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सिंधिया परिवार को कोर्ट से झटका.

The Scindia family faces a setback in court. करोड़ों रुपए की जमीन बेचने पर रोक लगाई भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके परिवार को कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। सिंधिया परिवार एक संपत्ति को अपनी बताकर बिक्री कर रहा था, जिस पर कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है सिंधिया परिवार कई प्रकार के प्रॉपर्टी डिस्प्यूट में उलझा हुआ है। ऐसी ही एक संपत्ति विवाद में न्यायालय का फैसला सुनाया है। न्यायालय में निर्णय हुआ है कि महल गांव में यशवंत राव राणे की जमीन को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी माताजी माधवी राजे सिंधिया, उनकी बहन चित्रांगदा राजे और नारायणन बिल्डर्स एवं डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, अपनी संपत्ति बताकर बेच रहे हैं। न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी है। ग्वालियर में रियासत काल में सिंधिया परिवार के शाही महल जयविलास पैलेस का परिसर बहुत विशाल था। इसमें शिकारगाह, हैलीपेड, कृषिभूमि आदि भी थी, लेकिन स्वतंत्रता के पश्चात सिंधिया परिवार ने इसके आसपास की भूमि में पॉश कॉलोनियां विकसित कर जगह बेच दी, जो सिंध विहार, चेतकपुरी, वसंत विहार, चेतकपुरी आदि कॉलोनियां के नाम से जानी जाती हैं। सिंधिया परिवार ने ग्वालियर में चेतकपुरी के सामने महल गांव में सर्वे नंबर 1211/1, 1211/2 एवं 1211/3 की कुल 6 बीघा 4 विस्वा जमीन नारायण बिल्डर एंड डेवलपर को बेचने का सौदा किया तो इसके स्वामित्व को लेकर एक वाद दायर किया गया। यशवंत राव राने के परिवार ने इस जमीन को अपना बताते हुए इसका भूस्वामी बताया और सिंधिया परिवार के विक्रय अनुबंधों को अवैद्य बताते हुए की जा रही बिक्री पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। द्वादशम सत्र न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश अजय सिंह ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद इस केस में अपना निर्णय सुनाया है। उन्होंने याचिकाकर्ता यशवंत राव राणे को इस जमीन का स्वामी घोषित कर दिया है। इसी के साथ आदेश दिया है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी माताजी माधवी राजे सिंधिया, उनकी बहन चित्रांगदा राजे और नारायणन बिल्डर्स एवं डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, जमीन का विक्रय नहीं कर सकते हैं। ग्वालियर के जिला कलेक्टर एवं नगर निगम ग्वालियर के कमिश्नर को आदेश का पालन करने के लिए कहा गया है।

गरीब, शोषित, पीड़ित और मजदूर वर्ग को उनका हक दिलाना ही मानवाधिकारो का उद्देश्य है: रविंद्र सिंह तोमर.

Empowering the poor, oppressed, distressed, and the labor class to ensure their rights is the aim of human rights: Ravindra Singh Tomar. ग्वालियर! अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवश 10 दिसंबर के अवसर पर मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दिल्ली अल्पसंख्यक दिल्ली सरकार सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में विशाल रैली का आयोजन कर एवं जनसभा कर आम जन को उनके मानवाधिकारो के प्रति जागरूक किया गया । रैली फूलबाग़ से महाराज बाड़े तक निकाली गयी एवं मानस भवन फूलबाग पर विशाल जनसभा मानवाधिकारों के संदर्भ में आयोजित की गयी जनसभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सदस्य अल्पसंख्यक आयोग (राज्यमन्त्री दर्जा ) रविंद्र सिंह तोमर ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग मजदूरों एवं ग्रामीण पिछड़े इलाको के लोगो के मानवाधिकारो का हनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है! काम के बदले उचित पारिश्रमिक मिले ये हर मजदुर का हर भारतीय का मौलिक अधिकार भी है और मानवाधिकार भी है परन्तु वर्तमान में ना केबल मजदूरों का वल्कि पड़े लिखे नौजवानो को प्राइवेट क्षेत्र में उचित मेहनताना नहीं दिया जा रहा है! और श्रम कानून का भी उल्ल्घन भी किया जा रहा परन्तु चुकी आम जन को उनके मानवाधिकारो का ज्ञान नहीं है जिसके आभाव में वे शोषण सहन करते है साथ ही श्री तोमर ने पुलिस द्वारा सबसे अधिक मानवाधिकार हनन की बात कही| तोमर ने बताया की संस्था मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग को सबसे ज्यादा पुलिस प्रताड़ना से संबधित शिकायत मिलती है एवं ज्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष की पुलिस द्वारा प्रथामिक सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी होती जबकि प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाना हर पीड़ित का अधिकार है! तोमर ने बताया की संस्था देश भर में मानवाधिकार जागरूकता कैंप एवं जनसुनवाई शिविर लगाकर आम जन को उनके मानवाधिकार के प्रति जागरूक कर रही है एवं मानवाधिकार हनन के शिकार पीड़ितों को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माध्यम से न्याय भी दिलवा रही है!इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष तोमर द्वारा शासन प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियो को उत्कृष्ट सेवा कार्य करने पर मानवाधिकार रत्न सम्मान दिया गया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मीना ने बताया कि कर्तव्यों की वकालत तो सब करते हैं लेकिन अगर हर व्यक्ति अमल करें तो मानव अधिकारों की जरूरत ही ना पड़े अपने अधिकारों को समझना और पालन करना यही मानव अधिकार बताता है ।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन कटारे, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सह सचिव भानु व्यास, संभागीय अध्यक्ष अखिलेश परिहार, जिला अध्यक्ष विष्णु जादौन ,प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंसाना प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग संजय कंसाना, ग्वालियर ग्रामीण अध्यक्ष प्राण सिंह छवाई ,विधान सभा अध्यक्ष सोनू जादौन, विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र महोबिया, जिला मीडिया प्रभारी सोनू कौशल, जिला महसचिव तरुण राठौर ,जिला सचिव धर्मेंद्र खटीक ,प्रदेश महासचिव नरेश तोमर ,जिला अध्यक्ष यूथ राहुल चौहान ,प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्म परमार ,जिला उपाध्यक्ष बहादुर कुशवाह उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट धर्म सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीना जी को स्मृति चिन्ह देकर फूल माला पहनकर सम्मानित किया गया। इनका किया सम्मान….. डीएसपी नागेंद्र सिंह भदोरिया ,टीआई अजय पवार ,टी आईआर बी परिहार , टी आई नरेंद्र वर्मा टी इला टंडन, टी आई प्रीति भार्गव ,टीआई जितेंद्र सिंह तोमर, टीआई राजेश तोमर, टी आई यशवंत गोयल, समाजसेवी सुधीर त्रिपाठी, एडवोकेट धर्म सिंह चौहान को मानव रन मेडल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

