LATEST NEWS

मुख्‍यमंत्री मोहन यादव की जन आभार यात्रा की शुरुआत, नीमच को देंगे कई सौगात

Chief Minister Mohan Yadav’s public gratitude journey begins, will give many gifts to Neemuch विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा लाभ पत्र भी वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव 23 फरवरी को शहर में आयोजित जन आभार यात्रा एवं विशाल रोड शो में भाग लेंगे। नीमच में 151.78 करोड के विकास कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास होगाजनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ पत्र भी वितरित किए जाएंगे नीमच । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की नीमच में जन आभार यात्रा शुरू हो गई है। रोड शो के बाद मुख्‍यमंत्री दशहरा मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में 151.78 करोड़ की लागत के विभिन्न 17 विकास एवं निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इनमें 143.48 करोड़ के तीन विकास एवं निर्माण कार्यो का भूमिपूजन एवं शिलान्यास तथा 8.30 करोड़ लागत के विभिन्न 14 निर्माण कार्यो का लोकार्पण करेंगे। कुल 752 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा। जनआभार यात्रा और रोड शो भी इस मौके पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लाभ पत्र भी वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव 23 फरवरी को शहर में आयोजित जन आभार यात्रा एवं विशाल रोड शो में भाग लेंगे। तदपश्चात मुख्यमंत्री दशहरा मैदान पर आयोजित विशाल जन आभार कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे तथा कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। 135 करोड की कपड़ा एवं परिधान निर्माण ईकाई का भूमिपूजन आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में औद्योगिक क्षेत्र झांझरवाड़ा में 135 करोड़ की लागत से स्थापित हो रही। इसमें डॉ. यादव कपड़ा एवं परिधान निर्माण औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यो का होगा लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच में सेतु निगम द्वारा 1.93 करोड की लागत से रतलाम नसीराबाद मार्ग पर ग्वालटोली नाले पर निर्मित उच्च स्तरीय पुल 1.10 करोड़ की लागत से पुलिस कल्याणकारी योजना के तहत पुरानी पुलिस कालोनी में पुलिस वेलफेयर फिलिंग स्टेशन एवं मोडी, खातीखेडा, धनगांव, कौज्या, बरवाडा, देवरान एवं पलासिया में 0.49 लाख लागत से नवनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र भवन एवं सीएचओ आवास के कार्यो का लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही आजीविका मिशन के तहत ग्राम मेढकी में 0.44 लाख की लागत से निर्मित, रोजगार के लिए वर्कशाप एवं 0.37 लाख की लागत से ग्राम जुनापानी, बधावा एवं लुहारिया जाट में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत निर्मित कृषक सुविधा केंद्रों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री पुलिस लाईन कनावटी में 0.29 लाख की लागत के लान टेनिस खेल मैदान का भी लोकार्पण करेंगे।

क्या मोहन सरकार और शिवराज देंगे जीतू पटवारी के सवालों का जवाब

Will Mohan Sarkar and Shivraj answer Jitu Patwari’s questions? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के आज पत्रकारों से चर्चा के बिंदु :- मध्यप्रदेश में पहले हमने देखा था, झूठ और बेरोजगारी के मामा को! अब हम कर्ज और क्राइम के काका को देख रहे हैं।मामा आए, 30 हजार रजिस्टर्ड झूठ बोल गए। हर एग्जाम में धांधली हुई। लाड़ली बहनों के साथ धोखा हुआ।

जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर दागें जनता के कई महत्वपूर्ण सवाल,

