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गूगल करेगा म.प्र. में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश

Google to invest in IT, ITES and data centres in Madhya Pradesh गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट संजय गुप्ता के साथ दावोस में मंगलवार को मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने बैठक कर राज्य में आईटी, आईटीईएस सेक्टर और मौजूदा प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। गुप्ता ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश की रूचि दिखाई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित रहे। गूगल की ओर से राज्य में जेमिनी एआई (Gemini AI) के माध्यम से कृषि एवं शिक्षा क्षेत्रों में नवाचार और डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए। बैठक में राज्य शासन द्वारा आईटी एवं डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हरित ऊर्जा आधारित नीति तैयार करने की योजना से अवगत कराया गया। साथ ही, गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने की मध्यप्रदेश की क्षमता, अनुकूल नीतिगत ढांचा और सहयोगी दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया। गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता ने आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सहयोग दिए जाने पर सहमति व्यक्त की।

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली। एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया।कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

फिर चर्चा में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री, CM मोहन यादव ने किया दौरा

Union Carbide factory in the news again, CM Mohan Yadav visited सीएम मोहन यादव शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंच गए। ठीक उसी स्थान पर जहां दुनिया की भीषण त्रासदी लोगों को झेलना पड़ी थी। सीएम ने उस फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस मौके पर गैस राहत विभाग से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे, सीएम ने उनसे काफी देर तक चर्चा की। यह फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर बनी है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन, गैस राहत विभाग के अधिकारी इस फैक्ट्री और जमीन से जुड़ी फाइलों को देख रहे थे। पिछले साल पीथमपुर पहुंचा था 337 टन कचरायूनियन कार्बाइड में 40 सालों से पड़ा कचरा पिछले साल जनवरी में पीथमपुर भेजा गया था, जहां उस जहरीले कचरे के नष्ट कर दिया गया। 12 कंटेनरों में भरकर इस कचरे को पीथमपुर ले जाया गया था। इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने का जमकर विरोध भी देखने को मिला था, अंततः कचरा नष्ट कर दिया गया और उसकी राख तक को दफन कर दिया गया। गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में से एक थी। 41 साल पहले 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात को यह भीषण घटना हुई थी। जेपी नगर क्षेत्र में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के टैंक नंबर 610 में से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक हुई थी। आज भी उस रात की तस्वीरें रूह कंपा देती है। इस घटना के चश्मदीद और उस दौर के पत्रकार बताते हैं कि हर तरफ लाशें ही लाशें बिछ गई थी। उन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गई थी, लाशों को जलाने के लिए लकड़ियां कम पड़ गई थी। हाईलाइट्स CM डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और गैस राहत विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर फैली हुई है, जिसकी फाइलों की समीक्षा एक दिन पहले ही जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग ने की थी।40 सालों से फैक्ट्री में पड़ा 337 टन जहरीला कचरा जनवरी 2025 में पीथमपुर भेजकर नष्ट किया गया, जिसे 12 कंटेनरों में भरकर ले जाया गया था।पीथमपुर में जहरीले कचरे के निपटान का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन अंततः कचरा और उसकी राख को सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया गया। भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक है, जिसमें 2-3 दिसंबर 1984 की रात मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक होने से हजारों लोगों की मौत हुई थी।

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में फर्जी पुलिस बनकर किडनैपिंग और लूट की वारदात

Kidnapping and robbery by posing as police in Bhopal’s Arera Colony भोपाल। भोपाल के पाश इलाके अरेरा कॉलोनी में पुलिस बनकर आए बदमाशों ने लूट व अपहरण की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-7 सेक्टर स्थित मेघना अपार्टमेंट में 11 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे 5-6 बदमाश फ्लैट में घुसे व खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने फ्लैट में मौजूद राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार को एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी और मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने उनसे 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। फिर बदमाशों ने चारों को उनकी ही कार में जबरन बैठाया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए। वहां और रुपये मांगे। राहुल ने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने उन्हें पांच नंबर पेट्रोल पंप के पास बुलाया। वहां आनंद ने बदमाशों से फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। पकड़े जाने के डर से बदमाश पीड़ितों के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। घबराए युवक हबीबगंज थाने पहुंचे, लेकिन किरकिरी से बचने पुलिस ने मामला चार दिन तक दबाए रखा। बाद में पहचान होने पर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा।

शासकीय योजना में दो लाख की प्रोत्साहन राशि, 90 हजार रुपये मांगी रिश्वत, जनजातीय विभाग के बाबू को लोकायुक्त ने रंगेहाथ पकड़ा

Lokayukta catches Tribal Department clerk red-handed after demanding Rs 90,000 bribe for Rs 2 lakh incentive under government scheme भोपाल। राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोकायुक्त पुलिस भोपाल की टीम ने मंगलवार शाम नर्मदापुरम में कलेक्ट्रेट स्थित जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-दो मनोज सोनी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी बाबू ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली दो लाख रुपये की राशि दिलाने के बदले एक हितग्राही से 50 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। हितग्राही से पहले 20 हजार रुपये और काम पूरा होने के बाद 70 हजार रुपये लेने की डील तय हुई थी। बाद में पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये पर सहमति बनी। सिवनीमालवा के सिपुर निवासी 36 वर्षीय हितग्राही प्रवीण सोलंकी ने रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त भोपाल एसपी कार्यालय में की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद आरोपी बाबू को पकड़ने के लिए लोकायुक्त टीम गठित कर जाल बिछाया गया। तय योजना के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने मंगलवार शाम आरोपी क्लर्क के कार्यालय में पहुंचकर उसे रिश्वत की रकम थमाई, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। इस कार्रवाई में लोकायुक्त टीम में डीएसपी बीएम द्विवेदी, डीएसपी अजय मिश्रा, निरीक्षक रजनी तिवारी, प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मुकेश परमार, आरक्षक चैतन्य प्रताप सिंह व गौरव साहू शामिल रहे। घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया है।

Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,1782 करोड़ का सिंचाई पैकेज

Cabinet Meeting: Major changes in employee management, 7 categories abolished, now only three, irrigation package worth Rs 1782 crore मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए सात प्रकार की नियुक्ति श्रेणियों को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश में केवल तीन ही कैटेगरी रहेंगी। नियमित, संविदा और आउटसोर्स। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों का अलग वर्ग अब नहीं रहेगा, क्योंकि दोनों की सेवा शर्तें, वेतन और पेंशन समान हैं। कैबिनेट निर्णय के अनुसार, वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, स्थायीकर्मी सहित अन्य श्रेणियों के कर्मचारी अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। इनके सेवानिवृत्त होते ही पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे। यदि किसी विभाग को आवश्यकता होगी, तो नियमित पद सृजित कर नई भर्ती की जाएगी। कार्यभारित कर्मचारियों के लिए अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधानसरकार ने यह भी निर्णय लिया कि सेवाकाल में कार्यभारित कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। अब तक इस संवर्ग में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। न्यायालयीन मामलों में मिलेगी राहतनई व्यवस्था लागू होने के बाद अदालतों में कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न्यायालयीन भ्रम कम होगा और सरकार को बार-बार सुनवाई से राहत मिलेगी। साथ ही अस्थायी पदों के लिए हर साल कैबिनेट से अनुमति लेने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। नियमित और संविदा पर रहेगा जोरसरकार ने दो टूक कहा है कि भविष्य में नियुक्तियों का फोकस नियमित और संविदा कर्मचारियों पर रहेगा। आउटसोर्स कर्मी सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे, क्योंकि उनकी सेवाएं एजेंसियों के माध्यम से ली जाती हैं। मुख्यमंत्री ने ब्लाइंड विमेन T20 वर्ल्ड कप 2025 विजेता टीम की तीन मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग मिलने पर शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भोपाल-इंदौर मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ स्वीकृतभोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी है। यह राशि मेट्रो संचालन से जुड़े व्यय को पूरा करने के लिए होगी। तीन आदिवासी जिलों को 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेजनर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए 1782 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को स्वीकृति दी गई है। इससे अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की 5512 करोड़ रुपए की योजनाएं पूरी होंगी। इन परियोजनाओं से 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और 125 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव होगा। कैबिनेट में अन्य महत्वपूर्ण फैसले मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के सूचकांक में वृद्धि, 3810 कार्य 693.76 करोड़ की लागत से होंगे।एमएसएमई विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को पांच साल तक जारी रखने का निर्णय, 905.25 करोड़ मंजूर।छह जिलों में वन विज्ञान केंद्र स्थापित होंगे, 48 करोड़ की स्वीकृति।इंदौर के एमवाय अस्पताल का 773 करोड़ से नवनिर्माण, 1450 बिस्तरों की सुविधा।

CM Mohan Yadav held a review meeting , बोले- जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दावा किया कि वे और उनकी सरकार जनता के कामों के लिए संकल्पित हैं. सीएम ने कहा कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति का आधार हैं. विभाग का उद्देश्य प्रत्येक निर्माण कार्य को सिर्फ एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को सुधारने वाले साधन के रूप में देखना है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ प्रत्येक परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, यही प्रयास “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को साकार करते हैं. यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिये. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को धरातल पर उतारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की आधारभूत संरचना का विकास ही जनकल्याण का आधार है और विभाग ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मेट्रोपॉलिटन एरिया और समीपवर्ती क्षेत्रों में राजमार्गों का घनत्व बढ़ायें. पूरे प्रदेश को समावेशित कर समग्र विकास पर कार्य करें. उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा. शहरी, ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों सभी को अधोसंरचना विकास का लाभ प्राप्त हो इस आधार पर प्रस्ताव की परिकल्पना की जाये. उन्होंने कहा कि राजमार्गों का घनत्व राष्ट्रीय स्तर के समीप ले जाने के लिए विज़न डॉक्यूमेंट के आधार पर प्रस्ताव तैयार करें. प्रस्ताव में स्थानीय मांगों और सुझावों को यथोचित स्थान दिया जाये. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपर मुख्य सचिव क्षेत्रों के समग्र विकास अनुसार कार्ययोजना का निर्धारण करें. सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिए कि शहरी विकास की इंटीग्रेटेड पॉलिसी के निर्माण में लोक निर्माण विभाग को भी शामिल किया जाये. उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास में पर्यावरण समन्वय का विशेष ध्यान रखा जाये. सतत संवहनीय विकास के लिए सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज में भवनों का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना पर किया जाये. बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित की जाये. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भवन निर्माण में वास्तु-विज्ञान का ध्यान रखा जाये. ताकि सूर्य की रोशनी, हवा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो और ऊर्जा की बचत की जा सके. उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे आधुनिक समय की मांग है. इन अधोसंरचनाओं के विकास में ग्रामीण क्षेत्र की सुविधाओं का ध्यान रखा जाये. आवश्यकतानुसार फ्लाई-ओवर, अंडर-पास, सर्विस लेन को प्रस्ताव में शामिल करें. बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं. प्रस्तावित कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है. दिसम्बर माह के अंत तक कार्य प्रारंभ हो जायेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कार्यों को जून-2027 तक पूर्ण किया जाये. बैठक में बताया गया कि लोकपथ ऐप में प्राप्त 12 हज़ार 212 शिकायतों में से 12 हज़ार 166 का निराकरण किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकपथ ऐप के उत्कृष्ट उपयोग की सराहना की. उन्होंने कहा कि लोकपथ ऐप में रियल टाइम सड़क की स्थिति को भी अपडेट किया जाये. साथ ही इसका प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाये ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि लोकपथ ऐप में आगे स्थलों के बीच की दूरी, समस्त वैकल्पिक मार्ग, पर्यटन स्थल, चिकित्सा सेवाएं, ब्लैक स्पॉट, टोल का शुल्क अन्य सुविधाओं को भी मैप किया जाएगा. यह स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आगंतुकों के लिए भी उपयोगी होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य के राजमार्गों में सतत संधारण सुनिश्चित किए जाये. प्रकाश, ग्रीनरी और सावधानी मार्कर्स मानक अनुसार रहें यह भी सुनिश्चित किया जाये. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (बीडीसी) के संचालक मंडल की बैठक हुई. एमडी एमपीआरडीसी भरत यादव ने एमपीआरडीसी के चल रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की. इसी प्रकार एमडी बीडीसी सिवी चक्रवर्ती ने भवन विकास निगम के कार्यों और आगामी कार्ययोजना का विवरण दिया. बैठक में ये लोग रहे मौजूदबैठक में प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी सुखवीर सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों, पीएम गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग से रोड प्लानिंग, BISAG-N के माध्यम से समय सीमा का निर्धारण और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के कार्य किए जा रहे हैं. इसके साथ पर्यावरण से समन्वय, वृक्षारोपण, ट्री-शिफ्टिंग, लोक सरोवर, सौर ऊर्जा के कार्य भी विकास कार्यों में शामिल किए गए हैं. उन्होंने बताया कि पीएम गतिशक्ति के उत्कृष्ट उपयोग पर विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, एसीएस नीरज मंडलोई, एसीएस मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोकनिर्माण सुखवीर सिंह, एमडी एमपीआरडीसी भरत यादव, एमडी बीडीसी एमसीबी चक्रवर्ती सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे. दो वर्ष की उपलब्धियांसीएम मोहन यादव ने बताया कि दो वर्षों में मध्य प्रदेश ने 12 हजार किमी सड़क निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण कर अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिससे राज्य का 77 हजार 268 किमी का सड़क नेटवर्क देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है. वित्तीय वर्ष 2024–25 में विभाग ने 99% तक वित्तीय लक्ष्य हासिल कर समयबद्ध क्रियान्वयन और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया. “लोक पथ” मोबाइल ऐप के माध्यम से 12,212 शिकायतों में से 12,166 शिकायतों का निवारण कर 99.6% समाधान दर प्राप्त की, जिससे विभाग की पारदर्शिता और जनसहभागिता मजबूत हुई.

MP खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंत्री बोले- वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो राशन पानी होगा बंद, कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या आप?

MP Food and Supplies Minister said- If your name is not in the voter list, ration and water will be stopped, Congress said- Have you become an officer of the Election Commission? भोपाल ! मध्य प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंत्री ने कहा कि ‘जिसने मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वाया, उसे राशन और सरकारी सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी।’ उनके इस बयान ने जनता में हड़कंप और राजनीतिक हलचल दोनों बढ़ा दी हैं। बताया जाता है कि मंत्री सागर जिले की सुरखी विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपील करते हुए कहा कि गांवों में मतदाता सूची अपडेट होने का काम चल रहा है, इसलिए हर व्यक्ति अपना नाम जोड़वाए। उन्होंने कहा अगर नाम नहीं जोड़वाओगे तो राशन, आधार कार्ड और अन्य सुविधाएं बंद हो जाएंगी। 5–6 दिन का समय है, जाकर अपना फॉर्म जमा कर दो।’ हालांकि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया का किसी भी तरह से राशन कार्ड या अन्य सरकारी योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। न ही इसका प्रभाव राशन मिलने पर पड़ता है। विपक्ष का हमला- ‘नेतागिरी छोड़ चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या?’उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री किस अधिकार से ऐसे बयान दे रहे हैं? क्या वे चुनाव आयोग के अधिकारी हैं? कटारे ने आरोप लगाया कि भाजपा SIR प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है और चुनाव आयोग से मंत्री पर कार्रवाई की मांग की।

विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

MP Vidhan Sabha Winter Session :मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही के बीच उस समय विधानसभा में मौजूद हर कोई हक्का-बक्का रह गया, जब सदन में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बंदर बनकर परिसर में दाखिल हुए। कोई उन्हें देखकर हंस रहा था तो कोई उनके संदेश की गंभीरता को भांप रहा था। सदन में इस अनोखे अंदाज में पहुंचने वाले कोई और नहीं, बल्कि छिंदवाड़ा की जुन्नारदेव सीट से विधायक सुनील उईके हैं। चेहरे पर मास्क लगाए, हाथ में पोस्टर लिए सदन परिसर में पहुंच गए, जो सरकारी की जनविरोधी नीतियों का हवाला देकर विरोध कर रहे थे। सदन की कार्यवाही से पहले विपक्ष में बैठे कांग्रेस विधायकों द्वारा ये प्रदर्शन किया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेत्रत्व में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष ने सरकार को घेरा। खाद की कमी, किसानों की बदहाली और जनता की अनदेखी के खिलाफ इस अनोखे प्रदर्शन को देख हर कोई हैरान था। बंदर का मास्क लगाए विधायक सुनील उईके हाथ में नकली उस्तरा भी लिए थे। वहीं, प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायक ‘बंदर के हाथ में उस्तरा’ जैसी कहावत के नारे लगा रहे थे। विधानसभा में आज 13,476.94 करोड़ रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को इसपर बजट पेश किया था। सबसे बड़ी राशि ग्रामीण विकास को मिली है। पीएम आवास के लिए 4,000 करोड़ और लाड़ली बहना योजना के लिए 1,794 करोड़ रुपए। किसानों के लिए समर्थन मूल्य भुगतान हेतु 2,001 करोड़, आपदा राहत के लिए 77.20 करोड़ और भावांतर योजना के लिए 500 करोड़ रखे गए हैं। विपक्ष बोला- जनता की पुकार, सत्ता पक्ष ने बताया सदन का अपमानजुन्नारदेव विधायक सुनील उईके ने बंदर का वेश धारण कर इशारा किया कि सरकार जनता को ‘बंदर’ बना रही है। उन्होंने कहा कि, ‘खाद नहीं मिल रही, बिजली नहीं मिल रही, किसान मर रहा है। सरकार हर वर्ग के हक पर उस्तरा चला रही है।’ कांग्रेस ने इसे जनता की पुकार बताया। तो वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने इसे सदन की गरिमा का अपमान ठहराया है।

International Cheetah Day 2025: कूनो नेशनल पार्क में सीएम डॉ. मोहन यादव तीन चीतों को खुले जंगल में करेंगे आजाद

श्योपुर। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क पहुंचकर तीन चीतों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में रिलीज करेंगे। वर्तमान में कूनो के बड़े बाड़े में 8 चीते बंद हैं, जिनमें से तीन चीतों को जंगल में छोड़े जाने की अनुमति स्टेरिंग कमेटी द्वारा दी जा चुकी है। प्रशासन और वन विभाग आज होने वाली इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को लेकर सतर्क और मुस्तैद है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए आज कलेक्टर अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने कूनो और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने दिनभर कई स्थानों का दौरा कर सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा की। निरीक्षण में शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ भी शामिल रहे। वन विभाग द्वारा तैयारियों को परखा गयाश्योपुर-शिवपुरी के कलेक्टर व एसपी ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था और तैनाती को लेकर समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात निरीक्षण दल कूनो नेशनल पार्क के अहेरा गेट पहुंचा, जहां वन विभाग द्वारा की गई तैयारियों को परखा गया। अधिकारियों ने गेट से रिलीज प्वाइंट तक बनाई गई सड़क, सुरक्षा, संचार व्यवस्था और टीमों की तैनाती का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएफओ आर. थिरुकुराल, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया, वन विभाग के कई रेंजर-डिप्टी रेंजर और जिला प्रशासन की टीमें उपस्थित थीं। सभी अधिकारियों को रिलीज से जुड़ी सभी तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

कुपोषण फ्री के लिए फुल प्रूफ प्लान बनाएं, लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकें…. रिव्यू मीटिंग में सीएम के सख्त निर्देश

Develop a foolproof plan to eliminate malnutrition, prevent dropouts of Ladli Laxmi girls… CM issues strict instructions in review meeting भोपाल : एमपी सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं। इससे पहले सीएम मोहन यादव विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कई निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रकिया लागू करने में देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही सीएम ने लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। ड्रॉप आउट रोकने के निर्देशसीएम ने अधिकारियों को लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इस पर सख्त निगरानी रखें। दरअसल, यह खबरें आ रही थीं कि लाडली लक्ष्मी बेटियां पढ़ाई छोड़ रही हैं। इसी के बाद सीएम ने चर्चा की है। ये रहीं विभाग की उपलब्धियांइसके साथ ही टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। साथ ही स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ देकर एमपी ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। PM JANMAN भवनों की डिजाइन और मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना की गई। भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया। आंगनवाड़ी में गर्म भोजन की व्यवस्थावहीं, सीएम ने तीन वर्ष की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। 2026 से मध्य प्रदेश के शहरी आंगनवाड़ी केंद्रों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन उपलब्ध करवाने की तैयारी है। साथ ही अगले तीन वर्ष में 9000 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे। महिलाओं को मिली मददसाथ ही PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता मिली है। लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण किया गया है। 1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता मिली है। इसके साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दी गई। वहीं, सामग्री टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी होगी तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होगें। सीएम ने तीन साल में कुपोषण को समाप्त करने के लिए फुल प्रूफ कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ब्रेस्ट फीडिंग के लिए जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है।

राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिलाध्यक्ष बने तिवारी

Tiwari became the district president of the National Journalist Security Council of the capital Bhopal. राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा और संरक्षक, सुप्रीम कोर्ट के महाधिवक्ता एडवोकेट ए.पी. सिंह की स्वीकृति के साथ, मप्र प्रदेश अध्यक्ष अमित द्विवेदी उपाध्यक्ष रोहित जैन एवं महासचिव भारत भूषण की अनुशंसा पर भारत भूषण तिवारी को भोपाल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत भूषण तिवारी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के बल पर जिले के पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संगठन की एकता को और मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य करेंगे। नई नियुक्ति से संगठन में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है। पत्रकारों ने भी उम्मीद जताई है कि तिवारी पारदर्शी, निष्पक्ष और दृढ़ नेतृत्व के साथ पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे दो साल की समीक्षा, मंत्री बताएंगे लेखा-जोखा और कार्य योजना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav will review the two years, ministers will present the accounts and action plan. भोपाल: मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगीसमीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगेसरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह भी पढ़ें- जिस घर में CM मोहन यादव ने अपनी बेटी ब्याही उसी घर की लड़की को बना रहे अपने घर की बहू, जानें कौन हैं इशिता? क्या है समीक्षा का उद्देश्य?बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है। 2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी।

मध्यप्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन: किसानों की लड़ाई में कांग्रेस आक्रामक, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने उठाई बुलंद आवाज

Second day of Madhya Pradesh Assembly winter session: Congress aggressive in farmers’ fight, Leader of Opposition Umang Singar raised his voice भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन किसानों की बदहाली और अधिकारों को लेकर सदन का माहौल गर्म रहा। कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के अन्नदाता को आज भी खाद, फसल खरीदी के उचित मूल्य और मुआवज़े के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सड़कों पर उतरने को मजबूर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने खोला मोर्चा प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने किसानों की पीड़ा को जोरदार तरीके से उठाया और सरकार पर सीधा हमला बोला।सिंगार ने कहा— प्रदेश का अन्नदाता बेबस है, और भाजपा सरकार केवल घोषणाओं का ढोल पीट रही है। भावांतर की झुनझुनी बजती रही लेकिन किसानों के खेत भाजपा सरकार रूपी चिड़िया चुग गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी। कांग्रेस का आरोप: विकास के नाम पर सिर्फ खोखले दावे विपक्ष ने दावा किया कि भाजपा शासन में न तो खाद वितरण सुचारू है, न समर्थन मूल्य व्यवस्था। फसल खराब होने पर मुआवज़ा और बीमा भुगतान में हो रही देरी ने किसान को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार लगातार आंकड़ों का खेल खेलकर किसानों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है। सदन के बाहर माहौल गर्म, अंदर विपक्ष का जोरदार दबाव विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने पोस्टर और तख्तियाँ लेकर विरोध जताया।संदेश साफ था — अन्नदाता की अनदेखी नहीं चलेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।

एमपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र शुरू, छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड पर बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे विपक्षी विधायक

MP Assembly begins winter session, opposition MLAs arrive with effigies of children and ‘Putana’ to address the Chhindwara cough syrup scandal. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकें होंगी। इसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। वहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं से कराने संबंधी विधेयक, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन-भत्ते संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में तीन दिसंबर को अवकाश रहेगा। दो दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट (MP Winter Session) प्रस्तुत होगा, जो 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें ऐसी किसी नई योजना के लिए प्रविधान नहीं रहेंगे, जिसका भार राज्य के कोष पर आए। केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश के साथ, जल जीवन मिशन, भावांतर योजना और अधोसंरचना विकास की योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाववहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव तीन साल के बाद फिर सीधे मतदाताओं से कराने के लिए संशोधन विधेयक(MP News) रखा जाएगा। 2022 में पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। नई व्यवस्था में रिकाल व्यवस्था लागू हो जाएंगी यानी अध्यक्ष के प्रति अविश्वास होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा। दुकानदार और कामगारों के लिए सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश, दुकान खोलने के लिए गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार रुपये करने जैसे प्रविधान दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किए जाएंगे। चार दिन के सत्र में 1497 सवालसत्र के लिए सदस्यों ने 1,497 प्रश्न भेजे हैं। छह स्थगन, 194 ध्यानाकर्षण, 52 शून्यकाल और 14 अशासकीय संकल्प की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। उधर, कांग्रेस सत्र में कानून-व्यवस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), जल जीवन मिशन की गड़बड़ी, कृषि उपजों का मूल्य के साथ खाद समय पर नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी।

CM के फैसले से मंत्रीमंडल में हड़कंप: अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन

CM’s decision stirs cabinet: Now ministers, not officers, will have to give their own presentations. Madhya Pradesh Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 दिसंबर से मंत्रियों से पिछले दो साल का व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन देने को कहा है. यह कदम सिर्फ काम देखने के लिए नहीं, बल्कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार का आधार भी है. शीतकालीन सत्र के दौरान रिपोर्टिंग होगी, और अमित शाह के दौरे से पहले सरकार को पूरी तरह तैयार दिखाने की कवायद चल रही है. भोपाल ! मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन दिनों ज़ोरदार चर्चाएँ चल रही हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है. 1 दिसंबर से सभी मंत्री खुद सीएम के सामने अपने पिछले दो साल के काम का प्रेजेंटेशन देंगे. यह प्रेजेंटेशन मंत्री खुद देंगे, उनके विभाग के अफसर नहीं. दरअसल, 13 दिसंबर को मोहन यादव सरकार को दो साल पूरे हो जाएँगे. इस मौके पर सीएम जानना चाहते हैं कि किस मंत्री ने कितना और कैसा काम किया. यह प्रेजेंटेशन एक हफ्ते तक चलेगा. विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी 1 से 5 दिसंबर तक है, इसलिए मंत्रियों का शेड्यूल सीएम की उपलब्धता के हिसाब से तय होगा. सूत्रों के मुताबिक यह कवायद सिर्फ काम देखने के लिए नहीं है, बल्कि मंत्रिमंडल में बदलाव का आधार भी बनेगी. सीएम सचिवालय और भाजपा संगठन दोनों स्तरों पर हर मंत्री का परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर ही सीएम मोहन यादव ने संकेत दे दिया था कि मंत्रिमंडल में बदलाव होंगे. अभी तक मोहन सरकार में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है. सिर्फ एक अपवाद रहा – कांग्रेस के छह बार के विधायक रामनिवास रावत अप्रैल 2024 में भाजपा में आए और जुलाई में मंत्री बने. लेकिन नवंबर में विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हैं. मध्य प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं, यानी अभी चार और मंत्रियों की जगह खाली है. न सबके बीच एक और बड़ी बात है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 18 दिसंबर के आसपास मध्य प्रदेश बुलाया गया है. 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का सामूहिक शिलान्यास कार्यक्रम होना है. सीएम चाहते हैं कि उससे पहले सरकार का कामकाज पूरी तरह दुरुस्त दिखे और कमजोर कड़ी को बाहर कर नई टीम तैयार हो.राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन मंत्रियों का काम संतोषजनक नहीं रहा, उन्हें हटाया जा सकता है. साथ ही कुछ नए चेहरों को मौका मिलेगा. कुछ पुराने दिग्गजों की वापसी की भी बात चल रही है. कुल मिलाकर दिसंबर का महीना मोहन सरकार के लिए बहुत अहम होने वाला है. पहले मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड, फिर अमित शाह का दौरा और उसके बाद संभावित मंत्रिमंडल विस्तार – मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है.

काम का दबाव या बीमारी? 10 दिनों में छह बीएलओ की मौत, परिजन बोले- एसआईआर ने ली जान

madhya pradesh blo deaths special intensive revision work pressure health issues election digitization crisis प्रदेश में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) की लगातार मौतों और बीमार होने की घटनाओं ने प्रशासन से लेकर कर्मचारी संगठनों तक सभी को चिंता में डाल दिया है। पिछले 10 दिनों में प्रदेश में 6 बीएलओ की मौत दर्ज की गई है, जबकि कई कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों का आरोप है कि भारी काम के दबाव और तनाव के कारण मौतें हुई हैं, वहीं निर्वाचन विभाग का कहना है कि मौतों का कारण बीमारियों की अनदेखी और हादसे हैं। दूसरी ओर कर्मचारी संगठन इसे “काम के बोझ का नतीजा” बता रहे हैं। 5.74 करोड़ मतदाताओं का डेटा, 65 हजार बीएलओ पर जिम्मेदारी प्रदेश में 4 नवंबर से मतदाता सूची के डिजिटलाइजेशन का बड़ा अभियान चल रहा है। इसमें लगभग 5.74 करोड़ मतदाताओं की जानकारी अपडेट करने का काम 65 हजार बीएलओ द्वारा किया जा रहा है। निर्धारित डेडलाइन नजदीक आने से कर्मचारियों पर लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। घटनाओं की चिंताजनक श्रृंखला सूत्रों के अनुसार, शहडोल के सोहागपुर में बीएलओ मनीराम नापित लोगों से फॉर्म ले रहे थे तभी एक अधिकारी का फोन आया। कॉल के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पिपरिया (नर्मदापुरम) में शिक्षक और बीएलओ सुजान सिंह रघुवंशी एसआईआर सर्वे से लौटते समय ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में अस्पताल में उनका निधन हो गया। मंडीदीप में ऑनलाइन मीटिंग खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद बीएलओ रमाकांत पांडे अचानक बेहोश हुए और अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। झाबुआ में बीएलओ भुवन सिंह को कुछ दिन पहले लापरवाही बताकर निलंबित किया गया था। परिजनों का कहना है कि निलंबन से वह गहरे मानसिक तनाव में थे और इसी सदमे में उन्हें हार्ट अटैक आया। इसी तरह दमोह और बालाघाट में भी दो बीएलओ की तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। एक परिजन ने आरोप लगाया कि “लगातार काम का दबाव और भागदौड़ ने उनकी स्थिति खराब कर दी।” बीएलओ अस्पताल में भर्ती भोपाल, रीवा और भिंड में कई बीएलओ को हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामले सामने आए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि बीमारी के बावजूद अधिकारियों ने उनसे काम पूरा करने का दबाव बनाया। कर्मचारी संघ ने उठाई मुआवजे की मांग मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर मांग की है कि मृत बीएलओ के परिवारों को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और बीमार कर्मचारियों का इलाज चुनाव ड्यूटी की तरह शासन खर्च पर कराया जाए। एसआईआर प्रगति रिपोर्ट: एमपी चौथे स्थान पर मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन को लेकर नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि 25 नवंबर दोपहर 12 बजे तक मध्य प्रदेश ने 72.29% काम पूरा कर लिया है। इससे राज्य देशभर में चौथे स्थान पर पहुंचा है। हालांकि बीएलओ को सर्वर की समस्या, लगातार फील्ड विजिट और हजारों रिकॉर्ड के पुनः सत्यापन जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजस्थान देश में पहले स्थान पर है, जहां 3,000 से अधिक बूथों पर 100% डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। 4 दिसंबर तक चलेगा सर्वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 4 दिसंबर तक बीएलओ मतदाताओं के घरों तक फॉर्म पहुंचाने और भरे हुए फॉर्म वापस लेने का काम पूरा करेंगे। इसके बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट में नहीं होंगे, वे जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकेंगे। यदि वहां अपील खारिज होती है, तो राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष भी अपील दायर की जा सकेगी। मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा में चार नवंबर से एसआईआर का काम चल रहा हैं। प्रदेश के कुल 5 करोड़ 74 लाख 5 हजार वोटर्स के फार्म डिजिटलाइज होने हैं। इस काम में 65 हजार 14 बूथ लेवल ऑफियर ड्यूटी पर लगे है।

प्रदेश की जनता सीधे चुनेगी नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष, राइट टू रिकॉल भी होगा लागू

The people of the state will directly elect the Municipal Council and Municipal Council President, Right to Recall will also be implemented भोपाल ! एक दिसंबर से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Madhya Pradesh Legislative Assembly Winter Session) में सरकार नगर पालिका अधिनियम में संशोधन का विधेयक लाएगी। जिसमें जनता द्वारा सीधे नगर पालिका व नगर परिषद का अध्यक्ष चुने जाने का प्रविधान होगा। मझौली नगर परिषद के उपचुनाव से प्रविधान लागू हो जाएगामझौली नगर परिषद के उपचुनाव से ही यह प्रविधान लागू हो जाएगा। निर्वाचित अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास होने पर राइट टू रिकॉल के तहत वापस भी बुलाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही दस हजार करोड़ रुपये से अधिक के द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। संशोधन विधेयक लाया जाएगातत्कालीन कमल नाथ सरकार ने नगर पालिका अधिनियम में संशोधन करके पार्षदों के बीच में से अध्यक्ष चुनने की व्यवस्था लागू की थी। शिवराज सरकार में इसी प्रविधान से चुनाव हुए। अब 2027 में चुनाव प्रस्तावित हैं। पार्षदों द्वारा अध्यक्ष पर दबाव बनाने सहित अन्य शिकायतों को देखते हुए मोहन यादव सरकार ने नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने का प्रविधान अध्यादेश के माध्यम से किया। अब इसके स्थान पर संशोधन विधेयक लाया जाएगा। नए वाहनों के लिए विभागों को राशि नहीं दी जाएगीवहीं, विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले द्वितीय अनुपूरक बजट के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई। सूत्रों का कहना है कि यह दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें कोई भी नई योजना प्रारंभ नहीं होगी। नए वाहनों के लिए विभागों को राशि नहीं दी जाएगी। बलिदानी आशीष के भाई को मिलेगी अनुकंपा नियुक्तिमाओवादी विरोधी अभियान के दौरान पुलिस-नक्सल मुठभेड़ मे 19 नवंबर 2025 को बलिदान हुए विशेष सशस्त्र बल के निरीक्षक आशीष शर्मा के छोटे भाई अंकित शर्मा को जिला पुलिस बल में उप निरीक्षण नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही स्वजन को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

मध्य प्रदेश में छात्रों के आत्महत्या करने के मामले में इंदौर पहले और भोपाल दूसरे नंबर पर

Indore is at first place and Bhopal is at second place in the number of student suicides in Madhya Pradesh. भोपाल ! देशभर में स्वच्छता में पहले स्थान पर आने वाला इंदौर लोगों में बढ़ते तनाव को कम करने में काफी पीछे है। खासकर विद्यार्थियों में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं। इंदौर के कोचिंग संस्थानों (Coaching institutes) में पढ़ने वाले 20 से अधिक विद्यार्थी हर वर्ष तनाव में आत्महत्या कर रहे हैं। सबसे अधिक तनाव नीट(NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में है। आत्महत्या की दर ने सरकार की चिंता बढ़ाईविद्यार्थियों में बढ़ रही आत्महत्या की दर ने सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2023 की रिपोर्ट बताती है कि 2023 में देशभर में 15 हजार से अधिक बच्चों ने आत्महत्या की है। 1668 मामलों के साथ मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर (महाराष्ट्र के बाद) पर है। वहीं प्रदेश में भी इंदौर पहले और भोपाल जिला दूसरे स्थान पर है। एक्शन में सरकार, एसटीएफ का गठनमानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए एसटीएफ का गठन सरकार ने बच्चों को आत्मघात से बचाने की जिम्मेदारी शिक्षकों-अफसरों को सौंपी है। उच्चशिक्षा विभाग ने अभिनव प्रयोग करते हुए स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है। यह बल सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय करेगा। शैक्षणिक संस्थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कॉलेजों में काउंसलिंग कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इंदौर में पांच हजार से अधिक कोचिंगइंदौर प्रदेश का कोचिंग हब है। यहां पांच हजार से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। इसमें से 200 से अधिक नीट, जेईई और आईआईटी (IIT) की तैयारी की कोचिंग है। भंवरकुआं, गीताभवन, पलासिया, विजय नगर आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान हैं। यहीं सबसे अधिक विद्यार्थी रहते भी हैं। इंदौर में आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। पढ़ाई का दबाव बना जानलेवाकेस 1ः फरवरी 2025 में भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नीट की परीक्षा में चयन न होने से परेशान छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। छात्रा का नाम गारगी सुमन (23) निवासी श्रीराम नगर पालदा था। गारगी कई वर्षों से नीट की तैयारी कर रही थी। दो बार कम अंक आने के कारण वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उसने बैंक की परीक्षा की तैयारी की, लेकिन इसमें भी वह सफल नहीं हो सकी। केस 2ः वर्ष 2024 में भंवरकुआं क्षेत्र में एक छात्र ने नोट लिखा कि मैं जीवन में सफल नहीं हो पाया और आत्महत्या कर ली। छात्र नीट की तैयारी कर रहा था। मूलरूप से शिवनी जिले का रहने वाला था। केस 3ः फरवरी 2024 में 20 वर्षीय आर्यन तिवारी ने फांसी लगा ली थी। वह मूलरूप से हुजूर (रीवा) का रहने वाला था। इंदौर रहकर वह नीट की तैयारी कर रहा था। केस 4ः मई 2025 में नर्सिंग की छात्रा आशा कानूनगो (25) ने आत्महत्या कर ली। वह मूलरूप से सिवनी की रहने वाली थी। उसकी दीवार पर कई नोट चिपके हुए थे। उनमें लिखा था कि वह सरकारी नर्स नहीं बन सकती और डिप्रेशन में है।केस 5ः मई 2025 में संयोगितागंज थाना क्षेत्र में नर्स यास्मित्रा ने आत्महत्या की। वह निजी मेडिकल कॉलेज में आगे की पढ़ाई कर रही थी। आशंका जताई गई थी कि पढ़ाई के दबाव के चलते यह कदम उठाया है। विशेषज्ञ ने बताया क्या करें माता-पितामनोचिकित्सक डॉ. राहुल माथुर ने बताया कि अब बच्चों में तनाव सहने की क्षमता कम हो गई है। पढ़ाई का तनाव इतना अधिक ले लेते हैं कि आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि वह बच्चों से उम्मीद रखने के बजाय उनके सहायक की भूमिका निभाएं। उनसे खुलकर बात करें। यदि बच्चा कई दिनों से चुपचाप है, अकेला रहने लगा है, रात में जल्दी नहीं सो रहा है, तो हमें इन लक्षणों को पहचानकर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। बच्चों को यह लगता है कि परीक्षा में फेल हो गया तो क्या होगा। उन्हें यह समझना होगा कि जो व्यक्ति परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं, वह भी आगे बढ़ते हैं। विद्यार्थियों में इन लक्षणों को पहचानें

एमपी गज़ब: विकास या बर्बादी? जिम्मेदार कौन इंजीनियरिंग या सरकार

MP Ghazab: Development or ruin? Who is responsible: engineering or government? Whether it’s the municipal corporation, the Bhopal Metro, or the Public Works Department… they’re all tainted by corruption. भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सरकारी इंजीनियरिंग की गंभीर खामियों को लेकर सुर्खियों में है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में मानो इंजीनियरों के बीच यह होड़ चल रही है कि कौन जनता के पैसों की सबसे ज्यादा बर्बादी कर सकता है। इसी सवाल के साथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कठघरे में खड़ा किया है। भोपाल विकास की 3 तस्वीरें राज्य के सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहीं हैं पहली तस्वीर: सेकंड स्टॉप के पास बन रहा नगर निगम का प्रदेश का अनोखा 40 करोड़ का “नया ऑफिस”। इसकी बेसिक प्लानिंग में भारी चूक सामने आ रहीं है। भोपाल नगर निगम का नया आठ मंजिला कार्यालय 40 करोड़ रुपये में तैयार किया गया। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में मीटिंग हॉल की बुनियादी प्लानिंग तक सही नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला नहीं हो पा रहा कि यह इमारत ऑफिस है या इंजीनियरों का “प्रैक्टिकल लैब”, जहां जनता के पैसों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। दूसरी तस्वीर: भोपाल मेट्रो… मानक से कम ऊंचाई पर बना स्टेशन प्रगति पेट्रोल पंम्प और केंद्रीय रिजर्व बैंक के पास भोपाल मेट्रो स्टेशन की ऊंचाई मानकों से कम पाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दोनों जगह सड़क और स्टेशन के बीच इतनी कम जगह छोड़ी गई कि बड़ी गाड़ियाँ स्टेशन से टकराने लगीं। तीसरी मुसीबत की तस्वीर: एशबाग के 90 डिग्री रेलवे ओवर ब्रिज की राजधानी के बरखेड़ी स्थित यह सवाल रेलवे ओवरब्रिज बनाने में पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग बड़ी फेलुअर साबित हुई है। यहां 90 डिग्री मोड़ वाला ओवर ब्रिज बना दिया, जो बनने से पहले ही जानलेवा बन गया है। करोड़ों रुपये से तैयार ओवर ब्रिज जनता के उपयोग लायक नहीं है। अब इसको उपयोगी बनाने के लिए फिर से करोड़ों रुपये खर्च करने की प्लानिंग बन रहीं है, जिसमें 3 महीने का समय लगना है। विपक्ष का कहना है कि…“यह सिर्फ इंजीनियरिंग गलत नहीं, बल्कि जनता के हजारों करोड़ की योजनाओं के साथ खिलवाड़ है।” विपक्ष का तीखा तंज… मध्यप्रदेश के इंजीनियर बिल्डिंग ब्लॉक गेम खेल रहे हैं”। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश के इंजीनियर्स पहले बिल्डिंग बनाते हैं, फिर तोड़ते हैं, फिर बनाते हैं और फिर से तोड़ देते हैं। मानो यह सरकारी निर्माण नहीं, बच्चों का बिल्डिंग-ब्लॉक गेम हो।” भारी गलतियों के लिए अधिकारी जिम्मेदार कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा और कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार समेत अन्य नेताओं ने सवाल उठाया कि जब एक आम आदमी अपने घर की छोटी से छोटी प्लानिंग में सावधानी रखता है तो फिर सरकारी परियोजनाओं में बार-बार ऐसी भारी गलतियाँ क्यों हो रही हैं? और अगर गलती इंजीनियर की है तो “भरपाई जनता क्यों करे? कार्रवाई इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों नहीं होती?” पीएम मोदी और राज्य सरकार पर विपक्ष का सीधा हमला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण कार्यों की बार-बार की खामियाँ साबित करती हैं कि “मध्यप्रदेश में सिस्टम नहीं, बर्बादी का मौन राज चल रहा है।” विपक्ष की मांग है कि दोषी इंजीनियरों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। निर्माण के हर चरण की थर्ड-पार्टी जांच अनिवार्य की जाए और जनता के पैसों की भरपाई उन अधिकारियों से कराई जाए, जिन्होंने योजनाओं को गलत तरीके से पास किया। प्रदेश में लगातार सामने आ रही इंजीनियरिंग की ये गलतियाँ अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं और जनता पूछ रही है। “विकास के नाम पर आखिर किसके हाथों खेल रही है जनता की गाढ़ी कमाई?”

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

Death on the roads: One fatal accident every hour in Madhya Pradesh, 150+ accidents daily, and over 38 deaths. भोपाल। मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8 प्रतिशत है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाकयात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7 प्रतिशत केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2 प्रतिशत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंटखराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर स्ङ्क/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरीराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था।

Bjp अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को PIC से किया बाहर ,भाजपा आपसी खींचतान के चलते

The BJP president expelled councillors from his own party from the PIC due to internal infighting within the BJP. मध्य प्रदेश के गुना में भाजपा आपसी खींचतान खुलकर सामने आई। नपा परिषद अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को सबक सिखाते हुए पीआईसी से बाहर किया और जातीय समीकरण साधते हुए नए सदस्य जोड़े। BJP Faction War: गुना नगरपालिका परिषद (Guna Municipal Council) में भाजपा पार्षदों की आपसी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों भाजपा के अधिकतर पार्षदों ने अपनी ही नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा रखे गए प्रस्ताव विपक्ष के साथ मिलकर गिरा दिए थे। आठ पार्षद केवल नगर पालिका अध्यक्ष के साथ थे। इसके बाद् भाजपा पार्षदों में रार बढ़ गई। इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष ने उन पार्षदों को सबक सिखाने के लिए प्रेसीडेंट इन काउंसिल (पीआइसी) से छुट्टी कर दी है। इसमें पीआइसी के सदस्य रहे दिनेश शर्मा, अलका कोरी, अजब बाई लोधा और सुमन लोधा को हटाया गया है। उनकी जगह विनोद लोधा, राजकुमारी जाटव, अनीता कुशवाह, कीर्ति सरवैया को पीआइसी में प्रभारी के रूप में शामिल किया है। पीआइसी सदस्यों के बदले गए विभागनई पीआइसी में कई सदस्यों के भी विभाग बदल दिए हैं। पीआइसी की किसी भी समिति या विभाग में कांग्रेस की पार्षद रश्मि शर्मा को शामिल नहीं किया है। पार्षदों के बीच यह चर्चा है कि पीआइसी के फेरबदल का मामला स्थानीय संगठन के साथ-साथ भाजपा प्रदेश संगठन के पास भेजा जा सकता है। वहीं अध्यक्ष इस फेरबदल का कारण भाजपा के रीति-नीति के अनुसार जातिगत समीकरण और महिलाओं का प्रतिनिधित्व देने वाला बता रही है। गुटबाजी के चलते किया गया बदलावनपा अध्यक्ष के अनुसार स्वास्थ्य समिति के प्रभारी दिनेश शर्मा, सामान्य प्रशासन समिति की प्रभारी अलका कोरी, शहरी गरीबी उपशमन विभाग की प्रभारी सुमन लोधा और यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी अजब बाई लोधा को अध्यक्ष ने पीआइसी सदस्य बनाया था। लेकिन लगातार विवाद और गुटबाजी चलते बदलाव किया गया है। विरोध के चलते पास नहीं हो पाए थे कई प्रस्तावपिछले दिनों हुई नगरपालिका परिषद की बैठक में रेलवे को पानी दिए जाने, शहर की मुख्य सड़कों के डामरीकरण किए जाने आदि प्रस्ताव को भाजपा पार्षद दल की आपसी गुटबाजी के चलते स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। ऐसे ही पूर्व में 19 सितंबर को होने वाली नगरपालिका परिषद की बैठक आपसी सहमति न बनने और विवाद होने के कारण स्थगित कर दी थी। भाजपा कई पार्षद विवाद के बाद शिकायत करने पुलिस थाने भी पहुंच गए थे। अब ये है नई पीआइसी नई पीआईसी में राजकुमारी जाटव, राजू ओझा, अनीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा, कीर्ति सरवैया, बबीता साहू को शामिल किया है।सामान्य प्रशासन विभाग समिति की प्रभारी राजकुमारी जाटव होंगी, तथा सदस्य के रूप में बबीता साहू, अनीता कुशवाह, अलका कोरी. राजू ओझा. नीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा होंगे। जल कार्य एवं सीवरेज विभाग के प्रभारी राजू ओझा को बनाया है। सदस्य के रूप में सुशीला कुशवाह. संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह. फूलबाई ओझा, राममूर्ति कुशवाह, तरुण सेन, नीता कुशवाह है।लोक निर्माण एवं उद्यान, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभारी अनीता कुशवाह हैं। इसमें सदस्य के रूप में अलका कोरी. सुमन लोधा, राधाबाई कुशवाह, संध्या सोनी. राजकुमारी जाटव, सुनीता शर्मा, तरुण मालवीय हैं।राजस्व, वित्त एवं लेखा विभाग के प्रभारी कैलाश धाकड़ होंगे। सदस्य के रूप में महेश कुशवाह, ओमप्रकाश कुशवाह, कीर्ति सरवैया, नीता कुशवाह, रमेश भील, दिनेश शर्मा, विनोद लोधा शामिल हैं। स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ठ प्रबर्धन विभाग के प्रभारी विनोद लोधा होंगे, सदस्य के रूप में ममता तोमर, तरन्नुम खान, कृष्णा मौर्या, फूलबाई ओझा, संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह, अनीता कुशवाह शामिल रहेंगे।योजना यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी कीर्ति सरवैया को बनाया गया है। इनके साथ सदस्य के रूप में शेखर वशिष्ठ, बृजेश राठौर, सचिन धूरिया, राजू ओझा, नीता कुशवाह. सुशीला कुशवाह, बबीता साहू शामिल हैं।शहरी गरीबी उपशमन विभाग में बबीता साहू प्रभारी रहेंगी। इसमें अजब बाई लोधा, सुनीता रघुवंशी, हलीम गाजी, रामवीर जाटव, अनीता कुशवाह, नीता कुशवाह को शामिल किया गया है। ठोस अपशिष्ठ प्रबर्धन विभाग के प्रभारी विनोद लोधा होंगे, सदस्य के रूप में ममता तोमर, तरन्नुम खान, कृष्णा मौर्या, फूलबाई ओझा, संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह, अनीता कुशवाह शामिल रहेंगे।योजना यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी कीर्ति सरवैया को बनाया गया है। इनके साथ सदस्य के रूप में शेखर वशिष्ठ, बृजेश राठौर, सचिन धूरिया, राजू ओझा, नीता कुशवाह. सुशीला कुशवाह, बबीता साहू शामिल हैं।शहरी गरीबी उपशमन विभाग में बबीता साहू प्रभारी रहेंगी। इसमें अजब बाई लोधा, सुनीता रघुवंशी, हलीम गाजी, रामवीर जाटव, अनीता कुशवाह, नीता कुशवाह को शामिल किया गया है।

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

Bad news for visitors to Bhopal’s Van Vihar: From today, it’s a ‘no-vehicle zone’: no cars, bikes, or buses will be allowed inside; tourists can explore using 40 golf carts. भोपाल । वन विहार नेशनल पार्क आज (1 अक्टूबर) से ‘नो व्हीकल’ जोन हो जाएगा। न कार अंदर जा सकेंगी और न बाइक या बसें । टूरिस्ट 40 गोल्फ कार्ट के जरिए वन विहार घूम सकेंगे। वन विहार में घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ जानवर भी परेशान होते हैं। इसलिए वन विहार प्रबंधन यह कदम उठाने जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वन विहार में ही राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह की शुरुआत भी करेंगे। हर 10 मिनट में मिलेंगे गोल्फ कार्ट वन विहार की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. रूही हक ने बताया कि वन विहार में भ्रमण के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जाएगा। इन गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट हॉप ऑन हॉप ऑफ पद्धति संचालन के लिए रहेंगे। वहीं, 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिए बुकिंग पर पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगे। गोल्फ कार्ट का संचालन दोनों गेट से 10 मिनट पर लगातार होगा। सभी व्यू पाइंट पर 30 सेकेंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे। इससे पर्यटकों को अपनी स्वेच्छानुसार व्यू पाइंट पर वन्यप्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। साइकिल से भी घूम सकेंगे गोल्फ कार्ट के अलावा पैदल भ्रमण, साइकिल, शाकाहारी सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराएगा। जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। अलग-अलग रंग के बैंड भी मिलेंगे विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने हेतु पर्यटकों को विभिन्न रंग के बाइओडिग्रेडबल बैंड भी दिए जाएंगे। जिससे किसी भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्किंग के लिए रुपए चुकाने होंगे वन विहार को जहां नो व्हीकल जोन बनाया जा रहा है तो पार्किंग के रूप में पर्यटकों को रुपए भी चुकाने होंगे। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए केवल प्रवेश द्वार नंबर-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है। टूव्हीलर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 दोनों पर ही व्यवस्था रहेगी।

MPWLC में 10 करोड़ का टेंडर घोटाला : नियम ताक पर, चहेती फर्मों को फायदा, कार्रवाई गायब

MPWLC tender scam: Rules flouted, favoured firms benefit by crores; learn how officials are committing fraud भोपाल। MPWLC Scam in 10 crores मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) में सड़क और साइनज के करीब 10 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। शिकायतें बताती हैं कि अधिकारियों ने तय नियमों की अनदेखी कर चहेती फर्मों को फायदा पहुँचाया और पात्रता की मूल शर्तें पूरी न करने के बावजूद उन्हें क्वालिफाई कर दिया। टेंडर की पहली शर्त ही टूटी MPWLC Scam in 10 crores जुलाई 2025 में जारी इस टेंडर में साफ लिखा था कि भाग लेने वाली फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होनी चाहिए। लेकिन कॉर्पोरेशन ने एवेन्यू ग्राफिक्स, सत्यम ग्राफिक्स और अबुल फैज जैसी फर्मों को भी क्वालिफाई कर लिया, जिनका रजिस्ट्रेशन उस वक्त नहीं था। हद तो यह कि एक फर्म ने तो टेंडर जारी होने के बाद आवेदन किया, जो कि नियमों के हिसाब से अमान्य है। OEM सर्टिफिकेट के बिना भी क्वालिफाई MPWLC Scam in 10 crores पड़ताल में यह भी सामने आया कि इन फर्मों के पास ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) का इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट तक नहीं था। बावजूद इसके उन्हें प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया और बाद में दस्तावेज़ लेकर खानापूर्ति कर दी गई। प्रतिस्पर्धा खत्म, थ्री एम वेंडर बाहर इस टेंडर में छह वेंडर शामिल हुए थे, जिनमें तीन थ्री एम इंडिया से और तीन ओराफिल से थे। लेकिन अधिकारियों ने एक पेपर के आधार पर थ्री एम इंडिया के सभी वेंडरों को बाहर कर दिया। जबकि उनके पास पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इससे प्रतिस्पर्धा घट गई और अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर सामान्य से 20–25% कम दर पर मंजूर होने की बजाय केवल ढाई प्रतिशत कम दर पर खोला गया। नियमों की अनदेखी, पारदर्शिता पर सवाल जानकारों का कहना है कि टेक्निकल बिड खुलने के सिर्फ एक घंटे बाद ही फाइनेंशियल बिड भी खोल दी गई, जबकि नियमानुसार इसमें कम से कम 24 घंटे का अंतर होना चाहिए। इस प्रक्रिया से किसी भी वेंडर को आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला। जवाबदेही से बचते अधिकारी जब चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “हमने पीडब्ल्यूडी एनआईटी के अनुसार फर्मों को क्वालिफाई किया है, बाकी जानकारी अधीक्षण यंत्री से लीजिए।”अधीक्षण यंत्री एसके जैन का कहना था कि “स्टैंडर्ड मानकों के हिसाब से कार्रवाई हुई है और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाली फर्म को भी पात्र माना जाता है। शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।”वहीं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा, “मुझे जानकारी नहीं है, पता करती हूं।” एमडी अनुराग वर्मा से संप

मुख्यमंत्री आवास पर ओबीसी आरक्षण को लेकर अहम बैठक

Important meeting regarding OBC reservation at Chief Minister’s residence भोपाल ! ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आज शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक के प्रमुख बिंदु: इस बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश सरकार और ओबीसी समाज एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष प्रस्तुत करेंगे और ओबीसी समाज को उसका संवैधानिक हक दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ओबीसी आरक्षण प्रकरण के संदर्भ में आयोजित बैठक में ओबीसी महासभा से अपनी ओर से दो अधिवक्ताओं के नाम सुझाने का अनुरोध किया गया था। इस पर महासभा ने देश के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री पी. विल्सन का नाम प्रस्तावित किया है। शीघ्र ही एक और वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम भी ओबीसी महासभा द्वारा प्रदान किया जाएगा।13% होल्ड हटाने एवं 27% आरक्षण लागू करने की दिशा में ओबीसी महासभा द्वारा एक अभिमत (Representation) एडवोकेट जनरल को सौंपा जाएगा। तत्पश्चात एडवोकेट जनरल उस अभिमत का गहन अध्ययन कर अपना अभिमत सरकार को प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर 13% होल्ड हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे शिक्षक

Teachers stuck on lucrative posts for years by taking deputation भोपाल। मध्यप्रदेश समग्र शिक्षक संघ ने राज्य में प्रतिनियुक्ति की अवधि को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ ने लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को मूल पदस्थापना पर भेजने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र दुबे एवं प्रदेश संरक्षक मुरारी लाल सोनी ने इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन को पत्र प्रेषित किया है। संघ पदाधिकारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि शासन के नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यत: 4 वर्ष तय है। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि दोनों विभागों की सहमति से केवल 3 वर्ष और बढ़ाई जा सकती है, लेकिन वर्तमान में नीति के विपरीत अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक ऐसे हैं, जो व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर जमे हुए हैं। जो स्पष्ट रूप से प्रतिनियुक्ति नियमों के विपरीत है। संघ ने तर्क दिया है कि प्रतिनियुक्ति की लंबी अवधि से मूल विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति का उद्देश्य केवल विशेष प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति होती है, न कि व्यक्तिगत सुविधा से इसे स्थायी पदस्थापना का रूप देना है। प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार विभागों में जमेसंघ के अध्यक्ष सुरेशचंद दुबे का कहना है कि विभिन्न संगठनों से जुड़े कई शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और उनके परिजन मलाईदार विभागों में नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर 10 से 15 वर्षों से जमे हुए हैं। ऐसे सभी कर्मचारी, अधिकारियों और शिक्षकों को मूल विभाग में तत्काल प्रभाव से वापस भेजा जाए। प्रतिनियुक्ति पर जमे लोकसेवकों की संपत्ति की जांच होसंघ के प्रदेश संरक्षक मुरारीलाल सोनी का का आरोप है कि अनेक लोकसेवक कई वर्षों से नियमविरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर जमे हैं। वे शासन को आर्थिक रूप से खोखला कर रहे हैं। ऐसे लोकसेवकों की प्रति नियुक्ति समाप्त कर उनके कार्यकाल और संपत्ति की जांच कराई जाए।

संघर्ष से शिखर तक : हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक सफर

From struggle to peak: Hemant Khandelwal’s political journey भोपाल ! BJP President Hemant Khandelwal मध्य प्रदेश की राजनीति में कभी-कभी ऐसे चेहरे सामने आते हैं, जिनकी चमक न तो पोस्टरों से आती है और न ही बड़ी-बड़ी रैलियों की भीड़ से। हेमंत खंडेलवाल ऐसा ही एक नाम हैं—जो बिना ढोल-नगाड़े, बिना सत्ता का शोर मचाए आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुँच गए। सवाल यह है कि क्या यह सफर केवल सादगी और संघर्ष का है, या फिर संगठन की राजनीतिक गणित का भी खेल? हेमंत खंडेलवाल सिर्फ भाजपा के अध्यक्ष नहीं, बल्कि संघर्ष, सादगी और संगठन के उस दर्शन का चेहरा हैं जो राजनीति को जनसेवा का सच्चा माध्यम बनाता है। BJP President Hemant Khandelwal 3 सितंबर 1964 को मथुरा में जन्मे हेमंत खंडेलवाल ने बैतूल में पढ़ाई की और धीरे-धीरे राजनीति में कदम रखा। पिता विजय कुमार खंडेलवाल चार बार सांसद रहे, इसलिए राजनीतिक माहौल घर में मौजूद था। लेकिन यहाँ भी दिलचस्प मोड़ यह है कि हेमंत ने विरासत की मलाई खाने के बजाय खुद को संघर्ष के रास्ते में झोंक दिया। वरना आजकल तो नेता जी का बेटा सीधे ‘उत्तराधिकारी’ घोषित हो जाता है। 2008 में पिता के निधन के बाद बैतूल उपचुनाव से सांसद बने। यही वह पल था जब उन्हें राष्ट्रीय राजनीति की रोशनी मिली। लेकिन उनके साथ विडंबना यह रही कि वे लंबे समय तक सत्ता की गाड़ी के इंजन से दूर रहे—कभी विधायक, कभी जिला अध्यक्ष, कभी कोषाध्यक्ष, और कभी प्रवासी प्रभारी। कहते हैं, उन्होंने राजनीति को ‘करियर’ नहीं, बल्कि ‘धैर्य की परीक्षा’ मान लिया था। BJP President Hemant Khandelwal की सबसे बड़ी पूंजी उनकी सादगी है। सुना है, कार्यकर्ताओं को शर्ट तक दे दी और कभी स्कूटर तक। अब सोचिए, जिस दौर में नेता जी चुनाव में नोटों की बारिश कर रहे हों, उसमें कोई नेता अपनी शर्ट उतारकर कार्यकर्ता को दे दे—ये दृश्य राजनीति की किताब में दुर्लभ ही है। लेकिन राजनीति केवल सादगी से नहीं चलती। 2020 की सत्ता पलट की पटकथा में उनकी भूमिका किसी पर्दे के पीछे के निर्देशक जैसी रही। कमलनाथ सरकार जब गिर रही थी, तब खंडेलवाल ने सिंधिया खेमे और भाजपा के बीच पुल का काम किया। और कहते हैं, यही पुल उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक ले आया। राजनीति में ऐसे मौके हर किसी को नहीं मिलते—यह किस्मत और कौशल का संगम है। अब वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हैं। सवाल यह है कि क्या वे भाजपा को बूथ स्तर तक और मजबूत बना पाएंगे, या फिर संगठनात्मक जोड़-तोड़ में ही उलझ जाएंगे? याद रखिए, प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी केवल शोभा की वस्तु नहीं है; यह वह कुर्सी है जिस पर बैठकर पार्टी का भविष्य तय होता है। एक और दिलचस्प पहलू यह है कि 31 साल बाद वैश्य समाज से किसी नेता को यह जिम्मेदारी मिली है। तो क्या यह केवल जातीय संतुलन साधने की कोशिश है, या फिर सचमुच संगठन के ‘सच्चे सेवक’ को उसकी मेहनत का इनाम? जनता तो यही देख रही है कि सियासी समीकरणों में जनता का हिस्सा कितना है। BJP President Hemant Khandelwal के पास अब मौका है कि वे यह साबित करें कि राजनीति सिर्फ ‘सत्ता का गणित’ नहीं, बल्कि सेवा और संघर्ष का भी नाम है। क्योंकि अगर वे भी बाकी नेताओं की तरह महंगे काफिलों और बेतहाशा पोस्टरों में उलझ गए, तो जनता उन्हें भी उसी भीड़ में गुम कर देगी, जहाँ नेता बदलते रहते हैं, लेकिन जनता की उम्मीदें वही की वही रहती हैं। हेमंत खंडेलवाल का नया अध्याय केवल भाजपा के संगठन का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति का भी इम्तिहान है। देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी सादगी और संघर्ष को कायम रखते हैं या फिर सत्ता के गलियारों की चकाचौंध उन्हें भी उसी रंग में रंग देती है, जिसमें बाकी नेता डूब चुके हैं।

वन विभाग में खरीदनी थी फोर व्हील ड्राइव खरीद ली टू व्हील ड्राइव….!

I had to buy a four wheel drive from the forest department but bought a two wheel drive…! भोपाल। जंगल महकमे में 26 करोड़ के 214 वाहनों की खरीदी को लेकर उठे सवाल थम ही नहीं रहे हैं। अब इसकी अनुगूंज विधानसभा के मानसून सत्र में सुनाई देगी। कांग्रेस विधायक ध्यानाकर्षण के जरिए यह मुद्दा उठाने जा रहे हैं। सूचना अधिकार के तहत मिले दस्तावेज के अनुसार डॉ दिलीप कुमार की अध्यक्षता वाली क्रय समिति ने फोर व्हील ड्राइव वाहन खरीदने की अनुशंसा की थी किंतु कतिपय शीर्ष अधिकारियों के निजी हितार्थ के चलते टू व्हील ड्राइव वाहनों की खरीदी की गई। चिंता जनक पहलू यह है कि टू व्हील ड्राइव वाली वाहन महंगी कीमत पर खरीदे गए।सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेज वाहन क्रय करने के लिए तीन कमेटियां इसलिए बनाई गई, ताकि वाहन खरीदी में गड़बड़ करने की मंशा से अधिकारी अपनी मनमर्जी कर सके। यही वजह रही की तीन बार क्रय समिति का गठन करना पड़ा। जबकि पहले क्रय समिति के अध्यक्ष रहे डॉ दिलीप कुमार कमेटी ने फोर व्हील (4wD) वाहन खरीदने की अनुशंसा की थी। इस सवाल का जवाब वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के पास नहीं है कि जब फोर व्हील ड्राइव स्कार्पियो-एन 15.84 लाख कीमत पर मिल रही थी तो फिर टू व्हील ड्राइव स्कार्पियो 18.24 कुल लागत में क्यों खरीदी ? वन विभाग के लिए 4wD वाहन की रिक्वारमेंट थी, क्योंकि जब शहर और गांवों की रोड समाप्त होते है तब वन विभाग की सीमा आरंभ होती है। कच्चे, रेतीले, गिट्टो, और पहाड़ों पर वन विभाग का वाहन चलता है। ऐसी जगह पर 4wD वाहन की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार वाहन खरीदते समय अधिक ग्राउंड क्लीयरेंस का ध्यान भी नहीं रखा गया। डॉ दिलीप कुमार के रिटायर्ड होने के बाद यूके सुबुद्धि और उसके बाद सुदीप सिंह अध्यक्षता वाली कमेटियां बनाई गई। समिति में विशेषज्ञ को जगह नहीं दी गई थी। इन कमेटियों को भौगोलिक परिस्थितियों का अध्ययन कर वाहन स्पेसिफिकेशन और दरों का तुलनात्मक पत्रक नहीं बनाया। यानि कम से कम दो अलग-अलग कंपनियों के वाहन मॉडल तय करना था पर एक ही कंपनी को परचेज ऑर्डर जारी कर दिए गए। यानी पूर्व से ही या तय कर लिया गया था कि महिंद्रा एन्ड महिंद्रा कंपनी के विशेष वाहन खरीदने हैं।वित्त विभाग के परिपत्र की अनदेखीवाहन क्रय समिति वित्त विभाग के सर्कुलर की अनदेखी की। यानि एसीएस और वन बल प्रमुख को भी गुमराह किया। वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार अफसर के लिए वाहन पे-स्केल के आधार पर खरीदने का प्रावधान है। यदि पात्रता से अधिक कीमत ( स्कॉर्पियो और इनोवा जैसी अधिक कीमत वाली वाहन) की वाहन खरीदना था तब संबंधित प्रस्ताव पर कैबिनेट के मंजूरी लेना चाहिए थी।राइट ऑफ वाहन की सूची में गड़बड़ी15 वर्ष पुराने वाहनों को राइट ऑफ किए जाने के एवज में नए वाहन खरीदने की बात कही जा रही है। राइट ऑफ वाहनों की सूची में भी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। दस्तावेज के आधार पर आरटीआई एक्टिविस्ट पुनीत टंडन ने दावा किया है कि सूची में दिए गए वाहनों के नंबरों का मिलन परिवहन विभाग की बेवसाइट पर मिलान किया तब 5 वाहन के नंबर एम्बुलेंस के बताए जा रहें हैं। एक वाहन का नंबर तो इंदौर आरटीओ का है जो फाइनेंस पर ली गई है।

मॉनसून सत्र की बारिश से पहले राजनीतिक गरमाहट: सरकार-जवाबदेही और विपक्ष-रणनीति आमने-सामने

Political heat before the monsoon session rains: Government-accountability and opposition-strategy face to face भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और 8 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 10 बैठकें प्रस्तावित हैं। यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार जहां अनुपूरक बजट लेकर आने वाली है, वहीं कांग्रेस विपक्ष जनहित और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। नई भूमिका में हेमंत खंडेलवालबैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल, जिन्हें हाल ही में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है, अब विधानसभा में पहली पंक्ति में स्थान पाएंगे। यह न सिर्फ उनकी बढ़ी हुई भूमिका का संकेत है, बल्कि पार्टी के भीतर नई राजनीतिक रणनीति का भी प्रतीक है। 3,377 प्रश्न, 191 ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्तावविधानसभा सचिवालय को इस सत्र के लिए 3,377 सवाल मिल चुके हैं, जिनमें से अनेक सवाल शासन की जवाबदेही को कठघरे में खड़ा करेंगे। 191 ध्यानाकर्षण सूचनाएं और एक स्थगन प्रस्ताव यह दर्शाते हैं कि सत्र में विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने जा रहा है। बजट की प्राथमिकता – सिर्फ जनहितमोहन सरकार अनुपूरक बजट लाने की तैयारी में है, लेकिन इस बार सरकार का रुख फिजूलखर्ची के खिलाफ सख्त और जनहित योजनाओं के पक्ष में दिख रहा है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहन जैसी गैर-ज़रूरी मांगें न भेजें। यह रुख सरकार की वित्तीय अनुशासन और छवि सुधार की मंशा को दर्शाता है। रणनीति की थाली: कांग्रेस विधायकों की डिनर बैठकसत्र की पूर्व संध्या पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होटल में होगी। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, मांडू में हुए नव संकल्प शिविर में तय किए गए मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। चर्चा है कि जल जीवन मिशन घोटाले जैसे संवेदनशील मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाया जाएगा। सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे रोस्टर मंत्रीमुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि हर दिन सदन में कम से कम तीन मंत्री रोस्टर अनुसार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। ये मंत्री न केवल सवालों के जवाब सुनिश्चित करेंगे, बल्कि विधायकों की उपस्थिति भी ट्रैक करेंगे। यह पहल सरकार की तैयारियों को संगठित रूप में दर्शाती है। मानसून सत्र – बहस, बजट और भरोसे की परीक्षायह मानसून सत्र सिर्फ सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि सरकार की नीयत और विपक्ष की धार का टेस्ट बन गया है। एक ओर जहां सरकार बजट से भरोसा पैदा करना चाहती है, वहीं विपक्ष जवाबदेही से सरकार को झकझोरने की रणनीति बना रहा है। अगले दस दिन नीतियों से ज्यादा नीयत की परीक्षा साबित होंगे।

राज्यपाल पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं के साथ किया सह-भोज

Governor Patel had lunch with differently abled girls भोपाल ! राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुश्री गुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया। राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुश्री दिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुश्री किरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुश्री गुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।

मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू, ओबीसी कल्याण आयोग में कुसमारिया को अध्यक्ष और मौसम बिसेन को बनाया सदस्य

Political appointments started in Madhya Pradesh, Kusmaria appointed as Chairman and Mausam Bisen as member in OBC Welfare Commission भोपाल। हेमंत खंडेलवाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के 21 दिन के भीतर ही मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बड़ा निर्णय हुआ है। बुधवार को डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया को ओबीसी कल्याण आयोग का अध्यक्ष और मौसम बिसेन को सदस्य बनाने का आदेश जारी हुआ है। इसके साथ ही पार्टी ने राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत के संकेत दे दिए हैं। मौसम बिसेन पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन की बेटी हैं, जो वर्ष 2021 में आयोग के गठन के साथ अगस्त 2023 तक इसके अध्यक्ष रहे। अब उनकी जगह ओबीसी आयोग के अध्यक्ष कुसमारिया को कल्याण बोर्ड का भी अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ ही संतुलन की दृष्टि से मौसम को सदस्य बनाया गया है। बालाघाट से टिकट दिया थाबता दें कि पार्टी ने मौसम बिसेन को विधानसभा चुनाव में भी बालाघाट से टिकट दिया था। बाद में इसे बदलकर गौरी शंकर बिसेन को लड़ाया था, जिसमें वह हार गए थे। मौसम की नियुक्ति के साथ उन नेताओं में भी निगम, मंडल और आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य बनने की आस जगी है, जो लंबे समय से प्रतीक्षा में हैं। इसमें विधानसभा चुनाव हार चुके तो कुछ कांग्रेस से आए नेता भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव के पहले 13 फरवरी 2024 को 46 निगम, मंडल और आयोगों में नियुक्तियां रद कर दी थीं। सभी नियुक्तियां शिवराज सरकार में हुई थीं। 25 पदों पर 2021 में नियुक्तियां हुई थीं। शैलेन्द्र बरुआ, जितेन्द्र लिटोरिया और आशुतोष तिवारी जैसे भाजपा के संगठन मंत्रियों को भी निगम मंडलों में जगह मिली थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 सामाजिक कल्याण बोर्ड भी बनाए थे। हालांकि, इनकी नियुक्तियां रद नहीं की गई थीं। नए प्रदेश अध्यक्ष की प्रतीक्षा में टलती रहीं नियुक्तियांमाना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही राजनीतिक नियुक्तियां प्रारंभ होंगी, पर अध्यक्ष का निर्वाचन दो जुलाई 2025 को पूरा हो पाया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य नहीं होने से कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। नीतिगत निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है अब चरणबद्ध तरीके सभी निगम मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियां शीघ्र होंगी। सबसे पहले उन्हें लिया जा सकता है, जिनके लिए दावेदार कम हैं और नियुक्ति में अंदरूनी विरोध होने की संभावना नहीं है। सत्ता-संगठन के सामंजस्य से सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण को देखते हुए नियुक्तियां की जाएंगी। प्रदेश में वर्ष 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इस कारण पार्टी का पूरा जोर संतुलन पर रहेगा, जिससे कोई नाराज नहीं होने पाए। अगले चरण में कैबिनेट विस्तार की संभावनाराजनीतिक नियुक्तियों के बाद अगली कड़ी में सरकार मंत्रिमंडल में रिक्त तीन पदों को भरने के लिए कैबिनेट का विस्तार भी कर सकती है। कई महीने से विस्तार की अटकलें चल रही हैं।

बड़ी खबर, अब ‘राम बाग’ कहलाएगा अशोका गार्डन, हमीदिया और हबीबगंज का नाम भी बदलेगा

ashoka garden now called ram bagh hamidia and habibganj also renamed Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर के प्रमुख जगहों के नाम बदलकर शहर सरकार ‘शुद्धिकरण अभियान’ चला रही है। दावा किया जा रहा है कि, अब गुलामी और विदेशी आंक्राताओं के नाम से नहीं, बल्कि भोपाल की पहचान भारतीय संस्कृति के नामों से होगी। इसी के चलते नगर निगम द्वारा हमीदिया कॉलेज, हमीदिया अस्पताल, हबीबगंज के साथ-साथ शहर के कई प्रमुख इलाकों के नाम बदलने के लिए शासन से मांग की है। इसी के तहत मेयर इन काउंसिल (MIC) ने शहर के बड़े और प्रमुख इलाके में शामिल अशोका गार्डन का नाम बदल भी दिया है। इस इलाको को अब ‘राम बाग’ नाम से जाना जाएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि, गुलामी और विदेशी आक्रांताओं के नामों को बदलना जरूरी है। भारतीय संस्कृति के नामों से भोपाल को राजा भोजपाल की पहचान मिले। कई सड़कों और संस्थानों के नाम बदलने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शहर सरकार की शक्तियों का उपयोग कर अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग का प्रस्ताव पारित हुआ है। निगम अद्यक्ष ने कहा कि, भोपाल का नवाब रहा हमीदुल्लाह खान के नाम की सड़कों के नाम बदले। भोपाल का हमीदुल्लाह खान पाकिस्तान में विलय चाहता था। इसलिए ये शुद्धिकरण का अभियान है। विपक्ष के मति में भ्रम और अशुद्धि है।

भोपाल प्रशासन का बड़ा फैसला, स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी के सही नहीं

Bhopal administration’s big decision, e-rickshaws will be banned in schools, not good for children’s safety भोपाल: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोकई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकारसांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।

धार वन मंडल में टेंडर प्रक्रिया को लेकर हुई गड़बड़झाला

There was a mess in the tender process in Dhar forest division भोपाल। इंदौर सर्किल के अंतर्गत वन विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। धार वन मंडल में टेंडर प्रक्रिया को लेकर हुई गड़बड़ियों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल और वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारियों को की गई है। आरोप है कि अफसरों और सप्लायर्स के गठजोड़ (नेक्सस) के चलते निविदाएं नियमों को ताक पर रखकर जारी की गईं, जिससे खास सप्लायर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके।धार वन मंडल की संदिग्ध निविदाएंशिकायतकर्ता हितेंद्र भावसार ने बताया कि धार वन मंडल अधिकारी द्वारा 3 जुलाई को पांच निविदाएं जेम पोर्टल पर प्रकाशित की गईं। इनके क्रमांक इस प्रकार हैं —GEM/2025/B/6413130GEM/2025/B/6411838GEM/2025/B/6412580GEM/2025/B/6412737GEM/2025/B/6413223ये निविदाएं महज एक दिन के भीतर यानी 4 और 5 जुलाई को पूर्ण भी कर दी गईं। आरोप है कि इस प्रक्रिया में क्रय भंडार नियमों और वन बल प्रमुख द्वारा निर्धारित मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई है। यह भी कहा गया है कि जिन वस्तुओं के लिए निविदाएं निकाली गईं, उन्हें पहले भी तीन बार प्रकाशित किया गया था, लेकिन हर बार उन्हें बिना कारण बताए निरस्त कर दिया गया। वन मुख्यालय से नहीं ली गई अनुमतिमध्यप्रदेश के वन नियमों के अनुसार, किसी भी निविदा को निर्धारित समय से पूर्व निरस्त करने के लिए वन मुख्यालय से पूर्वानुमति लेना आवश्यक होता है। मगर धार वन मंडल अधिकारी ने यह जरूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई। इस मामले में संदेह जताया जा रहा है कि इंदौर सर्किल के प्रभावशाली अधिकारियों और एक खास सप्लायर के बीच सांठगांठ है और उसी को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी निविदा प्रक्रिया को मनमर्जी से चलाया गया। हॉफ के दिशा-निर्देशों की अवहेलनायह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब यह देखा जाए कि वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने सप्लायर्स और अधिकारियों के इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए ‘उत्तम शर्मा कमेटी’ बनाई थी। इस कमेटी ने प्रदेश के लिए統一ित (एकजाई) निविदा नियम तय किए थे। इसके तहत निर्देश दिए गए थे कि सभी निविदाएं केवल जेम पोर्टल पर ही नहीं बल्कि विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।हालांकि धार वन मंडल में न तो विभागीय पोर्टल पर जानकारी दी गई और न ही पारदर्शिता के नियमों का पालन किया गया। यह सीधे तौर पर विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना है। आईटी शाखा की रिपोर्ट भी हुई नजरअंदाजपूर्व में वन विभाग की आईटी शाखा द्वारा विभाग के हॉफ (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) को एक रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसमें ऐसे मामलों में लगातार नियमों की अनदेखी और नेक्सस की गतिविधियों को उजागर किया गया था। लेकिन उस रिपोर्ट पर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय प्रमुख स्तर पर भी ऐसी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायतअब जबकि यह शिकायत सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच चुकी है, विभागीय हलकों में हलचल बढ़ गई है। हितेंद्र भावसार ने अपने पत्र में मांग की है कि धार वन मंडल में हुई निविदा प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी है पारदर्शितामध्यप्रदेश वन विभाग में बीते कुछ वर्षों में कई टेंडर प्रक्रियाओं पर सवाल उठे हैं। सप्लायर्स और अधिकारियों के बीच बने अपारदर्शी गठजोड़ के कारण विभाग की छवि लगातार धूमिल हो रही है। यह मामला इस बात की एक और बानगी है कि कैसे विभागीय आदेशों को दरकिनार कर कुछ चहेते सप्लायर्स को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

तबादला और पोस्टिंग में एसीएस-पीएस की मनमानी, मंत्रियों में नाराजगी

ACS-PS’s arbitrariness in transfer and posting, ministers unhappy उदित नारायणभोपाल। प्रदेश में एक महीना 17 दिन ट्रांसफर और पोस्टिंग का सीजन चला। सरकार ने मंत्रियों को छूट दी थी, लेकिन ट्रांसफर-पोस्टिंग में विभाग के एसीएस-पीएस ने अपनी मनमार्जी चलाई और उन्होंने ही अपनी रणनीति के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए। चिंताजनक पहलू यह है कि गंभीर बीमारी से जुड़े प्रकरणों में कर्मचारियों को ट्रांसफर का लाभ नहीं मिला। जबकि नीति में गंभीर बीमारी, परिवार में बीमार और पति-पत्नी को एक ही जिले में पदस्थ करने का प्रावधान किया गया था। वन विभाग ने तो ‘ए-प्लसÓ की नोटशीट तक की सिफारिशों को दरकिनार कर दिया है। आखिरी दिन तक वन मंत्रालय में तबादला सूची में मैनेजमेंट कोटे के आधार देर रात तक नाम कटते और जुड़ते रहे। तबादला सीजन में मंत्रियों और प्रमुख सचिवों के बीच तालमेल की कमी भी खुलकर सामने आई है। तबादले के लिए तमाम मनुहार कर बैन हटवाने वाले मंत्रियों को अपने मिलने-जुलने वालों के तबादले और पोस्टिंग करने का मौका नहीं मिल सका है। वरिष्ठ अफसरों ने इसके लिए सरकार के नियमों को भी दरकिनार किया है। एसीएस और मंत्रियों के बीच खींचतान की वजह से कई विभागों में 8 फीसदी तक तबादले नहीं हो पाए हैं। वहीं कई विभागों द्वारा अब बैकडेट में तबादला आदेश जारी किए जा रहे हैं। राजस्व विभाग ने 509 पटवारियों का तबादला किए। इसके बाद 89 पटवारियों के आधी रात को आदेश जारी कर दिए गए हैं। अभी कुछ सूची जारी करने की तैयारी विभाग कर रहा है। वह भी बैकडेट में होने की तैयारी चल रही है। वन विभाग में फारेस्ट गार्ड, प्रभारी रेंजर से लेकर एसडीओ तक के ट्रांसफर 17 और 18 जून तक जारी किए गए हैं। सीएम के विभागों को लेकर खासी माथा-पच्चीमुख्यमंत्री के पास गृह, जेल, उद्योग, नर्मदा घाटी, विमानन, वन जैसे करीबन 10 से ज्यादा विभाग हैं। इन विभागों में जितने भी ट्रांसफर किए गए हैं, उसमें सीएम मॉनिट के नाम पर एसीएस-पीएस ने अपनी मनमानी की है। वन विभाग में दीगर मंत्रियों को डस्टबिन में डाल दिया गया। इससे मंत्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। साथ ही स्थानांतरित हुए अधिकारियों-कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। कई अधिकारियों का मैनेजमेंट कोटे से मनपसंद पोस्टिंग कराने की सिफारिश मंत्रियों और शीर्षस्थ अधिकारियों से की थी। उनके नाम सूची में आए, लेकिन चाही गई जगह नहीं मिली। यहां भी देर रात तक नाम कटते और जुड़ते रहे हैं। यही वजह रही कि एक रेंजर स्वस्ति श्री जैन की पोस्टिंग 2 जगह कर दी गई। कुछ मामलों में जहां जगह ही नहीं, वहां भी तबादले किए गए हैं। वन विभाग में चर्चा है कि मंत्रालय के अधिकारियों ने जमकर मनमानी की, क्योंकि वन विभाग सीएम के पास है और उनके पास गृह जेल उद्योग और आईएएस की पोस्टिंग संबंधित महत्वपूर्ण कार्य हैं। इसके कारण उनका वन विभाग पर फोकस कम रहा और इसका फायदा नौकरशाह और शीर्ष अफसरों ने जमकर उठाया। यही स्थिति जेल विभाग में भी रही। उद्योग विभाग की सूची का तो कर्मचारियों को पता ही नहीं चला। एमएसएमई विभाग में मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रस्तावों को तवज्जो ही नहीं दी गई। उधर, पीएचई में किए गए तबादलों में विभागीय मंत्री द्वारा की गई अनुशंसाओं को दरकिनार कर ट्रांसफर किए गए। यह सब मुख्यमंत्री के नाम पर विभागों के अफसरों ने खेल खेला है। इस मामले में तो कर्मचारियों ने विभागाध्यक्षों पर लेनदेन के भी आरोप लगाए हैं। मंत्री प्रहलाद पटेल की तबादलों में नहीं चलीकैबिनेट में प्रहलाद पटेल कद्दावर मंत्रियों में गिने जाते हैं, लेकिन तबादलों में अफसरों ने उनकी नहीं सुनी। तबादला आदेश जारी करने के दौरान अफसरों ने यह कहकर मंत्री के नाम रिजेक्ट किए कि यह तीन फार्मूले में फिट नहीं बैठते हैं। ये फार्मूला है-पारस्परिक तबादला, गंभीर बीमारी जैसे कैंसर या ब्रेन ट्यूमर तथा तीसरा महिला का अपने परिवार से दूर पदस्थ होना बताया गया। यही वजह है कि मंत्री के यहां से गए प्रस्तावों पर तबादले नहीं किए गए। उधर, आजीविका मिशन, आरईएस, पंचायत राज सहित अन्य विभागाध्यक्ष कार्यालयों में ट्रांसफर खुलकर किए गए हैं। राजस्व विभाग के पीएस विवेक पोरवाल ने मंत्री करण सिंह वर्मा की भी नहीं सुनी, ऐसी चर्चा है। मंत्री ने जो सूची भेजी, उसमें भारी काट-छांट करते हुए प्रमुख सचिव और सीएलआर ने नामात्र के तबादले किए हैं।

पशुपालन विभाग का नया नाम गौपालन विभाग, एमपी की मोहन सरकार ने की बड़ी घोषणा

New name of Animal Husbandry Department is Cow Husbandry Department भोपाल! एमपी सरकार के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव शुक्रवार को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने डॉक्टर भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए। साथ ही गौशालाओं के लिए 90 करोड़ रुपये की राशि जारी की। इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन विभाग का नया नामकरण भी किया है। सीएम मोहन यादव ने पशुपालन विभाग का नाम बदलकर गौपालन विभाग करने की भी घोषणा की है। सीएम यादव ने आचार्य विधासागर जीव दया पुरस्कार भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को दूध की राजधानी बनना चाहिए। उन्होंने राज्य स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन में मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन में नंबर वन बनाने का लक्ष्य रखा। दूध का महत्व बढ़ाने को लेकर कामसीएम मोहन ने कहा कि एमपी को दूध उत्पादन में सबसे आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश नदियों का मायका है। दूध का महत्व आर्थिक रूप से बढ़े, इस दिशा में सरकार काम कर रही है। भाजपा सरकार ने पशुपालन विभाग का बजट बढ़ाया है। पहले यह 300 करोड़ था, जिसे अब 2600 करोड़ कर दिया गया है। पशुपालन विभाग का बदला नामसीएम यादव ने कहा कि गौशालाओं में दूध उत्पादन तो होना ही चाहिए, साथ ही सीएनजी भी बनाई जा सकती है। उन्होंने पशुपालन विभाग के नाम में बदलाव करते हुए कहा कि अब इसे गौपालन विभाग के नाम से भी जाना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर घूमने वाली गायों को गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार एक साल में पूरे प्रदेश में बदलाव लाने के लिए संकल्पित है। सरकार ने गोवर्धन पूजा मनाने का भी फैसला किया है।

एनआईए ने भोपाल और राजस्थान में आतंकी साजिश के आरोप में की छापेमारी

भोपाल  आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) और राजस्थान के झालावाड़ में छापा मारा है. एनआईए की टीमों ने तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस जब्त कीं, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. भोपाल में तीन स्थानों पर NIA का छापा एनआईए ने आतंकी साजिश को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तीन स्थानों पर और राजस्थान के झालवाड़ में दो स्थानों पर छापे मारे हैं. यह कार्रवाई हिज्ब-उत-तहरीरसंगठन से जुड़े लोगों पर लिया गया है. इस दौरान डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए जाने की सूचना है. एनआईए की यह कार्रवाई HUT को लेकर है.  कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी बता दें कि राजधानी भोपाल में कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े HUT के सदस्यों के होने की सूचना पर पहले भी जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई कर चुकी हैं. इस दौरान इस संगठन से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. ये लोग भोपाल में युवाओं का ब्रैनवॉश करते हुए पकड़े गए थे. इन आतंकियों के तार बांग्लादेश से जुड़े हुए मिले थे. एक मामले का हिस्सा थी छापामारी जांच एजेंसी द्वारा जारी बयान के अनुसार, तलाशी एनआईए द्वारा दर्ज किए गए एक मामले का हिस्सा थी, जो भारत में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे विभिन्न आतंकवादी और कट्टरपंथी नेटवर्क और संगठनों को नष्ट करने के प्रयासों का हिस्सा था। ये कमजोर मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने की एचयूटी की साजिश से संबंधित है। फॉरेंसिक लेब जाएगी डिजिटल डिवाइस इसमें कहा गया है कि, युवाओं को भारत की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंकने और शरिया कानून द्वारा शासित एक इस्लामिक राज्य स्थापित करने के लिए हिंसा फैलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।’ बयान में ये भी कहा गया कि, एनआईए की टीमों ने तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस जब्त की, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की दस्सावेजी कार्रवाई की जा रही है। पहले भी हो चुका है एक्शन ये कोई पहली बार नहीं, बल्कि पहले भी कट्टरपंथी संगठनों द्वारा यहां छापामारी कर कई गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। ये लोग भोपाल में युवाओं का ब्रैनवॉश करते हुए पकड़े गए थे। पहले हुई गिरफ्तारियों में आतंकियों के तार बांग्लादेश से जुड़े हुए मिले थे। हिज्ब-उत-तहरीर के बारे में जानें हिज्ब-उत-तहरीर एक कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन है, जिसकी स्थापना 1953 में यरुशलम में हुई थी। इसका मकसद वैश्विक इस्लामी खलीफा (इस्लामिक स्टेट) की स्थापना करना है, जो उनके विचार में मुस्लिम दुनिया पर शरिया कानून लागू करेगा। संगठन का मुख्यालय मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय है। भारत में संगठन की गतिविधियां भारत में हाल के वर्षों में हिज्ब-उत-तहरीर की गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई है। मोदी सरकार ने इस संगठन को एक ‘खतरा’ मानते हुए इस संगठन को प्रतिबंधित किया है। सरकारी अधिकारियों की मानें तो हिज्ब-उत-तहरीर भारत में इस्लामिक स्टेट की स्थापना की दिशा में काम कर रहा है और यहां के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने में जुटा है। प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा इस संगठन की विचारधारा इस्लामिक कट्टरता पर आधारित है। ये लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को स्वीकार नहीं करता और एक एकीकृत इस्लामिक राज्य की स्थापना पर जोर देता है। संगठन का दावा है कि वह गैर-हिंसात्मक तरीके से काम करता है, लेकिन इसके समर्थक कई बार सरकार विरोधी और अशांत गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। HuT को आतंकवादी संगठन घोषित कर लगाया गया प्रतिबंध दरअसल, साल 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1953 में यरूशलम में बने वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HuT) को आतंकवादी संगठन घोषित कर इसके उपर प्रतिबंध लगा दिया था. यह संगठन देश में शरिया कानून लागू करने की साजिश रच रहा था.  सरकार का कहना था कि यह संगठन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है, जो की देश के भोले-भाले नागरिकों को जिहाद की आड़ लेकर उन्हें बैन आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल करने के लिए उकसाता है.

पचमढ़ी अभ्यारण्य का नया नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर, मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय

New name of Pachmarhi Sanctuary after Raja Bhabhut Singh, many important decisions in Mohan government’s cabinet meeting मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को पचमढ़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अब पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण्य का नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर होगा। यह फैसला राजा भभूत सिंह की वीरता और जनजातीय समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया। बैठक की शुरुआत पचमढ़ी के राजभवन में वंदे मातरम् के गायन के साथ हुई। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी कि राजा भभूत सिंह की जन्म और कर्मभूमि पर यह विशेष बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि राजा भभूत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया और उन्हें नर्मदा अंचल का शिवाजी माना जाता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्व विभाग के बिल को स्वीकृति दी है। इसमें प्रमुख राजस्व आयुक्त और अभिलेख आयुक्त के पदों को मिलाकर नया पद “कमिश्नर लैंड रिसोर्स एंड मैनेजमेंट” बनाया गया है। अब लोगों को सीधे और पारदर्शी सुविधा मिले, इसके लिए आईटी का प्रवेश राजस्व विभाग में जल्द हो। अब तहसीलदार को दो श्रेणी में बांटा जाएगा। राजस्व का न्यायालय देखने वाले न्यायालय देखेंगे और जो लॉ एंड ऑर्डर देखेंगे वो लॉ एंड ऑर्डर का काम ही देखेंगे। उन्होंने कहा कि आईटी के चलते अब विभाग के 500 पदों को समाप्त कर 1200 नए पद सृजित किए जाएंगे। इन नए पदों में सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित पदों को प्राथमिकता दी जाएगी। विजयवर्गीय ने कहा कि यह तेज गति से राजस्व को चलाने वाला देश का पहला राज्य मध्य प्रदेश होगा। इसके अलावा बैठक में श्रम विभाग के संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें ठेका श्रम विनियम उत्पादन अधिनियम 1970 में 20 ठेका श्रमिक को 50 तक बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। साथ ही कारखाना अधिनियम 1948 में 10 श्रमिक के स्थान पर 20 श्रमिक बिना हाथ से काम करने वाले यानी मशीन पर काम करने और हाथ से काम करने वालों की संख्या 20 से 40 की गई है। इन परिवर्तन से औद्योगिकरण में श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण करते हुए लेवर एक्ट में संशोधन किया है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में रात में काम करने की अनुमति देने हेतु श्रम कानूनों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। साथ ही, ठेका श्रमिकों से जुड़े नियमों को भी संशोधित किया जाएगा ताकि शोषण से बचाव हो सके। कैबिनेट ने इंदौर स्थित आईआईटी में “एग्रो आईआईटी हब” स्थापित किया जाएगा। यह हब कृषि क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें अच्छे बीज हो, अच्छी खेती और उत्पादन बढ़े इसको लेकर काम होगा। ताकि खेती लाभ का धंधा बनें। विजय शाह तीसरी बार कैबिनेट से नदारदजनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए। यह लगातार तीसरी बार है जब वे बैठक से अनुपस्थित रहे। कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए बयान को लेकर चल रही जांच के बीच उनकी गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।

गुटबाजी खत्म करो, बदलाव चाहिए तो बताओ – मैं करूंगा’: भोपाल में राहुल गांधी का कांग्रेस नेताओं को सख्त संदेश

Rahul Gandhi’s strong message to Congress leaders in Bhopal भोपाल | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करते हुए पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया: गुटबाजी अब और नहीं चलेगी, सभी को मिलकर संगठन को मजबूत करना होगा। पार्टी संगठन को मिशन 2028 के तहत नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश के तहत राहुल गांधी ने एक ही दिन में पांच अहम बैठकें कीं। उन्होंने सभी नेताओं से साफ कहा, कोई भी फैसला ऊपर से नहीं थोपा जाएगा। आप मिलकर निर्णय लें, और अगर कोई बदलाव चाहिए, तो बताइए – मैं करूंगा। लेकिन पहले एकजुट हो जाइए। संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश राहुल गांधी ने नेताओं को याद दिलाया कि पिछले बीस सालों में कांग्रेस का संगठन मध्य प्रदेश में कमजोर हुआ है और अब समय है इसे फिर से खड़ा करने का। उन्होंने संगठन को मजबूत, पारदर्शी और जनसरोकार से जुड़ा बनाने पर जोर दिया। कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ का लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय और जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करना है। राहुल गांधी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज़ सुनी जाएगी और निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाएंगे, न कि ऊपर से थोपे जाएंगे।

स्वावलंबी महिला, सशक्त राष्ट्र – अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली का भव्य आयोजन

Self-reliant women, strong nation – Ahilya Vahini women bike rally organized grandly भोपाल । लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर ‘स्वावलंबी महिला, सशक्त राष्ट्र’ की संकल्पना को साकार करते हुए भोपाल स्थित शौर्य स्मारक से अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली का भव्य शुभारंभ हुआ। इस जनकल्याणी पर्व के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण एवं उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से आयोजित इस रैली को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन पुलिस विभाग एवं खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस ऑर्केस्ट्रा ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर सांसद बीडी शर्मा, खेल एवं युवा कल्यारण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महा‍पौर श्रीमती मालती राय, डीजीपी कैलाश मकवाणा, अपर मुख्यि सचिव गृह जे.एन कंसोटिया, विशेष पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्ताव, संचालक खेल एवं युवा कल्याण राकेश गुप्ता, विधायक भगवान दास सबनानी सहित प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला पुलिसकर्मी, स्कूली छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। इच्छाशक्ति और सेवा भाव से रचा जा सकता है सशक्तह राष्ट्र – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में लोकमाता अहिल्याबाई की प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक समर्पण और उनके द्वारा स्थापित सुशासन की प्रेरणादायी परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई एक आदर्श बहू, आदर्श मां, आदर्श पत्नी और महान शासिका थीं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत दुखों को शक्ति में बदलते हुए नारी सशक्तिकरण, महिला शिक्षा, धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और जनकल्याण के अनेक कार्य किए। उन्होंसने कहा कि इच्छाशक्ति और सेवा भाव से ही सशक्तज राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाइक रैली के माध्यम से हमारी बहनें आज भोपाल की सड़कों पर चल रही हैं, यह हमारी संस्कृति, परंपरा और नारी सम्मान का प्रतीक है। देवी अहिल्या बाई की जीवनगाथा नारीशक्ति के लिए प्रेरणा स्त्रोत – डीजीपी कैलाश मकवाणापुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि देवी अहिल्या बाई की जीवनगाथा नारीशक्ति के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि “स्वयं के आत्मबल और दृढ़ इच्छा शक्ति से जीवन में कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है। देवी अहिल्या का जीवन इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सामाजिक न्याय और महिला उत्थान की नींव रखी।उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में इस सप्ताह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण को लेकर पुलिस विभाग निरंतर प्रयासरत है, जिसमें सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण सहित अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने उपस्थित छात्राओं से भी सोशल मीडिया के भ्रम से बचकर आत्मरक्षा व आत्मनिर्भरता की दिशा में सजग रहने की अपील की।विशेष पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचार श्रीवास्तमव ने कहा कि हमारे युवा वर्ग, हमारी बेटियों और महिलाओं में जो उत्साह और ऊर्जा दिखाई दे रही है, वह प्रेरणादायक है। यह भले ही एक प्रतीकात्मक प्रयास हो, लेकिन यह स्पष्ट संदेश देता है कि महिलाएं और बच्चियां भी मोटर बाइक चला सकती हैं। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त पहल है, जो दर्शाती है कि मध्यप्रदेश किसी भी शासन से इस दिशा में पीछे नहीं है।इस कार्यक्रम में सृजन कार्यक्रम के 500 बालक/बालिका भी शामिल हुए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल संरक्षण, आत्मरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में संचालित सृजन कार्यक्रम ने एक नई मिसाल कायम की है। सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र के झुग्गी झोपड़ियां एवं बस्तियों में निवासरत किशोर बालक-बालिकाओं हेतु सृजन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें गुड टच-बैड टच, महिलाओं पर होने वाले घरेलू एवं यौन हिंसा की रोकथाम, बाल अधिकारों, आत्मरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है। सृजन कार्यक्रम न केवल बच्चों को आत्मरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक बना रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य को नई दिशा भी दे रहा है। कार्यक्रम में भोपाल की संस्थाएं जैसे आरंभ सामाजिक संस्था मुस्कान, आरंभ, उदय संस्था मीत आदि संस्था शामिल हुई। जो लगातार पुलिस के साथ मिलकर थाना स्तर पर बच्चों को एकत्रित करके इस कार्यक्रम को सफल बना रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने किया आईएफएस को कमजोर करने वाले मप्र सरकार के आदेश को किया खारिज

Supreme Court rejects MP government’s order weakening IFS भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को मप्र सरकार द्वारा 29 जून, 2024 को जारी किए गए एक विवादास्पद आदेश को खारिज कर दिया। इस आदेश में कहा गया था कि गैर-वन अधिकारी – विशेष रूप से कलेक्टर और संभागीय आयुक्त – प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के एपीएआर संशोधन प्रक्रिया के आदेश को अनुचित ठहराते हुए वर्ष 2002 में पूर्ववर्ती आदेश को यथावत रखा। यानि अब डीएफओ और एपीसीसीएफ के एपीएआर में कलेक्टर कमिश्नर और प्रमुख सचिव टिप्पणी नहीं लिखेंगे। उच्चतम न्यायालय के आदेश से आईएफएस अफसर की जहां जीत हुई है वही प्रदेश के नौकरशाही खासकर एसीएस अशोक वर्णवाल की किरकिरी हुई है।पर्यावरण अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल और अन्य द्वारा दायर याचिका के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने माननीय न्यायमूर्ति मसीह के साथ मिलकर यह फैसला सुनाया। बुधवार को सुप्रीम न्यायालय ने प्रशासनिक औचित्य और पारिस्थितिकी संवेदनशीलता के सिद्धांतों को बरकरार रखते हुए आदेश को निर्णायक रूप से रद्द कर दिया। पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हमें यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि विवादित सरकारी आदेश प्रकृति में अवमाननापूर्ण है, क्योंकि यह सरकारी आदेश इस न्यायालय के दिनांक 22 सितम्बर 2000 और 19 अप्रैल 2024 के पूर्वोक्त आदेशों का उल्लंघन करता है और इसे इस न्यायालय से स्पष्टीकरण/संशोधन मांगे बिना ही जारी किया गया है। हम ऐसे सरकारी आदेश जारी करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू कर सकते थे। हालांकि, हम ऐसा करने से खुद को रोकते हैं। उक्त सरकारी आदेश इस न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण रद्द किए जाने योग्य है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। अधिवक्ता बंसल ने आदेश की संवैधानिकता और प्रशासनिक सुदृढ़ता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि इसने भारतीय वन सेवा की संस्थागत अखंडता का उल्लंघन किया है और वन संरक्षण प्रयासों को कमजोर किया है। उन्होंने प्रस्तुत किया कि महत्वपूर्ण वन और वन्यजीव संरक्षण कार्य का आकलन करने में गैर-वन अधिकारियों को शामिल करना न केवल अनुचित होगा, बल्कि टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ (2000) और संतोष भारती बनाम मध्य प्रदेश राज्य जैसे ऐतिहासिक पर्यावरण मामलों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित कानूनी मिसालों के भी विपरीत होगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य का आदेश भारतीय वन सेवा की स्वायत्तता और तकनीकी अध्यादेश का उल्लंघन करता है और भारत के वन प्रशासन के लिए इसके दूरगामी परिणाम हैं। क्या थी एपीएआर लिखने की नई व्यवस्था? 29 जून 24 को जारी आदेश के तहत राज्य शासन ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एपीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। राज्य शासन के आदेश खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका कर्ता एडवोकेट गौरव कुमार बंसल ने अपने याचिका में कहा है कि 29 जून 24 के अपने आदेश के तहत मध्य प्रदेश राज्य ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए पीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। आईएफएस का संरक्षण जरूरी जहां भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का समग्र काम राजस्व और प्रशासनिक मामलों पर केंद्रित है और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का काम कानून और व्यवस्था पर केंद्रित है, वहीं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों का काम प्रकृति में अधिक तकनीकी है। वह पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित हैं। इस अद्वितीय भूमिका के कारण, कई बार भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जब उनके संरक्षण प्रयास राज्य अधिकारियों द्वारा अपनाए गए विकासात्मक उद्देश्यों से टकराते हैं। ऐसे आईएफएस अफसरों का संरक्षण अधिक जरूरी है। अतः एपीआर लिखने की प्रक्रिया में संशोधन गैर वाजिब है।

श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाएं, सरकार खरीदेगी किसानों से श्रीअन्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Increase the production of Shrianna, the government will buy Shrianna from farmers: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रागी, कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा, मक्का जैसे श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाया जाए और किसानों को श्रीअन्न उत्पादन के लिए प्रोत्साहि त किया जाए। किसानों द्वारा उत्पादित श्रीअन्न अब सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा कि तुअर उत्पादक किसानों को अच्छे किस्म के खाद, बीज और उत्पादन वृद्धि के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाए। इसके लिए किसानों को फसल अनुदान देने और उनकी फसल का बीमा कराने जैसे नवाचार भी किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि एम. सेल्वेन्द्रम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी के अलावा फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी स्थापना के लिए भी करें प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी मंडियों में प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मंडियों का विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों से आकस्मिक निरीक्षण करायें। मंडियों की व्यवस्थाओं को और भी बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई जरूरतों के मुताबिक अब अलग-अलग मंडियों की स्थापना पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडियों का फसलवार मॉडल तैयार करें। कृषि उपज मंडी के अलावा अब फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी या अन्य विशेष पैदावार की मंडी स्थापना के लिए भी प्रयास किए जाएं। इसके लिए रोडमैप तैयार किया जाए और यदि आवश्यकता है तो इसमें प्रायवेट सेक्टर को भी सम्मिलित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडियों में जारी वर्तमान व्यवस्थाओं का समुचित तरीके से किसानों के हित में प्रबंधन किया जाए। मंडी शुल्क की प्राप्त राशि से किसानों की कल्याण गतिविधियों पर फोकस किया जाए। आदर्श बनें प्रदेश की कृषि उपज मंडियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों को आदर्श बनाया जाए। मंडियों में कृषि आधारित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। मंडियों में किसानों को फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंडी में अपनी फसल बेचने आने वाले हर किसान को उसकी उपज का सही दाम मिले किसी का भी नुकसान न होने पाए। मंडियों को और अधिक आधुनिक बनाया जाए यहां किसानों को उनके उपज में गुणवत्ता संवर्धन के बारे में भी बताया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी मंडियां अपने विकास कार्यों के लिए आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय निकायों से नई मंडियों की स्थापना/ फसल भण्डारण क्षमता बढ़ाने के लिए समन्वय करें, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक सुविधाएं मिल सकें। किसानों को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रदेश के किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों, अच्छा भाव, अनुदान आदि का प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न रागी, कोदो-कुटकी, मक्का, ज्वार, बाजरा की फसलों को प्रोत्साहन दिया जाए। इन फसलों के उत्पादक क्षेत्र को अच्छी पैदावार करने के लिए प्रोत्साहन मिले। आवश्यकता अनुसार अनुदान की राशि भी बढ़ाई जाए। ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग को करें हतोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए खरपतवारनाशकों को हतोत्साहित करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा मिले। स्वाभाविक फसलों की पैदावार पर विशेष जोर दिया जाए। कृषि उद्योग समागम के अनुभवों से आगे बढ़ें, किसानों को मिले बेहतर परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के हर संभाग में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों में कृषि आधारित उद्योगों में निवेश पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में मंदसौर जिले के सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को कृषि के आधुनिक यंत्रों और तकनीक से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीतामऊ में हुए कृषि उद्योग समागम के अनुभवों को सामने रखें और इन अनुभवों के आधार पर आगे होने वाले कृषि उद्योग समागमों की तैयारी करें, जिससे किसानों को इन समागमों से अधिक और बेहतर परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों में नरवाई जलाने से रोकने के प्रयास किए जाएं। किसानों को हैप्पी सीडर कृषि यंत्र का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कृषि यंत्रों को प्रोत्साहन और हर ग्राम पंचायत में हैप्पी सीडर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। तीन फसलों को जल्द ही मिलेगा जीआई टैग बैठक में बताया गया कि राज्य शासन की प्रगतिशीलता से प्रदेश में उत्पादित होने वाली 3 फसलों को बहुत जल्द जीआई-टैग मिल जाएगा। सचिव कृषि ने बताया कि डिंडोरी जिले की नागदमन मकुटकी, सिताही कुटकी और बैंगनी अरहर की फसल को जीआई टैग परीक्षण के लिए भेजा गया है, उम्मीद है कि जल्द ही इन फसलों को जीआई टैग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू करने के बाद प्रदेश में बीते एक अप्रैल 2025 से प्रदेश की सभी 259 मंडियों में ई-मंडी योजना भी लागू कर दी गई है। सभी मंडियों में अब डिजीटल तरीके से रिकार्ड कीपिंग की जा रही है। 26,27 एवं 28 मई को नरसिंहपुर में होगा कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन बैठक में सचिव कृषि ने जानकारी दी कि आगामी 26, 27 एवं 28 मई को जिला मुख्यालय नरसिंहपुर में कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन सह विशाल कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। आयोजन में कृषि आधारित उद्योगों के बारे में जानकारी के अलावा दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, शाक-सब्जी उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, उद्यानिकी, बागवानी, उन्नति किस्म के बीज, खाद, उर्वरक की जानकारी सहित उन्नत कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिन अलग-अलग गतिविधियां होंगी। इस दौरान उन्नत कृषि उपकरणों के साथ किसानों से आधुनिक कृषि उपकरणों की बुकिंग भी कराई जाएगी। कृषि के क्षेत्र में नए र्स्टाट-अप्स के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने बताया … Read more

भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल, बनेगी ग्रेटर केपिटल सिटी

भोपाल  भोपाल को ग्रेटर केपिटल की तर्ज पर विकसित करने के लिए भोपाल विकास प्राधिकरण को भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन (Bhopal Metropolitan Region)का नोडल एजेंसी बनाया है। इंदौर में भी आइडीए का यह जिमा सौंपा गया है। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल हैं। प्रमुख सचिव शहरी आवास एवं विकास संजय शुक्ला के अनुसार बीडीए कंसलटेंट तय कर आगामी प्लानिंग बनाएगा। यह उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी।भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ को मिलाकर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत अगले 14 महीने में पांचों जिलों का सर्वे करने के साथ रीजनल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट प्लान बनाया जाएगा। इस प्लान के आधार पर भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाया जाना है। बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह के कार्यालय में पांचों जिलों के कलेक्टर्स की मौजूदगी में बीडीए के सीईओ श्यामवीर सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें डीपीआर को लेकर बात रखी गई। आठ हजार वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र कवर होगा संभागायुक्त ने बताया कि पांच जिलों के आठ हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा और इसमें पांच जिले शामिल होंगे, जिसमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ शामिल किया गया है। इन जिलों को जोड़ने से महानगर की आबादी 35 लाख हो जाएगी। चार स्टेज में काम किया जाएगा। पहले चरण में टीम का गठन, सर्वे, बैठकें आयोजित कर अमलीजामा पहनाना, वर्कप्लान फाइनल करना, सभी विभागों का सर्वे अपने अपने एरिया में करना और विधानसभावार 18 विभागों का डेटा जुटाने का काम किया जाएगा, जबकि आखिरी स्टेज में इंजीनियरिंग, लागत अनुमान और वर्कप्लान की डीपीआर तैयार की जाएगी। दो जून को डीपीआर बनाने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इसके आधार पर टैंडर लेने वाली कंपनी को डीपीआर बनाने का काम सौंपा जाएगा। इस डीपीआर के लिए 18 विभागों से डेटा मांगा गया है। ये तहसील होंगी शामिल     भोपाल जिला : हुजूर, बैरसिया, कोलार     विदिशा जिला : विदिशा शहर, ग्यारसपुर, गुलाबगंज     रायसेन जिला : रायसेन, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज     सीहोर जिला : सीहोर शहर, आष्टा, इच्छावर, श्यामपुर, जावर     राजगढ़ जिला : राजगढ़, नरसिंहगढ़, पचोर ये भी होंगे काम     पांचों जिलों के गांव और शहरों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा     सड़कों को एक दूसरे से जोड़कर आवागमन आसान किया जाएगा     इन शहरों शुरू होगा उद्योगों का विकास     इन जिलों के पर्यटन क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा     सैटेलाइट से गांवों को चिह्नित किया जाएगा     कचरा डिस्पोजल और सीवेज सिस्टम भी डेवलप किया जाएगा ऐसे होगा काम ● सीहोर- भोपाल की प्लानिंग कर तालाब व कैचमेंट संरक्षण का काम होगा। ● मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र को भोपाल से जोडकऱ काम किया जाएगा। ● अन्य जिलों में स्थित भोपाल के पास की वैश्विक धरोहरें सांची, भीमबैठका और अन्य पर भोपाल से काम तय हो जाएगा। ● मेट्रो का नेटवर्क भी पास के क्षेत्रों तक बढ़ाने की राह खुलेगी। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग मेट्रोपॉलिटन रीजन में सेटेलाइट टाउन बनाकर नए आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। अतिरिक्त आबादी को इसमें बसाया जाएगा। शहरी क्षेत्र की बजाय रीजन के रूरल एरिया में विशेष आवासीय क्षेत्र बनाकर लोगों को बसाएंगे और कार्यस्थल पर आवाजाही के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करेंगे। इतना ही नहीं, रीजन में नए टूरिस्ट सेंटर व सर्किट तय किए जाएंगे। इस तरह होगा विकास का खाका क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की योजना ग्रोथ सेंटर को चिन्हित करना सेटेलाइट टाउन के लिए क्षेत्र चिन्हित करना टूरिस्ट सेंटर व सर्किट भी तय होगा पर्यावरणीय विकास के लिए पूरा मैनेजमेंट तय करना बेहतर कृषि भूमि का संरक्षण प्लान कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान होगा, जिसमें रोड, प्राकृतिक नाले, जनसुविधाएं व सेवाओं के साथ रीजन के आर्थिक विकास का पूरा मैप रहेगा। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का प्राथमिक मैप तैयार है। बेहतर प्लान के साथ रीजन तय करेंगे। भोपाल का स्वरूप बदलेगा, विकास की संभावनाएं बढ़ेगी। – संजीव सिंह, संभागायुक्त व प्रशासक बीडीए एमपी में 9 शहरों को मिलाकर बनेंगे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र, 6 संभागों का होगा डेवलपमेंट  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। 5 जिलों की बदल जाएगी सूरत, जानिए कैसे मेगा रोड प्रोजेक्ट से 80 लाख को होगा फायदा  मध्य प्रदेश के पांच जिलों – भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में मेगा रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य इन जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत, आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लोग 80 लाख की आबादी तक को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इन जिलों को भोपाल से बेहतर कनेक्ट करने के लिए सड़क नेटवर्क पर काम तेज कर दिया गया है और कंसल्टेंट तय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अगले एक महीने में इन पांच जिलों से जुड़े रोड नेटवर्क का सर्वे भी पूरा कर लिया जाएगा। सीएम का ग्रेटर राजधानी की बात करना हाल ही में भोपाल में आयोजित आंबेडकर ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृहद राजधानी के निर्माण की बात की थी। इस घोषणा के बाद से ही इस दिशा में कार्य शुरू हो गया था और अब वृहद राजधानी के रूप में भोपाल और आसपास के इलाकों … Read more

मध्यप्रदेश में मंजूरी के 4 दिन बाद तबादला नीति जारी: आधी रात के बाद आदेश; जिनकी परफॉर्मेंस खराब, उनको पहले बदलेंगे

Transfer policy issued in Madhya Pradesh 4 days after approval: Order after midnight; Those with poor performance will be replaced first 29 अप्रैल को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी थी, लेकिन आदेश जारी नहीं किए गए थे। भोपाल। मध्यप्रदेश में कैबिनेट की मंजूरी के चार दिन बाद आधी रात को सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है। एक अप्रैल 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच जिन अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया है, उनका ट्रांसफर मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। मंगलवार 29 अप्रैल को मोहन कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी थी, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके आदेश जारी नहीं किए थे। शनिवार और रविवार की रात 12.05 बजे राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है। इसमें राज्य एवं जिला स्तर पर तबादले के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नीति जारी की गई है. जिसका पालन सभी विभागों को करना होगा। प्रदेश में 6 लाख 6 हजार नियमित कर्मचारी हैं। नई तबादला नीति में 10% का तबादला होना तय माना जा रहा है। ऐसे में 30 मई तक 60 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकते हैं। तबादला नीति की 3 बड़ी बातें… विभाग अपने लिए अलग से तबादला नीति बना सकेंगे, लेकिन जीएडी के प्रावधानों का पालन करना जरूरी होगा। जीएडी की नीति से हटकर किए जाने वाले तबादलों में मुख्यमंत्री के समन्वय में आदेश प्राप्त करने होंगे। जिला संवर्ग के कर्मचारी का और राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर तबादला कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद किया जाएगा। पुलिस तबादला बोर्ड के फैसले पर जिलों में पोस्टिंग तबादला नीति में कहा गया है कि गृह विभाग के अंतर्गत उप पुलिस अधीक्षक से नीचे के पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले गृह विभाग द्वारा गठित पुलिस स्थापना बोर्ड ‌के आधार पर होंगे। तबादला बोर्ड द्वारा जिले में पदस्थापना का निर्णय लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ‌द्वारा प्रभारी मंत्री के परामर्श के बाद पदस्थापना की जाएगी। उप पुलिस अधीक्षक और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण पुलिस स्थापना बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभागीय मंत्री के अनुमोदन बाद सीएम समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर किए जाएंगे। कमजोर परफार्मेंस वालों को पहले हटाएंगे तबादला नीति में प्रावधान किया है कि प्रशासनिक आधार पर किए जाने वाले तबादलों में उन शासकीय सेवकों को पहले बदला जा सकेगा, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया है। यानी उनका परफार्मेंस कमजोर रहा हो। यह अनिवार्य नहीं है कि 3 साल पूर्ण होने पर ही तबादला किया जाए। खुद के खर्च पर ऐसे होंगे ट्रांसफर जो कर्मचारी-अधिकारी खुद के खर्च पर ट्रांसफर करवाना चाहते हैं या परस्पर ट्रांसफर चाहते हैं, उनके आवेदन ऑनलाइन या कार्यालय प्रमुख ‌द्वारा सत्यापित आवेदन के रूप में पेश किए जाएंगे। स्वयं के व्यय पर रिक्त परस्पर किए गए स्थानांतरण तथा प्रशासनिक कारणों से किए गए स्थानांतरण संबंधी आदेश अलग-अलग जारी किए जाएंगे। स्वेच्छा से स्थानांतरण संबंधी आवेदन में उन शासकीय सेवकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण किया गया हो। तबादला नीति में ये प्रावधान भी खास हैं… जो अधिकारी या कर्मचारी एक साल या उससे कम समय में रिटायर हो रहे हैं, उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। पति-पत्नी एक साथ ट्रांसफर का आवेदन देते हैं तो उनका ट्रांसफर किया जा सकेगा। लेकिन नियुक्ति की जगह प्रशासनिक जरूरत के आधार पर तय होगी। ऐसे कर्मचारी जिन्हें गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, किडनी खराब होने के कारण डायलिसिस या हार्ट सर्जरी की वजह से रेगुलर जांच कराना जरूरी है, उनका जहां ट्रांसफर होता है वहां ये सुविधा नहीं है तो मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर उनकी चाही गई जगह पर ट्रांसफर हो सकेगा। जो कर्मचारी 40% या इससे अधिक दिव्यांग कैटेगरी में हैं, उनके ट्रांसफर नहीं होंगे। वे चाहें तो खुद से ट्रांसफर ले सकेंगे। सभी तरह के अटैचमेंट खत्म होंगे ट्रांसफर पॉलिसी में कहा है कि सभी प्रकार के अटैचमेंट खत्म किए जाना है। साथ ही तबादले से रिक्त होने वाले पद की भरपाई उसी पद या समकक्ष अधिकारी की पदस्थापना से की जाएगी। नियमित अधिकारी या कर्मचारी का तबादला कर उस पद का चार्ज जूनियर अधिकारी कर्मचारी को नहीं दिया जाएगा। जितने भी तबादले होंगे उसकी जानकारी विभाग प्रमुखों को जीएडी को देना अनिवार्य होगी। जिसका तबादला हो जाएगा, उस शासकीय सेवक का अवकाश नई पदस्थापना वाले कार्यालय में जॉइन करने के बाद ही स्वीकृत किया जाएगा। सभी तबादला आदेश ऑनलाइन अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष के ई-ऑफिस माड्यूल से ही किए जाएंगे। 30 मई के बाद की गई एंट्री को शून्य माना जाएगा। ऐसे आदेशों का पालन नहीं होगा। कर्मचारी संगठन पदाधिकारियों को इस आधार पर मिलेगी छूट शासन से पत्राचार करने की मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की प्रदेश, संभाग, जिला, तहसील, विकासखंड शाखा के पदाधिकारियों जैसे अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष को पद पर नियुक्ति के बाद स्थानांतरण से दो पदावधि के लिए यानी 4 साल तक के लिए छूट रहेगी। यह सुविधा उसके पूरे सेवाकाल में दो पदावधि के लिए मिलेगी। चार साल से अधिक समय होने पर प्रशासकीय आवश्यकता के आधार पर ऐसे पदाधिकारियों को भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। संगठन के पदों में नियुक्ति की पूर्व सूचना के संबंध में सक्षम अधिकारी से संतुष्टि का आधार लिया जाएगा। काॅलेज से अतिशेष शिक्षकों को हटाएंगे तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास, उच्च शिक्षा विभाग के जिन संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों में विषयवार तय संख्या से अधिक शिक्षक काम कर रहे हैं, वहां से अतिशेष शिक्षकों को दूसरी जगह पदस्थ किया जाएगा। ऐसा करने से जूनियर टीचर को अतिशेष कर्मचारी होने की स्थिति में सबसे पहले स्थानांतरित किया जाएगा। मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग शिक्षकों और जिनका रिटायरमेंट एक साल के कम है, उन्हें स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। स्कूल शिक्षा में 6 से 16 मई तक लेंगे आवेदन उधर, स्कूल शिक्षा विभाग की तबादलों के लिए जारी गाइडलाइन में कहा है कि स्वैच्छिक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन 6 मई से 16 मई तक किए जा सकेंगे। इस पर आदेश जनरेट करने का काम 20 मई तक होगा। ऐसे अतिशेष शिक्षक जिन्होंने स्वैच्छिक स्थानांतरण का … Read more

उपभोक्ता की जीत: सॉफ्ट ड्रिंक पर अतिरिक्त 1 रुपये जीएसटी वसूलने पर रेस्तरां को ₹6,000 भुगतान का आदेश

Consumers win: Restaurant ordered to pay ₹6,000 for charging extra Rs 1 GST on soft drinks भोपाल, संवाददाता। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिवक्ता अर्चित दीक्षित द्वारा अनिरुद्ध वाधवानी Vs हॉन्ग कॉन्ग चाइनीज केस में जीत हासिल की है। जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा में एक अहम निर्णय में रेस्तरां को आदेश दिया है कि वह सॉफ्ट ड्रिंक पर अतिरिक्त ₹1 जीएसटी वसूलने के चलते उपभोक्ता को ₹6,000 का भुगतान करे। मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने भोपाल में एम. पी. नगर जोन-2 स्थित हॉन्ग कॉन्ग चाइनीज रेस्तरां में भोजन करते समय एक सॉफ्ट ड्रिंक का ऑर्डर दिया था। बिल में उत्पाद के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के ऊपर अतिरिक्त ₹1 जीएसटी के रूप में वसूला गया। आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद, रेस्तरां प्रबंधन ने संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिसके पश्चात द्वारा उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दायर की। सुनवाई के दौरान फोरम ने स्पष्ट किया कि किसी भी उत्पाद के MRP में कर सम्मिलित होते हैं और उपभोक्ता से MRP से अधिक राशि वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए रेस्तरां को आदेशित किया कि वह शिकायतकर्ता को मानसिक कष्ट और उत्पीड़न के मद में ₹5,000 तथा ₹1,000 मुकदमेबाजी व्यय के रूप में अदा करे।

एमएफपी पार्क में आदिवासी समितियों को दरकिनार कर व्यापारिक सिंडिकेट से हो रही खरीदी

Purchases are being made from commercial syndicates in MFP Park bypassing the tribal committees पूर्व विधायक उरेती ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग भोपाल। मध्यप्रदेश में लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र (एमएफपी पार्क) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। आदिवासी हितों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच भाजपा के पूर्व आदिवासी विधायक दुलीचंद उरेती ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय गैर विभागीय जांच की मांग की है। उरेती का आरोप है कि सहकारी संस्थान के नाम पर एमएफपी पार्क व्यापारिक सिंडिकेट को फायदा पहुंचा रहा है, जबकि आदिवासी समितियों और वनधन केंद्रों को खरीदी प्रक्रिया से बाहर रखा जा रहा है।पूर्व विधायक उरेती ने आरोप लगाया कि एमएफपी पार्क द्वारा रॉ मटेरियल की खरीदी में सहकारी समितियों के बजाय पसंदीदा निजी फर्मों से टेंडर के माध्यम से सामग्री खरीदी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से भरी हुई है। कई बार टेंडर की शर्तें ऐसी रखी जाती हैं कि केवल बड़ी व्यापारिक कंपनियां ही हिस्सा ले सकें। इस कारण से असली हितग्राही—आदिवासी संग्राहक और समितियां—प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। गूग्गल खरीदी में घोटाले का आरोप उरेती ने हाल ही में गूग्गल खरीदी में हुई अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसमें नियमों को ताक पर रखकर एमओयू के माध्यम से एक निजी व्यापारी से ऊंचे दामों पर खरीदी की गई, जिससे संस्था को लाखों का नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में एक एसडीओ को बचा लिया गया जबकि एसीएफ की रिपोर्ट में कई वरिष्ठ अधिकारी दोषी पाए गए। आठ वर्षों में 100 करोड़ से अधिक की खरीदी शिकायती पत्र में बताया गया कि बीते आठ वर्षों में एमएफपी पार्क ने करीब 100 करोड़ रुपये की लघु वनोपज खरीदी की है। यह खरीदी बिना संचालक मंडल की स्वीकृति या वनोपज संघ से अनुमति लिए बिना की गई। परफॉर्मेंस गारंटी जैसी शर्तों का उल्लंघन कर फर्मों को लाभ पहुंचाया गया।टेंडर प्रक्रिया आदिवासियों के खिलाफ उरेती ने कहा कि निविदा शर्तों में ऐसा प्रावधान कर दिया गया है कि जिन फर्मों का टर्नओवर एक करोड़ रुपये हो और जिनके पास मान्यता प्राप्त लैब रिपोर्ट हो, वही हिस्सा ले सकती हैं। इससे आदिवासी समितियां और छोटे व्यापारी पूरी तरह से बाहर हो जाते हैं। यहां तक कि प्रदेश में उपलब्ध वनोपज जैसे आंवला, हर्र, बहेड़ा, शहद, महुआ आदि को भी निजी फर्मों से ऊंचे दामों पर खरीदा जा रहा है। गैर विभागीय जांच समिति की मांग पूर्व विधायक उरेती ने मांग की है कि वनोपज खरीदी के लिए जारी मौजूदा टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए और एक निष्पक्ष, गैर विभागीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। साथ ही विगत दस वर्षों के एमओयू, खरीदी गई सामग्री, संबंधित फर्मों और भुगतान की गहन जांच की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आदिवासी संग्राहकों, वन समितियों और वनधन केंद्रों के माध्यम से खरीदी सुनिश्चित की जाए।एमएफपी पार्क में हो रही अनियमितताएं एक बार फिर इस सवाल को जन्म देती हैं कि आदिवासी कल्याण के नाम पर चलाई जा रही योजनाओं का असली लाभ किसे मिल रहा है। यदि आरोप सही हैं, तो यह आदिवासियों के अधिकारों और संसाधनों की खुली लूट है, जिसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।

BHEL में भीषण आग, एक के बाद एक हो रहे धमाके, कई किलोमीटर दूर दिख से रहा धुआं

Huge fire in BHEL, explosions happening one after another, smoke visible several kilometers away Huge Fire in BHEL : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। शहर के पिपलानी थाना क्षेत्र में स्थित हिंदुस्तान के 9 रत्नों में से एक भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड ( BHEL ) में गुरुवार की दोपहर भीषण आग लग गई। बताया गया कि आग भेल के 9 नंबर गेट के पास कॉमर्शियल ग्रीन बेल्ट एरिया में लगी थी, जिसपर अब और अपडेट सामने आया है।जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में स्थापित ऑयल की टंकियों में ब्लास्ट हुआ है। आग इतनी भयावह है कि कई किलोमीटर दूर से उसका काला धुआं देखा जा सकता है। आग बुझाने के लिए दमकल की 8 फायर गाडियां और 4 टैंकर मौके पर भेजे जा चुके हैं। अबतक की गई कार्रवाई के अनुसार, तेज गर्मी के चलते आग तेजी से फैली है। आग लगने से बीएचईएल के साथ-साथ आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई है। घटना के बाद एक तरफ तो बीएचईएल का अपना अग्निशमन यंत्र सक्रीय कर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण दमकल विभाग को सूचना दी गई। जानकारी लगते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई हैं। फिलहाल, खबर लिखे जाने के दौरान आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। इधर, भेल परिसर में स्थित जिस कारखाने के नजदीक आग लगी है, विशेष रूप से उसके अधिकारी-कर्मचारियों को परिसर से बाहर सुरक्षित स्थान पर कर दिया गया है, ताकि किसी अप्रीय घटना से बचा जा सके।चुनौती साबित हो रहा आग पर काबू पाना प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आग लगने के कुछ देर में ही धुए का बड़ा गुबार आसमान पर छा गया, जिसने विशेष रूप से स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई। बेल परिसर के बाहर सड़क पर स्थित कुछ लोग तो एहतियाद के तौर पर अपनी दुकानें भी बंद कर चुके हैं, ताकि समय रहते किसी अनहोनी से बच सकें। फिलहाल, आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। दमकल दल की मानें तो गर्म हवाओं के कारण आग पर काबू पाना काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। प्रशासन ने दिए जांच के आदेशफिलहाल, आग लगने के कारणों का अबतक कोई पता नहीं चल सका है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आगजनी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, साथ लोगों से घटनास्थल के आसपास तक न जाने की अपील की है।

29 करोड़ के वाहन खरीदी में गड़बड़झाला होने की चर्चा, बिना वाहन प्राप्त किए ही कर दिया पूरा भुगतान

There is talk of irregularities in the purchase of vehicles worth Rs 29 crores, full payment was made without receiving the vehicles भोपाल । 29 करोड़ के वाहनों की खरीदी में नियम-प्रक्रिया और पारदर्शिता का पालन नहीं होने पर गड़बड़झाला की आशंका को बल मिल रहा है। वह भी तब जब वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव गिनती बिरादरी में ईमानदार अफसर की है। अब वाहनों की खरीदी पर शिकवे-शिकायतों का दौर शुरू हो गया है और मांग की जा रही है कि एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई जाए। भंडार क्रय नियम की अनदेखी कर वाहन प्राप्त किए बिना ही पूरा भुगतान कर दिया।वन विभाग ने 29 करोड़ में गाडियों की खरीदी की गई। जिसमें लगभग 108 बुलोरों नियों, 27 बुलेरों, 65 स्कार्पियों, 4 सियाज, 10 ट्रक की खरीदी की गई। खरीदी की नियत पर शंका इसलिए पैदा हो रही है, क्योंकि खरीदी Gem से हुई है, परन्तु बिना निविदा बुलाए। यदि नियत ठीक थी तो निविदा क्यों नहीं आमंत्रित किया गया। बिना संचालक के आए बैठक संपन्न कर ली गई। इसके पहले लघु वनोपज संघ में एमडी रहे सेवानिवृत वन बल प्रमुख जव्वाद हसन और पुष्कर सिंह के कार्यकाल में क्रमशः 145 करोड़ और 200 करोड़ की कीमत के जूते-चप्पल, छाते और पानी बोतल की खरीदी हुई पर भंडार क्रय नियमों और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा गया। यही वजह रही कि खरीदी पर कभी सवाल नहीं उठे। जबकि पूर्व विभाग प्रमुख स्वर्गीय आरडी शर्मा के कार्यकाल में वायरलेस की खरीदी हुई जिस पर खूब बवाल मचा। विधानसभा में प्रश्नों की झड़ी लग गई। वैसे तो स्वर्गीय शर्मा की ईमानदारी पर शक नहीं किया जा रहा था किंतु उनके स्टेनों की कलाकारी से विवाद शुरू हुआ। यहां भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। न तो एक्सपर्ट कमेटी की राय ली गई और न ही शाखा प्रमुखों से उनकी रिटायरमेंट पूछी गई। शाखा प्रमुखों के लिए खरीदी गए वहां में जो एसेसरी चाहिए थी वह भी नहीं उपलब्ध कराए गए। मोटर साइकिल, कार जिप्सी के बदले में luxury वाहन खरीदेवन विभाग के विजिलेंस शाखा में आईटीआई कार्यकर्ता पुनीत टंडन ने शिकायत दर्ज कराई है कि वाहनों की खरीदी में गड़बड़ी की गई है। अपनी शिकायत में ठंडन ने कहा है कि अपलिखित वाहनों के बदले क्रय की स्वीकृति मिली हैं। इसमें 50 वाहनों 15 वर्ष पुराने हैं तथा 60 अपलिखित होकर नीलाम हुऐ हैं, तो स्वीकृति 110 वाहन की मिलनी थी। यह भी ज्ञात हुआ है कि चालू गाडियों को नीलाम बताकर अधिक गाडियों की खरीदी की है। शिकायत के प्रमुख बिन्दू

एमपी में 1 मई से होंगे कर्मचारियों के तबादले: अगले हफ्ते आएगी ट्रांसफर नीति

Employees will be transferred in MP from May 1: Transfer policy will come next week भोपाल । मध्यप्रदेश में करीब ढाई साल बाद 1 से 31 मई तक कर्मचारियों के तबादले होंगे। मंगलवार को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। बैठक शुरू होने से पहले एक न्यूज एजेंसी से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी तबादलों से रोक हटाने के संकेत दिए थे। सीएम ने कहा, हमारी कोशिश रहेगी कि तबादला नीति अगली कैबिनेट बैठक तक आ जाए। से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी तबादलों से रोक हटाने के संकेत दिए थे। सीएम ने कहा, हमारी कोशिश रहेगी कि तबादला नीति अगली कैबिनेट बैठक तक आ जाए। बता दें, मध्यप्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल के अंत में कुछ विशेष मामलों में तबादलों की छूट दी गई थी, लेकिन इससे कई कर्मचारी वंचित रह गए थे। सीएम चाहते थे शैक्षणिक सत्र के बाद हों तबादलेएक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि पिछले साल मुख्यमंत्री की यह मंशा थी कि शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले न हों। इसकी दो वजह भी बताईं… सत्र के बीच किसी शिक्षक का तबादला होता है, तो उस स्कूल के छात्रों का कोर्स प्रभावित होता है। शिक्षक को भी नई संस्था में जाने के बाद रुटीन में आने में समय लगता है। दूसरे विभागों के कर्मचारियों के बीच में तबादले होते हैं, तो उनके बच्चों को स्कूल शिफ्ट करने में परेशानी होती है। कर्मचारी और परिवार सत्र खत्म होने तक दूर-दूर रहते हैं। आखिरी बार अक्टूबर 2022 में हुए थे तबादलेबता दें, एमपी में 2022 के बाद अब तबादले हाेंगे। तब जून 2021 की तबादला नीति के आधार पर तबादले हुए थे। प्रदेश में 7.50 लाख कर्मचारी हैं। इनमें से डेढ़ से दो लाख कर्मचारी तबादलों से प्रभावित होते हैं। जनवरी 2025 में सरकार ने गंभीर बीमारी या कारण वाले मामलों में तबादले में छूट दी थी। ये तबादले प्रभारी मंत्री की सहमति से किए गए थे।

बोर्ड ऑफिस चौराहा पर खड़ी मोटरसाइकिल में अचानक लगी आग, जलकर हुई खाक – पुलिस और दमकल नहीं पहुंचे समय पर

A motorcycle parked at Board Office crossing suddenly caught fire and was burnt to ashes – police and fire brigade did not reach on time भोपाल। शहर के व्यस्ततम बोर्ड ऑफिस चौराहा पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोटरसाइकिल में अचानक धुआं निकलने लगा और फिर आग भड़क गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन अफसोसजनक बात यह रही कि दोनों ही समय पर मौके पर नहीं पहुंच सके। जब तक दमकल या पुलिस पहुंचती, तब तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने काफी प्रयास किए लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई कुछ नहीं कर सका। सौभाग्य से इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्थानीय लोगों में प्रशासन की लापरवाही को लेकर नाराजगी देखी गई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि घटना तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण हुई हो सकती है।

भोपाल में भीषण गर्मी के बीच राहत, स्कूलों के समय में बदलाव; सुबह 7:30 से 12 बजे तक

भोपल मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के चलते भोपाल में राहत की घोषणा की है। अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे, ताकि बच्चों को तेज गर्मी से बचाया जा सके। दोपहर 12 बजे के बाद स्कूलों को खोलने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय बच्चों की स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे उन्हें गर्मी के प्रभाव से कुछ राहत मिलेगी। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। प्रदेश में पारा 42 डिग्री पार हो गया है। बड़ों का हाल बेहाल है तो वहीं अब स्कूल के बच्चों की हालत खराब हो रही है। अब इसमें राहत देते हुए सागर कलेक्टर ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। जिसके अनुसार अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। यानी दोपहर 12 बजे के बाद स्कूलों को लगाने की अनुमति नहीं होगी।

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Global Skill Park should

All seats of Global Skill Park should be filled: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क की ब्रांड वैल्यू को स्थापित करते हुए यहाँ की सभी सीटें भरना सुनिश्चित किया जाएं। स्किल पार्क में संचालित सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता और रोजगारपरक क्षमता पर केंद्रित प्रचार-प्रसार अभियान का संचालन व्यापक स्तर पर किया जाए। प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के हर विकासखंड में आईटीआई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर विद्यमान औद्योगिक इकाइयों के समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। इससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभाग में संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति के प्रति असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और उनके लिए रोजगारपरक कार्यक्रमों के लक्ष्य और समय-सीमा निर्धारित कर परिणाममूलक गतिविधियां संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन और जापानी भाषाओं में दक्ष व्यक्तियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन भी भाषाओं में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावना है, उनके प्रशिक्षण की प्रदेश में उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने तकनीकी रूप से दक्ष विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के औद्योगिक इकाइयों को जोड़ते हुए युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा। बैठक में कौशल विकास नीति, रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास के विलय, स्थानीय एवं परम्परागत पद्धतियों की पहचान के लिए आरंभ श्रुति कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।

बुक्स और यूनिफॉर्म के लिए स्कूलों ने डर दिखाया तो प्रशासन का डंडा पड़ेगा, आपकी एक कॉल पर दौड़ी आएगी कलेक्टर की टीम

fear schools regarding books-uniforms

If schools show fear schools regarding books-uniforms, the administration will take action, the collector’s team will come running on your one call भोपाल ! schools regarding books-uniforms राजधानी भोपाल में अधिकांश परिजनों को 1 हजार की किताबें 4 हजार रुपये तक में खरीदने को मजबूर होना पड़ा है। मजबूरी में यह खरीदी भी कर ली गई लेकिन भोपाल जिला प्रशासन की नींद तब नहीं टूटी। अब जब अधिकांश खरीदी बिक्री हो चुकी है, तब जाकर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीम बनाई है। कलेक्टर के आदेश में क्या कलेक्टर ने आदेश में लिखा है कि भोपाल के प्राइवेट स्कूलों ने यदि पुस्तक खरीदी करने के लिए और यूनिफॉर्म के लिए पालकों पर दबाव डाला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पालकों को कोई समस्या न हो इसके लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कुछ अफसरों को मिलाकर एक टीम बनाई है। परिजन चाहें तो नंबर्स पर कॉल कर सकते हैं, जिस पर टीम तत्काल कार्रवाई करेगी। https://twitter.com/CollectorBhopal/status/1909643050592485776 ज्यादातर पेरेंट्स की खरीदी हुई पूरी रोचक बात यह है कि ज्यादातर पालक इस समय तक अपने बच्चों के लिए पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीद चुके हैं। ऐसे में उनकी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। इस मामले पर परिजनों का कहना है कि आपने हुजूर बड़ी देर कर दी। कई परिजनों का कहना है कि कलेक्टर ने यह आदेश देरी से लागू किया है। वे पहले ही पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीद चुके हैं। इसके लिए उन्होंने 20 से लेकर 25 हजार रुपये तक खर्च किये हैं। टीम में यह अफसर शामिल भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जो टीम बनाई है, उसमें संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार के अलावा अन्य कर्मचारी भी रखे गए हैं। अगर किसी परिजन की शिकायत मिलती है तो यह टीमें मौके पर जाएंगी और समय-समय पर दुकानों का निरीक्षण भी करेंगी।

Bhopal School Time: भोपाल में लू के बीच बदला स्कूलों का समय, 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी कक्षाएं

School timings changed amid heat wave in Bhopal,

Bhopal School Time: School timings changed amid heat wave in Bhopal, classes will not be held after 12 pm भोपाल: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के कई जिले लू की चपेट में हैं। भोपाल में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने स्कूलों के समय में बदलाव के निर्देश दिए हैं। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। 12 बजे बंद हो जाएंगे स्कूल भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार अब सभी स्कूलों में आठवीं तक के क्लास 12 बजे के बाद नहीं चलेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि अत्याधिक गर्मी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कक्षा आठवीं तक के क्लास अब 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय और गैरशासकीय स्कूल पर लागू होंगे। दरअसल, भोपाल में अप्रैल की शुरुआत में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी की वजह से परेशानियां बढ़ गई हैं। साथ ही मौसमी बीमारियों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में बच्चों को दोपहर में काफी परेशानी हो रही थी। पैरेंट्स की मांग पर जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। गौरतलब है कि प्रदेश के प्रमुख जिलों की अधिकतम तापमान को देखें तो प्रदेश में सर्वाधिक तापमान नर्मदापुरम में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, यहां तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रतलाम में 44 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 42, खंडवा में 40.01, गुना में 43, धार में 42.4, भोपाल में 41.6, बैतूल में 40 ,उमरिया में 40.4, सागर में 42.6, इंदौर में 40.6, ग्वालियर में 41.7, जबलपुर में 40.7, मंडला में 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग की मानें तो अभी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। अगले एक दो दिनों तक प्रदेश में ऐसे ही लू चलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी 11 अप्रैल को अशोक नगर जिले के आनंदपुर धाम आयेंगे

PM Modi will visit Anandpur Dham in Ashok Nagar district on April 11 केंद्रीय मंत्री अमित शाह इस माह दो बार आएंगे मध्यप्रदेशकेंद्रीय मंत्री गडकरी 10 अप्रैल को प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का बदनावर (धार) से करेंगे लोकार्पण और भूमि-पूजननई दिल्ली में 12-13-14 अप्रैल को होगी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुतिकेन्द्र सरकार ने ग्वालियर पश्चिमी बायपास और सागर बायपास सहित प्रदेश की 4 सड़क परियोजनाओं को दी स्वीकृतिकेंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय ने दी 4 हजार 303 करोड़ रुपए की सौगातप्रदेश में समर्थन मूल्य पर फसलों का उपार्जन जारीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम पधार रहे हैं। केंद्रीय गृह तथा सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का भोपाल में 13 अप्रैल को और 17 अप्रैल को नीमच में आगमन हो रहा है। उनकी उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और दुग्ध संघ के बीच रवीन्द्र भवन में अनुबंध पर हस्ताक्षर होंगे, साथ ही प्रदेश में जारी सहकारिता गतिविधियों की समीक्षा भी की जाएगी। इसी प्रकार 17 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नीमच दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी धार जिले के बदनावर से 10 अप्रैल को प्रदेश की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 12-13-14 अप्रैल को दिल्ली के लाल किला प्रांगण में आयोजित विक्रमोत्सव के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रि-परिषद के साथी इस कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन की गरिमा बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रदेश को 4 हजार 303 करोड़ से अधिक की सौगातें मिली हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के अंतर्गत 4 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें 1227 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 28.5 किलोमीटर लंबा ग्वालियर पश्चिमी बायपास, 1426 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला संदलपुर- नसरूल्लागंज बायपास, 330 करोड़ रुपए लागत का राहतगढ़ बरखेड़ी बायपास और 688 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला सागर बायपास शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंदसौर, दमोह, मुरैना और नरसिंहपुर में इस वर्ष एग्रोविजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, कृषि विश्वविद्यालय, दुग्ध महासंघ, सहकारिता, पशुपालन और पंचयत एवं ग्रामीण विभाग सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनके उपार्जन का सही दाम दिलवाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। चना, मसूर, सरसों, तुअर और गेहूं का उपार्जन आरंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य व बोनस मिलाकर 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं उपार्जित किया जा रहा है। अब तक 21.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है और 2 लाख 49 हजार किसानों को 4 हजार 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। गेहूं का उपार्जन 5 मई तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मसूर, सरसों, तुअर उपार्जन के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी।

सहकारी समितियों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

It is necessary to ensure transparency in the working of cooperative societies: Chief Minister Dr. Yadav जून 2025 तक सभी समितियों का ऑडिट सुनिश्चित किया जाएमुख्यमंत्री ने दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों का कम्प्यूटराईजेशन करने के दिए निर्देशसमितियों के पारम्परिक गतिविधियों के साथ-साथ एग्रीड्रोन, जन औषधी केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंसहकारिता क्षेत्र में पीपीपी मोड से व्यवसाय के नए अवसर खोजेंड्रिप-एरीगेशन, ग्रेडिंग-सार्टिंग और पैकेजिंग, जंगल सफारी व गेस्ट हाउस, खाद्य प्र-संस्करण जैसी गतिविधियां को करें प्रोत्साहितवर्ष 2024-25 में 35 लाख 3 हजार कृषकों को 21 हजार 232 करोड़ रुपए का फसल ऋण किया वितरित भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकारी समितियों की साख और जन सामान्य में उनके प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए समितियों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। अत: सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कार्यों का शत प्रतिशत कम्प्यूटराईजेशन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जून 2025 तक समितियों का ऑडिट पूर्ण कर कृषकों को लेन-देन की सूचना एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराने और इस वर्ष के अंत अर्थात दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों के कायों का कम्प्यूटराईजेशन सु‍निश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देशित कर रहे थे। बैठक में सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक वर्णवाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अल्पसेवित पंचायतों की पहचान कर नवीन सहकारी समितियों के गठन के लिए प्राथमिकता पर कार्यवाही की जाए। वर्तमान परिदृश्य और आवश्यकताओं को देखते हुए अधिक से अधिक समितियों में पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, जन औषधि केंद्र, जल कर वसूली केंद्र और एग्री ड्रोन संचालन जैसी गतिविधियां चलाई जाएं। इसके साथ ही को-ऑपरेटिव- पब्लिक- प्राइवेट- पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के माध्यम से सहकारी-सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से सहकारी समितियों को व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता में नवाचार करते हुए ड्रिप एरीगेशन, ग्रेडिंग-सार्टिंग और पैकेजिंग, जंगल सफारी, गेस्ट हाउस और खाद्य प्र-संस्करण जैसी गतिविधियां को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में जनकारी दी गई कि वर्ष 2024-25 में 35 लाख 3 हजार कृषकों कों 21 हजार 232 करोड़ रुपए का फसल ऋण वितरित किया गया, जो गत वर्ष की तुलना में 1286 करोड़ रुपए अधिक है। प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों क्रमश: खण्डवा, बड़वानी, गुना, राजगढ़, विदिशा, दमोह, छतरपुर और सिंगरौली में आगामी पांच वर्ष 6710 करोड़ रुपए का ऋण वितरण का लक्ष्य है। प्रदेश के 13 आकांक्षी विकास खण्डों में विभिन्न गतिविधियों पर आधारित 26 सहकारी समितियां गठित की गई हैं। जिला बैंकों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में आईबीपीएस मुम्बई के माध्यम से अधिकारियों और समिति प्रबंधकों की नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत 36 अधिकारियों और 1358 समिति प्रबंधकों की नियुक्ति की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। जिला सहकारी बैंकों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।

मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025″ स्वीकृत

“Policy for establishment of self-reliant cow shelters-2025” approved in Madhya Pradesh state गौ-शालाओं में प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णयमुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम “डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना” रखे जाने की स्वीकृतिप्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णयमंदसौर में 2932 करोड़ 30 लाख रूपये की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृतिमुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल : मंगलवार, अप्रैल 8, 2025, 15:40 IST मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत “मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025” की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया हैं। गौ-शालाओं को प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में गौ-शालाओं को 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस किये जाने का निर्णय लिया गया। “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” को “डॉ. अम्बेडकर विकास योजना” किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य में पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नवीन अवसर बढ़ाने, उत्पादकता बढाने, किसानों की आय बढने से जीएसडीपी में वृद्धि और राष्ट्र की जीडीपी में योगदान बढाने के लिए मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना की निरन्तरता (वर्ष 2024-25 तथा 2025-26) रखते हुए योजना का नाम “डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना” रखे जाने का निर्णय लिया गया। स्वीकृति अनुसार सहकारिता के माध्यम से पशुपालन गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करायें जायेंगे। नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्रम और बांझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, चारा उत्पादन कार्यक्रम, प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दूधारू गायों के लिए पुरस्कार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम तथा पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी प्रदाय करने एवं उन्मुखीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम की निरन्तरता पर स्वीकृती दी गयी। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किए जाने के लिए एमओयू किए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) संस्था है। संस्था के द्वारा म.प्र. में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा VI-XII) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। इसमें सीखने में वृद्धि कार्यशालाएँ, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, शिक्षक विकास, सतत व्यावसायिक विकास और परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार शामिल हैं। मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 2932 करोड़ 30 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 60 हजार हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना से मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के 32 ग्राम एवं मंदसौर तहसील के 115 ग्राम लाभान्वित होंगे। विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण या नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी। लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन वाली परियोजनाओं के परीक्षण और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया हैं। इसे जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप को कार्योत्तर अनुमोदन दिया। साथ ही निविदा प्रपत्र में आवश्यक परिवर्तन करने एवं अन्य निराकरण किये जाने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पी.पी.पी. परियोजनाओं के लिए गठित राज्य स्तरीय सशक्त समिति को अधिकृत किया गया है।

एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा?

Ambulance scam of Rs 900 crore in MP! Sensational disclosure by Congress leader Jaivardhan Singh, know what he said? भोपाल ! कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पिछले ढाई साल में दो हजार एंबुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जो एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई साल में एंबुलेंस के लिए किराये के तौर पर छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी को जो पैसा दिया है, वह एंबुलेंस की कीमत से तीन गुना ज्यादा है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि हर सरकार का दायित्व होता है कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं पर नियंत्रण हो और उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। मैंने विधानसभा में एक सवाल पूछा था कि एंबुलेंस के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक कितना भुगतान किया है। मुझे जानकारी मिली कि पिछले ढाई साल में छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज को 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस कंपनी के पास करीब दो हजार एंबुलेंस हैं और इसका औसत किराया प्रति एंबुलेंस 45 लाख रुपये दिया गया है। एनएचएम के तहत मिलने वाले पैसों का गलत इस्तेमाल उन्होंने कहा कि अगर आप इसकी तुलना करें तो एक पूरी तरह से सुसज्जित एंबुलेंस, जिसमें हर आधुनिक उपकरण जैसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, उसकी अधिकतम कीमत 20 लाख रुपये होती है। लेकिन, यहां सरकार 45 लाख रुपये किराये के रूप में भुगतान कर चुकी है। यह सीधा-साधा भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग है। यह सब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाले केंद्र सरकार के पैसों का गलत इस्तेमाल है। कम से कम 600 से 700 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें भाजपा के दलाल, कुछ सरकारी अधिकारी और यह छत्तीसगढ़ी निजी कंपनी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी पैसों का गबन किया है। इस पैसे को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए था, जिससे लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मदद हो सकती थी। कंपनी को जारी किए गए थे 40 नोटिस उन्होंने इस घोटाले के कई उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने कहा कि गुना से एक बच्चा भोपाल इलाज के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गया और बच्चे की मौत हो गई। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जयवर्धन सिंह ने यह भी बताया कि जय अम्बे कंपनी के खिलाफ 40 से अधिक नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सरकार ने इसके बावजूद इस कंपनी को पूरा भुगतान किया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह इस मामले में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में शिकायत करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने तय किया है कि मैं इस मामले में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत करूंगा ताकि इस पूरे घोटाले की जांच हो सके। जिन लोगों ने सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए और इस घोटाले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घोटाला एक बड़े खेल का हिस्सा है, जिसे पूरी तरह से उजागर किया जाना चाहिए ताकि सरकारी पैसों का सही उपयोग हो सके और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो।

आज पेश होगा भोपाल नगर निगम का बजट, फिर भी लगेगा जेब को झटका

 भोपाल भोपाल नगर निगम (बीएमसी) का गुरुवार, 3 अप्रैल को 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेगा। इस दौरान प्रस्तावित कर वृद्धि और बीएमसी आयुक्त के साथ असहमति को लेकर हंगामे की संभावना है। बजट परिषद की बैठक सुबह 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे आईएसबीटी में होगी, जिसकी अध्यक्षता निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी करेंगे। बजट के प्रमुख मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने बुधवार को ही बैठकें कर रणनीति तैयार कर ली हैं। कांग्रेस ने संपत्ति कर में 10% और जल एवं सीवेज करों में 15% की संभावित वृद्धि को लेकर महापौर और सत्तारूढ़ दल को चुनौती देने की तैयारी कर ली है। इस पर हंगामा होने की संभावना है। पिछले बार से बड़ा हो सकता है बजट बैठक में दो मुख्य एजेंडे पर चर्चा होगी, जिसमें बीएमसी का बजट और नए बीएमसी कार्यालय की अंतिम तैयारियां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार 2025-26 के बजट में 3353 करोड़ रुपए के पिछले बजट से 200-500 करोड़ रुपये की वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, भाजपा पार्षद ने बीएमसी कमिश्नर हरेंद्र नारायण के कथित अड़ियल रवैए के कारण उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करने की भी तैयारी की है। शहर के विकास को ध्यान में रखकर बनाया बजट बैठक से पहले महापौर मालती राय ने बताया कि बजट शहर के विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा, बजट भोपाल के विकास पर केंद्रित होगा और शहर के लोगों की जरूरतों को पूरा करेगा। बैठक में राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों के नाम बदलने के प्रस्ताव भी शामिल होंगे, जिन पर आगे और बहस होने की संभावना है। विपक्ष ने इन मुद्दों में घेरने की बनाई है रणनीति बीएमसी की नेता प्रतिपक्ष शकिता जकि ने बताया कि बैठक में करों में अपेक्षित वृद्धि के खिलाफ एक बड़ा विरोध किया जाएगा और महापौर से उनके अपने घर के संपत्ति कर के अनुचित भुगतान के बारे में सवाल पूछे जाएंगे। जकि ने आगे कहा कि वे नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध करेंगे और यदि भाजपा पार्षद बीएमसी आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करेंगे तो वे उनका समर्थन नहीं करेंगे।

Bhopal Nagar Nigam Budget: परिषद में वफ्फ संशोधन बिल का विरोध, विपक्ष ने किया हंगामा, बजट पर नहीं हुई चर्चा

bhopal municipal corporation budget

bhopal municipal corporation budget Bhopal Nagar Nigam Budget: भोपाल नगर निगम परिषद की शुरुआत हंगामे से हुई। बजट बैठक में प्रश्नकाल समाप्त हो चुका है। इसमें कुल 15 सवाल पूछे गए, जिसमें से 11 सवालों के ही जवाब दिए गए। हालांकि फिर भी हंगामा नहीं थमा। 32 मिनट देरी से शुरु हुई परिषद की 12वीं बैठकआईएसबीटी के परिषद हॉल में गुरुवार, 3 अप्रैल को 32 मिनट देरी से परिषद की बैठक शुरू हुई। वंदे मातरम गान के साथ शुरू की गई। परिषद की बैठक में अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने GIS का जिक्र किया। GIS की सफलता पर सभी अधिकारी, पार्षद, एमआईसी और महापौर को धन्यवाद दिया। फिर एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने वफ्फ संशोधन बिल के लिए पीएम मोदी को बधाई का प्रस्ताव रखा। जिसका नेता प्रतिपक्ष शब्सिता जाकी ने विरोध किया। इसके बाद वफ्फ संशोधन बिल पर विपक्ष का हंगामा शुरु हुआ। यह मौजूदा परिषद की यह 12वीं बैठक है। इसमें 3300 करोड़ रुपए का बजट पेश हो सकता है। मेट्रो के कारण सड़कों की हालात खराब, जा रही लोगों की जानविपक्ष ने भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष ने कहा कि मेट्रो के कारण सड़कों की हालात खराब हो रही है। इससे कई लोगों की जान जा रही। मेट्रो की वजह से लोगों को असुविधा हो रही है। माइक प्रॉपर वर्क न करने पर कार्रवाई के निर्देशआयुक्त महोदय को जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। माइक प्रॉपर वर्क न करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। हर पार्षद के पास माइक ले जाना पड़ता है। पार्षद बोले टेबल पर लगे माइक काम नहीं कर रहे है। वन नेशन—वन इलेक्शन पर चर्चा जरुरी— अध्यक्षपरिषद में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर प्रस्ताव रखा गया। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि देश के विधानसभा लोकसभा में अच्छे प्रस्ताव पारित होने है, ऐसे में इस पर परिषद में चर्चा जरूरी है। विपक्ष ने आसंदी के पास किया हंगामाबीजेपी पार्षदों वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव का समर्थन किया तो विपक्ष ने आसंदी के पास जाकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष शकिता जकि ने कहा एजेंडे पर चर्चा की जाए। यह लोकसभा का मामला है, नगर निगम में इसे क्यों उठाया जा रहा है। पूर्व एमएल ने गलत लगाई थी याचिका— यतिनिगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव पर बुराई क्यां हैं। एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने कहा कि पूर्व एमएलए ने जो याचिका लगाई थी, वो गलत लगाई थी। देश में एक चुनाव होना चाहिए। बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाए— विपक्षकांग्रेस पार्षद ने कहा बैलेट पेपर से चुनाव किया जाए। बीजेपी पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के जनप्रतिनिधि की चुनाव लड़ते हैं। कांग्रेस को डर है कि स्टार प्रचारक कहा से लाएंगे। बीजेपी में कई सारे स्टार प्रचारक हैं। स्मार्ट सिटी मल्टी को अटल बिहारी वाजपेयी नाम दियापरिषद में भोपाल के न्यू मार्किट स्थित स्मार्ट सिटी मल्टी का नामकरण किया गया। परिषद की ओर से स्मार्ट सिटी मल्टी को अटल बिहारी वाजपेयी के नाम का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव को परिषद में पारित कर लिया गया।

खास दुकान से यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब खरीदने को किया मजबूर, तो एमपी में स्कूल पर होगा एक्शन

uniforms and copy books from a particular shop action will be taken against the schoo भोपाल ! निजी स्कूलों ने शुल्क ढांचे (फीस स्ट्रक्चर) में मनमानी की या यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब को किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बनाया तो उन पर कार्रवाई हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। स्कूलों को 31 मार्च तक अपना फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है, ताकि पेरेंट्स को इसकी जानकारी हो जाए। भोपाल के अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा किताबों की सूची और फीस की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके साथ ही स्कूलों द्वारा निश्चित दुकानों से कॉपी-किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा है। संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूल लेखक एवं प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय में प्रदर्शित करें।ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी या अभिभावक इनको खुले बाजार से भी खरीद सकें। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य स्कूल में हर कक्षा की पाठ्यपुस्तकों और प्रकाशकों की जानकारी को डीईओ की वेबसाइट पर अनिवार्य अपलोड करें।किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। स्कूल के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि अभिभावक किसी दुकान विशेष से खरीदने के लिए बाध्य नहीं हैं। डीईओ पर निगरानी की जिम्मेदारीआदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को निगरानी और आदेश लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि डीईओ सुनिश्चित करें कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड समेत सभी प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक स्कूल में संचालित की जाने वाली किताबों, कॉपियों व यूनिफॉर्म की सूची 31 मार्च तक विद्यालय के सूचना पटल पर लग जाएं। एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्यआदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य कर दिया है। कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

HAPPY birthday cm : ‘जल पुरुष’ डॉ. मोहन यादव का संकल्प हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना, सिंचाई के क्षेत्र में हासिल की अभूतपूर्व उपलब्धियां

Happy birthday mohan yadav: ‘Water Man’ Dr. Mohan Yadav’s resolve to deliver water to every farmer’s field, achieved unprecedented achievements in the field of irrigation भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर कहते हैं कि प्राचीन काल में भारत में पारस पत्थर हुआ करता था, जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता था। इस पारस पत्थर का काम पानी करता है जब वह सूखे खेतों पर पहुंचता है। जल के स्पर्श से खेतों में सुनहरी फसलें लहलहाती हैं। Happy birthday mohan yadav पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने दो दशक पहले देश की नदियों को जोड़कर हर खेत तक पानी पहुंचाने का सपना देखा था, जो राज्यों के बीच जल विवाद के चलते दो दशकों से अधिक समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी महत्वाकांक्षी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। दो बड़ी परियोजनाओं में मिली सफलतामुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार और राज्यों से निरंतर चर्चा कर इन परियोजनाओं के गतिरोध को समाप्त किया और प्रदेश ने दो बड़ी परियोजनाओं के रूप में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश आकर देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास किया। Happy birthday mohan yadav मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि अब महाराष्ट्र सरकार के साथ वार्ता के बाद विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड वाटर रिचार्ज अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना” का अवरोध दूर हो गया है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ इस संबंध में करार करने की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि “ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे।” जानिए केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के बारे मेंकेन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।रुपये 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी।साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे।सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजनासंशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केंद्र के मध्य 28.01.2024 को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ और दोनों राज्यों एवं केंद्र के मध्य 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ रुपये की है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 11 जिले क्रमशः गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों में कुल 6.14 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिंड मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना से लगभग 03 हजार 150 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी एवं इस समेकित परियोजना में मध्य प्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया गया है। क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवाहमान होगीमुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि क्षिप्रा स्वच्छ और निरंतर प्रवाहमान बने और सिंहस्थ 2028 में क्षिप्रा के जल में ही श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाए। क्षिप्रा नदी के जल को शुद्ध रखने के लिए 900 करोड़ रुपये की लागत की “कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना” के द्वारा कान्ह नदी के दूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जायेगा। वर्ष-2028 से पहले यह योजना पूर्ण कर ली जायेगी। Happy birthday mohan yadav क्षिप्रा को वर्ष भर अविरल, प्रवहमान बनाने के लिए उज्जैन जिले की सेवरखेडी एवं सिलारखेडी (लागत लगभग 615 करोड़) योजना का कार्य भी आरंभ हो गया है। इससे आमजन एवं श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष भर विशेष पर्वों पर उनकी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप क्षिप्रा नदी में स्नान करने का अवसर मिलेगा। क्षिप्रा नदी पर सिंहस्थ में स्नान सुविधा के लिये क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में घाटों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी राशि रू. 778.91 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। Read more: Kuno National Park sheopur: चीतों ने गाय को पकड़ा तो ग्रामीणों ने मारे पत्थर, वन विभाग के मना करने पर भी नहीं माने बुन्देलखण्ड में दूर होगा जलसंकटमध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर को बढ़ाने, पेयजल संकट को दूर करने एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “अटल भू-जल योजना” प्रारंभ की गई है। यह योजना प्रदेश के 06 जिलों के 09 विकासखण्डों में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना से चयनित क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार होने से स्थानीय किसानों को लाभ प्राप्त होगा तथा किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल प्रदाय के लिये टिकाऊ जल स्रोत भी उपलब्ध हो सकेंगे। बांधों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बांधों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पूरी सजगता के साथ काम कर रही है। इसके लिये प्रदेश में “डैम सेफ्टी रिव्यू पेनल” गठित है, जो प्रतिवर्ष संवेदनशील बांधों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। आने वाले 05 वर्षों में प्रदेश के 27 बांधों की सुरक्षा एवं मरम्मत … Read more

माफी नहीं मांगूंगा… BJP विधायक चिंतामणि मालवीय का पार्टी के खिलाफ मोर्चा, कांग्रेस का भी मिल गया साथ

ujjain kumbh land acquisition controversy chintamani malviya उज्जैन ! बीजेपी विधायक चिंतामणि को राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने नोटिस भेजा है. इस पर चिंतामणि ने कहा है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिली है. अगर मिलती भी है तो मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा.उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को लेकर बवाल मचा हुआ है. बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में मुद्दा उठाया और कहा कि उज्जैन के किसान परेशान हैं और डरे हुए है. उनकी ज़मीन जबरदस्ती अधिग्रहण की जा रही है. इस बयान के बाद अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने उन्हें नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि आज सार्वजनिक जगह पर बयानबाजी कर पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से भेजे गए नोटिस में चिंतामणि को 7 दिनों जवाब देने के लिए कहा गया है. मुझे नोटिस नहीं मिलाइस मामले पर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा कि मैं बीजेपी का प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हूं. मैंने जो कुछ कहा, वो सदन के अंदर का विषय है. मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा. पार्टी का नोटिस अभी मुझे प्राप्त नहीं हुआ है. अगर मुझे मिलेगा तो मैं उसके तथ्यानुरूप जवाब से पार्टी को अवगत कराऊंगा. उन्होंने कहा था कि भू-माफियाओं की साजिश की वजह से किसानों को अपनी ही जमीन से बेदखल किया जा रहा है. सालों से यहां भूमि का अधिग्रहण कुछ ही महीनों के लिए होता था, लेकिन स्थाई तौर पर कब्जा सही नहीं है. दूसरे नेताओं को क्यों नहीं जारी किया नोटिस?वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी में कोई आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ दबा दी जाती है. किसानों के मुद्दे पर हम उनके साथ है. कांग्रेस पार्टी भी उज्जैन जाकर किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल होगी.नोटिस जारी करना ही थे बीजेपी को तो आख़िर क्यों गोविंद राजपूत ,प्रहलाद पटेल और विश्वास सारंग को नहीं किए. दूसरी तरफ़ बीजेपी इस मामले पर चुप है. सिंहस्थ क्या है?सिंहस्थ उज्जैन मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला है, जो हर 12 साल में एक बार शिप्रा नदी के तट पर होता है. इसे ‘सिंहस्थ कुंभ महापर्व’ भी कहा जाता है. यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें संत, महात्मा, अखाड़े, श्रद्धालु और तीर्थयात्री बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.

परिवहन घोटाले को लेकर विपक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट, नेता प्रतिपक्ष बोले- जद में हैं कई अधिकारी और नेता

opposition will go to supreme court regarding transport scam भोपाल ! मध्य प्रदेश में परिवहन घोटाले को लेकर विपक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार इस मामले में लीपापोती कर रही है। कई बड़े अधिकारी और नेता इसकी जद में आ रहे थे, इसी कारण लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद का तबादला किया गया। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार इस घोटाले को दबाने का प्रयास कर रही है। जब बड़े अधिकारी और नेता जांच के दायरे में आने लगे तो लोकायुक्त डीजी को हटा दिया गया। हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और दोषियों को बेनकाब करेंगे। सत्र संचालन पर भी उठाए सवाल विधानसभा सत्र को लेकर भी उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर सही जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा उठाए गए मामलों का भी जवाब नहीं दिया गया। हमने मांग की थी कि सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण होना चाहिए, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। विश्वास सारंग बोले- बिना जांच पूरी हुए निष्कर्ष न निकालें विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और विपक्ष को जांच के निष्कर्ष तक रुकना चाहिए। सारंग ने कहा कि हर स्तर पर जांच हो रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई भी की जा रही है। विपक्ष को बिना जांच पूरी हुए निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

डॉक्टर पर कार्रवाई को लेकर विधायक कमलेश्वर ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

MLA Kamleshwar warned of hunger strike for action against the doctor भोपाल ! मध्य प्रदेश विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार ने रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने उन्हें जातिसूचक गालियां देकर न केवल उनका बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज का अपमान किया है। विधायक ने चार महीने से डॉक्टर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आक्रोश व्यक्त किया है। अन्याय के खिलाफ आमरण अनशन का एलान विधायक कमलेश्वर डोडियार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर बताया कि अगर 24 मार्च 2025 को सदन में उनकी सुनवाई नहीं होती है, तो वे विधानसभा परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डॉक्टर को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे न भोजन करेंगे और न ही पानी ग्रहण करेंगे। चार महीने से न्याय की लड़ाई विधायक डोडियार ने बताया कि यह घटना 5 दिसंबर 2024 की है, जब वे खुद की तबीयत खराब होने के कारण रतलाम जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां इमरजेंसी वार्ड में एक व्यक्ति से डॉक्टर की उपलब्धता के बारे में पूछने पर उसने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। बाद में पता चला कि वह व्यक्ति डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर थे। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आदिवासी समाज में आक्रोश विधायक ने कहा कि इस मामले को उन्होंने विधानसभा के पिछले सत्र में भी उठाया था, लेकिन सरकार ने अब तक डॉक्टर को निलंबित करने या अभियोजन की स्वीकृति देने का निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक मामले की जांच पूरी नहीं की और न ही न्यायालय में चालान पेश किया। इससे न सिर्फ उनका बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज का अपमान हुआ है। सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग डोडियार ने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि संपूर्ण भीलप्रदेश (मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र) के आदिवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से तत्काल डॉक्टर के निलंबन की मांग की और कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे अपना आमरण अनशन जारी रखेंगे।

MP में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने, नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।   बनेंगी पांच नई तहसीलें, सभी 8 तहसीलों के होंगे अपने भवन भोपाल वासियों को जमीन से लेकर राजस्व के मामले को निपटाने के लिए अब दूर नहीं जाना होगा। जिला पुनर्गठन के प्रशासनिक प्रस्ताव पर शासन जल्द ही अंतिम मुहर लगाएगा। जिला प्रशासन द्वारा भेजे प्रस्ताव में शासन की ओर से मांगी गई आपत्तियों पर एसडीएम और तहसीलदार को 15 दिन में जवाब देना है। नीति के तहत भोपाल में पांच नई तहसीलों का गठन होगा। मौजूदा तीन तहसीलों के साथ पांच नई तहसीलों(Five New Tehsil) के साथ फिर कुल संख्या आठ हो जाएगी। इससे लोगों को अपने आवास क्षेत्र में ही तहसील कार्यालय में कार्य करवाना आसान हो जाएगा। 10 बदलाव प्रस्तावित ● मौजूदा उपनगर ही नई तहसील बनेंगे। बैरागढ़, कोलार, भेल गोविंदपुरा, पुराना शहर व नया शहर, नर्मदापुरम रोड की नई तहसील होंगी। ● नई तहसीलें दूरी व क्षेत्रफल के अनुसार अलग से नजूल क्षेत्र तय करेंगे। ● शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का नक्शा अलग किया जाएगा। ● जिला-तहसील क्षेत्रों को नगर निगम के वार्ड से भी जोड़ा जाएगा। ● तहसील व नजूल में तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। ● शहरी क्षेत्र की तहसीलों में आबादी चार लाख के भीतर तय की जाएगी। इसलिए जरूरी पुनर्गठन अभी जिले में कोलार, हुजूर व बैरसिया तहसील हैं। आठ नजूल क्षेत्र हैं। इनके एसडीएम है। कोलार, बैरसिया को छोडकऱ बाकी में तहसील(Five New Tehsil) कार्यालय अन्य क्षेत्रों में हैं। एमपी नगर नजूल कोलार तहसील में है तो बैरागढ़, हुजूर, ओल्ड सिटी नजूल पुराने शहर में कलेक्ट्रेट में है। गोविंदपुरा भी पुराने शहर के कलेक्टे्रट में है। हुजूर तहसील में शहर व ग्रामीण का 70 फीसदी क्षेत्र है जिससे काम कठिन होता है। जिले के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है। लोगों की सुविधा की दृष्टि से बेहतर योजना तय की जा रही है। इससे सबको लाभ होगा। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

भोपाल एम्‍स कैंसर मरीजों की देखभाल करेगा AI, पूछेगा- क्‍या आपको दर्द हो रहा है, खाने में समस्‍या तो नहीं!

AI will take care of cancer patients in Bhopal AIIMS, will ask- are you in pain, are you having problem in eating! भोपाल। एम्स भोपाल को कैंसर मरीजों की जीवन गुणवत्ता सुधारने के लिए एक बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने डिजिटल आन्कोलाजी (कैंसर देखभाल) के लिए एम्स भोपाल को 20 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान प्रदान किया है। यह शोध आईआईटी इंदौर के नवाचार केंद्र के सहयोग से किया जाएगा। ऐसे होगा मरीजों की जिंदगी पर असर इस परियोजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से कैंसर मरीजों के इलाज के बाद उनकी जीवन गुणवत्ता (क्वालिटी आफ लाइफ) पर शोध किया जाएगा। एआई पूछेगा यह सवाल इसके लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा, जो मरीजों से उनके स्वास्थ्य और समस्याओं के बारे में सवाल पूछेगा, जैसे – क्या आपको दर्द हो रहा है? खाने-पीने में दिक्कत तो नहीं? आपको सबसे ज्यादा तकलीफ किस चीज से हो रही है? मरीजों से मिले इन जवाबों का विश्लेषण करके डॉक्टर उनके लिए बेहतर उपचार योजना बना सकेंगे। डिजिटल हेल्थ में बड़ी पहल इस परियोजना से कैंसर मरीजों की शारीरिक और मानसिक सेहत, सामाजिक जुड़ाव और इलाज के प्रभावों का मूल्यांकन किया जाएगा। भारत में अभी तक ऐसा कोई डिजिटल टूल नहीं था जो कैंसर मरीजों की जीवन गुणवत्ता को माप सके। यह शोध इस कमी को पूरा करेगा और कैंसर मरीजों को बेहतर देखभाल और व्यक्तिगत उपचार समाधान देगा।

लाडली बहनों से लेकर किसानों को एमपी के बजट में क्या मिला? पढ़ें बड़ी बातें

From Laadli sisters to farmers, what did they get in MP’s budget? Read the important points MP Budget 2025 News: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में मोहन यादव सरकार का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने 2025-26 के लिए राज्य का 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं को लेकर घोषणाएं की गई हैं. अहम बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने किसी नए टैक्स की घोषणा नहीं की है. यह सीएम मोहन यादव सरकार का दूसरा बजट है. बजट के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर बजट भाषण सुनते देखे. मध्य प्रदेश बजट 2025 हाइलाइट्स लाड़ली बहनों को अटल पेंशन योजना से जोड़ेंगे.लाड़ली बहना योजना के लिए 18679 करोड़श्री कृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधानराम वन पथ गमन के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना का लाभआगामी 5 वर्षों में उद्योगों को 30,000 करोड़ रुपये इंसेंटिवखाद्यान्न योजना के लिए 7,132 करोड़ रुपये का प्रावधानश्रम विभाग के लिए 1,808 करोड़ रुपये का प्रावधानआकांक्षा योजना के लिए 20.52 करोड़ रुपये का प्रावधानजनजातीय वर्ग के लिए प्रमुख योजनाएं 23,000 प्राथमिक स्कूल, 6,800 माध्यमिक स्कूल, 1,100 हाई स्कूल.900 उच्चतर माध्यमिक स्कूल, 1,078 आश्रम, 1032 सीनियर छात्रावास.कुपोषण मुक्ति आहार अनुदान – 2.20 लाख महिलाओं को 1,500 रुपयेअनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए 25 करोड़ रुपयेपिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 1,086 करोड़ रुपयेगरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए विशेष बीमा योजनारोजगार व औद्योगिक विकास प्रदेश में 39 नए औद्योगिक क्षेत्र – 3 लाख से अधिक नौकरियांप्रसूति, विवाह और अंत्येष्टि सहायता के लिए 3,917 करोड़ रुपयेविशेष पिछड़ी जातियों के लिए 53,000 से अधिक आवास, 22 नए छात्रावास.विकास के दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2047 तक सकल घरेलू उत्पाद 250 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्यवार्षिक आय 22.33 लाख रुपये तक बढ़ाने की योजना2024 की तुलना में बजट में 15% वृद्धिसकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर देश में सबसे अधिक – 22 वर्षों में 17 गुना वृद्धिकिसान और कृषि नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड रुपया 183 करोड़ रुपये का प्रावधान.कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत बिल में दी जा रही राहत जारी रहेगी. इसके लिए 19000 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2 करोड़ 42 लाख प्रकरणों में रुपए 2955 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है.इसमें 2025-26 में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान.किसान प्रोत्साहन योजना के लिए 5230 करोड़ रुपयेप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2 हजार करोड़ रुपयेधान उपार्जन बोनस के लिए 850 करोड़ रुपये

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का सरकार पर हमला, शिक्षकों की कमी समेत ये मुद्दे उठाए

Congress MLA Jaivardhan Singh attacked the government, raised these issues including shortage of teachers विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में 70000 शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विधायक अभिभाषण से हटकर वक्तव्य दे रहे हैं। सत्ता पक्ष के दूसरे सदस्य भी सारंग का समर्थन करने लगे। इससे शोर शराबे की स्थिति बन गई। जवाब में कांग्रेस विधायक भी शोर-शराबा करने लगे। बाद में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो आंकड़े उन्होंने पेश किए हैं, वह स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े हैं। वे गलत जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनके वक्तव्य के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी टोका। इसके बाद कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ नया देखने को मिलेगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जो योजनाएं चल रही थीं, उनको भी आगे बढ़ाने में सरकार पीछे रही है। जयवर्धन सिंह ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वादा किया था कि अगर, उनकी सरकार फिर बनेगी तो हर परिवार को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देंगे। लेकिन, सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं हुआ है। सीखो कमाओ योजना को लेकरजयवर्धन सिंह कांग्रेस विधायक ने कहा कि योजना का बजट 300 करोड़ है, लेकिन इसमें से केवल 30 करोड़ खर्च किए गए हैं। Gi सम्मिट को लेकर उन्होंने कहा कि मोहन सरकार में 1 साल में ये सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। मध्य प्रदेश में जो बड़े-बड़े उद्योग हैं, वह कांग्रेस की देन हैं। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। एक भी किसान का गेहूं 2700 रुपए क्विंटल और धान 3100 रुपये क्विंटल में धान नहीं खरीदा गया। सहकारिता विभाग में हर 5 वर्ष में चुनाव होते थे। भाजपा राज्य में चुनाव क्यों नहीं हो रहे। मंडियों के चुनाव होते थे, लेकिन अब क्यों नहीं हो रहे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को विधायक डॉ अभिलाष पांडेय ने सौंपा प्रयागराज से लाया गंगा जल का कलश

MLA Dr. Abhilash Pandey handed over the urn of Ganga water brought from Prayagraj to Chief Minister Mohan Yadav and Assembly Speaker Narendra Singh Tomar भोपाल। आज मध्यप्रदेश विधानसभा के पहले दिन जबलपुर उत्तरमध्य के विधायक डॉ.अभिलाष पाण्डेय प्रयागराज महाकुंभ के संगम तट से लाए गए माँ गंगा के पावन जल का कलश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी एवं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी को प्रदान किया। इस पुण्य कार्य ने मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रथम दिवस को आध्यात्मिक बना दिया।इसके साथ ही डॉ अभिलाष पांडे ने विधानसभा में अन्य सभी मंत्री ,विधायक एवं विधानसभा के अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी मां गंगा का पवित्र गंगाजल प्रदान किया। गौरतलब है कि जबलपुर उत्तर मध्य विधायक डॉ अभिलाष पांडेय पिछले सात दिनों से अपनी विधानसभा मैं प्रयागराज महाकुंभ से लाया गंगा जल वितरण कर रहे है विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र उत्तर मध्य विधानसभा जबलपुर मैं कुष्ठ रोगी आश्रम, वृद्ध आश्रम,अनाथ आश्रम ,केंद्रीय जेल ,हॉस्पिटल सहित लगभग पचास हज़ार घर तक गंगा जल स्वयं ने वितरण किया।विधानसभा के पहले दिन गंगाजल का वितरण एक शुभ और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक साबित होगा। सांस्कृतिक महत्व का यह अनुकरणीय कार्य मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाता है साथ ही युवा विधायक की सनातन परम्परा , संस्कृति,संस्कार एवं गंगा मैया के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। डॉ अभिलाष पांडे ने कहा कि आज से शुरू होने वाला विधानसभा का सत्र प्रदेश के सुख, शांति ,समृद्धि और विकास के लिए नए आयाम स्थापित करे ऐसी मां गंगा से प्रार्थना करता हूं और सभी सुखी और निरोगी रहें इसलिए मां गंगा के आशीर्वाद स्वरूप गंगाजल को लेकर आया हूं कुंभ के समय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के मार्गदर्शन में पूरे मध्यप्रदेश में सेवा,सत्कार और आतिथ्य के भाव के साथ सभी कुंभ जाने वालों का स्वागत किया है उसके लिए भी मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन और आभार करता हूं।

एमपी विधानसभा का बजट सत्र, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

MP Budget 2025 live updates :मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज से शुरुआत हो गई है। सबसे पहले सदन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण हुआ। 12 मार्च का मध्य प्रदेश सरकार राज्य का बजट पेश करेगी। 24 मार्च तक चलने वाले विधानसभा के सत्र में कुल 9 बैठकें होंगी। वहीं, इस बार कांग्रेस सदन में जमकर हंगामा करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत आज विधानसभा के पहले दिन किसान कांग्रेस ने विधानसभा घेराव करके कर दी है। देखें सत्र के पहले दिन के पल-पल का अपडेट..। MP Budget 2025 live updates : कांग्रेस के विधानसभा घेराव के मुद्दें MP Budget 2025 live updates : राज्यपाल का अभिभाषण मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण दिया। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए संकल्पित है। किसानों को सस्ती दरों पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मात्र 5 रुपए में स्थाई बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं के समग्र सामाजिक विकास और महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक उन्नति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। MP Budget 2025 live updates : सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग हरदा से कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने सिर पर काली टोपी लगाकर विधानसभा पहुंचे। उनके हाथ में एक तख्ती भी थी, जिसपर लिखा है ‘विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए’। पत्रिका से खास बातचीत के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि, सरकार जनता के मुद्दों पर जवाब देने से बचना चाहती है। इसलिए सदन की कार्यवाही इतनी कम अवधि की रखी गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से लिखित मांग कर चुके हैं। इसपर उन्हें आश्वासन तो दिया गया, पर अबतक सदन की कार्यवाही की अवधि नहीं बढ़ाई गई। यही कारण है कि हमें कार्यवाही में शामिल होने के बजाए, बाहर विरोध करना पड़ रहा है।

महिला दिवस पर मंत्री का बड़ा ऐलान,डी-मार्ट की तर्ज पर प्रदेश में खुलेंगे ट्राइबल मार्ट, महिलाएं करेंगी संचालन

Minister’s big announcement on Women’s Day, Tribal Marts will open in the state on the lines of D-Mart, women will operate them MP News: मध्य प्रदेश में महिला दिवस के अवसर पर एक बड़ा ऐलान किया गया है. डी-मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे, जिनका संचालन आदिवासी महिलाएं करेंगी. यह परियोजना आदिवासी महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई है. MP Tribal Mart: मध्य प्रदेश के खंडवा में महिला दिवस पर मंत्री विजय शाह ने बड़ी घोषणा  की है. उन्होंने कहा कि डी मार्ट की तरह आदिवासी ब्लॉकों में ट्राईबल मार्ट खोले जाएंगे. फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा, मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी. करोड़ों की कीमत के खुलने वाले इस ट्राइबल मार्ट काआदिवासी महिलाएं ही  संचालन करेंगी.  खंडवा में महिला दिवस के मौके पर आज कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा,मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी, जिसके के लिए एक एकड़ जमीन पर करीब एक करोड़ रुपए की लगत से ये ट्राईबल मार्ट बनाया जाएगा. इसमें दो करोड़ रुपए का लोन महिलाएं को दिया जाएगा जिससे वह अपना रोजगार चला सके. मंत्री विजय शाह ने कहा कि महिला दिवस के मौके पर इतनी बड़ी सौगात बहनों को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दी जा रही है. मैं समझता हूं कि महिला दिवस के मौके पर इससे बड़ी सौगात हमारी बहनों के लिए हो ही नहीं सकती आदिवासी समाज की होगी तरक्की  अगर यह प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है तो, पूरे प्रदेश में इस तरह के ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे. इससे न सिर्फ महिला सशक्तिकरण बल्कि आदिवासी समाज को भी मुख्य धारा से जोड़कर तरक्की की राह पर अग्रसर किया जा सकेगा. बता दें कि प्रदेश की मोहन सरकार सहित केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी आदिवासी समाज के लिए नित नए कदम उठा रही है. डी मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट की घोषणा भी उन्हीं कदमों में से इसे एक कदम माना जा रहा है.अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री की इस घोषणा पर कितनी जल्दी और कितना अमल होता है

31 मार्च तक बनवाएं किसान आईडी, नहीं तो अटक जाएंगे फसल बीमा और सम्मान निधि के पैसे!

Get your farmer ID made by March 31, otherwise your crop insurance and Samman Nidhi money will get stuck! भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर! अगर आपने 31 मार्च 2025 तक किसान आईडी (Farmer ID) नहीं बनवाई, तो आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की डिजिटल पहचान के लिए 11 अंकों की यूनिक आईडी अनिवार्य की गई है। क्यों जरूरी है किसान आईडी? राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों का पंजीकरण करा रही है। यह यूनिक आईडी किसानों की डिजिटल पहचान होगी, जिसके बिना न तो फसल बीमा का क्लेम मिलेगा, न ही किसान सम्मान निधि की राशि, और न ही बिना दस्तावेज़ों के कृषि ऋण उपलब्ध होगा। मध्यप्रदेश के कृषि विभाग के अनुसार, 31 मार्च के बाद यह पंजीकरण फ्री नहीं रहेगा, यानी इसके लिए किसानों को शुल्क देना होगा। जिन पंचायतों में पहले ही शिविर लग चुके हैं, वहां के किसान अपने पटवारी से संपर्क कर पंजीकरण करवा सकते हैं। बिना किसान आईडी नहीं मिलेगा इन योजनाओं का लाभ अगर आपने अभी तक अपनी किसान आईडी नहीं बनवाई, तो आप कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं— ✔ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि – सालाना ₹6,000 की सहायता राशि नहीं मिलेगी। ✔ फसल बीमा योजना – केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में होगी। ✔ कृषि ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – किसान बिना ज्यादा दस्तावेज़ों के लोन नहीं ले पाएंगे। ✔ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) – अपनी फसल सरकारी मंडियों में बेचने के लिए भी यह आईडी अनिवार्य होगी। ✔ फसल सर्वे व स्वामित्व हस्तांतरण – सरकारी रिकॉर्ड में जमीन संबंधी कार्यों के लिए यह आईडी आवश्यक होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़ किसान आईडी बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ अनिवार्य हैं— जल्दी करें, वरना देना होगा अतिरिक्त शुल्क! जो किसान 31 मार्च तक अपना पंजीकरण नहीं करवाते, उन्हें इसके बाद शुल्क देकर किसान आईडी बनवानी होगी। इसलिए समय रहते नजदीकी पंचायत या शिविर में जाकर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये में खरीदने के मामले की नहीं हो पा रही है जांच

The case of buying guggal worth 930 rupees per kg for 1700 rupees is not being investigated भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर के निर्देश एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में बेअसर साबित हो रहें है। इसका सबसे बड़ा उदाहरणएमएफपी पार्क में हुई रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला की जांच एक साल से एमडी ठाकुर जांच नहीं करवा पा रहें हैं। इस बीच खबर है कि पार्क की सीईओ गीतांजलि गुग्गल खरीदी में विवादों की सुर्खियों में रहीं प्रभारी सुनीता अहिरवार को पुनः प्रबंधक बनने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने 31 जनवरी 25 को एमएफपी पार्क की सीईओ गीतांजलि को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि गुग्गल की खरीदी 930 रूपये की जगह 1700 रुपए की दर से खरीदने की जांच सात दिन में बिंदुवार प्रतिवेदन दें। 1 महीने से अधिक का समय बीत गया है पर पार्क की सीईओ ने एमडी के पत्र पर जांच शुरू नहीं की। दिलचस्प पहलु यह है कि गुग्गल खरीदी की जांच को लेकर फेडरेशन के एमडी ठाकुर ने पूर्व के सीईओ को भी दो से अधिक पत्र लिख चुके हैं पर एमएफपी पार्क में उनके पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एमडी ने पिछले दिनों पर के दोनों डॉक्टरों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। इनमें से किसी ने भी अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसके पहले लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। चिंताजनक पहलू यह है कि एसीएफ मिश्रा जांच के भंडारण से संबंधित दस्तावेज मांगने के लिए एमडी ठाकुर से लगातार चिट्ठीयां लिखना शुरू किया तो उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। क्या है मामलाएमएसपी पार्क की तत्कालीन प्रबंधक अहिरवार ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी न करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश

एमपी गजब : बीईओ-क्लर्क ने मिल कर शिक्षा विभाग को लगाया 5 करोड़ का चुना: शिक्षकों का वेतन रिश्तेदारों के खातों में डाला, प्राचार्यों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा

MP Amazing: BEO-Clerk together defrauded the Education Department of Rs 5 crore: Teachers’ salaries were transferred to the accounts of relatives, fraud was committed in connivance with the principals भोपाल (कमलेश)। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार करने के लिए पत्नियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ही जांच में हुआ है। पिछले महीने रायसेन के सिलवानी बीईओ दफ्तर में 1 करोड़ के गबन के मामले में 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें शिक्षा विभाग के कर्मचारी, प्राचार्य और रिटायर्ड प्राचार्य शामिल हैं। इनके अलावा जिन 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वो इन कर्मचारियों की पत्नियां और रिश्तेदार हैं। ये एकलौता मामला नहीं है। 5 अन्य जिलों में भी गबन के ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में भ्रष्टाचार की करीब 5 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई। 10 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में भी ये मामला उठ सकता है। आखिर किस तरह पत्नी और रिश्तेदारों के खातों से किया गया भ्रष्टाचार और इन मामलों में क्या एक्शन लिया गया, पढ़िए रिपोर्ट… अब जानिए, कैसे किया एक करोड़ का गबन रायसेन के जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक के मुताबिक, ये पूरा हेरफेर साल 2018 से 2022 के बीच किया गया। सिलवानी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ क्लर्क चंदन अहिरवार इस गबन का मास्टरमाइंड है। चंदन के पास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हर स्कूल के शिक्षक की बैंक अकाउंट डिटेल होती थी। रजक बताते हैं कि 2022 तक शिक्षक और अतिथि शिक्षकों की सैलरी का भुगतान वेंडर के जरिए होता था। तब ऑफलाइन ट्रांजेक्शन भी हो जाता था। इसी का फायदा आरोपियों ने उठाया है। चंदन शिक्षक और अतिथि शिक्षकों के नाम के आगे अपने रिश्तेदार या पत्नी का बैंक अकाउंट दर्ज कर वेतन और मानदेय की राशि ट्रांसफर करता था। उसने पत्नी सुमन अहिरवार के बैंक अकाउंट में 37 लाख रुपए जमा कराए। इसी तरह इस गबन में शामिल बाकी लोगों ने भी करीब 58 लाख रुपए की रकम पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में जमा कराई। प्राचार्यों की भी मिलीभगत, 3 रिटायर हो चुकेजिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक बताते हैं कि सरकार ने पहले स्कूल के प्राचार्यों को ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण) के अधिकार दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि शिक्षकों को सैलरी के लिए संकुल कार्यालय पहुंचना पड़ता था। मगर, शिक्षा विभाग के कर्मचारी और प्राचार्यों ने मिलीभगत कर इस व्यवस्था को पलीता लगाया। रजक के मुताबिक, इस दौरान पांच स्कूलों के प्राचार्यों को डीडीओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके साइन से ही रिश्तेदारों के खातों में ये राशि पहुंचाई गई। इसमें इनकी बराबर की भागीदारी है। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई तो इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब जानिए, कैसे किया पूरा गबन पासवर्ड बांट दिया: नियमों के मुताबिक, डीडीओ अपना पासवर्ड किसी को साझा नहीं कर सकता। जांच में पाया गया कि डीडीओ ने अपना पासवर्ड कर्मचारियों को दे दिया। इसका इस्तेमाल कर कोषालय से पैसा निकाला गया। महीने की समीक्षा नहीं हुई: नियमानुसार हर महीने भुगतान की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके। सिलवानी बीईओ दफ्तर में ये प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इससे ये पता नहीं चला कि सही व्यक्ति के खाते में पैसा पहुंचा या नहीं। ई-भुगतान का सत्यापन नहीं: हर महीने ये जांच होना चाहिए कि जो भी ऑनलाइन भुगतान किए हैं, वो सही बैंक अकाउंट में पहुंचे या नहीं। यहां इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। असली दावेदारों का नाम गायब किया: जब किसी व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, तो उसका नाम और बैंक खाता सरकारी डेटाबेस में दर्ज करना जरूरी होता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया को भी नहीं अपनाया गया। बिल तैयार करने में लापरवाही: कोषालय संहिता 2020 के नियमों के अनुसार, बिल (देयक) बनाने की जिम्मेदारी क्रिएटर की होती है। उसे सॉफ्टवेयर में अपने पासवर्ड से लॉगिन कर भुगतान लेने वाले व्यक्ति का नाम, बैंक खाता नंबर दर्ज करना होता है। अप्रूवर इस बिल की जांच कर कोषालय में जमा करता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। स्वीकृति आदेश में अनियमितता: जब किसी भुगतान को स्वीकृत किया जाता है, तो उसके साथ स्वीकृति आदेश (Approval Order) संलग्न किया जाता है। लेकिन जांच में पाया गया कि कई मामलों में अलग-अलग भुगतान के लिए एक ही स्वीकृति आदेश का उपयोग किया गया। इसके अलावा, कई अधूरे स्वीकृति आदेश भी जारी किए गए और कुछ मामलों में आदेश अटैच ही नहीं किए गए। ऐसे पांच और मामलों की जांच की जा रही है रायसेन का ये अकेला मामला नहीं है। पिछले दो साल में गबन के ऐसे 5 और मामले हैं, जिनकी विभागीय जांच की जा रही है। इनमें भी विभागीय अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई है। छिंदवाड़ा: रिश्तेदार-पत्नी और बहन के खातों में 1 करोड़ 32 लाख ट्रांसफर छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 1.32 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा जुलाई 2024 में हुआ था। जबलपुर वित्त विभाग की टीम ने सात दिन की जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। इस मामले में पूर्व बीईओ एमआई खान और चौरई संकुल के बाबू तौसिफ खान की मिलीभगत पाई गई। आरोपियों ने कोरोना में मृत कर्मचारियों की सहायता राशि भी हड़प ली और सरकारी धन को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया। वित्त विभाग की टीम को जुन्नारदेव में तकरीबन 1 करोड़ 44 लाख के घोटाले की आशंका थी। इसमें से 1 करोड़ 32 लाख की पुष्टि हो चुकी है। क्या हुआ: जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने बताया कि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सभी को निलंबित कर दिया है। उनसे राशि वसूल करने की प्रक्रिया जारी है। ग्वालियर: अलग-अलग खातों में 47 लाख ट्रांसफर ग्वालियर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय डबरा में 2024 में 47 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इस गड़बड़ी को भोपाल की ऑडिट टीम ने पकड़ा था। यह राशि सात अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें तत्कालीन … Read more

मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा, इसकी प्रक्रिया तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है. विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए स्थानीय कलेक्टरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है. इनके प्रस्ताव के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. मोहन सरकार की कोशिश है कि साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले वे पांचों नगर निगम अस्तित्व में आ जाएं. जिससे आगामी निकाय चुनाव में यहां के मतदाता महापौर को चुन सकें. विधानसभा चुनाव से पहले हो चुकी है घोषणा बता दें कि विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले इन नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. अब सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने संबंधित नगर पालिकाओं के सीएमओ, नगर पालिकाओं से संबंधित जिलों के जिला पंचायत सीईओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक की थी. बैठक में नगर पालिका को नगर निगम बनाने के संबंध में एक्शन प्लान पर चर्चा हुई है. भिंड का नोटिफिकेशन भी हो चुका जारी बता दें कि भिंड को नगर निगम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन 2 अक्टूबर, 2023 को जारी हो चुका है, लेकिन इसे अस्तित्व में आने में 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा. नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक उनका कार्यकाल पूरा न हो जाए. प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं. भिंड और 5 नए नगर निगम बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी.     इस तरह नगर पालिका को मिलता है नगर निगम का दर्जा नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए कलेक्टर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजते हैं. इसकी मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम का दर्जा देने की की प्रक्रिया शुरू होती है. सबसे पहले 3 लाख की आबादी के मापदंड को पूरा करने के लिए नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार किया जाता है. इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में संकल्प पारित कराया जाता है कि वे नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इसके बाद जिला प्रशासन दावे-आपत्तियां बुलाता है. कलेक्टर द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाता है. नगरीय प्रशासन की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए और वहां से इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाता है. राज्यपाल की अनुमति के बाद संबंधित नगर पालिका को नगर निगम घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी होता है.

ऊर्जा मंत्री नहीं पहनेंगे प्रेस किए कपड़े, क्यों लिया प्रण? कांग्रेस बोली- ये नौटंकी वेब सीरीज का भाग

Energy Minister will not wear ironed clothes, why did he take the vow? Congress said- this drama is part of a web series मध्य प्रदेश में अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा अनोखा प्रण लिया है, जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वे 1 साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। उनके इस बयान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे मंत्री की नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि वे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे, जिससे रोज आधा यूनिट बिजली बचेगी। उन्होंने कहा कि अब वे बेटी की शादी के दिन ही प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादना पड़े, इसलिए यह निर्णय लिया। कांग्रेस ने बताया नौटंकीऊर्जा मंत्री के इस बयान पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मंत्री की नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और यह उनकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है, तो वे अपनी 10-10 गाड़ियों को छोड़कर साइकिल से चलना शुरू करें, जिससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। क्या वास्तव में बिजली बचेगी?ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के इस फैसले से मध्य प्रदेश में कितनी बिजली बचेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह बयान उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता की कैबिनेट बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

Cabinet meeting chaired by CM Dr. Mohan Yadav today, many important proposals will be discussed मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी। बैठक में नई लोक परिवहन नीति के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। किसानों को दूध खरीदी पर प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, जनजातीय देवलोक के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव और नगर एवं ग्राम निवेश की धारा 66 में बदलाव का प्रस्ताव भी आ सकता है। विशेष क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को लेकर कुछ मैदानी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रमुख नियमों में बदलाव की चर्चा की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सके। इसके अलावा बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) से प्राप्त निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और मौजूदा उद्योगों को सहयोग प्रदान करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों और राज्य के बजट पर विस्तृत चर्चा की संभावना है। प्रदेश का द्वितीय अनुपूरक बजट लगभग चार से पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों द्वारा विधानसभा में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी मंथन किया जाएगा।

नौकरशाही में सुलेमान पर चर्चा : क्या वीआरएस या ‘वी फोर्स्ड रिटायरमेंट’?

Debate on Suleman in bureaucracy: Is it VRS or ‘We are Forced Retirement’? भोपाल। मध्यप्रदेश की नौकरशाही में इन दिनों सुगबुगाहट तेज है। आईएएस मोहम्मद सुलेमान ने अपने सेवा जीवन के आखिरी मोड़ पर ऐसा मोड़ लिया कि सरकारी गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई। सुलेमान, जिन्हें नौकरशाही के ‘चाणक्य’ का दर्जा प्राप्त था, ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज पांच माह पहले ही वीआरएस ले लिया। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि एक ‘पावरफुल’ अधिकारी को समय से पहले ही ‘विश्राम’ लेना पड़ा?कहने को तो इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कहा जा रहा है, लेकिन सरकार के गलियारों में इसे ‘स्वैच्छिक से अधिक विवश सेवानिवृत्ति’ कहा जा रहा है। शिवराज सरकार में सुलेमान का दबदबा ऐसा था कि विभागों के सचिव भी उनके आगे ब्रीफकेस उठाने को तैयार रहते थे। 15 साल तक सत्ता के गलियारों में उनकी गूंज थी, लेकिन जैसे ही सत्ता बदली, उनकी गूंज कम और उनके ट्रांसफर ज्यादा होने लगे। पहले उन्हें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से हटाकर कृषि विभाग भेजा गया, फिर कर्मचारी चयन मंडल की कुर्सी थमा दी गई। यह संकेत काफी था कि ‘अब आपको अपना भविष्य खुद देखना होगा’। मुख्य सचिव की कुर्सी से दूरी बनी ‘दूरी’ का कारण? मोहम्मद सुलेमान की नजर प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी पर थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। उनके बैचमेट अनुराग जैन को मुख्य सचिव बना दिया गया और सुलेमान को किनारे कर दिया गया। बस, यहीं से शुरू हुआ सुलेमान का ‘प्लान बी’। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव की रेस में पिछड़ने के बाद उन्होंने ही सोचा कि अब सरकारी सेवा में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि कुछ नया किया जाए। अब नौकरशाही से ‘फ्री’, लेकिन जिंदगी में ‘बिजी’! सुलेमान ने वीआरएस के बाद की योजना भी बना रखी है। वे दिल्ली स्थित ‘द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ से पीएचडी करने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि इतने वर्षों तक सरकारी फाइलों में मग्न रहने के बाद अचानक ‘अकादमिक’ दुनिया में जाने का ख्याल क्यों आया? दरअसल, यह भी ‘ट्रांजिशन प्लान’ का हिस्सा हो सकता है। जैसे ही सरकारी कूलिंग-ऑफ पीरियड खत्म होगा, सुलेमान किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटे पैकेज पर नज़र आ सकते हैं। ‘पावर’ में थे, पर ‘पावर’ चला गया! शिवराज सरकार में सुलेमान की पावर का आलम यह था कि बड़े-बड़े मंत्री भी उनकी ‘कृपा’ के लिए लाइन लगाए खड़े रहते थे। लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही उनकी यह ‘कृपा’ कम होने लगी। मोहन यादव सरकार के आते ही उनका मंत्रालय से बाहर होना यह साफ संकेत था कि अब वे ‘विशेषाधिकारी’ नहीं, बल्कि ‘सामान्य अधिकारी’ रह गए हैं। शायद यही बात उन्हें सबसे ज्यादा चुभ गई और उन्होंने फाइलों के ढेर से निकलकर ‘स्वतंत्रता’ का रास्ता चुना। वीआरएस: एक ट्रेंड या मजबूरी? मध्यप्रदेश की नौकरशाही में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने समय से पहले वीआरएस लिया हो। पहले भी कई बड़े अधिकारी जब ‘दरबार’ से दूर कर दिए गए, तो उन्होंने समय से पहले ही ‘दरवाजे’ से बाहर निकलना बेहतर समझा। मोहम्मद सुलेमान का मामला भी कुछ ऐसा ही है।अब देखना यह होगा कि सुलेमान की यह ‘नई पारी’ कितनी लंबी चलती है और वे किस बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं देते हैं। फिलहाल, नौकरशाही में यह चर्चा जोरों पर है कि ‘जो कल तक सरकार के ‘रणनीतिकार’ थे, आज वे नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं!’

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।

वन विहार के वाइल्ड कैफ़े के विवादित टेंडर पर डायरेक्टर अवधेश मीना पर गाज गिरने की संभावना

Director Awadhesh Meena is likely to face action over the controversial tender of Wild Cafe of Van Vihar भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के डायरेक्टर अवधेश मीना अपनी पहली ही पोस्टिंग में विवादों से घिर गए हैं। यही नहीं, अब उन पर कार्यवाही की गाज भी गिरने की संभावना है। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभरंजन सेन ने वन विहार राष्ट्रीय उद्यान डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए फाइल पीसीसीएफ प्रशासन-एक के विवेक जैन को भेज दी है। जैन के यहां फाइल लंबित है। वैसे वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन से संबंधित विवाद हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। हाई कोर्ट ने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय से 7 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। शीर्ष अधिकारियों के दबाव में वन विहार डायरेक्टर मीना ने  विज्ञापन में एक शर्त ऐसी जोड़ी थी कि जिसमें उल्लेख था कि मौजूदा वाइल्ड कैफे संचालक यदि एल-1 फर्म के बराबर बोली की रकम अदा करता है, तो उसे पुनः संचालन का अधिकार दिया जा सकता है। कैफे के लिए जारी विज्ञापन में वर्तमान वाइल्ड कैफे के संचालक अश्वनी कुमार रिछारिया  समेत चार फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर, दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज और श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने हिस्सा लिया। निविदा समिति ने दो फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर और दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज को दस्तावेज में कमी बताते हुए दौड़ से बाहर कर दिया। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने वाइल्ड कैफे के संचालन के लिए सबसे अधिक बोली 21 लाख एक रूपये की लगाई। यानि एल-1 श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन के वर्क ऑर्डर भी वन विहार डायरेक्टर अवधेश मीना ने जारी कर दिए। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन कि सच के अनुसार 21 लाख ₹1 का बैंक ड्राफ्ट भी जमा कर दिया। इस दौरान शीर्ष अधिकारियों के दबाव में डायरेक्टर मीना ने एल -1 का टेंडर निरस्त करते हुए वर्तमान में संचालित कर रहे फर्म को ही कैफे संचालक के आदेश जारी कर दिए। बस यहीं से विवाद शुरू हो गया।  दोनों ही पार्टी पहुंची हाई कोर्ट  संचालन को लेकर दो पार्टियों में जंग शुरू हो गई। पहले एल-1 फर्म शक्ति दाल मिल हाई कोर्ट में वन विहार डायरेक्टर पर अनुबंध तोड़ने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ता श्रुति जैन की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। याचिकाकर्ता ने भाग लिया और सफल घोषित किया गया। सभी अधिकार और अधिकार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक में निहित हैं, लेकिन मनमाने ढंग से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कार्यालय ने मनमाने ढंग से और अवैध तरीके से निविदा को रद्द दिया। याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल कर सकता है। शीर्ष अफसर कर रहें है प्रताड़ित  श्रुति जैन, शिव शक्ति दाल मिल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल और कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और अधिकार के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मुख्य सचिव को लिखिए पत्र में उल्लेख है कि 28 जनवरी 25 को हमने वन विहार के साथ पांच वर्षों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए और उस पर वन विहार के निदेशक द्वारा मुहर और हस्ताक्षर किए गए। 31 जनवरी को हमें पता चला कि वन विहार के निदेशक पर इस टेंडर को रद्द करने का दबाव डाला है। इस मामले में एसीएस वर्णवाल सहित फारेस्ट के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं, जो इस टेंडर को रद्द करने पर जोर दे रहे हैं ताकि किसी अन्य पार्टी को फायदा पहुंचाया जा सके। सत्ता का दुरुपयोग न केवल पीड़ितों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि प्रशासन और कानून के शासन में जनता का विश्वास भी कम करता है। इनका कहना  वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन को लेकर विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। मैं मानता हूं कि डायरेक्टर ने गलत शर्त जोड़ी है। इस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और मैंने प्रस्ताव पीसीसीएफ प्रशासन-एक विवेक जैन को भेज दिया है।   शुभ रंजन सेन, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ

41 साल की सेवा के बाद एसडीओ पुरिया सेवानिवृत्त

SDO Puria retired after 41 years of service भोपाल। पर्यावरण वानिकी वन मंडल में सहायक वन संरक्षक के पद पर कार्यरत दिलीप सिंह पुरिय 41 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर वन मंडल कार्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुरिया के कार्यकाल के दौरान वन संरक्षण और पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की गई। साथी कर्मचारियों ने उनके साथ के अनुभवों को साझा किया और उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। पुरिया ने भी अपने कार्यकाल के यादगार पलों को साझा किया और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

EOW की बड़ी कार्रवाई: निगम अधिकारी के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति जब्त

EOW’s big action: Raid on corporation officer’s premises, property worth crores seized इंदौर ! नगर निगम राजस्व अधिकारी राजेश परमार के घर और कार्यालय समेत कई ठिकानों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने शुक्रवार सुबह छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में करोड़ों की अवैध संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि परमार ने नौकरी के दौरान अपने और परिवार के नाम पर कई महंगी संपत्तियां खरीदीं। मामले की जांच जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है। घर और ऑफिस पर छापा, संपत्ति के दस्तावेज जब्त सूत्रों के अनुसार, इंदौर के बिजलपुर स्थित आवास कॉलोनी में EOW की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से सर्चिंग अभियान चलाया। टीम को परमार के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। साथ ही, परमार के कार्यालय पर भी छापा मारा गया, लेकिन वह बंद मिला। टीम ने श्रीजी वैली, बिचौली मर्दाना स्थित अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई की। EOW डीएसपी मधुर रीना गौड़ ने बताया कि परमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। अब तक की जांच में कुछ संपत्तियों के दस्तावेज सामने आए हैं, लेकिन उनकी सटीक कीमत का निर्धारण अभी बाकी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, यह संपत्तियां करोड़ों रुपये की हो सकती हैं। पहले ही हो चुका है निलंबन राजेश परमार को हाल ही में नगर निगम आयुक्त द्वारा अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया था। बताया जा रहा है कि परमार की भर्ती पहले बेलदार के पद पर हुई थी, लेकिन बाद में वह प्रमोशन पाकर सहायक राजस्व अधिकारी बन गया। नौकरी के दौरान, उसने अपने और परिवार के नाम पर कई महंगी संपत्तियां खरीदीं। परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत कांग्रेस पार्षद रुबिना खान ने 20 अक्टूबर 2024 को नगर निगम आयुक्त से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि परमार दरोगा के पद पर रहते हुए प्रभारी एआरओ बन गया और जोन-19 में बेटरमेंट शुल्क की कम वसूली कर भ्रष्टाचार कर रहा था। इसके अलावा, बिना अनुमति विदेश यात्रा करने के भी आरोप हैं। रुबिना खान ने महापौर, आयुक्त, राजस्व समिति प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों को प्रमाणों के साथ शिकायत सौंपी थी। उन्होंने मांग की थी कि परमार को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उसके पूरे कार्यकाल की जांच की जाए। जांच जारी, और खुलासों की संभावना EOW की कार्रवाई अभी जारी है और आगे और भी संपत्तियों के दस्तावेज मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे मामले में निगम के अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा सकती है। इस छापेमारी के बाद नगर निगम के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में आगे और क्या खुलासे होते हैं और राजेश परमार पर क्या कार्रवाई की जाती है।

एक्सप्रेस ई कनेक्ट और MANIT भोपाल ने नवाचार और अनुसंधान में सहयोग के लिए समझौता किया

Express E Connect and MANIT Bhopal sign MoU for collaboration in innovation and research भोपाल ! नवाचार और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक्सप्रेस ई कनेक्ट और मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) भोपाल ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी स्वास्थ्य, कृषि, जैव-ऊर्जा, नैनो टेक्नोलॉजी और सूक्ष्मजीवों जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उदित नारायण द्वारा स्थापित एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।उदित नारायण और मैनिट भोपाल में संस्थागत विकास और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के डीन डॉ. एस.पी.एस. राजपूत ने स्वास्थ्य, कृषि, जैव ऊर्जा, नैनो प्रौद्योगिकी और सूक्ष्मजीवों में प्रमुख चुनौतियों को हल करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।इस रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत बीएसबीई विभाग की छात्रा शिवालिका दुबे ने मैनिट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृषाली पांडे के नेतृत्व में एक्सप्रेस ई कनेक्ट के संस्थापक उदित नारायण के औद्योगिक दौरे के दौरान की।जिसमें एलसीबी फर्टिलाइजर्स के सीईओ अक्षय श्रीवास्तव और एलसीबी फर्टिलाइजर्स के सीएमओ मुकेश सिंह भी शामिल थे। एक्सप्रेस ई कनेक्ट का पहले से ही एलसीबी फर्टिलाइजर्स के साथ एक स्थापित सहयोग है, जो आईआईटी कानपुर से जुड़ा एक संगठन है, जो स्थिरता और उन्नत प्रौद्योगिकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित करता है। इस नए समझौता ज्ञापन के साथ, एक्सप्रेस ई कनेक्ट और मैनिट भोपाल का लक्ष्य प्रभावशाली अनुसंधान और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना है। मध्य प्रदेश में एक अच्छी तरह से जुड़े और प्रभावशाली व्यक्ति उदित नारायण नवाचार और स्थायी समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रतिष्ठित केंद्रीय सरकारी संस्थान मैनिट भोपाल के पास अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता की एक मजबूत विरासत है। इस सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में सफल समाधानों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे उद्योगों और समाज को बड़े पैमाने पर लाभ होगा।है, जिससे न केवल उद्योगों को बल्कि समाज को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

पीथमपुर में ही जलेगा यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा, SC का रोक से इनकार… आज खोले जाएंगे कंटेनर

Union Carbide’s toxic waste will be burnt in Pithampur itself, SC refuses to stop it… containers will be opened today 1200 डिग्री रखा जाएगा इंसीनरेटर का तापमान इंदौर ! यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने का रास्ता साफ हो गया है। भोपाल से यह कचरा पीथमपुर लाया जा चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया। गुरुवार सुबह मामले को लेकर हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो इस संबंध में हाई कोर्ट के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कोर्ट ने शासन के उस जवाब को भी रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिसमें कहा है कि कचरा जलाने के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पिछली सुनवाई में सरकार से मांगा था जवाबपिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से पूछा था कि धार जिले के पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का कचरा जलाने के दौरान कोई घटना होगी, तो उससे निपटने के लिए उसके पास क्या इंतजाम हैं। गुरुवार को सरकार ने जवाब दाखिर कर दिया। याचिका में आरोप था कि कचरा जलाने के दौरान अकस्मात आपदा होने की स्थिति में आपदा प्रबंधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। आज खुलेंगे चार से पांच कंटेनर, 12 घंटे चलेगा ड्राई रन, शुक्रवार से कचरा जलाने का काम होगा शुरूपीथमपुर में रि-सस्टेनेबिलिटी कंपनी के परिसर में पिछले दो माह से रखे यूनियन कार्बाइड के 337 टन कचरे के 12 कंटेनर में चार से पांच कंटेनर को गुरुवार को खोला जाएगा। कंटेनर से कचरे को निकालकर उसमें मौजूद हानिकारक तत्वों पर नियंत्रण के लिए सोडियम सल्फाइड जैसे रसायन मिलाए जाएंगे। गुरुवार को इंसीनरेटर में ड्राई रन शुरू किया जाएगा और 12 घंटे तक इंसीनरेटर को चालू कर इसके प्रथम चेम्बर में 850 से 900 डिग्री सेल्सियस व दूसरे चेम्बर में 1100 से 1200 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचाया जाएगा। इसके बाद यूनियन कार्बाइड के कचरे को इंसीनरेटर में डालकर जलाने की प्रक्रिया शुरू होगी। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि कोर्ट के निर्देश के अनुसार गुरुवार से कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। याचिकाकर्ता की आपत्तियां खारिजयाचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि पर्यावरण और स्वास्थ्य नियमों का पालन किए बगैर यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने की तैयारी की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि जिस जगह कचरा जलाया जाना है, वहां से 250 मीटर दूर एक गांव है। एक किमी के दायरे में तीन अन्य गांव हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों को वैकल्पिक स्थान तक उपलब्ध नहीं करवाया गया। कचरा जलाने के दौरान कोई हादसा होता है तो पीथमपुर में अस्पताल भी नहीं है। हाई कोर्ट के आदेश पर जलाया जा रहा कचराउल्लेखनीय है कि भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड के कचरे का निस्तारण करा रही है। इसके लिए जनवरी में 337 टन कचरे को भोपाल से धार जिले के पीथमपुर स्थित संयंत्र में लाकर उसे जलाने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने कचरे के जलने से उसकी जहरीले तत्वों का जलवायु पर दुष्प्रभाव होने की आशंका जताते हुए विरोध कर दिया था।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं बागेश्वर धाम, 251 बेटियों के विवाह समारोह में हुईं शामिल

President Draupadi Murmu reached Bageshwar Dham, attended the marriage ceremony of 251 daughters छतरपुर। बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से जनमानस को राह दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों के बारे में लोगों को जागरूक किया है, छुआ-छूत और ऊंच-नीच के भेद-भाव को दूर करने की सीख दी है। आज जब हमारा देश वूमन डेवलपमेंट से वूमन लीड डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है तब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। बेटियों के विवाह की खुशियां फैलीचारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। फाइट कराकर ग्रेट खली ने दिया नशा न करने का संदेशअमेरिका की सुख सुविधा त्याग कर ग्रेट खली अपने देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। ग्रेट खली का कहना है कि यदि युवा नशा त्यागेंगे और खेलों की ओर आकर्षित होंगे तो न केवल देश का मान बढ़ेगा बल्कि देश खेलों में सशक्त होगा। ग्रेट खली ने बीती रात अपने शागिर्दों से जो खलबली मचाई वह देखने लायक थी। बागेश्वर धाम के लिए यह एक अनोखा प्रदर्शन रहा। महिला पहलवानों में रुचिका,दया कौर, तानिया सहित सभी 6 महिलाए जालंधर पंजाब एकेडमी की स्टूडेंट हैं। वहीं पुरुष वर्ग में जेटी बाबा, माजा,सहित 14 पहलवानों ने अपने दांवपेच दिखाए। राष्ट्र चेतना के उत्थान में आगे बढ़ें : ऋतंभरा22 फरवरी से 25 फरवरी तक बागेश्वर धाम में साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के मंगल प्रवचन सुनने का लोगों को अवसर मिला। यहां आए लाखों लोगों को दीदी मां ने संदेश दिया कि राष्ट्र चेतना के उत्थान में हम सब अपना योगदान दें। दीदी मां ने कहा कि जब राष्ट्र का उत्थान होगा तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। बीते दो दिनों से बागेश्वर धाम में देश के प्रख्यात संतों का आगमन जारी है। विगत रोज जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू जी, राज राजेश्वरानंद महाराज लंदन, डॉ. हनुमान ददरूआ सरकार, इंद्रेश उपाध्याय, राजूदास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, गीता मनीषी जी शामिल हैं। धाम के कार्यक्रमों को देखकर अभिभूत हूं : विष्णुदेव सायछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के बाद बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पावन और पुनीत अवसर है कि हमें भी यहां आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अन्य साथी रामप्रताप सिंह व उनके पुत्र दर्शन करने आए हैं।

13 जीवनरक्षक दवाइयां निकली अमानक, मध्य प्रदेश में इनके उपयोग पर लगाई रोक

13 life saving medicines turned out to be substandard, their use banned in Madhya Pradesh इंदौर। भोपाल की ड्रग टेस्टिंग लैब में 13 जीवनरक्षक दवाइयां अमानक निकली हैं। इस कारण इनके उपयोग पर प्रदेश में रोक लगा दी गई है। इनमें से कुछ दवाइयों के सैंपल ड्रग विभाग ने एमवाय अस्पताल से भी सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत लिए थे। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम ने जीवनरक्षक दवाएं, सलाइन और सिरिंज अमानक पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग को भेजे हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं में हार्मोन बढ़ाने वाली दवाइयों के साथ ही एनेस्थिसिया के इंजेक्शन भी शामिल हैं। आदेश के मुताबिक डेक्सट्रोस 5 प्रतिशत (बैच नंबर- एमपी230801055), नार्मल सलाइन 0.9 प्रतिशत (बैच नंबर-एमपी22063102), डिस्पोजेबल सिरिंज विथ निडल 2 एमएल (बैच नंबर- आर2203171), केटेमाइन हाइड्रोक्लोराइड 10 एमजी (बैच नंबर- वी22197), माइक्रोनाइज्ड प्रोगेस्ट्रोन 100 एमजी (बैच नंबर यूएचटी22004), सोडियम बिकार्बोनेट इंजेक्शन (बैच नंबर-1322038), नाइट्रोग्लिसरिन इंजेक्शन 25 एमजी (बैच नंबर-एआई22328), एस्प्रिन लो डोज 75 एमजी (बैच नंबर-एपीएसटी1012) आदि पर रोक लगाई है। डॉक्टरों पर एमवायएच में भर्ती मरीज से मारपीट का आरोपअक्सर शिकायत आती रहती हैं कि एमवाय अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। मंगलवार को ऐसी घटना सामने आई है। आरोप है कि वार्ड में भर्ती एक मरीज के साथ डॉक्टरों ने मारपीट की और बिना इलाज के उसे भगा दिया। मरीज 34 वर्षीय दीपक मोरे निवासी परदेशीपुरा की बस इतनी गलती थी कि वह पैर का पट्टा खोलकर शौचालय गया था। मरीज हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन डॉक्टर ने जिस पैर में चोट लगी, उसे ही मोड़ दिया। मारपीट का आरोप विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन कुशवाह की यूनिट में जूनियर डॉक्टरों पर लगाया गया है। मामले में अस्पताल अधीक्षक को मरीज की पत्नी ने लिखित शिकायत की है।

GIS 2025: ‘मप्र के टूरिज्म सेक्टर में निवेश कभी निराश नहीं करेगा’…सेशन में बोले पर्यटन मंत्री शेखावत; जानें

GIS 2025: ‘Investment in Madhya Pradesh’s tourism sector will never disappoint’… Tourism Minister Shekhawat said in the session; know टूरिज्म सेक्टर के सेशन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश के पर्यटन मंत्री धमेंद्र सिंह लोधी की मौजूदगी में कई बड़े ग्रुपों ने निवेश के प्रस्तावों के करार किए। बता दें कि कुल 4468 करोड़ के निवेश प्रस्ताव टूरिज्म विभाग को प्राप्त हुए। एएमडी बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि प्रस्ताव होटल, रिजॉर्ट, क्रूज सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों के लिए प्राप्त हुए। वहीं ऑरेंज काउंटी ग्रुप ने मांडव में रिजॉर्ट लाने की घोषणा की। यह ग्रुप 100 करोड़ का निवेश करेगा। केवीडब्लू ग्रुप ने नर्मदा नदी में क्रूज संचालन का करार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भौगोलिक रूप से मध्य प्रदेश बड़ा है। हमने टूरिज्म को बढ़ाने के लिए आंतरिक विमान सेवा शुरू की है। एयर एम्बुलेंस भी शुरू की है। हमने अभ्यारण की संख्या बढ़ाई है। टाइगर, तेंदुआ और घड़ियाल सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में है। उज्जैन में 3300 हेक्टेयर में धार्मिक सिटी बनाई जा रही है। हम पर्यटन को तीर्थाटन से जोड़ चुके है। हम पर्यटन में लगातार नए कीर्तिमान बना रहे है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। हम भारत के हितों से समझौता न करने की नीति पर चल रहे है। हर सेक्टर में हम आगे बढ़ रहे है। टूरिज्म सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था का ड्राइवर बन रहा है। भारत की ताकत बढ़ गई है। यह विश्व महसूस कर रहा है। दुनिया का सबसे ज्यादा टूरिस्ट फ्रांस में जाता है। दूसरे नंबर पर स्पेन है। भारत में डोमेस्टिक टूरिज्म की अपार संभावना है। मध्य प्रदेश के टूरिज्म सेक्टर में निवेश कभी निराश नहीं करेगा। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मैं पैदा बिहार में हूँ, कर्मस्थली मुंबई है, लेकिन मध्य प्रदेश में जुड़ाव है। एमपी सच पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश में 14 यूनेस्को हेरिटेज साइट है। अब प्रदेश सरकार वाटर और इको टूरिज्म पर जोर दे रही है। संस्कृति और संगीत के क्षेत्र में भी पर्यटन विभाग पांच विश्व कीर्तिमान बना चुका है।

देश के ‘दिल’ में आज निवेश की दरियादिली, पीएम करेंगे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ

Global Investors Summit : देश के ‘दिल’ में बसे प्रदेश में सोमवार को निवेशक दरियादिली दिखाएंगे। पहली बार भोपाल में हो रही 8वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) की थीम ‘अनंत संभावनाएं’ रखी गई हैं। राजधानी के मानव संग्रहालय में करीब सुबह 10.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीआइएस का शुभारंभ करेंगे। वे एक घंटा जीआइएस में रहेंगे। इस दौरान वे उद्योगपतियों को संबोधित भी करेंगे। इससे पहले मप्र की औद्योगिक व निवेश क्षमता को प्रदर्शित करने वाली 5 मिनट की वीडियो फिल्म दिखाई जाएगी। शुभारंभ कार्यक्रम के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। नवीकरणीय ऊर्जा और आइटी समिट में शामिल होंगे। शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ डिनर होगा। दो दिन की समिट में 34 देशों के राजनयिक और वाणिज्य दूतों के साथ अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी, बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला, आइटीसी के सीएमडी संजीव पुरी समेत देश-विदेश के उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। समिट में 30 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें उद्योग जगत के 3,903 विशेष आमंत्रित व 8,046 डेलीगेट्स हैं। 300 से अधिक गेस्ट ऑफ ऑनर, 133 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी, 3398 स्टार्टअप्स प्रतिनिधि, 562 एनआरआइ व मप्र के प्रवासी, समेत 10,491 प्रतिभागी आएंगे। समापन मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शाम 4.30 से 6 बजे तक होगा।निवेश प्रदेश बनेगा एमपी बच्चों की परीक्षा, इसलिए 15 मिनट देर से जाएंगे कार्यक्रम मेंप्रधानमंत्री मोदी ने भोपालवासियों का दिल जीत लिया। उन्होंने स्कूली बच्चों की परीक्षा देख जीआइएस के शुभारंभ कार्यक्रम का समय 15 मिनट बढ़ा दिया। अब वे सोमवार सुबह 9.45 बजे राजभवन से निकलेंगे। 10.15 बजे मानव संग्रहालय पहुंचेंगे। 10.30 बजे जीआइएस का शुभारंभ करेंगे। पहले उन्हें सुबह 10.15 बजे शुभारंभ करना था। उन्हें पता चला कि सीबीएसई 12वीं की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से है। ट्रैफिक में हुए बदलाव से बच्चों को परेशानी होगी। यह देखकर उन्होंने समय में तब्दीली कराई।बड़े उद्योगपतियों से बड़े निवेश की आसयूनिकॉर्न के एमडी-सीईओ भी: 15 से अधिक यूनिकॉर्न बने स्टार्टअप के एमडी-सीईओ भी आ रहे हैं। बोट के को-फाउंडर अमन गुप्ता, अपना के बिजनेस हेड कौशिक बनर्जी, फॉर आई के सीईओ गौतम कुमार, ईज माय ट्रिप के को-फाउंडर निशांत पिट्टी, जेरोधा के दिनेश पाई समेत अन्य भी शामिल होंगे।7 विभागीय समिट और 10 थीमेटिक सेशन: समिट में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 7 विभागीय सम्मेलन और 10 विशिष्ट थीमेटिक सत्र होंगे। प्रमुख सत्रों में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, परिवहन-लॉजिस्टिक, कपड़ा उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, खनन, एमएसएमई, शहरी विकास और प्रवासी मध्यप्रदेश शामिल हैं।अंतरराष्ट्रीय राजनयिक और वाणिज्य दूत करेंगे भागीदारीजीआइएस में 34 देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, उच्चायुक्त, काउंसल जनरल और अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अफसर भी रहेंगे। प्रमुख भागीदार देशों में जापान, जर्मनी, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर है। समिट में टॉप कंपनियों के 300 से अधिक अध्यक्ष, एमडी, सीईओ शामिल होंगे। इनमें सीएमडी जेके टायर, बालकृष्ण गोयनका अध्यक्ष, वेल्सपेन वर्ल्ड, एमके अग्रवाल, एमडी ग्रासिम, कैलाश झंवर, एमडी अल्ट्राटेक, सुचिता ओसवाल जैन, उपाध्यक्ष वर्धमान, रंजिदर गुप्ता ट्राइडेंट, सीएमडी ब्लू स्टार, पार्थ प्रतिम सेन गुप्ता, एमडी बंधन बैंक आदि शामिल हैं।

छिंदवाड़ा वन मंडल में चहेतों के लिए टेंडर में गड़बड़झाला

Tender irregularities for favourites in Chhindwara forest division भोपाल। ऑनलाइन टेंडर के नाम पर वन विभाग में बड़ा खेल खेला गया है। चहेते ठेकेदार को करोड़ो की सप्लाई देने के लिए दस्तावेजों का गोलमाल किया गया है। टेंडर प्रक्रिया का यह मामला अब तक भले ही कम्पयुटरों में कैद था लेकिन बाहर आने के बाद दस्तावेज मुहैया कराने में अफसरों की सांसे फूल रही है। खास बात यह कि इस मामले में शिकवा शिकायतों का दौर शुरू होने के बाद भी अफसरों ने टेंडर निरस्त करने के स्थान पर बिना सप्लाई के ही सप्लायर को एक बड़ी राशि का भुगतान भी कर दिया है। दरअसल यह पूरा मामला पूर्व वनमंडल और दक्षिण वनमंडल से जुड़ा है जिसमें चार निविदाकारों में उस फर्म को ठेका दिया गया है जिसने निविदा के नियम और शर्तों का पालन तक नहीं किया है। सूत्रों की माने तो मंडला जिले की इस फर्म को केवल इस बिना पर टेंडर दिया गया है कि वह एक विभागीय अधिकारी से करीबी रखता है जिसके कारण टेंडर प्रक्रिया में उपयोगी दस्तावेजों की कमी को भी नजर अंदाज किया गया और उसे संबंधित फर्म को टेंडर दे दिया गया।  लैब टेस्ट कराने फीस ली कैश निविदा शर्तों के तहत टेंडर भरने वाले निविदाकार को सप्लाई की जाने वाली सामग्री का पहले सेम्पल देना होता है। सेम्पल की गुणवत्ता को परखने केलिए इंदौर की लैब में भेजा जाता है। इसके लिए निविदाकार से ऑन लाइन ही राशि जमा कराई जाती है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में गोलमाल का चक्रव्यूह रचने वालों ने राशि कैश में जमा करा ली। जबकि यह बात अन्य किसी भी निविदा कार को पता नहीं हैकि किस लैब में जांच की गई और उसकी रिपोर्ट वया है। 6 टेंडरों में एक ही शपथ पत्र अलग-अलग तिथि और माह में एक ही फर्म को दिए गए टेंडरों में ऑनलाइन अपलोड होने वाले शपथ फत्र में एक ही शपथ पत्र को सभी टेंडरों में अपलोड किया गया है। इसे भी दबाए रखने का काफी प्रयास किया गया लेकिन जब आरटीआई के माध्यम से दस्तावेजों की मांग की गई तो विभागीय अधिकारियों द्वारा टेंडर से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी आरटीआईकर्ता को समय सीमा के बाद भी जानकारी नहीं दी प्रदान की गई जिसके बाद जानकारी के लिए प्रथम अपील लगाई गई है।

राजधानी भोपाल में इन लोकेशन्स पर आसमान छूएंगे प्रॉपर्टी के दाम, नई कलेक्टर गाइडलाइन के लिए शेड्यूल जारी

भोपाल  शहर में डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर बढ़ीं हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इन पर प्रापर्टी के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। दरअसल पंजीयन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा एआई की मदद से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे के आधार पर ही कलेक्टर गाइडलाइन 2025-26 के प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा। पंजीयन विभाग के सूत्रों के अनुसार,वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो हजार से अधिक स्थानों पर सर्वाधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र में एक हजार 500 और ग्रामीण क्षेत्र करीब 500 स्थान शामिल हैं। बता दें कि पिछले साल दूसरी बार प्रापर्टी के दाम बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था लेकिन बिल्डर और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए विरोध के चलते इस पर रोक लग गई थी लेकिन अब नये सिरे से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में बढ़ेंगे सबसे अधिक रेट राजस्व अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर भोपाल जिले का 3 हिस्सों में सर्वे किया जा रहा है. इसमें नगर निगम क्षेत्र, प्लानिंग एरिया और नान प्लानिंग एरिया शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक रेट नगर निगम सीमा में आने वाली जमीनों के बढ़ेंगे. इसके साथ प्लानिंग और नान प्लानिंग एरिया की करीब 100 लोकेशन को नगर निगम में भी शामिल किया जाएगा. जमीनों के दो आधार पर बढ़ेंगे रेट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि “अभी कई लोकेशन ऐसी हैं, जहां कलेक्टर गाइड लाइन से अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं. ऐसे स्थानों को राजस्व अधिकारी चिंहित कर रहे हैं. इसके बाद इन क्षेत्रों में प्रापर्टी के रेट बढ़ेंगे. कलेक्टर सिंह ने बताया कि दूसरे ऐसे क्षेत्र, जहां अधिक मात्रा में रजिस्ट्रियां हो रही हैं. इनमें भी नई कलेक्टर गाइड लाइन में जमीनों के दाम बढ़ेंगे.” एआई और संपदा साफ्टवेयर से हो रहा सर्वे अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1443 स्थानों पर कलेक्टर गाइड लाइन के रेट बढ़ाए गए थे. इस बार 2 हजार से अधिक लोकेशन में दाम बढ़ सकते हैं. जिन इलाकों में कलेक्टर गाइड लाइन में दरें बढ़नी हैं, उनका सर्वे संपदा 2.0 साफ्टवेयर और एआई के माध्यम से किया जा रहा है. इसके साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राहक बनकर भी किसान और बिलडरों से जमीनों के रेट की जानकारी ले रहे हैं. अधिकारियों ने ग्राहक बनकर किया निरीक्षण इन इलाकों में रेट बढ़ने के पीछे मुख्य कारण ये है कि यहां रजिस्ट्री बहुत ज्यादा दरों पर हुई हैं। दूसरा ऐसे इलाके, जहां बहुत ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं। अधिकारियों ने इन दोनों इलाकों का ग्राहक बनकर निरीक्षण किया और रेट के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा, सोशल मीडिया और ब्रोशर के विज्ञापनों का भी अध्ययन किया गया। अधिकारियों के अनुसार कई इलाकों में कलेक्टर गाइडलाइन के आसपास लेकिन रजिस्ट्री ज्यादा संख्या में हुईं। यहां गाइडलाइन से मार्केट रेट काफी ज्यादा है, इसलिए इन्हें शामिल किया। इन स्थानों पर बढ़ सकते हैं जमीनों के रेट बागली, सेवनिया गौंड, रापड़िया, नीलबड़, झागरिया, बर्रई, बावड़िया कल्याण, मिसरोद, कटारा, लांबाखेड़ा, बागमुगालिया, रायसेन रोड, होशंगाबाद रोड, मुबारकपुर, बिशनखेड़ी, रतनपुर, अयोध्या बायपास, बैरागढ़ चीचली, दामखेड़ा, छापड़िया, अरवलिया, एयरपोर्ट रोड, लाउखेड़ी, परवलिया, गोलखेड़ी, देवलखेड़ी, लहारपुर, तारासेवनिया, रातीबड़ और चांदपुर समेत अन्य लोकेशन पर जमीनों के दाम बढ़ने की संभावना है.

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष अफसर

The top officers are kind to the tainted officers of the forest department उदिता नारायण  भोपाल। जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अत- फसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों को बचाने के लिए आरोप पत्र  जारी करने के बजाय शो कॉज थमा कर उन्हें बचाया जा रहा हैं। विभाग के रसूखदार आईएफएस अजय पाण्डेय, गौरव चौधरी, अनुराग कुमार, प्रशांत कुमार, अमित निकम समेत एक दर्जन के खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, किन्तु उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी गई है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी प्राइम पोस्टिंग पार्टी जा रहे हैं और इनमें से कुछ अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। इसी कड़ी में पीसीसीएफ संरक्षण डॉक्टर दिलीप कुमार के खिलाफ 22 लाख रुपए की रिकवरी है और वह रिटायर हो गए हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है। मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती गई । दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारियों ने क्यों उदारता बरती, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु  प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें न केवल बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी, बल्कि क्लीनचिट भी दे दी। दुर्भाग्यजनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है।  भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की थी। इनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा कर मामला संघ लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। शासन को संघ लोक सेवा आयोग के उत्तर की अपेक्षा है। नवीन गर्ग: बहुउद्देशीय परियोजना के डूब क्षेत्र में आई वन भूमि के बदले में गैर वनभूमि और बिगड़े वन में पौधारोपण कराने में करोड़ों के वनीकरण क्षतिपूर्ति घोटाले में शामिल आईएफएस नवीन गर्ग को डीएफओ दक्षिण सागर (सामान्य) वनमंडल से मप्र ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। यही नहीं, ट्रांसफर के बाद भी उन्हें दक्षिण सागर वन मंडल से कई महीनों तक हटाया नहीं गया था। दिलचस्प पहलू यह है कि वन मंत्री विजय शाह ने बीते विधानसभा सत्र में दक्षिण सागर डीएफओ रहे नवीन गर्ग को निलंबित करके ईओडब्ल्यू से जांच कराने की घोषणा की थी। सदन में की गई घोषणा हवा हो गई. उनकी पोस्टिंग इको पर्यटन बोर्ड में है किंतु वह वन्य प्राणी शाखा में काम कर रहे हैं। प्रशांत कुमार: खंडवा में डीएफओ के पद पर पदस्थ प्रशांत कुमार को आरोप पत्र 4 सितंबर 2020 को जारी किया गया था। प्रशांत कुमार डीएफओ पश्चिम बैतूल वन मंडल में अनियमितता के मामले में जांच हुई थी जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। विभाग ने एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का दंड आरोपित कर अंतिम निर्णय के लिए संघ लोक सेवा आयोग भेजा है। आयोग से अभी तक अभिमत नहीं आ पाया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इस गड़बड़ी में तत्कालीन उप वन मंडल अधिकारी आईएस गडरिया संलिप्त रहे हैं। आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई। एम काली दुर्रई:  1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ  विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है।  डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने … Read more

केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी, एमपी के 10 शहरों में ‘कचरे’ से बनेगी ‘बिजली’

electricity will be produced from waste in 10 urban bodies of mp नगरीय विकास विभाग ने घरेलू कचरे के निस्तारण के मामले में बड़े जुर्माने से बचने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कहीं कचरे से सीएनजी बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं तो कहीं कंपोस्टिंग के प्लांट लग रहे हैं। इसी सिलसिले में अब मध्यप्रदेश के 10 शहरों में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें केन्द्र से अनुमति मिल गई है। यह वर्ष 2026 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार ने प्रदेश में नगरीय निकायों को वर्ष 2027 तक कचरा प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। यहां पहले से बनाई जा रहीरीवा, जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने की यूनिट संचालित हैं। प्रतिदिन 950 टन कचरे का प्र-संस्करण कर 18 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लीगेसी वेस्ट खत्म करने में मिलेगी मदद एनजीटी ने 2022 में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही के लिए 3 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। तत्कालीन सीएस ने छह माह में प्रबंधन करने का शपथ-पत्र दिया था। इसके बाद जुर्माना स्थगित किया गया, लेकिन अब भी निकायों की डंपिंग साइट पर 25 लाख टन से ज्यादा लीगेसी वेस्ट जमा है। बिजली प्लांट बनने से वेस्ट भी खत्म करने में मदद मिलेगी। जुर्माने से बचा जा सकेगा। हाल ही में गीले कचरे की कंपोस्टिंग के लिए कटनी, सागर में स्वचालित यूनिट लगाई गई हैं। इन 10 नई इकाइयों को अनुमति 10 नगरीय निकायों के लिए क्लस्टर आधार पर 1018.85 टन प्रतिदिन क्षमता की इकाइयों के लिए मंजूरी मिली है। इन निकायों में सांची, हरदा, नया हरसूद, शाहगंज, आलीराजपुर, देपालपुर, उन्हेल, बाबई, धारकोटि और इंदौर शामिल हैं। इनमें आसपास के स्थानों को भी जोड़ा गया है। जहां कचरा कम निकलता है वहां समीपस्थ अन्य शहरों को जोड़ा गया है। इंदौर-उज्जैन को मिलाकर 607 टन कचरे से बिजली बनाने की यूनिट्स का काम प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से 12.15 मेगावाट बिजली बन सकेगी।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना

कंसोटिया बने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव: तीन आईएएस की जिम्मेदारी बदली; मुखर्जी को बनाया राजस्व मंडल का अध्यक्ष

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जापान दौर से लौटने से पहले तीन सीनियर आईएएस अफसरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। जेएन कंसोटिया को गृह विभाग को अपर मुख्य सचिव बनाया है। वहीं दो दिन पहले एसीएस बनाए गए अनिरुद्ध मुखर्जी को राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्व मंडल में प्रशासकीय सदस्य और प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा को ग्वालियर से भोपाल लाया है। सिन्हा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया है। बता दें कि एसीएस एसएन मिश्रा शुक्रवार को रिटायर हो गए। जिसके बाद कंसोटिया की उनके पद पर नियुक्ति की गई। वे मोहन सरकार में करीब 1 साल बाद बड़े विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। कंसोटिया अभी प्रशासन अकादमी के डीजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शमी को आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अति. प्रभार अनिरुद्ध मुखर्जी को दो दिन पहले एसीएस बनाकर आवासीय आयुक्त नई दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें लोक परिसंपत्ति विभाग का जिम्मा भी सौंपा था। अब उनके पास लोक परिसंपत्ति विभाग की जिम्मेदारी यथावत रखी है। वहीं आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को सौंपा गया है। परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी किसी को नहीं परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी अभी किसी को नहीं दी गई है। रिटायर एसीएस एसएन मिश्रा के पास गृह विभाग के एसीएस के साथ परिवहन और जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार था।

सिर्फ कागजों में देश कि सबसे स्वच्छ राजधानी भोपाल: ज़मीनी हकीकत कुछ और, बस स्टैंड बदहाल, कीचड़-गंदगी से भरे पड़े ,,,

Bhopal is the cleanest capital of the country only on paper: Ground reality is different, bus stand is in bad condition, filled with mud and dirt,,, भोपाल । राजधानी भोपाल के नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी की हालत बदहाल है। दोनों बस स्टैंड पर गंदगी पसरी है। पीने के साफ पानी और स्वच्छ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। नादरा बस स्टैंड रात के समय नशे का अड्डा बन जाता है। यहां चोरी और लड़ाई की घटनाएं भी आम हैं। बता दें कि नादरा बस स्टैंड से रोजाना करीब 5 हजार से अधिक यात्री सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, आदि शहरों के लिए जाते हैं। वहीं आईएसबीटी से रोजाना करीब 6 हजार यात्री होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल आदि जैसे शहरों के लिए निकलते हैं, इसके अलावा अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि के लिए भी बसें यहां से रवाना होती हैं। खुले में शौच से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशाननादरा बस स्टैंड पर एजेंट का काम करने वाले दयाल सिंह गुर्जर ने बताया कि पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने के चलते बस स्टैंड कीचड़ से भरा है। लोग यहां खुले में शौच करते है। इससे पूरे इलाके में बदबू बनी रहती है. जिसकी वजह से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशान रहते हैं। नगर निगम भी हमारे आवाज उठाने पर ही सफाई करवाता है। मुफ्त शौचालय का बोर्ड लगा, फिर भी मांगे जाते हैं पैसेदुकानदार मोहम्मद सईद ने बताया कि वह पिछले 40 सालों से बस स्टैंड पर दुकान चलाते हैं। यहां शौचालय का कोई बोर्ड या निशान नहीं लगा है। इसके चलते विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां बाहर बने शौचालय में महिलाओं के लिए मुफ्त लिखे होने पर भी उनसे पैसे मांगे जाते हैं। जब महिलाएं इस बात को लेकर आवाज उठाती हैं, तो उन्हें शौचालय में काम चलने की दलील दी जाती है। बस स्टैंड पर गुंडे लोगों की वजह से मनमाने तरीके से काम हो रहा है। कम से कम रात के समय प्रशासन को एक आदमी की ड्यूटी लगानी चाहिए जो निगरानी कर सके। रात होते ही नशे का अड्डा बन जाता है नादरा बस स्टैंडऑटो ड्राइवर शेराज ने बताया कि यहां देर रात अक्सर लोगों के साथ चोरी की घटनाएं होती रहती है। लोगों के बैठने और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि बस स्टैंड पर 2-3 पानी की टंकी लगी हैं, लेकिन सब सालों पुरानी है। जिनकी सफाई होते हुए हमने नहीं देखा। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि रात होते ही बस स्टैंड नशे का अड्डा बन जाता है। जिससे आए दिन यहां लड़ाई-झगड़ा भी होता रहता है। अतिक्रमण की वजह से बस निकालने में दिक्कत बस ड्राइवर जुम्मा खान ने बताया कि नादरा बस स्टैंड शिफ्ट होने की बात कही जा रही है, लेकिन कब तक होगा इसका अनुमान नहीं है। बस स्टैंड की जगह सही से नहीं बनी हुई है, साथ ही अतिक्रमण भी फैला रहता है। इसके चलते यहां से बस निकालने में बहुत परेशानी होती है। आईएसबीटी की हालत भी बदहाल शहर के आईएसबीटी की हालत भी बदहाल है। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि बस स्टैंड में सीवर लाइन चोक होने की वजह से परिसर में गंदा पानी भरा रहता है। इसके अलावा ड्राइवर बूथ पर लगाकर ही बसे धोते हैं, जिससे कीचड़ फैलता है। बस स्टैंड पर पीने के साफ पानी व्यवस्था नहीं है और शौचालय भी साफ नहीं है। ज्यादातर बस ड्राइवर बस स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर ही बसे खड़ी करते हैं। इससे सवारियों दिक्कत होती है। इस संबंध में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर निगम अच्छे प्रयास कर रहा है। दिन-रात सफाई हो रही है। जहां खामी होगी, वहां सुधार करेंगे। बस स्टैंड पर भी विशेष सफाई करवाई जाएगी। शहर के दोनों बस स्टैंडों से कहां जाती हैं बसें आईएसबीटी : होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, मुलताई की ओर बसें जाती हैं। नादरा बस स्टैंड : सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर की बसें जाती हैं।

प्रदेश में विशेष परिस्थिति में मंत्री कर सकेंगे ट्रांसफर, GAD ने स्थानांतरण नीति (संशोधन)-2025 जारी

Ministers will be able to transfer in special circumstances in the state मध्य प्रदेश में अभी राज्य और जिला स्तर पर स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। शासन ने 24 जून 2021 को राज्य एवं जिला स्तर पर ट्रांसफर नीति जारी की थी। सरकार ने कार्य की सुविधा से उपरोक्त नीति की कण्डिका 9 में संशोधन किया है। इसमें विभाग के मंत्री विशेष परिस्थिति में ट्रांसफर कर सकेंगे। बुधवार को साामन्य प्रशासन विभाग की तरफ से स्थानांतरण नीति (संशोधन)-2025 जारी कर दी गई। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षा में महेश्वर में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त उच्च प्राथमिकता के प्रकरणों में सचिव प्राशसकीय अनुमोदन प्राप्त कर आदेश जारी कर सकेंगे। साथ ही ऐसे ट्रांसफर प्रकरण जिनको करने में विभाग नीति के अनुरूप नहीं पाता है तो ऐसे प्रकरण विभागीय सचिव, विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद कारण समेत अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय को दोबारा प्रस्तुत कर अग्रिम आदेश प्राप्त करेंगे। इसके अलावा ट्रांसफर नीति के तहत ट्रांसफर करते हुए यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिस स्थान से ट्रांसफर किया जा रहा है, उस स्थान पर रिक्त पदों का प्रतिशत ट्रांसफर किए जा रहे स्थान से अधिक तो नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने कुछ शर्तों के तहत शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर (स्थानांतरण) के लिए एक नीति जारी की है। इस नीति के अनुसार, सामान्य रूप से ट्रांसफर केवल विशेष परिस्थितियों में ही किए जा सकते हैं। इन परिस्थितियों में शामिल हैं- स्वास्थ्य कारण- जैसे गंभीर बीमारियां (कैंसर, लकवा, दिल का दौरा आदि) के कारण तत्काल स्थानांतरण की आवश्यकता हो।न्यायालय के आदेश- यदि किसी न्यायालय का आदेश हो और उस आदेश का पालन करना आवश्यक हो, लेकिन स्थानांतरण के दौरान कर्मचारी पर कोई विभागीय कार्रवाई लंबित न हो।गंभीर शिकायत या अनियमितता- यदि शासकीय कर्मचारी के खिलाफ गंभीर शिकायत या लापरवाही हो और विभाग ने उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की हो।आपसी अपराध मामला- यदि लोकायुक्त या पुलिस ने कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया हो और जांच में कोई रुकावट न हो, तो इस कारण भी स्थानांतरण किया जा सकता है।रिक्त पदों की पूर्ति- यदि किसी कर्मचारी के निलंबन, त्यागपत्र, सेवानिवृत्ति या मृत्यु के कारण पद खाली हो और विभाग को लगे कि उस पद को भरना जरूरी है, तो भी स्थानांतरण किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश का राज भवन घूमने का सुनहरा अवसर , जाने नियम

Golden opportunity to visit Raj Bhavan of Madhya Pradesh, know the rules MP News: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीन दिनों के लिए राजभवन के दरवाजे आम लोगों के लिए खुले रहेंगे. राजभवन में कई ऐसे दर्शनीय स्थान है जो इतिहास से जुड़े हुए हैं. इनका भ्रमण और अवलोकन आम लोगों द्वारा किया जा सकता है. राजभवन के अपर मुख्य सचिव के सी गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर राजभवन को आम लोगों के अवलोकन के लिए तीन दिनों तक खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि आम नागरिक 25 से 27 जनवरी 2025 तक की निर्धारित समय अवधि में राजभवन देख सकते हैं. इसके लिए समय भी तय किया गया है. आम लोगों के लिए दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक राजभवन खुला रहेगा. इसी प्रकार 26 जनवरी को प्रातः 11 से दोपहर 2:00 बजे तक राजभवन का भ्रमण किया जा सकेगा. संभावना जुटाए जा रही है कि तीन दिन की अवधि में हजारों की संख्या में लोग राजभवन को देखने के लिए जा सकते हैं. उन्हें गेट नंबर 2 से आवागमन की अनुमति मिलेगी. इतिहास को संजोए हुए है राजभवनराजभवन राज्यपाल का निवास होने के साथ-साथ इतिहास को अपने आप में संजोए हुए हैं. यहां पर तोप, आकर्षक प्राचीन‌ वस्तुओं के साथ-साथ एक विशाल वेंकट हाल भी है, जो कि काफी पुराना है. राजभवन की कई प्राचीन वस्तुएं आम लोगों को अपनी और आकर्षित करती है. इसके अलावा प्राचीन समय के लगे हुए झूमर भी राजभवन की खूबसूरती के साथ-साथ लोगों के आकर्षण का केंद्र माने जाते हैं. जिस क्षेत्र में राजभवन स्थित है वह 1880 तक एक सैन्य छावनी क्षेत्र था. इस क्षेत्र में किसी भी निजी निर्माण की अनुमति नहीं थी. 1880 में वर्तमान राजभवन का निर्माण भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने ब्रिटिश अधिकारियों के ठहरने के लिए किया था. इसे शुरू में लाल कोठी नाम दिया गया था. 1880 के बाद से लाल कोठी भोपाल में तैनात ब्रिटिश राजनीतिक एजेंटों का आधिकारिक निवास बन गया.