फर्जी दस्तावेज लगाकर 16 साल से नौकरी कर रहे 8 शिक्षक, 15 साल चली जांच.

Eight teachers have been working for 16 years using fake documents; investigation has been ongoing for the past 15 years. मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर Special Correspondent, Sahara Samachaar, Gwalior भोपाल। ग्वालियर में शिक्षक भर्ती परीक्षा के जरिये टीचर के रूप सोलह साल से नौकरी कर रहे, आठ शिक्षकों की जांच मे बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि इन टीचरों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के समय फर्जी मार्कशीट और फर्जी दस्तावेज लगाए थे। पुलिस ने ऐसे आठ शिक्षकों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। इसकी खबर फैलने के बाद न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया है। 2007-08 में बने थे शिक्षक2007-08 में मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा को पास करने के बाद कुछ शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगा था। ग्वालियर के भितरवार इलाके में फरियादी गौरी शंकर राजपूत ने इसकी शिकायत थाने में की थी। जिसमें बताया गया था कि जनपद पंचायत भितरवार में पदस्थ शिक्षा कर्मियों ने फर्जी और कूटरचित अंकसूचियों की संरचना करके शासकीय सेवा प्राप्त कर अनाधिकृत रूप से शासकीय सेवा का लाभ उठाया है। उन्होंने इस मामले में धर्मेंद्र सिंह यादव, भगवत शर्मा, कृष्णा ,पान सिंह यादव, अनिल पाठक, बृजेंद्र सिंह रावत, अरविंद सिंह राणा, सतीश कुमार रजक, केशव सिंह पर फर्जी दस्तावेज लगाकर शासकीय नौकरी पाने का आरोप लगाया था। 2008 से चल रही थी जांच, 15 साल बाद हुई एफआईआरएडिशनल एसपी ग्वालियर निरंजन शर्मा ने बताया कि इस मामले पर विभिन्न बिन्दुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल और साक्ष्य संकलन किया गया और फरियादी द्वारा प्रस्तुत आरोप के दस्तावेज सही पाए जाने पर आठ आरोपियों के खिलाफ थाना भितरवार में धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना करके शासकीय नौकरी पाने की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच का दायरा बढ़ने पर बढ़ सकती है आरोपियों की संख्याअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अभी जांच जारी है और इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। इस एफआईआर की सूचना से पूरे प्रदेश के शिक्षा विभाग में भूचाल मच गया है। क्योंकि जांच का दायरा बढ़ा तो प्रदेश भर में ऐसे सैकड़ों मामले उजागर हो सकते हैं।

क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं?

