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बुधनी उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज, जीतू पटवारी ने बनाई जीत की रणनीति

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा सीट छोड़े जाने के बाद उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. शिवराज के गढ़ बुधनी में अब कांग्रेस भी एक्टिव मोड में आ गई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को बुधनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन पार्टी में शामिल हुए.बता दें बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से प्रभारी व सह प्रभारी की नियुक्ति की जा चुकी है. कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को प्रभारी और इछावर से पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल को सह प्रभारी बनाया है. वहीं बीजेपी ने प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को प्रभारी बनाया है और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को सह प्रभारी बनाया है. पटवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ किया संवादसलकनपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधनी विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित रेहटी, बुधनी ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी भावना प्रदेशाध्यक्ष के सामने रखी. संवाद कार्यक्रम के बाद टिफिन पार्टी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें घर से टिफिन लेकर आये बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोजन किया. इस अवसर पर बुधनी विधानसभा सह प्रभारी शैलेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, डॉ. बलवीर तोमर, जिला संगठन मंत्री गणेश तिवारी, दिनेश मेघवानी, महेश राजपुत, विक्रम मस्ताल, रेहटी ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमनारायण गुप्ता, भैरूंदा ब्लॉक अध्यक्ष देवीसिंह थारोल, लाडक़ुई ब्लॉक अध्यक्ष चंदर मीणा, गोपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक सिंह भाटी, बुधनी ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र यादव, शाहगंज ब्लॉक अध्यक्ष बहादुर सिंह, मंगलसिंह ठाकुर, विष्णु ठाकुर, उमाशंकर नागर, राधेकिशन नागर, रामकरण यादव, इसरार खां, अर्जुन गौर एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्तागण मौजूद रहे. देवीधाम सलकनपुर मंदिर में पूजा-अर्जनाउपचुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधनी विधानसभा के दौरे पर थे. इस दौरान वे प्रसिद्ध देवी धाम सलकनपुर मंदिर पहुंचे. जहां उन्होंने मां बीजासन माता के दरबार में पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की.

भाजपा नेता ने कलेक्टर अनुराग पांडे को धमकाया, कहा रिटायर्ड मेन से पहले घर भेज दूंगा, ऑडियो वायरल

BJP leader threatened collector Anurag Pandey

BJP leader threatened collector Anurag Pandey, said I will send him home before he retires, audio goes viral रायपुर। बीजापुर जिले में कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद का ऑडियो वायरल हो रहा है। फोन कॉल पर भाजपा नेता चार दिन में कलेक्टर को हटवाने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, कलेक्टर भी जवाब देते हुए कह रहे हैं कि, तेरी इतनी औकात है क्या? विवाद बीजापुर के भाजपा नेता अजय सिंह और कलेक्टर अनुराग पांडे के बीच हुआ है। 7 जुलाई का है ऑडियो क्या है ऑडियो में भाजपा नेता अजय सिंह- मैं अपनी पर आ गया तो आपका रिटायरमेंट जो अगस्त को होना है, 4 दिन नहीं लगेगा हटने में… चैलेंज कर के देखो। कलेक्टर– तेरी इतनी औकात है, औकात है तो कर लेना। अजय सिंह– आप कलेक्टर हैं, आपकी कोई हैसियत नहीं है, सरकार के अधिनस्थ हो। आप नौकर हो पब्लिक के। खुली चुनौती दे रहा हूं, सबके साथ लगना मेरे साथ मत लगना। कलेक्टर– मैं भी बता दे रहा हूं, सबसे लगना, लेकिन मेरे साथ मत लगना। टेंडर से जुड़ा है मामला कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद टेंडर को लेकर है। बीजापुर और आस-पास के इलाकों में स्कूल बिल्डिंग का निर्माण होना है। अजय सिंह कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़ा है। जिले में काम हासिल करने को लेकर अधिकारियों के साथ यह विवाद हुआ है। वायरल ओडियो में भी टेंडर मिलने की बात कलेक्टर और अजय के बीच होती सुनाई दी है। अजय सिंह– आपने पहले से कह रखा है कि रविंद्र झाड़ी को काम देना है। कलेक्टर– मैंने किसी को नहीं कहा है। PWD के ईई ने बोला होगा। मेरे रहते आप मेरे किसी अधिकारी को नहीं चमका सकते। भोपालपट्टनम के सभी आपके पार्टी के लोग कह रहे हैं कि आपने सबको काम बांटा है। वो तो कैंसिल होगा उसकी चिंता मत करो। अजय सिंह– हो जाए कैंसिल आप जाएंगे, दूसरा कलेक्टर आएगा, दूसरे से काम करवा लेंगे।