उज्जैन में शराबबंदी के बाद उठा सवाल…काल भैरव को भोग में कैसे चढ़ेगी शराब? संतों ने कही ये बात

After prohibition of liquor in Ujjain, question arose…how will liquor be offered to Kaal Bhairav? The saints said this मध्यप्रदेश के उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की ओर से शराबबंदी का एलान करने के बाद बाबा महाकाल के सेनापति भगवान कालभैरव मंदिर, जहां भगवान को श्रद्धालु शराब का भोग लगाते हैं, इस परंपरा के चलते मंदिर के बाहर आबकारी विभाग की दो सरकारी शराब दुकानें संचालित होती हैं। इन दुकानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शराब खरीदकर भगवान को अर्पित करते हैं और कई लोग इसे प्रसाद के रूप में भी ग्रहण करते हैं। लेकिन अब इस नई नीति से यह दोनो दुकाने बंद हो जाएगी। 17 दुकानों पर लग जाएगा तालाउज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आदेश आने के बाद नई आबकारी नीति के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं उज्जैन शहर के नगर निगम क्षेत्र में 17 शराब की दुकान आती हैं, जिससे आबकारी विभाग को 242 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलता है, लेकिन अब मोहन सरकार कैबिनेट के फैसले के बाद इन 17 दुकानों पर ताला लग जाएगा और 242 करोड़ रुपए का नुकसान आबकारी विभाग को होगा। कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि कालभैरव के इस मुद्दे पर फैसला अभी बाकी है और जब आदेश जारी होगा, तब काल भैरव मंदिर के आसपास शराब बंदी के आदेश पर विचार किया जाएगा। इन 17 शहरों में लगा बैनमोहन यादव सरकार ने मध्य प्रदेश के 17 शहरों में शराबबंदी का फैसला किया। इन शहरों में उज्जैन, ओंकारेश्वर, मैहर, खजुराहो, महेश्वर, ओरछा, सांची, नलखेड़ा, सलकनपुर, जबलपुर, मंदसौर सहित अन्य जिलों का नाम शामिल है। सीएम मोहन ने कहा कि ये सभी क्षेत्र हमारी धार्मिक आस्था के केंद्र हैं। इसी नीति के आधार पर इन सभी क्षेत्रों में सरकार ने शराबबंदी का निर्णय लिया है। खास बात ये है कि, शराबबंदी वाले क्षेत्रों से हटाई जाने वाली सभी शराब दुकानों को अन्य किसी स्थानों या शहरों में विस्थापित भी नहीं किया जाएगा। यानी ये सभी दुकानें पूरी तरह से बंद होंगी। महाकाल के सेनापति है काल भैरवधार्मिक मान्यताओं के अनुसार काल भैरव बाबा महाकाल के सेनापति है। महाकाल दर्शन से पहले काल भैरव मंदिर में दर्शन किए जाते हैं। भगवान काल भैरव को आदिकाल से ही शराब का भोग लगाकर सबके सामने पिलाई जाती है। यही वजह है कि मंदिर के पास दो शराब की दुकानें हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु करीब 5 लाख रुपए की शराब लेते है। उज्जैन में शराब बंदी को लेकर सवाल उठ रहा है कि काल भैरव मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों को शराब चढ़ाने के लिए शराब कहां से मिलेगी….? ऐसे में यहां शराब बंदी के आदेश को कैसे लागू किया जाएगा? संतों ने कहा लोगों को सीमित मात्रा में ही मिलेउज्जैन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास जी महाराज ने कहा कि सरकार शराब बंदी लागू करे, लेकिन काल भैरव मंदिर में ख़ास ध्यान देकर नई नीति बनाए, ताकि लोग इसे सिर्फ चढ़ाने के उद्देश्य से ही खरीद सके। साथ ही भक्तों को दुकान से शराब सीमित मात्रा में ही मिले।

गौशाला से गायों के लापता होने पर संतों में आक्रोश, सिर मुंडवाकर प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

Saints are angry over the disappearance of cows from the cowshed, they shave their heads and demand action from the administration खाचरोद स्थित श्री नंदराज गौशाला लेकोड़िया में 498 गौमाताओं के लापता होने का मामला सामने आया है। बगलामुखी शक्तिपीठाधीश्वर संत कृष्णानंद महाराज ने दस दिन पूर्व प्रशासन को इस घटना की जानकारी देते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिकायत में बताया कि गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार 20 रुपये प्रति गौमाता के मान से अनुदान दे रही है। वहीं, सरकारी पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में गौशाला में केवल 500 के आसपास गौमाताओं का उल्लेख किया गया है। संत कृष्णानंद महाराज का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों के अनुसार गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए अनुदान मिल रहा है, जबकि पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में सैकड़ों गायों के गायब होने का जिक्र है। उनका सवाल है कि ये गायें आखिर कहां हैं? संत के आरोपों के बाद आनन फानन में गौशाला समिति सदस्यों ने अन्य गौशालाओं में गाय भेजने का जिक्र किया था, लेकिन उक्त गौशाला के संचालकों ने स्वामी के सामने आकर दूसरी गौशाला की गाय के यहां पहुंचने से मना कर दिया। स्वामी कृष्णा नंद महाराज ने अपने जन्मदिन के मौके पर स्वागत मंच को गौमाताओं की हत्या के प्रतीक रूप में श्रद्धांजलि में बदल दिया। गया और बाहर से आए कई और साधु संतों, यहां तक कि भक्तों ने गौ माता को श्रद्धांजलि देते हुए अपने सिर के बाल सर मुंडवा दिए। स्वामी यही नहीं रुके और मंच से क्षेत्रीय विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान पर बरसते हुए कहा कि अब तो विधायक बन गए हो अगली बार भूल जाना कि तुम विधायक बनोगे और आज के बाद इस आश्रम के दरवाजे तुम्हारे लिए बिल्कुल बंद हैं। वहीं लिंकोडिया गौशाला के संत गंगा गिरी महाराज भी सामने आए उन्होंने भी मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैं तो पिछले कई वर्षों से गौशाला का संचालन करता था। कुछ दिनों के लिए बाहर क्या चला गया इन दुष्टों ने 498 गौ माता को कहा पहुंचा दिया। आप तो मीडिया वाले हैं आप ही सच्चाई बाहर ला सकते हैं और सच्चाई बाहर आनी चाहिए। मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह करता हूं इस विषय पर तुरंत संज्ञान लें और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजें।

कैबिनेट बैठक के लिए महेश्वर तैयार, मंत्रियों को मिलेगा मालवा निमाड़ के व्यंजन

Maheshwar ready for cabinet meeting, ministers will get dishes from Malwa Nimar शुक्रवार को पर्यटन नगरी महेश्वर में होने वाली मंत्रीमंडल बैठक के लिए तैयारियां जोरों पर है। नर्मदा रिट्रीट कैम्पस में एक बड़ा डोम तैयार किया गया है। बैठक में शामिल मंत्रियों को मालवी और निमाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। दाल बाफले, चूरमा लड्डू, दाल पानिए, बेसन गट्टे की सब्जी सहित अन्य व्यंजन परोसे जाएंगे। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में धार्मिक नगरी में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के फैसले को मंजूरी दी जाएगी। लोकमाता अहिल्या बाई होलकर का 300 वां जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इस मौके पर महेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री सुबह साढ़े दस बजे महेश्वर पहुंच जाएंगे। पहले अहिल्या प्रतिमा का पूजन होगा, फिर यहां मंत्रियों का सामूहिक फोटो सेशन होगा। दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होगी। जिसमे प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। मालवी-निमाड़ी अंदाज में सजा परिसर जिस परिसर में बैठक होगी। उसे मालवी निमाड़ी अंदाज में सजाया गया है। दीवारों पर मांडने व संजा सजाए गए है। इसके अलावा रंग-बिरंगी वंदनदार भी सजाई गई है। परिसर के मुख्य गेट पर महेश्वर किले की प्रतिकृति बनाई गई है। महेश्वर में मुख्यमंत्री व मंत्री चार घंटे तक रुकेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से भोपाल रवाना हो जाएंगे। परिसर के समीप एक हेलीपेड भी बनाय गया है। पहली बार निमाड़ में आने वाले महेश्वर में यह बैठक हो रही है। इससे पहले हनुमंतिया में भी कैबिनेट बैठक हो चुकी है।

सेज यूनिवर्सिटी और एक्सप्रेस ई कनेक्ट का समझौता: कृषि क्षेत्र में नवाचार

Sage University and Express E Connect tie up: Innovation in agriculture sector भोपाल ! दिनांक 22 जनवरी 2025 को एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के प्रबंध निदेशक उदित नारायण और भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता जैव उर्वरकों और अन्य संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन, प्रमाणन, निर्माण और व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इस साझेदारी के तहत शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में क्रांति आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस समझौते से पहले भी एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण पहल की है। 25 दिसंबर 2024 को, अटल जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर, पंचायती राज मंत्री माननीय प्रहलाद पटेल जी ने दमोह जिले में एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के साथ मिलकर आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना था। इस आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना के तहत जैव उर्वरकों का निर्माण गोबर और अन्य जैविक कचरे से किया जाता है। इसका उपयोग खेतों में किया जाने वाला रासायनिक उर्वरकों का स्थान लेने के लिए किया जा रहा है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है, बल्कि किसानों को किफायती और प्रभावी विकल्प भी प्रदान करता है। इस पहल से किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। Read More: अटल जन्म शताब्दी पर जैविक खेती को बढ़ावा: दमोह में जैविक खाद इकाई का शुभारंभ नए एमओयू के तहत सेज यूनिवर्सिटी शोध और तकनीकी सहयोग में अपनी भूमिका निभाएगी। यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ किसानों और उद्योग के लिए प्रमाणन प्रक्रियाएं विकसित करेंगे। इसके साथ ही, जैव उर्वरकों और संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह साझेदारी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए भी नए अवसर खोलेगी। एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने इस समझौते के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने का संकल्प लिया है। आत्मनिर्भर गौशालाओं को और अधिक व्यापक रूप में स्थापित करने और जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की योजना है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इस समझौते के माध्यम से मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। माननीय प्रहलाद पटेल जी द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना और नई साझेदारी के बीच का यह तालमेल राज्य और देश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में 24 को कैबिनेट की बैठक, बस सेवा शुरू करने का हो सकता है ऐलान

Cabinet meeting on 24th in Ahilya Devi’s city Maheshwar, announcement may be made to start bus service. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 जनवरी को लोकमाता अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रदेश में बस सेवा शुरू करने को मंजूरी मिलने की संभावना है। सरकार इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में यात्री बस सेवा प्रारंभ करना चाहती है। शुरू में कुछ चयनित रूटों पर बसे चलाई जाएंगी। बैठक के बाद परिवहन विभाग इस प्रस्ताव को लेकर आगे की कार्रवाई तेज करेगा। इसके तहत बस सेवा संचालित करने के लिए एक कंपनी स्थापित की जाएगी, जो प्रदेश में यात्री बसों का संचालन करेगी। इस बैठक को लेकर सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2025 मालवा की महारानी पुण्यश्लोका अहिल्या देवी का 300 वां जयंती वर्ष है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवी अहिल्या माता की 300वीं जयंती मनाने का निर्णय लिया है। इस उपलक्ष्य में हम पूरे वर्ष अलग-अलग कार्यक्रम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की अगली बैठक मालवा की महारानी लोकमाता अहिल्या देवी को समर्पित की जाएगी। कैबिनेट की बैठक 24 जनवरी को लोकमाता की राजधानी रही धार्मिक नगरी महेश्वर में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को जारी अपने संदेश में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्या देवी का जीवन धार्मिकता, त्याग और करुणा का प्रतीक था। वे न केवल एक कुशल शासिका थीं, बल्कि एक आदर्श नारी और माता भी थीं। लोकमाता अहिल्या देवी के शासनकाल, उनकी कर्तव्यपरायणता, धर्म परायणता, सुशासन, दानशीलता, धार्मिकता आदि गुणों से हमें सद्मार्ग और सुशासन के जरिए लोक-कल्याण की असीम ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उनके व्यक्तित्व की आभा से पूरा समाज आज भी उन्हें अत्यंत श्रद्धा से देखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की पावन धरा वह स्थान है, जहां रानी दुर्गावती, लोकमाता अहिल्या देवी, सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज जैसे प्रतापी एवं सुशासन लाने वाले शासक हुए हैं। इनके नाम और काम पर मध्यप्रदेश सदैव गौरवान्वित होता आया है। इस संदर्भ में महिला शासिका लोकमाता अहिल्या देवी का नाम भी अजर-अमर है। उनके नाम पर समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक में हम जनकल्याण से जुड़ी कई नवीन योजनाओं को मंजूरी देने जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि हम सब मालवा की लोकमाता अहिल्या देवी के पुण्य स्मरण में शामिल हों। वे स्वयं और सभी मंत्रीगण मिलकर अहिल्या माता को समर्पित मंत्रिपरिषद की बैठक के लिए महेश्वर जाएंगे और यही लोकमाता को उनके सद्कार्यों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में नहीं बल्कि समुदाय विरुद्ध समुदाय के जरिए करें

Confront the encroachers not from the front but through community against community भोपाल। आईएफएस अफसरों की दो दिन चली मंथन का समापन शनिवार को हो गया। मंथन में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने फील्ड के अवसरों को दो मूल मंत्र बताएं। पहला यह कि अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में रहकर नहीं करे, बल्कि उसे समुदाय वर्सेस समुदाय को आगे कर करें। जंगल बचाने वाले समुदाय का सपोर्ट करें और उन्हें ताकतवर बनाएं। दूसरा मंत्र टीम भावना से काम करने का दिया।  अपैक्स भवन में दो दिन चली मैराथन मंथन में फील्ड के अफसरों ने जितने भी प्रेजेंटेशन दिए, वे सभी प्रस्तुति एसीएस वर्णवाल के मानक पर खरे नहीं उतरे। शनिवार को सतना डीएफओ मयंक चांडीवाल ने वन अधिकार अधिनियम को लेकर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। चांडीवाल ने बताया कि अधिनियम में दो गवाह के आधार मानकर पट्टा देने की अनुशंसा कर दिया जाता है। जबकि दो साक्ष्य के आधार पर हो, जिसमें एक सैटलाइट इमेजरी होना चाहिए। इस पर एसीएस वर्णवाल बोले कि आप अपने ढंग से अधिनियम के प्रावधानों का प्रजेंटेशन करेंगे। अधिनियम का इंटरप्रिटेशन अपने हिसाब से ना करें। वर्णवाल ने यह भी कहा कि यदि आप सहमत नहीं है तो अपनी आपत्ति लिखित में कलेक्टर के समक्ष दर्ज कराएं। आपकी आपत्ति को कलेक्टर इग्नोर नहीं कर सकता। इसी मसले पर एपीसीसीएफ भी कुछ कहना चाहते थे किन्तु एसीएस ने उन्हें बोलने नहीं दिया। पन्ना नेशनल पार्क की फील्ड डायरेक्टर अंजना तिर्की ने एसीएस के समक्ष जानवर मुआवजा का अधिकार फॉरेस्ट अफसर को देने की बात रखी। इस पर वर्णवाल ने कहा कि राजस्व अधिकारी को अधिकार इसलिए दिया गया है क्योंकि उनके पास मुआवजा आकलन करने का अनुभव है। उन्होंने यह भी कहा कि शाजापुर जैसे वन मंडलों में स्टाफ की कमी होती है तो मुआवजा का काम कैसे कर पाएंगे।  टीम भावना से करें काम एसीएस वर्णवाल ने दो दशक पहले देवास जिले के मेहंदीखेड़ा में हुई गोलीचालन को लेकर एक रिपोर्ट केस स्टडी के रूप में फॉरेस्ट अफसर के बीच वितरित की। तब वर्णवाल देवास के कलेक्टर थे। फॉरेस्ट के अफसर से सवाल किया कि इसमें आप बताएं क्या किया जा सकता था? इसके बाद उन्होंने अफसर के समक्ष कहा कि इस गोलीचालन में चार लोगों की मौत हुई थी। इसकी मजिस्टिकल जांच हुई थी। तब देवास में डीएफओ महेंद्र धाकड़ थे। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच में कलेक्टर एसपी और डीएफओ के बयान एक जैसे ही थे। हम लोगों ने टीम भावना के साथ घटना और मजिस्ट्रियल जांच का सामना किया। इसलिए डीएफओ कलेक्टर और एसपी के साथ मिलकर काम करें।  नए अफसरों को परोसा झूठ एसीएस वर्णवाल ने देवास के मेहंदीखेड़ा गोलीकांड के मामले में कुछ झूठ भी परोसा है। बड़वाल ने एनजीओ तक का नाम नहीं बताया जबकि आदिवासी मुक्ति संगठन के नाम से जनता को वर्ग लाया जा रहा था और इसके संचालक राहुल बनर्जी और माधुरी बेन थे, जो आज भी सक्रिय है। वर्णवाल ने फील्ड से आए अफसर से यह बताया कि इस घटना को लेकर विधानसभा क्वेश्चन तक नहीं हुई। जबकि गोली कांड को लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ स्थगन लाये गए थे और विधानसभा की कार्रवाई बाधित भी हुई। इसके चलते सरकार को कलेक्टर, एसपी और डीएफओ को हटाना भी पड़ा था। इस पूरी घटना को लेकर तत्कालीन पीसीसीएफ आरडी शर्मा के कहने पर मैंने ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की थी। मैंने दैनिक नई दुनिया में तीन दिन तक रिपोर्टिंग का एपिसोड चलाया। अपनी रिपोर्टिंग में मैंने यह  स्पष्ट कर दिया था कि तत्कालीन प्रमुख सचिव वन बनर्जी और एनजीओ संचालक कर्ता राहुल बनर्जी के बीच दोस्ताना संबंध रहे और उनमें टेलिफोनिक बातचीत भी होती रही। राहुल पुलिस की नजरों में फरार था पर वल्लभ भवन में अधिकारियों से मिलता जुलता रहा। मेरे द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद वन विभाग प्रमुख सचिव से बनर्जी को हटा दिया गया था। तत्कालीन पीसीएफ आरडी शर्मा आज भी जीवित है।

शक्कर कारखाने को चलाने के लिए संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

Sangharsh Samiti begins indefinite strike to run sugar factory मुरैना ! जिले के सबसे बड़े उद्योग दी मुरैना मंडल सहकारी कारखाने को चलाने के लिए, कर्मचारी किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए ,मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल करने के लिए, कारखाने की परिसंपत्तियों को नहीं बेची जाने और नीलामी रोकने के लिए एवं शासन से विशेष अनुदान के लिए की मांगों के लिए रोजगार विशाल धरना कैलारस शक्कर कारखाने पर प्रारंभ हुआ जौरा विधानसभा के प्रत्येक गांव से किसान अपने साथ आटा सब्जी लेकर आ रहे हैं  किसानों की यह मंशा है कैलारस का कारखाना फिर से शुरू होना चाहिए   इस धरने में कांग्रेस पार्टी के साथ कम्युनिस्ट पार्टी बहुजन समाज पार्टी आम आदमी पार्टी के नेता भी धरने पर  बैठे हैं, अपने सम्बोधन में अशोक तिवारी ने कहा कि शक्कर कारखाना सहकारिता की धरोहर है इसमें किसानों की हिस्सेदारी है, तिवारी ने कहा जिस प्रकार सरकार अन्य कारखानों को चालू करने के लिए रुपया दे रही है तो कैलारस  के कारखाने को भी चालू करने के लिए पैसा देना चाहिए, पूर्व विधायक रबीन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इस कारखाने से हज़ारों किसान मजदूरों दुकानदारों को बहुत लाभ था, आज यहां का युवा बाहर अन्य प्रान्तों में मजदूरी करने जा रहे हैं, बसपा के नंदलाल खरे ने कहा कि सरकार की मंशा है कि इस कारखाने की को अपने लोगों को देना चाहती है  ,लेकिन हम शक्कर कारखाने की जमीन को  बेचने नहीं देंगे और हमारी पार्टी के नेता भी इस धरने में सम्मलित होंगे, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राठौर ने कहा कि सरकार कितनी भी ताकत लगा ले पंकज उपाध्याय के साथ हजारों सिपाही साथ हैं  जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा जिस प्रकार मुरैना का बस स्टेंड खरीदा इसी तरह कैलारस शक्कर कारख़ाने को खरीदना चाहते हैं, इस क्षेत्र की जनता चाहती है कि कारखाना चलाना चाहिए पार्टी और क्षेत्र की जनता आपके साथ हैं, कॉंग्रेस के अशोक सिंह सिकरवार में कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि तुम मुझे सांसद बना दो फिर में शक्कर कारखाने को चलाएंगे, सांसद बन गए फिर भी कारखाना नहीं चला, चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनेगी तो में कैलारस में केबिनेट मीटिंग कराऊंगा, सरकार बनी पर कारख़ाना नही चला ,जिला कॉंग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल ने कहा कि शक्कर कारखाना अगर चालू होगा तो सबको फायदा होगा,  अगर कारखाना चालू होता है तो सबको लाभ होगा, कॉंग्रेस के महासचिव जसवीर सिंह गुर्जर ने कहा कि  शक्कर कारखाने जब चलता था तब पूरे क्षेत्र का गन्ना यहां आता था किसानों की आवाज को बीजेपी दबाना चाहती है बीजेपी के नेताओं को भी समझना चाहिए कि क्षेत्र की जनता बहुत परेशान हैं उन्हें भी जनता का दर्द समझना चाहिए, अभी समय है सबको जागना पड़ेगा, सरकार लोगों की आवाज को दबाना चाहती है, एक धरना जिले और भोपाल में भी होना चाहिये, जिससे पूरे प्रदेश की जनता दिखेगी ,मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव रामलखन डंडौतिया  ने कहा कि बीजेपी सरकार की नीति और नीयत में खोट है  ,पहले  पोरसा और मुरैना का बस स्टेंड खरीदा ऐसे ही ये शक्कर कारखाने को अपने नुमाइंदों को दिलवाना चाहती है, पंकज उपाध्याय ने कारखाने को बचाने के लिए जो बीड़ा उठाया है हम सबको उनका साथ देना चाहिए, सबकी जिम्मेदारी है कारखाने को बचाना है जब तक मोहन सरकार नीलामी नहीं रोकती तब तक धरना प्रदर्शन चलता- रहेगा, पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्रा ने कहा कि सरकार तुमने मील को बंद करा दिया लेकिन पहले तुमने चालू करने की कहा था केंद और प्रदेश में तुम्हारी सरकार है  दस हजार की जरूरत थी कारखाना चलाने की पर तुमने कारखाना को चालू कराना उचित नहीसमझ, cpm के गयाराम  धाकड ने कहा कि मैं भी एक किसान हूं मैंने भी इस कारखाने में गन्ना दिया था, पूरे क्षेत्र में गन्ना की डिपो थी  अब सब बंद हैं, मेने कई बार कहा कि कारखाने की मशीन खराब थी पर हमारी किसी ने सुनवाई नही की  जान बुझ कर कारखाने को बंद कराया गया, हमने कहा कारखाने में चोरी हो रही हैं पर हमारी बातों को नहीं सुना धरने मैं मुख्य रूप से राजवीर धाकड़ राजेश गुप्ता सुरेंद्र शाक्य नंदलाल खरे बदनसिंह जी आम आदमी पार्टी से डॉक्टर मुरारी लाल अमर विनोद दुबे राम इत्यागी ओम प्रकाश शाक्य डॉ शम्मा कुरेशी शराफत अली खान जगदीश प्रजापति ओम प्रकाश शर्मा संतोष सोलंकी धर्मेंद्र सिंह सिकरवार आदिराम जाटव प्रमोद शर्मा पवन शर्मा राजकुमार सिकरवार मुरारी लाल धाकड़ सुरेश उपाध्याय जगदीश शुक्ला विष्णु अग्रवाल अशोक  सिकरवार राजेश राठौर बृजकिशोर सखवार शैलेंद्र बौहरे राजेंद्र सिंह जादौन के साथ बड़ी संख्या में किसान एवं युवा  मौजूद रहे।

शहडोल में 7वां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, सीएम यादव पहुंचे, 30 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर चर्चा होगी

Seventh Regional Industry Conclave of Madhya Pradesh मध्य प्रदेश का सातवां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज गुरुवार को शहडोल जिले में आयोजित हो रहा है। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए सीएम मोहन यादव भी पहुंच गए हैं। इस कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए पांच हजार निवेशकों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से लगभग 40 से ज्यादा बड़े उद्योगपति शहडोल पहुंच चुके हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय निवेशक भी पहुंचे हैं। शहडोल के इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित हो रहे इस कॉन्क्लेव में विशेष रूप से खनिज उद्योग, सौर ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही एसीसी सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल इसमें शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में 30 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। कॉन्क्लेव में शामिल होने से पहले सीएम यादव ने की गौ सेवारीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का लेकर सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने एक्स कर लिखा- भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गौ माता के पूजन का विशिष्ट महत्व होता है। आज शहडोल में आयोजित “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” में सहभागिता से पूर्व निवास स्थित गौशाला में जगतजननी गौ माता की सेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मैया के आशीर्वाद से अनंत संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश की वर्षा हो और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प सिद्धि का पथ प्रदर्शित हो, यही प्रार्थना है। यह प्रस्ताव मिलेरीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में ग्राम पटासी में ऐथेनॉल प्लांट के लिए 140 करोड़ रुपए, ग्राम मुदरिया में खाद्य प्रसंस्करण के लिए 3.5 करोड़ रुपए तथा ग्राम छतवई में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 5 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले है। औद्योगिक विकास के लिए शहडोल जिले के दियापीपर में 51.135 हेक्टेयर, तथा ग्राम चन्नौड़ी में 2.023 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। उमरिया जिले में आद्योगिक क्षेत्र बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 5 करोड़ रुपए , बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2 करोड़ रूपये, ग्राम रोहनिया में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2.5 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं।

मप्र में 7 साल बाद भी कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं, केंद्र को दिखाया ठेंगा

Even after 7 years, CAMPA authority has not been formed in Madhya Pradesh, showing contempt to the Centre. भोपाल। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय ने अगस्त 2018 को सभी राज्यों में प्रतिपूरक वनीकरण कोष एवं योजना प्राधिकरण कैपा गठन के निर्देश दिए थे। 7 साल बीत जाने के बाद भी मप्र में कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं हो पाया। जबकि केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर प्राधिकरण के गठन के आदेश दिए थे। यानी मप्र में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की भी हो रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय के निर्देश पर देश के अन्य राज्यों में कैंपा प्राधिकरण का गठन हो गया है। जबकि मप्र में अभी तक पीसीसीएफ का एक पद बचाने के लिए गठन नहीं किया गया। मौजूदा काल में राज्य कैडर में पीसीसीएफ के पद भी कम हो गए हैं। बावजूद इसके प्राधिकरण का गठन करने को लेकर शीर्ष अफसरों द्वारा न केवल आना-कानी की जा रही है, बल्कि मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक गलत तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। विभाग में स्थितियां है कि पीसीसीएफ कैंपा का पद हथियाने के लिए वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। अब तक जितने भी पीसीसीएफ कैंपा के पद पर पदस्थ रहे आईएफएस अफसरों की मुख्यमंत्री हाउस तक सीधी पहुंच रही है। फिलहाल मौजूदा स्थिति में पीसीसीएफ कैम्पा पद पर पीके सिंह है, जो 31 जनवरी को सेवामुक्त हो रहें हैं। अब तो बना दिया जाना चाहिए कैंपा प्राधिकरण लंबे समय तक केंद्र में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाने वाले अनुराग जैन के मुख्य सचिव बनने के बाद कैंपा प्राधिकरण के गठन की संभावनाएं बढ़ गई है। कैंपा प्राधिकरण के गठन होने पर पीसीसीएफ कैंपा का पद समाप्त हो जाएगा, क्योंकि इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पद का प्रावधान है। इस पद पर एवीसीसीएफ स्तर के अधिकारी को ही सीईओ पदस्थ जा सकता है। नाथ सरकार ने नहीं दिया प्राधिकरण पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल bमें तत्कालीन अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने केंद्र के निर्देश पर राज्य में कैथा प्राधिकरण के गठन की पहल शुरू की। प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरू होते ही तत्कालीन पीसीसीएफ पद पर विराजे एबी गुप्ता छिंदवाड़ा की दौड़ लगा दीथी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने गुप्ता की मुलाकात कमलनाथ से कराई। इस मुलाकात में कैंपा पीसीसीएफ गुप्ता के बाद नाथ के निर्देश पर कैंपा प्राधिकरण के गठन पर विराम लग गया। कमलनाथ के बाद शिवराज सरकार ने भी प्राधिकरण के गठन पर पहल नहीं की। इसकी वजह भी स्पष्ट थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने करीबी रिश्तेदार महेंद्र सिंह धाकड़ को पीसीसीएफ कैंपा के पद पर उपकृत करना था। केंद्र से नहीं मिली कैंपा पीसीसीएफ की मंजूरी केंद्र सरकार ने कैपा पीसीसीएफ का पद अस्थाई तौर पर 3 साल के लिए स्वीकृत किया था, जिसकी मियाद जनवरी 2019 को समाप्त हो गई। यानी 2019 के बाद से अब तक पीसीसीएफ कैंपा का पद कैडर में स्वीकृत न होने के बाद भी पोस्टिंग होती चली आ रही है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल कैंपा प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष मूव करना चाहिए। मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधीन वन विभाग भी है। यानी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और केंद्र सरकार केंद्र सरकार के निर्देश के 7 साल बाद तो मप्र प्राधिकरण का गठन कर दिया जाना चाहिए। फैक्ट फाइल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छात्रों को ले जा रही बस से ट्रक टकराया, एक की मौत; कई घायल

A truck collides with a bus carrying students in Bhopal, the capital of Madhya Pradesh, one dead; many injured मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को एक भीषण हादसा हो गया जिसमें छात्र-छात्राएं घायल हो गए हैं. हादसे में 6 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं एक की मौत हो गई है. कई और बच्चों को चोटें आई हैं. बच्चों और बस ड्राइवर समेत अन्य घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. बच्चों का इलाज किया जा रहा है. यह सड़क हादसा शहर के भोरी बायपास के पास हुआ है. पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने में मदद की. जानकारी के मुताबिक यह हादसा भौरी बाईपास पर हुआ है, जहां छात्रों से भरी हुई बस जा रही थी और सामने से तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी. बस का सामने का हिस्सा कचूमर बन चुका है. हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ा और छात्रों को बस से निकालना शुरू किया. इसी बीच पुलिस को भी जानकारी दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. घायलों का चल रहा इलाजघायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. सभी छात्र-छात्राएं पीपुल्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के इजीनियरिंग के छात्र हैं. सभी छात्र आईसर कंपनी के प्लांट पर विजिट के लिए गए थे. हादसे में 6 बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है. फिलहाल डॉक्टर्स की टीम बच्चों का इलाज करने में जुटी हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त छात्र-छात्राएं विजिट से वापस लौट रहे थे उसी वक्त बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है. एक छात्र की मौतबिरसिंहपुर पाली के रहने वाले छात्र विनीत साहू की हादसे के बाद मौत हो गई है. उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया था. वहीं छात्र विमल यादव और छात्र शिवम लोधी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. उनका क्रिटिकल केयर में इलाज किया जा रहा है. बस के अंदर बैठे बाकी छात्र-छात्राओं को यानी करीब 29 छात्रों को मामूली चोटें आई हैं. सभी छात्रों को हादसे के बाद पीपुल्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है.

नहीं आएगी जिला अध्यक्षों की सूची, भाजपा में घमासान के चलते बदला नियुक्ति का फार्मुला

bjp sangathan election bjp sangathan election list of district president will not be released due to tussle in mp bjp BJP Sangathan Election: भाजपा में जिला अध्यक्षों की सूची की राह देख रहे पार्टी कार्यकर्ताओं का इंतजार अब खत्म हो गया है। क्योंकि दिल्ली में दो दिन तक चली मंत्रणा के बाद अब नया फॉर्मूले पर सहमति बनी है। दरअसल, भाजपा नेताओं के बीच आपसी विवाद इतना गहराया कि संगठन ने घोषणा का तरीका ही बदल दिया। सूत्रों के मुताबिक संगठन सूची जारी कर विवाद से बचना चाह रहा है। इसलिए चुनाव अधिकारियों को जिला अध्यक्षों के घोषणा की जिम्मेदारी दे गई है। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ऊपर से बताए गए नाम पर सभी की सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों की घोषणा करेंगे और वहां उपजे विवाद को भी संभालेंगे।विवाद के बीच संगठन की नसीहतसूची के इंतजार के बीच गुरुवार सुबह प्रदेश संगठन के नेताओं की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। जिसमें प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि जिला अध्यक्ष बनने के बाद उनके चहेते नेता के घर के बजाय पार्टी कार्यालय में स्वागत सत्कार का कार्यक्रम होना चाहिए।वहीं बैठक में जुड़े प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने सभी नेताओं को नए जिला अध्यक्ष मिलने से पहले बधाई दी। कहा कि सभी को साथ मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है। बता दें बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ सभी जिला निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद रहे।पर्यवेक्षक बताएंगे जिलाध्यक्षों के नामसंगठन ने इतने विवाद के बाद भी लोकतांत्रित व्यवस्था का फॉर्मूला बरकरार रखा है। राष्ट्रीय संगठन की ओर से तय की गई अंतिम सूची के नामों को प्रदेश संगठन द्वारा पर्यवेक्षकों को बताया जाएगा। फिर पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन अधिकारी को उन नामों के बारे में बताएंगे। जहां से घोषणा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक तय होने वाले नाम को सीधे मैसेज कर पार्टी कार्यालय बुलाया जाएगा। इस दौरान वर्तमान जिला अध्यक्ष और निवर्तमान जिला अध्यक्ष को भी पूरी जानकारी दी जाएगी।

लेडी कांस्टेबल सहित दो पुलिस वालों ने की वसूली, भोपाल में 15 स्पा सेंटर्स से पकड़े गए थे लड़के-लड़कियां

 भोपाल। छह साल बाद स्पा सेंटरों पर हुई भोपाल पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने पुलिसकर्मियों की पोल खोलना शुरू कर दी है। छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जिन आरोपितों को पकड़ा था, उन पर पीटा (प्रीवेंशन आफ इम्मोरल ट्रैफिकिंग एक्ट) के अतंर्गत कार्रवाई की गई थी। जानकारी के अनुसार सभी आरोपितों को मुचलके पर छोड़ा जाना था, लेकिन महिला थाने में पदस्थ आरक्षक खुशबू सिंह चंदेल और क्राइम ब्रांच के आरक्षक सुनील चंदेल ने स्पा सेंटर में पकड़े गए युवक-युवतियों को जेल जाने का डर दिखाकर वसूली कर ली। दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने जांच करते हुए दोनों आरक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई की। बता दें शनिवार को क्राइम ब्रांच ने शहर के अलग-अलग इलाकों के 15 स्पा सेंटर में रेड की थी। जिसमें 68 युवक-युवतियां पकड़ी गई थीं, जिनके विरूद्ध अलग-अलग थाने में प्रकरण दर्ज किए गए थे। एक को नकद, दूसरे को ऑनलाइन भेजे गए थे 20 हजार शनिवार को छापेमार कार्रवाई के बाद जब पुलिस ने आरोपितों को मुचलके पर छोड़ने में देरी की तो पकड़े गए आरोपितों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोपितों ने कहा कि छोड़े जाने उन्होंने आरक्षक खुशबू को रुपये दिए थे, फिर जमानत में देरी क्यों हो रही है। यह बात अधिकारियों तक पहुंची तो दोनों आरक्षकों की जांच कराई गई। जिसमें खुशबू और चंदेल की डील का खुलासा हुआ। आरोपितों ने खुशबू को नकद राशि दी थी और चंदेल को 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। संदिग्ध पुलिसकर्मियां की जांच जारी विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित जिन स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां जारी हैं, उच्च अधिकारी उनमें पुलिस के संरक्षण को लेकर जांच कर रही है। डीसीपी श्रद्धा तिवारी ने बताया कि स्पा सेंटरों में पुलिसकर्मियों की लिप्तता को लेकर जांच की जा रही है। दो आरक्षकों पर कार्रवाई हुई है। आगे भी यदि कोई किसी तरह से दोषी पाया जाता है तो उनपर भी कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं एमपी नगर जोन-2 में संचालित मिकाशो फैमली स्पा सेंटर व पंचकर्म में पकड़ी गई युगांडा की युवती को लेकर भी पुलिस जांच में जुटी है। दो स्पा संचालकों पर एफआईआर इधर एमपीनगर थाने में स्पा संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। संचालकों ने स्पा सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। पुलिस के अनुसार आलोक दुबे क्षेत्र में स्पा सेंटर चलाते हैं, उन्होंने सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी थी। साथ ही एक अन्य स्पा सेंटर के संचालक संतोष कुमार व मयंक वर्मा पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

digvijay singh mind game behind new pairing of jeetu patwari and jai vardhan singh in mp congress भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा तैयार कर रहे मैदान दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। सीनियर नेता ने खड़े किए सवाल कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं।

6 जनवरी एफआईआर दर्ज, 7 को एपीसीसीएफ मीना एक और शाखा का प्रभार

FIR registered on 6th January, charge of another branch of APCCF Meena on 7th भोपाल। जंगल महकमे के इतिहास में यह पहला प्रकरण है कि महिला प्रताड़ना को लेकर जिस एपीसीसीएफ मोहन मीणा के विरुद्ध उसी अफसर को अगले दिन 7 जनवरी को अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। मौजूदा तौर पर मीणा नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा में पदस्थ है। पीसीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन के आदेश पर महकमे के अधिकारी हतप्रभ हैं।विभाग में एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों के कमी के चलते प्रभार दिया जा रहा है। ऐसे में एपीसीसीएफ मीणा को भी नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा के अलावा अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश पीसीसीएफ विवेक जैन ने जारी कर दिया है। पीसीसीएफ जैन के आदेश जारी करने की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। आखिरकार फिर दर्ज होने के पहले तक मीणा को प्रभार क्यों नहीं दिया गया? तब भी कैंपा सहित अन्य शाखाओं के प्रभार अन्य एपीसीसीएफ को प्रभार दिए गए थे। पीसीसीएफ जैन के आदेश पर विभाग के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान नाम न छापने की शर्त पर अपने – अपने कमैंट्स दिए। किसी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने पर उनके हौसले को बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया गया। अन्यथा लंबे समय से विभाग में मीणा की उपेक्षा की जा रही थी। उन्हें पहले भी दिया जा सकता था। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि समझ से परे है। एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन को चुनौती है और महिलाओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती है। इस कहावत के पीछे उनकी धारणा है कि पीसीसीएफ पी धीमान और एपीसीसीएफ मोहन मीणा के बीच 36 का आंकड़ा है। काम करने में उनमें टकराहट की खबरें सुनाई देने लगेंगे। एक अफसर ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि योग्यता के आधार पर प्रभार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को बैतूल के गंज पुलिस स्टेशन में कार्यस्थल पर महिला प्रताड़ना को लेकर एपीसीसीएफ मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर दर्ज करने से पहले जिला न्यायालय के प्रथम व्यवहार न्यायधीश के समक्ष पीड़ता ने 164 में बयान दर्ज कराए। यह मामला 2021 का है। तब एपीसीसीएफ मोहन मीणा बैतूल वन वृत में पदेन सीसीएफ के रूप में पदस्थ थे।

भोपाल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश: मंत्री करण सिंह वर्मा

Instructions to Tehsildars and Naib Tehsildars of Bhopal for timely action: Minister Karan Singh Verma भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने कार्यों में तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। समयबद्धता पर जोर मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया अपनाएं।उन्होंने कहा, “राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध समाधान जनता के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।” अनावश्यक विलंब नहीं होगा स्वीकार वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कठोर कार्यवाही की चेतावनी कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मंत्री ने कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो अपने कर्तव्यों में चूक करेंगे या जानबूझकर प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जनता का विश्वास बढ़ाने की पहल इस निर्देश का उद्देश्य राजस्व विभाग में जनता का विश्वास बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समर्पित अधिकारी बने मिसाल मंत्री ने अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की और सभी अधिकारियों को उनके उदाहरण का अनुसरण करने की सलाह दी। यह पहल प्रदेश में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों से भोपाल के राजस्व विभाग में सुधार और जनता के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

शक्कर कारखाना कैलारस की भूमि बेचना किसानों के साथ धोखा नहीं बिकने देंगे जमीन : उपाध्याय

Selling the land of sugar factory Kailaras, will not let the farmers be cheated by selling the land: Upadhyay जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्री एवं कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा कि 21 जनवरी को होने वाली नीलामी अगर सरकार नहीं रोकती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि उपयुक्त सहकारिता अनुभा सुद ने कर्मचारियों की देनदारी चुकाने के लिए 21 जनवरी को तहसील कैलारस में शक्कर कारखाने की जमीन नीलाम करने का आदेश दिया है विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि एक तरफ सरकार प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं आला अधिकारी कह रहे हैं की शक्कर  कारखाना प्रारंभ किया जाएगा और दूसरी तरफ किसानों को धोखा देने की नीयत से शक्कर कारखाने के जमीन नीलाम करने का आदेश जारी किया है अगर सात दिवस के अंदर नीलामी की घोषणा वापस नही ली जाती तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा जिसकी जवाबदारी शासन प्रशासन एवं सरकार की रहेगी । जोरा ही नहीं संपूर्ण अंचल का किसान शक्कर कारखाना प्रारंभ होने की घोषणा से उत्साहित है लगभग 5000 से ज्यादा किसानों ने अपने खेतों में गाना उगाने के लिए अपने शपथ पत्र तक दिए हैं अगर धोखा जारी रहा तो  प्रदेश स्तरीय आंदोलन होगा।

मोहन सरकार की देर रात आपात बैठक, यूनियन कार्बाइड के कचरे पर बड़ा फैसला

Late night emergency meeting of Mohan government, big decision on Union Carbide waste भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार देर रात यूनियन कार्बाइड के कचरे और पीथमपुर की घटना को लेकर आपात बैठक बुलाई. दरअसल, पीथमपुर में विषैला कचरा जलाए जाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया. इस दौरान दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की जिससे माहौल बिगड़ गया. देर रात आपात बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, ” जनता का किसी भी प्रकार अहित हो, यह बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ये मामला कोर्ट के सामने लाएंगे और कोर्ट के आदेश के बाद ही अब आगे बढ़ेंगे. राज्य सरकार जनता के साथ खड़ी है और उनकी भावनाओं की कद्र करती है. ” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके साथ ही पीथमपुर के नागरिकों से अपील की है कि वे यूनियन कार्बाइड से जुड़ी झूठी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही ऐसी अफवाहों को आगे बढ़ने दें. सरकार कोई भी ऐसा कदम नहीं उठा सकती, जिससे लोगों का जीवन खतरे में पड़े. ख्यमंत्री निवास पर बुलाई गई आपात बैठकयूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन और पीथमपुर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात अपने निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. इस दौरान बैठक में मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चर्चा की. इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव विधि सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे. कोर्ट ने दी थी 4 जनवरी की डेडलाइन : सीएममुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ” मध्यप्रदेश सरकार जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली सरकार है. हम हमेशा जनता के हित को लेकर आगे बढ़े हैं. यूनियन कार्बाइड के वेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश का हमने परिपालन किया था. कोर्ट ने इसके लिए 4 जनवरी तक कचरा निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और 6 जनवरी को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था.” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जनता तक यह विषय पहुंचना चाहिए. पीथमपुर में नहीं जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा?मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा आगे नहीं जलेगा. उन्होंने कहा, ” यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया है तो राज्य सरकार जनता की भावना को ध्यान में रखकर कार्य करेगी. मध्यप्रदेश सरकार प्रयास करेगी कि माननीय न्यायालय के सामने यह विषय लाया जाए, इसके बाद ही हम आगे बढ़ेंगे. माननीय कोर्ट जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे. हम तब तक आगे नहीं बढ़ेंगे, जब तक न्यायालय कोई निर्देश जारी नहीं करता.”

भाजपा: प्रदेश एवं जिला अध्यक्षों का नाम तय, दिनभर चली बैठक ,अध्यक्ष का ऐलान

BJP: Names of state and district presidents decided, announcement of district president on January 5 and state president on January 15 भोपाल। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वे मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे। 15 जनवरी तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय की भूमिका भी नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में महत्वपूर्ण होगी।पांच जनवरी तक जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश से राज्य सभा सदस्य रहे हैं। अब वे ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। मध्य प्रदेश से राज्य सभा रहने के कारण उनका प्रदेश से जुड़ाव रहा है । जिला अध्यक्ष के लिए पांच-पांच नामों का पैनल तैयार भाजपा संगठन चुनाव के तहत नए जिला अध्यक्षों के नामों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। गुरुवार को दिनभर चली बैठकों में प्रदेश के चुनाव अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों के जिला चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षकों से साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा प्रत्येक जिले के लिए प्रस्तावित पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें दो नामों के अलावा एससी, एसटी और महिला का एक-एक नाम शामिल हैं। कुल पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। शुक्रवार को इन नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा। दिल्ली से नामों पर अंतिम निर्णय के बाद पांच जनवरी को जिला अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है। दिनभर चली बैठक गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में दिनभर चली बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने जिला अध्यक्ष के नामों पर विचार विमर्श कर फाइनल पैनल तैयार किया। बताया जा रहा है कि 15 मौजूदा युवा जिला अध्यक्षों को रिपीट किया जा सकता है। हालांकि पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन जिला अध्यक्षों का कार्यकाल निर्विवाद रहा हो। चार साल से अधिक समय से जिला अध्यक्ष रहने वाले रिपीट नहीं किए जाएंगे। पार्टी ने इस बार जिला अध्यक्ष के महिलाओं को भी प्राथमिकता में रखा है। पैनल में महिला नेत्रियों का नाम शामिल है।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: एक क्लिक में नया बिजली कनेक्शन

Good news for electricity consumers: New electricity connection in one click भोपाल। नए साल में मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली विभाग की ओर से बड़ी सौगात मिली है। अब उपभोक्ता एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा शुरू की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एमपी ऑनलाइन के साथ अनुबंध किया है, जिससे उपभोक्ताओं को जनवरी के अंतिम सप्ताह से यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस सेवा के तहत उपभोक्ता न केवल नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे, बल्कि गैर-कृषि उपभोक्ताओं का ईकेवाईसी, पीएम-सीएम किसान सम्मान निधि लाभार्थियों का सत्यापन, भार वृद्धि, और नाम परिवर्तन जैसे कार्य भी ऑनलाइन ही करवा सकेंगे। यह अनुबंध कंपनी मुख्यालय में प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल, निदेशक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) स्वाति सिंह, और एमपी ऑनलाइन के बिजनेस हेड संदीप राजपाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस नई सुविधा के साथ बिजली उपभोक्ताओं के काम और भी सरल हो जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने इसे डिजिटल युग में उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम बताया है।

प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्रियों ने जो किया वही करने जा रहे हैं, सीएम मोहन

CM Mohan is going to do what the two former Chief Ministers of the state did. भोपाल ! मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव नए साल में नया प्रयोग करने जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उमा भारती की तरह सीएम आवास पर जनता दरबार लगाएंगे। सीएम मोहन यादव लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। सीएम आवास पर पहले जनता दरबार का आयोजन 6 जनवरी को होगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मोहन यादव से पहले राज्य के दो पूर्व सीएम उमा भारती और दिग्विजय सिंह जनता दरबार लगा चुके हैं। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में कभी पहल नहीं की। सूत्रों के अनुसार, पहला जनता दरबार 6 जनवरी को सुबह 10 से 12 बजे तक होगा। सीएम हाउस पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। लोगों की समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारी भी मौजूद करेंगे जो लोगों की समस्या का तुरंत समाधान करेंगे। बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं होगी। यहां केवल केवल बीमारी और जरूरतमंदों के आवेदनों पर ही सुनवाई होगी। ग्रामीण इलाके के लोगों को प्राथमिकता बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ग्रामीण इलाके से आए लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। सीएम खुद उन लोगों की समस्या को सुनेंगे। पहले जनता दरबार में 500 से भी ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए विभाग स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ये सीएम भी लगा चुके हैं जनता दरबार मोहन यादव से पहले पूर्व सीएम उमा भारती भी जनता दरबार लगा चुकी हैं। पूर्व सीएम उमा भारती 2003 में राज्य की मुख्यमंत्री बनीं थी। वह लोगों की समस्या सुनकर उसका समाधान करती थीं। कहा जाता है कि जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचते थे जिस कारण से इसे बंद करना पड़ा था। मध्य प्रदेश में सबसे पहले दिग्विजय सिंह ने जनता दरबार लगाने की शुरुआत की थी। दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक लोगों की समस्या सीएम आवास पर खुद सुनते थे।

देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में डॉ मोहन यादव ,,,,,, वें स्थान पर ,ताजा रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Dr. Mohan Yadav ranked 10th among the richest Chief Ministers of the country, latest report creates stir एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(Dr Mohan Yadav) देश के पांचवें सबसे अमीर सीएम है। विधानसभा चुनाव 2023 के समय डॉ. मोहन यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (15 लाख रुपए) के पास सबसे कम संपत्ति है। वहीं देश के 31 मुख्यमंत्रियों(Richest Chief Ministers) की कुल संपत्ति 1630 करोड़ रुपए है। 2023-24 में भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय लगभग, 85, 854 थी, जबकि एक मुख्यमंत्री की औसत आमदनी 13, 64, 310 रुपए है, जो औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है। डॉ. मोहन यादव के पास इतनी संपत्ति चल संपत्ति: विस चुनाव 23 के समय डॉ. मोहन(CM Mohan Yadav) यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। डॉ. यादव के पास 5.66 करोड़, पत्नी के पास 3.23 करोड़, परिवार के पास 59.66 लाख और बेटा अभिमन्यु के पास 42.96 लाख की चल संपत्ति थी।अचल संपत्ति का विवरण: डॉ. मोहन यादव के पास चुनाव के पहले 13.36 करोड़ और पत्नी सीमा पास 18.75 करोड़ की अचल संपत्ति थीं।चुनाव के पहले मोहन यादव पर 5.75 करोड़, पत्नी सीमा पर 1.86 करोड़, परिवार पर 4 लाख रुपए की देनदारियां थीं। देखें अमीर मुख्यमंत्रियों की लिस्ट

LPG सिलेंडर का दाम 1 जनवरी से बदल रहा! जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा भारी

LPG GAS CYLINDER PRICE 2025 नए साल के मौके पर आपकी रसोई के बजट को या तो झटका लग सकता है या फिर बड़ी राहत भी मिल सकती है. दरअसल, हर महीने की एक तारीख को गैस कंपनियां एलपीजी के दामों का रिव्यू कर उन्हें घटाने बढ़ाने का फैसला लेती हैं. लंबे समय से कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में परिवर्तन नहीं किया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2025 को LPG गैस के दामों में बदलाव हो सकता है. 2025 में कितने बढ़ सकते हैं घरेलू LPG सिलेंडर के दाम? नए साल की पहली तारीख को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, ये फैसला तो 1 जनवरी 2025 को ही होगा, लेकिन अगर कीमतें बढ़ती हैं तो इसमें आमतौर पर 50 से 100 रु का अंतर किया जाता है. बात करें पिछले जनवरी 2023 औरक जनवरी 2024 की तो नव वर्ष की पहली तारीखों को घरेलू गैस सिलेंडर समेत सभी गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इस वर्ष घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई जा सकती हैं. 2024 में कितनी बढ़ी-घटीं एलपीजी की कीमतें? मार्च 2024 में घरेलू गैस सिलेंडर में और जुलाई 2024 में कर्मशियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी. इसके बाद अगस्त, सितंबर और नवंबर 2024 में कर्मशियल एलपीजी की कीमतों को बढ़ाया गया. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च 2024 से ही स्थिर बने हुए हैं. मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 31 दिसंबर 2024 को 14.2kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे हैं. मध्यप्रदेश में सिलेंडर का ये रेट मार्च 2024 से ही स्थिर हैं. यानी लगभग 9 महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर के दामों ये बदलाव नहीं हुआ है. इससे पहले इसमें बदलाव मार्च 2024 में हुआ था, जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रु की कटौती की गई थी. मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर के दाम शहर कीमतें (घरेलू सिलेंडर) कीमतें (कमर्शियल सिलेंडर) भोपाल 808 रु 50 पैसे 1824 रु जबलपुर 809 रु.50 पैसे 2036 रु 50 पैसे इंदौर 831 रु 1926 रु ग्वालियर 886 रु 2047 रु 50 पैसे

34 दागी आईएफएस 11 राज्य वन सेवा के अफसर की कुंडली मारकर बैठे हैं प्रमुख सचिव वन की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन

34 tainted IFS are sitting on the horoscope of 11 State Forest Service officers. Brainstorming on the issue of targeted officer in the meeting of the Chief Secretary Forest. उदित नारायणभोपाल। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल जंगल महकमे के सेवानिवृत्ति सहित 34 दागी आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के कुंडली मारकर बैठे हैं। यानी दागी अफसरों की जांच प्रतिवेदन अंतिम निर्णय के लिए अपर मुख्य सचिव वन के पास लंबित है। वे उस पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इसके कारण उन पर लगे आरोप के मामले में अफसर दोषी है अथवा नहीं, इस पर ऊहापोह की स्थिति बनी है। एसीएस को केवल एक लाइन का फैसला लेना है। इसके कारण सेवारत अधिकारी मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे हैं तो वहीं रिटायर्ड होने के बाद अफसर कार्यालय की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से कुछ अवसर प्रमोशन की दहलीज पर खड़े हैं प्रशासन में बैठे अफसर की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। टीएल की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन और निर्णय किया जाता है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला प्रताड़ना के आरोप में दोषी करार दिए गए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मोहन मीणा का मामला जुलाई 23 से शासन के पास निर्णय के लिए बेचाराधीन है। पिछले दिनों बैतूल दौरे पर गए वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मोहन मीणा के मामले में शासन को कार्रवाई करनी है। सूत्र बताते हैं कि एसपी बैतूल के मांगने पर वन विभाग से विपासा कमेटी कमेटी की रिपोर्ट उन्हें भेज दी है। इसी प्रकार बालाघाट सर्किल में पदस्थ एपीएस सेंगर पर वर्ष 2022 में आरोप है कि उन्होंने भंडारा क्रय नियम का उल्लंघन कर निम्न गुणवत्ता की सामग्री की खरीदी थी। आरोप का निराकरण किया बिना ही मैनेजमेंट कोटा से इन्हें बालाघाट सर्किल का मुखिया बना दिया गया। सेंगर ने स्वयं को बचाने के लिए टीकमगढ़ वन मंडल के बाबू और उनके ट्रांसफर के बाद प्रभार लेने वाले डीएफओ अनुराग कुमार को कसूरवार बता दिया है। उत्तर बैतूल वन मंडल में पदस्थ आईएफएस देवांशु शेखर की जांच प्रतिवेदन भी शासन के पास जून 24 से लंबित है। सूत्रों की माने तो जांच प्रतिवेदन में उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया है और शासन को सिर्फ निर्णय करना है। खंडवा डीएफओ प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ भी जांच प्रतिवेदन निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है। वन मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल पर मैं 2006 में आरोप लगे थे। वन विभाग में 26 जून को निर्णय के लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजे हैं पर निर्णय नहीं हो पाया। प्रदेश में सबसे सीनियर डीएफओ एवं 1994 बैच विश्वनाथ एस होतगी का प्रकरण भी अक्टूबर 23 से शासन के पास अनिर्णय की स्थिति में है। इसके अलावा बृजेंद्र श्रीवास्तव और नवीन गर्ग के मामले में राज्य शासन ऊहापोह में है।ये आईएफएस रिटायर्ड हो गएशासन द्वारा आरोपित अफसरों के मामले में टाइम लिमिट में निर्णय नहीं होने की स्थिति में अजीत श्रीवास्तव, आरपी राय, एम कालीदुरई, सुशील कुमार प्रजापति, इंदु सिंह गडरिया, ओपी उचाड़िया, आर एस सिकरवार, डीएस कनेश, निज़ाम कुरैशी, वीएस प्यासी और जीपी वर्मा सेवानिवृत हो गए।रावसे के 11 अफसरों के मामले भी विचाराधीनआईएफएस अफसर की तरह ही राज्य वन सेवा के करीब 11 अधिकारियों के मामले में शासन निर्णय नहीं कर पा रहा है। जबकि वन विभाग ने जांच करवा कर उसका प्रतिवेदन भी शासन को भेज दिया है। इनमें राज्य वन सेवा के कुछ अधिकारियों के मामले है, जो आईएफएस बनने की दहलीज पर खडे है। उनके प्रकरण में शासन द्वारा निराकरण नहीं किए जाने से उनका प्रशासनिक भाग्य के सूरज का उदय नहीं हो पा रहा है। दागी अफसर की सूची में शामिल राहुल मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बगैर सामग्री प्राप्त किए सीधे प्रमाणक पर हस्ताक्षर कर दिए। वन विभाग ने 30 अप्रैल 24 को निर्णय के लिए शासन के पास भेजा तब से अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसी प्रकार कैलाश वर्मा, आरएन द्विवेदी, श्रीमती मनीषा पुरवार, आरएस रावत, सुधीर कुमार पाठक, योगेंद्र पारधे, मनोज कटारिया, मणि शंकर मिश्रा, अजय कुमार अवस्थी और प्रियंका चौधरी के मामले भी शासन के पास निर्णय के लिए लंबित है। प्रियंका चौधरी पर आरोप है कि वरिष्ठ अफसर को मोबाइल पर अशब्द भरे मैसेज करना और टेलीफोन पर गाली-गलौज करना है।

MP में कई IAS को मिला नए साल का तोहफा : कोठारी, पी.नरहरि बने PS, 2009 और 2011 बैच के इन अफसरों को भी मिला प्रमोशन

Many IAS in MP got New Year gift: Kothari, P.Narhari became PS, these officers of 2009 and 2011 batch also got promotion. मध्यप्रदेश में 2025 से पहले कई आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अफसरों को वेतनमान (पे-मैट्रिक्स) के हिसाब से पदोन्नत किया गया है। इनमें सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि को प्रमुख सचिव बनाया गया है। इस तरह का प्रमोशन पाने वाले अन्य अधिकारियों में 2009 से 2011 बैच के अफसरों के साथ ही 2016 बैच के 26 अफसर भी शामिल हैं। डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नत

पीड़‍िता बोली- ‘मेरी सुनवाई नहीं हो रही’, भोपाल में आरबीआई ऑफिसर पर रेप का केस

भोपाल। भारतीय रिजर्व बैंक के भोपाल मुख्यालय में तैनात एक सहायक प्रबंधक पर उसकी पूर्व सहकर्मी ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस कार्रवाई की जगह पीड़िता को ही थाने का चक्कर लगवा रही है। पीड़िता का आरोप है कि वह जब भी अपने केस की प्रगति जानने थाने जाती है वहां की थाना प्रभारी बात को घुमा देती हैं। अभी उन्होंने कहा है कि आरोपित का ट्रांसफर मुंबई हो गया और उच्च अधिकारी उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई अटकी हुई है। पीड़िता का दावा है कि आरोपित अब भी भोपाल कार्यालय में ही है। वह परिवार के साथ शहर में ही रह रहा है। पीड़िता के मुताबिक उसने वर्ष 2013 में आरबीआई में नौकरी शुरू की थी। शुरुआत में उसकी पोस्टिंग मुंबई में थी। इसी दौरान मूल रूप से महाराष्ट्र के बुलढाणा निवासी आरोपित भी वहां नियुक्त हुआ था। कुछ समय बाद दोनों का भोपाल ट्रांसफर हो गया था और दोनों यहां एक ही कैंपस में रहते थे। 2017 में आरोपित ने पीड़िता को बताया कि उसके घर में पार्टी है और सभी दोस्त आएंगे। नशीला पदार्थ मिलाकर किया रेप जब पीड़िता वहां पहुंची तो सिर्फ आरोपित ही मौजूद था। उसने जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। वह बेहोश हो गई तो उसका फायदा उठाकर उसने दुष्कर्म किया। आरोपित ने उसका वीडियो भी बना लिया था और उससे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। इससे वह काफी डरी हुई थी। वर्ष 2021 में उसने पुलिस को इसकी शिकायत की। तीन साल तक लगातार महिला थाना के चक्कर काटने के बावजूद पीड़िता की सुनवाई नहीं हुई थी। महिला अपनी फरियाद लेकर पुलिस आयुक्त के पास पहुंची तो उनके निर्देश पर इस साल 28 नवंबर को मामला दर्ज हुआ। महिला के खिलाफ चोरी की एफआईआर कर चुका है आरोपित बताया जा रहा है कि आरोपित ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाली महिला पर चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। यह रिपोर्ट 2019 में दर्ज हुई थी। इसी आधार पर आरबीआई ने महिला को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। मामला न्यायालय में लंबित है। दूसरे राज्य में गिरफ्तारी की मांग आती है तो अनुमति दी जाती है पीड़‍िता की शिकायत पर एफआईआर तो दर्ज हो गई है। मेरे संज्ञान में यह नहीं है कि महिला थाने ने दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के लिए कोई अनुमति मांगी है। इसको चेक करा लेंगे। अगर किसी थाने से ऐसी मांग आती है तो अनुमति दी जाती है। – हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त, भोपाल

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने की 13 दिवसीय ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’

BJYM State President Vaibhav Panwar did 13-day ‘Maa Bainganga River Darshan and Study Tour’ सिवनी/बालाघाट। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने 15 दिसंबर 2024 को माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ का शुभारंभ किया। यह यात्रा सिवनी जिले के मुंडारा (परतापुर) में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल से आरंभ हुई। पंवार ने विविधत पूजन और आरती के बाद इस यात्रा को आगे बढ़ाया। यात्रा के दौरान लगभग 160 किलोमीटर की पदयात्रा की गई, जबकि शेष यात्रा सहयात्रियों के साथ बस से पूरी की गई। यह यात्रा मध्यप्रदेश के सिवनी-बालाघाट के अधिकांशतः गांवों से होते हुए महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ जिलों की सीमाओं से होकर गुजरी। इस दौरान पंवार ने स्थानीय लोगों से चर्चा कर माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण, घाटों के निर्माण और उससे जुड़ी सांस्कृतिक मान्यताओं पर संवाद किया। यात्रा का समापन तेलंगाना के गोदावरी किनारे स्थित संगम घाट पर पूजन के साथ हुआ। पंवार ने माँ बैनगंगा की पवित्रता और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह यात्रा नदी संरक्षण के प्रति जनजागृति फैलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि“माँ बैनगंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, आस्था और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला है। प्रकृति संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी उन्होंने कहा कि ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ के माध्यम से हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि नदियाँ केवल हमारे भौतिक जीवन का ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन का भी हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में हमें यह महसूस हुआ कि नदी संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। माँ बैनगंगा के संरक्षण और घाटों के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है। आने वाली पीढ़ियों के लिए इस पवित्र धरोहर को संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है।” 30 दिसंबर को होगा प्रसादी वितरण 30 दिसंबर 2024 को सोमवती अमावस्या के दिन मुंडारा (परतापुर) सिवनी में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल पर पूजन और प्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।

मध्यप्रदेश शासन कि फिर चली ट्रांसफर बुलेट ट्रेन: 18 आईएफएस बदले: इंदौर, देवास डीएफओ बदले, जे देवा पेंच के फील्ड डायरेक्टर

Madhya Pradesh government’s transfer bullet train started again: 18 IFS transferred: Indore, Dewas DFOs transferred, J Deva Pench’s field director भोपाल । राज्य शासन ने शुक्रवार देर रात को 18 आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए गए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। जबलपुर में वर्किंग प्लान सीएफ रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा दोनों को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया गया है। इंदौर वर्किंग प्लान सीएफ आदर्श श्रीवास्तव को शिवपुरी सर्किल का सीएफ बनाया गया है। नर्मदापुरम वर्किंग प्लान के सीएफ पीएन मिश्रा को इंदौर सर्किल में सीएफ बनाकर भेजा गया है। सामाजिक वानिकी सर्किल ग्वालियर के सीएफ नरेश यादव को सीएफ छतरपुर सर्किल बनाया है। वहीं राज्य वन सेवा के 11 अफसरों को पदोन्नत होने से पहले ही बदल दिया गया है।

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में अलर्ट; भोपाल-इंदौर, उज्जैन में आधी रात तेज बारिश: 1 जनवरी से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

Alert in many districts of Madhya Pradesh; Heavy rain in Bhopal-Indore, Ujjain at midnight: Severe cold will start from January 1 इंदौर और उज्जैन में देर रात तेज बारिश शुरू हो गई। भोपाल । मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में देर रात को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शुक्रवार को रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 12 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। जबकि 40 से 50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 25 जिलों में हल्की बारिश, बादल छाए रहेंगे। उज्जैन में तेज बारिश के बीच महाकाल लोक की बिजली चली गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हवा नमी लेकर आ रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 1 जनवरी से तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाएगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 दिसंबर: उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में ओले-बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 30 से 40 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा। 31 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड सिस्टम के गुजरने के बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड का असर बढ़ जाएगा। यानी, नए साल पर लोगों को कड़ाके की ठंड के दौर से गुजरना पड़ सकता है। इसके बाद पूरे एक महीने तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।

युगपुरुष धाम आश्रम की मान्यता रद्द, 10 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने उठाया कदम

Recognition of Yugpurush Dham Ashram cancelled, administration took action after death of 10 children इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर शहर में संचालित युग पुरुष बौद्धिक विकास केंद्र (युगपुरुष धाम आश्रम) की मान्यता शासन ने रद्द कर दी है। सामाजिक न्याय विभाग संचनालय द्वारा मान्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया गया है। आश्रम में 10 बच्चों की मौत के बाद कलेक्टर इंदौर ने जांच के आदेश जारी किए थे। जांच में कई लापरवाही सामने आई थी। बच्चों के खाने पीने को लेकर गंभीर लापरवाही मिली थी। बता दें युगपुरुष धाम आश्रम सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाला निजी आश्रम है। वहां प्रदेश से करीब 200 से अधिक मानसिक-शारीरिक दिव्यांग अनाथ बच्चों को रखा जाता था। युगपुरुष धाम आश्रम पर दिव्यांग बच्चों के आश्रम के अलावा अस्पताल भी संचालित किया जाता है। वहां करीब हर तरह के प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया जाता था। पिछले दो महीनों में आश्रम के 10 बच्चों की मौत हुई थी। बच्चों में खून की कमी और इंफेक्शन के कारण मौत की बातें सामने आई थी।

पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा पर कसा शिकंजा, भोपाल-ग्वालियर-जबलपुर के ठिकानों पर ईडी ने मारा छापा

Crackdown on former constable Saurabh Sharma, ED raids Bhopal-Gwalior-Jabalpur locations जितेंद्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में शिकंजा कसते हुए शुक्रवार को भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की टीम ने भोपाल के जयपुरिया स्कूल क्षेत्र में स्थित उनके ऑफिस और अन्य स्थानों पर सर्च अभियान चलाया हुआ है। मौके पर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात है। बता दें कि गुरुवार को ही सौरभ शर्मा शर्मा की ओर से उनके वकील ने कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। विशेष अदालत ने उसे कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दिया है। ऐसे में सौरभ की मुश्किलें अब और बढ़ेंगी। ईडी ने सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और नकदी बरामद होने का दावा किया गया है। शर्मा और उनके सहयोगी चेतन गौर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस पहले से ही दर्ज है। लोकायुक्त की ओर से मामले में पांच अन्य व्यक्तियों को समन भी जारी किए गए हैं। मामले की शुरुआत कैसे हुई?यह मामला 19 दिसंबर की रात भोपाल के मेंडोरा जंगल में एक कार से शुरू हुआ था। इस कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद आयकर विभाग ने सौरभ शर्मा के घर, ऑफिस और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें नकदी और सोने-चांदी की ईंटें बरामद हुई थीं। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांचसौरभ शर्मा और चेतन गौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति को छिपाने का आरोप है। ईडी ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शर्मा के खिलाफ की गई इस कार्रवाई ने भोपाल सहित अन्य शहरों में हड़कंप मचा दिया है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। बरामद दस्तावेजों और नकदी से जुड़ी जांच में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। यहां से शुरू हुआ मामलाबता दें कि ये कार्रवाई 19 दिसंबर की रात भोपाल के मेंडोरा जंगल में मिली इनोवा क्रिस्टा कार से शुरू हुई। जांच के दौरान कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद आयकर विभाग की ओर से सौरभ शर्मा के घर और ऑफिस सहित अन्य ठिकानों पर छापे मारे गए। इस दौरान नकद और सोने-चांदी की कई ईंट बरामद हुईं थी।

मध्यप्रदेश में आज और कल ओले-बारिश: भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में भी पानी गिरेगा 

Hailstorm and rain in Madhya Pradesh today and tomorrow: Bhopal, Indore and Gwalior will also receive rainfall भोपाल से करीब 35 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन यानी, 27-28 दिसंबर को ओले, बारिश और आंधी का दौर रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इस दौरान भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर और जबलपुर संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40-50Km तक रहेगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। वहीं, हवा का असर भी है। अगले 2 दिन सिस्टम का असर रहेगा। 29 दिसंबर को सिस्टम का असर कम हो जाएगा। फिर टेम्प्रेचर में गिरावट होगी। वहीं, कोहरा भी छाएगा। आज स्ट्रॉन्ग सिस्टम, पूरे प्रदेश में असर रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को आंधी, बारिश और ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहेगा। पूरे प्रदेश में ही मौसम बदला रहेगा। रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा चलेगी। यहां ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जिलों में कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 27 दिसंबर: रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा भी चलने का अनुमान है। मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा में 30 से 40Km प्रति घंटा से हवा चलेगी और बारिश भी होगी। इसी तरह भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। 28 दिसंबर: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी चल सकती है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा।

अटल जन्म शताब्दी पर जैविक खेती को बढ़ावा: दमोह में जैविक खाद इकाई का शुभारंभ

Promotion of organic farming on Atal’s birth centenary: Inauguration of organic fertilizer unit in Damoh विशेष रिपोर्ट – उदित नारायण (संपादक)भोपाल ! organic farming Atal’s birth जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 25 दिसंबर 2024 को दमोह के बटियागढ़ में एलसीबी फर्टिलाइजर्स द्वारा जैविक खाद उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती जैविक खाद उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार हो सके और मिट्टी की उर्वरता बनी रहे। जैविक खाद के उपयोग से किसानों को बेहतर उपज मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्राम विकास एवं पंचायती राज मंत्री माननीय प्रहलाद पटेल जी ने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी। इस परियोजना में Express e-Connect Private Limited जैसी प्रतिष्ठित फर्मों ने भी अपना सक्रिय सहयोग दिया है। ये फर्म तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने के साथ-साथ उत्पादन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। Express e-Connect Private Limited ने किसानों तक जैविक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्नत लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन सिस्टम लागू किया है। इसके साथ ही, ये फर्म किसानों को जैविक खेती के महत्व और इसके दीर्घकालिक लाभों के बारे में शिक्षित करने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं। इस प्रकार, यह परियोजना केवल एक उत्पादन इकाई तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के तरीकों से जोड़ने का एक माध्यम भी है। स्थानीय किसानों में इस पहल को लेकर काफी उत्साह है। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और इस नई इकाई के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। किसानों का मानना है कि जैविक खाद के उपयोग से उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा और बाजार में उनकी उपज को बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही, यह पहल ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। जैविक खेती के इस बढ़ते चलन से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह रसायनों के अत्यधिक उपयोग को कम करता है। भविष्य में एलसीबी फर्टिलाइजर्स और Express e-Connect Private Limited जैसी कंपनियों ने अन्य स्थानों पर भी ऐसी इकाइयां स्थापित करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का संकल्प लिया है। इस पहल को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर किसानों की समस्याओं का समाधान करने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। Read More : https://saharasamachaar.com/termination-or-removal-from-service-is-right-if-corruption-charges-are-proved-high-court/

भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर सेवा समाप्त करना या सेवा से हटाना सही : हाईकोर्ट

Termination or removal from service is right if corruption charges are proved: High Court जबलपुर ! जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने भ्रष्टाचार के भौतिक व अभिलेख साक्ष्य उपलब्ध होने पर सेवा से पृथक किए जाने के निर्णय को सही ठहराया है. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार से प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का उल्लंघन नहीं किया गया है. सेवा समाप्ति को दी गई थी चुनौती दरअसल, याचिकाकर्ता ओम प्रकाश धाकड़ की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उसे पंचायत सचिव के पद से भ्रष्टाचार के आरोप में पृथक कर दिया गया है. भ्रष्टाचार के आरोप में जारी किए गए नोटिस पर उसके द्वारा पेश किए गए जवाब पर अनुशासनिक प्राधिकारी व अपीलीय प्राधिकारी ने कोई विचार नहीं किया, जो प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का उल्लंघन है. याचिकाकर्ता की ओर से आगे तर्क दिया गया कि वह रायसेन के ग्राम पंचायत सेवासनी में ग्राम सचिव के पद पर पदस्थ था. ग्राम पंचायत में समग्र स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए राशि आवंटित की गई थी. इस दौरान उसका स्थानांतरण ग्राम बड़ौदा में कर दिया गया था. इसके अलावा तत्कालीन सरपंच व सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. कोर्ट ने कही ये बात एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि 110 शौचालय निर्माण का ठेके एक एजेंसी को दिया गया था. एजेंसी को भुगतान किए जाने के बावजूद भी 110 दिनों तक कोई निर्माण नहीं किया गया था. इसके अलावा तत्कालीन सरपंच ने 26,200 रु की राशि चेक के माध्यम से लौटाई थी, जिसे पंचायत के खाते में जमा नहीं किया गया. इसके अलावा भ्रष्टाचार के भौतिक व अभिलेख साक्ष्य उपलब्ध थे. इन सभी साक्ष्यों के मद्दनेजर कोर्ट ने याचिका को निरस्त करते हुए पंचायत सचिव को सेवा से पृथक किए जाने के निर्णय को सही बताया.

एमपी के धान किसानों को 2 हजार बोनस, उज्जैन में बनेगा 29 किमी लंबा घाट, मोहन कैबिनेट का फैसला

2 thousand bonus to paddy farmers of MP, 29 km long ghat will be built in Ujjain, decision of Mohan cabinet भोपाल ! मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपए का अनुदान देने का ऐलान किया है. राज्य सरकार ने यह राहत प्रदेश के धान के किसानों को दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसका निर्णय लिया गया. सरकार के इस फैसले से धान के छोटे किसानों को लाभ मिलेगा. इसमें धान के किसानों को प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा. उधर किसानों को अतिरिक्त बिजली को लेकर भी सरकार ने कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. किसानों को दिन में भी मिलेगी बिजलीमोहन सरकार में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट में हुए निर्णयों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, ”प्रदेश में किसानों को अभी 8 घंटे बिजली ही मिल रही है. कई बार किसानों को रात में बिजली नहीं मिल पाती है. ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग ज्यादा होती है. इसको देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश में 11 केवी के फीडर को सोलर प्लॉट से जोड़ा जाएगा. इसमें प्राइवेट सेक्टर भी निवेश कर सकेगा. इसमें प्रति मेगावॉट 4 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. हालंकि केन्द्र सरकार की तरफ से प्रति फीडर 1 करोड़ की सहायता दी जाएगी. सरकार के इस फैसले से किसानों को दिन में भी बिजली मिल सकेगी.” सिंचाई का रकबा बढ़ाने बनाई जाएंगी योजनाएंमध्यप्रदेश में सिंचित भूमि के रकबे को 100 फीसदी करने के लिए योजना बनाई जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में शत-प्रतिशत सिंचाई के रकबे को करने के लिए अगले 10 सालों की योजनाएं बनाने का निर्णय लिया गया.

मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरा, कोहरा भी छाया: 27 दिसंबर को ओले-बारिश गिरने कि सम्भावना ; भोपाल, सहित कई जिलें भीगेंगे

The first drizzle of the season fell in Madhya Pradesh, fog also prevailed: Strong system of hail and rain on 27 December; Bhopal, along with many other districts will get wet मंगलवार सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरा छाया रहा। भोपाल । मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिर रहा है। पिछले 24 घंटे में 10 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरा छाया रहा। ऐसा ही मौसम अगले 4 दिन यानी, 28 दिसंबर तक बना रहेगा। 27 दिसंबर को ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनेगा। जिसका भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात में भिंड-सीहोर में बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को पन्ना, दतिया, टीकमगढ़, बड़वानी, खजुराहो, निवाड़ी, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, श्योपुर में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल में पूरे दिन बादल छाए रहे। वहीं, सर्द हवाएं चलीं। जिससे लोग ठिठुर गए। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी ऐसा ही मौसम रहा। हालांकि, दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… 25 दिसंबर: गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर और नीमच में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 27 दिसंबर: इंदौर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर और पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ बारिश और 40 से 50Km प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसी तरह भोपाल, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में कहीं-कहीं बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान है। 28 दिसंबर: अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, नर्मदापुरम, बैतूल, बालाघाट, पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ तेज हवा चल सकती है। इसी तरह रायसेन, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर में गरज-चमक और बारिश होने का अनुमान है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा।

भोपाल में दो समुदायों के बीच झड़प-पथराव, लहराई गईं तलवारें… भारी पुलिस बल तैनात

Clash between two communities in Bhopal, stone pelting, swords waved… heavy police force deployed भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। मामला जहांगीराबाद की पुरानी गल्ला मंडी का है। जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले दो लोगों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें अब दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से पत्थर बरसाए गए। एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें लोग लाठियों और तलवारों के साथ नजर आ रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस के अधिकारी पहुंचे और हालात काबू में किए। अभी स्थिति सामान्य है और भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर विवाद की जड़ में क्या है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थाना प्रभारी आशीष उपाध्याय ने बताया कि दो दिन पहले दोनों पक्षों के युवकों के बीच मारपीट हुई थी। उसका बदला लेने के लिए मंगलवार सुबह एक पक्ष ने एकजुट होकर दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया।

रसोईघर में सब्जियों के साथ जहर न आ जाए, हरी-भरी सब्जियां भी नहीं हैं सुरक्षित, कृषि वैज्ञानिको ने चेताया

Poison should not come with vegetables in the kitchen, even green vegetables are not safe, agricultural scientists warned. भोपाल ! ठंड बढ़ते ही हरी साग-सब्जियां बाजार में नजर आने लगती हैं. दावा किया जाता है कि इन हरी सब्जियों को खाना काफी लाभदायक होता है क्योंकि इनमें अनेक विटामिन और पोषक तत्वों की भरमार होती है, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो हरी सब्जियों पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. दरअसल, इन सब्जियों को कीड़ों से बचाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर रासायनिक कीटनाशक व दवाइयां का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके ज्यादा उपयोग से ये सब्जियां जहरीली हो जाती हैं. सब्जियों से हो सकता है कैंसर वर्तमान समय में अधिक उत्पादन और जल्द कीटनाशकों से उपचार के लिए अधिकांश किसान रासायनिक सिस्टमिक कीटनाशक दवाइयां का उपयोग करते हैं. लेकिन यह दवाइयां इतनी खतरनाक होती हैं कि इनका प्रभाव सब्जियों से कभी समाप्त नहीं होता. ये अगर इंसानों के शरीर में प्रवेश कर जाएं तो खतरनाक बीमारियां का कारण बन जाती हैं. शुरुआती स्तर पर इनसे शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां होती है लेकिन खतरनाक केमिकल्स के प्रभाव से कैंसर तक हो सकता है. नहीं खत्म होता केमिकल्स का असर कृषि वैज्ञानिक विजय कुमार पराड़कर ने बताया, ” आज के वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है पर अभी भी अधिकांश किसान रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कर खेती करते हैं. परंतु जब वे खेतों में कीटनाशक का उपयोग करते हैं तो उन कीटनाशक दवाइयां पर लिखे निर्देशों को कई बार अनदेखा कर देते हैं. उनमें साफ लिखा हुआ होता है कि जब सब्जियों का पौधा फूल या प्राथमिक स्थिति में होता है, तब उसका उपयोग नियमित मात्रा में करना चाहिए और सब्जी तोड़ने या बाजार में भेजने के लगभग 10 या 7 दिन पूर्व इनका छिड़काव पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए, लेकिन कुछ ऐसे सिस्टमिक रासायनिक कीटनाशक होते हैं जिनका असर खत्म ही नहीं होता.” प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा रासायनिक कीटनाशकों व उत्पाद दवाओं के इस्तेमाल से की जाने वाली खेती की जगह अब प्राकृतिक खेती को जोर दिया जाने लगा है. ऐसी खेती से पैदा हुई सब्जियां, फसलें और फल काफी सुरक्षित माने जाते हैं. प्राकृतिक खेती के लिए लोगों में जागरूकता भी आ रही है, जिसमें पुराने जमाने में इस्तेमाल किए जाने वाले प्राकृति संसाधन व कीटनाशक जैसे गोमूत्र, कड़वी नीम,राख आदि का उपयोग किया जाता है. इससे फसलों को बीमरियों से बचाने के साथ इंसानों को भी भयानक बीमारियों से बचाया जा सकता है.

मध्यप्रदेश में सीजन का पहल मावठ, ओले भी गिरेंगे: 23 से 28 दिसंबर के बीच बदला रहेगा मौसम; भोपाल सहित कई जिलें भी भीगेंगे ।

Madhya Pradesh will witness the first drizzle of the season, hail will also fall: Weather will remain changed between 23 and 28 December; Many districts including Bhopal will also get wet. बदले मौसम का असर भोपाल में भी होगा। भोपाल । मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलेगा। मौसम विभाग ने 23 से 28 दिसंबर के बीच प्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरने का अनुमान जताया है। बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओले भी गिरेंगे। बदले मौसम का असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में दिखाई देगा। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर हो सकता है। इस कारण उत्तर-पश्चिमी हवाएं आएंगी, जो अरब सागर से नमी लाएंगी। बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाएं भी आएंगी। इस कारण प्रदेश में बादल छाने के साथ हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की संभावना भी है। दिसंबर में बारिश का रहता है ट्रेंड प्रदेश में दिसंबर में बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। इस वजह से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो जाएगी, लेकिन सिस्टम के गुजरने के बाद सर्दी फिर से तेज हो जाएगी। अगले 5 दिन ऐसा रहेगा मौसम 23 दिसंबर: मुरैना, भिंड, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और बुरहानपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, ग्वालियर, मुरैना और भिंड में कोहरा रहेगा। 24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, सागर, दमोह, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

MP में 6.9° तक बढ़ा टेम्प्रेचर: भोपाल सहित कई जिलों में 8 के पार पहुंचा; अगले कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

Temperature increased by 6.9° in MP: crossed 8 in many districts including Bhopal; weather will remain the same for the next few days भोपाल में अभी ठंड का असर और भी कम होगा। भोपाल । बर्फीली हवा का असर कम होते ही मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर भी खत्म हो गया है। इस वजह से प्रदेश में रात का पारा 6.9 डिग्री तक बढ़ गया है। ये बढ़ोतरी बालाघाट के मलाजखंड में गुरुवार-शुक्रवार की रात में हुई है। कुछ दिन पहले यहां तेज सर्दी पड़ रही थी, लेकिन अब पारा 14.5 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग की माने तो अभी ठंड का असर और भी कम होगा। 25 दिसंबर से तेज सर्दी का दूसरा दौर आएगा। सर्दी से पहले प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर बना रहेगा। शनिवार सुबह भी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में कोहरा रहा। प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक दिन-रात के तापमान में और भी बढ़ोतरी होगी। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग में 3 से 4 डिग्री, इंदौर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री बढ़ सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के गुजरने के बाद सर्दी का असर मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, एक और सिस्टम 27 दिसंबर से एक्टिव हो रहा है। इनके गुजरने के बाद ठंड का असर बढ़ेगा, क्योंकि पहाड़ों में बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवा फिर से चलने लगेंगी। एमपी में 5 डिग्री के ऊपर पहुंचा पारा, खजुराहो में सबसे कम गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में पारा 5 डिग्री के ऊपर रहा। छतरपुर के खजुराहो में सबसे कम 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 6.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 6.5 डिग्री, नौगांव में 6.6 डिग्री रहा। बाकी शहरों में पारा 7 डिग्री से अधिक ही दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 8.2 डिग्री रहा। वहीं, जबलपुर में 10 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और इंदौर में तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

मध्य प्रदेश में कोदो का कहर : दो दिन में दो जिलों में 13 लोग बीमार, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप, सैंपल जांच के लिए भेजे

Kodo havoc in Madhya Pradesh: 13 people fell ill in two districts in two days, panic in health department, samples sent for testing मध्य प्रदेश में इन दिनों कोदो का कहर जारी है। दो दिनों में दो जिलों में 13 लोग इसे खाने से बीमार हो गए हैं। लगभग दो महीने पहले इसे खाने से 10 हाथियों की मौत भी हो चुकी है। कोदो की रोटी खाने से शहडोल में एक दिन पहले चार, कटनी में एक परिवार के तीन सदस्य और आज यानी गुरुवार को छह लोग बीमार हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोदो की पुरानी रोटी फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है। या चने की भाजी में अत्यधिक उपयोग हो रहा खाद इसकी वजह हो सकता है। जांच के बाद सब स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में एक ही परिवार के छह सदस्य भर्ती हुए हैं। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैंं। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत खतरे के बाहर है। ज्ञात हो कि मंगलवार को दादरा टोला के चार सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अब बुधवार रात मुख्यालय से सटे ग्राम चाका में एक ही परिवार के छह सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हो गए हैं। डॉक्टरों की टीम जिनका इलाज कर रही है। लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार लोगों से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिसिन डॉक्टर के साथ एक बैठक कर कोदो की सैंपलिंग करने की बात कही है। खाना खाने के आधे घंटे बाद बिगड़ी तबीयत रामचरण कोरी ने बताया कि बीती रात्रि 8:30 बजे परिवार के सभी लोग इकट्ठा हुए और कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। आधे घंटे बाद परिवार के 6 सदस्य ने खाना खाया था, उन सबकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और सबको चक्कर के साथ उल्टियां आनी शुरू हो गई। इसके बाद पड़ोस के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने निजी वाहन से सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया है। इसमें रामचरण कोरी (58), सावित्री ( 55), रामकुमार (35), राजकुमारी कोरी (25), दो बच्चों में जिया 7 वर्ष एवं सूर्या 6 वर्ष शामिल है। परिवार के 6 सदस्यों में दो बच्चे बच्चा वॉर्ड के आईसीयू वार्ड में भर्ती किए गए हैं, जिनका इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील हथगेल के द्वारा किया जा रहा है। सीएमएचओ एवं प्रभारी सिविल सर्जन ने बुलाई बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से भर्ती हुए मरीजों से मुलाकात कर डॉक्टरो से चर्चा की है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिन डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया है, उनके साथ एक बैठक कर चीजों को बारीकी से पता लगाने की कोशिश की जा रही है। किन वजह से दो दिनों के भीतर 10 लोग बीमार हुए हैं। सीएमएचओ ने बताया कि जिस कोदो को खाने से लोग बीमार हुए हैं। उसका सैंपल लेने के निर्देश फूड विभाग को जारी किए गए हैं। कोदो और चने की भाजी का फूड विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीज स्पष्ट हो सकेगी कि किस वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। एक दिन पहले चार लोग हुए थे बीमार शहडोल मुख्यालय से लगे गांव खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला में मंगलवार रात एक परिवार के सदस्यों ने कोदो की रोटी के साथ चने की भाजी खाई थी, इसके कुछ देर बाद उन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गई और तबीयत बिगड़ने लगी। एक युवक ने खाना नहीं खाया था, उसकी तबीयत नहीं बिगड़ी और उसने पड़ोसियों से मदद लेकर सभी को जिला अस्पताल उपचार के लिए लाकर भर्ती करवाया। बताया गया कि खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला गांव निवासी राजेंद्र सिंह की अमलाई निवासी उनकी बुआ शाम घर आई थीं। रात में भोजन में कोदो की रोटी और चने की भाजी बनी थी। सभी भोजन करने के बाद सो गए। रात करीब दो बजे राजेंद्र सिंह मरावी, लक्ष्मी सिंह, रामवती सिंह और चंदा बाई की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त होने लगे। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जिन्हें जांच के बाद भर्ती कर लिया गया। कटनी में दादा-पोते सहित तीन बीमार कटनी जिले में कोदो की रोटी खाकर दादा पोते सहित तीन लोग बीमार हुए हैं। मामला कटनी जनपद पंचायत के ग्राम जरवाही का बताया गया, जहां सुबह के वक्त आलू की सब्जी के साथ कोदो की रोटी खाने से दादा और उनके दो पोते को अचानक चक्कर के साथ उल्टी होने लगी। तीनों की एक साथ बिगड़ी तबीयत देख परिजन उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाए थे। ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर नर्स ने प्राथमिक इलाज के साथ तीनों को भर्ती किया है। उर्मिला बाई ने बताया कि हमेशा की कोदो की रोटी और सब्जी खिलाया था, लेकिन सबकी तबीयत बिगड़ गई। बेटा घर में था नहीं इसलिए पड़ोसियों की मदद से सभी को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले आए, यहां इलाज हो रहा है। पीड़ित सोने लाल चौधरी ने बताया कि सुबह कोदो की रोटी अपने पोतों के साथ खाई थी, जिसके बाद मैं घर के बाहर घूमने निकला तो चक्कर आने लगे। तभी घर में खेल रहे पोते भी बेहोश हो गए थे। हम लोगों को समझ नहीं आया कब गाड़ी में बैठे और अस्पताल आ गए। हम लोग सिर्फ कोदो की रोटी और सब्जी खाए बस, अभी तबीयत ठीक है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ अमर उजाला की टीम ने विशेषज्ञों से इसके बारे में जब चर्चा की तो शहडोल में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर गंगेश डांडिया ने बताया कि कोदो अगर अधिक पुराना है तो फूड पॉइजनिंग की आशंकाएं हो सकती हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी भर्ती मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। डॉ. … Read more

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का सितम जारी, 25 दिसंबर से तेज सर्दी का दूसरा दौर 

Severe cold continues in Madhya Pradesh, second round of severe cold from December 25  भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर 23 से 25 दिसंबर के बीच आएगा। यह जनवरी 2025 तक रहेगा। इससे पहले अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में रात का पारा 8-10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा छाने का अनुमान जताया है। बाकी जगहों पर मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप हो सकती है। ठंड से थोड़ी राहत, 2 डिग्री तक बढ़ा पारा मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कई शहर ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम ही रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4 डिग्री, टीकमगढ़ में 5.3 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और राजगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 5.2 डिग्री, ग्वालियर में 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और इंदौर में 11.6 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर दर्ज किया गया। हालांकि, बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में पारा 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। इसलिए बदला मौसम  मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने कहा- शीतलहर और कोल्ड डे यानी ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम होगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। उत्तरी हवाएं फिर चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर दोबारा आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं।

विधायक को विधानसभा में बोलने से रोका तो मौन धरने पर बैठे, गले में शराब की बोतल पहनकर पहुंचे विधायक

When the MLA was stopped from speaking in the Assembly, he sat on a silent dharna, the MLA arrived wearing a liquor bottle around his neck. विधानसभा में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन है। बाप पार्टी से विधायक कमलेश्वर डोडियार मौन धारण की मुद्रा में दिखाई दिए। कमलेश्वर डोडियार पीला कपड़ पलेटकर और मुंह को कागज से बंद करके मौन धारण करकरे बैठे गए। डोडियार का कहना है कि उन्हें विधानसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसलिए वे विधानसभा के बाहर मौन धारण करके बैठे है। वहीं उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार अनोखा प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस विधायक महेश परमार गले में शराब की बोतलों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे। डॉक्टर पर गाली देने का आरोप विधायक कमलेश्वर डोडियार को रतलाम के बंजली में आंदोलन करने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें और उनके समर्थकों को चौथे दिन जमानत मिल गई थी। पुलिस ने डोडियार समेत 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। कमलेश्वर डोडियार ने जेल से रिहा होने के बाद जिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा थ कि 5 दिसंबर को अस्पताल के डॉक्टर ने मुझे गालियां दी थी, मुझे अपमानित किया था, इसी को लेकर पूरा आदिवासी समाज रतलाम में आंदोलन करने जा रहा था। हमने आंदोलन से पहले डॉक्टर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन डॉक्टर को सस्पेंड नहीं किया गया। हम 11 दिसंबर को आंदोलन करने वाले थे। हम शांतिपूर्वक आंदोलन करने वाले थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही तरीके से मुझे 11 तारीख को गिरफ्तार कर लिया गया। मुझे और मेरे समर्थकों को ेस4 दिनों तक जेल में रखा गया। जिससे आदिवासी समाज में रोष है। डोडियार ने आगे कहा था कि में विधानसभा में मामले में अपनी बात रखूंगा। कांग्रेस विधायक का शराब घोटाले को लेकर प्रदर्शन उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने विधानसभा में शराब की बोतलों की माला पहनकर प्रदर्शन करते हुए कहा है कि प्रदेश में शराब के घोटाले चल रहे है। प्रदेश में दिल्ली से भी बड़े धोटाले हो रहे है, लेकिन सरकार सो रही है। हर जिले में करोड़ों के शराब घोटाले हो रहे है। कांग्रेस के इस अनोखे प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने कहा है कि सदन में इस तरह से शराब की बोतले ले जाना उचित नहीं है। सदन में जहां गांधी जी की प्रतिमा लगी है वहां शराब की बोतलों की माला पहनकर कांग्रेस जा रहे है। कांग्रेस विधायकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश में टीबी का कहर, राजधानी में सबसे ज्यादा मरीज, देखें आंकड़े

TB havoc in Madhya Pradesh, highest number of patients in the capital, see figures स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में अभियान चलाकर सालभर में 1.66 लाख मरीजों की पहचान की है। सबसे ज्यादा 11768 मरीज भोपाल में मिले हैं। इसके बाद इंदौर और फिर छतरपुर का नंबर है। सबसे कम 608 मरीज निवाड़ी जिले में मिले हैं। सतना जिला 4680 मरीजों के साथ प्रदेश में 10वें पायदान पर है। हालांकि विभाग प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले 88 फीसदी मरीजों की ही पहचान कर सका है। अभियान के तहत जिलों में आबादी के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2024 तक मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य दिया गया था। दो जिलों में शत-प्रतिशत प्रदेश में 1.90 लाख टीबी मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य था, जिसमें से विभाग 1.66 लाख मरीजों की पहचान कर सका है। प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले अभी 12 फीसदी मरीजों तक महकमा नहीं पहुंच सका है। प्रदेश के सिर्फ दो जिले शिवपुरी में 110 प्रतिशत, बुरहानपुर में 109 प्रतिशत टीबी मरीज की पहचान की जा चुकी है।

कांग्रेस पार्टी ने स्वर्गीय मनोज परमार के बच्चों को भेंट की 5 लख रुपए की गुल्लक

Congress party presented a piggy bank of 5 lakh rupees to the children of late Manoj Parmar भोपाल । भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को जिन बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उनके पिता मनोज परमार और मां ने आत्महत्या की। सर्वप्रथम उनकी आवाज प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी  और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाई थी। उन्होंने राहुल गांधी से बच्चों की बात कराई थी।  प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आवाह्न पर भोपाल में जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया था। 16 तारीख को मंच से पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि प्रेम की गुल्लक का कर्ज प्रेम से निभाएंगे और जो राहुल को प्यार और सम्मान, उनकी भावनाएं समझी, बच्चों उसका मैत्री सम्मान कांग्रेस पार्टी सदैव निभाएगी और उनका ध्यान रखेगी ।  पूर्व मंत्री पूर्व सज्जन वर्मा, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, विक्रम मस्ताल हनुमान, प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने बच्चों से मुलाकात की परिवार जनों से भेंट करके सांत्वना दी। ₹500000 की राशि की गुल्लक उन बच्चों भेंट की और आगामी पढ़ाई तक उनका खर्च पढ़ाई का उठाने का वादा किया ।  बच्चों से सज्जन वर्मा ने कहा  मेरे पास इनकम टैक्स के 100 से ज्यादा नोटिस आए हैं ।  मुकेश परमार के परिवार को जिस मुश्किल की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी  जो सत्ता में है, उसकी मदद करनी चाहिए। वो परेशान कर रही है। इनकम टैक्स, ई डी पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल करके डरा रही है पर बच्चों भयभीत मत होना, मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूं ।

कटोरा लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक: भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

Congress MLA reaches assembly with bowl: Serious allegations of financial mismanagement on BJP government नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि “कर्ज लेकर घी पी रहे हैं” और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। सिंगार ने कहा, “जब नेतृत्व कमजोर हो, तो कर्ज बोझ बन जाता है और उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।”भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इसे “वित्तीय अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न सिर्फ मध्यप्रदेश को कर्ज के तले दबाया है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के खून-पसीने की मेहनत से भरे खजाने को नुकसान पहुंचाया है। “भाजपा सरकार ने राज्य को आर्थिक संकट में डाल दिया है और अब ‘कटोरा’ लेकर भीख मांगने की नौबत आ गई है,” विपक्ष ने सदन में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा।कांग्रेस विधायकों ने कर्ज की बढ़ती दरों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बिगड़ते हालातों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि कर्ज का भार प्रदेश के विकास में बाधक बन रहा है और इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार इसी तरह जनविरोधी आर्थिक नीतियों पर चलती रही, तो प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

मध्यप्रदेश वासियों के लिए खुशखबरी, फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मिली मुक्ति , अब प्रदेश में लगेंगे ई ऑफिस

Good news for the people of Madhya Pradesh, freedom from piles of files and the affairs of babus, now e-offices will be set up. भोपाल ! मध्यप्रदेश में सरकारी कामकाज में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में अब सभी काम ऑनलाइन होंगे। ऑफिसों में फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मुक्ति मिल गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में ई ऑफिस लगाने की कवायद की है जिसका काम शुरु भी हो गया है। नए साल से मंत्रालय वल्लभ भवन में सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलें निपटाई जाएंगी। इससे फाइलों की मॉनिटरिंग में भी आसानी होगी। ई-ऑफिस के लिए कर्मचारियों, अधिकारियों को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है। कामकाज में तेजी और फाइलों की स्थिति की ट्रैकिंग के लिए ई-ऑफिस के संचालन की कवायद की जा रही है। राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के सभी विभागों में 1 जनवरी 2025 से ई-ऑफिस संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागीय प्रमुखों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय में करीब डेढ़ दर्जन विभागों में ई-ऑफिस शुरु भी हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से टेबल पर से फाइलों का ढेर हट जाएगा। मंत्रालय में 39 विभागों में ई-ऑफिस चालू होगा जिनमें से 17 में ई- फाइल सिस्टम प्रारंभ भी हो चुका है। बाकी 22 विभागों में भी 1 जनवरी से ई-ऑफिस लगने लगेंगे।राजधानी के सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों यानि संचालनालयों को भी ई-ऑफिस से जोड़ दिया गया है। राज्य के सभी संभागों और जिलों में भी जल्द ही ई-ऑफिस चालू कराए जाएंगे। कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के विभागों में अब ई- फाइलें ही बनेंगी। यहां तक कि कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन तैयार किया जाएगा। कैसा होगा ई-ऑफिस ई-ऑफिस में सभी काम ऑनलाइन होंगे। अधिकारी कर्मचारी कंप्यूटर पर फाइलें निपटाएंगे। सरकारी कामकाज ई- फाइलों से ही होंगे। मैन्युअल फाइलिंग बंद हो जाएगी। पुरानी नस्तियों को भी ई- फाइलों में रखा जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के लिए मैन्युअल फाइलें ही चलेंगी।

सीहोर के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों से मिलेंगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, भेंट करेंगे ‘गुल्लक’

Former minister Sajjan Singh Verma will meet the children of Sehore businessman Manoj Parmar, will present ‘gullak’ MP News: सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि मनोज परमार के दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सीहोर जिले के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों को आज मंगलवार (17 दिसंबर) को बड़ी गुल्लक भेंट करने वाले हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री बच्चों को कई और सुविधा देंगे, जिसके जरिए वह अच्छी तालीम ग्रहण कर सकेंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मनोज परमार के बच्चों ने उन्हें गुल्लक भेंट की थी. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जब बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उस समय वे वहीं मौजूद थे. बच्चों ने कहा था, “राहुल गांधी जी, आप अच्छा काम कर रहे हैं और भारत जोड़ने के लिए निकले हैं, हमने अपनी गुल्लक में जो राशि एकत्रित की है वह आपको भेंट कर रहे हैं, आपको जहां भी कोई अच्छा कार्य लगे उस पर यह राशि खर्च कर दीजिएगा.” उन्होंने बताया कि अब वह उन बच्चों को उनकी गुल्लक लौटने जा रहे हैं. मंगलवार को पूर्व मंत्री परमार दंपती के घर जाकर बड़ी गुल्लक बच्चों को सौंपेगे. उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. परमार दंपती का परिवार कांग्रेस का परिवार है. बड़ी गुल्लक में पांच लाख रुपये पूर्व मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के जीवन की मुश्किलें आसान करने के लिए उनकी ओर से छोटा सा प्रयास किया जा रहा है. वे बड़ी गुल्लक के रूप में पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार के बच्चों को भेंट करने जा रहे हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय के छापे के बाद परमार दंपती ने आत्महत्या कर ली थी. कांग्रेस से जुड़े मनोज परमार उनकी पत्नी नेहा परमार खुदकुशी करते हुए सुसाइड नोट भी लिखा था. वहीं बच्चों का आरोप है कि उन्हें बीजेपी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि मनोज परमार पर आपराधिक मामले दर्ज थे. बीजेपी में उनके लिए कोई जगह नहीं थी. इन सबके बीच अब कांग्रेस पूरे मामले को प्रदेश स्तर पर ले जाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

WEATHER UPDATE:  एमपी में ठंड का सितम जारी , भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड 

WEATHER UPDATE: Cold wave continues in MP, 58 year old record broken in Bhopal  8 दिन से चल रही शीतलहर; भोपाल समेत 20 जिलों में आज भी ऐसा ही मौसम भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार जनवरी से भी ठंडा दिसंबर है। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 8 दिन से शीतलहर चल रही है, जो 9वें दिन मंगलवार को भी चलेगी। मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मंगलवार के बाद शीतलहर का दौर खत्म होने का अनुमान है और कुछ दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को 20 जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान है। इनमें से 6 जिले- शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, मंडला और छतरपुर में पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ भी जम सकती है। पचमढ़ी में 1.9 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर भी रहा ठंडा  प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रविवार-सोमवार की रात में इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात की तुलना में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी जरूर हुई है। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 2.3 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में पारे में गिरावट हुई और यह 3.3 डिग्री पर आ पहुंचा। मंडला में 3 डिग्री और उमरिया, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़, खजुराहो में पारा 5 डिग्री के नीचे ही रहा। भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.3 डिग्री रहा भोपाल में दिसंबर की सर्दी का 58 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। 15-16 दिसंबर की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री रहा। अब पारा 0.3 डिग्री लुढ़का तो ओवरऑल रिकॉर्ड टूट जाएगा। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। वहीं, हाउस की खिड़कियों को बंद किया गया है। ताकि जानवरों को ठंड न लगे।

सरकार को जवाब पेश करने की आखिरी मोहलत दी , हाईकोर्ट ने पूछा-थानों में मंदिर कब-किसके आदेश से बना,बताएं

The government was given 7 days time to submit its reply, the High Court asked – when and by whose orders the temples were built in the police stations, please tell. जबलपुर । मध्यप्रदेश के थानों में बने या बन रहे मंदिरों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए 7 दिन की आखिरी मोहलत दी है। 19 नवंबर और इसके पहले 4 नवंबर को भी हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। सोमवार (16 दिसंबर) को जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, ‘जल्द से जल्द राज्य सरकार पूरे प्रदेश के थानों के अंदर बने मंदिर और अन्य धार्मिकस्थलों की पूरी सूची पेश करे।’ हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि प्रदेश के किस थाने में कब मंदिर बनाए गए और मंदिर बनाने के लिए आखिर किसने आदेश दिए थे?’ याचिका जबलपुर के ओपी यादव ने दायर की है। एक महीने पहले भी इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने थानों में बन रहे मंदिरों पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि आखिरकार कैसे सरकारी जमीन पर मंदिर बन रहे हैं?’ मामले पर सरकार ने अपनी शुरुआती आपत्तियां भी बताई थीं। इसे मानने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। सीएस और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा थाएक महीने पहले याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ की डिवीजन बेंच ने प्रदेश के मुख्य सचिव (सीएस) अनुराग जैन और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा था। नोटिस गृह विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग को भी दिए गए। याचिकाकर्ता ओपी यादव ने जबलपुर शहर के सिविल लाइन, लार्डगंज, मदनमहल और विजय नगर थाने में बने मंदिरों की फोटो भी याचिका में लगाई। उन्होंने बताया था कि पुलिस अफसर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। कई थानों में अंग्रेजों के समय बने हनुमान मंदिरप्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे थाने भी हैं, जहां अंग्रेजों के समय से मंदिर बने हैं। जबलपुर में ही कोतवाली थाना परिसर में बना हनुमान मंदिर 150 वर्ष पुराना है। इस मंदिर का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में सैनिक पद पर रहने वाले पंडित नाथूराम व्यास द्वारा कराया गया था। इसी तरह मंडला, कटनी, रीवा, सागर, बालाघाट, बैतूल में भी कई थाने हैं, जो अंग्रेजों के समय के हैं। उप पुलिस अधीक्षक मदन मोहन समर कहते हैं कि ब्रिटिश सरकार की सैन्य और पुलिस छावनी में मंदिर और दूसरे धार्मिक स्थल बनाए जाने की परिपाटी शुरू हुई थी। थानों में जो मंदिर बने हैं, वह ज्यादातर आवासीय परिसर में बने हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन: रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग, आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

Demonstration of Madhya Pradesh Congress: Police barricading at Roshanpura intersection, stopped the coming Congress leaders. राजधानी भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पहुंची MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस का विधानसभा का घेराव का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को एमपी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। अभी भोपाल के जवाहर चौक इलाके में सभा चल रही है। इसके बाद कांग्रेस के नेता हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की ओर कूच करेंगे। उनको रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रखी है। यहां वाटर कैनन भी मौजूद है। वहीं दूसरे जिलों से आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगी सड़कों पर भी बैरिकेड्स लगा रखे हैं। राजगढ़ जिले से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो जिला पंचायत अध्यक्ष चन्दर सिंह राजगढ़ की अधिकारियों से बहस हो गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। मनोज परमार के बच्चों की करेंगे मदद: सज्जन कांग्रेस की सभा में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- मणिपुर जल रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं लेकिन वहां हिंदू मारे जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने बीजेपी और ईडी के दबाव में आत्महत्या कर ली। आज बीजेपी के लोग उन बच्चों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। मैं कल अपने पार्टी के तमाम साथियों से मदद लेकर एक बड़ी गुल्लक उन बच्चों को देने जाऊंगा। ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए और भविष्य में तकलीफ न हो। रावत को लेकर जयवर्धन का तंज पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 रुपए में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने लाड़ला नेता योजना शुरू की। उस लाड़ला योजना के सबसे पहले लाभार्थी बने रामनिवास रावत। रामनिवास बीजेपी में गए लेकिन विजयपुर की जनता ने, माताओं-बहनों ने गरीब आदिवासी मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा पहुंचा दिया। बीजेपी के लाड़ले नेता रामनिवास जी को घर बैठा दिया। बीजेपी सरकार चीन का लहसुन खिला रही कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा- आज बांग्लादेश के जरिये चीन का लहसुन हमारे यहां आ रहा है। बीजेपी सरकार के राज में हमें चीन का लहसुन खिलाया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। मैं जब ऊर्जा मंत्री था, कांग्रेस की सरकार 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देती थी। आज 1500 रुपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। किसानों पर फर्जी केस लगाए जा रहे हैं। आज एकजुट होकर इस भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ना है। अलका लांबा बोलीं- सरकार को घुटने पर लाएंगे महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी प्रदर्शन स्थल पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बने हुए एक साल के ऊपर हो गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं से सुरक्षा का वायदा था। एक साल में कितनी बहनें सुरक्षित हुईं? रीवा में इनको जिंदा गाड़ने की हिम्मत दबंगों ने दिखाई है। उज्जैन में नाबालिग बेटी को लहूलुहान हमने देखा है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कौन सी बहन को साढ़े 400 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रहा है, जिसकी गारंटी मोदी जी ने दी थी। महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा इन मुद्दों पर हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। अपना समय भी आएगा : कमलनाथ कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। नौजवानों, समझ लो। आज आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस राजनीतिक परिवर्तन को आप पहचानिए। जब तक आप घर-घर नहीं जाएंगे, हम बीजेपी से कभी मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमारा कर्तव्य है कि इस राजनीतिक परिवर्तन को पहचानें और उस हिसाब से काम करें। मुझे विश्वास है कि आप निराश नहीं होंगे। कमर ठाने रखिएगा। अपना समय भी आएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- प्रदेश की तस्वीर आप सभी के सामने है। आज बड़े दुख के साथ मुझे कहना पड़ता है कि मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश की है। हर क्षेत्र में घोटाला। नौजवानों के रोजगार में घोटाला। किसानों के बीज-खाद में घोटाला। जहां देखो घोटाला-घोटाला। आज हमारे कृषि क्षेत्र में कितनी समस्या है। एक बात याद रखिएगा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर आधारित है। अगर कृषि क्षेत्र डूबता है तो पूरा प्रदेश डूबता है। रात में हटाए गए होर्डिंग शहर में कांग्रेस के प्रदर्शन के जगह जगह होर्डिंग भी लगाए गए हैं। 15 दिसंबर, रविवार रात को नगर निगम के अमले ने कुछ जगहों से होर्डिंग भी हटाए हैं। इसे लेकर विवाद की छुटपुट घटनाएं भी हुई। कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस की हैं ये मांगें?

मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर दिखेंगी जल्द सरकारी बसें फर्राटे भरते

Government buses will soon be seen again on the roads of Madhya Pradesh. मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है। दो दशक पहले जहां सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें फर्राटे भरती दिखाई देती थी वहीं अब निजी बसों का बोलबाला है। तनाकुलित तथा स्लीपर कोच बसें तक प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही है। राज्य परिवहन की बसें प्रदेश के विभिन्न शहरों को जोड़ने के अलावा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक यात्रियों को लाती ले जाती थी। भोपाल। राज्य परिवहन निगम की इन बसों में जहां किराया वाजिब था तो वहीं विशिष्ट जनों व पत्रकारों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती थी। राज्य परिवहन निगम के संचालक मंडल में पहले नेताओं को रखा जाता था और अध्यक्ष का पद नौकरशाहों के जिम्में में होता था। एक बार का दिलचस्प वाकया है तब राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष एक नौकरशाह थे किसी पत्रकार ने अनौपचारिक चर्चा में उनसे पूछ लिया कि आपने बसों में यात्रा कब से नहीं की तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया था की आखिरी बस यात्रा 15 साल पहले की थी, इस चर्चा के बाद अध्यक्ष महोदय ने समस्त डिपो प्रबंधकों को यह निर्देश दिया कि वह महीने में दो बार बसों में यात्रा करें और यात्रियों से फीडबैक ले कर व्यवस्था सुचारू करें। इसके साथ ही अध्यक्ष ने स्वयं भी हर महीने बस में सफर करना शुरू कर दिया बाद में राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष पद पर नेताओं को पदस्थ किया जाने लगा और यही से पूरे सिस्टम में दीमक लगना शुरू हो गया। जिन डिपो प्रबंधकों को राज्य परिवहन निगम अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष से अच्छी सेटिंग होती थी वहां मनमानियां करने लगे। दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों में उन्ही ड्राइवर व कंडक्टरों को भेजा जाने लगा जो वापसी पर अच्छी खासी रकम उनको भेंट कर सके क्योंकि राज्य की सीमा पार करने के बाद टिकट चेकिंग का कोई डर नहीं, लोकल सवारियों लो और अपनी जेब गर्म करो वाला सिद्धांत चलता था। दूसरे राज्यों में स्थित राज्य परिवहन निगम के डिपो प्रबंधकों के रोस्टर पर अपने नाते रिश्तेदारों को रख लिया जो केवल वेतन लेते थे काम नहीं करते थे। राज्य परिवहन निगम के एक उपाध्यक्ष ने जब विधानसभा का चुनाव लड़ा तो डिपो प्रबंधकों ने उनके चुनावी खर्च में हिस्सेदारी की, किसी डिपो प्रबंधक ने पोस्टर का खर्च उठाया तो किसी ने विज्ञापनों के लिये भुगतान किया। इस तरह की व्यवस्था ने तथा भ्रष्टाचार ने राज्य परिवहन निगम को खोखला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आखिरकार 2005 में राज्य परिवहन निगम को बंद करना पड़ा हालांकि इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। राज्य परिवहन निगम बंद होने का फायदा निजी बस मालिकों ने उठाना शुरू किया यह वह समय था जब दिग्विजय सिंह की सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा था। दिग्गी सरकार घाटा बताती रही और भाजपा सरकार ने राज्य परिवहन निगम पर ही ताला लगा दिया और कुछ कर्मचारियों को वीआरएस देकर घर बैठा दिया तो कुछ कर्मचारियों को दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया। खैर यह तो राज्य परिवहन निगम का हाल हुआ उधर निजी बस ऑपरेटर की मनमानी बढ़ने लगी। बस में क्षमता से अधिक यात्री भरना निर्धारित किराए से ज्यादा वसूलना, सवाल करने पर यात्रियों से बदसलूकी करना, यहां तक की मारपीट की नौबत आना इत्यादि। शहरी इलाकों में तो फिर भी ठीक-ठाक मगर ग्रामीण क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब हो गए और लोग परेशान हो गए। राज्य परिवहन निगम बंद हो जाने के बाद भी जिन राज्यों से अंतर राज्य समझौता था उनकी बसे एमपी में आती रही। निजी ऑपरेटर इनका भी विरोध करने लगे। बहरहाल अब मोहन यादव की सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को 19 साल बाद फिर से शुरू करने का संकेत दिया है तदनुसार लोक परिवहन सेवा का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट में पेश किया जाएगा फिर उस पर अमल होना शुरू होगा वैसे अभी यह तय नहीं है कि लोक परिवहन का संचालन किस तरह होगा महाराष्ट्र का मॉडल अपनाया जाए या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर अमल किया जाए यह फैसला भी हो जाएगा।

फार्मर आईडी बनाने जिलों में लगाए जाएंगे शिविर, दस रुपए देगी सरकार

Camps will be organized in the districts for making Farmer ID, the government will give ten rupees भोपाल। राज्यों में कैंप लगाकर किसान आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसके अलावा हर आईडी बनाने पर केंद्र की ओर से राज्य सरकार को 10 रुपये दिए जाएंगे। दरअसल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से किसान पहचान पत्र को तेजी से बनवाने के लिए कैंप लगाने को कहा है। किसान पहचान पत्र या किसान आईडी एक आधार से जुड़ी अनूठी डिजिटल पहचान है, जो राज्य के लैंड रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। इसके अलावा इसमें डेमोग्राफी, बोई गई फसल और जमीन के मालिकाना हक जैसी जानकारी भी होती है। किसान आईडी के माध्यम से बनाए गए डेटाबेस को किसान रजिस्ट्री के रूप में जाना जाएगा। यही वजह है कि केंद्र ने अब राज्यों से किसान आईडी देने के लिए कैंप-मोड अपनाने को कहा है।केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 27 नवंबर को इस संबंध में मध्यप्रदेश सराकर को एक पत्र भेजा था। केंद्र के पत्र के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि राजधानी सहित प्रदेश भर में करीब 87 लाख 90 हजार किसानों की आईडी जनरेट होनी हैं, जबकि अकेले भोपाल में करीब 65 हजार किसानों की फार्मर आईडी बननी है। आयुक्त भू-अभिलेख अनुभा श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मर आईडी क्रियेशन के लिए राज्यों को इंसेंटिवाइज करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस स्कीम घोषित की गई है।फार्मर आईडी क्रियेशन कार्य यथाशीघ्र पूर्ण करने की दृष्टि से इसे राजस्व महाअभियान 3.0 में भी शामिल किया गया है। फार्मर आईडी जनरेट करने की कार्रवाई अभियान के रूप में पूर्ण करने के लिए कैम्प आयोजित कर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दिए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रति कैप राशि 15000 रुपए तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी केंद्र सरकार के निर्देश में विहित की गई है। इन कागजों की होगी जरूरत जरूरत इसके लिए आपको आधार कार्ड की कॉपी, जमीन की जानकारी के लिए नकल की कॉपी, फसल के नाम, किस्में, बोनी का समय, बैंक पासबुक की डिटेल देनी होगी। हमेशा ध्यान रखें कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर देते समय उसे चेक कर लें। आधार नंबर 12 अंकों का और मोबाइल नंबर 10 अंकों का होना चाहिए। इस तरह से मुहैया कराई जाएगी राशि प्रदेश में फार्मर आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसमें गांवों में क्लस्टर से पीएम किसान डाटाबेस अनुसार कम-से-कम 50 फीसदी किसानों को रजिस्टर करना होगा। पहली किश्त 5000 रुपए प्रथम 15 फीसदी किसान आईडी जनरेट करने पर, दूसरी किश्त 5000 रुपए आगामी 15 प्रतिशत आईडी जनरेट करने पर और तीसरी किश्त 5000 आगामी 20 फीसदी फार्मर आईडी जनरेट करने पर प्राप्त होगी। प्रति फार्मर आईडी जनरेशन पर राशि 10 रुपए राज्य को प्राप्त होगी। यह राशि राजस्व महाअभियान 3.0 में फार्मर आईडी व खसरा आधार लिकिंग के लिए नियत कर्मचारी को दी जाएगी। ऐसे बनेंगे किसान आईडी इसके लिए किसानों को खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन में गांव के पटवारी या सर्वेयर से किसान संपर्क कर सकते हैं। राजस्व का मैदानी अमला किसानों की किसान पहचान पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगे। आप चाहें तो यह काम खुद भी कर सकते हैं। यह काम मोबाइल से कम्प्यूटर से भी किया जा सकता है। इसमें दी गई लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करें और कैप्चा कोड भरना होगा। इसके बाद आपको नया यूजर अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनने के बाद आपका किसान आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

रातापानी टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए निकाली बाइक रैली, CM ने की शुरुआत, रणदीप हुड्डा भी रहे शामिल

Bike rally taken out for the conservation of Ratapani Tiger Reserve, CM started it, Randeep Hooda also participated रातापानी जंगल के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष बाइक रैली का आयोजन किया गया। “विरासत से विकास” अभियान के अंतर्गत यह रैली कोलार रोड स्थित गोल जोड़ चौराहे से शुरू हुई। रैली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा ने भी भाग लिया और अभियान की सराहना की। अभियान के दौरान अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं, जहां भगवान श्री कृष्ण ने अन्याय के खिलाफ संदेश दिया। आज मैं उस प्रदेश में हूं, जहां भगवान ने शिक्षा पाई और जहां जल, जंगल और गायों की सुरक्षा का संदेश दिया गया। रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री कृष्ण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने जो कार्य किए हैं, वह सराहनीय हैं। विशेषकर जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसा योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर वीर सावरकर की तारीफ करते हुए कहा कि वीर सावरकर को दो बार कालापानी की सजा हुई, लेकिन वे कभी नहीं झुके। उनका आदर्श आज भी हमें प्रेरणा देता है। रातापानी टाइगर रिजर्व से एक नई इबारत लिखी जाएगी, जहां टाइगर का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “जंगल का राजा टाइगर ही होता है, क्योंकि टाइगर अपने पराक्रम से शिकार करता है। टाइगर रिजर्व की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस टाइगर रिजर्व के उद्घाटन के लिए बाइक रैली का आयोजन रोजगार और प्रदेश को गौरव देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोपाल और आसपास के क्षेत्र में भूगर्भीय परिवर्तन के कारण प्राचीन चित्रकला और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें भी पाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि भोपाल एक ऐसी राजधानी जिसके आंगन ने अपना टाइगर रिजर्व बना है।

मध्य प्रदेश भाजपा ने जारी की अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी की सूची ,देखे लिस्ट

Madhya Pradesh BJP released the list of president and other officials, see the list भोपाल ! भाजपा ने 19 मंडल अध्यक्षों की घोषणा की, जिला प्रतिनिधियों के नामों पर भी मुहर, लग गई है देखें सूची कई दिनों की मंत्रणा के बाद मध्यप्रदेश प्रदेश के देवास जिले में भाजपा मंडल अध्यक्षों का चुनाव संपन्न हो गया है। इसकी प्रक्रिया अलग-अलग मापदंडों के आधार पर पूरी की गई। जिसके बाद देवास जिले के 5 विधानसभा क्षेत्रों के 19 मंडलों की सूची जारी कर दी गई है। भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद चुनाव प्रक्रिया रोचक होगी। जल्द ही एमपी के अन्य जिलों में भी मंडल अध्यक्ष सहित जिला अध्यछ देखने को मिलेंगे । देखे लिस्ट इन्हें मिली नई जिम्मेदारी

ठंड के कारण स्कूलों का समय बदला: सुबह 9 बजे से लगेंगे सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल

School timings changed due to cold: All government and private schools will start from 9 am Bhopal News: भोपाल में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। भोपाल में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। पहाड़ों की बर्फबारी का एमपी में असरउत्तर भारत में पहाड़ों की बर्फबारी के कारण राज्य में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। भोपाल में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन में रात्रि का सबसे कम तापमान है। पचमढ़ी ने सर्द रात का रिकॉर्ड बनायाराजधानी में 48 घंटे में रात के तापमान में 4.1 डिग्री की गिरावट हुई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी ने सबसे सर्द रात का रिकॉर्ड बनाया। यहां पारा 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार, पचमढ़ी देश का दसवां सबसे ठंडा शहर रहा। तीन साल बाद भोपाल में कड़ाके की ठंड पड़ी है। इससे पहले 2021 में दिसंबर में पारा 3.4 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद दो साल दिसंबर में तापमान 8 डिग्री से नीचे नहीं रहा। अगले तीन से चार दिन कड़ाके की ठंड की संभावना है। रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।

कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशानाः बोले- MP में निवेश तो दूर की बात, केंद्रीय योजनाओं की राशि भी आधी ही मिली

Kamal Nath targeted the government: Leave alone investment in MP, only half the amount of central schemes was received. भोपाल। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आए दिन प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के वादों की चर्चा करते रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि निजी क्षेत्र से आने वाला यह निवेश तो दूर की बात है, केंद्र सरकार से प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं के लिए आने वाले पैसे को ही अब तक राज्य सरकार प्राप्त नहीं कर सकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश को चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से 37,652 करोड़ रुपया मिलने थे लेकिन अब तक सिर्फ़ 16,194 करोड़ रुपये ही मिले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जिन महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिली है उनमें -आयुष्मान योजना, आदिवासी समुदाय के छात्रों की छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि, PM श्री स्कूल और अदालत के भवन निर्माण की राशि भी अटकी हुई है।मुख्यमंत्री यह सारी रकम मध्य प्रदेश की जनता का अधिकार और केंद्र पैसा देकर कोई एहसान नहीं कर रहा है। प्रदेश की जनता अपनी गाढ़ी कमाई से केंद्र सरकार को जो टैक्स देती है, उसी का एक छोटा सा हिस्सा केंद्रीय मदद के रूप में प्रदेश को वापस मिलता है। इसलिए आप दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार पर प्रदेश को उसका अधिकार देने के लिए दबाव बनाएं।

स्कूल शिक्षा विभाग की नई कवायद 2025-26 सत्र : स्टूडेंट को पढ़ाया जाएगा यातायात के नियमों का पाठ, शिक्षा मंत्री

New exercise of School Education Department 2025-26 session: Students will be taught traffic rules, Education Minister भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ रहे हैं सड़क दुर्घटना के मामलों के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नई कवायद शुरू की है। जिसमें अब स्कूली छात्रों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इस कवायद को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बड़े होने पर कोई चीज़ सीखने से अच्छा है, बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ के माध्यम से बच्चों को सीख दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब स्कूली विद्यार्थियों को यातायात का पाठ पढ़ाएगी। इसकी शुरुआत आगामी शिक्षा सत्र 2025-26 से होगी। स्कूल शिक्षा विभाग की इस कवायद से बच्चों को यातायात के नियमों के बारे में सही से जानकारी मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि, बड़े होने पर कोई चीज सीखने से अच्छा है बचपन से ही छोटे-छोटे पाठ के माध्यम से बच्चों को सीख दी जाए। बाल मन के समय से ही अगर कोई बात सिखाई जाए तो बेहतर रूप से वह समझ आती है। उन्होंने कब कि, यातायात के नियमों का पालन कैसे होता है और कैसे नियमों का उल्लंघन होता है,इन सभी बातों को बच्चों को सिखाना एक अच्छी बात है। नई शिक्षा नीति भी यही कहती है कि संस्कृति बाल मन में ही बच्चों को कुछ सिखाया जाए, तो वह बिना किसी दबाव के इन सब चीजों को सीख जाते हैं।

गोपाल और भूपेन्द्र जैसे सीनियर लीडर भुलाने को माना गलती, सुधार के साथ बदलाव का मास्टर प्लान हुआ तैयार

Forgetting senior leaders like Gopal and Bhupendra was considered a mistake, master plan for change along with reform was ready. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली प्रचंड जीत के प्रमुख चेहरों को किनारे करके पीछे की कतार को आगे ले जाकर के दुष्परिणाम मंत्रीमंडल विस्तार के बाद दिखाई देना शुरू हो गए । इन बदलावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की अनुभव और ग़ैरनुभव की चूक इस एक वर्ष के दौरान कई बार निकलकर सामने आ चुकी है। सागर ! राजनीति में खेमेबाजी न हो यह संभव नही । बात मध्यप्रदेश की करें तो शिवराज सिंह के मुखिया रहते इसका असर कभी खुलकर सामने नही आने पाया। अब जो हालात बने हैं वो स्प्ष्ट तौर पर प्रदेश में बीजेपी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। शिवराज सरकार में खेमेबाजी देखने को मिली पर उसका प्रभाव इतना नही हो पाया जिससे पार्टी को उसका नुकसान उठाना पड़ा हो। 2023 मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत से सबके सामने यह सिद्ध हो चुका है। बुंदेलखंड में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है। इसमें लड़की पक्ष्य की शर्त में दूल्हे के साथ बुजुर्गों को आने की मनाही रहती है। जिसके उद्देश्य मे शादी रश्म के दौरान कठिन प्रश्नों को पूँछकर दूल्हा पक्ष्य को निरुत्तर करना होता है। इसके तोड़ के लिए वो होशियारी करके बारात में एक बुजुर्ग को साथ ले जाते हैं। जब वधु पक्ष्य सवाल करना शुरू करता है। बाराती गुप-चुप उस बुजुर्ग से सवालों के जबाब पूंछने लगते हैं। सही जबाब मिलने पर वधु पक्ष्य बगैर तजुर्बेकार के इनका जबाब देना कठिन है समझ जाता है। खोज करने पर बारात में बुजुर्ग के साथ आने की सच्चाई सामने आ जाती है। मोहन सरकार चलाने में दिख रही कमियों मे अनुभव की कमी बताने के लिए यह कहावत सटीक बैठ रही है। कहते हैं सही ज्ञान वहीं है जो जमीन से सीखकर मिला हो। किताबी ज्ञान का इससे कोई मुकाबला नही हो सकता। मध्यप्रदेश में नये को आगे लाकर सरकार चलाने के फार्मूले में हो रही निरंतर ख़ामियों में अनुभव और कुशल राजनेता को दरकिनार कर लिए निर्णय को उसका परिणाम माना जा रहा है। बात सागर जिले की राजनीति की करें तो आपको पूर्व मंत्री वर्तमान रहली विधायक पंडित गोपाल भार्गव और पूर्व गृहमंत्री वर्तमान खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह की कमी दिख रही है। पार्टी के अंदर पनपी खेमेबाजी और प्रशासनिक लचरता से स्प्ष्ट है कि मोहन सरकार शिव के राज के करीब तक से होकर भी नही चल पा रही है। पार्टी के सीनियर विधायक की यह नाराजगी एक प्रकार से बीजेपी की भलाई होना माना जा सकता है। इन्होंने भारतीय जनता पार्टी में 1985 से सक्रिय राजनीति, उस दौरान के संघर्ष और अवसरवादी राजनीति से दूर रहकर आखिरी समय तक पार्टी से जुड़े रहने का कई बार संकल्प दोहराया है। आज जो हालात हैं उस पर चिंता जताना जिसमे मध्यप्रदेश में मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर एक- एक नाम दिल्ली से फ़ाइनल हुआ मानकर चलें तो बेशक यह निर्णय गलत साबित हुआ है। आलाकमान को लीडरशिप में उन विशेष के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए जिनमे सबको साथ लेकर चलने की क्षमता दिखाई देती है। जहाँ वो दूसरों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा करना खुद का कर्तव्य मानकर वैसे निर्णय लेते हैं। राजनीति सिद्धान्त के अन्तर्गत इसमें भिन्न- भिन्न पक्षों का अध्ययन किया जाता हैं। शिवराज और उनके मंत्रिमंडल में विभेदों को दूर करने के तरीके होते थे। वो क्रांति की भी वकालत करना जानते थे। राजनीतिक सिद्धांत में, स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र, और धर्मनिरपेक्षता जैसी अवधारणाओं का अर्थ स्पष्ट किया जाता है। साथ ही राजनीतिक सिद्धांत, विचारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अवधारणाओं का विश्लेषण किया जाता है। खुद को ताकतवर बनाने के लिए गुटबाजी एक विकल्प हो सकता है। मोहन मंत्रीमंडल में अनुभव की कमी को साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है। मुखिया के ताकतवर बनने में जो कमियां पनपी हैं वो विपक्षियों को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। भारतीय जनता पार्टी आलाकमान मध्यप्रदेश और राजस्थान में किए इन प्रयोग के दुष्प्रभाव का बारीकी से अध्ययन कर रही है। जो सीनियर और अनुभवी को अभी कमजोर समझकर चल रहे हैं आने वाले कुछ समय बाद उनके सामने आलाकमान द्वारा चौकाने वाला निर्णय देखने को मिल सकता है।

फिर चली प्रदेश सरकार की तबादला एक्सप्रेस, 15 आईएएस के तबादले

State government’s transfer express runs again, 15 IAS transferred भोपाल ! राज्य सरकार ने रविवार रात को कई अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया है. राज्य सरकार ने एसटीएफ के स्पेशल डीजे पंकज कुमार श्रीवास्तव को नक्सल विरोधी अभियान की कमान भी सौंप दी है. वे एसटीएफ के साथ नक्सल विरोधी अभियान की भी कमान संभालेंगे. इसके अलावा 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी आदर्श कांत शुक्ला को नक्सल विरोधी अभियान में प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. उधर राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता को लोक निर्माण विभाग से हटा दिया है. उनको राज भवन में अपर मुख्य सचिव बनाया गया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने 15 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इन अधिकारियों को बदला गया

किसान खाद के लिए परेशान, लंदन में डायनासोर के अंडे देख रहे मोहन यादव, उमंग सिंगार

Farmers worried about fertilizer, Mohan Yadav, Umang Singar looking at dinosaur eggs in London रीवा ! मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 2 दिवसीय प्रवास पर रीवा आए. उमंग सिंघार ने राज निवास भवन में अयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा. नेता प्रतिपक्ष ने सिंगरौली जिले में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की. इसके साथ ही उन्होंने खाद की समस्या पर भी प्रदेश सरकार को घेरा. प्रदेश के प्रशानिक अधिकारियों पर सवाल खड़े करते हुऐ उमंग सिंघार ने बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि यहां पर अधिकारी जिस प्रकार से भाजपा नेताओं की गुलामी कर रहे उन्हें तेल ले लेना चाहिए और भाजपा नेताओं के लगाना चाहिए. देश के नक्शे में सिंगरौली सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला जिला पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला. नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “सिंगरौली जिला देश के नक्शे में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला जिला बनता जा रहा है. सिंगरौली मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी कहलाता है. प्रदूषण के मामले में दिल्ली के बाद सिंगरौली दूसरे नंबर पर है. भविष्य में यह जगह वहां पर निवासरत लोगों के लिए बड़ी मुश्किल वाली जगह होगी. लगता है वहां पर सिर्फ खदाने ही रह जाएगी और लोगों को वहां से विस्थापित होना पड़ेगा. निजी कंपनियों की कोल माइंस ने वहां पर अपनी अपनी नीतियां बनाई है. उमंग सिंघार ने प्रदेश और केंद्र सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “वहां पर पुलिस और एसएएफ की बटालियन लगाकर लोगों के घर तोड़ दिए गए. ऐसा लगता है की मोहन यादव की सरकार दबाव में काम कर रही है. मुझे लगता है कि देश के अंदर मोदी के साथ अडानी सेफ है और प्रदेश के अंदर मोहन यादव के साथ अडानी सेफ है. झारखंड से कोल डस्ट सिंगरौली आती है. इसके बाद उसे कोयले में मिलाकर अन्य जगहों पर भेजा जाता है. इस तरह से कई प्रकार के घोटाले हैं, जो देखने को मिले हैं. इन सभी मुद्दों को विधानसभा में उठाने के साथ ही अगर पार्टी को जरुरत पड़ी, तो आने वाले समय में आंदोलन भी करेंगे.” किसान खाद को लेकर परेशान नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “रीवा जिले में 50% भी बोवनी नहीं हो पाई. किसानों को खाद नहीं मिली. इनके तो कृषि मंत्री को पता ही नहीं है कि खाद कौन देता है. सरकार पिछले 4 सालों से बहाना बना रही है कि रसिया यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, लेकिन मैं सरकार से जानना चाहता हूं. भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने कई बार चाइना, अमेरिका और मोरक्को सहित कई ऐसे देश है, जहां से खाद को इंपोर्ट किया, तो अब क्या दिक्कत है. क्या सरकार के पास पैसे नहीं है, किसानों के लिए, मुख्यमंत्री लंदन में घूम रहे थे, उसके पहले शिवराज गए थे, तब वह अमेरिका की सड़कों को चिकने गालों की तरह बता रहे थे. मोहन यादव लंदन में डायनासोर के अंडे देख रहे थे.” उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल पर साधा निशाना उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अस्पतालों के बातें करते हैं, लेकिन अस्पतालों की स्थिति ऐसी है की मरीजों को दवाईयां नहीं मिल पा रही है. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन अपने ही जिले में मरीजों को दवाई उपलब्ध नहीं कर पा रही है. उमंग सिंघार ने कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री से प्रदेश नहीं संभल रहा तो वह अपना जिला ही संभाल ले. स्वास्थ्य विभाग में जो घोटाले चल रहे हैं, जांचों के नाम पर पूरे प्रदेश के अंदर 200 – 300 करोड़ रुपए ब्लड टेस्ट के नाम से जिन कंपनियों को कम दिया जा रहा है, क्या वह कंपनियां सही जांच कर रही है या फिर फर्जी तरीके से सेंपल के नाम पर उनसे पैसे निकाले जा रहे हैं. अधिकारी हो गए भाजपा नेताओं के गुलाम कई आधिकारी तो ऐसे हो गए है, जो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की गुलाम हो गए है. ऐसे अधिकारी जो भारतीय जनता पार्टी के नाम से माला जप रहे हैं. इनके लिए कांग्रेस को एक अभियान शुरू करना पड़ेगा कि इन्हें एक तेल की सीसी दें. यह भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को तेल लगाएं. क्योंकि ये तो जानता के काम नहीं कर रहे. 16 दिसंबर को हम जन हितैसी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे. बीजेपी जिलाध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष पर किया पलटवार नेता प्रतिपक्ष के तीखे प्रहार पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, “कांग्रेस के नेताओं को किसी भी मुद्दे में सरकार के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है. 2003 के पहले की स्थिति मध्य प्रदेश की जनता अब तक नहीं भूली है. मैंने भी देखा है, सब ने देखा है कि कैसे खाद के लिए किसानों को तीन से चार दिन तक लाईन में लगना पड़ता था और डंडे भी खाने पड़ते थे. अभी तो खबर बनती है, लाइट जाने की तब खबर बनती थी. सिगरौली के सड़क बन रही है. दुनिया की सर्वाधिक कृषि प्रगति दर अगर कहीं है, तो वह मध्य प्रदेश में है. कांग्रेस मुद्दा विहीन है कांग्रेस को जनता समझ भी चुकी है और जवाब भी दे चुकी है. बहुत जल्द हमारा प्रदेश और देश कांग्रेस मुक्त राष्ट्र होगा.

चुनावी प्रक्रिया पर शिवराज सिंह ने उठाए सवाल, बोले- चुनावों से देश हो रहा बर्बाद

Shivraj Singh raised questions on the electoral process, said – the country is being ruined by elections. विदिशा ! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को विदिशा पहुंचे. जहां उन्होंने विदिशा को कृषि और बागवानी का मॉडल बनाने की बात कही. वहीं देश में बार-बार होने वाले चुनावों को लेकर शिवराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश में लगातार चुनाव होने के कारण समय, ऊर्जा और धन की बर्बादी होती है. देश में एक चुनाव खत्म होता है, तो दूसरा शुरू हो जाता है. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री सभी चुनाव प्रचार में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित होता है. विदिशा की जनता ने दिया समर्थन शिवराज सिंह ने “एक देश एक चुनाव” अभियान की शुरुआत करते हुए विदिशा की जनता से इस विचार का समर्थन करने की अपील. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके साथ हाथ उठाकर इस अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. चौहान ने संविधान में संशोधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एक बार में चुनाव हो ताकि बाकी समय देश के विकास पर ध्यान दिया जा सके. प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में प्राकृतिक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “केमिकल फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स के अत्यधिक उपयोग ने जमीन की उपजाऊ क्षमता को खत्म कर दिया है. इससे न केवल इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं. कई उपयोगी कीट-पतंगे जैसे केंचुए, जो धरती के डॉक्टर कहे जाते थे आज विलुप्त होने की कगार पर हैं.” शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे विदिशा जिले से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक खेती नहीं अपनाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां धरती पर रहने लायक परिस्थितियां नहीं पाएंगी.”

प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेजों की 45 फीसदी सीटें खाली, छात्रों को फार्मेसी में दिलचस्पी

45 percent seats of engineering colleges in the state are vacant, students are interested in pharmacy भोपाल ! मध्य प्रदेश के तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन कराने की तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदेश में 45 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली रह गई. इन सीटों को भरने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग ने दो राउंड की काउंसलिंग कराई. इसके बाद भी सीटें नहीं भरी, तो दो बार कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) भी कराई गई. इसके बाद भी 1 लाख 10 लाख सीटों पर स्टूडेंट्स ही नहीं मिले. प्रदेश में कुल 2 लाख 60 हजार सीटों पर काउंसलिंग कराई गई थी. जिसमें से सिर्फ डेढ़ लाख सीटों पर ही एडमिशन हुए हैं. फार्मेसी की स्टूडेंट्स में बढ़ी डिमांड तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन के लिए अक्टूबर माह में काउंसलिंग खत्म होने के बाद अब फॉर्मेसी कोर्सेस में एडमिशन के लिए काउंसलिंग खत्म हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए समय सीमा निर्धारित की थी. विभाग ने इसके लिए दो राउंड की काउंसलिंग और दो सीएलसी भी कराई. फार्मेसी कोर्स की 30 हजार सीटों में से 24 हजार सीटों पर एडमिशन हो गए. हालांकि, 6 हजार सीटें खाली रह गई हैं. बीफार्मा कोर्स में सबसे ज्यादा एडमिशन हुए हैं. बीफार्मा की कुल 16340 सीटें थी, जिसमें से 15386 सीटें फुल हो गई. वहीं डी-फार्मा कोर्स की पांच हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं. 8 बी-फार्मा और डी-फार्मा कॉलेजों को एक भी नया स्टूडेंट नहीं मिला. प्रदेश में एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब खाली रह गई सीटों पर प्रवेश नहीं हो सकेंगे. इंजीनियरिंग की 30 हजार सीटें खाली उधर बीफार्म कोर्सेस के साथ ही प्रदेश में काउंसलिंग प्रक्रिया खत्म हो गई है. प्रदेश में एमबीए और इंजीनियरिंग कॉलेजों की करीबन 30-30 हजार सीटें खाली रह गईं. प्रदेश में 62 हजार एमबीए सीटों में से 36 हजार 858 पर ही एडमिशन हो सके. वहीं इंजीनियरिंग की 73 हजार 500 सीटों में से 42 हजार 858 सीटों पर एडमिशन हुए हैं. बीफार्मा की 16340 सीटों में से 15386 एडमिशन हुए हैं. एमसीए सीटों पर 6 हजार सीटों में से 3668 सीटें भर पाई. इसी तरह बीई डिप्लोमा की 33 हजार 225 सीटों में से 20 हजार सीटें खाली रह गई. उधर तकनीकी विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण रेड्डी कहते हैं कि हर साल छात्रों का सब्जेक्ट्स को लेकर रूझान बदलता रहता है. कई बार छात्र इंजीनियरिंग की किसी खास ब्रांच में एडमिशन ज्यादा लेते हैं, तो किसी साल सिविल ब्रांच में इस बार फार्मेसी को लेकर छात्रों का रूझान ज्यादा देखने को मिला है.

भविष्य की अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु होगी सोलर एनर्जी’, नीमच निविदा में बोले CM मोहन यादव

‘Solar energy will be the center point of future economy’, CM Mohan Yadav said in Neemuch tender भोपाल ! मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बीते दिन नीमच सोलर प्रोजेक्ट की यूनिट 3 के लिए हुई निविदा में शामिल हुए। यहां उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने सोलर एनर्जी की मांग और जरुरत को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश तेजी से लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोलर और ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज के जरिए से औद्योगिक विकास को देखें तो, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि सोलर एनर्जी ही भविष्य में अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु होगा। 14 गुना बढ़ी रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश ने रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार बेहतर काम कर रहे है। पिछवले 12 सालों में रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता में 14 गुना से ज्यादा की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि नीमच सौर प्रोजेक्ट से ग्रीन बिजली के साथ-साथ निर्माण और संचालन अवधि के दौरान राज्य के युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पाने का सुनहरा मौका मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट के विकास राज्य में करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा। साथ ही समतुल्य तापीय विद्युत् की तुलना में हर साल 3.34 लाख टन CO₂ का उत्सर्जन कम होगा। वर्तमान में राज्य की कुल रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता बढ़कर 7000 मेगावाट हो गई है। इनोवेशन में सबसे आगे मध्य प्रदेश सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इनोवेशन करने में भी सबसे आगे है। इसका बेस्ट उदाहरण रीवा के सोलर प्रोजेक्ट और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्टर है। रीवा सोलर प्रोजेक्ट से देश में पहली बार कोयले से बनने वाली बिजली से कम कीमत पर सोलर एनर्जी मिली है। इस प्रोजेक्ट के जरिए प्रदेश के अलावा दिल्ली मेट्रो को भी बिजली दी जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश के आगर-शाजापुर-नीमच सोलर प्रोजेक्ट से प्रोड्यूस होने वाली बिजली भारतीय रेलवे को दी जा रही है।

प्रदेश में खोले जाएंगे 11 केन्द्रीय विद्यालय; CM मोहन यादव ने जताया PM मोदी का आभार

11 Kendriya Vidyalayas will be opened in the state; CM Mohan Yadav expressed gratitude to PM Modi भोपाल ! मध्य प्रदेश की केंद्र सरकार की तरफ से 11 केन्द्रीय विद्यालयों की बड़ी सौगात मिली है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक मामलों की मंत्रि-मंडलीय समिति ने बीते दिन एक बैठक में देश भर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय (KV) स्थापना को स्वीकृति दे दी है। इन 85 नए केन्द्रीय विद्यालय में से 11 विद्यालय मध्य प्रदेश में स्थापित होंगे। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से मिली इस सौगात के साथ मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी। यहां स्थापित होंगे 11 केन्द्रीय विद्यालय केंद्र सरकार से मिले 11 केन्द्रीय विद्यालयों को मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के अशोक नगर, उज्जैन के नागदा जिला, सतना के मैहर, बालाघाट के तिरोड़ी, सिवनी के बरघाट, निवाड़ी जिले के निवाड़ी क्षेत्र, छतरपुर के खजुराहो, कटनी के झिनझारी, मुरैना के सबलगढ़, राजगढ़ के नरसिंहगढ़ और भोपाल के सेन्ट्रल अकादमी पुलिस अकादमी कान्हासैया क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से होगी पढ़ाई इन सभी केन्द्रीय विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुसार पीएमश्री स्कूल के रूप में नामित किया गया है। ये स्कूल एनईपी-2020 के इम्प्लीमेंटेशन को अंडरलाइन करता है। साथ ही बाकी के लिए आदर्श स्कूल के रूप में काम करता है। केन्द्रीय विद्यालय अपने क्वालिटी टीचिंग, इनोवेटिव टीचिंग मेथेड और अपडेट इंफ्रास्ट्रक्चर की उन स्कूलों में से एक है, जिसकी सबसे ज्यादा मांग है। हर साल केन्द्रीय विद्यालय के कक्षा 1 में प्रवेश के लिए अप्लाए वाले छात्रों की संख्या में लगातार बढ़ती जा रही है। CBSE की तरफ से आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में केन्द्रीय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन हमेशा अच्छी रहता है।

प्रदेश में नए कॉलेज नहीं खुलेंगे, सरकार ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से कही ये बात

New colleges will not be opened in the state, the government told this to the court during the hearing. जबलपुर ! मप्र हाईकोर्ट में प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े की सुनवाई चल रही है. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि सत्र 2024-25 में एक भी नया नर्सिंग कॉलेज नहीं खोला जाएगा, सिर्फ पुराने और सीबीआई जांच में पात्र पाए गए कॉलेजों को मान्यता दी जाएगी. जस्टिस संजय द्विवेदी व जस्टिस एके पालीवाल की युगलपीठ ने नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए अगली अगली सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित की है. क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े को लेकर याचिका दायर की गई थी. इसमें प्रदेश में फर्जी नर्सिंग कॉलेज संचालित किए जाने का मामला उठाया गया था. याचिका की सुनवाई के दौरान द विजन एजुकेशन एंड रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी छतरपुर ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मध्यप्रदेश सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी, जिसमें इस सत्र में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता के लिए सिर्फ पुराने कॉलेजों के रिन्यूल के लिए पोर्टल खोला गया. याचिका में कहा गया कि नियम अनुसार मान्यता प्राप्त करने नए व पुराने संचालित सभी कॉलेजों को बराबर अवसर मिलना चाहिए. सरकार ने दिया ये जवाब सरकार की ओर से कहा गया, ” क्योंकि नर्सिंग कॉलेजों का मामला दो साल से हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में सीबीआई जांच में है, इस कारण इस साल केवल मान्यता नवीनीकरण हेतु पोर्टल खोला गया है. सीबीआई जांच में पात्र पाए गए कालेजों को नवीनीकरण की मान्यता दी जाएगी. वहीं याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने शासन के उस निर्णय को चुनौती दी जिसमें नर्सिंग घोटाले की अनियमितता में लिप्त एक इंस्पेक्टर अनीता चांद को ही नर्सिंग काउंसिल का रजिस्ट्रार बना दिया गया. हाईकोर्ट ने प्रकरण में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. अगल सुनवाई 12 दिसंबर को होगी.

MP में टेंडर लेने की शर्तें होगी कठिन, 80 प्रतिशत से कम दर भरी तो देना होगी दो गुनी परफार्मेंस सिक्योरिटी की एफडी

Conditions for taking tender in MP will be difficult, if less than 80 percent rate is paid then double the performance security FD will have to be paid. भोपाल। अव्यावहारिक दरें डालकर टेंडर प्राप्त करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए 80 प्रतिशत से कम दरें डालने वाले निविदाकर्ताओ से अंतर की दोगुनी परफार्मेंस गारंटी ली जाएगी। इसके साथ ही बैंक गारंटी के स्थान पर फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट के माध्यम से परफार्मेंस सिक्योरिटी लिए जाने पर भी लोक निर्माण विभाग विचार कर रहा है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने प्रशासनिक अकादमी में निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र, तेलंगाना और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भेज कर तीन अध्ययन दल से निविदा शर्तों का अध्ययन कराया गया। इन दलों से प्राप्त सुझावों को इस कार्यशाला में सम्मिलित करते हुए इन पर विस्तार से चर्चा की गई। अब इसी आधार पर निविदा शर्तों को ऐसा बनाया जाएगा कि सभी तरह के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई गड़बड़ी न हो। इससे निर्माण कार्यों को और अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ठेके लेने की प्रवृत्ति पर लगेगा अंकुश सिंह ने कहा कि प्रस्तावित नई निविदा नीति से क्षमता से अधिक कार्यों के ठेके लेने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए बिड कैपेसिटी संबंधी शर्तों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। निविदाकर्ता के पास बैच मिक्स प्लांट, डब्लू एम एम मिक्स प्लांट एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता संबंधी शर्त जोड़ने का सुझाव मिला है। दस्तावेज में सुधारों की गुंजाइश उल्लेखनीय है कि सभी निर्माण विभागों के लिए एक मानक निविदा दस्तावेज वर्ष 2014 में तैयार किया गया था। कालांतर में हुए तकनीकी विकास और नियमों में परिवर्तन के कारण इस दस्तावेज में अनेक सुधारों की गुंजाइश है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता एमडी एमपीआरडीसी अविनाश लावनिया,एमडी एमपीबीडीसी डॉ पंकज जैन,ईएनसी पीडब्ल्यूडी केपीएस राणा, ईएनसी (भवन) एसआर बघेल एवं ईएनसी भवन विकास निगम अनिल श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य सभी मुख्य अभियंता, वरिष्ठ अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित रहे। क्या-क्या हो सकते हैं बदलाव दो करोड़ से अधिक लागत वाली सभी निविदाओं में प्री क्वालिफिकेशन शर्तें लागू की जाएं पूर्व में यह सीमा पांच करोड़ थी।अनुमानित लागत के 20 प्रतिशत के बराबर के तीन कार्यों के अनुभव के स्थान पर 40 प्रतिशत के तीन कार्यों को रखा जाए।निविदाकर्ता के पास उपलब्ध मानव संसाधन और उपकरणों के लिए न्यूनतम शर्तें जोड़ी जाएं।दो करोड़ से अधिक के सड़क निर्माण कार्यों के लिए निर्माण स्थल पर गुणवत्ता परीक्षण लेब की स्थापना अनिवार्य की जाए।गुणवत्ता नियंत्रण के लिए समय-समय पर किए जाने वाले परीक्षणों, डामर की गुणवत्ता आदि से संबंधित शर्तें भी जोड़ी जाए।

कलेक्टर का बाप या सर्वर का सेवक: पटवारी की नई पहचान

Collector’s father or server’s servant: Patwari’s new identity कमलेश अहिरवार ( विशेष संवाददाता सहारा समाचार )भोपाल ! मध्य प्रदेश में राजस्व महाभियान 3.0 जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। योजना के 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सर्वर की लचर हालत ने पटवारी और किसान दोनों को असहाय बना दिया है। एक ओर किसान फॉर्मर आईडी और पीएम किसान जैसी योजनाओं के लिए पटवारी से उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं दूसरी ओर पटवारी सर्वर की कृपा पाने के लिए लोकसेवा केंद्र और CSC सेंटर के चक्कर काट रहा है। पटवारी की पहचान अब सरकारी कर्मचारी से ज्यादा सर्वर का सेवक बन गई है। फॉर्मर आईडी जैसे कार्यों के लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। अगर किस्मत अच्छी हो, तो दिनभर में एक या दो आईडी बन जाएं, वरना पूरे दिन की मेहनत बेकार। छः महीने पहले शुरू हुई यह प्रक्रिया आज भी अधूरी है। किसान और पटवारी दोनों इस त्रासदी को नियति मानकर चल रहे हैं। हालत यह है कि किसान की झल्लाहट का पहला शिकार पटवारी ही बनता है। किसान जब अपनी फसल के काम छोड़कर पटवारी से बार-बार एक ही सवाल करता है—”मेरी आईडी क्यों नहीं बनी?”—तो पटवारी के पास जवाब में सिर्फ एक लाइन होती है, “सर्वर नहीं चल रहा।” लेकिन यह जवाब न किसान को संतुष्ट करता है और न ही अधिकारियों को। जब पटवारी अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के पास जाता है, तो उन्हें आश्वासन मिलता है कि सर्वर पर काम हो रहा है। लेकिन यह “काम हो रहा है” कब “काम हो गया” में बदलेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं। दूसरी तरफ, मंचों पर अधिकारी और नेता सर्वर की असफलताओं का ठीकरा खुलेआम पटवारियों के सिर फोड़ते हैं। “कलेक्टर का बाप” जैसे तमगे देकर वे यह भूल जाते हैं कि पटवारी सिर्फ एक माध्यम है, जो सरकार और किसान के बीच पुल बनाने का काम करता है। योजनाओं की स्थिति और खराब हो जाती है, जब किसान का दो साल पुराना पंजीयन भी पूरा नहीं होता। सम्मान निधि योजना के तहत पैसा तो दूर, किसानों की पीएम किसान आईडी तक नहीं बन पाई। और इन सबका दोष, जैसा कि हमेशा होता है, पटवारी पर डाल दिया जाता है। पटवारी इस पूरे तंत्र को समझ चुका है और अब इसे अपनी नियति मानकर काम कर रहा है। चाय के कप और सर्वर के इंतजार के बीच, वह यह सोचता है कि उसकी मेहनत और धैर्य का अंत कब होगा। लेकिन सर्वर के इस शासन में, पटवारी और किसान की आवाज शायद ही किसी तक पहुंचे। पटवारी, जो कभी अपने अधिकारों और कर्तव्यों का राजा था, अब सर्वर का सेवक बनकर रह गया है।

कैबिनेट बैठक के बीच 2 बड़े IPS अफसरों के तबादले

भोपाल ! मध्य प्रदेश में एक तरफ मोहन यादव की कैबिनेट की मीटिंग पर सभी की नजर थी, बीच में दो बड़े IPS अफसरों के तबादले की खबर आ गई. बता दें अजय कुमार शर्मा को EOW महानिदेशक पद से हटा दिया है. उन्हें अध्यक्ष पुलिस हाऊसिंग बना दिया है. इसके अलावा उपेंद्र कुमार जैन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के महानिदेशक बनाये गए. कैलाश मकवाना के DGP बनने के बाद अध्यक्ष पुलिस हाऊसिंग का पद खाली था

प्रदेश में अब मनमानी नहीं कर पाएंगे प्राइवेट अस्पताल, सरकार ने जारी किए ये जरूरी निर्देश

Now private hospitals will not be able to act arbitrarily in the state, the government has issued these important instructions मध्य प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज और जांच के नाम पर हमेशा मनमानी राशि लेने के आरोप लगते रहे हैं. लेकिन, अब इन पर लगाम लगाने का मध्य प्रदेश सरकार ने मन बना लिया है. अब एमपी के निजी अस्पताल प्रबंधन अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि अब सरकार ने निजी प्राइवेट अस्पताल को ट्रीटमेंट और जांच की रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए हैं. प्राइवेट अस्पतालों में रेट लिस्ट लगाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त की ओर स दिए गए हैं. मरीजों के अधिकार और हितों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश स्वास्थ्य विभाग आयुक्त तरुण राठी ने आदेश जारी किया है. उन्होंने जारी किए गए आदेश में कहा कि सभी चिकित्सकीय सेवाओं की दर सूची रेट लिस्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करें. स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण राठी ने साफ कहा है कि अस्पताल में काउंटर पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है. स्वास्थ्य आयुक्त के अनुसार रोगी या उनके परिजनों द्वारा मांगे जाने पर अस्पताल मैनेजमेंट को रेट सूची दिखाना होगा. किसी अस्पताल को यदि रेट लिस्ट में संशोधन करना हो, तो इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ को देना होगा. संशोधित रेट लिस्ट को भी प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा. रेट लिस्ट नहीं तो होगी कार्रवाई आयुक्त की ओर से अपने निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि रेट लिस्ट के बिना अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों का उल्लंघन है. अस्पतालों की ओर से मनमाने रेट वसूलने की घटनाओं को रोकने के लिए आयुक्त ने सीएमएचओ को लगातार निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं. आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिन प्राइवेट अस्पतालों में रेट लिस्ट नहीं होगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

Mohan Cabinet Decision: एमपी में शराब नीति को लेकर कमेटी करेगी काम, मोहन सरकार ने लिए कई बड़े फैसले

Mohan Cabinet Decision: Committee will work on liquor policy in MP, Mohan government took many big decisions भोपाल। मध्य प्रदेश में मोहन कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। 25 करोड़ के निवेश वाले थर्मल पावर प्लांट से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं शराब नीति को लेकर कमेटी काम करेगी।बुधवार को मंत्रालय में सीएम डॉ मोहन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई है। जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट मीटिंग के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व मनाया जाएगा। 25 करोड़ के निवेश वाले थर्मल पावर प्लांट से हजारों लोग रोजगार मिलेगा। केंद्र ने मंजूरी मिली है।वहीं शराब नीति को लेकर कमेटी काम करेगी। उज्जैन सिंहस्थ बाईपास को फोरलेन किया जा रहा है। फोरलेन से पीथमपुर का औद्योगिक विकास भी होगा। नवीनीकरण ऊर्जा में लगने वाले उपकरण के पार्क के लिए मप्र का चयन हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार 300 करोड़ की राशि देगी। इसके अलावा नर्मदापुरम के बाबई में मेगा औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा।

किसानों पर मेहरबान प्रदेश सरकार, करेगी पैसों की बारिश, जल्द खातों में आएगी इतनी राशि

The state government is kind to the farmers, it will rain money, this much amount will come into the accounts soon भोपाल : प्रदेश में कोदो-कुटकी जैसे मिलेट्स की पैदावार करने वाले किसानों को मोहन सरकार बोनस देने की तैयारी कर रही है. बोनस के रूप में सरकार किसानों को 40 करोड़ रुपए का बोनस देगी. किसानों को प्रति हेक्टेयर 3900 रुपए का बोनस दिया जाएगा. हालांकि, धान खरीदी के साथ सरकार ने मक्का और बाजरा की खरीदी तो शुरू कर दी, लेकिन इसके साथ कोदो-कुटकी की खरीदी शुरू नहीं की जा सकी है. ऐसी फसलों को बिना खरीदे ही किसानों को राहत देने की तैयारी की जा रही है. बिना खरीदे किसानों को राहत देगी सरकार प्रदेश की मोहन सरकार ने मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिलेट्स की खरीदी का निर्णय लिया था. लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी मिलेट्स की खरीदी नहीं कराई जा सकी. ऐसे में किसानों को कोदो-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने किसानों को 3900 रुपए प्रति हेक्टेयर का बोनस देने का निर्णय लिया है. इसलिए नहीं हो पाई मिलेट्स की खरीदी गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी. सरकार ने निर्णय लिया था कि प्रदेश में कोदो को 20 रुपए और कुटकी को 30 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाएगा. किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने का भी निर्णय लिया गया था. राज्य सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का भी गठन किया था लेकिन फेडरेशन के गठन में देरी, खरीदी, परिवहन और स्टोरेज की व्यवस्था को लेकर सरकार इस साल मिलेट्स की खरीदी नहीं कर सकी. अधिकारी बोले- जल्द जारी होगी राशि कृषि विभाग के सचिव एम.सेलवेंद्रन के मुताबिक, ” किसानों को बोनस की राशि जल्द ही जारी की जाएगी. इसे लेकर तैयारियां चल रही हैं. प्रदेश में करीबन 1 लाख हेक्टेयर में कोदो-कुटकी की बुआई की गई है. प्रदेश में आमतौर पर मंडला-डिंडोरी और जबलपुर इलाके में ही अधिकतर कुटकी का उत्पादन होता है.”

घर में मिली तीन पेटी बाइबिल, भोपाल में प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण का खेल

भोपाल. धर्म स्वातंत्र्य कानून में कड़े प्रविधानों के बाद भी शहर में मतांतरण का क्रम जारी है। रविवार को बागसेवनिया थाने के अमराई संजय नगर में ऐसा ही प्रकरण सामने आया। वहां प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण की कोशिश चल रही थी। बजरंग दल के हंगामे के बाद पुलिस ने मतांतरण कराने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि रविवार को संजय नगर में रहने वाले शिवकुमार झरवड़े के घर पर करीब 40 आदिवासी महिला-पुरुष और बच्चे इकट्ठा होकर प्रार्थना कर रहे थे। उसी समय विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 60-70 कार्यकर्ता और पदाधिकारी वहां पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। उस समय घर का मुख्य द्वार बंद था। बंद कमरे में मतातंरण आवाज देने पर भी जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो उन्होंने पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। पुलिस कर्मियों ने वहां पहुंचकर जैसे ही दरवाजा खोला, बजरंग दल के कार्यकर्ता झरवड़े के घर में घुस गए। वहां महिला-पुरुष प्रार्थना करते हुए मिले। अचानक घर में इतने लोगों के घुसने से बौखलाए लोगों ने विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ताओं से धक्का मुक्की भी की। तीन पेटी बाइबिल मिली विहिप के जिला मंत्री सोनू दुबे ने बताया कि शिवकुमार के घर में तीन पेटी बाइबिल मिली हैं। वहां आए लोगों के लिए मांसाहार पकाया जा रहा था। वहां लोगों को मतांतरण के लिए बहलाया-फुसलाया जा रहा था। वहां हंगामा बढ़ता देखकर पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। देर शाम पुलिस ने शिवकुमार झरवड़े, रचना गोस्वामी, प्रियंका पिल्लई और प्रतिभा मरावी के खिलाफ धार्मिक स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 3, 5 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रार्थना कर रहे लोगों ने कहा- अपनी मर्जी से आए प्रार्थना सभा में मौजूद महिलाओं-पुरुषों का कहना था कि उन पर मतांतरण के लिए किसी ने दबाव नहीं डाला था। वे लोग अपनी मर्जी से आए थे। एक महिला ने कहा कि जब उनके बच्चे बिगड़ रहे थे, तब कोई मदद को आगे नहीं आया। अब जब उन लोगों ने सही राह पकड़ी है तो लोग रोकने आ रहे हैं। एक बार पहले भी पकड़ा जा चुका विहिप के जिला मंत्री सोनू दुबे ने बताया कि शिवकुमार झरवड़े एक वर्ष पहले भी मतांतरण कराने के लिए पकड़ा गया था। पुलिस को भी शिकायत की थी। वह नर्मदापुरम रोड स्थित एक कालेज में प्रोफेसर है। पत्नी अस्पताल में नर्स है।

दुआए खास के साथ खत्म हुआ 4 दिवसीय इज्तिमा, सड़कों पर लगा लंबा जाम

4 day Ijtima ended with special prayers, long jam on roads भोपाल ! राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी में आयोजित चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आज समापन हो गया है. सुबह सबसे पहले फजर की नमाज हुई इसके बाद मौला सआद के खास बयान और फिर सुबह 9 बजे दुआ के साथ इज्तिमा का समापन हुआ. बता दें इज्तिमा के समापन के साथ ही अब सभी जमातें अपने-अपने शहरों को जाने लगी है, जिसकी वजह से भोपाल की सडक़, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड, एयरपोर्ट सहित सभी जगह भीड़ ही भीड़ नजर आ रही है. मालूम हो कि इज्तिमा में करीब 2000 से जमाते अलग-अलग राज्य और देशों से हिस्सा लेने के लिए आई हुईं थी. भोपाल की इन सडक़ों पर ट्रैफिकइज्तिमा के समापन के साथ ही आज भोपाल की सड़कों पर लोग ही लोग नजर आ रहे हैं. लाम्बाखेड़ा से करोंद, मुबारकपुर से पटेल नगर, गांधी नगर से अयोध्या नगर बायपास, रत्नागिरी, भोपाल टॉकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रॉयल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टॉकीज, बोगदा पुल आदि क्षेत्रों में जमकर ट्रैफिक उमड़ रहा है. रेलवे ने किए ये इंतजामइज्तिमा को लेकर रेलवे ने भी विशेष इंतजाम किए हैं. भोपाल स्टेशन पर आज 4 टिकट काउंटर बढ़ाए गए हैं, जबकि गाड़ी संख्या 11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस में 2 और 3 दिसंबर को अतिरिक्त जनरल कोच लगाए गए हैं. इसी तरह गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस में 2 और 3 दिसंबर को अतिरिक्त जनरल कोच की व्यवस्था है. इज्तिमा में क्या व्यवस्था थीभोपाल में आयोजित इज्तिमा के कार्यक्रम बड़े स्तर पर किया गया था. सभी जगहों से आए आलमी तब्लीगी जमातों के लिए 500 से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट के अलावा 2 हजार से ज्यादा लोगों के लिए खाने-पीने और सोने की अच्छी व्यवस्था की गई थी. इस आयोजन को लेकर भोपाल प्रशासन ने पहले से ही सभी तैयारियां कर ली थी, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े.

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी आज,एमएसपी 2300 रुपए प्रति क्विंटल, शिकायत के लिए नंबर जारी

Paddy purchased today at support price in the state, MSP Rs 2300 per quintal, number issued for complaints प्रदेश में खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के लिये धान की खरीदी सोमवार से शुरू होगी। धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर उपार्जित की जायेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि धान का उपार्जन 2 दिसम्बर से 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। उपार्जन प्रत्येक सप्ताह के सोमवार से शुक्रवार तक होगा। 45 लाख मीट्रिक टन होगी धान की खरीदी केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 45 लाख मीट्रिक टन की जायेगी। गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा स्टेक लगाने के पहले किया जायेगा। परिवहनकर्ता द्वारा उपार्जित खाद्यान्न का परिवहन समय-सीमा में नहीं करने पर पेनाल्टी की व्यवस्था साप्ताहिक रूप से की जायेगी। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के बाद भुगतान, कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जायेगा। धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिये समुचित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं। समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी सेल का गठन पंजीयन एवं उपार्जन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिये जिले में और राज्य स्तर पर भी तकनीकी सेल का गठन किया गया है। जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण तथा उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी। राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नम्बर 0755-2551471 है, जो उपार्जन अवधि में सुबह 9 से रात 7 बजे तक संचालित रहेगा।

सपनों को हकीकत में बदलने की बानगी है “बुरहानपुर का बनाना पावडर”

“Burhanpur’s Banana Powder” is a symbol of turning dreams into reality. मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला “एक जिला-एक उत्पाद” पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए “बनाना फेस्टिवल” में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी श्री रितिश अग्रवाल ने “बनाना पाउडर” बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। “बनानीफाय” ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना” के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। “बनानीफाय” ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुश्री मंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुश्री भव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट “एक जिला-एक उत्पाद” योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। “बनानीफाय” का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।

मोहन यादव ने IAS अनुपम राजन को सौंपी बड़ी जिम्मेदार, शिक्षा विभाग में लाएंगे क्रांति

Mohan Yadav handed over big responsibility to IAS Anupam Rajan, will bring revolution in education department भोपाल ! मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन को शासन ने पदोन्नत करते हुए अपर मुख्य सचिव यानी एसीएस के पद पर नियुक्त किया है. वे 1 दिसंबर को पदभार ग्रहण करेंगे. वहीं अब उन्हें प्रदेश के मुख्य सचिव के बराबर वेतन मिलेगा. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर जानकारी साझा की है. बता दें कि आदेश में लिखा गया है कि अनुपम राजन के पास उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी रहेगी. साथ ही अनुपम राजन के पास उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. 20 अगस्त को राजन की फील्ड में हुई वापसीअनुपम राजन 1993 बैच के आईएएस अधिकारी है. मध्यप्रदेश में करीब 3 साल तक अनुपम राजन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रहे हैं. हाल में ही 20 अगस्त को उनकी फील्ड में वापसी हुई थी. जिसके बाद उन्हें उच्च शिक्षा विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया था. इसके साथ ही उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था. इससे पहले अनुपम राजन कई जिलों में कलेक्टर व विभिन्न विभागों में सेवाएं दे चुके हैं. उनके साथ एक विवाद भी जुड़ा हुआ है. जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. आज रिटायर होंगे डीजीपी सक्सेना और एसीएस मलय श्रीवास्तवमध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. उनकी जगह प्रदेश का नया डीजीपी आईपीएस कैलाश मकवाना को बनाया गया है. इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव को विशेष महानिदेशक पद पर पदोन्नत किया गया है. वहीं 1992 बैच के आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव भी 30 नवंबर को रिटयर हो जाएंगे. शनिवार को सेवानिवृत्त हो रहे सुधीर सक्सेना और मलय श्रीवास्तव को शुक्रवार को मंत्रालय में विदाई दी गई.

प्रशासन या राजतंत्र? आगर-मालवा में कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा?

Administration or monarchy? Threat to employees’ jobs in Agar-Malwa? त्वरित टिप्पणी विशेष संवाददाता: उदित नारायण आगर-मालवा का प्रशासन इन दिनों कर्मचारियों के लिए डर और तनाव का केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में सहायक ग्रेड-03 सुरेश चौहान को नौकरी से बाहर करने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में चर्चा को जन्म दे दिया है। यह कोई नया मामला नहीं है, इससे पहले भी तीन पटवारियों को नौकरी से निकाला गया था। हैरानी की बात यह है कि जब इन पटवारियों ने हाई कोर्ट का रुख किया, तो अदालत ने कलेक्टर के निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कर्मचारियों को बहाल करने का आदेश दिया। परंतु, कलेक्टर साहब ने आदेश को नजरअंदाज कर दिया। उनके इस रवैये ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे न तो किसी का जवाब सुनने को तैयार हैं और न ही अदालत के आदेश को मानने को। इसी बीच, एक नए विवाद ने आग में घी डालने का काम किया है। सूत्रों के अनुसार, मुआवजे से जुड़े एक प्रकरण में लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि गलत तरीके से वितरित की गई। जब यह मामला उजागर हुआ, तो गलती छुपाने के लिए साहब ने पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों को निलंबित कर दिया और एक आदेश जारी कर दिया कि किसी भी तरह से यह पैसा वापस जमा कराया जाए। यह फरमान कर्मचारियों पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाने का प्रतीक है, जबकि गलती का असली स्रोत कहीं और है। कर्मचारियों के बीच माहौल बेहद तनावपूर्ण है। उनका कहना है कि यहां किसी की भी नौकरी कब चली जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। एक कर्मचारी ने व्यंग्यात्मक स्वर में कहा, “साहब को तो बस दूसरों की गलतियां पकड़ने का शौक है। अपनी गलतियों पर कोई सफाई नहीं देते। और अगर गलती दिखा दो, तो सीधे नौकरी से निकाल देते हैं।” अब सवाल उठता है कि क्या कलेक्टर साहब की यह “राजशाही” कभी समाप्त होगी या हाई कोर्ट के आदेशों को अनदेखा करना, अपनी गलतियों का ठीकरा कर्मचारियों पर फोड़ना और तनावपूर्ण माहौल बनाना क्या प्रशासनिक आदर्श का हिस्सा है या राजतंत्र

एमएफपी पार्क में अनुभवहीन सीईओ की पदस्थापना से बर्बाद होता विंध्या हर्बल्स

Vindhya Herbals gets ruined due to appointment of inexperienced CEO in MFP Park उदित नारायण भोपाल। लघुवनोपज संघ की इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी में सीईओ के पद पर को सीनियर आईएफएस को दरकिनार कर अनुभवहीन और जूनियर की पदस्थापना से विंध्या हर्बल” नाम से आयुर्वेदिक उत्पादों के उत्पादन में निरंतरता गिरावट आ रही है। वहीं प्रबन्ध संचालक विभाष ठाकुर की प्रशासनिक मनमानी से प्रशासनिक अराजकता का माहौल बनता जा रहा है।एक वर्ष में तीन सीईओ (आईएफएस) और तीन उत्पादन प्रबंधक (एसडीओ) बदलने का खेल से एमएफपी पार्क में पूरे उत्पादन प्रक्रिया को चरमरा कर रख दिया। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर के कार्यकाल में अब तक सीईओ एवं सीसीएफ पीजी फुलजले, प्रमोटी डीएफओ अर्चना पटेल और अब जूनियर आईएफएस गीतांजलि जे की सीईओ के पद पर पदस्थापना हुई है। इसी प्रकार गड़बड़ियों के नाम पर उत्पादन प्रबंधक एसडीओ बी पिल्लई को 12 जनवरी 24 को हटाया पर जिन कारणों से हटाया गया, उसका निराकरण आज तक नहीं हुआ है। पिल्लई के हटने के बाद रेंजर सुनीता अहिरवार को एसडीओ का प्रभार देते हुए उत्पादन उप प्रबंधक बनाया। इनके कार्यकाल में रॉ मटेरियल की खरीदी से लेकर गुणवत्ताहीन दवाइयों के उत्पाद के मामले प्रकाश में आने लगे। इसकी वजह से एमएफपी पार्क की साख गिरी। सितंबर 24 में अहिरवार को हटाने के बाद एमडी ठाकुर ने एसडीओ मणिशंकर मिश्रा को उत्पादन उप प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया। मिश्रा को आयुष विभाग द्वारा एक करोड़ 70 लख रुपए की आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार कर सप्लाई का लक्ष्य दिया गया। मिश्रा ने एमडी द्वारा निर्धारित लक्ष्य के 90% ऐसा पूरा कर लिया इस बीच एमडी ने मिश्रा की जगह रेंजर प्रियंका बाथम को एसडीओ का प्रभार देते हुए उत्पादन उप प्रबंधक बनाने का फरमान जारी किया। एमडी के बार-बार बदलते निर्णय की वजह से एमएफपी पार्क मैं प्रशासनिक अस्थिरता हुई बल्कि इसका असर उत्पादन पर भी पड़ रहा है।bदिलचस्प पहलू यह है कि जिन अधिकारियों को हटाया उनके भ्रष्टाचार की जांच नहीं रिपोर्ट तक नहीं आई। आयुष 1.8 करोड़ के ऑर्डर को सप्लाई नहीं करने और गुगुल खरीदी में भ्रष्टाचार करने वाली सुनीता अहीरवार की जांच आज तक तक शुरू नहीं हुई। उत्पादन मिश्रा से वापस लिया डीडीओ प्रभार वर्तमान एसडीओ उत्पादन प्रबंधक ने एक महीने में आयुष 1.8 करोड़ के ऑर्डर को 90 प्रतिशत सप्लाई कर दिया और ११ करोड़ का नया ऑर्डर भी आया लेकिन वो भी एसीएस और एमडी की आपसी श्रेष्ठता की लड़ाई में फंस गये। उनसे डीडीओ प्रभार ले लिया और तो और अभी तक ११ करोड़ के ऑर्डर का काम भी चालू नहीं हो पया है। रेंजर प्रियंका को प्रभार देना चाहती है सीईओ एसडीओ मिश्रा से डीडीओ प्रभार लेने के बाद अब नये एसडीओ की पोस्टिंग कराने के लिये पत्र भी लिख दिया है।एसडीओ की नई पोस्टिंग से पहले ही रेंजर प्रियंका बाथम को उत्पादन शाखा में कार्य शुरू करने के आदेश दिये है। एसडीओ मिश्रा के समय हुये कार्यों की समीक्षा के नाम पर रेंजर प्रियंका ने भुगतान रोका। रेंजर प्रियंका बाथम को रिटेल का प्रभार दिया गया था लेकिन रिटेल में कार्य ना कर उत्पादन में हस्तक्षेप करना शुरू है। यहाँ तक की फाइलों में ख़ुद को असिस्टेंट मैनेजर की जगह डिप्टी मैनेजर लिखती है और एसडीओ का चार्ज लेने की जुगाड़ में मिश्रा द्वारा आयुष ऑर्डर सप्लाई करने के दौरान किये गये कार्यो के भुगतान रोक कर रखा है जिससे नये ऑर्डर सप्लाई में कोई काम नहीं हो रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निवेश को लेकर गंभीर दृष्टिकोण: यूके में निवेशकों को किया आमंत्रित

Chief Minister Dr. Yadav’s serious view on investment: Invited investors to UK भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लंदन के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सेक्टर केंद्रित राउंड-टेबल मीटिंग कर निवेश संबंधी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वन-ऑन-वन बैठकों में प्रत्येक निवेशक की परियोजना और आवश्यकताओं को ध्यानपूर्वक सुना और मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बेहतर अवसर और नीतिगत समर्थन का भरोसा दिलाया। राउंड-टेबल चर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन, नवकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडोरामा ग्रुप, एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप, सायनकॉननोड, हाइब्रिड एयर व्हीकल्स लिमिटेड, क्लिनीसप्लाईज, औरोरा एनर्जी रिसर्च, एल्सेवियर, वीडिलीवर, कैपरो, वेबसाइट, द मोंटकैल्म लग्ज़री होटल्स, फाइला अर्थ, एम्पर्जिया लिमिटेड, अयाना कंसल्टिंग, पैंजिया डेटा लिमिटेड, इनवर्जी, बीईएम ग्रुप लिमिटेड, डैक्स फर्स्ट, रैनसैट ग्रुप, कोगो इकोटेक सॉल्यूशंस, एम्पैटी.एआई, मनी फॉर बिजनेस लिमिटेड, डीएएम हेल्थकेयर लिमिटेड और हेलियन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। बैठक में औद्योगिक विकास को गति देने और संभावित सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में अनुकूल व्यावसायिक माहौल और निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंड-टेबल परिचर्चाओं में भाग लिया। इन परिचर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और फूड प्रोसेसिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल राज्य को एक वैश्विक निवेश स्थल बनाने और उद्योगपतियों के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने में परिणामोन्मुखी साबित होगी। साथ ही ये बैठकें औद्योगिक विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ मध्यप्रदेश के विकास के लिए नई संभावनाओं को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

मप्र से सागवान लकड़ी अवैध कटाई कर नागपुर, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हो रहा अवैध कारोबार

Illegal cutting of teak wood from Madhya Pradesh is taking place in Nagpur, Rajasthan, Andhra Pradesh and Telangana. भोपाल। जंगल महकमे मुख्यालय सर्किल और वनमंडलों में कई पद रिक्त पड़े हैं। खासकर सर्किल और वनमंडलों डीएफओ से लेकर डिप्टी रेंजर्स के पास खाली है। मैदानी अवल की बात करें तो वन विभाग में वन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए 25000 के लगभग अमला स्वीकृत है. इनमें से 1900 खाली पड़े हैं. स्वीकृति अमले से 8% फॉरेस्ट गार्ड डीएफओ और पीएफ कार्यालय बाबू गिरी का काम कर रहे हैं तो 4% फॉरेस्ट गार्ड रसूखदार प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अफसरों के कार्यालयों और उनके बंगले पर दरबान दरबान बने हुए हैं. यह स्थिति भोपाल से लेकर 16 सर्किल और 65 वन मंडलों में बनी हुई है। इसका फायदा लकड़ी माफिया से लेकर अतिक्रमण माफिया तक उठा रहे हैं। फील्ड से मिली जानकारी के अनुसार मप्र से सागवान लकड़ी अवैध कटाई कर नागपुर, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई शहरों में अवैध कारोबार हो रहा है। एक अनुमान के अनुसार टिंबर माफिया प्रदेश में सागौन की अवैध कटाई कर 100 करोड़ रूपया से अधिक का कारोबार करता है। फील्ड से मिली जानकारी के अनुसार जबलपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, शहडोल और उज्जैन वन वृत में सबसे अधिक लकड़ी की अवैध कटाई हो रही है। धार वन मंडल में 40 घनमीटर सागवान की लकड़ी जप्त और देवास वन मंडल में हुई अवैध कटाई इस बात की गवाह है कि प्रदेश में धड़ल्ले से अवैध कटाई हो रही है। लकड़ी की अवैध कटाई और अन्य राज्यों में तस्करी की शिकायत नागपुर टिंबर संगठन के अलावा मध्य प्रदेश के टिंबर संगठन ने बकायदा पीसीसीएफ संरक्षण को की है। इस शिकायत की पुष्टि वन विभाग में अवैध कटाई से संबंधित दर्ज अपराधिक प्रकरण भी करते हैं। इस संबंध में छिंदवाड़ा सर्कल में एक समीक्षा बैठक भी हो चुकी है। इस समीक्षा बैठक में वन वृत और वन मण्डलों में पदस्थ आईएफएस अधिकारियों के साथ-साथ टिंबर संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में दिलचस्प पहलू यह रही कि जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदार अधिकारी टिंबर संगठन के पदाधिकारी से प्रमाण मांगते नजर आ रहे थे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा में तो अवैध कटाई और तस्करी से संबंधित समीक्षा हुई किंतु मुख्यालय स्तर पर पूर्णकालिक पीसीसीएफ संरक्षण नहीं होने की वजह से मॉनिटरिंग भी नहीं हो पा रही है। टिंबर संगठन के पदाधिकारी के शिकायत की पुष्टि वन विभाग के अधिकृत आंकड़े भी कर रहें है। विभाग के अधिकृत आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष जबलपुर वन वृत में कुल दर्ज अपराधी प्रकरण 3445 में से 3129 प्रकरण केवल अवैध कटाई से संबंधित हैं। इसी प्रकार छिंदवाड़ा वन वृत्त में दर्ज प्रकरण की संख्या 2302 है तो अवैध कटाई के प्रकरण 2206 दर्ज किए गए हैं। उज्जैन वन वृत 1201 प्रकरण अवैध कटाई से संबंधित हैं। विदिशा वन मंडल के लटेरी और उसके आसपास क्षेत्र में आज भी अवैध कटाई के सिलसिला जारी है। अपर मुख्य सचिव अशोक अग्रवाल ने कलेक्टर एसपी के साथ बैठक की परंतु नतीजा कुछ नहीं निकला। लटेरी में आज भी रेंजर के पद खाली पड़े हैं। मुख्यालय और राज्य शासन स्तर पर कोई प्रयास नहीं किया गया। सुरक्षा में हर साल वनकर्मियों के साथ मारपीट के 20-30 प्रकरण संरक्षण शाखा से एकत्रित आकड़ों के मुताबिक वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा में हर साल वनकर्मियों के साथ मारपीट के 20-30 प्रकरण दर्ज हो रहे है। पिछले तीन सालों में जंगलों की सुरक्षा में आधा दर्जन वनकर्मियों को अपनी जान तक गंवाने पड़े है। यही नहीं, विदिशा, रायसेन, गुना, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, नरसिंहपुर, बालाघाट, बैतूल, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह, बुरहानपुर, वन मंडलों में 2 दर्जन से अधिक वन कर्मचारियों पर माफिया प्राणघातक हमला कर चुके हैं। सीआरपीसी की धारा 197 के तहत वन कर्मियों को प्रोटेक्शन दिया गया है कि गोलीबारी की घटना में तब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी जब तक राजपत्रित ऑफिसर की जांच रिपोर्ट न जाए। बुरहानपुर के बाद लटेरी गोलीकांड में वन कर्मियों पर बिना जांच के आईपीसी की धारा 302 और 307 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई। धार में कछुआ गति से 40 घन मीटर की जांच वन मंडल धार में आरा मशीन मनावर से जब्त 40 घन मीटर अवैध सागवान के मामले में जांच कछुआ गति से चल रही है। बताया जाता है कि जांच में वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बचाने का प्रयास चल रहा है। 3 सप्ताह बाद भी वन विभाग की टीम या पता लगाने में असफल रही कि 40 घन मीटर सागवान चटपट धार में कहां से आई ? वन विभाग यह भी पता नहीं लगा सकी कि 2 साल से चल रहे गोरख धंधे में किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों का इदरीशखान से सांठ-गांठ है। धार वन विभाग की बड़ी कार्यवाही के बाद यह सवाल उठने लगा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सागवान इमारती लकड़ी कहां से काट कर आ रही थी? अवैध कटाई और उसके अवैध खरीद-फरोख्त के गोरख धंधे में वन विभाग के कौन-कौन अधिकारी -कर्मचारी शामिल थे? यह सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि तीन दिन पहले ही फॉरेस्ट के कर्मचारियों ने निरीक्षण किया था और सब कुछ ओके पाया था। मनावर एसडीओ और कुक्षी के प्रभारी रेंजर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

5 हजार करोड़ का फिर कर्ज लेगी मोहन यादव सरकार, 11 महीने में 40 हजार 500 करोड़ का लोन ले चुकी

Mohan Yadav government will again take a loan of Rs 5 thousand crores, has already taken a loan of Rs 40 thousand 500 crores in 11 months भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। यह ऋण 26 नवंबर को ई ऑक्शन के जरिए स्टाक गिरवी रखकर लिया जाएगा। लोन की यह राशि दो अलग-अलग कर्ज के रूप में ली जा रही है, जो 2500-2500 करोड़ रुपए की है। 27 नवंबर को सरकार के खाते में लोन की यह रकम पहुंच जाएगी। जानकारी के मुताबिक मोहन सरकार की 20 साल के लिए 2500 करोड़ और 14 साल के लिए 2500 करोड़ लेने की तैयारी है। पिछले 11 महीने में सरकार 40 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है है। मध्यप्रदेश की जनता पर 3 लाख 90 हजार करोड़ का कर्ज का बोझ हो चुका है। राज्य सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के माध्यम से यह कर्ज उठाएगी। इसके लिए सरकारी बांड या स्टॉक को गिरवी रखकर धनराशि जुटाई जाएगी। ई-ऑक्शन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 नवंबर को यह रकम राज्य सरकार के खजाने में आ जाएगी। 11 महीने में 40,500 करोड़ का कर्जसरकार के वित्तीय रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यह इस साल का नया बड़ा कर्ज होगा। पिछले 11 महीनों में, राज्य सरकार ने 40,500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। यह धनराशि राज्य की विकास योजनाओं और अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई है। मध्य प्रदेश की जनता पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में राज्य पर कुल कर्ज 3 लाख 90 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर मुद्दा है।

निर्मला सप्रे की सदस्यता पर फैसला अगले हफ्ते

Decision on Nirmala Sapre’s membership next week भोपाल। रामनिवास रावत के साथ लोकसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन करने वाली बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर निर्णय अगले सप्ताह होगा। विधानसभा सचिवालय ने उन्हें अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया है। वहीं, सप्रे ने कहा है कि वे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। उधर, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष तोमर से मांग की है कि 16 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र है। इसलिए आवेदन का निराकरण शीघ्र करें। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल होने की घोषणा करके पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध काम करने वाली बीना से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने का आवेदन दिया है। सदस्यता त्यागने का निर्णय नहीं कर पा रहीं सप्रे आवेदन में सप्रे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा करने के साथ भाजपा का हाथ थामने की घोषणा करते हुए वीडियो, विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर आदि दस्तावेज लगाए हैं। साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में उनके शामिल होने के फोटो भी फिर से दिए आवेदन के साथ लगाए हैं। उधर, सप्रे सदस्यता त्यागने को लेकर निर्णय नहीं कर पा रही हैं। यही कारण है कि उन्होंने पहले दो बार के नोटिस पर विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगा और फिर कहा कि वे अध्यक्ष के समक्ष प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। अनाश्यक खींचा जा रहा मामला- उपनेता प्रतिपक्ष सूत्रों का कहना है कि इस मामले में निर्णय अध्यक्ष को ही करना है, इसलिए अगले सप्ताह सप्रे की बात सुनकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का कहना है कि इस मामले को अनाश्यक खींचा जा रहा है। दस्तावेज गुम होने की बात कहते हुए दोबारा आवेदन मांगा गया, जबकि स्थितियां बिलकुल स्पष्ट हैं। सभी प्रमाण विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यदि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले सप्रे की सदस्यता पर निर्णय नहीं लिया गया, तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि सप्रे ने अध्यक्ष से भेंट करके अपनी बात रखने का कहा है। जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। टल सकता है निर्मला का मामला सूत्रों का कहना है कि रामनिवास रावत के उपचुनाव हारने के बाद अब निर्मला सप्रे का मामला टल भी सकता है। दरअसल, सप्रे बीना को जिला बनाने की मांग कर रही थीं। सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी भी हो गई थी, पर खुरई में विरोध होने के कारण मामला टल गया। खुरई से विधायक पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह कह चुके हैं कि भले ही पार्टी कांग्रेस से आए लोगों को स्वीकार कर ले, पर वे नहीं करेंगे। सागर जिले में पार्टी के अधिकतर नेता व कार्यकर्ताओं के बीच सप्रे को लेने पर एकराय नहीं है।

MP में इज्तिमा की तैयारियां अंतिम चरण में, इस बार भी प्लास्टिक-फ्री भी होगा आयोजन

भोपाल भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में शुक्रवार 29 नवंबर से शुरू होने वाले आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार 100 एकड़ क्षेत्र में पंडाल लगाया गया है, जहां प्रदेश सहित देशभर से आने वाली जमातों को ठहराया जाएगा। इधर, भारी तादाद में आने वाले वाहनों को व्यवस्थित खड़े करने और ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए दो हजार वालेंटियर्स तैयार किए गए हैं। इन वालेंटियर्स की अलग-अलग जगहों पर तैनाती की जाएगी। यह वालेंटियर्स रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का संचालन करेंगे। इधर, इज्तिमा स्थल पर अलग-अलग कामों के लिए 25 हजार वालेंटियर्स को तैनात किया जा रहा है। इज्तिमा में शिरकत के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, तुर्की सहित 100 से अधिक देशों की जमातों के शामिल होने की उम्मीद है। दो महीने से चल रही तैयारियां 29 नवंबर से शुरू होने वाले इज्तिमा की तैयारियां दो महीने पहले शुरू हो गई थीं। पिछले साल हुए इज्तिमा को क्लीन, ग्रीन और डस्ट मुक्त इज्तिमा का नाम दिया गया था। इस बार इसे प्लास्टिक मुक्त इज्तिमा के नाम से जाना जाएगा। इंतेजामिया कमेटी के प्रवक्ता उमर हफीज खान ने बताया कि इस बार इज्तिमागाह पर धूल वाले क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया जाएगा। इस बार भी फूड जोन में पॉलीथिन और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक रहेगी। प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक रहेगी। पानी की बोतलों को एकत्रित कर डिस्पोज किया जाएगा। शनिवार को संभागायुक्त संजीव सिंह ने इज्तिमा के इंतजामों का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने नगर निगम, बिजली, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य सहित अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों को समन्वय से काम करने की हिदायत दी। 100 एकड़ में पंडाल, 65 पार्किंग इज्तिमा में आने वाले बंदों की तादाद को देखते हुए इस बार 100 एकड़ क्षेत्र में पंडाल लगाया गया है। जमातियों की तादाद को देखते हुए इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इधर, अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले जमातियों के वाहनों के लिए 65 पार्किंग बनाई गई हैं। चालीस फूड और 25 नाश्ते के जोन रहेंगे, जहां रियायती दरों में खाद्य सामग्री बेची जा सकेगी। इमरजेंसी कॉरिडोर रहेगा आरक्षित चार दिनी इज्तिमा के आयोजन को लेकर इस बार भी इमरजेंसी कॉरिडोर बनाया गया है, जहां फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस आसानी से पहुंच सकेगी। इस रास्ते पर किसी अन्य को जाने की इजाजत नहीं रहेगी। यहां पानी लाने वाले टैंकर भी आसानी से जा सकेंगे। अलर्ट रहेंगी बुलेट स्ट्रेचर एंबुलेंस इज्तिमा में सात से दस लाख तक बंदों की तादाद को देखते हुए इंतेजामिया कमेटी ने बुलेट स्ट्रेचर एंबुलेंस तैयार की है, जिससे अचानक से किसी की भी तबीयत बिगड़ने पर बुलेट एंबुलेंस से उसे बाहर तक आसानी से लाया जा सकेगा। यहां से एंबुलेंस की मदद से अस्पताल तक भेजा जाएगा। हालांकि, प्राथमिक उपचार के लिए 20 से अधिक निजी अस्पताल और सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर मौजूद रहेंगे।

पर्यटकों का स्वर्ग, भारत का आध्यात्मिक हृदय: मध्यप्रदेश

Tourist’s Paradise, Spiritual Heart of India: Madhya Pradesh भोपाल ! मध्यप्रदेश, जिसे “भारत का हृदय” कहा जाता है, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत का एक समृद्ध ताना-बाना है, जिसमें कई ऐसे स्थल हैं जो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य सरकार इन स्थलों को बढ़ाने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जो राज्य की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान सरकार की पहली वर्षगांठ, 13 दिसंबर के अवसर पर, सरकार मौजूदा धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और मध्यप्रदेश को धार्मिक पर्यटन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए नए आध्यात्मिक स्थलों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मध्यप्रदेश के विविध धार्मिक परिदृश्य में हिंदू, जैन, बौद्ध और इस्लाम सभी शामिल हैं, जो आध्यात्मिक साधकों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य है। हाल के वर्षों में मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, विशेष रूप से उज्जैन में “महाकाल महालोक” के सफल शुभारंभ के बाद। महाकाल महालोक में आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जो आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के उत्प्रेरक के रूप में धार्मिक पर्यटन की क्षमता को रेखांकित करता है। डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने पूरे राज्य में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और संवर्धन को प्राथमिकता दी है। इस पहल का उद्देश्य न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है, बल्कि आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाना भी है। महाकाल महालोक इन प्रयासों का केंद्र बिंदु है, जिसे महाकालेश्वर मंदिर के आसपास एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यह पुनर्विकास प्रबंधन को बेहतर बनाता है और इस ऐतिहासिक स्थल के आध्यात्मिक वातावरण को समृद्ध करता है। प्रदेश के अनेक धार्मिक स्थलों का उनकी परम्पराओं के अनुरूप विकास किया जा रहा हहै। सलकनपुर में देवी लोक को शक्ति मंदिर स्थल के रूप में विकसित किया गया है, ताकि सुगमता से देवी दर्शन के साथ ही तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर पहुँच और सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँ। छिंदवाड़ा में श्रीहनुमान लोक भगवान हनुमान का उत्सव मनाएगा, जिसमें भक्तों और पर्यटकों के लिए एक आकर्षक वातावरण बनाया जाएगा। ओरछा में रामराजा लोक भगवान राम का सम्मान करेगा और अध्यात्म और इतिहास दोनों में रुचि रखने वाले आगंतुकों को आकर्षित करेगा। सागर में संत रविदास लोक के पुनरुद्धार का उद्देश्य संत रविदास की विरासत का सम्मान करना है, ताकि उनके अनुयायियों और उनकी शिक्षाओं में रुचि रखने वाले पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। जबलपुर में रानी दुर्गावती स्मारक और रानी अवंतीबाई स्मारक जैसे ऐतिहासिक स्थलों को भी उनके सांस्कृतिक महत्व को उजागर करते हुए बढ़ाया जा रहा है, साथ ही इतिहास और अध्यात्म दोनों में रुचि रखने वाले आगंतुकों का भी ध्यान रखा जा रहा है। इसके अलावा, अमरकंटक में माँ नर्मदा महालोक में आगंतुकों की सुविधाओं को बढ़ाने और इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ावा देने के लिए सुधार किए जा रहे हैं। सरकार खरगोन में देवी अहिल्याबाई लोक, बड़वानी जिले में नागलवाड़ी लोक जैसे नए आध्यात्मिक स्थलों को विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें शांत वातावरण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ग्वालियर में जाम सावंली हनुमान लोक में भगवान हनुमान की शक्ति और भक्ति का पर्व मनाया जाएगा, वहीं जानापाव जिसे भगवान परशुराम की जन्म स्थली के रूप में जाना जाता है, वहां परशुराम लोक विकसित किया जाएगा, जिसमें भगवान परशुराम को समर्पित एक नया मंदिर बनाया जाएगा, जहां आगंतुकों के लिए विभिन्न सुविधाएँ भी होंगी। इस परियोजना में नर्मदा जल को लाना और आसान पहुँच के लिए रोपवे का निर्माण करना भी शामिल है। दतिया में मां पीतांबरा लोक, देवी पीतांबरा को समर्पित एक और महत्वपूर्ण स्थल है। रतनगढ़ में माता मंदिर लोक देवी दुर्गा को समर्पित एक प्रतिष्ठित मंदिर के साथ एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल भी बन जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन की संभावनाओं को पहचानते हुए, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड विदेशों से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वैश्विक बाजारों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहा है। स्थानीय जनजातियों के लिए सब्सिडी के साथ ग्रामीण होम-स्टे को बढ़ावा देने जैसी पहल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अच्छे आवास का अनुभव भी प्रदान करती है। मध्यप्रदेश द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में किए गये ये नवाचार जैसे-जैसे समय के साथ आगे बढ़ते हैं, वे न केवल पर्यटन में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास का वादा करते हैं, बल्कि भारत की विविध धार्मिक परंपराओं के बीच शांति की तलाश करने वाले आगंतुकों के लिए एक समृद्ध आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करते हैं। इसमें सरकार की प्रतिबद्धता इस समझ को रेखांकित करती है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक विकास दोनों में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। मध्यप्रदेश सरकार “वृंदावन ग्राम योजना” भी प्रारंभ करने जा रही है, जिसके अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास में बढ़ावा देने वाले आदर्श गांवों में बदला जायेगा है। प्रत्येक चयनित गांव में स्थानीय डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देते हुए गायों की सुरक्षा के लिए गौशालाएँ बनाई जाएँगी। शहरी मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक परिदृश्य को और समृद्ध बनाने के लिए, सभी शहरी निकायों में गीता भवन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। ये केंद्र भगवदगीता और अन्य शास्त्रों की शिक्षाओं को फैलाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, साथ ही आध्यात्मिक शिक्षाओं से संबंधित साहित्य तक पहुँच प्रदान करेंगे। लगभग 100 पर्यटन परियोजनाओं में सरकार का लगभग 2,200 करोड़ का निवेश होगा, जो मध्यप्रदेश की धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भोपाल के थानों में जल्द बनेगी साइबर हेल्प डेस्क, फरियादी की सहायता के लिए तैनात होंगे दक्ष पुलिसकर्मी

Cyber ​​help desk will soon be set up in Bhopal police stations, skilled policemen will be deployed to assist the complainant. भोपाल। राजधानी की पुलिस साइबर ठगी की रोकथाम, इसका शिकार हुए लोगों की मदद के लिए एक और नवाचार करने जा रही है। अब राजधानी के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। एक दिसंबर से सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क का संचालन शुरू हो जाएगा। यहां पर पांच लाख रुपये तक की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी। यह होगा लाभ इससे न सिर्फ साइबर ठगी के पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने में सहूलियत होगी, बल्कि साइबर क्राइम सेल का भार भी कम होगा। साथ ही जल्द शिकायत होने से पीड़ितों की ठगी गई राशि भी साइबर पुलिस त्वरित कार्रवाई कर होल्ड करेगी, जिससे रिफंड होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।थानों की साइबर डेस्क में साइबर अपराध की इस चुनौती से निपटने के लिए शहर के हर थाने से दस पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम में गुरुवार से छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से जुड़ी बारिकीयों की जानकारी दी जा रही है। साइबर विशेषज्ञ अधिकारी दे रहे प्रशिक्षण डीसीपी क्राइम अखिल पटेल ने बताया कि साइबर डेस्क संचालन के लिए तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है। फिलहाल छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 20 साइबर विशेषज्ञ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय पोर्टल एनसीसीआरपी, जेएमआईएस एवं सीईआइआर पर डाटा अपलोड करने के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही टेलीकॉम कंपनी एवं अन्य तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। बड़े मामले राज्य साइबर पुलिस ही संभालेगीसाइबर अपराध की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रहा है कि अब 5 लाख रुपय तक ऑनलाइन ठगी की शिकायत थानों में दर्ज कराई जा सकेगी। हालांकि पांच लाख रुपए से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की जांच स्टेट साइबर पुलिस ही करेगी। यानी बड़ी साइबर ठगी के शिकार लोगों को भदभदा स्थित राज्य साइबर पुलिस के कार्यालय में ही शिकायत दर्ज करानी होगी।

वन विभाग में बड़े ट्रांसफर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक को हटाया

Major transfers in the forest department, Principal Chief Forest Conservator removed भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने गुरुवार रात वन विभाग के दो बड़े अधिकारियों का तबादला कर दिया है. इस ट्रांसफर ऑर्डर को भी बांधवगढ़ मामले से जाेड़कर देखा जा रहा है. दरअसल, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के मामले के बाद लगातार अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं. वहीं अब मोहन यादव सरकार ने भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को प्रशासकीय हित का हवाला देते हुए स्थानांतरित किया है. किन IFS के हुए ट्रांसफर मध्य प्रदेश शासन ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया है, जिसमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मुख्यालय भोपाल वीएन अम्बाड़े का ट्रांसफर कर दिया गया है. उनकी जगह वित्त एवं बजट शाखा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक शुभरंजन सेन को प्रदेश का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक नियुक्त किया गया है. वहीं वीएन अम्बाड़े को वन राज विकास निगम भोपाल में प्रबंध संचालक बनाकर भेजा गया गया है. हाथियों की मौत के बाद प्रशासनिक सर्जरी गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व कुछ दिन पहले एक-एक करके 11 हाथियों की मौत हो गई थी. घटना के कुछ समय बाद ही बांधवगढ़ के दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था. वहीं अब वाइल्डलाइफ वार्डन को भी हटा दिया गया है, और उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है.

RGPV में घोटाला: स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर बड़ा घपला, छात्रों ने उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

Scam in RGPV: Big scam in the name of sports complex, ABVP students submitted memorandum to Higher Education Minister भोपाल। राजधानी भोपाल का राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया है। अब यहां स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया है। जिसकी शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को ज्ञापन सौंपकर की है। साथ ही इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ABVP के छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा कि RGPV यूनिवर्सिटी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2015 में विश्वविद्यालय द्वारा आउटडोर-इनडोर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण के लिए 16 करोड़ 50 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। साल 2019 में इस राशि को बढ़ाकर 19 करोड़ 16 लाख रुपए कर दिया गया। इसके निर्माण की जिम्मेदारी सीपीए को दी गई थी। वह निर्माण कार्य आज भी चल रहा है। ABVP के छात्रों का कहना है कि कोटेशन में दिखाए गए 10 एग्जॉस्ट फैन के स्थान पर एक भी एग्जॉस्ट फैन नहीं लगाया गया। वुडन फ्लोरिंग मे भी खराब प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पूरे मामले की जांच करने की मांग की है।

थाना टीलाजमालपुरा पुलिस ने चंद घंटों में किया नकबजनी का पर्दा-फाश

Police station Tilajamalpura exposed Nakbajani in a few hours भोपाल ! पुलिस आयुक्त महोदय नगरीय पुलिस भोपाल श्रीमान हरिनारायण चारी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(का.व्य.) महोदय नगरीय पुलिस जिला भोपाल श्रीमान अवधेश कुमार गोस्वामी (भा.पु.से.) , पुलिस उपायुक्त महोदय जोन 03 भोपाल श्रीमान रियाज इकबाल(भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त महोदय जोन 03 भोपाल श्रीमति शालिनी दीक्षित (रा.पु.से.), सहायक पुलिस आयुक्त महोदय शाह.बाद संभाग भोपाल श्रीमान निहित उपाध्याय (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन मे अपराधो की रोकथाम एवं चोरी/नकबजनी/वाहन चोरो की धडपकड का अभियान चलाया जा रहा है ।घटना का विवरण :- दिनांक 18/11/24 को फरियादिया श्रीमती लता सिरमोरिया पति मनोज सिरमोरिया उम 36 साल निवासी म.न. 365 गली न. 04 कबीटपुरा थाना टीलाजमालपुरा भोपाल ने थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट किया कि वह दिनाँक 17/11/2024 के रात्री नौ बजे मैं अपने पति के साथ घर के दरवाजे मे ताला लगाकर अपने अपने पति के साथ रिश्तेदार के यहाँ शादी में छोला भोपाल गऐ थे दिनांक 18/11/2024 को सुबह 06/00 बजे घर आए तो देखा की लगा हुआ दरवाजे पर ताला नही था दरवाजे खुले थे अन्दर जा कर देखा तो गोदरेज की अलमारी के लॉकर टूटा हुआ था लाकर में रखे हुए सोने चाँदी के नये व इस्तेमाली आभूषण कीमती करीबन 5,00,000/- रूपये कोई अज्ञात चोर चौरी करके ले गया है। कि रिपोर्ट पर थाना टीलाजमालपुरा में असल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। एवं सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया जिनके मार्गदर्शन में टीम घठित कर अज्ञात चोरो की तलाश मुखविर तंत्र विकसित कर निगरानी गुण्डा बदमाशो की चैकिंग व पूछताछ की गयी। संदेहियों (1)अजहर अली पिता अनवर अली, (2)सरवर अली पिता अनवर अली को अभिरक्षा मे लेकर ‍हिकमतअमली व सख़्ती से पूछताछ करने पर संदेहियों के द्वारा उक्त चोरी नकबजनी की घटना कारित करना स्वीकार किए। आरोपीगणों से चोरी गये सोने चांदी के आभूषण व नगदी रूपये कुल कीमती 5,00,000/- रूपये बरामद किये गये।नकबजनों से बरामद नगदी व आभूषण –(01) मगलंसूत्र बडा लोकेट 06 चपटे मोती वाला (10 ग्राम करीबन)(02) मंगलसूत्र मिडियम लोकेट 06 चावल मोती 06 छोटे गोल मोती वाला। (6 ग्राम करीबन)(03) एक छोटे लोकेट वाला मंगलसूत्र 06 चावल दाने लगे है। (2 ग्राम करीबन)(04) 4 सोने के कडे (25 ग्राम करीबन)(05) सोने के एक जोड झुमकी (7 ग्राम करीबन)(06) सोने के एक जोड झुमकी (6 ग्राम करीबन)(07) सोने के एक जोड टॉप्स (4 ग्राम करीबन)(08) सोने के एक जोड टॉप्स (3 ग्राम करीबन)(09) दो लोकेट सोने के गणेश जी के छोटे बडे । (1 ग्राम करीबन)(10) नाक की चार नत्थ छोटी एक नाक की लोंग सोने की नग लगे हुए। (1 ग्राम करीबन)(11) एक मोती ढोलक सोने की परत चढी हुई । (1 ग्राम करीबन)(12) एक सोने की चेन (06 ग्राम करीबन)(13) एक सोनी हाय चंद्रमा लोकेट चार सोने की मोती छोटे । (1 ग्राम करीबन)(14) बडी पायल एक जोड (250 ग्राम करीबन)(15) मझौली पायल एक जोड (125 ग्राम करीबन)(16) छोटी पायल एक जोड (150 ग्राम करीबन)(17) एक जोड चाँदी के कढे एक जोड बडे एक जोड नग लगे (60 ग्राम करीबन)(18) एक जोड चाँदी के कढे एक जोड बडे एक जोड नग लगे (40 ग्राम करीबन)(19) चार चूडी पतली (20 ग्राम करीबन)(20) बच्चो के कडे 08 (50 ग्राम करीबन)(21) 01 हाफ करधन (250 ग्राम करीबन)(22) 01 पतला चाँदी का फुल करधन (50 ग्राम करीबन)(23) 01 जोड हाथ फुल (40 ग्राम करीबन)(24) 01 कमर गुच्छा चाँदी का (100 ग्राम करीबन)(25) 02 चाँदी की चेन (20 ग्राम करीबन)(26) 04 चाँदी की अंगुठी (10 ग्राम करीबन)(27) 11 जोड बिछिया (70 ग्राम करीबन)(28) 02 ब्रेसलेट चाँदी के बच्चो के (20 ग्राम करीबन)(29) 02 चाँदी के सिक्के (20 ग्राम करीबन)(30) 02 बच्चो के कंमर डोरा (50 ग्राम करीबन)(31) 5000/- रूपये नकदी (पांच हजार रूपये)(32) कुल कीमती 5,00,000/- रुपये (पांच लाख रूपये) का माल बरामद किया गया । गिरफ्तारशुदा आरोपी- सराहनीय भूमिका – थाना प्रभारी निरीक्षक सरिता बर्मन, उनि बी पी विश्वकर्मा, सउनि अमर सिंह, प्रआर 749 लोकेश जोशी, आर 4599 जितेन्द्र पाल, आर 1295 हरिओम, की सराहनीय भूमिका रही।

शादी कैंसिल होने पर मैरिज गार्डन संचालक लौटाएंगे पूरी राशि : ‘आगे एडजस्ट कर लेंगे’ कह कर पैसे नहीं रख सकते; कंज्यूमर आयोग का फैसला

Marriage garden operators will return the entire amount if the wedding is cancelled: They cannot keep the money saying ‘we will adjust it later’; Consumer Commission’s decision भोपाल। अगर आप शादी हॉल या मैरिज गार्डन बुक करते हैं और किसी कारणवश कार्यक्रम कैंसिल हो जाए, तो मैरिज गार्डन या शादी हॉल संचालक को बुकिंग कैंसिल होने के तुरंत बाद रकम लौटानी होगी। संचालक एडवांस राशि वापस करने से यह कहकर इनकार नहीं कर सकते कि ‘आगे एडजस्ट कर लेंगे’ या ‘जब कार्यक्रम होगा, तब एडजस्ट कर लेंगे’। दरअसल, भोपाल कंज्यूमर आयोग की बेंच-1 ने ऐसा ही एक फैसला सुनाया हैं। आयोग ने कहा कि विपक्षी द्वारा बुकिंग राशि वापस न करना सेवा में कमी के तहत आता है। यह फैसला अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल ने सुनाया। कोलार के वैभव मैरिज गार्डन के खिलाफ सुनाया फैसला शिवाजी नगर निवासी राजरूप पटेल ने अपनी बेटी की शादी के लिए नवंबर 2022 में कार्यक्रम रखा था। इसके लिए उन्होंने जून 2022 में 21 हजार रुपये में कोलार स्थित वैभव मैरिज गार्डन बुक किया। बाद में विवाह कैंसिल हो गया, और उन्होंने जुलाई 2022 में बुकिंग निरस्त कर दी। उन्होंने बार-बार गार्डन प्रबंधन से जमा राशि वापस करने की गुजारिश की। गार्डन प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में होने वाले विवाह के समय राशि एडजस्ट कर दी जाएगी। इसके बावजूद लगभग दो वर्ष बीत गए, और विवाह गार्डन में आयोजित नहीं हुआ। इसके बाद भी गार्डन प्रबंधन ने राशि वापस करने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ नोटिस जारी होने के बाद भी गार्डन प्रबंधन की ओर से कोई भी आयोग में उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया उपभोक्ता ने 21 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। मामले में विपक्षी ने बुकिंग राशि वापस करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। नोटिस के बावजूद विपक्षी ने न तो आयोग में उपस्थिति दर्ज कराई और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। आयोग ने कहा कि बुकिंग राशि वापस न करना सेवा में कमी का प्रमाण है। अब देना होगी ब्याज सहित राशि आयोग ने आदेश दिया कि विपक्षी, आदेश की प्रति प्राप्ति दिनांक से 2 माह के भीतर परिवादी को 21,000 रुपये की राशि 9% वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। साथ ही, मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये और परिवाद व्यय के लिए 3,000 रुपये भी अदा किए जाएं। यदि राशि तय समय पर अदा नहीं की जाती, तो परिवाद प्रस्तुति दिनांक से अदायगी दिनांक तक 9% वार्षिक ब्याज देय होगा।

मध्यप्रदेश: 10 हाथियों के मरने की वजह आई सामने, मिलेट का फंगी कनेक्शन

Madhya Pradesh: Reason for death of 10 elephants revealed, understand the fungal connection of millet भोपाल: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिछले महीने 10 हाथियों की मौत का कारण कोदो में फफूंद संक्रमण बताया जा रहा है। हैदराबाद के ICRISAT के वैज्ञानिकों ने यह जानकारी राज्य सरकार को दी है। वन अधिकारियों का कहना है कि ICRISAT की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है। तीन तरह के फंगस मिले ICRISAT ने शुरुआती जांच में कोदो के नमूनों में तीन तरह के फफूंद – एस्परजिलस फ्लेवस, एस्परजिलस पैरासिटिकस और पेनिसिलियम साइक्लोपियम की मौजूदगी की पुष्टि की है। इन फफूंदों से साइक्लोपिआज़ोनिक एसिड नामक जहरीला पदार्थ पैदा होता है, जिसके सेवन से हाथियों की मौत होने की आशंका है। फाइनल रिपोर्ट का इंतजार वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हमें ICRISAT की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने पुष्टि की है कि हाथियों द्वारा खाए गए कोदो में ये फफूंद मौजूद थे। घटना की जांच के लिए, एमपी के अधिकारियों ने ICRISAT सहित पूरे भारत में 10 प्रयोगशालाओं में नमूने भेजे थे। ICRISAT, हैदराबाद स्थित एक गैर-लाभकारी अनुसंधान संगठन है, जो विशेष रूप से अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में कृषि प्रणालियों को बेहतर बनाने में माहिर हैं। बरेली से आ गई है रिपोर्ट बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) ने भी अपनी विषाक्तता परीक्षा रिपोर्ट में पुष्टि की है कि कोदो में फफूंद विषाक्त पदार्थों, विशेष रूप से साइक्लोपिआज़ोनिक एसिड के कारण हाथियों की मौत हुई। जहर की नहीं हुई थी पुष्टि हाथियों के लीवर, किडनी, तिल्ली और आंतों सहित विभिन्न अंगों के नमूने विश्लेषण के लिए IVRI भेजे गए थे। परीक्षणों में साइनाइड, भारी धातुओं, या ऑर्गनोफॉस्फेट या पाइरेथ्रोइड जैसे सामान्य कीटनाशकों का कोई निशान नहीं पाया गया। हालांकि, सभी नमूनों में साइक्लोपिआज़ोनिक एसिड पाया गया, जिसकी सांद्रता 100 पार्ट्स प्रति बिलियन (ppb) से अधिक थी। सात एकड़ में कोदो की खेती हाथियों ने जिस कोदो की फसल को खाया था वह बांधवगढ़ के अंदर 7 एकड़ जमीन पर थी। असामान्य फफूंद वृद्धि के संकेतों के बावजूद, जांचकर्ताओं को इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि उस क्षेत्र में कीटनाशकों का उपयोग किया गया था। स्थानीय किसानों ने भी ऐसे किसी भी रसायन के उपयोग से इनकार किया है। हाथियों की मौत 29 अक्टूबर, 2024 को शुरू हुई थी। शुरुआत में फफूंद संक्रमण पर ही संदेह जताया गया था। अधिकारी अभी भी इस मामले की जांच कर रहे हैं, ताकि फंगस की पूरी सीमा और क्षेत्र के वन्यजीवों पर इसके प्रभाव को समझा जा सके।

छिंदवाड़ा, शहडोल और सिंगरौली के एसपी बदले: 10 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर

SP of Chhindwara, Shahdol and Singrauli changed: 10 IPS officers transferred भोपाल ! मध्यप्रदेश शासन ने सोमवार को 10 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की। साथ ही राज्य पुलिस सेवा के भी दो अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। देखिए लिस्ट

एनसीएल की बड़ी योजना: सिंगरौली में बस्ती का पुनर्वास और 60 करोड़ टन कोयला खनन का लक्ष्य

NCL’s big plan: rehabilitation of settlement in Singrauli and target of mining 60 crore tonnes of coal सिंगरौली  । कोल इंडिया की शाखा एनसीएल एक बड़ी पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आरएंडआर) परियोजना की योजना बना रही है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बी साईराम ने कहा कि इसके तहत मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक बस्ती के निवासियों को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है, जिसके नीचे 60 करोड़ टन खनन योग्य कोयला है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि मध्य प्रदेश के सिंगरौली में मोरवा बस्ती 927 हेक्टेयर में फैली हुई है। यह एक बड़ी परियोजना है, जिसमें नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की मोरवा बस्ती को पूरी तरह स्थानांतरित किया जाएगा। साईराम ने कहा, अच्छी बात यह है कि इस अधिग्रहण में लोग पुनर्वास के लिए तैयार हैं। इसलिए आधी समस्या हल हो गई है, क्योंकि पहला प्रतिरोध लोगों की तरफ से ही आता है। उन्होंने कहा कि अब केवल मुआवजे की दरों और आरएंडआर लाभ को अंतिम रूप देना बाकी है। पिछले छह महीनों से एनसीएल पुनर्वास और पुनर्स्थापन पर लोगों के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एनसीएल की मदद कर रहा है और पुनर्वास के पहले चरण का ब्यौरा तैयार किया जाना है। सीएमडी ने कहा, मई से हम मुआवजे का पहला चेक देना शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 572.5 हेक्टेयर कृषि भूमि खाली कराई जानी है। सूत्रों के अनुसार कंपनी अभी भी योजना के विवरणों पर काम कर रही है, जिसमें वित्तीय पक्ष भी शामिल हैं। मोरवा बस्ती पुनर्वास और पुनर्स्थापन परियोजना बहुत बड़ी होगी और इस पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित व्यय होने का अनुमान है। इस परियोजना से 30 हजार परिवार प्रभावित होंगे और इसमें 22 हजार घरों, संरचनाओं का स्थानांतरण शामिल होगा।

भोपाल को झुग्गी मुक्त करने कलस्टरों में विभाजित करने की योजना, पीपीपी माेड के तहत बनाए जाएंगे पक्के मकान

भोपाल  राजधानी को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।दरअसल मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के निर्देश पर शहर को नौ कलस्टरों में विभाजित करने की योजना बनाई है।इसके तहत सभी झुग्गी क्षेत्रों का सर्वे कर चिह्नांकन किया जाएगा और कुल कितनी शासकीय भूमि पर झुग्गी बनी हुई हैं इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इन सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए कलेक्ट्रेट में गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक ली। जिसमें नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। जिसमें तय किया गया कि झुग्गी हटाने के पहले चरण की शुरूआत मंत्रालय वल्लभ भवन से की जाएगी। यहां करीब 39 हेक्टेयर भूमि में बनी नौ झुग्गी बस्तियों को हटाया जाएगा और रहवासियों को पीपीपी मोड (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। बता दें कि नवदुनिया ने पूर्व में शासकीय भूमि पर झुग्गियों से संबंधित खबरें प्रकाशित की हैं। 12 हेक्टेयर में बनाए जाएंगे पक्के मकान पहले कलस्टर के प्रथम चरण में मंत्रालय के पास बनी नौ झुग्गी बस्तियों को चिह्नित किया गया है।इनमें ओम नगर, वल्लभ नगर, भीम नगर, दुर्गा नगर, अशोक सम्राट नगर, कुम्हार पुरा, झदा कॉलोनी और वल्लभ नगर दो के छह हजार 534 परिवारों को पक्के मकानों में शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए अधिकारियों सर्वे पूरा कर लिया है और अब इसके आधार पर ही डीपीआर, डिजाइन, प्लानिंग पालिसी, एस्टीमेट और टेंडर तैयार किए जाएंगे। यह काम अधिकारियों को एक सप्ताह में पूरा करना है।यहां स्थित 39 हेक्टेयर भूमि में से 12 हेक्टेयर पर झुग्गीवासियों के लिए पीपीपी मोड पर पक्के मकान बनाए जाएंगे। बाकि 27 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर सुराज अभियान और रिडेंसीफिकेशन नीति के तहत आवासीय परियोजनाओं में माल, व्यवसायिक कांप्लेक्स, प्राइम डेवलेपमेंट कार्य भी किए जाएंगे। दो महीने में करना है पूरी तैयारी जिले में साढ़े चार लाख मकान हैं,जिनमें से डेढ़ लाख झुग्गियां है।इन डेढ़ लाख झुग्गियों को शासकीय भूमि से हटाने के लिए दो महीने में पूरी तैयारी करनी है।इस दौरान अधिकारियों के द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नौ कलस्टर के तहत झुग्गी हटाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिसे पहले सरकार को दिखाया जाएगा। सरकार से अनुमति मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। पांच वर्ष का रखा गया है लक्ष्य शहर को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए पांच वर्ष का लक्ष्य रखा गया है।अगले एक वर्ष में करीब 25 हजार झुग्गी हटाने का प्रयास जिला प्रशासन, नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।अधिकारियों ने दावा किया है कि दो महीने बाद ही पहले कलस्टर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।इसके तहत झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत भी पक्के मकान लोगों को दिए जाएंगे। फैक्ट फाइल शहर में कुल मकान – 450000 शहर में कुल झुग्गियां – 150000 हटाने के लिए बनाए कलस्टर – 09

सर्दियों में जंगल सफारी: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रकृति और वन्यजीवों का अद्भुत संगम

Jungle Safari in Winter: Amazing confluence of nature and wildlife in Bandhavgarh Tiger Reserve Kanha and Bandhavgarh tiger reserve घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है। अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ कान्हा पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं। उमरिया। Kanha and Bandhavgarh tiger reserve ऊंचे-ऊंचे साल के वृक्षों के बीच से होकर धरती को चूमती सूर्य रश्मियां, पक्षियों के कलरव, कुलांचे मारते हिरणों के झुंड और उन्मुक्त विचरण करते बाघ। घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है।अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़, कान्हा, पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं।पर्यटकों से संकोच नहीं करते बजरंग और छोटा भीमटाइगर स्टेट में सर्वाधिक बाघों की संख्या वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व है। 165 बाघों वाले इस राष्ट्रीय उद्यान में बजरंग और छोटा भीम नाम के बाघ लोगों को सर्वाधिक आकर्षित करते हैं। यह दोनों पर्यटकों के समक्ष आने में संकोच नहीं करते। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने वाले पर्यटक एक ही दिन में कम से कम दो टाइगर रिजर्व की सफारी कर सकते हैं। बांधवगढ़ में सुबह की सफारी करने के बाद पर्यटक कान्हा टाइगर रिजर्व, संजय धुबरी टाइगर रिजर्व अथवा मुकुंदपुर टाइगर सफारी का भ्रमण आसानी से कर सकते हैं। इन सभी स्थानों की दूरी चंद घंटों की है। टाइगर स्टेट के टाइगर रिजर्व की बुकिंग के आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर के दूसरे पखवाड़ा से जनवरी के पहले पखवाड़ा तक एक लाख से ज्याद पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। अन्य प्रमुख स्थल बांधवगढ़ से कान्हा की दूरी महज 210 किलोमीटर है और सड़क बेहद शानदार है। पर्यटक रास्ते में पड़ने वाले घुघुवा जीवाश्म पार्क का भ्रमण भी कर सकते हैं। बांधवगढ़ आने वाले पर्यटक मुकुंदपुर टाइगर सफारी इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें वहां सफेद बाघ की सतवीं-आठवीं पीढ़ी के दर्शन सुगम होते हैं। यहां से 129 किमी की दूरी पर मुकुंदपुर टाइगर सफारी तथा 84 किमी की दूरी पर संजय धुबरी टाइगर रिजर्व है। इस तरह पहुंचे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और दुबरी टाइगर रिजर्व तक पहुंचने के लिए जबलपुर केंद्र बिंदु है। जबलपुर हवाई अड्डे से सभी प्रमुख शहरों की कनेक्टिवटी है। जबलपुर और कटनी रेलवे स्टेशन से भी पर्यटक बांधवगढ़ पहुंच सकते हैं इसके लिए उमरिया स्टेशन उतरना होता है। कान्हा नेशनल पार्क जबलपुर से 160 किमी तथा पेंच पार्क 170 किमी दूर है। वहीं संजय दुबरी टाइगर रिजर्व जबलपुर से 350 किमी की दूरी पर है। ठहरने की व्यवस्था बांधवगढ़, पेंच, कान्हा और संजय दुबरी में रुकने के लिए अच्छे होटल और सर्वसुविधा संपन्न होम स्टे सुविधा है। यहां मध्य प्रदेश टूरिज्म कार्पोरेशन के गेस्ट हाउस भी पर्यटकों की अच्छी आवभगत करता है।

पटवारी: किसानों के सेवक और योजनाओं के आधारस्तंभ, लेकिन सरकार का ‘दुश्मन’?

Patwari: Servant of farmers and pillar of schemes, but ‘enemy’ of the government? मध्यप्रदेश के पटवारी—एक ऐसा अनोखा प्राणी, जिसे देख के किसान को तो राहत मिलती है, लेकिन सरकार की भृकुटियाँ तन जाती हैं। यह वो कर्मचारी है जो कागज़ों में सरकारी योजनाओं को मिट्टी में मिलाने का माद्दा रखता है, ताकि वो असल में किसान की ज़मीन पर उतर सकें। पटवारी, जो सीमांकन से लेकर नामांतरण तक के काम में हर किसान के लिए खड़ा होता है, उसे ही “दुश्मन” का तमगा मिल जाता है! और वेतन? अरे भाई, 5200-20200 ग्रेड पे में तो पटवारी अपनी रोटी-सब्जी और चाय का खर्च भी संभाल लें, यही क्या कम है! बाकी राज्यों में अगर उन्हें मोटी तनख्वाह मिलती है, तो वो बेकार की बात है, आखिर ये तो मप्र के पटवारी हैं। अब 24 सालों से एक ही वेतन पर डटे रहना भी तो एक मिसाल है, न? उनके लिए सिर्फ़ 258 रु का आवास भत्ता और 300 रु का यात्रा भत्ता काफी है। सरकारी योजनाओं की वाहवाही लूटने में भले सरकार आगे हो, पर ज़मीन पर इन्हें लागू करवाने का सारा दायित्व पटवारियों पर है। राजस्व महाअभियान की बात करें, तो पहले और दूसरे चरण में 80 लाख से अधिक मामलों का पटवारियों ने समाधान कर किसानों और आम जनता को राहत दी। लेकिन क्या मजाल कि सरकार ने कभी उनके इस योगदान का ढोल पीटा हो? तीसरे चरण में भी पटवारियों की भूमिका अहम रहेगी, लेकिन शायद फिर भी उनकी मेहनत का श्रेय कोई और ले जाएगा। सरकारी तकनीक की हालत यह है कि ई-बस्ता में काम ऑनलाइन होते हैं, मगर पटवारी के पास उपकरणों की किल्लत ऐसी कि कुछ को 2017 में मोबाइल दिए गए थे, जो अब कबाड़ बन चुके हैं। साफ्टवेयर ऐसे हैं कि जैसे कठिनाइयों की मीनार खड़ी कर दी गई हो। हर रोज़ नए-नए प्रयोगों के बीच पटवारी, किसानों की सेवा में लगा हुआ है, फिर भी उसे “दुश्मन” कहना कितना उचित है? यही तो विरोधाभास है कि किसान हितैषी को दुश्मन कहा जा रहा है। वो पटवारी जो सरकार की रीढ़ है, हर किसान के हक़ में खड़ा है, और जो बिना किसी नाम के सिर्फ़ अपने फर्ज को निभाता है, क्या उसे ये दुश्मनी का तमगा चाहिए?

थाईलैण्ड के धम्मकाया फ़ाउण्डेशन ने मध्यप्रदेश के बौद्ध भिक्षु संघ को बौद्धगया में किया संघदान

Dhammakaya Foundation of Thailand donated Sangha to the Buddhist monks of Madhya Pradesh in Gaya. भोपाल ! बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के अध्यक्ष और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ बौद्ध धम्मगुरु भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो के विशेष आग्रह पर मध्य प्रदेश के 1) बुद्धभूमि माहाविहार मोनेस्ट्री,चुनाभट्टी भोपाल, 2) पुष्फ बुद्धविहार ग्वालियर,3) सारिपुत्र बुद्ध विहार मुरेना,4) करुणामैत्री बुद्ध विहार,सेमई,भिड़ और 5) सम्यक बुद्धविहार दतिया मध्यप्रदेश के पाँच बुद्ध विहारों के पाँच-पाँच बौद्ध भिक्षुसंघ को थाईलैण्ड का विश्व स्तरीय सबसे बड़ा बौद्धों का संस्थान “धम्मकाया फ़ाउंडेशन” द्वारा बौद्धगया के पावन ज्ञान स्थली में भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो,भोपाल, भंते सुभद्रबोधि महाथेरो, मुरेना,भंते विश्वज्योति थेरो ,दतिया,भंते श्रद्धातिलक, सेमई ,भिड़,भिक्षुणी पुष्फश्रद्धा,ग्वालियर के भिक्षु संघ को चिवर दान,आर्थिकदान और संघदान किया.इस अवसर थाईलैंड के अंतरराष्ट्रीय स्तर के बौद्ध भिक्खू डॉ पोर्नचाई पिनयापोंग ,अध्यक्ष विश्व बौद्ध गठबंधन (WAB) (अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संगठनों का एक नेटवर्क है)डॉ मिथिला चौधरी अध्यक्ष -विश्व बौद्ध गठबंधन (यूथविंग) थाईलैण्ड और अन्य थाईलैण्ड के बौद्ध उपासक/उपासिका उपस्थित थे.इस अवसर पर भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने विश्व धरोहर साँची का प्रतिरूप के रूप में मोमेंटो देकर साधुवाद प्रदान किया. भोपाल कल दिनांक 15 नवंबर 2024 को बुद्धभूमि महाविहार उपासक संघमैत्रेय बुद्ध महाविहार उपासिका संघ द्वारा वर्षावास समापन समारोह के पावन अवसर पर पुण्य महोत्सव स्थान-: बुद्धभुमि महाविहार मोनेस्ट्री,चुनाभट्टी कोलार रोड भोपाल म.प्र.,दिनांक -: कार्तिक पूर्णिमा 15 नवम्बर 2024 दिन शुक्रवार, समय सुबह 10:00 बजे से पूज्य भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो, अध्यक्ष- दी बुद्धभूमि धम्मदूत संघ ,भोपाल उनके शिष्य भंते राहुलपुत्र और भंते संघशील,डबरा* के वर्षावास समापन पर भव्य पुण्य महोत्सव का आयोजन किया गया हैं. जिसनें सामूहिक भिक्षु संघ का भोजनदान ,कठिन चिवर दान रैली, परित्राणपाठ, धम्मदेशना, भिक्षु संघ को चिवर दान, आशीर्वाद, मंगल मैत्री,साधुवाद

मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से, पांच दिन चलेगा

Winter session of Madhya Pradesh Assembly will run for five days from December 16. मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस वर्ष पांच दिन का होगा, जो 16 दिसंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस दौरान तीन नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और राज्य सरकार का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर मंजूरी हासिल की जाएगी। शीतकालीन सत्र के पहले दिन छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा से नवनिर्वाचित विधायक कमलेश शाह और 23 नवंबर को बुधनी और विजयपुर उपचुनावों के परिणामस्वरूप निर्वाचित विधायकों को भी शपथ दिलाई जाएगी। राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिसके लिए सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। वित्त विभाग द्वारा प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा सरकार तीन से चार महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में पेश किए जाने की संभावना है। विधानसभा में गैर-सरकारी विधेयकों और संकल्पों के लिए 20 दिसंबर का दिन निर्धारित किया गया है। अशासकीय विधेयकों के प्रस्तावों को 20 नवंबर तक और अशासकीय संकल्पों की सूचना 5 दिसंबर तक सचिवालय को दी जा सकेगी। स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचनाएं, नियम 267 क के तहत सूचनाएं, और अविश्वास प्रस्ताव संबंधी सूचनाएं 10 दिसंबर से कार्यदिवस में विधानसभा सचिवालय में दी जा सकेंगी, जिन पर विधानसभा अध्यक्ष विचार करेंगे। वहीं, विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को सूचित किया है कि वे विधानसभा से संबंधित किसी भी सूचना को अब विधानसभा अध्यक्ष के बजाय प्रमुख सचिव को संबोधित कर प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा के नियम 236 के तहत विधायकों को इस प्रक्रिया से अवगत कराया गया है।

पुलिस कमिश्नर की फर्जी FB आईडी से ठगी : बैंक खातों में मिला 92 लाख का लेनदेन

Police Commissioner cheated with fake FB ID: Transaction worth Rs 92 lakh found in bank accounts भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल पुलिस कमिश्नर की फर्जी फेसबुक आईडी से ठगी मामले में अपडेट सामने आया हैं। दो बैंक खातों में 92 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। यह दोनों खाते किराये पर लिए गए थे। पकड़े गए आरोपियों से 10 खाते मिले है। आरोपियों ने पूछताछ में 100 से ज्यादा ठगी की वारदात कबूली है। लड़की की आवाज़ में बातचीत, फिर रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेल कर भी ठगी की गई। मध्य प्रदेश समेत उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा और दिल्ली तक से अकाउंट में पैसे आने के सबूत मिले है। दरअसल, भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों के साथ ठगी करने वाले दो शातिर बदमाशों को भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने राजस्थान से गिरफ्तार किया था। दोनों ही आरोपी बड़े पदों पर पदस्थ अधिकारियों के फोटो और नाम से फर्जी फेसबुक ID बनाते थे। इसके बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट में जुड़े लोगों से फर्जी आईडी से दोस्ती कर लेते थे। क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए आरोपी के नाम शकील पिता आशु उर्फ़ आश मोहम्मद (24) निवासी नगला बंजरिका सदन का बांस थाना बगड़ तिराहा। वहीं दूसरे का नाम सुनील कुमार पिता सूरज कुमार (26) निवासी नगला बंजरिका सदन का बांस थाना बगड़ तिराहा है। दोनों ठग इतने शातिर थे कि अधिकारियों को ट्रांसफर होने का बताकर सस्ते दामों में फर्नीचर बेचने का झांसा देते थे। इसके बाद बिल बनवाने और ट्रांसपोर्ट से भेजने के नाम पर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। भोपाल क्राइम ब्रांच को आरोपियों से लगभग 100 लोगों से धोखाधड़ी करने के सबूत मिले थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

आधी रात को मध्य प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

Full force at midnight…Sudden transfer of IAS officers: Congress expressed objection MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का आधी रात तबादला कर दिया गया है. ट्रांसफर लिस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दोनों प्रमुख सचिव का भी नाम शामिल है. रात में अधिकारियों के तबादला आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि आधी रात पूरी ताकत से चल रहा ‘तबादला उद्योग’ अब प्रशासनिक मशीन में खड़खड़ाहट की तेज आवाज पैदा कर रहा है. पटवारी ने कहा कि नियमों के विपरीत लगातार हो रहे तबादले डरी हुई सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है. पटवारी के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता राजपाल सिंह ने कहा कि जीतू पटवारी अभी तक के सबसे असफल प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं. लगता है कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल शायद याद नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 15 महीने में कमलनाथ सरकार ने तबादला उद्योग चला दिया था. एक अधिकारी को एक महीने में तीन बार बदला जा रहा था. रात में तबादले का आदेश जारी होने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल प्रदेश की बीजेपी सरकार नियम अनुसार पोस्टिंग कर रही है. कांग्रेस को मध्य प्रदेश के विकास से शायद घृणा है, शायद इसलिए जीतू पटवारी झूठे आरोप लगा रहे हैं. प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में अभी तक सबसे कम तबादले हुए हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों को नियमानुसार इधर से उधर भेजा गया है. उन्होंने मोहन यादव सरकार के आदेश का बचाव किया. बीजेपी नेता ने कहा कि उपचुनाव होने की वजह से कांग्रेस को हर आदेश में राजनीति दिख रही है. सरकार कोई भी आदेश दिन-रात देखकर नहीं निकालती है. सरकार का आदेश जनहित को देखते हुए जारी होता है.

IAS TRANSFER 26 अफसरों का तबादला, उमाकांत उमराव को मिली ये अहम जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल। IAS TRANSFER BREAKING: मध्य प्रदेश में एक बार फिर देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। शासन ने 26 आईएएस अफसरों का थोकबंद तबादला कर दिया है। नीरज मंडलोई को ऊर्जा एवं पावर मैनेजमेंट का जिम्मा मिला है। मनु श्रीवास्तव को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कुमार शुक्ला नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। राघवेंद्र सिंह को उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। उमाकांत उमराव खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। गुलशन बामोरा को जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। नवनीत मोहन कोठारी पर्यावरण विभाग के सचिव बनाए गए हैं। श्रीमन शुक्ल को आदिवासी विकास विभाग आयुक्त का प्रभार सौंपा गया है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से अपील: 13 नवंबर को करें मतदान

Leader of Opposition Umang Singhar’s appeal to the voters of Vijaypur and Budhni: Vote on 13th November and strengthen democracy. भोपाल ! मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को श्योपुर जिले की विजयपुर और सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव होने जा रहे हैं। इस उपचुनाव में न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों का भविष्य तय होगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के पिछले 10 महीने के कार्यकाल का भी महत्वपूर्ण मूल्यांकन का अवसर होगा। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से एक अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने और प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यों पर आम जनता की राय जानने का भी मौका है। उमंग सिंघार ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “आपका एक-एक वोट प्रदेश की दिशा तय करेगा। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव नहीं है, बल्कि यह हमारी सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का मापदंड भी है। आपके मतदान से यह संदेश जाएगा कि आप किस प्रकार के नेतृत्व और नीतियों को अपने क्षेत्र और प्रदेश में देखना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि 10 महीने पहले सत्ता में आई प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, वादों की पूर्ति और जनता की सेवा के हिसाब से इस उपचुनाव में मतदाताओं को अपना फैसला लेना है। यह एक बड़ा मौका है जहां जनता को यह तय करना है कि क्या सरकार अपने वादों को पूरा करने में सफल रही है या नहीं।“आपका मतदान ही यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ेगी। विजयपुर और बुधनी के मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं, और हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप 13 नवंबर को अपने मतदान का अधिकार अवश्य उपयोग करें,” उमंग सिंघार ने कहा। यह उपचुनाव न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलेगा कि राज्य के नागरिक आगामी विधानसभा चुनावों में किस दिशा में अपना समर्थन देंगे।

बाल विवाह कराने या सहयोग करने वालों को होगी जेल , देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन की सख्ती

Those who organize or support child marriage will be jailed, administration’s strictness to stop child marriage on Devuthani Ekadashi भोपाल ! प्रदेश सरकार ने आगामी देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए कड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस दिन होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में बाल विवाह के मामलों को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। सामूहिक विवाह आयोजकों से यह शपथ पत्र लिया जाएगा कि उनके कार्यक्रमों में किसी भी रूप में बाल विवाह नहीं होगा। प्रशासन ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है और बाल विवाह करने या इसे प्रोत्साहित करने वालों को दो साल तक की सजा का प्रावधान किया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने एक जाँच व्यवस्था बनाई है, जिसमें 10 विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जो सामूहिक विवाह कार्यक्रमों पर निगरानी रखेंगी। इन टीमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी बाल विवाह ना हो और सभी विवाह नियमों के तहत ही संपन्न हों।साथ ही, प्रशासन ने आयोजन से जुड़े सभी विभिन्न सेक्टरों को भी निर्देशित किया है। प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, कैटरिंग सेवाएं, बैंड, घोड़ी वाले और ट्रांसपोर्ट सेवा के संचालकों को भी बाल विवाह को रोकने में सहयोग देने के लिए कहा गया है। धर्मगुरु और समाज के प्रमुखों से भी यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस अभियान में प्रशासन का साथ देंगे और समाज में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे। इस कदम से प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल विवाह की कुरीति को समाप्त करना है और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करना है।सभी की सक्रिय भागीदारी से उम्मीद की जा रही है कि देवउठनी एकादशी पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम सुरक्षित और कानूनी रूप से सही तरीके से संपन्न होंगे, जिससे प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं में कमी आएगी। यहां करें शिकायतबाल विवाह की सूचना चाइल्ड लाइन के दूरभाष नंबर 1098 पर दे सकते हैं। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दे सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

जंगल महकमे में रिक्त है एमडी से लेकर फील्ड डायरेक्टर तक के पद, खेला जा रहा है प्रभार का खेल

Posts from MD to Field Director are vacant in the forest department, the game of charge is being played. भोपाल। जंगल महकमे में पीसीसीएफ कैम्पा, वन विकास निगम के एमडी से लेकर वन वृत के संरक्षक, डीएफओ और पेंच और कान्हा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर के पद रिक्त है। इन पदों पर पूर्णकालिक पोस्टिंग के बजाय राज्य शासन के शीर्ष अधिकारी प्रभार का खेल खेल रहे हैं। केंद्र की फटकार के बाद ही बांधवगढ़ में साल भर बाद फील्ड डायरेक्टर की पोस्टिंग की गई। पीसीसीएफ कैंपा और वन विकास निगम के एमडी, वन संरक्षक, छतरपुर वन वृत शिवपुरी वन वृत के वन संरक्षक, इंदौर वन वृत में वन संरक्षक, वन मंडल रीवा, सिवनी दक्षिण, शहडोल उत्तर, शाजापुर, राजधानी परियोजना वन मंडल, विदिशा इत्यादि वन मंडलों में डीएफओ के पद रिक्त है। वन मंडलो के अलावा भोपाल और सागर को छोड़कर सभी अनुसंधान एवं विस्तार वन वृत्त में पद खाली पड़े हुए है। इन पदों पर प्रभार देने का खेल खेला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस खेल में मंत्रालय से लेकर मुख्यालय तक के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। वन विभाग ने प्रभार देने का कोई क्राइटेरिया तय नहीं किया गया है। पीपी मोड और शीर्ष अधिकारियों की गणेश परिक्रमा करने वाले आईएफएस अफसरों को ही प्रभार को दिया जा रहा है। मसलन, वन विकास निगम के एमडी का प्रभार इंदौर में पदस्थ एपीसीसीएफ अजय यादव को दिया गया है। पीसीसीएफ कैम्पा का प्रभार देने में मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक कंफ्यूज रहे। कैंपा पीसीसीएफ महेंद्र धाकड़ के रिटायर होने पर पीसीसीएफ संदीप सिंह को केंप का प्रभाव दिया गया। इस आदेश के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि अचानक शासन ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए केंप का प्रभार पीसीसीएफ पीके सिंह को दे दिया गया। वर्तमान में पीके सिंह के पास पीसीसीएफ सामाजिक वानिकी के अलावा संरक्षण का भी प्रभार है। कैम्पा का प्रभार आने पर उनके पास महकमे के दो-दो प्रमुख शाखों का प्रभार है। कान्हा का प्रभार डिप्टी डायरेक्टर को दिया एसीएस के ब्लू आई ऑफिसर एवं डिप्टी डायरेक्टर कान्हा नेशनल पार्क पुनीत गोयल को फील्ड डायरेक्टर का भी प्रभार दे दिया गया। ऐसा पहली बार किया गया है, क्योंकि कैडर में फील्ड डायरेक्टर पद सीसीएफ अथवा सीएफ का पद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर छवि वाले कान्हा नेशनल पार्क में नक्सली मूवमेंट भी है। ऐसे डिप्टी डायरेक्टर के ऊपर कान्हा टाइगर रिजर्व का प्रबंध छोड़ देना, यह वन मंत्रालय की अक्षमता का परिचायक है। पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन का वर्किंग प्लान बनाने वाले आईएफएस अधिकारी जे देवा प्रसाद को पेंच नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर के अलावा अनुसंधान विस्तार सिवनी का भी प्रभार दिया गया है। यानि प्रसाद को तीन पदों का प्रभार एक साथ दिया गया है। इंदौर वन वृत का प्रभार मस्तराम बघेल वन संरक्षक उज्जैन, छतरपुर का प्रभार अनिल कुमार सिंह वन संरक्षक सागर को दिया गया है। रिक्त सभी वन मंडलों में डीएफओ का प्रभार भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन एक विवेक जैन की विशेष कृपा पर ही दिया गया है। प्रभार देने की खेल के चलते ही हाल ही में 6 आईएफएस अधिकारियों की वर्किंग प्लान बनाने के लिए में पोस्टिंग की गई, जिनमें से केवल देवांशु शेखर को ही सागर अनुसंधान एवं विस्तार का प्रभार दिया गया है। आपदा को अवसर में बदला प्रभार का खेल खेलने में मंत्रालय से लेकर मुख्यालय के शीर्ष अधिकारी ने तो आपदा को अवसर में बदल दिया है। यानी अधिकारियों की कृत्रिम कमी दर्शाकर प्रभार का खेल खेला जा रहा है। उदाहरण के तौर पर बांधवगढ़ नेशनल पार्क में फील्ड डायरेक्टर के पद के लिए बृजेंद्र झा, अनिल शुक्ला, रमेश विश्वकर्मा, रविंद्रमणि त्रिपाठी और नरेश यादव जैसे वाइल्ड लाइफ एक्सपीरियंस होल्डर आईएफएस अधिकारी के होते हुए भी शिवपुरी में पहले से कार्यरत वन संरक्षक अनुपम सहाय को फील्ड डायरेक्टर बनाकर वन संरक्षक शिवपुरी का पद जानबूझकर रिक्त कर दिया गया। ताकि इस पद को मैनेजमेंट कोटे से भरा जा सके। पोस्टिंग के इंतजार में है अफसर प्रभार का खेल खेलने के कारण ही वर्किंग प्लान बना चुके आईएफएस अधिकारियों की पोस्टिंग नहीं की जा रही है। दिलचस्प पहलू यह है कि इस मामले में मुख्यालय के अधिकारी बताते हैं कि प्रस्ताव शासन के पास लंबित है। यानी शासन के स्तर पर पोस्टिंग में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। यही वजह है कि प्रभार का खेल खेलने के लिए मैदान खाली है। धार का वर्किंग प्लान बना चुके आदर्श श्रीवास्तव, जबलपुर में पदस्थ वर्किंग प्लान अधिकारी रमेश विश्वकर्मा, वर्किंग प्लान अधिकारी पीएन मिश्रा, वर्किंग प्लान अधिकारी एचएस मिश्रा जैसे आईएफएस अफसर को अपनी पोस्टिंग का इंतजार है। इनमें से कुछ अधिकारियों की सेवा के 5 महीने बचे हैं तो किसी अफसर के रिटायर होने की साल भर की मियाद बाकी है। अब सीएफ और डीएफओ भी खेलने लगे भोपाल से शुरू हुआ प्रभार देने का खेल अब वन संरक्षक और डीएफओ भी खेलने लगे हैं। धार वन मंडल में तो एक-एक डिप्टी रेंजरों को दो-दो रेंज के अलावा उन्हें एसडीओ का भी प्रभार दिया गया है। धार में इसी वर्ष वनपाल से बने प्रभारी उप वन क्षेत्रपालों को दो रेंजों का प्रभार दे दिया है। जबकि वन मंडल धार में ओरिजिनल उपवन क्षेत्रपाल विक्रम सिंह निनामा एवं कमलेश मिश्रा पदस्थ हैं और वे सीनियर भी हैं किन्तु उन्हें नहीं दिया गया। इसके कारण वन मंडल में असंतोष है और यही कारण है कि धार वन मंडल में अवैध कटाई और अतिक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। रीवा वन वृत के अंतर्गत आने वाले रीवा, सीधी, सतना और सिंगरौली, छतरपुर वन वृत्त के अलावा प्रदेश के अधिकांश वन मंडलों में एसडीओ- रेंजर के पद लंबे समय से रिक्त है। इन पदों पर भी प्रभार का खेल खेला जा रहा है।

नशा युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में ले जा रहा है: प्राचार्य कटियार

Drug addiction is taking the future of the young generation into darkness: Principal Katiyar हरिप्रसाद गोहेआमला । नशा मुक्ति अभियान अंतर्गत पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय वायु सेना स्थल आमला में जन जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन आयोजित किया गया । इस मौके पर विद्यालय प्राचार्य मदन मोहन कटियार ने उपस्थित सभी बच्चों को नशा न करने की शपथ दिलाई ,साथ ही उन्होंने नशा के प्रकार, उससे होने वाले दुष्प्रभाव और उससे बचने के तौर तरीकों की चर्चा करते हुए बच्चों से अपील की कि वे समाज के हर व्यक्ति को यह संदेश दें कोई भी व्यक्ति नशा से अपना जीवन बर्बाद ना करें। उन्होंने कहा की नशा युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में ले जा रहा है नशे का शिकंजा धीरे-धीरे युवाओं को जकड़ता जा रहा है यह एक धीमे जहर की भांति शरीर को खोखला कर देता है। आज की युवा पीढ़ी सिगरेट, तंबाकू ,शराब चरस ,अफीम ,गांजा जैसे अनेक नशीले पदार्थों के साथ मोबाइल का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं जो आने वाले पीढ़ी के लिए अच्छा नहीं है। नशा न केवल व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक नुकसान करता है बल्कि पूरे परिवार और समाज को पतन कीओर ढकेल देता है । समाज में अपराध का मुख्य कारण भी नशा ही माना गया है। इसलिए हमें वर्तमान पीढ़ी को इससे बचाना है और देश के निर्माण में सबका योगदान लेना है। विज्ञान शिक्षक सुनील कुमार श्रीवास्तव ने भी बच्चों से अपील की कि सबको नशे की प्रवृत्ति से दूर रहकर अपना ध्यान पढ़ाई लिखाई और माता-पिता की सेवा में लगाना है और नशा करने वालों को रोकना है रोकना है और उन्हें समाज निर्माण के रास्ते पर लाने का प्रयास करना है पहले युवा विद्यालय और कॉलेज में गुटखा सुपारी पान तंबाकू का सेवन शौक और मस्ती में करने लगते हैं लेकिन बाद में इसकी उन्हें लत लग जाती है और वह नशे के साथ-साथ शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन करने लगते हैं नशा मुक्ति भारत अभियान का उद्देश्य न केवल जनसाधारण को नशे के दुष्प्रभाव से जागृत करना है बल्कि नशे के खिलाफ जन आंदोलन का रूप देना है ताकि नशे के खिलाफ हर आदमी अपना योगदान दे सके सभा में विद्यालय के शिक्षक श्री के , के, साहू, सिनटू बलदेवा, ज्योति परमार, लावण्या ,तनुश्री सरकार, मनीष कुमार, रुपेश चौधरी मीरा झा, चंदा, नर्मदा प्रसाद सोलंकी सहित सभी छात्र छात्राओं की उपस्थिति सराहनीय रही । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कंचन तिवारी और श्रीमती तबस्सुम खान ने किया।

मध्यप्रदेश: जनपद पंचायत के लेखापाल को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

Madhya Pradesh: Lokayukta caught the Accountant of District Panchayat red handed taking bribe in Dhar district धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के गंधवानी जनपद पंचायत के लेखापाल मनोज कुमार बैरागी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ग्राम पंचायत बलवारी कला के सरपंच प्रतिनिधि गुलाब सिंह अजनारे की शिकायत पर कार्रवाई हुई है। ग्राम पंचायत में 10 लाख रुपये की राशि से सीसी रोड का निर्माण के लिए ₹3 लाख की पहली किस्त पंचायत के खाते में जारी हो चुकी थी। शेष राशि को जारी करने लेखापाल की ओर से एक मांग पत्र जिला पंचायत कार्यालय को भेजा जाना था। आवेदक गुलाब सिंह का आरोप है कि उक्त मांग पत्र को जिला पंचायत कार्यालय भेजने के एवज में लेखापाल मनोज बैरागी ने ₹50,000 की रिश्वत मांगी। इस राशि की मांग से परेशान होकर उसने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय को शिकायत की। लोकायुक्त द्वारा शिकायत की सत्यता की जांच में सही पाया गया। लोकायुक्त इंदौर इकाई ने आज 9 नवंबर 2024 को जनपद पंचायत कार्यालय गंधवानी में आवेदक गुलाब सिंह ने तय राशि में से ₹40,000 की राशि लेखापाल को दी, जिसे मनोज बैरागी ने जैसे ही लिया, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके खिलाफ धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कानूनी कार्यवाही जारी है। लोकायुक्त टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है, और आरोपी से अन्य संभावित भ्रष्टाचार के मामलों की भी पूछताछ की जा रही है।

मध्य प्रदेश नर्सिंग कॉलेज घोटाला: सीबीआई जांच में 500 कॉलेजों के संचालन योग्य न होने का खुलासा

Madhya Pradesh Nursing College Scam: CBI investigation reveals that 500 colleges are not fit for operation. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर हुई CBI जांच में खुलासा हुआ है कि सूबे में चल रहे 700 में से 500 नर्सिंग कॉलेज संचालन योग्य ही नहीं है। ग्वालियर कोर्ट में चल रहे मामे भी जबलपुर हाईकोर्ट ट्रांसफर होंगे। मध्य प्रदेश में संचालित बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेजेस के घोटाले के मामलों में चल रही सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। नर्सिंग कॉलेजों को लेकर सीबीआई द्वारा की जा रही जांच में पता चला है कि प्रदेशभर में चल रहे 700 नर्सिंग कॉलेजेस में से 500 कॉलेज संचालन योग्य ही नहीं हैं। आपको बता दें कि, इसके पहले हुई सीबीआई जांच में सामने आया था कि, प्रदेश में संचालित सभी कॉलेजों में से महज 169 नर्सिंग कॉलेज ही योग्य थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा कराई उस जांच को एक बार फिर से बारीकी के साथ जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में 73 कॉलेज ही योग्य माने गए है। ग्वालियर बेंच से भी जबलपुर ट्रांसफर होंगे केस नर्सिंग कॉलेजेस से संबंधित चल रहे मामले ग्वालियर बेंच से भी जबलपुर हाईकोर्ट ही ट्रांसफर किए जाएंगे। जिन नर्सिंग कॉलेजों की सीबीआई जांच पर सवाल उठे हैं, उनमें एक और नया खुलासा हुआ है। जिन कॉलेजों में नर्सिंग काउंसिल की तरफ से पत्र भेजा गया है, उसमें से 8 डिफिशिएंट की सूची में हैं, जबकि 8 अनसूटेबल कैटेगरी में आ रहे हैं। नर्सिंग काउंसिल ने सभी 66 अनसूटेबल पाए गए नर्सिंग कॉलेज की सभी सत्रों और पाठ्यक्रमों की मान्यता निरस्त कर दिया है।

मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं को खुली छूट, पुलिस को जहां चाहो वहां पीटो”, जीतू पटवारी का तंज

BJP leaders in Madhya Pradesh have a free hand, beat the police wherever they want”, Jitu Patwari. मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पुलिस पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार को आईना दिखाने का अनोखा तरीका निकाला है. भोपाल। कटनी जिले के एक थाने में पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच किए जाने और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में हंगामा करने वाले खुद को बीजेपी पदाधिकारी बता रहे हैं. ये लोग वीडियो में पुलिस अधिकारियों को वर्दी उतारने की धमकी दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया “बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट दी गई है कि पुलिस को पीटो. कांग्रेस जल्द ही प्रदेश में पुलिस पिटाई की पूरी सीरीज निकालने जा रही है.” कांग्रेस बोली – अपराध न रोकें, इसलिए पिटती है पुलिसपुलिस से गालीगालौच का वीडिया समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा “बीजेपी नेता पुलिस से गालीगलौच कर थाना परिसर से अपने साथी को छुड़ा ले गए.” पुलिस से बदसलूकी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया “पुलिस की कैसे पिटाई होती है, मध्यप्रदेश इसका ज्वलंत उदाहरण है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट है कि पुलिस को पीटो. पुलिस को इसलिए मारो कि वे अपराधों को न रोकें.” कांग्रेस पार्टी पुलिस पिटाई की सीरीज निकालेगीजीतू पटवारी का कहना है “मोहन यादव सरकार में कितने पुलिसकर्मियों की पिटाई हुई है, हर जिले, तहसील में रोज पुलिस पिटती है, इस पर पूरी सीरीज निकाली जाएगी, इसे तैयार किया जा रहा है.” पटवारी ने कहा कि बीजेपी ने मोदी की गारंटी दी थी कि बहनों को 3 हजार रुपए महीना दिया जाएगा. क्या यह मिलने लगे हैं ? लाडली बहना के नाम पर भ्रमित किया गया. इसी तरह किसानों को 2700 रुपए में गेहूं खरीदा जाएगा. बीजेपी बताए यह सच है या झूठ. सरकार ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दी. एससी,एसटी, ओबीसी की छात्रवृत्ति बंद कर दी. 33 विभागों के पास पैसा नहीं है,. बीजेपी झूठ के पैरों पर खड़ी है. अगर कांग्रेस झूठ बोल रही है तो सरकार बताए सच क्या है ?

सचिन पायलट : भोपाल सचिवालय में जमे है माफिया, 400 पार के अहंकार को जनता ने दिया करारा जवाब

Sachin Pilot: Mafia is established in Bhopal Secretariat, public gave a befitting reply to the arrogance of Rs 400 भोपाल। MP by election 2024: मध्यप्रदेश पहुंचे कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि- हम सब आज उपचुनाव में प्रचार करेंगे। जनता ने जिन उम्मीदों को लेकर वोट डाले थे उस पर सरकार खरा नहीं उतरी। हर क्षेत्र में सिर्फ प्रचार, प्रसार, फोटो छप रही हैं। भोपाल सचिवालय में माफिया जमे है। 400 पार के अहंकार को जनता ने करारा जवाब दिया है। भाजपा ने दो बैसाखियों पर सरकार बनाई है। राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद सरकार की जवाबदारी तय की है।केंद्र की सरकार आज भी कांग्रेस को दोष दे रही है। चिन्हित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं। बीजेपी का ग्राफ देशभर में डाउन हो रहा है। झारखंड और महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की हवा चल रही है। हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे एमपी में मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार काम कर रही है। उपचुनाव में हम अच्छा करेंगे, एक नए बदलाव की शुरुआत होगी। प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं, सुखद परिणाम हर जगह कांग्रेस के लिए है।भारत की सीमाओं का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है। गौ माता, भगवान राम के नाम पर वोट बटोरते हैं, विपक्षी सरकारों को बजट नहीं देते, बहुत सारे नेता पार्टी छोड़ते हैं, हमारे यहां पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है। फ्री बीज को लेकर बोले – कांग्रेस सरकार अगर गरीबों को मदद करना चाहे तो उसे फ्री बीज कहते हैं, हमने जहां जो कहा वह करके दिखाया है। झूठ बोलना, कांग्रेस को कोसना कब तक करेंगे। शिवराज की योजना इतनी अच्छी थी तो उन्हें हटाया क्यों। हमारा संख्या बल अब बहुत बेहतर है, हम हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर को फुल स्टेट का दर्जा मिले यह हम चाहते हैं। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पायलट ने कहा कि- बाटेंगे और काटेंगे के खिलाफ कांग्रेस का नया प्लान। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पर कांग्रेस काम करेगी।लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस अगर आई तो मंगलसूत्र छीन ले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री काटेंगे की बात करते हैं। हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे। बीजेपी का काम है कि ध्रुवीकरण करना, धार्मिक भावना राजनीतिक आक्रमण करना, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना। अब एक तरफा हवा चल रही है गठबंधन की सरकार बनाने के लिए लोग उठ चुके हैं। नेताओं की बयानबाजी और नाराजगी बहुत सारे नेता छोड़ते हैं तो आते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने-अपने संगठन अपने विचारधारा पर काम कर रही है। हम एकजुटता से काम कर रहे हैं। शिवराज के बयान पर कहा कि वे कितने साल से काम कर रहे थे। मजबूरन उन्होंने जाना क्यों पड़ा, इसका जवाब दें। रेवाड़ी की राजनीति करते हैं। हम लोग काम करते हैं तो दिक्कत और हम अगर अनुदान देना चाहे तो समस्या, और खुद 80 करोड लोगों को फ्री भोजन कर रहे हैं. आप अन्नदाता है हम कोई घोषणा करें तो हम पाप कर रहे हैं.. सीजी में उपराष्ट्रपति के बयान पर छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बोल- कानून के बारे में रहकर कानून का काम करना चाहिए। चुनाव से पहले इस प्रकार की बातें करना और धार्मिक बातें बोलकर वोट बटोरना ठीक बात नहीं है। विकास की बात करनी चाहिए। कभी गौ माता, कभी नागरिक संहिता, कभी मंदिर की बात सिर्फ चुनाव के लिए करते हैं। ऐसी राजनीति को जनता भी स्वीकार नहीं कर रही है

हर जिले में साइबर थाना, हर थाने में हेल्प डेस्क… फ्रॉड करने वालों की खैर नहीं

CM Mohan Yadav’s action plan: Cyber ​​police station in every district, help desk in every police station… fraudsters are in trouble मध्य प्रदेश के हर जिले में अब साइबर पुलिस स्टेशन खुलेंगे और हर थाने में हेल्प डेस्क बनेगी। अब तक यह सुविधा सिर्फ भोपाल में थी। अन्य जिलों में पुलिस थानों में साइबर ठगी की शिकायतें लिखी जाती थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के आदेश के बाद यह फैसला लिया गया है। भोपाल ! मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर जिले में एक साइबर थाना और हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क होगी।यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। अभी तक सिर्फ भोपाल में ही एक साइबर थाना था, बाकी जिलों में साइबर क्राइम के मामले क्राइम ब्रांच में दर्ज होते थे। एक साल पहले आ गया था प्रपोजल साइबर हेल्प डेस्क बनाने का प्रस्ताव तो एक साल पहले ही आ गया था, लेकिन बजट नहीं होने की वजह से इस पर काम नहीं हो पाया था। अब राज्य साइबर मुख्यालय ने इसके लिए शासन से बजट की मांग की है और उम्मीद है कि जल्द ही यह सुविधा सभी जिलों में शुरू हो जाएगी। पुलिसकर्मियों को मिलेगी ट्रेनिंग पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि साइबर हेल्प डेस्क में एक पुलिसकर्मी को साइबर क्राइम की जांच के लिए ट्रेनिंग देकर तैनात किया जाएगा। यह पुलिसकर्मी लोगों की शिकायतें सुनेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें साइबर थाने भेजेगा। इस साल में 250 करोड़ की ठगी साइबर क्राइम के मामलों में पिछले कुछ सालों में काफी तेजी आई है। पिछले पांच सालों में साइबर क्राइम की शिकायतें पांच हजार से बढ़कर तीन लाख से ज़्यादा हो गई हैं। साइबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। दूसरे देशों से ठगी कर लेते हैं लोग साइबर पुलिस के मुताबिक, दूसरे देशों में बैठे लोग भी इस तरह के अपराध में शामिल हैं। साइबर थाने बनने से साइबर कानून के जानकार पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकेंगे। इससे अपराध की घटनाओं पर कार्यवाई में तेजी आएगी। जांच से लेकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने तक का काम समय पर और अच्छी तरह से हो सकेगा। मध्य प्रदेश में बढ़े हैं ऐसे मामले मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है, इसलिए हर जिले में एक अलग साइबर थाने की सख्त ज़रूरत है। उम्मीद है कि इससे साइबर अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और लोग साइबर ठगी से बच सकेंगे।

मध्यप्रदेश-राजस्थान ने चीता संरक्षण और कॉरिडोर विकास के लिए संयुक्त प्रबंधन समिति बनाई

Madhya Pradesh-Rajasthan form joint management committee for cheetah conservation and corridor development मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने और चीता कॉरिडोर के विकास के लिए दोनों राज्यों ने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया है। यह समिति चीता के संरक्षण, पर्यटन संभावनाओं और क्षेत्रों के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाएगी। साथ ही, यह हर तीन माह में अपनी रिपोर्ट दोनों राज्यों की सरकारों को सौंपेगी। इस समिति के संयुक्त अध्यक्ष मध्यप्रदेश और राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक होंगे। अन्य सदस्य के रूप में चीता प्रोजेक्ट के निदेशक, क्षेत्र संचालक/संचालक, वन्य-प्राणी विशेषज्ञ, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि और भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा नामांकित प्रतिनिधि होंगे। समिति मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता परियोजना कॉरिडोर के लिए एमओयू का मसौदा तैयार करेगी। यह कॉरिडोर चीतों के सुरक्षित भ्रमण और उनके संरक्षण के लिए विकसित किया जाएगा। समिति कूनो और रणथंबौर क्षेत्रों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन के लिए नए मार्गों का मूल्यांकन करेगी। यह पर्यटन के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ चीतों के संरक्षण में भी सहायक होगा। समिति उन अधिकारियों और फ्रंट-लाइन कर्मचारियों के क्षमता निर्माण पर भी ध्यान देगी, जो कूनो से राजस्थान तक मौजूदा कॉरिडोर में चीतों की निगरानी और गश्त में शामिल हैं। इससे चीतों की सुरक्षा और संरक्षण में सुधार आएगा। कूनो और गांधी सागर अभ्यारण्य क्षेत्रों से चीतों के भविष्य के माइग्रेशन के लिए उपयुक्त क्षेत्रों का विकास भी समिति के कार्यक्षेत्र में शामिल रहेगा। इसके लिए प्रि-औगमेंटेशन बेस तैयार कर सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।

नवनियुक्त उप पुलिस अधीक्षकों की पदस्थापना, जानिए किन्हें मिली कहां की जिम्मेदारी

Posting of newly appointed Deputy Superintendents of Police, know who got the responsibility and where भोपाल। गृह विभाग के लिए आयोजित उप पुलिस अधीक्षक (रेडियो) चयन परीक्षा 2021 में चयनित 11 नवनियुक्त DSP की पोस्टिंग कर दी गई है। अरुण कुमार द्विवेदी और मयंक राय भोपाल पुलिस रेडियो मुख्यालय में सेवाएं देंगे। जितेंद्र पाटीदार मुरैना पुलिस रेडियो रेंज में पदस्थ किए गए हैं। वहीं संजय कुमार भोपाल पुलिस रेडियो रेंज में रहेंगे। लोकेश कुमार जाटव को इंदौर पुलिस रेडियो प्रशिक्षण शाला में पदस्थ किया गया है।

भोपाल: लोकायुक्त की कार्रवाई, नगर निगम कर्मचारी को 3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

Lokayukta raid in Bhopal: Municipal Corporation employee arrested red handed taking bribe of Rs 3 thousand भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal) में लोकायुक्त (Lokayukta Raid) ने छापामार कार्रवाई की है। माता मंदिर स्थित नगर निगम (Municipal council) कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पेंशन प्रकरण में नाम ट्रांसफर करने के एवज में घूस मांगी थी। दरअसल, आवेदक के पिता की पिछले महीने मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उसने पेंशन विभाग में इसे मां के नाम ट्रांसफर करवाने के लिए आवेदन दिया था।काम करने के बदले में कर्मचारी दौलत कुमार घोसले ने 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद दोनों के बीच 3 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। आवेदक ने 4 नंबर को इसकी शिकायत लोकायुक्त में कर दी। जिसके बाद प्लान बनाकर युवक को घूस के पैसे देने के लिए भेजा गया। जैसे ही उसने 3 हजार रुपए दिए, टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

भोपाल: साइबर ठगों ने पुलिस कमिश्नर के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी की कोशिश, क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

Bhopal: Cyber ​​​​thugs tried to cheat by creating a fake account in the name of Police Commissioner, investigation handed over to Crime Branch. भोपाल: राजधानी में साइबर ठगों ने हद ही पार कर दी। भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर साइबर ठगों ने लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश की। ठग फर्जी अकाउंट से लोगों को रिक्वेस्ट भेज रहे हैं और एक्सेप्ट होने पर पैसे मांगने लगते हैं। खुद पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा मामलामामला अब खुद पुलिस कमिश्नर तक पहुंच गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह पहली बार नहीं है जब पुलिस कमिश्नर मिश्रा को निशाना बनाया गया है। जब वह इंदौर के पुलिस कमिश्नर थे, तब भी उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाया गया था। तब इंदौर क्राइम ब्रांच ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस अकाउंट को बंद करवा दिया था। क्या करते हैं ठगठग लोगों से उनका मोबाइल नंबर मांगते हैं और कहते हैं कि उनका कोई परिचित उन्हें कॉल करेगा। फिर वो व्हाट्सएप पर सस्ते फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने का झांसा देकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं। क्राइम ब्रांच देख रही मामलापुलिस कमिश्नर मिश्रा ने कहा, ‘यह मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। क्राइम ब्रांच आईपी एड्रेस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।’ लोगों की बढ़ी चिंतासाइबर ठग अब पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाने से नहीं चूकते। पहले जहां आम लोगों के फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी की जाती थी, वहीं अब ये अपराधी पुलिस अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना निजी नंबर या कोई भी जानकारी न दें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय भी सावधानी बरतें और किसी भी अनजान वेबसाइट या लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी शेयर न करें।

नगरीय निकायों का बकाया बिजली बिल चुकाएगी सरकार

Government will pay the outstanding electricity bill भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार ने नगरीय निकायों के करोड़ों रुपये के बकाया बिजली बिल चुकाने का निर्णय लिया है। आर्थिक संकट में फंसे इन निकायों की सहायता के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग किया जाएगा, जिससे उनकी बिजली की देनदारी चुकाई जा सकेगी। 60 करोड़ रुपये की स्वीकृति मप्र नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस मद से 60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें से सबसे अधिक 31 करोड़ रुपये पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दिए जाएंगे, जिससे इंदौर नगर निगम के 23 करोड़ रुपये का बकाया बिल समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा भोपाल नगर निगम के 5 करोड़, जबलपुर के 5.5 करोड़ और ग्वालियर के 2.5 करोड़ रुपये का बिल भी चुकाया जाएगा। वित्तीय स्थिति की चुनौती मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि वे अपने बिजली के बिल समय पर चुकाने में असमर्थ हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है कि इन निकायों की वसूली बेहद कम है। पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा रहवासियों से शुल्क की वसूली में कमी आई है। सरकार का निर्णय इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग बिजली के बकाया बिलों का भुगतान करने का निर्णय लिया है। यह राशि अब मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बजाय बिजली बिल चुकाने में खर्च की जाएगी। इससे विद्युत वितरण कंपनियों पर भी दबाव कम होगा और उनकी सेवा में भी कोई बाधा नहीं आएगी।

जिला न्यायालय के सामने दो पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट, आठ लोग घायल

Fighting with sticks between two parties in front of the District Court, eight people injured मुरैना ! जिला न्यायालय के बाहर हुई एक गंभीर घटना ने सभी को चौंका दिया। जिला न्यायालय के सामने दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। यह बवाल पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को लेकर पेशी के दौरान शुरू हुआ। घटना का विवरण घटना उस समय हुई जब दोनों पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुए थे। पेशी खत्म होने के बाद, अचानक दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया। एक पल में स्थिति बिगड़ गई, और समर्थकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस दौरान अदालत परिसर में अफरातफरी मच गई, और कई लोग केवल तमाशाई बनकर देखते रहे। घायलों की स्थिति मारपीट में घायल हुए लोगों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और चिकित्सक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन वे स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रहे। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी घायलों के बयान दर्ज किए जाएंगे। न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। न्यायालय परिसर में उपस्थित लोगों ने कहा कि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो यह मारपीट इतनी गंभीर नहीं होती। इस घटना ने मुरैना में एक बार फिर से कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उजागर किया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई और न्यायालय परिसर में सुरक्षा उपायों पर हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वह मामले की गहराई से जांच करेगी और सभी संबंधित लोगों को सजा दिलाने का प्रयास करेगी।

भोपाल: मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्तियों की चर्चाएं तेज, नेता नियुक्तियों की राह देख रहे

Bhopal: Discussions on appointments in corporations and boards intensify in Madhya Pradesh, leaders are waiting for appointments. भोपाल: मध्यप्रदेश में जल्द ही निगम-मंडलों में नियुक्तियां हो सकती हैं, जिसको लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कई नेता इन पदों के लिए इंतजार कर रहे हैं। इंतजार करें भी क्यों न टिकट कटने के बाद पार्टी उन्हें ‘जरूरी’ मानते हुए किसी न किसी पद पर तो स्थान देगी ही। बस इसी उम्मीद में ‘नेता जी’ आस लगाए बैठे हैं। और पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वैसे इसे लेकर पार्टी से भी संकेत मिलने लगे हैं। एमपी के सियासी गलियारों में यह चर्चा पिछले दो तीन महीनों से जोरों शोरों पर है। जब दो महीने पहले सीएम मोहन यादव का दिल्ली दौरा हुआ था तब भी मामले ने जमकर तूल पकड़ा था। कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली में आलाकमान से मिलने के बाद नेताओं के नाम फाइनल किए जा रहे हैं। इन नेताओं के नाम रेस मेंबीजेपी के विनोद गोटिया, हेमंत खंडेलवाल और राजेंद्र सिंह राजपूत जैसे दिग्गज नेता इन पदों की कतार में आगे हैं। वहीं कांग्रेस से दीपक सक्सेना और गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, पार्टियों के द्वारा कोई भी निर्णय पब्लिक नहीं किया गया है। इसके कारण कई नेताओं के सब्र का बांध भी भरता जा रहा है। विरोधाभासी रहा इतिहासदिलचस्प बात यह है कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली पिछली बीजेपी सरकार ने इन पदों पर नियुक्तियां की थी। बाद में फरवरी 2024 के समय मोहन सरकार ने निगम मंडल की नियुक्तियां को निरस्त कर दिया था। अब देखना होगा कि किन-किन नेताओं को इन पदों पर जगह मिलती है।

बांधवगढ़ में हाथियों की मौत: मुख्यमंत्री ने लिया एक्शन, फील्ड डायरेक्टर-प्रभारी एसीएफ निलंबित

Death of elephants in Bandhavgarh: Chief Minister took action, field director-in-charge ACF suspended बांधवगढ़ में हुई हाथियों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन में हैं. सीएम ने बैठक आयोजित की, जिसमें राज्य स्तरीय ‘हाथी टास्क फोर्स’ गठित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही सीएम ने बांधवगढ़ फील्ड डायरेक्टर और प्रभारी एसीएफ को निलंबित करने के निर्देश दिए. सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में उमरिया जिले के वन क्षेत्र में पिछले दिनों 10 हाथियों की अलग-अलग दिन हुई मृत्यु की घटना दुखद एवं दर्दनाक है, जिसे राज्य शासन ने गंभीरता से लिया है. वन राज्य मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने क्षेत्र का भ्रमण किया है. प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई कीटनाशक नहीं पाया गया है. पोस्ट मार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आना शेष है. हाथियों के बड़े दल के रूप में आने की घटना गत दो तीन वर्ष में एक नया अनुभव भी है. उमरिया और सीधी जिले में बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी दिख रही है. ऐसे में फील्ड डायरेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को सतर्क और सजग रहने की जरूरत है. अवकाश पर जाना पड़ा महंगा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हाथियों की मृत्यु की इतनी बड़ी घटना के समय फील्ड डायरेक्टर का अवकाश से वापस न आना और पूर्व में हाथियों के दल के संदर्भ में जो आवश्यक चिंता की जानी चाहिए, वह नहीं की गई. इस लापरवाही के लिए फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी को सस्पेंड किया गया. साथ ही प्रभारी एसीएफ फतेह सिंह निनामा को भी निलंबित किया गया. केरल-कर्नाटक-असम जाकर करे अध्ययन सीएम ने कहा कि बांधवगढ़ क्षेत्र एवं अन्य वन क्षेत्रों में हाथियों की रहने की अनुकूल और आकर्षक स्थिति हे. वन क्षेत्रों का प्रबंधन उत्तम होने से हाथियों के दल जो छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों से आया करते थे और वापस चले जाते थे वह अब वापस नहीं जा रहे हैं. यहां बड़े पैमाने पर हाथियों द्वारा डेरा डालने की स्थिति देखी जा रही है. यह मध्यप्रदेश की वन विभाग की गतिविधियों का हिस्सा बन गए हैं. ऐसे में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए स्वाभाविक रूप से स्थाई प्रबंधन के लिए शासन के स्तर पर हाथी टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया जा रहा है. हाथियों को अन्य वन्य प्राणियों के साथ किस तरह रहवास की सावधानियां रखना चाहिए, इसके लिए योजना बनाई जा रही है. इसमें कर्नाटक, केरल और असम राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिसेस को शामिल किया जाएगा. इन राज्यों में बड़ी संख्या में हाथी रहते हैं. इन राज्यों में मध्यप्रदेश के अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिससे सहअस्तित्व की भावना के आधार पर हाथियों के साथ बफर एरिया, कोर एरिया में बाकी का जन जीवन प्रभावित न हो, इसका अध्ययन किया जाएगा. हाथियों की सुरक्षा को खतरा न हो. इस पर हमने गंभीरता से विचार किया है.

