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बसंत के मौसम में घूमने जाएं भारत की ये 6 जगहें, लगती हैं अधिक खूबसूरत

Visit these 6 places of India in spring season, they look more beautiful. सर्दियां खत्म होने वाली हैं तो क्यों न बसंत मौसम की छुट्टियों में कहीं घूमने जाया जाए? अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो भारत की कुछ जगह घूमने के लिए बेस्ट हैं. भारत के अधिकांश जगहों पर सर्दी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है और बसंत का मौसम लगभग आने ही वाला है. भारत में सर्दी और गर्मी के बीच के मौसम को बसंत ऋतु कहा जाता है. ऐसे में अक्सर लोग गर्मी का मौसम आने से पहले ही घूमने का प्लान बना लेते हैं क्योंकि बसंत का मौसम अधिक समय तक नहीं रहता.अगर आप भी बसंत के मौसम में घूमने जाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ऐसी जगहें बता रहे हैं जो आपके लिए बेस्ट रहेंगी. इन जगहों में से आप अपने मुताबिक स्थान चुनें कि आप मौसम का लुत्फ उठाने जाना चाहते हैं या फिर खिलते हुए फूलों को देखने जाना चाहते हैं. कश्मीर धरती के स्वर्ग के रूप में फेमस कश्मीर का मौसम बसंत (मार्च से मई की शुरुआत तक) के मौसम में काफी अच्छा रहता है. इस दौरान आप कश्मीर के साथ-साथ श्रीनगर के इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में खिलते हुए ट्यूलिप आपका दिल जीत लेंगे. मुन्नार (केरल) अपने चाय बागानों और हरी-भरी हरियाली के लिए फेमस, मुन्नार बसंत मौसम के दौरान स्वर्ग में बदल जाता है. इस मौसम में यहां का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. आप यहां पहाड़ों के साथ-साथ हरियाली का मजा ले सकते हैं. शिलांग (मेघालय)  ईस्ट स्कॉटलैंड के रूप में जाना जाने वाला शिलांग बसंत ऋतु में काफी अच्छा रहकता है. जब यहां पर रोडोडेंड्रोन और ऑर्किड फूल खिलते हैं पूरा शहर काफी सुंदर दिखने लगता है. कूर्ग (कर्नाटक)  भारत का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला कूर्ग अपने कॉफी बागानों और धुंध भरी पहाड़ियों के लिए फेमस है. बसंत के दौरान यहां की पहाड़ियां कॉफी के फूलों की सुगंध और कॉफी की झाड़ियों को ढंकने वाले सफेद फूलों से काफी अच्छी लगती है. गुलमर्ग (कश्मीर) गुलमर्ग में अप्रैल से जून के आसपास आना चाहिए. यह वो मौसम होता है जब यात्रियों को हरे-भरे घास के मैदान और बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां देखने मिलती हैं. बसंत ऋतु में बर्फ पिघलना शुरू हो जाती है जिससे रंग-बिरंगे फूलों का कालीन बिछा हुआ नजर आता है. ऊटी (तमिलनाडु)  नीलगिरि पहाड़ियों में बसा, ऊटी एक फेमस हिल स्टेशन है जो अपने अच्छे मौसम और राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. बसंत ऋतु में यहां के वनस्पति उद्यानों में रंग भरती है जिसमें रोडोडेंड्रोन, ऑर्किड और गुलाब जैसे फूल पूरी तरह खिल जाते हैं

जो पार्टी का कार्य पूर्ण लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता : जीतू पटवारी

The one who works for the party with full dedication is the real worker: Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रतलाम दौरे में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संदर्भ में सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए सभी से आग्रह किया कि दोगुनी ऊर्जा से राहुल जी की इस यात्रा को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए हम सबको जुट जाना है। कार्यकर्ताओं को याद रखना है कि जो पार्टी का कार्य पूरी लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता। पटवारी ने कहा कि पिछले मुख्यमंत्री बेरोजगारी और झूठ के मामा थे तो वर्तमान मुख्यमंत्री कर्ज और क्राइम के काका बन गए हैं। दो माह में प्रदेश में इतना क्राइम हुआ है जो पिछले 30 सालों में नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में जो वादा करती है वह पूरा नहीं करके लोगों को धार्मिक और भावनात्मक रूप से चुनाव में धकेल देती है। लाड़ली बहना, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी सहित तमाम वादे भाजपा ने किए थे लेकिन पूरे नहीं किए हैं।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान पाने वाले कुछ लोग आज संघर्ष के दौर में पीछे हटते जा रहे है, ऐसे लोगों से भाजपा संपर्क करती है और उन्हें ले लेती है लेकिन हमारे लिए सम्मानित वो लोग है जो अपने छोटे से व्यवसाय या नौकरी के साथ साथ निडर होकर कांग्रेस की विचारधारा के लिए डटे हुए हैं, ऐसे कार्यकर्ताओं पर हमे गर्व है। पटवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि 6 मार्च को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी रतलाम आएंगे एवम रतलाम ग्रामीण, शहर और सैलाना विधानसभा सीटों से गुजरेंगे और रोड शो करेंगे। पटवारी ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में कार्यकर्ताओं की बैठक ली।

दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, ‘बस्ती के लोगों को बेघर करने की कार्रवाई रोकने की मांग

Digvijay Singh wrote a letter to the Chief Secretary, demanding to stop the action of making slum people homeless. इस पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि ‘भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होने भोपाल में ताज होटल के सामने भदभदा बस्ती में निवासरत लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है और कहा है कि इसके लिएसंबंधित को उचित निर्देश प्रदान किया जाए। दिग्वियज सिंह द्वारा लिखा पत्र मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि ‘भोपाल शहर के होटल ताज के पास स्थित तालाब किनारे की 100 वर्षो पूर्व से बसी बसाहट को शासन द्वारा बलपूर्वक बिना विस्थापन के हटाये जाने की कार्यवाही की ओर आपका ध्यान आकर्षित कर रहा हूँ। भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है जिनका खसरा क्र. 291 है। जो वक्फ के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस भूमि का प्रकरण वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट में वर्ष 2018 से प्रचलित है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय के आदेश के पश्चात नगर निगम भोपाल द्वारा बिना विस्थापन की व्यवस्था किये इनके मकानों को बलपूर्वक तोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। शासन द्वारा पूर्व में इन्हें स्थाई नल कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन दिये गये है, जिसका इन लोगों द्वारा समय-समय पर भुगतान किया जाता रहा है। यह लोग कई वर्षो से सम्पति कर भी जमा करते आ रहे है। इसके पश्चात भी प्रशासन द्वारा विगत कुछ दिनों से नियम विरूद्ध तरीके से इनके नल और विद्युत कनेक्शन काट दिये गये है। वर्तमान में 10वीं एवं 12वीं कक्षा की परीक्षाऐं भी चल रही है। मेरा मानना है कि जब इस भूमि का प्रकरण पहले से ही वक्फ कोर्ट में प्रचलित है तो 100 साल पुरानी इस बस्ती को हटाने के लिये की जा रही कार्यवाही को निरस्त किया जाना चाहिये। इसके पश्चात फैसले के आधार पर अगर हटाया भी जाता है तो इन लोगों के पुनर्वास एवं उचित मुआवजे की व्यवस्था सरकार को करना चाहिये। मेरा आपसे अनुरोध है कि भदभदा बस्ती के लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही इस कार्यवाही को निरस्त करने के संबंधित को उचित निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें।

बनखण्डी स्वसहायता समूह द्वारा दो माह से नहीं दिया जा रहा राशन

Ration is not being given by Bankhandi Self Help Group for two months मुरैना ! अम्बाह तहसील के रिठौरापुरा पंचायत के ग्रामीणों ने मुरैना कलेक्टर को मुख्यमंत्री म०प्र० शासन भोपाल शिकायती आवेदन दिया जिसमे उन्होंने कहा कि बनखण्डेश्वर स्वसहायता समूह द्वारा हम प्रार्थीगणो को ग्राम पंचायत रिठौरा का पुरा, बाघ का पुरा एवं भोलाराम का पुरा के स्थायी निवासी होकर हितग्राही है।हमें विगत दो माह (नवम्बर एवं दिसम्बर 2023) का राशन हम प्रार्थी के घर-घर जाकर अंगूठा लगवा लिया है लेकिन राशन आज दिनांक तक नहीं दिया गया है जब हम प्रार्थीगण राशन लेने जाते हैं तो वह आँखें तरेर का बात करता है और कहता कि अगले मोह मिलेगा जिस संबंध में खाद्यान्न निरीक्षक अम्बाह को भी आवेदन दिया चुका है एवं और भी अन्य जगह शिकायत की गई हैं लेकिन उनके द्वारा भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिससे हम प्रार्थीगणों को काफी परेशानी हो रही है हमारे बाल बच्चों का पालन पोषण सहीं ढंग से नहीं हो पा रहा है और हम प्रार्थीगण शासन की योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं यानी शासन की योजनाओं से बंचित हो रहे हैं। ये सब ग्रामीणों ने शिकयती आवेदन में कहा उन्होंने हम प्रार्थीगणों की की समस्या को सहानुभूतिपूर्वक संज्ञान में लेते हुए हमें विगत दो माह का राशन प्रदाय करने एवं संबंधित राशन वितरण करने वाले के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जाये

राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा प्रदेश में जिन जिलों से गुजरने वाली है वहां का जीतू पटवारी लेंगे जायजा

Jitu Patwari will take stock of the districts through which Rahul Gandhi’s Bharat Jodo nyaay Yatra is going to pass in Madhya Pradesh. प्रदेश कांग्रेस जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधीकी आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़,गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी की आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से 24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे।उक्त आशय की जानकारी देते हुये प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 22 फरवरी को सुबह 10 बजे रतलाम में दोपहर 12 बजे सैनाला में, दोपहर 2.30 बजे बदनावर और अपरान्ह 4.30 बजे बड़नगर में श्री राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में इन जिलों के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।श्री पटवारी 23 फरवरी को सुबह 10 बजे शाजापुर में, दोपहर 12.30 बजे सारंगपुर में और अपरान्ह 3.30 बजे ब्यावरा में शाजापुर और राजगढ़ जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।श्री राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 24 फरवरी को गुना जिले के चाचौड़ा में सुबह 10 बजे, गुना में दोपहर 12.30 बजे बम्होरी में अपरान्ह 3 बजे और शिवपुरी जिले के कोलारस में शाम 5.30 बजे और शिवपुरी में शाम 7.30 बजे जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।

आईपीएस अजय शर्मा हर महीने किराए से कमा रहे 2.50 लाख रुपए  

IPS Ajay Sharma is earning Rs 2.50 lakh every month from rent. भोपाल। मध्य प्रदेश के आईपीएस अफसर ने संपत्ति का बुरा पेश किया है। मध्य प्रदेश कैडर के स्पेशल डीजी शैलेश सिंह के पास सबसे ज्यादा पुश्तैनी जमीन है। वहीं ईओडब्ल्यू में पदस्थ डीजी अजय शर्मा को हर महीने ढाई लाख रुपए की आय किराए से होती है। खास बात है कि मध्य प्रदेश के 246 अफसर ने ही संपत्ति की जानकारी दी है, जबकि 23 आईपीएस में कोई भी रिकॉर्ड संपत्ति के बारे में नहीं जमा किया है। स्पेशल डीजे गोविंद प्रताप सिंह के पास भी उत्तर प्रदेश में पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने अपने आईपीआर में बताया है कि उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश में कई संपत्तियां हैं। इसके अलावा कुछ जमीनों को बेचकर उन्होंने प्रापर्टी भी खरीदी है। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा ने बताया है कि दिल्ली के फ्लैट से 2 लाख से अधिक किराया मिलता है। भोपाल के एक मकान से 66 हजार से अधिक किराया मिलता है। दीपक हाउसिंग सोसाइटी में बने प्लॉट से 1 लाख 10 हजार की आय होती है। वही चंदनपुर परिवार की जमीन से डेढ़ लाख रुपए का रेंट उन्हें हर महीने मिलता है। डेढ़ लाख की जमीन की कीमत 29 साल में 51 लाख पहुंची आईपीएस और स्पेशल डीजी सुषमा सिंह ने हुजूर इलाके में आधा एकड़ जमीन 1995 में खरीदी थी। उसे वक्त डेढ़ लाख रुपए देकर अपने नाम जमीन कराई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 51 लाख के पार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जमीन पर मकान बनाया गया है। इसके लिए पति और जीपीएफ की सेविंग से कंस्ट्रक्शन किया गया है। झील किनारे आईपीएस का एक करोड़ का बंगला आईपीएस राजेश चावला ने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए कहा कि उनके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदी गई है। उन्होंने बताया कि शाहपुरा स्थित इस सेक्टर में साल 2021 में एक करोड़ से अधिक में संपत्ति खरीदी गई। चावला जमीन पर बंगला बनवा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास 55 ला ख रुपए का बागसेवनिया इलाके में फ्लैट भी है। जिसे उन्होंने साल 2017 में खरीदा था।  श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किया निवेश साल 1992 बैच के आईपीएस पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश में अपनी कोई संपत्ति नहीं खरीदी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फ्लैट और मकान खरीदा है। श्रीवास्तव ने अपनी संपत्ति की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 40 लाख रुपए का फ्लैट 2012 में खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 1 करोड़ 25 लाख है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में साल 2009 में 5 लाख की जमीन खरीदी गई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 15 लाख है। वही 25 लाख रुपए का मकान भी खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 50 लाख रुपए है।  इन आईपीएस की संपत्ति का रिकॉर्ड  -साल 1990 बैच के आईपीएस अशोक अवस्थी के पास पिता का मकान है। जिसे उन्होंने रिकंस्ट्रक्शन कर बनाया है। उन्होंने160 लाख रुपए मकान की कीमत बताई है।- साल 1995 बैच की एडीजी योगेश देशमुख के पास पांच संपत्ति है। उन्होंने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए यह नहीं बताया है कि मौजूदा संपत्ति की कीमत कितनी है। देशमुख के पास बैतूल, दिल्ली और भोपाल सहित महाराष्ट्र में संपत्ति है।