Does the guardian have the right to obtain the criminal record of a child? राज्य सूचना आयोग में आया ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी लेने का मामला राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कारण बताओ नोटिस किया जारी, तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस किया जारी. तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर को भोपाल किया तलब, प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी ग्वालियर में उमेश नागर ने लगाई थी आरटीआई, राजस्थान के कोटा के रहने वाले हैं उमेश नागर, ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की मांगी थी जानकारी भोपाल। क्या RTI आवेदक को अपने ससुरालवालों के क्रिमिनल रिकार्ड जानने का हक़ है? राजस्थान के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के नाना और उनके परिवार वालों का क्रिमिनल रिकार्ड नहीं देने पर ग्वालियर पुलिस के विरुद्ध मप्र सूचना आयोग में अपील लगाई है। इस मामले में सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने स्पष्ट किया कि अपने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को प्राप्त करना न केवल एक पैरंट का अधिकार है बल्कि बच्चे से जुड़ी उसकी जवाबदेही और जिम्मेदारी भी है। राजस्थान के कोटा शहर के उमेश नागर ने अपने ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी के लिए ग्वालियर एसपी कार्यालय में RTI लगाई थी। पर ग्वालियर पुलिस ने क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी को व्यक्तिगत जानकारी बताते हुए नागर को जानकारी देने से मना कर दिया। नागर ने सुनवाई के दौरान सूचना आयोग को बताया कि यह जानकारी उनके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि उनकी बेटी की कस्टडी उनके ससुराल वालों के पास है। दरसल कोटा निवासी नागर की शादी ग्वालियर में हुई थी। पर शादी के बाद पारिवारिक मतभेद होने पर उनकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर ग्वालियर में अपने परिवार वालों के साथ रहने लगी। डाइवोर्स और चाइल्ड कस्टडी के लिए भी मामला अदालत में चल रहा है। आयोग ने पूछा अपराध कैसे निजी जानकारी?सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने सुनवाई के दौरान ग्वालियर पुलिस से यह पूछा किसी व्यक्ति का क्रिमिनल रिकॉर्ड व्यक्तिगत जानकारी कैसे हो सकती है? सिंह ने स्पष्ट किया कि कोई भी अपराध समाज के विरुद्ध किया जाता है और समाज में रहने वाले व्यक्तियों को जानने का अधिकार है कि अपराध किनके द्वारा किया जा रहा है ताकि वह अपने आप को सजग और सुरक्षित रख पाए। पुलिस के जानकारी रोकने पर सवाल उठाते हुए सिंह ने कहा कि अगर अपराध को निजी जानकारी की श्रेणी में रखा जाए तो हर अपराधी अपराध करने के बाद यह रहेगा कि उसके द्वारा किया गया अपराध उसका निजी विषय है और इसकी जानकारी किसी को न दी जाए। बच्चे से अलग रहे पिता को क्या जानकारी लेने अधिकार है? सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने अपने आदेश में लिखा कि ये मामला डाइवोर्स प्रकरण के चलते चाइल्ड कस्टडी और बच्चों के वेलफेयर से जुड़ा हुआ विषय है। पिता को शक है कि उनके ससुराल पक्ष के सदस्यों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है जो कि उनके बच्चे की सुरक्षा के एवं नैसर्गिक विकास के लिए उपयुक्त नहीं है। इस जानकारी को RTI में लेकर वे अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं। सिंह ने कहा कि इस RTI को लेकर सवाल ये उठना है कि अपने बच्चों से अलग रह रहे पिता को क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं? सूचना आयुक्त ने बताया बच्चों की सुरक्षा की जानकारी है अहम सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान की व्यवस्था में बच्चों के प्रति दोनों ही पेरेंट्स की सामान जवाबदेही और जिम्मेदारी बनती है। वही इस देश का संविधान बच्चों की सुरक्षा एवं उनके नैसर्गिक विकास और उनके अधिकारों की गारंटी देता है। RTI में मांगी जानकारी को पिता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए राहुल सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के करीब ढाई सौ से अधिक विभिन्न कानून लागू है जो बच्चों की सुरक्षा और वेलफेयर के लिए बने हुए हैं। आयोग: बच्चों की सुरक्षा की जानकारी में पारदर्शिता जरूरी बच्चों के सुरक्षा से जुड़े मामलों की व्याख्या करते हुए सिंह ने बताया कि संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत परित सूचना का अधिकार कानून जीवन और स्वतंत्रता जैसे मूलभूत अधिकारों से भी सीधे तौर से जुड़ा हुआ है।सूचना का अधिकार अधिनियम के अनुरूप अगर कोई बच्चा खतरे में है या उसकी स्वतंत्रता या जीवन को लेकर सवाल है तो इस देश का नागरिक बच्चों से जुड़ी हुई जानकारी को जानने का अधिकार रखता है ताकि संविधान के अनुरूप बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाए। आयोग के बाद 5 दिन में मिली जानकारीराज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने ग्वालियर एसपी के जानकारी रोकने के आदेश को खारिज कर दिया। आयोग से जानकारी मिलने के आदेश के बाद ग्वालियर पुलिस ने आवेदक को जानकारी प्रेषित भी कर दी है। जानकारी को अवैध तरीके से रोकने के लिए तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस जारी कर भोपाल तलब किया है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

डी.आर.डी.ई. में किया गया स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन

ग्वालियर ! डीआरडीओ मुख्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार रक्षा अनुसंधान तथा विकास स्थापना ग्वालियर में 1 से 15 दिसंबर 2023 के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्थापना में पूरे पखवाड़े के दौरान अनेक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सर्वप्रथम 1 दिसंबर 2023 को ‘स्वच्छता शपथ’ का आयोजन किया गया जिसमें डी.आर.डी.ई. निदेशक डॉ. एम. एम. परीडा ने समस्त वैज्ञानिकों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। स्थापना के कर्मचारियों में स्वच्छता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए 4 दिसंबर 2023 को ‘जागरूकता दिवस’ के अतंर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. ए. के. गोयल, वैज्ञानिक ‘जी’ ने व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डी.आर.डी.ई. ग्वालियर में विभिन्न स्थानों एवं भवनों में जागरूकता प्रसार करने वाले पोस्टर आदि प्रदर्शित किये गए। 5 दिसंबर 2023 को ‘अभिलेख प्रबंधन दिवस’ के अंतर्गत पुराने रिकॉर्ड को छटाई कर व्यवस्थित करने का कार्य किया गया। 6 दिसंबर 2023 को ‘स्क्रैप / कचरा निस्तारण दिवस’ के अंतर्गत स्थापना में एकत्र कचरे एवं सूखी वनस्पतियों का निस्तारण किया गया। पुरानी और सूखी पत्तियों से खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट भी तैयार की गयी है। इसके अलावा डीआरडीई के पुराने अभिलेखों को छांट कर सुव्यवस्थित किया गया एवं पुरानी एवं निष्प्रयोज्य सामग्रियों को निस्तारित किया गया। 7 दिसंबर 2023 को ‘गो ग्रीन ड्राइव’ के अंतर्गत स्थापना के झांसी मार्ग स्थित परिसर के बाहर झांसी मार्ग पर बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थापना के निदेशक डॉ. मनमोहन परीडा एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने अपने करकमलों से बृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया। स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत अगले पूरे सप्ताह भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है, जिनमें दि. 08 दिसंबर 2023 को ‘कम्युनिटी आउटरीच’ के अंतर्गत गांवों में जागरूकता हेतु संपर्क, व्याख्यान आयोजन, सार्वजनिक स्थलों पर लगी प्रतिमाओं की सफाई आदि गतिविधियां शामिल हैं। 12 दिसंबर 2023 को ‘सोशल बज डे’ के अंतर्गत स्वच्छता रैली का आयोजन, एवं 13 दिसंबर 2023 को ‘प्रतियोगिता दिवस’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। दि. 14 दिसंबर 2023 को ‘परस्पर संवाद’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए आपसी विचार विमर्श एवं संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अभिनव विचारों को साझा किया जएगा। 15 दिसंबर 2023 को ‘पुरस्कार वितरण दिवस’ के अंतर्गत निदेशक महोदय के करकमलों से विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे एवं पूरे पखवाड़े के विस्तृत रिपोर्ट डीआरडीओ मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी।

