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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ित महिला की समस्या सुनने के बाद संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया, पति का इलाज कराने के दिए आदेश

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा के दौरे पर थे. इस दौरान एक पीड़ित महिला ने रास्ते में मुख्यमंत्री का काफिला रुकवा लिया. यह देख CM ने संवेदनशीलता दिखाते हुए वाहन से उतरकर पीड़ित महिला की समस्या सुनी और कैंसर से पीड़ित पति का इलाज करवाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया. दरअसल, जिला नरसिंहपुर के सुरवारी गांव की निवासी आरती बाई के पति दशरथ सिंह सुरवारी को जीभ का कैंसर है. महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो पिछले 6 माह से पति का इलाज करवा रही है. अब उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है, घर में खाने को नहीं बचा है. पति का इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा है. पीड़ित महिला की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महिला को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया. साथ ही पीड़ित महिला के पति का इलाज कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए. वहीं, अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव प्रचार के दौरान CM यादव ने अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं से आत्मीय मुलाकात की. इस दौरान बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री को अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में जीत का आशीर्वाद दिया.  

बदमाश ने हनुमान मंदिर के सामने अपराध न करने की शपथ खाई, पुलिस ने उसका जुलूस निकाला और थाने ले गई

 कटनी कटनी के कुख्यात बदमाश मनीष जायसवाल जो 2 दशक तक शहर में अपने दम पर अवैध वसूली, अपहरण, हत्या, गवाहों को डराने-धमकाने जैसे मामलों को अंजाम दिया है। अब उस पर पुलिस के शिकंजा कस चुका है। पुलिस ने पकड़ा और जुलूस निकाला तो उसने कान पकड़े और भगवान के समाने हाथ जोड़ते हुए नजर आया कि अब अपराध नहीं करूंगा। डियो दो अलग-अलग जगहों का है। पहला वीडियो कटनी पुलिस कंट्रोल रूम का है, जहां प्रेसवार्ता दौरान जब एसपी अभिजीत रंजन ने मनीष जायसवाल और अमन राठौर से पूछा- बताओ अब बदमाशी करोगे? अपराध करोगे? दोनों ने कान पकड़कर कहा- “नहीं” और गलत कामों से हाथ जोड़ लिए। पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन ने बताया कि पकड़े गए कुख्यात अपराधी मनीष जायसवाल पर 26 प्रकरण दर्ज है। उसका चेला अमन राठौर जिस पर हत्या, अवैध वसूली, मारपीट जैसे चार संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक दोनो आरोपी दो देशी पिस्टल, तीन कारतूस, दस किलो गांजा सहित कार में धराए है। इस दौरान पुलिस ने मनीष जायसवाल और अमन राठौर को न्यायालय के समक्ष पेश करने से पहले दोनों का जिन क्षेत्रों में खौफ था, वहां से हथकड़ियों में बांधकर जुलूस निकाला। भगवान दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के सामने अपराध छोड़ने की शपथ दिलाई। एसपी अभिजीत रंजन ने बताया कि आरोपी मनीष जायसवाल नए उम्र के लड़कों को अपराध में खींचने के लिए पार्टी और पैसों का लालच दिया करता है। हमारी कोशिश है कि इन पर नई धारा 111 के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए ताकि कटनी में शांति व्यवस्था कायम रह सके।

