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जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी ने बताया RSS का प्लान

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste census

Rahul Gandhi told RSS’s plan on caste census हरियाणा के असंध में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूछा कि हरियाणा के युवा अमेरिका क्यों जा रहे हैं? जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिजग जनगणा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन में बीजेपी के लोग, ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं में बीजेपी के लोग. यहां आपको गरीब और दूसरी जाति के लोग नहीं मिलेंगे. इसलिए हम जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “बीजेपी वाले संविधान पर हमला कर रहे हैं. हिंदुस्तान में किसकी कितनी आबादी है, हम उसे चेक करने के लिए कहते हैं. आरएसएस कहती है कि जाति जनगणना करना चाहिए, लेकिन अंदर से मना कर देती है. गरीब पिछड़ा आपको कहीं बड़े पोस्ट पर नहीं मिलेगा.” ‘अमेरिका जाने के लिए जमीन बेचे’ कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मैं अमेरिका गया था, तो मैंने देखा कि एक कमरे में 15-20 लोग सो रहे थे. एक युवा ने मुझे बताया कि उनमें से कई ने अमेरिका आने के लिए 30-50 लाख रुपये का कर्ज लिया या अपनी जमीन बेची. जब मैंने उन्हें बताया कि वे उसी पैसे से हरियाणा में बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा करना संभव नहीं है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं करनाल गया, तो मैंने एक बच्चे को कंप्यूटर पर चिल्लाते हुए अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान (अमेरिका से) वापस आने के लिए कहते देखा…हरियाणा सरकार ने राज्य और उसके युवाओं को खत्म कर दिया है.” रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “ये लड़ाई हरियाणा नहीं, हिंदुस्तान को बचाने की है. देश की सारी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया गया है, जिस पर पूरा कंट्रोल नागपुर का है. उसमें हिंदुस्तान के 90 फीसदी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.”

किसान आंदोलन, कृषि कानून; क्या बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहीं कंगना रनौत ?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP? भोपाल ( कमलेश )। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के बयान बीजेपी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। कुछ ही समय में कंगना ने ऐसे दो बयान दिए हैं, जिससे बीजेपी ने तुरंत किनारा कर लिया। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह बीजेपी की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। पहले किसान आंदोलन और फिर अब तीनों कृषि कानूनों को लेकर कंगना ने जो कहा है, उससे पार्टी के अंदर भी उनके खिलाफ सुर उठने लगे हैं। कृषि कानूनों को लेकर कंगना रनौत ने पहले कहा कि मुझे पता है कि विवाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को भी इसकी मांग करनी चाहिए। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंगना ने खेत जताते हुए अपने शब्दों को वापस ले लिया। कंगना के बयान से बीजेपी को हरियाणा विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही थी। कंगना के बयान से हरियाणा में हो सकता था नुकसान हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को सभी 90 सीटों पर वोटिंग है, जिसके नतीजे आठ अक्टूबर को आएंगे। राज्य में पिछले एक दशक से बीजेपी की सरकार होने से पार्टी को पहले से ही एंटी इनकमबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। अग्निवीर, किसान संबंधी मुद्दे, बेरोजगारी आदि को लेकर राज्य की जनता में बीजेपी सरकार के खिलाफ कई बार नाराजगी भी देखी गई है। वहीं, टिकट कटने की वजह से बीजेपी कई नेताओं की बगावत भी झेल रही। ऐसे में चुनावी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कंगना के तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग करने वाला बयान हरियाणा में बीजेपी को और नुकसान पहुंचा सकता था। यही देखते हुए बीजेपी ने कंगना के बयान का खंडन करते हुए कहा कि यह उनका निजी बयान है। कुछ साल पहले दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा के भी बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के लिए लंबे समय तक बैठे थे। इसके बाद पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कांग्रेस ने मारा मौके पर चौका जैसे ही कृषि कानूनों पर कंगना रनौत ने बयान दिया, कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए उसे हरियाणा चुनाव में भुनाने की तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने विभिन्न रैलियों में कंगना के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन कृषि कानूनों को फिर से वापस नहीं आने देंगे। दीपेंद्र हुड्डा ने रैली में कहा, “750 किसानों ने अपनी शहादत देकर MSP और मंडी प्रणाली को भाजपा की तानशाही सरकार से बचाया है। काले कृषि कानून वापस लाने के मंसूबे रखने वाले तमाम भाजपा सांसदों को हमारी चुनौती है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद देश में ऐसी कोई ताकत नहीं जो ये कानून वापस लागू कर सके।” कांग्रेस के ओर से मुद्दा उठाए जाने के बीच बीजेपी ने भी कंगना के बयान से अपने आप को अलग किया। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बयान उन 3 कृषि कानूनों से संबंधित है, जिन्हें पहले बीजेपी सरकार ने रद्द कर दिया था। इस प्रकार, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान कंगना रनौत के व्यक्तिगत विचारों को दर्शाता है और किसी भी तरह से 3 कृषि कानूनों से संबंधित बयान में बीजेपी के विचारों को नहीं दर्शाता। मुझे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कंगना रनौत को बीजेपी द्वारा 3 कृषि कानूनों के विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं से पूरे प्रदेश में एफआईआर दर्ज करने को क्यों कहा? जानिए वजह

