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रानी अवंतीबाई के बलिदान को श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- यह अविस्मरणीय रहेगा

मातृभूमि की रक्षा की लिए रानी अवंतीबाई का बलिदान सदियों तक रहेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी अवंतीबाई की स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रूपए से निर्मित संग्रहालय का किया लोकार्पण सागर में रानी अवंतीबाई के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर हमने दी है वीरांगना को श्रद्धांजलि रानी अवंतीबाई बलिदान दिवस पर डिंडोरी में हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वीरांगनाओं की धरती है। रानी दुर्गावती से लेकर रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई तक हमारी लोकनायिकाओं और वीरांगनाओं ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे। मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी अवंतीबाई ने जो बलिदान दिया, वह सदियों-सदियों तक अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर डिंडोरी जिले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी अवंतीबाई के अटल साहस और अमर त्याग को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित भव्य संग्रहालय का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय हमें रानी अवंतीबाई के बल और बलिदान की याद दिलाता रहेगा। इस संग्रहालय में उनकी फोटो गैलरी और उनके शस्त्र हमारी आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ते हुए अपने नायकों के पराक्रम को भी याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म तत्कालीन सिओनी (वर्तमान सिवनी) जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। कहते हैं कि रणभूमि में उनकी तलवार जब चलती थी, तो अंग्रेजों के हौसले पस्त हो जाते थे। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की भूमिका ठीक वैसी ही थी, जैसी झांसी में रानी लक्ष्मीबाई की। जब अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप से उड़ाकर कायरता दिखाई, तब इस पूरे क्षेत्र में क्रांति की मशाल रानी अवंती बाई ने अपने हाथ में ली थी। सन् 1857 की क्रांति में रानी अवंतीबाई ने रेवांचल में मुक्ति आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद सन् 1858 में जब अंग्रेजों ने एक विशाल सेना के साथ उन पर हमला किया, त‍ब भी रानी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। अपने मान-सम्मान और देश की अस्मिता के लिए उन्होंने लड़ते-लड़ते, हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रानी अवंती बाई की शहादत को अविस्मरणीय बनाए रखने के लिए सागर में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडोरी जिला उनके हृदय के करीब है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिला प्रशासन डिंडोरी ने एक ही दिन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं और बेटियों की स्वास्थ्य जांच की। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी का नाम ‘एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। 14 से 15 साल की बेटियों को टीकाकरण (एचपीवी अभियान) में भी डिंडोरी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए डिंडोरी जिले में ‘पंखिनी अभियान’ चलाया जा रहा है। इसमें बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। यह एक अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए जिला प्रशासन डिंडोरी को बधाई भी दी। डिंडोरी जिले के ग्राम बालपुर में हुए रानी अवंती बाई बलिदान दिवस कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, जनपद पंचायत डिंडोरी की अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी बाई ठाकुर, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, नरेन्द्र राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

गौमांस विवाद के बाद असलम पर NSA, जमानत मिलने के बावजूद जेल गेट से फिर ले गई पुलिस

भोपाल  बहुचर्चित भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में 24 घंटे के भीतर ऐसा जबरदस्त मोड़ आया कि सब दंग रह गए। कोर्ट से जमानत मिलने की खुशी अभी अधूरी ही थी कि जेल की चौखट पर ही असलम कुरैशी की आजादी छिन गई। पुलिस ने कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए उसे फिर से हिरासत में ले लिया है और अब उस पर एनएसए यानी रासुका के तहत कार्रवाई की जा रही है। जेल के बाहर मची अफरातफरी असलम के परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात करीब 10 बजे जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसे जबरन एक लाल रंग की गाड़ी में बिठाकर ले जाया गया। परिजनों ने भौंरी बाईपास तक गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन पुलिस की फुर्ती के आगे वे नाकाम रहे। जब वे गांधी नगर थाने पहुंचे, तब जाकर पता चला कि यह कोई किडनैपिंग नहीं बल्कि पुलिस की प्रिवेंटिव एक्शन थी। जेल के बाहर 100 प्रदर्शनकारी हो गए इकट्ठा असलम की रिहाई की खबर मिलते ही जेल के बाहर 50 से 100 के करीब प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे। नारेबाजी और बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस को डर था कि त्योहारों के इस मौसम में शहर की शांति भंग हो सकती है। इसी इनपुट के आधार पर कलेक्टर ने तत्काल डिटेंशन वारंट जारी कर दिया। गो-मांस मिलने पर हुआ था हंगामा यह पूरा मामला भोपाल के एक स्लॉटर हाउस से जुड़ा है जहां भारी मात्रा में संदिग्ध प्रतिबंधित मांस मिलने का आरोप है। असलम कुरैशी इस स्लॉटर हाउस का ऑपरेटर है। उसे पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बुधवार को सेशन कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। अब एनएसए लगने के बाद उसकी मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।