बांधवगढ़ पहुंचकर नए विवाद में उलझे वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार

State Forest Minister Dilip Ahirwar got embroiled in a new controversy after reaching Bandhavgarh उदित नारायणभोपाल। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने स्वयं वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट की धज्जियां उड़ाते नजर आए। वह अपने गनमैन के साथ शनिवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की कुछ स्थल पर पहुंचे, जहां जहरीला पदार्थ खाने से जंगली हाथी दम तोड़ रहे थे। देश का यह पहला मामला है जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिन में 10 जंगली हाथियों की मौत हो गई।मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर शनिवार को वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार विभाग के अपर मुख्य सचिव और वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव के साथ बांधवगढ़ पहुंचे थे। वन्य प्राणी एक्सपर्ट अधिकारियों की मौजूदगी में वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार अपने गनमैन के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पहुंच गए। वहां उपस्थित किसी भी अधिकारी ने राज्य मंत्री को यह बताने की कोशिश नहीं की कि वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अश्वशास्त्र के साथ टाइगर रिजर्व अथवा सेंचुरी में जाना वर्जित है। वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 31के अनुसार – अस्त्र-शस्त्र के साथ अभयारण्य में प्रवेश का निषेध है। इसमें यह भी प्रावधान किया है कि कोई भी व्यक्ति मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी से लिखित पूर्व अनुमति के बिना किसी भी हथियार के साथ अभयारण्य अथवा टाइगर रिजर्व में प्रवेश नहीं करेगा। सूत्रों के अनुसार वनराज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने गनमैन के साथ टाइगर रिजर्व में जाने हेतु पीसीसीएफ वन्य प्राणी वीएन अम्बाड़े से लिखित में पूर्व से अनुमति नहीं ली थी। अब सवाल यह भी उठने लगा है कि क्या फॉरेस्ट के अधिकारी अपने राज्य मंत्री के खिलाफ एक्शन की हिम्मत जुटा सकेंगे..?

जंगलों में अतिक्रमण रोकने पर वन माफिया का कहर, वन अमले पर जानलेवा हमला फिर भी पुलिस ने नहीं किया मामला दर्ज

Forest mafia wreaked havoc on forest encroachment, deadly attack on forest staff but police did not register a case मध्य प्रदेश में जंगलों में अतिक्रमण करने वाले वन माफिया के हौसले अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे उन्हें रोकने की कोशिश करने वाले वन अमले पर भी हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र से वन अमले पर इसी तरह से कई प्राण घातक हमले करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला निमाड़ के ही खंडवा जिले के गुड़ी वन परीक्षेत्र का है, जहां जंगल में किये जा रहे अतिक्रमण की जानकारी मिलते ही वन अमला हरकत में आया और उसे रोकने पहुंचा था। इस दौरान जंगल की जमीन पर जुताई कर रहा एक ट्रैक्टर चालक वन अमले को देख, उसका कल्टीवेटर जंगल में ही छोड़कर फरार हो गया। वहीं जब वन अमला उस कल्टीवेटर को जब्त कर वापस लौट रहा था। इस बीच करीब 30 से 35 महिलाओं के झुंड ने वन अमले पर लाठी, पत्थरों और डंडों से हमला कर दिया और उन्हें वहां से भाग जानें, नहीं तो जान से मार देने की धमकियां देने लगा। यही नहीं, कुछ महिलाओं ने तो वन अमले के साथ झूमा झटकी कर वन कर्मचारियों की वर्दी तक फाड़ दी। हालांकि इसकी नामजद शिकायत पिपलोद थाना में शुक्रवार को करने के बावजूद भी पुलिस ने इसपर कोई एक्शन नहीं लिया। निमाड़ के जंगलों में लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और यहां की बेशकीमती वन संपदा का अतिक्रमणकारी जमकर दोहन कर प्रकृति के साथ ही शासन को आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। इन वन माफियाओं के खिलाफ पुलिस की पुख्ता कार्रवाई नहीं होने के चलते अब इस तरह की घटनाओं में लगातार इजाफा होते जा रहा है। ऐसा ही मामला गुडी वन परिक्षेत्र में बीते गुरुवार को सामने आया, जब सभी दीपावली पर्व की खुशियां मना रहे थे, तब जिले के गुड़ी रेंज के रेंजर नरेंद्र सिंह और उनकी टीम सूचना मिलने पर अतिक्रमण रोकने बीट भिलाईखेड़ा के कक्ष क्रमांक 749 में नवाड की भूमि पर पहुंची थी। यहां टीम को देख मौके से जुताई कर रहा ट्रैक्टर चालक उसका कल्टीवेटर निकालकर भाग गया। टीम ने मौके से कल्टीवेटर को जब्त कर इस मामले में वन अपराध का प्रकरण दर्ज किया। वन अमले पर इस तरह हुआ हमला बताया गया कि जब्ती कार्रवाई के बाद जब वन अमला दो दलों में वापस लौट रहा था। इस बीच दोपहर करीब 2 बजे सरपंच टांडे की लगभग 30-35 महिलाओं ने पीछे रह गए वन स्टॉफ के परिक्षेत्र सहायक सरमेश्वर के शांतिलाल चौहान, परिक्षेत्र सहायक कोठा के पंजावराव पंडाग्रे, परिक्षेत्र सहायक आराखेडा के कैलाश लोवंशी सहित वन रक्षकों जितेन्द्र पगारे, मनोज तंवर और भरत भूषण मिश्र एवं सुरक्षा श्रमिक गनिया को घेर लिया। यही नहीं, इन महिलाओं के झुंड ने इस वन अमले के साथ मारपीट की एवं धमकी देते हुए कहने लगी कि यहां से भाग जाओ नहीं तो जान से मार देंगे। इस दौरान महिलाओं के हाथों में दराती, पत्थर एवं लाठी डंडे भी थे। महिलाओं ने वन स्टाफ को डंडे से पीटा और वर्दी तक फाड़ दी। इस हमले में जितेन्द्र पगारे वन रक्षक की पीठ पर डंडे से पिटाई के निशान थे, तो वहीं मनोज तंवर के गले मे नाखून के निशान थे, जिसके फोटोग्राफ भी लिए गये। वन अमले ने की थी नामजद शिकायत वहीं इस पूरे मामले में गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को रोकने पहुंचे वन अमले के साथ 31 अक्तूबर को हुई इस घटना की जानकारी एक शिकायत पत्र के जरिए उसी दिन संबंधित पिपलोद थाना पर दी गई थी। इसके बाद अगले दिन वन अमला एक बार फिर से हमला करने वाली महिलाओं की पहचान करने उस जगह पहुंचा था, जहां से कुछ महिलाओं के नाम मालूम चलने पर 1 तारीख को थाने पर उन महिलाओं के नाम बताते हुए इसकी लिखित शिकायत की गई थी। साथ ही पीड़ित स्टाफ के चोट के निशान एवं फटी वर्दी भी थाना प्रभारी पिपलोद को दिखाई गयी थी। जांच के बाद ही हो सकेगा मामला दर्ज इधर पिपलोद थाना प्रभारी एसएन पांडे का कहना है कि वन अमले के साथ महिलाओं के द्वारा मारपीट करने और वर्दी फाड़ने जैसी शिकायत को लेकर उन्हें आवेदन तो मिला है, जोकि अभी जांच में है। इसलिए अब तक इस मामले में किसी तरह की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि शासकीय कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट को लेकर तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं करने का क्या कारण रहा? तब उन्होंने बताया कि अभी जांच जारी है, जिसके बाद ही मामला दर्ज हो पाएगा। वहीं इसको लेकर खंडवा डीएसपी अनिल चौहान ने बताया कि जानकारी मिली है कि फॉरेस्ट टीम पर हमला करने को लेकर शिकायत की गई है। इस मामले में पिपलोद थाने के द्वारा जांच की जा रही है।

15 लोगों ने मिलकर एक को चाकूओं से किया छलनी, युवक की मौत से मातम

15 people together stabbed a man with knives, mourning over the death of the young man जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में दिनेश झारिया नाम के एक शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना गढ़ा थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि दिनेश का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद 10-15 लोगों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। हमला इतना इतना भयानक था कि इससे दिनेश की मौत हो गई। उसके पेट में कई गहरे घाव मिले हैं। मृतक छुई खदान क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। दिनेश का कुछ लोगों से मामूली विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि 10 से 15 लोगों ने मिलकर दिनेश पर चाकू से हमला कर दिया। घटनास्थल पर पहुंची प्रशासन की टीमघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल दिनेश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 15 से ज्यादा लोगों ने किया हमलाइस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 15 से ज्यादा लोग थे जिन्होंने दिनेश पर हमला किया था। हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हुआसीएसपी डीपीएस चौहान ने बताया कि दिनेश झारिया नाम के युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई है। फिलहाल हत्या किस वजह से हुई है, इसकी जानकारी नहीं लग पाई है। बताया जा रहा है कि मामूली विवाद में हत्या की गई है। इन आरोपियों के खिलाफ मामला हुआ दर्जउन्होंने आगे बताया कि हत्या का आरोप निहाल केवट, राजू सेन, भुज्जी सेन पर है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगी हुई हैं। जल्द ही हम आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर दिनेश को सही समय पर अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

सीएम मोहन यादव: कांग्रेस के लोग झूठ बोलकर सरकार बनाते हैं

CM Mohan Yadav: Congress people form government by telling lies मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेताओं को माफी मांगना चाहिए, आमजनता से जिनसे झूठ बोलकर उन्होंने हिमाचल की सरकार बनवाई, कर्नाटक की सरकार बनवाई। झूठ के पहाड़ से आज नहीं तो कल उनका सामना होता ही है, जनता परेशान होती है। मैं उम्मीद करूंगा कि जिस प्रकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है, उससे इस बदलते दौर में महाराष्ट और झारखंड दोनों ही राज्यों में भी भाजपा की सरकारें बनेंगी। तोमर बोले- वन नेशन वन इलेक्शन आदर्श स्थिति मीडिया से चर्चा में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन इससे ज्यादा आदर्श स्थिति लोकतंत्र के लिए और कोई नहीं हो सकती है। नरेंद्र मोदी देश के ऐसे नेता हैं, जिन्होंने तमाम सारे अवरोधों के बाद भी हिंदुस्तान, श्रेष्ठ हिंदुस्तान बने इसके लिए प्रयासरत हैं। जहां तक प्रतिपक्ष का सवाल है, प्रतिपक्ष पूरी तरह दिवालिया हो चुका है, बिना आधार के इस प्रकार की बातें करके सिर्फ विरोध करता है। गोरस आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से संक्षिप्त चर्चा में कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के लोग झूठ बोलकर सरकार बनाते हैं, मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद ने स्वीकार किया है। ऐसे झूठ बोल-बोल के सरकार बनाना उनके लिए भी शर्म की बात है। ये वही बात थी, जो चुनाव के पहले भाजपा कहती रही है कि चुनाव के पहले कांग्रेस जितने गलत काम कर सकती है वह सब करती है।

डिंडोरी अस्पताल में अमानवीयता की हद: पति की मृत्यु के बाद गर्भवती पत्नी से कराया बेड साफ़, प्रशासन पर उठे सवाल

The height of inhumanity in Dindori Hospital: After the death of the husband, the pregnant wife was made to clean the bed, questions raised on the administration मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के सरकारी अस्पताल में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु के तुरंत बाद उसकी पाँच महीने की गर्भवती पत्नी को बेड की सफाई करने के लिए मजबूर किया गया। जिस महिला ने अभी-अभी अपने पति को खोया था और दुःख में डूबी हुई थी, उसे प्रशासन द्वारा इस तरह का काम सौंपा गया, जो मानवीय संवेदनाओं की पूरी तरह अनदेखी को दर्शाता है। घटना ने उठाए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल यह घटना प्रशासनिक संवेदनहीनता की ओर इशारा करती है। सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी अस्पताल में सफाई व्यवस्था इतनी लचर है कि एक शोकाकुल गर्भवती महिला से ही सफाई कराई जाए। अस्पताल प्रशासन के इस रवैये को लेकर आम जनता में आक्रोश है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की लापरवाही और गरीब मरीजों के प्रति संवेदनहीनता की पोल खोल दी है। मुख्यमंत्री से कार्रवाई की माँग घटना के सामने आने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की जा रही है। ऐसे अमानवीय कृत्यों के प्रति शासन की अनदेखी से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या गरीब तबके के लोगों के प्रति सरकारी अस्पतालों में मानवीय व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती? स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता यह घटना इस बात को दर्शाती है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में केवल चिकित्सा सुविधाओं में ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के संवेदनशीलता और प्रशिक्षण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। आम जनता यह आशा करती है कि शासन ऐसी घटनाओं से सबक ले और अस्पतालों में मानवीयता और संवेदनशीलता को सर्वोपरि रखा जाए। अस्पताल प्रशासन की ऐसी घटनाएँ स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रश्न चिह्न लगाती हैं और गरीब परिवारों के प्रति संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग से उम्मीद है कि वे इस मामले में गंभीरता से कदम उठाएँगे, ताकि भविष्य में कोई गरीब परिवार ऐसी अमानवीयता का शिकार न हो।

बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिया सरकार को लिया आड़े-हाथ

Leader of Opposition Umang Singhar took the government to task over the death of elephants in Bandhavgarh. Umang Singhar News: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के मामले को लेकर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार इस घटना पर चुप क्यों है. मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के मामले को लेकर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने निशाना साधा है. उन्होंने एमपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस घटना पर चुप क्यों है, जबकि हम हाथियों की भगवान गणेश के रूप में पूजा करते हैं. सरकार को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेना चाहिए. उमंग सिंघार ने कहा कि एक तरफ हम हाथियों की यानी गणेशजी की पूजा कर रहे हैं और दूसरी तरफ सरकार हाथियों की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं और वहीं वन मंत्री वोट मांग रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि वन्य प्राणियों के साथ में आदिवासियों का गहरा नाता और ताना-बना है. इस घटना में आदिवासियों का कोई दोष नहीं है. जल जंगल जमीन आदिवासियों का अधिकार है और सरकार को आदिवासियों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्य प्राणियों की भी सुरक्षा करनी चाहिए. करीब 4 साल से हाथी झारखंड और कर्नाटक से आते रहे हैं. इस बीच में क्या सरकार ने उन वन समितियां से कोई चर्चा की या उन आदिवासियों से चर्चा की या उनके साथ कोई बैठक की या हाथियों के विस्थापन की बात कही. हाथियों का किस तरह से विस्थापन करना है. उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार ने किसी भी तरह की कोई प्लान नहीं बनाया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को तत्काल इस मामले में संज्ञान लेते हुए वन्य समितियों के साथ और आदिवासियों के साथ चर्चा करनी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इल्जाम लगाते हुए कहा कि सरकार वन्य प्राणी और आदिवासी विरोधी सरकार है. सरकार को संज्ञान लेते हुए उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए फिर चाहे वह अधिकारी हो या उसका कुप्रबंध हो. इस मामले में आदिवासियों की कोई जिम्मेदार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने भी हाथियों की मौत पर सवाल खड़े किए हैं.उमरिया-बांधवगढ टाइगर रिजर्व के खितौली परिक्षेत्र के सलखनियां के जंगल में 10 हाथियों की मौत हुई है. 10 हाथियों की मौत के बाद बांधवगढ पार्क प्रबंधन अपनी इस गलती को छिपाने में जुटा है. किसानों की कोदो की फसल को मौत का जिम्मेदार मानते हुए फसल को नष्ट कराया. NTCA दिल्ली की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. हाथियों के पीएम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा.

10 हाथियों की मौत से पार्क प्रबंधन पर उठे कई सवाल खड़े…?

Death of 10 elephants raises many questions on park management…? भोपाल। बांधवगाढ़ टाइगर रिज़र्व में 10 जंगली हथियो की मौत ने देश में हड़कंप मचा दिया पर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं दिखाई नहीं देती नजर आ रही है। अपर मुख्य सचिव की अपने-पराए के आधार पर पोस्टिंग से लेकर वन सुरक्षा और इको समितिओं की निष्क्रिता पर सवाल उठने लगे हैं। अगर वन विभाग ने 26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में हुई हाथियों की मौत की घटना को गंभीरता से ले लिया होता तो शायद हाथियों को बचाया जा सकता था। हाथियों की मौत को लेकर सेवा निवृत मुख्य वन संरक्षक डॉ एसपीएस तिवारी पार्क प्रबंधन की कार्य शैली पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि बान्धवगढ़ में जंगली हाथी झारखंड के पलामू के जंगलों से कुसमी होते हुए संजय टाइगर रिज़र्व जो सीधी, सिंगरौली और छत्तीश गाढ़ में फैला है, बान्धवगढ़ में आये है और अनुकूल परिस्थियाँ पाकार स्थायी रूप से यहाँ स्थापित हो गए। वास्तव में पलामू से बान्धवगढ़ तक ग्रीन कॉरिडोर भी है। आज के स्थिति में 80 से 90 जंगली हाथी बांधव गढ़ में रह रहे है। बांधव गढ़ के पनपथा बफर जोन अंतर्गत ग्राम बकेली सलखनिया गांव के पास हाथियों की मौत के कारण का पता लगाने में पार्क प्रबंधन और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट एवं डॉक्टर्स की टीम व्यस्त है। कारण जो भी हो, 10 जंगली हथियो की मौत ने पार्क प्रबंधन पर कई सवाल खड़े कर रहें है। डॉ तिवारी ने लिखा है कि मैं 1990 से 1995 तक उपवनमंडलाधिकारी मानपुर के हैसियत से पदस्थ था। तब पनपथा रेंज क्षेत्रीय रेंज था। तब भी यहां बाघों की अच्छी संख्या थी। पातौर ताला से मात्र 7 किमी की दूरी पर है। सलखनिया पातौर से लगा हुआ आदिवासी बाहुल्य गांव है , जहां मुख्यतया बैगा आदिवासी निवास करते है। पातौर और सलखनिया में वनसुरक्षा समिति गठित थी, जो बहुत ही सक्रिय थी और वन और वन्यप्राणी अपराधों को रोकने में सक्रिय भूमिका अदा करती थी । कोई छोटे-मोटे वन अपराध होने पर, गांव के लोग समिति की मीटिंग बुलाकर मावज़ा और अपराधी को सामाजिक रूप से बहिष्कृत भी करते थे। बैगा आदिवासी बहुत अंतर्मुखी होते है और वो तभी बाहरी व्यक्ति से खुल कर बात करते है जब वो समझ जाते है की ये अपने वाले है और हमारी भलाई के लिए है। अब यह सारा क्षेत्र अब बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में आ गया है अतः अब ये समितिया ईको समिति के रूप में परिवर्तित हो गई है। पातौर वन समिति तो वन सुरक्षा में इतनी सक्रिय थी कि तत्कालीन कलेक्टर शहडोल एसपीएस परिहार स्वयं कई बार समिति की मीटिंग में आये और बहुत सरे ग्राम विकास के कार्य भी करवाये। आख़िर ऐसा क्या हुआ कि 10 जंगली हाथी की मौत हो गई और पार्क प्रबंधन को पूर्व से हथियों के एक्टिविटी के बारे में जानकारी नहीं हो सकी। मौत का कारण तो अभी निश्चित नहीं हो पाया है परंतु यह बात प्रारंभिक रूप से मालूम हो रही है कि ज़हरीला पदार्थ खाने से मृत्यु हुई है। ऐसी भी आशंका जतायी जा रही है कि धान की फसल मी माहुर रोग लग गया था, उसके बचाव हेतु धान फसल में रसायन का छिड़काव किया गाया था, जिसे खाने से मृत्यु हुई होगी। अन्यथा जहर खुरानी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। सवाल यह है कि क्या इकोसमितिया निष्क्रिय हो गई..? क्या अधिकारी और कर्मचारी वहां के स्थानीय लोगों से संपर्क तोड़ चुके है। यदि इको समितियां सक्रिय होती तो गांव के लोग लोकल बीटगार्ड को ज़रूर बतलाते कि हाथी बीमार दिख रहे है। और शायद समय रहते इनका उपचार होता और 10 हाथी नहीं मरते। मुखबिर तंत्र का ह्रास एवं वन समितियों का निष्क्रिय होना ही इस असामयिक मृत्यु का मुख्य कारण समझ में आ रहा है। जनता को प्रबंधन से नहीं जोड़ा गयाप्रदेश में लगभग 15608 वन समितियों का गठन संयुक्त वन प्रबंधन के तहत हुआ है। 1051 इकोसमितियाँ है। इन समितियों की निरंतर बैठक एवं विकास तथा सुरक्षा राशि का इनके खाते में डाल कर स्थानीय जनता को रोज़गार देने का प्रावधान भी है परंतु कालांतर में इस विषय को ज़्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। अज प्रदेश में 8 जंगली हथियो के मरने से वन एवं वन्य प्राणी प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़ा होता है। ज़रूरत है, मृत्यु के कारण के तह तक जा कर इसे उजागर करे और भविष्य के लिए सीख ले। ताकि ऐसी घटना दोबारा ना घटे। जंगलों में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त वन प्रबंधन को मज़बूत कर वनसमितियों को सक्रिय करे।डॉ एस पी एस तिवारी आईएफ़एससेवा निवृत मुख्य वन संरक्षक एमपी भोपाल

कांग्रेस का विजयपुर उपचुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ मोर्चा, हटाने की मांग

Congress protests in Vijaypur by-election, demands removal of returning officer भोपाल। मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इससे पहले कांग्रेस ने विजयपुर के रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही उन्होंने अफसर को हटाने की भी मांग की है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग अधिकारी उदय सिंह सिकरवार को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि एसडीएम सिकरवार पहले भी बीजेपी के लिए काम करते है। 2017-18 में हुए उपचुनाव में भी सिकरवार ने रिटरिंग ऑफिस रहते हुए भी इनकी शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर इन्हे हटाया गया था। रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की मांगहेमंत काटरे ने कहा कि अब एक बार फिर उदय सिंह सिकरवार को ही विजयपुर उपचुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई। आखिर क्यों हर बार इन्हे ही रिटर्निंग ऑफिसर बनाया जाता है। हम निर्वाचन आयोग से मांग करते है की उदय सिंह को चुनावी प्रक्रिया से हटाया जाए। जब एक बार चुनावी प्रक्रिया से इन्हे हटाया गया था, तो दोबारा क्यों चुनाव अधिकारी बनाया गया। कुल इतने प्रत्याशी मैदान मेंनामांकन संवीक्षा में विजयपुर में 12 और बुधनी में 23 अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन-पत्र विधिमान्य पाए गये। वहीं विजयपुर में 3 और बुधनी में 2 अभ्यर्थियों के नाम-निर्देशन पत्र विधिमान्य नहीं पाये गये। जिसके चलते उनके नामांकन खारिज कर दिए गए हैं। 13 नवंबर को होगा उपचुनावमध्य प्रदेश में 18 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। 25 अक्टूबर तक निर्देशन पत्र जमा किए गए। 28 अक्टूबर को स्क्रूटनी की गई। अभ्यर्थी 30 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 13 नवंबर को चुनाव होगा। वहीं 23 नवंबर को मतगणना होगी।

आज से एकादशी तक छोटे व्यापारियों और ठेले वालों से नहीं ली जाएगी मार्केट फीस’, CM मोहन यादव का निर्देश

‘Market fees will not be taken from small traders and street vendors from today till Ekadashi’, instructions from CM Mohan Yadav CM Mohan Yadav Directed Departments: दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए धनतेरस से देवउठनी एकादशी तक सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था करने के लिए संबंधित विभागों को सीएम साय ने निर्देश दिया। प्रदेश में वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि दीपावली पर्व पर स्थानीय विक्रेताओं से सामग्री की खरीदी को प्रोत्साहित किया जाये। धनतेरस से एकादशी तक सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों और हाथ ठेला वालों से बाजार शुल्क न लिया जाए। सभी नगरीय निकाय स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने विशेष अभियान चलायें। साथ ही प्रदेश में रोशनी के पर्व दीपावली पर विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री यादव मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के पहले प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली और मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी।

उज्जैन में बिजली खंभा लगाने के नाम पर रिश्वत: लाइनमैन रंगे हाथ पकड़ा गया

Bribe in the name of installing electric pole in Ujjain: Lineman caught red handed उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में बिजली विभाग के एक कर्मचारी द्वारा खंभा लगाने के लिए आठ हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। पवन सागित्रा नामक किसान ने खाचरोद तहसील के घिनौदा चौपाटी में खंभा लगाने के लिए लाइनमैन रामचंद्र धाकड़ को चार हजार रुपये रिश्वत देने के बाद लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ा। लोकायुक्त डीएसपी बसंत श्रीवास्तव के अनुसार, रामचंद्र धाकड़, जो विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं, को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। किसान ने आरोप लगाया कि उनके खेत में ट्रैक्टर चलाते समय गलती से खंभे से टकराकर खंभा गिर गया था। इसे दोबारा खड़ा करने के लिए लाइनमैन ने पुलिस में शिकायत न करने और खंभा लगाने के नाम पर आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पहला मामला, सफाई में बताया बिजली बिल लाइनमैन ने अपनी सफाई में कहा कि उसने पैसे बिजली का बिल भरने के नाम पर लिए थे। हालांकि, लोकायुक्त पुलिस ने इसे रिश्वतखोरी का मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई की। विद्युत पोल लगाने के नाम पर रिश्वत लेने का यह पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें शिकायत के बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की।

भोपाल में बजरंग दल का पोस्टर विवाद: दिवाली पर ‘हिन्दू दुकानदारों’ से खरीदारी की अपील, कांग्रेस ने जताई आपत्ति

Controversy over Bajrang Dal poster in Bhopal: Appeal to do Diwali shopping from ‘Hindu shopkeepers’, Congress expressed displeasure भोपाल। दीपावली के बीच भोपाल में बजरंग दल के एक पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में पोस्टर लगाए हैं, जिनमें लोगों से दिवाली की खरीदारी केवल हिन्दू दुकानदारों से करने की अपील की गई है और अन्य धर्म के व्यापारियों से सामान न खरीदने का अनुरोध किया गया है। इन पोस्टरों पर लिखा गया है, “अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार। दीपावली की खरीदी उनसे करें, जो आपकी खरीदी से दीपावली मना सकें।” विश्व हिंदू परिषद का समर्थन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रांत प्रचार-प्रसार प्रमुख जितेंद्र सिंह चौहान ने इस अपील का समर्थन करते हुए कहा कि दीपावली सनातनियों का बड़ा त्योहार है और लोगों को अपने ही समुदाय से खरीदारी करनी चाहिए ताकि हर हिन्दू परिवार भी इस पर्व को मना सके। उनका मानना है कि यह त्योहार श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में मनाया जाता है और इसे समुदायिक स्तर पर समर्थन मिलना चाहिए। बीजेपी की प्रतिक्रिया इस मामले पर बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि कुछ मामलों में सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने की कोशिश की जाती रही है, और ऐसे में धार्मिक संगठनों द्वारा इस तरह की अपील स्वाभाविक है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सनातन धर्म का विरोध करने वालों के साथ खड़ी रहती है और कहा कि देश में स्वदेशी को बढ़ावा देना जरूरी है। कांग्रेस की कड़ी आलोचना दूसरी ओर, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने बजरंग दल की इस अपील को शर्मनाक बताते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने इसे विभाजनकारी राजनीति करार दिया और कहा कि फूलों और सब्जियों का कारोबार करने वाले अधिकतर लोग दूसरे धर्म के हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस सोच के तहत भगवान को फूल चढ़ाना भी बंद कर देना चाहिए। कांग्रेस ने इसे ‘घटिया सोच’ का परिणाम बताते हुए मुख्यमंत्री से बजरंग दल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भोपाल में लगे इन पोस्टरों ने फिर से धार्मिक भावनाओं और सामाजिक एकता पर सवाल खड़े किए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक्शन मोड: देर रात समीक्षा बैठक में 11 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित, तीन कलेक्टरों पर नाराजगी

CM Mohan Yadav’s action mode: 11 officers suspended in late night review meeting, three collectors reprimanded भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीती रात समाधान ऑनलाइन हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए बिजली वितरण कंपनी के जीएम सहित 11 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। बैठक के दौरान विभिन्न शिकायतों पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने तीन जिला कलेक्टरों पर भी नाराजगी जताई। बैठक में रायसेन जिले के एक व्यक्ति की बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत पर बिजली वितरण कंपनी के जनरल मैनेजर को निलंबित कर दिया गया, जबकि खंडवा में एक लापता लड़की की रिपोर्ट दर्ज न होने पर संबंधित उपनिरीक्षक पर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा, झाबुआ जिले में कपिलधारा कूप निर्माण योजना में भुगतान में देरी पर पंचायत सचिव को निलंबित कर सीईओ और लेखाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। तीन कलेक्टरों पर नाराजगी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने तीन कलेक्टरों पर भी असंतोष जताया। अशोकनगर के कलेक्टर को छात्रवृत्ति वितरण में देरी पर फटकार लगाई, जबकि आलीराजपुर कलेक्टर से नि:शक्त जन मामलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। बालाघाट कलेक्टर को बैठक में आईटी और डीआईजी के बीच बैठने पर निर्देशित किया गया कि प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान करते हुए वे सही जगह पर बैठें। कर्मचारियों को जिम्मेदारी का संदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी कार्यों में देरी और लापरवाही को अस्वीकार्य बताया और कहा कि समाज के प्रति सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार और प्रमोशन से प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने का संदेश स्पष्ट है।

भोपाल बस स्टैंड से 16 क्विंटल मावा जब्त, ग्वालियर से भोपाल लाया जा रहा था मावा

16 quintal mawa seized from Bhopal bus stand, mawa was being brought from Gwalior to Bhopal. राजधानी भोपाल के आईएसबीटी बस स्टैंड से खाद्य विभाग की टीम ने 16 क्विंटल मावा जब्त किया है. बताया जा रहा है यह मावा ग्वालियर से लाया गया था. बता दें कि दीपावली पर्व के चलते बड़ी संख्या में राजधानी भोपाल में ग्वालियर-चंबल के रास्ते मिलावटी मावा लाया जा रहा है. दो दिन पहले भी भोपाल रेलवे स्टेशन से 9 क्विंटल मावा जब्त किया गया था. दीपावली पर्व के दौरान बड़ी संख्या में मिठाईयों की खपत होती है. इसके लिए भोपाल में आगरा-ग्वालियर सहित अन्य शहरों से नकली मावा मंगाया जाता है. भोपाल में मिलावटी नकली मावा को लेकर पुलिस व खाद्य विभाग की टीम भी अलर्ट है. रेलवे स्टेशन व बस स्टेशनों पर विशेष नजर रखी जा रही है. महज चार दिन में ही पुलिस व खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 25 क्वीटंल मावा जब्त किया है. दुकानों से जांच के लिए सैंपल रविवार (27 अक्टूबर) को राजधानी भोपाल में खाद्य विभाग की टीम ने 9 दुकानों से सैंपल लिए. वरिष्ठ अधिकारी देवेन्द्र वर्मा के अनुसार टीम द्वारा हमीदिया रोड, न्यू मार्केट और बैरागढ़ सहित नेहरू नगर स्थित मंगलम स्वीट्स से पिस्ता बर्फी तथा मिल्क केक, मंगलम रेस्टोरेंट से काजू कतली, आशा फूड जोन से मलाई टिकिया तथा मलाई बर्फी के सैंपल लिए गए. 14 दिन में आएगी जांच की रिपोर्ट न्यू मार्केट स्थित बृजवासी स्वीट्स से मिल्क केक तथा मलाई बर्फी और भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-1 के सामने स्थित मां शारदा स्वाद संसार से मिल्क रोल तथा मलाई बर्फी के सैंपल लिए गए हैं. पंजाब डेयरी उद्योग से मावा तथा घी के सैंपल लिए गए हैं. खाद्य अधिकारियों के अनुसार लिए गए सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए, जिनकी रिपोर्ट 14 दिन में आएगी, अनियमितताएं मिलने पर प्रकरण दर्ज किए जाएंगे. दो दिन पहले भी जब्त हुआ था मावा दीपावली पर्व को लेकर राजधानी भोपाल में अन्य शहरों से बड़ी संख्या में दूषित मावा आ रहा है. दो दिन पहले भी भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर लोडिंग ऑटो में 9.20 क्विंटल मावा जब्त किया गया था. बताया जा रहा है कि यह मावा आगरा स्टेशन से लाया गया था. वहीं 6 दिन पहले नर्मदापुरम से भी 300 क्विंटल मावा जब्त किया गया था. खाद्य अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि “हमें सूचना मिली थी ग्वालियर से मिलावटी मावा बस से भोपाल लाया जा रहा है हमारी टीम ने सुबह बस स्टैंड पहुंचकर बस में रखा मावा को जव्त कर लिया है बस ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है साथ ही मावे के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा.”

जीतू पटवारी की जेम्बो कार्यकारिणी आई, नाथ-दिग्गी समर्थक ज्यादा, उठने लगे विरोध के स्वर

Jeetu Patwari’s Jambo executive came, Nath-Diggy supporters were more, voices of protest started rising भोपाल। दस महीने बाद आई बहुप्रतीक्षित जीतू पटवारी की जेम्बो कार्यकारिणी में एकबार फिर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह वजनदार दिखाई दिए हैं, क्योंकि 88 उपाध्यक्ष-महामंत्री में करीब 50 फीसदी इन नेताओं के समर्थकों को पद मिले हैं। वहीं विंध्य के कद्दावर नेता एवं पूर्व नेता-प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वय एवं डॉ गोविन्द सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की न केवल उपेक्षा की गई बल्कि उनके विरोधियों को तरजीह दी गई। भोपाल से लेकर दिल्ली तक पूर्व मुख्य्मंत्री कमलनाथ के खिलाफ विषवमन करने वाले निलंबित नेता राजा बघेल को भी जगह मिल गई। कार्यकारिणी बनते ही विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं इंदौर के कांग्रेस नेता प्रमोद टंडन कांग्रेस के इस्तीफा दे दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की शनिवार को घोषणा हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की इस कार्यकारिणी में 17 उपाध्यक्ष, 71, महामंत्री, 33 स्थायी आमंत्रित, 40 विशेष आमंत्रित और 16 एक्जीक्यूटिव कमेटी के मेम्बर हैं। पूरी कार्यकारिणी में देखा जाए तो कांग्रेस छोड़कर गए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के समर्थक रहे राजीव सिंह, आरिफ मसूद, महेंद्र जोशी, अवनीश भार्गव, अमित शर्मा जैसे नाम उपाध्यक्ष-महामंत्री में शामिल हैं। आम कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं में चर्चा थी कि दिल्ली हाईकमान के सामने कद घट गया है पर जीतू पटवारी ने अपनी कार्यकारिणी में जिन उपाध्यक्षों को शामिल किया है उनमें हिना कांवरे, लखन घनघोरिया, सिद्धार्थ कुशवाह व सुखदेव पांसे कमलनाथ समर्थक हैं तो जयवर्धन सिंह, महेश परमार, प्रियव्रत सिंह और सुरेंद्र सिंह हनी बघेल दिग्विजय समर्थक हैं। इसी तरह महामंत्री में अनुभा मुंजारे, दिनेश गुर्जर, मंगू, हर्षविजय गहलोत, हर्ष यादव, हीरालाल अलावा, सुरेंद्र सिंह शेरा, जतिन उइके, सुनील उइके, माया त्रिवेदी, निधि चतुर्वेदी, निलय डागा, फूंदेलाल मार्को, प्रवीण पाठक, रोशनी यादव, रामू टेकाम जैसे नेता कमलनाथ समर्थक माने जाते हैं तो आतिफ अकील, घनश्याम सिंह, जयश्री हरिकरण, किरण अहिरवार, नारायण पट्टा, प्रभू सिंह ठाकुर, प्रताप ग्रेवाल, संजीव सक्सेना, विक्रांत भूरिया जैसे नेता दिग्विजय समर्थक हैं। पटवारी की टीम में जनाधार विहीन नेता भी जीतू पटवारी की अपनी कार्यकारिणी में उनके अपने नाम कुछ ही हैं। पटवारी ने अपने समर्थक जिन नेताओं को जगह दी है, वे जनाधार विहीन है पर कंप्यूटर मास्टर जरूर है, जो कागजों पर संगठन संचालित करने में माहिर है। गौरव रघुवंशी- मृणाल पंथ ने पूरे प्रदेश में कागजों पर मंडलम-सेक्टर बना दिए थे। जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हकीकत लगी तब उन्होंने गोरकी को कांग्रेस कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसी प्रकार गोर्की बैरागी को कंप्यूटर एक्सपर्ट के रूप में शामिल किया है। इनके अलावा जीतू के समर्थकों में राजा बघेल, वीरेंद्र द्विवेदी, शैलेंद्र पटेल, संजय कामले, अनीस मामू भी जन आधार भी नेताओं में शुमार हैं। पूर्व नेता-प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल के समर्थकों में सुखेंद्र सिंह बना को महामंत्री तो महेंद्र सिंह चौहान को ही स्थायी आमंत्रित में शामिल किया गया है। कांतिलाल भूरिया के पुत्र विधायक विक्रांत भूरिया ही इस नई कार्यकारिणी में जगह पा सके हैं। पटवारी की कार्यकारिणी में एक समय पीसीसी में पॉवर सेंटर रहने वाले मानक अग्रवाल की फिर वापसी हुई पर वे स्थायी आमंत्रित में शामिल किए गए हैं। लेकिन मीडिया प्रभारी मुकेश नायक को स्थायी आमंत्रित में शामिल किए जाने से उनकी जिम्मेदारी किसी और को दिए जाने वहीं, उनके विरोधी पूर्व मंत्री राजा पटैरिया को स्थायी आमंत्रित में शामिल कर लिया गया है। पचौरी समर्थकों को विशेष तरजीह कहा जा रहा है कि जीतू पटवारी का कांग्रेस की सरकारों में केंद्रीय मंत्री रहने के बाद भाजपा का दामन थामने वाले नेता सुरेश पचौरी समर्थकों पर जीतू पटवारी ने ज्यादा भरोसा जताया है। राजीव सिंह, आरिफ मसूद, महेंद्र जोशी, अमित शर्मा, अवनीश भार्गव, संजय शर्मा के नाम जीतू पटवारी की नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष व महामंत्री के रूप में शामिल किए गए हैं। ये सभी नाम पचौरी के निकटतम साथियों में रहे हैं।

एम्स भोपाल ने शुरू की कैशलेस भुगतान सुविधा: मरीजों के लिए ‘स्कैन एंड पे’ सेवा

‘Scan and Pay’ facility started in AIIMS Bhopal: Cashless payment easy for patients एम्स भोपाल ने अपने मरीजों के लिए एक नई कैशलेस भुगतान सुविधा शुरू की है, जो अस्पताल में इलाज करवाने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। अब मरीज ‘आभा’ ऐप के माध्यम से डॉक्टर द्वारा सुझाए गए टेस्ट और अन्य बिलों का भुगतान आसानी से कर सकेंगे। यह सुविधा मरीजों को लंबी कतारों से बचाएगी और उन्हें कैश लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। ‘स्कैन एंड पे’ सुविधा की शुरुआतशनिवार से अस्पताल में ‘स्कैन एंड पे’ सेवा की शुरुआत की गई है। मरीजों को अपने मोबाइल पर आभा ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप के जरिए वे अपने टेस्ट और सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मरीज को केवल ऐप में दिखाई देने वाले क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा, जिसके बाद वे आसानी से भुगतान कर सकेंगे। डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूपएम्स के निदेशक, प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि यह सुविधा मध्य भारत में पहली बार शुरू की जा रही है। उनका मानना है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया दृष्टिकोण के अनुरूप है। अस्पताल में हर दिन लगभग 5000 से ज्यादा मरीजों को इस नई सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे न केवल उनका समय बचेगा, बल्कि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। भुगतान प्रक्रिया में सरलताइस सुविधा का उपयोग करना बेहद सरल है। मान लीजिए, डॉक्टर ने आपको कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहा है। आप अपने आभा ऐप को खोलकर टेस्ट की जानकारी पर क्लिक करेंगे, फिर क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना भुगतान करेंगे। इस तरह, मरीज अन्य अस्पताल के बिलों का भुगतान भी कर सकेंगे। मरीजों के लिए लाभकारी पहलएम्स के निदेशक ने इस पहल के लाभों को बताते हुए कहा कि इससे मरीजों को काफी सहूलियत होगी। लंबी लाइनों में लगने की बजाय, वे आसानी से और जल्दी से अपना पेमेंट कर सकेंगे। यह सुविधा समय की बचत करेगी और अस्पताल में भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाएगी, जिससे मरीजों का अनुभव बेहतर होगा। इस तरह की डिजिटल सुविधाएं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत देती हैं, और उम्मीद है कि इससे मरीजों के अनुभव में सुधार होगा।

बुधनी विधानसभा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का दो दिवसीय जनसंपर्क अभियान, कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में मतदाताओं से संवाद

Public relations campaign of Congress President Jitu Patwari in Budhni Assembly: Two-day visit in support of Rajkumar Patel मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज, 27 अक्टूबर, से बुधनी विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क करेंगे और मतदाताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे। पटवारी का यह दौरा 28 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें वे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जाकर कांग्रेस की नीतियों और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति से लोगों को अवगत कराएंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्यबुधनी विधानसभा क्षेत्र, जो प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, में कांग्रेस इस बार मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। जीतू पटवारी के इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय मतदाताओं के बीच कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल के प्रति समर्थन को बढ़ाना और जनता को कांग्रेस की योजनाओं से अवगत कराना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पटवारी इस दौरे में किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए पार्टी के एजेंडे पर विशेष रूप से जोर देंगे और क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। मतदाताओं से संवाददौरे के दौरान जीतू पटवारी विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर जनसभाएं करेंगे, जहां वे सीधे तौर पर मतदाताओं से संवाद करेंगे। कांग्रेस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें कांग्रेस की ओर से समाधान का भरोसा देना है। इस अवसर पर पटवारी स्थानीय मुद्दों जैसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी चर्चा करेंगे। कांग्रेस की रणनीतिबुधनी विधानसभा पर कांग्रेस की नजर लंबे समय से है, और जीतू पटवारी का यह दौरा इस ओर एक अहम कदम है। पार्टी ने इस बार राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छा जनसमर्थन हासिल है। जीतू पटवारी का समर्थन भी उन्हें मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य क्षेत्र के लोगों के सामने कांग्रेस के विकल्प को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना है। कांग्रेस समर्थकों में उत्साहदौरे की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता जीतू पटवारी के नेतृत्व में बुधनी में नई ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। कांग्रेस का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क अभियानों से मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जो चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुल मिलाकर, जीतू पटवारी का यह दौरा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इससे कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर समर्थन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। पटवारी के संवाद कार्यक्रम को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस बुधनी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

दो दशक से सक्रिय नेक्सेस को नहीं तोड़ पाए वन बल प्रमुख, डीएफओ फिर जोड़ रहे हैं मनमानी शर्ते

 The forest force chief could not break the nexus that has been active for two decades, the DFO is again adding arbitrary conditions उत्तम शर्मा कमेटी द्वारा बनाई गई शर्ते डस्टबिन में  उदित नारायण  भोपाल। दो दशकों से जंगल महकमें में बने सीएफ-डीएफओ और सप्लायर्स नेक्सस को तोड़ने में वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव का नेक-नियति प्रयास भी असफल नजर आ रहैं है। वन बाल प्रमुख के निर्देश पर तैयार निविदा की एकजाई शर्तें को दरकिनार बैतूल उत्तर- पश्चिम, बड़वानी बुरहानपुर, खंडवा के डीएफओ सप्लायर्स के इशारे पर अपनी शर्ते अलग से जोड़ दे रहे हैं। कुछ डीएफओ को तो मंत्री के नाम पर शर्तें बदलवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।  पिछले दिनों एक दर्जन से अधिक डीएफओ ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। इसमें बुरहानपुर डीएफओ ने बीआईएस (BIS) की शर्ते जोड़ दी है। जबकि  उत्तम शर्मा कमेटी द्वारा बनाई गई निविदा की शर्तों में बीआईएस (BIS) की शर्त का उल्लेख नहीं है।  चैनलिंक फेंसिंग और बार्बेड वायर की निविदा में BIS शर्त जोड़कर फारेस्ट अफसरों ने महज तीन-चार बड़े कारोबारियों के बीच 70-80 करोड़ का बंदरबांट करना है। मध्य प्रदेश में चैनलिंक फेंसिंग के लिए BIS लाइसेंस केवल दो कंपनियों—मौर्य वायर और नवकार ग्रेनाइट्स—के पास है। इसी प्रकार बार्बेड वायर के कारोबार में BIS लाइसेंस सिर्फ तीन कंपनियों—मौर्य वायर (इंदौर), नवकार ग्रेनाइट्स (मंदसौर), और मां शारदा वायर (मंडला) के पास हैं। इसके अलावा चैनलिंक फेंसिंग: कोई भी कंपनी BIS लाइसेंस प्राप्त नहीं है। बार्बेड वायर: BIS लाइसेंस चार से पांच कंपनियों के पास है। अन्य डीएफओ द्वारा आमंत्रित निविदा में प्रीबीड मीटिंग में अनिवार्य रूप से हिस्सा लेने और प्रस्तावित चैनलिंक फेंसिंग के कंपार्टमेंट की फोटो अनिवार्य रूप से निविदा प्रपत्र में सबमिट करने के लिए कहा है। अब सवाल यह उठता है कि इंदौर और अन्य शहरों के सप्लायर्स बिना जानकारी के जंगल में स्पॉट कहां ढूंढते फिरेंगे? सूत्रों से खबर यह भी आ रही है कि डीएफओ अपने पसंदीदा सप्लायर के साथ एक फॉरेस्ट गार्ड भेजकर फोटो क्लिक करने में मदद करवा रहे हैं। इसी प्रकार प्रीबिड बैठक से सप्लायर के बीच समझौता होने लगा है और इससे कंपटीशन खत्म होने का खतरा बढ़ गया है।  प्रतिस्पर्धा बढ़े, मध्यम वर्ग को अवसर मिले वन बल प्रमुख श्रीवास्तव ने नेक्सस को तोड़ने और लघु एवं मध्यम वर्ग के कारोबारी को अवसर प्रदान करने के लिए पूरे प्रदेश के लिए एक जैसी शर्तें बनवाई। इन शर्तों को तैयार करने में अपर प्रधान मुख्यमंत्री वन संरक्षक उत्तम शर्मा के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई। कमेटी ने महीनों मंथन कर एक समान शर्तों का ड्राफ्ट तैयार किया। नई शर्तों का ड्राफ्ट सभी सीसीएफ, सीएफ और डीएफओ को भेजा गया। प्रदेश की कुछ डीएफओ द्वारा आमंत्रित निविदा की शर्तों में न तो एकरुपता है और न ही शर्मा कमेटी द्वारा तैयार शर्तों का अक्षरश: पालन किया गया है। वन बल प्रमुख बनने के बाद से असीम श्रीवास्तव को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि टेरिटोरियल में बैठे डीएफओ और सीएफ कमीशन बाजी का खेल खेलने के लिए मनमानी शर्तें जोड़ रहे हैं। इसके कारण मध्य और लघु कारोबारी प्रतिस्पर्धा से बाहर होते जा रहे हैं।  क्या खरीदी होती है वन विभाग में हर साल चैनलिंक, वायरवेड, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी, गोबर एवं रासायनिक खाद की खरीदी में बड़े पैमाने पर खरीदी होती है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट की 18 से 20% धनराशि कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। यानि सप्लायर्स को हर साल लगभग 10-12 करोड़ कमीशन में बांटने पड़ते हैं। राजनीतिक दबाव में बदल दी जाती है शर्तें  मैनेजमेंट कोटे से फील्ड में पदस्थ आईएफएस अधिकारी राजनीतिक दबाव के आगे झुक जाते हैं। इसके बाद वे सप्लायर्स के अनुसार शर्तें जोड़-घटा कर कमीशनबाजी के खेल से जुड़ हैं। इस खेल में उन्हें तब अफसोस होने लगता है जब उनके खिलाफ जांच शुरू होने हो जाती है। इसी खेल से जुड़े तत्कालीन छतरपुर डीएफओ वन अनुराग कुमार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन कर रहा है। बालाघाट मुख्य वन संरक्षक अरविंद प्रताप सिंह सेंगर के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। सूत्रों की माने तो एक दर्जन से अधिक डीएफओ के खिलाफ शिकायतें विभागीय विजिलेंस में लंबित है।

दीपावली के बाद भोपाल में 300 क्षेत्रों में बढ़ सकती है प्रॉपर्टी की कीमतें

After Diwali, property prices may increase in 300 areas in Bhopal. भोपाल। भोपाल शहर में बीते छह महीने में एक हजार 294 स्थानों पर जमकर प्रॉपर्टी की खरीद -फरोख्त की गई है। इनमें से 300 स्थान ऐसे हैं, जहां वर्तमान दरों से अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन और पंजीयन विभाग ने इन स्थानों पर प्रॉपर्टी की दरें बढ़ाने का निर्णय लिया है। संभवत : दीपावली के बाद यहां प्रॉपर्टी महंगी हो सकती है और इसके लिए किसी भी तरह की कोई दावे-आपत्ति भी नहीं लिए जाएंगे। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को वरिष्ठ जिला पंजीयक मुकेश श्रीवास्तव, स्वप्नेश शर्मा सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक ली और उन्हें नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल सहित प्रमुख जिलों में प्रॉपर्टी की जमकर खरीद-फरोख्त के चलते पिछले दिनों तीन-तीन महीने में प्रॉपर्टी की दरें तय करने के निर्देश दिए थे। एआई से किया जाएगा सर्वे अधिकारियों ने बताया कि शहर के किन स्थानों पर अधिक दामों में प्रॉपर्टी की ज्यादा खरीद-फरोख्त की जा रही है, इसका पता लगाने के लिए एआई की मदद ली जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि किन क्षेत्रों में अधिक दामों पर जमकर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इन्हीं स्थानों को प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।उप जिला मूल्याकंन और जिला मूल्यांकन में सहमति के बाद नई दरें एक जनवरी से लागू कर दी जाएंगी। जिले में प्रॉपर्टी की बढ़ती खरीद-फरोख्त के चलते हर तीन महीने यानि अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में दरें दोबारा से बढ़ाई जाएंगी। ऐसे में एक स्थान पर तीन-तीन महीनों की खरीद-फरोख्त का असर प्रॉपर्टी के दामों पर पड़ेगा।यहां बढ़ सकते हैं प्रॉपर्टी के दाम एआई की मदद से पंजीयन के पोर्टल के बीते छह महीने के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। क्षेत्रीय स्थान, मेट्रो रूट, प्रमुख सरकारी परियोजनाएं और बस स्टैंड के आसपास की प्रॉपर्टी का मूल्यांकन एआई मॉडल से किया गया है। कोलार सिक्सलेन की वजह से गोल जोड़, थुआखेड़ा से लेकर कजलीखेड़ा तक बदलाव होगा। चूनाभट्टी से नेहरू नगर, कोटरा, वैशाली नगर में भी दरें बदलेंगी।सलैया से बगली के बीच, बैरागढ़ रेलवे लाइन के आसपास, सनखेड़ी, हिनोतिया आलम, बरखेड़ा नाथू, कलखेड़ा, सेवनियां गोंड से लेकर इंद्रपुरी से अयोध्या बायपास और यहां से आशाराम तिराहा तक प्रस्तावित बायपास से 100 मीटर तक की दरों में बदलाव प्रस्तावित किया जाएगा। हुई थी 25 से 95 प्रतिशत वृद्धिअप्रैल 2024 में नई गाइडलाइन लागू की थी, जिसमें कोलार, सलैया, अयोध्या बाइपास और मिसरोद में 25 से लेकर 94 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए गए थे। सबसे ज्यादा मिसरोद के कोरल वुड्स के मुख्य मार्ग पर प्रति वर्ग मीटर 94 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। यहां रहवासी प्लाट की कीमत 44 हजार रुपये वर्ग मीटर से बढ़ाकर 70 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया।

मोहन सरकार सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में, राजनीतिक हलचल तेज

Mohan government preparing to bring no-confidence motion against sarpanches, political stir intensifies मध्य प्रदेश सरकार पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान करने जा रही तीन चौथाई पंचों के हस्ताक्षर के साथ यह प्रस्ताव सरपंच की तीन साल की कार्यावधि पूरी होने पर लाया जा सकेगा।Ordinance against Sarpanch : मध्य प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। यह कदम पंचायत राज अधिनियम में संशोधन से संभव होगा। अब सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों (पंचायत सदस्यों) के हस्ताक्षर की आवश्यकता होगी और यह प्रस्ताव सरपंच का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही लाया जा सकेगा। सरकार इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए एक अध्यादेश का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है। जिसे अगले महीने कैबिनेट में पेश किया जाएगा। ऐसी होगी अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था वर्तमान में, नगरीय निकायों के अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान है। इसी तरह का प्रावधान अब पंचायतों में भी लागू किया जाएगा। इस संशोधन में नगरीय निकायों की तरह सरपंचों के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन चौथाई पंचों का समर्थन आवश्यक होगा। साथ ही, यह प्रस्ताव केवल तब लाया जा सकेगा जब सरपंच की कार्यावधि को तीन साल पूरे हो चुके हों। चूंकि अभी विधानसभा का सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए सरकार अध्यादेश के माध्यम से यह संशोधन करेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संशोधन का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे वरिष्ठ सचिव समिति को भेजा जाएगा। इसके बाद, विधि एवं विधायी विभाग से परिमार्जन कटाने के बाद अंतिम रूप से इसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। लंबे समय से हो रही मांग पंचायत और ग्रामीण संगठनों की लंबे समय से यह मांग थी कि सरपंचों के खिलाफ भी नगरीय निकायों की तरह अविश्वास प्रस्ताव लाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इस मुद्दे पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल (Prahlad Singh Patel) ने संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और सहमति व्यक्त क। जिसके बाद इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की नई व्यवस्था क्या है? मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायत राज अधिनियम में संशोधन किया है। जिसके तहत सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। यह प्रस्ताव केवल तब लाया जा सकेगा जब सरपंच का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका हो। कब तक यह नया प्रावधान लागू होगा? सरकार इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए एक अध्यादेश का मसौदा तैयार कर रही है, जिसे अगले महीने केबिनेट में पेश किया जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कितने पंचों का समर्थन आवश्यक है? अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों (पंचायत सदस्यों) का समर्थन आवश्यक होगा। यह व्यवस्था कब से मांग की जा रही थी? यह व्यवस्था पंचायत और ग्रामीण संगठनों द्वारा लवे समय से मांगी जा रही थी, ताकि सरपंचों के खिलाफ भी नगटीय निकायों के समान अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार हो। क्या यह संशोधन विधानसभा में पेश होगा? 2 वर्तमान में विधानसभा का सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए यह संशोधन अध्यादेश के माध्यम से किया जाएगा। विधि एवं विधायी विभाग के परिमार्जन के बाद इसे कैविनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

जबलपुर विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार: सीईओ और सहायक भू अर्जन अधिकारी कि मिली भगत से

Corruption in Jabalpur Development Authority: In collusion with CEO and Assistant Land Acquisition Officer जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर – जबलपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के सीईओ दीपक वैद्य और सहायक भू अर्जन अधिकारी अमित धुर्वे पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने खसरा नंबर 132/1, कुल रकबा 4.80 एकड़ की जमीन को भारी रिश्वत लेकर जालसाज पीयूष दूबे और भरत दूबे को बेच दिया है। यह जमीन ब्रम्हा पूरी सोसाइटी की है, जिसके मूल मालिकों के साथ धोखाधड़ी की गई है। सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने इस जमीन को बेचने के लिए 5 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस प्रक्रिया के दौरान एक फर्जी लीज डीड भी तैयार की गई, जिसके तहत जमीन दूबे भाइयों को अवैध रूप से सौंप दी गई। यह जमीन पहले से ही विवादास्पद थी, और इस पर 1 जनहित याचिका (PIL) और 4 वाद (WP) के फैसले भी हुए थे। बावजूद इसके, JDA द्वारा अनैतिक रूप से इस जमीन की बिक्री कर दी गई। मूल मालिकों के साथ धोखाधड़ीमूल मालिकों को जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली, तो उन्होंने कानूनी कार्यवाही का सहारा लिया और हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बावजूद, JDA और संबंधित सरकारी विभाग द्वारा इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह सवाल उठता है कि इस भ्रष्टाचार में क्या और भी उच्च अधिकारी संलिप्त हैं? भ्रष्टाचार के गहरे सवालजबलपुर के विकास प्राधिकरण में ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि किसी जमीन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ हो। वर्ष 1985 से लेकर आज तक कई सीईओ और अध्यक्ष आए, परंतु किसी ने भी इस जमीन को लेकर ऐसा विवादास्पद निर्णय नहीं लिया। यह सवाल उठता है कि आखिर क्यों अब जाकर यह काम किया गया और वह भी नियमों के विपरीत? उच्चस्तरीय जांच की मांगइस मामले में यह भी जानने की जरूरत है कि इतनी बड़ी रकम, जो रिश्वत के तौर पर ली गई, आई कहां से? और अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? मूल मालिकों के साथ हुई इस धोखाधड़ी की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है, ताकि दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा सके और न्याय हो सके। इस घटना ने जबलपुर विकास प्राधिकरण और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो कि जबलपुर के विकास और जनता के हितों के खिलाफ हैं। जनता इस मामले में सच्चाई और न्याय की उम्मीद कर रही है।

ओवरब्रिज निर्माण में तेजी, बैरागढ़ की दुकानें सर्विस रोड बनने के साथ हटने की तैयारी में

Acceleration in overbridge construction, Bairagarh shops preparing to move out with construction of service road आरओबी की डिजाइन में बदलाव के बाद लोगों के लिए संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन पहुंचने में भी सुविधा होगी। इसका एक हिस्सा स्टेशन पहुंचकर समाप्त होगा। इससे स्टेशन के दूसरे छोर से बैरागढ़ तरफ आने वालों को आसानी होगी। भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के रेलवे फाटक क्रमांक 115 को फाटक मुक्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग यहां ओवरब्रिज का निर्माण करा रहा है। फाटक के पास के कुछ हिस्से का काम रेल प्रशासन कर रहा है। रेलवे ने अपने हिस्से का काम तेज कर दिया है। मार्च 2025 तक यहां से आवाजाही शुरू हो सकती है। यहां पर यह बता दें कि आरओबी की डिजाइन में बदलाव के बाद लोगों के लिए संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन पहुंचने में भी सुविधा होगी। इसका एक हिस्सा स्टेशन पहुंचकर समाप्त होगा। इससे स्टेशन के दूसरे छोर से बैरागढ़ तरफ आने वालों को आसानी होगी। थर्ड लेग के लिए अतिरिक्त आठ करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा की पहल पर हो रहे इस काम को रेल प्रशासन ने भी स्वीकृति दे दी है। अब नई डिजाइन के अनुसार ही काम किया जा रहा है।स्टेशन से जोड़ने की इसलिए पड़ी जरूरतभविष्य में संत हिरदाराम नगर स्टेशन का विस्तार होगा। ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ेंगे। ऐसे में आरओबी को स्टेशन से जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही थी। रेल प्रशासन ने फरवरी 2025 तक अपने हिस्से का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। फरवरी माह में ही थर्ड लेग का काम पूरा होगा।सर्विस रोड बना तो होगी तोड़फोड़ओवरब्रिज का कुछ हिस्सा दुकानों तक पहुंच रहा है। ब्रिज के नीचे दोनों तरफ सर्विस रोड बनाने का प्रस्ताव है। रोड बना तो कई दुकानों का बड़ा हिस्सा टूट सकता है। पिछले दो साल से काम चल रहा है। इस कारण यहां का बाजार सुनसान हो चुका है। कारोबार पूरी तरह ठप है। व्यापारी कारोबार को लेकर चिंतित हैं। व्यवसायी राजकुमार आसूदानी, गुरमीतसिंह आदि ने लोक निर्माण विभाग से व्यापारियों को दूसरे स्थान पर जगह आवंटित करने की गुहार की है।

स्वच्छता के बाद जल संरक्षण में भी इंदौर अव्वल… राष्ट्रपति ने दिल्ली में चौथी बार किया सम्मानित

After cleanliness, Indore also tops in water conservation… President honored for the fourth time in Delhi इंदौर (water conservation in Indore)। मध्य प्रदेश के इंदौर को एक और राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। फिफ्थ नेशनल वाटर अवॉर्ड में इंदौर जिला वेस्टर्न जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट कैटेगरी में प्रथम स्थान पर रहा है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिला कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन को यह पुरस्कार प्रदान किया। गौरतलब है कि इंदौर को वर्ष 2018 व 2022 में पश्चिम जोन में प्रथम स्थान का पुरस्कार मिला था। वहीं वर्ष 2023 में बेस्ट नगरीय निकाय श्रेणी में इंदौर को दूसरा स्थान मिला था। चौथा अवार्ड लेते ही पांचवें की तैयारी में जुटा इंदौरचौथी बार वाटर अवार्ड लेने के साथ ही इंदौर ने पांचवीं बार भी पुरस्कार लेने की तैयारी कर ली। जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन के मुताबिक अब जिले की सभी नदियों, तालाब व कुओं की जीआईएस मैपिंग की जाएगी।इसके माध्यम से जलाशयों की सतत निगरानी कर जल संरक्षण किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी शहरी क्षेत्र में जहां एक लाख घरों में जल पुनर्भरण इकाइयां लगाई गईं, अगले एक वर्ष में दो से तीन लाख घरों में यह इकाइयां लगाई जाएंगी।इसके अलावा जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। कान्ह व सरस्वती नदियों के कैचमेंट एरिया को बढ़ाने के साथ इन नदियों के पानी को किसी नए तालाब में ले जाकर सहेजने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

भोपाल: हमीदिया रोड पर ध्वनि प्रदूषण की बाढ़: पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की नई रिपोर्ट

Bhopal: Flood of noise pollution on Hamidia Road: New report of Pollution Control Board भोपाल: मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में राजधानी भोपाल के हमीदिया रोड को सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण वाला क्षेत्र घोषित किया गया है। बीते 6 महीनों (1 अप्रैल से 30 सितंबर) के आंकड़ों के अनुसार, हमीदिया रोड पर 68 डेसिबल तक का नॉइस पॉल्यूशन दर्ज किया गया है, जो शहर के अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। इस रिपोर्ट में गोविंदापुरा और बैरागढ़ में ध्वनि प्रदूषण 50 डेसिबल से कम दर्ज हुआ है, जबकि हमीदिया रोड पर इंडस्ट्रियल एरिया से भी ज्यादा शोर है। ट्रैफिक और डीजे-बैंड हैं ध्वनि प्रदूषण के मुख्य कारण विशेषज्ञों का मानना है कि हमीदिया रोड पर भारी ट्रैफिक और डीजे-बैंड जैसी गतिविधियों के कारण नॉइस पॉल्यूशन की समस्या अधिक गंभीर है। इस सड़क पर प्रतिदिन प्रति घंटा 8 से 10 हजार वाहनों का आवागमन होता है, जिससे ध्वनि प्रदूषण लगातार उच्च स्तर पर बना रहता है। इसके अलावा, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान डीजे और बैंड की आवाजें इस समस्या को और बढ़ा देती हैं। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, हमीदिया रोड पर अप्रैल से सितंबर तक का औसत ध्वनि स्तर निम्न प्रकार रहा: इसके मुकाबले, गोविंदापुरा और बैरागढ़ में ध्वनि प्रदूषण का स्तर कम पाया गया। गोविंदापुरा में अगस्त में 49 डेसिबल और बैरागढ़ में अगस्त और सितंबर में 49 से 52 डेसिबल तक का ध्वनि स्तर दर्ज किया गया। साइलेंट जोन में भी प्रदूषण रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल के पर्यावरण परिसर, जो साइलेंट जोन के रूप में जाना जाता है, में भी ध्वनि प्रदूषण चिंता का विषय है। यहां भी अप्रैल से सितंबर के बीच ध्वनि स्तर 53 से 58 डेसिबल के बीच रहा, जो साइलेंट जोन के लिए निर्धारित मानकों से अधिक है। तेज शोर ने ली बच्चे की जान तेज ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव हाल ही में तब सामने आए जब 14 अक्टूबर को 13 वर्षीय समर बिल्लौरे की मौत हो गई। समर डीजे की तेज आवाज में मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डांस कर रहा था, जब उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि डीजे की अत्यधिक आवाज उसकी मौत का कारण बनी। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की आवश्यकता हमीदिया रोड और अन्य क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर, शहर के नागरिकों और पर्यावरणविदों ने प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह आवश्यक है कि प्रशासन नॉइस पॉल्यूशन को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके।

शिक्षा माफिया पर बड़ा एक्शन: जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मालिक और समिति सचिव गिरफ्तार

Big action on education mafia: Joy Senior Secondary School owner and committee secretary arrested जबलपुर: मध्यप्रदेश में शिक्षा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने एक और बड़े निजी स्कूल पर शिकंजा कसा है। शहर के प्रतिष्ठित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मालिक और समिति सचिव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया, जिसमें स्कूल द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और अन्य अनियमितताओं का पर्दाफाश किया गया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ यह बड़ा कदम उठाया है। जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खिलाफ विजय नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसके आधार पर जॉय एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष अखिलेश मेबिन और सचिव अनुराग श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है। फीस जांच समिति का बड़ा खुलासा स्कूल फीस जांच समिति द्वारा की गई जांच में पाया गया कि 2017-18 से अब तक स्कूल ने अभिभावकों से 25 करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त फीस वसूली की है। यह फीस स्कूल प्रबंधन द्वारा व्यक्तिगत भोग-विलास के लिए इस्तेमाल की गई। इस अतिरिक्त आय का उपयोग लक्जरी वाहनों की खरीद और दुबई ट्रिप जैसे महंगे शौक पूरा करने में किया गया। फर्जी जानकारी और दबाव बनाने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल द्वारा ऑडिट रिपोर्ट में झूठी जानकारी दी गई थी। इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुस्तकों की खरीद का दबाव डाला। साथ ही, फर्जी ISBN नंबर वाली किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर भी दबाव बनाया गया। अभिभावकों को अतिरिक्त फीस लौटाने का निर्देश प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वह अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करे। जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी और एडिशनल एसपी आनंद कलादगी ने यह जानकारी दी। शिक्षा माफिया पर प्रशासन की मुहिम यह कार्रवाई प्रदेश में शिक्षा माफिया के खिलाफ प्रशासन की मुहिम का हिस्सा है। इससे पहले भी कई निजी स्कूलों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिल सके। जबलपुर में जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर की गई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि राज्य सरकार और प्रशासन शिक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं। यह कदम न केवल शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए भी एक सशक्त संदेश है।

विंध्य के उद्योगपतियों को मिलेगी नई सुविधाएं: CM डॉ. मोहन यादव की पहल, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में होंगे बड़े फैसले

Industrialists of Vindhya will get new facilities: Initiative of CM Dr. Mohan Yadav, big decisions will be taken in the Regional Industry Conclave भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नई दिशा तय की है। उनकी सरकार ने उद्योगपतियों को बेहतर सुविधाएं और समर्थन प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में, उन्होंने विंध्य क्षेत्र के उद्योगपतियों के लिए कंटेनर सुविधा की घोषणा की, जिससे निर्यात और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही, उद्योगों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कलेक्टर और कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं। 23 अक्टूबर को रीवा में होगा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित होने वाला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इस कॉन्क्लेव में 50 बड़े उद्योगपतियों समेत 3,000 से अधिक उद्योगपति पंजीकृत हैं। कॉन्क्लेव का उद्देश्य व्यापार और औद्योगिक वातावरण को सशक्त बनाना, व्यापारिक सुगमता को बढ़ावा देना और राज्य के आर्थिक विकास को एक नई दिशा देना है। उद्योगपतियों के खाते में सीधे अनुदान राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि वर्ष 2022-23 के लिए उद्योगों के अनुदान की राशि जारी कर दी गई है, जिसे सीधे उद्योगपतियों के खाते में स्थानांतरित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य है कि उद्योगपतियों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके और उनके व्यापार को कोई बाधा न आए। यह पहल निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने और उसे विस्तार देने में मदद करेगी। दोहरे कराधान से मिलेगी राहत विंध्य क्षेत्र के उद्योगपतियों के लिए एक और बड़ी राहत यह है कि औद्योगिक क्षेत्रों में दोहरा कराधान नहीं लगेगा। यह निर्णय उद्योगों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार व्यापारियों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। व्यापारिक सुगमता और नए अवसर इस कॉन्क्लेव में “ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस” को और भी सशक्त करने के लिए एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन प्रमुख भूमिका निभाएगा। एमएसएमई विभाग भी छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं और समर्थन कार्यक्रमों की जानकारी देगा, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। निर्यात और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड मार्गदर्शन प्रदान करेगा, और कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं पर जानकारी देगा। इसके अलावा, ईसीजीसी क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं की जानकारी देकर निर्यातकों को वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करेगा। पर्यटन, हस्तशिल्प, और कृषि उद्योग को बढ़ावा कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य में पर्यटन स्थलों और निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। हस्तशिल्प विकास निगम भी अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीके साझा करेगा। इसके अलावा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए भी सुनहरे अवसर होंगे, जिसमें कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए विशेष जानकारी दी जाएगी। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योगों के वित्तीय सहयोग के लिए यूनियन बैंक और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा वित्तीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी, जिससे निवेशकों को व्यवसाय स्थापित करने में सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल से विंध्य क्षेत्र में उद्योगपतियों को नई सुविधाएं मिलेंगी, जो राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देंगी। रीवा में होने वाला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव व्यापार, उद्योग, कृषि, और पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा, जिससे न केवल विंध्य बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में विकास की लहर दौड़ेगी।

शराब कारोबारियों की चिंता में जुटी मोहन सरकार, मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुलाई अहम बैठक

Mohan Sarkar is worried about liquor traders, Minister Jagdish Deora called an important meeting भोपाल ! मध्य प्रदेश की मोहन सरकार अब अपने खजाने को भरने के लिए शराब कारोबारियों की मदद पर जोर दे रही है। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने शराब कारोबारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें उनसे उनके व्यवसाय में आ रही समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य नई आबकारी नीति के लिए सुझाव लेना और शराब उद्योग को और सशक्त बनाना है। शराब कारोबारियों के लिए विशेष बैठक21 अक्टूबर को भोपाल के पर्यावरण परिसर स्थित एप्को में आयोजित होने वाली इस बैठक में, शराब लाइसेंस धारकों से उनके व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की जाएगी। आबकारी विभाग के उपायुक्त संदीप शर्मा ने पत्र के जरिए सभी उपायुक्तों को इस बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति तैयार करने से पहले शराब कारोबारियों की राय और समस्याओं को समझना है। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं मंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे। शराब कारोबारियों की समस्याओं पर फोकस, आम जनता की समस्याएं नजरअंदाज?इस बैठक में खास बात यह है कि सरकार का ध्यान सिर्फ शराब कारोबारियों की समस्याओं पर है, जबकि आम जनता पर शराब की वजह से पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की कोई चर्चा नहीं होगी। मंत्री के एजेंडे में इस बात पर कोई विचार नहीं किया गया है कि शराब की बिक्री से समाज पर क्या असर पड़ता है और आम लोगों की इससे जुड़ी समस्याएं क्या हैं। यह सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि समाज में शराब के कारण बढ़ते अपराध, दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य समस्याओं पर कोई चर्चा प्रस्तावित नहीं है। आबकारी नीति से सरकार का खजाना भरेगा?सरकार के इस कदम से यह साफ जाहिर होता है कि शराब कारोबार को बढ़ावा देकर राज्य का राजस्व बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। पिछले कुछ सालों में शराब से होने वाली आय सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है, और अब इसे और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। शराब कारोबारियों की सहूलियत को प्राथमिकता देकर, यह सवाल उठता है कि क्या सरकार अपने खजाने को भरने के लिए सामाजिक और नैतिक मुद्दों की अनदेखी कर रही है? शराब की बिक्री से प्राप्त राजस्व भले ही राज्य के वित्तीय संकट को कम कर सकता है, लेकिन इससे जुड़े सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान पर क्या ध्यान दिया जा रहा है? ड्रग माफिया से जुड़े विवादों में मंत्री देवड़ामंत्री जगदीश देवड़ा हाल ही में ड्रग माफिया से जुड़े एक विवाद में भी घिर चुके हैं। भोपाल में एमडी ड्रग के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें एक ड्रग सप्लायर के साथ देवड़ा की तस्वीर सामने आई थी। इस विवाद ने सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े किए थे। अब शराब कारोबारियों के साथ उनकी बैठक को लेकर भी कुछ हलकों में आलोचना हो रही है, क्योंकि इसे नशे के कारोबार को अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन देने वाला कदम माना जा रहा है।

जेडीए की मिलीभगत से भूमि अधिसूचित कर एनओसी जारी, सीएम-पीएस को शिकायत

NOC issued after notifying land with the connivance of JDA, complaint to CM-PS जितेंद्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर ! जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के सीईओ दीपक वैद्य और भू-अर्जन अधिकारी अमित धुर्वे पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वे कुछ भूमि मालिकों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रीन बेल्ट की भूमि को अधिसूचित कर रहे हैं और एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) जारी कर रहे हैं। इस मामले की शिकायत जबलपुर निवासी जितेंद्र श्रीवास्तव ने संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा, ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा), प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण नीरज मंडलोई, जबलपुर कलेक्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजी है। आरोपों का मूल शिकायत के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब पूर्व सीईओ प्रशांत श्रीवास्तव के कार्यकाल में ग्रीन बेल्ट की भूमि का खसरा अधिसूचित कर, स्कीम नम्बर 11 फेज 2 के तहत वर्ष 2020-21 में राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। इस अधिसूचना में खसरा नम्बर 86 और 97 को अधिसूचित भूमि के रूप में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन वर्तमान सीईओ दीपक वैद्य पर आरोप है कि उन्होंने उक्त खसरा नम्बर 86 और 97 को अधिसूचित कर एनओसी जारी कर दी, वह भी बिना बोर्ड की स्वीकृति और अनुमोदन के। टीआईटी एक्ट के तहत अधिग्रहीत भूमि यह खसरा नम्बर 86 और 97 ग्राम लक्ष्मीपुर की भूमि जेडीए के टीआईटी एक्ट के तहत अधिग्रहीत है। अधिग्रहीत भूमि के लिए टीआईटी एक्ट के नियमों के अनुसार, भूमि मालिकों को 20 प्रतिशत मुआवजा दिया जाना चाहिए। लेकिन आरोप है कि वर्तमान सीईओ ने भूमि मालिकों से मिलीभगत कर एनओसी जारी की, जिससे प्राधिकरण को गंभीर वित्तीय नुकसान हो सकता है। अधिकारियों का विरोध इस मामले में जेडीए के अन्य अधिकारी, जैसे पटवारी, आरआई, सहायक भू-अर्जन अधिकारी, भू-अर्जन अधिकारी, इस अधिसूचना के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि बिना उचित प्रक्रिया के इस प्रकार की अधिसूचना जारी करना अनैतिक है। शिकायत में यह भी आरोप है कि सीईओ दीपक वैद्य ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव डालकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। हालांकि, भू-अर्जन अधिकारी और ज्वाइंट कलेक्टर पूजा तिवारी ने किसी भी प्रकार के दबाव में आकर नोटशीट या फाइल पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जिससे उनका तटस्थता का संकेत मिलता है। क्या है मामला यह मामला प्रशासनिक भ्रष्टाचार और मिलीभगत के गंभीर आरोपों का प्रतीक है, जहां सरकारी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर निजी लाभ के लिए भूमि को अधिसूचित कर एनओसी जारी की जा रही है। इस प्रकरण की जांच और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। ऐसी क्या मजबूरी है सरकार की?? जबलपुर विकास प्राधिकरण के CEO दीपक वैध को इतने सारे भ्रष्टाचार के बाद भी पद से निलंबित नहीं किया जा रहा है.ऐसा लगता है इसमे कुछ बड़े अधिकारी और नेता भी शामिल है इसलिए कार्यवाही नहीं हो रही है अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री और अन्य उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।

शिवराज का रुतबा काम ना आया ,कार्तिकेय की लॉन्चिंग पर संगठन ने लगाया ब्रेक

Shivraj’s status did not work, organization put brakes on Karthikeya’s launch बुधनी उपचुनाव में बीजेपी ने रामाकांत भार्गव को टिकट दिया है। यह शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं। साथ ही लोकसभा चुनाव में उन्होंने शिवराज के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। भोपाल: बुधनी उपचुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इस रेस में कई नाम थे। रेस में सबसे आगे शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। इसके बाद विदिशा के पूर्व सांसद रामाकांत भार्गव के नाम की चर्चा थी। दिल्ली ने रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगाई है। ऐसे में चर्चा है कि शिवराज के दबदबे वाली सीट पर रामाकांत भार्गव की लॉटरी कैसे लग गई है। कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम की थी चर्चा दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के विदिशा सीट से सांसद बनने के बाद बुधनी विधानसभा सीट खाली हुई थी। बुधनी में उपचुनाव की तारीख घोषित हो गई है। इसके बाद से यह चर्चा शुरू हो गई थी कि शिवराज सिंह चौहान का वारिस कौन होगा। इस रेस में सबसे आगे कार्तिकेय सिंह चौहान ही चल रहे थे। वह पिता की सीट पर लगातार मेहनत भी कर रहे थे। उनके समर्थकों की इच्छा भी थी कि बुधनी से कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम पर ही मुहर लगे। वही प्रदेश चुनाव समिति की तरफ से पैनल में जो नाम भेजा गया था, उसमें कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम था। दिल्ली में नहीं बनी सहमति टिकट की घोषणा से दो दिन पहले शिवराज सिंह चौहान अपने बेटों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शादी का न्यौता देने गए थे। इसके बाद एमपी में अटकलें शुरू हो गई थीं कि कार्तिकेय सिंह चौहान को पीएम मोदी का आशीर्वाद मिल सकता है। चुनाव समिति की बैठक के बाद नामों की सूची आई तो रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी है। परिवारवाद से पार्टी ने बनाई दूरी कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश में पार्टी परिवारवाद से दूर है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी नेता पुत्रों को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। मध्य प्रदेश में कई बड़े नेताओं के पुत्र राजनीति में एंट्री के लिए ललायित हैं लेकिन पार्टी ने सभी की एंट्री पर ब्रेक लगा रखी है। अगर शिवराज सिंह चौहान के बेटे को टिकट देती तो गलत नैरेटिव गढ़ा जाता। शायद इससे बचने के लिए पार्टी ने यह फैसला लिया है। रामाकांत भार्गव हैं शिवराज सिंह चौहान के खास वहीं, रामाकांत भार्गव भी शिवराज सिंह चौहान के खास माने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान पहले विदिशा सीट से सांसद थे। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जब विदिशा से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया तो शिवराज की पसंद और करीबी रहे रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में रामाकांत भार्गव ने शिवराज सिंह चौहान के लिए सीट छोड़ दी। शिवराज सिंह चौहान विदिशा से सांसद बन गए हैं। वहीं, बुधनी में शिवराज की विरासत को अब रामाकांत भार्गव संभालेंगे। चुनाव प्रचार में जुट गए कार्तिकेय रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान पहली बार मीडिया के सामने आए तो उनके चेहरे पर शिकन भी देखने को मिला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रामाकांत भार्गव हमारे पितातुल्य हैं। मैं उनके लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव लड़ने की मंशा से कभी काम नहीं किया। यह मेरा सौभाग्य है कि कार्यकर्ताओं ने मेरा नाम पैनल तक पहुंचाया है। हम रामाकांत भार्गव के लिए दोगुनी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।

भोपाल : बड़े तालाब पर रोपैक्स सेवा शुरू करने का नितिन गडकरी का प्रस्ताव

Nitin Gadkari proposes to start Ro-Pax service on Bada Talab in Bhopal भोपाल । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने भोपाल दौरे के दौरान बड़े तालाब में रोपैक्स (रो-रो फेरी) सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा। यह योजना मुंबई, गुजरात और ओडिशा जैसे शहरों की तर्ज पर तैयार की गई है, जहां पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस नई सेवा का उद्देश्य भोपाल के यातायात को सुगम बनाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और शहर के पर्यटन को एक नई दिशा देना है। रोपैक्स सेवा: एक क्रांतिकारी कदम भोपाल के बड़े तालाब में प्रस्तावित रोपैक्स सेवा से भदभदा से बैरागढ़ तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में यह दूरी सड़क मार्ग से तय करने में 30 मिनट से अधिक समय लेती है, जबकि रोपैक्स सेवा के माध्यम से यह यात्रा महज 5 से 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इस परियोजना पर 15 से 20 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव है। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी, जो यातायात के दबाव को कम करने में मदद करेगा। परियोजना के प्रमुख लाभ: 1. यातायात का सुधार और समय की बचत: मौजूदा समय में भदभदा से बैरागढ़ तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 17 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। रोपैक्स सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी तालाब के जरिए सीधा तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों का कीमती समय बचेगा। 2. पर्यावरण अनुकूल समाधान: इस सेवा से सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, जिससे वाहनों द्वारा उत्पन्न ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही, डीजल और पेट्रोल के उपयोग में भी कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 3. पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन: बड़ा तालाब भोपाल का एक प्रमुख आकर्षण है, और रोपैक्स सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक न केवल स्थानीय सुंदरता का आनंद ले सकेंगे, बल्कि तालाब के माध्यम से यात्रा का एक नया अनुभव भी प्राप्त करेंगे। 4. आर्थिक और सामाजिक विकास: इस परियोजना से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। इसके अलावा, स्थानीय व्यापार और होटल उद्योग में भी वृद्धि होने की संभावना है। अन्य शहरों के अनुभव: एक सीख गडकरी ने बताया कि मुंबई, ओडिशा और गुजरात में पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। इन शहरों में इस सेवा ने न केवल यातायात का दबाव कम किया है, बल्कि लोगों को जल परिवहन के प्रति जागरूक भी किया है। इन स्थानों पर रोपैक्स सेवा के माध्यम से न केवल स्थानीय यातायात का संचालन आसान हुआ है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। भोपाल में इस सेवा को शुरू करने से ऐसे ही लाभ की अपेक्षा की जा रही है। परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ हालांकि रोपैक्स सेवा के कई फायदे हैं, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं: तालाब के जल स्तर का प्रबंधन: रोपैक्स सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बड़े तालाब का जल स्तर पर्याप्त होना आवश्यक है। सूखे के मौसम में तालाब का जल स्तर कम होने पर सेवा में रुकावट आ सकती है। पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन: जलमार्ग में चलने वाली फेरी सेवाओं से मछलियों और अन्य जलजीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका गहन अध्ययन आवश्यक है ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था: यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फेरी सेवाओं के संचालन में उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। अधिकारियों पर तंज और काम की गति अपने भाषण में नितिन गडकरी ने परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में लगने वाले समय पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करने वाले अधिकारियों को पद्मश्री और पद्म विभूषण जैसे सम्मान दिए जाने चाहिए क्योंकि उनकी धीमी गति काम में देरी का कारण बनती है। उनका इशारा इस ओर था कि अगर योजनाओं को समय पर लागू किया जाए, तो लोगों को जल्द ही इसका लाभ मिल सकता है। रोपैक्स सेवा क्या है? रोपैक्स (रो-ऑन/रो-ऑफ) एक प्रकार की फेरी सेवा है जिसमें यात्रियों के साथ-साथ वाहन भी यात्रा कर सकते हैं। यह सेवा उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी होती है जहां जलमार्ग के जरिए यातायात का संचालन संभव है। वाहन सवार यात्री अपनी गाड़ी के साथ फेरी पर सवार हो सकते हैं और दूसरे किनारे पर उतर सकते हैं, जिससे सड़क यात्रा की तुलना में समय और ईंधन की बचत होती है। भोपाल में रोपैक्स की संभावनाएँ भोपाल के बड़े तालाब में रोपैक्स सेवा शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। यह सेवा न केवल सड़क यातायात को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, यह भोपाल को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

एमपी में खाद की कमी पर कांग्रेस का हल्ला, कृषि मंत्री ने यूक्रेन-रूस युद्ध को ठहराया जिम्मेदार

Congress protests over fertilizer shortage in MP, Agriculture Minister blames Ukraine-Russia war भोपाल ! किसानों को खाद उपलब्ध कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है. घंटों कतार में लगने के बावजूद पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है. बुआई के मौसम में खाद की किल्लत जी का जंजाल बन गयी है. सीहोर जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में खाद के लिए किसानों की भीड़ देखी गई. आधार कार्ड की फोटोकॉपी लिये किसान कतारबद्ध नजर आए. किसानों का दर्द है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि खाद के लिए जद्दोजहद करने का अंदेशा था. इसलिए घर से रोटी बांधकर साथ लाए थे. भूख लगने पर पेड़ के नीचे बैठकर खाया है. नाराज किसानों ने सरकार के दावे पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि सरकार हर साल ऐलान करती है कि प्रदेश में खाद की समस्या नहीं होने दी जायेगी. लगता है कि अधिकारियों को मुख्यमंत्री के आदेश की परवाह नहीं है. धूप में भूखे प्यास खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है. खाद बांटने वाले कर्मचारी-अधिकारियों की डांट भी खाने को किसान मजबूर हैं. खाद की किल्लत पर कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने सफाई दी है. उन्होंने माना कि यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण खाद आने में देरी हो रही है. कृषि मंत्री ने खाद की कमी के पीछे यूक्रेन-रूस युद्ध को कारण बताया. खाद की किल्लत पर कांग्रेस हमलावर प्रदेश में खाद संकट पर विपक्ष लगातार हमलावर है. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खाद संकट का जिम्मेदार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मोहन यादव को ठहराया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि 1993 से लेकर 2003 तक कांग्रेस की सरकार थी. उस दौरान खाद के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ा. खाद की कालाबजारी नहीं होने का भी उन्होंने दावा किया. आज खाद की ब्लैकमार्केटिंग और नकली खाद मामले में बीजेपी से जुड़े नेताओं का नाम सामने आ रहा है.

डी-नोटिफिकेशन के बाद भी चम्बल अभयारण्य क्षेत्र में नहीं होगा रेत खनन

Sand mining will not happen in Chambal sanctuary area even after de-notification उदित नारायणभोपाल। राज्य सरकार द्वारा 31 जनवरी 2023 को मुरैना वनमंडल में स्थित राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य का 207.049 हेक्टेयर क्षेत्र स्थानीय निवासियों को उनकी आजीविका हेतु रेत आपूर्ति हेतु डिनोटिफाई किया गया था, परन्तु अब इस डिनोटिफिकेशन को निरस्त किया जायेगा। अब यह मामला राज्य शासन स्तर पर है जहां वन मंत्री रामनिवास रावत से डिनोटिफिकेशन की सूचना निरस्त करने का प्रशासकीय अनुमोदन मांगा गया है।दरअसल सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने इस डिनोटिफिकेशन की प्रक्रिया कोरह रहे घड़ियालों, डाल्फिन एवं कछुओं के रहवास के प्रतिकूल माना है। मप्र के स्टेट वाईल्ड लाईफ बोर्ड की 11 जून 2024 को हुई बैठक में यह प्रकरण आया था जिसमें निर्णय लिया गया था कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के अंतर्गत स्थानीय लोगों की रेत आपूर्ति हेतु किये गये डिनोटिफाई क्षेत्र के संबंध में सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी द्वारा रेत आपूर्ति के संबंध में चम्बल अभयारण्य की नदी में दिये गये निर्णय के परिप्रेक्ष्य में प्रस्ताव का पुनः परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाये। इस पर राज्य के वन मुख्यालय की वन्यप्राणी शाखा ने प्रस्ताव का परीक्षण कर अब रिपोर्ट दी है कि डिनोटिफिकेशन की सूचना निरस्त किया जाये। शुरु से ही हुई गड़बड़ी दरअसल स्थानीय लोगों को रेत की आपूर्ति हेतु हेतु 31 जनवरी 2023 को चम्बल नदी का 207.049 हेक्टेयर क्षेत्र डिनोटिफाई किया गया था। इसके बाद मुरैना डीएफओ ने आपत्ति ली कि डिनोटिफिकेशन क्षेत्र इको सेंसेटिव जोन में आता है जहां रेत की आपूर्ति नदी से नहीं हो सकती है। इस पर इको सेंसेटिव जोन को खत्म करने का प्रस्ताव लाया गया परन्तु सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने इस प्रक्रिया को गलत माना। अब डिनोटिफिकेशन निरस्त करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है। साल भर पहले एनजीटी ने भी दिया निर्देश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (एनसीएस) में अवैध खनन को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों से रेत खनन संबंधी दिशा-निर्देशों को भी लागू करने को कहा है। यह निर्देश न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने दिया है। इस मामले में कोर्ट ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, एसपीसीबी के साथ भिंड, मुरैना, ग्वालियर, आगरा, इटावा, झांसी, धौलपुर और भरतपुर के पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट से अवैध खनन को नियंत्रित करने, उस पर निगरानी रखने और तीन महीनों के भीतर इस मामले में क्या कार्रवाई की गई, उस पर रिपोर्ट सबमिट करने को कहा था किन्तु आज तक उत्तर प्रदेश राजस्थान और मध्य प्रदेश के डीजीपी ने अपनी रिपोर्ट सबमिट नहीं की। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाया था मामला कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने भी चंबल अपहरण क्षेत्र में हो रहे रेट उत्खनन को लेकर एक अभियान चलाया था। डॉक्टर सिंह ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा था पर उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि डॉ सिंह विधानसभा से लेकर सड़क तक जल जीवों की सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद किया था।

सरकारी स्कूल में शराबी हेडमास्टर की हरकत, कार्रवाई की तैयारी

Drunk headmaster’s actions in government school, preparation for action सिंगरौली ! सरकारी स्कूल में हेडमास्टर शराब के नशे में पहुंचा. इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया. अब इस मामले में शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की बात कही है. मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल से शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. सिंगरौली जिले के ग्रामीण क्षेत्र बिंदुल संकुल केंद्र, पुरा गांव के प्राथमिक स्कूल में एक टीचर शराब के नशे में धुत नजर आया. शराब पीकर स्कूल आने की वजह भी शिक्षक ने बताई. उसने कहा कि मेरा मोबाइल गुम हो गया, दिमाग डिस्टर्ब है, इसलिए थोड़ी बहुत शराब पीकर आया हूं. स्कूल में सिर्फ एक टीचरपुरा गांव में सरकारी स्कूल में तैनात इस टीचर का नाम अर्जुन सिंह है. इसी प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर भी है, जो लंबे समय से इसी स्कूल में है और अक्सर स्कूल में शराब के नशे में ही आता है. इस प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ यही एक शिक्षक है. ग्रामीणों ने बनाया वीडियोरोजाना की तरह बुधवार (16 अक्टूबर) को जब शराबी हेडमास्टर स्कूल पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाया और पूछा कि आप शराब पीकर क्यों आये हो? तो जवाब भी ऐसा दिया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. शराबी हेडमास्टर ने कहा कि मेरा मोबाइल गुम गया है, इसलिए शराब पीकर स्कूल आया हूं. शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा?ग्रामीणों ने नशे में धुत्त शराबी हेडमास्टर का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी एसबी सिंह ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही.

भोपाल में माइनिंग कॉन्क्लेव का सफल समापन, 20 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव

Successful completion of Mining Conclave in Bhopal, investment proposal of Rs 20 thousand crores Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव का समापन हो चुका है. इसमें मध्य प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेशन का प्रस्ताव मिला है. MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव का शुक्रवार को समापन हो गया. समापन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2 दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव सफल रहा है. इसमें मध्य प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेशन का प्रस्ताव मिला है. सीएम मोहन यादव ने उद्योगपतियों से अपील की कि आप सरकार के साथ खड़े हों, हम आपके साथ खड़े हैं. खनिज की दृष्टि से मध्य प्रदेश भाग्यशाली. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार चलाने वाला कैसा है, यह मायने रखता है, सीएम ने पीएम मोदी की नीति का दिया हवाला. उन्होंने कहा कि भारत पर ईश्वर और मां वसुधा की विशेष कृपा है, हम दोहन में विश्वास रखते हैं, शोषण में नहीं. मीनिंग सेक्टर रिर्फांम पुस्तिका का विमोचनसीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भारत विश्व की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है. आयोजन के दौरान मप्र माइनिंग कॉन्क्लेव-2024 में मीनिंग सेक्टर रिर्फांम पुस्तिका का विमोचन भी किया गया. इस अवसर पर एमओआईएल (भारत सरकार के उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के बीच ब्लॉकों के व्यवसायिक दोहन के लिए संयुक्त उद्यम समझौता भी संपन्न हुआ. ‘मध्य प्रदेश की खदानों से निकले पत्थर उच्च कोटि के’सीएम ने कहा कि हमारे मध्य प्रदेश की खदानों से निकले पत्थर की गुणवत्ता उच्च कोटि की है. केन्द्र सरकार की ओर से माइनिंग नीलामी को लेकर प्रदेश को नंबर वन का पुरस्कार मिला है. खनिजों से भरपूर हमारा मध्य प्रदेश निरंतर खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है. वहीं उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार जहां घपलों-घोटालों की लिप्तता से बाहर नहीं निकल सकी थी, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में माइनिंग क्षेत्र में अभूतपूर्व कीर्तिमान रचे गए हैं, कहीं कोई घोटाला नहीं हुआ.

छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार, विपक्ष ने साधा निशाना

Atrocities on minors in Chhatarpur and Khajuraho, opposition targeted भोपाल। मध्य प्रदेश में नाबालिगों पर हो रहे अत्याचार को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे ? एमपी में ऐसी घटनाएं होने की वजह से लोगों को कानून का जरा भी डर नहीं है। दरअसल, छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में नाबालिग के साथ बेल्ट से मारपीट तो वहीं दूसरे वीडियो में नाबालिग से अपने जूते चटवाए और जमकर पीटा। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- MP में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा !!! छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार के वीडियो सामने आए हैं। एक आदिवासी नाबालिग के साथ गुंडों ने बेल्ट से मारपीट की! दूसरे नाबालिग से अपने जूते चटवाए और पीटा गया! MP में ऐसी घटनाएं लगातार होने का कारण है कि लोगों को कानून_व्यवस्था का भय नहीं रहा!… ये दो घटनाएं तो इसलिए सामने आई कि इनके वीडियो वायरल हुए। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे? प्रदेश में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ती जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक नाबालिग हैवानियत का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन की नींद कब खुलेगी, हालात कब सुधरेंगे।

कांग्रेस की कृषि यात्रा: जीतू पटवारी का बयान, दिग्विजय की चेतावनी

Congress’s Krishi Yatra: Jitu Patwari’s statement, Digvijay’s warning भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और सज्जन वर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में संयुक्त रुप से सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि बार-बार यह बात स्थापित होती जा रही है कि बीजेपी की सरकार शिवराज और मोहन यादव किसान विरोधी है। ऋण माफी योजना बंद की. कांग्रेस पार्टी जो योजना लेकर आई थी उन्हें बंद किया. जो वादा इन्होंने किया था समर्थन मूल्य का वह अब तक पूरा नहीं किया और किसानों को धोखा दिया है. गेहूं और धान का वादा के अनुरूप एमएसपी नहीं दिया। यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे यह राजनीतिक नहीं बल्कि किसानों का विषय है। सबसे बड़े किसान विरोधी शिवराज सिंह चौहान देश में मध्यप्रदेश की दुहाई देकर झूठ बोल रहे हैं. पूरे प्रदेश से किसने की समस्याओं और दुर्गति की खबरें हैडलाइन बन रहीं. मैं हर मंगलवार को शिवराज से समय मानता हूं. अगला मंगलवार पांचवा होगा जब तक वह समय नहीं देंगे हम लगातार उनसे समय मांगेंगे. किसानों की समस्या को लेकर से मांग रहा हूं. कांग्रेस गांव, खेत यात्रा निकालेगी। आग्रह करेंगे सरकार से जो आपने बातें की है वह पूरी करो व्यवस्थाओं को दुरुस्त करो. जल्द तारीख का ऐलान करेंगे. यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे.

मध्य प्रदेश उपचुनाव: 13 नवंबर को 2 विधानसभा सीटों पर मतदान, EC ने किया शेड्यूल जारी

Madhya Pradesh by-election: Voting on 2 assembly seats on November 13, EC released schedule MP Bypoll 2024 Schedule: मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार (15 अक्टूबर) को प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव के शेड्यूल की जानकारी विस्तार से दी है. मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होंगे और 23 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजे सामने आ जाएंगे. मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024 का शेड्यूलचुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, नोटिफिकेशन जारी करने की तारीख 10 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन भरने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन पत्रों की जांच 28 अक्टूबर 2024 को होगीनाम वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक होगीमतदान की तारीख 13 नवंबर 2024 होगीमतगणना 23 नवंबर 2024 को होगी इन वजहों से खाली हुईं बुधनी और विजयपुर सीटेंसीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट और श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. बुधनी सीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक विधायक रहे. इस बार के लोकसभा चुनाव में विदिशा से सांसद चुने जाने के बाद शिवराज सिंह को केंद्रीय मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली और इसी के साथ बुधनी सीट खाली हो गई. वहीं, विजयपुर विधानसभा सीट रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद से खाली है. रामनिवास रावत अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी उन्हें ही इस सीट से फिर चुनाव में उतार सकती है. https://www.facebook.com/share/uhUckjZ3M64hNZUq बीजेपी और कांग्रेस की ओर से अभी बुधनी और विजयपुर सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. हालांकि, बीजेपी नेताओं की मांग है कि बुधनी से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह को टिकट दिया जाए. वहीं, विजयपुर सीट से रामनिवास रावत का टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है. वहीं, कांग्रेस में अभी नामों पर विचार मंथन चल रहा है. माना जा रहा है कि एक-दो दिन में दोनों ही पार्टियां प्रत्याशियों की घोषणा कर देंगी. . राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन स्थित प्लेनरी हॉल में दोपहर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान उन्होंने यह भी बताया, “महाराष्ट्र में एक चरण में ही चुनाव होगा. 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 23 नवंबर, 2024 को मतगणना की जाएगी. झारखंड में दो चरण में मतदान होगा. पहले चरण के तहत 13 नवंबर को तो दूसरे फेज में 20 नवंबर, 2024 को वोट डाले जाएंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी.” उप-चुनावों का कार्यक्रम कुछ इस तरह रहेगा सीईसी राजीव कुमार ने आगे उप-चुनावों के बारे में भी जानकारी दी और कहा, “उत्तर प्रदेश (यूपी) की 10 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा. केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और उत्तराखंड में 20 नवंबर को बाई-इलेक्शन होगा.”

जब सभी सामाजिक वानिकी वन वृत का प्रभार सीसीएफ-सीएफ को तो सागर का प्रभार डीएफओ को क्यों…?

When CCF-CF is in charge of all social forestry forests then why is DFO in charge of Sagar? भोपाल। वन विभाग में जंगल राज कायम है। शायद यही वजह है कि परंपरा और क्राइटेरिया को तोड़-मरोड़कर पोस्टिंग और तबादले किए जा रहे हैं। पिछले दिनों वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन एक के विवेक जैन ने परंपरा और प्रशासनिक मापदंड को दरकिनार करते हुए एक डीएफओ स्तर के WPO ( वर्किंग प्लान अफसर) को सामाजिक वानिकी वन वृत्त सागर को प्रभार सौंप दिया है। प्रशासनिक मापदंड के अनुसार कैडर में यह पद सीसीएफ अथवा सीएफ को दिया जा सकता है। जबकि सिवनी की तरह ही सागर सामाजिक वन वृत का सीसीएफ को दिया जा सकता था। चेहरा देखकर की गई पोस्टिंग को लेकर पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह का कहना है कि हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर पोस्टिंग में हो रही नियमों की अनदेखी की और उनका ध्यान आकृष्ट कराएंगे। डब्बलूपीओ ( वर्किंग प्लान ऑफिसर) एवं डीएफओ देवांशु शेखर को कैडर के विरुद्ध सामाजिक वानिकी वन वृत्त का प्रभाव दिए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि देवांशु शेखर के अलावा डीएफओ प्रशांत कुमार सिंह को वर्किंग प्लान खंडवा, डीएफओ डॉ किरण बिसेन को वर्किंग प्लान उज्जैन, डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा वर्किंग प्लान शिवपुरी, डीएफओ अनुराग कुमार वर्किंग प्लान रीवा और डीएफओ सुश्री संध्या को वर्किंग प्लान बालाघाट के पद पर पदस्थ किया गया। इनमें से किसी को भी सामाजिक वन वृत्त का अतीक प्रभार नहीं दिया गया। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक कैडर के अनुसार सामाजिक वन वृत्त खंडवा, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, रीवा, सागर, जबलपुर, और सिवनी में सीसीएफ अथवा सीएफ के पद रिक्त है। सामाजिक वन वृत्त बैतूल में वर्किंग प्लान ऑफिसर वन संरक्षक पीएन मिश्रा और वर्किंग प्लान ऑफिसर एवं वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव को सामाजिक इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वर्किंग प्लान ऑफिसर एवं डीएफओ देवांशु शेखर इकलौते ऐसे अफसर हैं, जिन्हें पीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन ने सागर सामाजिक वन वृत का प्रभार देकर उपकृत किया है। इन बिंदुओं पर जांच होनी चाहिए। सामाजिक वानिकी वन वृत में रिक्त पद रिक्त पद किसे प्रभाररीवा राजेश राय cfजबलपुर कमल अरोरा cfखंडवा रमेश गनावा cfइंदौर आदर्श श्रीवास्तव cfबैतूल पीएन मिश्रा cfसिवनी एसएस उद्दे ccfरतलाम एमएस बघेल cfसागर देवांशु शेखर DYCF

डॉ. यादव का बयान: प्रदेश में रोजगार और विकास के हर क्षेत्र में हो रहा सुधार

Dr. Yadav’s statement: Improvement is taking place in every field of employment and development in the state. सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का करेगा नेतृत्वउज्जैन में नये उद्योगों की स्थापना से 50 हजार लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगारभौतिक सम्पदाओं का सदुपयोग कर प्रदेश को आर्थिक सम्पन्न बनायेंगेमुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दशहरा मिलन उत्सव में 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश को रोजगारपरक प्रदेश बनाने के साथ ही विकास के हर आयाम को तय कर रही है। प्रदेश की भौतिक सम्पदाओं का सदुपयोग कर आर्थिक रूप से सम्पन्न मध्यप्रदेश बनायेंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में 350 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिभा स्वराज इकाई का आज शुभारम्भ किया गया है, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन के बेस्ट इंटरप्राइजेस और प्रतिभा स्वराज की इकाइयों से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार उज्जैन में अन्य औद्योगिक इकाई के माध्यम से 50 हजार बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव आज उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउण्ड में दशहरा मिलन उत्सव एवं 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन धर्म की सभी सन्यासी परम्पराओं के सभी वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण, स्वरूप तय करते है। मानवता की स्थापना के लिये सर्वोच्च सिंहस्थ मेला आयोजित किया जायेगा। सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसकी समुचित तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के मामले में मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे। इसके लिये अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रदेश को माइनिंग सेक्टर में भी दुनिया में नम्बर वन बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश हर सेक्टर में तेजी से तरक्की कर रहा है। प्रदेश में निवेशकों को लाने एवं निवेश बढ़ाने के लिये 16 अक्टूबर को हैदराबाद जाकर निवेशकों को आमंत्रित करेंगे। उज्जैन संभाग से प्रारम्भ हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रंखला में अब 23 अक्टूबर को रीवा में कॉन्क्लेव होने वाली है। इसके बाद शहडोल, नर्मदापुरम संभाग में भी रीजनल इण्डस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। आगामी वर्ष के फरवरी माह में प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिसमें विश्वभर से निवेशक आमंत्रित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शक्ति-सम्पन्न एवं सामर्थ्यशाली देश बनने के साथ ही विकास के समुच्चय में सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर रहा है। हमारी सनातन परम्परा में देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों ने शास्त्र एवं शस्त्र के साथ दुनिया का मार्ग प्रशस्त किया है। हमारा देश शान्तिपूर्ण देश है, पर जरूरत पड़ने पर शास्त्र के साथ ही शस्त्र उठाना भी बखूबी जानता है। थल सेना, वायु सेना एवं नौसेना को शक्ति सम्पन्न बनाते हुए सम्पूर्ण विश्व के मोर्चे पर आज प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रभावशाली भूमिका अदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन विश्व पटल पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में पहचाना जायेगा। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। इसी प्रकार सोमवारिया से लेकर सिंहस्थ बायपास तक नया फोरलेन बनाया जायेगा, जिसकी टेण्डर प्रक्रिया प्रारम्भ है। केडी गेट से लेकर बीमा हॉस्पिटल के आगे तक फोरलेन निर्माण की भी मंजूरी दी गई है। उज्जैन-इन्दौर सिक्सलेन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग का भी आज भूमि-पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन को जोड़ने वाले चारों तरफ के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : लोक निर्माण मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग “लोक निर्माण से लोक कल्याण’’ के ध्येय वाक्य के साथ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा हैं। विकास कार्यों से उज्जैन बेहतर सड़कों के साथ सामाजिक और आर्थिक ऊंचाइयों पर भी पहुंचेगा। विकास का ‘मोहन मॉडल’ प्रदेश की उन्नति के साथ जन-कल्याण के मार्ग भी खोल रहा हैं। प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन धार्मिक नगरी के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा लोकपथ एप का संचालन किया जा रहा है, जिसमें अब सड़कों के क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्राप्त शिकायतों का 7 दिन के अंदर संबंधित क्षेत्र के विभागीय अधिकारी द्वारा निराकरण किया जाएगा। मुझे बताते हुए खुशी है कि 3 से 4 महीने के अंदर अभी तक प्राप्त शिकायतों में से 95% से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन को 658 करोड़ से अधिक की राशि की सौगातें आज दी गई है, जो उज्जैन के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से 658 करोड़ के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्तिक मेला ग्राउंड उज्जैन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इनमें प्रमुख रूप से 225.96 करोड़ की लागत से हरीफाटक-लालपुल-मुल्लापूरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और शिप्रा पर 2 लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, 67.69 करोड़ की लागत से उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य (एनएच 148 का छूटा हुआ भाग), 22.61 करोड़ की लागत से बडावदा कलसी नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, 31.88 करोड़ की लागत से नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, 35.65 करोड़ की लागत से तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग, 32.6 करोड़ के लागत से रालामंडल कांकरिया चिराखान लेकोडा़ झिरोलिया बारोदा … Read more

मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में बना रहा है नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश की प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कियामहिला सशक्तिकरण नीति के अंतर्गत प्रतिभा सिंटेक्स में 70% से अधिक महिला कर्मचारी Madhya Pradesh is creating a new identity in the field of industry and investment: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस दिशा में लगातार भ्रमण तथा उद्योगपतियों से संवाद के प्रतिफल में एक समृद्ध औद्योगिक परिवेश प्रदेश में नजर आ रहा है। निनोरा में स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई उक्त प्रयासों की ही एक कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन के समीप ग्राम निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश वाली प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। इस औद्योगिक इकाई में वृहद स्तर पर गारमेंट निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से राज्य शासन की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत इस औद्योगिक इकाई में 70% से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, बहादुर सिंह बोरमुंडला, प्रबंध निदेशक औद्योगिक विकास निगम चंद्रमौली शुक्ला, प्रतिभा स्वराज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन शिवकुमार चौधरी, प्रबंध निदेशक श्रेष्ठ चौधरी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निनोरा में प्रतिभा स्वराज द्वारा स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई से जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं आसपास की खेती समृद्ध होगी। किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। निनोरा में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें आगे चलकर 355 करोड़ रुपए का निवेश होगा। डॉ. यादव ने उद्योग समूह द्वारा लगभग डेढ़ लाख एकड़ में की जाने वाली जैविक खेती की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नवीन सकारात्मक औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक संभाग में शासन द्वारा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती तथा पशुपालन में उत्पादन और आय को दोगुना करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है। अभी प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% हिस्सा है, जिसे बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अग्नि वीर एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से दूरदृष्टि के साथ प्रधानमंत्री द्वारा देश की सैन्य क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संतुलन की दृष्टि से अग्नि वीर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष दशहरे पर रावण दहन के साथ शस्त्र-पूजन पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेते हुए इस वर्ष उत्साह एवं उमंग के साथ प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी का महत्व जताते हुए कहा कि प्रत्येक काल में उज्जयिनी अवंतिका नगरी का अस्तित्व रहता आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कर मशीनों का पूजन भी किया। साथ ही यहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से चर्चा कर उनके जॉब, सैलरी, कार्यस्थल पर वातावरण तथा अन्य बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक इकाई में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया, जिसमें मुख्यमंत्री के चित्र को भी मुद्रित किया गया है। प्रारम्भ में प्रतिभा स्वराज प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया।

कैबिनेट मंत्री के बेटे का पुलिस पर हमला, वीडियो वायरल होने से सियासी तूफान

Video of cabinet minister’s son clashing with police goes viral, politics started over this मध्य प्रदेश के जबलपुर में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल पटेल का पुलिस से विवाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक मंत्री के बेटे की कार से बुजुर्ग दंपती को टक्कर लगी थी। इसके बाद सड़क पर हंगामा हो गया और पुलिस भी पहुंच गई। वहां मौजूद किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जबलपुर। जबलपुर में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल पटेल का पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन वह आक्रामक रूप से धौंस दिखाता रहा। जानकारी के मुताबिक प्रबल की कार से बुजुर्ग दंपती को टक्कर लगी थी, जिसके बाद दोनों में विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस भी वहां पहुंची थी। घटना के बाद मामले की पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम वीडियो देखकर जांच करवाएंगे। टक्कर के बाद जमा हो गई भीड़ दरअसल यह पूरा मामला बीते बुधवार का बताया जा रहा है। घटना यादव कॉलोनी लेबर चौक की है, जहां प्रबल पटेल कार से जा रहा था, उसकी कार से बुजुर्ग दंतपी को टक्कर लगती है। लोगों की भीड़ जमा होती है, आसपास मौजूद पुलिस भी पहुंच जाती है। मौके पर पहुंच गए थे प्रबल के साथी दंपती के साथ प्रबल की कहासुनी होती है। पुलिस युवक को समझाती है और भीड़ भी युवक पर दवाब बनाने लगती है। जिसके बाद प्रबल के कुछ साथी मौके पर आते हैं। प्रबल पुलिस को धौंस देते नजर आता है। उसने खुद को मंत्री पुत्र बताते हुए पुलिस कर्मियों पर दवाब बनाया। बुजुर्ग दंपती ने नहीं की कोई शिकायतइस मामले में बुजुर्ग दंपती की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं की गई है। सड़क पर हुए इस हंगामे का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें इस मामले में अभी कोई जानकारी नहीं है लेकिन वे इसकी जांच करवाएंगे। वीडियो पर गर्माई सियासतमध्य प्रदेश कांग्रेस ने वीडियो को सोशल मीडिया एक्स पर शेयर कर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पोस्ट में लिखा है- ‘प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के बेटे प्रबल ने जबलपुर में बुजुर्ग दंपती को टक्कर मारने के बाद पुलिस वालों को इस अंदाज में धमकाया।’

जिला पंजीयक कौशले को सीएम यादव ने सम्मानित किया

District Registrar Kaushale was honored by CM Yadav हरिप्रसाद गोहेआमला । गुरुवार को मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने ई रजिस्ट्री के सम्पदा 2.0 संस्करण का भोपाल मे उद्धाटन किया ! गुरुवार से इस नए संस्करण के माध्यम से लोग घर बैठे ई स्टाम्प खुद के लिए एप के जरिए जनरेट कर सकते है l जबकि कई मामलो मे पक्षकारों को रजिस्ट्रार दफ़्तर जाने की जरुरत से भी छुटकारा मिलेगा ! प्रदेश के हरदा जिले के सम्पदा 2.0 का सफल संचालन बैतूल जिला पंजीयक दिनेश कौशले ने किया ! इसके लिए मुख्यमंत्री श्री यादव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ! मुलताई उप पंजीयक कार्यालय के सेवप्रदाताओं ने जिला पंजीयक श्री कौशले को कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखकर प्रशिक्षण के बाद बधाईया दीं !

हाई कोर्ट ने पटवारी अनीता श्रीवास्तव का निलंबन रद्द किया, गलत आदेश पर सरकार को फटकार

High Court cancels suspension of Patwari Anita Srivastava, reprimands government on wrong order ग्वालियर – 23 सितंबर 2024 को मध्यप्रदेश High Court cancels suspension ने पटवारी अनीता श्रीवास्तव के निलंबन को अवैध ठहराते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की पीठ ने न केवल अनीता के पक्ष में फैसला सुनाया, बल्कि सरकार को आदेशों का गलत इस्तेमाल करने पर सख्त चेतावनी भी दी। क्या है मामला? अनीता श्रीवास्तव, जो कि 2006 से पटवारी पद पर कार्यरत हैं, को भितरवार के एसडीओ ने 29 अगस्त 2024 को निलंबित कर दिया था। अनीता ने इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दलील दी कि एसडीओ को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 104(2) के अनुसार, केवल कलेक्टर ही पटवारी को निलंबित कर सकता है। कोर्ट ने क्या कहा? High Court cancels suspension कोर्ट ने इस मामले में सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि बिना अधिकार क्षेत्र के एसडीओ द्वारा जारी निलंबन आदेश न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग भी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में, जहां आदेश बिना कानूनी आधार के जारी किए जाते हैं, हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना जरूरी है। न्यायमूर्ति अनिल वर्मा ने स्पष्ट किया कि “पटवारी का निलंबन या नियुक्ति का अधिकार केवल कलेक्टर के पास है, न कि एसडीओ के पास।” कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जब किसी अधिकारी के पास आदेश जारी करने का अधिकार नहीं होता, तो ऐसे आदेशों को अवैध घोषित करना जरूरी है। पटवारी अनीता श्रीवास्तव के पक्ष में फैसला: कोर्ट ने अनीता श्रीवास्तव का निलंबन आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया और राज्य सरकार को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार कानून के तहत कोई कार्रवाई करना चाहती है, तो वह सही प्रक्रिया का पालन करते हुए कर सकती है। अनीता का बयान: फैसले के बाद अनीता ने खुशी जताई और कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि उन सभी सरकारी कर्मचारियों की है जो अनुचित तरीके से निलंबित किए जाते हैं। कोर्ट ने मेरे साथ न्याय किया है और मैं इसके लिए आभारी हूं।” सरकार के लिए सख्त संदेश: इस फैसले ने न केवल अनीता श्रीवास्तव को न्याय दिलाया, बल्कि राज्य सरकार और उसके अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि बिना अधिकार और कानूनी आधार के आदेश जारी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्कर्ष: यह फैसला पटवारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून से बाहर जाकर आदेश जारी करना प्रशासन के लिए महंगा साबित हो सकता है

IAS अधिकारियों के तबादले की लहर, सामान्य प्रशासन विभाग ने दी अधिसूचना

मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने IAS किशोर कुमार कन्याल, अरुण कुमार विश्वकर्मा और लोकेश कुमार रामचंद्र जांगिड के तबादला आदेश जारी किये हैं भोपाल ! मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किये हैं इसमें एक उप सचिव और दो कलेक्टर शामिल हैं जिन्हें इधर से उधर किया गया है। तबादला सूची में IAS अधिकारियों के नामसामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश द्वारा जारी आदेश में वन विभाग में बतौर उप सचिव पदस्थ किशोर कुमार कन्याल को वहां से हटाकर श्योपुर जिले में कलेक्टर बनाकर भेजा है, इसके अलावा निवाड़ी कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को जिले से हटाकर अपर संचालक मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल पदस्थ किया है वहीं श्योपुर कलेक्टर लोकेश कुमार रामचंद्र जांगिड को फील्ड से हटाकर कलेक्टर निवाड़ी बनाया है।

बनर्जी साहब ने हमेशा ही माइनिंग सुपरवाइजरों ऐसोसिएशन के हित में किया कार्य किया: वेकोलि क्षेत्रीय इनमोसा संगठन पाथाखेड़ा

Banerjee Saheb always worked in the interest of the Mining Supervisors Association: Vekoli Regional Inmosa Organization Pathakheda हरिप्रसाद गोहेआमला/पाथाखेड़ा । वेस्टर्न कोल फील्ड के इनमोसा भवन में 8 अक्टूबर बुधवार इनमोसा ऐसोसिएशन की 68 वी वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई । इस दौरान संगठन के रचयिता स्वर्गीय जे. के .बनर्जी साहब द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान इनमोसा ऐसोसिएशन विकास एवं सुपरवाइजर स्टॉफ के हित में किए गए कार्यों का सार्वजनिक मंच से उल्लेख कर सभी ने उन्हें याद किया। इस दौरान सभी ने कहा बनर्जी साहब ने सदैव कोल माइनिंग सुपरवाइजरों के हित में अंतिम सांस तक काम किया उनके उल्लेखनीय कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता । ये रहे उनके प्रयास चार्ज एलाउंस, केडर स्कीम 1991से1993 मे संसोधन- अन्यइनमोसा के रचयिता स्व .जे .के. बनर्जी साहब युवा माइनिंग सुपरवाइजर के पद पर कोल नगरी में पदस्थ हुए सन् 1952 में माइन एक्ट आया जे.के . बनर्जी साहब ने 07 अक्टूबर तक माइनिंग सुपरवाइजरों से हित के मुद्दों पर पांचों श्रमिक संगठनों से चर्चा की लेकिन उनकी कार्यप्रणाली से माइनिंग सुपरवाइजरों के हित के लिए कोई संतुष्ट जनक जबाब नहीं मिला आप लोग 5% माइनिंग सुपरवाइजर है 95% अन्य कामगार है जे .के .बनर्जी साहब ने तुरंत उनके नेतृत्व में जो कमेटी बनाई थी बनर्जी साहब कमेटी के प्रमुख थे उन्होंने दिनांक 08/ अक्टूबर को ( कलकत्ता) रजिस्टार आफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जिसका नंबर 3887 है ऐसोसिएशन का नाम (इनमोसा)- इंडिया नेशनल माइन आफिसियल & सुपरवाइजरी स्टाफ ऐसोसिएशन – है उसके बाद निरन्तर ही अंतिम सांस तक माइनिंग सुपरवाइजरों के लिए उनके हित में कार्य किया आजीवन केवल (इनमोसा) के सदस्य रहे उनकी याद में 68 वा स्थापना दिवस (वेकोलि के इनमोसा भवन) में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य -अतिथि ( एल .के . महापात्रा (क्षेत्रीय जनरल मैनेजर पाथाखेड़ा )- जे .के. गुप्ता क्षेत्रीय जी .एम.-आपरेशन- संचालन पाथाखेड़ा – क्षेत्र) शैलेन्द्र शेंडे -(कार्मिक – प्रबंधक – पाथाखेड़ा – क्षेत्र) किशोर वरर्दे (नगर अध्यक्ष – सारणी) माननीया- कविता पटैया वार्ड – पार्षद ,शेर सिंह परमार (संरक्षक – वेकोलि इनमोसा) लक्ष्मी कांत राठौर (डिविजनल अध्यक्ष वेकोलि इनमोसा) गोकुल प्रसाद गोहे ( -उप-महासचिव वेकोलि इनमोसा) श्री शाहिद अख्तर ( कोषाध्यक्ष- वेकोलि ) -ललित राठौर – क्षेत्रीय अध्यक्ष इनमोसा रमेश अमरूते (महामंत्री इनमोसा) अनिल चौरसिया (कोषाध्यक्ष) विषेश योगदान – सभी खानों के अध्यक्ष/सचिव/ उमेश चौकीकर, शाबीर अलि,चंचल, नियाज़, पटैया, रज्जू गोहे,उदय प्रताप पाथाखेड़ा – क्षेत्र के इनमोसा सदस्यों कि महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है साथ ही पेंच क्षेत्र, कन्हान क्षेत्र के पदाधिकारियों ने अहम् योगदान दिया ।

जंगल महकमे में प्रभार का खेला, चहेतों को किया जा रहा उपकृत एसीएस की सिफारिश की गई अनदेखी

उदित नारायणभोपाल। जंगल महकमे में प्रभार देने का कोई क्राइटेरिया नहीं बनाया गया है । ऐसे में प्रशासन-एक के मुखिया ने अपने चहेते आईएफएस देवांशु शेखर को प्रभार देने में इतनी जल्दबाजी दिखाई कि सागर वर्किंग प्लान अफसर का पदभार ग्रहण करने से पहले उन्हें सामाजिक वानिकी का प्रभार दे दिया ही दे दिया। जबकि कैडर में यह पद सीसीएफ स्तर के अधिकारी का है। वैसे जब रीवा में सामाजिक वानिकी वृत का अतिरिक्त प्रभार वन संरक्षक रीवा के राजेश कुमार राय को दिया है तो फिर सामाजिक वानिकी का प्रभार डीएफओ को क्यों दिया गया, यह शोध का विषय है। जबकि सागर में सीसीएफ कार्यरत है।प्रधान मुख्य वन संरक्षक विवेक जैन ने बुधवार को जारी आदेश में 2011 बैच के डीएफओ वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार दिया है। सनद रहे कि 27 सितंबर को राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में देवांशु शेखर को उत्तर बैतूल डीएफओ से हटकर सागर वर्किंग प्लान ऑफिसर के पद पर पदस्थ किया है। देवांशु शेखर ने अभी तक वर्किंग प्लान ऑफिसर का पदभार भी ग्रहण नहीं किया है। अपने मूल पोस्टिंग का पदभार ग्रहण करने से पहले ही उन्हें पीसीसीएफ विवेक जैन ने एक आदेश जारी कर सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार देकर उपकृत कर दिया। विवेक जैन के इस आदेश को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है तो फिर 2009 बैच के प्रशांत कुमार सिंह, किरण बिसेन और अनुराग कुमार समेत अन्य पांच वर्किंग प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार क्यों नहीं दिया गया ? जबकि भोपाल को छोड़कर सामाजिक वानिकी वृत के पद खाली है और वे सभी प्रभार में चल रहें हैं। शेखर पर विशेष कृपा के संबंध में चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि शहर के अलावा अन्य वर्जन प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी वृत का प्रभाव क्यों नहीं दिया गया? सागर वर्किंग प्लान अफसर डीएफओ देवांशु शेखर को पीसीसीएफ विवेक जैन ने किस फॉर्मूले के तहत उपकृत किया। क्या उनके बनाए फॉर्मूले में अन्य 5 वर्किंग प्लान अफसर फिट नहीं आ रहे हैं ? जबकि डीएफओ शेखर के खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट अंतिम निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है। एससीएस की सिफारिश को किया दरकिनार सूत्रों ने बताया कि अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव को एक नोटशीट लिखी है। इसके अनुसार सिवनी वन वृत के मुख्य वन संरक्षक एसएस उद्दे से सामाजिक वानिकी का प्रभार लेकर जबलपुर वर्किंग प्लान सबमिट कर चुके वन संरक्षक रमेश विश्वकर्मा को सौंप दिया जाए। वैसे भी वन संरक्षक विश्वकर्मा को अपनी पोस्टिंग का इंतजार है। एसीएस की सिफारिश में यह भी उल्लेख है कि सामाजिक वानिकी रीवा वृत्त वहां के वन संरक्षक राजेश राय और सामाजिक वानिकी सागर वृत्त का प्रभार मुख्य वन संरक्षक सागर अनिल कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दे दिया जाए। यह बात अलग है कि वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव इस बात से इनकार किया है कि सामाजिक वानिकी का आर्थिक प्रभार देने संबंधित एसीएस की कोई नोटशीट उनके पास आई है। प्रभार देने से वर्किंग प्लान में होगी देरी एक पीसीसीएफ अधिकारी का कहना है कि वर्किंग प्लान ऑफिसर को आर्थिक प्रभार दिए जाने से कार्यायोजना बनाने में देरी होगी , क्योंकि अतिरिक्त प्रभार वाला पद अफसरों के लिए लाभप्रद होता है। वे ज्यादातर समय वर्किंग प्लान पर नहीं देकर शुभ-लाभ को ध्यान में रखते हुए काम करते है। जबकि वर्किंग प्लान बनाने का कार्य गंभीरता और बारीकी से किया जाता है।

प्रदेश में इस वर्ष 4.50 लाख विद्यार्थियों को वितरित की जा रही हैं साइकिल

विभागीय बजट में 195 करोड़ रूपये का प्रावधान Bicycles are being distributed to 4.50 lakh students in the state this year. भोपाल : प्रदेश में इस वर्ष 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 4 लाख 50 हजार साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। इसके लिये विभागीय बजट में 195 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। साइकिल वितरण का कार्य इस वर्ष नवम्बर तक पूरा किया जाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिये गये हैं। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थी, जो सरकारी स्कूलों में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में अध्ययनरत हैं तथा वह जिस ग्राम के निवासी हैं, उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूल संचालित न होने की वजह से विद्यार्थियों को सुविधाजनक तरीके से स्कूल पहुंचने के लिये साइकिल वितरित की जाती हैं। योजना में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में प्रवेश लेने पर पात्र विद्यार्थी को साइकिल प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में कन्या छात्रावास में अध्ययनरत छात्राएं, जिनकी शाला छात्रावास से 2 किलोमीटर या अधिक दूरी पर है, उन्हें भी नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में वर्ष 2023-24 में इस योजना में 4 लाख 7 हजार विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की गई थी। पीएमश्री स्कूल नरसिंहपुर में 142 छात्राओं को वितरित की गई साइकिल नरसिंहपुर जिले के पीएमश्री एमएलबी स्कूल नरसिंहपुर की 142 छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया गया। इन छात्राओं में ग्राम डोंगरगांव की छात्रा सोनम गोंड और कक्षा 9वीं की छात्रा अंकिता साहू, ग्राम पांसी की छात्रा शिवानी मोरिया व ग्राम भरवारा की छात्रा मुस्कान लोधी भी शामिल हैं। ग्राम डोंगरगांव की छात्रा सोनम गोंड़ का कहना है कि घर से स्कूल दूर है। कभी-कभी बस छूट जाने के कारण समय पर विद्यालय नहीं आ पाती थी। अब शासन द्वारा नि:शुल्क साईकिल मिल जाने से अब वे समय पर स्कूल आ-जा सकेंगी। इसी तरह ग्राम डोंगरगांव की ही छात्रा अंकिता साहू बताती हैं कि वे पीएमश्री एमएलबी स्कूल नरसिंहपुर में कक्षा 9 वीं में अध्ययन करती हैं। उन्हें स्कूल आने-जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी बस में बहुत ज्यादा भीड़ हो जाने के कारण वे स्कूल नहीं जा पाती हैं। अब नि:शुल्क साईकिल मिल जाने से वे समय पर स्कूल आ-जा सकेंगी और अपनी पढ़ाई में रूकावट नहीं आने देंगी। ग्राम पांसी की रहने वाली छात्रा शिवानी मोरिया व ग्राम भरवारा की छात्रा मुस्कान लोधी बताती हैं कि कभी-कभी पैसे के अभाव में वे बस का किराया नहीं दे पाती थी। गांव से स्कूल आने-जाने में बहुत समय लग जाता था। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती थी। लेकिन अब साईकिल मिल जाने से वे समय पर स्कूल आ जा सकेंगी और अपनी पढ़ाई बिना किसी रूकावट से कर सकेंगी।

विकास कार्यक्रम में तेजी लाए, लापरवाही पर होगा एक्शन: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

Development programs should be expedited, action will be taken against negligence: Minister of State Smt. Gaur भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवम् अल्पसंख्यक कल्याण और विमुक्त, घुमंतु और अर्ध घुमंतु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया।साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कार्य में लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर बुधवार को 74 बांग्ला निवास पर गोविंदपुरा विधानसभा में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा कर रही थी। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रभातम हाइट्स में 7 में से 6 लिफ्ट का काम पूरा हो चुका है बची हुई एक लिफ्ट का काम भी एक हफ्ते के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही यहां पर सड़क, बोरवेल और बिजली कनेक्शन के सर्वे को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। यहां के रहवासियों ने स्विमिंग पूल की जगह गार्डन और क्लब हाउस बनाने की मांग की है। इसी तरह एमजीएम में सड़क बनाने के कार्य में तेजी लाने के लिए कहा, पिपलानी सेक्टर में सड़क के लिए बाधा बन रहे अवैध निर्माण को तोड़ने का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजे जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

वन स्टॉप सेंटर के प्रयासों से लौट रहा महिलाओं का सम्मान

Women’s respect is returning due to the efforts of One Stop Center भोपाल ! Women’s respect is returning महिलाओं के खिलाफ हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या है जिससे निपटने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये प्रदेश में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। Women’s respect is returning महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति की संबल उपयोजना के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है। महिला सशक्तिकरण में वन स्टॉप सेंटर की भूमिका सुरक्षित आश्रय एवं तात्कालिक सहायता – वन स्टॉप सेंटर उन महिलाओं को तत्काल आश्रय और सुरक्षा प्रदान करता है जो घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन हिंसा अथवा किसी भी प्रकार की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होती है। सेंटर में महिलाओं को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाती है और उन्हें सुरक्षित वातावरण में आश्रय दिया जाता है। कानूनी सहायता और परामर्श – वन स्टॉप सेंटर पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता प्रदान करता है ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सके और आवश्यक कानूनी कदम उठा सकें। कानूनी परामर्श और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहायता मिलने से महिलाएँ अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ न्याय पाने की दिशा में सशक्त हो सकें। चिकित्सा सहायता – वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलती है। हिंसा या प्रताड़ना से घायल महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य सेवाएँ के साथ समन्वय कर चिकित्सा सेवाएँ दी जाती है। मनोवैज्ञानिक परामर्श – हिंसा की शिकार महिलाएँ अक्सर मानसिक आघात से गुजरती है, वन स्टॉप सेंटर पर प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करते है जिससे उनका आत्म-विश्वास मजबूत होता है। पुनर्वास सेवाएँ एवं समाज में पुनर्स्थापना – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को पुनर्वास सेवाएँ भी प्रदान करते है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को उनके परिवार के साथ पुनर्स्थापित करने अथवा उन्हें स्वतंत्र जीवन जीने, अपने पैरों पर खड़ाहोने का अवसर प्रदान करता है। Read More : https://saharasamachaar.com/ifs-vs-missing-for-more-than-two-years-will-be-punished/ आर्थिक सशक्तिकरण के लिये प्रशिक्षण और रोजगार – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार देने के लिये प्रशिक्षण देने का भी प्रयास करते है। महिलाओं को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित किया जाता है। इससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें। प्रदेश के 52 जिलों में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे है। प्रारंभ से अगस्त 2024 तक 98 हजार 636 महिलाओं को पंजीकृत कर विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की गई, जिसमें लगभग 78 प्रतिशत महिलाएँ (76,499) को घरेलू हिंसा से संबंधित सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दहेज उत्पीड़न, बलात्कार, यौन अपराध, बाल विवाह, गुमशुदा, अपहरण, निराश्रित आदि से संबंधित प्रकरणों में यथोचित मदद की गई। वर्ष 2019-20 में कुल 6 हजार 352 महिलाओं को सहायता दी गई थी। वर्ष 2023-24 में 21 हजार 490 महिलाओं को मदद प्रदान की गई। अब सभी वन स्टॉप सेंटर में वाहनों का प्रावधान भी किया गया है, जिससे दूरस्थ महिलाओं को भी त्वरित सहायता मिल सकेगी।

दो साल से अधिक समय से गायब आईएफएस वीएस होतगी दण्डित

IFS VS missing for more than two years will be punished भोपाल। राज्य शासन ने 13 जनवरी 2011 से 26 जनवरी 2013 तक कर्तव्यस्थल से गायब भारतीय वन सेवा के एमपी कैडर के वर्ष 1994 बैच के अधिकारी वीएस होतगी को उनकी सभी वेतन वृध्दियां स्थगित करने से दण्डित किया गया है। इनके बैच के एपीसीसीएफ पद पर प्रमोट हो चुके है। होतगी अभी भी डीएफओ हैं। राज्य शासन उनके बर्खासतगी का प्रस्ताव भी दो साल भेज चुकी थी, जिसे केंद्रीय कार्मिक विभाग में उसे निरस्त कर दिया।दरअसल, होतगी 3 अगस्त 2009 से 10 फरवरी 2011 तक भिण्ड सामान्य वनमंडल के डीएफओ थे। उन्हें 28 दिसम्बर 2010 को अनुदेशक रेंजर्स कॉलेज बालाघाट पदस्थ किया गया था परन्तु उन्होंने रिलीव होने के बाद भी ज्वाईनिंग नहीं दी। उन्हें 21 फरवरी 2012 को इस अनियमितता पर आरोप-पत्र जारी किया गया परन्तु उन्होंने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। 20 मई 2019 को उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई। 22 सितम्बर 2022 को विभागीय जांच की रिपोर्ट मिली, जिसमें उन्हें 754 दिनों तक कर्तव्य से अनुपस्थित होने का दोषी पाया गया। 22 अक्टूबर 2022 को होतगी को बचाव उत्तर देने का नोटिस दिया गया जिस पर उन्होंने 24 नवम्बर 2020 को बचाव उत्तर दिया। लेकिन उनका जवाब अमान्य किया गया और उन्हें अनुपस्थिति की अवधि को अकार्य दिवस मानते हुये उन्हें एक वेतवृध्दि असंचयी प्रभाव से रोकने के दण्ड से दण्डित किया गया। राज्य शासन ने होतगी प्रकरण संघ लोक सेवा आयोग को भेजा। आयोग ने भी 4 मार्च 2024 को होतगी को दोषी पाते हुये उन्हें सभी वेतनवृध्दियों से वंचित करने का दण्ड दिया गया। इस दण्ड के बारे में उत्तर देने के लिये होतगी को पत्र भेजा गया, परन्तु उन्होंने यह पत्र प्राप्त नहीं किया। इस पर उनके कार्यालयीन कक्ष की टेबल पर इसे चस्पा किया गया। इसके बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर अब राज्य शासन ने एकपक्षीय निर्णय लेकर उन्हें इस टिप्पणी के साथ दण्डित किया है कि 30 अक्टूबर 2024 तक होतगी को वेतन के समयमान में निचले स्तर के दो चरणों तक की कटौती की शास्ति और आगे इस निर्देश के साथ अधिरोपित की जाये कि वह कटौती की अवधि के दौरान वेतन वृध्दियां अर्जित नहीं करेंगे। इस अवधि की समाप्ति पर, इस कटौती का प्रभाव उनकी भावी वेतनवृध्दि को स्थगित करने पर पड़ेगा।

हज यात्रियों के लिए बुरी खबर: हज यात्रा करने के लिए देनी होगी अब मोटी रकम

Bad news for Haj pilgrims: Now you will have to pay huge amount for Haj pilgrimage Haj Yatra: Bad news for Haj pilgrims हज यात्रा पर जाने वालों अकीदतमंदों में इंदौर सबसे आगे हैं तो वहीं डिंडौरी से सबसे कम केवल 3 लोगों का चुनाव हुआ। वहीं भोपाल दूसरे, उज्जैन तीसरे और देवास और धार चौथे और पांचवें नंबर पर है। चुने गए यात्रियों को पहली किस्त के रूप में एक लाख 30 हजार 300 रुपए जमा कराना है। बता दें कि इस बार Bad news for Haj pilgrims हजयात्रा के लिए पहली किस्त के रूप में लिया जाने वाला शुल्क पिछले साल के मुकाबले 50 हजार रुपए ज्यादा है। Read More : https://saharasamachaar.com/chairmanship-of-chief-secretary/ एमपी से 7101 लोगों का चयन मध्य प्रदेश से हजयात्रा पर जाने 7101 लोगों का चुनाव हुआ। यात्रा पर जाने जिन जिलों से सबसे कम यात्री चुने गए उनमें डिडौंरी काम नाम सबसे ऊपर है। यहां से तीन लोग चुने गए। वहीं पन्ना से केवल 4 लोगों का यात्रा के लिए चयन हुआ है। इसके अलावा 8 लोग भिंड और 12 लोग कटनी से यात्रा पर जाएंगे। 21 अक्टूबर लास्ट डेट Bad news for Haj pilgrims : सेंट्रल हज कमेटी ने पहली किस्त के रूप में हर यात्री से 1 लाख 30 हजार 300 रुपए जमा करने के निर्देश दिए हैं। इसे जमा करने के लिए 21 अक्टूबर अंतिम तारीख है। पेमेंट ऑफ लाइन भी जमा करा सकते हैं। हज समिति द्वारा धार्मिक तीर्थयात्राओं के आयोजन की परंपरा 1927 से चली आ रही है। समिति ने समुद्री मार्ग से तीर्थयात्राओं का आयोजन किया और इसका नेतृत्व बॉम्बे के पुलिस आयुक्त डी. हीली ने किया। समिति की पहली बैठक 14 अप्रैल 1927 को हुई थी। 2002 के हज समिति अधिनियम से पहले , समिति को कानूनी मान्यता देने का पहला प्रयास अंग्रेजों द्वारा किया गया था, जिन्होंने 1932 में पोर्ट हज समिति अधिनियम पारित किया था और बाद में 1959 में, जब जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार ने हज समिति अधिनियम पारित किया था ।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य संचालन समिति गठित

State steering committee formed under the chairmanship of Chief Secretary भोपाल : राज्य शासन ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजनांतर्गत भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय द्वारा योजना के कार्यान्वयन के लिए उपयुक्त रणनीति और नीति तैयार करने, योजना की निगरानी और सभी स्तरों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य संचालन समिति का गठन chairmanship of Chief Secretary की अध्यक्षता में किया है। Read More : https://saharasamachaar.com/archana-was-removed-from-mfp-park-within-six-months/ समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल एवं युवा कल्याण, प्रमुख सचिव, समाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, वित्त, संचालक पंचायती राज, महानिदेशक/संचालक राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी), अपर/संयुक्त संचालक पंचायती राज संचालनालय, समिति अध्यक्ष के अनुमोदन से दो विशेष आमंत्रित व्यक्ति समिति में सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास समिति में सदस्य सचिव होंगे। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश में केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और समाधान के उपायों को लेकर भी चर्चा की। जैन ने कहा कि प्रदेश में योजना बनाने के पूर्व विस्तृत विचार-विमर्श किया जाये तथा शासन से निर्णय हो जाने पर उसका क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जाये जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकें। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य की आय बढ़ाने के लिए अन्य साधन एवं स्त्रोत भी तलाशें। जैन ने अधिकारियों को अद्यतन तकनीकी एवं अपने सेक्टर में हो रहे नवाचारों से निरंतर अवगत रहने की जरूरत बतायी। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के विकास के लिए भारत सरकार के विभागीय अधिकारियों से सतत् संपर्क एवं समन्वय कर योजनाओं को आगे बढ़ाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभागों का डाटा-बेस बनाने को कहा जिससे इसका मास्टर डाटाबेस बनाया जा सके।

एमएफपी पार्क से छः महीने में ही अर्चना हटाई गई, जूनियर डीएफओ गीतांजलि बनी नई सीईओ

Archana was removed from MFP Park within six months, Junior DFO Gitanjali became the new CEO. उदित नारायणभोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने एक बार फिर एमएफपी पार्क की सीईओ अर्चना पटेल को हटाकर 2020 बैच की आईएफएस गीतांजलि जे को नया सीईओ बनाया। संघ के एमडी ठाकुर ने 12 महीने में तीन को बदल चुके हैं पर ना दवाईयों का समय पर प्रोडक्शन हो पा रहा है ना उसकी गुणवत्ता में सुधार हो रही। चर्चा है कि जिस भी सीईओ ने गुग्गल सहित रॉ मटेरियल की खरीदी में हुई गड़बड़झाला की फाइल खोली, उसे वहां से रुखसत होना पड़ा है। पहले पीजी फुलजले और अब अर्चना पटेल को एमएफपी पार्क के सीईओ पद से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया गया।2004 बैच के आईएफएस पीजी फुलजले को नवंबर 23 में एमएफपी पार्क का सीईओ के पद पर पोस्टिंग हुई और जब उन्होंने आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने के लिए गुग्गल और अन्य रॉ मटेरियल की खरीदी में हुई गड़बड़ झाला की फाइल खोली तो उन्हें हटाकर 2018 बैच की महिला आईएफएस अर्चना पटेल को सीईओ बनाया। जबकि संघ में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मनोज अग्रवाल ( वर्तमान में उनकी सेवाएं विभाग को वापस कर दी गई है) जैसे सीनियर आईएफएस कार्यरत थे। यानि सीनियर अफसर की कमी बताकर एमएफपी पार्क के स्थापना से अब तक की सबसे जूनियर और अनुभवहीन आईएफएस अर्चना पटेल को सीईओ बनाया गया। दिलचस्प पहले हुई है कि अर्चना पटेल के हटाए जाने की स्थिति वही निर्मित हुई, जिसके कारण फुलजले को सीईओ पद से हटाया गया। बताया जाता है कि सीईओ बनने के बाद पटेल 3-4 महीने तक रबर स्टाम्प के रूप में काम किया, वह जब खुद फैसला लेने लगी और गड़बड़झाले की फाइल खोलने लगी, तभी उन्हें भी हटा दिया गया। अबकी बार 2020 बैच की महिला आईएफएस गीतांजलि जे को सीईओ बनाया। अनुभवहीन अधिकारियों की पोस्टिंग बंद करने की कहीं साज़िश तो नहीं ? एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में उत्पादित औषधीय की क्वांटिटी और क्वालिटी में गिरावट आई है। चर्चा है कि लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी (एमएसपी पार्क) अनुभवहीन महिला अधिकारियों की पोस्टिंग के पीछे कहीं विंध्या हर्बल को बंद करने की साजिश तो नहीं चल रही है। यही वजह है कि एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में उत्पादित होने वाली औषधियों की क्वांटिटी और क्वालिटी में निरंतर गिरावट आ रही है। औषधि के गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठे। विगत वर्षों में केंद्र निरंतर प्रगतिशील रहा लेकिन पिछले 2 वर्षों में प्रशासनिक उदासीनता और गलत नीतियों से केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ। कभी भारत के 17 राज्यों में आयुर्वेदिक दवाओं को सप्लाई करने वाले केंद्र को आयुष विभाग ने तो विंध्या हर्बल्स को ऑर्डर देना ही बंद कर दिया है। पिछले दिनों एक छोटा सा ऑर्डर इस वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है।

अतिवर्षा से प्रभावित किसानों ने विधायक रामेश्वर शर्मा से की मुलाकात, जल्द मिलेगी राहत

Farmers affected by excessive rain met MLA Rameshwar Sharma, will get relief soon भोपाल। हाल ही में हुई अतिवर्षा के कारण सोयाबीन सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान परेशान हैं। शनिवार को रातीबड़ रोड और सीहोर रोड क्षेत्र के कई किसान युवा सदन पहुंचे और वहां विधायक रामेश्वर शर्मा से मुलाकात की। किसानों ने फसलों को हुए नुकसान की जानकारी दी और राहत की मांग की। विधायक रामेश्वर शर्मा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से बात की और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराने की अपील की। चर्चा के बाद, कलेक्टर सिंह और एसडीएम हुजूर विनोद सोनकिया मुंडला गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने फसलों के नुकसान के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान का आंकलन कर जल्द ही मुआवजा राशि जारी की जाएगी।

विकास से समाज कल्याण के लिए सद्मूल्यों को करना होगा विकसित : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल Good values ​​will have to be developed for social welfare through development: Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है, इसे सही दिशा देकर मानव कल्याण से जोड़ने के लिए समाज में सद्मूल्यों को विकसित करना होगा। विकास को वरदान बनाना है तो समाज में प्रेम, दया, करुणा, परोपकार और शांति की भावना को जागृत करना होगा। ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों द्वारा जन-चेतना के लिए किये जा रहे कार्य सशक्त और समृद्ध भारत तथा वैश्विक खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित शिखर सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में (4 अक्टूबर) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सपनों के भारत के निर्माण का चल रहा है महायज्ञ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है आज भारत विश्व की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आगामी 5 वर्षों में हम तीसरी और वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। व्यापक स्तर पर तेज गति से विकास हो रहा है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने विकास के द्वार खोले हैं। नागरिकों को सक्षम बनाने के लिये उच्चस्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। विकास की राह के हर पड़ाव में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। इस विकास को स्थायी बनाने के लिये मानव जाति का जागृत होना आवश्यक है। इसके लिये भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और आध्यमिकता का पुनरुत्थान करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे 21 वीं सदी भारत की होगी। भारत विश्वगुरु होगा। वर्तमान वैश्विक पारिस्थितियों में भारत का नेतृत्व नितांत आवश्यक है। आर्थिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास पर भी कार्य करना होगा। विकसित, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिये भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की सोच पर सभी को चलना होगा। वैश्विक कल्याण के इस अहम दायित्व के निर्वहन के लिये आवश्यक है कि भारत का हर नागरिक सकारात्मक भूमिका निभाकर लोक-कल्याणकारी पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं, समाज और विश्व का कल्याण किया जा सकता है सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी कहते थे “आज मानव ने आकाश में पक्षी की तरह उड़ना सीख लिया है, मछली की तरह समुद्र में तैरना सीख लिया है लेकिन इंसान की तरह जमीन पर चलना नहीं सीख पाया।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वैश्विक कल्याण के लिये मानव मूल्यों को जागृत करना होगा। समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ कार्य कर रही हैं, परंतु ख़ुशी की बात है कि समाज को जोड़ने वाली, चिंतन करने वाली, वैश्विक कल्याण के भाव वाली संस्थाएँ और विचारक सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों को आशा भरी नज़रों से देख रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है आगामी पीढ़ी को भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। एक अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं का, समाज का और विश्व का कल्याणकारी भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल को ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। ब्रह्मकुमारी के राजयोगी बृजमोहन, राजयोगिनी सुश्री चन्द्रिका दीदी सहित 20 हजार से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल थे।

डीजीपी की बेटी सोनाक्षी सक्सेना बनीं भोपाल की डीसीपी इंटेलिजेंस

DGP’s daughter Sonakshi Saxena becomes DCP Intelligence of Bhopal राजीव रंजन झा: भोपाल : 2020 बैच की युवा और चर्चित आईपीएस अधिकारी सोनाक्षी सक्सेना ने भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय में डीसीपी इंटेलिजेंस के पद पर कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले वे जबलपुर में एएसपी के पद पर तैनात थीं। सोनाक्षी की यह तीसरी पोस्टिंग है और पहली बार भोपाल में डीसीपी इंटेलिजेंस के रूप में सबसे युवा आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति हुई है। सोनाक्षी, मध्य प्रदेश पुलिस के प्रमुख डीजीपी सुधीर सक्सेना की बेटी हैं। डीजीपी सक्सेना अगले महीने नवंबर में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, और माना जा रहा है कि इस संबंध में उनकी बेटी की भोपाल में पोस्टिंग को प्राथमिकता दी गई है। इससे पहले सोनाक्षी इंदौर में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रह चुकी हैं।

भोपाल में चार नई तहसीलें गठित होंगी, गोविंदपुरा सर्किल होगा समाप्त

Four new tehsils will be formed in Bhopal, Govindpura circle will be abolished. भोपाल | राजीव रंजन झा। भोपाल जिले में प्रशासनिक सुधार के तहत चार नई तहसीलें बनाई जाएंगी, जिससे लोगों को नामांतरण, प्रमाण पत्र, और अन्य राजस्व संबंधी कामों में अधिक सुविधा होगी। गोविंदपुरा सर्किल को समाप्त कर इसका क्षेत्र एमपी नगर सर्किल में शामिल किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य तहसीलों में काम का बोझ कम करना और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। नई तहसीलों का गठन भोपाल जिले में सात तहसीलों का पुनर्गठन प्रस्तावित है। इनमें बैरागढ़, एमपी नगर, टीटी नगर, और शहर तहसील शामिल होंगी। इस नए प्रस्ताव पर 6 अक्टूबर को संभागायुक्त संजीव सिंह से चर्चा की जाएगी। गोविंदपुरा सर्किल के राजस्व क्षेत्र को एमपी नगर सर्किल में मर्ज किया जाएगा और मुख्यालय नरेला क्षेत्र में स्थापित होगा। प्रमुख बदलाव हुजूर तहसील के 29 गांवों को एमपी नगर तहसील में शामिल किया जाएगा। इसी तरह, टीटी नगर तहसील में रातीबड़ और कोटरा सुल्तानाबाद जैसे इलाकों को जोड़ा जाएगा। संत हिरदाराम नगर तहसील, शहर तहसील, और एमपी नगर तहसील का पुनर्गठन किया जाएगा ताकि राजस्व मामलों का बोझ समान रूप से विभाजित हो सके और नागरिकों को त्वरित सेवाएं मिल सकें। भोपाल शहर की 60% आबादी अब सीधे भोपाल शहर तहसील से जुड़ेगी, जो शहर के सबसे बड़े हिस्से को कवर करेगी। इस परिवर्तन से राजस्व मामलों की पेंडेंसी को कम करने और कार्यभार को बेहतर ढंग से बांटने में मदद मिलेगी। लोगों को होगा फायदा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि यह प्रस्ताव जनसुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे न केवल तहसीलों में काम का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को भी अपने काम करवाने में सहूलियत मिलेगी।

भोपाल: तेज रफ्तार कार ने श्यामला हिल्स पर दो सगी बहनों को मारी टक्कर, एक की मौत

भोपाल शहर के श्यामला हिल्स थाना इलाके में सड़क पार कर रही दो सगी बहनों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। उन्हें गंभीर घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने 42 वर्षीय राजिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं छोटी बहन 32 वर्षीय शाजिया की हालत नाजुक बताई जाती है। घटना शनिवार शाम लगभग सात बजे की है। हादसे के बाद कार चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। चालक की तलाश की जा रही है। रिश्तेदार के घर से वापस लौट रही थीं थाना प्रभारी घूमेंद्र सिंह ने बताया कि राजिया जगन्नाथ कॉलोनी, ऐशबाग की रहने वाली थी। शनिवार को वह नीम वाली सड़क, जहांगीराबाद में रहने वाली छोटी बहन शाजिया के साथ अहाता रुस्तम खां में एक रिश्तेदार के घर आई थी। दोनों बहनें शाम को वापस घर लौट रही थीं। सिर में चोट लगने से मौके पर ही हुई मौत शाम करीब पौने सात बजे वे हिंदी भवन के सामने सड़क पार कर रही थीं, तभी स्मार्ट सिटी रोड से आ रही तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मार दी थी। राजिया के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिस वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अस्पताल में भर्ती शाजिया की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया जा रहा है। चालक की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें’, सीएम का विभागों का निर्देश

‘Resolve problems of entrepreneurs immediately’, CM’s instructions to departments भोपाल ! वीरांगना रानी दुर्गावती के 500वें जन्म शताब्दी के मौके पर सीएम मोहन यादव कैबिनेट की बैठक सिंग्रामपुर में हो रही है. इस बैठक के साथ मध्य प्रदेश सरकार कई सौगातें भी दे रही है. इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग विभाग और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें. औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के लिए औद्योगिक संस्थानों में भूमि विकास के साथ ही सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दिलवाना सुनिश्चित किया जाए. उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियों के लिए भी विभाग द्वारा निरंतर समीक्षा की जाए. छोटे उद्योगों और छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी साप्ताहिक रूप से समीक्षा बैठक करें. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जिन जिलों में पावरलूम सेक्टर में विकास की संभावना है वहां आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवायें. 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लियाबैठक में सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रेजेंटेशन में बताया गया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 1800 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ. उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ. महिला उद्यमी सम्मेलन भोपाल में 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया. लघु उद्योग भारती देवास इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में भी एमएसएमई विभाग ने भूमिका निभाई. पावरलूम के साथ ही गारमेंट्स, टैक्सटाइल, फार्मा फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष कार्य प्रारंभ किया गया है. एमएसएमई सेक्टर में कुल 850 इकाइयों को 275 करोड़ रुपये की राशि गत अगस्त माह में प्रदान की गई है. स्टार्टअप की संख्या में 150% की वृद्धि है हुईप्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है.कुल 2168 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं. प्रदेश में कुल साढ़े चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित किए गए हैं. भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई है. गत दो वर्ष में अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में 150% की वृद्धि हुई है. भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी में स्थान मिला है. अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से अनुबंध किया गया है जिससे राज्य शासन ने 2.25 करोड़ निवेश किया है. इससे प्रदेश के तीन स्टार्टअप के लिए 11 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है.

सीएस अनुराग जैन : आधे अधूरे स्टॉफ के सहारे प्रदेश का खनिज विभाग? दिए निर्देश

CS Anurag Jain: State’s Mining department running with half staff? Gave instructions MP Mining Department: तीन महीने की रोक हटने के बाद एक बार फिर से नर्मदा नदी सहित अन्य नदियों से रेत निकालने का काम शुरू होगा. लेकिन यह काम बेहतर ढंग से संचालित होने की उम्मीद कम ही है, ऐसे में अवैध व्यापार को भी बढ़ावा मिल सकता है. दरअसल, प्रदेश का खनिज विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है. प्रदेश के किसी जिले में माईनिंग अधिकारी नहीं है तो किसी जिले में प्रभारी इंस्पेक्टरों के भरोसे काम चलाया जा रहा है. जबकि कुछ जिलों में तो मिट्टी परीक्षण अधिकारी खनिज इंस्पेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं. अब मध्य प्रदेश के नवागत मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही खनिज विभाग की भी समीक्षा की. इस दौरान माइनिंग को लेकर दिशा निर्देश दिए. सीएस ने कहा कि आप लोग थोक में माइनिंग लीज तो दे देते हैं, लेकिन बाद में तमाम तरह की अनुमतियां देने में लटकाते हैं. सीएस द्वारा लिए गए इस फीडबैक से उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द ही माइनिंग विभाग में स्टाफ की पूर्ति हो सकेगी. प्रभारी इंस्पेक्टर के भरोसे यह जिलेप्रदेश के कई जिले प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहे हैं. जिनमें श्योपुर, मंदसौर, शहडोल, मंडला, बड़वानी, शाजापुर, देवास, कटनी और भोपाल शामिल हैं, जहां प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर प्रभारी माइनिंग अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. जबकि भोपाल के नजदीकी जिले सीहोर में तो यह पद खाली है. यहां तैनात खनिज इंस्पेक्टर को भोपाल में अटैच किया गया है. मिट्टी परीक्षण अधिकारी के भरोसे जिम्मेदारीप्रदेश के कुछ जिले तो ऐसे हैं, जहां खनिज इंस्पेक्टर की भूमिका मिट्टी परीक्षण अधिकारियों द्वारा संभाली जा रही है. इन जिलों में ग्वालियर, भिंड, नीमच, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सागर में मिट्टी परीक्षण अधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि रायसेन, कटनी और सतना जिले में माइनिंग अधिकारी ही नहीं है. ऐसे में यह जिले भी प्रभारियों के भरोसे ही संचालित हो रहे हैं. माइनिंग विभाग में स्टाफ की कमी व अवैध रेत उत्खनन को लेकर जब माइनिंग विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला से बात की तो उन्होंने बताया कि जिस-जिस जिले में माइनिंग अधिकारी, माइनिंग इंस्पेक्टर के पद खाली है, वहां पदों की पूर्ति की जाएगी साथ ही अवैध उत्खनन व परिवहन के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा.

बाघों के संरक्षण में राजधानी की सड़कों पर टाइगर टॉक शो

Tiger Talk Show on the streets of the capital for the protection of tigers भोपाल। वन मंडल भोपाल की ओर से बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता हेतु राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को राजधानी की सड़कों पर टाइगर वॉक शो का आयोजन किया गया। इसमें में बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, एनएसएस , एनसीसी के कैडेट विभिन्न एनजीओ के सदस्य, महिला एवं पुरुष लगभग 2000 प्रतिभागि हर्ष उल्लास के हिस्सा लिया। टाइगर वॉक की शुरुआत टीटी नगर स्टेडियम से हुई। इसका समापन मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय भोपाल में हुआ।टाइगर वॉक में वन एवं प्रचार वाहनों लाउडस्पीकर बाघ से संबंधित फिल्मों का प्रदर्शन करते हुए स्लोगन प्रचार पट्टिका तथा नृत्य कलाकारों के माध्यम से बाघ संरक्षण का संदेश दिया गया। भोपाल वन संरक्षक आलोक पाठक ने कहा कि वन्यप्राणी की दृष्टि से मध्य प्रदेश भारत का समृद्ध प्रदेश है। हमारे देश का भोपाल एकमात्र ऐसा शहर है जहां बाघ एवं मानव शहरी आबादी में रहते हैं। यह मध्य प्रदेश एवं भोपाल शहर के लिए बहुत ही बड़े गर्व की बात है। मध्य प्रदेश वन विभाग के वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण हेतु किये जा रहे प्रयासों का प्रतिफल है कि आज हमारा प्रदेश एवं भोपाल शहर बाघ के मामले में प्रथम स्थान पर है ।

विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

University’s convocation ceremony is an important milestone in the life of students: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। मात्र पाठ्यक्रम तक सीमित रहने वालों को शिक्षक कहा जा सकता है, परंतु जो विद्यार्थी के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देते हैं, उन्हें सम्मानपूर्वक गुरु का संबोधन प्राप्त होता है। विश्वविद्यालय, विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक वातावरण, सुविधा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हैं, इसलिये प्रदेश के विश्वविद्यालय के कुलपति को कुलगुरु का संबोधन प्रदान किया गया है, जो भारतीय परंपरा के अनुकूल है। शैक्षणिक संस्थाओं का उत्साह से भरपूर वातावरण और दीक्षांत समारोह की गरिमा विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास का संचार करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोठरीकलां जिला सीहोर में वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के 5वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में महिला छात्रावास ब्लॉक-2 एवं पुरूष छात्रावास ब्लॉक-6 का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का प्लेसमेंट सुनिश्चित है। यहाँ भोपाल सहित अमरावती, वेल्लोर, तमिलनाडु के विश्वविद्यालय भारतीय युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदर्शिता के अनुरूप है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश आत्मविश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के जननायक प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व में भारत की साख को स्थापित किया है। उनका स्वयं का नीर क्षीर जीवन देश को समर्पित है, वे एक-एक पल देश के विकास और जन-कल्याण के लिए सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी, अद्यतन तकनीक का उपयोग करते हुए देश की युवा पीढ़ी को वैश्विक मानकों के अनुरूप कदम से कदम मिलाकर चलने में सक्षम बनाने के लक्ष्य को समर्पित हैं। उनकी मंशा और भावना के अनुरूप वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विदेशी विद्यार्थी भी हमारी शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन के लिए आ रहे हैं। देश की युवा शक्ति भविष्य के भारत की ध्वज वाहक है। भारत में वैज्ञानिक सोच और ज्ञान परंपरा प्राचीन काल से ही पर्याप्त संपन्न रही है, इसके पर्याप्त उदाहरण हमारे प्राचीन ग्रंथो में मिलते हैं। कोविड काल की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष में भारत ने अपनी सामर्थ्य और बौद्धिक क्षमता से संपूर्ण विश्व को परिचित कराया। जी-20, आसियान आदि सभी मंचों पर भारत ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था 2014 में विश्व में 11वें स्थान पर थी, जो अब चौथे स्थान पर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अगले 5 साल में भारत विश्व की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों का आहृवान करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ ही दीक्षा अर्थात सबको जोड़कर चलते हुए, अपने परिवार-समाज और देश के लिए समर्पित भाव से कार्य करते हुए आगे बढ़े। यह सौभाग्य की बात है कि संस्थान में अध्यनरत देश के अलग-अलग भागों के विद्यार्थियों का मध्यप्रदेश से संबंध जुड़ा है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए आशीष और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंग वस्त्रम पहना कर स्वागत किया गया। उन्होंने एक पौधा भी लगाया। दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की स्थापना, संचालित अकादमी गतिविधियों , विद्यार्थियों की उपलब्धियों और विस्तार योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री सुदेश राय, विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, वीआईटी. समूह के संस्थापक सह चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन तथा रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के प्रेसिडेंट डॉ. रवि पी गांधी सहित वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कुडमुड़ नदी की सफाई कर लायंस, सार्थक सदस्यों ने किया सेवा सप्ताह का शुभारंभ

Lions, Sarthak members started the service week by cleaning the Kudmur river. हरिप्रसाद गोहेआमला । 2 अक्तूबर गांधी जयंती के अवसर पर नगर की सेवाभावी अग्रणी संस्था लायंस क्लब सार्थक आमला से जुड़े समिति सदस्यों ने कुडमुड़ नदी की सफाई कर आज से सेवा सप्ताह का शुभारंभ कर शहर में नई पहल की शुरुवात की है । गौरतलब हो की समिति सदस्य सप्ताह भर नगर में सफाई अभियान चला आमजन से भी शहर को स्वक्ष एवं सुंदर बनाने में सहयोग की अपील करेंगे । समिति से जुड़े उपाध्यक्ष लायन यस्वंत चड़ोकार से प्राप्त जानकारी अनुसार Read more : https://saharasamachaar.com/mehra-community-will-move-towards-progress-under-the-leadership-of-santu-pradeep-rathor लायंस क्लब आमला,सार्थक ने 2 अक्तूबर से सेवा सप्ताह का श्रीगणेश किया इस दिन प्रातः ही लायंस सदस्यों ने एकत्र होकर पूर्व प्रधानमंत्री सादगी की प्रतिमूर्ति स्व श्री लाल बहादुर शास्त्री एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छाया चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की!बाद आमला की कूडमुड नदी में सफाई कर नदी में जमा कचरा इकट्ठा किया,इसके अलावा नदी पर बने पुल और सड़क को भी स्वच्छ किया ! इस अवसर पर लायन सदस्यों ने राहगीरों और नागरिकों से नदी में कचरा ना फेंकने का अनुरोध किया! इस मौके पर उपाध्यक्ष लायन यशवंत चढ़ोकार ,पी आर ओ लायन विनय साहू एवं लायन मुस्फता मुस्तू ने बताया कि सेवा सप्ताह का दूसरा दिन 3अक्तूबर को प्लास्टिक मुक्त आमला की मुहिम के अंतर्गत किया जायेगा! आयोजन में लायन समन्वयक लायन जयंत सोनी ,कोषाध्यक्ष लायन चंद्रशेखर सोनी, लायन अनिल सोनी पटेल ,पी आर ओ लायन विनय साहू,प्रथम उपाध्यक्ष लायन यशवंत चढ़ोकार , मुस्तफा मुस्तू ,अध्यक्ष लायन किशोर गुगनानी उपस्थित थे ।

उज्जैन : महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी ,सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Ujjain: Threat to bomb Mahakal temple, security agencies alert राजस्थान के हनुमानगढ़ में रेलवे स्टेशन मास्टर को एक धमकीभरा पत्र मिला है। जिसमें उज्जैन के महाकाल मंदिर को 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके साथ ही राजस्थान के कुछ रेलवे स्टेशनों को भी बम से उड़ाने की बात लिखी है। पत्र मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। उज्जैन। राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन पर 1 अक्टूबर को एक पत्र मिला है, जिसमें उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा है। इस घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई और सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई है। राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को मंगलवार को एक पत्र मिला था। जिसमें 2 नवंबर को उज्जैन के महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके साथ ही जयपुर, उदयपुर, बूंदी, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, हनुमानगढ़ और गंगानगर रेलवे स्टेशनों को बम 30 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट परहनुमानगढ़ स्टेशन मास्टर को भेजे गए पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा हुआ है। यह पत्र डाक के जरिए भेजा गया है। स्टेशन मास्टर ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने स्टेशन पहुंचकर पत्र की जांच की और इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी। पत्र मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। Read more : https://saharasamachaar.com/removal-of-cf-in-bhopal-forest-division-against-the-cadre-and-posting-of-junior-dfo-tainted/ महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम करती है जांचउज्जैन के महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम जांच करती हैं। इसके साथ ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर भी लगाए हैं। धमकी वाला पत्र भेजने वाले ने खुद को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। महाकाल मंदिर के साथ उसने राजस्थान के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की बात लिखी है।

कैडर के विरुद्ध भोपाल वन मंडल में सीएफ को हटाकर दागी और जूनियर डीएफओ की पोस्टिंग

Removal of CF in Bhopal Forest Division against the cadre and posting of junior DFO tainted उदित नारायणभोपाल। लंबे अरसे बाद पिछले दिनों जंगल महकमे में 38 आईएफएस अफसर के स्थानांतरण के आदेश जारी हुए। इसमें कई विसंगतियां उजागर हुई। मसलन, भारतीय वन सेवा के कैडर में भोपाल वन मंडल में वन संरक्षक स्तर के अधिकारी की पदस्थापना का प्रावधान है किंतु विभाग ने वन संरक्षक आलोक पाठक को हटाकर 2018 बैच के आईएफएस लोकप्रिय भारती की पदस्थापना कर दी गई। https://saharasamachaar.com/mp-news-transfer-of-29-assistant-forest-conservators-and-forest-rangers/ जबकि भारती पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने की वजह वेतन – भत्तों के फर्जी भुगतान होने का आरोप है। वहीं मैनेजमेंट के खेल में योग्य आईएफएस नहीं मिलने के कारण इंदौर सीसीएफ के पद को रिक्त रखा गया है। जबकि सीसीएफ पदम प्रिया इंदौर में ही कार्यरत है उनकी पोस्टिंग की जा सकती है। यहां तक कि उन्हें वनवृत्त का प्रभार तक नहीं दिया गया। इसी वजह से तबादला बोर्ड के औचित्य पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।सूत्रों का कहना है कि स्थानांतरण सूची जारी करने से पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली तबादला बोर्ड में विस्तृत चर्चा नहीं हुई। बोर्डमें चर्चा के नाम पर केवल रस्म अदायगी की गई। वर्ना कैडर विरुद्ध भोपाल वन मंडल में पदस्थापना कैसे संभव हो पाता। भोपाल वन मंडल में कैडर के विरुद्ध पोस्टिंग कर दी गई और तबादला बोर्ड की अध्यक्ष खामोश रहीं, यह शोध का विषय है। प्राय: यह होता रहा कि भोपाल वन मंडल में पोस्टिंग वन संरक्षक अथवा सीनियर डीएफओ की होती रही है। गौरतलब तथ्य यह भी है कि भारती जब सहायक वन संरक्षक सामाजिक वानिकी में पदस्थ रहे तब उनकी लापरवाही के कारण वेतन-भत्ते भुगतान में गड़बड़ी हुई है। यानि वेतन-भत्ते मद से 12. 50 लाख रुपए का संदिग्ध भुगतान कर दिया गया। इस प्रकरण में संजय महाजन कंप्यूटर ऑपरेटर और रामकुमार ठाकुर वनरक्षक को कई माह जेल में रहना पड़ा है और अब भारती की प्राइम पोस्टिंग के तहत भोपाल का डीएफओ बना दिया गया। एसीएस और विभाग प्रमुख को गड़बड़झाले की जानकारी होते हुए चुप रहे। अब भारती की भोपाल में हुई पोस्टिंग पर कई सवाल उठने लगे हैं। यही नहीं, भारती को भोपाल वन मंडल के साथ-साथ रायसेन उत्पादन, पर्यावरण वानिकी वन मंडल और विदिशा वन मंडल का भी प्रभार दिए जाने की चर्चा है। इंदौर वन वृत में सीसीएफ क्यों नहीं? इंदौर में पदस्थ प्रभारी एपीसीसीएफ क्षेत्रीय वर्किंग प्लान एवं मुख्य वन संरक्षक पदम प्रिया जनवरी में एपीसीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगी। ऐसे में इंदौर वन वृत्त में सीसीएफ के पद पर उनकी पोस्टिंग होना, हक और नैतिकता का तकाजा है। चर्चा है कि इंदौर सर्किल में सीसीएफ पद पर पदम प्रिया की पोस्टिंग इसलिए नहीं हो रही कि क्योंकि वह न तो पोस्टिंग कराने का मैनेजमेंट जानती है और न ही उन्हें मंत्री, नेता और शीर्ष अफसर की गणेश परिक्रमा करनी आती है। अलबत्ता, वे एपीसीसीएफ के पद पर पदोन्नति होने से पहले सर्किल में सीसीएफ पदस्थ किए जाने के लिए एसीएस और हॉफ से आग्रह कर चुकीं है। दीक्षित का तबादला हो सकता है संशोधन पिछले दिनों जारी तबादला आदेश में स्वरूप रविंद्र दीक्षित का स्थानांतरण मुरैना से डीसीएफ ईको पर्यटन विकास बोर्ड भोपाल किया गया। जबकि वे दमोह जाना चाहते थे। स्थानांतरण सूची में हुए कई बदलाव के चलते एसीएस ने दीक्षित की जगह जरान्डे ईश्वर रामहरि का नाम डीएफओ दमोह के लिए जोड़ दिया। एक शिकायत के चलते डीएफओ अभिनव पल्लव का स्थानांतरण उत्तर बालाघाट से बालाघाट उत्पादन कर दिया गया। जबकि वह दक्षिण बालाघाट के लिए मंत्री तक अपनी अर्जी लगा दी थी। दक्षिण बालाघाट में ऐसे डीएफओ की पोस्टिंग की गई है, जिसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। कम समय की सेवा में इनका ट्रेक रिकॉर्ड खराब है। इसी प्रकार विभागीय जांच के चलते ही नवीन गर्ग की पदस्थापना डीसीएफ ईको पर्यटन बोर्ड से डीएफओ उत्तर बैतूल कर दी गई।

MP NEWS: 29 सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्रपालों का तबादला

MP NEWS: Transfer of 29 assistant forest conservators and forest rangers

MP NEWS: Transfer of 29 assistant forest conservators and forest rangers भोपाल । राज्य शासन ने आज 29 सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्रपालों का तबादला किया है। इस संबंध में शाम को आदेश जारी किए गए हैं।

अनुराग जैन होंगे प्रदेश के नए मुख्य सचिव, वीरा राणा राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state, Veera Rana will be responsible for the State Election Commission. भोपाल ! मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा सोमवार को रिटायर हो रही हैं। उनकी जगह मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाना लगभग तय हो गया है। दोपहर बाद आदेश जारी हो सकता है। सीएस बनने की रेस में शामिल 1990 बैच के आईएएस अफसर राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में बने रहेंगे। वीरा राणा को राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके आदेश भी जल्द ही जारी होंगे।राजेश राजौरा को जब से मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, मुख्य सचिव पर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। हालांकि, केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे अनुराग जैन का नाम लंबे अरसे से मुख्य सचिव पद के लिए लिया जा रहा है। 2020 से वे नई दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में तैनात हैं। 2022 में भी माना जा रहा था कि इकबाल सिंह बैंस के रिटायरमेंट के बाद उन्हें मुख्य सचिव बनाया जा रहा है। वरिष्ठता क्रम में भी वे ऊपर ही थे। हालांकि, केंद्र सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश भेजने से इनकार कर दिया था और वीरा राणा को मुख्य सचिव की कुर्सी पर बिठाया गया था। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक है अनुराग जैनमध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर उल्लेखित वरिष्ठता क्रम में वीरा राणा के बाद अनुराग जैन का ही नाम है। वह फिलहाल केंद्र में सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। अनुराग जैन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) किया है और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिरैक्यूज से एमए (लोक प्रशासन) की डिग्री हासिल की है। वह 24 अप्रैल 2020 से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे। यह भी थे दावेदारमुख्य सचिव पद के लिए राजेश राजौरा के साथ ही मोहम्मद सुलेमान और एसएन मिश्रा जैसे वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम भी लिए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भी चाहते थे कि एसीएस राजौरा को ही मुख्य सचिव बनाया जाए। हालांकि, दिल्ली से उनका प्रस्ताव खारिज हो गया और अनुराग जैन को होम कैडर में भेजने की व्यवस्था की गई। राजौरा मुख्यमंत्री कार्यालय में बने रहेंगेमध्य प्रदेश कैडर के 1990 बैच के आईएएस अफसर डॉ. राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव हैं। वे गृह विभाग में अपर मुख्य सचिव रहे हैं। स्वास्थ्य समेत कई अन्य विभागों में भी प्रमुख भूमिका में रहे हैं। वह धार, बालाघाट, उज्जैन और इंदौर में कलेक्टर भी रहे हैं। राजौरा का कार्यकाल 2027 तक है। इस लिहाज से उनके पास अभी भी भविष्य में मुख्य सचिव बनने का मौका रहेगा।

दंडनीय अपराधी नेता सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल से भागने में असफल , लापरवाही बरतने पर 2 कर्मचारी निलंबित 

Convicted criminal leader Subhash Chandra Bose failed to escape from Central Jail 

Convicted criminal leader Subhash Chandra Bose failed to escape from Central Jail  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर। दंडित बंदी रमेश पिता दद्दी कोल उम्र 32 वर्ष (सजा वारंट अनुसार) जाती कोल निवासी लालनगर कैमोर थाना कैमोर जिला कटनी म.प्र.। माननीय न्यायालय सत्र न्यायालय कटनी के विशेष प्रकरण क्र. 48/2013 में धारा 363, 366, 376 (1) भादवि एवं धारा 5 (एल) (एच)/6 पाक्सो एक्ट 2012 में पारित निर्णय दिनांक 25.11.2014 को क्रमशः 03 वर्ष, 05 वर्ष, आजीवन कारावास एवं आजीवन कारावास में जुर्माना रू. 500/-, 1000/- 1000/-, 1000/- न देने पर 03 माह, 06 माह, 01 वर्ष, 01 वर्ष अतिरिक्त सश्रम काराबास की सजा से दंडित किया गया था को आजीवन कारावास की सजा भुगतने हेतु जिला जेल कटनी से केन्द्रीय जेल जबलपुर दिनांक 22.03.2015 को स्थानांतरण किया गया था। उपरोक्त दंडित बंदी रमेश पिता दद्दी कोल पश्चिमी खण्ड के वैरिक नं. 09 में परिरूद्ध था दिनांक 26.09.2024 को पश्चिमी खण्ड का सायंकाल का लॉकप बंद करते समय लगभग सायंकाल 7:45 बजे गिनती करने पर पश्चिमी खण्ड के बैरिक क्रमांक 09ए एवं 09बी सुरक्षा डियूटी पर तैनात श्री सुरेन्द्र तुरकर प्रहरी केन्द्रीय जेल जबलपुर द्वारा बैरिक में बंदियों की गिनती करते समय 01 बंदी बार-बार गिनती करने पर वार्ड में नही पाये जाने के कारण श्री सुरेन्द्र तुरकर प्रहरी द्वारा पश्चिमी खण्ड के खण्डाधिकारी को सूचना दी गई कि 01 बंदी वैरिक नं. 09 में कम है। खण्डाधिकारी से लॉकप की जानकारी जेलर प्रशासन द्वारा मांगने पर बताया गया कि 01 बंदी बैरिक न. 09 में कम पाये जाने के कारण गिनती नहीं मिलने पर अलार्म कराया गया। इसके पश्चात जेलर प्रशासन तत्काल पश्चिमी खण्ड पहुंच कर पश्चिमी खण्ड के समस्त बैरिकों व उसके आस पास सघन तलासी कराई गई। अलार्म के दौरान समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित हुए एवं रात्रि 1:00 बजे तक जेल के सम्पूर्ण भागों की सघन तलाशी जारी रही एवं इसके संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई तथा उपरोक्त दण्डित बंदी के विरूद्ध फरार होने के प्रसास करने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई। तदोपरान्त अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार रात्रि के दौरान 02 सहायक जेल अधीक्षक एवं 08 प्रहरियों द्वारा आजाद हिन्द खण्ड तालाब बगीचा जो कि लगभग 7-8 एकड़ में फैला हुआ है जिसमें जगह उबड़-खाबड़ एवं झाड़ियों हैं, कि आउटरवॉल एवं सभी जगह की पेट्रोलिंग सतर्कता पूर्वक निरंतर जारी रखी गई। प्रातः ड्यूटी में तैनात प्रहरियों एवं कार्यालयीन कर्मचारियों से सघन तलासी के दौरान लगभग 8:00 बजे उपरोक्त दण्डित बंदी तालाब बगीचा में जेल के अंदर ही पाया गया तथा अधीक्षक महोदय के में निर्देशन में जेल प्रशासन की सर्तकता एवं सघन तलाशी के कारण उक्त बंदी जेल से फरार होने में असफल रहा। उक्त फरारी की घटना में ड्यूटी पर तैनात 02 कर्मचारियों को प्रथम दष्टया दोषी पाये जाने पर निलंबित किया गया।

एसटीआर के फील्ड डायरेक्टर कृष्णमूर्ति की मुख्यालय वापसी, भारती भोपाल के नए डीएफओ

STR field director Krishnamurthy returns to headquarters, Bharti is new DFO of Bhopal

STR field director Krishnamurthy returns to headquarters, Bharti is new DFO of Bhopal  उदित नारायण भोपाल। वन विभाग ने आईएफएस अफसरों की पोस्टिंग में बड़ा फेर-बदल किया है। पीसीसीएफ ओपी चौधरी को रिटायर होने के दो दिन पहले उन्हें भू अभिलेख शाखा में पदस्य किया है। वहीं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति को एपीसीसीएफ वन्य प्राणी शाखा में पोस्टिंग की गई। इसी प्रकार लघु वनोपज संघ से एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल और वन संरक्षक भोपाल आलोक पाठक को भी स्थानांतरित किया है। विदिशा के प्रभारी डीएफओ लोकप्रिय भारती को भोपाल का नया डीएफओ बनाया गया है।  3 माह से लंबित आईएफएस अधिकारियों की तबादला सूची शुक्रवार को जारी कर दी है। इस सूची का आईएफएसस अधिकारी  बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। आईएफएस अफसर की  तबादला सूची अभी भी अधूरी है, क्योंकि इंदौर और छतरपुर सर्किल में पोस्टिंग नहीं की गई है। इसके अलावा बड़वाह, रीवा, राजगढ़, शाजापुर सहित आधा दर्जन वन मंडलों में भी डीएफओ की पोस्टिंग नहीं हुई है। इससे अधिकारियों को उम्मीद है कि आईएफएस अफसरों को पदस्थ करने संबंधित एक और सूची जारी हो सकती है। जारी सूची के अनुसार एपीसीसीएफ मनोजकुमार अग्रवाल की सेवाएं लघु वनोपज संघ से वापस लेते हुए वर्किंग प्लान एवं लैंड रिकॉर्ड शाखा में पदस्थ किया गया। इसी प्रकार एल कृष्णमूर्ति को एसटीआर के फील्ड डायरेक्टर पद से स्थानांतरित वन्य प्राणी मुख्यालय में, मुख्य वन संरक्षक लखन लाल उईके को शहडोल से स्थानांतरित कर सीसीएफ सामाजिक वानिकी वृत भोपाल, अशोक कुमार ओएसडी वन विभाग से सीसीएफ होशंगाबाद वृत, राखी नंदा सामाजिक वानिकी भोपाल से फील्ड डायरेक्टर एसटीआर नर्मदापुरम, संजीव झा छतरपुर वन वृत्त से प्रतिनियुक्ति पर लघु वनोपज संघ भोपाल, अजय कुमार पांडेय वन संरक्षक वर्किंग प्लान छतरपुर से वन संरक्षक शहडोल वन वृत और अनिल शुक्ला वन संरक्षक होशंगाबाद वन वृत से वन विकास निगम भोपाल, आलोक पाठक वन संरक्षक एवं पदेन डीएफओ भोपाल से वन संरक्षक राज्य वन विकास निगम और बासु कनौजिया की पदस्थापना वन संरक्षक एवं पदेन डीएफओ उत्तर सिवनी से वन संरक्षक बैतूल वन वृत में की गई है।   क्षितिज कुमार नए ओएसडी वन विभाग  क्षितिज कुमार को सीधी डीएफओ से हटाकर ओएसडी भोपाल, प्रियांशी सिंह को डीएफओ अशोक नगर से  डिप्टी डायरेक्टर माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी, अभिनव पल्लव डीएफओ वन मंडल उत्तर बालाघाट से उत्तर बालाघाट उत्पादन, पीडी ग्रेबीयाल डीसीएफ वन मुख्यालय से डीएफओ उज्जैन, महेंद्र सिंह उईके डीएफओ दमोह से उत्तर सिवनी, नवीन गर्ग डीएफओ एक पर्यटन बोर्ड भोपाल से उत्तर बैतूल,  मयंक चांदीवाल डीएफओ शाजापुर से डीएफओ सतना, जरान्डे ईश्वर रामहरि डीएफओ पश्चिम छिंदवाड़ा से दमोह वन मंडल, साहिल गर्ग डीएफओ  डिंडोरी से पश्चिम छिंदवाड़ा वन मंडल, अधर गुप्ता डीसीएफ रेंजर कॉलेज बालाघाट से डीएफओ दक्षिण बालाघाट, रमेश राठौड़ डीसीएफ वन मुख्यालय भोपाल से डीएफओ खरगोन, पुनीत सोनकर डीएफओ दक्षिण पन्ना से डीएफओ डिंडोरी, प्रतिभा अहिरवार उपसंचालक माधव नेशनल पार्क शिवपुरी से डीएफओ अशोक नगर, मोहम्मद माज डीएफओ भिंड से डीएफओ दतिया, स्वरूप रविंद्र दीक्षित   डीसीएफ इको पर्यटन बोर्ड भोपाल, अनुपम शर्मा डीएफओ रीवा से डीएफओ दक्षिण पन्ना, लोकप्रिय भारती डीएफओ रायसेन उत्पादन से  डीएफओ भोपाल, गीतांजलि जे प्रशिक्षु एसडीओ से एसडीओ लघु वनोपज संघ,  सुजीत जे पाटिल प्रशिक्षु एसडीओ नौरादेही वन मंडल से डीएफओ मुरैना और एस दीपिका प्रशिक्षु आईएफएस को पश्चिम छिंदवाड़ा से डीसीएफ वन विकास निगम भोपाल के पद पर स्थानांतरित किया गया है।   छः आईएफएस की वर्किंग प्लान में पदस्थ  आखिरकार वन विभाग को वर्किंग प्लान बनाने के लिए 2009 और 2011 बैच के आईएफएससी अधिकारियों की पोस्टिंग करना पड़ी। सारी आदेश के अनुसार प्रशांत कुमार सिंह को   डीएफओ खरगोन से डीएफओ वर्किंग प्लान खंडवा, डॉ किरण बिसेन को डीएफओ उज्जैन से वर्किंग प्लान उज्जैन, मीना कुमारी मिश्रा डीएफओ दक्षिण बालाघाट से वर्किंग प्लान शिवपुरी, अनुराग कुमार ओएसडी वन विभाग भोपाल से वर्किंग प्लान रीवा, देवांशु शेखर डीएफओ उत्तर बैतूल से वर्किंग प्लान सागर और सुश्री संध्या डीएफओ को सिवनी उत्पादन से डीएफओ वर्किंग प्लान बालाघाट के पद पर पदस्थ किया गया है।

सागर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में पहुंचे सीएम मोहन यादव, बुंदेलखंड में होगी निवेश की अमृत वर्षा

CM Mohan Yadav reached Sagar Regional Industry Conclave

CM Mohan Yadav reached Sagar Regional Industry Conclave, there will be nectar of investment in Bundelkhand सागर। सागर संभागीय मुख्यालय पर शुक्रवार को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। कॉन्क्लेव का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने किया। मंत्री, विधायक समेत अनेक गणमान्यजन सीएम के साथ मंच पर मौजूद हैं। आयोजन पीटीसी ग्राउंड में किया जा रहा है। इस कॉन्क्लेव में देश और विदेश के 4500 से अधिक उद्यमियों ने अपना पंजीयन कराया है। इसमें उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों से 60 से अधिक उद्योगपति भी शामिल हैं। इस एकदिवसीय आयोजन में खनिज, पर्यटन, नवकरणीय उर्जा, पेट्रोल केमिकल्स, प्लास्टिक, खाद्य प्रसंस्करण, डेरी और फर्नीचर निर्माण, टेक्सटाइल, आईटी, डेटा सेंटर के क्षेत्र में निवेश होने की संभावना है। आयोजन के अंत में ओडीओपी पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्यमियों से चर्चा कर बुंदेलखंड में निवेश करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। शुभारंभ सत्र में देश के प्रमुख उद्योगपति राज्य में निवेश के प्रति अपने विचार रखेंगे। इससे पहले अगस्त में ग्वालियर, जुलाई में जबलपुर और फरवरी में उज्जैन में कॉन्क्लेव हो चुके हैं।मुख्यमंत्री उद्योगपतियों से करेंगे संवादइस कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अधिकारी विभिन्न् कंपनियों के डेलिगेट्स से राउंड टेबल पर बुंदेलखंड में विकास की संभावना और उद्योगों को लेकर चर्चा करेंगे। वन-टू-वन संवाद भी होगा। होंगे सेक्टोरल-सत्रकॉन्क्लेव में विभिन्न सेक्टोरल-सत्र आयोजित किये जायेंगे। इसमें पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक एवं संबधित सेक्टर को लेकर बीना रिफाइनरी से संबंधित विषय पर मुख्य फोकस होगा। इसके अलावा कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और डेयरी क्षेत्र, एमएसएमई एवं स्टार्टअप, कुटीर उद्योग को लेकर सेक्टोरल सत्र होगा, जिसमें मुख्य फोकस-बीड़ी उद्योग पर होगा। रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल व टेक्निकल टेक्सटाइल पर दो राउंड-टेबल सत्र होंगे। एक ज़िला-एक उत्पाद (ओडीओपी) से संबंधित कार्यशाला और स्थानीय समस्याओं के आईटी आधारित समाधान के लिए हैकाथॉन का आयोजन भी शामिल हैं। कुटीर उद्योग पर फोकसकॉन्क्लेव का मुख्य फोकस स्थानीय कुटीर उद्योग होगा। बीड़ी उद्योग पर आधारित पृथक सेशन में विस्तृत कार्य-योजना पर चर्चा की जायेगी। ‘एक ज़िला-एक उत्पाद’ में सागर संभाग के सभी जिलों के स्थानीय उत्पादों की विश्व स्तरीय गुणवत्ता, विपणन एवं प्र-संस्करण सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। पीटीसी मैदान पर पंडाल तैयारकॉन्क्लेव के लिए पीटीसी ग्राउंड में विशाल व भव्य पंडाल बनाया गया है। इसमें छह हजार लोगों के आने की उम्मीद है। इनमें निवेशकों के अलावा विभागीय अफसर सहित उद्योगपति शामिल हैं। इनके भोजन की व्यवस्था पीटीसी मैदान पर ही की गई है। भोजन की जिम्मेदारी पर्यटन निगम को दी गई है। इस काम को पर्यटन निगम के अफसर ही देख रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के साथ उद्योगपतियों को भी बुंदेली व्यंजन परोसे जाएंगे। मुख्यमंत्री करीब तीन सौ लोगों के साथ भोज करेंगे। भोजन में कढ़ी, बरा, सीरा, सफेद तिल के बिजौरा सहित कोदो, ज्वार व कुटकी व जवार की रोटियां परोसी जाएंगी। शहर के सभी होटल बुककाॅन्क्लेव को लेकर शहर के सभी होटल बुक हैं। अतिथियों की संख्या ज्यादा होने से कुछ कमरों में अतिरिक्त गद्दे लगवाए जा रहे हैं। अभी भी अतिथि आ रहे हैं। हालांकि कांक्लेव में आने वाले ज्यादातर मेहमानों का आना अभी भी बाकी है। होटल्स के अलावा शासकीय रेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस सहित अन्य भवनों में भी मेहमानों की व्यवस्था की गई है। रीजनल कॉन्क्लेव के चलते शहर की यातायात व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। आयोजन स्थल के आसपास दिन में यातायात को डायवर्ट किया गया है। वाहन पार्किंग के लिए पीटीसी ग्राउंड के पास सेना के मैदान सहित अन्य जगह वाहनों की व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं।

मैहर के मां शारदा मंदिर में इस वर्ष नवरात्रि के लिए नई व्‍यवस्‍था

New arrangements for Navratri this year in Maa Sharda Temple of Maihar

New arrangements for Navratri this year in Maa Sharda Temple of Maihar मैहर ! 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि मेले के दौरान भक्तों को मातारानी के दर्शन के लिए वीआईपी व्यवस्था नहीं मिल सकेगी। नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मां शारदा मंदिर के गर्भगृह के अंदर से वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। वीआईपी सुविधा की मांग न करें मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार एसडीएम और प्रशासक मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की है। इस दौरान प्रशासक ने बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे मां शारदा देवी के दर्शन और व्यवस्था के लिए वीआईपी सुविधा की मांग न करें। मांस-मछली की बिक्री पर पाबंदी एक अन्य आदेश में नवरात्रि मेले के मद्देनजर एसडीएम मैहर विकास सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक संपूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में मांस, मछली और अंडे की खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत दण्डनीय होगा। बता दें कि मध्य प्रदेश शासन पर्यटन विभाग द्वारा घोषित धार्मिक नगरी मैहर में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मां शारदा देवी के दर्शन के लिए आते हैं।

MP NEWS: शिप्रा नदी को लेकर को मोहन यादव सरकार का बड़ा प्लान, बनेंगे 6 डैम

MP NEWS: Mohan Yadav government's big plan regarding Shipra river, 6 dams will be built

MP NEWS: Mohan Yadav government’s big plan regarding Shipra river, 6 dams will be built भोपाल ! प्रदेश में सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई गई है. उज्जैन और इंदौर के लिए बड़ी सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस पर 36 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च होंगे. सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का काम भी शुरू होगा. कान्ह नदी को शिप्रा नदी से डायवर्ट करने का काम जारी है. इस पर 651 करोड़ रुपये खर्च होंगे. नए डैम बनने से जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी. मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने शिप्रा नदी को प्रवाहमान करने और सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए यह प्लान बनाया है. जल संसाधन विभाग के माध्यम से उज्जैन और इंदौर के लिए बड़ी सिंचाई परियोजना को हरी झंडी मिल गई है. जल संग्रहण की क्षमता भी बढ़ जाएगी अब जल संसाधन विभाग के माध्यम से सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का कार्य भी शुरू होने वाला है. इस पर सरकार 614 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है, जिससे सिलार खेड़ी जलाशय की ऊंचाई बढ़ जाएगी. इससे जल संग्रहण की क्षमता भी बढ़ जाएगी. इस परियोजना से उज्जैन जिले के 65 गांव को 18000 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचाई की सुविधा मिलेगी. सरकार ने 5 डैम और भी स्वीकृत किए हैं, जिस पर सरकार 36 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च कर रही है. कान्ह डायवर्सन का काम जारी इंदौर से आने वाली कान्ह नदी को शिप्रा नदी से डायवर्ट करने का कार्य अभी भी जारी है. सरकारी परियोजना पर 651 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है. अब नए पांच डैम बन जाने के बाद जल संग्रहण की क्षमता और भी बढ़ जाएगी. उज्जैन-इंदौर में यहां बनेंगे स्टॉप डैम योजना के अनुसार, उज्जैन जिले के पंथ पिपलाई, जमालपुर, गोठड़ा, रामवासा, पिपलिया राघो में डैम बनाए जाएंगे. इसके अलावा इंदौर के पिपलिया, दर्जी करीधिया, कुदाना, कायस्थ खेड़ी, सहाड़ा में स्टॉप डैम बनेंगे.

पं. दीनदयाल जी का दर्शन मानवता की भलाई का मार्ग दिखाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा से मानवता का भला करने का दर्शन दिया। उनका मानना था कि देश की जड़ों से जुड़कर हम कार्य करें और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक का भला करें। शांति के अग्रदूत के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को क्रियान्वित करते हुए विकास और जनकल्याण के कार्य पूरे देश में जारी है। उनके विचारों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए संपूर्ण प्रदेश में अभियान जारी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया के विभिन्न भागों तक हुआ है। जन-कल्याण की कई योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के लक्ष्य को समर्पित : सांसद शर्मा सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के आधार पर ही विश्व के सबसे बड़े संगठन ने अपना विस्तार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के पुनीत कर्तव्य को समर्पित हैं। उनकी जयंती पर प्रत्येक वार्ड, मोहल्ले और गांव-गांव में उनके विचारों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अधिक से अधिक लोगों को उनके विचार से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त-घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, विधायक भगवानदास सबनानी तथा अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कृषि मंत्री के गृह जिले में खाद के लिए लाइन में खड़े किसान, रातभर जागकर भी खाली हाथ

Farmers standing in line for fertilizer in Agriculture Minister's home district, empty handed even after staying awake all night

Farmers standing in line for fertilizer in Agriculture Minister’s home district, empty handed even after staying awake all night मुरैना ! अधिकारी भले ही खाद पर्याप्त होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन किसानों की लंबी लाइन इस बात की गवाह है कि सिस्टम में चूक है। मुरैना में किसान पिछले पांच दिन से केन्द्र पर चक्कर लगा रहे हैं फिर भी किसानों को आसानी से खाद नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना मुरैना जिले के ही हैं। इन दिनों किसान सरसों की बोनी की तैयारी में जुटा है। उसके लिए डीएपी की आवश्यकता पड़ रहा है। शहर के कृषि मंडी के वितरण केन्द्र पर जिले भर के किसान बड़ी संख्या में पहुंचते हैं यहां किसान पहुंचे तो उनको बिना टोकन के खाद दिया, लेकिन कुछ समय काउंटर खुला फिर बंद कर दिया। हालत यह है कि किसान एक किलोमीटर लंबी लाइन लगाकर खाद लेने के लिए खड़े हैं लेकिन फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। सोमवार की रात से ही किसान आ गए और उन्हें टोकन बांट दिया, लेकिन रातभर लाइन में खड़े होकर भी उन्हें खाद नही मिल सका। वहीं मंगलवार सुबह पांच बजे से किसान इस उम्मीद से लाइन में लग गया कि उसे खाद मिल जाएगी, लेकिन बुधवार सुबह भी कोई टोकन बांटने कर्मचारी केन्द्र पर नहीं पहुंचा और तेज धूप में किसान लाइन में लगे रहे। तीन दिन से किसान सुबह से तेज धूम में लाइन में लगे हैं, और शाम होते-होते उन्हें खाद नहीं मिल पाती है वापस घर लौट जाते हैं। वितरण केन्द्र पर अव्यवस्था कैसे फैल रही है। किसानों का कहना है कि पानी व खाना खाने भी नहीं जा सके। अगर लाइन से हटते हैं तो फिर खाद से रह जाएंगे इसलिए रात से लाइन में लगे हैं। वह कृषि मंडी वितरण केन्द्र पर लगातार आ रहा है। टोकन भी मिला तो सुबह से शाम हो गई, तब खाद मिल सका है, वह भी पर्याप्त नहीं हैं। खाद वितरण केन्द्र पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंच रहा है। एक दो कर्मचारी सुबह पहुंचते हैं, वह टोकन बांटकर चले जाते हैं। अगर यहां जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहेगा तो व्यवस्था ठीक से बन सकती है। वहीं वितरण केन्द्र पर न पानी और न छाया की कोई व्यवस्था है। किसान तपती धूप में घंटों खड़े होकर इंतजार करता है, तब भी कोई निश्चित नहीं है। उसको खाद मिल ही जाएगा। सुबह पांच बजे से लाइन में लगे किसान संतोष का कहना है कि हमको डीएपी चाहिए और यहां दो कट्टा डीएपी के साथ दो कट्टा यूरिया दे रहे हैं जो फसल के लिए काफी कम है। वहीं किसान रघुनाथ का कहना है कि वह मंगलवार को सुबह दस बजे आकर लाइन में लगे। शाम पांच बजे काउंटर के नजदीक पहुंचे, दस- पंन्द्रह लोग रहे गए, तब तक काउंटर बंद कर दिया। आज सुबह तीन बजे के आकर लाइन में लगे हैं। घर का सब काम छोड़कर छोटे-छोटे बच्चों को घर छोड़कर सुबह से लाइन में लगे हैं चार दिन से चक्कर काट रहे हैं फिर खाद नहीं मिली है।

जिलों में तेज बारिश का अलर्ट , भीगेगा आधा प्रदेश, कैसा रहेगा आज का मौसम

Alert of heavy rain in the districts, half the state will get wet, how will be the weather today

Alert of heavy rain in the districts, half the state will get wet, how will be the weather today भोपाल ! मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को आधे प्रदेश 31 जिलों बारिश होने की संभावना है। वहीं बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। राजधानी भोपाल में सुबह से धूप छांव चल रहा है। लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के असर से अगले 3 दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को इंदौर, उज्जैन-जबलपुर समेत प्रदेश के 31 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। दक्षिणी हिस्से के बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, सिवनी और पांढुर्णा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके अनुसार सीहोर, खंडवा, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, आगर-मालवा, रीवा, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर जिलों में तेज पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। जानकारी के लिए बता दें कि सितंबर में चौथी बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है जिससे कई जिलों में बारिश देखने को मिल रही है। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया एक्टिवमौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में अगले दो तीन दिन तक ऐसे ही मौसम बना रहेगा उसके बाद बारिश का दौर कम होगा। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) एक्टिव हो गया है। वहीं, दो-तीन सिस्टम और एक्टिव हो रहे हैं। इस वजह से प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर चलेगा। एमपी में मानसून दौर जून से सितंबर के बीच रहता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में मानसून की विदाई अक्टूबर में हो रही है। ऐसे में अनुमान है कि इस बार भी मानसून अक्टूबर में ही विदा होगा।

राष्ट्रीय सरपंच संघ : 02 अक्टूबर 2024 को मध्यप्रदेश के प्रत्येक सरपंच महामहिम राष्ट्रपति को लिखेंगे पत्र : राजवीर सिंह तोमर

National Sarpanch Sangh: On 02 October 2024

National Sarpanch Sangh: On 02 October 2024, every Sarpanch of Madhya Pradesh will write a letter to His Excellency the President  भोपाल। मध्यप्रदेश के समस्त सरपंच त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के निर्वाचित प्रतिनिधि अपने अधिकारों को लेकर भोपाल में आयोजित पूर्व आन्दोलन 23 जुलाई 2024 को आन्दोलन किया गया था। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 15 दिवस का आश्वासन दिया था। आज दिनांक तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सरपंचों की जनहित मांगों पर कोई आदेश निराकरण नहीं किया गया। 02 अक्टूबर 2024 को मध्यप्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार के नाम देना है। जिसमें रजिस्ट्रर्ड पोस्ट के माध्यम से ग्राम पंचायत सचिव द्वारा डाक के माध्यम से भेजा जाएगा। जिसकी रसीद सचिव से प्राप्त करें। उसकी कॉपी वाटस अप पर क्षेत्रीय जिला अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राष्ट्रीय सरपंच संघ पदाधिकारियों को भेजें। ज्ञापन की कॉपी पर ग्राम पंचायत सचिव की सील एवं हस्ताक्षर सहित प्राप्ति लें। महामहिम राष्ट्रपति महोदय का ज्ञापन का प्रारूप आपको भेजा जा रहा है इसके साथ ही माननीय प्रधानमंत्री, नेताप्रतिपक्ष लोकसभा, नेतासदन राज्यसभा, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं नेताप्रतिपक्ष मध्यप्रदेश को प्रतिलिपि अवश्य भेजें। समस्त मांगों का त्वरित निराकरण नहीं होता है जो दिनांक 18.10.2024 को गांव के मुख्य मार्गों पर ग्रामवासियों के साथ दोपहर 12:00 से 2:00 तक शांतिपूर्ण धरना एवं चक्काजाम करना है एवं पूर्ववत् में दिया गया ज्ञापन का पुनः स्मरणपत्र दिया जाए। इसके बाद भी यदि समस्या का निराकरण नहीं होता है तो राष्ट्रीय सरपंच संघ आगे की रणनिति तय करेगा।

ब्रेकिंग न्यूज़: मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, जानें क्या है सरकार की रणनीति

Breaking News: Large scale transfers in Madhya Pradesh Police Department

Breaking News: Large scale transfers in Madhya Pradesh Police Department, know what is the government’s strategy भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। कुल 15 वरिष्ठ और सहायक पुलिस अधिकारियों का तबादला विभिन्न जिलों और पदों पर किया गया है। यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं और भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित राज्य के कई हिस्सों में पुलिस प्रशासन को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। तबादले का विवरण: तबादले में शामिल प्रमुख अधिकारियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं: क्या है सरकार की रणनीति? यह तबादले सिर्फ एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे सरकार की एक स्पष्ट रणनीति भी नजर आती है। राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। संभावित कारण: 1. कानून-व्यवस्था में सुधार: जिन जिलों में आपराधिक गतिविधियाँ ज्यादा हैं, वहाँ अधिक सक्षम और कुशल अधिकारियों की नियुक्ति करके उन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। 2. प्रशासनिक दक्षता में सुधार: अनुभवी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिलों और प्रमुख पदों पर स्थानांतरित कर बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे नागरिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। 3. लोकायुक्त और विशेष पुलिस बल की मजबूती: लोकायुक्त और विशेष पुलिस इकाइयों में भी तबादले किए गए हैं, जो राज्य सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति को सुदृढ़ करने के प्रयास का संकेत देते हैं। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए गए ये तबादले राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। सरकार इस प्रकार की रणनीतिक फेरबदल के माध्यम से अपने प्रमुख क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासन को सशक्त करने का प्रयास कर रही है।

मोहन कैबिनेट के फैसले : विधायकों के नए आवास बनेंगे, सोयाबीन उपार्जन नीति मंजूर, जानें

Mohan Cabinet's decisions: New residences for MLAs will be built

Mohan Cabinet’s decisions: New residences for MLAs will be built, soybean procurement policy approved, know भोपाल ! प्रदेश की मोहन सरकार की कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को मंत्रालय में संपन्न हो गई है। मीटिंग के दौरान कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक में लिए गए फैसलों के संबंध में एमपी के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर महीने में रीवा में निवेश आएगा। आज सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरी दी गई है। विधायकों के आवास के लिए 169.13 करोड़ रुपए स्वीकृति मिल गई है। मंत्रियों के बाद विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी अपना इनकम टैक्स खुद ही जमा करेंगे। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के अनुसार, सागर के बाद अब अगली रीजनल इनवेस्टर्स समिट रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में आयोजित होगी। अगली समिट के संबंध में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा- आगामी रीजनल इन्वेस्टर्स समिट 27 सितंबर को सागर में रखी गई है। सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरीउन्होंने आगे बताया कि आज सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इसका समर्थन मूल्य 4892 रुपए तय किया है। वहीं, 25 सितंबर से 20 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन होगा। और 25 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक खरीदी होगी। 1400 उपार्जन केंद्र बनाए जाएंगे। एमपी वेयरहाउसिंग से इसके भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा। मार्कफेड के द्वारा इसका उपार्जन किया जाएगा। पहली बार प्रदेश में सोयाबीन का उपार्जन होगा। भारत सरकार ने 13.68 मीट्रिक टन उपार्जन की स्वीकृति दे दी है।डिप्टी सीएम के अनुसार, विधायकों के आवास के लिए 169.13 करोड़ रुपए स्वीकृति दी है। पुराने पारिवारिक खंड क्रमांक 1 और शॉपिंग सेंटर को हटाकर 3 बीचके के 204 आवास रहेंगे। 5 ब्लॉक बनाए जाएंगे। पहले चरण में दो ब्लॉक तोड़कर निर्माण होगा। 2615 वर्ग फीट के आवास होंगे। पीडब्ल्यूडी इसका निर्माण करेगा। पहले पेड़ काटकर नई जगह बनाने का प्रस्ताव था। हरियाली उजाड़ने का विरोध हुआ था, जिसके बाद अब जगह बदली जाएगी। ये फैसले लिए गए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को दी बधाई

Chief Minister Dr. Yadav congratulated the gold medal winning players in Chess Olympiad.

शतरंज ओलंपियाड में भारतीयों ने 6 गोल्ड मेडल किये प्राप्त Chief Minister Dr. Yadav congratulated the gold medal winning players in Chess Olympiad. भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वुडापेस्ट में हुए 45वें FIDE चेस ओलम्पियाड में भारतीय पुरूष और महिला शतरंज खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक हासिल करने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय खिलाड़ियों की इस दोहरी स्वर्णिम सफलता पर कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने “बेस्ट चेस नेशन इन द वर्ल्ड” की उपाधि लेकर देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के अथक परिश्रम, अद्वितीय प्रतिभा एवं टीम वर्क से ओलंपियाड में भारत को प्राप्त स्वर्ण पदक ने देशवासियों को आनंदित किया है। यह उपलब्धि नव प्रतिभाओं को प्रेरणा देती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा की भारतीय खिलाड़ी भविष्य में इसी तरह सफलता के नए-नए कीर्तिमान रचते रहेंगे और देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत ने ओपन केटेगरी और विमेंस केटेगरी में गोल्ड मेडल जीते हैं। ओपन एवं विमेंस टीम में 5-5 खिलाड़ी शामिल रहे। भारतीय टीम ने 2 गोल्ड मेडल टीम केटेगरी में जीते। भारत की ओपन टीम में डी. गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, पेंटाला हरिकृष्णा, आर. प्रागननंदा और विदित गुजराती शामिल हैं। भारत की विमेंस टीम में तानिया सचदेव, वंतिका अग्रवाल, हरिका द्रोणावल्ली, वैशाली रेशमबाबू और दिव्या देशमुख ने गोल्ड मेडल दिलाया। इंडिविजुअल केटेगरी में डी. गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, वंतिका अग्रवाल और दिव्या देशमुख ने 4 गोल्ड मेडल हासिल किये हैं। इस तरह कुल 6 गोल्ड मेडल भारतीय खिलाड़ियों ने जीते।

आरोपों में फंसी मेसर्स मेंटना इन्फ्रासेल को दिया 5 हजार करोड़ से ज्यादा का ठेका

M/s Mentana Infracell, which is embroiled in allegations, was given a contract worth more than Rs 5000 crore

M/s Mentana Infracell, which is embroiled in allegations, was given a contract worth more than Rs 5000 crore  उदित नारायण  भोपाल। छिंदवाड़ा कॉम्लेक्स निर्माण में ठेका लेने वाली मेसर्स मेंटना इन्फ्रासेल हैदराबाद की कंपनी को करीब 1500 करोड़ का एडवांस में भुगतान करने सहित रीवा आदि कार्याें में 3 हजार करोड़ से अधिक का पेमेंट लेने के बाद भी काम शुरू नहीं करने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया। बाद में अफसरों की मिलीभगत के चलते कंपनी को क्लीनचिट दे दी गई और अब उसे चितावन तथा सीतापुर हनुमना प्रोजेक्ट 5 हजार करोड़ से अधिक में कराने का ठेका दे दिया गया है।   सूत्र बताते है कि हैदराबाद की मेंटना इन्फ्रासेल प्रायवेट लिमिटेड ने मप्र में तीन कंपनियां रजिस्टर्ड  करवा रखी हैं। यदि एक कंपनी किसी मामले में फंसती है तो दूसरी कंपनी के नाम पर ठेका ले लिया जाता है और ऐसा ही उसने पार्टनरशिप में काम लेकर किया है। जल संसाधन विभाग ने 11 सितंबर को जारी आदेश में टर्न-की पद्धति पर शिप्रा नदी पर चितावन परियोजना के तहत बांध निर्माण एवं प्रेशराइज्ड प्रणाली का ठेका मेसर्स एचईएस इंफ्रा हैदराबाद, इसमें कंपनी की 55 प्रतिशत भागीदारी तथा मेंटना इन्फ्रासेल की 45 प्रतिशत भागीदारी का काम 1335 करोड़ 82 लाख रुपए में आवंटित किया है। इन्हीं दोनों कंपनियों को सीतापुर हनुमना सिंचाई परियोजना अंतर्गत बीरबल बैराज एवं दाबयुक्त सिंचाई प्रणाली विकसित करने का ठेका 3 हजार 979 करोड़ में दिया गया है। यानि मप्र में घोटालों में शामिल कंपनी को बडे-बडे प्रोजेक्ट धड़ल्ले से दिए जा रहे हैं। पहले ब्लैकलिस्ट किया फिर दे दिया क्लीनचिट  तत्कालीन कमलनाथ सरकार के समय छिंदवाड़ा कॉम्लेक्स प्रोजेक्ट मंजूर किया गया था। यह कार्य करीब 6 हजार करोड़ में पूरा कराया जाना है। इसका ठेका जल संसाधन विभाग ने तत्कालीन समय में मेंटना इन्फ्रासेल को दिया था। अफसरों की मिलीभगत के चलते काम शुरू किए बिना ही कंपनी को 500 करोड़ रुपए एडवांस भुगतान कर दिया गया। इस गडबड़झाले को उठाने वाले छिदवाड़ा के भाजपा जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान सांसद बंटी साहू के आरोपों के बाद सरकार ने मेंटना कंपनी को क्लैकलिस्ट कर दिया। बाद में इसे क्लीनिचट देकर एक हजार करोड़ का फिर एडवांस भुगतान कर दिया गया। वहीं, इस मामले को विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विधानसभा में 15 मार्च 2021 को उठाया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि हैदराबाद की मेंटना कंस्ट्रक्शन कंपनी को ज्वाइंट वैंचर में जल संसाधन विभाग द्वारा भुगतान में अनियमितता की शिकायतों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।    ईओडब्ल्यू में दर्ज है मामला   जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता रहे राजीव कुमार सुकलीकर के कार्यकाल में 7 सिंचाई परियोजनों के लिए मेंटना सहित अन्य ठेकेदारों को 3333 करोड़ रुपए का कार्य पूर्व भुगतान कर दिया था। बाद में सरकार बदलने पर इस मामले में ईओडब्यू में शिकायत दर्ज की गई। ईओडब्ल्यू ने शिकायत की जांच के आधार पर ठेकेदारों को 3333 करोड़ रुपए का कार्य पूर्व भुगतान करने के मामले में तत्कालीन प्रमुख अभियंता राजीव सुकलीकर, मुख्य अभियंता शरद श्रीवास्तव और तत्कालीन अधीक्षण यंत्री एवं प्रभारी मुख्य अभियंता शिरीष मिश्रा के खिलाफ जालसाजी एवं धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। ईओडब्ल्यू ने शुरूआती जांच में तीनों को आरोपी बनाया और ठेकेदारों को समयपूर्व भुगतान करने के मामले में संलिप्तता पाई। जांच एजेंसी ने प्रकरण से अचानक शिरीष मिश्रा का नाम हटा दिया। मोहन सरकार ने करीब छह महीने पहले सेवानिवृत्त हो चुके अधीक्षण यंत्री शिरीष मिश्रा को संविदा नियुक्ति देकर प्रमुख अभियंता बना दिया है। इधर, सरकार ने राजीव सुकलीकर के खिलाफ अभियोजन की अनुमति भी दे दी है।

तीन वित्तीय वर्षों के भीतर 17 वन मंडलों में कैंपा फंड में 364 करोड़ का गड़बड़झाला

Misappropriation of Rs 364 crore in CAMPA fund in 17 forest divisions within three financial years

Misappropriation of Rs 364 crore in CAMPA fund in 17 forest divisions within three financial years गणेश पाण्डेयभोपाल। कैग ने जंगल महकमे में पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग के 17 वन मंडलों में 364 करोड़ से अधिक गड़बड़झाला होने की पुष्टि की है। यह गड़बड़ी 63 वनमंडलों में से केवल 17 वन मंडलों में हुई ऑडिट रिपोर्ट से उजागर हुई है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैंपा फंड से कितने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो सकती है ? यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मौजूदा पीसीसीएफ कैंपा ने संरक्षण शाखा के हिस्से के वित्तीय अधिकार पर बलात कब्जा कर लिया है। जबकि परंपरा यह रही है कि फॉरेस्ट प्रोटक्शन से संबंधित व्यय करने वाली राशि का फंड संरक्षण शाखा द्वारा किया जाता रहा है।भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट रिपोर्ट में कैंपा फंड की राशि में हुई गड़बड़ियों को लेकर विस्तार से ब्यूरोक्रेट का ध्यान आकर्षित कराया गया है। कैग ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट तौर से उल्लेख किया है कि क्षतिपूर्ति वनीकरण के क्रियान्वयन में अनियमितता की गई है। कैग ने वित्तीय वर्ष 2017 से लेकर 2019-20 में 17 वनमंडल अनूपपुर, पूर्वी छिंदवाड़ा, खरगोन, खंडवा, इंदौर, रतलाम, भोपाल, सिंगरौली, दक्षिण शहडोल, उत्तर सागर दक्षिण सागर, नौरादेही होशंगाबाद, ग्वालियर, छतरपुर उत्तर बैतूल और वन विकास निगम में क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए कैंपा फंड से 839.88 करोड़ के लगभग खर्च किए गए। कैंपा फंड से खर्च किए गए राशि का विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट केवल 17 वन मंडलों में की। यानी कैग ने कुल 63 वन मंडलों में से केवल 17 वन मण्डलों में किए गए ऑडिट में 364.83 करोड़ रुपए की उपयोगिता पर सवाल खड़े किए हैं। गंभीर जनक पहलू यह है कि वनीकरण क्षतिपूर्ति के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद वर्ष 2017 और 2019 के बीच प्रदेश में वन घनत्व घटा और खुले वन आवरण क्षेत्र में 1.3% की वृद्धि हुई है। क्षतिपूर्ति वनीकरण के नाम पर हुए पौधारोपण के लिए स्थल के चयन से लेकर वृक्षारोपण तक में गड़बड़ी की गई। रोपित किए गए पौधों की जीवितता का प्रतिशत 75% होना चाहिए था। जबकि कैग ने अपने रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि वनीकरण क्षतिपूर्ति के नाम पर हुए पौधारोपण की जीवतता का प्रतिशत 6 से 60 फीसदी से भी कम पाए गए हैं।वनीकरण के लिए त्रुटिपूर्ण स्थल का चयनप्रतिपूरक वनीकरण के लिए अधिकारियों ने त्रुटिपूर्ण स्थल का चयन किया गया। प्रतिपूरक वृक्षारोपण के लिए अनूपपुर, सिंगरौली, होशंगाबाद और दक्षिण शहडोल मैं 18 विभिन्न स्थलों की 875 हेक्टेयर वन भूमि का चयन किया गया। प्रतिवेदन के अनुसार चयनित स्थलों में कैनोपी का घनत्व 40% से अधिक था। जबकि चयनित वृक्षारोपण स्थल की कैनोपी घनत्व 0.1 से 0.4 होनी चाहिए थी। अपने प्रतिवेदन में कैग ने यह भी उल्लेख किया है कि सिंगरौली वन मंडल में 16.40 करोड़ की लागत से आठ स्थानों पर वृक्षारोपण के लिए स्वीकृति दी गई थी। चयनित स्थान में या तो घने जंगल थे या अन्य योजनाओं के तहत वृक्षारोपण किया गया था। यानी 17 करोड़ से अधिक राशि का निष्फल व्यय किए गए। यानी राजस्व हानि हुई है।लक्ष्य के विरुद्ध वृक्षारोपण में कमीप्रतिवेदन में यह अभी कहा है कि ऑडिट टीम ने पाया कि तीन मंडलों में 5 का परियोजनाओं में 201.08 हेक्टयर के क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए डीपीआर तैयार किए गए थे। मानकों के अनुसार न्यूनतम 3,02,363 रुपए जाने थे जबकि वन मंडलों ने केवल 2 लाख 31 हजार 90 पौधे रोपे। यानी 71273 पौधों कम रोपे गए। यह महज एक उदाहरण है। लेखा परीक्षा ने पाया कि अनूपपुर उत्तर सागर और ग्वालियर वन मंडलों में प्रतिपूरक वनीकरण की पांच वृक्षारोपण स्थलों का 2010 11 से 2014-15 के बीच शुरू किया गया था। रोपे गए 2,79, 790 में से केवल 1 लाख 2 हजार 320 ही बच पाए।कैम्पा के तहत अपात्र गतिविधियों पर व्ययलेखा परीक्षा ने कैंपा के अभिलेखों में पाया कि 163.83 करोड़ की धनराशि विभिन्न गतिविधियों के लिए स्वीकृत की गई थी, जिसमें से 53.29 करोड़ की राशि अप्रैल 17 से मार्च 2020 की अवधि में अपात्र गतिविधियों पर खर्च कर दी गई। जबकि इस पर खर्च नहीं किया जाना था। कैग ने सरकार की उत्तर को अस्वीकार करते हुए कहा कि यह कैंपा फंड के संबंध में जारी किए गए दिशा- निर्देशों की अवहेलना है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में अनुभूति कार्यक्रम पर 5.88 करोड़, वन भवन निर्माण के लिए 20 करोड़, कृषि समृद्धि योजना पर 20 करोड़, रेंजर और राज्य वन सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण पर 5.94 करोड़, वन स्टाफ के प्रशिक्षण पर 4.87 करोड़, और एस एफआरआई के अनुसंधान गतिविधि पर खर्च किए गए 4 करोड़ 59 लख रुपए को अनियमित बताया। यानी कैम्पा फंड में पदस्थ रहे पीसीसीएफ एमके सपरा और एबी गुप्ता ने अंधा बांटे रेवड़ी चिन्ह -चिन्ह कर देत,की तर्ज पर फंड वितरित किए। मौजूदा पीसीसीएफ कैम्पा महेंद्र सिंह धाकड़ भी इसी तर्ज पर फंड रिलीज करते आ रहे हैं।

नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किये मध्यप्रदेश ने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh has presented unique examples of cleanliness in urban and rural areas: Chief Minister Dr. Yadav

Madhya Pradesh has presented unique examples of cleanliness in urban and rural areas: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू कर स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार करने के जो लक्ष्य निर्धारित किये उन्हें प्राप्त करने में मध्यप्रदेश ने देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। स्वच्छता को सर्वोपरि मानते हुए इंदौर ने सफाई की जो अलख जगाई है, वह पूरे देश में उदाहरण बन चुकी है। इंदौर के नाम लगातार 7 बार देश को स्वच्छतम शहर बने रहने का रिकार्ड है। इंदौर ही देश का पहला वाटर प्लस शहर भी बना है और भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव का प्रदेशवासियों से आहवान मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया है कि सभी नागरिक संकल्प लें की न तो वे गंदगी फैलाएंगे और न किसी को फैलाने देंगे। अपने आसपास सफाई रखेंगे और लोगों को भी सफाई के लिए प्रेरित करेंगे, तभी सच्चे अर्थों में स्वच्छता ही सेवा अभियान सफल होगा। उन्होंने कहा कि हम सबको सफाई मित्र बनकर अभियान को सफल बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिन 17 सितम्बर से प्रांरभ हुए स्वच्छता ही सेवा अभियान में एक बार फिर मध्यप्रदेश पूरे जुनून के साथ जूट गया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति मंत्रीगण, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी और सामाजिक संगठनों के साथ नागरिक भी सजग होकर महती भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेशवासियों और हमारे सफाई मित्रों के मनोबल बढ़ाने के लिये राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भी अपने उज्जैन प्रवास के दौरान सफाई मित्रों से संवाद कर उन्हें सम्मानित किया और श्री महाकाल लोक परिसर में झाडू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। यह मध्यप्रदेश के लिये गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वच्छता के सभी आयामों पर मध्यप्रदेश खरा उतर रहा है। राज्य सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक एवं खुले में मांस-मछली के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। प्रदेश में जीरो वेस्ट को प्रोत्साहन देने के लिये नगरीय निकायों में जीरो वेस्ट इवेंट भी जारी किये जा रहे हैं। प्रदेश में 401 नगरीय निकायों में सूखे एवं गीले कचरे के प्र-संस्करण के लिये सेंट्रल कम्पोस्टिंग और मटेरियल रिकवरी के लिये इकाइयों की स्थापना की गयी है, जिनसे कम्पोस्ट खाद बनायी जा रही है। प्रदेश में 324 शहरों को सफाई मित्र सुरक्षित शहर घोषित किया गया है। साथ ही सफाई मित्रों की कार्यक्षमता संवर्धन के लिये समय-समय प्रशिक्षण भी आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि हाल ही में रीवा नगरपालिका निगम में 158 करोड़ 67 लाख रूपये की लागत से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट से प्रतिदिन 340 टन कचरे का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। साथ एक दिन में 6 मेगावाट बिजली भी उत्पन्न की जा रही है। सात हजार से अधिक कचरा संग्रहण वाहन प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा संग्रहित कर रहे हैं। प्रदेश के सभी गांव ओडीएफ हैं और अब तक 78 लाख 31 हजार व्यक्तिगत शौचालय और 16 हजार 900 से अधिक सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया जा चुका है। प्रदेश के 44 हजार से अधिक गांवों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, 48 हजार से अधिक ग्रामों को लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट और 41 हजार से अधिक ग्रामों को आडीएफ प्लस मॉडल बनाया गया है। स्वच्छता अभियान में हो रहे हैं अभिनव नवाचार प्रदेश में 17 सितम्बर से प्रारंभ हुए स्वच्छता ही सेवा अभियान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की अलख जगाई जा रही है। हर स्तर पर नागरिकों को स्वच्छता संबंधी शपथ दिलाने के साथ प्रेरित भी किया जा रहा है। स्वच्छता-मित्रों को सम्मानित कर उनके हौंसले को बढ़ाना और उनके साथ सफाई कार्य करने के लिये मंत्रीगण और जन-प्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई कार्य में जुटे हुए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा नगर निगम क्षेत्र में सैनिक कैंटीन से नीम चौराहा तक बोडाबाग रोड पर श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया और सफाई-मित्रों को सम्मानित किया। रीवा के शासकीय एवं निजी शालाओं में स्वच्छता व्यवहार पर केन्द्रित कार्यक्रमों का आयोजन कर नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता लाई गई। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर नगर के लक्ष्मण तलैया क्षेत्र और मोनी बाबा आश्रम में झाडू लगाकर साफ-सफाई की और सफाई मित्रों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में बीएसएनएल कार्यालय परिसर में अधिकारी-कर्मचारी और नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलवाई। ग्वालियर सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने जन-प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिला चिकित्सालय परिसर में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने अधिकारी कर्मचारियों के साथ कलेक्ट्रेट एवं अन्य कार्यालयों में झाडू लगाकर साफ-सफाई की। सागर में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने स्वच्छता पखवाड़े अंतर्गत सभी को स्वच्छता के लिये प्रेरित किया और जीरो वेस्ट थीम पर अभियान में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वर्ष में 100 घंटे स्वच्छता के कार्य करने की शपथ भी दिलवाई। जबलपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सरपंचों के साथ स्वच्छता संवाद कर ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने में सक्रिय रूप से कार्य करने की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों का सम्मान कर उन्हें सेफ्टी किट प्रदान की। जबलपुर शहर में मोहल्ला सभाओं का आयोजन कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इसी प्रकार प्रदेश के सभी जिलों में जन-भागीदारी के साथ स्वच्छता पखवाड़ा निरंतर जारी है। स्थानीय नागरिकों को अभियान से जोड़ने के लिये जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर अनेक नवाचार भी कर रहे हैं, जिसके सफल परिणाम मानव जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। साथ ही स्वच्छता के प्रति जागी अलख से प्रदेश के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण-24 में बेहतर उपलब्धियां हासिल करेंगे।

मध्यप्रदेश, सौर ऊर्जा प्रदेश बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh is moving towards becoming a solar energy state: Chief Minister Dr. Yadav

रीवा सौर परियोजना को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने केस स्टडी के रूप में किया शामिल Madhya Pradesh is moving towards becoming a solar energy state: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में जहाँ एक ओर विश्व की सबसे बड़ी रीवा सौर परियोजना स्थापित होकर शुरू हो चुकी है। इस परियोजना को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने केस स्टडी के रूप में शामिल किया है। वहीं दूसरी ओर ओंकारेश्वर में प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी पर दुनिया की सबसे बड़ी 600 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर परियोजना भी विकसित की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न अंचलों में भी सौर ऊर्जा की कई छोटी-बड़ी परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में गुजरात के गांधी नगर में नवकरणीय ऊर्जा को लेकर हुई राष्ट्रीय समिट में अनेक उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में सोलर प्लांट लगाने की इच्छा जाहिर की है। राजधानी भोपाल में सरकारी भवनों और नागरिकों को अपने घर की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिये अभियान चलाया जायेगा। इन सभी प्रयासों से मध्यप्रदेश, सौर ऊर्जा प्रदेश बनने की अग्रसर हो गया है। आदर्श उदाहरण के रूप में पढ़ाया जा रहा है हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दुनिया की सबसे प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में मध्यप्रदेश स्थित विश्व के सबसे बड़े रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर पार्क और प्लांट के उत्कृष्ट प्रबंधन, संचालन और सौर ऊर्जा उत्पादन को आदर्श उदाहरण के रूप में पढ़ाया जा रहा है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट न सिर्फ़ विश्व का सबसे बड़ा प्लांट है, बल्कि विश्व में सबसे सस्ती दर पर व्यावसायिक उर्जा उत्पादन करने वाला प्लांट भी है। यहां से 3 रूपये 30 पैसे प्रति यूनिट बिजली अगले 25 सालों के लिए उपलब्ध हो सकेगी। मध्यप्रदेश में भरपूर सौर ऊर्जा है। यहां 300 से ज्यादा दिनों तक सूर्य का प्रकाश रहता है। विश्व बैंक के क्लीन टेक्नालॉजी फंड के माध्यम से वित्त पोषित देश की पहली सौर परियोजना है। आज विश्व के 10 सर्वाधिक बड़ी सोलर परियोजनाओं में से आधी भारत में है। रीवा सोलर पॉवर प्लांट इनमें से एक है। कैसे हुई शुरूआत भारत सरकार ने वर्ष 2014 में सोलर पार्क योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य सोलर पॉवर को बढ़ावा देना था। इस योजना में 500 मेगावाट क्षमता से ज्यादा की सोलर परियोजनाओं को सोलर पार्क में शामिल किया गया और उन्हें अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क कहा गया। केस स्टडी में बताया गया कि भारत में 4 लाख 67 हजार वर्ग मीटर बंजर भूमि आंकी गई है। इसका उपयोग सोलर प्लांट लगाने में किया जा सकता है। मध्यप्रदेश में 1579 हेक्टेयर जमीन का आंकलन किया गया, जिसमें 1255 हेक्टेयर बंजर जमीन सरकारी और 384 हेक्टेयर प्राइवेट जमीन शामिल है। इस प्रकार रीवा सोलर अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट बनने की शुरुआत हुई। रीवा सोलर पॉवर प्लांट की यात्रा दिलचस्प है। इसकी शुरुआत जून 2014 में बड़वार गांव में 275 हेक्टेयर जमीन आवंटन के साथ शुरू हुई। राज्य सरकार ने अप्रैल 2015 में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट की स्थापना का अनुमोदन किया। दो महीने बाद रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड की स्थापना हुई, जिसमें म.प्र. ऊर्जा विकास निगम और एसईसीआई के साथ 50 -50 प्रतिशत का जॉइंट वेंचर स्थापित हुआ। इसके बाद बड़वार, बरसेटा देश, बरसेटा पहाड़, इतर पहाड़, रामनगर पहाड़ गांवों में 981 हेक्टेयर जमीन का आवंटन हुआ। वर्ष 2018-19 तक और भी गांव में उपलब्ध बंजर जमीन को परियोजना के लिए आवंटित किया गया। अप्रैल 2019 में दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन को पॉवर सप्लाई देना शुरू हुआ। जनवरी 2020 से पूरी तरह से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया।

राजनीतिक रसूख के चलते  बांधवगढ़ में पदस्थ रेंजर सब पर भारी

Due to political influence the ranger posted in Bandhavgarh is stronger than everyone

Due to political influence the ranger posted in Bandhavgarh is stronger than everyone उदित नारायण  भोपाल। बांधवगढ़ में पदस्थ रेंजर पुष्पा सिंह राजनीतिक रसूख के चलते सीनियर अधिकारियों के आदेशों के नाफरमानी कर रही है। इसी बात को लेकर डिप्टी डायरेक्टर प्रकाश कुमार वर्मा ने उन्हें नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि  आपके द्वारा आज दिनांक तक वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश का पालन नहीं किया गया है। यही नहीं आपके द्वारा राजनैतिक दबाव अधिकारियों पर डलवाना अनुशासनिक नियमों के विपरीत है। क्यों न आपके विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम (3) (1) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाये? अतः आपको निर्देशित किया जाता है, कि पत्र प्राप्ति के 3 दिवस के अन्दर सन्दर्भित आदेश का पालन करते हुए प्रभार सूची से इस कार्यालय को अवगत कराया जायेगा। अन्यथा आदेश का पालन नहीं करने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का अवहेलना करने के संबंध में क्यों न आपके विरूद्ध विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 16 (1) (क) के आपके विरूद्ध के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जायेगा। जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेवार होंगें। नोटिस का रेंजर पुष्पा सिंह ने आज दिनांक तक जवाब नहीं दिया। करंजिया रेंज के लिए लिखवाई नोटशीट  सूत्रों का कहना है कि रेंजर पुष्पा सिंह अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए बांधवगढ़ से डिंडोरी वन मंडल के करंजिया रेंज में वापसी का प्रयास कर रही है। उनकी करंजिया रेंज डिंडोरी में पोस्टिंग के लिए एक उप मुख्यमंत्री ने  सिफारिश की है। इसी सिफारिश के कारण उन्होंने शासकीय आवास खाली नहीं किया है। बताया जाता है कि मंत्रालय में पदस्थ अफसर भी उनकी मदद कर रहे हैं।  हमेशा विवादों की सुर्खियों में रहीं  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ रेंजर पुष्पा सिंह अक्सर विवादों की सुर्खियों में रही हैं। डिंडोरी वन मंडल के  करंजिया रेंज में पदस्थी के दौरान आर्थिक गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। कारंजा रेंज में उन पर आरोप था कि उन्होंने वन सुरक्षा समिति खारीडीह में रोड निर्माण हेतु आठ लाख अड्टालीस हजार की सड़क मात्रा डेढ़ लाख में बनाया गया जिसमे डिप्टी रेंजर को सस्पेंड किया गया। जबकि किंतु पुष्पा सिंह पर विभागीय जांच वर्तमान में चल रही है। रोचक तथ्य है कि वह एक भी पेशी में आज तक उपस्थित नहीं हुई। इसके पहले वह जब वह शहडोल में पदस्थ थीं तब  इनका रेत माफियों से लेन-देन संबंधित एक ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस मामले में उन्हें निलंबित भी किया गया था।

भोपाल सांसद ने 110 पटवारी और राजस्व निरीक्षकों को हटाने की मांग, कलेक्टर को सौंपी सूची

Bhopal MP demands removal of 110 Patwari and Revenue Inspectors, submits list to Collector

Bhopal MP demands removal of 110 Patwari and Revenue Inspectors, submits list to Collector भोपाल ! भाजपा सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल जिले में 110 पटवारी और राजस्व निरीक्षकों को उनके पद से हटाने की सिफारिश की है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि इन अधिकारियों की लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती के कारण कार्यालय की बदनामी हो रही है। इस मामले में उन्होंने भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को एक विस्तृत सूची सौंपी है। सांसद ने की सख्त कार्रवाई की मांग सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि कार्यालय की छवि सुधर सके और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें। इस मांग को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है और अब देखना होगा कि कलेक्टर इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या है मामला? सांसद आलोक शर्मा ने आरोप लगाया है कि कई पटवारी और राजस्व निरीक्षक (RI) 8 से 15 साल से एक ही हल्के में तैनात हैं, जबकि नियमानुसार तीन साल में उनका हल्का बदल दिया जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन इन्हें वल्लभ भवन के वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ है, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। दी गई है हटाने की मांग की गई पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों की सूची

भोपाल कलेक्टर ने संबल योजना के नाम पर मांगी रिश्वत , जानें मामला

Exemption in the name of Sambal Yojana in Bhopal, know the matter

Collector in the name of Sambal Yojana in Bhopal, know the matter भोपाल ! वाट्सएप पर एक कॉल आता है। स्क्रीन पर लिखा है- कौशलेंद्र विक्रम सिंह। कॉल उठाते ही सामने से आवाज आई, हैलो, मैं कलेक्टर बोल रहा हूं, संबल योजना का फायदा चाहिए तो मेरे इस नंबर पर रुपए भेज दो। यह सुनकर कुछ लोग पैसे भेज भी देते हैं। एमपी की राजधानी भोपाल में साइबर ठगों ने कलेक्टर के नाम से लोगों से ठगी की। दरअसल, लोगों को भरोसा भी इसलिए हो गया क्योंकि यह कॉल उन ग्रामीणों को आए जो योजना के लाभार्थी हैं। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के नाम पर कुछ इसी तरह से साइबर ठग जालसाजी कर रहे हैं। कुछ ठगों ने कलेक्टर की फोटो की फर्जी आईडी बनाई है, ताकि लोगों को लगे कि वह सही में कलेक्टर ही हैं। कलेक्टर की फोटो आईडी लगा कर रहे ठगीसाइबर ठग संबल योजना की राशि डालने के नाम पर 3 हजार से 10 हजार रुपए तक मांग रहे हैं। भोपाल के फंदा जनपद क्षेत्र में ही 2-3 लोगों ने 10 हजार रुपए अकाउंट में ट्रांसफर भी कर दिए हैं। पैसे भेजने के बाद उन्हें अपनी गलती का पता चला। यह जानकारी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास भी पहुंची, जिसके बाद क्राइम ब्रांच के अफसरों को सूचित किया गया है। क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांचक्राइम ब्रांच इस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते से कलेक्टर की फर्जी आईडी से लोगों को कॉल के साथ मैसेज भेजे जा रहे हैं। हितग्राहियों को कॉल के अलावा मैसेज भी किए जा रहे हैं। बैरसिया जनपद क्षेत्र में भी फर्जी कॉल पहुंचे हैं। ऐसे हुआ खुलासाठगी के इस मामले का खुलासा जब हुआ तो जनपद स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को मैसेज किए गए हैं। जिसमें लिखा है- ‘सभी सचिव और जीआरएस मेरे भेजे गए इन नंबरों को देख लें। यह फर्जी आईडी से संबल योजना की राशि डालने के लिए फोन करता है। कृपया कोई भी इस पर ध्यान न दें। तत्काल रिपोर्ट करने को कहें या पास के थाने में रिपोर्ट करें। किसी भी परिस्थिति में कोई राशि न डालें। यह कलेक्टर के नाम से फर्जी फोन करता है।

राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Our aim is to create a favorable environment for industries in the state: Chief Minister Dr. Yadav

मुख्यमंत्री ने कोलकाता में उद्योग समूहों के प्रमुखों से की वन-टू-वन चर्चा Our aim is to create a favorable environment for industries in the state: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रमुखों से निरंतर वन-टू-वन चर्चा विभिन्न मंचों पर की जा रही है। इससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। वन-टू-वन चर्चा से उद्योगपतियों को उद्योग स्थापना में आने वाली दिक्कतों एवं उनके निराकरण पर सकारात्मक चर्चा कर निराकरण भी हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी क्रम में शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में 31 प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन-टू-वन चर्चा में उद्योगपतियों के सुझाव पर उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी बातों पर न केवल गंभीरता से विचार किया जायेगा, बल्कि प्रदेश के विकास के लिये “आउट ऑफ द वे” जाकर निराकरण भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन-टू-वन बैठक के माध्यम से विभिन्न उद्योगपतियों से उनकी आवश्यकताओं, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। डॉ. यादव ने राज्य में निवेश की नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की प्रतिबद्धता जताई और सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं और प्रोत्साहनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य राज्य में उद्योगों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे न केवल स्थानीय व्यवसायों को फायदा हो, बल्कि बाहरी निवेशक भी प्रोत्साहित होकर मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता के इंटरैक्टिव सेशन में प्रमुख रूप से राजीव मुंद्रा – चैयरमेन जेएमएस माइनिंग, अश्विन जेलोढ़ा – एमडी और सीईओ ओरिएंट पेपर मिल, इंद्रजीत मुखर्जी – वाईस चैयरमैन टेक्स्मॉको रेल और इंजीनियरिंग लिमिटेड, विनोद कुमार गुप्ता – एमडी डॉलर उद्योग, आपरेश अग्रवाल – एमडी रूपा उद्योग, अनुराग चौधरी सीएमडी एवं अरूण कुमार शुक्ला अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड सहित फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक एवं पैकेजिंग, मैटल, केमिकल एवं बैटरी, सीमेंट एवं जूट खनन, आयरन एवं स्टील, पॉवर सीमेंट, नवकरणीय ऊर्जा, अधोसंरचना विकास, रेलवे वैगन एवं उपकरण, पेपर एवं पल्प, टेक्सटाइल, लॉजिटिक्स एवं वेयर हाउसिंग एवं एविएशन, टेक्सटाइल एवं गारमेंट, पॉलीमर कम्पाउंड, हास्पिटेलिटी, लुब्रीकेंटस, होम केयर एवं ईवी प्रोडक्ट, सौर ऊर्जा, पशु आहार आदि सेक्टर से संबंधित 31 उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा में उद्योगपतियों ने भी अपने विचार साझा किए और राज्य में निवेश करने की संभावनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विभिन्न उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने और नई योजनाओं को लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उद्योगपतियों को राज्य में अधिक से अधिक निवेश करने और सरकार के विकासात्मक एजेंडे में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद करेगी, बल्कि राज्य को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

भोपाल: हाईकोर्ट ने पटवारी पवन कुशवाहा की बर्खास्तगी पर लगाई रोक, ग्रामीणों में थी गहरी नाराजगी

Bhopal: High Court stayed the dismissal of Patwari Pawan Kushwaha, there was deep resentment among the villagers

Bhopal: High Court stayed the dismissal of Patwari Pawan Kushwaha, there was deep resentment among the villagers भोपाल । मध्यप्रदेश (20 सितंबर 2024) — मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में प्राकृतिक आपदा राहत राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं के चलते बर्खास्त किए गए पटवारी पवन कुशवाहा को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी सेवा समाप्ति के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद कुशवाहा के समर्थकों और उनके गांव के किसानों में खुशी की लहर है। क्या है मामला? पटवारी पवन कुशवाहा पर आरोप था कि उन्होंने वर्ष 2019, 2020 और 2021 में प्राकृतिक आपदा राहत राशि के वितरण में अनियमितताएं की थीं। कलेक्टर आगर ने इस मामले में जांच के बाद पवन कुशवाहा सहित तीन पटवारियों को दोषी ठहराते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया था।हालांकि, कुशवाहा ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्होंने सभी काम नियमानुसार और RBC 6.4 के तहत किए थे। कुशवाहा के वकील ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि राहत राशि का वितरण किसानों की सहमति से किया गया था और इसमें कोई अनियमितता नहीं थी। ग्रामीणों का विरोध और धरना प्रदर्शन पवन कुशवाहा की बर्खास्तगी के बाद उनके गांव के किसानों में गहरी नाराजगी देखी गई थी। जब उन्हें पहले निलंबित किया गया था, तो किसानों ने नालखेड़ा तहसील कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया था। किसानों ने तहसीलदार को पवन कुशवाहा के समर्थन में ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उनके कार्यों की सराहना की गई थी। किसानों का कहना था कि पवन कुशवाहा ने हमेशा नियमों का पालन किया और उनके हित में काम किया। हाईकोर्ट का हस्तक्षेप पवन कुशवाहा की बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और आगामी सुनवाई तक सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले से पवन कुशवाहा को राहत मिली है, साथ ही उनके समर्थक और गांव के किसान भी इसे न्याय की दिशा में एक सही कदम मान रहे हैं।आगे की सुनवाई का इंतजार अब इस मामले की अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें यह तय होगा कि पवन कुशवाहा को पूरी तरह से बहाल किया जाएगा या नहीं। उनके साथ बर्खास्त किए गए बाकी दो पटवारियों के मामले भी हाईकोर्ट में लंबित हैं, जिनकी सुनवाई जल्द होने की उम्मीद है।इस मामले ने आगर-मालवा जिले में सरकारी तंत्र और स्थानीय प्रशासन के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं, खासकर तब, जब पवन कुशवाहा के काम से गांव के किसान पूरी तरह से संतुष्ट हैं।

देश का हम भंडार भरेंगे लेकिन कीमत पूरी लेंगे : भारतीय किसान संघ

We will fill the country's reserves but will charge the full price Bharatiya Kisan Sangh 

We will fill the country’s reserves but will charge the full price Bharatiya Kisan Sangh  हरिप्रसाद गोहे  आमला। भारतीय किसान संघ आमला से जुड़े विभिन्न ग्रामों के किसानों ने आमला पहुंच धूमधाम से भगवान बलराम जयंती धूमधाम और उत्साह से मनाया इस मौके पर स्थानीय मैरिज लान में किसानों द्वारा सामूहिक बलराम जयंती मनाई गई बाद सैकडो से अधिक की संख्या में किसानों ने नगर के मुख्य मार्गो से होकर विशाल ट्रेक्टर रेली निकाली एवं रेली की के रूप में तहसील कार्यालय पहुंच किसान हितेसी समस्याओं का ज्ञापन सौं पागया । भारतीय किसान संघ से जुड़े मनोज नावँगे एवं अन्य वक्ताओं ने बताया आज भारी संख्या में जुड़े खेतिहर किसानों की मौजूदगी में धूमधाम से बलराम जानती मनाई गई इस मौके पर ट्रेक्टर रेली निकाल विभिन्न मांगो का ज्ञापन सोपा गया वहीं भगवान बलराम की झाकी सजाई गई थी जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।

वन विभाग टीम को मिली बड़ी कामयाबी: ट्रक में ले जा रहे थे अवैध लकड़ी, जब्त

Forest department team got big success: Illegal wood was being transported in truck, seized

Forest department team got big success: Illegal wood was being transported in truck, seized सोनकच्छ । वन विभाग ने बुधवार शाम देवास-भोपाल स्टेट हाइवे पर अवैध लकड़ी का परिवहन करते हुए एक ट्रक जब्त किया है। वन विभाग के परिक्षेत्र सहायक सुनील मालवीय ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुधवार शाम करीब 5.30 बजे देवास-भोपाल हाइवे पर कराड़िया फाटे के पास खड़े ट्रक (एमपी-15, जी-1926) की तलाशी लेने पर उसमें गिली लकड़ी भरी हुई थी। चालक से जब लकड़ी परिवहन के दस्तावेज मांगे तो उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे और न ही उसने कोई जानकारी दी। इसके बाद ट्रक को दौलतपुर रेस्ट हाऊस ले जाकर खड़ा किया। परिक्षेत्र सहायक मालवीय ने ट्रक की तिरपाल हटाकर देखा तो उसमें ऊपर के हिस्से में गिली लकड़ी के गुटके भरे दिखे। ट्रक चालक व मालिक सद्धाम पिता मुबारिक निवासी देवास को हिरासत में लिया। लकड़ी से भरा ट्रक जब्त कर पंचनामा बनाया गया है। इधर, मामले में कुछ लकड़ी माफिया ने ले-देकर मामले को रफादफा करना चाहा था, लेकिन मीडिया के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई की गई। कार्रवाई में वन विभाग के गोपालसिंह सैंधव, कृष्ण भूरिया आदि का सहयोग रहा। सूत्रों के मुताबिक जब्त लकड़ी देवास के फिरोज खान की बताई जा रही है। अब देखना यह है कि नियम विरुद्ध जब्त वाहन व अवैध लकड़ी के परिवहन को लेकर वरिष्ठ अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर हमेशा की तरह ले-देकर मामले को रफादफा कर देंगे।

राहुल गांधी के खिलाफ बोलने वालों पर FIR करें तुरंत गिरफ्तार अन्यथा होगा उग्र आंदोलन : विधायक पंकज उपाध्याय

Those who speak against Rahul Gandhi should be arrested immediately by filing FIR

Those who speak against Rahul Gandhi should be arrested immediately by filing FIR otherwise there will be fierce agitation: MLA Pankaj Upadhyay विधायक पंकज उपाध्याय द्वारा जोरा थाने में आवेदन देकर राहुल गांधी के खिलाफ बोलने वालों पर कार्यवाही हेतु सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए विधायक पंकज उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि राहुल गांधी द्वारा देश में सौहार्द एवं भाई चारे की भावना के प्रसार हेतु 4000 कि.मी. की भारत जोड़ो यात्रा की गई एवं इनकी दादी स्व . श्रीमती इंदिरा गांधी एवं इनके पिता स्व . राजीव गांधी द्वारा देश की अखण्डता को अक्षुण्णता बनाये रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया ऐसे नेता माननीय राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष लोकसभा के विरूद्ध भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से अमर्यादित टिप्पणियां की गई हैं जिनमें रवनीत सिंह ( बिट्ट ) , सांसद लोकसभा एवं रघुराज सिंह , केन्द्रीय मंत्री द्वारा राहुल गांधी को देश का सबसे बड़ा आतंकवादी कहा गया है । एवं शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख का इनाम दिये जाने की घोषणा की गई हैं । जो जान से मारने की धमकी है एवं 11 लाख की सुपारी है । उक्त कृत्य अत्यंत अशोभनीय एवं अमर्यादित है तथा लोकतंत्र की परंम्परा के विरूद्ध एवं देश में हिंसक वातावरण निर्मित किये जाने का प्रयास है । अतः आपसे अनुरोध है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को संज्ञान में लेते हुए संबंधित नेताओं के विरूद्ध तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करें कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार सिंह सिकरवार, दिलीप काला, निकै त्यागी अभिषेक जैन, दिनेश मित्तल, ओमप्रकाश सकलेचा दिलीप गुर्जर, मुरारी लाल अमर, रानू मिश्रा,विकास त्यागी, रानी खान गोपाल धाकड़ जगदीश राठौर डॉ अरुण शर्मा पवन कटारे प्रमोद पम्मी शर्मा आबिद बेग शहाबुद्दीन उस्मानी दीपक यादव दिनेश मडैनिया, दिनेश गुर्जर के के अवस्थी सईद खान सोनू खान आदि उपस्थित थे

जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, महिला अपराधों को लेकर मिलने का मांगा समय

Jitu Patwari wrote a letter to the President, asked for time to meet regarding crimes against women.

Jitu Patwari wrote a letter to the President, asked for time to meet regarding crimes against women. भोपाल। कांग्रेस मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों के संदर्भ में कांग्रेस पार्टी की महिला विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इंदौर में मिलने का समय मांगते हुए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि राष्ट्रपति महिला सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लेंगी और प्रदेश की महिलाओं के लिए एक सार्थक चर्चा के लिए हमारा आवेदन स्वीकार करेंगी। यह अकेली घटना नहीं है” पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पत्र में लिखा कि बीते दिनों कोलकाता में डॉक्टर के बतात्कार और हत्या की सनसनीखेज वारदात के बाद आपके विचार पढ़े। मैं पूरी गहराई और गंभीरता से समझ सकता हूं कि आपका स्तब्ध मन इस निंदनीय कृत्य से कितना विचलित हुआ है। आपकी यह धारणा भी सच है कि “यह अकेली घटना नहीं है। यह महिलाओं के खिलाफ अपराध का एक हिस्सा है। कोई भी सभ्य समाज अपनी बेटियों और बहनों पर इस तरह के अत्याचारों की इजाजत नहीं दे सकता। देश के लोगों का गुस्सा जायज है, मैं भी गुस्से में हूं। जब भी मैं देश के किसी कोने में महितानों के खिलाफ अपराधों के बारे में सुनती हूं, तो मुझे मही पीड़ा होती है।” महिला सुरक्षा-सम्मान से जुड़े आपके सरोकारों की मुक्त कंठ से प्रसंसा भी करता हूं जीतू पटवारी ने आगे लिखा कि लोकतंत्र और संविधान की शीर्ष पंक्ति पर बैठे व्यक्ति के अंदर की यह संवेदनशीषता आंशिक राहत भी देती है कि महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर निर्भम होती जा रही व्यवस्था के बीच, कोई एक ऐसा है जो महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता के साथ चिंतन भी कर रहा है। महोदया, मैं सर्वप्रथम मेरे मध्य प्रदेश की धरती पर आपका हृदय से स्वागत करता हूं और महिला सुरक्षा-सम्मान से जुड़े आपके सरोकारों की मुक्त कंठ से प्रसंसा भी करता हूं। मध्य प्रदेश महिला उत्पीड़न की अनेक और अलग-अलग श्रेणियों में सबसे आगे मैं आपके संज्ञान में यह भी लाना चाहता हूं कि मध्य प्रदेश में भी महिला उत्पीड़न चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुका है। मेरे प्रदेश में गरीब, दलित और आदिवासी महिलाओं से जुड़े अपराध देश में सबसे ज्यादा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) प्रतिवर्ष जो आंकड़े जारी करता है, मध्य प्रदेश महिला उत्पीड़न की अनेक और अलग-अलग श्रेणियों में सबसे आगे रहता है।

मप्र के 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced भोपाल। प्रदेश के 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्रो । इन केंद्रों पर लोगों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां बेहद सस्ती कीमतों में उपलब्ध होंगी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ किया। जन-औषधि केंद्रों का संचालन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव ने स्वच्छता से सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कचरा मुक्त शहर के आधार पर सफाई कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम ने सिंगल क्लिक से राशि खातों में ट्रांसफर की। कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण में 5 स्टार रेटिंग मिलने पर नगर निगम के 8,117 सफाई मित्रों को 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।स्टार रेटिंग के हिसाब से मिलेगी प्रोत्साहन राशिमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कचरा मुक्त शहर स्टार प्रमाणीकरण के आधार पर सफाई मित्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिस निकाय को जितने स्टार मिलेंगे, उसमें कार्यरत उतने हजार रुपए की राशि दी जाएगी यानी एक स्टार हासिल करने वाले निकाय को एक-एक हजार, दो, तीन स्टार से लेकर 5 स्तर और 7 स्टार तक प्राप्त कर सकते हैं। 7 स्टार वालों को 7 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य को भी तरजीहकार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारे 33 करोड देवी-देवताओं में एक देवी स्वच्छता की हैं शीतला माता। चेचक की बीमारी से बचाने टीकाकरण की शुरुआत हुई। चेचक का जिसे फोड़ा हुआ था, उसके मवाद से चेचक का टीका बनाया। ये हमारे प्राचीन चिकित्सा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुजुर्गों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज दिया। अब सस्ती दरों पर जेनेरिक दवा भी उपलब्ध होगी। सफाई मित्रों की स्वच्छता और स्वास्थ्य में बड़ी भूमिका है मैं आपको प्रणाम करता हूं।हेत्थ पैरामीटर्स में छुएंगे शिखरइससे पहले उप मुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसा वातावरण तैयार किया कि आमजन स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए है। सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग हेल्थ के पैरामीटर के मामले में उच्च शिखर को प्रात करेगा।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र परियोजना का शुभारंभ वर्ष 2008 में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। वर्ष 2015 के बाद से इस योजना में और गति आयी। इसका उद्देश्य पूरे देश में सस्ती दवाइयों की पहुंच को व्यापक बनाना था। वर्तमान में इस परियोजना में देश में प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग सस्ती जेनेरिक दवाओं का लाभ उठा सकें।500 से अधिक जन-औषधि केंद्र खुलेवर्तमान में मध्य प्रदेश में 500 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित हैं। ये केंद्र शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लोग सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां खरीद रहे हैं। उनके मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत हो रही है। अब सभी जिला चिकित्सालयों में भी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं।जन-औषधि केंद्र खुलने से ये फायदेसभी को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध होंगी। मरीजों को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक कम दाम पर दवाइयां मिलेंगी।इससे लोगों के मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी।सस्ती और सुलभ दवाओं के माध्यम से लोग अपने उपचार को निरंतर जारी रख सकेंगे, जिससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार आएगा। खासकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में जन-औषधि केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।जन-औषधि केंद्र के माध्यम से जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को लेकर जागरूकता बढ़ेगी, जिससे लोग ब्रांडेड दवाओं पर निर्भरता कम करेंगे और सस्ती जेनेरिक दवाओं को अपनाएंगे।स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। प्रत्येक केंद्र के चालन के लिए फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी आवश्यक होंगे, जिससे राज्य में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

साल भर से शासकीय आवास पर अवैध रूप से  काबिज रेंजर को एसडीएम ने दिया बेदखली का नोटिस

SDM issued eviction notice to the ranger who was illegally occupying government accommodation for a year

SDM issued eviction notice to the ranger who was illegally occupying government accommodation for a year  उदित नारायण भोपाल। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में पदस्थ महिला रेंजर पुष्पा सिंह नियम विरुद्ध दो-दो शासकीय आवास पर कब्जा कर रखा। बांधवगढ़ के अलावा साल भर से वह डिंडोरी वन मंडल के करंजिया स्थित रेंजर शासकीय आवास में काबिज है। डीएफओ डिंडोरी ने आवास खाली करने के लिए दर्जनों नोटिस दिए पर कोई असर नहीं नहीं पड़ा। अब एसडीएम बजाग ने मप्र लोक परिषर (बेदखली) 1974 की धारा 4 (1) के अंतर्गत शासकीय आवास खाली करने का नोटिस दिया है।  रेंजर पुष्पा सिंह का तबादला  25 सितंबर 2023 को डिंडोरी वन मंडल की करंजिया रेंज से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हो गया था। तब से आज तक करंजिया रेंज में स्थित शासकीय आवास पर बलात कब्जा किया हुआ है। करंजिया स्थित शासकीय आवास में कोई भी नहीं रहता है। मकान खाली करने के लिए डीएफओ ने कई नोटिस दिए पर नोटिस को गंभीरता सेवा लेते हुए डस्टबिन में डाल दिया। डीएफओ के नोटिस पर जब मकान खाली नहीं हुआ तब एपीसीसीएफ प्रदीप वासुदेवा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित हुई। कमेटी की पिछले महीने बैठक हुई परंतु पुष्पा सिंह के कब्जे वाले मकान पर कोई निर्णय नहीं हो पाया। वन संरक्षण जबलपुर कमल अरोरा का कहना है कि बैठक में वह उपस्थित नहीं हुई इसलिए उस पर निर्णय नहीं हो पाया। यानी बैठक में न आकर उसने अघोषित तौर पर सीनियर अधिकारियों को चुनौती दे दी है कि खाली करवा कर दिखाओ। शासकीय आवास खाली करने में आईएफएस अफसरों के असहाय रहने के बाद डिंडोरी जिले के बजाग एसडीएम शासकीय आवास से बेदखली का नोटिस दिया है।  हमेशा विवादों की सुर्खियों में रहीं  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ रेंजर पुष्पा सिंह अक्सर विवादों की सुर्खियों में रही हैं। डिंडोरी वन मंडल के  करंजिया रेंज में पदस्ती के दौरान आर्थिक गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। कारंजा रेंज में उन पर आरोप था कि उन्होंने वन सुरक्षा समिति खारीडीह में रोड निर्माण हेतु आठ लाख अड्टालीस हजार की सड़क मात्रा डेढ़ लाख में बनाया गया जिसमे डिप्टी रेंजर को सस्पेंड किया गया। जबकि किंतु पुष्पा सिंह पर विभागीय जांच वर्तमान में चल रही है। रोचक तथ्य है कि वह एक भी पेशी में आज तक उपस्थित नहीं हुई। इसके पहले वह जब वह शहडोल में पदस्थ थीं तब  इनका रेत माफियों से लेन-देन संबंधित एक ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस मामले में उन्हें निलंबित भी किया गया था।  करंजिया रेंज में वापसी का प्रयास   सूत्रों का कहना है कि रेंजर पुष्पा सिंह अपने राजनीतिक रसूक का इस्तेमाल करते हुए बांधवगढ़ से डिंडोरी वन मंडल के करंजिया रेंज में वापसी का प्रयास कर रही है। इसी कारण उन्होंने शासकीय आवास खाली नहीं किया है। बताया जाता है कि मंत्रालय में पदस्थ अफसर भी उनकी मदद कर रहे हैं।

फ्री स्कीम से राज्य के ‘कपड़े’ उतारना ठीक नहीं : कैलाश विजयवर्गीय

It is not right to take off the 'clothes' of the state through free scheme: Kailash Vijayvargiya

It is not right to take off the ‘clothes’ of the state through free scheme: Kailash Vijayvargiya भोपाल ! कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभिन्न राज्यों में चलाई जा रही मुफ्त की योजनाओं पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कुछ निर्णय होते हैं, जो लोकहित में नहीं होते, बावजूद इसके सिर्फ लोकप्रियता प्राप्त करने और चुनाव जीतने के लिए ले लिए जाते हैं। फिर भुगतना जनता को पड़ता है। यह ठीक नहीं है। सिर्फ कुर्सी प्राप्त करने के लिए इस प्रकार से किसी राज्य के ‘कपड़े’ उतार दें, यह नहीं होना चाहिए। विजयवर्गीय के इस बयान को पूर्व की शिवराज सरकार के समय शुरू हुई लाड़ली बहना योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विजयवर्गीय ने किसी योजना का नाम नहीं लिया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना शुरू की थी। इसकी वजह से प्रदेश पर प्रतिमाह करीब 2600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। विजवयर्गीय ने कहा कि मुफ्त की योजनाओं पर सवाल खड़े करना चाहिए। सरकार को सचेत करना चाहिए कि आप ऐसी घोषणाएं नहीं कर सकते, क्योंकि इनमें हमारा पैसा लगा है। यह समाज और देश के लिए चिंता की बात है।

खुली पहली ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’, अब आमजन आसानी से कर सकेंगे शिकायत

First 'Incharge Minister's Window' opened, now common people will be able to complain easily

First ‘Incharge Minister’s Window’ opened, now common people will be able to complain easily रतलाम ! प्रदेश में जनता की समस्या सुनने और उसका समाधान करने के लिए सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई जैसी योजनाएं चल रही थी. वहीं अब ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’ भी इसी प्रकार की समस्याओं को हल करने के लिए खोली जा रही है. प्रदेश के रतलाम में सबसे पहले प्रभारी मंत्री की खिड़की खुली है. रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने बताया कि जिले के प्रभारी मंत्री विजय शाह ने निर्देश दिए थे कि जिले में एक ऐसी जन शिकायत, जन समस्या निवारण संबंधी खिड़की होनी चाहिए, जिसमें आम लोगों की शिकायतों का समाधान हो सके. इसी को देखते हुए ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’ नाम से जन शिकायत के समाधान के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है. यह समस्या निवारण केंद्र प्रतिदिन सुबह 11:00 से शाम 5:00 बजे तक चालू रहेगा. कलेक्टर राजेश बाथम के मुताबिक, प्रभारी मंत्री की खिड़की नाम से जो शिकायत निवारण केंद्र शुरू किया गया है, उसमें सभी विभागों से जुड़ी समस्या या शिकायत आम लोग कर सकते हैं. कलेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है. इसमें शिकायतें भी आना शुरू हो गई है. जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर कार्यालय में प्रतिदिन लोगों के आवेदन को स्कैन कर प्रभारी मंत्री को ईमेल किया जाएगा. वहीं संबंधित विभाग को भी कार्रवाई के लिए आवेदन की प्रति भेजी जाएगी. प्रभारी मंत्री की खिड़की खुलने के बाद आवेदन आने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. शुक्रवार दोपहर तक पांच आवेदन इस विंडो पर आ चुके हैं. इस तरह की और भी कई योजनाएंजन समस्या का निवारण करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं चला रखी है. इसके तहत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई प्रमुख रूप से शामिल है. इसके अलावा आमतौर पर प्रतिदिन ही प्रशासनिक और पुलिस विभाग के कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आम लोगों की समस्याओं का निवारण किया जाता है.

