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शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम बढ़ाकर 7 हजार 750 रुपये प्रतिमाह की

रायपुर वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों पर आश्रितों की अधिकतम आय सीमा में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 7 हजार 750 रुपये प्रतिमाह करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि साल 2014 के बाद से शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि राज्य में श्रमिकों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। अर्द्ध कुशल श्रमिकों के लिए दैनिक मजदूरी की दर अब 10,900 रुपये प्रति माह तक पहुंच गई है। ऐसे में शासकीय सेवकों के आश्रित सदस्य 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से अधिक आय प्राप्त कर रहे थे, उन्हें परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब, आय सीमा बढ़ाने के साथ जिन आश्रितों की आय 3,050 रुपये से अधिक थी, वे सभी परिवार पेंशन का लाभ प्राप्त करने के पात्र हो सकेंगे। इस कदम से शासकीय सेवकों के आश्रितों की स्थिति सुधरेगी और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जो शासकीय सेवक के निधन के बाद परिवार पेंशन पर निर्भर रहते हैं। आय सीमा में इस वृद्धि से उन्हें भी अब परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय बोले – खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ व कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी । मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन का यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह युवाओं को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ में हम लगातार खेलों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे राज्य में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। भारत सरकार की खेलो-इंडिया योजना को भी हम छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे अवसर मिलता है। मैं खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को जानने समझने का प्रयास करता हूं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता हूं। कल ही मैंने धमतरी की बैडमिंटन खिलाड़ी रीतिका ध्रुव से वीडियो कॉल पर बात करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिली उपलब्धियों के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीतिका ने मुझे बताया कि उनके पिता जीवन-यापन के लिए मजदूरी करते हैं और मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। संघर्षों के बावजूद रीतिका ने बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने रितिका को आश्वस्त किया कि आप खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करिये। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी तरह कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बिटिया निशा से मैंने फोन पर बात की। निशा पूर्वी-अफ्रीकी देश तंजनिया का किलीमंजारों पर्वत फतह करना चाहती है। वह माउंट एवेरेस्ट भी फतह करना चाहती है। उसके पिता रिक्शा-चालक हैं। मुझे पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह बेटी पर्वतारोहण के लिए नहीं जा पा रही है। मैंने उसे सरकार की ओर से सभी तरह के सहयोग का भरोसा दिया और कल मैंने पौने चार लाख की राशि निशा बेटी के लिए स्वीकृत कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। बैडमिंटन के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे बढ़ें इसके लिए भी हम सभी सुविधाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने मेंस डबल्स विजेता श्री हरिहरन व श्री रुबन कुमार को बधाई दी। उन्होंने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चौलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विदेश से आए खिलाड़ियों और उनकी टीम के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिसोदिया, महासचिव श्री संजय मिश्रा, श्री राकेश शेखर, श्री गौतम महंता सहित बैडमिंटन संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले- संगठित समाज ही विकसित समाज की पहचान

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर के ग्राम फुंडहर में छत्तीसगढ़ निषाद समाज के 23वें राज्य स्तरीय युवक-युवती एवं विधवा-विधुर परिचय सम्मेलन तथा आदर्श विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विवाहित जोड़ियों को शुभकामनाएं दी और निषाद समाज द्वारा किए जा रहे इस कार्य की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज द्वारा यह आयोजन बहुत अच्छा प्रयास है।सामाजिक एकता बहुत जरूरी है। समाज मे सभी बराबर होते हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। संगठित समाज से सिर्फ समाज को ही फायदा नहीं होता बल्कि समाज के साथ-साथ देश भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उन्नति के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। शिक्षा से ही समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से सभी को शिक्षा का महत्व समझते हुए शिक्षा से जोड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी गुहा निषादराज के वंशज हैं, जिन्होंने श्री राम की नौका पार कराई थी। हमारी सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से प्रभु श्री राम के दर्शन करने का आग्रह किया। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना पुनः प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निषाद समाज को शासन की मत्स्य पालन की योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदीजी की गारंटी को हम पूरा कर रहे हैं। दो साल का बकाया धान बोनस, तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी, आवासहीनों को प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति जैसे अनेक निर्णय हमारी सरकार ले रही है और क्रियान्वित भी कर रही है। समर्थन मूल्य पर 14 नवम्बर से धान खरीदी की जा रही है। किसानों को 72 घण्टे में ही बेची गई धान की कीमत देने की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने घोघरा नवापारा में समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गत दिनों ग्राम छरछेद में हुई घटना में निषाद समाज के पीड़ित परिवार की सहायता राशि को 10 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए करने और साथ ही पीड़ित परिवार के चार बच्चों को 18 वर्ष होते तक प्रतिमाह 4 हजार रूपए की भी सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के 2 युवाओं को कलेक्टर दर पर नौकरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निषाद समाज के सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित 10 युवाओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, विधायक श्री मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर श्री एम आर निषाद, श्री सुरेश धीवर सहित बड़ी संख्या में निषाद समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