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason भोपाल ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जीतू पटवारी ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं तथा सभी अनुसांगिक संगठन के नेताओं से आज अपने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करने को कहा है. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज करने का एक फॉर्मेट भी कांग्रेस नेताओं को उपलब्ध कराया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं तथा मंत्रियों द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है. इस संबंध में महाराष्ट्र में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है जबकि महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार है. शाम 4 बजे बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज कराएंगे केसइसी के चलते उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई के नेताओं, महिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आज अपने संबंधित थाने पर पहुंचकर शाम 4:00 बजे भाजपा नेताओं द्वारा आपत्तिजनक बयान देने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराएं. जीतू पटवारी खुद भोपाल के टीटी नगर थाने में जाकर बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एक फॉर्मेट भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भेजा है. महाराष्ट्र में दर्ज केस के बाद गरमाई राजनीतिमहाराष्ट्र में शिवसेना विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इसी आधार पर मध्य प्रदेश में भी अभियान चलाए जाने की बात कही जा रही है. महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कांग्रेस नेताओं से जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज कराने की अपील की है. उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख रुपये का ऐलान देने की घोषणा शिवसेना विधायक संजय गायकवाड ने की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है. संजय गायकवाड ने राहुल गांधी द्वारा आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी जताई थी. अभी इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीतिक गर्मा गई है.

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस भरेंगी हुंकार, 10 सितंबर को सीएम निवास का करेंगी घेराव

Chhattisgarh Mahila Congress will roar, will surround CM residence on September 10

Chhattisgarh Mahila Congress will roar, will surround CM residence on September 10 रायपुर । छत्तीसगढ़ की महिला कांग्रेस बड़े प्रदर्शन की तैयारी में है। महिला कांग्रेस जल्द ही मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगी। इसे लेकर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने राजीव भवन में प्रेस वार्ता की। इस दौरान फूलोदेवी ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी कांग्रेस प्रेस वार्ता में फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, प्रदेश में आए दिन महिलाओं के साथ अत्याचार व गैंगरेप की घटनाएं बढ़ती जा रही है और पुलिस प्रशासन भी काम नहीं कर रही। इस कमजोर कानून व्यवस्था से महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रदेश की महिलाएं भयभीत है, डरी और सहमी हुई है। इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करेगी कांग्रेस फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, रायपुर नया बस स्टैंड में 50 साल की महिला के साथ दुष्कर्म हुआ। 4 साल की के साथ भिलाई में दुष्कर्म हुआ। प्रदेश में दुष्कर्म के मामले बढ़ते ही जा रहे है। लेकिन राज्य सरकार कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखा जाता है और सामूहिक दुष्कर्म को नकार दिया गया। बलात्कार की रिपोर्ट लिखी गई और यहां पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है। बस्तर, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं राजधानी रायपुर में दुष्कर्म की घटनाओं से महिलायें भयभीत है। महिलायें घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। सबसे चौकाने वाली घटना भिलाई में 5 जुलाई को डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई। बिना एफआईआर के एसपी ने घटना को नकार दिया गया जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई भी घटना होने पर सबसे पहले एफआईआर लिखते है उसके बाद जांच की जाती है। भिलाई के बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि बच्ची के निजी अंगो में चोट आई है। डॉक्टरों ने गंभीर छेड़छाड़ की आशंका जताई। उसके बाद भी एसपी मामले को नकारते रहे। 5 जुलाई को घटना होती है लेकिन कांग्रेस पार्टी के द्वारा विरोध करने के बाद भाजपा सरकार दबाव में आकर अब जाकर लगभग दो महिने वाद 4 सितम्बर को एफआईआर दर्ज करती है। 10 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव प्रेस वार्ता में फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कांग्रेस आवाज उठाएगी। महिला कांग्रेस स लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी। नेताम ने बताया कि महिला कांग्रेस 10 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव क इस दौरान प्रदेश में जितने भी बलात्कार व अत्याचार के मामले उजागर हुए है उसे लेकर आवाज उठाएंगी।