इंदौर मेट्रो के दूसरे फेज की फाइनल टेस्टिंग, इमरजेंसी ब्रेक और स्टेशन प्रबंधन की पूरी जांच

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का काउंटडाउन शुरू हो गया है. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च 2026 तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण पूरा कर लिया है।  MPMRCL की ओर से बताया गया कि मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का निरीक्षण किया और स्टेशन मैनेजमेंट, यात्रियों की सुविधाओं, गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और आपातकालीन स्थितियों जैसे पैमानों पर प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया।  मेट्रो रेल प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6 किलोमीटर लंबे रूट पर कमर्शियल ऑपरेशन 31 मई 2025 को शुरू किए गए थे।  MPMRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर एस कृष्णा चैतन्य ने कहा, “CMRS से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के दूसरे चरण के कमर्शियल ऑपरेशन जल्द ही शुरू हो सकते हैं।  मूल योजना के अनुसार, शहर में 31.32 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर 7500.8 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है।   इसका निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और कमर्शियल इलाकों में आई बाधाओं के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई, और अब इसकी लागत बढ़ने की उम्मीद है।   

आनंद केवल अंतस से अनुभूत होता है, यह अर्थ क्रय से नहीं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आनंद एक ऐसी सुखानुभूति है, जो अर्थ क्रय से नहीं, अंतस से होती है अनुभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूजे के सुख में भी स्व का आनंद ढूंढ़ना है भारतीय संस्कृति की चेतना का आधार मुख्यमंत्री ने आनंदोत्सव के विजेताओं को किया पुरस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आनंद के आयाम राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिल प्रशासन अकादमी में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम मनुष्य आदतन सुख-सुविधाओं की वस्तुओं और विलासतापूर्ण जीवन में ही सुख ढूंढ़ते रहते हैं। भौतिक सुख की अभिलाषा सबको है पर आत्मिक सुख और शांति की दरकार कम ही लोगों को है। जबकि जीवन का आनंद भौतिकता में नहीं, मन के भावों की संतुष्टि में निहित है। उन्होंने कहा कि आनंद एक ऐसी सुख की अनुभूति है, जो धन से सुख-सुविधाओं के यंत्र वस्तुएं खरीदकर नहीं, बल्कि अपने अंतस में जागे मानवीय भावों के तृप्त होने पर भीतर से उपजती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित आनंद के आयाम-राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन कर राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगल आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 14 से 28 जनवरी तक मनाए गए आनंदोत्सव के विजेताओं को पुरस्कार के रूप में नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिए। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी विधा में प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रूपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रूपए दिए गए। मुख्यमंत्री ने फोटोग्राफी विधा में मिलिंद कुमार को प्रथम, शैलेंद्र बिहार को द्वितीय एवं सुसीमा अग्निहोत्री को तृतीय पुरस्कार दिया। वीडियोग्राफी विधा में सैयद अफजान को प्रथम, राजा खान को द्वितीय एवं जीवन रजक को तृतीय पुरस्कार दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम दूसरों के सुख में भी अपने आनंद की अनुभूति प्राप्त कर लें, यही सनातन संस्कृति की चेतना का आधार है। हम सभी को अपने कार्यों को पूरे आनंद, उत्साह और दक्षता के साथ संपादित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन में आनंद के आयाम, हमारे सुख और दु:ख के बीच के अंतर को समझने से पता चलते हैं। आदिकाल से भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की रही है, जिसमें परिवार की धारणा को विशेष महत्व दिया गया है। वर्ष 1956 के विश्व हिंदू सम्मेलन में मार्गेट थेचर ने भारत और इंग्लैंड की संस्कृति का मूल अंतर सबको समझाया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय परिवारों की व्यवस्था में अगर कोई एक सदस्य भी कमाई करता है तो पूरा परिवार आनंद और सम्मान के साथ जीवन जीता है। यह दुनिया में सिर्फ भारत में ही संभव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी के जीवन में भारी कष्टों से निवृत्ति के बाद मिले आनंद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यशोदा मैया और नंद बाबा ने कन्हैया के लालन-पालन में ही आनंद की अनुभूति की। उन्होंने कभी ये नहीं सोचा कि यह किसी और का शिशु है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुख और दु:ख बिना विचलित हुए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। जबकि महाभारत में उन्हीं के सैनिक उनके सामने युद्ध लड़ रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के आयोजन में साधु-संत भीषण गर्मी में अग्नि स्नान करते देखे जाते हैं। उनके शरीर पर मौसम और कांटों तक का कोई असर नहीं पड़ता है, क्योंकि वे भगवान के समीप साधना के मार्ग से आनंद में डूबते हैं। सनातन संस्कृति में हमारे संत अग्नि वस्त्र धारण कर समाज की कई उलझनों को दूर करने के लिए अपने जीवन का निचोड़ देते हैं। हरिद्वार से आए महर्षि मधुसूदन जी महाराज ने कहा कि संसार के भौतिक जगत को मापने का मापदंड मैटा फिजिक्स तय करती है। इसके दो भागों में संसार के तत्व ज्ञान और ब्रह्म ज्ञान का अध्ययन किया जाता है। आनंद की प्राप्ति के लिए वेदांत में कई स्थानों पर उल्लेख मिलता है। आनंद ही ब्रह्म है, जो पूरे संसार को गति प्रदान करता है। देश की गुलामी के समय बेलियम हेस्टिंग ने गीता को पढ़कर कहा था कि भारत अब लंबे समय तक गुलाम नहीं रहेगा, क्योंकि उन्होंने गीता में आनंद के तत्व ज्ञान को जाना था। बाद में गीता लंदन पहुंची और वहां हर विचारधारा के विद्वानों ने गीता को हाथों हाथ लिया। अमेरिका के विद्वान भी गीता के ज्ञान को परफेक्शन के रूप में देखा है। परफेक्शन अभ्यास से ही आता है। अमेरिकी जीवन सिद्दांत से देखें, तो जब कोई अपनी विधा में, अपने काम में परफेक्शन प्राप्त कर लेता है, तो वह योगी हो जाता है। आज हमारा भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फिर से विश्व गुरु बनने की यात्रा कर रहा है। आनंद विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आनंद विभाग प्रदेश के सभी ब्लॉक स्तर पर शासकीय सेवकों के लिए आनंद से रहने की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शासकीय सेवक स्वयं आनंदित रहना और नागरिकों के साथ कुशल व्यवहार करना सीख रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर कॉलेज तक मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे चित्त में प्रसन्नता है, तो समझिए सारा संसार खुश है। राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ता के रूप में दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के सचिव अभय महाजन, कमलेश पटेल, डॉ. जामदार सहित आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार, उप निदेशक प्रवीण गंगराड़े एवं बड़ी संख्या में प्रदेश के जिलों से आए आनंदक एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। राज्य आनंद संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक मनु दीक्षित ने सभी का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘सिंहस्थ-2028 में सनातन संस्कृति का वैभव देखेगी दुनिया

सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव पर धर्मनगरी उज्जैन में राम घाट पर हुआ भव्य आयोजन पार्श्व गायक विशाल मिश्रा की प्रस्तुति, ड्रोन शो, लेजर शो और भव्य आतिशबाजी ने बांधा समां उज्जैन  विक्रमोत्सव-2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन का परमात्मा ने भाग्य विशेष रूप से लिखा है। जो भी व्यक्ति एक बार उज्जैन आता है, उसका जीवन संवर जाता है। मां शिप्रा के पावन तट पर बसी यह नगरी अनादि काल से अस्तित्व में है और हर युग में इसकी महिमा अक्षुण्ण रही है। उज्जैन, जिसे प्राचीन काल में अवंतिका और उज्जयिनी के नाम से जाना जाता था, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का धाम है। वर्षप्रतिपदा के इस विशेष दिन विक्रम संवत 2083 के आगमन का उल्लास पूरे शहर में देखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विक्रमोत्सव-2026 अंतर्गत उज्जैन के राम घाट पर आयोजित सृष्टि आरंभ उत्सव का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन का उपयोग युद्ध में कर रही है, वहीं ड्रोन तकनीक उज्जैन में देवी-देवताओं की झलक आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रही है। यह सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है। करीब दो हजार वर्ष पूर्व उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांताओं को परास्त कर राष्ट्र की रक्षा की और सुशासन की मिसाल कायम की। उनका 32 पुतलियों वाला सिंहासन, नवरत्नों की विद्वता, वीरता और दानशीलता आज भी प्रेरणा का स्रोत है। आज विक्रमादित्य की इसी गौरवगाथा को पुनर्जीवित करते हुए पूरे प्रदेश में विक्रमोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव न केवल संस्कृति का उत्सव है, बल्कि सुशासन और प्रशासनिक आदर्शों की पुनर्स्थापना का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार का सिंहस्थ अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने वाला है। उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन बनाया जा रहा है, वहीं मां शिप्रा के तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नवीन घाट विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन को व्यापार और उद्योग की दृष्टि से भी विकसित किया जा रहा है। विक्रम उद्योगपुरी, मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 12,500 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र पूर्ण रूप से विकसित हो चुका है और अतिरिक्त 5 हजार एकड़ क्षेत्र में नया पार्क तैयार किया जा रहा है। साथ ही नए एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना से धार्मिक तीर्थाटन को नई ऊंचाई देने का प्रयास है। आने वाले समय में उज्जैन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक, औद्योगिक और वैश्विक पहचान का केंद्र बनेगा। जब 2028 में सिंहस्थ का विराट स्वरूप दुनिया के सामने आएगा, तब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति का वैभव देखेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन में भव्य और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिप्रा तट स्थित रामघाट,दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित इस महोत्सव में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद प्रसिद्ध पार्श्व गायक विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संगीत का आनंद लिया और नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। गुड़ी पड़वा, जिसे हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है, से पूरे शहर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी से आकाश को भर दिया रोशनी और रंगों से कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी रही, जिसने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया। ड्रोन-शो के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेशों का मनोहारी प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह अभिभूत हो उठा। विभिन्न साहित्य का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ का विक्रम पंचांग 2083, संस्कृति संचालनालय का कला पंचांग, बिमल कृष्ण दास की 84 महादेव, रामस्वरूप दास की ओरछाधीश, वीर भारत न्यास के महर्षि अत्रि, महर्षि अंगिरा, धनवंतरी, महर्षि अगस्त्य, भरत मुनि के भारत निधि मोनोग्राफ, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ की अष्टावक्र गीता, नारद गीता, ब्राह्मण गीता, गर्भ गीता, उत्तर गीता का विमोचन किया। विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित सृष्टि आरम्भ उत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ संगीत, संस्कृति और तकनीक के संगम के रूप में उज्जैन को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान प्रदान की। सृष्टि आरम्भ उत्सव ने उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आधुनिक आयोजन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज,विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विक्रमादित्य शोधपीठ निदेशक डॉ. श्रीराम तिवारी, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, राजेश कुशवाह, नरेश शर्मा, राजेंद्र भारती और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