विश्व पर्यटन मानचित्र में बस्तर के धुड़मारास गांव ने बनाई अपनी जगह

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के छोटे से गांव धुड़मारास ने देश और दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाई है। बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धुड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए पर्यटन विभाग की टीम के साथ ही बस्तर जिला प्रशासन तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धुड़मारास की सफलता का मुख्य श्रेय यहां के स्थानीय निवासियों को जाता है, जिन्होंने अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों को संरक्षित रखते हुए इसे आकर्षक पर्यटक स्थल में बदल दिया है। धुड़मारास प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। बस्तर के अदभुत आदिवासी जीवनशैली, पारम्परिक व्यंजन, हरियाली और जैव विविधता से समृद्ध यह गांव पर्यटकों के लिए एक आकर्षक ही नहीं बल्कि रोमांचक स्थल है। धुड़मारास गांव दुनिया भर के उन 20 गांवों में से एक है जिसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव उन्नयन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चुना गया है। धुड़मारास को इसकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सतत पर्यटन विकास की क्षमता के कारण चुना गया है। उन्नयन कार्यक्रम में शामिल होने से गांव को उन संसाधनों तक पहुंंच प्राप्त होगी जो इसके पर्यटन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सांस्कृतिक संपत्तियों को बढ़ावा देने और ग्रामवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में मदद करेंगे। विश्व स्तर पर पर्यटन गांव के रूप में इस गांव की पहचान स्थापित होने का तात्पर्य यह भी है कि लंबे समय के बाद बस्तर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्लेखनीय है कि धुड़मारास तथा बस्तर के ही चित्रकोट गांव को इस वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला था।      प्रकृति की गोद में बसा धुड़मारास गांव घने जंगलों से घिरा हुआ है। गांव के बीच से बहती कांगेर नदी इसे मनमोहक बना देती है। बस्तर के लोग मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवा रहे हैं, ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवाने से उन्हें रोजगार मिल रहा है। गांव के युवा पर्यटकों को आसपास के क्षेत्रों की सैर कराते हैं। स्थानीय खानपान के अंतर्गत पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक व्यंजन परोसे जाते हैं।    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए ट्रैकिंग ट्रेल और कैंपिंग साइट विकसित करने सहित होम-स्टे की सुलभता हेतु पहल कर रही है। साथ ही स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को प्रोत्साहन दे रही है, जिससे ईलाके के रहवासी ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता होने के साथ आय संवृद्धि हो सके। राज्य सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु क्षेत्र में सड़कों और परिवहन सुविधाओं का विकास पर भी ध्यान दे रही है। बस्तर के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में देश के पर्यटकों सहित अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए व्यापक प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। वहीं स्थानीय हस्तशिल्प और कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।     छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं पर्यटन विभाग ने धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जिले के नागलसर और नेतानार में भी स्थानीय युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति द्वारा गांव में बहने वाली शबरी एवं कांगेर नदी में कयाकिंग एवं बम्बू राफ्टिंग की सुविधा पर्यटकों को मुहैया कराई जा रही है। साथ ही स्थानीय व्यंजन से पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक खान-पान का स्वाद मिल रहा है।     गांव के युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति कांगेर नदी में कयाकिंग और बम्बू राफ्टिंग की सुविधाएं पर्यटकों को उपलब्ध करवाती है, जिससे इस समिति को अच्छी आमदनी हो रही है। यह पर्यटन समिति अब अपनी आय से गांव में पर्यटकों के लिए प्रतीक्षालय और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कर रहे हैं।      बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास की कहानी यह साबित करती है कि जब सामुदायिक भागीदारी और शासन का सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक और सांस्कृतिक विकास संभव है। यह गांव अब बस्तर के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया है। यही वजह है कि कांगेर घाटी नेशनल पार्क के नागलसर और नेतानार में भी ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है।