DNA का फुल फॉर्म तो जान लेते… योगी के आरोप पर अखिलेश यादव ने कसा तंज?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi's allegation?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi’s allegation? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मैनपुरी में दिए ‘डीएनए’ वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते और अगर जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को सपा के गढ़ करहल विधानसभा क्षेत्र में बरनाहल स्थित इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में बोले थे कि गुंडई और अत्याचार सपा के डीएनए में है. कन्नौज का नवाब सिंह यादव इनका चेहरा है. भाजपा की सरकार में प्रदेश निवेश का हब बन रहा है. हम युवाओं को रोजगार दे रहे हैं, 2017 से पहले ऐसा नहीं होता था. सपा प्रमुख ने किया पलटवारइसी बयान पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते. इसके बाद उन्होंने डीएनए का फुल फॉर्म लिखा. इस पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि अगर मुख्यमंत्री फुल फॉर्म जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. इस पोस्ट में सपा प्रमुख ये आरोप भी लगा रहे हैं कि अरबों-करोड़ों में सांसद-विधायक की भर्ती करवाने वाले लोग जितना कम बोलें, उतना ही उनके सम्मान के लिए अच्छा है. समाजवादी पार्टी के मुखिया का यह पलटवार प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से भी जोड़ के देखा जा रहा है. ज्ञात हो कि प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव भाजपा और सपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन गए हैं. अक्सर होती है तीखी बहसअखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच अक्सर ऐसी तीखी बहस होती रहती है, जिसमें दोनों एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमला करने से भी नहीं चूकते हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक बार ऐसी ही बहस में योगी ने अखिलेश पर आरोप लगाया था कि अखिलेश ने सत्ता के लिए अपने पिता का अपमान किया है.

आमला : भाजपा के सदस्यता अभियान को लेकर बैठक सम्पन्न

Amla: Meeting regarding BJP's membership campaign concluded

Amla: Meeting regarding BJP’s membership campaign concluded हरिप्रसाद गोहेआमला। भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर युवा मोर्चा नगर मण्डल आमला कि बैठक सम्पन्न हुई। युवा मोर्चा के अध्यक्ष निलेश राठौर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी का सदस्यता अभियान के शुरू हो गया हैं। पार्टी के सदस्य बनने के लिए और 4 हजार सदस्य के लक्ष्य को पूर्ण करने कि कार्ययोजना इस बैठक में पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में बनाई गई हैं। युवाओं को खेल,कॉलेज, अन्य ऐसी जगह जहां युवा रहते हैं। उनके पास जाकर पार्टी की रीति- नीति एवं किए गए कार्यो को उनके बीच रखकर उन्हें भारतीय जनता पार्टी का सदस्य बनाना है। युवा मोर्चा के प्रत्येक पदाधिकारी को जो जहाँ निवास करते हैं उस स्थान पर उसके आस-पास कहि युवाओं का समूह मण्डल ऐसे स्थान पर जाकर 200 सदस्य बनाया जाना है। सदस्य बनने के लिए सबसे पहले नम्बर 8800002024 पर मिस्ड कॉल करना हैं। उसके बाद मेसेज के द्वारा मोबाइल नंबर पर लिंक आएगी। उस लिंक को ओपन करके मांगी गई जानकारी भरकर सदस्य बनने के बाद मेसेज के द्वारा सदस्यता कार्ड प्राप्त होगा। जिनके पास मोबाइल नहीं हैं वे किसी दूसरे के मोबाईल से भी सदस्य बन सकते या फॉर्म भी भरकर पार्टी के सदस्य बनाया जा सकता हैं। इस बैठक में मुख्य रूप से युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष निलेश राठौर, अर्जुन पुन्डे, कपिल निरापुरे, अतिश साहू ,नामेश्वर बारस्कर, प्रवीण चौहान, पुष्पेंद्र जाधम, सुमित महतकर,गौरी मालवीय,पंकज पाल,संदीप कापसे,अरविंद पवार,संजय सोनपुरे,गब्बर अमझरे,बलवंत देशमुख,अभिषेक राठौर,राजा अमझरे,पवन सहित अन्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।

जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वालों नेताओं की लगा दी क्लास, बताई चुनाव में हार की वजह