Jitu Patwari raised many important questions of the public on Mohan government, भोपाल ‌। मध्यप्रदेश सरकार 20 फरवरी को बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है! आरबीआई के माध्यम से गवर्मेन्ट सिक्युरिटीज का विक्रय कर यह कर्ज कुल तीन हिस्सों में लिया जाएगा! पहला कर्ज ₹1,500 करोड़ 16 वर्ष और इतनी ही राशि का दूसरा कर्ज 20 वर्ष के लिए लिया जाएगा! ₹2000 करोड़ का तीसरा कर्ज 21 वर्ष में चुकाया जाएगा! तीनों ही कर्ज पर साल में दो बार कूपन रेट पर ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा! वित्तीय वर्ष 2023-24 में भाजपा सरकार अब तक कुल 27 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है! ₹5000 करोड़ के इस कर्ज को मिला लिया जाए, तो यह राशि 32 हजार 500 करोड़ हो जाएगी! 31 मार्च 2023 की स्थिति में सरकार पर तीन लाख 31 हजार करोड़ रुपए से अधिक कर्ज है! उल्लेखनीय यह भी है कि इसी माह 06 फरवरी को मोहन सरकार ने तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था! नरेन्द्र मोदी के चुनावी वादे और “मोदी की चुनावी गारंटी” के बावजूद लाड़ली बहनों को ₹3000 प्रतिमाह नहीं दिए जा रहे! धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल घोषित करने के बावजूद नहीं दिया गया! वहीं गेहूं को लेकर भी ₹2700 प्रति क्विंटल सिर्फ “चुनावी जुमला” ही साबित हो रहा है! सरकारी भर्तियों में खुलेआम धांधली चल रही है! सरकार की जांच रिपोर्ट संदिग्ध साबित हो रही है! युवा सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं! इसके बावजूद भी प्रदेश की भाजपा सरकार बेपरवाह है! एक ओर आर्थिक अराजकता का बढ़ता दायरा प्रदेश को कर्जदार बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ युवा, गरीब, किसान और महिलाएं सरकारी वादे की पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं! लोकसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है । भाजपा पहले जनता के सवालों के जवाब दे! ताकि, झूठे वादे करने वाले मुंह से, फिर कोई नया झूठ निकल नहीं पाए!

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

विधायक पर एफआईआर कराने सीएम हाउस पहुंचा संयुक्त संघर्ष मोर्चा  

United Sangharsh Morcha reached CM House to file FIR against MLA भोपाल। आठ साल पहले इकबाल मैदान में मध्य क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक बयान को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी शनिवार को सीएम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम मोहन यादव के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मोर्चा अध्यक्ष शमसुल हसन बल्ली ने बताया कि आठ साल पहले (2016) में आरिफ मसूद ने मिली काउंसिल के सदस्यों के साथ इकबाल मैदान में धर्म सभा का आयोजन किया था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। जिसमें मसूद और मिली काउंसिल के मौलानाओं ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान भी दिए थे। जिसके बाद इनके खिलाफ तलैया थाने में मामला लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों की शिकायत पर आठ साल में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में सीएम से विधायक पर कार्रवाई की मांग की गई है।

बीजेपी में जाने के सवाल पर कमलनाथ ने नहीं किया इनकार; बोले- आप उत्साहित क्यों?.. बता दूंगा

Kamal Nath did not deny the question of joining BJP;  Said- Why are you excited?..I will tell you भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच कमलनाथ, नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर कमलनाथ ने बीजेपी में जाने के मीडिया के सवाल पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा’ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ दोनों का भाजपा में जाना लगभग तय ही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘ये खबरें निराधार हैं। क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ के भाजपा में जाने की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए।  हाइलाइट्स