मध्यप्रदेश: चुनावी हार-जीत से जुड़े अजब-गजब कारनामे

भोपाल ! किसी ने चेहरा काला किया तो कोई दंडवत कर पहुंचा मंदिर; कोई सिर मुंडवाकर बोला-संकल्प पूरा हुआ ,किसी ने सिर मुंडवा लिया तो किसी ने चेहरे पर कालिख पोत ली , किसी ने शर्त के एक लाख रुपए जीतकर गोशाला में दान कर दिए, कोई 300 किलोमीटर बाइक से ही भोपाल के लिए निकल पड़ा, कुछ महिलाएं तो बिना चप्पल-जूते के 70 किलोमीटर दूर शनि मंदिर दर्शन करने गईं। दृश्य – 1 ग्वालियरः नेता का मुंह काला न हो, इसलिए अपना ही कर लिया दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने चुनाव से पहले दावा किया था, ‘प्रदेश में भाजपा को 60 सीटें भी नहीं मिलेंगी। ऐसा हुआ तो मैं अपना मुंह काला करा लूंगा।’ भाजपा ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया। नतीजों के बाद इसका वीडियो फिर चर्चा में आ गया। इसके बाद बरैया को घेरने की कोशिशें भी शुरू हो गईं। ऐसे में ग्वालियर ग्रामीण किसान कांग्रेस के महामंत्री योगेश दंडोतिया बरैया के समर्थन में उतर आए। दंडोतिया ने बुधवार को ग्वालियर में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। मीडिया के सामने ही उन्होंने जेब से स्याही निकाली और अपने चेहरे पर पोत ली। उन्होंने कहा, ‘फूल सिंह बरैया को मुंह काला नहीं करने दूंगा। इसके लिए मैंने अपना मुंह काला किया है।’ यह भी बता दें कि बरैया भी गुरुवार को भोपाल पहुंचकर अपना वचन पूरा करने के लिए मुंह काला करेंगे। दृश्य – 2 रतलामः यह विधायक तो बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े बात रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट की है। यहां से चुनाव जीतकर भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार विधायक बने हैं। चुनाव जीतने के तीन दिन बाद बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम शिवराज सिंह चौहान और पुलिस को टैग किया। लिखा, ‘मैं कमलेश डोडियार, विधायक बनने के बाद बाइक से शपथ ग्रहण के पूर्व होने वाली कागजी कार्रवाई पूरी करने भोपाल के लिए निकल चुका हूं। मेरी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं ताकि कोई अनहोनी न हो।’ उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए मदद भी मांगी। कहा- ‘मैं चुनाव में जुगाड़ के सहारे चला हूं। मैं मजदूर वर्ग से आता हूं और काफी गरीब हूं। भोपाल जाने के लिए मैंने दोस्तों को फोन किया था, लेकिन सहायता न मिल पाने पर बाइक से ही भोपाल निकल गया हूं। यदि कोई शुभचिंतक मेरी मदद कर सकते हों तो फोर व्हीलर उपलब्ध करा दें, जिससे मैं समय पर विधानसभा पहुंचकर कागजी कार्रवाई पूरी कर सकूं। मैं किसी से डरता नहीं हूं, जो भी मेरी हत्या करने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, वो बर्बाद हो जाएगा।’ सैलाना से भोपाल करीब 330 किलोमीटर है। डोडियार बाइक से भोपाल पहुंच भी गए हैं। उन्होंने 12 हजार रुपए उधार लेकर चुनाव लड़ा था। इसे चुकाने के लिए नोतरा (आदिवासी समाज में आर्थिक मदद की प्रथा) का सहारा लिया। दृश्य – 3 भिंड: नेता प्रतिपक्ष की हार पर 10 साल बाद कराया मुंडन भिंड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं मुन्ना विश्वकर्मा। 62 साल के मुन्ना पिछले 10 साल से साधु वेश में ही थे। दाढ़ी बढ़ी हुई, सिर के बाल भी बढ़ा लिए। वे अलग-अलग मंदिरों में समय बिताते रहे। बुधवार को उन्होंने अचानक नाई की दुकान पर पहुंचकर बाल कटवाए। शेविंग भी बनवा ली। लोगों ने पूछा तो असलियत सामने आई। पता चला – कांग्रेस लीडर व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चुनाव हारने की खुशी में उन्होंने ऐसा किया है। दरअसल, 10 साल पहले लहार बस स्टैंड के पास बने मुन्नालाल के मकान को नगर पालिका ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। मुन्नालाल ने तत्कालीन विधायक डॉ. गोविंद सिंह पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने संकल्प लिया था- ‘जब तक डॉ. गोविंद सिंह विधायक रहेंगे, तब तक बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ दृश्य – 4 श्योपुर: कीचड़ वाली सड़क पर दंडवत कर पहुंचे मंदिर श्योपुर में मातासूला गांव के रहने वाले किसान रामराज मीणा बुधवार को एक किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर तक दंडवत करते पहुंचे। लोगों ने जब कारण पूछा तो सुनकर हैरान रह गए। मीणा ने बताया कि श्योपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल की जीत के लिए क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर में मन्नत मांगी थी। अब इसे पूरा कर रहे हैं। बड़ी बात ये कि सड़क पर कीचड़ के बाद भी वे कहीं रुके नहीं। रामराज मीणा अब गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर मानपुर इलाके के क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर तक दंडवत परिक्रमा लगाएंगे। इस मौके पर मंदिर में कार्यक्रम भी किया जाएगा। दृश्य -5 सीधी: अपने नेता की जीत की खुशी में 5 साल बाद मुंडन बात 2018 विधानसभा चुनाव की है। सीधी जिले की चुरहट विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल चुनाव हार गए थे। इसके बाद उनके समर्थक संजय सिंह ने संकल्प लिया- ‘जब तक अजय सिंह राहुल चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंच जाते, बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ आखिरकार 2023 में संजय सिंह के संकल्प की जीत हुई। अजय सिंह राहुल चुनाव जीत गए। इसके बाद बुधवार को वे अपने नेता अजय सिंह राहुल के घर पहुंचे। संजय ने उनके सामने ही मुंडन करवाया और दाढ़ी भी बनवाई। दृश्य – 6 छिंदवाड़ा: शर्त जीतने पर मिले एक लाख रुपए गोशाला में दान किए 21 नवंबर की बात है। छिंदवाड़ा में व्यापारी राम मोहन साहू और कमलनाथ समर्थक प्रकाश साहू के बीच शर्त लगी कि अगर भाजपा प्रत्याशी बंटी विवेक साहू चुनाव जीतते हैं तो राम मोहन 10 लाख रुपए देंगे। अगर कमलनाथ जीतते हैं तो प्रकाश साहू एक लाख रुपए देंगे। शर्त की वजह से दोनों प्रदेशभर में चर्चा में भी रहे। दोनों ने ही अपने-अपने कैंडिडेट की जीत का दावा किया। नतीजे आए तो कमलनाथ ने जीत दर्ज की। आखिरकार, शर्त के मुताबिक मंगलवार को प्रकाश साहू ने राममोहन को एक लाख रुपए दिए। हालांकि, राम मोहन ने यह राशि गोशाला के लिए नगर निगम को दान कर दी।