चेटीचंड पर्व के माध्यम से अखंड भारत का सपना जागृत रहता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चेटीचंड पर्व अखंड भारत की याद दिलाकर भारतीयों के हृदय में जागृत रखता है अखंड भारत का सपना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी से देश, प्रदेशवासियों को दी चेटीचंड महापर्व की मंगलकामनाएं भगवा ध्वज लहराकर चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के चल समरोह का किया शुभारंभ जनप्रतिनिधि और मशहूर हस्तियां भी शामिल हुई चल समारोह में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चेटीचंड का पर्व अखंड भारत की याद दिलाता है और भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जागृत रखता है। सामाजिक उत्सवों से एक दूसरे के प्रति प्रेम और आत्मीयता बढ़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को उनकी वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता के लिए याद किया उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य से प्रेरित होकर शासन उन गुणों को आत्मसात कर सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के टावर चौक पर चेटीचंड महापर्व पर आयोजित सिंधी समाज के चल समरोह का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत 2083 में बाबा महाकाल की नगरी से देश एवं प्रदेशवासियों को चेटीचंड के महापर्व की मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश विकास के नवीन आयाम स्थापित कर रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार नवीन विकास के कार्य कर रही है। सभी गणमान्य नागरिक भी विकास कार्यों में अपना योगदान दे रहे है। आगामी सिंहस्थ के दिव्य आयोजन से प्रदेश और उज्जैन की वैश्विक पटल पर नवीन पहचान स्थापित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवा ध्वज लहराकर चल समारोह का शुभारंभ किया। रैली में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद और एक्ट्रेस सुजयाप्रदा, मशहूर एक्टर आफताब शिवदासानी, तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम गोली उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, महेश पारियानी, डॉ. जितेंद्र जेठवानी और बड़ी संख्या में सिंधी समाजगण उपस्थित रहे।  

नवरात्रि के दौरान तरावली माता मंदिर में एसपी का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी निगरानी

बैरसिया  नवरात्रि पर्व के मद्देनज़र जिला भोपाल (देहात) पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। थाना बैरसिया क्षेत्र के प्रसिद्ध तरावली माता मंदिर में 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित होने वाले नवरात्रि महोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रामशरण प्रजापति ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज चौरसिया, एसडीओपी बैरसिया सुश्री वैशाली एवं थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसपी के सख्त निर्देश— नवरात्रि के दौरान सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए— मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाए। भीड़ नियंत्रण हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर प्रभावी बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाए। वाहन पार्किंग केवल निर्धारित स्थलों पर ही कराई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूते-चप्पल रखने हेतु पृथक स्टैंड बनाए जाएं। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था सुनिश्चित हो। संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। महिला सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी से कार्य करें। एसपी श्री प्रजापति ने दो टूक कहा कि नवरात्रि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला भोपाल (देहात) पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफल .

जयपुर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश में निवेश के नए अवसरों की जानकारी देंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश को देश का भरोसेमंद और तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। इसी कड़ी में वे विभिन्न राज्यों में रोड-शो और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद कर राज्य की औद्योगिक संभावनाओं को साझा कर रहे हैं। 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश में वे उद्योग जगत से सीधे संवाद करेंगे और राज्य में निवेश के अवसरों, नई औद्योगिक नीतियों और बेहतर अधोसंरचना के बारे में जानकारी देंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे। वन-टू-वन बैठक और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से सेक्टर-विशेष अवसर, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया। राज्य में औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में संतुलित रूप से फैलाने की योजना भी है। इसके तहत उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें शामिल हैं। इसके साथ ही भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रीवा में विकसित हो रहे आईटी पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर और आसपास के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश के औद्योगिक अवसरों, निवेश प्रोत्साहनों और मजबूत अधोसंरचना से परिचित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना है। 

बड़वानी सांसद ने मोनालिसा की शादी को लेकर लव जिहाद के आरोप लगाए, जांच की मांग

बड़वानी   मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली मोनालिसा द्वारा फरमान खान से विवाह करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवाह को लेकर ‘लव जिहाद’ के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके बाद क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है. बड़वानी में आयोजित विक्रमोत्सव 2026 के एक कार्यक्रम के दौरान सांसद गजेंद्र पटेल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सांसद बोले- मोनालिसा की शादी सुनियोजित साजिश बड़वानी सांसद ने कहा, ” प्रथम दृष्टया यह सामान्य विवाह नहीं प्रतीत होता, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका है.” उन्होंने दावा किया कि युवती को कथित रूप से फिल्म शूटिंग के नाम पर केरल ले जाया गया, जहां उससे विवाह कराया गया. सांसद ने यह भी कहा कि इस मामले में अलग-अलग राज्यों की कड़ियां जुड़ी हुई हैं. लड़का उत्तर प्रदेश का, लड़की मध्य प्रदेश की और विवाह केरल में हुआ. ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकरण में संगठित स्तर पर कार्य किया गया हो सकता है, जिसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है. माता-पिता भी पहुंचे थाने, प्रताड़ना के आरोप इधर, मोनालिसा के परिजनों ने भी इस विवाह को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. परिवार का कहना है कि यह संबंध सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुआ, बल्कि युवती को बहला-फुसलाकर या दबाव में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें भी प्रताड़ित किया गया और मामले को दबाने का प्रयास हुआ है. बीते मंगलवार को मोनालिसा के माता-पिता फिल्ममेकर सनोज मिश्रा के साथ मंडलेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने डीएसपी श्वेता शुक्ला को लिखित शिकायत की है.शिकायत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सांसद ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात सांसद गजेंद्र पटेल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, ” यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.” वहीं, सांसद ने मीडिया के माध्यम से मोनालिसा से अपने परिवार के बारे में सोचने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.