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying the convoy. विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस मैदान में नजर आ रही है. यही कारण है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस पिछले करीब 1 महीने से लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन कर रही है. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का बयान खूब वायरल हो रहा हे. जिसमें वो टिकट लेने वालों पर तंज कसते नजर आ रहे हैं. क्या बोले जीतू पटवारी?दरअसल विधानसभा चुनाव के समय कई बीजेपी नेताओं बड़े दम-खम के साथ कांग्रेस ज्वाइन की थी. जिस वक्त वो पार्टी का दामन थामते उस वक्त लंबा काफिला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन जाता, जीतू पटवारी एक बार फिर पूरी तरीके से सक्रिय नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के तमाम इलाकों में जा रहे हैं. सरकार को घेरने के लिए मुद्दे उठा रहे हैं. लेकिन इस बार बीजेपी नहीं कांग्रेस के नेता उनके निशाने पर आ गए हैं. वे नेता जो काफिला लेकर चलते हैं. विधानसभा का टिकट मांगते हैं. सबके सामने जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वाले नेताओं को नसीहत दे दी है. यह भी कह दिया 100- 200 गाड़ी से आने वाले यह लोग टिकट मांगते हैं. जमीन पर हकीकम कुछ और ही होती है. यही कारण है कि हम आज 66 पर आ गए हैं. कब होगी जीतू की टीम तैयार?जीतू पटवारी ने अब एक बार फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन मजबूत कर रहे हैं. इसी को लेकर वे पूरे प्रदेश भर में दौरा कर रहे हैं. आपको बता दें कि इस समय प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पंचायत कमेटी की गठन के काम में जुटे हुए हैं. तो वहीं भी प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि पिछले दिनों भंवर जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि आने वाले 15 दिनों में प्रदेश कार्यकारिणी गठित हो जाएगी. लेकिन, इस बात को भी एक महीने से ज्यादा बीत गया है. अब देखना होगा कि जीतू अपनी टीम कब तक तैयार कर पाते हैं.

राहुल गांधी की बात पर भरी संसद में शिवराज ने बोल दी बड़ी बात: देखें विडियो

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi's words

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi’s words राहुल की बात पर भरी संसद में शिवराज ने कह दी ऐसी बात कि कांग्रेसी बस सुनते रह गए…!

BJP छोड़ेंगे मंत्री नागर सिंह चौहान? विभाग जाने से नाराज

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department MP Politics: मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग दिए जाने से मंत्री नागर सिंह चौहान नाराज हैं. अब तक यह विभाग नागर सिंह चौहान के ही पास था. अब नागर सिर्फ अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री रह गए हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई थी और रविवार को उन्हें वन एवं पर्यावरण विभाग आवंटित किया गया. नागर सिंह चौहान के पास वन पर्यावरण के अलावा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग था. वर्तमान समय में वह सिर्फ एक विभाग के मंत्री हैं. कांग्रेस से आए नेता को मिली जिम्मेदारी से नाराजवन एवं पर्यावरण विभाग लेकर रामनिवास रावत को दिए जाने से नागर सिंह चौहान नाराज हैं. कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी साफ जाहिर की और कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता की बजाय कांग्रेस छोड़कर आए नेता को यह जिम्मेदारी दी गई है. कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं नागर सिंह चौहान?नागर सिंह चौहान ने कहा, “वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उनके पास जो विभाग रह गया है, वह अनुसूचित जाति वर्ग का है. वे इस फैसले से काफी आहत हैं क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे इस मसले पर कोई चर्चा नहीं की. हम आपको बता दें कि नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम झाबुआ संसदीय क्षेत्र से भाजपा की सांसद हैं. मंत्री चौहान का कहना है कि वह आने वाले समय में अपने करीबियों से चर्चा करने के बाद कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं.