भाजपा ने सब मोर्चों को साधा, अब युवा मोर्चा की बारी

BJP addressed all fronts, now it is Yuva Morcha’s turn भोपाल। लोकसभा चुनाव का पारा धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मध्यप्रदेश में भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम जारी कर रही है। 14 फरवरी को जारी हुए नामों में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन देखने को मिला। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और नर्मदापुरम संभाग से आने वाली महिला नेत्री माया नारोलिया को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर भाजपा महिला वोट साधेगी तो वहीं उज्जैन संभाग के मंदसौर से आने वाले किसान नेता और वर्तमान में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंसीलाल गुर्जर को राज्यसभा भेजकर भाजपा किसानों के वोट साधेगी। इससे पहले ग्वालियर संभाग से आने वाले ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह को भाजपा सरकार में मंत्री बनाया गया। वहीं एसटी मोर्चा से कलसिंह भाबर को विधानसभा टिकट देकर एसटी मोर्चा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया। गौर करने वाली बात है कि विधानसभा, राज्यसभा में मोर्चा अध्यक्षों को आगे लाकर भाजपा ने निश्चित ही कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का काम किया। अब लोकसभा चुनाव की बारी है ऐसे में सूत्रों की मानें तो युवा कार्यकर्ताओं और युवाओं के वोट साधने के लिए युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार को भाजपा लोकसभा चुनाव लड़ा सकती है क्योंकि वैभव पवार सामान्य परिवार से छात्र राजनीति में आए और फिर विद्यार्थी परिषद में लंबे समय तक कार्य किया वहीं मोर्चा अध्यक्ष रहते हुए नव मतदाताओं को भाजपा से जोड़ने के लिए विभिन्न अभियान चलाए। मोर्चा में लगातार गतिविधियों को सक्रिय रखने वाले वैभव पवार बालाघाट लोकसभा से आते हैं। इस बार वैभव पवार को युवा चेहरे के तौर पर लोकसभा चुनाव के मैदान में लाकर भाजपा युवाओं को साध सकती है और ये संदेश दे सकती है कि भाजपा में युवाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिलता है और युवाओं को आगे भी बढ़ाया जाता है। कहा जा रहा है कि जिस तरह भाजपा की रणनीति सभी वर्गों को साथ लेकर चलने है कि उससे वैभव पवार युवा वर्ग में बड़े चेहरे के तौर पर देखे जा रहे हैं। वैभव पवार कैसे बन सकते हैं संगठन की पंसद सिवनी के सामान्य परिवार से निकलकर विद्यार्थी परिषद में रहते हुए छात्र राजनीति की। लंबे समय बाद युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली। बतौर प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए कार्यकर्ताओं को गतिविधियों में सक्रिय रखा। युवा चौपालों के माध्यम से नव मतदाताओं के बीच में पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय नव मतदाताओं का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। भाजपा संगठन ने कई बड़े अभियान और कार्यक्रम युवा मोर्चा को सौंपे, जिनमें सबसे बड़ा अभियान रहा ‘हर-भरा मध्यप्रदेश’ जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्योपुर में वृक्षारोपण किया था। वहीं युवा मोर्चा द्वारा आयोजित किए युवा सम्मेलनों में से एक जबलपुर का युवा सम्मेलन जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी सम्मिलित हुए। वैभव पवार ने इन अभियानों में पाई सफलता वन बूथ-20 यूथ, संगठन ही सेवा, युवा सम्मेलन, हरा-भरा मप्र, पंचायत समिति गठन, समय-समय पर रक्तदान कैंप, खेलेगा मप्र, खिलते कमल, युवा चौपाल, बाइक रैली, तिरंगा यात्रा, बूथ सशक्तिकरण अभियान जैसे अभियानों और कार्यक्रमों में युवा मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष वैभव के नेतृत्व में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में बालाघाट सीट से वैभव पवार को मैदान में उतार सकती है।

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए ,

Bharatiya Janata Party announced candidates for the upcoming Rajya Sabha elections भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने दो राज्यों में होने वाले आगामी राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हेतु निम्नलिखित नामों

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मप्र को छोड़ उप्र की संभालेंगे कमान, जीत का देंगे मंत्र

Chief Minister Dr. Yadav will leave MP and take charge of UP will give mantra of victory भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकसभा चुनाव की दृष्टि से उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की कमान संभालेंगे। डॉ. यादव 13 फरवरी को यूपी के आजमगढ़ क्लस्टर के तहत आने वाली आजमगढ़-लालगंज-घोसी-बलिया और सलेमपुर समेत 5 लोकसभा क्षेत्रों के पार्टी पदाधिकारियों की बैठकों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 बजे हवाई पट्टी मन्दूरी, आजमगढ़ पहुचेंगे। वे जयपुरिया स्कूल मिरिया कंधरापुर पहुंचकर दोपहर 12 बजे अपेक्षित श्रेणी की पहली बैठक लेंगे। दूसरी बैठक 1.30 बजे से तथा 2.45 बजे से अपेक्षित श्रेणी की तृतीय बैठक में शामिल होंगे। सीएम 3 बैठकों को करेंगे संबोधित अपने एक दिवसीय यूपी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 बैठकों में अपेक्षित श्रेणी के पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। जिनमें जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, लोकसभा संयोजक, लोकसभा प्रभारी एवं लोकसभा प्रबंध समिति के पदाधिकारी, सांसद, विधायक, विधानसभा प्रत्याशी, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख एवं जिला पंचायच सदस्य शामिल होंगे। भाजपा का लक्ष्य है 400 पार- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 400 सीटों का लक्ष्य लिया है। इसी लक्ष्य पूर्ति के उद्देश्य से भाजपा ने देशभर में लोकसभा क्षेत्रों को क्लस्टर के रूप में बांटा है। पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी क्लस्टर स्तर पर जाकर बैठकें लेकर कार्यकर्तोओं को जीत का मंत्र दे रहे हैं। इसी तारतम्य में मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूपी के आजमगढ़ क्लस्टर के तहत आने वाली 5 लोकसभा क्षेत्रों में बैठकें लेंगे।