कोल इंडिया को लाइसेंस, मंत्री चौहान बोले- आदिवासियों की एक इंच भी जमीन कंपनी नहीं ले सकती

License to Coal India, Minister Chauhan said - Company cannot take even an inch of tribal land

License to Coal India, Minister Chauhan said – Company cannot take even an inch of tribal land प्रदेश में जोबट के खट्टाली गांव में जमीन के भीतर ग्रेफाइड के भंडार की संभावना के चलतेे केंद्र सरकार ने कोल इंडिया कंपनी को खोज और खनन के लिए एक ब्लाॅक देने का फैसला लिया है। कंपनी ने इस ब्लाॅक की बोली लगाई थी। कंपनी को खनन के लिए लाइसेंस भी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।इसे लेकर आदिवासी ग्रामीणों को लग रहा है कि कंपनी उनकी जमीन ले लेगी। इसे लेकर आदिम जाति मंत्री कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीणों को घबराने की जरुरत नहीं है।उनकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जोबट के लोगों की एक इंच भी जमीन किसी कंपनी द्वारा नहीं ली जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंडों मेें पेसा एक्ट कानून लागू किया है। जिसके तहत कोई भी कंपनी बगैर ग्राम सभा और स्थानीय लोगों की सहमति के बगैर कोई फेक्ट्री, कारखाना नहीं लगा सकती है, इसलिए ग्रामीणों को किसी के बहाकावे में आने की जरुरत नहीं है। आलीराजपुर, जोबट का भाजपा संगठन ग्रामीणों के साथ है। कोल इंडिया कंपनी ने लगाई थी बोली ग्रेफाइड को लेकर 9 जुलाई को नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। कोयले के क्षेत्र में काम करने वाली कोल इंडिया कंपनी ने पहली बार ग्रेफाइट की खोज और खनन में दिलचस्पी ली है और आलीराजपुर जिले के खट्टाली का छोटा ग्रेफाइड ब्लाॅक की पसंद किया और खनिज प्रेषण मूल्य का न्यूनतम 150 प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित करते हुए बोली लगाई है। ग्रेफाइड का उपयोग लिथियम आयरन बैटरी के लिए होता है। अभी ईवी वाहनों के लिए इसकी डिमांड हैै। केंद्रीय खान मंत्रालय ने देश में 14 ब्लाॅकों की नीलामी की है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रभात झा का दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें करीब 26 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार दिमागी बुखार के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। दो दिन बाद प्रभात झा को एयरलिफ्ट कर दिल्ली के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह झा लंबे संघर्ष के बाद अनंत यात्रा पर निकल गए। उनका अंतिम संस्कार बिहार में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। झा मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की थी। सीएम और पूर्व सीएम पहुंचे थे मिलनेप्रभात झा का दिमागी बुखार के चलते न्यूरोलॉजिकल परेशानियां आ रही थी। जिसके चलते उनको कुछ दिन पहले भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसके बाद उनका हालचाल जानने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री पहुंचे थे। जिसके बाद उनको एयरलिफ्ट कर दिल्ली शिफ्ट किया गया था। जहां उनको रूटिन इलाज चल रहा था। बिहार के रहने वाले थे प्रभात झाप्रभात झा मूल रूप से बिहार के दरभंगा के हरिहरपुर गांव रहने वाले थे। उनका जन्म 4 जून 1957 को बिहार में हुआ था। वह बिहार से मध्य प्रदेश के ग्वालियर आ गए थे। यहां पर उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। उन्होंने ग्वालियर के पीजीवी कॉलेज से बीएससी, माध्व कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एमए और एमएलबी कॉलेज से एलएलबी की। प्रभात झा के परिवार में पत्नी रंजना झा और दो बेटे है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। फिर वह राजनीति में आए और भाजपा के सदस्य बन गए। पूर्व राज्यसभा सांसद भी रहे हैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुखभाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रभात झा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि प्रझात झा के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें।