उत्तर प्रदेश में चौधराहट की जंग : योगी या मौर्य

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya राजीव रंजन झा लखनऊ ! केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली में जो पका रहे हैं , वह आश्चर्यजनक है । यूं तो पिछले एक साल से मौर्य और बृजेश पाठक दोनों ही दिल्ली में अमित शाह के दरबार में पड़े रहे हैं , लेकिन कार्यसमिति की लखनऊ बैठक में प्रकारांतर से योगी पर बरस कर उनके भाव पार्टी में और चढ़ गए हैं । मौर्य अब अमित शाह की मदद से योगी को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं । मौर्य ओबीसी कोटे से आते हैं और याद कीजिए कि यूपी में ओबीसी का वोट इस बार मोदी के बजाय सपा को गया । तो क्या यह केशव प्रसाद मौर्य के इशारे पर हुआ ?मौर्य यूपी भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं , संगठन पर उनका प्रभाव है , हालांकि 2022 में वे खुद अपनी विधानसभा सीट हार गए थे । एक सवाल यह भी कि क्या यूपी में बीजेपी को हरवाने के लिए केशव प्रसाद ने अखिलेश से सांठगांठ की और ओबीसी वोट इंडी गठबंधन को डलवा दिया ? क्या योगी को हटाकर खुद सीएम बनने के लिए भूपेंद्र चौधरी के साथ मिलकर यह खेल मौर्य ने खेला ? क्या योगी को मुख्यधारा से हटाने के लिए अमित शाह ने खुद ही मौर्य को मोहरा बनाया ? याद आता है केजरीवाल का एक बयानप्रचार के लिए जमानत पर बाहर आकर उन्होंने भाषण देते हुए कहा था कि चुनाव के बाद यूपी से योगी को हटा दिया जाएगा । तब सभी ने उनका उपहास उड़ाया था । अब लगता है कि बीजेपी में यदि भीतर कुछ पक रहा था तो केजरीवाल को कैसे पता था ? कल शाम मौर्य के साथ नड्डा और अमित शाह ने दो घंटों तक क्या बातचीत की ? क्या अमित शाह में चुनाव के बाद इतनी शक्ति बची है कि वे योगी को हटा सकें ? क्या केशव प्रसाद मौर्य में योगी की नाराजगी के साथ यूपी को संभालने की ताकत है ? लगता तो नहीं था , पर दिखाई कुछ और दे रहा है । यूपी के लिए योगी जरूरी हैंसच कहें तो भाजपा के पास योगी के स्तर का दूसरा नेता नहीं है । उन्हें मोदी के बाद केंद्र में पीएम पद पर लाने की अटकलों में केवल इतना दम है कि योगी युवा संत नेता हैं । अन्यथा राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी अरसे से पीएम मैटीरियल के रूप में भाजपा के पास मौजूद हैं । खैर ! ये बातें अभी दूर की कौड़ी हैं चूंकि मोदी के पास अभी पांच साल सरकार चलाने का जनादेश मौजूद है । केशव प्रसाद को दिल्ली क्यों बुलाया गयापीछे पीछे प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली क्यों आए , इसका खुलासा होने में अभी देर लगेगी । लेकिन एक बात समझ लीजिए । बीजेपी और देश की बहुसंख्यक जनता के लिए जैसे मोदी जरूरी हैं , वैसे ही यूपी के लिए योगी जरूरी हैं । चुनाव में बीजेपी बहुत जल चुकी है । ऐसे में योगी को छेड़ना आग से खेलने के समान है । बीजेपी आलाकमान लोकसभा चुनाव में काफी गंवा चुकी है । केशव प्रसाद मौर्य को ज्यादा हवा देना भाजपा के लिए एक और आत्मघाती कदम साबित हो सकता है ।

क्या राहुल गांधी बनेंगे किसान रणनीति का नया चेहरा? MSP पर प्राइवेट बिल लाने की ऐसी है तैयारी

Will Rahul Gandhi become the new face of farmer strategy? Such is the preparation to bring private bill on MSP

Will Rahul Gandhi become the new face of farmer strategy? Such is the preparation to bring private bill on MSP