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

जेपी अस्पताल: आउटसोर्स कर्मचारी के आगे प्रबंधक नतमस्तक, सोनोग्राफी की फीस कर्मचारी ने अपने खाते में कराई जमा

J.p Hospital: Manager bowed before the outsourced employee, the employee deposited the sonography fees in his account. भोपाल। राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी में एक आउटसोर्स कर्मचारी सुर्खियों में हैं। उनके खिलाफ अस्पताल के नियमित कर्मचारी लामबंद होकर उनकी अनियमित्ताओं की शिकायत भी कर चुके हैं। यह शिकायत मुख्यमंत्री, सीएमएचओ कार्यालय से लेकर सिविल सर्जन को हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल के जिम्मेदार अफसर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे। कर्मचारी पर आरोप है कि वे सरकारी मद में जमा होने वाली सोनोग्राफी की फीस अपने निजी बैंक अकाउंट में जमा कराते हैं। इन्हीं सभी विषयों पर सबूत के साथ बकायदा शिकायत की गई है। यह शिकायत जयप्रकाश अस्पताल के नियमित कर्मचारियों ने दिसंबर 2023 में की थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोपों की जांच करने के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया था। कमेटी ने कर्मचारियों को 6 और 7 फरवरी को बयान दर्ज करने के नोटिस दिए। उस वक्त कर्मचारियों की भारी संख्या देखकर सिविल सर्जन कार्यालय ने कार्य की अधिकता बताकर दो लोगों के बयान दर्ज कर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कार्रवाई नहीं तो उप मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत आउटसोर्स कर्मचारी का नाम धर्मेश कौरव हैं जो रोगी कल्याण समिति की तरफ से देय वेतन में 2016 से पदस्थ हैं। उनके पास सोनोग्राफी की फीस लेने का भी काम हैं। आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारी यह फीस अपने निजी खाते में जमा कराई। जिसके तीन सबूत प्रबंधन को सौंपे गए हैं। अगर एक सप्ताह में जांच कर आउटसोर्स कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की तो उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से शिकायत की जाएगी। महेंद्र शर्मा, प्रांताध्यक्ष, लघु वेतन कर्मचारी संघ शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव ड्यूटी के दौरान सहयोगियों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हैं। वह सोनोग्राफी कराने आने वाले मरीजों से फीस की रसीद काटने की बजाए अपने खाते में रुपए जमा कराता है। जिसको लेकर कई बार शिकायत सीएमएचओ और सिविल सर्जन से की जा चुकी है। इसके बाद भी अब तक धर्मेश कौरव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।  बयान के बाद होगी कार्रवाई जेपी अस्पताल अधीक्षक डॉ राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव के खिलाफ कमेटी गठित कर जांच की जा रही है। शिकायती कर्मचारियों के बयान दर्ज कर जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच कमेटी सोमवार को कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी।