यूपी सरकार का सुप्रीम कोर्ट को कांवड़ यात्रा पर सफाईनामा

UP government's clarification letter to Supreme Court on Kanwar Yatra

UP government’s clarification letter to Supreme Court on Kanwar Yatra उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कांवड़ यात्रा मार्गों पर दुकानों के बाहर नेमप्लेट लगाने को लेकर दिए गए अपने आदेश का बचाव किया है. नेमप्लेट लगाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं का विरोध करते हुए यूपी सरकार ने कहा कि उसका इरादा कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा करवाना है. सरकार ने कहा कि दुकानों के नामों की वजह से पैदा होने वाले भ्रम को दूर करने के लिए ये निर्देश जारी किया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन ऐसे सबूत भी पेश किए, जिनको आधार बनाकर नेमप्लेट लगवाने का फैसला किया गया. सरकार ने तस्वीरों के साथ कुछ ढाबों के उदाहरण दिए. जैसे ‘राजा राम भोज फैमिली टूरिस्ट ढाबा’ चलाने वाले दुकानदार का नाम वसीम है. ठीक ऐसे ही ‘राजस्थानी खालसा ढाबा’ का मालिक फुरकान है. इसी तरह से ‘पंडित जी वैष्णो ढाबे’ का मालिक सनव्वर है. इसकी वजह से भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है. क्यों दिया यूपी सरकार ने नेमप्लेट लगाने का आदेश? यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह चाहती है कि नंगे पैर पवित्र जल ले जा रहे कांवड़ियों की धार्मिक भावना गलती से भी आहत न हो. इसलिए, दुकान के बाहर नाम लिखने का निर्देश दिया गया था. उसने बताया कि कावंड़ मार्ग पर खाने-पीने को लेकर गलतफहमी पहले भी झगड़े और तनाव की वजह बनती रही है. जिस वक्त ये फैसला लागू किया गया था, उस वक्त भी यूपी सरकार ने यही बातें कही थीं. उसका कहना था कि दुकानों के नाम भ्रम पैदा करते हैं. नेमप्लेट विवाद पर विपक्ष ने क्या कहा? विपक्ष ने यूपी सरकार के फैसले को विभाजनकारी बताया था. उसने इसे मुस्लिम विरोधी भी करार दिया था और कहा था इसका मकसद समाज को बांटना है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने फैसले को संविधान विरोधी बताया था. उन्होंने कहा था, “हमारा संविधान हर एक नागरिक को गारंटी देता है कि उसके साथ जाति, धर्म, भाषा या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा. उत्तर प्रदेश में ठेले, खोमचे और दुकानों के मालिकों के नाम का बोर्ड लगाने का विभाजनकारी आदेश हमारे संविधान, हमारे लोकतंत्र और हमारी साझा विरासत पर हमला है.” समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा था कि बीजेपी के लोग समाज में नफरत फैला रहे हैं. इसमें इन लोगों को कामयाबी नहीं मिलने वाली है. जनता ने इन्हें शून्य कर दिया है. कांवड़ यात्रा नेमप्लेट विवाद का मुद्दा संसद में भी गूंजा था, जहां विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया था कि इसके जरिए समाज को बांटा जा रहा है.

अखिलेश यादव की सपा नेताओं को चेतावनी : बीजेपी नेताओं की नो एंट्री, न करें उनकी पैरवी