जबलपुर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतवाली में ” राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन “

"Organization of National Nutrition Month" at Community Health Center Kotwali

“Organization of National Nutrition Month” at Community Health Center Kotwali जितेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्रमांक-04 सेक्टर-02 छेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतवाली में उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक माननीय अभिलाष पांडे जी द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में “राष्ट्रीय पोषण माह” के उपलक्ष्य में परियोजना अधिकारी श्री रीतेश दुबे जी के मार्गदर्शन में पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में स्थानीय खाद्य पदार्थ, मौसमी फल,सब्जी, टेक होम राशन, मोटे अनाज, दूध तथा दूध से निर्मित पदार्थ आदि से पौष्टिक व्यंजनों को तैयार कर प्रदर्शित किया गया। पोषण प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य-स्थानीय जनसमुदाय को पौस्टिक आहार,पोषण तथा स्वास्थ्य के संबंध में जागरूक करना था।कार्यक्रम में पोषण आहार के प्रति जन जागरूकता हेतु पोषण शपथ,रैली,मानव श्रंखला का निर्माण, पोषण वाटिका की स्थापना, पोषण युक्त खाद्य तथा मोटे अनाज से रंगोली निर्माण,स्तनपान की महत्ता पर धात्री मात्राओं के लिए सत्र आदि कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया । कार्यक्रम में माननीय विधायक श्री अभिलाष पांडेय जी,हनुमानताल वार्ड की पार्षद श्रीमती कविता रैकवार, जवाहर गंज वार्ड पार्षद श्री मति रजनी साहू, कोतवाली स्वास्थ्य केंद्र मेडिकल ऑफिसर श्रीमती साक्षी निगम,महिला बाल विकास पर्यवेक्षक श्रीमती आरती पांडेय, श्री मति खुशबू ठाकुर ,श्रीमती सविता अग्रवाल, श्रीमती पूजा चौरसिया एवं सेक्टर-02 की समस्त कार्यकर्ता ,सहायिका एवं स्थानीय जन समुदाय की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मध्य प्रदेश: सोयाबीन पॉलिटिक्स के बीच में पिस्ता किसान , किसानों की आप बीती

Madhya Pradesh: Pistachio farmers in the midst of soybean politics, AAP of farmers

Madhya Pradesh: Pistachio farmers in the midst of soybean politics, AAP of farmers MP Soyabean MSP Rate: मध्य प्रदेश में सोयाबीन को किसानों का सोना कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ सालों से सोयाबीन के दाम नहीं बढ़ने की वजह से यह घाटे की फसल साबित हो रही थी. इस बार सरकार ने समर्थन मूल्य को निर्धारित करते हुए किसानों को बड़ी राहत पहुंचाने का काम किया है. मध्य प्रदेश में किसानों को लेकर लंबे समय से बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासत होती आई है. कांग्रेस का कहना है कि सोयाबीन के दाम को लेकर 6000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य लागू होना चाहिए, जबकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 4892 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर सोयाबीन खरीदने की एमएसपी लागू होने की बात कही है. इस राजनीति के बीच किसानों से सहारा समाचार टीम ने बातचीत की तो उन्होंने अपनी अलग ही कहानी बयां कर दी. किसान जानकी पटेल ने बताया कि सरकार द्वारा 4892 रुपये प्रति क्विंटल का जो भाव तय किया है, वह उचित है. अभी वर्तमान में सोयाबीन की फसल 3500 रुपये से 4000 रुपये प्रति क्विंटलल तक बिक रही थी. उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य उचित है. किसानों को इससे नुकसान नहीं होगा. सोयाबीन 6000 रुपये तक पहुंचाना आवश्यकअन्य किसान ने कहा कि सोयाबीन के दाम वर्तमान में 6000 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए. किसान का कहना है कि साल 2012 से अभी तक सोयाबीन के दाम नहीं बढ़े हैं, जबकि बाजार में सभी वस्तुओं के दाम लगभग दो गुना तक पहुंच गए हैं. ऐसी स्थिति में सोयाबीन के दाम 6000 रुपये होना चाहिए. हालांकि अर्जुन का कहना है कि वह सरकार द्वारा तय किए गए समर्थन मूल्य का भी स्वागत करता है. एक बीघा में आता है 9000 रुपये का खर्चकिसान विजय पटेल का कहना है कि एक बीघा जमीन पर सोयाबीन की फसल लेने में लगभग 9000 रुपये का खर्च आता है, जबकि मौसम साथ दे तो ढाई से तीन क्विंटल सोयाबीन की पैदावार हो जाती है. छोटे किसान को सोयाबीन से काफी उम्मीद रहती है. वर्तमान में कई मंडियों में 3500 रुपये क्विंटल सोयाबीन बिक रही थी, जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा था.

छतरपुर : 14 सितम्बर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन

Chhatarpur: National Lok Adalat organized on 14th September

Chhatarpur: National Lok Adalat organized on 14th September छतरपुर ! 14 सितम्बर 2024 को जिला एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। सभी व्यक्तियों से अनुरोध है कि अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर में या निःशुल्क न. 15100 पर कॉल कर सम्पर्क कर सकते हैं।लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां न्यायालय में लंबित या मुकदमे के रूप में दाखिल नहीं किए गए मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया जाता है। यह सामान्य न्यायालयों से अलग होता है क्योंकि यहां विवादित पक्षों के बीच परस्पर समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाता है। इसीलिए छतरपुरवासियों से अपील की जाती है कि त्वरित एवं सस्ते न्याय के लिए 14 सितंबर को लोक न्यायालय पहुंचकर उसका लाभ उठाएं।

पुरुष मानसिक स्वास्थ्य एनजीओ द्वारा बैतूल में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर सफल कार्यक्रम का आयोजन आयोजित किया, सौपा ज्ञापन ।

Male Mental Health NGO organized a successful program on World Suicide Prevention Day in Betul

Male Mental Health NGO organized a successful program on World Suicide Prevention Day in Betul, submitted a memorandum. हरिप्रसाद गोहे  आमला। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर SIF बैतूल द्वारा बैतूल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुरुषों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का उद्घाटन  डॉ. संदीप गोहे , संस्थापक SIF बैतूल, द्वारा किया गया, जो पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा, “यह जरूरी है कि हम आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर ध्यान दें और पुरुषों को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करें। आत्महत्या के पीछे के मानसिक कारणों को समझना और समय पर सहायता लेना अत्यावश्यक है।” कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बिश्वजीत मण्डल की व्यक्तिगत कहानी रही, जिन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 12 साल के वैवाहिक जीवन के बाद उनकी पत्नी ने उन्हें और उनके बच्चे को छोड़ दिया, जिससे वे गहरे अवसाद में चले गए और आत्महत्या का प्रयास किया। उनके मकान मालिक की सतर्कता से उनकी जान बची, और बाद में SIF बैतूल से जुड़कर उन्हें मानसिक सहायता मिली। उन्होंने कहा, “एनजीओ से जुड़ने के बाद मुझे मानसिक रूप से बहुत सहारा मिला, और अब मैं अपने जीवन को बेहतर तरीके से जी पा रहा हूँ।” इसके अलावा, SIF बैतूल द्वारा पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने और सरकारी कदम उठाने के लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया: 1. मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना : पुरुषों के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना का अनुरोध किया गया है, ताकि वे अपनी समस्याओं का समाधान गोपनीय और सुरक्षित रूप से प्राप्त कर सकें।   2. मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान : पुरुषों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए सरकार से अनुरोध किया गया कि वे व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।   3. झूठे आरोपों के मामलों का त्वरित निपटारा : झूठे मामलों में फंसे पुरुषों के लिए एक विशेष आयोग या त्वरित न्यायिक प्रणाली की स्थापना की मांग की गई है।   4. मानसिक स्वास्थ्य योजनाओं का विस्तार : पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष सरकारी योजनाओं का विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।   कार्यक्रम के अन्य आकर्षणों में शामिल थे:   विशेषज्ञ व्याख्यान : मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आत्महत्या के कारणों और बचाव के तरीकों पर गहन चर्चा की।   व्यक्तिगत अनुभवों का आदान-प्रदान : कई प्रतिभागियों ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, जिनसे आत्महत्या और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।   कार्यशालाएं और समूह चर्चाएं : इन सत्रों में मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-संरक्षण के उपायों पर चर्चा की गई, जिनमें तनाव प्रबंधन, परिवार और समाज का सहयोग जैसे विषयों को कवर किया गया। पुलिस ग्राउंड में हुए इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सभी ने इस प्रयास की सराहना की और इस बात पर सहमति जताई कि पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है।   सौपा ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान, SIF बैतूल द्वारा पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने और सरकार से आवश्यक कदम उठाने के लिए एक ज्ञापन बैतूल जिला कलेक्टर और बैतूल SP को सौंपा गया। इस ज्ञापन में मुख्यतः निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया: 1. मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना : पुरुषों के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की मांग की गई है, जहां वे गोपनीय और सुरक्षित रूप से मानसिक समस्याओं का समाधान पा सकें।   2. मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान : सरकारी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया गया, ताकि समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके।   3. झूठे आरोपों के मामलों का त्वरित निपटारा : झूठे आरोपों में फंसे पुरुषों के लिए एक विशेष आयोग या त्वरित न्याय प्रणाली की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया गया है।  4. मानसिक स्वास्थ्य योजनाओं का विस्तार : पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष योजनाओं का विस्तार और परामर्श सेवाओं की उपलब्धता पर जोर दिया गया। डॉ. संदीप गोहे ने कार्यक्रम के समापन पर कहा, हमारा उद्देश्य है कि समाज में कोई भी व्यक्ति अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अकेला महसूस न करे। आज का यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और समाज में हर व्यक्ति को इस पर सतर्क रहना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की त्रासदी को रोका जा सके।

पांच वर्षो से निवासरत पंचवटी कालोनी के रहवासियों को कलेक्टर के आदेश के बाद भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार ?

who have been living for five years, are still waiting for basic facilities despite the Collector's order?

Residents of Panchvati Colony, who have been living for five years, are still waiting for basic facilities despite the Collector’s order? हरिप्रसाद गोहेआमला। अपनी लंबित मूलभूत सुविधा दिलाए जाने की मांगों के निराकरण नहीं होने से न खुश पंचवटी रेसीडेंसी के वासिंदे आज मंगलवार जनसुनवाई में कार्यालय जनपद पंचायत आमला पहुंचे थे। वार्ड 03 के रहवासियों ने उनके द्वारा पूर्व में जिला कलेक्टर सहित अन्य चार अधिकारियों को प्रेषित शिकायतो का निराकरण नहीं होने एवं लंबित मूलभूत पांच सूत्रीय मांगो की शिकायत आमला जनसुनवाई में कर कालोनी में व्याप्त समस्या निराकरण करने मांग की है । प्राप्त शिकायत पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला शैलेंद्र बड़ोनिया ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी को निर्देश देकर कलेक्टर के आदेश अनुसार कार्यवाही करने की बात कहीं वहीं मुख्य नगर पालिका अधिकारी आमला ने कार्यवाही प्रचलन में होने का हवाला देकर एक सप्ताह में कार्यवाही करने का वार्ड वासियों को आश्वासन दिया ।क्या है कालोनी में व्याप्त समस्या पंचवटी रेसिडेंसी में निवासरत कोई दो दर्जन से अधिक वासिंदो ने जनसुनवाई के बाद कार्यालय नगर पालिका आमला पहुंच मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कालोनी में व्याप्त समस्या से अवगत कराया एवं बताया संपूर्ण पंचवटी कालोनी में स्थाई बिजली कनेक्शन प्रदान नहीं किया गया है । वर्तमान में टेंपरेरी मीटर से प्रति आवेदक को भुगतान करना पड़ रहा है । पीने योग्य साफ पानी की व्यवथा नहीं की गई है । कालोनी में आवागमन हेतु उचित सड़क व्यवस्था नहीं की गई है। कालोनी में बाउंड्रीवॉल नहीं होने से हमेशा जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है । आवासीय परिसर में पार्क बनाकर नहीं दिया गया है जिस कारण बच्चों को खेलने में अत्यधिक परेशानी होती है। इन्होंने क्या कहाश्रीमान कलेक्टर महोदय के आदेश अनुसार कार्यवाही करने मुख्य नगर पालिका अधिकारी आमला को निर्देश दिए गए है ।शेलेंद्र बडोनिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला ।

क्षिप्रा नदी को निर्मल एवं प्रवाहमान बनाये रखने सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के लिए 614 करोड़ 53 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

Administrative approval of Rs 614 crore 53 lakh for the Sewarkhedi-Silarkhedi project to keep the Kshipra river clean and flowing.

Administrative approval of Rs 614 crore 53 lakh for the Sewarkhedi-Silarkhedi project to keep the Kshipra river clean and flowing. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा 614 करोड़ 53 लाख रुपये से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का निर्माण कराये जाने का निर्णय लिया गया। निर्णय अनुसार सिलारखेड़ी जलाशय की ऊँचाई बढ़ायी जाकर जलाशय की जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि की जायेगी। परियोजना में संग्रहित जल से क्षिप्रा नदी को निर्मल प्रवाहमान बनाये रखने तथा चितावद वृहद परियोजना में जल को संग्रहित किया जाकर लगभग 65 ग्रामों की 18 हजार 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। डोकरीखेड़ा जलाशय के शेष कमाण्ड एरिया को पिपरिया शाखा नहर से जल उदवहन कर दाबयुक्तसूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचित करने पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम जिले की डोकरीखेड़ा जलाशय के शेष कमाण्ड एरिया को पिपरिया शाखा नहर से जल उदवहन कर सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के लिए 49 करोड़ 94 लाख रुपये, सैंच्य क्षेत्र 2940 हेक्टेयर की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। पिपरिया शाखा नहर की लाईनिंग के पश्चात शेष जल के उपयोग करने के लिए परियोजना का सैंच्य क्षेत्र 2000 हेक्टेयर से बढ़ाकर कुल 12 ग्रामों की 2940 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। ग्राम जामोदी के किसानों को प्राप्त मुआवजा राशि के अंतर की राशि 30 करोड़ 52 लाख कास्पेशल पैकेज प्रदान किये जाने स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारतमाला परियोजना अंतर्गत तहसील पीथमपुर, जिला धार में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना अंतर्गत प्रभावित ग्राम जामोदी की भूमि की कलेक्टर गाईडलाईन कम होने के कारण ग्राम जामोदी के किसानों को प्राप्त मुआवजा राशि के अंतर की राशि का स्पेशल पैकेज प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गईं। स्वीकृति अनुसार ग्राम जामोदी के समस्त 85 भू-धारक के लिए अन्य ग्रामों की भूमि की तुलना में भूमि की कलेक्टर गाईडलाईन कम होने के कारण अंतर की राशि 24 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से 63.581 हेक्टेयर भूमि दोगुना मुआवजा प्रदान किये जाने के लिए राशि रुपये 30 करोड़ 52 लाख का स्पेशल पैकेज प्रदान किया जायेगा एवं 15 करोड 26 लाख (रु 30 करोड 52 लाख का 50 प्रतिशत) का भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। यदि भविष्य में स्पेशल पैकेज के अतिरिक्त ब्याज आदि किसी अन्य मद में किसी भी प्रकार का कोई अतिरिक्त वित्तीय भार आता है, उसका वहन एमपीआईडीसी लि. एवं एनएचएलएमएल द्वारा समान रूप से किया जायेगा। संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा निर्मित करने एवं नवीन पदों के सृजन का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कुल 36 पदों को समर्पित करने, कुल 18 नवीन पद (संचालक का 01 पद, वरिष्ठ संयुक्त संचालक के 03 पद, उप संचालक के 08 तथा सहायक संचालक के 06 पद) सृजित करने तथा संचालनालय चिकित्सा शिक्षा व संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें कार्यालयों के कुल 636 पदों का संविलियन करते हुए ‘संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा’ निर्मित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में जिला चिकित्सालय को हस्तांतरित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय सागर में पी.जी. एवं यू.जी. सीट वृद्धि के लिए जिला चिकित्सालय एवं चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के विलय के लिए स्वीकृति प्रदान की गयी। चिकित्सकीय संवर्ग के लिए पात्रता एवं उपलब्ध रिक्तियां अनुसार चिकित्सा महाविद्यालय में समायोजित किए जाने के लिए एवं जो चिकित्सक समायोजित नहीं हो पाते हैं उन्हें विभाग के अन्यत्र संस्थानों में स्थानांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी। गैर चिकित्सकीय संवर्ग के लिए सम्बंधित चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय एवं संबद्ध अस्पताल में उपलब्ध समेकित पद पर समायोजन किए जाने एवं उक्त की अनुपलब्धता होने पर उन्हें विभाग के अन्यत्र संस्थानों में स्थानांतरित किये जाने को स्वीकृति प्रदान की गयी।

पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यानाकर्षण कराने एस आई एफ ने सौपा ज्ञापन।

SIF submitted a memorandum to draw attention to the mental health problems of men.

SIF submitted a memorandum to draw attention to the mental health problems of men. हरिप्रसाद गोहे  आमला। एस आई एफ बैतूल संस्था ने पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर ध्यानाकर्षण कराने एस आई एफ बैतूल संस्था के डाक्टर संदीप गोहे के नेतृत्व में ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को सौप विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग की। सोपे ज्ञापन के मध्यम से बताया हमारी संस्था  ,SIF बैतूल, कई वर्षों से पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य कर रही है। वर्तमान में पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आ रहे हैं, जिन पर त्वरित ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।  वर्तमान समस्याएं: मानसिक स्वास्थ्य पर सामाजिक दबाव:  पुरुषों पर सामाजिक और पारिवारिक अपेक्षाओं का अत्यधिक दबाव है, जिसके कारण वे अपनी भावनाओं और मानसिक समस्याओं को व्यक्त नहीं कर पाते। इससे अवसाद और आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पुरुषों के लिए विशेष रूप से केंद्रित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। इससे प्रभावित लोग उचित समय पर सहायता नहीं प्राप्त कर पाते, जिससे समस्याएं और बढ़ जाती हैं। झूठे आरोपों के मामलों में मानसिक दबाव: झूठे आरोपों जैसे घरेलू हिंसा, दहेज, और यौन उत्पीड़न के मामलों में फंसे पुरुषों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप, कई पुरुष गंभीर मानसिक अवसाद में चले जाते हैं, और कई बार आत्महत्या जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो जाती हैं।  सरकार से अपेक्षित सहयोग:  विशेष मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना: हम निवेदन करते हैं कि सरकार पुरुषों के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना करे, जहां वे अपनी समस्याओं का निवारण गोपनीय रूप से कर सकें। इन केंद्रों में योग्य मनोचिकित्सकों और परामर्शदाताओं की तैनाती की जाए।  मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान:  पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकारी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। टीवी, रेडियो, और सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को शिक्षित किया जाए कि पुरुषों को भी मानसिक समस्याओं के लिए सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।   झूठे मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष आयोग:  सरकार से अनुरोध है कि झूठे मामलों में फंसे पुरुषों के लिए विशेष आयोग या त्वरित न्याय प्रणाली का गठन किया जाए, ताकि मानसिक दबाव को कम किया जा सके और उन्हें जल्द न्याय मिल सके।  मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकारी योजनाएं: सरकार को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं का विस्तार करना चाहिए, जिसमें विशेष रूप से पुरुषों के लिए परामर्श और सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मान्यवर, हम आशा करते हैं किआप इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे और पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। समाज में इस मुद्दे पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक सकारात्मक और सहयोगी वातावरण तैयार किया जा सके  ।

विश्व आत्महत्या दिवस पर होंगा महा जागरूकता अभियान का आयोजन।

A mega awareness campaign will be organized on World Suicide Day.

A mega awareness campaign will be organized on World Suicide Day. हरिप्रसाद गोहेबैतूल/आमला। आत्महत्या रोकथाम के लिए एसआईएफ बैतूल के बैनरतले 10 सितंबर 2024 को विश्व आत्महत्या रोकथाम जागरूकता अभियान का आयोजन बैतूल पुलिस ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है । प्राप्त जानकारी अनुसार विश्व आत्महत्या दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम पुलिस ग्राउंड में दोपहर 1 बजे से शुरू होगा। इस इवेंट में मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सलाह भी दी जाएगी, और जागरूकता अभियान के तहत मानसिक समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। डॉ. संदीप गोहें ने बताया मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि आत्महत्या की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। एसआईएफ बैतूल पिछले 5 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही है। उन्होंने मीडिया से इस कार्यक्रम में उपस्थित रहने की अपील की है ।

छतरपुर में वन-राजस्व सीमा विवाद की आड़ में हो रही है वन भूमि पर खेती-बाड़ी

Farming is being done on forest land in Chhatarpur under the cover of forest revenue border dispute.

Farming is being done on forest land in Chhatarpur under the cover of forest revenue border dispute. छतरपुर। छतरपुर वन मंडल में वन-राजस्व सीमा विवाद की आड़ में वन भूमि पर खेती-बाड़ी का कारोबार बढ़ रहा है। गंभीरजनक यह है कि खेती करने की जानकारी फील्ड के कर्मचारियों ने डीएफओ और सीएफ को दी पर वे कार्रवाई करने की बजाय उन्हें तब तक खेती वन व्यवस्थापन की कार्यवाही पूर्ण नहीं हो जाती है।छतरपुर वनमंडल के गहरवार वनखंड स्थित ग्राम पिपौराखुर्द के शिम्भु रजक, ब्रजलाल रजक, घनश्याम रजक और रामबाई वन भूमि की 1. 70 हेक्टेयर में खेती कर रहें है। इस मामले में एसडीओ राजस्व को पत्र क्रमांक / मा.चि./2023/2743 दिनांक 1सितम्बर 2023 के तारतम्य में सीएफ छतरपुर कार्यालय ने लेख किया है कि भूमि खसरा नं0 740, 741, 757, 758 एवं 759 एकत्र रकबा 2 हेक्टेयर ग्राम पिपौराखुर्द वनखण्ड गहरवार के अंदर स्थित है। वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा वन व्यवस्थापन की प्रक्रिया के दौरान कुछ खसरों को निजी भूमि माना जाकर वन सीमा से बाहर करने के आदेश प्रसारित किये गये है। जब तक वन व्यवस्थापन अधिकारी अथवा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा कार्यवाही पूर्ण नहीं की जाती तब तक तत्कालीन वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार शिम्भु रजक, बृजलाल रजक, घनश्याम रजक और रामबाई रजक की भूमि भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-4 (1) के अंतर्गत संरक्षित वन में शामिल निजी स्वामित्व की है। अतः तत्कालीन वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में उल्लेखित व्यक्तियों की बाहर की गई भूमियों को वन सीमा से बाहर मानते हुए खसरा नं0 741, 757, 758 एवं 759 कुल रकबा 1.70 हेक्टेयर में वन व्यवस्थापन होने तक कृषि कार्य की अनुमति सीएफ के हस्ताक्षर से जारी आदेश में दी गई है।डीएफओ की भूमिका की संदेहास्पदवन भूमि पर खेती-बाड़ी के कारोबार में डीएफओ की भूमिका भी संदेहास्पद है। छतरपुर सीएफ कार्यालय में प्रस्तुत दस्तावेजों और अभिलेखों के परीक्षणोपरांत पर सीएफ के द्वारा डीएफओ को बार-बार लेख करने के उपरांत भी प्रकरण का निराकरण नहीं किया जा रहा है। यही नहीं, डीएफओ कार्यालय द्वारा चाहे गये मानचित्र एवं 1974 में निर्वनीकृत वन भूमि के मानचित्र प्रदाय न किये जाने की स्थिति में सीएफ छतरपुर ने आवेदकों 1.70 हे. में कृषि कार्य की अनुमति प्रदान कर दी है । जारी आदेश में यह कहा गया है कि यह अनुमति वन व्यवस्थापन की कार्यवाही पूर्ण होने तक प्रभावी होगी।अदालत के फैसले के भरोसे हैं अफसरवन विभाग की छतरपुर रेंज कार्यालय के पास हो हमा बीट के कक्ष क्रमांक पी-619 वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र है। इसी जंगल से सागर-कानपुर हाईवे निकला है। यहां वन विभाग विभाग की करीब 20 एकड़ जमीन पर इम्तियाज अली द्वारा अतिक्रमण किया गया है। इस अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने जुलाई 2023 में पीओआर क्रमांक 526 दर्ज किया गया है। साथ ही वन विभाग भोपाल के द्वारा की गई जांच में भी अतिक्रमण पाया गया था। सीसीएफ उड़नदस्ता भी जांच कर चुका है, लेकिन वन विभाग के अधिकारी अतिक्रमण नहीं हटा रहे हैं। वन विभाग ने अतिक्रमणकारी इम्तियाज अली के खिलाफ अदालत में चालान प्रस्तुत कर दिया है और अब हुए इंतजार कर रहे हैं की अदालत फैसला करेगा कि काबिज भूमि वन भूमि है अथवा नहीं। चर्चा है कि पूर्व में छतरपुर में डीएफओ रहे आईएफएस अधिकारी से इम्तियाज अली से अच्छे संबंध रहे हैं और उन्हीं के कार्यकाल में उसने वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहा था।

पीसीसीएफ वन्य प्राणी के लिए ‘रॉबिंसन 44’ हेलीकॉप्टर की दरकार वन विहार संचालक ने निविदा बुलाई

Van Vihar operator called for tender for 'Robinson 44' helicopter for PCCF wildlife.

Van Vihar operator called for tender for ‘Robinson 44’ helicopter for PCCF wildlife. भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान संचालक ने पीसीसीएफ वन्य प्राणी के लिए हेलीकॉप्टर ‘रॉबिंसन 44’ को किराये पर लेने के लिए एक निविदा आमंत्रित की है। निविदा में कहा गया है कि यह हेलीकॉप्टर सितंबर 24 से मार्च 25 तक उपयोग किया जाना है। यह निविदा दूसरी बार निकल गई है।वन विभाग में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पीसीसीएफ वन्य प्राणी के नाम से हेलीकॉप्टर किराए पर लेने की निविदा आमंत्रित की गई है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि शाजापुर में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे 400 ब्लैक बक यानी कृष्णमृग एवं 100 नीलगायों को हेलिकाप्टर से अन्यत्र शिफ्ट करने की योजना है। उसके लिए टेंडर आमंत्रित किया है। इसके लिए दक्षिण अफ्रीका के एक्सपर्ट टीम मध्य प्रदेश आएगी। शाजापुर जिले में काले हिरण और नीलगाय की संख्या बढ़ती जा रही है। शुजालपुर रेंज में इनकी संख्या ज्यादा है। खेतों में उछलकूद करने के कारण किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा हैं। इस समस्या के निदान के लिए वन विभाग द्वारा पिछले साल भी इन जानवरों की शिफ्टिंग की योजना बनाई गई थी, इसके तहत यहां से काले हिरण और नीलगाय को पकड़कर गांधीसागर अभयारण्य में नामीबिया से चीते लाए जा रहे। इसके लिए साउथ अफ्रीका की टीम द्वारा बोमा तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वन विभाग की टीम के द्वारा अभी सर्वे कर पता लगाया जा रहा है कि कहां पर हिरण और नीलगाय की संख्या ज्यादा है

गुरुनानक स्कूल में शिक्षक दिवस मनाया गया ,राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त शिक्षक एस, एस पंडाग्रे ने शिक्षको का किया सम्मान ।

Teacher's Day was celebrated in Guru Nanak School

Teacher’s Day was celebrated in Guru Nanak School, President Award winning teachers S, S Pandagre honored the teachers. हरिप्रसाद गोहेआमला । शिक्षक दिवस के मौके पर गुरुनानक प्राथ. माध्य. एवं उच्च. माध्य. विधा, बोडखी आमला में शिक्षण समिति के सचिव महोदय राष्ट्रपति पूरुस्कार प्राप्त शिक्षक एस एस पंडागरे की अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर छात्र छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने सर्व पल्ली डॉ. राधाकृष्णण के जीवन पर प्रकाश डाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए स्कूल के प्राचार्य एम नाईक ने छात्रों को राधाकृष्णण जी के जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों की जानकारी दी वहीं साहू सर ने श्री पंडागरे को राष्ट्रपति पुरुस्कार मिला उसका महत्व बताया। स्कूल के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को श्री पंडागरे द्वारा समिति की ओर से श्रीफल एवं टावेल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन जेकब सर ने किया। कार्यक्रम को अल्प समय में तैयार करने में समस्त शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग रहा। अंत में प्राथमिक एवं माध्यमिक छात्र छात्राओं को मध्यान्ह भोजन भी कराया गया। पी धोटे ने आभार व्यक्त किया।

CM मोहन ने खजुराहो में शहीद प्रदीप पटेल को दी श्रद्धांजलि

CM Mohan paid tribute to martyr Pradeep Patel in Khajuraho

CM Mohan paid tribute to martyr Pradeep Patel in Khajuraho खजुराहो। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खजुराहो पहुंच कर शहीद सैनिक प्रदीप पटेल के श्रद्धांजली कार्यक्रम में शामिल हुए और पुष्पचक्र अर्पित कर जवान को सलामी दी। सिक्किम पाक्योंग में सेना के वाहन की दुर्घटना में कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र हरदुआकला निवास प्रदीप पटेल शहीद हुए है। उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव अंतिम संस्कार के लिए जा रहा है। शाहिद को गॉड आफ ऑनर एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने के लिए सीएम पहुंचे। सिक्किम के पाक्योंग में हुए सड़क हादसे में शहीद चार जवानों में एक जवान कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के हरदुआ कला गांव का रहने वाला था। प्रदीप पटेल भारतीय सेना में ड्राइवर के पद पर पदस्थ थे। आज (शनिवार) शहीद को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव अंतिम विदाई दी जाएगी। बता दें कि शहीद की पार्थिव देह को विशेष विमान से खजुराहो लाया गया। सड़क मार्ग से सेना के वाहन में कटनी के हरदुआ कला गांव ले जाया गया। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने खजुराहो एयरपोर्ट पर शहीद प्रदीप पटेल को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने शहीद के परिवार को 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है।

प्रदेश की सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने चलेगा विशेष अभियान: मंत्री श्री सिंह

Special campaign will be launched to make the roads of the state pothole-free: Minister Shri Singh

पेंचवर्क अभियान की सफलता जाँचने अधीक्षण यंत्री और संभागीय प्रबंधकों की टीम करेगी औचक निरीक्षणपेंच-वर्क कार्य की वास्तविकता का किया जायेगा आकलन Special campaign will be launched to make the roads of the state pothole-free: Minister Shri Singh भोपाल ! मध्यप्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में, विभाग द्वारा 7 से 22 अगस्त तक एक वृहद् पेंचवर्क अभियान चलाया गया जिसके अंतर्गत सभी विभागीय इंजीनियरों को जिम्मेदारी सौंपी गई और प्रदेशभर में लोक निर्माण विभाग की सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया गया एवं मरम्मत कार्य शीघ्रता से पूरा कराया गया। अभियान के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मरम्मत कार्य की गई सड़कों का आवंटन किया गया और निरीक्षण के उपरांत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। खास बात यह रही कि मरम्मत के बाद किसी संभाग की सड़कों का निरीक्षण कराने के लिए दूसरे संभाग के अधिकारियों को भेजा गया। यह पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किया गया ताकि मरम्मत कार्यों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके। निरीक्षण उपरांत विभाग के कार्यपालन यंत्रियों ने उनसे संबंधित सड़कों को गड्ढा-मुक्त किये जाने प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए। अब इस कार्य की सफलता की जांच के लिए 9 से 15 सितंबर के बीच एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग श्री के.सी. गुप्ता ने आदेश जारी किये है। इस अभियान के अंतर्गत अधीक्षण यंत्री और संभागीय प्रबंधकों की टीम विभिन्न मण्डलों में जाकर पेंचवर्क कार्य का औचक निरीक्षण करेगी और सड़कों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करेगी एवं दिये गये प्रमाण-पत्रों की सत्यता की जांच की जाएगी और 18 सितंबर तक प्रतिवेदन शासन को सौंपा जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और प्रदेश की सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाना है, जिससे आम जनता को सुगम यातायात की सुविधा प्राप्त हो सके। लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों की हो विशेष मॉनिटरिंग लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों की विशेष मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर शिकायत का निपटारा त्वरित और प्रभावी तरीके से हो, ताकि आमजन की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके। लोकपथ ऐप पर अब तक 2762 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमे से 2699 शिकायतों का निराकरण किया गया है एवं शेष शिकायतों का निराकरण प्रचलन में है । मंत्री श्री सिंह ने कहा कि लोकपथ ऐप का उद्देश्य नागरिकों को एक सरल और प्रभावी प्लेटफॉर्म प्रदान करना है, जिसके माध्यम से वे सड़कों से संबंधित समस्याओं की शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। ऐसे में, शिकायतों का समय पर निपटारा करना हमारी प्राथमिकता है। मंत्री श्री सिंह ने सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले डामर की गुणवत्ता पर विशेषध्यान देने के भी निर्देश दिये। उन्होंने डामर सप्लाई देयकों का शतप्रतिशत सत्यापन कराया जाने के भी निर्देश दिये।

जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था का हो सरलीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The system of making caste certificate should be simplified: Chief Minister Dr. Yadav

पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालिका छात्रावासों में आंरभ होगा मैस का संचालन और बनेंगी बाउण्ड्रीवॉलछात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की शाला में नियमित उपस्थिति का हो परीक्षणमुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा The system of making caste certificate should be simplified: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था का सरलीकरण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था को भी जन-सुलभ बनाया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों में परस्पर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालिका छात्रावासों में मैस का संचालन आरंभ करने तथा बालिका छात्रावासों की सुरक्षा के लिए बाउण्ड्रीवॉल बनाने के निर्देश दिए। इन छात्रावासों में सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे। उन्होंने वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान के लिए वर्तमान बजट प्रावधान के अतिरिक्त 560 करोड़ रूपए बजट के साथ ही छात्रवृत्ति के लिए पृथक पोर्टल को भी स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। बैठक में विभाग की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप उद्यमिता और व्यवसायों का दिया जाए प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है, उनकी शाला में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के अंतर्गत लाभान्वित हुए विद्यार्थियों के प्रदेश को योगदान का भी आंकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजना के अंतर्गत संबंधित देश की भाषा में दक्षता के लिए प्रदेश के चयनित संभागों में आवश्यक व्यवस्था कर सघन प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही सरदार पटेल रोजगार प्रशिक्षण योजना और पिछड़ा वर्ग के परम्परागत व्यवसायों पर आधारित उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना में बाजार की मांग के अनुरूप व्यवसायों और उत्पादों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्प-संख्यक उद्यम एवं स्व-रोजगार योजना के अंतर्गत गतिविधियों को विस्तार देने की आवश्यकता बताई। कंजर, सांसी, पारधी समुदायों के संबंध में पुलिस अधिकारियों की काउंसलिंग की जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि कंजर, सांसी, पारधी तथा अन्य समुदायों के युवाओं और अगली पीढ़ी को शिक्षा, उद्यमिता और विकास से जोड़ने के लिए शासकीय प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं को भी पहल करने के लिए प्रेरित किया जाए। पुलिस, होमगार्ड तथा सुरक्षा संबंधी सेवाओं में चयन के लिए इन समुदायों के युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंजर, सांसी, पारधी समुदायों के लिए औपनिवेशिक प्रभाव के परिणामस्वरूप उपयोग में लाए जाने वाले संबोधनों को त्यागने के लिए पुलिस अधिकारियों व मीडिया की काउंसलिंग की जाएं। विमुक्त, घुमन्तु अर्द्ध घुमन्तु जातियों को सांस्कृतिक और समुदाय की गतिविधियों के लिए सामुदायिक भवनों के निर्माण की स्वीकृति भी दी गई। बैठक में बताया गया कि विमुक्त घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु जातियों के सर्वे का कार्य भी शुरू किया गया है।

यूरिया खाद खाने से 1 दर्जन मवेशियों की मौत, 100 से ज्यादा गंभीर ; पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

Animal Husbandry Minister Lakhan Patel gave instructions for strict action

One dozen cattle died due to consumption of urea fertilizer, more than 100 serious; Animal Husbandry Minister Lakhan Patel gave instructions for strict action दमोह ! तेंदूखेड़ा थाना इलाके में यूरिया खाद से भरा ट्रक पलटने के बाद उसे खाने से करीब 1 दर्जन मवेशियों की मौत हो गई है। जानकारी लगते ही मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सूबे के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सख्त लहजे में कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर देर रात नरगवा गांव के समीप यूरिया खाद से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया था। ट्रक पलटने से उसमें रखी यूरिया खाद से भरी बोरियां सड़क पर फैल गईं। देखते ही देखते बड़ी संख्या में मवेशी मौके पर पहुंचकर यूरिया खाद खा गए। अब इस मामले में बड़ा अपडेट ये सामने आया है कि यूरिया खाद खाने से करीब 1 दर्जन मवेशियों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक पशु बीमार हो गए हैं। दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईइधर, घटना के बाद मामले पर संक्षान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल का कहना है कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के भविष्य से कर रही खिलवाड़ ? महज एक-एक शिक्षक से चलाए जा रहे 22 हजार विद्यालय

Is Madhya Pradesh government playing with the future of children?

Is Madhya Pradesh government playing with the future of children? 22 thousand schools are being run with just one teacher each. कमलेश ( विशेष संवादाता )भोपाल ! मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह दावे केवल कागजों ही शोभा बढ़ा रहे हैं. मध्य प्रदेश में 1275 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 22 हजार स्कूलों में महज एक-एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है. मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम राईज स्कूल की शुरुआत की है. यह स्कूल सुविधाओं से युक्त है. इन स्कूलों में बच्चों को आने-जाने के लिए नि:शुल्क बस सुविधा भी उपलब्ध की है, लेकिन दूसरी ओर स्थिति यह है कि 46 जिलों के 1275 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि करीब 22 हजार स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और साढ़े तीन हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी बच्चा नहीं है. 79 हजार शिक्षक पद खाली प्रदेश में माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के करीब 79 हजार पद खाली हैं. हालांकि इस साल 9 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी करीब 70 हजार पद खाली रह जाएंगे. जिसका सीध असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर देखें तो शहरों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है तो गांवों में टोटा पड़ा हुआ है. जिसकी वजह से गांवों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. शहरों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हर शिक्षक अपने आपको शहर में पदस्थ करने की जुगाड़ में लगा रहता है. यही कारण है कि शहरों के स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं. इंदौर में 1,337, ग्वालियर में 1,153, भोपाल में 1,115 और जबलपुर में 887 शिक्षक पदस्थ हैं, वहीं सतना, बालाघाट, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, राजगढ़, भिंड, मुरैना और देवास जिलों में भी शिक्षकों की संख्या अत्याधिक है. शौचालय विहिन 20 प्रतिशत स्कूल केन्द्र सरकार के आह्वान व प्रयासों के बाद हर घर शौचालय की जरूरत तो पूरी हो गई है, लेकिन स्कूलों में इस सुविधा का अभाव है. प्रदेश में 20 प्रतिशत स्कूल शौचालयविहिन है. जहां शौचालय है वहां पानी की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में 35.9 प्रतिशत शौचालयों का इस्तेमाल ही नहीं हो पाता. 28.4 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है. इसी राज्य प्रदेश के 5176 स्कूलों में पेयजल के इंतजाम नहीं है. 44 हजार 754 स्कूलों में खेल मैदान का अभाव है.

Teachers Day पर सामने आई नशेड़ी शिक्षक की करतूत, बच्ची की चोटी काटी, अब पुलिस कर रही तलाश

The actions of a drug addict teacher came to light on Teachers Day

The actions of a drug addict teacher came to light on Teachers Day, he chopped off the girl’s braid, now the police is searching. रतलाम ! शिक्षक दिवस के अवसर पर एक शराबी शिक्षक का नशे की हालत में छात्र की चोटी काटने का वीडियो सामने आया है. इस मामले में रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने दोषी शिक्षक को निलंबित करते हुए उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं. रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें नशे की हालत में शिक्षक एक छात्रा के बाल काट रहा था. इस वीडियो के वायरल होने की जानकारी लगने के बाद उनके द्वारा संकुल केंद्र शासकीय हाई स्कूल नायन अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय सेमलखेड़ी 2 के शिक्षक वीर सिंह मेड़ा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टर ने बताया कि वीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है. उनके द्वारा शिक्षक के पद की गरिमा के विपरीत मर्यादाहीन आचरण किया गया, जिसकी वजह से उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय हाई स्कूल गुडभेली नियत किया गया है. इसके अलावा, नशे की हालत में छात्र की चोटी काटने वाले शिक्षक के खिलाफ अपराधिक केस दर्ज करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं. छात्रा रोती रही, नहीं माना शिक्षकजब शिक्षक वीर सिंह मेड़ा छात्रा की चोटी काट रहा था, उस समय छात्रा काफी रो रही थी. वह भयभीत थी और मदद के लिए इधर-उधर देख रही थी. शिक्षक वीर सिंह ने किसी बात की चिंता किए बिना छात्रा के बाल काट दिए.

एसडीओ फारेस्ट के बिगड़े बोल, मैंने अवार्ड दे दिया है…. तुझसे जो बने उखाड़ लेना…..

SDO Forest's harsh words, I have given the award.... do whatever you can to get it done...

SDO Forest’s harsh words, I have given the award…. do whatever you can to get it done… भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला में पदस्थ एसडीओ दिलीप मराठा के बिगड़े बोल के ऑडियो सोशल मिडिया और अफसरों के बीच खूब वायरल हो रहे है। एसडीओ ताला दीपक ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायतकर्ता को फोन कर धमका रहा है कि ‘हलो मैंने अवार्ड दे दिया है, तुझसे जो बने उखाड़ लेना।’  यह वाकिया बुधवार की है। ग्राम पंचायत बनचाचर, जनपद जयसिंहनगर के अजय यादव ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की कि विस्थापन मुआवजे के वितरण में फर्जीवाड़ा की जा रही है। इस शिकायत पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ एसडीओ दिलीप मराठा भड़क गए। एसडीओ दिलीप मराठा ने शिकायतकर्ता अजय यादव को फोन लगाया।  एसडीओ मराठा – हलो, कौन अजय बोल रहे.. यार एकाध दिन ताला आओ न आप… हम एसडीओ फारेस्ट बोल रहें हैं….आपने शिकायत की हैं न… उसी सम्बन्ध में आपसे चर्चा करना चाहते हैं… अजय – जी, सर मैं आ जाऊंगा… नमस्ते सर… एसडीओ – आ जाओ किस दिन आ रहे हो…. अजय – आप कौन हो… सर  एसडीओ – एसडीओ बोल रहा हूं  अजय – तो ऑफिस में मुलाक़ात होगी..सर  एसडीओ – ऑफिस में नहीं जहां कहो वहां भी आ सकता हूं…. अजय – वैसे सर आपसे निवेदन है कि आप यहां आ जाए तो… एसडीओ – तुम्हारा नौकर नहीं हूं… तुमने सीएम हेल्पलाइन बहुत लगा रखी है…आ जा तो तेरे को मैं समझता हूं…तू सोच रहा है कि मैंने कलेक्टर – कमीशनर और दुनिया को रिपोर्ट कर दी तो बड़ा हो गया… अजय – सुनिए सर.. आप इस तरह से बात न करो.. एसडीओ – आ तो मैं तेरे को बताता हूं… हां, मैंने अवार्ड ( विस्थापन मुआवजा) कर दिया है, जो बने उखाड़ लेना। क्या है शिकायत अजय यादव ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है कि ग्राम पंचायत डोभा ग्राम गढ़पुरी जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत विस्थापन हेतु मुआवजे की राशि वितरित की जा रही है। इसमें प्रकाशित सूची क्रमांक 424, 425, और 426 में जो नाम प्रकाशित किए गए हैं, उनमें रामशरण, विजय और  विनीत के नाम हैं। ये तीनों नाम ग्राम पंचायत बनचाचर जनपद पंचायत जयसिंहनगर के निवासी हैं। पीएम आवास आवासीय पट्टा शासन के द्वारा चलाए गए अन्य लाभ ग्राम बनचाचर में प्राप्त कर चुके है। मुआवजे के लालच में अपना नाम ग्राम गढ़पुरी में रामलाल से रामशरण करवा लिए हैं, जिससे मुवावजे की राशि मिल सके। एक ही व्यक्ति के द्वारा नाम बदल-बदल कर शासन के साथ फ्राड कर सभी लाभों को प्राप्त कर रहें हैं। जिसकी शिकायत उप संचालक बांधवगढ़ नेशनल पार्क को 15 मई 24 को की गई है। इस पर आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इनका कहना  ‘मुझे मुख्यालय से ऑडियो भेजा गया है। मैं एसडीओ के अभद्र भाषा को लेकर नोटिस दे रहा हूं। उन्हें पब्लिक से ऐसी भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत के तथ्यों की भी जांच करूंगा।’  प्रकाश वर्मा,  उपसंचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व   एसडीओ का ऑडियो मिला है। मैंने पीसीसीएफ वन्य प्राणी और बांधवगढ़ नेशनल पार्क की डिप्टी डायरेक्टर को भेज दिया है। डिप्टी डायरेक्टर से जांच करने के लिए भी कहा है। समिता राजौरा  एपीसीसीएफ वन्य प्राणी

अपना समय देकर शिक्षक हमारे जीवन को सवारते है ; जनभागीदारी अध्यक्ष मुक्ता ढोलेकर

Teachers save our lives by giving their time (Jan Bhagidari President Mukta Dholekar)

Teachers save our lives by giving their time (Jan Bhagidari President Mukta Dholekar) हरिप्रसाद गोहेआमला । शिक्षक हमारे जीवन का स्तंभ होते है,वह अपना समय देकर हमारे जीवन को सवारते है और आगे बढ़ाते है । उक्त आसय के विचार मुक्ता ढोलेकर जनभागीदारी अध्यक्ष ने आज डाक्टर भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय में शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान गुरुओं के सम्मान में कही । इस मौके पर अध्यक्ष मुक्ता ने सर्व प्रथम तिलक कर गुरुओं का सम्मान किया बाद गुरुओं को साल श्रीफल भेंट कर उन्हे सम्मानित किया । उन्होंने कहा शिक्षक ना सिर्फ हमें शिक्षा देते हैं बल्कि वह हमेशा हमें अच्छा इंसान बनाने की कोशिश करते रहते हैं। उनकी कही बातें ही हमारे जीवन को निखारती हैं । इस दिन देश के पहले उपराष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस होता है जो एक शिक्षक थे। सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के छोटे से गांव तिरुमनी में जन्मे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविधालय के छात्र शिवम कोशल, मोहित ढोलेकर,चंदन कुमार मंडल,नवनीत मालवीय,छात्रा अंजली व समस्त विद्यार्थी उपस्थित थे ।

गुरुनानक वार्ड आंगनबाड़ी केंद्र पर मनाया पोषण दिवस ।

Nutrition Day celebrated at Guru Nanak Ward Anganwadi Centre.

Nutrition Day celebrated at Guru Nanak Ward Anganwadi Centre. हरिप्रसाद गोहेआमला । भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे पोषण माह जागरूक अभियान अंतर्गत आमला नगर के गुरुनानक वार्ड क्र 15 के आगनवाड़ी केंद्र में पोषण माह जागरूक अभियान का आयोजन आयोजित किया गया । इस दौरान महिलाओं को उनके आहार व स्तनपान के बारे में जानकारी दी गई । साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी आवश्यक खानपान और आयरन व फोलिक एसिड की गोलियां खाने की सलाह दी गई । वहीं शिविर में महिलाओं को बताया गया कि बच्चों के पोषण आहार का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए । जन्म के बाद 6 माह तक बच्चों को मां का दूध पिलाएं उसे ऊपरी आहार भी 6 माह बाद दिया जाए। मां का दूध बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी होता है । इस दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म की गई। गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार वितरण के साथ बेहतर पोषण और प्रसवपूर्व जांच की जानकारी दी गई ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सपना रावत व सुनिला घोरसे ने बताया कि सरकार बेहतर पोषण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित करती है। इसके तहत प्रत्येक माह के मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में सात से नौ महीने की गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म कराई जाती है । उन्होंने बताया कि गोदभराई कार्यक्रम मनाने को लेकर विभाग का उद्देश्य महिलाओं में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना है । गर्भावस्था में खान-पान का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। प्रतिदिन हरे साग-सब्जी, मूंग की दाल, सतरंगी फल, सूखे मेवे एवं दूध, का सेवन करें। इस दौरान अतिरिक्त वसा की जरूरत को पूरा करने के लिए चिकनाई पूर्ण खाद्य पदार्थों का सेवन करें।साथ ही जिन महिलाओं में खून की कमी हो,उन गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म से पहले व बादमे 180 आयरन की गोलियां लेनी चाहिए।कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिला एवं बाल विकास आमला की पर्यवेक्षक रोशनी धुर्वे,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सपना रावत,वार्ड 17 की कार्यकर्ता सुनीला घोरसे,सहायिका कला विजयकर, ANM उषा अतुलकर,आशा कार्यकर्ता चंद्रिका बिसोने, सहित वार्ड की अधिकतर महिलाएं एव बालिकाएं उपस्थित रही ।

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन 30 सितम्बर तक

Application on National Scholarship Portal till 30th September

Application on National Scholarship Portal till 30th September भोपाल ! भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय श्रम कल्याण संगठन जबलपुर द्वारा बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों के लिये वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में ‘नेशनल स्कॉलरशिपा पोर्टल’ (एनएसपी) पर प्री-मेट्रिक श्रेणी में शिक्षण के लिये आवेदन तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितम्बर 2024 तक कर दी गई है। पोस्ट मेट्रिक के लिये आवेदन करने की अंतिम 31 अक्टूबर निर्धारित है। शैक्षणिक सत्र वर्ष 2024-25 के लिये शिक्षा वित्तीय सहायता योजना में मध्यप्रदेश राज्य के बीड़ी, चूना पत्थर, डोलोमाईट, लौ-मैंग्नीज-क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कक्षा एक से उच्च शिक्षा गृहण करने पर एक हजार रूपये से 25 हजार रूपये तक छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये पात्र विद्यार्थियों के लिये नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल https://scholarships.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ हो चुकी है, जो कि 30 सितम्बर तक जारी रहेगी। ऑनलाइन आवेदन संबंधी या अन्य किसी प्रकार की जानकारी के लिये जबलपुर मुख्यालय के दूरभाष क्रमांक- 0761-4039-510, 403-9511 एवं 403-9513 और ई-मेल आईडी- wc.jabalpur@rediffmail.com, wcjab.commp.gov.in तथा कल्याण प्रशासक कार्यालय के दूरभाषा क्रमांक- 0731-270-3530 ई-मेल आईडी- waind@mp.gov.in पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित अपने नजदीकी औषधालय एवं केन्द्रीय चिकित्सालय सागर से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। संस्थान द्वारा सत्यापित नहीं किये गये आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

जंगल महकमे में पोस्टिंग में हो रही महिला आईएफएस अफसरों की अनदेखी

Women IFS officers are being ignored for posting in the forest department.

Women IFS officers are being ignored for posting in the forest department. गणेश पाण्डेयभोपाल। जंगल महकमे में पॉवर और मैनेजमेंट के चलते महिला आईएफएस अफसरों की पोस्टिंग में अनदेखी की जा रही है। जबकि कुछ महिला अधिकारी तो विषय-विशेषज्ञ भी है फिर भी मुख्यधारा के हाशिये पर हैं। मसलन, इंदौर सर्किल से रिटायर्ड हुए वन संरक्षक नरेन्द्र सनोडिया के रिक्त पद का प्रभार वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने 54 किलोमीटर दूर स्थित उज्जैन सर्किल के वन संरक्षक मस्तराम बघेल को सौंप दिया। जबकि इंदौर सर्किल में ही बघेल से सीनियर 2001 बैच की महिला आईएफएस अधिकारी एवं मुख्य वन संरक्षक पदमाप्रिया बालकृष्णन क्षेत्रीय वर्किंग प्लान ऑफिसर है। वैसे तो इंदौर सर्किल का प्रभार तो पदमाप्रिया को मिलना था पर वह मैनेजमेंट के खेल में पिछड़ गई और प्रमोटी आईएफएस बघेल को दे दिया गया। पूर्व में जब एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल उज्जैन सर्कल में पदस्थ थे तब उन्हें भी इंदौर सर्किल का प्रभार दिया गया था किन्तु तत्कालीन वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने प्रभार सौंपने वाले निर्णय में संशोधन करते हुए इंदौर सर्किल में ही पदस्थ वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव को प्रभार दे दिया था।इंदौर सर्किल पाने के लिए जो जोर-अजमाइशइंदौर सर्किल में पदस्थ होने के लिए कई आईएफएस अधिकारी पीपी मैनेजमेंट फार्मूले के अंतर्गत प्रयासरत है। जबकि शासन और विभाग प्रमुख को पीपी मैनेजमेंट फार्मूले को दरकिनार कर सीनियर-कम-मेरिट के सिद्धांत पर पोस्टिंग करना चाहिए। यानि पुरानी परंपरा के अनुसार 2001 बैच की महिला आईएफएस मुख्य वन संरक्षक पदमा प्रिया बालकृष्णन इंदौर सर्किल में पदस्थ होने की हकदार हैं। वैसे भी कैडर में इंदौर सर्किल का पद मुख्य वन संरक्षक का ही है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यदि उनकी पोस्टिंग अभी इंदौर सर्किल के मुख्य वन संरक्षक के पद पर नहीं होती है तो वे अगले साल एपीपीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगी। यदि ऐसा हुआ तो वह इकलौती ऐसी अफसर होंगी, जो सर्किल सीसीएफ के पद पर कार्य किए बिना ही एपीसीसीएफ पद पर प्रमोट हो जाएंगी।वाइल्डलाइफ डिप्लोमा धारी करा रही है वीआइपी को दर्शनमहकमे में एक और महिला आईएफएस डॉ किरण बिसेन की योग्यता की अनदेखी की जा रही है। डॉ बिसेन पशु चिकित्सा के साथ-साथ वन्य प्राणी मैनेजमेंट की डिप्लोमा धारी भी है। यही नहीं, वह चीता मैनेजमेंट पर दक्षिण अफ्रीका में ट्रेनिंग भी ले चुकी हैं। इसके पहले बिसेन पेंच नेशनल पार्क में तीन साल से अधिक समय तक उप संचालक के पद पर पदस्थ रह चुकीं है। बावजूद इसके, विभाग ने उन्हें अघोषित तौर पर उज्जैन डीएफओ के पद पर पदस्थ कर वीआईपी और वीवीआईपी को साढ़े तीन साल से दर्शन कराने की जिम्मेदारी दी है। जबकि पेंच नेशनल पार्क में फील्ड डारेक्टर का पद खाली है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सदस्थ फील्ड डायरेक्टर एवं एपीसीसीएफ एल कृष्णमूर्ति की वन्यप्राणी मुख्यालय में वापसी होने जा रही है। ऐसी स्थिति में यहां भी एक वन्य प्राणी विशेषज्ञ आईएफएस की आवश्यकता है। विभाग में वन्य प्राणी विशेषज्ञ आईएफएस की कमी है।इनकी भी हो रही है अनदेखी1995 बैच की महिला आईएफएस अर्चना शुक्ला की भी वन विभाग ने अनदेखी की है। वे लंबे समय से विभाग की मुख्य धारा के हासिए पर है। वर्तमान में भी वे डेपुटेशन पर एपीसीसीएफ वन विकास निगम में पदस्थ है। इसके पहले भी वे प्रतिनियुक्ति पर लघुवनोपज संघ में पदस्थ रह चुकीं है। वर्तमान में फेडरेसन के प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी में सबसे जूनियर प्रमोटी डीएफओ अर्चना पटेल को पदस्थ किया गया है। पटेल की अनुभवहीनता के कारण फेडरेशन के एमएफपी पार्क के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। इसके पहले एमएफपी पार्क के सीइओ के पद पर एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की पोस्टिंग होती रही है। वर्तमान में इस पद के लिए दो महिला अधिकारी हकदार है। पहली एपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला और दूसरी 2007 बैच की राखी नंदा, जिन्हें सामाजिक वानिकी में पदस्थ किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि सामाजिक वानिकी का कार्य वन मंडल में पदस्थ सीनियर आईएफएस अधिकारी भी संभाल सकता है। इसके अलावा 2011 बैच की आईएफएस संध्या को तो सबसे अधिक उपेक्षित रही है। वह किसी भी वन मंडल में 5-6 महीने से अधिक टेरिटोरियल डीएफओ नहीं रहीं है। जबकि उनकी कार्य शैली फॉरेस्ट प्रोटक्शन की रही है।

अमानक दवाओं की सप्लाई पर चिकित्सक महासंघ अलर्ट, CM को लिखी चिट्ठी

Doctors federation alert on supply of non-standard medicines, letter written to CM

Doctors federation alert on supply of non-standard medicines, letter written to CM भोपाल ! प्रदेश के सरकारी अस्पताल में अमानक दवाइयों की सप्लाई हो रही है. इस बात का खुलासा चिकित्सक महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र से हुआ है. चिकित्सक महासंघ द्वारा लिखे गए पत्र में सीएम से एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही आजीवन कारावास सजा की मांग की है. बता दें मध्य प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयों का मामला सुर्खियों में बना हुआ है. इसे लेकर मध्य प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है. इस पत्र में शासकीय अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की शिकायत पर आईसीयू और ऑपरेशन के दौरान उपयोग की जाने वाली जीवन रक्षक 10 दवाओं को लैब जांच में अमानक पाए जाने पर चिंता जताई. डॉक्टर्स ने मामले को गंभीर चिंता का विषय बताया और सीएम को लिखे पत्र में बताया कि 10 जीवन रक्षक दवाओं का अमानक पाया जाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है. ‘बच्चों के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़’पत्र में बताया कि ओआरएस जैसे सामग्री के अमानक पाए जाने से दस्त एवं डायरिया से ग्रस्त बच्चों का इलाज प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ है. हमारे चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों के उपचार में इन दवाओं का उपयोग किए जाने पर मरीजों पर दवा का असर न होना पाया गया है. चिकित्सा संघ ने कहा की विगत दिनों में लगातार दवाओं के अमानक पाए जाने पर ऐसा प्रतीत होता है कि निर्माता कंपनियों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां निर्मित करने का कोई नियंत्रण नहीं है. आजीवन कारावास की सजा होसीएम को लिखे पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ मांग करता है कि मध्य प्रदेश में दवा निर्माता कंपनियों शासकीय अस्पतालों में अमानक दवाइयां सप्लाई करने की स्थिति में आजीवन कारावास का कठोर दंड निर्धारित किया जाए.

ट्रामा सेंटर के ICU में लगी आग, दम घुटने से एक की मौत, 7 की हालत गंभीर

Fire breaks out in ICU of Trauma Center, one dead due to suffocation, condition of 7 critical

Fire breaks out in ICU of Trauma Center, one dead due to suffocation, condition of 7 critical ग्वालियर ! जयरोग्य अस्पताल ट्रामा सेंटर के आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) में आग लग गई. घटना के बाद तुरंत बाद स्टाफ आग पर काबू पाया और आनन फानन में भर्ती मरीजों को अन्य कमरे में शिफ्ट किया. हालांकि इस दौरान दम घुटने की वजह से एक की मौत हो गई. बता दें आज (मंगलवार) सुबह 7 बजे आईसीयू में एससी का कम्प्रेशर पाइप फटने की वजह से आगजनी की घटना घटित हुई. आईसीयू में 10 मरीज भर्ती थे, जिनमें से 7 की हालत गंभीर थी. शिवपुरी निवासी मरीज आजाद खान आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट थे, जबकि 9 अन्य मरीजों को न्यूरोलॉजी के चलते आईसूयी में शिफ्ट किया गया. स्टाफ ने पाया काबूआगजनी की घटना घटित होते ही स्टाफ अलर्ट हुआ और फायर एस्टिंग्विश (अग्निशमन यंत्र) से आग पर काबू पाया. हालांकि तब तक फॉल्स सीलिंग और एक बेड आग पकड़ चुका था, जिससे पूरे आईसीयू में धुआं भर गया. घटना के तुरंत बाद सभी मरीजों को अन्य कमरे में शिफ्ट यिका गया. वेंटिलेटर हटते ही तोड़ा दमइस आगजनी की घटना से एक मरीज की मौत हो गई है. दरअसल आजाद खान को सडक़ हादसे में घायल होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया था. वह वेंटिलेटर पर थे, जैसे ही उन्हें अलग कमरे में शिफ्ट करने के लिए वेटिंलेटर हटाया तो उन्होंने दम तोड़ दिया. आईसीयू में उत्तर प्रदेश निवासी राजकुमार सिंह, ग्वालियर के राहुल कुशवाह, भिंड की प्रीति गौड़, मुरैना की रजनी राठौर, झांसी के बृजेन्द्र कुमार, ग्वालियर के शैलेन्द्र चौहान सहित 10 मरीज भर्ती थे, जिन्हें आगजनी की घटना के बाद अलग कमरे में शिफ्ट किया है.

गौरव चौधरी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बने, पेंच में पूर्णकालिक का इंतजार

Gaurav Chaudhary becomes the field director of Bandhavgarh Tiger Reserve, waiting for full time appointment

Gaurav Chaudhary becomes the field director of Bandhavgarh Tiger Reserve, waiting for full time appointment भोपाल। केंद्रीय एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के सख्त निर्देश पर अंततः साल भर बाद राज्य शासन ने उत्तर शहडोल वन मंडल में पदस्थ वन संरक्षक गौरव चौधरी को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर बनाया गया। साल भर से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्ट का पद रिक्त था। इसी प्रकार पेंच नेशनल पार्क के संचालक का पद 2 साल से रिक्त है। अतिरिक्त प्रभार में प्रबंधन का कार्य चल रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई बाघों की मौत पर राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश के बाघ प्रबंधन पर सवाल उठने लगे। नेशनल अखबारों में भी टाइगर मौत की खबरें सुर्खियों में रही। इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय में भी मामला उठा। इन सब कारणों के केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्यमंत्री मोहन सिंह यादव को कई बार बांधवगढ़ में पूर्णकालीन डायरेक्टर पदस्थ करने की हिदायत देते हुए पत्र भी लिखे। हालांकि उनके निर्देश पर मुख्यमंत्री यादव यही बहाना बनाते रहे कि वन मंत्री नए बने हैं इसलिए आईएफएस के पदस्थापनाओं के संबंध में विचार- मंथन चल रहा है। लंबे समय से निर्णय नहीं हो पाने के कारण केंद्रीय मंत्री यादव ने सख्त लहजे में मुख्यमंत्री को निर्देश दिए कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तत्काल फील्ड डायरेक्टर को पदस्थ करें। केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर रविवार को गौरव चौधरी पोस्टिंग के आदेश जारी करने पर जबकि पेंच नेशनल पार्क में 2 साल से फील्ड डायरेक्टर का पद रिक्त हैं। सिंगल आदेश और अफसरों में हड़कंपवन विभाग में लंबे समय से आईएफएस अधिकारियों के कई पद खाली पड़े है। इन पदों को भरने के लिए मुख्यालय से प्रस्ताव भेजे गए है पर उस पर प्राइम पोस्टिंग के लिए हो रही जोर-अजमाईस के चलते निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। अचानक रविवार को गौरव चौधरी के सिंगल आदेश को लेकर वन विभाग के अधिकारी हतप्रभ रह गए। जबकि वन संरक्षक के अधिकारियों की सूची में और भी नाम थे। हालांकि गौरव चौधरी के साथ-साथ जो अधिकारियों के नाम सूची में शामिल थे। इन नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थी इसलिए मामला अधर में लटका था। जैसे दक्षिण सिवनी में पदस्थ वन संरक्षक वासु कनौजिया को बैतूल सर्किल, मंत्रालय में पदस्थ अशोक कुमार को होशंगाबाद सर्किल में, सीएफ समाजिक वानिकी राखी नंदा को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और होशंगाबाद वन संरक्षक अनिल शुक्ला की सेवाएं डेपुटेशन पर वन विकास निगम को सौंपने का प्रस्ताव शामिल था। इसके अलावा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एवं पीसीसीएफ एल कृष्णमूर्ति को एपीसीसीएफ वन्य प्राणी मुख्यालय में पोस्ट करने का प्रस्ताव है।

250 पेंशनरों ने स्वास्थ्य जांच शिविर का लिया लाभ ,100 ने बनवाए उम्मीद कार्ड ।

250 pensioners took benefit of health check-up camp, 100 got hope cards made.

250 pensioners took benefit of health check-up camp, 100 got hope cards made. हरिप्रसाद गोहेआमला । रेल्वे चिकित्सालय आमला में रेल कर्मचारियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया था। आयोजित शिविर में पेंशनर संगठन आमला से जुड़े कोई 250 पेंशनरों ने अपना, अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा शिविर का लाभ लिया एवं सफल आयोजन के लिए रेल प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित कर आगे भी इस तरह के शिविर लगाने पहल की । संगठन अध्यक्ष रामप्रसाद पंवार ने बताया आयोजित शिविर में नागपुर से चिकित्सक जनरल फिजिशियन, हड्डी विशेषज्ञ, एवं महिलाओ कि विशेषज्ञ पधारे थे इसीके साथ औषधीय व्यवस्था भी परिपूर्ण थी इस शिविर मे करीब करीब 250 पेनशरो ने लाभ लिया जिसमे महिलाओ ने भी अपना परीक्षण करवाया सभी रेल्वे पेंशनर वेल्फेयर एसोसिएशन आमला शाखा के पदाधिकारियो ने इस आयोजन के लिए नागपुर मण्डल के सभी अधिकारियो एवं रेल प्रशासन को बधाई प्रेषित की एवं भविष्य मे इसी तरह से आयोजन की अपेक्षा निवेदन किया। इस मौके पर उम्मीद कार्ड भी बनाये जा रहे थे जिसमे करीब करीब 100 लोगो ने कार्ड बनवाये इसके लिए कल्याण निरिक्षक श्री ए आर धोटेजी का पुर्ण सहयोग रहा । इस मौके पर प्रमुख रूप से शाखा के अध्यक्ष रामप्रसाद पवार, कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटील, महा मंत्री प्रकाश डाफणे, कोषाध्यक्ष मोहम्मद गुफरान, सह सचिव श्रीराम गाठीया, नारायण नावंगे,महादेव पंडागरे, गुलाब झाडे, प्रकाश अतुलकर उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम ठाकुर, सुखलाल मौर्य, मधुकर मौखेडे, राम रतन जौंजारे रामचरण पनढरी गंगारे महीला संगठन अध्यक्ष नफिशा शाह ,कोषाध्यक्ष चन्द्रकला हरसुले, सरिता सुनिता उईके, उषा ठाकुर आदि मौजूद थे ।

रेलवे दवाखाने में चिकित्सा जांच शिविर का हुआ आयोजन

Medical check-up camp was organized in the railway dispensary.

Medical check-up camp was organized in the railway dispensary. हरिप्रसाद गोहेआमला । रेल कर्मियों, पेंशनरों और उनके परिवार जनो के स्वास्थ्य की जांच एवं समस्या सुनने के लिए रेल्वे दवाखाने में शिविर आयोजित हुआ । नागपुर मंडल के प्रमुख माननीय रेल प्रबंधक मनीष अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्रीमती सांझी जैन के कुशल नेतृत्व मे रेल कर्मी व उनके परिवार के स्वास्थ जांच एवं उपचार हेतू रेल्वे चिकित्सालय आपला में शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में लोगों द्वारा लाभ प्राप्त किया, वही पर कार्मिक शाखा नागपुर द्वारा कर्मचारियो की सर्विस संबंधित शिकायत, एच आर एम एस एवं उम्मीद कार्ड बनाने का काम किया गया । कार्मचारियों की विभिन्न शिकायतो का निवारण भी स्थल पर ही किया गया । स्वास्थ्य शिविर में नागपुर से पधारे डॉ प्रिती सिडीएमओ,डॉ.श्रवण, डॉ० रविचन्द्र, डॉ०वेंकटगिरी, डॉ लवी आर्य ने उपचार किया,इस अवसर पर कैलास माथनकर सीएचआई, रविकांत पण्डोले,अनीशा सिस्टर सहित रेलवे अस्पताल का स्टाफ उपस्थित था । कार्मिक शारवा से ए आर धोटे मुख्य कल्याण निरीक्षक आमला,पलास चौरसिया कार्यालय अधिक्षक नागपुर द्वारा कर्मचारियो की समस्या सुनी गई और मौके पर ही उसका निराकरण किया गया पेंशनर वेल्फर एशिसियेशन द्वारा कार्यक्रम में सह हयोग प्रदान किया गया । पेंशनर एशोसियेशन के रामप्रसाद पवार सहित उनके संगठन के अन्य पदाधिकारी गणों ने भी सहयोग किया । रेलवे अस्पताल आमला में सुबह से ही बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी सहित रेलवे पेंशनर एवं उनके परिजन उपस्थित थे ।

युवा कांग्रेस का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले

Youth Congress's ruckus, came out to surround the Chief Minister's residence

Youth Congress’s ruckus, came out to surround the Chief Minister’s residence भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता घोटाला सहित युवाओं की समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को भोपाल में जंगी प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से आए यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता रोशनपुरा चौक पर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले। युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मितेंद्र सिंह की अगुआई में यह प्रदर्शन हो रहा है। संगठन द्वारा चलाए गए ‘क्या हुआ तेरा वादा’ अभियान के तहत प्राप्त साढ़े चार लाख पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। जीतू पटवारी ने कहा कि युवाओं के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार धोखेबाजी कर रही है। नर्सिंग कॉलेज घोटाला सबके सामने है। ना तो युवाओं को रोजगार मिला है और ना ही स्वरोजगार। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी है। भारी पुलिसबल मौके पर तैनात है। भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोपयुवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मितेंद्र सिंह ने कहा कि लाड़ली बहनों को आवास देने की घोषणा की, पर उसकी योजना तक नहीं बनी। सरकारी नौकरी की परीक्षा फॉर्म फीस माफ नहीं की गई और न ही नर्सिंग घोटाले के आरोपितों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की गई। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी भी नहीं मिली है। इन सभी मुद्दों को लेकर ‘अब युवा करेगा क्रांति’ कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

राष्ट्रीय सरपंच संघ की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक: मांगों की प्रगति और आगामी रणनीति पर विचार

Meeting of state officials of National Sarpanch Association: Consideration of progress of demands and upcoming strategy.

Meeting of state officials of National Sarpanch Association: Consideration of progress of demands and upcoming strategy. राजीव रंजन झा भोपाल ! राष्ट्रीय सरपंच संघ की गांधी भवन भोपाल में बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश भर से संघ के पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष शामिल हुए। यह बैठक संघ की गत 23 जुलाई 2024 को प्रदेश सरकार को सौंपे गए ज्ञापन की प्रगति की समीक्षा और भविष्य की राजनीतिक रणनीति तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। इस ज्ञापन में सरपंचों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी। बैठक के प्रमुख मुद्दे बैठक की शुरुआत संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह तोमर के उद्घाटन भाषण से हुई। उन्होंने ज्ञापन की मौजूदा स्थिति और सरकार के रुख पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में जिन मुद्दों को उठाया गया था, उनमें से कुछ पर सरकार ने ध्यान दिया है, लेकिन अब भी कई महत्वपूर्ण मांगें अनसुलझी हैं। तोमर ने कहा कि इस स्थिति में संघ को एक सशक्त और एकजुट रणनीति अपनानी होगी ताकि सरपंचों की आवाज को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। 23.07.2024 को सरकार को सौंपे गए ज्ञापन की प्रमुख मांगें ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई थीं: सरपंचों के अधिकारों में वृद्धि: सरपंचों के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को बढ़ाने की मांग की गई थी, ताकि वे अपने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को स्वतंत्र रूप से और प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता : पंचायती राज संस्थाओं को अधिक स्वायत्तता प्रदान करने और उनके निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि करने की मांग की गई थी, जिससे ग्राम स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत किया जा सके। स्थानीय समस्याओं का समाधान: हर जिले में सरपंचों की स्थानीय समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए एक विशेष समिति के गठन की मांग की गई थी। चर्चा के प्रमुख बिंदु और निर्णय बैठक के दौरान सभी प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों ने ज्ञापन पर हुई प्रगति पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कई सदस्यों ने सरकार की उदासीनता पर नाराजगी जताई और अधिक आक्रामक रवैया अपनाने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, कुछ सदस्यों ने बातचीत और संवाद के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का समर्थन किया। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि संघ की आगे की रणनीति तय करने का पूरा अधिकार प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह तोमर को दिया जाएगा। तोमर ने सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे अगले 15 दिनों के भीतर एक विस्तृत और प्रभावी रणनीति की घोषणा करेंगे, जिसमें सरकार के साथ आगे की बातचीत, धरना-प्रदर्शन, और आवश्यकतानुसार अन्य कदम शामिल हो सकते हैं। आगे की राह राजबीर सिंह तोमर द्वारा आगामी रणनीति की घोषणा से पहले, संघ के सभी सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में जनसमर्थन जुटाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने सभी सरपंचों से अपील की कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में संघ के उद्देश्यों और मांगों को लोगों तक पहुंचाएं, ताकि आंदोलन को जनसमर्थन मिल सके। निष्कर्ष यह बैठक राष्ट्रीय सरपंच संघ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें संघ की आगामी दिशा तय की गई है। सरकार के सामने सरपंचों की मांगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और उन पर कार्रवाई करवाने के लिए संघ की एकजुटता और रणनीति निर्णायक साबित होगी। राजबीर सिंह तोमर की नेतृत्व क्षमता पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, और उनके द्वारा आगामी 15 दिनों में घोषित की जाने वाली रणनीति संघ के भविष्य की दिशा निर्धारित करेगी।

झोलाछाप डॉक्टरों पर नहीं हो रही कार्रवाई, अधिकारियों भी कर रहे नजरअंदाज

No action is being taken against quacks, officials are also ignoring them

No action is being taken against quacks, officials are also ignoring them जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर ! प्रदेश में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए थे। मगर, इसके बावजूद अभी जिले में कोई कार्रवाई होते हुए नजर नहीं आ रही है। झोला छाप डाक्टरों के द्वारा ग्राम बरबटी बरगी जिला जबलपुर में भोली भाली जनता के साथ झोलाछाप डॉक्टर फर्जी डिग्रियों द्वारा इलाज करके मौत के हवाले किया जा रहा है ! इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग भी इसमें कोई रूचि नहीं ले रहा है। झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में कर रहे इलाजबता दें कि सैकड़ों झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों का अवैध उपचार किए जाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिससे मरीजों की जान को भी खतरा रहता है। यह डॉक्टर बिना किसी मेडिकल डिग्री या प्रमाण पत्र के गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहे हैं।सबसे ज्यादा इनकी संख्या ग्रामीण क्षेत्र में रहती है। कई मरीजों की बीमारी इनके इलाज के बाद गंभीर हो जाती है। ऐसे में कई बार उनकी जान पर भी बन आती है। अधिकारी भी कार्रवाई में नहीं ले रहे रुचिस्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल ऑफिसर को बिना डिग्री के इलाज करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है। मगर, अभी तक ग्राम बरबटी बरगी क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं की !

उद्योग समूहों और निवेशकों ने मध्यप्रदेश सरकार पर जताया भरोसा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Industry groups and investors expressed confidence in Madhya Pradesh government: Chief Minister Dr. Yadav

Industry groups and investors expressed confidence in Madhya Pradesh government: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में हो रही इन्वेस्टर समिट में, अब तक हुई सभी इन्वेस्टर समिट से बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है। क्षेत्रीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न भागों में की जा रही इन्वेस्टर समिट के परिणाम प्रोत्साहित करने वाले हैं। उद्योग समूहों और निवेशकों ने मध्यप्रदेश सरकार पर भरोसा जताया हैं, राज्य सरकार उनकी अपेक्षाओं पर खरी उतरने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रसन्नता का विषय है कि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन के लिए लागू की गई नीतियों और व्यवस्थाओं के प्रति उद्योगपति और निवेशक विश्वास व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एम्स भोपाल के परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही। प्रदेश के उद्योगपति अपनी गतिविधियों को विस्तार दें और युवा उद्यमशीलता के क्षेत्र में आगे आएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्वेस्टर समिट प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के उद्योगपति भी अपनी गतिविधियों को विस्तार दें और प्रदेश के युवा अपने उद्यम आरंभ करें। राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने के लिए तत्पर है। राज्य सरकार ने उद्योग और उद्यमशीलता में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आरंभ किये गये विशेष अभियान अंतर्गत गतिविधियां जारी है। समिट जीडीपी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। समिट में शिक्षा, एमएसएमई, भारी उद्योग और कृषि अभियांत्रिकी सहित सभी सेक्टर को शामिल किया गया है। प्रदेश में निवेश आमंत्रित करने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कोलकाता और विदेश यात्रा प्रस्तावित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से वे अगले माह सितंबर में कोलकाता में रोड-शो करेंगे। उन्होंने बताया कि आगामी 27-28 सितंबर को सागर और अक्टूबर में रीवा में भी इन्वेस्टर समिट होगी। प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए नवंबर माह में उनकी विदेश यात्रा भी प्रस्तावित है।

जनधन योजना में गरीब भाई-बहनों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Under Jan Dhan Yojana, poor brothers and sisters were given an opportunity to live life with dignity - Chief Minister Dr. Yadav

प्रधानमंत्री श्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनधन योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों को भी दी शुभकामनाएं Under Jan Dhan Yojana, poor brothers and sisters were given an opportunity to live life with dignity – Chief Minister Dr. Yadav प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनधन योजना के गौरवशाली 10 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में लिखा है कि आज का दिन देश के लिए ऐतिहासिक है। भारत सरकार की इस कल्याणकारी योजना में समाज के अंतिम पक्ति में खड़े व्यक्ति को बेहतर जीवन और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है। जनधन योजना का ही परिणाम है कि अब बैकिंग सेवाओं का लाभ ऐसे व्यक्ति भी उठा रहे हैं जिन्होंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी। जनधन योजना करोड़ों देशवासियों विशेषकर गरीब भाई-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देने में सफल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योजना को सफल बनाने के लिए दिन-रात काम करने वाले सभी लोगों और योजना के लाभार्थियों को बधाई दी है।

चीता पवन की मौत, मध्य प्रदेश में इस साल 13 का हुआ जन्म, चार की गई

Cheetah Pawan died, 13 were born this year in Madhya Pradesh, four died

Cheetah Pawan died, 13 were born this year in Madhya Pradesh, four died चीतों के लिहाज से 2024 का समय अब तक ठीक-ठाक रहा है. 2024 के इन आठ महीनों के दौरान 13 शावकों ने जन्म लिया जबकि इस दौरान दो व्यस्क चीते सहित दो शावकों की मौत भी हुई है. अब कूनो नेशनल पार्क में चीता पवन की मौत के बाद संख्या 24 रह गई है, जिनमें 12 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं. चीतों के लिए मध्य प्रदेश उपयुक्त माना गया और साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए. इन चीतों को बाड़े में रिलीज करने के लिए प्रधानमंत्री खुद आए और चीतों को बाड़े में रिलीज किया. इसके बाद 18 सितंबर 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे. अब तक चीतों की दो खेप ही आई है. शुरुआती दौर में चीता प्रोजेक्ट काफी मुश्किल भरा था. नई जगह और नई आबो हवा की वजह से चीतों की मौत हो रही थी, लेकिन अब धीरे-धीरे चीते यहां के वातावरण में ढलने लगे हैं. 2024 का अब तक समय भी अच्छासाल 2023 में ज्यादा चीतों की मौत हुई थी, लेकिन साल 2024 का अब तक का समय बहुत अच्छा निकला है. इस दौरान 4 दुखभरी तो 3 खुशियों भरी खबर आई. खुशखबरी में साल 2024 में 13 शावकों ने जन्म लिया, जबकि दुख भरी खबर ये है कि इसी साल दो व्यस्क चीतों सहित दो शावकों की मौत हुई है. एक चीता पवन बीते मंगलवार (27 अगस्त) को ही मृत अवस्था में पाया गया. चीता प्रोजेक्ट पर एक नजर

संगठन शास्त्र की सगुण मूर्ति कुशाभाऊ ठाकरे –सुरेन्द्र शर्मा

Kushabhau Thackeray, the embodiment of organization science – Surendra Sharma

Kushabhau Thackeray, the embodiment of organization science – Surendra Sharma जन्मदिवस (श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष)भारतीय जनता पार्टी 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ आज भारत ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है लगातार तीसरी बार केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तो मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों में भी भाजपा एवं उसके सहयोगी दलों की सरकार हैं संपूर्ण भारत के कोने-कोने तक आज कमल पुष्पित एवं पल्लवित हो रहा है भारतीय जनता पार्टी रूपी इस विशाल भवन को तैयार करने में जो नींव के पत्थर हैं उनमें शशिकांत सुंदर राव ठाकरे उपाख्य “कुशा भाऊ ठाकरे” अग्रणी हैं।राजा भोज की प्राचीन नगरी धार में 15 अगस्त 1922 को जन्माष्टमी के पावन पर्व पर डॉक्टर सुंदर राव ठाकरे एवं श्रीमती शांताबाई ठाकरे के घर एक बालक ने जन्म लिया जो अपनी प्रतिभा विनय शीलता और राष्ट्र को समर्पित व्यक्तित्व के कारण देश के लाखों कार्यकर्ताओं का चहेता कुशाभाऊ बन गया ।कुशा भाऊ के पिताजी एवं माताजी अपने सादा जीवन उच्च विचार तथा गरीबों की चिकित्सा के लिए विख्यात थे ।अपने अपने छात्र जीवन से ही कुशा भाऊ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिये जीवनदान करने का संकल्प लिया जिससे वह कभी नहीं डिगे ।1938 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने धार में हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त कर 1939 में ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (वर्तमान में महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय) में प्रवेश लिया ।इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज या संघ कार्य में से एक विकल्प चुनने को कहा गया उन्होंने संघ कार्य को चुना । 5 जुलाई 1942 को डाक्टरी की पढ़ाई का मोह छोड़कर देश सेवा करने के लिए वह संघ के प्रचारक बन गये।ठाकरे जी की उच्च शिक्षा ग्वालियर से हुई उन्होंने नीमच से अपने प्रचारक जीवन की शुरुआत की उसके बाद रतलाम विभाग प्रचारक उज्जैन विभाग प्रचारक रहे 1951 में जनसंघ के गठन के साथ ही उन्हें दक्षिण मध्य भारत के संगठन मंत्री का दायित्व दिया गया 1956 में जब मध्य प्रदेश बना तो उन्हें संपूर्ण मध्य प्रदेश के संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई 1967 में वह जनसंघ के अखिल भारतीय मंत्री के साथ-साथ उड़ीसा एवं गुजरात के प्रभारी भी बने 1974 में उन्हें अखिल भारतीय संगठन मंत्री बनाया गया 1975 में जब आपातकाल लगा तब अन्य विपक्षी नेताओं के साथ ठाकरे जी को भी जेल में बंद कर दिया गया वह 19 माह तक जेल में बंद रहे उसके बाद 1977 में जनता पार्टी का गठन हुआ और ठाकरे जी मध्य प्रदेश के पहले अध्यक्ष बने 1979 में खंडवा लोकसभा उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया और वह विजयी हुये।ठाकरे जी 1980 से 1984 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री तथा गुजरात एवं उड़ीसा व मध्य प्रदेश के प्रभारी रहे 1984 से 1986 तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष 1986 से 1992 तक राष्ट्रीय महामंत्री तथा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी भी रहे 1992 में उन्हें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई 1998 में श्री लालकृष्ण आडवाणी ने संगठन के आदर्शों का पालन करते हुए लगातार तीसरी बार अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया तब पार्टी के सामने आडवाणी जी के उत्तराधिकारी का प्रश्न था स्वाभाविक तौर पर सभी को कुशा भाऊ इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त लगे और 14 अप्रैल 1998 को उन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया ।अपनी पढ़ाई के दौरान ठाकरे जी स्वामी विवेकानंद के विचारों से अत्यधिक प्रभावित हुए विवेकानंद के साहित्य ने उनकी जीवन धारा में मानवता,उष्मता त्याग, समर्पण,संवेदनशीलता की जो धारा प्रवाहित की वह उनमें जीवन भर अविरल बहती रही ।देश भक्ति ठाकरे जी में कूट-कूट कर भरी हुई थी जब वह ग्वालियर के विक्टोरिया महाविद्यालय (वर्तमान में महारानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय) में पढ़ाई कर रहे थे उसे समय महाविद्यालय के सभागार में मंच के ऊपर दोनों तरफ यूनियन जैक (ब्रिटिश ध्वज) लगे हुए थे ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने यूनियन जैक हटा दिया इस घटना से सनसनी फैल गई खूब-खोज बीन हुई लेकिन कुछ पता ना चल सका क्योंकि “पूर्व योजना पूर्ण योजना ” ठाकरे जी की कार्यशैली की विशेषता थी इससे उत्साहित होकर ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने कॉलेज लाइब्रेरी से महारानी विक्टोरिया एवं जॉर्ज पंचम के चित्र हटाने का निर्णय लिया निर्धारित योजना अनुसार यह काम भी संपन्न हो गया इस कांड की सख्ती से जांच हुई किंतु सीआईडी भी कुछ पता ना लगा सकी।इस घटना के बाद ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने एक प्रतिज्ञा पत्र लिखा और रक्त से हस्ताक्षर कर देश की स्वतंत्रता के लिए आजीवन लड़ने का संकल्पलिया ।ठाकरे जी के पिताजी उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे घर की आर्थिक स्थिति मेडिकल की पढ़ाई का बोझ उठाने की नहीं थी होल्कर रियासत से छात्रवृत्ति मिल सकती थी किंतु रियासत के अधिकारी की शर्त थी कि अगर रियासत की छात्रवृत्ति चाहिए तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को छोड़ना होगा ठाकरे जी ने स्पष्ट उत्तर दिया “श्रीमान जी संघ तो मेरी आस्था का विषय है श्रद्धा का विषय है उसे मैं किसी कीमत पर नहीं छोड़ सकता ” संघ ठाकरे जी की आत्मा थी जिससे उनके साथ तव छूटा जब काया पंचभूत में विलीन हो गई ।व्यक्तिगत सुख सुविधा की दृष्टि से अलग-अलग घरौंदा बनाने की साधारण मानव की अभिलाषा उनके मन को छू भी ना सकी थी मां भारती की गोद यही उनका घर ईश्वर प्रदत्त नील गगन यही उनका छप्पर, भारत के समस्त नर नारी उनके भाई-बहन उनके सहोदर सगे संबंधी देश की एकता अखंडता स्वतंत्रता यही उनके मन की धुन समाज के हर व्यक्ति की खुशहाली के लिए अपना जीवन का हर पल दांव पर लगाना यही उनके मन की एक मात्र इच्छा आकांक्षा थी ।अपनी समग्र प्रतिभा,कर्म चेतना और जीवन का सब कुछ देश को न्योछावर करना यही भावना उनके मन में थी “राष्ट्रकाज कीजे बिना मोहि कहां विश्राम “की धुन उन्हें हमेशा लगी रहती थी ।जिस जिस निरपेक्ष और निस्वार्थ बुद्धि से उन्होंने अपने आप को संगठन के कार्य के लिए समर्पित किया था उसके कारण वह समस्त कार्यकर्ताओं का विश्वास अर्जित करने में सफल हुए थे कि “ठाकरे जी जो कुछ कहेंगे जो कुछ करेंगे वह संगठन हित में ही होगा उनका अपना कुछ है ही नहीं … Read more

सृष्टि स्कूल जंबबाड़ा में धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्म उत्सव ।

Shri Krishna's birth anniversary was celebrated with great pomp at Srishti School Jambada.

Shri Krishna’s birth anniversary was celebrated with great pomp at Srishti School Jambada. हरिप्रसाद गोहेआमला । भगवान श्री कृष्ण जन्म उत्सव की धूम शहर सहित अंचल के विभिन्न ग्रामों में देखी गई। वहीं इस बार निजी स्कूलों में अध्यनरत नोनिहालो का उत्साह श्री कृष्ण जन्म उत्सव पर देखते ही बन रहा था। राधा और कृष्ण की वेशभूषा धारण किए बच्चे लोगो का मन मोह रहे थे साथ ही बच्चों द्वारा सजाई गई झांकी लोगो के आकर्षण का केंद्र रही । इधर अंचल के ग्राम जंबबाड़ा स्थित सृष्टि स्कूल में दिनांक 26 /08/2024 को श्री कृष्ण भगवान का जन्म दिन धूम ,,धाम से मनाया गया । इस शुभ अवसर पर श्री कृष्ण भगवान की पूजा अर्चना के बाद नन्हे,,मुन्ने स्कूल के छात्रों ने राधा कृष्ण बनकर कृष्ण लीला का मंचन किया । श्री कृष्ण के सभी अवतारों के स्वरूप बच्चो के द्वारा आज अवतरित किए गए । इस दौरान भगवान श्री कृष्ण की झाकी निकाली गई बाद मटकी फोड का भी आयोजन आयोजित किया गया। कार्य कर्म का समापन श्री कृष्ण भगवान की आरती के साथ हुआ । इस मौके पर स्कूल के सभी छात्र,शिक्षक,शिक्षिका, उपस्थित थे। शाला संचालक श्री विजय सोलंकी की उपस्थित में सभी बालक,बालिका शिक्षक,शिक्षिका को श्री कृष्ण जन्म अष्टमी की बधाई प्रेषित की गई । बाद श्री कृष्ण भगवान के जय कारे लगाकर, छात्रों और नगर बंधुओ ने भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति भावना का जोश हर उल्लास नजर आया ।

मध्य प्रदेश: दलित-आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में कांग्रेस का भोपाल में प्रदर्शन

Madhya Pradesh: Congress's demonstration in Bhopal against atrocities on Dalits and tribals.

Madhya Pradesh: Congress’s demonstration in Bhopal against atrocities on Dalits and tribals. भोपाल। प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है। नर्सिंग कॉलेज घोटाले का मुद्दा ठंडा पड़ने के बाद अब कांग्रेस दीगर मुद्दों को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी है। इसी सिलसिले में अब कांग्रेस ने दलित और आदिवासी समाज अन्याय, भेदभाव और शोषण का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेस इसके विरुद्ध आज रोशनपुरा चौराहे पर धरना प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व विधायक व मंत्री पीसी शर्मा सहित बड़े नेता उपस्थित हैं। कुछ देर में कांग्रेसी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकलेंगे। संगठन के उपाध्यक्ष मुकेश बंसल ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। न तो रोजगार की व्यवस्था हो रही है और न ही सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं। इसके विरोध में मंगलवार को भोपाल में प्रदर्शन किया जा रहा है।

आदित्य अस्पताल जबलपुर स्थित डॉक्टर की लापरवाही से युवक कि मौत 

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता) जबलपुर । ग़लत इंजेक्शन लगाने से जान गंवानी पड़ी उसका पोस्टमार्टम भी नहीं कराया और शव रिश्तेदारों व परिवार वालों को सौंप दिया

करोड़ों की रॉयल्टी नुकसान पर वन -राजस्व सीमा विवाद में ढाई दशक से अटका है कटनी की झिन्ना खदान

Katni's Jhinna mine is stuck for two and a half decades in forest revenue border dispute over royalty loss worth crores.

Katni’s Jhinna mine is stuck for two and a half decades in forest revenue border dispute over royalty loss worth crores. भोपाल। वन-राजस्व सीमा विवाद के चलते 30 में कटनी के झिन्ना की खदान का प्रकरण का निराकरण नहीं हो पाया है। इस मसले पर राज्य शासन और वन विभाग असमंजस में है। फरवरी 2020 में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि इस प्रकरण में न्यायालयीन प्रक्रिया से प्रदेश के राजस्व में सतत हानि हो रही है। बावजूद इसके, 2017 से सुप्रीम कोर्ट में कटनी का झिन्ना खदान विवाद लंबित है। इससे जहां सरकार को करोड़ों की रेती का नुकसान हो रहा है वही 20 गांव के 2000 से अधिक लोग रोजगार से मेहरूम है। दिलचस्प पहलू यह है कि समय-समय पर अधिकारियों के सुर आदेश बदलते रहे।शिकायती पत्र के मुताबिक, कटनी के खनन कारोबारी आनंद गोयनका मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका को मध्य प्रदेश की तत्कालीन दिग्विजय सरकार के कार्यकाल में 1994 से 2014 तक की अवधि के लिए 48.562 हेक्टेयर भूमि पर खनिज करने का पट्टा मिला था। खनिज पट्टा आवंटित होने की पीछे भी बहुत कुछ छिपा है। दरअसल मध्य प्रदेश शासन ने ग्राम झिन्ना तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी के वन क्षेत्र की 48.562 हेक्टेयर भूमि पुराना खसरा नम्बर 310, 311, 313, 314/1, 314/2, 315, 316, 317, 318, 265, 320 में खनिज के लिए एक अप्रैल 1991 में 1994 से लेकर 2014 तक की अवधि के लिए निमेष बजाज के पक्ष में खनिज पट्टा स्वीकृत किया था। जिसे वर्ष 1999 में मध्य प्रदेश शासन के खनिज विभाग के आदेश से 13 जनवरी 1999 को उक्त खनिज पट्टा मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका प्रोप्राइटर आनंद गोयनका के पक्ष में हस्तांतरित किया गया। लेकिन साल 2000 में वन मंडल अधिकारी कटनी के पत्र के आधार पर कलेक्टर कटनी ने आदेश पारित कर लेटेराइट फायर क्ले और अन्य खनिज के खनन पर रोक लगा दी थी।खदान से संबंधित फैक्ट फाइल नौकरशाह और आईएफएस अफसर के सुर बदलते रहेइस मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि आईएएस अफसर हो या फिर आईएफएस समय-समय पर सभी के सुर बदलते रहे। मसलन जब अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल दूसरी बार वन मंत्रालय संभाला तो एक आदेश जारी कर पूर्व एसीएस वन जेएन कंसोटिया के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें कटनी जिले की तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम झिन्ना की खदान के मामले में सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेने का आदेश दिया था। अपने आदेश को तत्काल अमल में लाने के लिए कंसोटिया ने बाकायदा डीएफओ कटनी को कारण बताओं नोटिस की तलब किया था। यहां यह भी तथ्य भी गौरतलब है कि जब वर्णवाल प्रमुख सचिव वन थे तब उन्होंने भी एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। अब वही बता सकते है कि वे तब सही थे या फिर अब..? फिलहाल पिछले महीने वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने वन मुख्यालय को निर्देश दिये हैं कि यदि यह केस अब तक वापस नहीं लिया गया है तो केस वापस लेने की कार्रवाई आगामी आदेश तक रोक दी जाये। वर्णवाल के आदेश के बाद जंगल महकमे में लाख टके का सवाल उठ रहा है कि आखिर किस अदृश्य शक्ति के दबाव में आकर पूर्व एसीएस कंसोटिया ने एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। इसी प्रकार रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी जेपी शर्मा जब भू-अभिलेख शाखा में एपीसीसीएफ थे तब उन्हें विवादित खदान भूमि वन भूमि का हिस्सा दिखा करती थी पर जब रिटायर हो गए तो उन्हें भी विवादित भूमि राजस्व भूमि नजर आने लगी है। अफसरों की कमेटी ने लिया था एसएलपी वापस लेने का निर्णयएसएलपी वापस लेने संबंधित आदेश जारी करने के पूर्व 13 अक्टूबर 23 को अपर मुख्य सचिव वन कंसोटिया की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक में अतुल कुमार मिश्रा सचिव वन, अशोक कुमार पदेन सचिव, आरके गुप्ता तत्कालीन वन बल प्रमुख, अतुल कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन पीसीसीएफ वर्किंग प्लान और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भू अभिलेख डॉ वीएस अन्नागिरी भी उपस्थित थे। यह बैठक में ग्राम झिन्ना एवं हरैया तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी में स्वीकृत खनिज पट्टे विवाद के निराकरण के लिए बुलाई गई थी। इस कमेटी के निर्णय के बाद ही तत्कालीन एसीएस कंसोटिया ने एसएलपी वापस आदेश जारी किया। यह बात अलग है कि इसी आदेश के चलते ही उनसे वन मंत्रालय से हटा दिया गया।

मदरलैंड स्कूल आमला मे हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन ।

Legal literacy camp was organised in Motherland School, Amla.

Legal literacy camp was organised in Motherland School, Amla. हरिप्रसाद गोहे  आमला । सीबीएसई से नवीन मान्यता प्राप्त मदरलैंड पब्लिक स्कूल अकेड्मी मे विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन मा. राकेश सनोडिया जी जे.एम.सी. सिविल कोर्ट आमला की उपस्तिथि मे आयोजित किया गया । समिति सचिव  कविश देशमुख  ने मा.सनोडिया जी का पुष्पहार से स्वागत किया वहीं वराठे जी का स्वागत देवेंद्र सोनी द्वारा तथा शीतल कवडे का स्वागत सपना इंग्ले द्वारा किया गया।  कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छाया चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, इसके पश्चात मा. न्याधीश  सनोडिया जी ने अपने संबोधन मे छात्रो को भारतीय संविधान उसकी महत्ता, संबिधान का देश मे परिपालन , नागरिको के मौलिक अधिकार ,नशा मुक्ति, पास्को एक्ट, ड्राइविंग लाईसेंस कि अनिवार्यता , वाटर हार्वेस्टिंग जीवन मे वृक्षो का महत्व आदि विषयो पर विस्तार से समझाईस दी गई। छात्रो से परीक्षा पर चर्चा करते हुये मा. सनोडिया जी ने कहा कि छात्रो को पढाई के दौरान प्रजेंट माईण्ड रहना चाहिए शत प्रतिशत अंक लाने के लिए कडी मेहनत करना चाहिये ।समिति सचीव कविश देशमुख ने अपने संबोधन मे कहा कि मा. सनोडिया जी द्वारा जो छात्रो के लिये उद्बोधन दिया गया वह छात्रो के लिये जीवन पर्यांत तक अनुकरणिय है , छात्रो का एक मात्र उद्देश्य लक्ष्य प्राप्ती होना चाहिए। इसके पश्चात माननीय सनोडिया जी दवारा स्कूल परिसर मे एक पेड मां के नाम अभियान के तहत वृक्षा रोपण का पुनित कार्य भी किया गया । छात्र एवं शिक्षको कि उपस्तिथि मे विधालय परिसर मे 20-25 फलदार वृक्षो का रोपण किया गया। प्रत्येक छात्र को रोपित वृक्ष कि जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र जी सोनी द्वारा किया गया ,विधिक साक्षरता शिविर व एक पेड मां के नाम कार्यक्रम के आयोजन मे विधालय स्टाफ के श्रीमती विनिता सिकरवार , सारिका जैन, प्रिया सोनी , सपना इंग्ले , पूजा सोलंकी,सोनाली मगरदे, दिपिका सोनी सुभांगी बिंजवे, रोशनी डांगरे, दुर्गा चौहान,संगीता टिकारे  अभिराम यादव आदि के सहयोग से संपन्न हुआ।

ग्राम इकाई तक मनाई जाएगी बलराम जयंती जिला बैठक में बनाई कार्य योजना ।

Balaram Jayanti will be celebrated till village level; action plan made in district meeting.

Balaram Jayanti will be celebrated till village level; action plan made in district meeting. हरिप्रसाद गोहे आमला । भारतीय किसान संघ की जिला बैठक शनिवार को कृषि उपज मंडी बैतूल में सम्पन्न हुई । जिसमें सितम्बर माह में होने वाले आयोजन की  कार्ययोजना बनाई गई । मासिक बैठक में जिला और तहसील समिति शामिल हुईं  जिला अध्यक्ष मनोज नावंगे ने बताया प्रांत से मिले निर्देश का पालन करते हुए सितम्बर माह में बलराम जयंती  महोत्सव प्रांत अधिवेशन ज्ञापन दिवस करना है ग्राम इकाई तक कार्यकर्ता पहुँचकर बलराम जयंती महोत्सव मनाना हैं । तहसील समिति से भी जयंती महोत्सव को भव्य बनाने के लिए चर्चा की गई कार्ययोजना बनाकर सभी तहसील ने सितम्बर माह में आयोजन की तारीख तय की गई  बलराम जयंती के लिए तहसील प्रभारी नियुक्त किए गए । जिला मंत्री ध्रुव मलैया ने बताया 16 सितंबर को ज्ञापन दिवस पर जिला सहित तहसील इकाई में ज्ञापन देना है 12 सितम्बर को प्रदेश अधिवेशन  में भी जिले से कार्यकर्ता पहुंचेगे बैठक मे अशोक मलैया नकुल सिंह चंदेल  लक्ष्मीनारायण मालवीय संतोष यादव हरिओम पूंदे नकुल भूसारे ओमकार साहू विजय विजय चङोकार गोविन्द दास ख़ैरवा संतोष पाल अमरनाथ चौधरी आशा राम ढावले राहुल हारोड़े लखनलाल फटेकर संतोष यादव उपस्थित रहे । भव्य मनाई जाएगी जयंती  बलराम जयंती कार्यक्रम एक पखवाड़ा में मनाया जाएगा  बैठक में हुई तय तारीख को तहसील पर आयोजन किया जाएगा बलराम जयंती कार्यक्रम बैतूल में 24,आमला 20,घोड़ाडोंगरी10, चिचोली22, पट्टन11, मुलताई 19,आठनेर 8,भीमपूर 14,शाहपुर7, भैसदैही 9  सितम्बर को मनाई जाएगी ।

भोपाल: औषधि निरीक्षक एवं CMHO की सयुंक्त टीम ने शहर के क्लिनिक पर की कार्यवाही से शहर में मचा हड़कंप । 

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur

The joint team of drug inspector and CMHO created a stir in the city due to the action taken against the city clinic. भोपाल, ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम मेरोठा ने शुक्रवार को  दोपहर बाद भोपाल शहर के बाणगंगा क्षेत्र में संचालित विकास क्लिनिक पर कार्यवाही की जिसमे उन्होंने पाया की फर्जी तरीके से क्लिनिक जिसका नाम विकास क्लिनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया। जहाँ करीब 6 बॉक्स भरकर एलॉपथी की दवाईया मिली,  उन्होंने विभिन्न दवाओं के खरीद के बिल चेक किए, रजिस्टर चेक किए। विकास क्लिनिक के संचालक डॉक्टर अनिल शर्मा इन सभी के कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए. जिसके तहत फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने क्लिनिक पर एलॉपथी दवाई पाए जाने पर उचित कार्यवाही की गयी।  CMHO एवं निरयंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सयुक्त टीम ने यह कार्यवाही की, टीम में DHO मनोज हुरमाडे व् सदस्य, ड्रग इंस्पेक्टर मौजूद थे।  उन्होंने इसके अलावा टीम ने आस पास के क्षेत्र में भी मेडिकल चेक किये तथा अपनी रूटीन कार्यवाही को अंजाम दिया।  ड्रग इंस्पेक्टर भोपाल तबस्सुम मेरोठा ने बताया कि दवा मेडिकल स्टोर पर दवाओं की खरीद और बिक्री का विवरण रखें, शेड्यूल एच 1 का रजिस्टर बनाएं, फ्रिज रखें, मेडिकल स्टोर लाइसेंस चस्पा करके रखें, इसके अलावा पशुओं की दवा बेचते हैं तो वह दवा रखने के स्थान पर बोर्ड भी लगाएं। ड्रग इंस्पेक्टर कन्हैया लाल अग्रवाल एवं तबस्सुम मेरोठा से मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक महीने में अनेक कार्यवाहियां खाघ एवं औषधि प्रशासन  के आदेश कार्यक्षेत्र में संचालित औषधि विक्रय संस्थानों के द्वारा औषधियों पर अंकित एम.आर.पी. से अधिक मूल्य पर औषधियों का विक्रय न हो एवं आम जनता को उचित मूल्य पर औषधियों उपलब्ध हो सके, साथ ही औषधि विक्रय संस्थान द्वारा बेची जाने वाली ऐसी औषधियों जिनका दुरूपयोग नशे के रूप में हो सकता है। औषधि विक्रय संस्थानों द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टीशनर के पर्चे के बिना यदि कोई शेडयूल एथ, एच। एवं एक्स का विक्रय किये जाने के संबंध में कोई प्रकरण पाया जाता है तो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, 1945 के तहत् कठोर कार्यवाही की जाएगी सभी निजी चिकित्सालयों/ नर्सिंग होम परित्तर में संचालित औषधि विक्रय संस्थानों के मालिक, कर्मचारी, स्टॉफ अथवा चिकित्सालयों के स्टॉफ द्वारा मरीजों को अथवा मरीजों के परिजन को उनके ही औषधि विक्रय संस्थान से ही औषधि क्रय किये जाने हेतु बाध्य नहीं कर सकते । इस प्रकार का कृत्य करते पाए जाने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी।  

कोलकाता की घटना के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन सख्त, सरकारी अस्पतालों के कर्मचारियों का पता लगाया जाएगा बैकग्राउंड

Madhya Pradesh administration strict after Kolkata incident, background of government hospital employees will be ascertained

Madhya Pradesh administration strict after Kolkata incident, background of government hospital employees will be ascertained भोपाल। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना के बाद मप्र में भी स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतलों की सुरक्षा- व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सरकारी अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों की कुंडली जांची जाएगी। स्वास्थ्य आयुक्त ने सरकारी अस्पताल के सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों के बैकग्राउंड की जांच के आदेश दिए हैं। इससे यह पता चल जाएगा कि अस्पतालों में काम करने वालों में से कोई किसी आपराधिक प्रवृत्ति का तो नहीं है। इसके अलावा सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल की सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की जानकारी उपलब्ध करवाएं। इससे अस्पताल में सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता हो सकेगी। क्योंकि इन अस्पतालों में बड़ी संख्या में महिला डॉक्टर दिन-रात ड्यूटी करती हैं। हमीदिया हो या फिर जेपी अस्पताल, इनमें डाक्टर एक साथ ड्यूटी रूम साझा करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि यहां पुरुष और महिला डॉक्टरों के लिए अलग-अलग कमरे नहीं हैं।जेपी अस्पताल में कमरों के दरवाजे टूटे, कैमरा भी नहींराजधानी के मॉडल जिला अस्पताल जेपी में बने ड्यूटी रूम में कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। कमरों के दरवाजे भी टूटे हुए हैं। कई बार कोई गार्ड भी ड्यूटी पर नहीं होता है। अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार मेडिसिन विभाग में 15 ड्यूटी डाक्टर हैं और एक समय में 10 से अधिक ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन यहां सिर्फ एक सामान्य ड्यूटी रूम हैं, जो काफी छोटे हैं। शौचालय की स्थिति खराब है, टूटे हुए बिस्तर हैं और वेंटिलेशन के लिए कोई जगह नहीं है। कई बिस्तरों पर तो सिर्फ सामान ही रखा जा रहा है।शिकायत के बावजूद सुनवाई नहींचिकित्सक महासंघ के मुख्य संयोजक डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि डॉक्टरों ने सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई फायदा नहीं हुआ। अस्पताल में डॉक्टरों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कोई भी घूमते हुए किसी भी वार्ड में घुस सकता है।डॉ. राकेश मालवीय के अनुसार, बड़ी संख्या में स्वजन और कई असामाजिक तत्व बिना किसी जांच के गलियारों में बैठे रहते हैं। इतना ही नहीं मरीजों के स्वजन द्वारा दुर्व्यवहार के समय भी मौके पर गार्ड नहीं होता है, हमें उसे ढूंढना पड़ता है। सुरक्षा बढ़ाने और CCTV की जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पृष्ठभूमि तैयार, उद्योगों के विकास के लिए बन रहा बेहतर माहौल

Under the guidance of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, the background is ready

Under the guidance of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, the background is ready, a better environment is being created for the development of industries. ग्वालियर। मार्च में उज्जैन और जुलाई में जबलपुर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई कोयम्बटूर और बंगलौर में हुई कॉन्क्लेव मध्य प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच बनी ग्वालियर में 28 अगस्त को हो रही रीजनल कॉन्क्लेव लघु उद्योगों के विकास का सशक्त माध्यम बनेगी। ग्वालियर में खाद्य प्र-संस्करण, टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग के साथ ही फुटवेयर एवं लैदर सेक्टर में निवेश प्राप्ति की संभावनाएं फिलहाल 73 औद्योगिक इकाईयों को भूमि आवंटन 345 करोड़ रूपए के निवेश से लगभग तीन हजार लोगों को रोजगार। ग्वालियर कॉन्क्लेव में विभिन्न 27 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और भूमिपूजन भी सम्पन्न होंगे। करीब 1420.39 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे और 3451 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कॉन्क्लेव में एमएसएमई के साथ ही पर्यटन, आई.टी., स्टार्टअप, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, फुटवेयर, कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा से संबंधित-सत्र होंगे। ग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी जनित सेवाओं के विस्तार का पुख्ता प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आईटी सेक्टर पर फोकसग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी के साथ इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और मैन्यूफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिये निवेश के लिये प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 28 अगस्त रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में आई टी सेक्टर में निवेश बढ़ाने पी प्रमुख कंपनियों से चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश की जीडीपी में आईटी सेक्टर का योगदान पांच बिलियन डॉलर है। फिलहाल प्रदेश में 15 आईटी पार्क के साथ ग्वालियर में 75 एकड़ में आईटी पार्क है। आईटी बिल्डिंग 73 हजार वर्ग फीट में है और इसमें 20 हजार 400 वर्ग फीट स्थान खाली है। कॉन्क्लेव के माध्यम से निवेशकों को गवालियर-चंबल क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं और अवसरों की जानकारी दी जाएगी। कॉन्क्लेव में नीदरलैण्ड, घाना, कनाडा एवं मैक्सिकों सहित अन्य कई देशो के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे ।

बैगा परिवारों को पीएम जन-मन योजना से दिलाएं पक्का आवास : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Provide permanent housing to Baiga families through PM Jan Man Yojana: Governor Mangubhai Patel

Provide permanent housing to Baiga families through PM Jan Man Yojana: Governor Mangubhai Patel भोपाल ! राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब एवं अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिये पीएम जन-मन योजना प्रारंभ की है। योजना से बैगा, भारिया, सहरिया परिवारों को आवास, उज्जवला गैस, पीएम किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन के तहत हर-घर नल से जल, छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति आदि सुविधाएं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बैगा परिवारों को पीएम जन-मन आवास के माध्यम से झोपड़ी से मुक्ति दिलाकर पक्का आवास दिलाएँ। राज्यपाल श्री पटेल उमरिया जिले के डोड़का ग्राम पीएम जन-मन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुडकर आर्थिक उत्थान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां शिक्षा होगी, वही समाज आगे बढ़ेगा। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत तथा 2047 तक सिकल सेल मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होने आव्हान किया कि टीबी मरीजों को सम्पन्न व्यक्ति गोद लें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल अनुवांशिक बीमारी है, इसे जड़ से मिटाने का समन्वित प्रयास आवश्यक है। इसके लिए 15 हजार करोड रूपये का प्रावधान किया गया है। स्कूली बच्चों तथा आंगनबाडी के बच्चों एवं गर्भवती माताओं की सिकल सेल की जांच कराएँ। विवाह के समय सिकल सेल पीडित जोडो का विवाह नही कराएँ। राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम डोडका में आयोजित कार्यक्रम में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम डोडका में गौ-शाला का निरीक्षण किया। गौमाता का पूजन कर चना, गुड़, घास तथा केला खिलाया। उमरिया कलेक्टर श्री धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) अंतर्गत सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आरंभ होने से वर्तमान समय तक 368 आधार कैम्प लगाये गये है। डोर-टू-डोर सर्वे किया जा कर अन्य योजनाओं के सैचुरेशन हेतु जिले अंतर्गत 500 से अधिक कैम्प लगाये गये। जिले की मानपुर जनपद पंचायत जनमन आवास बनाये जाने में प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां 1598 आवास बनाये जा चुके है। इस अवसर पर विधायक सुश्री मीना सिंह, विधायक श्री शिवनारायण सिंह, आयुक्त शहडोल संभाग श्री श्रीमन शुक्ला, पुलिस महा निरीक्षक शहडोल श्री अनुराग शर्मा सहित स्थानीय जन-प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जायेगा ,शासन ने जारी किए दिशा-निर्देश

The festival of Janmashtami will be celebrated with enthusiasm, government issued guidelines

The festival of Janmashtami will be celebrated with enthusiasm, government issued guidelines मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में आगामी 26 अगस्त 2024 को जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिये आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये है। निर्देश में जन्माष्टमी पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों और उनसे जुड़े स्थलों पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जन्माष्टमी पर्व पर प्रत्येक जिले में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों की साफ-सफाई कार्य एवं सांस्कृतिक कार्यकमों का आयोजन किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा एवं मित्रता के प्रसंग तथा जीवन दर्शन के साथ भारतीय सांस्कृतिक परम्पराओं, योग आदि पर आधारित विभिन्न विषयों पर विद्वानों के व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सभी शासकीय/अशासकीय स्कूल/कॉलेज में आयोजित कराये जाएंगे। प्रदेश के ऐसे स्थल जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में जुड़े विशेष प्रसंग स्थलों जैसे कि जानापाव, अमझेरा, नारायणा एवं सांदीपनी आश्रम उज्जैन में जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जन्माष्टमी पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शास्त्र सम्मत मंदिर निर्माण के स्थापत्य एवं उनकी विशेषताओं से अधिक से अधिक लोगो को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही हमारे गौरवशाली इतिहास के प्रसंगो, कथानकों, आख्यानों से सभी वर्गों को अवगत कराने के लिये भी समुचित कार्यवाही की जाएगी।

निवेश के लिए सबसे बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है ग्वालियर-चंबल अंचल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Gwalior-Chambal region is the area with the biggest potential for investment: Chief Minister Dr. Yadav

Gwalior-Chambal region is the area with the biggest potential for investment: Chief Minister Dr. Yadav ग्वालियर ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर – चंबल क्षेत्र पूरे प्रदेश में निवेश के लिये सबसे अच्छी व बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है। ग्वालियर शहर देश की राजधानी नई दिल्ली के नजदीक होने के साथ-साथ उत्कृष्ट हवाई, रेलवे व सड़क सेवाओं से पूरे देश से जुड़ा है। हमें भरोसा है कि ग्वालियर में 28 अगस्त को आयोजित होने जा रही “रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव” से इस क्षेत्र के लिए बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर व चंबल संभाग के जिलों के उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि निवेश केवल बड़ी इकाईयों में ही नहीं, अपितु रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज में हो, जिससे ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में आयोजित होने जा रही “रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव” के सिलसिले में गुरुवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर व शिवपुरी जिले के उद्योगपतियों से वर्चुअल संवाद किया। ग्वालियर के उद्योगपति बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। केन्द्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्चुअल रूप से इस बैठक में शामिल हुए। यहाँ कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला एवं क्षेत्रीय सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमियों के प्रोत्साहन एवं बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में श्रृंखलाबद्ध रूप से इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्वालियर में 28 अगस्त को रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन की गई है। इस कॉन्क्लेव से पहले से कार्यरत औद्योगिक इकाईयों को विस्तार देने में मदद मिलेगी ही, साथ ही क्षेत्र को बड़े पैमाने पर नया औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि बाहर के निवेशक आकर हमारे प्रदेश में औद्योगिक निवेश करें, स्थानीय उद्यमियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिये अनुकूल वातावरण मिले और पूर्व से संचालित इकाईयों का विस्तार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल के बीहड़ क्षेत्र की जमीन पर डिफेन्स सेक्टर में निवेश के लिये विशेष प्रयास किए जायेंगे। इसके लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से जल्द ही चर्चा की जायेगी। उन्होंने कहा अडानी समूह व अन्य बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने डिफेंस सेक्टर में निवेश करने के लिये रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैंगलोर में उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के लिये किए गए रोड़ शो का जिक्र करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक लिमिटेड को प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश करने के लिये आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आईटी, पर्यटन, एथेनॉल उत्पादन, लैदर फुट वियर, खाद्य प्रसंस्करण व दुग्ध आधारित इकाईयों के निवेश को भी पूरा प्रोत्साहन देगी। हर जिले में कलेक्टर डेस्क लगाकर करायेंगे उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद के दौरान उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि ओद्योगिक इकाईयों से संबंधित उनकी हर समस्या का समाधान तत्परता से कराने के लिये सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे उद्यमियों की समस्याओं का समाधान विशेष हैल्पडेस्क लगाकर करें। सभी जिला कलेक्टर से निराकरण की हर माह रिपोर्ट ली जायेगी। ग्वालियर की इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव नया इतिहास रचेगी – केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया केन्द्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसमें रीजनल स्तर पर इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही हैं। इससे देशभर के उद्योगपतियों में सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति जताया। साथ ही कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर इण्डस्ट्री समिट के आयोजन से हर संभाग की अलग-अलग क्षमताओं के आधार पर औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। श्री सिंधिया ने विश्वास जताया कि ग्वालियर की इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगी। रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा देना सराहनीय पहल – विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि औद्योगिकीकरण के लिये जिन आधारभूत चीजों की जरूरत होती है वह सभी ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। साथ ही यहाँ की कनेक्टिविटी भी उत्कृष्ट है। खुशी की बात है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से खासतौर पर रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि ग्वालियर की समिट से ग्वालियर – चंबल क्षेत्र को बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। उन्होंने डिफेंस सेक्टर मे निवेश के लिये विशेष प्रयास करने व साडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। साडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश के लिये जमीन मुहैया कराई जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के साडा क्षेत्र (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) में औद्योगिक निवेश के लिये सरकार जमीन उपलब्ध करायेगी। औद्योगिक गतिविधियों के लिये सरकार जमीन उपलब्ध कराने में रियायत भी देगी। इसके लिये शासन स्तर से तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि साडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से इस क्षेत्र का तेजी से विकास हो सकेगा। उद्योगपति बोले मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति से पूरे देश में हमारा सम्मान बढ़ा उद्योगपतियों ने संवाद के दौरान प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये उपलब्ध कराए जा रहे बेहतर वातावरण व उत्कृष्ट अधोसंरचनागत सुविधाएँ एवं प्रोत्साहन की खुलकर सराहना की। ग्वालियर के बड़े उद्योगपति एवं सीआईआई के प्रतिनिधिगण श्री आशीष वैश्य व श्री पुनीत डावर का कहना था कि मध्यप्रदेश की उद्योग फ्रेंडली नीति की बदौलत अन्य राज्यों के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के लिये लालायित हैं। अन्य राज्यों की इण्डस्ट्रीज समिट में मध्यप्रदेश की उद्योग नीति की सराहना हो रही है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। संवाद के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के उद्योगपतियों ने अपनी बात रखी और सुझाव दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को भरोसा दिलाया कि वे अपने औद्योगिक … Read more

जिसे ब्लैकलिस्ट किया उसकी शिकायत पर ही डीएफओ के खिलाफ जांच शुरू

Investigation started against DFO only on the complaint of the person who was blacklisted

Investigation started against DFO only on the complaint of the person who was blacklisted उदित नारायणभोपाल। जंगल महकमे के एक डीएफओ के खिलाफ जांच इसलिए शुरू हो गई, क्योंकि उसके फर्म को डीएफओ ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस प्रकरण से विजिलेंस शाखा की कर शैली पर सवाल उठने लगे है कि शिकायत की तब्शीश किए बिना ही जांच का फरमान जारी कर दिया।प्रभारी डीएफओ अनूपपुर श्रद्धा पेंद्रे ने मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई एम.पी.ई.व्ही. चचाई जिला अनुपपूर को वर्ष 2023-24 द्वारा समयावधि में सामग्री प्रदाय नही करने एवं निर्देशों का पालन नही करने के कारण मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई अनूपपुर फर्म को 5 वर्ष (वर्ष 2024-25 से 28-29) की अवधि के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया और उनके द्वारा जमा की गई प्रतिभूति राशि ढाई लाख रुपए भी राजसात कर लिए है। डीएफओ की कार्यवाही से बौखलाए मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई फर्म के संचालक ने डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे के खिलाफ विभागीय विजिलेंस से लेकर सीसीएफ से शिकायत की। शिकायत में टेंडर की औचित्यहीन शर्तों का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि का परीक्षण किए बिना ही वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों ने डीएफओ के खिलाफ जांच प्रारंभ करवा दी है। वर्किंग प्लान ऑफिसर शैलेंद्र गुप्ता को जांच दी गई है।फर्म को इन सामग्री का मिला था ठेकावनमण्डल दक्षिण शहडोल अंतर्गत विभिन्न परिक्षेत्रों में वित्तीय वर्ष 2023-24 में वानिकी कार्यों एवं निर्माण कार्यों में उपयोग हेतु सामग्री क्रय करने हेतु गोबरखाद, रेत सोन नदी का साफ और सीमेन्ट आदि सामग्री प्रदाय करने हेतु मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई को वर्क ऑडर दिया गया था। फर्म ने सामग्री समय पर प्रदाय नहीं किया। सामग्री प्रदाय न करने बाबत् स्पष्टीकरण देने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही उप वनमण्डलाधिकारी सोहागपुर के पत्र क्रमांक/4348, वन परिक्षेत्राधिकारी मोहपास के पत्र पत्र क्रमांक/2391, पत्र क्रमाक/2393, पत्र क्रमांक / 2345, पत्र क्रमाक/2397, के अलावा वन परिक्षेत्राधिकारी खन्नीधी, जैतपुर, बुढ़ार और परिक्षाधिकारी शहडोल सामग्री प्रदाय करने हेतु बार-बार निर्देशित किया गया किन्तु मे० रॉयल टेक इन्डस्ट्रियल कॉर्पोरेशन चचाई एम.पी.ई.व्ही. चचाई जिला अनुषपूर (म०प्र०) द्वारा सामग्री ही आज दिनांक तक प्रदाय नहीं किया। इसके कारण वानिकी कार्य एवं निर्माण कार्य आज दिनांक तक पूर्ण नही हो पाया है। वर्तमान में क्षेत्र तैयारी अन्तर्गत भू-जल संरक्षण कार्य, गड्‌या खुदाई, विकृत पौधा कटाई आदि कार्य प्रगति पर है जिससे क्षेत्र तैयारी आदि कार्य में काफी विलंब हो रहा है। सामग्री तत्काल प्रदाय करने हेतु फर्म को लेख किया गया किन्तु कार्यालय से जारी पत्रों के किसी भी पत्र का प्रति उत्तर/बचाव उत्त्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश एपीएआर संबंधित आदेश सरकार वापस लें नहीं तो अवमानना कार्यवाही शुरू करेंगे

Supreme Court's order: Government should withdraw APAR related order or else we will initiate contempt proceedings

Supreme Court’s order: Government should withdraw APAR related order or else we will initiate contempt proceedings भोपाल। उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति बी दवाई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य को चेतावनी दी यदि 29 जून को जारी आईएफएस अधिकारियों की प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट संबंधित आदेश वापस लें नहीं तो  प्रदेश सरकार के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जहां आईएफएस अधिकारियों की जीत हुई है वहीं नौकरशाही की फजीहत हुई है। एक अधिकारी ने कोर्ट के फैसले के बाद अपनी प्रक्रिया में कहा कि सत्यमेव जयते।   यह आदेश न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने गौरव कुमार बंसल, वकील द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया । न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मध्य प्रदेश राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता को इस मुद्दे को गंभीरता से देखने का निर्देश दिया और आगे कहा कि यदि दिनांक 29 जून 24 का आदेश वापस नहीं लिया गया तो न्यायालय उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू कर सकता है। सनद रहे कि 29 जून 2024 के अपने आदेश के तहत, मध्य प्रदेश राज्य ने डीएफओ से लेकर पीसीसीएफ तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एपीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की। बंसल ने न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ को यह भी अवगत कराया कि 29 जून 2024 के आक्षेपित आदेश ने न केवल डीएफओ से लेकर पीसीसीएफ तक सभी आईएफएस अधिकारियों के एपीएआर जमा करने के चैनल को बदल दिया है, बल्कि यह भी निर्देश दिया है कि संयुक्त से संबंधित कार्य वन प्रबंधन, वन अधिकार अधिनियम से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण, इकोटूरिज्म, वन क्षेत्रों में खनन गतिविधियाँ, और डीएफओ , वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक द्वारा किए गए अन्य महत्वपूर्ण कार्यों का मूल्यांकन संबंधित जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त द्वारा किया जाएगा। एपीएआर में उनकी टिप्पणी के साथ दस में से नंबर देकर, जो उनकी भूमिका के बिल्कुल विपरीत है। बंसल ने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश राज्य द्वारा जारी दिनांक 29 जून 24 का आदेश टी.एन. के फैसले में इस माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करता है। बंसल ने  न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ को यह भी सूचित किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में गैर-वन विभाग के अधिकारियों को शामिल करने से न केवल भारतीय वन सेवाओं के प्राथमिक जनादेश यानी वैज्ञानिक प्रबंधन, संरक्षण और वनों का संरक्षण कमजोर होगा। वन्यजीवन के संरक्षण और सुरक्षा पर भी प्रभाव डालेगा, इसलिए वर्तमान आदेश मध्य प्रदेश सरकार वापस ले।

बैतूल के मरीज श्री शेकलाल को उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस से भेजा भोपाल

Betul patient Mr. Shekalal was sent to Bhopal by air ambulance for treatment.

Betul patient Mr. Shekalal was sent to Bhopal by air ambulance for treatment. भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू की गई पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना में बैतूल के चकोला निवासी श्री शेकलाल हर्ले को बुधवार सुबह 11.44 बजे बैतूल जिले से एयरलिफ्ट कर हमीदिया चिकित्सालय भोपाल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मरीजों को आपात स्थिति में तुरंत राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रारंभ की गई है। श्री हर्ले प्रदेश में पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना से लाभान्वित होने वाले 13वें मरीज है। बैतूल के पट्टन तहसील के ग्राम चकोला निवासी 51 वर्षीय शेकलाल हर्ले एक दिन पूर्व छज्जे पर प्लास्टर करते हुए गिर गए थे। गिरने से श्री हर्ले को स्पाइनल फ्रैक्चर हो जाने के कारण ऑपरेशन की जटिलता को देखते हुए भोपाल हमीदिया चिकित्सालय में रेफर किया गया था। कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा श्री हर्ले को एयर एम्बुलेंस से भेजने की तैयारी की गई। इससे समय रहते मरीज श्री शेकलाल को एयर लिफ्ट कर कम समय में उपचार के लिये भोपाल लाया गया। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में श्री शेकलाल का उपचार प्रारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परिजन ने माना आभार श्री हर्ले के परिजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि मरीजों के हित में चलाई गई एयर एम्बुलेंस योजना की सुविधा गरीबों की जिन्दगी के लिए रोशनी की किरण साबित हो रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उईके ने बताया कि बैतूल से भोपाल सामान्य रूप से 4 से 5 घंटे का समय लगता है। परंतु एयर एम्बुलेंस से यह दूरी मात्र 35 मिनट में पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा इस सुविधा से एयर एम्बुलेंस अभी तक आर्थिक रूप से संपन्न मरीजों को ही मिल पाती थी। एयर एम्बुलेंस पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा उठाया जाता है।

अंतरिक्ष विज्ञान की नई तकनीक से प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन : मंत्री श्री सिलावट

Better conservation and promotion of natural resources through new technology of space science: Minister Shri Silavat

Better conservation and promotion of natural resources through new technology of space science: Minister Shri Silavat भोपाल : जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि अंतरिक्ष विज्ञान की नई तकनीक के प्रयोग से हम हमारे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन कर सकते हैं और हमारा देश एवं प्रदेश अधिक सक्षम और समृद्धिशाली बन सकता है। अंतरिक्ष सूचनाओं के आधार पर आज हम प्रदेश के जल संसाधनों का योजनाबद्ध तरीके से प्रबंधन कर सकते हैं। जल संसाधनों के विकास, योजना निर्माण तथा निर्मित संरचनाओं की निगरानी एवं उनके प्रबंधन में यह विज्ञान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। हमें इसका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के प्रांगण में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त के परिप्रेक्ष्य में “जल के क्षेत्र में अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का आयोजन जल संसाधन विभाग एवं मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में इसरो सहित अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के वैज्ञानिक, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा जल एवं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले शोधार्थी शामिल हुए। मंत्री श्री सिलावट ने शोधार्थियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत ने 23 अगस्त 2023 को चंद्र दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में अपने चंद्रयान-तीन विक्रम लैंडर को सफलता पूरक उतारा था। भारत की इस महान उपलब्धि के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिवर्ष देश में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह पूर्वक मनाया जाने की घोषणा की गई। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पूरे प्रदेश के महाविद्यालय /विद्यालयों में अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वैज्ञानिक छात्र संवाद, अंतरिक्ष विज्ञान आधारित कथन, प्रश्नोत्तरी एवं फिल्मों का प्रदर्शन आदि गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि आज भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रमों की निरंतर उपलब्धि के चलते समय-समय पर भेजे गए उपग्रहों के माध्यम से हमें कई महत्वपूर्ण सूचनाऐं एवं जानकारी प्राप्त हो रही हैं। नदियों के बहाव के साथ-साथ बाढ़ का प्रबंध करने में अंतरिक्ष सूचनाओं से पूर्व-सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है, जो बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिये अति महत्वपूर्ण निर्णय प्रणाली है। अल्प वर्षा की स्थिति में सूखे से निपटने के लिए भी इस तकनीकी से सूखे का आकलन एवं प्रबंधन किया जाना संभव हो पाता है। इस तकनीक से मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भी मौसम के सटीक पूर्व -अनुमान प्राप्त हो रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage भोपाल ! मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी “मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन” योजना का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है। आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं। उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी। मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी। योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी। योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी। सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी। छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।

भाजपाइयों के बाबा महाकाल…प्रदेश अध्यक्ष, संगठन प्रभारी, विधायक से लेकर तमाम भाजपा पदाधिकारी उड़ा रहे मंदिर नियम की धज्जियां

BJP's Baba Mahakal…State President, Organization Incharge, MLA flouted temple rules

BJP’s Baba Mahakal…State President, Organization Incharge, MLA flouted temple rules वैसे तो कालों के काल बाबा महाकाल सभी के हैं, लेकिन पिछले 44 दोनों की बात की जाए तो लगता है जैसे बाबा महाकाल अब सिर्फ भाजपाइयों के हो चुके हैं। मंदिर में हजारों किलोमीटर दूर से दर्शन करने आने वाले भक्तों को तो बेरिकेट से ही बाबा महाकाल के दर्शन करना पड़ते हैं, लेकिन श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियम उसे समय शिथिल हो जाते हैं, जब कोई भाजपा नेता भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचता है। सहारा समाचार समय-समय पर मंदिर में श्रद्धालुओं को हो रही अवस्था पर सवाल उठाता है, लेकिन आज बात मंदिर के नियमों की है, जिनकी पिछले 44 दिनों में चार बार धज्जियां उड़ाई गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन प्रभारी और विधायक कैसे मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे इसका जवाब देने वाला मंदिर में कोई नहीं है। कहने वाली बात तो यह भी है कि इन सत्ताधारियों ने खुद तो गर्भगृह में पहुंचकर भगवान का पूजन अर्चन अभिषेक तो किया ही, लेकिन इसके साथ ही यह अपने चहेतो को भी गर्भगृह में ले गए, जिन्हें गर्भ गर्भगृह में ले जाने का इन्हें कोई अधिकार नहीं था। 8 जुलाई से 19 अगस्त तक कई बार उड़ी नियमों की धज्जियांसबसे पहले बात की जाए तो 8 जुलाई 2024 को भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी महेंद्र सिंह भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करने के लिए अपनी पत्नी के साथ गर्भगृह में पहुंचे थे। इन्होंने भगवान का पूजन अर्चन अभिषेक किया था जिस पर जमकर बखेड़ा खड़ा हुआ था, लेकिन बाद में इस पूरे मामले में जिम्मेदार ने यह नहीं बता पाए कि आखिर भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी मंदिर के गर्भगृह में कैसे पहुंचे। 10 अगस्त 2024 को उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा अपने जन्मदिन पर बाबा महाकाल के गर्भगृह में भगवान महाकाल का पूजन अर्चन अभिषेक करते दिखाई दिए थे। जिसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने बाबा महाकाल के दर्शन तो किए थे, लेकिन इस दौरान वे अपने साथ भाजपा के सराफा मंडल अध्यक्ष अजय तिवारी को भी गर्भगृह में ले गए थे। इस मामले ने भी जमकर तूल पकड़ा था, लेकिन श्री महाकालेश्वर मंदिर के जिम्मेदार इस मामले पर भी चुप्पी साधे रहे, जबकि इस मामले में भी मंदिर के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थी। 19 अगस्त 2024 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी को प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करवाना फिर भी मंदिर के नियमों के तहत आता है, लेकिन इस दौरान यह देखने को आया था कि मुख्यमंत्री अपने साथ लगभग आधा दर्जन अन्य लोगों को भी गर्भगृह में ले गए थे जो कि नियमों के विरुद्ध है। 19 अगस्त 2024 श्रावण के अंतिम सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा उज्जैन पहुंचे थे, जहां उन्होंने गर्भगृह में पहुंचकर भगवान का पूजन अर्चन किया था। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला और दो अन्य लोग भी भगवान की पूजा अर्चना करते दिखाई दिए थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का यही वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसको लेकर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही जिला अध्यक्ष और दो अन्य लोगों को किस प्रोटोकॉल के नियम के तहत मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करवाया गया। तो नियमों में भेदभाव क्यों….?वैसे तो यह किसी को बताने की बात नहीं है कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं से दर्शन व्यवस्था के नाम पर कितने नियमों का पालन करवाया जाता है। अगर कोई श्रद्धालु मंदिर के नियमों का थोड़ा भी उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ आम श्रद्धालुओं पर ही होती है वीआईपी श्रद्धालु चाहे जो भी करें उन पर लगता है श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियम काम नहीं करते हैं। कोई नहीं बात पता किसकी परमिशन से हुआ गर्भगृह में प्रवेश पिछले 44 दिनों में भाजपा के कई पदाधिकारी ने गर्भगृह में पहुंचकर खुद तो दर्शन किए ही साथ ही वह अपने चहेतों को भी गर्भगृह में ले गए, जिसकी जानकारी वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया और प्रशासन तक जरूर पहुंची, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर के जिम्मेदार यह नहीं बता पाए कि आखिर किसकी परमिशन से गर्भगृह में इन लोगों को प्रवेश दिया गया था। आज भी जब महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि हमने ऐसी कोई अनुमति नहीं दी है। मैं दिखवाता हूं कि किसकी अनुमति से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दर्शन करने गर्भगृह में पहुंचे थे। जबकि एडीएम अनुकूल जैन का कहना है कि प्रशासनिक प्रोटोकॉल से कोई परमिशन नहीं करवाई गई है इस बारे में प्रशासक ही बता पाएंगे।

भोपाल में भारत बंद का मिला-जुला असर, कुछ दुकानें खुलीं, पुलिस भी हाई अलर्ट पर

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert

Mixed effect of Bharat Bandh in Bhopal, some shops opened, police also on high alert भोपाल ! सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी के आरक्षण में वर्गीकरण का आदेश दिया गया है. उसके विरोध में आज 21 अगस्त को भारत के सभी अनुसूचित जाति एवं जनजाति संगठनों द्वारा भारत बंद का अव्हान किया गया था. हालांकि एमपी के ज्यादातर शहरों में भारत बंद का मिला जुला असर ही देखा जा रहा है. ज्यादातर दुकानें खुली हैं तो कुछ दुकानें ही बंद हैं. इधर भारत बंद के आव्हान के बाद पुलिस भी अलर्ट है. पुलिस सोशल मीडिया पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं तो वहीं आमजनों से अफवाहों से बचने की अपील भी की गई. कांग्रेस विधायक बंद के समर्थन मेंग्वालियर में कलेक्टर ने मंगलवार की रात से ही धारा 144 लागू कर दी थी. वहीं ग्वालियर में कई स्कूलों ने आज छुट्टी घोषित कर दी थी. बता दें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के संगठनों का जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन भी समर्थन कर रहा है. कांग्रेस विधायक और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया इस बंद के समर्थन में हैं. हालांकि कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही है. पुलिस की आमजनों से अपील

विरूद्व वन अपराध प्रकरण क्रमांक 31/12 दिनांक 24 फरवरी 24 के माध्यम से पंजीबद्ध किया गया,अनुमति के विरुद्ध 27.9 हेक्टेयर पर निर्माण किया

construction was done on 27.9 hectares against the permission.

Forest offence case number 31/12 dated 24 February 24 was registered against him, construction was done on 27.9 hectares against the permission. (विशेष संवाददाता ) भोपाल। कंपनी द्वारा स्थल पर कक्ष कमांक पी-546 में 182.00 हेक्टेयर में निर्माण कार्य किया गया है, जिसमें सीमेन्ट फैक्ट्री प्लांट, रिहायसी कॉलोनी, स्कूल, रेस्टहाउस आदि सम्मिलित हैं। कक्ष कमांक पी-546 में 182 हेक्टेयर में निर्माण कार्य के अतिरिक्त कंपनी द्वारा कक्ष कमांक पी-555 में 27.9 हेक्टेयर में बैंक, लेबर कॉलोनी, कॉलेज, हॉस्पिटल, बाजार आदि का निर्माण किया गया है। अतएव फैक्ट्री प्रबंधन को कुल आवंटित 188.23 हेक्टेयर वनभूमि में से कन्वेयर बेल्ट हेतु आवंटित 5.855 हेक्टेयर वनभूमि को हटाकर कुल 182.375 हेक्टेयर में निर्माण कार्य करने की अनुमति प्राप्त थी किंतु कंपनी द्वारा आवंटित 182.375 हेक्टेयर वन भूमि के विरुद्ध बीट सगमनिया के कक्ष क्रमांक पी-546 में 182 हेक्टेयर तथा बीट बम्हनी के कक्ष क्रमांक पी-555 मैं 27.9 हेक्टेयर में निर्माण कार्य किया गया। इस प्रकार कंपनी को निर्माण कार्य हेतु कुल आवंटित वन भूमि 182.375 हेक्टेयर के विरुद्ध कुल 209.9 हेक्टेयर वन भूमि में फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा निर्माण कार्य किया गया। अतएव कंपनी द्वारा 27.9 हेक्टेयर वन भूमि अतिरिक्त अवैध निर्माण कार्य किया गया है।  वर्किंग प्लान में भी अतिक्रमण का था उल्लेख  वनमण्डल सतना की कार्य आयोजना में वर्ष 2008-09 से 2017-18 में 30 हेक्टेयर तथा वर्तमान कार्य आयोजना वर्ष 2019-20 से 2028-29 भाग-3 आलेख में 24.94 हेक्टेयर अतिक्रमण कक्ष कमांक पी-555 में लेख किया गया है। जो 2005 के पूर्व का है। कार्य आयोजना (वर्ष 2008-09 से 2017-18) एवं वर्तमान कार्य आयोजना (वर्ष 2019-20 से 2028-29) के अनुसार भी कक्ष कमांक पी-555 में कंपनी प्रबंधन द्वारा किये गये 27.9 हेक्टेयर में निर्माण कार्य अतिक्रमण के रूप में अंकित है एवं यह अतिक्रमण वर्ष 2005 से पूर्व का है।  गूगल इमेजरी में भी अतिक्रमण उजागर  गूगल अर्थ इमेजरी वर्ष 2002 तक ही उपलब्ध है एवं वर्ष 2002 के पूर्व की गूगल इमेजरी उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2002 की गूगल इमेजरी में यह अतिक्रमण देखा जा सकता है। अतएव यह अतिक्रमण वर्ष 2002 के पूर्व का है। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा इनके निर्माण वर्ष के सम्बन्ध में कोई भी दस्तावेज तथा कथन प्रदाय नहीं किये गये हैं। जांच के समय स्थानीय बुजुर्गों से पूछतांछ की गई, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि अस्पताल, कॉलोनी एवं ग्राउन्ड वर्ष 1981 से 1984 के मध्य में बना है तथा कॉलेज एवं बाजार 2000 से 2002 के मध्य प्रारंभ किया गया है तथा कॉलेज को वर्ष 2005 में मान्यता प्राप्त हुई है।  किसी राजस्व अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं  अल्ट्राटेक सीमेण्ट फैक्ट्री द्वारा उक्त भूमि के संबंध में आज दिनांक तक केवल कलेक्टर, सतना द्वारा वर्ष 1993 में (1977 से 2078, 99 वर्ष की अवधि के लिए) दी गई लीज डीड की छायाप्रति प्रदाय की गई है। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा वर्ष 1990 के एक नक्शे की छायाप्रति प्रदाय की गई है, जिसमें किसी भी राजस्व के अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं, इसमें केवल एसएन नाचने तत्कालीन डीएफओ सतना के हस्ताक्षर है। यह कोई मानचित्र नहीं है, बल्कि कंपनी द्वारा स्थल पर किये गये निर्माण कार्य का लेआउट प्लान है, जो कि उन्होंने अतिक्रमण पश्चात् बनाया है, जिसकी कोई वैधता नहीं है। साथ ही लेख है कि इस क्षेत्र के राजस्व मानचित्र भू-अभिलेख कार्यालय जिला सतना एवं मैहर में उपलब्ध नहीं है। साथ ही कलेक्टर जिला सतना द्वारा वर्ष 1993 में प्रदाय की गई लीज डीज की मूल फाइल तथा संबंधित अन्य अभिलेख भी अद्यतन स्थिति में प्राप्त नहीं हुए है।

व्हाट्सएप, ई-मेल और टेक्स्ट मैसेज से भेजे जाएंगे वारंट, नोटिफिकेशन जारी

Warrants will be sent through WhatsApp, e-mail and text message, notification issued

मध्यप्रदेश में न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के लिए एक नया नियम लागू किया गया है। इस नियम के तहत अब समन और वारंट ऑनलाइन माध्यमों जैसे व्हाट्सएप, ई-मेल, और टेक्स्ट मैसेज के जरिए भेजे जाएंगे और उन्हें तामील माना जाएगा। इस नई पहल के साथ मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसको लेकर गृह विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बता दें मध्यप्रदेश सरकार ने नए कानून के लिए डेढ़ महीने में यह नियम तैयार किया है, जिसके अनुसार अब कोर्ट से सीधे समन और वारंट जारी किए जा सकेंगे। ई-मेल के जरिए भेजे गए समन और वारंट की तामील तब मानी जाएगी, जब ई-मेल बाउंस बैक नहीं होता। इसका मतलब है कि अगर ई-मेल डिलीवर हो जाता है, तो समन या वारंट तामील माना जाएगा। हालांकि, यह नया नियम उन लोगों पर लागू नहीं होगा जो ई-मेल, फोन नंबर, या मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग नहीं करते हैं। ऐसे मामलों में पारंपरिक तरीका अपनाया जाएगा और संबंधित थाने का स्टाफ समन या वारंट की तामील करवाएगा। गृह विभाग ने इस नए नियम को लागू करने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस कदम से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है और डिजिटल युग में न्याय व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस नए नियम के लागू होने से न्यायिक प्रक्रियाओं में समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही अदालती आदेशों की तामील अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

पैसो का कमाल :- आनलाईन स्थानांतरण प्रक्रिया मे खेला,आधाअधूरा सीएचसी मे कर दिया ट्रांसफर ,सीएचसी मे सुख रहे कपडे स्वास्थ्य मंत्री के बंगले से लेकर एनएचएम की बिल्डिंग में बैठकर होते है नाम तय

Miracle of money:- Played in the online transfer process

Miracle of money:- Played in the online transfer process, half-finished transfer was made to CHC, clothes were drying in CHC, names were finalized from the Health Minister’s bungalow to the NHM building. भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार द्वारा संचालित नेशनल स्वास्थ्य मिशन में दावों को लेकर अधिकारियों की मनमानी खुले आम चल रही है। यूं तो मध्य प्रदेश सरकार ने अभी तबादलों पर से बैन नहीं हटाया है लेकिन यह योजना केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है इसलिए इसमें बहुत सारे फैसले लेने के अधिकार मिशन संचालक के हाथों में है उन्ही अधिकारों का उपयोग करते हुए नेशनल स्वास्थ्य मिशन योजना में अधिकारी – कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारियों व तबादले से लेकर विभाग में होने वाली सप्लाई सामग्री सभी में मनमानी करने पर उतारू है। मध्य प्रदेश सरकार का चुकी हस्तक्षेप काम है इसलिए यहां पदस्थ अधिकारी अपनी मोनोपोली चलाते हैं । कोई सुनने और देखने वाला नहीं है |मध्य प्रदेश सरकार में तबादलो पर प्रतिबंध है लेकिन नेशनल स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक ने जिलो व ब्लाक स्तर पर तैनात सीएचओ की दो तबादला सूचिया जारी कर दी है। इसमें एक 72 और एक 60 सीएचओ की सूची है इस सूचि में कुछ ऐसे नाम भी शामिल है उन स्थानों पर पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं जहां अभी स्वास्थ्य केंद्र बने ही नहीं है। उदाहरण के तौर पर बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लाक मे सुखाढाना है उस स्वास्थ्य केंद्र का अभी निर्माण कार्य ही पूरा नहीं हुआ है वहां निर्माण काम चल रहा है पर बिना केंद्र के बने ही इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर सीएचओ का तबादला कर पदस्थापना कर दी । इस सेंटर पर एक और बात सामने आई जब इस सेंटर पर कुछ कर्मचारी आवेदन कर रहे थे तो वहा पर आवेदन स्विकार ही नही हो रहा था याने सेंटर ही नही दिख रहा था अब सवाल जब आनलाईन प्रक्रिया चल रही है और आनलाईन मे सेंटर शो ही नही कर रहा तो यहा स्थानांतरण कैसे हो गया । यह इस बात का प्रमाण है कि यह तबादला लेनदेन या किसी अन्य व्यवस्था के अंतर्गत किया गया है । कि जैसे ही यह उप स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार हो जाएगा तब तक यह कर्मचारी छतरपुर के उसे उप स्वास्थ्य केंद्र पर काम करेगा और जैसे ही एक केंद्र बनकर तैयार होगा उसे वहां से रिव्यू होकर बैतूल जिले में भेज दिया जाएगा ऐसे और भी कई उदाहरण हो सकते हैं मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों को विशेष कर प्रमुख सचिव जिनके अधीन पूरा प्रदेश प्रशासन है प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से लेकर कनिष्ठ अधिकारी उनके अधीन है तो उन्हें ऐसे मामलों में संज्ञान लेना चाहिए और इस तरह अधिकारियों द्वारा की जा रही मनमानी पर ब्रेक लगाना चाहिए माना कि यह योजना केंद्र सरकार की है लेकिन संचालित मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों और मध्य प्रदेश सरकार के अधीन होती है तो मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से लेकर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश सरकार की भी यह जवाबदारी बनती है कि इस विभाग में भी अधिकारियों द्वारा इस तरह की तानाशाही और मनमानी नहीं की जा सके इस पर सरकार को और प्रमुख सचिव को लगाम लगाना चाहिए। आधूरे निर्माणाधिस Chc पर सुख रहे कपडे कुछ दिन पहले जो स्थानांतरण सूची आई उसमे सुखाढाना सीएससी भी है जहा स्थानंतरण होकर कर्मचारी तो चला गया पर उसे काम करने के लिये जगह नही है इस मामले की तहकिकात करने हमारा संवादताता गया तो वहा आज की तारिख मे आधाअधूरा निर्माण कार्य है और उस निर्माण कार्य पर कपडे सुख रहे है ।

आदिवासी युवक की पिटाई के मामले पर कांग्रेस ने मोहन सरकार सरकार को घेरा

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth भोपाल ! ट्रेनी अग्निवीर लूट का मास्टरमाइंड निकला और 50 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया. वहीं, इंदौर में आदिवासी युवक के साथ हुई मारपीट की घटना सामने आई. इसको लेकर अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधा है. एमपी कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. दूसरी तरफ, बीजेपी दोनों ही मामलों में कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीटइंदौर के भंवर कुवा थाना क्षेत्र में आदिवासी युवक के साथ बाइक को कट करने की बात को लेकर मारपीट की घटना हुई. आरोपी रितेश राजपूत के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. वह इलाके का लिस्टेड गुंडा है. उसके एक साथी के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं नहीं रोक पा रही है. उन्होंने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीट करने और जूते के फीते बँधवाने के मामले पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू के होने के बाद आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं उन्होंने ज़िले के प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने लगाए आरोपये पूरी घटना सीसीटीवी में क़ैद हो गई सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस ने आदिवासी उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि ‘इंदौर के भंवरकुआं इलाके में सड़क पर ठीक से न चलने की बात पर एक आदिवासी युवक के साथ अकारण मारपीट की गई। बदमाश ने आदिवासी युवक की पिटाई करने के साथ उससे अपने जूते के लेस भी बंधवाए। आश्चर्य है कि इस बदमाश पर दर्जनभर मुकदमें दर्ज हैं, फिर भी वो खुला घूम रहा था। इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद शहर में आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एमपी के गृहमंत्री का प्रभार सीएम के पास है और अब तो वे इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। इसके बाद भी शहर में कानून व्यवस्था की हालत कैसी है, इसे समझा जा सकता है!

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केन्द्रीय जेल में रक्षा बंधन पर्व पर विशेष मुलाकात कार्यक्रम 

Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail

Special meeting program on Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail जीतेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ‌। रक्षा बंधन पर्व के अवसर पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय जेल जबलपुर म.प्र. में श्री अखिलेश तोमर जेल अधीक्षक के निर्देशन में बंदियों को अपनी बहनों एवं बहनों को अपने भाईयों से रक्षा बंधन त्यौहार में राखी बांधने के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गई साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जेल अधिकारी/कर्मचारियों को मुलाकात व्यवस्था का अलग-अलग दायित्व सौंपा गया । 1244 बंदी / हवालाती पुरूष बंदियों से दूर दराज से आई लगभग 2705 माताओं / बहनों एवं उनके साथ 899 बच्चों ने अपने-अपने भाईयों को कुमकुम का तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधकर मिष्ठान खिलाया और उनसे बुराईयों के रास्ते को छोड़ने का संकल्प लिया एवं मुलाकात की। जेल में परिरूद्ध 50 बंदी/ हवालाती महिला बंदियों से भाईयो ने राखी बंधवाई । कुल 3604 बहनों/भाईयो एवं परिजनों ने कुल 1294 पुरुष / महिला बंदी से जेल पर आकर रक्षा बंधन का पवित्र त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जेल कैंटीन के माध्यम से बंदियों के लिए राखी, मिठाई, कुमकुम एवं फल की व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा की गई। जेल अधीक्षक द्वारा जेल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जेल स्टाफ, पुलिस प्रशासन एवं मीडिया का भी सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्मण शाह (जेल चिकित्सक), श्री मदन कमलेश (जेल उप अधीक्षक), श्री नारायण सिंह राणा (जेल उप अधीक्षक), श्री गणेश सिंह (जेल उप अधीक्षक), श्रीमति रूपाली मिश्रा (जेल उप अधीक्षक) एवं समस्त सहायक जेल अधीक्षक एवं समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहें एवं सहयोग किया गया ।

जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वालों नेताओं की लगा दी क्लास, बताई चुनाव में हार की वजह

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying the convoy. विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस मैदान में नजर आ रही है. यही कारण है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस पिछले करीब 1 महीने से लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन कर रही है. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का बयान खूब वायरल हो रहा हे. जिसमें वो टिकट लेने वालों पर तंज कसते नजर आ रहे हैं. क्या बोले जीतू पटवारी?दरअसल विधानसभा चुनाव के समय कई बीजेपी नेताओं बड़े दम-खम के साथ कांग्रेस ज्वाइन की थी. जिस वक्त वो पार्टी का दामन थामते उस वक्त लंबा काफिला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन जाता, जीतू पटवारी एक बार फिर पूरी तरीके से सक्रिय नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के तमाम इलाकों में जा रहे हैं. सरकार को घेरने के लिए मुद्दे उठा रहे हैं. लेकिन इस बार बीजेपी नहीं कांग्रेस के नेता उनके निशाने पर आ गए हैं. वे नेता जो काफिला लेकर चलते हैं. विधानसभा का टिकट मांगते हैं. सबके सामने जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वाले नेताओं को नसीहत दे दी है. यह भी कह दिया 100- 200 गाड़ी से आने वाले यह लोग टिकट मांगते हैं. जमीन पर हकीकम कुछ और ही होती है. यही कारण है कि हम आज 66 पर आ गए हैं. कब होगी जीतू की टीम तैयार?जीतू पटवारी ने अब एक बार फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन मजबूत कर रहे हैं. इसी को लेकर वे पूरे प्रदेश भर में दौरा कर रहे हैं. आपको बता दें कि इस समय प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पंचायत कमेटी की गठन के काम में जुटे हुए हैं. तो वहीं भी प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि पिछले दिनों भंवर जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि आने वाले 15 दिनों में प्रदेश कार्यकारिणी गठित हो जाएगी. लेकिन, इस बात को भी एक महीने से ज्यादा बीत गया है. अब देखना होगा कि जीतू अपनी टीम कब तक तैयार कर पाते हैं.

श्रावण माह की आखिरी सवारी में भगवान महाकाल पांच रूप में दर्शन देंगे

Lord Mahakaal will appear in five forms in the last ride of Shravan month.

Lord Mahakaal will appear in five forms in the last ride of Shravan month. सावन माह में निकलने वाली अंतिम सवारी में भगवान महाकाल पांच रूपों में दर्शन देंगे. सावन की अंतिम सवारी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे. सवारी को भव्य रूप देने के लिए इसमें सीआरपीएफ का बैंड भी शामिल होगा. महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकालेश्वर भगवान की श्रावण माह में निकलने वाली सवारी के क्रम श्रावण माह की आखिरी सवारी 19 जुलाई रक्षाबंधन के पर्व पर निकलेगी. इस दौरान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नन्दी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद सम्मिलित रहेगा. पालकी में विराजित भगवान को दी जाएगी सलामीमहाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा. उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि सावन माह की अंतिम सवारी में सीआरपीएफ का बैंड शामिल होगा. वह खुद भी सवारी में शामिल होंगे. गोण्ड जनजातीय का दल सवारी में सम्मिलित होगाश्री महाकालेश्वर की सवारी में जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के माध्यम से कलाकारों का दल भी सहभागिता करेगा. सवारी में शामिल होने वाले दल के प्रमुख प्रताप सिंह धुर्वे ने बताया कि आदिवासी गोड़ जनजाति का मैला करमा नृत्य कर्म की प्रेरणा देने वाला नृत्य है. ग्राम वासियों में श्रम का महत्व है, श्रम को ही कर्मदेवता के रूप में मानते है..पूर्वी मध्यप्रदेश में कर्मपूजा का उत्सव मनाया जाता है. उसमें करमा नृत्य किया जाता है. इस नृत्य में युवक-युवतियाँ दोनों भाग लेते है और उनके बीच गीत रचना होड़ लग जाती है.

आवारा पशुओं को लेकर सरकार सख्त, सड़कों से हटाने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान चलेगा

Government is strict about stray animals, a special 15-day campaign will be run to remove them from the roads

Government is strict about stray animals, a special 15-day campaign will be run to remove them from the roads भोपाल (विशेष संवाददाता) । प्रदेश सरकार ने प्रमुख मार्गों से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस विशेष अभियान के लिए आईएएस अधिकारियों को अध्यक्ष और सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। ये अधिकारी 15 दिनों के भीतर अभियान चलाकर सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने का काम करेंगे। समिति में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अध्यक्ष, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव सदस्य, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे।

NCL के CMD के पीए और सप्लायर रवि के ठिकाने पर CBI का छापा

CBI also raided the house of NCL CMD's PA Subedar Ojha

CBI raids the residence of NCL CMD’s PA and supplier Ravi भोपाल। प्रदेश के सिंगरौली जिले के एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ) क्षेत्र में रविवार की सुबह सीबीआई की टीम ने अनेक ठिकानों पर छापामारी की। इस दौरान जहां कुछ अफसरों के घर सीबीआई के अफसर पहुंचे, तो कुछ बड़े सप्लायरों को सीबीआई की टीम ने रडार पर लिया। इस कार्रवाई से एनसीएल सिंगरौली में हड़कंप व्याप्त है। जबलपुर से आई सीबीआई की टीम ने सुबह-सुबह एनसीएल के दो अधिकारियों समेत एक ठेकेदार के यहां दबिश दी। टीम सबसे पहले एनसीएल के सीएमडी बी. साईराम के पीए सूबेदार ओझा के आवास पर पहुंची और यहां उसने पूछताछ का सिलसिला शुरू किया। सूबेदार ओझा के आफिस में भी सीबीआई अफसरों ने खुर्दबीनी की। इसी दौरान सीबाआई टीम के कुछ सदस्य सुरक्षा विभाग में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी बीके सिंह के यहां भी पहुंचकर जांच में जुट गए।  एनसीएल के इन दोनों बड़े अधिकारियों के यहां दबिश के साथ ही सीबीआई की की टीम ने एनसीएल के एक बड़े सप्लायर रवि सिंह के जयंत स्थित घर पर भी धावा बोला। रवि सिंह को उनके आवास से गिरफ्तार किए जाने की भी अपुष्ट सूचना मिली है। रवि सिंह से कुछ देर की पूछताछ के बाद ही सीबीआई की टीम ने उन्हें सिंगरौली कोतवाली के सुपुर्द कर दिया। इसी बीच रवि सिंह ने खुद के अस्वस्थ होने की बात कही, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया। फिलहाल सीबीआई टीम के सदस्यों ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि वहां जांच किस बात की चल रही है। कौन है रवि सिंह सप्लायर रवि सिंह के बारे में कहा जाता है कि वो एनसीएल का सबसे बड़ा सप्लायर है। वो कंपनी को विभिन्न प्रकार की महंगी मशीनें और उनके पार्ट उपलब्ध कराता है। वो सिंगरौली के बड़े रसूखदारों में शुमार है। इसके रसूख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीबीआई ने जैसे ही रवि सिंह को कोतवाली पुलिस के भरोसे छोड़ा, वो बीमार हो गया और उसे ट्रामा सेंटर तक पहुंचा दिया गया।

NCL सीएमडी के पीए सूबेदार ओझा के यहा भी सीबीआई की रेड

CBI also raided the house of NCL CMD's PA Subedar Ojha

CBI also raided the house of NCL CMD’s PA Subedar Ojha भोपाल। सिंगरौली के एनसीएल  में छापेमारी के दौरान सीबीआई को लगभग 4 करोड रुपए नगद मिलने की खबर है, सीबीआई ने इस मसले पर NCL के सप्लायर रवि सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, रवि सिंह के यहां से भी डेढ़ करोड़ रुपए नगद मिले हैं, सीबीआई ने रवि सिंह को गिरफ्तार करके बैढन थाने में रखा है।

पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ : राजधानी भोपाल आवास पर बहिनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन समरोह में हुए सामिल 

Former Chief Minister Kamal Nath: Participated in Rakshabandhan celebration organized by sisters at his residence in the capital Bhopal

Former Chief Minister Kamal Nath: Participated in Rakshabandhan celebration organized by sisters at his residence in the capital Bhopal भोपाल । प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पिछले काफी समय से मध्य प्रदेश की राजनीति में समय नहीं दे पा रहे थे हालांकि वह प्रदेश की सभी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर हमला बोल रहे थे। अब एक बार फिर से कमलनाथ भोपाल पहुंच गए हैं और कार्यकर्ताओं से मेल मुलाकात शुरू कर दी। रविवार को उन्होंने सुबह भोपाल के सरकारी निवास पर बहनों से राखी बंधवाई। बहनों के प्रेम और स्नेह से हृदय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार  पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने सोशल अकाउंट एक्स पर लिखा कि आज भोपाल में बहनों से राखी बंधवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बहनों के इस प्रेम और स्नेह से हृदय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। पवित्र राखी हमें बहनों की रक्षा करने की प्रेरणा देती है। ईश्वर मुझे शक्ति दे कि मैं आजीवन बहनों के सम्मान की रक्षा करता रहूं।

महाकाल दर्शन कर रक्षा बंधन के कार्यक्रम में हुए शामिल : सीएम मोहन यादव

CM: After visiting Mahakal, he participated in the Raksha Bandhan program

CM: After visiting Mahakal, he participated in the Raksha Bandhan program उज्जैन। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह उज्जैन पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए और फिर रघुनंदन गार्डन में आयोजित रक्षा बंधन कार्यक्रम में पहुंचे। आज वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। रात यहीं विश्राम कर सोमवार सुबह 11.30 बजे उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के भवन में खुले धर्मस्व विभाग के राज्य कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद भगवान महाकाल की परंपरागत पांचवीं सवारी (श्रावण मास) में सम्मिलित होंगे। मालूम हो कि इस बार मुख्यमंत्री पूरे डेढ़ महीने बाद अपने गृह नगर उज्जैन आए हैं। पिछली बार वे 6 जुलाई को नगर निगम की कपिला गोशाला में रखे गोसंवर्धन कार्यक्रम में आए थे। इसके बाद 21 जुलाई, फिर 5 अगस्त को उज्जैन आने की संभावना बनी। पहले सीएम के आने का कार्यक्रम हो गया था स्थगित तैयारी स्वरूप झालरिया मठ में जिला शिक्षा विभाग ने गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाने, होनहार 429 विद्यार्थियों संग 604 शिक्षकों का सम्मान करने, हरिफाटक ब्रिज पर लगाई आकर्षक लाइट का शुभारंभ, धर्मस्व विभाग के कार्यालय का उद्घाटन और शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में हर्बल गार्डन का पौधारोपण कार्यक्रम की तैयारी की थी।

एक दशक से सक्रिय सिंडीकेट पर वन बल प्रमुख का चोट, पूर्व में किए गए टेंडर निरस्त करने के आदेश

Forest Force chief hits out at syndicate active for a decade, orders to cancel tenders made earlier

Forest Force chief hits out at syndicate active for a decade, orders to cancel tenders made earlier उदित नारायण भोपाल। वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने डीएफओ-सीएफ और सप्लायर्स के बीच बने सिंडीकेट को तोड़ने की मंशा से कड़ा फैसला लिया है। वन बल प्रमुख ने बुधवार को एक आदेश जारी कर फील्ड के अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि टेंडर की नई शर्ते बनने तक पूर्व में किए गए खरीदी संबंधित निविदाएं निरस्त किए जाएं। यही नहीं, विभाग के मुखिया ने खरीदी के कारोबार में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की मंशा से पूरे प्रदेश में एक समान शर्तें लागू करने के लिए कमेटी बना दी है। इसके पहले भी श्रीवास्तव ने एक आदेश जारी कर सभी टेंडर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इस निर्देश का पालन कई डीएफओ नहीं कर रहे हैं।  जंगल महकमेमें एक दशक से अधिक समय से फील्ड के अफसरों और सप्लायर्स के बीच एक सिंडीकेट बना हुआ है। इस सिंडीकेट को अभी तक कोई तोड़ नहीं पाया। सिंडीकेट से जुड़े 10 -12 बड़े सप्लाययर्स ही वन विभाग में हर वित्तीय वर्ष में 90-100 करोड़ के करोड़ के कारोबार करते आएं है। उनके इस कारोबारी साम्राज्य में कोई और घुसपैठ न कर सके, इसके लिए फील्ड के अफसर से खरीदी संबंधित निविदाओं में नई-नई शर्तों जुड़वाते आ रहे थे। इन निविदाओं की जानकारी भी उन्हें ही लगती थी, जो सिंडीकेट से जुड़े होते हैं। वन बल प्रमुख बनने के बाद से असीम श्रीवास्तव को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि टेरिटोरियल में बैठे डीएफओ और सीएफ कमीशन बाजी का खेल खेलने के लिए मनमानी शर्तें जोड़ रहे हैं। इसके कारण मध्य और लघु कारोबारी प्रतिस्पर्धा से बाहर होते जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले वन बल प्रमुख ने एक आदेश जारी किया जिसमें सभी को निर्देशित किया है कि निविदा चाहे जेम (Gem) के जरिये हो या फिर अखबार में प्रकाशित की गई हो, उन्हें विभाग के साइट पर भी अपलोड कराया जाएं। हालांकि इस आदेश के बाद मॉनिटरिंग की व्यवस्था मुख्यालय स्तर पर नहीं की गई है जिसके कारण डीएफओ और सीएफ अभी भी नफरमानी कर रहे हैं। लेकिन 14 अगस्त को जारी आदेश से सिंडीकेट से जुड़े अधिकारियों और सप्लायर्स में हड़कंप है।  क्या क्या खरीदी होती है वन विभाग में हर साल चैनलिंक, वायरवेड, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी, गोबर एवं रासायनिक खाद की खरीदी में बड़े पैमाने पर खरीदी होती है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट की 18 से 20% धनराशि कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। यानि सप्लायर्स को हर साल लगभग 10-12 करोड़ कमीशन में बांटने पड़ते हैं।  चहेती फर्म को उपकृत करने जोड़ देते हैं ये शर्तें राजनीतिक दबाव में बदल दी जाती है शर्तें मैनेजमेंट कोटे से फील्ड में पदस्थ हुए आईएफएस अधिकारी राजनीतिक दबाव के आगे झुक जाते हैं। इसके बाद सिंडीकेट से जुड़े आईएफएस अपनी स्वार्थ सिद्धी के लिए सप्लायर्स के अनुसार शर्तें जोड़-घटा कर कमीशनबाजी के खेल से जुड़ हैं। इस खेल में उन्हें तब अफसोस होने लगता है जब उनके खिलाफ जांच शुरू होने हो जाती है। इसी खेल से जुड़े तत्कालीन छतरपुर डीएफओ एवं वर्तमान अवर सचिव वन अनुराग कुमार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन कर रहा है। बालाघाट मुख्य वन संरक्षक अरविंद प्रताप सिंह सेंगर के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। सूत्रों की माने तो एक दर्जन से अधिक डीएफओ के खिलाफ शिकायतें विभागीय विजिलेंस में लंबित है।  सीनियर अधिकारियों ने की है तारीफ  वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव द्वारा बुधवार को किए गए आदेश की तारीफ की है। एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और लघु एवं मध्यम कारोबारी भी प्रतिस्पर्धा से जुड़ जाएंगे। यही राज्य शासन की भी मंशा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक अधिकारी का कहना है कि फील्ड के अधिकारी अनावश्यक जांच और सप्लायर्स के  दबाव से मुक्त रहेंगे।

वन भवन की अनोखी पहल, बनाया बीज बैंक

A unique initiative of Van Bhavan, created a seed bank

A unique initiative of Van Bhavan, created a seed bank उदित नारायण बीज बैंक स्थापना एक ऐतिहासिक पहल है. वन विभाग के समस्त स्टाफ तक एक मैसेज पास कर देंगे तो बहुत बड़ा काम हो जाएगा.  इस तरह है वन भवन में स्थापित बीज बैंक में करोडो बीज जुटाने में सफल हो जायेंगे  कृपया  वन भवन  स्टाफ अपने घरों में आने वाले सभी फलों के बिजों को गुठलियों को कचरे में ना फेंके उन्हें धोकर सुखाकर पॉलिथीन में पैक करके वन भवन में बीज बैंक के बॉक्स में दान करें.  सांसें हो रही हैं कम आओ वृक्ष लगाएं हम

कोविड-19 महामारी में बचाव कार्य करने वाले समस्त कोविड स्टाफ को बहाल किया जाए एवं संविदा नियुक्ति दी जाए:- डॉ सूर्यवंशी

All the Covid staff doing rescue work during Covid-19 pandemic should be reinstated and given contractual appointment:- Dr. Suryavanshi

All the Covid staff doing rescue work during Covid-19 pandemic should be reinstated and given contractual appointment:- Dr. Suryavanshi भोपाल। कोविड-19 आयुष चिकित्सक संघ मध्यप्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ देवेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि कोविड-19 महामारी एवं बचाव कार्य के लिए कोविड स्टाफ़ आयुष चिकित्सक, दंत चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन एवं नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, ईसीजी टेक्निशियन, पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाएं 28 मार्च 2022 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा बजट का हवाला देकर समाप्त कर दी गई थी। आज कोविड-19 आयुष चिकित्सक संघ मध्यप्रदेश के तत्वधान में माननीय मुख्यमंत्री के नाम भोपाल कलेक्टर को पुनः बहाली एवं संविदा नियुक्ति दी जाने हेतु ज्ञापन पत्र सौंपा गया और मांग की गई की तत्काल समस्त कोविड स्टाफ को पुनः बहाल किया जाए। पिछले 2 वर्ष से लगातार कोविड स्टाफ दुवारा पुनः बहाल की सरकार से मांग की जा रही है। कोविड स्टाफ को पुनः सेवा में लिए जाने हेतु मध्यप्रदेश के 200 से अधिक विधायको ने मुख्यमंत्री जी को समर्थन पत्र लिखा व समय समय पर विधानसभा में मुद्दा भी उठाया गया। परन्तु आज दिनांक तक कोरोना योद्धाओं को सरकार दुवारा सेवा में नही लिया गया। कोविद 19 आयुष चिकित्सक संघ ने आज पुनः कलेक्टर भोपाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर बहाली की मांग की।ज्ञापनकर्ता कोविड-19 आयुष चिकित्सक संघ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ देवेंद्र सूर्यवंशी, डॉ प्रिया आर्य, डॉ हर्षा पाटिल, डॉ रेणु मिश्रा, डॉ चंद्रकांता वर्मा, डॉ सना मंसूर, डॉ पुष्पेंद्र मीना लैब टेक्नीशियन रचना साहू, नरेंद्र लोधी, स्वेता, प्रियंका सिंह, देवेंद्र चौधरी, तरवार जगदीश, स्टाफ नर्स कंचन, ममता सोनी, दीपिका आदि प्रमुख ने माननीय मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर भोपाल को ज्ञापन सौंपा।

मध्य प्रदेश के मंत्रियों को मिला जिले का प्रभार, जानें- स्वतंत्रता दिवस पर आपके यहां कौन करेगा झंडारोहण?

Ministers of Madhya Pradesh got the charge of the district

Ministers of Madhya Pradesh got the charge of the district, know- who will hoist the flag in your place on Independence Day? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सोमवार (12 अगस्त) को जिले के प्रभारी मंत्रियों के नामों का ऐलान किया. मध्य प्रदेश के मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है. प्रदेश के के 32 मंत्रियों लगभग सभी जिलों की जिम्मेदारी मिल गई है. कई मंत्रियों को एक से ज्यादा जिले दिए गए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 8 महीने बाद मध्य प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी मंत्री बनाने का ऐलान कर दिया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद जबलपुर, इंदौर जिले का प्रभार अपने पास रखा है. मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को जबलपुर और देवास और राजेंद्र शुक्ल को सागर और शहडोल की जिम्मेदारी दी गई है. जैसा कि पहले ही कहा जा रहा था कि सीनियर मंत्रियों को बड़े जिलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, ठीक उसी प्रकार से प्रभार वितरित किए गए हैं. कैबिनेट मंत्रियों को किन जिलों का मिला प्रभार?कुंवर विजय शाह को रतलाम और झाबुआ, कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार, प्रहलाद सिंह पटेल को भिंड और रीवा, राकेश सिंह को छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम, करण सिंह वर्मा को मुरैना और सिवानी, उदय प्रताप सिंह को बालाघाट और कटनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह संपतिया उईके को सिंगरौली और अलीराजपुर, तुलसी सिलावट को ग्वालियर और बुरहानपुर, एदल सिंह कंसाना को दतिया और छतरपुर, निर्मला भूरिया को मंदसौर और नीमच, गोविंद सिंह राजपूत को नरसिंहपुर और गुना, विश्वास सारंग को हरदा और खरगोन का जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा नारायण सिंह कुशवाहा को शाजापुर और निवाड़ी, नागर सिंह चौहान को आगर और उमरिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर को शिवपुरी और पांढुरना, चैतन्य कश्यप को भोपाल और राजगढ़, इंदर सिंह परमार को पन्ना और बड़वानी, राकेश शुक्ला को श्योपुर और अशोक नगर, रामनिवास रावत को मंडला और दमोह का प्रभार मिला है. राज्य मंत्रियों को मिला इन जिलों का प्रभारमध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कृष्णा गौर को सीहोर और टीकमगढ़, धर्मेंद्र सिंह लोधी को खंडवा, दिलीप जायसवाल को सीधी और गौतम टेटवाल पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिला उज्जैन का प्रभार दिया गया है. इसी क्रम मेंलखन पटेल को विदिशा और मऊगंज, नारायण सिंह पवार को रायसेन, नरेंद्र पटेल को बैतूल, प्रतिमा बागरी को डिंडौरी, दिलीप अहिरवार को अनूपपुर और राधा सिंह को मेहर का प्रभार दिया गया है.

शासकीय मानकुंवरबाई कला एवं वाणिज्य स्वशासी महिला महाविद्यालय में विशेष उद्यमिता शिविर आयोजित किया गया

A special entrepreneurship camp was organized at Government Mankunwarbai Arts and Commerce Autonomous Women's College

A special entrepreneurship camp was organized at Government Mankunwarbai Arts and Commerce Autonomous Women’s College जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर । शासकीय मानकुंवरबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में सावन मास में विशेष उद्यमिता शिविर आयोजित किया गया। इस विशेष उद्यमिता शिविर में मुख्य अतिथि डॉ अभिलाष पांडेय, माननीय विधायक, उत्तर मध्य जबलपुर, श्री योगेंद्र सिंह ठाकुर, माननीय अध्यक्ष जनभागीदारी समिति, डॉ संतोष जाटव, अतिरिक्त संचालक जबलपुर संभाग, दी संध्या चौबे, प्राचार्य, शासकीय मानकुंवरबाई बाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री कोमलचंद्र जैन जी का सम्मान भी संस्था द्वारा किया गया। छात्राओं को स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित करने हेतु इस शिविर का आयोजन किया गया। इसी उद्देश्य से शासन के निर्देशानुसार महाविद्यालय की भूतपूर्व छात्राओं द्वारा हस्तनिर्मित वस्तुओं, क्राफ्ट आइटम्स, राखी आदि के स्टाल लगाए गए तथा उन्हें बाजार व्यवस्था से परिचित करा कर स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित किया गया। डॉ अभिलाष पांडेय, माननीय विधायक ने कहा की प्रतिस्पर्धा के इस दौर में स्वरोजगार का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वरोजगार से न केवल हम स्वयं का धनोपार्जन करते हैं अपितु दूसरों की भी रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। श्री योगेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार इस तरह के उद्यमिता शिविर छात्राओं के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराते हैं, जिससे छात्राएं कौशल विकास, उद्यम, रोजगार तथा स्वरोजगार आदि के अवसर निर्मित करती है। इस अवसर पर केंद्रीय कारागार के कैदी भाइयों द्वारा निर्मित वस्तुओं का भी स्टॉल महाविद्यालय में लगाया गया, जिसमें उनकी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर ही महाविद्यालय की छात्राओं को राखी बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रकोष्ठ प्रभारी डॉक्टर सुलेखा मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस तरह के विशेष उद्यमिता शिविर समय-समय पर आयोजित होते हैं, जिनसे छात्राएं रोजगार तथा स्वरोजगार के लिए अवसर प्राप्त करती है. एवं उनमें आत्मविश्वास जागृत होता है, तथा उनके कौशल विकास पर भी वह कार्य करती है जो कि आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न क्षेत्रों में पदस्थ महाविद्यालय की छात्राओं का भी सम्मान किया गया। इस उद्यमिता शिविर में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रकोष्ठ सदस्य डॉ नेहा शाक्य, कपिल नेमा का सहयोग रहा। उद्यमिता शिविर में छात्राओं ने अपने स्टाल लगाए।

स्वतंत्रता दिवस में महज 4 दिन और प्रदेश के जिलों को नहीं मिले प्रभारी मंत्री? ऐसा क्यों

Only 4 days left for Independence Day and the districts of the state did not get minister in-charge? Why so

Only 4 days left for Independence Day and the districts of the state did not get minister in-charge? Why so प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए 8 महीने का समय हो चुका है. प्रदेश में मोहन यादव की अगुवाई में सरकार भी बनी, मंत्री बने और वर्तमान में प्रदेश सरकार का सभी कामकाज सुचारू रूप से पटरी पर चल रहा है. भोपाल ! हालांकि आठ महीने बीतने के बावजूद अब तक जिलों को प्रभारी मंत्री नहीं मिल सके हैं. जबकि मध्य प्रदेश सरकार के जरिये दावा किया गया था कि 15 अगस्त से पहले मंत्रियों को जिले का प्रभार दे दिया जाएगा, लेकिन अब 15 अगस्त में महज 4 दिन ही शेष बचे हैं और प्रभारी मंत्री नहीं बन सके. राष्ट्रीय पर्व पर मंत्री करते हैं झंडा रोहणबता दें, प्रदेश में होने वाले राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त और 26 जनवरी के विशेष मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री झंडा रोहण और सलामी परेड करते हैं. इसके अलावा भी कई तरह से संबंधित जिलों के कामकाज पर विशेष नजर बनाए हुए होते हैं. तमाम दावों और कयासों के बावजूद विडंबना यह है कि सरकार बने 7 महीने से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अब तक प्रदेश में मंत्रियों को प्रभार वाले जिले नहीं सौंपे गए हैं. जबकि अब 15 अगस्त में महज 4 दिन का ही समय शेष रह गया है. 55 जिले और सीएम सहित 33 मंत्रीमध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के अलावा, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ल, कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा, उदयप्रताप सिंह, सम्पतिया उईके, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंषाना और निर्मला भूरिया सरकार के अगुवा हैं. इसके अलावा गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, नागर सिंह चौहान, प्रद्युम्न सिंह तोमर, रामनिवास रावत, राकेश शुक्ला, चेतन्य काश्यप, इंदर सिंह परमार, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभारी, कृष्णा गौर, धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन सिंह पटेल, नारायण सिंह पंवार, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, अहिरवार दिलीप, राधा सिंह शामिल हैं. प्रदेश में कुल 55 जिले हैं. जबकि भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली मोहन यादव सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल 33 मंत्री ही हैं. ऐसे में 22 जिलों के लिए अभी मंत्रियों का ऐलान नहीं हुआ है. 78वें स्वतंत्रता दिवस में महज चार दिन बाकी हैं और सबकी नजरे नए जिला मंत्रियों पर टिकी हैं.

एमएफपी पार्क की दुर्दशा पर एएमडी अग्रवाल भड़के, बोले, पार्क वालों को…. संघ से बाहर कर दो

AMD Agrawal got angry on the plight of MFP park

AMD Agrawal got angry on the plight of MFP park, said, expel the park people from the union उदित नारायण भोपाल। लघुवनोपज संघ के प्रसंस्करण केंद्र (एमएफपी पार्क) की दुर्दशा, घटती उत्पादन और व्याप्त गड़बड़झाला के चलते अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मनोज अग्रवाल अत्यंत दुखी और व्यथित हैं। यही वजह रही कि शुक्रवार को एक बैठक में एमएफपी पार्क के सीईओ, उत्पादन प्रभारी प्रबंधक और अन्य अधिकारी- कर्मचारी  को देखकर भड़क गए। उन्होंने गुस्से में बोल गए कि एमएसपी पार्क वालों को…. संघ से बाहर कर दो। गनीमत यह रही कि दूसरी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अग्रवाल के व्यवहार को लेकर सोमवार को पार्क के अधिकारी-कर्मचारी ज्ञापन रोकने की तैयारी कर रहे हैं।  अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की तैयारी को लेकर लघु वनोपज सहकारी संघ के एएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई। इस बैठक में पीजी फूलझेले, कार्यकारी संचालक, अर्चना पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी,  केके द्विवेदी सचिव, संजय मौर्य प्रबंधक वित्त, व्ही.एस. पिल्लई प्रबंधक,  सुनीता अहिवार उप प्रबंधक, प्रियंका बाथम उप प्रबंधक समेत 17 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित है। बैठक में अग्रवाल ने वन मेले की तैयारी संबंधित एजेंडा को दरकिनार करते हुए एसपी पार्क की दुर्दशा पर चर्चा करते हुए कहा कि अधिकारियों ने 20 साल की कड़ी मेहनत करके एमएफपी पार्क को यहां लाकर खड़ा किया कि उसकी पूरे देश में साख है। आप सभी ने उसे बर्बाद कर दिया कोई काम- धाम नहीं करते हो। बस इधर-उधर घूमते दिखाई देते हो। आज एक करोड़ का वर्क आर्डर मिला है लेकिन अभी तक उत्पादन शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद एएमडी अग्रवाल ने एमएफपी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए जो कहा उसको अक्षरश: लिखा नहीं जा सकता। यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि मनोज अग्रवाल की गुस्से में भाषा शैली जरूर अनुचित थी किन्तु बात शत-प्रतिशत सही है। कभी एमएसपी पार्क देश के 17 राज्यों में अपने आयुर्वेदिक उत्पाद विक्रय करता था। लेकिन गत 2 वर्षों में अनुभवहीन अफसर के हाथों में एमएफपी का संचालन, प्रशासनिक उदासीनता, उत्पादन मैनेजर की स्वेच्छाचारिता और गड़बड़ियों के चलते केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ वर्ष 2023-24 में केवल 18 करोड़ का ही ऑर्डर मिला और अभी 2024-25 के वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है।  अग्रवाल को घेरने की तैयारी में पार्क के अधिकारी आईएफएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा बरखेड़ा पठानी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति अर्चना पटेल और श्रीमति अर्चना पटेल, रेंजर सुनीता अहिरवार, रेंजर प्रियंका बाथम, डॉ अनिल कुमार को भरी मीटिंग में सबके सामने दुर्व्यहार किए जाने के विरोध में सोमवार को ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं। इस ज्ञापन के मजमून को जातिसूचक रंग देने की कवायत चल रही है। इसके पहले भी वो ऐसा कारनामा कर चुके हैं, अर्चना पटेल को इतना प्रताड़ित किया गया था की वो अस्वस्थ हो गई थी और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा। ओबीसी संगठन मनोज अग्रवाल के कृत्य की घोर निन्दा करता है और मांग करता है कि इन्हें तत्काल यहां से हटाया जाए । अग्रवाल लघु वनोपज संघ में प्रतिनियुक्ति पर है। अनुभवहीनों के भरोसे विंध्या हर्बल्स की कमान लघुवनोपज संघ की इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी विगत 20 वर्षों से विंध्या हर्बल नाम से आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करता आ रहा है। विगत वर्षों में एमएसपी पार्क निरंतर प्रगतिशील रहा। एक समय था, जब एमएसपी पार्क देश के 17 राज्यों में अपने आयुर्वेदिक उत्पाद विक्रय करता था। लेकिन गत 2 वर्षों में अनुभवहीन अफसर के हाथों में एमएसपी का संचालन, प्रशासनिक उदासीनता, उत्पादन मैनेजर की स्वेच्छाचारिता और गड़बड़ियों के चलते केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ वर्ष 2023-24 में केवल 18 करोड़ का ही ऑर्डर मिला और अभी 2024-25 के वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है जिसकी सप्लाई करना संस्थान को असंभव लग रहा है। अभी तक उत्पादन ही नहीं शुरू हो पाया है। इसकी वजह उत्पादन प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार का अधिकारियों के साथ समन्वय का न होना है। बताया जाता है कि सुनीता अहीरवार पार्क की सीईओ अर्चना पटेल को रिपोर्ट नहीं करती। वे सीधे एमडी बिभाष ठाकुर को रिपोर्टिंग करती है।  पिछले सीईओ प्रफुल्ल फ़ुलझेले से सुनीता की भ्रष्ट नीतिओं की जांच शुरू करने के वाद-विवाद के बाद हटा दिया गया था और अहिरवार के खिलाफ शुरू होने वाली जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

प्रदेश में 47 आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के तबादलेः संजीव सिंह बने भोपाल संभाग के कमिश्नर, डीसी सागर पीएचक्यू के एडीजी

47 IAS-IPS officers transferred in the state: Sanjeev Singh becomes Commissioner of Bhopal Division

47 IAS-IPS officers transferred in the state: Sanjeev Singh becomes Commissioner of Bhopal Division, DC Sagar ADG of PHQ भोपाल। मध्यप्रदेश में शनिवार देर रात 7 जिले के कलेक्टर, 7 एसपी समेत 47 आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में 1992 बैच के अधिकारी डीसी सागर को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी), पुलिस मुख्यालय, भोपाल बनाया गया है। वे फिलहाल शहडोल के पुलिस महानिदेशक हैं। वहीं, 2006 बैच के अनुराग शर्मा को शहडोल का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, श्रम विभाग के प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा और चंबल संभाग के कमिश्नर संजीव झा को राजस्व मंडल ग्वालियर भेजा गया है, जबकि राजस्व मंडल में रहे उमाकांत उमराव की वापसी हुई है। उमाकांत को श्रम विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। पर्यावरण नियोजन एवं सामान्य संगठन के कार्यपालक संचालक के संजीव सिंह को भोपाल संभाग का कमिश्नर बनाया गया है। 2012 बैच के अधिकारी केदार सिंह शहडोल के कलेक्टर बनाए गए हैं। वहीं, उज्जैन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मृणाल मीना को बालाघाट का कलेक्टर बनाया गया है।

शासकीय मानकुंवर महाविद्यालय : स्टाफ द्वारा नेता सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल में कैदियों को रक्षा सूत्र बंधन कार्यक्रम संपन्न 

Government Mankunwar College: Staff organized a program to tie Raksha Sutra to prisoners in Neta Subhash Chandra Bose Central Jail

Government Mankunwar College: Staff organized a program to tie Raksha Sutra to prisoners in Neta Subhash Chandra Bose Central Jail जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर। नेता सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल में आज मानकुंवर शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रशासक एवं स्टाफ के द्वारा जेल में बंद कैदियों को रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद दिया । इस दौरान  जेल अधीक्षक तोमर, जेलर मदान कमलेश व स्टाफ उपस्थित रहे  रक्षा सूत्र बंधन कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें हम अपने प्रियजनों के साथ एक विशेष बंधन को मजबूत करते हैं। आज, हम इस कार्यक्रम को जेल में कैदियों के साथ मना रहे हैं, जो हमें यह याद दिलाता है कि हर किसी को प्रेम और समर्थन की आवश्यकता होती है। इस कार्यक्रम में, हम रक्षा सूत्र बांधकर एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम और स्नेह को दर्शाते हैं। यह बंधन हमें एक दूसरे के साथ जोड़ता है और हमें याद दिलाता है कि हम कभी अकेले नहीं हैं। कैदियों के साथ इस कार्यक्रम को मनाने से हम उन्हें यह महसूस कराते हैं कि वे समाज का हिस्सा हैं और हम उनके साथ हैं। यह उन्हें प्रेरित करता है और उन्हें एक नई दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।  इस रक्षा सूत्र बंधन कार्यक्रम को एक प्रेम और समर्थन के प्रतीक के रूप में मनाएं और एक दूसरे के साथ मजबूत बंधन बनाएं।

राजस्व अभियान 2.0 की पोल खोल राजस्व मंडल ग्वालियर के पद पड़े हैं खाली

Revenue campaign 2.0 exposed, posts of Revenue Board Gwalior are lying vacant

Revenue campaign 2.0 exposed, posts of Revenue Board Gwalior are lying vacant ग्वालियर ! मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व अभियान 2.0 चलाया जा रहा है जिसमें 45 दिनों के भीतर सभी प्रकरणों का निराकरण किया जाने का आदेश माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा सभी राजस्व अधिकारियों को दिया गया है परंतु ना हीं अधिकारियों द्वारा प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है बल्कि आज भी किसानों और आम लोगों को राजस्व अधिकारियों द्वारा न्यायालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग के अंदर कई पद खाली पड़े हैं जिन पर आज दिनांक तक नियुक्ति नही की गई है जैसा की प्रदेश के अंदर ढोल पीटा जा रहा है कि राजस्व के प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है परंतु वहीं दूसरी ओर राजस्व मंडल ग्वालियर के अध्यक्ष एवं सदस्य का पद खाली पड़ा हुआ है पिछले 4 वर्षों से राजस्व मंडल ग्वालियर में एक भी प्रकरण का निराकरण नहीं किया गया है जिससे आवेदकों में काफी गुस्सा है कई प्रकरणों के अंदर ऑर्डर होना है परंतु बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य की नियुक्ति न होने की वजह से प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पा रहा है वही ग्वालियर के वकीलों का कहना है कि राजस्व मंडल ग्वालियर के इस ढ़ीले रवैया की वजह से हमारे प्रकरणों के निराकरण मैं देरी होती है । जिससे हमारे काम पर भी काफी असर पड़ा है ज्यादातर आवेदक राजस्व मंडल ग्वालियर में अपना प्रकरण दर्ज कराने में रूचि नहीं लेते क्योंकि उनको मालूम है कि राजस्व मंडल ग्वालियर में प्रकरणों का निराकरण सालों तक नहीं होता है इसलिए वह सीधे हाई कोर्ट का रुख करते हैं । जिसकी वजह से ग्वालियर के वकीलों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है जब राजस्व मंडल ग्वालियर के अध्यक्ष जैसे बड़े पद खाली पड़े हुए हैं तो फिर राजस्व अभियान में प्रकरणों का निराकरण किस आधार पर सरकार द्वारा किया जा रहा है राजस्व मंडल ग्वालियर में हजारों प्रकरण लंबित पड़े हुए हैं जिनका निराकरण ना होने की वजह से आवेदकों में काफी रोष है !

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये किलो में खरीदा, 30 लाख से अधिक का गड़बड़झाला

Guggal worth Rs 930 per kg bought for Rs 1700 per kg, fraud worth more than Rs 30 lakh

Guggal worth Rs 930 per kg bought for Rs 1700 per kg, fraud worth more than Rs 30 lakh उदित नारायण सीनियर आईएफ एस के संरक्षण के चलते प्रभारी उत्पादन प्रबंधन की मनमानी जारी भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर ने एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला पर कार्यवाई करने की जगह उसे दबा दिया हैं। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ने टेंडर की दर से न खरीदकर आर्यन फार्मेसी से ₹1700 किलो की दर से खरीदी की है। यही मौजूदा सीइओ अर्चना पटेल एमएसपी पार्क के उत्पादन प्रबंधक की मनमानी नहीं रोक पा रहीं है।सूत्रों ने बताया कि एमएसपी पार्क के प्रबंधक ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी न करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी के सीईओ पीएल फुलझले हटने के बाद से ही प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार मनमानी बढ़ गई है। यहां तक कि फुलझले की जगह प्रमोट आईएफएस अर्चना पटेल को डमी के रूप में सीईओ बनाया गया है। पार्क के अधिकारी और कर्मचारी इसकी मुख्य वजह भी एसीएस से मिल रहे हैं संरक्षण को बताया जा रहा है। एमडी के आदेश का ही नहीं हो रहा पालन लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। चिंताजनक पहलू यह है कि एसीएफ मिश्रा जांच के भंडारण से संबंधित दस्तावेज मांगने के लिए एमडी ठाकुर से लगातार चिट्ठीयां लिखना शुरू किया तो उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। मिश्रा ने दस्तावेज मांगने के लिए हटाए jaane के पूर्व तक करीब चार रिमाइंडर सुनीता अहिरवार को भेज चुके थे और इतने ही पत्र एमडी ठाकुर को स्मरण पत्र लिखा था। मिश्रा के हटाने से यह चर्चा है कि एमडी ठाकुर उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहिरवार के खिलाफ कार्यवाई नहीं करना चाहते हैं। इसके बाद से उत्पादन प्रबंधक की मनमानी बढ़ गई है। उनकी मनमानी से दुखी सीइओ अर्चना पटेल ने उनके खिलाफ अनुशासनहीनता का नोटिस दिया हुआ है। यही नहीं, विद्या निनारे को भंडार में रा मटेरियल जाँच करने के मौखिक निर्देश प्रबंध संचालक और सीईओ ने मीटिंग में सबके सामने दिये थे। उस मीटिंग में सुनीता अहीरवार भी मौजूद थी फिर भी अपने भ्रष्टाचार को छुपाने और एसीएस वन से जान-पहचान की धुन में नियमों को भी धता बता रही है।

केंद्रीय जेल जबलपुर में बंदियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन उन्हें स्वरोजगार हेतु प्रेरित किया गया

10-day training was organized for the prisoners in Central Jail Jabalpur and they were motivated for self-employment.

10-day training was organized for the prisoners in Central Jail Jabalpur and they were motivated for self-employment. जीतेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर ! केन्द्रीय जेल जबलपुर में जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन एवं जेल उप अधीक्षक श्री मदन कमलेश, श्रीमती रूपाली मिश्रा के पर्यवेक्षण में दिनांक 30.07.2024 से 08.08.2024 तक 10 दिवसीय एनवलेप एवं फाईल मेकिंग कोर्स का संचालन सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया के सहयोग से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (सेन्ट-आरसेटी) द्वारा कराया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार हेतु निर्भर बनाना था ताकि वे जेल से रिहा होकर समाज की मुख्यधारा में जुड सकें। जिसमें कुल 25 बंदियों द्वारा भाग लिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षक श्री सुभाष पिल्लई एवं श्री अभिषेक तिवारी द्वारा बंदियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन कार्यक्रम में जेल उप अधीक्षक श्री मदन कमलेश, श्रीमती रूपाली मिश्रा, श्रीमती अंजू मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक, सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया की ओर से रीजनल हेड श्री अविनाश कुमार (एल.डी.एम.) दिवाकर ठाकुर, आर.से.टी. डायरेक्टर कल्पा राजपूत, आनंद सिंह एवं गौरव नामदेव उपस्थित रहे।

गृह जिले के बाहर रहने वाले युवाओं को ऑनलाइन वोटिंग का अधिकार हो : गणेश सिंह

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh भोपाल। सतना सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में सरकार से आग्रह किया है कि गृह जिले से बाहर रह रहे युवाओं को बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। बीजेपी सांसद सिंह ने लोकसभा में कहा कि वोटिंग प्रतिशत गिरने के कारणों में एक वजह यह भी है कि अधिकांश युवा पढ़ने अथवा जॉब करने के सिलसिले में बाहर रहते है। वे वोटिंग नहीं कर पाते है। सतना सांसद गणेश सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा वर्ग जो नव मतदाता 18 से 25 साल तक के हैं, वे अपने गृह जिले से बाहर कोचिंग करने या पढ़ाई के लिये बड़े महाविद्यालयों में पढ़ने तथा निजी कम्पनियों में नौकरी करते हैं, जो घर से दूर रहने के कारण वोट करने नही आ पाते हैं। वोटिंग प्रतिशत कम होने का एक बड़ा कारण यह भी है। सिंह ने कहा कि ऐसे युवाओ को चुनाव के समय वापस घर आने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे कि तत्काल टिकट न मिल पाना, पढ़ाई के कारण समय का अभाव, छुट्टी न मिल पाना तथा आवागमन में आर्थिक व्यय की क्षति होती है। इसलिये वे अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाते है। सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि जिस प्रकार केन्द्रीय कर्मचारियों को गृह जिले से बाहर अन्यत्र स्थानों से वोटिंग के लिये बैलट पेपर की व्यवस्था की जाती है, उसी प्रकार यदि इन युवाओं के लिये उसी स्थान में बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग अथवा अन्य उपयुक्त माध्यम से वोटिंग का अधिकार दिलाने की व्यवस्था की जाय। इससे निश्चित ही वोट प्रतिषत बढ़ेगा और युवाओं में चुनाव प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।

साइबर ठगों के निशाने पर प्रदेश के IAS अफसर: जबलपुर कलेक्टर हुए साइबर फ्राड के शिकार

State's IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

State’s IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud जबलपुर । मध्य प्रदेश के कलेक्टर (आईएएस अफसर) साइबर ठगों के निशाने पर हैं। ताजा मामला जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने साइबर सेल से मामले की शिकायत की है। जबलपुर कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि ऐसे फर्जी संदेशों को नजरअंदाज करें और तत्काल ब्लॉक कर दें। जबलपुर कलेक्टर का पहले भी फैसबुक अकाउंट हैक हो चुका है। जालसाजों ने कलेक्टर दीपक सक्सेना के नाम से उनके रिश्तेदार से 25 हजार की ठगी की है। ठग ने साइबर फ्रॉड करते हुए वाट्सऐप पर कलेक्टर दीपक की फोटो लगाई। फिर कई रिश्तेदारों को मैसेज किया। झांसे में आकर एक रिश्तेदार ने 25 हजार ट्रांसफर भी कर दिए गए। दीपक सक्सेना को ठगी का पता चला तो हैरान हो गए। ठगी का पता चलते ही जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने फर्जी फेसबुक आईडी ब्लॉक कर आरोपी की तलाश के निर्देश साइबर सेल को दिए हैं। कलेक्टर ने अपनी फेसबुक आईडी पर फेक लिखते हुए कहा है कि अज्ञात नंबर से उनकी प्रोफाइल फोटो लगाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। जिससे लोगों को धोखा हो रहा है। उन्होंने कहा है कि इन नंबरों का कलेक्टर जबलपुर से कोई संबंध नहीं है। नंबर फर्जी हैं। ऐसी ठगी को दिया अंजाम

सीएफ-डीएफओ सप्लायर्स के लिए नहीं जोड़ पाएंगे औचित्यहीन टेंडर की शर्ते

CF-DFO will not be able to add unreasonable tender conditions for suppliers

CF-DFO will not be able to add unreasonable tender conditions for suppliers उदित नारायणभोपाल। हर वित्तीय वर्ष में 70 से 80 करोड रुपए की चैनलिंक जाली, बारवेड वायर, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी और गोबर खाद वगैरह की खरीदी में डीएफओ और सीएफ टेंडर की शर्तों में मनमानी नहीं कर सकेंगे। वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने पूरे प्रदेश में एक समान शर्तें लागू करवाने के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को 7 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास को सौंपने के निर्देश दिए हैं। वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने शर्तें बनाने के लिए 10 सदस्य कमेटी गठित की है। दिलचस्प पहलू यह है कि कमेटी में डीएफओ विजयानंतम टीआर दक्षिण बैतूल को शामिल किया गया है, जिन्होंने भी अपने वन मंडल के लिए जारी निविदा में अनावश्यक शर्तें जोड़ी हैं। इस कमेटी में उत्तम शर्मा एपीसीसीएफ सिंह परियोजना को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। शर्मा के अलावा राखी नंदा सीएफ सामाजिक वानिकी, राजेश राय सीएफ रीवा, कमल अरोरा सीएफ जबलपुर, आलोक पाठक सीएफ वन मंडल भोपाल, बृजेंद्र श्रीवास्तव सीएफ वन मंडल पूर्व छिंदवाड़ा, प्रदीप मिश्रा डीएफओ देवास, विजयानंतम टीआर दक्षिण बैतूल और नीथ्यानंतम डीएफओ पश्चिम मंडला को बतौर सदस्य शामिल किया है। उल्लेखनीय है कि वन बल प्रमुख और पीसीसीएफ को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि फील्ड में पदस्थ डीएफओ और सीएफ चहेते सप्लायर्स को वर्क आर्डर देने के लिए उनके मुताबिक निविदा में शर्तें जोड़ रहे हैं। इनमें ऐसी भी शर्तें जोड़ी गई, जो अनावश्यक होती है। मसलन, 10 प्रकार के आईएसओ और इपीएफओ का प्रमाण पत्र। आईएसओ की शर्तों को लेकर जब पीसीसीएफ विकास यूके सुबुद्धी ने कतिपय डीएफओ जब आईएसओ और इपीएफओ का प्रमाण पत्र के औचित्य पर सवाल किए तब टेंडर निरस्त कर दिए गए। इनमें से कुछ डीएफओ तो अभी भी अपनी मनमानी पर अड़े हुए हैं। सरकार के निर्देशों की अवहेलना राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि वायरवेट, चैनलिंक और पोल की खरीदी में लघु उद्योग निगम को प्राथमिकता दें किंतु 95% खरीदी जेम्स और ई टेंडर से हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लघु उद्योग निगम की दर और जेम (GEM) की दरों में डेढ़ गुना अंतर है। यानी लघु उद्योग निगम में वायरवेट किधर 83 रुपए से लेकर 85 रुपए तक निर्धारित की गई है। जबकि जेम (GEM) में ₹150 तक है। सरकार की मंशा यह भी है कि लघु और मध्यम उद्यमियों को इस कारोबार से जोड़ा जाए। मुख्यालय से लेकर फील्ड के अफसर टेंडर की शर्तों में ऐसी शर्ते जुडवा देते हैं जिसके चलते लघु और मध्यम उद्यमी प्रतिस्पर्धा की दौड़ से बाहर हो जाते हैं। चहेती फर्म को उपकृत करने जोड़ दी जाने वाली शर्तें हॉफ के आदेश का हवा में उड़ा रहे हैं डीएफओ वन मंडलों द्वारा ई-टेंडर अथवा जेएम (GeM) के लिए वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने नया आदेश जारी किया है। वन बल प्रमुख श्रीवास्तव के इस आदेश का अधिकांश डीएफओ पालन नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में आईटी शाखा ने एक पत्र लिखकर हॉफ को अवगत भी कराया है। आईटी शाखा ऐसे डीएफओ की सूची भी बना रहा है, वेबसाइट पर अपलोड नहीं कर रहे हैं। क्या है हॉफ के आदेश? हॉफ श्रीवास्तव ने इस आदेश कहा है कि प्रति वर्ष विभाग के विभिन्न कार्यों हेतु सामग्री का क्रय जेम के माध्यम से किया जाता है। जेम के माध्यम से क्रय की जाने वाली सामग्री की जानकारी से मुख्यालय अनभिज्ञ रहता है एवं इस कारण वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्समय यदि टेंडर में कोई त्रुटि होती है, वनमंडलाधिकारियों को उचित निर्देश नही दिये जा पाते। अतः भविष्य में जेम के माध्यम से क्रय की जाने वाली सामग्री का टेंडर की जानकारी/विज्ञापन विभागीय पोर्टल पर भी अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। दर्शन इसकी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है, जिसके कारण डीएफओ अभी भी मनमानी कर रहे हैं। 18 से 20% धनराशि बंटते है कमीशन में चालू वित्त वर्ष में जंगल महकमे में करीब 60 से 70 करोड़ रूपए की चैनलिंक, बारवेड वायर और टिम्बर पोल्स की खरीदी में बड़े पैमाने पर कमीशन बाजी का खेल खेला जा रहा है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट की 18 से 20% धनराशि कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। यानि सप्लायर्स को हर साल लगभग 10-12 करोड़ कमीशन में बांटने पड़ते हैं।

भोपाल एम्स में रोबोट करेंगे मरीजों का ऑपरेशन? एम्स प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS

Will robots operate on patients in Bhopal AIIMS? AIIMS administration released helpline number राजधानी भोपाल में मौजूद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स अब और भी हाईटेक होने जा रहा है. एम्स प्रबंधन 60 करोड़ की लागत से दो रोबोट खरीदने जा रहा है. ये रोबोट अकेले आने वाले मरीजों, ऑर्थोपेडिक और यूरोलोजी विभाग से जुड़े मरीजों के जटिल ऑपरेशन में मदद करेंगे. भोपाल ! संस्थान के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि यूरोलॉजी और ऑर्थोपेडिक मरीजों के जटिल ऑपरेशनों के लिए 60 करोड़ रुपये के दो नए रोबोट लाए जा रहे हैं, इससे इन दोनों विभागों की चिकित्सा की गुणवत्ता और बढ़ जाएगी. उन्होंने बताया कि एम्स, भोपाल में मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिले, इसके लिए अस्पताल को लगातार उन्नत किया जा रहा है, वहीं नई तकनीक की मदद से सतना और विदिशा मेडिकल कॉलेज के मरीजों का इलाज भी एम्स भोपाल से ही किया जा रहा है. रोबोट की मदद से ऑर्थोपेडिक और यूरोलोजी के जटिल ऑपरेशन किए जाएंगे. एक साल में साढ़े 10 लाख ओपीडी एम्स निदेशक डॉ. अजय सिंह के अनुसार एम्स में बढ़ी सुविधाओं का ही नतीजा है कि एक साल में 10 लाख 50 हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आए हैं. वहीं एम्स भोपाल, ई.कंसलटेंसी की मदद से प्रदेश के 50 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से जुड़ गया है. इसके तहत मरीज के इलाज के लिए एम्स और संबंधित सेंटर के डॉक्टर एक दूसरे से बात कर सकते हैं. यही नहीं, टेली आईसीयू के जरिए सतना और विदिशा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों का एम्स के डॉक्टर इलाज मुहैया करा रहे हैं. 200 वर्चुअल बेड का हो रहा संचालन अभी एम्स भोपाल 200 वर्चुअल बेड का संचालन कर रहा है. अब इससे जुडने के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अस्पताल भी तैयार हैं. एम्स भोपाल की ओर से मरीजों की सुविधा के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं. किसी भी मरीज को इलाज में परेशानी होने पर वह 7773010099 और 9582559721 पर कॉल या व्हाट्सएप कर शिकायत कर सकते हैं.

इंदिरा सागर डैम के 12 और ओम्कारेश्वर बांध के खुले 9 गेट, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

12 gates of Indira Sagar Dam and 9 gates of Omkareshwar Dam opened, administration issued alert

12 gates of Indira Sagar Dam and 9 gates of Omkareshwar Dam opened, administration issued alert नर्मदा नदी के ऊपरी कछार में लगातार बारिश की वजह से अपस्ट्रीम के बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है. पानी छोड़े जाने के कारण इंदिरा सागर बांध का जलस्तर भी बढ़ने लगा है. बांध का लेबल बनाए रखने के लिए इंदिरा सागर डैम के 12 गेट खोले गए हैं. इंदिरा सागर जलाशय में कुल 3994 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज किया जाएगा. इंदिरा सागर के साथ ही ओंकारेश्वर डैम के भी 9 गेट खोलकर 2000 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है. एनएचडीसी के अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए आज लगभग 4 बजे इंदिरा सागर बांध के लगभग 12 गेट खोले गए हैं. इनमें 6 गेट 1 मीटर और 6 गेट आधा मीटर खोल कर 2154 क्यूमेक्स और विद्युतगृह से 1840 क्यूमेक्स यानी कुल 3994 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है. इसी तरह ओंकारेश्वर डैम से भी 9 गेट खोलकर 2000 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है. इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम के खुले गेट इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम के गेट खोलने से नर्मदा नदी के डाउनस्ट्रीम में पानी तेजी से बढ़ेगा. खंडवा जिला प्रशासन ने निचली इलाकों में अलर्ट जारी किया है. नाविकों और श्रद्धालुओं को भी नर्मदा घाटों से दूर रहने की चेतावनी जारी की गयी है. खरगोन, बड़वानी, धार ओर देवास के क्षेत्रों में बारिश होने से प्रशासन भी स्थिति पर नजरें बनाये हुए है. आसपास के इलाकों में जारी किया गया अलर्ट खंडवा के एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि बांध से पानी छोड़ जाने के पहले सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया जाता है. उसके पहले पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को भी इत्तेला दी जाती है. उन्होंने कहा कि जैसे ही पानी बढ़ता है प्रशासन की टीम भी अलर्ट मोड में आ जाती है. वर्तमान में गेट खोले जा रहे हैं. हम ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर लिए हैं.

प्रदेश में इंद्रदेव ने लिया हफ्ते भर ब्रेक, IMD ने बारिश पर दी बड़ी अपडेट

Indradev took a week long break in the state, IMD gave a big update on rain

Indradev took a week long break in the state, IMD gave a big update on rain मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, लेकिन अब मौसम विभाग ने बारिश से राहत की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के लिए जिम्मेदार सिस्टम कमजोर हो गया है, जिसकी वजह से आगामी एक सप्ताह तक बारिश से राहत मिलेगी. भोपाल ! मौसम विभाग ने आज मंगलवार (6 जुलाई) को प्रदेश के 13 जिलों में हल्की और मध्यम बारिश की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ के प्रदेश के ऊपर से निकलने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कमजोर होने की वजह से सप्ताह भर तक बारिश नहीं होगी. इन जिलों में आज बरसेंगे बादलहालांकि इस दौरान हल्की और मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार आज मंगलवार को प्रदेश के 13 जिलों में हल्की और मध्यम बारिश होगी. इन जिलों में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, उमरिया, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट जिले शामिल हैं. बारिश में मंडला टॉप परप्रदेश में 21 जून को मानसून की एंट्री हो गई थी. अब तक मध्य प्रदेश में 24.4 इंच बारिश हो चुकी है. प्रदेश के 7 जिले ऐसे हैं जहां 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है, इनमें मंडला जिला टॉप पर हे. मंडला में अब तक 36.67 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है. इसी तरह सिवनी में 34.83 इंच, नर्मदापुरम में 33.52, रायसेन में 33, राजगढ़ में 30.88 और छिंदवाड़ा में 30.61 इंच बारिश हुई है, जबकि डिंडौरी में 29.65 इंच, सीहोर में 29.63 इंच, सागर में 29.28 इंच और विदिशा में 28.87 इंच बारिश हो चुकी है. अब होगी हल्की और मध्यम बारिशमौसम विभाग के अनुसार आगामी 7 दिनों तक अब हल्की मध्यम बारिश होगी. मौसम विभाग के अनुसार आज 13 जिलों में बारिश के आसार जताए हैं, जबकि कल 7 अगस्त को श्योपुर, शिवपुरी, सागर, दमोह, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर व जबलपुर में हल्की और मध्यम बरसात होगी. इसी तरह 8 और 9 अगस्त को श्योपुर, मुरैना, भिंड, गुना, धार, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, डिंडौरी और रतलाम में हल्की और मध्यम बारिश की संभावना जताई है.

आईएफएस के एपीएआर संशोधन संबंधित शासन के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में दी चुनौती

The government's order regarding IFS's APAR revision was challenged in the Supreme Court

The government’s order regarding IFS’s APAR revision was challenged in the Supreme Court गणेश पाण्डेय  भोपाल। मध्य प्रदेश में अखिल भारतीय दो सेवाओं के बीच टकराहट की स्थिति निर्मित हो गई है। प्रदेश की नौकरशाही जंगल में भी अपनी हुकूमत चलाने की मंशा से 22 साल से चली आ रही एपीएआर लिखने की प्रक्रिया में संशोधन आदेश करते हुए डीएफओ और वन संरक्षक के मूल्यांकन का अधिकार कलेक्टर कमिश्नर को दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश दिनांक 29 जून 2024 और विशेष रूप से पैरा 2 और पैरा 3 को रद्द करें। मध्य प्रदेश सरकार को टी.एन. गोदाबर्मन के फैसले में उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए एक नया आदेश जारी करने का निर्देश दें। याचिका में उल्लेखित है कि 29 जून 2024 के अपने आदेश आईएफएस के अधिकार को भी कमजोर करता है। विवादित आदेश में एपीएआर प्रक्रिया में अन्य सेवाओं [अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस)/प्रधान सचिव (पीएस)] के अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो इस आवश्यकता के विपरीत है कि रिपोर्टिंग अधिकारी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हों। मसलन, डीएफओ, वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक जैसे पदों के लिए रिपोर्टिंग प्राधिकारी, मूल्यांकन और स्वीकार कर्ता आईएफएस ही होना चाहिए। याचिका कर्ता एडवोकेट गौरव कुमार बंसल ने अपने याचिका में कहा है कि  29 जून 24 के अपने आदेश के तहत मध्य प्रदेश राज्य ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए पीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। 29 जून 2024 के आक्षेपित आदेश का प्रासंगिक भाग, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सीधा उल्लंघन है। मूल्यांकन प्रक्रिया में गैर-वन विभाग के अधिकारियों को शामिल करने से न केवल भारतीय वन सेवाओं का प्राथमिक अधिदेश अर्थात वनों और वन्यजीवों का वैज्ञानिक प्रबंधन, सुरक्षा और संरक्षण कमजोर होगा, बल्कि संरक्षण पर भी प्रभाव पड़ेगा।  याचिका कर्ता बंसल ने यात्रा में कहा है कि राजस्व जैसे विभागों के अधिकारियों को वन अधिकारियों का मूल्यांकन करने की अनुमति देकर वन, वन्य प्राणी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को एक महत्वपूर्ण झटका देता है। हरियाणा राज्य बनाम पी.सी. वाधवा (1987 (3) एससीसी 404) ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए रिपोर्टिंग प्राधिकारी उसी सेवा के भीतर तत्काल वरिष्ठ होना चाहिए। विवादित आदेश, इस स्थापित मिसाल से हटकर, कानूनी असंगतता पैदा करता है और भविष्य के प्रशासनिक आदेशों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। वन और पर्यावरण संरक्षण बनाम विकास के चलते टकराव भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए मुख्य चुनौती पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को संतुलित करना है। जबकि  आईएएस अधिकारियों का समग्र काम राजस्व और प्रशासनिक मामलों पर केंद्रित है। आईपीएस अधिकारियों का काम कानून और व्यवस्था पर केंद्रित है, वहीं आईएफएस अधिकारियों का काम प्रकृति में अधिक तकनीकी है। वह पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित हैं। राज्य कानूनों को लागू करने वाले आईएएस और  आईपीएस अधिकारियों के विपरीत, आईएफएस अधिकारी मुख्य रूप से वनों और वन्यजीवों से संबंधित केंद्रीय कानूनों को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं।  कई बार आईएफएस अधिकारियों को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। वन अधिनियम एवं वन संरक्षण कानून को लागू करवाने के प्रयास में आईएफएस अफसरों और  राजस्व अधिकारी टकराते हैं।

मध्यप्रदेश सरकार अब समुदाय के सहयोग से बनाएगी योजनाएं,मांगे सुझाव

Madhya Pradesh government will now make plans with the help of the community

Madhya Pradesh government will now make plans with the help of the community, asked for suggestions प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि लोकतंत्र तभी सही मायने में जीवंत है जब नागरिक भी शासन का हिस्सा बने। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए मप्र के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अपने खास आंतरिक अमले के माध्यम से जमीनी स्तर से विकास की योजना बनाने हेतु प्रबुद्धजनों से सुझाव मांगे हैं। सरकार की मंशा है कि नागरिकों के सुझाव एवं विचारों को शामिल कर विकास का रौडमैंप तैयार किया जाए। वर्तमान समय में सरकार में समुदाय की भागिदारी स्वतंत्र रूप से न के बराबर है। राजनीतिक रूप से तो जनता का प्रतिनिधित्व हो रहा है लेकिन सामुदायिक रूप से सुशासन की दिशा में प्रगति हेतु जन सहभागिता का शासन के बीच भागीदारी का अभाव दिखता है। विकास के इन बिन्दुओं पर नागरिक सहभागिता जरूरी अधोसंरचना विकास शासन द्वारा अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में काफी प्रयास हो रहे हैं किंतु विकास कार्यो के टिकाऊपन एवं सतत विकास को लेकर सवाल उठते रहे है। अधोसंरचना के निर्माण से लेकर रख रखाव तक जन भागीदारी का अभाव है जो कहीं ना कहीं से सरकार के कार्यों एवं छवी पर प्रभाव डालते है। नगर-एवं ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना के अंतर्गत आर्थिक विकास को लेकर पुट कम है। सरकार का मानना है कि स्थानीय विकास कार्य में जनता भी अपने सुझाव दे ताकि निर्माण कार्य मजबूत एवं पारदर्शी हो सके। शिक्षा एवं कौशल क्षेत्र ग्रामीण अंचलों में बड़ी संख्या में स्कूल भवनों का निर्माण हो रहा है। इसके बाद भी सरकारी स्कूलों में प्रवेश की स्थित कम है। इसके क्या कारण हो सकते है इसे समझने एवं जानने की आवश्यकता है। शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का उपयोग कैसे किया जा सकता है इस पर भी सुझाव लेकर स्थानीय स्तर पर स्थानीय शालाओं को स्थानीय व्यापार व्यवस्था से जोड़कर विद्यार्थियों को कैसे स्वावलंबी बनाया जा सकता है इस दिशा में सरकार आगे बढ़ना चाहती है। स्वच्छता एवं स्वास्थ्य ग्रामीण अंजलों में स्वेच्छा से ग्राम की सफाई व्यवस्था लोग भूलते जा रहे हैं। वर्षाजनित बीमारी ,स्वास्थ्य केन्द्रों की दशा सुधारने को लेकर सामुदायिक भागिदारी क्या हो सकती है। यह विषय गंभीर हैं। ग्राम के कमजोर व्यक्तियों का चिंहांकन,मानसिक रोगी की पहचान एवं कंसल्टेंसी ,खुले में शौच पर नियंत्रण,दैनिक जीवन में स्वच्छता का महत्व,पर्यावरण की सुरक्षा,आपात स्थिति में पीने के पानी व्यवस्था,स्वच्छ पेयजल की निगरानी ,संक्रमण काल में दवा वितरण से लेकर टीकाकरण में समुदाय की भागीदारी पर सरकार ठोस कदम बढ़ाना चाहती है। व्यवसाय एवं रोजगार मप्र की पंचायतों की आर्थिक दशा पर मप्र के पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री तंज कस चुके हैं। ऐसी स्थिति में सरकार चाहती है कि नागरिकों के माध्यम से ऐसे स्थानीय रोजगार के साधनों को चिन्हित किया जाना चाहिए जिसमें स्थानीस कृषि उत्पादों की पहचान,परंपरागत खेती से हटकर खेती का विकास, मृदा परीक्षण,जैविक उत्पादों का प्रमाणन,डेयरी उद्योगों का विकास ,पैकेजिंग, देसी आटा चक्की का विकास, मसाला ,प्रसंस्करण,हथकरघा, हस्तशिल्प,बेकरी,लकड़ी के उत्पादों एवं मशरूम, कोषा एवं अन्य खादय पदार्थो के विषय में भी नागरिक आगे आएं एवं सरकार को बतायें की ये विकसित मप्र के निर्माण में कैसे सहायक बन सकते हैं। शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन सरकार योजनाएं तो खूब बनाती हैं लेकिन सही लोगों को इसका लाभ मिल पाता है या नहीं यह शक के दायरे में रहता है। सरकार चाहती है कि नागरिक बतायें कि सरकार ऐसा कौन सा तंत्र विकसित करे जिससे की सभी योजनाएं शत प्रतिशत जमीन तक पहुंच जाएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में स्वैच्छिक संगठनों का सहयोग एवं तकनीक के इस्तेमाल से कैसे पंचायतों में पारदर्शिता लाई जा सकती है यह स्थानीय नागरिक के माध्यम से सरकार जानने की कोशिश कर रही है। पंचायती राज ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में अभी तक कई प्रथाएं एवं सामाजिक कुरीतियां,तानाबाना व्याप्त है। इन सब कारणों के चलते पंचायतों में प्रभावी विकास कार्य नहीं हो पाते हैं। पंचायत राज व्यवस्था में भी विकास का कोरम कागजों पर हो जाना दर्शाता है कि विकास कार्य हेतु समुदाय की भागीदारी नगण्य रही होगी। सरकार चाहती है कि ऐसा क्या किया जाए जिससे की स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से योजनाएं बनाई जाए।

मोहन सरकार का आदेश: अब राशन दुकानों पर अब गेहूं के साथ ज्वार, बाजरा और रागी भी मिलेगी

Now along with wheat, jowar, millet and ragi will also be available at ration shops.

Mohan government’s order: Now along with wheat, jowar, millet and ragi will also be available at ration shops. भोपाल। मध्य प्रदेश में गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले हितग्राहियों को राशन वितरण में अब श्रीअन्न के तहत राज्य में उत्पन्न होने वाले ज्वार, बाजरा और रागी भी दी जाएगी। इसके लिए स्थानीय किसानों से अनाज लेने और प्रक्रिया में स्व-सहायता समूहों को जोड़ने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जिन्हें पर्ची जारी की गई है, वह योजना के लिए पात्र हैं या नहीं इसका भी सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा सहित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिनियम, फोर्टिफाईड चावल, शक्कर एवं नमक वितरण अनुसूचित जाति जनजाति विद्यार्थियों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने, वन-नेशन-वन राशन कार्ड, प्रधानमंत्री राशन आपके ग्राम योजना, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, महिलाओं को 450 रुपये में गैस रिफिल उपलब्ध कराना, प्रधानमंत्री जनमन मिशन, गेहूं उपार्जन की स्थिति और लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए जारी गतिविधियों पर प्रस्तुतिकरण के साथ चर्चा भी हुई। राज्य स्तर पर गठित होगा गैस कारपोरेशनमुख्यमंत्री ने कहा कि नापतौल विभाग के अमले की यूनिफार्म तय की जाए। अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि में इस संबंध में जारी व्यवस्था के आधार पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने पाइप लाइन द्वारा रसोई गैस उपलब्ध कराने संबंधी गतिविधि के लिए राज्य स्तर पर गैस कारपोरेशन गठित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी गैस उपयोग की संभावना है, अत: इसकी आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। अन्य राज्यों में इस संबंध में लागू व्यवस्था का भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जाए। साथ ही भू-जल भंडारण के संरक्षण और बिजली की बचत के दृष्टिगत बिना मौसम की धान व मूंग के उत्पादन को हतोत्साहित किया जाए। इसके लिए किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किसान सम्मेलन और कृषि विशेषज्ञों के साथ परिचर्चाएं भी की जाएं।

Weather Update: बारिश का अलर्ट, प्रदेश में कई नदियां उफान पर, सीएम की बाढ़ पर नजर

Meteorological Department: Rain alert

Meteorological Department: Rain alert, many rivers in the state in spate, CM keeping an eye on floods MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने 4 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. इसी क्रम में 17 जिलों में मध्यम और एक दर्जन से ज्यादा अन्य जिलों में हल्की बारिश के आसार जताए जा रहे हैं. मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों मध्य प्रदेश में बारिश का क्रम जारी रहेगा. प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से नर्मदा, काली सिंध, शिवाना, शिप्रा सहित मध्य प्रदेश की कई नदियां उफान पर है. कहां होगी कितनी बारिश?मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, मध्य प्रदेश के शहडोल, अनूपपुर, उमरिया और डिंडोरी मैं भारी बारिश के की संभावना है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के 17 ऐसे जिले हैं जहां पर मध्यम बारिश हो सकती है. इनमें भोपाल, छतरपुर, रायसेन, सीहोर, देवास, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, नर्मदापुरम जिले शामिल है, जहां मध्यम बारिश के आसार हैं. इन जिलों में होगी हल्की बारिशइसी तरह मालवांचल के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश के संकेत हैं. इनमें उज्जैन, नीमच, रतलाम, मंदसौर, आगर मालवा, शाजापुर, इंदौर जिले शामिल है. इनके अतिरिक्त श्योपुर कला, मुरैना, शिवपुरी, विदिशा, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खंडवा, महेश्वर, बुरहानपुर, हरदा, रीवा, सतना, टीकमगढ़, मैहर, मऊगंज जिलों में भी हल्की बारिश के संकेत मौसम विभाग ने दिए हैं. नदियों के जलस्तर पर नजरमध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से प्रमुख नदियों पर जिला प्रशासन के जरिये नजर रखी जा रही है. नर्मदा, शिप्रा, गंभीर, काली सिंध, शिवाना, कान्ह, चंबल सहित अन्य नदियां उफान पर हैं. जिला प्रशासन ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. इस तालमेल बैठक में डैम के गेट खोले को जाने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा नदियों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद कंट्रोल रूम के माध्यम से बाढ़ पर नजर रख रहे हैं.

प्रदेश में 10 अधिकारियों का ट्रांसफर : मोहम्मद सुलेमान बने कृषि उत्पादन आयुक्त,, सूची देखें

Transfer of 10 officers in the state

Transfer of 10 officers in the state: Mohammad Suleman becomes Agriculture Production Commissioner, see list उदित नारायण भोपाल। राज्य शासन ने 10 से अधिक आईएएस अफसर के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। इसी आदेश में अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से स्थानांतरित किया गया है। उनके स्थान पर प्रमुख सचिव संदीप यादव को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा गया है। प्रमुख सचिव यादव ब्यूरोक्रेट में सबसे ताकतवर आईएएस के रूप में उभरे हैं। राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि मोहम्मद सुलेमान को नर्सिंग घोटाले के चलते हटाया गया है। विधानसभा में नेता-प्रतिपक्ष ने नर्सिंग घोटाले का मुद्दा उठाते हुए एशिया सुलेमान को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाने की मांग की थी।राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के तहत मोहम्मद सुलेमान को कृषि उत्पादन आयुक्त बनाया गया है। सुलेमान से भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग भी ले लिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के आग्रह पर सहकारिता विभाग से दीपाली रस्तोगी को भी स्थानांतरित कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि श्रीमती रस्तोगी सहकारिता मंत्री सारंग के निर्णय पर किंतु-परंतु लगाकर अवरोध उत्पन्न करती थी। नाम वर्तमान नवीन

इस सप्ताह तय होंगे मंत्रियों के जिला प्रभार, डिप्टी सीएम को मिल सकते हैं एक से ज्यादा जिले

District charges of ministers will be decided this week

District charges of ministers will be decided this week, Deputy CM may get more than one district स्वतंत्रता दिवस परेड की सलामी और प्रदेश में होने वाले कर्मचारियों के तबादलों की जिम्मेदारी जिलों का प्रभार देखने वाले मंत्री ही संभालेंगे। इसके लिए तैयारी कर ली गई है। मंत्रियों के प्रभार जिलों की सूची तैयार कर ली गई है। जल्दी ही इसका एलान किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभारी मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है। इसका एलान संभवतः इसी सप्ताह में कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि तय किए गए फार्मूले के मुताबिक डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा को एक से अधिक जिले की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसी तरह प्रदेश के कद्दावर मंत्रियों को भी बड़े जिलों की कमान देने की तैयारी की जा रही है। गौतलब है कि अधिकांश मंत्री इंदौर, उज्जैन, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर, सागर जैसे जिलों का प्रभार चाहते हैं। इसी कशमकश में सूची को अंतिम रूप देने में अधिक समय लग गया है। बताया जा रहा है कि इसको फाइनल करने के लिए दिल्ली नेतृत्व से भी सहमति ली गई है। तबादलों में रहेगी भूमिकाइसी माह खुलने वाले ट्रांसफर बैन के मद्देनजर भी मंत्रियों को जिला प्रभार दिए जाने की कवायद तेज है। सूत्रों का कहना है कि कर्मचारी अधिकारियों के तबादले जिला प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से ही किए जाएंगे। जिलों में होने वाले स्थानांतरण में इन जिला प्रभारी मंत्रियों की अहम भूमिका रहने वाली है। झंडा वंदन भी करेंगेइस स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर होने वाले झंडा वंदन कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री मौजूद रहेंगे। यहां इन्हीं के हाथों झंडा फहराया जाएगा। इस मौके पर होने वाली परेड की सलामी भी प्रभारी मंत्री ही लेंगे।

महंगाई ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, हाय रे महंगाई , अभी और बढ़ेगी महंगाई

Inflation has spoiled the taste of food, oh dear inflation, inflation will increase further.

Inflation has spoiled the taste of food, oh dear inflation, inflation will increase further. भोपाल ! महंगाई की मार से पहले ही परेशान आम लोगों के ऊपर अब मौसम की मार पड़ने वाली है. देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश आने वाले दिनों में टमाटर की कीमतों में तेज इजाफा करा सकती है. यह खतरा ऐसे समय उपस्थित हुआ है, जब पहले से टमाटर की कीमतें काफी बढ़ी हुई हैं. पिछले महीने यहां तक गया था भावभोपाल में टमाटर की कीमतें इस सीजन में एक बार शतक लगा चुकी हैं. भोपाल के खुदरा बाजार में टमाटर की कीमतें 100 रुपये किलो पर पहुंच गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, करोंद मंडी पर टमाटर कल 100 रुपये किलो के भाव से बिक रहा था. वहीं न्यू मार्केट खुदरा बाजार में टमाटर की कीमतें 100 से 120 रुपये किलो तक पहुंच गई थीं. पिछले साल इतना महंगा हुआ था टमाटरटमाटर की कीमतों में हर बार साल के इन महीनों के दौरान तेजी देखी जाती है. पिछले साल तो स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब हो गई थी टमाटर के भाव खुदरा बाजार में 350 रुपये किलो तक पहुंच गए थे. उसके बाद सरकार ने सहकारी एजेंसियों की मदद से कई शहरों में रियायती दर पर टमाटर बेचना शुरू किया था.

नागद्वारी यात्रा शुरू, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने तय किया बसों का किराया

Nagdwari Yatra begins, administration fixes bus fare for devotees

Nagdwari Yatra begins, administration fixes bus fare for devoteesMela In Pachmarhi: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में आज से नागद्वारी यात्रा की शुरुआत हो गई है. पचमढ़ी में नागद्वारी मंदिर साल में महज 10 दिनों के लिए खुलता है. 10 दिन चलने वाले इस मेले में मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु नागराज के दर्शन के लिए आते हैं. सात दुर्गम पहाड़ी व 15 किलोमीटर की यात्रा कर श्रद्धालु नागराज के दर्शन करते हैं. इस बार भी इन 10 दिनों में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. बता दें यात्रा नागफनी से नाथद्वारा तक होती है. यहां श्रद्धालु एकत्रित होकर यात्रा शुरू करते हैं. करीब 15 किलोमीटर पैदल चलकर श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचते हैं. इस दौरान पगडंडियों और सीढिय़ों की मदद से श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचते हैं. 10 दिवसीय यात्रा को लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं. मेला प्रभारी व एसडीएम संतोष तिवारी के अनुसार मेला अवधि तक एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारी सहित प्रशासनिक अमला यहां मौजूद रहेगा. साथ ही 700 पुलिस जवान व 130 होमगार्ड, 50 आपदा मित्र, 12 एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे. प्रशासन ने फिक्स किया बसों का किराया मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नर्मदापुरम ने तक विभिन्न शहरों से आने जाने के लिए किराया सूची जारी की है. नागपुर से पचमढ़ी तक का किराया 338 रुपये निर्धारित किया है. छिंदवाड़ा से पचमढ़ी का 236 रुपये, भोपाल से पचमढ़ी का किराया 250 रुपये, सिवनी मालवा से पचमढ़ी का किराया 212 रुपये, इटारसी से पचमढ़ी का किराया 178 रुपये, नर्मदापुरम से पचमढ़ी का किराया 157 रुपये, बाबई से पचमढ़ी का किराया 128 रुपये, सेमरी से पचमढ़ी का किराया 106 रुपये, बनखेड़ी से पचमढ़ी का किराया 97 रुपये, सोहागपुर से पचमढ़ी का किराया 93 रुपये, पिपरिया से पचमढ़ी का किराया 68 रुपये, मटकुली से पचमढ़ी का किराया 36 रुपये, औबेदुल्लागंज से पचमढ़ी का किराया 206 एवं गाडरवारा से पचमढ़ी का किराया 136 रुपये निर्धारित किया गया है.

MP Weather: प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय हुआ मानसून, जिलों में बारिश का अलर्ट

MP Weather: Monsoon becomes active once again in the state, rain alert in districts

MP Weather: Monsoon becomes active once again in the state, rain alert in districts MP Weather Update: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून तेज गति से सक्रिय होने वाला है. मौसम विभाग ने कई जिलों को लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जबकि मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्य और हल्की बारिश भी हो सकती है. मौसम विशेषज्ञ डॉ राजेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में मानसून सक्रिय हो रहा है. अभी कुछ दिनों से यहां हल्की बारिश हो रही थी, लेकिन एक बार फिर तेज बारिश की आशंका बढ़ गई है. उन्होंने बताया कि छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदा पुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन, सांची में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. इन जिलों में पहले भी लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक एमपी के कई जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है. इनमें भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, निवाड़ी, दमोह, सागर, उज्जैन, देवास, खंडवा, शहडोल, कटनी, अनूपपुर, उमरिया, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, पांढुरना, खंडवा, गुना जिले शामिल है. 11 जिलों में हल्की बारिश के आसारमौसम विभाग में मध्य प्रदेश के 11 जिलों में हल्की बारिश के संकेत दिए हैं. इन जिलों में अशोकनगर, जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, आगर मालवा, झाबुआ, मंदसौर, खरगोन, बुरहानपुर, इंदौर और शिवपुरी शामिल है. नर्मदा नदी खतरे के निशान के करीबमंडला जिले में झमाझम बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश की वजह से मंडला में नर्मदा नदी का जल स्तर 437.30 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 437.80 मीटर है. भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. वहीं भोपाल में गुरुवार को बारिश की वजह से स्कूली बच्चों की बस नाले में फंस गई, जिसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया. सीहोर जिले के अहमदपुर के गांव मगर्दी में एक व्यक्ति नाले में बह गया है. तेज बारिश की वजह से नाला उफान पर था.

स्पेशल डीजी संजय झा सेवानिवृत, आलोक रंजन को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Special DG Sanjay Jha retired, Alok Ranjan got big responsibility

Special DG Sanjay Jha retired, Alok Ranjan got big responsibility भोपाल। स्पेशल डीजी ट्रेनिंग संजय झा बुधवार 31 जुलाई को सेवानिवृत हो गए। उनकी जगह 1991 बैच के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रबंध आलोक रंजन को स्पेशल डीजी बनाया जाएगा। इसके बाद सितंबर में स्पेशल डीजी एवं डायरेक्टर अभियोजन सुषमा सिंह सेवानिवृत होंगी। उनके स्थान पर एडीजी महिला सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव स्पेशल डीजी बनेंगी। बता दें कि संजय झा परिवहन आयुक्त थे, जिन्हें गुना बस हादसे के बाद पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया था। इसी वर्ष 30 नवंबर को डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत होने पर एक स्पेशल डीजी को डीजीपी बनने का अवसर मिलेगा। ऐसे में स्पेशल डीजी एक पद रिक्त होने पर एडीजी तकनीकी सेवाएं योगेश मुद्गल डीजीपी बनेंगे। बता दें कि प्रदेश में डीजी के काडर पद पांच हैं, पर प्रदेश में काडर और नान काडर मिलाकर इसके 12 पद बनाए गए हैं। काडर पद में डीजीपी के अतिरिक्त, चेयरमैन पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन, डीजी होमगार्ड, डीजी जेल और स्पेशल डीजी प्रशिक्षण के पद शामिल हैं। लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में भी डीजी का पद हैं पर यह काडर पद नहीं है। अधिकारी का नाम — पदनाम– सेवानिवृत्तिसुषमा सिंह- स्पेशल डीजी- 30 सितंबर राजेश कुमार गुप्ता – एडीजी- 30 सितंबर अनिल कुमार गुप्ता – एडीजी- 31 अक्टूबर आरके हिंगणकर – डीआइजी -31 अक्टूबर सुधीर कुमार सक्सेना – डीजीपी – 30 नवंबर महेंद्र सिंह सिकरवार – आइजी – 31 दिसंबर

कलियासोत नदी को बारहमासी बनाकर साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने, केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुलाकात की।

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar to make Kaliyasot river perennial and develop it on the lines of Sabarmati River Front. भोपाल की कलियासोत नदी को गुजरात की साबरमती की तर्ज पर विकसित किया जाए – विधायक रामेश्वर शर्मा भोपाल। भोपाल की हुजूर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरों की तर्ज पर विकसित कराते हुए विकास पुरुष की पहचान बनाने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा ने क्षेत्रीय विकास को लेकर एक नई मुहिम छेड़ दी है। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा ने केन्द्रीय नगरीय विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर कोलार की कलियासोत नदी को बारहमासी बनाने के साथ-साथ साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने एवं उसके घाटों को विकसित कर पर्यटन केन्द्र बनाने की मांग को लेकर निवेदन पत्र सौंपा है। इस निवेदन पत्र में उन्होंने भोपाल की जीवन रेखा कहीं जाने वाली कलियासोत नदी के सालभर सूखे रहने की चिंता तथा उससे होने वाली नागरिक असुविधा को व्यक्त किया, साथ ही उसे बारहमासी बनाने के उपाय एवं उससे होने वाले लाभ को भी विधायक शर्मा ने मांग पत्र में उल्लेखित किया। ज्ञात हो कि कलियासोत नदी कोलार से होते हुए बेतवा नदी में मिलती है। जो कि वर्तमान में कलियासोत डेम पर पूर्णरूपेण निर्भर करती है। डेम के गेट खुलने के बाद ही इस नदी में पानी आता है बाकि वर्ष भर यह सूखी रहती है। निम्न मांगों को लेकर सौंपा पत्र केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि – कलियासोत नदी भोपाल की जीवन रेखा है। उसे बचाने का दायित्व हम सबका है। और केवल बचाना नहीं है, उसका संवर्धन भी करना है। इसको लेकर कल माननीय केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी से भेंट कर उनको कलियासोत नदी की यथास्थिति से अवगत कराया। साथ ही उनकी विकास योजना को लेकर भी सुझाव प्रस्तुत किए। उन्हें गुजरात की साबरमति रिवर फ्रंट की कार्य योजना की भी जानकारी दी। जिसके मूल स्वरूप एवं पर्यावरण के अनुरूप CEPT अहमदाबाद (Center for Environmental Planning and Technology) द्वारा विकसित किया गया था।कलियासोत के सौंदर्गीकरण हेतु भी इसी तरह के अनुभवी संस्थान के द्वारा कार्य योजना बनवाई जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि – माननीय केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री कलियासोत नदी के संरक्षण की दिशा में साबरमती नदी की तर्ज पर विकसित करने हेतु सार्थक निर्देश सम्बन्धितों को दिए । जिसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया ।

पीडब्ल्यूडी मंत्री का फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी का प्रयास

PWD Minister's attempt to cheat by creating fake Facebook ID

PWD Minister’s attempt to cheat by creating fake Facebook ID मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पैसों की मांग का मामला सामने आया है। मंत्री स्टाफ ने साइबर पुलिस की जबलपुर यूनिट में शिकायत कर दी है। हालांकि कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन साइबर पुलिस ने इस संबंध में फेसबुक से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने का पत्र भेज दिया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को मंत्री राकेश सिंह को जबलपुर प्रवास के दौरान एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि आपके नाम से फेसबुक मैसेंजर से मैसेज आया है कि कुछ पैसों की जरूरत है। इसके बाद मंत्री ने स्टाफ को जानकारी जुटाने को कहा। मंत्री स्टाफ ने फेसबुक खंगाला तो मंत्री राकेश सिंह के नाम से एक फर्जी अकाउंट एक्टिव था, जिसकी डीपी में मंत्री राकेश सिंह की फोटो लगी हुई थी। इसके बाद मंत्री ने साइबर सेल में शिकात करा दी। मंत्री की अपील जालसाजों से सावधान रहेंमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में जालसाज द्वारा लोगों को मैसेज भेजकर पैसे मांगने संबंधी चैट की स्क्री शॉट पोस्ट करने के साथ अपील की है कि जालसाजों से लोग सावधान रहें। मंत्री सिंह ने कहा कि कोई भी इस ठग की बात पर ना आए। क्या है चैट मेंअज्ञात जालसाज ने मंत्री राकेश सिंह की फर्जी फेसबुक आईडी से उनके एक परिचित को भेजे मैसेज में लिखा – हेलो, कैसे हो, इसके बाद सामने वाले ने जवाब दिया कि अच्छा है भैया, आपका आशीर्वाद है। इसके बाद जालसाज ने कहा – कहां पर हो, इस पर सामने वाला जवाब देता है कि एंजेसी में भैया, महेन्द्रा ट्रेक्टर वाली। इसके बाद जालसाज ने कुछ पैसे ट्रांसफर कर करने संबंधी मैसेज किया। चूंकि ट्रैक्टर एजेंसी संचालक भी जबलपुर क्षेत्र का है और मंत्री राकेश सिंह के पुराने परिचित हैं। उन्हें पता है कि मंत्री राकेश सिंह कभी किसी से उधार पैसे नहीं मांगते। इससे उसे शक हुआ तो उसने मंत्री के करीबियों से संपर्क कर उन तक बात पहुंचाई।

प्रदेश में आज मूसलाधार बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया येलो-ऑरेंज अलर्ट

Meteorological Department: Rain alert

Torrential rain forecast in the state today, IMD issues yellow-orange alert भोपाल ! मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में जुलाई की तरह अगस्त महीने में भी मौसम खासा मेहरबान रहेगा. प्रदेश में बारिश का सिस्टम फिर एक्टिव हो गया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज गुरुवार (1 अगस्त) से प्रदेश में तीन-चार दिन बारिश होगी. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 15 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून टर्फ गंगानगर, हिसार, दिल्ली होते हुए गुजर रही है. पश्चिम बंगाल की ओर और अरब सागर में ऊपरी हवा का चक्रवात सक्रिय होने से दोनों तरफ से नमी आ रही है. इसके चलते प्रदेश में अगले तीन-चार दिन भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने जिलों को येलो और ऑरेंज अलर्ट में बांट रखा है. मौसम विभाग के अनुसार सिंगरौली, सीधी, डिंडोरी, बालाघाट जिलों में बारी बारिश का ऑरेंज जारी किया गया है. जबकि सीहोर, बैतूल, हरदा, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां सहित कुछ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इनके अलावा भी अन्य शहरों में तेज बारिश होगी. कल इन जिलों में होगी भारी बारिशमौसम विभाग ने दो अगस्त के लिए भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में विदिशा, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, सिवनी, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, देवास, सीहोर, हरदा, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, छतरपुर, टीकमगढ़ और बालाघाट शामिल हैं. तीन दिनों से थी राहतबता दें बीते एक सप्ताह से प्रदेश के कई शहरों में झमाझम बारिश का दौर जारी था, लेकिन सिस्टम के नरम पड़ जाने की वजह से बीते तीन दिनों से प्रदेश में राहत थी. जबकि इससे पहले कटनी सहित तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए थे. भारी बारिश की वजह से लोगों को असुविधाओं का सामना भी करना पड़ गया था.

चैनलिंक, बारवेड वायर और पोल्स की 60 करोड़ की खरीदारी में कमीशनबाजी बंट जाते हैं 12 करोड़

12 crore commission is divided in the purchase of 60 crores of chainlink, barbed wire and poles.