फिल्म ‘गांधी-गोडसे’ के फ्लॉप होने से मुश्किल में हैं राजकुमार संतोषी

  मुंबई, बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक और हिंदी फिल्मों के पटकथा लेखक राजकुमार संतोषी बड़ी मुसीबत में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजकुमार संतोषी जिनकी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘गांधी गोडसे एक युद्ध’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, उन्हें भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा संतोषी पर फिल्म के सह-निर्माता झूलन प्रसाद गुप्ता का चेक बाउंस करने का भी आरोप है। इसलिए राजकुमार के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। चेक बाउंस मामले में कोर्ट द्वारा दी गई किसी भी तारीख पर राजकुमार संतोषी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इसलिए संतोषी के खिलाफ वारंट जारी किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक प्रोड्यूसर झूलन ने एनआई की धारा 138 के तहत मामला दर्ज कराया है। राजकुमार संतोषी द्वारा झूलन को दिया गया एक करोड़ रुपये का पूरा चेक बाउंस हो गया है। भुगतान न करने पर संतोषी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में झूलन प्रसाद गुप्ता ने कहा, ”मैं राजकुमार संतोषी से बॉलीवुड फिल्म निर्देशक के रूप में जाने जाते हैं। लेकिन एक इंसान के तौर पर मैं उनके बारे में नहीं जानता था। मुझे नहीं पता था कि मेरे पैसे मांगने पर वे मुझे वापस नहीं करेंगे। सबसे बुरी बात यह थी कि उन्होंने मुझे जो चेक दिया वह बाउंस हो गया। इसलिए मैं भारतीय न्याय प्रणाली में विश्वास के साथ अदालत गया। निर्माता आगे कहते हैं, यह समन और नोटिस राजकुमार संतोषी के खिलाफ दी गई तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं होने के लिए जारी किया गया है। मुझे अदालत से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। ऐसे में सबकी नजर इस बात पर है कि इस मामले में आगे क्या होगा? इसके अलावा पुलिस राजकुमार संतोषी के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी।

बालाघाट में जवानों ने मुठभेड़ में 14 लाख का इनामी नक्सली ढेर, कई राज्यों में फैलाई थी दहशत

बालाघाट  प्रदेश के बालाघाट जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में सोमवार को 14 लाख रुपये का इनामी नक्सली मारा गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।नक्सल विरोधी अभियान के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) जयदीप प्रसाद ने भोपाल में संवाददाताओं को बताया कि यह मुठभेड़ हट्टा थाना अंतर्गत कठियाटोला वन क्षेत्र में हुई। वह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में नक्सली गतिविधियों में संलिप्त था और वह उकास केबी डिवीजन का एसीएम था. उसके पास से 315 बोर की राइफल और वायरलेस सेट बरामद किया गया है. नक्सल विरोधी अभियान के एडीजी जयदीप प्रसाद के मुताबिक, हॉकफोर्स को सूचना मिली थी की बालाघाट के हट्‌टा थाना क्षेत्र के गोदरी पुलिस चौकी के ग्राम कोठियाटोला जंगल क्षेत्र में जीआरबी और केबी डिवीजन के नक्सलियों की गतिविधि है. वे सादे कपड़ों में राशन और दैनिक उपयोग की सामग्री एकत्र करने के लिए कोठियाटोला गांव पहुंच रहे हैं. इस सूचना पर हॉकफोर्स ने जंगल में सघन सर्च अभियान चलाया. इसी दौरान कोठियाटोला गांव में सादे कपड़ों में जा रहे 10-12 नक्सलियों को पूछताछ के लिए आवाज लगाई. इस दौरान संदिग्ध नक्सलियों द्वारा हॉकफोर्स पर अंधाधुंध फायरिंग की गई. आत्मरक्षा करते हुए हॉकफोर्स के जवानों ने जवाबी फायरिंग की. इस दौरान नक्सली घने जंगल और पहाड़ की आड़ लेकर भाग गए. बाद में सर्चिंग के दौरान एक नक्सली का शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त केबी डिवीजन के खूंखार एसीएम सोहन उर्फ उकास उर्फ आयतु के रूप में की गई. मध्य प्रदेश में दर्ज हैं 8 आपराधिक मामले नक्सली सोहन उर्फ उकास उर्फ आयतु साल 2013 से प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) में शामिल होकर छत्तीसगढ़ की कई घटनाओं में शामिल रहा है. संगठन के प्रभाव क्षेत्र में विस्तार के लिए अपनाई गई नीति को अंजाम देने के लिए इसे केन्द्रीय कमेटी के सदस्य रहे दीपक उर्फ मिलिंद तेलतुम्बड़े के सहयोगी की महत्वपूर्ण भूमिका दी. साल 2019 में एम.एम.सी. जोन में भेजा गया था. इससे पहले हुई अन्य मुठभेड़ों में यह शामिल रहा था. मध्य प्रदेश में उसके खिलाफ 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं. उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस की हॉक फोर्स को सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली राशन और दैनिक उपयोग की सामग्री लेने के लिए काठियाटोली गांव पहुंचे हैं। अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान हॉक फोर्स ने जंगल में 10-12 नक्सलियों के एक समूह को पूछताछ के लिए आवाज़ लगाई, लेकिन उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की तो घने जंगल और पहाड़ियों में छुपे नक्सली मौके से भाग निकले। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बाद में सोहन उर्फ उकास उर्फ आयुतु का शव बरामद कर लिया। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में घायल हुए अन्य लोगों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का निवासी आयतु आईईडी बनाने में विशेषज्ञ था और मध्य प्रदेश में उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज थे। अधिकारी ने बताया कि मृतक नक्सली मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में सक्रिय था और उस पर 14 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मृतक के पास से 315 बोर की एक राइफल और एक वायरलेस सेट बरामद किया है। अधिकारी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश में कम से कम 19 नक्सलियों को मार गिराया गया, जिन पर तीन राज्यों में कुल 3.14 करोड़ रुपये का इनाम था।