Akhilesh Yadav's warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them

Akhilesh Yadav’s warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के नेताओं को बीजेपी नेताओं से दूर रहने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि जो भी बीजेपी नेताओं को समाजवादी पार्टी में लेने की पैरवी करेगा, उसे वो बाहर कर देंगे. ऐसा कहकर अखिलेश अपना माहौल बनाए रखना चाहते हैं. वो ये बताना चाहते हैं कि बीजेपी में भगदड़ मची है. बीजेपी में सब अपने लिए बेहतर रास्ते तलाश रहे हैं. इस बीच उनके लिए चुनौती लोकसभा चुनाव वाले नतीजों को विधानसभा चुनाव में दोहराने की है. यूपी विधानसभा चुनाव साल 2027 की शुरुआत में होने हैं. तब तक समाजवादी पार्टी का माहौल टाइट कैसे रहे, इसीलिए अखिलेश ने चेतावनी वाला ये दांव चल दिया है. अखिलेश यादव दो साल के ब्रेक के बाद फिर से दिल्ली की राजनीति में हैं. सुबह जब वो संसद के लिए निकल रहे थे, पश्चिमी यूपी के एक नेता उनसे मिलने पहुंच गए. वो अखिलेश की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. अखिलेश से मिलाने के लिए वो अपने साथ बीजेपी के एक नेता को लेकर गए थे. न टिकट की गारंटी दी और न मिलने को तैयार हुए अखिलेश वो चाहते थे कि बीजेपी के नेता को अखिलेश टिकट देने की गारंटी दें. मगर, अखिलेश दूसरे मूड में थे. न उन्होंने टिकट की गारंटी दी और न ही बीजेपी के नेता से मिलने को तैयार हुए. बीजेपी नेता दिल्ली में अखिलेश के घर के बाहर अपनी गाड़ी में बैठे रहे. अखिलेश ने तो समाजवादी पार्टी के उस नेता को दोबारा ऐसा काम न करने की नसीहत भी दे डाली. ये सच है कि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही समाजवादी पार्टी कैंप का जोश हाई है. पार्टी ने अब तक का सबसे बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 37 सीटें जीती हैं. जबकि यूपी बीजेपी में घमासान मचा है. आपसी गुटबाज़ी चरम पर है. बीजेपी में एक नेता दूसरे का काम लगाने में जुटा है. ऐसे में बीजेपी के कुछ नेता अभी से समाजवादी साइकिल की सवारी के जुगाड़ में हैं. अचानक अखिलेश से मिलने पहुंचे थे फैजाबाद सांसद फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद इन दिनों हमेशा अखिलेश यादव के आसपास ही नजर आते हैं. अचानक से पार्टी के अंदर और बाहर उनकी अहमियत बढ़ गई है. एक दिन अचानक वो लखनऊ में अखिलेश से मिलने पहुंचे. वो बीजेपी के एक नेता को समाजवादी पार्टी में लेने की जिद करने लगे. अखिलेश ने बहुत समझाया लेकिन अवधेश मानने को तैयार नहीं हुए. अखिलेश यादव दोनों तरह के मजे लेने के मूड में हैं. वो चाहते हैं कि यूपी के गांव-गलियों तक ये बात फैल जाए कि बीजेपी अब डूबती नैया है. वहां नेताओं में पार्टी छोड़ने की होड़ मची है लेकिन लोगों को लेकर वो अपनी पार्टी की सेहत खराब नहीं करना चाहते हैं. दलबदलू नेताओं के कारण उनकी पार्टी में बवाल न हो जाए, इसका वो विशेष ध्यान रख रहे हैं. यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में इस तरह के आरोप अखिलेश पर लगे थे. इसका नुकसान भी उन्हें चुनाव में हुआ. इसीलिए इस बार वो कोई गलती दोहराने के मूड में नहीं हैं.

MSP किया जा सकता है लागू! मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए ये है राहुल गांधी का मेगा प्लान

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi's mega plan to put pressure on Modi government