समर सीजन में सुविधा, अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में थर्ड एसी कोच जोड़े गए

भोपाल  गर्मियों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने दो प्रमुख ट्रेनों में थर्ड एसी कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन के अनुसार गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई से अहमदाबाद से चलने वाली तथा 30 मई से कोलकाता से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच की संख्या 5 से बढ़ाकर 6 कर दी जाएगी। थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे इसी तरह गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई से सूरत से तथा 25 मई से भागलपुर से चलने वाली ट्रेनों में थर्ड एसी कोच 6 से बढ़ाकर 7 किए जाएंगे। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की अधिकृत सूचना प्रणाली से जरूर प्राप्त कर लें। अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के लिए नए नियम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से और 30 मई को कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में अब 5 की जगह 6 थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे। इसी तरह, गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई को सूरत से और 25 मई को भागलपुर से चलने वाली ट्रेन में 6 के स्थान पर 7 थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणाली से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

राजनीतिक नियुक्तियों के बीच मध्यप्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन, जयभान सिंह पवैया बने अध्यक्ष

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद थी, अब उन्हें निगम-मंडल और आयोगों में एडजस्ट किया जा सकता है। भाजपा नेतृत्व जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों की बड़ी सूची जारी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद भी कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी। ऐसे नेताओं को अब निगम-मंडल अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने की रणनीति बनाई जा रही है। मध्य प्रदेश में मंडल आयोग में नियुक्तियों की शुरुआत हो गई है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग  राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग में जयभान सिंह पवैया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति अलग से की जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तथा मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है।  इन कामों पर देगा अपनी सिफारिश आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्य करेंगे। आयोग का मुख्य कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना होगा। आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस से प्राप्त आय के राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच वितरण के सिद्धांत तय करेगा। साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधार उपायों और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा। मंत्रिमंडल के दावेदारों को मिलेगा नया मौका भाजपा संगठन उन नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, जो मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए। इनमें कुछ कांग्रेस से आए विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं। चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में गोपाल भार्गव, मालिनी, लक्ष्मण सिंह गौड़, बृजेंद्र सिंह यादव, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। दिल्ली तक पहुंचा मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले पर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah  से मुलाकात कर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को लेकर रणनीति पर विचार किया है।  2028 चुनाव की तैयारी भाजपा का फोकस अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी पुराने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्तियां पार्टी के भीतर असंतोष को कम करने और नेताओं को “एडजस्ट” करने के लिए की जा रही हैं। कई महत्वपूर्ण आयोगों में खाली पद राज्य में कई अहम आयोग लंबे समय से नेतृत्व विहीन हैं— महिला आयोग अनुसूचित जाति आयोग अनुसूचित जनजाति आयोग पिछड़ा वर्ग आयोग अल्पसंख्यक आयोग इन सभी में अध्यक्ष और कई पद खाली हैं, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कब आएगी सूची? पार्टी सूत्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्र के बाद कभी भी निगम-मंडल और आयोगों की नियुक्तियों की सूची जारी हो सकती है। इन मुद्दों पर भी देगा अपनी सिफारिशें  आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए कई अहम बिंदुओं पर अनुशंसाएं देगा, जिनमें भूमि कर एवं राजस्व के बंटवारे के प्रावधान, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय के संतुलन के उपाय, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के सुझाव और पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल हैं। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करेगा। 