अंजना सिंह की फिल्म मेरी बेटी मेरा अभिमान का फर्स्ट लुक रिलीज

मुंबई, भोजपुरी सिनेमा की सुपरस्टार अभिनेत्री अंजना सिंह की आने वाली फिल्म मेरी बेटी मेरा अभिमान का फर्स्ट लुक रिलीज हो गया है। फिल्म मेरी बेटी मेरा अभिमान में अंजना सिंह एक महत्वपूर्ण और दमदार किरदार में नजर आने वाली हैं। फिल्म के फर्स्ट लुक में उनके साथ तीन बच्चे नजर आ रहे हैं, जो फिल्म की थीम के अनुसार बेटियां हीं मालूम पड़ती हैं। आईवीवाई एंटरटेनमेंट प्रस्तुत इस फिल्म का निर्माण हाई क्यू एंटरटेनमेंट एलएलपी द्वारा किया जा रहा है। फिल्म के निर्माता संदीप सिंह और अरविंद अग्रवाल हैं। निर्देशक संजीव बोहरपी हैं। फिल्म मेरी बेटी मेरा अभिमान एक सामाजिक मुद्दे पर आधारित फिल्म है, जो बेटियों के महत्व और उनके अधिकारों पर जोर देती है। यह फिल्म बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ – साथ महिला सशक्तिकरण पर भी आधारित है। अंजना सिंह ने कहा, यह फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब है और मुझे उम्मीद है कि आप सभी इसे पसंद करेंगे। ऐसी फिल्मों में किरदार को जीना मेरे लिए सम्मान की बात है। उम्मीद करती हूँ कि मेरा किरदार और फिल्म सबों को पसंद आएगी।वही, फिल्म के निर्देशक संजीव बोहरपी ने कहा,मेरी बेटी मेरा अभिमान एक ऐसी कहानी है जो समाज को एक मजबूत संदेश देने का काम करेगी। फिल्म फिल्म मेरी बेटी मेरा अभिमान के लेखक रविंद तिवारी हैं। कांसेप्ट संदीप सिंह का है। कार्यकारी निर्माता सुभाष चव्हाण बी4यू टीम हैं। संगीतकार साजन मिश्रा हैं। गीतकार अरबिंद तिवारी हैं। डीओपी विजय मंडल हैं। नृत्य कानू मुखर्जी एवं सोनू प्रीतम का है। कला संजय कुमार का है।

एक जुलाई से लागू नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत पहली सजा निलंबित होने का कीर्तिमान