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi’s mega plan to put pressure on Modi government Rahul Gandhi on MSP: विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के किसान नेताओं के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें अपने सामने आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। संसद भवन परिसर में अपने कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद, गांधी ने अपने घोषणापत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करने की कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। MSP की कानूनी गारंटी की जा सकती है लागू उन्होंने कहा कि एक आकलन से पता चला है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू की जा सकती है। गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस देश भर के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस महत्वपूर्ण उपाय के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं से समर्थन जुटाएगी।अपनी बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हमने अपने घोषणापत्र में कानूनी गारंटी के साथ एमएसपी का उल्लेख किया है। हमने आकलन किया है और इसे लागू किया जा सकता है।” राहुल गांधी ने कहा, “हमने अभी एक बैठक की, जिसमें हमने तय किया कि हम INDIA गठबंधन के दूसरे नेताओं से बात करेंगे और सरकार पर दबाव डालेंगे कि देश के किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।” किसानों ने की कांग्रेस नेताओं से मुलाकात बैठक में केसी वेणुगोपाल, राजा बराड़, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, धर्मवीर गांधी, डॉ. अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जय प्रकाश भी मौजूद थे। इससे पहले, कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा आमंत्रित किए गए किसान नेताओं को संसद परिसर के अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में, किसान नेताओं को संसद में आने की अनुमति तभी दी गई, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे मिलने के लिए बाहर जाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि क्योंकि वे किसान हैं, इसलिए उन्हें संसद परिसर में प्रवेश करने दिया जा रहा है।उन्होंने कहा, “हमने उन्हें (किसान नेताओं को) हमसे मिलने के लिए यहां बुलाया था। लेकिन वे उन्हें यहां (संसद में) नहीं आने दे रहे हैं। क्योंकि वे किसान हैं, शायद यही कारण है कि वे उन्हें अंदर नहीं आने दे रहे हैं।” इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने सोमवार को घोषणा की कि वे पूरे देश में केंद्र सरकार के पुतले जलाएंगे और एमएसपी गारंटी को कानूनी बनाने की अपनी मांगों को पूरा करने के लिए एक नया विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। 31 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ इस विरोध के हिस्से के रूप में, वे विपक्ष द्वारा निजी विधेयकों का समर्थन करने के लिए एक “लंबा मार्च” भी निकालेंगे। इसके बाद, प्रदर्शनकारी किसान 15 अगस्त को देश भर में ट्रैक्टर रैली निकालेंगे, जब देश स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेताओं ने कहा कि किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च 31 अगस्त को 200 दिन पूरा करेगा और लोगों से पंजाब और हरियाणा सीमा पर खनौरी, शंभू आदि पहुंचने की अपील की। हरियाणा के जींद जिले में 15 सितंबर को एक रैली आयोजित की जाएगी और 22 सितंबर को पिपली में एक और रैली आयोजित की जाएगी।इससे पहले फरवरी में, हरियाणा सरकार ने अंबाला-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरिकेड्स लगा दिए थे, जब किसान यूनियनों ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में दिल्ली तक मार्च करेंगे।

कांग्रेस विधायक के बंगले पर ईडी का छापा, 60 करोड़ के मामले की चल रही पूछताछ

ED raids Congress MLA's bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing

ED raids Congress MLA’s bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing टीकमगढ़ ! टीकमगढ़ विधानसभा से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापा मारा। ईडी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। ये कार्रवाई ईडी ने विधायक और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के निवास लाल दरवाजा पर बुधवार तड़के 5 बजे शुरू की थी। अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक मामला करीब 60 करोड़ के फ्रॉड का बताया जा रहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले भी असम पुलिस ने ऐसी ही दबिश दी थी। इस समय यादवेंद्र सिंह बुंदेला से पूछताछ किए जाने की जानकारी मिल रही है। पुलिस और सुरक्षा बल तैनात टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी जांच कर रही हैं। मकान के बाहर सीआरपीएफ और मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं, जो किसी को अंदर या बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद मामले की जानकारी दी जाएगी। जानें कौन हैं यादवेंद्र सिंह बुंदेला यादवेंद्र सिंह बुंदेला स्टूडेंट लाइफ से ही कांग्रेस में एक्टिव रहे हैं। 1983 के उपचुनाव में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1985, 1993, 1998, 2008 और 2023 में विधानसभा का चुनाव जीते हैं। यादवेंद्र सिंह बुंदेला कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। वे पांचवीं बार टीकमगढ़ विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव जीते हैं। 1995 से 1998 तक दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। उमा भारती को दे चुके हैं चुनावी मात यादवेंद्र सिंह बुंदेला 2008 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे। तब विधानसभा चुनाव में उमा भारती अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव में उतरी थीं। जहां उन्होंने खुद अपने गृहनगर टीकमगढ़ से चुनाव लड़ा था। लेकिन यहां उन्हें यादवेंद्र सिंह बुंदेला से हार का सामना करना पड़ा था।