मराठवाड़ा में क्यों मची खलबली, BJP को शरद पवार ने फिर दी बड़ी टेंशन

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में इस साल अक्तूबर में विधान सभा चुनाव होने हैं। उससे पहले शुक्रवार यानी 12 जुलाई को महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर चुनाव होने हैं। इसके लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। MLC चुनाव से पहले एनडीए गठबंधन के सहयोगी दलों ने अपने-अपने विधायकों को क्रॉस वोटिंग और खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए फाइव स्टार होटलों में ठहराया हुआ है। बीजेपी ने जहां अपने विधायकों को कोलाबा इलाके के होटल प्रेसिडेंट में ठहराया है, वहीं शिवसेना शिंदे गुट ने अपने विधायकों को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड होटल में ठहराया है। इस बीच, एनसीपी के संस्थापक और वरिष्ठ नेता शरद पवार ताबड़तोड़ सियासी बैटिंग कर रहे हैं। वह मराठवाड़ा इलाके में मजबूत किलेबंदी कर रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि बीजेपी के कई नेता और भतीजे अजित पवार के साथ गए एनसीपी के कई विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। पवार की सियासी किलेबंदी और चक्रव्यूह रचने का नतीजा भी दिखने लगा है। एनडीए गठबंधन के कई नेता पिछले कुछ दिनों से शरद पवार की पार्टी में शामिल हो रहे हैं। इनमें मराठवाड़ा क्षेत्र से दो-तीन नेता भी शामिल हैं। पवार के समीकरणों का ही नतीजा रहा कि राज्य के पूर्व गृह मंत्री कुछ दिनों पहले माधव किन्हालकर ने बीजेपी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। अब बीजेपी के पूर्व विधायक सुधाकर भालेराव ने भी बीजेपी को टाटा बाय-बाय बोल दिया है और एनसीपी का दामन थाम लिया है। शरद पवार की मौजूदगी में  यशवंतराव चव्हाण सेंटर में गुरुवार को सुधाकर भालेराव ने एनसीपी की सदस्यता ली। उनके साथ कई कार्यकर्ताओं ने भी पवार की पार्टी की सदस्यता ली। इससे गदगद पवार आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बिगुल फूंकते नजर आए। उन्होंने ये भी बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में महाविकास अघाड़ी को कितनी सीटें मिलेंगी और उसका सियासी गणित क्या होगा? ABP माझा की रिपोर्ट के मुताबिक, शरद पवार ने कहा कि लोकसभा चुनावों में मिले जनता के रुख और  रुझानों के बाद बड़ी संख्या में दूसरे दलों के कार्यकर्ता और नेता एनसीपी में शामिल होने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की तस्वीर बदलने जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब महाविकास अघाड़ी बड़ी शक्ति बन रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों ने वैसे लोगों को सबक सिखाने की ठान ली है, जो जीतकर किसी और दल से गए और बाद में किसी और के साथ चले गए। पवार ने कहा कि आज सुधाकरराव भालेराव और अन्य नेता आये हैं, देवलाली से कार्यकर्ता भी आये हैं। यह घर (NCP)आप सभी का है। पवार ने कहा कि इस समय महाराष्ट्र गलत लोगों के हाथ में है और प्रदेश की जनता यह जान चुकी है, इसीलिए इस तस्वीर को बदलने के इरादे से लोकसभा चुनाव में 48 में से 31 पर हमें जीत दिलाई है। पवार ने कहा कि ये अभी शुरुआत है क्योंकि राज्य के लोगों ने एक तरह से आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ही हमें ऐसी जीत देकर राज्य की सत्ता सौंपने का इशारा कर दिया है।  उन्होंने कहा विधानसभा में 288 सीटें हैं, और उनका गठबंधन 225 से ज्यादा सीटें जीतेगा। बता दें कि बीजेपी की अगुवाई वाली महायुति मराठवाड़ा क्षेत्र की सभी पांच सीटों पर लोकसभा चुनाव हार गई थी। इसमें जालना भी शामिल है, जहां केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को हार का सामना करना पड़ा। वह जालना से पांच बार सांसद रहे और 1999 से इस सीट पर काबिज थे। इसके अलावा इससे सटे बीड में भी भाजपा की पंकजा मुंडे हार चुकी हैं। डिंडोरी सीट से भी केंद्रीय मंत्री भारती पवार की हार हुई थी। मराठवाड़ा में के तहत नांदेड़, परभणी, हिंगोली, औरंगाबाद और जालना संसदीय क्षेत्र आते हैं।  