 जबलपुर  हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में भी कार्य-संस्कृति में तकनीकी के शुमार से न्याय-दान प्रक्रिया अपेक्षाकृत सहज-सरल व त्वरित हो गई है। इसी का नतीजा है कि एक जुलाई से लागू नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से सजा निलंबित कराए जाने का पहला कीर्तिमान जबलपुर के एक वकील के नाम दर्ज हो गया है। अस्पताल में इलाज करा रहे उस युवा वकील के निवेदन को गंभीरता से लेकर हाई कोर्ट ने अपने विवेक का इस्तेमाल किया। इसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से बहस की अनुमति दे दी। फिर क्या था, अस्पताल से ही बीमार वकील ने अपने मुवक्किल को राहत दिलाने भरसक प्रयास किया। जिसका सुपरिणाम राहतकारी आदेश के रूप में सामने आ गया। नये कानून के प्रकाश में न्याय-दान प्रक्रिया को द्रुतगति     भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत यह पहली सजा निलंबित की गई है।     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने यह राहतकारी व्यवस्था अपील अवधि तक के लिए दी गई है।     अधिवक्ता को अस्पताल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बहस की सुविधा भी मिली।     एक जुलाई, 2024 से लागू नये कानून के प्रकाश में न्याय-दान प्रक्रिया को द्रुतगति मिली। बिना वक्त गंवाए वीसी के जरिये पैरवी का निवेदन कर दिया हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनोज चतुर्वेदी ने अवगत कराया कि वे अस्पताल में भर्ती थे। इसी दौरान सजा निलंबित कर जमानत स्वीकृत करने की मांग संबंधी अर्जी न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष विचारण के लिए निर्धारित होने की सूचना मिली। लिहाजा, बिना वक्त गंवाए वीसी के जरिये पैरवी का निवेदन कर दिया। जिसे अविलंब स्वीकार कर लिया गया। दरअसल, विधि व न्याय-क्षेत्र में तकनीक के कमाल का बेहतर परिणाम इसी तरह सामने आ रहा है। इससे अदालती कार्य-संस्कृति में अपेक्षाकृत सहूलियत परिलक्षित हो रही है। गांजा तस्करी के आरोपित को मिली राहत अधिवक्ता मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि उसके पक्षकार मोडेल उर्फ ब्रजेश पर गांजा तस्करी का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया। साथ ही अदालत के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय कारागार भिजवा दिया। एनडीपीएस कोर्ट ने ट्रायल पूरी होने के साथ ही तीन वर्ष के कारावास व 25 हजार जुर्माने की सजा सुना दी। जिससे व्यथित होकर अपील अवधि तक सजा निलंबित कर जमानत पर रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। दो दिन अस्पताल से, एक दिन घर से की बहस अधिवक्ता मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि मैंने दो दिन अस्पताल में ड्रिप कंटीन्यू रहते और तीसरे दिन अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर से इस मामले में बहस को गति दी। जिसका नतीजा यह निकला कि हाई कोर्ट ने अपील अवधि तक सजा निलंबित करने का राहतकारी आदेश पारित कर दिया। इस तरह भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत किसी आपराधिक मामले में सजा निलंबित कराने का प्रथम प्रकरण मेरी बहस के नाम कीर्तिमान बतौर सदा के लिए दर्ज हो गया। यह मेरे लिए बेहद खुशी का विषय है। अधिवक्ता पंकज दुबे भी रच चुके हैं कीर्तिमान हाई कोर्ट के अधिवक्ता पंकज दुबे भी एक जुलाई से लागू किए गए तीन नये कानूनों की रोशनी में आदेश पारित करा चुके हैं। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने उनकी दलील सुनने के बाद नवीन नागरिक सुरक्षा संहिता की व्याख्या करते हुए पुलिस को निर्देश दिए थे।     जांच के बाद यदि संज्ञेय अपराध बनता है तो एफआइआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई करें।     संज्ञेय अपराध नहीं बनता है तो जानकारी शिकायतकर्ता को दें ताकि उचित फोरम जा सके।     यह पूरा मामला गोटेगांव, नरसिंहपुर निवासी अमीश तिवारी की याचिका से संबंधित था। शिकायत मिलने के 14 दिन के भीतर जांच करे पुलिस दतिया निवासी धर्मगुरु गुरुशरण शर्मा द्वारा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के संबंध में अनादरपूर्ण पोस्ट वायरल किए जाने के रवैये को चुनौती दी गई है। अधिवक्ता पंकज दुबे ने बहस के दौरान दलील दी थी कि नये कानून भारतीय नागरिक संहिता की धारा 173 के तहत पुलिस का यह दायित्व है कि शिकायत मिलने के 14 दिन के भीतर जांच करें। यदि अपराध असंज्ञेय है तो शिकायतकर्ता को उसकी सूचना दे। चूंकि ऐसा नहीं किया गया, अत: हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।

