्रों को अधिक सोच-समझकर उत्तर देने का मौका प्रदान करेगी, जिससे उनकी सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता में सुधार होगा। 5. एक टर्म परीक्षा 2025 से, दो टर्म परीक्षा 2026 से CBSE ने यह भी घोषणा की है कि 2025 से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाएं एक टर्म (semester) की होंगी, लेकिन 2026 से यह प्रणाली दो टर्म वाली परीक्षाओं में बदल जाएगी। इस प्रणाली के तहत, परीक्षा को दो भागों में विभाजित किया जाएगा, जिससे छात्रों को पूरे साल अध्ययन करने की आदत पड़ेगी और वे किसी एक परीक्षा पर अत्यधिक निर्भर नहीं होंगे। दो टर्म प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों को एक ही समय में सभी विषयों को तैयार करने का दबाव न हो। एक टर्म प्रणाली में, छात्रों को पहले टर्म के बाद एक मध्यावधि परीक्षा का मौका मिलेगा, जिससे वे पूरे साल अधिक संगठित तरीके से पढ़ाई करेंगे और परीक्षा के दौरान तनाव कम होगा। 6. छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के प्रयास CBSE के अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से छात्रों का मानसिक दबाव कम होगा। विकास कुमार अग्रवाल ने कहा कि छात्रों के लिए एक अधिक संतुलित और समान्य अध्ययन प्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत, छात्रों को केवल अंतिम परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय पूरे साल अपने प्रदर्शन पर ध्यान देने का अवसर मिलेगा। इससे उनके मानसिक दबाव में कमी आएगी और वे बिना तनाव के बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।  7. उत्साहवर्धक कदम छात्रों के लिए इन बदलावों से छात्रों को न केवल परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा, बल्कि यह कदम उनकी अकादमिक जीवन को भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद करेगा। बोर्ड परीक्षा की तनावपूर्ण प्रक्रिया को कम करने के साथ-साथ, यह छात्रों को अधिक आत्मविश्वास और बेहतर लर्निंग अनुभव प्रदान करेगा। CBSE के इन नए बदलावों से 10वीं और 12वीं के छात्रों को एक नई दिशा मिलेगी। अब छात्रों को रटने की बजाय विषयों को समझने और सीखने का ज्यादा मौका मिलेगा, जिससे उनका शैक्षिक विकास होगा। साथ ही, डिजिटल असेसमेंट और ओपन बुक परीक्षा जैसे कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और लचीलापन बढ़ाएंगे। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों के मानसिक दबाव को कम करते हुए, उन्हें एक अधिक संतुलित और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करना है। यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में एक नया सुधार लेकर आएंगे, जो छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा और भारतीय शिक्षा के भविष्य को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 2025 से लागू होने वाले ये बदलाव छात्रों और शिक्षा प्रणाली पर किस प्रकार के प्रभाव डालते हैं।

कांदा एक्सप्रेस : नासिक से दिल्ली 1333 टन प्याज लायी मालगाड़ी, अब मिलेगी राहत

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में अब प्याज की कीमतें कम हो सकेंगी। जी हां, इन इलाकों में प्याज की सप्लाई बढ़ सके, इसके लिए नासिक से पिछले दिनों ही एक विशेष एक्सप्रेस ट्रेन चली थी। यह ट्रेन कल यानी बुधवार को ही दिल्ली के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुकी है। इस ट्रेन में 1333 टन प्याज है। इसे यदि ट्रक से मंगाया जाता तो कम से कम 56 ट्रक में लाना होता। कीमतें होंगी स्थिर आजादपुर मंडी के प्याज कारोबारियों का कहना है कि एक मालगाड़ी प्याज आने से अब इसकी कीमतें स्थिर होंगी। दरअसल एक मल्टी एक्सल ट्रक में करीब 25 टन प्याज आता है। ट्रक से प्याज मंगाने पर रेलगाड़ी के मुकाबले ज्यादा समय लगता है। वहीं मालगाड़ी में एक साथ 1333 टन प्याज आ गया। इसे यदि ट्रक से मंगाया जाता तो 56 ट्रक में लाने पड़ते। प्याज लाने में खर्च भी कम लगा केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के एक अधिकारी का कहना है कि यिद ट्रक से इतना प्याज मंगाना पड़ता तो 56 ट्रकों का किराया ही 84 लाख रुपये पड़ता। लेकिन रेलगाड़ी से मंगाने पर रेलवे को 70 लाख 20 हजार रुपये का किराया चुकाना पड़ा। मतलब कि करीब 14 लाख रुपये की बचत। इससे प्याज खुले बाजार में सस्ती बिकेगी। एक और मालगाड़ी की लोडिंग चल रही है रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी से इतने बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई से दिल्ली में प्याज की उपलब्धता में वृद्धि होगी। इस पहल से प्याज़ की आवक बढ़ेगी और मंडियो मे प्याज़ की खुदरा मूल्य स्थिर होंगी । उन्होंने बताया कि इस समय नासिक में एक और मालगाड़ी में प्याज लोड की जा रही है। उस रैक में 1400 टन प्याज लोड किया जाएगा। यह प्याज भी अगले कुछ दिनों में दिल्ली पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार के पास है पौने पांच लाख टन प्याज प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस साल प्याज का 4.7 लाख टन बफर स्टॉक बनाया है। इसी में से प्याज दिल्ली समेत देश के विभिन्न शहरों में भेजा जा रहा है। अभी तक बफर स्टॉक से प्याज गुजरात, कर्नाटक, गोवा, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और मणिपुर भेजा जा चुका है। बफर स्टॉक के लिए जो प्याज की खरीद की गई है, उसकी औसत खरीद मूल्य 28 रुपये किलो है। खुले बाजार में महंगी बिक रही है प्याज इस समय दिल्ली के खुले बाजार में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इस वजह से लोगों का खाना बेस्वाद हो गया है। अब जबकि मालगाड़ी भर कर प्याज दिल्ली आ गई है तो माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इसकी कीमतें स्टेबल हो जाएंगी।

आम आदमी पार्टी के महेश खींची बने महापौर, बीजेपी उम्मीदवार किशनलाल को 3 वोटों से हराया

नई दिल्ली आज दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर और उपमहापौर पद के लिए मतदान हुए। चुनाव में भाजपा और आप के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। आम आदमी पार्टी के महापौर पद के उम्मीदवार महेश खींची ने महापौर चुनाव जीत लिया है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार किशनलाल को 3 वोटों से हरा दिया है। बीजेपी, कांग्रेस और आप के खाते में आए वोट आम आदमी पार्टी को कुल 143 वोट मिले। इसमें कुल 127 पार्षद वोट, 13 विधायक और 3 राज्य सभा सांसद के वोट मिले। वहीं भाजपा को कुल 122 वोट मिले। इसमें 114 पार्षद, 7 लोकसभा सांसद, 1 वोट विधायक का मिला। वहीं कांग्रेस को कुल 7 पार्षदों के वोट मिले और एक वोट निर्दलीय रहा। बीजेपी और आप के उम्मीदवार बीजेपी ने शकूरपुर वार्ड से 47 साल के किशन लाल को मेयर पद के लिए और सदातपुर वार्ड से 41 साल की नीता बिष्ट को डिप्टी मेयर पद के लिए मैदान में उतारा है। आप ने करोल बाग के देव नगर वार्ड से 45 साल के महेश कुमार खीची को मेयर पद के लिए और अमन विहार से रविंदर भारद्वाज को डिप्टी मेयर के लिए मैदान में उतारा है। पीठासीन अधिकारी और कांग्रेस का चुनाव में बहिष्कार दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बीजेपी की पार्षद और पूर्वी दिल्ली की महापौर सत्या शर्मा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। शर्मा इससे पहले भी दिसंबर 2022 में महापौर चुनाव की अध्यक्षता कर चुकी हैं। हालांकि इस बीच कांग्रेस के पार्षदों ने महापौर और उपमहापौर चुनाव का बहिष्कार किया था। इन लोगों ने सदन की कार्यवाई शुरू होने से पहले अपना विरोध जताया था। कांग्रेस पार्टी ने दलित मेयर के लिए प्रस्तावित छोटे कार्यकाल से असंतुष्ट होकर निगम चुनावों का बहिष्कार करने की घोषणा की थी।

पहली बार 22 एकड़ में विकसित 12 अवैध निर्माण जमींदोज, दिल्ली-NCR में बुलडोजर एक्शन जारी

सोहना (गुरुग्राम) नई सरकार का असर दिखने लगा है। महीनों की चुप्पी के बाद परिषद एक्शन में दिखा है। पहली बार 22 एकड़ में विकसित 12 अवैध निर्माण जमींदोज कर दिए गए। अरावली पहाड़ी में रायसीना से लगती पहाड़ी में अवैध निर्माण को परिषद के पीले पंजे ने जमींदोज कर दिया। तीन घंटे की चली इस तोड़फोड़ कार्यवाही में लगभग 12 अवैध निर्माण की चारदीवारी, पक्के मकान और स्विमिंग पूल को तोड़ गया। सर्वे में करीब 40 अवैध निर्माण को किया गया चिन्हित परिषद के अधिकारियों की टीम ने सर्वे करके करीब 40 अवैध निर्माण को चिन्हित किया था। इनको नोटिस जारी किए गए थे। अवैध निर्माण करने वालों ने परिषद के भेजे गए नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। नगरपरिषद के अधिकारियों के साथ भोंडसी थाना पुलिस के सब इंस्पेक्टर संतकुमार के नेतृत्व में सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीओ राजपाल खटाना के नेतृत्व में पहाड़ी में बने अवैध निर्माण आर-वन के फार्म हाउस नंबर सात से तोड़फोड़ कार्यवाही आरंभ की गई थी। फार्म हाउस में बने स्विमिंग पूल और एक पक्का मकान को तोड़ा इस दौरान कनिष्ठ अभियंता अजय पंगाल, कनिष्ठ अभियंता दिगंबर सिंह, पटवारी सुभाष खतना समेत परिषद के स्टाफ उपस्थित रहे। बता दें कि करीब 22 एकड़ में बने 12 फार्म हाउसों की आठ से नौ फीट ऊंची चार दीवार, फार्म हाउस में बने स्विमिंग पूल और एक पक्का मकान तोड़ा गया। अरावली पहाड़ी में अवैध निर्माण करने वालों के विरुद्ध सख्ती बरती जाएगी। अवैध निर्माण नहीं होने दिए जाएंगे। किसी ने अगर कार्रवाई का विरोध किया तो उनके विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकता दर्ज होगी। अन्य अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस भेजे जाएंगे। अजय पंगाल, कार्यकारी अभियंता, नगरपरिषद सोहना सोहना से सटी अरावली पहाड़ी में अवैध निर्माण को लेकर कई बार तोड़फोड़ कार्रवाई की गई ।अरावली पहाड़ी में सर्वे करने पर लगभग 40 अवैध फार्म हाउसों को नोटिस भेजे गए थे। जिन लोगों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।- राजपाल खटाना, एसडीओ, नगरपरिषद सोहना फरीदाबाद में भी चला बुलडोजर वहीं इससे पहले फरीदाबाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण और कब्जे किए गए थे। कई जगह अवैध निर्माण जारी है। अवैध निर्माण के खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अभियान शुरू किया हुआ है। एचएसवीपी ने अभियान के तहत मंगलवार को सेक्टर-48 की ग्रीन बेल्ट पर अवैध रूप से बनी दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया। ऐसे ही एसजीएम के सामने सेक्टर-48 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अवैध निर्माण ढहाए गए।

मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की शुरुआत की, ‘विकसित भारत’ पर ये बोले

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) का उद्घाटन किया। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, 14 से 27 नवंबर तक चलने वाला यह आयोजन भारत की विविध संस्कृति, व्यापार और नवाचार के जश्न की तरह है। व्यापार और सहयोग के लिए यह एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। उद्घाटन समारोह के दौरान, गोयल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) को एक विश्व स्तरीय एजेंसी के रूप में विकसित करना है, जो भारत के उद्योग और मूल्य शृंखला को एक इकाई के रूप में प्रदर्शित करे। उन्होंने कहा कि लक्ष्य भारत को एक प्रमुख एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। बैंगलोर, मुंबई, चेन्नई, लखनऊ, वाराणसी और नोएडा जैसे शहरों में व्यापार सुविधाओं के लिए नियोजित विस्तार पर विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आईआईटीएफ की थीम “विकसित भारत @2047” की सराहना की। पीएम का दृष्टिकोण 2047 तक भारत को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर देश बनाना है। गोयल ने व्यापार आयोजनों में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने पर जोर दिया और सुचारू लेन-देन की सुविधा के लिए कियोस्क स्थापना की योजनाओं का उल्लेख किया। गोयल ने अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला, वैश्विक प्रदर्शकों को उपभोक्ता विकल्पों को व्यापक बनाने के लिए भारतीय व्यापार मेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आईटीपीओ से उन मामलों के लिए आभासी व्यापार मेलों की खोज करने का आग्रह किया जहां भौतिक प्रदर्शन आवश्यक नहीं हैं। भारत और विदेश से 3,500 से अधिक प्रतिभागी होंगे मेले में शामिल इस वर्ष का आईआईटीएफ 107,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है, जिसमें भारत और विदेश से 3,500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश भागीदार राज्य हैं, जबकि झारखंड फोकस राज्य है, जो मेले के दौरान अपनी संस्कृति, व्यापार क्षमता और उत्पादों का प्रदर्शन करेगा। प्रतिभागियों में 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, 49 केंद्रीय मंत्रालयों और टाइटन, जिंदल स्टील एंड पावर, JSW स्टील, रिलैक्सो और हॉकिन्स जैसी प्रमुख निजी फर्मों के प्रतिनिधि शामिल हैं। चीन, मिस्र, ईरान, दक्षिण कोरिया और यूएई जैसे देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक भी मेले में शामिल हो रहे हैं। मेले में प्रतिदिन लगभग एक लाख आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद है। आगंतुक 14 से 18 नवंबर तक व्यावसायिक दिनों में और 19 से 27 नवंबर तक सामान्य दिनों में मेले में भाग ले सकते हैं। तेजी से आगे बढ़ेगा बिहार- निदेशक बिहार सरकार के हथकरघा व रेशम उत्पादन विभाग के निदेशक निखिल धनराज निपाणीकर ने अमर उजाला से कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर करने की कोशिश की जा रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर लोगों को रोजगार के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। धनराज निपाणीकर ने कहा कि राज्य में निवेश के लिए उपयोगी माहौल बनाने की पहल की जा रही है। अच्छी सड़कें और निवेश के योग्य माहौल देकर व्यापारियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। बिहार पवेलियन में सभ्यता द्वार, बोधि वृक्ष, ग्लास ब्रिज, आधुनिक नालंदा विश्वविद्यालय एवं मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग और टिकुली आर्ट को दिखाया गया है। सौरभ भारद्वाज ने किया दिल्ली पवेलियन का दौरा दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पहले ही दिन दिल्ली पवेलियन का दौरान किया। दिल्ली पवेलियन हॉल नंबर तीन में द्वितीय तल पर लगाया गया है। पवेलियन में दिल्ली सरकार के कार्यों को दिखाने के लिए अलग-अलग स्टाल लगाए गए हैं। दिल्ली सरकार का टूरिज्म, सार्वजनिक परिवहन और समाज कल्याण विभाग के अलग-अलग स्टॉल लोगों को सरकार के कार्यों की जानकारी दे रहे हैं।

एमसीडी में आम आदमी पार्टी के पास बहुमत होने के कारण वह जीत के दावे कर रहे हैं, कांग्रेस पार्षद ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली एमसीडी के मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए गुरुवार को मतदान डाले जा रहे हैं। एमसीडी में आम आदमी पार्टी के पास बहुमत होने के कारण वह जीत के दावे कर रहे हैं। बावजूद इसके, भाजपा भी मैदान में अपनी किस्मत आजमाने को तैयार है। मेयर चुनाव के लिए इस बार 273 सदस्य मतदान करेंगे। इनमें 249 पार्षद, 14 मनोनीत विधायक और लोकसभा व राज्यसभा के 10 सांसद मतदान में शामिल हैं। इस चुनावी गणित में आम आदमी पार्टी के पास 143 मत हैं, जबकि भाजपा के पास 122 मत हैं और कांग्रेस के पास आठ मत हैं। जीत के लिए 137 मतों की जरूरत होगी। कांग्रेस ने किया चुनाव का बहिष्कार एमसीडी सदन में चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों ने एमसीडी में सत्ता रूढ़ आम आदमी पार्टी की नीतियों का विरोध जताते हुए नारेबाजी की। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। उधर आम आदमी पार्टी के पार्षद भी केजरीवाल के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। हंगामें के बाद कांग्रेस पार्षदों ने सदन और चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया। इस स्थिति में जीत के लिए 133 मतों की जरूरत होगी। इसलिए आप का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। ‘दिल्ली की जनता के लिए बीजेपी काम करके दिखाएगी’ बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, “अभी मतदान चल रहा है और हमने अभी अपना मत दिया है। भाजपा का एक-एक कर्मठ कार्यकर्ता भारत की प्रकृति और दिल्ली को प्रकृति के पथ पर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज यदि भाजपा का चयन होता है और भाजपा के मेयर और डिप्टी मेयर चुने जाते हैं तो मैं जानती हूं एमसीडी जिस निष्क्रियता से आप के कारण ग्रसित है उसको दूर कर एमसीडी अपना कर्तव्य निभाएगी और दिल्ली की जनता के लिए बीजेपी काम करके दिखाएगी।”   लोकसभा और राज्यसभा सांसदों कों वोट देने का है अधिकार मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में दिल्ली के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को मतदान करने का अधिकार है। दिल्ली में लोकसभा के सात और राज्यसभा के तीन सांसद हैं। सबसे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह मतदान करने के लिए आए। उनके बाद आप सांसद एनडी गुप्ता ने मतदान किया। आम आदमी पार्टी से नाराज चल रहीं उसकी राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल सदन में मतदान करने नहीं पहुंची। भाजपा के सातों सांसदों ने मतदान कर दिया है।   मेयर पद के उम्मीदवार महेश कुमार (आप) किशन लाल (भाजपा) डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार रविंद्र भारद्वाज (आप) नीता बिष्ट (भाजपा) कांग्रेस पार्षद सबीला बेगम ने दिया पार्टी से इस्तीफा सबीला बेगम ने इस्तीफा पत्र में लिखा है कि मेयर चुनाव से दूर रहकर हम भाजपा का समर्थन नहीं कर सकते हैं। साथ उन्होंने मेयर चुनाव में आप का समर्थन करने का भी एलान किया।

बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए जीआरएपी के तीसरे चरण को लागू करने का फैसला लिया: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह 8 बजे से ग्रेप का तीसरा चरण लागू हो जाएगा। केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तीसरे चरण को लागू करने का फैसला लिया है। शुक्रवार 15 नवंबर को सुबह 8 बजे से इसे लागू कर दिया जाएगा। सीएक्यूएम ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। ग्रैप के तीसरे चरण के तहत निर्माण और विध्वंस से जुड़े कार्यों पर पूरी तरह से रोक रहेगा। इसके अलावा निर्माण सामग्री को ढोने वाले वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। पेंटिंग, पॉलिशिंग और वर्निशिंग से जुड़े कार्यों पर रोक रहेगा। इस दौरान सड़क निर्माण या बड़े रिपेयरिंग वर्क पर भी रोक रहेगा। किसी भी तरह के निर्माण कार्य से जुड़े मलबे को ढोने पर पाबंदी रहेगी। इस चरण के तहत धूल पैदा करने वाले किसी भी तरह के सामान जैसे-सीमेंट, राख, ईंट, बालू, पत्थर आदि की लोडिंग-अनलोडिंग पर पाबंदी रहेगा। वेल्डिंग और गैस कटिंग से जुड़े बड़े कार्यों पर रोक रहेगा। पानी की नई लाइन बिछाने, सीवर लाइन डालने, ड्रेनेज और जमीन के अंदर केबल डालने के कार्यों पर रोक रहेगी। सीएक्यूएम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सब कमेटी की बैठक के दौरान आईएमडी और आईआईटीएम द्वारा सूचित किया गया कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अभूतपूर्व रूप से अत्यधिक घना कोहरा छाया रहा। इस वजह से गुरुवार सुबह 8 से साढे़ नौ बजे के दौरान दृश्यता शून्य रही। दिल्ली का समग्र AQI ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया। अगले दिन AQI के ‘बहुत खराब’ श्रेणी में वापस जाने की संभावना है।

दिल्ली में रिटायर्ड इंजीनियर से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 10 करोड़ की ठगी, पुलिस की साइबर शाखा कर रही जांच

नई दिल्ली दिल्ली में एक रिटायर्ड इंजीनियर के साथ साइबर अपराधियों ने बेहद चालाकी से ठगी की। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर आठ घंटे तक उन्हें मानसिक रूप से कैद रखा और फिर उनके बैंक खाते से 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। फिलहाल दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा इस मामले की जांच कर रही है। कैसे हुआ ठगी का शिकार? यह घटना दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र की है, जहां 72 वर्षीय बुजुर्ग प्रेमचंद नरवाल रहते हैं। वे मूल रूप से मुरैना मध्य प्रदेश के निवासी हैं और रिटायरमेंट के बाद ग्वालियर में रहते थे। प्रेमचंद नरवाल 29 सितंबर को साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गए। ठगों ने पहले खुद को एक पार्सल कंपनी का अधिकारी बताया और कहा कि ताइवान से उनके नाम एक पार्सल भेजा गया है, जिसमें प्रतिबंधित दवाइयां हैं। ठगों ने बुजुर्ग को बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी इस मामले की जांच करना चाहते हैं, और इसके बाद उन्होंने बुजुर्ग से कहा कि वे स्काइप डाउनलोड करें और वीडियो कॉल पर उनसे बात करें। स्काइप कॉल पर उन्होंने मुंबई पुलिस के अधिकारी की आवाज में बात की और बुजुर्ग को डराया-धमकाया कि वह और उनका परिवार मुश्किल में फंस सकते हैं।   डिजिटल अरेस्ट का डर ठगों ने बुजुर्ग से कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट का सामना करना पड़ेगा, अगर वे मामले को हल नहीं करते। उन्हें बताया गया कि उनका और उनके परिवार का नाम अपराधियों की लिस्ट में है। इसके बाद ठगों ने बुजुर्ग से उनके बैंक खातों की जानकारी ली और उन्हें अपने कमरे में बंद कर दिया। साइबर अपराधियों ने धमकी दी कि अगर वह उनकी बात नहीं मानते तो उनके बेटे-बेटी को भी फंसा लिया जाएगा। डर के मारे बुजुर्ग ने ठगों के निर्देश पर अपने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 10.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का खुलासा बुजुर्ग को 8 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट के झांसे में रखने के बाद, उन्होंने संदेह किया और लैपटॉप बंद कर दिया। इसके बाद वह कमरे से बाहर निकले और परिवार को पूरी घटना बताई। उन्होंने 1 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वहीं पुलिस ने जांच की तो पता चला कि ठगों ने जिन बैंक खातों में पैसे जमा कराए थे, वे अलग-अलग खातों में विभाजित थे। लगभग 60 लाख रुपये इन खातों में जमा किए गए थे और बाद में इसे छोटे-छोटे हिस्सों में देश भर में निकाला गया था। ठगों का तरीका यह पहली बार नहीं है जब ‘डिजिटल अरेस्ट’ का सहारा लिया गया है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक ऐसा शब्द है, जो कानूनी रूप से कोई मान्यता नहीं रखता। ठग किसी को ऑनलाइन बताकर यह कह देते हैं कि उसे किसी सरकारी एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया है और उसे जुर्माना देना होगा। इसके बाद वे व्यक्ति से पैसे निकलवाने के लिए उसे डराते-धमकाते हैं। सावधानी बरतने की सलाह: अगर आपको कोई धमकी भरा कॉल आता है, तो उसे तुरंत नकार दें। किसी संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक न करें। कॉलर से कहे गए किसी भी ऐप को डाउनलोड न करें। किसी भी ऐसे मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दें। डिजिटल अरेस्ट का कोई कानूनी आधार नहीं है, इसलिए इस तरह के किसी भी झांसे में आने से बचें और हमेशा सतर्क रहें। अंत में बता दें कि दिल्ली पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश करेगी। इस घटना ने यह भी साबित किया कि साइबर अपराधियों के द्वारा किए गए इस प्रकार के ठगी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, और आम नागरिकों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।  

दिल्ली में धुंध के कारण उड़ानें प्रभावित, दिल्ली हवाई अड्डे पर 300 से अधिक उड़ानें विलंबित

नई दिल्ली गुरुवार को दिल्ली में घने कोहरे और धुंध के कारण हवाई यातायात पर असर पड़ा। इस कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कई उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। फ्लाइट ट्रैकर वेबसाइट फ्लाइटराडार 24 के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर 300 से अधिक उड़ानें विलंबित हो गई हैं। वेबसाइट के मुताबिक, सुबह 12 बजे तक दिल्ली आने वाली कुल 115 उड़ानें और राष्ट्रीय राजधानी से प्रस्थान करने वाली 226 उड़ानें देरी से चल रही हैं। फिलहाल, दिल्ली में आ रही उड़ानों में औसतन 17 मिनट की देरी हो रही है, जबकि उड़ानों के प्रस्थान में औसतन 54 मिनट की देरी हो रही है। दिल्ली हवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए एक सलाह जारी करते हुए कहा कि कम दृश्यता के कारण हवाईअड्डे पर कुछ परिचालन समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। एयरपोर्ट ने ट्वीट किया, “दिल्ली हवाई अड्डे पर कम दृश्यता की प्रक्रिया चल रही है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी उड़ान की ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें।” इस स्थिति के कारण यात्रियों को हवाई अड्डे पर अतिरिक्त समय बिताने और उड़ानों के बारे में अपडेट्स प्राप्त करने की सलाह दी जा रही है।

अमानतुल्लाह खान को वक्फ केस में राहत, कोर्ट ने दिया रिहा करने का आदेश, ED चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से अमानतुल्लाह खान को बड़ी राहत मिली है। स्पेशल कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा की अमानतुल्लाह खान के खिलाफ कई साक्ष्य हैं। लेकिन अभियोजन के पास उनके खिलाफ अभियोग चलाने के लिए कोई धारा नहीं है। अदालत ने मरियम सिद्दीकी को भी आरोप मुक्त कर दिया। अदालत ने अमानतुल्लाह खान को एक लाख रुपए के बॉन्ड पर रिहा करने के निर्देश दिए। इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज जितेंद्र सिंह की अदालत ने की। इससे पहले बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई थी। जिसमें ईडी और खान के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें दी थी। दिल्ली वक्फ बोर्ड मामले में ईडी द्वारा आप विधायक के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया जाए या नहीं, कोर्ट को इसका संज्ञान लेना था। कल कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा दावा किया था कि मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। 29 अक्टूबर को दाखिल की थी चार्जशीट ईडी ने 29 अक्टूबर को 110 पन्नों की पहली सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत (ईडी की चार्जशीट के बराबर) दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित तौर पर भ्रष्टाचार के जरिए अर्जित धन का शोधन किया है। चार्जशीट में मरियम सिद्दीकी का नाम भी शानिल था, जिसे ईडी ने मामले में आरोपी के तौर पर गिरफ्तार नहीं किया था। ईडी ने कहा था कि धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में खान और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। 2 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी खान को 2 सितंबर को ईडी ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। इससे पहले दिल्ली के ओखला में स्थित उनके घर की तलाशी ली गई थी। जांच एजेंसी ने पूछताछ के दौरान आप विधायक पर ‘बचने’ का आरोप लगाया था। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच दो एफआईआर से शुरू हुई थी। पहली वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई केस और दूसरा दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामला।

आईआईटीएफ में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य मंडप का उद्घाटन करेंगे वीके पॉल

नई दिल्ली नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित होने वाले 43वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य मंडप का उद्घाटन करेंगे। इस वर्ष का मंडप ‘एक स्वास्थ्य’ के विषय पर केंद्रित है – एक व्यापक दृष्टिकोण जो मानव, पशु, पौधे और पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के अंतर्संबंध पर जोर देता है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को दी। मंत्रालय ने बताया कि 39 जानकारीपूर्ण स्टालों के माध्यम से, मंडप स्वास्थ्य सेवा में मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियों को प्रस्तुत करेगा, जिसमें जीवन के हर चरण पर आधारित कार्यक्रमों और पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा। इनमें यू-विन ऐप लॉन्च, जो गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण की सुविधा देता है, आयुष्मान भारत – प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) में अब अतिरिक्त 5 लाख रुपये का टॉप-अप कवर के साथ 70 साल से अधिक के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। मंडप सभी के लिए सुलभ, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के भारत के प्रयासों को चित्रित करेगा। इसके साथ इंटरएक्टिव स्क्रीनिंग और इंस्टॉलेशन के माध्यम से आगंतुकों को एचआईवी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के लिए स्क्रीनिंग और परामर्श सत्र में भाग लेने का अवसर मिलेगा। मंडप में भीष्म क्यूब, स्वदेशी मोबाइल अस्पताल जैसे अभिनव इंस्टॉलेशन भी शामिल होंगे, जो वास्तविक दुनिया की सेटिंग में इसके डिजाइन और उपयोगिता को प्रदर्शित करेंगे। मण्डप को न केवल शैक्षिक बल्कि सभी उम्र के आगंतुकों के लिए आकर्षक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। दैनिक नुक्कड़ नाटक, प्रतियोगिताएं और खेल आवश्यक स्वास्थ्य संदेश देते हुए दर्शकों को आकर्षित करेंगे। एक विशेष रूप से क्यूरेटेड किड्स ज़ोन में आभासी वास्तविकता वाले गेम होंगे जो सीखने के साथ मनोरंजन को जोड़ते हैं, जिससे बच्चों को एक चंचल, इंटरैक्टिव वातावरण में स्वास्थ्य देखभाल का पता लगाने की अनुमति मिलती है। इस व्यापक मंडप के माध्यम से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का लक्ष्य ‘एक स्वास्थ्य’ दृष्टिकोण के बारे में जागरूकता और समझ फैलाना है, अंततः स्वास्थ्य के समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है, जो मानव, पशु और पर्यावरण कल्याण को एकीकृत करता है।  

दिल्ली में बढ़ेगा ट्रैफिक जाम, ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को कुछ विशेष मार्गों से परहेज करने की सलाह दी

नई दिल्ली दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर तक इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर आयोजित होने जा रहा है। इस दौरान प्रगति मैदान और उसके आस-पास के मार्गों पर भारी ट्रैफिक हो सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को कुछ विशेष मार्गों से परहेज करने की सलाह दी है और साथ ही कुछ प्रमुख मार्गों को डायवर्ट भी किया है।   ट्रेड फेयर का समय और यातायात व्यवस्था ट्रेड फेयर का समय सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम 7:30 बजे तक रहेगा। पुलिस ने सलाह दी है कि प्रगति मैदान के आसपास के मार्गों से वाहन चालकों को सुबह 8 बजे से लेकर रात 9 बजे तक परहेज करना चाहिए।      ट्रेड फेयर में रोजाना करीब 60,000 लोग आने का अनुमान है, और वीकेंड या छुट्टी वाले दिन ये संख्या बढ़कर 1.5 लाख तक पहुंच सकती है। कौन से मार्ग रहेंगे बंद? मथुरा रोड और भैरों मार्ग: यहां पर किसी भी वाहन को रुकने या पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। शेरशाह रोड, पुराना किला रोड, भगवान दास रोड, तिलक मार्ग: इन रास्तों पर भी किसी भी वाहन को पार्क करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अवैध पार्किंग: इन रास्तों पर अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

एलजी वीके सक्सेना ने आप सरकार को सुझाव दिया, निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत प्रवेश के लिए वार्षिक पांच लाख हो

नई दिल्ली एलजी वीके सक्सेना ने आप सरकार को सुझाव दिया है कि निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत प्रवेश के लिए वार्षिक आय सीमा को कम से कम पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष किया जाए। फिलहाल यह आय सीमा एक लाख रुपये प्रतिवर्ष है। एक कोर्ट केस, जिसमें लाभ प्राप्त करने के लिए आय सीमा का मुद्दा हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है, सक्सेना ने फाइल पर अपनी टिप्पणी में कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित आय सीमा अवास्तविक और प्रतिबंधात्मक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान आय सीमा, जहां न्यूनतम वेतन पाने वाला भी सालाना ढाई लाख रुपये से अधिक कमा रहा है, हजारों जरूरतमंद बच्चों को ईडब्ल्यूएस योजना (EWS Scheme) के तहत लाभ पाने से वंचित कर सकती है। कोर्ट भी दे चुका है ये आदेश एलजी ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के लिए निर्धारित आय सीमा आठ लाख रुपये है और अदालत ने भी पिछली सुनवाई में दिल्ली सरकार से इस सीमा को कम से कम ढाई लाख रुपये तक बढ़ाने का निर्देश दिया था। प्राइवेट स्कूलों में आय सीमा हो पांच लाख सक्सेना ने सुझाव दिया कि आदर्श रूप से आय सीमा आठ लाख रुपये प्रतिवर्ष होनी चाहिए, क्योंकि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर लाभ पाने वाले छात्र ही उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ते हैं। इसलिए निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आय सीमा को कम से कम पांच लाख रुपये निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि अदालत में फाइल पर उनके द्वारा लिखी गई राय दर्ज की जाए। बुधवार को भी मामले की सुनवाई हुई और इसे अगली तारीख चार दिसंबर 2024 तक के लिए स्थगित कर दिया गया। प्रदूषण की रोकथाम के लिए एलजी ने सीडीवी की तैनाती को दी मंजूरी एलजी वीके सक्सेना ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की रोकथाम के लिए सिविल डिफेंस वालेंटियर्स (सीडीवी) की तैनाती को मंजूरी दे दी है। यह तैनाती चार माह यानी एक नवंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक के लिए होगी। राजनिवास अधिकारियों के अनुसार, तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल के आदेश के बाद एक नवंबर 2023 को इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। राजनिवास अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में इस आशय के निर्देश पारित करने के बाद सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने में लगभग 12 दिन की देरी हुई। सक्सेना ने, एक बार फिर से दिल्ली सरकार से बस मार्शलों के लिए एक अलग योजना तैयार करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है

आनंद विहार और न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशनों में उर्जीकृत होने के बाद इन स्टेशनों पर विद्युत आपूर्ति की जा रही

नई दिल्ली दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर साहिबाबाद से आगे दिल्ली की दिशा में नमो भारत ट्रेनों का ट्रायल रन किया जा रहा है। साथ ही, आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशनों को परिचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। इन स्टेशनों मे बिजली आपूर्ति के लिए स्टेशनों में स्थापित सहायक (ऑग्जिलियरी) सब-सटेशनों (एएसएस) को 33 केवी की क्षमता पर चार्ज कर दिया गया है। जिससे स्टेशन की विद्युत प्रणाली, एएफ़सी सिस्टम और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है। इन स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए वर्तमान में, गाज़ियाबाद रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस) से 33 केवी क्षमता वाली केबल आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशन तक वायडक्ट एवं टनल के माध्यम से पहुंचाई गई है, जिसके सफलतापूर्वक उर्जीकृत होने के बाद इन स्टेशनों पर विद्युत आपूर्ति की जा रही है। गाजियाबाद आरएसएस से दिल्ली खंड को बिजली की आपूर्ति एक अस्थायी प्रावधान है। आने वाले समय में दिल्ली सेक्शन को विद्युत आपूर्ति सराय काले खां रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस) से की जाएगी, जिसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सराय काले खां आरएसएस में विद्युत आपूर्ति दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड के ग्रिड से तथा आईपी स्टेट स्थित गैस टरबाइन पावर स्टेशन (जीटीपीएस) से की जाएगी। दिल्ली सेक्शन के सबसे बड़े सराय काले खां स्टेशन में भी एएसएस रूम बनकर तैयार हो चुका है और इसे भी जल्द ही चार्ज किया जाएगा। स्टेशनों पर विद्युत आपूर्ति आरएसएस और एएसएस के माध्यम से की जाती है। आरएसएस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से बिजली प्राप्त कर उसे स्टेशन पर बनाई गई एएसएस में भेजता है जिससे स्टेशन पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। आरएसएस द्वारा ट्रेन चलाने के लिए ट्रैक्शन और स्टेशनों को ऑग्ज़ीलियरी विद्युत आपूर्ति की जाती है। दिल्ली से मेरठ के बीच आरआरटीएस कॉरिडोर पर 5 रिसीविंग सब स्टेशनों (आरएसएस) का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से गाज़ियाबाद, मुरादनगर और शताब्दी नगर (मेरठ) आरएसएस बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि सराय काले खां आरएसएस से भी जल्द ही विद्युत आपूर्ति शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पांचवां आरएसएस मोदीपुरम (मेरठ) में निर्माणाधीन है। आरआरटीएस कॉरिडोर पर विद्युत आपूर्ति के लिए एनसीआरटीसी ने दिल्ली औक उत्तर प्रदेश में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशनों के साथ करार किया है। इन ग्रिड सबस्टेशनों से 220 केवी वोल्टेज पर बिजली एनसीआरटीसी के गाज़ियाबाद, मुरादनगर और शताब्दी नगर स्थित रिसीविंग सब स्टेशन तक आ रही हैं, यहाँ से 25 केवी की बिजली ट्रेनों के संचालन के लिए और 33 केवी की बिजली आरआरटीएस स्टेशनों के एएसएस के जरिए स्टेशनों की अन्य समस्त जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जा रही है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो के सभी स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए एएसएस का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें निर्धारित नज़दीकी रिसीविंग सब स्टेशनों (आरएसएस) से विद्युत आपूर्ति की जाएगी। न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक, दिल्ली सेक्शन में ट्रायल रन निर्बाध रूप से चल रहा है। इस सेक्शन का परिचालन आरंभ होने के बाद, कॉरिडोर के परिचालित सेक्शन का विस्तार 54 किलोमीटर तक हो जाएगा। यह सेक्शन आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यात्रियों के लिए पारगमन विकल्प की संख्या में विशिष्ट वृद्धि होगी। इस विस्तार से एनसीआर में यात्रियों के लिए अधिक सुविधा, सुव्यवस्थित कनेक्टिविटी और बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। वर्तमान में, 9 स्टेशनों के साथ 42 किलोमीटर का कॉरिडोर परिचालित है, जिसमें साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ और मेरठ साउथ शामिल हैं।  

दिल्ली-NCR में छाया घना कोहरा, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित, लोगों को वायु गुणवत्ता से जूझना पड़ा

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में बुधवार की सुबह धुंध की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित हुई और लोगों को खतरनाक वायु गुणवत्ता से जूझना पड़ा। सड़कों पर निकलने वाले लोगों में से कई ने आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की। राष्ट्रीय राजधानी के अलावा, उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद तथा हरियाणा के गुरुग्राम जैसे एनसीआर शहरों में हवा में जहरीली धुंध छाई रही, जिससे निवासियों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया। जानलेवा स्तर पर पहुंचा प्रदूषण- दिल्लीवासी दिल्ली निवासी अभिमन्यु झा ने आईएएनएस से बात करते हुए कई लोगों की चिंताओं को व्यक्त किया और चेतावनी दी कि प्रदूषण जानलेवा स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, “प्रदूषण अब जानलेवा हो गया है।” उन्होंने कहा कि इससे शहर के लोगों में गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं और यहां तक ​​कि कैंसर भी हो रहा है। झा ने इस बात पर जोर दिया कि इस पर्यावरणीय संकट का खामियाजा गरीबों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि उनके पास जहरीली हवा से बचने के लिए सीमित विकल्प हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “हम इसे बर्दाश्त करते हैं क्योंकि हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है।” बयानबाजी से हटकर ठोस कार्रवाई करे सरकार उन्होंने सुझाव दिया कि अमीर नागरिक स्वच्छ वाहन तकनीक अपनाकर प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकते हैं। झा ने समस्या से निपटने के लिए सरकार के प्रयासों की आलोचना की, विशेष रूप से प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से किए गए छिड़काव उपायों की अप्रभावीता की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “छिड़काव की पहल एक दिखावा लगती है। प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और राजमार्ग की स्थिति बिगड़ रही है।” उनकी टिप्पणियों को अन्य लोगों ने भी दोहराया और सरकार से बयानबाजी से हटकर ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया। आंखें जल रही हैं, सांस लेना मुश्किल हो रहा- बुद्ध सिंह काम के लिए सड़कों पर निकले बुद्ध सिंह ने बिगड़ती परिस्थितियों पर गौर किया। उन्होंने कहा, “यह कोहरे में चलने जैसा है। मेरी आंखें जल रही हैं और सांस लेना मुश्किल हो रहा है।” उन्होंने कहा, “हर साल स्थिति बदतर होती जा रही है, और फिर भी सरकार खोखले वादे करती रहती है। कुछ भी नहीं बदलता।” कोहरा में साइकिल चलाना भी खतरनाक हो गया है- प्रभुनाथ दुबे एक फैक्ट्री कर्मचारी प्रभुनाथ दुबे ने भी ऐसी ही चिंताएं साझा कीं। उन्होंने कहा, “आज कोहरा इतना घना है कि साइकिल चलाना भी खतरनाक हो गया है।” उन्होंने कहा, “प्रदूषण असहनीय है और यह सभी को प्रभावित कर रहा है। सरकार को सिर्फ़ बातें करने से ज़्यादा कुछ करने की ज़रूरत है।” भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली में बुधवार को मौसम का पहला घना कोहरा दर्ज किया गया और सुबह 8 बजे दृश्यता 0 मीटर तक गिर गई।

मंत्री गोपाल राय के मुताबिक विंटर एक्शन प्लान को सही समय पर लागू करने से इस बार गंभीर स्थिति नहीं बनी

नई दिल्ली दिल्ली सरकार का दावा है कि पिछले सालों की अपेक्षा इस बार प्रदूषण में कमी है और एक्यूआई गंभीर स्थिति से बाहर है। दिल्ली सरकार पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक विंटर एक्शन प्लान को सही समय पर लागू करने से इस बार गंभीर स्थिति नहीं बनी है। गोपाल राय ने बताया है कि दिल्ली के अंदर और ख़ास तौर से उत्तर भारत में पिछले सालों के प्रदूषण के स्तर को देखा जाये तो 1 नवम्बर से 15 नवंबर तक दिल्ली का एक्यूआई 400 के पार जाता रहा है। लेकिन इस साल अभी तक दिल्ली का एक्यूआई गंभीर कैटेगरी में नहीं गया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इसके पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं जिसके चलते दिल्ली का एक्यूआई अभी भी गंभीर श्रेणी से बाहर है। गोपाल राय के मुताबिक, पहला दिल्ली के अंदर विंटर एक्शन प्लान के लिए जो काम किए जा रहे है, जिनमें चाहे डस्ट पोल्युशन कम करने के लिए हो, व्हीकल पॉल्यूशन को कम करने के लिए और आग जलने की घटना हो या जगह जगह पानी का किया जा रहा छिड़काव हो, इन सब से भी प्रदूषण में कमी आई है। गोपाल राय ने बताया है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है। जिसके कारण प्रदूषण में कमी देखने को मिल रही है। पहले विंटर पर दीपावली का धुआं आता था और हवा की गति कम होती थी। जिससे दिल्ली में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में बन जाता था। गोपाल राय ने तीसरे मुख्य कारण में बताया कि इस बार अभी तक पूरी तरीके से ठंड नहीं आई है। गर्मी बनी हुई है और बीच-बीच में हल्की हवा भी चल रही है। जिसके चलते प्रदूषण में काफी कमी महसूस हो रही है। पहले एक नवंबर के आसपास से ठंड का मौसम शुरू हो जाता था। उसमें स्मॉग का असर दिखाई देता था, उसके बाद दीपावली के पटाखे का असर और अन्य राज्यों में जल रही पराली का भी असर देखने को मिलता था। इन सबके असर से एक लेयर बन जाती थी। जिससे दिल्ली में प्रदूषण स्तर खतरनाक लेवल तक पहुंच जाता था। गोपाल राय ने बताया कि इस बार दिल्ली के अंदर एंटी डस्ट अभियान के तहत पूरी दिल्ली में कंस्ट्रक्शन साइड की निगरानी की गई है। सड़कों पर जो धूल उड़ रही है उसके लिए 200 से ज्यादा एंटी स्मोक गन लगाई गई हैं। इसके साथ एंटी ओपन बर्निंग कैंपेन शुरू किया गया है। जिसमें आरडब्ल्यूए के लोगों को हिदायत दी गई है कि जहां पर नाइट ड्यूटी के दौरान कोई खुले में आग जलाता दिखे उसे बंद करवाई और वहां पर हीटर प्रोवाइड करवाएं।

15 से 17 नवंबर के बीच कई राज्यों और शहरों में सरकारी छुट्टियां होंगी, जाने 15, कहां-कहां छुट्टी रहेगी

नई दिल्ली नवंबर के शुरुआती दिनों में कई त्योहारों और खास दिनों के कारण स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और बैंकों में छुट्टियां रही हैं। अब 12 से 17 नवंबर के बीच भी कई महत्वपूर्ण दिन हैं, जिनकी वजह से कुछ जगहों पर छुट्टियां रहेंगी। इनमें दिवाली, छठ पर्व, बूढ़ी दिवाली, नानक जयंती जैसे त्योहार शामिल हैं। 15 से 17 नवंबर के बीच कई राज्यों और शहरों में सरकारी छुट्टियां होंगी। आइए जानते हैं 15, 16 और 17 नवंबर को कहां-कहां छुट्टी रहेगी। 15 नवंबर: गुरु नानक देव जी की जयंती 15 नवंबर को सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी की जयंती मनाई जाती है। इस दिन पंजाब, चंडीगढ़ और कई अन्य राज्यों में सरकारी छुट्टी रहेगी। इसके अलावा 15 नवंबर को हिंदुओं का भी एक महत्वपूर्ण पर्व, कार्तिक पूर्णिमा होता है, इस कारण कुछ अन्य राज्यों में भी छुट्टी हो सकती है। 16 नवंबर: शहीद सरदार करतार सिंह सराभा का शहादत दिवस 16 नवंबर को पंजाब में शहीद सरदार करतार सिंह सराभा की शहादत दिवस के कारण सरकारी छुट्टी होगी। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे, जिनका जन्म 24 मई 1896 को लुधियाना जिले के सराभा गांव में हुआ था। इस दिन उनके सम्मान में पंजाब में छुट्टी रहती है। 17 नवंबर: साप्ताहिक छुट्टी 17 नवंबर को रविवार है, जो कि साप्ताहिक छुट्टी का दिन होता है। इस दिन देश भर के स्कूल, कॉलेज, बैंक और दफ्तर बंद रहते हैं। पंजाब में भी 17 नवंबर को साप्ताहिक छुट्टी रहेगी, जिसके कारण वहां लगातार तीन दिनों तक छुट्टी रहेगी।

छात्र कार्यकर्ता की जमानत याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीछे ‘‘बड़ी साजिश’’ के मामले में छात्र कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया और दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि वह उसकी याचिका पर 25 नवंबर को विचार करे। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में चार साल और सात महीने से हिरासत में है। पीठ ने कहा कि यदि कोई असाधारण परिस्थितियां न हों तो उच्च न्यायालय में लंबित उसकी जमानत याचिका पर 25 नवंबर को सुनवाई की जानी चाहिए। फातिमा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत से कहा कि उच्च न्यायालय मामले की सुनवाई नहीं कर रहा है और इसे किसी न किसी बहाने से स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले को 24 बार इसलिए स्थगित किया क्योंकि पीठासीन न्यायाधीश छुट्टी पर थे तथा छह बार मामले को अन्य कारणों से स्थगित किया गया। सिब्बल ने कहा, ‘‘यह स्वतंत्रता का प्रश्न है। उसके मामले को किसी न किसी बहाने से स्थगित किया जा रहा है। वह चार साल और सात महीने से जेल में है तथा उसका मामला दो साल से उच्च न्यायालय में लंबित है।’’ पीठ ने कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और वह फातिमा द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई याचिका पर विचार नहीं कर सकती। फातिमा सहित कई अन्य लोगों पर आतंकवाद रोधी कानून- गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिन पर दंगों के ‘‘मुख्य षड्यंत्रकारी’’ होने का आरोप है। इन दंगों में कम से कम 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।  

भाजपा की दिल्ली इकाई के कार्यालय में आप के पूर्व पार्षद पार्टी में हुए शामिल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद राम नारायण भारद्वाज सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के कार्यालय में पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने समारोह में भारद्वाज का पार्टी में स्वागत किया और उन्हें ‘पटका’ और मिठाई भेंट की। सचदेवा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारद्वाज 2017-2022 के दौरान उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बाकानेर वार्ड से आप पार्षद थे।  

दिल्ली में 347 दर्ज किया गया औसत एक्यूआई, कम नहीं हो रहा वायु प्रदूषण

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। सोमवार को यहां का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 347 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह 7:30 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 347 दर्ज किया गया है। जबकि दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में एक्यूआई 165, गुरुग्राम में 302, गाजियाबाद में 242, ग्रेटर नोएडा में 271 और नोएडा में 237 बना हुआ है। वहीं, दिल्ली के जहांगीरपुरी में एक्यूआई सबसे अधिक 409 दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई का स्तर 300 से 400 के बीच में बना हुआ है, जिसमें आनंद विहार में 378, अलीपुर में 397, अशोक विहार में 389, बवाना में 400, बुराड़ी क्रॉसिंग में 352, मथुरा रोड में 316, द्वारका सेक्टर 8 में 356, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 344, डीटीयू में 311 और आईजीआई एयरपोर्ट में 336 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा आईटीओ में 338, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 216, लोधी रोड में 308, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 369, मुंडका में 389, मंदिर मार्ग में 344, नरेला में 352, नेहरू नगर में 368, नॉर्थ कैंपस डीयू में 363, नजफगढ़ में 356, पटपड़गंज में 366, ओखला फेस 2 में 339, एनएसआईटी द्वारका में 369, आरके पुरम में 368, रोहिणी में 384, शादीपुर में 383, सिरी फोर्ट में 337, विवेक विहार में 372 और वजीरपुर में 391 एक्यूआई दर्ज किया गया। पूर्वी जिले की गीता कॉलोनी के आसपास एक्यूआई 325 मापा गया। यहां पर सड़कों पर पानी द्वारा छिड़काव किया जा रहा है, जिससे सड़कों पर उड़ने वाली धूल वहीं पर जम जाए और हवा में ना फैले। धूल के कण हवा में फैलने से लोगों को खासकर बच्चों और बूढ़ों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।  

आज CJI की शपथ लेंगे जस्टिस संजीव खन्ना , EVM समेत ये फैसले रहे चर्चा में

नई दिल्ली. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 11 नवंबर को 51वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे। संजीव खन्ना, जो चुनावी बांड योजना को खत्म करने और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे सुप्रीम कोर्ट के कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं। सोमवार को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी।  बता दें कि न्यायमूर्ति खन्ना न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ का स्थान लेंगे, जो रविवार को सेवानिवृत्त हुए और उनका कार्यकाल 13 मई, 2025 तक रहेगा। कैसे हुई नियुक्ति? 16 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की सिफारिश के बाद केंद्र ने 24 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर न्यायमूर्ति खन्ना की नियुक्ति को अधिसूचित किया। शुक्रवार को सीजेआई के रूप में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का आखिरी कार्य दिवस था और उन्हें शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों द्वारा जोरदार विदाई दी गई। न्यायमूर्ति खन्ना ने जनवरी 2019 से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया है, कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं जैसे कि ईवीएम की पवित्रता को बरकरार रखना, चुनावी बांड योजना को खत्म करना, अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और पूर्व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देना। पूर्व जज के भतीजे हैं नए जज दिल्ली स्थित एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले, न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति देव राज खन्ना के बेटे और टॉप अदालत के प्रमुख पूर्व न्यायाधीश एच आर खान के भतीजे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, को 18 जनवरी, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में प्रमोट किया गया था, हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने से पहले तीसरी पीढ़ी के वकील थे। वह लंबित मामलों को कम करने और न्याय बांटने में तेजी लाने के उत्साह से प्रेरित हैं। कैसे आए चर्चा में? न्यायमूर्ति खन्ना के चाचा न्यायमूर्ति एच आर खन्ना 1976 में आपातकाल के दौरान कुख्यात एडीएम जबलपुर मामले में असहमतिपूर्ण फैसला लिखने के बाद इस्तीफा देकर सुर्खियों में आये थे। आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के हनन को बरकरार रखने वाले संविधान पीठ के बहुमत के फैसले को न्यायपालिका पर “काला धब्बा” माना गया।

रिपोर्ट में हुआ खुलासा, दिल्ली के अस्पतालों में पिछले साल 24 फीसदी मौतों के पीछे की वजह?

नई दिल्ली. दिल्ली में पिछले साल विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 88,628 मौतों में से लगभग 24 फीसदी हैजा, दस्त, टीबी और हेपेटाइटिस-बी समेत अन्य संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से हुईं। दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से जारी ‘द मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डेथ्स’ (एमसीसीडी) रिपोर्ट-2023 में कहा गया है कि दिल्ली में पिछले साल कुल 88,628 मौतें अस्पतालों या स्वास्थ्य संस्थानों में हुईं। इनमें से लगभग 21,000 लोगों की जान संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से गई। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण अस्पतालों में 6,054 मौतें हुईं। यह आंकड़ा साल 2022 में रिकॉर्ड की गई कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण हुईं 5,409 मौतों से लगभग 12 फीसदी ज्यादा है। साल 2023 में शिशुओं के मामले में सबसे ज्यादा मौतें (1,517) भ्रूण के धीमे विकास और कुपोषण के कारण हुईं। इसमें कहा गया है कि निमोनिया ने 1,373, सेप्टीसीमिया ने 1,109 और हाइपोक्सिया, जन्म के समय सांस नहीं चलना और श्वास संबंधी अन्य विकारों ने 704 शिशुओं की जान ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में सबसे ज्यादा मौतें 45 से 64 साल के उम्र वालों की हुईं। इसमें बताया गया है कि पिछले साल हुई कुल मौतों में 32.28 फीसदी यानी 28,611 मृतक इस आयु वर्ग के, जबकि 29.44 प्रतिशत यानी 26,096 मृतक 65 साल और उससे अधिक उम्र के थे।

प्रदूषण में मामूली गिरावट, वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया, अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बरकरार

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के वायु प्रदूषण में पिछले कुछ दिनों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद मामूली गिरावट देखने को मिली। रविवार को यहां पर औसत औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 335 दर्ज किया गया। हालांकि यह अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। केंद्रीय नियंत्रण एवं प्रदूषण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह 7:30 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया। दीपावली से लगातार 350 के आस-पास या इससे ऊपर रहने के बाद एक्यूआई में पहली बार गिरावट देखने को मिला। दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 166, गुरुग्राम में 240, गाजियाबाद में 226, ग्रेटर नोएडा में 250, नोएडा में 206 एक्यूआई दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली के अधिकांश इलाके में एक्यूआई 300 से 400 के बीच में दर्ज किया, जिसमें अलीपुर में 356, आनंद विहार में 351, अशोक विहार में 353, आया नगर में 343, बवाना में 383, बुराड़ी क्रॉसिंग में 331, मथुरा रोड में 323, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 348, डीटीयू में 311, द्वारका सेक्टर 8 में 341, आईजीआई एयरपोर्ट में 326 और आईटीओ में 328 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 370, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 323, लोधी रोड में 307, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 357, मंदिर मार्ग में 387, मुंडका में 358,नजफगढ़ में 341, नरेला में 356, नेहरू नगर में 363, नॉर्थ कैंप में 328, एनएसआईटी द्वारका में 333, ओखला फेस टू में 339, पटपड़गंज में 345, पंजाबी बाग में 352, पुषा में 332, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 368, रोहिणी में 366, शादीपुर में 342, सिरी फोर्ट में 345, विवेक विहार में 354 और वजीरपुर में 366 एक्यूआई बना हुआ है। अगर एक दिन पहले दिल्ली के एक्यूआई की बात करें तो शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में सुबह 6:15 बजे तक औसत एक्यूआई 363 अंक बना हुआ था। वहीं, शुक्रवार को 383 दर्ज किया गया, जो बेहद की खराब श्रेणी में माना जाता है। बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक्यूआई के वर्गीकरण के अनुसार 0 से 50 को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब और 301 से 400 को बहुत खराब की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा 401 से 500 को गंभीर और 450 से अधिक एक्यूआई होने पर गंभीर प्लस की श्रेणी में रखा गया है।  

आज ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसा इतना भीषण था कि काफी देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह करीब 6 बजे ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क के अंतर्गत एक वैगनआर कार नंबर HR 51BY 1774 जिसमें 5 लोग सवार थे, उसने सेक्टर-146 मेट्रो स्टेशन के पास रोड के किनारे खराब खड़े ट्रक नंबर UP 85 CT 8591 में पीछे से तेज गति से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैगनआर कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने तत्काल राहत-बचाव कार्य करते हुए अन्य चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन सभी व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया। पांचों मृतकों में 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। मृतकों की पहचान अमन पुत्र देवी सिंह उम्र करीब 27 साल; देवी सिंह पुत्र रामशाह उम्र करीब 60 साल; राजकुमारी पत्नी देवी सिंह उम्र करीब 50 साल; विमलेश पत्नी ज्ञानी सिंह उम्र करीब 40 साल और कमलेश पत्नी जीवन उम्र करीब 40 साल के रूप में हुई है। सभी मृतक दादरी के पास काशीराम कॉलोनी घोड़ी बछेड़ा के रहने वाले थे और हादसे के दौरान अपने घर वापस लौट रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने भी घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिय। हादसे के बाद दोनों वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटा दिया गया है। फिलहाल यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। वहीं परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद घोड़ी बछेड़ा की काशीराम कॉलोनी में मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस हादसे की जांच के लिए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा- पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह भी किया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए सब कुछ करेगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्री संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह भी किया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए सब कुछ करेगी। वह पूरी अपनी ताकत का इस्तेमाल करेगी लेकिन हमें उन्हें जीतने नहीं देना है। केजरीवाल ने कहा, आम आदमी पार्टी देश की राजनीति में ताजी हवा का झोंका है और हमें इसे आगे ले जाने की जरूरत है। हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली में जो भी काम हो रहे हैं वो बंद न हों। केजरीवाल ने राजा हरिशचंद्र से तुलना कर कहा कि पिछले 2 सालों में हम सबसे कठिन दौर से गुजरे हैं लेकिन भगवान कठिनाइयां भी सबसे प्रिय भक्तों को देता और उनकी परीक्षा लेता है। भगवान ने राजा हरिशचंद्र की तो कितनी कठिन परीक्षा ली थी। उन्होंने कहा, अभी तक पूरी पार्टी ने बहुत बहादुरी से सारी कठिनाइयों का सामना किया है। हमें तोड़ने खरीदने की काफी कोशिश की गई लेकिन उल्टा पार्टी और मजबूत हुई। हम लड़ेंगे हम जीतेंगे। केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, मैं जानता हूं आप मुझसे बहुत प्यार करते हैं, मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूं और हमारे इस रिश्ते को किसी की नजर ना लगे। हमें इस रिश्ते को अपनी ताकत बनना है। केजरीवाल ने कहा, अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। यह लोग हमें हराने के लिए सबकुछ करेंगे और अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। हमें इन ताकतों तो जीतने नहीं देना है। आजादी के 75 साल के बाद राजनीति में जनता से जुड़े मुद्दों की बात हो रही है। 75 साल में पहली बार लोगों ने देखा है कि अगर सरकार ईमानदार हो जाए तो क्या नहीं हो सकता। राजनीति में आम आदमी पार्टी ताजा हवा का झोका हैं। इसे रुकने नहीं देना है। उन्होंने कहा, दिल्ली में काम बंद नहीं होने देना है। अभी बहुत काम करने बाकी हैं। आम आदमी पार्टी देश की अकेली उम्मीद है। इस उम्मीद को कायम रखना है।

AMUका अल्पसंख्यक दर्जा रहेगा बरकरार, नए सिरे से निर्धारण के लिए बनाई 3 जजों की बेंच

अलीगढ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसख्यंक दर्जे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को नए सिरे से तय करने के लिए तीन जजों की एक समिति गठित की गई है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया है. कोर्ट का कहना है कि अब नई बेंच एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मानदंड तय करेगी. इस मामले पर सीजेआई समेत चार जजों ने एकमत से फैसला दिया है जबकि तीन जजों ने डिसेंट नोट दिया है. मामले पर सीजेआई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा एकमत हैं. वहीं, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का फैसला अलग है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से अपने फैसले में 1967 के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जो एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने से इनकार करने का आधार बना था. कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने AMU को अल्पसंख्यक दर्जे की हकदार माना है. कोर्ट ने इस मामले में अपना ही 1967 का फैसला बदल दिया है जिसमें कहा गया था कि AMU अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जे का दावा नहीं कर सकती है. अन्य समुदायों को भी इस संस्थान में बराबरी का अधिकार है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने दिया है. इस बेंच में 7 जज शामिल थे जिसमें से 4 ने पक्ष में और 3 ने विपक्ष में फैसला सुनाया. इस फैसले को देते हुए मामले को 3 जजों की रेगुलर बेंच को भेज दिया गया है. इस बेंच को यह जांच करनी है कि एएमयू की स्थापना अल्पसंख्यकों ने की थी क्या? सीजेआई ने क्या कहा? सीजेआई ने कहा कि अनुच्छेद 30ए के तहत किसी संस्था को अल्पसंख्यक माने जाने के मानदंड क्या हैं? किसी भी नागरिक द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान को अनुच्छेद 19(6) के तहत विनियमित किया जा सकता है. अनुच्छेद 30 के तहत अधिकार निरपेक्ष नहीं है. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के विनियमन की अनुमति अनुच्छेद 19(6) के तहत दी गई है, बशर्ते कि यह संस्थान के अल्पसंख्यक चरित्र का उल्लंघन न करे. सीजेआई ने कहा कि धार्मिक समुदाय कोई संस्था स्थापित कर सकता है, लेकिन उसका एडमिनिस्ट्रेशन नहीं कर सकता. एक तर्क ये भी है कि विशेष कानून के तहत जिन संस्थानों की स्थापना हो उनको अनुच्छेद 31 के तहत कंवर्ट नहीं किया जा सकता. क्या है इतिहास और क्या है विवाद? अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना 1875 में सर सैयद अहमद खान द्वारा ‘अलीगढ़ मुस्लिम कॉलेज’ के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य मुसलमानों के शैक्षिक उत्थान के लिए एक केंद्र स्थापित करना था. बाद में, 1920 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और इसका नाम ‘अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय’ रखा गया. एएमयू अधिनियम 1920 में साल 1951 और 1965 में हुए संशोधनों को मिलीं कानूनी चुनौतियों ने इस विवाद को जन्म दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 1967 में कहा कि एएमयू एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. लिहाजा इसे अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जा सकता. कोर्ट के फैसले का अहम बिंदू यह था कि इसकी स्थापना एक केंद्रीय अधिनियम के तहत हुई है ताकि इसकी डिग्री की सरकारी मान्यता सुनिश्चित की जा सके. अदालत ने कहा कि अधिनियम मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रयासों का परिणाम तो हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि विश्वविद्यालय की स्थापना मुस्लिम अल्पसंख्यकों ने की थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2005 में संशोधन को किया खारिज सर्वोच्च अदालत के इस फैसले ने एएमयू की अल्पसंख्यक चरित्र की धारणा पर सवाल उठाया. इसके बाद देशभर में मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किए जिसके चलते साल 1981 में एएमयू को अल्पसंख्यक का दर्जा देने वाला संशोधन हुआ. साल 2005 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 1981 के एएमयू संशोधन अधिनियम को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया. 2006 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी. फिर 2016 में केंद्र ने अपनी अपील में कहा कि अल्पसंख्यक संस्थान की स्थापना एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के सिद्धांतों के विपरीत है. साल 2019 में तत्कालीन CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले को सात जजों की बेंच के पास भेजा था, जिस पर आज फैसला आया है.  