पिता जीत गए, अब तू पैरों पर चल भी नहीं पाएगा’, नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे पर धमकी का मुकदमा दर्ज.

A case of threatening the son of elected legislator Preetam Lodhi has been filed with the message, ‘Your father won, now you won’t be able to walk on your feet’ ग्वालियर। पिछोर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने ग्वालियर के एक युवक को फोन कर धमकी दी है। पिता के चुनाव जीतते ही उसने युवक को फोन कर कहा- अब पिता चुनाव जीत गए, तेरा क्या होगा। तू अपने पैरों पर चल भी नहीं पाएगा।पूरी बातचीत युवक ने रिकार्ड कर ली। इसके बाद उसने पुरानी छावनी थाने पहुंचकर एफआइआर दर्ज करवाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया है कि प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने ग्वालियर के पुरानी छावनी स्थित जलालपुर निवासी सिकंदर यादव को धमकी दी है ।सिकंदर यादव ने शिकायत कर बताया है कि जब दिनेश ने पार्षद का चुनाव लड़ा था तो दूसरे प्रत्याशी का समर्थन उन्होंने व उनके परिजनों ने किया था। इससे दिनेश उनसे नाराज चल रहा था। पिता के चुनाव जीतते ही उसने फोन कर धमकी दी है यह आडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और वायरल ऑडिओ की जांच की जा रही है।बता दें कि प्रीतम लोधी विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहे हैं।निरंजन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

जेपी नड्डा ने शिवराज-सिंधिया के साथ चुनाव नतीजों पर की घंटों मंत्रणा.

JP Nadda deliberated for hours with Shivraj Singh Chouhan and Jyotiraditya Scindia on the election results. राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मतगणना से पूर्व भाजपा अध्यक्ष के मप्र पहुंचने पर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज ग्वालियर। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मतगणना से पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में पहुंचे हैं। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ होटल में घंटों चर्चा की। बताया गया है कि राज्य के चुनाव नतीजों को लेकर मंत्रणा की गई है। राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों के तीन दिसंबर को आने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले भाजपा अध्यक्ष की ग्वालियर में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज हैं। यहां सिंध विहार स्थित होटल उषा किरण पैलेस में तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में बड़े नेताओं की लंबी चर्चा हुई। सिंधिया के आमंत्रण पर शाही महल जयविलास पैलेस पहुंचे नड्डा नड्डा ने सिंधिया के आमंत्रण पर उनके शाही महल जयविलास पैलेस में पहुंचकर भोज भी किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और सिंधिया के साथ दतिया जाकर पीतांबरा पीठ के दर्शन भी किए। नड्डा रात्रि विश्राम ग्वालियर में ही करेंगे। पार्टी की ओर से उनके अगले दिन के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है।भाजपा जिंदाबादः सीएम शिवराजमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में एक्जिट पोल को लेकर किए सवाल पर कहा- भाजपा जिंदाबाद। एयरपोर्ट पर शिवराज ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा आगे बढ़ रही है, मोदीजी जन-जन के मन में हैं, उनका स्नेह सदैव प्रदेश को मिलता रहा है। डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में प्रगति और विकास किया है। वहीं, सिंधिया ने कहा कि 48 घंटे का इंतजार है, जनता ने भाजपा को आशीर्वाद दिया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

30 साल से जीतते आ रहे केपी सिंह की शिवपुरी में परीक्षा, क्या रहेगा रिजल्ट.