विधायक पर एफआईआर कराने सीएम हाउस पहुंचा संयुक्त संघर्ष मोर्चा  

United Sangharsh Morcha reached CM House to file FIR against MLA भोपाल। आठ साल पहले इकबाल मैदान में मध्य क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक बयान को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी शनिवार को सीएम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम मोहन यादव के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मोर्चा अध्यक्ष शमसुल हसन बल्ली ने बताया कि आठ साल पहले (2016) में आरिफ मसूद ने मिली काउंसिल के सदस्यों के साथ इकबाल मैदान में धर्म सभा का आयोजन किया था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। जिसमें मसूद और मिली काउंसिल के मौलानाओं ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान भी दिए थे। जिसके बाद इनके खिलाफ तलैया थाने में मामला लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों की शिकायत पर आठ साल में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में सीएम से विधायक पर कार्रवाई की मांग की गई है।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष  अफसर

Top officers are kind to the tainted officers of the Forest Department विशेष संवाददाता  जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अफसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों बचाने के लिए आरोप पत्र को जारी करने के बजाय शो कॉज नोटिस जारी कर रहे हैं। जिनके खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी जा रही है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है. मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती जा रही है। दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारी क्यों उदारता बरत रहे हैं, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास  आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई। एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीसीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु  प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी गई है। दुर्भाग्य जनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। यही नहीं, बल्कि सेंगर को बालाघाट सर्किल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई।   एम काली दुर्रई:  1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ  विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है।    डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने के आदेश दिए। इसी प्रकार गुना में कैंपा फंड की राशि से गड़बड़झाला करने का भी आरोप है। इनके खिलाफ पूर्व एसीएस वन अशोक वर्णवाल ने आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। वर्णवाल के निर्देश पर विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया किंतु बड़े अफसरों के चहेते होने की वजह से आरोप-पत्र को शो-कॉज नोटिस परिवर्तित कर दिया गया है। बजट शाखा ने उनके पेंशन जारी करने पर आपत्ति लगाई है किंतु शीर्ष अफसरों ने शो-कॉज नोटिस जारी कर उनके पेंशन और समस्त देयकों के  भुगतान के रास्ते प्रशस्त कर दिए।  प्रभात कुमार वर्मा : 2001 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रभात कुमार वर्मा जनवरी में सेवानिवृत्त हुए हैं। वे जब 2020 में वन विकास निगम में पदस्थ थे तब आर्थिक गड़बड़ियों के चलते उन्हें आरोप पत्र जारी किया गया। यही नहीं, विभाग ने 4 जनवरी 2022 को वन विकास निगम के एमडी को पत्र लिखकर गड़बड़ियों से संबंधित प्रचलित नस्ती उपलब्ध कराने के निर्देश दिए किंतु नस्ती उपलब्ध नहीं कराने के कारण उनके मामले में निर्णय नहीं हो सका। वे सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। जांच लंबित रहते हुए उनके देयकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू है। वर्मा पर आरोप यह भी है कि वे अपने मातहत अधिकारियों के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई करते हैं। इनके शिकार खंडवा डीएफओ देवांशु शेखर, सुश्री नेहा श्रीवास्तव, अधर गुप्ता और एसडीओ विद्या भूषण मिश्रा हो चुके हैं. इनके द्वारा दुर्भावना से कार्रवाई करने की वजह से मिश्रा आईएफएस की दौड़ में पीछे रह गए हैं। दुर्भावना से की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी बड़े अधिकारियों को सौंपे हैं। उन पर  लघु वनोपज संघ के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के मद में भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं।  बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। इनका तबादला वन मंत्री शाह की सिफारिश पर ग्वालियर से पूर्व छिंदवाड़ा वन मंडल जैसे महत्वपूर्ण वन मंडल में कर दिया गया है। भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों … Read more

बीजेपी में जाने के सवाल पर कमलनाथ ने नहीं किया इनकार; बोले- आप उत्साहित क्यों?.. बता दूंगा

Kamal Nath did not deny the question of joining BJP;  Said- Why are you excited?..I will tell you भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच कमलनाथ, नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर कमलनाथ ने बीजेपी में जाने के मीडिया के सवाल पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा’ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ दोनों का भाजपा में जाना लगभग तय ही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘ये खबरें निराधार हैं। क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ के भाजपा में जाने की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए।  हाइलाइट्स

संबल योजना में निगम ने दर्ज कराई एफआईआर, तीन जोनल अधिकारी निलम्बित, 5 वार्ड प्रभारियों पर भी कार्रवाई 