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा खुलने से मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी

नई दिल्ली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा 12 नवंबर को आम जनता के लिए खुल सकता है। इससे मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर छह लेन हैं और आगरा नहर व गुड़गांव नहर पर दो नए पुल भी बने हैं। जाम से मिलेगा छुटकारा बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे और पुलों के खुलने से मथुरा रोड पर जाम से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा यह सिर्फ एक वैकल्पिक मार्ग नहीं है, बल्कि मथुरा रोड पर लगने वाले भारी जाम की समस्या का स्थायी समाधान है।यह नया एक्सप्रेसवे यमुना नदी के किनारे यमुना खादर, ओखला विहार और बतला हाउस जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरता है। इसका निचला हिस्सा महारानी बाग के पास बना है और यह DND फ्लाईओवर के आश्रम एंट्री के पास सड़क को पार करेगा। ढाई घंटे का सफर 25 मिनट में सासंद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर 5500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस सड़क का इस्तेमाल फरीदाबाद, पलवल और सोहना जाने के लिए किया जा सकेगा।इससे लोगों का समय भी बचेगा। अभी महारानी बाग से सोहना पहुंचने में 2.5 घंटे लगते हैं लेकिन एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद यह समय घटकर केवल 25 मिनट रह जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का आधुनिक सड़क मार्ग है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे देश के सबसे तेज़ सड़कों में से एक बनाता है। इस एक्सप्रेसवे पर पशुओं और पैदल चलने वालों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस एक्सप्रेसवे पर बाइक और धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित है। बता दें कि 12 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था।

100 करोड़ की परियोजना: यमुना नदी से लेकर 30 किलोमीटर लंबी रेनीवेल की लाइन बिछाई जाएगी, जल्द होगा काम शुरू

फरीदाबाद अरावली पहाड़ी की तलहटी में बसे सेक्टर, कॉलोनी व सोसायटी और एनआईटी क्षेत्र को राहत देने की दिशा में काम शुरू होने वाला है। इन क्षेत्रों में यमुना का जल लाने के लिए 100 करोड़ की परियोजना के टेंडर इसी महीने हो जाएंगे। अगले महीने से काम शुरू होगा। मतलब यमुना नदी से लेकर इन क्षेत्रों तक करीब 30 किलोमीटर लंबी रेनीवेल की लाइन बिछाई जाएगी। यह लाइन एक हजार एमएम की मोटाई से लेकर 900 एमएम वाली होगी। पहले चरण में 30 एमएलडी पानी रोज आएगा। इससे पांच लाख से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग 450 एमएलडी और आपूर्ति 330 एमएलडी हो रही है। एफएमडीए ने नगर निगम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कुल 22 रेनीवेल टेकओवर कर लिए हैं। बूस्टर तक पानी पहुंचाने का काम एफएमडीए का है। बूस्टर से शहर में पेयजल सप्लाई का जिम्मा नगर निगम का है। 100 करोड़ आएगा लाइन का खर्चा यमुना नदी किनारे 12 रेनीवेल लगाए जा रहे हैं। 100 करोड़ रुपये की लागत से रेनीवेल लाइन शहर तक बिछाई जानी है। 94 करोड़ की लागत से बूस्टिंग स्टेशन व अन्य काम होंगे। सरकार ने इस परियोजना के लिए कुल 294 करोड़ का बजट पास किया है। रेनीवेल की लाइन बीच में पड़ने वाली नहरों, एक्सप्रेस-वे, हाईवे व अन्य सड़कों के नीचे से निकाली जाएगी।  

केजरीवाल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ‘शीशमहल’ की होगी जांच, BJP की शिकायत पर CVC ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली केंद्रीय सतर्कता आयोग ने फ्लैगस्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री के बंगले के पुनर्निर्माण में कथित अनियमितताओं पर सीपीडब्ल्यूडी से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। यह दावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को किया। फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस बंगले में ही अरविंद केजरीवाल बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री 9 साल तक रहे थे। बीजेपी इसे शीशमहल बताती है और जांच की मांग करती रही है। नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि उनकी जांच पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीएम आवास में अवैध निर्माण और वित्तिय अनियमितताओं की जांच को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास भेजा है। तथ्यात्मक रिपोर्ट पर उचित कार्रवाई की जाएगी। गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 14 अक्तूबर को सीवीसी को एक शिकायत दी थी। इसमें छह फ्लैग स्टाफ रोड पर हुए निर्माण की जांच की मांग की गई थी। गुप्ता ने आरोप लगाया कि तमाम नियमों को ताक पर रखकर यहां निर्माण कार्य किया गया। इसके साथ संबंधित मंजूरी भी नहीं ली गई। यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है और भ्रष्टाचार का मामला है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। गुप्ता ने बताया कि उनकी शिकायत पर अब केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने सीपीडब्लूडी से जांच रिपोर्ट मांगी है। अरविंद केजरीवाल ईमानदार: आप आम आदमी पार्टी ने कहा कि सीएम आवास को लेकर शिकायत करने वाली भाजपा जितनी चाहे जांच करा सकती है। पार्टी और इसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ईमानदार हैं। इसकी वजह से ही केजरीवाल देश में सबसे लोकप्रिय निर्वाचित मुख्यमंत्री सबित हुए हैं। पार्टी ने आगे कहा कि भाजपा ने आप सरकार के खिलाफ कई जांच शुरू की, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों को निशाना बनाया गया, लेकिन ‘एक भी रुपये की गड़बड़ी’ उजागर नहीं हो पाई। पार्टी ने बयान में कहा, ‘यह हमारी अटूट ईमानदारी का सबसे मजबूत प्रमाण है। नकारात्मक राजनीति में शामिल होने के बजाय, भाजपा को लोगों की समस्याओं को समझने और वास्तविक समाधान की दिशा में काम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’

भिड़े आप नेता और पुलिस वाले, तेज आवाज वाले डीजे संगीत को लेकर हुआ विवाद

नई दिल्ली चिराग दिल्ली में छठ घाट पर तेज आवाज वाले डीजे संगीत को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस और आप नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद पुलिस और आप नेताओं के बीच हाथापाई हो गई। बताया गया कि ये नेता इलाके में पुलिया के निर्माण को लेकर बैठक कर रहे थे। आप और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर भाजपा और आप के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच हुई है। आप ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक उनकी बैठक को बाधित करने के लिए तेज आवाज में संगीत बजा रहे थे। आयोजित की गई थी पंचायत दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की जमीन पर पुलिया के निर्माण को लेकर चिराग दिल्ली गांव के निवासियों द्वारा एक पंचायत आयोजित की गई थी, जिसमें सौरभ भारद्वाज भी शामिल हुए थे, दिल्ली के मंत्री के कार्यालय ने यह जानकारी दी है। तेज आवाज डीजे को लेकर हुआ विवाद हालांकि, भाजपा समर्थकों ने पास के छठ घाट पर तेज आवाज में डीजे संगीत बजाया, जिसके बारे में भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह पंचायत की कार्यवाही को बाधित करने का प्रयास था। पुलिस और लोगों के बीच हुई धक्का-मुक्की बयान में कहा गया है कि जब आप नेता स्थानीय लोगों के साथ संगीत बंद कराने के लिए घाट पर पहुंचे तो वहां तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद इलाके में पर्याप्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए। चिराग दिल्ली में हुई यह घटना यह घटना चिराग दिल्ली में डीडीए की जमीन पर छठ मनाने को लेकर पहले हुए टकराव के बाद हुई है, जहां भारद्वाज और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज के बीच सार्वजनिक तौर पर जुबानी जंग हुई थी। भारद्वाज ने किया ये दावा भारद्वाज ने दावा किया कि महीनों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और डीडीए दोनों पुलिया परियोजना की प्रगति में बाधा डाल रहे हैं और भगवा पार्टी पर दिल्ली सरकार की विकास पहलों को रोकने का लक्ष्य रखने का आरोप लगाया है। दिल्ली के पूर्वांचली समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में छठ पूजा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यह दिल्ली के पूर्वांचली समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के भोजपुरी भाषी निवासी शामिल हैं।

नियमों का उल्लंघन करने पर 500 से ज्यादा निर्माण स्थलों पर जुर्माना, 54,000 से अधिक वाहनों पर लगा फाइन

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनी केंद्र की समिति ने रविवार को 56 निर्माण स्थलों को बंद करने का आदेश दिया और नियमों का उल्लंघन करने वाले 597 स्थलों पर जुर्माना लगाया. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कहा कि 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच 54,000 से अधिक वाहनों पर वैध प्रदूषण-नियंत्रण प्रमाण पत्र के अभाव में जुर्माना लगाया गया और 3,900 पुराने वाहनों को जब्त किया गया. अवैध कचरा फेंकने वालों पर भी एक्शन CAQM ने बताया कि अवैध कचरा फेंकने के स्थलों पर 5,300 से अधिक निरीक्षण किए गए और नगरपालिका ठोस कचरा जलाने के लिए उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. सड़क पर धूल को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में सफाई मशीनें, पानी के छिड़काव करने वाली मशीनें, और एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं. एनसीआर में औसतन हर दिन लगभग 600 पानी के छिड़काव करने वाले और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग किया गया. बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-I 15 अक्टूबर से लागू है, जबकि चरण II 22 अक्टूबर से लागू किया गया है. CAQM ने कहा कि एक GRAP मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम 15 अक्टूबर से सक्रिय है ताकि एनसीआर राज्यों द्वारा लक्षित कार्रवाई की निगरानी की जा सके. लगातार जहरीली हो रही है हवा आपको बता दें कि दिल्ली में दशहरे के बाद से हवा जहरीली बनी हुई है. AQI लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है. हालांकि पिछले दो दिन से हालात में हल्के सुधार हुए थे. लेकिन, दिवाली पर एक्यूआई में जैसी बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही थी वो सच हुई. पटाखों ने दिल्ली में हवा का हाल फिर से बेहद ही खराब कर दिया है.  केन्द्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के मुताबिक 15 अक्तूबर से लेकर 31 अक्तूबर के बीच ग्रैप प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले 500 से ज्यादा निर्माण स्थलों पर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 54 हजार वाहनों का चालान किया गया है। ग्रैप प्रतिबंधों को लागू करने के साथ ही आयोग ने सभी संबंधित संस्थाओं से इनका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तेज अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इन पर हो रही कार्रवाई की निगरानी के लिए आयोग द्वारा एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों का व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। सात हजार स्थलों का निरीक्षण किया आयोग के मुताबिक 15 अक्तूबर से 31 अक्तूबर के बीच चलाए गए अभियान में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अलग-अलग टीमों ने लगभग सात हजार निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर 597 निर्माण स्थलों पर जुर्माना लगाया गया है। नियमों का ज्यादा उल्लंघन कर रहे 56 निर्माण स्थलों पर काम को बंद करा दिया गया है। आयोग के मुताबिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी सख्त कार्रवाई की गई। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लगभग 54 हजार वाहनों का चालान समुचित पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर किया गया है। अपनी समयावधि पूरी कर चुके 3900 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। आयोग ने रविवार को बताया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। केवल दिल्ली में ही 81 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें तैनात की गई हैं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में 36 ऐसे वाहनों की तैनाती की गई है। वहीं, पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 600 वाटर स्प्रिंकलर और एंटी स्मॉग गन की तैनाती की गई है।  

भाजपा नेताओं को बस मार्शलों की बहाली को लेकर गंदी राजनीति बंद करने की चेतावनी दी: मुख्यमंत्री आतिशी

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने रविवार को भाजपा नेताओं को बस मार्शलों की बहाली को लेकर गंदी राजनीति बंद करने की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नौकरी से निकाले गए सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों (सीडीवी) को पता है कि उनकी परेशानी की वजह भाजपा है, न कि सत्तारूढ़ आप या उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल। मुख्यमंत्री ने भाजपा को चुनौती दी कि वह अधिकारियों से उनकी सरकार के उस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कहें, जिसे इस सप्ताह राजनिवास भेजा जा सकता है ताकि सभी 10 हजार सीडीवी को तुरंत नियमित किया सके। आतिशी ने गरीब परिवारों के 10 हजार से अधिक बस मार्शलों को रोजगार प्रदान करने और दिल्ली की महिलाओं तथा बच्चों के लिए बस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए उनकी तैनाती का श्रेय केजरीवाल को देते हुए कहा कि उनकी सेवा में व्यवधान “भाजपा द्वारा नियंत्रित अधिकारियों” के कारण उत्पन्न हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के अधिकारियों ने अप्रैल 2023 में बस मार्शलों का वेतन रोक दिया और उन्हें बर्खास्त करने के लिए फाइलों पर लगातार नकारात्मक नोटिंग की। आतिशी ने मीडियाकर्मियों से कहा, “यह अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार के प्रयासों के कारण ही संभव हुआ कि बाधाओं के बावजूद बस मार्शलों को वेतन जारी किया गया।” उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल ने बस मार्शलों की बहाली तक उनके संघर्ष में शामिल होने का वादा किया है। मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा पर यह हमला उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा शनिवार को लिखे गए एक पत्र के बाद किया है, जिसमें उन्होंने 1 नवंबर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीडीवी को फिर से शामिल करने का प्रस्ताव लाने में दिल्ली सरकार की असमर्थता पर नाराजगी व्यक्त की थी। सक्सेना ने कहा कि उन्होंने शहर में प्रदूषित हवा से निपटने के उपाय के रूप में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों (सीडीवी) की शीघ्र पुनर्नियुक्ति की मांग की थी। एलजी ने कहा कि “उनकी समय पर बहाली से प्रदूषण से लड़ने में मदद मिली होती और उनके कल्याण में योगदान मिला होता।” सीएम आतिशी ने रविवार को भाजपा को एक ऐसी पार्टी बताया जो आंदोलनकारी बस मार्शलों को लाठियों से पिटवाती है और दिल्ली और देश भर में अनुबंध कर्मचारियों के कल्याण का विरोध करती है। आतिशी ने कहा, “विधानसभा चुनावों से पहले, भाजपा ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लाखों संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही।” सीएम ने दिल्ली में अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने में आप सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी पेश करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने पिछले दो साल में 10,000 से ज्यादा संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को नियमित किया है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सप्ताह उनकी सरकार सभी बस मार्शलों की सेवाओं को नियमित करने का प्रस्ताव भेजेगी, लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिलने देगी।

खतरनाक हुई दिल्ली की हवा! 8 इलाकों में AQI 400 पार, ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 के पार

नई दिल्ली दिवाली के बाद से दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। प्रदूषण के कारण राजधानी के कई इलाकों में लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। रविवार को दिल्ली का आसमान धुएं की पतली परत से ढक गया। इस दौरान दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के पार रहा। वैसे तो दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन 8 इलाके ऐसे हैं जहां रविवार को लोगों को सांस लेने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं दिल्ली में प्रदूषण का हाल। 8 इलाकों में सबसे ज्यादा पलूशन वैसे तो दिल्ली एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में प्रदूषण से हालत बदतर हुए हैं, लेकिन 8 इलाकों में हवा का स्तर खतरनाक हो गया है। यहां लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह दिल्ली के नेहरू विहार और आनंद विहार की हवा में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सीपीसीबी के आंकड़ों में दिखाया गया कि 38 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्र आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, पंजाबी बाग, नेहरू मार्ग, मुंडका, जहांगीरपुरी और अशोक विहार में एक्यूआई 400 से अधिक रहा। बाकी दिल्ली का क्या हाल दिवाली के दिन बेरोकटोट पटाखों की आतिशबाजी के बाद दिल्ली की हवा का स्तर गिरना तय था। ऐसा ही हुआ। रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 350 के ऊपर रहा। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीपीसीबी से मिली अपडेट के अनुसार, रविवार को सुबह सात बजे तक दिल्ली के न्यू मोती बाग इलाके में एक्यूआई 352 और आरके पुरम में 380 दर्ज किया गया है। इसके अलावा विवेक विहार में 388, द्वारका सेक्टर 8 में 385 और लोधी रोड में 330 दर्ज किया गया है। सीपीसीबी के अनुसार, इन सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। क्यो बोले लोग दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली के लोग चिंतित हैं। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऐसे लोगों को जिनको सांस संबंधी समस्या पहले से है। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण पर बात करते हुए दिल्ली के रहने वाले आदित्य कहते हैं कि यहां सांस लेना काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बाहर जाकर एक्सरसाइज करने का यह सही समय नहीं है क्योंकि आंखों में जलन देखने को मिल रही है। क्या कर रही दिल्ली सरकार? बढ़ते प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए सरकार कई बड़े प्रयासों का दावा कर रही है। हालांकि, ये सभी प्रयास खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि लोगों को प्रदूषण से राहत तो नहीं मिल पा रही है। बढ़ती ठंड के साथ दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। दिल्ली सरकार की तरफ से जानकारी देते हुए मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए सरकार 200 एंटी-स्मॉग गन लगाएगी।

मुख्यमंत्री आतिशी के सरकारी आवास पर गंदे पानी से भरी बोतल लेकर पहुंचीं स्वाति मालीवाल ने कहा- यह नल से ‘कोका-कोला’ की स्कीम

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के सरकारी आवास पर गंदे पानी से भरी बोतल लेकर पहुंचीं और सीएम आवास के बाहर फेंक दिया। उनका दावा है कि यह पानी दिल्ली के लोगों को घरों में सप्लाई किया जा रहा है। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए मालीवाल ने कहा कि, ‘सागरपुर, द्वारका के लोगों ने मुझे बुलाया था, वहां के हालात बहुत खराब हैं। मैं वहां एक घर में गई और देखा कि वहां नल में काला पानी सप्लाई हो रहा है। मैंने उस काले पानी को एक बोतल में भरा और मैं उस पानी को यहां मुख्यमंत्री साहिबा के आवास पर लेकर आईं। 2015 से हम सुनते आ रहे हैं कि अगले साल सब ठीक हो जाएगा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘वो काला पानी जो आज मैं यहां लेकर आई हूं, क्या ये काला पानी दिल्ली पिएगी। उन्हें कोई शर्म नहीं आती? मैंने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी है कि यह तो बस एक नमूना था, अगर पंद्रह दिन के अंदर उन्होंने पूरी दिल्ली की पानी सप्लाई ठीक नहीं करी तो मैं ऐसे ही पानी से भरा एक पूरा टैंकर भरकर आऊंगी। मैं ये पानी उनके लिए छोड़कर जा रही हूं, वो चाहे तो इस पानी से नहाएं, या इस पानी को पिएं या अपने पापों की शुद्धि करें।’ मालीवाल बोलीं- घरों में हो रही कोका-कोला सप्लाई इससे पहले शनिवार दोपहर को मालीवाल शहर के द्वारका इलाके में गई थीं। जहां के लोगों ने उन्हें फोन करके घरों में बेहद गंदे पानी की सप्लाई होने की जानकारी दी थी। जब मालीवाल वहां पहुंची तो नल में आ रहे पानी को देखकर हैरान रह गईं। इसके बाद उन्होंने यहां का एक वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, ‘अभी द्वारका विधानसभा के एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर के घर आई थी, महीनों से पूरे इलाके में गंदा बदबूदार पानी आ रहा है। दिवाली पर मुख्यमंत्री आतिशी ने इनके घर पर नल से सीधा कोका कोला सप्लाई करवाई है। हज़ारों परिवारों की दिवाली बर्बाद हो गई। ये पानी की बोतल अभी दिवाली के गिफ्ट के रूप में CM मैडम को देने जा रही हूं।’

धमकियों के बीच एयर इंडिया के विमान में कारतूस मिला, दुबई से आया था दिल्ली

नई दिल्ली पिछले दिनों एक के बाद फ्लाइटों को मिली बम से उड़ाने की धमकी के बीच अब एयर इंडिया के विमान में कारतूस मिला है। फ्लाइट दुबई से दिल्ली लैंड हुई थी। इसी दौरान फ्लाइट की सीट के एक पॉकेट से एक कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद स्टाफ ने तुरंत सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और एयरपोर्ट पुलिस को मामले की सूचना दी। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घटना 27 अक्टूबर की है। प्रवक्ता ने बताया कि 27 अक्टूबर 2024 को दुबई से दिल्ली उतरने के बाद हमारी फ्लाइट AI916 की एक सीट की जेब में एक गोला-बारूद कारतूस पाया गया था। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित विमान से उतर गए थे। एयर इंडिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एयरपोर्ट पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 25 फ्लाइटों को बम से उड़ाने की मिली थी धमकी इससे पहले भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित 25 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को 25 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पिछले महीने 12 दिन में भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित 275 से अधिक उड़ानों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां मिली थी। इनमें से अधिकांश धमकियां सोशल मीडिया के माध्यम से दी गईं थीं। सूत्रों ने बताया था कि इंडिगो, विस्तारा और स्पाइसजेट की सात-सात उडा़नों जबकि एयर इंडिया की छह उड़ानों को धमकियां मिलीं थी। उधर इंडिगो के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा था, उदयपुर से दिल्ली जाने वाली उड़ान 6ई 2099 को बम की धमकी मिली। सुरक्षा एजेंसी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, उड़ान भरने से पहले विमान को एकांत स्थान में भेज दिया गया और मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया गया। सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतार लिया गया। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘मेटा’ और ‘एक्स’ से विमानन कंपनियों को बम की धमकी वाले संदेशों के बारे में डेटा शेयर करने के लिए कहा था और इन गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी गई थी। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि सरकार विमानन कंपनियों को बम धमकी मिलने की घटनाओं से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई की योजना बना रही है, जिसमें ऐसी धमकी देने वालों को ‘नो-फ्लाई’ सूची में डालना भी शामिल है।

पति ने चरित्र पर उठाया सवाल तो पत्‍नी ने काट दिया प्राइवेट पार्ट

नई दिल्ली दिल्ली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पत्नी ने किसी झगड़े को लेकर अपने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया और फरार हो गई. पति ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है. हालांकि अभी तक वारदात को अंजाम देने का कारण पता नहीं लग सका है. दरअसल, मामला नॉर्थ दिल्ली के रूप नगर इलाके का है. पुलिस के मुताबिक उन्हें 1 नवंबर को एक शख्स ने फोन कर सूचना दी कि उसकी पत्नी ने उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया है. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में शख्स को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक उसकी हालत ठीक बताई जा रही है. पुलिस फिलहाल उसके ठीक होने और लिखित शिकायत मिलने का इंतजार कर रही है. पुलिस का कहना है फिलहाल उसकी पत्नी फरार है और युवक के बयान व लिखित शिकायत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फरार महिला की तलाश की जा रही है. डाबड़ी में महिला ने अपने पति की कर दी थी हत्या बता दें कि कुछ महीने पहले दिल्ली के डाबड़ी इलाके में एक महिला ने अपने पति (husband) की हत्या करने के बाद शव को कमरे में ही छिपा दिया था और फरार हो गई थी. यह वारदात द्वारका जिले के डाबड़ी इलाके की है. यहां पत्नी ने अपने पति की हत्या कर दी और घर में बाहर से कुंडी लगाकर मौके से फरार हो गई. दिल्ली पुलिस को इस पूरी वारदात की जानकारी 20 अगस्त को तब लगी, जब पुलिस के कंट्रोल रूम में कॉल करके किसी ने बताया कि बंद घर से तेज बदबू आ रही है. इसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा खोला. घर के अंदर बुरी तरह सड़ चुकी हालत में एक शव पड़ा हुआ था. पुलिस ने जब उसकी शिनाख्त की तो पता लगा कि शव सचिन नाम के युवक का है. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू की.  

दिल्ली में दिवाली पर 2 दिन में आईं हादसों की 700 से ज्यादा कॉल, आग के सभी रिकॉर्ड टूटे

नई दिल्ली। दिवाली के जश्न के बीच इस बार राजधानी दिल्ली में आग लगने की 700 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं। दमकल विभाग को आग लगने की घटनाओं की रिकॉर्ड 400 कॉल मिलीं, जो पिछले दिन की तुलना में 80 अधिक थीं। यह 24 घंटे के भीतर प्राप्त होने वाली सबसे ज्यादा कॉल हैं। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के अनुसार, उन्हें 31 अक्टूबर को 320 कॉल और 1 नवंबर को 400 कॉल मिलीं। डीएफएस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “कुछ लोगों ने कल (शुक्रवार को) भी दिवाली मनाई थी। दोनों ही दिनों में रिकॉर्ड टूट गया है। 31 अक्टूबर को हमें करीब 320 आग लगने की कॉल आईं और 1 नवंबर को हमें करीब 400 कॉल आईं, इसलिए यह एक बहुत बड़ी संख्या है।” उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली फायर सर्विस को 24 घंटे के भीतर इतनी कॉल इससे पहले कभी नहीं आईं। वहीं, कूड़े वाले क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं की लगभग 100 कॉल प्राप्त हुईं। अतुल गर्ग ने कहा, “दिल्ली फायर सर्विस ने 24 घंटे के भीतर इतनी कॉल कभी अटेंड नहीं की… कूड़े में आग लगने की करीब 100 कॉल प्राप्त हुईं… आज अभी तक के आंकड़ों के अनुसार, कहीं भी कोई मौत नहीं हुई है।” गर्ग ने इससे पहले शुक्रवार को कहा था कि इस बार पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा कॉल आई हैं, लेकिन मैं कहूंगा कि पटाखों के कारण आग लगने की केवल एक कॉल आई है। कल आग पटाखों की वजह से लगी थीं, लेकिन इससे ज्यादा आग दूसरे कारणों जैसे मोमबत्ती, दीया, लाइटिंग में शॉर्ट सर्किट आदि की वजह से लगी थी। पिछले सालों में पटाखों की वजह से आग लगने की करीब 130 कॉल आती थीं, लेकिन इस बार पटाखों की वजह से आग की कॉल कम आई हैं। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि उन्हें समझना चाहिए कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है और इससे भविष्य में हमें भी नुकसान होगा। इसके अलावा, एक अलग घटना में, मंगोलपुरी इलाके में आज सुबह 75 वर्ग गज में चार मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। इस मकान की मंजिलों पर टेंट गोदाम था। आग लगने के चलते दूसरी मंजिल पर रहने वाली एक महिला और दो बच्चे झुलस गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। छह दमकल गाड़ियों ने आग बुझाई। वहीं, दिल्ली में नांगलोई के पास राजधानी पार्क इलाके में एक गत्ता फैक्ट्री में भी आग लगने की एक और घटना सामने आई। दिल्ली में शाहदरा के पास कांति नगर में एक बैंक्वेट हॉल के पंडाल में भी आग लग गई। नजफगढ़ इलाके में एक डीटीसी बस में आग लग गई, जब एक यात्री पटाखे में इस्तेमाल होने वाला पोटाश ले जा रहा था, जिससे दो लोग घायल हो गए।

दीपावली के दो दिन बाद भी पटाखों पर लगी रोक के बाद हुआ, दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बरकरार

नई दिल्ली शनिवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की एक परत छा गई, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में ‘खराब’ स्तर दर्ज किया गया। दीपावली के दो दिन बाद भी पटाखों पर लगी सरकारी रोक के बावजूद ऐसा हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 294 था, जिसमें 18 इलाकों में एक्यूआई 300 से ऊपर था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सबसे प्रभावित इलाकों में आनंद विहार (380), आईजीआई एयरपोर्ट (341), आरके पुरम (340), और पंजाबी बाग (335) शामिल थे। इसके अलावा, 19 अन्य इलाकों में एक्यूआई 200-300 के बीच था, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जिनमें अलीपुर (295), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (284) और मुंडका (288) भी शामिल हैं। दिल्ली के पड़ोसी शहरों में, हरियाणा के फरीदाबाद में एक्यूआई 165 था जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, जबकि गुरुग्राम में एक्यूआई 219 था, जो ‘खराब’ श्रेणी में गिना गया। उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक्यूआई 308 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है; ग्रेटर नोएडा में 202, जो ‘खराब’ श्रेणी में है; और नोएडा में एक्यूआई 250 पर था, जो समान रूप से ‘खराब’ वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। शुक्रवार को, दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रही, क्योंकि कई लोगों ने पटाखा बैन और सरकारी अपीलों के बावजूद शुक्रवार रात तक पटाखे जलाए। पिछले कुछ हफ्तों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण पराली जलाना और हवा का धीमा होना है। दिल्ली सरकार ने 14 अक्टूबर से 1 जनवरी, 2025 तक पटाखों पर रोक लगाई थी और इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए 377 प्रवर्तन टीमें तैनात की थीं। हालांकि, कई निवासियों ने इस रोक की अनदेखी कर दीपावली का जश्न मनाया, जिससे क्षेत्र की वायु गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा। एक्यूआई के मापदंडों के अनुसार: 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणियों में आता है।  

दिवाली पर दिल्ली में डबल मर्डर की पूरी कहानी, मिठाई लेकर आया, फिर पैर छूकर बरसा दीं गोलियां

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में दो हथियारबंद लोगों ने गुरुवार शाम अपने घर के बाहर दिवाली मना रहे एक चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, एक बच्चा घायल हो गया। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 17 दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घटना में आकाश शर्मा उर्फ ​​छोटू (40) और उसके भतीजे ऋषभ शर्मा (16) की मौत हो गई, जबकि कृष शर्मा (10) गोली लगने से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि पीड़ित शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में अपने घर के बाहर दिवाली मना रहे थे, तभी रात लगभग 8 बजे उन पर हमला हुआ। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी ने 17 दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। हिरासत में लिए गए नाबालिग और मृतक आकाश और उसके परिवार के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। जांच के अनुसार मृतक और आरोपी के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश का मामला सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया, पूछताछ जारी है। मिठाई देने के बहाने आया हत्यारा मृतक आकाश की मां ने कहा, “लक्ष्य नाम का एक लड़का पिछले 3-4 दिनों से हमारी गली में चक्कर लगा रहा था। कल वह मिठाई का डिब्बा लेकर हमारे घर आया और मुझसे कहा कि मैं वो डिब्बा ले लूं। जिस समय मेरा बेटा पटाखे फोड़ने की तैयारी कर रहा था, उसी समय लक्ष्य सहित दो लोग आए और फिर मैंने गोलियां चलने की आवाज सुनी। इसके बाद मैंने देखा कि मेरे बेटे को गोली मार दी गई।” अधिकारी ने बताया, ‘‘रात लगभग साढ़े 8 बजे पीसीआर कॉल आने पर पुलिस की एक टीम भेजी गई। टीम को घटनास्थल पर खून के धब्बे मिले।’’ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने आकाश शर्मा पर गोली चलाने से पहले उसके पैर छुए थे। सभी पीड़ितों को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि पास में खड़े आकाश शर्मा के बेटे कृष और भतीजे ऋषभ को भी गोलियां लगीं। अधिकारी ने बताया कि आकाश शर्मा और ऋषभ शर्मा को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि कृष शर्मा का इलाज चल रहा है। सीसीटीवी वीडियो में आकाश शर्मा, अपने भतीजे ऋषभ शर्मा (16) और बेटे कृष शर्मा (10) अपने घर के बाहर पतली सी सड़क पर पटाखे फोड़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद एक व्यक्ति दोपहिया वाहन पर आता है और आकाश शर्मा के पैर छूता है, जबकि दूसरा वहीं खड़ा रहता है। कुछ सेकेंड बाद, दूसरा व्यक्ति आकाश पर करीब पांच राउंड गोलियां चलाता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है और उनका बेटा घायल हो जाता है। जब आकाश का भतीजा हमलावरों के पीछे भागा, तो बदमाशों ने उसे भी गोली मार दी। पुलिस ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह आपसी दुश्मनी का मामला लगता है। रिपोर्ट के अनुसार, आकाश की पत्नी ने कहा कि वह हमलावरों को जानती है और उनके बीच कई सालों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाएंगे और इस संबंध में जांच जारी है।

लाइट्स लगाई थी दिवाली पर सजावट को, दिल्ली में करंट से मासूम की मौत; मकान मालिक पर केस

नई दिल्ली. दिल्ली में दिवाली के दिन दर्दनाक हादसा हो गया। जिसके कारण एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। भलस्वा इलाके में दिवाली के लिए लगाई गई लाइट्स के संपर्क में आने से पांच साल के बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई। पीड़ित सागर तीन बच्चों में सबसे छोटा था। वह अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ राधा विहार, मुकुंदपुर में रहता था। घटना मंगलवार को घटित हुई। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस नेबताया कि बच्चे की मां ने दावा किया कि उनके घर के मकान मालिक ने छत के चारों ओर सजावटी लाइटें लगाई थीं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘शाम करीब 7 बजे, मां ने बच्चे के पिता संतोष को बताया कि लाइट्स की वजह से सागर को करंट लग गया है। शुरुआत में, बच्चे को मुकुंदपुर के वेंकटेश मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया।’ बाद में, बच्चे को मुखर्जी नगर के न्यू लाइफ अस्पताल और फिर प्रशांत विहार के दूसरे अस्पताल में ले जाया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘रात करीब 10.30 बजे, बच्चे को शालीमार बाग के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’ पुलिस ने बताया कि मकान मालिक के खिलाफ भलस्वा डेयरी थाने में बीएनएस की धारा 287 (लापरवाह आचरण) और 106 (1) (लापरवाही के कारण मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसी तरह का मामला छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से भी सामने आया। जहां करंट लगने से दो नाबालिग लड़कों समेत तीन लोगों की मौत हो गई है और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मुंगेली जिले के पुलिस सुपरिटेंडेंट भोजराम पटेल ने बताया कि जिले के सरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत पथरिया गांव के करीब करंट की चपेट में आने से प्रियांशु यादव (15), अर्जुन यादव (15) और राम साहू (20) की मृत्यु हो गई तथा शिवा पांडे (20) घायल हो गया है।

धू-धू कर जलने लगी ग्रेटर नोएडा में बिल्डिंग, 3 फ्लोर पर लगी भीषण आग

नई दिल्ली. दिल्ली और आसपास के इलाकों में दीवाली धूमधाम से मनाई गई। हालांकि, राजधानी क्षेत्र में पटाखों पर बैन होने के बावजूद इसका कहीं कोई असर नहीं दिखा। लोगों ने प्रतिबंध की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। इसका एक जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला ग्रेटर नोएडा में। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईको विलेज 1 की बिल्डिंग में आग लग गई। आग की वजह बने नीचे जलाए जा रहे पटाखे और उसकी चिंगारी। रात को जब बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में आग लगी तो वहां हड़कंप मच गया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। दीवाली पर दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आग की खबरें सामने आई हैं। इस दौरान लगभग सभी मामलों में आग पटाखों की वजह से लगने की बात सामने आई है। ऐसा ही हुआ है ग्रेटर नोएडा की सुपरटेक ईको विलेज की बिल्डिंग में। दीवाली के जश्न के दौरान लोग नीचे पटाखों से आतिशबाजी कर रहे थे। इस दौरान पटाखे की चिंगारी ऊंचाई पर स्थित फ्लैट के किसी हिस्से तक पहुंच गई और वह धू-धूकर जलने लगी। देखते ही देखते आग बिल्डिंग के ऊपर स्थित तीन फ्लोर तक फैल गई। ऊंची लपटें देखकर बिल्डिंग में रहने वाले लोगों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फायर विभाग को फोन किया गया और आग को बुझाया। इस घटना में किसी तरह की हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं। दिवाली के मौके पर दिल्ली में अभी तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया है और 12 लोग जख्मी भी हुए हैं। दिल्ली फायर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दिवाली के मौके पर करीब 300 से ज्यादा जगहों से फोन आए, इसमें आग लगने की सूचना दी गई थी। दिल्ली फायर विभाग ने बताया कि पिछले 10 सालों में यह पहली बार है जब इतनी ज्यादा संख्या में आग को लेकर फोन कॉल्स आए हैं।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का एक्शन, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 7 शूटर्स गिरफ्तार

नई दिल्ली लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ पैन इंडिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 7 शूटर्स गिरफ्तार हुए हैं. सभी शूटर्स की गिरफ्तारी पंजाब और अन्य राज्यों से की गई है. पुलिस ने शूटर्स के पास से हथियार भी बरामद किए हैं. इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने भी शिकंजा कसा. एनआईए ने लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया है. अनमोल बिश्नोई उर्फ ​​भानु कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई है. वह सिंगर-राजनेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी आरोपी है. कौन है लॉरेंस का भाई, ज‍िसे NIA ने मोस्टवांटेड लिस्ट में क‍िया शामिल साल 2023 में जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. रिपोर्ट के मुताबिक वह फर्जी पासपोर्ट पर भारत से भाग गया था. अनमोल बिश्नोई कथित तौर पर अपने ठिकाने बदलता रहता है और पिछले साल उसे केन्या और इस साल कनाडा में देखा गया था. जानकारी में मुताबिक अनमोल बिश्नोई पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह जोधपुर जेल में सजा काट चुका है. अनमोल को 7 अक्टूबर 2021 को जमानत पर रिहा किया गया था. बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में भी आया नाम बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच को आरोपियों से पूछताछ में पता चला था कि शूटर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के सीधे संपर्क में थे. हत्या करने वाले संदिग्ध तीन शूटरों ने हत्या से पहले एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप (स्नैपचैट) के जरिए जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से बातचीत की थी. अनमोल बिश्नोई एक शूटर और साजिशकर्ता प्रवीण लोनकर के संपर्क में था. अनमोल कनाडा और अमेरिका से आरोपियों के संपर्क में था. एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की दशहरा की रात मुंबई के बांद्रा इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अब तक मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.  

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बस मार्शलों को अब चार महीने के लिए नौकरी देने का फैसला किया, प्रदूषण से लड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने दीपावली से ठीक पहले बस मार्शलों को एक बड़ा तोहफा देते हुए उनकी चार महीने की नौकरी फिक्स की है। अब ये बस मार्शल दिल्ली में प्रदूषण से लड़ते हुए दिखाई देंगे। दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले कई महीनों से बेरोजगार चल रहे बस मार्शलों को अब दिल्ली सरकार ने चार महीने के लिए नौकरी देने का फैसला किया है और यह नौकरी है दिल्ली में प्रदूषण से लड़ाई की है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बस मार्शल अब दिल्ली में प्रदूषण से लड़ते हुए दिखाई देंगे और अगले चार महीने तक उनकी नौकरी दिल्ली सरकार की तरफ से फिक्स की जा रही है। उसके बाद भी उनकी नौकरी पर दिल्ली सरकार की तरफ से जल्द ही कुछ न कुछ बेहतर किया जाएगा। पिछले महीने सौरभ भारद्वाज ने एलजी को पत्र लिखकर बस मार्शल के मुद्दे को सुलझाने और उन्हें नौकरी वापस दिलवाने के लिए समय भी मांगा था। लेकिन, अभी तक एलजी की तरफ से समय नहीं दिया गया है। दिल्ली सरकार की कोशिश थी कि 10 हजार बस मार्शलों को दीपावली से पहले उनकी नौकरी वापस मिल जाए। बस मार्शलों के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और दिल्ली के एलजी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि यह लोग नहीं चाहते कि दिल्ली में बस मार्शलों को नौकरी मिले और उनके परिवार खुशहाली आए। इसे लेकर बीते दिनों बस मार्शलों और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध भी जताया था।

मैरिटल रेप केस: पीड़ित पतियों का विरोध प्रदर्शन, ‘शादी के खेल में हर पति जाएगा जेल में…’ के लगाए नारे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अक्सर अपनी मांगों को लेकर कई तरह के संगठन धरना प्रदर्शन करते हैं. अपनी बात सरकार तक पहुंचाते हैं. कई बार विरोध में भी प्रदर्शन किए जाते हैं. दिल्ली में इस तरह के धरना प्रदर्शन यूं तो आम बात हैं. लेकिन रविवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर एक ऐसा प्रदर्शन हुआ, जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा. खासकर प्रदर्शनकारियों के नारों और तख्तियों ने. दरअसल, ये प्रदर्शन किसी सियासी संगठन या पार्टी का नहीं था, बल्कि ये था पत्नियों से पीड़ित पतियों का प्रदर्शन. ये लोग मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध कर रहे थे. – शादी के खेल में, हर पति जाएगा जेल में. – बीवी करे तो प्यार, पति करे तो बलात्कार. – पत्नी के प्यार में, पति गया तिहाड़ में. – अगले जन्म मोहे बेटा ना कीजो. ..और ना जाने ऐसे ही कितने नारे रविवार को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर गेट पर प्रदर्शन कर रहे करीब 75 लोग लगा रहे थे. ये नारे लिखी तख्तियां भी उनके हाथों में थीं. स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन करने वाले वो लोग थे, जो किसी ना किसी हाल में अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं. उनके उत्पीड़न का शिकार बनें हैं या फिर उनकी ब्लैकमेलिंग का. इन लोगों में कुछ लोग तो ऐसे थे, जो कई साल से अपने बच्चों से भी नहीं मिले हैं. क्योंकि उनकी पत्नियों नें उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है. और कुछ बच्चों को उनके पिता से भी मिलने की इजाजत नहीं देती हैं. कुछ पति ऐसे हैं, कि वो अपना घर होते हुए भी किराए के मकानों में रहते हैं. दरअसल, ये सारे पत्नी पीड़ित प्रदर्शनकारी मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध करने के लिए वहां जमा हुए थे. ये सभी अपने नारों और तख्तियों की वजह से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे थे. दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनीष सिंधवानी इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे थे. वह खुद पत्नी पीड़ित रह चुके हैं. उन्होंने खुद शिकार बनने के बाद ऐसे लोगों की मदद करने का फैसला किया था, जो पत्नी से पीड़ित हैं. इसी के चलते उन्होंने न्याय प्रयास फॉउन्डेशन का आगाज किया. प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता मनीष सिंधवानी ने कहा कि अगर ये कानून पास हो गया तो हर घर में रहने वाले पुरुषों को रेपिस्ट बता कर जेल भेजा जा सकता है. मामूली झगड़े पर भी पत्नी पति को जेल भिजवा सकती है. पति को ब्लैकमेल किया जा सकता है. सहमति से संबंध की बात बात कही जाती है, लेकिन सवाल ये है कि सहमति कौन तय करेगा? रात की सहमति अगले दिन किसी भी विवाद या झगड़े के बाद बदली जा सकती है. मनीष सिंधवानी का कहना था कि पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर बने कानूनों का जमकर दुरुपयोग होता आया है. चाहे घरेलू हिंसा हो या दहेज उत्पीड़न या फिर यौन हिंसा. अधिकांश मामलों में महिलाएं इन कानून के नाम पर पति का उत्पीड़न करती आई हैं. ऐसे मे अगर ये नया कानून भी पास हो गया तो महिलाओं को पुरुषों के खिलाफ मिसयूज करने के लिए एक और कानून मिल जाएगा. एक प्रर्दशनकारी सुमित सिन्हा का कहना था कि अगर पुरुषों के खिलाफ एक तरफा ऐसे ही कानून बनते रहे, तो आने वाले वक्त में युवा शादी के नाम से भी कतराने लगेंगे और शादी जैसी संस्था भी बदनाम हो जाएगी. सुमित का दावा है कि पत्नी के कारण वो पिछले तीन साल से अपनी 6 साल की बेटी से मिल नहीं पाए हैं. न्याय प्रयास फॉउन्डेशन पीड़ित पतियों की कानूनी सहायता के लिए काम कर रही है. जिसमें बहुत से ऐसे पीड़ित पति भी आए हैं, जो खुद हिंसा और ब्लैकमेलिंग का शिकार हैं. जिनसे उनकी पत्नियां लगातार पैसे की मांग करती हैं. पैसा नहीं देने पर वे अपने पति और उनके माता-पिता के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराती रहती हैं. कई मामलों में तो ऐसा भी देखा गया है कि पति को घर से बाहर निकाल कर उनकी संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया गया. आपको बता दें कि मैरिटल रेप को लेकर कानून अभी तक नहीं बना है और इस पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय में विचार-विमर्श चल रहा है. जिस पर अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होनी है. न्याय प्रयास फाउंडेशन इस कानून को पारित न किए जाने की मांग कर रही है. और लगातार इस कानून का विरोध कर रही है. संस्था का मानना है कि इस कानून सबसे अधिक दुरुपयोग होगा और विवाह संस्था विफल हो जाएगी.  

देश के कई CRPF स्कूलों को बम से उड़ानों की धमकी, मैनेजमेंट को भेजा ई-मेल

Bomb threats to many CRPF schools in the country, e-mail sent to management देशभर के कई सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इन स्कूलों में दो दिल्ली और एक हैदराबाद में है। सूत्रों के मुताबिक यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। देशभर के कई सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इन स्कूलों में दो दिल्ली और एक हैदराबाद में है। सूत्रों के मुताबिक यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। यह ई-मेल स्कूल मैनेजमेंट्स को सोमवार देर रात भेजे गए थे। यह धमकी रोहिणी के प्रशांत विहार में हुए जोरदार धमाके के ठीक अगले ही दिन आई है। इस धमाके में सीआरपीएफ स्कूल की दीवार उड़ गई थी। हालांकि इस धमाके में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन पास की दुकान का एक साइनबोर्ड और वहां पर खड़े वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली पुलिस इस मामले में खालिस्तानी लिंक की जांच कर रहा है। सोमवार को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में टेलीग्राम ऐप को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में टेलीग्राम से उस चैनल के बारे में जानकारी मांगी गई है, जिस पर बम की धमकी दी गई थी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को बम की झूठी धमकी मिली है। इन धमकियों में 100 से ज्यादा विमानों को धमकी दी गई है।

बीजेपी लगातार रेनोवेशन का मुद्दा उठाकर केजरीवाल को घेरने की कोशिश कर रही

नई दिल्ली बीजेपी ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बंगले को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। बीजेपी लगातार यहां हुए रेनोवेशन का मुद्दा उठाकर केजरीवाल को घेरने की कोशिश कर रही है। एक बार फिर बीजेपी ने PWD की लिस्ट का हवाला देकर केजरीवाल के घर मिले कीमती सामान की जानकारी दी है। बीजेपी का दावा है कि उनके घर पर 5 करोड़ के पर्दे लगे हैं। इसके अलावा 64 लाख की वॉइस कंट्रोल टीवी भी है। बीजेपी ने टोटो टॉयलट सीट का जिक्र भी किया है जो पूरी तरह टेक्नोलोजी से लेस है। बीजेपी का दावा है कि यह टॉयलेट के बंगले के 7 कमरो में लगा था जिसकी कीमत 10-12 लाख रुपए थी जो अब बंगले से गायब है।  

पीएम मोदी की डिग्री वाले केस में अरविंद केजरीवाल के राष्ट्रीय संयोजक की याचिका को सर्वोच्च अदालत ने खारिज किया

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर की गई टिप्पणी वाले मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक की याचिका को सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया है। गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर दर्ज मानहानि केस में केजरीवाल के खिलाफ ट्रायल कोर्ट ने समन जारी किया था। पूर्व सीएम ने इसे रद्द कराने के लिए पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस ऋषिकेश रॉय और एसवीएन भाटी की बेंच ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि इसी तरह की याचिका आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी दायर की थी और इस अदालत ने खारिज कर दिया था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दायर याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा, ‘हम हस्तक्षेप के इच्छुक नहीं हैं, एक याचिकाकर्ता हमारे पास आए थे और इसे खारिज कर दिया गया था।’ केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि संजय सिंह की ओर से दिया गया बयान अलग था, लेकिन बेंच ने इसे नहीं माना। इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट ने फरवरी में समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद पूर्व सीएम ने देश की सबसे बड़ी अदालत का रुख किया था। अब यहां से भी राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें गुजरात की अदालत में पेश होना पड़ेगा। केजरीवाल और संजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि केस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं ने पीएम मोदी की डिग्री को लेकर गुजरात यूनिवर्सिटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की ओर से दोनों के खिलाफ पिछले साल अप्रैल में समन जारी किया गया था। हाई कोर्ट में दोनों नेताओं ने दलील दी थी कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि उन्होंने यूनिवर्सिटी को लेकर बयान नहीं दिया था। वहीं गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और इसके लिए उन्हें ट्रायल का सामना करना चाहिए।

विमान में बम है! अब ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को मिलेगी उम्रकैद

नई दिल्ली विमान में बम है! ऐसी धमकियां आजकल आए दिन मिल रही हैं। इनके चलते एयरपोर्ट अथॉरिटीज को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार फ्लाइट्स की इमरजेंसी लैंडिंग कराकर चेकिंग होती है तो कभी फ्लाइट्स के टेकऑफ से पहले ही घंटों जांच होती है। ऐसे मामलों को लेकर अब सरकार भी सख्त रुख अपना सकती है। सोमवार को उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि अफवाह फैलाने लोगों पर कड़ा ऐक्शन होना चाहिए। ऐसे मामलों को संज्ञेय अपराध माना जाए। इसके अलावा उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जाए यानी उनके उड़ान भरने पर हमेशा के लिए रोक लगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक कानून बनना चाहिए, जिसमें अफवाहें फैलाने के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान हो। नायडू ने कहा इस तरह की फर्जी कॉल्स से गंभीर स्थिति पैदा होती है। पूरा प्रशासन परेशान होता है और यात्रियों को भी मुसीबत झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि बीते एक सप्ताह के अंदर ही ऐसी 100 कॉल्स आई हैं, जिनसे परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने UDAN स्कीम के 8वें साल के मौके पर कहा कि यह संवेदनशील मामला है। जब हम फर्जी कॉल्स की बात करते हैं तो हमें यह भी सोचना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना पड़ता है। इसलिए किसी भी धमकी पर पूरी जांच करनी पड़ती है। इसमें वक्त लगता है और पूरे प्रोटोकॉल को फॉलो किया जाता है। नायडू ने कहा कि अब उड़ानों में बम या हमले जैसी धमकियों वाले फर्जी कॉल्स को संज्ञेय अपराध बनाया जाएगा। ऐसा करने वालों को नो फ्लाई लिस्ट में डाला जाएगा। इसके अलवा हम चाहेंगे कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा मिले। ऐसे केसों में उम्रकैद तक की सजा का भी प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने सिक्योरिटी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई है। इससे एयरपोर्ट्स की मॉनिटरिंग और मजबूत हुई है। इसके अलावा हम गृह मंत्रालय से भी बात कर रहे हैं कि कैसे इन मामलों से निपटा जाए। हमें एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स में बदलाव करना होगा और हमने यह बात होम मिनिस्ट्री के सामने रख दी है। नए कानून में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान कराया जाएगा।

रोहिणी ब्लास्ट पर दिल्ली पुलिस एक्शन में, टेलीग्राम ऐप को लिखा लेटर, मांगी ये जानकारी

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने Telegram को एक पत्र लिखकर ‘Justice League India’ नामक चैनल से संबंधित जानकारी मांगी है. यह कार्रवाई रोहिणी में हुए ब्लास्ट के बाद की गई है. कल शाम, इस टेलीग्राम चैनल पर धमाके का सीसीटीवी फुटेज अपलोड किया गया, जिसमें इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली गई थी. हालांकि, Telegram की तरफ से अभी तक दिल्ली पुलिस को कोई जवाब नहीं मिला है. रोहिणी ब्लास्ट की जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है. पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है. रविवार सुबह साढ़े सात बजे हुआ था ब्लास्ट बता दें कि रविवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब जब दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रशांत विहार में ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी तो इससे इलाके में दहशत फैल गई. इसके लगभग 20 मिनट बाद ही जैसे-जैसे एरिया में बड़ी-बड़ी जांच एजेंसियों का पहुंचना शुरू हुआ तो फिर इस मामले ने और भी चिंता बढ़ा दी. हालांकि अभी तक ये सामने नहीं आया है कि ब्लास्ट कैसे हुआ? क्यों हुआ? किसने किया? मकसद क्या था? लेकिन इस ब्लास्ट ने त्योहारी सीजन में माथे पर बल ला दिए हैं. 2 किमी दूर तक सुनाई दी ब्लास्ट की आवाज धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. घटनास्थल से ‘व्हाइट पाउडर’ बरामद किया गया है, और जांच के लिए पहुंची जांच एजेंसियों ने इस धमाके को ‘मिस्टीरियस ब्लास्ट’ यानी ‘रहस्यमयी धमाका’ करार दिया है. जांच एजेंसियों ने धमाके को इसलिए ‘मिस्टीरियस ब्लास्ट’ कहा है, क्योंकि मौके से किसी तरह का टाइमर, डेटोनेटर या कोई मेटल या फिर कोई इनेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं मिला है. अब सवाल ये है कि फिर विस्फोटक में ऐसा क्या ट्रिगर हुआ कि जोरदार धमाका हुआ? इसकी जांच की जा रही है. CCTV फुटेज खंगाल रही दिल्ली पुलिस दिल्ली पुलिस ब्लास्ट साइट के आस-पास के कई किलोमीटर तक के CCTV फुटेज को खंगाल रही है, जिससे जानकारी मिल सके कि बम किसने रखा था. ब्लास्ट के आस-पास का मोबाइल का डंप डेटा भी कलेक्ट किया जा रहा है, जिसके जरिए ब्लास्ट पर संदिग्ध फोन नंबर जो एक्टिव थे उसका पता लगाया जा सके.  

दिल्ली सरकार का दावा है कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण की बड़ी वजह बीजेपी की गंदी राजनीति है

नई दिल्ली दिल्ली में हवा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। लोगों का जहरीली हवा में सासं लेना भी मु्श्किल हो रहा है। दीवाली से पहले ही राजधानी में प्रदूषण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों की स्थिति के बारे में सोचकर लोग परेशान हैं। इस बीच दिल्ली सरकार का दावा है कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण की बड़ी वजह बीजेपी की गंदी राजनीति है। सीएम आतिशी ने कहा कि दिल्ली की हवा और पानी में प्रदूषण बीजेपी की गंदी राजनीति की वजह से बढ रहा है। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि आनंद विहार में प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह उत्तर प्रदेश से आ रही बसे हैं। दरअसल आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पर्यावरण मंत्री प्रदूषण की स्थिति का जायजा के लिए आनंद विहार इलाके में गए थे। यहां आज सुबह 8.30 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 454 दर्ज किया गया था। इसी दौरान सीएम आतिशी ने कहा कि आनंद विहार इलाके में खराब एयर क्वालिटी का प्रमुख कारण उत्तर प्रदेश से आने वाली बसें हैं और इस पर यूपी सरकार से चर्चा की जरूरत है। वहीं गोपाल राय ने भी इस बार पर जोर देते हुए दावा किया कि इन बसों के धुआं दिल्ली का प्रदूषण दुगना हो रहा है। वहीं प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण विरोधी उपायों को सख्ती से लागू किया जा रहा है और धूल नियंत्रण उपायों के लिए टीमों का गठन किया गया है। सीएम आतिशी ने कहा हमने 99 टीमें बनाई हैं जो पूरी दिल्ली में धूल नियंत्रण के उपाय कर रही हैं। हमने 325 से अधिक स्मॉग गन तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए PWD और MCD ने अपने सभी संसाधन तैनात कर दिए हैं। आनंद विहार, दिल्ली और यूपी की सीमा पर होने के कारण, एक ऐसा हॉटस्पॉट है जहां AQI सबसे ज्यादा है। इसके अलावा उन्होंने यमुना नदी के जहरीले सफेद झागों के मुद्दे पर भी बात की और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, सिर्फ वायु प्रदूषण ही नहीं, पिछले कुछ दिनों से यमुना नदी में भी प्रदूषण बढ़ रहा है और इसके लिए मुख्य कारण बीजेपी की गंदी राजनीति है। उन्होंने कहा, पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए पंजाब में AAP सरकार ने दो साल तक काफी कोशिशें की हैं। पिछले साल पंजाब में पराली जलाना आधा कर दिया गया। उधर हरियाणा के आंकड़ों पर नजर डालें तो खेतों में आग लगने की घटनाओं में 23% की बढ़ोतरी हुई है। यूपी में खेतों में आग लगने की घटनाएं 70% बढ़ीं है। उन्होंने कहा, सबसे ज्यादा AQI रिकॉर्ड करने वाले आनंद विहार में बसों को देखें तो दिल्ली की सभी बसें CNG या बिजली से चलती हैं। लेकिन अगर हम यूपी और हरियाणा से आने वाली बसों को देखें तो वो डीजल से चलती हैं। आनंद विहार इलाके में दिख रहे प्रदूषण का एक अहम कारण यूपी से आने वाली हजारों डीजल से चलने वाली बसें हैं। एक तरफ जहां दिल्ली सरकार ने सीएनजी बसों की लाइन खड़ी कर दी8 वहीं हरियाणा और यूपी सरकारें अपने बेड़े में सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें क्यों नहीं ला सकतीं? आतिशी ने कहा क्योंकि वे गंदी राजनीति कर रही हैं। इसी के साथ उन्होंने ईट के भट्टों पर भी बात की। उन्होंने कहा, ईंट के भट्टे लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहे हैं। दिल्ली में आपको एक भी ईंट का भट्ठा नहीं मिलेगा लेकिन एनसीआर में तो हैं 3800 ईंट भट्टे जो दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में बड़ा योगदान देते हैं।

बीते 2 दिनों में भारतीय एयरलाइन्स की 46 फ्लाइट्स को धमकी भरे पोस्ट भेजे गए, मैसेज भी सेम-टू-सेम

नई दिल्ली भारतीय एयरलाइनों को इन दिनों बम की धमकियां मिलने का सिलसिला सा चल पड़ा है। इस हफ्ते करीब 70 ऐसे धमकी भरे पोस्ट किए गए, जिनमें से 70% एक ही एक्स अकाउंट से आए हैं। सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह एक गुमनाम और गैर-सत्यापित अकाउंट है, जिससे बीते 2 दिनों में भारतीय एयरलाइन्स की 46 घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को धमकी भरे पोस्ट भेजे गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक्स हैंडल से शुक्रवार रात को 12 और शनिवार को 34 धमकी भरे पोस्ट किए गए। भारत के अलावा इस यूजर ने अमेरिकन एयरलाइंस, जेट ब्लू और एयर न्यूजीलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय वाहकों को भी धमकियां दी हैं। इससे यात्रा में रुकावट पैदा हुई और यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया। एक्स ने सस्पेंड कर दिया अकाउंट यह संदिग्ध एक्स अकाउंट शनिवार दोपहर तक एक्टिव रहा। इसके बाद, एलन मस्क के मालिकाना वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से इसे सस्पेंड कर दिया गया। एक्स को ही पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था। एयर इंडिया, विस्तारा, इंडिगो, अकासा एयर, अलायंस एयर, स्पाइसजेट और स्टार एयर को इस अकाउंट से धमकियां दी गई थीं। स्टार एयर को उसकी 4 उड़ानों के लिए धमकियां मिलीं तो बाकियों के 5-5 फ्लाइट्स के लिए ऐसी संदेश भेजे गए। धमकी भरा एक तरह का संदेश संदिग्ध एक्स अकाउंट से जो धमकी भरे पोस्ट किए गए, उनमें एक तरह ही संदेश लिखा होता था। इसमें कहा जाता, ‘आपके 5 विमानों में बम हैं। कोई भी जिंदा नहीं बचेगा। जल्दी करो और विमान खाली करा दो।’ ये पोस्ट ऐसे समय की गईं जब कुछ उड़ानें हवा में थीं या तो कुछ ने पहले ही अपनी यात्रा पूरी कर ली थी। फिलहाल, इस संदिग्ध एक्स अकाउंट की जांच की जा रही है और इसके यूजर का पता लगाया जा रहा है। बीसीएएस की एयरलाइन कंपनियों के साथ बैठक इस बीच, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के अधिकारियों ने शनिवार को एयरलाइन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एक दिन पहले 30 से अधिक उड़ानों में बम होने की धमकी मिली थी। सूत्रों के अनुसार, आज की बैठक में कुछ एयरलाइन का प्रतिनिधित्व उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने किया, जबकि अन्य का प्रतिनिधित्व उनके सीनियर अधिकारियों ने किया। बीसीएएस के महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने कहा, ‘भारतीय हवाई क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है। मौजूदा प्रोटोकॉल मजबूत है और इसका सख्ती से पालन किया जा रहा है। हम यात्रियों को आश्वस्त करते हैं कि उन्हें बिना किसी डर के उड़ान भरनी चाहिए।’

रोहिणी में CRPF स्कूल के बाहर धमाके का टेरर है कनेक्शन? NSG तलाश रही साजिश के सबूत

नई दिल्ली दिल्ली में रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर रविवार सुबह एक जोरदार धमाका हुआ, लेकिन इसके कारण कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस ने बताया कि इस धमाके में स्कूल की दीवार, पास की दुकानों और एक कार को नुकसान पहुंचा है। दिवाली से पहले हुए राजधानी में हुए इस धमाके ने दिल्ली पुलिस के साथ ही तमाम सुरक्षा एजेंसियों की टेंशन जरूर बढ़ा दी है। इस धमाके की जानकारी मिलते ही नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस और एफएसएल टीम के साथ ही एनएसजी कमांडो भी प्रशांत विहार में सीआरपीएफ स्कूल के पास विस्फोट स्थल पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) के सूत्रों ने कहा कि दिल्ली के रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर हुए विस्फोट में इस्तेमाल की गई सामग्री देसी बम जैसी है, लेकिन पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही डिटेल क्लियर हो पाएंगी। सूत्रों ने कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार, अभी तक कोई आतंकी एंगल नहीं मिला है, लेकिन एफएसएल की टीम द्वारा अंतिम स्पष्टता दी जाएगी। पुलिस द्वारा इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और मौके पर फायर डिपार्टमेंट की एक टीम भी मौजूद है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी मौके पर पहुंच गई है। रविवार सुबह रोहिणी जिले के प्रशांत विहार इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर जोरदार धमाका हुआ। दिल्ली पुलिस को सुबह करीब 7:45 बजे पीसीआर कॉल मिली थी, जिसमें उन्हें विस्फोट की सूचना दी गई। एसएचओ और स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे जहां उन्होंने स्कूल की दीवार क्षतिग्रस्त पाई और हवा में दुर्गंध फैली हुई थी। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, “आज सुबह 07:47 बजे, एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें कॉलर ने बताया कि रोहिणी के सेक्टर 14 में सीआरपीएफ स्कूल के पास बहुत तेज आवाज के साथ एक धमाका हुआ है। एसएचओ और स्टाफ मौके पर पहुंचे, जहां स्कूल की दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई और दुर्गंध आ रही थी। आस-पास की दुकानों के शीशे और दुकान के पास खड़ी एक कार भी क्षतिग्रस्त पाई गई। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ।” क्राइम टीम, एफएसएल टीम और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। सुबह करीब 7:50 बजे अग्निशमन विभाग को भी सूचित किया गया और दमकल की दो गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। फायर डिपार्टमेंट की टीमें मौके पर हैं और विस्फोट की प्रकृति का पता लगाने के लिए पुलिस के साथ इलाके की जांच और तलाशी जारी रखे हुए हैं। पुलिस ने कहा कि सीवर लाइन की भी जांच की जा रही है और विस्फोट के प्रकार की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण मोदी सरकार और दिल्ली सरकार जिम्मेदार ठहराया: राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी

नई दिल्ली राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने शनिवार को दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और यमुना नदी में बढ़ते जहरीली झाग को लेकर बात करते हुए केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली सरकार जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आज एक्यूआई लेवल 300 पार पहुंच गया। हर बढ़ते दिन के साथ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। इसे लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली सरकार जिम्मेदार है। कई राज्यों की सरकारों ने प्रदूषण को कम करके दिखाया है। उन्होंने आगे सवाल किया कि दिल्ली के एलजी इस वक्त क्या कर रहे हैं? यमुना नदी प्रदूषित है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल साल की शुरुआत में सिर्फ नए-नए वादे करते रहे और केंद्र सरकार को जहां उन्हें दखल देना चाहिए था वहां दखल दिया नहीं। मैं दिल्ली में प्रदूषण को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार को दोषी मानता हूं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर महा विकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग को लेकर तनातनी चल रही है। इस पर कांग्रेस राज्यसभा सांसद ने कहा, मैं इससे सहमत नहीं हूं कि तनातनी चल रही है। सीट शेयरिंग को लेकर वार्ता हो रही है। लोकत्रांतिक गठबंधन में वार्ता होती है। भाजपा की तानाशाही छोटे दलों को भी निगल जाती है। हमारे यहां सभी के विचार लिए जाएंगे और समय रहते सीट शेयरिंग फॉर्मूला सुलझा लिया जाएगा। अखिलेश यादव महाराष्ट्र में 12 सीट मांग रहे हैं। इस पर कांग्रेस राज्यसभा सांसद ने कहा, उन्होंने 12 सीट की मांग नहीं की है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि वार्ता चल रही है, वार्ता होने के बाद सीट शेयरिंग सुलझा लिया जाएगा। सपा अध्यक्ष ने यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस पर उन्होंने कहा, सिर्फ यूपी ही नहीं, जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां पर कानून व्यवस्था ठप हो चुकी है।  

यमुना नदी को साफ करने के लिए जो पैसे थे वह दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए: शहजाद पूनावाला

नई दिल्ली भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शनिवार को दिल्ली मं  बढ़ते प्रदूषण, यमुना नदी में बढ़ते जहरीली झाग को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “मुझे अरविंद केजरीवाल का वह पुराना वादा याद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2025 तक यमुना नदी पूर्ण रूप से स्वच्छ हो जाएगी और दिल्ली के निवासी यमुना में नहा सकेंगे। आज मैं अपने घर से निकलकर यमुना घाट पर आया हूं। मैंने यमुना नदी से एक गिलास पानी लिया है। जिसमें सिर्फ झाग ही है।” भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, यमुना नदी को साफ करने के लिए जो पैसे थे वह दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। जिसकी वजह से आज यमुना की यह स्थिति है। छठ पूजा नजदीक है और यमुना की स्थिति यह है कि चारों तरफ सिर्फ जहरीली झाग ही दिखाई पड़ रही है। यह सनातन का अपमान है। यमुना जी का अपमान है। दिल्ली आज गैस चैंबर बन चुकी है। लोगों को मास्क लगाकर निकलना पड़ रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 के पार है। दिल्ली सरकार पहले पंजाब की सरकार को दोष देती थी। लेकिन, अब चुप है क्योंकि वहां उनकी सरकार है।” शहजाद पूनावाला ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के मूल कारणों पर दिल्ली सरकार ने बीते 10 साल में कुछ काम नहीं किया है। दिल्ली के स्मॉग टावर बंद हैं। लेकिन, दिल्ली सरकार का आरोप लगाने का खेल चालू है। हरियाणा, यूपी, राजस्थान को दोष दिया जा रहा है। यमुना नदी में प्रदूषण के बीच छठ पूजा भी नजदीक आ रही है। इस पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “भारत में आस्था के महापर्व छठ पूजा को हम सभी लोग मिलजुल कर मनाते हैं। लेकिन, केजरीवाल की वजह से इस पर भी प्रतिबंध लग गया है। हवा प्रदूषण को लेकर हिन्दुओं को जोखिम उठाना पड़ता है, पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। अब यमुना नदी में प्रदूषण की वजह से छठ पूजा को लेकर हिंदुओं को जोखिम उठाना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार ने यहां की हवा को जहरीली बनाकर सनातन का अपमान किया है।”  

साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए डिजिटल रेप के मामले में अभिभावकों का गुस्सा जमकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूटा

नोएडा नोएडा के एक नामी स्कूल के जूनियर विंग में एक साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए डिजिटल रेप के मामले में शनिवार को अभिभावकों का गुस्सा जमकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूटा है। बड़ी संख्या में अभिभावक सुबह से ही स्कूल कैंपस में पहुंच गए थे और यहां पर उन्होंने स्कूल प्रशासन से मिलने की कोशिश की। जिसके बाद अभिभावकों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। इस मामले को लेकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी से भी मुलाकात की है। डीएम ने एक कमेटी बनाकर इस पूरी घटना के जांच के आदेश दिए हैं। नोएडा के निजी स्कूल में बच्ची के साथ डिजिटल रेप के मामले में अब पैरेंट्स स्कूल प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। आज भारी संख्या में अभिभावक स्कूल के गेट पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दरअसल कुछ दिन पहले नोएडा के सेक्टर 27 स्थित एक स्कूल में आरोपी ने एक बच्ची के साथ डिजिटल रेप की घटना को अंजाम दिया था। बच्ची के परिजनों ने घटना की शिकायत थाना सेक्टर 20 पुलिस को दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी स्कूल में ही स्वीपर का काम करने वाले नित्यानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद घटना के बारे में जानकारी छुपाने के आरोप में पुलिस ने क्लास टीचर और सिक्योरिटी इंचार्ज को भी गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद दोनों को शुक्रवार को बेल मिल गई। इसके बाद से अभिभावकों के अंदर रोष दिखाई दे रहा था। अब इस मामले में स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावक भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। स्कूल प्रशासन से मुलाकात न हो पाने पर अभिभावक डीएम से मुलाकात करने के लिए आवास पर पहुंच गए। अभिभावकों ने डीएम के सामने कुछ मांगे रखी है। जिसके बाद डीएम ने एक टीम का गठन किया है जो पैरेंट्स और अधिकारियों से बात करेगा। डीएम ने पेरेंट्स को आश्वासन दिया है कि अगर पेरेंट्स की बात स्कूल मैनेजमेंट नहीं मानेगा तो कार्रवाई की जाएगी। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले को लेकर एक टीम का गठन किया है। जिसके बीएसए, डीआईओएस, सिटी मजिस्ट्रेट और जिला प्रोविजन अधिकारी शामिल हैं। वो इस मामले की जांच करेंगे। पैरेंट्स और स्कूल से बात करेंगे। इस तरह की घटनाओं के लिए पहले से गाइडलाइन है। कोई भी उसका पालन नहीं करेगा तो उसपर करवाई की जायेगी।  

जेल में रहते हुए 40 किलो वजन कम हो गया, लेकिन यह किसी ने नहीं दिखाया, केंद्र सरकार पर साधा निशाना: सत्येंद्र जैन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने जेल से बाहर आकर केंद्र सरकार पर ताबड़तोड़ निशाना साधा और जेल के अंदर रहते हुए उन पर लगे आरोपों को जवाब दिया। जेल में उनके वीआईपी ट्रीटमेंट वाले वायरल वीडियो का भी उन्होंने जवाब दिया है। उन्होंने कहा, जेल में रहते हुए उनका 40 किलो वजन कम हो गया, लेकिन यह किसी ने नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह मर भी सकते थे। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, जिस वीडियो की बात हो रही है वो मेरी सर्जरी के समय था का था, डॉक्टर ने बेड रेस्ट कहा था। उन्होंने कहा, तिहाड़ जेल में हर जगह कैमरे लगे हैं किसी और की फुटेज क्यों नहीं मिल रही है? ये कह रहे हैं सत्येंद्र जैन शानदार खाना खा रहे हैं , मैं वहां कैंटीन से खरीद कर खाता था। मैं बिल भी दिखा सकता हूं। वहां सबके लिए बिसलेरी का पानी मिलता है खरीद कर पी सकते हैं। उन्होंने कहा, जिस वीडियो की बात हो रही है वो मेरी सर्जरी के समय था का था, डॉक्टर ने बेड रेस्ट कहा था। लोग कह रहे हैं मैं मसाज करा था लेकिन वो फिजियोथेरेपी हो रही थी। कभी किसी ने पूरे कपड़े पहन कर मसाज कराया है? ”   ‘अब तक मुझे फांसी दे चुकी होती केंद्र सरकार’ सत्येंद्र जैन ने कहा, अगर लोकतंत्र नहीं होता तो केंद्र सरकार अब तक मुझे फांसी दे चुकी होती।अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर हम बदलाव लाने की कोशिश करेंगे तो हमें जेल जाना पड़ेगा। जेल जाने के बाद हमारे कई नेताओं ने हमेशा सोचा कि वे हमें क्यों तोड़ना चाहते हैं? हमने इसके बारे में बहुत सोचा और हम इस नतीजे पर पहुंचे कि वे सिर्फ हमें और हम जो बदलाव लाए, उसे रोकना चाहते हैं। सत्येंद्र जैन ने कहा, मेरे खिलाफ यह मामला चलते हुए 7 साल से ज्यादा समय हो गया है। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है, उनका एकमात्र उद्देश्य मुझे, मनीष सिसौदिया और अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना था। मुझे महीनों तक जैल में अकेले रखा गया था। मुझे जेल में मिल रही जिन सुविधाओं का सीसीटीवी फुटेज वायरल किया गया वे सुविधाएं तो सारे कैदियों को मिल रही थीं। जेल में मेरा वजन 40 किलो कम हो गया था, लेकिन वे इसे लोगों को कभी नहीं दिखाएंगे। मैं मर भी सकता था।

30 मई 2022 को गिरफ्तार किए गए आप नेता को 873 दिनों बाद नियमित जमानत मिली, ED केस में राहत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत मिल गई है। आप नेता को करीब ढाई साल बाद राहत मिली है। शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। 30 मई 2022 को गिरफ्तार किए गए आप नेता को 873 दिनों बाद नियमित जमानत मिली है। इससे पहले वह कुछ महीनों तक अंतरिम जमानत पर बाहर आए थे। कोर्ट ने तब उन्हें स्वास्थ्य कारणों से राहत दी थी। आम आदमी पार्टी ने जैन को मिली नियमित जमानत को सत्य की जीत बताया है। जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर जुड़ी चार कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोप में गिरफ्तार किया था। स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा, ‘मुकदमे में देरी और 18 महीने की लंबी कैद के मद्देनजर और इस तथ्य को देखते हुए कि मुकदमा शुरू होने में लंबा समय लगेगा आरोपी राहत के लिए पात्र है।’ जज ने 50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड भरने और इतनी ही राशि के दो मुचलकों पर राहत देने का फैसला सुनाया। जैन के वकील ने अदालत से कहा था कि उन्हें आगे हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। ईडी ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि यदि जैन को रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ईडी का मामला 2017 में सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जैन के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से सामने आया है। सत्येंद्र जैन के वकील विवेक जैन ने कहा, ‘राउज एवेन्यू ट्रायल कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक जेल में रहकर कष्ट झेला है। अभी ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। ट्रायल कोर्ट ने मनीष सिसोदिया जजमेंट को फॉलो किया है। कोर्ट ने आर्टिकल 21 को तरजीह देते हुए उन्हें जमानत का हकदार माना है।’ आम आदमी पार्टी ने सत्येंद्र जैन की जमानत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘सत्यमेव जयते। शानदार मोहल्ला क्लिनिक बनाकर दिल्ली में स्वास्थ्य क्रांति लाने वाले सत्येंद्र जैन जी को कोर्ट से जमानत मिलने से BJP की एक और साजिश नाकाम हो गई है। आज फिर भाजपा का असल चेहरा पूरे देश के सामने बेनकाब हो गया है।’ पिता को जमानत मिलने पर जैन की बेटी श्रेया ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘हमें हमेशा से पता था कि ऐसा होगा, यह बस समय की बात है। हम बहुत खुश हैं कि अदालत ने हमें न्याय दिया है…लेकिन मुझे लगता है कि इस साल दिवाली हमारे लिए जल्दी आ गई। हम खुश हैं और हम उनका बड़े उत्साह से स्वागत करेंगे।’ दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले सत्येंद्र जैन को मिली जमानत को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। सत्येंद्र जैन को मनीष सिसोदिया की तरह के पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी माना जाता है। इससे पहले पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह को कथित शराब घोटाले में महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत मिल चुकी है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई, दो सरकारी बंगले पर कब्जा करना चाहती हैं : विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) पर शीशमहल को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) ने आतिशी को शीश महल का अलॉटमेंट लेटर जारी किया था। 14 अक्टूबर को आतिशी ने इसे स्वीकार कर लिया और 16 अक्टूबर को पीडब्‍ल्यूडी ने उन्हें शीश महल पर कब्ज़े की स्लिप भी दे दी। लेकिन अब, आतिशी द्वारा दिए गए बयान में यह कहा जा रहा है कि उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर कब्जा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आतिशी दोनों सरकारी बंगलों, एबी-17 मथुरा रोड और 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर एक साथ कब्जा करना चाहती हैं। उनकी इस नीति से स्पष्ट होता है कि उनका इरादा सत्ता का दुरुपयोग करना है। आतिशी ने पहले ही पीडब्‍ल्यूडी से सभी आवश्यक दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। उन्होंने पीडब्‍ल्यूडी से मांग की है कि आतिशी से एबी-17 बंगला तुरंत खाली कराया जाए। क्योंकि, जब उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड का अलॉटमेंट मिल गया है, तो एबी-17 बंगले पर उनके कब्जे का कोई अर्थ नहीं है। बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी थी कि सीएम आतिशी को 6 फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित बंगले के आवंटन के संबंध में लोक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) से एक पत्र प्राप्त हुआ है। हालांकि, अभी तक उन्हें इस बंगले का कब्जा नहीं मिला है। बयान में यह भी कहा गया है कि आतिशी अभी भी एबी-17, मथुरा रोड आवास में रह रही हैं, जिसे उन्हें पिछले साल दिल्ली सरकार में मंत्री नियुक्त होने पर आवंटित किया गया था।

दिल्ली यमुना में फिर से ज़हरीला झाग दिखा, आपको काफी दूर तक सिर्फ़ यही झाग

 नई दिल्ली सर्दियों की दस्तक के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का जहर घुलने लगता है. इसके न केवल वायु प्रदूषण बल्कि पानी भी जहरीला हो रहा है. एक तरफ दिल्ली की हवा प्रदूषित हो रही है और सांसों पर पहरा लगा रही है. वहीं, दूसरी तरफ यमुना के पानी में झाग तैरने लगे हैं. छठ का त्योहार करीब है और यमुना जहरीली हो रही है. छठ से पहले जहरीली हुई यमुना यमुना का एक डराने वाला वीडियो सामने आया है. जिसमें नदी में झाग ही झाग नजर आ रहे है. बर्फ से नजर आने वाले ये झाग नदी में दूर-दूर तक फैले हुए हैं. ऐसा लग रहा है, जैसे नदी में पानी कम और झाग ज्यादा है. ये वीडियो कालिंदी कुंज इलाके का है. कैसी है आपके शहर की एयर क्वॉलिटी, यहां कीजिए चेक वायु प्रदूषण की बात करें तो पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में AQI का लेवल तेजी से बढ़ा है. दिल्ली-एनसीआर में कुछ इलाकों का AQI 300 से ऊपर पहुंच गया है. वायु प्रदूषण बढ़ने पर दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को अपनी सेहत की फिक्र सताने लगती है. ताजा आंकड़ों की बात करें तो आज, 18 अक्तूबर को दिल्ली का औसत AQI 293 मापा गया, जो खराब श्रेणी में आता है लेकिन ये बहुत खराब स्थिति के बेहद करीब है. NCR में भी बिगड़ने लगी हवा     फरीदाबाद-219     गाजियाबाद-267     ग्रेटर नोएडा-277     गुरुग्राम-199     नोएडा-236 कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.  