बजट में भेदभाव का आरोप… संसद के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament नई दिल्ली (Parliament Monsoon Session 2024)। देश का विपक्ष लोकसभा में पेश आम बजट 2024-24 (Union Budget 2024-25) से खुश नहीं है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोपों से इनकार किया है। इस बीच, इस मुद्दे पर बुधवार को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव समेत तमाम बडे़ नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘कई राज्यों को बजट में न्याय नहीं मिला है। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं।’ वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘हम सभी मांग कर रहे थे कि किसानों को एमएसपी मिलना चाहिए, लेकिन समर्थन मूल्य किसानों के बजाय उन गठबंधन सहयोगियों को दिया जाता है जो अपनी सरकार बचा रहे हैं। सरकार महंगाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है। उत्तर प्रदेश को कुछ नहीं मिला।’ लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ने लगाई फटकारवहीं, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने फटकार लगाई। इससे पहले बजट पेश होने के बाद मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्ष दलो के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, राकांपा प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक-ओ-ब्रायन और कल्याण बनर्जी, द्रमुक के टीआर बालू, जेएमएम की महुआ माझी, आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और संजय सिंह समेत अन्य नेता शामिल हुए थे। बजट से खुश नहीं विपक्ष, बनाई विरोध की रणनीतिबैठक में तय हुआ है कि सरकार के भेदभाव के खिलाफ विरोध जताया जाएगा।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी नेता संसद भवन का बाहर जुटेंगे।प्रमुख विपक्षी नेता संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।कांग्रेस शासित राज्यों के CM 27 जुलाई को नीति आयोग की बैठक में नहीं जाएंगे।

बजट 2024 : ‘हमें किसी की भीख नहीं चाहिए, बंगाल से जलते हैं पीएम मोदी’, ममता बनर्जी

Budget 2024: 'We do not want anyone's alms, PM Modi is jealous of Bengal', Mamata Banerjee

Budget 2024: ‘We do not want anyone’s alms, PM Modi is jealous of Bengal’, Mamata Banerjee कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को संसद में पेश आम बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जनविरोधी व गरीब विरोधी बजट करार दिया है। विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में ममता ने कहा कि आम बजट में बंगाल के साथ फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पश्चिम बंगाल से जलते हैं। बंगाल की जनता जवाब देगीममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को किसी की भीख नहीं चाहिए। बंगाल की जनता फिर इसका जवाब देगी। ममता ने कहा कि बजट में आम आदमी व गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। बंगाल के साथ फिर पूरी तरह भेदभाव किया गया है। बंगाल का केंद्र पर 1.71 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है, पर हमारे राज्य को एक रुपया भी बजट में नहीं दिया गया है। दूसरे राज्यों से भेदभाव नहीं होना चाहिएबनर्जी ने कहा कि बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष तरजीह देने के सवाल पर ममता ने कहा कि हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन बंगाल सहित दूसरे राज्यों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह पूरी तरह राजनीतिक बजट है। ममता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल से जलते हैं।

सरकार बचाने के लिए, बिहार एवं आन्ध प्रदेश सरकार को दिया भारी-भरकम बजट: फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government: Faizabad MP Awadhesh Prasad Budget 2024: केंद्रीय बजट 2024 पेश होने के बाद पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश में विपक्ष यह आरोप लगातार लगा रहा है कि राज्य के हिस्से कुछ नहीं आया. इस बीच फैजाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर कहा, ‘यह जो अल्पमत की सरकार है उसे बचाने का बजट है. इसमें लगभग पूरे देश की अनदेखी की गई है. इसमें अयोध्या, उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है. यह कुर्सी बचाने का बजट है इसलिए दो राज्यों को प्राथमिकता दी गई है और बाकी राज्यों की अनदेखी की गई है, यह भाजपा को महंगा पड़ेगा.”

जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBI जांच से नर्सिंग घोटाले तक इन मुद्दों पर किए सवाल

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi, asked questions on issues ranging from CBI investigation to nursing scam. Jitu Patwari Letter to PM Modi: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने मंगलवार (23 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखा है. जीतू पटवारी ने इस पत्र में सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेने पर आपत्ति जताई है. साथ ही पटवारी ने पत्र में नर्सिंग घोटाले का भी जिक्र किया है. जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “प्रधानमंत्री जी जब शिवराज सिंह चौहान जी को हटा कर आपकी सहमति से ही मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब हमें उम्मीद थी कि व्यापम जैसी व्यवस्था दोबारा इस प्रदेश में नहीं होगी, लेकिन हाल ही में आपकी डबल इंजन सरकार के द्वारा लिया गया एक फैसला काफी सारे सवाल खड़ा कर रहा है, जिनका जवाब आपकी मध्य प्रदेश सरकार से लेकर जनता को बताया जाना चाहिए.” जीतू पटवारी ने पीएम से किया ये सवालउन्होंने आगे लिखा कि “प्रदेश की सरकार ने हाल ही में एक फैसला लिया है, जिसके तहत राज्य में अब सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेनी होगी. मंजूरी मिलने के बाद ही जांच एजेंसियां एक्शन ले पाएंगी, मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ही गृह मंत्रालय का दायित्व भी है, इसलिए बिना उनकी सहमति के निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा नहीं लिया जा सकता” जीतू पटवारी ने लिखा कि “सब जानते हैं कि मध्य प्रदेश में जनता के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी लगातार नर्सिंग घोटाले का पर्दाफाश कर रही है, जिसके तहत लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं. इस घोटाले में भारतीय जनता पार्टी के मंत्री और अन्य नेताओं की भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है. अब ऐसा प्रतीत होता है कि यदि सही से जांच हो तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है. ऐसे में प्रदेश की जनता के जेहन में कुछ सवाल हैं जैसे क्या प्रधानमंत्री जी को इस घोटाले और राज्य सरकार द्वारा सीबीआई के संदर्भ में लिए गए फैसले की जानकारी है?” उन्होंने आग लिखा कि “यदि हां तो क्या कारण है कि यह फैसला लिया गया? क्या आपकी राज्य सरकार को केंद्र सरकार की एजेंसियों पर भरोसा नहीं है? ये प्रश्न आपसे इसलिए पूछे जा रहे हैं क्योंकि आप ही ने चुनाव के समय मध्य प्रदेश में आकर गारंटियों की बात कही थी और डबल इंजन सरकार का जुमला भी आप ही के द्वारा लगातार दिया जाता रहा है. कई विपक्षी राज्यों ने भी इस तरह के फैसले लिए हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां एक अलग पार्टी की सरकार होने के कारण कई बार किसी दूसरी मानसिकता के साथ काम करती है. लेकिन मध्य प्रदेश में तो आप ही की पार्टी की सरकार है.” MP सरकार जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है?जीतू पटवारी ने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री जी मध्य प्रदेश ने आपको 29 में से 29 सांसद चुन कर दिए हैं तो आपकी यह जिम्मेदारी बनती कि मध्य प्रदेश के लोगों को बताएं कि क्या सीबीआई की जांच के लिए लिखित में प्रदेश सरकार से अनुमति लेना क्या आपकी सरकार की नीति है? केंद्र और राज्य सरकार में सामंजस्य का अभाव क्यों है? लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में आपकी सरकार स्थिर नहीं है? जिसके कारण मध्य प्रदेश सरकार भी आपकी जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है? उन्होंने लिखा कि “क्या व्यापम घोटाले के बाद बदनाम हुए मध्य प्रदेश में नर्सिंग घोटाले को लेकर सीबीआई जांच केवल दिखावा है, क्योंकि अगर हर मामले में सीबीआई को राज्य सरकार से ही अनुमति लेनी है तो फिर सीबीआई जांच का मतलब ही क्या रह गया? क्या प्रदेश सरकार आपसे कुछ छुपा रही है? क्या आपके किसी लाडले मंत्री को गिरफ्तारी से बचाने के लिए इस तरीके का फैसला लिया गया है? क्या यह फैसला मुख्यमंत्री की जानकारी के बगैर अधिकारियों ने अपने को बचाने के लिए ले लिया है मध्य प्रदेश की जनता इन सारे सवालों के जवाब की आपसे उम्मीद करती है.”