12 crore commission is divided in the purchase of 60 crores of chainlink, barbed wire and poles. उदित नारायणभोपाल ! चालू वित्त वर्ष में जंगल महकमे में करीब 50 से 60 करोड़ रूपए की चैनलिंक, बारवेड वायर और टिम्बर पोल्स की खरीदी में बड़े पैमाने पर कमीशन बाजी का खेल खेला जा रहा है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट की 18 से 20% धनराशि कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। यानि सप्लायर्स को हर साल लगभग 10-12 करोड़ कमीशन में बांटने पड़ते हैं। दिलचस्प पहलू यह है कमीशन में अधिक हिस्सेदारी न बढ़े, इसके लिए प्रोटेक्शन शाखा से बंटने वाली राशि भी अब कैंपा शाखा से बंटने लगी है। जबकि पूर्व में विभाग में परम्परा रही है कि फायर लाइन से लेकर मोबाइल, वायरलेस, वाहन आदि से समन्धित बजट प्रोटेक्शन शाखा से बंटता रहा है।मुख्यालय से सबसे अधिक फंड कैंपा शाखा से रिलीज किया जाता है। इसके बाद सामाजिक वानिकी और विकास शाखा से भी करोड़ों की धनराशि वन मंडलों को दिया जाता है। तीनों शाखाओं को मिलाकर हर वन मंडल को 5 से 7 करोड़ रूपए की राशि हर साल खरीदी के लिए रिलीज किया जा रहा है। चैनलिंक जाली, बारवेड वायर, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी और गोबर एवं रासायनिक खाद वगैरह की खरीदी की जाती है। इस खरीदी में 15 से 18 फीसदी तक राशि कमीशन बाजी में बंटती है। इस खेल को रोकने के लिए पूर्व वन मंत्री विजय शाह ने ग्लोबल टेंडर बुलाने की पहल की थी किंतु मैदानी अफसरों के विरोध के चलते वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए थे। इसकी मुख्य वजह यह है कि मुख्यालय से लेकर मैदानी अमले का नेक्सस से सीधा रिश्ता है। गौरतलब यह भी है कि मुख्यालय से विभिन्न शाखों द्वारा फंड रिलीज करने का कोई निर्धारित मापदंड नहीं है। चेहरा देखकर फंड वितरित किया जा रहा है। इस फार्मूले का उपयोग सबसे अधिक कैम्पा फंड में किया जा रहा है। अनूपपुर वन मंडल में तीन रेंज है जहां कैंपा फंड से फायर प्रोटक्शन के 24 लाख रुपए रिलीज किए गए। वहीं उत्तर शहडोल वन मंडल में बड़े जंगल हैं, उसके लिए कैम्पा शाखा से मात्र 14 लाख रूपये दिए गए। इसी प्रकार सिंगरौली में तीन रेंज है वहां 36 लाख और नरसिंहपुर वन मंडल के लिए मात्र ₹1200000 दिए। यह असमानता इसलिए है कि कैंपा पीसीसीएफ अपनी मनमर्जी के अनुसार डीएफओ को फंड डिलीट कर रहे हैं। जबकि संरक्षण शाखा फायर प्रोटक्शन के लिए वार्षिक एप्सन प्लान तैयार करता है। पीसीसीएफ डॉ दिलीप कुमार का कहना है कि कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को ट्रांसफर होनी चाहिए और उसके बाद संरक्षण शाखा ही डीएफओ को अपने एक्शन प्लान के अनुसार बजट रिलीज करें।इसके कारण गड़बड़ी की आशंका बढ़ती जा रही है। सरकार के निर्देशों की अवहेलना राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि वायरवेट, चैनलिंक और पोल की खरीदी में लघु उद्योग निगम को प्राथमिकता दें किंतु 95% खरीदी जेम्स और ई टेंडर से हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लघु उद्योग निगम की दर और जेम (GEM) की दरों में डेढ़ गुना अंतर है। यानी लघु उद्योग निगम में वायरवेट कि दर 83 रुपए से लेकर 85 रुपए तक निर्धारित की गई है। जबकि जेम (GEM) में ₹150 तक है। सरकार की मंशा यह भी है कि लघु और मध्यम उद्यमियों को इस कारोबार से जोड़ा जाए। मुख्यालय से लेकर फील्ड के अफसर टेंडर की शर्तों में ऐसी शर्ते जुडवा देते हैं जिसके चलते लघु और मध्यम उद्यमी प्रतिस्पर्धा की दौड़ से बाहर हो जाते हैं। सरकार के अन्य विभाग में टेंडर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाती है किंतु वन विभाग में या परंपरा नहीं है। प्रतिस्पर्धियों का कहना है कि सभी डीएफओ को अपने वन मंडल के प्रत्येक टेंडर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करें। चहेती फर्म को उपकृत करने जोड़ देते हैं नई शर्तें फंड बंटवारे को लेकर दो अफसर भिड़ चुके विभाग में फंड बंटवारे को लेकर दो सीनियर अधिकारी भिड़ चुके हैं। पीसीसीएफ कैंपा महेंद्र सिंह धाकड़ की पदस्थापना के पहले तक फॉरेस्ट प्रोटक्शन को लेकर कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को रिलीज किया जाता था और फिर संरक्षण शाखा डीएफओ की मांग के आधार पर वितरित करता था। धाकड़ ने इस परंपरा को बदल दिया। अब वह प्रोटेक्शन की राशि भी स्वयं जारी करते हैं। पूर्व में पीसीसीएफ प्रोटेक्शन रहे अजीत श्रीवास्तव ने इसका पुरजोर विरोध किया था और तीखा पत्र भी लिखा था, लेकिन बात नहीं बनी। मुद्दे को लेकर एक बैठक में तो दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई पर तत्कालीन वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने पीसीसीएफ कैंपा धाकड़ का साथ दिया। हालांकि अजीत श्रीवास्तव जल्द ही रिटायर हो गए। मौजूदा पीसीसीएफ प्रोटेक्शन डॉ दिलीप कुमार किंकर्तव्यविमुढ़ की स्थिति में है और वह सेवानिवृत्ति के दिन गिन रहे हैं। विभाग में चर्चा है कि पीसीसीएफ कैंपा महेन्द्र धाकड़ फाइनेंस कंपनी की तरह फंड रिलीज़ करते हैं। वे तो एक उच्च स्तरीय बैठक में यहां तक कह चुके हैं कि कैम्पा शाखा स्वायत्त संस्था है। ब्लैक लिस्ट फर्म कर रही हैं अभी भी धंधा वन विभाग में अलग-अलग वन मंडलों में कई फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसके बाद भी ब्लैक लिस्ट फर्म अपने राजनीतिक रसूख के दम पर सामग्री की सप्लाई कर रही हैं। इसकी वजह भी साफ है कि वन विभाग में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं है, जहां ब्लैक लिस्ट की गई फर्म को अन्य वन मंडलों में मैसेज कर धंधा करने से रोका जाए। वैसे पीडब्ल्यूडी जल संसाधन और अन्य विभागों में ऐसी व्यवस्था है कि ब्लैक लिस्ट फर्म की सूची बनाकर मैदानी अफसरों को भेजा जाता है और उन्हें निर्देशित किया जाता है कि इनसे कोई भी वर्क आर्डर न दिया जाए। कमीशन बाजी के खेल में प्रमुख संस्थाएं प्रखर इंटरप्राइजेज इंदौर, तिरुपति इंजीनियरिंग वर्क बालाघाट, जबलपुर वायरस जबलपुर, श्री विनायक स्टील इंदौर, राजपूत फेसिंग पोल भोपाल, अरिहंत मेटल (नाहटा), लकी इंडस्ट्रीज इंदौर, आकांक्षा इंडस्ट्रीज विदिशा, नवकार … Read more

सावधान रहें, डेंगू बन सकता है जानलेवा… बर्तनों में मिले सबसे ज्यादा लार्वा

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils भोपाल। सतर्कता जरूरी है, नहीं तो डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है। विभाग द्वारा किए एक सप्ताह के सर्वे में आठ हजार से अधिक घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। मलेरिया विभाग की टीम लगातार घरों में जाकर सर्वे कर रही है। टीमों ने अभी तक दो लाख 75 हजार, 176 घरों का सर्वे किया है, जिसमें लगभग आठ हजार घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। इन घरों में फूलों और पौधों के गमलों से लेकर पानी के बर्तनों, कूलरों एवं कंटेनरों में लार्वा जमा मिला है। खासबात यह कि घर के बर्तनों में सबसे ज्यादा लार्वा पाया गया है। आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा इस दौरान अधिकारियों ने 1997940 बर्तनों का सर्वे किया गया, जिनमें आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा पाया गया है। जांच के दौरान तीन हजार 187 कंटेनरों में खतरे की आशंका दिखाई दी है, जिनमें भारी लार्वा होने की उम्मीद है। इन कंटेनरों को खाली कराकर टोमोफास डाला गया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में लार्वा सर्वे का काम और भी अधिक प्रभावी तरीके से चलेगा। इसके लिए टीमें भी बढ़ाई जाएंगी। बतादें कि अभी तक भोपाल में डेंगू के मरीजों की संख्या 82 हो गई है। पनप रहा एडीज मच्छर

भोपाल की सेन्ट्रल लाइब्रेरी होगी आधुनिकीकृत

Bhopal's Central Library will be modernized

Bhopal’s Central Library will be modernized भोपाल : भोपाल में स्कूल शिक्षा विभाग के 3 पुस्तकालय संचालित हो रहे है। इन पुस्तकालायों के माध्यम से नागरिकों विशेष रूप से युवाओं को समाचार पत्रों के साथ विभिन्न अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इन पुस्तकालायों के जीर्णोंद्वार के लिये विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये गये है। शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल जिसे मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता है। इसके जीर्णोंद्वार के लिये कलेक्टर भोपाल द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपये का बजट उपलब्ध कराया है। बजट राशि से पुस्तकालय क्षेत्र का विस्तार, 3 मंजिला भवन निर्माण, पार्किंग व्यवस्था और नवीन फर्नीचर आदि का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों के हो जाने के बाद सेंट्रल लाइब्रेरी में वर्तमान व्यवस्था के अलावा 500 और नये सदस्यों को अध्ययन सुविधा उपलब्ध होगी। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के द्वारा भी पुस्तकालय का अनुरक्षण एवं विकास का कार्य किया गया है। पुस्तकालय सदस्यों की मांग पर विभागीय बजट से करीब 350 नई ज्ञानवर्धक पुस्तकें क्रय कर पाठकों को उपलब्ध कराई गई है। 60 हजार पुस्तकों का है भंडार भोपाल के न्यू मार्केट में मल्टीलेवल स्मार्ट पार्किंग के द्वितीय तल पर भोपाल जिला पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। इस पुस्तकालय में करीब 60 हजार पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। इस पुस्तकालय में भी प्रतिदिन नागरिकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये युवा अध्ययन करने पहुँचते है। जीटीबी कॉम्प्लेक्स की लाइब्ररी में होती है विविध गतिविधियाँ भोपाल के जीटीबी कॉम्प्लेक्स में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुदान से स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी संचालित हो रही है। पूर्व में यह पुस्तकालय ब्रिटिश लाइब्रेरी रूप में जाना जाता था। स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी में पिछले वर्ष 2 दिवसीय फेस्टिवल में बच्चों के लिये स्टोरी टेलिंग, क्विज काम्प्टीशन और फन एक्टिविटीज का आयोजन किया गया। जिसमें विजेता रहे बच्चों को पुरस्कार वितरित किये गये। इसके साथ ही जवाहर बाल भवन और वर्ल्ड-वे इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा तीसरी से 8वीं तक के बच्चों को लाइब्रेरी द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गयी। बच्चों को मोबाइल के स्थान पर पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित किया गया। लाइब्रेरी के सदस्यों की मांग पर लगभग 600 नई पुस्तकों को लाइब्रेरी के कलेक्शन में शामिल किया गया। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5 केन्द्रीय पुस्तकालय और 36 जिलो में जिला पुस्तकालय संचालित हो रहे है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में होगी खाद्य प्रसंस्करण उत्पादकों की बायर-सेलर मीट मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में

Buyer-seller meet of food processing producers will be held at Kushabhau Thakre Convention Center

Buyer-seller meet of food processing producers will be held at Kushabhau Thakre Convention Center on Tuesday in the presence of Chief Minister Dr. Yadav. भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादकों की बायर- सेलर मीट मंगलवार 30 जुलाई को होगी। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली इस मीट में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह भी उपस्थित रहेंगे। संचालक उद्यानिकी श्री एस.बी. सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य उद्यानिकी विभाग में संचालित पीएमएफ़एमई योजना अंतर्गत प्रदेश के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों में निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों तथा विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, बायर एवं सेलर को साझा मंच उपलब्ध कराना, कृषकों तथा युवा कृषक उद्यमियों को उद्यानिकी फसल उत्पादन तथा प्रसंस्करण की उन्नत तकनीकों, प्रसंस्करण के क्षेत्र में संभावना, बाज़ार, शासकीय योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता आदि के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करना तथा सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाना है। श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ मिशन के क्रम में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूर्ण करने का प्रयास है। मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में स्थान रखता हैI प्रदेश के कुल कृषि क्षेत्रफल में उद्यानिकी फसलों की भागीदारी 11.20 प्रतिशत है। प्रदेश में लगभग 400 लाख मी. टन उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश मसाला, धनिया, लहसुन, संतरा, एवं टमाटर के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा मिर्च, प्याज के उत्पादन में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश में उत्पादित इन उद्यानिकी फसलों को नष्ट होने से बचाने तथा मूल्य वर्धन करने के लिए उद्यानिकी विभाग में संचालित पीएमएफ़एमई योजना अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण उद्यम स्थापित किये जाने के लिए इच्छुक उद्यमियों को परियोजना लागत का 35% अधिकतम राशि रूपए 10 लाख तक अनुदान का प्रावधान है। बायर-सेलर की होगी राउंड टेबल चर्चा कार्यक्रम में इकाइयों में निर्मित उत्पादों एवं प्र-संस्करण मशीनों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश तथा अन्य राज्यों के क्रेता, विक्रेता, निर्यातकों, विशेषज्ञों सहित लगभग 250 प्रतिनिधियों द्वारा सहभागिता की जाएगी। आयोजन में क्रेता-विक्रेता के परस्पर संबंधों को बढ़ावा देने तथा उद्यानिकी क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्पादकों, व्यापारियों, खरीदारों और उद्योग विशेषज्ञों सहित हितधारकों के विविध समूह को एक साथ लाया जा रहा है। इस हेतु विशिष्ट उत्पाद के क्रेता-विक्रेताओं द्वारा राउंड टेबल चर्चा की जायेगी, जिससे वे एक दूसरे की आवश्यकताओं को समझें तथा भविष्य में व्यापार के लिए लिंकेज बनाया जा सके। उद्यानिकी फसलों को उनके उत्पादों/प्र-संस्कृत उत्पादों का उचित मूल्य तथा बाज़ार प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में होने वाली प्रमुख गतिविधियाँ उत्पादन आधारित क्रेता- विक्रेताओं की वार्ता, प्रदेश में पीएमएफएमई योजना अंतर्गत निर्मित उत्पादों तथा विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों तथा प्र-संस्करण की उन्नत मशीनों का प्रदर्शन, विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी-सत्र तथा योजना के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से अनुदान राशि का वितरण होगा। कार्यक्रम के आयोजन से योजना अंतर्गत लाभान्वित छोटे और सीमान्त उद्यानिकी उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रेताओं तथा नए बाजारों तक पहुंच प्राप्त होगी। तकनीकी सत्र के माध्यम से उद्यानिकी तथा प्र-संस्करण की उन्नत तकनीकों तथा उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं निर्यात सम्बन्धी जानकारी प्राप्त होगी। उत्पाद आधारित राउंड टेबल चर्चा से क्रेता एवं विक्रेता के मध्य संपर्क और आपसी चर्चा एवं लिंकेज उद्यानिकी जगत में नई संभावनाओं और सफलताओं को जन्म देगा।

International Tiger Day 2024 : कहा ‘टाइगर है जंगल का असली राजा, मध्य प्रदेश के बाघों ने नया रिकॉर्ड बनाया’ सीएम डॉ. मोहन यादव

International Tiger Day 2024: Said 'Tiger is the real king of the jungle,

International Tiger Day 2024: Said ‘Tiger is the real king of the jungle, tigers of Madhya Pradesh made a new record’ CM Dr. Mohan Yadav International Tiger Day 2024 : अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि असल मायने में बाघ जंगल का राजा होता है और मध्य प्रदेश इस मामले में ख़ुशक़िस्मत है कि यहाँ दुनियाभर के बाघों का एक बड़ा हिस्सा पाया जाता है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत,राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रमइस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाघों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। उन्होंने वन विभाग के तीन प्रकाशनों “विलेज रीलोकेशन: सतपुड़ा मॉडल”, “पेंच टाइगर: बिहेवियर एंड एक्टिविटीज” और “कान्हा की कहानियां” का विमोचन भी किया। सीएम ने विश्व बाघ दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ‘हम सभी जानते हैं कि मध्यप्रदेश ‘टाइगर स्टेट’ अर्थात भारत के अधिकांश बाघों का घर है। मध्यप्रदेश ने अपनी इस उपलब्धि से इको टूरिज्म की ओर तेजी से कदम बढ़ाए हैं। इसलिए हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि बाघों के संरक्षण को बढ़ावा दें, उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करें तथा पर्यावरण संतुलन की दिशा में सदैव कार्य करते रहें।’ ‘भोपाल में रात में बाघ निकलते हैं विचरण पर’सीएम ने कहा कि ‘बाघ नाम लेते ही रोमांच और आनंद आ जाता है। हम और सौभाग्यशाली हैं। कई राजधानियाँ हैं लेकिन भोपाल की कैपिटल सबपर भारी पड़ रही। यहाँ दिन में मनुष्य घूमते हैं, रात में बाघ घूमते हैं..कोई राजधानी ऐसी नहीं है जहां बाघों का ऐसा विचरण होता है। हम लोग अपनी अपनी टेरीटरी में अपना अपना आनंद लेते हैं। परमात्मा की कृपा है कि हमें बदलतो दौर में ये अनुभव भी हो रहा है। ये सुखद संयोग है और अच्छी बात भी है। हमारे यहाँ 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की स्थापना हुई थी।’ उन्होंने कहा कि बाघ के पक्ष में बहुत सारी बात है। हम इनकी संख्या में भी विशिष्ट है। टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में भारत के कुल बाघों के 20 प्रतिशत से अधिक बाघ हमारे यहाँ पाए जाते हैं। बाघ गणना 2022 के अनुसार मध्यप्रदेश में 785 बाघ हैं। हमें संख्या बढ़ाने की दिशा में और आगे बढ़ना है। अभी हमारे ऐसे कई हमें जंगल बुला रहे हैं। जहां आगे बढ़ना है। हमारे प्रदेश में 55 से 60 करोड़ राजस्व टूरिज़्म से आता है। बदलते दौर में हम चीतों का राज्य भी हो गए हैं।’ ‘बाघ है जंगल का असली राजा’ इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भले ही लोग कहते हैं कि शेर जंगल का राजा है लेकिन वो सिर्फ दिखने में ही विशाल है। उन्होंने कहा कि ‘बाघ के साथ बात करने का मज़ा अलग है। उसका अलग स्वभाव है। लोग शेर को जंगल का राजा बोलते हैं लेकिन ये अन्याय है बाघ के साथ। वो कमाने खाने में आलसी है। वो अपने बलबूते पर नहीं कमाता खाता है। शेर के लिए कोई और शिकार करता है। जो अपने बूते कमाने खाने का नहीं रखता वो कैसे राजा हो सकता है। हममें पुरुषार्थ और पराक्रम होना चाहिए, और ये टाइगर दिखाता है। उसमें पुरुषार्थ और पराक्रम है। इसलिए मुझे लगता है जंगल के राजा का ख़िताब टाइगर के नाम होना चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के टाइगर नया रिकॉर्ड है। भोपाल के टाइगर और आगे निकल गए है। मध्यप्रदेश के लिए नया रिकॉर्ड बन गया है। आमतौर पर बाघ और मनुष्य एक दूरी पर रहते हैं लेकिन भोपाल के बाघ तो जैसे कहते हैं कि दिन में मनुष्य घूम लें, रात में वो घूम लेंगे। ये एडजस्ट करना भी एक रिसर्च का विषय हो गया है। दुनिया नें कहीं ऐसा नहीं होता जो अपने टाइगर कर रहे हैं। हमें टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है जो बेहद आनंद की बात है। इस अवसर पर उन्होंने कहा दिन कि हम बाघ और चीते के साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण दिनबता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, जिसे ग्लोबल टाइगर डे के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखना है। बाघ पृथ्वी पर सबसे अद्भुत और ताकतवर जीवों में से एक हैं। बाघों का संरक्षण केवल बाघों की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि समग्र जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर, विभिन्न संगठन, सरकारें और सामुदायिक समूह बाघों के संरक्षण के लिए कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित करते हैं। इन अभियानों में वन्यजीवों के महत्व, अवैध शिकार की रोकथाम और बाघों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के उपायों पर जोर दिया जाता है। मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट कहा जाता है क्योंकि यह राज्य भारत में सबसे अधिक बाघों की संख्या के लिए प्रसिद्ध है। प्रदेश के प्रमुख बाघ अभयारण्य जैसे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और संजय दुबरी राष्ट्रीय उद्यान बाघों के प्रमुख निवास स्थान हैं। ये अभयारण्य न केवल बाघों की सुरक्षा करते हैं बल्कि अन्य वन्यजीवों और जैव विविधता को भी संरक्षित करते हैं।

चक्रवात फिर से एक्टिव , कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी

Cyclone active again, alert issued for heavy to very heavy rain in many districts

Cyclone active again, alert issued for heavy to very heavy rain in many districts Rain Alert: मानसून (Monsoon Season) अब तक मध्यप्रदेश पर मेहरबान रहा है। रविवार को सूबे के 80 फीसद हिस्से में बारिश दर्ज की गई। इसमें 165 स्थानों पर तो चौबीस घंटों में बारिश 1 इंच से ज्यादा हुई। बारिश के चलते रविवार को कोलार डैम के दो गेट खोले। सारणी के सतपुड़ा और राजगढ़ के मोहनपुरा डैम के गेट खोले गए। मौसम विभाग ने 24 घंटे में 35 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट किया है। दूसरी ओर मानसूनी सीजन राजधानी के लिए अब तक कुछ खास नहीं रहा। भोपाल में औसत बारिश 956.2 मिमी की तुलना में अब तक 790.7 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगस्त की शुरुआत से नए सिस्टम एक्टिव होने के बाद अच्छी बारिश की उम्मीदें लगाई हैं। अपतटीय द्रोणिका बनीअगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल के तटों तक पश्चिमी तट पर समुद्र तल से अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है। वहीं साइक्लोन सर्कुलेशन सिस्टम (Cyclone Circulation System) के साथ विरूपक हवाओं का क्षेत्र (शियर जोन) ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ बना हुआ है। ट्रफ लाइन भी खिसक रही है जिसके कारण बारिश जारी है। इन जिलों में रेड अलर्ट जारीमौसम विभाग (IMD ने नर्मदापुरम, देवास और मंदसौर बारिश (heavy rain) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बैतूल, खरगौन, बड़वानी, रतलाम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सागर, पांढुर्ना में यलो अलर्ट जारी किया है। भोपाल, झाबुआ, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, रीवा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में रेड अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy rain) का भी अलर्ट जारी किया गया है।कहां कितनी हुई वर्षानर्मदापुरम में 100, पचमढ़ी में 99, गुना में 40, सिवनी में 36, छिंदवाड़ा में 31, खरगोन में 27, रायसेन में 23, बैतूल में 19, उज्जैन में 18, इंदौर एवं मंडला में 15, सतना में 14, भोपाल, रतलाम एवं नरसिंहपुर में 13, मलाजखंड में 11, सीधी, खंडवा एवं शिवपुरी में सात, धार में छह, सागर में दो एवं जबलपुर में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।आज खुलेंगे बरगी गेटजबलपुर के बरगी डैम में सोमवार को गेट खुलने की संभावना है। नर्मदा घाटों पर अलर्ट किया गया है।कोलार नदी और आसपास के गांवों में अलर्टकोलार डैम से पानी छोड़ेने के बाद जलसंसाधन विभाग ने कोलार नदी और आसपास के गांव में अलर्ट कर दिया है। पानी की आवक लगातार जारी है।

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता आरिफ अकील का निधन, मध्य प्रदेश में शोक की लहर

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away, wave of mourning in Madhya Pradesh भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रहे आरिफ अकील का निधन हो गया। 72 साल के आरिफ अकील काफी समय से बीमार थे। आरिफ अकील को रविवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी के चलते पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस से टिकट नहीं लिया था और अपने बेटे को चुनाव लड़ाया था। भोपाल उत्तर विधानसभा से लगातार अपनी जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता आरिफ अकील ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। उनके विधायक पुत्र आतिफ अकील ने उनके निधन की पुष्टि की है। रविवार शाम को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उन्होंने अंतिम सांस ली। 40 साल तक रहा शेर ए भोपाल का जलवाशेर ए भोपाल नाम से चर्चित रहे पूर्व मंत्री आरिफ अकील भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर 40 सालों तक सक्रिय रहे। मिलन सार और हर वर्ग के व्यक्ति के लिए हमेशा तैयार रहने वाले आरिफ अकील के बारे में कहा जाता है कि जो भी उनके घर किसी समस्या के लिए पहुंच जाता था, वो अपना सारा काम छोड़कर उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते थे।कांग्रेस शासन काल में वे दो बार मंत्री रहे। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, जेल खाद्य जैसे प्रमुख विभाग मिले थे। आरिफ अकील की शुरुआती राजनीतिक जनता दल से हुई थी। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए थे। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान भी उत्तर विधानसभा में आरिफ अकील की सीट को नहीं हिला पाए थे। कांग्रेस में शोक की लहरआरिफ अकील के निधन से प्रदेश कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आरिफ अकील के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

भोपाल के 5 फीमेल टाइगर की टेरिटरी में बढ़ती इंसानी दखल

Increasing human interference in the territory of 5 female tigers of Bhopal

Increasing human interference in the territory of 5 female tigers of Bhopal गणेश पाण्डेय भोपाल। राजधानी के रियासत में कभी बेगमों का राज रहा है पर आज इसी  रियासत के जंगलों में 5 शक्तिशाली फीमेल टाइगर (टाइग्रेस) राज है। इन 5 फीमेल टाइगर के वंश बढ़कर 17 से अधिक शावकों की  संख्या हो गई हैं पर टेरिटरी को लेकर उनमें आपस में फाइट होने की खबर हुई। दिलचस्प पहलू यह  भी है कि आबादी के करीब होते हुए भी आज तक मनुष्य और उनके बीच द्वंद्व नहीं हुआ है। हां, राजनेता, नौकरशाह और रसूखदार कॉलोनाइजर जरूर उनके क्षेत्र जंगलों में अतिक्रमण करते जा रहे हैं। यदि अभी भी हम नहीं संभले तो मानव और टाइगर के बीच कनफ्लिक्ट की खबरें आम होने लगेगी। आश्चर्य की बात ये है कि पूरी दुनिया में भोपाल अकेला शहर है जहां नगर निगम की सीमा में टाइगर विचरण कर रहे हैं । बाघों की बढ़ती आबादी के बीच जंगलों में बढ़ती इंसानी दखल, बढ़ता शहरीकरण और खेती के लिए लगातार साफ होते जंगले और जमीन राज्य को खोखला कर रहे हैं। नतीजन बाघ भी नए ठिकाने की तलाश में शहर के अंदर घूमते नजर आते हैं।  भोपाल शहर से सटे जंगलों में पांच शक्तिशाली फीमेल टाइगर और  उनकी टेरिटरी स्थापित्य होने से एक बार फिर भोपाल के इतिहास में बेगमों का राज याद आ गया। पिछले कुछ साल में इन 5 बाघिनों का कुनबा बढ़कर पच्चीस हो गया है, जिसमें सत्रह शावक और तीन बाघ शामिल हैं। ये बाघ पास के जंगलों से यहां आते-जाते रहते हैं। भोपाल से लगे केरवा, कलियासोत, मिंडोरी और कठोतिया जैसे बाघ विचरण क्षेत्र में कुल 25 बाघ-बाघिन हैं । इनमें तीन बाघ हैं, पांच बाघिन और 17 शावक शामिल हैं। ये बाघ अभयारण्य के आस-पास के इलाकों में विचरण करते रहते हैं। आश्चर्य की बात ये है कि पूरी दुनिया में भोपाल अकेला शहर है जहां नगर निगम की सीमा में टाइगर विचरण कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले किये गए सर्वेक्षण में पता चला है कि पांच बाघिन भोपाल के आस-पास के इलाकों में बस गई हैं। इन्होंने यहां अपना स्थाई ठिकाना बना लिया है।  मानव और बाघों के बीच बढ़िया सामंजस्य बाघों के विशेषज्ञ मानते हैं कि बाघिन अपना घर और बच्चों का पालन-पोषण उसी जगह पर करती है जहां उसे किसी तरह का तनाव या सुरक्षा का भय नहीं रहता। दूसरी वजह है भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला भोजन, जिसमें नीलगाय, सांभर, चौसिंगा, जंगली सूअर, हिरण आदि आसानी से मिल जाते हैं। यहाँ तक कि बंदर भी इनका आसान भोजन हैं। अगर शहर के बीचों-बीच ये बाघिनें अपने 17 शावकों को पाल रहीं हैं तो मानव और बाघों के बीच इससे बढ़िया सह-अस्तित्व और सामंजस्य पूरे विश्व में कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन ये सुख के दिन कब तक चलेंगा ? मिसाल के तौर पर भोपाल के जाने माने शिक्षा संस्थान, MACT, के कैम्पस और हॉस्टल तक बाघ अपनी मौजूदगी दिखा चुके हैं। एक बाघ तो नई टेरिटरी बनाने के चक्कर में 10 दिन तक कॉलेज कैम्पस और बॉयज  हॉस्टल के आसपास घूमता दिखाई दिया। बाघ ने कॉलेज परिसर में मवेशियों को भी मार डाला जिससे छात्रों में दहशत फैल गई। एक हफ्ते बाद बाघ ने अपनी मौजूदगी पास के भोज यूनिवर्सिटी कॅम्पस में भी दिखा दी। गनीमत रही कि दोनों जगह पर बाघ का आदमी के साथ सीधा आमना-सामना या मुठभेड़ नहीं हुई । पिछले एक साल में ऐसी दर्जनों घटनाएँ हुई हैं जब बाघिन किसी संस्थान में अपने शावकों के साथ देखी गई या स्कूल्स के पास, अथवा निजी कॉलेज या यूनिवर्सिटी कॅम्पस के नजदीक टहलती दिखाई पड़ी । कई बार तो लोगों ने बाघिन को शावकों के साथ सड़क पर चहलकदमी करते हुए भी देखा। एक बात सभी ने महसूस की कि न तो बाघिन ने किसी आदमी पर हमला किया न ही स्थानीय रहवासियों को बाघ से कोई ख़तरा महसूस हुआ। मानव-टाइगर द्वंद से बचने के लिए करने होंगे उपाय जिस तरह से बाघों की संख्या भोपाल और उसके आस पास के इलाकों में बढ़ रही है, उसको देखते हुए यह कहना ज़रूरी होगा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इनकी सुरक्षा और मानव-टाइगर द्वंद से बचने के लिए तुरंत उपाय करने होंगे। ऐसा कई बार देखा गया है कि ये बाघ भीड़ भरे इलाकों में लगातार चहलकदमी कर रहे हैं। साथ ही उन इलाकों में भी घूम रहे हैं जहां से छात्र-छात्राओं का हर रोज आना जाना बना रहता है। कुछ लोगों ने इन बाघों को अर्बन  टाइगर्स नाम दे दिया है। लेकिन क्या ऐसा हो सकता है कि टाइगर अर्बन एरिया में आया हो? ये तो इंसान है जो बाघ के क्षेत्र में, उसके घर में, लगातार घुसपैठ कर रहा है और उसके इलाके पर अपना झूठा हक भी जता रहा है। बाघों के लिए सबसे मुफीद केरवा क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि अकादमी के छात्र (एनएलआईयू), उसकी फैकलटीस और क्षेत्र के निवासी रहते हैं। इसके अलावा खानपान की दुकानों के व्यापारी और कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारी और अधिकारी भी उसी इलाके में रहते हैं। इन इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर अक्सर बाघ दिख जाते हैं। इस क्षेत्र में कई स्कूल और कॉलेज हैं, इसलिए सरकार ने सावधानी बरतते हुए साइन बोर्ड लगा दिए हैं, “सावधान, बाघ विचरण क्षेत्र।” बाघों की आवाजाही दो बांधों- केरवा और कलियासोत और कलियासोत बांध के करीब एक पहाड़ी पर स्थित वाल्मी के आसपास के जंगलों में 22 वर्ग किलोमीटर में फैले एक बड़े क्षेत्र में हो रही है। अकेला वाल्मी परिसर कलियासोत के किनारे पर 200 एकड़ वन क्षेत्र में फैला हुआ है।  बाघ मूवमेंट क्षेत्र में मानव गतिविधियों रोकनी होगी  बाघों की निगरानी करने वाले वन विभाग और बाघ संरक्षण संस्थाओं के अधिकारियों का कहना है कि परिवार से अलग हुए कई बाघ शहर में अपनी टेरिटरी की खोज कर रहे हैं, मतलब अपने क्षेत्र को चिह्नित कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी बाघों पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलरिंग या उनकी आवाजाही प्रतिबंधित करने के लिए पूरे इलाके में चेन लिंकिंग की बात कर रहे हैं। अभी तक 22 किमी के बड़े क्षेत्र में बाड़ लगा दी गई है। इससे बाघों की … Read more

सिंधी पंचायत ने लगाई मृत्‍यु भोज पर रोक, पगड़ी रस्‍म के दिन तेरहवीं नहीं करने का भी निर्णय

Sindhi Panchayat bans funeral feast

Sindhi Panchayat bans funeral feast, also decides not to celebrate Thirteenth on the day of turban ritual संत हिरदाराम नगर। सिंधी समाज की प्रतिनिधि संस्था पूज्य सिंधी पंचायत ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए नए सिरे से अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पगड़ी रस्म के दिन ही तेरहवीं करने एवं इसी दिन मृत्यु भोज करने पर रोक लगा दी गई है। लंबे समय तक पंचायत के अध्यक्ष रहे स्व. साबू रीझवानी ने सामाजिक बुराइयां दूर करने एवं मांगलिक अवसरों पर फिजूलखर्ची रोकने का अभियान शुरू किया था। पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष भरत आसवानी के अनुसार इस अभियान को अब गति दी जा रही है। अगली साधारण सभा में हम इस मामले में अब तक की प्रगति का प्रेजेंटेशन देंगे, साथ ही सदस्यों से आग्रह किया जाएगा किवे इस अभियान में सहभागी बनें। पगड़ी पर तेरहवीं करना अनुचितपिछले कुछ समय से लोग पगड़ी रस्म के दिन ही तेरहवीं करने लगे थे। कुल ब्राह्मणों ने इसे गलत परंपरा बताया था। आसवानी के अनुसार पंचायत की सख्ती के कारण यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म हो रही है। पंचायत पदाधिकारी लंबे समय से मृत्यु भोज नहीं करने का अभियान चला रहे हैं। पदाधिकारी भोज में शामिल नहीं हो रहे हैं। तीसरे दिन तेरहवीं करने से पंचायत का अभियान अधूरा नजर आने लगा था। वैदिक दृष्टि से भी तीसरे दिन तेरहवीं एवं भोज करना उचित नहीं है। इसे देखते हुए पंचायत ने अंतिम संस्कार के दिन ही स्वजनों से मृतक की तेरहवीं समय पर एवं सादगी से करने की अपील करना शुरू कर दी है। महंगे इवेंट करने से परहेज करेंकार्यकारी अध्यक्ष भरत आसवानी के अनुसार अगली साधारण सभा में रिसेप्शन के दौरान महंगे इवेंट, भव्य डेकोरेशन एवं काकटेल पार्टियां नहीं करने की आग्रह सदस्यों से किया जाएगा। बैठक में सदस्यों को अब तक मिली सफलता के बारे में बताया जाएगा। साधारण सभा से पहले पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें आसवानी अभियान की रूपरेखा पेश करेंगे। पदाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद साधारण सभा का एजेंडा तया किया जाएगा।

ठगों के निशाने पर प्रदेश के नए मंत्री, रामनिवास रावत से फोन कर मांगे गए 5 लाख रुपये

Ramniwas Rawat was the target of thugs and demanded 5 lakh rupees by calling him.

The new minister of the state, Ramniwas Rawat was the target of thugs and demanded 5 lakh rupees by calling him. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश सरकार के नवागत मंत्री रामनिवास रावत से फ्रॉड करने की कोशिश की गई है. मंत्री रामनिवास रावत से बीजेपी संगठन महामंत्री बनकर पांच लाख रुपये की डिमांड की गई. मंत्री रावत की ओर से क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है आरोपी मध्य प्रदेश का ही निवासी है. वन और पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत ने 19 जुलाई को भोपाल पुलिस कमिश्रर हरिनारायणचारी मिश्र से शिकायत की थी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में मंत्री रावत ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास मोबाइल नंबर 9285127561 से कॉल आया था. कॉलर ने खुद को बीजेपी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का पीए बताया. ठग ने पांच लाख रुपये की डिमांड कीउन्होंने आगे बताया कि “कॉलर ने कहा कि विजयपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में आपके लिए कुछ लोगों की व्यवस्था करा देंगे, जो आपका पूरा काम देखेंगे. हर व्यक्ति के हिसाब से पांच लाख रुपये लगेंगे. इसके बाद दो-तीन बार तो मैंने उसकी को टाल दिया, लेकिन कॉलर का कई बार फोन आया.” मंत्री को ऐसे हुआ शकमंत्री रावत के अनुसार कई बार फोन करने के बाद कॉलर ने किसी अन्य व्यक्ति से भी बात कराई, उसने खुद को बीजेपी का संगठन महामंत्री बीएल संतोष बताया. वह धीरे-धीरे गंभीर आवाज में बात कर रहा था. जब उसने संगठन महामंत्री का गलत नाम बताया तो मंत्री रावत समझ गए. इसके बाद मंत्री रावत ने फ्रॉड कॉल करने वाले की अपने स्तर पर जानकारी जुटाई. इसके बाद उन्होंने शिकायत की. क्राइम ब्रांच ने धारा 319(2) भारतीय न्याय संहिता और 66(सी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

MP Weather:प्रदेश के 21 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, IMD से जानें अपने शहर का हाल

MP Weather: Rain alert in 21 districts of the state today

MP Weather: Rain alert in 21 districts of the state today, know the condition of your city from IMD. Madhya Pradesh Weather Update: मध्य प्रदेश में भारी बारिश से अभी दो दिन राहत की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन और मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव रहेगा. 29 जुलाई के बाद ही कुछ राहत की उम्मीद है. इधर मौसम विभाग ने आज शनिवार (27 जुलाई) को भी प्रदेश के 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार एमपी में लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम होने की वजह से प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है. आज प्रदेश के रायसेन, विदिशा, बैतूल, जबलपुर, बालाघाट में भारी बारिश, जबकि 21 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं शुक्रवार को प्रदेश के 18 जिलों में बारिश हुई. इन जिलों में अलर्टमौसम विभाग ने आज प्रदेश के रायसेन, विदिशा, हरदा, बैतूल, जबलपुर, बालाघाट, भोपाल, इंदौर, धार, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, राजगढ़, सीहोर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और सिवनी में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. जबकि बाकी शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. भोपाल-ग्वालियर में सामान्य से ज्यादा बारिशप्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और ग्वालियर में जुलाई महीने के सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है. भोपाल में अब तक 16.30 इंच बारिश होनी थी, जिसके एवज में 20.58 इंच बारिश हो चुकी है. इसी तरह ग्वालियर में 10.54 इंच बारिश होनी थी, जबकि 13.56 इंच बारिश हो चुकी है. इंदौर में 13.89 इंच बारिश होनी थी, लेकिन अभी 12.79 इंच बारिश हुई. जबलपुर में 17.72 इंच बारिश होनी थी, जहां 16.65 इंच बारिश हुई और उज्जैन में 14.30 इंच बारिश होनी थी, लेकिन यहां अभी 11.78 इंच बारिश हो सकी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि बरगी बांध जलाशय 53 प्रतिशत तक भर चुका है. इसका जल स्तर अभी 416 मीटर है, जो अगले दो दिनों में दो मीटर बढ़ सकता है, ऐसी स्थिति में बरगी डैम के गेट खोले जा सकते हैं.

आईएफएस संगठन से नहीं मिले सीएम और सीएस

The government's order regarding IFS's APAR revision was challenged in the Supreme Court

CM and CS did not meet IFS organization भोपाल ! आईएफएस संगठन के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिन वीरा राणा से मुलाकात नहीं हो सकी। ऐसे में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सचिवालय और सीएस कार्यालय को एपीएआर में किए गए बदलाव के विरोध पर प्रेजेंटेशन दिया। इसमें संगठन ने आग्रह किया एपीएआर लिखने में वर्ष 2004 से प्रचलित व्यवस्था में बदलाव न हो। संगठन का कहना है कि इस संबंध में 2016 में भी इसी तरह की आदेश शासन द्वारा जारी किए गए थे। संगठन ने अपने प्रेजेंटेशन में उल्लेख किया है कि अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों का एपीएआर अखिल भारतीय सेवा नियम 1970 के तहत जारी कार्यकारी निर्देशों द्वारा शासित होता है, जो अखिल भारतीय सेवा (प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट) नियम, 2007 के लिए प्रासंगिक हैं। संगठन का कहना है कि एपीसीसीएफ तक प्रदर्शन, मूल्यांकन रिपोर्ट सीनियर आईएफएस अधिकारियों द्वारा लिखा जाना चाहिए। पीसीसीएफ स्तर तक के आईएफएस अफसरों के एपीएआर एसीएस और मुख्य सचिव ही लिखे। संगठन ने यह भी कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह आदेश दिया गया था कि जिला कलेक्टर और मंडलायुक्त जिले में कार्यरत आईएफएस संवर्ग के डीएफओ और वन संरक्षक की एपीएआर नहीं लिख सकते आईएफएस संगठन डीओपीएंडटी के विचार से भी सहमत है कि यदि वन अधिकारी सचिवालय या अन्य विभागों में काम कर रहा है जहां उसका तत्काल पर्यवेक्षण अधिकारी गैर-वन अधिकारी है तो उसका सीआर. ऐसे अधिकारी द्वारा लिखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से स्मरण है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2004 में केंद्रीय कार्मिक विभाग ने यह व्यवस्था लागू की थी और सभी राज्यों के लिए अनिवार्य था। वैसे भी भारतीय वन सेवा, एक अखिल भारतीय सेवा, देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य वनों और वन्यजीवों का वैज्ञानिक प्रबंधन, सुरक्षा और संरक्षण करना है।संगठन ने माननीय उच्चतम न्यायालय ने आईए 1995 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 202 (टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुल्कपाद बनाम भारत संघ और अन्य) का उल्लेख करते हुए अपने प्रेजेंटेशन में कहा है कि वन विभाग के अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट लिखने के लिए सक्षम प्राधिकारी के मुद्दे पर विचार किया था। पर्यावरण और वन मंत्रालय ने बाद में पत्र संख्या 22019/1/2001-IFS-1 दिनांक 8 नवंबर, 2001 के माध्यम से निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिनांक 22 सितम्बर 2000 को एक विशेष संदर्भ में जारी किया गया था और इसे अन्य सेवाओं को कवर करने के लिए सामान्यीकृत नहीं किया जाना चाहिए। सीईसी का विचार है कि माननीय न्यायालय के दिनांक 22 सितम्बर 2000 के आदेश में किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है।

कोल इंडिया को लाइसेंस, मंत्री चौहान बोले- आदिवासियों की एक इंच भी जमीन कंपनी नहीं ले सकती

License to Coal India, Minister Chauhan said - Company cannot take even an inch of tribal land

License to Coal India, Minister Chauhan said – Company cannot take even an inch of tribal land प्रदेश में जोबट के खट्टाली गांव में जमीन के भीतर ग्रेफाइड के भंडार की संभावना के चलतेे केंद्र सरकार ने कोल इंडिया कंपनी को खोज और खनन के लिए एक ब्लाॅक देने का फैसला लिया है। कंपनी ने इस ब्लाॅक की बोली लगाई थी। कंपनी को खनन के लिए लाइसेंस भी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।इसे लेकर आदिवासी ग्रामीणों को लग रहा है कि कंपनी उनकी जमीन ले लेगी। इसे लेकर आदिम जाति मंत्री कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीणों को घबराने की जरुरत नहीं है।उनकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जोबट के लोगों की एक इंच भी जमीन किसी कंपनी द्वारा नहीं ली जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंडों मेें पेसा एक्ट कानून लागू किया है। जिसके तहत कोई भी कंपनी बगैर ग्राम सभा और स्थानीय लोगों की सहमति के बगैर कोई फेक्ट्री, कारखाना नहीं लगा सकती है, इसलिए ग्रामीणों को किसी के बहाकावे में आने की जरुरत नहीं है। आलीराजपुर, जोबट का भाजपा संगठन ग्रामीणों के साथ है। कोल इंडिया कंपनी ने लगाई थी बोली ग्रेफाइड को लेकर 9 जुलाई को नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। कोयले के क्षेत्र में काम करने वाली कोल इंडिया कंपनी ने पहली बार ग्रेफाइट की खोज और खनन में दिलचस्पी ली है और आलीराजपुर जिले के खट्टाली का छोटा ग्रेफाइड ब्लाॅक की पसंद किया और खनिज प्रेषण मूल्य का न्यूनतम 150 प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित करते हुए बोली लगाई है। ग्रेफाइड का उपयोग लिथियम आयरन बैटरी के लिए होता है। अभी ईवी वाहनों के लिए इसकी डिमांड हैै। केंद्रीय खान मंत्रालय ने देश में 14 ब्लाॅकों की नीलामी की है।

राष्ट्रीय महिला एवं पुरुष क्लासिक पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप TL-AC ,रवि दुबे ने सिल्वर मेडल जीता

National Women and Men Classic Power Lifting Championship TL-AC, Ravi Dubey won silver medal

National Women and Men Classic Power Lifting Championship TL-AC, Ravi Dubey won silver medal भोपाल ! राष्ट्रीय महिला एवं पुरुष क्लासिक पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप ने इंदौर में पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें भोपाल से वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे में कार्यरत श्री रवि दुबे ने भाग लिया और सिल्वर मेडल जीतकर रेलवे का गौरव बढ़ाया । रवि दुबे भोपाल डिपो TL-AC मे कार्यरत हैंअपनी मेहनत लगन प्रेक्टिस से सिल्वर मेडल जीता

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रभात झा का दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें करीब 26 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार दिमागी बुखार के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। दो दिन बाद प्रभात झा को एयरलिफ्ट कर दिल्ली के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह झा लंबे संघर्ष के बाद अनंत यात्रा पर निकल गए। उनका अंतिम संस्कार बिहार में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। झा मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की थी। सीएम और पूर्व सीएम पहुंचे थे मिलनेप्रभात झा का दिमागी बुखार के चलते न्यूरोलॉजिकल परेशानियां आ रही थी। जिसके चलते उनको कुछ दिन पहले भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसके बाद उनका हालचाल जानने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री पहुंचे थे। जिसके बाद उनको एयरलिफ्ट कर दिल्ली शिफ्ट किया गया था। जहां उनको रूटिन इलाज चल रहा था। बिहार के रहने वाले थे प्रभात झाप्रभात झा मूल रूप से बिहार के दरभंगा के हरिहरपुर गांव रहने वाले थे। उनका जन्म 4 जून 1957 को बिहार में हुआ था। वह बिहार से मध्य प्रदेश के ग्वालियर आ गए थे। यहां पर उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। उन्होंने ग्वालियर के पीजीवी कॉलेज से बीएससी, माध्व कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एमए और एमएलबी कॉलेज से एलएलबी की। प्रभात झा के परिवार में पत्नी रंजना झा और दो बेटे है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। फिर वह राजनीति में आए और भाजपा के सदस्य बन गए। पूर्व राज्यसभा सांसद भी रहे हैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुखभाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रभात झा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि प्रझात झा के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें।

Kargil Vijay Diwas: रिमझिम फुहारों के बीच शौर्य स्‍मारक पहुंचे सीएम मोहन यादव

Kargil Vijay Diwas: CM Mohan Yadav reached Shaurya Memorial amid drizzle

Kargil Vijay Diwas: CM Mohan Yadav reached Shaurya Memorial amid drizzle भोपाल। देश में आज कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह विशेष दिवस भारतीय सेना के उन जांबाजों को समर्पित है, जिन्‍होंने बेहद बिषम परिस्थितियों में तमाम चुनौतियों को पार करते हुए 26 जुलाई, 1999 को पाकिस्तानी सैनिकों को कारगिल से खदेड़कर दुर्गम चोटियों पर पुन: भारत का तिरंगा फहराया था। शुक्रवार को कारगिल विजय दिवस के इस खास मौके पर मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी में रिमझिम फुहारों के बीच अरेरा हिल्‍स पर स्‍थित शौर्य स्‍मारक पहुंचे और पुष्‍पचक्र अर्पित कर बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी एवं उनके पराक्रम को याद किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शौर्य स्मारक को भारतीय थल सेना के सौजन्य से वॉर ट्रॉफी के रूप में प्राप्त दो टी-55 टैंक का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी एवं सेना की सुदर्शन चक्र कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग प्रीतपाल सिंह भी उपस्थित रहे।

कोयम्बटूर में “इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटिज इन मध्यप्रदेश” की उपलब्धियां

Achievements of “Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh” in Coimbatore

Achievements of “Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh” in Coimbatore भोपाल ! सेशन में 20 से अधिक स्थानीय औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की, जिसमें त्रिपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (TEA), द सदर्न इंडियन मिल्स एसोसिएशन (SIMA), द साउथ इंडिया स्पिनर्स एसोसिएशन (SISPA), इण्डियन कॉटन फेडरेशन, द सदर्न इंडिया इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (SIEMA), अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल, इण्डियन टेक्सप्रेनर्स फेडरेशन प्रमुख हैं। सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन (DIPIP), पर्यटन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME), साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाओं पर प्रेजेन्टेशन दिए गए।सेशन में केपीआर ग्रुप, शक्ति ग्रुप, केजी डेनिम, लक्स इंडस्ट्रीज़, बॉश्च सॉफ्टवेर, वंडरला हॉलीडेज़, शंकरा आई हॉस्पिटल्स, त्रिवित्रोन सहित 30 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की गई।प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों के लिये कुल 2500 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए । एमओयू

पन्ना के किशनगढ़ बफर में मिश्रित वृक्षारोपण के पहले ही वर्ष गायब होने लगे पौधे

Plants started disappearing in the very first year of mixed plantation in Panna's Kishangarh buffer.

Plants started disappearing in the very first year of mixed plantation in Panna’s Kishangarh buffer. भोपाल। पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन की किशनगढ़ रेंज के तहत 50 हैक्टेयर रकबा में 25 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इस पौध रोपण पर प्रति एकड़ करीब 2 लाख रुपए खर्च किए जा रहा हैं। इसमें पहले साल के लिए स्वीकृत राशि खर्च कर दी गई है। इसके बावजूद रोपे गए ज्यादातर पौधे एक साल में ही गायब हो गए हैं।बफर जोन की किशनगढ़ रेंज के तहत राईपुरा बीट के कक्ष क्रमांक पी- 454 के तहत 50 हैक्टेयर में पौधरोपण किया जा रहा है। मि​श्रित वृ​क्षारोपण योजना के तहत वर्ष 2023-24 में गड्‌ढा करके 25 हजार पौधों का रोपण किया गया है। स्वीकृत परियोजना के तहत इन पौधों के रखरखाव के नाम पर 10 सालों तक राशि खर्च की जाना है, लेकिन इनमें से ज्यादातर पौधे पहले साल में ही खराब हो गए हैं। तार फेंसिंग निकालकर खकरी बनाने के नाम पर राशि का दुरुपयोग :जिस स्थान पर प्लांटेशन को मंजूर किया गया है। उस स्थान पर विभाग ने अन्य प्रोजेक्ट के तहत तार फेंसिंग करके राशि को खर्च किया। इसके बाद उसी स्थान पर अब पत्थरों की नई खकरी बना दी गई है। इस कारण तार फेंसिंग को निकालकर फेंक दिया गया है अब भी तार मौके पर पड़े हुए हैं। 600 मीटर लंबाई में खकरी बनाकर राशि को बर्बाद किया गया है। इनका कहना 25000 गड्‌ढों की गिनती करने के बाद पौधों का रोपण किया गया है। परियोजना में तार फेंसिंग और पत्थरों की खकरी दोनों स्वीकृत हैं। इसी कारण पुरानी तार फेंसिंग को हटाकर पत्थरों की खकरी को बनाया गया है।प्रतीक अग्रवाल, रेंजर बफर जोन किशनगढ़ रेंज राईपुरा बीट की परियोजना 10 साल के लिए स्वीकृत है। पहले साल में 20 फीसदी पौध सूख सकते हैं। इसके लिए दूसरे साल में बजट रखा गया है। पौधों की गिनती कराई जाएगी। इसमें बड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।अंजना सुचिता तिर्की, फील्ड डायरेक्टर, पन्ना टाइगर रिजर्व

वकील को धमकी देते हुए SDM बोले- ‘जो उखाड़ना है, उखाड़ लेना’, आखिर क्या है ?

Threatening the lawyer, SDM said - 'Whatever has to be uprooted, uprooted', what is it?

Threatening the lawyer, SDM said – ‘Whatever has to be uprooted, uprooted’, what is it? रीवा ! एसडीएम और वकील के बीच सिविल केस के एक मामले को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एसडीएम ने एडवोकेट को यह धमकी दे डाली, “यह मेरा न्यायालय है, आपको जो उखाड़ना है वह उखाड़ लेना”. इस पूरे विवाद को लेकर अभिभाषकों ने संभाग आयुक्त और कलेक्टर एसडीएम के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपा है. यह पूरा घटनाक्रम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि पवन कुमार और जितेंद्र कुमार के बीच जमीन विवाद चल रहा है, जिसकी पेशी अनुविभागीय अधिकारी त्योंथर के यहां चल रही है. पेशी के दौरान जब वकील राजेंद्र गौतम दोपहर 2 बजे एसडीएम कार्यालय में पहुंचे तो विवाद शुरू हो गया. निर्धारित समय से लेट आने पर हुआ विवाददरअसल, एसडीएम संजय कुमार जैन का कहना था कि वे दोपहर 12:00 बजे से बैठे हुए हैं जबकि वकील का कहना था कि उनकी पेशी का समय 2.00 बजे निर्धारित किया गया था, इसलिए वे 2.00 बजे पहुंचे. इसी बात को लेकर विवाद धीरे-धीरे बढ़ता चला गया. इस दौरान एसडीएम की ओर से वीडियो भी बनाया गया, जबकि एसडीएम कोर्ट में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस विवाद के दौरान अन्य एडवोकेट भी राजेंद्र गौतम के समर्थन में एसडीएम कोर्ट में आ गए, तब हंगामा और भी बढ़ गया. प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायतइस पूरे विवाद को लेकर वकीलों ने त्योंथर एसडीएम संजय कुमार जैन की शिकायत संभाग आयुक्त और कलेक्टर से की है. आरोप है कि एसडीएम वकीलों पर दबाव बनाने के लिए अभद्र भाषा का भी उपयोग कर देते हैं. एसडीएम के खिलाफ वकीलों ने कार्रवाई की मांग की है. तारीख बढ़ाने पर शुरू हुआ विवादएसडीएम और वकील के बीच विवाद की शुरुआत उसे समय हो गई. जब एसडीएम ने वकील को समय पर कोर्ट में मौजूद नहीं होने पर तारीख बढ़ा दी. दूसरी तरफ एडवोकेट राजेंद्र गौतम का कहना था कि उन्हें 2 बजे का वक्त दिया गया था, इसलिए 2 बजे कोर्ट में पहुंचे मगर एसडीएम पहले से ही तारीख आगे बढ़ा दी. एडवोकेट का कहना है कि न्याय में देरी भी अन्याय की श्रेणी में आता है इसलिए बार-बार तारीख बढ़ने से उनके क्लाइंट को परेशानी उठाना पड़ रही थी.

राजस्व मंडल में नहीं हुई अध्यक्ष व सदस्यों कि नियुक्तियां हजारों मामले लंबित

Appointments of Chairman and members not made in Revenue Board, thousands of cases pending

Appointments of Chairman and members not made in Revenue Board, thousands of cases pending मध्य प्रदेश के राजस्व मंडल (Revenue Board) में अजब गजब हाल है. दस्तावेज में भले ही नाम चले, लेकिन हकीकत में राजस्व मंडल ग्वालियर ठप पड़ा हुआ है. पिछले 2021 से यहां न कोई केस सुना गया, न ही निराकरण हुआ. यहां दूर-दूर से लोग अपनी जमीन के प्रकरण के निपटारे के लिए आ रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लग रही है. क्योंकि राजस्व मंडल में कोरम पूरा न होने के कारण सुनवाई नहीं हो रही है. भोपाल । मध्य प्रदेश का राजस्व मंडल बेकाम साबित हो रहा है। यहां पर बीते डेढ़ माह से सुनवाई के नाम पर लोगों को सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है। दरअसल विभाग में न अध्यक्ष है और न ही सदस्य, ऐसे में सुनवाई के लिए जरुरी कोरम ही पूरा नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सुशासन ऐसा है कि शासन भी इस अपने संस्थान में नए अध्यक्ष व सदस्य की नियुक्ति में रुचि नहीं ले रहा है। ऐसे में लोगों का समय और पैसा दोनों ही बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान होकर वापस लौटने का मजबूर बने हुए हैं। मंडल के अध्यक्ष आईएएस अश्विनी राय 31 मई को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी जगह किसी नए अफसर की पदस्थापना नहीं की गई है। इसकी वजह से तभी से सुनवाई का काम ठप पड़ा हुआ है। दरअसल नियमानुसार अध्यक्ष के अलावा कम से कम दो सदस्यों के रहते सुनवाई की जा सकती है। इसी तरह से एक सदस्य पूर्व एडीजे वीआर पाटिल का भी मंगलवार को कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस वजह से अब मंडल में बतौर सदस्य आईएएस उमाकांत उमराव ही बचे हैं। मंडल में सचिव सपना निगम, अवर सचिव अंशु सोनी व रजिस्ट्रार प्रदीप शर्मा हैं। उनके अलावा अन्य कक्षों में ताले लटके रहते हैं। काम नहीं होने की वजह से स्टेनोग्राफर कक्ष में पीए और अन्य कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे आराम करते रहते हैं। सुनवाई नहीं होने की वजह से सदस्य उमाकांत उमराव एवं सचिव सपना निगम के कक्ष भी अधिकांश समय बंद ही रहते हैं। अभिभाषक भी परेशान राजस्व के प्रकरणों में अपने हितग्राहियों की तरफ से पक्ष रखने के लिए जरुर बड़ी संख्या अभिभाषकों का आना जाना लगा रहता है, लेकिन वे भी तारीख बढ़ने की वजह से अधिकांश समय खाली ही रहते हैं। यहां पर मौजूद एक वरिष्ठ अभिभाषक का कहना है कि अश्विनी राय की सेवानिवृत्ति के बाद से सुनवाई बंद है। इससे सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं, क्योंकि वह न्यायालय जाने के लिए सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि वैसे भी सरकार ने वर्ष 2018 में नियमों में संशोधन कर राजस्व मंडल को अधिकार विहीन कर दिया है, क्योंकि अब यहां आयुक्त के खिलाफ पुनरीक्षण वर्जित किया जा चुका है। एसडीएम के बाद न्यायालय जाना पड़ता है। इसी तरह एक अन्य वकील भी नई व्यवस्था से खुश नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से बीते डेढ़ माह से सुनवाई बंद है। अश्विनी राय ने करीब 500 प्रकरणों में सुनवाई तो की, लेकिन वे इन मामलों में निर्णय नहीं द गए, जिसकी वजह से यह मामले भी अटके हुए हैं। मंडल का कोरम अधूरा तो नहीं होता कोई कार्य अध्यक्ष और सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने पर राजस्व मंडल कार्य नहीं करता है। पिछले डेढ़ माह से यही स्थिति है। यहां आने वाले मामलों में लिपिक तारीख बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इसलिए न्याय के लिए उम्मीद लगाए बैठे मुवक्किल परेशान हैं। इस सिलसिले में विधानसभा में भी सवाल उठ चुके, लेकिन फिर भी कोरम पूरा करने के लिए नियुक्ति नहीं की गई है। अध्यक्ष का पद अतिरिक्त मुख्य सचिव और सदस्य प्रमुख सचिव स्तर का होता है। ऐसा नही है कि यहां पर पहली बार इस तरह की स्थिति बनी है, बल्कि पूर्व में भी ऐसा ही हाल कई बार रह चुका है। अश्विनी कुमार राय के समय मनु श्रीवास्तव सदस्य थे, लेकिन एक सदस्य की कमी के कारण कोरम अधूरा रहने पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसी तरह से दिसंबर 2021 तक राजेश बहुगुणा सदस्य पद पर थे उनके बाद से यह पद खाली रहा। जिससे द्वितीय अपील में आने वाले बंटवारे नामांतरण के प्रकरणों पर सुनवाई नहीं हुई और तारीख आगे बढ़ती रही। गठन का उद्देश्य ही नहीं हो पा रहा पूरा मध्य भारत राजस्व मंडल अध्यादेश 1948 के अधीन राजस्व मंडल का गठन किया गया था। मंडल का गठन मप्र भू राजस्व संहिता 1959 के अन्तर्गत किया गया है। राजस्व मंडल प्रदेश में भू-राजस्व संहिता के अन्तर्गत राजस्व प्रकरणों की अपीलें-निगरानी सुनने की उच्चतम संस्था है। राज्य शासन द्वारा ग्वालियर को मंडल का प्रधान स्थान नियत किया गया है। राजस्व मंडल में द्वितीय अपील आती है। वर्ष 2018 में राज्य शासन ने राजस्व मंडल की समीक्षा करने की शक्ति को खत्म कर दिया था, इसलिए रिवीजन के पुराने मामले ही चल रहे हैं। अब राजस्व मंडल बंटवारे-नामांतरण की द्वितीय अपील सुनता है। सीमांकन तक के मामले यहां नहीं आते हैं, वे सीधे एसडीएम के बाद न्यायालय में ले जाना पड़ते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “अग्रदूत पोर्टल” लांच किया

Chief Minister Dr. Yadav launched “Agradoot Portal”

Chief Minister Dr. Yadav launched “Agradoot Portal” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार पारदर्शिता के साथ नागरिकों तक पहुंच बनाने एवं लाभार्थियों को योजनाओं संबंधी जानकारी भेजने के लिए संचार क्रांति का बेहतर उपयोग कर रही है। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए “अग्रदूत पोर्टल” को लाँच किया है। “सूचना ही शक्ति है” के मंत्र को सार्थक करने वाला अग्रदूत पोर्टल अपने आप में अद्भूत पहल है। किसी भी राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा एवं त्वरित सूचनाओं के लिए इस तरह की अभिनव पहल पहली बार की गई है। लांचिग के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहला मैसेज लाडली बहनों को भेजा। यह मैसेज सावन में रक्षाबंधन के शगुन स्वरूप 1 अगस्त को लाडली बहनों के खातों में ₹250 अंतरित करने संबंधी है । क्या है अग्रदूत पोर्टल मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया अग्रदूत पोर्टल सूचना ही शक्ति है की पहल पर काम करेगा। यह लक्षित समूह तक सिंगल क्लिक में सूचनाएं प्रसारित करने के लिए जनसंपर्क विभाग की अभिनव पहल है। अग्रदूत पोर्टल द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के टारगेट ऑडियंस तक सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी। पोर्टल के माध्यम से त्रि-स्तरीय रिव्यू के बाद संदेश लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग एप – व्हाट्सअप पर शेयर किया जाएगा एवं इसके माध्यम से एक साथ मल्टी मीडिया मैसेज ( ग्राफिक्स, टैक्स्ट, लिंक, वीडियो) भी शेयर किए जा सकेंगे। इसके माध्यम से नागरिकों तक आसानी से सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी। अग्रदूत पोर्टल की विशेषताएँ अग्रदूत पोर्टल सूचना क्रांति के क्षेत्र में अभिनव पहल है। इससे कम समय में लक्षित नागरिकों तक पहुँच बनाई जा सकेगी। सूचना प्रसार, व्यापक संचार, समग्र डेटाबेस का उपयोग, WhatsApp के माध्यम से सूचना का प्रसार, सिंगल क्लिक आधारित, यूजर फ्रेंडली, त्रि-स्तरीय अनुमोदन प्रक्रिया कम समय में संपन्न होगी। श्रेणी अनुसार कर सकेंगे जानकारियाँ अलग-अलग अग्रदूत पोर्टल से प्रदेश के नागरिकों द्वारा चाही गई जानकारियाँ फ़िल्टर की जा सकती हैं। उन्हें श्रेणी अनुसार विभाजित कर मैसेज या सूचनाएं भेजी जा सकेंगी, जैसे उम्र, लिंग, जाति, धर्म, व्यवसाय, विकलांगता, जिला/ स्थानीय निकाय/ क्षेत्र के अनुरूप चयनित कर जानकारी भेज सकेंगे।

कटनी के झिन्ना की खदान का वन भूमि प्रकरण में कंसोटिया के आदेश को वर्णवाल ने बदला

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni.

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni. भोपाल। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने पूर्व एसीएस वन जेएन कंसोटिया के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें कटनी जिले की तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम झिन्ना की खदान के मामले में सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेने का आदेश दिया था। अपने आदेश को तत्काल अमल में लाने के लिए कंसोटिया ने बाकायदा डीएफओ कटनी को कारण बताओं नोटिस की तलब किया था। यहां यह भी तथ्य उल्लेखनीय है कि जब वर्णवाल प्रमुख सचिव वन थे तब उन्होंने भी एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। अब वही बता सकते है कि वे तब सही थे या फिर अब..? गत दिवस वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने वन मुख्यालय को निर्देश दिये हैं कि यदि यह केस अब तक वापस नहीं लिया गया है तो केस वापस लेने की कार्रवाई आगामी आदेश तक रोक दी जाये। वर्णवाल के आदेश के बाद जंगल महकमे में लाख टके का सवाल उठ रहा है कि आखिर किस अदृश्य शक्ति के दबाव में आकर पूर्व एसीएस कंसोटिया ने एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। एसएलपी वापस लेने संबंधित आदेश जारी करने के पूर्व 13 अक्टूबर 23 को अपर मुख्य सचिव वन कंसोटिया की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक में अतुल कुमार मिश्रा सचिव वन, अशोक कुमार पदेन सचिव, आरके गुप्ता तत्कालीन वन बल प्रमुख, अतुल कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन पीसीसीएफ वर्किंग प्लान और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भू अभिलेख डॉ वीएस अन्नागिरी भी उपस्थित थे। यह बैठक में ग्राम झिन्ना एवं हरैया तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी में स्वीकृत खनिज पट्टे विवाह के निराकरण के लिए बुलाई गई थी। उल्लेखनीय है कि उक्त खदान के वन भूमि में आने के कारण इस पर रोक लगाई गई थी परन्तु खदान स्वामी हाईकोर्ट से जीत गया था जिस पर वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट में 2017 से लंबित है मामला क्या है मामला-शिकायती पत्र के मुताबिक, कटनी के खनन कारोबारी आनंद गोयनका मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका को मध्य प्रदेश की तत्कालीन दिग्विजय सरकार के कार्यकाल में 1994 से 2014 तक की अवधि के लिए 48.562 हेक्टेयर भूमि पर खनिज करने का पट्टा मिला था। खनिज पट्टा आवंटित होने की पीछे भी बहुत कुछ छिपा है। दरअसल मध्य प्रदेश शासन ने ग्राम झिन्ना तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी के वन क्षेत्र की 48.562 हेक्टेयर भूमि पुराना खसरा नम्बर 310, 311, 313, 314/1, 314/2, 315, 316, 317, 318, 265, 320 में खनिज के लिए एक अप्रैल 1991 में 1994 से लेकर 2014 तक की अवधि के लिए निमेष बजाज के पक्ष में खनिज पट्टा स्वीकृत किया था। जिसे वर्ष 1999 में मध्य प्रदेश शासन के खनिज विभाग के आदेश से 13 जनवरी 1999 को उक्त खनिज पट्टा मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका प्रोप्राइटर आनंद गोयनका के पक्ष में हस्तांतरित किया गया। लेकिन साल 2000 में वन मंडल अधिकारी कटनी के पत्र के आधार पर कलेक्टर कटनी ने आदेश पारित कर लेटेराइट फायर क्ले और अन्य खनिज के खनन पर रोक लगा दी थी। वन भूमि का इतिहास-ग्राम झिन्ना की भूमि जमींदारी उन्मूलन के बाद वन विभाग को वर्ष 1955 में 774.05 एकड़ भूमि प्रबंधन में मिली थी। जो वर्ष 1908-09 से 1948-49 तक जमींदार रायबहादुर खजांची, बिहारी लाल व अन्य के नाम दर्ज थी जिसे 10 जुलाई 1958 की सूचना और एक अगस्त 1958 की प्रकाशन तिथि से संरक्षित वन घोषित किया गया। इसके बाद भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 की अधिसूचना क्रमांक डी-3390-3415-07-दस-3 दिनांक 24 सितम्बर 2007 प्रकाशन दिनांक 14 दिसम्बर 2007 से वनमंडल झिन्ना के अंतर्गत ग्राम झिन्ना के खसरा नम्बर 304, 333, 320 में कुल रकबा 153.60 एकड़ क्षेत्र अधिसूचित कर एसडीएम ढीमरखेड़ा को वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया गया जो कि वन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है। वर्ष 2019-19 में एसडीएम ढीमरखेड़ा (वन व्यवस्थापन अधिकारी) द्वारा राजस्व प्रकरण क्रमांक /01अ-19(4)/2018-19 में पारित आदेश दिनांक 18-9-2019 के अंतर्गत उल्लेख किया गया कि वादग्रस्त भूमि खसरा नम्बर 320 वर्ष 1906 से 1951 तक मालगुजारी की जमीन नहीं थी। एसडीएम ढीमरखेड़ा (वन व्यवस्थापन अधिकारी) द्वारा पारित आदेश दिनांक 18-07-2008, 18-10-2011 और 18-09-2019 को पारित प्रत्येक आदेश में उक्त भूमि को वन भूमि मानने से इंकार किया। जिसे कलेक्टर कटनी द्वारा अपने आदेश दिनांक 4-मार्च 2010, 19-मार्च -2013 और 19-दिसम्बर -2019 के माध्यम से एसडीएम ढीमरखेड़ा (वन व्यवस्थापन अधिकारी) द्वारा पारित आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है।

स्वावलंबन, भारतीय गांवों की है मुख्य शक्ति और विशेषता – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Self-reliance is the main strength and specialty of Indian villages - Chief Minister Dr. Yadav

Self-reliance is the main strength and specialty of Indian villages – Chief Minister Dr. Yadav मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वावलंबन ही भारतीय गांव की मुख्य शक्ति और उनकी विशेषता रही है। हजारों साल की गुलामी के बावजूद भारतीय समाज ने अपने सांस्कृतिक स्वरूप और मूल्यों को गाँवों के स्वावलंबन के बल पर ही अक्षुण्य बनाए रखा है। “आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश” विषय पर संगोष्ठी, पंचायतों और ग्रामों को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और विकास परक बनाने में प्रभावी रूप से सहायक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा “आत्मनिर्भर पंचायत- समृद्ध मध्य प्रदेश” विषय पर कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित संगोष्ठी के शुभारंभ अवसर पर यह बातें कही। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, पशुपाल राज्य मंत्री श्री लखन पटेल एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह तथा अपर मुख्य सचिव श्री मलय श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित थे। हर घर में जल और हर खेत में सिंचाई के लिए हो रहे हैं विशेष प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रावण मास में आरंभ हुई तीन दिवसीय कार्यशाला में महाकाल बाबा के जयघोष के साथ अपना संबोधन आरंभ करते हुए कहा कि भारतीय गाँव अनुशासित, संयमित और परम्परा व मूल्यों के अनुसार जीवन जीने के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वावलंबी ग्राम की व्यवस्था को सशक्त करने के प्रयासों से ग्रामीण जीवन अधिक सुविधाजनक हो रहा है और ग्रामीणों को प्रगति के भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा हर घर में नल से जल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन संचालित है तथा हर खेत में सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था के उद्देश्य से स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पूरे प्रदेश में प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में नर्मदा घाटी विकास के परिणाम सबके सामने हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश को 45-45 हजार करोड़ रूपए उपलब्ध कराए गए हैं। कालीसिंध-पार्वती और चंबल लिंक परियोजना की गतिविधियां आरंभ हो रही हैं। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ने से किसानों का भी आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है। दस से अधिक गाय पालने वालों को मिलेगा अनुदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी राज्य सरकार विशेष महत्व दे रही है। वृद्ध, अस्वस्थ, अपाहिज व असहाय गायों को पालने के लिए राज्य सरकार द्वारा राशि उपलब्ध कराई जाएगी। कांजी हाऊसों को गौ-शाला के रूप में विकसित किया जाएगा और ऐसी गायों की व्यवस्था कांजी हाऊस में की जाएगी। गायों पर दिए जाने वाले अनुदान की राशि में भी वृद्धि की गई है, जो किसान 10 से अधिक गाय पालेंगे, उन्हें अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही फसलों के समान दूध पर बोनस उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी आरंभ की जाएगी। गौ-माता की संवदेनशीलता और आत्मीयता अद्भुत है, गौ-पालन को प्रोत्साहन देने के लिए भी राज्य शासन द्वारा विशेष नीति बनाई जा रही है। प्रदेश में आयुर्वेदिक केन्द्र विकसित किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है, यहाँ आयुर्वेदिक औषधियों की भी भरपूर सम्पदा है। प्रदेश में आयुर्वेदिक केन्द्र भी विकसित किए जाएंगे। प्रदेश में लघु, कुटीर उद्योग तथा बहनों के स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने व आय में वृद्धि के लिए हरसंभव व्यवस्था की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, महिला, युवा और गरीब को जोड़ते हुए, उन्हें सशक्त बनाते हुए मध्यप्रदेश आगे बढ़ेगा, पंचायतें भी आत्मनिर्भर होंगी और प्रदेश की समृद्धि को बढ़ाएंगी। पंचायतों के सम्मुख चुनौतियों और ई-पंचायत व्यवस्था पर भी होगी चर्चा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि “आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश” पर संगोष्ठी पंचायतराज व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाने, हरित मध्यप्रदेश, शहरीकरण से पंचायतों पर प्रभाव, केन्द्र पोषित योजनाओं का क्रियान्वयन, पेसा अधिनियम का क्रियान्वयन तथा वन क्षेत्र से लगी पंचायतों के सम्मुख चुनौतियों पर चर्चा के साथ ही ई-पंचायत व्यवस्था और पंचायतों की कार्य प्रणाली में वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता आदि विषयों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्य प्रदेश” विषय पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने द्रव्य जीवामृत, सामुदायिक जैव संसाधन केंद्र, मनरेगा से आजीविका, संवर्धन पोषण शिक्षा, सामुदायिक पोषण वाटिका और प्राकृतिक खेती पर मंडल मॉडल के स्टॉल देखे। जिला एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सरपंचों के लिए आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी में लगभग 500 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। आभार प्रदर्शन जर्मन कार्पोरेशन (जीआइजेड) के प्रोग्राम डायरेक्टर फरहद वानिया ने किया।

MP News: मंदसौर और कटनी के कलेक्टर बदले, तीन अफसरों के तबादले

MP News: Collectors of Mandsaur and Katni changed, three officers transferred

MP News: Collectors of Mandsaur and Katni changed, three officers transferred मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तीन अफसरों के तबादला आदेश जारी किए हैं। मंदसौर और कटनी के कलेक्टरों को बदला गया है। कटनी के कलेक्टर अवि प्रसाद को मध्य प्रदेश शासन में उप सचिव बनाया गया है। डॉ. मोहन यादव सरकार ने लंबे इंतजार के बाद तीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए है। मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश में तीन आईएएएस अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए है। 2014 बैच के आईएएस अफसर अवि प्रसाद को कटनी से हटाया गया है। उन्हें मंत्रालय में उप सचिव बनाया गया है। 2014 बैच के अधिकारी और मंदसौर कलेक्टर दिलीप कुमार यादव को कटनी कलेक्टर बनाया गया है। 2015 बैच की आईएएस अधिकारी सीएमओ में उप-सचिव अदिति गर्ग को मंदसौर कलेक्टर बनाया गया है। अब जल्द ही और अधिकारियों के ट्रांसफर की सूची जारी होने की संभावना है। युवा अधिकारी जाएंगे मैदान मेंडॉ. मोहन यादव सरकार में लंबे समय से आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर की अटकलें लग रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते हैं कि नए और युवा अफसरों को मैदानी ड्यूटी दी जाए। इसी कड़ी में इन ट्रांसफर्स को देखा जा रहा है।

प्रदेश में झमाझम बारिश ने रोके ट्रेनों के पहिये, आज जिलों में भारी बरसात का अलर्ट

Heavy rain in the state stopped the wheels of trains, alert of heavy rain in the districts today

Heavy rain in the state stopped the wheels of trains, alert of heavy rain in the districts today MP Weather Update: मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है. मानसून अब अपने पूरे शबाब पर है. झमाझम बारिश की वजह से रेलवे विभाग को दो ट्रेने रद्द करना करना पड़ी तो वहीं मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बता दें प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है. अगले दो दिन 26 जुलाई तक भारी बारिश से राहत की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्से में लो प्रेशर है, इस वजह से मानसून ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश के बीच से गुजर रही है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है, जिसकी वजह से प्रदेश में भारी बारिश हो रही है. सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई. छिंदवाड़ा जिले के सिवनी में भारी बारिश की वजह से बिठली गेट के पास रेलवे ट्रैक पर बारिश् का पानी भर गया, जिससे रेलवे ने सोमवार शाम 6 बजे छिंदवाड़ा से नैनपुर और नैनपुर से छिंदवाड़ा के बीच चलने वाली दो पैंसेजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा. आज 27 जिलों में बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने आज प्रदेश के 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार मुरैना, सीहोर, श्योपुरकलां, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मंडला, बालाघाट, भोपाल, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी में भारी बारिश होगी, जबकि उज्जैन, इंदौर, रतलाम, नीमच, मंदसौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश होगी. 26 जुलाई तक राहत की उम्मीद नहींमौसम विभाग के आगामी चार दिन तक प्रदेश में भारी बारिश का दौर रहेगा. 26 जुलाई से सिस्टम कमजोर होगा, इसके बाद ही भारी बारिश से राहत की उम्मीद है. मौसम विभाग ने कल 24 जुलाई को नीमच, भोपाल, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, मऊगंज, सीधी, मुरैना, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मंडला, सिंगरौली और शाजापुर में बारिश का अलर्ट जारी किया है जबकि 25 व 26 जुलाई को मंदसौर, नीमच, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, हरदा, बैतूल में तेज बारिश होगी, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित बाकी जिलों में हल्की बारिश होगी.

BJP छोड़ेंगे मंत्री नागर सिंह चौहान? विभाग जाने से नाराज

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department MP Politics: मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग दिए जाने से मंत्री नागर सिंह चौहान नाराज हैं. अब तक यह विभाग नागर सिंह चौहान के ही पास था. अब नागर सिर्फ अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री रह गए हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई थी और रविवार को उन्हें वन एवं पर्यावरण विभाग आवंटित किया गया. नागर सिंह चौहान के पास वन पर्यावरण के अलावा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग था. वर्तमान समय में वह सिर्फ एक विभाग के मंत्री हैं. कांग्रेस से आए नेता को मिली जिम्मेदारी से नाराजवन एवं पर्यावरण विभाग लेकर रामनिवास रावत को दिए जाने से नागर सिंह चौहान नाराज हैं. कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी साफ जाहिर की और कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता की बजाय कांग्रेस छोड़कर आए नेता को यह जिम्मेदारी दी गई है. कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं नागर सिंह चौहान?नागर सिंह चौहान ने कहा, “वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उनके पास जो विभाग रह गया है, वह अनुसूचित जाति वर्ग का है. वे इस फैसले से काफी आहत हैं क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे इस मसले पर कोई चर्चा नहीं की. हम आपको बता दें कि नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम झाबुआ संसदीय क्षेत्र से भाजपा की सांसद हैं. मंत्री चौहान का कहना है कि वह आने वाले समय में अपने करीबियों से चर्चा करने के बाद कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं.

प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में खुलेंगे 94 सीएम राइज स्कूल

94 CM Rise schools will open in tribal areas of the state

94 CM Rise schools will open in tribal areas of the state भोपाल ! प्रदेश के जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और इनके सर्वांगीण विकास के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग के बच्चे शिक्षा के मामले में किसी से भी पीछे या कमतर न रहें, इसके लिये सरकार ने जनजातीय बहुल अंचलों/जिलों में इन बच्चों की बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की चिंता की है। इसके लिये सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में 94 सीएम राइज स्कूल्स स्थापित करने का निर्णय लेकर इस पर काम भी प्रारंभ कर दिया है। इन विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को शैक्षणिक व शारीरिक विकास सहित खेल एवं अन्य विधाओं की शिक्षा भी दी जाएगी। जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित होने वाले 94 सीएम राइज स्कूल्स में से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में 38 सीएम राइज स्कूलों का निर्माण कार्य पूरा कर इनमें जल्द से जल्द पढ़ाई भी प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके लिये युद्ध स्तर पर स्कूलों का निर्माण एवं अन्य जरूरीविकासकार्य किये जा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये सरकार ने जारी वर्ष के सालाना बजट में 667 करोड़ रूपये आरक्षित कर दिये हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना, प्रोत्साहक परिवेश एवं अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने सीएम राइज स्कूलों की स्थापना कर प्रदेश का शैक्षणिक परिदृश्य बदलने का बीड़ा उठाया है। प्रदेश में सीएम राइज स्कूलों की स्थापना के लिये सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में 2 हजार 738 करोड़ रूपये प्रावधानित किये हैं। पहले चरण में 275 प्रारंभ, आगामी 10 साल में 9200 सीएम राईज स्कूल खोलने की योजना सरकारी स्कूलों में सर्व-सुविधायुक्त वातावरण के साथ विद्यार्थियों को रोचक एवं आनंददायक शिक्षा देने के लिये सरकार ने सीएम राइज स्कूल्स की स्थापना की है। पहले चरण में 275 सीएम राइज स्कूल प्रारंभ किये जा चुके हैं। आगामी 10 सालों में प्रदेश में 9 हजार 200 सीएम राइज स्कूल्स शुरू करने की सरकार की योजना है। इन सीएम राइज स्कूल में के.जी. से कक्षा 12वीं तक संचालन की व्यवस्था के साथ अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये डिजिटल कक्षा, पूर्ण रूप से सुसज्जित प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय, कला, नृत्य, संगीत एवं योग शिक्षा की पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है। स्कूलों में परिवहन की व्यवस्था सीएम राइज स्कूलों में दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा देने की मंशा से परिवहन की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे स्कूल के आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। सीएम राइज स्कूल में बेहतर नेतृत्व प्रदान करने की दृष्टि से इन स्कूलों के प्राचार्यों को भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर में विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। साथ ही प्राचार्यों को राष्ट्रीय स्तर के ख्याति-प्राप्त विद्यालयों में एक्सपोजर विजिट भी कराई गई है। प्राचार्य हैण्ड-बुक सीएम राइज स्कूलों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को वैश्विक-मानकों के अनुरूप पूरा करने के लिये प्राचार्यों और शिक्षकों के लिये अलग-अलग हैण्ड-बुक तैयार की गई हैं। विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति के लिये सीएम राइज स्कूलों में स्टूडेन्ट डायरी भी तैयार की गई है। विद्यार्थियों के विचार, चिंतन, मंथन एवं प्रभावी शिक्षण के लिये आवश्यक टूल्स को डायरी के पृष्ठों में शामिल किया गया है। इसके जरिये विद्यार्थियों की रचनात्मक गतिविधियाँ एवं उनकी शैक्षणिक प्रगति पालकों/अविभावकों को भी बताई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले कॉग्निजेंट और हेक्सावेयर आईटी संस्थानों के पदाधिकारी

Officials of Cognizant and Hexaware IT institutes met Chief Minister Dr. Yadav

Officials of Cognizant and Hexaware IT institutes met Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन्स कार्पोरेशन और वैश्विक स्तर पर आईटी कंसल्टिंग और डिजिटल समाधान प्रदाता हेक्सावेयर के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उपाध्यक्ष श्री गौरव हजारा ने कार्पोरेशन की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्पोरेशन द्वारा इंदौर में कॉग्निजेंट डेवलपमेंट सेंटर तैयार किया गया है। इसी तरह हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी द्वारा भी भोपाल में केन्द्र तैयार किया गया है। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी के पदाधिकारी श्री डेनी दिवाकरन द्वारा संस्थान के कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी गई। दोनों संस्थानों ने एक-एक हजार कर्मचारियों को रोजगार देने की पहल की है।

जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, किसानों को सता रही फसल की चिंता

Heavy rain in the state stopped the wheels of trains, alert of heavy rain in the districts today

Heavy rain alert issued in districts, farmers worried about crop प्रदेश में मानसून सक्रिय है. इसका असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. MP Weather News: मध्य प्रदेश के मौसम विभाग ने रविवार को सीहोर (Sehore), बैतूल, नर्मदापुरम (Narmadapuram) में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून (Monsoon) अपना असर दिखने वाला है. एमपी के कई जिलों में मध्यम और हल्की बारिश हो सकती है. बारिश का यह क्रम अगले कुछ दिनों तक जारी रहने के आसार हैं. मध्य प्रदेश के मौसम विभाग के अधिकारी डॉ वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि हरदा, देवास, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, बुरहानपुर, शाजापुर, धार में मध्यम बारिश की संभावना है. इसके अलावा इंदौर, रायसेन, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, गुना, शिवपुरी, आगर, विदिशा, सांची, छिंदवाड़ा, श्योपुर कलां, जबलपुर में भी हल्की और मध्यम बारिश हो सकती है. राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को भी बारिश हुई थी.किसानों की बढ़ी चिंतामौसम विभाग की चेतावनी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है. एक किसान हरिराम चौधरी ने कहा कि अभी तक बारिश की वजह से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है. वर्तमान में वर्षा की जरूरत है लेकिन भारी बारिश की चेतावनी से चिंता भी बढ़ गई है. नदी के जल स्तर पर प्रशासन की नजरमौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन द्वारा नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. मध्य प्रदेश की नर्मदा, शिप्रा, चंबल, कालीसिंध, गंभीर आदि नदियों के जलस्तर में लगातर बढ़ोतरी हो रही है. राज्य में औसत बारिश की संभावनामौसम विभाग द्वारा बारिश को लेकर जिस प्रकार की संभावना जताई जा रही है उसके मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा सामान्य वर्षा के आंकड़े को छू जाएगा. वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में कम बारिश हुई है जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5% अधिक बारिश दर्ज की जा गई है.

जबलपुर में बनेगा टेक्सटाइल का अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

State-of-the-art skill development center for textile will be built in Jabalpur: Chief Minister Dr. Yadav

State-of-the-art skill development center for textile will be built in Jabalpur: Chief Minister Dr. Yadav मध्यप्रदेश में सेना के लिये तोप के साथ टैंक निर्माण भी होगारक्षा उपकरण निर्माण क्षेत्र में आएगा 600 करोड़ रूपये का निवेशमुख्यमंत्री की उपस्थिति में अशोक लीलैंड और आर्मड व्हीकल के बीच हुआ करारनामामध्यप्रदेश में हीरे मिलते हैं, उन्हें प्रदेश में ही तराशने का काम भी शुरू होगाजबलपुर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हुआ 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजननई औद्योगिक इकाइयों से 12 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, इकाइयों को सौंपे गये आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में उद्द्योग स्थापना का कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, रक्षा संस्थान के लिए एक टैंक निर्माण, फार्मा क्षेत्र और पर्यटन के क्षेत्र में नए-नए उद्योग प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज जबलपुर के “सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इनफॉरमेशन सेंटर” में रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की। यह सभी घोषणाएं उद्योगों के प्रोत्साहन से संबंधित हैं। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के अनेक प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में टेक्सटाइल के अति आधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की जायेगी, जिससे विशेष रूप से बहनों को रोजगार प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2024 की आज दूसरी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जबलपुर में हुई। इसमें ताईवान, मलेशिया, ब्रिटेन, फिजी और इंडोनेशिया के साथ और देश के विभिन्न राज्यों से बड़े उद्योगपति शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि गत मार्च-2024 में उज्जैन में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश की 29 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और 38 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया। प्रदेश के विभिन्न 10 स्थान से जन-प्रतिनिधि लोकार्पण और भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़े। इनमें कुल 1500 करोड रुपए का निवेश होगा और 4500 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। औद्योगिक इकाइयों को आशय-पत्र सौंपे गये, जिससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कुल 340 एकड़ भूमि के आवंटन के लिए आशय-पत्र सौंपे गये। कॉन्क्लेव में आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम पॉलिसी-2023 का विमोचन भी किया गया। अशोक लीलैंड का करारनामा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 600 करोड रूपये के निवेश के लिए अशोक लीलैंड और आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के बीच करारनामा हुआ। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में यह नया कदम है। यह रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश है। साथ ही सहयोग क्षेत्र में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रक्षा संस्थान के लिए अब तक तोप निर्माण का कार्य होता रहा है, अब सेना के लिए टैंक भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 16 औद्योगिक पार्क के माध्यम से कुल 517 लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों द्वारा पौने छः हजार करोड़ का निवेश किया गया, जिससे 20 हजार लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आज 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमिपूजन एक महत्वपूर्ण समेकित प्रयास है। प्रदेश के 10 स्थानों से मंत्री, सांसद, विधायक वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें नवीन इकाइयों की सौगात के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में अनेक विभागों ने उद्द्योग हितैषी नीतियों की जानकारी दी है। खनिज के क्षेत्र में उड़ीसा के बाद मध्यप्रदेश द्वितीय स्थान पर है। खदानों की निलामी में मध्यप्रदेश की पारदर्शी प्रक्रिया देश में अग्रणी मानी गई है। इसके लिये भारत सरकार द्वारा पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रदेश में हीरे का खनन तो होता है, अब इन्हें तराशने का कार्य भी किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। काल के प्रवाह में अनेक बाधाएं भी देश ने देखीं लेकिन भारत ने पराक्रम, परिश्रम और आत्मविश्वास से आगे बढ़ कर दिखा दिया है कि हमारी प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आएं। उन्होंने कहा कि श्रम के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश में प्रोत्साहनकारी नीतियां हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए कार्य हो रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्ष में विश्वविद्यालयों के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया गया है। प्रदेश में पहले कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 25 होने जा रही है। प्रदेश में सघन वन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में भी संभावनाओं को तलाश कर उन्हें साकार किया जायेगा। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 275 इकाइयां कार्य कर रही हैं। अकेले पीथमपुर में 60 इकाइयां हैं। हमारे प्रदेश से 160 से अधिक देशों को फार्मा प्रोडक्ट निर्यात किये जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में 150 प्रतिशत प्रोत्साहन के लिये हम तैयार हैं। प्रदेश में उद्योगों को पानी और बिजली की आपूर्ति पर विशेष राहत प्रदान की गई है। दो मेगा फूड पार्क आ रहे है। पहले से 8 फूड पार्क संचालित है। ऐसी इकाइयों की संख्या निरन्तर बढ़ाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वोल्वो आयशर के एमडी से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में रिसर्च सेंटर भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रारंभ में उद्योगों के विकास से संबंधित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। जबलपुर हाट के अंतर्गत विभिन्न लघु उद्योग इकाइयों और व्यवसायियों द्वारा उत्पाद सामग्री का विवरण प्रदर्शनी में दिया गया। उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों का शॉल और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उपस्थित अतिथियों में अडानी पॉवर, नेटलिंक, वैद्यनाथ ग्रुप दावत फूड्स, वोल्वो आयशर, एवीएनएल, एनसीएल, स्वराज शूटिंग लोहिया एनर्जी, आदि-शक्ति राइस मिल, फिनिक्स पोल्ट्री, इनफो-विजन दुबई और दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स (डिक्की) सहित अन्य अनेक उद्योग संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश की निवेश नीति और निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक अधो-संरचना और औद्योगिक कॉरिडोर की विशेषताओं के साथ निवेशक अनुकूल औद्योगिक नीति में सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन पर भी प्रकाश डाला। साथ ही सभी निवेशकों को आगामी … Read more

मप्र में उठी भील प्रदेश बनाने की मांग, आदिवासी नेताओं ने बांसवाड़ा की रैली में भरी हुंकार

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally भील प्रदेश की मांग और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा ‘ SAHARA SAMACHAAR ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। भोपाल । राजस्थान के बांसवाड़ा में भील प्रदेश की मांग को लेकर हुए जमावड़े के बाद पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में हलचल बढ़ गई है। अलग प्रदेश की मांग पर जनजातीय समाज के नेताओं में दो फाड़ नजर आ रही है। जहां समाज के कुछ नेता इसके समर्थन में हैं तो कुछ जनप्रतिनिधि इसे विदेशी और विघटनकारी शक्तियों की साजिश बता रहे हैं। जो भी हो, लेकिन बांसवाड़ा के भानगढ़ में हुई रैली के बाद आदिवासी प्रदेश की मांग प्रदेश में फिर जोर पकड़ रही है। भील प्रदेश की मांग के इस आंदोलन में मध्यप्रदेश को धुरी क्यों माना जा रहा है? आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेता मध्यप्रदेश पर सबसे ज्यादा फोकस क्यों कर रहे हैं? एक दशक से भी पहले से चल रही भील प्रदेश की मांग अचानक आंदोलन में कैसे बदली और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा द सूत्र ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। सवाल: भील प्रदेश की मांग को लेकर राजस्थान के बांसवाड़ा में हुई आदिवासी समुदाय की रैली के बाद यह मामला क्यों चर्चा में है? पहले बताते हैं भील आदिवासी समाज की प्रदेश और देश में क्या स्थिति है। दरअसल, भील मूल रूप से जंगलों में रहने वाली जनजाति है। यह मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में निवासरत है। मध्यप्रदेश में इस जनजाति की संख्या करीब 60 लाख है। वहीं राजस्थान में 28 लाख, महाराष्ट्र में 18 लाख और गुजरात में 35 लाख भील आदिवासी हैं। यानी जनसंख्या के लिहाज से भील आदिवासी सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर और झाबुआ के अलावा रतलाम, धार, बड़वानी, खंडवा, खरगोन जिले भील आबादी बाहुल्य हैं। वहीं राजस्थान के उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ और महाराष्ट्र में जलगांव, नासिक, ठाणे, नंदूरबाग, धुलिया और पालघर में भील सबसे ज्यादा संख्या में रहते हैं। मध्य प्रदेश में भील जनजाति की आबादी 1.42 करोड़ यानी मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात प्रदेशों में भील समुदाय की आबादी। करोड़ 42 लाख से ज्यादा है। बाकी पूरे देश में भी भील आदिवासी लाखों की संख्या में बिखरे हुए हैं। सबसे ज्यादा आबादी होने की वजह से ही भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा और आदिवासी परिवार के आव्हान पर बांसवाड़ा में समुदाय की रैली निकाली गई थी। समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील आबादी बाहुल्य जिलों को जोड़कर अलग राज्य की मांग उठाई है। इस टैली के बाद राजनीतिक दलों से जुड़े भील समुदाय के जनप्रतिनिधियों लोगों में भी मतभेद सामने आ गए हैं। भाजपा नेता और थांदला के पूर्व विधायक कलसिंह भांबर ने इसे विदेशी ताकतों की साजिश बताया है तो सेलाना से निर्दलीय आदिवासी विधायक कमलेश्वर डोडियार भील प्रदेश की मांग का पुरजोर पक्ष ले रहे हैं। वहीं झाबुआ से कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने भील प्रदेश की मांग या विरोध में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक दशक पुरानी है मांग अब बात करते हैं अलग भील प्रदेश की मांग और अचानक उठ खड़े हुए इस आंदोलन की। भील प्रदेश की मांग एक दशक से भी पुरानी है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात से सीमावर्ती जिलों में बसे भील-भिलाला समुदाय के लोग यह मांग उठाते रहे हैं। आदिवासी समुदाय का संगठन जयस भी इस मांग के समर्थन में कई बार आंदोलन-टैलियां कर चुका है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने फरवरी माह में हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के सत्र में भी भील प्रदेश की मांग और सरकार की कार्रवाई का मामला उठाया था। अब इस समुदाय का अचानक एकजुट होना और राजस्थान के बांसवाड़ा से भील प्रदेश की मांग बुलंद करने का राजनीति पर क्या असर होगा यह तो आने वाले दिनों में ही नजर आएगा। फिलहाल आदिवासी समुदाय के सामाजिक संगठन भी इस मांग के समर्थन में उतर आए हैं। क्या कहते हैं समुदाय के जनप्रतिनिधि ? कुछ संगठन जनजाति समाज को गुमराह करने के लिए भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। भील प्रदेश कीमांग आज से नहीं जबसे मिशनरी इस अंचल में आए हैं तबसे शुरु हुई है। ये मांग उन्होंने रखी थी। साऊदी अरब के लोग नारा लगा रहे हैं जय जोहार का नाटा है भारत देश हमारा है। ये किसका षडयंत्र है। आज कहा जा रहा है हमारी बहन बेटियों को की मंगलसूत्र पहनना, मांग भरना हमारा रिवाज नहीं है। ये रिवाज युगों से चले आ रहे हैं। आदिवासी समुदाय युगों से हिंदू पद्धति, परम्पराओं से पूजा पाठ करता आ रहा है। हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज उससे जुड़े हैं। भानू भूरिया, बीजेपी नेता झाबुआ मांग तो जायज हैं, लेकिन जातिगत तौर पर देखा जाए तो यह देश को तोड़ने वाला होगा। क्षेत्रीयता और भाषा के आधार पट हो तो ऐसा होना चाहिए। भील प्रदेश की मांग के आंदोलन में कुछ लोग तो ठीक हैं, लेकिन अभी ऐसा नहीं लगता कि भील प्रदेश की आवश्यकता है। विक्रांत भूरिया, कांग्रेस विधायक, झाबुआ मुझे अभी इस आंदोलन की विस्तृत जानकारी नहीं है। अलग भील प्रदेश को लेकर जो मूवमेंट शुरु हुआ है उस पर मैं फिलहाल अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता कमलेश्वर डोडियार, निर्दलीय विधायक, सैलाना बीते 12 साल से पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। मैंने इस संबंध में फरवरी में विधानसभा सत्र में प्रश्न लगाकर जानकारी चाही कि भील प्रदेश गठन को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जानकारी इकट्ठा करने की सफाई दी गई। वहीं मुख्यमंत्री ने नए राज्य गठन की कार्रवाई का अधिकार केंद्र सरकार के पास होने का जबाव देकर पल्ला झाड़ लिया था।

अनुभवहीन महिला अधिकारियों की पोस्टिंग कर विंध्या हर्बल्स को बंद करने की साज़िश

Conspiracy to close Vindhya Herbals by posting inexperienced women officers

Conspiracy to close Vindhya Herbals by posting inexperienced women officers भोपाल। लघुवनोपज संघ की इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी (एमएसपी पार्क) अनुभवहीन महिला अधिकारियों की पोस्टिंग विंध्या हर्बल बंद की साजिश चल रही है। यही वजह है कि एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी में उत्पादित होने वाली औषधियों की क्वांटिटी और क्वालिटी में निरंतर गिरावट आ रही है। औषधि के गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठे। जांच के आदेश भी हुए किंतु महिला अधिकारी के रसूख के चलते कई जांच के आदेश डंप कर दिए जा रहें हैं।  सीनियर अफसर की कमी बताकर एमएसपी पार्क के निर्माण से अब तक सबसे जूनियर और अनुभवहीन सीईओ बनाया गया। जबकि इसके पहले तक अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक से लेकर मुख्य वन संरक्षण स्तर तक के आईएफएस अधिकारी सीईओ के पद पर पदस्थ होते रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि विभाग में सीनियर अधिकारियों का एकदम अकाल पड़ गया हो, बल्कि अनुसंधान एवं विस्तार भोपाल में पदस्थ सीसीएफ राखी नंदा को एमएसपी पार्क का सीईओ बनाया जा सकता है। या फिर किसी सीनियर एपीसीसीएफ को अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि ऐसा करने पर लघु वनोपज संघ में सत्ता के दो केंद्र बिंदु स्थापित हो जाते।  ऑडिट में ढेरों कमियां लघुवनोपज संघ की इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी “विंध्या हर्बल” नाम से आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करता आ रहा है। विगत वर्षों में केंद्र निरंतर प्रगतिशील रहा लेकिन 2 वर्षों में प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्ट नीतियों से केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ। कभी भारत के 17 राज्यों में आयुर्वेदिक दवाओं को सप्लाई करने वाले केंद्र को आयुष मार्क के बिना ऑर्डर नहीं मिलेगा। आयुष मार्क के प्रथम ऑडिट में ढेरों कमियां निकलने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर रहे वन अधिकारी। बतौर एसडीओ दागी रही बना दी गई सीईओ एमएसपी पार्क की सीईओ अर्चना पटेल जब सीधी में एसडीओ के पद पर पदस्त थी तब तेंदूपते की गड़बड़ी में तत्कालीन वन बल प्रमुख यू प्रकाशम ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 (1) में निहित प्रावधानांतर्गत उनको “परिनिन्दा” के दण्ड से दण्डित कर प्रकरण समाप्त कर दिया था। यही नहीं, यहां पदस्थ सीईओ अर्चना पटेल को न तो आयुर्वेदिक दवाई उत्पादन का ज्ञान है न ही कभी मार्केटिंग की ज़िम्मेदारी निभाई। यही हाल रेंजर सुनीता अहीरवार का है। दिलचस्प पहलू यह भी है कि इन नौसिखिये महिला अधिकारियों का आपसी समन्वय नहीं होने के कारण आयुष विभाग मध्य प्रदेश ने तो विंध्या हर्बल्स को ऑर्डर देना ही बंद कर दिया है। पिछले दिनों एक छोटा सा ऑर्डर इस वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है। लेकिन सीईओ और रेंजर और प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार की आपसी खींचतान में उत्पादन ही शुरू नहीं हो पा रहा है। रॉ मैटेरियल और पैकेजिंग आइटम की ख़रीदी का टेंडर मार्च में होना था जो कि अभी इस माह किया है। सवाल यह है कि ऐसे में कब सप्लाई करेंगे दवाई? पहले फूलजले और फिर एसडीओ हटे  रेंजर और प्रभारी एसडीओ उत्पादन सुनीता अहीरवार की लापरवाही का आलम ये है कि वह अभी तक पिछले वित्तीय वर्ष का लेखा नहीं दे रहीं है। न तो उत्पादन कर रही है और न ही केंद्र का आयुष मार्क का सर्टिफ़िकेशन कराने का प्रयास रही है। अहिरवार के रसूख का आलम यह है कि जब सीईओ के पद पर रहे पीएल फूलजले ने अहिरवार को नोटिस जारी करने जा रहे थे तो उन्हें तत्काल वहां से हटा दिया। फेडरेशन के एमडी के आदेश पर एमएसपी पार्क के एसडीओ मणिशंकर मिश्रा ने अहिरवार के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए दस्तावेज मांगे तब उन्हें जांच से संबंधित कागज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसे लेकर एसडीओ मिश्रा ने एमडी विभाग ठाकुर को कई पत्र लिखें और  पत्र में यह उल्लेख किया कि आपने 7 दिन के भीतर जांच कर प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए थे किंतु दस्तावेज उपलब्ध होने के कारण मैं जांच शुरू नहीं कर पा रहा हूं। एसडीओ के पत्र को एमडी ठाकुर ने डस्टबिन में डाल दिया। जांच प्रारंभ न हो सके, इसके लिए एसडीओ मिश्रा को एमएसपी पार्क से फेडरेसन पदस्थ कर दिया।  विल-बाउचर को लेकर टकराव  अभी कुछ दिन पहले आई सहायक प्रबंधक रेंज़र प्रियंका बाथम को मिले काम जिसमें ख़रीदी के बिल वाउचर और अन्य प्रबंधन को लेकर एसडीओ सुनीता अहीरवार की खींचतान शुरू हो गई है। सुनीता अहीरवार डीडीओ का हक़ जताने के चक्कर में सबको अपने अधीन रखना चाहती है। ऐसी स्थिति में अन्य कर्मचारी भी परेशान है।आलम ये है कि तीनों महिला अधिकारी एक ही बात को अलग-अलग तरीक़े से प्रबंध संचालक को सूचित करती है। अगर यही आलम रहा तो केंद्र को घाटे में ताला डाल कर ये अधिकारी अपने मूल विभाग में वापस चले जायेंगे।

टाईगर, चीता, तेंदुआ, कि मौतों का अड्डा बना प्रदेश, एक और मादा तेंदुआ कि मौत

The state became a den of deaths of tiger

The state became a den of deaths of tiger, cheetah and leopard, another female leopard died. बुरहानपुर । नयाखेड़ा-केरपानी रोड़ के पास मामा-भांजे बलडी में बुधवार को मादा तेंदुए का शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही बुरहानपुर डीएफओ विजय सिंह, एसडीओ अजय सागर सहित वन अमला मौके पर पहुंचा। शव का पीएम कराकर फोरेंसिक जांच के लिए सैंपल को इंदौर भेजा गया है। घाघरला के जंगल में मादा तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया। करीब दस दिन पहले इसी क्षेत्र में एक नर तेंदुआ बीमार अवस्था में मिला था। जिसका इंदौर में उपचार चल रहा है। एक ही क्षेत्र में तेंदुए का बीमार होना सवालों को जन्म दे रहा है। राजस्व की भूमि पर पर शव की जानकारी मिली थीएसडीओ अजय सागर ने बताया कि मामा-भांजे की राजस्व की भूमि पर एक वन्य प्राणी का शव पड़ा होने की सूचना किसान से मिली। सूचना मिलते ही बुधवार सुबह 11 बजे मौके पर वन अमला पहुंचा। शव करीब दो दिन पुराना मादा तेंदुए का है। जो वयस्क होकर करीब तीन वर्ष के करीब है। शरीर पर घाव अथवा चोट के नहीं थे न‍िशानशव पर कोई घाव या शिकार के कोई चोट के निशान भी नहीं पाए गए है। इससे वन विभाग को शिकार की आशंका नहीं है। संक्रामक बीमारी से मौत की बात बताई जा रही है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। एक माह बाद रिपोर्ट आने पर ही मौत का खुलासा हो पाएगा। हालांकि इसके पूर्व भी खेत में रेस्क्यू किए गए तेंदुए के पैर भी संक्रमण से ग्रसित पाए गए थे। 10 दिन पूर्व किया था तेंदुए को रेस्क्यूनयाखेड़ा गांव में चार माह से तेंदुए का आतंक चल रहा था। उसके द्वारा गोवंशी का शिकार किया जा रहा था।ग्रामीणों के अनुसार नौ जुलाई को किसान अकरम बाबू खां के खेत में तेंदुआ सुस्त अवस्था में मिला था।तेंदुए को वन विभाग ने रेस्क्यू किया था। जानकारी के अनुसार इसकी लोगों ने 10 फीट की दूरी से सेल्फी ली।लोगों से पता चला है कि इस दौरान तेंदुआ न तो गुर्रा रहा था और न ही उसके तेवर कोई आक्रामक थे।यह जानकारी भी मिली है कि तेंदुए के पीछे के पैर काम नहीं कर रहे थे। वह इससे कमजोर लग रहा था।तेंदुए को इसके बाद इंदौर कमला नेहरू संग्रहालय भेजा गया था। जहां उसका उपचार किया जा रहा है।तेंदुआ संक्रमण की बीमारी से ग्रसित पाया गया है। तेंदुआ किसी अन्‍य बीमारी से ग्रस्त बताया जा रहा है। क्षेत्र में और भी तेंदुए होने की आशंकाउल्लेखनीय है कि क्षेत्र में और भी तेंदुए होने की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि नेपानगर सहित आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक गांव में आए दिन तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी सामने आ रही है।

गंभीरता के साथ हो राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Revenue matters should be resolved with seriousness and within the time limit: Chief Minister Dr. Yadav

Revenue matters should be resolved with seriousness and within the time limit: Chief Minister Dr. Yadavभोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सुविधा और लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिये 18 जुलाई से 31 अगस्त तक राजस्व महा अभियान – 2.0 संचालित किया जा रहा है। किसानों और आमजन की सहुलियत के लिये पटवारी और मैदानी अमला मुख्यालय पर रह कर दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अभियान्तर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का गंभीरता के साथ समय-सीमा में निराकरण किया जाये। राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि अभियान में अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 30 दिन में, विवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 150 दिन में किया जायेगा। बंटवारा प्रकरणों के निराकरण की समय-सीमा 90 दिन है और सीमांकन प्रकरणों को 45 दिन में निराकृत करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही नक्शे में तरमीम का कार्य सतत् जारी रहेगा। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा है कि राजस्व महा अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। राजस्व महा अभियान 2.0 में 30 जून 2024 की स्थिति में लंबित नामांतरण, बँटवारा, अभिलेख दुरूस्ती और सीमांकन के प्रकरणों में निराकरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नामांतरण के 75 हजार 964, बंटवारा के 9 हजार 897, अभिलेख दुरूस्ती के 9 हजार 889 और सीमांकन के 25 हजार 423 प्रकरण शामिल हैं‍। इसके साथ ही 30 जून 2024 की स्थिति में एक करोड़ 95 लाख 45 हजार नक्शे पर तरमीम के लंबित मामलों को भी दर्ज किया जाएगा। अभियान में होगा डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण राजस्व महा अभियान में एक अगस्त से 15 सितंबर 2024 तक फसलों का डिजिटल (क्रॉप) सर्वेक्षण किया जायेगा। किसानों के खेत पर जाकर फसल का फोटो खीचकर जानकारी अद्यतन करने के लिये युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को 25 जुलाई तक प्रशिक्षित किया जायेगा। राजस्व महा अभियान में आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण दर्ज करने और पूर्व आदेशों के अनुसार खसरों और नक्शे में अमल सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व महा अभियान में नि:शुल्क समग्र ई-केवायसी और समग्र से खसरे की लिंकेज की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही स्वामित्व योजना में आबादी भूमि के सर्वेक्षण की कार्रवाई पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। वरिष्ठ राजस्व अधिकारी करेंगे मैदानी क्षेत्र का दौरा राजस्व महा अभियान में संभागायुक्त, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार मैदानी क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और राजस्व महा अभियान में की जा रही कार्रवाई की मॉनीटरिंग करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल बाघ शावकों की जीवन रक्षा के प्रयास की सराहना की

Chief Minister Dr. Yadav appreciated the efforts to save the lives of the injured tiger cubs.

Chief Minister Dr. Yadav appreciated the efforts to save the lives of the injured tiger cubs. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाघिन के घायल शावकों की जीवन रक्षा के लिए सीहोर जिला प्रशासन और भोपाल रेल मंडल द्वारा तत्परतापूर्वक की गई कार्यवाही की सराहना की है। भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोमवार की सुबह सीहोर जिले में बुधनी के पास मिडघाट में बाघिन के तीन शावक रेल्वे ट्रैक दुर्घटना के शिकार हो गये थे। दुर्घटना में एक शावक की मृत्यु हो गई लेकिन शेष दो घायल शावकों का रेस्क्यू किया जाकर उपचार के लिये भोपाल के वन्य प्राणी चिकित्सालय लाने के लिए एक डिब्बे की विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सराहना करते हुए कहा कि सीहोर जिला प्रशासन एवं रेल मंडल द्वारा मनुष्य के साथ ही पशु-पक्षियों के जीवन के प्रति संवेदनशील होकर दायित्व निभाने का यह श्रेष्ठ उदाहरण है।

फिल्म उद्योग को बढ़ावा देगी मोहन सरकार, पर्यटन क्षेत्र में 1,150 करोड़ के निवेश की तैयारी

Mohan government will promote film industry

Mohan government will promote film industry, preparation to invest Rs 1,150 crore in tourism sector Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में फिल्म उद्योग की संभावनाओं को लेकर मोहन यादव (Mohan Yadav) सरकार अपनी ओर से हर संभव प्रयास करने का दावा कर रही है. प्रदेश की धार्मिक नगरी और देवास की शंकरगढ़ की पहाड़ियों को फिल्म उद्योग के लिए काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. सरकार ने मध्य प्रदेश के चुनिंदा शहरों में पर्यटन की दृष्टि से 1,150 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव का दावा किया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के मुताबिक पिछले दिनों मुंबई में निवेश समागम आयोजित किया गया था, जिसमें मध्य प्रदेश में कई प्रकार के निवेश के प्रस्ताव आए हैं. इनमें पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी महत्वपूर्ण प्रस्ताव आए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक महेंद्र हॉलीडे की ओर से मुख्य प्रबंधक मनोज भट्ट से उनकी वन टू वन चर्चा हुई है, जिसमें उन्होंने देवास और उमरिया के बांधवगढ़ में 750 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव को मंजूर किया है. इन ग्रुप्स ने दी मंजूरीइसके अलावा ओबेरॉय होटल ग्रुप के मयंक तनेजा ने 400 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूर किया है. यह 400 करोड़ रुपये प्रमुख पर्यटन स्थल पर निवेश किया जाएगा. इसके अलावा साज होटल ग्रुप की ओर से भी वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए निवेश की मंजूरी दी गई है. मध्य प्रदेश में धार्मिक, पर्यटन और सौंदर्य के क्षेत्र में कई ऐसे स्थल है, जहां पर फिल्म उद्योग से जुड़े लोग यदि फिल्म बनाते हैं तो उन्हें काफी कम खर्चा लगता है. इसके अलावा फिल्म उद्योग के लिए भी यहां पर सरकार जमीन निम्नतम दर पर उपलब्ध कराने को तैयार है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने फिल्म अभिनेता अरबाज खान से भी मुंबई में मुलाकात कर फिल्म उद्योग को लेकर चर्चा की. अगर मध्य प्रदेश में फिल्म उद्योग पैर पसारता है तो निश्चित रूप से यहां की अर्थव्यवस्था पर भी इसका बड़ा असर पड़ेगा. इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों और कलाकारों को काम मिलेगा.

प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास से रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

Investment and industrial development in the state will boost employment and business: Chief Minister Dr. Yadav

Investment and industrial development in the state will boost employment and business: Chief Minister Dr. Yadav मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास से रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिये मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कराई जा रही है। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिये 20 जुलाई को जबलपुर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को सफल बनाने के लिये मंगलवार को छिन्दवाड़ा जिले के अमरवाड़ा में हुई उद्योग संघों व उद्योगपतियों की बैठक में यह विचार व्यक्त किये। भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय उद्यमियों के साथ बाहर के उद्यमियों को जोड़कर प्रदेश के सभी अंचल में सरकार समान रूप से विकास करना चाहती है, जिसमें कृषि, रोजगार, व्यापार, पर्यटन आदि की दिशा में एक नये उपलब्धि को हासिल किया जा सके। इसमें कई सारी कठिनाईया आती है लेकिन सकारात्मक सोच से आगे बढ़कर उनका निराकरण करें। छोटे-बड़े, मझौले सभी उद्यमी सरकार के साथ कदम-कदम से मिलाकर चलेंगे तो विकास की एक नई धारा प्रवाहित होगी। अभी तक इंदौर में इंडस्ट्री सम्मिट होती थी लेकिन अब यह प्रदेश के अन्य भागों में भी होगी और वहां की औद्योगिक कठिनाईयों को दूर किया जायेगा। उन्होंने उद्योग संघों व उद्योगपतियों से कहा कि वे निवेश को प्रोत्साहित करें। इसके लिये उन्हें औद्योगिक नीति अनुसार सुविधा प्रदान की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 5 साल में प्रदेश की जीडीपी को डबल करने के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुये निवेश को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जो बेहतर हो सकता है उस दिशा में निवेश में अनुकूलता लाना है। औद्योगिक विकास के लिये प्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक है। बैठक में उन्होंने औद्योगिक निवेश में रोजगारमूलक गतिविधि और स्थानीय उत्पादों के प्र-संस्करण पर जोर दिया गया। उन्होंने उद्योगों के स्थापना में सब्सिडी का जिक्र करते हुये बॉयर- सेलर के बीच की कठिनाईयों को दूर कर उद्योग और व्यापार की दिशा में आगे बढ़ने को कहा। इन सब बातों में उन्होंने स्थानीयता को विशेष महत्व देते हुये कहा कि स्थानीय स्तर पर कच्चे-माल को उपयोगी बनाये और रोजगार पाने वालों की संख्या बढ़ायें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने सभी जिला कलेक्टरों से उद्योग और व्यापार संघों की कठिनाईयों को समझने तथा उसे दूर करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये कहा ताकि लघु उद्योगों को प्रोत्साहन मिले और उनकी बेहतरी के लिये सुझाव भी हो। उन्होंने दुग्ध उद्योग को बढ़ावा देने के लिये हो रहे प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने जिले एवं संभाग में उद्योगों की संभावनाओं की दिशा में कारगर कार्य करने को निर्देशित किया। सांसद श्री वी.डी.शर्मा ने कहा कि विकास आपके लिये और आपके द्वारा हो, इसलिये 20 जुलाई की तैयारियों को लेकर आज उद्योगपतियों की बैठक आयोजित की गई है। प्रदेश के विकास में छोटे-छोटे उद्यमियों के विजन का भी सम्मान करें। उन्होंने औद्योगिक समस्याओं के निराकरण के लिये सिंगल विंडों सिस्टम अपनाने को कहा। क्षेत्रीय विकास के लिये जिले की संभावनाओं को पहचानने और उस दिशा में आगे बढ़ने के साथ नौजवानों को औद्योगिक गतिविधियों में भाग लेने के लिये प्रेरित करने पर जोर दिया। उद्योग संघों की बैठक में छिन्दवाड़ा के उद्यमियों ने जहॉ प्रत्यक्ष रूप से बैठक में सहभागिता की। वहीं सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा के उद्योगपति वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल हुए। विभिन्न उद्योगपतियों ने विकास के लिये अपने-अपने विचार व्यक्त किये। छिन्दवाड़ा के राकेश जुनेजा, बोरगांव के उद्योगपति श्री रीतेश जैन, श्री सुमेरसिंह, श्री अजय सक्सेना ने विभिन्न सुझाव दिये। पांढुर्णा से उद्यमी श्री आर.एन.द्रविड, उद्योगपति श्री सुभाष बुधराजा, श्री जितेन्द्र पटेल ने औद्योगिक नीतियों को और अधिक फ्रेंडली बनाने संबंधी विचार व्यक्त किये।बालाघाट के उद्योगपति श्री अतुल, श्री हर्ष व्दिवेदी, श्री प्रत्यूष नेमा, श्री अभिषेक जेठानी ने फूड प्रोसेसिंग और योगेन्द्र पाठक ने मेगनीज यूनिट स्थापित करने की दिशा में अपने विचार व्यक्त किये। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन ने औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की समस्या के निदान के साथ औद्योगिक नीति की जानकारी देते हुये कहा कि आईटी क्षेत्र को प्रोत्साहन करने के लिये विशेष कार्ययोजना है।

पहली बार घायल शावकों को लाने के लिये एक डिब्बे की विशेष ट्रेन चली

For the first time, a special train of one compartment ran to bring the injured cubs.

For the first time, a special train of one compartment ran to bring the injured cubs. भोपाल। पहली बार सीहोर जिले के बुदनी मिडघाट पर ट्रैन एक्सीडेंट में घायल बाघिन के घायल शावकों को लाने के लिये एक डिब्बे की विशेष ट्रेन चलाई गई। विशेष ट्रेन से घायल शावकों को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पहले आरपीएफ थाने के सामने उन्हें उतार कर उपचार के लिए वन विहार में शिफ्ट किया गया। घायल शावकों के साथ ट्रैन में डीआरएम भोपाल, सीसीएफ भोपाल राजेश खरे, सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह और डीएफओ एमएस डाबर भी थे। मंगलवार को घायल शावकों को रेस्क्यू करने का नेतृत्व सीसीएफ राजेश खरे ने किया। सीसीएफ खरे ने रेलवे अधिकारियों से भी सहयोग मांगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए भोपाल डीआरएम अपने अधिकारियों के साथ एक डिब्बे की विशेष ट्रेन लेकर मिडघाट पहुंचे। दोनों घायल शावकों को ट्रेन से भोपाल लाकर वन विहार के वन्य प्राणी चिकित्सालय में भर्ती किया गया। दोनों घायल शावाकों का इलाज अभी चल रहा है। इस पूरी कार्रवाई में सीनियर डीओएम निरीश कुमार राजपूत, वन मंडल अधिकारी एमएस डाबर, एसडीएम राधेश्याम बघेल सहित राजस्व एवं वन विभाग की टीम उपस्थित रही। उल्लेखनीय है कि गत सोमवार 15 जुलाई को सुबह करीब 6 बजे सीहोर जिले के बुदनी के मिडघाट रेलवे ट्रैक पर बाघिन के तीन शावक ट्रेन की चपेट में आ गए थे। इस दुर्घटना में एक शावक की मृत्यु हो गई। दो शावक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही वन्य प्राणी चिकित्सकों की टीम घटना स्थल पर पहुंची। दोनों घायल शावकों की स्थिति को देखते हुए वहां इलाज संभव नहीं था। दोनों को इलाज के लिए वन्य प्राणी चिकित्सालय भोपाल में तत्काल भर्ती कराना जरूरी था।

नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में निवासरत विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा निर्धारित शिष्यवृत्ति दरों के अनुरूप युक्त-युक्तीकरण की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार बालकों को वर्तमान में प्रतिमाह देय शिष्यवृत्ति 1230 रुपए में वृद्धि कर 1550 रूपये एवं बालिकाओं को 1270 रूपये में वृद्धि कर  1590 रूपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मूल्य सूचकांक के आधार पर आगामी शिष्यवृत्ति की दर में वृद्धि, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग के लिए भी मान्य किए जाने का निर्णय लिया गया है। “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) के क्रियान्वयन का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) को मध्यप्रदेश विधान सभा में क्रियान्वित करने के लिए 23 करोड़ 87 लाख रूपये की परियोजना का अनुमोदन दिया हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में देश की समस्त विधान सभाओं को पेपर लेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) लांच की गई है।  लागत की 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण  की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग की 9,271 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत की 7 परियोजनाओं के निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की है। सोण्डवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, धार माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, बड़ादेव संयुक्त माईक्रो सिंचाई परियोजना एवं माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की गई है। बोकारो माइक्रो इरीगेशन की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बोकरो माइक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 46 करोड़ रूपये, सैंच्य क्षेत्र 3310 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना से तहसील रामपुरा नैकिन के 11 ग्रामों के कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। इंदौर में केन्द्रीय जेल के शेष रहे कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने इंदौर में सांवेर रोड़ पर निर्माणाधीन केन्द्रीय जेल के शेष रहे निर्माण कार्यों के लिए 217 करोड़ 73 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन दिया गया है। राज्य शासन के लिये अति विशिष्ट व्यक्तियों की उड़ान के लिए “मध्यप्रदेश शासन के लिये विमान/हेलीकाप्टर क्रय-विक्रय नियम, 2019” के अंतर्गत बुलाए गए टेण्डर में निम्नतम (L1) निविदाकार संस्था से विमान मॉडल Challenger 3500 जेट विमान क्रय किये जाने के निर्णय का अनुमोदन दिया गया।

विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु वर्ग के विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की दरों के युक्त-युक्तीकरण की स्वीकृति : डॉ. मोहन यादव

Approval of rationalization of scholarship rates for students belonging to free-ranging

Approval of rationalization of scholarship rates for students belonging to free-ranging

मप्र विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह एवं मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक की संयुक्त पत्रकार वार्ता

Joint press conference of former leader of opposition in Madhya Pradesh Assembly

Joint press conference of former leader of opposition in Madhya Pradesh Assembly

नोटा ने तोड़ा रिकॉर्ड : इन्दौर में नोटा को 70,000 वोट मिले काउंटिंग जारी

NOTA broke record: NOTA got 70,000 votes in Indore, counting continues इंदौर में BJP के Shankar Lalwani, बसपा के संजय सोलंकी और जनहित पार्टी के अभय जैन के बीच मुख्य मुकाबला है। नोटा Nota भी रिकॉर्ड बनाने की ओर है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी की पत्रकार वार्ता

Press conference of Madhya Pradesh Congress Committee President Jitu Patwari

Press conference of Madhya Pradesh Congress Committee President Jitu Patwari 18 घंटे में खुल जायेगी एक्टिज पोल की पोल : जीतू पटवारी भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव बड़ा ही रोचक रहा, परंतु उसके बाद सबसे ज्यादा बेरोजगारी, सबसे ज्यादा महंगाई, सबसे ज्यादा कृषक यातना एवं सबसे ज्यादा परेशानियां इस देश के लोगों ने सही हैं। कोई भी ऐसा वर्ग नहीं है जो इस सरकार से पीड़ित नहीं रहा हो। इस स्थिति के बाद का यह चुनाव है।पटवारी ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस का न्याय पत्र था जिसकी चर्चा देश के प्रधानमंत्री सहित देश के सभी नागरिक कर रहे थे, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई, अर्थव्यवस्था एवं किसानों के दर्द का समाधान था तथा पांच न्याय एवं 25 गारंटी के रूप में देश के नागरिकों की सभी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया गया था। परंतु देश के प्रधानमंत्री ने जो भाषा बोली जिसमें अपमानजनक एवं धमकाने वाले शब्द थे तथा मांस, मछली मंगलसूत्र से लेकर मुजरे तक पहुंच जाना, इन शब्दों के द्वारा प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम हुई है।पटवारी ने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ कथित एक्जिट पोल भी सामने आये हैं, जिसमें कई सारी गफलतें हैं। आप सभी ने तथा जनता ने यह फीडबैक हमें दिया है कि हमने कई सीटों पर अच्छा चुनाव लड़ा परंतु कथित एक्जिट पोल में यह नहीं दिखता है। हमें जनता एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है। मैं यह कह सकता हूं कि इन एक्जिट पोल को लेकर हमारा कार्यकर्ता हताश व निराश नहीं है। इसलिए इन एक्जिट पोल की पोल 18 घंटे में खुल जायेगी।पटवारी ने कहा कि आज प्रदेश में अभूतपूर्व अत्याचार तीन सी की सरकार कर रही है। आज यहां दलित, आदिवासी होना अभिशाप हो गया है और अब सरकार महंगाई बढ़ाने की तैयारी कर रही है, क्योंकि आरबीआई ने अब सरकार को कर्ज देने से मना कर दिया है। इस महंगाई का पूरा बोझ मप्र की जनता पर आयेगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी लगातार अपनी आवाज को उठाती रहेगी, जिस तरीके से राहुल गांधी जी ने बिना डरे प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आवाज उठायी है, उसी तरीके से कांग्रेस अपने विपक्ष के धर्म को मध्यप्रदेश में निभाती रहेगी। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी तथा 295 से ज्यादा सीटें इंडिया गठबंधन को हासिल होंगी।पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार के.के. मिश्रा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक सहित मप्र कांग्रेस के सभी प्रवक्तागण भी उपस्थित थे।

112 आईएफएस सहित वन विभाग में रिक्त पड़े हैं 7 हजार से ज्यादा पद

More than 7 thousand posts are lying vacant in the forest department including 112 IFS. भोपाल। राज्य के वन विभाग में 112 आईएफएस सहित लम्बे समय से 7 हजार 417 पद रिक्त पड़े हुये हैं। यहीं नहीं आईएफएस का तो प्रशासनिक ढांचा ही ध्वस्त हो चुका है। पदोन्नति के लिए सेवा शर्ते पूरी नहीं होने की वजह से पीसीसीएफ, एपीपीसीसीएफ और सीसीएफ के पद पर आईएफएस पद रिक्त होने के बाद भी प्रमोट नहीं हो पा रहें है।वन मुख्यालय द्वारा राज्य शासन को भेजी गई जानकारी के अनुसार, इन कुल रिक्त पदों में से आईएफएस के 112 और सहायक वन संरक्षक के 191 पद रिक्त है। मुख्यालय में हालात यह है कि सीनियर आईएफएस अधिकारियों को तीन से लेकर 4 शाखाओं का प्रभार संभालना पड़ रहा है। इसके कारण कुछ अफसरों के बीच अहं के टकराव की खबरें भी सुनने को मिलती है। कमोवेश यही हालत फील्ड के पदों की भी है। सीसीएफ के पद पर सीएफ काम रहें हैं और उन्हें भी एक से अधिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। सहायक वन संरक्षकों और रेंजर के पद खाली होने की वजह से उन्हें भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। ऐसी आपदा में स्थिति में सीनियर अफसरों ने अपने लिए अवसर में तब्दील कर लिया हैं। यानि कार्य बंटवारे के नाम पर चहेतों को उपकृत कर रहे हैं। सीएफ और डीएफओ ऑफिस में भी पद रिक्तसीएफ और डीएफओ ऑफिस में भी लंबे समय से पद रिक्त है। इसमें राजपत्रित अधिकारियों के 9, वन क्षेत्रपाल के 496, उप वन क्षेत्रपाल के 855, वन पाल के 2081, वन रक्षक के 2124, लिपिकीय अमले के 1010, अन्य श्रेणी जिसमें वाहन चालक, स्टेनो, ड्राफ्ट्समेन, महावत शामिल हैं-के 398 तथा चतुर्थ श्रेणी के 453 पद शामिल हैं जोकि रिक्त पड़े हुये हैं। इससे वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा एवं संरक्षण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।उल्लेखनीय है कि वन विभाग में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 25 हजार 363 है जिसमें से 17 हजार 946 पदों पर व्यक्ति पदस्थ हैं। आईएफएस कैडर का प्रशासनिक ढांचा ध्वस्तआईएफएस अफसर का प्रशासनिक ध्वस्त हो चुका है। इसे दुरुस्त करने के लिए विभाग के मुखिया से लेकर आईएफएस एसोसिएशन के पदाधिकारी को एक्सरसाइज करने की फुर्सत ही नहीं है। ढांचे को सुधारने के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अफसर बस पद पर बैठकर अपने रिटायरमेंट की गिनती गिन रहें है। जबकि कैडर रिव्यू का मामला अभी लंबित है। मुख्यालय से लेकर फील्ड में कई पद ऐसे हैं जिसमें समाप्त किया जा सकता है। वन मंडलों को भी समाप्त कर एक किया जा सकता है पर यह एक्सरसाइज कौन करे?

इंदौर-भोपाल हाईवे पर तेज रफ्तार बस ट्रक में घुसी, करीब एक दर्जन से ज्यादा यात्री घायल

Speeding bus rams into truck on Indore-Bhopal highway, more than a dozen passengers injured इंदौर से भोपाल जा रही एक चार्टर्ड बस हादसे का शिकार हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू किया गया. इंदौर-भोपाल हाईवे पर आज मंगलवार (28 मई) की सुबह एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला. जहां एक तेज रफ्तार चार्टर्ड बस खड़े ट्रक में जा घुसी. इस हादसे में करीब एक दर्जन से ज्यादा यात्री घायल हो गए. करीब 6-7 घायलों का मौके पर ही 108 टीम द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया. हादसे में 6-7 घायलों को आष्टा सिविल अस्पताल भेजा गया है. हादसे में चार्टर्ड बस का चालक करीब आधे घंटे तक स्टीयरिंग में फंसा रहा. जिसके बाद एक अन्य ट्रक की मदद से बस का बोनट खिंचवाया गया, तब जाकर ड्राइवर को बाहर निकालने जा सका. बस चालक के दोनों पैर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. हादसे के मौके पर मची चीख पुकारजानकारी के अनुसार, इंदौर से भोपाल जा रही एक तेज रफ्तार चार्टर्ड बस डोडी के पास अरनिया जोड़ पर खड़े ट्रक से जा टकराई. इस हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई. मार्ग से गुजर रहे अन्य लोग घायलों की मदद के लिए दौड़े और 108 वाहन और पुलिस को सूचित किया गया. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर दो 108 वाहन और पुलिस पहुंच गई. आसपास के लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया. जिन्हें कम चोट आई, उनका मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया. जबकि गंभीर घायलों को 108 वाहन की मदद से आष्टा अस्पताल भेजा गया. सुबह 8.40 बजे हुआ हादसाइंदौर से भोपाल से जा रही चार्टर्ड बस सुबह 8.40 बजे अरनिया जोड़ पर एक खड़े ट्रक पर पीछे से जा टकराई. हादसा इतना भीषण था कि चार्टर्ड बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह से डैमेज हो गया. बस ड्राइवर इंदौर निवासी राकेश शुक्ला करीब आधे घंटे तक स्टीयरिंग में ही फंसा रहा. लोगों की सूचना पर पुलिस और 108 वाहन पहुंचे. आधे घंटे तक स्टीयरिंग में फंसा रहा ड्राइवरवहां से गुजर रहे एक अन्य ट्रक को रोका गया, जिससे टोचन कर बस के अगले हिस्से को खिंचवाया गया, तब कहीं जाकर बस ड्राइवर को निकाला जा सका. इस हादसे में बस ड्राइवर के दोनों पैर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए. 108 वाहन की मदद से ड्राइवर सहित अन्य घायलों को सिविल अस्पताल आष्टा पहुंचाया गया, जहां ड्राइवर की हालत गंभीर होने पर भोपाल के लिए रेफर कर दिया गया है. घायल ड्राइवर के लिए आधे घंटे खड़ी रही 108चार्टर्ड बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सूचना के बाद मौके पर दो 108 वाहन पहुंचे. हादसे में घायल करीब 6-7 लोगों को 108 वाहन की मदद से आष्टा पहुंचाया गया, जबकि एक अन्य 108 बस ड्राइवर के लिए मौके पर ही खड़ी रही. आधे घंटे की मशक्कत के बाद जब ड्राइवर को बाहर निकाला गया तो तुरंत 108 उसे लेकर सिविल अस्पताल आष्टा के लिए रवाना हुई. 108 पायलट जितेन्द्र सिंह ठाकुर और ईएमटी चेतन सिंह ठाकुर ने बताया कि बस ड्राइवर राकेश शुक्ला की हालत गंभीर होने पर उसे आष्टा से भोपाल के लिए रेफर कर दिया गया, जबकि शेष घायलों का आष्टा सिविल अस्पताल में ही इलाज जारी है.

जयप्रकाश चिकित्सालय में चल रहे ओरल कैंसर स्क्रीनिंग शिविर में अब तक अठारह सौ से अधिक लोगों की हुई जांच

More than 1800 people have been screened in the oral cancer screening camp being run at Jaiprakash Hospital शिविर में अगले 15 दिनों तक होगी ओरल कैंसर की निशुल्क जांच भोपाल। ओरल कैंसर स्क्रीनिंग हेतु आयोजित किए जा रहे विशेष शिविर में ऑटोफ्लोरेंस आधारित उपकरण  द्वारा 1832 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिनमें से 361 लोगों में ओरल कैंसर के प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस विशेष शिविर की अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ाई गई है। जिला अस्पताल के ब्लॉक ए में एनसीडी कक्ष में यह जांच निशुल्क की जा रही है।  ओरल स्कैन जांच के माध्यम से ओरल कैंसर को शुरुआती अवस्था में ही डायग्नोसिस किया जा सकता है, जिससे देरी से डायग्नोस होने के कारण होने वाली विरूपता व अन्य परेशानियों से बचा जा सकता है। स्क्रीनिंग दंत रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रतिदिन की जा रही है। तंबाखू उत्पादों जैसे गुटखा, खैनी, जर्दा , बीड़ी, सिगरेट का उपयोग करने वालों में ओरल कैंसर होने की आशंका अन्य लोगों से बहुत अधिक होती है। इसलिए इन लक्षणों वाले लोगों को आवश्यक रूप से स्क्रीनिंग करवाते रहना चाहिए ।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि शिविर में जिन लोगों में ओरल कैंसर के प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं उनका फॉलोअप किया जा रहा है। । असंचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कैंसर स्क्रीनिंग एवं उपचार की  सुविधा निशुल्क  है।  मुंह में सफेद अथवा लाल चकत्ता या घाव होना, मुंह की किसी जगह की त्वचा का कड़ा होना, चबाने, निगलने या बोलने में कठिनाई होना, मुंह खोलने में कठिनाई होना, आवाज में परिवर्तन होना आदि ओरल कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। ओरल कैंसर मुंह के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। जिनमें मसूड़े, जीभ, गालों के अंदर या होंठ शामिल हैं। तंबाखू से कई तरह के कैंसर का खतरा होता है।   तंबाकू में मौजूद निकोटीन शरीर में जहर की तरह  कार्य करता है | अतः यह लोगों के हित में है कि वे स्वयं तंबाकू व तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहें तथा बच्चों व किशोरों को इसकी तरफ़ जाने से रोकें। किसी भी तरह की शंका होने या लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय जाँच अवश्य करायें।

मनोज अग्रवाल से प्रशासन छिना, अब सचिव द्विवेदी देखेंगे

Administration snatched from Manoj Aggarwal, now Secretary Dwivedi will look after it भोपाल। लघु वनोपज संघ में मंगलवार को बड़ा उलटफेर हुआ। संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने अपर प्रबंध संचालक मनोज अग्रवाल से प्रशासन शाखा ले लिया है। प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रशासन का कार्य सचिव सहकारिता के के द्विवेदी को सौंप दिया है। अब अग्रवाल प्रशासन की जगह एएमडी व्यापार, विधि, समन्वय के साथ आंतरिक अंकेक्षण का कार्य देखेंगे। अभी तक आंतरिक अंकेक्षण का कार्य मुख्य वन संरक्षक एवं कार्यकारी संचालक प्रफुल्ल फुलझेले देखते थे। सूत्रों ने बताया कि पिछले लंबे समय से एएमडी मनोज अग्रवाल ने प्रशासन शाखा से जुड़े कार्य देखना बंद कर दिया था और हर मसले और मुद्दों को एमडी के पास धकेल दिया करते थे। सूत्रों ने यह भी बताया कि अग्रवाल ने फेडरेशन से वन विभाग में लिए जाने का अनुरोध भी किया है।

भोपाल– सेंट्रल जेल के बाहर हुए मर्डर के फरार आरोपी गिरफतार

Bhopal – Absconding accused of murder outside Central Jail arrested भोपाल ! वारदात में शामिल 5 आरोपी गिरफतार 4 फरार, तलाश जारी। 9 आरोपियों ने दिया था वारदात को अंजाम। पुरानी रंजिश को लेकर दो युवकों पर किया था धारदार हथियार से वार। मौके पर सुरेंद्र कुशवाह की हो गई थी मौत। मृतक अपने साथी के साथ पैरोल पर बाहर आए बदमाश सतीश खरे को छोड़ने पहुंचा था जेल। टीटी नगर क्षेत्र के पंचशील के रहने वाले है सभी आरोपी। पुलिस ने बदमाशों का आज निकाला जुलूस। गांधी नगर और टीटी नगर क्षेत्र में निकाला गया आरोपियों का जुलूस। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गांधी नगर थाना प्रभारी सुनील मेहर के नेतृत्व में निकाला गया जुलूस। फरार आरोपियों की तलाश में जुटी क्राइम ब्रांच और गांधी नगर पुलिस।

प्रदेश के बहुचर्चित : नर्सिंग घोटाला केस में CBI की बड़ी कार्रवाई

Major action by CBI in the most talked about subsidiary factory case of the state भोपाल ! प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग घोटाला मामले में दिल्ली से आई सीबीआई टीम ने बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राजधानी भोपाल इंदौर रतलाम समेत कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई की। दरअसल नर्सिंग कॉलेज घोटाले केस में कॉलेज की सही रिपोर्ट पेश करने के बदले में सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज ने रिश्वत मांगी थी। प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग घोटाला मामले में दिल्ली से आई सीबीआई टीम ने बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राजधानी भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई की। दरअसल, नर्सिंग कॉलेज घोटाले केस में कॉलेज की सही रिपोर्ट पेश करने के बदले में सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज ने रिश्वत मांगी थी। दिल्ली की टीम ने राहुल को 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। चेयरमैन को भोपाल के आंचल अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गयामलय नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन अनिल भास्करन और प्रिंसिपल सूना अनिल भास्करन को भोपाल के आंचल अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया है। मलय नर्सिंग कॉलेज के रिश्वत देने वाले चेयरमैन और प्रिंसिपल समेत सीबीआई इंस्पेक्टर के साथ केस में दलाल सचिन जैन को भी गिरफ्तार किया गया है। इंस्पेक्टर राहुल राज समेत कुल 13 आरोपी गिरफ्तारअभी तक दिल्ली सीबीआई टीम ने इंस्पेक्टर राहुल राज समेत कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी को इन सभी की 10 दिन की रिमांड मिली है। रेड में राहुल राज के घर तलाशी में 7 लाख 88 हजार कैश, 2 गोल्ड के बिस्किट बरामद हुए हैं। रविराज भदोरिया के पास से 84.65 लाख रुपये की जब्तीवहीं, आरोपी में रविराज भदोरिया के पास से 84.65 लाख रुपये की नकद जब्ती, प्रीति तिलकवार के यहां से करीब 1 लाख रुपए और डायरी की जब्त की गई है।

मई के आखिरी में जमकर तपेगा भोपालः टेम्प्रेचर 43° पहुंचा

Bhopal will be very hot at the end of May: Temperature will reach 43° भोपाल। मई के महीने में भोपाल में भीषण गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। 10 में से 8 साल टेम्प्रेचर 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। साल 2016 में यह रिकॉर्ड 46.7 डिग्री रहा था। हालांकि, इस बार अब तक गर्मी के तेवर थोड़े नरम रहे हैं, लेकिन रविवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने 20 मई से तेज गर्मी पड़ने का अलर्ट जारी किया है। 25 मई से नौतपा की शुरुआत भी हो रही है। इसके चलते भी गर्मी और लू का असर रहेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से मध्य प्रदेश के साथ भोपाल में भी मई महीने में आंधी, बारिश-ओले का दौर चला। इस वजह से दिन का टेम्प्रेचर ज्यादा नहीं बढ़ा। 7 मई को टेम्प्रेचर 42.4 डिग्री पहुंचा था। इसके बाद 19 मई, रविवार को पारा 43 डिग्री पर आ गया। एक ही दिन में डिग्री की बढ़ोतरी हुई। इस महीने 4 बार पारा 41 डिग्री पार रहा। 10 दिन में टेम्प्रेचर में उतार-चढ़ाव मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 10 दिन में भोपाल में दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 10मई को पारा 41.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि 19 मई को यह 43 डिग्री दर्ज किया गया। इधर, रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। 13-14 मई की रात में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री रहा था, जो पिछली 3 रातों से 28.8 डिग्री चल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब दिन-रात दोनों ही तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन में लू का असर भी चलेगा। रात में भी गर्म हवाएं चल सकती है। अगले 4 दिन भोपाल में ऐसा रहेगा मौसम 20 मई: दिन-रात गर्मी का असर देखने को मिलेगा। बादल भी रहेंगे। दिन का टेम्प्रेचर 42 से 43 डिग्री के आसपास रहेगा। 21 मई: दिन के टेम्प्रेचर में 1 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने पारा 43 डिग्री तक जा सकता है। 22 मई: दिन में 43 से 44 और रात में पारा 30 से 31 डिग्री तक पहुंच सकता है। 23 मई: गर्मी का असर रहेगा। टेम्प्रेचर 41 से 43 डिग्री तक पहुंच सकता है।10 साल में 5 बार पारा 45-46 डिग्री के पार रहा वर्ष 2014 से 2023 तक 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो एक बार टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 46.7 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं, 4 बार पारा 45 डिग्री या इससे अधिक रहा। सबसे ज्यादा गर्मी वर्ष 2015, 2016, 2017, 2018 और 2022 में पड़ी थी। बाकी सालों में टेम्प्रेचर 45 डिग्री से नीचे ही रहा।

खाटू श्याम, वैष्णोदेवी सहित इन धार्मिक स्थलों का दर्शन, IRCTC लाया किफायती टूर पैकेज

Visit these religious places including Khatu Shyam, Vaishnodevi, IRCTC brings affordable tour package, know the cost भोपाल ! मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है. इस ट्रेन की मदद से एमपी के पर्यटक उत्तर दर्शन यात्रा के साथ खाटूश्याम जी के दर्शन भी आसानी से कर सकेंगे. ये ट्रेन 05 जून 2024 से शुरू होने वाली है, जो की भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से शुरू होगी. यह ट्रेन मध्यप्रदेश के रानी कमलापति, सीहोर, शुजालपुर, देवास, इंदौर, रतलाम, नागदा, श्यामगढ़, कोटा स्टेशनों से होते हुए जाएगी. इन स्टेशन से यात्री ट्रेन में यात्रा कर सकेंगे. ट्रेन की यात्रा कुल 10 रातों और 11 दिन की होगी. जिसमें ट्रेन जयपुर, खाटूश्याम जी, मथुरा, हरिद्वार, अमृतसर एवं वैष्णोदेवी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराएगी. मात्र इतने रुपए में कर सकते हैं यात्राइस ट्रेन में यात्रा करने के लिए यात्रियों को स्लीपर श्रेणी की टिकट 18,110 रुपए प्रति व्यक्ति मिलेगी. 3AC स्टैण्डर्ड श्रेणी की टिकट 28,650 रुपए प्रति व्यक्ति एवं 2AC कम्फर्ट श्रेणी की टिकट 37,500 रुपए प्रति व्यक्ति की होगी. जिसमें यात्रियों को पूरे 11 दिन और 10 रातों में प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाए जायेंगे. मिलेंगी ये सारी सुविधाएंआईआरसीटीसी द्वारा शुरू की गई इस गौरव ट्रेन में यात्रियों को कई सेवाएं दी जाएंगी. जिसमें खाना, विशेष एलएचबी रैक, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्‍त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा प्रदान की जाएंगी. इस प्रकार करें टिकट की बुकिंगअगर आप इस ट्रेन में अपनी बुकिंग करना चाहते हैं तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या फिर अधिकृत एजेंट से भी करवा सकते हैं.

मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये माफ किए , राहुल गांधी

Modi government waived Rs 16 lakh crore of industrialists, Rahul Gandhi खरगोन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खरगोन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने आदिवासी मतदाताओं को साधने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण, जातिगत जनगणना सहित कई मुद्दों पर बात रखी। राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें यह आरक्षण को बचाने का चुनाव है। जो भी देश के गरीब लोगों को मिला है, सारा का सारा संविधान ने गरीबों को दिया है। अगर संविधान खत्म हो गया तो जो भी आपको अधिकार मिल हैं, सारा का सारा खत्म हो जाएगा। आपकी जमीन, जंगल गायब हो जाएगा और भारत में 22-25 लोगों का राज होगा। इन लोगों को नजग आपके जंगल और जमीन पर है। मोदी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये उद्योगपतियों का माफ किया। लेकिन वे किसानों और गरीब का कर्ज माफ नहीं किया। हम देश में करोड़ों लखपति बनाने जा रहे हैं। आप जीएसटी और टैक्स देते हैं, लेकिन ये धन आपको नहीं दिया जाता। इसलिए इंडी गठबंधन सरकार महिलाओं को एक लाख रुपये सालाना देगी और तक तक दिया जाएगा तब तक परिवार गरीबी रेखा से बाहर नहीं आ जाता। हम निजी कपंनियों और सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करेंगे, जिससे आपको परमानेंट नौकरी मिलेगी। हम चुनाव के बाद गरीब किसानों का कर्ज माफ करने जा रहे हैं। साथ ही एमएसपी के लिए कानून बनाएंगे। छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया गया। नोटबंदी और जीएसटी अमीरों के लिए किया गया था। दो करोड़ युवा आज पूछ रहे हैं हमें आपने झूठ क्यों कहा।

वोट डालने वालों को मिलेगा होटलों में 10 फीसदी डिस्काउंट, ड्रा में जीत सकेंगे इनाम

Those who vote will get 10 percent discount in hotels, will be able to win prizes in the draw. भोपाल। लोकसभा चुनाव में मतदान करने वाले लोगों को लकी ड्रा में शामिल किया जाएगा। इसके साथ व्यापारी संगठनों ने शहर के होटलों में दस फीसदी डिस्काउंट देने का ऐलान किया है। सात मई को जिले के 2097 पोलिंग बूथ पर 3 ड्रा होंगे, जबकि एक बंपर ड्रा बाद में होगा। इसमें डायमंड रिंग से लेकर घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुएं जीत सकेंगे। वहीं, भोपाल की होटलों में 10 फीसदी तक डिस्काउंट भी मिलेगा। जिसको लेकर गुरुवार को कलेक्टोरेट में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जिपं सीईओ ऋतुराज सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण की मौजूदगी में बैठक रखी गई। बैठक में शहर के 92 व्यापारिक संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए नए-नए इनोवेशन करने की बात कहीं। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तेजकुलपाल ने कहा कि मतदान करने पर होटलों में 10 फीसदी का डिस्काउंट भी दिया जाएगा। ऐसे हो सकेंगे शामिलहर बूथ पर लकी ड्रा का एक बॉक्स रहेगा। मौके पर ही मतदाता को पर्ची मिलेगी, जो वोट डालने के बाद नाम, मोबाइल नंबर और मतदान केंद्र नंबर लिखकर बॉक्स में डालनी होगी। ड्रा में टी-शर्ट, टिफिन, लंच बॉक्स जैसे इनाम दिए जाएंगे। यदि कोई मतदाता वोट डालने के बाद घर चला भी जाता है तो उसे मोबाइल पर कॉल करके बुलाया जाएगा। दुकानों के आगे लगाएंगे पोस्टरबैनरसभी मार्केट व्यवसाय संघ ने यह निर्णय लिया कि वह अपने दुकान के आगे मतदान करने की अपील का एक बैनर लगाएंगे। डिजिटल मार्केटिंग के तहत 7 मई को मतदान करने के लिए अपील करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि उनके अधीनस्थ काम करने वाले स्टॉफ यदि वोट करके आते हैं, तो उन्हें अगले दिन सम्मानित करेंगे। ये व्यापारी संघ हुए शामिलभोपाल चेंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के अलावा एमपी होटल एसोसिएशन भोपाल, होटल एंड रेस्टोरेंट, मिष्ठान विक्रेता संघ, प्लायवुड एवं हार्डवेयर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टीम मर्चेंट एसोसिएशन, भोपाल आॅटोमोबाइल एसोसिएशन, रेडिमेड होजरी वस्त्र व्यवसाय संघ, इलेक्ट्रिकल मर्चेंट, प्लायवुड संगठन हमीदिया रोड, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भोज इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, भोपाल प्राइवेट कोचिंग वेलफेयर एसोसिएशन, कपड़ा व्यापारी संघ, टिंबर संगठन, लघु उद्योग भारती, महाराणा प्रताप व्यापारी उत्सव समेत कई संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

बनते बिगड़ते समीकरण..राजधानी में भाजपा-कांग्रेस के बीच बन गए कड़े मुकाबले के हालात

The equations are getting worse…conditions for a tough contest between BJP and Congress in the capital भोपाल। भोपाल का गढ़ बन चुकी भोपाल लोकसभा सीट में मुकाबला इस बार रोचक होता दिख रहा है। अब जबकि प्रचार में एक दिन का ही समय शेष है तब भाजपा के आलोक शर्मा और कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव के बीच कड़े मुकाबले के आसार बन गए हैं। वजह है जातीय और दलीय आधार पर मतदाताओं का लामबंद हो जाना। कांग्रेस के अरुण प्रारंभ में मुकाबले से बाहर दिख रहे थे लेकिन कायस्थ और मुस्लिम समाज के एकजुट हो जाने के कारण वे मुकाबले में आ गए। दलितों का बड़ा वर्ग भी कांग्रेस के अरुण के साथ नजर आ रहा है। दूसरी तरफ भाजपा भोपाल में बड़ी ताकत है ही। वह पिछले दो चुनाव साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीती है। ऐसे में उसकी पराजय के बारे में कोई कल्पना ही नहीं कर रहा था। भाजपा के पक्ष में ब्राह्मण वर्ग के साथ पिछड़े वर्ग की तमाम जातियां एकजुट दख रही हैं। स्पष्ट है कि माहौल भाजपा में पक्ष में भले हो, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं है। अरुण का फोकस गांवों में, आलोक हर जगहचुनाव प्रचार पर नजर डालने से पता चलता है कि कांग्रेस के अरुण का ज्यादा संपर्क ग्रामीण क्षेत्रों में है। यहां उन्हें व्यक्ितगत तौर पर लोग जानते हैं और अच्छा इंसान मानते हैं। हालांकि शहर के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और आरिफ मसूद उनके लिए काम कर रहे हैं। नरेला के विधानसभा प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने माेर्चा संभाल रखा है। उनके प्रयास से प्रभावी रोड शो हो चुका है। दूसरी तरफ भाजपा के आलोक का प्रचार हर जगह दिखता है। उत्तर भोपाल और भोपाल मध्य को छाेड़कर भाजपा का शेष 6 विधानसभा सीटों में कब्जा है। कांग्रेस की तुलना में भाजपा का संगठन भी हर गांव और बूथ तक मजबूत है। इसका लाभ आलोक शर्मा को मिल रहा है। नेताओं-कार्यकर्ताओं की फौज के कारण भाजपा प्रचार में आगे दिखती है। मुद्दों के मसले पर भी वह कांग्रेस पर भारी है। जातिगत समीकरण ही ऐसे हैं, जिनकी बदौलत कांग्रेस के अरुण मुकाबले में हैं। दो-दो विधानसभा सीटों में भाजपा एक अदद जीत के लिए तरस रही कांग्रेसभोपाल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस एक अदद जीत के लिए लंबे समय से तरस रही है। कांग्रेस हर तरह के प्रत्याशियों को आजमा चुकी लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी है। भोपाल में पहले स्व सुशील चंद्र वर्मा जीतते थे और उनकी जीत का अंतर कभी 1 लाख से कम नहीं रहा। उनके बाद उमा भारती और स्व कैलाश जोशी भी बड़े अंतर से जीते। जोशी दूसरा चुनाव 2009 में लगभग 56 हजार वोटों के अंतर से जीते थे। यह भाजपा की सबसे छोटी जीत थी। पिछले दो चुनाव तो भाजपा ने साढ़े 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते। जबकि कांग्रेस की ओर से मैदान में क्रमश: भोपाल के स्थानीय लोकप्रिय नेता पीसी शर्मा और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह थे। कांग्रेस ने लंबे समय बाद किसी कायस्थ पर दांव लगाया है। इस समाज के मतदाताओं की संख्या ढाई से तीन लाख बताई जाती है। भोपाल में आमतौर पर कायस्थ प्रत्याशी हारता नहीं है। इसलिए भी पार्टी इस बार जीत की उम्मीद कर रही है। हालांकि यह आसान नहीं है।

श्रीराम मंदिर निर्माण कर मोदी जी ने हमारा 500 वर्षों का सपना पूरा किया – रामेश्वर शर्मा 

By building the Shri Ram temple, Modi ji has fulfilled our 500-year-old dream – Rameshwar Sharma शनिवार को विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ भोपाल लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा ने हुजूर विधानसभा में जनसंपर्क किया। जनसंपर्क के दौरान रातीबड़ एवं फंदा के दो दर्जन से अधिक गाँव पहुँचे साथ ही संत हिरदाराम नगर एवं गांधीनगर मण्डल के विभिन्न क्षेत्रों में भी जनसंपर्क करने पहुँचे। इस दौरान लोकसभा प्रत्याशी आलोक शर्मा एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने लोकसभा चुनाव के लिए नागरिक बंधुओं का आशीर्वाद लिया । विधायक रामेश्वर शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ग़रीब का पक्का मकान भी बनाया ओर दूसरी तरफ़ करोड़ों हिंदुओं के आस्था का केंद्र जिसकी प्रतीक्षा हमे 500 से थी श्रीराम मंदिर का निर्माण भी कराया। श्री शर्मा ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों का कार्यकाल विकास और कल्याण को समर्पित रहा। श्री शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिक बंधुओं से आने वाली 7 मई को आलोक शर्मा को कमल के फूल के सामने वाला बटन दबाकर विजय बनाने का आग्रह किया।  रविवार को मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव का रोड शो  कोलार में विधायक रामेश्वर शर्मा में बताया लोकसभा प्रत्याशी श्री आलोक शर्मा के समर्थन में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव रविवार को शाम 7 बजे कोलार के सर्वधर्म शादी हॉल से सर्वधर्म पुल तक रोड शो कर जनता का आशीर्वाद लेंगे। मुख्यमंत्री के रोड शो के लिए कोलार में विशेष तैयारीयां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही है।

परिवर्तन की हुंकार भरते हुए कांग्रेस के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं एवम लोकतंत्र एवम वोट का अधिकार बचाने के इस चुनाव में अपना योगदान दें : जीतू पटवारी

Make the Congress candidates victorious with a huge majority by shouting for change and contribute in this election to save democracy and the right to vote: Jitu Patwari. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम की नामांकन रैली को संबोधित किया, इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे एवम पीसीसी अध्यक्ष राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के साथ झाबुआ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया जी की नामांकन रैली में सम्मिलित हुए। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के साथ धार लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी राधेश्याम मूवेल की नामांकन रैली में शामिल हुए तथा जन सभा को संबोधित किया। इंदौर ! पटवारी ने कहा कि मेरा जनता से अनुरोध है कि कांग्रेस पार्टी का समर्थन करें और झूठी गारंटी के नाम पर देश को भ्रमित करने वाली भाजपा को आईना दिखाएं।यह चुनाव संविधान और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है। भाजपा संविधान और लोकतंत्र को समाप्त करने के लिए कुचक्र तैयार कर रही है, लेकिन देश की जनता इनके मंसूबे पूरे नहीं होने देगीI पटवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने जो गारंटियों विधान सभा के चुनाव के वक्त दी थीं उनका हिसाब किताब करने का वक्त अब आ गया है। भाजपा ने जमकर इस दस साल में भ्रष्टाचार किया, इलेक्टोरल बांड्स के जरिए शराब माफियाओं से चंदा लेकर उन्हें राहत पंहुचाई गई, अब मोदी जी दस साल बाद महंगाई व बेरोजगारी की बात न करके मांस, मटन,मुसलमान,माओवादी,मंगलसूत्र इत्यादि की बात कर जनता को गुमराह करना चाहते हैं। पटवारी ने कार्यकर्ताओं एवम जनता से आग्रह किया कि भविष्य की परिस्थितियों को मन में रखकर लड़ाई सभी कार्यकर्ता लड़ें ताकि सरपंच से सांसद तक निर्वाचन के चुनाव में प्रतिनिधि को चुनने का अधिकार आपके ही पास रहे। भारतीय जनता पार्टी यदि लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है तो लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी हम सब की है इस बात को हम सबको ध्यान में रखकर चुनावी लड़ाई लड़नी है। पटवारी ने जनता से आग्रह किया कि परिवर्तन की हुंकार भरते हुए कांग्रेस के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं एवम लोकतंत्र एवम वोट का अधिकार बचाने के इस चुनाव में अपना योगदान दें।

10 लाख रुपए तक की खरीदी एमएफपी पार्क के सीईओ कर सकेंगे

CEO of MFP Park will be able to purchase up to Rs 10 lakh भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र (एमएफपी पार्क) गड़बड़झाला पर नकेल कसने की कवायत तेज कर दी है। अब बिना टेंडर कोई भी निर्माण कार्य अथवा खरीदी नहीं की जाएंगी। इसके लिए ठाकुर ने वित्तीय अधिकारों में संशोधन करते हुए पार्क के सीईओ को ₹5लाख से बढ़कर अब 10 लाख रुपए कर दिए गए हैं।संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने बताया कि अब एमएफपी पार्क के सीईओ को टुकड़ों-टुकड़ों में कार्य नहीं कराने की सख्त हिदायत दी गई है। अब अगर किसी एक ही कार्य को टुकड़े-टुकड़े में कराए जाएंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपए से अधिक और 20 लाख रुपए तक खरीदी अथवा निर्माण कार्य कराने की अनुमति संघ के प्रबंध संचालक दे सकेंगे. इसी प्रकार 20 लाख रुपए से अधिक तक वित्तीय अनुमतियां संघ के प्रशासक एवं अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया के पास है। समितियों से खरीदी करने पर जोर संघ के एमडी ठाकुर ने एमएफपी पार्क के सीईओ अर्चना पटेल को निर्देशित किया है कि अब कोई भी रॉ मटेरियल प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की एनओसी के बगैर निजी फर्म से नहीं खरीदे जाएंगे। यानि खरीदी में सबसे पहली प्राथमिकता वन उपज सहकारी समितियां को देना होगी। समितियां के इनकार के बाद ही टेंडर के जरिए निजी फर्म से खरीदी हो सकेगी। करीब 1000 वनौपज समितियां रजिस्टर्ड है। संघ ने एक पुस्तक तैयार की है जिसमें उल्लेख है कि कौन-कौन सी वनोपज कितनी मात्रा में एकत्रित की जाती है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में खासतौर से महुआ और बहेड़ा की खरीदी वनोपज सहकारी समितियों से ही की जाएगी। खरीदी के पहले ही उत्पादन प्रबंधन की अध्यक्षता वाली कमेटी एक सूची तैयार करेगी कि किन-किन औषधीय के लिए कौन-कौन से रॉ मैटेरियल कितनी मात्रा में खरीदी जाना है। इनमें से कौन-कौन से रॉ मैटेरियल किन-किन वनोपज समितियों में उपलब्ध है।

सांची दुग्ध संघ-हबीबगंज नाके से नर्मदापुरम रोड से ट्रैफिक डायवर्जन से हर दिन पांच लाख वाहन चालक हो रहे परेशान

Five lakh drivers are getting troubled every day due to traffic diversion from Sanchi Milk Union-Habibganj Block to Narmadapuram Road. भोपाल। राजधानी में चल रहे मेट्रो लाइन निर्माण काम ने लोगों का रास्ता रोक दिया है। दरअसल इस काम के चलते यातायात पुलिस की ओर से सांची दुग्ध संघ-हबीबगंज नाके से नर्मदापुरम रोड की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। इस वजह से करीब पांच लाख से अधिक वाहन चालक प्रभावित हो रहे है। इन वाहन चालकों को एक तरफ जहां तीन से चार किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। तो वहीं घंटो जाम से दो चार होना पड़ रहा है। इस काम के चलते लगभग आधा शहर में लोग परेशान हो रहे है। डेट माह से हो रहे परेशान,अभी ओर बढ़ेगी डेट भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के तहत रेल लाइन निर्माण का काम चल रहा है। इसके लिए नर्मदापुरम रोड पर हबीबगंज नाके से सांची दुग्ध संघ के बीच का रास्ता डेट माह से बंद कर दिया है। तो वहीं अभी इसकी डेट एक माह के करीब ओर बढ़ सकती है। इस प्रमुख व मेन रोड के बंद होने से पांच लाख वाहन चालक परेशान हो रहे है। तो सबसे अधिक परेशानी बसों से सफर करने वाले लोगों को जोकि बसों से ही आॅफिस, स्कूल-कॉलेज और रेलवे स्टेशन जाने में परेशानी हो रही है। वहीं बसों,ट्रैक,व अन्य वाहन चालकों को अब सांची दुग्ध संघ से कस्तूरबा अस्पताल से होते हुए, सकेत नगर, पहाड़ी वाला मंदिर से सवारकर सेतु की ओर आना पड़ रहा है। तो वहीं एमपीनगर,न्यू मार्केट या रानीकमलापति स्टेशन ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी हबीबगंज अडर ब्रिज से होते हुए,अरेरा कॉलोनी होते हुए जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छह बजे तक 63.38 फीसदी मतदान, बालाघाट-छिंदवाड़ा में 70% से ज्यादा वोटिंग

63.38 percent voting till 6 o’clock, more than 70% voting in Balaghat-Chhindwara पांच बजे तक मतदान का आंकड़ाशाम पांच बजे तक प्रदेश में 63.25 प्रतिशत मतदान हुआ। छिंदवाड़ा सीट पर सबसे ज्यादा 73.85 फीसदी तो सीधी में सबसे कम 51.24 प्रतिशत वोट पड़े। इस सीट पर इतना मतदानबालाघाट: 71.08 फीसदीछिंदवाड़ा: 73.85 फीसदीजबलपुर: 56.74 फीसदीमंडला: 68.31 फीसदीशहडोल: 59.91 फीसदीसीधी: 51.24 फीसदी

मतदान केंद्र के अंदर के फोटो वायरल करना पड़ा भारी, पीठासीन अधिकारी निलंबित

Photos from inside the polling station had to go viral, presiding officer suspende जबलपुर में मतदान केंद्र के अंदर के फोटो खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर करने पीठासीन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबलपुर। जबलपुर में जारी लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के बीच चुनावी ड्यूटी में तैनात पीठासीन अधिकारी को मतदान केंद्र के अंदर के फोटो शेयर करना भारी पड़ गया। जिसके चलते जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरअसल, मतदान केन्द्र क्रमांक 173 पर तैनात पीठासीन अधिकारी रतन कुमार ने मतदान केन्द्र के अंदर के फोटो खिंचवाकर अपने मोबाइल नम्बर से किसी वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किए थे। मामले में अधिकारियों को शिकायत मिलने पर जांच करवाई गई। जिसके बाद सेक्टर अधिकारी हेमंत अमहिया द्वारा मोबाइल फोन जब्त कर जांच की जो शिकायत सही पाई गई। वर्जित है मोबाइल का उपयोगबता दें कि मतदान केंद्र में मोबाइल फोन का उपयोग वर्जित है। नियम का उल्लंघन करने पर पीठासीन अधिकारी को निलंबित कर मतदान अधिकारी क्रमांक -1 को पीठासीन अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।

CM मोहन यादव का रास्ते में खराब हुआ प्रचार रथ, सुरक्षाकर्मियों को देना पड़ा धक्का

CM Mohan Yadav’s campaign chariot broke down on the way, security personnel had to push it भिंड ! सीएम मोहन यादव का रथ लहार चौराहे से शुरू होकर जेल रोड की तरफ आगे बढ़ा, लेकिन जैसे ही किले रोड के पास सीएम का रथ पहुंचा तभी अचानक रथ में खराबी आ गई. यह देखकर सभी के हाथ पैर फूल गए. रथ के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने सीएम के रथ को धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशिश भी की मध्य प्रदेश के भिंड में बीजेपी प्रत्याशी संध्या राय का नामांकन दाखिल करवाने पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव का रोड शो फ्लॉप हो गया. यहां रोड शो के दौरान बीच रास्ते में ही चुनावी रथ खराब हो गया. रथ को आगे बढ़ाने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने धक्का भी दिया, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका. इस बात से नाराज होकर सीएम बीच रास्ते में ही रोड शो छोड़कर रथ से नीचे उतर आए और कार में सवार होकर हेलीपैड के लिए रवाना हो गए. गुरुवार को सीएम मोहन यादव भिंड से बीजेपी की लोकसभा प्रत्याशी संध्या राय का नामांकन दाखिल करवाने के लिए भिंड पहुंचे थे. वह हेलीपैड से कार के जरिए कलेक्टर कार्यालय रवाना हुए. नामांकन दाखिले के बाद सीएम का रोड शो लहार चौराहे से शुरू हो गया. सीएम मोहन यादव रथ में सवार हो गए.सीएम का रथ लहार चौराहे से शुरू होकर जेल रोड की तरफ आगे बढ़ा, लेकिन जैसे ही किले रोड के पास सीएम का रथ पहुंचा, तभी अचानक रथ में खराबी आ गई. यह देखकर सभी के हाथ पैर फूल गए. रथ के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने सीएम के रथ को धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशिश भी की, लेकिन रथ आगे नहीं बढ़ सका सीएम रोड शो को बीच रास्ते में ही छोड़कर हेलीपैड के लिए रवाना हो गए. हालां,कि तय कार्यक्रम के तहत सीएम मोहन यादव को लहार चौराहे से रोड शो करते हुए शहर के बीचो-बीच परेड चौराहे तक पहुंचना था और यहां रथ में से ही खड़े होकर पब्लिक को संबोधित करने था, लेकिन रथ के खराब होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका. इस बारे में जब बीजेपी की लोकसभा प्रत्याशी संध्या राय से बातचीत की गई, तो उन्होंने पहले तो इस पूरी घटनाक्रम से खुद को अनभिज्ञ बताया, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि इसके वीडियो भी हमारे पास उपलब्ध है, तो उन्होंने इस बात को कबूल किया कि मशीनरी है इसलिए खराबी आ जाती है, टेक्निकल प्रॉब्लम हो जाती है. हम आपको बता दें कि सीएम का रोड शो फ्लॉप होने से पहले भी भिंड में ही बीजेपी का संयुक्त मोर्चा का कार्यक्रम भी फ्लॉप हो चुका है. पिछले दिनों भिंड में बीजेपी का संयुक्त मोर्चा का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें कार्यकर्ता ही नहीं पहुंचे. इस वजह से कार्यक्रम से खुद संध्या राय ने भी दूरी बना ली थी

प्रदेश में आज थम जाएगा पहले चरण का प्रचार, 19 अप्रैल को होगी वोटिंग

Campaigning for the first phase will end in the state today, voting will take place on April 19. मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर पहले चरण में होने वाले मतदान का प्रचार आज थम जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए चुनाव प्रचार आज शाम 6 बजे थम जाएगा, लिहाजा इन क्षेत्रों में रोड शो और रैलियां नहीं की जाएगी। जबकि बालाघाट लोकसभा क्षेत्र के बैहर, लांजी और परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रतिबंध चार बजे से लागू होगा। ऐसे में उन सभी लोगों को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ना होगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। इसके लिए होटल, लाज और धर्मशालाओं की जांच होगी। जहां राजनीतिक दलों का प्रचार थमने जा रहा है वहीं पहले चरण के मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम दौर में हैं। सुरक्षा एवं जांच समग्र रूप से की जा रही है। चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि मतदान पूरी तरह से निष्‍पक्ष एवं पारदर्शी होना चाहिये, इसी को ध्‍यान में रखते हुए मैदानी अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है। गौरतलब है कि 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, मंडला, जबलपुर, बालाघाट और छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। जिसके चलते बुधवार को शाम पांज बजे के बाद रोड शो, रैली और सभाओं पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि प्रचार-प्रसार समाप्त होने की समय-सीमा के बाद बाहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को जो उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नहीं हैं, उन्हें वह क्षेत्र छोड़ना होता है। इसके लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। पुलिस प्रशासन द्वारा होटल, लाज, धर्मशालाओं की जांच कर ऐसे लोगों को चिन्हित कर बाहर भेजा जाएगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया है तो अन्य केंद्रों पर जिला पुलिस बल रहेगा। गुरुवार को रवाना होंगे मतदान दल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण का मतदान संपन्न कराने के लिए मतदान दल गुरुवार को रवाना होंगे। रात में ही मतदान को लेकर सभी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। अभ्यर्थियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मतदान केंद्रों में पहुंचाई जाएंगी। यहां मतदान से एक घंटे पहले अभ्यर्थी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति में माकपोल होगा। 50-50 वोट डलवाए जाएंगे। बालाघाट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में चार बजे तक ही होगा मतदानबालाघाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत तीन विधानसभा क्षेत्र ऐसे आते हैं, जो नक्सल प्रभावित हैं। इनमें बैहर, लांजी और परसवाड़ा शामिल हैं। तीनों में सुबह सात से चार बजे तक मतदान होगा। बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में शाम छह बजे तक मतदान कराया जाएगा।

मोबाइल एप्प में रजिस्ट्रेशन के बाद ही करा सकेंगे नलकूप खनन

Tube well mining will be done only after registration in mobile app. भोपाल। खुले ट्यूबवेल बोर में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम ने ट्यूबवेल बोरिंग के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत एक मोबाइल एप डेवलप किया गया है। इसकी मदद से ही नया बोर किया जा सकेगा। इसके साथ प्राइवेट और सरकारी बोरिंग एजेंसियों को इस एप में रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। बोरिंग कराने वाले व्यक्ति को भी बोर के संबंध में पूरी जानकारी अपलोड करना पड़ेगी। जिसके आधार पर सरकारी एजेंसियों को बोर से संबंधित जानकारी मिल जाएगी।मोबाइल एप में नए बोर के बारे में जानकारी अपलोड करना पड़ेगी, जिसमें बोर के सफल और असफल होने के संबंध में फोटो सहित जानकारी अपलोड होगी। अगर बोर असफल हो गया है, तो उसे सुरक्षित रूप से बंद करना पड़ेगा। विभाग ने बुधवार से नए मोबाइल एप का ट्रॉयल भी शुरू कर दिया है। खुले और बंद बोर की मिलेगी जानकारी विभाग ने इस पोर्टल पर बोरिंग से जुड़ी सभी तरह की जानकारी का आप्शन रखा है। जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सभी निजी और सरकारी खुले और बंद नलकूपों की जानकारी अपलोड की जाएगी। जिससे पता चल सकेगा, कि कहां-कहां बोर हैं, जिन्हें सुरक्षित करने की जरूरत है।- बनाना पड़ेगा सीमेंटेड चबूतराबोरिंग के दौरान अगर यहां पानी नहीं निकलता है, तो उसे मिट्टी, गिट्टी सहित अन्य मटेरियल से भरना पड़ेगा। इसके साथ सीमेंट का ब्लॉक बनाकर उसे सुरक्षित करना पड़ेगा। जिसकी जानकारी फोटो के साथ मोबाइल एप पर डाली जाएगी। जल्द सामने आएगा बोरिंग का डेटा प्रमुख अभियंता केके सोनगरिया का कहना है कि विभाग ने पोर्टल के साथ मोबाइल एप भी लांच किया है। जिसमें नए बोर के साथ बोरिंग एजेंसियों को भी अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। खुले बोर की जानकारी भी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी, जिससे हादसों को रोका जा सकेगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा के लिए कब्जा बरकरार रखना कठिन, भूरिया दे रहे कड़ी टक्कर

Ground report: It is difficult for BJP to retain control, Bhuria is giving tough competition लोकसभा सीट- रतलाम: प्रत्याशी- अनीता नागर सिंह चौहान भाजपा, कांतिलाल भूरिया कांग्रेस रतलाम में भाजपा मजबूत, झाबुआ में कांग्रेस को बढ़त- अलीराजपुर में अनीता- भूरिया में बराबरी का मुकाबला भोपाल। रतलाम संभवत: पहला ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहां से भाजपा ने प्रदेश सरकार के मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान को टिकट दिया है। नरेंद्र मोदी-अमित शाह के युग में इस तरह परिवार में दो लोगों को टिकट देने की पंरपरा नहीं है। पार्टी के कई बड़े नेताओं के बेटे और परिजन टिकट का इंतजार ही कर रहे हैं। नियम तोड़ने की वजह है रतलाम सीट, जो कांग्रेस से ज्यादा कांतिलाल भूरिया का गढ़ है। भाजपा नेतृत्व किसी भी हालत में इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना चाहता है। पहले सीट का नाम झाबुआ था लेकिन 2008 में हुए परिसीमन के बाद नाम बदलकर रतलाम कर दिया गया। इसके बाद हुए चार चुनावों में से दो बार कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया जीते और दो बार भाजपा। इनमें से एक बार कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए स्व दिलीप सिंह भूिरया जीते और दूसरी बार 2019 के चुनाव में जीएस डामोर ने जीत दर्ज की। भाजपा ने कांतिलाल भूिरया को हराने वाले डामोर का टिकट ठीक उसी तरह काट दिया जैसे गुना-शिवपुरी में ज्योतिरािदत्य सिंधिया को हराने वाले सांसद केपी सिंह यादव का काटा गया।भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही अनीता नागर सिंह चौहान भिलाला आदिवासी हैं जबकि कांतिलाल भूिरया भील आदिवासी। क्षेत्र में भील समाज की तादाद िभलाला से काफी ज्यादा है। इसके अलावा झाबुआ में ईसाई मिशनियों का काम भी काफी है। दो से ढाई लाख आदिवासी धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। इसका सीधा लाभ कांग्रेस के भूिरया को मिलता है। दूसरी तरफ क्षेत्र में संघ का काम भी अच्छा है। रतलाम में विधायक चेतन कश्यप के कारण भाजपा को ताकत मिलती है। लोगों से बातचीत करने पर पता चलता है कि झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला और पेटलावद में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है लेकिन पेटलावद कांग्रेस के हाथ से निकल सकता है। रतलाम जिले की तीन सीटों में से सैलाना और रतलाम ग्रामीण में कांग्रेस- भाजपा के बीच अच्छी टक्कर है जबकि रतलाम शहर में भाजपा बढ़त में बताई जाती है। अलीराजपुर िजले के जोबट में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है जबकि अलीराजपुर में भाजपा मजबूत दिखती है। कुल मिलाकर रतलाम में भाजपा- कांग्रेस के बीच कडा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा-कांग्रेस लड़ रहे विकास के मुद्दे पर चुनाव रतलाम चूंकि आदिवासी बाहुल्य सीट है, इसलिए यहां राम मंदिर और हिंदू-मुस्िलम से जुड़े मुद्दों का ज्यादा असर नहीं है। यहां चुनाव का पहला मुद्दा आदिवासी विकास है। भाजपा और कांग्रेस दोनों बता रहे हैं कि उन्होंने इस वर्ग के लिए क्या-क्या किया है। भाजपा की अनीता केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही हैं तो कांतिलाल अपने कार्यकाल में किए कामों का प्रचार कर रहे हैं। शहरी इलाकों में जरूर राम मंदिर, धारा 370, भोजशाला जैसे मुद्दों का असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि रतलाम शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा को ज्यादा फायदा होता दिख रहा है। यहां कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की आय दोगुनी न होने जैसे मुद्दे उठा रही है। कांग्रेस घोषणा पत्र में किए वादों का भी प्रचार कर रही है। भाजपा के पास न मुद्दों की कमी है और नेताओं की। इसलिए उसका प्रचार ज्यादा व्यवस्थित और तेज दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा में कांग्रेस पर भाजपा को मामूली बढ़त रतलाम लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली 8 विधानसभा सीटों के लिए 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा को कांग्रेस पर मामूली बढ़त हािसल है। क्षेत्र की तीन विधानसभा सीटें कांग्रेस जीती जबकि भाजपा के खाते में 4 सीटें गई हैं। एक सीट सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी ने जीत कर सबको चौंका दिया था। इस तरह विधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा-कांग्रेस में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। भाजपा ने चार विधानसभा सीटें 1 लाख 4 हजार 402 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेस की तीन सीटों में जीत का अंतर 55 हजार 808 वोट रहा है। सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी 4 हजार 618 वोटों के अंतर से जीतने में सफल रही है। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से यह अंतर इतना ज्यादा नहीं है कि इसे कवर न किया जा सके। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने क्षेत्र की 8 में से 5 सीटें जीती थीं और भाजपा सिर्फ 3 में सिमट गई थी। बावजूद इसके 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस नहीं जीत सकी थी। रतलाम में तीन जिलों की विधानसभा सीटें रतलाम लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। ये जिले झाबुआ, रतलाम और अलीराजपुर हैं। लोकसभा क्षेत्र में झाबुआ जिले की तीन विधानसभा सीटें झाबुआ, थांदला, जोबट और रतलाम जिले की भी तीन रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर और सैलाना आती हैं। अलीराजपुर की दो विधानसभा सीटें जोबट और अलीराजपुर भी इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। इनमें से झाबुआ जिले की 2 और अलीराजपुर की एक सीट कांग्रेस के पास हैं जबकि रतलाम जिले की 2 और झाबुआ-अलीराजपुर की एक-एक सीट पर भाजपा का कब्जा है। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो यहां कांग्रेस ज्यादा जीती है। जब सीट का नाम झाबुआ था तब कांग्रेस के दिलीप सिंह भूरिया यहां जीतते थे लेकिन परिसीमन के बाद जब सीट का नाम रतलाम हो गया तब वे भाजपा में चले गए। इसके बाद 2009 के पहले चुनाव में कांतिलाल ने दिलीप सिंह को हरा दिया जबकि 2014 में दिलीप ने कांतिलाल को हरा कर जीत दर्ज की। दिलीप सिंह के निधन के बाद 2015 के उप चुनाव में भाजपा ने उनकी बेटी निर्मला भूरिया को टिकट दिया लेकिन वे कांतिलाल से हार गईं। सामाजिक, जातीय आधार पर होता रहा मतदान रतलाम लोकसभा सीट के कई हिस्सों में जातीय और सामाजिक आधार पर मतदान होता रहा है। इस बार भी ऐसा हो सकता है। जैसे अनीता नागर सिंह चौहान को आदिवासियों में भिलाला समाज का पूरा वोट मिलेगा और कांतिलाल भूरिया को भील समाज का। इन दोनों समाजों के वोट यहां ज्यादा हैं। झाबुआ जिले में ईसाई मिशनरियों का बड़ा नेटवर्क है। इनके प्रयास … Read more

वित्त विभाग से गैर हाजिर होकर वन मंत्री के लिए ओएसडी के रूप में काम करने वाले चौहान को निलंबित करने मुख्य सचिव को लिखा पूर्व विधायक ने पत्र

The former MLA wrote a letter to the Chief Secretary to suspend Chauhan who was working as OSD for the Forest Minister while being absent from the Finance Department भोपाल। पूर्व विधायक एवं संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर समरीते ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वित्तीय सेवा के अधिकारी रणजीत सिंह चौहान को निलंबित कर जांच करने की मांग की। पूर्व विधायक समरीते ने पत्र लिखा है कि चौहान वित्त विभाग से गैरहाजिर होकर वन मंत्री नागर सिंह चौहान के लिए अनाधिकृत तौर पर ओएसडी के रूप में काम कर रहे हैं। चौहान स्वयं को ओएसडी बता कर  विभाग के सीनियर आईएफएस अधिकारियों से लेकर डीएफओ तक पर दबाव डालकर अपनी मनमर्जी से काम करवा रहे हैं।  पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को लेकर पत्र में कहा है कि  रणजीत सिंह चौहान वित्तीय सेवा अधिकारी जिसकी सेवाएं प्रमुख सचिव वित्त विभाग द्वारा  अभी तक विधिवत तौर पर प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को स्थानांतरित नहीं की है। दिलचस्प पहलू यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी इनके द्वारा वन मंत्री के जरिए भिजवाई गई ओएसडी बनाने संबंधित नोटशीट को भी वापस कर दी गई है। इन सबके विपरीत रणजीत सिंह चौहान वित्त अधिकारी, अनाधिकृत तौर पर विशेष कर्तव्य अधिकारी, वन मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। यह मामला पद एवं अधिकारों के दुरूपयोग एवं कदाचरण  का है तथा गंभीर जांच का विषय है।  पूर्व में भी इनके खिलाफ की गई थी शिकायतें  पूर्व में  इनके विरूद्ध श्रीनिवास मूर्ति सदस्य सचिव जैव विविधता बोर्ड की शिकायत पर भी शासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। अपर मुख्य सचिव केके सिंह के वित्तीय सलाहकार रहते हुये इनके द्वारा अपने लिये लग्जरी कार की मांग एवं अतिरिक्त वित्तीय लाभ लेने के कारण हटाये गये थे। बीजनेस रूल का हवाला देते हुये गलत तरीके से शासन में बैठे अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन करवाने के पीछे भी चौहान ही मुख्य सूत्रधार थे। इस मुद्दे पर तत्कालीन वन मंत्री उमंग सिंघार और अतिरिक्त मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव के बीच विवाद ब्यूरोक्रेसी में खूब उछला था और मामला अभी भी जांच के लिये लंबित है।   पूर्व विधायक ने लगाए कथित रूप से पैसे लेने का आरोप  अपने पत्र में पूर्व विधायक ने सिवनी सीसीएफ  एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारी एसएस उद्दे की प्रमाणित शिकायत पर जांच को प्रभावित करने तथा निलंबन नहीं करने में 20 लाख रूपये लिये गये। इसी तरह बालाघाट के प्रभारी मुख्य वन संरक्षक सेंगर को टीकमगढ़ में वन मण्डलाधिकारी रहते हुये चैन लिंक (बारवेड) एवं अन्य खरीदी में निलंबन से बचाने 50 लाख रूपये लिये तथा उसे बालाघाट में प्रभारी मुख्य वन संरक्षक बना दिया गया। बालाघाट डीएफओ  अभिनव पल्लव वन मण्डलाधिकारी उत्तर वन मण्डल सामान्य के विरूद्ध शिकायत में सप्लाई तथा खरीदी में लाखों के फर्जी भुगतान में निलंबन से बचाने के लिए  रिश्वत के रूप लाखों रुपए लिये गये। यह अत्यंत गंभीर मामला है। अंत में समरीते ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि आप इस मामले की जांच करवाकर विशेष कर्तव्य अधिकारी रणजीत सिंह चौहान को तत्काल निलंबित कर इसकी सेवायें वित्त विभाग को वापिस करने तथा इसकी सम्पत्ति की जांच करवाएं।

पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी दोषमुक्त होगे

Chief Secretary Iqbal Singh Bains will also be acquitted भोपाल। उज्जैन हवाई पट्टी के किराये को वसूल न करने के मामले लोकायुक्त प्रकरण में अब पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी दोषमुक्त होंगे। इस मामले में आईएएस अधिकारी अनिरुध्द मुखर्जी सहित तीन आईएएस पहले ही दोषमुक्त हो चुके हैं।  दरअसल उज्जैन हवाई पट्टी को एक निजी एजेंसी यश एयरवेज को वर्ष 2006 में प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु ठेके पर दिया गया था तथा अनुबंध की शर्तों में हवाई पट्टी का का उसे उपयोग करने की अनुमति थी। परन्तु एक शिकायत पर लोकायुक्त ने इसमें अपराध पंजीबध्द कर आठ से अधिक तत्कालीन कलेक्टरों को आरोपी बना दिया था। इस मामले में विमानन विभाग के तत्कालीन मुखिया अनिरुध्द मुखर्जी एवं इकबाल सिंह बैंस के खिलाफ लोकायुक्त ने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिख दिया था कि दोनों ने उक्त आठ तत्कालीन कलेक्टरों को बचाने का प्रयास किया। इस पर सामान्य प्रशासन विभाग ने अनिरुध्द मुखर्जी को कारण बताओं नोटिस जारी किया था, जिस पर मुखर्जी ने जो जवाब पेश किया उससे संतुष्ट होकर सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। अब इकबाल सिंह बैंस को भी इसी आधार पर दोषमुक्त किया जायेगा। इधर आठ कलेक्टरों के खिलाफ लोकायुक्त ने अभियोजन की स्वीकृति राज्य शासन से मांगी है। लेकिन इसमें स्वीकृति मिलना इसलिये कठिन है क्योंकि इकबाल सिंह बैंस ने केबिनेट से 10 मई 2021 को अप्रूवल ले लिया था कि उज्जैन हवाई पट्टी का उपयोग करने की चयनित एजेन्सी को उपयोग करने की अनुमति थी। इसलिये किराया न वसूलने की बात बेमानी है क्योंकि जिसे हवाई पट्टी ठेके पर देते हैं उससे किराया नहीं लिया जाता है। क्या था मामला बहुचर्चित उज्जैन हवाई पट्टी घोटाले में नई सरकार के आने के बाद नए सिरे से पड़ताल शुरू हुई है। इस बार जांच के दायरे में पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का भी नाम आया है। उज्जैन के देवास रोड पर दताना-मताना हवाई प‌ट्टी है। लोकायुक्त संगठन ने इस हवाई पट्टी की लीज और पार्किंग शुल्क में आर्थिक गड़बड़ी का मामला दर्ज किया हुआ है। कुछ आइएएस अफसर इस केस में पहले से ही आरोपी हैं। इकबाल सिंह बैंस के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद केस की फाइल पर पड़ी धूल हटाई गई तो घोटाले के रन वे पर नया नाम उभर आया। सरकार ने यह हवाई पट्टी 2006 में यश एयरवेज और सेंटॉर एविएशन एकेडमी इंदौर को लीज पर दी थी। राज्य सरकार और कंपनी के बीच 7 साल के लिए अनुबंध हुआ था। दो वर्ष बाद ही इसकी लीज अवधि को 10 वर्ष कर दिया गया। लोकायुक्त संगठन ने इस समय वृद्धि को अनुचित माना है। अवधि बढ़ाने का आदेश तत्कालीन विमानन सचिव इकबाल सिंह बैस ने किया। एयरवेज को नाइट पार्किंग के लिए 5 हजार 700 किलो वजनी विमानों के लिए 100 रुपए चुकाने थे। इससे ज्यादा वजनी विमानों के लिए यह चार्ज 200 रुपए था, लेकिन कंपनी ने यह रकम सरकार को नहीं दी। वर्ष 2016 में अनुबंध समाप्त हो गया और कंपनी से पार्किंग शुल्क की वसूली तय हुई। तब 10 मई 2021 को केबिनेट में प्रस्ताव लाकर पार्किंग शुल्क माफ किया गया। यह प्रस्ताव बतौर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस न रखा। केबिनेट से यह प्रस्ताव छलपूर्वक मंजूर करवाया गया। शिवराज के विश्वसनीय रहे हैं इकबाल 1985 बैच के आइएएस इकबाल सिंह बैंस को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विश्वसनीय अफसर माना जाता है। बैस कृषि, उद्यानिकी, ऊर्जा, विमानन, आबकारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य जैसे विभागों में काम कर चुके हैं। सीहोर, खंडवा, गुना और भोपाल के कलेक्टर भी रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव, प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। जब जुलाई 2013 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर संयुक्त सचिव बनकर चले गए थे, उन्हें भाजपा सरकार बनने के बाद अगस्त 2014 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र से विशेष आग्रह करके वापस बुलाया था।

हमीदिया अस्पताल: नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगी ओपीडी, 100 मीटर के दायरे में होंगी सभी सुविधाएं

Hamidia Hospital: OPD will be shifted to the new building, all facilities will be within 100 meters radius सोमवार से ऑर्थोपेडिक्स विभाग की ओपीडी एच 1 बिल्डिंग में होगी संचालित  भोपाल। हमीदिया अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब जांच, इलाज के साथ भर्ती जैसी सुविधाओं के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। अब मरीजों को अस्पताल की सारी सुविधाएं 100 मीटर के दायरे में ही मिल जाएगी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन और ट्रॉमा इमरजेंसी बिल्डिंग में संचालित ओपीडी को नई बिल्डिंग यानि एच 1 और एच 2 ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। इसकी शुरूआत सोमवार से की जाएगी। सोमवार को ऑर्थोपेडिक्स विभाग की ओपीडी एच 1 बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित होगी। इसके बाद अन्य विभागों की ओपीडी को चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट कर दिया जाएगा। मालूम हो कि हमीदिया अस्पताल में करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से 11 मंजिला नए ओपीडी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। यह ब्लॉक अस्पताल के पुराने भवनो की जगह तैयार किया जाना है। ऐसे में पुराने अस्पताल के भवन के एक हिस्से को पूरी तरह से तोड़ा जा चुका है, अब दूसरे हिस्से को तोड़ा जाएगा। इसी हिस्से में ओपीडी संचालित होती है, यही कारण है कि ओपीडी को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। मरीजों को यह होगी सुविधा अस्पताल प्रबंधन के इस कदम से मरीजों को खासा फायदा होगा। दरअसल अभी अस्पताल में ओपीडी, रजिस्ट्रेशन, ब्लड बैंक, दवा लेने और वार्ड तक जाले में मरीजों को करीब एक किलोमीटर का फासला तय करना होता है। यही नहीं 11 मंजिल पर स्थित वार्ड में भर्ती मरीजों को बिलिंग के लिए गेट के पास बने रजिस्ट्रेशन सेंटर आना पड़ता है। अब यह सारी व्यवस्थाएं मरीजों को एक ही जगह पर ही मिल जाएंगी। एमआरआई और कैथलैब का प्लान नहीं ओपीडी शिफ्टिंग का प्लान को तैयार कर लिया गया है, लेकिन पुराने भवन में स्थित एमआरआई, सीटी स्कैन के सथ कैथ लैब की शिफ्टिंग का कोई प्लान नहीं है। इन सभी सुविधाओं की शिफ्टिंग में तीन से चार महीने का वक्त लगता है। यही नहीं इसमें भारी भरकम खर्च भी होता है। ऐसे में अगर बिल्डिंग टूटती है तो इन सुविधाओं को बंद करना पड़ेगा, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना होगा। गिरी फॉलसीलिंग हमीदिया अस्पताल के एच1 ब्लॉक के सेकेंड फ्लोर पर ओटी कॉम्प्लेक्स कॉरीडोर की फाल्स सीलिंग गिर गई। घटना गुरुवार को चली तेज हवाओं और आंधी के चलते हुई है। इन घटनाओं से 750 करोड़ रुपए में बने नए भवनों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे है। हमीदिया अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए ओपीडी शिफ्ट की जा रही है। मरीजों को सभी सुविधाएं आस पास ही मिले ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही है।

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये किलो में खरीदा, 30 लाख से अधिक का गड़बड़झाला

Guggal worth Rs 930 per kg bought for Rs 1700 per kg, fraud worth more than Rs 30 lakh भोपाल। अपर मुख्य सचिव वन जेएन कंसोटिया का संरक्षण होने की बदौलत ही लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर भी एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला को नहीं रोक पा रहे हैं। ताजा मामला गुग्गल खरीदी का प्रकाश में आया है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ने टेंडर की दर से न खरीदकर आर्यन फार्मेसी से ₹1700 किलो की दर से खरीदी की है। सूत्रों ने बताया कि एमएसपी पार्क के प्रबंधक ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी ना करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी के सीईओ प्रसन्ना फुलझले हटने के बाद से प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार मनमानी बढ़ गई है। यहां तक कि फुलझले की जगह प्रमोट आईएफएस अर्चना पटेल को डमी के रूप में सीईओ बनाया गया है। पार्क के अधिकारी और कर्मचारी इसकी मुख्य वजह भी एसीएस से मिल रहे हैं संरक्षण को बताया जा रहा है। एमडी के आदेश का ही नहीं हो रहा पालन लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु 15 दिन से अधिक का समय बीत गया, अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। मिश्रा को भंडारण से संबंधित दस्तावेज उत्पादन प्रबंधन द्वारा नहीं दिए जा रहे हैं। दस्तावेज मांगने के लिए अभी तक मिश्रा ने करीब चार रिमाइंडर सुनीता अहिरवार को भेज चुके हैं। इसकी जानकारी भी एमडी को भेजी गई है किंतु वहां से भी किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। यही नहीं विद्या निनारे को भंडार में रा मटेरियल जाँच करने के मौखिक निर्देश प्रबंध संचालक और सीईओ ने मीटिंग में सबके सामने दिये थे। उस मीटिंग में सुनीता अहीरवार भी मौजूद थी फिर भी अपने भ्रष्टाचार को छुपाने और एसीएस वन से जानपहचान की धुन में नियमों को भी धता बता रही है। नरेंद्र नागर पर क्यों मेहरबान है केंद्र के अफसर एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी के सीईओ से लेकर प्रबंधक तक उन पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान है। पिछले एक दशक से एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी में कंस्ट्रक्शन, फेब्रिकेशन, पुताई कार्य से लेकर दवाइयां के रॉ मैटेरियल प्रदाय करने का ठेका तक के वर्क आर्डर नरेंद्र नागर को दिया जाता है। जबकि उनका मूल काम कंस्ट्रक्शन का है। नियमों की अनदेखी कर नरेंद्र नागर के कंस्ट्रक्शन फर्म को बिना टेंडर कोटेशनों के आधार पर लाखों रुपए के कार्य दिए जा रहे हैं। वर्तमान में उनके द्वारा मेंटेनेंस का कार्य किया गया है, जो कि लगभग 30 से 35 लाख रुपए की बिलिंग हो चुकी है। चर्चा है कि अधिक कमीशन पर उन्हें काम दिए जा रहे हैं। हद तो तब है जब विंध्या हर्बल में कंस्ट्रक्शन वर्क हो या पुताई का कार्य या फिर फेब्रिकेशन के कार्य कोई भी अन्य एजेंसी ही क्यों न करें लेकिन बिल नागर के फर्मो के नाम पर ही बनता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कैलाश रघुवंशी की होती है। आर्यन फार्मेसी का एकाधिकार पिछले एक दशक में एमएसपी पार्क में आर्यन फार्मेसी अथवा सिस्टर कंसर्न का एकाधिकार रहा है। दवाइयां को बनाने के लिए जो भी संबंधित रॉ मटेरियल खरीदे जाते हैं, उसमें 70 से 80% रॉ मैटेरियल आर्यन फार्मेसी के ही होते हैं। हालांकि फेडरेशन के एमडी ठाकुर दावा कर रहे हैं कि वह व्यवस्था को बदलने में जुटे हैं। यानी उनके अनुसार अब भविष्य में गड़बड़ियों की गुंजाइश बहुत कम रहेगी। बावजूद इसके, जांच के नाम पर फेडरेशन के एमडी को सिर्फ खाली गुमराह किया जा रहा है।

कलेक्टर भिंड विधायक के इशारे पर कर रहे हैं काम, निर्वाचन आयोग से शिकायत

Collector is working on the instructions of Bhind MLA, complaint to Election Commission भोपाल।  पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव की भाजपा के पक्ष में कार्य करने की अनेक शिकायतें करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में श्रीवास्तव द्वारा चुनाव प्रभावित कर रहें है। नेता – प्रतिपक्ष डॉ सिंह का आरोप है कि भिण्ड जिले में सिन्ध नदी से रेत (बालू) का अवैध उत्खनन भाजपा के नेताओं से मिलकर लहार थाने के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक उप्र में ले जाकर बेची जा रही है। रेत माफियाओं के लठेतों द्वारा इन्ट्री के नाम से प्रति ट्रक 10 हजार व प्रति ट्रेक्टर ट्राली 2 हजार रूपये वसूल की जा रही है। जिसका उदाहरण भिण्ड नगर में रेत माफियाओं के लठैतो को इन्ट्री फीस न देने पर 3 अप्रैल 24 को 26 वर्षीय नवयुवक शिवमसिंह तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा है कि लहार क्षेत्र के स्थानीय विधायक के सजातीय थाना प्रभारियों की पदस्थापना कर दी गई है। इन थाना प्रभारियों की रिश्तेदारियां भाजपा के नेताओं से है। जिससे पुलिस के माध्यम से मतदाताओं में भय बनाया जा रहा है। चुनाव को प्रभावित करने हेतु क्षेत्र के काग्रेस कार्यकर्ताओं पर असत्य अपराध पंजीबद्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। काग्रेस कार्यकर्ताओं पर काग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने का दबाव डाला जा रहा है।  दांगी सहकारी संस्थाओं को बनाया खरीदी केंद्र वरिष्ठ नेता सिंह का कहना है कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने स्थानीय विधायक के आदेश से जिन सहकारी संस्थाओं को मप्र में उत्कृष्ठ होने से सम्मानित किया गया उन्हें गेहूँ, सरसों आदि अनाजों का खरीदी केन्द्र नहीं बनाया। इसकी वजह यह है कि इन संस्थाओं पर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष है। यह भिण्ड जिले की सर्वोत्तम संस्थाएं है। बीजेपी विधायक के इशारे पर अनेकों ऐसी संस्थाओं को खरीदी केन्द्र बनाया, जिनके कर्मचारियों पर गबन तथा संस्था की राशि वसूली होने के साथ-2 लाखों रूपये के घाटे में चल रही है।

1479 करोड़ के बजट के बंटवारे का अधिकार हाथ से छीनने के भय से ठेके पर देने में वन विभाग कर रहा है ना-नुकुर

The Forest Department is reluctant to give the right to distribute the budget of Rs 1479 crore on contract due to the fear of snatching it away. भोपाल। राज्य शासन को अपने एक आदेश का पालन कराने के लिए अब तक एक के बाद एक, चार आदेश जारी करना पड़े। इसके बाद भी उस पर क्रियान्वयन होने में 6 महीने का समय और लग सकता है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि वन विभाग के कैंपा शाखा और विकास शाखा में पदस्थ पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि रिटायरमेंट के पहले ही बजट बांटने का अधिकार उनके हाथ से निकल जाए। यही वजह है कि मैन्युअल और शर्तों के निर्धारण की आड़ में पीसीसीएफ द्वय टेंडर प्रक्रिया से वानिकी कार्य कराने संबंधित आदेश का क्रियान्वयन अक्टूबर-नवंबर तक टालने की उधेड़बुन में लगे हैं। अक्टूबर में पीसीसीएफ महेंद्र सिंह धाकड़ (कैम्पा) और नवंबर में पीसीसीएफ (विकास) उत्तम कुमार सुबुद्धि सेवानिवृत होने जा रहे हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि अंधा बांटे रेवड़ी….की तर्ज पर कैंपा शाखा 959 करोड़ और विकास शाखा 520 करोड रुपए का बंदरबांट किया जाता है। प्रदेश में वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ जंगलों की सुरक्षा और बढ़ते अपराध पर रोकने की दिशा में पूरा अमला मुस्तैद रहे। इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन ने वन विभाग में अधोसंरचना निर्माण कार्य, पशु अवरोधक दीवार से लेकर वारवेड वायर एवं चैनलिंक फेंसिंग और पॉलीहाउस आदि के कार्य निविदा बुलाकर कराने का पहला आदेश 29 मई 23 को प्रसारित किया था। जबकि इसकी स्क्रिप्ट 29 अप्रैल 22 को लिखी गई थी। तत्कालीन वन मंत्री डॉ विजय शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभाग के सभी अधिकारियों को निविदा बुलाकर वानिकी कार्य करने के निर्देश दिए थे। यहीं नहीं, शाह ने विकास शाखा के तत्कालीन प्रमुख चितरंजन त्यागी को इसके लिए नियम और शर्तें बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। चूंकि त्यागी अक्टूबर 22 में रिटायर होने वाले थे, इसलिए नियम बनाने में टालमटोल करते रहे। उनके सेवानिवृत्ति के बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। जब एसीएस जेएन कंसोटिया ने वन विभाग का दायित्व संभाला तब फिर से निविदा बुलाकर कार्य करने संबंधित फाइल मंत्रालय में मूव होने लगी। 29 मई 23 को शासन ने पहला आदेश जारी किया कि 2 लाख के कार्य विभागीय रूप से किया जाएगा। विभागीय अधोसंरचना निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग के निर्माण कार्यों की दरों के आधार पर वन विभाग अपने मैन्युअल के आधार पर कराए। 31 दिसंबर तक निविदा प्रक्रिया के स्थान पर विभाग में पुरानी व्यवस्था अनुसार निर्माण कार्यों की अनुमति दी जाती है। 1 जनवरी 24 से जो भी कार्य प्रारंभ हो, उन्हें निविदा प्रक्रिया के उपरांत कराए जाएं। विभागीय अफसरों ने नहीं दिखाई रुचि वन बल प्रमुख से लेकर कैंपा शाखा और विकास शाखा के प्रमुख तक शासन के आदेश के क्रियान्वयन में कोई रुचि नहीं दिखाई। 31 दिसंबर 23 तक पूर्व वन बल प्रमुख आरके गुप्ता चाहते थे कि उनके सेवानिवृत होने के बाद इस पर क्रियान्वयन हो। यही वजह रही कि शासन के 29 में 23, 17 अगस्त 23 और 19 अक्टूबर 23 को जारी आदेश का क्रियान्वयन नहीं हो पाया। इस बीच सभी पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों ने एक प्रेजेंटेशन बनाकर अपर मुख्य सचिव कंसोटिया को सौपा। इसमें निविदा से कार्य करने की तमाम सारी विसंगतियां बताई गई थी। बताते हैं कि कंसोटिया भी विभाग के शीर्ष अधिकारियों के तर्क पर सहमत हो गए थे। निविदा से कार्य करने का मामला ठंडा पड़ चुका था। अचानक 7 मार्च 24 को कंसोटिया ने फिर से आदेश जारी करने का हुक्म अपने मातहत को दिया। आदेश जारी होते वन भवन से फील्ड तक में हड़कंप मच गया। वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव और उनके सिपहसालार पीसीसीएफ सक्रिय हुए। वन बल प्रमुख ने आनन-फानन में पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इसके लिए वन विभाग एक मैन्युअल और शर्ते बनाए। ऐसा करने में 6 महीने का समय निकल जाएगा और तब तक 1479 करोड़ रुपए का 30% बजट पहले त्रेमासिक के लिए पुरानी व्यवस्था के आधार पर चहेते डीएफओ को अपने मन माफिक बजट आवंटित कर दिया जाएगा। बैठक में ही उपस्थित एक सीनियर आईएफएस अधिकारी का कहना है कि मैन्युअल और शर्ते बनाने में अधिक से अधिक 1 महीने का समय लग सकता है। प्रदेश में आचार संहिता लागू है। ऐसे में अफसर चाहे तो 15-20 दिन में ही मैन्युअल और निविदा की शर्ते से बना सकते है। चर्चा है कि कैंपा और विकास शाखा में पदस्थ से पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि उनके रिटायरमेंट के पहले शासन के आदेश पर क्रियान्वयन हो।

भाजयुमो ने प्रदेश के सभी मंडलों पर मनाया भाजपा स्थापना दिवस

BJYM celebrated BJP Foundation Day in all the divisions of the state भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार ने भोपाल में वार्ड क्रमांक 50 के बूथ क्रमांक 202 पर महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई व कार्यकर्ताओं के यहां घर-घर पार्टी का झंडा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता कर नमो ऐप के माध्यम से डोनेशन किया।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा ही संगठन के भाव को समर्पित संगठन है। राष्ट्र सेवा और जन सेवा ही हमारे मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक यथा संभव माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागी बनकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रदेशभर में स्थापना दिवस मनाया है और माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह स्थापना दिवस हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा को निरंतर मिल रहे अपार जनसमर्थन के साथ हम सभी को मिलकर मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए अपनी भूमिका निभाना है। प्रदेश अध्यक्ष ने इंदौर संभाग में की बैठक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार शनिवार को इंदौर पहुंचे और उन्होंने इंदौर संभाग के युवा मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बीते चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसका उल्लेख हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरे मन से किया था। हमें इस बार भी लोकसभा चुनाव में दोगुनी ताकत के साथ संगठन कार्यों को सिद्धि तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि हम सभी कार्यकर्ताओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में एक सशक्त नेतृत्व मिला है। आज विदेशों में भी भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अंत्योदय की बात हमारे महापुरुषों ने सोची थी आज उसे मोदी जी के नेतृत्व में हम पूरा होते देख रहे हैं। इसलिए हम सभी मोर्चा कार्यकर्ताओं का भी ये दायित्व बनता है कि हम लाभार्थियों से संपर्क करें उन तक मोदी जी की राम राम भी पहुंचाएं और बदलते भारत की चर्चा युवाओं के साथ करें। उन्होंने कहा कि नवमतदाताओं को इस बात से जरूर अवगत कराएं कि कांग्रेस शासन में देभ की स्थिति क्या थी और मोदी जी के नेतृत्व में आज स्थिति कितनी बदल गयी है।

पिछले साल से टैक्स वसूली में लक्ष्य से पिछड़ा नगर निगम, आखिरी दिन वसूले 14 करोड़

Municipal Corporation lagged behind the target in tax collection since last year, recovered Rs 14 crore on the last day जोनल अधिकारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, दो वार्ड प्रभारी और दो प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को आयुक्त ने किया नोटिस जारी भोपाल। नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष के आखिरी दिन 14 करोड़ से अधिक की राजस्व वसूली की। इस तरह निगम ने इस साल करीब 350 करोड़ से ज्यादा की वसूली की, जो तय आंकड़े से करीब 75 करोड़ कम है। दरअसल नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2023.24 के लिए 425 करोड़ की वसूली का लक्ष्य रखा थाए लेकिन पूरे साल सरकारी योजनाओं पर काम करने के चलते राजस्व अमला तय लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया। रविवार को वसूली का आखिरी दिन था, लिहाजा निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने राजस्व वसूली कार्य का औचक निरीक्षण किया और जोनल अधिकारियों एवं वार्ड प्रभारियों से विभिन्न मदों में की गई राजस्व वसूली व बकायादारों से किए गए संपर्क आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की और अधिक से अधिक राजस्व वसूली करने तथा करों की अदायगी करने आने वाले करदाताओं को राजस्व भुगतान सुविधापूर्ण ढंग से कराने के निर्देश दिए। इसके चलते निगम कार्यालय करीब रात नौ बजे तक खुले रहे। जोनल अधिकारी और वार्ड प्रभारी को जारी किया नोटिसनिगम आयुक्त ने वार्ड क्र. 35 बरखेड़ी में वार्ड कार्यालय के आसपास कचरे के ढ़ेर पाए जाने और नालियां कचरे से भरी हुई पाए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जोन 07 योगेश दुबे, वार्ड प्रभारी वार्ड क्रं. 35 अहसान अली एवं प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वार्ड क्रं. 35 दीपक जैनवार को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। निगम आयुक्त नारायन ने वार्ड क्रं 23 में राजस्व एवं सम्पत्तिकर वसूली संतोषजनक न पाए जाने, वार्ड में उपस्थित कर्मचारियों द्वारा वसूली संबंधी जानकारी उपलब्ध न करा पाने तथा वार्ड कार्यालय में समुचित साफ-सफाई व्यवस्था नहीं होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए जोनल अधिकारी जोन क्रं 05 राजभान त्रिपाठी एवं वार्ड प्रभारी वार्ड क्रं. 23 एहसान रजा जैदी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। निगम आयुक्त नारायन ने जोन क्रं. 05 के अंतर्गत वार्ड 19 में निरीक्षण के दौरान बालविहार रोड स्थित बालविहार शॉपिंग काम्प्लेक्स के समीप एवं नाले के पास एवं अंदर कचरे के ढेर पाए जाने पर प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वार्ड 19 अनिल कुमार श्रवण को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को फिर एक वर्ष की सेवावृद्धि

Principal Secretary of State Assembly AP Singh gets one year extension in service 31 मार्च को समाप्त हो गई थी पहली सेवावृद्धि की अवधि, एक अप्रैल से फिर दी गई। भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह अभी यह दायित्व संभालते रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने उन्हें फिर एक वर्ष के लिए सेवावृद्धि दी गई है। वहीं, लोकसभा सचिवालय के संचालक अरविंद शर्मा की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर लेकर उन्हें विधानसभा का सचिव बनाया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि हमारे यहां अधिकारियों की कमी है। सचिव पर पर शिशिर चौबे की संविदा नियुक्ति दी गई थी पर उनकी अवधि समाप्त होने के बाद से सचिव का पद रिक्त था।विधानसभा अध्यक्ष ने प्रयास कर लोकसभा सचिवालय के संचालक अरविंद सिंह की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर ली हैं। उन्हें सचिव पद पदस्थ किया है। वहीं, अपर सचिव के चार पद हैं। एक पद पर वीडी सिंह पदस्थ हैं, जो सचिवालय के अधिकारी हैं।राज्य वित्त सेवा के अधिकारी वीरेंद्र कुमार की सेवाएं विधानसभा सचिवालय में अपर सचिव पद पर समाहित कर ली गई हैं तो एक पद पर प्रतिनियुक्त पर आए राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी उमेश शर्मा पदस्थ हैं।एक पद का प्रभार पुनीत श्रीवास्तव के पास है। उप सचिव स्तर के तीन पद रिक्त हैं। इन स्थितियों को देखते हुए विधानसभा सचिवालय ने शासन की नीति के अनुसार पात्रता रखने वाले कुछ अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया है।

लघु प्रसंस्करण और अनुसंधान केंद्र के लेखों में गड़बड़झाला, प्रबंधक को फटकार, अकाउंटेंट की वेतन वृद्धि रोकी

Irregularities in accounts of Small Processing and Research Center, manager reprimanded, increment of accountant stopped भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी के लेखा-जोखा में गड़बड़झाला और भंडार क्रय नियमों के घोर उल्लंघन किए जाने पर जहां उत्पादन प्रबंधको को फटकार लगाई वहीं लेखा प्रभारी नंदलाल कुशवाहा की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये।संघ के पूर्णकालिक प्रबंध संचालक बनने के बाद से ही विभाष ठाकुर एक्शन मूड में नजर आने लगे हैं। सूत्रों ने बताया कि एमडी ठाकुर ने शुक्रवार को प्रशासन केंद्र पहुंचे और निरीक्षण के दौरान केंद्र में टुकड़ों -टुकड़ों में ख़रीदी के बिल वाउचर की जांच करते हुए गड़बड़ी पकड़ी। यह बात अलग है कि एमडी प्रशासन मनोज अग्रवाल के पत्र में उठाए गए गड़बड़ियों की जांच की शुरुआत नहीं हो पाई है। केंद्र में जांच के नाम पर समिति दर समितियां का गठन किया जा रहा है। इन समितियां में भी ऐसे लोगों को शामिल किया जा रहा जो खुद ही संदेह के दायरे में है। जैसे रॉ मैटेरियल समिति में जिस डॉ संजय शर्मा को शामिल किया गया है, वह स्वयं रॉ मटेरियल के मुख्य सप्लायर आर्यन फ़ार्मेसी डायरेक्टर का सहयोगी है। जबकि जांच भी आर्यन फ़ार्मेसी प्रदाय किए गए रॉ मटेरियल की होनी है। ऐसे में समितियां का गठन और जांच केवल रस्म अदाएगी तक सीमित रह जाएगी। उल्लेखनीय बात ये है कि विगत कई वर्षों का उत्पादन रिकॉर्ड और गुणवत्ता जांच रिकॉर्ड की ज़िम्मेदारी डॉ संजय शर्मा और डॉ विजय सिंह और उत्पादन प्रबंधक की थी वो रिकॉर्ड ग़ायब है या बनाये ही नहीं गये। इस पर 28 मार्च को मीटिंग में एसीएस जेएन कंसोटिया ने भी गंभीर आपत्ति ली और जांच कर संबंधित पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे। लेकिन इसके उलट, जो जांच के दायरे में है, उन्हें ही समितियों में शामिल किया जा रहा है।उत्पादन प्रबंधन को लगाई फटकारसंघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी की कार्यप्रणाली को लेकर शुक्रवार को बैठक ली। बैठक उन्होंने केंद्र के आय-व्यय और ख़रीदी प्रक्रिया के अलावा उत्पादन प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रश्न उठाये तथा उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहीरवार को फटकार लगाई। उत्पादन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिये सख़्त निर्देश दिये है। ठाकुर ने उत्पादन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिये स्टोर वेरिफिकेशन समिति और कार्य आवंटन को लेकर सख़्त निर्देश केंद्र के सीईओ पीएल फूलजले को दिये है।जांच अधिकारी मिश्रा को नहीं दिए जा रहे हैं दस्तावेजकेंद्र में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रहे दागी एसीएफ मणि शंकर मिश्रा को प्रभारी उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहिरवार जान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कर रहीं है। दस्तावेज मिलने की प्रत्याशा में जांच प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई है। प्रभारी उत्पादन प्रबंधक अहिरवार को पत्र लिखकर से मिश्रा ने बिंदुवार जानकारियां मांगी है। कय किये गये दूध, लहसुन, अदरक, निबू आदि कय किये गये सामग्री की राशि व सभी वाउचरों की छायाप्रति प्रस्तुत करें।

हर्षोल्लास के साथ मनाई गई रंग पंचमी, दिग्विजय सिंह ने जमकर उढ़ाया रंग-गुलाल

Rang Panchami celebrated with great enthusiasm, Digvijay Singh spread colors with gusto होली के पांचवे दिन रंग पंचमी मनाया जाता है. इस दिन लोग जमकर रंग गुलाल खेलते हैं और एक-दूसरे से मिलकर पुराने गिले शिकवे दूर करते हैं. वहीं राजधानी भोपाल में भी हर्षोल्लास के साथ रंग पंचमी मनाई गई. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी प्रोग्राम में शामिल हुए और जमकर रंग-गुलाल खेला. भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के त्योहार के बाद सबसे ज्यादा हर्ष और उल्लास से मनाया जाने वाला पर्व रंग पंचमी है. जो होली से पांच दिन बाद मनाया जाता है. रंग पंचमी पर राजधानी भोपाल के साथ-साथ मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में सबसे ज्यादा धूमधाम से रंग पंचमी मनाई जाती है. शनिवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इंदौर में रंग पंचमी के मौके पर निकलने वाली गैर में शामिल हुए हैं. ऐसा करने वाले वह पहले मुख्यमंत्री हैं, जो उज्जैन के गेर में शामिल हुए हैं. राजधानी भोपाल में भी रंग पंचमी जमकर मनाई गई. भोपाल में निकलने वाले जुलूस में पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शामिल हुए. भोपाल में धूमधाम से मनाई गई रंगपंचमीइंदौर के बाद सबसे ज्यादा रंग पंचमी का त्योहार अगर कहीं मनाया जाता है, तो वह राजधानी भोपाल और इंदौर में मनाया जाता है. यहां आज के दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है. भोपाल में आज चौक बाजार में सुबह 10:00 बजे से ही रंग पंचमी मनाने की शुरुआत हो गई थी. इस रंग पंचमी के मौके पर लोग भूत पिशाच और अन्य तरह के कपड़े पहन कर शामिल हुए. चौक बाजार में निकलने वाले इस रंग पंचमी के जुलूस में पुराने शहर के अलावा नए शहर के लोगों ने भी पहुंचकर जुलूस का हिस्सा बने. भोपाल के पुराने शहर में 6 टैंकरों से रंग बरसाया गया. जिसका भोपाल के लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया. भोपाल में रंग पंचमी का जुलूस लोहा बाजार, छोटे भैया कॉर्नर, जनकपुरी सिंधी मार्केट, भवानी चौक, लखेरा पूरा, पीपल चौक, चिंतामणि चौक और इतवारा चौराहे से जैन मंदिर मंगलवार गणपति चौक घोड़ा नक्कास होते हुए हनुमान जी की मड़िया पर समाप्त हुआ. पंचमी के प्रोग्राम में शामिल हुए दिग्विजय सिंहकाफी संख्या में राजधानी में अलग-अलग हिस्सों से लोग रंग पंचमी के जुलूस में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं. इसके साथ ही यहां की जाने वाली विशेष व्यवस्था में टैंकरों से लोगों के ऊपर रंग बरसाने का काम हिंदू उत्सव समिति के सहयोग से किया जाता है. जिला प्रशासन भी इसके लिए विशेष सहयोग करता है. लोगों में भाईचारा बढ़ाने के लिए, लोग होली के बाद एक बार फिर से एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रंग गुलाल का आनंद उठा सके, इसलिए यहां पंचमी के जुलूस को निकाला जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सभी को रंग पंचमी की शुभकामनाएं दी.

प्रदेश के 21 जिलों में बारिश का अनुमान, इन जगहों पर ओले गिरने की भी संभावना

Rain forecast in 21 districts of the state, possibility of hailstorm at these places प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है, मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जबकि कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना है.भोपाल ! बीते दिनों मौसम विभाग जताई गई बारिश की संभावना बिल्कुल सटीक रही है. शुक्रवार (29 मार्च) की शाम राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश व ओले गिरे. खरगोन में तो बिजली गिरने से एक महिला की मौत भी हो गई है. जनवरी-फरवरी के बाद अब मार्च महीने की विदाई भी बारिश के साथ ही हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ट्रफ और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है. मौसम विभाग ने 29 व 30 मार्च को बारिश की संभावना जताई थी. 29 मार्च को प्रदेश के कई जिलो में बारिश हुई, जबकि मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 21 जिलों में बारिश की संभावना जताई है. आज 21 जिलों में बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने आज प्रदेश के 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार आज शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, सिवनी, पांढुर्णा और बालाघाट जिले में बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना है. तापमान के तेवर बरकरारप्रदेश के कई जिलों में भले ही बारिश हुई हो, लेकिन तापमान के तेवर तीखे ही रहे. प्रदेश में पचमढ़ी में अधिकतम पारा 34.4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम 20.0 डिग्री रहा. इसी तरह नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 35.2, न्यूनतम 20.0, बैतूल, 37.8-23.2, रायसेन 37.8-24.1, शाजापुर 37.9-22.1, सीधी 38.4-23.6, छिंदवाड़ा 38.5-21.2, धार 38.8-18.9, रतलाम 39.0-24.4, खरगोन 39.0-19.2, सिवनी 39.0-24.2, रीवा 39.2-19.6, नर्मदापुरम 39.7-25.8, मलाजखंड 39.9-20.6, खजुराहो 40.2-21.8, सागर 40.4-23.5, खंडवा 40.5-20.0, नौगांव 40.5-21.0, उमरिया 40.5-23.0, सतना 40.9-24.0, गुना 41.0-24.2, मंडला 41.2-21.0, टीकमगढ़ 41.2-25.6 और दमोह का अधिकतम पारा 42.5 डिग्री, जबकि न्यूनतम 25.0 डिग्री दर्ज किया गया.

आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में आ रहा पसीना

Excise department is struggling to sell 16 liquor shops of 6 groups of the district. भोपाल। आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में पसीना आ रहा है। इन्हें बेचने के लिए विभाग ने रिजर्व प्राइस (आरपी) 13 फीसदी कम कर दी है। इधर, शुक्रवार को पांचवें चरण के लिए बुलाए गए ई-टेंडर खोले गए। इसमें से दो समूह की सिर्फ 5 दुकानें आरपी से 11.50 फीसदी कम पर बिकी है। इनमें न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानें आरपी से 9.40 प्रतिशत और झिरनिया समूह की 2 दुकानें 12.70 प्रतिशत कम पर गई है। बचे हुए 4 समूहों की 11 दुकानों के लिए शनिवार को टेंडर जारी किए जाएंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार, न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानों के लिए 5 टेंडर आए थे। इनमें एच-वन आॅफर रिजर्व प्राइस से 9.40 प्रतिशत कम का रहा, जबकि इसी आरपी 31.26 करोड़ निर्धारित की गई थी। इस समूह का ठेका मनीष शिवहरे को मिला है। पहले इस समूह के पास नेहरू नगर की दुकानों का ठेका था। इसी प्रकार झिरनिया समूह की दो दुकानों के सिर्फ टेंडर प्राप्त हुआ जो एच-1 से 12.7 प्रतिशत कम है। इसकी आरपी 7.79 करोड़ रुपए थी। यह ठेका रामस्वरूप (लल्ला) को मिला है। इधर आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है पिछले साल के मुकाबले ज्यादा दरों पर गई है। मालूम हो कि इस बार आबकारी ने पिछले साल की तुलना में ठेके 15 फीसदी ज्यादा दरों पर निर्धारित किए थे। मालूम हो कि जिले में 35 समूहों की 87 शराब दुकानें है। इनमें से अब 4 समूह को 11 दुकानें बिकने से रह गई है। 31 मार्च तक ये दुकानें नहीं बिकती है, तो आबकारी अमला इन दुकानों से शराब बेचेगा।

हमीदिया अस्पताल: लिफ्ट बंद हैं, 200 सीढ़ियां चढ़कर 11 मंजिल पर पहुंच रहे दिल के मरीज

Hamidia Hospital: Lifts are closed, heart patients climbing 200 stairs to reach 11th floor अस्पताल के एच 1 ब्लॉक में 11 वी मंजिल पर है कार्डियोलॉजी ब्लॉक, हड्डी रोग, सर्जरी के साथ ओटी कॉम्प्लेक्स भी यही भोपाल। हमीदिया अस्पताल में दिल के ऑपरेशन हो या हड्डी का, डॉक्टर इन्हें कम से कम शारीरिक श्रम की सलाह देता है। लेकिन इन मरीजों को ऑपरेशन के बाद वार्ड तक पहुंचने के लिए 150 से 200 सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही है। हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक वन में कुल 13 लिफ्ट बंद पड़ी हैं। ऐसे में मरीजों को वार्ड या आईसीयू तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां या लिफ्ट कर सहारा लेना पड़ रहा है। हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक वन में कुल 13 लिफ्ट हैंं, इसमें से चार मरीजों के लिए हैं। इमरजेंसी, डॉक्टर्स, लॉजिस्टिक के लिए भी अलग लिफ्ट आरक्षित हैं। इनमें से सिर्फ एक ही लिफ्ट काम कर रही है, यही वजह है कि कई मरीज सीढ़यों व रैंप के जरिए आना जाना करने को मजबूर हैं। नए बने ब्लॉक वन में चरमरा रहीं व्यवस्थाएं नए बने ब्लॉक वन में कार्डियोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, आॅथोर्पेडिक, एनेस्थीसिया, ओटी कॉमप्लेक्स, सर्जरी, मेडिसिन, साइकाइट्री, ईएनटी, रेडियो डायग्नोसिस समेत अन्य अहम विभाग हैं। इसी ब्लॉक से कुछ समय पहले रात में बत्ती गुल होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद अब लिफ्ट खराब होने की बात सामने आई है। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हो रही है।मरीज को व्हील चेयर ले गए 11 वी मंजिलजहांगीराबाद निवासी मोहन यादव ने बताया कि उनके चाचा कार्डियोलॉजी विभाग में एडमिट थे। कुछ जांचे कराने के लिए उन्हें पुरानी बिल्डिंग में ले जाना पड़ा। लिफ्ट खराब थी तो रैम्प से ही नीचे आए लेकिन मरीज को वापस रैम्प से 11 वी मंजिल ले जाने में हद से ज्यादा परेशानी हुई। हम चार लोग व्हील चेयर खींच रहे थे, इसके बावजूद हम सभी की सांसे फूलने लगी। ऐसे में अगर हाथ छूट जाता तो मरीज के साथ हादसा हो सकता था। कर्मचारी को हो गई परेशानी सिर्फ मरीज ही नहीं लिफ्ट बंद होने से अस्पताल के कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है। कार्डियोलॉजी विभाग के एक कर्मचारी का कुछ दिन पहले ही हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। डॉक्टर ने उन्हें ज्यादा चलने से मना किया है। गुरुवार को जब वह वार्ड से रैम्प से नीचे उतरे तो 11 मंजिल पैदल चलने से हार्ट बीट बढ़ गई। नीचे उतरने के के बाद वे करीब 15 मिनट मे वेटिंग ऐरिया में आराम करते रहे, इसके बाद ही सामान्य हो सके। इस संबंध में हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन का कहना है कि लिफ्ट खराब थी, पीडब्ल्यूडी की टीम लगातार काम कर रही है। अब 4 लिफ्ट ठीक हो गई हैं, सात लिफ्ट जल्द चालू हो जाएंगी।

प्रदेश में आदिवासियों और वन समिति से छीना वानिकी कार्य, अब ठेके पर देने की तैयारी

Forestry work taken away from tribals and forest committee in the state, now preparations to give it on contract ठेके से काम करने पर वन क्षेत्र से सटे गांवों में आदिवासियों और वन विकास समिति से रोजगार छिन जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश में वन विभाग के समस्त वानिकी, क्षेत्रीय और तकनीकी कार्य ठेका पद्धति अर्थात निविदा के माध्यम से कराए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन विभाग ने सभी डीएफओ को निर्देश भी जारी कर दिए है। ठेके से काम करने पर वन क्षेत्र से सटे गांवों में आदिवासियों और वन विकास समिति से रोजगार छिन जाएगा। वानिकी कार्य में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था थी, जिससे वे रोजगार के लिए अन्य शहर या राज्य में पलायन न करें, लेकिन ठेका व्यवस्था होने से आदिवासियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा। मध्य प्रदेश रेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल अहिरवार का कहना है कि मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा अभी तक जो भी उपलब्धि चाहे वो वन क्षेत्र के घनत्व में उन्नति की हो, मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट, घड़ियाल स्टेट, चीता स्टेट और राजस्व दिलाने में नंबर एक स्टेट बनाने की हो। ये सभी उपलब्धियां केवल वर्दीधारी वन अमले और उनके साथ 24 घंटे रात दिन हर मौसम में साथ देने वाले स्थानीय वन समिति के सदस्य और वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों के कारण ही संभव हो सका है, लेकिन वानिकी, क्षेत्रीय और तकनीकी कार्य ठेका पद्धति पर कराने से वन क्षेत्र के आस पास रहने वाले आदिवासियों के लिए रोजगार का संकट होगा। अहिरवार का कहना है कि वन क्षेत्र में जो भी काम होते हैं वो एक निश्चित समय में स्थानीय मजदूरों से कराए जाते हैँ। वन के समीप निवास करने के कारण यह जंगल को भलिभांति जानते और समझते हैं। लेकिन निविदा प्रक्रिया वन विभाग में लागू होती है तो निश्चित ही वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों के अधिकारों का हनन होगा। इस तानाशाही पूर्ण निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लेेने के साथ ही रेंजर एसोसिएशन इसकी घोर निंदा करता है और इस व्यवस्था का विरोध करेंगे।

MP कांग्रेस को एक और झटका, दो पूर्व विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, पूर्व सांसद रामलखन सिंह ने भी ली बीजेपी की सदस्यता

Another blow to MP Congress, two former MLAs joined BJP, former MP Ramlakhan Singh also took membership of BJP. मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर भाजपा के न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक नरोत्तम मिश्रा भी रहे मौजूद। भोपाल। लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कांग्रेस में भगदड़ का दौर जारी है। इसी बीच गुरुवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक और झटका लगा। पूर्व सांसद डा राम लखन सिंह के साथ पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, अजय यादव के साथ अन्य कांग्रेस नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डा. नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी डी शर्मा ने रामलखन सिंह, नीलेश अवस्थी व अजय यादव को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर जबलपुर संभाग के कई कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी भाजपा की सदस्यता ली।

कर्ज में डूबी एमपी सरकार लेकिन मंत्रियों को चाहिए नई कार

MP government is in debt but ministers want new car मध्य प्रदेश की सरकार कर्ज में डूबी है। वहीं, नई सरकार में मंत्रियों ने नई कारों की डिमांड की है। मंत्रियों की डिमांड पर स्टेट गैरेज ने वित्त विभाग को 31 इनोवा क्रिस्टा कार के लिए प्रस्ताव भेजा है। प्रस्वात पर अनुमोदन के बाद नई कारों की खरीद शुरू हो हो जाएगी। भोपाल ! मध्य प्रदेश की सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 42,500 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। वहीं, मोहन यादव की नई सरकार ने केवल तीन महीनों में 17,500 करोड़ रुपए लिए हैं। फिर भी नई सरकार में कुछ मंत्री नई कार चाहते हैं। कर्ज में डूबी सरकार के मंत्रियों ने अपनी डिमांड रख दी है। मंत्रियों ने नई कारों की मांग कीवहीं, एमपी स्टेट गैराज के अधीक्षक आदित्य कुमार रिछारिया ने कहा कि मंत्रियों ने नई कारों की मांग की है। खरीद की प्रक्रिया शुरू करने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू होगी। अभी एमपी सरकार के मंत्री इनोवा क्रिस्टा का इस्तेमाल करते हैं। 31 नई गाड़ियों का प्रस्तावमंत्रियों की डिमांड को देखते हुए राज्य गैरेज ने कम से कम 31 नई इनोवा क्रिस्टा कारों के लिए प्रस्ताव भेजा है। इनमें 28 मंत्रियों के लिए एक-एक और दो उपमुख्यमंत्रियों के लिए एक-एक शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि अभी मंत्रियों के पास जो मौजूदा कारें हैं, उनमें भी अधिकांश नई हैं, जिसे 2022-23 में खरीदा गया था। ये कारें मुश्किल से 10,000-20000 किमी चली हैं। नई कारों की खरीद पर 11 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। यह प्रस्ताव मार्च की शुरुआत में भेजा गया था। साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्ज विरासत में मिलापिछले साल नवंबर में जब विधानसभा चुनाव हुए थे तो साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज विरासत में मिला था। हर महीने 3500 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज सरकार ने लिया है। सरकार ने 20 मार्च को 5000 करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज के लिए अधिसूचना जारी की थी, जिसकी प्रक्रिया 26 मार्च को पूरी होनी थी। इसकी अगर मंजूरी मिल जाती है तो इसका मतलब होगा कि तीन महीनों में वर्तमान सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के 47 फीसदी कर्ज लिए हैं। वहीं, नकदी की कमी से जूझ रही एमपी सरकार को नई कार के लिए 11 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि इसकी अंतिम कीमत वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद ही पता चलेगा। जेम पोर्टल के माध्यम से कारों की खरीद के लिए निविदा आमंत्रित किए जाते हैं।

जहांनुमा होटल के मालिक ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, नवाब खानदान से है ताल्लुक

Jahannuma hotel owner commits suicide by shooting himself, belongs to Nawab family भोपाल का प्रतिष्ठित होटल के मालिक नादिर खान ने बुधवार सुबह निवास पर खुद को गोली मार ली। बताया जा रहा है कि वे डिप्रेशन में थे। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच की जा रही है। भोपाल ! राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित होटलों में शामिल जहांनुमा होटल के मालिक नादिर खान ने बुधवार सुबह खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन उनके कई महीनों से डिप्रेशन में होना बताया जा रहा है। नादिर ने श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र में बाल भवन के पास स्थित अपने निवास पर बुधवार सुबह 10 बजे अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारी है। नादिर का बीते 6 माह से डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। उनके दो बेटे हैं, जिनका नाम अली और जफर है। उनकी पत्नी का नाम सोनिया बिब्बो है। नवाब खानदान से ताल्लुक होने के कारण महिलाओं को बिब्बो कहा जाता है। बताया जाता है कि नादिर राशिद भोपाल की शासिका रहीं सुरैय्या के बेटे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। मामला राजधानी के एक प्रतिष्ठित कारोबारी के गोली मारकर आत्महत्या करने का होने के कारण पुलिस बहुत गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नादिर राशिद की उम्र करीब 65 वर्ष से अधिक है। उन्होंने अपने कमरे में गोली मारी है। सुसाइड नोट अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना स्थल का पुलिस अधिकारियों के साथ एफएसएल की टीम जांच कर रही है। नादिर खान के गोली मारकर आत्महत्या करने की सूचना जैसे ही लोगों मिली, उनके चाहने वालों और परिचितों का घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते उनके निवास के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए।

आचार संहिता के उल्लंघन पर पांच मिनट में होगी कार्रवाई, ऐसे करें शिकायत

Action will be taken on violation of code of conduct within five minutes, complain like this आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की शिकायत सी-विजिल सिटीजन एप पर की जा सकती है। इसके लिए जीपीएस को ऑन रखना होगा। सी-विजिल एप पर कर सकते हैं आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतशिकायत करते वक्त जीपीएस ऑन रखना जरूरीपांच मिनट में पहुंचेगी फ्लाइंग स्क्वायड की टीम भोपाल ! लोक सभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की आनलाइन शिकायत आप भी कर सकते हैं। ऐसे किसी भी उल्लंघन के मामले का वीडियो और फोटो लेने के पांच मिनट के अंदर इसे सी-विजिल सिटीजन एप पर भेजना होगा। इसके लिए उसे मोबाइल पर जीपीएस आन रखना होगा। सी-विजिल एप को गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल में डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप का इस्तेमाल करने के लिए शिकायतकर्ता के मोबाइल पर जीपीएस और इंटरनेट चालू होना आवश्यक है। वीडियो दो मिनट से अधिक का नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही जिस मोबाइल से फोटो या वीडियो कैप्चर किए गए हैं शिकायत केवल उसी से की जा सकेगी। किसी दूसरे मोबाइल या कैमरे की फोटो या वीडियो अथवा पहले से स्टोर फोटो या वीडियो इस एप पर अपलोड नहीं होगी। इस तरह काम करेगी सी-विजिल एप

भोजशाला में सर्वे करने चौथे दिन पहुंची ASI की टीम, पुलिस ने इन चीजों पर लगाया प्रतिबंध

ASI team reached Bhojshala on the fourth day to survey, police banned these things भोजशाल को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों की तरफ से अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं. बीते दिनों एमपी हाईकोर्ट ने एएसआई को भोजशाला का साइंटिफिक सर्वे करने का आदेश दिया है. धार ! प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला में एएसआई की टीम चौथे दिन यानी सोमवार (25 मार्च) को भी सर्वे करने पहुंची. एएसआई ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला कांप्लेक्स का बीते शुक्रवार (22 मार्च) से पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सर्वे का कार्य शुरू किया था. प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने एएसआई को भोजशाला का सर्वे करने का आदेश दिया था. भोजशाला को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि ये वाग्देवी मंदिर (सरस्वती मंदिर) है, जबकि मुस्लिम का पक्ष का कहना है कि यह कमाल मौला मस्जिद है. इसके बाद साल 2023 में एक नियम बनाया गया है. हिंदू समुदाय के लोगों को भोजशाल में प्रत्येक मंगलवार को सुबह से शाम तक पूजा करने की और शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है. भोजशाल में इन कामों पर रहेगी पाबंदी धार एसपी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सर्वे की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं. सर्वे के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल के साथ, फोटो या वीडियो लेने पर पाबंदी लगाई गई है. उन्होंने बताया कि इस तरह की फोटो या वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. रविवार को एएसाई के अधिकारियों ने करीब नौ घंटे तक भोजशाला कांप्लेक्स का सर्वे किया था. सर्वे का काम अगले कुछ दिनों तक तेजी से चलेगा. 29 अप्रैल को पेश की जाएगी सर्वे रिपोर्ट बीते दिन यानी रविवार (24 मार्च) को दिल्ली और भोपाल के एएसआई अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वे का काम किया गया. जहां अधिकारियों ने मजदूरों की मदद से एक ब्लॉक को करीब 6 फीट और अन्य ब्लॉक की दो से तीन फीट खुदाई की. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एएसआई को भोजशाल के 50 मीटर के दायरे में सर्वे करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इसके लिए 6 हफ्ते का वक्त दिया है, सर्वे रिपोर्ट को आगामी 29 अप्रैल को कोर्ट की सामने पेश किया जाएगा. भोजशाला में साइंटिफिक सर्वे के दौरान सर्वे फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की जा रही है.

चैनलिंक, बारवेड वायर और पोल्स की खरीदारी में करोड़ों की कमीशनबाजी का खेल

Crores of rupees of commission game in the purchase of Chainlink, Barbed Wire and Poles भोपाल। चालू वित्त वर्ष में जंगल महकमे में करीब 50 से 60 करोड़ रूपए की चैनलिंक, बारवेड वायर और टिम्बर पोल्स की खरीदी में बड़े पैमाने पर कमीशन बाजी का खेल खेला जा रहा है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट के 18 से 20% धनराशि कमीशन कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। कई सालों से एक सिंडिकेट कम कर रहा है, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका है। इस सिंडिकेट की जड़े काफी मजबूत है।  मुख्यालय से सबसे अधिक फंड कैंपा शाखा से रिलीज किया जाता है। इसके बाद सामाजिक वानिकी और विकास शाखा से करोड़ों की धनराशि वन मंडलों को दिया जाता है। तीनों शाखों को मिलाकर हर वन मंडल को 5 से 7 करोड़ रूपए की राशि हर साल खरीदी के लिए रिलीज किया जा रहा है। चैनलिंक जाली, बारवेड वायर, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी और गोबर एवं रासायनिक खाद वगैरह की खरीदी की जाती है. इस खरीदी में 15 से 18 फीसदी राशि कमीशन बाजी में बंटती है। इस खेल को रोकने के लिए  वन मंत्री विजय शाह ने ग्लोबल टेंडर बुलाने की पहल की थी किंतु मैदानी अफसरों के विरोध के चलते वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए थे। गौरतलब यह भी है कि मुख्यालय से विभिन्न शाखों द्वारा फंड रिलीज करने का कोई निर्धारित मापदंड नहीं है। चेहरा देखकर फंड वितरित किया जा रहा है। इसके कारण गड़बड़ी की आशंका बढ़ती जा रही है।  सरकार के निर्देशों की अवहेलना  राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि वायरवेट, चैनलिंक और पोल की खरीदी में लघु उद्योग निगम को प्राथमिकता दें किंतु 95% खरीदी जेम्स और ई टेंडर से हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लघु उद्योग निगम की दर और जेम (GEM) की दरों में डेढ़ गुना अंतर है। यानी लघु उद्योग निगम में वायरवेट किधर 83 रुपए से लेकर 85 रुपए तक निर्धारित की गई है। जबकि जेम (GEM) में ₹150 तक है। सरकार की मंशा यह भी है कि लघु और मध्यम उद्यमियों को इस कारोबार से जोड़ा जाए। मुख्यालय से लेकर फील्ड के अफसर टेंडर की शर्तों में ऐसी शर्ते जुडवा देते हैं जिसके चलते लघु और मध्यम उद्यमी प्रतिस्पर्धा के रहस्य बाहर हो जाते हैं।   चहेती फर्म को उपकृत करने जोड़ देते हैं नई शर्तें  फंड बंटवारे को लेकर दो अफसर भिड़ चुके  विभाग में फंड बंटवारे को लेकर दो सीनियर अधिकारी भिड़ चुके हैं। पीसीसीएफ कैंपा महेंद्र सिंह धाकड़ की पदस्थापना के पहले तक फॉरेस्ट प्रोटक्शन को लेकर कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को रिलीज किया जाता था और फिर संरक्षण शाखा डीएफओ की मांग के आधार पर वितरित करता था। धाकड़ ने इस परंपरा को बदल दिया। अब वह प्रोटेक्शन की राशि भी स्वयं जारी करते हैं। पूर्व में पीसीसीएफ प्रोटेक्शन रहे अजीत श्रीवास्तव ने इसका पुरजोर विरोध किया था और तीखा पत्र भी लिखा था, लेकिन बात नहीं बनी। मुद्दे को लेकर एक बैठक में तो दोनों के बीच अच्छी बहस भी हुई पर तत्कालीन वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने पीसीसीएफ कैंपा धाकड़ का साथ दिया। हालांकि अजीत श्रीवास्तव जल्द ही रिटायर हो गए। मौजूदा पीसीएफ प्रोटेक्शन डॉ दिलीप कुमार किम कर्तव्यविमुढ़ की स्थिति में है और वह सेवानिवृत्ति के दिन गिन रहे हैं। ब्लैक लिस्ट फर्म कर रही हैं अभी भी धंधा  वन विभाग में अलग-अलग वन मंडलों में कई फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. इसके बाद भी ब्लैक लिस्ट फर्म अपने राजनीतिक रसूख के दम पर सामग्री की सप्लाई कर रही हैं. इसकी वजह भी साफ है कि वन विभाग में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं है, जहां ब्लैक लिस्ट की गई फर्म को अन्य वन मंडलों में मैसेज कर धंधा करने से रोका जाए. वैसे पीडब्ल्यूडी जल संसाधन और अन्य विभागों में ऐसी व्यवस्था है कि ब्लैक लिस्ट फर्म की सूची बनाकर मैदानी अफसरों को भेजा जाता है और उन्हें निर्देशित किया जाता है कि इनसे कोई भी वर्क आर्डर न दिया जाए. कमीशन बाजी के खेल में प्रमुख संस्थाएं तिरुपति इंजीनियरिंग वर्क बालाघाट, जबलपुर वायरस जबलपुर, श्री विनायक स्टील इंदौर, राजपूत फेसिंग पोल भोपाल, अरिहंत मेटल (नाहटा), लकी इंडस्ट्रीज इंदौर, आकांक्षा इंडस्ट्रीज विदिशा, नवकार ग्रेनाइट मंदसौर, बीएम मार्केटिंग वर्कर्स इंदौर, शारदा बारबेड  वायर एंड स्टील प्रोडक्ट मंडला, कृष्णा इंटरप्राइजेज छिंदवाड़ा, शारदा सीमेंट पाइप मंडला, ताप्ती एक्वा इंडस्ट्रीज बैतूल, शिल्पा कूलर छिंदवाड़ा, अपहरि प्लास्टिक बिलासपुर और गुरु माया इंडस्ट्रीज इटारसी.  इनका कहना  अगले वित्तीय वर्ष से टेंडर की शर्तें मुख्यालय से निर्धारित की जाएगी, ताकि उसकी एकरूपता बनी रहे। डीएफओ अपनी मनमानी शर्ते नहीं जोड़ पाएंगे. यूके सुबुद्धि पीसीसीएफ विकास

महा रण 2024 … सोशल मीडिया ने बिगाड़ा प्रचार का स्तर

Maha Ran 2024… Social media spoiled the level of publicity भोपाल। वर्तमान लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी भूमिका सोशल मीडिया की दिखाई दे रही है। जबकि इस समय सोशल मीडिया की सत्यता की न तो किसी प्रकार से जांच की जा रही है और न ही उस पर किसी प्रकार का एक्शन। जबकि इस समय जो सूचना प्रोद्योगिकी चल रही है, उससे लाभ ज्यादा हैए लेकिन चुनाव प्रचार में उसका उपयोग कई राजनीतिक दल गलत जानकारी देकर या असत्यता पर आधारित खबर देकर भ्रम की स्थिति पैदा कर देते हैं। इससे मतदाता किसी के बारे में सही और गलत का आंकलन नहीं कर पाता है। चुनाव से सबंधित जो लोग व्यवस्था देख रहे हैं, उन्हें इस पर नजर रखना चाहिए। वर्ना चुनाव का ढांचा बिगड़ता चला जाएगा और सोशल मीडिया का उपयोग करना लोग छोड़ देंगे। सोशल मीडिया का लाभ भी इतना है कि किसी भी जानकारी के लिए दूसरे दिन का इंतजार नहीं करना पड़ता। पूरे देश में एक पल में खबर इधर से उार हो जाती है। 25.30 साल पहले की बात ही अलग थीसोशल मीडिया का जब दौर नहीं था, तब आपसी चर्चा और अखबार और पर्चों को पढ़कर ही चुनाव प्रचार का अंदाजा लगाया जाता था। उम्मीदवार भी शलीनता से मिलने और अखबार वालों को अपनी बात समझाने आते थे। उस दौरान झूठ और सही के बीच भेद मालुम पड़ जाता था और लोग भी ध्यान रखते थे। इस समय सोशल मीडिया पर झूठ इस प्रकार परोसा जा रहा है कि लोगों को समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।

मीडिया को तुरंत मिलेगी चुनावी घटनाओं की वस्तुस्थिति की जानकारी

The media will immediately get information about the actual situation of election events. भोपाल ! मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) अनुपम राजन ने शुक्रवार को राज्यस्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ और सोशल मीडिया प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया। राजन ने कहा कि चुनाव से संबंधित विशेष घटनाओं की जानकारी तुरंत भेजें। घटनाओं की वस्तुस्थिति की जानकारी तुरंत मीडिया में जानी चाहिए। राजन ने कहा कि अभ्यर्थियों की ओर से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किए जा रहे प्रचार के व्यय की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए जा रहे प्रचार में मॉनिटरिंग की विस्तार से जानकारी ली। मप्र में 16 मार्च से लोकसभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। लोकसभा निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज संबंधी मामलों, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अखबारों में प्रकाशित एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल में प्रसारित और सोशल मीडिया में चल रही खबरों की 24 घंटे सतत मॉनिटरिंग, रिकॉर्डिंग की जा रही है। राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ, राज्य नोडल अधिकारी, आयुक्त जनसम्पर्क संदीप यादव के मार्गदर्शन में कार्य कर रहा है। इस दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज खत्री भी उपस्थित रहे। राज्यस्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, निर्वाचन सदन, अरेरा हिल्स, भोपाल में राज्यस्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ (स्टेट लेवल एमसीएमसी सेल) कार्य कर रहा है। इस प्रकोष्ठ में जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तीन पारियों में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों की सतत्ा निगरानी कर रही है। यह कार्य प्रतिदिन तीन पारियों में सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात्रि 10 बजे तक और रात्रि 10 से अगले दिन सुबह 6 बजे तक निर्बाध रूप से निरन्तर किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सोशल मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ नर्मदा भवन में संचालित है। डॉ. एचएल चौधरी को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गयान्यूज मॉनिटरिंग एवं पेड न्यूज के मामलों सहित अन्य सभी कार्यों के लिए अपर संचालक जनसम्पर्क डॉ. एचएल चौधरी को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। समाचार पत्र, पत्रिकाओं में प्रकाशित समाचारों एवं मीडिया रिपोर्ट्स की कतरनों के संधारण कार्य के लिए भी सुबह 6 से शाम 6 बजे तक के लिए अधिकारी, कर्मचारी तैनात किए गए हैं। तीनों पारियों के लिए आकस्मिक एवं वैकल्पिक व्यवस्था के लिए रिजर्व अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं।

भोपाल सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की एक बड़ी इच्छा नहीं हुई पूरी, प्रदेश सरकार ने नहीं दिया महत्व

A big wish of Bhopal MP Pragya Singh Thakur was not fulfilled, the state government did not give it importance. भोपाल। भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की इच्छा थी कि राजधानी में एक सरकारी कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च फाउंडेशन अलग से बने, जिससे पूरे प्रदेश के लोगों को लाभ मिल सके। क्योंकि अभी तक इसके लिए कोई सरकारी अस्पताल स्वतंत्र रूप से नहीं बनाए जैसे दूसरे निजी या संस्था के अस्पताल हैं। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी किए। बकायदा उन्होंने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भी भेजा था, लेकिन सरकार ने उस पर गंभीरता से विचार नहीं किया, जिस कारण उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी। इस सपने पर उनकी ही पार्टी की राज्य सरकार ने विराम लगाने की बात सामने आ रही है। एम्स या हमीदिया में इलाज तो मिलता है, लेकिन अलग से सरकारी अस्पताल नहीं हैए जिससे लोगों को मुंबई के टाटा या भोपाल के एक संस्थागत अस्पताल जाना पड़ता है। यहां खर्चा इतना ज्यादा है कि आदमी पूरी तरह से अपना सब कुछ बेचने को मजबूर हो जाता है। भोपाल के डॉ यशवंत राव धवले के अनुसार सुल्तानिया जनाना अस्पताल को हमीदिया में शिफ्ट किया गया है, अगर सुल्तानिया को कैंसर अस्पताल के लिए चयनित किया जाता है तो यह अस्पताल मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे भारत वर्ष के ग्रामीण क्षेत्रए शहरी क्षेत्रों एवम अन्य लोगों की भी सेवा की जा सकती है। ज्ञान और आर्थिक ताकत की कमी के कारण कैंसर के निदान और उपचार के लिए प्रौद्योगिकियों और उन्नत सुविधाओं से वंचित हैं। कैंसर अनुसंधान में उन्नत और अद्यतन तौर, तरीके बढ़ाए जा सकते थे। इस संबंध में सांसद ने प्रदेश व सरकार को भी प्रस्ताव भेज दिया था। प्रदेश सरकार इसमें निर्णय लेती तो आगे का काम केंद्र के माध्यम से सांसद द्वारा करवाया जा सकता था।

कर्ज तले दबता प्रदेश, पांच हजार करोड़ का कर्ज लेगी मध्‍य प्रदेश सरकार

State is burdened with debt, Madhya Pradesh government will take a loan of five thousand crores भोपाल । लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में मध्य प्रदेश सरकार पांच हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेगी। राज्य सरकार रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से 26 मार्च को तीन हिस्सों में कुल पांच हजार करोड़ रुपयों का कर्ज बाजार से लेगी। पहला कर्ज 20 साल के लिए दो हजार करोड़ रुपये का होगा। इसी तरह दो हजार करोड़ का दूसरा कर्ज 21 साल के लिए और एक हजार करोड़ रुपये का तीसरा कर्ज लिया जाएगा जो 22 साल में चुकाया जाएगा। तीनों ही कर्ज पर साल में दो बार ब्याज का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार तीन माह (जनवरी-फरवरी) में साढ़े 15 हजार 500 हजार करोड़ रुपये कर्ज ले चुकी है। वर्तमान वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार अब तक कुल 37 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। अब पांच हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज मिलाकर कुल कर्ज 42 हजार 500 करोड़ रुपये हो जाएगा। वहीं वर्ष 2024 में 23 जनवरी को ढाई हजार करोड़ रुपये, छह फरवरी को तीन हजार करोड़ रुपये और बीस फरवरी को पांच हजार करोड़ रुपये और 27 फरवरी को पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा चुका है। प्रदेश के ऊपर मार्च 2023 की स्थिति में तीन लाख 31 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण है।वहीं अब तक के कुल कर्ज को मिलाकर मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज का कुल भार तीन लाख 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने लगातार कर्ज लिया था।

कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता का इस्तीफा, बोले- अध्यक्ष के पास जाने पर देना पड़ता था परिचय

Congress Vice President Lalchand Gupta resigns, says he had to give introduction when he went to the President विंध्य में कांग्रेस को फिर लगा झटका, लालचंद गुप्ता बोले- 5 साल उपाध्यक्ष रहा, आज तक एक भी बैठक नहीं हुई।भोपाल। प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी और उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि 5 साल उपाध्यक्ष रहने के बाद आज तक नहीं हुई एक भी बैठक। प्रदेश अध्यक्ष के पास जाने पर अपना परिचय बताना पड़ता था। वे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष के पद पर 5 साल तक रहे है। इसके पहले वे भाजपा जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी साझा की। गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। कमल नाथ के गढ़ सहित प्रदेश के कई इलाकों से कांग्रेस के बड़े नेता, पूर्व विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बड़े नेताओं को पार्टी छोड़कर जाने से लगातार झटके लग रहे हैं।

हमीदिया अधीक्षक के निर्देश: अब नहीं चलेगी घसीटा राइटिंग, डॉक्टर कैपिटल लेटर में लिखेंगे दवाओं के नाम

Hamidia Superintendent’s instructions: Now cursive writing will not work, doctors will write names of medicines in capital letters. भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों को ओपीडी पर्चे पर दवाओं के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं जिन पर जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुमित टंडन ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें। बतादें कि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। ओपीडी पर्ची की होगी मॉनिटरिंग डॉक्टरों की राइटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके। डॉक्टरों को लिखनी होगी जेनेरिक दवाएंचिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानिटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है। अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं। पहले भी जारी हो चुके ऐसे आदेश9 दिसंबर 2014 को चिकित्सकों को घसीटामार लिखावट नहीं करने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने निर्देश जारी किए थे। इसमें भी डाक्टरों से कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा गया था। इसके बाद अप्रैल 2015 में एक बार फिर यही आदेश जारी किए गए। – 2 जनवरी 2021 – हमीदिया अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के पर्चे पर चिकित्सकों का नाम, मोबाइल नंबर और उनकी मुहर भी लगाने के आदेश जारी हुए थे। इनका कहनाहमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मॉनिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था।डॉ सुमित टंडन, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

मध्य प्रदेश में 5 आईएएस अधिकारियों के तबादले, यहां देखिए लिस्ट

5 IAS officers transferred in Madhya Pradesh, see the list here धनंजय सिंह भदौरिया को सचिव, मध्य प्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास को अनुसूचित जाति विकास का आयुक्त बनाया गया है। भोपाल। लोकसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। शनिवार शाम को 5 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

मप्र में चार चरणों में मतदान, पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को ,तारीखों का एलान

Voting in four phases in Madhya Pradesh, first phase voting on April 19, dates announced लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में मतदान कब होगा, इसके लेकर चुनाव आयोग तारीख का एलान कर दिया है। जानिए, क्या है चुनाव कार्यक्रम? किस जिले में कब कहां मतदान पहले चरण यानी 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा में मतदान होगा। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बैतूल वोटिंग होगी। तीसरे चरण में सात मई को मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल और राजगढ़ मतदान होगा। चौथे और आखिरी चरण में 13 मई को देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन और खंडवा जिले में वोटिंग होगी। चार चरण में मतदानमुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। मध्य प्रदेश में चार चरणों में मतदान होगा। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होगा। तीसरे चरण में सात और चौथे चरण में 13 मई को वोटिंग होगी। नतीजे चार जून को घोषित किए जाएंगे।

लोक सभा चुनाव से पहले 9 और आईएएस अधिकारियों के तबादले

9 more IAS officers transferred before Lok Sabha elections लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। इससे पहले 14-15 की मध्य रात 37 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। जिसमें कई जिलों के नए कलेक्टर भी बनाए गए थे।भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान से पहले ये तबादले किए हैं। इससे पहले 14-15 मार्च की देर रात 37 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए थे। नई सूची के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और उज्जैन कमिश्नर संजय गोयल को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में सचिव बनाया गया जबकी इंदौर श्रम आयुक्त संजय गुप्ता को उज्जैन कमिश्नर बनाया गया है।रीवा में अपर आयुक्त पद पर पदस्थ छोटे सिंह को राजस्व विभाग ग्वालियर संभाग में अपर आयुक्त बनाया गया है। स्वप्निल जी वानखेड़े को सतना कलेक्टर बनाया गया है। सपना जैन को सतना जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। इनके अलावा आईएएस सपना निगम, आईएएस राजीव रंजन मीना, ऋषि गर्ग का भी तबादला किया गया है। रेखा राठौर को खरगोन का अपर कलेक्टर बनाया गया है।

स्विस बैंक से काला धन नहीं आ पाया,लेकिन SBI की सूची में भाजपा का काला धन उजागर हुआ ,जीतू पटवारी

Black money could not come from Swiss bank, but BJP’s black money was exposed in SBI list, said Jitu Patwari. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इलेक्टोरल बॉण्ड से मिले चंदे को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने कहा कि स्विस बैंक से काला नहीं आ पया, लेकिन एसबीआई की सूची में भाजपा का काला धन उजागर हुआ। भोपाल ! प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के सामने कहा था कि स्विस बैंक की सूची लाऊंगा। उन्होंने दावा किया था कि उसमें करोड़ों अरबों का काला धन रखा हुआ है। पटवारी ने कहा कि वह काला धन नहीं आया, लेकिन एसबीआई की सूची आ गई, जिसमें काला धन भाजपा के खातों में दिखा है। उन्होंने कहा कि 6700 करोड़ रूपये इलेक्टोरल बॉण्ड से भाजपा ने बॉण्ड योजना के तहत अपने खातों में डलवायें। काला धन जो अलग से लिया इससे 100 गुना अधिक होगा। भाजपा में जो खरीद फरोख्त हो रही है वह इसी काले धन से हो रही है। पटवारी ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि 21 कंपनियां ऐसी क्यों निकली जिन पर ईडी, सीबीआई के छापे पड़े। उन कंपनियों ने ही भाजपा को ही बॉण्ड खरीदी में चंदा दिया। उन्होंने कहा कि जब हर व्यक्ति कोविड में सेवा कर रहा था, उस समय प्रधानमंत्री जी कोविड वेक्सीन कंपनी के मालिक पूनावाला से मिले थे। पूनावाला की कंपनी ने 50 करोड़ रूपये भाजपा को चंदा दिया, उसी कंपनी को सारे नियमों को धता बता कर भाजपा ने कोविडशील्ड की अनुमति दी उसी वैक्सीन से आज भी लोग अटैक से मर रहे हैं। भाजपा मौत के सौदागर जैसा काम करती रही। पटवारी ने कहा कि एसबीआई ने 18871 लोगों की चंदा देने वालों की और 20411 चंदा लेने वालों की सूची दी है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि 2019 के पहले के नाम क्यों छिपाये गये यह स्पष्ट होना चाहिए। बदलाव के लिए, नया भारत बनाने के लिए, महंगाई कम हो उसके लिए भारत की जनता ने मोदी को चुना था लेकिन मोदी जी ने हमेशा झूठ बोला है। कोविड के दौर में भी भाजपा लोगों से चंदा ले रही थी। पटवारी ने कहा कि यदि आपके घर में बेरोजगारी नहीं हैं, महंगाई नहीं है, परिवार में कोई बच्चा, परिवार का सदस्य नशा नहीं करता, किसान कर्ज में नहीं है, किसान की आमदनी बढ़ गई है, कोविड में आपको नहीं लूटा गया तो नरेन्द्र मोदी सही प्रधानमंत्री है और यदि इन्हीं सब यातनाओं को देश की जनता यदि सह रही है तो मोदी सही प्रधानमंत्री नहीं है। पटवारी ने आगे कहा कि जनता से यही कहना चाहता हूं कि देश की जनता को अपने हक और अधिकार के लिए विचार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मोदी के झूठ का मुकाबला करना पड़ेगा। लोकतंत्र खतरे में है, उसे बचाना पडे़गा।

प्रदेश में 47 IPS अधिकारियों के तबादले, यहां देखें सूची

47 IPS officers transferred in the state, see the list here भोपाल। देश में जल्द होने जा रहे आम चुनाव की घोषणा से पूर्व प्रदेश में देर रात अनेक IAS अधिकारियों के तबादलों के बाद शुक्रवार दोपहर को 47 IPS अधिकारियों को भी इधर से उधर कर दिया गया। गृह विभाग द्वारा इसके आदेश जारी कर दिए गए। 11 जिलों के एसपी बदल दिए गए हैं। अशोकनगर, खंडवा, डिंडोरी, सिंगरौली, शिवपुरी, खरगोन, छतरपुर, दमोह, राजगढ़, श्योपुर और निवाड़ी के एसपी का तबादला कर दिया गया है।

दैवेभो कर्मचारियों को अब हर महीने बढ़कर मिलेंगे दो हजार 225 रुपए

Daivebho employees will now get an increase of Rs 2,225 every month. भोपाल। प्रदेश सरकार ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन में 1 अप्रैल दो हजार 225 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि की है। गुरूवार को वेतन वृद्धि के आदेश श्रम आयुक्त ने जारी किए हैं। पहली बार सरकार ने दैवेभो कर्मचारी, अकुशल श्रमिक, अर्ध कुशल, श्रमिक कुशल श्रमिक और उच्च कुशल श्रमिक के वेतन में प्रतिमान दो हजार 225 रुपए की वृद्धि की है। सरकार द्वारा की गई वेतन वृद्धि पर कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री का आभार माना है। मंच के प्रदेशाध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से दैवेभो कर्मचारियों के वेतन में मात्र सैकड़ो में वृद्धि की जाती थी जिससे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का कोई वास्तविक लाभ महंगाई के अनुरूप नहीं होता था। कर्मचारी निरंतर सरकार से मांग कर रहा था कि दैवेभो कर्मचारियों के वेतन में वर्तमान महंगाई के अनुरूप वृद्धि करी जाए। मुख्यमंत्री ने मांग को मंजूर करके श्रम आयुक्त से आदेश जारी कर दिए है। एक अप्रैल से मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन1 अप्रैल से अकुशल श्रमिक को 11 हजार 800, 12 हजार 796, कुशल श्रमिक को 14 हजार 519, उच्च कुशल श्रमिक को 16 हजार 144 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा। वही शासकीय विभागों में कार्यरत कृषि नियोजन श्रमिकों को अब 9 हजार 496 रुपए वेतन मिलेगा।

मोहन सरकार ने प्रदेश में ट्रांसफरो कि लगाईं झंडी, 37 IAS के ट्रांसफर

37 IAS के ट्रांसफर; बाबू सिंह शहडोल कमिश्नर, सतेंद्र सिंह गुना और सुरेश कुमार पन्ना कलेक्टर बने Transfer of 37 IAS; Babu Singh Shahdol became Commissioner, Satendra Singh Guna and Suresh Kumar Panna became Collector. भोपाल। राज्य सरकार ने 37 आईएएस की अस्थाई रूप से नई पदस्थापना आदेश गुरुवार को जारी कर दिए हैं। इसमें बाबू सिंह को शहडोल कमिश्नर, सतेंद्र सिंह को गुना कलेक्टर और सुरेश कुमार को पन्ना कलेक्टर बनाया गया है। इनके अलावा शहडोल, सिंगरौली कलेक्टर की नई पदस्थापना की गई है। देखिए पूरी लिस्ट…

कांग्रेस नेता के परिजन को उपकृत करने एक दर्जन डीएफओ ने पहली बार जोड़ी नई शर्तें

To oblige Congress leader’s family, a dozen DFO added new conditions for the first time भोपाल। भाजपा सरकार में भी अफसर कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों की फर्म पर मेहरबान है। इसी कड़ी में जंगल महकमे में एक दर्जन डीएफओ ने चैन लिंक और वायरबेड खरीदी की निविदा में ऐसी शर्त जोड़ दी, जिसे केवल कांग्रेस नेता के रिश्तेदार की फर्म को ही वर्क आर्डर मिल सके। बैतूल और बालाघाट समेत एक दर्जन डीएफओ ने चैनलिंक और वायरबेड खरीदी के लिए निविदा आमंत्रित की थी। इस निविदा में यह शर्त भी जोड़ दी कि भारत मानक ब्यूरो से मान्यता प्राप्त फर्म ही निविदा में हिस्सा ले सकेंगी। यह शर्त पहली बार जोड़ी गई। इस शर्त के कारण तीन दर्जन से अधिक संस्थाएं प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गई। मप्र में भारतीय मानक ब्यूरो से लाइसेंस प्राप्त दो फर्म ही रजिस्टर्ड हैं। यह दोनों फर्म ही कांग्रेस नेता के रिश्तेदार की है। यानी कांग्रेस नेता के रिश्तेदार को उपकृत करने के लिए प्रदेश के एक दर्जन डीएफओ ने पहली बार यह शर्त निविदा में जोड़ दी है। यह बात अलग है कि प्रतिस्पर्धा से बाहर हुई संस्थाओं ने शिकवे-शिकायतें शुरू कर दी हैं। जानकारों का कहना है कि मंत्री के यहां अनाधिकृत रूप से सक्रिय अपर संचालक स्तर के एक अधिकारी के कहने पर फील्ड के अफसरों ने निविदा में भारतीय मानक ब्यूरो की शर्त जोड़ी है। बताया जाता है कि अफसर पर दबाव बनाने वाले अनाधिकृत काम देख रहे अधिकारी का कांग्रेस नेताओं से पुराने संबंध रहे हैं।

आमजन के लिए जल्द ही खोला जाएगा, द्रोणाचल स्थित वार मेमोरियल

War Memorial located in Dronachal will soon be opened for the general public. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से सेना के जनरल आफिसर कमांडिंग प्रीतपाल सिंह व ब्रिगेडियर एसएस छिल्लर ने की सौजन्य भेंट। भोपाल ! राजधानी में द्रोणाचल स्थित सेना का युद्ध स्मारक आमजन के लिए जल्द ही खोला जाएगा। भोपाल स्थित सेना के स्ट्राइक कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग प्रीतपाल सिंह ने इस बात की जानकारी दी। वह आज सुबह मुख्यमंत्री आवास में सीएम डा. मोहन यादव से सौजन्य भेंट करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ ब्रिगेडियर एस.एस. छिल्लर भी उनके साथ थे। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को हेडक्वार्टर 21 कार्प की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। सीएम ने इस मौके पर हरदा सहित अन्य आपदाओं के दौरान सेना द्वारा दिए गए त्वरित सहयोग की सराहना की। कर्नल विशाल आहूजा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। देशभक्ति की मिलेगी प्रेरणाभोपाल में इंडियन आर्मी की 03 ईएमई कार्प्स ने द्रोणाचल के निकट स्थित योद्धा स्थल के पास ही वार मेमोरियल की स्थापना की है। यहां पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के नाम अंकित हैं। उनकी स्मृति में ही वार मेमोरियल बनाया गया है। यहां आकर लोगों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। यहां गैलेंट्री एरिया भी विकसित किया गया है। नागरिकों को इसी से जोड़ने एवं देशभक्ति की प्रेरणा देने के लिए वार मेमोरियल सभी के लिए खोलने का प्रस्ताव है।

धार्मिक पर्यटन होली सेवा का सीएम ने किया शुभारंभ कैलाश विजयवर्गीय ने उठाया सेवा का लुफ्त

CM inaugurated the religious tourism Holi service. Kailash Vijayvargiya enjoyed the service. शुरुआत में आठ सीटर वाले दो ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट चलाए जाएंगे। प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों के अलावा हवाई पट्टियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। भोपाल । मुख्यमंत्री डां मोहन यादव ने गुरुवार को स्टेट हैंगर में अयोजित कार्यक्रम में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा एवं पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत विभिन्न शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू की जाएगी। शुरुआत में आठ सीटर वाले दो ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट चलाए जाएंगे। प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों के अलावा हवाई पट्टियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। प्रारंभिक चरण में भोपाल, जबलपुर, रीवा, खजुराहो, उज्जैन और पमचढ़ी को धार्मिक पर्यटन हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा। इसका दायरा बढ़ा कर आने वाले समय में पर्यटकों की मांग के अनुसार अन्य शहरों को जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थितस्टेट हैंगर पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कुंवर विजय शाह, मंत्री धर्मेंद्र लोधी, मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, राकेश सिंह, निर्मला भूरिया, नारायण सिंह कुशवाहा, एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रारंभ में पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र लोधी ने स्वागत भाषण दिया।

प्राइवेट स्कूल संचालक नहीं बेच सकते बस्ता और बैग, नियम तोड़ा तो…

Private school operators cannot sell backpacks and bags, if rules are broken… मध्य प्रदेश में निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने एक निर्देश जारी किया है. कलेक्टर के इस निर्देश को अभिभावक खूब सराह रहे हैं और काफी खुश हैं भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशों से भोपाल के अभिभावकों में खुशी का माहौल है. भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निजी संचालकों के लिए आदेश जारी किए हैं कि कोई भी स्कूल संचालक बस्ता और ड्रेस नहीं बेच सकेगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले में संचालित होने वाले सभी निजी स्कूलों के संचालकों के लिए एक आदेश जारी किया है. इस आदेश में स्पष्ट किया है कि विद्यालय की स्टेशनरी, यूनिफार्म पर स्कूल का नाम प्रिंट कराकर दुकानों से क्रय कराने या एक विशिष्ट दुकान से यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तकें बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा. निर्देश का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, विद्यालय के प्राचार्य और प्रबंध के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही संबंधित एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है. कलेक्टर ने निजी विद्यालयों को स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षण सत्र प्रारंभ होने से पहले ही लेखक और प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करें. कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी और उनके अभिभावकगण इन पुस्तकों को अपनी सुविधानुसार खुले बाजार से खरीद सकें. अभिभावकों में खुशी की लहर भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल संचालकों को सूचना पटल पर यह भी अंकित करना होगा कि किसी दुकान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता नहीं है. कहीं से भी पुस्तकें, यूनिफार्म और अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की जा सकती है. पुस्तकों के अतिरिक्त स्कूल प्रबंधकों की ओर से यूनिफार्म, टाई, जूते, कापियां आदि भी स्कूल से उपलब्ध या बेचने की कोशिश नहीं की जाएगी. भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की तरफ से जारी किए गए इस तरह के आदेश से भोपाल के अभिभावकों ने खुशी जाहिर कर जिला प्रशासन की सराहना की है. उनका कहना है कि इस आदेश के बाद निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर विराम लग सकेगा, साथ ही कमीशन खोरी नहीं होने की वजह से स्कूलों का कोर्स भी अधिक कीमत का नहीं रहेगा. यह अच्छा फैसला है. इसे पूरे प्रदेश में सख्ती के साथ लागू किया जाना चाहिए.

पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों का प्रदर्शन, भाजपा कार्यालय के बाहर बैठ सुंदरकांड का पाठ किया

Demonstration of selected teachers demanding promotion, sat outside BJP office and recited Sunderkand. भोपाल ! भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। चयनित शिक्षक भाजपा कार्यालय के बाहर बैठे गए। उन्होंने श्री राम दरबार की तस्वीर रख सुंदरकांड का पाठ किया। उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) में पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों ने मंगलवार को भाजपा कार्यालय के के बाहर प्रदर्शन किया। बच्चों के साथ महिला चयनित शिक्षक प्रदर्शन करने पहुंची थी। तेज धूम में सड़कों पर बैठने से दो महिला चयनित शिक्षकों की तबीयत भी खराब हो गई। मंगलवार को चयनित शिक्षक रेलवे स्टेशन के पास एकजुट हुए। वह जयश्री राम के नारे लगा भगवान श्रीराम दरबार की तस्वीर लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर भगवान श्री राम की तस्वीर को रखकर सुंदरकांड का पाठ भी किया। चयनित शिक्षकों ने भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने सभी को बस में बैठा कर कटारा हिल्स थाने भेजा। प्रदर्शन करने वाले चयनित शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने वर्ग-1 में करीब 8 हजार 700 पदों पर भर्ती निकाली। इनमें से तीन हजार पद बैकलॉग के है। पांच हजार पद आरक्षित वर्ग ओबीसी, एससी-एसटी के साथ ही ईओडब्ल्यू के लिए है। इसके बाद भी जो कुछ थोड़े बहुत पद है उनको भी एक दर्जन से ज्यादा विषयों में बांटा गया है। ऐसे में कोई उम्मीदवार टॉप टेन में भी आ जाए तो उसे जॉब मिलना मुश्किल है। यही वजह है कि हम पदवृद्धि की मांग कर रहे है। महिला चयनित शिक्षक कृति के बच्चे को लेकर प्रदर्शन में आने पर कहा कि उसके भविष्य के लिए हम संघर्ष कर रहे है। सरकार की तरफ से पदवृद्धि का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना प्रत्याशी बनते ही मूँगावली अशोकनगर बदरवास को मिली रेलवे को बड़ी सौग़ात

As soon as Union Minister Jyotiraditya Scindia became Guna candidate, Mungawali Ashoknagar Badarwas got a big gift for the Railways. संतोष सिंह तोमर गुना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने पुराने लोकसभा क्षेत्र गुना से भाजपा के प्रत्याशी बनाए गए है । हालाँकि वह लगातार अपने क्षेत्र का भ्रमण व केंद्र एवं राज्य सरकार से विकास योजनाओं को गुना लाने का प्रयास कर रहे थे । पहले पास्पोर्ट केंद्र व आगरा तक हाईवे लाने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई, हाल ही में उन्होंने शिवपुरी और गुना में हवाईअड्डों के निर्माण की भी घोषणा की थी और आज रेलवे विभाग द्वारा बड़ी सौग़ात गुना लोकसभा क्षेत्र में लाने का काम भी उन्होंने किया है। बड़ी और लम्बी दूरी वाली कई ट्रेन अब इन स्टेशन पर रुकेंगी: •VISAKHAPATNAM -BHAGAT KI KOTHI EXPRESS – अशोक नगर रुकेगी20482 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले कई समय से लम्बी दूरी विभिन्न राज्यों को जोड़ने वाली ट्रेन को ग्वालियर – चम्बल संभाग के स्टेशन पर रुकवाने के लिए प्रयासरत रहे हैं। अब गुना क्षेत्र के निवासियों को इन ट्रेनों को पकड़ने के दूर बड़े स्टेशन जाना नहीं पड़ेगा जिनसे क्षेत्र की जनता को बड़ी सुलभता मिलेगी।

प्रदेश को मिली चौथी वंदे भारत ट्रेन, सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया

State got fourth Vande Bharat train, CM Mohan Yadav expressed gratitude to PM Modi भोपाल ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 85 हजार करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं के वर्चुअल शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में हजरत निजामुद्दीन से खजराहो के बीच चौथी वंदे भारत ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री ने देश में 10 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि रेलवे आधुनिक समय में देश का भाग्य बदलने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद रेलवे की कई पुरानी परंपराओं को बदलकर रेलवे के विकास को गति प्रदान की है। केंद्रीय बजट और रेलवे बजट को एक कर भारत सरकार के संसाधनों के रेलवे के विकास में उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। उनकी पहल से देशवासियों ने स्वच्छ रेलवे स्टेशन और विश्व स्तरीय रेलवे सुविधाओं का अनुभव प्राप्त किया है। मध्य प्रदेश को मिलने वाला रेलवे बजट 2014 से पहले लगभग 275 करोड़ हुआ करता था जो अब 15000 करोड़ हो गया है, यह डबल इंजन की सरकार का प्रभाव है। प्रदेश केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणीउप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनेगा, इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों और समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रदेश सभी केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भोपाल, संतहिरदाराम नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टशनों के विकास तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे का आभार माना। कार्यक्रम में रेलवे की महाप्रबंधक शोभना वनोपाध्या और मंडल रेलव प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित थे।

नरोत्तम मिश्रा के बेटे के रिसॉर्ट पर पड़ा छापा, 2.5 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा

Narottam Mishra’s son’s resort raided, tax evasion of Rs 2.5 crore revealed खास बात यह है कि SGST और CGST कार्यालय से यह रिसॉर्ट महज एक या दो किलोमीटर के बीच स्थित है. अब बड़ा सवाल है कि दोनों कार्यालय इतने पास होने के बावजूद रिजॉर्ट पर अभी तक क्यों नहीं की गई कार्रवाई थी? भोपाल ! केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के अफसरों ने सोमवार को ग्वालियर में इंपीरियल गोल्फ रिसॉर्ट पर छापा मारा. भोपाल और ग्वालियर की सीजीएसटी टीम ने मंगलवार सुबह तक दस्तावेज खंगाले. बताया गया कि करीब ढाई करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है. यह रिसॉर्ट प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे अंशुमन मिश्रा और बिल्डर रोहित वाधवा का है इंपीरियल गोल्फ रिसॉर्ट की बिलिंग में गड़बड़ी का टैक्स चोरी ही नहीं, बल्कि इनपुट टैक्स क्रेडिट भी लिया जा रहा था. रेस्तरां और 7500 से ज्यादा के टैरिफ के रूम पर कम जीएसटी लिए जाने के साथ इन सभी के बिलिंग पर पहले से तय टैक्स को कम किया जा रहा था.  रिसॉर्ट से मिले दस्तावेजों की सीएसटी की टीम गहनता से पड़ताल कर रही है. इसके साथ ही रिसॉर्ट के कमरों सहित कुछ हिस्से को सील भी किया जा सकता है. सीएसटी की कार्रवाई अभी जारी है और पेनल्टी ब्याज का आकलन किया जा रहा है. इसके साथ ही बिल्डर वाधवा की और भी प्रॉपर्टी सीएसटी की रडार पर है. चर्चा यह है भी है कि दूसरे प्रतिष्ठानों पर भी इसी तरह की टैक्स गड़बड़ पकड़ी जा सकती बता दें कि ग्वालियर रायरू बाईपास स्थित इंपीरियल गोल्फ रिजॉर्ट है. इसके डायरेक्टर बिल्डर रोहित वाधवा और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे अंशुमान मिश्रा भी डायरेक्टर हैं. सीएसटी के अफसर की स्क्रूटनी के दौरान यह पता चला है कि ग्वालियर के इस रिसॉर्ट में सीएसटी के नियमों को तोड़कर टैक्स वसूली में गड़बड़ की जा रही है. इसके आधार पर टीम तैयार की गई और 11 अधिकारियों की टीम को छापेमारी के लिए अधिकृत किया गया.  भोपाल के अधिकारियों के साथ स्थानीय अफसर भी पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में पड़ताल शुरू की.  इस पूरे मामले पर जब डायरेक्टर रोहित वाधवा और अंशुमान मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं नहीं किया. खास बात यह है कि एसजीएसटी और सीजीएसटी ग्वालियर कार्यालय से यह रिसॉर्ट महज एक या दो किलोमीटर के बीच स्थित है. अब बड़ा सवाल है कि दोनों कार्यालय इतने पास होने के बावजूद इस रिजॉर्ट पर अभी तक क्यों नहीं की गई कार्रवाई? पूर्व गृहमंत्री पर यह कार्रवाई किसके इशारे पर हुई? क्या आगे भी है कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि शहर के अंदर रोहित वाधवा ने सैकड़ों एकड़ जमीन को खरीद कर कॉलोनी काटी हैं और कई एकड़ जमीन पर रिसॉर्ट और स्कूल कॉलेज भी बने हुए हैं.