स्मृति इरानी ने दिल्ली वाला सरकारी बंगला खाली किया

नई दिल्ली  दिग्गज बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने दिल्ली वाला सरकारी बंगला खाली कर दिया है। उन्हें दिल्ली स्थित 28 तुगलक क्रीसेंट बंगला मिला हुआ था। वो बीते 10 साल से इस बंगले में मौजूद थीं। हालांकि, लोकसभा चुनाव में शिकस्त के बाद अब उन्हें अपना आवास खाली करना पड़ा है।28 तुगलक क्रीसेंट बंगले से स्मृति इरानी की नेट प्लेट हट गई है। स्मृति अकेली नहीं हैं जिन्हें लुटियंस जोन में सरकारी बंगला खाली करना पड़ा है। चुनाव हारने वाले सभी सांसदों को 11 जुलाई तक अपना आवास खाली करना था। ऐसे में उन्होंने सरकारी बंगला खाली कर दिया। इसलिए खाली कराया गया बंगला बीते 5 जून को ही राष्ट्रपति ने पुरानी लोकसभा भंग कर दी थी। इसके बाद नई लोकसभा का गठन हुआ। नियमों के मुताबिक, चुनाव में हारे हुए सांसदों को सरकारी बंगला खाली करने के साथ ही मंत्री पद से भी इस्तीफा देना पड़ता है। इसके बाद यही बंगला चुनाव जीतकर आए हुए सांसदों को आवंटित किया जाता है। इस लोकसभा चुनाव में मोदी मंत्रिमंडल के 17 केंद्रीय मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। बंगला खाली करने वालों में ये पूर्व सांसद इसमें से अब तक आरके सिंह, अर्जुन मुंडा, महेंद्रनाथ पांडेय, स्मृति ईरानी, संजीव बालियान का नाम शामिल है। इनके अलावा राजीव चंद्रशेखर, कैलाश चौधरी, अजय मिश्रा टेनी, वी मुरलीधरन, निशित प्रामाणिक, सुभाष सरकार, साध्वी निरंजन ज्योति, रावसाहेब दानवे, कौशल किशोर, भानुप्रताप वर्मा, कपिल पाटिल, भगवंत खुबा, भारती पवार को बंगला खाली करने का नोटिस मिला था। स्मृति ने 10 साल बाद छोड़ा लुटियंस वाला बंगला मोदी सरकार 2.0 में कद्दावर मंत्री रहीं स्मृति इरानी को अमेठी सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी केएल शर्मा ने करीब एक लाख से ज्यादा वोटों से हराया था। इसी के बाद उन्हें दिल्ली स्थित 28 तुगलक क्रीसेंट बंगले को खाली करने का नोटिस मिला। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। 11 जुलाई तक बीजेपी नेता को बंगला खाली करना था। आखिरकार तय डेट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने करीब 10 साल बाद लुटियंस जोन में मौजूद इस बंगले को बाय-बाय कर दिया है।

मायावती ने INLD के साथ किया गठबंधन, विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बढ़ेगी टेंशन?

चंडीगढ़ हरियाणा (Haryana) में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इससे पहले सियासी गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं. अब, इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रधान सचिव ने कहा कि हम विधानसभा चुनाव बीएसपी के साथ मिलकर लड़ेंगे. बीएसपी नेता आकाश आनंद ने कहा कि 6 जुलाई को अभय चौटाला और मायावती  के बीच विस्तार से सीटों पर चर्चा हुई. 90 में से 37 सीटों पर बीएसपी चुनाव लड़ेगी और बाकी सीटें INLD के खाते में जाएंगी. आकाश आनंद ने कहा कि अगर हम फतह हासिल करते हैं, तो अभय चौटाला को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. इसके अलावा अभय चौटाला ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने चीजों को बेहतर तरीके से संभाला, इन लोगों (अपराधियों) को सरकार का संरक्षण प्राप्त है. अभय चौटाला ने क्या कहा? वहीं आकाश आनंद के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद अभय चौटाला ने कहा कि ये गठबंधन स्वार्थ के लिए नहीं है. बीजेपी ने दस साल में और कांग्रेस ने अपने राज में राज्य को लूटा है. हम गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस गठबंधन राज्य में तैयार करेंगे और सरकार बनाएंगे. किसका कितना आधार? बीएसपी और इनेलो के गठबंधन से सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में टेंशन बढ़ सकती है. राज्य में इसी साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इनेलो मायावती के सहारे दलित वोट को साधने की कोशिश में है. हरियाणा में दलितों की आबादी करीब 20 फीसदी है. लोकसभा चुनाव में हरियाणा में बीएसपी को 1.28 फीसदी वोट मिले थे. वहीं आईएनएलडी को 1.74 से संतोष करना पड़ा. 2019 के विधानसभा चुनाव में इनेलो को मात्र एक सीट मिली थी और 2.44 फीसदी वोट से संतोष करना पड़ा. वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 4.21 फीसदी वोट मिले थे. पिछले चुनाव में इनेलो ने अकाली दल के साथ गठबंधन किया था. अभय चौटाला ने की मायावती से मुलाकात अभय चौटाला ने 6 जुलाई को मायावती से मुलाकात की थी. इस दौरान आकाश आनंद भी मौजूद थे. तब चौटाला ने एक्स पर लिखा, ”बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, परम आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी से उनके निवास स्थान पर मुलाक़ात की और देश-प्रदेश के मुख्य मुद्दों पर विशेष चर्चा की.” फ्री बिजली का वादा अभय चौटाला ने मुफ्त बिजली और स्वच्छ पेयजल का वादा किया. उन्होंने कहा कि हमारे पास नए मीटर होंगे, जहां बिजली का बिल 500 रुपये से कम होगा. हम फ्री बिजली देने के लिए बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाएंगे. ‘गरीबों को न्याय, कमजोरों को सशक्त…’ चंडीगढ़ के बाहरी इलाके नयागांव में बीएसपी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए INLD नेता अभय चौटाला ने कहा कि यह गठबंधन किसी स्वार्थ पर आधारित नहीं है, बल्कि लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है. उन्होंने कहा कि बीएसपी और INLD की सोच यह है कि गरीबों को न्याय कैसे मिले और कमजोर वर्ग कैसे सशक्त हो. चौटाला ने आगे कहा, “हरियाणा में हमने आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने का फैसला किया है. आज आम लोगों की भावना बीजेपी को सत्ता से बाहर करने और कांग्रेस पार्टी को सत्ता से दूर रखने की है, जिसने 10 साल तक राज्य को लूटा है.” बता दें कि फरवरी 2019 में बीएसपी ने INLD के साथ अपने लगभग 9 महीने पुराने गठबंधन को खत्म कर दिया था, जो उस वक्त हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी थी. उस समय यह घटनाक्रम चौटाला परिवार में झगड़े के बीच हुआ था. ‘जनविरोधियों को हराने का संकल्प…’ बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बहुजन समाज पार्टी और इण्डियन नेशनल लोकदल मिलकर हरियाणा में होने वाले विधानसभा आमचुनाव में वहां की जनविरोधी पार्टियों को हराकर अपने नये गठबन्धन की सरकार बनाने के संकल्प के साथ लड़ेंगे, जिसकी घोषणा मेरे पूरे आशीर्वाद के साथ आज चण्डीगढ़ में संयुक्त प्रेसवार्ता में की गयी. उन्होंने आगे कहा कि इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला आदि तथा बीएसपी के आनन्द कुमार, नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनन्द और पार्टी के राज्य प्रभारी रणधीर बेनीवाल की आज हुई प्रेसवार्ता से पहले दोनों पार्टियों के बीच नई दिल्ली में मेरे निवास पर गठबंधन को लेकर सफल वार्ता हुई. मायावती ने आगे कहा कि हरियाणा में सर्वसमाज-हितैषी जनकल्याणकारी सरकार बनाने के संकल्प के कारण इस गठबंधन में एक-दूसरे को पूरा आदर-सम्मान देकर सीटों आदि के बंटवारे में पूरी एकता व सहमति बन गई है. मुझे पूरी उम्मीद है कि यह आपसी एकजुटता जन आशीर्वाद से विरोधियों को हरा कर नई सरकार बनाएगी.    