हरदा में आमने-सामने प्रशासन और दिग्विजय : सोशल मीडिया पर लिखा भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार

Administration and Digvijay face to face in Harda: Bharat Ratna, Ram Temple and EVM are political weapons of BJP, written on social media  फिर पीएम मोदी : बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे को क्यों नहीं: राज्य सभा सांसद भोपाल। हरदा में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में घटनास्थल पर जा रहे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया। इस दौरान बहस जैसी स्थिति भी बनी, दोनों ही आमने-सामने हो गए। बाद में कलेक्टर आदित्य सिंह से मोबाइल फोन पर चर्चा के बाद उन्हें जाने दिया गया। दिग्विजय सिंह के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने भी मौजूद रहे। उन्होंने कुछ पीड़ित परिवारों के सदस्यों के साथ क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया।वहीं दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार है।  इस पर भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने दिग्विजय सिंह से पूछा कि क्या कमलनाथ ने छिंदवाड़ा फजीर्वाड़े से जीता। उन्होंने दिग्विजय को रीवा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। पीएम मोदी को लेकर लिखा कि क्या यह आपके राजनीतिक खेल का एक और हथियार है। इसमें कोई संदेह नहीं कि सभी का राष्ट्रीय राजनीति और भारत की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान था, तो फिर बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे जी को क्यों नहीं।  राजनीतिक शस्त्रागार में राम और ईवीएम दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा कि यह 2024 के संसद चुनावों के लिए आपके एजेंडे में फिट होगा। आप इतने हताश क्यों हो। आपके राजनीतिक शस्त्रागार में पहले से ही प्रभु राम और ईवीएम हैं। आप ऐसे शक्तिशाली मुद्दों के साथ, 2024 का संसद चुनाव मतपत्र के माध्यम से कराने का साहस रखें। विदेशों में संदिग्ध संगठनों के कुछ प्रमाणित सर्वेक्षणों के अनुसार आपकी दुनिया में सबसे अधिक लोकप्रिय रेटिंग है। पुतिन, बाइडेन, शी जिनपिंग से भी ऊपर। फिर आपको किस बात का डर है। आगे बढ़ें और मतपत्र के माध्यम से 2024 के संसद चुनावों की घोषणा करें। अब तो पाकिस्तान ने भी ऐसा कर दिया है।

केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग कार्यवाही के नाम पर कांग्रेस नेताओं पर दबाव डाल रहा है : जीतू पटवारी

