Rajasthan Budget 2024: कल खुलेगा भजनलाल सरकार का पिटारा, ये 10 बड़ी घोषणा संभव
Rajasthan Budget 2024: Bhajanlal government’s box will open tomorrow
Rajasthan Budget 2024: Bhajanlal government’s box will open tomorrow
एक वर्षीय सेवा कालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिये आवेदन 15 जुलाई तक राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस संबंध में लिखा पत्र भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में एक वर्षीय सेवा कालीन प्रशिक्षण (अग्रेंजी भाषा) प्रारंभ किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केन्द्र के अंतर्गत संचालित आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (इंग्लिश लैंगवेज टीचिंग इन्स्टीट्यूट) में दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से संबद्ध है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों से प्रशिक्षण के लिये आवेदन आमंत्रित किये हैं। आवेदन 15 जुलाई 2024 तक जमा कराये जा सकते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को पत्र लिखकर प्रत्येक जिले से कम से कम 2 पात्र आवेदकों के आवेदन rsk.mponline.gov.in के माध्यम से भेजने के निर्देश दिये गये हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम पाठ्यक्रम वर्ष 2024-25 के लिये आयोजित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम में प्रदेश के प्रत्येक जिले का प्रतिनिधित्व हो, यह सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। यह प्रशिक्षण अंग्रेजी भाषा के शिक्षकों के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों में कौशल विकास किया जाता है।
पक्का हो घर अपना… अब नहीं रहा ये सपना प्रधानमंत्री जन-मन आवास योजना से पक्का घर पाकर खुजरो बाई की खुशी का ठिकाना नहीं भोपाल खुद के पक्के घर में निश्चिंत होकर कौन नहीं रहना चाहता। यह सभी का एक बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिये हर व्यक्ति जी जान से मेहनत करता है। खुजरो बाई भी पक्के घर का सपना दिल में लिये जी रहीं थीं। मण्डला जिले की ग्राम पंचायत जंतीपुर की खुजरो बाई बैगा की किस्मत रंग लाई और अब उसे प्रधानमंत्री जन-मन आवास योजना से खुद का पक्का घर मिल गया है। पक्का घर पाकर वे बेहद प्रसन्न हैं। इस योजना ने पक्के घर में रहने का उनका बरसों पुराना सपना साकार कर दिया है। खुजरो बाई बताती है कि वे बेहद गरीब परिवार से हैं और सालों से कच्चे मकान में रहती थीं। कच्चे मकान में रहने पर बारिश में उसे बड़ी परेशानी होती थी। बारिश की वजह से उसका घर-गृहस्थी का सामान भीगकर खराब हो जाता था। हर साल बारिश से पहले घर की मरम्मत में बहुत पैसा खर्च हो जाता था। वह मजदूरी करके अपना भरण-पोषण करती थीं। गरीबी के कारण वह अपना पक्का मकान नही बना पा रही थी। इसी दौर में ग्राम पंचायत जंतीपुर द्वारा उसे बताया गया कि 2023-24 में उसका नाम प्रधानमंत्री जन-मन योजना की आवास चयन सूची में आ गया है। योजना के तहत उसे तीन किश्तों में काम के आधार पर धनराशि सीधे उसके बैंक खाते में दी गई और उसे कुशल मजदूरी का भुगतान भी किया गया। खुजरो बाई ने बताया कि प्रधानमंत्री जन-मन योजना से उसका पक्का घर बन गया है और अब वह इसमें रहने भी लगी हैं। वे यह भी बताती है कि उन्हें सरकार की प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, विद्युत कनेक्शन, पक्का शौचालय, नल कनेक्शन एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की इन सभी योजनाओं का लाभ पाकर खुजरो बाई के दिन अब बदल गये हैं। वे प्रधानमंत्री जन-मन योजना से उसे पक्का घर देने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार जताती हैं।
भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इन दिनों बकाया बिजली बिल वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुरैना में 70 लाख रुपए बकाया राशि की वसूली के लिए बिजली कंपनी की टीम ने गत दिनों बाल निकेतन रोड पर 23 घरों के कनेक्शन काट दिए और 16 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के केस बनाए। शहर में इन दिनों बिजली कंपनी का राजस्व वसूली अभियान चल रहा है। इसमें बिजली चोरी पर भी फोकस है। कलेक्टर मुरैना ने बिजली कंपनी को एक थानेदार, एक हवलदार व तीन सिपाही कोतवाली थाने से उपलब्ध कराए हैं। बिजली कंपनी की टीम ने गत दिनों गोपालपुरा बाल निकेतन रोड मुरैना पहुंचकर 23 बड़े बकायादारों के घर जाकर बिजली का बिल जमा करने के लिए कहा, लेकिन बकायादारों ने बिजली बिल जमा नहीं किये। कंपनी के सहायक प्रबंधक अशोक शर्मा ने 70 लाख रुपए की वसूली के लिए 23 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की है। टीम में शामिल अन्य अधिकारियों प्रबंधक अभिषेक चौरसिया, सहायक यंत्री इंद्रेश्वर, हेमंत बाजौरिया, पंकज सोनी, उमाशंकर मित्तल व सद्दाम हुसैन ने बिजली चोरी के 16 केस बनाए। इस कार्रवाई के दौरान बिजली कंपनी की टीम जब आगे बढ़ी तो 14 घरों के लोग ताला डालकर घर से चले गए। बिजली कंपनी का वसूली अभियान लगातार जारी है।