मजदूर पिता की बेटी रितिका के जज्बे को मुख्यमंत्री ने सराहा

रायपुर धमतरी की रहने वाली मजदूर पिता की बैडमिंटन प्लेयर बेटी रितिका ध्रुव ने कभी नहीं सोचा था कि उसका अपने खेल के प्रति जुनून एक दिन उसे मुख्यमंत्री से रूबरू करवा देगा। आज जब रितिका को मोबाइल पर वीडियो कॉल में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्नेहमयी चेहरा नजर आया तो उसे विश्वास नहीं हुआ कि उसकी बात प्रदेश की मुखिया से हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका से बात करते हुए उसके बैडमिंटन के हुनर को सराहा और उसका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप इसी तरह अपने बैडमिंटन के हुनर को निखारिये। खूब आगे बढिय़े और अपने माता-पिता के साथ पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाइये। हम आपके साथ हैं, आपको बैडमिंटन के लिए जो भी सहायता व सुविधाएं चाहिए उसे हम आपको देंगे। मुख्यमंत्री की ये बात सुनकर रितिका का चेहरा खिल उठा। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका से वीडियो-कॉल में बड़ी आत्मीयता से बात की और उसके बैकग्राउंड के विषय में जाना। रितिका ने बताया कि उसके पिता जीवनयापन के लिए मजदूरी का कार्य करते हैं और माता आंगनबाड़ी सहायिका हैं। उसे बचपन से ही बैडमिंटन के खेल में रुचि थी। समय के साथ उसका ये शौक जुनून में बदल गया और वह पूरे तरह से इस खेल के प्रति समर्पित हो गयी। मगर परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बड़े स्तर के टूनार्मेंट के लिए वह अपने टैलेंट को तराश सके। मुख्यमंत्री ने संघर्षों के बावजूद बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन के लिए रितिका की खूब सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय को रितिका ने वीडियो कॉल पर बताया कि उसने बंगलुरू में खेलो-इंडिया यूनवर्सिटी लेवल गेम्स और हाल ही में ओडीसा में नेशनल टूनार्मेंट में हिस्सा लिया है। वह आगे नेशनल-इंटरनेशनल स्तर पर खेलना चाहती है और ओलम्पिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका से कहा कि आपका ओलम्पिक का सपना भी पूरा होगा। मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ वे राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी हैं। आपकी तरह छत्तीसगढ़ की बेटियां जो अपने खेल में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री को रितिका ने बताया कि वो अभी बीए अंतिम वर्ष में पढ़ाई भी कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका को खेल के साथ अपनी पढ़ाई भी पूरे मन से करने प्रोत्साहित किया। उन्होंने बिटिया को खूब आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री से बात कर के रितिका के चेहरे पर खुशी की मुस्कान छा गयी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय लगातार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उनका प्रयास है कि राज्य में खेल का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनने के साथ-साथ यहां के टैलेंट को आगे बढऩे का पूरा मौका मिले। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विगत दिनों छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही निशा को किलिमंजारो पर्वत फतह करने कॉल कर पूरी मदद का आश्वासन दिया था। आज जब मुख्यमंत्री ने रितिका के संघर्ष और उसकी बैडमिंटन की प्रतिभा को जाना तो वीडियो कॉल पर बिटिया का हौसला बढ़ाया।

बिलासपुर के हॉस्टल में MBBS की छात्राका फंदे पर लटकता मिला शव

बिलासपुर सिम्स मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में MBBS कर रही एक छात्रा ने फांसी लगाकार आत्महत्या कर ली, इस घटना के बाद हॉस्टल में हड़कंप मच गया. घटना के बाद सहेलियों ने आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मृतिका का नाम भानू प्रिया सिंह है, जो की 2018 बैच की MBBS की छात्रा थी. साल 2023 में वो पास आउट हुई थी, जिसके बाद अंबिकापुर के सुखरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इंटर्नशीप कर रही थी. बीते शनिवार को वह बिलासपुर में किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल होने आई हुई थीं और सिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में ठहरी थी. इस दौरान उसने अपनी सहेली के रूम में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. बताया जा रहा है कि जिस समय डॉक्टर भानू प्रिया ने आत्महत्या की, उस समय उसकी सहेली रूम में नहीं थी. दूसरे कमरे में रह रही मेडिकल छात्राओं ने सबसे पहले कमरे में फांसी के फंदे पर लटकती लाश को देखा. इसके बाद उन्होंने बॉडी को तत्काल फंदे से उतारा और इलाज के लिए सिम्स अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. इसके बाद घटना की जानकारी सिम्स के डीन सहित अन्य स्टाफ को दी गई. बता दें कि घटना के बाद पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है, मृतिका ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया इस बात अब तक खुलासा नहीं हो सका है. बेटी की मौत से उसके घर में मातम पसर गया है.