At the behest of the Central Government, the Income Tax Department is putting pressure on Congress leaders in the name of action: Jitu Patwari भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा हाल ही में कांग्रेस पार्टी के देश एवं प्रदेश के सैकड़ों नेताओं व कार्यकर्ताओं को समन जारी किये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की जा रही यह कार्यवाही केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा केवल दबाव डालने और राजनैतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर की जा रही है। जब-जब चुनाव आते हैं सत्ता में बैठी भाजपा का यह घिनौना कृत्य करने का तरीका सामने आने लगता है।   पटवारी ने कहा कि इससे पूर्व भी 2019 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ऐसी ही कार्यवाही राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार के दबाव में आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई थी, अवैधानिक तरीके से छापे मारी की गई थी, इस कार्यवाही को लेकर न्यायालय में भी चुनौती दी गई थी जो आज भी लंबित है। आयकर विभाग इस न्यायालयीन प्रक्रिया में न्यायालय के समक्ष दस्तावेज तक पेश नहीं कर सकी। इसी तरह अब 2024 में भी निकट भविष्य में लोकसभा चुनाव होना है तो फिर आयकर विभाग ने केंद्र सरकार के इशारे पर उसी तरह की कार्यवाही को दोहराना शुरू कर दिया है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं को कभी समन तो कभी नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आयकर विभाग से जारी नोटिस एवं समन में किसी भी करदाता से कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया, केवल उनकी उपस्थिति के आदेश जारी किये गये हैं। इनता ही नहीं समन जारी होने पर उनके विधिक जबाव भी पेश किये गये, जिसमें समन जारी करने के विधिक कारण भी चाहे गये हैं। आयकर विभाग द्वारा केवल एक पंक्ति का आदेश दिया गया है जिसमें कोई दस्तावेज नहीं, बल्कि कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों को दिल्ली स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। वहीं पटवारी ने यह भी कहा कि जो हमारे पूर्व साथी आज भाजपा में चले गये हैं, जो मौजूदा सरकार में मंत्री, विधायक हैं उनमें से किसी भी व्यक्ति को आयकर विभाग द्वारा एक भी समन अथवा नोटिस जारी नहीं किया गया है। इस तरह की पक्षपातपूर्ण राजनीति से स्पष्ट है कि आयकर विभाग स्वयं एक राजनैतिक पार्टी की तरह हर चुनाव के पूर्व मात्र सनसनी पैदा करने व राजनैतिक प्रतिद्धंदियों की मानहानि के उद्देश्य से काम करता है। पटवारी ने पत्रकारों से पूछे गए सवाल में कहा कि मैं राज्यसभा सदस्य की दौड़ में शामिल नहीं हूं। एक व्यक्ति एक पद की गरिमा पर कायम हूं और रहूंगा। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं के साथ किये जा रहे धोखे पर कहा कि किसानों को 2700 और 3100 रू. धान एवं गेहूं पर समर्थन मूल्य दे सरकार। वहीं महिलाओं को 3000 रूपयें और 450 रू. में सिलेण्डर देने की जो राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बात कही भी, उस पर भी सरकार अमल करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जितनी कोशिश आंदोलन को असफल बनाने में कर रही है, यदि उससे आधे प्रयास भी किसानों की मांगों व समस्याओं को सुनने में लगा दे तो बहुत हद तक असलियत समझ आ जाएगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के लोगों पर ईडी और आयकर का दबाव बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कुछ स्वार्थी प्रकार के नेता ईडी आयकर के डर से अपने धंधा बचाने स्वयं भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

कमलनाथ की जिद के आगे बौने पड़े प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और जीतू

State in-charge Jitendra Singh and Jitu were dwarfed by Kamal Nath’s stubbornness. भोपाल। ‘वक्त है बदलाव का’ यह स्लोगन कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दरमियान जारी किया था। स्लोगन का असर न तो मतदाताओं पर पड़ा और न ही कांग्रेस जनों पर दिखाई दे रहा है । अलबत्ता बदलाव के नाम पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी हाई कमान ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को नया अध्यक्ष मनोनीत कर दिया। नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब कांग्रेस में बदलाव होगा पर ऐसा नहीं हो रहा है। कमलनाथ के जमाने के वही पदाधिकारी आज भी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी महामंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एआईसीसी सदस्य को बहाल नहीं करवा पा रहे हैं। दरअसल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एआईसीसी सदस्य सिवनी के राजा बघेल को निष्कासित कर दिया था। यह बात अलग है कि एआईसीसी के सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं है पर कमलनाथ का का कद कांग्रेस में इतना ऊंचा है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक बौने नजर आते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश के मुख्य प्रभारी जितेंद्र सिंह तक ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लिखित और मौखिक आदेश देने के बाद भी आज तक राजा बघेल की बहाली नहीं हो पाई है। हद तो तब हो गई, जब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कुछ पदाधिकारी की उपस्थिति में स्पीकर ओपन कर टेलीफोन पर संगठन प्रभारी राजीव सिंह को बहाली के निर्देश दिए। बघेल को बहाल करने के निर्देश देते समय पटवारी ने एआईसीसी पदाधिकारी और प्रभारी जितेंद्र सिंह के लिखित और मौखिक फरमानों का संदर्भ दिया। पटवारी को उनके निर्देश पर दो-टूक जवाब मिला कि कमलनाथ ने निष्कासित किया है, इसलिए बहाल का आदेश जारी नहीं करेंगे। यह जवाब सुनकर पटवारी के पास बैठे कतिपय सीनियर पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। स्वाभाविक तौर पर उनके मन में एक यक्ष प्रश्न उठने लगा है कि क्या कमलनाथ के आगे प्रदेश अध्यक्ष की कोई भी साथ नहीं है? राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी यूं ही नहीं गूंज रहा है। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अभी तक अपनी कोई नई टीम नहीं बना पाए हैं। यहां तक कि पटवारी के सबसे नजदीकी पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दे पा रहे हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को पूर्व प्रदेश अध्यक्षों कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के समर्थक पदाधिकारियों के सहारे संगठन का संचालन करना पड़ रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मुख्य सिपहसालार रहे सज्जन वर्मा आज जीतू पटवारी के राइट हैंड माने जाते हैं। वैसे राजनीति में नेताओं की आस्था और निष्ठा बदलती रहती है।