राम निवास रावत को मोहन केबिनेट में मिलेगा बड़ा मंत्रालय? कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए 2 MLA को ईनाम का इंतजार

भोपाल  मोहन कैबिनेट में एक और मंत्री बढ़ गए हैं. नए नवेले मंत्री बने हैं रामनिवास रावत जिन्हें एक नहीं बल्कि दो बार मंत्री पद की शपथ लेनी पड़ी है. लोकसभा चुनाव के वक्त कई नेता कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. उन्हीं में से एक सिंधिया गुट के नेता रामनिवास रावत थे. जिन्हें हाल ही मंत्री बनाया गया है. रावत के मंत्री बनने के बाद कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए नेताओें को भी अपने तोहफे का इंतजार है. ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही उन्हें भी कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. रावत को मिलेगा ये बड़ा मंत्रालय अब सवाल यह है कि आखिर रामनिवास रावत को कौन सा मंत्रालय मिल सकता है. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के पास अभी 12 मंत्रालय हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हीं में से कोई एक मंत्रालय जो है वह अब रामनिवास रावत को मिल सकता है. इसमें खास तौर पर औद्योगिक मंत्रालय और खनिज विभाग की जो है लगातार चर्चा चल रही है कि इन दो मंत्रालयों में से कोई एक मंत्रालय रामनिवास रावत को मिल सकता है. इन तीन विधायकों ने थामा था बीजेपी का दामन बता दें, लोकसभा चुनाव से दौरान कांग्रेस के तीन विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी. सबसे पहले अमरवाड़ा से तीन बार के विधायक कमलेश शाह ने 29 मार्च 2024 को कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी. इसके बाद विजयपुर सीट से छह बार के विधायक रामनिवास रावत ने 30 अप्रैल 2024 को कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ले ली थी.  इसी तरह सागर जिले की एकमात्र कांग्रेस विधायक ने निर्मला सप्रे ने 5 मई को दल बदल लिया था. उन्होंने सीएम मोहन यादव की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थामा था.   कब मिलेगा ईनाम? रामनिवास रावत को कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने का ईनाम मिल चुका है. उन्हें मोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. इसी के साथ ही चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी बाकि अन्य दो विधायकों को भी कोई बड़ा पद दे सकती है. हालांकि अमरवाड़ा उपचुनाव परिणाम के बाद कमलेश शाह को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.

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