ओलावृष्टि और बारिश ने मचाई हलचल, 34 जिलों में अलर्ट, फसलों को हुआ नुकसान

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। वहीं राजधानी भोपाल में देर रात 1:30 बजे भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इधर, उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओले गिरे हैं। तेज आंधी और बेमौसम बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी गिरा है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मऊगंज में सुबह गरज-चमक के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आज यहां ओले गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। सतना में भी सुबह-सुबह बूंदाबांदी सतना में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली है। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा और तेज हवाओं का दौर जारी है। तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और जिले में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों के नुकसान की संभावना है।   इन जिलों में दर्ज हुई बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान सिस्टम के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हलकी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मंडला में 3.8 मिमी बारिश मंडला जिले में शुक्रवार तड़के 4 से 5 बजे के बीच जोरदार बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई इस वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाते हुए पूरे वातावरण में ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान जिले में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने जहां आम जनमानस को सुहावने मौसम का तोहफा दिया है। वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जबलपुर में सुबह 4 बजे से बारिश जबलपुर में आज सुबह 4 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने सुबह 9 बजे के बाद तेजी पकड़ ली। इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई।   छतरपुर में किसानों की बढ़ी चिंता इधर, बुंदेलखंड के छतरपुर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में कटी रखी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार तक मौसम साफ होने पर फसलें सूख जाएंगी और बड़ा नुकसान टल सकता है।   शुजालपुर में रुक-रुक बारिश शुजालपुर में बीती रात से मौसम अचानक बदल गया। यहां रुक-रुक कर दो बार बारिश हुई। इससे खेतों में कटाई के लिए खड़ी फसल को निकालने के लिए अचानक हार्वेस्टर मशीन की मांग बढ़ गई है। वहीं मौसम में ठंडक घुली हुई है।  अन्नदाता पर दोहरी मार, उज्जैन में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरे मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी। खुले में पड़ी उपज बनी सबसे बड़ी चिंता खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है। 50% फसल अभी खेतों में, कटाई पर असर क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। इंदौर में गरज-चमक के साथ बारिश, 52 कि.मी की रफ्तार से चली हवा वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के … Read more

सरपंच रामदीन पिपरदे की पहल रंग लाई—निमझिरी में जल संकट हुआ खत्म,पानी से लेकर सड़क तक विकास की रफ्तार—निमझिरी पंचायत बनी मिसाल

Sarpanch Ramdin Piparde’s initiative has paid off—the water crisis in Nimjhiri has ended, and development from water to roads has accelerated—Nimjhiri Panchayat has become an example. संवाददाता : हरिप्रसाद गोहे आमला/निमझिरी। बैतूल विकास खंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत निमझरी के ग्रामीणों की बसाहट की अगर बात करे तो यह विकास खंड बैतूल की आखिरी पंचायत है। यहां के ग्रामीणों के लिए व्यवसायिक,व्यापारिक दृष्टि से आमला बाजार की दूरी बेहद करीब हे। निमझिरी ग्राम में ग्रामीणों के भवन ऊंचे टेक पर बने है वहीं कुछ के ढलानों पर बने हुए हैं। जिस कारण पूर्व में ग्रीष्म ऋतू के दौरान लोगों को पानी की व्यवस्था बनाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पेय जल की समस्याओं से निजात पाने के लिए लोग जुगाड कर पेय जल की उपलब्धता सुनिश्चित करते देखे जाते थे। वर्तमान ग्राम प्रधान रामदीन पिपरदे के कार्यभार संभालने के बाद जहां ग्राम पंचायत निमझिरी विकास कार्यों की ओर निरंतर प्रगतिरत हे वहीं उनके प्रयासों से से क्षेत्र के ग्रामीणों सरकार की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी तय समय सीमा में मिल रहा है। हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने बताया गर्मी के दिनों में पहले हमें जुगाड कर पानी व्यवस्था बनाना पड़ता था अब हमें ऊंचे टेक पर भी नल हर घरों में पर्याप्त पानी मिल रहा हे हम ग्राम सरपंच सहित सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हे।उधर ग्राम सरपंच रामदीन पिपरदे ने चर्चा के दौरान बताया ग्राम विकास करना मेरी पहली प्राथमिकता थी। जिसके लिए मेरे द्वारा शुरुवाती दौर शासन से मांग कर जनकल्याण कारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलाए जाने ग्राम पंचायत सचिव सुखदेव मगरदे के साथ मिलकर प्रयास किए गए। जिसकी बदौलत आज भीषण गर्मी में भी ग्रामीणों को नलों से हर घर में पानी मिल रहा है। अन्य ग्राम विकास कार्यों की बात करे तो सर्वसुविधायुक्त कार्यालय भवन में सीसी टीव्ही कैमरे,एलईडी टीव्ही के माध्यम से समय पर लोगो को शासन की हर योजनाओं का लाभ दिलवाया जा रहा है । ग्राम पहुंच मार्ग पर सुंदर स्वागत द्वारा निर्माण कार्य किया गया। मोक्षधाम में बाउंड्रीवाल कार्य के साथ वहां बैठक व्यवस्था के साथ वृक्षारोपण कार्य कराया जा रहा है। लोगों को आवागमन को दृष्टिगत रख ग्राम में सीसी सड़कों का निर्माण करवाया गया। साथ ही महत्वपूर्ण कार्य में शासन की नल जल योजना अंतर्गत पेयजल टंकी, संपवेल, पेयजल पाईप लाईन विस्तारीकरण कार्य करा निमझिरी ग्राम के पांच ढानो के कोई 150 घरों में नलों के माध्यम से हर घर पानी पहुंचाया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है।