स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी करने में फर्जीवाड़ा फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर किया गुमराह

Misled in getting government job in health department by giving fake certificate कटनी। सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े के किस्से अक्सर सामने आते रहते है जिनमे न्यायालय के आदेश पर कार्यवाही भी होती है। इसके बावजूद भी फर्जीवाड़ा कम होने का नाम नही ले रहा। ताजा मामला बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है जहा एक आरटीआई कार्यकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग को हायर सेकंडरी के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शख्स को उजागर किया है। आरटीआई कार्यकर्ता कमल शर्मा ने बताया की एसपी पाटकर नामक व्यक्ति ने बोर्ड मार्कशीट लगाकर एमपीडब्लू की पोस्ट हासिल की थी। आरटीआई के जरिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी से बात उजागर हुई है की एस पी पाटकर ने जो मार्कशीट लगाई थी उसमे किसी भी तरह की सील मुहर, या प्राचार्य के साइन नहीं है।वही फर्जी दस्तावेज से नौकरी करने वाला सुदर्शन प्रसाद पाटकर बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुपरवाइजर के पद पर आसीन है। यह मामला अपने आप में बेहद संगीत है। आरटीआई एक्टिव विस्ट द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को अगर सही माने तो कई वर्षों से बड़वारा में सदस्य सुपरवाइजर शासन की आंखों में धूल झोंक रहा है। इस मामले की सूक्ष्म जांच कराए जाने से सारी सच्चाई सामने आ सकती है।इनका कहना हैइस पूरे मामले को लेकर बातचीत करते हुए खुद सुदर्शन पाठ करने कहा कि आगजनी की एक घटना में मेरे सभी दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। मेरे द्वारा किसी तरह का कोई फर्जी बाड़ा नहीं किया गया है। जांच कराई जानी चाहिए जिससे मामला स्पष्ट हो सके।

दीपक जोशी घर वापसी के मूड में, सागर से अरुणोदय चौबे भी जा सकते हैं भाजपा में

Deepak Joshi in the mood to return home, Arunoday Choubey from Sagar can also join BJP भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत से फिर बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सीएम कैलाश जोशी के बेटे और भाजपा से तीन बार विधायक रहे दीपक जोशी सोमवार को एक बार फिर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। दीपक विधानसभा चुनाव 2023 से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे। दीपक जोशी के साथ पन्ना गुनौर से कांग्रेस विधायक रहे शिवदयाल बागरी और सागर की खुरई सीट से विधायक रहे अरुणोदय चौबे भी भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस जॉइन ली थी बता दें कि 2020 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ देवास जिले की हाटपिपल्या से कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी ने भाजपा जॉइन की थी। दीपक जोशी को हराकर मनोज चौधरी विधायक बने थे। चौधरी के बीजेपी में आने के बाद दीपक जोशी को चुनाव लड़ने के लिए टिकट की संभावना नहीं बची थी। दीपक ने तत्कालीन शिवराज सरकार पर अपने पिता स्वर्गीय कैलाश जोशी के स्मारक बनवाने में उदासीनता बरतने और खुद की उपेक्षा के आरोप लगाकर बीजेपी छोड़ दी थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले दीपक ने कांग्रेस जॉइन कर ली थी। एक दिन पहले: अरुणोदय चौबे का चुनाव लड़ने से इनकार बता दें कि एक दिन पहले रविवार को सागर जिले के खुरई से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अरुणोदय चौबे ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। अरुणोदय को सागर लोकसभा सीट से कांग्रेस का दावेदार बताया जा रहा था। अरुणोदय ने फेसबुक पर लिखा है कि व्यक्तिगत कारणों से सागर लोकसभा सीट से अपना नाम वापस ले रहा हूं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अवगत करा दिया है। मेरे नाम पर विचार नहीं किया जाए।

गेहूं की खरीदी पर प्रति क्विंटल 125 रुपये का बोनस देगी प्रदेश सरकार

State government will give a bonus of Rs 125 per quintal on the purchase of wheat. लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले मोहन यादव कैबिनेट की अंतिम बैठक आयोजित हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। भोपाल। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले मध्‍य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट की अंतिम बैठक आज आयोजित की गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। पूरे प्रदेश में साइबर तहसील लागू करने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गयामध्य प्रदेश में 13 नर्सिंग महाविद्यालय खोले जाएंगेउज्जैन में मेडिकल कॉलेज और 100 बिस्तर के लिए अस्पताल लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।पीएम श्री एंबुलेंस सेवा का अनुमोदन कैबिनेट ने किया। जिसमें एक हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज रहेगा। जिसके पास आयुष्मान का कार्ड होगा। उसे निश्शुल्क ले जाने की सुविधा होगी। मरीज कौन होगा, इसका निर्णय कलेक्टर सीएमओ करेंगे। यदि कोई व्यक्ति निजी अस्पताल में इलाज कराने जाएगा तो उसके लिए एक शुल्क रखा जाएगा।गेहूं के उपार्जन के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की प्रतिभूति होती की गारंटी सरकार ने दी है।प्रदेश सरकार गेहूं के उपार्जन पर प्रति क्विंटल 125 रुपए का बोनस देगी। अभी 2 हजार 275 रुपये समर्थन मूल्य है उसके ऊपर यह राशि मिलेगी उज्जैन में आईआईटी इंदौर का कैंपस कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई।प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बैगा, भारिया सहरिया के आवास पर विद्युतीकरण कराया जाएगा।

घोटाला छुपाने के लिए प्रदेश सरकार ने वल्लभ भवन में लगवाई आग , जीतू पटवारी

To hide the scam, the state government set fire to Vallabh Bhawan, Jitu Patwari जीतू पटवारी ने कहा कि… मंत्रालय में पांच बार आग लग चुकी है और यहां घोटाले को दबाने के लिए आग लगाई गई है.. यह सरकार का पाप है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा आरोप वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

विधायक रामेश्वर शर्मा ने नमो शिवाय मार्ग का निरीक्षण कर निर्देश दिए

MLA Rameshwar Sharma inspected Namo Shivay Marg and gave instructions. विधायक रामेश्वर शर्मा ने नीलबड़-बड़झिरी मार्ग के निर्माण कार्य का संबंधित अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। नमो शिवाय मार्ग भोपाल-इंदौर कनेक्टिविटी का मुख्य पाथ साबित होगा। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। शिवरात्रि पर आधी रात तक कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के बाद अगले ही दिन विधायक रामेश्वर शर्मा पुनः अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। शनिवार को श्री शर्मा ने नीलबड़ में बन रहे नीलबड़ से बड़झिरी जाने वाले “नमो-शिवाय मार्ग” के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ संबंधित अधिकारियों ने भी कार्य का अवलोकन किया। यह मार्ग नये भोपाल को सीहोर एवं इंदौर मुख्य मार्ग से जोड़ेगा। विधायक शर्मा ने निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही अन्य निर्देश दिए। मार्ग अवलोकन के लिए पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हुजूर का कोई भी क्षेत्र विकास के मामले में अधूरा नहीं रहेगा। चाहे कोलार हो या संत नगर, गांधीनगर हो या नीलबड़ हर ओर बराबरी से विकास की धारा वह रही है। नीलबड़ जो पहले गांव समझा जाता था, आज उभरता और समृद्ध होता उपनगर बनता जा रहा है। आज नीलबड़ में सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता आदि की सुव्यवस्थित सुविधा है। अब यह नमो-शिवाय मार्ग पूरा होने के बाद नया भोपाल सीधे सीहोर और इंदौर मुख्य मार्ग की डायरेक्ट कनेक्टिविटी में आ जाएगा। कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार व्यापार के अवसर बढ़ेंगे और अवसरों की वृद्धि क्षेत्र की समृद्धि के द्वार खोलेगी।

वल्लभ भवन में लगी आग, दस्तावेज जलकर हुए खाक, सीएम ने दिए जांच के आदेश

Fire breaks out in Vallabh Bhawan, documents burnt to ashes, CM orders investigation प्रदेश के वल्लभ भवन में आग लग गई। आग पुरानी बिल्डिंग में तीसरे फ्लोर पर लगी, जो हवा की वजह से तेजी से फैली। फायर अमला ने मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। मुख्यमंत्री ने आग लगने की घटना के जांच के आदेश दिए है। भोपाल ! प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित मंत्रालय भवन (वल्लभ भवन) में शनिवार सुबह आग लग गई। आग वल्लभ भवन के गेट नंबर 5 और 6 गेट के सामने पुरानी बिल्डिंग में लगी है। तीसरे फ्लोर पर लगी आग हवा की वजह से तेजी फैली। जिससे सरकारी दस्तावेज पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग लगने की सूचना पर भोपाल फायर अमला मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। सफाई कर्मियों ने दी सूचनापांच और छह नंबर गेट के सामने सफाई कर रहे कर्मचारियों ने बिल्डिंग में धुंआ उठता देखा। जिसके बाद मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस समेत दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। चार दमकल की गाड़ियों से आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। मंत्रालय में शनिवार को छुट्टी होने की वजह से कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बता दें कुछ समय पहले वल्लभ भवन के पास ही स्थित सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल पर आग लग गई थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के स्थापना समेत कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जल गए थे। सीएम ने दिए आग की घटना के जांच के निर्देशमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मंत्रालय में एक बिल्डिंग में आग की जानकारी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य सचिव को मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज न जले। आग पर काबू पाने के साथ ही घटना के कारण की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसका एहतियात रखा जाए।

भोपाल में दिन भर लें खूबसूरत जगहों का आनंद, आज महिलाओं के लिए फ्री है सिटी बस का सफर

Enjoy beautiful places throughout the day in Bhopal, today city bus travel is free for women. Women’s Day 2024: अतंराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज भोपाल नगर निगम ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है. भोपाल की सिटी बसों में आज महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी. Day 2024: आज अतंराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) है. इस अवसर पर भोपाल नगर निगम (Bhopal Municipal Corporation) की ओर से महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है. दरअसल, शुक्रवार को दिनभर रेड यानी सिटी बसों में महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी. बसों में महिलाओं का किराया नहीं लगेगा. सिटी बस में औसत ड़ेढ़ लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं. उनमें से 40 फीसदी यानी लगभग 60 हजार की संख्या महिलाओं और युवतियों की होती है. महापौर मालती राय ने दिया था सुझावशुक्रवार यानी आज महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) भी है. शुक्रवार को सुबह 6 बजे से लेकर रात के नौं बजे तक महिलाएं सिटी बस मंदिर जा सकती हैं. महापौर मालती राय, प्रभारी निगम कमिश्नर शिवम वर्मा की उपस्थिति में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डारेक्टर्स की गुरुवार को एक बैठक हुई थी. उसी में ये फैसला लिया गया. महापौर मालती राय की ओर से सुझाव दिया गया था कि, अतंराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए. भोपाल के 25 रूट पर कुल 338 बसें होती हैं संचालितइस पर संचालक मंडल की ओर से सर्वसम्मति से फैसला लिया गया. बता दें भोपाल के 25 रूट पर कुल 338 सिटी बसें संचालित होती हैं. पिछले दो साल की तुलना में यहां 95 बसें बढ़ी हैं. ये सारी सीएनजी बसे हैं. ये सिटी बसें शहर के सभी एरिया को कवर करती हैं. रोजाना इन बसों में एवरेज ड़ेढ़ लाख यात्रियों में सफर करने वालों में 60 हजार महिला यात्रियों के अलावा छात्र भी इन बसों से आते जाते हैं. इन बसों में किराए के रूप में उन्हें न्यूनतम सात और अधिकतम 42 रुपये देने होते हैं. सभी सिटी बसों में जीपीएस ट्रैंकिग सिस्टम और कैमरे लगे हैं.

जबलपुर कलेक्टर के आदेश की एसडीएम व तहसीलदार ने उड़ाई धज्जियां, दोनों सस्पेंड

Jabalpur Collector’s order flouted by SDM and Tehsildar जबलपुर में कलेक्टर के आदेश पर सील हुई पटाखा दुकानों को एसडीएम और तहसीलदार ने खुलवाया. उनकी अभी जांच भी पूरी नहीं हो पाई थी. लापरवाही बरतने पर एसडीएम और तहसीलदार को निलंबित किया गया. मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एसडीएम को निलंबित करने का मामला सामने आया है. एसडीएम पुष्पेंद्र अहाके पर पटाखा व्यापारियों को अनिश्चित लाभ पहुंचाने का आरोप है. एसडीएम पर आरोप है कि उन्होंने कलेक्टर दीपक सक्सेना के आदेश के विपरीत जाकर पटाखा व्यापारियों की सील की गई दुकानों को खोल दिया. जिसकी वजह से पटाखा व्यापारियों को अपने स्टॉक को इधर-उधर करने में मदद मिल गई. मामले को लेकर तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे को भी निलंबित किया गया है. संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा के मुताबिक, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) अधारताल पुष्पेन्द्र अहाके एवं तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे को शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. संभागायुक्त ने यह कार्रवाई कलेक्टर दीपक सक्सेना से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर की है. बता दें कि पिछले दिनों हरदा की घटना के बाद जबलपुर शहर के कठौंदा स्थित बारहमासी पटाखा संग्रहण एवं विक्रय दुकानों के स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं होने पर कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा उन्हें सील करने के निर्देश दिए गए थे. जांच पूरी हुए बिना ही खुलवा दीं दुकानेंलेकिन अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अधारताल ने स्टॉक का सत्यापन किए बगैर तथा सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए बिना सील की गई दुकानें खुलवा दी थीं. हरदा हादसे के बाद जिला प्रशासन ने थोक पटाखा बाजार की दुकानें सील की थी. बिना पूरी जांच किए एसडीएम और तहसीलदार ने पटाखा बाजार की दुकानों की सील को खोल दिया. जबकि इन दुकानों के स्टॉक में भी कमी मिली थी. इन दुकानों की सील पूरी जांच और स्टॉक रजिस्टर से मिलान के बाद खोली जानी थी. एसडीएम पुष्पेंद्र अहाके और तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे के निलंबन आदेश में कहा गया है कि यह शासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन व शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही है. इसमें अभी माना गया है कि दोनों अधिकारियों ने पटाखा व्यापारियों को अपने अवैध स्टॉक को इधर-उधर करने में मदद की है. शासन के नियमों एवं निर्देशों के विपरीत कार्रवाई की गई. जिसकी वजह से दोनों का निलंबन किया गया है.

अब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता चुनाव ,आखिर उमा भारती क्या संकेत देना चाहिए है पार्टी को ?

Now elections do not matter to me, after all Uma Bharti, what signal should the party give? ‘मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं, अब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता’ चुनाव नहीं लड़ने पर Uma Bharti ने क्यों कहा ऐसा लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि अगर मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगी तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी और गंगा नदी के लिए काम एक साथ नहीं किया जा सकता। मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं। गंगा से जुड़े कार्यों को पूरा करूंगी। गंगा को लेकर जाति समुदाय या राजनीतिक दलों को लेकर कोई विवाद नहीं है। भोपाल। भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगीं। मैं दो साल चुनाव नहीं लड़ूंगी। गंगा में जाति, संप्रदाय का कोई विवाद नहीं है। बीजेपी इस चुनाव में 400 से ज्यादा सीटें जीतेगी। उमा भारती ने कहा कि मेरे लिए गंगा महत्वपूर्ण है। मैं अगले दो साल गंगा के लिए काम करूंगी। पीएम नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है। जरूरत पड़ने पर मैं खुद चुनाव प्रचार करूंगी। 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि अगर मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगी तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी और गंगा नदी के लिए काम एक साथ नहीं किया जा सकता। मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं। गंगा से जुड़े कार्यों को पूरा करूंगी। गंगा को लेकर जाति, समुदाय या राजनीतिक दलों को लेकर कोई विवाद नहीं है। पूरी योजना तैयार है, सभी अनुमतियां मिल चुकी हैं, सिर्फ गति धीमी हुई है। गंगा नदी से अधिक कोई मायने नहीं रखता उमा भारती ने कहा कि पीएम मोदी भी मिशन गंगा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जरूरत पड़ी तो प्रचार में हिस्सा लूंगी, लेकिन चुनाव नहीं लड़ूंगी । हम चाहते हैं कि बीजेपी 400 से ज्यादा सीटें जीते… पहले मैंने घोषणा की थी कि मैं चुनाव में खड़ी होऊंगी लेकिन अब मेरे लिए गंगा नदी से अधिक कोई मायने नहीं रखता। भाजपा को 400 से ज्यादा सीटें मिलेंगी उमा भारती ने कहा कि मोदी जी 400 से ज्यादा सीटें लेकर आए, अकेले बीजेपी को 400 से ज्यादा मिलें और एनडीए के पास भी 400 से ज्यादा सीटें होनी चाहिए। यह मेरे मन का भाव है। इसमें आपको जहां मेरा सहयोग लगे मैं करूंगी। मैंने पहले 2024 का लोकसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन अब मेरे लिए गंगा के लिए कुछ महत्व नहीं रखना।

किसानों के लिए अच्छी खबर, अब इस तारीख तक करा सकते हैं गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन

Good news for farmers, now they can register for wheat procurement till this date 10 मार्च तक शासन की उम्मीद के मुताबिक यदि किसानों के पंजीयन हो जाते हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि 15 मार्च से राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर देगी। ध्यान रहे इस बार रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकार 2275/- रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करेगी। इसके बाद सरकार किसानों को बोनस प्रदान करेगी। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मोहन यादव सरकार की तरफ से एक बार फिर राहत भरी खबर आई है। डॉ मोहन यादव सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन की तिथि को एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब किसान 10 मार्च तक समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन केंद्रों पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। सरकार ने दूसरी बार बढ़ाई पंजीयन की तिथिगेहूं की पैदावार करने वाले किसानों की फसल की चिंता करते हुए मप्र सरकार ने एक बार फिर उन्हें राहत दी है, दूसरी बार गेहूं उपार्जन की तारीख बढ़ाई गई है जिससे किसान अपनी गेहूं की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन केंद्र या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन कर सकते हैं। आपको बता दें कि गेहूं उपार्जन की तिथि सबसे पहले 1 मार्च निर्धारित की गई थी जिसे बढाकर हाल ही में 6 मार्च किया गया था अब इसे फिर बढ़ाकर 10 मार्च किया गया है जिससे किसान अपनी फसल आसानी से समर्थन मूल्य पर बेच सकें 10 मार्च तक करवा सकते है पंजीयन दरअसल, रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी सरकार कर रही है इसके लिए किसानों से पंजीयन केंद्रों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन कराने के लिए कहा गया है, सरकार ने पैदावार को देखते ही पंजीयन के लिए एक मार्च तक तिथि निर्धारित की थी लेकिन पंजीयन की धीमी गति को देखते हुए सरकार ने 1 मार्च को तिथि एक सप्ताह बढ़ाकर 6 मार्च कर दी, लेकिन जब कल 6 मार्च को पैदावार की तुलना में पंजीयन की गाठी धीमी देखते हुए फिर एक बार तारीख बदली और इसे बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया है । किसानों के लिए ये सुविधा भी उपलब्धकिसानों की जानकारी के लिए बता दें कि वे सुबह 7 से रात 9 बजे तक अपने मोबाइल फोन से शासन द्वारा बनाये गए पंजीयन केंद्रों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना निशुल्‍क रजिस्‍ट्रेशन/पंजीयन कर सकते हैं। इतना ही नहीं किसान ग्राम पंचायत कार्यालयों में स्थापित किसान सुविधा केंद्र, सहकारी समिति, महिला स्व-सहायता समूह आदि केंद्रों पर जाकर निःशुल्क पंजीयन करवा सकते हैं। 15 मार्च से खरीदी शुरू होने की उम्मीद10 मार्च तक शासन की उम्मीद के मुताबिक यदि किसानों के पंजीयन हो जाते हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि 15 मार्च से राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर देगी। ध्यान रहे इस बार रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकार 2275/- रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करेगी। इसके बाद सरकार किसानों को बोनस प्रदान करेगी।

संघ के एमडी एक्शन मूड में, सीईओ और उत्पादन प्रभारी की ली क्लास, तीन साल का ब्यौरा मांगा

Sangh’s MD in action mood, asks for details of CEO and production in-charge, details of three years भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने अब एक्शन मूड में नजर आ रहें हैं। मंगलवार को प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र (एमएफपी पार्क) बरखेड़ा पठानी के सीईओ और  प्रभारी प्रबंधक उत्पादन की जमकर क्लास ली। ठाकुर ने गत 3 साल में केंद्र में खरीदी गई जड़ी- बूटी समेत अन्य सामग्रियों का पूरा ब्यौरा मांगा है। प्रबंध संचालक द्वारा प्रसंस्करण केंद्र में उत्पादन से संबंधित समीक्षा बैठकों में कई बिंदुओं पर उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार को सुधार करने की कड़ी चेतावनी दी है।  संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रशंसकरण एवं अनुसंधान केंद्र में लंबे समय से हो रही गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है। मंगलवार को बातचीत में ठाकुर ने अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मैंने सीईओ पीजी फुलजले और उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार से 3 साल में क्रय की गई सामग्रियों को बिंदुवार जानकारी मांगी है। मसलन, कितनी सामग्री, किस संस्था से और किस दर पर खरीदी की गई है ? खरीदी गई सामग्री टेंडर से परचेस किए गए हैं या फिर बिना निविदा बुलाए खरीद ली गई हैं। सभी डिटेल तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से नई पॉलिसी लागू करने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इससे गड़बड़ झाले और दलाली पर ब्रेक लगेगा। नई नीति के तहत सभी खरीदी जिला वनोपज यूनियन के अंतर्गत काम करने वाले संग्रहण कर्ताओं से की जाएगी।   4 सालों का उत्पादन रिकॉर्ड भी गायब जानकारी में आया है कि पिछले 4 सालों गंभीर अनियमितताएं की गई। सूत्रों का कहना है कि विगत 4 सालों में लगभग 90 करोड़ रुपये कि दवाईओं का उत्पादन किया गया है। लेकिन उत्पादन का रिकॉर्ड संधारित ही नहीं किया गया है। विगत वर्षों की ख़रीदी का मिलान उत्पादन रिकॉर्ड से ही किया जा सकता है, परंतु उत्पादन रिकॉर्ड के नाम पर बिल वाउचर ही मिल रहे है। जिनका सही प्रमाणीकरण सही तरीक़े से जांच द्वारा ही किया जा सकता है। इस संबंध में न तो पूर्व एसडीओ पर कार्यवाही की गई न ही प्रभारी एसडीओ सुनीता अहिरवार पर कार्यवाही की जा रही है। सीईओ फ़ुलझेले द्वारा केवल एक आदेश निकाल कर इतिश्री कर ली गई है। सुनीता अहिरवार द्वारा भी बिल्डिंग मेंटेन्स, नर्सरी रखरखाव, और फर्जी लेवर दिखा कर करोड़ों रुपए का गड़बड़ झाला किया जा चुका है। दिलचस्प पहलू है कि  अपर प्रबंध संचालक मनोज अग्रवाल के पत्र में दर्शित बिंदुओं पर जांच करने के लिये कोई कमेटी अभी तक नहीं बनी है। तीन आईएफएस आएंगे जांच की जद में  पूर्व एसडीओ पिल्लई के कार्यकाल में हुई अनियमितताएँ उस अवधि में मुख्यकार्यपालन अधिकारी रहे अफ़सरों की मिली भगत से ही संभव हुआ है। यदि एसडीओ पिल्लई पर कार्यवाही हुई तो बड़े अफ़सर भी जद में आयेंगे। इसमें पूर्व सीईओ एवं सेवानिवृत आईएफएस एलएस रावत, एपीसीसीएफ विवेक जैन वर्तमान में वन विकास निगम में प्रभारी एमडी और  प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ दिलीप कुमार पर भी चार्जशीट बन सकती है। इन तीन आईएफएस अफसर को बचाने के लिए जांच कमेटी का गठन नहीं किया जा रहा है।

हमीदिया अस्पताल को रोबोटिक सर्जरी के लिए किया जा रहा तैयार

Hamidia Hospital is being prepared for robotic surgery भोपाल ! इस साल के अंत तक हमीदिया अस्पताल में रोबोटिक्स तकनीक से घुटने और कूल्हे के आपरेशन शुरू करने की तैयारी। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में जल्द ही घुटने और कूल्हे (नी एंड हिप रिप्लेसमेंट) की रोबोटिक सर्जरी को शुरु करने की तैयारियों में जुट गया है। अब तक सिर्फ प्रदेश के निजी अस्पतालों में नी और हिप की सर्जरी होती है। प्रदेश के एम्स को छोड़ किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा पहली बार शुरू होने जा रही है। रिप्लेसमेंट के लिए इसकी शुरुआत दिसंबर 2024 तक की जाएगी, जिसकी कार्ययोजना काम किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो साल के अंत तक इसकी सुविधा सर्जरी वाले मरीजों को मिलना भी शुरू हो जाएगी। गांधी मेडिकल कालेज से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए बेंगलुरु की एक निजी कंपनी से अस्पताल के विशेषज्ञ संपर्क में भी हैं। क्या है रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट रोबोटिक सर्जरी कंप्यूटराइज्ड डिवाइस से की जाएगी, जो चिकित्सक के सहयोगी के रूप में काम करेगी। इसमें सर्जरी के दौरान चिकित्सक रोबोटिक सेटअप का रिमोट हाथ में पहनते हैं। इसमें लगे कैमरे और सेंसर रोबोट घुटने के सारे मूवमेंट और स्थिति को नोट कर उसकी थ्रीडी इमेज तैयार करते हैं। थ्रीडी इमेज के हिसाब से रोबोट सर्जरी का सटीक प्लान तैयार करता है। वह चिकित्सक को बताता है कि हड्डी कितनी खराब है, कितनी और किस जगह से काटने पर क्या परिणाम आ सकते हैं। आपरेशन एक विशेष कंसोल में बैठा सर्जन आपरेशन का काम संभालता है। सर्जन को आपरेशन करने वाली जगह का एक बड़ा 360 डिग्री दृश्य दिखता है। इसके अलावा साथ खड़ा चिकित्सक इस बात की जानकारी देता है कि उपकरण सही जगह पर जाकर अपना काम कर रहा है। रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद अस्पताल से मिलेगी छुट्टी अब तक यह सारे आकलन चिकित्सक अपने विवेक और अनुभव के आधार पर करते थे। अब चिकित्सक के पास सटीक आकलन और प्लान होगा। इससे सर्जरी काफी आसान हो जाएगी। यही नहीं, रोबोटिक सर्जरी में इंप्लांट की उम्र 10 साल तक बढ़ जाती है और सर्जरी फेल होने का खतरा न के बराबर होता है। यह सर्जरी इतनी सटीक होती है कि रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। इनका कहना हैरोबोटिक सर्जरी को लेकर काम काफी समय से चल रहा है। इसके पूर्व में भी इस सर्जरी के लिए डेमों विशेषज्ञों के सामने हो चुका है। वर्ष 2024 के अंत तक में इसकी शुरुआत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। इतना ही नहीं तकनीकी को बढ़ाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं, बाहर के विशेषज्ञों से इसे लेकर लगातार संपर्क में हैं, जिससे इसकी सफलता की जानकारी दी जा सके।

भाजपा ने रवाना किए प्रचार रथ ,संकल्प पत्र में शामिल किए जाएंगे जनता के सुझाव

BJP launches campaign chariot, public suggestions will be included in the resolution letter भाजपा ने लोकसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार रथों को रवाना किया है। ये रथ मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में पहुंचेंगे। भोपाल। भारतीय जनता पार्टी जनता के सुझावों को संकल्प पत्र में शामिल करेगी। इसके लिए पार्टी के प्रदेश कार्यालय से मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए एलईडी रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डा.यादव ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर काम करती है। एलईडी रथों के माध्यम से सभी लोकसभा क्षेत्रों में जनता के साथ जुड़कर सुझाव लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में तीसरी बार फिर सरकार बनने जा रही है। चारों एक ही नारा सुनाई दे रहा है अबकी बार 400 पार। दो-दो एलईडी रथ जाएंगेसीएम यादव ने कहा कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए दो-दो एलईडी रथ जाएंगे। सुझाव पेटियों के साथ-साथ हम जागृति रथ भी निकालेंगे। निश्चित विजय हमारे सामने है, लेकिन हम जनता के साथ खड़े होना चाहते हैं। इन रथों के माध्यम से लोकसभा क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को बताया जाएगा। एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी’ ने पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने प्रचंड बहुमत से हमारी सरकार बनाई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में देश की दशा और दिशा पूरी तरह से बदल गई है। विपक्ष ने कई हथकंडे और षड्यंत्र किए, लेकिन आर्थिक व्यवस्था हो, विकास के पैमाने, मानवीय संवेदना की बात हो या फिर कोविड का कठिन काल, हर चुनौतियों में प्रधानमंत्री ने अपने नेतृत्व को सफल सिद्ध किया है। जाति आधारित गणना पर बोले रामेश्वर शर्माउधर, कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने राहुल गांधी के देश में जाति आधारित गणना की मांग को लेकर कहा कि राहुल गांधी को भी अपनी जाति बतानी होगी। हम लोग सनातन प्रवृत्ति के हैं और हिंदू समाज में वर्ग-जाति का कोई उल्लेख नहीं होता है। राहुल गांधी अगर आपने जाति पूछना शूरू कर दी तो पहले आपको बताना पड़ेगा कि फिरोज खान का नाम किस जाति का है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के लोकसभा चुनाव में 10 से 12 सीटें कांग्रेस के जीतने के दावे पर कहा कि दस में से आगे का एक गायब हो जाएगा और कांग्रेस शून्य पर आ जाएगी। मैं तो यही प्रार्थना करूंगा कि कमल नाथ जी इस आयु में चुनाव हारने का झटका न खाएं।

भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज की प्रक्रिया शुरू

Process for second phase of Bhopal Metro’s Orange Line begins मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद भोपाल मेट्रो कंपनी शुरू करेगी प्रक्रिया सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछेगा, जिसमें अंडर ग्राउंड ट्रैक और दो स्टेशन भी रहेंगे भोपाल। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लाइन बिछाने के काम की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो रही है। इस पर कुल 1540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस फेज की में भी पहले फेज की तरह 8 स्टेशन बनेंगे। 3.39 किलोमीटर रूट अंडर ग्राउंड होगा और इसी में 2 मेट्रो स्टेशन भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसफेस का वर्चुअली भूमिपूजन मंगलवार को किया। मेट्रो की ऑरेंज लाइन एम्स से करोंद तक बिद रही है। यह रूट कुल 14.99 किलोमीटर लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन होने के बाद अब कमर्शियल रन की तैयारी है। जबकि मई जून में कमर्शियल रन का लक्ष्य लेकर मेट्रो कंपनी लेकर चल रही है। इसलिए 3 स्टेशन डीआरएम ऑफिस के साथ एम्स और अलकापुरी तक काम तेजी से चल रहा है। वहीं डीआरएम ऑफिस तिराहे पर स्टील ब्रिज बनाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही अब सुभाष नगर से करोंद तक के रूट को लेकर भी काम शुरू हो रहा है। कुल 8.77 किलोमीटर के लिए टेंडर प्रोसेस होने के बाद भूमिपूजन किया गया। दो फेज में काम होगा। साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा। इन 6 जगहों पर बनेंगे मेट्रो स्टेशनपुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी करोंद। वहीं 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। अंडरग्राउंड रूट के लिए टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड पहले ही खुल चुकी है। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसकी प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रोसुरंगें सिंधी कॉलोनी व ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगी।

मोहन यादव ने बदला X का बायो, नाम के आगे लिखा ‘मोदी का परिवार’

Mohan Yadav changed X’s bio, wrote ‘Modi’s family’ in front of his name अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा समेत अब राज्य स्तर पर भी बीजेपी के बड़े नेता अपना एक्स बायो बदल रहे हैं और अपने नाम के आदे ‘मोदी का परिवार’ जोड़ रहे हैं. लालू यादव के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया नारा दे दिया. पीएम मोदी ने कहा, ‘पूरा देश ही मेरा परिवार है’. इसके बाद से बीजेपी नेताओं ने एक नया अभियान ही शुरू कर दिया. गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बायो बदल लिया है. उन्होंने अपने नाम के आगे (मोदी का परिवार) जोड़ लिया है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपना बायो चेंज किया.

MP की 24 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान, सिंधिया गुना से लड़ेंगे चुनाव

Candidates announced for 24 seats of MP, Scindia will contest elections from Guna मुरैना – शिव मंगल सिंह तोमरभिंड– संध्या रायग्वालियर – भारत सिंह कुशवाहगुना – ज्योतिरादित्य सिंधियासागर – लता वानखेड़ेटीकमगढ़ – SC वीरेंद्र खटीकदमोह– राहुल लोधीखजुराहो -वीडी शर्मासतना– गणेश सिंहरीवा – जनार्दन मिश्रासीधी – राजेश मिश्रशहडोल– हिमादारी सिंहजबलपुर– आशीष दुबेमंडला– St फग्गन सिंह कुलस्तेहोशंगाबाद– दर्शन सिंह चौधरीविदिशा – शिवराज सिंह चौहानभोपाल – आलोक शर्माराजगढ़ – रोडमल नगरदेवास– महेंद्र सिंह सोलंकीमंदसौर -सुरेश गुप्तारतलाम – अनीता नगर चौहानखरगोन – गजेंद्र पटेलखंडवा – ज्ञानेश्वर पाटिलबैतूल – दुर्गादास उईके

राहुल गांधी का एमपी में ‘ग्रैंड वेलकम’, सड़कों पर बिछाई गुलाब की पंखुडियां

Rahul Gandhi’s ‘Grand Welcome’ in MP, rose petals spread on the roads राजघाट पुल पर कांग्रेसी दिग्गजों का जमावड़ा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ मुरैना जिले के माध्यम से मध्य प्रदेश में प्रवेश करने वाली है। कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि पांच दिनों के आराम मुरैना: कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजस्थान के धौलपुर पहुंचे, जहां उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा। कुछ ही देर बाद भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू होने वाली है, जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शुरू होगी। कांग्रेस नेताओं ने चंबल नदी पर बने राजघाट पुल पर राहुल गांधी के स्वागत के लिए सड़क पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछा दी हैं। राजस्थान के धौलपुर जिले में राहुल गांधी का रोड शो शुरू हो गया है। चंबल राजघाट पर राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह समेत कई नेता पहुंचे। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले उसकी तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी की यह यात्रा नीमच के रास्ते राजस्थान में एंट्री करेगी। वह 7 मार्च को बांसवाड़ा (दक्षिणी राजस्थान में स्थित शहर) में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करेंगे और उसके बाद यह यात्रा गुजरात में प्रवेश करेगी और 9 मार्च तक रहेगी। इससे पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का लक्ष्य 15 राज्यों से होकर 6,700 किलोमीटर की दूरी तय करना है, क्योंकि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं।

12 साल से एचआरडी शाखा में जमीं प्रभारी पर लगने लगी गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप

Allegations of serious financial irregularities started being leveled against the ground in-charge of HRD branch for the last 12 years. भोपाल। शासकीय अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट कौशल पांडेय ने वन मंत्री से लेकर पीसीसीएफ एवं एपीसीसीएफ विजिलेंस को पत्र लिखकर वन विभाग के मानव संसाधन विकास शाखा में 12 साल से पदस्थ सहायक ग्रेड-2 एवं कार्यालय प्रभारी अधीक्षक विनीता फांसिस विल्सन और उनके मददगार सेवा निवृत्त कर्मचारी कृष्णन पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए बर्खास्त करने की मांग की है। इसके अलावा शासकीय अधिवक्ता ने सीनियर अधिकारी से निष्पक्ष जांच का भी आग्रह किया है। वन मंत्री और सीनियर अधिकारियों को संबोधित पत्र में शासकीय अधिवक्ता पांडे ने लिखा है कि विनीता फांसिस विल्सन सहायक ग्रेड-2 कार्यालय प्रभारी अधीक्षक के पास बजट आवंटन, भंडार कक्ष, भारतीय वन सेवा प्रशिक्षण, राज्य वन सेवा प्रशिक्षण, रेजर प्रशिक्षण, उपवन क्षेत्रपाल और वनरक्षक प्रशिक्षण का प्रभार है। अपने पद का दुरूपयोग करते हुए विनीता फॉसिस विल्सन ने 65 वर्षीय सेवा निवृत्त कर्मचारी कृष्णन एवं एक अन्य महिला रिश्तेदार को जॉबदार पर कार्य पर रखा है। यही नहीं, प्रभारी अधीक्षक ने अपने घर का काम कराने के लिए एक काम वाली एक सर्वेंट को रखा है, जिसका वेतन भुगतान वनरक्षक प्रशिक्षण स्कूल के माध्यम से किया जाता है। पत्र में कथित रूप से आरोप लगाया गया है कि प्रतिमाह स्टेशनरी कय/कम्प्यूटर-प्रिंटर मरम्मत के फर्जी बिल तैयार कर भण्डार कय नियमों का उल्लघंन कर नियम विरूद्ध भुगतान किया जा रहा है। विल्सन प्रभारी अधीक्षक द्वारा एसी/ कुलर/वलफेन/हिटर/फोटो कापी मशीन / कम्प्यूटर/पिंटर/आलमरी अन्य कीमती समान सतपुड़ा भवन से वन भवन शिफ्टिंग के दौरान हेराफेरी की गई है। प्रशिक्षु रेंजर और एसीएफ से भी स्टाइफंड की राशि रिलीज़ करने सहित अन्य मसलों की आड़ में धन वसूले जाते हैं।हटाए जाने के बाद कृष्णन क्यों बैठते अधीक्षक कक्ष में..?एचआरडी शाखा में 35 साल तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत हुए कृष्णन आज भी शाखा में बैठकर काम करते नजर आएंगे। हटाए जाने के बाद कृष्णन क्यों बैठते अधीक्षक कक्ष में..? यह सवाल वन भवन में अधिकारी एवं कर्मचारियों के बीच यक्ष प्रश्न बना हुआ है। जबकि शाखा के पीसीसीएफ बिभाष ठाकुर ने साफ तौर पर कहा है कि कृष्णन एचआरडी शाखा में ना तो संविधान नियुक्ति है और न ही उनको दैनिक वेतन भत्ते पर रखा गया है। ठाकुर ने तो यहां तक कह दिया है कि हमने उसे मना कर दिया है। इसके बाद भी कृष्णन आज भी एचआरडी शाखा के अधीक्षक कक्ष पर बैठा नजर आता है। कृष्णन पर नए रेंजर/ डिप्टी रेंजर और ट्रेनिंग स्कूलों को फंड रिलीज करने एवज में कमीशन बाजी के काम में लिप्त होने का आरोप है। इसके अलावा वह विभागीय रेंजरों की परीक्षा के पेपर की सेटिंग और परीक्षा कॉपी की डि-कोडिंग का काम करते हैं।

आज मुरैना से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी यात्रा, 8 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे राहुल गांधी

Today the Yatra will enter Madhya Pradesh from Morena, Rahul Gandhi will pass through 8 Lok Sabha constituencies. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मुरैना के रास्‍ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। इसको लेकर कांग्रेस की तैयारियां पूरी हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम कमल नाथ और दिग्विजय सहित कई कांग्रेस नेता मुरैना पहुंचेंगे। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों (मुरैना, ग्वालियर, गुना, राजगढ़, देवास, उज्जैन, धार और रतलाम) से गुजरेगी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार सहित सभी वरिष्ठ नेता पूरे समय साथ रहेंगे। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगेराहुल गांधी पांच मार्च को उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राघोगढ़, शाजापुर और उज्जैन में रोड शो होगा। यात्रा शनिवार को राजस्थान के धौलपुर से मुरैना में लगभग दो बजे प्रवेश करेगी। यहां अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा। शाम पांच बजे ग्वालियर शहर में चार शहर नाका से जीरा चौक तक रोड शो और फिर राहुल गांधी का संबोधन होगा। स्वागत…वंदन…अभिनंदन, हृदय प्रदेश करता स्वागत वंदन। भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रही है। चुनाव अभियान भी होगा शुरूभारत जोड़ाे न्‍याय यात्रा के मध्य प्रदेश में प्रवेश होते ही प्रदेश में पार्टी का चुनाव अभियान भी प्रारंभ हो जाएगा। यात्रा के माध्यम से आदिवासी, किसान, महिला और युवाओं को साधने का प्रयास है। इसके लिए अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में संवाद के कार्यक्रम रखे गए हैं। साथ ही रोड शो, रथ सभा और धार जिले के बदनावर में बड़ी आदिवासी न्याय सभा होगी। भारत जोड़ो यात्रा का नहीं मिला था फायदाराहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा विधानसभा चुनाव से करीब एक वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में हुई थी। उस समय माहौल तो खूब बना था पर वह परिणाम में परिवर्तित नहीं हो पाया था। इस बार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यात्रा हो रही है। इसमें ग्वालियर-चंबल के साथ मालवांचल क्षेत्र में छह दिन रहेगी। जिन आठ लोकसभा क्षेत्रों से यह गुजरेगी, वहां विधानसभा चुनाव परिणाम के हिसाब से देखें तो अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित धार और रतलाम सीट को छोड़कर बाकी जगह कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं है। सैलना होते हुए राजस्‍थान जाएगी यात्राभारत जोड़ो न्याय यात्रा तीन मार्च को घाटीगांव से होती हुई बदरवास पहुंचेगी। चार मार्च को गुना से शुरू होकर ब्यावरा भाटखेड़ी पहुंचेगी। पांच मार्च को पचौर से होती हुई उज्जैन पहुंचेगी। छह मार्च को बड़नगर से रतलाम के सैलाना से होते हुए राजस्थान पहुंचेगी।

लोकसभा क्षेत्र में तीन साल से पदस्थ अफसर हटेंगे, भले ही वे जिले में एक साल पहले ही पदस्थ किए गए हों

Officers posted in the Lok Sabha constituency for three years will be removed, even if they were posted in the district only a year ago. भोपाल। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती आज से शुरू हो गई है। 12 मार्च के बाद किसी भी वक्त चुनाव कार्यक्रम जारी हो जाएगा। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगा। मप्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। अभी कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष से जमे अफसरों को हटाने का निर्देश दिया था। सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। जल्दी ही आयोग की नई गाइडलाइन के अनुसार कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को हटाकर नई पदस्थापना कर दी जाएगी। मप्र में 55 जिलों में कुल 29 लोकसभा क्षेत्र आते हैं। इन जिलों में कई ऐसे अफसर पदस्थ हैं, जो जिले से तो हटाए गए थे, लेकिन आसपास के जिले में उनकी पदस्थापना हो गई। वह जिले उसी लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में इन जिलों में पदस्थ कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को जल्दी ही हटाने का आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस दायरे में कलेक्टर, एसपी के अलावा अन्य ऐसे अधिकारियों व कर्मचारी भी आ रहे हैं, जो चुनाव कार्य में लगे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनाव की ही तरह प्रदेश के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों के लिए करीब 4 लाख चुनाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें ऐसे सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, जो मप्र के वोटर हैं। एक ही लोकसभा में 3 वर्ष की अवधि पूरी करने वाले अफसर हटेंगे मप्र में एक ही लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष की अवधि पूरी करने वाले जिलों के कलेक्टरों में सीधी, विदिशा, ग्वालियर कलेक्टर तथा शिवपुरी, श्योपुर के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। जल्दी ही इन अफसरों को हटाकर किसी अन्य जिले में भेजा जाएगा। दूसरी तरफ कई ऐसे अफसर भी हैं, जिनकी 30 जून 2024 तक एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना हो चुकी है। अब उनके सामने असमंजस की स्थिति है। इसमें कई अधिकारी कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो जिले में तो एक दो साल ही रहे हैं, पर लोकसभा क्षेत्र में वे तीन साल या उससे भी ज्यादा समय तक पदस्थ रहे हैं। ऐसे में विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ आईएएस, आईपीएस अफसरों की दिक्कतें चुनाव आयोग के नए निर्देश ने बढ़ा दी है। जीएडी ने ऐसे अफसरों की सूची तैयार करना शुरू किया सूत्रों ने बताया कि आयोग की 3 साल की क्राइटेरिया वाले निर्देश के बाद से सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने ऐस लोगों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद उन कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों के साथ ही विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ शासकीय सेवकों का हटना तय हो गया है। जीएडी ने ऐसे अफसरों की जानकारी खुद उन्ही अफसरों से मंगाई है, तो किस जिले में खासकर लोकसभा क्षेत्र में तीन साल या उससे ज्यादा अवधि तक पदस्थ हैं। एक तथ्य यह भी है कि कई ऐसे लोकसभा क्षेत्र भी हैं, जो आसपास के तीन से चार जिलों में फैला हुआ है। इस स्थिति में यदि दो सौ किमी दूर किसी शासकीय सेवक की पदस्थापना की गई है, और वे उस क्षेत्र में आते हैं, तो उन्हें भी हर हाल में हटाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से इस तरह की सूची तैयार करने को कहा है। चुनाव कार्य में लगे इन अफसरों को भी हटाया जाएगा अब जीएडी और गृह विभाग ने पुलिस निरीक्षकों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की पदस्थापना को लेकर पीएचक्यू और राजस्व विभाग को भी ऐसे अधिकारियों की पदस्थापना संबंधी जानकारी जुटानी पड़ रही है, ताकि जल्द से जल्द आदेश जारी किए जा सकें। इसी तरह चुनाव से सीधा संबंध रखने वाले आबकारी विभाग के अफसरों के मामले में भी नए सिरे से तबादले की कवायद करनी पड़ सकती है। जिला कार्यालयाें में पदस्थ कर्मचारियों को भी जो सीधे तौर पर चुनाव कार्य से जुड़े हैं, उनकी भी डिटेल खंगाली जा रही है।

अब पुलिस वेरीफिकेशन के बाद ही बनेगा कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस

Now commercial driving license will be issued only after police verification भोपाल। अब प्रदेश में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान नहीं होगा। लाइसेंस देने से पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय संबंधित व्यक्ति का पुलिस वेरीफिकेशन कराएगा। उसके बाद ही लाइसेंस इश्यू होगा। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह गाइड लाइन बनाई है। पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से बन जाता था। चालक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं देखा जाता था। परिवहन मुख्यालय ने कमर्शियल लाइसेंस के नए नियम बना दिए हैं। मुख्यालय से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को पत्र मिलने के बाद इस नियम को लागू कर दिया, जो भी व्यक्ति कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेने का आवेदन कर रहा है, उसका सबसे पहले पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा।

50 बार निरीक्षण, फिर भी ठीक नहीं हुआ भोपाल स्टेशन का ड्रेनेज सिस्टम

Inspection done 50 times, still drainage system of Bhopal station not fixed भोपाल। मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपए का बजट और दो साल में 50 से ज्यादा निरीक्षण के बाद भी अधिकारी भोपाल रेलवे स्टेशन का चोक अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं करा सके। यह सिस्टम बीते छह महीने से चोक है। नालियों से गंदे पानी की निकासी नहीं होती, मच्छर पनपते हैं। गंदगी के कारण चूहे, कॉकरोच पनप रहे हैं। आम यात्रियों को इनका शिकार होना पड़ रहा है। जबकि पूर्व में तत्कालीन जीएम सुधीर गुप्ता, तत्कालीन डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय व अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने के दिशा-निर्देश दे चुके है। लेकिन समस्यां जस के तस बनी हुई है। बता दें कि भोपाल रेलवे स्टेशन का अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम चोक है। इसके कारण प्लेटफार्म-2 व 6 के बीना छोर और प्लेटफार्म-1 के इटारसी छोर के चैंबर पिछले माह से बंद पड़े हैं। ब्रांच प्रमुखों में समन्वय की कमी भोपाल स्टेशन के कायाकल्प के लिए कुछ ब्रांच प्रमुख गंभीर नहीं हैं। इसका नालियों का स्लोप ठीक नहीं होना। तो वहीं वेटिंग रूम के शौचालयों के पाइप टूटे है। जिससे कई बार यूज करने पर यात्रियों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।

एंबुलेंस व कार की आमने-सामने टक्कर, चार घायल

Ambulance and car collide head-on, four injured भोपाल ! राजधानी के बिलखारिया थाना क्षेत्र में एक एंबुलेंस और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। टक्कर की वजह से एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक सीट पर ही फंसकर रह गया। कार को भी क्षति पहुंची। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़कर आए और क्षतिग्रस्त वाहनों से लोगों को बाहर निकाला। एंबुलेस चालक को दरवाजा तोड़कर बाहर निकालना पड़ा। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है

सैलाना विधायक पर एक करोड़ वसूली के आरोप

Sailana MLA accused of extorting Rs 1 crore भोपाल। रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा से निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार के खिलाफ सैलाना थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन पर 323, 294, 506, 327, 384, 34 के तहत शिकायत दर्ज की गई है। दरअसल, उन पर डॉक्टर द्वारा 1 करोड़ रुपए मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया था। जिसके बाद वह लगातार मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए थे। बता दें कि क्लीनिक और मेडिकल स्टोर चलाने वाले डॉक्टर तपन ने विधायक पर 1 करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाया था। इसके लिए डॉक्टर ने वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि 19 फरवरी को विधायक ने बुलाकर उनसे यह रकम मांगी थी। जिसे विधायक द्वारा खारिज कर दिया गया था। साथ ही यह कहा गया था कि यह मेरे विरोधियों का षड्यंत्र है और अपने क्षेत्र में वह कोई भी गैर कानूनी काम नहीं होने देंगे। हो सकती है गिरफ्तारीवहीं, अब मामले में उन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होने के चलते अब उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। बता दें कि कमलेश्वर डोडियार यहां से निर्दलीय चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले इकलौते विधायक हैं जोकि भारत आदिवासी पार्टी के नेता हैं। सोशल मीिडया पर पैसे मांगने का एक कथित वीिडयो भी वायरल हुआ था, जिसकी जांच चल रही है।

बीयू में 4000 रुपए स्पेशल लेट फीस देकर पहले पेपर दो बाद में भरो परीक्षा फार्म

Pay special late fee of Rs 4000 in BU, give paper first and fill exam form later. भोपाल। बरकलउल्ला विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने विवि के विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। इस फैसले का लाभ अब परीक्षार्थियों को मिलेगा। कार्यपरिषद की हुई बैठक में पिछले दिनों यह निर्णय लिया गया है कि विवि के किसी भी पात्र छात्र के भविष्य को देखते हुए विवि उसे परीक्षा से वंचित नहीं करेगा। यदि कोई छात्र जो उस परीक्षा में बैठने की पात्रता रखता है और वह परीक्षा शुरू होने के दिन भी सीधे किसी भी परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होता है, तो उससे 4000 रुपए विशेष विलंब शुल्क परीक्षा केंद्र पर जमा कराते हुए उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही छात्र पहले पेपर में शामिल होने के बाद संबंधित कॉलेज में पहुंच कर परीक्षा आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। बीयू के रजिस्ट्रार ने अब इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया है।

नकुलनाथ बोले- न मैं, न कमलनाथ भाजपा में जा रहेः BJP में जाने की अटकलों को किया खारिज, बोले- अफवाहें फैलाई जा रही

Nakul Nath said – Neither I nor Kamal Nath are joining BJP: Rejected the speculations about joining BJP, said – rumors are being spread पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बाद अब उनके सांसद बेटे नकुलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। नकुलनाथ ने कहा- ‘भाजपा के लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं। मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं आज इस सभा में स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ना ही कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं और ना ही नकुलनाथ भाजपा में जा रहा है। छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ गुरुवार को जुन्नारदेव विधानसभा के नवेगांव में आयोजित जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर पूर्व सीएम कमलनाथ भी मौजूद थे। नकुलनाथ ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण हम जुन्नारदेव विधानसभा में चुनाव जीते हैं। मैंने कभी कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं इससे पहले बुधवार को कमलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज किया था। वे चौरई विधानसभा क्षेत्र के चांद में ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- भाजपा वाले भड़काने आएंगे। तरह-तरह की अफवाहें। कमलनाथ आ रहे हैं भाजपा में। अरे, कभी मैंने कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं।

साइबर तहसील और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ, PM ने MP को दी 17000 करोड़ की सौगात

Vikramaditya Vedic Clock inaugurated in Cyber ​​Tehsil and Ujjain, PM gives a gift of Rs 17000 crore to MP प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को वर्चुअली 17 हजार करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विकसित भारत, विकसित मप्र कार्यक्रम को वचुअली संबोधित किया। साथ ही साइबर तहसील परियोजना और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ किया। उज्जैन !प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश में करीब 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जल आपूर्ति, कोयला, उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में सरकारी सेवाओं के प्रदाय में सुधार के लिए मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ रिमोट का बटन दबा कर किया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगु भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत 29 लोकसभा और 230 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी वीडिया कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिंडौरी में सड़क दुर्घटना मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की लोकसभा और विधानसभा सीट पर विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ लाखों साथी जुड़े है। उन्होंने कहा कि भारत तभी विकसित होगा, जब राज्य विकसित होंगे। आज इस संकल्प यात्रा से मध्य प्रदेश जुड़ रहा है। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि कल से एमपी में 9 दिन का विक्रमोत्सव शुरू होने वाला है। यह हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। हमारी सरकार विरासत और विकास को कैसे एकसाथ लेकर चलते है इसका प्रमाण उज्जैन में लगी वैदिक घड़ी भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी कभी पूरी दुनिया के लिए काल गणना का केंद्र थी, लेकिन इस महत्व को भुला दिया गया और हमने विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी फिर से स्थापित की है। पीएम ने कहा कि यह सिर्फ अपने समद्ध अतित को याद करने का उस काल चक्र की भी साक्षी बनने वाली है, जो भारत को विकसित बनाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज MP की सभी लोकसभा सीटों को एक साथ 17,000 करोड़ के विकास परियोजनाओं एक साथ मिली है। इसमें पेयजल और सिंचाई की परियोजनाएं, सड़क, रेल, खेल परिसर, सामुदायिक सभागार समेत अन्य है। कुछ दिन पहले एमपी के 30 से अधिक रेलवे स्टेशनों के आधुनिकरण का काम शुरू हुआ है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ऐसे ही डबल स्पीड से विकास कर रही है। यह परियोजनाएं एमपी के लोगों का जीवन आसान बनाएंगी। यहां निवेश और नौकरी के नए अवसर बनाएंगी। इसलिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज चारों तरफ एक ही बात सुनाई देती है। अपकी बार 400 पार। पहली बार ऐसा हुआ है कि जब जनता ने खुद अपनी प्रिय सरकार की वापसी के लिए ऐसा नारा बुलंद कर दिया है। यह नारा भाजपा नहीं बल्कि देश की जनता जनार्दन का दिया हुआ है। मोदी की गारंटी पर देश का इतना विश्वास भाव विभोर करने वाला है। साथियों हमारे लिए यह सिर्फ तीसरी बार सरकार बनाने का सिर्फ लक्ष्य है ऐसा नहीं है। हम तीसरी बार देश को तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने के लिए चुनाव में उतर रहे है। हमारे लिए सरकार बनाना अंतिम लक्ष्य नहीं है। हमारे लिए सरकार बनाना देश बनाने का माध्यम है। यही हम मध्य प्रदेश में भी देख रहे है। बीते दो दशक से निरंतर आप हमें अवसर दे रहे है। आज भी विकास के लिए कितनी उमंग और उत्सा है। यह आपने नई सरकार के बीते कुछ माह में देखा है। मध्य प्रदेश के भाईयो के प्यार को नमन करता हूं और आपके आशीर्वाद को प्रणाम करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए सरकार खेती, उद्योग, पर्यटन तीनों पर बहुत बल दे रही है। है। आज मां नर्मदा पर बन रही तीन जल परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है। इन परियोजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों में सिचांई के साथ साथ पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। सिंचाई के क्षेत्र में मध्य प्रदेश में हम एक नई क्रांति होते देख रहे है। केन बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के लोगों परिवारों का जीवन बदलने वाला है। जब किसान के खेत तक पानी पहुंचता है तो इससे बड़ी सेवा उसकी क्या हो सकती है। भाजपा की सरकार और कांग्रेस की सरकार में क्या अंतर होता है कि इसका उदाहरण सिंचाई परियोजना भी है। बीते 10 साल में भाजपा की सरकार में 90 लाख हैक्टेयर खेती को सूक्ष्म सिंचाई से जोड़ा गया है, जो 10 साल पहले से दो गुना है। छोटे किसानों की एक बड़ी परेशानी गोदाम की रही है। इसके कारण किसानों को अपनी उपज औने पौने दाम में बेचनी पड़ती थी। अब हम भंडारण क सबसे बड़ी योजना पर काम कर रही है। आने वाले समय में देश में हजारों की संख्या में 700 लाख मैट्रिक टन अनाज के भंडारण की क्षमता देश में बनेगी। इस पर सरकार सवा लाख करोड़ से ज्यादा खर्च करने जा रही है। हमारी सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर बहुत बल दे रही है। इसके लिए सहकारिता पर ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा सरकार अनाज, फल सब्जी, मछली ऐसे हर सेक्टर में सहकारिता पर बल दे रही है। इसलिए लाखों गांव में सहकारी संस्थाओं का गठन किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि खेती, मुर्गी पालन, मछली पालन हो हर प्रकार से गांव की आय बढ़े। गांव का विकास हो। गांव की एक बहुत बड़ी समस्या रही है। उसकी जमीन को लेकर बहुत विवाद रहते थे। गांव के लोगों को छोटे छोटे काम के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे। मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना के तहत अच्छा काम कर रहा है। एमपी में 20 लाख से अधिक स्वामित्व योजना के स्वामित्व कार्ड बांटे गए हैं। एमपी के सभी 55 जिलों में आज साइबर तहसील से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों का समय और खर्च बांचेगा। पीएम ने फर्स्ट टाइम वोटर्स और बेरोजगार युवाओं को मोदी का संदेश दिया। … Read more

कांग्रेस का आरोप: स्कूल शिक्षा विभाग में टैक्सी घोटाला, इनोवा के नाम पर दिया स्कॉर्पियो का किराया

Congress alleges: Taxi scam in School Education Department, Scorpio fare given in the name of Innova भोपाल। कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग में वाहन बिल घोटाले का आरोप लगाया है। लाइट नहीं होने पर कैंडल लाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि तत्कालीन विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार के स्टाफ के लिए इस्तेमाल छह वाहनों के बिल में फर्जीवाड़ा किया गया। एक वाहन के लिए 13 महीने में 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र में इस गाड़ी का नाम मारुति सियाज और रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी04-सीडब्ल्यू-9950 दर्ज है। परिवहन विभाग से पता करने पर यह रजिस्ट्रेशन नंबर हुंडई क्रेटा को अलॉट मिला। यही नहीं मंत्री के नाम पर आवंटित एक अन्य वाहन को 11 महीने में कुल 17,92,133 रुपए का भुगतान किया गया। इस मामले में लोकायुक्त को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा, मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और मप्र कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार केंद्र में लगे प्राइवेट वाहनों के नाम पर 13 महीनो में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान श्री ट्रैवल एजेंसी को किया गया। स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतानस्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है। सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघनकांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।

अब नर्सरी में 3 और पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल जरूरी

Now the minimum age required for admission in nursery is 3 years and for admission in first class it is 6 years. भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रवेश के लिए उम्र सीमा तय करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब प्रदेश के स्कूलों में नर्सरी में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 3 वर्ष एवं अधिकतम आयु 4 वर्ष 6 माह तक हो सकती है। केजी-1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 4 वर्ष एवं अधिकतम आयु 5 वर्ष 6 माह तक हो सकती है। केजी-2 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 5 वर्ष एवं अधिकतम आयु 6 वर्ष 6 माह तक होगी। वहीं कक्षा पहली के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष एवं अधिकतम आयु 7 वर्ष 6 माह तक रहेगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रमोद सिंह ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के पत्र के परिपालन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ओदश जारी करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार पूर्व प्राथमिक और प्राथमिक कक्षा में प्रवेश के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई थी। उक्त विभागीय आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए यह आयु सीमा निर्धारित की गई है। शेष शर्तें यथावत रहेंगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने आरटीई पोर्टल पर दी सुविधाइधर राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अर्न्तगत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के ऑनलाइन निःशुल्क प्रवेश के लिए आयुसीमा अनुसार संशोधन की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसके पालन में राज्य शिक्षा केन्द के द्वारा तत्काल आरटीई पोर्टल पर नर्सरी कक्षा में प्रवेश हेतु जारी आदेश के अनुसार आयु अंकित करने की सुविधा दी गई है। आवेदन में सुधार की रहेगी सुविधासंचालक राज्य शिक्षा केंद्र ने बताया कि ऐसे आवेदक, जिन्होंने पूर्व में अपने बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन किया है, वह पोर्टल पर पूर्व आवेदन में आयु, प्रवेशित कक्षा और चयनित स्कूलों संबंधी प्राथमिकता क्रम संबंधी सुधार कर सकेंगे। इसके साथ ही नवीन आवेदन के समय भी कक्षावार निर्धारित आयुसीमा ही लागू होंगी। तीन मार्च, 2024 तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और त्रुटि सुधार के लिए विकल्प उपलब्ध रहेगा। ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात आवेदक 24 फरवरी से 5 मार्च, 2024 तक पावती डाउनलोड और मूल दस्तावेजों का सत्यापन निर्धारित संकुल केंद्रों में करा सकेंगे। इसलिए थी जरूरतबच्चों को स्कूलों में प्रवेश को लेकर अभी तक नियम का सख्ती से पालन नहीं होता था। कई स्कूलों में बच्चों को ढाई साल की उम्र से ही नर्सरी में प्रवेश दे दिया जाता था। कई स्कलों में 5 साल में ही बच्चों को कक्षा पहली में प्रवेश दिया जा रहा था। आमतौर पर इस तरह की स्थिति प्राइवेट स्कूलों में ज्यादा देखने में आ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति जारी हुए चार साल हो गए हैं। मध्यप्रदेश इस नीति को अपनाने वाला कर्नाटक के बाद दूसरा राज्य है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूलों में प्रवेश की उम्र तय की गई है।

मान्यता नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर होगी कार्यवाही

Action will be taken against schools that do not follow recognition rules भोपाल। मान्यता नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग सख्त रवैया अपनाया है। अब मान्यता नवीनीकरण और मापदंड पूरे नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्यवाही की तैयारी है। इसको लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेशभर के संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा गया है कि ऐसे शैक्षणिक संस्थाओं के विरूद्ध कार्यवाही की जाए, जिन्होंने वर्ष 2024-25 में मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। आयुक्त ने संभागीय और जिला अधिकारियों से अपने संबंधित क्षेत्र में इस संबंध में प्रमाणीकरण रिपोर्ट भी मांगी है। रिपोर्ट में यह बताने के लिये कहा गया है कि उनके क्षेत्र में वर्ष 2024-25 में कोई भी ऐसी संस्था नहीं जिसने मान्यता नवीनीकरण के लिये आवेदन नहीं दिया है। ऐसी शैक्षणिक संस्थाओं की सूची भेजी जाने के निर्देश दिये गए हैं। ऐसी अशासकीय संस्थाओं के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए तत्काल बंद करने के लिए कहा है। जिला शिक्षा अधिकारियों से अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं का सतत् निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया है।

एंबुलेंस में आक्सीजन नहीं मिलने गर्भवती की मौत, स्वास्थ्य आयुक्त को जांच के निर्देश

Pregnant woman dies due to lack of oxygen in ambulance, instructions to Health Commissioner to investigate मप्र मानव अधिकार आयोग ने इलाज त्रुटि पर कार्यवाही के संबंध में मांगा स्पष्ट प्रतिवेदन भोपाल। मप्र मानव अधिकार आयोग ने भोपाल जिले के 11 मामलों में संज्ञान लिया है। भोपाल में पहले एंबुलेंस नहीं मिलने और फिर एंबुलेंस में आक्सीजन नहीं मिलने से एक गर्भवती महिला की मौत होने के मामले में आयोग ने आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं मप्र संचालनालय, को जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही उपलब्ध कराई जा रही एम्बुलेंस में आक्सीजन सुविधा आवश्यक रूप से सदैव उपलब्ध रहे यह सुनिश्चित करने एवं ईलाज त्रुटि पर कार्यवाही के संबंध में भी स्पष्ट प्रतिवेदन मांगा है। आयोग के संज्ञान में आया है कि गर्भवती महिला को जय प्रकाश अस्पताल में ईलाज के लिये भर्ती कराया गया, तबीयत बिगड़ने पर उसे हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन जेपी से हमीदिया जाने के लिये पहले तो एंबुलेंस नहीं मिली, फिर जो एंबुलेंस मिली उसमे आक्सीजन ही नहीं था। जिसके कारण गर्भवती महिला की हमीदिया में ईलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इन मामलों में भी जवाब तलबआयोग ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की लापरवाही से मरीज के हाथ कटवाने, आरिफ नगर में दीवार गिरने से श्रमिक की मृत्यु होने की घटना, कोहेफिजा इलाके में एक शुगर की पेशेंट 24 वर्षीय युवती की मृत्यु होने, कमला नगर इलाके में रहकर फार्मेसी की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ उसके मकान मालिक द्वारा छेड़छाड़ करने, नगर निगम में उपभोक्ताओं से चैक नहीं लेने, कोहेफिजा इलाके की हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी को जोड़ने वाली सड़क के पिछले छह सालों से खराब होने के मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।

प्रधानमंत्री मोदी आज वीसी से करेंगे आंवलिया एवं पारसडोह सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण

Prime Minister Modi will inaugurate Anwalia and Parsdoh irrigation projects today with VC. भोपाल ! प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी को “विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग की 809.67 करोड़ रूपए की 2 मद्यम-सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं आंवलिया एवं पारसडोह का लोकार्पण करेंगे। मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में अपरान्ह 4 बजे से आयोजित होगा।

भोपाल जिला पंचायत की मीटिंग में हंगामा: DEO के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव; पीएचई से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों की नाराजगी

Uproar in Bhopal District Panchayat meeting: No-confidence motion against DEO; Displeasure of members on issues related to PHE भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग में हंगामा हो गया। अध्यक्ष रामकुंवर बाई गुर्जर, उपाध्यक्ष मोहन जाट समेत सदस्यों ने डीईओ एके त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पास किया। सभी का कहना है कि डीईओ उनकी कॉल रिसीव नहीं करते। पीएचई से जुड़े मुद्दों पर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। मीटिंग बुधवार दोपहर 1 बजे से शुरू हुई। करीब 15 महीने के बाद हो रही मीटिंग में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष जाट ने कई विषयों पर नाराजगी जताई। सदस्य विनय मेहर ने कहा कि पीएचई में ठेकेदारी प्रथा है। कई गांवों में नल-जल योजना शुरू नहीं हुई है। लोग पानी को तरस नहीं है। गांवों में ट्यूबवेल खनन के लिए कहते हैं, लेकिन अफसर काम नहीं करते। मेहर ने बताया कि मीटिंग में डीईओ त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी पारित किया है। स्कूल से जुड़े मुद्दे पर किससे बात करें? इसलिए उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग भी हुई। जिसमें प्रतिनिधियों की एंट्री नहीं की गई। बता दें कि बता दें कि 29 जुलाई 2022 को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए चुनाव हुए थे। इसके बाद पहली मीटिंग हुई थी। फिर मीटिंग नहीं हुई। बीच में बैठक की तारीख भी प्रस्तावित भी की गई, लेकिन मीटिंग टल गई थी। अब यह मीटिंग बुधवार को हुई। इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठक में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन मीटिंग नहीं होने से गांव के विकास से जुड़े काम अटक गए। सदस्यों का कहना है कि मीटिंग नहीं होने से वे गांव से जुड़े पानी, सड़क, नाला-नाली निर्माण, बिजली कनेक्शन समेत जनता से जुड़े अन्य विषय नहीं उठा पा रहे थे। दो महीने में होनी चाहिए मीटिंग पिछली मीटिंग को एक साल से भी अधिक समय हो गया है। नियमानुसार मीटिंग हर दो महीने में होनी चाहिए।

राममंदिर का पट्टा क्या सिर्फ BJP के पास है, ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का ,, कमलनाथ

Is the lease of Ram temple only with BJP, they will teach us the lesson of religion, Kamal Nath मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला.  छिन्दवाड़ा ! मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला. पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा, ”क्या राम मंदिर का पट्टा बीजेपी के पास है? ये तो आपका और मेरा है. आपके पैसों से बना है. कोर्ट ने अपना जजमेंट दिया .और सरकार ने बनाया. अब ये चीख-चीखकर राम कहते हैं. अरे भाई! क्या हम राम को राजनीतिक मंच पर ले आएं? राम जी की तो हम सब पूजा करते हैं. 14 साल पहले मैंने तो सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनवाया. कोई सरकारी जमीन पर नहीं, मैंने अपनी जगह पर बनवाया. ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का? हम सब धार्मिक हैं. हमारी धार्मिक भावनाएं हैं.  हमारी संस्कृति धार्मिक है. हम अपनी संस्कृति का पालन करते हैं. हमारी संस्कृति भाईचारे की है. इसको सुरक्षित रखें.’

पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारी युवाओं को हिरासत में लिया

Demonstration in Bhopal demanding cancellation of Patwari recruitment, police detained protesting youth. प्रर्दशनकारी युवाओं की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल ( एसआइटी) का गठन किया जाए। नियुक्ति प्रक्रिया रद हो। भोपाल। एक तरफ जहां पटवारी भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है, वहीं इसका विरोध एक बार फिर शुरू हो गया है। पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी में प्रदेशभर से अभ्यर्थी पहुंचे। बड़ी संख्या में युवा एमपी नगर में ज्योति टाकीज के पास स्थित शेड में एकत्र हुए और यहां से रैली की शक्ल में वल्लभ भवन (मंत्रालय) का घेराव करने निकले। इन प्रर्दशनकारी युवाओं में अनेक महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, हिरासत में लियायुवाओं के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी। ये प्रदर्शनकारी युवा बोर्ड आफिस चौराहे से होते हुए जैसे ही व्यापमं चौराहे तक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। ये युवा मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड के दफ्तर से वल्लभ भवन की ओर कूच रहे थे। पुलिस उन्हें गाड़ियों में भरकर थाने ले गई। नेशनल एजुकेडेट यूथ यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग है कि बगैर निष्पक्ष जांच के की जा रही पटवारियों क नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए क्योंकि सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। उनका कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार ने शंका को सही ठहराते हुए जांच के आदेश दिए थे। अभ्यर्थियों ने छात्रों ने जांच आयोग को सबूत ले जाकर दिए थे। किंतु बिना जांच रिपोर्ट जारी किए नियुक्ति की जा रही है। पटवारी भर्ती में जमकर धांधलीउनका आरोप है कि बिना जांच रिपोर्ट जारी किए सरकार पिछले दरवाजे से 10 से 15 लाख में पेपर खरीदने वालों को नियुक्ति दे रही है। इस पूरी परीक्षा में 45 से 50% घोटाला हुआ है। यदि निष्पक्ष जांच होती तो यह तमाम लोग जेल में होते। सरकार डाक्युमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर चंद फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की बात कर रही है, लेकिन प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का जो गोरख धंधा जो अलग- अलग जिलों में जारी है, उन एक भी अधिकारियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने और ओबीसी आरक्षण मुद्दे का समाधान जैसी कुछ अन्य मांगें भी कर रहे हैं। कमल नाथ ने बोला सरकार पर हमलाराजधानी में बेरोजगार युवाओं के इस प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार और बहुत से सरकारी पदों पर भर्ती न होने के खिलाफ प्रदेश के नौजवान आज भोपाल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन युवकों की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा को दी गई क्लीन चिट सही नहीं है और गलत तरीके से पास हुए लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान लगातार नौजवान यह मुद्दे उठाते रहे और डा. मोहन यादव सरकार में भी युवाओं को सरकारी नौकरियों में होने वाले इस भ्रष्टाचार और सरकार के उदासीन रवैये से जूझना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता की तिहरी मार से परेशान है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार ने युवाओं को नौकरी न देने का मन बना लिया है और प्रदेश को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल दिया है। बता दें कि बीते दिनों ऐसी ही मांग को लेकर इंदौर पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय तक रैली भी निकाली थी।

भोपाल सतपुड़ा भवन से हटकर अब उज्जैन जाएगा धर्मस्व विभाग का मुख्यालय

The headquarter of endowment department will now move from Bhopal Satpura Bhavan to Ujjain. बताया जा रहा है कि मुख्यालय की शिफ्टिंग के पीछे का कारण उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ है. हर 12 वर्ष में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होता है. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. इस विभाग का डायरेक्ट्रेट अब भोपाल से हटाकर सीएम डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में शिफ्ट किया जाएगा. सीएम ने इस संबंध में एक नोटशीट विभाग को भेजी है. विभाग ने प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी के पास प्रस्ताव भेजा है. बता दें यह संचालनालय तीर्थ दर्शन सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेलों का आयोजन करता है. वर्तमान में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का संचालनालय सतपुड़ा भवन, भोपाल में संचालित होता है. शिफ्टिंग के पीछे सिंहस्थमुख्यालय की शिफ्टिंग के पीछे का कारण उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को बताया जा रहा है. हर 12 वर्ष में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होता है. अगस्त सिंहस्थ 2028 में होना है, इसमें धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की बड़ी भूमिका रहेगी. धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का मुख्यालय उज्जैन में शिफ्ट होने के बाद पूरा स्टाफ वहीं बैठेगा. हालांकि विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य स्टाफ भोपाल में ही बैठेगा. शिफ्टिंग की तैयारी की जा रहीधार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई रमेश के अनुसार सरकार की मंशा अनुसार धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग डायरेक्ट्रेट उज्जैन में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही है.

भोपाल में बारिश का 5 साल का रिकॉर्ड टूटा: तेज आंधी के साथ ओले भी गिरे

5 year record of rain broken in Bhopal: hailstorm also fell along with strong storm भोपाल में मंगलवार दोपहर 3.30 बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश हुई। लालघाटी, कोलार इलाके में छोटे आकार के ओले भी गिरे हैं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, टीन शेड उखड़ गए। बीजेपी ऑफिस के बाहर लगे फ्लैक्स-बैनर भी उड़ गए। कई इलाकों में पेड़ भी गिरे हैं। इस कारण पीएचक्यू ऑफिस के पास और अयोध्या बायपास समेत कई जगहों पर गाड़ियां रेंगती हुई गुजरी। इससे पहले साल 2018 में फरवरी महीने में आखिरी बार बारिश हुई थी। मंगलवार को बारिश होते ही 5 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया है। 74 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं भोपाल में 3 से 4 बजे के बीच 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा की यह रफ्तार राजा भोज एयरपोर्ट के एटीसी टॉवर में रिकार्ड की गई। एयरपोर्ट स्थित एटीसी कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार हवाएं उत्तर से दक्षिण की ओर चली। इसलिए बदला मौसम IMD, भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, बिहार के आसपास और छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक भी ट्रफ लाइन गुजर रही है। प्रति चक्रवात की वजह से आंधप्रदेश और ओडिशा तट के आसपास हवाएं भी चल रही हैं। जिससे मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नमी आ रही है। इस कारण बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। गर्मी, बारिश और ठंड का रहता है ट्रेंड राजधानी में फरवरी के महीने में रात में ठंड, दिन में गर्मी और बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो 20 फरवरी के बाद दिन का टेम्प्रेचर 43 31 डिग्री के पार पहुंच जाता है। वहीं, रातें भी ठंडी रहती हैं। इस बार भी अब तक ऐसा ही मौसम रहा। कई दिन तक पारा 30 डिग्री के पार ही रहा। हालांकि, पिछले पांच साल से बारिश नहीं हुई है, लेकिन इस बार मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, 74 साल पहले 11 फरवरी 1950 की रात में टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 1.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, पिछले 10 साल में पारा सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक कम रहता है।

मोहन कैबिनेट बैठक में जनता से जुड़े करीब दर्जनभर प्रस्तावों पर चर्चा

About a dozen proposals related to the public discussed in Mohan cabinet meeting मप्र में पीपीपी माडल पर शुरू होगी पर्यटन विमान सेवा, उज्जैन समेत पांच शहरों में चलेंगी पीएम ई-बसेंमंत्रालय में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक बुलाई। दोपहर 12 बजे मंत्रालय में सीएम डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में बैठक आरंभ हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि मध्य प्रदेश में पीपीपी माडल पर पर्यटन विमान सेवा शुरू की जाएगी। यानी हवाई मार्ग के जरिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों को आपस में जोड़ा जाएगा। 20 सीटर तक होंगे विमान। पांच शहरों की सड़कों पर दौड़ेंगी ई-बसेंइसके साथ-साथ कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी कि प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जिले में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू होगी। इन शहरों की सड़कों पर ई-बसें दौड़ेंगी। इसके लिए केंद्र सरकार ई-बस उपलब्ध कराएगी। 17000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यउप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए यह भी बताया कि 29 फरवरी को प्रदेश में 17000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास किया जाएगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा के समापन अवसर पर विशेष कार्यक्रम होंगे। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिले में रहने के निर्देश दिए हैं।

मुरैना-ग्वालियर के दौरा पर रहेंगे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को लेकर करेंगे बैठक

PCC Chief Jitu Patwari will be on tour to Morena-Gwalior today, will hold a meeting regarding ‘Bharat Jodo Nyaya Yatra’ ग्वालियर ! पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, बोले- करप्सन, क्राइम और कर्ज पर काम कर रही भाजपा सरकारमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज ग्वालियर के दौरे पर हैं. वो ट्रेन के जरिए भोपाल से ग्वालियर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर्ची से निकले हैं. यह सरकार थ्री सी पर ही काम कर रही है. इनका तीन पर ही फोकस है करप्सन, क्राइम और कर्ज. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा करप्सन है. एमपी में अभी सबसे ज्यादा क्राइम चल रहा है और कर्ज की हालत तो ये कि जब से मुख्यमंत्री आये है रोज कर्ज लेते हैं. दो महीनों में उन्होंने 15 हजार करोड़ का कर्ज लिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की तैयारियों में जुट गई है. इसके लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी 27 फरवरी से एक मार्च तक मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, धार और उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां जोड़ो न्याया यात्रा की तैयारियों के संबंध में बैठक लेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मंगलवार की सुबह 11 बजे मुरैना पहुंचेंगे, जहां ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ कार्यक्रम स्थल का जायजा लेंगे. इसके बाद दोपहर 12 बजे मुरैना में वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक लेंगे.

नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए शहर में तन रही बिल्डिंग

Buildings being built in the city flouting the Municipal Corporation Act कटनी। नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए बैगेर स्वीकृति के निर्माण कार्य जारी है नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे सदेह की स्थिति उत्पन्न होती है जानकारी के अनुसार बाल गंगाधर तिलक वार्ड स्थित साई मंदिर के पीछे गली नंबर 7 एवं 8 में एवं गली नंबर पांच में जिस तेजी से मल्टियां बनाई जा रही हैं जिस तेजी से खाली पड़े प्लाटों में मकान बनाई जा रहे हैं ना तो नगर निगम से उनके द्वारा नक्शा पास कराया गया और ना ही नगर निगम का यह टैक्स देते हैं और मकान बन बनकर मल्टी बन बनकर 10,5 लाख कमाते हुए बेच रहे हैं इससे नगर निगम को राजस्व की हानी हो रही है और जिस तरह जनता को बेवकूफ बनाकर इन मल्टी एवं प्लाटों की बिक्री की जा रही है उसके लिए फिर पार्षद को परेशान किया जाएगा ना तो वह रोड बना रहे हैं ना नाली बना रहे हैं और ना ही लाइट के खंभे उपलब्ध करा रहे हैं मेरा उच्च अधिकारियों से एवं नगर निगम प्रशासन से अनुरोध है की तत्काल ऐसे अवैध रूप से बनाई जा रहे मल्टी एवं मकान पर रोक लगाई जावे जब तक यह नगर निगम से नक्शा स्वीकृत नहीं कर लेते और ना नगर निगम की टैक्स भर देते तब तक पार्षद ने नगर निगम के उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षण कराया है कार्य करने से तत्काल रोका जावे श्रीमती वंदना राज किशोर यादव पार्षद वार्ड क्रमांक अब देखना यह होगा कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या संज्ञान लेते हैं

एसडीएम एवं तहसीलदार राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का शीघ्र करें निराकरण

SDM and Tehsildar should immediately resolve the pending cases of Revenue Department. समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल ! कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ श्री ऋतुराज सिंह ने सोमवार को टीएल बैठक में राजस्व अभियान की समीक्षा की। समीक्षा में उन्होंने एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों में लंबित अधिक से अधिक राजस्व प्रकरणों का अगले तीन दिन में संतुष्टिपूर्वक शीघ्र निराकरण करने एवं प्रदेश में भोपाल जिले को उत्कृष्ट स्थान दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 29 फरवरी तक आयोजित किए जा रहे राजस्व अभियान में आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं नक्शे में तरमीम आदि प्रकरणों का अगले एक सप्ताह में अधिक से अधिक निराकरण करें। सीईओ श्री सिंह ने बताया कि आगामी 29 फरवरी को विकसित भारत की तर्ज पर विकसित मध्यप्रदेश के विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन लाल परेड़ ग्रांउड भोपाल में किया जाना प्रस्तावित है जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्चुअल शामिल होंगे एवं लोक कल्याण से जुड़े अनेक निर्माण कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास भी होंगे। कार्यक्रम व्यापक जन भागीदारी के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में सभी एसडीएम से वन टू वन चर्चा कर उनके दायित्वों को उत्कृष्ट तरीके से निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण कार्यक्रम अनुशासन, गरिमा और शालीनता का प्रतीक होना चाहिए, इसके लिए सभी एसडीएम एवं प्रशासनिक अमलें को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। सीईओ श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन एवं कलेक्टर लॉगिन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की एवं समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सुश्री अंकिता धाकरे, श्री भूपेन्द्र गोयल, संयुक्त कलेक्टर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

एक्टिव कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी, सक्रिय नहीं रहने वाले होंगे बाहर: जीतू,

Active workers will get responsibility, those who are not active will be out: Jitu भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव और न्याय यात्रा को लेकर कांग्रेस में बैठक हुई। इस बैठक में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर मंथन हुआ। वीसी के बैठक में शामिल हुए पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि पदाधिकारी चुनाव के लिए कमर कस लें, उन्होंने कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा। लोकसभा चुनाव में जीत भी उतनी बड़ी होगी। कार्यकारिणी के गठन पर जीतू पटवारी ने कहा कि एक्टिव कार्यकताओं को संगठन में काम करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही सक्रिय नहीं रहने वालों को बाहर किया जाएगा। जीतू ने स्पष्ट किया उनकी टीम में युवाओं की संख्या ज्यादा होगी। बैठक में मंडलम-सेक्टर, ब्लॉक, जिला अध्यक्ष और प्रभारी, सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, विभाग के प्रमुख वर्चुअली जुड़े। बैठक को पूर्व सीएम कमलनाथ, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संबोधित किया। बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर जनता से संपर्क करने को लेकर चर्चा हुई। इसमें कार्यकतार्ओं को केंद्र की मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के साथ ही बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों को घर-घर तक पहुंचाने को कहा गया। साथ ही सभी कार्यकतार्ओं और पदाधिकारियों को राहुल की न्याय यात्रा में एकजुटता के साथ शामिल होने के लिए कहा गया। बैठक में राहुल की रैली में पांच से छह जिलों के कार्यकतार्ओं शामिल होंगे। प्रदेश में पांच दिन रहेगी यात्रा यात्रा न्याय के लिए संघर्ष की यात्रा : पटवारीपीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के सारे कार्यकर्ता यात्रा से जुड़ें। चुनाव और यात्रा को लेकर प्लानिंग हुई है। राहुल गांधी की यात्रा देश को जोड़ने और न्याय के लिए संघर्ष करने की यात्रा है। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा बैठक में बूथ स्तर तक चर्चा हुई। वहीं, प्रत्याशी चयन को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा पार्टी में अनुशासन को लेकर चर्चा हुई।

भदभदा बस्ती खाली होने के बाद भूमि को किया जा रहा है समतल

The land is being leveled after the Bhadbhada settlement was vacated. Along with leveling the land, the Municipal Corporation staff is also removing the broken debris from encroachments. पौध रोपण के लिए की जाएगी फेंसिंग अतिक्रमण हटने के बाद रविवार को कई परिवार वहां आकर बैठ गए भोपाल। भदभदा क्षेत्र में होटल ताज के सामने 386 अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम अमले ने भूमि समतल करने का काम शुरू कर दिया है। यहां तोड़े अतिक्रमण के मलबे को भी ट्राली में भरकर दूसरी जगह भेजा जा रहा है। क्योंकि खाली हुई भूमि पर अब फेंसिंग के बाद पौधरोपण किया जाना है।इस भूमि को खाली कराने के लिए एनजीटी ने जुलाई 2023 के बाद दोबारा आदेश जारी किया था। इसका पालन करना जरूरी हो गया था। इसका सबसे बड़ा एक कारण यह भी है कि यह क्षेत्र रामसर साइड भोजवेटलेंड में चिन्हित किया गया था। नगर निगम द्वारा इस संबंध में मुनादी करा दी गई थी और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। पहले तीन दिन का समय दिया गया थाए अतिक्रमण हटाने के लिए बिजली कंपनी ने बस्ती की बिजली व नगर निगम ने पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी। एनजीटी से जुड़े मामलों की समीक्षा पिछले दिनों नगरीय प्रशासन विभाग ने की थी। इसके बाद ही अतिक्रमण अधिकारियों ने बस्ती में मुनादी पिटवाई थी। समीक्षा बैठक में भदभदा की झुग्गी बस्ती को जल्द से जल्द हटाने का निर्णय लिया गया था।12 मार्च को सुनवाई में पेश होगी रिपोर्टनगर निगम व जिला प्रशासन के द्वारा भदभदा बस्ती खाली करने की जानकारी एनजीटी में 12 मार्च को होने वाली सुनवाई में दी जाएगी। इसके फोटो और पूरी रिपोर्ट सुनवाई में प्रस्तुत होगी। अभी पौघ रोपणनगर निगम अधिकारियों के अनुसार भूमि समतल करने के बाद अब पौध रोपण की तैयारी की जा रही है। इसके बाद ही इस सबंध कोई प्लानिंग बन पाएगीए लेकिन एनजीटी के आदेश पर भूमि खाली हुई हैए तो यहां कोई निमार्ण नहीं हो सकता है। जिला प्रशासन का काम भूमि खाली कराना थाएडीएम हरेंद्र नारायण के अनुसार अनुसार जिला प्रशासन को भूमि खाली कराना था। यह काम पूरा हो गयाए अब आगे की जानकारी नगर निगम के पास होगी।

शाह के दौरे पर जीतू पटवारी बोले- PM मोदी की गारंटी पूरी करें

Jitu Patwari said on Shah’s visit – Fulfill PM Modi’s guarantee, if you lie to ask for votes, thank you केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर है। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अमित शाह जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरी करें। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को कहा कि अमित शाह जी मोदी गारंटी पूरी करो। प्रबुद्धजनों से मिलना अच्छी बात है। देश के गृहमंत्री है उनको मिलना चाहिए। साथ में इस बात को भी व्यक्त करना होगा कि 2014 की मोदी गारंटी पूरी नहीं हुई है। 2023 में मध्य प्रदेश की जनता से किए वादे तभी पूरे हो सकते है, जब प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपए दें। यदि झूठ बोलकर फिर वोट लेने आ गए है तो उनको धन्यवाद। अब मध्य प्रदेश की जनता जाग गई है। जनता से अनुरोध है कि इनके झूठ को समझो। भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इससे सिर्फ देश या सिर्फ मध्य प्रदेश में खुशी नहीं है। पूरे ब्रह्माण में खुशी है। लेकिन भगवान राम के भक्तों से सरकार ने जो वादे किए उनको पूरा करें।

कांग्रेस मुक्त बूथ तैयार करें, हर बूथ पर 370 नए मतदाता जोड़ें “अमित शाह “

Prepare Congress free booths, add 370 new voters at every booth “Amit Shah” गृहमंत्री जिस रूट से निकलेंगे, वहां सुरक्षा में करीब 500 जवान रहेंगे। कार्यक्रम स्थल के आसपास क्षेत्र से लेकर एयरपोर्ट तक नो फ्लाइंग जोन रहेगा। ग्वालियर। देश के गृहमंत्री अमित शाह रविवार को ग्वालियर पहुंचे। वह दोपहर करीब 12 बजे ग्वालियर आएंगे और डेढ़ घंटे तक यहां रहेंगे। गृहमंत्री अमित शाह आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्‍होंने इस दौरान कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि सरकार की जनहित की अच्छी योजनाओं और कामों को जन-जन तक पहुंचाएं इसके अलावा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी जोड़ने का काम करें। कांग्रेस में कुछ बचा नहीं है। कार्यकर्ता फ्रस्ट्रेटेड हो चुका है। भ्रमित हो रहा है इसलिए उन्हें जोड़ने का काम करें। कांग्रेस मुक्त बूथ के लिए काम करें। हर बूथ पर 370 नए मतदाताओं को जोड़ना है । कांग्रेस मुक्त बूथ तैयार करने हैं। मतदाताओं से अधिक से अधिक संवाद करें, योजनाओं के बारे में बताएं और लोगों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ें। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ,केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीडी शर्मा भी बैठक में रहे। केंद्रीय गृहमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी से संवाद किया। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने के उद्देश्य से ग्वालियर चंबल अंचल की चार लोकसभा सीटों की क्लस्टर बैठक आयोजित की गई है। ग्‍वा‍लियर और चंबल क्‍लस्‍टर प्रबंध समिति की बैठक के बाद अमित शाह यहां से खजुराहो जाएंगे। जानकारी के अनुसार इस बैठक में ग्‍वालियर के साथ ही भिंड, मुरैना, गुना-शि‍वपुरी लोकसभा क्षेत्रों के प्रतिन‍िध‍ि शाम‍िल हुए । इनसे अमित शाह ने संवाद किया।

भोपाल को नहीं मिला कैंसर अस्पताल, इकलौते एम्स में मरीजों की लंबी कतार

Bhopal did not get a cancer hospital, long queue of patients in the only AIIMS एम्स में एक साल पहले शुरू हुए कैंसर विभाग में पहुंच गए 41 हजार से अधिक रोगी। लंबी हुई प्रतीक्षा सूची। इलाज की आस में बेइंतहा दर्द भोग रहे हजारों पीड़ित। भोपाल। देश-दुनिया की तरह प्रदेश में भी कैंसर तेजी से पैर पसार रहा है। साल दर साल महिलाओं व पुरुषों में कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि भोपाल में आज तक अलग अस्पताल तैयार करना तो दूर मेडिकल कालेज में इसका विभाग ही पूरी सुविधाओं के साथ शुरू नहीं हो सका। इस बीच कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ते-बढ़ते हजारों में पहुंच चुकी है। इधर भोपाल एम्स में एक वर्ष पूर्व से कैंसर विभाग ने विधिवत काम करना शुरू कर दिया है लेकिन यहां पहले ही वर्ष में 41 हजार से अधिक रोगी पहुंचने से मौजूदा संसाधन कम पड़ रहे हैं। यहां प्रतीक्षा सूची इतनी लंबी हो चुकी है कि महीनों पहले उपचार मिलना मुश्किल है। राजधानी में एम्स सहित अन्य अस्पतालों में हर साल कैंसर के 44 से 45 हजार मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सिविल अस्पताल के साथ एक कैंसर स्पेशलिटी अस्पताल भी बनाना जरूरी है। जिससे कैंसर मरीजों को इलाज के लिए भटकना ना पड़े। हमीदिया बन सकता था कैंसर अस्पतालएनएचएम के पूर्व संचालक डा. पंकज शुक्ला कहते हैं, प्रदेश की राजधानी में ही सरकार की ओर से कैंसर उपचार की व्यवस्था सबसे कमजोर है। हमीदिया में आसानी से कैंसर अस्पताल विकसित किया जा सकता था, लेकिन इसके लिए कभी पूरी ताकत से प्रयास नहीं किए गए। प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में कीमोथैरेपी की व्यवस्था की। लेकिन राजधानी में एक सुविधाओं से सुसज्जित कैंसर अस्पताल की जरूरत है।दोनों विभाग के विशेषज्ञों का सही उपयोगशुक्ला बताते हैं, शासन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग को एक विभाग बनाने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों विभागों के विशेषज्ञ, स्थान, सुविधाएं और बजट का सही उपयोग करना जरूरी है। यह एक समय है जिससे कैंसर जैसे गंभीर रोग से ग्रसित मरीजों को एक स्थान पर पूर्ण और सटीक इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। शहर के लिए कैंसर अस्पताल बनाना अच्छा विकल्प हो सकता है। शहर में कैंसर मरीज हमीदिया अस्पताल में साल 2021 में कैंसर के 5096 मरीज इलाज के लिए आए। वहीं साल 2022 में यह आंकड़ा 6533 दर्ज किया गया। साल 2023 में 7121 कैंसर के मरीज इलाज के लिए हमीदिया के आन्कोलाजी विभाग पहुंचे। यानी 20 से 25 मरीज रोजाना ओपीडी में आए। एम्स भोपाल में बीते साल प्रदेश भर से 41 हजार 323 कैंसर के मरीज इलाज के लिए पहुंचे। एम्स अस्पताल में रोजाना आनकोलाजी सर्जरी और रेडियोलाजी विभाग के मिलाकर रोजाना 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं।कैंसर का उपचार शुरू करने के लिए 25 से 30 करोड़ की यूनिट लगाई जाती है। इसे सरकार तीन साल में वसूल कर सकती है। लेकिन आयुष्मान के पैसों को सरकार ऐसे भी बचा सकती है। सरकार के लिए कोई यह बड़ी रकम भी नहीं है। – डा.ओपी सिंह, कैंसर विशेषज्ञ ऐसे बढ़ रहे मरीज,(हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे कैंसर रोगियों की संख्या) वर्ष 2021 – 5096 रोगीवर्ष 2022 – 6533 रोगीवर्ष 2023- 7121 रोगी एम्स की स्थितिवर्ष 2023 – 41 हजार 323 रोगी

जीतू पटवारी ने लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा को देखते हुए ऑनलाइन बैठक ली

Jitu Patwari took online meeting of leaders in view of Lok Sabha elections and Bharat Jodo Nyay Yatra. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संबंध में ऑनलाइन बैठक जारी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह जी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह जी एवं विवेक तन्खा जी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण मुख्य रूप से बैठक में उपस्थित।

डिप्टी कलेक्टर समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले

Transfer of many administrative officers including Deputy Collector मध्य प्रदेश में कई जिलों के ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. इन अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर किया गया है. आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासिनक अधिकारियों के फेरबदल किए गए हैं. कई जिलों के डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. मध्यप्रदेश शासन की ओर से 64 प्रशासनिक सेवा के अफसरों के तबादले किए गए है. इसमें सामान्य प्रशासनिक विभाग, नर्मदा घाटी, राजस्व सहित कई डिप्टी कलेक्टर शामिल हैं. मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से स्टेट प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के तबादले को लेकर लिस्ट जारी की गई है. मध्य प्रदेश में कई जिलों के ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से कई अधिकारी लंबे वक्त से एक जिले में तैनात थे. इन अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया गया है. कमलेश पुरी, जो वर्तमान में उमरिया के डिप्टी कलेक्टर हैं. इन्हें मउगंज का डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है. एमपी में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले तबादला सूची के मुताबिक नंदा भलावे कुशरे को उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग से उप संचालक आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है. जबकि कमलेश पुरी को डिप्टी कलेक्टर उमरिया से डिप्टी कलेक्टर मउगंज, सपना अनुराग जैन अर संचालक नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण इंदौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर, अभिषेक दुबे अपर कलेक्टर रायसेन से उप सचिव मप्र शासन लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.विशाल चौहान अपर कलेक्टर मंदसौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल, एकता जायसवाल क्षेत्रीय उपायुक्त भू अभिलेख सागर से भू प्रबंधन अधिकारी देवास, श्वेता पंवार उप सचिव मप्र शासन गृह विभाग से अपर कलेक्टर रायसेन, श्यामेन्द्र जायसवाल उपायुक्त राजस्व सागर से अपर आयुक्त नगर पालिका निगम इंदौर, राजेश राठौड़ कार्यकारी संचालक मप्र औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम उज्जैन, शैलेन्द्र सिंह अपर कलेक्टर सागर से अपर कलैक्टर मैहर, अंकुर मेश्राम उपायुक्त भू अभिलेख ग्वालियर से अपर कलेक्टर भोपाल, चिरोंजीलाल चनाप अपर कलेक्टर सिवनी से अपर कलेक्टर अनूपपुर, अभिषेक गेहलोत आयुक्त नगर पालिका निगम सतना से मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है. किन्हें क्या मिली जिम्मेदारी? इसके साथ ही राकेश सिंह मरकाम को डिप्टी कलेक्टर निवाड़ी से डिप्टी कलेक्टर दमोह, शिखा पोरस नरवाल उप सचिव मप्र शासन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल, इकबाल मोहम्मद संयुक्त कलेक्टर भोपाल से संयुक्त कलेक्टर भिण्ड, सुलेखा सुदेश उईके महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल से अपर कलेक्टर सिवनी, मनोज कुमार वर्मा अपर आयुकत नगर पालिका निगम इंदौर से महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल, दिनेश चंद्र शुक्ला अपर कलेक्टर निवाड़ी से अपर कलेक्टर शिवपुरी, विनोद भार्गव उप सचिव समान्य प्रशासन विभाग से अपर कलेक्टर सागर, अविनाश रावत ज्वाइंट कलेक्टर दमोह से ज्वाइंट कलेक्टर रीवा बनाया गया है. विकास कुमार सिंह ज्वाइंट कलेक्टर भिण्ड से ज्वाइंट कलेक्टर मैहर, प्रमोद कुमार सेन गुप्ता ज्वाइंट कलेक्टर जबलपुर से ज्वाइंट कलेक्टर सिंगरौली, वंदना जाट ज्वाइंट कलेक्टर सिवनी से ज्वाइंट कलेक्टर नरसिंहपुर, राजेश कुमार गुप्ता ज्वाइंट कलेक्टर विदिशा से संचालक अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति संस्थान भोपाल, आकाश श्रीवास्तव कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल, देवदत्त शर्मा डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर से डिप्टी कलेक्टर भिण्ड, बलवीर रमन सिंह संयुक्त कलेक्टर छतरपुर से संयुक्त कलेक्टर रीवा, रामबाबू सिण्डोस्कर संयुक्त कलेक्टर दतिया से संयुक्त कलेक्टर अशोकनगर, मुनीष सिंह सिकरवार संयुक्त कलेक्टर ग्वालियर से अपर आयुक्त नगर पालिका निगम ग्वालियर, अनुराग सिंह संयुक्त कलेक्टर जबलपुर से संयुक्त कलेक्टर डिण्डौरी की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा राजीव समाधिया ज्वाइंट कलेक्टर शिवपुरी से ज्वाइंट कलेक्टर ग्वालियर, शिराली जैन अवर सचिव मप्र शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग से अवर सचिव कार्मिक मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग, सुरेश जादव संयुक्त कलेक्टर मैहर से संयुक्त कलेक्टर सिंगरौली, मोहिनी शर्मा संयुक्त कलेक्टर राजगढ़ से ज्वाइंट कलेक्टर विदिशा, रमेशचंद्र खतेडिय़ा डिप्टी कलेक्टर धार से डिप्टी कलेक्टर खण्डवा, अखिल राठौर संयुक्त कलेक्टर शाजापुर से ज्वाइंट कलेक्टर छतरपुर, अंकिता त्रिपाठी संयुक्त कलेक्टर पांढुर्णा से ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा, फरहीन खान ज्वाइंट कलेक्टर सागर से अवर सचिव कार्मिक मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग, कामिनी ठाकुर ज्वाइंट कलेक्टर बालाघाट से ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा, पूजा तिवारी ज्वाइंट कलेक्टर नरसिंहपुर से ज्वाइंट कलेक्टर बैतूल, नेहा सोनी ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा से ज्वाइंट कलेक्टर पांढुर्णा बनाए गए हैं. वहीं, रवि मालवीय ज्वाइंट कलेक्टर भिण्ड से ज्वाइंट कलेक्टर दतिया, प्रमोद सिंह गुर्जर डिप्टी कलेक्टर नर्मदापुरम से डिप्टी कलेक्टर धार, भारती मरावी डिप्टी कलेक्टर रीवा से डिप्टी कलेक्टर डिण्डौरी, राहुल सिलाडिय़ा डिप्टी कलेक्टर पन्ना से डिप्टी कलेक्टर सतना, उमेश चंद्र कौरव प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बालाघाट से डिप्टी कलेक्टर शिवपुरी, स्वाति उपाध्याय प्रभारी डिप्टी कलेक्ट खरगोन से डिप्टी कलेक्टर सीहोर, संतोष बिटोलिया डिप्टी कलेक्टर भोपाल से डिप्टी कलेक्टर विदिशा, राजाराम करजरे प्रभारी डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर से डिप्टी कलेक्टर उज्जैन सहित अन्य अफसरों के तबादले किए गए हैं.

संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती विशेष प्रकाशन

Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड को मिला बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड का पुरस्कार

Madhya Pradesh Tourism Board received the Best State Tourism Board award मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार नवाचार करने पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।प्रदर्शनी में बोर्ड ने प्रमुखता से सहभागिता कर देश एवं विदेशों से आए ट्रेवल एजेंट्स टूर आपरेर्ट्सहोटेलियर्स एवं विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को प्रचारित किया। भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार, नवाचार करने, पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रमुख ट्रेवल प्रदर्शनी एसएटीटीई (साउथ एशियन ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सचेंज) में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट बोर्ड के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। युवराज पडोले ने ग्रहण किया पुरस्कारवहीं, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग सदैव ही प्रदेश में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की सुलभता, सुगमता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड की ओर से यह सम्मान उपसंचालक युवराज पडोले ने ग्रहण किया। इस आधार पर मिला परस्कार एमपीटीबी स्टाल पर आगंतुकों को सांची, अमरकंटक, नर्मदा के घाटों और अन्य गंतव्यों के वर्चुअल टूर का अनुभव करने का भी मौका मिला। बोर्ड को यह सम्मान पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, राज्य की संस्कृति और विरासत के संरक्षण इत्यादि क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है।

खाद्य विभाग द्वारा नगर की दुकानों में किया आकस्मिक निरीक्षण, दूध एवं दूध उत्पादन सामग्री के लिए सैंपल

Food department conducted surprise inspection in city shops, took samples for milk and milk production materials. नैनपुर ! मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत कलेक्टर के निर्देश पर मिलावटी खाद्य पदार्थ के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के संबंध में जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति के द्वारा विभिन्न दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया विशेष कर दूध एवं दूध उत्पादन में होने वाली मिलावट को रोकने हेतु विभिन्न दुकानों में मिलावट की आशंका पर दूध एवं दूध उत्पादन के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान श्याम स्वीट्स से खोवा एवं रसगुल्ला, प्रेम लस्सी सेंटर से खोवे के पेड़े एवं लस्सी, जैन किराना स्टोर से पापड़ एवं सरसों तेल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए वही श्याम स्वीट्स में घरेलू गैस का व्यवसायिक दुरुपयोग पाए जाने पर जब्ती की कार्यवाही कर प्रकरण बनाया गया। सभी नमूने प्रयोगशाला भोपाल भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर विक्रेताओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी कार्रवाई के दौरान नापतोल निरीक्षक एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी बाइट – आर एस वरकड़े कनिस्ट आपूर्ति अधिकारी

किसी भी स्थिति में बच्चों को परीक्षा न किया जाए वंचित, अन्यथा होगी कार्यवाही

Children should not be deprived of exams under any circumstances, otherwise action will be taken निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पहुंची शिकायत, कलेक्टर का अल्टीमेंटम भोपाल। आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस और पढ़ाई को लेकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निजी स्कूलों को अल्टीमेटम दिया है। कलेक्टर ने सभी स्कूलों को आदेश दिए कि किसी भी स्थिति में स्कूल में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को स्कूल से तथा आयोजित होने वाली परीक्षाओं से वंचित न किया जाए। अन्यथा की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसके लिए स्कूल खुद जिम्मेदार होंगें। मामले में अभिभावकों को लेकर राहत देते हुए कहा गया है कि निजी स्कूलों की इस तरह की किसी भी शिकायत के लिए कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। यह है पूरा मामला दरअसल, शास, अशास, अल्पसंख्यक, सीबीएससी स्कूलों में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों के अभिभावकों द्वारा जनसुनवाई के दौरान और विभिन्न आवेदनों के माध्यम से इसको लेकर कलेक्टर सहित अन्य कार्यालयों में शिकायतें की गई हैं। इस शिकायत में बताया गया है कि संबंधित शाला द्वारा उनके बच्चों की आर.टी.ई. प्रावधान अंतर्गत फीस प्रतिपूर्ति न होने, पूर्व संस्था द्वारा टी.सी. प्रदाय न करने, समग्र पोर्टल में नाम अंकित न होने अथवा त्रुटिपूर्ण होने, शाला में फीस जमा न कर पाने के कारण बच्चों को शाला में अध्ययन न कराते हुए परीक्षा से वंचित किया जा रहा है एवं अलग से फीस की मांग की जा रही है, जबकि आर.टी.ई. के अंतर्गत आने वाले छात्रों को पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।

राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी के बुरे हाल: ओपीडी पर्चे पर लिखी दवा भी नहीं मिलती

Bad condition of Capital’s Model Hospital JP: Even medicine written on OPD prescription is not available. भोपाल। कहने को जय प्रकाश अस्पताल (जेपी) राजधानी का मॉडल अस्पताल हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में वह किसी सामुदायिक केंद्र के बराबर है। जेपी अस्पताल में दवा ही नहीं है। आधी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। यह पीड़ा जेपी अस्पताल में इलाज कराने आई मीना नागराज ने सुनाई। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने ओपीडी पर्चे पर पांच दवाएं लिखी थी, जिनमें से तीन दवाएं उन्हें बाहर से खरीदने के लिए कहा गया, क्योंकि उक्त दवाओं का स्टाक खत्म हो गया था। उन्हीं की तरह अन्य मरीजों ने दवा नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। ओपीडी में आए मरीजों से बात की तो पता चला कि कई दवाएं अस्पताल में मिली ही नहीं। इनमें लेवोसालबूटामाल, आइंट मिंट जैसी महत्वपूर्ण दवाएं भी शामिल हैं। ब्लड प्रेशर की सामान्य दवा भी नहीं मिल रहीबुजुर्ग रोशन मौर्य ने बताया कि मुझे हार्ट से संबंधित, ब्लड प्रेशर, जोड़ों की समस्या रहती है। जेपी अस्पताल के डाॅक्टर अच्छे हैं, इसलिए यहां इलाज के लिए आया हूं। यहां मुझे कुछ दवाएं मिली हैं, लेकिन बाकी बाहर से खरीदने के लिए कहा गया है। पांच में सिर्फ दो दवाएं मिलीहाथ में दर्द होने के बाद उपचार के लिए ओपीडी में आए मोहन मीणा ने बताया कि डॉक्टर ने पांच दवाएं लिखी थी, पर मुझे दो ही दवाएं मिली। मैं तो सक्षम हूं बाहर से खरीद लूंगा, लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जिनके पास अस्पताल तक आने का किराया भी नहीं होता, वे कहां से दवा खरीदेंगे। संबंधित पर कार्रवाई करेंगेजेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि अगर अस्पताल में दवाओं की कमी है, तो फार्मासिस्टों को तुरंत रिक्वायरमेंट स्टोर को भेजना चाहिए। हमने नई व्यवस्था बनाई है, अगर अब चूक होती है तो तुरंत संबंधित पर कार्रवाई करेंगे।

भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन पर बदबूदार गंदे पानी की सप्लाई

Supply of smelly dirty water at Bhopal and Rani Kamlapati stations यात्रियों को मजबूरी में खरीदना पड़ रही बोतल भोपाल। रेलवे स्टेशन पर 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद गंदा पानी पीने से यात्रियों के बीमार होने का खतरा रानी कमलापति स्टेशन पर पानी की लाइन टूटी हरिभूमि न्यूज,भोपाल। भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन पर यात्री गंदा पानी पीने को मजबूर है। पिछले कुछ दिनों से वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति व भोपाल स्टेशन पर इसी तरह के गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। दो दिन से यह परेशानी अधिक बढ़ गई है। गंदा पानी पीने से यात्री संक्रमित बीमारी का शिकार हो सकते हैं, लेकिन रेलवे अधिकारियों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। इस संबंध में कुछ यात्रियों ने गंदे पानी को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायत की है। इस संबंध में भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि जल्द ही मामले को दिखवा लेता हूं। जो भी समस्या होगी, उसको ठीक करा लिया जाएगा। 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद भोपाल स्टेशन पर कई सालों से 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट बंद पड़ा है। इसके चलते रेलवे यात्रियों को शुद्ध पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। सालों से आरओ प्लांट ठीक नहीं कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि आरओ प्लांट वर्ष 2015 में लगाया गया था। अप्रैल 2017 से यह बंद है। इसके पहले भी ये कई बार बंद हुआ। इस तरह यह प्लांट सिर्फ 200 दिन ही चल पाया। जानकारों का कहना है कि आरओ प्लांट को ठीक नहीं कराया जाना लापरवाही का मामला है। अब गर्मी का सीजन दस्तक दे रहा है तो पिछले कुछ दिनों से लगातार गंदे पानी की प्लेटफार्म पर लगे नलों में सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में रेल नीर का बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। पानी माफिया सक्रिय गर्मी के सीजन में भोपाल रेलवे स्टेशन पर बोतलबंद पानी की बिक्री के लिए पानी माफिया सक्रिय रहता है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, गर्मियों में प्रतिदिन 30 से 40 हजार बोतलबंद पानी बिक जाता है। ऐसे में यदि यात्रियों को रेलवे से आरओ वाटर भरपूर मिलने लगेगा तो पानी माफिया की बिक्री सीमित हो जाएगी। रानी कमलापति पर नलों में आ रहा गंदा पानी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से गंदा पानी आ रहा था। इससे यात्रियों को शुद्ध पानी को लेकर परेशान होना पड़ रहा है। नगर निगम की पानी की लाइन टूटी हुई थी। जिनको मरम्मत के लिए बोला है। मोहित सोमय्या, प्रोजेक्ट मैनेजर, बंसल पाथ-वे हबीबगंज प्राइवेट लिमिटेड

पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस के खिलाफ लोकायुक्त ने शुरू की जांच

Lokayukta starts investigation against former Chief Secretary Iqbal Singh Bais भोपाल। प्रदेश लोकायुक्त संगठन में चल रहे उज्जैन की हवाई पट्टी के मामले में लोकायुक्त ने पांच आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी है। जबकि कुछ अधिकारियों के खिलाफ अभी जांच जारी है। इनमें पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी शामिल हैं जिनके खिलाफ जांच पूरी नहीं होने से अभियोजन मांगने वाले अधिकारियों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया है। वैसे इस मामले में करीब आधा दर्जन आईएएस और आईपीएस के नाम भी जांच में शामिल थे जिनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी अब तक जांच पूरी नहीं हुई है तो कुछ अफसरों को क्लीनचिट जैसी मिल गई है। इनमें लोकायुक्त के डीजी रहे अरुण गुर्टु व लोकायुक्त संगठन के सचिव रहे अरुण कोचर भी शामिल हैं। पढ़िये रिपोर्ट। उज्जैन की हवाई पट्टी को कुछ साल पहले निजी कंपनी को पायलट ट्रेनिंग के लिए लीज पर दिया गया था जिसका करीब डेढ़ लाख रुपए सालाना लीज तय किया गया था। सिंहस्थ आयोजन की वजह से हवाई पट्टी पर बड़े विमानों के उतारे जाने के कैबिनेट फैसले के आधार पर सरकार ने यहां 80 लाख रुपए खर्च किए थे। इस मामले में सालाना लीज जमा नहीं किए जाने तथा निजी कंपनी को लीज पर दिए जाने के बावजूद सरकारी खर्च से वहां काम कराए जाने के आरोपों के आधार पर लोकायुक्त संगठन में शिकायत हुई थी जिसमें 2019 में एफआईआर दर्ज की गई थी।शुरुआत में ये जांच के घेरे में आए सूत्र बताते हैं कि लोकायुक्त की शुरुआती जांच में यश एयर लिमिटेड इंदौर और सेटार एविएशन नाम की दो कंपनियों सहित लोकायुक्त के डीजी रहे रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अरुण गुर्टू, शिवरमन, यशराज टोंग्या, भरत टोंग्या, शिरीष चुन्नीलाल दलाल, वीरेंद्र कुमार जैन, दुष्यंत लाल कपूर, दिलीप रावत के नाम आए थे। इसी तरह उज्जैन कलेक्टर रहे शिवशेखर शुक्ला, अजातशत्रु श्रीवास्तव, डॉ. एम गीता, बीएम शर्मा, कवींद्र कियावत, संकेत भोंडवे, मनीष सिंह, शशांक मिश्र व नीरज मंडलोई, विमानन विभाग के प्रमुख रहे अरुण कोचर, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री रहे एसएम सलूजा, एके टूटेजा व जीपी पटेल के नाम भी थे। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का नाम भी इस मामले में आने पर उनके खिलाफ भी जांच शुरू हुई थी। बैंस के अभियोजन स्वीकृति फिलहाल नहीं सूत्रों से मुताबिक लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना ने अब तक की जांच में जिनके खिलाफ साक्ष्य पाए हैं, उनमें शिवशेखर शुक्ला, अजातशत्रु श्रीवास्तव, कवींद्र कियावत, अरुण कोचर सहित डॉ. एम गीता के नाम हैं। गीता का निधन हो चुका है तो शुक्ला को छोड़ अन्य तीन अधिकारी रिटायर्ड हो गए हैं। वहीं, मामले से जुड़े पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस व रिटायर्ड आईएएस बीएम शर्मा की जांच अभी पूरी नहीं होने की वजह से उनके लिए अभियोजन स्वीकृति के लिए राज्य शासन को नहीं लिखा गया है।

कमलनाथ के मुद्दे पर एक्शन के मूड में कांग्रेस, बयान देने वालों पर क्या गिरेगी गाज?

Congress in mood for action on Kamal Nath issue, what punishment will fall on those who make statements? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने की खबरों के बीच कमलनाथ समर्थक नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की. अब पार्टी ऐसे नेताओं को सबक सिखाने के मूड में है.मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. तीन-चार दिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने को लेकर जमकर चर्चा चली. आग लगी थी, तभी धुआं भी निकला. कमलनाथ के समर्थकों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी. किसी ने कहा कि कमलनाथ ने पार्टी को जीवन दे दिया, मगर पार्टी ने उनको अपमानित किया. किसी ने कहा कि अगर कमलनाथ बीजेपी जाते हैं तो हम भी बीजेपी उनके साथ जॉइन करेंगे.इस बयानबाजी में सबसे आगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व विधायक दीपक सक्सेना और कमलनाथ के मीडिया कॉर्डिनेटर सैयद जफर सबसे आगे थे. मामला भले ही शांत हो गया हो, मगर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बयानबाजी को अनुशासनहीनता में लिया है. जीतू  पटवारी गुस्से में हैं. लिहाजा कठोर शब्दों में चेतावनी दी है. बता दें कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ द्वारा ट्विटर हैंडर में चेंज करने और उनके समर्थकों के बयानबाजी के बाद यह अटकलें लगी थी कि कमलनाथ राज्यसभा की सीट नहीं दिए जाने से नाराज हैं और वह बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि बाद में उनकी राहुल गांधी से बातचीत हुई. उसके बाद मामला फिलहाल शांत है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दी चेतावनीजीतू  पटवारी ने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी गंभीर है.अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि बीजेपी जीतू  पटवारी की इस बात का मजाक ही उड़ा रही है. जीतू  पटवारी के ही सामने चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता जीतू  जिराती का कहना है कि अगर वाकई ऐसा जीतू  पटवारी कह रहे हैं तो ये बड़ी बात है. कमलनाथ थोड़ा सा इधर-उधर हुए और कांग्रेस की हालत खराब हो गई. जीतू पटवारी उनका बाल भी नहीं बांका कर सकते. उनके समर्थकों पर कार्रवाई तो छोड़ दीजिए. कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से विवादहालांकि अब भी कमलनाथ समर्थकों के सुर नहीं बदले है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की बैठक में शामिल होने पहुंचे सज्जन वर्मा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा छिंदवाड़ा के विधायकों की दुनिया ही अलग है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू  पटवारी भले ही कह चुके हैं कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी, मगर ये देखना भी दिलचस्प होगा कि कमलनाथ समर्थकों पर कार्रवाई होती है या नहीं.

मध्य प्रदेश में RTE के तहत फ्री स्कूल एडमिशन के लिए आवेदन चालू

Application open for free school admission under RTE in Madhya Pradesh मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिये शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के ऑनलाइन नि:शुल्क प्रवेश के लिये समय-सारणी जारी की गई है। शिक्षा का अधिकार ऑनलाइन आवेदन के लिए अधिकृत वेबसाइट संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस ने बताया कि 23 फरवरी से 3 मार्च, 2024 तक www.educationportal.mp.gov.in/rte पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लिये जायेंगे। पोर्टल पर त्रुटि सुधार के लिये विकल्प उपलब्ध रहेगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक 24 फरवरी से 5 मार्च तक पावती डाउनलोड और मूल दस्तावेजों का केन्द्रों में सत्यापन करा सकेंगे। MP RTE स्कूल एडमिशन के लिए ऑनलाइन लॉटरी की तारीख आरटीई के तहत 7 मार्च, 2024 को पारदर्शी रेण्डम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी आयोजित करते हुए आवेदकों को स्कूल आवंटित किया जायेगा। आवेदकों को एसएमएस से भी सूचित किया जायेगा। लॉटरी में चयनित आवेदक 11 मार्च से 19 मार्च, 2024 तक आवंटन-पत्र डाउनलोड कर आवंटित स्कूल में प्रवेश पा सकेंगे। प्रवेश लेते समय ही संबंधित प्रायवेट स्कूल द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्ट भी दर्ज की जायेगी।MP RTE का सेकंड राउंड कब शुरू होगा प्रथम चरण की प्रक्रिया समाप्त होते ही द्वितीय चरण में प्रवेश के लिये प्रक्रिया शुरू की जायेगी। पोर्टल पर 21 मार्च, 2024 को रिक्त सीटों को प्रदर्शित किया जायेगा। द्वितीय चरण में 22 से 26 मार्च तक स्कूलों की च्वाइस अपडेट की जा सकेगी। द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी 28 मार्च को होगी और स्कूलों का आवंटन किया जायेगा। द्वितीय चरण में लॉटरी से चयनित आवेदक 30 मार्च से 5 अप्रैल, 2024 के बीच आवंटन-पत्र डाउनलोड कर आवंटित स्कूल में प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र ने सभी जिला कलेक्टर्स को नियमानुसार पूर्ण पारदर्शी तरीके से नियत समय में यह कार्य सम्पादित किये जाने के निर्देश जारी किये हैं।

हीरा खदानों से मिले हीरों की नीलामी शुरू, पहले दिन रखे गए 76 हीरे; कई राज्यों से पहुंचे व्यापारी

Auction of diamonds found from diamond mines started, 76 diamonds were kept on the first day; Traders arrived from many states पन्ना ! नीलामी के पहले दिन हीरा व्यापारियों के लिए हीरों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें हीरा व्यापारियों को हीरे दिखाए गए। इसके बाद पहले दिन की नीलामी शुरू हुई। इसमें 30 ट्रे के माध्यम से 76 नग हीरे नीलामी में रखे गए। पन्ना जिले में उथली हीरा खदानों से प्राप्त 156 नग हीरों की नीलामी हीरा कार्यालय में गुरुवार से शुरू हो गई है। ये नीलामी 23 फरवरी तक चलेगी। इस नीलामी मे 286.41 कैरेट के छोटे-बड़े उज्ज्वल, मटमैले आदि किस्म के हीरे रखे गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत पांच करोड़ रुपये है। गुरुवार को नीलामी के पहले दिन हीरा व्यापारियों के लिए हीरों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें हीरा व्यापारियों को हीरे दिखाए गए। इसके बाद पहले दिन की नीलामी शुरू हुई। इसमें 30 ट्रे के माध्यम से 76 नग हीरे नीलामी में रखे गए। हीरों की नीलामी में सूरत, गुजरात, मुंबई, राजस्थान आदि स्थानों से हीरा व्यापारी शामिल हुए। बता दें कि इस बार नीलामी में सबसे खास बात यह होगी कि इनमें कई ऐसे नायाब हीरे हैं, जिनकी बोली एक करोड़ या फिर उससे अधिक तक जा सकती है। हीरा अधिकारी ने बताया कि 14.21 कैरेट, 11.88 कैरेट, 9.99 कैरेट, 8.01 कैरेट और 7.90 कैरेट के बड़े हीरे आकर्षण का केंद्र हैं। काफी समय बाद हुई हीरों की नीलामी की वजह से अच्छे राजस्व के आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, ‘बस्ती के लोगों को बेघर करने की कार्रवाई रोकने की मांग

Digvijay Singh wrote a letter to the Chief Secretary, demanding to stop the action of making slum people homeless. इस पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि ‘भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होने भोपाल में ताज होटल के सामने भदभदा बस्ती में निवासरत लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है और कहा है कि इसके लिएसंबंधित को उचित निर्देश प्रदान किया जाए। दिग्वियज सिंह द्वारा लिखा पत्र मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि ‘भोपाल शहर के होटल ताज के पास स्थित तालाब किनारे की 100 वर्षो पूर्व से बसी बसाहट को शासन द्वारा बलपूर्वक बिना विस्थापन के हटाये जाने की कार्यवाही की ओर आपका ध्यान आकर्षित कर रहा हूँ। भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है जिनका खसरा क्र. 291 है। जो वक्फ के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस भूमि का प्रकरण वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट में वर्ष 2018 से प्रचलित है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय के आदेश के पश्चात नगर निगम भोपाल द्वारा बिना विस्थापन की व्यवस्था किये इनके मकानों को बलपूर्वक तोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। शासन द्वारा पूर्व में इन्हें स्थाई नल कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन दिये गये है, जिसका इन लोगों द्वारा समय-समय पर भुगतान किया जाता रहा है। यह लोग कई वर्षो से सम्पति कर भी जमा करते आ रहे है। इसके पश्चात भी प्रशासन द्वारा विगत कुछ दिनों से नियम विरूद्ध तरीके से इनके नल और विद्युत कनेक्शन काट दिये गये है। वर्तमान में 10वीं एवं 12वीं कक्षा की परीक्षाऐं भी चल रही है। मेरा मानना है कि जब इस भूमि का प्रकरण पहले से ही वक्फ कोर्ट में प्रचलित है तो 100 साल पुरानी इस बस्ती को हटाने के लिये की जा रही कार्यवाही को निरस्त किया जाना चाहिये। इसके पश्चात फैसले के आधार पर अगर हटाया भी जाता है तो इन लोगों के पुनर्वास एवं उचित मुआवजे की व्यवस्था सरकार को करना चाहिये। मेरा आपसे अनुरोध है कि भदभदा बस्ती के लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही इस कार्यवाही को निरस्त करने के संबंधित को उचित निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें।

आईपीएस अजय शर्मा हर महीने किराए से कमा रहे 2.50 लाख रुपए  

IPS Ajay Sharma is earning Rs 2.50 lakh every month from rent. भोपाल। मध्य प्रदेश के आईपीएस अफसर ने संपत्ति का बुरा पेश किया है। मध्य प्रदेश कैडर के स्पेशल डीजी शैलेश सिंह के पास सबसे ज्यादा पुश्तैनी जमीन है। वहीं ईओडब्ल्यू में पदस्थ डीजी अजय शर्मा को हर महीने ढाई लाख रुपए की आय किराए से होती है। खास बात है कि मध्य प्रदेश के 246 अफसर ने ही संपत्ति की जानकारी दी है, जबकि 23 आईपीएस में कोई भी रिकॉर्ड संपत्ति के बारे में नहीं जमा किया है। स्पेशल डीजे गोविंद प्रताप सिंह के पास भी उत्तर प्रदेश में पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने अपने आईपीआर में बताया है कि उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश में कई संपत्तियां हैं। इसके अलावा कुछ जमीनों को बेचकर उन्होंने प्रापर्टी भी खरीदी है। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा ने बताया है कि दिल्ली के फ्लैट से 2 लाख से अधिक किराया मिलता है। भोपाल के एक मकान से 66 हजार से अधिक किराया मिलता है। दीपक हाउसिंग सोसाइटी में बने प्लॉट से 1 लाख 10 हजार की आय होती है। वही चंदनपुर परिवार की जमीन से डेढ़ लाख रुपए का रेंट उन्हें हर महीने मिलता है। डेढ़ लाख की जमीन की कीमत 29 साल में 51 लाख पहुंची आईपीएस और स्पेशल डीजी सुषमा सिंह ने हुजूर इलाके में आधा एकड़ जमीन 1995 में खरीदी थी। उसे वक्त डेढ़ लाख रुपए देकर अपने नाम जमीन कराई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 51 लाख के पार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जमीन पर मकान बनाया गया है। इसके लिए पति और जीपीएफ की सेविंग से कंस्ट्रक्शन किया गया है। झील किनारे आईपीएस का एक करोड़ का बंगला आईपीएस राजेश चावला ने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए कहा कि उनके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदी गई है। उन्होंने बताया कि शाहपुरा स्थित इस सेक्टर में साल 2021 में एक करोड़ से अधिक में संपत्ति खरीदी गई। चावला जमीन पर बंगला बनवा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास 55 ला ख रुपए का बागसेवनिया इलाके में फ्लैट भी है। जिसे उन्होंने साल 2017 में खरीदा था।  श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किया निवेश साल 1992 बैच के आईपीएस पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश में अपनी कोई संपत्ति नहीं खरीदी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फ्लैट और मकान खरीदा है। श्रीवास्तव ने अपनी संपत्ति की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 40 लाख रुपए का फ्लैट 2012 में खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 1 करोड़ 25 लाख है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में साल 2009 में 5 लाख की जमीन खरीदी गई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 15 लाख है। वही 25 लाख रुपए का मकान भी खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 50 लाख रुपए है।  इन आईपीएस की संपत्ति का रिकॉर्ड  -साल 1990 बैच के आईपीएस अशोक अवस्थी के पास पिता का मकान है। जिसे उन्होंने रिकंस्ट्रक्शन कर बनाया है। उन्होंने160 लाख रुपए मकान की कीमत बताई है।- साल 1995 बैच की एडीजी योगेश देशमुख के पास पांच संपत्ति है। उन्होंने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए यह नहीं बताया है कि मौजूदा संपत्ति की कीमत कितनी है। देशमुख के पास बैतूल, दिल्ली और भोपाल सहित महाराष्ट्र में संपत्ति है।

डीजीपी बनने की रेस में कैलाश मकवाना, प्रशासनिक टिप्पणी और अनुशंसा से हो जाएंगे बाहर

Kailash Makwana in the race to become DGP, will be out of administrative comment and recommendation भोपाल। मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन में विशेष स्थापना पुलिस के पूर्व प्रमुख रहे कैलाश मकवाना की लोकायुक्त द्वारा लिखी गई खराब सीआर के मामले में जब मकवाना ने राज्य शासन को रिव्यू के लिए लिखा तो तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारी की सीआर में सुधार किया। हालांकि सिर्फ नंबर ही पूर्व सीएम बढ़ा सके। अब यह मामला इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि मकवाना डीजीपी की रेस में हैं। ऐसे में उनकी सीआर में कम नंबर रेस से बाहर होने की आसार बना रही है। वहीं जानकारों का कहना है कि एक बार सीएम ने सीआर में सुधार किया है तो फिर दुबारा बदलाव की गुंजाइश नहीं होती है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी 1988 बैच के कैलाश मकवाना की लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना में पोस्टिंग और लोकायुक्त जस्टिस एनके गुप्ता से उनके मतभेदों के बाद सवा साल पहले स्थानांतरण के बावजूद मकवाना-गुप्ता विवाद खत्म नहीं हुआ है। जस्टिस गुप्ता ने मकवाना की लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना में करीब छह महीने की पदस्थापना के दौरान उनके कामकाज को लेकर सीआर लिखी तो तबादले के बाद शांत पड़ा दोनों के बीच का विवाद फिर सुर्खियों में आ गया।  सीआर में नंबर देने में कंजूसी  सूत्रों के मुताबिक मकवाना के तबादले के कुछ महीने बाद लोकायुक्त ने सीआर लिखी तो उसमें उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और नंबर देने में कंजूसी की। सीआर में दस में से पांच नंबर दिए गए। मकवाना को अपनी सीआर खराब किए जाने पर नाराजगी हुई और उन्होंने सलाह मशविरे के बाद सीआर के रिव्यू के लिए राज्य शासन को पत्र लिखा जिसमें जस्टिस गुप्ता द्वारा लिखी गई सीआर को दुर्भावनापूर्ण बताया।  यह भी सही है कि लोकायुक्त ने सीआर में कम नंबर की वजह भी बताई। मकवाना ने एक पूर्व डीजी की आय से अधिक संपत्ति पर कार्रवाई नहीं करने की वजह भी दी। फिर लोकायुक्त से मकवाना हटे तो पूर्व डीजी के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ।  सीआर की समीक्षा के बाद सुधार  सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मकवाना ने राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग को लोकायुक्त जस्टिस गुप्ता द्वारा लिखी गई सीआर के रिव्यू के लिए लिखा तो मामला तत्कालीन सीएम के पास पहुंचा। उन्होंने मामले में सीआर का परीक्षण किया और सीआर में मकवाना को दिए गए नंबर पांच से बढ़ाकर छह कर दिए।

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

जेपी अस्पताल: आज जांच कमेटी के सामने बयान दर्ज कराएंगे कर्मचारी

J.p Hospital: Employees will record statement in front of inquiry committee today भोपाल। जेपी अस्पताल में सोनोग्राफी फीस में फर्जीवाड़ा करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव के खिलाफ शिकायत करने वाले कर्मचारियों के सोमवार को बयान दर्ज होंगे। अधीक्षक राकेश श्रीवास्तव द्वारा गठित की गई जांच कमेटी ने कर्मचारियों को सोमवार को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। बतादें कि आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव पर नियमित कर्मचारियों ने मारपीट, मेडिकल प्रणाम पत्र और सोनोग्राफी फीस में फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए है। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, सीएमएचओ और अधीक्षक से की थी। इसके बाद धर्मेश कौरव के खिलाफ जांच करने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। सोमवार को जांच कमेटी कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट अधीक्षक को सौंपेंगी।  कर्मचारी संगठन हुआ लामबंद लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रातांध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि जेपी अस्पताल की कोई सुध लेना वाला नहीं है। पार्किंग ठेकेदार डॉक्टरों पर हमला कर रहे है, आए-दिन अस्पताल में चोरी की घटनाएं हो रही है। हद तो यह है कि आउटसोर्स कर्मचारी खुलेआम सोनोग्राफी फीस में फर्जीवाड़ा करने के साथ नियमित कर्मचारियों को धमका रहे है। इतना सब अस्पताल में हो रहा है। बावजूद इसके सीएमएचओ हो या फिर अस्पताल अधीक्षक ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। शर्मा ने कहा कि अगर जल्द ही आउटसोर्स कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो डिप्टी सीएम से शिकायत कर अस्पताल में धरना दिया जाएगा।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष अफसर

The top officer is kind to the tainted officers of the forest department भोपाल। जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अफसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों बचाने के लिए आरोप पत्र को जारी करने के बजाय शो कॉज नोटिस जारी कर रहे हैं। जिनके खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी जा रही है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है. मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती जा रही है। दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारी क्यों उदारता बरत रहे हैं, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई।** एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीसीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी गई है। दुर्भाग्य जनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। यही नहीं, बल्कि सेंगर को बालाघाट सर्किल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। एम काली दुर्रई: 1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है। डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने के आदेश दिए। इसी प्रकार गुना में कैंपा फंड की राशि से गड़बड़झाला करने का भी आरोप है। इनके खिलाफ पूर्व एसीएस वन अशोक वर्णवाल ने आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। वर्णवाल के निर्देश पर विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया किंतु बड़े अफसरों के चहेते होने की वजह से आरोप-पत्र को शो-कॉज नोटिस परिवर्तित कर दिया गया है। बजट शाखा ने उनके पेंशन जारी करने पर आपत्ति लगाई है किंतु शीर्ष अफसरों ने शो-कॉज नोटिस जारी कर उनके पेंशन और समस्त देयकों के भुगतान के रास्ते प्रशस्त कर दिए। प्रभात कुमार वर्मा : 2001 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रभात कुमार वर्मा जनवरी में सेवानिवृत्त हुए हैं। वे जब 2020 में वन विकास निगम में पदस्थ थे तब आर्थिक गड़बड़ियों के चलते उन्हें आरोप पत्र जारी किया गया। यही नहीं, विभाग ने 4 जनवरी 2022 को वन विकास निगम के एमडी को पत्र लिखकर गड़बड़ियों से संबंधित प्रचलित नस्ती उपलब्ध कराने के निर्देश दिए किंतु नस्ती उपलब्ध नहीं कराने के कारण उनके मामले में निर्णय नहीं हो सका। वे सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। जांच लंबित रहते हुए उनके देयकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू है। वर्मा पर आरोप यह भी है कि वे अपने मातहत अधिकारियों के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई करते हैं। इनके शिकार खंडवा डीएफओ देवांशु शेखर, सुश्री नेहा श्रीवास्तव, अधर गुप्ता और एसडीओ विद्या भूषण मिश्रा हो चुके हैं. इनके द्वारा दुर्भावना से कार्रवाई करने की वजह से मिश्रा आईएफएस की दौड़ में पीछे रह गए हैं। दुर्भावना से की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी बड़े अधिकारियों को सौंपे हैं। उन पर लघु वनोपज संघ के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के मद में भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं। बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। इनका तबादला वन मंत्री शाह की सिफारिश पर ग्वालियर से पूर्व छिंदवाड़ा वन मंडल जैसे महत्वपूर्ण वन मंडल में कर दिया गया है। भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों … Read more

मप्र में प्रधानमंत्री जनमन के तहत विशेष जनजाति क्षेत्रों में 194 नवीन आंगनवाडी केन्द्र खुलेंगे

194 new Anganwadi centers will open in special tribal areas under Prime Minister Janman in Madhya Pradesh. भोपाल। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) कार्यक्रम के तहत सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्र (पीवीजीटी) क्षेत्र में केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 194 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति दी है। महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि हम प्रदेश की महिलाओं एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश को आंगनवाड़ियों की सौगात मिली है। आंगनवाड़ियों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा, ताकि बच्चों को इसका लाभ मिल सके। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने इसके लिए केन्द्र सरकार का आभार माना है। नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खुलने से विशेष जनजाति क्षेत्रों के बच्चों को आंगनवाड़ी के माध्यम से उचित पालन-पोषण में सहायता मिलेगी। प्रदेश के 20 जिलों में खुलेंगे 194 आंगनवाड़ी केन्द्र- प्रदेश के 20 जिलों में शिवपुरी में 34, श्योपुर में 33, शहडोल 23, उमरिया 23, गुना 14, डिंडोरी 12, अशोकनगर 10, अनूपपुर 7, मंडला 6, विदिशा 5, बालाघाट 5, ग्वालियर 5, दतिया 4, जबलपुर 3, सीधी 4, मुरैना 2 एवं कटनी, छिंदवाड़ा, भिंड और रायसेन में 1-1 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों को मिलाकर कुल 194 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खुलेंगे।

जेपी अस्पताल: आउटसोर्स कर्मचारी के आगे प्रबंधक नतमस्तक, सोनोग्राफी की फीस कर्मचारी ने अपने खाते में कराई जमा

J.p Hospital: Manager bowed before the outsourced employee, the employee deposited the sonography fees in his account. भोपाल। राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी में एक आउटसोर्स कर्मचारी सुर्खियों में हैं। उनके खिलाफ अस्पताल के नियमित कर्मचारी लामबंद होकर उनकी अनियमित्ताओं की शिकायत भी कर चुके हैं। यह शिकायत मुख्यमंत्री, सीएमएचओ कार्यालय से लेकर सिविल सर्जन को हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल के जिम्मेदार अफसर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे। कर्मचारी पर आरोप है कि वे सरकारी मद में जमा होने वाली सोनोग्राफी की फीस अपने निजी बैंक अकाउंट में जमा कराते हैं। इन्हीं सभी विषयों पर सबूत के साथ बकायदा शिकायत की गई है। यह शिकायत जयप्रकाश अस्पताल के नियमित कर्मचारियों ने दिसंबर 2023 में की थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोपों की जांच करने के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया था। कमेटी ने कर्मचारियों को 6 और 7 फरवरी को बयान दर्ज करने के नोटिस दिए। उस वक्त कर्मचारियों की भारी संख्या देखकर सिविल सर्जन कार्यालय ने कार्य की अधिकता बताकर दो लोगों के बयान दर्ज कर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कार्रवाई नहीं तो उप मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत आउटसोर्स कर्मचारी का नाम धर्मेश कौरव हैं जो रोगी कल्याण समिति की तरफ से देय वेतन में 2016 से पदस्थ हैं। उनके पास सोनोग्राफी की फीस लेने का भी काम हैं। आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारी यह फीस अपने निजी खाते में जमा कराई। जिसके तीन सबूत प्रबंधन को सौंपे गए हैं। अगर एक सप्ताह में जांच कर आउटसोर्स कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की तो उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से शिकायत की जाएगी। महेंद्र शर्मा, प्रांताध्यक्ष, लघु वेतन कर्मचारी संघ शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव ड्यूटी के दौरान सहयोगियों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हैं। वह सोनोग्राफी कराने आने वाले मरीजों से फीस की रसीद काटने की बजाए अपने खाते में रुपए जमा कराता है। जिसको लेकर कई बार शिकायत सीएमएचओ और सिविल सर्जन से की जा चुकी है। इसके बाद भी अब तक धर्मेश कौरव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।  बयान के बाद होगी कार्रवाई जेपी अस्पताल अधीक्षक डॉ राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव के खिलाफ कमेटी गठित कर जांच की जा रही है। शिकायती कर्मचारियों के बयान दर्ज कर जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच कमेटी सोमवार को कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी।

विधायक पर एफआईआर कराने सीएम हाउस पहुंचा संयुक्त संघर्ष मोर्चा  

United Sangharsh Morcha reached CM House to file FIR against MLA भोपाल। आठ साल पहले इकबाल मैदान में मध्य क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक बयान को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी शनिवार को सीएम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम मोहन यादव के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मोर्चा अध्यक्ष शमसुल हसन बल्ली ने बताया कि आठ साल पहले (2016) में आरिफ मसूद ने मिली काउंसिल के सदस्यों के साथ इकबाल मैदान में धर्म सभा का आयोजन किया था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। जिसमें मसूद और मिली काउंसिल के मौलानाओं ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान भी दिए थे। जिसके बाद इनके खिलाफ तलैया थाने में मामला लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों की शिकायत पर आठ साल में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में सीएम से विधायक पर कार्रवाई की मांग की गई है।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष  अफसर

Top officers are kind to the tainted officers of the Forest Department विशेष संवाददाता  जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अफसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों बचाने के लिए आरोप पत्र को जारी करने के बजाय शो कॉज नोटिस जारी कर रहे हैं। जिनके खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी जा रही है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है. मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती जा रही है। दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारी क्यों उदारता बरत रहे हैं, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास  आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई। एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीसीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु  प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी गई है। दुर्भाग्य जनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। यही नहीं, बल्कि सेंगर को बालाघाट सर्किल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई।   एम काली दुर्रई:  1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ  विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है।    डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने के आदेश दिए। इसी प्रकार गुना में कैंपा फंड की राशि से गड़बड़झाला करने का भी आरोप है। इनके खिलाफ पूर्व एसीएस वन अशोक वर्णवाल ने आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। वर्णवाल के निर्देश पर विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया किंतु बड़े अफसरों के चहेते होने की वजह से आरोप-पत्र को शो-कॉज नोटिस परिवर्तित कर दिया गया है। बजट शाखा ने उनके पेंशन जारी करने पर आपत्ति लगाई है किंतु शीर्ष अफसरों ने शो-कॉज नोटिस जारी कर उनके पेंशन और समस्त देयकों के  भुगतान के रास्ते प्रशस्त कर दिए।  प्रभात कुमार वर्मा : 2001 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रभात कुमार वर्मा जनवरी में सेवानिवृत्त हुए हैं। वे जब 2020 में वन विकास निगम में पदस्थ थे तब आर्थिक गड़बड़ियों के चलते उन्हें आरोप पत्र जारी किया गया। यही नहीं, विभाग ने 4 जनवरी 2022 को वन विकास निगम के एमडी को पत्र लिखकर गड़बड़ियों से संबंधित प्रचलित नस्ती उपलब्ध कराने के निर्देश दिए किंतु नस्ती उपलब्ध नहीं कराने के कारण उनके मामले में निर्णय नहीं हो सका। वे सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। जांच लंबित रहते हुए उनके देयकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू है। वर्मा पर आरोप यह भी है कि वे अपने मातहत अधिकारियों के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई करते हैं। इनके शिकार खंडवा डीएफओ देवांशु शेखर, सुश्री नेहा श्रीवास्तव, अधर गुप्ता और एसडीओ विद्या भूषण मिश्रा हो चुके हैं. इनके द्वारा दुर्भावना से कार्रवाई करने की वजह से मिश्रा आईएफएस की दौड़ में पीछे रह गए हैं। दुर्भावना से की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी बड़े अधिकारियों को सौंपे हैं। उन पर  लघु वनोपज संघ के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के मद में भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं।  बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। इनका तबादला वन मंत्री शाह की सिफारिश पर ग्वालियर से पूर्व छिंदवाड़ा वन मंडल जैसे महत्वपूर्ण वन मंडल में कर दिया गया है। भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों … Read more

संबल योजना में निगम ने दर्ज कराई एफआईआर, तीन जोनल अधिकारी निलम्बित, 5 वार्ड प्रभारियों पर भी कार्रवाई 

Corporation lodged FIR in Sambal Yojana, three zonal officers suspended, action taken against 5 ward in-charges also भोपाल। नगर निगम भोपाल द्वारा संबल घोटाले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।अपर आयुक्त रणबीर सिंह ने गोविंदपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है। इस मामले में निगम द्वारा 3 जोनल अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मामले में योजना का काम देखने वाले कर्मचारी अनिल साहू पर मामला दर्ज कराया गया है। हैरानी की बात इसलिए है क्योकि आयुक्त फ्रेंक नोबल ए के द्वारा शुक्रवार को ही अपर आयुक्त निधि सिंह के नेतृत्व में जांच समिति बनाई थी, जिसे 15 दिन में रिपोर्ट देनी है। ज्ञात हो कि संबल घोटाले को लेकर 118 फ़ाइल संदिग्ध पाई गई थी जिसकी जांच होना थी, लेकिन इसके पहले ही कार्रवाई कर दी गई।  यह मामला लगातार मीडिया में छाया रहा इसके बाद यह कार्रवाई की गई। जिस कर्मचारी अनिल साहू पर मामला दर्ज कराया गया है, उस पर फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर शासन की संबल योजना का अपात्रों को लाभ दिलाये जाने का गम्भीर आरोप है। इस मामले में निगम ने जिन 3 जोनल अधिकारियों को निलंबित किया है, उनमें ज़ोन 3 के अनिल शर्मा, ज़ोन 12 के अभिषेक श्रीवास्तव और ज़ोन 18 के सुभाष जोशी को निलंबित किया गया है। वहीं 5 वार्ड प्रभारी जिनमें कपिल सोनी, नितेश अरुणेश्वर, अभिमन्यु श्रीवास्तव और शिवकुमार गोफनीया को पहले ही निलम्बित कर दिया गया है।

वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने की तैयारी

Preparation to recall professors attached to various departments for years भोपाल। वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार को ज्ञापन सौंपा है। जिसके बाद इन प्रोफेसरों को मूल पदस्थापना पर भेजने के तैयारी चल रही है। हालांकि कुछ इसे रोकने के लिए मंत्रियों और विभाग के आला अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, प्रदेश के कॉलेजों में वर्षों से प्रोफेसरों और कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। प्रोफेसरों की पदस्थापना कॉलेजों में होने के कारण उन पदों पर अतिथि विद्वान भी नहीं रखे जा रहे हैं।  ऐसे में प्रदेश के अधिकांश सरकारी कॉलेजों में नए असिस्टेंट प्रोफेसरों और अतिथि विद्वानों के भरोसे पढ़ाई चल रही है। जबकि विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर उच्च शिक्षा विभाग के कार्यालयों में बाबूगिरी कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो करीब सौ से अधिक प्रोफेसर विभाग, मंत्रियों और विधायकों के पास अटैच हैं। अकेले राजधानी में डेढ़ दर्जन प्रोफेसर मुख्यालय और अन्य विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। जबकि इनका वेतन उनकी मूल पदस्थापना वाले कॉलेजों से निकल रहा है।

पॉलिटेक्निक चौराहे के टावर पर चढ़ी फीजियोथैरेपिस्ट, नगर निगम की टीम ने सकुशल उतारा

Physiotherapist climbed the tower of Polytechnic intersection, Municipal Corporation team brought her down safely भोपाल। श्यामला हिल्स स्थित पॉलिटेक्निक चौराहा पर शुक्रवार शाम एक फीजियोथैरेपिस्ट मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वह टावर से कूदने की धमकी दे रही थी। सूचना पर पहुंची नगर निगम की टीम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला को टावर से नीचे उतार लिया। महिला को अयोध्या नगर थाने भेजा गया है। दरअसल, महिला ने अयोध्या नगर थाने में दो एफआईआर कराई थी और कोर्ट में मामला विचाराधीन है। विचाराधीन मामले में आरोपी पक्ष महिला पर दबाव बना रहा था। इसी से दुखी होकर वह टावर पर चढ़ गई थी। जानकारी के अनुसार 37 साल की महिला मूलत: सागर की रहने वाली है। उन्होंने मिनाल रेसीडेंसी में मकान खरीदा था। कुछ रुपए वह दे चुकी थी, जबकि कुछ रकम देनी बाकि थी। रुपए बाकि होने के कारण द्वारिका प्रसाद और ठेकेदार सुधीर शर्मा रुपए के लिए दबाव बना रहे थे। महिला ने अयोध्या नगर में दोनों के खिलाफ 2021 में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उसके साथ घर में घुसकर मारपीट की थी। उसकी भी एफआईआर कराई थी। महिला का कहना है कि आरोपी उसे घर से बेदखल कर चुके है। अब वह पुराने केस में समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। वह आरोपियों की शिकायत लेकर थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी मदद नहीं की। इसी से दुखी होकर वह श्यामला हिल्स के पॉलिटेक्निक चौराहा पहुुंची और टावर पर चढ़ गई।

12 आईपीएस अफसरों के तबादले; बैतूल, नीमच एसपी को हटाया; उज्जैन एसपी का भी ट्रांसफर

Transfer of 12 IPS officers; Betul, Neemuch SPs removed; Ujjain SP also transferred मध्यप्रदेश शासन ने 12 आईपीएस अफसरों के तबादले किए हैं। आदिवासी पिटाई कांड के बाद बैतूल एसपी सिद्धार्थ चौधरी को हटाया गया है। उन्हें सेनानी, 8वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल छिंदवाड़ा में पदस्थ किया गया है।उज्जैन एसपी सचिन शर्मा को मप्र भवन दिल्ली में अतिरिक्त आवासीय आयुक्त बनाया गया है। इनकी जगह दतिया एसपी प्रदीप शर्मा को उज्जैन का एसपी बनाया गया है। वहीं नीमच एसपी अमित तोलानी को सेनानी, 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल जावरा, रतलाम में पदस्थ किया गया है। अनिल सिंह कुशवाह को IG जबलपुर रेंज बनाया गया है।

भोपाल में सीएम हेल्पलाइन में 5 हजार शिकायतें पेडिंग

5 thousand complaints padding in CM Helpline in Bhopal भोपाल। राजस्व प्रकरण और शिकायतों को निपटाने में अधिकारी सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि अब भी सीएम हेल्पलान पर लगभग पांच हजार शिकायतें लंबित हैं और लगभग पांच सौ राजस्व प्रकरण लंबित हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई टीएल बैठक के दौरान एडीएम और सीईओं ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए चेतावनी दी है।बैठक में एडीएम हरेद्र नारायण, जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह, सभी एसडीएम, डीप्टी कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार राजस्व महाअभियान के तहत भोपाल जिले को पहले स्थान पर लाने के लिए सभी तरह की शिकायतों, राजस्व प्रकरणों सहित अन्य विभाग के प्रकरणों का निराकरण करने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए थे। इसके बाद राजस्व अधिकारियों ने नामांतरण, बंटान, सीमांकन सहित अन्य काम को निपटाने का काम तो शुरू किया था लेकिन इसकी रफ्तार में फिर से कमी आ गई है।हालात यह है कि बैरसिया, कोलार, हुजूर, गोविंदपुरा, संत हिरदाराम नगर, शहर, एमपीनगर, टीटीनगर में लगभग 500 राजस्व प्रकरण लंबित हैं। जबकि सीएम हेल्पलाइन पर कुल 13 हजार शिकायतें विभिन्न विभागों की दर्ज हुई हैं। इनमें से पांच हजार शिकायतें अब भी लंबित हैं।टीएल बैठक में जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने विभागानुसार शिकायतों और प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिम्मेदार एसडीएम, तहसीलदारों को फटकार लगा दी। साथ ही चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द लंबित प्रकरण और मामलों का निराकरण करें।

हमीदया अस्पताल में हफ्ता वसूली की जांच जारी

Investigation of week recovery continues in Hamiday Hospital भोपाल। मप्र मानव अधिकार आयोग ने भोपाल जिले के तीन मामलों मे संज्ञान लिया है। भोपाल जिले के हमीदिया अस्पताल में असामाजिक तत्वों द्वारा कर्मचारियों से हफ्ता वसूली करने का मामला सामने आया है। असामाजिक तत्व रात के समय अस्पताल में घुसकर कर्मचारियों से हफ्ता वसूली कर रहे है। इस संबंध में अस्पताल कर्मचारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की है। मामले में संज्ञान लेकर आयोग ने अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल और पुलिस कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।इन मामलों में भी लिया संज्ञानआयोग ने भोपाल के शाहपुरा इलाके की एक बस्ती में रहने वाली 47 वर्षीय महिला के साथ एक युवक द्वारा शारीरिक दुराचार करने और मिसरोद थानाक्षेत्र में पुलिस विभाग के एक आरक्षक द्वारा युवती के साथ दुराचार और दैहिक शोषण करने के मामले में संबंधित अधिकारियों के जांच के निर्देश देने के साथ ही मामले की रिपोर्ट तलब की है।

बजट की माया, कौन समझ पाया… साहित्य की भाषा में समझें

The illusion of the budget who could understand… understand in the language of literature भोपाल। मध्यप्रदेश का वित्त बजट 3 लाख, 14, हजार, 25 करोड़ के लिए वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया है, वह वास्तव में पूर्ण बजट न होकर 31 जुलाई 2024 तक के लिए लेखानुदान है। इस बजट में यह समझदारी तो परिलक्षित होती ही है कि आगत लोकसभा के चुनाव को देखते हुए कोई कड़वी दवा न दी जाए। अत: इसको चुनावी बजट तो कहा ही जा सकता है। बड़ी बात यह कि जैसा विपक्षी दल यह दुष्प्रचार कर रहे थे, कि मामाजी के जाते ही लाडली बहनों को मिलने वाली राशि बंद कर दी जाएगी, उस आशंका और दुष्प्रचार को मोहन सरकार ने यथावत रखने हेतु वित्तीय प्रावधान रखकर, निर्मूल कर दिया। दूसरी बात यह कि भाजपा की नए वोटर पर पैनी दृष्टि है अत: 12 कक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने वाली छात्राओं को अब साइकिल के स्थान पर ई स्कूटी देने हेतु बजट में प्रावधान रखना चतुराई का प्रमाण है। पहली बार पेपरलेस ई बजट प्रस्तुत करना डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ता हुआ एक कदम है। देश की जीडी पी में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 से बढ़कर 4.8 हो जाना आर्थिक स्थिरता और समृद्धि का परिचायक है।  इस बार का बजट युवा, महिला, बेटी और जनजातीय वर्ग को समर्पित है। साथ ही मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने वाला है भोपाल, इंदौर मेट्रो को गति देने हेतु फंड का आवंटन इसका प्रमाण है। सरकार द्वारा 1000 वाहनों को अपने बेड़े में से कम करके उनकी जगह प्रदूषण रहित ई वाहन चलाने की घोषणा करना जहां पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की स्वागत योग्य पहल है वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं से तालमेल स्थापित करने का प्रयास भी है। मिलेट्स को बढ़ावा देने हेतु सब्सिडी की योजना से किसानों की आय बढ़ेगी, सीएम राइज स्कूलों के लिए बजट में वृद्धि निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है। गरीबों को मकान की रजिस्ट्री की दर 5 प्रतिशत से 0 प्रतिशत कर देना भी राहत देने वाला कदम है। अनुसूचित जनजाति का बजट 37 प्रतिशत बढ़ा देना बताता है कि आदिवासी वोटों को सरकार अगले चुनावों में हाथ से नहीं जाने देना चाहती। भले ही बजट में कोई नया कर नहीं लगाया परंतु किसी तरह की कोई राहत भी नहीं दी गई। कुल मिलाकर नई सरकार मोदी के फुट प्रिंट पर चलती दिखाई दी। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतों में कमी होने की अपेक्षा थी जो पूरी नहीं हुई। मैं चूंकि साहित्यकार हूं तो अपनी बात कहूंगा कि अधिकांश राज्यों में सरकार द्वारा पुस्तक खरीदी योजना चलाई जाती है, जिससे सत्साहित्य को एवम साहित्यकारों को बढ़ावा मिलता है तथा सामाजिक उत्थान होता है। मध्यप्रदेश में भी यह योजना लागू थी परंतु कुछ वर्षों से पुस्तक खरीदी योजना बंद होने से साहित्यकारों में निराशा और आक्रोश है। साहित्यकार कई वर्षों से यह मांग करते आ रहे हैं परंतु इस बार भी सरकार ने निराश किया। आशा है मुख्यमंत्री इसपर ध्यान देंगे।

हमीदिया अस्पताल: एंबुलेंस चालकों का आरोप: शव ले जाने से पहले पार्किंग संचालक मांगता है कमीशन

Hamidia Hospital: Allegations of ambulance drivers: Parking operator demands commission before taking the dead body भोपाल। हमीदिया अस्पताल में पार्किंग व शव वाहन का संचालन विवाद की जड़ बन गया है। अकसर रात में यहां दो गुट एक दूसरे के लोगों को धमकाते व मारपीट करते हैं। हाल ही में इसका एक वीडियो भी वयरल हुआ था। वहीं अब करीब 11 एंबुलेंस चालकों द्वारा कोहफिजा थाने में लिखित शिकायत की गई है। जिसमें पार्किंग संचालक नरेंद्र गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लिखित आवेदन में कहा गया है कि पार्किंग संचालक शव ले जाने से पहले कमीशन मांगता है। उसकी बात ना मानने मारपीट व जान से मारने तक की धमकी देता है। इस मामले में पार्किंग संचालक नरेंद्र का कहना है कि यह वे लोग हैं जो प्रति माह 2 हजार रुपए का तय किराया नहीं दे रहे हैं। इनसे जब किराया मांगा गया तो, इन्होंने झूठा आरोप लगाना शुरू कर दिया। इनके पीछे सलमान और आरीफ नाम के लोगों का हाथ। जो अकसर हमीदिया परिसर में गुंडागर्दी करते हैं। परिजनों से वसूल रहे दो से ढाई गुना किरायापार्किंग को लेकर चल रहे इस विवाद से परेशान मरीजों व परिजनों को होना पड़ रहा है। परिजनों को हमीदिया से शव निवास तक ले जाने के लिए दो से ढाई गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। यह स्थिति बीते डेढ़ से दो साल से बनी हुई। अस्पताल प्रबंधन से लेकर प्रसाशन तक ने अब तक इस पर कोई कठोर कदम नहीं उठाए हैं। जिसके चलते अस्पताल की व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।

जेपी अस्पताल: हद है… किसी दूसरे मरीज का एक्स-रे देख डॉक्टर ने शुरू कर दी थी इलाज की तैयार

Jaypee Hospital: This is too much… the doctor started preparing for treatment after seeing the X-ray of another patient भोपाल। राजधानी मॉडल अस्पताल जेपी में एक बार फिर इलाज के प्रति स्टाफ की लापरवाही उजागर हुई है। यदि मरीज चिकित्सक की बात मानकर इलाज शुरू करा देता तो उसको जो नुकसान होता उसकी भरपाई नामुमकिन थी। लेकिन मरीज ने समझदारी दिखाई और सेकेंड ओपिनियन के लिए वह एक निजी अस्पताल पहुंच गया, जहां पता चला कि उसे वो बीमारी ही नहीं है, जिसका इलाज जेपी अस्पताल के चिकित्सक बता रहे थे। दरअसल समीर सूफी नाम का एक मरीज 6 फरवरी को जेपी अस्पताल पहुंचा। उसकी दाढ़ में से अक्सर खून आता रहता है, यही समस्या लेकर वह जेपी अस्पताल गया और यहां डॉ. यश से चैकअप कराया। डॉ. यश ने मरीज का एक्स-रे कराने को कहा। एक्स-रे जेपी अस्पताल में ही हुआ था। एक्स-रे की रिपोर्ट देख डॉ. यश ने मरीज समीर से कहा कि आपका दाढ़ सढ़ गई है, इसे निकालना होगा। मरीज ने इस बात पर आपत्ति भी ली और कहा कि मुझे भोजन चबाने में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन चिकित्सक ने मरीज की बात को नकार दिया और दाढ़ निकलवाने की राय देता रहा।मरीज ने कराया फिर से एक्स-रेजेपी अस्पताल से निराश होकर लौटे समीर सूफी ने आठ फरवरी को करोंद स्थित पीपुल्स डेंटल अस्पताल में एक संपर्क किया। यहां चिकित्सक ने मरीज का फिर से एक्स-रे किया। इस एक्स-रे में मरीज की दाढ़ को एक दम स्वस्थ्य बताया और खून आने का कारण नस में परेशानी को बताया। इतना ही नहीं इस समस्या का इलाज बिना किसी चीर फाड़ या दाढ़ निकलवाने के बजाए सिर्फ दवाओं से बताया। इस मामले में अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मामले को दिखवाना पड़ेगा, किस स्तर पर गलती हुई है। यदि कहीं कोई चूक हुई है तो कार्रवाई भी की जाएगी।

अब विदेशी प्रोफेसर लेंगे आईआईआईटी में ऑनलाइन क्लास, विद्यार्थियों को मिलेगा कई विषयों में विशेष मागर्दशन

Now foreign professors will take online class in triple IIIT, students will get special guidance in many subjects भोपाल। राजधानी स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ने अपने विद्यार्थियों के विश्वस्तरीय शिक्षण के लिए चीन, ऑस्ट्रेलिया एवं जापान सहित अन्य देशों के प्रसिद्ध शिक्षकों के साथ अनुबंध किया है। यह विदेशी प्रोफेसर ऑनलाइन माध्यम से विश्वस्तरीय अनुसंधान एवं तकनीकों से विद्यार्थियों को अवगत कराएंगे। प्रोफेसरों में शियाओचिंग वेन, एथानासियोस वासिलकोस, सी टेंग सो, डॉण् वॉल्कर लिंडेंसट्रुथ, चंग नेन ली और गुरदीप सिंह जैसे अनुभवी एवं विश्व स्तरीय प्रोफेसर शामिल हैं। यह सभी यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न शोर्स, सुन्येत्सन यूनिवर्सिटी, कर्टीन यूनिवर्सिटी और यूआईए नॉर्वे जैसी विश्व प्रसिद्ध संस्थाओं में कार्यरत हैं।  प्रोफेसर अथानासियोस वी. वासिलकोस स्वीडन में लूलिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में पूर्णकालिक प्रोफेसर हैं। वे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल और स्पेस इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं। उनकी विशेषज्ञता साइबर-भौतिक प्रणालियों में सुरक्षा है। उन्होंने सुरक्षा और गोपनीयता, क्रिप्टोग्राफी, साइबर सुरक्षा के अर्थशास्त्र, क्रिप्टोकरेंसी प्रोटोकॉल, नेटवर्क, कॉम्प्लेक्स नेटवर्क, क्लाउड कंप्यूटिंग, बिग डेटा, मशीन लर्निंग, बायोकंप्यूटिंग में गहन शोध किया है। उन्होंने 1500 से अधिक शोध प्रकाशित किए हैं। ट्रिपल आईटी भोपाल ने प्रोण् वासिलकोस के साथ सहयोग किया है। वे ऑनलाइन व्याख्यान के माध्यम से कॉलेज के छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। यह है इन प्रोफेसर्स की विशेषज्ञताडॉ. सी तेंग सोह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में कर्टिन विवि में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।  विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के तहत इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर और गणित विज्ञान स्कूल में कार्यरत हैं। उन्होंने लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी, बैटन रूज से पोस्ट-डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की है। वे कंप्यूटर नेटवर्क, नेटवर्क, विश्वसनीयता, वायरलेस मेष नेटवर्क ट्रैफिक इंजीनियरिंग, पीयर-टू-पीयर नेटवर्क, एल्गोरिदम डिजाइन शामिल हैं। जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में निदेशक हैं प्रो. वोल्कर:प्रो. वोल्कर लिंडेनस्ट्रुथ वर्तमान में जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में फ्रेंकफर्ट इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडीज में निदेशक मंडल के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कई वैज्ञानिक पदों पर काम किया है और 1997 में आईकोर प्रौद्योगिकियों की स्थापना की है। उनके शोध का क्षेत्र कंप्यूटर विज्ञान और एआई सिस्टम है, जिसमें ऊर्जा, बिग डेटा, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और परमाणु भौतिकी पर प्रमुख ध्यान दिया गया है। प्रो. हुरा यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न से जुड़ेप्रोण् गुरदीप एस. हुरा वर्तमान में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न शोर से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 1972 में जबलपुर विवि (भारत) से बीई, 1975 में रूड़की विवि से एमई और 1984 में रूड़की विवि से पीएच.डी. प्राप्त की। मील का पत्थर साबित होगाट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो.आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि ट्रिपल आईटी के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय विदेशी प्रोफेसर्स का शिक्षण ट्रिपल आईटी भोपाल के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग कार्यवाही के नाम पर कांग्रेस नेताओं पर दबाव डाल रहा है : जीतू पटवारी

At the behest of the Central Government, the Income Tax Department is putting pressure on Congress leaders in the name of action: Jitu Patwari भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा हाल ही में कांग्रेस पार्टी के देश एवं प्रदेश के सैकड़ों नेताओं व कार्यकर्ताओं को समन जारी किये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की जा रही यह कार्यवाही केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा केवल दबाव डालने और राजनैतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर की जा रही है। जब-जब चुनाव आते हैं सत्ता में बैठी भाजपा का यह घिनौना कृत्य करने का तरीका सामने आने लगता है।   पटवारी ने कहा कि इससे पूर्व भी 2019 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ऐसी ही कार्यवाही राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार के दबाव में आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई थी, अवैधानिक तरीके से छापे मारी की गई थी, इस कार्यवाही को लेकर न्यायालय में भी चुनौती दी गई थी जो आज भी लंबित है। आयकर विभाग इस न्यायालयीन प्रक्रिया में न्यायालय के समक्ष दस्तावेज तक पेश नहीं कर सकी। इसी तरह अब 2024 में भी निकट भविष्य में लोकसभा चुनाव होना है तो फिर आयकर विभाग ने केंद्र सरकार के इशारे पर उसी तरह की कार्यवाही को दोहराना शुरू कर दिया है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं को कभी समन तो कभी नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आयकर विभाग से जारी नोटिस एवं समन में किसी भी करदाता से कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया, केवल उनकी उपस्थिति के आदेश जारी किये गये हैं। इनता ही नहीं समन जारी होने पर उनके विधिक जबाव भी पेश किये गये, जिसमें समन जारी करने के विधिक कारण भी चाहे गये हैं। आयकर विभाग द्वारा केवल एक पंक्ति का आदेश दिया गया है जिसमें कोई दस्तावेज नहीं, बल्कि कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों को दिल्ली स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। वहीं पटवारी ने यह भी कहा कि जो हमारे पूर्व साथी आज भाजपा में चले गये हैं, जो मौजूदा सरकार में मंत्री, विधायक हैं उनमें से किसी भी व्यक्ति को आयकर विभाग द्वारा एक भी समन अथवा नोटिस जारी नहीं किया गया है। इस तरह की पक्षपातपूर्ण राजनीति से स्पष्ट है कि आयकर विभाग स्वयं एक राजनैतिक पार्टी की तरह हर चुनाव के पूर्व मात्र सनसनी पैदा करने व राजनैतिक प्रतिद्धंदियों की मानहानि के उद्देश्य से काम करता है। पटवारी ने पत्रकारों से पूछे गए सवाल में कहा कि मैं राज्यसभा सदस्य की दौड़ में शामिल नहीं हूं। एक व्यक्ति एक पद की गरिमा पर कायम हूं और रहूंगा। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं के साथ किये जा रहे धोखे पर कहा कि किसानों को 2700 और 3100 रू. धान एवं गेहूं पर समर्थन मूल्य दे सरकार। वहीं महिलाओं को 3000 रूपयें और 450 रू. में सिलेण्डर देने की जो राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बात कही भी, उस पर भी सरकार अमल करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जितनी कोशिश आंदोलन को असफल बनाने में कर रही है, यदि उससे आधे प्रयास भी किसानों की मांगों व समस्याओं को सुनने में लगा दे तो बहुत हद तक असलियत समझ आ जाएगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के लोगों पर ईडी और आयकर का दबाव बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कुछ स्वार्थी प्रकार के नेता ईडी आयकर के डर से अपने धंधा बचाने स्वयं भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

कमलनाथ की जिद के आगे बौने पड़े प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और जीतू

State in-charge Jitendra Singh and Jitu were dwarfed by Kamal Nath’s stubbornness. भोपाल। ‘वक्त है बदलाव का’ यह स्लोगन कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दरमियान जारी किया था। स्लोगन का असर न तो मतदाताओं पर पड़ा और न ही कांग्रेस जनों पर दिखाई दे रहा है । अलबत्ता बदलाव के नाम पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी हाई कमान ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को नया अध्यक्ष मनोनीत कर दिया। नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब कांग्रेस में बदलाव होगा पर ऐसा नहीं हो रहा है। कमलनाथ के जमाने के वही पदाधिकारी आज भी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी महामंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एआईसीसी सदस्य को बहाल नहीं करवा पा रहे हैं। दरअसल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एआईसीसी सदस्य सिवनी के राजा बघेल को निष्कासित कर दिया था। यह बात अलग है कि एआईसीसी के सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं है पर कमलनाथ का का कद कांग्रेस में इतना ऊंचा है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक बौने नजर आते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश के मुख्य प्रभारी जितेंद्र सिंह तक ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लिखित और मौखिक आदेश देने के बाद भी आज तक राजा बघेल की बहाली नहीं हो पाई है। हद तो तब हो गई, जब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कुछ पदाधिकारी की उपस्थिति में स्पीकर ओपन कर टेलीफोन पर संगठन प्रभारी राजीव सिंह को बहाली के निर्देश दिए। बघेल को बहाल करने के निर्देश देते समय पटवारी ने एआईसीसी पदाधिकारी और प्रभारी जितेंद्र सिंह के लिखित और मौखिक फरमानों का संदर्भ दिया। पटवारी को उनके निर्देश पर दो-टूक जवाब मिला कि कमलनाथ ने निष्कासित किया है, इसलिए बहाल का आदेश जारी नहीं करेंगे। यह जवाब सुनकर पटवारी के पास बैठे कतिपय सीनियर पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। स्वाभाविक तौर पर उनके मन में एक यक्ष प्रश्न उठने लगा है कि क्या कमलनाथ के आगे प्रदेश अध्यक्ष की कोई भी साथ नहीं है? राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी यूं ही नहीं गूंज रहा है। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अभी तक अपनी कोई नई टीम नहीं बना पाए हैं। यहां तक कि पटवारी के सबसे नजदीकी पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दे पा रहे हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को पूर्व प्रदेश अध्यक्षों कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के समर्थक पदाधिकारियों के सहारे संगठन का संचालन करना पड़ रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मुख्य सिपहसालार रहे सज्जन वर्मा आज जीतू पटवारी के राइट हैंड माने जाते हैं। वैसे राजनीति में नेताओं की आस्था और निष्ठा बदलती रहती है।

प्राइवेट स्कूलों को देना होगा फीस सहित तीन साल का ब्यौरा

Private schools will have to give details of three years including fees भोपाल। मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 का पालन सुनिश्चित करने को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स, संभागीय संयुक्त संचालक और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा है कि वेबसाइट की लिंक पर सभी निजी स्कूल अनिवार्यतः अपना यूजर आईडी एक्टिवेट करना सुनिश्चित करेंगे। सभी निजी स्कूलों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए नियम की गई फीस संरचना की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। सभी निजी स्कूलों को बीते तीन वर्षों के संपरीक्षित लेखों की जानकारी भी अपलोड करनी होगी।

महिला अपराधों को लेकर विधानसभा में गरजें , जौरा पंकज उपाध्याय

Roar in the assembly regarding crimes against women, Jaura Pankaj Upadhyay भोपाल । प्रदेश में महिलाओं पर घटित अपराधों पर विधायक जौरा पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में उठाया मुद्दा सरकार ने दिया आधी अधूरी जानकारी प्रदेष में तेज से बढ रहे है अपराध  श्री पंकज उपाध्यायः- धन्यवाद, माननीय अध्यक्ष जी पहली बार ही सदन में आया हूं और पहली बार ही बोलने का मौका मिला है. आप जब अध्यक्ष बने थे, जब भी मैंने सोचा था कि बोला जाये, परंतु पता नहीं था कि सदन में किस तरह से बोला जाता है. आप जब अध्यक्ष बने थे तो हमें बडी प्रसन्नता हुई थी कि आप हमारे क्षेत्र के हैं और बडा गौरव है कि आप इस स्थान पर विराजित         अशोधित ध् प्रकाशन के लिए नहीं हैं बडा गरिमामय सदन है और उच्चकोटि के ज्ञानी यहां पर बैठे हुए हैं. श्री प्रहलाद सिंह पटेल जी हैं, हमारे संसदीय कार्य मंत्री आदरणीय कैलाश जी यहां पर हैं, पहली बार सदन में आया हूं, समझता हूं कुछ सीखने के लिये मिलेगा, कुछ गलती करूं तो आप मुझे क्षमा करियेगा. मैंने प्रश्न उठाया था उसका कोई यथोचित उत्तर नहीं दिया गया है, मेरा प्रश्न था कि प्रत्येक थाने में क्षेत्र में कितनी आबादी होनी चाहिये ? जब थाना बनता है और कितनी आबादी पर कितना पुलिस बल होना चाहिये. इसको कोई उचित जानकारी नहीं दी गयी है. मैंने खण्ड (ग) में पूछा था कि एससीएसटी महिला अपराधों की संख्या कितनी हुई है और अपराधों में किन-किन लोगों को सजा दी गयी है. उसकी भी अधूरी जानकारी दी गयी है. मैं जानकारी चाहता हूं. श्री पंकज उपाध्याय  माननीय अध्यक्ष जी, मैंने जानकारी चाही थी कि 7 थानों में वर्ष 2015 से 2023 तक कितनी एससीएसटी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज हुए और कितने लोग बरी हुए, यह तो साधारण सी जानकारी है, जिसको आप दे सकते थे. दूसरा कि मेरे विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 7 थाने हैं. एक थाना 90 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में आता है और दूसरा 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आता है. बागचीनी में 2 एसआई, 4 थाना प्रभारी और 14 आरक्षक हैं. जबकि निरार थाने में जो 500 स्क्वेयर मीटर में मात्र 1 एसआई, 3 प्रधान आरक्षक और 11 आरक्षक हैं और कोई अपराधों की जानकारी भी नहीं दी गयी है. महिला स्टॉफ की भी जानकारी नहीं दी गयी है. सम्पूर्ण विधान सभा क्षेत्र में स्टॉफ की मात्रा बहुत कम है. जैसा कि इन्होंने जो जानकारी दी है, उसमें देवगड में 14 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 4 हैं. चिन्नौनी में 22 आरक्षण होना चाहिये, परंतु वहां 11 आरक्षण हैं. हमारे जौरा में 22 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 20 हैं. लगभग आधा स्टॉफ है हम अपेक्षा करते हैं कि आप सुशासन लेकर आयेंगे. तो इस आधे स्टॉफ से तो हम सुशासन नहीं ला सकते हैं. क्योंकि हमारा क्षेत्र बडा अपराधों का क्षेत्र है, वहां पर बडे अपराध होते हैं. ऐसी ही महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं, वर्ष 2021 में इसमें 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वर्ष 2023 में तो इन्होंने जानकारी देना भी उचित नहीं समझा तो जो लूट हो रही हैं. मैंने एक चीज और पूछी थी कि चेन श्रेचिंग की घटनाएं लगातार बढती जा रही हैं. हमारे विधान सभा क्षेत्र में पिछले 3 दिन में 2-3 घटनाएं हो गईं. एक एफआईआर हुई है. श्रीमती पुष्पा गोयल नाम की हमारी चाची लगती हैं, श्री केशव गोयल जी की पत्नी हैं, उनकी सरेआम दिन दहाडे चेन लूट ली गई, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई. ऐसी कई सारी घटनाएं हैं जो चर्चा में भी नहीं आ पाती हैं. एफआईआर भी थानों में लिखाने में लोग हिचकिचाते हैं. (’क्र. 750) श्री पंकज उपाध्याय क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार सूची वर्ष 2015 से दिसम्बर 2023 तक की वर्षवार, विधान सभावार देवें तथा बतायें कि 2019 की तुलना में 2023 में किस- किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कितने प्रतिशत कमी हुई? (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने थाने हैं? प्रत्येक थाने का क्षेत्र एरिया कितना है तथा कितनी आबादी शामिल है? उक्त थानों में स्वीकृत पद किस-किस प्रकार के कितने हैं तथा नियुक्ति कितनी है तथा खाली पद कितने हैं? दिसम्बर 2023 अनुसार बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के थानों के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार वर्ष 2015 से 2023 तक की जानकारी देवें तथा बतावें कि वर्ष 2019 से 2023 तक प्रतिवर्ष किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कमी हुई? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 से 2023 तक में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में शीर्षवार, वर्षवार, थाने अनुसार बतायें कि सजायाबी की दर कितने प्रतिशत है? (ड.) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2018 से दिसम्बर 2023 तक नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाओं के गुम होने के कितने प्रकरण हुए तथा कितने नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाएं दस्तयाब की गईं?

विधानसभा: लाइसेंस पटाखे का, बन रहे थे बम: बरैया

Assembly: License of firecrackers, bombs were being made: Baraiya भोपाल। हरदा विस्फोट मामले को लेकर गुरूवार को कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक राम किशोर दोगने ने दोषियों को फांसी देने की बात कही, तो दूसरी ओर से विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि लाइसेंस जरूर पटाखे का था, लेकिन वह इसमें बम बनाने लगे थे, क्योंकि पटाखों से इतना बड़ा विस्फोट नहीं हो सकता। बरैया ने कहा कि यदि सरकार से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करनी है तो कलेक्टर और एसपी पर एफआईआर करके जेल भेजा जाना चाहिए। क्योंकि यदि वह लोग समय-समय पर जांच करते रहते तो यह घटना नहीं होती। बरैया ने कहा कि मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही थी बम फैक्ट्री  कटारेकांग्रेस के विधायक और उपनेता हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही हरदा में वह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, जो कई लोगों की मौत का कारण बनी। कटारे ने कहा कि कई लोग अपने परिचितों को तलाश रहे हैं। ट्रांसफर करना यह हटाना कोई कार्रवाई नहीं है। विधायक रामेश्वर ने किया पलटवारकांग्रेस विधायकों के आरोपों को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बम, पटाखा, आतंकवाद इनकी जड़ कांग्रेस ही है। विपक्ष के विधायकों को चाहिए कि इस तरह का आचरण न करें और सदन की कार्यवाही में सहयोग करें।

16 से भोपाल स्टेशन से रवाना होगी आस्था स्पेशल ट्रेन, ढोल-नगाड़े के साथ होगा जश्न

Aastha special train will leave from Bhopal station from 16, will be celebrated with drums and drums दो आस्था स्पेशल ट्रेनों से मध्य भारत प्रांत के 2500 श्रद्धालु 16 को जाएंगे अयोध्या रामलला के दर्शन करने भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देश के अलग अलग राज्यों से श्रीरामलला के दर्शन करने अयोध्या जाने का सिलसिला जारी है। इसके लिए देश के अलग-अलग रेल मंडलों से आस्था स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही है। भोपाल रेल मंडल के बीना व कोटा से एक-एक आस्था स्पेशल ट्रेन अयोध्या जा चुकी है। अब भोपाल से 16 फरवरी को दो आस्था स्पेशल ट्रेनो के माध्यम से 2500 श्रद्धालू अयोध्या जाएंगे। 16 को भोपाल स्टेशन में ढोल नगाड़ो के साथ जश्न का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओ के विदाई के अलावा अयोध्या से लौटने पर उनका अभिनदंन भी किया जाएगा। 32 जिलों के श्रद्धालु जाएंगे भोपाल से बजरंग दल के प्रांताध्यक्ष सुशील सुडेले ने बताया कि मध्य भारत प्रांत के 2500 श्रद्धालू 16 फरवरी को भोपाल स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। 17 फरवरी को अयोध्या पहुचेगे। जहां भगवान श्री रामलला के दर्शन करेंगे। एवं 18 फरवरी को अयोध्या से रवाना होकर 19 को भोपाल वापस पहुच जाएगे। श्रीरामलला के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को भोपाल स्टेशन पर भव्य स्वागत अभिनंदन किया जाएगा। सुशील सुडेले ने बताया कि आस्था ट्रेन में बुकिंग करा ली गई है। जिसके माध्यम से अयोध्या जाने की तैयारी है। वही अयोध्या जाने वालो में विश्व हिंदु परिषद, बजरंग दल, संघ के सदस्यो के अलावा आम श्रद्धालू भी शामिल रहेंगे।भोपाल से बीना तक सभी स्टेशनो में स्वागतभोपाल से अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को भोपाल स्टेशन में स्वागत किया जाएगा।

भारत जोड़ों न्याय यात्रा, डोनेट फॉर न्याय अभियान के तहत कांग्रेसजनों ने किया डोनेशन

Congressmen made donations under Bharat Jodo Nyay Yatra, Donate for Nyay campaign भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा निकाली जा रही है भारत जोड़ो ने यात्रा के लिए डोनेट फॉर न्याय अभियान के माध्यम से मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आज अभा कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय माकन, महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता हेमंत कटारे की उपस्थिति में एक कांग्रेस नेताओं को डोनेट फॉर न्याय योजना के अंतर्गन में डोनेशन देने के प्रमाण पत्र और भारत जोड़ो न्याय यात्रा की प्रिंटेड टी-शर्ट प्रदान की। पटवारी, सिंघार सहित वरिष्ठ नेताओं ने योजना के तहत 6700 रूपये तथा उससे अधिक की राशि जमा की। इस दौरान कुछ ही मिनिटों में सैकड़ों कांग्रेसजनों ने राशि जमा कर योजना में अपनी सहभागिता दर्ज करायी और वरिष्ठ नेताओं द्वारा सर्टिफिकेट और टी-शर्ट प्राप्त की।  पटवारी ने इस दौरान कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए डोनेट फॉर न्याय योजना कांग्रेस पार्टी चलायी गई है। हम सभी का दायित्व है कि वह इस अभियान में शामिल होकर देश और लोकतंत्र की रक्षा करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। अजय मकहा बहुत ही कम समय में इस अभियान से काफी लोग जुड़े है। मध्य प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि जानकर हैरानी होगी कि इस तरह की शुरुआत आजादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी ने 1920 में 25-25 पैसे पूरे देश की जनता से एकत्र कर शुरुआत की थी और क्राउड फंडिंग से राशि जमा हुई थीं महात्मा गांधी के नेतृत्व में उस समय कुछ ही समय में एक करोड़ रूपया एकत्रित हो गया था, जिसका उपयोग देश की आजादी के लिए किया गया।  उन्होंने कहा कि उस समय तो हमें ज्यादा फंडिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी क्योंकि लेकिन पार्टी को चलाने के लिए अब हमें उनकी आवश्यकता होती है। हम धनाण्य पूंजीपतियों के सामने अपनी झोली नहीं फैला रहे हैं, बल्कि कांग्रेस के एक छोटे से सिपाही से देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए यह अभियान चला रहे है। मौजूदा स्थिति में आज कांग्रेस के सामने दो विकल्प हैं, या तो हम पूंजीपतियों के सामने झोली लेकर खड़ें हों या देश की जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से ही धनराशि प्राप्त करें, लिहाजा राहुल गांधी जी ने जनता और कार्यकर्ताओं के सामने झोली फैलाना उचित समझा। इस अभियान में जो 67 रूपये दे रहा है वह पूंजीपतियों से ज्यादा महत्व रखेगा। इस अभियान से हमारा उद्देश्य कार्यकर्ताओं को जोड़ना है। वहीं उन्होंने कहा कि जो संगठन जितनी राशि एकत्र करेगा उसकी आधी राशि उस संगठन को दी जायेगी।

कर्ज में डूबे मध्यप्रदेश की आर्थिक सेहत सुधरेगी, केंद्र की पॉलिसी से मिलेगा बूस्टर डोज

The economic health of debt-ridden Madhya Pradesh will improve, it will get a booster dose from the policy of the Centre. केंद्र ने किया राज्यों के लिए 75 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान राज्य का बजट तैयार करने में माथापच्ची कर रही प्रदेश सरकार को केंद्रीय बूस्टर मिलेगा। केंद्र से उसे और आर्थिक मदद मिलेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पेश किए गए बजट में राज्यों के लिए 75 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। केंद्र की इस पॉलिसी से राज्यों को बूस्टर मिलेगा। इससे कर्ज में डूबे मध्यप्रदेश की आर्थिक सेहत भी सुधरेगी। प्रदेश की खराब आर्थिक सेहत के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है। राज्य के खजाने की हालत खस्ताहाल है। राज्य का बजट 3.14 लाख करोड़ है। कर्ज 3.31 लाख करोड़ तक जा पहुंचा है। यानी बजट से ज्यादा कर्ज है। इसके बावजूद भी राज्य सरकार लगातार कर्ज ले रही है। सरकार की वित्तीय स्थिति बेहतर राज्य में कर्ज और बढऩे की आशंका है। हालांकि राज्य सरकार कर्ज को गलत नहीं मानती। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कहते हैं, विकास कार्य होंगे तो कर्ज भी लिया जाएगा। वित्तीय स्थिति बेहतर है। हमारी कर्ज चुकाने की स्थिति है। कर्ज ले रहे हैं तो इसे समय पर चुका भी रहे हैं। अभी मिलेंगे 6519 करोड़, अगले वित्तीय वर्ष में 95753 करोड़ राज्य सरकार को चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में 6,519 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे। यह राशि केंद्रीय करों के हिस्से की है। वर्ष 2024-25 में 95,753 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार इसी अनुमान के आधार पर बजट बना रही है। प्रयास यह भी है कि केंद्रीय योजनाओं की और अधिक राशि राज्य को मिल सके, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन और तेजी से हो सके। बिना ब्याज का कर्ज केंद्र ने एक लाख करोड़ रुपए का कोष स्थापित करने की बात कही है। कोष से राज्य सरकारों को विभिन्न पड़ावों से जुड़े सुधार के लिए बिना ब्याज कर्ज?मिलेगा। यह रकम 50 वर्ष के लिए होगी। कर्ज में डूबे राज्यों के लिए यह बड़ी राहत है। चालू वित्तीय वर्ष में कब-कब लिया कर्ज 24 जनवरी २५०० करोड़ रुपए 16 साल के लिए27 दिसंबर 2000 करोड़ रुपए 16 साल के लिए28 नवंबर 2000 करोड़ रुपए 14 साल के लिए31 अक्टूबर 2000 करोड़ रुपए 14 साल के लिए25 अक्टूबर 1000 करोड़ रुपए 11 साल के लिए3 अक्टूबर 1000 करोड़ रुपए 15 साल के लिए26 सितंबर 2000 करोड़ रुपए 6 साल के लिए12 सितंबर 1000 करोड़ रुपए 16 साल के लिए14 जून 4000 करोड़ 11 साल के लिए30 मई 2000 करोड़ रुपए 10 साल के लिए ऐसी है खजाने की स्थिति20081.92 करोड़ रुपए बाजार कर्ज6624.44 करोड़ वित्तीय संस्थाओं से कर्ज52617.91 करोड़ रुपए कर्ज व केंद्र से अग्रिम18472.62 करोड़ रुपए अन्य देनदारियां3849.01 राष्ट्रीय बचत कोष को विशेष सुरक्षा निधि

साउथ इंडियन मूवी “जीने नहीं दूंगा” कि राह पर प्रदेश का पीडब्ल्यूडी विभाग

State’s PWD department on the path of South Indian movie “Jeene Nahi Dunga” प्रदेश में पीडब्ल्यूडी का नवाचार, मोबाइल से गड्ढों की जियोटेग्ड फोटो भेजो, शिकायत होगी दूर प्रदेश में पीडब्ल्यूडी का नवाचार, मोबाइल से गड्ढों की जियोटेग्ड फोटो भेजो, शिकायत होगी दूर राज्य स्तर से शिकायतों की निगरानी एवं निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस नवाचार को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। भोपाल । लोक निर्माण विभाग सड़कों के गड्ढों की समय से पहचान करने एवं त्वरित सुधार के लिए पाटहोल रिपोर्टिंग सिटीजन मोबाइल एप तैयार करेगा। इस एप के माध्यम से आम नागरिक अपने मोबाइल से गड्ढों की जियोटैग की हुई फोटो भेज सकेंगे। गड्ढों का फोटो जीपीएस लोकेशन सहित संबंधित कार्यपालन यंत्री को प्राप्त होगा। संबंधित यंत्री नियत समय सीमा में सड़क पर सुधार करवाकर सुधार कार्य का फोटो पुनः मोबाइल एप पर अपलोड करेंगे, जिसकी सूचना संबंधित नागरिक को भी मिलेगी। राज्य स्तर से शिकायतों की निगरानी एवं निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस नवाचार को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। वे मंत्रालय वल्लभ भवन में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ले रहे थे। बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव डीपी आहूजा, सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक अविनाश लवानिया और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। एफडीआर तकनीक से निर्माण लागत में लाएंगे कमी पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोक निर्माण से लोक कल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर प्रदेश को अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है। कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए व कार्यों की गुणवत्ता के लिए मानिटरिंग की विशेष व्यवस्था के साथ क्वालिटी आडिट किया जाए। बड़ी योजनाओं की मानिटरिंग के लिए अलग सेल गठित किया जाए। नई एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमिनेशन) तकनीक से सड़क निर्माण कर लागत में 15 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ जाती है। सिंह ने एफडीआर तकनीक का उपयोग शहरी मार्गों पर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रायोगिक तौर पर माइक्रोसर्फेसिंग एवं व्हाइट टापिंग के लिए जबलपुर एवं भोपाल में कुछ मार्गों का चयन किया जा सकता है। इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम से समस्त अनुमतियां कंप्यूटरीकृत प्रणाली से जारी होने पर परियोजना प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। निर्माण कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की (रियल टाइम) मानिटरिंग संभव होगी। मंत्री ने निर्देश दिए कि कम्प्यूटरीकरण का यह कार्य 100 दिवस में लागू करें। दो वर्ष से अधिक विलंब वाले प्रोजेक्ट की समीक्षा प्रत्येक 15 दिवस में हो मंत्री ने निर्देश दिए कि दो वर्ष से अधिक विलंब वाले प्रोजेक्ट की समीक्षा प्रत्येक 15 दिवस में की जाए। नई सड़कों का चयन कर निविदा कार्रवाई प्रारंभ करें। मासिक कार्य योजना में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किए जाएं एवं माह के अंत में प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। एक विभागीय डैशबोर्ड तैयार किया जाए, जहां विभाग के कार्यों की संपूर्ण जानकारी जैसे प्रगति, लागत आदि आमजन की जानकारी के लिए उपलब्ध हो। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान सड़कों पर एरियल डिस्टेंस का उपयोग कर दूरी कैसे कम की जाए इस पर विचार करें।

प्रदेश में फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 15 IAS अफसरों के तबादले

Big administrative surgery again in the state: 15 IAS officers transferred भोपाल । मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। 15 IAS अफसरों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश में भरत यादव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सचिव बनाया गया है। मनीष रस्तोगी को प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। ओमप्रकाश श्रीवास्तव को सचिव, गृह विभाग बनाया गया है। देखें परी लिस्ट…

अब कुत्ते के काटने पर मालिक को हो सकती है जेल, पढ़िए क्या कहता है कानून

Now the owner can be jailed for dog bite, read what the law says Dog Bite श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।देश के हर हिस्से से आए दिन श्वान के काटने की खबरें सामने आती रहती हैं। श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है, लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।इस कानूनी अधिकार को समझाते हुए अधिवक्ताओं का कहना हैं कि श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है और अगर चोट गंभीर है तो मालिक को जेल भी जाना पड़ सकता है। आम तौर पर लोग ऐसे मामलों में कानून न जानने की स्थिति में शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं और कई बार आपसी विवाद भी हो जाते हैं । अधिवक्ताओं का कहना हैं कि अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो वह श्वान के मालिक के खिलाफ पुलिस थाने जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है।कानून के मुताबिक, किसी भी पालतू जानवर से किसी को नुकसान पहुंचने पर उसके मालिक की ही जवाबदेही होती है। जैसे पालतू श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ दर्ज एफआइआर हो सकती है। इसमें उसके खिलाफ आइपीसी की धारा 289 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। क्या है आईपीसी की धारा 289? आईपीसी की धारा 289 कहती है कि जो कोई व्यक्ति अपने पालतू जानवर से दूसरे व्यक्ति के जीवन को संकट में डालेगा या किसी भी तरह की क्षति पहुंचाएगा, तो ऐसे व्यक्ति के लापरवाह रवैये के लिए उसे 6 महीने की जेल हो सकती है, साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।

भोपाल में सुबह 9.30 बजे से पहले नहीं लगेंगे स्कूल

Schools will not start in Bhopal before 9.30 am भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बदले मौसम को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग पूर्व के आदेश के अनुसार जारी रखने के आदेश दिए हैं। बुधवार को जारी आदेश में कक्षा 1 से 5वीं तक सुबह 9.30 बजे से पहले नहीं लगाने को कहा गया है। कक्षा छठीं से 12वीं तक पूर्व निर्धारित परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय सारणी अनुसार ही होगा। यह आदेश 10 फरवरी तक प्रभावी रहेगा।

मोहन कैबिनेट ने दी स्टार्टअप नीति में संशोधन को मंजूरी

Mohan cabinet approved amendment in startup policy मंत्रालय में हुई मोहन कैबिनेट की बैठक। स्टार्टअप नीति में संशोधन के बाद अब राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए स्टार्टअप को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि मिलेगी। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में स्टार्टअप नीति में संशोधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसमें अब यह प्रविधान किया गया है कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रदेश के स्टार्टअप को प्रतिपूर्ति राशि दी जाएगी। राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में भाग लेने पर 50 हजार और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने पर डेढ़ लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति होगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग ने यह प्रस्तावित किया था कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए स्टार्टअप को प्रोत्साहन राशि दी जाए। इसके अलावा बैठक में विभागीय जांच संबंधी कुछ अन्य निर्णय भी लिए गए। इसलिए किया संशोधन दरअसल स्टार्टअप से जुड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए पंजीयन कराना होता है। इसका शुल्क अधिक होता है, जिसके कारण स्टार्टअप इनमें सम्मिलित नहीं होते हैं। जबकि, ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने से अनुभव मिलता है और संपर्क भी बनते हैं, जो व्यापार को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर परिधि में कैसे संचालित हो रही हैं शराब दुकानें “हाई कोर्ट “

How are liquor shops operating within 500 meters radius from the National Highway “High Court” जनहित याचिका में होना है सुनवाई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर नोटिस जारी कर मांगा था जवाब। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं।कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है।सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। इंदौर। शासन को बुधवार को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष बताना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं। इनका संचालन रोकने के लिए शासन क्या कर रहा है। कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका राजेंद्र गुप्ता ने दायर की है। वे स्वयं ही इसमें पैरवी भी कर रहे हैं। याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। कोर्ट के निर्देश के बाद 500 मीटर की परिधि से बाहर संचालित होने वाली शराब दुकानों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए थे। आबकारी विभाग में की थी शिकायत याचिका में कहा है कि इंदौर-देवास राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में नौ शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। याचिकाकर्ता ने आबकारी विभाग में इसकी शिकायत की थी लेकिन शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। ये दुकानें आज भी संचालित हो रही हैं। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता ने याचिका में यह भी कहा है कि उन्होंने दुकानों के संबंध में आबकारी विभाग में शिकायत की तो वहां से जवाब दिया गया कि ये शराब दुकानें परंपरागत हैं। याचिका के समर्थन में इन शराब दुकानों के फोटोग्राफ और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। बुधवार को शासन को जवाब देना है।

वन विभाग की टीम पर लाठी-डंडों और पत्थर से हमला, 3 वनकर्मी घायल

Forest department team attacked with sticks and stones, 3 forest workers injured राजगढ़ में वन विभाग की टीम पर लाठी-डंडों और पत्थर से हमला हुआ है। जिसमें तीन वनकर्मी घायल हो गए हैं। किशनगढ़ में कुछ लोगों ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर लिया था। राजगढ़ ! जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने ग‌ई वन विभाग की टीम पर मंगलवार को हमला हो गया। हमला करने वालों ने कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे और पत्थरों से अतिक्रमण हटाने ग‌ई टीम पर हमला कर दिया। हमलें में तीन वनकर्मीयों को चोटें आई हैं। वन विभाग की शिकायत पर कोतवाली थाने में तीन लोगों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। राजगढ़ रेंज ऑफिसर गौरव गुप्ता ने बताया कि वन विभाग के किशनगढ़ क्षेत्र की डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। कब्जा करने वालों ने वन विभाग की जमीन पर लकड़ी के खंभे गाड़कर तार फेसिंग कर दी थी। जिसकी सूचना मिलने पर मंगलवार दोपहर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कब्जा करने वालों ने इसका विरोध किया। उन्होंने टीम पर लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और पत्थर से हमला कर दिया। टीम ने अपनी जान बचाते हुए पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद 20 से 25 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर हमलावर मौके से भाग निकले। तीन वनकर्मीयों को आई चोंटे इस घटना में में तीन वनकर्मीयों को पत्थर लगे हैं। उन्हें गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने अतिक्रमणहटाने की कार्रवाई की। इसके बाद राजगढ़ थाने पहुंचे और हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज करवाया। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर आरोपी मोहन उर्फ बंटी गुर्जर, भारत गुर्जर, राजू गुर्जर पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।

किसानों से किया वादा पूरा करे सरकार, 2700 रुपये में प्रति क्विंटल खरीदा जाए गेहूं

Government should fulfill the promise made to farmers मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की मांग, कहा- वादाखिलाफी हुई तो सड़क से लेकर सदन तक होगा विरोध। भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने प्रदेश के किसान, महिलाओं और युवाओं से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं कर रही है। दो हजार 700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था लेकिन जो अधिसूचना जारी हुई है, उसमें मूल्य दो हजार 250 रुपये बताया गया है। यह किसानों के साथ धोखाधड़ी है, जिसका कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो किसानों को धान का तीन हजार 100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिया गया और न ही सभी लाड़ली बहनों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिला है। भर्ती परीक्षाओं के परिणाम अब तक घोषित नहीं हुई और न ही गड़बड़ियों की जांच ही हुई है। यह सीधी-सीधी धोखेबाजी है, जिसका हर स्तर विरोध किया जाएगा। जब समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी होगी, तब उपार्जन केंद्रों पर प्रदर्शन होंगे और विधानसभा में भी विरोध दर्ज कराया जाएगा। सड़कों पर लिए जा रहे टोल टैक्स को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जो भी सड़क बनाते हैं वह बिना टोल टैक्स के नहीं बनती है। प्रत्येक 60 किलोमीटर चलने पर टोल टैक्स चुकाना होता है। जबकि, केंद्र सरकार आम जनता से जीएसटी के माध्यम से जो कर लेती है, उससे सड़क, पुल-पुलिया बनाई जाती हैं।

मंगल की कामना के लिए मंगलनाथ पहुंचे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, भात पूजन कर की महाआरती

Former Home Minister Narottam Mishra reached Mangalnath to wish for Mars, performed Maha Aarti after worshiping rice. उज्जैन ! मध्यप्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा इन दिनों उज्जैन में धार्मिक यात्रा पर हैं, जहां वे दर्शन पूजन कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कल उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसके बाद आज सुबह मंगल की कामना को लेकर बाबा मंगलनाथ के दरबार पहुंचे।श्री मंगलनाथ मंदिर के महंत राजेंद्र भारती और महंत अक्षय भारती ने बताया कि आज सुबह पूर्व कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलनाथ पहुंचकर भगवान का जलाभिषेक कर भात पूजन कर महाआरती की। पूर्व गृहमंत्री का किया गया स्वागत उन्होंने बताया कि लगभग एक से डेढ़ घंटे तक चले इस विशेष पूजन में नरोत्तम मिश्रा भगवान की भक्ति मे लीन नजर आए। श्री मंगलनाथ से मांगे गए आशीर्वाद के बारे में बताया कि प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना करने के लिए मैंने यह पूजन किया है। नरोत्तम मिश्रा के मंगलनाथ मंदिर में पूजन अर्चन और दर्शन करने पहुंचने की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक और भाजपा नेता मंदिर पहुंच गए थे। जिन्होंने पूजन अर्चन के बाद पूर्व गृहमंत्री का स्वागत किया।

प्रदेश को 10,405 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

State will get gift of National Highway projects worth Rs 10,405 crore जबलपुर ! केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल और जबलपुर में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में 10 हजार 405 करोड़ रुपये की लागत से 724 किलोमीटर लंबी 24 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का विकास होगा। भोपाल में 8 हजार 38 करोड़ रुपये की लागत से 498 किलोमीटर लंबी 15 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम लाल परेड मैदान एवं जबलपुर में 2 हजार 367 करोड़ रुपये की लागत से 226 किलोमीटर लंबी 9 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम वेटनरी कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित किया जाएगा। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में एनएच-46 के अयोध्या बायपास खंड का 6-लेन चौड़ीकरण, एनएच-146बी के शाहगंज से बाड़ी खंड का चार-लेन चौड़ीकरण, एनएच-552 (विस्तारित) के मध्य प्रदेश/राजस्थान सीमा से श्योपुर-गोरस का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-752सी पर सुजालपुर बायपास का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-552 (विस्तारित) पर अटेर एवं भिण्ड बायपास का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-552 (विस्तारित) के गोरस से श्यामपुर मार्ग का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-56 के दाहोद (गुजरात सीमा) से अम्बुआ खंड का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-347ए मुलताई से मध्यप्रदेश/महाराष्ट्र सीमा तक का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम से एनएच-539 के टीकमगढ़-झांसी सड़क पर स्थित जामनी नदी पर पुल का निर्माण, चदिया घाटी से कटनी बायपास तक (पेव्ड शोल्डर के साथ) 2 लेन सड़क उन्नयन कार्य, एनएच-339 के बमीठा से खजुराहो हिस्से का चार-लेन चौड़ीकरण कार्यों का लोकार्पण एवं गुलगंज बायपास से बरना नदी तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क उन्नयन कार्य, बरना नदी से केन नदी तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, शहडोल से सगर टोला तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क उन्नयन कार्य, एनएच-44 (म.प्र.) के अंतर्गत ललितपुर-सागर-लखनादौन खण्ड में कुल 23 पुल सर्विस रोड का निर्माण, एनएच-44 के सुकतारा, खुरई और खवासा में कुल 3 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य, बंजारी घाटी (एनएच-44) पर 2 ब्लैक स्पॉट का सुधार कार्य का शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं से महाकौशल क्षेत्र के गेहूं और धान कृषि व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक कनेक्टिविटी आसान होगी, कटनी के कोयला खदान उद्योग को लाभ मिलेगा। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो, ओरछा, राष्ट्रीय पेंच टाइगर कॉरिडोर तक कनेक्टिविटी आसान होगी, बुधनी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और वुड क्रॉफ्ट व्यापार को लाभ मिलेगा साथ ही मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली राज्यों के बीच व्यावसायिक एवं नागरिक यातायात सुगम होगा।

गरीब और पिछड़े समुदायों के उत्थान के प्रयासों में संवेदनशीलता जरूरी : राज्यपाल श्री पटेल

Sensitivity is necessary in efforts for the upliftment of poor and backward communities: Governor Shri Patel भोपाल ! राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मकान की डिजाईन और सामग्री की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने में सहयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवास में प्रकाश, हवा और स्वच्छता की व्यवस्थाओं के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि योजना के तहत आवास निर्माण में सबसे गरीब परिवार को प्राथमिकता दी जाये। प्रथम किश्त प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के आवास बरसात से पहले पूरे हो जाये, इसमें भी सहयोग किया जाना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन और जनजातीय कार्य विभाग के कार्यक्रमों और योजनाओं पर बैठक में चर्चा कर रहे थे। उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन राजभवन के सभाकक्ष में किया गया था। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सभी योजनाओं और कार्यक्रमों का लक्ष्य समाज के वंचित और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले गरीब और पिछड़े समुदायों का उत्थान है। इन वर्गों का योजनाओं के माध्यम से विकास हो, उनका जीवन बेहतर बने। इसी मंशा के साथ योजना का निर्माण व्यापक स्तर पर किया जाता है। योजना का लाभ हितग्राही को मिले यही उसका अंतिम लक्ष्य है। व्यवहारिक आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विशिष्टताओं के अनुरूप प्रभावी क्रियान्वयन के लिये क्रियान्वयन अधिकारी की सोच का संवेदनशील और व्यवहारिक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि नियम, योजना के हितग्राही को लाभान्वित करने के लिए बनाये गये है, उनके हितों की अनदेखी करना किसी भी नियम की मंशा कभी नहीं हो सकती। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में बताया गया कि पेसा नियम के क्रियान्वयन के संबंध में 20 जिलों में 11 हजार 595 ग्राम सभाओं के 13 हजार 753 फलियों, मजरों, टोलों एवं बसाहटों तक प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रदेश के 18 चिन्हित जिलों के विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में 198 वन-धन केन्द्रों की स्थापना के लक्ष्य की तुलना में 201 केन्द्रों की स्थापना का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। प्रदेश के 827 वनग्रामों में से 793 वन ग्रामों के संपरिवर्तन की प्रस्तावित अधिसूचना जिला स्तर पर जारी हो गई है। पिछले 10 वर्षों में जनजाति वर्ग के व्यक्तियों के विरुद्ध 14 हजार 256 पंजीबद्ध प्रकरणों में से 10 हजार 80 प्रकरण निराकृत किये गए है। न्यायालय में 1 हजार 932 विचाराधीन है। शेष प्रकरणों के निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री श्री कुंवर विजय शाह, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, वन, पर्यावरण और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, राज्य मंत्री वन, पर्यावरण श्री दिलीप अहिरवार, राज्य मंत्री पंचायत और ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंह, अध्यक्ष जनजातीय प्रकोष्ठ श्री दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव वन श्री जे. एन. कांसोटिया, अपर मुख्य सचिव जनजातीय कार्य श्री एस. एन. मिश्रा, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मलय श्रीवास्तव और राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी. पी. आहूजा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

क्या कांग्रेस की तिकड़ी कर पाएंगी बीजेपी का मुकाबला ?

Congress trio has a big responsibility in Madhya Pradesh, it will start from February 4 मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी के पास बड़ी जिम्मेदारी, 4 फरवरी से होगी शुरुआत भोपाल ! मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं, जिसका असर लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी दिख रहा है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी फिलहाल इसी मिशन में जुटी है, जिसके लिए 3 फरवरी का दिन अहम होने वाला है, क्योंकि इस दिन कांग्रेस की तिकड़ी बड़ी बैठक करने वाली है. 3 फरवरी को होने वाली इस बैठक का असर 4 फरवरी से प्रदेश में दिखना शुरू हो जाएगा. प्रदेश के दौरे पर निकलेगी कांग्रेस की तिकड़ी दरअसल, लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी जिसमें प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सबसे ज्यादा एक्टिव हैं. तीनों ही नेता लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं. 3 दिसंबर को यह तीनों नेता प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक करने वाले हैं, जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के अलग-अलग अंचल में क्या रणनीति बनाई जानी हैं, इस पर चर्चा होगी, जिसके बाद सभी नेता 4 फरवरी से प्रदेश के दौरे पर निकलेंगे. हर जिले में होगी बैठक कांग्रेस हर जिले में पार्टी को मजबूत करना चाहती है, इसके लिए सभी जिलों में पार्टी के प्रदेश प्रभारी, पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष बैठक करेंगे, ताकि जिले में कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही समस्याओं को दूर किया जाएगा. इन बैठकों में कार्यकर्ता में उत्साह बढ़ाने और लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाए जाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा. क्योंकि पार्टी का पूरा फोकस फिलहाल लोकसभा चुनाव पर ही बना हुआ है. ग्वालियर-चंबल से होगी शुरुआतकांग्रेस इस बार लोकसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत भी ग्वालियर-चंबल अंचल से करने वाली है. भंवर जितेंद्र सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और उमंग सिंघार 4 फरवरी को सुबह 10 बजे ग्वालियर में लोकसभा स्तरीय समिति की बैठक करेंगे. इसके अलावा 4 फरवरी को ही गुना, भिंड, मुरैना लोकसभा के पदाधिकारियों के साथ भी बैठकें होंगी, जिसमें इन चारों लोकसभा सीटों पर चल रही समस्याओं को लेकर चर्चा होगी. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था. 5 फरवरी मालवा अंचल में होगी बैठक 5 फरवरी को उज्जैन में पहुंचकर कांग्रेस के नेता उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार और इंदौर लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, इन सीटों पर भी पिछले चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा 6 फरवरी को भोपाल संभाग की बैठक होगी, जिसमें होशंगाबाद, बैतूल, राजगढ़ और विदिशा लोकसभा स्तरीय समन्वय समिति की बैठक होगी. इन सीटों पर भी पिछले चुनाव में कांग्रेस हारी थी. बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी ने पहले से ही इन बैठकों में लोकसभा प्रभारी, शहर अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह प्रभारी,विधायक और संगठन के पदाधिकारियो को अनिवार्य रूप से पहुंचने के निर्देश जारी कर दिए हैं. तीनों नेताओं के पास बड़ी जिम्मेदारी बता दें कि कांग्रेस ने इन तीनों नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, कांग्रेस प्रदेश में इन तीनों के नेतृत्व में ही लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि इन बैठकों में लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर भी चर्चा होगी. बैठक के बाद तीनों नेता दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक करके पूरा फीडबेक भी देंगे.

स्टार्टअप ने कोदो-कुटकी से बनाया आइसक्रीम,

Startup made ice cream from Kodo-Kutki भोपाल के स्टार्टअप ने कोदो कुटकी से बनाया आइसक्रीम, IIM काशीपुर ने दिया 25 लाख का ग्रांट कृषका नेचुरल्स ने 500 स्टार्टअप्स में से उन सात स्टार्टअप्स की सूची में जगह बनाई, जिन्हें आईआईएम काशीपुर के इनक्यूबेशन सेंटर में दो महीने के प्रशिक्षण के साथ अनुदान प्राप्त हुआ. बाजरा और बाजरा-आधारित उत्पादों पर काम करने वाले एक शहर-आधारित स्टार्टअप को भारतीय प्रबंधन संस्थान काशीपुर से 25 लाख रुपये का अनुदान मिला. स्टार्टअप कृषका नेचुरल्स उन सात कृषि आधारित स्टार्टअप्स में से एक है, जिन्हें 27-28 जनवरी के बीच भारतीय प्रबंधन संस्थान आईआईएम, काशीपुर में आयोजित उत्तिष्ठ 2024 के 7वें संस्करण के दौरान अनुदान प्राप्त हुआ है. कृषका नेचुरल्स ने 500 स्टार्टअप्स में से उन सात स्टार्टअप्स की सूची में जगह बनाई, जिन्हें आईआईएम काशीपुर के इनक्यूबेशन सेंटर में दो महीने के प्रशिक्षण के साथ अनुदान प्राप्त हुआ. यह परियोजना केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा समर्थित आईआईएम काशीपुर के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट द्वारा शुरू किया गया था. बाजरा आधारित आइसक्रीमकृषका नेचुरल्स ने अन्य बाजरा आधारित उत्पादों के बीच बाजरा आधारित आइसक्रीम विकसित किया है. भोपाल की रहने वाली प्रतिभा तिवारी ने कहा इस अनुदान से हम बड़े पैमाने पर बाजरा आधारित आइसक्रीम का उत्पादन करने के लिए एक आइसक्रीम फैक्ट्री स्थापित करने में सक्षम होंगे. तिवारी ने खुदरा और ई-कॉमर्स उद्योग में अपने उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड के काशीपुर शहर में उत्तिष्ठ 2024 मेले के 7वें संस्करण में एक स्टॉल लगाया है. उत्तिष्ठ कृषि आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित एक स्टार्टअप कार्यक्रम है. प्रतिभा तिवारी के मुताबिक, वह मध्य प्रदेश में 350 से अधिक आदिवासी किसानों के साथ काम कर रहे हैं जो हमें कच्चा बाजरा की आपूर्ति करते हैं. इसे संसाधित करने के बाद हम आइसक्रीम सहित कई उत्पाद तैयार करते हैं. उन्होंने कहा आईआईएम काशीपुर में प्राप्त दो महीने के प्रशिक्षण ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की. उसका व्यवसाय, रणनीति बनाना, खर्चों को कम करना और वितरण करना है. IIM काशीपुर ने किया 189 स्टार्टअप का समर्थनआईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रोफेसर कुलभूषण बलूनी ने मीडिया से कहा कि पिछले 6 सालों में हमने पहाड़ों पर खेती करने वाले किसानों के साथ काम करने वाले क्षेत्रीय स्टार्टअप का समर्थन करने पर ध्यान केंद्रित किया है. आईआईएम काशीपुर के अनुसार, 2018 में इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना के बाद से आईआईएम काशीपुर ने विभिन्न कार्यक्रमों के तहत 189 स्टार्टअप का समर्थन किया है. इसमें कृषि के क्षेत्र में नवीन विचारों के साथ काम करने वाले 68 स्टार्टअप शामिल हैं. एफआईईडी के प्रबंध निदेशक और आईआईएम काशीपुर में ई-सेल के अध्यक्ष प्रोफेसर सफल बत्रा ने बताया कि आईआईएम काशीपुर द्वारा समर्थित स्टार्टअप ने 3000 रोजगार पैदा किए हैं और सात लाख किसानों के जीवन में बदलाव लाए हैं.

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पांच फरवरी से एक मार्च तक होंगे पंजीयन

Registration will be done from February 5 to March 1 to sell wheat at support price in Madhya Pradesh. सुविधा केंद्रों के अलावा आनलाइन भी होंगे पंजीयन, 15 मार्च से शुरू हो सकती है खरीदी। कृषक पंजीयन से पूर्व ही सुनिश्चित कर लें जिससे फसल उपार्जन के समय कठिनाई का सामना न करना पड़े।एमपी आनलाइन, सीएसससी, लोक सेवा केंद्र व निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी सशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।गेहूं पंजीयन गिरदावरी में दर्ज फसल व रकबे व भू अभिलेख में दर्ज किसान के नाम के आधार पर होगा।बाजार में नया गेहूं आना शुरु हो चुका है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश सरकार भी समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदी की तैयारी कर रही है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीयन कराना होगा। इसके लिए पांच फरवरी से पंजीयन शुरू कर दिए जाएंगे, जो कि एक मार्च तक चलेंगे। इसके बाद 15 मार्च से खरीदी शुरू होने की संभावना है।वर्ष 2023-24 समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु कृषक पंजीयन का कार्य ई-उपार्जन पोर्टल पर पांच फरवरी से एक मार्च तक होगा। किसान समिति/समूह स्तरीय पंजीयन केंद्र पर उपस्थित होकर किसान पंजीयन करा सकते हैं।इसके अलावा पंजीयन केंद्र पर भीड़ से बचने के लिए कृषक स्वयं के मोबाइल से भी एमपी किसान एप से, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत व तहसील सुविधा केंद्र में से किसी भी विकल्प से निःशुल्क अथवा अधिकृत एमपी आनलाइन, सीएसससी, लोक सेवा केंद्र व निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी सशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।जिसके लिए अधिकतम शुल्क राशि 50 रुपये निर्धारित है। वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन निर्धारित समिति/समूह स्तरीय पंजीयन केंद्र पर ही होगा। गेहूं पंजीयन गिरदावरी में दर्ज फसल व रकबे व भू अभिलेख में दर्ज किसान के नाम के आधार पर होगा। गिरादवरी की जानकारी एप से मिलान करें पंजीयन से पूर्व किसान गिरदावरी की जानकारी एमपी किसान एप से मिलान कर लें, त्रुटि होने पर पंजीयन से पूर्व ही राजस्व विभाग से गिरदावरी में आवश्यक सुधार करा लें। सफल पंजीयन की जानकारी एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी, जिसका प्रिंट भी निकाला जा सकता है। पंजीयन में इस वर्ष यह आवश्यक हैं कि कृषक का सही मोबाइल नंबर व बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक रहे, यह कार्य सभी कृषक पंजीयन से पूर्व ही सुनिश्चित कर लें जिससे फसल उपार्जन के समय कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही अपने बैंक खाते को आधार से लिंक भी करा लें, जिससे भुगतान में कठिनाई न हो। गेहूं बेचने में रुचि नहीं लेते किसान उल्लेखनीय है कि पंजीयन कराने के बाद भी कई किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज नीं बेचते हैं। इसका एक उदाहरण पिछले साल पंजीयन और खरीदी के आंकड़ों में ही देखने को मिलता है। बता दें पिछले साल जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 26 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता है कि पंजीयन कराने वाले कितने किसान सरकार को गेहूं बेचा। क्योंकि इसके पूर्व करीब 32 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था और गेहूं लगभग 700 किसानों ने ही बेचा था। किसानों के अनुसार इसका एक कारण राशि नगद नहीं मिलना भी है।

खेत की देखभाल कर रहे किसान पर झपटा बाघ, हमले में गंभीर रूप से हुआ घायल, अस्पताल में भर्ती

Tiger pounces on farmer taking care of his field उमरिया ! खेत में फसल की रखवाली कर रहे किसान रामकमल के ऊपर अचानक बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है। पूरी घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर के बडखेरा गांव की बताई जा रही है।मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में के टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत फसल की देखभाली कर रहे किसान के ऊपर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। घायल किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल यह पूरी घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर के बडखेरा गांव की बताई जा रही है। बता दें कि उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में वन्य जीवों का आतंक लगातार चल रहा है। ये मामला मानपुर बफर के ग्राम बडखेरा की बताई जा रही है। जहां इस पूरे खेत में फसल की तकवारी कर रहे किसान रामकमल के ऊपर अचानक बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है। वहीं घायल किसान को नजदीकी मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। जहां मिली जानकारी के अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों सहित अन्य हिंसक वन्य जीवों के आतंक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं वन्य जीव रोजाना किसी न किसी ग्रामीण को अपना निशाना बना रहे हैं वन्य जीव प्रबंधन में टाइगर रिजर्व की रणनीति पूरी तरह असफल नजर आ रही है।

मध्य प्रदेश में 18 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर, संजय शुक्ला को बनाया गया राज्यपाल का प्रमुख सचिव; मनीष रस्तोगी संभालेंगे जेल विभाग

Transfer of 18 IAS officers in Madhya Pradesh, Sanjay Shukla made Principal Secretary to the Governor; Manish Rastogi will handle the jail department मध्य प्रदेश में 18 आइएएस अधिकारियों के तबादले किए गए। अपर सचिव मनीष सिंह को मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता प्रतितोषण विवाद आयोग में रजिस्ट्रार बनाया गया है। अपर मुख्य सचिव आठ फरवरी के बाद कई अधिकारियों के होंगे तबादले   मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि आठ फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कलेक्टर, कमिश्नर, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के तबादले भी होंगे। इसको लेकर सामान्य प्रशासन और गृह विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। सेलवेंद्रन को संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। नवीन पदस्थापना का कार्यभार ग्रहण करने पर अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी इन दायित्वों से मुक्त हो जाएंगे। भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने (रविवार) को अवकाश के दिन 18 आइएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव रहे मनीष रस्तोगी को जेल विभाग में पदस्थ किया गया है। वहीं, संजय कुमार शुक्ला अब राज्यपाल के प्रमुख सचिव होंगे। अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव नवीन, नवकरणीय विभाग का दायित्व भी संभालेंगे। वहीं, डॉ. राजेश राजौरा से परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार लेकर एसएन मिश्रा को दिया गया है। आठ फरवरी के बाद कई अधिकारियों के होंगे तबादले  मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि आठ फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कलेक्टर, कमिश्नर, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के तबादले भी होंगे। इसको लेकर सामान्य प्रशासन और गृह विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।

अग्निवीर की तर्ज पर प्रदेश सरकार लायेंगी वनवीर भर्ती योजना

On the lines of Agniveer, the state government will bring Vanveer recruitment scheme. भोपाल। जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश सरकार सेना के अग्निवीर की तर्ज पर मध्य प्रदेश में वन वीर की भर्ती करेगी। इसके लिए भर्ती नियम बना लिए गए हैं। इनमें वन्य जीवों की सुरक्षा का खास ध्यान रखने के लिए बाघ मित्र, चीता मित्र और हाथी मित्र नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जंगल के अंदर और उसके आस-पास रहने वाले ग्रामीण, वनवासी और आदिवासी युवाओं की पांच साल के लिए भर्ती की जाएगी। हर वर्ष उनका प्रदर्शन देखकर उनकी सेवा में वृद्धि की जाएगी। पांच साल तक उन्हें मानदेय भी दिया जाएगा। पांच साल बाद भर्ती किए गए कुल वनवीरों में से अच्छा प्रदर्शन करने वाले 30 प्रतिशत लोगों को वन रक्षक के पद पर नियमित नियुक्ति दी जाएगी।वहीं चीतों के प्रति जागरूकता लाने और ग्रामीणों में उनके प्रति डर को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर ‘चीता मित्र’ भी बनाए गए हैं। वे स्थानीय लोगों को चीतों की प्रवृति से अवगत करा कर उन्हें चीताें की रक्षा कर संरक्षण के लिए जागरूक करते हैं। अब वन वीर भर्ती में चीता मित्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, क्योंकि वे जंगल को अच्छे से समझते हैंवन वीर भर्ती की व्यवस्था इसलिए की जा रही है क्योंकि स्थानीय समुदाय के युवा जंगल को अच्छे से पहचानते हैं और जंगल एवं वन्य प्राणियों की भली भांति रक्षा भी कर सकते हैं। वन रक्षक के पदों पर सीधी भर्ती में कई बार शहरी युवा भी आ जाते हैं, जिन्हें जंगलों में रहने की आदत नहीं होती है। वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए स्थानीय युवा मददगार साबित होते हैं तथा इससे उन्हें रोजगार के भी नए अवसर मिलेंगे हर साल की जाएगी पांच सौ से अधिक भर्तियां वन विभाग की तैयारी है कि वन वीर योजना के तहत हर साल मध्‍य प्रदेश में पांच सौ से अधिक भर्तियां की जाएगी। इन्हें 15 से 20 हजार रुपये मासिक मानदेय भी दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार यह प्रक्रिया शुरू कर सकती है। वन वीर भर्ती के लिए शारीरिक मापदंड और व्यवहारिकता को प्राथमिकता में रखा जाएगा। साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण को प्राथमिकता दी जा सकती है। एक नजर मेंकुल वनरक्षक के पद: 20,670 वर्तमान में सेवाएं दे रहे वनरक्षक: 16,875 खाली पद: 3,795

BJP ने महेंद्र सिंह को बनाया मध्य प्रदेश का लोकसभा चुनाव प्रभारी

BJP made Mahendra Singh in-charge of Lok Sabha elections of Madhya Pradesh सतीश उपाध्याय सह प्रभारी नियुक्त भोपाल। भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों शुरू कर दी है। शनिवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। जिसमें महेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश का लोकसभा चुनाव प्रभारी और सतीश उपाध्याय को सह प्रभारी नियुक्त किया है। भाजपा ने आगामी 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की।

शिवराज के नियम पर CM मोहन ने लगाई रोक

CM Mohan banned Shivraj’s rule भोपाल ! प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बनाए गए नियम को तोड़ दिया है. शिवराज सिंह कार्यकाल के दौरान सरकारी कार्यक्रमों के शुरुआत में मध्य प्रदेश गान होने की प्रथा थी, इस दौरान सभी लोग खड़े होकर गीत सुनते थे. इसी परंपरा को सीएम मोहन ने तोड़ दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर लोगों से कहा कि सिर्फ राष्ट्रगान के समय खड़े होना चाहिए. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लंबे समय से चली आ रही प्रथा तो तोड़ दिया. दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत मध्य प्रदेश गान से करने की प्रथा थी, जिसके दौरान सभी लोग खड़े होकर गीत गाते थे. हालांकि, मौजूदा सीएम मोहन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान बजते समय बैठे रहकर इस परंपरा को तोड़ दिया. कार्यक्रम में सीएम मोहन के मंच पर पहुंचने पर अनाउंस किया गया कि मध्य प्रदेश गान होगा. इसके बाद सभा में मौजूद सभी लोग अपनी जगह पर खड़े हो गए. इसी दौरान अपनी कुर्सी पर बैठे सीएम मोहन में अनाउंसर को इशारे से कहा कि खड़े होने की जरूरत नहीं है बैठे रहे. उनके इशारे के बाद सभी लोगों ने मध्य प्रदेश गान बैठकर सुना. सीएम मोहन मध्य प्रदेश राज्य सिविल सेवा में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपने के एक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस प्रथा तो तोड़ दिया. क्या कहा सीएम मोहन ने? उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के समय खड़े होना चाहिए, ये हमारे लिए आदर है. अगर कोई विश्वविद्यालय गान बनाता है या कोई कॉलेज गान बनाता है, फिर वह अपने नियम बनाने लगेंगे कि हमारे गान को भी राष्ट्रगान की तरह खड़े होकर सुना जाए, तो यह क्या बात हुई? सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश गान को राष्ट्रगान के साथ समान नहीं किया जाना चाहिए. कौन से साल से शुरू हुआ था नियम? सीएम के इस फैसले से विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि 2011 में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर सभी सरकारी समारोहों, स्कूलों और कॉलेजों में मध्य प्रदेश गान गाना अनिवार्य कर दिया था. इस कदम का राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था. तब सरकार ने यह कहकर फैसले का बचाव किया कि मध्य प्रदेश गान राज्य की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है और इसे बिना किसी आपत्ति के गाया जाना चाहिए. बता दें कि मध्य प्रदेश गान को वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने लिखा था. तब तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गान लिखने के लिए उन्हें चुना था. संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के अनुरोध के बाद श्रीवास्तव ने केवल दो घंटे में राष्ट्रगान तैयार कर दिया था.

एम्स: नि:संतान दंपती के लिए जल्द शुरू होगी आईवीएफ सुविधा

AIIMS: IVF facility for childless couples will start soon प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने मनाया अपना स्थापना दिवस आईवीएफ और ईटी पर सीएमई के साथ मनाया भोपाल। राजधानी के एम्स में नि:संतान दंपती के लिए जल्द ही आईवीएफ सुविधा शुरू होने जा रही है। एम्स डायरेक्टर डॉ अजय सिंह ने जल्द से जल्द आईवीएफ सुविधा स्थापित करने की दिशा में काम करने के लिए प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग को बधाई दी। दरअसल गुरूवार को एम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) और भ्रूण स्थानांतरण (ईटी) पर एक सीएमई का भी आयोजन किया गया। जिसमें आईवीएफ-ईटी और हिस्टेरोस्कोपी तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में एम्स डायरेक्टर डॉ अजय सिंह मुख्य अतिथि थे और सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी विशेष अतिथि थे। जो अपनी टीम के साथ शामिल हुए क्योंकि 25 जनवरी विस्तारित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व (ई -पीएमएसएमए) अभियान का दिन भी है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि स्थापना दिवस में आईवीएफ तकनीकों के प्रदर्शन के साथ आईवीएफ-ईटी जैसे प्रासंगिक विषय पर एक सीएमई भी शामिल की गई है। डॉ के पुष्पलता, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख और सीएमई की आयोजन अध्यक्ष ने वर्ष 2023 की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट और विभाग की भविष्य की योजनाएं प्रस्तुत की। एसओपी की एक पुस्तिका भी जारीडॉ. सिंह ने एम्स भोपाल में मातृ मृत्यु में क्लिनिकल ऑटोप्सी पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। पुस्तक में मातृ मृत्यु के मामलों में शव परीक्षण करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की रूपरेखा तैयार करता है और इसे एम्स की एक विषयक टीम द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें प्रसूति एवं स्त्री रोग, फोरेंसिक मेडिसिन, पैथोलॉजी और लैब मेडिसिन विभाग शामिल हैं।एम्स शुरू हुई नर्स-लेड क्लिनिक एम्स डायरेक्टर डॉ अजय सिंह ने नर्स-लेड क्लिनिक का उद्घाटन किया, जो स्वास्थ्य देखभाल नवाचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल, देश में अपनी तरह की पहली है, इससे मरीज देखभाल और नर्सिंग पेशे में एक नई क्रांति होगी। सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 से 10:30 बजे के बीच संचालित होने वाले क्लीनिक शुरू में तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों रेडियोथेरेपी और ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसाइंसेज/न्यूरोसर्जरी/न्यूरोलॉजी और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर संचालित होंगे। क्लीनिक का लक्ष्य नैदानिक उत्कृष्टता और पैशनेट केयर पर जोर देते हुए नर्सिंग सेवाओं की भूमिका को फिर से परिभाषित करना है। इस अवसर पर डॉ सिंह ने कहा कि नर्स-लेड क्लीनिकों की स्थापना स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह न केवल नर्सों के नैदानिक प्रशिक्षण को बल्कि नर्सिंग के सभी मानकों को बढ़ाएगा। इससे नर्सिंग छात्रों के नैदानिक कौशल में सुधार होगा और रोगी की संतुष्टि को बढ़ाने के लिए पैशनेट केयर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने निगम से हटाने की जारी किया आदेश डाबर ने साल 2023 के विधानसभा चुनाव में जोबट से भरा था बागी होकर नामांकन फॉर्म अनुशासन समिति की बैठक की सिफारिश के बाद लिया सरकार ने फैसला भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर को हटा दिया है। इसके पीछे की वजह है कि माधव सिंह डाबर ने विधानसभा चुनाव के दौरान जोबट से पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था। डाबर ने बाकायदा पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय नामांकन फॉर्म भरा था। माना जा रहा था कि डाबर के खिलाफ भाजपा एक्शन लेगी। अनुशासन समिति की बैठक में माधव सिंह डाबर पर एक्शन लेने पर सहमति बनी। इसके बाद सूचना राज्य सरकार को दी गई। सरकार की ओर से अध्यक्ष पद से हटाए जाने की कार्रवाई वन विभाग की ओर से की गई है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा से उन्हें जल्द ही निष्कासित भी कर दिया जाएगा। इसके अलावा चर्चा यह भी है कि डाबर का मध्य प्रदेश के वन मंत्री के साथ भी तालमेल नहीं बैठ रहा था। इस बात की चर्चा मंत्रालय में जरूर है। पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएंगे। इससे पहले अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।

BJP प्रदेश कार्यालय में गणतंत्र समारोह

Republic ceremony at BJP state office भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में झंडावंदन किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि लोकतंत्र और देश के संविधान की गरिमा में वृद्धि के लिए सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लें। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी, वरिष्ठ नेता श्री माखनसिंह चौहान, श्री रघुनंदन शर्मा, प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रणवीर सिंह रावत, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेंद्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल, निगम के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र शर्मा, जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेयी, सुश्री नेहा बगा, श्री सनवर पटेल, श्री नरेंद्र सलूजा, श्री सुनील पाण्डे, श्री अनिल अग्रवाल, श्री सुरजीत सिंह चौहान, श्री किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी कार्यकर्ता एवं कार्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

गणतंत्र दिवस 2024, जोश और राष्ट्रप्रेम की भावना जगा देंगे देशभक्ति के ये नारे

Republic Day 2024: These patriotic slogans will awaken the feeling of enthusiasm and patriotism बच्चों को गणतंत्र दिवस पर सिखाए आजादी के बाद भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए देश का संविधान आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। तब से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं। इस दिन पूरे देश में जश्न का माहौल होता है। स्कूल-कॉलेज, सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में झंडा रोहण किया जाता है। देशभक्ति के नारे लगाए जाते हैं और भारत की गौरवपूर्ण गाथा को गाकर गर्व महसूस किया जाता है। 26 जनवरी के मौके पर स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें बच्चे प्रतिभाग करते हैंं। वैसे तो गणतंत्र दिवस के लिए स्कूलों में तैयारी पहले से ही शुरू हो जाती है लेकिन अगर आपका बच्चा भी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहा है तो उसे देशभक्ति जगाने वाले जोशीले नारे सिखाएं। सुभाष चंद्र बोस रवीन्द्रनाथ टैगोर बाल गंगाधर तिलक श्यामलाल गुप्त लाल बहादुर शास्त्री बंकिम चंद्र चटर्जी इकबाल बिस्मिल अजीमाबादी आजादी की जंग में शामिल क्रांतिकारियों ने इन्हीं नारों के जरिए भारत को स्वतंत्र कराने के लिए देशवासियों को एकजुट किया था। गणतंत्र दिवस पर बच्चों को जोश से भर देने वाले देशभक्ति के नारे सिखाएं।

महिला से जूते का फीता बंधवाने वाले SDM पर गिरी गाज, CM मोहन यादव ने दिए हटाने के निर्देश

The SDM who made a woman tie her shoe lace was punished, CM Mohan Yadav gave instructions to remove him. भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिंगरौली जिले में एक महिला कर्मचारी से अपने जूते के फीते बंधवाने वाले अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को हटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से की गई सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सिंगरौली जिले के चितरंगी में एसडीएम द्वारा एक महिला से उनके जूते के फीते बंधवाने का मामला सामने आया है, जो अत्यंत निंदनीय है। इस घटनाक्रम को लेकर एसडीएम को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। हमारी सरकार में नारी सम्मान सर्वोपरि है। सिंगरौली के चितरंगी तहसील अंतर्गत पदस्थ एसडीएम असवान राम चिरावन की एक महिला कर्मचारी से खुद के पैर में जूता पहनवाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर हुई वायरल हुई थी। ये घटना 22 जनवरी को श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान चितरंगी में उस कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि महिला कर्मचारी विभागीय लिपिक है। राज्य में मुख्यमंत्री डॉ यादव अधिकारियों से जुड़े ऐसे मामलों को लेकर लगातार सख्त बने हुए हैं। इसकी शुरुआत शाजापुर कलेक्टर के एक ट्रक चालक से अभद्र भाषा में बात करने से हुई थी। कलेक्टर का वीडियो सामने आने के फौरन बाद डॉ यादव ने उन्हें हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से मुख्यमंत्री अधिकारियों की बेअदबी और अभद्रता के कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को हटाने के निर्देश दे चुके हैं।

पटवारी ने नामांतरण के बाद एक महीने लगवाए चक्कर, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

Patwari made rounds for a month after name transfer, collector suspended नामांतरण के 15 आवेदकों को लटकाया, जांच के बाद कार्रवाई भोपाल। राजस्व पखवाड़े के बावजूद पटवारियों के काम का तरीका नहीं बदल रहा है। हालात यह है कि नामांतरण, बंटवारा और नामांतरण के बाद ऑनलाइन अपडेशन के काम महीनों तक पेंडिंग रहता है। जिसके लिए आम लोगों को महीनों तक चक्कर काटना पड़ते हैं। हाल ही में टीटी नगर सर्कल में पदस्थ पटवारी अनुराधा पटेल ने एक आवेदक को नामांतरण के बाद ऑनलाइन अपडेशन के लिए एक महीने तक चक्कर लगवा दिए। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत एडीएम हरेंद्र नारायण से की तो, उन्होंने तहसीलदार से जांच कराई। जांच में पता चला कि पटवारी ने 15 अन्य मामलों में समय पर रिपोर्ट नहीं लगाई है। जिसके आधार पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। पटवारी अनुराधा पटेल ने संज्ञान नहीं लेते हुए लापरवाही की गई जिसके तहत आवेदक वीरेन्द्र मेवाड़ा ने इसकी शिकायत अपर कलेक्टर को दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ग्राम बरखेड़ी कलां की पटवारी ने नामांतरण होने के बाद राजस्व रिकार्ड में अमल नहीं किया है। जिसके आधार पर बुधवार को कलेक्टर ने बरखेड़ी क्षेत्र की पटवारी को सस्पेंड कर दिया है।

स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत कराया जाए: स्कूल शिक्षा मंत्री

Children studying in schools should be made aware of their rights: School Education Minister भोपाल। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और महत्वपूर्ण है, उसी तरह बच्चों की सुरक्षा और उनका संरक्षण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आवश्यक है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत कराया जाए। यह बात स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कही। बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2005, किशोर न्याय अधिनियम-2012 एवं पॉक्सो अधिनियम-2015 की जागरूकता के लिए मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राजधानी स्थित समन्वय भवन में बुधवार को राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष देवेन्द्र मोरे, आयोग के सदस्य ओंकार सिंह, डॉ. निशा श्रीवास्तव, मेघा पवार, अनुराग पाण्डेय, डॉ. निवेदिता शर्मा और सोनम निमामा सहित अन्य उपस्थित रहे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में और बेहतर कार्य कैसे किया जा सकता है, इसके लिये स्कूल शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग संयुक्त बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगे। हमारी कोशिश है कि जनजाति क्षेत्रों मे भी आंगनवाड़ी खोले जाएं:मंत्री निर्मला भूरियामहिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि अब आदिवासी क्षेत्रों में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिससे उस क्षेत्र के बच्चे भी अपने अधिकारों को समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि शहरों में कई संस्थाएँ काम कर रही हैं, परंतु आदिवासी क्षेत्रों मे इसका अभाव है। संस्थाएँ ऐसे क्षेत्रों में भी जागरूकता के लिये काम करें। हमारी कोशिश है कि बच्चों और महिलाओं के उत्थान के लिये जनजाति क्षेत्रों मे भी आंगनवाड़ी खोले जाएं।आरटीई में 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा करने का प्रस्ताव: कार्यशाला में म.प्र. बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष रविन्द्र मोरे ने सुझाव दिया कि प्रवासी मजदूर परिवारों के बच्चों को भी देश के हर प्रदेश में एक जैसी शिक्षा एवं मध्यान्ह भोजन प्राप्त कर सकें, इसके लिये वन नेशन वन ऐनरोल्मेंटपर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने निःशुल्क एवं अनिवार्य बात शिक्षा अधिनियम मे कक्षा 8वीं तक निःशुल्क शिक्षा को बढ़ाकर कक्षा 12वीं तक करने का प्रस्ताव रखा।

पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में भी दी जाएगी मेस सुविधा: राज्य मंत्री कृष्णा गौर

Mess facility will also be provided in backward class hostels: Minister of State Krishna Gaur पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री गौर ने किया छात्रावासों का निरीक्षण भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने बुधवार को भोपाल जिले के पिछड़ा वर्ग के कन्या और बालक छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री गौर ने कहा कि प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को मेस की सुविधा दिये जाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होने छात्रावासों में मेस शुरू करने के संबंध में कार्यवाही करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। मंत्री गौर के निरीक्षण के दौरान कन्या और बालक छात्रावासों में रह रहे छात्र-छात्राओं ने छात्रावास में मेस सुविधा शुरू करने की बात कही। छात्र-छात्राओं ने बताया कि मेस सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें स्वयं भोजन बनाना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई में व्यवधान पड़ता है। कन्या छात्रावास में छात्राओं ने सर्दी के मौसम में गीजर और वाइफाई की व्यवस्था देने के लिये भी कहा। राज्य मंत्री गौर ने दोनों छात्रावास में गीजर लगाने के लिये और छात्रावासों में वाइफाई की सुविधा देने के लिये भी अधिकारियों को निर्देश दिए। छात्रावासों में पुस्तकालय की सुविधा मिलेगी:मंत्री गौर ने निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं से चर्चा की और उनसे छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार के लिये सुझाव भी मांगे। उन्होंने कन्या छात्रावास के भवन में कॉपर इलेक्ट्रिक वायरिंग करवाने के लिये भी कहा। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के अनुकूल वातावरण मिले, ऐसी व्यवस्थाएं छात्रावास में की जाना जरूरी है। पिछड़ा वर्ग कल्याण के छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को अध्ययन के लिएपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये लायब्रेरी भी शुरू की जाऐगी। पानी के सीपेज से हुई गंदगी पर जताई नाराजगी:राज्य मंत्री गौर ने कन्या छात्रावास में छत से दीवारों पर पानी के सीपेज से हुई गंदगी पर नाराजगी जाहिर की। छात्रावास की मेंटेनेंस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिये जाने पर संबंधित अधिकारियों को ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने बालक छात्रावास में जिम का मेंटेनेंस करने और जिम इन्ट्रक्टर को पदस्थ करने के लिये भी अधिकारियों को कहा।

181 पर कॉल कर आधार नंबर देकर एक दिन में बनेगा आय-मूल निवास प्रमाण पत्र,

Income-based residence certificate will be made in one day by calling 181 and giving Aadhaar number भोपाल। अगर आप मध्यप्रदेश के निवासी हैं और अपना आय या मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे हैं, तो चिंता मत कीजिए। अब आपको सिर्फ 181 पर कॉल करना होगा। यहां आधार नंबर बताकर प्रमाणपत्र ले सकते हैं। जिसके लिए आपके मोबाइल के वाट्सएप पर लिंंक सेंड कर दी जाएगी। जिसके आधार पर कॉपी निकाली जा सकती है। सिटीजन केयर योजना के तहत यह सेवा दी जा रही है। वर्तमान में आम लोगों को आय और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नजदीकी लोक सेवा केंद्र में जाकर आवेदन करना पड़ता है। जिसके लिए 20 रुपए लोक सेवा केंद्र की फीस भी चुकाना पड़ती है। इसके बाद सुबह आवेदन करने के बाद शाम को प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। सिटीजन केयर योजना के तहत आम लोग अब इस सेवा का फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए 181 पर कॉल करने के बाद सिर्फ आधार की जानकारी देना है। जिसके बाद वाट्सएप पर आय और मूल निवाास प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा। लोक सेवा केंद्र प्रबंधक प्रसून सोनी का कहना है कि सिटीजन केयर योजना के तहत आय और मूल निवास की सेवाएं दी जा रही हैं। जिससे आम लोगों को बिना राशि खर्च किए तुरंत आय और मूल निवास प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा। नए ठेकेदारों ने संभाला लोकसेवा केंद्रों का कामजिले के कलेक्टोरेट, टीटी नगर, कोलार और बैरसिया लोकसेवा केंद्रों का काम नए ठेकेदारों ने संभाल लिया है। दरअसल इस बार आवेदकों से 20 रुपए प्रोसेसिंग फीस ली जा रही है, जबकि ठेकेदारों ने 40 रुपए के हिसाब से टेंडर फाइल किया था। 16 जनवरी से काम संभालने के बाद केंद्रों पर व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है।

बेटियों का जहां सम्मान, वह घर स्वर्ग समान

Where daughters are respected, that home is like heaven. डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) हिंदू परिवार में जब किसी कन्या का जन्म होता है तो अक्सर कहा जाता है, बधाई हो! आपके घर में लक्ष्मी आई है। शास्त्रों में तो यह भी कहा गया है कि बेटी का जन्म पुण्यवान के घर ही होता है। कन्या को न सिर्फ देवी कहा जाता है बल्कि देवी की तरह पूजा भी जाता। लेकिन समाज में ऐसे दानव मौजूद हैं जिनके कारण देवियों के रूप में पूजी जाने वाली बेटियां असुरक्षित हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जानते हैं बालिकाओं की वास्तविक स्थिति और हालात के साथ उनके प्रति होने वाले अपराधों की वास्तविकता। 24 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। महिला बाल विकास मंत्रालय ने पहली बार 2008 में इस दिवस को मनाने की शुरूआत की थी। इस बार 17वां दिवस है। सवाल उठता है कि आखिर 24 जनवरी को ही यह दिवस क्यों मनाया जाता है? तो इसकी एक खास वजह है। इस दिन का नाता देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा है। इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। देश की बेटी के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की उपलब्धि को प्रतिवर्ष याद करने के साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने और जागरूकता लाने के उद्देश्य से 24 जनवरी का दिन महत्वपूर्ण माना गया। बालिकाओं व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से उन्हें बचाने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों व अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।कारण स्पष्ट है कि हर साल 60 हजार सें अधिक बच्चे गायब हो जाते हैं, जिनमें बालिकाओं का प्रतिशत अधिक होता है। देश में बालिकाओं के कुछ जोखिम, उल्लंघन और कमजोरियां हैं। जिनका सामना उन्हें केवल इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि वे लड़की हैं।यही वजह है कि बालिकाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी 19 दिसम्बर 2011 को प्रति वर्ष 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की घोषणा की। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण के उनके अधिकारों को सुनिश्चित करता है।देश में दो-दो बालिका दिवस मनाए जाने और भारत सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी व्यापक प्रचारित योजना के बावजूद भारत में अन्तरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संकल्पों का लक्ष्य करीब नहीं आ पा रहा है।आज भी इंदिरा गॉधी जैसी कुछ भारतीय महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर शक्तिशाली आवाज उठा रही हैं। भारत ने विश्व को कल्पना चावला जैसी अंतरिक्ष यात्री दी हैं। आज भारत की बेटियां न केवल फाइटर प्लेन चला रही हैं बल्कि युद्ध के मोर्चे पर भी तैनात हैं। चन्द्रयान-3 की सफलता में भी भारत की बेटियों का महत्वपूर्ण योगदान है। बावजूद इसके भारतीय समाज में पितृ सत्तात्मक विचारों, मानदंडों, परंपराओं और संरचनाओं के कारण ज्यादातर बालिकाएं अपने कई अधिकारों का पूरी तरह से उपभोग नहीं कर पा रही हैं। लैंगिक भेदभाव, सामाजिक मानदंडों और प्रथाओं के प्रचलन के कारण, बालिकाओं को बाल विवाह, किशोर गर्भावस्था, घरेलू काम, खराब शिक्षा और स्वास्थ्य, यौन शोषण और हिंसा की संभावनाओं का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल लिंगानुपात बढ़कर 1020 कन्या हो गया है। लेकिन यह लैंगिक तरक्की सुविधाभोगी और कथित पढ़े-लिखे जागरूक शहरियों के घरों में नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में हुई है। शहरों में आज भी प्रति हजार बालकों पर बालिकाओं की संख्या 985 ही है। मतलब यह कि शहरों में जहां गर्भावस्था में भ्रूण परीक्षण की सुविधाएं हैं, वहां बालिका भ्रूण अब भी सुरक्षित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में लिंगानुपात संतोषजनक है तो वहां चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यही वजह है नवजात से लेकर पॉंच साल से कम बच्चों की मृत्यु दर अधिक है। इनमें बालिकाओं का प्रतिशत सर्वाधिक है। इसी सर्वेक्षण के मुताबिक अब भी 18 साल से पहले 23 प्रतिशत किशोरों का विवाह हो जाता है जिनमें बालिकाएं ही अधिक होती हैं। बाल विवाह के कारण 15 से लेकर 19 साल उम्र की 6.8 प्रतिशत बेटियां गर्भवती या माताएं पाईं गईं।अपराध की बात करें तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार वर्ष 2022 में कुल 83,350 बच्चे गुम हुए। जिनमें 62,946 बालिकाएं थीं। इन गुमशुदा बालिकाओं में 1,665 का कहीं पता नहीं चला। ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2022 में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 1 लाख 62 हजार 449 मामले दर्ज हुए । जबकि 2021 में 1,49,404 मामले दर्ज हुए थे। एक साल के अंदर यह वृद्धि 8.7 प्रतिशत थी। पॉस्को एक्ट के तहत यौन अपराध के 39.7 प्रतिशत मामले दर्ज हुए। सबसे ज्यादा 20 हजार 762 मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए। राज्य बाल शोषण के मामले में मध्य प्रदेश में 20 हजार 415 अपराध दर्ज हैं, इनका देश में तीसरा नंबर है। महिलाओं के प्रति अपराध में प्रदेश के हालात ठीक नहीं हैं। सन् 2021 में बालिकाओं से बलात्कार के 37 हजार 511 मामले दर्ज हुये थे। जो 2022 में बढ़कर 38 हजार 30 हो गये। यौन हमलों की संख्या में 3.1 प्रतिशत तथा यौन उत्पीड़न में दशमल शून्य 4 की वृद्धि दर्ज की गयी। महिला पहलवानों द्वारा गत वर्ष लगाया गया यौन उत्पीड़न का मामला लोग भूले नहीं होंगे। पहलवानों ने सरकार पर व्यभिचारी को बचाने का आरोप लगाया था। लड़कियों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को राजनीतिक आधार पर माफ करना या उनको बचाना घोर सामाजिक अपराध भी है।इस तरह के आरोप देश के लिए श्राप के समान हैं। हमारा देश तब तक पूरी तरह से विकसित नहीं होगा जब तक कि बालक और बालिकाओं दोनों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने के लिए समान रूप से अवसर नहीं दिये जाते। प्रत्येक बच्चा अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का हकदार है, लेकिन उनके जीवन में और उनकी देखभाल करने वालों के जीवन में लैंगिक असमानताएं इस वास्तविकता में बाधा डालती हैं। शिक्षा, जीवन कौशल, खेल और बहुत कुछ के साथ निवेश करके और उन्हें सशक्त बनाकर लड़कियों के महत्व को बढ़ाना महत्वपूर्ण है।लड़कियों के महत्व में वृद्धि करके हम सामूहिक रूप से विशिष्ट परिणामों की उपलब्धि में योगदान दे सकते हैं, कुछ अल्पकालिक व अन्य मध्यम अवधि जैसे बाल विवाह को समाप्त करना … Read more

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बंगले की मांग की,

Leader of Opposition Umang Singhar demanded the bungalow of former CM Shivraj Singh Chauhan, उमंग ने मांगा मामा का घर: सीएम मोहन यादव से की शिवराज सिंह के बंगले की मांग, कहा- बुआ से जुड़ी हैं यादें भोपाल ! मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के घर की मांग की है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित B – 9 बंगले की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस बंगले से उनकी बुआ जमुना देवी की यादें जुड़ी हैं. इसलिए यह बंगला उन्हें दिया जाए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र में लिखा कि शासकीय आवास क्रमांक बी-9, 74 बंगला म.प्र. के आदिवासी वर्ग की महान नेता एवं प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्व.जमुना देवी को नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वर्षों आवंटित रह. वे आदिवासी समुदाय की नेता होने के साथ-साथ मेरी बुआ भी थी और बचपन से ही इस बी-9 शासकीय आवास में मैंने उनको दिन-रात प्रदेश के सर्वहारा वर्ग की सेवा में प्राणप्रण से जुटे देखा है. भावनात्मक रूप से मेरा इस शासकीय आवास से लगाव भी है. अतः आपसे अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मुझे उक्त शासकीय आवास आवंटित कर अनुग्रहित करने का कष्ट करें. बता दें कि वर्तमान में यह बंगला मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित है. हाल ही में उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि अब से उन्हें घर ‘मामा का घर’ के नाम से जाना जाएगा.

भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर हमले के विरोध में MP कांग्रेस का मौन धरना, नेता बोले- ये लोकतंत्र की हत्या

Silent protest of MP Congress in protest against the attack on ‘Bharat Jodo Nyay Yatra’, leader said – this is murder of democracy कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस (Congress) द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh),कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu patwari) और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान सभी ने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी हुई थी.ये धरना करीब 3 घंटे तक चला. ग्वालियर, इंदौर, अशोकनगर से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं. दरअसल कांग्रेस का आरोप है कि असम में राहुल गांधी की न्याय यात्रा पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया है. कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा को भारतीय जनता पार्टी की असम सरकार द्वारा रोकने का प्रयास किया गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी की यात्रा पर हमला कर व्यवधान पैदा किया जा रहा है. दूसरी तरफ ग्लावियर के फूलबाग में भी कांग्रेस विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी धरना दिया. कांग्रेस के विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि ये लोकतांत्रिक देश है और असम में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. इस मौके पर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि कल पूरे देश में लोग मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे लेकिन असम की सरकार राहुल जी को मंदिर में जाने से रोककर अलोकतांत्रिक काम कर रही थी. इसलिए आज हम गांधी जी की प्रतिमा के सामने बैठकर ऐसे लोगों को सदबुद्धि देने की प्रार्थना कर रहे हैं.इसी तरह से इंदौर में भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के नेतृत्व में कांग्रेसनी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. उधर अशोकनगर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय गांधी पार्क पर मौन धरना प्रदर्शन किया गया. इस धरने से पहले अशोकनगर विधायक हरी बाबू राय ने खुद झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की. हरी बाबू राय ने कहा कि जिस प्रकार हमारे नेता राहुल गांधी के प्रति व्यवहार किया जा रहा है वह अशोभनीय है.

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग होंगे मर्ज,सभी जिलों में खुलेंगे पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस

भोपाल ! मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग अब मिलकर एक होंगे। मंत्रालय में शाम को होने वाली कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी जाएगी। वहीं प्रदेश के सभी जिलों में पीएम कॉलेज आफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग होंने के कारण कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दोनो विभाग आमजनता की स्वास्थ्य सुविधाओं पर काम करते है। लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग मेडिकल एजूकेशन पर काम करता है और स्वास्थ्य विभाग केवल प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं पर ही काम करता है। मेडिकल एजूकेशन विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेज आते है और इन कालेजों से सम्बद्ध अस्पतालों में ही जूनियर डॉक्टर और चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर काम करते है। नीतिगत मसलों पर दोनो विभाग अलग- अलग होने के कारण कई दिक्कते आ रही थी। इन्हें दूर करने के लिए अब दोनो विभागों को मिलाकर एक किया जा रहा है नये विभाग का नाम लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग होगा। इन्हें दूर करने के लिए अब दोनो विभागों को मिलाकर एक किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस खोले जाने है। इस प्रस्ताव पर भी आज होंने वाली कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी। ये कॉलेज विशेष होंगे और इनमें विद्यार्थियों को सभी तरह के विषयों पर अध्ययन करने की सुविधा होगी। इन कॉलेजों को रोजगारोन्नमुखी शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा। हर जिले में ऐसा एक कॉलेज खोला जाएगा। इसके अलावा अशोकनगर जिले में मल्हारगढ़ सिचाई परियोजना के लिए 72 करोड़ रुपए की मंजूरी देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की जाएगी। चार अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा की गई अनियमितताओं के चलते उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने और उनकी विभागीय जांच शुरु करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी।

खनिज ब्लॉक की नीलामी में MP अव्वल, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन

MP tops in auction of mineral blocks, conference of state mining ministers खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन भोपाल में आयोजित किया गया। यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। भोपाल। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन मंगलवार सुबह शुरू हुआ।केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हैं। इस सम्मेलन में 20 राज्यों के खनिज मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्रदान करने के लिए, खान मंत्रालय एवं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इस मौके पर “माइनिंग एंड बियॉन्ड’’ विषय पर प्रदर्शनी भी कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया, जिला खनिज प्रतिष्ठान सहित देश की प्रमुख खनन कंपनियो, निजी एजेंसियों और स्टार्ट-अप्स द्वारा अपनी उपलब्धियां को प्रदर्शित किया गया है।इस सम्मेलन के दौरान खनन क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। पहली बार यह सम्मेलन सितंबर 2022 में हैदराबाद में आयोजित किया गया था। सीएम मोहन यादव से की मुलाकातइस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार सुबह भोपाल पहुंचे। यहां पर उन्होंने सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम डा. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डा. यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान दोनों के बीच राज्य में कोयला एवं खनन क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई

श्री राम चंद्र जी के स्वरूप में बाबा बटेश्वर 5100 दीपों से सजा शिवालय

Baba Bateshwar pagoda decorated with 5100 lamps in the form of Shri Ram Chandra Ji भोपाल । पुराने शहर के प्राचीन से श्री बड़वाले महादेव मंदिर में अयोध्या में प्रभु श्री राम लाल विराजमान होने के उपलक्ष्य में बाबा बटेश्वर को प्रभु श्री राम जी के स्वरुप में विराजमान किया गया, समिति के संयोजक संजय अग्रवाल ने बताया कि 5100 दीपों से पूरे मंदिर को सजाया गया। मंदिर गर्भ ग्रह में रंगोली और दीपमालाएं जलाई रात्रि 8 बजे श्रृंगार दर्शन कर महाआरती एवं प्रसाद वितरण हुआ। श्री बड़वाले महादेव मंदिर से ॐ नम: शिवाय मंडल के द्वारा निकली प्रभातफेरीॐ नम: शिवाय मंडल के द्वारा प्रात: 7:00 बजे प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें मंडल के सदस्यों द्वारा अखण्ड ॐ नम: शिवाय एवं राम घुन के भजन गाये फेरी श्री बड़वाले महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर पुराने शहर के दयानंद चौक, लोहा बाजार, पीपल चौक, सराफा, लखेरापुरा से सोमवारा होते हुए शिवालय भवन में समापन हुआ। प्रभु राम मंदिर निर्माण का गवाह बन हरि हरात्मक शक्ति महायज्ञ मां दुर्गा धाम शक्तिपीठ मंदिर में सोमवार 10:00 बजे ढोल तसो बाजे झांकियां के साथ सैकड़ो भक्तगण नर नारियों राममय होकर श्री राम के जयकारे लगाते हुए। राम शोभा यात्रा में सम्मिलित होकर राम मंदिर निर्माण का उत्सव भव्यता और जोश के साथ मनाया जो अशोका गार्डन के मुख्य मुख्य मार्ग से होकर पुन: दुर्गा धाम मंदिर में संपन्न हुई । दोपहर 2:00 बजे से मुख्य यज्ञाचारी पंडित युगल किशोर शास्त्री ने सर्वप्रथम महायज्ञ के 9 हवन कुंडों में श्री राम प्रभु के 1001 आहुतियां डलवा कर महायज्ञ को 26 वा ऐतिहासिक पर्व मनाया।

दिग्विजय सिंह ने शेयर की भगवान राम की तस्वीर, प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामना के साथ बीजेपी को दिया ये मैसेज

Digvijay Singh shared the picture of Lord Ram, gave this message to BJP with good wishes for his life. दिग्विजय सिंह राम मंदिर का पूरा निर्माण हुए बिना ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने को लेकर लगातार हमलावर रहे. उन्होंने इसके लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के तर्कों का भी जिक्र किया. भकांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ठीक पहले भगवान राम के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है. उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर देशवासियों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामनाएं दीं. उन्होंने इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को भी मैसेज दिया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में किसी भी तरह की नफरत की कोई जगह न हो और सब मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करें.  आशा है अब बीजेपी सरकार सुनिश्चित करेगी…’ दिग्विजय सिंह ने रविवार रात ट्वीट करते हुए रामलला के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है, जिसपर लिखा है, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो. प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो.’ इस फोटो के साथ किए गए ट्वीट के कैप्शन में दिग्विजय सिंह ने लिखा, ‘समस्त देशवासियों को अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर में रामलला के विग्रह के प्रतिष्ठित होने की मंगलकामनाएं. आशा है भाजपा सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में नफरत-हिंसा की कोई जगह नहीं होगी. सब प्रेम से मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करेंगे.’  दरअसल दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निर्माण कार्य का पूरा होने के पहले ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने की खूब आलोचना की है. उन्होंने इसको लेकर उत्तराखंड स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के तर्क का भी खूब जिक्र किया.