इछावर में दो सगे भाइयों के शव पानी की टंकी में बरामद , पास में रखी थी पेट्रोल की केन

सीहोर  जिले के ग्राम बोरदी कलां में मंगलवार सुबह एक घर में बनी पानी की टंकी में दो सगे भाइयों के शव मिले। इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई। दोनों के शवों को घर में बनी पानी की टंकी में उनके अन्य दो भाइयों ने देखा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी अनुसार इछावर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बोरदी कलां निवासी राहुल जायसवाल और गोलू जायसवाल पिता विष्णु जायसवाल के शव घर के ही पानी के टैंक में मिले। दोनों सगे भाई गांव में ही रह कर सीमेंट की दुकान चलाते थे। रोज सुबह वो दुकान खोलते थे। लेकिन जब मंगलवार सुबह 09 बजे तक दुकान नहीं खुली तो पास ही में रहने वाले उनके भाई पंकज और नरेंद्र ने वहां जाकर देखा। टंकी में झांकते ही उनके होश उड़ गए। दोनों भाइयों के शव पानी के टैंक में पड़े थे। यह देख उन्होंने आसपास के ग्रामीण सहित पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके ने पहुंच मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मृतक के भाई पंकज और नरेंद्र ने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को पानी की टंकी के पास पेट्रोल की केन मिली है। पुलिस मामले में जांच कर रही है, लेकिन अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है कि उनकी मौत कैसे ओर किन कारणों से हुई है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।  

पंकज त्रिपाठी की मिर्जापुर सीजन 3 की सैलरी उनकी पहली सैलरी से 58823 गुना ज्यादा

पंकज त्रिपाठी इस वक्त ‘मिर्जापुर सीजन 3’ में अपने कालीन भैया के रोल को लेकर खूब चर्चा में हैं। हालांकि, इस सीजन में कालीन भैया का किरदार जरा कम एक्टिव दिखा है ताकि सीजन 4 में अपनी गद्दी वापस पाने के लिए जोरदार तैयारी के साथ लौट सकें। आज हम यहां बात कर रहे हैं एक्टर की फीस की और ये भी जानेंगे कि ये फीस इंडस्ट्री में उनकी पहली फीस से कितनी ज्यादा है। ‘मिर्जापुर’ में अपने जानदार परफॉर्मेंस से पंकज त्रिपाठी ने सबका दिल जीत लिया है और उनके कई डायलॉग्स भी खूब वायरल हुए हैं। इनमें से एक अहम डायलॉग ये भी है, ‘इम्पॉर्टेंट ये नहीं कि *** है, इम्पॉर्टेंट ये है कि हमारा बेटा है।’ एक्टर और उनके ऑनस्क्रीन बेटे ‘मुन्ना भैया’ यानी दिव्येंदु शर्मा के बीच की केमिस्ट्री को लोगों ने खूब पसंद किया। पंकज त्रिपाठी ने इस सीजन के लिए काफी अधिक फीस ली है अब कालीन भैया ‘मिर्जापुर 3’ से वापसी कर चुके हैं। खबर है कि पंकज त्रिपाठी ने इस सीजन के लिए काफी अधिक फीस ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी ने इस सीजन के लिए करीब 10 से 12 करोड़ रुपये फीस मिली है, जो इंडस्ट्री में उन्हें मिली फीस से कई हजार गुना ज्यादा है। पहले शो के लिए एक्टर को मिले थे केवल 1700 रुपये ‘मिर्जापुर 3’ के एक्टर को अपने करियर की शुरुआत में एक छोटे से टीवी शो के लिए केवल 1700 रुपये फीस मिली थी। उन्हें अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से सफलता मिली और अब ‘मिर्जापुर सीजन 3’ के लिए, एक्टर को उनके पहले वेतन से करीब 58823 गुना अधिक फीस दी गई है। ‘केवल पैसे और प्रसिद्धि के लिए इस पेशे में नहीं आना चाहिए’ फीस के बारे में बात करते हुए पंकज ने एक बार ANI को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘किसी को केवल पैसे और प्रसिद्धि के लिए इस पेशे में नहीं आना चाहिए। सबसे पहले ये समझें कि आप यहां (फिल्म उद्योग में) क्यों आना चाहते हैं। अपने प्यार और अपनी ज़रूरतों को समझें। काम दिल से करोगे पैसा ज़रूर मिलेगा ज़िंदगी में। मुझे अभी भी याद है कि एक छोटे से टीवी शो के लिए मुझे पहली तनख्वाह 1700 रुपये मिली थी।’