30 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली गन्ने की खड़ी फसल में भीषण आग

कवर्धा  30 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली गन्ने की खड़ी फसल में भीषण आग लग गई. आग लगने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए. हालांकि, काफी प्रयासों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका. वहीं ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक दमकल की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी. आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. यह पूरा मामला पंडरिया थाना क्षेत्र के कुम्ही गांव का है. बताया जा रहा है कि 30 एकड़ से अधिक जिस क्षेत्र में खड़ी गन्ने की फसल में आग लगी है, वह करीब 25 किसानों के खेत हैं. गन्ने के फसल में आग लगने से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है.

रतनपुर पुलिस ने तीन अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया

 बिलासपुर रतनपुर पुलिस ने अफगानिस्तान से भागकर आए तीन शरणार्थियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने का प्रयास करने का गंभीर आरोप है। बताया जा रहा है कि ये तीनों, जिनमें एक महिला भी शामिल है, पेंड्रा से रतनपुर की ओर जा रहे थे। जब पुलिस ने उनकी कार को रोकने की कोशिश की, तो ड्राइवर ने स्टापर को टक्कर मारते हुए भागने का प्रयास किया, जिससे मौके पर तैनात पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। कैसे हुआ घटनाक्रम रतनपुर थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने बताया कि पेंड्रा की ओर से तीन विदेशी नागरिकों के आने की सूचना पर पुलिस टीम ने चेकिंग शुरू की थी। एक संदिग्ध कार को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन ड्राइवर ने रुकने के बजाय कार को स्टापर से टकरा दिया और तेजी से भागने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार का पीछा किया और आखिरकार उन्हें रोकने में सफल रहे। दिल्ली में रह रहे तीनों अफगानी शरणार्थी कार की जांच करने पर उसमें तीन अफगानी नागरिक वैसुद्दीन, फयाजुद्दीन, और एक महिला समद्रोवा नजीरा पाए गए। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि ये तीनों शरणार्थी हैं और दिल्ली में रह रहे हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने इन्हें हिरासत में लिया और मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई। इनके खिलाफ पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया गया है, और जल्द ही इन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। ड्रायफ्रूट व्यापार की आड़ प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये तीनों अफगानी नागरिक दिल्ली में रहते हुए ड्रायफ्रूट का व्यापार कर अपनी आजीविका चला रहे थे। वे देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर ड्रायफ्रूट बेचते थे। हाल ही में वे बिलासपुर के स्वदेशी मेले में व्यापार करने आ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें समय रहते गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस उनके बयानों की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि वे किस उद्देश्य से बिलासपुर आए थे और उनके इस तरह से भागने की क्या वजह थी।

संदिग्ध परिस्थितियों में बीएड छात्र का शव मिला, लॉज में किराए से रहता था, तीन दिन से लापता था छात्र

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में बीएड के छात्र का संदिग्ध परिस्थितियों में लॉज के पास शव मिला है। छात्र तीन दिनों से लापता था। शव जहां मिला है, वहां पास के लॉज में वो किराए पर रहता था। छात्र के सिर और गर्दन में चोट के निशान हैं। खून घटनास्थल पर फैला मिला है। एमसीबी पुलिस हत्या, आत्महत्या या हादसा, सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। घटना कोतवाली मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मनेंद्रगढ़ में जैन धर्मशाला के पास स्थित एक लॉज के पीछे झाड़ियों के पास रविवार सुबह लोगों ने युवक का शव पड़ा देखा। सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। छात्र के शव की शिनाख्त सौरभ कुजुर (24) निवासी अंबिकापुर के रूप में हुई है। सौरभ तीन दिनों से लापता था। वो मनेंद्रगढ़ में रहकर RNS बीएड कॉलेज में पढ़ रहा था।

बैगा आदिवासियों के नाम पर बैंक कर्मचारियों और दलालों ने मिलकर किया खेल, 50 लाख रुपए से अधिक के फर्जी लोन स्वीकृत