जन और जनजातीय संस्कृति के विकास में अव्वल मध्यप्रदेश जनजातीय विरासत के लिये लगभग 41 हजार करोड़ रूपये का बजट आवंटित भोपाल जनजातीय वर्ग के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। इस वर्ग के लिये सरकार की संवेदनशीलता इसी तथ्य से परिलक्षित होती है कि सालाना बजट 2024-25 में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रूपये बजट आवंटित किया गया है। यह बजट वर्ष 2023-24 से 3 हजार 856 करोड़ रूपये (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनजातीय वर्ग के कल्याण और इन्हें समर्थ बनाने की संवेदनशील पहल पर ही इस वर्ष जनजातीय कार्य विभाग को पहले से अधिक धनराशि आवंटित की गई है। जनजातीय बंधुओं और इनकी समृद्ध संस्कृति के संरक्षण और विकास के लिये सरकार द्वारा अनेक नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी और कलाकार अब विकास की एक नई राह पर चल पड़े हैं। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान नियत किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। सरकार की अत्यंत सराहनीय पहल आकांक्षा योजना में जनजातीय वर्ग के 10वीं पास विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश सरकार नीट, क्लैट एवं जेईई की नि:शुल्क कोचिंग देने का कार्य कर रही है। नि:शुल्क कोचिंग के साथ-साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। साथ ही डेटा प्लान भी सरकार द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिये सरकार ने बजट में 10 करोड़ 42 लाख रूपये आरक्षित कर दिये हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन) के तहत विशिष्टत: असुरक्षित जनजातीय समूहों (पीव्हीटीजी) के सर्वांगीण विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्धता पूर्वक प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। पीएम जन-मन योजना के तहत इन विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण कार्य कराये जायेंगे। सरकार ने जारी वित्त वर्ष के बजट में इन कामों के लिये 1 हजार 607 करोड़ रूपये प्रावधानित किये हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीव्हीटीजी) आहार अनुदान योजना के तहत इन जनजाति समूह बाहुल्य ग्रामों में जनजातीय परिवारों को 1 हजार 500 रूपये प्रति माह आहार अनुदान के रूप में सहायता राशि दी जाती है। इसके लिये सरकार ने बजट 2024-25 में 450 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। इस राशि से बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों को नि:शुल्क आहार अनुदान वितरित किया जाएगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिये सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। वहीं इसी योजना के अंतर्गत विशेष जनजातीय क्षेत्रों में 217 नये आंगनवाड़ी भवनों का भी निर्माण किया जा रहा है। इन नये आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण के लिये बजट 2024-25 में 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत का विस्तार अर्थात पेसा एक्ट में पेसा नियम, नवम्बर, 2022 से मध्यप्रदेश में लागू है। यह नियम, प्रदेश की कुल 5 हजार 210 ग्राम पंचायतों तथा 11 हजार 783 गावों में प्रभावशील है। सरकार के प्रयासों से इन नियमों के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उपयोग जनजातीय वर्ग के हितों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये अत्यंत प्रभावशाली साबित हो रहा है। इस पेसा एक्ट से जनजातीय वर्ग अपने क्षेत्र, अपनी परम्पराओं, अपनी संस्कृति और अपनी जरूरतों के मुताबिक फैसले लेकर विकास की राह में आगे बढ़ सकेंगे।
प्रदेश में 3.42 लाख मीट्रिक टन मत्स्योत्पादन का लक्ष्य किया गया हासिल मछुआ दिवस पर राज्यमंत्री श्री पंवार ने मछुआरों को दी बधाई भोपाल प्रदेश में 10 जुलाई को मछुआ दिवस मनाया जायेगा। इस संबंध में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने मछुआरों को बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश में मछली पालन को प्रोत्साहित कर बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले वर्ष प्रदेश में 3 लाख 42 हजार मीट्रिक टन मत्स्योत्पादन का लक्ष्य हासिल किया गया। उन्होंने कहा कि मछुआरों की सहकारी समितियों से आगामी वर्ष में प्रदेश में 3 लाख 90 हजार मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। राज्यमंत्री श्री पंवार ने अपने संदेश में कहा कि नीली क्रांति से प्रदेश में आर्थिक क्रांति लाने के ठोस प्रयास किये जा रहे है। इसके लिये अधिक से अधिक लोगों को मछली पालन के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार मछली पालन के साथ-साथ उसके प्र-संस्करण, विपणन और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य मंत्री श्री पंवार ने कहा कि राज्य सरकार ने मछुआरों एवं मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में लाने के लिये विशेष अभियान चालाया है। इस अभियान से उन्हें सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा के मिलने से प्रदेश के मत्स्य पालक साहूकारों और बिचौलियों के हाथों से फँसने से बच सकें है। मत्स्य उत्पादन संवर्धन के लिये वर्ष 2024-25 का रोडमेप तैयार प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने के लिये वर्ष 2024-25 में विभाग ने रोडमेप तैयार किया है। रोडमेप के जरिये प्रदेश में मत्स्य उत्पादन की नई संभावनाओं के लिये स्थानों को चिंन्हित किया जा रहा है। प्रकृतिक तालाबों एवं जल-संरचनाओं को मत्स्य पालन के अनुकूल बनाने के लिये विभाग द्वारा ठोस प्रयास किये जा रहे है। जिला स्तर पर होगें कार्यक्रम प्रदेश में 10 जुलाई को जिला स्तर पर मछुआ दिवस पर आयोजन होगा। मछुआरों और मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जायेगी। 