ग्राम अखड़ार में महा विशाल धर्म कुंभ श्री राम कथा एवं श्री राम महायज्ञ की शोभायात्रा निकाली गई

ग्राम अखड़ार में महा विशाल धर्म कुंभ श्री राम कथा एवं श्री राम महायज्ञ की शोभायात्रा निकाली गई  उमरिया ‌ महा विशाल धर्म कुंभ श्री राम कथा श्री राम महायज्ञ की विशाल कलश यात्रा में सम्मिलित हुए श्री श्री 108 महान तपस्वी त्यागी संत श्री बालक दास जी महाराज जी स्वागत बंदन अभिनंदन करते हुए सभी क्षेत्रवासी एवं ग्राम के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। और अपने हथेलियां में शिवरी मंदिर से लेकर हनुमान मंदिर प्रांगण तक महिलाएं एवं पुरुषों ने अपनी हथेली फैलाकर के 300 मीटर तक चलाए।इसके उपरांत उनका दर्शन करते हुए आशीर्वाद लिया। महाराज जी के द्वारा स्नान कर पंच अग्नि धोनी तापी गई। इसके उपरांत भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में वनवासी भाई बहनों ने कर्मा नृत्य करते गाते हुए स्वागत किया ।श्री राम कथा वाचक सुश्री राधिका चतुर्वेदी जी एवं श्री राम महायज्ञ यज्ञचार्य पंडित श्री ओम प्रकाश शास्त्री जी का ग्राम के लोगों ने सभी महान देव तुल्य विभूतियां को अलग-अलग रथ में बिठाकर पूरे ग्राम का भ्रमण करते हुए यज्ञ स्थल तक लाया गया। इस कलश यात्रा में 6000 से ऊपर भक्त जनों ने सम्मिलित होकर सफल बनाया।यह विशाल कलश यात्रा श्री हनुमान तालाब मंदिर प्रांगण अखड़ार से भव्य कलश यात्रा निकल गई।  

मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में मातारानी के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की लगी भीड़

मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में मातारानी के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की लगी भीड़ उमरिया उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रथम दिन दर्शनार्थियों की भारी भीड़ लगी हुई है। दूर-दराज से लोग दर्शन करने के लिए माता रानी के दरबार में आ रहे हैं।मां विरासनी धाम बिलासपुर में 10 दिनों तक मेला लगा रहता है। यहां पर दूर-दूर से लोग माता रानी के दरबार में आते हैं।दर्शन कर अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं।नवमी के दिन रात्रि में रोशनाई का प्रोग्राम रहता है। बड़ी संख्या में जवारे कलश बोए जाते हैं। जिनका विसर्जन दसवें दिन होता है। वहीं पर मंदिर के पंडा बाबा ने जानकारी देते हुए बताएं कि हम कई पीढ़ियां से यहां माता रानी की सेवा करते आ रहे हैं। यह प्राचीनतम मंदिर है।

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