राममय हुआ संतनगर 11 हजार रामभक्तों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया हनुमान चालीसा पाठ, राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा

Santnagar became Ram-filled; Chief Minister Mohan Yadav recited Hanuman Chalisa with 11 thousand Ram devotees. भोपाल। अयोध्यानाथ भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर में विराजमान होने के उपलक्ष्य में पूरा मध्यप्रदेश राममय हो रहा है। अपने नवाचारों और हिन्दुत्व वादी छवि के लिए लगातार चर्चित रहने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा भी राजा राम के आगमन पर लगातार विभिन्न आयोजन करा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संत हिरदाराम नगर स्थित हेमू कालानी स्टेडियम में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कराया। इस आयोजन में 11 हजार रामभक्तों ने एक साथ उपस्थित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सम्मलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व रामभक्तों के साथ भक्तिभाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री व विधायक शर्मा ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। बच्चों के साथ राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा हेमू कालानी स्टेडियम में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी कि पूरा स्टेडियम रामभक्तों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के उत्साह में पूरा स्टेडियम झूम उठा। 11 हजार रामभक्तों का स्वर जब हनुमान चालीसा के रूप में गूँजा तो कण-कण राममय हो गया। विधायक रामेश्वर शर्मा भी राम भजनों पर बच्चों के साथ जमकर नाचते दिखे। विधायक शर्मा ने इस दौरान भजन भी गाए और राम-गाड़ी पर बैठकर आनंद लिया।  रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं – राजेन्द्र शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मप्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि – वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ घड़ी आई है जब हम अपने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान होते देख रहे हैं। इस घड़ी में ऐसा भव्य आयोजन कराकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रामभक्तों की आस्था को और प्रबल किया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी जी और असम में हेमंत विस्वा सरमा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं, उसी तरह मध्यप्रदेश में भाई रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज है। उनका हर आयोजन भव्य और अनोखा होता है। इस सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई।  11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय – मुख्यमंत्री मोहन यादव। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए कई जन्मों के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं, ये शुभ घड़ी सामने आई है। इसके लिए गत पांच सौ वर्ष से कई पीढ़ियां खप गईं। आने वाली 22 जनवरी को सुशासन और रामराज का नया इतिहास बनेगा। नये दौर का नया भारत बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान चालीसा से भक्ति और शक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी को आधार बनाकर 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय है। हम सभी के लिए भगवान श्रीराम आराध्य हैं। अयोध्या में मंदिर का बनना अखंड भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारतवासी आज समृद्धशाली अतीत को याद कर रहे हैं। सात जन्मों के पुण्योदय से राम काज कर पाए रहा हूँ। – रामेश्वर शर्मा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – धन्य हैं वो लोग जिन्होंने रामलला के लिए तन, मन, धन और प्राण समर्पित कर दिए। जिनके बलिदानों की कीमत पर आज हमने रामलला का भव्य मंदिर पाया है। मैं स्वयं कारसेवा के लिए गया। उस समय पर भी मेरा यही विचार था कि “यदि रामलला के काम न आए तो बेकार जिंदगानी है” मेरा आज भी यही विचार है। मैं तन-मन-प्राण लगाकर भी राम काज करने को आतुर रहता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि अब कुछ घंटों के अंतराल के बाद हमारी आस्था के केन्द्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर वापस लौट रहे हैं। उनके आगमन के हर्ष में पूरा देश सराबोर है। इसी हर्ष के वशीभूत होकर हमने 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।  कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जब 11 हजार रामभक्तों का स्वर श्री हनुमान चालीसा के रूप में गुंजायमान हुआ तो ऐसा लगा जैसे अयोध्यानाथ स्वयं प्रकट होकर पवनसुत स्तुतियों को आशीष प्रदान कर रहे हों। रामभक्ति में सब ऐसे रमे कि लग रहा था मानो स्टेडियम का कण-कण जीवंत होकर राम धुन गा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अभिनंदन में यह काज करके मेरा जीवन धन्य हो गया। मेरे सात जन्मों के पुण्यों के उदय से  राम जी, हनुमान जी की कृपा से और रामभक्तों की आस्था से यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। संत नगर वालों ने संपत्ति छोड़ दी लेकिन धर्म नहीं छोड़ा – रामेश्वर शर्मा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संत नगर वो भूमि है जिसने धर्म के लिए सर्वस्व त्याग का पाठ सिखाया है। जब 1947 में देश विभाजन हुआ और सिंधी भाईयों से धर्मपरिवर्तन की शर्त रखी तो उन्होंने संपत्ति, घर, द्वार सब छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। उनकी धर्मनिष्ठा हम सबके लिए प्रेरणा है। इसलिए आज इस आयोजन के लिए संत हिरदाराम नगर की पुण्यभूमि को चुना। धर्मभूमि पर राम काज कर के स्वयं को धन्य पाता हूँ।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

आज रात 10 बजे से तोड़ा जाएगा लालघाटी से बैरागढ़ तक बीआरटीएस कारिडोर

BRTS corridor from Lalghati to Bairagarh will be demolished from 10 pm tonight नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर तैयार की है तोड़ने की योजना। सुरक्षा के लिए बंद किया जाएगा डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र। लगेंगी सोलर लाइट।भोपाल ! बीआरटीएस कारिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को आज यानी शनिवार रात 10 बजे से तोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रथम चरण में लालघाटी से बैरागढ़ तक के कारिडोर को तोड़ा जाएगा। यह काम पीडब्ल्यूडी और निगम प्रशासन के अमले द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यहां सुरक्षा के लिए एक से डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र बंद किया जाएगा और सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के ब्रिज ईई जावेद शकील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बीआरटीएस कारिडोर को तोड़ने का काम रात में 10 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रैफिक कम रहता है। हलालपुर से इसकी शुरुआत की जाएगी।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने विगत बुधवार को प्रजेंटेशन देखने के बाद बीआरटीएस को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) से शुरुआत करने की बात कही गई थी। 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के दोनों ओर दिन में ट्रैफिक का ज्यादा रहता है, इसलिए जब रात में ट्रैफिक कम होगा तब हटाने के निर्देश है। यही कारण है कि आज शनिवार रात से बीआरटीएस को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कारिडोर की वजह से ये परेशानियां इस तरह तैयार की गई है बीआरटीएस तोड़ने की योजना1 – होशंगाबाद पर बने बीआरटीएस कारिडोर की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। जिस पर पर्याप्त राइट आफ वे एवं जमीन उपलब्ध होने के बाद भी वाहनों के लिए सिर्फ दो लेन ही है। बीआरटीएस हटाकर 3-3 लेन का सिक्सलेन मार्ग का निर्माण हो सकता है। इसमें 11.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ साइकिल ट्रैक का उपयोग भी उचित रूप से नहीं होने से यह टू व्हीलर के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।2 – इसकी लंबाई 1.42 किलोमीटर है, जो शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित होकर ट्रैफिक के लिए बाधित बन रहा है। इस लंबाई में डेडिकेटेड कारिडोर हटाया जाकर मिक्स्ड वाहनों के लिए तीन लेन सड़क मय सेंट्रल वर्ज के बनाए जाने में करीब 3.21 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।3 – कलेक्टोरेट से लालघाटी तक यह 1.73 किलोमीटर लंबा है। इसे हटाकर दोनों ओर तीन -तीन लेन की सड़क हो जाएगी। इसमें कुल 3.63 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।4 – हलालपुर से सीहोर नाके तक कुल 3.81 लंबाई के इस कारिडोर को भी हटाया जाएगा। इससे बैरागढ़ में ट्रैफिक काफी हद तक सुधर सकता है। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपए की लागत से एलीवेटेड कारिडोर प्रस्तावित है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसी प्रोजेक्ट में बीआरटीएस को हटाया जाना भी शामिल हैं। इसके चलते जिला प्रशासन या नगर निगम को अतिरिक्त कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।यह बात मीटिंग में मुख्य सचिव के सामने रखी गई। कारिडोर को पीडब्ल्यूडी ही हटवाएगा। जिस जगह कारिडोर है, वही पर एलीवेटेड कारिडोर के पिलर खड़े होंगे। इनका कहना हैभोपाल में बीआरटीएस कारिडोर तोड़ने की शुरुआत आज शनिवार रात 10 बजे संत हिरदाराम नगर से की जाएगी। यहां पर नगर निगम, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा।

आबकारी सब इंपेक्टर्स ने प्रमोशन के लिए भगवान राम को सौंपी पाती

Excise sub-inspectors handed over cards to Lord Ram for promotion. भोपाल। आबकारी विभाग के उपनिरीक्षकों ने भगवान श्रीराम के नाम एक पाती लिखकर 18 साल से प्रमोशन और पदनाम न मिलने को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। इस संबंध में इन्होंने शुक्रवार को डिप्टी सीएम व आबकारी मंत्री जगदीश देवडा, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तौगी और आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को ज्ञापन भी सौंपा। इन अधिकारियों का कहना है कि उनकी मांग से सरकारी खजाने पर वित्तीय भार भी नहीं आएगा।आबकारी उपनिरीक्षकों का कहना है कि उनकी मांग जिला सहायक अधिकारी का पदनाम की है। पिछले 18 साल से वे एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके साथ अन्य विभागों में भर्ती अधिकारी डिप्टी कलेक्टर तक बन चुके हैं, लेकिन अब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे उपनिरीक्षकों की संख्या 134 है। इनके पदनाम बदलने के साथ ही करीब 300 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा होगा। पाती में क्या लिखाहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, आज हम सभी आपके द्वार एक आशा लेकर आए हैं। ऐसा सुनिश्चित है कि तेरे स्मरण मात्र से समस्त प्राणियों के सभी दुखों का नाश हो जाता है। प्रभु, वर्तमान युग में हर्ष का विषय, दैहिक प्रसन्नता और आनंद से परिपूर्ण उत्सवीय माहौल में जब कि आप टेंट से दिव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित हो रहे हैं। आपके मानवीय चरित्र में आपका वनवास 14 वर्षों का रहा किंतु हम अभागे इस दैहिक अवस्था में विगत 18 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। हमारे कई साथी 20 तो कोई 25, 28 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत है और कई सेवानिवृत्त होकर, कई आपके चरणों में विलीन हो गए। प्रभु श्री राम हम सभी आबकारी विभाग के कर्मचारी, आरक्षक, मुख्य आरक्षक, आबकारी उप निरीक्षक एवं अन्य साथी आपके करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि इस दैहिक अवस्था के शासकीय कर्तव्यों में शीघ्र पदोन्नति मिलें, ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें।

कोलार सिक्सलेन से बढ़ा प्रदूषण एक्यूआई 300 के पार

Pollution increases due to Kolar Sixlane, AQI crosses 300 भोपाल। कोलार सिक्सलेन के निर्माण की वजह से आसपास क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सड़क के आसपास का एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। उड़ती धूल ने स्थानीय रहवासियों की सेहत खराब कर दी है। जिसको लेकर एनजीटी ने भी सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने पीडब्ल्यूडी को निर्माणाधीन सड़क पर निरंतर पानी का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। नितिन सक्सेना ने तीन नवंबर 2023 को कोलार में सिक्सलेन के कारण बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी में याचिका लगाई थी। जिसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक समिति बनाकर सड़क का निरीक्षण करने और छह सप्ताह में इसकी रिपोर्ट एनजीटी को पेश करने के निर्देश दिए थे। पीसीबी ने प्रदूषण का स्तर बताया खतरनाककोलार गेस्ट हाउस से कजलीखेड़ा के कालापानी तक पीसीबी के अधिकारियों ने 10 व 11 जनवरी 2024 को इसका निरीक्षण किया। जिसमें पाया कि गेंहूखेड़ा से कालापानी तक आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जबकि डीमार्ट से सर्वधर्म व चूनाभट्टी से कोलार गेस्ट हाउस तक करीब सात किलोमीटर का निर्माण अधूरा है। इसी क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। हालांकि पीडब्ल्यूडी का तर्क है कि सुबह और शाम दो बार सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लेकिन एनजीटी ने कहा है कि पानी का छिड़काव इतनी मात्रा में होना चाहिए कि धूल सूखने न पाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

The Chief Minister said that the government is committed to helping the poor and the deprived. भोपाल। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के करीब सवा महीने बाद डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बने समत्व भवन में गरीबाें और वंचिताें की सहायता के मुद्दे पर पहली बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार की ओर से लागू जनकल्याण और विकास कार्यों का हर जरूरतमंद व्यक्ति लाभ लें। गरीबों और वंचितों को सहायता व सम्बल दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बड़वानी जिले के सेंधवा और सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के हितग्राहियों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के जीवन में प्रगति और उन्नति लाने के लिए इन्हें सभी जरूरी सहायता और सहयोग दिलाने की बात कही है। महिलाओं को सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस यात्रा के दौरान जीवन ज्योति कैम्प के तहत एक लाख 37 हजार लोग, हेल्थ कैम्प के अंतर्गत 27 लाख 68 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। 2 लाख 37 हजार व्यक्तियों का सुरक्षा बीमा कराया गया है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान अब तक 41 लाख 35 हजार 788 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। 19 हजार 500 ग्राम पंचायतों में हुआ शिविरों का आयोजन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश में अब तक 19 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन हुआ है। इस यात्रा में एक करोड़ 69 लाख 22 हजार से अधिक लोग शामिल हुए हैं। एक करोड़ 24 लाख 23 हजार से अधिक लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यात्रा के तहत 6 लाख 99 हजार 672 लोगों को आयुष्मान योजना तथा एक लाख 81 हजार 762 लोगों को उज्जवला योजना का लाभ दिलाया गया है। इसीप्रकार किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के अतहत प्रत्येक किसान को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से हर साल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजनाओं के लाभ से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा के भालेराव तथा राहुल वाडिले से आत्मीय चर्चा की। भालेराव की चाय की दुकान है, जो उन्होंने मुद्रा लोन से मिली राशि से आरंभ की है। राहुल वाडिले ने बताया कि वे मोबाइल रिपेयरिंग करते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड सहित उज्जवला योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का भी लाभ मिला है। राहुल ने बताया कि सरकार की योजनाओं से ही पक्के मकान में रहना, घरेलू गैस से खाना बनाना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से परिजनों का प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगरौली की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के रामसूरत साकेत, श्रीमती अनीता सिंह तथा गंगाराम वैश्य ने योजनाओं के लाभ से स्वयं और परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को आगे चलकर इनका लाभ लेने के लिए बधाई दी। साथ ही अपील की कि 22 जनवरी को रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्साह और उमंग के साथ वर्चुअली सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की शुभकामनाएं भी दीं।

भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर खाली, सुबह से शाम तक कुर्सी के हवाले जिम्मेदारी

Help counter empty at Bhopal station, responsibility handed over to chair from morning till evening भोपाल। उत्तर भारत सहित देश के अलग अलग राज्यो में इन दिनो कोहरा जम कर पड़ रहा है जिसके कारण ट्रेनो की रफ्तार में ब्रेक सा लग गया है और भोपाल पहुचने वाली कई ट्रेने एक से 20 घंटे की देरी से आ रही है । यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल रेल मंडल ने भोपाल स्टेशन पर एक सहायता केंद्र बनाया था जिसमें कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के बारे में यात्रियों को जानकारी देनी थी लेकिन आलम यह है कि जिम्मेवारो द्वारा सुबह भोपाल स्टेशन पर हेल्प कांउटर के पास एक खाली कुर्सी रख दी जाती है और उस कुर्सी के हवाले ही यात्रियों को जानकारी देने का जिम्मा होता है। यात्री निराश होकर लौटते है हेल्प काउंटरकोहरे के कारण जिन यात्रियों की ट्रेन लेट होती है वह अक्सर जानकारी लेने के लिए हेल्प काउंटर पर जाते है। लेकिन कई घंटो के इंतजार के बाद भी वहां कोई नहीं आता । और बिना जानकारी के ही वापस लौटना पड़ता है।139 और इंटरनेट के भरोसे यात्रीहेल्प काउंटर से जानकारी न मिलने के बाद जिन यात्रियों के पास एन्ड्रायड मोबाइल होते है वह इंटरनेट पर जानकारी लेते है वहीं रेलवे के इंक्वारी डायल139 पर भी जानकारी मिल जाती है। भोपाल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के यात्रियों को जानकारी देने के लिए भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर चल रहा है हो सकता है है कर्मचारी किसी काम से इधर उधर चला गया है। मैं एक बार इसे देखवा लेता हूं। और रेलवे यात्रियों को पूरी सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है।

शहीद के परिजन को डेढ़ साल बाद भी नहीं मिली नौकरी, दिग्विजय ने सीएम को याद दिलाई शिवराज की घोषणा

Martyr’s family did not get job even after one and a half years, Digvijay reminded CM of Shivraj’s announcement भोपाल। पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा क्रमांक सी 1697 दिनांक 18.09.2022 का अवलोकन करने को कहा है। दरअसल, मण्डला जिले के चरगांव निवासी बीएसएफ जवान गिरजेश कुमार त्रिपुरा में सेवा देते हुए शहीद हो गए थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ने गिरजेश के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा देने की घोषणा की थी। दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा कि गिरिजेश कुमार की पत्नी राधा उद्दे ने बताया कि डेढ़ वर्ष बाद भी उनके परिवार के किसी भी सदस्य को शासकीय सेवा में नहीं लिया गया है। दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र को शासकीय सेवा में लिए जाने का निवेदन किया है। शहीद के परिवार को सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह खेदजनक है। दिग्विजय सिंह ने पूर्व सीएम की घोषणा पर अमल कर शहीद गिरिजेश कुमार उद्दे के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में लिए जाने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान करने की मांग की है।

बागी और भितरघाती के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन

Congress action against rebels and traitors भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 79 बागियों और भितरघातियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। वहीं 150 से ज्यादा नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप हैं। अब लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी में दागियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू किया गया है। खास बात है कि कांग्रेस को दागियों के चयन में 45 दिन लग गए। क्योंकि कुछ बड़े नेताओं के खास भी हैं। यह सवाल कांग्रेस की समीक्षा और लोकसभा चुनाव समिति की बैठकों में प्रत्याशियों ने भी उठाया था। विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार पार्टी लीडर्स के सामने भितरघात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पार्टी कार्यकतार्ओं के खिलाफ मिली शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव बागी होकर लड़ने वाले और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वाले 79 लोगों को कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है। अनुशासन समिति ने आधिकारिक तौर पर उनके निष्कासन का फैसला लिया है। इसके साथ ही डेढ़ सौ अन्य कार्यकतार्ओं, पदाधिकारी और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश भर से 250 कार्यकतार्ओं के खिलाफ शिकायतें पहुंची हैं। इनमें कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ बागी हुए नेताओं के समर्थन में काम करने, दूसरे दलों के प्रत्याशियों का सपोर्ट करने जैसी शिकायतें पहुंची हैं। दूसरे दलों से शामिल हुए कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा– खास बात है कि कांग्रेस ने अभी सिर्फउन कार्यकर्ताओं को बाहर किया है। जो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। समिति ने सबसे पहले उन सभी के खिलाफ एक्शन लिया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अभी अधिकांश नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आगामी 10 दिनों के बाद फिर से बैठक होगी। इसमें जवाब के आधार निष्कासित करने की कार्रवाई होगी।

अस्पतालों, शिक्षा संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा डॉग फ्री जोन

Hospitals, educational institutions, bus stands, railway stations will be made dog free zones. भोपाल। रेबीज मुक्त शहर कार्यक्रम के संबंध में नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में सिटी टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन शुक्रवार को आईएसबीटी सभागार में किया गया। इसमें राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत साल 2030 तक डॉग मीडियेटेड राष्ट्रीय कार्य योजना के लक्ष्य की प्राप्ति पर चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं पर एंटी रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता, कुत्तों के टीकाकरण, विभागों के समन्वित सहयोग, रिपोर्टिंग पर चर्चा की गई। बैठक में पालतू जानवरों के पंजीयन, टीकाकरण एवं नसबंदी किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन को डॉग फ्री जोन बनने पर सहमति दी गई है। पशुओं से सीधे संपर्क में आने वाले नगर निगम कर्मियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। नगर निगम के कचरा वाहनों से जिंगल के माध्यम से जागरूकता संदेश दिए जायेंगे। रेबीज से होने वाली समस्या के निवारण के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस संबंध में आयुक्त नगर निगम की अध्यक्षता में सिटी टास्क फोर्स का गठन किया गया है। सिटी टास्क फोर्स में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर आयुक्त नगर निगम स्वास्थ्य, निदेशक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, अधिष्ठाता गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मुख्य वन संरक्षक, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, अध्यक्ष नर्सिंग होम एसोसिएशन को शामिल किया गया है। एक साल में 18 हजार प्रकरण सामने आएभोपाल में साल 2023 में कुत्तों के काटने के लगभग 18 हजार प्रकरण सामने आए हैं । दिसंबर एवं जनवरी माह में कुत्तों के काटने के प्रकरण ज्यादा रहते हैं। बैठक में रेबीज नियंत्रण के लिए आवारा कुत्तों एवं पालतू कुत्तों का टीकाकरण किए जाने एवं रेबीज केसेस की रिपोर्टिंग के संबंध में चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दी जानकारीमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। जानवर के काटने या खरोंचने के बाद सही समय पर टीके न लगवाना घातक होता है। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के 2030 तक रेबीज उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी गई। इस एडवाइजरी में बच्चों को आवारा कुत्तों से दूरी रखने, कुत्तों से छेड़छाड़ ना करने, तेज़ आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल न करने, जानवरों को परेशान न करने, पालतू कुत्तों के टीकाकरण एवं नसबंदी करवाने के संबंध में जानकारी दी गई है। डॉग बाइट की सूचना नगर निगम के कॉल सेंटर 155304 पर दी जा सकती है।

वाहन चालकों की जेब पर भारी पड़ेगी पार्किंग, डेढ़ वर्ष बाद फिर निगम वसूलेगा शुल्क

Parking will be heavy on the pockets of drivers, after one and a half years the corporation will again charge the fee. भोपाल ! 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। राजधानी में एक बार फिर वाहन चालकों की जेब पर पार्किंग शुल्क भारी पड़ने वाला है। इसके लिए नगर निगम जल्द ही टेंडर जारी करने जा रहा है। नए नियमों के तहत जहां प्रीमियम पार्किंग की संख्या बढ़ाने पर जोर होगा, वहीं शुल्क में भी 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ाेत्तरी होगी। बता दें कि बीते 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। इसके बदले नए वाहनों से एकमुश्त शुल्क की वसूली की जा रही थी। लेकिन आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के द्वारा याचिका लगाने के बाद कोर्ट ने एक मुश्त वसूली पर रोक लगा दी थी। तब न तो नगर निगम पार्किंग की वसूली कर पा रहा था और न ही आरटीओ द्वारा एक मुश्त शुल्क की वसूली हो रही थी। ऐसे में नगर निगम को हर वर्ष करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा था। अब शहर के सभी पार्किंग स्थलों पर शुल्क की वसूली का प्रस्ताव महापौर परिषद में पारित हो गया है। जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे। न्यूमार्केट के बाद अन्य स्थानों पर भी बनेगी प्रीमियम पार्किंग निगम अलग-अलग पैकेज में पेड पार्किंग टेंडर जारी करेगा। 35 से अधिक आन और आफ स्ट्रीट पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर शुल्क देना पड़ेगा। नए पार्किंग टेंडर्स में शहर में प्रीमियम पार्किंग की संख्या में छह से सात गुना इजाफा भी किया गया है। यानी न्यू मार्केट के बाद अब प्रीमियम पार्किंग दस नंबर, एमपी नगर सहित अन्य कई क्षेत्रों में भी नजर आएंगी। जहां सामान्य पार्किंग के मुकाबले तीन गुना ज्यादा पार्किंग शुल्क चुकाना होगा। 13 पैकेज में 35 पार्किंग स्थलों का होगा ठेका निगम ने नए सिरे से पार्किंग ठेके देने की कवायद शुरू की है। इसके तहत 13 पैकेज बनाकर 35 स्थानों पर पेड पार्किंग शुरू की जाएंगी। एक पैकेज में एक से छह पार्किंग शामिल की गई हैं। साथ ही पैकेज में एक ही जगह को प्रीमियम और सामान्य पेड पार्किंग में बांटा गया है। न्यू मार्केट प्रीमियम पार्किंग को आधार बना शहर में शुरू की जाने वाली अन्य प्रीमियम पार्किंग की फीस तय की गई है। वर्तमान में प्रीमियम पार्किंग में 30 रुपए घंटा पार्किंग शुल्क होता है, जो एक घंटा से ज्यादा होने पर 50 रुपए हो जाता है। पार्किंग स्थलों पर बढ़ गई चोरी और अव्यवस्था नगर निगम द्वारा आफ स्ट्रीट और आन स्ट्रीट पार्किंग मुफ्त करने के बाद से पार्किंग स्थल अव्यवस्था के शिकार होते जा रहे हैं। अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से यहां वाहन पार्क करने के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही है। आइएसबीटी, एमपी नगर, न्यू मार्केट समेत एक दर्जन पार्किंग स्थलों से 100 से ज्यादा दो पहिया वाहनों के चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन अब तक नगर निगम न तो यहां सीसीटीवी लगा पाया और न ही यहां वाहनों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की गई। “ इनका कहना है नगर निगम जल्द ही पेड पार्किंग टेंडर जारी करने जा रहा है। जिससे पार्किंग स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जा सके और वाहनों की सुरक्षा भी हो। – मालती राय, महापौर

सबसे सीनियर आईएएस की वल्लभ भवन से बाहर पोस्टिंग: केंद्र से रिलीव हुए संजय बंदोपाध्याय बने अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल

Most senior IAS posted outside Vallabh Bhawan भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी संजय बंदोपाध्याय को मंत्रालय से बाहर पोस्टिंग दी गई है। हाल ही में संजय बंदोपाध्याय केंद्रीय प्रति नियुक्ति से वापस मध्य प्रदेश कैडर लौटे हैं। उन्हें अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत और ग्रामीण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव के पास फिलहाल इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार था। उन्हें मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष के पद से रिलीव कर दिया गया है। मुख्य सचिव वीरा राणा के पास अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। जानकारों का कहना है कि कैडर के मुताबिक संजय बंदोपाध्याय और वीर राणा दोनों ही 1988 बैच के अधिकारी हैं लेकिन सीनियरिटी और डीओपीटी के नियम के मुताबिक उन्हें मंत्रालय के बाहर पोस्टिंग दी गई है। मुख्य सचिव के फैसले के समय संजय बंदोपाध्याय केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर थे। इसलिए उन्हें मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव के पद से दूर रहना पड़ा था। हाल ही में केंद्र सरकार ने संजय बंदोपाध्याय को मध्य प्रदेश कैडर में वापस भेज दिया है। इसलिए मुख्य सचिव वीरा राणा के रहते संजय बंधोपाध्याय की पदस्थापना मंत्रालय में नहीं हो सकती है।

पत्नी की पिटाई और सरकार के खिलाफ कोर्ट बाजी से 20 महीने से भुगत रहे स्पेशल डीजी सजा

Special DG is facing punishment for 20 months due to beating of wife and court case against the government भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे सीनियर आईपीएस अफसर की पुलिस मुख्यालय में दुर्गति हो रही है। करीब 20 महीने से अधिक का समय हो बीत चुका है। स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम को बिना काम के ही पुलिस मुख्यालय में बैठाया गया है। इस बात से खफा होकर आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा सरकार से वीआरएसमांग चुके हैं लेकिन शर्मा की इस मांग को सरकार खारिज कर चुकी है। पत्नी की पिटाई करने के वीडियो वायरल होने की सजा शर्मा रिटायरमेंट से पहले भुगत रहे हैं। खास बात है कि मध्य प्रदेश के डीजीपी सुधीर सक्सेना से कैडर के मुताबिक शर्मा सीनियर है। मध्य प्रदेश कैडर की 1986 बैच की अधिकांश अफसर रिटायर हो चुके हैं। शर्मा इकलौते हैं जो इस बैच में सीनियर मोस्ट है। जबकि सुधीर सक्सेना मध्य प्रदेश के डीजीपी साल 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। साल 2020 में शर्मा की पत्नी ने मारपीट की शिकायत की थी। पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि आखिर यह वीडियो कब का है लेकिन सरकार ने इस वीडियो के सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया था। सरकार के एक्शन पर शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कैट में आवेदन दिया था। कैट ने भी शर्मा के आवेदन को सही माना और सरकार को निर्देश दिए कि निलंबन को बहाल किया जाए। सरकार ने कैट के आदेश को भी अनसुना कर दिया। जिसके बाद शर्मा ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें साल 2022 में पुलिस मुख्यालय में स्पेशल डीजी की कुर्सी मिल गई लेकिन इसके बाद भी सरकार ने शर्मा को कोई काम नहीं दिया। गृह विभाग का तर्क: कई मामलों की चल रही जांचस्पेशल डीजी शर्मा को पीएचक्यू में काम नहीं दिए जाने पर गृह विभाग का अलग तर्क है। अधिकारी ने बताया कि शर्मा के खिलाफ दो जांच चल रही है। अभियोजन में रहते हुए नियमों को अनदेखा करते हुए अटैचमेंट किए थे। जबकि सरकार से उन्हें अनुमति लेनी चाहिए थी। वहीं सरकारी पद पर रखते हुए निजी कार्यों के लिए दिल्ली के आफिस का इस्तेमाल किया था। इसलिए उन्हें पत्नी की पिटाई के मामले से पहले ही तत्कालीन डीजीपी वीके सिंह ने काम छीन लिया था। अप्रैल में होंगे रिटायर सक्सेना नवंबर में रिलीवसाल 1986 बैच के स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा अप्रैल में रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद 1987 बैच की सुधीर कुमार सक्सेना मध्य प्रदेश के डीजीपी रिटायर होंगे। यह माना जा रहा है कि उन्हें एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। हालांकि लोकसभा का चुनाव सक्सेना के रहते ही होगा। चुनाव के परिणाम के बाद भी सक्सेना मध्य प्रदेश में डीजेपी का पद रहेगा। उनका रिटायरमेंट नवंबर में होगा। 2025 में चार स्पेशल डीजी होंगे रिटायर, डीजीपी की रेस से रहेंगे बाहर1 साल बाद 2025 में स्पेशल डीजी रैंक के चार अधिकारी रिटायर होंगे। खास बात है कि चारों आईपीएस के पास 2 साल का समय नहीं है 1987 बैच के सीनियर आईपीएस शैलेश सिंह 2025 फरवरी में रिटायर हो जाएंगे। होमगार्ड में पदस्थ डीजी अरविंद कुमार में रिटायर होंगे। हालांकि अरविंद कुमार सेंट्रल में डीजी के पद के लिए इंपैनेल्ड हो चुके हैं। सेंट्रल एजेंसी में उन्हे डीजी का पद मिल सकता है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया है। इसके बाद सुधीर कुमार शाही भी जनवरी महीने में ही रिटायर हो जाएंगे। 1988 बैच के कैलाश मकवाना अभी मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में पदस्थ है। 2025 में दिसंबर में रिटायर होंगे। चारों अफसर के पास 2 साल का समय नहीं है। जिसके कारण डीओपीटी के नियम के कारण उनका डीजीपी बनना मुश्किल है।

मोहन सरकार के मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए

13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए भोपाल। राज्य सरकार ने गुरूवार को 13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट कर दिए। उन्हें हालांकि यह बंगले खाली होने की प्रत्याशा में अलाट किया गया है। मंत्रियों को बंगले आवंटित करने का यह पहला आदेश है। बाकी मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को जिनके पास बंगले आवंटित नहीं हैं, उनके लिए भी जल्दी ही आदेश जारी किया जाएगा।सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी से जारी आदेश के अनुसार मंत्री प्रह्लाद पटेल को बी-7 सिविल लाइन में बंगला अलाट किया गया है। यह बंगला अभी ओमप्रकाश सखलेचा के पास था। इसीतरह मंत्री सम्पतिया उईके को बी-17 ए पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के पास था। इसी तरह बी-2 काशियाना बंगला चैतन्य काश्यप को अलाट किया गया है। यह बंगला पहले राजवर्धन सिंह दत्तीगांव काे अलाट किया गया है। अन्य मंत्रियों को भी बंगला अलाट किया गया है। बताते हैं कि ज्यादातर बंगले चुनाव हार चुके मंत्रियों के हैं। मंत्रियों को नए आवास आवंटितप्रहलाद सिंह पटेल बी-7 सिविल लाइन, करण सिंह वर्मा बी-22 चार इमली, उदय प्रताप सिंह बी-17, 74 बंगला, सम्पतिया उइके बी-12ए 74 बंगला, निर्मला भूरिया बी-10, 74 बंगला, नारायण सिंह कुशवाह बी-11 चार इमली, नागर सिंह चौहान बी-12बी 74 बंगला, राकेश शुक्ला बी-19 74 बंगला, चैतन्य कश्यप बी-2 काशियाना बंगला, धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी बी-11, 74 बंगला, दिलीप जायसवाल बी-2 चार इमली, गौतम टेटवाल सी-1, 74 बंगला और लखन पटेल सी-14 शिवाजी नगर।

कड़ाके की सर्दी के लिए हो जाएं तैयार: दो दिन बाद महसूस होगा कश्मीर की बर्फबारी का असर

Get ready for harsh winter: Effect of snowfall in Kashmir will be felt after two days भोपाल। राजधानी में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन रात के तापमान में गिरावट रही। इससे बुधवार-गुरुवार की रात जनवरी की सबसे सर्द रात दर्ज हुई। रात का पारा 10.6 डिग्री रहा, जो इस साल जनवरी में सबसे कम न्यूनतम पारा है। शहर में तीन दिन से न्यूनतम पारे में लगातार गिरावट हो रही है। अब भोपाल सहित पूरे प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का असर बढ़ेगा। कश्मीर में हो रही बर्फवारी का असर दो से तीन दिन में मप्र के ज्यादातर हिस्सों में महसूस किया जाएगा। मंगलवार को पारा 11.4 डिग्री था, जो बुधवार को 11 और गुरुवार को 10.6 डिग्री रहा। साथ ही पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में तेजी से गिरावट रही। भोपाल में दिन का पारा 1.6 डिग्री गिरकर 24.3 डिग्री रहा। प्रदेश के उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा, खजुराहो में 4 डिग्री तक अधिकतम तापमान में गिरावट रही। खजुराहो, नौगांव, ग्वालियर और टीकमगढ़ में सीवियर कोल्ड डे रहा, जबकि सीधी और सतना में कोल्ड डे रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार अगले एक दो दिन में रात के तापमान में दो डिग्री तक और गिरावट होगी। प्रदेश में सबसे सर्द दिन खजुराहो में पारा 13.5 डिग्री और रात का दतिया तथा नौगांव में 5.6 डिग्री पर रहा है।कश्मीर में बर्फवारी का होगा असर:मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के अनुसार अब कश्मीर में बर्फवारी शुरू हो रही है। उत्तरी हवाओं के साथ इसका असर मप्र तक महसूस होगा। इसके लिए अभी कुछ समय लगेगा। उम्मीद है कि दो से तीन में प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कड़ाके की सर्दी पड़ेगी। दो दिन में भोपाल सहित कई जिलों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट होगी। भोपाल में रात का पारा 7 से 8 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट के कारण कड़ाके की सर्दी शुरू होगी।दिन के पारे में कहां कितनी गिरावट:श्री शुक्ला के अनुसार गुरुवार को हवाएं कुछ हिस्से में उत्तरी और उत्तर पूर्वी रहीं हैं। इससे दिन के तापमान में गिरावट रही है। विशेषकर पूर्वी मप्र के छिंदवाड़ा, उमरिया, सिवनी, खजुराहो, नौगांव, ससतना, सागर, टीकमगढ़, रीवा, जबलपुर, सतना, मंडला, मलाजखंड आदि जिलों में दिन का पारा 2 से 4 डिग्री तक गिरा है। इन जिलों में अभी और गिरावट होगी। भोपाल में भी सर्द हवाओं का असर बढऩे से दिन और रात के तापमान में दो से 3 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। इससे शहर में तेज सर्दी की उम्मीद है।

20 जनवरी से हटेगा भोपाल का BRTS कॉरिडोर, सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश

Bhopal’s BRTS corridor will be removed from January 20, CM Mohan Yadav gave instructions सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश भोपाल ! सीएम यादव ने कहा कि यातायात में सुगमता और जन सुविधा के लिए इसे हटाने का निर्णय लिया गया है. जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो, वहीं से कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाएगा. राजधानी भोपाल की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए नासूर बन चुके बीआरटीएस (BRTS) को हटाने का काम 20 जनवरी से शुरू हो जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज बुधवार को भोपाल को बीआरटीएस से मुक्त करने के फाइनल प्लान पर चर्चा की.उन्होंने कहा कि जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो, वहीं से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाए. यहां बताते चलें कि भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से कर रहे थे. नई सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का आदेश दे दिया था. आज बुधवार (17 जनवरी) को भोपाल में मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजधानी के बीआरटीएस कॉरिडोर (BRTS) को हटाने के संबंध में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में तय किया गया कि भोपाल के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का कार्य बैरागढ़ से आरंभ किया जाएगा. तय समय सीमा में होना चाहिए हटाने का काम’सीएम यादव ने कहा कि यातायात में सुगमता और जन सुविधा के लिए इसे हटाने का निर्णय लिया गया है. जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो, वहीं से कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाएगा. जन सुविधा को देखते हुए कॉरिडोर हटाने का कार्य रात में हो. पुलिस से समन्वय करते हुए इस संपूर्ण अवधि में शहर में सुगम तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बीआरटीएस हटाने का काम तय समय सीमा में होना चाहिए. 15 साल पहले 360 करोड़ रुपए किए थेयहां बताते चले कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तब के सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने साल 2009 में बीआरटीएस (Bus Rapid Transit System) कॉरिडोर के लिए निविदाएं जारी की थीं. साल 2011 में एक संशोधित डीपीआर (DPR) के बाद इसे मंजूरी दे दी गई. इसके बाद 27 सितंबर 2013 को बीआरटीएस का काम पूरा हुआ. इसमें मिसरोद से लेकर संत हिरदाराम नगर (पूर्व में बैरागढ़) तक 24 किलोमीटर के कॉरिडोर का निर्माण पूरा किया गया. शिवराज सरकार ने इस प्रोजेक्ट में करीब 15 साल पहले 360 करोड़ रुपए खर्च किए थे.

मोहन कैबिनेट बैठक सम्पन्न, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

Mohan Cabinet meeting concluded, these proposals approved भोपाल ! सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रीराम वन पथ गमन के विकास की कार्य योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्रथम चरण में पथ के अयोध्या से चित्रकूट तक के विकास के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में गतिविधियां संचालित की जायेंगी।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई , बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। बैठक में आज इसमें पीएम जनमन योजना को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। वही तय किया गया कि सभी मंत्री अपने गृह जिले में 26 जनवरी को झंडा वंदन करेंगे। कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

निर्माण कार्य शुरू कर अधूरी छोड़ी सड़क एवं पुल , छात्र/छात्रा परेशान

Road and bridge left incomplete after construction work started, students upset उमरिया । मझगवा मोड़ से ग्राम ददरौड़ी गांव तक जाने वाली सड़क तथा पुल का अधूरा कार्य छात्राओं एवं आम जन की समस्या बढ़ा रहा है। यह सड़क ग्राम ददरौडी की है। जिस पर निर्माण कार्य करीब  1 वर्ष पहले शुरू करवा दिया गया था, लेकिन अब तब इसे पूरा नहीं करवाया गया है। जिसको लेकर ग्रामीणों एवं छात्राओं में रोष है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए। स्कूली छात्राओं का कहना है कि मझगवा मोड़ से ग्राम ददरौड़ी जाने वाली सड़क खस्ताहाल थी। जिससे हमें स्कूल जाने मे इस रोड से गुजरने में परेशानी हो रही है। करीब 1 वर्ष पूर्व पुल एवं सडक का निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाना था निर्माण कार्य शुरू किया गया था। अब यह निर्माण कार्य भी तब से अधूरा पड़ा है। ठेकेदार यहां रोड मे मिट्टी डाल कर आगे का कार्य करना ही भूल गया। जिससे अब सड़क से गुजरना और अधिक मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं उडऩे वाली धूल मिट्टी से न केवल राहगीर परेशान है बल्कि छात्र छात्राओं का आना जाना रोज का बना रहता है जिससे परेशानी बढ़ती ही जा रही है। ददरौडी से उमरिया जाने के लिए लोग अक्सर इस सीधे मार्ग का प्रयोग करते हैं। अधिकारियों की अनदेखी व सुस्त रवैये से यह सड़क भी लोगों के प्रयोग लायक नहीं है। वहीं मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा होने से लोगों में रोष भी है। वही पर छात्राओं का कहना है की जल्द से जल्द रोड निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाया जाये ताकि हम सुगमता के साथ स्कूल पहुंच सके!

बांधवगढ़ में लगातार बाघों की मौत फिर भी सरकार मौन क्यों?

Continuous death of tigers in Bandhavgarh, yet why is the government silent? उमरिया । विश्व प्रसिद्ध और बाघ दर्शन के लिए मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर वन्य प्राणी प्रेमियों के लिए बुरी खबर सामने आई है। जिसमें एक नर बाघ शावक की मौत हो जाने की जानकारी मिली है। प्रबंधन के द्वारा मृत बाघ शावक का पीएम आदि कराकर टाइगर रिजर्व की वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों की मौजूदगी में एनटीसीए की गाइडलाइन के तहत उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। दरअसल बांधवगढ़ में लगातार बाघों की मौत से जहां प्रबंधन कटघरे में है।वहीं बीते दिसंबर माह में दर्जन भर बाघों की असमय मौत हो जाना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। इस बार भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र अंतर्गत बरबसपुर बीट के कक्ष क्रमांक 125 में एक नर बाघ शावक मृत अवस्था में गश्ती दल को मिला है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई है कि अमृत न भाग सावन के आसपास एक दूसरे बैग की पगमार्क मिले हैं इसके अलावा मृत शावक को घसीटने के भी निशान दिखाई दे रहे हैं। मृत शावक के शरीर के सभी अंग मौजूद हैं। इसके बाद मृत शावक का डॉक्टर नितिन गुप्ता और बी बी एस मार्को के द्वारा पोस्टमार्टम कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजने सैंपल एकत्रित किए गए हैं। मृत शावक का पीएम उपरांत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की वरिष्ठ अधिकारियों एनटीसीए के मेम्बर की मौजूदगी और एनटीसीए गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया है। बताया गया कि नर बाघ शावक की मौत प्रथम दृष्ट्या किसी दूसरे बाघ से आपसी संघर्ष के कारण होना प्रतीत होता है।

कूनो में चीते की मौत नामीबिया से लाए एक और चीते ने तोड़ा दम

भोपाल। मॉनीटरिंग टीम को चीता शौर्य अचेत अवस्था में मिला था। कूनो में अब तक दस चीतों की मौत हो चुकी है, इनमें सात चीते और तीन शावक शामिल हैं। लॉयन प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने बताया कि आज करीब सवा तीन बजे चीता शौर्य की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का खुलासा होगा। अब तक 7 चीते और 3 शावक की मौत कूनो में अब तक चीते और शावक को मिलाकर यह 10वीं मौत है। इनमें 7 चीते और 3 शावक हैं। प्रोजेक्ट चीता में सितंबर 2022 में आठ चीतों को नामीबिया से लाया गया था। इसके बाद फरवरी 2023 में 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। नामीबिया से लाया गया चीता शौर्य अपने सगे भाई गौरव के साथ आया था। दोनों हमेशा एकसाथ रहते थे, साथ शिकार करते थे। कुछ समय पहने दोनों की अग्नि और वायु चीते से भिड़ंत हुई थी। वे दोनों भी सगे भाई थे। इसमें अग्नि चीता गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बार चीतों को बाड़े में बंद कर दिया था। + कब-कैसे हुई चीतों की मौत… 26 मार्च 2023: साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत  नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत हो गई। वन विभाग ने बताया कि 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में साशा का ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें क्रियेटिनिन का स्तर 400 से ज्यादा था। इससे ये पुष्टि होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत में लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई। 27 मार्च : ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया साशा की मौत के अगले ही दिन मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया। ज्वाला को नामीबिया से यहां लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में इन शावकों को मिलाकर चीतों की कुल संख्या 23 हो  गई। 23 अप्रैल : उदय की दिल के दौरे से मौत साउथ अफ्रीका से लाए गए चीते उदय की मौत हो गई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि उदय की मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने से हुई। मध्यप्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि हृदय धमनी में रक्त संचार रुकने के कारण चीते क्की मौत हुई। यह भी एक प्रकार का हार्ट अटैक है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 22 रह गई।  9 मई : दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। जेएस चौहान ने बताया कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरेक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 21 रह गई। 23 मई : ज्वाला के एक शावक की मौत मादा चीते ज्वाला के एक शावक की मौत हो गई। जिएस चौहान ने बताया कि ये शावक जंगली 31 परिस्थितियों में रह रहे थे। 23 मई को श्योपुर में भीषण गर्मी थी। तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर गर्म हवा और लू चलती रही। ऐसे में ज्यादा गर्मी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी इनकी मौत की वजह हो सकती है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 20 रह गई। 25 मई : ज्वाला के दो और शावकों की मौत पहले शावक की मौत के बाद तीन अन्य को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया था। इनमें से दो और शावकों की मौत हो गई। अधिक तापमान होने और लू के चलते इनकी तबीयत खराब होने की बात आमने सामने आई थी। इसके बाद कूनो में एक शावक सहित 18 चीते बचे। 11 : मेल चीता तेजस की मौत चीते तेजस की गर्दन पर घाव था, जिसे देखकर अनुमान लगाया गया कि चीतों के आपसी संघर्ष में उसकी जान गई है। इस मौत के बाद कूनो में 17 चीते बचे थे। 14 जुलाई : मेल चीता सूरज की मौत चीते सूरज की गर्दन पर भी घाव मिला। कूनो प्रबंधन का अनुमान है कि चीतों के आपसी संघर्ष में ही सूरज की जान गई है। इससे नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 16 रह गई थी। 2 अगस्त : मादा चीता धात्री की मौत कूनो परिसर में ही मादा चीता धात्री का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम में इंफेक्शन से मौत की वजह सामने आई थी। धात्री की मौत होने के बाद चीतों की संख्या 15 रह गई थी। 03 जनवरी : आशा ने तीन शावक जन्मे इसी साल 03 जनवरी को श्योपुर जिले के कूनो बेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी आई। मादा चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। कूनो में अब 4 शावक समेत कुल 18 चीते हो गए थे। नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता आशा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नाम दिया था।  16 जनवरी 2024: नर चीते शौर्य की मौत नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क लाए गए नर चीते शौर्य ने दम तोड़ा। अब यहां 4 शावक समेत 17 चीते बचे हैं।

मंत्री जी का सभी पटवारियों को आदेश, तय समय पर हो सभी कार्य

Revenue Minister Karan Singh Verma’s order to all Patwaris, all work should be done on time. राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि नामांतरण प्रकरणों को 30 दिवस, आविवादित बंटवारा प्रकरणों को 45 दिवस में निराकृत करना सुनिश्चित करें। लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाये। सीमांकन, नामांकन और बंटवारा आदि के प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये।पटवारी मुख्यालय पर रहें, सीमांकन, नामांतरण बंटवारा तय समय-सीमा में करें।पीएम किसान योजना में छूटे पात्र हितग्राहियों को जोड़ा जाए।आम आदमी के साथ न्यायपूर्ण और विनम्र व्यवहार किया जायें। कलेक्टर कमिश्नर अपने क्षेत्र में भ्रमण करें और राजस्व महाअभियान की मॉनीटरिंग करें।यह निर्देश मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने मंत्रालय के एनआईसी कक्ष से वर्चुअली राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। वही मैदानी अमले को राजस्व महाअभियान के सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक निर्देश दिये। समय सीमा में सीमांकन-नामांकन और बंटवारा ना करने वालों पर करें कार्रवाई पीएम किसान योजना में छूटे पात्र हितग्राहियों को जोड़ें

बाल भवन में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग 21 जनवरी को,

District level arm wrestling at Bal Bhawan on 21st January. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वधान में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप होने जा रही है, उक्त प्रतियोगिता बाल भवन सिटी सेंटर ग्वालियर में दिनांक 21 जनवरी 2024 को होगी प्रतियोगिता सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी। यह जानकारी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केशव पांडे ने एक मीटिंग में दी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एवं ग्रीनवुड स्कूल के डायरेक्टर डॉ आदित्य भदौरिया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी भार वर्ग एवं आयु वर्ग में विभाजित होकर मुकाबला करेंगे कुछ मुख्य वर्ग इस प्रकार हैं, सब जूनियर, जूनियर, सीनियर, महिला वर्ग, दिव्यांग वर्ग आदि। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी को पदक एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा और विजेता खिलाड़ियों को 28 जनवरी को भोपाल में संपन्न होने जा रही राज्य स्तरीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा। संस्था के सचिव डॉक्टर आदित्य भदौरिया ने आगे बताया कि ग्वालियर आर्म रेसलिंग का हब बन चुका है ! तथा ग्वालियर में नेशनल एवं इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। मीटिंग में वर्ल्ड चैंपियनशिप एवं ग्वालियर आर्म रेसलिंग कोच मनीष कुमार एवं भूपेंद्रकांत भी उपस्थित थे, वर्ल्ड चैंपियन मनीष कुमार जी ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रो पंजा लीग सीजन 1 के बाद पहली जिला आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का ध्यान इसी बात पर होगा कि किसी भी तरह इस प्रतियोगिता में भाग लेकर राज्य स्तरीय आर्म रैसलिंग प्रतियोगिता में भाग ले और वहां से जीत कर नेशनल प्रतियोगिता में लेंगे। भूपेंद्रकांत जी ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन 15 एवं 16 जनवरी 2024 को ग्वालियर आर्म रेसलिंग अकादमी जेसी मिल बिरला नगर में होंगे।

सिंहस्थ 2028 से पहले क्षिप्रा नदी की धारा बहे निर्मल

Before Simhastha 2028, the stream of Kshipra river should flow clean. भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के मददेनजर क्षिप्रा नदी का पानी स्वच्छ निर्मल एवं आचमन योग्य बनाने के लिये इंदौर, उज्जैन एवं देवास के संबंधित अधिकारियों को क्षिप्रा नदी को साफ रखने की कार्य योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने गंदे पानी को रोकने के लिए जगह-जगह स्टॉप डैम बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रविवार को उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य एवं क्षिप्रा शुद्धिकरण के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इंदौर एवं उज्जैन संभाग के संभागायुक्तों एवं कलेक्टर्स को कार्ययोजनाएं बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर महाकाल लोक फेस-3 के कार्यों की भी शुरूआत की जाएगी। उन्होंने क्षिप्रा के उद्गम से लेकर समाप्ति स्थल तक घाटों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की विस्तृत कार्ययोजनाएं बनाने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा कुंभ मेला सिहस्थ 12 वर्ष में एक बार उज्जैन में आयोजित होता है। जब सिंह राशि में बृहस्पति प्रवेश करते हैं। मेले में साधु, संत, महामंडलेश्वर, गणमान्य नागरिक एवं आम श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। सिंहस्थ का आयोजन न केवल उज्जैन बल्कि देश के लिए एक गौरवशाली क्षण होता है। जब श्रद्धालु आए तो मेले में गौरव का अनुभव करेंमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के अलावा सिंहस्थ मेले का इंदौर, देवास, ओंकारेश्वर दादा धुनी वाले, पशुपतिनाथ मंदिर, बगलामुखी मंदिर में भी सिंहस्थ मेले का विस्तार रहता है। सभी जगह आम जनता की सहभागिता रहती है। जब श्रद्धालु आए तो मेले में गौरव का अनुभव करें। सिहस्थ 2028 की प्लानिंग साधु संतों की सलाह पर करने और उनके परामर्श से ही कार्ययोजनाएं बनाने के निर्देश दिए। 99 करोड़ रुपए की डायवर्जन प्लानिंग पर नाराजगी व्यक्त कीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्ह नदी का गंदा पानी क्षिप्रा में रोकने के लिए बनाई गई 99 करोड़ रुपए की डायवर्जन प्लानिंग पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक बार में ही ऐसी योजना बनाएं कि क्षिप्रा का जल पीने और आचमन योग्य बन जाए। गलत प्लानिंग के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार से क्षिप्रा शुद्धिकरण के लिए आवश्यक बजट की मांग की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त करने को कहा।

यह है मॉडल अस्पताल जेपी का हाल: 59 सफाई कर्मी,

This is the condition of Model Hospital JP: 59 cleaning workers, भोपाल। राजधानी का मॉडल अस्पताल जेपी में सफाई व्यवस्था के नाम पर सरकारी रुपयों की बर्बादी हो रही है। सफाई का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया है, वह खानापूर्ति कर रही है। यही कारण है कि अस्पताल परिसर में गंदगी और गुटके के दाग देखे जा सकते है। आईपीडी वार्ड की खिड़कियों के बाहर कचरा और छिपे हुए कोनों में दवाईयों का ढेर आसानी से देखा जा सकता है। जानकारी अनुसार जेपी अस्पताल की सफाई का जिम्मा निजी कंपनी के पास है। जिसका नाम प्रथम नेशनल सिक्योरिटी सर्विसेस है। यह फर्म इंदौर की है। फर्म को जो ठेका दिया गया है, उसकी शर्तों के अनुसार 59 सफाई कमी जेपी अस्पताल में हर दिन ड्यूटी देंगे, लेकिन फर्म द्वारा सफाई सिर्फ 20 से 25 कर्मचारियों द्वारा कराई जा रही है। ताकि अधिक से अधिक पैसा बचाया जा सके। इतना ही नहीं ओपीडी के समय में सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि दोपहर में जब भीड़ कम होती है तब सफाईकर्मी एक से दो घंटे में सफाई करते हुए देखे जाते हैं। बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन नहीं जेपी अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सबसे बड़ी लापरवाही बायोमेडिकल वेस्ट मामले में हो रही है। अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली दवाईयां कचरे के ढेर में आए दिन मिलती हैं। इसके अलावा ग्लब्स, पट्टी और अन्य मेडिकल वेस्ट भी खुले परिसर में नाले के पास अक्सर देखे जाते हैं। आज तक नहीं मिला कायाकल्प अवार्ड जेपी अस्पताल में सफाई व्यवस्था लचर रहने और मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं सुस्त रहने के कारण ही आज तक संस्था को कायाकल्प अवार्ड में नंबर आने का मौका नहीं मिला है। जबकि इस अवार्ड को शुरू हुए सात साल से ज्यादा हो गए हैं। जेपी अस्पताल को अक्सर कायाकल्प अवार्ड में सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ा है। जांच कराऊंगा जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जएगी। यदि निजी फर्म द्वारा कम संख्या में सफाई कर्मियों से काम लिया जा रहा है तो मैं इस मामले की जांच कराउंगा। यदि फर्म ने कुछ गड़बड़ी की है तो कंपनी पर जुर्माना लगाकर ठेका निरस्त किया जाएगा।

21 करोड़ से जगमगाएगा कोलार, बनेगा नया डिवीज़न कार्यालय

Kolar will shine with Rs 21 crore, new division office will be built भोपाल। कोलार के वार्ड 80 से 85 तक के क्षेत्र में 21 करोड़ की लागत राशि से विद्युतीकरण कार्य किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत 33/11 केवी सब स्टेशन का निर्माण, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, पावर क्षमता वृद्धि सहित पुराने तारों एवं पोलो को बदला जाएगा। रविवार को सात करोड़ की लागत से होने वाले कार्य शुभारंभ विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले कोलार में हमने नया डिवीज़न क्षेत्र घोषित कराया। पहले इसका चांदबड डिवीज़न में था। जिसके लिए ओल्ड सिटी जाना पड़ता था। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कोलार में निर्वाद विद्युत सप्लाई के क्षेत्र में बहुत काम किया गया। पहले भी 25 करोड़ की राशि से आईपीडीएस योजना के अंतर्गत खर्च किए गए। थुआखेड़ा में अशोक सिंहल पॉवर हाउस का निर्माण कराया गया। बनेगा मिनी सचिवालयविधायक शर्मा ने कहा की एसडीएम कोलार कार्यालय परिसर में गेहूंखेड़ा में ही सभी कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। जिसे मिनी सचिवालय भी कहा जा सकता है। एक ही जगह सभी कार्यालय होने से नागरिकों को अलग अलग जगह आना-जाना न पड़े। शर्मा ने कहा कि यहां एसडीएम तहसील, नगर निगम जोन कार्यालय तो पहले से ही लग रहा है यहीं विद्युत डिवीज़न कार्यालय बनाया जाएगा साथ ही यहीं एडिशनल डीसीपी का कार्यालय भी बनाया जाएगा।

नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, महापौर व अधिकारी पहुंचे

Two plants being built in Neemuch of Municipal Corporation Bhopal will start functioning this year. भोपाल। नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, जिसकी प्रगति देखने भोपाल से नगर निगम महापौर मालती राय व विद्ययुत शाखा के अधिकारी रविवार को नीमच पहुंचे। नीमच पहुंचने के बाद महापौर ने बताया कि रास्ते में कई पवन ऊर्जा संयत्र का भी निरीक्षण कर सभी प्रकार की जानकारी लीं। जिससे यह जानकारी मिल सके कि भोपाल नगर निगम सही दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह दोनों संयत्र इस साल काम करने लगेंगेए जिससे इन परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर उपलब्ध होगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20-20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लग रहा है। नगर निगम बिजली के बढ़ते खर्च से बचने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ा रहा है। इसके लिए नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20ण्20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा संयंत्र और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लगाने जा रहा है। तीनों परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर मिलेगी। महापौर मालती राय के अनुसार प्रथम चरण में 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम शुरु हो गया है। इसमें 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 28 करोड़ रुपये नगर निगम को देना होगाए जबकि बाकी रकम ठेकेदार लगाएगा। इसके बदले निगम को ठेकेदार आगामी 25 वर्षों तक 3.14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देगा। वहीं दूसरे चरण में 15 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र प्लांट के लिए नीमच में भूमि आवंटित होने के बाद काम चालू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें 30 करोड़ रुपये नगर निगमए जबकि बची हुई राशि ठेकेदार मिलाएगा। इसमें भी निगम को 25 वर्षों तक 4.24 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। तीसरे चरण में नीमच में 20 मेगावाट का एक अन्य सोलर संयंत्र लगना शुरू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें भी निगम को केवल 28 करोड़ रुपये देने होंगे।

29 लोकसभा प्रभारी देंगे दावेदारों के नाम, गुटबाजी खत्म करने प्रभार के क्षेत्रों में करेंगे दौरे

29 Lok Sabha in-charges will give names of contenders, will tour the areas of their in-charge to end factionalism भोपाल। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रभारियों की शुक्रवार को हुई दिल्ली में बैठक के बाद अब उन्हें अगले सप्ताह से अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों में जाना होगा। यहां से दावेदारों के नामों के पैनल तैयार करना होगा। ये नाम 30-31 जनवरी तक एआईसीसी को वे देंगे। इस बैठक से यह साफ हो गया है कि अब टिकट चयन का मामला एआईसीसी ही अपने हाथ में रखेगी।इसके चलते ही उसने ही लोकसभा प्रभारियों को बनाया और सीधे ही उनकी बैठक ली। खासबात यह है कि इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं था। सभी प्रभारियों से कहा गया है कि वे 18 से 24 जनवरी के बीच अपने प्रभार के क्षेत्र में जाएं और यहां की व्यापक रूप से रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ यह भी पता करें कि बेहतर उम्मीदवार कौन-कौन हो सकते हैं। इनमें से तीन नाम छांट कर एआईसीसी को भेजने का भी कहा गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता ने बताया कि 30-31 तक लोकसभा प्रभारियों को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी नामों पर पीसीसी में ही मंथन करेगी। इस बार युवा चहेरों के साथ बुजुर्ग नेताओं को भी उतारा जा सकता है। हालांकि दर्जन से अधिक जिलों में कांग्रेस का खाता विधानसभा चुनाव में नहीं खुला है। अनुशासन कमेटी कब करेगी फैसलाकांग्रेस में होने वाली बैठकों में एक ही मुद्दा बार बार उठाया जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं ने भितरघात का आरोप कार्यकर्ताओं पर लगाया था। पार्टी ने मांग की थी कि उन्हें बाहर किया जाए। इसके लिए अनुशासन कमेटी फैसला करेगी। हालांकि अभी तक बैठक कमेटी की नहीं हुई है। इसलिए नेताओं की नाराजगी भी उजागर हो रही है। खुलकर बैठकों पर नेताओं से सांप पाले हुए हैं। ऐसे आरोप तक लगा चुके हैं।

84 इंस्पेक्टर बनेंगे डीएसपी, सीएम के निर्देश के बाद पीएचक्यू ने तैयार किया प्रस्ताव, गृह विभाग को भेजा

84 inspectors will become DSP, after instructions from CM, PHQ prepared proposal, sent it to Home Department भोपाल। प्रदेश के 84 इंस्पेक्टर जल्द ही कार्यवाहक डीएसपी बनाए जाने वाले हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव गृह विभाग को भेज भी दिया है। इसके लिए इंस्पेक्टरों की सीनियर्टी की स्क्रूटनी भी की गई है। प्रदेश में पुलिस अफसरों की पदोन्नति किए को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए थे।इस निर्देश के पालन में पिछले महीने पुलिस मुख्यालय ने करीब 13 सौ पुलिस कर्मियों और जवानों को पदोन्नति दी। अब इसमें उपनिरीक्षक से कार्यवाहक निरीक्षक और निरीक्षक से कार्यवाहक ऊरढ की पदोन्नति की जाना है। इस क्रम में डीएसपी की पदोन्नति का काम तेजी से चल रहा है। पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा के अफसर इस काम में तेजी से लगे हुए हैं। इसमें वे 250 सीनियर निरीक्षकों के रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। जिसमें इनकी डीई सहित अन्य जांचों को देखा जा रहा है। उनके रिकॉर्ड को खंगालने के बाद जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजा जाएगा। वन टर्म प्रमोशन होगा पुलिस अफसरों को वन टर्म प्रमोशन देने की प्रक्रिया पिछले कुछ सालों से चल रही है। दरअसल प्रदेश में पदोन्नति पर कोर्ट की रोक होने के चलते पुलिस अफसरों को कार्यवाहक पद देकर पदोन्नति दी जा रही है। इसी क्रम में सभी के प्रमोशन किए जा रहे हैं। जिसमें उन्हें उच्च पद का प्रभार दिया जाता है। प्रदेश में निरीक्षकों से डीएसपी बनने लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले साल भी बड़ी संख्या में निरीक्षकों को कार्यवाहक डीएसपी बनाकर उन्हें डीएसपी का प्रभार दिया था। इससे बाद भी यह पदोन्नति पाने वालों की संख्या में कमी नहीं आई। इस साल होने वाली 84 पदोन्नति के बाद प्रमोशन की स्थिति कुछ हद तक बेहतर हो सकती है।

मणिपुर पहुंचे एमपी कांग्रेस के नेता- दिग्विजय, पटवारी, उमंग ने फ्लाइट में लगाया नारा’ न्याय का हक-मिलने तक

MP Congress leaders reached Manipur – Digvijay, Patwari, Umang raised slogan in the flight ‘Till the right to justice is given’ भोपाल। मणिपुर से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस के नेता भी दिल्ली से इंफाल के लिए रवाना हुए। दिल्ली से रवाना हुई स्पेशल फ्लाइट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इंफाल पहुंचे। फ्लाइट टेक आॅफ के पहले कांग्रेस नेताओं ने न्याय का हक मिलने तक का नारा लगाया। हालांकि राहुल गांधी की इस यात्रा के शुरूआती कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ नहीं पहुंचे। मध्य प्रदेश में यात्रा सात दिनों में 698 और 9 जिलों को कवर करेगी। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के धौलपुर से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ से होते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा तक जाएगी. राहुल करीब 7 दिन तक मध्य प्रदेश में यात्रा करेंगे। इस दौरान वह 9 जिलों को कवर करेंगे। इसका समापन 20 या 21 मार्च को मुंबई में होगा।

बार-बार अलग-अलग एंटीबायोटिक दवाएं देने से मरीजों पर नहीं होता असर

Repeatedly giving different antibiotics has no effect on patients. भोपाल। लगातार उपयोग से एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो रहा है। एक मरीज को बार-बार अलग-अलग तरह की एंटीबायोटिक देने से उस पर ये दवाएं प्रभावी नहीं होती। ऐसे में विशेषज्ञ समय समय पर इन दवाओं की संवेदनशीलता को जांचने की सलाह देते हैं। एम्स भोपाल भी एंटीबायोटिक के प्रभाव को जांचने के लिए लगातार शोध हो रहे हैं। एम्स भोपाल देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो दवाओं की संवेदनशीलता की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर रहा है। गुरुवार को भी एम्स भोपाल ने 2023 की दूसरी छहमाही की एंटीबायोटिक की रिपोर्ट (एंटीबायोग्राम) जारी की। सरल शब्दों में कहें तो एम्स अपने अस्पताल में बेअसर हो चुकी एंटीबायोटिक की रिपोर्ट (एंटीबायोग्राम) जारी करता है। मालूम हो कि इस रिपोर्ट को हर छह महीने में अपडेट किया जाता है। दरअसल इस रिपोर्ट का उद्देश्य एंटीबायोटिक के धड़ल्ले से उपयोग को रोकना है। डॉक्टरों को बताएगा किस दवा का असर कमएम्स के पीआरओ केडी शुक्ला बताते हैं कि एंटीबायोग्राम वह तकनीक है जिससे एंटीबायोटिक की संवेदनशीलता की जानकारी मिलती है। लगातार उपयोग से एंटीबायोटिक का असर कम हो जाता है। हर अस्पताल या क्षेत्र में अलग अलग एंटीबायोटिक का असर अलग अलग होता है। ऐसे में एम्स अस्पताल में उपयोग हो रहे एंटीबायोटिक की जांच कर रिपोर्ट को हर छह महीने में अपडेट किया जाता है। इससे चिकित्सकों को यह पता होता है कि उन्हें किस एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करना है किसका नहीं। एंटीबायोटिक का ऐसा हो रहा यूजएनएचएम के पूर्व संचालक डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि कई चिकित्सक एक मरीज को दिन भर में पांच एंटीबायोटिक दे देते हैं। डॉक्टर अक्सर मरीजों पर एंटीबायोटिक का टेस्ट करते हैं। एक दवा काम न आए तो दूसरी और तीसरी दवाएं तक दी जाती हैं। एंटीबायोटिक के ज्यादा उपयोग से कुछ समय बाद मरीज पर इसका असर होना खत्म हो जाता है। कई एंटीबायोटिक बेअसरकरीब चार पहले एम्स भोपाल ने एंटीबायोटिक के कम हो रहे असर को लेकर शोध किया था। शोध में पता चला था कि नए एंटीबायोटिक का असर खत्म हो रहा है। शोध के अनुसार सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले एंटीबायोटिक जैसे एंपिसिलीन, एमॉक्सीसिलीन, सिफजोलिन, सिफ्रिएक्सोन आदि की प्रभाविता 50 प्रतिशत के नीचे पहुंच गई है। वहीं सालों पहले एनेक्टिव होने से क्लोरेम्फेनिकूल का उपयोग बंद कर दिया गया था, उसकी प्रभाविता 63 प्रतिशत तक पाई गई।

सागर एसपी ने 4 एएसआई सहित 9 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

Sagar SP suspended 9 policemen including 4 ASI भोपाल। सागर शहर में चोरी के मामले में तत्काल कार्रवाई करने में लापरवाही बरतने वाले 4 एएसआई समेत 9 पुलिसकर्मियों को एसपी अभिषेक तिवारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी निलंबित कर्मचारियों को रिजर्व भेज दिया है। 12-13 जनवरी की दरम्यानी रात सागर शहर की डॉ. नाचनदास वाली गली में स्थित फरियादी संतोष जैन के सूने मकान में चोरी की वारदात हुई थी। जिसमें चोर मकान से सोने-चांदी के गहने ले गए थे। इसी चोरी के घटनाक्रम की सूचना पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने पर एसपी तिवारी ने एक्शन लिया है। उन्होंने घटनाक्रम में कोतवाली थाना के चीता मोबाइल में कार्यरत कार्यवाहक प्रधान आरक्षक प्राणेश, संदीप, आरक्षक मूलचंद्र, दिनेश ठाकुर और थाना कैंट की एफआरवी में कार्यरत एएसआई रामराज सोनकर व कार्यवाहक एएसआई मो. शाहिद को अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में उक्त घटनाक्रम में तत्काल कार्रवाई नहीं करने में लापरवाही और उदासीनता बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

लापरवाह अफसर बचे उपार्जन प्रकरण में

जबलपुर । जिला उपार्जन समिति के सदस्यों का सामूहिक उत्तरदायित्व है उपार्जन। धान उपार्जन की कार्यवाही में उपायुक्त सहकारिता अखिलेश निगम का नंबर कब आएगा? इसके पहले पूर्व कलेक्टर सौरभ सुमन ने उपायुक्त सहकारिता को निलंबित करने की बात कही थी क्योंकि उपार्जन जैसा महत्वपूर्ण दायित्व छोड़कर ये भोपाल चले गए थे। गौर तलब है कि जिला स्तर के अधिकारी होने के बावजूद अखिलेश निगम एक भी बार फील्ड पर नही गए किसी सहकारी समिति का दौरा नही किया। जबकि संभागीय आयुक्त सिद्धार्थ लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे है।इसके पूर्व दिनांक दो जनवरी को आयुक्त सहकारिता की जबलपुर बैठक में भी उपस्थित नही थे। यदि समय पर उपायुक्त द्वारा केंद्र बनाए गए होते तो किसानों को धान रखने विवश न होना पड़ता। उपार्जन का सर्वाधिक विवादित विकास खंड पाटन और मझौली रहा है। हैरानी की बात यह है बीते दो माह से पाटन में उपायुक्त सहकारिता ने किसी को सहकारिता विस्तार अधिकारी का दायित्व ही नही दिया। मूल पद स्थापना भोपाल होने से जबलपुर कहकर निकल आते है। जबलपुर में भोपाल का बहाना बनाया जाता है।सवाल यह है कि किसानों के केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव उपायुक्त सहकारिता ने समय पर क्यों नही दिया? इसके पूर्व पदस्थापना जिले सिवनी में भी अखिलेश निगम उपार्जन अनियमितता के चलते केवलारी विधायक की शिकायत पर मुख्य मंत्री जी द्वारा मंच से स्थानांतरित किए गए थे ।

अवैध उत्खनन को लेकर नहीं हो रही कार्यवाही हाईवा वाहन से रेत के ओव्हर लोड परिवहन के 3 प्रकरणों में वसूला गया

No action is being taken against illegal excavation, recovery was made in 3 cases of overloaded transportation of sand by highway vehicle. कटनी । अवैध उत्खनन को लेकर जानकारी होते हुए भी कई जगह कार्यवाही नहीं की जा रही है इसी कड़ी में कलेक्टर अवि प्रसाद नें खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में गंभीरता से कार्यवाही करने के निर्देश खनिज विभाग को दे रखें है। कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश पर खनिज प्रभाग द्वारा ओव्हर लोड रेत का अवैध परिवहन के तीन मामलों पर कार्यवाही की जाकर 1 लाख 30 हजार 250 रूपये का प्रशमन शुल्क जमा कराया गया है।खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार विगत 5 जनवरी को स्लीमनाबाद मंे आकस्मिक निरीक्षण के दौरान वाहन हाईवा क्रमांक एम.पी. 20 जेड.एफ.-7138 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक अखिलेश यादव पिता श्री सुम्मत यादव निवासी टिकरिया तहसील कुंडम जिला जबलपुर 2..25 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था।इसी तरह एक अन्य प्रकरण मे हाईवा वाहन क्रमांक एम.पी. 20 जेड.एफ.-7863 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक जोतिश वासुदेव पिता भागीरथ वासुदेव निवासी कुहारी पटेरा जिला दमोह 2..00 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था।जबकि हाईवा वाहन क्रमांक एम.पी. 20 जेड.डी.-7463 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक सत्यम आदिवसी पिता मनीकलाल आदिवासी निवसी जुजावल तहसील बहोरीबंद जिला कटनी 2..00 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था। कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश पर खनिज अधिकारी द्वारा प्रकरण पर कार्यवाही की जाकर अनावेदक को सूचना पत्र जारी किया गया। जिसपर तीनों प्रकरणों में अनावेदकों द्वारा प्रशमन शुल्क 1 लाख 30 हजार 250 रूपये जमा करने के पश्चात मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 2022 के नियम 20 के अनुसार वाहन मुक्त करनें की कार्यवाही की गई।

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में जमा राशि के अंतिम भुगतान के संबंध में दिशा निर्देश जारी

Guidelines issued regarding final payment of deposits in National Pension System (NPS) भोपाल ! वित्त विभाग के जारी आदेश में 6 अगस्त 2024 के द्वारा नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त सेवा लाभ एवं मृत्यु के प्रकरणों में फण्ड मेनेजर के पास जमा राशि के अभिदाता अथवा नामांकित वैद्य उत्तराधिकारी को भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।इस आशय का आदेश वित्त विभाग ने दिनांक 11 जनवरी 2014 को जारी किया है। जारी आदेश के अनुक्रम में 1 जनवरी, 2005 अथवा उसके बाद नियुक्त कर्मियों के विभिन्न खातों से अनिवार्य सेवानिवृत्त, पदच्युत अथवा सेवा से पृथक होने की स्थिति में फण्ड मैनेजर के पास जमा राशि के अभिदाता को भुगतान के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्राधिकरण (पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण) के नियमानुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से अभिदाता की अधिवार्षिता पूर्व निकासी के मामले में यथा स्वीकार अभिदाता को संचति पेंशन कॉर्पस से एकमुश्त और वार्षिक राशि संदेय होगी। जारी निर्देश में प्राधिकरण ने अधिसूचित विनियमों के अनुसरण में अभिदाता अपने विकल्प पर एक गैर सरकारी अभिदाता के रूप में उसी स्थायी सेवानिवृत्त के साथ पेंशन प्रणाली में अभिदान करना जारी रख सकेगा। आदेश जारी दिनांक से ही प्रभावशील होगा।

बीच सत्र में अतिथि शिक्षकों को हटाने के निर्देश

Instructions to remove guest teachers mid-session भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों के विरुद्ध रखे गए अतिथि शिक्षकों को बीच सत्र में हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों ने जहां पर शिक्षकों की पदस्थापना हो गई है, वहां से अतिथि शिक्षकों को बाहर करने के निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, प्रदेश के स्कूलों में जिन विषयों पर अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे थे। उन विषयों पर नए शिक्षक नियुक्त हो गए हैं इसलिए अतिथि शिक्षकों को हटाया जा रहा है। इसके चलते अतिथि शिक्षकों के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।

अपनी जगह सॉल्वर को बिठाकर परीक्षा की थी पास, आरक्षक पर मामला दर्ज

Passed exam by using solver instead case registered against constable शिकायत की जांच के बाद विभाग द्वारा वर्ष 2021 में किया जा चुका है बर्खास्त भोपाल। मिसरोद पुलिस ने विभाग द्वारा बर्खास्त हो चुके आरक्षक पर धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम की धाराओं समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी ने वर्ष 2012 में हुई मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में अपने स्थान पर साल्वर को बिठाकर परीक्षा पास की थी। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा में वह खुद शामिल हुआ था। शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद उसका चयन हो गया। वह नौकरी कर रहा था। इसी बीच शिकायत हो गई। शिकायत की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2012 में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में गोरमी, जिला भिंड निवासी अमित सिंह शामिल हुआ था। फिजिकल और लिखित परीक्षा में पास होने के बाद सागर में उसकी नियुक्ति हो गई। करीब 9 साल नौकरी करने के बाद अमित सिंह ने अपना ट्रांसफर ग्वालियर करवा लिया। इसी बीच किसी व्यक्ति ने पुलिस मुख्यालय में उसकी शिकायत कर दी। शिकायत में बताया गया था कि अमित सिंह फिजिकल टेस्ट में स्वयं उपस्थित हुआ था, जबकि लिखित परीक्षा उसने साल्वर के माध्यम से पास की थी। शिकायत के आधार पर सागर और ग्वालियर एसपी ने जांच की तो शिकायत सही निकली। उसे वर्ष 2021 में पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने ग्वालियर के यूनिवर्सिटी थाने में अमित सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया था। परीक्षा मिसरोद के आरकेडीएफ कालेज में आयोजित हुई थी। इसलिए मिसरोद पुलिस को केस डायरी भेजी गई है।

25 निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे सरकारी कर्मचारी

Government employees will be able to get treatment in 25 private hospitals भोपाल। राज्य शासन द्वारा शासकीय कर्मचारी व उनके परिवार के आश्रित सदस्य की जांच और उपचार के लिए 21 अस्पताल को नवीन मान्यता और चार की मान्यता अवधि में वृद्धि की गई है। अब शासकीय कर्मचारी 25 निजी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। नवीन मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बॉम्बे हॉस्पिटल इंदौर, नेशनल हॉस्पिटल भोपाल, नर्मदा अपना हॉस्पिटल नर्मदापुरम, जैनमश्री हॉस्पिटल भोपाल, शैल्बी हॉस्पिटल जबलपुर, तेजनकर हेल्थकेयर उज्जैन, मार्बल सिटी हॉस्पिटल जबलपुर, नोबल हॉस्पिटल भोपाल, जिंदल हॉस्पिटल भोपाल, ग्लोबल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ग्वालियर, ज्याति हॉस्पिटल इंदौर, अपेक्स हॉस्पिटल, वी वन हॉस्पिटल इंदौर, लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल जबलपुर, रेटिना स्पेशेलिटी इंदौर, अनंत हार्ट हॉस्पिटल भोपाल, महेश्वरी हॉस्पिटल भोपाल, चित्रकूट हॉस्पिटल जबलपुर, सेंटर फॉर साइट हॉस्पिटल इंदौर और डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर इंदौर शामिल हैं। वहीं नर्मदा ट्रामा सेंटर भोपाल की अतिरिक्त मान्यता के साथ अमृता हॉस्पिटल शहडोल, आरोग्य हेल्थ केयर हॉस्पिटल छिंदवाड़ा और एमिनेंट हॉस्पिटल इंदौर की मान्यता में वृद्धि की गई है। मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल शासकीय कर्मचारियों और आश्रित परिवार सदस्यों से पंजीयन शुल्क नहीं लेंगे और चिकित्सालय में निर्धारित पैकेज दरों की रेट-लिस्ट प्रदर्शित करेंगे। निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लेने, परीक्षण संबंधी सुविधाएं मानक-स्तर की न पाए जाने और किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। चिकित्सालय में उपचार और परीक्षण करवाने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति निर्धारित दरों पर होगी। एक भी सरकारी अस्पताल नहीं है एनएबीएच सर्टिफाईफिलहाल प्रदेश का एक भी सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज एनएबीएच सर्टिफाई नहीं हैं। लेकिन भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल ने एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया हुआ है। इसके तहत एनएबीएच की टीम हॉस्पिटल का प्राइमरी इंस्पेक्शन कर चुकी है, जिसकी रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन को अब तक नहीं मिली है।

सड़कें प्रदेश के विकास का द्वार, भविष्य में विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान कर सड़क निर्माण की योजना बनाएं

Roads are the gateway to the development of the state, identify areas with potential for future development and plan road construction. कार्यनिर्माण योजना बनाते हुए स्थानीय जन-प्रतिनिधि और जनता से करे चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कें प्रदेश के विकास का द्वार है। जिन क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होता है, वहां आवासीय और औद्योगिक विकास होता है। अगले 10 वर्ष में विकास की गति को देखते हुए शहरों का चयन करें और भविष्य में विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान कर सड़क निर्माण की योजना बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्चतम गुणवत्ता का करें। समय पर कार्य पूरा हो इसका विशेष ध्यान रखें। निर्माण करने के लिए सड़कों और भवनों के मेंटेनेंस का भी ध्यान रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि क्वालिटी कार्य करने वाली अच्छी एजेंसियों को कार्य दें। क्वालिटी कंट्रोल और मॉनिटरिंग के लिए राज्यस्तरीय ऑनलाइन क्वालिटी स्टेटस डैशबोर्ड बनाए। क्वालिटी लैब विकसित करने के साथ ही थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कराएं। 50 लाख से अधिक के कार्य के लिए मानिटरिंग सेल बनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए मॉनिटरिंग सेल बनाए। इसके साथ ही दूसरे देश और राज्यों की सड़क निर्माण की बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करे और प्रेरणा ले। अधोसंरचना के क्षेत्र में कार्य करने वाली बड़ी संस्थाओं से भी चर्चा करें। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि एनएचआई जैसे निर्माण संस्थाओं से प्रेरणा लेकर रेवेन्यू जेनरेशन मॉडल पर कार्य करने की योजना बनाएं, जिससे निर्माण कार्य की लागत निकलने के साथ ही शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। इसी तरह समग्र विकास की परिकल्पना पर कार्य करते हुए सड़क निर्माण, भवन निर्माण और पुल निर्माण आदि गतिविधियों में प्राधिकरण, नगरीय निकाय, पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग आदि को योजना में शामिल करें। उनसे आवश्यक सुझाव ले और योजना बनाएं। भवन निर्माण की योजना बनाते हुए जन-प्रतिनिधि और जनता से चर्चा करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सड़क और भवन निर्माण की योजना बनाते हुए स्थानीय जन-प्रतिनिधि और जनता से चर्चा करें। साथ ही भौगोलिक जानकारी रखने वाले स्थानीय कंसल्टेंट की सेवाएं ले। ऐसे प्राप्त सुझाओं पर बने निर्माण से अधिक जन-सुविधा होगी और स्थानीय संतोष बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की बुकलेट क्वालिटी कंट्रोल मैन्युअल फॉर रोड एंड ब्रिजेस का लोकार्पण किया। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के सहयोग से प्रदेश की भौगोलिक स्थिति तथा जलवायु के अनुकूल सड़कों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए यह मैन्युअल तैयार किया गया है। सड़क और पुल के निर्माण के दौरान डिजाइन, निर्माण की कार्य विधि, निरीक्षण की प्रतिबद्धता और संधारण के विषय में विस्तृत रूप से दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कई विषयों पर दिया प्रजेंटेशनमुख्यमंत्री डॉ. यादव को विभागीय संरचना, प्रदेश में सड़कों की संख्या और स्थिति, मुख्य परियोजनाएं एवं कार्य, आगामी वर्ष में आने वाली परियोजनाएं, केंद्रीय सड़क एवं अधोसंरचना निधि, वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए लक्ष्य एवं उपलब्धियां, रेलवे ओवरब्रिज, भवन विकास निगम और सड़क विकास निगम की परियोजनाओं और एक्सप्रेस वे नेटवर्क के निर्माण सहित विभागीय योजनाओं संबंधी प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सड़क निर्माण की कार्य योजना बनाते समय शहरों की सुंदरता का रखें ध्यान एमपीआरडीसी के संचालक मंडल की बैठक हुईहरिभूमि न्यूज. भोपालमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कों के निर्माण की योजना बनाते हुए शहरों की सुंदरता का ध्यान रखें। जन आकांक्षाओं के अनुरूप और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर सड़क निर्माण की योजना बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में एमपीआरडीसी के संचालक मंडल की बैठक ले रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो स्थानों के बीच दूरी और यात्रा का समय कम हो, इन मुख्य बिन्दुओं को ध्यान में रखकर नए वैकल्पिक मार्ग की तलाश करें। मुख्यमंत्री को मप्र सड़क विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल निगम की ओर से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन दिया। संचालक मंडल के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वीकृति के साथ आवश्यक निर्देश दिए।

अपन रिजेक्टेट नहीं हैं, मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं: शिवराज सिंह चौहान

I am not a rejectee, my politics is not for any post: Shivraj Singh Chouhan पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री चौहान भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम शिवराज सिहं चौहान युवाओं में जोश भरा उन्हें राजनीति में आने का आह्वान किया, उन्होंने कहा कि लोग मुझे फॉर्मर चीफ मिनिस्टर कहते हैं लेकिन अपन रिजेक्टेड नहीं हैं, उन्होंने कहा कि अपन छोड़ के भी आए तो ऐसे आए कि हर जगह जनता का स्नेह और प्यार मिलता है। जहां जाते है वहां लोग कहते है मामा मामा मामा, जनता का स्नेह और प्यार यही अपनी असली दौलत है। शिवराज ने आगे कहा कि छोड़ दिया इसका मतलब यह नहीं है कि राजनीति नहीं करुंगा। मैं राजनीति करूंगा। मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं बड़े लक्ष्य के लिए हैं। इसीलिए आपको आह्वान करने आया हूँ । राजनीति में आने से डरो मत आगे बढ़ा।

एक सप्ताह रहेगी सर्दी से राहत, सुबह रहेगा कोहरा

There will be relief from cold for a week, there will be fog in the morning भोपाल। एक हफ्ते की कड़ाके की सर्दी के बाद शुक्रवार से दिन और रात की सर्दी में राहत मिल गई है। हालांकि दिन में ठंड का असर रहेगा। शुक्रवार सुबह राजधानी में कोहरा छाया रहा, शनिवार को भी कोहरा बना रहने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिन से पश्चिमी विक्षोव की वजह से प्रदेश में घना कोहरा छा रहा है। इस वजह से हवा का रुख बदल गया है। राजस्थान के आसपास चक्रवात सक्रिय है। इन वजहों से अगले 3 से 4 दिन तक कोहरा रहेगा। इसके बाद रात के तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है, लेकिन 16 जनवरी से एक और सिस्टम सक्रिय होने का अनुमान है। जिससे रात का तापमान स्थिर रहेगा। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। भोपाल में 6 डिग्री तापमान बढ़ गया। यहां गुरुवार को तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया।

एक अप्रैल से रजिस्ट्री में गवाहों की नहीं पड़ेगी जरूरत, आधार से नाम लेगा साफ्टवेयर

There will be no need of witnesses in the registry from April 1, software will take names from Aadhar भोपाल। लंबे समय से ट्रायल पर चल रहे संपदा टू के साफ्टवेयर को एक अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गवाहों को पंजीयन दफ्तर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके आधार से ही फोटो अपलोड हो जाएगा। इसके साथ वेब जीआइएस की मदद से मोबाइल पर ही प्रॉपर्टी की कलेक्टर गाइडलाइन में प्रॉपर्टी के रेट देखे जा सकेंगे। राजधानी सहित प्रदेश में नए वित्तिय वर्ष एक अप्रेल से इसे शुरू किया जाएगा। इसमें सर्च, ई रजिस्ट्रेशन, सर्च एंड सर्टिफाइड कॉपी भी आसान हो जाएगी। रजिस्ट्री में संपदा टू लागू होने से गवाहों की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधार से फोटो और नाम लिए जाएंगे। मोबाइल पर वेब जीआइएस की मदद से प्रॉपर्टी की गाइडलाइन देख सकेंगे। इसके साथ गूगल से ऐप डाउनलोड कर मौके पर खड़े होकर वहां की गाइडलाइन का पता कर सकेंगे। प्रॉपर्टी को बैंक में बंधक बनाने के लिए बार-बार बैंक के चक्कर काटने नहीं होंगे। इसके लिए चार विभागों के अफसरों को रजिस्ट्रार के अधिकारी दिए जा रहे हैं। इसमें हाउसिंग बोर्ड, उद्योग विभाग, मप्र स्टेट इलेक्ट्रोनिक्स डेवलपमेंट कॉपोर्रेशन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम शामिल है। एक क्लिक पर मिलेगी रजिस्ट्री का डेटा एक क्लिक पर रजिस्ट्री की जानकारी मिल जाएगी। इससे बेनामी संपत्ति पर शिकंजा कसा जा सकेगा। प्रॉपर्टी की आइडी होने से उसमें कॉर्नर का प्लॉट है, उसकी कलेक्टर गाइडलाइन क्या है। लोकेशन सब उसमें रहेगी। ऐसे में स्टांप की चोरी रुकेगी, सर्विस प्रोवाइडर के यहां होने वाली लंबी चौड़ी लिखापढ़ी भी कम होगी। रजिस्ट्री के बाद नगर निगम में मैसेज जाएगा, जिससे नामांतरण की प्रक्रिया भी आसानी से होगी। एक अप्रैल से लागू करेंगे महानिरीक्षक पंजीयन एम सेलवेंद्रम ने कहा कि संपदा टूरजिस्ट्री में संपदा टू सॉफ्टवेयर एक अप्रेल नए वित्तिय वर्ष में पूरे प्रदेश में एक साथ लागू किया जाएगा। पहले ट्रायल कर रहे थे, लेकिन अब पूरे प्रदेश में एक साथ लागू करेंगे।

जल जीवन मिशन और जल निगम के कार्यों की समीक्षा की

Review of Jal Jeevan Mission and Jal Nigam workers जल जीवन मिशन में हर गांव, बसाहट, टोला हो शामिल, आवश्यक हो तो पुनः बनाए प्रस्ताव हर घर जल पहुंचाने के सभी कार्य गति व गुणवत्ता के साथ और समय पर हो भोपाल। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सभी जिला अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सभी जिला अधिकारियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तहत जल जीवन मिशन और जल निगम के जिले में संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर गांव, हर बसाहट, हर मोहल्ला शामिल होना चाहिए। सभी को घर तक शुद्ध पेयजल मिले। विभाग के अधिकारी एक बार पुनः फील्ड में जांच कर और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेकर देख लें, कहीं कोई बसाहट या मोहल्ला छूट तो नहीं गया है। आवश्यकता पड़ने पर संशोधित प्रस्ताव तैयार कर भेजें। विशेषकर हर्रई और अमरवाड़ा क्षेत्र में जाकर पुनः जांच लें । इसमें सभी छात्रावासों और प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी टेप वाटर सुनिश्चित हो। पानी सभी को मिले, जल है तो जीवन है। जल जीवन मिशन और जल निगम के सभी कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ और समय में पूर्ण कराएं। बैठक में जिला पंचायत के अध्यक्ष संजय पुन्हार, जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य विवेक साहू और सुश्री मोनिका बट्टी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

प्रेरकों के साथ बच्चों ने की जंगल की सैर, देखी ( मै भी बाघ ) डाक्यूमेंट्री

Children took a trip to the jungle with the inspirations, watched the documentary (Main Bhi Bagh) हरिप्रसाद गोहे आमला ! स्कूली क्षात्रो को वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकाशित करने के उद्देश्य को लेकर मध्य प्रदेश वन विभाग एवं मध्य प्रदेश ईकोपर्यटन विकास बोर्ड द्वारा दिनांक 11 जनवरी 2024 को भूमका देव (सारणी-बेलोण्ड रोड), आमला में वनसंरक्षक वनवृत्त बैतूल एवं वनमंडल अधिकारी दक्षिण बैतूल, उ.व.म.अ. आमला (सा.) के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में वन परिक्षेत्र आमला अंतर्गत अनुभूति वर्ष 2024 कार्यक्रम का आयोजन आयोजित किया गया।कार्यक्रम में अशासकीय मदरलैंड पब्लिक अकादमी स्कूल आमला के 126 छात्र/छात्रों ने भाग लिया । आयोजित शिविर में छात्रों ने प्रदेश के अनुभूति प्रेरक श्री के.एल. चंदेलकर सहित वन विभाग के 3 अन्य प्रेरकों के साथ एक प्राकृतिक सैर में हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें पेड़ों और पक्षियों की विविध प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई । इस दौरान बच्चों को अनसिले कपड़े से बैग बनाने के साथ साथ “मैं भी बाघ” थीम पर डाक्युमेंट्री दिखाई गई । वहीं छात्र/छात्राओं के लिए चित्रकला, रंगोली, और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी वन विभाग द्वारा आयोजित किया गया । शिविर के दौरान मुख्य अतिथि बतौर गणेश यादव जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला, भाजपा किसान नेता हरी यादव , सुखराम कुमरे सभापति जैवविविधता वन समिति के साथ सुखदेव यादव सरपंच, रामाधार यादव सरपंच,भगवंतसिंह रघुवंशी जिला मंत्री भाजपा अतिथि के रूप में शामिल हुये । प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रथम/द्वितीय/तृतीय पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम में “मैं भी बाघ” थीम गान का गायन किया गया एवं प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण की प्रतिज्ञा के साथ अनुभूति कार्यक्रम सफलतापूर्वक समापन हुआ ।

अतिथि शिक्षक सुसाइड मामला: गिरफ्तारी के 24 दिन बाद प्राचार्य को किया निलंबित

Guest teacher suicide case: Principal suspended 24 days after arrest 8 दिसंबर को भेजा था पत्र भोपाल। भोपाल जिले के ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकंडरी स्कूल के अतिथि शिक्षक सुसाइड मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने करीब 24 दिन बाद अब प्राचार्य श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को निलंबित करने के लिए 8 दिसंबर को पत्र भेजा था। जिस पर 24 दिन बाद कार्रवाई की गई है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में विजवर्गीय का मुख्यालय कार्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक भोपाल संभाग, भोपाल मप्र रहेगा एवं निलंबन काल में उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। गलतियों भरे आदेश पर हस्ताक्षर भी हो गएमामले में 24 दिन की देरी के बाद जारी किए गए आदेश में कुछ गलतियां भी की गई हैं। जारी आदेश में बताया गया है कि प्रकरण में अभियुक्त श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को पुलिस ने 19 दिसंबर को अरेस्ट कर न्यायालय में पेश किया था और जेल भेज दिया था। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 8 दिसंबर 2024 को इसकी सूची दे दी गई थी। इस आदेश पर बकायदा लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा हस्ताक्षर भी किए गए हैं, लेकिन इस गलती पर ध्यान नहीं दिया गया। यह है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक मूलतःअशोक नगर निवासी आकाश यादव पिता गोपाल यादव (23) यहां ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल में बतौर अतिथि शिक्षक नौकरी कर रहे थे। पिछले साल 13-14 अक्टूबर को आकाश ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। आकाश के पास मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि प्रिंसिपल श्रीप्रकाश विजयवर्गीय उसके स्थान पर अपने साले को रखना चाहते हैं। अतिथि शिक्षक छगनलाल शाह और नरेंद्र दुबे, प्रिंसिपल के साथ मिलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि आज मैं जो कदम उठाने को मजबूर हूं। मामले में गुनना थाना पुलिस ने प्राचार्य समेत तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब:घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब हो गए थे। उसके गायब होने के बाद भी विभाग की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था, लेकिन लोक शिक्षण के अफसर मामले में अनजान बने हुए थे। वहीं, प्राचार्य विजयवर्गीय की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गुनगा थाने में सरेंडर कर दिया।

निजी अस्पताल में निवेश के नाम पर 130 लोगों से 5 करोड़ की ठगी

130 people cheated of Rs 5 crore in the name of investment in private hospital जालसाज दुकान, मकान में ताले लगाकर फरार भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में निवेश के नाम पर जालसाज ने 130 लोगों से रुपए ऐंठ लिए। सभी से अलग अलग धनराशि लेने वाले जालसाज ने करीब पांच करोड़ का चूना लगाया है। ठगी का पता उस समय लगा जब निवेश की समयावधि खत्म हो गई और लाभ लेने पहुंचे। इस दौरान पता चला कि जालसाज अपनी दुकान और मकान में ताला लगाकर फरार हो चुका है। पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की है। पुलिस ने शिकायती आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी का नाम श्यामदास बताया जा रहा है। श्यामदास औरंगाबाद का है। पूर्व में वह भोपाल में रह रहा था। उसने लोगों को बताया था कि यदि अस्पताल में निवेश करते हैं तो अस्पताल के लाभ के साथ उनकी राशि बढ़ाकर दी जाएगी। शुरुआत में आरोपी ने कम पैसा निवेश कराया था और बदले में लाभ भी दिया। बाद में जब लोगों को उस पर विश्वास हो गया तो उसने बड़ी रकम निवेश कराई और फरार हो गया।

डिलेवरी में देरी से एक लाख उपभोक्ता गोदाम से ले रहे सिलेंडर, नहीं मिल रही 29.26 रुपए की रिबेट

डिलेवरी में देरी से एक लाख उपभोक्ता गोदाम से ले रहे सिलेंडर, नहीं मिल रही 29.26 रुपए की रिबेट गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी नहीं हो रही दूर भोपाल। घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी में देरी करने की वजह से प्रत्येक माह एक लाख से अधिक उपभोक्ता गैस एजेंसियों के गोदामों से सिलेंडर ले रहे हैं। जबकि गैस एजेंसी संचालक उन्हें 29.26 पैसे की रिबेट नहीं दे रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को गोदाम से सिलेंडर लेना महंगा पड़ रहा है। बताया जाता है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने के तीन दिन तक सिलेंडर की डिलेवरी नहीं की जाती है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को गोदाम पर जाकर सिलेंडर लेना पड़ता है। राजधानी में करीब आठ लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं। गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी पर एक सिलेंडर पर 29.26 रुपए और पांच किलो सीएनजी पर 14.63 रुपए रीबेट मिलती है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार राजधानी में रोजाना 10 हजार घरेलू और एक हजार कामर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होती है। रोजाना साठ से सत्तर फीसदी सिलेंडर की ही होम डिलेवरी हो पाती है। बाकी सिलेंडर खुले में गाड़ी से दिए जाते हैं या डायरेक्ट गोदाम से सिलेंडर लिए जा रहे है। जिला आपूर्ति नियंत्रक मीना मालाकार का कहना है कि गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी नहीं हो रही और उपभोक्ता को गैस गोदाम से सिलेंडर लेने जाना पड़ रहा है तो वह रीबेट के 29.26 रुपए देना उनका अधिकार है।

5 साल बाद मिलेंगे नए डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी

New Deputy Collector, DSP will meet after 5 years भोपाल। प्रदेश में पांच साल के इंतजार के बाद डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार अधिकारी मिलने जा रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों की गुरुवार को बैठक की है। हालांकि अभी ज्वाइनिंग की तारीख तय होगी। साल 2019 व 2020 के राज्य सेवा परीक्षा में अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को दी जाएगी। इनकी संख्या 650 से ज्यादा है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह ही यह ज्वाइनिंग दे दी जाएगी, क्योंकि 10 से 15 जनवरी तक सीएम की मंशा के अनुसार महिला सशक्तीकरण और युवा उर्जा केंद्रित कार्यक्रमों के आयोजन हो रहे हैं। इसी के तहत यह आयोजन कर युवाओं को ज्वाइनिंग लैटर दिए जाएंगे। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों इन नए चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिए जाने हैं। इसके लिए ही सभी विभागों की बैठक हुई है। ताकि इसमें उनकी तैयारियों को देखा जा सके और यह तैयारी और औपचारिकता कब तक पूरी हो जाएगी, इसके बाद तारीख तय कर भोपाल स्तर पर आयोजन कर एक साथ सभी चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिया जा सके। मंत्रालय अधिकारियों का कहना है कि सीएम के प्लान के अनुसार ही कार्यक्रम तय किया जाएगा। बहरहाल, अभी तारीख तय नहीं हुई है। 2019,2020 के चयनितों की भी नियुक्ति रूकी थीसाल 2020 के चयनितों का रिजल्ट तो साल 2023 में ही आ चुका था, लेकिन साल 2019 की परीक्षा में आए कानूनी विवाद के चलते उनका रिजल्ट रूका हुआ था। बाद में वरिष्ठता को लेकर विवाद नहीं हो, इसके चलते सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 2020 में चयनितों की भी नियुक्ति रोकी हुई थी। लेकिन अब दोनों बैच के चयनितों को एक साथ ज्वाइनिंग दी जा रही है। इन सभी विभागों के साथ हुई बैठकमप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मप्र शासन के तहत सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक), गृह, वित्त, वाणिज्यिक कर, श्रम, नगरीय प्रशासन व आवास, जनसपंर्क, जनजातीय कार्य, खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, स्कूल शिक्षा, औद्योगिक नीति और निवेश विभाग, राजस्व, पंचायत और ग्रामीण वाकस, जेल विभाग, सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है।650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे- मप्र शासन को इन दोनों भर्तियों से 650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे। साल 2019 में 571 पद और 2020 में 260 पद थे। हालांकि 87-13 फीसदी के फामूर्ले के चलते केवल 87 फीसदी पदों पर ही अंतिम रिजल्ट जारी हुआ है। इन 87 फीसदी पदों पर ही नियुक्ति की जा रही है।

ई- रिक्शा,आपे बेलगाम राजधानी के विभिन्न इलाकों में रोजाना लग रहा जाम

E-Rickshaw Aape Belgaum is causing daily traffic jam in various areas of the capital. बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद होने से आटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से कर रहे मनमानी भोपाल। राजधानी की सड़कों पर चलने वाले ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब भी मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं। नियमों का ठेंगा दिखाकर बेलगाम सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से लोगों की जान संकट में बनी रहती है। इन वाहनों पर कार्यवाई करने के लिए चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को जांच करने की फुर्सत तक नहीं हैं। वहीं आरटीओ उड़नदस्ता भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।मंगलवार को हरिभूमि ने राजधानी के रंगमहल न्यू मार्केट, कोलार, भेल पिपलानी सहित अन्य मार्गों पर ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब की पड़ताल की। जो सूरत-ए-हाल दिखे वे बेहद चिंताजनक हैं। ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग वाहन बेधड़क नियम रौंदकर भागते दिखे, इतना नहीं यात्रियों से मनमाना किराया लेना, अभद्रता की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं दिखा। आलम ये है कि रात नौ बजे के बाद तो किराया दोगुना से अधिक हो जाता है। यात्रियों को गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंचाने की रोजना शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी भोपाल व रानीकमलापति स्टेशन के बाहर से आने वाले यात्रियों को सामना करना पड़ रहा है। यात्री परेशान हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी बेफिक्र है। तेजी से बढ़ रहे हैं ई-रिक्शा राजधानी में तेजी से ई-रिक्शा बढ़ रहे हैं। कोलार, करोद, भेल, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, मिसरोद, बुधवारा, सोमवारा, मंगलवारा, गांधी नगर सहित शहर का एक भी ऐस क्षेत्र नहीं है, जहां पर मनमर्जी से ई-रिक्शा चलते हुए नहीं मिले। क्षमता से अधिक यात्री बैठाना, ओवर टैकिंग करना, अचानाक बीच सड़क पर कहीं भी चालक ई-रिक्शा को मोड़ देते हैं। अभी तक तय नहीं किए मार्गइससे आए दिन वाहनों के भिड़ने की घटनाएं हो रही हैं। अब तक आरटीओ की ओर से भीतरी कालोनियों में आने-जाने के लिए मार्ग तय नहीं किए हैं। मुख्यमार्गों पर ही ई-रिक्शा नियमों का ठेंगा दिखाकर दौड़ रहे हैं।बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद, मनमानी जारी जिला प्रशासन स्तर पर शहर में आटो के संचालन पर नजर रखने के लिए बस स्टैंडों व रेलवे स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ शुरू किए गए थे। इसमें जाकर लोग तय गंतव्य के पहले से निर्धारित किराए की सूची देते थे। उसकी प्रीपेड में बैठे कर्मचारी रसीद देता था। वह रसीद संबंधित यात्री गंतव्य पर पहुंचने के बाद आटो चालक को देता था। फिर आटो चालक वापस प्रीपेड बूथ पर आकर रसीद देकर पैसे लेते थे। इससे आटो चालक यात्रियों से अधिक किराया नहीं ले पाते थे। अब प्रीपेड बूध बंद हैं और आटो चालकों को मनमानी जारी है। कैब पालिसी का असर नहींमोबाइल एप के जरिए संचालित कैय व रैपिडो की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग की कैब पालिसी है। इसके तहत इन वाहनों को सिटी का परमिट लेना होता है, कैब में पैनिक बटन लगना जरूरी है, यात्रियों पर अधिक किराया न लेना संहित अन्य नियम बने है। इसके बाद भी जमीन पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। आलम ये है कि जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में वाहन 13000 आटो 5000 आपे आटो, 4000 कैब, 6000 ई-रिक्शा हैं। 50 हजार से अधिक यात्री हर दिन करते हैं सफरअपर परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं करने वाले सभी वाहने को जब्त किया जाता है। समन शुल्क भी लिया जाता है। बसों का चेकिंग अभियान भोपाल सहित प्रदेश भर में निरंतर चल रहा है। जल्द ही कैब, आटो पर की भी जांच कराई जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने बनाया सोशलॉजी से पीएचडी धारक को स्पोर्ट्स में अतिथि विद्वान

Higher Education Department appointed PhD holder from Sociology as guest scholar in sports भोपाल। शिक्षा विभाग में अतिथि विद्वान की नियुक्ति में बड़ी गड़बड़ी प्रकाश में आई हैं। ताज़ा मामला सागर के आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज का सामने आया है जिसमें सोशलॉजी से पीएचडी धारक आवेदक को स्पोर्ट्स में अतिथि विद्वान के रूप में नियुक्ति दे दी गई है। इस गड़बड़ी में महाविद्यालय प्रशासन से लेकर स्थानीय एडी कार्यालय और उच्च शिक्षा विभाग का भोपाल संचालनालय में पदस्थ शीर्ष अधिकारी की भी संलिप्तता नज़र आ रही है। दिलचस्प पहलू यह है कि विभाग द्वारा अपने ही नियमों का पालन नहीं किया गया है। यानि अतिथि विद्वानों की नियुक्ति में संबंधित विषय में पीएचडी/ नेट /स्लेट अथवा सेट को अनिवार्य योग्यता में शामिल किया गया है। लेकिन हाल ही में जारी की गई सूची में विभाग ने प्रमाणिक योग्यताओं को दरकिनार करते हुए अयोग्य को नियुक्ति दे दी। उच्च शिक्षा विभाग की इस कार्यप्रणाली से जहां अतिथि विद्वानों की नियुक्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ योग्य और जरूरतमंद आवेदकों का हक भी मारा जा रहा है।

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू, इस माह के अंत में टूटेगा

Tender process started for removal of BRTS corridor, demolition will take place at the end of this month सीएम के सामने सीएस ने पूरी प्लानिंग रखी, इसके बाद निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ की बैठक भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के विकास को लेकर समीक्षा बैठक में भाग लेते हुए बीआरटीएस को हटाने के प्लान को भी समझा। साथ ही इस कार्य को जल्दी शुरू करने को कहा। इसके बाद भोपाल नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर तुरंत ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा। सीएम ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिये बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के संबंध में जो निर्देश दिए थेए उसके अनुसार ही अब प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत बीआरटीएस तोड़ने के लिए नगर निगम टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रहा है। टेंडर खुलने के बाद इस माह के अंत में फरवरी के पहले सप्ताह में बीआरटीएस का काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोबल ए ने बताया कि बीआरटीएस को हटाने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए सबसे पहले टेंडर जारी किए जा रहे हैं। टेंडर आने के बाद कंपनी के बारे में जानकारी मिलेगी कि वो अभी तक क्या काम कर रही थी। इसके बाद उसे ठेका दिया जाएगा। इस काम में इस माह के अंत तक का समय लग जाएगा। इसलिए बीआरटीएस तोड़ने का काम इस माह के अंत तक या फरवरी के पहले हफ्ते में बीआरटीएस तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारी संजय मस्के अनुसार बीआरटीएस हटाने का काम नगर निगम है। इसलिए पीडब्ल्यूडी जो भी काम करेगाए वो बीआरटीएस हटने के बाद ही काम शुरू होगा।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश- 22 जनवरी को बल्व बुझे नहीं

Energy Minister Pradyuman Singh Tomar’s instructions – do not switch off bulbs on January 22 भोपाल। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर देश वासियों को बेसब्री से इंतजार है। 22 जनवरी को पूरा देश दिवाली मनाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश जारी किया कि 22 जनवरी को प्रदेश में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में रामलला के मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन एवं अन्य चैनलों के माध्यम से किया जायेगा। कार्यक्रम का स्वरूप अत्यंत व्यापक होगा और जन-सामान्य उक्त कार्यक्रम के साक्षी होना चाहेंगे। अत: इस दिन विद्युत व्यवधान नहीं होना चाहिए। उस दिन बिजली का मेंटनेंस का कार्य ना किया जाए। उन्होंने कहा है कि विद्युत व्यवधान होने से जन-सामान्य को कार्यक्रम देखने में असुविधा हो सकती है।

गांधी सागर अभयारण्य में विदेश से आएंगे चीते.

In Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary, cheetahs will be brought from abroad. गांधी सागर अभयारण्य में विदेश से आएंगे चीते, 28 किमी क्षेत्र में फेंसिंग का काम पूरा करने में जुटा वन विभाग – फरवरी में चीतों के लिए अभयारण्य पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जल्द निर्णय करेगी केंद्र सरकार  उदित नारायण भोपाल। गांधी सागर अभयारण्य में 64 किमी को बाड़ा तैयार कर लिया गया है। यहां पर करीब 28 किमी की फेंसिंग का काम करीब करीब पूरा हो गया है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 17 से 18 करोड़ के आसपास है। अगले माह यानी फरवरी में चीतों के लिए अभयारण्य पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके बाद चीतों को लाने का निर्णय होगा। केंद्र सरकार की किसी अफ्रीकी देश से चीते लाने को लेकर चर्चा चल रही है। गांधी सागर अभयारण्य का क्षेत्र छोटा है। इसलिए यहां पर 5 से 6 चीतों को ही लाकर रखा जाएगा।  बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सबसे पहले 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीते श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए थे। इसके बाद 18 फरवरी को 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क में लाकर छोड़े गए। कूनो के जंगल में कुल 20 चीते लाए गए। इनमें से छह चीतों की मौत हो गई है। कूनो में अभी 14 बड़े चीते हैं और एक शावक है। वहीं, तीन नए शावकों ने अभी जन्म लिया है। कूनो नेशनल पार्क में एक-एक कर चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जा रहा है। अब तक दो को ही खुले में छोड़ा गया है। कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी की भी शुरूआत कर दी गई। कूनो से शिफ्ट नहीं होंगे चीते – प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) असीम श्रीवास्तव ने बताया कि गांधी सागर अभयारण्य में कूना से चीते शिफ्ट नहीं किए जाएंगे। वहां विदेश से नए चीते लाए जाएंगे। इसका निर्णय केंद्र सरकार करेगी। अभयारण्य में तैयारी अंतिम दौर में है।

कड़ाके की ठंड के चलते ठिठुरते शहर में जल रहे 415 स्थानों पर अलाव

Bonfires are burning at 415 places in the city which is shivering due to severe cold रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी जले अलाव भोपाल। राजधानी में कड़ाके की ठंड और ठिठुरते भोपाल को राहत देने के लिए नगर निगम ने पूरे शहर में 415 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। कोहरा और ठंडी हवाएं चलने के कारण यह अलाव दिनभर 24 घंटे ही जल रहे हैं। यह अलाव रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव जल रहे हैं। निगम अधिकारियों के शहर के बाहर से आने वाले आश्रय विहीन नागरिकों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था व सार्वजनिक स्थलों पर रात व्यतीत करने वाले नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।निगम का अमला समस्त 21 ज़ोनों के अंतर्गत आने वाले आश्रय स्थलों के अलावा बस स्टैंड्स, रेल्वे स्टेशन, अस्पतालों सहित ऐसे स्थानों जहां रात्रि के समय नागरिकों का अधिक आना जाना होता है अथवा नागरिक किसी कारणवश घर के बाहर रात्रि व्यतीत करते हैं, ऐसे नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए शहर के 415 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था कर रहा है। निगम के ज़ोन स्तर पर पदस्थ सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा चिन्हित स्थानों पर निगम के उद्यान विभाग से रोजाना लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है और नियमित रूप से इस व्यवस्था की मॉनीटरिंग भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। लगातार अधिकारी व जनप्रतिनिधि ले रहे हैं जानकारीनिगम की इस व्यवस्था का समय.समय पर मुख्यमंत्री, मंत्री, महापौर व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी आश्रय स्थलों व अलाव स्थलों पर जाकर अवलोकन भी किया जा रहा है। जोन के अनुसार अलाव की व्यवस्थाठंड से राहत पहुंचाने के लिए जोन 1 में 16 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही हैए जबकि जोन 2 में 7 स्थानए जोन 3 में 12 स्थानए जोन क्र 4 में 19 स्थान जोन 5 में 17 स्थानए जोन 6 में 22 स्थानए जोन 7 में 30 स्थानए जोन में 122 स्थान जोन 9 में 1 स्थानए जोन 10 में 15 स्थानए जोनण् 12 में 4 स्थानए जोन 13 में 12 स्थानए जोन 14 में 4 स्थानए जोन 15 में 10 स्थानए जोन 16 में 15 स्थानए जोन 17 में 7 स्थानए जोन 18 में 16 स्थानए जोन 19 में 21 स्थानए जोन 20 में 10 स्थान तथा जोन 21 में 55 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है।

बीयू ने परीक्षा आवेदन की बढ़ाई तारीख, अब 12 तक जमा होंगे पीजी के परीक्षा फार्म

BU extended the date of exam application, now PG exam forms will be submitted till 12th भोपाल। राजधानी स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने संवद्ध कॉलेजों के लिए परीक्षा आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। विवि द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर नियमित, स्वाध्यायी अथवा एटीकेटी के लिए अब परीक्षा आवेदन 5 जनवरी 2024 के स्थान पर 12 जनवरी तक किए जा सकेंगे। स्नात्कोत्तर के तहत एमए., एम काम., एम.एस.सी., एम.एस.सी. होमसांइस, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, एम.ए. यौगिक सांइस, पी.जी. डिप्लोमा इन यौगिक सांइस नियमित, स्वाध्यायी, एटीकेटी परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आवेदन पत्र (सत्र 2023-2024.) एम.पी.ऑन लाईन के माध्यम से भरे जा सकेंगे। सामान्य शुल्क के साथ आवेदन करने की तारीख 12 जनवरी 2024 की गई है। लेट फीस 300 के साथ 13 से 17 जनवरी के साथ ही विशेष विलंब शुल्क 1000 रुपए के साथ 18 जनवरी 2024 से परीक्षा शुरू होने के 3 दिन पहले तक आवेदन किए जा सकेंगे।

जिला अभिभाषक संघ के चुनाव की तैयारियां पूरी जज और पुलिस अधिकारियों ने लिया जायजा

Preparations for District Advocates Association elections completed, judge and police officers took stock वकीलों के मतदान के लिए बनाए गए 100 पोलिंग बूथ मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव अधिकारियों की बैठक आयोजित कर दिए दिशा- निर्देश भोपाल। जिला अभिभाषक संघ के 8 जनवरी को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए जिला अदालत परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नेतृत्व में जजे और पुलिस अधिकारियों ने चुनाव अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। यह चुनाव जजेज और स्टेट बार कौंसिल के पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगा। मुख्य चुनाव अधिकारी रवींद्र तिवारी ने बताया कि जिला अभिभाषक संघ अथवा स्टेट बार कौंसिल का आई कार्ड दिखाने के बाद ही मतदान स्थल पर प्रवेश दिया जाएगा। मतदान ओपन एरिया में किया जाएगा। मतदान के लिए 20 हजार स्कायर फीट का वाटर पुरूफ पण्डाल लगाया गया है। चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूरे अदालत परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला अभिभाषक संघ में लगभग 8 हजार 500 वकील पंजीकृत हैं, इसमें से 4 हजार 616 मतदाता वकील अपने मत का प्रयोग कर सकेंगें। मतदाता वकीलों के मतदान के लिए 100 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। मतदान के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी रवींद्र तिवारी ने शनिवार को चुनाव अधिकारियों की बैठक आयोजित कर चुनाव प्रक्रिया के संबंध में चुनाव अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए । बैठक में मीडिया प्रमुख जीके छिब्बर, मीडिया प्रभारी खालिद हफीज, चुनाव अधिकारी,मनीष द्विवेदी, ललित मिठवानी, रोहित श्रोती, रजनीश बरैया ,पुरुषोत्तम पंजवानी ,हाशिम अली,घनश्याम सोनी ,श्रीमती किरण साहू किशोर साहू , मंजू जैन सिंह , हेमंत वर्मा ,यश विघार्थी , सुनील सेवलानी शंकर प्रसाद शुक्ला, कपिल मेहरा, विपिन पण्डया , जतिन रोहित गुप्ता ,हेमंत पाल ,रविशंकर गुर्जर , रोशन कुमार राम गुर्जर और गौरव चौहान सहित अन्य चुनाव अधिकारी उपस्थित थे। इस चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव, कोषाध्यक्ष एवं पुस्तकालयाध्यक्ष तथा कार्यकारिणी सदस्य के 30 पदों के लिए 96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं।

रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का कर रहा संचालन

Railway administration has been operating trains using firecrackers since the British era. फाग सेफ्टी डिवाइस भी नहीं रोक पा रहीं ट्रेनों की लेटलतीफी, कोहरे में पटरियों पर ट्रैकमैन डेटोनेटर लगाकर पायलट को दिखा रहे राह भोपाल। रेलवे का दावा है कि सर्दी के मौसम में कोहरे को मात देने के लिए ट्रेनों के इंजनों में फाग सेफ्टी डिवाइस लगाई गई हैं, लेकिन ये डिवाइस भी ट्रेनों का संचालन पटरी पर लाने के लिए कारगार साबित नहीं हो रही है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों के देरी से आने का सिलसिला जारी है। तो वहीं अभी भी कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे ने कोहरे से निपटने के लिए पायलट को फॉग डिवाइज उपलब्ध कराए थे,पमरे जोन के तीन रेल मंडल में 1048 डिवाइस लगाई गई थी। लेकिन कोहरा छाते ही तमाम प्रयास फेल साबित हुए हैं। आलम ये है कि एक दर्जन से अधिक ट्रेने 1-26 घंटे की देरी से भोपाल पहुंच रही है। कोहरे के कारण केवल दिल्ली ही नहीं मुंबई,यूपी व छतीसगढ़ के रूट भी प्रभावित हुआ है, साथ ही इससे वंदेभारत,राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। कोहरे के कारण ट्रेनें लेट होने से यात्रियों को तो परेशानी हो रही हैं। तो वहीं पायलट पटाखों के सहारे ट्रेनों का संचालन कर रहे है। पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर लगाए जाते है कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए आज भी रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग ही कारगार साबित हो रहा है। रेलवे की नई तकनीक फाग डिवाइस का अधिक असर दिखाई नहीं दिया है। अभी भी रेलकर्मी अधिक कोहरा होने पर पटरियों पर पटाखें लगाकर ट्रेन के चालक को सतर्क कर रहे है। कोहरे में ट्रेनों को सिग्नल सुरक्षित गति से संचालित करने के लिए पमरे जोन में अंग्रेजों के जमाने से चले रहे जुगाड़ का ही प्रयोग किया जा रहा है। अधिक कोहरा होने पर रेलकर्मी गैंगमैन, ट्रैकमैन पटरियों पर पटाखे लगाकर आगे रेल फाटक, सिग्नल, स्टेशन आदि की जानकारी देते है। सिग्नल से पहले पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर (पटाखे) बांधे जाते है। ट्रेन गुजरने के साथ ही तेज आवाज होती है। इस पर चालक को आगे फाटक, सिग्नल आदि होने की जानकारी मिल जाती है और वह ट्रेन की गति को धीमी कर देता है।

सीजन में पहली बार दिनभर कोहरा, हवाओं से बढ़ी सर्दी, दिन-रात में 4 डिग्री का अंतर

सीजन में पहली बार दिनभर कोहरा, हवाओं से बढ़ी सर्दी, दिन-रात में 4 डिग्री का अंतर भोपाल। राजधानी में शनिवार को भी दिनभर धूप के दर्शन नहीं हुए, शाम 5 बजे के करीब कुछ हिस्सों में ढलते सूरज की लुकाछिपी रही। यह सीजन में पहला मौका है जब लगातार तीसरे दिन धूप नहीं खिली और दिनभर कोहरे के बादलों के बीच हवाओं का असर बढऩे से सर्दी का अहसास बढ़ गया। दिन का पारा एक डिग्री गिरकर 18.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.2 कम रहा है। रात का पारा मामूली बढ़कर 14.2 डिग्री रहा, जिससे शहर के दिन और रात के तापमान में केवल 4.6 डिग्री की ही अंतर रह गया। मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को भी मौसम लगभग ऐसा ही रहेगा। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के अनुसार सर्द हवाओं की रफ्तार बढऩे के साथ दिनभर कोहरे का असर रहने से रात में भी सर्दी बढ़ सकती है। शाम को अचानक बढ़ी सर्दीशहर में दिनभर कोहरे का असर रहा, जिससे आसमान पर घने बादलों की जमावट का अहसास होता रहा। सुबह के समय अति घना कोहरा रहने से वाहनों को हेड लाइट जलाकर दूरी तय करना पड़ी। इससे वाहन रेंगते नजर आए। इधर, कोहरे और सर्दी के कारण शहर में गर्म कपड़ों का रुझान बढ़ गया। दिनभर जले अलाव, गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लोगदिन में सर्द हवाओं और धुआं धुआं रहे मौसम के बीच सर्दी से राहत के लिए सड़क के किनारे दुकान लगाने वालों से लेकर हाथ ठेले पर सब्जी आदि बेचने वाले दिन भी अलाव तापते दिखे। दिनभर लोग गर्म कपड़ों और कंबल में लिपटे दिखे, तो कई घर में ही रजाई में लिपटे रहे।

मेल नर्स से मोबाइल छीनकर भागे बाइक सवार

Bike rider ran away after snatching mobile from male nurse भोपाल। बागसेवनिया थाने से चंद कदमों की दूरी पर शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे के आसपास बाइक सवार बदमाशों ने मेल नर्स से मोबाइल छीन लिया। छीने गए मोबाइल की कीमत दस हजार रुपए है। पुलिस ने उक्त मामले में चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय संदीप मेवाड़ा, दीपशिखा अस्पताल में मेल नर्स है। वे अस्पताल में ही एक कमरे में रहते हैं। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र पैलेश के पास अन्नपूर्णा होटल में वह खाना खाते हैं। शुक्रवार रात भी वह खाना खाकर दीपशिखा अस्पताल लौट रहे थे। इस दौरान मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। वे विद्या नगर पेट्रोल पंप के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे बाइक सवार बदमाशों ने उनका मोबाइल छीन लिया। उन्होंने घटना की शिकायत बागसेवनिया थाने पहुंचकर की थी। बागसेवनिया पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लूट नहीं हुई है। बाइक सवार बदमाशों ने चलती बाइक से उनके हाथ पर धक्का दिया था। इससे मोबाइल नीचे गिर गया। वह कुछ समझ पाते इससे पहले बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने मोबाइल उठाया और अपने साथी के साथ बाइक से भाग निकला।

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

डाऊ के वकील ने कहा-भोपाल न्यायालय को सुनवाई का अधिकार नहीं

Dow’s lawyer said – Bhopal court has no right to hear भोपाल। गैस त्रासदी की जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड कंपनी को खरीदने वाली अमरीकी कंपनी डाऊ केमिकल कंपनी की ओर से जिला न्यायालय में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील रवींद्र श्रीवास्तव ,पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केन्द्र सरकार सिदर्दाथ लूथरा और भोपाल के एडवोकेट संदीप गुप्ता ने बहस पेश करते हुए कहा कि यह कंपनी अमेरिका में है, इसलिए भोपाल के न्यायालय के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है। कंपनी के खिलाफ केस चलाने का इस न्यायालय को कोई अधिकार नहीं है। वर्ष 2012 में हाईकोर्ट का जो फैसला आया उसमें डाऊ केमिकल कंपनी पक्षकार नहीं थी। बल्कि डाऊ केमिकल इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी पक्षकार थी। इसलिए वो फैसला हम पर लागू नहीं होता। याचिकाकर्ता भोपाल गुरुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन के वकील अवि सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए डाऊ केमिकल कंपनी की आपत्ति का विरोध करते हुए कहा कि मप्र हाईकोर्ट ने 19 अक्टूबर 2012 को क्षेत्राधिकार के संबंध में निर्णय कर दिया था, इसलिए इस संबंध में अब तर्क की आवश्यक्ता नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि डाऊ केमिकल इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी और डाऊ केमिकल कंपनी एक ही ग्रुप की कंपनियां हैं। इसलिए यह फैसला इस कंपनी पर भी लागू होगा। वहीं डाऊ केमिकल कंपनी के वकील ने कहा कि उक्त आदेश के द्वारा न्यायालय का क्षेत्राधिकार होने अथवा न होने का बिंदू निर्णित नहीं किया गया है। न्यायालय ने बहस सुनने के पश्चात 20 जनवरी के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है। उल्लेखनीय है कि गैस पीडि़त संगठनों ने गैस त्रासदी के आपराधिक मामले में डाऊ केमिकल कंपनी को पक्षकार बनाए जाने की मांग को लेकर जिला अदालत में याचिका दायर की थी । जिला अदालत द्वारा वर्ष 2014 से डाऊ केमिकल कंपनी को इसका जवाब देने के लिए अदालत में हाजिर होने के लिए समंस जारी किए जा रहे थे। वर्ष 2001 में यूनियन कार्बाइड कंपनी इण्डिया लिमिटेड को डाऊ केमिकल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड यूएस ने खरीद लिया था। याचिकाकर्ता भोपाल गुरुप फ ॉर इंफ ॉमेज़्शन एंड एक्शन की ओर से वर्ष 2004 में भोपाल की जिला अदालत में याचिका दायर कर डाऊ केमिकल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड यूएस को प्रकरण में पक्षकार बनाए जाने की मांग की गई थी। 3 अक्टूबर को डाऊ केमिकल कंपनी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील रवींद्र श्रीवास्तव और भोपाल के एडवोकेट संदीप गुप्ता जिला अदालत में पहली बार पेश हुए थे।

सड़क किनारे सो रहे लोगों को सीएम मोहन यादव ने वितरित किए कंबल

CM Mohan Yadav distributed blankets to people sleeping on the roadside प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड, प्रशासन के साथ सड़क पर निकले मोहन यादव, की ये पहल उज्‍जैन। मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है। इसी बीच उज्‍जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव अधिकारियों के साथ रात में सड़कों पर निकले और सड़क किनारे सो रहे लोगों को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, कि ‘ठंड में कोशिश कर रहे हैं कि सभी को रैन बसेरों तक पहुंचाएं। प्रशासन के साथ आज रात कंबल बांटने निकला था। सभी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि ठंड में प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए लोगों की मदद करें।’

मानव दुर्व्यापार को रोकने मध्यप्रदेश पुलिस ने किया मंथन

Madhya Pradesh Police brainstormed to stop human trafficking पुलिस मुख्यालय में सायबर इनेबल्ड ह्यूमन ट्रैफिकिंग विषय पर हुआ सेमिनार एडीजी सायबर योगेश देशमुख ने कहा कि सायबर अपराधियों से निपटने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी संतोष सिंह तोमर भोपाल। पुलिस मुख्यालय, भोपाल में महिला सुरक्षा शाखा द्वारा ”सायबर इनेबल्ड ह्युमन ट्रेफिकिंग” विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। प्रज्जवला संस्था के सहयोग से आयोजित इस सेमिनार में तकनीक का प्रयोग कर मानव दुर्व्यापार के तरीकों और उन पर नियंत्रण पाने के लिए मंथन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि एडीजी सायबर सेल श्री योगेश देशमुख ने बताया कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों के जीवन को सुविधाजनक बना रहा है, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह उनके लिए खतरा भी है। मानव दुर्व्यापार में लिप्त लोग तकनीक के प्रयोग को अधिक सुरक्षित मानते हैं। वह तकनीक का उपयोग करने में शातिर हैं और आसानी से नागरिकों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों का डेटा बेस के आधार पर रणनीति तैयार कर मानव दुर्व्यापार रोक रही है। हमारे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दक्ष बनाया जा रहा है, ताकि वे समन्वय स्थापित कर सायबर अपराधियों को पकड़कर पीड़ितों को न्याय दिला सके। हालांकि मानव दुर्व्यापार रोकने के लिए नागरिकों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। महिला सुरक्षा शाखा की एडीजी श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस सेमिनार में महिला सुरक्षा शाखा की आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, एआईजी श्रीमती किरणलता केरकट्‌टा, एआईजी श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी, एआईजी सुश्री पिंकी जीवनानी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, उप पुलिस अधीक्षक, महिला थाना प्रभारी, जीआरपी थाना प्रभारी एवं सायबर पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। संचालन महिला सुरक्षा शाखा के एआईजी वीरेंद्र मिश्रा ने किया। महिलाएं और बच्चे ही नहीं, पुरुष वर्ग भी हो रहे मानव दुर्व्यापार के शिकार :- प्रज्जवला की प्रोजेक्ट एडवाइजर डॉ. सुनीथा कृष्णन ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर मानव दुर्व्यापार में लिप्त आरोपी, पीड़ित को गुमराह कर अपने झांसे में फंसाते हैं या लालच देकर उन्हें शोषण की ओर धकेला जाता है। यह केवल महिलाओं और बच्चों के साथ नहीं बल्कि पुरुष वर्ग के साथ भी हो रहा है। पहले यह माना जाता था कि केवल गरीब, अशिक्षित, विशेष समुदाय या जाति के लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं, जबकि हर आयु, लिंग, वर्ग और समुदाय के लोगों के साथ मानव दुर्व्यापार संबंधी अपराध बढ़ रहे हैं। सबसे बढ़ी चिंता का विषय यह है कि हमारे बच्चे भी इसका शिकार बन रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन गेमिंग एप और वेबसाइट्स के माध्यम से सेक्सटॉर्शन की ओर धकेला जा रहा है। कोरोना के बाद से अचानक बढ़े मामले प्रज्जवला टीम की प्रोजेक्ट क्वार्डिनेट स्वस्ति राणा ने कहा कि मानव दुर्व्यापार के लिए तकनीक का उपयोग अधिक बढ़ा है। दरअसल ऑनलाइन क्लासेस के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल पहुंच गया, जिसका फायदा उठाकर मानव दुर्व्यापार करने वालों ने बच्चों को शिकार बनाना शुरू किया। हमारी संस्था 11 राज्यों में शोध कर रही है, जिसके बाद सरकार के साथ मिलकर मानव दुर्व्यापार रोकने में नेशनल एक्शन प्लान बनाने में मदद मिलेगी। अकेलापन महसूस करने वाली महिलाएं रहती हैं टारगेट प्रज्जवला की रिसर्च ऑफिसर ताबिश अहसान ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को गुमराह कर मानव दुर्व्यापार की ओर धकेला जाता है। इनमें विशेषकर अकेलापन महसूस करने वाली महिलाएं और युवतियां मानव तस्करों के टारगेट पर होती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी महिलाओं की भावनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से समझते हुए पहले तो उनसे दोस्ती की जाती है और जीवनभर उनका साथ निभाने का झांसा देकर उन्हें मानव दुर्व्यापार का शिकार बनाया जाता है। अलग-अलग सोशल प्लेटफार्म्स का करते हैं उपयोग प्रज्जवला के सायबर एक्सपर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल विजय किशोर झा ने बताया कि सोशल मीडिया साइट्स, जॉब प्रोवाइडिंग वेबसाइट्स, ऑनलाइन गेम्स और डेटिंग साइड्स आदि के माध्यम से लोगों को मानव तस्कर अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करते हुए मानव दुर्व्यापार पर नियंत्रण किस तरह किया जा सकता है इसकी जानकारी दी। जल्द अमीर बनाने का सपना दिखाकर फंसाते हैं जाल में प्रज्जवला के लीगल एक्सपर्ट आदिरा श्रीनिवासन ने मानव दुर्व्यापार के तीन अंतर्राष्ट्रीय मामलों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि अधिकतर ऐसे मामलों में जल्दी अमीर बनाने का झांसा देकर लोगों को फंसाया जाता है। कई बार पूरा परिवार झांसे में आ जाता है। उन्होंने शोषण के लिए ऑस्ट्रिया, अमेरिका में शोषण के मामलों और इंडोनेशिया में ऑर्गन की तस्करी के लिए लोगों को शिकार बनाने के बारे में जानकारी दी। हर पहलू की बारिकी से हो पड़ताल प्रज्जवला के सायबर इन्वेस्टिगेटर मोहम्मद रियाजउद्दीन ने बताया कि मानव दुर्व्यापार एक संगठित अपराध है। ऐसे मामलों में इन्वेस्टिगेशन के समय हर पहलू पर ध्यान देने की जरूरत है। खास तौर पर किस तरह का अपराध है, क्यों किया जा रहा है, किस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, लेनदेन किस माध्यम से किया जा रहा है, पीड़ित कौन है, किस क्षेत्र का है और किन कारणों से उसे मानव दुर्व्यापार का शिकार बनाया जा रहा है, इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच जरूरी है। न केवल पुलिस बल्कि स्वयं सेवी संस्थाओं को भी सहयोग देना आवश्यक है। सायबर इनेबल्ड ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों पर हुई समूह चर्चा :- सेमिनार में सायबर इनेबल्ड ह्युमन ट्रैफिकिंग को रोकने में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सुलझाए गए मामलों के बारे में समूह चर्चा की गई। इसके बाद प्रश्नावली के माध्यम से डेटा कलेक्शन किया गया। इसमें सायबर और महिला सुरक्षा के लिए तत्पर मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक और प्रज्जवला संस्था के प्रतिनिधि शामिल रहे।

दिशा अध्ययन केंद्र में सेमिनार आयोजन कर अध्ययन कर रहे बच्चों को दिया मार्गदर्शन

Gave guidance to children studying by organizing seminars at Disha Study Centre. भोपाल ! पुलिस परिवार के बच्चों हेतु पुलिस पब्लिक स्कूल दिशा अध्ययन केंद्र में केरियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया l केरियर काउंसलिंग सेमिनार में डीआईजी श्री विनीत कपूर द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चो को नव वर्ष की शुभ कामनाएं दी गई एवम मिठाई खिलाई गईl बच्चो के उज्जवल भविष्य की कामना की एवं सभी बच्चो से परिचय लिया गया तथा परिवार में पारिवारिक जानकारी प्राप्त की गई एवं बच्चे किस प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे है की जानकारी ली और दिशा अध्यन केंद्र में एमपीपीएससी, एम पी SI ,एसएससी,UPSC, बैंक से संबंधित, शिक्षक वर्ग , नर्सिंग की परीक्षा आदि की तैयारी कर रहे पुलिस परिवार के बच्चो को परीक्षा की तैयारी कैसे करे उस का स्लेबस ऑपसन एलिमेनेसन पर चर्चा कर बच्चो को मार्गदर्शन दिया गया तथा बच्चों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब एवं उनकी समस्याओं का निराकरण भी श्री कपूर द्वारा किया गया l इस के बाद एसबीआई बैंक से आए सीनियर मैनेजर अनिल चौबे एवम विकास मिश्रा ने बैंक जॉब के बारे में बच्चो को जानकारी दी ! इस अवसर पर डी आर पी लाइन से ACP श्रीमती अंकिता खातरकर मैडम एवम, आर आई श्री जय सिंग तोमर जी, सूबेदार श्री शिव मंगल लोधी, सूबेदार अंजली अलावा, सूबेदार मनोरमा, टी आई महेंद्र सिंह, एसबीआई बैंक से विकास मिश्रा, अनिल चौबे ,प्र आर 3087 पार्वती यादव, आर 3930 प्रफुल, आर संदीप तथा दिशा केंद्र के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे!

आदिवासी विकासखण्डों में खुलेंगे रानी दुर्गावती प्रशिक्षण केन्द्र

Rani Durgavati training centers will open in tribal development blocks विद्यार्थियों का आवास भत्ता 2 हजार रूपये प्रतिमाह करने के निर्देश भोपाल। प्रदेश के सभी 89 आदिवासी विकासखण्डों में रानी दुर्गावती प्रशिक्षण केन्द्र खोले जायेंगे। इन प्रशिक्षण केन्द्रों में आदिवासी युवाओं को स्व-रोजगार हेतु विविध विधाओं में प्रशिक्षण दिये जायेंगे। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री कुंवर विजय शाह ने शुक्रवार को जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को रानी दुर्गावती प्रशिक्षण केन्द्र में ई-लायब्रेरी स्थापित करने के निर्देश दिये। शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदिवासी वर्ग के जो विद्यार्थी किराये का मकान लेकर विद्याध्ययन कर रहें है, उन्हें वर्तमान में दिये जा रहे 1500 रूपये प्रतिमाह आवास भत्ता को बढ़ाकर 2000 रूपये प्रतिमाह तक किया जाये। मंत्री श्री शाह ने कहा कि सभी आदिवासी विकासखण्डों में संचालित विभागीय स्कूलों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये जाएं।

मोहन सरकार रिश्वतखोरों पर सख्ती करने के मूड में, बीडीए, नगर निगम समेत अन्य विभागाें पर नजर

Mohan government in mood to take strict action against bribe takers keeping an eye on other departments including BDA Municipal Corporation भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रिश्वतखोरों पर सख्ती करने के मूड में हैं। अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कर्मचारी जो संविदा आधार पर पदस्थ हैं और उनके खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायतें हुई है। सबसे पहले उन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। इसकी जानकारी एकत्रित कर ली गई है। शुरूआत राजधानी भोपाल से करने की तैयारी है। चूंकि भोपाल के नगर निगम, बीडीए से लेकर अन्य विभागों में पदस्थ कर्मचारी नाक के नीचे ही रिश्वत मांगते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। अब ऐसे कर्मियों पर शिकंजा कसा जाएगा।  सूत्रों ने बताया कि ऐसे मामलों में जो शासकीय सेवक रिश्वत लेते पकड़े गए हैं, और आज तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है, या फिर रिश्चत की मांग करते हैं, पर बगैर ठोस प्रूफ के उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। इसकी सूची तैयार की गई है। इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताते हैं कि अभी जिस तरह से हर काम के लिए पैसे लेने का चलन बढ़ गया है, ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्ती होगी। इसकी शुरूआत भी सबसे पहले राजधानी भोपाल से करने की जानकारी है।

गड़बड़ी करने वाले के साथ सख्ती से निपटा जाएगा, अच्छा कार्य करने वाले होगें सम्मानित

Those who commit irregularities will be dealt with strictly, those who do good work will be honoured. कार्यभार ग्रहण करने के बाद राजस्व मंत्री वर्मा ने बताई प्राथमिकताएं भोपाल। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सरकार सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी हमारी टीम है। राजस्व विभाग आम नागरिकों की राजस्व प्रशासन संबंधी सेवाओं को सुदृढ़ बनाया जाएगा। मंत्री वर्मा आज शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय कार्य शुरू करने बाद अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री वर्मा ने कार्यभार ग्रहण करने के पहले कक्ष में पूजा-अर्चन की। मंत्री वर्मा ने भ्रष्टाचार के एक प्रकरण में अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की। मंत्री वर्मा ने पूरी ईमानदारी से निष्ठापूर्वक कर्त्तव्यों का निर्वहन करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पहली फाइल में भ्रष्टाचारी को दंडित करने की कार्यवाही करने की स्वीकृति दी है, यह स्पष्ट संदेश है। मंत्री वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम विकास पथ पर आगे बड़ रहे हैं। मंत्रालय में कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर प्रमुख सचिव राजस्व निकुंज श्रीवास्तव उपस्थित थे। राजस्व अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक में उप सचिव राजस्व सुश्री नेहा मारव्या, उप राहत आयुक्त सुश्री सुमन लता माहोर, संयुक्त राजस्व आयुक्त राजीव नंदन श्रीवास्तव उप राजस्व आयुक्त श्रीमती अलका सिंह बामनकर, श्रीमती नीतू सिंह गुप्ता, श्रीमती ऋषि मौर्य, लेखा श्रोती, ओएसडी राजस्व सुश्री सुनीता लाल, उप संचालक एमपीएलआरएम श्रीमती नमिता खरें उपस्थित थी।

राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 17 अफसरों के तबादले किए

The state government transferred 17 officers of the State Administrative Service. भोपाल। राज्य शासन ने शुक्रवार को राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) के 17 अधिकारियों के तबादले कर दिए। इन सभी अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर स्थानांतरित किया गया है। राज्य शासन से जारी आदेश के अनुसार जीएडी कार्मिक भोपाल में उप सचिव जितेंद्र सिंह चौहान को इंदौर संभाग में क्षेत्रीय उपयुक्त भू अभिलेख बनाया गया है। इसीतरह विवेक रघुवंशी को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) कार्मिक में उप सचिव के पद पदस्थ किया गया है। भोपाल में पदस्थ अपर कलेक्टर प्रकाश सिंह चौहान को जीएडी कार्मिक में उप सचिव बनाया गया है। रीवा में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ शैलेंद्र सिंह को अपर कलेक्टर सागर भेजा गया है। सपना त्रिपाठी को सागर से रीवा संयुक्त कलेक्टर बनाया शासन ने श्रीमती सपना त्रिपाठी को सागर से रीवा में संयुक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ किया है। इसी पद पर दतिया में पदस्थ इकबाल मोहम्मद को संयुक्त कलेक्टर पन्न्ाा बनाया गया है। जबकि राजीव रंजन पांडे को संयुक्त कलेक्टर बालाघाट, अनुराग सिंह को संयुक्त कलेक्टर सीधी, शैलेंद्र सिंह को संयुक्त कलेक्टर टीकमगढ़, नीरज शर्मा को संयुक्त कलेक्टर दतिया, सत्यनारायण दर्रो को पन्न्ाा से संयुक्त कलेक्टर झाबुआ, सुश्री फरहीन खान को नर्मदापुरम से संयुक्त कलेक्टर सागर, श्रीमती भारती देवी मिश्रा को संयुक्त कलेक्टर टीकमगढ़ और सुश्री अंकिता प्रजापति को संयुक्त संयुक्त कलेक्टर धार पदस्थ किया गया है। इसीतरह अक्षय सिंह मरकाम को डिप्टी कलेक्टर इंदौर से डिप्टी कलेक्टर झाबुआ, राहुल चौहान को धार से डिप्टी कलेक्टर छतरपुर और श्रीमती जूही गर्ग को राजगढ़ से डिप्टी कलेक्टर सागर पदस्थ किया गया है।

प्रदेश में तबादले का दौर जारी इसी कड़ी में इंदौर और भोपाल कलेक्टर का तबादला

Round of transfers continues in the state, in this series Indore and Bhopal Collector transferred आशीष सिंह इंदौर और कौशलेंद्र विक्रम सिंह भोपाल कलेक्‍टर बनाए गए भोपाल ! मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं।भोपाल। मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। आशीष सिंह को इंदौर कलेक्‍टर बनाया गया है। इंदौर कलेक्‍टर इलैया राजा टी को अब मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बना दिया गया है। आशीष सिंह इससे पहले भोपाल कलेक्‍टर थे। भोपाल कलेक्‍टर का दायित्‍व अब कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंपा गया है। वे इससे पहले मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम भोपाल के प्रबंध संचालक थे।

जर्जर आवास में मेंटेनेंस की कमी से रहवासी परेशान  अधीक्षक यंत्री को जांच के निर्देश

Residents upset due to lack of maintenance in dilapidated house, instructions to superintendent engineer for investigation भोपाल। मप्र मानव अधिकार आयेाग ने भोपाल जिले के 3 मामलों में संज्ञान लिया है। पहला मामला जर्जर आवास में मेंटेनेंस की कमी से रहवासियों के परेशान होने का है। आयोग के संज्ञान में आया है कि तुलसी नगर स्थित सरकारी आवास तीन दशक पुराने होने एवं जर्जर घोषित होने के बाद भी लोग वहां रहने पर मजबूर है। सरकारी आवास में मेंटेनेंस की कमी से रहवासियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों ने आवास की सुधार के लिये कई बार शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।  मामले में आयोग ने अधीक्षक यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भवन सुधारण) को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी पूछा है कि संधारण के लिए कितनी शिकायत प्राप्त हुई, कितनों का निराकरण किया गया और कितनी लम्बित और कितने समय से लम्बित है, यह स्थिति भी प्रतिवेदन मे दें। इन मामलों में भी जवाब-तलब: आयोग ने रातीबढ़ थानाक्षेत्र स्थित केरवा डैम की नहर में बीते बुधवार को एक युवक की डूबने से मौत होने की घटना पर कलेक्टर को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शहर में कई जगह बने अलाव के पाॅइंट पर लकड़ियों की कमी से लोगों को कड़ाके की ठंड में परेशान होने के मामले में कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त से जवाब मांगा है।

अवधपुरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा कार्यवाही

Action by Food Safety Administration in Avadhpuri area भोपाल । अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एम.पी. नगर श्री एल.के. खरे के नेतृत्व में बुधवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन भोपाल द्वारा अवधपुरी क्षेत्र स्थित श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार, कानुपर स्वीट्स, श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार तथा विजयश्री सुपर बाजार का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किये गये।   इस दौरान श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार से बादाम बर्फी, समोसे का मसाला, आलू की सब्जी, कचौड़ी का मसाला कानुपर स्वीट्स् से समोसा मसाला, पिस्ता बर्फी, बेसन लड्डू, सोयाबीन तेल तथा मैदा, श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार से नमकीन, पेड़ा, मलाई बर्फी, चिक्की, तिल के लड्डू एवं अचार तथा विजयश्री सुपर बाजार से मूंगफली, पोहा, दलिया एवं बाजरा आटा के नमूने लिये गये । कानुपर स्वीट्स् के किचिन में अव्यवस्था पाये जाने पर एस.डी.एम. श्री एल. के. खरे द्वारा पांच दिवस के भीतर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिये गये। श्री बीकानेर मिष्ठान्न भण्डार में विक्रय के लिए संग्रहित खाद्य पदार्थों के लेबल संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन होना पाये जाने पर लगभग 40 किलोग्राम नमकीन, 15 किलोग्राम ड्राई फ्रूट, 15 किलोग्राम चिक्की तथा 20 किलोग्राम मठरी जप्त किया गया। कार्यवाही के दौरान तहसीलदार श्री सुनील वर्मा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जल्द बदलेगी पुलिस थानों की सीमा।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जल्द बदलेगी पुलिस थानों की सीमा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद जारी हुआ आदेश। संतोष सिंह तोमर  भोपाल। मध्यप्रदेश में सभी जिलों की थानों की सीमाएं बदलने जा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा इसके लिए किये गए फैसले के पालन में राज्य सरकार ने इस मामले के आदेश जारी कर दिए। इसके लिए कलेक्टर और एसपी सहित कुछ अधिकारीयों की एक कमेटी बनाई गई है जो सीमा निर्धारण को लेकर 31  जनवरी तक अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगी।  बदल जयगा प्रदेश के थानों का नक्शा। राज्य सरकार ने प्रदेश भर के थानों और पुलिस चौकियों का नए सिरे से निर्धारण करने की मंशा जाहिर की थी जिसके चलते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसको लेकर विगत दिनों अधिकारियों को निर्देश दिए थे इसके चलते आज गृह विभाग ने इसको लेकर सभी जिला कलेक्टर और एसपी को आदेश जारी कर दिए।  इस आदेश के अनुसार सभी जिला कलेक्टरों को इस बात के लिए अधिकृत किया गया है कि वे अपने जिले के थानों और चौकियों की सीमाओं का निर्धारण करें। इसमें वे  एसपी और जिला अभियोजन अधिकारी के साथ भी सलाह करेंगे और सुझाव लेंगे। उन्हें इसकी रिपोर्ट 31 जनवरी 2024 तक भोपाल गृहमंत्रालय तक भेजने को कहा गया है।  फरवरी अंत में बदलेगी सीमा  बताया गया है कि कलेक्टरों की रिपोर्ट मिलते ही  इस पर विचार विमर्श के   बाद फरवरी 2024  में गृह विभाग राज्य पत्र में अधिसूचना जारी करेगा,अधिसूचना के साथ ही नई सीमाएं प्रभावी हो जाएंगी। गृह विभाग ने यह भी कहा है कि सीमा का पुनर्निधारण करते समय थानों की पारस्परिक अपराध संख्या और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए।  पुलिस थानों और चौकी क्षेत्रों की सीमा का ठीक तरह से निर्धारण ना होने से कई बार स्थानीय स्तर पर अपराध की संख्या जुटाने और अपराध पंजीबद्ध करने में परेशानी आती है।

मोदी जी के नेतृत्व में श्रीराम का मंदिर निर्माण हुआ और ग़रीब का घर भी – रामेश्वर शर्मा 

Under the leadership of Modi ji, Shri Ram’s temple was built and also the house of the poor – Rameshwar Sharma विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए विधायक रामेश्वर शर्मा  भोपाल। 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्षों एवं बलिदान के बाद अयोध्या जी में प्रभु श्रीराम का भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संभव हुआ प्रधानमंत्री जी ने श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ साथ काशी और बाबा महाकाल की नगरी को तो संवारा ही साथ ही उन्होंने भारत के करोड़ों ग़रीब परिवारों के पीएम आवास बनाकर उनका भी कल्याण किया। यह बात विधायक रामेश्वर शर्मा ने कही ज्ञात हो विधायक रामेश्वर शर्मा बुधवार को बंगरसिया, झागरिया एवं कोलार के वार्ड 80 व 81 में पहुँची विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार नागरिक के द्वार द्वार जाकर शासन की योजनाओं का लाभ दे रही है। नहीं तो पहले की सरकारों के द्वार पर नागरिकों को जाना पड़ता था। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा नागरिकों के जीवन में ख़ुशहाली लाने की नागरिकों के जीवन को बदलने की यात्रा है। इस यात्रा से जुडकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार को योजनाओं का लाभ लें।श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास के पथ पर अग्रसर है। विकास और सुशासन के साथ मोहन सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।   विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर भारी उत्साह मोदी जी के साथ सेल्फ़ी ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र  विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर हुजूर विधानसभा में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है । यात्रा में लोग विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवेदन देकर योजना का लाभ ले रहें है तो दूसरी ओर युवा और बच्चे मोदी जी के साथ सेल्फ़ी बूथ पर उनके साथ सेल्फ़ी ले रहे है। विकसित भारत संकल्प यात्रा में ड्रोन के माध्यम से दबाई छिड़काव के लिए ड्रोन का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण भी दिया जाता है जिसके प्रति विशेषकर युवाओं में उत्साह, उमंग एवं उत्सुकता को साफ़ देखा जा रहा है।

जैविक खेती से किसानों का मोह हो रहा है भंग, फर्टिलाइजर की मांग बढ़ी

Farmers’ fascination with organic farming is waning, demand for fertilizer increased  उदित नारायण  भोपाल। सरकार भले ही पांच साल में खेती से दोगुनी आय करने का दावा कर रही है, लेकिन जागरुकता व संसाधनों की कमी से किसानों का जैविक खेती से मोह भंग हो रहा है। जैविक खाद तैयार करने में मेहनत ज्यादा और मुनाफा कम होने से किसान रासायनिक खाद की ओर रुख कर रहे हैं। सरकारी रिकार्ड के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में जैविक खेती करने वाले किसानों की संख्या शून्य है, जबकि सरकार इसके प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों खर्च कर चुकी है। प्रदेश में जैविक खेती के मामले में आदिवासी बाहुल्य जिले आगे हैं। पिछले दस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो डिंडोरी, मंडला, खरगौन, सिंगरौली और अनूपपुर के किसानों ने ज्यादा जैविक खेती को अपनाया है। वहीं बड़े शहरों से लगे जिलों के किसानों ने इसमें कम ही रुचि दिखाई है। जिलों में न तो जैविक उत्पादों के खरीददार हैं और ना ही बड़े शहरों से जोड़ने के लिए पर्याप्त और सुगम परिवहन व्यवस्था। यह है समस्या :  जैविक खेती करने के लिए किसानों के पास पर्याप्त तकनीकी ज्ञान नहीं है। जैविक कम्पोस्ट तैयार करने किसानों को उचित प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। जैविक फसलों को बेचने की समस्या ज्यादा रहती है। बाजार (मंडी) व्यवस्था ठीक न होने से जैविक गेहूं को रासायनिक खाद से उत्पन्न गेहूं की तुलना में कम कीमत मिलती है। जैविक उत्पादों के खरीदार शहरों में मिलते हैं। इससे किसान स्थानीय बाजार में कम दामों पर बेच देते हैं। एजेंसियों का दावा– हर साल की तरह रबी सीजन में 5.40 लाख टन यूरिया बांटा जा चुका। रबी के मौसम में कुछ दिनों पहले तक किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लगना पड़ रहा था। हालांकि सरकारी एजेंसियों का कि अब तक रबी सीजन में 5.40 लाख टन यूरिया जा चुका बीते 5 सालों के आंकड़ें देखें तो फर्टिलाइजर  सप्लाई एमपी में दोगुनी हुई है फिर भी हर साल किल्लत होती है। साल 2017-18 में जहां रबी के फर्टिलाइजर की सप्लाई 10.08 लाख टन थी, वहीं 23 में ये बढ़कर 19.89 एलटी हो गई, यानी लगभग दोगुनी हो गई। साल 2023-24 में ताजे के मुताबिक 5.40 लाख टन यूरिया की सप्लाई । है। जो मौसम के अंत तक 13.5 एलटी होने की स है। फिर भी नवम्बर के महीनों में प्रदेश भर में सोसाइटियों के बाहर किसानों को लंबी लंबी ब लगना पड़ा। हाल के दिनों में भी छतरपुर, मुरैना, शिवपुरी, नरसिंहपुर, सतना, भोपाल के कई हिस्स कई जिलों में यूरिया डीएपी की कमी देखी गई है।

कल से चलेंगी स्कूल एवं सिटी बसें

School and city buses will run from tomorrow Decision in the meeting with school bus operators and city bus operators सीटी , स्कूल बस के चलने में यदि किसी ने व्यवधान उत्पन्न किया तो की जाएगी रासुका की कार्यवाही निर्देश का पालन न करने पर संबंधित ऑपरेटर के विरुद्ध कार्यवाही के साथ ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा भोपाल। आयुक्त भोपाल संभाग डॉ. पवन शर्मा की अध्यक्षता में सिटी बस संचालकों एवं स्कूल बस संचालकों की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह एवं पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायण चारी मिश्रा उपस्थित रहे। बैठक में सिटी बस संचालकों एवं स्कूल बस संचालकों के साथ चर्चा कर संभाग आयुक्त डॉ. शर्मा ने निर्देश दिये कि कल से स्कूल एवं सिटी बसें चलाई जाये। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने बैठक में ऑपरेटर्स से कहा कि आप निश्चिंत होकर बसें चलायें।प्रशासन एवं पुलिस का आपको संपूर्ण सहयोह रहेगा। उन्होंने कहा कि सीटी, स्कूल बस के चलने में यदि किसी ने व्यवधान उत्पन्न किया तो उस पर रासुका की कार्यवाही की जायेगी। साथ ही उन्होंने यह बात भी कही कि निर्देश का पालन न करने पर संबंधित ऑपरेटर के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी एवं ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

ट्रक हड़ताल के बीच सीएम मोहन यादव ने की अधिकारियों से बैठक

CM Mohan Yadav held a meeting with officials amid truck strike मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नागरिकों को आवश्यक सामग्री के लिए परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नागरिकों को आवश्यक सामग्री के लिए परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय में कमिश्नर, कलेक्टर और एसपी के साथ वीसी के माध्यम से ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के मद्देनजर किए जा रहे आवश्यक उपायों की जानकारी प्राप्त की एवं जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नागरिकों को आवश्यक सामग्री के लिए परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं।

प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार संभाग और जिलों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण किया जाये, सीएम

The boundaries of divisions and districts should be redrawn as per the need in the state. इसके लिये कमेटी बनाकर अध्ययन कराया जाये। इस कार्य की शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इंदौर संभाग से की जाये।  भोपाल ! मुख्यमंत्री ने थानों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।मुख्यमंत्री ने कहा उक्त प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी विचार विमर्श किया जाये। मुख्यमंत्री ने बैठक में संभाग में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ ही कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद अब जिला स्तर पर भी इस तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित की जायेंगी। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा और डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।  बैठक में मंत्रीगण श्री तुलसीराम सिलावट, श्री विजय शाह, सुश्री निर्मला भूरिया तथा श्री नागर सिंह चौहान सहित संभाग के सांसदगण, विधायकगण, स्थानीय निकायों के महापौर और अध्यक्षों सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारीगण मौजूद थे।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस का अपना बैंड होना चाहिये। इसके लिये प्रदेश में कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस बैंड में पर्याप्त संख्या में सदस्य रहें, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इसके लिये सहमति के आधार पर होमगार्ड के जवानों को भी पुलिस बैंड में शामिल किया जाये। पर्याप्त संख्या में सहमति नहीं मिलने पर होमगार्ड में बैंड वादकों को भर्ती किया जाये।  डॉ. यादव ने कहा कि अपराधों पर प्रभावी निगरानी एवं अपराधों की ट्रेसिंग के लिये अब गॉवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पंचायतों के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगवाये जायें। उन्होंने शहरों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनसहयोग से किया जाये। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर ओंकारेश्वर में नये घाट निर्माण और दर्शन की सुलभ व्यवस्था के लिये कार्ययोजना बनायी जाये।  उन्होंने दर्शनार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में प्रत्येक जिलों में साइबर थानों की स्थापना पर भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने डीजे तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग के प्रतिबंध को प्रभावी रूप से पालन कराने के लिये की गई कार्यवाहियों की समीक्षा भी की गई। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस संबंध में लिये गये निर्णयों की सराहना की। उन्होंने इस कार्य को आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिये बेहतर कदम बताया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विकास कार्यों के लिये प्रस्ताव बनाकर अपने जिलों के कलेक्टरों के माध्यमों से शीघ्र भिजवाएं।

प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल ,10 IAS ,4 कलेक्टर बदलें 

10 IAS officers transferred, collectors of 4 districts changed भोपाल । मध्यप्रदेश में 10 IAS अफसरों के दबादले किए गए हैं। 4 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। इनमें उज्जैन, बैतूल, नर्मदापुरम और गुना जिला शामिल है। गुना से हटाए गए कलेक्टर तरुण राठी की जगह बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह को गुना कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री के सचिव और आयुक्त जनसंपर्क की जिम्मेदारी निभा रहे विवेक पोरवाल को हटाकर उन्हें प्रमुख राजस्व आयुक्त बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें आयुक्त भू अभिलेख की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख राजस्व आयुक्त संदीप यादव को आयुक्त जनसंपर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीरज कुमार सिंह उज्जैन कलेक्टर बनाए गए हैं, जबकि उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को उपसचिव शासन बनाया गया है। बैतूल कलेक्टर की जिम्मेदारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को सौंपी गई है। सोनिया मीना को बैतूल कलेक्टर और उज्जैन नगर निगम आयुक्त रौशन कुमार सिंह को स्मार्ट सिटी सीईओ भोपाल बनाया गया है। जबलपुर नगर निगम आयुक्त स्वप्निल वानखेड़े को संस्थागत वित्त का ओएसडी बनाया गया है जबकि प्रीति यादव अब जबलपुर नगर निगम कमिश्नर होंगी।

वन विहार उपचार हेतु लाये गये तेंदुआ शावक की मृत्यु.

Death of leopard cub brought for treatment in forest parkभोपाल। सामान्य वनमंडल अलीराजपुर की परिक्षेत्र जोबट के ग्राम छोटा उण्डवा से रेस्क्यू कर उपचार के लिए लाए गए तेंदुआ शावक की 28 एवं 29 दिसम्बर 2023 की दरम्यानी रात में उक्त तेंदुआ शावक की मृत्यु हो गई। प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण निमोनिया परिलक्षित हुआ है। मृत तेंदुआ शावक का सेम्पल एकत्रित कर परीक्षण हेतु स्कूल आफ वाईल्डलाईफ फॉरेंसिक हैल्थ जबलपुर भेजे गये है। पोस्टमार्टम उपरांत मृत नर तेंदुआ शावक का नियमानुसार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन विहार के अधिकारियों तथा उपस्थित कर्मचारियों के समक्ष दाह संस्कार किया गया।वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता वन विहार एवं वन्यप्राणी चिकित्सक, वाईल्ड लाईफ एस.ओ.एस. डॉ. रजत कुलकर्णी, द्वारा संयुक्त रूप से पोस्टमार्टम किया गया। उल्लेखनीय है कि तेंदुआ शावक मां से बिछड़ गया था। मां से अलग होने के बाद रेस्क्यू कर अलीराजपुर डिपो परिसर में रखा गया। शावक की अत्यंत कमजोर स्थिति को देखते हुये वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार इसे को दिनांक 23.08.2023 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में उपचार एवं रखरखाव हेतु लाया गया था। तत्समय उक्त तेंदुआ शावक को क्वेरेंटाईन बाड़े में रखा जाकर उसका उपचार एवं रखरखाव किया गया। क्वेंरेटाईन अवधि पूर्ण होने के पश्चात उक्त शावक को स्वस्थ्य हालत में तेंदुआ हाउसिंग में स्थानांतरित किया गया था।

पांच हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश

Recommendation for appointment of Chief Justices in five High Courts, Collegium suggested names of these judges. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नाम की सिफारिश की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट समेत पांच उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नामों की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में जस्टिस संजीव खन्ना और बीआर गवई सदस्य हैं। जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो गया था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। एक प्रस्ताव में कहा गया है कि मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के नाम पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (जो उनका मूल उच्च न्यायालय है) का देश के उच्च न्यायालयों में कोई मुख्य न्यायाधीश नहीं है। 27 दिसंबर को जारी प्रस्ताव में न्यायमूर्ति नागू के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि वह एक योग्य न्यायाधीश हैं और उनमें उच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के लिए जरूरी उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा और आचरण है। न्यायमूर्ति नागू के नाम की अनुशंसा करते समय कॉलेजियम इस तथ्य पर विचार किया कि न्यायमूर्ति शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए सभी मानकों पर फिट और उपयुक्त हैं। न्यायमूर्ति बिश्नोई की अनुशंसा के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि उन्होंने बार और बेंच में पेशेवर नैतिकता का उच्च स्तर बनाए रखा है और उनका आचरण और सत्यनिष्ठा पर कोई दाग नहीं है। कॉलेजियम ने कहा कि न्यायमूर्ति भंसाली ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्याय देने का व्यापक अनुभव हासिल किया है।

सीएम दिल्ली दौरे पर, केंद्रीय नेताओं से करेंगे चर्चा, आज हो सकता है मंत्रियों को विभाग का बंटवारा.

CM on Delhi tour, will discuss with central leaders, departments may be distributed among ministers today भोपाल ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को आज विभाग का बंटवारा हो सकता है। सीएम आज दिल्ली दौरे पर हैं। वहां केंद्रीय नेताओं के साथ विभाग के बंटवारे को लेकर फाइनल चर्चा कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को शुक्रवार को विभाग का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली दौरे पर सीएम केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर अंतिम चर्चा कर सकते हैं। सीएम शुक्रवार दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे।दिल्ली दौरे पर जाने से पहले सीएम ने संगठन महामंत्री हितानंद से उनके निवास पर चर्चा की। इसके बाद सीएम दिल्ली रवाना हो गए। सीएम शुक्रवार को दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि वह दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते है और विभाग के बंटवारें को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद प्रदेश के मंत्रियों को विभाग का बंटवारा कर दिया जाएगा। बता दें डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का 12 दिन चले विचार मंथन के बाद 25 दिसंबर को विस्तार हो गया, लेकिन तीन दिन बाद भी मंत्री खाली हाथ हैं। उन्हें विभागों का आवंटन नहीं हो सका है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के नाम के साथ ही विभागों का आवंटन भी दिल्ली से होना है। इसको लेकर सीएम ने सूची बनाकर आलाकमान को भेज दी है। अब इस पर केंद्रीय नेताओं की तरफ से अंतिम मुहर लगना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के अलावा दो डिप्टी सीएम और 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। प्रदेश में 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का चयन किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर को सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली। इसके 12 दिन बाद 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, लेकिन अब तक मंत्रियों को विभाग का बंटवारा नहीं हुआ है।

अग्रवाल और सुबुद्धि को नए साल में प्रमोट करने विभाग ने मांगे पी.पी.सी.एफ के चार नए पद.

The department to promote Agarwal and Subuddhi has sought four new positions for the PPCF in the New Year. उदित नारायणभोपाल। वन विभाग ने सेवानिवृत होने से पहले दो वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों को प्रमोशन देने के लिए राज्य शासन से पीसीसीएफ के चार पद मांगे है। इस आशय का प्रस्ताव मंत्रालय वल्लभ भवन में भेज दिया गया है। राज्य शासन 6 महीने के लिए अस्थाई तौर पर पीसीसीएफ के चार पद स्वीकृत कर सकता है। पीसीसीएफ के चार पद की मंजूरी मिलने के बाद 1991 बैच के दो अपर प्रधान मुख्यमंत्री वन संरक्षक (वन्य प्राणी) और एपीसीसीएफ (वित्त एवं बजट) पंकज अग्रवाल के अलावा 1992 बैच के एपीसीसीएफ (विकास) यूके सुबुद्धि तथा वन विकास निगम में पदस्थ एपीसीसीएफ सुदीप सिंह पीसीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी है। 1991 बैच के एपीसीसीएफ पंकज अग्रवाल मार्च 24 में और 1992 बैच के यूके सुबुद्धि नवम्बर 24 में रिटायर हो जाएंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अनुसार राज्य में पीसीसीएफ के निर्धारित मापदंड (2%) से अधिक पद पर कार्य कर रहें है। इसके पहले भी वन विभाग ने रिटायरमेंट के पहले के रमन को पीसीसीएफ पद पर प्रमोशन देने की मंशा से राज्य शासन ने पद मांगे थे, जिसे तत्कालीन मुख्य सचिव इक़बाल सिंह बैस ने ख़ारिज कर दिया था।आईएफएस के लिए डीपीसी टलीराज्य सरकार के गठन की प्रक्रिया के चलते 13 राज्य वन सेवा से आईएफएस अवार्ड के लिए 22 दिसंबर को प्रस्तावित पदोन्नति कमेटी की बैठक टल गई है। इस बैठक में 2009 बैच के राज्य वन सेवा के अधिकारी रामकुमार अवधिया को आईएफएस पद पर प्रमोट करने के लिए हरी झंडी मिलने की संभावना थी। कमेटी 2011 बैच के आशीष बांसोड़, विद्याभूषण सिंह, गौरव कुमार मिश्रा, तरुणा वर्मा, हेमंत यादव, सुरेश कोड़ापे, प्रीति अहिरवार, लोकेश निरापुरे, राजाराम परमार, करण सिंह रंधा और माधव सिंह मौर्य को आईएफएस अवार्ड के लिए हरी झंडी दे सकती है। गड़बड़ियों में उलझे रहने की वजह से 2011 बैच की डॉ कल्पना तिवारी और राजबेंद्र मिश्रा के नाम विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि 13 अधिकारियों को आईएफएस अवार्ड देने के लिए 2011 बैच से 2013 बैच के करीब राज्य वन सेवा के 39 अफसरों के नाम पर मंथन होना था।

कैलाश विजयवर्गीय ने BJP राष्‍ट्रीय महासचिव पद से दिया इस्‍तीफा

Kailash Vijayvargiya resigns from the post of BJP National General Secretary कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के सिद्धांत एक व्यक्ति एक पद के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। इस आशय का पोस्‍ट विजयवर्गीय ने एक्‍स हैंडल पर भी किया है। नई दिल्ली। मोहन यादव मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए गए कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से त्‍यागपत्र दे दिया है। उन्होंने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा।उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रसाद नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए दी। पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है: कैलाश विजयवर्गीयउन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रसाद नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। मेरा सौभाग्य रहा कि मैंने 9 वर्ष तक पहले श्री अमित शाह जी फिर श्री जेपी नड्डा जी के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न स्थानों पर संगठन को गढ़ने में प्राणप्रण से कार्य किया। अब मुझे पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है। मैं प्रधानमंत्री जी का संकल्प वर्ष 2047 में भारत, विश्व का शक्तिशाली देश बने। इस दिशा में मध्यप्रदेश को शक्तिशाली बनाने के लिए हम माननीय प्रधानमंत्री श्री जी के नेतृत्व में कार्य करेगें

चंबल नदी में अवैध खनन, पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिलीभगत।

Illegal mining in the Chambal River, clash between police and forest officers पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिली भगत से चल रहा सारा खेल। Special Correspondent, Sahara Samachaar, Morena. मुरैना।अम्बाह चम्बल नदी मे रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद,की शासन प्रशासन रेत माफियाओं के सामने सरेंडर होता प्रतीत हो रहा है। अंबाह थाने के अंतर्गत आने वाले बीच का पूरा घाट से चंबल नदी के रेत का अवैध खनन रुकने का नाम ही नही ले रहा है अंबाह फॉरेस्ट अधिकारी अपनी चैंबर में कुंभ करन की नींद सो रहे है । फॉरेस्ट अधिकारी न तो किसी घाट का चक्कर लगाने जाते है और न ही किसी रेत माफिया पर कार्यवाई कर रहे है। जिसके चलते रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद होते नज़र आ रहे है बीच के पूरा घाट से चंबल नदी के रेत के अवैध खनन लगातार जारी हैं। क्या रेत माफियायों पर पुलिस प्रशासन और फॉरेस्ट अधिकारी कार्यवाई करने में असमर्थ है ? क्या रेत का अवैध खनन पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिलीभगत से हो रहा है ? ऐसे अनेके प्रकार के सवाल उठते नज़र आ रहे हैं अब देखना ये रहा की अंबाह थाने के अंतर्गत आने वाले बीच का पूरा घाट पर शासन और प्रशासन के द्वारा क्या कार्यवाई की जायेगी या यू ही खेल चलता रहेगा।

देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी में डिस्टलरी मालिक को सजा.

Punishment for the owner of the country’s largest liquor distillery in the biggest liquor smuggling case. शराब तस्करी करवाने के लिए आबकारी अधिकारियो ने छपवा लिए फर्जी परमिट, शासन को राजस्व का मोटा चुना भोपाल/इंदौर । डिस्टलरीज से शराब तस्करी करने पर, बेटमा थाने में दर्ज अपराध क्रमांक/565/11 धारा 34(2), 420, 467, 468, 471, 120बी में अपर सत्र न्यायाधीश निलेश यादव ने दिनांक 23/12/2023 को डिस्टलरीज मालिक और तत्कालीन आबकारी अधिकारियो को सश्रम कारावास और अर्थ दंड से दंडित किया, जज ने अधिकारियों की अधिक उम्र को देखते हुए सजा कम दी है। सोम डिस्टलरीज से शराब तस्करी का मुरैना के बाद यह दूसरा अपराध है, जिसमे सोम डिस्टलरीज/मालिक को सजा हुई है। यह प्रकरण देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी है क्योंकि इसमें आबकारी विभाग के अफसरों ने ही शासन के द्वारा जारी किए जाने वाले परमिट फर्जी बना कर दिए जाना प्रमाणित हुआ है, इसके लिए फर्जी परमिट प्रोफार्मा छपवाए गए है, जो शराब तस्करी के लिए प्रदेश में धडल्ले से जारी किए जा रहे है….

भोपाल, व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार में और गति लायें – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Bhopal should bring more momentum in the expansion of vocational education – Chief Minister Dr. Yadav मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर दिए निर्देश भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर देश में लागू की गई “नई शिक्षा नीति-2020″में व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल स्टडीज) पर विशेष जोर दिया गया है। इसी के अनुरूप मध्यप्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार के लिये किए जा रहे प्रयासों में और गति लाई जाए। विद्यार्थी द्वारा स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद उच्च शिक्षा के लिये प्रवेश लेने के दौरान ही उन्हें वोकेशनल स्टडीज से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के लिये प्रेरित किया जाए। इससे संपूर्ण शिक्षा प्रणाली को और सार्थक बनाया जा सकता है। नये सीएम राइज विद्यालयों के लिए चयन में व्यावहारिक आधार पर निर्णय लिया जाये और विद्यालयों के निर्माण में डिजाइन और अन्य सभी व्यवस्थाओं को भी बेहतर तरीके से पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादवआज मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की कार्य गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा की वर्तमान व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं, नियमित पाठ्यक्रमों के संचालन, सीएम राइज स्कूलों के प्रबंधन और शिक्षा विभाग द्वारा अन्य विभागों के समन्वय से विद्यार्थियों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने विभाग द्वारा राज्य शासन की प्राथमिकताओं और संकल्प पत्र के बिन्दुओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने विभाग के कार्यों और योजनाओं के संबंध मेंप्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश

मध्य प्रदेश पुलिस ने किया डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन

Madhya Pradesh Police performed excellently in the digital field. एनसीआरबी, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया सम्मान, पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर डीजीपी श्री सक्सेना ने पुलिस टीम को दी बधाई भोपाल ! पुलिसिंग में तकनीकी पहल करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की एससीआरबी टीम ने नई दिल्ली में पुरस्कार प्राप्त करने के बाद आज मप्र पुलिस के मुखिया डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना से सौजन्य भेंट की। यह उपलब्धि प्राप्त करने पर डीजीपी श्री सक्सेना ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसके लिए पूरी टीम को बधाई दी व उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मध्य प्रदेश पुलिस को नवीन ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। जिन्हें प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है, वे इसे कायम रखें और जो दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं, वे आगामी वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त करने का प्रयास करें।इस अवसर पर भोपाल के पुलिस मुख्यालय, एससीआरबी में पदस्थ एडीजी श्री चंचल शेखर, एआईजी प्रांजलि शुक्ला, निरीक्षक डॉली गोस्वामी, प्रधान आरक्षक (कम्प्यूटर) अंकुश सोनी और अर्शदीप सिंह सहित पूरी टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस को मिला प्रथम पुरस्कार :-उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में 21-22 दिसंबर 2023 को आयोजित “Conference on Good Practices in CCTNS/ICJS, 2023 ” में राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्‍यूरो (एनसीआरबी), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं आईसीजेएस का उपयोग करते हुए अपराधों की रोकथाम करने के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। आईसीजेएस (इन्टर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य के लिए संपूर्ण देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मध्य प्रदेश पुलिस को यह ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके साथ ही प्रदेश की फॉरेंसिक शाखा को देशभर में द्वितीय स्थान और मध्य प्रदेश पुलिस को e-Rakshak Mobile App की नई पहल के लिए भी तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। शीघ्र एवं पारदर्शी विवेचना के लिए महत्वपूर्ण तकनीक है आईसीजेएस :-एडीजी एससीआरबी श्री चंचल शेखर ने बताया कि मध्यप्रदेश में आईसीजेएस के क्रियान्वयन में राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। एससीआरबी सभी पिलर्स के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करता है ताकि आईसीजेएस का सुचारू रूप से संचालन, अपराधों की शीघ्रता से विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। एससीआरबी द्वारा सभी पिलर्स की मासिक बैठक लेकर समस्याओं का समाधान करने के साथ ही इनकी रिपोर्ट माननीय उच्च न्यायालय की ई-कमेटी को प्रेषित की जाती है।इन्टर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) माननीय सर्वाेच्च न्यायालय की ई-कमेटी की एक पहल है। यह आपराधिक एवं न्यायिक प्रणाली को त्वरित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईसीजेएस मुख्यत: एक एकीकृत पोर्टल है, जो पुलिस, जेल, फॉरेंसिक, प्रॉसिक्यूशन और न्यायिक विभागों को संयुक्त स्थानीय न्यायिक प्रणाली से जोड़ता है और अपराधों की विवेचना व कार्रवाई में सुधार करने में सहायता करता है। इस प्रणाली का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार लाना है ताकि विभिन्न संगठनों और विभागों के बीच समन्वय बढ़े और कार्यप्रणाली में सुधार हो सके। पैन इंडिया क्रिमिनल रिकॉर्ड सर्च, आइडेंटिफिकेशन ऑफ क्रिमिनल नेटवर्क, 360 डिग्री प्रोफाइलिंग ऑफ सस्पेक्ट आदि इसकी विशेषताएं हैं। अपराधों पर नियंत्रण का मापदंड होता है चयन का आधार :-एडीजी एससीआरबी श्री चंचल शेखर ने बताया कि आईसीजेएस पोर्टल में उत्कृष्ट प्रदर्शन मुख्यत: चार बिंदुओं पर आधारित है, जिन पर मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सफलता पूर्वक कार्य किया गया है।प्रदेश में घटित होने वाली घटनाओं में संलिप्त लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच, जो कि जनवरी 2023 तक 3 लाख 50 हजार थीं, जो नवंबर में बढ़कर 56 लाख हो गई हैं।आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी स्तंभों में जानकारी का अधिक से अधिक आदान-प्रदान होना – एफएसएल की जांचों की जानकारियों का आदान-प्रदान देश में पहली बार मध्य प्रदेश में व्यवस्थित रूप से किया गया।आईसीजेएस के उपयोग से अपराधियों तक पहुंचनामध्य प्रदेश में पहली बार जिले एवं तहसील स्तर के न्यायाधीशों का आईसीजेएस में प्रशिक्षण एवं उपयोग किया गया।

वन विभाग ने वनों की सुरक्षा के लिए मांगी एस.ए.एफ की तीन अतिरिक्त कंपनियां

The Forest Department requested three additional companies of the Special Armed Forces (S.A.F.) for the protection of forests. उदित नारायण भोपाल। राज्य के वन विभाग ने मंत्रालय में दिये एक उच्च स्तरीय प्रेजेन्टेशन में एसएएफ की तीन अतिरित कंपनियां मांगी हैं। वर्तमान में एसएएफ की तीन कंपनियां क्रमशः आठवीं वाहिनी छिन्दवाड़ा, 15 वीं वाहिनी इंदौर एवं 26 वीं वाहिनी गुना के 221 सशस्त्र अधिकारी एवं कर्मचारी वन क्षेत्र में पदस्थ हैं जिन्हें 14 संवेदनशील वनमंडलों में संलग्न किया गया है। चूंकि वनकर्मियों को बंदूक चलाने का अधिकार नहीं दिया गया है, इसलिये वन विभाग ने एसएएफ की तीन अतिरिक्त कंपनियों को देने की और मांग की है। इसी प्रकार, प्रेजेन्टेशन में वन अधिकारियों को पुलिस की तरह वाहनों में बीकन लाईन लाइट लगाने, वन्य प्राणी के हमले में जनहानि होने पर 12 लाख रुपये हर्जाना देने, वन कर्मचारियों को पुलिस की तरह 13 माह का वेतन देने, पौष्टिक आहार भत्ता देने एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थी पर पुलिस की तरह नक्सल भत्ता देने की भी मांग की है जिससे वन कर्मियों का मनोबल बढ़ सके।

श‍िवराज सिंह चौहान ने सीएम आवास खाली किया, खाली करने से पहले पूजा अर्चना की

Shivraj Singh Chouhan vacated the Chief Minister’s residence, performing a puja and ritual before the evacuation. सीएम आवास खाली करने से पहले श‍िवराज ने किए गौ माता के दर्शन, सुरक्षाकर्मियों ने दी विदाई श‍िवराज सिंह चौहान ने परिवार सहित सीएम हाउस स्थित मंदिर में की पूजा .भोपाल। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान सीएम आवास खाली कर रहे हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान कुछ देर में सीएम हाउस छोड़कर B8 74 बंगले में शिफ्ट हो गए।इससे पहले श‍िवराज सिंह चौहान ने परिवार सहित सीएम हाउस स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की और गौशाला में गौ माता के दर्शन किए । इस अवसर पर सीएम हाउस में पदस्थ सुरक्षा कर्मियों ने उन्हे विदाई भी दी। धर्मपत्‍नी साधना सिंह ने भी श‍िवराज को तिलक कर और आरती उतारकर स्‍वागत किया।इस दौरान श‍िवराज ने मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। उन्‍होंने नए दायित्‍व के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि पार्टी उन्‍हें जो भी जिम्‍मेदारी देगी वे उसे निभाएंगे।उल्‍लेखनीय है कि दिल्‍ली में श‍िवराज भाजपा के वरिष्‍ठ नेताओं से मुलाकात के बाद यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि पार्टी उन्‍हें लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कोई महत्‍वपूर्ण दायित्‍व सौंपेगी। श‍िवराज ने भी यह कहा है कि वे फ‍िलहाल दक्षिण के राज्‍यों का दौरा करेंगे।

मंत्री बनने के बाद अब मोहन सरकार को विभाग बंटवारे में आ रहा पसीना.

After becoming a minister, Mohan Sarkar is now breaking a sweat over the departmental allocations. भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी वरिष्ठ और अनुभवी हैं। हमें मिलकर काम करना है। संकल्प पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है। अधिकारियों को संकल्प पत्र की प्रक्रिया की जा चुकी है और सबसे कार्य योजना बनाने के लिए दे दिया है। सोमवार को 28 मंत्रियों की शपथ के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ मंगलवार को मंत्रालय में बैठक की। हालांकि यह बैठक बिना एजेंडे की भी, इसमें सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। इस बैठक के साथ ही यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि मंत्रियों के विभागों को बंटवारा मंगलवार शाम तक हो सकता है। सीनियर मंत्रियों को नहत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा जोरों पर हैं।जानकारी के मुताबिक बैठक में प्रदेश के विकास और विकसित भारत संकल्प यात्रा पर चर्चा हुई। विकसित भारत संकल्प यात्रा प्रदेशभर में शुरू हो चुकी है। अब मंत्रयों की जिम्मेदारी तय होगी कि वे जिलों में विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए काम करें। इसके लिए लोगों से संवाद और उनको केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा जाएगा, ताकि चुनाव के पहले सभी लोकसभा क्षेत्रों में शतप्रतिशत हितग्राहियों को लाभ मिल सके।

बदलाव की राह पर भाजपा ने लगाई मुहर

On the path of change, the BJP has stamped its approval. उदित नारायण भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में जिस तरह लगभग दो तिहाई नए चेहरों को पहली बार शामिल किया, वह भाजपा द्वारा बदलाव की राह लाने जैसा है। विजय शाह, विश्वास सारंग प्रदुम्न तोमर तुलसी सिलावट ,करण सिंह वर्मा को छोड़कर किसी ऐसे मंत्री को मौका नहीं दिया गया है, जो लंबे समय तक मंत्रिमंडल में रहा हो। भाजपा का यह बदलाव नए नेतृत्व को उभारने का प्रयोग है। जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेगा। इस बदलाव से कुछ अनुभवी और वरिष्ठ मंत्री मौका पाने से चूक गए, तो डेढ़ दर्जन नए चेहरों को मौका मिला। परंपरागत राजनीति करने और देखने वालों को इससे हैरत हुई होगी, लेकिन यथास्थिति में बदलाव किसी भी राजनीतिक दल के जीवंत रहने के लिए आवश्यक होता है। भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जिस तरह नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में जो बदलाव किया, वह नए तरह की राजनीति है। बदलाव तो हार के बाद किया जाता रहा है और बंपर जीत के बाद यथास्थितिऔर मजबूत होती आई है। भाजपा ने जीत के बाद बदलाव कर भविष्य में हार की आशंका को खारिज करने का प्रयास किया है। मध्यप्रदेश में भाजपा थोड़े अंतराल से दो दशक लगातार सत्ता में है और अगले पांच साल का सफर जारी है। मंत्रिमंडल में लगातार लंबे समय तक मंत्री रहने वालों को बदलकर नए चेहरों को मौका देने से एकतरफ जहां एकरसता टूटती है, वहीं पार्टी कैडर में यह विश्वास जागता है कि उन्हे भी आने वाले समय में मौका मिल सकेगा।

शिक्षा में विभाग में शासकीय राशि का भारी मात्रा में गबन, 15 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, जांच जारी.

Embezzlement of amount of government funds in the Education Department, cases filed against 15 individuals, investigation underway. बालाघाट, में शिक्षा विभाग में लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बालाघाट। जिला शिक्षा में विभाग में शासकीय राशि का भारी मात्रा में गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कोतवाली थाना पहुंचकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उक्त मामले में पुलिस ने करीब 15 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किया है।2018 से 2019 तक हुआ गोलमालकोतवाली थाना से मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि, 29 सितंबर 2018 से 19 दिसंबर 2023 के बीच उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट कार्यालय के प्राचार्य सहायक ग्रेड 3 दुर्गेश कुमार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से शासकीय दस्तावेजों में कूटरचित कर धोखाधड़ी पूर्वक राशि निकाली गई और इस राशि को करीब 15 शासकीय और अशासकीय व्यक्तियों के खातों में बालाघाट के कोषालय के माध्यम से भुगतान कराया गया है। इनके विरुद्ध किया अपराध दर्जशिकायत मिलने के बाद लिखित शिकायत के आधार पर बालाघाट उत्कृष्ट विद्यालय के बीओ कार्यालय के प्राचार्य दुर्गेश कुमार, अंबेश, लक्ष्मी, देवी चरण पटले, परेश कुंभारे, मुकेश डिब्बे, शैलेंद्र खरखटे, अभिषेक शुक्ला, अबीर खटोले, सुरेश, तीरेश कुमार अग्रवाल, भक्ति दोहरे, कल्याणी, नरेश फुंदे, और रूपाली वामनकर के विरुद्ध कोतवाली थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 420,467,468,471 और 120 बी के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। इनका कहना कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि का दुरुपयोग करने से संबंधित कार्रवाई के लिए कलेक्टर महोदय से आदेश प्राप्त होने पर उक्त मामले में कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई है। जिसकी विवेचना की जा रही है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -अश्विनी कुमार उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर 15 लोगों के विरुद्ध शासकीय राशि 86 लाख 44 हजार 323 रुपये गबन किए जाने के संबंध में धोखाधड़ी की संबंधित धारा के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है, मामले की विवेचना की जा रही है। -प्रकाश वास्कले, निरीक्षक, कोतवाली.

मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश

Efforts to accommodate everyone in cabinet expansion मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश, 50 फीसदी नए विधायकों को मिला मौका— प्रथम पेज मंत्रिमंडल विस्तार में सात सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायक बने मंत्री भोपाल। माेहन कैबिनेट में आज से 28 मंत्री और जुड़ गए। मंत्रिमंडल विस्तार में 18 कैबिनेट, 6 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री व 4 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इन मंत्रियों में 11 ऐसे हैं, जो मंत्री रह चुके हैं। इसमें से 6 मंत्री ऐसे हैं, जो पिछली भाजपा सरकार में भी मंत्री थे। मंत्रियों की कुल संख्या के हिसाब से 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री बनाया गया है। करीब 20 फीसदी यानी कुल 5 महिलाएं कैबिनेट व राज्य मंत्री बनी है। तीन ऐसे मंत्री भी हैं, जो लोकसभा सांसद या केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर व दमोह से दो-दो मंत्री व बाकी जिलों से एक-एक मंत्री बने हैं।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय व जिलेवार संतुलन को साधने की पुरजोर कोशिश की है। मंत्रिमंडल विस्तार में 7 सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इसके लिए हालांकि स्थानीय संगठन व संघ पदाधिकारियों से लेकर नई दिल्ल्ाी में राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा की गई। इस विस्तार में मप्र से मुख्यमंत्री यादव के अलावा किसी की नहीं चली। पुराने मंत्रियों को दरकिनार करने की मुख्य वजह क्षेत्रीय संतुलन व उनके पुराने परफारमेंस व अंदरूनी रिपोर्ट को देखा गया। इसमें भी क्षेत्रीय संतुलन भारी रहा। सूची फायनल करने में तीन बार दिल्ली के चक्कर लगाने पड़े-मंत्रियों के नाम फायनल करने में मुख्यमंत्री को पिछले 12 दिनों में तीन बार दिल्ल्ाी के चक्कर लगाने पड़े। कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्रियों के चयन में दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ ही संघ नेताओं व प्रदेश अध्यक्ष को तवज्ज्ाों दी गई। सूत्रों के मुताबिक पिछले 48 घंटे में ही कई तरह के बदलाव करने पड़े। कुछ मामलों में तो वरिष्ठ नेताओं के दबाव को भी दरकिनार कर दिया गया। संगठन का स्पष्ट कहना था कि चूंकि सभी को मंत्री नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में नए विधायकों पर ज्यादा भरोसा जताया गया।  कई मामलों में चौकानें वाले निर्णय लिए गए-भोपाल जिले से चार दावेदार थे। किंतु दो को ही मंत्री बनाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने वही निर्णय लिया। रायसेन जिले से पिछली बार डॉ. प्रभुराम चौधरी मंत्री थे, इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया। जबकि पुराने भाजपाई, पहली बार के विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल को मंत्री बनाया गया। नरेंद्र के पिता शिवा जी पटेल करीब 20 वर्ष पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। वे अब हालांकि नहीं हैं, किंतु उन्ाके बेटे को मौका दिया गया। सागर जिले में दो कद्दावर मंत्रियों गोपाल भार्गव व भूपेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जबकि इनमें से भूपेंद्र सिंह को मंत्री बनाने की पूरी संभावना थी। हो सकता है लोकसभा चुनाव में इस पर ध्यान दिया जाए। इसीतरह बैतूल जिला पूरी तरह से अछूता रहा। यहां से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। नए विधायकों पर बड़ी जवाबदारी -मंत्रिमंडल में 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री पद दिया गया है। इस हिसाब से मुख्यमंत्री यादव ने पुरानाें के साथ ही नए विधायकों पर भरोसा जताया है। हालांकि इनमें से कई ऐसे हैं, जो दो-दो बार के विधायक हैं। कैबिनेट मंत्रियों में चार विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मप्र विधानसभा का टिकट लेकर चुनाव लड़े और विधायक बने। हालांकि यह सभी केंद्र में जरूर सांसद और मंत्री थे। अब उन्हें प्रदेश में भी बड़ी जिम्म्ोदारी दी गई है। अभी भी हालांकि विधानसभा की कुल संख्या के हिसाब से 15 फीसदी यानी कुल 34 मंत्री बनाए जा रहे हैं। इस तरह से तीन मंत्री और बनाए जा सकते हैं। मंत्रिमंडल में यह बने कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्य मंत्री बने-राजभवन में आज सोमवार को गरिमामय माहौल में दोपहर बाद 3.30 बजे राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व वरिष्ठ भाजपा व संघ के नेता मौजूद थे। शपथ विधि का संचालन मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा ने किया। शपथ ग्रहण समारोह को काफी सीमित रखा गया था। इसीलिए काफी लोगों को आमंत्रण नहीं दिया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा वीडी शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।कैबिनेट मंत्री -1-प्रदुम्न सिंह तोमर, ग्वालियर2-तुलसी सिलावट, इंदौर3- एंदल सिंह कसाना, मुरैना4-नारायण सिंह कुशवाह, ग्वालियर5-विजय शाह, खंडवा6-राकेश सिंह, जबलपुर7-प्रह्लाद पटेल, नरसिंहपुर8-कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर-19-करण सिंह वर्मा, इछावर, सीहोर10-संपतिया उईके, मंडला11-राव उदय प्रताप सिंह, गाडरवारा, नर्मदापुरम12-निर्मला भूरिया, पेटलावद झाबुआ13-विश्वास सारंग, नरेला भोपाल14-गोविंद सिंह राजपूत, सुरखी सागर15-इंदर सिंह परमार, शाजापुर16-नागर सिंह चौहान, अलीराजपुर17-चैतन्य कश्यप, रतलाम18-राकेश शुक्ला, मेहगांव भिंड। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर, गोविंदपुरा भोपाल20-धर्मेंद्र लोधी, जबेरा दमोह21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लखन पटेल, दमोह24- नारायण पवार, राजगढ़। राज्यमंत्री -25–राधा सिंह, चितरंगी सीधी26-प्रतिमा बागरी, रैगांव सतना27-दिलीप अहिरवार, चंदला छतरपुर28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल, उदयपुरा, रायसेन।

पटवारी ने एनएसयूआई को दिया टारगेट

Patwari gave target to NSUI भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सेवादल और एनएसयूआई की बैठक ली। पटवारी ने सबसे पहले मप्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्षों से संवाद किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह चर्चा 2 बजे तक चली। इसमें पीसीसी चीफ ने एनएसयूआई की आगामी गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर रणनीति बनाई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कालेज और विश्वविद्यालय में कांग्रेस की विचारधारा के साफ फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ा जाए। वहीं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन में शामिल होंगे। भले ही सड़क लाठियां खानी पड़े, इसके लिए भी वो तैयार हैं। पटवारी ने सेवादल के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला मुख्य संगठकों के साथ बैठक की। इसमें सेवादल की गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर बातचीत हुई। पटवारी ने कांग्रेस के दोनों विभागों से उनके पिछले कामों का भी हिसाब लिया। बता दें, पटवारी संगठन में कसावट के लिए लगातार चार दिनों तक बैठक करेंगे। 24 दिसंबर से शुरू ये बैठकें 27 तक चलेंगी। पटवारी मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ही प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। इस दौरान वे सभी से विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ियां और काम काज का हिसाब लिया। इसके साथ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी बातचीत की। सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष बनने के बाद पटवारी की यह दूसरी बैठक है। इस लिहाज से इस बैठक को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा की 24वीं पुण्यतिथि

अधिकारियों की लापरवाही के चलते चौपट व्यवस्था: परीक्षा को बचा सिर्फ एक माह.

Due to officials’ negligence, a chaotic system: only one month saved the examination. नहीं खुल सका दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों का हॉस्टल भोपाल। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 माह बाद भी राजधानी के शाहजहांनाबाद के परी बाजार के सामने स्थित शा. दृष्टि एवं श्रवण बाधित उमा विद्यालय का हॉस्टल शुरू नहीं करा सका है। विभाग के अधिकारियों लापरवाही का खामियाजा यहां के करीब 60 दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थी कई माह से भुगत रहे हैं। जो पढ़ाई इन विद्यार्थियों की सभी सुविधाओं के साथ इस हॉस्टल में रहकर हो सकती थी, वह नहीं हो सकी। इन विद्यार्थियों कक्षा दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थी भी शामिल हैं। जो फरवरी में होने वाली माशिमं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे। हालांकि अब विभागीय अधिकारी जनवरी के पहले सप्ताह तक इस छात्रावास को शुरू करने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा शाहजहांनाबाद के परी बाजार के सामने तैयार स्पर्श भवन में दो स्कूल एवं इनके छात्रावास संचालित किए जाते हैं। इनमें भोपाल संभाग के जिलों के विद्यार्थियों को प्रवेश दिए जाते हैं।

मंत्रिमंडल की पहली बैठक जारी, जल्द हो सकता है विभागों का बंटवारा

The first cabinet meeting is underway; the distribution of departments among ministers may happen soon. 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हो रही है। इसमें मंत्रियों का अधिकारियों से परिचय कराया जा रहा है। 18 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं। बैठक से पहले सुबह सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों के साथ बैठक में संकल्प पत्र को प्राथमिकता में रखकर लक्ष्य की पूर्ति के संबंध में चर्चा करेंगे। वह पहले ही सभी विभाग प्रमुखों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे चुके हैं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को समन्वय के साथ लक्ष्य बनाकर काम करना है।अगले साल 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भाजपा के संकल्प पत्र की घोषणाओं को पूरा किया जाएगा।

कम हुआ शोर, कहीं खुद ने तो कहीं पुलिस की मदद से हटे लाउड स्पीकर, जारी किया हेल्पलाइन नंबर 0755-2730395.

The noise reduced… Some removed loudspeakers on their own, while in other cases, with the assistance of the police. The helpline number 0755-2730395 has been issued for help. जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है , 0755-2730395, 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद 619 स्थलों से हटे. भोपाल। ध्वनि के मानक तय करने के बाद कलेक्टर की तरफ से जारी किए गए धारा-144 के आदेश का असर जिले में दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों में ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। कुछ लोगों ने खुद तो कहीं पुलिस की मदद से लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं। करीब 619 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर अब तक हट चुके हैं। वहीं 356 धार्मिक स्थल ऐसे थे जहां तय मानक से ज्यादा आवाज में लाउडस्पीकर और डीजे बजाया जाता था, वहां की आवाज कम कराई गई है। 126 धार्मिक स्थल ऐसे हैं जहां पूरी तरह से लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं। ये कार्रवाई शहर के 34 थाना क्षेत्रों में की गई है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि डीजे और लाउडस्पीकर को लेकर प्रशासन सख्ती बरत रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें धारा-144 के आदेश पर अमल करा रही हैं। तेज आवाज डीजे, लाउडस्पीकर बजे तो हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत, 0755-2730395 शादियों सहित अन्य कार्यक्रमों में तेज आवाज में बजने वाले डीजे, लाउड स्पीकर और धार्मिक स्थलों पर बज रहे लाउडस्पीकर को लेकर जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जिस पर कॉल कर कार्रवाई करा सकेंगे। नंबर- 0755-2730395 जारी किया है।आम लोग साउंड संबंधी सभी तरह की शिकायत इस नंबर पर कर सकेंगे। यहां आने वाली शिकायत को संबंधित एसडीएम और थाने में ट्रांसफर की जाएगी। जिसके आधार पर धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

साल के अंत में लूटपाट की घटनाएं बढ़ी, नौ दिन में पांच लूट, सिर्फ पुराने शहर में एक लूट का खुलासा.

Incidents of robbery escalated at the end of the year, with five robberies in nine days; only one robbery disclosed in the old city. चेन स्नेचिंग की जगह, मोबाइल लूटकर ले जा रहे बाइक सवार लुटेरे, नए शहर में तीन लूटपाट तो पुराने में एक वारदात दर्ज. भोपाल। राजधानी में बाइक सवार लुटेरों का आतंक बढ़ते जा रहा है। 9 दिन के अंदर नए और पुराने शहर में मोबाइल लूट की पांच वारदात हुई है। केवल पुराने शहर में हुई एक लूट का खुलासा गौतम नगर पुलिस कर सकी है, बाकि नए शहर में चार वारदातों का खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि कमला नगर पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में राजधानी में हुई अन्य लूटपाट का खुलासा होने की उम्मीद है। कमला नगर पुलिस ने बताया कि अभिमन्यु पांडे पिता अश्विनी पांडे (18) प्रेमपुरा में रहता है और कॉलेज में पढ़ता है।उसने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि रविवार रात वह अपने मोहल्ले में रहने वाले दोस्त के साथ नया मोबाइल खरीदकर घर लौट रहा था। रात करीब साढ़े 9 बजे के आसपास दोनों सयाजी होटल तिराहा के पास पहुंचे ही थे कि बाइक सवार तीन लुटेरों ने उन्हें रोक लिया। तीनों चाकू अड़ाकर मारपीट की और अभिमन्यु के हाथ से नया मोबाइल और उसके दोस्त से पुराना मोबाइल छीन लिया। लूट की वारदात के बाद आरोपी धमकाते हुए फरार हो गए। अभिमन्यु अपने साथी के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने बाइक का नंबर देख लिया था। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हालांकि उनसे लूटे गए मोबाइल बरामद नहीं किए गए है। लूटे गए नए मोबाइल की कीमत पंद्रह हजार रुपए है, जबकि पुराने मोबाइल की कीमत पुलिस ने दर्ज नहीं की है। मोबाइल पर बात कर रहे युवक से लूटा मोबाइल लूट की एक अन्य वारदात शाहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पल्लवी नगर में रहते हैं और प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि रविवार रात वह खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहे थे। मोबाइल पर कॉल आया और बातचीत करने लगे। इस दौरान घर से कुछ दूरी पर ही बाइक सवार दो लुटेरों में पीछे बैठे लुटेरे ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। लूटे गए मोबाइल की कीमत बीस हजार रुपए बताई जा रही है। दो दिन पहले चूनाभट्टी में की थी लूटउल्लेखनीय है कि चूनाभट्टी स्थित पत्रकार कॉलोनी में एनएचएम आफिस के सामने दो दिन पहले ही शुक्रवार रात बाइक सवार लुटेरों ने महिला से मोबाइल लजूट लिया था। जानकारी के अनुसार रेखा बाग पति कपिल बाग (32) पंचशील नगर में रहती हैं और प्राइवेट काम करती है, जबकि उनके पति कपिल एंबुलेंस चलाते हैं। गत शुक्रवार रात वह आटो से घर जाने के लिए निकली थी। आटो पत्रकार कॉलोनी के पास रुका और वह पैदल पंचशील नगर की तरफ जाने लगे। इसी दौरान उनके पति का कॉल आया। वह पूछने लगे कि घर पहुंची की नहीं, तभी पीछे से आ रही बाइक पर सवार दो लुटेरो में पीछे बैठे लुटेरे ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। लूटा गया मोबाइल 12 हजार रुपए का था। एक सप्ताह पहले पत्रकार से लूटा था मोबाइल बाइक सवार लुटेरों ने चुनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित चाणक्यपुरी में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार लेम्युअल लाल के साथ एक सप्ताह पहले ही शुक्रवार रात पंद्रह दिसंबर को लूटपाट की वारदात की थी। वे खाना खाने के बाद पान खाने के लिए मनोरिया अस्पताल के पास पहुंचे थे। पान खाने के बाद में मोबाइल चलाते हुए घर की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से एक बाइक पर सवार दो लुटेरे उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया। उन्होंने लुटेरों का पीछा किया लेकिन बाइक पर होने के कारण लुटेरे तेजी से भाग निकले थे। केवल एक लूट का खुलासा राजधानी में हुई पांच लूट में केवल एक लूट का खुलासा गौतम नगर पुलिस ने किया। पुलिस ने ग्वालियर के बदमाश राजा कुचबदिया से लूट का खुलासा किया था। उसने गुनगा निवासी मनीषा चौहान के साथ 20 दिसंबर को मोबाइल लूट की घटना की थी।

न्यू मार्केट में प्रीमियम सहित अन्य सार्वजनिक स्थान पर अवैध बन गईं पार्किंग हटेंगी.

Illegal parking, including in New Market and other public places, will be removed with fines. दो पहिया वाहनों को भी न्यू मार्केट के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा, पूरी मार्केट में अंदर एंबूलेंस को हर रास्ते पर ले जाकर की जाएगी जांच भोपाल। नगर निगम द्वारा न्यू मार्केट में अवैध पार्किंग और मार्केट के अंदर रास्ते जाम होने को लेकर अब सख्ती की जाएगी। मार्केट के अंदर के रास्तों पर काफी समय से दो पहिया वाहनों की लगातार बड़ रही अवैध पार्किंग और रास्ते जाम होने की शिकायत आ रही हैंए जिससे गत दिवस एक महिला के बेहोश होने के बाद एंबूलेंस प्रवेश नहीं कर पाई। इस महिला को बाद में आटो में बैठाकर बाहर एंबूलेंस तक लाया गया। आटो को बाहर तक लाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोब ए के अनुसार न्यू मार्केट के अंदर न तो किसी प्रकार के वाहन पार्क हो सकेंगे और न किसी वाहन को प्रवेश दिया जाएगा। इस संबंध में नए सिरे से प्लानिंग तैयार की जा रही है। जो अधिकारी इस संबंध में लापरवाही दिखा रहे थे, उन्हें भी हटा दिया गया। मार्केट के अंदर सभी रास्ते पूरी तरह से इस तरह से साफ किए जाएंगे कि अंदर किसी भी स्थान पर इमरजेंसी वाहन आ जा सकें। इस संबंध में नए अमले को तैनात किया जा रहा है। बाहर प्रीमियम पार्किग को भी अनुमति नहींनगर निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के अनुसार न्यू मार्केट के बाहर प्रीमियम पार्किंग को लेकर भी काफी शिकायत आ रही हैं। यह पार्किंग काफी पहले ही फ्री कर दी गई हैं। यहां अभी कुछ लोग अभी भी अवैध वसूली कर रहे हैं। जबकि न्यू मार्केट की पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए निगम का पूरा अमला तैनात है। इस अमले को भी बदला जा रहा है। दुकानों के बाहर पार्क नहीं हो सकेंगे वाहननगर निगम अधिकारियों के अनुसार न्यू मार्केट के अंदर दुकानदारों के वाहन पार्क नहीं हो सकेंगे। इसको लेकर सभी दुकानदारों को चेतावनी दी जा चुकी है और इसके लिए मल्टीपार्किंग में व्यवस्था भी है। इसके बाद भी मार्केट में बाहर से आ रहे व्यापारी और स्टाफ मार्केट के अंदर वाहनों को पार्क कर रहे हैं। सोमवार को मार्केट का साप्ताहित बंद थाए इसके बाद भी नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमले ने कार्रवाई की।

पोस्टिंग के लिए, अफसरों ने तेज की मंत्रियों की ‘बंगला परिक्रमा’ यात्रा. 

For postings, officers conducted a ‘bungalow inspection’ tour of ministers with speed. गुलदस्ते के साथ पहुंचे, भरोसा जीतने के लिए कई ने पुराने के कामों का ब्यौरा, वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की धड़कने तेज, पोर्टफोलियों के बाद नेता पोस्टिंग के लिए करेंगे सिफारिश . उदित नारायण भोपाल। प्रदेश नई सरकार के गठन के साथ ही ब्यूरोक्रेट्स की धड़कनें तेज हो गई है। जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से लेकर मंत्रालय में पदस्थ वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की भी धड़कने तेज हो गई कि उन्हें मलाईदार पोस्टिंग मिलेगी या नहीं मिलेगी। हालांकि कुछ अफसरों ने बंगला परिक्रमा शुरू कर दी है। अफसर गुलदस्ते के साथ मंत्रियों के बंगलों पर पहुंचने लगे हैं। कई अफसरों ने अपनी उपब्धियों की भी ब्यौरा भी पेश किया है। मंत्रियों ने भी अफसरों का मान रखा है और भरोसा दिलाया है। मध्य प्रदेश में ऐसे कई ब्यूरोक्रेट्स हैं, जो पिछल कई समय से सत्ता के बहुत करीबी थे, इसके चलते उन्होंने लगातार अच्छी पोस्टिंग मिल रही थी। अब जब मुख्यमंत्री बदल गए हैं तो ऐसे सभी अफसरों की बैचेनी बढ़ गई है। ऐसे अफसर अब नए मुख्यमंत्री की टीम में अपनी अच्छी पोस्टिंग को लेकर सक्रिय होने के रास्ते खोज रहे हैं। इसमें इन्हें कितनी सफलता मिलेगी यह तो उनकी प्राशसनिक सर्जरी में स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि पिछले दिनों आधा दर्जन अफसरों के तबादले से जाहिर है कि बड़े स्तर पर फेरबदल किया जाएगा। जानकारी है कि अब पोर्टफोलियो मंत्रियों के बाद भी पोस्टिंग के लिए सिफारिश शुरू हो जाएगा।  लूप लाइन के अफसरों को दिन फिरने की उम्मीद – लंबे अरसे से लूप लाइन में पदस्थ आईपीएस-आईएएस को अब अपने दिन फिरने की उम्मीद जागी है। प्रदेश में ऐसे कई अफसर हैं, जो पिछली सरकार में अपनी पैठ नहीं बना सके थे, नतीजे में वे अच्छी पोस्टिंग से दूर थे। अब वे भी अच्छी पोस्टिंग पाने के प्रयास में लग गए हैं। पिछले साल में पूर्व सीएस की गुड लिस्ट शामिल नहीं थे। इसलिए बड़े जिलों से हटाकर निगम और मंडलों में बैठा दिया था। एसीएस, पीएस से लेकर कलेक्टर्स में पोस्टिंग को लेकर बैचेनी- एक दर्जन कलेक्टर ऐसे हैं जो पिछली सरकार के करीबी थे, अब इस सरकार में उनकी ट्यूनिंग कैसी होगी, इसे लेकर ब्यूरोक्रेसी में जमकर चर्चा है। इन्हें जिलों से हटाया जाएगा या इन्हें फिलहाल पदस्थ रखा जाएगा इसे लेकर अफसरों की धड़कने तेज हो चली है। ये सभी आईएएस अधिकारी नई सरकार में अपने कनेक्शन को तलाश रहे हैं। साथ ही अफसर नए हुकुमरानो को यह भी समझा रहे हैं कि वे पार्टी की विचारधारा से कितने प्रभावित है और किस हद तक जुड़े हुए हैं।

हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर, पर्चे में दवाओं के नाम कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा.

Doctors at Hamidia Hospital will need to write the names of medicines in capital letters on prescriptions. हमीदिया अस्पताल में फरमान, पर्ची की जांच भी होगी भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर परिचय में दावों के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं, जिन परचों में जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। हमीदिया अस्पताल भोपाल के अधीक्षक डा. आशीष गोहिया ने बताया कि हम मॉनिटरिंग भी करेंगे हमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मानिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था। घसीटा राइटिंग से होता है कन्फ्यूजनडॉक्टरों की रेटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके। केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिखते हैं चिकित्सक :चिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानीटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है । अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं।ऐसे जारी होते रहे आदेश

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह Swearing in ceremony of the cabinet of newly elected government of Madhya Pradesh

मप्र में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के 12 दिन बाद आज मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है.

After 12 days of the formation of the new BJP government under the leadership of Dr. Mohan Yadav in MP, today, the expansion of the cabinet is set to take place. विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन व अटकलों का दौर चल रहा था। नए मंत्रियों को सोमवार दोपहर तीन बजे बाद शपथ दिलाई जाएगी। मोहन सरकार के मंत्रिमंडल की शपथ साढ़े तीन बजे होने वाली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यहां देखें लिस्ट कैबिनेट मंत्री –1-प्रदुम्न सिंह तोमर2-तुलसी सिलावट3-एदल सिंह कसाना4-नारायण सिंह कुशवाहा5-विजय शाह6-राकेश सिंह7-प्रह्लाद पटेल8-कैलाश विजयवर्गीय9-करण सिंह वर्मा10-संपतिया उईके11-उदय प्रताप सिंह12-निर्मला भूरिया13-विश्वास सारंग14-गोविंद सिंह राजपूत15-इंदर सिंह परमार16-नागर सिंह चौहान17–चैतन्य कश्यप18-राकेश शुक्लाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर20-धर्मेंद्र लोधी21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लेखन पटेल24- नारायण पवारराज्यमंत्री –25–राधा सिंह26-प्रतिमा बागरी27-दिलीप अहिरवार28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल

राजभवन से मंत्री पद की शपथ लेने के लिए विधायकों को पहुंचने लगे फोन

माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। भोपाल। मध्य प्रदेश में आज दोपहर 3.30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह सीएम डा मोहन यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची और उन्हें शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची सौंप दी। इसके बाद से राजभवन से विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिसंबर को सीएम मोहन यादव के साथ दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर सरकार द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। आज दोपहर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी हैं उनमें ये नाम शामिल हैं। 1 एंदल सिंह कंसाना 2 इंदर सिंह परमार 3 नारायण सिंह कुशवाहा 4 विश्वास सारंग 5 प्रद्युम्न सिंह तोमर 6 कृष्णा गौर 7 तुलसी सिलावट 8 नागर सिंह चौहान 9 कैलाश विजयवर्गीय 10 प्रतिमा बागरी 11 प्रहलाद पटेल 12 राकेश शुक्ला 13 राकेश सिंह 14 नरेंद्र शिवाजी पटेल 15 संपतिया उईके 16 राधा सिंह चितरंगी 17 हेमंत खंडेलवाल 18 अजय विश्नोई 19 चेतन कश्यप 20 लखन पटेल 21 गोविंद सिंह राजपूत

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने जा रहा है।

The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।

ग्वालियर सहित कई रेंज के डीआईजी-आईजी बदले जाएंगे,10 से अधिक एसपी के भी होंगे तबादले.

Several DIGs and IGs, including those from Gwalior range, to be transferred; transfers for more than 10 SPs as well. – पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं के मुखिया के भी काम काज में होगा बदलाव  उदित नारायण भोपाल। – इस साल के अंत में आईपीएस अफसरों के बड़े पैमाने पर तबादले की कवायद शुरू हो गई हैं। चार रेंज के डीआईजी-आईजी के साथ ही पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं के मुखिया के भी काम काज में बदलाव होने जा रहा है। जिलों से भी एक दर्जन के लगभग पुलिस अधीक्षकों की बदली होने वाली है। डीआईजी रेंज में भी नए साल की शुरूआत में ही फेरबदल होने वाला है। पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तबादलों और पदोन्नति को लेकर अपने काम को अंतिम रूप देने में जुट गया है। पुलिस के लगभग दो दर्जन आईपीएस अफसरों के एक नए साल में प्रमोशन होना है। इनमें से तीन अफसर अभी जिलों में पदस्थ हैं। अमित सांघी छतरपुर में पुलिस अधीक्षक हैं, वहीं वीरेंद्र सिंह खंडवा और मनीष अग्रवाल इंदौर में डीसीपी के पद पर पदस्थ हैं। वहीं 2010 बैच के मोहम्मद युसूफ कुरैशी सिंगरौली में पुलिस अधीक्षक हैं और निमिष अग्रवाल, राजेश कुमार सिंह इंदौर में डीसीपी के पद पर पदस्थ हैं। इन 6 अफसरों की एक जनवरी को डीआईजी के पद पदोन्नति होना है, ऐसे में अब अफसरों को पदोन्नति के बाद नई पोस्टिंग दी जाएगी। प्रदेश की सात रेंज में पदस्थ अफसर एक जनवरी को आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनमें से कितनों को रेंज में आईजी बनाया जाएगा और कितनों को पुलिस मुख्यालय भेजा जाएगा, यह अभी तय नहीं हैं। चंद्रशेखर सोलंकी खरगौन,अनिल कुशवाह उज्जैन, आरआरएस परिहार जबलपुर,राजेश कुमार हिंगणकर इंदौर ग्रामीण, मनीष कपूरिया एडिश्नल कमिश्नर आॅफ पुलिस इंदौर, मिथलेष शुक्ला डीआईजी रीवा, अनुराग शर्मा एडिश्नल कमिश्नर आफ पुलिस भोपाल, ये सभी अफसर आईजी होने जा रहे हैं।ग्वालियर में नए आईजी की तलाश- ग्वालियर रेंज के एडीजी श्रीनिवास वर्मा प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई जा रहे हैं। उनके प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद यहां पर नए एडीजी या आईजी को पदस्थ किया जाएगा। यहां पर राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अफसर की पोस्टिंग होगी। वहीं पुलिस मुख्यालय में पदस्थ स्पेशल डीजी, एडीजी की शाखाओं में बदलाव हो सकता है।

कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्या.

Shop employees fought over commission, one killed with a sharp weapon to the chest. कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्यानोट खबर की फोटो मेल पर है।  -बैरागढ़ स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर हुए विवाद में युवक की निर्मम हत्या  भोपाल। बैरागढ़ थाना क्षेत्र स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर अलग-अलग दुकान में काम करने वाले युवकों के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ने पर दोनों में मारपीट हुई और एक युवक ने दूसरे युवक के सीने पर किसी नुकेले हथियार से हमला कर दिया। सीने में हमला होने से युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी कमलजीत रंधावा ने बताया कि अंकित सिंह राजपूत मनोज सिंह राजपूत (22) बूढ़ाखेड़ा बैरागढ़ में रहता था। वह संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स स्थित श्रीमाया कलेक्शन में काम करता था। उसकी दुकान के बगल वाली दुकान में भरत सिंह काम करता है।  दोनों दुकान के बाहर खड़े होकर ग्राहकों को बुलाते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। रविवार को भी दोनों अपनी अपनी दुकान मालिकों की दुकान के सामने खड़े थे और ग्राहकों को बुला रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद लात घूंसो में तब्दील हो गया और देखते ही देखते दोनों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। दुकान के बाहर रखा सामान जो भी हाथ में आता गया वह एक दूसरे पर फेंकते रहे और लातू घूंसे चलते रहे। इसी बीच भरत सिंह के हाथ में कोई नुकीली चीज लग गई और उसने अंकित पर नुकीली चीज से हमला कर दिया। उसके सीने में नुकीली चीज लगने से वह बेसुध होकर गिर गया था। अस्पताल में हुई मौत दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास हुए इस विवाद के बाद अंकित को अस्पताल ले जाया गया, वहां सीने में गंभीर चोट होने के कारण उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी रंधावा ने बताया कि घटना के बाद से भरत सिंह फरार है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है।

एमपी में मंत्रिमंडल का विस्तार कल, सीएम मोहन यादव.

Cabinet expansion in MP tomorrow, announces CM Mohan Yadav. मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार दोपहर में हो सकता है। करीब 20 मंत्री दोपहर में शपथ ले सकते हैं। इसमें नए चेहरे के साथ ही कुछ पूर्व मंत्रियों को मौका देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। अधिकारिक सूत्रों की मानें सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार सुबह मुलाकात का समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वे राज्यपाल से भेंट कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंप सकते हैं।  बता दें सीएम का एक सप्ताह में यह तीसरा दौरा है। सीएम के दिल्ली दौरे के चलते भोपाल में आयोजित होने वाली बैठकों को रद्द कर दिया गया। देर शाम सीएम भोपाल लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि सीएम केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्रिमंडल को लेकर फाइनल चर्चा हो गई है। अब सोमवार को मंत्रिमंडल में तकरीबन 20 मंत्री शपथ ले सकते है।

प्रदेश में कोरोना वायरस ने फैलायें पांव, इन्दौर में मिलें दो मरीज़ मिलें

Corona virus spread in the state, two patients found in Indore इंदौर ! मध्य प्रदेश फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मंच गया है। इंदौर में एक महिला और पुरुष कोरोना संक्रमित मिले है। दोनों पलासिया क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरुष एक ही परिवार से है। दोनों हाल ही में मालदीव से लौटे थे। सप्ताहभर पहले एक मरीज मिला था। वह ठीक हो गया। मध्य प्रदेश में दो कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ा दी है। दोनों मरीजों को आईसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर दिशा निर्देश जारी किए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनको कोई गंभीर लक्षण नहीं है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी किया है। इसमें आरटी पीसीआर और रैपिड जांच के निर्देश सरकार ने दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बयान दिया था कि केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए है। कोविड समेत दूसरी बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। केंद्र ने बुलाई बैठककेरल समेत दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के साथ ही इलाज के अस्पतालों में तैयारी को लेकर जानकारी साझा की जा सकती है। क्या है नया सब वेरिएंटकेंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि जेएन.1, एसएआरएस-सीओवी-2 का एक उप्रकार है, जो कोविड-19 का कारण बनता है। इसका एक मामला केरल में सामने आया है। इस सबवेरिएंट को ओमिक्रॉन सबवेरिएंट का ही एक रूप बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण हैं। इससे संक्रमित जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

शहर में आवारा कुत्तों की धमक, प्रशासन, निगम लाचार

Threat of stray dogs in the city, administration, corporation helpless दहशत में लोगों ने सुबह-शाम टहलना छोड़ा। स्कूली बच्चों से लेकर साइकिल व बाइक वालों पर झपटते हैं श्वान। 3500 मामले हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।2014-15 से कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा।1 लाख 80 हजार श्वानों की अब तक हुई नसबंदी। 60 हजार करीब श्वान नसबंदी के लिए बचे। इंदौर। ऐसा लगता है, मानो नगर निगम और प्रशासन ने इंदौर को आवारा कुत्तों के हवाले कर दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हद तो यह कि बीते कुछ ही दिनों में शहर में डाग बाइट अर्थात कुत्तों द्वारा बच्चों या लोगों पर हमला करने, उन्हें काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिमाह औसतन 3500 ऐसे मामले हो रहे हैं, जिनमें किसी व्यक्ति, बच्चे या महिला को कुत्ते ने काटा हो। यह बहुत भयावह आंकड़ा है। लोगों ने कुत्तों की दहशत के कारण सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे दहशत में हैं। बाइक सवारों पर कुत्तों के झपटने और उन्हें गिरा देने के मामले भी लगातार हो रहे हैं। इसके बावजूद निगम आयुक्त, महापौर और कलेक्टर नींद में हैं तथा कुत्तों के इस आतंक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।देश के सबसे स्वच्छ शहर की टांग पर इन दिनों आवारा कुत्तों के दांत गड़े हुए हैं और इन कुत्तों के सामने नगर निगम, प्रशासन, जनप्रतिनिधि…सब मानो असहाय हो गए हैं। दरअसल, कुछ दिनों से शहर में डाग बाइट के मामले अचानक तेजी से बढ़ गए हैं। महालक्ष्मी नगर, निपानिया क्षेत्र में तो ऐसे-ऐसे केस हो रहे हैं कि लोगों ने डर के मारे सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।शाम होते ही बच्चों को घरों में कैद कर दिया जाता है। कोचिंग के लिए बच्चों को साइकिल से भेजने के बजाय पालक उन्हें कार से छोड़ने जा रहे हैं। इधर, नगर निगम के जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब है कि श्वानों की नसबंदी कराकर हम उन्हें कैद में नहीं रख सकते, उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समाधान निकालना ही होगा।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए 8 जनवरी तक होंगे ऑनलाइन आवेदन

Online applications for admission in Eklavya Model Residential Schools will be open till January 8 इन विद्यार्थियों के लिए आरक्षणइन विद्यालयों में प्रवेश के लिए विशिष्ट पिछड़ी जनजाति (बैगा, भारिया और सहरिया), विमुक्त जनजातियां और घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ समुदाय के विद्यार्थियों के लिए सीटें आरक्षित की गईं हैं। साथ ही वे बच्चे, जिन्होंने अपने माता-पिता को वामपंथी उग्रवाद/ उग्रवाद या कोविड आदि के कारण खो दिया है, उनके लिए भी सीटें आरक्षित रखी गई हैं। विधवा महिला की संतान, दिव्यांग माता-पिता की संतान, अनाथ या भूमिदाता वर्गं (जिन्होंने विद्यालय भवन के निर्मांण के लिए भूमि दान की हो) के विद्यार्थिंयों के लिए भी सीटें आरक्षित की गईं हैं।

चार महीने के सरकारी खर्च और योजनाओं की गति के लिए मोहन सरकार लेकर आएगी लेखानुदान.

Mohan government will bring in an audit for the government expenditures and the pace of schemes for the last four months. भोपाल। भाजपा सरकार की 8 महीने में चलाई गई शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं में कटौती की जाएगी। इसके पीछे का कारण है कि अक्टूबर तक का बजट सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है। अब नई सरकार के सामने चुनौती है की योजनाओं को गति दी जाए और विकास कार्य के प्रोजेक्ट भी पूरे किया जाए। इसके लिए सरकार लेखा अनुदान लेकर आएगी। नए साल में आने वाले 4 महीने के लिए मोहन सरकार पुनरीक्षित बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। वित्त विभाग में संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें जल्द से जल्द वित्तीय बजट साल 2023 24 में की गई घोषणाओं के मुताबिक खर्च की जानकारी देनी होगी। किन योजनाओं में कितना पैसा खर्च हो चुका है। इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही लाडली बहना गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित तमाम योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था बचे हुए फंड से की जाएगी।वही संकल्प पत्र के वचन के मुताबिक योजनाओं को गति देने के लिए भी राशि की सरकार के पास जरूरत है। इस बात का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आखिर सरकार विकास कार्यों के लिए कितना चार महीने के लिए बजट जारी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर 100 करोड रुपए किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करती है। अगर वित्तीय स्थिति प्रोजेक्ट के मुताबिक बेहतर नहीं है तो योजना को गति देने के लिए 20 से 30 फीसदी फंड जारी कर विकास कार्य को जारी रखा जा सकता है। ऐसे ही कोई नई स्कीम की शुरूआत लेखानुदान में नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के लिए सलाना वित्तीय बजट जरूरी होता है। जरूरत खर्च और योजना रहेगी प्रथमिकता लोकसभा चुनाव के चलते पड़ा असर, केंद्र के फंड से राज्य सरकार तय करती है बजट

सीएम डॉ. यादव ने एसीएस लेवल के अधिकारियों को सौंपी संभागीय बैठक की जिम्मेदारी.

CM Dr. Yadav assigned the responsibility of the regional meeting to the officers of the ACS level. पीएम मोदी की गारंटी और भाजपा के संकल्प को पूरा करने के लिए रहेगा लक्ष्य, रिव्यू के साथ करेंगे मानिटरिंग भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने संभागीय बैठक के लिए एसीएस लेवल के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम ने अधिकारियों को संभाग बैठक के लिए प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश के दस संभाग के लिए दस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये सभी अधिकारी संभागीय बैठक की न सिर्फ तैयारी करेंगे बल्कि बैठक के बाद बैठक में दिए गए सीएम के निदेर्शों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। एसीएस स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के पीछे की वजह है कि मध्य प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता देनी है। यानी कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि गारंटियों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही भाजपा के संकल्प को भी पूरा करने की चुनौती होगी। लोक स्वास्थ्य, वन विभाग, गृह, नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण, जनजातिय कार्य विभाग, वित्त विभाग, किसान कल्याण, पिछड़ा वर्ग, उच्च शिक्षा से जुड़े विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दरअसल, सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की कमान संभालते ही संभागों की बैठक लेना शुरू किया है। उन्होंने इसकी शुरूआत अपने गृह संभाग उज्जैन से की थी। इसके बाद जिले वार समीक्षा के लिए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। अधिकारियों को भी फील्ड की जानकारी भी सीएम को देना होगा। खास बात है कि राजेश राजौरा को उज्जैन का प्रभार दिया गया है। सीएम बनने के बाद राजौरा ही पहले अधिकारी थे। जिन्होंने लाउड स्पीकर पर नियंत्रण का आदेश जारी कराया। उज्जैन में रहते हुए एसीएस राजौरा सीएम मोहन यादव के काफी भरोसेमंद अफसरों में शुभार रहे हैं। इन्हें बनाया प्रभारी एसीएस मोहम्मद सुलेमान को भोपाल संभाग, एसीएस विनोद कुमार को जबलपुर संभाग, एसीएस जेएन कंसोटिया को रीवा संभाग, एसीएस राजेश राजौरा को उज्जैन संभाग, एसीएस एसएन मिश्रा को सागर संभाग, एसीएस मलय श्रीवास्तव को इंदौर संभाग, एसीएस अजीत केसरी को नर्मदापुरम संभाग, एसीएस अशोक वर्णवाल को शहडोल संभाग, एसीएस मनु श्रीवास्तव को चंबल संभाग और एसीएस केसी गुप्ता को ग्वालियर संभाग की जिम्मेदारी दी गई।

चुनावी आचार संहिता : विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी हटेंगे अफसर.

Election Code of Conduct: Officers will also be transferred in the Lok Sabha elections after the Assembly elections. आयोग के फरमान: राज्य सरकार को 30 जून तक एक ही जिले में पदस्थ अफसरों का करना होगा तबादला- जनवरी के पहले ही सप्ताह से अफसरों के प्रमोशन और ट्रांसफर की शुरू हो जाएगी प्रक्रिया भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बीच अफसरों की पदस्थापना को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव 30 जून 2024 को एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना पूरी करने वाले अफसरों को हटाते हुए रिपोर्ट देंगे। हालांकि इसकी प्रक्रिया सरकार जनवरी 2024 के पहले ही सप्ताह से शुरू कर दे दी। इसके पीछे का कारण है कि जनवरी में कई अफसरों के प्रमोशन का समय भी है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर से साथ पोस्टिंग भी होगी। कई अफसरों को फील्ड से हटाकर मंत्रालय में अटैच किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव से सीधा संबंध रखने वाला कोई भी अधिकारी उस जिले में पदस्थ नहीं रहेगा जो उसका गृह जिला होगा। अगर संबंधित अफसर ने पिछले चार साल के अंतराल में पदस्थापना वाले जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या फिर 30 जून 2024 को उसके तीन साल पूरे होने वाले हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 जून के पहले पूरी कर ली जाएगी। इसलिए आयोग ने निर्णय लिया है कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों में गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को हटाने की कार्यवाही की समय पर की जाए। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने कई जिलों के अफसरों को हटा दिया था। हालांकि स्पष्ट है कि विधानसभा में ड्यूटी करने वाले अधिकांश अफसर चुनाव ड्यूटी में शामिल रहेंगे।

रोजगार सृजन के लिए DICCI करेगा मध्यप्रदेश के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स का प्रशिक्षण.

DICCI will provide training to 313 block coordinators in Madhya Pradesh for the creation of employment. DICCI के भोपाल ऑफिस में होगा यह बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम, DICCI मध्यप्रदेश के ब्लॉक कॉर्डिनेटर साझा करेंगे अपनी सफलता की कहानियां   उदित नारायण भोपाल। दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) मध्यप्रदेश चैप्टर की ओर से बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी विकासखंडों में मौजूद डिक्की के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए 45-45 को-ऑर्डिनेटर्स के 7 बैच बनाए गए हैं। डिक्की मध्यप्रदेश चैप्टर के प्रेसिडेंट डॉ.अनिल सिरवैयां ने बताया कि प्रदेश में उद्यमिता विकास और स्व-रोजगार की गतिविधियों को विकासखंड स्तर पर क्रियान्वित कर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए ब्लॉक लेबल बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। 23 दिसम्बर को पहले बैच, 24 दिसम्बर को दूसरे बैच और 25 दिसम्बर को तीसरे बैच का प्रशिक्षण होगा। इस दौरान एससी-एसटी उद्यमियों और युवाओं को अपने ब्लॉक में ही व्यापार-व्यवसाय और उद्यमिता के अवसर, सफल बिजनेस फ्रेचाइजी मॉडल, लघु और मध्यम उद्योगों के क्लस्टर निर्माण, एमएसएमई इकाईयों की स्थापना, महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ लेने की प्रक्रिया, आसान और सब्सिडाइस बैंक ऋण से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के टिप्स दिए जाएंगे।  लक्ष्य : प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना डॉ. सिरवैयां ने बताया कि डिक्की का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना है। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक एमएसएमई कलस्टर का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि औद्योगिकीकरण से वंचित और पिछड़े जिलों सहित प्रत्येक जिले में विनिर्माण, सर्विस सेक्टर के स्टार्टअप और नए उद्यम तथा ट्रेडिंग कारोबार के लिए डिक्की ने विशेष प्लान तैयार किया है। अगले दो साल में इसे शत-प्रतिशत क्रियान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से डिक्की द्वारा प्रत्येक विकासखंड में प्रशिक्षित एससी-एसटी व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं की टीम तैयार की जा रही है जो स्थानीय स्तर पर गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों का क्रियान्वयन करेंगे। कार्यशाला में विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण वर्तमान समय में व्यापार और रोजगार को बढ़ाने के लिए ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स को एक्सपर्ट्स द्वारा डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे व्यापार विस्तार के लिए ऑनलाइन माध्यमों का भरपूर उपयोग कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी सफलता की कहानियों से दूसरों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने संबंधी टिप्स भी दिए जाएंगे। कार्यशाला में डिक्की के अनुभवी उद्यमी,बैंकों के अधिकारी और इंडस्ट्री और उद्यमिता के क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण देंगें।

नए पदों की मिली मंजूरी, 4 अफसर डीजीपी, 2 एडीजी,13 आईजी और 18 डीआईजी रैंक में होंगे पदोन्नत.

Approval granted for new positions, including 4 DIGs, 2 ADGs, 13 IGs, and 18 DIGs. 7 आईपीएस अधिकारियों को मिलेगा सिलेक्शन ग्रेड, जानिए सभी रैंक के आईपीएस अधिकारियों के नाम भोपाल। मध्यप्रदेश में आईपीएस अफसरों की पदोन्नति की राह अब आसान हो गई है। पदोन्नति के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के दो, महानिरीक्षक (आईजी) के तेरह, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के 18, और सलेक्शन ग्रेड में पदोन्नति के लिए सात पदों की मंजूरी मिल गई है।पदोन्नति की बांट जोह रहे आईपीएस अफसरों के लिए अच्छी खबर है। नये साल से इन अफसरों को पदोन्नतियां मिलने लगेंगी।सूत्रों के मुताबिक डीजीपी के जो चार पद मंजूर हुए है उनपर वर्ष 2024 में जैसे-जैसे पद रिक्त होते जाएंगे उस हिसाब से अफसरों को पदोन्नत किया जाएगा। जो अफसर डीजीपी के पद पर पदोन्नत होंगे उनमें एक मार्च को विजय कटारिया,एक मई को अनुराधा शंकर सिंह,एक जून को वरुण कपूर, 1 जुलाई को उपेन्द्र जैन डीजी बन जाएंगे। एक जनवरी से जिन अफसरों को पदोन्नति मिलना है उसमें जो अफसर एडीजी बनेंगे उनमें 1999 बैच के राकेश गुप्ता, दीपिका सूरी शामिल है। जो तेरह अफसर आईजी बनेंगे। इनमें 2006 बैच के चंद्रशेखर सोलंकी, रुचि वर्धन, एस चित्रा, अनिल कुशवाहा, आर आरएस परिहार, राजेश हिंगणकर, अंशुमान सिंह, मनीष कपूरिया, अरविंद सक्सेना, विनीत खन्ना, हिमानी खन्ना, मिथिलेश शुक्ला, अनुराग शर्मा शामिल है।जो 18 अफसर डीआईजी बनेंगे उनमे 2009 बैच के साकेत प्रकाश पांडे, अमित सांघी, टीके विद्यार्थी, सत्येन्द्र शुक्ला, वीरेन्द्र कुमार सिंह, प्रशांत खरे, अतुल सिंह, मनीष कुमार अग्रवाल और 2010 बैच के आबिद खान, आशुतोष प्रसाद सिह, मोहम्मद युसूफ कुरेैशी, निमिष अग्रवाल, सिद्धार्थ बहुगुणा,पंकज श्रीवास्तव, राजेश कुमार सिंह, विनीत कपूर, धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, हेमंत चौहान शामिल है।इसके अलावा 2011 बैच के सात अफसरों को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। इनमें रियाज इकबाल, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल लोढ़ा, सिमाला प्रसाद, डॉ असित यादव, सुशील रंजन सिंह, संजय कुमार सिंह शामिल है।

पत्रकारों से सूत्र पूछने का अधिकार नहीं है – सीजेआई (सुप्रीम कोर्ट).

Do not have the right to question journalists’ sources,” says CJI (Supreme Court). नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा और उन्हें चेतवानी भी दी । मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूर्ण की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 और 22 के तहत पत्रकारों के मूल अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार के सूत्र नही पूंछ सकती है और न ही न्यायालय तब तक जब तक कि पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच और पुख्ता सबूत के दर्ज मुकदमे और गवाही की जांच नही हो जाती है । आज कल देखा जा रहा है कि पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है क्यों कि अधिकतर मामले में पुलिस खुद को श्रेष्ठ बनाने के लिए ऐसा करती है। इस संबंध में उच्च न्यायालय ने अब अपना कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा है अगर पुलिस ऐसा करती पाई जाती है तो फिर कोर्ट की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है व उस अधिकारी की सेवाये भी समाप्त की जायेगी ।

नए साल में पाटिल होंगे वन विभाग के नए मुखिया

Patil will be the new head of forest department in the new year डीपीसी कमेटी ने लगाई उनके नाम पर मुहर उदित नारायणभोपाल ! वन विकास निगम के प्रबंध संचालक अभय कुमार पाटिल जंगल महकमे के नए मुखिया होंगे। उनका कार्यकाल एक महीने का ही होगा। फरवरी में वन विभाग के नए मुखिया असीम श्रीवास्तव हो बनेंगे।मुख्य सचिव वीणा राणा की अध्यक्षता में शुक्रवार को डीपीसी की बैठक हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के वन बल प्रमुख सुधीर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। इसी बैठक में पहली बार वन बल प्रमुख के लिए डीपीसी कमेटी ने 1986 बैच के अभय कुमार पाटिल और 1988 बैच के असीम श्रीवास्तव के नाम पर अपनी मुहर लगाई। ऐसा इसलिए किया, क्योंकि अगले वन बल प्रमुख पाटिल का कार्यकाल एक महीने का ही है। यानि फरवरी में हॉफ पद के लिए दोबारा डीपीसी न करनी पड़े। फरवरी में बनने वाले वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव का कार्यकल जुलाई 2025 तक रहेगा। कमेटी ने बैठक में 1990 बैच के बिभाष ठाकुर और विवेक जैन को एपीपीसीएफ से पीसीसीएफ पद पर प्रमोट करने पर मुहर लगाई है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा वन बल प्रमुख आरके गुप्ता और लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह दिसम्बर में सेवानिवृत होने जा रहें है। नए साल में होंगे बदलाववन विभाग में कई नए बदलाव होने जा रहें है। ये सभी बदलाव नई सरकार के गठन के बाद होने की संभावना है। लघु वन वनोपज संघ एमडी पुष्कर सिंह के रिटायरमेंट के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव नए एमडी होंगे। वर्तमान में डॉक्टर श्रीवास्तव वर्किंग प्लान शाखा के प्रमुख हैं। गौरतलब यह है कि अभी तक विभाग में हुई पदस्थापना के दौरान डॉक्टर श्रीवास्तव की वरिष्ठता की अनदेखी की गई। इसी कारण यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार में उनकी पदस्थापना वरिष्ठता के आधार पर होगी। निगम के मौजूदा एमडी पाटिल के वन बल प्रमुख बनने पर पीसीसीएफ प्रशासन -एक के आरके यादव को निगम में एमडी के पद पर पदस्थ किए जाने की संभावना है। कैडर में पीसीसीएफ का पद प्रशासन-एक का नहीं है। कैडर में यह पद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी के लिए निर्धारित है। डॉ श्रीवास्तव के संघ में चले जाने पर वर्किंग प्लान शाखा का प्रभार पीसीसीएफ जेएफएम पीके सिंह को दिया जा सकता है। फरवरी में अम्बाडे होंगे पीसीसीएफ वन्य प्राणीपाटिल के जनवरी में रिटायर होने पर पीसीसीएफ वन्य प्राणी असीम श्रीवास्तव वन बल प्रमुख बनेंगे और उनकी जगह पर 88 बैच के आईएफएस विजय एन अम्बाडे पीसीसीएफ वन्य प्राणी होंगे. विभाग में अम्बाडे की छवि वन्य प्राणी विशेष के रूप में बनी हुई है।

यह मोदी सरकार है जो जनता के द्वार-… रामेश्वर शर्मा

This is Modi government which is at the door of the public-… Rameshwar Sharma विधायक रामेश्वर शर्मा ने उड़ाया ड्रोन, खेत में किया दबाई का छिड़काव विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँच रही है गाँव-शहर भोपाल। शुक्रवार को हुजूर विधानसभा के नरेला एवं खारपा में विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँची नरेला में विधायक रामेश्वर शर्मा विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। यहाँ विधायक रामेश्वर शर्मा किसानों के साथ ड्रोन से खेतों में दवाई का छिड़काव करते हुए दिखे । विधायक रामेश्वर शर्मा का ड्रोन से दवाई छिड़काव का वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रहा है। नरेला पहुँचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने उपस्थित नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा हुज़ूर विधानसभा के गाँव गाँव पहुँच रही है, इस यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होकर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहें है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले जनता सरकार के पास जाती थी परंतु यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार है जो जनता के द्वार द्वार जा रही है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, घर घर शौचालय का निर्माण कराकर देश के गाँव, ग़रीब, किसान, युवाओं का जीवन बदलने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में भारत का स्वाभिमान बढ़ाया है । अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो, कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने का काम हो सब कुछ मोदी जी ने करके दिखाया । श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का अधिक से अधिक प्रचार करें इस यात्रा से जुड़े और नागरिकों को जोड़ें। यात्रा के दौरान लगने वाले लोक कल्याण शिविर में आवेदन देकर शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। साथ ही भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ कर आप अपना और अपने परिवार का जीवन कैसे बदल सकतें यह भी जाने। विधायक रामेश्वर शर्मा आत्मनिर्भर और विकसित भारत की शपथ दिलायी विकसित भारत संकल्प यात्रा में उपस्थित नागरिक बंधुओं को विधायक रामेश्वर शर्मा ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत के सपने को साकार करने की शपथ दिलाई। 25 जनवरी तक चलेगी यात्रा 15 नवंबर से बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड के उलिहातु गांव से विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था ।25 जनवरी तक विकसित भारत संकल्प यात्रा देशभर के सभी जिलों से गुजरेगी।

30 एकड़ सरकारी जमीन पर बनाई अवैध कालोनी, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर.

An illegal colony was constructed on 30 acres of government land; the administration used a bulldozer to demolish it. आदमपुर के ग्राम छावनी पठार में चार करोड़ रुपये कीमत की जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त। राजीव गांधी प्रौद्योगिक मिशन के नाम पर आवंटित है जमीन। भोपाल । जिला प्रशासन ने आदमपुर छावनी में गुरुवार को अवैध कालोनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस जमीन की वर्तमान में अनुमानित कीमत चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। जमीन राजीव गांधी प्रौद्योगिक मिशन के नाम से आवंटित की गई है। कार्रवाई के दौरान लोग विरोध में उतर आए थे, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्रवाई लगातार चलती रही। बताया जा रहा है कि यहां बने चालीस से अधिक निर्माणाधीन मकानों को तोड़ा गया है। इसके साथ ही जिन मकानों में लोग निवास कर रहे हैं ,उनको ये जगह छोड़ने के लिए कुछ समय की मोहलत दी गई है। कालोनाइजरों का पता लगा रहे अधिकारीसरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाए जा रहे हैं। कार्रवाई के विरोध में यहां मकान में रहने वाली महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ सामने आ गईं थीं। राजस्व अधिकारियों द्वारा पता लगाया जा रहा है कि आखिर सरकारी जमीन पर किन लोगों के द्वारा अवैध रूप से कालोनी विकसित की जा रही है। यहां पक्के निर्माण के साथ ही बाउंड्रीवाल तक बना ली थी। इनका कहना हैछावनी पठार आदमपुर में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाए गए हैं, जिन्हें बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया है। कुछ लोगों को समय दिया गया है जल्द ही आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर ठग एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर बैंक खाता कर रहे खाली.

With the Help of Anydesk application, cyber fraudsters are emptying bank accounts. साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। पेंशन खाता अपडेट करने व बिजली कनेक्शन कटने से रोकने के नाम पर लिंक भेज कर रहे ठगीमोबाइल पर आने वाले किसी भी तरह के लिंक को न खोलें, वरना हो सकते हैं ठगी के शिकारवर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास छह मामले पहुंचे हैं। भोपाल। राजधानी में एक बार फिर साइबर ठगों ने पुराने बहानों से लोगों को फंसाना शुरू कर दिया है। ये शातिर बदमाश पेंशन खाता अपडेट करने, बिजली का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं और उनके ट्रांजेक्शन करने पर पूरी जानकारी मिलने पर खाते से रकम निकल लेते हैं। बाद में संदेह होने पर पीड़ित को जानकारी मिलती है और मामला थाने तक पहुंचता है।साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंचे मामले वर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे छह मामले पहुंचे हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पुराने तरीकों से झांसा देकर फर्जी एप डाउनलोड कराकर वारदात कर रहे हैं, ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है एनीडेस्क एपएनीडेस्क एप एक डिवाइस शेयरिंग एप्लीकेशन है, जिसकी मदद से आप अपने एक मोबाइल फ़ोन का पूरा एक्सेस दूसरे मोबाइल फोन को दे सकते हैं। मतलब अगर आप अपने एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल को एक्सेस करना चाहते हैं तो इस एप की मदद से कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन की मदद से दूसरे मोबाइल का डाटा देखने के साथ-साथ उस मोबाइल फोन को अपने फोन से एक्सेस कर सकते हैं। शातिर ठग इस एप को डाउनलोड कराकर लोगों के खाते में सेंधमारी कर रहे हैं।

क्राउड फंडिंग होगी जीतू की पहली परीक्षा.

Crowd funding will be done for Jitu’s first exam. कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा भोपाल – मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी की पहली परीक्षा क्राउड फंडिंग में होगी। दरअसल, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रति व्यक्ति 138 रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश के संगठन को भी ये जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पटवारी ने प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, कांग्रेस विधायकगण, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अभा कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा है। राजीव सिंह ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस पार्टी की 138 साल की यात्रा की याद दिलाता है। इस अभियान के तहत हम सभी समर्थकों को 138 रुपये से लेकर 1380 रुपये या इससे अधिक की राशि दान करने के लिए कहेंगे। 28 दिसम्बर को कांग्रेस स्थापना दिवस तक यह कार्यक्रम आॅनलाइन होगा। उसके बाद जमीनी अभियान शुरू कर घर-घर जाकर प्रत्येक बूथ में कम से कम दस घरों से न्यूनतम निर्धारित राशि का योगदान लिया जाएगा। वहीं प्रदेश पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, अभा और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधियों को 1380 रुपये का योगदान अभियान के तहत अनिवार्य है। 18 दिसंबर को लांच हुआ अभियान- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आॅनलाइन क्राउड फंडिंग कार्यक्रम 18 दिसम्बर को लांच किया। इस संबंध में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक पत्र प्रदेश अध्यक्षों को जारी किया है। इसमें उन्होंने क्राउड फंडिंग के कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रचारित-प्रसारित कराने और अभियान को सशक्त बनाने के लिए कहा है।

ग्वालियर शहर के तानसेन द्वार में लगी संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति।

A statue of the music maestro Tansen has been installed at the Tansen Gate in the city of Gwalior. रात में रंगीन रोशनी में जगमगाएगी मूर्ति, रोशनी के लिए लगाई गई हैं विशेष तरह की लाइटें।केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से शहर में रु 12.14 करोड़ की लागत से बन रहे है 4 द्वार। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। समृद्ध इतिहास एवं संस्कृति से परिपूर्ण ग्वालियर को एक और उपलब्धि मिली है। हाल ही में UNESCO द्वारा सिटी ऑफ म्यूज़िक का खिताब मिलने से ग्वालियर की पहचान विश्व पटल तक पहुँची और अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में निर्मित हो रहे शहर के चार द्वार में से एक तानसेन द्वार में संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति को भी सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। बता दें की रात के समय में मूर्ति को प्रकाशित करने और विशेष ख़ूबसूरती के लिए लाइट भी लगायी गयी है, जिससे सम्राट तानसेन का प्रतीक अद्भभुत दिखाई दे रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के नेतृत्व में ग्वालियर में चल रहे विकास कार्यों में से एक है शहर के लिए 4 प्रवेश द्वारों का निर्माण। ये चार द्वार ग्वालियर की समृद्ध इतिहास को प्रदर्शित करेंगे। चार द्वारों में से पहला द्वार, ग्वालियर किले को प्रदर्शित करेगा; दूसरा द्वार, जय विलास महल के अनुरूप बन रहा है; तीसरा द्वार, प्रसिद्ध 10 वीं सदी के सास-बहु मंदिर के डिज़ाइन पर बन रहा है; और चौथा द्वार, ग्वालियर की संगीत परम्परा के स्तम्भ संगीत सम्राट तानसेन पर आधारित है। रु 2.24 करोड़ की लागत का यह भव्य तानसेन द्वार ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के हाईवे से ग्वालियर शहर की प्रवेश स्थान पर बनाया गया है। यह भव्य द्वार जितना विशाल उतने ही सुंदर कलाकृतियां भी है – सुंदर छतरी के नीचे संगीत में लीन मियाँ तानसेन की मूर्ति बनी हुई है।स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कुल रु 12 करोड़ की लागत से बने यह द्वार क्षेत्रीय ख़ूबसूरती और पर्यटन को बढ़ावा देंगे, साथ ही ग्वालियर की सांस्कृतिक पहचान को भी उभारेंगे। बता दें कि हर सप्ताह केन्द्रीय मंत्री सिंधिया कई विकास कार्य सहित इन चारों द्वार के निर्माण कार्य की समीक्षा कर रहे है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण में लाड़ली बहना योजना का उल्लेख नहीं ,विपक्ष ने की टोकाटाकी.

Governor Mangubhai Patel’s address, there was no mention of the Ladli Behna Yojana, prompting criticism from the opposition. मप्र के राज्‍यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत साढ़े नौ वर्षों में भारत में सेवक सरकार के युग का प्रारंभ हुआ है। संकल्प पत्र 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी भी है और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण का विजन डाक्यूमेंट भी है। सरकार ने संकल्प पत्र के बिंदुओं को धरातल पर उतरने का काम प्रारंभ भी कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर तीन हजार प्रति मानक बोरा से बढ़कर चार हजार कर दी गई है। मध्य प्रदेश के मन में बसे मोदी की हर गारंटी को पूरा करने के उद्देश्य से संकल्प पत्र के प्रत्येक बिंदु को समय सीमा में क्रियान्वित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्‍य प्रदेश विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सुशासन केवल एक शब्द नहीं बल्कि उसके हर अक्षर को सच्चे अर्थों में चरितार्थ करने का मंत्र है। एक जनवरी 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था को प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है। संपदा 2 साफ्टवेयर भी प्रदेश में शीघ्र लागू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से डिजिटल रजिस्ट्री की प्रक्रिया सरल और सुगम बनेगी। इस दौरान विपक्ष ने लाड़ली बहन योजना का उल्लेख न किए जाने पर टोकाटाकी की।

नरेंद्र सिंह तोमर निर्विरोध चुने गए मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष.

Narendra Singh Tomar has been unanimously elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. नरेंद्र सिंह तोमर के रूप में पहली बार मध्य प्रदेश में विधानसभा का अध्यक्ष ग्वालियर-चंबल अंचल से बना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और नव निर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर आज मप्र निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव ने नए अध्यक्ष को शपथ दिलाई। सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव में अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की। अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए साथ सूचनाओं प्राप्त हुई है। पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रखा की नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा का अध्यक्ष चुना जाए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा प्रहलाद सिंह पटेल ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। कैलाश विजयवर्गी में नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने किया। इसी तरह भूपेंद्र सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन तुलसीराम सिलावट ने किया कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे में किया।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दुर्घटनाओं को रोकने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए.

The Chief Minister, Dr. Mohan Yadav, issued orders regarding the prevention of accidents. मनीष त्रिवेदी, सहारा समाचार,भोपाल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अनुपयोगी एवं खुले नलकूप, बोरवेल, ट्यूबवेल में दुघर्टनाओं को रोकेने के सम्बंध में आदेश जारी किया है। पहले भी इस तरह के कई आदेश जारी हुए है, इन आदेशों का पालन नहीं हो पाया इनको पालन करने वाले सुस्त है. लेकिन मुख्यमंत्री एक्टिव मोड में है और उनके के आदेशों पर काम भी हो रहा है.

गोवा एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा की मौत, पूर्व सैनिक संगठन ने स्टेशन मैनेजर को ज्ञापन सौंपा.

Death of Army Subedar Major Krishnakant Sharma while boarding the Goa Express. ग्वालियर ! रेलवे स्टेशन पर अप गोवा एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा की मौत को लेकर पूर्व सैनिक संगठन ने स्टेशन मैनेजर से इस मामले में जांच की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार के लिए रेलवे की ओर से मुआवजा राशि देने की भी उनके द्वारा मांग की गई है। उन्होंने इस बात पर दुख जताया है कि रेलवे सुरक्षा बल जीआरपी या प्रबंधन का कोई भी सदस्य पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर नहीं पहुंचा है। दरअसल सोमवार रात को ग्वालियर के दीनदयाल नगर में रहने वाले सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा छुट्टियां खत्म होने पर वापस अपनी ड्यूटी जा रहे थे। लेकिन ट्रेन में चढ़ने के दौरान वह ट्रैक पर चले गए और उनका शरीर दो टुकड़ों में बंट गया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई । इस घटना को लेकर पूर्व सैनिक संगठन ने गहरा क्षोभ जताया है और रेलवे प्रशासन पर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगा भी लगाया है। उनका कहना है कि ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान भीड़ पर काबू करने के लिए जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल तैनात रहता है लेकिन वह यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बेपरवाह रहते हैं जिसके कारण इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं। एक होनहार देश के जवान की इस दुर्घटना में मौत हुई है इसलिए रेलवे को इस मामले में सेना के जवान के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा देना चाहिए। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की अनदेखी पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए।

सशक्त, समृद्ध राष्ट्र की पहचान है “एकजुटता“

The recognition of a strong, prosperous nation is “Unity.” तरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस आज डॉ. केशव पाण्डेयआधुनिक युग में पूरी दुनिया एक गठबंधन की भावना के साथ आगे बढ़ रही है। जिसमें मानव एकजुटता की महत्वपूर्ण भूमिका है। विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी युग में यह वह अद्वितीय मौका है, जब हम सभी मिलकर समस्त मानव जाति के लिए एकमत और समृद्धि की दिशा में बेहतर काम कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस के अवसर पर आज हम इसके महत्व को समझेंगे और इसकी महत्वपूर्णता को भी जानेंगे। 20 दिसंबर को प्रति वर्ष अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एकजुटता के महत्त्व को बताना, गरीबी पर अंकुश लगाना एवं विकासशील देशों में मानव और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र ने 22 दिसंबर 2005 को इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस दिवस को विश्व एकजुटता कोष और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा बढ़ावा दिया जाता है, जो दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित हैं। विश्व एकजुटता कोष की स्थापना फरवरी 2003 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के ट्रस्ट फंड के रूप में की गई थी।विश्व में एकजुटता का दौर : मौजूदा परिवेश में बेशक कुछ देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं या फिर कुछ में टकराव की स्थिति है, बावजूद इसके दुनिया के अनेक देशों और समुदायों के बीच मित्रता, समरसता और एकजुटता के हालात जन्म ले रहे हैं। आपसी समझ, भावना, सहयोग, साझा जिम्मेदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने हमें एक समृद्धि भरे भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए मजबूती दी है। इस संदर्भ में यह दिवस हमें सकारात्मक रूप से सोचने और उस दिशा में आगे बढ़कर कार्रवाई करने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से सरकारों को सतत् विकास लक्ष्य के गरीबी और अन्य सामाजिक बाधाओं का जवाब देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति शिक्षा को बढ़ावा देकर या गरीबों, शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम लोगों की मदद करके इस दिवस में अपना योगदान दे सकता है। क्योंकि इस दिवस की थीम ही- “सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना“ है। अन्य अंतरराष्ट्रीय दिनों के विपरीत इस दिवस की थीम प्रति वर्ष एक समान ही रहती है।दरअसल, एकजुटता का अर्थ है- साझा लक्ष्यों और हितों के बारे में जागरूकता। जो एक ऐसे समाज में एकता की मनोवैज्ञानिक भावना को जन्म देकर संबंधों को मजबूत करता व बांधता है। इसका उद्देश्य पूरी दुनिया में, विशेषकर विकासशील देशों में सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना है।ताकि सामाजिक, आर्थिक विकास, मानवाधिकार और शांति को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के देशों और लोगों को एक साथ लाने का प्रयास किया जा सके। वैश्विक साझेदारी भी संयुक्त राष्ट्र की तरह वैश्विक सहयोग और एकजुटता की नींव पर ही बनाई जा सकती है। सतत विकास एजेंडा इसी पर केंद्रित है, जो लोगों को गरीबी, भूख और बीमारी से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध वैश्विक साझेदारी द्वारा समर्थित है। मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।यह दिवस हमें सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है ताकि हम सभी मिलकर समस्त विश्व के लिए सुधार कर सकें। विभिन्न सांघीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से हम एक बेहतर और संबलित समाज की दिशा में काम कर सकें।अंत में, अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस हमें एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट विश्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए संकल्पित करता है। हमें यहां एक मौका मिलता है कि हम सभी मिलकर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए काम करें और एक समृद्धि भरे भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह दिन सभी को समर्पित होना चाहिए ताकि हम समृद्धि और एकता की दिशा में आगे बढ़ सकें। क्योंकि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि और सशक्तता की प्रतीक है एकजुटता।

स्कूलों को डिजीटल करने का दावा: पोर्टल तक अपडेट नहीं कर पा रहा स्कूल शिक्षा विभाग.

Claim of digitizing schools: School education department unable to update portal. भोपाल। प्रदेश में शैैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और सरकारी स्कूलों को में बेहतर तकनीकी व्यवस्थाओं का दावा करने वाला स्कूल शिक्षा विभाग अपने एजुकेशन पोर्टल को भी अपडेट नहीं कर पा रहा है। स्थिति यह है कि विभाग द्वारा जारी आदेश भी आधे-अधूरे पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य डाटा भी यहां उपलब्ध नहीं हो पाता है। विभागीय जानकारों की माने तो एजुकेशन पोर्टल तैयार करने का उददेश्य विभाग की सूपर्ण जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के साथ ही रोजाना जारी होने वाले आदेशों तक सभी की पहुंच रखना था, लेकिन यह उददेश्य पूरा नहीं हो रहा है। इस व्यवस्था पर न तो विभागीय अधिकारी ध्यान दे रहे हैं । और न ही इसे समय पर अपडेट किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षक, विद्यार्थी और शिक्षा विभाग से जुडे़ लोग परेशान होते रहते हैें और जानकारी अपडेट होने का इंतजार करते हैं।

सूट बूट में दिखे बाइक वाले विधायक डोडियार, परिवार संग पहुंचे लेने शपथ.

MLA Dodiyar, seen in a suit-boot, with his family to take the oath. इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे, कहा – विधायक की सैलरी से चुकाउंगा कर्ज भोपाल। बाइक से रतलाम जिले के सैलाना से भोपाल की 350 किलोमीटर दूरी तय करके चचार्ओं में आए विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा उनके पहनावे को लेकर है। बाप पार्टी से विधायक बने कमलेश्वर सोमवार को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए भोपाल पहुंचे थे।वे विधानसभा में सूट बूट में नजर आए है। उनके पहनावे को देखकर सभी चकित थे। इससे पहले जब वे कागजी कार्यवाही के लिए विधानसभा पहुंचे थे तो वे साधारण शर्ट पैंट और चप्पल में थे, लेकिन इस बार वे बंद गले के कोर्ट में दिखाई दिए। इतना ही नहीं इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे। उनका परिवार भी उनके साथ मौजूद रहा। बता दें, कमलेश्वर डोडियार निर्वाचित होने के बाद विधानसभा की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपने मित्र के साथ बाइक से भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने करीब 9 घंटे में यह सफर पूरा किया था। हवाई जहाज में सफर करते उनके फोटो वायरल होने पर भी कमलेश्वर चर्चा का विषय बन गए थे। विधायक बन गए है। सैलरी से सारा कर्ज चुका देंगे। ये है बैक ग्राउंड- कमलेश्वर ने शुरू में अपनी पढ़ाई उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से की। इसके बाद उन्होंने वकालत दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। वे एक गरीब परिवार से आते हैं। उनकी पूरी फैमली सैलाना के गांव राधाकुंवा में एक छोटी सी झोपडी में रहती है। तंग हाल कमलेश्वर के पास चुनाव लड़ने तक के पैसे नहीं थे उन्होंने 12 लाख का कर्ज लेकर ये चुनाव लड़ा है। 33 साल के कमलेश्वर के माता पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने खुद लोगों के घर झूठे बर्तन साफ किए हैं। मंत्री बनने की जताई थी इच्छा- कमलेश्वर ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करके वन मंत्री बनने की इच्छा भी जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें वन मंत्रालय दिया जाए। इसके पीछे उनका तर्क था कि वे वनवासी हैं और वे वनवासियों की समस्याओं को बहुत अच्छे समझते हैं।

केदारखेड़ा, परसोडा मार्ग पर दौड़ रहे लोडेड मुरूम डंपर से प्रधानमंत्री सड़क हो रही खराब.

PM Sadak Yojna road is getting damaged due to loaded murram dumpers running on the Kedarkhera, Parsoda road. ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी आमला ।। जनपद पंचायत आमला अंतर्गत आने केदारखेड़ा ग्राम से परसोड़ा पहुंच प्रधानमंत्री सड़क मार्ग पर इन दिनों सुबह से देर शाम तक मुरूम से भरे वजनी डंपर दौड़ रहे जिस कारण प्रधानमंत्री सड़क मार्ग खराब हो गया है । अत्यधिक वजनी डंपरो से सड़क मार्ग की गिट्टिया उखड़ गई है । उखड़ी हुई गिट्टी एवं खराब सड़क मार्ग से लोगों को आवागमन में परेशानियां हो रही हैं । वहीं सड़को पर बिखरी गिट्टीयो से वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है । केदारखेड़ा ग्राम के रहवासी संजय कायस्थ,उदयभान गंगारे,ख्यालीराम,राजकुमार ,श्याम उईके आदि ने बताया सरकार द्वारा ग्रामीणों के आवागमन करने ग्राम केदारखेड़ा से परसोडा पहुंच मार्ग तक प्रधान मंत्री सड़क का निर्माण किया गया है। जिसमें लाइन निर्माण कार्य में मुरूम भरने ठेकेदार द्वारा वजनी डंपरो से मुरूम का परिवहन किया जा रहा हैं । जिस कारण प्रधानमंत्री सड़क खराब हो रही है । प्रतिदिन पचास से ज्यादा डंपर चलने से सड़क की गिट्टिया उखड़ गई है। जिस कारण लोग सहित वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है। ग्रामीणों ने वजनी डंपरो पर रोख लगाने एवं सड़क दुरुस्त किए जाने मांग की हैं। इन्होंने क्या कहा संबंधित विभाग प्रमुख को निर्देशित कर मामले को दिखवाता हु शेलेंद्र बडोनिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, डंपरो से यदि सड़क सड़क खराब हो रही है तो दिखवाते है । सविता राय एस. डी. ओ प्रधानमंत्री सड़क

विधानसभा में नहीं नजर आएंगे 12 भाजपा के पूर्व मंत्री और कांग्रेस की ओर से हंगामा मचाने वाले पटवारी-कुणाल.

The 12 former ministers of the BJP, who caused a commotion on behalf of the Congress, will not be visible in the Legislative Assembly, says Patwari-Kunal. पूर्व सांसद रीति, राकेश सिंह, और उदय राव पहली बार विधानसभा में लेंगे 230 विधायकों के साथ शपथ भोपाल। 16 वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस बार का सत्र पहले से विशेष है। क्योंकि पूर्व संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई चर्चित चेहरे इस बार चुनाव हारने के चलते यहां नहीं दिखाई देंगे। इसके साथ ही इस बार कुछ नाम ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर यहां एंट्री लेंगे। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत 12 मंत्री ऐसे हैं जो विधानसभा का चुनाव हार गए हैं। इनमें कमल पटेल, महेंद्र सिसोदिया, गौरीशंकर बिसेन, सुरेश राजखेड़ा, राज्यवर्धन दत्तिगांव, भारत सिंह कुशवाह, रामखिलावन पटेल, राहुल सिंह लोधी, प्रेम सिंह पटेल, अरविंद भदौरिया और राम किशोर कांवरे के नाम शामिल हैं। ये सभी इस बार विधान सभा सत्र में नहीं दिखाई देंगे। वहीं कांग्रेस से पूर्व नेताप्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कुणाल चौधरी, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, पूर्व मंत्री तरुण भनोट, केपी सिंह कक्का जी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और लक्ष्मण सिंह जेसे कांग्रेस के कई दिग्गज नेता इस बार सत्र में नहीं होंगे। खास बात है कि इनमें से कई ऐसे नेता हैं। जो विधानसभा में कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। इसके पीछे कारण रहा कि कई मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए काफी ज्यादा हंगामा भी किया। इसके अलावा पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और विजय लक्ष्मी साधौ भी नजर नहीं आएंगी।कई युवा भी लेंगे शपथ, पहले दिन सिर्फराज्यपाल का अभिभाषण- इधर, पूर्व सांसद रीति पाठक, पूर्व सांसद राकेश सिंह, और पूर्व सांसद उदय राव प्रताप सिंह जेसे कई वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर विधानसभा सत्र में शामिल होंगे। इनके अलावा कई युवा चेहरे भी पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं। यह उनका पहला सत्र होगा। 21 दिसंबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय सत्र में नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाई जाएगी। सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव 230 विधायक गणों को शपथ दिलवाएंगे। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा। चयन होने पर उन्हें शपथ दिलवाई जाएगी।

अतिरिक्त 160 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर.

Additional power transformer with a capacity of 160 MVA. भोपाल। एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 220 केवी सब-स्टेशन टीकमगढ़ में अनुमानित लागत 5 करोड़ 77 लाख रुपए से 160 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया। एमपी ट्रांसको टीकमगढ़ के कार्यपालन अभियंता आरपी कान्यकुब्ज ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से जतारा, दिगोदा, बुढैरा, टीकमगढ़, बड़ा मलहरा एवं पृथ्वीपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा। अब उन्हें उचित गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। ट्रांसफार्मर के प्रारंभ हो जाने से टीकमगढ़ सब-स्टेशन की क्षमता बढ़कर 540 एमवीए की हो गई है। जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी बढ़कर 793 एमवीए की हो गई है। जिले में एमपी ट्रांसको अपने 5 अति उच्चदाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत ट्रांसमिशन करती है। एमपी ट्रांसको प्रदेश में 416 अति उच्चदाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत ट्रांसमिशन करती है, जिसमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 एवं 132 केवी के 214 सब-स्टेशन क्रियाशील हैं। एमपी ट्रांसको की कुल स्थापित ट्रांसफारमेशन केपेसिटी बढ़कर अब 78947 एमवीए की हो गई है।

कंगाली से गुजर रही नई सरकार, योजनाओं के फंड में रोक, विकास कार्य ठप ही रहेंगे.