The examination in Shivpuri, which has been won by K.P. Singh for the past 30 years, what will be the result? Special Correspondent- Sahara Samachaar, Shivpuri भोपाल। शिवपुरी जिले की पांच विधानसभा सीटों के लिए 3 दिसंबर को मतगणना का काम होगा। इसको लेकर सभी आवश्यक तैयारियां जिला प्रशासन के द्वारा पूरी कर ली गई हैं लेकिन इसी बीच शिवपुरी विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं क्योंकि यहां से कांग्रेस के नेता और पिछले 30 साल से पिछोर विधानसभा सीट से जीतते हुए आ रहे केपी सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार कांग्रेस ने केपी सिंह को पिछोर की बजाय शिवपुरी से टिकट दिया है। पिछोर विधानसभा सीट से पिछले 30 साल से 6 बार से केपी सिंह विधायक बनते हुए आ रहे हैं लेकिन इस बार उनका टिकट बदला गया और उन्हें शिवपुरी विधानसभा में मैदान में उतारा गया है। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने उनके खिलाफ देवेंद्र जैन को टिकट दिया है क्योंकिभाजपा की वरिष्ठ नेता यशोधरा राजे सिंधिया अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ रही हैं। यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा चुनाव नहीं लड़ने के कारण भाजपा ने भी यहां पर टिकट बदलकर उनकी जगह देवेंद्र जैन को मौका दिया है।भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाती है शिवपुरी सीट-शिवपुरी विधानसभा सीट को भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाता है क्योंकि यहां से पिछले चार बार से विधानसभा चुनाव में भाजपा जीतते हुए आ रही हैं। यशोधरा राजे सिंधिया यहां से चार बार विधायक निर्वाचित हो चुकी हैं इसलिए इस सीट को भाजपा का गढ़ कहा जाता है लेकिन इस बार कांग्रेस के केपी सिंह ने यहां से चुनाव मैदान में उतरकर भाजपा को टक्कर दी है।केपी सिंह हार गए तो टूट जाएगा रिकॉर्ड-पिछोर विधानसभा सीट से 6 बार से विधायक बनते हुए आ रहे केपी सिंह इस बार शिवपुरी में अपना भाग्य आजमा रहे हैं अगर वह यहां से चुनाव हार गए तो उनका लगातार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड टूट जाएगा। अगर जीतते हैं तो वह इस रिकार्ड को कायम कर पाएंगे और सातवीं बार वह वह निर्वाचित होंगे। वैसे अभी तक जो अनुमान लगाया जा रहा है उसके अनुसार यहां पर भाजपा के देवेंद्र जैन केपी सिंह पर भारी पड़े क्योंकि देवेंद्र जैन यहां पर केपी सिंह की दबंगई छवि को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा। इसके अलावा शिवराज सरकार की योजना और लाडली बहना योजना का असर यहां पर देखा जा रहा है। हालांकि 3 दिसंबर को परिणाम सामने आएंगे तब तक सबकी निगाहें इस परिणाम पर ही टिकी हैं।कांग्रेस में टिकट को लेकर चली माथापच्ची-शिवपुरी विधानसभा सीट की टिकट को लेकर कांग्रेस में अंतिम दौर तक माथापच्ची चली। नाम निर्देशन पत्र भरने के अंतिम दौर तक तमाम कयासों के दौर चलते रहे कि यहां से कौन चुनाव लड़ेगा। पहले ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि भाजपा छोड़कर आए कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी को कांग्रेस टिकट देगी लेकिन उनको टिकट न देकर केपी सिंह को टिकट दिया गया। केपी सिंह को पिछोर की वजह शिवपुरी मैदान में उतारा गया। इसको लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच कुछ दिनों के लिए बयानबाजी का दौर भी चला लेकिन बाद में मामला साफ हो गया कि उन्हें एक रणनीति के तहत शिवपुरी से उतारा गया है। पिछोर विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस में टिकट को लेकर माथापच्ची चली। पूर्व में यहां से केपी सिंह की बजाय कांग्रेस ने शैलेंद्र सिंह को टिकट दिया लेकिन उनका नाम भी बदलकर फिर बाद में अरविंद लोधी को टिकट दिया गया। कांग्रेस की बार-बार टिकट बदला-बदली की रणनीति के कारण भी पार्टी की फजीयत हुई।

सिंधिया स्कूल कैंपस में मंदिर दर्शन के लिए जैन मुनि को नहीं मिली इजाजत, जमकर हुआ हंगामा.

Jain monk denied permission for temple visit at Scindia School campus, uproar ensues. सिंधिया स्कूल परिसर में जैन मंदिर के दर्शन नहीं करने पर 24 घंटे तक अनशन फिर भी नहीं मिली अनुमति ग्वालियर । ग्वालियर किले पर स्थित फेमस सिंधिया स्कूल के परिसर में मौजूद एक प्राचीन भवन को भगवान महावीर स्वामी का मंदिर बताया जाता है। इसी के दर्शन करने की मांग करते हुए जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज ने पूरे 24 घंटे तक सिंधिया स्कूल के गेट पर अनशन किया। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया। थक हार कर जैन मुनि ने स्कूल के बाहर से खड़े होकर दूर से ही मंदिर के दर्शन किए और वहां से रवाना हो गए। दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार की सुबह शुरू हुआ था। ग्वालियर में चातुर्मास पूरा करने के बाद जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज ने ग्वालियर किले पर स्थित भगवान महावीर स्वामी के मंदिर के दर्शन करने की इच्छा जैन समाज के लोगों से जाहिर की। जैन समाज के कुछ लोग जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज को लेकर ग्वालियर किले पर पहुंचे। लेकिन यहां जैन मुनि को मंदिर में भगवान के दर्शन नहीं हो सके। क्योंकि जिस मंदिर में जैन मुनि दर्शन करना चाहते थे, वो मंदिर सिंधिया स्कूल के परिसर में मौजूद है।स्कूल प्रबंधन ने जैन मुनि को स्कूल के अंदर आने की अनुमति नहीं दी। अनुमति नहीं मिलने पर और भगवान के दर्शन नहीं होने पर जैन मुनि सिंधिया स्कूल के गेट पर ही अनशन पर बैठ गए। उनके साथ जैन समाज के कुछ लोग भी अनशन पर बैठ गए। मंगलवार सुबह से शुरू हुआ यह अनशन बुधवार की सुबह तक जारी रहा। स्कूल प्रबंधन ने किया साफ मनाइस दौरान पुलिस प्रशासन ने जैन मुनि को अनशन तोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन जैन मुनि ने भगवान के दर्शन करने के बाद ही अनशन तोड़ने की बात कही। बुधवार की सुबह स्कूल प्रबंधन द्वारा जैन मुनि को साफ तौर पर बता दिया गया कि उन्हें किसी भी हालत में स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस दौरान जैन समाज के लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। स्कूल प्रबंधन ने बनवा दी दीवारजैन समाज के लोगों ने बताया कि पहले वे इस मंदिर में दर्शन के लिए जाया करते थे। लेकिन फिर स्कूल प्रबंधन ने दीवार बनवा दी। जिसके बाद उन्हें अंदर जाने नहीं दिया जाता है। उन्हें स्कूल की दीवार के बाहर जाल से ही मंदिर के दर्शन करने पड़ते हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा जब जैन मुनि को स्कूल के अंदर प्रवेश देने से साफ मना कर दिया गया तो जैन समाज के लोग आक्रोशित हो गए। जाली में से मंदिर के दर्शन करने पड़ेजैन मुनि ने जब देखा की बात बनने की बजाय बिगड़ रही है तो जैन मुनि स्कूल के बाहर से ही मंदिर के दर्शन करने के लिए तैयार हो गए। जैन मुनि ने अपना अनशन तोड़कर स्कूल के बाउंड्री के बाहर खड़े होकर जाली में से मंदिर के दूर से ही दर्शन किए और इसके बाद में वहां से चले गए। हालांकि, इस मामले में जैन समाज के लोगों का कहना है कि अब वह इस मंदिर को स्कूल परिसर से मुक्त करवाने के लिए प्रयास करेंगे।