Corporation lodged FIR in Sambal Yojana, three zonal officers suspended, action taken against 5 ward in-charges also भोपाल। नगर निगम भोपाल द्वारा संबल घोटाले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।अपर आयुक्त रणबीर सिंह ने गोविंदपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है। इस मामले में निगम द्वारा 3 जोनल अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मामले में योजना का काम देखने वाले कर्मचारी अनिल साहू पर मामला दर्ज कराया गया है। हैरानी की बात इसलिए है क्योकि आयुक्त फ्रेंक नोबल ए के द्वारा शुक्रवार को ही अपर आयुक्त निधि सिंह के नेतृत्व में जांच समिति बनाई थी, जिसे 15 दिन में रिपोर्ट देनी है। ज्ञात हो कि संबल घोटाले को लेकर 118 फ़ाइल संदिग्ध पाई गई थी जिसकी जांच होना थी, लेकिन इसके पहले ही कार्रवाई कर दी गई।  यह मामला लगातार मीडिया में छाया रहा इसके बाद यह कार्रवाई की गई। जिस कर्मचारी अनिल साहू पर मामला दर्ज कराया गया है, उस पर फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर शासन की संबल योजना का अपात्रों को लाभ दिलाये जाने का गम्भीर आरोप है। इस मामले में निगम ने जिन 3 जोनल अधिकारियों को निलंबित किया है, उनमें ज़ोन 3 के अनिल शर्मा, ज़ोन 12 के अभिषेक श्रीवास्तव और ज़ोन 18 के सुभाष जोशी को निलंबित किया गया है। वहीं 5 वार्ड प्रभारी जिनमें कपिल सोनी, नितेश अरुणेश्वर, अभिमन्यु श्रीवास्तव और शिवकुमार गोफनीया को पहले ही निलम्बित कर दिया गया है।

वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने की तैयारी

Preparation to recall professors attached to various departments for years भोपाल। वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार को ज्ञापन सौंपा है। जिसके बाद इन प्रोफेसरों को मूल पदस्थापना पर भेजने के तैयारी चल रही है। हालांकि कुछ इसे रोकने के लिए मंत्रियों और विभाग के आला अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, प्रदेश के कॉलेजों में वर्षों से प्रोफेसरों और कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। प्रोफेसरों की पदस्थापना कॉलेजों में होने के कारण उन पदों पर अतिथि विद्वान भी नहीं रखे जा रहे हैं।  ऐसे में प्रदेश के अधिकांश सरकारी कॉलेजों में नए असिस्टेंट प्रोफेसरों और अतिथि विद्वानों के भरोसे पढ़ाई चल रही है। जबकि विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर उच्च शिक्षा विभाग के कार्यालयों में बाबूगिरी कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो करीब सौ से अधिक प्रोफेसर विभाग, मंत्रियों और विधायकों के पास अटैच हैं। अकेले राजधानी में डेढ़ दर्जन प्रोफेसर मुख्यालय और अन्य विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। जबकि इनका वेतन उनकी मूल पदस्थापना वाले कॉलेजों से निकल रहा है।

पॉलिटेक्निक चौराहे के टावर पर चढ़ी फीजियोथैरेपिस्ट, नगर निगम की टीम ने सकुशल उतारा

Physiotherapist climbed the tower of Polytechnic intersection, Municipal Corporation team brought her down safely भोपाल। श्यामला हिल्स स्थित पॉलिटेक्निक चौराहा पर शुक्रवार शाम एक फीजियोथैरेपिस्ट मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वह टावर से कूदने की धमकी दे रही थी। सूचना पर पहुंची नगर निगम की टीम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला को टावर से नीचे उतार लिया। महिला को अयोध्या नगर थाने भेजा गया है। दरअसल, महिला ने अयोध्या नगर थाने में दो एफआईआर कराई थी और कोर्ट में मामला विचाराधीन है। विचाराधीन मामले में आरोपी पक्ष महिला पर दबाव बना रहा था। इसी से दुखी होकर वह टावर पर चढ़ गई थी। जानकारी के अनुसार 37 साल की महिला मूलत: सागर की रहने वाली है। उन्होंने मिनाल रेसीडेंसी में मकान खरीदा था। कुछ रुपए वह दे चुकी थी, जबकि कुछ रकम देनी बाकि थी। रुपए बाकि होने के कारण द्वारिका प्रसाद और ठेकेदार सुधीर शर्मा रुपए के लिए दबाव बना रहे थे। महिला ने अयोध्या नगर में दोनों के खिलाफ 2021 में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उसके साथ घर में घुसकर मारपीट की थी। उसकी भी एफआईआर कराई थी। महिला का कहना है कि आरोपी उसे घर से बेदखल कर चुके है। अब वह पुराने केस में समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। वह आरोपियों की शिकायत लेकर थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी मदद नहीं की। इसी से दुखी होकर वह श्यामला हिल्स के पॉलिटेक्निक चौराहा पहुुंची और टावर पर चढ़ गई।