The new government, struggling with poverty, has imposed a halt on funds for projects, and development activities will remain stalled. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की नई सरकार के साथ ही वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने महाकाल परिसर विकास और तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं में व्यय करने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं वित्तीय संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार ने 38 विभागों की योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। सरकार ने इसके आदेश भी विभागों को भेज दिए हैं। बता दें, वर्तमान स्थिति में मध्यप्रदेश सरकार पर 331000 करोड रुपये से अधिक का कर्ज है। हालांकि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के अनुसार वे अभी भी 15000 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकती है। इधर, बताया जा रहा है कि जरूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार जल्द ही अनुपूरक बजट भी ला सकती है। वित्तीय संकट से उबारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को खर्च पर कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विभागों राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। सरकार के निर्देश के अनुसार विभागों को हर हाल में राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करना है। इसके साथ ही विभागों को राजस्व एकत्रित करने के लिए अन्य नए सोर्स भी विकसित करने के लिए कहा गया है। इन कामों पर नहीं किया जाएगा बिना अनुमति खर्च अनुग्रह राशि देने की योजना भी समाप्त

प्रशासन बेखबर भू माफिया निडर कर रहे अवैध उत्खनन कोपरे मुरम का परिवहन.

The administration is unaware that the fearless illegal excavation by the land mafia is being transported to Muram in trucks. माइनिंग विभाग की उदासीनता और क्षेत्रीय प्रशासन की अनदेखी से फल फूल रहे भू माफिया अलताफ खान सिरोंज! सिरोंज अवैध उत्खनन का मुख्य गढ़ अरोन रोड इस बात की गवाही देता है कि 24 घंटे अवैध उत्खनन करता भू माफिया अपनी गिट्टी क्रेशर मशीन की आड़ में अवैध कोपरे मुर्मू का कारोबार धड़ल्ले से कर रहे हैं! गिट्टी क्रेशर मशीनों के आसपास शासकीय भूमि हो या वन विभाग की भूमि हो सारी भूमियों को अवैध उत्खनन कर्ताओं ने बड़े-बड़े गढ्ढ़ों में तब्दील कर दिया है अगर क्षेत्रीय प्रशासन इस और ध्यान दे तो सरकार को लाखों रुपए का चुना लगाने वाले भू माफिया पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है क्योंकि माइनिंग विभाग तो इस और लापरवाही बरत्ता चला आ रहा है! आज तक माइनिंग विभाग ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है! जिस्स के भू माफिया को हानि पहुंची हो या क्रेशर मशीनों के स्थान पर जाकर जांच की हो के कितनी तादाद में भू माफिया अवैध कोपरा उत्खनन निकालकर परिवहन कर रहे हैं! आरोन रोड पर स्थित एवं इमलानी रोड पर स्थित गिट्टी क्रेशर मशीनों की आड़ में अवैध कोपरे मुरम का धड़ल्ले से चला रहे कारोबार 24 घंटे आरोन रोड की घाटी से कोपरे मुरम से भरे हुए डंपर क्षेत्र में कॉलोनी ओर प्लांटो में बगे़र रॉयल्टी के बेझिझक डाल रहे हैं माइनिंग विभाग सिरोंज से लगभग 90 किलोमीटर दूर विदिशा जिले में बैठी हुई है! लेकिन निष्क्रिय नजर आती है माइनिंग विभाग द्वारा कभी भी क्रेशर मशीनों पर जाकर चेक नहीं किया जाता कि उनके आसपास की जमीन को क्रेशर मशीनों के मालिकों ने बड़े-बड़े गढ़ों में तब्दील कर दी है! कुछ जमीन राजस्व विभाग की भी है तो कुछ जमीन वन विभाग की भी है! क्या कभी इन्होंने इतनी रॉयल्टी दी माइनिंग विभाग के अधिकारी कभी ऐसा नहीं करते कई बार मीडिया कर्मियों द्वारा अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है फिर भी वह इस ओर ध्यान नहीं देते हां सूत्र बताते हैं कि कभी-कभी माइनिंग विभाग सिरोंज क्षेत्र में आता है तो कभी छोटा-मोटा रेता के ट्रैक्टर ट्राली को पड़कर कैस बना देते हैं और गिट्टी क्रेशर मशीनों पर घूम कर वापस आ जाते हैं जिससे मॉर्निंग विभाग की मिली भगत भी इसमें शामिल हो सकती है लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी प्रशासन इन भू माफियाओं पर कार्रवाई करने से बच रहा है इस विषय मैं जब हमारे प्रतिनिधि की बात जब भी सिरोंज प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से होती है! या उनको इस विषय में जानकारी दी जाती है! तो इनका कहना साफ रहता है हमें भनक लगेगी के क्षेत्र में अवैध कोपरे के डंपर पर आ रहे हैं हम कार्रवाई करेंगे वहीं जब भी हमने माइनिंग विभाग अधिकारी से संपर्क करने का सोचा है तो इनसे संपर्क नहीं हो पता का क्योंकि मीनिंग भाग अधिकारी फोन उठाना उचित नहीं समझते अब एक सवाल यहां भी बनता है कि माइनिंग विभाग क्यों नहीं क्रेशर गिट्टी मशीनों पर जाकर इसकी जांच करता

कांग्रेस के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ी.

Congress media advisor Piyush Babel’s nameplate was broken. भोपाल। कांग्रेस में कमलनाथ के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने और नए अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की नियुक्ति के बाद कमलनाथ के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में कांग्रेस की मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ दी गई है।पीयूष बबेले कमलनाथ के करीबी हैं। उन्होंने चुनाव में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ का मीडिया कैंपेन संभाला था। पीयूष बघेले पत्रकार हैं और उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी ने पुरस्कृत भी किया था। अभी तक यह ज्ञात नहीं हो पाया है कि पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ने का मकसद क्या है और नेम प्लेट तोड़ने वाले कौन से तत्व हैंं।

तय सीमा से अधिक आवाज में गाना बजाने पर पहली कार्रवाई.

The first action will be taken for playing music at a volume exceeding the specified limit. ऐशबाग पुलिस ने कोलाहल अधिनियम की धाराओं में दर्ज की एफआईआर भोपाल। ऐशबाग पुलिस ने तेज आवाज में फिल्मी गाने बजाने वाले युवक पर मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद यह पहली कार्रवाई है। आदेश में धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों पर निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने पर प्रतिबंध किया है। बावजूद इसके युवक तेज आवाज में रात में गाने बजा रहा था। पुलिस ने युवक पर कोलाहल अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। थाना प्रभारी आशीष सप्रे ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे मराठी मोहल्ले में रहने वाले लोगों ने कॉल कर शिकायत दर्ज कराई कि सार्वजनिक स्थल पर खुले में तेज आवाज में फिल्मी गाने बजाकर बर्थडे मनाया जा रहा है। आवाज बहुत तेज है और इससे लोगों को परेशानी हो रही है। सूचना पर पुलिस राम मनोहर लोहिया स्कूल के पास मराठी मोहल्ला पहुंची तो वहां दीपक मरोठिया नामक युवक परिवार के साथ जन्मदिन की पार्टी मना रहा था। उसने अपने मोबाइल फोन से मिक्सर मशीन कनेक्ट कर तीन बड़े स्पीकर लगा रखे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दीपक मरोठिया को समझाइश दी कि वह तेज आवाज में गाने नहीं बजाए। पुलिस के रहते दीपक ने एम्प्लीफायर मशीन की आवाज बहुत कम कर ली थी। पुलिस के जाने के पंद्रह मिनट बाद दीपक मरोठिया ने फिर मोबाइल से एम्प्लीफायर मशीन कनेक्ट की और तेज अवाज में गाने बजाने लगा। लोगों ने दौबारा शिकायत की तो पुलिस पहुंची थी, लेकिन दीपक स्पीकर छिपाकर फरार हो गया था।

जहां दूसरों की उम्मीदें खत्म होती हैं, वहीं से शुरू हो मोदी की गारंटी.

Where others’ hopes end, that’s where Modi’s guarantee begins. प्रधानमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा का वर्चुअली शुभारंभ किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल Udit Narayan, Sahara Samachaar.भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां दूसरे की उम्म्ाीदें खत्म हो जाती है, वहीं से मोदी की गारंटी शुरू हो जाती है। यह कहिए कि मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, सरकार की हर योजना का लाभ देगी। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल हर व्यक्ति को भोजन, स्वास्थ्य, आवास आदि की गारंटी दे रही है, अपितु सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। गांवों के विकास के साथ ही शहरों का भी तेज गति से विकास किया जा रहा है। पहले केवल बड़े शहरों का विकास होता था, अब भारत के टू-टियर और थ्री-टियर शहरों का भी विकास हो रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने आज शनिवार को मप्र सहित देश के 5 राज्यों में विकसित भारत संकल्प यात्रा का हरी झण्डी दिखाकर वर्चुअली शुभारंभ किया। जबकि उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित देश होगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा का भी यही उद्देश्य है। हम सभी अच्छा करें और देश को अच्छा बनाएं। उन्होंने कहा कि संकल्प यात्रा के माध्यम से हर झुग्गी-झोपड़ी तक शासन की सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे, सब मिलकर ऐसे प्रयास करें। संकल्प यात्रा में जाने वाली मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, जनता को हर योजना का लाभ देगी। शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसायप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 6 करोड़ छोटे शहर हैं। अमृत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से इनका भी समग्र विकास किया जा रहा है। शहरों में जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवेज, सीसीटीवी, स्वच्छता के साथ ही ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, ईज ऑफ ट्रेवल पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसाय के लिए ऋण दिया जा रहा है। इनमें 45 प्रतिशत महिला हितग्राही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट में सरकार ने 20 करोड़ महिलाओं के खाते में सहायता राशि दी। सभी को मुफ्त में वेक्सीन लगाया गया। नि:शुल्क राशन योजना प्रारंभ की गई। 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की पेंशन और सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें। अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का लाभ लें। इन योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना में अभी तक हितग्राहियों को एक लाख करोड़ रुपए का नि: शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से 80 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गांव से शहरों में काम के लिए आए व्यक्तियों का पूरा ध्यान रखती है। वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के माध्यम से कहीं भी राशन प्राप्त किया जा सकता है। इन योजनाओं का लाभ लें। मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी यात्रामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में विश्व में उत्कृष्ट छवि निर्मित की है। जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में देश व प्रदेश में और बेहतर कार्य हो तथा प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रम का लाभ मिल सके, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना के अनुरूप विकसित भारत संकल्प यात्रा आरंभ की जा रही है। य़ात्रा के माध्यम से जनकल्याण की योजनाओं और कार्यक्रमों का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही यह प्रयास होगा कि इन योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभ से कोई भी वर्ग वंचित न रहे। भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुकाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुका है। अभी तक यह यात्रा हजारों गांव एवं लगभग डेढ़ हजार शहरों में पहुंच चुकी है। आचार संहिता के कारण 5 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, राजस्थान और मिजोरम में यह यात्रा आज से शुरू हो रही है। इस यात्रा का अपने राज्य में तेजी से विस्तार करें। देश का जन-मन यात्रा को लेकर उत्साहित है। लोग ‘नमो एप’ डाउनलोड कर विकसित भारत के एम्बेसडर बन रहे हैं। प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी व दूसरों की जानकारी बढ़ा रहे हैं। संकल्प यात्रा की गाड़ियां जनता को हर योजना की जानकारी और लाभ दे रही है। यात्रा का रहेगा यह स्वरूपप्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा 16 दिसंबर से 26 जनवरी 2024 तक आयोजित की जा रही है। भारत सरकार से इस यात्रा के लिए सभी जिलों को 366 आईईसी वेन उपलब्ध कराई गई है। आईईसी वैनों को सभी नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत में ले जाया जाएगा और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वैन के साथ ही एग्री ड्रोन को भी प्रदर्शित किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए उक्त ड्रोन का निर्माण किया गया है। किसानों के समय की बचत और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए एग्री ड्रोन का निर्माण किया गया है। ड्रोन के इस्तेमाल से खेतों में खाद या दवा का छिड़काव कम समय में किया जा सकेगा। साथ ही एक एकड़ फसल में खाद या अन्य कीटनाशकों का छिड़काव लगभग 15 मिनट में किया जा सकेगा। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के प्रयोग से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसका अनुमानित मूल्य लगभग पांच लाख रुपए से 10 लाख रुपए के मध्य है।

दिल्ली में होगा मप्र के मंत्रियों का नाम तय, तभी बनेंगे मंत्री.

The names of the ministers from Madhya Pradesh will be decided in Delhi, only then the ministry will be formed. सूची लेकर मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आज जाएंगे दिल्ली, मंत्रिमंडल के गठन पर हो सकता विचार-विमर्श- विधानसभा सत्र के बाद ही शपथ की संभावना.Taking the list, the Chief Minister and the state BJP president will go to Delhi today; there could be discussions on the formation of the cabinet—possibility of oath-taking after the legislative assembly session भोपाल। मंित्रमंडल गठन की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा रविवार को दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की शपक्ष लेने के बाद डॉ यादव का यह पहला दिल्ली दौरा है। इसलिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित सभी प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे और उन्हें मुख्यमंत्री पद का दाियत्व देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। दौरे के दौरान उनकी मंत्रिमंडल के गठन पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि डॉ यादव और वीडी शर्मा ने अपनी ओर से संभावित मंत्रियों की सूची तैयार कर ली है। यह सूची वे पार्टी नेतृत्व को सौपेंगे। अवसर मिला तो इस सूची पर चर्चा होगी और शामिल किए जाने वाले मंत्रियों के नाम फाइनल किए जाएंगे। समय न मिला तो सूची सौंप कर दोनों वापस आ जाएंगे।मंत्रिमंडल के गठन पर और विलंब संभवभाजपा सूत्रों पर भरोसा करें तो 18 दिंसबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल का गठन नहीं होगा बल्िक इसके लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। नेतृत्व इस मामले में जल्दबाजी में नहीं दिखता। जल्दी होती तो मुख्यमंत्री, उप मुख्य मंत्रियों के साथ कुछ मंत्रियों को भी शपथ दिला दी जाती। मुख्यमंत्री पद पर नया चेहरा लाने के बाद वरिष्ठों की क्या प्रतिक्रिया रहती है, भाजपा नेतृत्व इसका बारीकी से आकलन कर रहा है। नाराजगी असंतोष ठंडा होने के बाद वह अगला धमाका करने के मूड में है। यदि वरिष्ठाें को दरकिनार कर नए मंत्रियों को ज्यादा तवज्जो मिली तो यह भी एक धमाका जैसा ही होगा।

जल्दी ही बदले जा सकते हैं, एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर व एसपी.

Collectors and SPs of more than a dozen districts will be changed soon. 21 दिसंबर से पहले तबादला नहीं होने पर कलेक्टरों को बदलना होगा मुश्किलIt will be difficult to change collectors if the transfer does not take place before December 21st. उदित नारायणभोपाल। नई सरकार में जल्दी ही एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि 21 दिसंबर से चुनाव आयोग कलेक्टरों को लोकसभा चुनाव के लिए नई दिल्ल्ाी में प्रशिक्षण देने जा रहा है। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। प्रशिक्षण तीन चरणों में होगा। तबादला भी विधानसभा सत्र के दौरान संभावित है। जिन जिलों में अगले एक दो महीने में कलेक्टरों को तीन वर्ष पूरा होने वाले हैं या फिर नए मुख्यमंत्री की पसंद अनुरूप कलेक्टर जिलों में पदस्थ नहीं हैं। इन कलेक्टरों को जल्दी ही बदलने का आदेश जारी हो जाएगा। सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी वैसे मंत्रिमंडल के गठन के बाद होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन जिस तरह से चुनाव आयोग ने लोकसभा की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में कलेक्टर व एसपी समेत मैदानी अधिकारियों के तबादले पर रोक लग जाएगी। इसी 21 दिसंबर से कलेक्टरों का दो दिनी प्रशिक्षण नई दिल्ल्ाी में शुरू होने जा रहा है। जबकि 18 दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इसी सत्र के दौरान ही तबादले के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। इसके लिए भी हालांकि चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी, चूंकि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। इस स्थिति में तबादले पर बैन लगी होती है। सूत्रों ने बताया कि जल्दी ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। तबादले के जद में एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर व एसपी आ रहे हैं। दूसरी तरफ कानून व्यवस्था से लेकर सरकार चलाने तक के लिए मुख्यमंत्री अपने अनुसार तबादले करेंगे। इसे भी जल्द ही अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM.

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM. The faces of the cabinet in Madhya Pradesh could be decided soon; the CM will go to Delhi tomorrow. डॉ. मोहन यादव; शाह और नड्डा के साथ होगी बैठकभोपाल! मध्यप्रदेश में नई सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दिल्ली जा रहे हैं। उनके साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी जाएंगे। इन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुलाया है। ऐसा माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में कैबिनेट के सदस्यों के नाम फाइनल हो जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में ये भी तय हो जाएगा कि पहले विस्तार में कौन और कितने विधायक मंत्री बनेंगे। रविवार शाम को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक होगी। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हो सकते हैं। वे कल बनारस होकर दिल्ली पहुंचेंगे। मंत्रिमंडल पर केंद्रीय नेतृत्व करेगा फैसला: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कहा था कि इसका फैसला यशस्वी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। इसके बाद शनिवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को दिल्ली बुलाया है। इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का कहना है कि रविवार को होने वाली बैठक के बाद 20 दिसंबर के पहले किसी भी दिन डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का गठन कर लिया जाएगा।

जीतू पटवारी बने MP कांग्रेस अध्यक्ष.

Jeetu Patwai is appointed as the President of Madhya Pradesh Congress Committee. उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष, हेमंत कटारे को उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हेमंत कटारे उप नेता प्रतिपक्ष बनाए गए हैं। उमंग सिंघार धार जिले के गंधवानी से विधायक हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रधानमंत्री जी की स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा पर कार्य हो – मुख्यमंत्री डॉ. यादव.

Work should be done on the concept of Prime Minister’s Smart Policing – Chief Minister Dr. Yadav. पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में निर्देश. Directions given in the meeting of senior police officers at the police headquarters. भोपाल, 15 दिसंबर 2023/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज पुलिस मुख्यालय सभा कक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश में अपराधों के नियंत्रण और प्रधानमंत्री जी की स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा को मूर्तरूप देने के लिए ऐसा कार्य हो जो उदारण बन सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि पुलिस कर्मी अपना कार्य अधिक अच्छे ढंग से कर सकें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। पुलिस कर्मियों के लिए आवास व्यवस्था का कार्य प्रत्येक स्तर पर सहयोगी रूख से आसान बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ ऐसे समुदाय हैं जिनके कुछ लोग अपराधिक प्रवृति से जुड़े हैं, उन्हें भी मुख्य धारा में लाने का प्रयास हो। जिन जिलों में अपराध दर अधिक है वहां विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए। अवैध हथियारों की तस्करी और शराब माफिया पर प्रभावी कार्यवाही हो। खनिज माफिया के विरूध भी सख्त कार्यवाही खनिज विभाग के समन्वय से की जाए। आगामी 20-25 वर्ष की आवश्यकताओं को देखते हुए आवश्यक कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाए।मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि उच्च पद के प्रभार और राज्य पुलिस सेवा से अखिल भारतीय सेवा में अधिकारियों की पदोन्नति की कार्यवाही को भी गति दी जाए। निरीक्षकों के पदों पर पदोन्नति सहित अन्य पदों पर भी पदोन्नति के कार्य में विलम्ब न हो। अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों में भी कार्यवाही की जाए। नगर और ग्राम सुरक्षा समितियों को सक्रिय किया जाए।अपर मुख्य सचिव गृह डॉ राजेश राजौरा ने वाहनों की आवश्यकता और उसकी पूर्ति के प्रस्ताव सहित पुलिस कर्मियों के कल्याण सहित अन्य प्रस्तावों से अवगत करवाया। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पुलिस विभाग की व्यवस्था और कार्य प्रणाली से संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया प्रस्तुतीकरण में प्रमुख रूप से कार्य प्रणाली के आधार स्तंभ, राज्य पुलिस की संरचना, कानून व्यवस्था एवं नक्सल विरोधी अभियान, अपराध नियंत्रण, तकनीकी के उपयोग , बजट, अधोसंरचना विकास और मानव संसाधन विकास के साथ-साथ विभाग की सफलता और उपलब्धियों की जानकारी दी गई।प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर परिसर में पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के पश्चात पुलिस महानिदेशक श्री एस के सक्सेना ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुलिस अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश• पुलिस की दक्षता बढ़ाने वाले विभागीय कार्यों को महत्व दिया जाए।• प्रत्येक तरीके के अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण हो।• मध्य प्रदेश को अपराध नियंत्रण में वर्तमान स्तर को दुरुस्त करना है।• स्वतंत्रता दिवस गणतंत्र दिवस जैसे समारोह की गरिमा को ध्यान में रखते हुए हर जिले में पुलिस बैंड तैयार करें। बटालियन में बैंड सीखने में रुचि रखने वाले जवानों को ट्रेनिंग दी जाए। बटालियन के साथ-साथ होमगार्ड में से भी इच्छुक जवानों को पुलिस बैंड में शामिल करें। जिला स्तर पर भी पुलिस बैंड हो। इस बैंड से कार्यक्रमों की गरिमा बनती है।• पुलिस थानों के क्षेत्र की सीमाओं के संबध में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए इसकी योजना बनाएं। थाने के क्षेत्र की जनसंख्या, अपराध केंद्रित क्षेत्र, धार्मिक संवेदनशीलता और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर योजना बनाएं। जिन धार्मिक स्थानों में वर्ष में कई बार सवारी निकालने, चल समारोह और उत्सव की परम्परा है वहां आवागमन को सहज बनाने, आवश्यक पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।• जोनल मास्टर प्लान बनाते वक्त अथवा सरकारी भूमि के लैंड यूज में बदलाव की योजना में पुलिस भी अपराध और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखकर अपना अभिमत दे जिससे जनहित में जरूरी प्रबंध हो सकें।• पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए मौजूदा संसाधनों में बेहतर कार्य के प्रयास करें।• ओरछा, उज्जैन और अन्य नगरों में धार्मिक मेलों पर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।• पुलिस बल के पदों पर प्रत्येक स्तर के प्रमोशन समय पर किए जाएं।• वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन मिलता रहे ताकि वे अपने कार्य और दायित्व को अच्छे से करते रहें।• पुलिस कर्मियों की आवास की समस्या का निराकरण हो। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन स्तर और पुलिस कर्मियों द्वारा निजी स्तर पर आवास की व्यवस्था के लिए सहयोग दिया जाए।• पुलिस थानों की सीमाओं के संबंध में कुछ स्थानों पर विसंगतियों की जानकारी मिली है, इन्हें दूर किया जाए।• देह व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में कार्य करें। सामाजिक स्तर और सद्भाव के साथ इस प्रकार के अपराधों में विशेष संवेदनशीलता रखें।

संसद की सुरक्षा में सेंध के पीछे बेरोजगारी और महंगाई कारण- राहुल गांधी.

Unemployment and inflation are behind the security breach in Parliament, says Rahul Gandhi. 13 दिसंबर सामने आया था सनसनीखेज घटनाक्रम, आरोपियों से दिल्ली पुलिस कर रही पूछताछ, मास्टरमाइंड ललिता झा का टीएमसी से कनेक्शन सामने आया, नई दिल्ली। संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों से दिल्ली पुलिस की पूछताछ जारी है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अदालत में दायर अपनी रिमांड में सनसनीखेज खुलासे किए। पुलिस ने अदालत को बताया कि वारदात के कथित मास्टरमाइंड ललित झा और उसके साथी देश में अराजकता पैदा करना चाहते थे, ताकि सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर किया जा सके। संसद पर हमला सुरक्षा में बड़ी चूक जरूर है, लेकिन ऐसा क्यों हुआ? इस घटना के पीछे बेरोजगारी और महंगाई है, जिसके लिए मोदी सरकार की नीतियां जिम्मेदार है। ‘ राहुल गांधी ‘ संसद भवन में सुसाइड करने की थी प्लानिंगमुख्य आरोपी सागर शर्मा ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने पुलिस अधिकारियों को बताया कि सभी ने प्लान A, B और C बनाया था। इसके तहत संसद भवन के बाहर आत्महत्या के प्रयास की कोशिश भी शामिल थी। सागर शर्मा के मुताबिक, पहले संसद भवन के बाहर आत्महत्या का प्लान था। इसके लिए जेल (ज्वलनशील पदार्ध) खरीदने की कोशिश की गई। इसमें कामयाबी नहीं मिली तो संसद भवन के अंदर जाकर पीला धुआं छोड़ने की योजना बनी। पता चला है कि आरोपी पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते थे। आगे चलकर उनका उद्देश्य राजनीतिक पार्टी बनाने का भी था।

बाघ एवं कछुओं की अंतर्राज्यीय तस्करी करने वाला गिरफ्तार.

Caught the international poacher involved in tiger and turtle smuggling. भोपाल। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स भोपाल ने अलग अलग स्थानों पर कार्यवाही करते हुये! डिण्डोरी एवं राज्य के बाहर अयोध्या उप्र से बाघ के अंगों एवं दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।कछुआ तस्करी में विगत 3 माह से फरार एक आरोपी को अयोध्या उप्र से गिरफ्तार कर न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष पेश किया गया। वहीं वन्यप्राणी बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों की अंतराज्जीय तस्करी के प्रकरण में संगठित बावरिया गिरोह के 1 अन्य आरोपी को केन्द्रीय जेल चन्द्रपुर महाराष्ट्र से प्रोडक्शन वारंट पर न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष पेश किये जाने उपरांत रिमांड पर लिया जाकर बाघ के शिकार एवं उससे अवयवों में लिप्त गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध मे विस्तृत पूछताछ की गई एवं आरोपी को तमिलनाडू राज्य में बाघ के शिकार वाले स्थान पर ले जाकर आवश्यक कार्यवाही की गई। उक्त प्रकरण में पूर्व में कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय तस्कर कल्ला बावरिया को गिरफ्तार किया था। जिसके विरूद्ध भारत एवं नेपाल राष्ट्र में बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों की तस्करी के कई प्रकरण दर्ज हैं।

कूनो नेशनल पार्क से आई खुशखबरी,जल्द शुरू होगी चीता सफारी.

Good news from Kuno National Park, cheetah safari will start soon. उदित नारायणभोपाल। पर्यटकों के लिए मध्य प्रदेश में एक नया जंगल सफारी जल्द ही शुरू होने वाली है जिसका इंतजार लंबे समय से पर्यटकों को था अभी तक ज्यादर जंगल सफारी सागर संभाग,जबलपुर ,सेहडोल या रीवा संभाग में थी अब चंबल संभाग में पहली जंगल सफारी जल्द ही से होने वाली है।प्रदेश के पालपुर कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी के लिये सेसईपुरा में नया गेट बनाया जायेगा। इसके लिये करीब 56 एकड़ भूमि श्योपुर कलेक्टर से मांगी गई है। साथ ही चीता सफारी के लिये केंद्र की जू- अथॉरिटी से स्वीकृति भी आने वाली है। यह जानकारी गुरुवार को मंत्रालय में वन विभाग के एसीएस जेएन कंसोटिया के समक्ष वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा के प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने प्रस्तुत की।बैठक में बताया गया कि चीतों की नई खेप भी विदेश से जल्द आने वाली है जिसके लिये गांधी सागर अभयारण्य में तैयारी जारी है। वहां एक गांव के विस्थापन के कारण फेंसिंग आदि की कार्यवाही रुकी हुई थी। गांव वालों को मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को बसाने के लिये सभी तैयारियां पूर्ण करने हेतु 31 जनवरी 2024 तक का समय प्रदान किया गया है। बाघ शावकों को शिकार करना सिखाया जायेगाबैठक में बताया गया कि प्रदेश के टाईगर रिजर्व में अनेक बाघ शावक ऐसे हैं जो अकेले हैं। इन्हें बाड़ों में रखकर इनका लालन-पालन किया जायेगा और इन्हें शिकार करना सिखाया जायेगा। इसके लिये बजट की व्यवस्था गेट मनी जोकि विकास निधि में जमा होती है, से की जायेगी।

सड़क हादसे में घायल हुए युवक की पूर्व सीएम शिवराज ने मदद की और उसे अस्‍पताल पहुंचाया।

Former Chief Minister Shivraj extended help to the youth injured in the road accident and ensured that he was taken to the hospital. भोपाल। शहर के रवींद्र भवन क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल हुए युवक को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अस्पताल भिजवाया। जानकारी के अनुसार एक बाइक सवार युवक शनिवार रात को 11 बजे रवींद्र भवन के सामने से गुजर रहा था। इस दौरान उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और वह हादसे में घायल हो गया। इसी बीच वहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला गुजर रहा था। युवक को अस्पताल पहुंचाया पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घायल युवक को देखकर अपना काफिला रुकवाया। इसके बाद घायल युवक को लोगों की मदद से काफिले के वाहन द्वारा एक निजी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही युवक को आश्वासन दिया कि उसका अच्छा उपचार होगा, चिंता करने की बात नहीं है, मामा उसके साथ है।

मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रमुख सचिव बनाए गए, राघवेन्द्र कुमार सिंह.

Raghvendra Kumar Singh has been appointed as the Chief Secretary of Madhya Pradesh under Chief Minister Mohan Yadav. भोपाल। डा. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर परिवर्तन की शुरुआत शुक्रवार देर रात से हो गई। सबसे पहले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद पर पदस्थापना की गई। 1997 बैच के अधिकारी राघवेन्द्र कुमार सिंह अब मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव होंगे उनके पास लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव रहे मनीष रस्तोगी को फिलहाल किसी विभाग का दायित्व नहीं दिया गया है।उल्लेखनीय है कि रस्तोगी सहित मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं पहल करते हुए मुख्यमंत्री से नई पदस्थापना की बात कही थी। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह कुछ अन्य अधिकारों के दायित्व में परिवर्तन भी किया जा सकता है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को बदला जाना प्रस्तावित है।

कलेक्टर श्री सिंह ने मांस एवं मछली विक्रेताओं की ली बैठक.

Collector Mr. Singh held a meeting with meat and fish vendors. खुले में मांस एवं मछली के विक्रय पर रोक, अपारदर्शी कांच एवं साफ-सफाई की सम्पूर्ण व्यवस्था होना अनिवार्यA ban on the open sale of meat and fish, transparent glass, and a comprehensive system of cleanliness are mandatory. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Bhopal.भोपाल, कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने राज्य सरकार के लिए गए निर्णय के परिपालन में मांस तथा मछली विक्रेताओं की बैठक लेकर उन्हें खुले में मांस तथा मछली का विक्रय प्रतिबंधित संबंधी जारी निर्देश से अवगत करा उसके पालन के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आयुक्त नगरनिगम श्री फ़्रेंक नोबल को इसके संबंध में नगरीय क्षेत्र में विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिये। बैठक में निर्देश के पालन के लिये मांस एवं मछली विक्रेताओं ने एक सप्ताह का समय माँगा जिस पर सहमति दी गई। कलेक्टर ने कहा एक सप्ताह बाद उल्लंघन पर कार्यवाही की जायेगी

मंत्रियों के नामों पर मंथन, ऐसी हो सकती है मोहन कैबिनेट.

A Brainstorming on the names of ministers, this could be the Mohan Cabinet. मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का फेस तय करने के बाद भाजपा अब मंत्रियों के नामों पर मंथन कर रही है। भोपाल। मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद डा. मोहन यादव ने कैबिनेट विस्तार के लिए मंत्रियों के नाम तय करने की कवायद आरंभ कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव तक कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या सीमित रहेगी। नियमानुसार 35 सदस्यों की कैबिनेट हो सकती है लेकिन पहले विस्तार में इसमें 18-20 मंत्रियों को ही शामिल किया जाएगा। दरअसल, इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त पद विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री चयन की तरह समानांतर रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिग्गज नेता अपनी कवायद कर रहे हैं। वे अपनी सूची भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री और संगठन की पसंद की भी सूची तैयार होगी। इसके बाद हाईकमान इसकी हरी झंडी देगी। चर्चाओं का दौर जारीपार्टी हाईकमान दो विकल्पों पर विचार कर रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार मलमास के पहले किया जाए या फिर उसके बाद। संगठन के स्तर पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आदि के बीच इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर चला है। दावेदार भी इनसे मिल रहे हैं। हालांकि, माना यही जा रहा है कि मंत्रियों के नाम दिल्ली से ही तय होंगे। कुछ लोग यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि मलमास की वजह से अभी नए मंत्रियों की शपथ नहीं होगी। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष?भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी फिलहाल नए मंत्रियों की शपथ के कार्यक्रम से अनभिज्ञ हैं। वे कहते हैं कि पार्टी सामूहिक निर्णय पर भरोसा करती है और इस बारे में भी आगे बातचीत होगी।

आरपीएफ आरक्षक उमा पटेल को मिला वीरता प्रमाण पत्र.

RPF Constable Uma Patel awarded the Certificate of Bravery. भोपाल। पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन एवं साथ में उपस्थित टीआई आरपीएफ अनिल कुमार, सब इंस्पेक्टर अवधेश कुमार, प्रधान आरक्षक सर्वेश सिंह आरपीएफ स्टेशन भोपाल पर उपस्थित आरक्षक उमा पटेल को सम्मानित किया गया एवं वीरता प्रमाण पत्र भेंट किया गया, इस मौके पर सुशील कुमार जैन ने कहा कि हमें आरक्षक उमा पटेल की कर्तव्यनिष्ठा, दक्षता, समर्पण, तत्परता पर गर्व हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ने के दौरान एक महिला यात्री फिसल गई। हालांकि महिला आरक्षक उमा पटेल ने तत्परता दिखाते हुए प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसी महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई।

संसद मामला : पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने किया हमलावरों का समर्थन, भाजपा ने किया विरोध.

Parliament Case: Former Minister Sajjan Singh Verma expressed support for the attackers; BJP opposed the statement. कहा-देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की भोपाल। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संसद में हुए हमले को लेकर हमलावरों का समर्थन किया है। सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि जो हमलावर सदन के अंदर दाखिल हुए थे उन्होंने अपने विरोध की आवाज उठाई थी। बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर अब उनके पास कोई चारा नहीं था। इसलिए सदन के अंदर दाखिल होकर ऐसा कदम उठाया है। आज देश की यही स्थिति बन रही है। उन्होंने देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के बयानों पर किया पलटवारभाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक सज्जन सिंह वर्मा के संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी व राहुल गांधी भी करते हैं, इसे स्पष्ट करना चाहिए। अग्रवाल ने अपने ट़्वीटर एक्स हैंडल पर किए गए ट्वीट में कहा कि इनके दुर्जन विचारों को सुनिए…। उन्होंने लिखा कि वर्मा संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन कर रहे हैं। आखिर क्यों कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करती है। क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी करते हैं उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।

मप्र के विपक्ष का नेता दिल्ली में तय करेगा पार्टी सुप्रीमो, रिपोर्ट भेजी.

The opposition leader of Madhya Pradesh will decide the party supremo in Delhi, as per the sent report. उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की पहली बैठक भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को हुई। चुरहट विधायक अजय सिंह ने कहा कि बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का फैसला दिल्ली हाईकमान करेगा। करीब 40 मिनट की बैठक में दिग्विजय सिंह ने लोकसभा चुनाव के बारे में विधायकों को सक्रिय होने के लिए कहा। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने विधायकों से वन टू वन चर्चा की। सुरजेवाला ने कहा कि आर्ब्जवर भंवर जीतेंद्र सिंह ने बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ शामिल नहीं हुए।कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि कमलनाथ का कार्यक्रम छिंदवाड़ा जिले में पहले से तय है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह, पूर्व उट दिग्विजय सिंह बैठक में पहुंचे। दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सवालों पर बस इतना कहा कि कैबिनेट का गठन हो गया क्या। भाजपा के ओबीजी मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग से एक-एक डिप्टी सीएम बनाए हैं। ऐसे में कांग्रेस में आदिवासी विधायक को नेता प्रतिपक्ष पद देने पर विचार हो रहा है। हालांकि, कांग्रेस में ओबीसी चेहरे के तौर पर विजयपुर विधायक रामनिवास रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाह के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं, संसदीय मामलों में अनुभवी नेताओं के तौर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और अमरपाटन से विधायक राजेंद्र कुमार सिंह को लेकर भी अंदरखाने विचार हो रहा है। भाजपा को विधायक याद दिलाएंगे संकल्पबैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हाईकमान का संदेश विधायकों को दिया गया है। उन्हें लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए कहा गया है। साथ ही विपक्ष में बैठने वाले विधायक जनता के प्रहरी के तौर पर काम करेंगे। सदन के भीतर जनता के मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। जनता के लिए सरकार का समर्थन भी करेंगे। इसके अलावा भाजपा को विधायक संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए भी आगाह करते रखेंगे। आदिवासी नेताओं में इनके नाम शामिल

गुंडे-अपराधी समझ लें, उनके लिए अब सुरक्षित नहीं है मध्यप्रदेश : विष्णुदत्त शर्मा.

Consider goons and criminals warned, Madhya Pradesh is not safe for them anymore: Vishnudatt Sharma. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा: मोदी की गारंटी को पूरा करने प्रदेश सरकार ने बढ़ाया पहला कदम उदित नारायणभोपाल। गुंडे और अपराधी अब यह सोच लें कि मध्यप्रदेश उनके लिए सुरक्षित नहीं है और ऐसे लोगों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। सरकार के निर्णय से आदतन अपराधियों पर शिकंजा और कसेगा तथा वे कोई नया अपराध करने की स्थिति में नहीं होंगे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कही। जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार के प्रति आभार जताते हुए गुरूवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि 2003 में भाजपा सरकार को ऐसा मप्र मिला था, जो असुरक्षित था और जहां गुंडों-अपराधियों का बोलबाला था। भाजपा की सरकार ने गुंडों, अपराधियों और डकैतों की नकेल कसकर प्रदेश को सुरक्षित बनाया। इससे आगे बढ़कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे आदतन अपराधियों के द्वारा पूर्व में किए गए अपराधों में प्राप्त जमानत को दंड प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी की धारा 437 438 439 के तहत संबंधित न्यायालयों में आवेदन प्रस्तुत करके जमानत निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटीप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की जनता को यह विश्वास दिलाया था कि ’मोदी की गारंटी, हर गारंटी के पूरा होने की गारंटी’ है। प्रधानमंत्री के इस वादे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही तेंदूपत्ता की दर 4000 रुपये प्रति मानक बोरा करने का निर्णय ले लिया है, जिसके लिए भाजपा के संकल्प पत्र में वादा किया गया था। राज्य सरकार का यह निर्णय मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में उठाया गया पहला कदम है। सरकार के इस निर्णय से उन आदिवासी भाईयों का सशक्तीकरण होगा, जो वनोपज एकत्र करके अपनी आजीविका चलाते हैं। जनता की तकलीफें दूर होंगी, मिलेंगी सुविधाएं प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णयों से व्यवस्था पारदर्शी होगी और किसान भाईयों, ग्रामीणों, आम लोगों की परेशानियां कम होंगी। शर्मा ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में जो निर्णय लिए हैं, उनके लिए मैं मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मोदी की गारंटी को घर-घर पहुंचाएगी विकसित भारत संकल्प यात्राप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर आगे बढ़ रही है। उनकी सरकार की योजनाओं के केंद्र में आम नागरिक, नौजवान, महिलाएं, किसान और गरीब होते हैं। इन योजनाओं के बारे में जनजागरूकता तथा इनका लाभ लोगों को दिलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में 16 दिसम्बर से विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही हैं। ये यात्राएं सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में भ्रमण करेंगी तथा यात्राओं में शामिल ’गारंटी रथ’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी घर-घर पहुंचेगी।

बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई, 14 लाख के इनामी नक्सली को किया ढेर.

Significant action taken in the Naxal-affected area of Balaghat, a reward of 14 lakhs announced for the apprehension of a Naxalite. सूपखार के जंगल में हुई मुठभेड़, माओवादियों का एरिया कमेटी मेंबर था मड़काम हिड़मा उर्फ चैतु मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में था सक्रिय भोपाल, 14 दिसंबर 2023/ मध्यप्रदेश पुलिस की हॉकफोर्स को एक और बड़ी सफलता मिली है। हॉकफोर्स ने आसूचना आधारित नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 14 दिसंबर को 14 लाख रुपये के इनामी नक्सली मड़काम हिड्मा उर्फ चैतु (लगभग 32-33 वर्ष) निवासी ग्राम पोमरा, थाना मिरतुर, जिला बीजापुर (छत्तीगढ़) को मार गिराया है। यह मुठभेड़ बालाघाट जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र के सूपखार के खमकोदादर वन क्षेत्र में हुई। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में था सक्रिय :- हिड़मा, माओवादियों के एमएमसी (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) जोन की जीआरबी (गोंदिया, राजनांदगांव, बालाघाट) डिविजन के एसजेडसीएम (स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर) राजेश उर्फ दामा का विश्वस्त सहयोगी था। हिड़मा पूर्व में माओवादियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी की चेतना नाट्य मंच तथा प्लाटून का सदस्य रहा है। वह पुलिस बल पर हमले की विभिन्न घटनाओं में शामिल रहा है। माओवाद के विस्तार हेतु इसे दो वर्ष पूर्व एमएमसी जोन में भेजे जाने की सूचनाएं आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ में संज्ञान में आई हैं। मृतक के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों की विस्तृत जानकारी बस्तर के विभिन्न जिलों से प्राप्त की जा रही हैं। वहीं, मृतक नक्सली हिड़मा का भाई सीतु मड़काम उर्फ सीतु मुचाकी माओवादियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी के अंतर्गत सक्रिय प्लाटून नंबर 13 का डिप्‍टी कमांडर है। इस साल तीसरी बड़ी कार्रवाई :- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सल उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों के तहत वर्ष 2023 में तीन बड़ी कार्रवाई की गई हैं। इन कार्रवाइयों में हॉकफोर्स ने 2 महिला नक्सलियों सहित 4 हार्डकोर नक्सलियों को धराशायी किया है। इन सभी नक्सलियों पर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 14-14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वर्ष 2023 के अप्रैल में हुई कदला मुठभेड़ में महिला नक्सली सरिता तथा सुनीता, कुंदुल-कोद्दापार जंगल क्षेत्र में सितंबर में हुई नक्सली कमलू को भी धराशायी किया जा चुका है। वहीं 14 दिसंबर को हॉकफोर्स ने हिड़मा को भी धराशायी कर दिया। बता दें कि अगस्त 2023 में मध्यप्रदेश पुलिस ने जबलपुर शहर से नार्थ बस्तर तथा आरकेबी डिविजन की मास संगठन का प्रभारी एसजेडसीएम अशोक रेड्डी उर्फ बलदेव को उसकी पत्नी एसीएम रेमती के साथ गिरफ्तार किया। विगत 5 वर्षों में 17 नक्सली ढेर :- छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में विगत 5 वर्षों में विभिन्न पुलिस नक्सल मुठभेड़ के दौरान 17 हार्डकोर नक्सली धराशायी किए जा चुके हैं। इनमें 8 महिला नक्सली भी शामिल हैं। मारे गए नक्सलियों पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 2.68 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वहीं विगत 5 वर्षों में 5 नक्सलियों ने आत्म समर्पण भी किया है। वर्ष 2022 में डीवीसी स्तर के दो नक्सलियों के साथ चार अन्य नक्सलियों को भी धराशायी किया गया तथा दो एके 47 राइफल भी जब्त की गई। नक्सलियों के विरुद्ध आक्रामक रणनीति अपनाई गई तथा आसूचना आधारित अभियानों द्वारा टांडा दलम के चार तथा दर्रेकसा दलम के दो, कुल 6 नक्सलियों को धराशायी कर ट्राइ जंक्शन क्षेत्र में नक्सलियों की कमर तोड़ दी गई। मध्यप्रदेश पुलिस के लगातार प्रयासों और अभियानों से नक्सली बैकफुट पर हैं। नक्सल उन्मूलन के लिए ये उठाए कदम :- क्रमांक-130/2023 आशीष शर्मा

विधानसभा में सुरक्षा घेरा सख्त. (M.P)

Tight security cordon in the Legislative Assembly Madhya Pradesh. अब विधायक केवल एक बाहरी व्यक्ति को दिलवा सकेंगे दीर्घा में प्रवेश विधानसभा में बगैर पास और वैध पहचान पत्र के कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता। गेट के अलावा दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच। बिना पहचान पत्र नहीं कर सकता कोई प्रवेश।खान-पान की सामग्री भी दीर्घा में ले जाना मना है।गेट पर होती है तगड़ी सुरक्षा जांच। भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली में संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन ही दो युवक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूदकर स्मोक बम सरीखी सामग्री से धुआं छोड़ने की घटना को देखते हुए विधानसभा सचिवालय भी हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रमुख सचिव एपी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अब विधायक केवल एक ही बाहरी व्यक्ति को दर्शक दीर्घा में प्रवेश दिला पाएंगे। दो स्तर पर जांच होगी और कोई भी ऐसी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिसे सुरक्षा को कोई खतरा हो। इसी माह होगा विधानसभा सत्र मध्य प्रदेश में 16वीं विधानसभा का गठन हो चुका है। दिसंबर में पहला सत्र प्रस्तावित है। लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। अभी विधानसभा अध्यक्ष या सदस्य अपने क्षेत्र के लोगों को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए प्रवेश पत्र जारी करवाते हैं। इसमें बैठक व्यवस्था के अनुसार सदस्यों की अनुशंसा पर प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन अब विधायक के स्वजन के अलावा वे केवल एक बाहरी व्यक्ति की ही अनुशंसा कर सकेंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि सत्र के पहले एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। विधानसभा परिसर और दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच होगी। अभी ऐसी व्यवस्था मप्र विधानसभा में आगंतुकों के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं। यह विधानसभा अध्यक्ष या विधायक की अनुशंसा पर ही जारी किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य रहता है। प्रवेश पत्र में ही इस बात का उल्लेख होता है कि संबंधित व्यक्ति किस दीर्घा में जाकर बैठ सकता है। दो जगह सुरक्षा जांच विधानसभा में पहुंचने वाले व्यक्ति को दो जगहों पर सुरक्षा जांच से गुजरना होता है। पहले परिसर के बाहरी द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी उनकी जांच करते हैं। इसके बाद दीर्घा में प्रवेश से पहले फिर उनकी जांच होती हैं। यहां उनके जूते-चप्पल, बेल्ट उतरवा रखवा लिए जाते हैं। खाने-पीने की कोई चीज अपने साथ नहीं ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति तो रहती है, पर उसे बंद करके रखना होता है। सत्र के दौरान राज्य पुलिस के अधीन होती है सुरक्षा व्यवस्था विधानसभा के अपर सुरक्षा सचिव उमेश शर्मा ने बताया कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर की पूरी सुरक्षा व्यवस्था राज्य पुलिस बल के हवाले रहती है। सामान्य दिनों में राज्य के विशेष सशस्त्र बल के 27 जवान तैनात रहते हैं। वहीं, विधानसभा का सुरक्षा अमला, जिसमें लगभग सौ जवान हैं, भी परिसर के भीतर तैनात रहता है।

मुख्यमंत्री की ताजपोशी के बाद नए मुख्य सचिव को लेकर चर्चाएं शुरू.

Discussions have commenced on the appointment of the new Chief Secretary following the swearing-in of the Chief Minister. अनुराग जैन, विवेक अग्रवाल व हरिरंजन राव मप्र लौटेंगे, मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी. Anurag Jain, Vivek Agrawal, and Hariranjan Rao will return to Madhya Pradesh, taking on significant responsibilities. भोपाल। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव की ताजपोशी के साथ नए मुख्य सचिव को लेकर चर्चाएं प्रारंभ हो गई है। इसके साथ ही यह चचर्चा भी है कि केंद्रीय भूतल परिवहन सचिव अनुराग जैन प्रदेश लौट सकते हैं। यदि अनुराग जैन प्रदेश लौटते हैं तो श्रीमती बीरा राणा के बाद उन्हें प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया जाएगा। अतिविश्वसनीय सूत्रों के अनुसार श्रीमती राणा का कार्यकाल पूरा होने के एक माह पूर्व यानी फरवरी 2024 के अंतिम या मार्च के प्रथम सप्ताह में राज्य सरकार किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंत्रालय मेंओएसडी नियुका कर देगी। ओएसडी ही श्रीमती राणा की सेवानिवृत्ति पर 31 मार्च 2024 को राज्य के प्रशासनिक मुखिया का पदभार संभाल लेगा। सूत्रों का कहना है कि अनुराग जैन यदि प्रदेश नहीं लौटते तो अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य च चिकित्सा शिक्षा मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा या अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास एसएन मिश्रा में से किसी एक को मुख्य सचिव बनाया जा सकता है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेना है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अतिरिक्त सचिव वित्त विवेक अग्रवाल तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त सचिव हरिरंजन राव भी प्रदेश लौट सकते हैं। यदि अग्रवाल व राव प्रदेश लौटते हैं तो उन्हें महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। दोनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उजजैन में कलेक्टर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री यादव जब पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष थे, तब हरिरंजन राव निगम के एमडी थे।

गोपाल भार्गव बने एमपी के प्रोटेम स्पीकर.

Gopal Bhargav becomes the Protem Speaker of Madhya Pradesh. राज्यपाल ने दिलाई शपथ; सबसे सीनियर और नौ बार के विधायक हैं भार्गव The Governor administered the oath; Bhargav is the most senior and a nine-time legislator. भाजपा के सबसे सीनियर व रहली से नौ बार के विधायक गोपाल भार्गव ने गुरुवार को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ ली। सुबह 11 बजे राजभवन में गवर्नर मंगुभाई पटेल उनको शपथ दिलाई। बाद में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विधायकों को शपथ प्रोटेम स्पीकर दिलाएंगे। यहां स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर भी शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके बाद एसीएस की बैठक लेंगे। वे इससे पहले विधानसभा स्पीकर और प्रोटेम स्पीकर के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने पहली कैबिनेट बैठक में बुधवार को खुले में मांस की बिक्री और तेज आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकर को लेकर अहम फैसले किए। पूर्व सीएम उमा भारती ने गुरुवार को इनकी तारीफ की है। ऐसी है प्रोटेम स्पीकर की व्यवस्था प्रोटेम स्पीकर का जिक्र संविधान के अनुच्छेद 180(1) में है। इसमें प्रावधान है कि जब विधानसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद रिक्त हो तो कार्यालय के कर्तव्यों का पालन ऐसे विधानसभा सदस्य द्वारा किया जाना चाहिए जिसे राज्यपाल नियुक्त कर सकते हैं। आमतौर पर सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर चुना जाता है। इस मामले में वरिष्ठता सदन में सदस्यता से देखी जाती है न कि सदस्य की उम्र से तय की जाती है। संवैधानिक परंपरा के अनुसार प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के लिए कोई विशिष्ट संवैधानिक या वैधानिक प्रावधान नहीं है।

मंत्रिमंडल विस्तार में नहीं चलेगा पट्ठावाद, चौंकाने वाले हो सकते मंत्रियों के नाम.

The expansion of the cabinet, here are the names of the ministers who could be surprising. हर अंचल से बनाए जाएंगे 4 से 6 तक मंत्री- खाली रखे जा सकते हैं आधा दर्जन मंत्री पद, मंत्रिमंडल में जातीय संतुलन साधने की तैयारी उदित नारायण भोपाल। जिस प्रकार मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के चयन में रसूखदार नेताओं की नहीं चली, ठीक इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंत्रिमंडल का गठन होगा। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन तो साधा जाएगा लेकिन पट्ठावाद बिल्कुल नहीं चलेगा। अर्थात रसूखदार नेताओं का समर्थक होने के कारण किसी को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में 26-27 मंत्रियों को शामिल कर शपथ दिलाई जाएगी और आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री पद खाली रखे जाएंगे। हमेशा की तरह नेतृत्व मंत्रिमंडल के गठन में भी सभी को चौंका सकता है। मोहन-वीडी लेकर जाएंगे संभावित मंत्रियों की सूचीमंत्रिमंडल के गठन पर भी केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लगेगी। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा संभावित मंत्रियों की सूची लेकर दिल्ली जाएंगे। वहां नेतृत्व के साथ सूची पर डिस्कशन होगा। नाम जोड़े और घटाएं जाएंगे। इसके बाद फायनल सूची के अनुसार मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।वरिष्ठ और नए के बीच होगा संतुलनमंत्रिमंडल के गठन में भी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों का फार्मूला अपनाया जा सकता है। इसके तहत वरिष्ठ और नए विधायकों के बीच संतुलन साधा जा सकता है। कुछ वरिष्ठों के साथ नए मंत्री ज्यादा बनाए जा सकते हैं। जैसे 8-9 वरिष्ठ मंत्रियों के साथ 16-18 नए विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। चंबल-ग्वालियर अंचल से ये बन सकते मंत्रीभाजपा सूत्रों के अुनसार अंचलों में मिली सीटों के संख्या के आधार पर मंत्रियों की संख्या तय हो सकती है। इस आधार पर चंबल- ग्वालियर, बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य अंचल से 4-4 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें जातीय संतुलन भी साधा जाएगा। जैसे, चंबल-ग्वालियर से नेता प्रतिपक्ष को हराने वाले अंबरीश शर्मा, जनता के बीच सक्रिय प्रद्युम्न सिंह तोमर, केपी सिंह को हराने वाले देवेंद्र कुमार जैन और घनश्याम सिंह को हराने वाले प्रदीप अग्रवाल को मंत्री बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर पहले ही विधानसभा अध्यक्ष घोषित किए जा चुके हैं। बुंदेलखंड, विंध्य में ये हो सकते चेहरेबुंदेलखंड और विंध्य से मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और कनिष्ठ के बीच संतुलन के तहत चेहरे तय किए जाएंगे। बुंदेलखंड से नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, छतरपुर की ललिता यादव और जबेरा के धर्मेंद्र लोधी को मौका मिल सकता है। इनके अलावा वरिष्ठों में गोपाल भार्गव, भूपेेंद्र सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, जयंत मलैया और बृजेंद्र प्रताप सिंह में से 1 अथवा 2 को मौका मिल सकता है। विंध्य अंचल से सीधी की रीति पाठक, जयसिंह नगर की मनीषा सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल और रामपुर बघेलान से जीते विक्रम सिंह को मौका मिल सकता है। इस अंचल के राजेंद्र शुक्ला पहले ही उप मुख्यमंत्री बन चुके हैं। महाकौशल से बनाए जा सकते हैं 5 मंत्रीमहाकौशल अंचल में भाजपा को इस बार 38 में से 21 सीटें मिली हैं। यह कमलनाथ का भी इलाका है। इसलिए यहां से 5 मंत्री बनाए जा सकते हें। इनमें बहोरीबंद के प्रणव पांडे, नरसिंहपुर के प्रहलाद पटेल और बैतूल के हेमंत खंडेलवाल को मौका मिल सकता है। इनके अलावा जबलपुर के राकेश सिंह और गाडरवारा के उदयप्रताप सिंह में से किसी एक को मौका मिल सकता है। ये दोनों पूर्व सांसद हैं। इसी प्रकार शहपुरा के ओम प्रकाश धुर्वे और मंडला की संपतिया उइके में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। मालवा-निमाड़ से बन सकते सर्वाधिक मंत्रीमालवा- निमाड़ अंचल में सर्वाधिक 66 सीटें हैं। भाजपा ने इनमें से 48 सीटें जीती हैं। इसलिए यहां से सर्वाधिक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इंदौर से तुलसीराम सिलावट के अलावा कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मैंदोला में से किसी एक काे मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सज्जन सिंह वर्मा को हराने वाले राजेश सोनकर, दीपक जोशी को हराने वाले आशीष शर्मा, हरसूद के विजय शाह, नेपानगर की मंजू राजेंद्र दादू मंत्री बन सकते हैं। भोपाल के आसपास भी कम दावेदार नहींप्रदेश के मध्य अंचल अर्थात भोपाल के आसपास मंत्री पद के दावेदारों की संख्या कम नहीं है। इस बार रामेश्वर शर्मा, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विष्णु खत्री में से दो मंत्री बन सकते हैं। रायसेन जिले में प्रभुराम चौधरी और सुरेंद्र पटवा में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सीहोर के सुदेश राय और खिलचीपुर में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को हराने वाले हजारीलाल दांगी मंत्री बनाए जा सकते हैं। संभावित मंत्रियों की यह सूची सूत्रों पर आधारित है क्योंकि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी क्या करेगी, कोई नहीं जानता।

पहला आदेश पर्यावरण के हित में ,सीएम मोहन.

The first order in the interest of the environment, CM Mohan. भोपाल। म.प्र. में धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुक्रम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूपही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर / डी.जे.) आदि का उपयोग किया जा सकेगा। ■ धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर / डी.जे.) को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदंड से अधिक आवाज में बजाने पर लगेगा प्रतिबंध। ■ म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों, माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुक्रम में लिया गया निर्णय। ■ धर्म गुरुओं से संवाद और समन्वय के आधार लाउडस्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जाएगा और ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाई जाएगी जहां उक्त नियमों/निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। ■ ध्वनि प्रदूषण तथा लाउडस्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्तों के गठन का निर्णय लिया गया है।• जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी एवं इस संबध में 31 दिसंबर 2023 तक पालन प्रतिवेदन गृह विभाग को उपलब्ध कराना होगा। ■ ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

शपथ के दौरान स्टेडियम के बाहर Shivraj के चाहने वालों ने काफिला रोका, मामा मामा के नारे लगाए.

During the swearing-in ceremony, supporters of Shivraj outside the stadium stopped the procession, chanting slogans in favor of Mama (referring to Shivraj Singh Chouhan).

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Rajendra Shukla, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

वन एवं पर्यावरण स्वीकृति हुई आसान, केंद्र ने किया वन एवं पर्यावरण नियमों में संशोधन.

Approval for forest and environment became easier as the central government made amendments to the forest and environmental regulations. उदित नारायण,    भोपाल। केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को सरल कर दिया है ताकि बड़े प्रोजेक्ट के क्लीयरेंस जल्द से जल्द मिल सके। नए संशोधन के तहत अब कंसलटेंट वन और पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए सीधे तकनीकी कमेटी को फॉरेस्ट और पर्यावरण  के लिए अपना प्रस्ताव भेज सकेंगे। यानी अब सिया कमेटी की भूमिका को निष्प्रभावी बना दिया गया है।  केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक डेटा संचालित तरीके से हितधारकों और तकनीकी मूल्यांकन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए, मंत्रालय ने जीआईएस, एडवांस डेटा एनालिटिक्स आदि जैसी उभरती तकनीकी परिवेश के दायरे का विस्तार किया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के नियमों में संशोधन करते हुए कठिन और जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने की कोशिश की है। अब से, सभी नए प्रस्ताव चाहे किसी भी प्रकार के हों, प्रारंभिक जांच के लिए सदस्य सचिव (एमएस), एसईएसी ( स्टेट  एक्सपर्ट अप्रैज़ल कमेटी ) को प्रस्तुत किए जाएंगे। परिवेश पोर्टल पर ही संबंधित एसईआईएए को स्पष्ट सिफारिशें करने के लिए विशेषज्ञ समिति (एसईएसी) द्वारा जांच और आगे विचार किया जाएगा। नए संस्करण ने अब एमएस, एसईएसी को उपरोक्त ओएम में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार मानक टीओआर जारी करने में सक्षम बना दिया है। क्या थी पुरानी व्यवस्था संशोधन के पहले तक व्यवस्था यह थी कि प्रोजेक्ट के कंसलटेंट को अपने प्रस्ताव को पहले सिया कमेटी के किंतु-परंतु बिंदुओं के सवालों जवाबों से गुजरना पड़ता था। इसके कारण प्रस्ताव को वन और पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था। कई बार ऐसा भी हुआ कि सरकारी प्रोजेक्ट भी सिया कमेटी के समक्ष ही महीना और वर्षों तक लंबित रहे। इन समस्याओं को लेकर कई बार भारत सरकार केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को शिकायत भी कई गई और इस शिकायत के आधार पर नया संशोधन आदेश जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश के बड़े दलित नेता को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जगदीश देवड़ा को बनाया गया उप मुख्यमंत्री।

Big Dalit Politician Jagdish Devda got Big opportunity as Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का एलान होने के साथ ही राज्य में दो उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ है। मल्हारगढ़ से विधायक जगदीश देवड़ा और उज्जैन दक्षिण से विधायक राजेंद्र शुक्ला मध्य प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। यूं तो जगदीश देवड़ा मध्य प्रदेश की राजनीति में किसी परिचायक मौहताज नहीं हैं। फिर भी आपको बता दें कि जगदीश देवड़ा वर्तमान शिवराज सरकार में वित्त मंत्री का जिम्मा संभाल रहे थे ।वह मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से विधायक हैं। देवड़ा लगातार सातवीं बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे देवड़ा मध्यप्रदेश में थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। 1993 में पहली बार विधायक बनने के बाद से अपने लगभग 33 वर्ष के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में जगदीश देवड़ा 7वीं बार विधायक बने हैं। थावरचंद गहलोत के राज्यपाल बनने के बाद से जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश बीजेपी में बड़े दलित चेहरे के रूप में देखा जा रहा था। उसके चलते अब उन्हें उप मुख्यमंत्री के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। देवड़ा को उप मुख्यमंत्री बनाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में भी जश्न का माहौल है। विवादों से दूर, संघठन में मजबूत पकड़ रखते हैं देवड़ा मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से जगदीश देवड़ा विधायक हैं। वह शिवराज सरकार में वित्त मंत्री हैं। जगदीश देवड़ा 66 साल की उम्र में भी फिट हैं। शांत स्वभाव को जगदीश देवड़ा पार्टी के कद्दावर नेता हैं। साथ ही वह विवादों से दूर रहते हैं। उनकी सजगता की वजह से ही वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान उनके हाथों में है। संगठन और सरकार में उनकी अच्छी पकड़ है। दरअसल, जगदीश देवड़ा का जन्म एक जुलाई 1957 को हुआ है। वह मूल रूप से नीमच जिले के रामपुरा के रहने वाले हैं। एमए के बाद उन्होंने एलएलबी किया है। जगदीश देवड़ा की शादी रेणु देवड़ा से हुई है। राजनीति के साथ-साथ जगदीश देवड़ा वकालत भी करते हैं। उनके दो पुत्र हैं। साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहते हैं। वहीं, खेलकूद में भी उनकी विशेष रुचि है। इसके साथ ही वे एथलेटिक्स चैंपियन भी रहे हैं। छात्र जीवन से ही राजनीतिक पारी की शुरुआत जगदीश देवड़ा वर्तमान में मंदसौर के मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। मध्य प्रदेश के नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का ताल्लुक प्रदेश की अनुसूचित जाति से है। पेशे से जगदीश देवड़ा समाजसेवी और वकील हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में उनकी दिलचस्पी थी। वर्ष 1979 में वह शासकीय महाविद्यालय रामपुरा से छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय में सीनेट के सदस्य रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भाजयुमो से जुड़कर सियासी करियर को रफ्तार दी है। वर्ष 1993 में बीजेपी ने उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया। पहली बार में ही वह चुनाव जीत गए और विधायक बन गए। तब से लेकर अब तक वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।इसके बाद विधानसभा में कई समितियों के सदस्य रहे। इसके साथ ही कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक निभाई। जगदीश देवड़ा भाजपा संगठन और सरकार के भरोसेमंद चेहरे हैं। तीन बार मंत्री और एक बार बने प्रोटेम स्पीकर मध्य प्रदेश की दसवीं विधानसभा में जगदीश देवड़ा वर्ष 1993 विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2003 विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज करने पर उन्हें प्रदेश में राज्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद साल 2008 में शिवराज सरकार में जदीश देवड़ा को परिवहन, जेल, योजना सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार सौंप कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्ष 2020 में बनी शिवराज सरकार में उन्हें वित्तमंत्री बनाया गया। इसके साथ ही 15वीं विधानसभा में उन्हें प्रोटेम स्पीकर भी चुना गया था लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने प्रोटेम स्पीकर का पद छोड़ दिया था। 7वीं बार जीते जगदीश देवड़ा जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में तीन बर मंत्री रहते हुए कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। 66 साल के नवनियुक्त उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का नाम मध्य प्रदेश तेज तर्रार और कद्दावर नेताओं में शुमार होता है। मध्य प्रदेश के मालवी रीजन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इस क्षेत्र में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 1993 से लेकर आज तक वे लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंच रहे हैं। वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्यामलाल जोकचंद को 59,024 वोटों के अंतर से हरा कर मध्य प्रदेश के विधानसभा में 7वीं बार अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।

अब नहीं सोना पड़ेगा बेंच पर, जेपी अस्पताल में बनेगा रैन बसेरा.

A Renbaseara will be built in J P Hospital. प्रस्ताव तैयार, परिसर में मंदिर के पास की जगह तय भोपाल। जेपी अस्पताल शहर का तीसरा सरकारी अस्पताल है, जहां रैन बसरे की सुविधा होगी। अब तक हमीदिया अस्पताल व एम्स में दूर दराज से आने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था थी। प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार रोजाना जेपी में 60 से 80 मरीज भर्ती होते हैं। अस्पताल में वार्ड में एक मरीज के साथ एक परिजन के ही रुकने की अनुमति होती है। जिसके कारण रात में कई परिजन फर्श व बेंच पर सोते नजर आते हैं। ठंड के मौसम इसके चलते वे भी बीमार हो सकते हैं। इसी को देखते हुए रैन बसेरा बनाने का फैसला लिया गया है। परिसर में मौजूद हनुमान मंदिर के रैन बसेरा बनाना तय किया गया है। जिसका प्रस्ताव भी विभाग को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही इसका निर्माण शुरू किया जाएगा। नई व्यवस्था का परिजनों को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलाया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक रहेगी, जब तक शीतलहर का प्रकोप रहेगा। जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में रूकने वाले परिजनों की सुविधा के लिए रैन बसेरा बनाया जाएगा। जमीन का चयन कर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही रैन बसेरा तैयार किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला हैं अजेय, हर बार चुनाव जीते और मंत्री भी बने।

The Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh is Rajendra Shukla; he is invincible in every election and has also become a minister each time. मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री जबकि राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा के साथ उप मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। In Madhya Pradesh, Dr. Mohan Yadav is the Chief Minister, while Rajendra Shukla and Jagdish Devda will assume the positions of Deputy Chief Ministers. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का नाम आखिरकार फाइनल हो गया है। बीजेपी ने डॉ. मोहन यादव का नाम मुख्यमंत्री के लिए चुनकर एक बार फिर सबको चौंका दिया है। उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे। वहीं राजेन्द्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर उप मुख्यमंत्री पद पर बैठाया गया है। राजेंद्र शुक्ला मध्यप्रदेश के रीवा से विधायक हैं और विंध्य के कद्दावर नेता के तौर पर उन्हें जाना जाता है। राजेंद्र शुक्ला लगातार चुनाव जीतकर चार बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। विंध्य के बड़े नेता हैं अजेय विधायक राजेंद्र शुक्ला रीवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र शुक्ला को विंध्य क्षेत्र से ब्राह्मण समाज के बड़े चैहरे और कद्दावर नेता के तौर पर जाना जाता है। अपने चुनावी कैरियर में वह 2003 से लेकर अब तक अजेय रहे हैं। खास बात है कि वह ऐसे विधायक हैं जिन्हें हर बार चुनाव जीतने पर मंत्री पंद मिला है। वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर उमा भारती की सरकार में मंत्री बने। इसके बाद बाबूलाल गौर सरकार में भी उन्हें मंत्री पद मिला। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में भी वह राज्य में कैबिनेट मंत्री रहे। बता दें कि वह अब तक लगातार चार बार मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2003 से लेकर अब तक राजेंद्र शुक्ला लगातार रीवा से चुनाव जीतते आए हैं। छात्र नेता के रूप में शुरू हुआ राजनैतिक जीवन मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने वाले राजेंद्र शुक्ला ब्राह्मण समाज से आते हैं। उनकी ब्राह्मण वोटर्स पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। पेशे से इंजीनियर राजेंद्र शुक्ला का जन्म वर्ष 1964 को रीवा में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1986 से छात्र नेता के तौर पर राजनैतिक जीवन की शुरुआत कर दी थी। वर्ष 1986 में राजेंद्र शुक्ला सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे थे। राजेंद्र शुक्ला ने वर्ष 1998 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन वह कांग्रेस के पुष्पराज सिंह से 1394 वोटों से हार गए। वर्ष 2003 में रीवा सीट से एक बार फिर बीजेपी ने राजेंद्र शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है, इस बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पराज हराकर पहली मध्य प्रदेश विधानसभा में अपनी जगह बनाई। इससे पहले रीवा सीट से पुष्पराज सिंह ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी। राजेंद्र शुक्ला ने साल 2003 में रीवा से जीत दर्ज कर उनके विजय रथ पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद उन्होंने यहां से साल 2003 के अलावा साल 2008, 2013, 2018 और 2023 विधानसभा चुनाव में जीत दर्जी की है कैबिनेट मंत्री से लेकर उप मुख्यमंत्री तक का सफर वर्ष 2003 में पहली बार रिकॉर्ड वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने वाले राजेंद्र शुक्ला को आवास और पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया गया। वर्ष 2008 में वह रीवा विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीते। और इस बार उन्हें ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बनाकर मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया। वर्ष 2013 की बात करें तो मध्य प्रदेश की 14वीं विधानसभा में चुनाव जीतकर आने वाले राजेंद्र शुक्ला को उद्योग नीति और निवेश संवर्धन मंत्री बनाया गया। इसके साथ ही उन्होंने जनसंपर्क विभाग भी संभाला।बता दें कि वर्ष 2018 में भी राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक चुने गए थे लेकिन मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी जो की अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी और वर्ष 2020 में यह सरकार गिर गई। जिसके बाद एक बार फिर भाजपा सत्ता में आई। इस बार भी राजेंद्र शुक्ला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री के दायित्व के साथ एक बार फिर यानी कुल चौथी बार शिवराज मंत्रिमंडल में जगह मिली। इसके साथ ही वर्तमान में पांचवी बार चुनाव जीतकर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं विधायक सरकार राजेंद्र शुक्ला राजेंद्र शुक्ला की X (ट्विटर) प्रोफाइल देखें तो पता चलता है कि वह  सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं हैं। उन्हें 65000 से ज्यादा लोग X पर फॉलो करते हैं। इसके साथ ही विधायक राजेंद्र शुक्ला फेसबुक पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। यहां भी उनके फॉलोवर बहुत बड़ी तादाद में हैं।

कटनी के बरही में कोयले का अवैध कारोबार, प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम, माफियाओं के हौसले बुलंद.

Illegal coal trade is rampant in Barhi, Katni; the administration’s failure to take action has emboldened the coal mafia. बरही नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर में किया जा रहा कोयले का अवैध स्टॉक। प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम। Illegal stocking of coal is taking place in Ward Number 15 of Barhi Nagar, but the administration has failed to take any action. कटनी, बरही नगर मे कोयल का अवैध कारोबार बेखौफ फल फूल रहा है। इस पर कार्रवाई न होने से माफिया के हौसले बुलंद है। गौरतलब है कि नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर मे शासकीय भूमि पर कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। खनिज विभाग से बिना अनुमति लिए भारी मात्रा में कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। बताया गया है कि सरई ग्राम से कोयला लोड होकर खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी पहुंचती है। गाड़ी खड़ी होते ही कोयला माफिया के गुर्गे बोगी में चढ़कर ट्रैक के किनारे कोयला उतार देते हैं और ट्रैक्टर ट्राली लगाकर कोयला भरकर तैयब नगर में स्टॉक करते है यहां अवैध कारोबार कई से चल रहा है लेकिन प्रशासन के के द्वारा कार्यवाई नहीं की जाती जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद है। बताया गया है कि कोयला माफिया व रेलवे के अधिकारियों से बड़ी सेटिंग है जिसके तहत यह कारोबार मिलीभगत में बेखौफ चल रहा है। इस ओर पुलिस,आरपीएफ,रेलवे प्रशासन ध्यान नही दे रहा है जिससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद है। कोयले के अवैध कारोबार पर नहीं हो रही कार्रवाई माफियाओं के हौसले बुलंद बरही नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर में किया जा रहा कोयले का अवैध स्टॉक प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम माफियाओं के हौसले बुलंद बरही नगर मे कोयल का अवैध कारोबार बेखौफ फल फूल रहा है। इस पर कार्रवाई न होने से माफिया के हौसले बुलंद है। गौरतलब है कि नगर के वार्ड क्रमांक 15 तैयब नगर मे शासकीय भूमि पर कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। खनिज विभाग से बिना अनुमति लिए भारी मात्रा में कोयले का अवैध स्टॉक किया गया है। बताया गया है कि सरई ग्राम से कोयला लोड होकर खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी पहुंचती है। गाड़ी खड़ी होते ही कोयला माफिया के गुर्गे बोगी में चढ़कर ट्रैक के किनारे कोयला उतार देते हैं और ट्रैक्टर ट्राली लगाकर कोयला भरकर तैयब नगर में स्टॉक करते है यहां अवैध कारोबार कई से चल रहा है लेकिन प्रशासन के के द्वारा कार्यवाई नहीं की जाती जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद है। बताया गया है कि कोयला माफिया व रेलवे के अधिकारियों से बड़ी सेटिंग है जिसके तहत यह कारोबार मिलीभगत में बेखौफ चल रहा है। इस ओर पुलिस,आरपीएफ,रेलवे प्रशासन ध्यान नही दे रहा है जिससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद है। प्रतिदिन उतर रहा कोयला,शासन को लग रहा लाखों रुपए का चूना खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन में मालगाड़ी से प्रतिदिन कोयला उतर रहा है जिसमे शासन को लाखों रुपए का चूना लग रहा है लेकिन प्रशासन इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने में नाकाम है वही माफिया व रेलवे आरपीएफ पुलिस के जिम्मेदार चांदी काट रहे है।खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन में मालगाड़ी से प्रतिदिन कोयला उतर रहा है जिसमे शासन को लाखों रुपए का चूना लग रहा है लेकिन प्रशासन इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने में नाकाम है वही माफिया व रेलवे आरपीएफ पुलिस के जिम्मेदार चांदी काट रहे है।

पुल निर्माण कार्य घोटाला, सीमेंट गायब है रेत ही रेत और सिर्फ गिट्टी -ग्रामीण.

Bridge construction scam, where cement is absent, only sand after sand, and just gravel – rural. जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हा से संबंधित ग्राम करही मैं मैं चल रहे पुल निर्माण कार्य कार्य जो पूर्ण रूप से गुणवत्ताहीन है! The ongoing bridge construction work in the village Karahi, under the jurisdiction of Janpad Panchayat Dheemarkheda, related to Gram Panchayat Khamha, is entirely devoid of quality. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Katni कटनी, ढीमरखेड़ा, ग्राम करही के ग्रामीणों ने बताया कि बहुत ही घटिया निर्माण हो रहा है! इस निर्माण कार्य मे सीमेंट गायब है रेत ही रेत और सिर्फ गिट्टी ही नजर आ रही है! जिसे हाथ से उखाडा जाए तो उखड़कर बाहर आ जाती है जो खुलेआम भ्रष्टाचार के संकेत दे रही है।एक माह निर्माण कार्य चल रहा है जिसमे सिर्फ प्लांथ भी पूरा नहीं हुआ है! और जो काम हुआ भी है तो ऐसा की पूरी गिट्टी उखड़ रही है जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने जनपद में भी किया है! लेकिन जनपद में बैठे अधिकारी भी खूब मलाई काट रहे हैं इसी वजह से सब कुछ आंख में दिख रहा पर नजर अंदाज कर रहे आला अधिकारी,जबकि वर्तमान कलेक्टर महोदय द्वारा गुणवत्ताहीन कार्यों पर सख्त कार्रवाई की हिदायत भी दी गई है! ग्राम पंचायत खाम्हा मैं सही तरीके से कार्यों को खंगाला जाए तो और भी कार्य हैं जो जनता को छती पहुंचा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। आम जनता सिर्फ़ जांच और न्याय हेतू उचित कार्यवाही कि मांग कर रही है।

मध्यप्रदेश में सीएम और सरकार चुनने के छह फार्मूले.

The six formulas for selecting the Chief Minister and the government in Madhya Pradesh. प्रहलाद पटेल के सीएम बनने की संभावना सबसे अधिक भोपाल में बंगले की सुरक्षा बड़ाई गई, समर्थकों का जमावड़ा. Likelihood of Prahlad Patel becoming the Chief Minister was heightened by increased security at his residence in Bhopal, expressing the confidence of his supporters.” जीतेन्द्र रिछारिया, छतरपुरभोपाल, प्रहलाद पटेल के सीएम बनने की संभावना सबसे अधिक भोपाल में बंगले की सुरक्षा बड़ाई गई, समर्थकों का जमावड़ाप्रहलाद पटेल को सीएम बनाने पर कैलाश विजयवर्गीय और गोपाल भार्गव को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता हैं। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा स्पीकर बनाया जा सकता है। एसटी/एससी वर्ग से किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वीडी शर्मा और शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में बड़ा रोल दिया जा सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।नरेंद्र सिंह तोमर को सीएम बनाने पर प्रहलाद पटेल और गोपाल भार्गव को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वीडी शर्मा और शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में बड़ा रोल दिया जा सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।कैलाश विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री बनाने पर नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद पटेल को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। एसटी/एससी वर्ग से किसी को प्रदेश अध्यक्ष और गोपाल भार्गव को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वीडी शर्मा और शिवराज को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।वीडी शर्मा को सीएम बनाने पर प्रहलाद पटेल और किसी एसटी/एससी चेहरे को डिप्टी सीएम बना सकते हैं। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। शिवराज केंद्र में जाएंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम बनाने पर प्रहलाद पटेल और वीडी शर्मा को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान केंद्र में जाएंगे।शिवराज सिंह चौहान के ही सीएम बने रहने पर, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। गोपाल भार्गव को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है। वीडी शर्मा केंद्र में जा सकते हैं।

पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है हम आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में पोस्ट के बाद अफसरों में सन्नाटा.

In the cycle of positions upheaval occurs, Silence prevails among officers after the post in the IFS Association WhatsApp group is altered. उदित नारायण भोपाल। 1993 बैच के आईएफएस शशि मलिक ने सेवानिवृत के आठ महीने पहले एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप पर अपने भावनाओं को संकलित कर ब्लॉग के रूप में एक पोस्ट किया है। एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में ब्लॉग पोस्ट होते ही लोकसेवक बिरादरी में सन्नाटा खींच गया। मलिक ने लिखा है कि पदस्थापना को बदलवाने के फेर में हम ऐसे दुष्चक्र में फंस जाते कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें नहीं मिला पाते है. हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है।नए साल के जुलाई में रिटायर होने वाले शशि मलिक जहां भी सदस्य रहे, वहां सुर्खियों में बने रहे। वर्तमान में वे मुख्यालय के समन्वय शाखा में प्रमुख हैं। यहां का पदभार संभालते ही उन्होंने तृतीय और चतुर्थ कर्मचारी को कार्यालय में गणवेश (वर्दी) पहनकर आने की अनिवार्यता आदेश जारी कर सुर्खियों में है। इसकी वजह यह है कि मुख्यालय में ही उनके आदेश का माख़ौल उड़ाया जा रहा है। अपने तमाम पदस्थापनाओं के दौरान अनुभवों को समेटते हुए एक ब्लॉग में लिखा कि कई बार हम अपनी वर्तमान पद स्थापना से संतुष्ट नहीं होते है तथा येन-केन-प्रकारेण पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में हमारा कई प्रकार से दोहन किया जाता है। जिसका प्रभाव पुनः हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ता है। इस प्रकार हम एक दुष्चक्र में फंस जाते है जिससे निकलने का हमें कोई भी मार्ग नहीं मिलता है। हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है। इस दुष्वक्र में फंसकर हम न तो स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय ले पाते हैं तथा न ही कर्तव्यों का सम्पादन उचित रूप से कर पाते है, जिसकी हमसे अपेक्षा की जाती है। हम अपने वर्तमान की उस समय से तुलना करें, जब हम इस पवित्र शासकीय सेवा के सदस्य नहीं थे। उस समय हमारी विचारधारा क्या थी, हम क्या सोचते थे ? परन्तु शासकीय सेवा में आते ही हमारे विभिन्न प्रकार के स्वार्थ जाग्रत हो जाते हैं तथा हम उन्ही की पूर्ति में लग जाते है। हमें इस प्रकार की मानसिकता से बाहर निकलने की आवश्यकता है। जहां भी हमारी पदस्थापना होती है, हमें उसी में पूर्ण रूप से आनंद लेना चाहिए, क्योंकि कई बार इस दुष्चक्र में फंसकर जाने-अनजाने में हम कोई ऐसा कार्य कर जाते हैं कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें न मिला सकेंगे तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों होने दी जाए ? हमसे अपेक्षा की जाती है कि प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य को हम नौकरी समझ कर नही बल्कि एक पवित्र कार्य मानते हुये निष्काम भाव से पूर्ण करे। हमारे कर्तव्य पालन का केवल एक ही तरीका है।

क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं?

Does the guardian have the right to obtain the criminal record of a child? राज्य सूचना आयोग में आया ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी लेने का मामला राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कारण बताओ नोटिस किया जारी, तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस किया जारी. तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर को भोपाल किया तलब, प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी ग्वालियर में उमेश नागर ने लगाई थी आरटीआई, राजस्थान के कोटा के रहने वाले हैं उमेश नागर, ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकॉर्ड की मांगी थी जानकारी भोपाल। क्या RTI आवेदक को अपने ससुरालवालों के क्रिमिनल रिकार्ड जानने का हक़ है? राजस्थान के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के नाना और उनके परिवार वालों का क्रिमिनल रिकार्ड नहीं देने पर ग्वालियर पुलिस के विरुद्ध मप्र सूचना आयोग में अपील लगाई है। इस मामले में सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने स्पष्ट किया कि अपने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को प्राप्त करना न केवल एक पैरंट का अधिकार है बल्कि बच्चे से जुड़ी उसकी जवाबदेही और जिम्मेदारी भी है। राजस्थान के कोटा शहर के उमेश नागर ने अपने ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी के लिए ग्वालियर एसपी कार्यालय में RTI लगाई थी। पर ग्वालियर पुलिस ने क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी को व्यक्तिगत जानकारी बताते हुए नागर को जानकारी देने से मना कर दिया। नागर ने सुनवाई के दौरान सूचना आयोग को बताया कि यह जानकारी उनके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि उनकी बेटी की कस्टडी उनके ससुराल वालों के पास है। दरसल कोटा निवासी नागर की शादी ग्वालियर में हुई थी। पर शादी के बाद पारिवारिक मतभेद होने पर उनकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर ग्वालियर में अपने परिवार वालों के साथ रहने लगी। डाइवोर्स और चाइल्ड कस्टडी के लिए भी मामला अदालत में चल रहा है। आयोग ने पूछा अपराध कैसे निजी जानकारी?सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने सुनवाई के दौरान ग्वालियर पुलिस से यह पूछा किसी व्यक्ति का क्रिमिनल रिकॉर्ड व्यक्तिगत जानकारी कैसे हो सकती है? सिंह ने स्पष्ट किया कि कोई भी अपराध समाज के विरुद्ध किया जाता है और समाज में रहने वाले व्यक्तियों को जानने का अधिकार है कि अपराध किनके द्वारा किया जा रहा है ताकि वह अपने आप को सजग और सुरक्षित रख पाए। पुलिस के जानकारी रोकने पर सवाल उठाते हुए सिंह ने कहा कि अगर अपराध को निजी जानकारी की श्रेणी में रखा जाए तो हर अपराधी अपराध करने के बाद यह रहेगा कि उसके द्वारा किया गया अपराध उसका निजी विषय है और इसकी जानकारी किसी को न दी जाए। बच्चे से अलग रहे पिता को क्या जानकारी लेने अधिकार है? सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने अपने आदेश में लिखा कि ये मामला डाइवोर्स प्रकरण के चलते चाइल्ड कस्टडी और बच्चों के वेलफेयर से जुड़ा हुआ विषय है। पिता को शक है कि उनके ससुराल पक्ष के सदस्यों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है जो कि उनके बच्चे की सुरक्षा के एवं नैसर्गिक विकास के लिए उपयुक्त नहीं है। इस जानकारी को RTI में लेकर वे अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं। सिंह ने कहा कि इस RTI को लेकर सवाल ये उठना है कि अपने बच्चों से अलग रह रहे पिता को क्या बच्चे के गार्जियन के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेने का अधिकार है या नहीं? सूचना आयुक्त ने बताया बच्चों की सुरक्षा की जानकारी है अहम सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान की व्यवस्था में बच्चों के प्रति दोनों ही पेरेंट्स की सामान जवाबदेही और जिम्मेदारी बनती है। वही इस देश का संविधान बच्चों की सुरक्षा एवं उनके नैसर्गिक विकास और उनके अधिकारों की गारंटी देता है। RTI में मांगी जानकारी को पिता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए राहुल सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के करीब ढाई सौ से अधिक विभिन्न कानून लागू है जो बच्चों की सुरक्षा और वेलफेयर के लिए बने हुए हैं। आयोग: बच्चों की सुरक्षा की जानकारी में पारदर्शिता जरूरी बच्चों के सुरक्षा से जुड़े मामलों की व्याख्या करते हुए सिंह ने बताया कि संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत परित सूचना का अधिकार कानून जीवन और स्वतंत्रता जैसे मूलभूत अधिकारों से भी सीधे तौर से जुड़ा हुआ है।सूचना का अधिकार अधिनियम के अनुरूप अगर कोई बच्चा खतरे में है या उसकी स्वतंत्रता या जीवन को लेकर सवाल है तो इस देश का नागरिक बच्चों से जुड़ी हुई जानकारी को जानने का अधिकार रखता है ताकि संविधान के अनुरूप बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाए। आयोग के बाद 5 दिन में मिली जानकारीराज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने ग्वालियर एसपी के जानकारी रोकने के आदेश को खारिज कर दिया। आयोग से जानकारी मिलने के आदेश के बाद ग्वालियर पुलिस ने आवेदक को जानकारी प्रेषित भी कर दी है। जानकारी को अवैध तरीके से रोकने के लिए तत्कालीन एडिशनल एसपी ग्वालियर ऋषिकेश मीणा को कारण बताओं नोटिस जारी कर भोपाल तलब किया है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

सीएम के सलाहकार और पूर्व आईएएस केसरी अडानी की कंपनी में बने एडवाइजर.

Advisors to the Chief Minister and former IAS officer Kesari Adani are appointed as advisors in Adani’s company. भोपाल। मप्र के सीनियर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आईसीपी केशरी ने अडानी ग्रुप ज्वाइन कर लिया है। वह ग्रुप के एनर्जी सेक्टर को देखेंगे और वहां एडवाइजर की भूमिका में रहेंगे। केशरी ने ग्रुप ज्वाइन कर लिया है। केशरी का शासकीय अधिकारी के तौर पर एनर्जी सेक्टर में करीब दस साल का अनुभव रहा है और वह इस विभाग में प्रमुख सचिव, एसीएस स्तर के अधिकारी रहे हैं। केंद्र में भी उन्होंने इस सेक्टर में काम किया है। केशरी के रिटायरमेंट के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें दिसंबर 2022 में मीडिया सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया था। करीब एक साल इस पद पर काम करने के बाद उन्होंने हाल ही में आचार संहिता लगने के पहले 30 नवंबर को यह पद त्याग दिया था और इसके बाद ग्रुप में ज्वाइनिंग की उनकी प्रक्रिया शुरू हो गई थी। केशरी 1988 बैच के अधिकारी है और एनर्जी सेक्टर में उनके काम का लंबा अनुभव रहा है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान करीब साढ़े पांच साल तक वह ऊर्जा मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी (थर्मल) रहे। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और मप्र भवन, नई दिल्ली के आवासीय आयुक्त रहे आईसीपी केशरी बाद में मुख्य सचिव के वेतनमान पर पदोन्नत के बाद अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा भी रहे।केशरी आईएएस एमपी के साथ मप्र, छग और केंद्र में ग्रासरूट एंड पॉलिसी लेवल का अनुभवी अधिकारी बताया है। खासकर इन्फ्रा-पॉवर, रोड, एरिगेसन सेक्टर में। साथ ही लिखा है ज्वाइन्ड एनर्जी ग्रुप।

दिसंबर और जनवरी में घूमने जाने वाले यात्रियों का ट्रेन बिगाड़ेगी खेल.

The train will disrupt the plans of travelers going on vacation in December and January. कई रूटों पर रेलवे लगातार कर रहा ट्रेनों को निरस्त भोपाल। पमरे जोन व भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रेलवे की ओर से लगातार कैंसिल किया जा रहा है। भोपाल से ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा मुश्किलों भरी हो सकती है। यदि आप दिसंबर और जनवरी में ट्रेन से घूमने जाने की योजना बना रहे हैं तो थोड़ा संभल जाएं। दिसंबर अंत और जनवरी में ट्रेनों को रेलवे एक के बाद एक कर रद करने जा रहा है। रेलवे ने इन दिनों पटरियों की मरम्मत का काम तेज कर दिया है । तो वहीं नई परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार भी बढ़ाई जा रही है, ताकि लोकसभा चुनाव तक अटकी रेल परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। इस वजह से कई ट्रेनों को रद कर पटरियों पर काम करने की योजना है। रिजर्वेशन कराने से डर रहे यात्रीऐसे में दिसंबर व जनवरी में बाहर घूमने जाने वाले यात्रियों को अब ट्रेन में सफर के लिए रिजर्वेशन कराने वाले यात्री डर रहे है। दरअसल यात्रियों को लग रहा है रिजर्वेशन कराने के बाद यात्रा वाली तारीख पर अगर रेलवे ने ट्रेन निरस्त कर दी। तो सारी प्लानिंग बेकार हो जाएगी। बाहर यानी जिस जगह जाना है। वहां की कई होटल आदि की बुकिंग में घटा हो सकता है। तो वहीं कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बढ़ रही है। इसके चलते कई यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं होने के चलते भी परेशान होना पड़ रहा है। अब लखनऊ मंडल में चल रहे कार्यहाल ही में झांसी और भोपाल मंडल ने कई ट्रेनों को रद किया था और अब मथुरा स्टेशन पर जनवरी से काम शुरू होने जा रहा है। इस वजह से ट्रेनों को बड़ी संख्या में रद किया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर भोपाल मंडल व पमरे जोन से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में देखने को मिलेगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार इस वजह से लगभग 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित होंगी और लगभग इनमें यात्रा करने वाले 20 हजार से ज्यादा यात्रियों का सफर मुश्किलों भरा हो सकता है।जनवरी व फरवरी में यह ट्रेन रहेगी निरस्त 21,24,26,28,31 जनवरी और 02, 04 फरवरी तक को गाडी संख्या 12121 जबलपुर- निजामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 22,25,27,29 जनवरी से 01,03,05 फरवरी तक को निजामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12122 निजामुद्दीन- जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इसके अलावा अन्य ट्रेनें भी निरस्त रहेगी।

भोपाल स्टेशन पर बनी 6 करोड़ की बिल्डिंग में यात्रियों को नहीं मिल रही सुविधाएं.

The building worth 60 million at Bhopal station lacks facilities for passengers  तीन साल पहले बनी थी बिल्डिंग, न फूड कोर्ट, न ही पैसेंजर लाउंज भोपाल। भोपाल स्टेशन पर करीब साढ़े तीन साल पहले करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से सेंकड एंट्री पर प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर नई बिल्डिंग बनाई थी। उस समय बिल्डिंग में यात्रियों को पैसेंजर लाउंज, फूड कोर्ट और बजट होटल जैसी शुरू होनी थी, ताकि सफर के दौरान यात्रियों को राहत मिल सके। लेकिन अभी तक यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिल सकी। तो वहीं रानीकमलापति स्टेशन पर आए दिन यात्रियों को कई नई सुविधा दी जा रही है।  उल्लेखनीय है कि स्टेशन बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर वीआईपी लाउंज, फर्स्ट फ्लोर पर फूड कोर्ट और सेकंड फ्लोर पर बजट होटल के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी के बीच करीब 8 साल पहले अनुबंध हुआ था। लेकिन अब आईआरसीटीसी पीछे हट गया। इसके बाद पिछले साल फिर से आईआरसीटीसी के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। जिसके बाद सहमति बन गई थी। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका। इस वजह से यह सब सुविधा यात्रियों को नहीं मिल पा रही है। तो वहीं भोपाल रेल मंडल के अधिकारी इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहे है।  आईआरसीटीसी ने पीछे खींचे हाथ  रेल सूत्रों के अनुसार आईआरसीटीसी द्वारा इस बिल्डिंग का उपयोग इसलिए नहीं किया जा रहा है कि यहां यात्रियों की संख्या कम है। यहां पर सिर्फ 8 से 10 ट्रेनें रुकती हैं। प्लेटफॉर्म नंबर 1 की ओर ज्यादा ट्रेनें रुकने से वहां यात्रियों की आवाजाही अधिक होती है, इसलिए उन्हें ज्यादा फायदा नहीं होगा। इस बिल्डिंग को आईआरसीटीसी नहीं ले रहा है। तो वहीं आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जितनी जगह की जरूरत थी रेलवे उससे ज्यादा जगह देना चाहता है। इसलिए मामला अटका हुआ है। उधर, रेल अधिकारियों का कहना है कि छह नंबर की नई बिल्डिंग पर यात्रियों को सुविधा को बढ़ाया गया है। आने वाले दिनों में ओर सुविधा बढ़ाई जाएगी। इस दिशा में नए तरीके से योजना पर काम चल रहा है। 132 ट्रेनें भोपाल स्टेशन पर रोजाना रुकती हैं। सबसे ज्यादा 46 ट्रेनें प्लेटफॉर्म-1 की ओर रुकती हैंसबसे कम 08 से10 ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर रुकती हैं।

इस्तीफा देने वाले BJP सांसदों को खाली करना होगा घर, 30 दिन की मोहलत!

BJP MPs resigning will have to vacate their homes within 30 days. दिल्ली ! विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद लोकसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. अब खबर है कि दिल्ली में आवास समिति की ओर से इस्तीफा देने वाले सांसदों को बंगला खाली करने को कहा है. पिछले दिनों 5 राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से 4 केंद्रीय मंत्रियों समेत 21 सांसद चुनाव मैदान में उतरे थे, जिसमें से 12 सांसदों को जीत मिली थी और इनमें से 11 सांसदों ने जीत के बाद सांसदी से इस्तीफा दे दिया था. अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि लोकसभा आवास समिति ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद संसद सदस्यता से इस्तीफा देने वाले उन सभी बीजेपी सांसदों को 30 दिन में सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया है. इनमें से 8 सांसदों को लोकसभा आवास समिति पूल से आवास आवंटित किया गया था. जबकि 3 सांसद केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उन्हें शहरी विकास मंत्रालय से आवंटन मिलता है. सूत्रों का कहना है कि नियम सिर्फ विपक्षी सांसदों के लिए ही नहीं, सभी के लिए सामान हैं. जिन लोकसभा सांसदों को 30 दिन में घर खाली करने का नोटिस दिया गया हैं उनमें राकेश सिंह, गोमती साय, अरुण साव, रिति पाठक, बाबा बालकनाथ, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दिया कुमारी और उदयप्रताप सिंह शामिल हैं. राष्ट्रपति ने स्वीकार किए इस्तीफेइससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और रेणुका सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इन तीनों मंत्रियों ने हाल में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी. इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू ने जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया. पीएम मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय और किसान कल्याण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को राज्य मंत्री के तौर पर जल शक्ति मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है. इसी तरह केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. जीत के बाद सांसदों ने दिया इस्तीफाइससे पहले बीजेपी ने फैसला किया था कि हाल में चुने गए उसके सभी 12 सांसद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और रेणुका सिंह ने इस्तीफा दे दिया. इन इस्तीफों के बाद माना जा रहा है कि वे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नई सरकारों में शामिल हो सकते हैं. छत्तीसगढ़ से लोकसभा सांसद रेणुका सिंह ने भरतपुर-सोनहत सीट से जीत दर्ज की थी. अन्य सांसदों में मध्य प्रदेश से उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक और राकेश सिंह के अलावा राजस्थान से राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और दिया कुमारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ से गोमती साई और अरुण साव शामिल हैं. मीणा के अलावा सभी सांसद लोकसभा सांसद थे.

कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज बनने का मार्ग प्रशस्त शासकीय मेडिकल कॉलेज हेतु कछगवॉं में भूमि आवंटित.

Path to establishing a government medical college in Katni has been paved, with land allocated in Kachgawan for the purpose of setting up the government medical college. आयुक्त चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखकर दी जानकारी कटनी। शासकीय मेडिकल कॉलेज के भवन बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कलेक्टर अवि प्रसाद ने कटनी जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिये कछगवॉं में 12.45 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग को भूमि भी हस्तांतरित कर दिया है। मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल के सार्थक प्रयासों से जिले के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते 6 अक्टूबर को कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति प्रदान कर जिले को बड़ी सौगात दी थी। इस संबंध में कलेक्टर श्री प्रसाद ने आयुक्त चिकित्सा शिक्षा को बुधवार को एक पत्र लिखकर जिले में सौ एम.बी.बी.एस. सीट की प्रवेश क्षमता के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु नेशनल मेडिकल कौंसिल के नियमानुसार वांछित भूमि हस्तांतरित किये जाने की जानकारी भेज दी है। नेशनल मेडिकल कौंसिल के नियमानुसार चिकित्सा महाविद्यालय हेतु 25 एकड़ से अधिक भूमि होनी चाहिए। साथ ही यह भूमि जिला चिकित्सालय के 10 किलोमीटर की परिधि के भीतर होनी आवश्यक है। कलेक्टर ने प्रेषित पत्र में ग्राम कछगवां स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 36/1 रकवा 6.01 हेक्टयेर, खसरा नंबर 36/2 रकवा 5.56 हेक्टेयर में 4.25 हेक्टेयर, खसरा नंबर 37 रकवा 0.07 हेक्टेयर, खसरा नंबर 91 रकवा 1.99 हेक्टेयर तथा खसरा नंबर 93 रकवा 0.13 हेक्टेयर को मिलाकर कुल 12.45 हेक्टेयर भूमि को भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत व्यपवर्तित कर मेडिकल कॉलेज निर्माण हेतु निःशुल्क हस्तांतरित होने की जानकारी दी है। प्रेषित पत्र के साथ जिला चिकित्सालय कटनी मेे 350 बिस्तर का जिला चिकित्सालय स्वीकृति एवं क्रियाशील होकर सुचारू रूप से संचालित होने सहित भूमि हस्तांतरण का नजरी नक्शा, खसरा -खतौनी आदि भी भेजी गई है। इसके बाद अब मेडिकल कॉलेज स्थापना से संबंधित डी.पी.आर तैयार करने की कार्यवाही निर्माण एजेंसी द्वारा की जा सकेगी।

रीवा लोकायुक्त टीम ने केंद्रीय विद्यालय के रिश्वतखोर प्राचार्य को 19000/ कि रिश्वत लेते हुए आज धर दबोचा.

Lokayukta team in Rewa today caught the corrupt principal of a central school accepting a bribe of Rs. 19,000. रीवा। रीवा लोकायुक्त पुलिस टीम ने केंद्रीय विद्यालय रीवा के रिश्वतखोर प्राचार्य को रिश्वत कि रकम लेते हुए आज धर दबोचा है, जहाँ लोकायुक्त टीम ने आवेदक सत्य प्रकाश पिता सत्येंद्र कुमार प्रभाकर निवासी पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 कर्मचारी आवास टाइप रीवा उच्च श्रेणी लिपिक (एस एस )केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 रीवा कि शिकायत पर कार्यवाई करते हुए विद्यालय के आरोपी प्राचार्य सतपाल सिंह पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 रीवा को रिश्वत कि राशि ₹. 19000 लेते हुए प्राचार्य को उसी के कक्ष में पकड़ लिया गया है, लोकायुक्त ने बताया कि..आरोपी प्राचार्य जो अपने ही कार्यालय में पदस्थ एस एस लिपिक से 200000 रुपए के इंटरएक्टिव पैनल क्रय करने के बाद बिल के भुगतान के लिए बिल का 12% कमिशन के रूप में रिश्वत कि मांग कि थी, जिसे आज दिनांक 07.12.2023 को ₹19000 की रिश्वत लेते हुए प्राचार्य को उसी के कक्ष में रंगे हाथ पकड़ा गया है, *ट्रेपकर्ता अधिकारी* प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक, ट्रेप दल के सदस्य प्रवीण सिंह परिहार के साथ निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार सिंह सहित 15 सदस्यीय टीम शामिल रही।

बागियों का कमाल: भाजपा- कांग्रेस को गंवाना पड़ गईं कई विधानसभा सीटें.

Several assembly seats were lost by both the BJP and Congress. – पार्टी में बगावत के बावजूद कई सीटें जीती भाजपा – कांग्रेस को दोनों दलों के बागियों से हुआ नुकसान -अरविंद, गोविंद, लक्ष्मण, एनपी, चौधरी जैसे दिग्गज हारे   *उदित नारायण*  भोपाल। हर बार की तरह विधानसभा के इस चुनाव में भी भाजपा-कांग्रेस को बागियों के कारण कई सीटें गंवाना पड़ गईं। खास बात यह कि भाजपा के पक्ष में ऐसी आंधी चली कि वह वे सीटें भी जीत गई, जहां उसके मजबूत बागी मैदान में थे। इसके विपरीत कांग्रेस को अपनी पार्टी के साथ भाजपा के बागियों से भी नुकसान हुआ। चार सीटें ही ऐसी थीं जहां भाजपा को पार्टी के से बगावत कर मैदान में उतरे प्रत्याशियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा। बगावत की वजह से अरविंद भदौरिया, डॉ गोविंद सिंह, लक्ष्मण िसंह, एनपी प्रजापति और चौधरी राकेश सिंह जैसे दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा।अटेर सहित चार जगह हुआ भाजपा को नुकसानभाजपा को जहां पार्टी के बागियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा, उनमें अटेर, टीकमगढ़, मुरैना और महिदपुर शामिल हैं। अटेर में पार्टी के बागी मुन्ना सिंह भदौरिया के मैदान में होने के कारण प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया हार गए। टीकमगढ़ में केके श्रीवास्तव ने निर्दलीय लड़कर भाजपा के राकेश गिरि को हरवा दिया। अटेर में कांग्रेस के हेमंत कटारे और टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह चुनाव जीत गए। इसी प्रकार मुरैना में पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने अपने बेटे राकेश को चुनाव लड़ा दिया। उन्होंने 37 हजार से ज्यादा वोट लेकर भाजपा को हरा दिया और कांग्रेस के दिनेश गुर्जर चुनाव जीत गए।  महिदपुर में भाजपा के प्रताप सिंह बगावत कर चुनाव लड़ रहे थे। वे 20 हजार से ज्यादा वोट ले गए और भाजपा के बहादुर सिंह 290 वोट के अंतर से चुनाव हार गए।बगावत के बावजूद यहां जीत गई भाजपाप्रदेश की आधा दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा में बगावत हुई। मजबूत नेता मैदान में उतर गए, फिर भी भाजपा ने सीट में कब्जा किया। इनमें सुमावली, भिंड, लहार, चाचौड़ा और होशंगाबाद जैसी सीटें शामिल हैं। सुमावली में भाजपा के बागी कुलदीप सिंह सिकरवार के मैदान में होने के बावजूद भाजपा जीत गई और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई। भिंड में संजीव सिंह की बगावत के बावजूद भाजपा जीती और कांग्रेस के चौधरी राकेश सिंह चुनाव हार गए। लहार में भाजपा के बागी रसाल सिंह ने बगावत की फिर भी भाजपा जीती और नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह को हार का सामना करना पड़ा।  चाचौड़ा में भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीणा आप से चुनाव लड़ गईं फिर भी भाजपा जीती और कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह हार गए। होशंगाबाद में भगवती चौरे भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ गए लेकिन यहां भाजपा ही जीती और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई।कांग्रेस के बागियों के कारण पार्टी की हुई हार कांग्रेस में भी बागियों ने कई जगह कमाल दिखाए। भाजपा से फर्क यह है कि बागियों के होने के कारण कांग्रेस सिर्फ हारी, उसे एक भी सीट में जीत नसीब नहीं हुई। गोटेगांव में कांग्रेस ने शेखर चौधरी काे टिकट देकर काट दिया था। वे नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ गए। उन्हें 47 हजार से ज्यादा वोट मिले और कांग्रेस के एनपी प्रजापति बुरी तरह हारे।  देपालपुर में कांग्रेस के बागी राजेंद्र चौधरी लगभग 38 हजार वोट ले गए और कांग्रेस विधायक विशाल पटेल 13 हजार से ज्यादा वोटों से हार गए। बड़नगर में भी कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को टिकट देकर काट दिया था। वे निर्दलीय चुनाव लड़कर 31 हजार से ज्यादा वोट ले गए और कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल को बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा। आलोट में प्रेमचंद गुड्डू बगावत कर मैदान में थे। उन्हें 37 हजार से ज्यादा वोट मिले और विधायक मनोज चावला को पराजय का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार महू में अंतर सिंह दरबार बगावत कर निर्दलीय लड़े तो कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर पहुंच गए और भाजपा की ऊषा ठाकुर बड़े अंतर से चुनाव जीत गईं।

पुराने वाहनों पर 15 दिसंबर तक ही लग सकेगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट.

High-security number plates can only be affixed on old vehicles until December 15th. भोपाल । एक अप्रैल 2019 से पहले के पुराने वाहनों में हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट(एचएसआरपी)लगवाने के लिए परिवहन विभाग ने अंतिम तिथि 15 दिसंबर रखी है। लोग एसआइएएम पोर्टल पर एचएसआरपी लगवाने के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें संबंधित वाहन मालिक, इंजन नंबर, पता व अन्य जानकारी देकर आवेदन कर सकते हैं। वहीं वाहन-चार पोर्टल पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करने के बाद निर्धारित शुल्क जमा करके संबंधित वाहन कंपनी के नजदीकी शोरूम पर जाकर कागजात दिखा कर एचएसआरपी लगवा सकते हैं। बता दें कि पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगवाने को लेकर वाहन मालिकों में असमंसज है। लोगों जानकारी नहीं होने से परेशान हो रहे हैं। वाहन डीलरों का भी कहना है कि उनके पास पुराने वाहन मालिक कम ही संख्या में एचएसआरपी लगवाने के लिए शोरूमों पर पहुंच रहे हैं।

केंद्र की योजना के लिए मुख्य सचिव राणा ने दिए निर्देश

Chief Secretary Rana has issued directives for the implementation of the central government’s plan. – भारत संकल्प यात्रा में जनता से लेंगे फीडबैक, 13 हजार इलाकों में पहुंचने का टारगेट फिक्स विधानसभा के बाद अब लोकसभा की तैयारी तेज, योजनाओं से वंचित हितग्राहियों को दिलाया जाएगा लाभ- आज से शुरू होगी यात्रा, जिला स्तर पर बनी समितियां और नियुक्त हुए नोडल अधिकारी उदित नारायण भोपाल – केन्द्रीय योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने और योजनाओं से देश हुए विकास से आम लोगों को जानकारी देने के लिए भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत की जा रही है। इस यात्रा की शुरुआत शुक्रवार से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों गुजरेगी। केन्द्री य योजनाओं से वंचित हितग्राहियों को लाभ दिलाया जाएगा। खास बात है कि विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रदेश भर में दौरा किया था। ठीक विधानसभा चुनाव की तर्ज पर लोकसभा चुनाव में भी जनता के बीच केंद्रीय योजनायों की सौगात लेकर प्रदेश भर में यात्रा के जरिए पहुंचने की कवायद शुरू हो गई है। मध्य्प्रदेश में कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की यात्रा में अहम भूमिका रहेगी। मुख्य सचिव वीरा राणा ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के संबंध में गुरुवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों के साथ बैठक की है। ग्राम स्वराज अभियान, विस्तारित ग्राम स्वराज अभियान, प्रमुख योजनाओं का शत प्रतिशत कवरेज सुनिश्चिभत करने संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। जिलों से भी गुजरेगी जहाँ जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। ग्राम पंचायतों स्तर पर भी जन-जागरूकता की गतिविधियां संचालित की जाएगी। जिसमें जागरूकता, सामुदायिक, सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा सूचना-शिक्षा-संचार वेन, आईटी प्लेटफार्म, और मोबाइल एप्लीकेशन भी उपयोग में लाई जाएगी। राज्य सरकार, जिला, ग्राम पांचायत और स्थानीय शासन की समिति और केन्द्र सरकार के संगठन और संस्थाओं से प्लानिंग, समन्वय और निगरानी की जाएगी। प्रदेश के 13 हजार के अधिक इलाकों में यात्रा को पहुंचाने का टारगेट फिक्स किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा गरीब कल्याण का मिलेगा लाभ- ग्रामीण इलाकों के लिये प्रमुख योजनाओं में आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, दीनदयाल अत्योदय योजना, प्रधानमंत्री उज्वन ला योजना, प्रधानमंत्री विश्व कर्मा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री पोषण अभियान, हर घर जल, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री स्वामत्वि , जन धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री प्रणाम, नैनो फर्टिकलाइजर शामिल हैं। साथ ही जनजातीय परिवारों के कल्याण से संबंधित योजनाओं में सिकल सेल एनीमिया निवारण मिशन, एकलव्य मॉडल आवासीय विदयालयों में प्रवेश, स्कॉलरशिप, वन अधिकार, वन-धन विकास केन्द्र शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में यात्रा में इन योजनाओं का होगा प्रचार- शहरी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान शहरी योजनाओं में प्रधानमंत्री स्वनिधि, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा, अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन-अमृत योजना, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना, सौभाग्य योजना, डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, खेलो इंडिया, उड़ान, वंदे भारत ट्रेन, अमृत भारत स्टेशन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को चिंहित कर लाभान्वित किया जायेगा।

थाने के अंदर दलित महिला के कपड़े उतार कर पिटाई.

Stripping and beating of a Dalit woman inside the police station. पुलिस अधीक्षक की 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर किया विरोध प्रदर्शन  जबलपुर । मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है. एक प्राइवेट होटल में हुई जेवरात की चोरी के शक में पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए, महिला के कपड़े उतरवाए और बर्बरता से जमकर मारपीट की। दलित महिला के साथ की गई मारपीट के बाद बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ। महिला का जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, यह पूरा मामला ओमती थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट होटल में ब्रेसलेट चोरी से जुड़ा हुआ है। होटल के कमरा नंबर 103 में रुके यात्री ने ओमती थाने पहुंच कर पुलिस को सूचना दी कि वह होटल में रुकने के लिए पहुंचा था। उसी दौरान होटल से उसकी ब्रेसलेट चोरी हो गई। यात्री के साथ पुलिस होटल पहुंची और शक के आधार पर होटल में काम करने वाली महिला मंजू वंशकार और एक अन्य युवक को लेकर पुलिस थाने आई। पुलिस ने पार की सारी मर्यादाएं जहां पूछताछ के दौरान पुलिस ने सारी मर्यादाएं पार कर दी। महिला पुलिसकर्मी ने बेहरहमी से मारपीट करते हुए महिला के कपड़े उतरवाए। हद तो तब हो गई जब मारपीट के दौरान महिला बेहोश हो गई तो और पुलिसकर्मियों ने इलाज कराने की बजाए महिला को पुलिस थाने के बाहर छोड़ दिया। बंशकर समाज के लोगों ने थाने का किया घेराव महिला के साथ की गई बर्बरता से मारपीट के विरोध में बंशकार समाज के लोग महिला को घायल अवस्था में लेकर पुलिस थाने पहुंचे और महिला को थाने की दहलीज पर ही लिटा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि जब महिला को थाने लाया गया था तो बिना एफआईआर दर्ज किए इतनी बेरहमी से मारपीट क्यों कि गई। दो पुलिसकर्मी हुए लाइन अटैच हंगामें की जानकारी लगते ही जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह खुद ओमती थाने पंहुचे। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद यह पूरा मामला शांत हुआ। इस मामले में विभागीय जांच पूरी होने तक पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने दो पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया है। पूरे मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक पंकज मिश्रा को दी गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

दिल्ली मे सरकार बनाने की गहमागहमी के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी डी शर्मा के साथ रात भोपाल पहुंचे प्रहलाद पटेल.

Amidst intense efforts to form a government in Delhi, Pralhad Patel arrived in Bhopal with BJP State President B.D. Sharma late at night. *उदित नारायण* नई दिल्ली।तीन राज्यों मे मिली बम्पर जीत के बाद से ही भाजपा मे नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों एवं मंथनों का दौर जारी हैँ मध्यप्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ मे मुख्यमंत्री पद के कई नाम चर्चा मे हैँ, एक तरफ जहाँ शिवराज भोपाल मे बैठकर सियासी गुणागणित लगा रहे हैँ वही देर रात प्रहलाद पटेल राज्य इकाई के प्रमुख बी डी शर्मा के साथ भोपाल पहुचे, दरअसल, मध्‍य प्रदेश की नरसिंहपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव परिणाम आने के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे। पटेल के साथ बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष वी‍डी शर्मा भी थे, दोनों एक साथ दिल्‍ली से भोपाल आए। इसके बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि क्‍या प्रहलाद सिंह पटेल ही प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री होंगे। प्रहलाद पटेल का नाम मुख्‍यमंत्री चहरे में सबसे आगे चल रहा है। पटले ने दिल्‍ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है। वहीं, भोपाल आने के पहले प्रहलाद पटेल वरिष्‍ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का आशीर्वाद लेने भी पहुंचे थे। वही इंदौर-1 विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री को लेकर कहा कि सीएम के नाम की घोषणा रविवार तक हो जाएगी, साथ ही प्रदेश में बीजेपी की बड़ी जीत के लिए श्रेय शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं को देने से इंकार कर दिया ,*ग्‍वालियर में तोमर के समर्थन के ग्‍वालियर में तोमर के पोस्‍टर लगे *वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।पोस्‍टर लगे* वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।

डी.आर.डी.ई. में किया गया स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन

ग्वालियर ! डीआरडीओ मुख्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार रक्षा अनुसंधान तथा विकास स्थापना ग्वालियर में 1 से 15 दिसंबर 2023 के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्थापना में पूरे पखवाड़े के दौरान अनेक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सर्वप्रथम 1 दिसंबर 2023 को ‘स्वच्छता शपथ’ का आयोजन किया गया जिसमें डी.आर.डी.ई. निदेशक डॉ. एम. एम. परीडा ने समस्त वैज्ञानिकों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। स्थापना के कर्मचारियों में स्वच्छता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए 4 दिसंबर 2023 को ‘जागरूकता दिवस’ के अतंर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. ए. के. गोयल, वैज्ञानिक ‘जी’ ने व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डी.आर.डी.ई. ग्वालियर में विभिन्न स्थानों एवं भवनों में जागरूकता प्रसार करने वाले पोस्टर आदि प्रदर्शित किये गए। 5 दिसंबर 2023 को ‘अभिलेख प्रबंधन दिवस’ के अंतर्गत पुराने रिकॉर्ड को छटाई कर व्यवस्थित करने का कार्य किया गया। 6 दिसंबर 2023 को ‘स्क्रैप / कचरा निस्तारण दिवस’ के अंतर्गत स्थापना में एकत्र कचरे एवं सूखी वनस्पतियों का निस्तारण किया गया। पुरानी और सूखी पत्तियों से खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट भी तैयार की गयी है। इसके अलावा डीआरडीई के पुराने अभिलेखों को छांट कर सुव्यवस्थित किया गया एवं पुरानी एवं निष्प्रयोज्य सामग्रियों को निस्तारित किया गया। 7 दिसंबर 2023 को ‘गो ग्रीन ड्राइव’ के अंतर्गत स्थापना के झांसी मार्ग स्थित परिसर के बाहर झांसी मार्ग पर बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थापना के निदेशक डॉ. मनमोहन परीडा एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने अपने करकमलों से बृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया। स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत अगले पूरे सप्ताह भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है, जिनमें दि. 08 दिसंबर 2023 को ‘कम्युनिटी आउटरीच’ के अंतर्गत गांवों में जागरूकता हेतु संपर्क, व्याख्यान आयोजन, सार्वजनिक स्थलों पर लगी प्रतिमाओं की सफाई आदि गतिविधियां शामिल हैं। 12 दिसंबर 2023 को ‘सोशल बज डे’ के अंतर्गत स्वच्छता रैली का आयोजन, एवं 13 दिसंबर 2023 को ‘प्रतियोगिता दिवस’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। दि. 14 दिसंबर 2023 को ‘परस्पर संवाद’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए आपसी विचार विमर्श एवं संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अभिनव विचारों को साझा किया जएगा। 15 दिसंबर 2023 को ‘पुरस्कार वितरण दिवस’ के अंतर्गत निदेशक महोदय के करकमलों से विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे एवं पूरे पखवाड़े के विस्तृत रिपोर्ट डीआरडीओ मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी।

बहुचर्चित सरपंच मर्डर कांड का आरोपी PF कमिश्नर गिरफ्तार.

The accused in the high-profile Sarpanch murder case, Commissioner of PF, has been arrested. ग्वालियर। इंदौर के PF कमिश्नर मुकेश रावत गिरफ्तारमुंबई एयरपोर्ट से हुई गिरफ़्तारी मुंबई पुलिस के ACP डा. मनोज शर्मा की मदद से पकड़ा सरपंच विक्रम रावत के मर्डर का आरोपी है PF कमिश्नरग्वालियर पुलिस ने आरोपी पर 10 हज़ार का घोषित किया था इनाम 9 अक्टूबर को ग्वालियर में हुआ था विक्रम रावत हत्या कांड शार्प शूटरों ने फायरिंग कर की थी विक्रम की हत्या

राज्य शासन ने दो IPS अधिकारियों को सौंपे अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी.

The state government has assigned additional responsibilities to two IPS officers, orders issued. भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों को देखते हुए लगाई गई आचार संहिता के समाप्त होते ही शासन के रुके हुए कार्य प्रारंभ हो गए, आज मंगलवार को जहाँ पूरे प्रदेश में जनसुनवाई हुई वहीं प्रशासनिक द्रष्टि से आदेश भी जारी होना शुरू हो गए। इन्हें सौंपा SP नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार गृह विभाग ने आज मंगलवार 5 दिसंबर को दो अलग अलग आदेश जारी करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे हैं। शासन ने 2013 बैच के IPS अधिकारी कमांडेंट प्रथम वाहिनी SAF इंदौर सूरज वर्मा को उनके इस दायित्व के साथ साथ एसपी नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। DIG ग्वालियर के पास DIG SAF का अतिरिक्त प्रभार भी इसी तरह शासन ने 2007 बीच की IPS अधिकारी DIG ग्वालियर रेंज कृष्णावेणी देसवातु को उनके इस दायित्व के साथ साथ DIG SAF ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है, इन आदेशों का पालन तत्काल प्रभाव से होगा ।

पिता जीत गए, अब तू पैरों पर चल भी नहीं पाएगा’, नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे पर धमकी का मुकदमा दर्ज.

A case of threatening the son of elected legislator Preetam Lodhi has been filed with the message, ‘Your father won, now you won’t be able to walk on your feet’ ग्वालियर। पिछोर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने ग्वालियर के एक युवक को फोन कर धमकी दी है। पिता के चुनाव जीतते ही उसने युवक को फोन कर कहा- अब पिता चुनाव जीत गए, तेरा क्या होगा। तू अपने पैरों पर चल भी नहीं पाएगा।पूरी बातचीत युवक ने रिकार्ड कर ली। इसके बाद उसने पुरानी छावनी थाने पहुंचकर एफआइआर दर्ज करवाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया है कि प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने ग्वालियर के पुरानी छावनी स्थित जलालपुर निवासी सिकंदर यादव को धमकी दी है ।सिकंदर यादव ने शिकायत कर बताया है कि जब दिनेश ने पार्षद का चुनाव लड़ा था तो दूसरे प्रत्याशी का समर्थन उन्होंने व उनके परिजनों ने किया था। इससे दिनेश उनसे नाराज चल रहा था। पिता के चुनाव जीतते ही उसने फोन कर धमकी दी है यह आडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और वायरल ऑडिओ की जांच की जा रही है।बता दें कि प्रीतम लोधी विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहे हैं।निरंजन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

शासकीय उचित मूल्य दुकान पर आपूर्ति अधिकारी ने थाने में दर्ज कराई एफआईआर.

Government procurement officer filed an FIR (First Information Report) at the police station against the supplier for inflating prices at the government-approved store. Special Correspondent – Katni, Madhya Pradesh. कटनी। शासकीय उचित मूल्य दुकान भूला के विक्रेता सुनील यादव द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गेहूं, चावल को खुर्द-बुर्द करने और हितग्राहियों को सामग्री नहीं वितरित करने पर स्लीमनाबाद पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरअसल मामला क्या है आपूर्ति अधिकारी ने जब दुकान में जाकर देखा की आवश्यकता से कम भंडार है एवं जिला प्रतिनिधि द्वारा पूरी तरह से भंडार दिया जा चुका है लेकिन विक्रेता के द्वारा हितग्राही को न देकर अन्य जगह सप्लाई करने पर स्टॉक कम होता जा रहा था इसकी जानकारी मिलने पर आपूर्ति अधिकारी ने जब दुकान पर जाकर जांच की तो स्टॉक में कमी पाई विक्रेता सुनील यादव ने 79.25 क्विंटल गेहूं और 468.22 क्विंटल चावल कम पाया गया। जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 12 लाख 4 हजार 754 रुपये है कनिष्ठ आपूर्ति आधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा व यज्ञदत्त त्रिपाठी के साथ कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान भूला की जाँच के दौरान यहां गेहूं और चावल का स्टाक भौतिक सत्यापन करने पर कम पाया गया। पुलिस थाना में विक्रेता सुनील यादव निवासी भूला के विरुद्ध कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। जांच के दौरान दुकान के बाहर निर्धारित प्रारुप में दुकान प्रदर्शनी बोर्ड नहीं लगा पाया गया। जाँच के दौरान विक्रता सुनील यादव के मौके पर कथन लिपिबध्द किये गये जिसमे उनके द्वारा बताया गया कि वो माह जून 2022 से शासकीय उचित मूल्य दुकान भूला का संचालन करते हुए वितरण का कार्य कर रहे है। माह फरवरी 2023 से शेष हितग्राहियों से पूछे जाने पर उनके द्वारा बताया गया कि दुकान में राशन की अनुपलब्धता के कारण लगभग 150 हितग्राहियों को राशन का वितरण शेष है।

आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को मिला राष्ट्रीय अवार्ड.

Commissioner Sandeep Rajak, a person with disabilities, received the National Award. *सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगजन आयुक्त राष्ट्रीय अवार्ड सक्षम मध्यप्रदेश के लिए गौरव* भोपाल: 4 दिसम्बर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय अवार्ड सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगता आयुक्त अवार्ड से मध्य प्रदेश के आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को विज्ञान भवन में सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतिमा भौमिक, रामदास आठवले, के नारायण स्वामी सचिव राजेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव किशोर सुरवाड़े मंच पर मौजूद रहे। प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, दिव्यांगजनो हेतु शिक्षण, पुनर्वास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल, बाधा रहित वातावरण के साथ ही यूडीआईडी कार्ड बनाने में देश में सबसे बेहतर कार्य किया गया है। श्री रजक द्वारा निरंतर जिला स्तर पर चलित न्यायालय, एडवोकेसी बैठकों के माध्यम से दिव्यांगजनों की समस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया गया है। प्रदेश में कार्यरत शासकीय एवं अशासकीय संगठनों को साथ में लेकर प्रत्येक जिले में दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाने शिविरों, जनजागरुकता कार्यक्रम किए गए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर श्री रजक को राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही मप्र राज्य को सुगम्य भारत अभियान के कार्यान्वयन के लिए भी सम्मानित किया गया।-0-

मोदी-शाह के समीकरण में फिट बैठते हैं ये नेता, CM के लिए प्रहलाद सिंह पटेल की चर्चा तेज़.

Leaders align well with the Modi-Shah equation; discussions about Prahlad Singh Patel for the Chief Minister position are gaining momentum. उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे इस बात की चर्चा सियासी गलियारों मे तेज़ हो गयी है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे, यह तो आने वाले एक दो दिनों में पता चल जाएगा, लेकिन इससे पहले सियासी गलियारों में नए चेहरों पर काफी चर्चा हो रही है. आगामी मुख्यमंत्री के रूप में जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें एक नाम प्रहलाद सिंह पटेल का भी है. पटेल को मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. उनके नाम की चर्चा उस वक्त ही शुरू हो गई थी, जब उन्हें भाजपा ने नरसिंहपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था. अब प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के लखन सिंह पटेल को 31310 वोटों से हराया है प्रहलाद पटेल की गिनती मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वे केंद्रीय नेतृत्व के खास माने जाते हैं. इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब से दिल्ली में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है प्रहलाद पटेल के पास कोई ना कोई मंत्रालय रहा है. साथ ही साथ अगर जातिगत समीकरण की बात करें तो वह ओबीसी वर्ग से आते हैं. ओबीसी में भी लोधी जाति से आते हैं,  पटेल की गिनती मध्य प्रदेश भाजपा के सीनियर नेताओं में होती है. पटेल ने पहले लोकसभा चुनाव 1989 में जीता था. उसके बाद 1996, 1999, 2014 और 2019 को मिलाकर कुल 5 लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. मजे की बात यह है कि पटेल 2023 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीते है. पटेल के पास सियासत का लंबा अनुभव है और उनकी साफ सुथरी छवि, संगठन मे मजबूत पकड़ तथा उमा भारती के बाद प्रदेश के सबसे बड़े लोधी नेता और केंद्रीय नेतृत्व मे मजबूत पकड़ उनको अग्रिम पंक्ति मे खड़ा करती है सूत्रों की माने तो ओ बी सी मे शिवराज सिंह के बाद पटेल एकमात्र सर्वमान्य नेता है, अपने समाज के अतिरिक्त पटेल की आदिवासियों और पिछडो मे मजबूत पकड़ मानी जाती है आगामी 2024 के लिए पटेल की ताजपोसी मध्य प्रदेश के साथ साथ पडोसी राज्यों मे भी भा ज पा को मजबूती दे सकती है

आरजीपीवी पॉलिटेक्निक का पेपर कांड: शिकायत को दो माह बीते, कागजों में अटकी जांच, एफआईआर भी नहीं हुई.

The Paper scandal at RGPV Polytechnic: Two months have passed since the complaint; investigation stuck in paperwork, no FIR filed yet. – विवि की आंतरिक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपी भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेमेस्टर परीक्षा के पेपर बेचे जाने के कथित मामले में जांच कागजों में अटक गई है। शिकायत के दो माह बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस को विश्वविद्यालय की ओर से सही और स्पष्ट जांच प्रतिवेदन का इंतजार है, वहीं विवि प्रबंधन का कहना है कि वह एक विस्तृत आवेदन भेज चुका है, जिसके साथ प्राप्त वीडियो भी संलग्न किया गया था। विवि की कमेटी ने प्रबंधन को सौंपी रिपोर्ट मामले की शिकायत मिलने पर जांच के लिए विवि ने कमेटी का गठन किया था। जिसने शिकायत और प्राप्त वीडियो के आधार पर रिर्पोट तैयार कर प्रबंधन को सौंप दी है। इस रिर्पोट में लिखा है कि यह गंभीर प्रकृति का आपराधिक प्रकरण है। इसलिए समिति के द्वारा जांच किया जाना व्यवहारिक नहीं है, इसलिए पुलिस जांच होना जरूरी है। यह है पूरा मामला: दरअसल, कुछ माह पूर्व आरजीपीवी के पॉलिटेक्निक में कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी द्वारा इंजीनियरिंग डिप्लोमा के स्टूडेंट्स को पांच हजार रुपए प्रति पेपर बेंचने का कथित मामला सामने आया था। इसका एक कथित वीडियो भी सामने आया है। इस विडियो में कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी छात्र से कैश लेता नजर आ रहा है। इस विडियो को बतौर प्रूफ रखते हुए पॉलिटेक्निक प्रबंधन के पास लिखित शिकायत पहुंची थी।शिकायत पर पॉलिटेक्निक के प्राचार्य ने जांच के लिए आतंरिक कमेटी बनाई। जांच के आधार पर सिविल ब्रांच के कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी गौरव जैन, हिमांशु राय और सुरभि श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया। एक अन्य फैकल्टी सतीश अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पुलिस में भी आवेदन किया गया था, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई है।

भारतीय जनता पार्टी की अभी तक 17 सीटों पर जीत कांग्रेस के पाले में सिर्फ 6 सीटें आयी और भारत आदिवासी पार्टी के खाते  में 1 सीट आयी.

Bhartiya Janta party won 17 seats, Congress 6 and Bharat Adiwasi Party won 1 Seat in Madhya Pradesh Vidhaansabha Elections. Manish Trivedi – Sahara Samachaar.भोपाल,  चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने १७ सीटों पर अपनी जीत दर्ज़ की है इसमें पन्ना से बृजेन्द्र प्रताप सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल, रेवा से राजेंद्र शुक्ला, कोतमा से दिलीप जैस्वाल, अनूपपुर से विसाहु लाल सिंह, सिहोरा से संतोष वरकड़े, होशंगाबाद से सीता सरन शर्मा, बरस्या से विष्णु खत्री, शुजालपुर से इन्दर सिंह परमार, देवास से गायत्री राजे, खातेगांव से आशीष गोविन्द शर्मा, पदारना से छाया मोरे, नेपानगर से मंजू राजेंद्र दाऊ, बुरहानपुर से अर्चना चिटनीस, अलीराजपुर से चौहान नगर सिंह, बड़नगर से जीतेन्द्र उदय सिंह, रतलाम ग्रामीण से मथुरा लाल डामर, जौरा से राजेंद्र पांडेय और आलोट से चिंतामणि मालवीय ने अपनी जीत दर्ज की है. वही कांग्रेस पार्टी से शेओपुर से बाबू जंडेल, बिछिया से नारायण सिंह, निवास से चैनसिंह वरकड़े, अमरवाड़ा से कमलेश प्रताप सहाय, पांढुर्ना से नीलेश पुसाराम उइके और बड़वानी से राजन. मंडलोई. वही अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय आदिवासी पार्टी ने अपना खाता खोलने में सफलता प्राप्त की है. भारतीय आदिवासी पार्टी से सैलाना विधानसभा क्षेत्र से कमलेश्वर डोडियार ने अपनी जीत दर्ज की है. विजयी उम्मदवारो के लिस्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करैं 

लाड़ली बहनों ने कर दी शिवराज भइया की राह आसान।

भाजपा का 150 प्लस का दावा सच साबित होता हुआ नजर आ रहा है।कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के वादों पर जनता ने नहीं किया भरोसा। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना जैसे जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे ही प्रदेश के चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ होती जा रही है। हालांकि अभी पूरी तरह किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी लेकिन अभी तक की मतगढना के दौरान मिल रहे रुझानों ने भाजपा नेताओं के 150 से अधिक सीटों पर चुनाव जीतने के दावे को सच कर दिया है और मध्य प्रदेश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है की मध्य प्रदेश की आम जनता भाजपा के साथ है। इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहनों ने भी अपने भाई की जीत के लिए मतदान में हिस्सा लिया और चुनाव परिणाम को भाजपा के पक्ष में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मतदान के समय से लेकर बीती रात तक सभी राजनेतिक पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अपनी अपनी पार्टी की जीत और सरकार बनाने को लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे थे। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान नेता अपने समर्थकों का मन समझने में ही मात खा रहे थे, तो जनता का मन पढ़ना तो वैसे भी आसान नहीं था और इसी का परिणाम है कि सभी के दावे रखे रह गए। जनता ने यह साफ कर दिया है कि किसी के भी कहने से कुछ नहीं होता जो कुछ होता है वह आम जनता की इच्छा से होता है और जनता ने भाजपा को अपना मत रूपी आशीर्वाद और समर्थन देकर इस बात को स्पष्ट कर दिया है। अभी तक की मतगणना में यह तो साफ हो गया है कि मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाने के लिए तैयार है बस अब देखना यह है की कुल कितनी सीटें स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा के खाते में आती हैं, वहीं दूसरी बात यह भी ध्यान देने योग्य है की मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता जो चुनाव मैदान में उतरे थे उनमें से किसे जनता का आशीर्वाद मिलेगा और कौन क्लीन बोल्ड होगा। हम आपको याद दिला दें की सहारा समाचार ने मतदान के पूर्व ही स्पष्ट रूप से दावा किया था कि इस बार के चुनाव में दोनों ही दलों के द्वारा मैदान में उतारे गए दिग्गज नेताओं को लेने के देने पड़ेंगे। साथ ही कई परंपरागत सीटों पर चौंकाने वाले ऐसे परिणाम सामने आएंगे जिनका किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया होगा। दूसरे दावे के अनुसार मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने के चांस 65% और कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के चांस 35% हैं। सहारा समाचार के यह दोनों ही दावे सत्य होते नजर आ रहे हैं। चुनाव परिणाम की तस्वीर साफ हो चुकी है परिणाम भी सामने आने लगे हैं। कुछ सीटों पर हार जीत भी डीक्लियर हो चुकी है। कुछ देर की बात है बहुत जल्द पूर्ण चुनाव परिणाम सामने आ जायेंगे।

2-3 दिसंबर 1984 की वो ठंडी काली रात… जब दहल गया था भोपाल

आज भी भयंकर सपने की तरह याद आती है गैस त्रासदी  गैस कांड की 3 दिसंबर को 39 वीं बरसी  उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में दो दिसंबर 1984 की सर्द रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव ने न केवल यहां हजारों लोगों की जान ले ली थी, बल्कि त्रासदी के 39 साल बाद भी यह जीवित बचे लोगों को एक भयंकर सपने की तरह याद है। इस हादसे के बाद यह कारखाना बंद किया जा चुका है। दो और तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को कीटनाशक कारखाने से जहरीली गैस के रिसाव के बाद कम से कम 3,787 लोग मारे गए और पांच लाख से अधिक लोग शारीरिक रूप से प्रभावित हुए। रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया  गैस पीड़ित और रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षण अधीक्षक महेंद्रजीत सिंह 79 ने बताया कि हादसे वाली दो दिसंबर की रात को मैं डर से कांप उठा। मैंने उस ठंडी रात में लोगों को मरते हुए देखा था। उस भयावह रात को याद करते हुए सिंह ने कहा कि उस रात लगभग दो बजे मेरा परिवार सो रहा था, जब यूनियन कार्बाइड कारखाने से कुछ ही दूरी पर स्थित रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया। हम घर से बाहर भागे और कारखाने से निकलने वाली गैस से बचने के लिए स्कूटर से और पैदल भागे। चार किमी दूर एक होटल में बिताई थी रात  ऑल इंडिया रिटायर रेलवेमेन फेडरेशन वेस्टर्न ज़ोन के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि उनके परिवार ने उनके घर से चार किमी दूर एक होटल में रात बिताई। कुछ साल बाद उन्होंने ने अपनी मां और छोटे भाई को खो दिया जो जहरीली गैस के संपर्क में आए थे। उन्होंने कहा कि गैस रिसाव के तीन दिन बाद, मैंने देखा कि हमारे घर के पास एक पीपल के पेड़ की पत्तियां गिर गई थीं और वह मृत और बेजान दिखाई दे रहा था। होशंगाबाद में ली शरण महेंद्र जीत सिंह ने बताया कि कि शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़-पौधों पर जहरीली गैस का असर देखा गया। उन्होंने बताया कि त्रासदी के बाद, ऐसी अफवाहें थीं कि फैक्ट्री से बची हुई जहरीली गैस निकलेगी। ऐसी अपुष्ट खबरों को देखते हुए हमने पड़ोसी होशंगाबाद जिले में शरण ली। महेंद्र जीत सिंह ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी में अपने कई सहयोगियों को खो दिया है और जो बच गए, वे बीमारियों, विशेषकर सांस लेने की समस्याओं के साथ जी रहे हैं। भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गए थे वहीं, सेवानिवृत्त सहायक स्टेशन मास्टर रामबली प्रसाद वर्मा बताया कि वह भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गये। उन्होंने बताया कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की चारदीवारी के पास स्थित रेलवे केबिन में मेरी ड्यूटी 2 दिसंबर की रात 10 बजे खत्म हो गई। आधी रात के आसपास, जब फैक्ट्री से गैस लीक हुई, तब वर्मा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में अपने घर पर थे। उन्होंने कहा कि जहरीली गैस से बचने के लिए हम इधर-उधर भागे और कुछ दूर स्थित सेना के वाहन में शरण मिली। रामबली वर्मा और उनका परिवार दिन निकलने पर घर लौट आए, लेकिन कुछ घंटों बाद फिर से अपना घर छोड़ना पड़ा क्योंकि ऐसी अफवाहें थीं कि बची हुई जहरीली गैस तीन दिसंबर को सुबह 11 बजे के आसपास फिर निकाली जाएगी। इसके बाद वर्मा का परिवार इंदौर चला गया और चीजें ठीक होने पर वापस लौटा था। उन्होंने कहा कि जब मैं उस ठंडी रात के बारे में सोचता हूं, तो मैं कांपने लगता हूं। गैस के संपर्क में आने के कारण मुझे सांस लेने में दिक्कत आती है और दमा हो गया है।

राजधानी में वाहन चोर गिरोह सक्रिय, एक रात में 8 बाइक चोरी

घर के सामने खड़ी बाइक को बनाया निशाना, रातभर में हुई वारदात, एक पुरानी बाइक बगली में छोड़कर गया गिरोह  भोपाल। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित बगली गांव से छह बाइक और बर्रई गांव से दो बाइक चोरी हो गई। एक ही रात में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने इलाके में सर्चिंग शुरू कर दी है। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज लगा है। फुटेज में चार आरोपी बाइक चुराकर धकेलते हुए ले जाते नजर आ रहे हैं। इससे अनुमान है कि वारदात को गिरोह ने अंजाम दिया है। गिरोह ने एक बाइक बगली गांव में लावारिस छोड़ी है। उक्त बाइक झागरिया गांव से चोरी की गई थी। बाइक पुराने होने के कारण आरोपियों ने उसे सड़क पर ही छोड़ दिया। अब पुलिस सेज यूनिवर्सिटी और मिसरोद से बगली में अंदर पहुंच मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाल रही है।  पुलिस के अनुसार शाहिद खान (40) ग्राम कटारा में रहते हैं किसान हैं। शुक्रवार रात शाहिद खान और उनके भतीजे सरवर खान ने अपनी 2 बाइक घर के बाहर खड़ी की थी। शनिवार सुबह करीब सात बजे घर के बाहर निकले तो दोनों बाइक नियत स्थान पर नहीं खड़ी थी। आसपास तलाश करने के बाद भी जब बाइक का पता नहीं चला तो शाहिद खान सरवर के साथ कटारा हिल्स थाने पहुंचे और चोरी की शिकायत दर्ज कराई। इसी बीच शाहिद खान को थाने में अन्य लोग नजर आए। उनसे बातचीत करने पर पता चला उनकी बाइक भी घर के सामने से चोरी हुई है। पुलिस ने ग्राम बगली निवासी मोहित परिहार (35) की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया है। चोरी हुई सभी बाइक अलग अलग लोगों की है, लेकिन एक ही इलाके की होने के कारण पुलिस ने एक व्यक्ति को फरियादी बनाया है। झागरिया से चोरी हुई थी पहली बाइक  अनुमान है कि पहली बाइक झागरिया गांव से चोरी की थी। इसके बाद बाइक लेकर बदमाश बर्रई गांव पहुंचे यहां से दो बाइक चोरी की फिर बदमाश बगली गांव की तरफ बढ़े और वहां से एक साथ छह बाइक चोरी कर ली। कटारा हिल्स की तरफ ही आए हैं बदमाश पुलिस ने ग्राम बगली स्थित एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किया तो रात के समय चार बदमाश बाइक लेकर जाते हुए दिखाई दिए। अनुमान है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की संख्या आधा दर्जन से अधिक होगी। फुटेज में आरोपी बाइक धकेलकर ले जाते हुए नजर आए हैं। उन्होंने बाइक स्टार्ट इसलिए नहीं की ताकि किसी को चोरी की भनक न लग सकें।

पांच सौ करोड़ से बने हमीदिया अस्पताल में हुई पानी की किल्लत

पांच सौ करोड़ से बने हमीदिया अस्पताल में हुई पानी की किल्लत  तीन मोटर में से एक खराब, लिफ्ट भी लंबे समय से पड़ी बंद  *उदित नारायण*  भोपाल। हमीदिया अस्पताल में लगभग पांच सौ करोड़ से तैयार हुए दोनों नए भवन में एक के बाद एक नई अव्यवस्था सामने आ रही हैं। एक सप्ताह पहले ब्लॉक वन में आधी रात को बिजली गुल होने से हड़कंप मच गया था। इसके बाद इस 13 मंजिला भवन की लिफ्ट खराब हो गइ। अब अस्पताल में पानी की किल्लत होने लगी है। अस्पताल में ब्लॉक 2 में पानी की कमी से मरीज परेशान हो रहे हैं। इसकी वजह खराब पड़ी मोटर बताई जा रही है।  मालूम हो कि पानी की जरूरत के हिसाब से तीनों मोटर का उपयोग किया जाता है। तीनो मोटर से 8-8 घंटे की शिफट से 24 घंटे सप्लाई होती है। इनमें से एक मोटर खराब होने से आठ घंटे पानी की किल्लत रहती है। जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।प्रबंधन का तर्क आचार संहिता है कारणमामले में अस्पताल प्रबंधन का तर्क भी अजग गजब है। प्रबंधन का कहना है कि इस परेशानी की असल वजह आचार संहिता है। दरअसल आचार संहिता के चलते मोटर को ठीक करने वाली कंपनी का चयन नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अब आचार संहिता के हटने तक मोटर ठीक होने का इंतजार करना होगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ आशीष गोहिया का कहना है कि मरीजों को परेशानी ना हो इसके लिए स्टाफ लिफ्ट उनके लिए खोल दी गई है। पानी की किल्लत जैसी कोई बात नहीं है। मोटर के मेंटेनेंस की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

एमपी पुलिस में 7 साल बाद दूर होगी कैडर की समस्या.

After 7 years, the cadre-related issues will be resolved in the Madhya Pradesh Police. नए साल में 13 अफसर होंगे प्रमोट, 26 आईजी में से 3 अफसरों का रिटायरमेंट प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33, रेंज और जोन में भेज जाएंगे आईजी, एडीजी फिर पीएचक्यू लौटेंगे उदित नारायण  भोपाल। प्रदेश में लगभग 7 साल बाद आईजी के पद की कमी दूर होने जा रही है। प्रदेश में एक साथ 13 आईपीएस अफसर आईजी के पद को एक जनवरी को मिलने जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आईजी रैंक के अफसरों की संख्या दो दर्जन पार हो जाएगी। इससे पहले करीब 2016 तक इतने पद भरे हुए थे। इसके बाद धीरे-धीरे इन पदों पर अफसरों की संख्या कम होती गई। एक जनवरी को वर्ष 2006 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी से पदोन्नत होकर आईजी के पद पदोन्नत होने जा रहे हैं। इन अफसरों की संख्या 13 होगी। प्रदेश में अभी 15 अफसर आईजी के पद पर पदस्थ हैं। इनमें से दो अफसर अब एडीजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं।  वर्ष 2000 से 2005 बैच के 13 अफसर जहां आईजी के पद पर पदस्थ रहेंगे। वहीं वर्ष 2006 बैच के अफसर आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनकी भी संख्या 13 होगी। ऐसे में प्रदेश में लंबे अरसे बाद इस पद पर 26 अफसर पदस्थ होंगे। आईजी के पद पर 26 अफसरों की संख्या सिर्फ जनवरी के महीने में ही रहेगी। इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष कपूरिया 31 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे तो यह संख्या घटकर एक कम हो जाएगी। कपूरिया के बाद जून 2024 में आरआरएस परिहार रिटायर होंगे और इसी साल के अक्टूबर में राजेश हिंगणकर भी रिटायर हो जाएंगे। यानि यह संख्या नवम्बर में घटकर 23 पर पहुंच जाएगी। हालांकि इसके बाद भी इनती संख्या में आईजी के पद प्रदेश पुलिस में अरसे बाद पदस्थ रहेंगे।  कम संख्या के कारण एडीजी को दिया था रेंज का प्रभार प्रदेश में जब आईजी रेंक के अफसरों की संख्या कम होना शुरू हुई तो उनकी जगह का काम एडीजी रेंक के अफसरों से करवाने का क्रम शुरू हुआ। इसके चलते एडीजी रेंक के अफसरों को रेंज में पदस्थ किया गया। हालात यह बने ही भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर का पद कॉडर में आईजी रेंक का मिला, लेकिन यहां भी एडीजी रेंक के अफसर ही पदस्थ हुए। भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर एडीजी मकरंद देउस्कर बने थे। अब देउस्कर इंदौर पुलिस कमिश्नर हैं। 90 बैच तक के अफसर एडीजी आईजी के पद पर अफसरों की कमी होने के चलते एडीजी के पद पर अफसरों की संख्या बढ़ गई थी। प्रदेश में अभी वर्ष 1990 से वर्ष 1999 तक के 34 अफसर एडीजी के पद पर पदस्थ हैं। हालांकि इसमें से अब वर्ष 1999 बैच के दो अफसर एडीजी हो जाएंगे। प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33 है। अस्थाई तौर पर डीजी के बढ़े थे दो पद- एडीजी रेंक पर अफसरों की संख्या ज्यादा होने के चलते डीजी के दो पद अस्थाई तौर से राज्य शासन को बढ़ाने पड़े थे। प्रदेश में तत्कालीन डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला थे, उस वक्त दो साल के लिए डीजी के दो अस्थाई पद बढाए गए थे। बाद में फिर से दो पद बढ़ाए गए। प्रदेश में डीजी के पांच पद कॉडर के हैं, जबकि पांच पद एक्स कॉडर के हैं। इनके अलावा दो अस्थाई पद हैं। इस तरह से प्रदेश में डीजी रेंक के 12 अफसर पदस्थ हैं।

कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं व प्रदेश की जनता से की अपील.

Kamal Nath appealed to the party workers and the people of the state. कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता पूरी ताकत से मैदान में आ जाएं। भाजपा चुनाव हार चुकी है। कुछ एग्जिट पोल जानबूझकर इसलिए बनाए गए हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हों और झूठा माहौल दिखाकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जाए।यह षड्यंत्र कामयाब होने वाला नहीं है। कांग्रेस के सभी पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चासंगठनों के प्रमुख और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी अपने-अपने काम में जुट जाएं और निष्पक्ष मतगणना कराएं।हम सब जीत के लिए तैयार हैं। हम सब एकजुट हैं। आपको कोई भी समस्या लगती है तो आप सीधे मुझसे बातकरें। 3 दिसंबर को कांग्रेस पार्टी की सरकार बन रही है।

मध्य प्रदेश मतगणना हेतु मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस वार्ता

Press conference of the Chief Election Commissioner for the Madhya Pradesh election counting. प्रेस नोट मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 230 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना 52 जिला मुख्यालयों पर दिनाक 03.12.2023 को प्रारंभ होगी। मतगणना के लिए सभी इंतेजाम किए जा चुके है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा मापदण्डो को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए है। मतगणना के दिन शुष्क दिवस घोषित किया गया है। मतगणना स्थल पर 3 Tier सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, केवल अधिकृत पासधारी व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना सेंटर पर प्रवेश नहीं करेगा। मतगणना सेंटर पर प्रत्येक विधानसभा के लिए पृथक-पृथक मतगणना हॉल बनाए गये है, जहां आयोग के निर्देशानुसार टेबलों की व्यवस्था ईव्हीएम एवं पोस्टल बैलेट की मतगणना के लिए की गई है। मतगणना कर्मियों का रेण्डमाईजेशन 3 स्तर पर होगा। प्रथम स्तर का रेण्डमाईजेशन हो चुका है, द्वितीय स्तर का रेण्डमाईजेशन मतगणना के प्रारंभ से 24 घंटे पूर्व होगा तथा तृतीय रेण्डमाईजेशन मतगणना दिनांक को सुबह 5 बजे होगा। आयोग द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए प्रेक्षक नियुक्त किए गए है, जो जिलों में पहुंच चुके हैं। द्वितीय एवं तृतीय रेण्डमाईजेशन प्रेक्षक की उपस्थिति में किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पोस्टल बैलेट के लिए बनाए गए स्थानीय स्ट्रांग रूम से मतगणना सेंटर में बने पोस्टल बैलेट के स्ट्रॉग रूम में दिनांक 02.12.2023 को अपरान्ह 3 बजे के पश्चात् स्थानांतरित करने की कार्यवाही करेगें, जिसकी सूचना मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थी / उनके अभिकर्ता को अनिवार्यतः दी जायेगी। पोस्ट से प्राप्त होने वाले सेवा निर्वाचकों के पोस्टल बैलेट मतगणना केन्द्र पर प्रातः 08 बजे के पूर्व तक प्राप्त हो सकते है। इसके लिए रात्रि में पोस्टल डिपार्टमेन्ट को प्राप्त होने वाले पोस्टल बैलेट की डिलेवरी प्रातः 08 बजे के पूर्व मतगणना केन्द्र पर हो जाएं, इस हेतु पोस्टल डिपार्टमेन्ट के नोडल अधिकारी / पोस्टमेन को पास जारी किए गए है। अधिकृत मीडियाकर्मी के लिए मतगणना केन्द्र पर एक पृथक कक्ष में मीडिया सेन्टर बनाया गया है जहां पर टेलिफोन कम्प्यूटर, प्रिन्टर एवं इंटरनेट आदि की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मीडिया कर्मियों के लिए आयोग द्वारा प्राधिकार पत्र जारी किए गए है। ईव्हीएम की मतगणना टेबल पर एक काउटिंग सुपवाईजर एक काउटिंग असिस्टेंट तथा एक काउटिंग स्टॉफ तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। इसी प्रकार पोस्टल बैलेट की गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, एक काउटिंग सुपरवाईजर, दो काउटिंग असिस्टेंट तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। ईव्हीएम / पोस्टल बैलेट की टेबल पर अभ्यर्थी के काउटिंग ऐजेन्ट रहेगें, जिनके बैठने का क्रम (1) मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दल, (2) ऐसे मान्यता प्राप्त अन्य राज्यों के राज्यीय दल जिन्हें उस विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव चिन्ह नियत किया गया है. (3) अमान्यता प्राप्त रजिस्ट्रीकृत दल. (4) निर्दलीय रहेगा। स्ट्रॉग रूम से मतगणना हॉल तक मशीनें पहुंचने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार पृथक-पृथक मार्ग / रास्ता / व्यवस्था निर्धारित की गई है, जिसका सीसीटीवी कवरेज होगा। आर्जवर के अतिरिक्त किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाईल ले जाने की अनुमति नहीं है, केवल RO/ARO /Counting Supervisor जो ईटीपीबी से जुड़े है वह केवल ईटीपीबीएमएस सिस्टम ओपन करने के लिए ओटीपी हेतु मोबाईल ले जा सकेंगे तथा उसके पश्चात मोबाईल बंद कर प्रेक्षक/RO/ARO के पास जमा कराएंगे। मतगणना जिला मुख्यालय पर प्रातः 8 बजे विधानसभा क्षेत्रवार प्रारंभ होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की मतगणना शुरू होगी। पोस्टल बैलेट की मतगणना के आधे घण्टें पश्चात् 08:30 बजे ईव्हीएम से मतगणना प्रारंभ होगी। विधानसभा के पोस्टल बैलेट की मतणना समाप्त होते ही अभ्यर्थीवार डाकमतों के परिणाम की घोषणा की जावेगी। प्रत्येक राउंड पूरा होने पर नियमानुसार उस राउंड के परिणाम की घोषणा की जावेगी तथा दूसरे राउंड की गिनती प्रारंभ होगी। मीडिया को भी इसकी जानकारी मीडिया सेन्टर में दी जावेगी, इस हेतु जिला जनसंपर्क अधिकारी समन्यय बनाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 80 वर्ष से अधिक उम्र के 51259 वरिष्ठ मतदाताओं एवं 12093 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से मतदान किया। Essential Services के 1113 कर्मियों द्वारा मतदान किया गया। 304623 मतदान कर्मियों द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान किया गया। मतदान केन्द्र पर ही मतदान हेतु 21197 मतदान कर्मियों को ईडीसी जारी किए गए। मध्यप्रदेश में ईव्हीएम की गणना हेतु 4369 टेबल तथा पोस्टल की मतगणना हेतु 692 टेबल लगाएं गए है। ईव्हीएम मतगणना हेतु सबसे अधिक 26 राउंड 193-झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में तथा सबसे कम 12 राउंड 20-सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र जिला दतिया में होगें। मतगणना के परिणाम के लिए जिलों में स्क्रीन आदि पर व्यवस्था की गई है। मतगणना के परिणाम भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://results.eci.gov.in तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाईट ceomadhyapradesh.nic.in पर भी प्रदर्शित होगें। इसके साथ साथ आमजनों की सुविधा के लिए वोटर हेल्पलाईन एप्प पर भी मतगणना के परिणाम उपलब्ध रहेगें, इस हेतु इस एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। मतगणना उपरांत निकाले जाने वाले जुलूस, रैली आदि पर नियमानुसार अनुमति प्राप्त कर ही

मप्र को मिले 14 नए आईएफएस, इनमें 5 प्रदेश के मूल निवासी.

Madhya Pradesh has been allocated 14 new Indian Forest Service (IFS) officers, out of which 5 officers are originally from the state. राज्य के चयनित 8 नए आईएफएस को दूसरे प्रदेश का कैडर आवंटित भोपाल। केंद्रीय कार्मिक विभाग ने 2023 बैच के लिए सिलेक्टेड 140 आईएफएस में से 13 को मध्य प्रदेश के लिए आवंटित किया है। इनमें से 5 आईएफएस प्रदेश के मूल निवासी हैं। इस सूची में 14 आईएफएस अधिकारी मध्य प्रदेश से चयनित हुए हैं, जिसमें से 8 आईएफएस अफसर को दूसरे राज्य के कैडर आवंटित किए गए हैं। *प्रदेश के लिए आवंटित आईएफएस 13 आईएफएस अजय गुप्ता, प्रज्जवल चौरसिया, आकाश साहू, अलकापुरी गोस्वामी, चंचल पवार, शोभित जोशी, हर सिमरन सिंह चीमा, अपूर्व, बिहारजसवंत सिंह मीना, रमेश चंद्र मीना, राजस्थानकृष्णा प्रसाथ, विशाल कुमार, कुमार साहू, जयप्रकाश, यश ढोबले, उदयन सुबुद्धि, गौरव शर्मा, तन्मय कौशिक, अथर्व तिवारी, आकांक्षा जैन, चंद्र प्रकाश अग्रवाल, असम मेघालय और उपमा जैन.

बरगी अनुभाग के सीएसपी सुनील नेमा का नहीं छूट रहा थानेदारी से मोह.

Bargi subdivision CSP Sunil Nema is not relieved from the police station due to attachment. थाने के स्टाफ से करवा रहे खुलेआम वसूली, नहीं मिलने पर थाने में कर देते हैं बंद होटल संचालकों, ठेकेदारों और चरगंवा सड़क बनी उनके लिए कमाऊपूत, साहब की मनमानी से तिलवारा थाना का स्टाफ परेशान संतोष तोमर भोपाल। सीएसपी नेमा अपराध पर कंट्रोल करने की बजाय तिलवारा थाने की थानेदारी में खर्च कर रहे ज्यादा ऊर्जा भोपाल। पुलिस विभाग में जमावट से जबलपुर क्षेत्र के बरगी अनुभाग में पदस्थापना पाने में सफल रहे एक सीएसपी सुनील नेमा की मनमानी के खूब चर्चे हैं। उनका कार्यालय के नीचे तल में स्थित तिलवारा थाना से मोह नहीं छूट रहा है। इन दिनों वे थाना से पर्याप्त वसूली नहीं मिलने से वे खासे परेशान हैं। यही वजह है कि वसूली को लेकर वे पुलिस वालों पर अप्रत्यक्ष रूप से रोब झाड़ रहे हैं। दबाव में आकर कुछ पुलिस कर्मी उनके इस विशेष वसूली अभियान को अंजाम देने में लगे हैं। उनके इस कारनामे से पूरा स्टाफ परेशान होना बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार थानांतर्गत क्षेत्र में जब से सीएसपी पदस्थ हुए हैं, तभी से यहां उनकी तानाशाही और मनमानी के नए नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। कहा तो ये जा रहा है कि वे क्षेत्र के कई होटल संचालकों को बुलाकर उनसे खूब शुभ-लाभ कर रहे हैं। उन्हें दक्षिणा पर ही भरोसा है। बताया जा रहा है कि बरगी क्षेत्र में लंबे समय से पदस्थ सीएसपी सुनील नेमा अपराध पर कंट्रोल और लोगों को न्याय दिलाने की अपने वे तिलवारा थाने की थानेदारी करने में ज्यादा ऊर्जा खर्च कर रहे हैं। वे अपनी कुर्सी का रोब दिखाते हुए रेत, गिट्टी और मुरूम खदान खोदने में लगे हैं। इसके अलावा ठेकेदारों को खुलेआम धमकी भी दे रहे हैं कि यदि उनका हिस्सा नहीं दिया तो ठेकेदारी निकल जाएगी। उनकी जेसीबी जब्त कर कई गुना वसूली करने में लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, सीएसपी सुनील नेमा की हरकतों से टीआई भी ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं। उनकी ही जी हुजूरी में उनका दिन निकल रहा है। साहब के रोब के कारण स्टाफ में काना-फूसी चलती रहती है, हालांकि वे अपने दर्द किसी को बंया नहीं करते हैं। सबसे बड़ा कमाई का उनका अड्डा चरगंवा रोड बना हुआ है। वे कभी भी इस रोड पर ट्रकों की लाइन लगाकर चेकिंग के नाम पर वसूली करने पहुंच जाते हैं। पांच सितारा होटल में करते हैं नाश्तासीएसपी सुनील नेमा को महंगे से महंगे होटलों में खाना और नाश्ता करने का शौंक है। वे प्रतिदिन अपने बेटे के साथ पास के ही एक पांच सितारा होटल में जिम करने जाते हैं। वहीं बेटे के साथ वेज-नॉनवेज खाना का भी आनंद उठाते हैं। वहीं उनके ऑफिस के सामने एक ढाबा संचालित है। जिसको वसूली में देरी होने पर कभी भी थाने में बुलाकर बैठा िलया जाता है। बता दें, यह खबर अपुष्ट सूत्रों पर आधारित है।

एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर.

Exit poll” indicates a tough competition between the BJP and Congress एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर* एमपी विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल रिजल्ट, अब आखिरी वक्त का इंतजार उदित नारायण भोपाल-ग्वालियर। एमपी एग्जिट पोल के नतीजे आने लगे हैं। ऐसे में सबकी निगाहें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र पर टिकी है। ग्वालियर-चंबल की वजह से ही 2020 में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन दाम लिया था। एबीपी और सी वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार ग्वालियर-चंबल में बीजेपी की स्थिति ठीक नहीं है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को बड़ा नुकसान हो रहा है।दरअसल, मध्य प्रदेश में एबीपी और सी-वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार एमपी में बीजेपी को 88-112 और कांग्रेस को 113-137 सीटें मिल रही हैं। वहीं, अन्य को 02-08 सीटें मिल रही है। बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान ग्वालियर-चंबल के क्षेत्र में हो रही है। यह ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए असहज करने वाले नतीजे हैं।एबीपी-सी वोटर्स के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से बीजेपी को 4-8 और कांग्रेस को 25-29 सीटें मिल रही हैं। अगर यह अनुमान सही साबित हुए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। ग्वालियर-चंबल की सीटों पर ही उनका प्रदर्शन टिका हुआ है। पार्टी में आगे की स्थिति उनकी तभी मजबूत रहेगी, जब ज्यादा से ज्यादा उनके वफादार चुनाव जीतेंगे।निकाय चुनाव में लग चुका है झटकावहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को निकाय चुनाव में झटका लगा चुका है। कई सालों बाद पार्टी ग्वालियर और मुरैना में मेयर चुनाव हार गई थी। ऐसे में इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने बड़ा चैलेंज है।एक्सिस माय इंडिया में बीजेपी को बढ़तइसके साथ आजतक और एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस को झटका लग रहा है। इस सर्वे के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से 19 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को 14 सीटें मिल रही है।एग्जिट पोल के नतीजे कुछ भी बता रहे है यदि कुल मिलाकर देखा जाय तो मध्यप्रदेश में बीएसपी एसपी एवं गोंडवाना पार्टी की कुल मिलाकर 32 सीटो में त्रिकोणीय मुकाबला होने से एवम लाडली बहना योजना का लाभ यदि बीजेपी को मिलता है तो मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार पुनः बनने की संभावना प्रबल है कुल मिलाकर बीजेपी 118 से 122 सीट, कांग्रेस 108 से 110, बीएसपी अन्य की 5 सीटे आने की संभावना दिख रही है। बीएसपी एसपी गोंडवाना के आने ज्यादा फायदा भाजपा को मिल सकता है ।मध्य प्रदेश में इस बार भी भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।

भोपाल शिक्षा अधिकारी तोमर के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी.

Arrest warrant issued against Bhopal Education Officer Tomar. मानव अधिकार आयोग की अवहेलना करने का आरोप भोपाल। एक जिला शिक्षा अधिकारी को मानव अधिकार आयोग की अवहेलना करना भारी पड़ गया है। आयोग ने अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने वर्ष 2022 के एक मामले में अब तक जवाब न देने के कारण भोपाल जिले के जिला शिक्षा अधिकारी केपीएस तोमर को 21 दिसंबर को अनिवार्यतः आयोग में व्यक्तिगत रूप से आकर अपना स्पष्टीकरण व प्रतिवेदन देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने तोमर को कारण बताओ नोटिस एवं पांच हजार रुपये का नामजद जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। नोटिस एवं वारंट की तामीली अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, (नगरीय) भोपाल, जिला भोपाल को करवाने के निर्देश दिए हैं। ये है पूरा मामलाकई पदीय एवं नामजद स्मरण पत्र देने के बावजूद भी प्रतिवेदन न देने के कारण डीईओ केपीएस तोमर को 21 दिसंबर 2023 को आयोग में स्वयं उपस्थित होने के लिए कहा गया है। आयोग के एक प्रकरण के अनुसार नानक कॉम्प्लेक्स, गोविन्दपुरा, भोपाल निवासी आवेदक अरविन्द कुमार नामदेव, सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापक ने स्कूल शिक्षा विभाग ने उनकी सेवानिवृत्ति के सात वर्ष पश्चात् भी तृतीय समयमान वेतनमान/क्रमोन्निति वेतनमान समय पर नहीं देने के कारण उनको देय पेंशन में हो रहे आर्थिक नुकसान का भुगतान दिलाने की गुजारिश आयोग से की थी। शिकायत मिलते ही आयोग ने मामला दर्जकर जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल से जवाब मांगा था। भेजे गए थे कई पत्रडीईओ को कई पत्र एवं स्मरण पत्र भी भेजे गए थे, फिर भी उनकी ओर से कोई भी जवाब नहीं मिला। इस पर आयोग ने उन्हें आठ नवंबर 2023 को आयोग कार्यालय में व्यक्तिशः आकर जवाब देने को कहा था। आयोग का यह आदेश पत्र उनके कार्यालय में डिलेवर भी हो गया, तब भी तोमर आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। इस नियम के तहत एक्शनमध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने अब व्यवहार प्रक्रिया संहिता की धारा 32 ग के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल केपीएस तोमर को आयोग में उपस्थित न होने के कारण शो-कॉज नोटिस एवं 21 दिसंबर 2023 को तोमर की आयोग में व्यक्तिशः उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनके विरुद्ध पांच हजार रुपये का नामजद जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है। वारंट की तामीली अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नगरीय) भोपाल, जिला भोपाल के जरिये कराई जाएगी।

दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग के दो आईएएस पर लगाया 250 करोड़ के घोटाले का आरोप.

Digvijaya Singh has accused two IAS officers in the Finance Department of a scam amounting to 250 crore. ईओडब्ल्यू से की शिकायत, दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों पर 250 करोड़ के भ्रष्टाचार बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने वित्त विभाग के अधिकारी आईएएस अजीत केसरी और ज्ञानेश्वर पाटिल की ईओडब्ल्यू से शिकायत की है। इसके साथ उन्होंने दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। दिग्विजय सिंह बोले-प्राथमिकी दर्ज करेंपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईओडब्ल्यू के डीजी को दी शिकायत में लिखा कि उनको दो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की शिकायत मिली है। एमपी में वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों ने 250 करोड़ का घोटाला किया है। उन्होंने शिकायत के साथ दिए दस्तावेज और ऑडियो सीडी के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। यह है मामलाशिकायत के अनुसार राज्य मंत्रालय में लागू आईएफएमएस सिस्टम का काम एक चहेती फर्म को देने के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों ने वित्त मंत्री को विश्वास में लेकर ढाई सौ करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसके लिए टेंडर में मनमानी शर्तें डालते हुए टीसीएस जैसी टाटा समूह की कंपनी को बाहर किया गया। इसके बाद टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव को ठेका देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। शिकायत के अनुसार इस घोटाले में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत केसरी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है। इसके अलावा एक अन्य आईएएस ज्ञानेश्वर पाटिल पर कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पहले यह टेंडर 200 करोड़ रुपये का था, जिसे एजेंसी तय होने के दौरान बढ़ाकर 247 करोड़ रुपये कर दिया गया। 50 करोड़ रुपये का लेन देनपूरे टेंडर घोटाले में करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन का आरोप है। शिकायत में रिश्वत की रकम विभिन्न माध्यमों से संबंधित अधिकारियों और मंत्री को देने की बात कही गई है। एसीएस वित्त अजीत केसरी, ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त कोष एवं लेखा और टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव से काम लेने वाले आंध्र प्रदेश की कंपनी पिक्सल वाइड सॉल्यूशन के डायरेक्टर प्रित्युश रेड्डी के लिए काम करने वाले ग्वालियर निवासी देवेश अग्रवाल के बीच विभिन्न अवसरों पर वाट्सएप पर हुई चेटिंग पत्र शिकायत के साथ दिए गए हैं। यह है ऑडियो में…पत्र के साथ सीडी में संलग्न ऑडियो में वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी हैदराबाद स्थित कंपनी के डायरेक्टर से डील पूरी करने की चर्चा कर रहे हैं। इस बातचीत में डील पूरी न होने पर टाटा कंपनी की टीसीएस को आगे काम देने की बात भी कही जा रही है। चर्चा के दौरान किसी पवन नामक व्यक्ति का नाम लेनदेन में बार-बार आ रहा था। आरोप है कि करीब पचास करोड़ रुपये का लेन देन करने के बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने आचार संहिता लगने के कुछ दिन पूर्व गुडगांव की कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया, जो बाद में हैदराबाद की कंपनी को सौंपा गया। शर्तें कंपनी के अनुकूल बनाई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को इस कंपनी के अनुकूल बनाया था, ताकि अन्य कंपनी टेंडर में भाग ही न ले सके। चुनावी साल में और चुनाव घोषित होने के कुछ दिन पूर्व घटित इस हाई प्रोफाइल घोटाले में आर्थिक अनियमितता, भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर समस्त संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाना चाहिए और आरोपी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों और दलालों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड मोबाइल कंपनियों से लेकर कार्रवाई की जाना चाहिए।

भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी.

The Congress will undertake a blockade to save legislators from the Bharatiya Janata Party (BJP). बिकाऊ के डर से कर्नाटक शिफ्ट करने की रहेगी कोशिश, भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी, जीत का सर्टिफिकेट मिलने के बाद आर्ब्जवर करेंगे स्ट्रांग रूम के बाहर संपर्क, भोपाल में तैयार रहेंगे चार्टर भोपाल। साल 2020 में आपरेशन लोटस की मार से घायल कांग्रेस दोबारा भुगतान नहीं करना चाहती है। इसलिए कांग्रेस ने भाजपा के घेराबंदी से बचाने के लिए जीतने के बाद विधायकों की बाड़ाबंदी करेगी। यानी कि उन्हें आइसोलेट कर कनार्टक शिफ्ट किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है कि भाजपा के प्लान की बी कांग्रेस को लग चुकी है। यही कारण है कि भोपाल में कर्नाटक भेजने के लिए चार्टर प्लेन तैयार रहेंगे। हालांकि कांग्रेस ने जिला स्तर पर आर्ब्जवर और जिला अध्यक्ष को पहले ही सर्तक कर दिया है। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान कांग्रेस के प्रति निष्ठा रखने के लिए कहा गया था। खुद कमलनाथ ने वीसी के दौरान यह बात कही थी कि भाजपा डोरे डाल सकती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताने के लिए मेरा पूरा प्रयास रहा। नाथ ने कहा था कि कोई कहेगा सट़्टा बाजार ये कह रहा है। मैं किसी पर विश्वास नहीं करता। मैं मप्र के मतदाताओं पर ही विश्वास करता हूं। बीजेपी के लोग सोचते हैं हम हथकंडे अपना लेंगे। हम लोगों को खरीद लेंगे। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। आप लोग इस ट्रेनिंग में भाग लें। जो प्रजेंटेशन दिए गए हैं। वो सब मैंने देखे हैं। हमारी टेक्निकल टीम ने तैयार किए हैं। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के सामने चुनाव में जीत के लिए चुनौती ज्यादा है। इसलिए कांग्रेस पूरी तरह से अलर्ट मोड कर हैं। प्रत्याशियों को एजेंसियों का डर दिखाकर अपने पाले में ला सकती है। जिसकी आशंका दिग्विजय सिंह ने भी जताई थी। कारण यही है कि जिसके चलते कांग्रेस के कई संगठनों के नेताओं को भी कमलनाथ ने जिम्मेदारी सौंप रखी है। खुद सुबह से नाथ पीसीसी से रखेंगे नजर मतगणना के दिन पीसीसी अध्यक्ष खुद सुबह 9 बजे से मुख्यालय से प्रदेश भर में नजर रखेंगे। एआईसीसी के लीगल एक्सपर्ट और वार रूम के सदस्यों के साथ चुनाव परिणाम पर राउंड वार जानकारी लेंगे। इसके लिए वार रूम भी तैयार किया जा रहा है। पोलिंग के दिन भी कांग्रेस दफ्तर में मौजूद रहे थे। काउंटिंग के दिन नाथ के कई दिग्गज नेता भी वार रूम में परिणामों पर नजर रखेंगे।

एमपी में निर्दलीय, सपा-बसपा की जो मानेगा शर्तें, वही बनेगा ‘सिकंदर’ आधा दर्जन सीटों पर निर्दलीय भारी, सपा-बसपा ने भी मतदाताओं पर खूब डाले डोरे.

Madhya Pradesh, an independent candidate, along with the terms accepted by the SP-BSP alliance, will become a significant player. Heavy competition is expected on half a dozen seats with independent candidates, and the SP-BSP alliance is also actively engaging with voters. पूर्व सांसद गुड्डू, अंतर, चौहान, त्रिपाठी, केदारनाथ शुक्ला सहित आधा नेताओं ने खड़ी कर दी मुश्किल, तीसरा चहेरे ने कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के लिए खड़ा कर दिया जीत का पहाड़, बागियों की बागवत चुनाव परिणाम में पड़ेगी भारी. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान जहां कई बागियों ने बागवत की है, वहीं सपा और बसपा ने भी मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसका नतीजा है कि भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती है। तीसरे चेहरे पर भी जनता भरोसा कर सकती है। ऐसी स्थिति कई अहम सीटों पर बनी है। जो कांग्रेस और भाजपा के पास लंबे तक रिजर्व के तौर पर रही हैं। मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के जब नतीजे आए थे तो भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटें मिली थी। एमपी में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किंगमेकर की भूमिका में निर्दलीय, सपा और बसपा के विधायक थे। रिजल्ट से पहले एक बार फिर 2018 वाली स्थिति को लेकर पूवार्नुमान लग रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत प्रदेश के लोगों की नजर उन निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों पर टिक गई है, जिनकी जीत तय मानी जा रही है। वहीं, कुछ सीटों पर उनके जीतने की संभावना है। पूरे प्रदेश में ऐसे चेहरों की संख्या सात से आठ हो सकती है। दरअसल, 3 दिसंबर को एमपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। भाजपा और कांग्रेस 150-150 सीटें लाने का दावा कर रही है। वहीं, वोटिंग से पहले आए ओपिनियन पोल में दोनों में से कोई दल बहुमत के आंकड़े के करीब नहीं पहुंच रहा था। एमपी में सट्टा बाजार भी इसी ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस इन्हें साधने की जुगत में जुट गई है। इनमें से अधिकांश चेहरे इन्हीं दलों से बागी होकर मैदान में हैं। मैहर में नारायण और फिर नारायण बीजेपी ने इस बार मैहर से नारायण त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया था। पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनका टिकट कटा था। इसके बाद नारायण त्रिपाठी ने विंध्य विकास पार्टी बना ली थी। अपनी ही पार्टी से नारायण त्रिपाठी मैहर से चुनाव लड़ रहे हैं। वोटिंग के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नारायण त्रिपाठी चुनाव जीत सकते हैं। इनकी नजदीकियां भाजपा और कांग्रेस दोनों से हैं। पूर्व अध्यक्ष के बेटे शेरा और चटनिस के लिए चुनौती वहीं, बुरहानपुर विधानसभा सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस की नजर है। इस सीट से अभी निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा विधायक हैं। हालांकि वह शुरू से कांग्रेस के साथ रहे हैं। सुरेंद्र सिंह शेरा इस बार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और उन्हें पार्टी ने टिकट दिया है। वहीं, बीजेपी ने अर्चना चिटनिस को यहां से उम्मीदवार बनाया है। अर्चना चिटनिस को टिकट मिलने के बाद बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान नाराज हो गए। हर्ष सिंह चौहान बीजेपी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार हर्ष सिंह चौहान दोनों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अगर चुनाव जीतते हैं तो बीजेपी इन्हें मनाने की कोशिश करेगी। कांग्रेस के साथ जाएंगे गुड्डू या फिर घर बैठेंगे कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू भी आलोट विधानसभा चुनाव से टिकट चाहते थे। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया तो वह निर्दलीय अलोट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर कई आरोप लगाए थे। इन पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर है। प्रेमचंद्र गुड्डू भाजपा में भी रह चुके हैं।महू में दरबार के लगने की ज्यादा उम्मीद- महू विधानसभा सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा अंतर सिंह दरबार की हो रही है। अंतर सिंह दरबार कांग्रेस में रह चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। कहा जा रहा है कि महू में अंतर सिंह दरबार का पलड़ा भारी दिख रहा है। कांग्रेस ने फिर से उन पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सीधी में भाजपा के लिए सीधी नहीं जीत, शुक्ला हावी वहीं, पेशाबकांड की वजह से भाजपा ने इस बार अपने सीटिंग विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट काट दिया था। उनकी जगह सांसद रीति पाठक को टिकट दिया है। सीधी में केदारनाथ शुक्ला ने रीति पाठक की मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि चर्चा यह भी है कि केदारनाथ शुक्ला अगर टक्कर दिए होंगे तो कांग्रेस को फायदा हो सकता है।चौधरी, राजू और रघुवंशी भी कांग्रेस के लिए कम नहीं- गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन विधानसभा की ऐसी सीटें हैं, जहां छोटे दल और निर्दलीय बड़े दलों का खेल खराब कर सकते हैं। इनमें गोटेगांव से कांग्रेस के बागी शेखर चौधरी निर्दलीय लड़ रहे हैं। सिरमौर में बीएसपी ने बीजेपी उम्मीदवार की चुनौती बढ़ा दी है। धार में बीजेपी के बागी राजू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। सिवनी मालवा में ओम रघुवंशी निर्दलीय मैदान में हैं। इससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

भितरघातियों पर फूटेगा हार का ठीकरा,3 के बाद गिरेगी गाज.

The counterattack against the infiltrators will result in the defeat; after three, the intensity will increase. भितरघातियों की भाजपा-कांग्रेस तैयार की कुंडली, प्रत्याशियों की शिकायत को आधार मानकर होगी कार्रवाई, दोनों पार्टियों के िलए दाे दर्जन सीटों में खतरनाक साबित होंगे भितरघाती. Udit Narayanभोपाल। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा- कांग्रेस उन बागियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है जो पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। अब बारी भितरघातियों की है जिनकी वजह से दोनों दलों के दो दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी खतरें में हैं। दोनों दलों में प्रत्याशियों से मिली शिकायतों के आधार पर इन भितरघातियों की कुंडली तैयार हो रही हैं। तीन दिसंबर को मतगणना के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मतदान के बाद आई शिकायतों की बाढ़भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान के दौरान जानते हुए भी उन पार्टी नेताओं की शिकायत नहीं की, जो उनके खिलाफ काम कर रहे थे। ऐसा करने की बजाय उन्हें मनाने की कोशिश हो रही थी, क्योंकि खतरा ज्यादा नुकसान का था लेकिन मतदान समाप्त होने के बाद दोनों दलों के पास ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई है। शिकायतें प्रत्याशियों द्वारा ही भेजी जा रही हैं। इन शिकायतों की सही संख्या नहीं बताई जा रही है लेकिन दो दर्जन से ज्यादा सीटों की शिकायतें गंभीर हैं। कार्रवाई से पहले पक्ष रखने का मौकाबागी होकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के खिलाफ जैसी कार्रवाई हुई है, भितरघातियों के खिलाफ वैसा नहीं होगा। जिनके खिलाफ शिकायतें आई हैं, उन्हें पार्टी की अनुशासन समिति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद नोटिस देकर उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन भितरघातियों के खिलाफ कार्रवाई तय है जिनकी वजह से प्रत्याशियों को पराजय का सामना करना पड़ेगा। तीन अंचलों से आ रहीं ज्यादा शिकायतेंप्रदेश के तीन अंचलों चंबल-ग्वालियर, बुंदेलखंड और विंध्य से भितरघात करने वालों की सबसे ज्यादा शिकायतें भाजपा और कांग्रेस के पास आ रही हैं। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि जो शिकायतें आ रही हैं, उन्हें सूचीबद्ध कर रखा जा रहा है। अभी मतगणना की तैयारी चल रही है। प्रत्याशियों, एजेंटों को प्रिशिक्षित किया जा रहा है। मतगणना के बाद इन शिकायतों पर विचार किया जाएगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि पार्टी के पास काम न करने वालों की शिकायतें ज्यादा नहीं है। लेकिन जो भी शिकायतें आई हैं। संबंधित से जवाब लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में.

Former minister P.C. Sharma, who served in the Congress government, is once again in discussion due to his statement. बोले- प्रचार के दौरान कमल पटेल के क्षेत्र की जनता कहती थी भाजपा से सब कुछ मिला, लेकिन वोट कांग्रेस को देंगेदावा – कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही, भाजपा वाले बहुमत से सरकार बनाने की बात नहीं कर रहे. Udit Narayanभोपाल। कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा कि वो मंत्री कमल पटेल के क्षेत्र में गए थे, वहां उन्होंने जब जनता से पूछा बीजेपी में कुछ मिला था क्या, तो जनता बोली मिला सब कुछ, लेकिन वोट कांग्रेस को ही करेंगे। बता दें, शर्मा अपने बयानों से हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। इसके पहले भी उन्होंने हाल ही बयान दिया था कि भारतीय टीम ईडी के छापे के डर से क्रिकेट वर्ल्ड कप में हार गई थी। शर्मा ने ये दावा किया कि कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही है। कांग्रेस की लहर चल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बहुमत से सरकार बनाने की बात कहती थी पर अब नहीं कह रही है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी के सर्वे भी बता रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार बन रही है। बीजेपी जान गई है कि अब कांग्रेस की सरकार बन रही है। कांग्रेस के प्रशिक्षण में कमलनाथ के वर्चुअली संबोधन पर पीसी शर्मा ने कहा कि ये वक्त बदलाव का है। ईवीएम में गड़बड़ी के सवाल पर पीसी शर्मा ने कहा कि जब तक बीजेपी की सरकार है। ये गड़बड़ी करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। भाजपा के कई मंत्री हारेंगे – पीसी- विधानसभा चुनाव के परिणाम पर पीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा कई मंत्री इस बार हारेंगे। वहीं बुधनी विधानसभा को लेकर उन्होंने कहा कि हनुमान जी की लीला है और हनुमान जी कुछ भी कर सकते हैं। शर्मा खुद भोपाल की दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने उनके सामने भगवानदास सबनानी को उतारा है। पिछले चुनाव में शर्मा ने इसी सीट से भाजपा के पूर्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता को पटकनी दी थी।

अपने दिग्गजों की राजनैतिक विरासत संभालने निकले ‘वंशज’ डेंजर जोन में फंसे.

The ‘descendants’ set out to uphold the political legacy of their stalwarts find themselves trapped in the danger zone. मैदान में अर्जुन, दिग्विजय, कैलाश, पटवा और सकलेचा के बेटे, बड़ा कारण – कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय लड़ा चुनाव, राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद, 3 को खुलेगा तो ही चमकेगी विधायकी की तरदीर उदित नारायणभोपाल। इस बार मप्र के चुनाव में सबसे ज्यादा दिग्गज नेताओं के वारिस चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनमें से ज्यादातर का राजनैतिक भविष्य दाव पर लगा है, हालांकि कुछ के लिए राह आसान भी दिखाई दे रही है। जब 3 दिसंबर को ईवीएम परिणाम उगलेगी तो जीत और हार के दावे की हकीकत सबके सामने आ जाएगी। विधानसभा चुनाव में कई राजनेताओं के वंशज व परिवार के सदस्य मैदान में उतरे हैं जिनका राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद है। इनमें कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों अर्जुनसिंह व दिग्विजय सिंह, गैर कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा, वीरेंद्र सकलेचा, बाबूलाल गौर, उमा भारती और गोविंदनारायण सिंह के वंशज प्रमुख हैं। इनके अलावा प्रदेश सरकारों के पूर्व मंत्री, सक्रिय राजनेताओं के वंशज भी चुनाव मैदान में उतरे हैं जिन्होंने कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय चुनाव लड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्रियों में अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह चुरहट और साले राजेंद्र सिंह अमरपाटन से हैं जिनकी स्थिति पिछले चुनाव से बहुत अच्छी बताई जा रही है। दिग्विजय सिंह के पुत्र मंत्री जयवर्द्धन सिंह और भाई विधायक लक्ष्मण सिंह की स्थिति पिछली बार से कमजोर है लेकिन दोनों के किसी तरह संकट से बाहर निकल जाने की परिस्थितियां दिखाई दे रही हैं। कैलाश जोशी के पुत्र दीपक के चुनाव के ठीक पहले भाजपा से मोहभंग होने तथा कांग्रेस में पहुंचने से कुछ नुकसान है तो फायदा भी मिलेगा। सुंदरलाल पटवा के भतीजे विधायक सुरेंद्र, वीरेंद्र सकलेचा के पुत्र मंत्री ओमप्रकाश और बाबूलाल गौर की बहू विधायक कृष्णा गौर की स्थिति बेहतर है लेकिन भारती के भतीजे मंत्री राहूल लोधी की सीट पर चुनौतीपूर्ण मुकाबला है। अन्य वंशजों में कुछ बेहतर तो कुछ मुकाबले में फंसेराजनेताओं के अन्य वंशजों में मुकाबले में फंसे प्रत्याशियों में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे कांग्रेस प्रत्याशी राहुल भदौरिया, सिंधिया परिवार की निकटतम रिश्तेदार भाजपा प्रत्याशी माया सिंह, विधानसभा अध्?क्ष गिरीश गौतम के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पद्मेश, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ, इंदौर की सांवेर सीट पर पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की बेटी कांग्रेस की रीना बौरासी के भविष्य का रास्ता 3 दिसंबर को खुलेगा। पूर्व मंत्री चिटनिस, डिप्टी सीएम रहे यादव के सामने चुनौती देपालपुर में निर्भयसिंह पटेल के पुत्र भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल, रतलाम की जावरा सीट पर पूर्व सांसद लक्ष्मीनाराण पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पांडेय, बुरहानपुर की नेपानगर सीट पर पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी भाजपा प्रत्याशी मंजू दादू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृजमोहन मिश्र की पुत्री पूर्व मंत्री व भाजपा प्रत्याशी अर्चना चिटनीस, पूर्व विधायक चिड़ाभाई डाबर के बेटे विधायक कांग्रेस प्रत्याशी केदार डाबर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव के पुत्र पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व विधायक सीताराम साधौ की पुत्री व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ हैं। केंद्रीय मंत्री भूरिया बेटे के लिए परेशानपूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के पुत्र डॉ. विक्रांत भूरिया, पूर्व विधायक प्रेम सिंह दत्तीगांव के पुत्र मंत्री भाजपा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी नितेंद्र सिंह, पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुवेर्दी के भाई कांग्रेस प्रत्याशी विधायक आलोक चतुवेर्दी, पूर्व विधायक चौधरी दिलीप सिंह के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी राकेश सिंह चतुवेर्दी, पूर्व मंत्री सत्येंद्र पाठक के पुत्र भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक, पूर्व विधायक प्रभात पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी प्रणय पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की पत्नी कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे, पूर्व मंत्री लिखीराम कांवरे की पुत्री पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी हिना कांवरे भी शामिल है। अकील की बेटे के लिए ज्यादा चिंंतापूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की पुत्री भाजपा प्रत्याशी मोनिका, पूर्व मंत्री आरिफ अकील के बेटे कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश नारायण सारंग के पुत्र मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई विधायक भाजपा प्रत्याशी उमाकांत, पूर्व विधायक केदार सिंह चौहान के पुत्र भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व विधायक गोविंद शर्मा के पुत्र विधायक भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री हजारीलाल रघुवंशी के पुत्र ओमप्रकाश रघुवंशी के नाम प्रमुख हैं। इन नेताओं की सीट में अच्छे संकेतवहीं जिन नेताओं के वंशजों के लिए चुनाव में मुकाबला आसान दिखाई दे रहा है उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी के भतीजे व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी उमंग सिंगार, पूर्व मंत्री सुलोचना रावत के पुत्र भाजपा प्रत्याशी विशाल रावत, पूर्व मंत्री तुकोजीराव पवार की पत्नी विधायक गायत्रीराजे, पूर्व सांसद सुखराम कुशवाह के पुत्र विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की समधन पूर्व विधायक चंदा गौर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के पुत्र अशोक, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह शामिल हैं।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर, अब इस महीने में आएगी PM Kisan की 16वीं किस्त! खाते में आएंगे फिर 2-2 हजार, जानें EKYC पर ताजा अपडेट.

Important news for farmers: The 16th installment of PM Kisan will be credited this month! Another 2,000 rupees will be deposited in the accounts. Get the latest update on EKYC. उदित नारायणप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केन्द्र सरकार की किसानों के लिए चलाई जा रही कई योजनाओं में से एक बड़ी योजना है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते है। यह राशि हर 4 माह में 3 किस्तों में 2,000-2000 रुपये करके DBT के माध्यम से दी जाती है।अबतक योजना की 15वीं किस्त जारी हो चुकी है और अब 16वीं किस्त जारी की जानी है। कब आएगी पीएम किसान योजना की 16वीं किस्तपीएम किसान योजना के नियमानुसार, पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच , दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती है, ऐसे में संभावना है कि फरवरी से मार्च के बीच कभी भी 16वीं किस्त जारी की जा सकती है। हालांकि अगली किस्त जारी करने की कोई निश्चित तिथि अभी सामने नहीं आई है।ध्यान रहे अगली किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने eKYC, भू सत्यापन और आधार लिंक की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है और जिन्होंने ये तीनों काम नहीं किए है, उन्हें लाभ से वंचित किया जा सकता है।

सियासत किस करवट लेगी, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म.

Political discussions are heating up over which direction politics will take. गगनचुंबी दावों के बीच किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज, तीन दिसंबर को स्थिति होगी साफ, लगभग 150 घंटे का इंतजार बांकी. उदित नारायण उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश चुनाव 2023 के परिणाम को भले ही लगभग 150 घंटे शेष हों, लेकिन सियासत में कांग्रेस और भाजपा के परिणाम इस बार किस करवट बैठेंगे, इसको लेकर भारी चर्चा हो रही है। मध्यप्रदेश में बिना किसी लहर के नजर आए मतदाताओं के उत्साह और भारी मतदान के बाद राजनीतिक दल और राजनेता आंकड़ों के खेल में उलझ कर इस बात का अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर सता का ताज किसके सिर सजेगा। भाजपा को भरोसा है कि सत्ता का ताज उसके सर पर ही सजा रहेगा। वहीं कांग्रेस को भरोसा है कि कांग्रेस की ही सरकार बन रही है और कमल नाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। लाडली बहना बनाम एंटी इनकमबेंसी को लेकर ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना को भाजपा अपने पक्ष में मानकर चल रही है तो कांग्रेस एंटी इनकमबेंसी और महंगाई के कारण महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मानकर अपनी जीतका गगनचुंबी दावा कर रही हैं। भाजपा नेता मध्यप्रदेश में 230 सीटों में से 150 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस नेता 125 से लेकर 150 सीट तक जीतने का दावा कर रहे हैं। अपने अंदरूनी सर्वे में दोनों ही दल यह मानकर चल रहे हैं कि लगभग 100 -100 सीटें तो जीत ही रहे हैं और बची हुई 30 सीटों में से जो भी आधे से अधिक जीत लेगा उसे ही मध्य प्रदेश में सत्ता साकेत में नौकायन का मौका मिल जाएगा। लाख टके के सवाल का जवाब 3 दिसंबर को मतगणना से ही मिलेगा 116 का जादुई आंकड़ा कौन पर करता है। वास्तव में भारी मतदान किसके पक्ष में हुआ है इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी अपने-अपने ढंग से इसका अर्थ निकाल रहे हैं लेकिन कोई भी निश्चित तौर पर यह नहीं कह रहा है कि चुनाव कौन जीत रहा है। मध्यप्रदेश के चुनाव नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि शिवराज की लाडली बहना ने कोई गुल खिलाया है या फिर एंटी इनकंबेंसी मतदाताओं के मानस पटल पर पूरी तरह छाई रही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बात का पक्का भरोसा है कि लाडली बहनों ने अपने भाई का साथ दिया है और भाजपा की ही सरकार बनने वाली है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का दावा है कि मतदाता मध्यप्रदेश का निर्माण करेगा और उनका एक-एक वोट प्रदेश में फैले कुशासन को समाप्त कर जनहित की सरकार की स्थापना करेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण में उसे 124 सीटें जीतने का पक्का भरोसा है जबकि उसका अनुमान है कि कांग्रेस को लगभग 100 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस 130 से अधिक सीटों के साथ अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है तो वहीं पर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी 124 सीटों पर अपनी जीत पक्की मान वह लगभग 4 सीटों पर कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। भाजपा के आंतरिक सर्वे में जहां तक विंध्याचल का सवाल है वहां पर पार्टी है यह मान रही है कि उसे यहां की 30 में 19 सीटें मिल ही जाएंगी तो वहीं दूसरी ओर 11 सीटें कांग्रेस को भी मिल सकती है। यहां की 25 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही सीधा मुकाबला बताया जा रहा है जबकि 5 सीटों में मुकाबला त्रिकोणात्मक माना जा रहा है। महाकौशल आंचल की कुल 38 सीटों में से भाजपा को 19 सीटों पर जीत का भरोसा है और इतनी सीटें वह कांग्रेस के लिए पक्की मानकर चल रही है। इस प्रकार भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी इस अंचल में दोनों के बीच बराबरी का मुकाबला माना जा रहा है जबकि कांग्रेस इस अंचल में अपनी स्थिति काफी मजबूत मानकर चल रही है। यह तो मतगणना से ही पता चलेगा कि आखिर यहां के मतदाताओं ने किस पर अधिक और किस पर कम भरोसा जताया। भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार भोपाल- नर्मदापुरम संभाग की 36 सीटों में से भाजपा 20 पर अपनी जीत पक्की मानकर चल रही है और कांग्रेस को वह 15 सीटें दे रही है। राजधानी भोपाल की एक सीट भोपाल मध्य में वह कांग्रेस के साथ क कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। इस संभाग में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुख्य चुनावी मुकाबला हो रहा है। ग्वालियर चंबल संभाग में 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को धीरे से जोर का झटका लगा था लेकिन यहां वह दल बदल के बाद भाजपा को अपनी स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत नजर आ रही है क्योंकि इस बार उसे भरोसा है कि उसकी झोली में 15 सीटें तोआ ही रहीं हैं जबकि एक मुरैना सीट पर कड़े मुकाबले में बसपा को जीतते हुए देख रही है। इस सर्वे में माना जा रहा है कि इस अंचल में सबसे अधिक 17 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। दतिया सीट पर भाजपा कांग्रेस के साथ कड़े मुकाबले की स्थिति देख रही है ।यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर हो रही है। बुंदेलखंड अंचल की 26 सीटों में से भाजपा यह मानकर चल रही है कि कांग्रेस को 13 सीटों पर बढ़त है तो वहीं 12 सीटों को अपने लिए पक्की मान रही है जबकि एक सीट निवाड़ी में समाजवादी पार्टी को जीते हुए देख रही है। निमाड़ और मालवांचल की 66 सीटों में से वह अपने लिए 39 सीटें पक्की मान रही है जबकि क्षेत्र 25 सीटें कांग्रेस पार्टी को दे रही है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है उसे 130 से 140 सीटें जीतने का भरोसा है। कांग्रेस पार्टी का आंतरिक सर्वे भाजपा को मात्र 80 से 85 ही सीटें दे रहा है। वही आम आदमी पार्टी बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी आदि को लगभग दस तक सीटें मिल जाएगी ऐसा मानकर कांग्रेस चल रही है।कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपनी जीत का दावा पूरी शिद्दत के साथ कर रहे हैं।दोनों के अपने अपने तर्क हैं और अपने अपने विश्वास । सभी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने-अपने … Read more

हेरिटेज मदिरा बनाने में अब पर्यावरण एनओसी नहीं लगेगी.

Heritage liquor production will no longer require Environmental NOC. एयरपोर्ट, पर्यटन निगम की होटलों और वाइन शॉप में उपलब्ध उदित नारायणभोपाल। राज्य सरकार ने महुआ से निर्मित हेरिटेज मदिरा के उत्पादन के लिये बने नियमों में बदलाव कर दिया है। अब इसके निर्माण के लिये प्रदूषण नियंत्रण मंडल की एनओसी जमा नहीं कराना होगी। हालांकि आबकारी विभाग ने अपने नियमों में इसका प्रावधान हटा दिया है परन्तु यदि प्रदूषण नियंत्रण मंडल अपने विनियमों में इसका प्रावधान करेगा तो फिर यह एनओसी लेना जरुरी होगा। फिलहाल प्रदेश में अलीराजपुर जिले के ब्लाक कट्ठीवाड़ा के ग्राम कोछा में आदिवासी वर्ग के हनुमान आजीविका स्वसहायता समूह द्वारा महुआ से हेरिटेज मदिरा का निर्माण किया जा रहा है तथा इससे हेरीटेज को प्रदेश के चुनिंदा एयरपोर्ट, पर्यटन निगम की कतिपय होटलों एवं एमबी वाईन के आउटलेट पर विक्रय के लिये उपलब्ध कराई गई है। डिण्डौरी जिले के ब्लाक अमरपुर के ग्राम भाखानाल में स्थित मां नर्मदा आजीविका स्वसहायता समूह द्वारा अभी हेरीटेज मदिरा का निर्माण शुरु नहीं किया गया है। नये बदलावों के अंतर्गत, अब हेरीटेज मदिरा के विनिर्माता मूल्य, अधिकतम फुटकर मूल्य एवं न्यूनतम विक्रय मूल्य का निर्धारण आबकारी आयुक्त के अनुमोदन से होगा। स्वसहायता समूह में कम से कम 25 सदस्य दसवीं कक्षा अथवा उसके समकक्ष अर्हता रखने वाला प्रावधान अब खत्म कर दिया गया है। हेरीटेज मदिरा निर्माण इकाई में योग्यता प्राप्त विशेषज्ञ केवल अनुसूचित जनजाति समुदाय का ही हो सकेगा तथा इकाई में केवल अजजा समूदाय के व्यक्यिों से ही समस्त प्रकार की गतिविधियों का संचालन करवाया जायेगा। इसी प्रकार, अब हेरीटेज मदिरा के परिवहन हेतु एक ही अनुज्ञा-पत्र होगा जो भले की विनिर्माण इकाई से गोदाम तक एवं गोदाम से रिटेल दुकान तक किया जाये। पहले अलग-अलग परिवहन अनुज्ञा-पत्रों का प्रावधान था। हेरीटेज मदिरा के परिवहन में 0.25 प्रतिशत की छीजन यानि वेस्टेज (टूट-फूट) दी जायेगी। हेरीटेज मदिरा की फुटकर दुकान चलाने का एचएल-2 लायसेंस 5 हजार रुपये प्रति वर्ष के स्थान पर एक हजार रुपये प्रति वर्ष लगेगा।

सरकार किसी की भी बने, इस बार डिप्टी सीएम का फार्मूला भी.

Regardless of which government is formed, this time the formula for the Deputy Chief Minister is also there. Manish Trivediभोपाल, मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में मतगणना के बाद सरकार किसी भी दल की बने चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, लेकिन इतना तय है कि अब मध्यप्रदेश में डिप्टी सीएम के फार्मूले भी चलेंगे। इस बार दोनों ही दलों में सीएम बनने की चाहत वाले नेताओं को संतुष्ट करने के लिये यूपी , महाराष्ट्र व छत्तीसगढ की तर्ज पर डिप्टी सीएम बनाया जायेगा। ताकि सत्तारूढ पार्टी के बडे नेताओं में समन्वय रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो सीएम के अलावा दो डिप्टी सीएम बनेंगे, इसमें एक दलित वर्ग से भी पार्टी के एक बडे नेता को संतुष्ट किया जायेगा। वहीं कांग्रेस की सरकार बनती है तो ग्वालियर-चंबल या विंध्य, अंचल के एक बडे नेता को अब डिप्टी सीएम बनाना तय है। यह नेता कमलनाथ की पिछली सरकार में भी पावरफुल मंत्री रहे थे।कुल मिलाकर दोनों ही पार्टियां अब अंदर ही अंदर नाराजगी रोकने के लिये डिप्टी सीएम के फार्मूले पर काम कर रही है।

वोटिंग के बाद भाजपा के बडे नेता व मंत्री पूजा पाठ में तल्लीन.

After voting, senior leaders and ministers of the BJP were immersed in prayer. उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग के बाद प्रदेश के एक दर्जन मंत्री और भाजपा के बडे नेता पूजा पाठ में लगे हैं । इन्हें विश्वास है कि उनकी पूजा पाठ से नैया पार लग जायेगी। यह मंत्री और बडे नेता धार्मिक स्थानों पर निकल गये हैं, तो कुछ अज्ञात वास पर हैं। जहां नियमित तौर पर अपने धार्मिक सलाहकारों की सलाह से पूजा पाठ में लगे हैं।कुल मिलाकर भाजपा की सरकार के मंत्री व बडे नेता मध्यप्रदेश में हुई बम्पर वोटिंग से मन ही मन घबरा रहे हैं, और अपने सलाहकारों की सलाह पर परिणाम अपने पक्ष में आने की संभावना पर धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर रहे हैं। स्वयं मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पांचवी बार सरकार के रिपीट की संभावना पर पूजा पाठ कर रहे हैं। उन्होंने भी कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन किये हैं। कुल मिलाकर अब राज्य की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री , मंत्री व भाजपा के बडे नेता चुनावी घमासान में वोटर रूपी भगवान की मान मनोब्बल करने के बाद अब देव मंदिरों व देव आराधना की शरण में हैं। विशेष बात यह है कि इन सभी ने अपनी दिनचर्या भी पंडितों व ज्योत्षियों के बताई सलाह पर कर ली है। राज्य के एक बडे मंत्री तो एक वास्तु विशेषज्ञ की सलाह भी ले रहे है। वैसे यह सभी कवायद चुनाव जीतने के लिये ही है। वहीं एक भाजपा कार्यकर्ता का तो यह कहना है कि यदि कार्यकर्ताओं की पूछ परख की होती तो इतनी चकल्लस ही क्यों करनी पडती।कांग्रेसी भी पूजा पाठ के सहारे राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को कडी टक्कर देने वाली कांग्रेस के नेता व प्रत्याशी भी अपनी जीत के लिये विभिन्न मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। किसी ने अपने घर अखंड रामायण तो किसी ने सुंदरकांड तक के आयोजन कराये हैं। स्वयं कमलनाथ भी अपने एक ज्योतिष व धार्मिक सलाहकार की सलाह से चल रहे हैं।

नए साल में पाटिल होंगे वन विभाग के नए मुखिया, दिसंबर में हो रही है गुप्ता की विदाई.

In the new year, Patil will be the new chief of the Forest Department, and Gupta’s farewell is scheduled for December. डॉ श्रीवास्तव लघु वनोपज संघ और यादव होंगे वन विकास निगम नए एमडी उदित नारायणभोपाल. नए साल में वन विभाग में कई नए बदलाव होने जा रहें है। ये सभी बदलाव नई सरकार के गठन के बाद होने की संभावना है। मौजूदा वन बल प्रमुख आरके गुप्ता और लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह दिसम्बर में सेवानिवृत होने जा रहें है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान वन विभाग के हॉफ गुप्ता के सेवानिवृत्ति के बाद वन विकास निगम के एमडी एके पाटिल वन बल प्रमुख होंगे। हालांकि उनका कार्यकाल एक महीने का ही होगा। इसी प्रकार लघु वन वनोपज संघ एमडी पुष्कर सिंह के रिटायरमेंट के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव नए एमडी होंगे। वर्तमान में डॉक्टर श्रीवास्तव वर्किंग प्लान शाखा के प्रमुख हैं। गौरतलब यह है कि अभी तक विभाग में हुई पदस्थापना के दौरान डॉक्टर श्रीवास्तव की वरिष्ठता अनदेखी की गई। इसी कारण संभावना जताई जा रही है की नई सरकार में उनकी पदस्थापना वरिष्ठता के आधार पर होगी। निगम के मौजूदा एमडी पाटिल के वन बल प्रमुख बनने पर पीसीसीएफ प्रशासन -एक के आरके यादव को निगम में एमडी के पद पर पदस्थ किए जाने की संभावना है। कैडर में पीसीसीएफ का पद प्रशासन-एक का नहीं है। कैडर में यह पद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी के लिए निर्धारित है। डॉ श्रीवास्तव के संघ में चले जाने पर वर्किंग प्लान शाखा का प्रभार पीसीसीएफ जेएफएम पीके सिंह को दिया जा सकता है। फरवरी में अम्बाडे होंगे पीसीसीएफ वन्य प्राणीपाटिल के जनवरी में रिटायर होने पर पीसीसीएफ वन्य प्राणी असीम श्रीवास्तव वन बल प्रमुख बनेंगे और उनकी जगह पर 88 बैच के आईएफएस विजय एन अम्बाडे पीसीसीएफ वन्य प्राणी होंगे. विभाग में अम्बाडे की छवि वन्य प्राणी विशेष के रूप में बनी हुई है। अनूपपुर डीएफओ पर गिर सकती है गाजअनूपपुर डीएफओ सुशील प्रजापत पर गाज गिरने की संभावना प्रबल हो गई है। महिला कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और खरीदी में गड़बड़ी संबंधित जांच रिपोर्ट प्रशासन-एक को मिल गई है। पीसीसीएफ प्रशासन एक शाखा ने आरोप पत्र तैयार कर लिए है। शीघ्र ही उन्हें जारी किया जा रहा है। डीएफओ प्रजापत के खिलाफ जांच वन संरक्षक शैलेंद्र गुप्ता ने की थी। सूत्रों ने बताया कि जांच प्रतिवेदन में उन्हें दोषी करार दिया गया है। इस बीच डीएफओ द्वारा वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बदसलूकी का सिलसिला जारी है।

कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश, जो सत्ता में आएगा, करोड़ों का कर्ज मिलेगा विरासत में।

Madhya Pradesh will inherit debts in the millions when it comes to power. मनीष त्रिवेदीभोपाल, मध्यप्रदेश में इस बार तीन दिसंबर को जिसकी भी सरकार बनती है, उसे करोड़ों का कर्ज विरासत में मिलेगा। क्योंकि प्रदेश सरकार पर करोड़ों के कर्ज हैं। ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि जिसकी भी सरकार बनती है उसने जो जनता से वादे किए हैं वह कैसे पुरे होंगे? फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. प्रदेश के हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. सरकारी खजाने से साल का 20 हजार करोड़ रुपये तो सिर्फ ब्याज चुकाने में जा रहा है. मध्यप्रदेश शासन का वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट 3.14 लाख करोड़ रुपए का है. इसका तकरीबन 26.2% हिस्सा वेतन, भत्ते और ब्याज की अदायगी में ही चला जाता है. अकेले वेतन-भत्ते को देखें तो वित्तीय वर्ष खत्म होने तक 56 हजार 314 हजार करोड़ रुपये से अधिक इस पर खर्च होंगे. यह बजट का 18.64% होता है. वहीं, पेंशन पर बजट का 18 हजार 636 करोड़ रुपए यानी 6.17% और ब्याज पर 22 हजार 850 करोड़ रुपये यानी 7.56% खर्च होगा. मौजूदा फाइनेंसियल बजट के मुताबिक सरकार की आमदनी 2.25 लाख करोड़ है और खर्च इससे 54 हजार करोड़ है. अब नई सरकार को वर्तमान बजट से अधिक राशि की आवश्यकता होगी. मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को आने हैं. मतदान के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की ओर से सरकार बनाने का दावा किया जा रहा हैं. हालांकि,वोटर का फैसला 3 दिसम्बर को आएगा लेकिन सूबे में सरकार किसी भी पार्टी की बने, उसे विरासत में खाली खजाना मिलेगा. फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. साफ है कि नई सरकार के लिए खस्ताहाल खजाने से अपनी लोक-लुभावन चुनावी घोषणाओं को पूरा करने के लिए बड़ी चुनौती सामने आने वाली है. जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार सालाना 20 हजार करोड़ रुपए ब्याज देती है. जीएसटी लागू होने के बाद से राज्य के पास नए टैक्स लगाने की गुंजाइश बेहद सीमित रह गई है. ऐसे में सरकार किसी भी बने, उसके लिए अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने के साथ वित्तीय प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी. अभी मध्यप्रदेश सरकार पर जितना कर्ज है, उस लिहाज से देखा जाए तो हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. वित्तीय जानकार बताते है कि पिछले 23 सालों में प्रति व्यक्ति कर्ज 42000 बढ़ गया है. साल 2001-02 में प्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपए का कुल कर्ज था. जनसंख्या के हिसाब से प्रतिव्यक्ति बमुश्किल 3,500 हजार रुपए का कर्ज था. दरअसल, 31 मार्च 2023 को खत्म वित्तीय वर्ष में सरकार पर 3.31 लाख करोड़ का कर्ज था, जो 2023-24 के अंत तक 3.85 लाख करोड़ रुपए हो गया.

वन विभाग में चल रहा जंगलराज – हरियाली बढ़ाने के बजाय 10 हजार पौधों को फेंका.

Jungle Raj is prevailing in the Forest Department – instead of promoting greenery, 10 thousand saplings were thrown away. जेसीबी से मिट्टी और खाद नालों में डाली, एसडीओ ने रिपोर्ट में दस्तावेज और फोटो दिए, फिर भी डीएफओ ने कोई एक्शन नहीं लियाThe Soil and Fertilizers were added, and the SDO provided documentation and photos in the report. District Forest Officer (DFO) did not take any action. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में वन विभाग के अंदर जंगलराज पूरी तरह से फैल चुका है। हरियाली को बढ़ाने के लिए लाए गए करीब दस हजार पौधों जंगल में फेंकने का कारनामा उजागर हुआ है। जूनियर अधिकारी की रिपोर्ट के बाद भी वृक्षारोपण में बरती गई। इस लापरवाही पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। ताजा मामला खरगोन जिले के भीकनगांव का है। खरगोन के इस मामले में भी बार-बार एसडीओ की रिपोर्ट पर डीएफओ ने अब तक कार्रवाई नहीं की है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में दस्तावेज और फोटो संलग्न किए हैं, बावजूद इसके डीएफओ ने कोई एक्शन नहीं लिया है। वृक्षारोपण में गड़बड़ी का मामला खरगोन वन मंडल के भीकनगांव रेंज का है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि 10 हजार से अधिक पौधे जंगल में फेंक दिए गए जिनका प्लांटेशन नहीं किया गया। यही नहीं प्लांटेशन के लिए खोदे गए गड्ढे के पास खाद और मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। इसकी तस्वीर भी एसडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में डीएफओ को भेजी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फर्जी और घटिया काम के प्रमाणकों को पास करने के लिए दबाव बनाया जाता है। वृक्षारोपण के लिए गड्ढों में मिट्टी परिवर्तन और खाद भी नहीं डाला गया है। जेसीबी से मिट्टी और खाद नालों में फेंके गए हैं। इस मुद्दे को लेकर वन विभाग के अफसरों ने चुप्पी साध ली। सूत्रों का कहना है कि खरगोन डीएफओ प्रशांत कुमार जब सागर दक्षिण में पदस्थित है तब वनीकरण क्षतिपूर्ति के तहत किए गए वृक्षारोपण में भी इसी तरीके की धांधली पाई गई थी। ऐसी गड़बड़ी के चलते उनके खिलाफ विभाग की जांच अभी भी चल रही है। इसके बाद भी खरगोन में वृक्षारोपण की गड़बड़ी पर उनकी लापरवाही बनी हुई है।

कलेक्टर ने पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण कर पीयूसी जाँच की व्यवस्था का किया अवलोकन.

Collector conducted an inspection of petrol pumps and reviewed the arrangements for checking the quality of petrol and diesel. होशंगाबाद रोड पर चल रही वाहनों के प्रदूषण जाँच का किया औचक निरीक्षण, पीयूसी न पाये जाने पर होगी चालानी कार्यवाही. भोपाल के बिगड़ते AQI स्तर को देखते हुए वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच के दिये निर्देश साकिब कबीर – Sahara Samachaarभोपाल। कलेक्टर आशीष सिंह ने बुधवार को 5 नंबर स्थित दुर्गा पेट्रोल पंप एवं पॉलीटेक्निक स्थित पेट्रोल पंप पर पीयूसी जाँच की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को उनके पंप पर पीयूसी की जाँच व्यवस्था रखने के निर्देश दिए है। भोपाल शहर के बढ़ते प्रदूषण स्तर के मद्देनज़र कलेक्टर ने वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच करने एवं पीयूसी न होने की स्थिति में चालानी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। इस दौरान एडीएम श्री हरेन्द्र नारायण, आरटीओ, पॉल्युशन कंट्रोल के अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री सिंह के निर्देश के बाद से वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच की जा रही है। कमर्शियल वाहनों में पीयूसी न होने पर चालानी कार्यवाही की जाएगी, जिसके अंतर्गत 5000 तक के चालन का प्रावधान है। इसी के साथ प्रायवेट वाहनों को पीयूसी कराने 15 दिनों का समय दिया जा रहा है, इसके बाद इन पर भी चालानी कार्यवाही की जायेगी। भोपाल शहर के बिगड़ते AQI स्तर को देखते हुए की जा रही कार्यवाही। इसी के साथ कलेक्टर आशीष सिंह ने मिसरोद, होशंगाबाद रोड पर चल रही वाहनों के प्रदूषण स्तर की जाँच का औचक निरीक्षण भी किया और जाँच की टेक्निकलिटी समझी। उन्होंने निर्देश दिए कि वाहनों के पीयूसी की जाँच निरंतर जारी रखी जाए एवं पीयूसी न पाये जाने पर उचित कार्यवाही की जाए।

सिर्फ वेबसाइट तक ही सिमटा कामकाज, शिवराज सरकार का आनंद विभाग.

Work of the Anand Department of the Shivraj government is confined only to the website. Manish Trivedi भोपाल: वर्ष 2016 में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने आनंद विभाग (Ministry of Happiness) के गठन को मंजूरी दी थी. मोटे तौर पर इसका मूल मकसद राज्य की जनता में खुशहाली का स्तर मापकर उनका जीवन खुशहाल बनाने का प्रयास करना था. इसकी प्रेरणा मुख्यमंत्री चौहान को भूटान के राष्ट्रीय खुशहाली सूचकांक से मिली थी. इसलिए मध्य प्रदेश का एक ‘हैप्पीनेस इंडेक्स’ जारी करने की भी बात कही गई थी, जो राज्य की जनता में खुशहाली का स्तर बताता. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले उनके इस विभाग के कामकाज की गंभीरता का पता इससे भी चलता है कि संस्थान के कार्यों के निष्पादन हेतु 28 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 13 रिक्त हैं. वहीं, वेबसाइट पर जिन 17 पदाधिकारियों का उल्लेख है, उनमें सामान्य सभा के अध्यक्ष के तौर पर मुख्यमंत्री, कार्यपालन समिति के अध्यक्ष के तौर पर राज्य के प्रमुख सचिव और सीईओ के अलावा बाकी 14 पदों में से 7 रिक्त हैं. द वायर में आनंद विभाग के ऊपर एक रिपोर्ट के अनुसार आनंद विभाग पर एक रिपोर्ट के अनुसार  संस्थान की ओर से आनंद के विषय पर शोध/अनुसंधान के लिए ‘आनंद रिसर्च फेलोशिप’ भी जारी की जाती है, लेकिन आज तक कोई शोध प्रकाशित नहीं हुआ है. लोगों के जीवन में आनंद घोलने का बजट 10 पैसा प्रति व्यक्ति है आनंद विभाग का गठन एक स्वतंत्र विभाग के रूप में हुआ था. वर्ष 2018 में सरकार बदलने पर इसका विलय अध्यात्म विभाग में कर दिया गया. वापस भाजपा की सरकार आने पर इसे फिर से स्वतंत्र कर दिया गया. वर्ष 2022-23 में इसको 5 करोड़ का बजट आवंटित हुआ था, जिसमें 2 करोड़ वेतन भुगतान, कार्यालय किराया, बिजली-पानी व्यय, प्रकाशन एवं प्रचार-प्रसार के लिए थे. 3 करोड़ का पोषण अनुदान था, जिससे विभाग को आनंद के प्रसार के कार्यक्रमों का संचालन करना था. विभाग केवल 4.22 करोड़ की राशि खर्च कर सका. वित्तीय वर्ष 2021-22 के उपलब्ध दस्तावेज बताते हैं मुख्यमंत्री के इस महत्वाकांक्षी विभाग द्वारा आनंद के प्रसार के लिए चलाए जाने वाले सभी कार्यक्रमों पर केवल 79 लाख रुपये खर्च किए गए, जो राज्य की लगभग 8 करोड़ आबादी के लिहाज से लगभग 0.10 पैसा प्रति व्यक्ति होता है. हालांकि, इस बजट को पर्याप्त मानते हैं. उनका कहना है, ‘हम वालंटियर (स्वयंसेवी) के जरिये काम करते हैं. यह एक नई अवधारणा लाने की शुरुआत है, समय तो निश्चित तौर पर लगेगा. बजट हमारे लिए पर्याप्त है, कोई समस्या नहीं है.’ ‘आनंद विभाग’ या ‘सरकारी अधिकारी/कर्मचारी आनंद विभाग?’ स्वयंसेवी आनंदकों (84 हजार से अधिक) में बड़ी संख्या में शासकीय सेवक शामिल हैं (दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक 40 फीसदी से अधिक), उनमें भी शिक्षा विभाग के कर्मियों की संख्या इनमें अधिक है. अशासकीय व्यक्तियों में समाजसेवी, पत्रकार जैसे ज़मीनी सक्रियता वाले पेशों के लोग शामिल हैं. वहीं, वेबसाइट पर उपलब्ध 268 आनंदम सहयोगियों की सूची में 60 फीसदी से अधिक शासकीय कर्मचारी हैं. भले ही पूरी योजना को वॉलंटियर रूप से सफल बनाने का ख्वाब देखते हों लेकिन द वायर से बातचीत में ‘अशासकीय आनंदम सहयोगी’ कहते हैं कि हम काम-धाम छोड़कर अपने मन की संतुष्टि के लिए लोगों में खुशियों बांटने के प्रयास करते हैं, तो कम से कम विभाग को हमारे पानी-पेट्रोल का खर्च तो देना ही चाहिए. विभाग के गठन के समय राज्य का हैप्पीनेस इंडेक्स जारी करने को इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य बताया गया था. आईआईटी खड़गपुर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने के अलावा तत्कालीन अधिकारियों ने सरकारी खर्च पर भूटान के दौरे भी किए थे. लेकिन, तब से अब तक नतीजा सिफर ही रहा है. कभी कोरोना, तो कभी किसी अन्य कारण से बार-बार राज्य आनंद संस्थान की ओर से इंडेक्स जल्द ही जारी करने का आश्वासन दिया जाता है. वेबसाइट पर उपलब्ध विभागीय कामकाज की उपरोक्त जानकारी किसी को भी बेहद आकर्षक लग सकती है लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और है. ‘द वायर’ ने इस दौरान कई ‘आनंदम सहयोगी’ से बात की. इनमें एक डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा भी थे. उनका नाम वेबसाइट पर ग्वालियर के ‘आनंदम सहयोगी’ के रूप में दर्ज है. द वायर से बातचीत में उन्होंने बताया, ‘जो भी दिख रहा है वो केवल कागजों में है, धरातल पर शून्य है. आपको केवल संस्थान के ईमेल मिलेंगे, वेबसाइट पर सब कुछ मिलेगा, ज़मीन पर कुछ भी नहीं है. विभाग की सक्रियता केवल फोटो खिंचवाकर अपलोड करने तक है. थोड़ी-बहुत गतिविधियां कर देते हैं, जिससे फोटो बन जाते हैं और वेबसाइट पर अपलोड हो जाते हैं. कुल मिलाकर यह केवल एक वेबसाइट के अलावा और कुछ नहीं है. डॉ. शर्मा के दावों की ज़मीनी पड़ताल की और राज्य के विभिन्न तबकों से जुड़े लोगों से बात करके जाना कि वह ‘आनंद विभाग ’ या ‘राज्य आनंद संस्थान’ के कामकाज को किस तरह देखते हैं या उसके कामकाज के बारे में कितना जानते हैं. शिवपुरी और श्योपुर ज़िलों में आदिवासी समुदाय के बीच पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि समस्यों पर सक्रियता से काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अजय यादव को तो पता ही नहीं है कि ऐसा कोई विभाग भी है जो लोगों का जीवन खुशहाल बनाने के लिए कार्य करता है. ‘मैं करीब दशकभर से वंचित तबकों के बीच काम कर रहा हूं, लेकिन मैंने आज तक आनंद विभाग या राज्य आनंद संस्थान का नाम ही नहीं सुना और न ही कभी इसके द्वारा किया गया कोई आयोजन देखा.’ सिवनी ज़िले के केवलारी खेड़ा गांव के किसान सतीश राय, जो किसान संबंधी समस्याओं पर भी मुखर रहते हैं, को भी नहीं पता कि लोगों के जीवन में आनंद का प्रसार करने के लिए भी कोई विभाग काम कर रहा है. वे आगे कहते हैं, मेरे जैसे सक्रिय किसान को भी ऐसे किसी विभाग या उसके कार्यक्रमों और आयोजनों की जानकारी नहीं है. कोई भी ग्रामीण इस विभाग की गतिविधियों के बारे में नहीं बता पाएगा कि इसके कार्यक्रम कब और कहां होते हैं.’ पूरे राज्य में पोषण, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल अधिकार और नागरिक अधिकारों पर काम करने वाली भोपाल की एनजीओ विकास संवाद के राकेश मालवीय को विभाग के गठन … Read more

करोड़पति आबकारी अधिकारी अलोक खरे पर लोकायुक्त 4 साल से नहीं कर पा रहा कार्रवाई.

Alok Khare; Excise Inspector; Sahara Samachaar; Lokayukt

The Lokayukta has been unable to take action against the millionaire excise officer Alok Khare for the past four years. Udit Narayan सरकार से अभियोजन की लोकायुक्त ने मांगी अनुमति 4 साल पहले अधिकारी के आधा दर्जन के अधिक ठिकानों पर हुई थी छापेमारी, बंगले, फार्महाउस सहित मिली 100 करोड़ से अधिक संपत्तिFour years ago, the Lokayukta sought permission from the government for prosecution. Raids were conducted at more than half a dozen locations associated with the officer, resulting in the discovery of properties worth over 100 crores, including bungalows, farmhouses, and more. भोपाल। मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग के अधिकारी आलोक खरे पर गाज गिर सकती है। 4 साल पहले लोकायुक्त के छापे के दौरान आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई थी। राज्य सरकार से लोकायुक्त ने अभियोजन की स्वीकृति मांगी की है। लोकायुक्त के पत्र के बाद वाणिज्य कर विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने आलोक खरे की अभियोजन स्वीकृति देने के लिए आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को पत्र लिखा है। लोकायुक्त पुलिस ने 4 साल पहले सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के साथ ठिकानों पर छापेमारी की थी। भोपाल में दो इंदौर में दो और रायसेन में दो छतरपुर में एक साथ छापेमारी की गई। लोकायुक्त ने कार्रवाई के दौरान पाया कि खरे ने आय से अधिक संपत्ति बनाई है। इसके बाद विभाग ने खरे को रीवा जिला आबकारी आयुक्त बनाकर भेज दिया। छापे के बाद जानकारी निकाली कि 100 करोड रुपए से अधिक की संपत्ति पाई गई है। इंदौर के पास इलाके में पेंट हाउस और बंगले का पता चला है। तीन किलो सोना मिलने की भी जानकारी थी। इंदौर में जिस फ्लैट में आलोक खरे रहते थे, उसे पर ताला था। लोकायुक्त टीम ने ताले को भी सील कर दिया था। भोपाल की चूना भट्टी और बाग मुगलिया में दो बड़े बंगले और कोलार में फार्म हाउस की जमीन से जुड़े हुए दस्तावेज मिले थे। इसके अलावा रायसेन में दो फार्म हाउस का भी खुलासा हुआ। खरे ने अपनी पत्नी के इनकम टैक्स रिटर्न में रायसेन में फलों की खेती से आय होना बताया था। फल दिल्ली में बेचे जाते थे, जिसकी वजह से करोड़ों रुपए की आय हुई। सूत्र बताते हैं कि दस्तावेज की जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि ट्रकों से फल दिल्ली भेजने की बात कही गई लेकिन उन नंबरों की जांच करने के बाद आॅटो के नंबर निकाले। फाइल बंद, फिर खुलीसूत्र बताते हैं कि लोकायुक्त ने डीजी ने आलोक खरे के खिलाफ चल रही फाइल को बंद कर दिया था। इस मामले में लोकायुक्त के चेयरमैन के दखल के बाद हटाए डीजी के खिलाफ सरकार को रिपोर्ट दे दी थी। फिर नए डीजी ने अलोक के मामले की फाइल खोल दी। इस मामले में पूर्व डीजी की कथित इमानदारी पर भी सवाल उठे थे। ईडी भी कर रही जांच- लोकायुक्त पुलिस के अलावा अलोक खरे के खिलाफ ईडी भी जांच कर रही है। इसके लिए बकायदा लोकायुक्त पुलिस के डीजी को पत्र लिखकर जांच की रिपोर्ट देने के लिए कहा था। माना जा रहा है कि ईडी मनी लाड्रिंग के मामले में कार्रवाई कर सकती है। हालांकि लोकायुक्त को अभियोजन की स्वीकृति का इंतजार है। हैरत की बात है कि खरे को सरकार ने छापेमारी के बाद निलंबित नहीं किया। इसके अलावा उन्हें सिर्फदूसरे जिले में पोस्टिंग दे दी।

वोटर कार्ड के साथ ही 12 अन्य तरह के परिचय पत्र को भी किया है मान्य चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इन कागजातों को दी मान्यता.

Election Commission has approved not only the voter card but also 12 other types of identification documents for voting. Manish Trivedi भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सीईओ अनुपम राजन ने कहा कि आमतौर पर वोटरों में यह भ्रांति होती है कि उनके पास वोटर कार्ड नहीं है, इसलिए वे वोट नहीं डाल सकते, किंतु ऐसा नहीं है। चुनाव आयोग ने किसी कारण से वोटर कार्ड नहीं प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए 12 अन्य तरह के पहचान पत्रों को मतदान के लिए अधीकृत किया है। कोई भी मतदाता इन 12 तरह के परिचय पत्रों में से किसी एक परिचय पत्र को दिखाकर अपना मत डाल सकेगा। मप्र में इस बार एक ही चरण में मतदान कराने की तैयारी चुनाव आयोग ने की है। इसी तैयारियों आदि को लेकर हरिभूमि ने सीईओ राजन से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने चुनाव की तैयारियों आदि को लेकर कई तरह की जानकारी दी। राजन ने कहा कि किसी भी मतदाता को मतदान के संबंध में भ्रांति नहीं रहे, इसके लिए हर स्तर पर प्रचार-प्रसार करवाया गया है। बूथ स्तर पर तैनात बीएलओ को कई तरह के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी तरह के बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मतदाताओं को मतदाता पर्ची उपलब्ध करा दी गई है या फिर कराई जा रही है,किंतु किसी कारण वश यदि मतदान समय तक में मतदान पर्ची नहीं मिल पाई है तो इस स्थिति में मतदाता को निराश होने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। मतदाता को बस यह करना है कि सरल ऐप पर अपना नाम अािद देखकर मतदान केंद्र में परिचय पत्र दिखाकर मतदान कर सकता है। मतदान केंद्र के बाहर मौजूद बीएलओ भी इसमें आपकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद कई तरह की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेजकर उसकी रिपोर्ट मांगी जाती है। इसके बाद कार्रवाई के लिए आयोग के पास भेजा जाता है। यदि श्िाकायत गंभीर है तो संबंधित जैसे पुलिस आदि के पास भेजकर कार्रवाई करने को कहा जाता है। इसके अलावा सी विजिल में भी शिकायतें आती है। इसके लिए आयोग की तरफ से नियम बन चुका है कि 100 मिनट में उसका निराकरण होगा। सी- विजिल में आने वालीे शिकायतों को उसी समयावधि में तत्काल निबटारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुल मतदान केंद्रों में से 25 फीसदी मतदान केंद्र संवेदनशील चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मतदातन केंद्रों पर संेंट्रल फोर्स के साथ पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, माइक्रो आब्जर्वर, पेट्रोलिंग आदि कराई जाती है। भिंड व मुरैना जिलों में ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस को सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मप्र में कुल करीब 65 हजार मतदान केंद्र हैं। मतदान केंद्रों की सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण मतदान के लिए कुल चार लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

भोपाल में कांग्रेस दफ्तर में पार्टी नेता अनस पठान पर हमला.

Attack on Congress office in Bhopal targeting party leader Anas Pathan. दक्षिण पश्चिम प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर बदमाशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी के अंदर घुसकर हमला कर दिया। Udit Narayanभोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता अनस पठान पर जानलेवा हमला हो गया है। हथियारों से लैस होकर बदमाशों ने पठान पर हमला बोल दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बदमाशों ने कांग्रेस नेता पर अटैक किया। वहीं इस हमले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में दक्षिण पश्चिम विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे कांग्रेस कार्यालय में अफरा तफरी का माहौल हो गया। बुधवार शाम करीब 4:00 बजे अज्ञात बदमाशों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया। यहां बदमाशों ने किसी से कुछ नहीं कहा और लाठी-डंडों से कांग्रेस नेता और भोपाल दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के कट्टर समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अनस के सिर पर चोट आई है। वहीं इस हमले के बाद घायल अनस को गंभीर हालत में कार्यालय के पास ही स्थित रेड क्रॉस अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर घायल को बसंल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अचानक घुसे बदमाशों को देख अफरा-तफरी मच गई। इस हमले को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाते हुए बयान दिया और कहा कि यह सुनियोजित हमला था, जिसे भाजपा द्वारा करवाया गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता पवन खेड़ा ने इसे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा हमला किया जाना बताया है। फिलहाल तो पता नहीं चल रहा है कि बदमाश कौन थे। सूत्रों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि पांच लोग थे जो हथियारों से लैस थे। हमलावर जिन्होंने अनस पठान पर हमला किया। कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान को इस हमले की जानकारी पहले से थी। यह हमलावर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्िकार्जुन खड़गे की सभा में ही हमला करने वाले थे, लेकिन वहां फरियादी पठान नहीं पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह हमलावर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना के समर्थक बताए जा रहे हैं। फरियादी पठान मोनू सक्सेना के वार्ड में पीसी शर्मा का प्रचार प्रयार कर रहा था। इसी बात से मोनू समर्थक नाराज थे।

अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे – कमलनाथ.

We will formulate a simple and beneficial policy for the future of guest teachers and scholars.” – Kamal Nath Manish Trivedi भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने X हैंडल पर मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों को रहत भरी खबर पोस्ट की है. कमलनाथ ने अपने ट्वीट लिखा की, में स्कूलों और कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था को सतत् और सुचारू रखने वाले अतिथि शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस वचनबद्ध है।अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे ताकि उन्हें नियमित सेवा में स्थान मिल सके और उनकी वर्षों की सेवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित हो।

भोपाल में हंगामे की भेंट चढ़ा विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह।

Diwali gathering of people of Vindhya region marred by uproar in Bhopal. कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों द्वारा लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप।समारोह में आमने सामने आए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर चले लात-घूंसे। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव और साथ में दीपावली का त्योहार दोनो एक साथ होने से चुनाव की सरगर्मी और दीपावली के पटाखों की धमक के बीच राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का जोश दौहरा नजर आ रहा है। यही दौहरा जोश आज भोपाल में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हंगामे का कारण बन गया। हुआ यह की चुनावी माहौल की गर्माहट के बीच आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मार पीट हो गयी और पूरा कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस मामले में खास बात यह रही कि हंगामे की भेंट चढ़े इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन स्थल पर मौजूद रहे और उनकी मौजूदगी में ही यह बबाल हुआ।इस घटना को लेकर कार्यक्रम में बिन बुलाए हाजिर हुए  कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उनके समर्थकों पर हंगामा मचाकर उपद्रव व अभद्रता करने के आरोप भाजपा नेता और कार्यक्रम आयोजक द्वारा लगाए गए हैं। हंगामा होने के बाद में आयोजकों द्वारा बीच बचाव और पीसी शर्मा के समर्थकों सहित कार्यक्रम स्थल से वापिस लौटने के बाद मामला शांत हुआ। विंध्य क्षेत्र के लोगों का था दीपावली मिलन समारोह भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह रखा गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन भोपाल विकास प्राधिकरण के वॉइस चेयरमैन सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया था। मध्य प्रदेश सिंधु भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री और भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी भी अपने तमाम समर्थकों के साथ मौजूद थे। कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा अपशब्द बोलने पर हुआ हंगामा भोपाल में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए आयोजित दीपावली मिलन समारोह में विवाद इस कार्यक्रम में अचानक पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को लेकर हुआ। पीसी शर्मा कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अब भोपाल दक्षिण पश्चिम से कांग्रेस के प्रत्याशी होने के साथ ही क्षेत्र के वर्तमान विधायक भी हैं। वह पिछले काफी समय से सक्रिय हैं और दिग्विजय सिंह खेमे के कद्दावर नेता हैं। आज समारोह के दौरान पहुंचे पीसी शर्मा पर भाजपा समर्थित कुछ लोगों ने विंध्य के लोगों को अपशब्द कहने का आरोप लगा दिया, बस इसी बात पर बात बढ़ी और दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया। जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने सामने आ गए और हंगामा शुरू हो गया। जमकर चले लात घूंसे और गालियों की हुई बौछार इस विवाद में कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा और भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी के समर्थक आमने सामने हो गए। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मुहवाद शुरू हो गया जो देखते ही देखते गाली गलौज और मारपीट में तब्दील हो गया और दोनो पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर लात घूंसे बरसा दिए। मारपीट बढ़ने के बाद कार्यक्रम आयोजक और भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशियों ने बीच बचाव कर झगड़ा सुलझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख जब कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल से वापिस रवाना हो गए। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ और समारोह का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सका। इस कार्यक्रम में तमाम नेता और उनके समर्थकों के साथ साथ विंध्य क्षेत्र के करीब एक हजार लोग मौजूद थे। विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलना कांग्रेस को पड़ेगा महंगा:- अभिनव पाण्डेय दीपावली मिलन समारोह में हुए हंगामे और मारपीट को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अभिनव पाण्डेय ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा पर समारोह में बिना बुलाए समर्थकों सहित पहुंचने और विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीसी शर्मा और उनके समर्थक विंध्य क्षेत्र के लोगों को बुरा भला कहने से पहले यह भूल गए की इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 52000 से अधिक मतदाता विंध्य क्षेत्र से हैं और उनका वोट ही निर्णायक भूमिका निभाता है। इस अभद्रता का खामियाजा इस चुनाव में केवल पीसी शर्मा को ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेसियों ने अमर्यादित शब्दों का उपयोग कर जिस तरह से विंध्य क्षेत्र के लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है उसका जवाब लोग मतदान के दिन देंगे। यह अपमान कांग्रेस पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा।

भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं – रामेश्वर शर्मा.

Rameshwar Sharma; Bhopal; BJP; Sahara Samachaar;

BJP not only has a double engine government, Congress doesn’t even have an engine” – Rameshwar Sharma जारी है रामेश्वर शर्मा का जनसंपर्क. उदित नारायणभोपाल। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होगा। उस दिन वोट देने से पहले आप 2003 की तस्वीर जरूर याद रखना जब मिस्टर बंटाढार ने पूरे प्रदेश का हाल बेहाल कर रखा था। सड़क,बिजली पानी की समस्याओं से प्रदेश के लोगों को जूझना पड़ता था। आज डबल इंजन की सरकार में विकास ही विकास हो रहा है। 2003 के बाद मध्यप्रदेश की सूरत बदल गई। प्रदेश से बीमारू राज्य का तमगा हट गया और अब हम तेजी से विकसित होते प्रदेश की पहचान बना चुके हैं। यह क्रम नहीं रुकना चाहिए, इसलिए आवश्यक है कि प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बने। भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार है और कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं है। यह बात हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने जनसम्पर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कही। रविवार को श्री शर्मा ने हुजूर विधानसभा के कोलार क्षेत्र व अन्य इलाकों में जनसंपर्क किया। इसके साथ ही वह अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सर्जीकल स्ट्राइक में हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सीमाओं को सुरक्षित करने का काम किया है। कांग्रेस ने कश्मीर में हमेशा धारा 370 को बच्चे की तरह पालने का काम किया और कश्मीर की जनता को गुमराह करती रही। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि कांग्रेस कहती थी, अगर कश्मीर से धारा-370 हटी तो खून की नदियां बह जाएंगी, हमने दमदारी के साथ धारा 370 हटाई, लेकिन एक भी कंकर तक नहीं हिला। मनमोहन सिंह सरकार में पाकिस्तान से आतंकवादी घुसकर यहां अशांति फैलाते थे, लेकिन अब किसी की हिम्मत नहीं है कि यहां आकर आतंक फैला सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ साल पहले राम मंदिर की तारीख पूछती थी। मैं बताना चाहता हूं कि राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क बुधवार को हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा नें विधानसभा क्षेत्र के पीरवल्ली गाँव, बैरागढ़ चीचली, कॉस्मो सिटी एवं चिनार रेज़िडेन्सी, राय पिंक सिटी, विंडसर पॉम, साईं श्रद्धा होम्स, पाल मोहल्ला ग्राम मेंडोरी, मेन मार्केट रातीबड़, कालीमाता मंदिर, अब्बास नगर, कोलार, आंगनवाड़ी पुलिया, ओमनगर, कस्टम कॉलोनी में जनसम्पर्क कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया।

दो बार की ट्रेनिंग के बाद भी मतदान का समय नहीं बता पाए कर्मचारी, 98 हो गए फेल.

ECI; Sahara Samachaar; Bhopal; MP Electios;

Even after two rounds of training, the employee failed to specify the voting time, resulting in 98 failures. पहले दिन चुनाव कराने 3276 कर्मचारियों ने दी परीक्षा, दोबारा लेना पड़ेगी ट्रेनिंग. भोपाल के 9018 कर्मचारियों की तीन दिन चलेगी ट्रेनिंग, ट्रेनिंग में फिर गायब रहे सौ अधिकारी-कर्मचारी साकिब कबीरभोपाल। जिले की बैरसिया, नरेला, उत्तर, मध्य, दक्षिण पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में विधायक का चुनाव कराने के लिए अधिकारी और कर्मचारियों की दूसरे दौर की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसके तहत सातों विधानसभा के 9 हजार 18 कर्मचारियों को ट्रेनिंग सोमवार से शुरु कर दी गई है। पहले दिन की ट्रेनिंग में 3 हजार 276 कर्मचारी पहुंचे, जिनकी ट्रेनिंग होने के बाद परीक्षा ली गई। इस परीक्षा में 98 कर्मचारी फेल हो गए। जो पेपर में दिए गए 25 में से आठ सवालों के जवाब तक नहीं दे पाए। दो बार ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारी-कर्मचारी परीक्षा में मतदान का समय और ईवीएम मशीन को क्लियर करने का तरीका तक नहीं बता पाए। अब मंगलवार को इन कर्मचारियों को दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।सोमवार को दूसरे दौर की ट्रेनिंग का सुबह 8 बजे से पहला सत्र शुरू हुआ, जो दोपहर 2 बजे तक चला। इस दौरान उन्हें ईवीएम, मॉक पोल, वोटिंग, मतदान सामग्री लेने से लेकर जमा कराने तक की बारिकियां सिखाई गई। इसके बाद कर्मचारियों ने परीक्षा दी। इसके जरिए यह पता लगाया गया कि कर्मचारियों ने ट्रेनिंग को कितनी गंभीरता से लिया है। दोपहर 2 बजे के बाद दूसरा सत्र शुरू हो गया, जो शाम 7 बजे तक चला। मोतीलाल विज्ञान कॉलेज और महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में प्रत्येक सत्र में 900-900 कर्मचारियों को चुनाव से जुड़ी हर जानकारी दी जा रही है। 105 मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारियों को दो सत्र में ट्रेनिंग देकर परीक्षा ली जाएगी। पी-2 और पी-3 के लिए यह फाइनल ट्रेनिंगपी-2 और पी-3 यानी मतदान कराने वाले कर्मचारियों के लिए यह फाइनल ट्रेनिंग है। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिलेगा। इसलिए उन्हें चुनाव आयोग की बुकलेट भी दी जाएगी। पीओ यानी पीठासीन अधिकारी और पी-1 यानी मतदान अधिकारी को एक बार फिर 13 और 14 नवंबर को फाइनल ट्रेनिंग दी जाएगी। कर्मचारियों को नहीं पता मॉकपोल का समयवोटिंग से पहले यदि कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट या वीवीपेट मशीन खराब हो जाए तो आप क्या करेंगे? मतदान से जुड़े इस तरह के 25 प्रश्न कर्मचारियों से ट्रेनिंग के बाद पूछे गए। कई कर्मचारी रियल मतदान शुरु होने के पहले मॉकपोल का समय भी नहीं बता पाए। इस बार सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने बताया कि जो कर्मचारी इस परीक्षा में फेल होंगे, उन्हें दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।

विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क पहुंची है। – रामेश्वर शर्मा

Rameshwar Sharma; Bhopal; Huzur; BJP; Sahara Samachaar;

In the Assembly, health, education, and roads have reached from village to village. – Rameshwar Sharma उदित नारायणभोपाल। गांव गरीब और किसान कल्याण के लिए विगत 18 वर्षों में जो काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है उतना काम पहले किसी सरकार ने नहीं किया इस कारण से सम्पूर्ण प्रदेश सहित हुजूर विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य शिक्षा और सड़क पहुंची है। इसलिए हम आपका वोट अधिकार के साथ एक बार फिर मांगने आए हैं। अतः 17 नवंबर के दिन कमल का बटन दबाकर हुजूर और मध्य प्रदेश में भाजपा को पुनः विजयी बनाना है। यह बात जनसंपर्क के दौरान भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कही। भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि मेरा प्रयास रहता है कि विकासपरक सोच के साथ जन भावनाओं का सम्मान करते हुए आगे बढ़ा जाए। यही वजह है कि आज जनता का आशीर्वाद निरंतर मुझ पर बना हुआ है। क्षेत्र का विकास मेरी पहली प्राथमिकता है। मैंने एक सेवक के रूप में हुजूर परिवार का मन जीता है। इसलिए अब परिवारजन मुझे विजयी बनाएगें। इन स्थानों पर रहा जनसंपर्कहुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क के दौरान विभिन्न स्थानों पर नागरिकों से भेंट कर अन्य चुनावी गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उनके द्वारा फंदा मंडल कार्यालय का शुभारंभ, वार्ड क्रं. 83 व 84 बूथ की बैठक के साथ साथ अन्य बैठकों में सम्मिलित हुए। सोमवार को इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क हुजूर प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने रविवार को क्षेत्र के नवीन बस्ती, बैरागढ़ कलां, फंदा, तूमड़ा, वैभव मैरिज गार्डन, महाबली नगर, कोलार, श्रद्धा मैरिज गार्डन, सीटीओ, प्रताप वार्ड, वार्ड क्र. 01, अर्जुन वार्ड, गोंडबस्ती, नई बस्ती सेक्टर -3 (बंजारा बस्ती), शहीद भगत सिंह, ऋषि विलास कालोनी, पतंजली कालोनी, द ब्लेयर कालोनी, कटारा हिल्स, भगवती नगर, स्वामी विवेकानंद परिसर, गौरीशंकर परिसर, सिल्वर स्टेट, पार्क सिटी, रजत गोल्डन नेस्ट, गोल्ड विला, स्प्रिंगवैली ड्यू, स्प्रिंगवैली जुनिपर, स्प्रिंगवैली, प्राईड सिटी, आमरीन होम्स, सागर गोल्डन पॉम, एटलांटिस सिटी, हेवंस लाईफ, कस्तूरी रॉयल पार्क, सिग्नेचर 360, पवित्र परिसर, सिग्नेचर सिटी, श्री कृष्णा हाईटस, रामायण साउथ एवेन्यू, त्रिभुवन विहार, रामायण साउथ एवेन्यू फेस-1 स्थानों पर जनसंपर्क कर नागरिकजनों से भाजपा को जिताने की अपील की।

BJP को लगा बड़ा झटका, पूर्व विधायक ने थामा कांग्रेस का हाथ.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP suffered a major setback as a former legislator joined the Congress party. मनीष त्रिवेदी – सहरा समाचारमुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी दलों में नेताओं का पार्टी छोड़ने का क्रम लगातार चला आ रहा है। चुनावो में अब ज्यादा दिन नहीं रह गए है. चम्बल क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा, मुरैना जिले की अंबाह विधानसभा से पूर्व विधायक व भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कमलेश सुमन ने शनिवार को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच श्री सुमन ने भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के सामने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। इस्तीफे के बाद अंबाह विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश जाटव की मुश्किलें बढ़ती है या घटती है, या आगे क्या समीकरण बनते है. यह तो वक़्त ही बताएगा.

प्रत्याशी के समर्थन में बैठक करने पर एफआईआर दर्ज.

FIR; Bhopal; Sahara Samachaar;

Filing an FIR for holding a meeting in support of a candidate. साकिब कबीरभोपाल। रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा द्वारा बैरागढ़ क्षेत्र के कई मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ हुजूर विधानसभा के सामान्य प्रेक्षक तलत परवेज भी साथ रहे। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल बैरागढ़ में बूथ क्र. 60, 61, 62, 63 एवं 64 का निरीक्षण किया गया एवं आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु रिटर्निंग अधिकारी हुजूर को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल के कैम्पस के अंदर हॉल में अनाधिकृत रूप से 25 से 30 लोग उपस्थित थे । ये एक प्रत्याशी के समर्थन में बैठक कर रहे थे। उनके पास वहां उपस्थित होने की कोई वैधानिक अनुमति न होना एवं ऐसी गतिविधि आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन है। अतः उक्त प्रकरण पर निर्वाचन नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने आरओ हुजूर द्वारा थाना प्रभारी, थाना, बैरागढ़ को नवयुवक सभा स्कूल में बिना अनुमति के एकत्रित/मीटिंग आयोजित करने के संबंध में कार्यवाही करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया। उक्त पत्र के पालन में थाना प्रभारी द्वारा नवयुवक सभा स्कूल के सह सचिव दिनेश वाधवानी, कैलाश साधवानी, सूरज यादव (अध्यक्ष ऑटो यूनियन संघ), भूपेन्द्र गुर्जर (विहिप) एवं 20 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कारण प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) दर्ज की। प्रेक्षक द्वारा आरओ हुजूर को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र का सघन निरीक्षण अपनी टीम के द्वारा कराया जाना सुनिश्चित करें एवं पुनः उक्त प्रकार की परिस्थिति निर्मित होने पर तत्काल नियमानुसार आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की कार्यवाही करें। एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा ने ने सभी राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों से अपील की है कि आचार संहिता का पालन करें अन्यथा कार्यवाही की जाएगी

भोपाल में 120 चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम ठंडे बस्ते में।

Smart City Bhopal; Bhopal; Smartcity; Sahara Samachaar;

The work of making 120 charging stations in Bhopal is on hold. शहर में लगना थे 120 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, बना एक भी नहीं।स्मार्ट सिटी विभाग को लगाना थे चार्जिंग स्टेशन, प्रस्ताव पड़ा ठंडे बस्ते में।दस हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ रहे हैं भोपाल शहर की सड़कों पर। उदित नारायणभोपाल। राजधानी में 10 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बाद भी चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पा रहे हैं। सरकार द्वारा चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम भोपाल की स्मार्ट सिटी कंपनी को सौंपा गया था, लेकिन अभी उसके अपने ऑफिस के अलावा दूसरी जगह चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पाए। स्मार्ट सिटी कंपनी ने 120 स्टेशन बनाने की तैयारी भी कर ली थी।इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। क्योंकि चार पहिया के बाद अब दो पहिया वाहन भी मार्केट में आ गए हैं। सरकार द्वारा भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसलिए सरकार ने स्मार्ट सिटी कंपनी को चार्जिंग स्टेशन बनाने को कहा था। स्मार्ट सिटी कंपनी अधिकारियों के अनुसार चार्जिंग स्टेशन बनाना हैए लेकिन आर्थिक रूप से अभी ठीक नहीं है। यही कारण है कि चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम रुका हुआ है। वाहन चालकों कई बार परेशान हो चुके वाहन चालक रजनीश उपाध्याय के अनुसार एक साल हुए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे, लेकिन चार्जिंग स्टेशन कम होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। राजधानी में भी तीन पेट्रोल पंप पर सुविधा है जिन पर भीड़ रहती है। पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन इसलिए खरीदा थाए क्योंकि स्मार्ट सिटी ने चार्जिंग स्टेशन जल्दी बनाने को कहा था। अभी तक स्मार्ट सिटी का भेल दशहरा मैदान के सामने के अलावा एक भी स्टेशन नहीं है। जबकि अटल पथ, न्यू मार्केट, वन विहार रोड, सहित अन्य स्थानों पर यह स्टेशन बनना थे।

पुलिस की वाहन चेकिंग बनी जनता के लिए परेशानी।

MP Police; Bhopal; Sahara Samachaar;

Vehicle checking by police has become a problem for the public. चुनावी माहौल में पुलिस की कड़ी वाहन चेकिंग,इसमें पिस रहे आम आदमी। चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों को 15 से 30 मिनट तक रोका जा रहा है। उदित नारायणभोपाल। चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर कहीं भी खड़े होकर वाहन चेकिंग के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। इस मामले को लेकर यातायात पुलिस के अला-अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइड लाइन पर चेकिंग की जा रही है। जिससे कोई भी असामाजिक तत्व विधानसभा चुनाव को प्रभावित न कर सके। दरअसल कई बार ऐसा देखने को मिला है कि कई उम्मीदवार चुनाव में मतदाताओं को पैसे व शराब का प्रोलभन देकर अपने पक्ष में वोटिंग कराने के लिए करते है। इन सबको रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा सड़कों पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस को कई बार वाहनों से पैसे व शराब लेते जाते हुए। लोग पकड़ में भी आ चुके है। अब ऐसे लोगों पर नजर उनकी धरपकड़ के नाम पर सड़कों पर चेकिंग की जा रही है। लेकिन इसमें आम आदमी पिस रहे है। उन्हें चेकिंग के नाम पर 15 से 30 मिनट तक रोका जा रहा है। इससे वह अपने आफिस,ट्रेन पकड़ने व अन्य कामों में लेट हो रहे है। ट्रैफिक व्यवस्था चेकिंग में लगे अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा वाहनों को रोककर उनके पेपर देखे जाते हैं। गाड़ी में रखे सामान की बारीकी से चेकिंग इसके लिए चार पहिया वाहनों चालकों को पीछे डिग्गी भी खोलकर दिखानी पड़ रही है। जिसके चलते कई बार लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। तो वहीं इस सबके चलते कई बार जाम की स्थिति भी बन रही है। जिससे आमजन को परेशान हो रहे है। तो वहीं दुर्घटनाओं की आशंका बनी रही है। पुलिस दे रही केस बनाने की धमकी चेकिंग के दौरान वाहन चालकों व पुलिस अधिकारियों के बीच कई बार तीखी बहस बाजी भी हो रही है। इस दौरान कई बार पुलिस द्वारा चुनाव आचार संहिता लागू होने पर सहयोग नहीं करने पर केस बनाने की धमकी तक दे रहे है। पुलिस की वाहन चेकिंग में फंसे वाहन चालक मुबीन खान ने बताया कि मैं दोपहर करीब 12:30 बजे रानीकमलापति स्टेशन के सामने वाली सड़क से निकल रहा था। यहां पर यातायात पुलिस चेकिंग कर रही थी। जिन्होंने जांच के लिए रोक लिया। गाड़ी के कागज आदि दिखाने के बाद भी करीब 20 मिनट तक रोककर रखा गया। इसके चलते मैं आफिस के लिए लेट हो गया। जिससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक एडिशनल डीसीपी विक्रम रघुवंशी ने कहा कि निश्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की गाइड लाइन पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। जिसमें गाड़ियों में कोई पैसे, शराब आदि तो नहीं ले जा रही है। इस सबको को चेक किया जा रहा है। इसके लिए वाहनों की डिग्गी खोलकर चेक करना पड़ता है। जिससे कई बार थोड़ा टाइम तो लगता है। इसकी डेली रिपोर्ट चुनाव आयोग को जाती है। जिसमें कितने वाहनों की चेकिंग की गई और क्या कार्रवाई की गई।

हुजूर में लगा कांग्रेस को एक और झटका

Rameshwar Sharma; Huzur; Kolar; Bhopal; BJP;

Huzur delivers another blow to the Congress. भाजपा में शामिल हुए विनोद राजौरिया, तीन पीढ़ी से कांग्रेस के हाथ के साथ रहा विनोद का परिवार Udit Narayan भोपाल। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। सोमवार शाम को रातीबड़ निवासी विनोद राजोरिया ने अपने सेकड़ौं समर्थकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। राजोरिया परिवार करीब तीन पीढियों से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य रहे हैं। इसके पहले उनकी नाराजगी के कारण कांग्रेस को भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी खोना पड़ा था। चुनाव के दौरान उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी। सोमवार को उन्होंने भी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे भाजपा पार्टी क्षेत्र में और मजबूत हो गई है। कांग्रेस के पूर्व ज़िला उपाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रहे विनोद राजौरिया ने कहा कि कांग्रेस में नेता, नीति और नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है। श्री राजौरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा हुजूर विधानसभा में कराये गये विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। वह भाजपा परिवार के एक एक सदस्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनकल्याण के कार्य में पूरी तन्मयता के साथ जुटेंगे । विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिलायी सदस्यता रातीबड़ भाजपा मंडल की बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा ने विनोद राजौरिया को भाजपा का अंग वस्त्र उढ़ाकर भाजपा में स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा की भाजपा परिवार में आपका स्वागत है । श्री शर्मा ने कहा की समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान एवं जन कल्याण के क्षेत्र में ऊर्जा के साथ काम करेंगे। ये भी हुए शामिल महेंद्र मारण सेवा दल का पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, पंडित श्री रंगीलाल जी शर्मा, दिनेश राजोरिया, रघुवीर राजौरिया, नीतेश राजौरिया, अशोक पाटीदार, नारायण सिंह सेमरी, दिनेश नागर, अमित राजौरिया, मनीष द्विवेदी, प्रेम नारायण, संजीव राजौरिया, राजेश नागर, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक भाजपा में शामिल हुए।

सीएम शिवराज की बिलमाफी पर कांग्रेस का बड़ा खुलासा।

Shivraj Singh Chouhan; Surjewala; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Congress’s big revelation on the Chief Minister Shivraj’s Bill forgiveness. सुरजेवाला ने सीएम शिवराज सिंह का किया नया नामकरण “रेडियो गप्पिस्तान” कनेक्शन लोड बिना उपभोक्ता की सहमति और आकलन के किया दोगुना। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को धोखा देने का लगाया बड़ा आरोप। सुरजेवाला के आरोपों पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का पलटवार उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रेडियो गप्पिस्तान है। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को उन्होंने धोखा दिया है। उन्होंने साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं का डेटा पेश करते हुए यह आरोप लगाए। रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नौगांव में एक किलोवॉट तक के बिजली कनेक्शन का बिल माफ करने का वादा किया था। बिल माफी तो दूर शिवराज ने उल्टा उनके कनेक्शन का लोड बिना उनकी सहमति और बिना किसी आकलन के ही दो किलोवॉट कर दिया। उपभोक्ता की सहमति के बिना लोड किया दोगुनासुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एक किलोवॉट तक के जिन कनेक्शन उपभोक्ताओं के बिल माफ होने थे, उनके बिल माफी से पहले ही उनके कनेक्शन का भार बढ़ाकर दो किलोवॉट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में वह ग्राहक इस बिल माफी के दायरे से बाहर हो गए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह गरीब जनता के साथ धोखा है। सुरजेवाला ने कहा कि यह आरोप नहीं है। हम इसके तथ्य भी दे रहे हैं। इसके लिए 21 जिलों के 38 डिविजन के उपभोक्ताओं के डाटा का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का यह कार्य गरीबों के साथ धोखा होने के साथ ही गैरकानूनी भी है। सूरजेवाला ने शिवराज से पूछे पांच सवाल- क्या एक किलोवॉट तक के 20 लाख गरीब उपभोक्ताओं में से एक भी उपभोक्ता की फूटी कौड़ी माफ हुई है। सरकार की घोषणाएं धोखे व झूठ की बुनियाद परक्या एक किलोवॉट तक के उपभोक्ताओं के बिजली बिल स्थगित करने के आदेश जारी करने से पहले षड्यंत्रपूर्वक तरीके से उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन का भार दो किलोवॉट नहीं कर दिया गया। क्या प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को उनके कनेक्शन के भार को बढ़ाने से पहले सूचित किया गया था या उनकी सहमति ली गई थी या उनके लोड का आकलन किया गया था। क्या ये लाखों गरीब परिवार दो किलोवॉट के कनेक्शन के साथ गरीबी रेखा की परिधि से षडयंत्रपूर्वक तरीके से बाहर कर दिए गए हैं। क्या शिवराज सरकार की सारी घोषणाएं ऐसे ही धोखे और झूठ की बुनियाद पर रखी गई हैं। सुरजेवाला के बयान पर आशीष अग्रवाल का पलटवारकांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा की “कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी, अब फर्जी आंकड़े कर रही है” जारी भोपाल। विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच मप्र की राजनीति में हलचल जारी है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला द्वारा गुरूवार को प्रदेश में बिजली को लेकर भाजपा के खिलाफ बयान जारी किया गया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया है। आशीष अग्रवाल ने सुरजेवाला को सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस के भ्रामक आकंड़ों से सावधान रहें। क्योंकि रणदीप सुरजेवाला, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से परेशान हो गए हैं। कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी अब फर्जी आंकड़े जारी कर रही है। कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद कपड़ा फाड़ और पुतला कोई विपक्ष दल नहीं फूंक रहा, बल्कि कांग्रेस के नेता ही फूंक रहे हैं। कांग्रेस में गुट या गिरोह चल रहा है

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट की जारी, 88 कैंडिडेट्स के हैं नाम

“The Congress has released the second list of candidates in Madhya Pradesh, with 88 candidates’ names.”

भोपाल में रेलवे के VIP गेस्ट हाउस में रेप, रेलवे के अफसर और दोस्त ने किया रेप

भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन के वीआईपी गेस्ट हाउस में 22 साल की लड़की के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोप रेलवे के एक अफसर और उसके दोस्त पर है। लड़की को जॉब दिलाने का झांसा देकर भोपाल बुलाया गया था। पुलिस ने आरोपी अफसर को गिरफ्तार कर लिया है। उसका दोस्त फरार है। आरोपी भोपाल में डीआरएम ऑफिस में सिक्योरिटी काउंसलर पद पर है। रेलवे एसपी हितेश चौधरी ने बताया कि लड़की उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की रहने वाली है। रेलवे में अधिकारी राजेश तिवारी से वह कुछ महीने पहले फेसबुक के जरिए संपर्क में आई थी। दोनों के बीच होने वाली बातचीत में राजेश उसे जॉब दिलाने का ऑफर देता था। तय हुआ था कि लड़की भोपाल आएगी। यहां उसे नौकरी दिलवा दी जाएगी। खाने में नशा देकर ज्यादती की शनिवार को लड़की भोपाल एक्सप्रेस से भोपाल आई। यहां राजेश ने उसे रेलवे स्टेशन के वीआईपी गेस्ट हाउस में ठहरा दिया। इसके बाद उसने अपने दोस्त को भी बुला लिया। तीनों के बीच बातचीत के दौरान लड़की को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया गया। इसके बाद उसके साथ रेप किया गया। लड़की की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज आरोपियों के चंगुल से किसी तरह से छूटकर लड़की जीआरपी थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने लड़की की शिकायत पर राजेश तिवारी और उसके दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने प्लेटफार्म नंबर-1 के वीआईपी रेस्ट रूम सील कर दिया है। कमरे के अंदर से शराब की खाली बोतलें और आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया है।

MP : दो और मंत्रियों को कोरोना, BMHRC की डायरेक्टर सहित राजधानी में 271 नये मरीज़

भोपाल. मध्य प्रदेश में मंत्रियों के कोरोना पीड़ित होने का सिलसिला जारी है. मंगलवार को फिर दो मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और हरदीप सिंह डंग की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है. इससे पहले सीएम शिवराज सहित उनके मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को कोरोना हो चुका है. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया चिरायु अस्पताल में भर्ती हो गए हैं.मिली जानकारी के मुताबिक सिसोदिया अपनी मां का कोरोना टेस्ट कराने चिरायु अस्पताल गए थे. मां की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी. जिसके बाद उन्होंने भी अपना टेस्ट कराया. जांच में वे भी संक्रमित मिले. इसके बाद वो मां के साथ ही अस्पताल में भर्ती हो गए. डंग की अपील ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है.संक्रमित होने के बाद मंत्री डंग ने सोशल मीडिया के ज़रिए ये जानकारी साझा की है.डंग ने ट्वीट कर ये बताया कि उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह अस्पताल में भर्ती हैं.साथ ही ये अपील भी की है कि उनके संपर्क में जो लोग भी आए हैं, वे अपना कोरोना टेस्ट करा लें. यह भी संक्रमण की चपेट में शहर में मिले संक्रमित मरीजों में भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की डायरेक्टर डॉ. प्रभा देसिकन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.भोपाल में उप लोकायुक्त सुशील कुमार पॉलो को भी कोरोना हो गया है. नेशनल ज्यूडिशियल अकेडमी में दो मरीज मिले. जीएमसी में दो, आरकेडीएफ में दो और चिरायु अस्पताल में एक डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई.राजभवन में तीन, पुलिस कंट्रोल रूम में दो जवान संक्रमित मिले हैं. मैनिट की स्थापना शाखा के अधीक्षक की पत्नी भी कोरोना से संक्रमित हो गयी हैं. 16 दिन बाद मौत के गिरे आंकड़े राजधानी में संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. रोजाना ढाई सौ से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं.मंगलवार को शहर में 271 नए संक्रमित मिले हैं. लगभग 16 दिन बाद संक्रमितों की मौतों के मामलों में थोड़ी कमी दर्ज की गई है. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 16 दिन बाद सिर्फ एक मरीज की मौत हुई है.इससे पहले 7 सितंबर के बुलेटिन में सिर्फ एक मौत रिकॉर्ड हुई थी.

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