कवर्धा छत्तीसगढ़ में बैगा आदिवासियों के नाम पर कथित रूप से 50 लाख रुपए से अधिक के फर्जी लोन स्वीकृत कर बैंक से निकालने जाने का मामला सामने आया है. इस मामले में पीड़ित परिवारों को जानकारी तब मिली जब उनके खाते से बैंक की रकम निकाली गई और उनके मोबाइल में मैसेज आया. ये पूरा मामला जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बोड़ला का है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तरेगांव जंगल, कुकुरापानी और कोटनापानी समेत कई गांवों के बैगा आदिवासीयों से कथित रूप से लोन के फर्जीवाड़े की शिकायत बैंक से की गई है. पीड़ितों का आरोप है कि ये पूरा खेल बैंक के कर्मचारियों और दलालों ने मिलकर किया है. आदिवासियों के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन लिया गया है. क्या होता है KCC Loan किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन, किसानों को कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए बैंकिंग प्रणाली से ऋण सहायता देने का एक ज़रिया है. केसीसी लोन के ज़रिए, किसानों को कई तरह के फ़ायदे मिलते हैं:     केसीसी लोन पर 2% की दर से ब्याज अनुदान और 3% की दर से शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन लाभ मिलता है.     पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल किसानों को 2 लाख रुपये का अनुदान मिलता है.     केसीसी लोन के लिए 1.6 लाख रुपये तक के लोन के लिए कोई संपार्श्विक ज़रूरी नहीं होता.     केसीसी लोन के लिए स्मार्ट सह डेबिट कार्ड (रूपे कार्ड) मिलता है.     केसीसी लोन के लिए, 5 साल के लिए व्यापक प्रगतिशील सीमा मिलती है.     हर साल 10% की सीमा में वृद्धि की जा सकती है.     व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (पीएआईएस) कवरेज मिलता है.     प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना (पीएमएफ़बीवाई) के तहत कवर किया जा सकता है.  

अंबिकापुर में पारा 10 डिग्री, राजधानी में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना

रायपुर छत्तीसगढ़ में दिवाली के बाद तेजी से पारा गिरता जा रहा है. छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले अंबिकापुर में पारा 10 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. वातावरण में नमी की मात्रा घटने तथा उत्तर से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण अगले तीन दिनों में राजधानी में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है.   फिलहाल, रायपुर, जगदलपुर में अन्य संभागों से न्यूनतम तापमान अधिक है. राजधानी में दिवाली के बाद ठंड का अहसास हो रहा है, लेकिन मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अभी तक अच्छी ठंड नहीं पड़ रही है. उत्तर छत्तीसगढ़ में रात में अब ठिठुराने वाली ठंड पड़ रही है. अम्बिकापुर में पारा 10 डिग्री तक गिर गया है. मौसम विभाग की माने तो छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में अगले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है. राजधानी रायपुर में भी आने वाले दिनों में पारा गिरने की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के नहीं गुजरने से फिलहाल, सप्ताहभर बदली- बारिश की संभावना भी कम है. सुबह कोहरा छाने की संभावना मौसम विभाग का कहना है कि वातावरण में नमी होने की वजह से सुबह के समय कोहरा छाने की संभावना है. विजिबिलिटी हजार मीटर से पंद्रह सौ मीटर तक बनी रह सकती है. अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान- रायपुर में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 29.8 डिग्री सेल्सियस, पेंड्रारोड में 28.4 डिग्री सेल्सियस, अम्बिकापुर में 27.5 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर में 30.2 डिग्री सेल्सियस, दुर्ग में 31.8 डिग्री सेल्सियस एवं राजनांदगांव में 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायपुर में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 15.9 डिग्री सेल्सियस, पेंड्रारोड में 12 डिग्री सेल्सियस, अम्बिकापुर में 10.1 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर में 17.6 डिग्री सेल्सियस और दुर्ग में 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

कोर इलाके में डेरा डालकर नक्सलियों को मारेंगे सुरक्षाबल, छत्तीसगढ़-बीजापुर के कोंडापल्ली में खुला कैंप