भाजपा ने सब मोर्चों को साधा, अब युवा मोर्चा की बारी

BJP addressed all fronts, now it is Yuva Morcha’s turn भोपाल। लोकसभा चुनाव का पारा धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मध्यप्रदेश में भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम जारी कर रही है। 14 फरवरी को जारी हुए नामों में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन देखने को मिला। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और नर्मदापुरम संभाग से आने वाली महिला नेत्री माया नारोलिया को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर भाजपा महिला वोट साधेगी तो वहीं उज्जैन संभाग के मंदसौर से आने वाले किसान नेता और वर्तमान में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंसीलाल गुर्जर को राज्यसभा भेजकर भाजपा किसानों के वोट साधेगी। इससे पहले ग्वालियर संभाग से आने वाले ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह को भाजपा सरकार में मंत्री बनाया गया। वहीं एसटी मोर्चा से कलसिंह भाबर को विधानसभा टिकट देकर एसटी मोर्चा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया। गौर करने वाली बात है कि विधानसभा, राज्यसभा में मोर्चा अध्यक्षों को आगे लाकर भाजपा ने निश्चित ही कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का काम किया। अब लोकसभा चुनाव की बारी है ऐसे में सूत्रों की मानें तो युवा कार्यकर्ताओं और युवाओं के वोट साधने के लिए युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार को भाजपा लोकसभा चुनाव लड़ा सकती है क्योंकि वैभव पवार सामान्य परिवार से छात्र राजनीति में आए और फिर विद्यार्थी परिषद में लंबे समय तक कार्य किया वहीं मोर्चा अध्यक्ष रहते हुए नव मतदाताओं को भाजपा से जोड़ने के लिए विभिन्न अभियान चलाए। मोर्चा में लगातार गतिविधियों को सक्रिय रखने वाले वैभव पवार बालाघाट लोकसभा से आते हैं। इस बार वैभव पवार को युवा चेहरे के तौर पर लोकसभा चुनाव के मैदान में लाकर भाजपा युवाओं को साध सकती है और ये संदेश दे सकती है कि भाजपा में युवाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिलता है और युवाओं को आगे भी बढ़ाया जाता है। कहा जा रहा है कि जिस तरह भाजपा की रणनीति सभी वर्गों को साथ लेकर चलने है कि उससे वैभव पवार युवा वर्ग में बड़े चेहरे के तौर पर देखे जा रहे हैं। वैभव पवार कैसे बन सकते हैं संगठन की पंसद सिवनी के सामान्य परिवार से निकलकर विद्यार्थी परिषद में रहते हुए छात्र राजनीति की। लंबे समय बाद युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली। बतौर प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए कार्यकर्ताओं को गतिविधियों में सक्रिय रखा। युवा चौपालों के माध्यम से नव मतदाताओं के बीच में पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय नव मतदाताओं का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। भाजपा संगठन ने कई बड़े अभियान और कार्यक्रम युवा मोर्चा को सौंपे, जिनमें सबसे बड़ा अभियान रहा ‘हर-भरा मध्यप्रदेश’ जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्योपुर में वृक्षारोपण किया था। वहीं युवा मोर्चा द्वारा आयोजित किए युवा सम्मेलनों में से एक जबलपुर का युवा सम्मेलन जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी सम्मिलित हुए। वैभव पवार ने इन अभियानों में पाई सफलता वन बूथ-20 यूथ, संगठन ही सेवा, युवा सम्मेलन, हरा-भरा मप्र, पंचायत समिति गठन, समय-समय पर रक्तदान कैंप, खेलेगा मप्र, खिलते कमल, युवा चौपाल, बाइक रैली, तिरंगा यात्रा, बूथ सशक्तिकरण अभियान जैसे अभियानों और कार्यक्रमों में युवा मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष वैभव के नेतृत्व में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में बालाघाट सीट से वैभव पवार को मैदान में उतार सकती है।

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