आदिवासी,दलित एवं वंचित समाज के साथ न्याय करें प्रधानमंत्री : जीतू पटवारी

Prime Minister should do justice to tribal, Dalit and deprived society: Jitu Patwari कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूछे प्रधानमंत्री से 5 प्रश्न भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश में स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से पांच प्रश्न किए हैं। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में 22% से अधिक आबादी वाला आदिवासी समुदाय डबल इंजन की सरकार से बहुत सारी उम्मीदें रखता है एवं यह अपेक्षा भी रखता है कि उसकी सुनवाई तत्काल हो परंतु प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है।  पटवारी ने पहला प्रश्न करते हुए पूछा कि अब तक  वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे वितरित क्यों नहीं किए गए, जबकि राज्य में आदिवासी और अन्य परंपरागत वन निवासी, पीढ़ियों से वन भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। कई साल पहले उन्हें इसका अधिकार देने वाला क़ानून – वन अधिकार अधिनियम – भी बन गया है। फिर भी ये लोग बीते कई सालों से अपने वन अधिकारों के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसा क्यों?  पटवारी ने दूसरे प्रश्न में पूछा कि  एससी/एसटी के रिक्त बैकलॉग पदों की संख्या बढ़कर 1 लाख 50 हजार के करीब हो चुकी है तथा अनुमान के मुताबिक करीब 40 हजार पद सिर्फ शिक्षक पात्रता परीक्षा के वर्ग-1, वर्ग -2 और वर्ग तीन में खाली हैं, इसके अलावा सामाजिक न्याय, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में हजारों की संख्या में पद रिक्त पड़े हैं इन पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही? तीसरे प्रश्न में श्री पटवारी ने पूछा कि मध्य प्रदेश में पिछले आठ वर्ष से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नतियां नहीं हुई हैं। वर्ष 2016 में हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त कर दिया था। तब से अब तक  कई बार भाजपा सरकार आ चुकी है, लेकिन अब तक सरकार पदोन्नति का रास्ता क्यों नहीं निकाल पाई हैं? चौथे प्रश्न में पटवारी ने पूछा कि यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना ने आदिवासी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर पलायन को रोक दिया था परंतु आदिवासी मजदूरों को आजकल मनरेगा योजना के तहत भुगतान प्राप्त करना क्यों मुश्किल हो रहा है, 10 साल की आपकी सरकार और 20 साल की प्रदेश सरकार ने पलायन रोकने के लिए कोई निर्णायक प्रयास क्यों नहीं किए?  पटवारी ने प्रधानमंत्री से पांचवे प्रश्न में पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि  देशभर में आदिवासियों पर सर्वाधिक अत्याचार मध्यप्रदेश में ही होते हैं? एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 में आदिवासियों के खिलाफ 2979 मामले सामने आए, जो कि पिछले साल के मुकाबले में 13% अधिक हैं! क्या आप प्रदेश के गृहमंत्री का पद संभालने वाले मुख्यमंत्री को आदिवासी अत्याचार रोकने को लेकर कोई प्रभावी निर्देश देकर जाएंगे?  पटवारी ने कहा कि उम्मीद है झाबुआ के जरिए प्रधानमंत्री जी भाजपा सरकारों के योगदान का आत्म विश्लेषण जरूर करेंगे और वंचित वर्ग के साथ न्याय करेंगे।