बजट से किसानों को ज्यादा फायदा नहीं, कंपनियों को होगा मुनाफा- किसान नेता राकेश टिकैत

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit - farmer leader Rakesh Tikait

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit – farmer leader Rakesh Tikait वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारणम ने आज मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-2025 पेश कर दिया है. बजट में खेती और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं, लेकिन बजट से किसान ज्यादा खुश नहीं बताए जा रहे हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जमीनी स्तर पर इस बजट से कोई फायदा नहीं होने वाला है. सरकार फसलों की उचित कीमत देनी चाहिए. बजट पर निराशा जाहिर करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें (केंद्र को) यह बजट कागजों पर तो ठीक लगता होगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इससे किसानों को किसी तरह का कोई फायदा नहीं होने वाला है. कंपनियों को इसका लाभ जरूर होगा. जो आर्गेनिक या नेचुरल खेती की बात है तो इसके लिए कोई एनजीओ, कंपनी या फिर कोई संस्था होगी जो यह काम लेगी और कहेगी कि हमने इतने किसानों को खेती करना सिखाया. किसानों को सिखाने का इतना खर्चा आदि आएगा. मतलब यह कि सीधा लाभ उन्हें मिलेगा. किसानों को लाभ पहुंचाया जाएः टिकैतराकेश टिकैत ने कहा कि अगर किसानों को लाभ पहुंचाना है तो उसे उसकी फसलों की पूरी कीमत देनी होगी. इसके लिए खास प्रावधान करना पड़ेगा. किसानों को खेती के लिए मुफ्त में पानी चाहिए. मुफ्त में बिजली और सस्ती खाद चाहिए, किसानों के लिए खेती के उपकरणों पर जीएसटी कम करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि किसानों के स्वास्थ्य पर क्या किया गया. उनके लिए शिक्षा मुफ्त की जानी चाहिए. बजट में किसानों के लिए क्याइससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. साथ ही सरकार जलवायु अनुकूल बीज विकसित करने के लिए अनुसंधान की व्यापक समीक्षा भी करेगी. बजट में किसानों के उत्पादकता बढ़ाने और खेती में सहनीयता लाने के उपायों के एक हिस्से के रूप में बजट में कृषि अनुसंधान पर जोर देने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और राष्ट्रीय सहकारिता नीति जैसे विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है. बजट में किसानों की फसलों की उच्च उपज वाली 109 नई किस्मों और जलवायु अनुकूल 32 नई किस्मों को जारी करने की घोषणा की गई है.

‘बेरोजगारी-महंगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्द गायब : बजट पर बोले अखिलेश यादव

'The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget

‘The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget Union Budget 2024 News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का पहला बजट मंगलवार (23 जुलाई) को पेश किया है. मोदी सरकार के पहले बजट को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दल के नेता जमकर तारीफ कर रही हैं. तो वहीं विपक्ष के नेता मोदी सरकार पर हमला बोल रही हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव मोदी 3.0 के पहले बजट पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा है, ”ग्यारहवें बजट में बेरोज़गारी-महँगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्दा नौ दो ग्यारह हो गया है.” अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार के ग्यारहवें बजट में बेरोजगारी के मुद्दे गायब हो गए हैं. तो वहीं किसान, देश में बढ़ती महंगाई और महिला-युवा का मुद्दा भी गायब हो गया है.

किसान विरोधी एवं मोदी का सिंहासन बचाने वाला बजट: मल्लिकार्जुन खड़गे

Budget that is anti-farmer and will save Modi's throne: Mallikarjun Kharge

Budget that is anti-farmer and will save Modi’s throne: Mallikarjun Khargeये बहुत ही निराशाजनक बजट है, जो नरेंद्र मोदी का सिंहासन बचाने के लिए पेश किया गया है।इस बजट में किसानों के लिए MSP की गारंटी या खाद में सब्सिडी जैसा कुछ नहीं है। वहीं रेलवे में इतनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा, रेलवे भर्ती जैसी जरूरी चीजों की बात नहीं की गई। मोदी सरकार ने रेलवे का बजट बहुत कमजोर बनाया है।

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