खंडवा में पकड़े गए आतंकियों को लेकर एटीएस का बड़ा खुलासा, पूछताछ में फैजान के खुलासे

खंडवा मध्यप्रदेश के खंडवा से गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के फैजान शेख से एटीएस की पूछताछ में हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं. रिमांड के दौरान उसके मोबाइल से आर्मी एरिया समेत सुरक्षाबलों के अफसरों और उनके परिवार के भी फोटो मिले हैं. इसके साथ ही फैज़ान ने यह भी बताया कि वो भड़काऊ नारों से युवकों के मन में ज़हर भरता था. बता दें कि गुरुवार 7 अप्रैल को एटीएस ने तड़के कार्रवाई करते हुए खंडवा से फैज़ान शेख को गिरफ्तार किया था. आज मंगलवार तक की एटीएस को कोर्ट से रिमांड मिली है. रिमांड में पूछताछ के दौरान फैज़ान ने बताया कि वो अक्टूबर 2016 में भोपाल जेल ब्रेक के बाद मारे गए सिमी आतंकियों की मौत का बदला लेना चाहता था और इसलिए सुरक्षाबलों पर हमले की तैयारी कर रहा था. फैजान का इरादा लोन वुल्फ अटैक का था लेकिन वो चाहता था कि उसके अलावा और भी लोग उसकी विचारधारा से जुड़ें, इसलिए वो इलाके के युवकों का कट्टरपंथी नारों और साहित्य से ब्रेनवॉश करने में भी जुटा था. फैज़ान के पास से एटीएस ने 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए थे. उनकी जांच के दौरान उनमें सुरक्षाबलों के अफसर और उनके परिवार के फोटो मिले हैं. साथ ही में आर्मी एरिया के वीडियो भी हैं. हालांकि, एटीएस अधिकारियों की मानें तो सुरक्षाबलों के परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी जुटा पाने में फैज़ान को सफलता नहीं मिल सकी थी और इसके पहले ही वो एटीएस के रेडार पर आ गया था. तभी से उसकी हर गतिविधि ट्रेस होती रही और आखिरकार 7 अप्रैल को फैजान शेख खंडवा से गिरफ्तार कर लिया गया.  