10 जुलाई 1957 को डॉ. हीरालाल चौधरी द्वारा सीफा भुवनेश्वर में पहली बार सफर मछली का सफलतापूर्वक प्रजनन कराया गया था। यह एक ऐसा उल्लेखनीय कार्य था, जिससे मछली पालन के क्षेत्र में एक नई क्रांति आयी। इस क्रांति को नीली क्रांति का नाम दिया गया। इस क्रांति से देश में लाखों लोगों को मछली पालन से जोड़ा गया है। इस उपलब्धि के लिये देश में हर साल 10 जुलाई को मछुआ दिवस मनाया जाता है।
पुलिस बल सादी वर्दी में रहे, सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था करें : राज्य मंत्री श्रीमती गौर श्रावण मास में पर्व के अवसर पर गुफा मंदिर में होने वाले कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिये निर्देश भोपाल श्रावण मास में पर्व के अवसर पर गुफा मंदिर में होने वाले कार्यक्रमों की व्यवस्थाओ को लेकर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं के संबंध में जरूरी निर्देश दिये। उन्होंने गुफा मंदिर महंत रामप्रवेश दास जी से पर्व पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा करने के लिये अधिकारियों से कहा। श्रावण मास में सोमवार के दिन लगने वाले मेले में सुरक्षा के पर्याप्त इंतेजाम करने के लिये भी कहा। असामाजिक तत्वों पर सतत् निगरानी रखने के लिये मेले के अवसर पर पुलिस बल को सादी वर्दी में भी तैनात करें। श्रावण मास में पर्व के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों के संबंध में पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि सभी कार्य पर्व शुरू होने के पूर्व 20 जुलाई तक करना सुनिश्चित करें। पेयजल व्यवस्था के संबंध में कहा गया कि ओवरहेड टेंकों की सफाई और नल एवं पाइप लाइनों की रिपेयरिंग आदि कार्यों को समय पर करना सुनिश्चित करें। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि लालघाटी चौराहे से गुफा मंदिरों तक स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जहां पर केबल लाइन की जरूरत है, वहां केबल लाइन डलवाएं। प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। मंदिर परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कहा कि मंदिर परिसर में गौ-शाला के गो-डाउन से लगे नाले की दीवार का पुनर्निमाण जल्दी करवाएं। पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। मंदिर परिसर में पुलिस कंट्रोल रूम भी बनाएं। आगामी त्यौहारों में गुरू पूर्णिमा, नाग पंचमी, रक्षा बंधन, भुजरिया और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सहित श्रावण मास के सभी सोमवार को श्रृद्धालुओं का बड़ी संख्या में मंदिर आना होता है, इसको ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बैठक में एसडीएम बैरागढ़, पुलिस निरीक्षक बैरागढ़, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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Big action after SIT report on Hathras accident, 6 officers including SDM and CO suspended Hahtras Stampede: हाथरस भगदड़ मामले में एसआईटी ने बीते शुक्रवार को जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी थी. इसमें 100 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे. अब इस रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लिया गया है. इस रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम और सीओ के खिलाफ एक्शन हुआ है. सरकार ने दोनों को निलंबित कर दिया है. एसडीएम और सीओ समेत 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. यह एक्शन एसआईटी की रिपोर्ट के बाद लिया गया था. वहीं एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की अगुवाई में मामले की जांच चल रही है. हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए थे. इसके लिए उन्होंने समिति भी गठित की थी. रिपोर्ट सौंपने में हुई थी देरीएडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ और मंडलायुक्त चैत्रा वी को एसआईटी में शामिल किया गया था. शासन की ओर से इन्हें 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था. वैसे शासन की ओर से बीते बुधवार तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था, लेकिन सीएम योगी के घटनास्थल पर जाने और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने की वजह से निर्धारित समय अवधि तक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी जा सकी थी.
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