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी, शिवपुरी की घटना पर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी

शिवपुरी भाजपा जिलाध्यक्ष का दावा…लाड़ली बहनों का आशीर्वाद भरपूर मिला

Shivpuri BJP district president claim…received abundant blessings from dear sisters. (SAHARA SAMACHAR) शिवपुरी। शिवपुरी के बीजेपी जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया है कि जिले की पांचों विधानसभा सीटें भाजपा जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया कि लाड़ली बहनों का आशीर्वाद बीजेपी को भरपूर मिला है। इसके कारण बीजेपी जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने कहा कि इस वोटिंग से लोकतंत्र मजबूत हुआ है। ऐतिहासिक मतदान हुआ है। लाड़ली बहना, मजदूर, गरीबों और किसानों का समर्थन बीजेपी को मिला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जनहितैषी व जन कल्याणकारी योजनाओं के कारण अच्छी वोटिंग हुई है, इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा। कांग्रेसियों द्वारा शिवपुरी की कम से कम तीन सीटें जीतने के दावे को लेकर राजू बाथम से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे कांग्रेसियों के द्वारा किए जा रहे दावे को लेकर कुछ जानकारी नहीं है। लेकिन मेरा दावा है कि बीजेपी शिवपुरी जिले की पांचों सीटें जीत रही है। गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में पांच विधानसभा सीटें आती हैं। इन पांचों विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को 79 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2018 के मुकाबले इस साल पांच प्रतिशत ज्यादा मतदान पांचों सीटों पर हुआ है। अब तीन दिसंबर को शिवपुरी में मतगणना होगा। शिवपुरी के पीजी कॉलेज में पांचों विधानसभा सीटों की मतगणना का काम किया जाएगा। तीन दिसंबर को आने वाले परिणामों पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।

लोकायुक्त ने ठेकेदार से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हांथो पकड़ा, कार्यपालन यंत्री।

Lokayukta caught the contractor red-handed taking a bribe of 15 thousand rupees, the Executive Engineer. Manish Trivedi ग्वालियर:- पीडब्ल्यूडी का कार्यपालन यंत्री ठेकेदार से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया। लोकायुक्त ने मंगलवार को मेला मैदान में घूसखोर को दबोच लिया. तीन दिन पहले कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता ठेकेदार से 55 हजार रुपए ऐंठ चुका था। रिश्वत की दूसरी किस्त वसूलने के लिए उसने ठेेकेदार को मेला मैदान में बुलाया। ठेकेदार पैसों के साथ लोकायुक्त टीम को भी लेकर पहुंचा। ठेकेदार महेंद्र सिंह बैस ने बताया भिंड में कलेक्टर बंगले पर बिजली का काम किया है। इसका 4 लाख 20 हजार रुपए का बिल बना। अभी जो काम चल रहा है उसका बिल 2 लाख 72 हजार रुपए है। इन बिलों को कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता को पास करना था। उसके बदले गुप्ता 70 हजार रुपया घूस मांगी। पैसा नहीं दिया तो उसने ठेकेदार का बिल रोक दिया। पहली किस्त में 55 हजार रुपए देकर ठेकेदार ने कहा कि अब तो बिल पास कर दो, लेकिन गुप्ता पूरी रकम वसूले बिना बिल पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं था।

शिवपुरी में मतदान के बाद देर रात दो गुटों में खूनी संघर्ष, इलाज के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़।

Bloody clash between two groups late night after voting in Shivpuri, three people died during treatment. शिवपुरी में मतदान के बाद पुरानी रंजिश के चलते हुआ पथराव, आगजनी और गोलीकांड। दोनों गुटों के 12 से ज्यादा लोग हुए घायल, एक महिला सहित तीन की इलाज के दौरान मौत। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / शिवपुरी। जिले के नरवर थाना क्षेत्र के चकरामपुर गांव में 17 नवंबर को मतदान के बाद दो गुटों में रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। पथराव, आगजनी और गोलीकांड में दोनों गुटों के 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए पहले नरवर फिर ग्वालियर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान शनिवार को ग्वालियर में एक महिला और दो युवकों की मौत हो गई। हिंसा के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ गांव में मौजूद हैं। योगेंद्र उर्फ गोला पुत्र मुन्ना भदौरिया का गांव के ही दिनेश कुशवाह से दो माह पहले विवाद हो गया था। तभी से दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही थी। 17 नवंबर को वोटिंग के बाद रात में दोनों परिवारों के युवकों में रंजिश को लेकर विवाद हो गया। इसके कुछ देर बाद ही दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों गुटों ने लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में कुशवाह समाज के एक युवक को गोली लग गई। इस खूनी संघर्ष के दौरान हुई आगजनी में एक बोलेरो कार भी जलकर राख हो गई। खूनी संघर्ष में मुन्ना भदौरिया की पत्नी आशा देवी उम्र 55 वर्ष, भाई लक्ष्मण और हिमांशु सेंगर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अतिरिक्त मुन्ना भदौरिया के दो बेटे राजेंद्र भदौरिया और भोला भदौरिया घायल हुए थे। सभी घायलों को पहले नरवर के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से सभी घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया था। इस झगडे़ में मुन्ना भदौरिया की पत्नी आशादेवी और आशादेवी के भतीजे हिमांशु सेंगर और लक्ष्मण भदौरिया की ग्वालियर में मौत हो चुकी है। कुशवाह परिवार के सदस्यों का उपचार भी ग्वालियर के अस्पताल में जारी है। करैरा एसडीओपी शिवनारायण मुकाती ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों पर बलवा सहित हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। एक पक्ष के तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस ने अब हत्या की धारा बढ़ाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