वाहन पंजीकरण, लाइसेंस और परमिट का दिल्ली में जल्द होगा डिजिटलीकरण

नई दिल्ली  दिल्ली में जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) (आरसी) डिजिटल हो सकते हैं। राज्य सरकार वाहन मालिकों को सत्यापन प्रक्रिया (वेरिफिकेशन प्रोसेस) और अन्य उद्देश्यों के लिए इसे आसान बनाने के लिए डिजिटल डीएल और डिजिटल आरसी पेश करने की योजना बना रही है। इस कदम का मकसद राष्ट्रीय राजधानी में ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने में होने वाली देरी को कम करना है, जहां दोनों दस्तावेज इस समय भौतिक कार्ड में जारी किए जाते हैं। डीएल और आरसी के इलेक्ट्रॉनिक वर्जन को आधार कार्ड की तरह इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टोर (संग्रहीत) किया जा सकता है और विभिन्न स्मार्टफोन एप के जरिए सुलभ होगा।   डिजिटल दस्तावेजों के फायदे बता दें कि डिजिटल डीएल और आरसी को आधार कार्ड की तरह इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टोर किया जा सकेगा और स्मार्टफोन एप्स के माध्यम से सुलभ बनाया जाएगा। इस प्रक्रिया से भौतिक कार्ड की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे वाहन मालिकों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने हाल ही में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अधिकारियों के साथ बैठक में इस योजना पर चर्चा की। गहलोत ने कहा, “हम पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सहज और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भौतिक आरसी से डिजिटल वर्जन में शिफ्ट होने से प्रशासनिक देरी कम होगी।” डीएल और आरसी पीडीएफ फॉर्मेट में डिजिटल डीएल और आरसी पीडीएफ फॉर्मेट में ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। वाहन मालिक अपने स्मार्टफोन के माध्यम से इन्हें डाउनलोड और प्रिंट कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ये दस्तावेज DigiLocker या mParivahan जैसे एप्स पर अपलोड किए जा सकेंगे। प्रत्येक डिजिटल दस्तावेज में एक विशिष्ट आईडी और क्यूआर कोड होगा, जो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा सत्यापन के दौरान उपयोग किया जाएगा। मौजूदा स्थिति वर्तमान में, वाहन मालिकों को भौतिक कार्ड में ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त होते हैं। मार्च 2021 में दिल्ली ने डीलरों द्वारा वाहनों का सेल्फ-रजिस्ट्रेशन शुरू किया, जिसके तहत अब तक 15 लाख से अधिक आरसी जारी किए जा चुके हैं।

दिल्ली के सीलमपुर में महिला को मारी गोली, पीड़िता की पहचान सदमा के रूप में हुई

नई दिल्ली उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर थाना क्षेत्र में एक महिला को उसके घर में घुसकर गोली मार दी गई। पीड़िता की पहचान सदमा के रूप में हुई है। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने कुछ हथियार भी बरामद किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। मामला पारिवारिक विवाद का है। जिसमें महिला की जेठानी का हाथ बताया जा रहा है। इस घटना के बाद सीलमपुर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। मौके पर मौजूद हाजिर रईस ने बताया कि हमें फोन आया कि यहां एक लड़की को गोली मार दी गई है। इसके बाद हम लोग मौके पर पहुंचे और चार हमलावरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। लड़की को पेट में गोली मारी गई थी। उसे जीटीबी अस्पताल भेज दिया गया है, अभी उसकी हालत कैसी है यह नहीं पता है। घायल महिला के जेठ मोहम्मद अमन ने बताया, “मेरी बीवी और मेरे बीच थोड़ी अनबन चल रही थी, लेकिन यह इतना बड़ा मामला नहीं था। मेरी मां से भी बात हो रही थी, लेकिन कोई बड़ी बात नहीं थी।” उन्होंने आगे बताया, “मेरी बीवी ने अपने मायके में फोन कर दिया और अपने भाइयों को बुला लिया। उनके तीन भाई आए और मेरे भाई जावेद से बात करने लगे। तभी उनके एक भाई ने मेरे भाई जावेद पर हमला कर दिया और बंदूक निकाल ली। इसी दौरान मेरे पिता आ गए और उन्होंने उनका हाथ नीचे कर दिया, लेकिन दूसरे भाई ने फिर से बंदूक उठाई और गोली चला दी।  

दिल्ली में आने वाली है कड़ाके की ठंड, गिर गया रात का पारा, हवा भी खराब, बीमारियों का बढ़ेगा कहर

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने के साथ चौथे दिन भी यही स्थिति बनी हुई है. आज यानी 17 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है. हालांकि, सुबह 7 बजे तक कहीं भी प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में नहीं मापा गया है. बता दें कि कल (16 अक्टूबर) कुछ इलाकों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में मापा गया था. प्रदूषण की वजह की बात करें तो दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए केंद्र की निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, परिवहन से होने वाला उत्सर्जन दिल्ली के वायु प्रदूषण का लगभग 19.2 प्रतिशत है. इसके अलावा पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना भी है. सैटेलाइट डेटा से बुधवार को पंजाब में 99, हरियाणा में 14, उत्तर प्रदेश में 59 और दिल्ली में एक आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. आज दिल्ली का एक्यूआई 267 मापा गया. वहीं कई इलाकों में आज एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में है. दिल्ली के इलाके AQI अलीपुर 261 आनंद विहार – अशोक विहार 276 आया नगर 251 बवाना – बुराड़ी – डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज 227 द्वारका सेक्टर-8 339 आईजीआई एयरपोर्ट 280 दिलशाद गार्डन 202 आईटीओ 195 जहांगीरपुरी 343 जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 218 लोधी रोड – मंदिर मार्ग – मुंडका 370 द्वारका एनएसआईटी 262 नजफगढ़ 192 नरेला 281 नेहरू नगर 261 नॉर्थ कैंपस 242 ओखला फेस-2 290 पटपड़गंज 322 पंजाबी बाग 289 पूसा DPCC 214 पूसा IMD 214 आरके पुरम 266 रोहिणी 315 शादीपुर 315 सिरीफोर्ट 252 सोनिया विहार 268 अरबिंदो मार्ग 206 विवेक विहार 285 वजीरपुर 323 जैसे-जैसे सर्दियां आ रही हैं, दिल्लीवासी पहले से ही हवा की बिगड़ती गुणवत्ता का असर महसूस कर रहे हैं. बुधवार सुबह 4 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक की रीडिंग 230 थी, जो मुख्य निगरानी स्टेशन पर मंगलवार की रीडिंग 207 से कम है. मौसम की बात करें तो अब न्यूनतम तापमान ने भी गोता लगाना शुरू कर दिया है, जिससे हल्की ठंड का एहसास होने लगा है. आईएमडी ने गुरुवार को मुख्य रूप से साफ आसमान रहने का अनुमान लगाया है, अधिकतम और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. NCR की बात करें तो यहां की स्थिति दिल्ली से कुछ बेहतर है. जहरीली हवा बढ़ा सकती है मेंटल प्रॉब्लम्स डॉक्टर की मानें तो हद से ज्यादा एयर पॉल्यूशन आंखों की बीमारियों की वजह बन सकता है और इससे मेंटल हेल्थ बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. पॉल्यूशन की वजह से लोगों का स्ट्रेस लेवल बढ़ सकता है और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि जहरीली हवा से मूड स्विंग्स, एंजायटी, डिप्रेशन और अन्य मेंटल डिसऑर्डर का खतरा बढ़ सकता है. प्रदूषित हवा में मौजूद नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड के संपर्क में आने पर मेंटल प्रॉब्लम से जूझ रहे लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है, क्योंकि एयर पॉल्यूशन से मेंटल प्रॉब्लम ट्रिगर हो सकती हैं. फरीदाबाद-165 गाजियाबाद-251 ग्रेटर नोएडा-236 गुरुग्राम-170 नोएडा-224 कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. बता दें कि राजधानी में कल प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार के बाद भी GRAP-1 की पाबंदियां लगी हैं. GRAP-1 के तहत नीचे दी गई पाबंदियां लगाई जाती हैं. सड़कों पर समय-समय पर मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव निर्माण स्थलों पर धूल शमन का उपयोग प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कड़ी जाँच, बेहतर यातायात प्रबंधन और उद्योगों, बिजली संयंत्रों और ईंट भट्टों में उत्सर्जन नियंत्रण खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर का सीमित उपयोग और भोजनालयों में कोयले या जलाऊ लकड़ी का उपयोग नहीं प्रदूषणकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 311 एपीपी, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर ऐप और ऐसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर शिकायतों के निवारण के लिए त्वरित कार्रवाई सड़क पर यातायात कम करने के लिए कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए एकीकृत आवागमन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करें पटाखों से परहेज कर पर्यावरण अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की सलाह बता दें कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता के आधार पर GRAP को चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है:  स्टेज I – ‘खराब’ (AQI 201-300);  स्टेज II – ‘बहुत खराब’ (AQI 301-400);  स्टेज III – ‘गंभीर’ (AQI 401-450);  स्टेज IV – ‘गंभीर प्लस’ (AQI >450). फर्टिलिटी बर्बाद कर सकता है एयर पॉल्यूशन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हवा में मौजूद पॉल्यूशन के बेहद छोटे कण शरीर में पहुंच जाते हैं और हमारे खून में मिल जाते हैं. इससे शरीर के सभी अंगों पर बुरा असर पड़ता है. कई रिसर्च में पता चला है कि ज्यादा पॉल्यूशन लोगों की फर्टिलिटी को बुरी तरह प्रभावित करता है और इसकी वजह से इनफर्टिलिटी की परेशानी बढ़ सकती है. पॉल्यूशन से बच्चे और बुजुर्ग बुरी तरह प्रभावित होते हैं, क्योंकि इससे उनके फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है. प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी पॉल्यूशन बेहद खतरनाक है. अगर आपको किसी भी तरह की बीमारी है, तो पॉल्यूशन से हर हाल में बचाव करना चाहिए. एयर पॉल्यूशन से कैसे करें बचाव? – एयर पॉल्यूशन घर के बाहर ही नहीं, घर के अंदर भी होता है. ऐसे में घर के अंदर एयर क्वालिटी सुधारने की कोशिश करें. खिड़कियां खोलें और ताजा हवा आने दें. पॉल्यूशन कम करने के लिए घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें. घर के अंदर इनडोर प्लांट्स रख लें, जो हवा को शुद्ध करते हैं. – जब हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक हो, तो घर से बाहर कम से कम निकलें. बाहर जाने से पहले मौसम की जानकारी लेना भी जरूरी है. अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ज्यादा स्तर खराब हो, तो बाहर जाने से … Read more

आकासा एयर की फ्लाइट में बम की धमकी, धमकी के बाद विमान के लिए हवाई अड्डे पर आपात स्थिति घोषित की गई

नई दिल्ली बेंगलुरु जा रहा आकासा एयर का विमान बम की धमकी मिलने के बाद बुधवार दोपहर राष्ट्रीय राजधानी लौट आया। सूत्रों ने यह जानकारी दी । मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि विमान क्यूपी1335 में 180 से अधिक लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि विमान बम की धमकी मिलने के बाद बुधवार दोपहर राष्ट्रीय राजधानी लौट आया और दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। बम की धमकी मिलने के बाद विमान के लिए हवाई अड्डे पर आपात स्थिति घोषित की गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, विमान को एक अलग स्थान पर खड़ा कर दिया गया है तथा यात्रियों एवं चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। पिछले दो दिन में लगभग एक दर्जन भारतीय उड़ानों में बम होने की धमकी मिली है और इन विमानों में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। इनमें से कुछ उड़ानें विदेशी गंतव्य स्थलों की ओर जा रही थी। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में बताया कि दिल्ली से बेंगलुरु जा रही अकासा एयर की उड़ान में बम की धमकी संबंधी सुरक्षा अलर्ट मिला था और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को तुरंत दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा वापस भेज दिया गया, जहां इसे सुरक्षित उतारा गया। पुलिस उपायुक्त (आईजीआई हवाई अड्डा) उषा रंगनानी ने एक पुलिस बयान में कहा, ‘‘विमान को एक अलग क्षेत्र में रखा गया है और यात्रियों एवं चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।” अकासा एयर ने एक बयान में बताया कि 174 यात्रियों, तीन शिशुओं और चालक दल के सात सदस्यों को ले जा रहे विमान को सुरक्षा खतरे संबंधी चेतावनी मिली। बयान में कहा गया, ‘‘कैप्टन ने सभी आवश्यक आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को वापस दिल्ली की ओर मोड़ा और इसे दोपहर एक बजकर 48 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा।” अकासा एयर ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार, स्थानीय प्राधिकारियों के साथ समन्वय करके सभी यात्रियों को एक बजकर 57 मिनट पर विमान से उतार दिया गया। इसके बाद प्राधिकारियों ने आवश्यक जांच कीं।

दिल्ली सीएम आतिशी ने कहा-कच्ची कॉलोनियों में रहने वालों को अब बिजली कनेक्शन बिना एनओसी के मिलेगा

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की कच्ची कॉलोनी में रहने वालों को बड़ी राहत देते हुए यह घोषणा की है कि अब उन्हें बिजली कनेक्शन बिना एनओसी के भी मिलेगा। आतिशी ने बताया है कि दिल्ली में 1731 कच्ची कॉलोनियां हैं और दस साल पहले यहां बहुत बुरा हाल था। लेकिन जब अरविंद केजरीवाल की सरकार बनी तो यहां तमाम सुविधाएं दी गई और यहां रहने वाले लोगों का जीवन सुलभ हो गया। मगर पिछले एक साल से यहां रहने वाले लोगों को भाजपा की डीडीए की वजह से बिजली कनेक्शन लेने में दिक्कत आ रही है। डीडीए ने आदेश जारी किया कि बिना डीडीए की एनओसी के 1731 कच्ची कॉलोनियों में रहने वालों को बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा। आतिशी ने बताया कि अब दिल्ली की आप सरकार ने फैसला लिया है कि इन 1731 कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन और मीटर के लिए किसी भी तरह की एनओसी की जरूरत नहीं होगी। इस बारे में डिस्कॉम को आदेश दे दिये गये हैं। डीडीए ने आदेश निकाला था कि बिजली कनेक्शन के लिए कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को एनओसी चाहिये होगा। इससे लोग दर-दर भटक रहे थे और कनेक्शन नहीं मिल पा रहा था। वहीं जो डीडीए के अधिकारियों को रिश्वत दे रहा था, उसे कनेक्शन मिल जाता था। आतिशी ने कहा है कि अब दिल्ली सरकार ने डिस्कॉम को आदेश दे दिए हैं कि अब बिजली कनेक्शन के लिए किसी भी तरह की एनओसी की आवश्यकता नहीं होगी। डीडीए ने आदेश निकाला था कि बिजली कनेक्शन के लिए कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को एनओसी चाहिये होगा। इससे लोग दर-दर भटक रहे थे और कनेक्शन नहीं मिल पा रहा था।  

जर्मनी के ambassador का देसी अंदाज, नई कार में बांधी नींबू-मिर्ची, फोड़ा नारियल

 नई दिल्ली जब हम नई गाड़ी या घर खरीदते हैं, तो सबसे पहले पूजा-पाठ करते हैं और शुभ संकेत के रूप में नारियल फोड़ते हैं. इसके अलावा, बुरी नजर से बचाने के लिए गाड़ी पर नींबू-मिर्ची भी टांगी जाती है. लेकिन, हैरानी तब होती है जब कोई विदेशी इस परंपरा को अपनाते हुए दिखता है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एंबेसडर को भारतीय परंपराओं और मान्यताओं का पालन करते देखा गया है. जर्मनी के राजदूत का भारतीय परंपराओं से लगाव भारत में तैनात जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन नेअपनी नई इलेक्ट्रिक लग्जरी कार खरीदी. इसे वेलकम करते हुए एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में वे कार के ऊपर से सिल्वर कपड़ा हटाते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद उनकी चमचमाती ब्लैक कार दिखती है, और वहां मौजूद लोग तालियां बजाते हैं. जर्मन राजदूत ने अपनी कार को ‘बुरी नजर’ से बचाया इसके बाद उन्हें कार की चाबी सौंपी गई. उन्होंने अपनी कार पर अपने देश का झंडा लगाया. लेकिन वीडियो का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब आया जब उन्होंने अपनी कार पर भारतीय मान्यता के अनुसार धागे में बंधी नींबू-मिर्ची लटका दी, ताकि नजर से बचा सकें. वैसे ही जैसे आमतौर पर भारतीय लोग करते हैं. कार के आगे नारियल फोड़ने की रस्म राजदूत ने अपनी कार में नींबू-मिर्ची लटकाने के बाद भारतीय परंपरा का पालन करते हुए कार के आगे नारियल भी फोड़ा. भारतीय मान्यता के मुताबिक, नारियल का पानी शुभ माना जाता है. यह रस्म ईश्वर के आशीर्वाद को प्राप्त करने का प्रतीक है. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जर्मन राजदूत का वीडियो राजदूत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है. उनके भारतीय रीति-रिवाजों में विश्वास और उनका पालन करने की भावना की सराहना हो रही है.  

दिल्‍ली-एनसीआर में खराब आबोहवा के बाद ग्रैप लागू, अब लगेगी कई चीजों पर पावंदी

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खतरे के निशान के पार पहुंच गया है। दिल्ली एनसीआर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां का एक्यूआई 300 से ज्यादा है। स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया है। ऐसे में आईए जानते हैं कि ग्रैप के कितने चरण होते हैं और किस चरण में किन-किन चीजों पर पाबंदी होती है। एक्यूआई 201 से 300 के बीच रहने पर ग्रैप का पहला चरण लागू किया जाता है। इसमें निर्माण और विध्वंस से निकलने वाली धूल और मलबे के प्रबंधन से संबंधित निर्देश लागू होते हैं। खुली जगहों पर कचरा जलाने और फेंकने पर रोक लगाई जाती है। नियमित रूप से कूड़ा उठाने के निर्देश दिए जाते हैं। सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए कुछ दिनों के अंतराल पर पानी का छिड़काव किया जाता है। डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाती है और पीयूसी के नियमों को सख्ती से लागू किया जाता है। वाहनों से निकलने वाले धुएं पर सख्ती बरती जाती है। एक्यूआई 301 से 400 के बीच होने पर ग्रैप का दूसरा चरण लागू किया जाता है। इसमें अस्पतालों, रेल और मेट्रो सेवाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाता है। रोजाना सड़कों की साफ-सफाई और पानी का छिड़काव किया जाता है। फैक्ट्रियों में केवल उचित ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाई जाती है, निर्माण स्थलों पर निरीक्षण बढ़ा दिया जाता है। एक्यूआई 401 से 450 के बीच होने पर तीसरा चरण लागू किया जाता है। इसमें हर दिन सड़कों की सफाई की जाती है, नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है। निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले धूल और मलबे का सही तरीके से निष्पादन किया जाता है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में पेट्रोल से चलने वाले बीएस-3 इंजन और डीजल से चलने वाले बीएस-4 चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाती है। एक्यूआई 450 से अधिक होने पर ग्रैप का चौथा चरण लागू किया जाता है। इस चरण में ट्रक, लोडर जैसे भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने पर रोक लगा दी जाती है। केवल आवश्यक सामग्री वाली आपूर्ति करने वाले वाहनों को प्रवेश दिया जाता है। सभी प्रकार के निर्माण और विध्वंस कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। राज्य सरकार स्कूली छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं और सरकारी तथा निजी कार्यालयों के लिए घर से काम करने का निर्णय भी ले सकती है। ऑड-ईवन का निर्णय भी चौथे चरण में लिया जा सकता है, हालांकि यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा करने के लिए राज्य सरकार को अधिकार दिए गए हैं।

DU के संविदा कर्मचारियों का मासिक वेतन 45,000 रुपये से बढ़ाकर 55,000 रुपये

नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) ने संविदा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना को मंजूरी दी है. यह महत्वपूर्ण निर्णय सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुई ईसी की 1272वीं बैठक में लिया गया. यह बैठक विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में आयोजित की गई. बैठक की शुरुआत पद्म विभूषण रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट के मौन से शुरू हुई. प्रो. सिंह ने बताया कि वित्त समिति की सिफारिशों के अनुसार, सभी कानूनी जटिलताओं पर व्यापक चर्चा के बाद ईपीएफ योजना को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने पुष्टि की कि यह योजना अक्टूबर 2024 से लागू की जाएगी. हर साल से 5% वेतन बढ़ेगा   दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया, जिसमें 10 अक्टूबर को हुई शैक्षणिक परिषद (एसी) की सिफारिशों पर चर्चा शामिल थी. निर्णयों के बीच, ईसी ने पार्ट-टाइम मेडिकल ऑफिसर्स (जीडीएमओ) के संविदा शुल्क में वृद्धि को मंजूरी दी. अब उनका मासिक वेतन 45,000 रुपये से बढ़ाकर 55,000 रुपये किया जाएगा, जो अक्टूबर 2024 से लागू होगा. इसके अलावा अप्रैल से हर साल 5% की वार्षिक वृद्धि भी दी जाएगी. रिटायर कर्मचार‍ियों को मिलेगा ये फायदा ईसी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए वित्त समिति की सिफारिशों के अनुसार एक सैद्धांतिक वेतन वृद्धि को भी मंजूरी दी. इसके अलावा, राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु की स्थिति में पुराने पेंशन योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए जारी कार्यालय ज्ञापन को भी अनुमोदित किया गया. आगे, परिषद ने मौरिस नगर पुलिस स्टेशन के लिए दी गई भूमि के पट्टे को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी. एक और प्रमुख निर्णय में, उच्च शिक्षा सचिव को कार्यकारी परिषद का सदस्य बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक समिति गठित की गई है, जो अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी. एकेडमिक प्राेग्राम्स भी बढ़ाए गए    शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में, ईसी ने रामजस कॉलेज, हंसराज कॉलेज और राम लाल आनंद कॉलेज में पूर्वी एशियाई भाषाओं के पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी, जिसमें कोरियाई, चीनी और जापानी भाषाओं के कार्यक्रम शामिल होंगे। इसके अलावा, ईसी ने विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज में मेडिकल प्रयोगशाला विज्ञान (बीएमएलएस) कोर्स और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक और नवजात एनेस्थीसिया में डीएम कोर्स को मंजूरी दी. बैठक के समापन पर, विश्वविद्यालय की 2024-2047 की रणनीतिक योजना और संस्थागत विकास योजना (आईडीपी) के विकास के लिए कुलपति को अधिकृत करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया.  

दिल्ली में ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग से कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार शहर में पांच जगहों पर ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर खोलने जा रही है। ये सेंटर नॉर्थ, नॉर्थवेस्ट, वेस्ट, साउथ और साउथ-ईस्ट दिल्ली में खुलेंगे। इससे कमर्शियल गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट ऑटोमेटेड तरीके से हो सकेगा। अभी सिर्फ झुलझुली में एक ही ऑटोमेटेड सेंटर है। इससे सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। बुराड़ी में मैन्युअल टेस्टिंग होती है। नए सेंटर खुलने से लाइट और हैवी कमर्शियल गाड़ियों को फायदा होगा। अब इन गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट ऑटोमेटेड सेंटर पर ही कराना जरूरी कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए अहम कदम ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इन सेंटर्स को चलाने के लिए ऑपरेटर से एप्लीकेशन मांगे हैं। कोई भी व्यक्ति, कंपनी या संस्था इसके लिए आवेदन कर सकती है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ऑटोमेटेड सेंटर से फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए सिस्टम में हेरफेर की आशंका कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यह एक अहम कदम है क्योंकि सड़कों पर चलने वाले अनफिट वाहन हादसों का एक बड़ा कारण हैं। ज्यादा सख्त और पारदर्शी फिटनेस टेस्टिंग प्रक्रिया लागू करके सरकार सड़कों पर अनफिट वाहनों की संख्या कम करना चाहती है। हाल के दिनों में भारत में अनफिट कमर्शियल वाहनों से होने वाले हादसों में बढ़ोतरी हुई है और वित्तीय वर्ष 2022-23 में हुए 1.9 लाख सड़क हादसों में से लगभग 40% ऐसे वाहनों की वजह से हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि कॉन्सेसनेयर को ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को गाड़ियों के नंबरों के साथ किए गए टेस्ट की संख्या भी बतानी होगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेटर को सेंटर पर निरीक्षण के दौरान गाड़ी का 30 सेकंड का वीडियो भी देना होगा। कैसे होगा पूरा काम, हर एक बात जानिए डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) में लिखा है कि प्रत्येक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर परिवहन विभाग, GNCTD द्वारा एक मोटर वाहन निरीक्षक या समान योग्यता वाले सरकारी अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया जा सकता है, जो पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार होंगे। हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण, ऑटोमेटेड उपकरणों के माध्यम से वाहनों की फिटनेस के परीक्षण और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रियाओं को अधिसूचित किया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चयनित आवेदक अनुबंध अवधि के दौरान केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार वाहन फिटनेस परीक्षण करने की निर्दिष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए नागरिक से वाहन निरीक्षण शुल्क वसूल करेगा, एकत्र करेगा और विनियोजित करेगा। अधिकारी ने आगाह किया कि विभाग को गलत सूचना देने या भारत सरकार और समय-समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित नीति, नियमों, दिशानिर्देशों में निर्देशों का पालन न करने का कोई भी प्रयास समाप्ति और अनुबंध या लाइसेंस को रद्द करने का आधार हो सकता है। किसी भी एकल आवेदक को अधिकतम दो ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन क्षेत्रों से सम्मानित किया जा सकता है।  

कल से WTSA की बैठक : अब 6G की रेस में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत, 190 देशों के प्रतिनिधि करेंगे चर्चा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कल से वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (WTSA) की बैठक शुरू हो रही है, जो 24 अक्टूबर तक चलेगी। इस सम्मेलन में 190 देशों के प्रतिनिधि 6G और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। यह पहली बार है जब भारत में इतने देशों के प्रतिनिधि एक साथ आकर टेक्नोलॉजी पर बात करेंगे। एशिया में भी इससे पहले ऐसा आयोजन नहीं हुआ है। आजकल हाई स्पीड इंटरनेट की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग और तेज स्पीड चाहते हैं। भारत में फिलहाल 4G और 5G इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हैं, और अब देश 6G इंटरनेट सर्विस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत जल्द से जल्द 6G हाई स्पीड इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। भारत ने ग्लोबल पेटेंट फाइलिंग में शीर्ष-6 देशों में अपनी जगह बना ली है, जो दिखाता है कि देश तकनीक के क्षेत्र में कितना आगे बढ़ चुका है। कई कंपनियां 5G इंटरनेट सेवाएं शुरू कर चुकी हैं, जबकि अन्य कंपनियां 4G सेवाएं दे रही हैं और जल्द ही 5G में प्रवेश करेंगी। दिल्ली में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के सहयोग से WTSA का यह सम्मेलन आयोजित हो रहा है, जो सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। भारत के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश को अन्य देशों के साथ सहयोग करने का मौका मिलेगा और अपने तकनीकी मानकों को विकसित करने में मदद मिलेगी। 6G मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी भविष्य की नई पीढ़ी है, जो 5G से कई गुना तेज और अधिक सुरक्षित होगी, जिससे काम करना और भी आसान हो जाएगा।  

दिल्लीवाले दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे, प्रदूषण रोकने के लिए सरकार का एक्शन प्लान

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोग इस साला भी बिना आतिशबाजी के ही दिवाली मनाने पड़ेगी. क्योकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (Delhi Pollution Control Committee) वायु प्रदुषण को लेकर एनसीटी दिल्ली क्षेत्र में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से डिलीवरी पर 01.01.2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बाद आदेश जारी किया गया है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के बाद आदेश भी जारी हुआ है. पत्र में आदेश नहीं मनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है. यह भी पढ़े: Firecrackers Ban: दीवाली पर आतिशबाजी जरूरी! पटाखों पर रोक के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा केरल सरकार दिल्ली पटाखे फोड़ने और बेचने पर लगा बैन वहीं इससे पहले पिछले महीने पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक बयान में कहा कि वायु प्रदूषण में मौसमी वृद्धि को कम करने के लिए प्रतिबंध आवश्यक है. प्रदूषण पटाखों के कारण और भी बदतर हो जाता है. राय ने कहा, “सर्दियों के मौसम में दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा है. इस समय पटाखे जलाने से प्रदूषण और बढ़ जाता है.” उन्होंने कहा, “इस स्थिति को देखते हुए, पिछले वर्ष की तरह, हम सभी प्रकार के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रहे हैं, ताकि लोगों को प्रदूषण से बचाया जा सके. किसी भी तरह के पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और आपूर्ति पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.” बिगड़ जाती है एयर क्वालिटी दरअसल, अक्टूबर से दिल्ली की हवा खराब होने लगती है. इसके दो कारण हैं. पहला तो ये कि अक्टूबर से मौसम बदलने लगता है. तापमान गिर जाता है और हवा की स्पीड पर भी असर पड़ता है. दूसरा इसी मौसम में दिल्ली के आसपास के राज्यों में किसान पराली भी जलाना शुरू करते हैं. इससे प्रदूषण और बढ़ता है. दिवाली में पटाखे फोड़ने से हालात और खराब हो जाते हैं. दिवाली के मौके पर पटाखे फोड़ने से हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं. दिल्ली में सदर बाजार, चांदनी चौक, कोटला, रोहिणी, लक्ष्मी नगर जैसे मार्केट मुख्य रूप से पटाखों के कारोबार के केंद्र हैं. हालांकि, पटाखों के बैन से लोगों के रोजगार पर भी बुरा असर पड़ा है.  2016 से 2022 तक आंकलन दशहरे की बात करें तो 2016 से 2022 तक दशहरे के दिन प्रदूषण का स्तर महज तीन बार सामान्य स्तर पर रहा है। इनमें 2021 और 2017 में 198 और 2019 में यह 112 रहा था। इस बार भी एक्यूआई सामान्य स्तर पर रहने का पूर्वानुमान है। एक्यूआई 160 के आसपास रहने की संभावना है। ऐसे में यह 2019 के बाद से अब तक का सबसे साफ दशहरा हो सकता है।

पीएम मोदी से मिलीं मुख्यमंत्री आतिशी, CM बनने के बाद पहली बार मुलाकात

 नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि दोंनों नेताओं के बीच यह शिष्टाचार भेंट थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद आतिशी पहली बार पीएम मोदी से मिली हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तस्वीर साझा करते हुए दोनों नेताओं की मुलाकात की जानकारी दी गई। दिल्ली सरकार की ओर से अभी यह नहीं बताया गया है कि आतिशी की प्रधानमंत्री से क्या बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच यह एक औपचारिक, शिष्टाचार मुलाकात थी। कथित शराब घोटाले में कई महीने जेल में रहने के बाद बाहर आकर अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह आतिशी को मुख्यमंत्री बनाया गया है। इससे पहले आतिशी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की थी। दरअसल, आतिशी ने 21 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी. शपथ लेने के साथ ही वह दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गई थीं. एक खास बात यह भी है कि वह राष्ट्रीय राजधानी में सीएम पद संभालने वाली तीनों महिला मुख्यमंत्रियों में से सबसे कम उम्र की महिला सीएम हैं. आतिशी को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी. आतिशी की नई मंत्रिपरिषद में सबसे पहले सौरभ भारद्वाज ने शपथ ली थी, उसके बाद गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और दिल्ली कैबिनेट में नए सदस्य मुकेश अहलावत ने शपथ ली थी. हालांकि, आतिशी का कार्यकाल संक्षिप्त होगा, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. जमानत मिलने के बाद केजरीवाल ने दिया था इस्तीफा बता दें कि कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के 2 दिन बाद यानी 15 सितंबर को केजरीवाल आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय पहुंचे थे. तब केजरीवाल ने दो दिन बाद इस्तीफे का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, जब तक जनता अपना फैसला नहीं सुना देती कि केजरीवाल ईमानदार हैं. केजरीवाल ने शपथ लेकर किया था आतिशी के नाम का ऐलान AAP के चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा था,’मैं हर घर और गली में जाऊंगा और जब तक जनता का फैसला नहीं मिल जाता, तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा. इसके बाद सीएम पद के लिए आतिशी के नाम का ऐलान हुआ था. पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में आतिशी को सीएम बनाने का फैसला लिया गया था.’  

CM आतिशी से हिंदुओं की भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की भी मांग की: भाजपा

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमलावर है। दशहरे पर आतिशी के भाषण का एक हिस्सा शेयर करते हुए भाजपा नेता उन पर तंज कस रहे हैं। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने तो हिंदुओं की भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की भी मांग की है। भाजपा नेताओं ने वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि आतिशी ने कहा कि ‘असत्य की जीत होकर रहेगी, अन्याय की जीत होकर रहेगी।’ हलाकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। दशहरे के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल, दिल्ली की सीएम आतिशी समेत तमाम बड़े-बड़े नेता अलग-अलग जगहों पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। दिल्ली की सीएम आतिशी ने आईपी एक्सटेंशन में रामलीला कमिटी इंद्रप्रस्थ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने रावण दहन से पहले मंच से संबोधित भी किया। आतिशी ने कहा कि विजयादशमी का दिन इस बात का प्रतीक है कि असत्य चाहे जितना शक्तिशाली लगे जीत हमेशा सत्य की होती है। भगवान राम ने हमें सिखाया है कि चाहे कितनी भी कठिनाई हो मर्यादा के रास्ते से नहीं हटना है। भगवान राम के दिखाए रास्ते पर चलना है। असत्य के खिलाफ संघर्ष करना है, अन्याय के खिलाफ खड़े रहना है। आतिशी के इसी भाषण से एक क्लिप शेयर करते हुए भाजपा ने आरोप लगाया कि उन्होंने असत्य और अन्याय की जीत की बात कही। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी वीडियो को साझा करते हुए आतिशी से माफी की मांग की। खबर लिखे जाने तक आम आदमी पार्टी की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी। सचदेवा ने एक्स पर लिखा, ‘आज विजयादशमी है और पूरा देश असत्य और अन्याय पर सत्य और न्याय की जीत का उत्सव मना रहा है। एक तरफ तो पूरी दिल्ली पहले से ही AAP के विधर्मी और भ्रष्टाचारी चरित्र से परिचित है और दूसरी तरफ खड़ाऊं मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना का यह कहना ‘असत्य की जीत होकर रहेगी और अन्याय की जीत होकर रहेगी’ उनकी विचार पूर्ण दूषित मानसिकता का खुला प्रदर्शन है और हिंदू जनभावनाओं को आहत करने का पूर्ण प्रयास भी है। आम आदमी पार्टी और आतिशी मार्लेना को हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए; जिस प्रकार AAP की मुख्यमंत्री के विचार हैं उसे देखकर दिल्ली के आम जनमानस ने इन्हें सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है।’

दिल्ली में सुबह और रात में अब हल्की ठंड महसूस होने लगी, गुलाबी ठंड की दस्तक संग सर्द हुईं रातें

नई दिल्ली दिल्ली में सुबह और रात में अब हल्की ठंड का अहसास बढ़ने लगा है। शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से दो डिग्री कम है। अगले दो दिनों के बीच भी न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने के आसार हैं। सफदरजंग की मानक वेधशाला में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस महीने में यह पहली बार है, जब न्यूनतम पारा 20 डिग्री से नीचे आया है। दिल्ली के रिज क्षेत्र की सुबह सबसे ज्यादा ठंडी रही। यहां का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य है। प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्ती करेगा निगम वहीं, दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर निर्माणाधीन कचरे के कारण वातावरण में धूल प्रदूषण फैल रहा है। इसको रोकने के लिए नगर निगम ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ चालान काटने के लिए योजना बनाई है। साथ ही त्याहारों के संबंध में सफाई व्यवस्था के तहत स्वच्छता अभियान को भी निगम प्रशासन तेज करेगा। मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने  वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में निगम के अतिरिक्त आयुक्त तारिक थॉमस, जितेंद्र यादव, प्रमुख अभियंता केपी सिंह और सभी जोन के उपायुक्त उपस्थित रहे। महापौर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ क्षेत्रों में मलबा और कचरा हटाने में देरी हो रही है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को कचरा संग्रहण-प्रबंधन, सीएंडडी कचरे को हटाने और सड़कों की सफाई पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। ‘पराली मामले में विफल अफसरों पर कार्रवाई हो’ केंद्र के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने भी जिलाधिकारियों को पराली जलाने से रोकने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। आयोग ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्रों के जिलाधिकारियों को कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार दिया है। सीएक्यूएम ने कहा कि 15 सितंबर से नौ अक्टूबर के बीच पराली जलाने की पंजाब में 267 और हरियाणा में 187 घटनाएं दर्ज की गईं।

ओडिशा की महिला से दिल्ली में दरिंदगी, हालत गंभीर, एम्स अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सराय काले खां में शुक्रवार सुबह एक युवती के साथ रेप की वारदात सामने आई है। युवती को गंभीर हालत में एम्स अस्पताल में भर्ती किया गया है। राहगीरों से सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने युवती का मेडिकल होने के बाद रेप सहित कई धाराओं में केस दर्ज का मामले की जांच शुरू कर दी है। युवती के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। पुलिस डीडी एंट्री पर रेप का मामला दर्ज कर लिया है और युवती से पूछताछ कर आरोपियों के बारे में पता करने में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया की शुक्रवार सुबह एक राहगीर ने पुलिस को युवती के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना दी। पीसीआर की टीम मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मियों ने युवती अस्पताल में भर्ती किया। जहां जांच में युवती के निजी पार्ट से खून आने की जानकारी हुई। जांच के दौरान पता चला कि युवती मूलरूप से ओडिशा की रहने वाली है। करीब एक साल पहले बिना घर वालों को बताएं दिल्ली आ गई थी। करीब दो महीने पहले वह कटवरिया सराय में पुलिस को मिली थी। तब उसके परिजनों को सूचना दी गई थी, लेकिन वह अपने परिवार वालों के साथ नहीं गई। बाद में उसका मोबाइल गुम हो गया या चोरी हो गया। उसके बाद वह न तो पुलिस के संपर्क में रह सकी न ही परिवार वालों के संपर्क में थी। वह कभी एटीएम के बाहर तो कभी कहीं सो जाती थी। शुक्रवार सुबह वह घायल हालत में सराय काले खां में मिली। प्राथमिक जांच में मामला रेप का लग रहा है। हालांकि वह मानसिक तौर पर परेशान लग रही है। वह पुलिस को घटना बताने में भी मदद नहीं कर रही है। वहीं टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को घटना की सूचना 3.20 बजे भारतीय नौसेना के एक अधिकारी ने दी थी। जिन्होंने महिला को खून से सने कपड़ों में सड़क पर चलते हुए देखा। सूचना पर स्थानीय पुलिस पहुंची। उन्होंने महिला को फटी कुर्ती और शरीर के निचले हिस्से में कपड़े का एक टुकड़ा पहने हुए पाया।

आतिशी सरकार का बजटीय अनुमान से घटकर 62,415 करोड़ रुपये रह सकता है

नई दिल्ली  दिल्ली में वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री आतिशी को सूचित किया है कि शहर का वित्त 2024-25 के अंत तक पहली बार घाटे में आ सकता है। साथ ही इसका खर्च इसकी प्राप्तियों से अधिक होने की संभावना है। दिल्ली की कमाई- टैक्स रेवेन्यू, नॉन-टैक्स रेवेन्यू, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत प्राप्तियां और केंद्र से अनुदान के माध्यम से – वित्त वर्ष 25 के अंत तक 64,142 करोड़ रुपये के बजटीय अनुमान से घटकर 62,415 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। 1993 के बाद घाटे का पहला मामला राजस्व व्यय 60,911 करोड़ रुपये से बढ़कर 63,911 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, शहर सरकार को विभिन्न पूंजी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 7,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इसका बजट में प्रावधान नहीं किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली ऐतिहासिक रूप से रेवेन्यू सरप्लस वाला राज्य रहा है। 1993 में विधान सभा के पुनर्गठन के बाद से घाटे का यह पहला मामला होगा। 3000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जरूरत दिल्ली के वित्त विभाग के बजट डिविजन ने 2024-25 वित्तीय वर्ष के लिए संशोधित अनुमान तैयार करते समय ये अनुमान लगाए। सूत्रों से पता चलता है कि वित्त विभाग ने हाल ही में मुख्यमंत्री आतिशी के साथ शहर की वित्तीय स्थिति पर एक नोट साझा किया है। सीएम के पास वित्त विभाग भी है। इसमें विभिन्न श्रेणियों के तहत टैक्स, नॉन-टैक्स रेवेन्यू और खर्च का विवरण दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग ने चालू वित्त वर्ष में विभिन्न राजस्व व्यय के लिए 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता की पहचान की है। ‘राजस्व घाटा तो निश्चित है’ इनका 2024-25 के बजट अनुमानों में हिसाब नहीं लगाया गया। इसमें राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग के अनुसार बढ़ी हुई पेंशन और भत्ते, बिजली सब्सिडी, इलेक्ट्रिक बसों के लिए व्यवहार्यता निधि, नालों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और कोविड के वर्षों के दौरान दिल्ली मेट्रो के परिचालन घाटे के हिस्से को कवर करने के लिए धन शामिल है। एक अधिकारी ने कहा कि राजस्व घाटे की प्रबल संभावना है, जो दिल्ली सरकार की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। पटरी पर रेवेन्यू कलेक्शन सूत्र ने कहा कि कर राजस्व संग्रह लगभग पटरी पर है, केंद्र दिल्ली के परिचालन घाटे और अन्य प्रतिबद्ध देनदारियों के खिलाफ 951 करोड़ रुपये समायोजित कर सकता है, जैसा कि पिछले वित्तीय वर्ष में किया गया था। इसका अर्थ है कि राशि जारी नहीं की जा सकती है। इसी तरह, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए निर्धारित 3,224 करोड़ रुपये में से केवल 1,000 करोड़ रुपये ही केंद्र से प्राप्त होने की उम्मीद है, क्योंकि दिल्ली सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रही है। 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान मांगे अधिकारियों ने कहा कि विभागों से 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान मांगे गए हैं और बढ़ती मांगों के कारण खर्च की गति तेज हो सकती है। हालांकि सरकार का कैश बैलेंस वर्तमान में लगभग 4,471 करोड़ रुपये है, लेकिन औसत मासिक खर्च 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है। वर्तमान उपलब्ध सरप्लस सिर्फ 2 महीने के वेतन को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

उपराज्यपाल कार्यालय ने जारी बयान में कहा- अभी तक उन्हें अधिकृत रूप से बंगला आवंटित नहीं किया गया

नई दिल्ली उपराज्यपाल कार्यालय ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास को सील करने और मुख्यमंत्री आतिशी का सामान बाहर किए जाने पर बयान दिया है। उपराज्यपाल की तरफ से कहा गया है कि आतिशी को आधिकारिक रूप से सरकारी बंगला आवंटित नहीं किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अवैध रूप से सरकारी बंगले में घुसने की कोशिश की थी और जब आप किसी के घर में घुसते हैं, तो स्वाभाविक है कि उस घर का मालिक आपके खिलाफ कार्रवाई करेगा ही। उपराज्यपाल कार्यालय ने अपनी तरफ से जारी बयान में कहा, “मुख्यमंत्री आतिशी ने सरकारी बंगले के लिए अनुरोध किया था, जो विचाराधीन था। अभी तक उन्हें अधिकृत रूप से बंगला आवंटित नहीं किया गया था। इसके बावजूद वे बंगले में दाखिल हुईं, जिसके परिणामस्वरूप लोक निर्माण विभाग ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है।” आम आदमी पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री का सरकारी बंगला भाजपा नेता को आवंटित करना चाहती है, जबकि नियमों के अनरूप यह बंगला मुख्यमंत्री को आवंटित किया जाता है, लेकिन केंद्र सरकार इन नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमानी कर रही है, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। बता दें कि बुधवार दिल्ली विकास प्राधिकरण ने हैंडओवर का हवाला देकर मुख्यमंत्री आतिशी का सरकारी बंगला सील कर दिया था और उनका सामान भी बाहर कर दिया था। जिस पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सरकारी बंगला खाली कर चुके हैं। ऐसे में अब यह बंगला नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री आतिशी को आवंटित किया जाना था, लेकिन भाजपा का दावा है कि अभी तक आतिशी को अधिकृत रूप से यह बंगला आवंटित नहीं किया गया है, जिसे लेकर दोनों दलों के बीच सियासी तकरार अपने चरम पर है। भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने शीशमहल (सरकारी बंगले) में कई तरह के राज दफन करके रखें हैं, जिसे वो दिल्ली की जनता से छुपाकर रखना चाहते हैं। वो नहीं चाहते हैं कि दिल्ली की जनता इन राजों से वाकिफ हो सकें। उधर, मुख्यमंत्री का सरकारी बंगला सील किए जाने पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पाप का घड़ा भर चुका है।

भाजपा के कहने पर LG द्वारा सीएम आवास से मुख्यमंत्री अतिशी का सामान निकला गया: आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा BJP) और दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना पर निशाना साधा है। आप सांसद संजय ने कहा कि भाजपा के नॉमिनेटेड LG दिल्ली की चुनी हुई महिला मुख्यमंत्री का आवास खाली करवा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि दिल्ली के लोगों का अपमान आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा के कहने पर LG द्वारा सीएम आवास से मुख्यमंत्री अतिशी का सामान निकला गया। संजय सिंह ने कहा कि इस तरह से सामान निकालना मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि दिल्ली के लोगों का अपमान है। संजय सिंह ने एलजी को लेकर किया सवाल संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली के LG जवाब दें, जब वो आये थे अपने आवास, क्या पुराने एलजी से इन्वेंटरी ली गई थी। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा। क्यों खाली कराया गया सीएम आतिशी का सीएम आवास जांच के दौरान पता चला था कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने बंगला अलॉट करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। बताया गया कि बिना कागजी कार्यवाही पूरी हुए कोई बंगले में नहीं रह सकता है। वहीं, ऐसे में नियमों का पालन नहीं होने के चलते लोक निर्माण विभाग ने बुधवार को आतिशी का जो सामान आया था उसे बाहर निकाल दिया था। तीन अधिकारियों को भेजा गया नोटिस दिल्ली में सीएम आतिशी का सीएम आवास खाली कराने के मामले में सामान्य प्रशासन विभाग ने तीन अधिकारियों को नोटिस भेजा था। सामान्य प्रशासन विभाग ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी PWD) विभाग की लापरवाही को देखते हुए इन अधिकारियों को नोटिस भेजा। इनमें एक अधिकारी पूर्व सीएम के सचिव हैं और अन्य दो लोक निर्माण विभाग के ही अधिकारी हैं। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने क्या कहा… दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का कहना है कि अरविंद केजरीवाल का ‘शीश महल’ आखिरकार सील कर दिया गया। उस बंगले में ऐसे कौन से राज छिपे हैं कि आप संबंधित विभाग को चाबी सौंपे बिना दोबारा बंगले में घुसने की कोशिश कर रहे थे? आपने अपना सामान दो छोटे ट्रकों में ले जाकर अच्छा नाटक किया। सभी जानते हैं कि बंगला अभी भी आपके कब्जे में है। जिस तरह से आपने आतिशी को बंगला आवंटित करने की कोशिश की वह असंवैधानिक था वह तुम्हारा बंगला ले लेगी? उस बंगले में बहुत सारे राज छिपे हैं।

आप ने भाजपा पर बंगले को ‘हथियाने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया, आतिशी को फ्लैगशिप रोड स्थित बंगला आवंटित नहीं किया गया

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के सिविल लाइंस में फ्लैगशिप रोड पर बंगला नंबर-6 में रहने के लिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को आरोप लगाया कि यह अभी तक उन्हें आवंटित नहीं किया गया है। आप ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बंगले को ‘‘हथियाने’’ की कोशिश करने का आरोप लगाया। आतिशी ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा बंगला खाली किए जाने और लुटियंस दिल्ली में एक नए आवास में चले जाने के बाद सोमवार को बंगले में रहना शुरू कर दिया। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिन में भाजपा ने ‘‘कई अफवाहें फैलायीं’’ और आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली में विधानसभा चुनाव जीत नहीं पायी है इसलिए वह अब दिल्ली के मुख्यमंत्री का बंगला ‘‘हड़पने’’ की कोशिश कर रही है। सिंह ने दावा किया, ‘‘केजरीवाल ने बंगला खाली कर दिया था लेकिन इसे आतिशी को आवंटित नहीं किया जा रहा है और मुख्यमंत्री का कैम्प कार्यालय भी खाली कर दिया गया है।’’ उन्होंने केजरीवाल के बंगला खाली करने से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए। भाजपा ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक कथित पत्र को साझा करते हुए आरोप लगाया कि केजरीवाल के पिछले सप्ताह बंगला खाली करने के बाद, उसे बंगला सौंपा नहीं गया है और इसकी चाबियां केजरीवाल के पास हैं।  

आप पार्टी ने किया बड़ा ऐलान, दिल्ली में आप पार्टी का कांग्रेस संग नहीं होगा गठबंधन, दिल्ली में अकेले लड़ेंगे चुनाव

नई दिल्ली हरियाणा में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस पर उसके सहयोगी दल तंज कस रहे हैं। इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने साफ कर दिया है कि वह आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़गी। पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने बुधवार को कहा कि पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कक्कड़ ने कहा, ‘हम दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेंगे। एक तरफ अति आत्मविश्वासी कांग्रेस है और दूसरी तरफ अहंकारी भारतीय जनता पार्टी। हम अपना सिर झुकाकर रखेंगे और पिछले 10 सालों में किए अपने काम को खुद बोलने देंगे। हम कड़ी मेहनत करेंगे।’ दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 की शुरूआत में होने की उम्मीद है। 2020 के विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं और भाजपा को आठ सीट मिली थी। कक्कड़ के बयान ने उन सभी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें माना जा रहा था कि आप और कांग्रेस मिलकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं। अब चुनावी समर में कांग्रेस को बीजेपी और आप से कड़ा मुकाबला करना होगा। माना जा सकता है कि यह घोषणा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है क्योंकि 2013 से उसका कोई नेता दिल्ली विधानसभा नहीं पहुंचा है। हरियाणा चुनाव को लेकर कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत हुई थी जिसका कोई परिणाम नहीं निकला था। इससे पहले, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजों से मिली ‘सबसे बड़ी सीख’ यह है कि कभी भी अति आत्मविश्वासी नहीं होना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए कड़ी मेहनत करने का अनुरोध किया। उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में आप पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा, ‘चुनाव नजदीक आ रहे हैं। चुनावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आज के चुनाव से सबसे बड़ी सीख यह मिली है कि कभी भी अति आत्मविश्वासी नहीं होना चाहिए। हर चुनाव, हर सीट मुश्किल होती है।’

भारत के सबसे बड़े समूह टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा की हालत गंभीर, अस्पताल में करवाया गया भर्ती : सूत्र

नई दिल्ली भारत के सबसे बड़े समूह टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा की हालत गंभीर है और उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है। बुधवार को दो सूत्रों ने यह जानकारी दी। 86 वर्षीय टाटा ने सोमवार को कहा कि वह अपनी उम्र और संबंधित चिकित्सा स्थितियों के कारण नियमित चिकित्सा जांच से गुजर रहे हैं। बुधवार को उनकी स्थिति के बारे में जानकारी के लिए किए गए अनुरोध पर टाटा के प्रतिनिधि ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।  

PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड मुख्यमंत्री आवास को सील कर , गेट पर डबल लॉक लगाया

 नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. कारण, PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास को सील कर दिया है. इसके गेट पर विभाग ने डबल लॉक लगा दिया है. अरविंद केजरीवाल द्वारा सीएम पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद इस सरकारी आवास को खाली किया गया था. वहीं आतिशी सीएम बनने के बाद इसमें शिफ्ट हुई थीं. आवास को खाली करने और हैंडओवर को लेकर ही विवाद है, जिसके बाद पीडब्लूडी ने एक्शन लिया है. इसके अलावा दिल्ली के विजिलेंस डिपार्टमेंट में पीडब्ल्यूडी के दो सेक्शन ऑफिसर और अरविंद केजरीवाल के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी को तरीके से हैंडओवर लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से दिल्ली की सियासत गरमाई हुई है, जहां अब दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी बन तो गई हैं लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री आवास आवंटित नहीं हुआ है, जिसको लेकर आप सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी सीएम आवास पर कब्जा करना चाहती है. संजय सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से भारतीय जनता पार्टी झूठ और भ्रम फैलाने के काम में लगी हुई है और कई हथकंडे दिल्ली में अपनाए हैं. हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया. 27 साल से BJP दिल्ली में चुनाव हार रही है. चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को खत्म करने का प्रयास किया. उसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को तोड़ने का प्रयास किया. उसमें भी फेल हो गए और किसी को तोड़ नहीं पाए तो अब मुख्यमंत्री के आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. बीजेपी पर लगाया यह आरोप उन्होंने आगे कहा कि मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली किया, तब भी इन्होंने दुष्प्रचार फैलाया. उन्होंने पेपर दिखाते हुए कहा कि यह प्रमाण पत्र है कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया है. यह उसका प्रमाण है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी को उस आवास में जाना था लेकिन मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह आवास सीएम आतिशी को आवंटित नहीं किया जा रहा है. अब जो चुनाव नहीं जीत पाते और मुख्यमंत्री नहीं बना पाते वह मुख्यमंत्री आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. चुनावी नतीजों पर कही यह बात इसके साथ ही संजय सिंह ने मंगलवार को आए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजे पर आज तक वह थर्मामीटर नहीं मिला जो यह तय करता हो कि हमने किसी पार्टी का वोट लिया हो. हम जाती धर्म की बात नहीं करते है, हम स्वास्थ्य, शिक्षा की बात करते है जो हर जाति धर्म के लोगों को मिलता है. इसलिए लोग चाहते है कि ऐसी पार्टी आए जो सबकी बात करती है.जम्मू कश्मीर में आप पार्टी एक सीट पर चुनाव जीती है, पूरे चुनाव में वहां पर केजरीवाल के मॉडल की बात की गई. देश के 5 वें राज्य में आप पार्टी की एंट्री हो चुकी है यह हमारे लिए सुखद बात है   केजरीवाल ने खाली किया विवादों से सुर्खियों में रहा आवास  दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज अपना सरकारी आवास खाली कर दिया. राजनीति में आने से पहले दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अरविंद केजरीवाल परिवार के संग रहते थे. जब वे पहली बार 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे, तब आईटीओ के समीप तिलक लेन के सरकारी फ्लैट मैं कुछ समय तक रहे. दोबारा वर्ष 2015 में जब पूर्ण बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब से लेकर अभी तक अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस स्थित इसी सरकारी आवास में रह रहे थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा. इसी आवास के एक हिस्से में मुख्यमंत्री कार्यालय भी चल रहा था. लेकिन वर्ष 2020 में जब तीसरी बार केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने तब इस सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण का फैसला लिया गया. उसके बाद से यह सरकारी आवास विवादों के चलते सुर्खियों में आ गया. विपक्ष ने इसे शीशमहल का नाम दिया. इसके सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च हुए और तब से आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के करीबी नेताओं को ही इस आवास में एंट्री थी. बाहर से आए आगंतुकों के लिए एक क्षेत्र विशेष तक ही सीमित रखा गया था. आज आखिरकार यह आवास छोड़कर अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल को नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित बंगला नंबर 5 में परिवार संग शिफ्ट हो रहे हैं.   सरकारी आवास के रेनोवेशन में 45 करोड़ खर्च, हो रही है जांच सिविल लाइंस 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित इस सरकारी आवास में रेनोवेशन के नाम पर करीब 45 करोड़ खर्च हुए हैं. कांग्रेस नेता अजय माकन और बीजेपी नेता मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इसकी शिकायत की तब उपराज्यपाल ने इस मामले की अनियमितता की जांच दी. सरकारी आवास में हुए रेनोवेशन के संबंध में एलजी ने तत्कालीन मुख्य सचिव से विस्तृत जानकारी मांगी थी और इससे संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने को कहा था. सुनीता केजरीवाल ने सौंपी घर की चाबियां दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह सौंदर्यीकरण नहीं था पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया घर बनाया गया और वहां उनका कैंप ऑफिस भी है. खर्च लगभग 45 करोड़ रुपये हुए हैं. लोक निर्माण विभाग ने ऑडिट के बाद इसके जीर्णोद्धार की रिपोर्ट दी थी. पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया ढांचा बनाया गया है. दस्तावेज के अनुसार निर्माण पर 43.70 करोड़ की स्वीकृति राशि के मुकाबले कुल 44.78 करोड़ रुपये सिविल लाइंस में के 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर केजरीवाल के सरकारी आवास पर खर्च हुए हैं. लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 1970 के आसपास इस घर का निर्माण हुआ था और यह घर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को रहने के लिए बनाया गया था. अरविंद केजरीवाल ने छोड़ा मुख्यमंत्री आवास सरकारी आवास के आंतरिक साज-सज्जा पर करोड़ों खर्चउपराज्यपाल को सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण पर पानी की तरह करोड़ों खर्च करने की … Read more

सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, उत्तम नगर विधानसभा के लोगों ने सीएम आतिशी से लगाई गुहार

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी बीते कई दिनों से दिल्ली की सड़कों पर हो रहे गड्ढों का जायजा लेते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली सरकार ने एक बार फिर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए काम शुरू कर दिया है। दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरे जेल जाने के बाद विकास के कई कार्यो को रोकने के साथ-साथ भाजपा के लोगों ने सड़क मरम्मत के कार्य को भी रोक दिया था। जिसकी वजह से पूरी दिल्ली की कई सड़कों में गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मेरे जेल जाने के बाद भाजपा ने दिल्ली की जनता को परेशान किया। हमारी सरकार के काम रोके। भाजपा के लोगों ने सड़कों की मरम्मत का काम भी रुकवा दिया। जेल से बाहर आने के बाद मैं और आतिशी सड़कों का मुआयना करने निकलें और मैंने आतिशी से कहा कि पीडब्ल्यूडी की जो सड़कें टूटी हुई हैं, उन्हें जल्द ठीक कराया जाए। सरकार ने इस ओर ध्यान दिया और जहां भी सड़कें टूटी हुई थीं, वहां मरम्मत का काम शुरू हो गया है।” अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि दिल्ली में हमारी सरकार को लगभग 10 साल हो गये हैं। पिछले 9 साल में हमने जनता को कोई दिक्कत नहीं आने दी। हमने सभी सुविधाएं दिल्ली वालों को दी। लेकिन पिछले एक साल से भाजपा ने हमारे मंत्रियों को साजिशन जेल में डाल दिया। सरकार और दिल्ली के काम रोके और दिल्ली को ठप करने की कोशिश की। भाजपा ने तमाम जनहित के काम बंद कर दिए। अब हम सभी कामों को दोबारा चालू करायेंगे। इस दौरान लोगों को जो समस्याएं हुई, उनका निवारण करने का प्रयास करेंगे। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने एक साजिश रचकर अरविंद केजरीवाल को जेल में रखा। इस साजिश का मकसद ही दिल्लीवालों का काम रोकना था। लेकिन भाजपा की एक भी साजिश सफल नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लताड़ते हुए अरविंद केजरीवाल को जमानत दी। आतिशी ने कहा है कि इसके बाद हमने पीडब्ल्यूडी की सड़कों का निरीक्षण किया और सारा डाटा पीडब्ल्यूडी की एप पर अपलोड किया। सड़कों के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि दिल्ली में पीडब्ल्यूडी की 89 सड़कों को पूरी तरह से रिकार्पेटिंग किया जाना है। इनमें से 74 सड़कों की मरम्मत के काम का टेंडर कर दिया गया है। 15 सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर किया जा रहा है और यहां भी काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कई सड़कों को पूरी तरह से बनाने की जरूरत नहीं है, वहां केवल मरम्मत कराए जाने की जरूरत है। इसमें से ज्यादातर काम कराया जा चुका है। आतिशी ने बताया है कि दिल्ली में कई जगहों पर विभिन्न एजेंसियों के काम की वजह से सड़क टूटी हुई हैं। इनकी जल्द ही पीडब्ल्यूडी के साथ बैठक कराई जाएगी और जल्द ही ऐसी सड़कों की मरम्मत की जायेगी। वहीं दिल्ली में न्यू रोहतक रोड की हालत सबसे ज़्यादा खराब है। इसके पीछे सड़क पर ज्यादा पानी होना कारण है। यहां पीडब्ल्यूडी द्वारा एक नया ड्रेन बनवाया जाएगा। इसके लिए 183 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया है। सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, उत्तम नगर विधानसभा के लोगों ने सीएम आतिशी से लगाई गुहार  राष्ट्रीय राजधानी स्थित उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को सड़कों पर बहते सीवर के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि चारों ओर बदबू फैली हुई है लेकिन सरकार सुध नहीं ले रही। स्थानीयों ने मुख्यमंत्री आतिशी से गुहार लगाई है। खफा भी हैं कि वो इलाके में आने वाली थीं लेकिन ऐन वक्त पर दौरा टाल दिया। दरअसल, उत्तम नगर विधानसभा के बिंदापुर इलाके के लोग पिछले कई महीनों से जल जमाव से परेशान हैं। यहां पर गली से लेकर मुख्य सड़क तक सीवर का पानी फैला हुआ है, जिससे 24 घंटे दुर्गंध आती है। यहां बीमारियों का खतरा बना ही रहता है। लोगों की माने तो हर घर में कोई न कोई बीमार है। गंदे पानी से होकर लोगों को निकलना पड़ता है। परेशान होकर प्रताप गार्डन के लोगों ने दिल्ली की नवनियुक्त सीएम आतिशी से समस्या के तुरंत निपटारे को लेकर गुहार लगाई। स्थानीय निवासी गुड्डू ने बताया कि वो प्रताप गार्डन में पिछले 30 साल से रह रहे हैं और स्थायी निवासी हैं। मुख्यमंत्री आतिशी करीब एक महीने पहले यहां का दौरा करने वाली थीं, लेकिन आनन-फानन में उनके इस दौरे का रूट बदलना पड़ा, क्योंकि यहां पर समस्या ज्यादा थी। यहां की समस्या को लेकर दिल्ली जल बोर्ड के आला अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन वो हमेशा नजरअंदाज करते रहे हैं। आतिशी जी अब मुख्यमंत्री बनी हैं, लेकिन सारे मंत्रालय वो पहले से ही देख रही थीं। मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि वो यहां पर आएं और समस्या का समाधान करवाएं। एक अन्य निवासी ने कहा कि आतिशी दिल्ली में जगह-जगह घूम रही हैं और सड़कों के गड्ढों को भरने का निर्देश दे रही हैं, तो हम चाहते हैं कि वो हमारे इलाके में भी आएं, जहां पर पिछले एक साल से हालात बिल्कुल खराब है। यहां पर छोटे-छोटे बच्चे बीमार हैं, किसी भी घर में चले जाइए, वहां पर डेंगू, टाइफाइड और पीलिया के पीड़ित मिलेंगे। हम आतिशी जी का ध्यान आकर्षित करने के लिए हाथों में तख्ती लेकर खड़े थे, ताकी वो अपना विधायक और पार्षद को यहां पर काम करने के लिए कहें। एक अन्य निवासी सचिन राजपूत ने बताया कि उत्तम नगर विधानसभा के अंतर्गत प्रताप गार्डन के अंदर हालत इतनी खराब है कि बीते 15 अगस्त को भी इस स्थिति में खड़े थे और दो अक्टूबर का स्वच्छता अभियान भी खत्म हो चुका है, तो भी हम इस स्थिति में खड़े हैं। उन्होंने बताया कि अगर एमसीडी वाले लोग आते हैं तो उनको पैसे देकर सफाई करानी पड़ती है। अगर चुनाव के समय में यह स्थिति है तो उससे पहले कितनी खराब स्थिति रही होगी। यहां पर हर घर के अंदर बीमारी फैली हुई है।    

भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा- केजरीवाल ने अभी तक सीएम आवास को खाली नहीं किया

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बड़ा आरोप लगाया है। भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि केजरीवाल ने अभी तक सीएम आवास को खाली नहीं किया है। सचदेवा ने कहा कि सुनीता केजरीवाल ने कैमरे के सामने बंगले की चाबी एक ऐसे अधिकारी को सौंपी जो उसके लिए अधिकृत नहीं थे। बाद में यह चाबी वापस ले ली गई और पीडब्ल्यूडी को अभी तक वापस नहीं की गई है। वीरेंद्र सचदेवा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि नियमों के तहत चाबी अभी तक पीडब्ल्यूडी विभाग को नहीं सौंपी गई है और बंगला अब भी अरविंद केजरीवाल के नाम ही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चाबी भी उन्हीं के कब्जे में हैं। सचदेवा ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार का प्रतीक शीशमहल कभी खाली नहीं किया गया। उस दिन की नौटंकी, जब केजरीवाल परिवार के साथ निकल रहे थे, वह हम सबने देखी। सरकारी नियमों के तहत वह शीशमहल वाला उनका आवास खाली नहीं किया गया, उस पर आज तक अरविंद केजरीवाल का कब्जा है।’ सचदेवा ने कहा, ‘उस दिन जो नौटंकी की गई, दिखाया गया कि चाबी सुनीता जी एक अधिकारी को पकड़ा रही हैं। वह अधिकारी थे सीएम ऑफिस के विशेष सचिव प्रवेश रंजन झा, जबकि चाबी देनी चाहिए थी पीडब्ल्यूडी विभाग के सेक्शन ऑफिसर विजय कुमार को। प्रवेश रंजन झा को चाबी दी जाती है और कुछ घंटे बाद वापस ले ली जाती है। वह चाबी आज भी उन्हीं के कब्जे में है। अगले दिन दिल्ली की खड़ाऊं मुख्यमंत्री आतिशी चिट्ठी लिखती हैं कि मैं उस आवास में जाऊंगी। कायदे कानूनों के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह आवास मुख्यमंत्री आवास के लिए आवंटति नहीं है।’ सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल नहीं चाहते कि बाकी लोग उसे देख सकें, उसमें क्या राज छिपे हैं। सचदेवा ने एक नोटिस भी मीडिया को दिखाया। इसे पीडब्ल्यूडी विभाग ने प्रवेश रंजन झा को भेजा है। इसमें लिखा है कि 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित घर की चाबी पीडब्ल्यूडी को देकर कुछ समय बाद वापस ले ली गई। इसके बाद वापस नहीं किया गया ताकि प्रक्रिया पूरी हो सके। इसमें यह भी कहा गया है कि आवास के निर्माण को लेकर विजिलेंस जांच चल रही है और नए आवंटन से पहले इसका निरीक्षण करना है। स्टॉक की इनवेंटरी बनानी है।

एनआईए दिल्ली के मुस्तफाबाद में की छापेमारी, संदिग्ध सामग्री बरामद की

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कई जगहों पर छापेमारी लगातार जारी है। इसी क्रम में एनआईए ने राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर पूर्वी इलाके मुस्तफाबाद सहित कई जगहों पर छापेमारी की और संदिग्ध सामग्री बरामद की। एनआईए ने यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और स्थानीय पुलिस की मदद से की। सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान संदिग्ध सामग्री बरामद की गई और कुछ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, साथ ही पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। छापेमारी शनिवार सुबह खत्म हुई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एनआईए की केस आरसी-13/24/एनआईए/डीएलआई के तहत जांच का हिस्सा है। इसके तहत आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क पर एनआईए छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई के तहत देश के पांच राज्यों में 22 जगहों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। बता दें कि एनआईए और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने शनिवार को संयुक्त रूप से महाराष्ट्र में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी छत्रपति संभाजीनगर, मालेगांव और जालना समेत कई जगहों पर की गई, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल चार लोगों को हिरासत में लिया गया। एनआईए ने जालना में गांधी नगर क्षेत्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक को छत्रपति संभाजी नगर आजाद चौक से व अन्य एक व्यक्ति को एन-6 क्षेत्र से तथा एक अन्य संदिग्ध को मालेगांव से हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हिरासत में लिए गए संदिग्धों की आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी सहायता समूहों से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि ये छापे एनआईए द्वारा आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर देश भर में की गई व्यापक कार्रवाई के मद्देनजर मारे गए हैं। कुछ दिन पहले ही, 1 अक्टूबर को, एनआईए ने माओवादी पुनरुत्थान की साजिश के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में कई छापे मारे थे। पिछले हफ़्ते तमिलनाडु में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जो चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एक आतंकी साजिश के मामले से संबंधित थी, जिसे बाद में एनआईए को सौंप दिया गया था।