मुस्लिम युवकों को भारत के खिलाफ ऐसे उकसाता था आतंकी फैजान

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा से गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी फैजान शेख ने बहुत बड़ा खुलासा किया है. ATS की पूछताछ में उसने बताया कि वह मुस्लिम युवकों को कश्मीर को भारत से अलग करने का तराना सुनाकर देश के खिलाफ भड़काने की कोशिश करता था. फैजान जिस तराने को गुनगुनाता वो इस प्रकार है- दिल्ली भी पाकिस्तान का, कश्मीर भी पाकिस्तान का..’ इस आतंकी को लेकर अब बड़ा खुलासा हो रहा है. एटीएस पिछले एक साल से फैजान की गतिविधियों पर नजर रख रही थी. आतंकी के सोशल साइट पर पोस्ट और वॉट्सएप स्टेटस देखने के बाद वह एटीएस के निशाने पर आ गया था. फैजान से पहले बंगाल एटीएस ने रकीब को गिरफ्तार किया था. उस वक्त भी जांच एजेंसी ने फैजान से पूछताछ की थी. पूछताछ के बाद बंगाल एटीएस ने फैजान को छोड़ दिया था. हैरानी की बात है कि फैजान के पास एटीएस अधिकारियों के नंबर भी थे. यह संदिग्ध आतंकी उस वक्त खुश होता था जब एटीएस अधिकारी उसके वॉट्सएप स्टेटस को देख लेते थे. फैजान अहले हदीस आइडियोलॉजी को फॉलो करता था, जबकि परिवार हन्फी विचारधारा को मानता था. लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद भी अहले हदीस आइडियोलॉजी को मानता था. मध्य प्रदेश एटीएस ने आतंकी फैजान को 5 दिन की रिमांड पर लिया है. उससे पूछताछ जारी है. पूछताछ में उसने कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. एटीएस ने 4 जुलाई को खंडवा में छापा मारकर फैजान को गिरफ्तार किया था. खंडवा के जिस इलाके (कंजर मोहल्ला) से उसे गिरफ्तार किया गया, उसे सिमी का गढ़ माना जाता है. एटीएस के छापे के दौरान फैजान के कब्जे से सिमी संगठन के सदस्यता फॉर्म बरामद हुए. इसके अलावा कई आतंकी संगठनो के साहित्य, 4 मोबाइल फोन, 1 पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए थे. सुरक्षाबलों पर हमले की साजिश रच रहा था फैजान एटीएस ने बताया कि फैजान सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रच रहा था. पूछताछ में सुरक्षा बल और उनके परिजन के रेकी की बात भी स्वीकारी. रेड में उसके घर से कई हथियार बरामद हुए. फैजान 8 आतंकियों के एनकाउंटर का बदला लेने वाला था. वह यासीन भटकल के भटकल गांव पठानकोट भी जा चुका था. उसका पुलवामा भी जाने का इरादा था, लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते जम्मू से ही वापस लौट गया था. दरअसल, बात 2016 की है, भोपाल सेंट्रल जेल में बंद सिमी से जुड़े आठ आतंकी एक हेड कॉन्सटेबल की गला रेतकर हत्या कर दी थी. इसके बाद वो भाग गए. इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया. हत्या के अगले ही दिन पुलिस और एसटीएफ ने पहाड़ियों पर घेरकर आठों आतंकियों को मार गिराया था. फैजान इसी एनकाउंटर का बदला लेना चाहता था.  

रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण कार्यों की दिन-प्रतिदिन हो मॉनीटरिंग – कलेक्टर

रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण कार्यों की दिन-प्रतिदिन हो मॉनीटरिंग – कलेक्टर मैनपॉवर बढ़ाने तथा सुरक्षा मानक का ध्यान रखने कलेक्टर ने दिए निर्देश जनहित प्रभावित होने पर जिम्मेदारी तय कर की जाएगी कार्यवाही अनूपपुर जिला मुख्यालय अनूपपुर स्थित निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण कार्यों की गति धीमी होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि समय-सीमा में कार्य नही होने से जनहित प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर ने रेलवे ओवर ब्रिज के संबंध में रेलवे एवं सेतु निगम के अधिकारियों की आयोजित बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए।           बैठक में अपर कलेक्टर श्री अमन वैष्णव, संयुक्त कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय, रेलवे विभाग के एडीईएन श्री पंकज कुमार, ईओडब्ल्यू श्री अरविंद कुमार तथा सेतु निगम के एसडीओ श्री देवेन्द्र मरकाम सहित ठेकेदार उपस्थित थे।      बैठक में कलेक्टर ने रेलवे के अधिकारियों को समयबद्धता के साथ निर्माण कार्यों को कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य का दिन-प्रतिदिन का कार्यक्रम उपलब्ध कराया जाए, जिससे कार्यों की मॉनीटरिंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण कार्यों में रेलवे ठेकेदारों से मैनपॉवर बढ़ाकर कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्रता से किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षात्मक पहलुओं का प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को टीम वर्क से कार्य करने तथा मौका भ्रमण कर दिन-प्रतिदिन की कार्ययोजना से अवगत कराने के निर्देश दिए।     कलेक्टर ने कहा कि रेलवे क्षेत्र का कार्य रेलवे विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है, जिसकी विभागीय अधिकारी नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कार्य में हीलाहवाली होने पर आवश्‍यक जुर्माने के साथ कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य में अब किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही नही होनी चाहिए, अन्यथा जनहित प्रभावित होने पर जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की जाएगी।

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