छुटपुट घटनाओं के बीच ग्वालियर में शांतिपूर्ण रहा मतदान।

Voting remained peaceful in Gwalior amid minor incidents. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नहीं हुआ कोई बड़ा झगड़ा फसाद। भाजपा और कांग्रेस के बीच ही दिखाई दे रहा है सीधा मुकाबला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1659 मतदान केंद्रों और 3 सहायक मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मौसम में ठंडक होने के कारण सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ कम ही रही, लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ा मतदान केन्द्रों पर लाईन भी बढ़ती चली गई। चुनाव आयोग ने भले ही तमाम वायदे वोटिंग को लेकर किये हो, लेकिन मतदान के समय भी लोग अपने वोटर कार्ड लेकर घूमते दिखे। जबकि उनका नाम वोटर लिस्ट में था ही नहीं आयोग द्वारा नियुक्त एजेंटों द्वारा इसको लेकर कहा गया कि मतदाता की पुष्टि नहीं हुई होगी, इसके कारण नाम कट गया होगा, यह कहकर पलड़ा झाड़ लिया गया। ग्वालियर ग्रामीण के 269, ग्वालियर के 303, ग्वालियर पूर्व के 319, ग्वालियर दक्षिण के 249, भितरवार के 266 और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र डबरा (अजा) के 256 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता रूपी जनता ने अपने मताधिकार का उपयोग कर नई सरकार चुन ली है। साथ ही अपने क्षेत्र के विधायक को भी चुन लिया। मतदान के दौरान चाक चौबंद रही कानून व्यवस्था ग्वालियर में मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए दस हजार से ज्यादा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के अलावा बीएसएफ और क्यूआरएफ फोर्स को बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों की भी तैनाती की गई थी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चन्देल पूरे समय मतदान केन्द्रों पर घूम-घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।ग्वालियर में 16 लाख 24 हजार 567 वोटर्स हैं। इनमे 7 लाख 5 हजार 871 महिला वोटर हैं। इन चुनावों में पहली बार अस्सी साल से ज्यादा वाले बुजुर्गों को घर पर ही वोट डालने का अधिकार मिला था। ऐसे वोटर्स की संख्या 17081 है। जिले में 275 बूथ संवेदनशील भी थे जिनकी सुरक्षा के खास इंतजान किए गए थे। हालांकि शहर में मतदान प्रक्रिया के दौरान दो से तीन स्थानों पर लड़ाई झगडे की खबरें भी आईं थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते छोटे छोटे विवाद तो देखने को मिले लेकिन ये विवाद किसी बड़े झगड़े या अप्रीय घटना का कारण नहीं बन सके, कुल मिलाकर शहर में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। दांव पर लगी मंत्री और पूर्व मंत्रिओं की शाख ग्वालियर में भाजपा के दो वर्तमान मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और भारत सिंह कुशवाहा के अलावा तीन पूर्व मंत्री माया सिंह, इमरती देवी और नारायण सिंह कुशवाह और कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मैदान में हैं। इस चुनाव में इन सभी वर्तमान एवं पूर्व मंत्रिओं की शाख दांव पर लगी है। अब यह तो तीन तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि किसकी शाख बचेगी और किसकी डूबेगी। जिसका इंतजार सभी को रहेगा। आपको बता दें कि सुबह निर्धारित समय पर राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों का मॉक टेस्ट हुआ और फिर वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के बाद मतदान शुरू हुआ था। पोलिंग बूथों पर लगी रही मतदाताओं की भीड़ ग्वालियर की 6 विधानसभा सीटों पर लोकतंत्र के महापर्व को लेकर उत्साह चरम पर रहा। सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर वोट डालने के लिये मतदाताओं को पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ते ही पोलिंग बूथों पर लोगों की लाइनें लगना शुरू हो गई थी। लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई मतदान केन्द्रों पर मतदान धीमे होने की शिकायतें भी सामने आई। वहीं मतदान का समय पूर्ण होने पर भी कुछ पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगीं दिखाई दीं। जिसके चलते लाइन में लगे हुए मतदाताओं को मतदान केंद्रों के अंदर कर दिया गया और कुछ अतरिक्त समय का उपयोग कर मतदान पूर्ण कराया गया। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला ग्वालियर दक्षिण की बात करें तो यहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक प्रवीण पाठक और पूर्व मंत्री भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह के बीच सीधी लडाई है। ग्वालियर पूर्व में कांग्रेस के मौजूदा विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार और पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री माया सिंह के बीच मुकाबला है। जबकि ग्वालियर विधानसभा में मंत्री भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला है। ग्रामीण विधानसभा में भाजपा नेता मंत्री भारत सिंह कुशवाह और कांग्रेस प्रत्याशी साहब सिंह गुर्जर में आमने सामने की टक्कर है। भितरवार में कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखन सिंह और भाजपा के मोहन सिंह राठौर के बीच मुकाबला है वहीं डबरा में पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री इमरती देवी और कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुरेश राजे में सीधा मुकाबला है।

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