अरविंद केजरीवाल ने लोगों से कहा- सभा से बाहर जाने पर लोगों को छह-छह रेवड़ियों का एक पैकेट मिलेगा, मुफ्त की छह-छह रेवड़ियां

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक जनसभा में मुक्त की रेवड़ियां बांटने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जब आप की सरकार दिल्ली के लोगों को सुविधाएं देती है तो प्रधानमंत्री कहते हैं कि मुफ्त की रेवड़ियां बांटी जा रही हैं, इसलिए आज वह मुफ्त की रेवड़ियों के पैकेट बनवाकर बांटने के लिए लाए हैं। केजरीवाल ने आप द्वारा आयोजित ‘जनता की अदालत’ कार्यक्रम में कहा, “आज मैं मुफ्त की छह रेवड़ियां लेकर आया हूं” और अपने पास से रेवड़ियों का एक पैकेट निकालकर दिखाया। उन्होंने कहा, “इस सभा से बाहर जाने पर लोगों को छह-छह रेवड़ियों का एक पैकेट मिलेगा। इन छह मुफ्त की रेवड़ियों में दिल्ली वालों के लिए निःशुल्क बिजली, पानी, बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा, महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा, सबके लिए फ्री और शानदार शिक्षा, और निःशुल्क एवं अच्छा उपचार शामिल है। सातवीं रेवड़ी के रूप में हर महिला को एक-एक हजार रुपये उनके बैंक खाते में मिलेंगे।” केजरीवाल ने लोगों से कहा कि आज रेवड़ियों का जो पैकेट मिला है “यह प्रसाद है”। इसको अपने घर के मंदिर में रखने के बाद सबको बांट दें। उन्होंने आरोप लगाया कि आज दिल्ली में जनतंत्र नहीं है यहां ‘एलजी राज’ है। उन्होंने कहा कि क्या भगत सिंह इसी दिन के लिए फांसी पर चढ़े थे कि अंग्रेज जाएंगे और दिल्ली में एक उपराज्यपाल का राज हो जाएगा। केजरीवाल ने कहा, “मैं कसम खाकर जा रहा हूं, अपनी जिंदगी के अंदर आपको आपके पूरे अधिकार दिलाकर रहूंगा। दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाकर रहेंगे। दिल्ली को एलजी के राज से मुक्ति दिलाकर रहेंगे।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को उन्होंने देखा कि कैसे दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज, भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता के पैरों पर पड़े थे। उन्होंने कहा कि यह कोई छोटी बात नहीं है। यदि कोई मंत्री बन जाए तो उसमें अहंकार आ जाता है, लेकिन “हमारे मंत्री दिल्ली के लोगों के लिए” इनके पैरों में भी गिर जाते हैं। केजरीवाल ने कहा, “सौरभ भारद्वाज भाजपा के पैरों में नहीं गिरा था। सौरभ भारद्वाज कोई एक शख्स नहीं है, बल्कि दिल्ली के दो करोड़ लोगों द्वारा चुना हुआ मंत्री है। इस देश का जनतंत्र भाजपा के पैरों में गिरकर कहा रहा था। बड़ी शर्म आई; 62 सीटों वाली सरकार, भाजपा के पैरों में गिरकर उनसे भीख मांग रही है कि हमारे बस मार्शलों को बचा लो।” केजरीवाल ने कहा कि जब वह जेल गए तो दिल्ली की सड़कों की मरम्मत बंद हो गई, जगह-जगह सीवर की मेंटेनेंस बंद करवा दी, आठ साल से मिल रही मुफ्त की दवाइयां और जांच बंद करवा दी। उन्होंने कहा, “सत्ता के अहंकार में पाप नहीं किया जाना चाहिए। अगर दवाइयों की कमी की वजह से किसी की मौत हो जाएगी तो इससे दिल्ली के लोगों का ही नुकसान होगा।” केजरीवाल ने कहा कि पूरी दिल्ली के अंदर सड़कों की मरम्मत का काम दोबारा शुरू हो गया है। सीवर की सफाई भी जल्द शुरू की जाएगी। निःशुल्क दवाइयां और मेडिकल जांच फिर शुरू होगी। उन्होंने कहा कि वृद्धा पेंशन अब शुरू हो गई है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छापों के दौरान पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की कोकीन और एक फॉर्च्यूनर कार जब्त की

नई दिल्ली दिल्ली में 5,600 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामदगी के मामले में जब तार पंजाब से जुड़े, तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाब में छापे मारे।इन छापों के दौरान पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की कोकीन और एक फॉर्च्यूनर कार जब्त की। यह कार्रवाई अमृतसर के नेपाल गांव में की गई थी, जहां से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई थी। स्पेशल सेल ने अमृतसर एयरपोर्ट से जितेंद्र उर्फ जस्सी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर ही 10 करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की गई। दुबई से संबंध दिल्ली में पकड़े गए ड्रग्स के मामले में दुबई का भी हाथ है। भारतीय नागरिक वीरेंद्र बसोया, जो दुबई में मौजूद है, इस इंटरनेशनल सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसके और उसके बेटे के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। बता दें कि वीरेंद्र बसोया ड्रग्स के मामले में पहले भी भारत में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत मिलने के बाद वह दुबई चला गया और वहां इंटरनेशनल ड्रग्स कार्टेल का बड़ा माफिया बन गया। स्पेशल सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड तुषार गोयल और वीरेंद्र बसोया पुराने दोस्त हैं। दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स खेप पकड़ी है, जिसमें 560 किलो से ज्यादा कोकीन और 40 किलो हाइड्रोपोनिक मारिजुआना शामिल है। इन ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 5,620 करोड़ रुपये बताई गई है, जो इसे एक बेहद गंभीर मामला बनाती है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तुषार गोयल, हिमांशु कुमार, औरंगजेब सिद्दीकी और मुंबई निवासी भरत कुमार जैन शामिल हैं। यह मामला ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है और पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराता है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में ड्रग्स के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।  

चुनावी बॉन्ड फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना 2018 को असंवैधानिक करार देने वाले संविधान पीठ के फैसले की समीक्षा की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। समीक्षा याचिकाओं पर विचार करने के बाद न्यायमूर्ति सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि “रिकॉर्ड को देखने पर कोई त्रुटि नजर नहीं आती। इसलिए समीक्षा याचिकाएं खारिज की जाती हैं।” पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था। पीठ ने कहा था कि मतदाताओं को राजनीतिक दलों के चंदे का विवरण जानने के अधिकार से वंचित नहीं क‍िया जा सकता। राजनीतिक दलों को म‍िलने वाले चंदे को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के चंदे से अलग नहीं माना जा सकता। 15 फरवरी के अपने फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को चुनावी बॉन्ड जारी करने पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया था। साथ ही भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर राजनीतिक दलों का विवरण प्रकाशित करने का आदेश दिया था। जिन्होंने अप्रैल 2019 से चुनावी बॉन्ड के माध्यम से योगदान प्राप्त किया है। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की राय से न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा ने भी सहमति जतायी थी। पीठ ने कहा था कि, चुनावी प्रक्रिया में काले धन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मतदाताओं के सूचना के अधिकार के उल्लंघन को उचित नहीं ठहराया जा सकता। इसके अलावा, पीठ ने कहा था कि, चुनावी बॉन्ड योजना चुनावी वित्तपोषण में “काले धन पर अंकुश लगाने का एकमात्र साधन नहीं है” और ऐसे अन्य विकल्प भी हैं जो उद्देश्य को काफी हद तक पूरा करते हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने एक अलग लेकिन सहमति वाला फैसला लिखा। न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, “मैंने भी आनुपातिकता के मानकों को लागू किया है, लेकिन थोड़े अलग बदलावों के साथ। मेरे निष्कर्ष एक जैसे हैं।” समीक्षा याचिकाओं में से एक में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने चुनावी बॉन्ड योजना को “इस बात पर ध्यान दिए बिना रद्द कर दिया कि ऐसा करते हुए वह संसद पर अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कार्य कर रहा है, तथा ऐसे मामले में अपने विवेक का प्रयोग कर रहा है जो विधायी और कार्यकारी नीति के विशेष अधिकार क्षेत्र में आता है।” हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने पुनर्विचार याचिकाओं के साथ ही इन याचिकाओं को खुली अदालत में सूचीबद्ध करने के आवेदन को भी खारिज कर दिया। इस साल अगस्त में, शीर्ष अदालत ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें चुनावी बॉन्ड का उपयोग करके चुनावी चंदे में कथित घोटाले की सेवानिवृत्त शीर्ष अदालत के न्यायाधीश की देखरेख में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग की गई थी। सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जब तक जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दे पर पहले से ही एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, तब तक “क्विड प्रो क्वो” की जांच के लिए एसआईटी का गठन नहीं किया जा सकता है। साथ ही पीठ ने कहा कि कानून के सामान्य तरीके से याचिका में उठाए गए आरोपों का समाधान किया जा सकता है। गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि, शीर्ष अदालत के निर्देश पर जारी चुनावी बॉन्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि अधिकांश बॉन्ड कॉरपोरेट द्वारा राजनीतिक दलों को सरकारों या प्राधिकारों से अनुबंध, लाइसेंस और पट्टे प्राप्त करने के लिए बदले में दिए गए हैं।

निशिकांत दुबे बोले- ‘टूल किट’ के तौर पर केसी वेणुगोपाल कर रहे काम

नई दिल्ली. संसद की लोक लेखा समिति (PAC) के सदस्य निशिकांत दुबे ने समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वेणुगोपाल केंद्र सरकार को बदनाम करने और देश के वित्तीय ढांचे व अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए निरर्थक मुद्दे उठा रहे हैं। भाजपा सांसद दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में वेणुगोपाल पर आरोप लगाया कि वह अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। साथ ही, वह देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए ‘टूल किट’ के हिस्से के रूप में काम कर रहे हैं। दुबे ने वेणुगोपाल पर यह आरोप ऐसे समय में लगाए हैं जब ऐसी खबरें सामने आई हैं कि समिति सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच को तलब कर सकती है, जिन पर अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से पेशेवर अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। इस बीच, पीएसी ने देश के शीर्ष नियामक प्राधिकरणों के कामकाज की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के प्रमुखों को 24 अक्टूबर को बुलाया है। दुबे ने नौ सितंबर को वेणुगोपाल के कथित ‘असंवैधानिक और तिरस्कारपूर्ण’ आचरण के खिलाफ बिरला को पत्र लिखा था। संयोगवश, पीएसी ने 4 अक्टूबर को निर्णय लिया कि बुच को 24 अक्टूबर को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाए। दुबे के कड़े शब्दों वाले पत्र से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि समिति में बहुमत में मौजूद सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सदस्य नियामक को मुश्किल में डालने के वेणुगोपाल के किसी भी कदम का विरोध कर सकते हैं। ‘बेबुनियाद मुद्दों को उठाने की कोशिश’ निशिकांत दुबे ने वेणुगोपाल पर असंवैधानिक और तिरस्कारपूर्ण आचरण का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की ओर से कांग्रेस को विपक्ष में बैठने के लिए मजबूर किए जाने के बाद समिति के अध्यक्ष राजनीति से प्रेरित होकर कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने दुबे के इन आरोपों को लेकर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि वेणुगोपाल को कांग्रेस ने उन मुद्दों को उठाने के तरीके और साधन तैयार करने के लिए चुना है जो बेबुनियाद हैं, जिसका एकमात्र उद्देश्य सरकार को बदनाम करना और देश के वित्तीय ढांचे तथा अर्थव्यवस्था को अस्थिर करना है। दुबे ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देश, जो भारत के विकास को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने सेबी जैसे महत्वपूर्ण संगठनों को भ्रष्ट बताकर भारत की वित्तीय संरचना और अर्थव्यवस्था पर हमला करके इसे बदनाम करने के लिए ‘टूल किट’ तैयार किया है। दुबे बोले- ‘टूल किट’ का ‘इंडिया चैप्टर’ सक्रिय भाजपा नेता ने दावा किया कि हिंडनबर्ग जैसी विदेशी कंपनी की ओर से बुच के खिलाफ लगाए गए अपुष्ट आरोप इसी अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस ‘टूल किट’ का ‘इंडिया चैप्टर’ सक्रिय हो गया है। दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘इसने अपनी ताकत का इस्तेमाल किया, जैसा कि वर्तमान में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के रूप में केसी वेणुगोपाल द्वारा किया जा रहा है, ताकि सरकार को और अधिक बदनाम किया जा सके। हमारी अर्थव्यवस्था की वित्तीय संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया जा सके। इस बार भी, सेबी प्रमुख के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च नामक एक विदेशी संस्था की ओर से अपुष्ट आरोप लगाए गए हैं, जो देश के व्यापारिक घरानों, महत्वपूर्ण पदाधिकारियों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने के लिए कुख्यात है।’

एससीओ की बैठक में शामिल होने पाकिस्तान यात्रा पर जा रहे जयशंकर से पूछा सवाल तो मिला शानदार जवाब

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की पाकिस्तान यात्रा को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वह एससीओ की बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद की यात्रा करेंगे। उनसे जब इस यात्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस दौरान पाकिस्तान से किसी भी तरह की चर्चा नहीं होगा। जययशंकर से पूछा गया कि ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी हिंदी फिल्मों के कौन से शीर्षक भारत-पाकिस्तान के संबंधों को सटीक तरीके से दर्शाते हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पहले मुझे वहां से वापस आने दो, फिर आप इसके बारे में पूछना। असमिया समाचार चैनल द्वारा आयोजित प्रतिदिन टाइम कॉन्क्लेव में जयशंकर ने कहा, “मेरे लौटने के बाद मुझसे यह पूछना”। विदेश मंत्री ने कहा: “आप जानते हैं कि मैं पाकिस्तान जा रहा हूं। मैं फिलहाल उस फिल्म का शीर्षक नहीं बताऊंगा। मेरे लौटने के बाद मुझसे पूछिए। मैं बताऊंगा।” लोगों के लिए यह थोड़ा आश्चर्यजनक था। दर्शकों को उम्मीद थी कि वे ‘हम आपके हैं कौन’ का विकल्प चुनेंगे। लेकिन पाकिस्तान पर कटाक्ष करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ने वाले एस जयशंकर ने कूटनीति का विकल्प चुना। शासन पर सरदार पटेल व्याख्यान देने के बाद आईसी सेंटर फॉर गवर्नेंस में जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए इस्लामाबाद की अपनी यात्रा के दौरान पाकिस्तान के साथ किसी भी द्विपक्षीय बैठक की संभावना से इनकार किया था। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मीडिया की इसमें बहुत रुचि होगी क्योंकि रिश्ते की प्रकृति ही ऐसी है और मुझे लगता है कि हम इससे निपट लेंगे। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि यह एक बहुपक्षीय कार्यक्रम होगा। जयशंकर ने कहा, “मेरा मतलब है कि मैं भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए वहां नहीं जा रहा हूं। मैं एससीओ का एक अच्छा सदस्य बनने के लिए वहां जा रहा हूं। चूंकि मैं एक विनम्र और सभ्य व्यक्ति हूं, इसलिए मैं उसी के अनुसार व्यवहार करूंगा।” आपको बता दें कि जयशंकर 15 और 16 अक्टूबर को इस्लामाबाद में एससीओ सरकार प्रमुखों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले हैं। आम तौर पर प्रधानमंत्री उच्च स्तरीय राष्ट्र प्रमुखों की बैठक में जाते हैं और सरकार प्रमुखों की बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व कोई एक मंत्री करता है। दिसंबर 2015 के बाद यह किसी भारतीय मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा होगी। जयशंकर से पहले सुषमा स्वराज अफगानिस्तान पर हार्ट ऑफ एशिया मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए वहां गई थीं।

एयरपोर्ट पर लगी लंबी कतारें, इंडिगो के बुकिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी से यात्री परेशान

नई दिल्ली देशभर में एयरलाइन कंपनी इंडिगो की बुकिंग सिस्टम में शनिवार को खराबी आ गई, जिसके चलते इंडिगो की उड़ान और ग्राउंड सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इंडिया में आई तकनीकी खराबी के कारण कई यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे और अपनी फ्लाइट नहीं पकड़ पाए। यही नहीं, कई यात्रियों को बुकिंग करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इंडिगो ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी दी। एयरलाइन कंपनी ने कहा, “हम वर्तमान में अपने नेटवर्क में अस्थायी रूप से सिस्टम स्लोडाउन का सामना कर रहे हैं, जिससे हमारी वेबसाइट और बुकिंग सिस्टम प्रभावित हो रहा है। हमारे ग्राहकों को वेटिंग समय में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें धीमी चेक-इन और हवाई अड्डे पर लंबी कतारें शामिल हैं।” उन्होंने अगले पोस्ट में बताया कि हमारी एयरपोर्ट टीम हर किसी की सहायता करने और एक सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। आश्वस्त रहें, हम जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। इंडिगो ने आगे कहा, “हम इस दौरान हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं आपकी समझदारी तथा धैर्य के लिए हम आपकी सराहना करते हैं।” वहीं, इंडिगो एयरलाइन में आई तकनीकी खराब के बाद सोशल मोडिया पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी। एक यूजर ने लिखा, “नए विमानों में निवेश करना अच्छा है, लेकिन ग्राउंड सेवाओं में सुधार के बारे में क्या ख्याल है। अतिरिक्त काउंटरों की आवश्यकता है, बुजुर्गों को परेशान होते देखना परेशान करने वाला है। कृपया डीजीसीए इस पर ध्यान दें।” अगस्त में देश में घरेलू यात्री हवाई यातायात 6 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) बढ़कर 1.30 करोड़ से अधिक हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो ने घरेलू क्षेत्र में अपना दबदबा कायम रखा और इसकी बाजार हिस्सेदारी 40 बीपीएस बढ़कर 62.4 प्रतिशत हो गई है।  

दिल्ली में नमो भारत का सफर करने के लिए हो जाए तैयार, जल्द ही नमो भारत ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा

नई दिल्ली दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर जल्द ही नमो भारत ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा। इसके लिए साहिबाबाद से दिल्ली के न्यू अशोक नगर के बीच इसका ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। अगले वर्ष जून तक 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर इस ट्रेन का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है। इससे एक घंटे से भी कम समय में दिल्ली से मेरठ की यात्रा संभव हो सकेगी। वर्तमान में नमो भारत ट्रेन रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के साहिबाबाद स्टेशन से मेरठ साउथ तक 42 किलोमीटर के खंड में संचालित है। साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर तक नमो भारत ट्रेन चलने से आरआरटीएस के संचालित खंड की लंबाई बढ़कर 54 किलोमीटर हो जाएगी, जिसमें 11 स्टेशन होंगे। दिल्ली में न्यू अशोक नगर, आनंद विहार और सराय काले खां तीन आरआरटीएस स्टेशन हैं। ट्रेन को मैन्युअल तरीके से चलाया राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थिति में शनिवार को ट्रायल रन की शुरुआत हुई। सिविल स्ट्रक्चर की जांच के लिए ट्रेन को मैन्युअल तरीके से चलाया गया। ट्रैक, सिग्नलिंग, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) और ओवरहेड बिजली आपूर्ति आदि की भी जांच होगी। अगले कुछ माह में ट्रेन के हाई-स्पीड टेस्ट सहित अन्य जांच पूरी की जाएगी। नमो ट्रेन से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर इस खंड की लंबाईः लगभग 12 किमी आनंद विहार और न्यू अशोक नगर दो आरआरटीएस स्टेशन हैं। आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन सबसे ज्यादा भीड़ वाला स्टेशन होगा। इस स्टेशन से दो मेट्रो लाइनों (ब्लू और पिंक), आनंद विहार रेलवे स्टेशन और दिल्ली व कौशांबी (उत्तर प्रदेश) दो आईएसबीटी जुड़ेंगे। इसे मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन से न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन 100 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित है। दोनों को फुटओवर ब्रिज (एफओबी) से जोड़ा जाएगा। आरआरटीएस स्टेशन पर पहुंचने के लिए चिल्ला गांव व मयूर विहार एक्सटेंशन की ओर से और प्राचीन शिव मंदिर के पास से दो एफओबी होंगे।  

अब होगी इजराइली तकनीक से सिंचाई, सीएसआर फंड के जरिए इस तकनीक से सिंचाई की जाएगी, इसे ड्रिप तकनीक कहते है

नोएडा नोएडा में इजराइल की तकनीक से सिंचाई होगी और इसके लिए नोएडा प्राधिकरण एक प्लान तैयार कर रहा है। सीएसआर फंड के जरिए इस तकनीक से सिंचाई की जाएगी। इसे ड्रिप तकनीक कहते है। इसी के जरिए नोएडा एक्सप्रेस-वे के सेंट्रल वर्ज पर सिचाई का काम किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने अपने सलाहकार को एस्टीमेट बनाने के लिए कहा है। जानकारी के मुताबिक इस तकनीक से सिंचाई के फायदे है। जिसमें पानी की बचत सबसे ज्यादा होती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे का अधिकांश हिस्सा नोएडा में आता है। वर्तमान में यहां टैंकर के जरिए सिचाईं की जाती है। इस तरह से सिचाईं करना पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही हाइ स्पीड एक्सप्रेस-वे पर ये अन्य वाहनों के लिए घातक है। इसलिए यहां ड्रिप सिंचाई कराने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए सर्विस लेन पर एक टैंकर बनाया जाएगा। जिसमें एसटीपी से लाया गया पानी स्टोर होगा। इस पानी को फिल्टर किया जाएगा। फिल्टर पानी दूसरी पाइप लाइन के जरिए एक्सप्रेस वे की सेंट्रल वर्ज तक जाएगा। इस पाइप में कुछ-कुछ दूरी पर छेद होते है। इन छेदों से पानी ड्रॉप-ड्रॉप करके जमीन पर पानी जाता है। जिससे पौधों को पानी मिलता है। साथ ही पानी की बर्बादी नहीं होती। ड्रिप सिंचाई की एक आधुनिक तकनीक है । जिसमें पानी पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद करके पहुंचाया जाता है। इसे टपक सिंचाई या बूंद-बूंद सिंचाई भी कहा जाता है। ड्रिप सिंचाई में पानी की बर्बादी कम होती है और पौधों को जरूरी मात्रा में पानी मिलता है। इसके खर्च की बात करें तो सिर्फ टैंकर और पानी सप्लाई के पाइप की आवश्यकता होती है। इस टैंकर से पानी सप्लाई का काम मशीनों से किया जाता है। इसे इको फ्रेंडली बनाने के लिए मशीन ऑपरेशन का सारा काम सोलर एनर्जी से किया जाएगा। ड्रिप सिंचाई में पानी और पोषक तत्वों को पाइपों के जरिए खेत में पहुंचाया जाता है। इन पाइपों को ड्रिप लाइन कहा जाता है। ड्रिप लाइन में छोटे-छोटे एमिटर होते हैं, जो पानी और उर्वरक की बूंदें छोड़ते हैं। ड्रिप सिंचाई में पानी की मात्रा और दबाव को नियंत्रित किया जा सकता है। ड्रिप सिंचाई में पानी का रिसाव कम होता है और वाष्पीकरण भी कम होता है। ड्रिप सिंचाई से पौधों की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होता है। ड्रिप सिंचाई से फल जल्दी पकते हैं और स्वस्थ होते हैं।  

बस मार्शलों की नियुक्ति को लेकर सीएम ने कैबिनेट पास किया, आतिशी राजभवन से निकलीं और सभी नेता बाहर धरने पर बैठ गए

 नई दिल्ली  दिल्ली सरकार ने बस मार्शल्स की नियुक्ति को लेकर कैबिनेट नोट पास कराया है। इस नोट में मार्शल को तुरंत बहाल करने की मांग की गई है। इस नोट को लेकर सीएम आतिशी अपनी कैबिनेट मंत्रियों के साथ एलजी आवास की तरफ निकलीं। इससे पहले एलजी के पास जाने के मुद्दे पर जमकर राजनीति हुई। वहीं राजभवन जाने के मुद्दे पर बीजेपी विधायकों के भागने का आरोप लगा। दिलीप पांडेय ने कहा कि बस मार्शलों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा कैबिनेट नोट पास होने के बाद भाजपा वाले फिर भागने के फिराक में थे, जिन्हें रोकने के लिए हमें जमीन पर लोटना पड़ा। गेट पर घेर कर फिर रोक पाएं उन्हें हम। अब एलजी हाउस की तरफ रवाना हैं हम लोग! आज हम लोग बस मार्शल्स के लिए न्यायोचित रोजगार लेकर ही दम लेंगे। इंकलाब ज़िंदाबाद।’ आम आदमी पार्टी का कहना है कि कैबिनेट नोट पास होने के बाद बीजेपी विधायक सचिवालय से भागने लगे. लेकिन मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उनके पैर पकड़कर रोका. सार्वजनिक परिवहन बसों में मार्शल के रूप में तैनात 10 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को पिछले साल हटा दिया गया था, क्योंकि नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आपत्ति जताई थी कि वे आपदा प्रबंधन कर्तव्यों के लिए नियुक्त हैं. दिल्ली की सीएम आतिशी ने कहा कि बीजेपी विधायकों ने कल मुझसे मिलने का समय मांगा था, हमने उनसे मुलाकात की और उन्हें इस मुद्दे (बस मार्शलों) के बारे में समझाया कि यह एलजी के अधीन आने वाले सेवा मामलों के अंतर्गत आता है. लेकिन आज बीजेपी की पोल खुल गई, क्योंकि हमारी पूरी कैबिनेट वहां थी. बीजेपी को एलजी से उन मामलों पर निर्णय लेने के लिए कहना चाहिए जो उनके अधीन आते हैं. लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है, वे इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. हमने एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई और बस मार्शल को नियमित करने के लिए दिल्ली विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए. यहां (एलजी हाउस) आने के बाद भी बीजेपी विधायक एलजी से उस कैबिनेट नोट को पारित करने के लिए कहने के लिए तैयार नहीं थे, यह बस मार्शल के साथ विश्वासघात है. कैबिनेट द्वारा जो काम किए जाने थे – बस मार्शल और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को नियमित करना, वे किए जा चुके हैं. अब बीजेपी को उन्हें नियमित करना है, और उन्हें ज्वाइनिंग लेटर आवंटित करना है.

दिल्ली के फाइव स्टार होटल में रेप, कुछ समय पहले दिन पहले इंस्टाग्राम पर बने थे दोस्त

 नई दिल्ली दिल्ली के फाइव स्टार होटल में एक महिला से रेप दोस्त ने रेप किया है। मामला एक साल पुराना है लेकिन तीन अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई है। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उसके पति की पिछले साल मौत हो गई थी। जिसके बाद वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए आरोपी के संपर्क में आई। उसका दक्षिणी दिल्ली में बिजनेस है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने बताया है कि पिछले साल दिसंबर में आरोपी अमित ने उसे फाइव स्टार होटल में बुलाया और रेप किया। पीड़िता की शिकायत पर तीन अक्टूबर को शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले 30 दिसंबर को 55 साल की एक महिला ने आरोप लगाया था कि कुछ महीने पहले जिस व्यक्ति से उसकी दोस्ती हुई थी, उसने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसका रेप किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान 35 साल के सुनील के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में बताया था कि उन्हें 30 सितंबर को सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस स्टेशन में एक पीसीआर कॉल मिली, जिसमें यौन उत्पीड़न की सूचना दी गई थी। महिला ने पुलिस को बताया कि वह एक जनवरी को लोधी रोड के पास आरोपी से मिली थी। उसने खुद को एक कंपनी का ड्राइवर बताया और उसे लिफ्ट देने की पेशकश की। पुलिस ने बताया कि सुनील ने महिला से दिल्ली में फ्लैट ढूंढने में मदद मांगी। जिसके बाद दोनों ने फोन नंबर्स एक्सचेंज किए और रेगुलर संपर्क में रहे। महिला ने आरोप लगाया कि 20 जून को सुनील ने उसे सफदरजंग बुलाया, जहां उसने उसे नशीला पेय पदार्थ पिलाया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद वह उसे एक होटल में ले गया और वहां उसका रेप किया।

एक्सीडेंट की रोकथाम के लिए नोएडा एक्सप्रेस वे का सर्वे सीआरआरआई करेगी

नोएडा नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हुए एक्सीडेंट को देखते हुए अब इसका सर्वे केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) से करवाया जाएगा। क्योंकि इस एक्सप्रेसवे पर बने हुए पक्के निर्माण को सर्विस लेन पर शिफ्ट किया जाना है, जो इतना आसान काम नहीं है। इसीलिए पहले उनका सर्वे करवा कर उसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। नोएडा एक्सप्रेसवे पर क्रैश बैरियर के अंदर विज्ञापन के 12, आईटीएमएस के 8, साइनेज के 21 पोल मौजूद हैं। 13 स्ट्रक्चर एफओबी के हैं और 19-20 पब्लिक टॉयलेट व यूरिनल भी मौजूद हैं। इन सभी को क्रैश बैरियर से बाहर सर्विस लेन की तरफ शिफ्ट किया जाना है। प्राधिकरण इस योजना में सलाहकार एजेंसी के रूप में सीआरआरआई को शामिल करने जा रहा है। इसके लिए सीआरआरआई को पत्र भेजा जा रहा है। सीआरआरआई पूरे एक्सप्रेस वे का दोबारा से सर्वे करेगी। एक्सप्रेस वे के सुरक्षा मानकों को देखेगी और दुर्घटना के मुख्य कारण और लूप होल तलाशेगी। इसके बाद उनको शिफ्ट करने का पूरा प्लान प्राधिकरण को देगी। बीते 14 अगस्त को यहां आईटीएमएस के पोल से एक कार के टकराने से तीन युवकों की मौत हो गई थी। जिसके बाद प्राधिकरण के इंजीनियरों ने इसका सर्वे किया था। इस सर्वे में सामने आया था कि यहां क्रैश बैरियर के अंदर लगे पोल एक्सीडेंट के कारण है। इसे शिफ्ट किया जाए। 24.5 किमी लंबे नोएडा एक्सप्रेस वे सिटी सर्विलांस सिस्टम के अंडर आता है। इस एक्सप्रेस की निगरानी के लिए यहां आईटीएमएस के तहत कैमरे लगाए है। इन कैमरों को पोल पर लगाया गया है। पोल क्रैश बैरियर के अंदर यानी एक्सप्रेस वे की ओर लगे है। इसका कुछ हिस्सा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पास भी है। ऐसे में नोएडा वाहन चालकों के लिए इस एक्सप्रेस वे को सुरक्षित बनाता चाहता है। सेफ्टी पाइंट को लेकर मंथन किया गया। अब इसका पूरा प्लान सीआरआरआई करेगी।  

केजरीवाल ने परिवार संग नए घर में किया शिफ्ट, किया पूजा-पाठ

 नईदिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल आज (चार अक्टूबर) को अपने नए घर पांच फिरोजशाह रोड में परिवार संग शिफ्ट हो गए. उनका नया आवास नई दिल्ली के लुटियन जोन में स्थित है. इसी के साथ उन्होंने दिल्ली के सिविल लाइंस फ्लैग रोड स्थित सीएम आवास को खाली कर दिया. उन्होंने 17 जून को सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि वो बहुत जल्द सीएम आवास खाली कर देंगे. अपने वादों के अनुसार उन्होंने पितृ पक्ष समाप्त होते ही सीएम आवास खाली कर दिया. आम आदमी पार्टी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास छोड़ दिया है. अब जब तक जनता अपने अदालत में उनकी ईमानदारी पर मुहर लगाकर, उन्हें फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनाती, तब तक मुख्यमंत्री आवास में नहीं रहेंगे. अब यहां रहेंगे अरविंद केजरीवाल आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल दिल्ली सीएम आवास खाली करने के बाद पंजाब के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के पांच फिरोजशाह रोड स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट करेंगे. उनका नया आवास आम आदमी पार्टी के मुख्यालय रविशंकर शुक्ला लेन से चंद मीटर की दूरी पर है. दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने तीन अक्टूबर 2024 को बताया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद घोषणा की थी कि श्राद्ध पक्ष खत्म होने के बाद वे अपने सीएम आवास को छोड़ देंगे. आप के बहुत से विधायकों, मंत्रियों, पार्षदों, कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपने घर में रहने का ऑफर दिया था. उन्होंने फैसला किया कि वे अपने चुनाव क्षेत्र नई दिल्ली में रहेंगे, जहां से वह विधानसभा इलेक्शन लड़ते हैं. आम आदमी पार्टी के एक सांसद ने भी ऑफर दिया था कि वो मेरे घर में रहें. अब फिरोजशाह रोड स्थित हमारे सांसद अशोक मित्तल के घर पर उनके परिवार के साथ अरविंद केजरीवाल और उनका परिवार रहेगा. जब तक वह दोबारा चुनाव जीतकर सीएम नहीं बनते हैं.

द्रौपदी का किरदार निभाकर मशहूर हुईं जानी-मानी अदाकारा और भाजपा नेता रूपा गांगुली मुश्किल में फसी, हुई गिरफ्तार

नई दिल्ली महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाकर मशहूर हुईं जानी-मानी अदाकारा और भाजपा नेता रूपा गांगुली (Roopa Ganguly) मुश्किल में फंस गई हैं। गुरुवार की सुबह अभिनेत्री को पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद रूपा ने इस पर अपना पहला बयान भी दे दिया है। हुआ यूं कि बुधवार को कोलकाता के बांसद्रोणी में खुदाई करने वाली मशीन की चपेट में आने से एक 14 साल के स्कूली बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में रूपा गांगुली ने विरोध प्रदर्शन किया। वह बीती शाम से बांसड्रोनी पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही थीं जिसके बाद सुबह-सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कोलकाता पुलिस रूपा गांगुली को अलीपुर पुलिस कोर्ट लॉकअप में लेकर आई। यहां अभिनेत्री ने अपनी गिरफ्तारी पर रिएक्शन दिया है। मीडिया से से बातचीत में रूपा गांगुली ने कहा, “मैंने किसी को परेशान नहीं किया। मैंने किसी के काम में बाधा नहीं डाली। मैं वहां शांति से बैठी थी ताकि उस लड़के की हत्या करने वालों को पकड़ा जाए।”

चलती बस में लगी भीषण आग, बस चालक समेत तीन लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर एक स्थित एटीएस सोसायटी के समीप एक सीएनजी बस में आग लग गई। बस चालक समेत तीन लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। मामला बृहस्पतिवार दोपहर का है। एक निजी बस बिसरख हनुमान मंदिर से राइज चौक की तरफ जा रही थी। जैसे ही बस एटीएस सोसायटी के समीप पहुंची अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया। जिस समय आग लगी बस में चालक समेत तीन लोग सवार थे। धुआं देखकर चालक समेत तीनों नीचे कूद गए। बस सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई इस दौरान बस सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। चंद मिनटों में आग ने पूरे बस को अपने आगोश में ले लिया। सीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि निजी बस एक फैक्ट्री में लगी है। जो नोएडा की तरफ जा रही थी। शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। दमकल की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। बस में सवार तीनों लोग सुरक्षित है।

पराली जलाने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब को लगाई फटकार

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों को पराली जलाने वाले किसानों से केवल नाममात्र का मुआवजा वसूलने पर कड़ी फटकार लगाई। पराली जलाने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को भी खूब सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आयोग पराली जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण करने में असफल रहा है। कोर्ट ने कहा कि आयोग ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उनके निर्देशों को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह भी कहा कि 29 अगस्त को दिल्ली में वायु प्रदूषण पर चर्चा के लिए बुलाई गई आयोग की बैठक में केवल 11 में से 5 सदस्य ही उपस्थित हुए थे, और अदालत के निर्देशों पर कोई चर्चा भी नहीं हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब तक लोग यह नहीं समझेंगे कि उन्हें वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तब तक पराली जलाना नहीं रुकेगा। प्रदूषण फैलाने के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को सौंपी गई है। हालांकि अदालत ने पाया कि न तो आयोग और न ही पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारें इस समस्या को समाप्त करने के प्रति गंभीर हैं, जहां पराली जलाने की घटनाएं अब भी हो रही हैं। जस्टिस अभय एस ओका की अध्यक्षता वाली बेंच ने CAQM की स्थिति रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ये टिप्पणियां कीं। अदालत ने पिछले हफ्ते आयोग और उसकी विभिन्न उप-समितियों से इस समस्या को सुलझाने के लिए वर्षों से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी थी, क्योंकि सर्दियों के महीनों में पराली जलाने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए, बेंच जिसमें जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह भी शामिल थे। उन्होंने कहा, “जब तक लोग यह नहीं जानेंगे कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा, तब तक वे नहीं रुकेंगे और न ही उन्हें उपलब्ध मशीनों का इस्तेमाल करेंगे।” अदालत ने यह भी नोट किया कि आयोग केवल राज्य सरकारों के साथ बैठकें आयोजित करने में व्यस्त है और अपने आदेशों को लागू करने के प्रयास नहीं कर रहा है। अदालत ने कहा कि आयोग को अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत अपराधियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, जुर्माना लगाने और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने का अधिकार है। अदालत ने कहा, “किसी न किसी कारण से वे किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करना चाहते। आपको अपने आदेशों को पत्र और भावना में लागू करना चाहिए। केवल बैठकें बुलाने से कुछ नहीं होगा, कार्रवाई जरूरी है।” केंद्र और CAQM की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई के आदेश 10 जून, 2010 को जारी किए गए थे और उसके बाद कई आदेश पारित हुए, जिनमें आखिरी आदेश अप्रैल 2024 का है। इसमें राज्य सरकारों को अवैध पराली जलाने के खिलाफ कार्रवाई करने और आयोग और केंद्र द्वारा प्रस्तावित अन्य उपायों को लागू करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें पराली हटाने की मशीनें उपलब्ध कराना और पराली जलाने वाले किसानों को हतोत्साहित करना शामिल है। ASG ने यह भी बताया कि इस साल अब तक आयोग की तीन उप-समितियों की 11 बैठकें हो चुकी हैं। अदालत ने कहा, “आयोग खुद ही अपने आदेशों को लागू कराने का प्रयास करता नहीं दिख रहा है।” अदालत ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से जून 2010 और अप्रैल 2024 के आदेशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने यह भी कहा कि आयोग के आदेशों को लागू करने के लिए बनाई गई उप-समिति की अंतिम बैठक 29 अगस्त को हुई थी, जिसमें जून 2010 के आदेश का कार्यान्वयन एजेंडे में नहीं था। अदालत ने कहा, “यदि किसानों के खिलाफ मुकदमा नहीं चल सकता, तो अधिकारियों को दोषी ठहराया जाना चाहिए। आपको दिखाना चाहिए कि आपने जो तंत्र 2021 के अधिनियम के तहत बनाया था, वह अभी भी मौजूद है।” ASG ने अदालत को बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो अधिकारियों द्वारा जारी आदेशों की अवहेलना से संबंधित है। बेंच ने कहा, “आपने दंडित करने के लिए सबसे हल्का प्रावधान चुना है, जबकि आपके पास CAQM अधिनियम के तहत कठोर प्रावधान हैं।” CAQM द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से पता चला कि 15 से 30 सितंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की 129 अवैध घटनाएं हुईं। अदालत ने कहा कि उनसे जुर्माना वसूलना कोई उद्देश्य पूरा नहीं करेगा, क्योंकि इस समय की जरूरत है कि उन्हें कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाए। पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि किसानों को वैकल्पिक प्रोत्साहन प्रदान करने के बाद ही दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, जैसे कि पराली हटाने की मशीनें। राज्य के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में 1.4 लाख से अधिक मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन 10 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे किसानों को इन मशीनों को चलाने के लिए ड्राइवर और ईंधन चाहिए। 

भाजपा ने कांग्रेस पर5600 करोड़ रुपए के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट मामले में आरोप, स्पेशल सेल ने तुषार गोयल का नाम लिया

नई दिल्ली  5 हजार करोड़ रुपए के इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट मामले के तार अब कांग्रेस से जुड़ते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने आज बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की सबसे पुरानी पार्टी पर खूब हमला बोला। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा कि आखिर कांग्रेस के इस व्यक्ति के ड्रग सिंडिकेट से क्या रिश्ते हैं? सुधांशु त्रिवेदी ने ये सारी बातें दिल्ली पुलिस की स्पेशल की ओर से किए गए खुलासे के आधार पर लगाए हैं। बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले दिल्ली पुलिस ने बताया कि इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट में मास्टरमाइंड तुषार गोयल का नाम सामने आया है, जो 2022 तक दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के आरटीआई सेल का चेयरमैन रह चुका है। बीजेपी ने पूछ लिए राहुल गांधी से सवाल भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस वार्ता में सीधे सांसद राहुल गांधी पर अटैक किया। बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने राहुल को संबोधित करते हुए कहा कि अब लगता है मोहब्बत की दुकान में नफरत के सामान तो मिल ही रहे थे, अब नशे का सामान भी मिलने लगा है। सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर इतने बड़े ड्रग सिंडिकेट के खुलासे से तुषार गोयल के क्या संबंध हैं? बीजेपी सांसद ने कहा कि हमारे पास यूथ कांग्रेस के चेयरमैन पद के लिए तुषार गोयल का नियुक्ति पत्र भी है। इस नियुक्ति पत्र में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का भी जिक्र है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि तुषार गोयल की हरियाणा के कांग्रेस नेता और सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ भी फोटो है। बीजेपी ने पूछा कि लोगों को जानने का हक है कि तुषार गोयल का आपसे क्या संबंध है? उन्होंने प्रेस वार्ता की मदद से तीन सवाल भी पूछे।भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि हमें कांग्रेस पार्टी, हुड्डा परिवार से जवाब चाहिए। सवाल1- इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट के भंडाफोड़ के बाद जो इतनी रकम मिली है, क्या कांग्रेस के इस पदाधिकारी तुषार गोयल का इससे संबंध है? अगर हां तो क्यां कांग्रेस के पास पहले भी इससे जुड़े पैसे आ चुके हैं? सवाल 2- क्या ड्रग का यह पैसा विधानसभा चुनाव के लिए तो नहीं उपयोग में लाया जा रहा था? 5600 करोड़ रुपये का कांग्रेस से क्या संबंध है? क्या कांग्रेस को इस पैसे की जानकारी है? सवाल 3– क्या कांग्रेस के कुछ नेताओं का ड्रग डीलरों से कोई संबंध है? पार्टी ने इन्हें आश्वासन दिया हो कि हरियाणा में अगर सरकार बनी तो हम इस ड्रग मैनेजमेंट के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे? देश के युवाओं को सीधे नशे में धकेलने वाले इतने बड़े ड्रग्स कांड के आरोपी, तुषार गोयल, ‘इंडियन यूथ कांग्रेस’ के RTI सेल के चीफ, के साथ कांग्रेस के आधिकारिक पदाधिकारियों का सीधा संबंध दिखाता है कि अगर इन्हें थोड़ी सी भी शक्ति मिली, तो ये देश को किस गर्त में धकेल देंगे।   दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किया खुलासा इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपने खुलासे में बताया कि तुषार गोयल वह कांग्रेस के आरटीआई सेल का प्रमुख था, और उसने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर आरटीआई सेल चेयरमैन, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस लिखा है। इसके अलावा, गोयल ने “डिग्गी गोयल” के नाम से भी एक प्रोफाइल बनाई हुई है। जांच के दौरान, कई कांग्रेस नेताओं के साथ गोयल के फोटो भी सामने आए हैं। इस ड्रग्स सिंडिकेट के तार दुबई से जुड़े हुए पाए गए हैं। स्पेशल सेल की जांच में एक बड़े दुबई कारोबारी का नाम सामने आया है, जो कोकीन का प्रमुख सप्लायर है। यह जानकारी सामने आई है कि दुबई की ‘डी’ कंपनी ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के लिए एक सेफ जोन के रूप में जानी जाती है और एजेंसियों को इस संबंध में पुख्ता जानकारी थी। इस मामले में मुंबई कनेक्शन भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी मात्रा में कोकीन की खेप मुंबई भेजी जा रही थी। बता दें कि बुधवार को दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स की अब तक की बड़ी खेप पकड़ी थी। अधिकारियों के अनुसार, 560 किलोग्राम से अधिक कोकीन और 40 किलोग्राम ‘हाइड्रोपोनिक मारिजुआना’ जब्त किया था। जब्त किए गए ड्रग्स की अनुमानित कीमत लगभग 5,620 करोड़ रुपए है। स्पेशल सेल टीम ने महिपालपुर से चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गोयल इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स गिरोह का प्रमुख वितरक बताया जा रहा है। 1 अक्टूबर को महिपालपुर में एक गोदाम के बाहर सबको गिरफ्तार किया गया, जहां 22 कार्टन में 547 किलोग्राम कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना मिला।

बंगला नंबर-5; पूर्व मुख्यमंत्री को मिल गया नया पता, सांसद आवास में रहेंगे AAP मुखिया

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अपना आवास खाली करेंगे। मुख्यमंत्री वाला घर छोड़कर केजरीवाल अब एक सांसद आवास में शिफ्ट होने जा रहे हैं। यह आम आदमी पार्टी के एक राज्यसभा सांसद के नाम आवंटित है, जो नई दिल्ली में फिरोजशाह रोड पर है। यानी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक का नया पता है- बंगला नंबर 5, फिरोजशाह रोड, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं, पार्षदों, विधायकों और सांसदों ने केजरीवाल को अपना घर देने की पेशकश की थी। केजरीवाल के लिए एक ऐसे घर की तलाश थी जो पार्टी मुख्यालय से नजदीक हो। ऐसे में फिरोजशाह रोड स्थिति बंगला नंबर 5 का चुनाव किया गया। यहां रहने से केजरीवाल को कई फायदे होंगे। एक तरफ जहां वह अपनी विधानसभा सीट को साध सकते हैं तो दूसरी तरफ पार्टी मुख्यालय तक उनकी पहुंच आसान रहेगी। कथित शराब घोटाले में कई महीने जेल में रहकर निकले अरविंद केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। नियम मुताबिक उन्हें सीएम आवास खाली करना है। अब इस घर में दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी शिफ्ट होने जा रही हैं। अभी उनके नाम जो आवास आवंटित है उसमें दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का परिवार रह रहा है। पहले यह आवास सिसोदिया के नाम आवंटित था। आम आदमी पार्टी ने कहा था कि केजरीवाल नवरात्रि के दौरान मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे। इस आवास को लेकर काफी राजनीति भी होती रही है। भाजपा आरोप लगाती है कि केजरीवाल ने सीएम आवास में करोड़ों रुपए खर्च किए। भाजपा इसे शीशमहल कहकर केजरीवाल को घेरती रही है।

केजरीवाल एक से दो दिनों में मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे, नया घर तय, अब यहां करेंगे निवास

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नया घर तय हो गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल एक से दो दिनों में मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे और अपने विधानसभा क्षेत्र में एक नए घर में शिफ्ट होंगे। यह निर्णय उनके कामकाज की सुविधा और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से निकटता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आपको बता दें कि पूर्व CM केजरीवाल ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जानकारी के अनुसार, वह दो दिन के भीतर सिविल लाइंस में 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास को खाली कर देंगे। इस बदलाव से उन्हें स्थानीय निवासियों के साथ और बेहतर संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। नए आवास की तलाश आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल के लिए ऐसा स्थान खोजा है, जो उनके काम के लिए सुविधाजनक हो और यात्रा में भी कोई दिक्कत न हो। इससे उन्हें शहर के विभिन्न क्षेत्रों और निवासियों से जुड़े रहने में मदद मिलेगी। पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी थी कि केजरीवाल जल्द ही मुख्यमंत्री आवास खाली करेंगे और नए आवास की तलाश की जा रही है। विधानसभा क्षेत्र से जुड़ाव केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के निकट एक घर तलाश रहे हैं ताकि वे वहां के लोगों से लगातार संपर्क में रह सकें। दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अपने समय और संसाधनों का पूरा उपयोग करना चाहते हैं। आवास की पेशकश पार्टी ने बताया कि विधायकों, पार्षदों और आम लोगों ने भी केजरीवाल के लिए आवास की पेशकश की है। डिफेंस कॉलोनी, पीतमपुरा, जोरबाग, चाणक्यपुरी, ग्रेटर कैलाश, वसंत विहार और हौज खास जैसे विभिन्न क्षेत्रों से उन्हें प्रस्ताव मिले हैं। लेकिन केजरीवाल का मानना है कि वे ऐसी जगह रहेंगे, जो उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों से मिलने में सहायक हो। केंद्र सरकार से मांग ‘आप’ ने केंद्र सरकार से यह मांग की है कि अरविंद केजरीवाल, जो एक राष्ट्रीय दल के प्रमुख हैं, उन्हें आधिकारिक आवास मुहैया कराया जाए। केजरीवाल अपनी पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते हैं, और इस कारण एक उपयुक्त आवास की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। इस मांग से पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि केजरीवाल को राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों पहलुओं में सुविधाएं उपलब्ध हों। राजनीतिक पृष्ठभूमि राजनीति में आने से पहले केजरीवाल उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रहते थे। उन्होंने 2013 में पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में पद ग्रहण किया और तिलक लेन में एक बंगले में रहे। 2015 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद, वे फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित आवास में निवास करते थे।

नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में नए नियम के साथ अब बिल्डर नहीं कर पाएंगे बायर्स के साथ धोखाधड़ी

नोएडा नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में जल्द ही नया नियम बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद बिल्डर बायर्स के साथ धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे और उन्हें फ्लैट की बुकिंग करने के साथ-साथ उसकी रजिस्ट्री भी करवानी होगी। इसके चलते सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा। अक्सर देखा गया कि बिल्डर मुनाफा कमाने के लिए एक ही फ्लैट कई लोगों को बेच देता है। वो अपना तो मुनाफा कमा लेता है, लेकिन इससे राजस्व की बड़ी हानि होती है। नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि क्योंकि नोएडा में त्री पक्षीय रजिस्ट्री होती है। यहां जितनी बार भी फ्लैट बिकेगा प्राधिकरण को ट्रांसफर चार्ज देना होगा। जिसे तकनीकी रूप से ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम कहते है। बिल्डर अब ये चालाकी नहीं कर सकेगा। नए नियम के तहत बिल्डर को एग्रीमेंट टू सेल करने के साथ ही बायर्स की रजिस्ट्री करानी होगी। जिससे बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। ऐसा करने से बायर्स का पूरा रिकॉर्ड प्राधिकरण में अपडेट हो जाएगा। इससे बिल्डर किसी दूसरे को फ्लैट नहीं बेच सकेगा। यदि ऐसा करता है तो बायर्स को प्राधिकरण से टीएम कराना होगा और चार्ज देना होगा। दूसरा बायर्स को समय से फ्लैट मिलेगा। अब तक ये व्यवस्था लागू नहीं थी। ऐसे में बिल्डर धोखे से एक ही फ्लैट को कई बार बेचकर मुनाफा कमाता था। साथ ही बायर्स के साथ भी धोखाधड़ी होती थी। ऐसे कई मामले रेरा और नोएडा के थानों में दर्ज है। जिसमें बिल्डर ने बायर्स से धोखाधड़ी करके एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचा और सभी से टीएम के नाम पर पैसे लिए। नए नियम के तहत कोई बायर्स बिल्डर से फ्लैट खरीदने जाता है। बुकिंग के समय 10 प्रतिशत राशि देकर बिल्डर उसके पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल एक्सक्यूट करेगा। साथ ही इस प्रॉपर्टी की वैल्यू के अनुसार स्टॉप ड्यूटी देते हुए इसे रजिस्टर कराना होगा। निर्माण पूरा होने के बाद पजेशन देते समय 100 रुपए के स्टांप पेपर पर पजेशन डीड रजिस्टर किया जा सकता है। नोएडा में सबसे बड़ी समस्या रजिस्ट्री नहीं होना है। यहां बिल्डरों ने प्राधिकरण का पैसा जमा नहीं किया। जिसके एवज में प्राधिकरण ने रजिस्ट्री रोक दी है। अमिताभ कांत सिफारिश के बाद बिल्डर से 25 प्रतिशत राशि लेकर रजिस्ट्री की जा रही है। नए नियम के तहत ऐसा कुछ नहीं होगा। जैसे ही बायर्स फ्लैट की राशि 10 प्रतिशत देकर बुकिंग कराएगा, उसी समय बिल्डर बायर्स के पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल करते हुए कुल वैल्यू की स्टांप ड्यूटी देते हुए रजिस्ट्री कराएगा। एक बार रजिस्ट्री होने से बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। साथ ही डर समाप्त हो जाएगा कि उसका फ्लैट कही और नहीं बिका है। प्राधिकरण या सरकार को राजस्व मिलेगा। साथ ही बिल्डर की ओर से की जाने वाली हेराफेरी समाप्त होगी। इससे संबंधित एक पत्र नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से भेजा गया है। यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इसे अपने यहां लागू कर दिया है। वहीं नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक भी जल्द होने जा रही है। इस प्रस्ताव को बोर्ड में लाया जाएगा। वहां से अप्रूवल मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा  

बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़, एक को पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि दूसरा बदमाश फरार हुआ

नोएडा नोएडा पुलिस और बदमाशों के बीच बीती देर रात मुठभेड़ हुई है। जिसमें बाइक सवार बदमाशों में से एक को पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि दूसरा बदमाश फरार हो गया है। फरार बदमाश की तलाश की जा रही है। यह बदमाश स्क्रैप और अलग-अलग जगह से ही ई-रिक्शा चोरी करने का काम करते हैं। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि 1 अक्टूबर को थाना सेक्टर-126 पुलिस द्वारा पुस्ता रोड पर चेकिंग की जा रही थी। तभी एक बाइक सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को चेकिंग के लिए रुकने का इशारा किया गया। जिस पर बाइक सवार बैरियर से बचकर भागने का प्रयास करने लगे जिससे उनकी मोटरसाइकिल डिवाइडर से टकराकर फिसल गई। बदमाशो ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। जिसकी पहचान गौरव उर्फ तुषार के रूप में हुई है। बदमाश के कब्जे से एक मोटरसाइकिल जो गाजियाबाद से चोरी हुई थी, 1 अवैध तमंचा .315 बोर, एक खोखा व दो जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुए हैं। घायल बदमाश का साथी अंधेरे में झाड़ियों का फायदा उठाकर भाग गया जिसकी तलाश के लिए कांबिंग की जा रही है। पुलिस ने बताया है कि पकड़ा गया बदमाश थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के अंतर्गत ई रिक्शा व जेपी विशटाउन से स्क्रैप चोरी करने में शामिल था। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घायल बदमाश पर थाना 126 पर कई मामले दर्ज है और उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी भी की जा रही है।  

सोचकर सीना चौड़ा हो जाता है कि महात्मा गांधी भारत में पैदा हुए थे, हम गांधी के वंशज हैं यह हमारा सौभाग्य है: राघव चड्ढा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। राघव चड्ढा ने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा कि यह सोचकर सीना चौड़ा हो जाता है कि महात्मा गांधी भारत में पैदा हुए थे। हम गांधी के वंशज हैं यह हमारा सौभाग्य है। कितने खुशनसीब थे वह लोग जिन्होंने गांधी को देखा होगा। वह जितने मन से साहसी थे उतने ही मुलायम भी थे। अपनों के लिए लड़ते हुए भी दुश्मनों के प्रति नफरत ना रखने वाले गांधी का दिल इतना बड़ा था कि उन्होंने उसे भी माफ कर दिया जिसने उनको यातनाएं दीं, मारने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की सत्य और हिंसा की ताकत ने दुनिया की सारी ताकतों को बौना कर दिया। गांधी के बारे में अल्बर्ट आइंस्टीन कहा करते थे कि आने वाली नस्लें इस बात पर यकीन नहीं कर पाएंगी कि हाड़ मांस का कोई पुतला ऐसा भी था जिसके करिश्मे के सामने दुनिया की सारी शक्तियां नतमस्तक हो गई। दक्षिण अफ़्रीका में पिछड़ों, शोषितों और अन्य वर्गों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने वाले गांधी अपने देश के लोगों की गरीबी से अधीर होकर आधी धोती में पूरा जीवन गुजारने वाले थे। उन्होंने शक्तिशाली ब्रिटिश क्राउन की आंख में आंख डालकर उसकी तानाशाही का विरोध किया। गांधी केवल व्यक्तित्व नहीं थे, वह स्वयं में एक युग हैं। ऐसा युग जिसमें न्याय की लड़ाई है, ऐसा युग जिसमें अधिकारों के लिए संघर्ष है, ऐसा युग जिसमें इंसानियत और दूसरे का दुख महसूस करने का साहस है। उन्होंने कहा कि ऐसा युग जिसमें राम सिर्फ नाम नहीं, मर्यादा और कर्तव्य हैं। शायद यही कारण है कि गांधी के जाने के 76 साल बाद भी अमेरिका से लेकर यूरोप तक, अफ्रीका से लेकर ऑस्ट्रेलिया की गलियों तक आपको गांधी दिख जाएंगे। उनका कद कितना बड़ा है, उनका ओहदा कितना ऊंचा है। यह उनकी मूर्ति के सामने झुके हुए लोगों से पता चलता है। आज जब कोई हिंदुस्तानी भारत से बाहर किसी दूसरे देश में जाता है, तो वहां उसकी इज्जत इसलिए भी होती है क्योंकि वह गांधी के देश से आया है। रंगभेद से लड़ने वाले नेल्सन मंडेला जेल में लगभग तीन दशक गुजारने के बाद जब जेल से बाहर निकले तो मुस्कुराए, जिस पर पत्रकारों ने उनसे पूछा इतनी मुश्किल के बावजूद भी आप मुस्कुरा रहे हैं, तो मंडेला ने कहा, ‘मैंने गांधी को पढ़ा है।’ यह है गांधी की ताकत। सारी दुनिया में अहिंसात्मक आंदोलनों के प्रेरणा स्रोत हैं गांधी। राघव चड्ढा ने आगे कहा कि देश की आजादी के लिए गोली बंदूक, तोप और गोलों के खतरनाक अंजाम से बेफिक्र होकर गांधी निहत्थे लड़ते रहे। मार्टिन लूथर किंग ने गांधी जी के सिद्धांतों पर चलकर अपने देश में अफ्रीकी अमेरिकी को समानता का अधिकार दिलाया। जिस चार्ली चैपलिन के पीछे दुनिया दीवानी थी, वह चार्ली चैपलिन गांधी से मिलने के लिए बेताब रहते थे। आज दुनिया के सैकड़ों देशों में अनगिनत शहरों में आपको पतले दुबले लाठी टेके गांधी की प्रतिमा दिख जाएगी। जहां दुनिया की नामचीन विभूतियां झुक-झुक कर फूल अर्पित करती, फूल चढ़ाती नजर आएंगी। आज जब हम गांधी को याद करते हैं तो अपने इतिहास के गौरव को जिंदा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब बापू का नाम लेते हैं तो हिंदुस्तान की असली ताकत का एहसास करते हैं। गांधी भले इस दुनिया में नहीं, मगर दुनिया के दिलों में गांधी हैं। गांधी मोहब्बत की परंपरा बनकर हिंदुस्तान के सीने में धड़कते हैं। आज भी सत्य की पगडंडियों पर चलते हुए गांधी मिल जाएंगे आप बस उनको दिल से याद तो कीजिए।  

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग्स तस्करी करने वाला अंतरराष्ट्रीय गैंग का खुलासा, 2000 करोड़ की 500 KG कोकीन बरामद

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब 2 हजार करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की है. एक बरामदगी दक्षिण दिल्ली में एक छापे के बाद हुई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार स्पेशल सेल ने करीब 565 किलो से ज्यादा कोकीन बरामद की है. इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस ड्रग्स की कीमत 2000 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और ये ड्रग्स राजधानी में किसके लिए गए थे, इसकी डिलीवरी किसको होनी थी, इस गिरोह के साथ कौन कौन से लोग जुड़े हैं. इन सवालों का जवाब तलाश रही है. दिल्ली पुलिस के अनुसार ये राजधानी अबतक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी है. पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है. रिपोर्ट के मुताबिक इस सप्लाई के पीछे इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है. पुलिस अब इसकी जानकारी हासिल कर रही है. ये दिल्ली में कोकीन का अब तक का सबसे बड़ा सीजर है. कोकीन हाई प्रोफाइल पार्टी में इस्तेमाल होने वाला ड्रग्स है. पुलिस के अनुसार, यह गैंग काफी समय से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में नशे की तस्करी कर रहा था और त्योहारों के अवसर पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को बाजार में लाने की योजना बना रहा था। इस बड़ी खेप को पकड़कर दिल्ली पुलिस ने न केवल नशे की लत में फंसे लोगों की जिंदगी बचाई है, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ अपनी कड़ी कार्रवाई का एक और उदाहरण पेश किया है। पकड़ी गई कोकीन की खेप की मात्रा और उसकी बाजार में कीमत ने पुलिस और प्रशासन को सकते में डाल दिया है। स्पेशल सेल के अनुसार, इस मामले में नार्को-टेरर एंगल की भी जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि तस्करी से मिले पैसों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में होने की आशंका भी है। इसलिए, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य संबंधित एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद यह जानकारी मिली है कि इस गैंग के तार कई देशों से जुड़े हुए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय तस्कर नेटवर्क था जो विभिन्न देशों से ड्रग्स की तस्करी कर भारत में उन्हें बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस को इस बात का भी अंदेशा है कि इसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं और जांच के जरिए इस पूरी तस्करी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। स्पेशल सेल की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि तस्करी के इस गिरोह का नेटवर्क न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक भी फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए तस्करों में से कुछ विदेशियों के संपर्क में थे, जो ड्रग्स की आपूर्ति करते थे। इस मामले में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों की पहचान की है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस उन स्थानों की भी जांच कर रही है जहां तस्करों ने कोकीन की खेप को छुपाने का प्रयास किया था। पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़े अभियान का हिस्सा थी, जिसमें राजधानी में तस्करी के माध्यम से नशे के पदार्थों को फैलाने की कोशिश को नाकाम किया गया है। त्योहारों का समय होता है जब नशे का कारोबार तेजी से बढ़ता है और नशीले पदार्थों की मांग भी बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह इतनी बड़ी खेप दिल्ली लाया था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पकड़ी गई कोकीन की क्वालिटी बहुत उच्च स्तर की है और इसे विभिन्न देशों से लाया गया था। गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि उनके पास कई फर्जी दस्तावेज थे, जिनकी मदद से वे आसानी से ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब इन फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे तस्करों को पकड़ा जा सके। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ड्रग्स की तस्करी का पैसा आतंकवादी गतिविधियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, दिल्ली पुलिस इस मामले में नार्को-टेरर एंगल से भी जांच कर रही है। इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि तस्करी के माध्यम से जुटाए गए पैसे का उपयोग देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए हो सकता है। दिल्ली पुलिस की इस बड़ी सफलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने भी इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है और आगे की जांच में सहयोग कर रही हैं। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी इस जांच में शामिल हो चुका है और ड्रग्स की तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ और लोगों की पहचान हुई है। ड्रग्स की तस्करी का यह मामला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपने साहसिक और सूझबूझ भरे काम से न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश के युवाओं को एक बड़ी मुसीबत से बचा लिया है। दिल्ली पुलिस का यह कदम नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश देता है और ड्रग तस्करों को यह चेतावनी है कि कानून के हाथ लंबे हैं और वे कहीं भी छुप नहीं सकते। ड्रग्स की तस्करी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है, और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि नशे के कारोबारी किस तरह से समाज को जकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो नशे के इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। पुलिस प्रशासन … Read more

नोएडा में एनकाउंटर, अब DLF मॉल के पास पुलिस के निशाने से घायल हुआ बदमाश, पैर में लगी गोली

नोएडा नोएडा में बीती रात दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए.  वहीं, एक बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार बदमाश की तलाश के लिए पुलिस द्वारा सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बदमाशों के कब्जे से चोरी की बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किया है. पहली मुठभेड़ थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के अंतर्गत डीएलएफ मॉल के पास हुई, जब पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास कर रही थी. बदमाश की पहचान अजीत के रूप में हुई, जो रेकी कर दोपहिया वाहनों की चोरी और उनसे चेन व मोबाइल लूट की घटनाओं को अंजाम देता था. पुलिस द्वारा रोके जाने पर अजीत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की और भागने का प्रयास किया. जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया. अजीत मुख्य रूप से सेक्टर 16A फिल्म सिटी को निशाना बनाकर चोरी की वारदातें करता था. दूसरी मुठभेड़ थाना 126 क्षेत्र में पुस्ता रोड पर हुई, जहां बाइक सवार दो बदमाश फैक्ट्री और घरों में चोरी और राहगीरों के साथ लूट की घटनाओं में शामिल थे. पुलिस ने जब उन्हें चेकिंग के दौरान रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की. इस दौरान उनकी बाइक डिवाइडर से टकराकर फिसल गई. पुलिस की जवाबी फायरिंग में गौरव उर्फ तुषार नामक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया. गौरव को भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फरार बदमाश की तलाश जारी है.  

सीएम आतिशी ने भाजपा पर लगाए साजिश के आरोप- सरिता विहार फ्लाईओवर की मरम्मत का कार्य शुरू

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार ने यहां की सड़कों को दीपावली तक गड्ढा मुक्त करने का वादा किया है। इसके लिए सीएम आतिशी के नेतृत्व में सड़कों का निरीक्षण किया जा रहा है। आतिशी का कहना है कि यह कार्य पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिशा निर्देश पर किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने लगातार दूसरे दिन भी सड़कों का निरीक्षण किया। दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने ईस्ट दिल्ली के दुर्गापुरी चौक पर सड़क निरीक्षण किया। इसके साथ ही, दिल्ली के सबसे व्यस्त सड़कों में से एक सरिता विहार मथुरा रोड के फ्लाईओवर पर भी 1 अक्टूबर से मरम्मत का कार्य शुरू किया जा रहा है। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में लगातार सड़कों के मरम्मत कार्य शुरू किए गए हैं। इसी कड़ी में आज से सरिता विहार फ्लाईओवर का भी मरम्मत कार्य शुरू हो रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली में काम नहीं करने देना चाहती है। दिल्ली में लोगों के काम न हों, इसके लिए आम आदमी पार्टी को परेशान किया जा रहा है। सीएम आतिशी ने कहा, “भाजपा ने अरविंद केजरीवाल को जेल में डालकर आम आदमी पार्टी द्वारा पार्टी दिल्ली के लिए किए जा रहे कार्यों को रोकने की साजिश की है। लेकिन भाजपा की यह साजिश पूरी तरह से नाकाम है। केजरीवाल जेल से बाहर हैं और उनके नेतृत्व में दिल्ली सरकार दिल्ली के सभी रुके हुए कार्यों को कराएगी। दिल्ली में जगह-जगह सड़कें टूटी हुई हैं। कई जगह पाइप डालने के बाद सड़क रिपेयर नहीं हुई हैं। बरसात की वजह से भी सड़क टूटी हुई हैं। आम आदमी पार्टी के मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस निरीक्षण के आधार पर आने वाले दो से तीन दिनों में हर जगह रिपेयर का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा सरिता विहार के फ्लाईओवर की मेंटेनेंस का कार्य शुरू हो रहा है।” आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सड़कों पर जाकर निरीक्षण को भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा है कि जो गड्ढे 10 साल में हुए हैं वह कुछ दिनों में कैसे भर जाएंगे। यह अरविंद केजरीवाल की नाकामी है।  

आतिशी मार्लेना होंगी दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में चुनी गईं

Atishi Marlena will be the next Chief Minister of Delhi, elected in the legislative party meeting

Atishi Marlena will be the next Chief Minister of Delhi, elected in the legislative party meeting नई दिल्ली । आतिशी मार्लेना दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री होंगी। मंगलवार को राजधानी में हुई विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों और बड़े नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया। अब शपथ ग्रहण की तारीख और समय तय किया जाएगा। इससे पहले आज शाम 4 बजे अरविंद केजरीवाल एलजी से मिलेंगे और उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपेंगे। आतिशी को इसलिए बनाया गया दिल्ली का मुख्यमंत्रीआतिशी का नाम नए मुख्यमंत्री की लिस्ट में सबसे आगे था। इसके पीछे कारण यह था कि शराब नीति कांड में अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद दिल्ली के एक दर्जन मंत्रालय आतिशी ने संभाले। जिन मंत्रालयों को लेकर केजरीवाल को सबसे ज्यादा चिंता थी, उन्हें आतिशी ने संभाले रखा।आतिशी कई बार जेल में केजरीवाल से मिलीं और उनका मार्गदर्शन लिया। केजरीवाल और अन्य बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी में दिल्ली की जनता से आतिशी ने ही संवाद किया। मीडिया का सामना भी किया।केजरीवाल की नजर में आतिशी का कितना महत्व है, यह इस बात से भी साफ होता है कि उन्हें 15 अगस्त को झंडा वंदन के लिए आतिशी का नाम आगे बढ़ाया। हालांकि वे झंडा नहीं फहरा सकीं।

प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, बजरंग बली से सभी की भलाई का मांगा आशीर्वाद

Arvind Kejriwal reached the famous Hanuman temple

Arvind Kejriwal reached the famous Hanuman temple, sought blessings from Bajrang Bali for everyone’s well-being. नई दिल्ली ! आबकारी नीति मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के एक दिन बाद यानी शनिवार को मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ कनॉट प्लेस स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे. इस दौरान उनके साथ दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और AAP नेता मनीष सिसोदिया, आप सांसद संजय सिंह व अन्य लोग मौजूद थे. हनुमान मंदिर में उन्होंने पूजा अर्चना की और सभी की भलाई के लिए बजरंग बली से आशीर्वाद मांगा. शुक्रवार को दिल्ली के सीएम को जमानत मिलने के बाद आप नेता मनीष सिसोदिया, आप सांसद राघव चड्ढा, सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज व अन्य नेताओं ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला था. पार्टी के नेताओं ने कहा था कि वह जेल से बाहर आने के बाद हरियाणा में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. अब हरियाणा के मतदाता बीजेपी को उसके पाप की सजा विधानसभा चुनाव देंगे. बीजेपी के साजिश कामयाब नहीं होंगे बता दें कि 21 मार्च को दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी ने सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. ईडी का सीएम पर आरोप है कि उन्होंने कथित शराब घोटाले में मुख्य भूमिका निभाई. इसके उलट आम आमदी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी और केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से डरती है. यही वजह है कि आम आमदी पार्टी और उसके नेताओं को जांच एजेंसियों के जरिए फर्जी केस फंसाकर जेल भेजा गया. ताकि पार्टी की छवि खराब हो सके, लेकिन आम आमदी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बीजेपी वालों के साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे.

शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट आबकारी नीति घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दो याचिकाओं पर आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया। पहली याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध माना। वहीं, दूसरी याचिका पर फैसला सुनाते हुए र्ब्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी। दरअसल, केजरीवाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अपनी गिरफ्तारी और जमानत से दिल्ली हाईकोर्ट के इनकार को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों याचिकाओं पर फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइंया भी शामिल हैं। पीठ ने पांच सितंबर को केजरीवाल की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख को 26 जून को गिरफ्तार किया था।

ऑल इंडिया पंचायत परिषद के आय के स्रोत….

Sources of income of All India Panchayat Parishad….

Sources of income of All India Panchayat Parishad…. शीतला शंकर विजय मिश्रमुख्य महामंत्रीऑल इंडिया पंचायत परिषद एवं न्यासी सचिव मा० सदस्य गण आप सबकी माँग पर कि ऑल इंडिया पंचायत परिषद के आय के स्रोतों के सम्बंध में समस्त सदस्यों को जानकारी दूँ।इस सम्बंध में विवरण प्रस्तुत कर रहा हूँ।…….. 1-सम्बद्ध राज्य पंचायत परिषदों से प्राप्त वार्षिक संबद्धता शुल्क।2- महासमिति के मा० सदस्य गण से प्राप्त वार्षिक सदस्यता शुल्क।3-बलवंत राय मेहता पंचायती राज संस्थान [ फ़ाउंडेशन] की पौधशाला के प्लांटों की विक्री से अनुदान के रूप में प्राप्त धनराशि।4-त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं से प्राप्त अनुदान एवं सदस्यता शुल्क।5-गुजरात प्रदेश पंचायत परिषद एवं समस्त ज़िला पंचायतों से प्राप्त विशेष वार्षिक अनुदान की धनराशि।6-पंचायत संदेश पत्रिका की विक्री,विज्ञापनों एवं विभिन्न राज्यों के पंचायती राज ऐक्ट के प्रकाशन से प्राप्त धनराशि।7-केंद्र एवं राज्य सरकारों से अनुदान के रूप में प्राप्त धनराशि।[सुबोध कांत सहाय के कार्यकाल में केंद्र / राज्य सरकारों ने अनुदान देना बंद कर दिया था जबकि वह केंद्र में मंत्री थे लेकिन उन्होंने अनुदान जारी रखने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।उनकी बर्ख़ास्तगी के पश्चात् अनुदान प्राप्त करने का प्रयास चल रहा है8-बलवंत राय मेहता पंचायत अतिथि भवन के कक्षों में ठहरने वाले अतिथियों से प्राप्त धनराशि।[अतिथि भवन की स्थिति जर्जर है]9-क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका की विक्री एवं विज्ञापनों से प्राप्त धनराशि।10-महासमिति के मा० सदस्य गण , अखिल भारतीय पंचायत परिषद के मा० अध्यक्ष , प्रदेश पंचायत परिषद के अध्यक्ष गण एवं परिषद के मा० पदाधिकारियों से समय – समय पर प्राप्त चंदा आदि।11-जनसामान्य एवं अन्य संस्थानों से प्राप्त सहयोग धनराशि आदि।कृपया उपरोक्त आय के स्रोतों से अवगत हों और आय बढ़ाने में सहयोग करते हुए अपनी भूमिका का निर्वहन स्वयं सुनिश्चित करें।जय पंचायती राज।

अरविंद केजरीवाल ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

Will Arvind Kejriwal come out of jail? Appealed to the Supreme Court for bail

Will Arvind Kejriwal come out of jail? Appealed to the Supreme Court for bail दिल्ली ! अरविंद केजरीवाल ने अपनी सीबीआई गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. अरविंद केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जल्द सुनवाई की मांग की है. चीफ जस्टिस ने उनसे औपचारिक ईमेल भेजने को कहा है. ED वाले केस में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे रखी है. लेकिन CBI वाले केस में अभी तक उन्हें जमानत नहीं मिली है. दिल्ली हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका खारिज कर दिया था. दिल्ली HC ने उन्हें जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने को कहा था. पीएमएलए केस में मिल गई थी जमानत मनी लॉन्ड्रिंग यानी पीएमएलए केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दे दी थी. हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 जून को इस आदेश पर रोक लगा दी थी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी, जहां से उन्हें 12 जुलाई को अंतरिम जमानत मिल गई थी. इस दौरान सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद से वो तिहाड़ जेल में ही बंद हैं. बता दें कि ईडी ने अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इसके बाद इसी केस में 26 जून को सीबीआई ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया था.गौरतलब है कि CBI और ED ने दावा किया है कि वित्त वर्ष 2021-22 की शराब नीति में घोटाला हुआ है. केंद्रीय जांच एजेंसियों के अनुसार, शराब कारोबारियों को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए उनसे रिश्वत ली गई थी. दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी इस दावों को बार-बार खारिज करती है.

‘दुनिया की सारी ताकतें भी अगर…’, मनीष सिसोदिया का बीजेपी पर करारा हमला

'Even if all the powers in the world...', Manish Sisodia's scathing attack on BJP

‘Even if all the powers in the world…’, Manish Sisodia’s scathing attack on BJP दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने रिहाई के बाद शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान बीजेपी पर हमला करते हुए सिसोदिया ने कहा, ” दुनिया की सारी ताकतें भी अगर इकट्ठी हो जाएं तो सच्चाई को नहीं हरा सकती है.” सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है और साथ ही उन वकीलों को भी धन्यवाद कहा है जिन्होंने उनके लिए कोर्ट में केस लड़ा था. सिसोदिया ने कहा, ”बजरंगबली की कृपा है कि 17 महीने बाद मैं रिहा हो गया. एक ही सफलता का मंत्र है. दिल्ली के एक-एक बच्चों के लिए शानदार स्कूल बनाना है. हम तो रथ के घोड़े हैं. हमारा असली सारथी जेल में बंद है और वह बाहर आ जाएगा. जेल के ताले टूटेंगे और केजरीवाल छूटेंगे.” बीजेपी कुछ भी साबित नहीं कर पाई- सिसोदियापूर्व मंत्री सिसोदिया ने कहा, ”ED-CBI का ताना बाना इसलिए नहीं बना गया क्योंकि बेईमानी हो गई है, इसलिए बुना गया क्योंकि केजरीवाल का नाम पूरे देश में ईमानदारी का प्रतीक बन गया. बीजेपी जो ख़ुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, एक राज्य में यह साबित नहीं कर पाई कि उनके एक राज्य में ईमानदारी से काम हो रहा है.” सिसोदिया ने आगे कहा, ” भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं. उन्होंने तो बहुत कोशिश की मेरे ऊपर, संजय सिंह के ऊपर… ऐसी ऐसी धाराएं लगाने की जो आतंकियों, ड्रग माफिया पर लगाई जाती है ताकि जेल में सड़ जाएं. लेकिन आपके आंसुओं का असर है कि जेल के ताले पिघल गए. बजरंग बली का आशीर्वाद है कि मैं आज आपके सामने हूं. आज पंडित जी ने बजरंग बली की तरफ़ से आशीर्वाद दिया कि विजयी भवः” नेताओं को तोड़ना बीजेपी की विशेषज्ञता – सिसोदियामनीष सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी की एक ही विशेज्ञता है. वह है कि नेताओं को तोड़ने, साम दाम दंड भेद लगाकर उन्हें जेल भेजना, उनपर हमले करवाना लेकिन उसके बावजूद एक-एक आदमी टिका रहा और ना टूटा और ना झुका. सिसोदिया ने वकील अभिषेक मनु सिंघवी का आभार जताते हुए कहा, ”उनका धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने बीजेपी के झूठ का पर्दाफाश किया.” बीजेपी की जमानत जब्त कराएंगे – सिसोदियासिसोदिया ने कहा कि मुझसे कहा गया कि 17 महीने बाद जेल से आए हैं तो कुछ दिन छुट्टी ले लीजिए. मैंने कहा कि छुट्टियां मनाने नहीं, खून पसीना बहाने आया हूं. हम बीजेपी की जमानत जब्त कराएंगे. बीजेपी वालों ढूंढते रह जाओगे कि वोट कहां चले गए. आज से ही लग जाना है. दिल्ली, हरियाणा और देश के एक-एक नागरिक को लगना होगा. तानाशाही की लड़ाई सिर्फ आप कार्यकर्ताओं की नहीं है बल्कि देश के एक-एक आम आदमी की है.

मनीष सिसोदिया को मिली जमानत, 17 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शुक्रवार (9 अगस्त 2024) को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत दे दी. न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया. इससे पहले अदालत ने 6 अगस्त को सिसोदिया की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मनीष सिसोदिया को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण व कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए 26 फरवरी, 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. जांच एसेंसी को बताया देरी के लिए जिम्मेदार सुनवाई के दौरान मनीष सिदोतिया के वकील ने कहा कि अक्टूबर में हमें बताया गया था कि 6-8 महीने में मुकदमा पूरा हो सकता है. हमने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो आरोपी दोबारा ज़मानत की मांग कर सकता है. आरोपी लंबे समय से जेल में है. ऐसे में इन्हें PMLA सेक्शन 45 में दी गई ज़मानत की कड़ी शर्तों से रियायत की मांग की गई. वहीं जांच एजेंसी ने आरोपी को मुकदमे में देरी के लिए जिम्मेदार बताया. ED ने कहा कि आरोपी गैरजरूरी दस्तावेज मांग रहे हैं. सैकड़ों आवेदन दाखिल किए, लेकिन कोई भी ऐसा रिकॉर्ड नहीं दिखाते. ED और CBI दोनों मामलों में बहुत अधिक आवेदन दाखिल नहीं हुए, इसलिए मुकदमे में देरी के लिए आरोपी को ज़िम्मेदार मानने के निचली अदालत और हाई कोर्ट के निष्कर्ष से हम सहमत नहीं हैं. ‘आरोपी को दस्तावेज देखने का अधिकार है’ सिसोदिया के वकील ने आग कहा, ED के वकील ने 3 जुलाई तक जांच पूरी करने की बात कही गई थी. यह अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट को बताए गई 6-8 महीने की सीमा के परे है. इस देरी के चलते निचली अदालत में मुकदमा शुरू हो पाने का सवाल ही नहीं था. व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है. इसका बिना उचित वजह के हनन नहीं हो सकता है. डेढ़ साल से जेल में बंद हैं मनीष सिसोदिया सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन में अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था. ईडी ने उन्हें नौ मार्च 2023 को सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. सिसोदिया ने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.

जमीन बेचना …. ‘अखिलेश यादव ने बीजेपी का किया नामकरण ? जाने नाम

Selling land…'Akhilesh Yadav named BJP? know name

Selling land…’Akhilesh Yadav named BJP? know name समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ बोर्ड संशोधक बिल को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है. सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा इस वक्फ बोर्ड संशोधन के बहाने जमीन को हथियाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. इस दौरान उन्होंने नजूल संपत्ति और अन्य जमीनों को लेकर भी हमला किया. अखिलेश यादव ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए एक्स पर लिखा- ‘वक्फ बोर्ड’ का ये सब संशोधन भी बस एक बहाना है. रक्षा, रेल, नज़ूल लैंड की तरह जमीन बेचना निशाना है. वक्फ बोर्ड की जमीनें, डिफेंस लैंड, रेल लैंड, नज़ूल लैंड के बाद ‘भाजपाइयों के लाभार्थ योजना’ की शृंखला की एक और कड़ी मात्र हैं. भाजपा क्यों नहीं खुलकर लिख देती:‘भाजपाई-हित में जारी’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि, ‘इस बात की लिखकर गारंटी दी जाए कि वक्फ बोर्ड की जमीनें बेची नहीं जाएंगी. भाजपा रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. उसे अपने नाम में ‘जनता’ के स्थान पर ‘जमीन’ लिखकर नया नामकरण कर देना चाहिए: भारतीय जमीन पार्टी. #नहींचाहिएभाजपा.’ बता दें कि आज केंद्र सरकार लोकसभा में वक्फ बोर्ड में बदलाव के लिए संशोधन बिल पेश करेगी. इस विधेयक को लेकर आज सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है. किरण रिजिजु इस बिल को सदन में पेश कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि विधेयक वक्फ की संपत्तियों की देखरेख के लिए लाया जा रहा है. वहीं विपक्षी दलों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन ने वक्फ बोर्ड बिल का विरोध करने का फैसला किया है. जिसके बाद इस बिल को लेकर आज भी सदन में हंगामा देखने को मिल सकता है. विपक्षी दलों ने इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की अपील की. वहीं मुस्लिम संगठनों में इसका विरोध देखने को मिल रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि वक्फ बोर्डों की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

INDIA Alliance Rally: भाजपा ने स्वार्थ के लिए केजरीवाल को जेल में डाला- अखिलेश

INDIA Alliance Rally: BJP put Kejriwal in jail for selfishness- Akhilesh

INDIA Alliance Rally: BJP put Kejriwal in jail for selfishness- Akhilesh दिल्ली ! मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बिगड़ते स्वास्थ्य और अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ इंडिया गठबंधन की जंतर मंतर पर एक बड़ी रैली हो रही है। रैली में आम आदमी पार्टी के बड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और गिरते स्वास्थ्य को लेकर इंडिया गंठबधन द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन में आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और संदीप पाठक मंच पर पहुंचे। मंच पर पहुंचे राम गोपाल यादवमंच पर समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार मात्र एक साल तक ही चलेगी। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से आप आदमी पार्टी के साथ है। वहीं शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना उद्धव गुट का डीएनए और इंडिया गठबंधन का डीएनए एक है। गुजरात के जो दो तानाशाह हैं वो सबसे डरपोक हैं। जब हमारी सरकारी आयेगी तो बताएंगे की ईडी और सीबीआई क्या है। यही इन दोनो तानाशाह को भी जेल में डालेगी। आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा पर षड्यंत्र का आरोप लगा रही है। आप का आरोप है कि भाजपा अरविंद केजरीवाल को जेल में मारना चाहती है। लगातार उनका ब्लड प्रेशर कम हुआ। तीन जून से सात जून के बीच 34 बार ब्लड प्रेशर गिरा। अखिलेश बोले– भाजपा ने अपने स्वार्थ के लिए केजरीवाल को जेल में डालासमाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा की इससे पहले भी दिल्ली में अरविंद केजीवाल के पक्ष में रैली की गई थी। उसमे भी कहा गया था कि अन्याय किया जा रहा है। भाजपा ने अपने स्वार्थ के लिए सीएम केजरीवाल को जेल में डाल दिया। यूपी ने इस बार भाजपा को हरा कर अपना फैसला समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन को जिताया है। भाजपा को यह पता होना चाहिए कि जनता उनके खिलाफ है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कहा कि मैंने चुनाव से पहले एक बात कही थी कि दिल्ली (केंद्र सरकार) के पास कई ऐसे संगठन हैं, जो समय-समय पर नेताओं को परेशान करते हैं, वो संगठन उन्हें न्याय नहीं मिलने देते… अगर हम सत्ता में आए तो हम ऐसे संगठनों को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। हमारे लोकतंत्र में किसी पर झूठा आरोप नहीं लग सकेगा।

INDIA Alliance Rally: अरविंद केजरीवाल की हेल्थ और गिरफ्तारी पर INDIA गठबंधन की रैली

INDIA Alliance Rally: INDIA Alliance Rally on Arvind Kejriwal's health and arrest

INDIA Alliance Rally: INDIA Alliance Rally on Arvind Kejriwal’s health and arrestDelhi AAP Rally Live Updates: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की हेल्थ को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार बीजेपी पर हमलावर है। आप ने बीजेपी पर सीएम केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। अरविंद केजरीवाल की जेल में बिगड़ती सेहत और उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ आज मंगलवार यानी 30 जुलाई को इंडिया गठबंधन के तमाम नेता जंतर-मंतर पर रैली में हिस्सा लेंगे। यह रैली आज दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक होगी। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर सोमवार को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर मंतर पर अरविंद केजरीवाल के समर्थन में INDIA ब्लॉक मंगलवार यानी 30 जुलाई को रैली करेगा। इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल के नेता हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का बार-बार गिर रहा शुगर लेवल- संजय सिंह आप सांसद ने कहा कि तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जेल में सीएम केजरीवाल का बार-बार शुगर लेवल गिर रहा है। वहीं, पार्टी ने केजरीवाल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके शुगर लेवल में 3 जून से 7 जुलाई के बीच 34 बार गिरावट आई है। अरविंद केजरीवाल को मारने की साजिश- आतिशी दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश है।

‘कोचिंग बिजनेस हो गए, छात्रों की मौत पर भड़के उप राष्ट्रपति धनखड़

Vice President Dhankhar angry over the death of students

‘Coaching has become a business, Vice President Dhankhar angry over the death of students दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से शनिवार को तीन छात्रों की मौत हो गई थी. राज्यसभा सभापति धनखड़ इस मामले पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं. दिल्ली ! उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली की कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से 3 UPSC छात्रों की मौत पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि कोचिंग आजकल बिजनेस बन गए हैं. हम अखबार पढ़ते हैं, उनमें पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी. दरअसल, शनिवार को दिल्ली में हुई बारिश के दौरान इस बेसमेंट में पानी भर गया था. बेसमेंट में कोचिंग की लाइब्रेरी चल रही थी. ऐसे में घटना के वक्त बेसमेंट में करीब 30 छात्र मौजूद थे. तभी बेसमेंट में करीब 10-12 फीट पानी भर गया. इसके चलते कई छात्र इसमें फंस गए थे. इनमें से कुछ छात्रों को रस्सी डालकर निकाल लिया या था. जबकि तीन छात्रों की मौत डूबने से हो गई थी. राज्यसभा में 3 छात्रों की मौत पर होगी चर्चा राज्यसभा में 3 यूपीएससी छात्रों की मौत पर चर्चा होगी. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिला है. इसमें सदस्यों ने अधिकारियों की लापरवाही के चलते दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है. मुझे लगता है कि युवा जनसांख्यिकीय को देश में आगे बढ़ाना है. मैंने पाया कि कोचिंग व्यापार बन गया है. जब भी हम अखबार पढ़ते हैं, उनके पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. कोचिंग में 3 छात्रों की मौत के मामले में चर्चा के लिए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने नोटिस दिया है. लोकसभा में भी उठा मुद्दा इससे पहले ये मुद्दा सोमवार को लोकसभा में भी उठा. लोकसभा में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा. उन्होंने इस मामले में जांच की भी मांग की.

‘अरविंद केजरीवाल को…’, संजय सिंह का केंद्र, BJP और एलजी पर बड़ा आरोप

'Arvind Kejriwal to…', Sanjay Singh's big allegation on Centre, BJP and LG

‘Arvind Kejriwal to…’, Sanjay Singh’s big allegation on Centre, BJP and LG आम आमदी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने रविवार को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ गहरी साजिश रच रही है. उन्होंने कहा, “सीएम अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य की उपेक्षा केंद्र सरकार, बीजेपी और दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना की उन्हें मारने की साजिश है.” नई दिल्ली ! सीएम अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर एलजी विनय सक्सेना की ओर से दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र पर आप सांसद संजय सिंह ने कहा था कि ये क्या मजाक कर रहें हैं आप? क्या कोई आदमी खुद की रात में शुगर कम करेगा, जो बहुत खतरनाक है. एलजी साहब अगर आपको सीएम की बीमारी के बारे में पता नहीं तो आपको ऐसी लेटर नहीं लिखनी चाहिए. ईश्वर न करे कभी आप के साथ ऐसा समय आए. ‘बीजेपी और एलजी कर रहे गलत बयानबाजी’ संजय सिंह का आरोप है कि सीएम केजरीवाल के हेल्थ को लेकर गलत बयानबाजी की जा रही है. कभी एलजी और बीजेपी वाले ये कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल खाना नहीं खा रहे हैं. वह भूखे रहकर शुगर लेवल कम कर रहे हैं. कभी यह कहते हैं कि सीएम मिठाई खाकर अपना शुगर लेवल जान बूझकर बढ़ा रहे हैं. ‘जेल में CM के साथ कुछ भी हो सकता है’ संजय सिंह ने ये भी कहा, “किस तरह से बीजेपी, देश की सरकार और दिल्ली के एलजी मिलकर अरविंद केजरीवाल की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. किस तरह से जेल में उनको मारने की साजिश की जा रही है.” जेल अधीक्षक की मेडिकल रिपोर्ट से भी साथ है कि सीएम केजरीवाल के साथ जेल में किसी भी समय अनहोनी घटना हो सकती है. केंद्र सरकार से मिलीभगत कर एलजी और बीजेपी जिस तरह से साजिश कर रहे हैं, उससे सीएम के स्वास्थ्य को लेकर शक और ज्यादा मजबूत होता है. जेल अधीक्षक की रिपोर्ट में क्या है? इससे पहले तिहाड़ जेल अधीक्षक ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर एलजी को बताया था कि वह जान बूझकर कम कैलोरी का सेवन कर रहे हैं. जेल अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया था कि निगरानी चार्ट से पता चलता है कि 6 जून, 2024 और 13 जुलाई, 2024 के बीच सीएम ने दिन के समय तीनों टाइम भोजन के लिए निर्धारित आहार का पूरा सेवन नहीं किया था. रिपोर्ट में उनके वजन के बारे में बताया गया है कि दो जून, 2024 को सीएम का 63.5 किलोग्राम था, जो अब 61.5 किलोग्राम हो गया है. ऐसा कम कैलोरी सेवन के कारण हुआ है. 18 जून, 2024 को उन्हें इंसुलिन नहीं दिया गया था या जेल के अफसरों ने तत्काल रिपोर्ट में इसे दर्ज नहीं किया. ज्यादातर दिनों में ग्लूकोमीटर टेस्ट रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग के बीच भी अंतर सामने आया है. ग्लूकोमीटर टेस्ट रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग के बीच विसंगतियों को चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जांच कराने की जरूरत है.

लड़की होने से था नाराज, तीन दिन की जुड़वां बेटियों की कथित तौर पर हत्या कर दी और उन्हें अपने घर के पास दफना दिया

नई दिल्ली बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में बेटे की चाह रखने वाले 32 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी तीन दिन की जुड़वां बेटियों की कथित तौर पर हत्या कर दी और उन्हें अपने घर के पास दफना दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस अधिकरी ने बताया कि आरोपी नीरज सोलंकी को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमित गोयल ने बताया कि स्थानीय लोगों को पूठ कलां गांव के पास एक अस्थायी श्मशान घाट परिसर में शिशुओं के शव मिले। उन्होंने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक सोलंकी ने तीन जून को अपनी बेटियों की हत्या कर दी थी। गोयल ने कहा, ‘‘अदालत से अनुमति मिलने के बाद शवों को पांच जून को बाहर निकाला गया और मंगोलपुरी स्थित एसजीएम अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया।” डीसीपी ने बताया कि सोलंकी ने कथित तौर पर अपनी तीन दिन की बेटियों को इसलिए मार डाला क्योंकि वह बेटा चाहता था। बच्चियों का जन्म हरियाणा में एक निजी अस्पताल में हुआ था। गोयल ने बताया कि सोलंकी अपनी पत्नी से यह झूठ बोल कर बच्चियों को दिल्ली लाया था कि किसी बीमारी की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका। दिल्ली लाने के बाद उसने बच्चियों को मार कर दफना दिया। डीसीपी ने बताया कि आरोपी फरार था और शुरू में सोलंकी के पिता को पकड़ा गया जिसने बताया कि बेटियों के जन्म से वह खुश नहीं था। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद बच्चियों के शव उनकी मां को सौंप दिए गए। सोलंकी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।  

15 जुलाई तक जेल में ही रहेंगे केजरीवाल, दिल्ली हाईकोर्ट से झटका

नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को दी गई जमानत रद्द करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई 15 जुलाई तक के लिए टाल दी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई इसलिए टाल दी क्योंकि एजेंसी ने कहा कि उसे कल देर रात केजरीवाल का जवाब मिला है। केजरीवाल के वकीलों ने इस दलील का विरोध किया और कहा कि कल दोपहर 1 बजे जवाब दिया गया था। ईडी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि केजरीवाल के वकीलों ने उन्हें रात 11 बजे अपने जवाब की कॉपी सौंपी। राजू ने कहा कि वह जवाब पर रिजाइंडर (प्रत्युत्तर) दाखिल करना चाहते हैं। वहीं केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इस दावे को चुनौती दी और कहा कि उन्होंने कल दोपहर 1 बजे जांच अधिकारी को जवाब की कॉपी सौंप दी थी। सिंघवी ने कहा कि मामले में बहुत ज्यादा अरजेंसी है और वह काउंटर जवाब देने के लिए तैयार हैं और बिना जवाब के ही मामले पर बहस करेंगे। हालांकि, जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने मामले की सुनवाई 15 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ईडी केजरीवाल के जवाब पर अपना जवाब (रिजाइंडर) दाखिल करने का हकदार है। इससे पहले मंगलवार को केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में ईडी द्वारा उन्हें दी गई जमानत के खिलाफ दायर याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष की धारणाओं और कपोल कल्पना के आधार पर जमानत के आदेश को खारिज नहीं किया जा सकता। बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल फिलहाल दिल्ली शराब घोटाले में कथित अनियमितताओं के चलते तिहाड़ जेल में बंद हैं। 20 जून को निचली अदालत ने प्रत्यक्ष साक्ष्य के अभाव का हवाला देते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। हालांकि ईडी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनैती दी। कोर्ट ने 24 घंटे से भी कम समय बाद, 21 जून को इसपर रोक लगा दी।  

एलजी की तरफ से जांच के आदेश दिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने उनपर निशाना साधा, हर हफ्ते नई जांच बैठाते हैं

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में जांच के आदेश दिए हैं। मामला दिल्ली में सीसीटीवी लगाने से जुड़ा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाने में देरी के लिए एक कंपनी पर लगाए गए 16 करोड़ रुपये के जुर्माने को माफ करने के लिए सात करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। सत्येंद्र जैन फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले मई 2022 में गिरफ्तार किया था। एलजी की तरफ से जांच के आदेश दिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने उनपर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि उपराज्यपाल हर हफ्ते नई जांच के आदेश देते हैं। उन्होंने कहा, हमने आज तक कभी नहीं सुना कि भारत सरकार की कोई कंपनी दिल्ली सरकार को रिश्वत देगी। उपराज्यपाल को आजादी है कि वह किसी के भी खिलाफ जांच के आदेश दे सकते हैं। वह हर हफ्ते नई जांच के आदेश देते हैं। उनका इरादा सिर्फ यह दिखाना है कि दिल्ली सरकार भ्रष्ट है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला उसके और दिल्ली सरकार के खिलाफ भाजपा की निरंतर साजिशों का हिस्सा है। आप ने दावा किया कि ‘‘पिछले 10 साल में आप के मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ 200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित हमारे शीर्ष नेतृत्व को जेल भेज दिया गया है। यह मामला ‘आप’ को दबाने की दिशा में एक और कदम है”। अधिकारियों के मुताबिक सत्येंद्र जैन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री थे और दिल्ली में 571 करोड़ रुपये की लागत से 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की परियोजना के नोडल अधिकारी थे। हालांकि गिरफ्तारी के कुछ महीने बाद फरवरी 2023 में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।  

दिल्ली में हुई जोरदार बारिश के बाद दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे, अगले 5 दिन कैसा रहेगा हाल

नई दिल्ली दिल्ली में मॉनसून का आगाज भले ही जोरदार रहा हो और एक ही दिन में बारिश के कई रिकॉर्ड टूट गए हों, लेकिन अब अच्छी बारिश की कमी बनी हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में अब तक सामान्य से 61 फीसदी कम बादल बरसे।राजधानी में 28 जून को मॉनसून का आगमन हुआ था और मानक वेधशाला सफदरजंग में 24 घंटे के भीतर 228 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद से ही दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश तो होती रही है, लेकिन इससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के पहले छह दिन में सामान्य तौर पर 27 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जो अब तक सिर्फ 10.4 मिलीमीटर हुई है। यानी यह आंकड़ा सामान्य से 61 फीसदी कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार-पांच दिन भी हल्की बूंदाबांदी ही होने के आसार हैं। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी ने उमस बढ़ाई दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। सुबह के समय सफदरजंग, पालम, लोधी रोड आदि इलाकों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 27.1 डिग्री रहा। संतोषजनक श्रेणी में हवा हल्की बारिश और तेज हवा के चलते दिल्ली में साफ हवा का स्तर बना हुआ है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है। यह लगातार तीसरा दिन है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 100 से नीचे बना हुआ है। बता दें कि, शून्य और 50 के बीच एक AQI को “अच्छा”, 51 और 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच “मध्यम”, 201 और 300 के बीच “खराब”, 301 और 400 के बीच “बहुत खराब” और 401 और 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है।

7 करोड़ की रिश्वत का आरोप, सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो बीईएल के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी

 नई दिल्ली जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन के लिए एक और परेशानी खड़ी हो गई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक और मामले की जांच की सिफारिश की गई है। पिछले साल जनवरी में एसीबी ने जैन के खिलाफ जांच शुरू की थी। मई 2022 में ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के एक अलग मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अभी वह तिहाड़ जेल में बंद है। मीडिया के मुताबिक, लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पूर्व मंत्री के खिलाफ 7 करोड़ रिश्वत लेने के आरोप में जांच की अनुमति दे दी। उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जांच की मंजूरी के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1998 की धारा 17 ए के तहत मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने के सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर सहमति दे दी। । उप राज्यपाल की सहमति पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की मंत्री और आप नेता आतिशी ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को एक और फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। आतिशी ने कहा कि भाजपा दिन-रात दिल्ली सरकार के खिलाफ साजिश में लगी हुई है। 10 साल में आप नेताओं पर 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए, लेकिन आज तक भ्रष्टाचार का एक भी रुपया कहीं से बरामद नहीं हुआ। भाजपा दिल्ली सरकार को पंगु बनाना चाहती है। क्या है 7 करोड़ रिश्वत मामला आरोप है कि जब सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी। दरअसल, बीईएल 2018-2019 में राष्ट्रीय राजधानी में सीसीटीवी कैमरे लगा रही थी, जो 571 करोड़ रुपये की परियोजना थी। एसीबी ने बीईएल के पूर्व कर्मचारी मनमोहन पांडे की शिकायत पर जांच शुरू की थी। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार पांडे ने उन्हें सितंबर 2019 में बताया कि सीसीटीवी परियोजना के प्रभारी ने कहा था कि जैन ने 7 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। हालांकि बीईएल ने पांडो पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।  

मेडिकल बोर्ड के कंसल्टेशन के दौरान सुनीता केजरीवाल मौजूद नहीं रह सकतीं लेकिन बाद में मेडिकल बोर्ड से मिल सकती है

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल को मेडिकल बोर्ड से मिलने की इजाजत दे दी है। हालांकि एक झटका भी दिया है। दरअसल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की मेडिकल बोर्ड के साथ होने वाली कंसल्टेशन के दौरान सुनीता केजरीवाल को मौजूद रहने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह मेडिकल बोर्ड केजरीवाल के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए एम्स द्वारा गठित किया गया है। अरविंद केजरीवाल पिछले कई दिनों से कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक मेडिकल बोर्ड के कंसल्टेशन के दौरान सुनीता केजरीवाल मौजूद नहीं रह सकतीं लेकिन वह बाद में मेडिकल बोर्ड से मिल सकती हैं और उनके खान-पान और स्वास्थ्य को लेकर बात कर सकती हैं। इसी के साथ कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को अरविंद केजरीवाल को मेडिकल बोर्ड के साथ उनके कंसल्टेशन के मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बता दें, अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था जबकि सीबीआई ने उन्हें 26 जून को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल 12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।  

केजरीवाल को एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र का शिकार बनाया गया, वीडियो संदेश किया जारी: सुनीता केजरीवाल

नई दिल्ली CBI द्वारा CM अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह NDA के सांसद मगुंटा श्रीनिवासन रेड्डी (MSR) के झूठे बयान देने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सुनीता ने बताया कि जब तक MSR ने सीएम के खिलाफ बयान नहीं दिया गया, ईडी ने मगुंटा के बेटे की जमानत नहीं होने दी। और सीएम के खिलाफ बयान देते ही दो दिन के अंदर ही MSR के बेटे की जमानत हो गई। सुनीता ने कहा कि अपने बेटे को जेल से निकलवाने के लिए MSR ने झूठा बयान दिया, कोर्ट ने भी केजरीवाल जी को जमानत देते हुए यही माना कि ईडी ने बिना किसी सबूत के जमानत का लॉलीपॉप देकर MSR का बयान लिया। सुनीता ने कहा कि आपके बेटे केजरीवाल जी को एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र का शिकार बनाया गया है। वे एक सामान्य, पढ़े-लिखे, देशभक्त और कट्टर ईमानदार व्यक्ति हैं और आज  आज हमें उनके साथ खड़े होने की आवश्यकता है। अपने वीडियो संदेश में सुनीता केजरीवाल ने कहा, ‘नमस्कार, क्या आपको पता है कि केजरीवाल जी को गिरफ्तार क्यों किया है, केजरीवाल जी को NDA के एक सांसद के बयान पर गिरफ्तार किया गया है। उनका नाम है मगुंटा श्रीनिवासन रेड्डी यानी MSR, जो कि आंध्र प्रदेश से NDA के एक सांसद हैं। उन्होंने ऐसा क्या बयान दिया कि आपके मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया। 17 सितम्बर 2022 को MSR के ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा। उनसे पूछा गया किया कि क्या आप कभी केजरीवाल जी से मिले हैं। उन्होंने कहा- हां मैं 16 मार्च 2021 को केजरीवाल जी से दिल्ली सचिवालय में उनके दफ्तर में मिला था। उन्होंने कहा-  मैं दिल्ली में एक फैमिली चैरिटेबल ट्रस्ट खोलना चाहता था, उसके लिए दिल्ली के सीएम से जमीन के लिए बात करने गया था। केजरीवाल जी ने कहा, लैंड एलजी के पास है, आवेदन दे दो, हम देखते हैं और कहकर चले गए। ईडी को MSR का जवाब पसन्द ही नहीं आया। कुछ दिन बाद ईडी ने MSR के बेटे राघव मगुंटा को गिरफ्तार कर लिया। फिर से MSR के और बयान लिए गए, मगर वो अपना पहले वाला बयान ही दोहराते रहे, क्योंकि वही सच था और उनके बेटे राघव की जमानत खारिज होती रही।’ आगे सुनीता ने कहा, ‘इस दौरान सदमे से राघव की पत्नी यानी MSR की पुत्रवधू ने आत्महत्या करने की कोशिश की और उनकी बूढ़ी मां बहुत बीमार हो गई। इन सबको देखते हुए बेटे के लिए बाप भी टूट गया। 17 जुलाई 2023 को पिता MSR ने ईडी में अपना बयान बदल लिया। उन्होंने अब कहा- 16 मार्च 2021 को मैं केजरीवाल जी से मिलने गया था, मुश्किल से 4-5 मिनट मुलाकात हुई, वहीं 10-12 लोग बैठे हुए थे, मेरे कमरे में घुसते ही केजरीवाल जी ने मुझसे कहा कि दिल्ली में आप शराब का काम शुरू करो, बदले में आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपए दे दीजिए। केजरीवाल जी से ये मेरी पहली और आखिरी मुलाकात थी।’ उन्होंने आगे बताया, ‘इस बयान के बाद अगले ही दिन MSR के बेटे राघव रेड्डी को ईडी ने जमानत दिलवा दी। जाहिर है कि MSR का यह बयान झूठा है। वे खुद कह रहे हैं कि यह केजरीवाल जी से उनकी पहली और आखिरी मुलाकात थी। 10-12 लोग वहां बैठे हुए थे, अगर किसी को किसी से पैसे मांगने भी थे, तो क्या कोई किसी अजनबी से पहली मुलाकात में ही 10-12 लोगों के सामने इस तरह पैसे मांग लेगा। जाहिर है कि MSR के बेटे और परिवार को 5 महीने बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। इसीलिए MSR ने अपने बेटे को बचाने के लिए झूठा बयान दिया। और इस बयान को देने के बाद दो दिन में ही MSR के बेटे को जमानत मिल गई।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इन सब बयानों से एक बात तो साफ हो गई कि अपने बेटे को जेल से निकलवाने के लिए MSR ने झूठा बयान दिया, कोर्ट ने भी केजरीवाल जी को जमानत देते हुए यही माना कि ईडी ने जमानत का लॉलीपॉप देकर MSR का बयान लिया, बिना किसी सबूत के, आपके बेटे केजरीवाल जी को एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र का शिकार बनाया गया है। वे एक सामान्य, पढ़े-लिखे, देशभक्त और कट्टर ईमानदार व्यक्ति हैं। यदि आज आप उनके साथ खड़े नहीं हुए तो इस देश में पढ़े-लिखे ईमानदार लोग कभी राजनीति में नहीं आएंगे। क्या मोदीजी केजरीवाल जी के साथ ठीक कर रहे हैं। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए, ताकि देश को पता चल सके कि मोदीजी कैसे ईडी, सीबीआई के जरिए एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र के तहत आपके केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाह रहे हैं, जय हिन्द।’  

शराब घोटाले की CBI जांच हुई पूरी, अब केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की जा रही है

नई दिल्ली दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले की जांच कर रही सीबीआई ने शनिवार को स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल को छोड़कर केस से जुड़े अन्य सभी आरोपियों की भूमिका की जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने कहा कि अब केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। सीबीआई के वकील एडवोकेट डीपी सिंह ने आगे कहा कि हम 4 जून के बाद हुए कुछ नए घटनाक्रमों के बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देंगे, जिसके कारण हमें अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना पड़ा। सीबीआई ने आगे कहा कि केवल केजरीवाल की भूमिका और जांच की आगे जांच की गई है और बाकी आरोपियों के खिलाफ जांच लगभग पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने आगे स्पष्ट किया कि सॉलिसिटर जनरल द्वारा पहले दिया गया बयान केजरीवाल को छोड़कर मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों से संबंधित था। इससे पहले 4 जून को सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर किया था कि जांच जल्द पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा था कि अंतिम शिकायत और आरोप पत्र शीघ्रता से और किसी भी स्थिति में 3 जुलाई, 2024 को या उससे पहले दायर किया जाएगा और उसके तुरंत बाद ट्रायल कोर्ट मुकदमे की कार्यवाही के लिए स्वतंत्र होगा। उक्त दलीलों के मद्देनजर और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि इस न्यायालय द्वारा 30 अक्टूबर, 2023 के आदेश द्वारा निर्धारित “6-8 महीने” की अवधि खत्म नहीं हुई है,  इन याचिकाओं का निपटारा करना पर्याप्त होगा। साथ ही याचिकाकर्ता को सॉलिसिटर जनरल द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार अंतिम शिकायत/आरोप पत्र दाखिल करने के बाद अपनी प्रार्थना को नए सिरे से रिवाइव करने की स्वतंत्रता दी जाएगी। मनीष सिसोदिया और के. कविता के वकीलों ने शनिवार को आरोप लगाया कि सीबीआई बयानों को गलत तरीके से गढ़ रही है और गुमराह कर रही है। 22 मार्च को अदालत द्वारा पारित न्यायिक आदेश में कहा गया था कि जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने अदालत के समक्ष गलत तरीके से कहा कि जांच पूरी हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि दायर की गई स्टेटस रिपोर्ट इसके विपरीत है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने शनिवार को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जुलाई 2024 तक बढ़ा दी। इस बीच, कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को विधायक निधि से अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की भी अनुमति दे दी। कोर्ट ने उन्हें अपने परिवार के खर्चों के लिए बैंक चेक पर हस्ताक्षर करने की भी अनुमति दी। हालांकि, कोर्ट ने बीआरएस नेता के कविता के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेने के पहलू पर भी अपनी सुनवाई टाल दी। कोर्ट ने आरोपपत्र के कुछ पन्नों पर गलत पृष्ठांकन होने के बाद मामले की सुनवाई 8 जुलाई 2024 तक टाल दी।  

हाईकोर्ट ने DDA के अतिक्रमण हटाओ अभियान का किया सपोर्ट, कहा दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण करने वालों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में आने वाली बाढ़ मानव निर्मित है, क्योंकि यमुना के मैदानी इलाकों पर बड़ी संख्या में लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। इस वजह से पानी के निकलने का रास्ता बंद हो गया है और शहर में बाढ़ आ रही है। हाईकोर्ट मयूर विहार में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की ओर से अतिक्रमण हटाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। दिल्ली में बाढ़ को लेकर हाईकोर्ट सख्त अदालत ने कहा कि DDA ने दशकों पहले यमुना नदी के रास्ते को साफ करने और अतिक्रमण करने वालों को हटाने की मुहिम तेज की थी। हालांकि, अतिक्रमणकारी वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेड़ेला की पीठ ने कहा कि यह शहर अपनी जड़ों को ही खो रहा है। यह कैसे हो सकता है कि कोई विवेकशील व्यक्ति यमुना के मैदानों पर भी कब्जा कर ले। आखिर पानी कहां जाएगा? उसे तो जगह चाहिए। आज इस शहर के सभी नाले, जिनसे होकर पानी बहता है, अवैध निर्माण के कारण बंद हैं। इससे कानून का पालन करने वाला एक आम नागरिक ही परेशान हो रहा है। अतिक्रमण की वजह से डूब रहे घर- कोर्ट अदालत ने यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील से कहा, ‘अतिक्रमण की वजह से उन लोगों के घर डूब रहे, जिन्होंने अधिकृत क्षेत्रों में निर्माण किया है। जिन्हें घर बनाने को लेकर सभी तरह की अनुमति मिली हैं। उनके घर डूब रहे हैं। ऐसा उन लोगों की वजह से हो रहा जिन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया है और यमुना के पानी बहाव वाले एरिया पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया है। मगरमच्छ के आंसू न बहाएं, कोर्ट की दो टूक यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील ने दावा किया कि वे वैकल्पिक आवास की मांग कर रहे हैं। वो यमुना खादर पर रहने की अनुमति नहीं मांग रहे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उन्होंने पहले ही बेदखली के खिलाफ अंतरिम रोक हासिल कर ली है। पीठ ने कहा, ‘कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। यह भूमि अधिग्रहण यमुना नदी के चैनलाइजेशन के लिए था। अब कानून का पालन करने वाले नागरिक पीड़ित हैं क्योंकि उनके घरों में बाढ़ आ गई है। आप एक कब्जाधारक हैं। अदालत पहले ही एक फैसला सुना चुकी है। कब्जाधारक अदालत में आ रहे हैं और छह साल के लिए रोक आदेश प्राप्त कर रहे हैं।’ अदालत ने इस दौरान एकल पीठ के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसने DDA अभियान के लिए रास्ता साफ कर दिया था। पीठ ने DDA की ओर से किए गए उस सैटेलाइट इमेजरी का जिक्र किया जिसमें अतिक्रमण दिखाया गया था। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के वैकल्पिक भूमि पर पुनर्वास के तर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह दावा कि आपके मुवक्किल 1970 के दशक से वहां रह रहे हैं, बकवास है। यह सब कल्पना की उपज है, सब झूठ का पुलिंदा है। जब DUSIB पुनर्वास के लिए कॉलोनियों को मान्यता दे रहा है, तो वह आपकी कॉलोनी को क्यों छोड़ेगा? कोर्ट ने आदेश में क्या कहा याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि वे बेघर हैं और खादर क्षेत्र में रैन बसेरों और झुग्गियों में रह रहे। DDA ने कहा कि वे यमुना में बाढ़ के मैदान पर अवैध रूप से रह रहे हैं। सिंगल जज ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए दस्तावेजों में 2006 की कटऑफ डेट्स से पहले स्लम और जेजे क्लस्टर्स के निरंतर अस्तित्व का पता नहीं चलता है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए कुछ दस्तावेजों में स्लम और जेजे क्लस्टर्स का अस्तित्व नहीं दिखाया गया है जो उन्हें पुनर्वास के हकदार बनाते हैं। इसमें कहा गया है कि केवल वे ग्रुप जिन्हें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की ओर से पहचाना गया है, वे ही पुनर्वास के हकदार हैं।  

मनीष सिसोदिया को अदालत से नहीं मिली राहत, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा

नई दिल्ली दिल्ली शराब घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद आप नेता मनीष सिसोदिया को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। उनकी न्यायिक हिरासत सीबीआई के मामले में बढ़ाई गई है। आज यानी 6 जुलाई को उनकी न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद सीबीआई ने उन्हें कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद मनीष सिसोदिया पिछले साल 26 फरवरी से हिरासत में है। इसके बाद ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले बुधवार को दिल्ली की एक कोर्ट ने मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई तक बढ़ा दी थी। इसी के साथ कोर्ट ने ईडी को आरोपी व्यक्तियों को दो दिनों के भीतर चार्जशीट और दस्तावेजों की कॉपियों उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इससे पहले ईडी ने दिल्ली शराब घोटाले से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नौवीं चार्जशीट दायर की थी और विनोद चौहान नाम के व्यक्ति को आरोपी बनाया था। ईडी ने जांच के तहत मई में चौहान को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने कहा कि यहां धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में नई और नौवीं अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) दायर की गई जिसमें आरोपी का नाम विनोद चौहान है। इस मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया वह 18वां व्यक्ति है। एजेंसी ने इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, बीआरएस नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता तथा कई शराब कारोबारियों और अन्य को भी हिरासत में लिया था।

गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री, 400 करोड़ की बीयर गटकी !

 गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री हुई है. आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद वासी मात्र तीन महीने में करीब 400 करोड़ रुपये की बीयर गटक गए. साल 2024 के अप्रैल से जून तक रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, जो कि पिछली बार की अपेक्षा 106% से भी ज्यादा है. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर समेत गाजियाबाद में बीते कुछ महीनों में प्रचंड गर्मी का प्रकोप देखने को मिला. इस गर्मी के बीच बीयर प्रेमियों ने जमकर बीयर की खरीददारी की और पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. ऐसे में जिले के आबकारी विभाग को मोटा राजस्व भी प्राप्त हुआ. गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच अप्रैल, मई और जून (तीन महीने) में बीयर प्रेमी लगभग 400 करोड़ की बीयर पी गए. आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते तीन महीने में रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. ये राजस्व पिछली बार की तुलना में 106% से भी ज्यादा है. वहीं, गर्मी के इन 3 महीनों में अगर बीयर के कैन की बिक्री की बात करें तो उसमें भी 116% का इजाफा देखा गया. जहां पहले 11501960.26 बीयर की कैन बिकी थी, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 13369674.50 हो गई. इस तरह बीयर की कैन की बिक्री में 116% का इजाफा देखा गया. गर्मी के इन तीन महीनों में आबकारी विभाग की चांदी दिखाई दी. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने भी माना इस बार यह आंकड़े इसलिए बढ़े क्योंकि गर्मी बहुत थी और बीयर के रेट भी नहीं बढ़े थे. ज्यादा बिक्री के करण 397 करोड़ से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया गया. साथ ही बीयर के कैन की बिक्री में 116% का इजाफा भी हुआ.  

HC ने आइसक्रीम डिब्बे में कनखजूरा पाए जाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का दिया निर्देश, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने नोएडा की एक महिला को अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरा मिलने के आरोप वाला अपना पोस्ट हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा ने अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों का विपणन करने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ की ओर से दायर वाद पर सुनवाई करते हुए ग्राहक पर अगले आदेश तक सोशल मीडिया मंच पर इस तरह की सामग्री पोस्ट करने और अपलोड करने पर रोक लगाई है। दरअसल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 15 जून को दीपा देवी ने एक तस्वीर साझा की थी जिसमें कथित तौर पर अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे के अंदर एक कनखजूरा दिखाई दे रहा है। महिला ने यह आइसक्रीम एक ऐप के माध्यम से मंगवाई थी। वाद दाखिल करने वाली कंपनी ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि यह दावा झूठा और गलत है क्योंकि उसके कारखाने में पैक किए गए आइसक्रीम के डिब्बे में कोई भी बाहरी सामान चाहे वह कीड़ा ही क्यों न हो, मौजूद होना बिल्कुल असंभव है। अदालत ने यह आदेश चार जुलाई को पारित किया। इसमें कहा गया कि ग्राहक वर्तमान कार्यवाही में आज भी मौजूद नहीं है और उसके असहयोग वाले रवैए ने कंपनी के मामले को बल दिया है। आदेश में कहा गया कि ग्राहक को अदालती कार्यवाही में भाग लेने और अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे को सही साबित करने का अवसर दिया गया था लेकिन उन्होंने ‘उपस्थित नहीं होने को तरजीह दी’ और जांच के लिए आइसक्रीम का डिब्बा भी कंपनी को नहीं दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी तीन दिन में सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाता तो कंपनी ‘एक्स’ को अपने मंच से इसे हटाने के लिए कह सकती है। वाद दाखिल करने वाली कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील दलाल और वकील अभिषेक सिंह ने अपनी दलील में कहा कि कंपनी मामले की जांच के लिए तैयार थी और उसने 15 जून को ग्राहक से संपर्क भी किया था लेकिन उन्होंने अधिकारियों को आइसक्रीम का डिब्बा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था।    

पहली बार जल बोर्ड में भ्रष्टाचार को भी जांच एजेंसी ने अपने दायरे में लिया: भाजपा सांसद मनोज तिवारी

नई दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम एक्शन मोड में है। मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में छापेमारी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईडी की टीम को छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये कैश बरामद हुआ है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि यह एक अच्छा कदम है। पहली बार जल बोर्ड में भ्रष्टाचार को भी जांच एजेंसी ने अपने दायरे में लिया है। इससे दिल्ली की आंखें खुलेंगी। हम बार-बार कह रहे हैं कि दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। आम आदमी पार्टी का नेतृत्व सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। वो उसको प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह जांच का विषय है कि ईडी की छापेमारी में जो पैसे पकड़े गए हैं वो कहां से आए। इसका निराकरण होना चाहिए। दिल्ली जल बोर्ड कथित भ्रष्टाचार मामला कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी की टीम इस मामले की जांच कर रही है। ईडी ने छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये नकद समेत कुछ दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें कई कंपनियों के ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं। इनमें यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड, कोरोनेशन पिलर, नरेला, रोहिणी (पैकेज 3) और कोंडली (पैकेज 4), पप्पनकला, निलोठी (पैकेज 1), नजफगढ़ और केशोपुर (पैकेज 2) कंपनियां शामिल हैं। इन पर 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के संवर्धन और उन्नयन के नाम पर डीजेबी में धांधली करने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, 1,943 करोड़ रुपये के चार टेंडर लगभग दो साल पहले अक्टूबर, 2022 में विभिन्न संयुक्त उद्यम संस्थाओं को दिए गए थे। इनमें से सिर्फ तीन जेवी कंपनियों ने भाग लिया था।

बारिश में ऐसे हालात नहीं बने, इसके लिए दिल्ली सरकार लगातार इस मुद्दे पर अपने अधिकारियों के साथ की अहम मीटिंग

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने अपने अधिकारियों और एनडीआरएफ की टीमों के साथ एक हाई लेवल बैठक की। इस बैठक का एजेंडा रहा आने वाले दिनों में अगर ज्यादा बारिश होती है तो पिछले साल जैसे हालात दिल्ली में ना बने। दरअसल, दिल्ली में पिछले साल बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। यमुना नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से ऊपर पहुंच गया था। इस बार बारिश में ऐसे हालात नहीं बने, इसके लिए दिल्ली सरकार लगातार इस मुद्दे पर अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर रही है। साथ ही अलग-अलग जगह पर कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जिससे किसी भी हालात की निगरानी की जा सके। दिल्ली सरकार की जल मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि दिल्ली में पिछली बार यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। जिस वजह से काफी परेशानी हुई थी। लेकिन, इस बार पूरी तैयारी कर ली गई है। इस बार पूर्वी जिले के डीएम ऑफिस में बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें सभी विभागों के अधिकारी तैनात रहते हैं। यहां से हर समय निगरानी रखी जा रही है। हथिनी कुंड बैराज से 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी के रिलीज़ होते ही बाढ़ नियंत्रण विभाग समेत सभी एजेंसी सक्रिय हो जाएंगी। आतिशी के मुताबिक मीटिंग में सभी तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक में एनडीआरएफ की तरफ से भी अधिकारी आए थे। हम उम्मीद करते हैं कि दिल्ली में इस बार बाढ़ की स्थिति ना आए, लेकिन अगर ऐसा होता भी है तो दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पिछले 2 दिन में अच्छी बारिश हुई है। जिससे हथिनी कुंड बैराज से ज़्यादा पानी डिस्चार्ज हो रहा है। हालांकि, अभी वहां से 352 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जब इस बैराज से 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी डिस्चार्ज होता है, तभी बाढ़ की आशंका होती है। पिछली बार हथिनीकुंड से ज़्यादा पानी छोड़ा गया और आईटीओ बैराज के गेट नहीं खुलने की वजह से स्थिति बिगड़ गई थी। इस बार आईटीओ बैराज के सभी गेट खुलवा दिए गए हैं और जो गेट नहीं खुले, उन्हें कटवा दिया गया है।

दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार का मामला, ED ने चार शहरों में छापेमारी कर 41 लाख रुपये जब्त किए

 नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) से जुड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भ्रष्टाचार मामले के संबंध में दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद में कई स्थानों पर छापेमारी की है. भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), जीएनसीटीडी, नई दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर ईडी की जांच में दिल्ली में 10 एसटीपी के अपग्रेडेशन में 1943 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है. एफआईआर में यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी और अन्य पर बढ़ी हुई दरों पर टेंडर हासिल करने के लिए मिलीभगत करने का आरोप लगाया गया है, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ है. क्या है मामला इस छापेमारी में 41 लाख रुपये की नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. ईडी ने आगे की जांच के लिए इन सामग्रियों को जब्त कर लिया है. इस मामले में चार टेंडर शामिल हैं, जिनकी कीमत 1943 करोड़ रुपये हैं, जो अक्टूबर 2022 में तीन संयुक्त उद्यम संस्थाओं को दिए गए. ईडी ने पाया है कि निविदाएं बढ़ी हुई दरों पर दी गई थीं, और डीजेबी द्वारा अपनाई गई लागतें कम थीं, जबकि अपग्रेडेशन की लागत वृद्धि से कम थी. कंपनियों ने टेंडर लेकर दूसरी कंपनी को दिया ठेका जांच से पता चला है कि तीनों संयुक्त उद्यमों ने निविदाएं हासिल करने के लिए ताइवान की एक परियोजना से जारी एक ही अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया. इसके अलावा, तीनों संयुक्त उद्यमों ने हैदराबाद की मैसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को काम का उप-ठेका दिया. ईडी कथित घोटाले में डीजेबी अधिकारियों, संयुक्त उद्यमों और मैसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका की जांच कर रहा है. तलाशी अभियान डीजेबी की एसटीपी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों के पीछे की सच्चाई को उजागर करने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.  

नोएडा के LOGIX मॉल में लगी आग, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड

नोएडा नोएडा के लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक शोरूम में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियों और नोएडा पुलिस के जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोकने के लिए आनन-फानन में पूरे मॉल को खाली करा लिया। जानकारी के अनुसार, नोएडा के थाना सेक्टर-24 के अंतर्गत आने वाले लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक कपड़े के शोरूम में शुक्रवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। थाना सेक्टर 24 पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। मॉल में धुआं भरने के बाद सभी लोगों को बाहर निकाल दिया गया। फायर विभाग मौके पर है और आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मॉल के अंदर कोई फंसा हुआ नहीं है। जैसे ही मॉल में धुआं भरना शुरू हुआ, वैसे ही सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। मॉल प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक चरण में आग को बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग का दायरा बढ़ने पर इसकी सूचना पुलिस बल और अग्निशमन विभाग को दी गई। इसके बाद दमकल  की 6 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद 4 और गाड़ियां वहां पहुंच गईं। इस घटना में अभी तक किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल सका है। मॉल के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्रित हैं। मौके पर मौजूद एक दमकल अधिकारी ने बताया कि हम लोगों को सुबह 11 बजे फायर सर्विस यूनिट को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि लॉजिक्स मॉल के फर्स्ट फ्लोर पर स्थित एडिडास का शोरूम, जोकि बंद था उसमें आग लगी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए हमने यहां पर 10 गाड़ियां भेजी हैं। दमकल कर्मियों ने आग पूरी तरह बुझा दी है, अब मशीनों के माध्यम से मॉल में भरे धुएं को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हम आसपास की दुकानों में भी वायरिंग और आग की जांच कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि हमने ऊपर से नीचे तक पूरा मॉल चेक कर लिया है, अंदर किसी भी फ्लोर पर कोई फंसा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि, शोरूम का शटर बंद और और मॉल भी पूरी तरह से खुला नहीं था, इसलिए शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है।    

CM केजरीवाल की जमानत में देरी पर 150 वकीलों ने CJI को लिखा पत्र, जज पर भी उठाए सवाल

नईदिल्ली अरविंद केजरीवाल को जमानत नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए 150 से अधिक वकीलों ने गुरुवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ को एक ज्ञापन भेजा है. सीजेआई को दिए गए ज्ञापन में वकीलों ने कहा कि मामले की सुनवाई कर रहे जज, ईडी और सीबीआई के मामलों में जमानत का अंतिम रूप से निपटारा नहीं कर रहे हैं और लंबी तारीखें दे रहे हैं. इस प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाने वाले जस्टिस सुधीर कुमार जैन को मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए था, क्योंकि उनके सगे भाई ईडी के वकील हैं. प्रतिवेदन में कही गई ये बात चीफ जस्टिस को भेजे गए प्रतिवेदन में कहा गया है कि एएसजे न्याय बिंदु द्वारा अरविंद केजरीवाल के लिए जमानत आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद, राउज एवेन्यू कोर्ट के जिला जज द्वारा एक आंतरिक प्रशासनिक आदेश जारी किया गया, जिसमें सभी अवकाश अदालतों को निर्देश दिया गया कि वे किसी भी मामले में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेंगे और केवल नोटिस जारी करेंगे. हालांकि, पीटीआई को सूत्रों ने बताया कि वकील अनुराग जैन कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन के किसी भी मामले को नहीं देख रहे हैं. इस प्रतिवेदन पर 157 वकीलों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं. इस प्रतिवेदन पर आम आदमी पार्टी (आप) के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख वकील संजीव नासियार के हस्ताक्षर भी हैं. हाईकोर्ट ने लगा दी थी आदेश पर रोक यह प्रतिवेदन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अवकाशकालीन न्यायाधीश न्याय बिंदु द्वारा 20 जून को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में जमानत दिए जाने के मद्देनजर भेजा गया है. बाद में ईडी की अपील पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत के जमानत आदेश को तत्काल सूचीबद्ध करने, सुनवाई करने और स्थगन लगाने का उल्लेख करते हुए, प्रतिवेदन में कहा गया है, ‘भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया है और इसने कानूनी बिरादरी के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी है.’

आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह को दी अहम जिम्मेदारी, राज्यसभा में AAP संसदीय दल का अध्यक्ष बनाया

Aam Aadmi Party gave important responsibility to Sanjay Singh, made him the President of AAP Parliamentary Party in Rajya Sabha

Aam Aadmi Party gave important responsibility to Sanjay Singh, made him the President of AAP Parliamentary Party in Rajya Sabha

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार AAP MLA अमानतुल्लाह के दो सहयोगियों को जमानत देने से HC का इनकार

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की भर्तियों में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दो लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। इसी मामले में आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान भी शामिल हैं। आरोपी जीशान हैदर और दाउद नासिर की जमानत याचिका खारिज करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा कि, एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जमानत देने से रोकने के लिए इस मामले में अदालत के सामने पर्याप्त सामग्री मौजूद है। इस केस में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने दोनों आरोहियों को नवम्बर 2023 में गिरफ्तार किया था। 1 जुलाई को पारित आदेश में, जस्टिस शर्मा ने कहा, जैसा कि आरोप लगाया गया है अमानतुल्लाह खान ने वास्तविक मूल्य को छिपाकर और विक्रेता को नकद में भुगतान की गई राशि को सक्रिय रूप से छिपाते हुए बेनामीदारों हैदर और नासिर के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदीं। अदालत ने आगे कहा, ‘प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच के दौरान एकत्र किए गए भौतिक साक्ष्य से पता चलता है कि अमानतुल्लाह खान ने अपने करीबी सहयोगियों यानी वर्तमान आवेदकों/आरोपी और अन्य के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी और उसी के तहत, उसने अपने सहयोगियों जीशान हैदर, दाउद नासिर और अन्य के माध्यम से अपनी अवैध कमाई यानी अपराध की आय को अचल संपत्तियों में निवेश किया था।’ कोर्ट ने कहा कि सम्पत्ति की खरीद से सम्बन्धित लेनदेन नकद और बैंक दोनों के माध्यम से हुए थे, जिनकी कुल राशि लगभग 36 करोड़ रुपए थी। अदालत ने फैसला देते हुए कहा कि, ‘इस मामले में अदालत के सामने प्रस्तुत सामग्री दोनों आवेदकों पर PMLA की धारा 45 के तहत प्रतिबंध लगाने के लिए पर्याप्त है। उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए, यह अदालत वर्तमान आवेदकों यानी जीशान हैदर और दाउद नासिर को नियमित जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं मानती है।” AAP नेता अमानतुल्लाह खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की FIR और दिल्ली पुलिस की तीन शिकायतों से उपजा है। एजेंसी ने अपनी अभियोजन शिकायत (आरोप पत्र) में पांच लोगों का नाम लिया है, जिसमें खान के तीन कथित सहयोगी – जीशान हैदर, दाउद नासिर और जावेद इमाम सिद्दीकी शामिल हैं। विधायक के परिसरों पर छापा मार चुकी ईडी ने दावा किया है कि खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती के जरिए अपराध से अकूत कमाई की और इन पैसों को अपने साथियों के नाम से अचल संपत्तियां खरीदने में लगाया। ईडी का कहना है कि यह छापेमारी वक्फ बोर्ड में अवैध कर्मचारियों की भर्ती और बोर्ड की संपत्तियों को 2018-2022 के दौरान गलत तरीके से पट्टे पर देकर आरोपियों द्वारा किए गए अवैध व्यक्तिगत लाभ से संबंधित मामले में की गई थी, जब खान इसके अध्यक्ष थे। ईडी ने कहा है कि छापेमारी के दौरान भौतिक और डिजिटल साक्ष्य के रूप में अपराध से सम्बंधित कई सामग्रियां जब्त की गईं, जो मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में खान की संलिप्तता का संकेत देती हैं।    

पीएम मोदी और अमित शाह बीमार के चुनाव को अयोग्य घोषित करने की मांग, याचिका पर क्यों बोला HC, तुम बीमार हो

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एक ऐसी याचिका को खारिज कर दिया जिसमें पीएम मोदी को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। याचिका को रद्द करते हुए कोर्ट ने यहां तक कहा कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है। एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला ने स्थानीय एसएचओ को याचिकाकर्ता दीपक कुमार पर नजर रखने को कहा। कोर्ट ने कहा कि यदि जरूरी लगे तो मेंटल हेल्थकेयर ऐक्ट के तहत अधिकार का प्रयोग किया जाए।   कोर्ट ने यह आदेश तब दिया जब कुमार ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा रखने की झूठी शपथ ली। कुमार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के साथ मिलकर उसकी हत्या की कोशिश कर रहे हैं। कोर्ट ने इस पर उससे पूछा कि क्या वह सही है। बेंच ने कहा, ‘क्या आप ठीक हो? आपकी याचिका बेतुकी है। यह एक तरफ से दूसरी तरफ जा रही है। कोई इंसान इसे समझ नहीं सकता है। इसका कोई मतलब नहीं है।’  कैप्टन दीपक कुमार की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि मोदी और उनके सहयोगियों ने 2018 में एअर इंडिया की उस उड़ान की दुर्घटना का षड्यंत्र रचकर राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने का प्रयास किया, जिसके पायलट वह थे। कुमार ने अदालत के समक्ष दलील देते हुए आरोप लगाया कि मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और उन्हें लोकसभा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।  

बिना ड्राइवर मजेंटा लाइन पर दौड़ेगी मेट्रो, 29 ट्रेनों के ड्राइवर केबिन हटाए गए

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन अब पूरी तरह से ड्राइवरलेस हो गई हैं। DMRC ने इस रूट पर चल रही सभी 29 ट्रेनों से ड्राइवर केबिन हटा दिए हैं, जिससे यात्रियों के लिए ज्यादा जगह बनेगी। फिलहाल, हर तीन-चार ट्रेनों के बाद एक अटेंडेंट मौजूद रहता है, लेकिन उन्हें भी धीरे-धीरे हटा दिया जाएगा। डीएमआरसी का कहना है कि पिंक लाइन पर भी जल्द ही यही व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे पहले, जून में खबर आई थी कि मजेंटा लाइन पर ट्रेनें पूरी तरह से ऑटोमेटेड हो जाएंगी। हमारे सहयोगी अखबार टीओआई ने जून में ही रिपोर्ट किया था कि मजेंटा लाइन पूरी तरह से ऑटोमेटिक होगी। मजेंटा लाइन पूरी तरह ड्राइवरलेस DMRC के एक अधिकारी ने बताया कि मजेंटा लाइन अब पूरी तरह से ड्राइवरलेस है। हमने 29 ट्रेनों से ड्राइवर केबिन हटा दिए हैं, जिससे यात्रियों के लिए ज्यादा जगह बन गई है। हम चरणबद्ध तरीके से अटेंडेंट को भी हटा देंगे। मजेंटा और पिंक लाइन मिलाकर दिल्ली मेट्रो का ड्राइवरलेस नेटवर्क लगभग 97 किलोमीटर लंबा हो गया है। यह भारत का एकमात्र ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन नेटवर्क है। DMRC के फेज- IV विस्तार के तहत आने वाले कॉरिडोर में भी ट्रेन ऑपरेशन ड्राइवरलेस होगा। ट्रेनों से हटाए गए ड्राइवर केबिन जनकपुरी वेस्ट-बॉटनिकल गार्डन मजेंटा लाइन पर दिसंबर 2020 में ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन शुरू हुआ था। नवंबर 2021 में मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन पर भी यह सुविधा शुरू की गई थी। लेकिन अब तक, यात्रियों में विश्वास और सहायता की भावना बनाए रखने के लिए एक ट्रेन ऑपरेटर मौजूद रहता था। DMRC के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने पहले बताया था कि हम इन दोनों लाइनों पर मिले अनुभव के साथ फेज IV में इसे जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश करेंगे। फेज IV में ड्राइवरलेस संचालन के लिए, हमने कुछ उपाय किए हैं जैसे ट्रैक पर कैमरे लगाकर ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम। डीएमआरसी ने इसलिए ये लिया फैसला DMRC अधिकारी ने पहले कहा था, ‘ड्राइवरलेस ट्रेन संचालन से अधिक फ्लेक्सिबिलिटी आएगी। मानवीय हस्तक्षेप और मानवीय त्रुटियों में भी कमी आएगी। यह सिस्टम मेट्रो संचालन के दौरान कोच की उपलब्धता में सुधार करने में भी मदद करती है। ड्राइवरलेस ट्रेनें इंडक्शन से पहले की जाने वाली जांच की मैनुअल प्रक्रिया को समाप्त कर देती हैं, जिससे ट्रेन ऑपरेटरों पर बोझ कम होता है। डिपो में स्टेबलिंग लाइन पर पार्किंग भी स्वचालित रूप से होती है। DMRC फेज IV के प्रायोरिटी कॉरिडोर में ड्राइवरलेस संचालन को लेकर 312 कोच – 52 ट्रेनें खरीदेगा।

PM मोदी को हो गया है अहंकार, खुद को घोषित किया भगवान’, प्रधानमंत्री पर अरविंद केजरीवाल ने बोला हमला

PM Modi has become arrogant, declared himself God, Arvind Kejriwal attacked the Prime Minister आम आदमी पार्टी (आप) चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी मुद्दों की बात नहीं कर रहे हैं. वह पिछले दो महीने से इधर-उधर की बातें कर रहे हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकार हो गया है. इन दिनों उन्होंने खुद को भगवान घोषित कर दिया है. जब केजरीवाल से सवाल किया गया कि उन्होंने इंडिया गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार किया है. क्या इसका कोई फायदा होगा. इस पर उन्होंने कहा कि गीता में लिखा है कि कर्म करना चाहिए, फल की चिंता नहीं करनी चाहिए. मैंने चुनाव प्रचार किया है. उसका रिस्पांस बहुत अच्छा रहा है. दिल्ली सीएम ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी महंगाई पर बात नहीं कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी को लेकर जनता में रोष है. लोग महंगाई और बेरोजगारी को लेकर बहुत त्रस्त हैं. बीजेपी से लोगों का मोहभंग हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन मुद्दों पर बात नहीं की है, बल्कि दो महीने से वह इधर-उधर की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शरद पवार को भटकती आत्मा कहते हैं तो उद्धव ठाकरे को बाला साहेब ठाकरे की नकली संतान बताते हैं. क्या जनता उनको इन मुद्दों पर वोट देगी. पीएम मोदी को हो गया है अहंकार: केजरीवाल केजरीवाल ने पीएम को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनमें अहंकार देखने को मिल रहा है. आम आदमी पार्टी (आप) मुखिया केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी को इन दिनों अहंकार हो गया है. वह कह रहे हैं कि वह अपनी मां के कोख से पैदा नहीं हुए हैं, बल्कि भगवान के अवतार हैं. वह अपने आप को भगवान को घोषित कर चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में खुद को प्रधान सेवक बताया, फिर 2019 में खुद को चौकीदार कहा और अब 2024 में खुद को भगवान घोषित कर दिया है. अमित शाह की धमकी का जवाब देगी जनता: अरविंद केजरीवाल आप चीफ से पूछा गया कि पंजाब में इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि भगवंत मान की जगह राघव चड्ढा को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा? इस सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की बातें गृह मंत्री अमित शाह कह रहे हैं. उन्होंने पंजाब में जाकर कहा कि 4 जून को सरकार गिरा दूंगा और भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से हटा दूंगा. क्या आप सोच सकते हैं कि 75 साल में किसी गृह मंत्री ने इस तरह का गुंडागर्दी वाला बयान दिया हो. अमित शाह की धमकी जवाब जनता 1 जून को देगी.

स्वाति मालीवाल मामले पर सियासी घमासान, आज AAP नेताओं के साथ BJP मुख्यालय जाएंगे सीएम

Political turmoil over Swati Maliwal case, CM will go to BJP headquarters with AAP leaders today दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर आम आदमी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ हुई मारपीट के मामले में बिभव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। सीएम केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह रविवार को अपने सभी बड़े नेताओं के साथ भाजपा मुख्यालय जाएंगे। AAP दफ्तर आना शुरू हुआ नेता और कार्यकर्ताआप मुख्यालय पर नेताओं और कार्यकर्ताओं का आना शुरू हो गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। AAP के प्रदर्शन के चलते आईटीओ मेट्रो स्टेशन बंदआज आईटीओ मेट्रो स्टेशन बंद रहेगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बताया कि अगली सूचना तक आईटीओ मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश/निकास बंद रहेगा। बता दें कि स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में आरोपी पीए बिभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल ने भाजपा के मुख्यालय जाने का ऐलान किया। जिसके चलते ये फैसला लिया गया है।

बिभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने CM आवास से किया गिरफ्तार

Bibhav Kumar arrested by Delhi Police from CM residence आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी बिभव कुमार को हिरासत में ले लिया है। वह एफआईआर दर्ज करने के बाद से ही फरार चल रहे थे। बता दें स्वाति मालीवाल ने गुरुवार देर रात एफआईआर दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस बिभव कुमार की तलाश में जुटी हुई थी। नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी बिभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वह एफआईआर दर्ज करने के बाद से ही फरार चल रहे थे। उन्हें आखिरी बार लखनऊ में सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ देखा गया था।पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बिभव कुमार को सीएम आवास से डिटेन किया गया है। उन्हें सिविल लाइंस थाने ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर पता लगाएगी कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के अंदर ही थे या कही और जाकर छिप गए थे?

केजरीवाल के बयान के खिलाफ SC पहुंची ED को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

SC shocked ED against Kejriwal’s statement, Supreme Court said this दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के एक बयान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची जांच एजेंसी ईडी को झटका लगा है। शीर्ष न्यायालय ने केजरीवाल के बयान के खिलाफ ईडी की आपत्ति पर विचार करने के इनकार कर दिया है। केजरीवाल ने कहा कि अगर लोग मेरी पार्टी को वोट देंगे तो वो फिर जेल नहीं जाएंगे। नई दिल्ली। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के एक बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची ईडी को झटका लगा है। दरअसल, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने केजरीवाल के एक बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शिकायत दर्ज की थी, जिस पर सुनवाई से कोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट का आपत्ति पर विचार करने से इनकारSC (सुप्रीम कोर्ट) ने अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर की आपत्ति पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर लोग AAP को वोट देंगे, तो वह 2 जून को वापस जेल नहीं जाएंगे। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को अंतरिम जमानत से संबंधित बयानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केजरीवाल के वकील के दावों और जवाबों पर विचार करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा, ”हमने किसी के लिए कोई अपवाद नहीं बनाया है, हमने अपने आदेश में वही कहा जो हमें उचित लगा।” पीठ ने कहा कि फैसले का आलोचनात्मक विश्लेषण का ”स्वागत” है। नेताओं की बैठक में दिया था ये बयानकेजरीवाल ने जेल से बाहर आने के बाद अपनी पार्टी नेताओं के साथ बैठक में कहा था कि उन्हें 2 जून को वापस जेल जाना होगा। सीएम ने आगे कहा कि अगर उनके पार्टी के नेता महनत करके 4 जून को इंडी गठबंधन की सरकार बनवा देते हैं तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। भाजपा पर लगाए सरकार तोड़ने की कोशिश के आरोपकेजरीवाल ने इसी के साथ ये आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें जानकर जेल भेजा ताकि वो AAP को तोड़ सके और पार्टी के पार्षद को भी अपने साथ ले सकें। दिल्ली सीएम ने कहा कि भाजपा की कोशिश नाकाम हो गई है और हमारी पार्टी और भी संगठित हो गई है। केजरीवाल के बयान पर SC ने कही ये बातईडी की ओर से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चुनावी रैलियों में केजरीवाल के भाषणों पर आपत्ति जताई कि अगर लोगों ने आप को वोट दिया, तो उन्हें 2 जून को वापस जेल नहीं जाना पड़ेगा। पीठ ने मेहता से कहा, ”यह उनकी धारणा है, हम कुछ नहीं कह सकते।” शीर्ष अदालत ने 10 मई को कथित दिल्ली शराब घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी थी। कोर्ट ने उन्हें 2 जून को सरेंडर करने को कहा है।

केजरीवाल को CM पद से हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, पीठ ने कहा- हमारे पास कानूनी अधिकार नहीं

The petition to remove Kejriwal from the post of CM was rejected in the Supreme Court, the bench said – we do not have the legal right. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आप विधायक संदीप कुमार को फटकार लगाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा था कि न्यायिक व्यवस्था का मजाक ना उड़ाएं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक और राहत मिली। दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है।शीर्ष अदालत का कहना है कि उसके पास केजरीवाल से सीएम पद से हटने के लिए पूछने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। दिल्ली हाईकोर्ट में हुई थी याचिका खारिजइससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आप विधायक संदीप कुमार को फटकार लगाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही याचिकाकर्ता पर कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा था कि न्यायिक व्यवस्था का मजाक ना उड़ाएं।दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि ऐसा कोई आदेश है कि जिसमें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ने किसी सीएम को हटाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा था, ‘आप याचिका दाखिल कर कोर्ट का समय को बर्बाद कर रहे हैं। हम आप पर भारी जुर्माना लगा रहे हैं। कोर्ट के अंदर राजनीतिक भाषण न दें, भाषण देने के लिए गली के किसी कोने में जाएं।’ कोर्ट ने कहा था कि आपके याचिकाकर्ता राजनीतिक व्यक्ति होंगे, लेकिन अदालत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के आधार पर नहीं चलता।

दिल्ली-NCR के 100 से ज्यादा स्कूलों में बम की धमकी से मची अफरा-तफरी

Bomb threat creates panic in more than 100 schools of Delhi-NCR दिल्ली-NCR के करीब 100 स्कूलों में बम रखे होने की सूचना के बाद दिल्ली के एलजी और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी का बयान सामने आया है। उन्होंने अभिभावकों से ना घबराने की अपील की है। नई दिल्ली: दिल्ली-NCR के करीब 100 स्कूलों में बुधवार सुबह बम रखा होने की धमकी मिली है। इस खबर के सामने आने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है और पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। स्कूलों में बम का पता लगाने वाली टीम, बम निरोधक दस्ता और दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारियों को भेजा गया है। दिल्ली के एलजी का बयान सामने आयादिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना ने इस मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैं अभिभावकों से अनुरोध करता हूं कि वे घबराएं नहीं और स्कूलों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें। उपद्रवियों और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी का बयान सामने आयादिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने एक्स पर पोस्ट किया कि आज सुबह कुछ स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। छात्रों को स्कूल से बाहर निकाल लिया गया है और दिल्ली पुलिस द्वारा स्कूल परिसरों की तलाशी ली जा रही है। अभी तक किसी भी स्कूल में कुछ नहीं मिला है। आतिशी ने कहा कि हम पुलिस और स्कूलों के साथ लगातार संपर्क में हैं। अभिभावकों और नागरिकों से अनुरोध करूंगी कि घबराएं नहीं। जहां भी जरूरत होगी, स्कूल अधिकारी अभिभावकों के संपर्क में रहेंगे। दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘कल रात भाजपा के प्रवक्ता बार-बार सीरियल बम ब्लास्ट के बारे में डरा रहे थे, और आज पूरी दिल्ली में स्कूलों में बम होने की झूठी अफ़वाहें फैलाई गई हैं। अजीब इत्तिफ़ाक़ है। दिल्ली पुलिस और एलजी कृपया संज्ञान लें।’

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को दिया झटका, कैंपेन गीत पर लगाई रोक; AAP ने केंद्र को घेरा

Election Commission gave a blow to Aam Aadmi Party, banned its campaign song; AAP surrounded the center चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए उसके चुनावी कैंपेन सॉन्ग पर रोक लगा दी है। हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। वहीं आप ने इसे केंद्र की तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं भी भाजपा का नाम नहीं है फिर इसपर रोक कैसे लगाई जा सकती है? नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, आयोग ने पार्टी के कैंपेन गीत पर रोक लगा दी है। बता दें, हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। दो मिनट के इस कैंपेन सॉन्ग में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी दिखे थे। इस गीत को पार्टी विधायक दिलीप पांडेय ने लिखा था। वहीं आयोग के इस कदम को आप ने केंद्र की तानाशाही बताया है। आप की वरिष्ठ नेता और मंत्री आतिशी ने कहा कि कैंपेन गीत में कहीं भी भाजपा का नहीं है। चुनाव आयोग को जेल का जवाब वोट से पर आपत्ति है जो कि सरासर गलत है। इसमें कुछ भी ऐसी आपत्तिजनक बातें नहीं है जिससे गीत पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस गीत से कहीं भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो रहा है। इसमें जो पिक्चर हैं वे सच हैं। आतिशी ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग एक प्रतिष्ठित संस्था है। जब इसके आयुक्त टीएन शेषन थे, तब उन्होंने इसकी मर्यादा को अधिक बढ़ाया था। उन्हें देश में निष्पक्ष चुनाव कराने का श्रेय दिया जाता है। उनके काम के जरिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। विपक्ष का प्रचार न रोके चुनाव आयोग: आतिशीउन्होंने कहा कि मैं आज के आयुक्त से यह अपील करती हूं कि वह ऐसा काम न करे जिससे आगे आनेवाले समय में 2024 के चुनाव को इस रूप में याद करे कि 2024 के चुनाव में लोकतंत्र खत्म हो गया। 2024 के चुनाव में भारत का चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा और 2024 में भारत का चुनाव पाकिस्तान का चुनाव बन गया। इसलिए चुनाव आयोग से अपील करती हूं कि विपक्ष का प्रचार रोकना बंद करे और BJP द्वारा जो आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उस पर भी एक्शन ले। गीत में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन: चुनाव आयोगदिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का कहना है कि आम आदमी पार्टी के कैंपेन गीत ‘जेल का जवाब वोट से’ में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल अपने कैंपेन गीत या चुनाव प्रचार के वीडियो में न्यायपालिका पर सवाल खड़े नहीं कर सकते हैं। किसी को जेल में होना न्यायपालिका से संबंधित मामला होता है।

AAP “केजरीवाल को आशीर्वाद” अभियान शुरू, पत्नी सुनीता ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर

AAP’s ‘Bless Kejriwal’ campaign started, wife Sunita released WhatsApp number दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने एक नया अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की सबसे भ्रष्टाचारी, तानाशाही ताकतों को ललकारा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल एक बार फिर मीडिया के मुखातिब हुईं। केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। पीसी के दौरान सुनीता केजरीवाल ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल केजरीवाल को आशीर्वाद देने के लिए आप इस नंबर पर व्हाट्सएप करें। सुनीता केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि अपने संदेश इस पर भेजिए। आप किसी भी पार्टी से हों। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में सुनीता केजरीवाल ने कहा कि मैं सुनीता केजरीवाल अरविंद जी की धर्मपत्नी, कल अरविंद केजरीवाल ने जो कोर्ट में कहां वो आपने सुना होगा, अगर नहीं सुना तो कृपया एक बार सुनिए। उन्होंने जो कोर्ट के सामने बोला उसक लिए बहुत हिम्मत चाहिए। सच्चे देशभक्त हैं वो। बिल्कुल ऐसे ही हमारे स्वतंत्रता सैनानी अंग्रेजों की तानाशाही से लड़ते थे। पिछले तीस साल से मैं उनके साथ हूं, देशभक्ति उनके रोम-रोम में बसी है। आप का नया अभियान शुरूआगे कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की सबसे भ्रष्टाचारी, तानाशाही ताकतों को ललकारा है। आपने अरविंद केजरीवाल को अपना भाई अपना बेटा कहा है, क्या आप इस लड़ाई में अपने भाई अपने बेटे का साथ नहीं देंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब साथ मिलकर ये लड़ाई लड़ेंगे। आप ने जारी किया व्हाट्सएप नंबरकेजरीवाल की पत्नी सुनीता ने कहा कि मैं आपको एक व्हाट्सएप नंबर दे रही हूं। व्हाट्सएप नंबर 8297324624 है। आज से हम एक अभियान शुरू कर रहे हैं जिसका नाम ‘केजरीवाल को आशीर्वाद’ है। इस नंबर पर आप अपने केजरीवाल को आशीर्वाद, दुआएं और प्रार्थनाएं भेज सकते हैं। कोई और भी संदेश देना चाहें तो वो भी दे सकते हैं। कई माताओं ने तो अपने बेटे के लिए मन्नत मांगी है। कई बहनों ने भी अपने भाई के लिए मन्नत मांगी है। वो भी लिखकर भेज सकते हैं।

CM अरविंद केजरीवाल जेल में रहकर चलाएंगे सरकार, डरे हुए तानाशाह का “कायराना” कृत्य , जीतू पटवारी

CM Arvind Kejriwal will run the government while in jail संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो घंटे से अधिक समय तक चली तलाशी और पूछताछ के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री, पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर शाम ईडी की टीम भारी फोर्स के साथ केजरीवाल के घर पहुंची थी। यहां तलाशी और पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दरअसल, 2 नवंबर से 21 मार्च के बीच ईडी ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए 9 समन भेजे थे। लेकिन केजरीवाल कोई ना कोई बहाना बनाकर ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे थे। वहीं जब उन्हें 9वां समन मिला तो वह इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनके द्वारा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई थी कि अगर वह पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होते हैं तो उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जाए। हालांकि हाईकोर्ट से केजरीवाल को राहत नहीं मिली। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।अब इस सवाल पर आते हैं कि क्या गिरफ्तारी के बाद अब अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चला सकते हैं? और क्या वो अब भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं? देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी पार्टी और मुख्यमंत्री को जेल से सरकार चलाने से रोकता हो। भारत के संविधान में भी इस पर स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया है। कानून में ये बताया गया है कि दोषी साबित होने से पहले कोई भी नेता जेल में रहते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक बने रह सकता है और जेल से सरकार को भी चला सकता है। इस हिसाब से अभी अरविंद केजरीवाल को जेल से दिल्ली की सरकार चलाने में कानूनी रूप से कोई परेशानी नहीं होगी।

मैं किसान का बेटा हूं झुकूंगा नहीं, तानाशाह सरकार का मुकाबला करूंगा, सत्यपाल मलिक

I am a farmer’s son, I will not bow down, I will fight the dictatorial government, Satyapal Malik पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर और अन्य 30 ठिकानों पर सीबीआई ने आज गुरुवार सुबह छापा मारा है खबर है कि सीबीआई का ये एक्शन हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर किया गया है , उधर छापे की कार्रवाई के बाद सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर लिखा – मैं बीमार हूँ , अस्पताल में भर्ती हूँ, मैं किसान का बेटा हूँ घबराऊंगा नहीं। किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक्शनजो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के दौरान 2019 में 2200 करोड़ रुपये का सिविल काम के लिए ठेका हुआ था इसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ था , इस समय सत्यपाल मलिक वहां के राज्यपाल थे , उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें इस प्रोजेक्ट की दो फाइलों को मंजूर करने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। मलिक के दिल्ली स्थित घर सहित 30 अन्य ठिकानों पर CBI के छापेसीबीआई हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी जुटा रही है , बताया जा रहा है कि सीबीआई ने आज गुरुवार को दिल्ली स्थित घर पर सुबह सुबह छापा मरा साथ ही मलिक के करीबियों के करीब 30 अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है, उधर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। X पर मलिक ने लिखा – मैं किसान का बेटा, इन छापों से घबराऊंगा नहींउन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ।

दुनिया में धाक जमाती हिंदी

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी महज एक भाषा नहीं बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की संस्कृति, सभ्यता, साहित्य और इतिहास को बयां करती है और उन्हें एकता के सूत्र में बांधती है। हिंदी भारतीयों के मान, सम्मान और स्वाभिमान की भाषा है। हिंदी भाषा ही नहीं यह भावों की अभिव्यक्ति है। हिंदी मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी हमारा ईमान है और हिंदी हमारी पहचान है। हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची परिचायक भी है। आइए जानते हैं विश्व हिंदी दिवस पर विश्व में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और उसका महत्व। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) 10 जनवरी को पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह बेहद गर्व की बात है। बहुल सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है। जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हिंदी भाषा वक्ताओं की ताकत है, लेखकों का अभिमान है। करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के साथ ही हमारी आन-बान, शान और अभिमान है। हिंदी को राष्ट्र की अस्मिता और प्रणम्य का प्रतीक माना जाता है। इसके हर शब्द में गंगा जैसी पावनता और गगन सी व्यापकता है। समुद्र सी गहराई और हिमालय सी ऊंचाई है, जो इसे महान बनाती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया विश्व हिंदी दिवस मना रही है।यदि हम हिंदी भाषा के विकास की बात करें तो यह कहना मुनासिब होगा कि पिछली शताब्दी मेंं हिंदी का तेजी से विकास हुआ है और दिनों-दिन इसका प्रभाव बढ़ रहा है। हिंदी का करीब एक हजार वर्ष पुराना इतिहास है। संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, जिसे देवभाषा भी कहा जाता है। माना जाता है कि हिंदी का जन्म भी संस्कृत से हुआ है। ज्यादातर शब्द संस्कृत, अरबी और फारसी भाषा से लिए गए हैं। यह मुख्य रूप से आर्यों और पारसियों की देन है। इस कारण हिन्दी अपने आप में एक समर्थ भाषा है।भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, बावजूद इसके हिंदी सबसे ज्यादा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। इसीलिए हिंदी भारत की सबसे प्रमुख भाषा है। 26 जनवरी 1950 को संसद के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को प्राथमिक भाषा माना गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर विदेशी धरती पर मातृभाषा का मान बढ़ाया। हिन्दी के जहां अंग्रेजी में मात्र 10 हजार मूल शब्द हैं। वहीं हिन्दी के मूल शब्दों की संख्या 2 लाख 50 हजार से भी अधिक है। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ हमारी राजभाषा भी है। हिन्दी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिन्दी की यह स्थिति हिन्दी भाषियों और हिन्दी समाज की देन है, हमें अहसास होना चाहिये कि हिन्दी दुनिया की किसी भी भाषा से कमजोर नहीं है। हिंदी भाषा के इतिहास पर पुस्तक लिखने वाला कोई हिंदुस्तानी नहीं बल्कि फ्रांसीसी लेखक ग्रेसिम द टैसी था। हिंदी के बढ़ते प्रभाव के कारण ही ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में अच्छा और सूर्य नमस्कार जैसे कई हिंदी शब्दों को शामिल किया गया है।हिंदी का वर्चस्व बढ़ाने के लिए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से इसकी वर्षगांठ के उपलक्ष में हर साल मनाया जाता है। आज दुनियाभर में अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी तीसरे नंबर की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सर्वे एजेंसी स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में 43. 63 प्रतिशत लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं।भारत के अलावा फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिनाद, टोबैगो, गुयाना, नेपाल, तिब्बत और पाकिस्तान में हिंदी बोली जाती है। इसके चलते इंटरनेट की दुनिया में अब हिंदी का वर्चस्व बढ़ रहा है।यही कारण है कि हिंदी आज दुनिया भर में इंटरनेट की पसंदीदा भाषा बन रही है। प्रति वर्ष 94 फीसदी हिंदी भाषी जुड़ रहे हैं, जबकि अंग्रेजी के महज 17 प्रतिशत हैं। गूगल-केपीएमजी रिसर्च, सेंसस इंडिया और आईआरएस की सर्वे रिपोर्ट को मानें तो आने वाले साल में हिन्दी में इंटरनेट उपयोग करने वाले अंग्रेजी वालों से ज्यादा हो जाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक 34 करोड़ लोग हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। हिंदी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने अपना एप हिन्दी में लॉन्च किया। ओएलएक्स, फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न कंपनियों के प्लेटफॉर्म पहले ही हिन्दी में उपलब्ध हैं। स्नैपडील भी हिन्दी में आ चुका है। 2023 तक 16.1 करोड़ लोगों ने डिजिटल पेमेंट के लिए हिन्दी का उपयोग किया। जबकि 2016 में यह संख्या 2.2 करोड़ थी। 2016 में डिजिटल माध्यम में हिन्दी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी। जो 2023 में बढ़कर 24.4 करोड़ तक हो गई।इसी को दृष्टिगत रखते हुए इस बार हिंदी दिवस मनाने की थीम “ हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता“ रखी गई है।विदेशों में हिंदी जनमानस के दिलो दिमाग पर अपनी छाप छोड़ रही है। लंदन में हिंदी पढ़ाई जा रही है। जर्मन में ऐसे स्कूल और गुरुकुल हैं जहां बच्चों को हिंदी के साथ ही संस्कृत भी पढ़ाई जाती है। क्योंकि हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह दुनिया की प्राचीन समृद्ध और सबसे सरल भाषा है। वर्तमान में दुनियाभर के करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं और लिखते भी हैं। कह सकते हैं कि दुनिया के भाल पर चंदन की भांति चमकने वाली हिंदी अपनी धाक जमा रही है।

भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष संजय सिंह समेत पूरी टीम निलंबित, फैसलों पर भी रोक.

Indian Wrestling Federation President Sanjay Singh and the entire team suspended, halt on decisions as well. संजय सिंह पूर्व अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह को अध्यक्ष चुने जाने का भी खिलाड़ियों ने विरोध किया था। नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने दो दिन पहले अध्यक्ष चुने गए संजय सिंह के सभी फैसलों पर भी रोक लगा दी है। भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को निलंबित कर दिया है। दो दिन पहले ही WFI के नए अध्यक्ष संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था। अब खेल मंंत्रालय ने संजय सिंह द्वारा चुनी गई पूरी कार्यकारिणी को भी निलंबित कर दिया है। संजय सिंह पूर्व अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह को अध्यक्ष चुने जाने का भी खिलाड़ियों ने विरोध किया था।

कांग्रेस में हलचल तेज़, लोकसभा चुनाव के लिए बनी, कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी.

There is a buzz in the Congress, as a manifesto committee has been formed for the Lok Sabha elections. नई दिल्ली ! MP से ओमकार सिंह मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी ! लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां !एआईसीसी ने लोकसभा इलेक्शन के लिए घोषणा पत्र कमेटी का किया गठन !मध्य प्रदेश से विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मिली जगह !वहीं पी चिदंबरम को कमेटी का चेयरमैन और छत्तीसगढ़ से टीएस सिंहदेव को बनाया संयोजक !देखिए सूची…पी. चिदंबरम – अध्यक्ष, टी.एस. सिंहदेव – संयोजक , सिद्धारमैया , प्रियंका गांधी वाड्रा , आनंद शर्मा , जयराम रमेश , डॉ. शशि थरूर , गायखंगम , गौरव गोगोई , प्रवीण चक्रवर्ती , इमरान प्रतापगढ़ी ,के. राजू , ओमकार सिंह , मरकाम , रंजीत रंजन , जिग्नेश मेवाणी , गुरदीप सप्पल

PM मोदी पहुंचे पार्टी मुख्यालय, BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का करेंगे उद्घाटन

PM Modi arrived at the party headquarters, will inaugurate the BJP National Executive Meeting. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन करने पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। उनका स्वागत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन करने पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। उनका स्वागत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी शामिल होंगे।

युवा उद्यमी ”अतुल तिवारी” ने कम आयु में ही स्थापित की Earnup Consultants, भारतीय राजनीतिक और प्रतिष्ठान्वित व्यक्तियों के साथ सहयोग करते हुए बनाई अपनी पहचान.

Young entrepreneur Atul Tiwari established Earnup Consultants at a young age, creating his identity by collaborating with prominent Indian politicians and respected personalities. नई दिल्ली, 22 दिसम्बर 2023: युवा उद्यमी अतुल तिवारी ने अपनी तकनीकी और समाजशास्त्र की शिक्षा के साथ ही कम आयु में ही Earnup Consultants नामक मीडिया और पीआर कंपनी की स्थापना की है, जो उसके प्रत्याशित और व्यक्तिगत सांविदानिकता को आगे बढ़ाती है। अतुल ने अपने करियर की शुरुआत में ही राजनीतिक उम्मीदवारों के साथ मिलकर काम करना शुरू किया और उन्हें उनकी प्रचार-प्रसार की आवश्यकताओं में सहायता करने का कारण बना। उनकी गहन ज्ञानवर्धन और उत्कृष्टता की भावना ने उन्हें कई राजनीतिक चुनावों में सफलता प्राप्त करने में मदद की है। उनकी कंपनी, Earnup Consultants, ने न केवल राजनीतिक क्षेत्र में, बल्कि सेलिब्रिटी इन्फ्लूएंसर्स और ब्रांड्स के साथ भी सहयोग करके अपने ग्राहकों को उनके उद्यमी स्वप्नों की पूर्ति में सहायता की है। उनका निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में प्रयास ने उन्हें ब्रांड प्रमोशन, सार्वजनिक रिश्तों की बनावट और प्रतिष्ठा निर्माण के क्षेत्र में एक मान्यता प्राप्त करने में सफल बना दिया है। अतुल तिवारी ने अपनी अनौपचारिक शिक्षा और श्रमशीलता के साथ ही एक उद्यमी के रूप में एक मिलकर बनाई हुई कंपनी के माध्यम से समाज को प्रेरित किया है। उनकी कड़ी मेहनत, उत्साह, और स्वदेश भक्ति ने उन्हें एक उद्यमी के रूप में सम्मान अर्जित करने का साक्षी बना दिया है। आज, उनकी कंपनी Earnup Consultants भारतीय सामाजिक सीमा के बाहर उभर रही है और उन्हें एक प्रगामी समृद्धि के दिशा में अग्रणी स्थान दिलाने में सफलता हासिल की है।

केंद्र सर्कार द्वारा फर्जी दस्तावेज लगाकर चल रहे 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन बंद -अश्विनी वैष्णव.

Govt blocked over 1.32L mobile phones for financial fraud, cybercrime: Vaishnaw केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोबाइल धोखाधड़ी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल के तहत “फर्जी दस्तावेज लगाकर चल रहे ” 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं। भारत सरकार ने साइबर अपराधियों से 400,000 नागरिकों के 1,000 करोड़ रुपये से अधिक जब्त और बरामद किए हैं, केंद्र ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा धोखाधड़ी वाले मोबाइल फोन के उपयोग और साइबर अपराध पर उठाए गए सवालों की एक श्रृंखला पर संसद को सूचित किया।केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार द्वारा साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े 132,000 मोबाइल कनेक्शन की सेवाएं बंद कर दी गयी हैं, और इसके अतिरिक्त 278,000 कनेक्शन काट दिए गए हैं। वैष्णव ने कहा कि मोबाइल धोखाधड़ी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल के तहत “फर्जी दस्तावेजों पर प्राप्त” 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं।उन्होंने जवाब दिया कि सरकार ने धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन का पता लगाने के लिए एक प्रणाली विकसित की है। उन्होंने संसद में एक लिखित उत्तर में कहा, “एक बार पता चलने पर, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को ऐसे मोबाइल कनेक्शनों का पुन: सत्यापन करने का निर्देश दिया जाता है… पुन: सत्यापन में विफल रहने पर, ऐसे मोबाइल कनेक्शन काट दिए जाते हैं।” सरकार ने एक पोर्टल भी विकसित किया है – संचार साथी जो उपयोगकर्ताओं को उनके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जांच करने और अवैध कनेक्शन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है। वैष्णव ने लिखा, यह उपयोगकर्ताओं को अपने चोरी हुए या खोए हुए फोन की रिपोर्ट करने की भी अनुमति देता है, जिसके बाद नंबर सभी टीएसपी पर ब्लॉक कर दिए जाते हैं।उन्होंने कहा कि नागरिक मोबाइल या लैंडलाइन नंबर से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय कॉल की भी रिपोर्ट कर सकते हैं।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि टेक्स्ट-आधारित साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए, टेक्स्ट संदेशों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विश्लेषण के परिणामस्वरूप फरवरी 2023 और नवंबर 2023 के बीच टेक्स्ट-आधारित साइबर अपराध में 36% की कमी आई है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अवैध मोबाइल कनेक्शन से जुड़े 220,000 व्हाट्सएप खातों को बंद कर दिया गया है, और 2021 से 162 अवैध दूरसंचार सेट-अप का भंडाफोड़ किया गया है।वैष्णव ने कहा कि गलत बिक्री केंद्रों के खिलाफ 365 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 70,313 को काली सूची में डाल दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने कहा कि डिस्कनेक्ट किए गए मोबाइल फोन से जुड़े ‘बैंक और पेमेंट्स’ वॉलेट द्वारा भी 983,000 खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। सरकार सभी को 1963/1800110420 पर धोखाधड़ी और संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करने की सलाह देती है।

आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को मिला राष्ट्रीय अवार्ड.

Commissioner Sandeep Rajak, a person with disabilities, received the National Award. *सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगजन आयुक्त राष्ट्रीय अवार्ड सक्षम मध्यप्रदेश के लिए गौरव* भोपाल: 4 दिसम्बर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय अवार्ड सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगता आयुक्त अवार्ड से मध्य प्रदेश के आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को विज्ञान भवन में सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतिमा भौमिक, रामदास आठवले, के नारायण स्वामी सचिव राजेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव किशोर सुरवाड़े मंच पर मौजूद रहे। प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, दिव्यांगजनो हेतु शिक्षण, पुनर्वास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल, बाधा रहित वातावरण के साथ ही यूडीआईडी कार्ड बनाने में देश में सबसे बेहतर कार्य किया गया है। श्री रजक द्वारा निरंतर जिला स्तर पर चलित न्यायालय, एडवोकेसी बैठकों के माध्यम से दिव्यांगजनों की समस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया गया है। प्रदेश में कार्यरत शासकीय एवं अशासकीय संगठनों को साथ में लेकर प्रत्येक जिले में दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाने शिविरों, जनजागरुकता कार्यक्रम किए गए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर श्री रजक को राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही मप्र राज्य को सुगम्य भारत अभियान के कार्यान्वयन के लिए भी सम्मानित किया गया।-0-

हमारे पास डॉक्टरों की कमी है. भारत में प्रति 1000 जनसंख्या पर एक डॉक्टर है, विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना सबसे जरूरी – नीति आयोग के सदस्य विनोद के. पॉल.

We have a shortage of doctors. In India, there is one doctor per 1000 population, and it is crucial to increase the number of specialist doctors – says NITI Aayog member Vinod K. Paul. Manish Trivedi – Sahara Samachaar नई दिल्ली: नीति आयोग के सदस्य विनोद के. पॉल ने दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस) के स्थापना दिवस समारोह को बीते गुरुवार (30 नवंबर) को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों की पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल के लिए देश में एमबीबीएस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना सबसे जरूरी है. पॉल ने कहा, ‘हमारे पास डॉक्टरों की कमी है. भारत में प्रति 1000 जनसंख्या पर एक डॉक्टर है, अगर हम आयुष चिकित्सकों को जोड़ दें तो 1.3 डॉक्टर हैं, जबकि विकसित देशों में समान जनसंख्या के लिए तीन डॉक्टर हैं.’ ‘विशेषज्ञों की आवश्यकता और भी अधिक है.’ देश में विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने के लिए डीएनबी (डिप्लोमैट ऑफ नेशनल बोर्ड) पाठ्यक्रम और जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम (डीआरपी) का उपयोग किया जाना चाहिए. डीआरपी के तहत एक-चौथाई उम्मीदवारों को बेहतर शिक्षा और मरीजों की सेवा के लिए जिला अस्पतालों में तैनात किया जाता है. उत्तर प्रदेश में डीआरपी इस साल की शुरुआत में शुरू की गई है और सभी मेडिकल कॉलेजों के 768 उम्मीदवारों को तीन महीने की अवधि के लिए जिला अस्पतालों में तैनात किया गया है. एमबीबीएस छात्रों को पीजी पाठ्यक्रमों में सीट पाने के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि पीजी सीटों की संख्या बढ़ गई है और अधिक सीटें जोड़ने पर काम चल रहा है. अगर डीपीआर ठीक से लागू किया गया तो प्रत्येक जिला अस्पताल में 5 से 10 पीजी छात्र होंगे.’ ‘देश में 68,000 से अधिक पीजी मेडिकल सीटें हैं और अगर एक-चौथाई अस्पतालों में हैं तो इससे मरीजों की सेवा में सुधार करने में मदद मिलेगी और उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ेगी, क्योंकि कॉलेज अतिरिक्त छात्रों को ले सकते हैं.’ ‘देश में पीजी सीटें 32,000 से बढ़कर 63,000 से अधिक हो गई हैं और यूजी मेडिकल सीटें 52,000 से बढ़कर 1.8 लाख हो गई हैं. चुनौती देश में विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने की है.’ कार्यक्रम में शामिल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक और भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल ने कहा, ‘अनुसंधान केवल कुछ संस्थानों तक सीमित नहीं होना चाहिए. सभी संस्थानों को इसमें भाग लेना चाहिए.’ डॉ. बहल ने कहा, ‘इस साल आईसीएमआर ने 203 विभिन्न संस्थानों को 600 अनुदान दिए और उनमें से कई को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में नहीं जाना जाता था.’ समारोह में प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य, पार्थ सारथी सेन शर्मा और आरएमएलआईएमएस निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद भी उपस्थित थे.

जम्मू कश्मीर में बस खाई में गिरी, हादसे में 38 की मौत।

42 सीटर बस में भरे थे 55 यात्री, अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बस। ओवरटेक करने के लिए दो बसों से लगी होड़ बनी भीषण हादसे की वजह। संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार दोपहर को बड़ी दर्दनाक खबर निकल कर सामने आई है। यात्रियों से खचाखच भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में अब तक 38 यात्रियों की जान चली गई, जबकि हादसे में 17 यात्री घायल हैं। इनमें से कई यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। चार घायलों को  जीएमसी जम्मू के लिए एयरलिफ्ट किया गया। घटनास्थल पर कोहराम मच गया। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।  जानकारी के अनुसार, डोडा जिले के बग्गर इलाके के त्रांगल में बुधवार दोपहर यह दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक बस अनियंत्रित होकर करीब 300 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे का शिकार हुई बस किश्तवाड़ से जम्मू की तरफ जा रही थी। दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। घायलों को इलाज के लिए जीएमसी डोडा ले जाया गया है। इनमें से भी कुछ की हालत गंभीर है। ऐसे में मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता हैपता चला है कि बस क्रमांक JK-02 CN-6555 बस में 55 लोग सवार थे। बस किश्तवाड़ से जम्मू जा रही थी। बटोत-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्रुंगल-अस्सार के पास बस अनियंत्रित होकर 300 फीट खाई में गिर गई।  चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह शुरुआती जानकारी में पता चला है कि यह बस 42 सीटर थी, लेकिन इसमें 55 यात्रियों को बिठाया गया था। बस रास्ते पर दौड़ते हुए दो अन्य बसों को ओवरटेक कर रही थी। तीनों बसों में आगे निकलने की होड़ मची थी। इसी बीच यह बस बेकाबू होकर खाई में गिर गई और बड़ा हादसा हो गया। ऊंचाई से गिरने की वजह से बस के परखच्चे उड़ गए। जिस जगह पर यह भीषण हादसा हुआ, वहां से एक सड़क गुजरी है, जिसके मोड़ पर गहरी खाई है। ऐसे में अनुमान है कि मोड़ पर ड्राइवर से बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। पीएम मोदी-उपराज्यपाल ने हादसे पर जताया दुख जम्मू कश्मीर के डोंडा में हुए भीषण बस हादसे में जान गवाने वाले सभी लोगों की दर्दनाक मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया है। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी हादसे दुख प्रकट किया है। मृतकों को दो लाख, घायलों को 50 हजार की मदद पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि “जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुई बस दुर्घटना दुखद है। उन परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। उन्होंने घोषणा करते हुए लिखा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और प्रत्येक घायल को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 50,000 रुपये दिए जाएंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जताया दुख वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक दुखद बस दुर्घटना के कारण बहुमूल्य जिंदगियों के नुकसान के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान चला रहा है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।” मृतक और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूं।”  लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं:- मनोज सिन्हा जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा,”डोडा में एक दुखद बस दुर्घटना में लोगों की मौत से बेहद दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं और दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावितों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए डिव कॉम और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है।” 21 मृतकों की अभी तक हुई पहचान डोडा बस हादसे में मारे गए 36 लोगों में से अभी तक 21 लोगों की पहचान हो पाई है। डोडा जिला प्रशासन ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया है। अफवाहों से बचने और सटीक जानकारी और सहायता के लिए नंबर जारी किए हैं। प्रशासन ने कहा कि लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। 01996233337 (डीसी कार्यालय डोडा) 01996233465 (एएच जीएमसी डोडा) 18001807122 (टोल फ्री नंबर) 9906320997, 9596776203 (नियंत्रण कक्ष)

सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर, “इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया” – अधीर रंजन चौधरी.

President of India; Heeralal Samariya; Sahara Samachaar; Narendra Modi;

Regarding the appointment of the Chief Information Commissioner, who was promoted from the position of Information Commissioner, Adhir Ranjan Chowdhury stated, “This selection has been completely shrouded in darkness.” नई दिल्ली: सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत हुए हीरालाल सामरिया की मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) के रूप में नियुक्ति से विवाद खड़ा हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति में विपक्षी सदस्य और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा और कहा कि उन्हें इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया’. इंडियन एक्सप्रेस और द वायर हिंदी के अनुसार, अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार ने चयन के बारे में न तो उनसे परामर्श किया और न ही उन्हें सूचित किया. उन्होंने पत्र में लिखा, ‘अत्यंत दुख और भारी मन से में आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि केंद्रीय सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के चयन के मामले में सभी लोकतांत्रिक मानदंडों, रीति-रिवाजों और प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ा दी गई हैं.’

देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार.

unemployment; India; October; CMIE; Sahara Samachaar;

Unemployment rate in the country crossing 10 percent in October. मनीष त्रिवेदीदिल्ली, भारत में बेरोजगारी, निजी सर्वेक्षण और अनुसंधान समूह सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार कर गई है। रिपोर्ट के अनुसार एक श्रम अर्थशास्त्री ने इस स्थिति के लिए धीमी पोस्ट-कोविड रिकवरी को जिम्मेदार ठहराया है। जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू सर्वेक्षण करता है, सीएमआईई के अनुसार अक्टूबर में बेरोजगारी दर 10.05 प्रतिशत थी, जो कि सितंबर में 7.09 थी। पिछले साल अक्टूबर का आंकड़ा 7.8 फीसदी था। बेरोजगारी दर कार्यबल में बेरोजगार लोगों का प्रतिशत है जो कार्यरत हैं या नौकरी की तलाश में हैं। सीएमआईई सर्वेक्षण में इस साल अक्टूबर में ग्रामीण बेरोजगारी दर 10.82 प्रतिशत और शहरी बेरोजगारी दर 8.44 प्रतिशत आंकी गई है। 2023-24 के पहले छह महीनों में बेरोजगारी दर लगभग 7-8 प्रतिशत थी। द टेलीग्राफ की इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में बाथ विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर और श्रम अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा ​​ने कहा कि संगठित क्षेत्र ने कोविड के प्रभाव को दूर कर लिया है, लेकिन असंगठित क्षेत्र, जो देश के लगभग 90 प्रतिशत कार्यबल को आजीविका प्रदान करता है, ने नहीं किया है। सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), नियोजित या नौकरी की तलाश में व्यक्तियों का अनुपात, 2017-18 में 49.8 प्रतिशत से बढ़कर 2022-23 में 57.9 प्रतिशत हो गया।

दिल्ली-NCR में देर रात भूकंप के झटके, कई सेंकड तक हुआ महसूस…सहम गए लोग.

Earthquake; Delhi; NCR; Sahara Samachaar;

Late-night tremors of an earthquake were felt in Delhi-NCR, with many people feeling it for several seconds… People were shaken. जीतेन्द्र रिछारिया, पैनी नज़रदिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग बुरी तरह से सहम गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 बताई गई। दिल्ली-एनसीआर में देर रात काफी देर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का झटका इतना तेज था कि लोग काफी सहम गए। भूकंप के झटके लगातार कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.9 बताई गई। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया गया। भूकंप का समय 11.32 मिनट रहा। भूकंप के झटके यूपी के साथ ही बिहार में महसूस किए। भूकंप का झटका इतना जबरदस्त था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने महादेव ऐप घोटाले में आरोपों का किया ज़ोरदार खण्डन।

दिल्ली – श्री रवि उप्पल और श्री सौरभ चंद्राकर हाल ही में महादेव बुक सट्टेबाजी एप्लिकेशन को लेकर गंभीर आरोपों में घिरे हैं, उन्होंने कथित सट्टेबाजी रैकेट के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। वे ग़लत आरोप लगाए जाने और इस ऑपरेशन के मास्टरमाइंड के रूप में चित्रित किए जाने पर गहरा खेद व्यक्त करते हैं। उनका दावा है कि ये दावे पूरी तरह से निराधार हैं और कानून का पालन करने वाले दो नागरिकों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयास का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका मानना है कि जांच अपर्याप्त है और सच्चाई सामने लाने के बजाय यह बलि का बकरा बनाने पर केंद्रित है। वे इस बात पर ज़ोर देते हैं कि केवल एक आरामदायक जीवनशैली जीने का मतलब यह नहीं है कि वे अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। प्रतिष्ठा क्षति और अनुचित उत्पीड़न के मद्देनजर, श्री उप्पल और श्री चंद्राकर ने इस मामले की परिश्रमपूर्वक जानकारी जुटाई है। उनके निष्कर्ष, विश्वसनीय सूत्रों से सावधानीपूर्वक प्राप्त किए गए, स्पष्ट रूप से महादेव बुक सट्टेबाजी एप्लिकेशन के पीछे के संचालक के रूप में श्री सुभम सोनी की ओर इशारा करते हैं। विश्वसनीय दस्तावेजों और सूत्रों के अनुसार, श्री सोनी सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में पंजीकृत ‘महादेवबुक मार्केट्स लिमिटेड’ नामक कंपनी के माध्यम से काम करते हैं। वह ‘मा-हादेवबुक मार्केट्स लिमिटेड बोर्ड’ में शेयरधारक और निदेशक का पद संभालते हैं, जो निर्णायक रूप से उन्हें इस ऑपरेशन के प्रमुख वास्तुकार के रूप में स्थापित करता है। श्री उप्पल और श्री चंद्राकर के पास अपनी बेगुनाही के दावों का समर्थन करने वाले पर्याप्त सबूत हैं, जिन्हें वे आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।उन्होंने सभी मीडिया आउटलेट्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इन तथ्यों पर विचार करने, प्रचलित नैरेटिव को सुधारने का आग्रह किया है।

“ठोस सबूत लाओ वरना 2 मिनट भी नहीं टिकेगा केस” सुप्रीम कोर्ट

हम आपको बता दे की मनीष सिसोदिया दिल्ली की आम आदमी की सरकर में मंत्री होकर मुख्य मंत्री अरविन्द केजरिवाल के सबसे करीबी नेता माने जाते है जिन पर आबकारी विभाग में शराब घोटाले को लेकर बड़े आरोप लगे है. इन आरोपों के चलते ED और सीबीआई ने लम्बी जाँच के बाद इन्हे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तबसे मनीष सिसोदिया जमानत पर बाहर आने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है. इसी मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चलने के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ED और सीबीआई के अधिकारीयों से पूछे सवाल एवं कहा की “ठोस सबूत लाओ वरना 2 मिनट भी नहीं टिकेगा केस”

खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दाल और आटा पर 5 प्रतिशत जीएसटी (GST) दर लगाई जाएगी

दिल्ली, फाइनेंस मंत्रालय द्वारा 25 किलोग्राम तक के पैक किए और लेबल किए गए खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दाल और आटा पर 5 प्रतिशत जीएसटी (वस्त्र और सेवाकर) दर लगाई जाएगी। अब अनब्रांडेड खाद्य पदार्थ जैसे अनाज, दाल, दही, लस्सी और मुरमुरा भी कर के तहत कर लगाया जाएगा। इससे पहले, केवल ब्रांडेड आइटम पर ही कर लगता था।0

पत्रकार परंजय गुहा ठाकुर्ता पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम के कानून के तहत दर्ज की गई FIR

“दिल्ली: न्यूज़क्लिक के सलाहकार के रूप में काम कर रहे पत्रकार परंजय गुहा ठाकुर्ता कहते हैं, ‘सुबह 6:30 बजे गुरुग्राम में मेरे घर पर नौ पुलिस कर्मचारी आए। उन्होंने मुझसे विभिन्न प्रश्न पूछे। मैं स्वयं खुद ही उनके साथ दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल आया। यहां आकर मुझसे बार-बार वही सेट के प्रश्न पूछे गए, कि क्या मैं न्यूज़क्लिक के कर्मचारी हूं, मैंने कहा ‘नहीं, मैं सलाहकार हूं’… मैं यहां आने के बाद सुना कि दिखाई गई FIR के तहत अवैध गतिविधियों की रोकथाम कानून के तहत दर्ज की गई है.’”

पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर केंद्र और राज्य के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली, प्रदर्शन में शामिल नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम नामक संगठन की ओर से कहा गया है ​वह अगले कुछ दिनों तक सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करेगा. अगर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो संगठन सभी राज्यों में भाजपा के ख़िलाफ़ अभियान चलाएगी और लोगों से 2024 के आम चुनाव में पार्टी को वोट न देने के लिए कहेगी. पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के कई लाख कर्मचारी रविवार (1 अक्टूबर) को राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के इटावा से पहुंचे शिक्षक नेता सुनील बाजपेयी ने कहा कि अंडमान और लद्दाख समेत पूरे देश से 8 लाख से 10 लाख कर्मचारी जुटे थे. केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के संगठन, नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. एनएमओपीएस केंद्र और अधिकांश राज्यों द्वारा नई पेंशन योजना (एनपीएस) शुरू करने के बाद भर्ती किए गए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली के लिए देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है. पुरानी पेंशन योजना एक कर्मचारी को उनके अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन का हकदार बनाता है. 2004 में केंद्र द्वारा शुरू की गई और अधिकांश राज्यों द्वारा अपनाई गई नई पेंशन योजना में सेवारत कर्मचारी को अपनी पेंशन के लिए सरकार के बराबर योगदान करने की आवश्यकता होती है. इस योजना में योगदान की उच्चतम दर पर भी अंतिम पेंशन पुरानी पेंशन योजना के तहत बहुत कम है. एनएमओपीएस सदस्य बाजपेयी ने कहा कि केंद्र के रेलवे, रक्षा और डाक विभाग और सभी राज्य सरकार के विभागों के कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया. उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत और विपक्षी नेताओं जैसे कांग्रेस से उदित राज, आम आदमी पार्टी से संजय सिंह और समाजवादी पार्टी से कुलदीप यादव सहित कई नेताओं ने भाग लिया.’ बाजपेयी ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया कि एनएमओपीएस अगले कुछ दिनों तक सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो एनएमओपीएस सभी राज्यों में भाजपा के खिलाफ अभियान चलाएगी और लोगों से 2024 के आम चुनाव में पार्टी को वोट न देने के लिए कहेगी.’ द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के राष्ट्रीय संयोजक एवं महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘जो कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए हैं, वे नई पेंशन योजना का कड़ा विरोध कर रहे हैं. वे सेवानिवृत्ति के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया है और नई पेंशन योजना लेने के लिए मजबूर किया गया है.’ नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के नेता विजय कुमार बंधु ने बताया, ‘हमने पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने का आह्वान किया है और अपने संघर्ष से कई राज्यों में इसे सफलतापूर्वक वापस लाया गया है. हमारी टीम का मानना है कि अगर केंद्र सरकार इसकर (पुरानी पेंशन योजना) पुष्टि करती है, तो जिम्मेदारी राज्य सरकार पर नहीं होगी. यही कारण है कि हम दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध करने आए है.’ द टेलीग्राफ के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने नई पेंशन योजना में सुधार का सुझाव देने के लिए इस साल अप्रैल में एक समिति का गठन किया था. समिति को अभी अपनी रिपोर्ट सौंपनी बाकी है. हालांकि, बंधु ने कहा कि एनएमओपीएस पुरानी पेंशन योजना की वापसी चाहता है, बेहतर एनपीएस नहीं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ हमारे सरकारी अधिकारियों के गुस्से को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने कांग्रेस शासित राज्यों में ओपीएस लागू किया, क्योंकि यह उनका अधिकार है. 20 लाख लोगों की ये भीड़ एक कहानी कहती है कि भाजपा के दिन अब गिनती के रह गए हैं.’ रैली में टिकैत ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि किसान उनके साथ हैं, वहीं, आप के संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा संसद में भाषणों के दौरान पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने का मुद्दा उठाया है. सोर्स – द वायर हिंदी

कॉमर्शियल गैस सिलेंडेर कॉमर्शियल गैस सिलेंडेर हुआ 209 रुपये महंगा Commercial gas cylinder has become 209 rupees more expensive.”

दिल्ली, 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेण्डर के दाम 202 रूपए बढे, 1 अक्टूबर से होगी नई दर प्रभावी । घरेलू एलपीजी गैस सिलेण्डर के दामों में कोई बदलाव नहीं । आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडेर 209 रुपये महंगा दिल्ली में 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1731.50 रुपये हो गई

एक राष्ट्र, एक चुनाव’ अभी नहीं, निर्वाचन आयोग ने विधि आयोग से कहा

दिल्ली, एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यह अभी नहीं हो सकता है, इसके लिए समय चाहिए। दरअसल चुनाव आयोग ने विधि आयोग से कहा है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने में कुछ समय लगेगा। विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रितु राज अवस्थी ने बताया कि चुनाव आयोग ने कानून पैनल के साथ परामर्श के दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के कार्यान्वयन पर कोई टिप्पणी नहीं की। न्यायमूर्ति अवस्थी ने कहा, “चुनाव आयोग ने एक साथ चुनाव के कार्यान्वयन के लिए कोई विशिष्ट समयसीमा नहीं दी है। आयोग एक साथ चुनावों पर एक रिपोर्ट पर चुनाव निकाय, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श कर रहा है। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ समिति ने 23 सितंबर को अपनी पहली बैठक की और एक साथ चुनाव के विचार पर हितधारकों और राजनीतिक दलों से सुझाव लेने का फैसला किया है।

कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी निज्जर के घर की होगी कुर्की।

नई दिल्ली/ पंजाब। कनाडा में हाल ही में मारे गए भारत के मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पंजाब के जालंधर में स्थित घर पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने संपत्ति कुर्क करने का नोटिस चिपकाया है। निज्जर का घर जालंधर के गांव भारसिंहपुरा (फिल्लौर) में स्थित है। जिस पर ताला लगा हुआ है। यहां शनिवार को NIA की टीम पहुंची। निज्जर के घर पर जो नोटिस चिपकाया किया गया है वह मोहाली की स्पेशल CBI कम NIA कोर्ट से जारी हुआ है। नोटिस में कहा गया है कि NIA ने हरदीप सिंह निज्जर की अचल संपत्ति को जब्त करने के लिए याचिका दी है। इस मामले में रिश्तेदार-नजदीकी 11 अक्टूबर को स्पेशल NIA कोर्ट मोहाली में पेश होकर अपना पक्ष रख सकता है। कई आतंकी गतिविधियों में शामिल हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल में 40 मोस्ट वांटेड आतंकियों की जो लिस्ट जारी की थी, उसमें निज्जर का नाम था। कनाडा के ब्रैपटन शहर में खालिस्तान के हक में रेफरेंडम करवाने में उसकी भूमिका थी। पंजाब में हिंसा और क्राइम से जुड़े कई केसों में निज्जर और उसके संगठन का नाम सामने आया था। इसके बाद ही उसे वांटेड टेररिस्ट की लिस्ट में डाला गया। सितंबर-2020 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निज्जर को आतंकी घोषित कर दिया। इसके बाद निज्जर की जालंधर के भारसिंहपुरा गांव की प्रॉपर्टी भी कुर्क कर ली गई। हाल ही में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरी में एक गुरुद्वारे के बाहर 45 वर्षीय हरदीप सिंह निज्जर की इसी साल 18 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच काफी विवाद चल रहा है। कनाडा आरोप लगा रहा है कि निज्जर कनाडा का नागरिक था और उसकी हत्या भारत ने अपने एजेंट से करवाई है। कनाडा में RAW के अधिकारी पवन राय को देश छोड़ने के आदेश भी दिए हैं। भारत के पंजाब प्रान्त में जन्मा निज्जर यहीं आतंकवाद फैलाना चाहता था। हरदीप सिंह निज्जर पंजाब में जालंधर जिले के भारसिंहपुरा गांव का रहने वाला था। कनाडा में रहते हुए निज्जर प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीब आया। पन्नू और निज्जर की निकटता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निज्जर की हत्या के बाद से ही पन्नू तिलमिलाया हुआ है और कनाडा में भारत के खिलाफ और खालिस्तान के समर्थन में जनमत संग्रह करवाने का दावा कर रहा है

कुलियों के बीच पहुँचे राहुल गांधी।

नई दिल्ली। राहुल गांधी कुलियों की लाल कमीज पहने, हांथ में 756 नंबर का बिल्ला और सिर पर सामान उठाये हुए, भीड़ में राहुल गांधी और उनके साथ तमाम कुलियों की भीड़ और रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान देखकर अमिताभ बच्चन की फिल्म कुली का वो दृश्य याद आ गया जिसमें अमिताभ बच्चन सिर पर समान उठाकर (सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं।)गाना गाते हुए दिखाई देते हैं। लोगों के मुस्कुराने की एक बजह और भी नजर आई वो ये की शायद बोझा उठाये हुए कुली के साथ जेड प्लस सिक्योरिटी पहली बार देखी होगी। दरअसल गुरुवार की सुबह अचानक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचकर कुलियों से मुलाकात करने पहुंचे थे। जहां राहुल गांधी कुलियों के रंग में रंगे नजर आए। इस दौरान राहुल कुलियों के साथ बैठ गए और उनसे उनकी समस्याएं पूछीं। पिछले कुछ महीनों से राहुल गांधी इसी तरह कई बार अचानक कभी खेतों में काम करते हुए तो कभी ट्रक में सवार तो कभी डिलेवरी बॉय के स्कूटर पर बैठे और कभी स्टूडेंट्स के बीच में सड़क पर नजर आए और मोटरसाइकिल मैकेनिक के रूप में बाइक रिपेयरिंग करते हुए भी दिखाई दिए। राहुल गांधी जिस तरह से अचानक लोगों के बीच में पहुंचकर जिस तरह से उनके रंग में रंगने का प्रयास करते हैं। इसे देखकर समझ नहीं आता की राहुल गांधी लोगों से जुड़कर अपनी पप्पू वाली छवि को खत्म कर एक जिम्मेदार राजनेता बनकर उभरने की कोशिश कर रहे हैं या फिर यह दिखावा केवल गरीब आम जनता को बहला-फुसला कर कांग्रेस पार्टी का बोट बैंक बढ़ाने और सत्ता पर काविज होने के लिए कर रहे हैं। खैर जो भी हो लेकिन आज कुलियों के बीच मे राहुल गांधी के पहुंचने के बाद उस वक्त राजनीति गर्म गई जब कांग्रेस ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि जननायक राहुल गांधी जी आज दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर अपने कुली मित्रों से मिले। राहुल गांधी के पहिए वाले सूटकेस के सिर पर उठाने को लेकर बीजेपी ने तंज कसते हुए सवाल पूछे। वहीं कांग्रेस की ओर से भी पलटवार किया गया। इसे लेकर कांग्रेस ने ट्वीट किया- ‘जननायक राहुल गांधी जी आज दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कुली साथियों से मिले। पिछले दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें रेलवे स्टेशन के कुली साथियों ने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की थी। आज राहुल जी उनके बीच पहुंचे और इत्मीनान से उनकी बात सुनी। भारत जोड़ो यात्रा जारी है। इसके बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि केवल राहुल गांधी जैसा व्यक्ति ही सिर पर सूटकेस ले जाएगा, जबकि उसमें पहिए हों। अमित मालवीय ने कहा कि यह स्पष्ट है कि वह पिछले कुछ समय से किसी रेलवे स्टेशन पर नहीं गए। अब यात्रियों और कुलियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर या रैंप हैं। ये सब ड्रामा के अलावा कुछ नहीं है। हम आपको याद दिला दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। जिसके चलते राहुल गांधी मिस्त्रियों से लेकर छात्रों तक, समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत कर चुके हैं। उनका कहना है कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक की उनकी भारत जोड़ो यात्रा इस तरह की बातचीत के माध्यम से जारी रहेगी। राहुल गांधी ने हाल में लद्दाख पहुंचकर विभिन्न सामाजिक समूहों से बातचीत की थी। हाल में एक वीडियो काफी प्रसारित हुआ था जिसमें रेलवे स्टेशन के कुली मित्रों ने उनसे मिलने की इच्छा जताई थी। अब देखना यह है कि इस तरह लोगों के बीच में पहुंचकर और आम जनता से मेलजोल बढ़ाकर राहुल गांधी क्या अपनी पार्टी को सत्ता में ला पाएंगे ? क्या राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखने का कांग्रेसी नेताओं का सपना पूरा होगा ? क्या राहुल गांधी कांग्रेस नीत गठबंधन I.N.D.I.A. की सनातन विरोधी विचारधारा को बदल पाएंगे।

ऑल इंडिया पंचायत परिषद न चुनाव लड़ता है और न ही प्रत्याशी खड़ा करता है.……..

मध्यप्रदेश , राजस्थान , छत्तीस गढ़ एवं अन्य राज्यों में विधान सभाओं का आम-निर्वाचन आगत माह में कराए जाने की सम्भावना है । इस सम्बंध में टिकटार्थि समाज सेवियों को अवगत कराना चाहता हूँ कि ऑल इंडिया पंचायत परिषद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए अनेक बंधुगण दूर भाष पर मुझसे टिकट देने या प्रभाव शाली पार्टी का का टिकट दिलवाने का आग्रह कर रहे है और टिकट के लिए अनेक प्रकार का प्रलोभन दे रहे है । उपरोक्त संदर्भ में आगाह करते हुए स्पष्ट करना चाहता हूँ कि अखिल भारतीय पंचायत परिषद ( AIPP) राजनीतिक दल नहीं है और किसी भी चुनाव में भाग नही लेता है और न तो अपना प्रत्याशी खड़ा करता है न , ही किसी राजनीतिक दल या उसके प्रत्याशी का न समर्थन करता है और न ही विरोध करता है अर्थात तटस्थ रहता है । यदि परिषद से सम्बंधित कोई सदस्य चुनावी प्रक्रिया में भाग लेता है तो वह स्वतंत्र है किसी भी राजनीतिक दल का प्रत्याशी बन सकता है या समर्थन कर सकता है ।लेकिन वह परिषद प्लेट फार्म का और अपने पद का उपयोग नहीं कर सकता है । यदि परिषद के नाम पर या पदाधिकारी के रूप में परिषद का टिकट दिलवाने या समर्थन दिलवाने के नाम पर धन माँगता है तो वह फ़र्ज़ी पदाधिकारी है उसकी रिपोर्ट सम्बंधित पुलिस थाने में तत्काल दर्ज कराएँ और परिषद कार्यालय को भी सूचित करें। जयपंचायती राज । शीतला शंकर विजय मिश्र मुख्य महामंत्री अखिल भारतीय पंचायत परिषद । दिल्ली

अमर शहीद मेहता एवं लोकनायक जे पी की आत्मा कराह रही है.

ऑल इंडिया पंचायत परिषद [अखिल भारतीय पंचायत परिषद ] की वर्तमान दशा पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनक एवं परिषद के संस्थापक अध्यक्ष अमर शहीद बलवंत राय मेहता एवं लोकनायक जय प्रकाश नारायण की आत्मा स्वर्ग में कराह रही है जिसके लिए श्री सुबोध कांत सहाय ( भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री) जी आप और आपके धन एवं पद लोलुप सहयोगी ज़िम्मेदार हैं।आपने,अपने निजी लाभ के लिए 2013 में संस्था के प्रबंध तंत्र को विवादास्पद बना दिया और 2017 में रजिस्ट्रार आफ सोसाइटीज ने आदेश जारी करके प्रबंध कारिणी समिति को विवादास्पद घोषित कर दिया है तथा न्यायालय सिविल जज दिल्ली ने आपको मान्यता नहीं दी , आपकी सदस्यता को वैध नहीं माना, फिर भी आप , अपने को अध्यक्ष घोषित किए हुए हो जिसका दूर गामी परिणाम क्या होगा उसकी जानकारी हमको और आपको है जिसे संस्था और आपके हित में सार्वजनिक करना उचित नही होगा ।आपकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी बनती है कि समय रहते प्रबंध तंत्र के विवाद को दूर करने का उपक्रम कीजिए पद , धन लोभ त्यागिए परिषद से अपना निष्कासन स्वीकार कीजिए ताकि रजिस्ट्रार आफ सोसाइटीज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 19 के अंतर्गत सर्व मान्य गवर्निग बाडी की सूची जारी हो सके और सदा के लिए ऑल इंडिया पंचायत परिषद का विवाद समाप्त हो जाय । पंचायती राज आंदोलन को आगे बढ़ाने , पंचायती राज की तीसरी सरकार क़ायम करने एवं परिषद की अस्मिता की रक्षा तथा उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आप जैसे स्वार्थी व्यक्ति की संस्था को कोई आवश्यकता नहीं है। मेरा ,आपसे आग्रह है कि शुद्ध अंतःकरण एवं पवित्र मन , दृढ़ इक्षा शक्ति के साथ परिषद की परिस्थितियों पर खुले दिमाग़ से विचार करके विगत वर्षों की घटित घटनाओं एवं अपने अहंकार को त्याग कर अपनी पार्टी और अपने लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र राँची की राजनीति में सम्मिलित होइए। लोगों से मुझ पर अनर्गल दबाव डलवाना एवं अपनी ब्लैक मेलिंग की कोशिश अब बंद कीजिए , बहुत हो चुका अब आपको कोई भी पद देने की स्थिति में संस्था तैयार नहीं है। भविष्य में आपका मान बना रहे इसके लिए आपको ही अपना आचरण , क्रिया कलाप सुधारना होगा।हमारा आपको मशविरा है कि ..दुश्मनी जम कर कीजिए पर इतनी गुंजाइश रहे कि कभी हम मिल जाएँ तो शर्मिंदगी न हो जयपंचायती राज । शीतला शंकर विजय मिश्र मुख्य महामंत्री ऑल इंडिया पंचायत परिषद न्यासी सचिव बलवंत राय मेहता पंचायत पंचायती राज फ़ाउंडेशन । बलवंत राय मेहता पंचायत भवन , मयूर विहार फ़ेज़ -1 दिल्ली -91

वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ “ये राष्ट्र की प्रगति का बहुत ही अहम् प्रतीक है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम ISRO और वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

NCCF और NAFED 3 लाख की जगह 5 लाख टन प्याज खरीदेंगे -पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

7 अगस्त को दो अहम फैसले लिए गए, निर्यात पर 40 फीसदी टैक्स लगाया गया लेकिन इसके साथ ही NCCF और NAFED 3 लाख की जगह 5 लाख टन प्याज खरीदेंगे, ताकि हमारे किसानों को कोई दिक्कत न हो। दो लाख टन 2410 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। NCCF और NAFED विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 25 रुपये किलो की रियायती दर पर प्याज बेचेंगे। यह सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। यह काम कल से शुरू हो गया है। उपभोक्ता और किसान दोनों हमारे लिए मूल्यवान हैं। हमारे अन्नदाता (किसानों) को अच्छी कीमत मिले। मैं सभी किसानों को आमंत्रित करता हूं कि वे अपना प्याज अच्छे दामों पर बेचें और उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है: पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों को किया उजागर

CAG की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों का उजागर किया चुनावी साल में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) एक बार फिर सुर्खियों में है. कैग की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों का उजागर किया है. इनमें आयुष्मान योजना, अयोध्या विकास परियोजना और द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रमुख हैं. कैग की रिपोर्ट आने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की घेराबंदी कर दी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के 75 वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. कांग्रेस के जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले में चुप्पी तोड़ने के लिए कहा है. यह पहली बार नहीं है, जब कैग की रिपोर्ट ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हो. कैग रिपोर्ट की वजह से मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कुर्सी तक जा चुकी है. इतना ही नहीं, कैग की रिपोर्ट से बने भ्रष्टाचार के माहौल में पूरी मनमोहन सरकार ही चली गई. जानिए क्या है CAG : इसकी रिपोर्ट से मनमोहन सिंह की सरकार चली गई, केशुभाई की कुर्सी, लेकिन नरेंद्र मोदी बन गए सीएम भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक गिरीश चंद्र मुर्मू चुनावी साल में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) एक बार फिर सुर्खियों में है. कैग की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों का उजागर किया है. इनमें आयुष्मान योजना, अयोध्या विकास परियोजना और द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रमुख हैं. कैग की रिपोर्ट आने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की घेराबंदी कर दी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के 75 वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. कांग्रेस के जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले में चुप्पी तोड़ने के लिए कहा है. यह पहली बार नहीं है, जब कैग की रिपोर्ट ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हो. कैग रिपोर्ट की वजह से मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कुर्सी तक जा चुकी है. इतना ही नहीं, कैग की रिपोर्ट से बने भ्रष्टाचार के माहौल में पूरी मनमोहन सरकार ही चली गई. ऐसे में आइए जानते हैं, कैग कैसे काम करता है और इसकी रिपोर्ट ने कब-कब सत्ता की मुश्किलें बढ़ा दी? CAG क्या है, कैसे काम करता है? संविधान में सरकारी खर्च की पड़ताल के लिए एक सरकारी एजेंसी बनाने का प्रावधान है. अनुच्छेद 148 के मुताबिक इस एजेंसी के प्रमुख की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा. प्रमुख को उसी तरह से हटाया जा सकता है, जिस तरह सुप्रीम कोर्ट के एक जज को. संविधान के अनुच्छेद 149, 150 और 151 में कैग के कामकाज और शक्तियों के बारे में जिक्र है. कैग का काम सभी सरकारी संस्थाओं का ऑडिट करना है और उसकी रिपोर्ट संसद या विधानसभा के पटल पर रखना है. वर्तमान में कैग 2 तरह से ऑडिट करता है. 1. रेग्युलेरिटी ऑडिट और 2. परफॉर्मेंस ऑडिट. रेग्युलेरिटी ऑडिट को कम्पलायंस ऑडिट भी कहते हैं. इसमें सभी सरकारी दफ्तरों के वित्तीय ब्यौरे का विश्लेषण किया जाता है. विश्लेषण में मुख्यत: यह देखा जाता है कि सभी नियम-कानून का पालन किया गया है या नहीं? 2जी स्पैक्ट्रम की नीलामी का मामला रेग्युलेरिटी ऑडिट की वजह से ही उठा था. इसी तरह परफॉर्मेंस ऑडिट में कैग यह पता लगाया जाता है कि क्या सरकारी योजना शुरू करने का जो मकसद था, उसे कम खर्च पर सही तरीके से किया गया है या नहीं? इस दौरान योजनाओं का बिंदुवार विश्लेषण किया जाता है. कैग की ताजा रिपोर्ट में क्या है? – हरियाणा से दिल्ली तक बन रहे द्वारका एक्सप्रेस-वे में हो रही गड़बड़ियों का कैग ने उजागर किया है. कैग के मुताबिक सरकार ने 18 करोड़ रुपए में इसे बनाने की अनुमति दी थी, लेकिन NHAI इसे बनाने में 250 करोड़ रुपए का खर्च कर रहा है. – आयुष्मान योजना में हुई धांधली का खुलासा भी कैग की रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत 3,446 ऐसे मरीजों के इलाज पर 6.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पहले ही मर चुके थे. – अयोध्या विकास को लेकर बनाए जा रहे स्वदेश दर्शन योजना पर भी कैग ने सवाल उठाया है. कैग के मुताबिक इस परियोजना में ठेकेदारों को 19.73 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ दिया गया है. – कैग रिपोर्ट के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत 7.5 लाख लाभार्थी एक ही संख्या के मोबाइल नंबर से जुड़े हुए हैं. रिपोर्ट में भारी धांधली का जिक्र किया गया है.

भाजपा ने मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के 230 में से 39 सीटों की घोषणा

कल प्रधानमंत्री और पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक के बाद सी और डी श्रेणी की सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। सी ओर डी श्रेणी में वो सीटे आती है जहा भाजपा 2/3 बार से हार रही है या कभी नहीं जीत पाई। टिकेट की घोषणा के बाद अब तक छतरपुर में दो और डिंडोरी ज़िले की शाहपुर सीट को लेकर आवाज़ उठने लगी है। शाहपुर के उम्मीदवार ने पार्टी से सीट बदलने की गुहार लगाई है क्योंकि पिछली बार कांग्रेस के आदिवासी उम्मीदवार ने वहा से 35 हज़ार वोटो से जीत दर्ज़ की थी। 2018 के चुनाव में भाजपा 39 में एक सीट भी नहीं जीत पाई थी। इन 39 सीटों में से 38 पर कांग्रेस ने जीता था जबकि दमोह की पथरिया सीट से बीएसपी उम्मीदवार रामबाई ने जीत दर्ज़ की थी। कांग्रेस को उम्मीद है इस बार 39 की 39 सीट जीतेंगे।

आरबीआई की नीति में सख्त रुख के बाद सेंसेक्स लुढ़का

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार का कहना है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत दरों और रुख पर बाजार की उम्मीदों के अनुरूप इन्‍हें यथावत बनाये रखा है। वहीं इसने अपने टोन को सख्‍त किया है यानी भविष्‍य में रेपो रेट बढ़ाने के संकेत दिये हैं। समिति की गुरुवार को समाप्‍त हुई तीन दिवसीय बैठक में महत्वपूर्ण बदलाव मौजूदा वित्‍त वर्ष के लिए खुदरा महंगाई अनुमान 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत करना है। इसका मतलब है कि ऊंची नीतिगत दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी और इसलिए अगले वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही से पहले दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजार के नजरिए से नीति में कोई सकारात्मक या नकारात्मक आश्चर्य नहीं है। एलकेपी सिक्योरिटीज के बैंकिंग विश्लेषक अजीत काबी ने कहा कि आरबीआई ने एमपीसी हालिया बैठक में नीतिगत दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। मुद्रास्फीति (खुदरा महंगाई को छोड़कर) चिंता का कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए खुदरा महंगाई का पूर्वानुमान 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा, वास्तविक जीडीपी वृद्धि का पूर्वानुमान 6.5 प्रतिशत आंका गया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत के लक्ष्य के करीब लाने और मुद्रास्फीति की अपेक्षा को नियंत्रित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है। आरबीआई की नीति घोषणा के बाद बीएसई का सेंसेक्स तेजी से 326 अंक गिरकर 65,669 अंक पर आ गया। एशियन पेंट्स (NS:ASPN) में दो फीसदी से बड़ी गिरावट है। टाटा मोटर्स (NS:TAMO) और नेस्ले (NS:NEST) के शेयर भी एक फीसदी से ज्यादा टूटे।।

राहुल गांधी ने क्या आख़िरी पलों में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की रणनीति बदल ली?

भारतीय मीडिया में यह ख़बर पिछले दो दिनों से सुर्खियों में थी कि राहुल गांधी ही चर्चा की शुरुआत करेंगे. मंगलवार को राहुल गांधी का नाम भी लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के पास पहले वक़्ता के तौर पर भेजा गया था. मीडिया में इस बात की चर्चा ज़ोरों पर थी कि राहुल गांधी सांसदी बहाल होने के बाद लोकसभा में किस तेवर में बोलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आख़िरी मिनटों में राहुल गांधी ने चर्चा की शुरुआत करने से इनकार कर दिया. अभी तक यह रहस्य बना हुआ है कि राहुल गांधी ने ऐसा क्यों किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ राहुल के इनकार के बाद कांग्रेस के फ्लोर मैनेजरों ने ओम बिड़ला को सूचित किया कि असम से पार्टी के सांसद गौरव गोगोई चर्चा की शुरुआत करेंगे. गौरव गोगोई ने ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था. छोड़कर ये भी पढ़ें आगे बढ़ें ये भी पढ़ें समाप्त कांग्रेस नेता चर्चा की शुरुआत राहुल गांधी की ओर से नहीं होने पर कोई ठोस कारण नहीं बता रहे हैं लेकिन सत्ताधारी बीजेपी इससे ज़रूर हरकत में आ गई. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में चर्चा शुरू होने के दौरान ही पूछा कि राहुल गांधी का नाम स्पीकर के पास भेजा गया था लेकिन उनका नाम वापस क्यों लिया गया? इस पर गोगोई ने जवाब दिया कि “स्पीकर के चैंबर में हुई बातों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है, क्या ये भी बता जाएगा कि प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” इमेज स्रोत,ANI इस बयान पर ट्रेज़री बेंच, अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों ने कड़ी आपत्ति जताई. अमित शाह ने कहा, “ ये गंभीर आरोप है. आपको बताना चाहिए पीएम और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस की ओर से कौन बहस शुरू करेगा इसे लेकर पैदा हुए कंफ्यूजन पर कहा, “ये सबको पता था कि बहस की शुरुआत कौन करेगा.” मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में बोलने वाले दूसरे नेता थे निशिकांत दुबे. उन्होंने तंज़ वाली भाषा में कहा, “हमें उम्मीद थी की राहुल गांधी विपक्ष की ओर से पहले वक्ता होंगे लेकिन लगता है वो तैयारी करके नहीं आए और देर से सोकर उठे.” इमेज स्रोत,ANI कांग्रेस में भी कंफ्यूज़न छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें छोटी उम्र बड़ी ज़िंदगी उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर समाप्त ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस के सांसदों को भी इसका अंदाज़ा नहीं था कि राहुल गांधी प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत नहीं करेंगे, सभी अपने-अपने कारण बता रहे थे. अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक कांग्रेस के सांसद ने कहा, “शायद उन्हें लगा कि गोगोई को बहस शुरू करनी चाहिए क्योंकि वह पूर्वोत्तर से हैं और उन्होंने मणिपुर का दौरा किया था. गोगोई ने ही सदन को नोटिस दिया था और वही चर्चा शुरू करने वाले थे. राहुल गांधी की लोकसभा में वापसी ही एक दिन पहले हुई है.” एक अन्य सांसद ने अख़बार से दावा किया कि गांधी ने पहले नहीं बोलने का फ़ैसला किया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी सदन में मौजूद नहीं थे. वहीं तीसरे सांसद ने कहा कि राहुल गांधी “असहज” महसूस कर रहे थे इसलिए नहीं बोला. कांग्रेस के कुछ सांसद ये भी कह रहे थे कि वो सरकार को सरप्राइज़ करना चाहते थे. एक सांसद ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमने उनका (राहुल गांधी) नाम एक चाल के तहत दिया था. हमें पता था जैसे ही सरकार को पता चलेगा कि राहुल गांधी बोल रहे हैं, ट्रेज़री बेंच अपनी पूरी तैयारी के साथ आएगा और उनकी बहस को मुद्दे से भटकाना चाहेगा. लेकिन जब हमने ऐन मौक़े पर तय किया कि गोगोई बोलेंगे तो वो लोग हैरान परेशान हो गए, वो (सत्ता पक्ष के सांसद) लोग इसके लिए तैयार इमेज स्रोत,ANI राहुल गांधी के भाषण ना देने पर बीजेपी की आपत्ति मोदी सरकार के खिलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जब राहुल गांधी ने मंगलवार को भाषण नहीं दिया तो उस पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर एक पत्र दिया, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी बोलेंगे, बहस दोपहर में शुरू हुई, मुझे आश्चर्य है कि पाँच मिनट में ऐसी क्या समस्या आ गई कि उन्होंने भाषण ना देने का फ़ैसला ले लिया. इसके जवाब में कांग्रेस सांसद रंजन गोगोई ने कहा कि “सत्ता पार्टी के मंत्रियों को लोकसभा स्पीकर के चेंबर में हुई बातों को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाना चाहिए.” चेतावनी वाले लहजे में उन्होंने कहा कि “अगर इस तरह स्पीकर से हुई हमारी बात को सामने लाया जा रहा है तो फिर चेंबर में प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई है ये भी आपको बताना होगा.” गोगोई के इस बयान पर गृहमंत्री अमित शाह ग़ुस्से मे अपनी सीट से उठ गए और गोगोई से कहा, “ ये गंभीर आरोप है, आपको बताना चाहिए कि पीएम ने क्या कहा है.” प्रह्लाद जोशी ने स्पीकर से कहा, “आप स्पीकर और प्रधानमंत्री को लेकर ऐसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगा सकते. यह एक गंभीर मामला है.” इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने गौरव गोगोई से कहा मेरा चेंबर भी लोकसभा का हिस्सा है इसलिए ऐसे कोई बयान मत दीजिए जिसके पीछे सच्चाई ना हो. इमेज स्रोत,ANI निशिकांत दुबे का ‘बेटे और दामाद’ वाला बयान सत्ताधारी पक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपने पूरे भाषण में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के विरोधाभासों पर ज़ोर दिया. उन्होंने टीएमसी, डीएमके, जेडीयू और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे दलों के कांग्रेस के साथ अतीत के टकराव का विस्तार से ज़िक्र किया, उन्होंने तंज़ करते हुए कहा कि इस गठबंधन के ज़्यादातर लोग गठबंधन ‘इंडिया’ का “फुल फॉर्म नहीं बता पाएँगे”. निशिकांत दुबे ने अविश्वास प्रस्ताव को ‘ग़रीब के बेटे’ और ‘लोगों के लिए घर बनाने वाले’ व्यक्ति पर हमला बताया. दुबे ने सोनिया गांधी का नाम लेकर उनके बेटे और दामाद का ज़िक्र किया, उन्होंने अपने भाषण में कई बार ‘दामाद’ शब्द का प्रयोग किया जिस पर विपक्ष ने कई बार विरोध किया, उन्होंने कहा कि किसी का भी दामाद … Read more

सर्वोच्च न्यायालय से राहुल गाँधी को सुप्रीम राहत..

मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए सजा पर रोक लगा दी है. अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अपील लंबित रहने तक सजा पर रोक लगाई है. कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को मैक्सिम दो साल की सजा दी गई. निचली अदालत ने ये कारण नहीं दिए कि क्यों पूरे दो साल की सजा दी गई. हाईकोर्ट ने भी इस पर पूरी तरह विचार नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी गुड टेस्ट में नहीं थी. पब्लिक लाइफ में इस पर सतर्क रहना चाहिए. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले दिलचस्प बताया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है कि हाईकोर्ट का फैसला बेहद दिलचस्प है. इस फैसले में ये बताया गया है कि आखिर एक सांसद को कैसे बर्ताव करना चाहिए. कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए.

“लोगों की आस्था जुड़ी है”: दिल्ली के भजनपुरा में धार्मिक स्थल तोड़े जाने पर AAP की LG से अपील

दिल्ली के भजनपुरा इलाके में कड़ी सुरक्षा के बीच एक मंदिर और दरगाह को तोड़ा गया है. इसके लिए बडी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी. जानकारी के मुताबिक जिस जगह से मंदिर और दरगाह को तोड़ा गया है, वहां से सहरानपुर हाईवे निकल रहा है. फिलहाल इलाके में शांति का माहौल कायम है. मंदिर गिराने से पहले एडिशनल डीसीपी सुबोध गोस्वमी ने खुद पूजा अर्चना और आरती की. इसके बाद मूर्तियों को सम्मान के साथ हटाया गया. तब जाकर मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई हुई. यह भी पढ़ें भजनपुरा में हुई इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर एलजी वी के सक्सेना से धार्मिक स्थलों को न तोड़ने की अपील की है. आप नेता आतिशी ने ट्वीट कर सोशल मीडिया पर लिखा, “LG साहब: मैंने कुछ दिनों पहले आपसे पत्र लिख कर अनुरोध किया था कि दिल्ली में मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को तोड़ने का जो आपका निर्णय, वो आप वापस ले लें. परंतु आज फिर से आपके आदेश पर भजनपुरा में एक मंदिर तोड़ दिया गया है. मेरा आपसे पुनः निवेदन है कि दिल्ली में मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को ना तोड़ा जाए, इन से लोगों की आस्था जुड़ी है. इस ट्वीट के साथ आतिशी मार्लेना ने वो लेटर भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने एलजी से आग्रह किया है कि वो दिल्ली में धार्मिक स्थलों को तोड़ने का आदेश वापस लें. ताकि इससे लोगों की भावनाएं आहत न हो.

ऑनर किलिंग : UP के प्रेमी जोड़े का दिल्ली से अपहरण, लड़के का शव ग्वालियर और लड़की का राजस्थान में फेंका

ग्वालियर। उत्तम यादव। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद ऑनर किलिंग का मामला तीन स्टेट से जुड़ गया। प्रेमी जोड़े का दिल्ली से लड़की के परिवार वालों ने अपहरण किया था। ग्वालियर के आंतरी में दोनों की बेरहमी से हत्या की। युवक का प्राइवेट पार्ट भी काट दिया गया। लड़की के परिजन हत्या के बाद लड़के का शव ग्वालियर में आंतरी के पास झाड़ियों में जबकि यहां से 100 किलोमीटर दूर मुरैना और धौलपुर के बीच लड़की का शव झाड़ियों में फेंक कर चले गए। शव मिलने के 42 दिन बाद हत्या का खुलासा हुआ है। ग्वालियर के आंतरी स्थित भरथरी की पुलिया के पास 5 अगस्त को युवक का शव सड़े-गले अवस्था में मिला था। पहली नजर में मामला संदिग्ध था। तत्काल पुलिस ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाया था। फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने मृतक का गुप्तांग काटे जाने की पुष्टि की थी, लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। इस मामले में पुलिस अभी पड़ताल ही कर रही थी कि बुधवार शाम को बड़ा खुलासा हुआ। यूपी के फिरोजाबाद स्थित सिरसागंज थाना पुलिस ग्वालियर आई। पुलिस ने बताया है कि मृतक का शव जहांगीरपुर निवासी उत्तम सिंह यादव (20) का है। यूपी से फिरोजाबाद से शुरू कहानी ग्वालियर में खत्म यूपी में जिला फिरोजाबाद के थाना सिरसागंज में जहांगीरपुर निवासी सुगड़ सिंह ने अपने बेटे उत्तम यादव की गुमशुदगी 10 अगस्त को दर्ज कराई थी। 12 अगस्त को जान से मारने की नीयत से अपहरण करने के संबंध में गांव के ही कुछ लोगों के नाम दर्ज कराए। सिरसागंज पुलिस मामले की जांच में जुटी। जांच में यह पता चला कि उत्तम यादव का पड़ोसी नेहा पुत्री देवीराम यादव (16) से प्रेम प्रसंग था। दोनों 31 जुलाई को घर से दिल्ली भाग गए। उत्तम के एक दोस्त से नेहा के परिवार वालों को इसकी जानकारी मिली। दोनों को नेहा के पिता देवीराम यादव, चाचा शेरनाम सिंह और दो अन्य लोगों ने 2 अगस्त को दिल्ली में पकड़ लिया और पिनाहट ले आए। यहां दोनों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद दोनों को कार में डालकर भिंड ले आए। यहां से ग्वालियर के आंतरी के भरथरी पुलिया के पास 2 से 3 अगस्त की रात दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी। यमुना नदी में शव तलाशती रही पुलिस इस मामले में जब पुलिस ने लड़की के चाचा, पिता और भाई को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया तो उन्होंने उत्तम यादव के साथ अपनी बेटी की हत्या की बात कुबूल ली। उन्होंने हत्या करके शव यमुना नदी में फेंकने की बात कही। इस पर तय हो गया कि हत्या कर दी गई है। शव को पुलिस युमना नदी में तलाश करती रही, लेकिन कुछ नहीं मिला। ऐसे पता चला फिरोजाबाद पुलिस ने आरोपियों का मोबाइल लोकशन खंगाला। जहां-जहां सभी गए थे, उस रूट पर पड़ने वाले थानों में अज्ञात लाशों की जानकारी जुटाई। धौलपुर और आंतरी में मिले दोनों शवों की हत्या एक तरीके से की गई थी। दोनों शवों के गले पर रस्सी के गांठ के 8 निशान मिले। उम्र और हाइट एक जैसी थी। इसके बाद पुलिस दोनों जगहों पर गई और पूरी डिटेल निकाली और पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।

यूपी में प्रियंका गाँधी के मास्टर स्ट्रोक से अन्य दलों में खलबली

लखनऊ। यूपी चुनाव को लेकर सभी पार्टियां ताल ठोक रही हैं. कांग्रेस कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के मास्टर स्ट्रोक से अन्य दलों में खलबली मच गयी है। अगले साल होने वाले UP विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव और UP प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली या अमेठी की किसी सीट से मैदान में उतर सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो प्रियंका, गांधी परिवार की पहली सदस्य होंगी जो विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। इससे पहले गांधी परिवार के सभी सदस्यों ने सिर्फ लोकसभा चुनाव लड़ा है। सूत्रों का कहना है कि प्रियंका की पहली पसंद अमेठी है, क्योंकि वहां राहुल गांधी की हार का बदला लेने के लिए अमेठी में लोकसभा चुनावों की जमीन तैयार करेंगी, जिससे स्मृति ईरानी को 2024 के लोकसभा चुनावों में चुनौती दी जा सके। प्रशांत किशोर ने भी प्रियंका को दिया है सुझाव बीते दिनों लखनऊ में हुई मीटिंग में एडवायजरी कमेटी ने भी प्रियंका से कहा था कि उनके चुनाव मैदान में आने से कांग्रेस को UP में नई ताकत मिलेगी। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी प्रियंका को सुझाव दिया था कि उन्हें विधानसभा चुनाव में खुद मैदान में उतरना चाहिए। प्रियंका के चुनाव के लिए कांग्रेसियों ने कसी कमर प्रियंका गांधी ने चुनाव लड़ने या ना लड़ने को लेकर खुद कोई संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी के ऑफिस की तरफ से चुनावी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए रायबरेली और अमेठी के डेटा जुटाए जा रहे हैं। रायबरेली या अमेठी ही क्यों? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी के चुनाव हार जाने के बाद वहां गांधी परिवार का दबदबा कम हुआ है। वहीं, कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी की सेहत ठीक नहीं होने के चलते रायबरेली में भी गांधी परिवार का जनता से संपर्क कम हुआ है। ऐसे में प्रियंका के चुनाव लड़ने से अमेठी और रायबरेली क्षेत्र की जनता के साथ कांग्रेस के संबंधों को मजबूती मिल सकती है। रायबरेली और अमेठी बरसों से गांधी परिवार का गढ़ रहा है और प्रियंका इस रिश्ते को कमजोर नहीं होने देना चाहती हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद तो औपचारिक रूप से कह चुके हैं कि UP विधानसभा चुनाव में प्रियंका कांग्रेस का चेहरा होंगी। रायबरेली में अब तक सिर्फ 3 बार हारी है कांग्रेस रायबरेली में 1952 से लेकर 2019 तक लोकसभा चुनाव में सिर्फ तीन बार कांग्रेस हारी है। 1977, 1988 और 1996 में इस सीट पर कांग्रेस को हार मिली थी। इस सीट से फिरोज गांधी, इंदिरा गांधी, शीला कौल, अरुण नेहरू और सतीश शर्मा चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। अमेठी में 18 चुनाव में 16 बार कांग्रेस की जीत अमेठी में 17 लोकसभा और 2 उपचुनाव में कांग्रेस ने 16 बार जीत हासिल की है। सिर्फ तीन बार 1977, 1998 और 2019 में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। 1977 में इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में पहली बार कांग्रेस हारी थी। इसके बाद 1980 में संजय गांधी यहां से सांसद बने। संजय की मौत के बाद राजीव गांधी ने अमेठी की बागडोर संभाली। फिर 1999 में सोनिया गांधी ने चुनाव जीता। इसके बाद 2004, 2009 और 2014 में राहुल गांधी यहां से जीते , लेकिन 2019 में स्मृति ईरानी ने राहुल को हरा दिया था। कांग्रेस ने फंड जुटाने के लिए UP में नया तरीका भी निकाला है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि जिसे भी टिकट चाहिए उसे 25 दिसंबर तक पार्टी फंड में 11 हजार रुपए जमा कराने होंगे। टिकट के लिए पहले आवेदन पत्र जमा करना होगा।

दिल्ली में बारिश से हाहाकार, टूटा 46 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को बताया कि इस साल मानसून के अत्यधिक असामान्य मौसम में दिल्ली (Delhi Weather News) में अभी तक 1100 मिलीमीटर बारिश हुई जो कि 46 वर्षां में सबसे अधिक और पिछले साल दर्ज की गई बारिश से लगभग दोगुनी है. हालांकि ये आंकड़ें बदल सकते हैं, क्योंकि शहर में दिन में और बारिश का अनुमान है. बता दें कि दिल्ली में भारी बारिश की वजह से न सिर्फ इंदिरा गांधी एयरपोर्ट (IGI Airport) के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है बल्कि दिल्ली के कई इलाके पानी-पानी हो गए हैं. वहीं, कई जगह जलजमाव की वजह से ट्रैफिक जाम लग गया है. आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, ‘सफदरजंग वेधशाला ने 1975 के मानसून के मौसम में 1,150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की थी. इस साल बारिश पहले ही 1,100 के आंकड़ें को पार कर गयी है और मानसून का मौसम अभी खत्म नहीं हुआ है.’ आईएमडी के अनुसार, सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून के मौसम के दौरान 648.9 मिमी बारिश दर्ज की जाती है. मानसून का मौसम शुरू होने पर एक जून से 11 सितंबर तक शहर में सामान्य तौर पर 590.2 मिमी बारिश होती है। मानसून 25 सितंबर तक दिल्ली से चला जाता है. इसके अलावा अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 17-18 सितंबर के आसपास बारिश आने का अनुमान है. इस बारिश बना रही रिकॉर्ड साल 2003 में राष्ट्रीय राजधानी में 1,050 मिमी बारिश हुई थी. दिल्ली में 2011, 2012, 2013, 2014 और 2015 में मानसून के मौसम के दौरान क्रमश: 636 मिमी, 544 मिमी, 876 मिमी, 370.8 मिमी और 505.5 मिमी बारिश हुई. जबकि आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 2016 में 524.7 मिमी, 2017 में 641.3 मिमी, 2018 में 762.6 मिमी, 2019 में 404.3 मिमी और 2020 में 576.5 मिमी बारिश दर्ज की गयी. दिल्ली के लिए सितंबर में प्रचुर मात्रा में बारिश हुई। अभी तक इस महीने में 343.6 मिमी बारिश दर्ज की गयी जो कम से कम 12 वर्षों में सबसे अधिक है. इस साल सितंबर में हुई बारिश पिछले साल की तुलना में सबसे कम रही. पिछले साल सितंबर में शहर में 20.9 मिमी बारिश हुई थी. बहरहाल, दिल्ली में इस महीने की शुरुआत में लगातार दो दिन 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गयी. एक सितंबर को 112.1 मिमी और दो सितंबर को 117.7 मिमी बारिश दर्ज की गयी. जबकि शनिवार को शहर में 94.7 मिमी बारिश दर्ज की गयी. वहीं, दिल्ली में मानसून के 19 साल में सबसे देर से 13 जुलाई को दस्तक देने के बावजूद राजधानी में उस महीने 16 दिन बारिश दर्ज की गयी थी जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है. दिल्ली में बारिश के दिनों में 507.1 मिमी बारिश हुई जो औसत से तकरीबन 141 प्रतिशत अधिक है. जुलाई 2003 के बाद से यह इस महीने में हुई सबसे अधिक बारिश है. इसके अलावा शहर में अगस्त में महज 10 दिन बारिश हुई थी जो सात वर्षों में सबसे कम है और कुल मिलाकर 214.5 मिमी. बारिश हुई जो 247 मिमी की औसत बारिश से कम है.

BBC खुलासा : मोदी सरकार ने विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए

– BBC की रिपोर्ट – साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं  – इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे  नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में मोदी सरकार ने महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना (पीएमजेएवाई) के प्रचार पर जितना ख़र्च किया उससे कहीं अधिक ख़र्च नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे विवादित क़ानूनों से जुड़े विज्ञापनों पर किया। भारत में बेहतर इलाज के लिए ग़रीबों को आर्थिक मदद देने के लिए आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत हुई थी। साल 2020 में कोविड-19 महामारी का असर झेल रहे लोगों के लिए इसके दायरे को बढ़ाया गया था। बीबीसी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करते हुए कोरोना महामारी के दौर में विज्ञापन के ख़र्च में मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश की। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक़ अप्रैल 2020 से लेकर जनवरी 2021 के बीच मोदी सरकार ने विज्ञापनों पर कुल 212 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें से केवल 0.01 फ़ीसदी यानी 2 लाख 49 हज़ार रुपए सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना के विज्ञापन पर खर्च किए गए हैं। इस डेटा में आउटडोर मीडिया विज्ञापनों (सड़कों और बाहर लगने वाले पोस्टर वगैरह) पर ख़र्च का हिसाब शामिल नहीं है। भारत सरकार के ताज़ा आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार देश में केवल 3.76 फ़ीसदी लोग की स्वास्थ्य बीमा लेते हैं जबकि वैश्विक स्तर पर क़रीब 7.23 फ़ीसदी लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठाते हैं। तो सरकार ने खर्च कहां किया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर अक्सर विज्ञापनों में ज़रूरत से अधिक ख़र्च करने के आरोप लगते रहे हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं। इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे। बीबीसी यह पड़ताल करना चाहती थी कि मौजूदा सरकार किस मद में अधिक ख़र्च कर रही है।  इसके लिए सूचना के अधिकार के तहत भारत सरकार के ‘ब्यूरो ऑफ़ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ को सूचना के अधिकार के तहत अर्ज़ी भेजी गई। यह विभाग सरकार के दिए जाने वाले विज्ञापनों का लेखा-जोखा रखता है। आरटीआई के जवाब में ब्यूरो ने 2,000 पन्नों के दस्तावेज़ भेजे जिनमें मई 2004 से लेकर जनवरी 2021 के बीच प्रिंट मीडिया, टेलीविज़न, डिजिटल और आउटडोर प्लेटफ़ॉर्म पर सरकारी विज्ञापनों पर किए ख़र्च का हिसाब था। इन आंकड़ों को समझने पर सामने आया कि जिस वक्त कोरोना महामारी देश में क़हर बरपा रही थी, उस वक्त सरकार अपने कार्यकाल में लाए कुछ विवादित क़ानूनों के बचाव और उनके बारे में अधिक जागरूकता फैलाने के लिए विज्ञापन दे रही थी। इन क़ानूनों में नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे क़ानून शामिल थे जिन्हें लेकर हाल के महीनों में काफ़ी विवाद हुआ है। योजना के फ़ायदे के बारे में किसे कितनी जानकारी? साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 हज़ार रुपए से कम प्रति माह की आय वाले भारतीय परिवारों के लिए ये स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की थी। मोदी समर्थकों ने इस योजना को ‘मोदीकेयर’ कहा था और दावा किया कि ये योजना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा लांच की गई जानी मानी ‘ओबामाकेयर’ की तर्ज पर है। कोविड महामारी की पहली लहर के दौरान संक्रमण के मामले बढ़े तो इसका दवाब देश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ा जो मरीज़ों की बढ़ती संख्या के कारण चरमराने की अवस्था तक पहुंच गई। इस दौरान हज़ारों लोगों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख़ किया और कई परिवारों के लिए ज़रूरी पैसों की व्यवस्था करना बड़ी समस्या बन गया। ऐसे में सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया और कइयों के लिए ये सरकारी बीमा योजना बेहद अहम साबित हुई। अप्रैल 2020 में सरकार ने कहा कि निजी और सरकार के साथ जुड़े सार्वजनिक अस्पतालों में कोरोना वायरस की टेस्टिंग और कोविड-19 के इलाज का ख़र्च इस बीमा योजना के तहत कवर होगा। इसी साल 18 अगस्त को घोषणा की गई थी कि आयुष्मान योजना के तहत 2 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं . इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में लाभार्थियों को कैशलेस इलाज मिलता है और साल में एक परिवार के सदस्यों के इलाज पर 5 लाख तक के ख़र्च को कवर किया जाता है। आरटीआई के ज़रिए हमें पता चला कि 2018 के आख़िर से लेकर 2020 की शुरुआत तक सरकार ने आयुष्मान योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 25 करोड़ रुपयों से अधिक के विज्ञापन दिए हैं। मगर कोरोना महामारी के दौरान ये ख़र्च काफ़ी हद तक कम कर दिया गया और सरकार की सकारात्मक छवि दिखाने वाले अभियानों पर अधिक ख़र्च किया गया। इनमें सरकार का ‘मुमकिन है’ अभियान शामिल है जिसके केंद्र में पीएम मोदी की छवि थी। बीबीसी ने स्वास्थ्य योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले विज्ञापनों पर ख़र्च बनाम विवादित क़ानूनों के बारे में विज्ञापन के संबंध में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। केंद्र सरकार के आयुष्मान योजना में पंजीकरण कराने के बावजूद राजस्थान के सीकर में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद को अस्पताल का बिल देना पड़ा। राजेंद्र के भाई सुभाष चंद के पास प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड है। इस साल मई में कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। राजेंद्र ने बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह को बताया था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इस सरकारी योजना के तहत कौन से अस्पताल सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘अस्पताल के डॉक्टर ने आयुष्मान भारत येजना कार्ड को स्वीकार करने से मना कर दिया और मेरे भाई का इलाज करने से इनकार कर दिया। अब मुझे लगता है कि इस कार्ड के होने का हमारे लिए कोई फ़ायदा नहीं है।’ हालांकि राजस्थान राज्य स्वास्थ्य योजना की कार्यकारी अधिकारी अरुणा राजोरिया का कहना है कि आयुष्मान योजना के सभी लाभार्थियों को एसएमएस के ज़रिए एक … Read more

PM मोदी की लोकप्रियता तेजी से घटी,अब सिर्फ 24% की पसंद,योगी टॉप-5 में नहीं-सर्वे

Mood of the Nation survey : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कोई बीजेपी सीएम टॉप 5 में नहीं नई दिल्ली। इंडिया टुडे के हालिया सर्वे देश का मूड (MOOD OF THE NATION) जारी किया गया है. सर्वे में कई सवालों के जवाब देशवासियों ने दिए हैं. इस सर्वे में मोदी की लोकप्रियता, एनडीए की विकफला, गांधी परिवार के बिना कांग्रेस, देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री समेत कई सवाल पूछे गए थे जिनके जवाब आ चुके हैं. आइए जानते हैं क्या कहता है सर्वे…. योगी टॉप-5 में नहीं-सर्वे देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पीएम मोदी की लोकप्रियता में गिरावट देखने को मिली है. पिछले साल 2020 में 66 फीसदी लोग नरेन्द्र मोदी को देश के अगले पीएम के तौर पर देख रहे थे. लेकिन इस बार 24 फीसदी लोगों ने ही मोदी के नाम पर मुहर लगाई है. वहीं योगी आदित्यनाथ पिछले साल 3 फीसदी से इस बार 11 फीसदी पर आ गए उन्हें जनता पीएम के दूसरे विकल्प के तौर पर देखती है. जबकि राहुल गांधी 10 फीसदी लोगों की पसंद के साथ तीसरे स्थान पर हैं. पिछले साल राहुल को 8 फीसदी लोगों ने पीएम के तौर पर पसंद किया था. इस लिस्ट में अरविंद केजरीवाल ,ममता बनर्जी, अमित शाह, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का नाम भी है.

नवजोत सिद्धू का AAP में जाने के संकेत

जालंधर। पंजाब के सीएम पर हमलावर कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjyot sidhu) ने आम आदमी पार्टी (AAP) की तारीफ करके नए सियासी समीकरणों की ओर इशारा किया है। तीन दिन पहले AAP पर हमलावर सिद्धू ने अब उसकी तारीफ की सियासी गुगली फेंककर सबको चौंका दिया है। सिद्धू ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि पंजाब में विपक्षी पार्टी AAP ने हमेशा उनके विजन और काम को पहचाना है। 2017 में बेअदबी, ड्रग्स, किसान और करप्शन के मुद्दे हों या अब राज्य का मौजूदा बिजली संकट हो या फिर अब मैं पंजाब मॉडल पेश कर रहा हूं। वो जानते हैं कि वास्तव में पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है। बता दें कि तीन दिन पहले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के पंजाब में थर्मल प्लांट बंद करने की याचिका को लेकर सिद्धू ने हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि AAP चाहती है कि पंजाब में थर्मल प्लांट बंद हो जाएं। पंजाब में बिजली संकट से पंजाबियों को परेशानी हो और किसानों की फसल बर्बाद हो जाए। ट्वीट किए वीडियो में संजय सिंह व भगवंत मान कर रहे सिद्धू की तारीफ सिद्धू ने ट्वीट के साथ एक पुराना न्यूज वीडियो भी लगाया है। जिसमें उनके राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद पंजाब में AAP की ओर से उनके लिए माहौल बनाने की बात कही गई है। वीडियो में AAP नेता संजय सिंह उनकी तारीफ कर रहे हैं। संजय सिंह कहते हैं कि वो सिद्धू के इस साहसिक कदम और बहादुरी भरे फैसले का स्वागत करते हैं। सिद्धू और उनकी पत्नी अकाली दल के भ्रष्टाचार, ड्रग माफिया, किसानों की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इसी वीडियो में AAP के पंजाब अध्यक्ष भगवंत मान सिद्धू की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं। वे कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने रोल मॉडल से बड़ा नहीं हो सकता। अगर सिद्धू पार्टी में आते हैं तो मैं सबसे पहला व्यक्ति होऊंगा, जो उनका स्वागत करूंगा। पंजाब कांग्रेस में अभी भी अंदरूनी कलह चल रही है। हाईकमान की कमेटी के बाद CM कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर आए। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। सिद्धू के बारे में लगातार यह बात कही जा रही है कि वे मौजूदा कैप्टन सरकार में कोई भी पद लेने को तैयार नहीं हैं। पंजाब में राजनीतिक गणित को देखते हुए कांग्रेस किसी सिख चेहरे को पंजाब प्रधान का पद नहीं देना चाहती। ऐसे में सिद्धू को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाने की चर्चा चल रही थी। इसके बावजूद पूरे संकट का अभी तक कोई समाधान होता नजर नहीं आ रहा। इस वजह से यह माना जा रहा है कि कहीं सिद्धू इसके जरिए कोई सियासी संकेत तो नहीं दे रहे। पिछले महीने दिल्ली के CM और AAP के मुखिया अरविंद केजरीवाल पंजाब के दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने ऐलान किया था कि पंजाब में अगर AAP जीती तो सिख ही मुख्यमंत्री होगा। इस दौरान उन्होंने सिद्धू की तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा- वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, हम उनका सम्मान करते हैं।

किसान आंदोलन पर ISI की बुरी नजर, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले 7 माह से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। देश की खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में अलर्ट जारी किया है। मीडिया खबरों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ को अलर्ट रहने के लिए कहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, 26 जून किसान प्रदर्शन करने वाले हैं, जिसमें तैनात जवानों के खिलाफ आईएसआई के एजेंट हिंसा भड़का सकते हैं। इस संबंध में दिल्ली पुलिस को पत्र भी भेजा गया है। इसके बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है। दिल्ली में 3 मेट्रो स्टेशन बंद : दिल्ली मेट्रो ने किसान आंदोलन की आशंका के मद्देनजर येलो लाइन पर शनिवार चार घंटे के लिए 3 मुख्य स्टेशन बंद रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को किसानों के आंदोलन को 7 महीने पूरे हो जाएंगे। डीएमआरसी ने शुक्रवार रात को ट्वीट किया, ‘दिल्ली पुलिस के सुझाव पर, सुरक्षा कारणों से, येलो लाइन पर तीन मेट्रो स्टेशन- विश्वविद्यालय, सिविल लाइन्स और विधानसभा, शनिवार को जनता के लिए सुबह10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और हरियाणा के बीच सिंघू बॉर्डर के अलावा टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसान पिछले 7 माह से आंदोलन कर रहे हैं।

किसान आंदोलन : केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट बेहद खफा, कृषि कानूनों पर पर स्टे देने के संकेत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सरकार से काफी खफा नजर आ रहे हैं। किसान यूनियनों में से एक के वकील दुष्यंत दवे ने सुझाव दिया कि मामले को कल के लिए स्थगित कर दिया जाए। कोर्ट ने अब सरकार और पक्षकारों से कुछ नाम देने को कहा है। इन्‍हें कमेटी में शामिल किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि अब कमेटी ही बताएगी कि कानून लोगों के हित में हैं या नहीं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में टुकड़ों मे भी आदेश दे सकता है। इससे पहले सीजेआइ ने कहा कि कोर्ट को ऐसा लगता है केंद्र सरकार इस मुद्दे को सही से संभाल नहीं पा रही है। इसलिए हमें इस बारे में कोई कार्रवाई करनी पड़ेगी। यह बेहद गंभीर मामला है। सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि केंद्र सरकार और किसान संगठनों में हाल ही में मुलाकात हुई, जिसमें तय हुआ है कि चर्चा चलती रहेगी और इसके जरिए ही समाधान निकाला जाएगा। मुख्‍य न्‍यायाधीश ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार इस मुद्दे को हल करने की कोशिश कर रही है, हम उससे खुश नहीं हैं। हमें नहीं पता कि आपने कानून पास करने से पहले क्या किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम प्रस्ताव करते हैं कि किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए कमिटी बने। हम ये भी प्रस्ताव करते हैं कि कानून के अमल पर रोक लगे। इस पर जिसे दलील पेश करना है कर सकता है। इस पर एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि अदालत तब तक कानून पर रोक नहीं लगा सकती, जब तक कि यह नहीं पता चलता कि कानून विधायी क्षमता के बिना पारित हो गया है और कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। कोर्ट ने कहा कि आपने (केंद्र) इसे ठीक से नहीं संभाला है, हमें आज कुछ कार्रवाई करनी होगी। इसके बाद CJI ने पूछा कि क्या कुछ समय के लिए कानूनों को लागू करने से रोका नहीं जा सकता है? इस पर सीजेआइ ने कहा कि हम ये नहीं कह रहे किसी भी कानून को तोड़ने वाले को सुरक्षित करेंगे। अगर कोई कानून तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कानून के हिसाब से कारवाई होनी चाहिए। हमारा मकसद हिंसा होने से रोकना है। इसके बाद एटॉर्नी जनरल ने कहा कि किसान गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर ट्रैक्टर मार्च निकालने की योजना बना चुके हैं। इसका मकसद गणतंत्र दिवस की परेड में खलल डालना है। इससे देश की छवि को नुकसान होगा। हालांकि, किसानों के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि ऐसा कुछ भी होने नहीं जा रहा है। गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर कोई ट्रैक्टर नहीं चलेगा। हम किसी भी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। हमें सिर्फ रामलीला ग्राउंड जाने की अनुमति दी जाए। CJI ने कहा कि इस आंदोलन के दौरन कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है, बूढ़े और महिलाएं प्रदर्शन का हिस्सा हैं। ये आखिर क्या हो रहा है? अभी तक एक भी याचिका दायर नहीं की गई है, जो कहे कि ये कृषि कानून अच्छे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम सरकार से कानून वापस लेने के बारे में नहीं कह रहे हैं। हम सिर्फ इतना जानना चाह रहे हैं कि इसे कैसे संभाल रहे हैं। कानून के अमल पर ज़ोर मत दीजिए। फिर बात शुरू कीजिए। हमने भी रिसर्च किया है। एक कमिटी बनाना चाहते हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि 41 किसान संगठन कानून वापसी की मांग कर रहे हैं, वरना आंदोलन जारी करने को कह रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कुछ गलत हुआ, तो हममें से हर एक जिम्मेदार होगा। हम नहीं चाहते हैं कि हमारे हाथों किसी का खून बहे। चाहिए। सीजेआइ ने कहा कि अगर केंद्र कृषि कानूनों के क्रियान्वयन को रोकना नहीं चाहता है, तो हम इस पर रोक लगाएंगे। कोर्ट ने आंदोलनकारियों के वकील से पूछा कि आप आंदोलन को खत्म नहीं करना चाह रहे हैं, आप इसे जारी रख सकते हैं। इस स्थिति में हम ये जानना चाहते हैं कि अगर कानून रुक जाता है, तो क्या आप आंदोलन की जगह बदलेंगे जब तक रिपोर्ट ना आए या फिर जहां हैं, वहीं पर प्रदर्शन करते रहेंगे? बता दें कि पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने कानूनों को कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में डालने का सुझाव दिया था। इसके अलावा सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच मतभेद दूर करने के लिए समिति बनाने की भी तजबीज पेश की थी। किसान संगठनों और सरकार के बीच हुई बातचीत का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। किसान कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्‍मीद नहीं छोड़ी है। 15 जनवरी को किसान संगठनों और सरकार के बीच 9वें दौर की बैठक है। दरअसल, कानून खत्म किए बिना किसान संगठन धरना-प्रदर्शन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। सरकार कानूनों में सुधार करने के पक्ष में है, इन्‍हें रद करने के नहीं। यहीं पेंच फंसा हुआ है। आज प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। यह सुनवाई इसलिए और अहम हो जाती है, क्योंकि सरकार और किसान संगठनों के बीच 15 जनवरी को अगले दौर की बातचीत होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि किसानों के प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई है। जबकि, केंद्र ने अदालत को बताया था कि मामले को सुलझाने के लिए किसानों के साथ उसकी सकारात्मक बातचीत चल रही है। सरकार ने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों के बीच जल्द ही सभी मसलों पर आम सहमति बनने की उम्मीद है। इसके बाद ही शीर्ष अदालत ने मामले में सुनवाई 11 जनवरी तक स्थगित कर दी थी।

हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे, CM की रैली रद्द

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान अब भी केंद्र सरकार से दूरी बनाए हुए हैं। इस बीच, हरियाणा के करनाल में उस समय हंगामा हो गया, जब कैमला गांव में किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की रैली का विरोध किया। पुलिस ने किसानों को रोका तो दोनों के बीच झड़प शुरू हो गई। हंगामा इस कदर बढ़ा कि किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और वॉटर कैनन भी चलानी पड़ी। दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर करनाल के कैमला गांव में किसान महापंचायत रैली करने वाले हैं। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यहां गढ़ी सुल्तान के पास पुलिस ने नाका लगा रखा था। यहां आगे बढ़ रहे किसानों को रोका गया। जब वे नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां भी चलाईं। बेकाबू आंदोलनकारी हेलीपैड और रैली स्थल तक पहुंच गए। हेलीपैड को भी तोड़ दिया। प्रदेश भाजपा प्रमुख ओम प्रकाश धनखड़ के साथ बहस भी हुई। खराब मौसम का हवाला देकर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। दिल्ली में किसानों की बैठक दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों का संयुक्त मोर्चा एक अहम बैठक करेगा। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। किसान 26 जनवरी की तैयारियों का ऐलान भी कर सकते हैं। वहीं, कल यानी 11 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कृषि कानूनों को रद्द करने की अर्जी पर सुनवाई होनी है। इससे पहले भी बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि स्थिति में कोई सुधार नहीं है। हम किसानों की हालत समझते हैं।

ताजमहल में शिव चालीसा पाठ कर रहे 4 युवकों ने भगवा झंडा लहराया

आगरा। आगरा में ताजमहल के अंदर भगवा झंडा लहराने और शिव चालीसा का पाठ करने का मामला सामने आया है। मामले में हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष और उसके साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। CISF ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का केस दर्ज कराया है। 4 जनवरी को चार युवक गौरव ठाकुर, सोनू बघेल, ऋषि लवानिया और विष्णु कुमार ताजमहल के अंदर पहुंचे। उन्होंने भगवा झंडा लहराया, शिव चालीसा का पाठ भी किया और वीडियो भी बनाया। सोशल मीडिया पर किया पोस्ट आरोपियों ने ताजमहल से ही वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया। जानकारी मिलने के बाद CISF के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया और ताजगंज थाना पुलिस को सौंप दिया। वहीं, थानाप्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में एक आरोपी गौरव ठाकुर ने बताया कि उन लोगों ने दूसरी बार ताज परिसर के अंदर भगवा झंडा लहराया है। इसके पहले अक्टूबर में दशहरे के दिन लहराया था। अक्टूबर में विजयादशमी के दिन भी गौरव ठाकुर ने ताजमहल परिसर में भगवा झंडा लहराकर शिव चालीसा का पाठ किया था। तब भी CISF जवानों ने गौरव को पकड़ लिया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। उस दौरान गौरव ने कहा था कि यह शिव मंदिर तेजोमहालय है, इसलिए शिव चालीसा का पाठ कर भगवा ध्वज फहराया। ताजमहल में भगवा ध्वज लहराने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व अब तक 5 बार हिंदू संगठनों ने भगवा ध्वज लहराया। पिछले साथ एक महिला ने ताजमहल में प्रवेश में कर पूजा-अर्चना करने का दावा किया था।

दिल्ली में हनुमान मंदिर हटाने पर हंगामा

नई दिल्ली।  चांदनी चौक इलाके में प्राचीन हनुमान मंदिर तोड़े जाने जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को चांदनी चौक इलाके में मंदिर तोड़े जाने को लेकर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इससे पहले सोमवार को उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार ने कहा था कि हमने उपराज्यपाल से कहा है कि वे उच्च न्यायालय में प्रार्थना पत्र लगाकर मंदिर के पुनर्स्थापना के लिए अनुमति लें तथा उसी स्थान पर मंदिर को दोबारा स्थापित करें। उन्होंने कहा था कि अगर मंदिर की पुनर्स्थापना नहीं होती है तो वीएचपी आंदोलन के लिए मजबूर होगा।वहीं, विहिप प्रान्त प्रचार प्रसार प्रमुख महेंद्र रावत ने बताया था कि वीएचपी, बजरंगदल, मातृशक्ति,दुर्गावाहनी, अन्य हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना ने दिल्ली के  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर मांग की है कि हनुमान मंदिर स्थान पर बनने और मंदिर तोड़ने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। अभी तीन धार्मिक अतिक्रमण बरकरार वर्ष 2016 के आदेश में हाई कोर्ट ने लाल जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर व शीशगंज गुरुद्वारा के बाहर फुटपाथ पर निर्माण काे अतिक्रमण माना था, वहीं भाई मती दास चौक, पागल बाबा मंदिर व हनुमान मंदिर के साथ एक प्याऊ को पूरी तरह से अतिक्रमण माना था। इसे लेकर लाल जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर व शीशगंज गुरुद्वारा के अतिक्रमण को हटाने पर काफी विवाद भी हुआ था। एसआरडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अभी भी पागल बाबा मंदिर, प्याऊ व भाई मती दास चौक का अतिक्रमण बरकरार है।  

किसान आंदोलन में अब तक 54 मौतें, 4 और किसानों की जान गई

नई दिल्ली। किसान कृषि कानूनों के खिलाफ 39 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान अब तक 54 किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें से कुछ ने सुसाइड कर लिया और कइयों की जान बीमारियों, ठंड और हार्ट अटैक के चलते गई है। सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर रविवार को 4 किसानों की मौत हो गई। इनमें से दो हरियाणा और दो पंजाब के रहने वाले थे। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। एक अन्य किसान की हालत गंभीर है, जिसे रोहतक के PGI रेफर किया गया है। किसी की बॉडी ट्राली में तो किसी की टेंट में मिली जानकारी के मुताबिक, बहादुरगढ़ के करीब टीकरी बॉर्डर पर धरना दे रहे बठिंडा के 18 साल के जश्नप्रीत सिंह की शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे सिविल अस्पताल और फिर PGI ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हरियाणा के जींद के जगबीर का शव ट्राली में मिला। वो भी टीकरी बॉर्डर पर ही धरना दे रहे थे। उनकी उम्र 66 साल थी। सिंघु बॉर्डर पर सोनीपत के बलवीर सिंह और पंजाब के लिदवां निवासी निर्भय सिंह शनिवार रात को पार्कर मॉल के टेंट में सोए थे। सुबह जब साथियों ने जगाने की कोशिश की, तो उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा एक अन्य किसान को हार्ट अटैक आया है। उनकी हालत गंभीर होने के चलते उन्हें PGI रेफर किया गया है। 39 दिन में 54 मौतों के बाद उठी मुआवजे की मांग 26 नवंबर से दिल्ली बॉर्डर पर हजारों की तादाद में किसान धरना दे रहे हैं। इस दौरान 54 किसानों की जान जा चुकी है। परिवार और किसान संगठन इन किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। मौसम ने मुश्किल बढ़ाई, तंबुओं में पानी भरा दिल्ली और NCR के इलाके में शनिवार सुबह से रह-रहकर बारिश जारी है। रविवार को दूसरे दिन बारिश के बाद ठंड बढ़ती जा रही है। बारिश की वजह से कई किसानों के टेंट में पानी घुस गया, लेकिन किसान अपने मोर्चे पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती हैं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें… 7वें दौर की बातचीत में 2 मांगों पर सहमति बनी किसान संगठनों और केंद्र के बीच 4 जनवरी को 8वें दौर की बातचीत होनी है। किसानों के 4 बड़े मुद्दे हैं। पहला- सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। दूसरा- सरकार यह लीगल गारंटी दे कि वह मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी MSP जारी रखेगी। तीसरा- बिजली बिल वापस लिया जाएगा। चौथा- पराली जलाने पर सजा का प्रावधान वापस लिया जाए। 30 दिसंबर को 7वें दौर की बातचीत पांच घंटे की बातचीत के बाद बिजली बिल और पराली से जुड़े दो मुद्दों पर सहमति बन गई थी। सरकार किसानों की चिंताओं को दूर करने पर राजी है। इसके बाद किसान नेताओं ने भी नरमी दिखाई। कृषि कानून और MSP पर अभी भी मतभेद बरकरार हैं।

गाजियाबाद में श्मशान में छत गिरने से 18 की मौत, 24 घायल, 100 लोग छत के नीचे खड़े थे

नई दिल्ली। गाजियाबाद में एक श्मशान घाट में छत धंस गई है. इसकी चपेट में कई लोग आ गए हैं.इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है. 24 घायल हैं। बारिश से बचने के लिए लोग छत के नीचे खड़े हुए थे। हादसा गाजियाबाद थाने के मुरादनगर इलाके में हुआ है. तस्वीरों में कई लोग लेंटर के नीचे दबे हुए दिख रहे हैं. गाजियाबाद पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम घटनास्थल पहुंच गई है और राहत और बचाव कार्य में जुट गई है. बता दें कि रविवार सुबह दिल्ली एनसीआर में बारिश हो रही थी। ये श्मशान घाट मुरादनगर थाना क्षेत्र के उखरानी/ बम्बा रोड में स्थित है. मुरादनगर स्थित श्मशान घाट पर कुछ लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे. बारिश की वजह से ये लोग छत के नीचे थे तभी श्मशान घाट का लेंटर भरभराकर गिर गया. इसमें कई लोग मलबे में दब गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है. तस्वीरों से पता चल रहा है कि लेंटर का साइज काफी बड़ा है. इस वजह से पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए क्रेन बुलाया है. घटनास्थल पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके का रेस्क्यू अभियान जारी है. पुलिस का कहना है कि गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र के उखलारसी गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर परिजन और सगे संबंधी मृत व्यक्ति को दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे. परिजन मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर ही रहे थे तभी श्मशान घाट का लैंटर भरभरा कर गिर पड़ा. इसकी चपेट में आकर लगभग 2 दर्जन से ज्यादा लोग दबे गये अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया.

‘जान दे रहा हूं ताकि कोई हल निकले’, गाजीपुर बॉर्डर के धरनास्थल पर किसान ने लगाई फांसी

नई दिल्ली। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर 38 दिन से किसानों का आंदोलन जारी है। यहां गाजीपुर बॉर्डर पर शनिवार को 75 साल के किसान कश्मीर सिंह ने शौचालय में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। किसान नेता अशोक धवाले ने बताया कि अब तक 50 किसानों की जान जा चुकी है। कश्मीर ने सुसाइड नोट में लिखा, ‘सरकार फेल हो गई है। आखिर हम यहां कब तक बैठे रहेंगे। सरकार सुन नहीं रही है। इसलिए मैं जान देकर जा रहा हूं। अंतिम संस्कार मेरे बच्चों के हाथों दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर होना चाहिए। मेरा परिवार, बेटा-पोता यहीं आंदोलन में निरंतर सेवा कर रहे हैं।’ किसान का शव बिना पोस्टमॉर्टम के परिजन को सौंप दिया गया है। यूपी पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है। किसान संगठनों ने आंदोलन के मद्देनजर 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया है। कहा कि हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, कर रहे हैं और ऐसा ही करेंगे। हम लोग दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए हैं, लेकिन नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया है। इससे पहले 30 दिसंबर को किसान और सरकार के बीच 7वें दौर की बातचीत में पूरा समाधान तो नहीं निकला, लेकिन विवाद के 2 मुद्दों पर सहमति बन गई थी। अब 4 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक है। उम्मीद की जा रही है कि इस दिन गतिरोध खत्म हो सकता है। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा है कि 4 जनवरी को सकारात्मक नतीजे आएंगे।

हरियाणा में निकाय चुनाव:7 में से 5 में भाजपा-जजपा हारी, अम्बाला में मेयर पद गंवाया

चंडीगढ़। हरियाणा में बुधवार को घोषित 7 शहरी निकायों के चुनाव परिणाम चौंकाने वाले रहे। भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) गठबंधन को करारा झटका लगा। सत्ता में रहने के बावजूद यहां सात निकायों में से केवल दो में ही कमल खिल पाया। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच यह नतीजे भाजपा के लिए चेताने वाले हैं। वहीं, कांग्रेस गुटबाजी की वजह से सिर्फ एक निकाय में ही जीत हासिल कर पाई। तीनों नगरपालिकाओं के चेयरमैन पद पर निर्दलीयों ने कब्जा किया। इनमें दो पर जजपा और एक पर भाजपा ने गठबंधन में सिंबल पर प्रत्याशी उतारे थे। पंचकूला में भाजपा के कुलभूषण गोयल कांग्रेस से मेयर पद छीनने में कामयाब रहे। अम्बाला में भाजपा को मेयर पद गंवाना पड़ा। वहां पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी से उनकी पत्नी शक्ति रानी जीती हैं। भाजपा दूसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही। राजनीति के जानकार भाजपा-जजपा गठबंधन की हार में किसान आंदोलन को प्रमुख वजह बता रहे हैं। जहां-जहां चुनाव थे, वहीं आंदोलन का ज्यादा असर है। अम्बाला से आंदोलन शुरू हुआ था। सोनीपत में ये अभी चल रहा है। टिकरी बॉर्डर के लिए सांपला से ही जाना पड़ता है। रेवाड़ी में धरने का असर धारूहेड़ा तक है। सिरसा और उकलाना में भी प्रदर्शन चल रहे हैं।

किसानों ने सरकार के बातचीत के न्यौते को किया खारिज, कहा- आग से न खेलें

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पर बैठे किसानों ने बुधवार को कहा है कि केंद्र सरकार सरकार आग से ना खेलें। आंदोलन को हल्के में ना लें। संयुक्त किसान मोर्चा का प्रेस कांफ्रेस कहा कि वो सरकार की ओर से मिले बातचीत के न्योते को खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर कोई बातचीत संभव नहीं है। बता दें कि किसान सरकार के प्रस्ताव को पहले भी खारिज कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों में संशोधन नहीं, रद्द करे। किसान नेताओं ने कहा कि हम तीनों कानून को रद्द करने के नीचे हम तैयार नहीं है। सरकार इस तरह के प्रस्ताव भेजकर सिर्फ साजिश रच रही है। हम पहले ही भी इसे खारिज कर चुके है। किसान सिर्फ अन्न पैदा नहीं करता है। उनके बेटे देश की सीमा पर सुरक्षा घेरा बनाते है। सीमा पर तैनात बेटों का भी मनोबल गिर रहा है। उनके मां-बाप सड़कों पर है। हम सरकार को चेतावनी देते है कि वह आग से ना खेलें। किसान जो कि सड़कों पर आया है उसे सम्मान पूर्वक मान ले। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार गुमराह कर रही है कि किसानों की हमने सारी बात मान ली है। किसान कभी भी बातचीत के लिए मना नहीं कर रहा है। मगर सरकार असल मुद्दे पर बात करें। किसान नेता शिवकुमार ने कहा कि केंद्र को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ वार्ता के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम गृह मंत्री अमित शाह को पहले ही बता चुके हैं कि प्रदर्शनकारी किसान संशोधनों को स्वीकार नहीं करेंगे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि सरकार को अपना हठी रवैया छोड़ देना चाहिए और किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए। ऑल इंडिया किसान सभा के नेता हन्नन मोल्ला ने कहा कि सरकार हमें थकाना चाहती है ताकि किसानों का आंदोलन खत्म हो जाए।

सेना के जवानों संग अश्लील वीडियो बनाकर करती थी ब्लैकमेल, मेरठ में गिरोह का भंडाफोड़

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने मास्टरमाइंड युवती और उसके गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने साइबर सेल की मदद से युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, सोशल मीडिया के माध्यम से मोबाइल नबंर बांटकर हनीट्रैप में फंसाने वाली युवती और उसके गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस ने युवती और उसके साथी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साइबर सेल और मेरठ पुलिस के साझा प्रयास में यह कार्रवाई हुई है. इस गैंग ने सेना के जवानों से ठगी भी की है. एसपी सिटी मेरठ अखिलेश नारायण ने बताया कि एक शख्स ने साइबर सेल और नौचंदी थाने में शिकायत की थी कि एक युवती और युवक ने गैंग बनाया हुआ है, जो कि हनीट्रैप से ब्लैकमेल करते हैं. वे कई लोगों को अपना शिकार बना चुके है. आश्चर्य की बात है कि ये लोग ज्यादातर सेना के जवानों को जाल में फंसाते हैं.इस मामले का खुलासा करते हुए थाना पुलिस ने क्षेत्र के कुटी चौराहे से आरोपी युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया. नौचंदी पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई वारदात करने की बात कबूल की है. इस गैंग की सरगना पहले दोस्ती करती थी, फिर सेना के जवान का अश्लील वीडियो बनाती थी, उसके बाद ब्लैकमेलिंग शुरू होती थी. इस गिरोह की तलाश में नौचंदी थाने की पुलिस लगी हुई थी. आरोपी युवती की कई फर्जी आईडी मिली है. मोबाइल फोन्स और सिम कार्ड्स भी मिले हैं. अलग-अलग आईडी से युवती लोगों से बात करती थी. अब पुलिस ने युवती द्वारा हनीट्रैप में फंसे पीड़ितों का पता लगाना शुरू कर दिया है.

महाराष्ट्र के 3000 किसान 100 से ज्यादा वाहनों से निकले दिल्ली की ओर

नासिक। महाराष्ट्र के नासिक से करीब 3000 हजार किसान 100 से ज्यादा वाहनों से दिल्ली कूच कर गए हैं। ये किसान 21 दिसंबर को निकले थे। ये लोग 25 दिसंबर को दिल्ली पहुंचकर कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान आंदोलन में शामिल होंगे। बुधवार को इन किसानों का मध्यप्रदेश की सीमा नेशनल हाइवे क्रमांक 3 पर सेंधवा में बड़ी बिजासन में नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर और उनके समर्थकों ने स्वागत किया। अखिल भारतीय किसान महासभा के डॉक्टर अजीत नवले ने बताया कि करीब 3000 किसान अलग-अलग रूट से दिल्ली गए हैं। सभी 25 दिसंबर को पहुंचकर किसान आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का कृषि कानून किसान विरोधी है। इसमें कई खामियां हैं। सभी किसान राशन का सामान साथ लेकर निकले हैं। जगह-जगह यात्रा का स्वागत भी किया जा रहा है। यात्रा के यहां पहुंचते ही सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। स्वागत के बाद मेधा पाटकर भी उनके साथ हो लीं।

भाजपा ने बिना पूछे मेरी फोटो छाप दी, इनकी बेशर्मी भी जियो के इंटरनेट जैसी अनलिमिटेड

चंडीगढ़। किसान आंदोलन के बीच भाजपा नए कृषि कानूनों के फायदे बता रही है। इसी दौरान एक पोस्टर सामने आया, जिसमें एक किसान मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) पर फसल खरीदे जाने की बात कह रहा है। पोस्टर में काफी खुश देख रहे इस किसान का नाम हरप्रीत सिंह है। यह पोस्टर पंजाब भाजपा ने जारी किया गया था। पोस्टर में हरप्रीत को एक खुशहाल किसान के रूप में पेश किया था। लेकिन, हकीकत में हरप्रीत दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन शामिल है। मामला सामने आने के बाद हरप्रीत ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा ने बिना पूछे मेरी फोटो छाप दी। इनकी बेशर्मी भी जियो के इंटरनेट जैसी अनलिमिटेड है। उधर, पंजाब भाजपा ने अपने फेसबुक पेज से पोस्टर वाली पोस्ट डिलीट कर दी है। हरप्रीत बोले- मैं तो सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन में हूं पंजाब के होशियारपुर में रहने वाले हरप्रीत सिंह का कहना है कि भाजपा ने उनकी 6-7 साल पुरानी फोटो का पोस्टर में इस्तेमाल किया है। इसके लिए मुझसे नहीं पूछा गया। मैं तो अपने किसान भाइयों के साथ आंदोलन में शामिल हूं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार भले ही कह रही हो कि ये कानून किसानों के फायदे के लिए है, लेकिन हम जानते हैं कि ये नुकसान का सौदा है। हम अपना आंदोलन तभी खत्म करेंगे, जब नए कृषि कानूनों को वापस लिया जाएगा। हरप्रीत सिंह की तस्वीर के इस्तेमाल पर पंजाब भाजपा के चीफ अश्विनी शर्मा ने कहा है कि हम मामले की जांच करवा रहे हैं। भाजपा को लीगल नोटिस भेजा कृषि कानूनों के पक्ष में सोशल मीडिया पर बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल करने के लिए पंजाब के पॉपुलर फोटोग्राफर, एक्टर और डायरेक्टर हार्प फार्मर ने भाजपा कार्यालय दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ के इंचार्ज को लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में सोशल मीडिया पर 7 दिन के अंदर माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा न करने पर क्रिमिनल और मानहानि का केस फाइल किया जाएगा। यह नोटिस पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हाकम सिंह के जरिए भेजा गया है।

किसान आंदोलन में 20 वीं मौत, बठिंडा में 22 साल के किसान ने जहर खाकर जान दी

नई दिल्ली। किसान आंदोलन में एक और सुसाइड की खबर सामने आई है। बठिंडा में 22 साल के किसान गुरलाभ सिंह ने रविवार को खुदकुशी कर ली। वह दो दिन पहले ही कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन से लौटा था। इससे पहले, 16 नवंबर को 65 साल के संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने गुरुमुखी में लिखे सुसाइड नोट में कहा था कि यह जुल्म के खिलाफ एक आवाज है। बठिंडा के कस्बा रामपुरा फूल के दयालपुरा में रहने वाला गुरलाभ 18 दिसंबर को ही अपने वापस आया था। वह हरियाणा के बहादुरगढ़ से सटे दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर धरने में शामिल था। उसने रविवार को जहर की गोलियां खाकर जान दे दी। शुरुआती जांच में पता चला है कि गुरलाभ सिंह छोटे स्तर का किसान था और उस पर करीब 6 लाख रुपए का कर्ज था। दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के बावजूद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान राजधानी के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। रविवार को बॉर्डर पर जमे प्रदर्शनकारी। दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के बावजूद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान राजधानी के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। रविवार को बॉर्डर पर जमे प्रदर्शनकारी। संत राम सिंह ने कोंडली बॉर्डर पर सुसाइड किया था संत राम सिंह ने कोंडली बॉर्डर पर खुदकुशी की थी। लोग उन्हें पानीपत के पॉर्क अस्पताल लेकर गये थे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बाबा राम सिंह करनाल के सिंघरा गांव के रहने वाले थे। वे सिंघरा के ही गुरुद्वारा साहिब नानकसर के ग्रंथी थे। उनके अनुयाइयों की तादाद लाखों में बताई जा रही है। संत राम सिंह ने किसान आंदोलन के समर्थन में 16 नवंबर को खुदकुशी की थी, सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था- यह जुल्म के खिलाफ आवाज है। संत राम सिंह ने किसान आंदोलन के समर्थन में 16 नवंबर को खुदकुशी की थी, सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था- यह जुल्म के खिलाफ आवाज है। आंदोलन के दौरान अब तक 20 से ज्यादा किसानों की मौत कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान दिल्ली बॉर्डर पर पिछले 25 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी उनका प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के दौरान अब तक अलग-अलग वजहों से 20 से ज्यादा किसानों की माैत हो चुकी है।

दिल्ली के बॉर्डर पर भीषण ठंड के बीच रात में खुले आसमान के नीचे सड़क पर डटे हैं किसान

नई दिल्ली. दिल्ली शीत लहर की चपेट में है, इसके बावजूद केंद्र के कृषि कानूनों (Agricultural Law) का दिल्ली की सीमाओं (Delhi border) पर विरोध कर रहे किसान (Farmer) अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. शहर में रविवार को पारा 3.4 डिग्री सेल्सियत तक गिर गया जो इस मौसम में अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के एक अधिकारी ने कहा, सफदरजंग वेधशाला में रविवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है. किसान आंदोलन शुरू हुए चार सप्ताह हो चुके हैं और इसके कारण सीमा पर कई बिंदुओं पर यातायात का मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसकी वजह से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. किसान आंदोलन जब से शुरू हुआ है तब से ही दिल्ली यातायात पुलिस लगातार ट्वीट कर सड़के बंद होने और वैकल्पिक मार्गों से जुड़ी जानकारी यात्रियों को दे रही है. दिल्ली यातायात पुलिस ने रविवार को ट्विटर के जरिए बताया कि टिकरी और धंसा बॉर्डर यातायात के लिए बंद है और झटिकारा बॉर्डर केवल दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खुला है. दिल्ली यातायात पुलिस ने कहा कि हरियाणा जाने वाले लोगों के लिए झड़ोदा, दौराला, कापसहेड़ा, बदूसराय, रजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं. यातायात पुलिस के अनुसार नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने के लिए गाजीपुर सीमा बंद है. यातायात पुलिस ने कहा कि दिल्ली आने वाले लोग आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा और भोपुरा बॉर्डर का वैकल्पिक मार्ग अपना सकते हैं. दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर केवल एक तरफ से खुला है और नोएडा से दिल्ली आने का रास्ता बंद है. यातायात पुलिस ने कहा, सिंघू, औचंदी, पियाउ मनियारी, सभोली और मंगेश बॉर्डर बंद है। कृपया लम्पुर, सफियाबाद और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर का उपयोग करें। यातायात को मुकर्बा और जीटीके रोड से मोड़ दिया गया है.

24वां दिन: दिल्ली की सर्दी में किसान अब भी डटे, प्रधानमंत्री की अपील और कृषि मंत्री की चिट्‌ठी बेअसर

नई दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की चिट्‌ठी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद किसान आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी और हरियाणा बॉर्डर पर डटे हुए हैं। दिल्ली में बढ़ती ठंड और सर्द हवा के बीच भी वे पीछे हटने को तैयार नहीं है। आंदोलन कर रहे किसानों को समर्थन देने कई सेलेब्रिटी भी लगातार पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को सिंगर बब्बू मान और एक्ट्रेस स्वरा भास्कर पहुंची। मोबाइल चार्ज करने घर से सोलर पैनल लेकर आए मोबाइल चार्ज करने में परेशान न हो इसलिए किसान सोलर पैनल और ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज कर रहे हैं। एक किसान अमृत सिंह ने बताया कि वे अपने साथ सोलर प्लेट लेकर आए हैं कि अगर फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो जाएगी तो घर पर बात नहीं हो पाएगी। यहां कोई सुविधा मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार क्या सुविधा देगी, वह तो हमारी मांग तक नहीं मान रही है। चिदंबरम ने प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने MSP के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। यहां तीन तथाकथित झूठ हैं, जिन पर शायद वह टिप्पणी करना चाहें। किसानों के विरोध का समन्वय करने वाली AIKSCC ने कहा है कि किसान 900 रुपये प्रति क्विंटल पर धान बेच रहे हैं, हालांकि एमएसपी 1,870 रुपये प्रति क्विंटल है। क्या यह झूठ है? प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया था कि वह किसानों को भड़का रहा है। पूर्व वित्त मंत्री का यह बयान इसी आरोप के जवाब में आया है। उन्होंने तब्लीगी जमात और हाथरस मामले का भी जिक्र किया है। कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार ने किसानों पर 3 वार किए सुरजेवाला बोले- सत्ता संभालते ही मोदी सरकार ने किसानों को दरकिनार किया और सारे सरकारी संसाधन पूंजीपतियों को दे दिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों पर 3 वार किए।

केजरीवाल ने विधानसभा में कृषि कानून की कॉपी फाड़ दी, कहा- अंग्रेजों से बदतर न बने सरकार

नई दिल्ली . दिल्ली विधानसभा में नए कृषि कानून पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान केजरीवाल ने कृषि कानून की कॉपी फाड़ी दी. उन्होंने कहा कि सरकार और कितनी जान लेगी? अब तक 20 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं. एक-एक किसान भगत सिंह बनकर आंदोलन में बैठा है. अंग्रेजों से बदतर न बने सरकार. सीएम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने बरेली में रैली की और तीनों बिलों के फायदे समझाने लगे कि तुम्हारी जमीन नहीं जाएगी, मंडी बंद नहीं होगी. भाजपा वाले बताएं इस कानून से फायदा क्या है? भाजपा वालों को एक लाइन रटवा दी गई है कि किसान देश में कहीं भी फसल बेच सकता है. हवा में बात करने से क्या होगा? किसानों को नहीं भाजपाइयों को भ्रमित किया गया है, भाजपाइयों को अफीम खिला दी गई है. कोरोना काल में क्यों ऑर्डिनेंस पास किया? अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हमारे वकील ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है. कोरोना काल में क्यों ऑर्डिनेंस पास किया? पहली बार राज्यसभा में बिना वोटिंग के 3 कानून को कैसे पास कर दिया गया? ये कानून भाजपा के चुनाव के फंडिंग के लिए बने हैं. जय जवान, जय किसान के नारे लगे बता दें कि कृषि कानून को लेकर दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया था. सत्र की शुरुआत होने पर मंत्री कैलाश गहलोत ने एक संकल्प पत्र पेश किया, जिसमें तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की बात कही गई. इसके बाद हर वक्ता को बोलने के लिए पांच मिनट का वक्त दिया गया. इस दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल, सोमनाथ भारती ने सदन में कृषि कानून की कॉपी को फाड़ा. उन्होंने इस दौरान जय जवान, जय किसान के नारे लगाए और कहा कि जो कानून किसानों के खिलाफ है, हमें उसे स्वीकार नहीं करेंगे.

