भाजपा विधायक का विवादित बयान: राहुल गांधी को संसद में बंद करके थप्पड़ों से पीटा जाए
BJP MLA’s controversial statement: Rahul Gandhi should be locked in Parliament and beaten with slaps
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‘Madhya Pradesh! Strange swearing in of a strange state!’
चंडीगढ़ बीजेपी विधायक मोहन लाल बडौली को हरियाणा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। अभी तक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री नायब सैनी ही संभाल रहे थे। पार्टी ने विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर विधायक मोहन लाल बडौली को हरियाणा में संगठन की कमान सौंपी है। मोहन लाल बडौली सोनीपत जिले की राई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे मुख्यमंत्री नायब सैनी के काफी विश्वस्त माने जाते हैं। पार्टी महासचिव अरुण सिंह के अनुसार बडौली की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। बडौली अभी तक हरियाणा बीजेपी के संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। ऐसे में वह प्रदेश महामंत्री से अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। मोहन लाल सोनीपत जिले की राई तहसील के बडोली गांव से आते हैं। नायब सैनी की जगह लेंगे बडौली ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के सीएम रहने के बाद राज्य में बीजेपी की कमान पार्टी ने नायब सिंह सैनी को सौंपी थी। इसके बाद वह सीएम बने गए थे। तब से वह सरकार और संगठन दोनों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हरियाणा में इस साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले बडौली की नियुक्ति अहम मानी जा रही है। पिछले दिनों राज्य के दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले विधानसभा चुनावों चुनावों में मुख्यमंत्री नायब सैनी को ही सीएम फेस रखने के संकेत दिए थे। लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हरियाणा में पांच सीटों पर नुकसान हुआ है। ऐसे में पार्टी से विधानसभा चुनावों के लिए एक्शन मोड में आ चुकी है। मोहन लाल बड़ौली ने 2019 के चुनाव में राई विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी और पहली बार विधायक बने थे। उन्हें 2,663 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन इसके मायने ज्यादा थे। यह इसलिए क्योंकि राई विधानसभा से उन्होंने पहली बार भाजपा को जीत दिलाई थी। मोहन लाल बड़ौली 1989 से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे। माना जाता है कि आरएसएस का भरोसा भी उन्हें हासिल है। मोहन लाल बड़ौली का जन्म 1963 में हरियाणा के सोनीपत जिले की राई तहसील के बड़ौली गांव में हुआ था। उनके पिता काली राम कौशिक अपने गांव के एक सम्मानित कवि थे और सोनीपत के जांटी के कवि पंडित लखमी चंद के बहुत बड़े प्रशंसक थे। वे एक किसान और व्यवसायी हैं। ब्राह्मण समाज से आने वाले मोहन लाल ने अपने नाम के पीछे गांव की पहचान को जोड़ा है। गौरतलब है कि इस बात की चर्चा थी कि ब्राह्मण समाज के किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कमान दी जा सकती है। राम विलास शर्मा जैसे वरिष्ठ नेता का नाम भी इस रेस में चल रहा था। लेकिन भाजपा हाईकमान ने पहली बार के विधायक मोहन लाल बड़ौली पर दांव लगाया।
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जयपुर कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को यहां आयोजित होगी जिसमें विधानसभा के बजट सत्र को लेकर चर्चा होगी तथा नवनिर्वाचित विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पार्टी के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि नौ जुलाई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। पार्टी के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस एवं विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्कलूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) तथा भारत आदिवासी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों का स्वागत करेंगे। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि नौ जुलाई को यहां एक होटल में विधायक दल की बैठक शाम चार बजे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी तथा जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए रणनीति तैयार होगी। इस बैठक के बाद नवनिर्वाचित विधायकों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन होगा। चतुर्वेदी ने बताया कि एक घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कांग्रेस तथा ‘इंडिया’ गठबंधन के नव निर्वाचित सांसदों का स्वागत किया जाएगा। राज्य विधानसभा का बजट सत्र इस समय चल रहा है और दस जुलाई को बजट पेश किया जाना है। राजस्थान में शैडो केबिनेट बनाने जा रही कांग्रेस …. – प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार खींचतान चल रही है. एक तरफ विपक्ष लोकसभा चुनाव में जीत के बाद उत्साहित नजर आ रहा है, वहीं सत्ता पक्ष 10 जुलाई को बजट (Budget Session) पेश करने की तैयारी में है. ऐसे में सत्ता पक्ष जनकल्याणकारी योजनाओं और बेरोजगारों को रोजगार देकर आम आदमी को खुश करना चाहेगा. इसी कड़ी में भजनलाल सरकार (Bhajan Lal Government) को बजट सत्र में विपक्ष विधानसभा में आड़े हाथ लेने की कोशिश में जुटी हुई है. इसलिए विधानसभा में आमजन के मुद्दों को उठाने के साथ ही विपक्ष शैडो केबिनेट (Shadow Cabinet) की भी तैयारी में है, जिसके लिए कल यानी मंगलवार को शाम नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में बजट सत्र पर भी चर्चा होगी. विपक्ष कर रहा है शैडो केबिनेट बनाने की तैयारी इसमें विपक्ष सरकार के हर फैसले के साथ हर मंत्री के विभाग की बारीकी से जांच करेगा. इसके लिए पार्टी में नए और ऊर्जावान विधायकों के साथ ही अनुभवी विधायकों के बीच जल्द ही विभागों का बंटवारा किया जाएगा. इसके लिए कांग्रेस मंगलवार को बैठक करेगी. इस मीटिंग में पार्टी विधायकों को उनके अनुभव के आधार पर काम सौंपेगी. साथ ही नवनिर्वाचित विधायकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. जिससे वे सही समय पर राज्य सरकार पर दबाव बना सकें. ये रहेंगे मौजूद इस बैठक में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत सभी विधायक मौजूद रहेंगे. क्या होती है शैडो कैबिनेट शैडो मंत्रिमंडल वरिष्ठ विपक्षी नेताओं का एक समूह है, जिन्हें सत्तारूढ़ मंत्रिमंडल के पदों को प्रतिबिंबित करने के लिए नियुक्त किया जाता है। छाया मंत्रिमंडल की अवधारणा भारत में उतनी प्रचलित नहीं है, जितनी अन्य देशों में है. जनता को उसके लोकतांत्रिक हक का इस्तेमाल करने दे भाजपा सरकार : गहलोत राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार लोगों को जयपुर में धरना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली ना अपनाए एवं जनता को उसके लोकतांत्रिक हक का इस्तेमाल करने दे। गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा ‘‘कई युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने मेरे कार्यालय में आकर एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि वे बेरोजगारी भत्ता, रोजगार, राजीव गांधी युवा मित्र बहाली, भर्तियों की घोषणा जैसे मुद्दों पर जयपुर में धरना प्रदर्शन करना चाहते हैं परन्तु प्रशासन उन्हें सरकार के दबाव में अनुमति नहीं दे रहा है।’’ गहलोत ने कहा कि धरना प्रदर्शन के लिए आरक्षित शहीद स्मारक से भी उन्हें बार-बार बल-प्रयोग कर भगा दिया जाता है जो कि उचित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में अपने हक के लिए शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन जनता का अधिकार है। उनकी बात सुनना सरकार का कर्तव्य है। मैं सरकार एवं पुलिस प्रशासन से आग्रह करता हूं कि इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली ना अपनाएं एवं जनता को उनका लोकतांत्रिक हक इस्तेमाल करने दें।’’
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