महिला अपराधों को लेकर विधानसभा में गरजें , जौरा पंकज उपाध्याय

Roar in the assembly regarding crimes against women, Jaura Pankaj Upadhyay भोपाल । प्रदेश में महिलाओं पर घटित अपराधों पर विधायक जौरा पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में उठाया मुद्दा सरकार ने दिया आधी अधूरी जानकारी प्रदेष में तेज से बढ रहे है अपराध  श्री पंकज उपाध्यायः- धन्यवाद, माननीय अध्यक्ष जी पहली बार ही सदन में आया हूं और पहली बार ही बोलने का मौका मिला है. आप जब अध्यक्ष बने थे, जब भी मैंने सोचा था कि बोला जाये, परंतु पता नहीं था कि सदन में किस तरह से बोला जाता है. आप जब अध्यक्ष बने थे तो हमें बडी प्रसन्नता हुई थी कि आप हमारे क्षेत्र के हैं और बडा गौरव है कि आप इस स्थान पर विराजित         अशोधित ध् प्रकाशन के लिए नहीं हैं बडा गरिमामय सदन है और उच्चकोटि के ज्ञानी यहां पर बैठे हुए हैं. श्री प्रहलाद सिंह पटेल जी हैं, हमारे संसदीय कार्य मंत्री आदरणीय कैलाश जी यहां पर हैं, पहली बार सदन में आया हूं, समझता हूं कुछ सीखने के लिये मिलेगा, कुछ गलती करूं तो आप मुझे क्षमा करियेगा. मैंने प्रश्न उठाया था उसका कोई यथोचित उत्तर नहीं दिया गया है, मेरा प्रश्न था कि प्रत्येक थाने में क्षेत्र में कितनी आबादी होनी चाहिये ? जब थाना बनता है और कितनी आबादी पर कितना पुलिस बल होना चाहिये. इसको कोई उचित जानकारी नहीं दी गयी है. मैंने खण्ड (ग) में पूछा था कि एससीएसटी महिला अपराधों की संख्या कितनी हुई है और अपराधों में किन-किन लोगों को सजा दी गयी है. उसकी भी अधूरी जानकारी दी गयी है. मैं जानकारी चाहता हूं. श्री पंकज उपाध्याय  माननीय अध्यक्ष जी, मैंने जानकारी चाही थी कि 7 थानों में वर्ष 2015 से 2023 तक कितनी एससीएसटी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज हुए और कितने लोग बरी हुए, यह तो साधारण सी जानकारी है, जिसको आप दे सकते थे. दूसरा कि मेरे विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 7 थाने हैं. एक थाना 90 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में आता है और दूसरा 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आता है. बागचीनी में 2 एसआई, 4 थाना प्रभारी और 14 आरक्षक हैं. जबकि निरार थाने में जो 500 स्क्वेयर मीटर में मात्र 1 एसआई, 3 प्रधान आरक्षक और 11 आरक्षक हैं और कोई अपराधों की जानकारी भी नहीं दी गयी है. महिला स्टॉफ की भी जानकारी नहीं दी गयी है. सम्पूर्ण विधान सभा क्षेत्र में स्टॉफ की मात्रा बहुत कम है. जैसा कि इन्होंने जो जानकारी दी है, उसमें देवगड में 14 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 4 हैं. चिन्नौनी में 22 आरक्षण होना चाहिये, परंतु वहां 11 आरक्षण हैं. हमारे जौरा में 22 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 20 हैं. लगभग आधा स्टॉफ है हम अपेक्षा करते हैं कि आप सुशासन लेकर आयेंगे. तो इस आधे स्टॉफ से तो हम सुशासन नहीं ला सकते हैं. क्योंकि हमारा क्षेत्र बडा अपराधों का क्षेत्र है, वहां पर बडे अपराध होते हैं. ऐसी ही महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं, वर्ष 2021 में इसमें 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वर्ष 2023 में तो इन्होंने जानकारी देना भी उचित नहीं समझा तो जो लूट हो रही हैं. मैंने एक चीज और पूछी थी कि चेन श्रेचिंग की घटनाएं लगातार बढती जा रही हैं. हमारे विधान सभा क्षेत्र में पिछले 3 दिन में 2-3 घटनाएं हो गईं. एक एफआईआर हुई है. श्रीमती पुष्पा गोयल नाम की हमारी चाची लगती हैं, श्री केशव गोयल जी की पत्नी हैं, उनकी सरेआम दिन दहाडे चेन लूट ली गई, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई. ऐसी कई सारी घटनाएं हैं जो चर्चा में भी नहीं आ पाती हैं. एफआईआर भी थानों में लिखाने में लोग हिचकिचाते हैं. (’क्र. 750) श्री पंकज उपाध्याय क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार सूची वर्ष 2015 से दिसम्बर 2023 तक की वर्षवार, विधान सभावार देवें तथा बतायें कि 2019 की तुलना में 2023 में किस- किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कितने प्रतिशत कमी हुई? (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने थाने हैं? प्रत्येक थाने का क्षेत्र एरिया कितना है तथा कितनी आबादी शामिल है? उक्त थानों में स्वीकृत पद किस-किस प्रकार के कितने हैं तथा नियुक्ति कितनी है तथा खाली पद कितने हैं? दिसम्बर 2023 अनुसार बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के थानों के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार वर्ष 2015 से 2023 तक की जानकारी देवें तथा बतावें कि वर्ष 2019 से 2023 तक प्रतिवर्ष किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कमी हुई? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 से 2023 तक में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में शीर्षवार, वर्षवार, थाने अनुसार बतायें कि सजायाबी की दर कितने प्रतिशत है? (ड.) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2018 से दिसम्बर 2023 तक नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाओं के गुम होने के कितने प्रकरण हुए तथा कितने नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाएं दस्तयाब की गईं?