दिल्ली की सभी सीमाओं पर डंटे किसानों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

नई दिल्‍ली। किसान नेताओं ने शनिवार को नए कृषि कानूनों के वापसी की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। किसानों ने कहा है कि वह 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। इस बीच किसानों ने कई टोल प्‍लाजा पर कब्‍जा कर लिया है और कई दूसरी सड़कें जाम करने की चेतावनी दी है। उधर, हरियाणा में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। इससे सियासी हलचल बढ़ गई है जयपुर-दिल्ली सड़क करेंगे जाम किसान नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अध्यक्ष मंच पर 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। हम अपनी माताओं और बहनों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हैं। कल रविवार को 11 बजे जयपुर-दिल्ली सड़क को जाम करने के लिए हजारों किसान ‘दिल्ली चलो’ ट्रैक्टर मार्च करेंगे। बंद करेंगे पलवल-जयपुर रोड वहीं दिल्ली बुराड़ी निरंकारी ग्राउंड से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय महासभा प्रेम सिंह गहलावत ने कहा कि पलवल और जयपुर रोड को जयपुर से आए संगठन बंद करेंगे। किसान अंबानी और अडानी के माल पर भी धरना देंगे। सभी किसानों ने जिओ सिम और जिओ फोन का बहिष्कार किया है। उन्‍होंने कहा कि किसान हरियाणा के टोल नाके फ्री कराएंगे। किसानों के तेज होते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उत्‍तर प्रदेश में टोल प्लाजा नाकों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। यही नहीं सिघू बॉर्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उत्‍तर प्रदेश के एडीजी कानून व्‍यवस्‍था ने कहा है कि अभी तक किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है लेकिन शरारती तत्व अव्यवस्था न फैलाए इसलिए कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं हरियाणा के एक किसान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। मालूम हो कि कृषि मंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे। किसानों को जिन बिंदुओं पर आपत्ति है उस पर संशोधन के लिए बातचीत हो सकती है। बीते दिनों सरकार की ओर से आपत्ति वाले बिंदुओं पर एक प्रस्‍ताव भी किसान नेताओं के पास भेजा गया था जिसे उन्‍होंने ठुकरा दिया था। रक्षा मंत्री से मिले चौटाला इस बीच हरियाणा में भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। सनद रहे कि दुष्यंत चौटाला न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के मसले पर अपने इस्तीफे की चेतावनी भी दे चुके हैं। हालांकि इस मुलाकात के दौरान क्‍या बातें हुईं इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इससे सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।

दिल्‍ली की ओर बढ़ रहा सैकड़ों ट्रैक्‍टर ट्रालियों में किसानों का जत्‍था

पानीपत। किसानों ने एक दिन के लिए टोल नाकों को टोल फ्री करने की मुहिम छेड़ी है। कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के आह्वान पर टोल प्‍लाजा पर सुबह से ही किसान पहुंचने शुरू हो गए। दिल्‍ली चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के ज्‍यादातर टोल पर किसानों ने पहुंचकर फ्री करवाया। पानीपत के बाबरपुर और डाहर टोल प्‍लाजा सहित करनाल, यमुनानगर, अंबाला और जींद में भी टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्‍जा कर वाहनों को फ्री में जाने दिया। वहीं अभी अभी पानीपत से सैकड़ों की संख्‍या में ट्रैक्‍टर ट्रालियों में किसान पहुंचे। किसान पंजाब से दिल्‍ली जा रहे। इतनी भारी संख्‍या में किसानों की भीड़ देखकर प्रशासन सतर्क हो गया। वहीं टोल प्‍लाजा पर उनके समर्थन में नारे लगे। माॅल से लेकर हर स्तर पर किए गए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करनाल में कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग उठाते हुए किसान लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। एक तरफ जहां जिले के दोनों टोल प्लाजा फ्री कराने के साथ ही किसानों के जत्थे लगातार दिल्ली कूच कर रहे हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में धरने प्रदर्शन का सिलसिला भी जारी है। इसके अलावा एक कंपनी के विरोध में असंध में रोष जता रहे किसानों ने पेट्रोल पंप बंद करा दिया जबकि जिला मुख्यालय पर भी किसानों के तेवर देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मुख्य बाजार स्थित मॉल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है। शहर से लेकर गांव देहात तक हर स्तर पर भरपूर चौकसी बरती जा रही है। एसपी गंगाराम पूनिया खुद हर छोटी बड़ी गतिविधि की जानकारी लेने के साथ नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। हालांकि, बीती मध्यरात्रि से ही किसानों ने अपनी पूर्व घोषणा पर फौरी अमल करत हुए जिले के दोनों ही टोल प्लाजा को सामान्य आवागमन के लिए मुफ्त करा दिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी एहतियात बरतते हुए हालांकि, दोनों जगह कोई कार्रवाई नहीं की गई है लेकिन हर स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध अवश्य किए गए हैं। इसी क्रम में शहर के कुंजपुरा रोड स्थित रिलायंस मॉल के आसपास भी निगरानी रखी जा रही है ताकि यहां किसी प्रकार का हंगामा न हो सके। दोपहर एक बजे तक माॅल में स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान लगातार मोर्चा खोले हुए हैं। इसके तहत असंध क्षेत्र में किसान संगठनों के आह्वान पर क्षेत्र के किसानों ने अपने नेता छत्रपाल सिंधड की अगुवाई में पेट्रोल पंप के गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने पम्प पर तेल लेने के लिए आने वाले लोगों को भी नही आने दिया। पंप बंद कराने के साथ ही किसानों ने संघर्ष की प्रतिबद्धता भी दाेहराई। किसान नेता छत्रपाल सिंधड ने कहा कि सरकार जब तक किसानों की मांगें नहीं मानती, तब तक इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं। छोटे किसान एकमवीर सिंह ने कहा कि किसानों के संघर्ष में हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी। हाईवे पर हुक्का गुड़गुड़ा रहे किसान आंदोलनरत किसान हाईवे पर डेरा जमाए तो बैठे ही हैं, पूरी बेफिक्री के साथ हुक्का भी गुड़गुडा रहे हैं। दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर जमा किसान धरना प्रदर्शन करने के साथ ही हुक्का गुड़गुड़ाते हुए मौजूदा हालात को लेकर आपस में राय मशविरा करने में जुटे हैं। पंजाब की दिशा से आ रहे जत्थों में शामिल किसान भी कुछ समय उनके बीच बिता रहे हैं तो कई किसानों के साथ बच्चे भी यहां आकर पारिवारिक एकजुटता दर्शा रहे हैं। कमोबेश यही नजारा जींद हाईवे स्थित जिले के दूसरे टोल प्लाजा प्योंत पर भी नजर आ रहा है, जहां लगातार नारेबाजी कर रहे किसानों ने हर सीमा तक संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।

अमृतसर से 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में दिल्ली के लिए रवाना हुए 50 हजार किसान-मजदूर

अमृतसर। कृषि कानूनों के खिलाफ देश में किसान आंदोलन हो रहा है। दिल्ली की सीमा पर पंजाब-हरियाणा के हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। शुक्रवार को 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में करीब 50 हजार किसान-मजदूर अमृतसर से दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं। इनका कहना है कि अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूरे देश के रेलवे ट्रैकों को जाम किया जाएगा। दरअसल, किसान नेताओं ने बीते दिनों हुई बैठक में 15 मांगें रखी थी, जिनमें से सरकार 12 मांगें मानने को तैयार है। ऐसे में किसानों को लगता है कि ये तीनों कृषि कानून पूरी तरह सही नहीं हैं। इसी के चलते अब किसान अपना आंदोलन बढ़ाने जा रहे हैं। काफिले का नेतृत्व कर रहे किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रमुख सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि हम छह महीने के लिए राशन और सामान लेकर दिल्ली जा रहे हैं और हम दिल्ली को जीतने के बाद ही लौटेंगे। जालंधर से आगे बढ़े दोपहर बाद तक किसानों का जत्था जालंधर पहुंच चुका था। जालंधर-अमृतसर हाईवे पर एक साइड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगी हुई थी। इसके चलते जाम की स्थिति बन गई। दिल्ली रवाना होने से पहले किसानों ने श्री हरमंदिर साहिब में अरदास की। इसके बाद गोल्डन गेट पर इकट्‌ठा हुए। कृषि मंत्री की अपील का नहीं है असर 10 दिसंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील की है कि किसान अपना आंदोलन खत्म करें। सरकार किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार है। वह एक तारीख तय करें और हम उनकी हर शंकाओं को दूर करेंगे। कोरोना का खतरा है और ठंड भी काफी है। हम आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर चिंता में हैं। किसान संगठनों को हमारे दिए प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए। दिल्ली को घेरने की तैयारी दूसरी ओर माना जा रहा है कि सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं करेगी। सरकार ने किसानों के सामने कृषि कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में किसानों ने दिल्ली घेरने का मन बना लिया है। किसानों ने ऐलान कर दिया है कि किसान अब दिल्ली को और ज्यादा घेरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए किसानों ने आगरा-दिल्ली रोड और जयपुर-दिल्ली रोड को बंद करने की चेतावनी दी है। किसान 12 दिसंबर को टोल प्लाजा को फ्री करवा सकते हैं। ‘भाजपा को राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए’ राजनीतिक दलों के समर्थन के अलावा चीन-पाकिस्तान से फंडिंग के सवाल पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि इस तरह के जघन्य काम भाजपा ही कर सकती है। हम ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते। कहां-कहां से आए किसान? जत्थे में शामिल होने के लिए अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर से पहुंचे, जो ब्यास के पुल पर मिले। फिरोजपुर, जालंधर, कपूरथला, मोगा और फाजिल्का जिलों के किसानों का जत्था फिरोजपुर से रवाना हुआ। यहां से लुधियाना की दोराहा मंडी में पहुंचकर इकट्ठे अमृतसर से आ रहे जत्थे के साथ मिल जाएंगे। पुलिस बल भी सक्रिय जब से किसानों ने जयपुर-दिल्ली मार्ग और आगरा-दिल्ली रोड को जाम करने का ऐलान किया है। पुलिस एक्टिव हो गई है। भारी पुलिस बल को दोनों रास्तों पर तैनात किया जा रहा है।

राजस्थान में स्कूटी समेत जली महिला:स्कूल जा रही टीचर पर गिरी 11KV की लाइन

जयपुर। बांसवाड़ा जिले के नोगामा में गुरुवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। स्कूटी से स्कूल जा रही एक टीचर पर 11KV की बिजली की लाइन गिर गई। इससे स्कूटी जलकर खाक हो गई और टीचर की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। टीचर नीलम (25) पाटीदार नदी के करीब से गुजर रही थीं, तभी ऊपर से गिरा बिजली का तार स्कूटी से आकर चिपक गया। घटना से कुछ देर पहले ही इलाके में बारिश हुई थी। इससे सड़क गीली थीं और लोगों ने करीब जाकर महिला को बचाने की हिम्मत नहीं की। सास की मौत भी कुछ इसी तरह हुई थी मृतक बागीदोरा की रहने वाली थी और प्राइमरी स्कूल में टीचर थी। इसी मार्च में उनकी नौकरी के दो साल पूरे हुए थे। उनके पति उदयपुर में नौकरी करते हैं। उनका 5 साल का एक बेटा है। नीलम की सास की मौत भी कुछ इसी तरह हुई थी। वो किसी के साथ बाइक पर जा रही थीं, तब उनके ऊपर बंदर कूद गया था। इस हादसे में उनकी मौत हो गई थी। महकमे की लापरवाही मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने महिला के परिजन को घटना की सूचना दी और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बिजली विभाग को कॉल किया था। करीब 20 मिनट बाद लाइट बंद की गई। घटना से आसपास के लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि लाइन के तार जर्जर हो चुके हैं। विभाग मरम्मत का काम भी नहीं करता है। 6 महीने पहले भी बिजली का तार गिरने से दो पशुओं की मौत हो गई थी। बिजली का तार गिरने से हल्का धमाका हुआ। आग की लपटें देखकर आसपास लोग इकट्‌ठा हो गए, लेकिन किसी ने पास जाने की हिम्मत नहीं की। बिजली का तार गिरने से हल्का धमाका हुआ। आग की लपटें देखकर आसपास लोग इकट्‌ठा हो गए, लेकिन किसी ने पास जाने की हिम्मत नहीं की। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को वहां से दूर किया।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी न मिलने पर घर-घर फल और सब्जी पहुंचाने के लिए शुरू किया शॉप ऑन व्हील

जम्मू। जम्मू के रहने वाले 26 वर्षीय अताउल्लाह बुखारी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पढ़ाई की। फिर नौकरी नहीं मिली तो सब्जी और फल बेचने का काम शुरू किया। मगर तरीका बिलकुल नया और हाईटेक था। नतीजा ये रहा कि कम समय में ही अताउल्लाह का स्टार्टअप शॉप ऑन व्हील चर्चित हो गया। जम्मू के राजौरी जिले के अताउल्लाह का परिवार जम्मू शहर के बठिंडी इलाके में ही रहता है। वह चंडीगढ़ पढ़ाई करने गए, सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर लौटे भी मगर कोई खास नौकरी जम्मू में नहीं मिली। तो सोचा कि बाहर जाकर नौकरी तलाश की जाए लेकिन कोरोना ने घर पर ही बैठा दिया। अताउल्लाह के पास न तो नौकरी थी और नौकरी ढूंढने के ऑप्शन। एक दिन अचानक ख्याल आया कि कुछ अपना काम ही शुरू किया जाए। अताउल्लाह कहते हैं, ‘जैसे ही अनलॉक हुआ मैंने एक थ्री व्हीलर ऑटो फाइनेंस कराया और उसको ‘शॉप ऑन व्हील’ की तरह डिजाइन करवाया। इतना तो तय था के इन दिनों लोगों को अगर घर बैठे हाइजेनिक तौर पर साफ- सुथरी और अच्छी क्वालिटी की सब्जियां और फल मिलेंगे तो वह जरूर खरीदेंगे। इसलिए मैंने एक एक वेबसाइट www.flyekart.com डिजाइन की। सितम्बर में काम शुरू करने से पहले दो पढ़े-लिखे मगर रोजगार की तलाश कर रहे दोस्त अब्दुल मतीन और आमिर निसार से बात की तो वो भी साथ काम करने के लिए तैयार हो गए। हम तीनों ने तय किया के चाहे सब्जी महंगी मिले या कम बिके लेकिन हम क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करेंगे। शुरुआत में हमने जम्मू की मशहूर नरवाल मंडी से फल-सब्जियां खरीदकर, कम दाम पर लोगों के घरों तक अच्छी फल-सब्जी पहुंचानी शुरू की। आज हम जम्मू के करीब 100 घरों को ऑनलाइन और वॉट्सऐप ऑर्डर के जरिए सब्जी दे रहे हैं। इसके अलावा हम जम्मू के कई रिहायशी इलाकों और सोसाइटी में जाकर भी फल-सब्जी बेच रहे हैं।’ अताउल्लाह कहते हैं कि उन्होंने आगे की भी प्लानिंग की है। अब वो कई किसानों से भी बात कर रहे हैं ताकि ऑर्गेनिक सब्जियां भी खरीदकर बेच सकें। वहीं जैसे-जैसे डिमांड बढ़ रही है उसके मुताबिक कुछ और लोडिंग कैरियर खरीदकर उसे शॉप ऑन व्हील की तर्ज कर तैयार करके मार्केट में उतारेंगे और धीरे-धीरे इस कॉन्सेप्ट को जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों तक भी लेकर जाएंगे। अताउल्लाह बताते हैं ‘हम लोगों ने दो लाख रुपए में लोडिंग कैरियर फाइनेंस करवाया और फिर बाकी कुछ खर्च उसकी डिजाइनिंग पर किया। इसके बाद हमने काम शुरू किया तो प्रॉफिट होने लगा। हालांकि हम अभी इस काम में नए हैं तो प्रॉफिट से अधिक लोगों का सेटिस्फेक्शन जरूरी है। हमारी कोशिश है कि इस काम को और आगे लेकर जाएं और अपना अलग मुकाम बनाएं।

न कार न बग्गी… ट्रैक्टर पर निकली ओलिंपियन सुमित सांगवान की बारात

चंडीगढ़। केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को इंटरनेशनल बॉक्सर सुमित सांगवान का भी समर्थन मिला है। ओलिंपियन सुमित सांगवान ने किसानों को समर्थन देते हुए गुरुवार देर शाम ट्रैक्टर से बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचे। इस दौरान हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह भी उनके साथ नजर आए। सुमित के अनुसार, वे किसान परिवार से हैं। ऐसे में उनका फर्ज है कि वे अपने किसान भाइयों का साथ दें। इसलिए उन्होंने बारात ले जाने के लिए उन्होंने न कार इस्तेमाल की और न ही घोड़ा बग्गी। बल्कि परिजनों और दुल्हन के परिवार वालों से बात कर ट्रैक्टर से बारात ले गए। सुमित ने कहा कि वे शादी में शगुन के तौर पर मिलने वाली राशि को किसान आंदोलन में दान करेंगे। दिल्ली जाकर किसानों को बांटेंगे। खेल मंत्री संदीप सिंह भी मुझे और मेरी जीवनसंगिनी को आशीर्वाद देने पहुंचे थे और उन्होंने भी मेरी इस मुहिम को सराहा।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर भीड़, हमले हमले कोशिश

नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर भीड़ के बवाल को लेकर सियासत तेज हो गई है. दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नोटिस जारी किया है. डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी और बच्चों पर हमले की कोशिश की गई है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, ”दिल्ली के उपमुख्यंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर उनकी गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी और बच्चों पर हमले का प्रयास हुआ. हमने पुलिस को नोटिस जारी किया है. कैसे पुलिस के सामने गुंडे उनके घर में घुसे? कितने लोग गिरफ्तार हुए? जब एक जनप्रतिनिधि का परिवार सुरक्षित नहीं है तो जनता कैसे होगी?” दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से जवाब मांगा है. आयोग ने पूछा है कि आवास के बाहर इतनी बड़ी संख्या में भीड़ कैसे जुटी? सुरक्षा में कहां चूक हुई? इसके साथ ही दिल्ली पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी गई है और साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों के बारे में जानकारी के साथ-साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की तरफ से क्या कदम उठाए जा रहे हैं. यह भी पूछा गया है. इस घटना को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया है और उस वक्त की सीसीटीवी फुटेज शेयर की है. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ”आज बीजेपी के गुंडे मेरी गैरमौजूदगी में मेरे घर के दरवाजे तोड़कर अंदर घुस गए और मेरे बीवी बच्चों पर हमला करने की कोशिश की. अमित शाह जी आज आप दिल्ली में राजनीति में हार गए तो अब इस तरह से हमें निपटाएंगे?” वहीं, दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक बीजेपी कार्यकर्ता हुकुम सिंह ने दिल्ली पुलिस से दिल्ली के डिप्टी सीएम के घर के बाहर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था और घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया था. गुरुवार को लगभग 11:30 बजे एक भीड़ आई और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर के बाहर हंगामा किया और कैंप ऑफिस में घुस गई. दिल्ली पुलिस ने मौके से 6 लोगों को पकड़ लिया और मंदिर मार्ग थाने ले गए. शाम के वक्त डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सेक्रेटरी सी अरविंद ने दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में शिकायत दी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

बैठक में किसानों ने ठुकराया सरकार का खाना, धरनास्थल सिंधु बॉर्डर से पैक होकर आया लंच

नई दिल्ली। दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसान नेताओं की बैठक जारी है. कृषि कानूनों पर सरकार और किसान नेताओं की चौथे दौर की बातचीत को 3 घंटे से ज्यादा का समय हो गया. इस मैराथन बैठक के दौरान लंच ब्रेक भी हुआ. इस दौरान किसान नेताओं ने सरकार की खातिरदारी मंजूर नहीं की और अपना खाना मंगाकर खाया. किसान नेताओं के लिए खाना सिंधु बॉर्डर से सफेद रंग की एंबुलेंस में पैक होकर आया था. सिंधु बॉर्डर पर लगे लंगर से किसान नेताओं के लिए खाना पहुंचा. किसान नेताओं ने पहले ही मन बना लिया था कि सरकार का खाना स्वीकार नहीं करेंगे. आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले 8 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं, सरकार किसानों को समझाने में जुटी है. सरकार का कहना है कि कृषि कानून किसानों के पक्ष में है. आज की बैठक में किसान नेताओं की तरफ से कविता तालुकदार अकेली महिला हैं. कविता एक सोशल एक्टिविस्ट हैं और इस आंदोलन की सेंट्रल कोऑर्डिनेशन कमिटी की मेंबर भी हैं. इस चर्चा में किसान नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कविता ने जबरदस्त दलीलें दी हैं. बैठक में कविता के सवालों ने कृषि मंत्रालय के पदाधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए. कविता ऑल इंडिया किसान संयुक्त समिति की भी सदस्य हैं. सरकार के जवाब के बाद किसान नेताओं ने पूछा कि सरकार आखिर क्यों गोल-गोल चक्रों में घूम रही है. सरकार और किसानों नेताओं की बातचीत दोपहर 12 बजे शुरू हुई. किसानों की ओर से MSP पर अपनी मांग रखी गई. किसानों ने अपनी ओर से दस पन्नों का खाका पकड़ाया. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कुल दस पन्नों का खाका सरकार को सौंपा गया. एंबुलेंस से आया किसानों के लिए खाना किसानों की ओर से कृषि सचिव को खाका सौंपा गया, जिसमें 5 मुख्य बिंदु हैं. APMC एक्ट में 17 प्वाइंट पर असहमति है, एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में 8 प्वाइंट पर असहमति है. इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में 12 प्वाइंट पर असहमति है.

दिल्ली के सभी बॉर्डर पर किसानों का डेरा, बोले – देश में सभी कानून कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान जमे हुए हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है. लेकिन किसानों का एक गुट सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर ही डेरा डाले हुआ है और सरकार से बिना शर्त बातचीत की मांग कर रहा है.किसान नेता गुरनाम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस आंदोलन को कुचलने के लिए 30 से ज्यादा मुकदमा दर्ज हो चुके हैं. आज जगह जगह से और लोग आ रहे हैं. हरियाणा से किसान कुच कर रहा है. ये लड़ाई सिर्फ किसान की नहीं है, सबकी है. पैदावार करने वाले किसानों को कम भाव मिलेगा. ये सभी का आंदोलन है. उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज ने हमें समर्थन दिया . हरियाणा में सब मंडियां बंद रहेंगी. जो भी देश में कानून बन रहे हैं, वो सिर्फ कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं. पूरी जनता का शोषण कारपोरेट कर रही है. पूरे देश के नागरिक इस लड़ाई में शामिल हों. अपील करता हूं. जब तक बाते नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा. कहीं इससे भी कड़ा कदम ना उठाना पड़े. उससे पहले बातचीत के लिए आ जाएं.” प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगेंद्र यादव ने कहा, ”देश और दुनिया मे आज सब तरफ उत्सव मनाया जा रहा है, उसकी बधाई. किसान आज देश में अपनी छाप छोड़ने के लिए खड़े हैं. इस आंदोलन ने 5 झूठ का पर्दाफाश किया . पहला- ये आंदोलन किसानों का नहीं है. आप खुद चेक करें. दूसरा- किसानों को बरगलाने का काम किया जा रहा है. किसानों को सब पता है . तीसरा- सिर्फ पंजाब का आंदोलन है. यहां सब बैठे हैं. देश के कोने कोने से. उत्तराखंड से आए हैं. पंजाब के किसानों ने शुरुआत सभी किसानों के लिए की है. चौथा- इसकी कोई लीडरशिप नहीं है. 30 संगठनों का समहू है. इतनी अच्छी लीडरशिप मैंने कभी नहीं देखी. 30 किसान संगठन हर रोज मिल रहे हैं. क्लियर लीडरशिप है. पांचवां- पॉलिटिकल पार्टी ने करवाया. हरियाणा का किसान हमारे साथ है. ये आंदोलन ऐतिहासिक आंदोलन है.” भारती किसान यूनियन (दकुंडा) के जनरल सेक्रेट्री जगमोहन सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी को गुरु पर्व की बधाई दी और कहा, ” हमारे 30 संगठन की मीटिंग हुई. मुंह में राम राम बगल में छुरी. अमित शाह फ़ोन पर बात कर रहे हैं, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है. ये पंजाब का संघर्ष नहीं है. ये सभी का संघर्ष है . सभी की जो स्थिति है, हम जहां हैं वही रहंगे, और आगे कैसे बढ़ना है. आज देश के किसान अपने मन की बात सुनाने आए हैं.”

Farmers Protest: किसान यूनियन का बड़ा ऐलान- हम बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे, वो खुली जेल है

नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (Farm Laws 2020) को वापस लेने तथा अपनी फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. किसान संघों ने रविवार दोपहर की मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया है. इसके बाद मीटिंग के फैलने की जानकारी देने के लिए किसान संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हम सरकार की ओर से बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्तव नामंजूर करते हैं. किसान संगठन बिना शर्त सरकार से बातचीत चाहता है. उन्‍होंने कहा कि बुराड़ी ओपन जेल की तरह है और वह आंदोलन की जगह नहीं है. किसानों ने कहा कि हमारे पास पर्याप्‍त राशन, हम 4 महीने तक हम रोड पर बैठ सकते हैं. आंदोलन कर रहे किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर ही डटे रहने का फैसला किया केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को फैसला किया कि वे राष्ट्रीय राजधानी के बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे और दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे. हजारों किसानों ने लगातार चौथे दिन रविवार को सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर अपना प्रदर्शन जारी रखा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को किसानों से अपील की थी कि वे बुराड़ी के संत निरंकारी मैदान चले जाएं. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए किसानों को इस मैदान की पेशकश की गई है. शाह ने यह भी कहा था कि निरंकारी मैदान में चले जाने के बाद केंद्र सरकार उनसे वार्ता करने को तैयार है. भारतीय किसान संघ (डकौंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल ने फोन पर बताया, ‘हमने फैसला किया है कि हम दिल्ली की सीमाओं पर जमे रहेंगे. हम बुराड़ी नहीं जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह फैसला किया है. बीकेयू (कादियान) के प्रमुख हरमीत सिंह कादियान ने भी कहा कि प्रदर्शनकारी बुराड़ी मैदान नहीं जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कादियान ने सिंघू बॉर्डर के नजदीक पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करने के लिए कोई शर्त नहीं थोपनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हम कोई पूर्व शर्त नहीं चाहते हैं. हम चाहते हैं कि बिना किसी शर्त के बैठक हो. हम बातचीत के लिए राज़ी हैं.’ किसान नेता ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान जल्द ही प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं. गौरतलब है कि ऑल-इंडिया किसान संघर्ष को-ओर्डिनेशन कमेटी, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के अलग-अलग धड़ों ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान किया था. किसान केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनको आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और उन्हें बड़े उद्योगपतियों के “रहम“ पर छोड़ दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के कई संगठनों को दूसरे चरण की बातचीत करने के लिए तीन दिसंबर को दिल्ली में आमंत्रित किया है.

किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षाबलों ने हाईवे खोद डाला

पानीपत। दिल्ली करनाल हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया है। दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। यहां दिल्ली वाले छोर पर दिल्ली पुलिस की कई टुकड़ियां, हरियाणा वाले छोर पर हरियाणा पुलिस और इनके बीच BSF, RAF(रैपिड एक्शन फोर्स) और CISF की तैनाती की गई है। जवानों की यह तैनाती पंजाब और हरियाणा के किसानों को किसी भी तरह से दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए की गई है। पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते काफी समय से कृषि संबंधी नए कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध को आगे बढ़ाते हुए किसान संगठनों ने 26 नवंबर से ‘दिल्ली कूच’ का कार्यक्रम रखा है और इसमें शामिल होते हुए लाखों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं। इन किसानों में सबसे बड़ी संख्या पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से आए किसानों की ही है। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा और दिल्ली पुलिस कई तरह की रणनीति अपना रही है। पुलिस ने दिल्ली-करनाल हाईवे को जगह-जगह बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है और कई जगह तो नक्सलियों जैसी रणनीति अपनाते हुए सड़क तक खोद डाली है। सोनीपत जिले की गनौर तहसील का नजारा इसी कारण बिलकुल किसी नक्सली इलाके जैसा बन पड़ा है। जिस तरह बस्तर के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई पड़ते हैं, ठीक वैसे ही गड्ढे इन दिनों सोनीपत के नजदीक हाईवे पर दिख रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि बस्तर में ये गड्ढे नक्सलियों द्वारा किए जाते हैं, ताकि सुरक्षा बल के जवान उन तक न पहुंच सकें, जबकि सोनीपत में सड़क खोदने का काम खुद सुरक्षाबलों ने किया है, ताकि किसान इन सड़कों पर आगे न बढ़ सकें। सड़क खोदने के साथ ही यहां पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नक्सलियों जैसी एक अन्य रणनीति भी अपनाई है। हाइवे पर चलने वाले ट्रकों को रोककर पुलिसकर्मी ने आड़ा-तिरछा खड़ा करवा दिया गया है, जिसके चलते ये ट्रक ही कई किलोमीटर लंबे बैरिकेड बन गए हैं। किसानों का आरोप है कि ऐसा करके पुलिस आम ट्रक ड्राइवरों और उनकी निजी संपत्ति को अपनी ढाल की तरह वैसे ही इस्तेमाल कर रही है जैसे नक्सली आम लोगों को अपनी ढाल बनाने का काम करते हैं। सिरसा के रहने वाले किसान नेता सुरेश ढाका बताते हैं, ‘हमने इतने सालों में ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि किसी आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस इस हद तक गई हो। आज करनाल में किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आम ट्रक ड्राइवरों को अपनी ढाल बनाकर आगे खड़ा कर दिया था। वहां उनके लदे हुए ट्रक एक पुल पर खड़े करवा दिए थे और उनसे चाबियां छीन ली गई थीं, ताकि वे ट्रक हटा न सकें और इससे पूरी रोड जाम कर दी गई। लेकिन किसानों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने धक्के लगाकर ही ट्रकों को किनारे कर दिया और वहां लगे बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए।’ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते दो दिनों से कई बैरिकेड पार करते हुए पानीपत से आगे बढ़ चुके हैं और दिल्ली के काफी नजदीक आ गए हैं। लेकिन सोनीपत में खुदी हुई सड़कों और कई किलोमीटर में खड़े ट्रकों से जाम हुई सड़क को ये किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ पार कर सकेंगे? ये पूछने पर कुरुक्षेत्र से आए किसान जसमेर सिंह कहते हैं, ‘पुलिस चाहे कितने भी गड्ढे खोद ले किसानों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अगर वो एक-एक मुट्ठी भरकर मिट्टी भी इन गड्ढों में डालेंगे तो गड्ढे भर जाएंगे। ट्रकों को भी किसान हटाकर अपना रास्ता बना ही लेंगे, जैसे अब तक बनाते हुए यहां तक पहुंचे हैं, ऐसे ही दिल्ली तक भी पहुंच जाएंगे। हम पूरे महीने का राशन-पानी लेकर निकलें हैं। अब चाहे जितने भी दिन लगें, लेकिन बिना अपनी शर्तें मनवाए हम लौटने वाले नहीं हैं।’

ग्रेटर नोएडा में फ्लैट में मिली बुजुर्ग पति-पत्नी की लाश, मूर्तियों से सिर पर वार

नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाउसिंग सोसायटी में बुधवार को एक बुजुर्ग दंपति की हत्या का मामला सामने आया है. दोनों अपने फ्लैट में मरे मिले हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों के सिर पर घर में रखी मूर्तियों से हमला करके हत्या की गई है. सूचना मिलने के बाद बिसरख कोतवाली से पुलिस, डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम और क्राइम ब्रांच के इन्वेस्टिगेटर मौके पर पहुंचे हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चेरी काउंटी हाउसिंग सोसायटी में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. बुधवार की सुबह सोसाइटी के टावर नंबर बी-2 में नौवें फ्लोर पर एक फ्लैट में यह वारदात हुई है. इस फ्लैट में एक बुजुर्ग और उनकी पत्नी रुके हुए थे. सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि दोनों बुजुर्ग कुछ दिनों के लिए यहां रहने आए थे. दोनों की लाशें बुधवार की सुबह फ्लैट के भीतर पड़ी मिली हैं. लोग दोहरे हत्याकांड की आशंका जाहिर कर रहे हैं. बुजुर्गों के सिर पर घर में रखी मूर्तियों से वार किए गए हैं. पूरे घर में खून फैला मिला है. पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद बिसरख कोतवाली पुलिस मौके वारदात पर पहुंची है. छानबीन की जा रही है.

राजस्थान में गुर्जर आंदोलन, 60 ट्रेनें डायवर्ट, 220 बसें रुकीं

जयपुर। राजस्थान में मोस्ट बैकवर्ड क्लास (MBC) में बैकलॉग की भर्तियों समेत अन्य मांगों के लिए गुर्जरों ने फिर से आंदोलन शुरु कर दिया है। रविवार को भरतपुर के बयाना में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला गुट के लोग पीलूपुरा के पास रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। गुर्जर रातभर पटरियों पर जमे रहे, धरना आज भी जारी है। ट्रेनें-बसें रुकने से जनता परेशान आंदोलनकारियों ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक की फिश प्लेटें उखाड़ दीं। इसलिए, रविवार को 40 मालगाड़ियों समेत 60 ट्रेनें डायवर्ट करनी पड़ीं। दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा, 2 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। आज भी 4 ट्रेनें रद्द की गई हैं। रविवार को रोडवेज के पांच बड़े डिपो दौसा, हिंडौन, करौली, भरतपुर और बयाना की करीब 220 बसों को रोक दिया गया। इस वजह से त्योहारों के सीजन में जनता परेशान हो रही है। सरकार ने समझौते की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही सरकार की तरफ से खेल मंत्री अशोक चांदना रविवार को बैंसला से बात के लिए गए थे, लेकिन खाली हाथ ही जयपुर लौट गए। भास्कर से बातचीत में चांदना ने बताया, “मैं आंदोलन वाली जगह से एक किमी पहले तक पहुंच गया था, लेकिन भारी जाम की वजह से आगे नहीं जा सका। फिर किरोड़ी बैंसला से बात की। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं, आप मेरे बेटे विजय बैंसला से बात कर लें। विजय को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैं 2-4 मिनट में कॉल करता हूं, लेकिन मुझसे दोबारा संपर्क ही नहीं किया।” नहरा इलाके के 41 सदस्यीय गुर्जरों से हुए समझौते को बैंसला ने लॉलीपॉप बताया नहरा इलाके के 41 सदस्यीय गुर्जर प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से शुक्रवार शाम बात की थी। इस बातचीत में 14 पॉइंट्स पर हुए समझौते की कॉपी लेकर बयाना के SDM सुनील आर्य रविवार शाम करीब 5.30 बजे कर्नल किरोड़ी बैंसला के पास पहुंचे। जैसे ही SDM ने समझौता पढ़ना शुरू किया तो कर्नल ने कहा कि विजय बैंसला को बताएं। बाद में विजय बैंसला ने इस समझौते को लॉलीपॉप कहकर खारिज कर दिया। किरोड़ी बैंसला बोले- CM पर एक बार और भरोसा करना चाहिए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने खुद कहा, “मेरे पास CM अशोक गहलोत का फोन आया था। उन्होंने डिटेल में बात करने के साथ ही भरोसा दिलाया है कि गुर्जर समाज की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करेंगे। इसलिए हमें मुख्यमंत्री पर एक बार और भरोसा करना चाहिए।”

इंसानियत शर्मसार : गुडगांव के फोर्टिस अस्पताल में रेप, वेंटिलेटर पर भर्ती युवती से रेप

गुड़गांव। फोर्टिस अस्पताल में जिंदगी बचाने के लिए लड़ रही 21 साल की युवती से रेप का मामला सामने आया है। लड़की वेंटिलेटर पर है। 22 से 27 अक्टूबर के बीच उससे रेप हुआ। पीड़ित को होश आने पर 28 अक्टूबर को उसने अपने पिता को टूटे-फूटे शब्दों में आपबीती बताई। आरोपी का नाम विकास बताया है। पुलिस को शक है कि वारदात में अस्पताल के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। CCTV फुटेज के आधार पर 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित के पिता ने बताया कि बेटी को सांस लेने में दिक्कत के चलते 21 अक्टूबर को उसे गुड़गांव के सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर 22 अक्टूबर को वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। अस्पताल में उसकी बेहोशी का फायदा उठाकर आरोपियों ने ज्यादती की। पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 29 अक्टूबर को केस दर्ज किया। पीड़ित अब भी बयान देने की स्थिति में नहीं इस मामले की जांच DCP (ईस्ट) मकसूद अहमद कर रहे हैं। पीड़ित की लिखावट में सामने आए नाम और अस्पताल के CCTV फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए 2 संदिग्धों से गुरुवार को करीब 3 घंटे पूछताछ की गई। पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी मांगा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित बयान देने की स्थिति में नहीं है। अस्पताल जांच में सहयोग कर रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने पुलिस कमिश्नर केके राव को पत्र लिखकर जल्द से जल्द जांच पूरी करने को कहा है। इसके साथ ही आयोग ने अस्पताल के CEO को निर्देश दिए हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं और अस्पताल प्रबंधन जल्द से जल्द कार्रवाई रिपोर्ट पेश करे।

फरीदाबाद में कॉलेज से लौट रही छात्रा की गोली मारकर हत्या

फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में बदमाशों ने कॉलेज से लौट रही छात्रा की गोली मारकर हत्या दी। छात्रा बी कॉम फाइनल इयर में थी। परिजन के मुताबिक आरोपी तौसीफ छात्रा के साथ स्कूल में पढ़ता था। तभी से वह उस पर दोस्ती का दबाव बना रहा था। तौसीफ समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा निकिता तोमर सोमवार को अग्रवाल कॉलेज (वल्लभगढ़) में पेपर देने गई थी। शाम 4 बजे घर लौटते समय वह भाई का इंतजार कर रही थी। तभी कार से तौसीफ अपने कुछ दोस्तों के साथ आ गया। तौसीफ ने निकिता को गाड़ी में खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर कनपटी पर गोली मार दी। छात्रा के पिता मूलचंद तोमर ने बताया कि तौसीफ 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ता था। उसने कई बार दोस्ती के लिए निकिता पर दबाव बनाया। वह बेटी पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। 2018 में तौसीफ ने निकिता को अगवा किया था। हालांकि, तब बदनामी के डर से हमने समझौता कर लिया था। तुरंत कार्रवाई की मांग को लेकर रोड जाम में मृतक निकिता का बड़ा भाई नवीन तोमर। नवीन ने बताया कि वह रोज बहन को छोड़ने और लेने जाता था। एसीपी जयवीर राठी बताया कि आरोपी रेहान को नूंह से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले सोमवार देर रात तौसीफ को नूंह से गिरफ्तार किया था। वहीं, मंगलवार सुबह निकिता के परिजन ने बल्लभगढ़-सोहना मार्ग पर चक्काजाम किया।

कोरोना : देश में नए केस में 3 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, सिर्फ 45 हजार मरीज मिले, 70 हजार ठीक हुए

नई दिल्ली . कोरोना के ग्राफ में लगातार गिरावट आ रही है। सोमवार को सिर्फ 45 हजार 490 नए केस आए। 69 हजार 800 मरीज ठीक हो गए। इससे 24 हजार एक्टिव केस कम हो गए। अब 7.47 लाख मरीजों का इलाज चल रहा है। 17 सितंबर को यह आंकड़ा 10.17 लाख तक पहुंच गया था। नए केस में यह तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे कम केस 39 हजार 170 केस 20 जुलाई को आए थे। देश में अब तक 75.74 लाख केस आ चुके हैं, 67.30 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, 1.15 लाख मरीजों की इस बीमारी ने जान ले ली है। सोमवार को 589 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं। मध्यप्रदेश : राज्य में सोमवार को 1015 लोग संक्रमित पाए गए। 1287 लोग रिकवर हुए और 13 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 61 हजार 203 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें 12 हजार 996 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 45 हजार 421 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 2786 मरीजों की मौत हो चुकी है।

गाजियाबाद में डॉक्‍टर ने उशादीशुदा प्रेमिका को लगा दिया जहर का इंजेक्‍शन

गाजियाबाद . गाजियाबाद में पुलिस ने डासना इलाके से 7 सितंबर को लापता हुई एक महिला की मर्डर मिस्ट्री का खुलासा कर दिया. खुलासे में पता चला है कि डॉक्टर प्रेमी ने महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया, उसे पहले नोएडा ले गया फिर उसे चंडीगढ़ ले जाते हुए जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतार दिया. आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी खुद भी शादीशुदा ही है. मामला गाजियाबाद के मसूरी थाना इलाके का है. गाजियाबाद में एक डॉक्टर ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिए उसे जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतार दिया था. बीते 7 सितंबर को गाजियाबाद के मसूरी इलाके से एक 31 साल की महिला शबाना पत्नी यामीन संदिग्ध हालत में गायब हो गई थी. महिला की गुमशुदगी मसूरी थाने में दर्ज कराई गई थी. पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी महिला नहीं मिली. हाल ही में पुलिस को पता चला कि महिला इलाके के रहने वाले डॉक्टर इस्माइल के संपर्क में रहती थी. पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं तो पता चला कि डॉक्टर इस्माइल ने कुछ समय पहले अपना मोबाइल नंबर बदल दिया था. पुलिस ने डॉक्टर का पुराना मोबाइल नंबर तलाशा और उसकी लोकेशन के आधार पर आरोपी इस्माइल को हिरासत में लिया गया. कड़ाई से पूछताछ करने पर डॉक्टर इस्माइल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वो महिला को बहाने से हरियाणा ले गया था जहां पर जहर का इंजेक्शन लगाकर महिला की हत्या कर दी. इसके बाद महिला के शव को कुरुक्षेत्र इलाके में ठिकाने लगा दिया गया था. वहीं, महिला के पति के अनुसार, महिला घर से कुछ जेवरात और करीब 1 लाख 90 हजार कैश ले गई थी. डॉक्‍टर ने उसका माल हड़प लिया और उसकी हत्या कर दी. इस बारे में सीओ महिपाल सिंह ने बताया कि वापस आने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर भी बदल दिया था. इसी वजह से पुलिस को इस मामले का खुलासा करने में करीब 40 दिन का वक्त लग गया. फिलहाल पुलिस आरोपी से और ज्यादा जानकारी और पूछताछ में जुटी है.

भोपाल -दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस 17 अक्टूबर से फिर दौड़ेगी, रिजर्वेशन शुरू

भोपाल। रेलवे बोर्ड ने नई दिल्ली से हबीबगंज के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को 17 अक्टूबर से चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस ट्रेन के लिए 14 अक्टूबर यानि आज से रिजर्वेशन शुरू हो गए हैं। साढ़े सात महीने बाद इस ट्रेन का संचालन शुरू होगा। दिल्ली और भोपाल आने-जाने के लिए शहर को लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मार्च में शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन को बंद कर दिया गया था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे रेल यातायात को बहाल किया जा रहा है। पहले लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाया गया। अभी भोपाल से दक्षिण भारत, महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेनें गुजर रही हैं। त्योहार नजदीक होने पर इन ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई है, जिसकी वजह से भोपाल जाने वाले यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि वेटिंग टिकट पर सफर करना फिलहाल प्रतिबंधित है। त्योहार की भीड़ को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 196 ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें नई दिल्ली से हबीबगंज (भोपाल) जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को भी 17 अक्टूबर से चलने की अनुमति दी है। नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भोपाल के हबीबगंज स्टेशन दोपहर बाद 2.25 बजे पहुंचती है। वहीं, भोपाल से शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर बाद 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना होती है। यह ट्रेन मथुरा, आगरा कैंट, मुरैना, ग्वालियर, झांसी, ललितपुर, भोपाल और हबीबगंज स्टेशन पहुंचती है। तीन ट्रेनों को चलाने का भेजा है प्रस्ताव उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने तीन ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें झांसी-पुणे एक्सप्रेस, ग्वालियर-छपरा (बरौनी मेल) एक्सप्रेस, झांसी-बांद्रा का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इस महीने इन ट्रेनों के चलने के आसार हैं। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। त्योहार की वजह से यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। बरौनी मेल के चलने से यूपी और बिहार के लिए ट्रेन मिल जाएगी। रेल यात्रियों को 10 ट्रेन की सौगात, भोपाल होकर जाएगी बलसाड़-पुरी विशेष ट्रेन भोपाल से बलसाड़-पुरी-बलसाड़ स्पेशल ट्रेन सप्ताह में एक दिन भोपाल से होकर चलेगी। यह गुरुवार से शुरू होगी। भोपाल मंडल से डॉक्टर अंबेडकर नगर-कामाख्या, बड़ोदरा-वाराणसी, उधना-दानापुर, सूरत-भागलपुर के मध्य स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन भी चलने लगेंगी। रेल प्रशासन द्वारा यह ट्रेन अगली सूचना तक चलाई जाएंगी। इन गाड़ियों का समय पहले से निर्धारित ट्रेन के समय के अनुसार ही चलेगा। भोपाल मंडल से होकर 6 ट्रेन सप्ताह में एक दिन रहेंगी, जबकि 4 गाड़ी सप्ताह में दो दिन रहेगी।

गहरी साजिश : न 11 लाख रुपए लुटे , न क्रॉकरी कारोबारी जिंदा जला, वह जिंदा है, गिरफ्तार

हिसार ( हरियाणा) . राममेहर ने कहा था, ‘जल्दी आ जाओ मेरी जान खतरे में है…दो बाइकों पर सवार लोग मुझे मार डालेंगे…’। ये डायलॉग ड्रामे के निकले। खबर आई है कि मृतक राममेहर जिंदा है…। अगर थोड़ा फ्लैशबैक में जाएं तो हकीकत कुछ और ही दिखाई गई थी। दरअसल, पिछले दो दिन से इस शख्स को 11 लाख रुपए लूटे जाने के बाद लुटेरों द्वारा कार में ही जिंदा जला दिए जाने की बातें सुर्खियों में है। इसी मामले को पुलिस ने 72 घंटे के अंदर सुलझा लिया। उसे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सवाल उठता है कि उसने यह सारा ड्रामा क्यों रचा, इसका खुलासा भी पुलिस जल्द ही करने वाली है। साथ ही, कार में जो जला हुआ कंकाल मिला था। वह किसका था? बताते चलें कि 6 अक्टूबर की रात को हांसी के बरवाला रोड पर पुलिस को एक कार में किसी व्यक्ति के जिंदा जल रहे होने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें कंडक्टर सीट पर बैठा व्यक्ति पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। कार की नंबर प्लेट के आधार पर इसमें जिंदा जले व्यक्ति की शिनाख्त गांव डाटा निवासी राममेहर के रूप में हुई थी, जो बरवाला में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री चलाता है। परिजनों के मुताबिक, राममेहर बुरी तरह से घबराया हुआ था। उसने रात को अपने भांजे को मदद के लिए फोन भी किया था, जिसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। शुक्रवार को इस मामले में खुलासा हुआ है कि राममेहर जिंदा है और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बारे में हांसी के पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि लूट के बाद जिंदा जलाने की थ्योरी पहले दिन से हजम नहीं हो रही थी। पुलिस मानकर चल रही थी कि किसी नजदीकी का इसमें सारा खेल है। पुलिस को उस समय इस केस में लीड मिली, जब व्यापारी के मरने के बाद भी उसका फोन एक्टिव रहा। व्यापारी ने अपने नंबर से एक महिला को दिन में कई बार कॉल किया और घंटों तक बात हुई। इसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ी। वहीं सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि पुलिस ने महिला का नंबर ट्रेस किया और उसकी लोकेशन पर जाकर उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की। उसने बताया कि व्यापारी राममेहर जिंदा और वह बिलासपुर में रह रहा है। हांसी पुलिस ने तुरंत बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया और व्यापारी के जिंदा होने वाली बात कन्फर्म करवाई। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में ले लिया।

बेहद शर्मनाक व दर्दनाक : कारोबारी से 11 लाख रुपये लूटे फिर कार समेत जिंदा जला दिया

हिसार। हरियाणा के हिसार से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां पर बदमाशों ने एक डिस्पोजल व्यापारी से 11 लाख रुपये लूट लिए और उसे गाड़ी समेत जिंदा जाल दिया. यह घटना जिले के हांसी शहर में मंगलवार देर रात की है. बताया जा रहा है कि खतरे का आभास होते ही व्यापारी ने अपने परिजनों को फोन पर बताया कि कार में कुछ लोग उसका पीछे कर रहे हैं. लेकिन इससे पहले कि परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचते कारोबारी कंकाल में तब्दील हो चुका था. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस के मुताबिक दो बदमाश बाइक पर सवार थे और एक बदमाश गाड़ी से पीछा कर रहा था. पुलिस ने शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया है और इस मामले की जांच में जुट गई है. घटना से पहले व्यापारी ने अपने भांजे से बात भी की थी और बताया था कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. मृतक राममेहर की बरवाला में डिस्पोजल ग्लास की फैक्ट्री है वो मंगलवार देर रात अपनी कार से कहीं जा रहे थे और उनके पास 11 लाख कैश भी था. व्यापारी से 11 लाख लूटे और जिंदा जला दिया परिजनों का कहना है कि राममेहर ने दोपहर 12 बजे 9 लाख 90 हजार रुपये एक्सिस बैंक से निकले थे और 1 लाख रुपये उनके पास पहले थे. वो हिसार से गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी और मौके से फरार हो गए. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी सदर थाना प्रभारी कश्मीरी लाल ने बताया कि पुलिस को रात 12 बजे जानकारी मिली कि बरवाला रोड पर एक व्यक्ति को कार में जिंदा जला दिया गया. मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि राममेहर ने मंगलवार को बैंक से 11 लाख रुपए निकलवाए थे. हिसार से जब गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी. एसएचओ कश्मीरी लाल ने कहा कि अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी. इस रूट पर सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं.

MP : हाथरस केस में नया मोड़ …पीड़ित के भाई और आरोपी संदीप के बीच 6 महीने में 104 बार बातचीत

हाथरस। हाथरस में 19 साल की दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप और मौत के बाद आधी रात में जबरन अंतिम संस्कार करने को लेकर देशभर में गुस्सा है। इस बीच मुख्य आरोपी संदीप और युवती के भाई के बीच फोन कॉल्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 104 बार बातचीत हुई। पूरा कॉल ड्यूरेशन करीब 5 घंटे का है, जबकि दोनों के घर 200 मीटर की दूरी पर ही हैं। 62 कॉल संदीप ने तो 42 कॉल पीड़ित के भाई की तरफ से एक-दूसरे को किए गए। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) दैनिक भास्कर के पास है। सीडीआर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, इस डिटेल की किसी भी अधिकारी और जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। जांच में लगी टीम के सूत्रों का दावा है कि पीड़ित के भाई का फोन उसकी पत्नी इस्तेमाल करती थी। इसी फोन से पीड़ित और संदीप के बीच बातचीत का दावा किया जा रहा है। सीडीआर में दोनों के बीच बातचीत में करीब 60 कॉल रात के समय का होना पाया गया। फिलहाल, इस केस की जांच कर रही एसआईटी को गृह विभाग ने 10 दिन का समय और दिया है। पीड़ित के घर में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पहचान उजागर करने पर ट्विटर, वेबसाइट्स पर एफआईआर चंदपा थाने में एक्टीविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने पीड़ित की पहचान उजागर करने पर शिकायत की। मामले में ट्विटर और संबंधित वेबसाइट्स पर धारा 228ए आईपीसी, 72 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। नूतन ने 29 सितंबर को शिकायत भेजी थी। इसमें ट्विटर पर पीड़िता का नाम लिए जाने, उसके नाम से ट्विटर पर विभिन्न हैशटैग चलाए जाने, पीड़ित की फोटो और वीडियो शेयर किए जाने के संबंध में कार्रवाई की मांग की थी। क्या है पूरा मामला? हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। मंगलवार को सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे में भी रेप न होने की बात कही गई है। योगी सरकार मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बोले- हम चीन व पाकिस्तान को एक साथ सबक सीखा सकते हैं

नई दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने सोमवार को साफ कहा कि उत्तरी इलाके में मौजूदा हालातों में चीन के पास ऐसा कोई रास्ता नहीं कि वो हमें हरा सके। लद्दाख में हमारी पोजिशन मजबूत है और दो मोर्चों पर जंग के लिए भी तैयार हैं। भदौरिया ने कहा कि मौजूदा समय में पड़ोसियों की तरफ से बढ़ रहे खतरे को देखते हुए हमें मजबूती के साथ जंग के हर मोर्चे पर पूरी क्षमता से लड़ने की जरूरत है। मैं भरोसा दिलाता हूं कि ऑपरेशनली हम बेस्ट हैं। लद्दाख में तैनाती के बारे में एक सवाल के जवाब में एयरफोर्स ची‌फ ने कहा- हमने सभी जरूरी ऑपरेशनल लोकेशन पर तैनाती की है। हमारी पोजिशन अच्छी है और तनाव बढ़ता है तो चीन को बेहतर जवाब मिलेगा। ‘वायुसेना किसी भी विवाद से निपटने को तैयार’ भदौरिया के मुताबिक, वायुसेना किसी भी विवाद से निपटने के लिए तैयार है। अगर दो मोर्चों पर जंग होती है तो उस स्थिति में भी हम लड़ने के लिए मुस्तैद हैं। हमने रिकॉर्ड समय में राफेल, अपाचे और चिनूक को ऑपरेशन में शामिल किया और इन्हें अपने कॉन्सेप्ट से जोड़ा। अगले तीन साल में राफेल और एलसीए मार्क-1 स्क्वॉड्रन अपनी पूरी क्षमता के साथ ऑपरेट करेगी और इसके साथ एडिशनल मिग-29 भी शामिल होंगे, जिनका ऑर्डर किया जा रहा है। हमने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में भरोसा दिखाया है और अगले 5 साल में हम 83 एलएसी मार्क 1-ए को शामिल करने की शुरुआत करेंगे। एयरफोर्स डे पर ताकत दिखाएगा राफेल 8 अक्टूबर को पहली बार राफेल इंडियन एयरफोर्स डे परेड में शामिल होगा और आसमान में ताकत दिखाएगा। राफेल 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट है।

राहुल गांधी गिरफ्तार, धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिरे, गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे थे

नोएडा । उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका को ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने पहली बार रोका तो दोनों कार से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ गए। कुछ देर बाद ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के इकोटेक-1 थाना इलाके में पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिर गए। पुलिसवाले ने राहुल की कॉलर भी पकड़ी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल के हाथ में चोट लगी है। राहुल ने कहा, “पुलिस ने मुझे धक्का दिया, लाठी चार्ज किया, मुझे जमीन पर गिराया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इस देश में सिर्फ मोदी जी ही चल सकते हैं? क्या सामान्य आदमी नहीं चल सकता। हमारी गाड़ियां रोकी गई थीं, इसलिए हमने पैदल चलना शुरू किया। मैं गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलना चाहता हूं, ये मुझे रोक नहीं पाएंगे।” राहुल ने पुलिस से पूछा कि किस धारा में आप मुझे गिरफ्तार कर रहे हैं, जनता और मीडिया को बताइए? पुलिस ने कहा कि सर, वो सबको बता दिया जाएगा। आपने धारा-188 का वॉयलेशन किया है। धारा 188 क्या है? 1897 के महामारी कानून के सेक्शन 3 में जिक्र है कि अगर कोई कानून के निर्देशों और नियमों को तोड़ता है, तो उसे आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। उसे सजा भी दी जा सकती है। इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी के निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी यह धारा लगाई जा सकती है। 4 साल पहले राहुल-प्रियंका को नोएडा जाने से रोका गया था 2016 में भी राहुल और प्रियंका गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मुलाकात करने के लिए नोएडा पहुंचे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद दोनों को दिल्ली लौटना पड़ा था। प्रियंका का सवाल प्रियंका ने ट्वीट कर कहा है कि गैंगरेप की शिकार लड़की के पिता को जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया। वे जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? हाथरस के मामले में प्रियंका लगातार याेगी सरकार पर हमले कर रही हैं। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर मुख्यमंत्री से 3 सवाल पूछे। सबसे बड़ा सवाल यही था कि परिजन से जबरदस्ती छीनकर पीड़ित के शव को जलवा देने का आदेश किसने दिया? गांव को छावनी बनाया गया पीड़ित के गांव में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। कोई भी बाहरी व्यक्ति पीड़ित के घर तक न पहुंच सके, इसके लिए गांव के बाहर मेन रोड पर बैरिकेड लगाए गए हैं। मीडिया को भी गांव में आने की परमिशन नहीं है। गांव के एंट्री पॉइंट पर एडीएम लेवल के अधिकारी भी तैनात हैं। पुलिस ने कहा- दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हाथरस के एसपी विक्रांत वीर ने कहा है कि अलीगढ़ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर पर जख्मों की बात है, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि योगी को उनकी जगह पर यानी गोरखनाथ मठ भेज देना चाहिए। अगर उन्हें वह भी पसंद नहीं तो राम मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म कर रहे केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की घटनाओं का सभी को दुख है और चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिशों के नतीजे जल्द नजर आएंगे। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म के जरिए तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका राहुल-प्रियंका के पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित के गांव तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें गांव के अंदर जाने से रोक दिया। विरोध में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। क्या है पूरा मामला? हाथरस जिले के चंदपा इलाके के गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

कोरोना : राहत … अब एक्टिव केस कम हो रहे, 14 दिन पहले 9.73 लाख थे, अब 9.61 लाख

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़े अब कुछ राहत दे रहे हैं। बीते आठ में से सात दिनों में नए संक्रमितों से ठीक होने वालों की संख्या ज्यादा रही है। शुक्रवार को भी 85 हजार 465 संक्रमितों की पहचान हुई, जबकि 93 हजार 166 ठीक हो गए। इससे एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। 14 दिन पहले 12 सितंबर को 9.73 लाख एक्टिव केस थे, जबकि 25 सितंबर को यह 9.61 लाख हो गए। देश में अब तक 59 लाख 1 हजार 571 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 48 लाख 46 हजार 168 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 93 हजार 410 मरीजों की मौत हो चुकी है। ओडिशा देश का 8वां राज्य हो गया है, जहां संक्रमितों की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। शुक्रवार को यहां 4208 नए केस मिले। इसी के साथ संक्रमितों की संख्या 2 लाख 1 हजार 96 हो गई है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में संक्रमितों की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो चुकी है। गुरुवार को रिकॉर्ड 14 लाख 92 हजार 409 लोगों की जांच हुई। कोरोना टेस्टिंग का यह आंकड़ा एक दिन में सबसे ज्यादा है। इसके पहले 19 सितंबर को 12 लाख लोगों की जांच हुई थी। 6.89 करोड़ जांच हो चुकी हैं। अब हर 10 लाख की आबादी में मरीजों के मिलने की संख्या बढ़ गई है। अब इतनी आबादी में 4210 लोग संक्रमित मिल रहे हैं। 20 सितंबर तक 4200 मरीज मिल रहे थे। इतनी ही आबादी में मरने वालों की संख्या भी 67 हो गई है। पीजीआई चंडीगढ़ में शुक्रवार से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड का ट्रायल शुरू हो गया है। यहां वैक्सीन का डोज लेने के लिए 400 वॉलंटियर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

पानीपत में दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले, कई हिरासत में

चंडीगढ़। कृषि बिल को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा और पंजाब में किसान सड़क पर हैं और बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. हरियाणा के पानीपत में दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं और पानी की बौछार की गई है. इसके साथ ही किसानों को हिरासत में ले लिया गया. प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि अध्यादेश किसानों का डेथ वारंट है और इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे. जो पहले से उन्हें मिल रहा है, वह उसको लेकर खुश हैं. सरकार और ज्यादा देने का प्रयास ना करें. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी जमीन को अडानी और अंबानी को बेचने का काम कर रही है. किसान नेताओं का कहना है कि सरकार लोगों के साथ धोखा कर रही है, क्योंकि तीनों अध्यादेश पूंजीपतियों के लिए है और पूंजीपति किसान की फसल का मनचाहा एमएससी लगाएंगे, जिससे किसान की हालत और भी ज्यादा खराब होगी. आज पूरे देश का किसान रोड पर उतर कर इसका विरोध कर रहा है. भारतीय किसान यूनियन और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने 25 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है. भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि देशभर के किसान 25 सितंबर को कृषि सुधार विधेयक 2020 के विरोध में धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करेंगे. यूपी के किसान अपने-अपने गांव, कस्बे और हाईवे का चक्का जाम करने का काम करेंगे. किसान यूनियन के महासचिव धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन इस हक की लडाई को मजबूती के साथ लड़ेगी. सरकार यदि हठधर्मिता पर अड़िग है तो हम किसान भी पीछे हटने वाले नहीं हैं. किसान के पेट पर सरकार ने हमला किया है, जिसे हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस कानून से कृषि क्षेत्र में कम्पनी राज को सरकार स्थापित कर रही है.

दूसरे दिन संक्रमितों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी; देश में 53.98 लाख केस

नई दिल्ली. देश में कोरोना मरीजों की संख्या 53 लाख 98 हजार 230 हो गई है। पिछले 24 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 12 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हुई। एक दिन में टेस्टिंग का ये सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इन 12 लाख लोगों में 7.66% यानी 92 हजार 574 नए मरीज बढ़े। अब तक 42 लाख 99 हजार 724 लोग ठीक हो चुके हैं। शनिवार को 94 हजार 384 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अच्छी बात है कि यह लगातार दूसरा दिन था जब देश में संक्रमितों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी। इसी के साथ भारत अब मरीजों के ठीक होने के मामले में पहले नंबर पर हो गया है। यहां अब तक अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीज ठीक हुए हैं। अमेरिका अब दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। (भारत में 100 संक्रमितों में से 79 रिकवर, पूरी खबर पढ़ें) मरने वालों का आंकड़ा 86 हजार के पार शनिवार को देश में 1,149 संक्रमितों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसी के साथ मरने वालों की संख्या अब 86 हजार 774 हो गई है। अभी 10 लाख 10 हजार 975 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। ये मरीज घर में रहकर या फिर अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। इनमें करीब 9 हजार मरीजों की हालत गंभीर है। कल से कोरोना वैक्सीन का आखिरी ट्रायल शुरू होगा कोरोना के लिए बनाए जा रहे ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का आखिरी और फेज-3 ट्रायल सोमवार से पुणे में शुरू हो जाएगा। इसके लिए 150 से 200 वालंटियर्स डोज लेने के लिए तैयार हैं।

फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से की 60 करोड़ की ठगी, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

लखनऊ . उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अलास्का रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड, अलास्का कमोडिटीज व अलास्का इंटरप्राइजेज के माध्यम से 60% प्रतिवर्ष लाभ यानी प्रतिमाह 5% का लाभांश देने का प्रलोभन देकर सैकड़ों लोगों से लगभग 60 करोड़ रूपये इनवेस्ट कराकर, हड़पने वाले गिरोह के सरगना अभियुक्त हरिओम यादव को लखनऊ से एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है. पिछले काफी समय से मल्टी लेवल मार्केटिंग के माध्यम से जनता से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले इस गिरोह की सूचना एसटीएफ को प्राप्त हो रही थी. जिसके चलते एसटीएफ की एक टीम को कार्रवाई हेतु पीछे लगाया गया था. जानकारी के मुताबिक एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया हरिओम यादव अलास्का रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का एमडी है. उसकी कंपनी अलास्का कमोडिटीज और अलास्का इंटरप्राइजेज के जरिए लगभग 600 लोगों से 60 करोड़ रुपए हड़प लिए गए थे. जिसके कारण अभी हाल ही में लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मुकदमा पंजीकृत किया गया था. मुकदमा पंजीकृत करने के बाद गोसाईगंज पुलिस को इस कंपनी में काम करने वाले सभी लोगों की तलाश थी और 9 लोगों की गिरफ्तारियां भी की गई थी. लेकिन मुख्य आरोपी हरिओम यादव फरार हो गया था. शनिवार को मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ की टीम द्वारा इसे धर दबोचा गया है. दरअसल राजधानी लखनऊ में फर्जी रियल एस्टेट कंपनी खोलकर लोगों से 59 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाभोड़ करते हुए कंपनी से जुड़े 9 लोगों को बीते 15 तारीख को गिरफ्तार किया गया था. वहीं मुख्य आरोपी हरिओम यादव पुलिस की गिरफ्त से दूर था. अलास्का रियल स्टेट के नाम से बनाई गई कंपनी के एजेंट्स लोगों को गुमराह कर पैसे ऐंठ लिया करते थे. 15 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने कहा था कि तकरीबन साढ़े पांच सौ लोग इस कंपनी में पैसा इंवेस्ट किए हुए थे जो कुल 59 करोड़ रुपए के आसपास का इंवेस्टमेंट है. प्रेस वार्ता के दौरान डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस साउथ, रईस अख्तर ने बताया था कि इन लोगों का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा गुजरात के सूरत तक फैला हुआ है. ये लोग गुजरात के सूरत में भी लोगों को गुमराह करके पैसा इंनेस्ट करवाकर गबन कर लिया करते थे और वहीँ देश के बाहर दुबई में भी ये लोग पैसा इंवेस्ट किए थे और वहां के लोगों को भी इंवेस्टमेंट करवा कर उनको गुमराह करके पैसा हड़प लेते थे. पुलिस के मुताबिक कंपनी के एजेंट लोगों से कहते थे कि इनकी रियल स्टेट की कंपनी काफी बड़ी है जो ट्रेडिंग करती है. एजेंट लोगों को बताते थे कि कंपनी का मालिक हरिओम यादव, एशिया के टॉप 20 ट्रेडर्स में एक है. इनको प्रतिमाह 20 प्रतिशत लाभ मिलता है. उसी लाभ के चलते वह आप सभी को अलास्का रियल स्टेट कंपनी में इंवेस्ट करने पर 5% देते हैं. शुरुआत के 2-3 महीने कंपनी ने लोगों को 5% प्रॉफिट पर रुपए भी दिए, जिसके कारण कई लोगों ने झांसे में आकर करोड़ों रुपए इस कंपनी में लगा दिए थे. जिसके कुछ महीने बाद ये लोग कंपनी बंद करके फरार हो गए थे.

खुशखबरी: धीमी गति से रूप बदल रहा कोरोना अब और ज्यादा संक्रामक नहीं होगा

लंदन . दुनियाभर में तबाही मचाने वाला कोरोना वायरस अब धीमी गति से अपना रूप बदल रहा है। ब्रिटेन की प्रतिष्ठित रॉयल सोसायटी ऑफ लंदन के शोध से यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक वायरस के आनुवांशिक तत्वों में हुआ एक भी बदलाव उसे और ज्यादा संक्रामक नहीं बनाता। इससे साफ है कि वायरस फैलने की गति और घातक क्षमता में कमी आई है। जबकि पूर्व के शोध में कहा गया था कि भले वायरस धीमी गति से फैल रहा हो पर ज्यादा घातक हो गया है। टीका बनने पर असरकारी होगा- शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर कोविड-19 वायरस में म्यूटेशन या रूप परिवर्तन बहुत धीमा हो रहा है तो इसका फायदा कोविड का टीका तैयार होने पर मिलेगा। यह टीका ज्यादा लंबे वक्त तक लोगों को वायरस से सुरक्षा दे सकेगा क्योंकि वायरस समय गुजरने के साथ और शक्तिशाली नहीं हो रह पाएगा। वायरस अब स्थायी रूप में मौजूद- कैंब्रिज विश्वविद्यालय से जुड़े और शोध के अग्रणी वैज्ञानिक डॉ. जेफ्री स्मिथ का कहना है कि वायरस रफ्तार और क्षमता के लिहाज से अब ज्यादा स्थायी है। इसकी आसानी से पहचान के साथ सही ढंग से उपचार हो सकता है। रॉयल सोसायटी के साइंस इन इमरजेंसी टास्क फोर्स ने इस अध्ययन को प्री-प्रिंट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित किया है। घातक नहीं बन रही बीमारी- शोधकर्ताओं ने जीनोम शृंखला का अध्ययन कर पाया कि धीमी गति से हो रहे रूप परिवर्तन के बावजूद वायरस के अंदर ऐसे गुण विकसित नहीं हो रहे हैं, जिससे वायरस का नया स्ट्रेन किसी दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ले। ऐसे में शोधकर्ताओं का भरोसा है कि यह वायरस अब बीमारी को और ज्यादा संक्रामक और जानलेवा नहीं बना रहा है। प्रयोगशाला में तैयार नहीं हुआ वायरस- वैज्ञानिकों ने वायरस की उत्पत्ति का भी अध्ययन किया। उनका कहना है कि वायरस किसी प्रयोगशाला में तैयार नहीं हुआ। सार्सकोव-2 व अन्य वायरसों की आनुवांशिक प्रकृति के बीच इतना अंतर है कि इसे प्रयोगशाला में बनाना असंभव है। वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन में फैले कोविड-19 वायरस के स्ट्रेन की ट्रेसिंग की। उन्होंने पाया कि वायरस के 97 प्रतिशत निकटतम गुण वाला एक अन्य वायरस ‘आरएटीजी13’ चीन के चमगादड़ों में मौजूद था। हालांकि दोनों वायरस के आनुवांशिक तत्वों की जांच में काफी भिन्नता मिली। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 और कोरोना प्रजाति के अन्य वायरस में इतना ज्यादा अंतर है कि इसे लैब में तैयार करना संभव नहीं है। पहले का दावा- नौ गुना तेजी से फैल रहा संक्रमण- जुलाई में सेल पत्रिका में छपे शोध में कहा गया कि वायरस का नया रूप ‘जी614’ पूरी दुनिया में तेजी से संक्रमण फैला रहा है, हालांकि यह संक्रमण पहले के स्ट्रेन की तुलना में ज्यादा घातक नहीं है। कैलिफोर्निया के ला जोला इंस्टीट्यूट फॉर इम्यूनोलॉजी के शोध में कहा गया कि नया स्ट्रेन नौ गुना तेजी से दुनिया में वायरस को फैला रहा है। मार्च की शुरूआत में इसकी मौजूदगी यूरोप में थी और मार्च के अंत तक यह अमेरिका तक फैल चुका था। फरवरी में शुरू हुआ था म्यूटेशन – कोरोना के आनुवांशिक तत्वों में आंशिक बदलाव या म्यूटेशन सबसे पहले फरवरी में देखा गया। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यूरोप से अमेरिका में वायरस का बदला हुआ स्वरूप फैला। रॉयल सोसायटी के शोध का महत्व- रॉयल सोसायटी ऑफ लंदन की स्थापना 1660 में हुई थी, यह ब्रिटेन की सबसे पुरानी वैज्ञानिक संस्था है। कोरोना संक्रमण के इस आपातकाल में रॉयल सोसायटी एक विशेष टास्क फोर्स बनाकर इस वायरस से जुड़े अध्ययन कर रहा है। इस ताजा शोध की अभी समीक्षा होना बाकी है, जिसके बाद इसे जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा। पर सोसायटी से जुड़े प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के अध्ययन को इस क्षेत्र से जुड़े अन्य वैज्ञानिक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं। सोसायटी ने सबसे पहले बताई थी मास्क की जरूरत- रॉयल सोसायटी उन वैज्ञानिक संस्थाओं में से एक है, जिससे सबसे पहले कहा था कि सिर्फ तालाबंदी से संक्रमण नहीं रोका जा सकता। इसके लिए जरूरी है कि सार्वजनिक जगहों पर लोगों को फेसमास्क लगाने को प्रेरित किया जाए और वे शारीरिक दूरी अपनाएं।

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