बीजापुर. नक्सलियों के सबसे सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले कोंडापल्ली में सुरक्षाबलों का नया कैंप लगने से यहां नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में मदद मिलेगी। साथ ही कैंप खुलने से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय ग्रामीणों को मिलेगा। उसूर ब्लॉक के अंतिम छोर व नक्सलियों के पीएलजीए बटालियन का कोर इलाका माने जाने वाले कोंडापल्ली में सुरक्षाबलों ने अपना नया कैंप लगा लिया है। जिले के इस अंदुरुनी क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन व विकास कार्यों में तेजी लाने बस्तर आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी बीजापुर व पुलिस अधीक्षक डॉ. जिंतेंद्र कुमार यादव व सीआरपीएफ कमांडेंट के निर्देश पर राज्य सरकार से संचालित नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सलियों के पीएलजीए बटालियन के सुरक्षित माने जाने वाले कोर क्षेत्र कोंडापल्ली में बीते दिनों सुरक्षाबलों का नया कैंप स्थापित कर दिया गया है। इस कैंप के स्थापित होने से क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में मदद मिलेगी व क्षेत्र में रहने वाले आम ग्रामीणों को सड़क, पुल, पुलिया, बिजली, पानी स्वास्थ्य, पीडीएस, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार सहित अन्य सुविधाएं मिल पाएगी। कोंडापल्ली में कैंप खुलने से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। कैंप लगते ही सीआरपीएफ की मेडिकल यूनिट द्वारा वहां मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।

कलेक्टर ने की कार्रवाई, छत्तीसगढ़-सुकमा के कोंटा नगर पंचायत के उप अभियंता देवेंद्र कुमार पहाड़ी निलंबित

सुकमा. सुकमा में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोंटा नगर पंचायत के उप अभियंता देवेंद्र कुमार पहाड़ी को निलंबित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के खिलाफ सोशल मीडिया में अभद्र टिप्पणी करने को लेकर पहाड़ी के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है। कोंटा मंडल के अध्यक्ष और जिला भाजपा के पदाधिकारियों ने मामले को लेकर कलेक्टर से शिकायत की थी जिस पर ये कार्रवाई हुई है। मामले की शिकायत मंत्री केदार कश्यप और अरुण साव जी से भी की गई थी। दरअसल कोंटा नगर पंचायत के उप अभियंता देवेंद्र कुमार पहाड़ी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के खिलाफ सोशल मीडिया में अभद्र टिप्पणी की थी। कोंटा भाजपा मंडल अध्यक्ष और जिला भाजपा के पदाधिकारियों ने मामले को लेकर कलेक्टर देवेश ध्रुव के सहित मंत्री केदार कश्यप और अरुण साव से शिकायत की थी। शिकायत के बाद कलेक्टर ने इस मामले में देवेंद्र कुमार पहाड़ी को निलंबित कर दिया है।

पति की मौत और पत्नी घायल, छत्तीसगढ़-बलरामपुर में पुलिया पर काम कर रहे थे मजदूरों पर हाथी का हमला

बलरामपुर. बलरामपुर-रामनुजगंज बीती रात बलरामपुर विकासखंड के चिलमा ग्राम के समीप सासु नदी में बना रहे पुलिया के पास क्षेत्र में हाथी आने के बाद वन विभाग की टीम के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित थे। इस बीच दंपत्ति को लोगों के मना करने के बाद जंगल की ओर चल दिए। जिससे हाथी की चपेट में पति आ गया। हाथी ने अपने सूंड से लपेटकर पति को पटक दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पत्नी भी घायल हो गई। सूचना पर तत्काल एसडीओ वन रवि शंकर श्रीवास्तव सहित वन अमला पहुंचा। जानकारी के अनुसार, पस्ता गौठान जंगल के किनारे किनारे होते हाथियों का दल चिलमा की ओर जा रहा था। क्षेत्र में हाथी आने की खबर लोगों को लगते ही ग्रामीण वन विभाग के अमले के साथ सासु नदी पुलिया के पास सैकड़ों की संख्या में एकत्रित थे। इस बीच चमरा कोरवा उम्र 60 वर्ष अपनी पत्नी के साथ देर रात जंगल की ओर जाने लगा। वन विभाग का अमला एवं ग्रामीणों के द्वारा मना किया गया। उसके बाद भी वह जंगल ओर चला गया। जिससे वह हाथी के चपेट में आ गया। पत्नी घायल है। बताया जा रहा है कि आठ हाथियों का दल है। घटना सुबह तीन की बताई जा रही है। सूचना पर एसडीओ वन रविशंकर श्रीवास्तव सहित वन अमला मौके पर पहुंचा।

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