मप्र से राज्यसभा को मिलेगी एक सीट, दावेदारों ने बढ़ाई कांग्रेस की मुसीबत

Rajya Sabha will get one seat from MP, claimants increase Congress’s troubles सोनिया गांधी से मिले कमलनाथ, राज्यसभा जाने जोर अजमाइश शुरू कमलनाथ ने 13 फरवरी को भोपाल में निवास पर विधायकों को डिनर पर बुलाया मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के आला नेता कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मुुलाकात की। सूत्रों की माने तो मुलाकात के दौरान मप्र की राज्यसभा सीट को लेकर उनकी चर्चा हुई है। हालांकि अभी ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ है।  भोपाल। कांग्रेस के आला नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है। कमलनाथ ने सोनिया गांधी से खुद के लिए राज्यसभा टिकट की मांग की है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिलनी है। मध्यप्रदेश से स्थानीय उम्मीदवार देने की सूरत में आलाकमान ओबीसी उम्मीदवार पर दांव लगाने के मूड में है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और वर्तमान अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम की चर्चा है। इस बीच, 13 फरवरी को कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है। ये डिनर पहले से प्रस्तावित है। बता दें कि अपने बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लड़ाने का ऐलान कर चुके कमलनाथ खुद के लिए राज्यसभा चाहते हैं। कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, अगर पिछड़ों को आरक्षण का कार्ड खेल रहे राहुल गांधी के चलते आलाकमान ओबीसी या एससी एसटी को राज्यसभा देने पर अड़ता है तो कमलनाथ आखिरी मौके में अपने करीबी पूर्व सांसद सज्जन (एससी) पर दांव लगा सकते हैं, लेकिन फिलहाल तो वो खुद के लिए राज्यसभा की जुगत में हैं। ऐलान: नकुलनाथ फिर लड़ेंगे छिंदवाड़ा से चुनाव बता दें कि इसके पहले कमलनाथ ने कहा था कि उनके बेटे नकुल एआईसीसी द्वारा सीट के लिए नामांकित किए जाने के बाद आगामी चुनाव में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कमलनाथ का बयान नकुल के बयान के एक दिन बाद आया था, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने घोषणा की थी कि वह आगामी चुनावों में इस सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। एआईसीसी द्वारा औपचारिक घोषणा से पहले कमलनाथ के बेटे द्वारा छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा ने कांग्रेस सर्कल में कई लोगों की भौंहें चढ़ा दी थी, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। कमलनाथ की सफाई: एआईसीसी करेगी नामांकित, तो बेटा लड़ेगा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था, कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है और नकुल नाथ एआईसीसी द्वारा नामांकित किए जाने के बाद छिंदवाड़ा से फिर से चुनाव लड़ेंगे। बेटे नकुलनाथ की घोषणा के बाद कमलनाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। इस बीच, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि राज्यसभा सदस्य के रूप में उनके पास अभी भी दो साल बाकी हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet