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अपन रिजेक्टेट नहीं हैं, मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं: शिवराज सिंह चौहान

I am not a rejectee, my politics is not for any post: Shivraj Singh Chouhan पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री चौहान भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम शिवराज सिहं चौहान युवाओं में जोश भरा उन्हें राजनीति में आने का आह्वान किया, उन्होंने कहा कि लोग मुझे फॉर्मर चीफ मिनिस्टर कहते हैं लेकिन अपन रिजेक्टेड नहीं हैं, उन्होंने कहा कि अपन छोड़ के भी आए तो ऐसे आए कि हर जगह जनता का स्नेह और प्यार मिलता है। जहां जाते है वहां लोग कहते है मामा मामा मामा, जनता का स्नेह और प्यार यही अपनी असली दौलत है। शिवराज ने आगे कहा कि छोड़ दिया इसका मतलब यह नहीं है कि राजनीति नहीं करुंगा। मैं राजनीति करूंगा। मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं बड़े लक्ष्य के लिए हैं। इसीलिए आपको आह्वान करने आया हूँ । राजनीति में आने से डरो मत आगे बढ़ा।

लड़ेगी सभी 29 सीटें, लेकिन 10 लोकसभा सीटों में ध्यान केंद्रित करेगी कांग्रेस

Will contest all 29 seats, but Congress will focus on 10 Lok Sabha seats भोपाल। विधानसभा चुनाव में हार से उबर कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। नतीजा जो भी आए, लेकिन तैयारी के लिहाज से भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिखने लगी है। कांग्रेस लड़ेगी तो सभी 29 लोकसभा सीटें, लेकिन 10 सीटों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। इनमेंे से 9 सीटों में विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के कारण पार्टी को उम्मीद है। 10 वीं सीट राजगढ़ है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि यहां से दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़े तो यहां भी जीत दर्ज की जा सकती है। छिंदवाड़ा से आगे बढ़ना चाहती है कांग्रेसकांग्रेस की बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कह चुके हैं कि लगभग 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी 1 या 2 फीसदी के अंतर से चुनाव हारे हैं। 5 लोकसभा क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके अलावा 4 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी है। जीतू पटवारी का मानना है कि यदि व्यवस्थित चुनाव लड़ा जाए और प्रत्याशी अच्छे हों तो पांसा पलटते देर नहीं लगेगी। कांग्रेस का टारगेट छिंदवाड़ा के साथ ये 9 सीटें हैं, जहां के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पांच क्षेत्रों में ज्यादा विधानसभा सीटें जीती कांग्रेसविधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बावजूद 5 लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां, कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतीं। छिंदवाड़ा में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटें हार गई। मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटें हार गई जबकि तोमर यहां से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। धार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस से 5 विधानसभा सीटों में पिछड़ गई। खरगोन के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटें जीत सकी। पांचवी सीट है रतलाम-झाबुआ। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट जीत सकी। चार लोकसभा क्षेत्रों में रही बराबरी की टक्करप्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग बराबरी की टक्कर हुई। कांग्रेस इन सीटों में भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। इनमें भिंड, ग्वालियर और बालाघाट लोकसभा क्षेत्रों में दोनों दलों भाजपा- कांग्रेस को 4-4 विधानसभा क्षेत्रों में जीत मिली है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भिंड की सभी 8, ग्वालियर की 6 और बालाघाट की 7 विधानसभा सीटों में बढ़त बना कर जीत दर्ज की थी। टीकमगढ़ में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें गंवा दीं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि यहां जोर लगाया जाए तो सफलता मिल सकती है। तैयारी ठीक, लेकिन पिछली बार जैसा हाे सकता हश्रलोकसभा चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस की तैयारी अच्छी है लेकिन उसे यह भी याद रखना होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद तो कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तक बना ली थी। उसकी सरकार रहते 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था, इसमें कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। किसी तरह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीत सके थे। जब सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में एक सीट तक के लाले पड़ गए थे तो अब जब प्रदेश में भाजपा बंपर जीत के साथ सत्ता में है तो कांग्रेस का हश्र पिछले लोकसभा चुनाव जैसा हो सकता है। तैयारी में भाजपा से आगे दिख रही कांग्रेसइसमें कोई संदेह नहीं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिख रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन में देरी किए बगैर कांग्रेस आलाकमान चुनाव घोषणा पत्र समिति पहले ही गठित कर चुका था, अब प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए जा चुके हैं। तैयारी के सिलसिले में कांग्रेस पार्टी विधायकों, विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों, प्रभारियों, जिलाध्यक्षों की बैठकें कर चुकी है। इनमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई है। तय किया जा चुका है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाएगा और प्रत्याशियों की घोषणा भी जल्दी कर दी जाएगी ताकि प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस नेताओं का आरोप – चंपत राय ने जमीन घोटाला किया, उन्हें ही बनाया प्रमुख

Congress leaders’ allegation on Ram Mandir Pran Pratistha – Champat Rai did land scam, made him the chief भोपाल। कांग्रेस के सीनियर लीडर व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर का पैसा खा गए। शुरूआती राम मंदिर आंदोलन में अरबों रुपए इकट्ठा हुए। ऐसे में भूरिया ने सरकार से चंदे का पूरा हिसाब मांगा है।मुरैना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी बुधवार रात राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बहाने बीजेपी और आरएसएस को जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने कहा, कि जब शंकराचार्य को नहीं बुलाया जा रहा है तो फिर कांग्रेस निमंत्रण कैसे स्वीकार कर ले। दिग्विजय का कहना है कि हमारी ये घोर आपत्ति है कि हमारे शंकराचार्य को अपमानित किया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कौन-सा धर्म का ठेका ले लिया है, क्या अधिकार है राम मंदिर पर चंपत राय कौन हैं। ये संघ के प्रचारक हैं और जमीन का घोटाला किया है और इन्हीं को प्रमुख बना दिया गया है।राम मंदिर आंदोलन में आए पैसे का हिसाब रखे बीजेपीरतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान भूरिया ने कहा कि जनता हिसाब मांग रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश के सभी लोगों का पैसा लगा है। हर वर्ग के व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए पैसा दिया है। बीजेपी ऐसे प्रचार कर रही है कि राम सिर्फ बीजेपी के ही हैं। भगवान राम सभी के हैं। उनका भव्य मंदिर बनना चाहिए। अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनाने के लिए सालों से आंदोलन चल रहा था। सरकार से हमारी मांग है कि मंदिर बनाने के लिए सालों से जो आंदोलन हुआ और जो अरबों का पैसा आया है, उसका एक- हिसाब रखे। इस पैसे से मंदिर को भव्य बनाएंदेश में अब जातियों को लड़ा रही बीजेपीदिग्विजय सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय से वहां की पूजा निर्मोंह अखाड़ा करता था। उसे क्यों छीना गया। बीजेपी ने सिर्फ राम मंदिर को एक इवेंट बना लिया है, इसलिए वह अपने, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को धर्म के नाम पर आगे करती है। उनका कहना है कि बीजेपी ने हमेशा पहले हिंदू – मुसलमानों को लड़ाया है। अब देश के अंदर रहने वाली सभी जातियों को लड़ाने का काम कर रही है। इन्होंने पहले धर्म के नाम पर हिंदू – मुसलमान को बांटा, अब भगवान राम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। फूट डालो शासन करो, जो ब्रिटिश हुकूमत की पॉलिसी थी, उस पर बीजेपी संघ और हिंदू परिषद चल रही है। अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयान भी सामने आ चुके हैं।

दो लाख बहनों के काटे नाम मोहन सरकार ने, नेता प्रतिपक्ष

Mohan government deleted names of two lakh sisters Leader of Opposition भोपाल ! नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप, कहा- सरकार ने घटाई लाडली बहना की संख्या, दो लाख बहनों के काटे नाम शिवराज सरकार के कार्यकाल की महत्वपूर्ण योजना लाडली बहना एक बार फिर सवालों के घेरों में है। कांग्रेस ने योजना को लेकर सूबे की नई नवेली मोहन सरकार पर निशाना साधा था। लाडली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लाडली बहना योजना में दो लाख नाम घटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन सरकार यादव ने बुधवार को लाडली बहना योजना के तहत सातवीं किस्त डाली। इसमें 1250 रुपए की धन राशि लाभार्थी बहनों के खाते में डाली गई। इसमें 1.29 करोड़ बहनों को 1576 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष का वार योजना को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाडली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज सीएम थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए सीएम मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश- 22 जनवरी को बल्व बुझे नहीं

Energy Minister Pradyuman Singh Tomar’s instructions – do not switch off bulbs on January 22 भोपाल। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर देश वासियों को बेसब्री से इंतजार है। 22 जनवरी को पूरा देश दिवाली मनाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश जारी किया कि 22 जनवरी को प्रदेश में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में रामलला के मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन एवं अन्य चैनलों के माध्यम से किया जायेगा। कार्यक्रम का स्वरूप अत्यंत व्यापक होगा और जन-सामान्य उक्त कार्यक्रम के साक्षी होना चाहेंगे। अत: इस दिन विद्युत व्यवधान नहीं होना चाहिए। उस दिन बिजली का मेंटनेंस का कार्य ना किया जाए। उन्होंने कहा है कि विद्युत व्यवधान होने से जन-सामान्य को कार्यक्रम देखने में असुविधा हो सकती है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का निधन।

Nandkumar Baghel, father of former Chief Minister Bhupesh Baghel, passes away. विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का आज तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया है। 89 वर्षीय नंदकुमार बघेल का निधन सुबह करीब 6 बजे हुआ है, नंद कुमार बघेल पिछले 3 महीने से राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। नंद कुमार बघेल लंबे समय से अस्वस्थ थे और बीमारी की वजह से कमजोर हो गये थे। जहां पिता के निधन की खबर मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली दौरे से वापस लौट रहे हैं, वे दोपहर 1:40 की फ्लाइट से वापस राजधानी रायपुर लौटेंगे। वहीं नंदकुमार बघेल का अंतिम संस्कार 2 दिन बाद हो सकने की संभावना व्यक्त की जा रही है क्योंकि भूपेश बघेल की छोटी बहन भारती बघेल जो अमेरिका में रहती है उनके छत्तीसगढ़ लौटने के बाद ही अंत्येष्टि कार्यक्रम किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बघेल परिवार के गृह ग्राम कुरूद डीह में 10 जनवरी को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को शांतिनगर स्थित पाटन सदन में रखा जायेगा।राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने नंदकुमार बघेल के निधन पर जताया शोक राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवारजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना ईश्वर से की है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने किया पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल के निधन पर शोक व्यक्त छग पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का निधन दुःखद है। शोक की इस घड़ी में हम सब उनके साथ है, ईश्वर शोक संतप्त परिवार को इस दुःख को सहन करने का सामर्थ्य दें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नंदकुमार बघेल के निधन पर जताया शोक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया हैl उन्होंने मृत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवारजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना ईश्वर से की है।

मिशन 2024 भाजपा जीतेगी 421 से अधिक सीटे

Mission 2024 BJP will win more than 421 seats उदित नारायण लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बनाया फुलप्रुफ प्लान…मोदी बनेंगे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा…अबकी बार 40 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ेगी पार्टी -मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण बनेगा भाजपा की मजबूती का आधार -बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटें जीतने की तैयारी -आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करने का लक्ष्य -बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी नई दिल्ली । भारत के राजनीतिक इतिहास में साल 1984 के आम चुनावों में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड दर्ज है। कांग्रेस ने उस वक्त 523 लोकसभा सीटों में से 414 पर अकेले जीत दर्ज की थी। ये चुनाव प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के करीब दो महीने बाद हुई थी इसलिए कांग्रेस के पक्ष में सहानुभूति की लहर भी थी। लेकिन भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 40 साल पुराने इस रिकॉर्ड का तोडऩे की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार 421 सीटें जीतेगी। इस जीत के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय इतिहास के सबसे बड़े राजनेता बन जाएंगे। गौरतलब है कि तीन राज्यों में भारी जीत के बाद भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए नारा गढ़ लिया है, अगली बार 400 पार(421 सीटें)। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसके लिए भाजपा ने फुलप्रुफ प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत राज्यवार लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्टी की रणनीति के अनुसार बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटों पर भाजपा को जीतना जरूरी होगा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करनी होगी बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी मोदी मैजिक का जवाब नहीं भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि वर्तमान समय में पीएम मोदी के मैजिक का जवाब नहीं है। मप्र, छग और राजस्थान की जीत ने यह साबित कर दिया है। भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया के चुनावी मुद्दों का जिस तरह तीन राज्यों में दम निकला है, उसका फायदा हिंदी भाषी अन्य राज्यों में हो सकता है। लोकसभा चुनाव में करीब पांच महीने बाकी हैं। जिन तीन राज्यों में भाजपा ने परचम लहराया है, उसमें 65 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें से अभी भाजपा के पास 61 सीटें हैं। हिंदी भाषी प्रदेश बिहार, यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र, दिल्ली, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 193 सीटें हैं। इन राज्यों में 177 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा के लिए चुनौती है कि इन राज्यों में अपनी सीट न सिर्फ बरकरार रखे बल्कि इसकी संख्या में इजाफा भी करे। हिंदी भाषी राज्यों में जबरदस्त करंट भाजपा के आंतरिक सर्वे के अनुसार हिंदी भाषी राज्यों में पीएम मोदी के पक्ष में जबरजस्त करंट है। मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण भाजपा की मजबूती का आधार आधार बनेगा। विधानसभा चुनावों के इफेक्ट का आकलन करें तो यूपी और बिहार में ही भाजपा अधिकतम सीटें जीत सकती है। मगर पूर्ण बहुमत के लिए पार्टी को बंगाल, असम, महाराष्ट्र और गुजरात में भी 2019 का प्रदर्शन दोहराना होगा। 2019 के चुनाव में बंगाल में भाजपा को 18, महाराष्ट्र में 23 और गुजरात की सभी 26 सीटों पर जीत मिली थी। लोकसभा चुनाव में भी चलेगा मोदी मैजिक पिछले दो लोकसभा चुनाव में भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे के सहारे मैदान में उतरी है। इस कारण लगातार दो बार पूर्ण बहुमत भी मिला। मगर मोदी लहर के बावजूद कई बड़े राज्य ऐसे हैं, जहां भाजपा का खाता भी नहीं खुला। भाजपा कश्मीर से बिहार तक अगर उत्तर भारत की सभी सीटें जीत जाती हैं तो उसे 245 सीटें मिलेंगी। ऐसा चमत्कार भारत की राजनीति में संभव नहीं है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए पार्टी को केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश में भी 10-10 सीटों की जरूरत होगी। इसके लिए पार्टी ने रणनीति बना ली है। वर्तमान में इन राज्यों की कुल 118 सीटों में से भाजपा के पास सिर्फ चार सीटें हैं, जो तेलंगाना में मिली थीं। पिछले आम चुनाव में भाजपा ने 28 में 25 सीटें दक्षिण भारत के राज्य में जीती थीं। इस बार पार्टी ने जेडी एस के साथ चुनावी समझौता किया है। समझौते के कारण भाजपा को 4 सीटें जेडी-एस को देनी होगी। यानी उसे उम्दा प्रदर्शन के लिए अपने खाते की सभी 24 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। इसके अलावा बिहार में भी महागठबंधन में शामिल आरजेडी और जेडी यू भी दम रखती है। वहां भाजपा के लिए खुद की सीटों का बढ़ाना भी चुनौती है। 2014 के चुनाव में भाजपा अपने दम पर सर्वाधिक 22 सीट ही जीत सकी थी। पूर्वी भारत पर फोकस भाजपा के पास ओडिशा से केवल आठ लोकसभा सांसद हैं, जबकि बीजेडी के पास 20 सीटें हैं। इस पूर्वी राज्य में भी भाजपा के लिए विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। सपने पूरे करने के लिए बंगाल में भी भाजपा को अपने पुराने रेकॉर्ड 19 सीटों से आगे बढऩे की जरूरत होगी। आंध्रप्रदेश, केरल और तमिलनाडु में भाजपा का खाता नहीं खुला था। पूर्वोत्तर के राज्यों की कुल 25 लोकसभा सीटों में से अभी तक भाजपा 11 क्षेत्रों में काबिज है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए भाजपा को सभी 25 सीटें जीतनी होंगी। इसके अलावा भाजपा को खुद गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीटों को विपक्ष के हाथों में जाने से बचाना होगा। मिशन 2024 के लिए टारगेट राज्य 2024 में जीत की संभावना उत्तर प्रदेश 74 महाराष्ट्र 40 बिहार 35 आन्ध्र प्रदेश 10 तमिल नाडु 10 पश्चिम बंगाल 30 मध्य प्रदेश 29 कर्नाटक 26 गुजरात 26 राजस्थान 25 उड़ीसा 15 केरल 10 तेलंगाना 8 असम 12 झारखण्ड 12 पंजाब 2 छत्तीसगढ़ 11 हरियाणा 10 दिल्ली 7 जम्मू और कश्मीर 3 उत्तराखण्ड 5 हिमाचल प्रदेश 4 अरुणाचल प्रदेश 2 गोवा 2 त्रिपुरा 2 मणिपुर 1 मेघालय 1 अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह 1 चण्डीगढ़ 1 लद्दाख 1 दादर और नागर हवेली,दमन व दीव … Read more

विवाह योग्य युवक-युवतियों के सामाजिक परिचय सम्मेलन समाज के लिए लाभदायक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।

विवाह योग्य युवक-युवतियों के सामाजिक परिचय सम्मेलन समाज के लिए लाभदायक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय। सतनामी उत्थान एवं जागृति समिति द्वारा आयोजित सतनामी युवक-युवती परिचय सम्मेलन को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित। विशेष संवाददाता रायपुर  रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित खालसा स्कूल परिसर में सतनामी उत्थान एवं जागृति समिति द्वारा आयोजित सतनामी युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए लाभदायक होते हैं। समाज के गुरु बालदास साहब ने अपने पुत्र का विवाह, समाज द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन और आदर्श सामूहिक विवाह में कराकर समाज के सामने एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से वर-वधु खोजने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ता, एक मंच पर ही विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय प्राप्त होता है। आगे चलकर वे विवाह के पवित्र बंधन में बंधते हैं। ऐसे आयोजनों से समय और धन की बचत होती है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में शामिल होने वाले युवक-युवतियों को उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान करते हुए शुभकामनाएं दी। उन्होंने सतनामी समाज द्वारा आयोजित इस परिचय सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिमी संस्कृति में विवाह भले ही कॉन्ट्रेक्ट होता है लेकिन हमारी संस्कृति में विवाह एक पवित्र संस्कार और सात जन्मों का साथ होता है। ऐसे आयोजनोें से दो परिवारों को शादी संबंध स्थापित करने में काफी सहूलियत होती है।  मुख्यमंत्री साय ने इसके पहले बाबा गुरू घासीदास जी की पूजा अर्चना कर एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर भंडारपुरी गद्दीनशीन धर्म गुरु श्री बालदास साहब, नवनिर्वाचित विधायक गुरु खुशवंत साहब, पूर्व राज्य सांसद  भूषण लाल जांगड़े, पूर्व लोकसभा सांसद  गोविंद राम मिरी, समाज के संरक्षक  सरजू प्रसाद घृतलहरे, सतनामी उत्थान एवं जागृति समिति के अध्यक्ष  जय बहादुर बंजारे भी उपस्थित थे। समाज द्वारा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ध्येय वाक्य ‘‘सबका साथ, सबका विकास। सबका विश्वास और सबका प्रयास‘‘ का अनुसरण कर रही है। हमने लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए मोदी जी की गारंटी पर अमल की शुरूआत कर दी है। उन्होंने सतनामी समाज द्वारा नवा रायपुर में सामाजिक गतिविधियों के लिए जमीन की मांग के संबंध में कहा कि राज्य सरकार सतनामी समाज के विकास के लिए जो भी जरूरी सहयोग होगा करेगी। नवा रायपुर में सामाजिक गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग पर विचार करेंगे। गुरू बालदास साहब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हर समाज में विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिचय सम्मेलन और आदर्श सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी लोगों से ऐसे सामाजिक आयोजनों में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने परिचय सम्मेलन में शामिल होने वाले युवक-युवतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।  सतनामी उत्थान एवं जागृति समिति के अध्यक्ष जय बहादुर बंजारे ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि उनकी समिति द्वारा 23 वर्षाें से परिचय सम्मेलन और आदर्श सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे विभिन्न आयोजनों में अब तक लगभग 19 हजार 500 विवाह योग्य युवक-युवतियों ने अपना परिचय दिया। जिनमें से लगभग 65 प्रतिशत विवाह के पवित्र बंधन में बंधे। नवनिर्वाचित विधायक गुरू खुशवंत साहेब ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए आयोजन की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज को लाभ मिलता है। युवक-युवतियों और उनके परिवारजनों को एक-दूसरे को जानने का अवसर मिलता है। आसानी से विवाह संबंध बनते है। और शादी- ब्याह में समय और धन की बचत होती है।

सिम्स में होंगी एम्स जैसी सुविधाएं : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

सिम्स में होंगी एम्स जैसी सुविधाएं : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए दिए निर्देश। सिम्स को कोनी में स्थानांतरित करने चरणबद्ध रूप से शुरू करें प्रक्रिया। कोनी में सिम्स हेतु 40 एकड़ जमीन की गई है आरक्षित। मार्च के प्रथम सप्ताह में सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल का होगा शुभारंभ। विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर।  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने  बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) का निरीक्षण कर अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने कहा कि शासन की मंशा है कि सिम्स में भी भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं, इसके लिए तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए चिकित्सा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अलग-अलग करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सिम्स की व्यवस्था में और सुधार के लिए मरीजों के इलाज (क्लिीनिकल) एवं प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को अलग-अलग किया जायेगा। अस्पताल प्रशासन के लिए एमबीए उत्तीर्ण प्रशासक और एक जनसम्पर्क अधिकारी नियुक्त किये जाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री का प्रभार लेने के बाद पहली बार बिलासपुर पहुंचकर सिम्स में अधिकारियों की बैठक लेकर इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोनी में सिम्स के नये भवन के लिए लगभग 40 एकड़ भूमि आरक्षित रखी गई है। शहर के बीचों-बीच स्थित सिम्स को कोनी में स्थानांतरित करने के लिए चरणबद्ध रूप से तैयारी शुरू करने को कहा है।  स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक के पूर्व सिम्स अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण भी किया। इलाज कराने पहुंचे मरीजों से मुलाकात कर व्यवस्था की जानकारी ली। बैठक एवं निरीक्षण के दौरानं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, बिल्हा विधायक धरमललाल कौशिक, तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रेणु जी पिल्लई, सिम्स के ओएसडी  आर.प्रसन्ना विशेष रूप से उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने पिछले दो-तीन महीने में अस्पताल की व्यवस्था में आये उल्लेखनीय सुधार के लिए सिम्स अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सकों की सराहना की।

सड़क किनारे सो रहे लोगों को सीएम मोहन यादव ने वितरित किए कंबल

CM Mohan Yadav distributed blankets to people sleeping on the roadside प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड, प्रशासन के साथ सड़क पर निकले मोहन यादव, की ये पहल उज्‍जैन। मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है। इसी बीच उज्‍जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव अधिकारियों के साथ रात में सड़कों पर निकले और सड़क किनारे सो रहे लोगों को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, कि ‘ठंड में कोशिश कर रहे हैं कि सभी को रैन बसेरों तक पहुंचाएं। प्रशासन के साथ आज रात कंबल बांटने निकला था। सभी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि ठंड में प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए लोगों की मदद करें।’

बड़े नेताओं पर फूटा कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों का गुस्सा, बोले- पाल रखे हैं आस्तीन के सांप

The anger of the defeated Congress candidates erupted on the big leaders and said that they have kept snakes in their sleeves. – तो लोकसभा चुनाव में भी होगा विधानसभा जैसा हश्र – बैठक में उठी भितरघाती नेताओं पर कार्रवाई की मांग भोपाल। विधानसभा चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार को भुला नहीं पा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस पराजय से उबर कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसी संदर्भ में शनिवार को विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। यहां पार्टी के बड़े नेताओं पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि इन बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का हश्र विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। कई प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति तथा विजयलक्ष्मी साधौ आदि मौजूद थे। खुले घूम रहे हैं आस्तीन के सांप गुना से विधानसभा का चुनाव लड़े पंकज कनेरिया ने कहा कि कांगेेस के बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया है। ये खुले आम घूम रहे हैं। इनकी शिकायत हम करें तो कहां? मुंगावली से चुनाव लड़े राव यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भितरघात करने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए वर्ना लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनावों जैसा हश्र होगा। कई अन्य प्रत्याशियों ने भी बताया कि किस तरह हम कांग्रेसियों के कारण विधानसभा का चुनाव हार गए। आश्वासन के साथ आगे बढ़ने की नसीहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनी और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। फरवरी अंत तक चुनावाें की घोषणा हो सकती है। इसलिए विधानसभा चुनाव की हार भूलकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने की कोशिश करना है। यह काम इसलिए कठिन नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगभग 100 विधानसभा सीटें एक से दो फीसदी के अंतर से ही हारी है। बजी पलटते देर नहीं लगेगी। बैठक में इन बातों पर भी रहा फोकस बैठक में जीतू ने कांग्रेस की फंडिंग के लिए ब्लाक से लेकर जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों के लिए रािश फिक्स कर दी है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए भी रािश तय की गई है। उन्होंने कहा कि फंडिंग पर खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश का दौरा करूंगा और कार्यकर्ताओं के घरों में ही रुकूंगा। उन्होंने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना है।

गणतंत्र-दिवस परेड में कर्तव्यपथ पर शामिल होगी छत्तीसगढ़ की आदिम जनसंसद की झांकी।

The tableau of Chhattisgarh’s Adim Jan Sansad will be included on the duty path in the Republic Day Parade. विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर। देश के 28 राज्यों के बीच कड़ी प्रतियोगिता के बाद छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की आदिम जनसंसद : मुरिया दरबार” को इस साल नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र-दिवस परेड के लिए चयनित कर लिया गया है। नई-दिल्ली स्थित कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड के लिए 28 में से 16 राज्यों का चयन किया गया है। झांकी का अनूठा विषय और डिजाइन रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति को रिझाने में कामयाब रहा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण सफलता पर बधाई दी है, उन्होंने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ा अवसर बताया है। छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम ‘भारत लोकतंत्र की जननी’ पर आधारित है। यह झांकी जनजातीय समाज में आदि-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं को दर्शाती है, जो आजादी के 75 साल बाद भी राज्य के बस्तर संभाग में जीवंत और प्रचलित है। इस झांकी में केंद्रीय विषय “आदिम जन-संसद” के अंतर्गत जगदलपुर के मुरिया दरबार और उसके उद्गम-सूत्र लिमऊ-राजा को दर्शाया गया है। मुरिया दरबार विश्व-प्रसिद्ध बस्तर दशहरे की एक परंपरा है,  जो 600 सालों से चली आ रही है। इस परंपरा के उद्गम के सूत्र कोंडागांव जिले के बड़े-डोंगर के लिमऊ-राजा नामक स्थान पर मिलते हैं। इस स्थान से जुड़ी लोककथा के अनुसार आदिम-काल में जब कोई राजा नहीं था, तब आदिम-समाज एक नीबू को राजा का प्रतीक मानकर आपस में ही निर्णय ले लिया करता था। झांकी की थीम व डिजाइन स्थानीय स्तर पर वृहद अन्वेषण और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की गई। इस विषय वस्तु पर आधारित झांकी को पांच चरणों की कठिन प्रक्रिया के बाद अंतिम स्वीकृति मिली है। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के सामने थीम और डिजाइन के चयन के बाद झांकी का थ्रीडी मॉडल प्रस्तुत किया गया। अंत में संगीत चयन के साथ ही झांकी को अंतिम स्वीकृति मिल गई। झांकी की थीम और डिजाइन ने चयनकर्ताओं को खासा आकर्षित किया। परेड में शामिल होने वाली झांकियों के लिए सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय मंत्रालय और विभागों से रक्षा मंत्रालय प्रस्ताव मांगता है। इन प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है। झांकियों के चयन के लिए विशेषज्ञ समिति के साथ विभिन्न चरणों में कई बैठकें होती हैं। कमेटी में कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्ति, कोरियोग्राफर आदि शामिल रहते हैं। विशेषज्ञ समिति थीम के आधार पर प्रस्तावों की जांच करती है। सिफारिशें करने से पहले कमेटी द्वारा अवधारणा, डिजाइन और इसके दृश्य प्रभाव पर ध्यान दिया जाता है।

राजस्थान सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा

Distribution of departments to the ministers of Rajasthan government राजस्थान सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा: गृह विभाग सीएम भजनलाल के पास, दीया को वित्त, बैरवा को परिवहन; किरोड़ीलाल ग्रामीण विकास मंत्री राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया है। गृह विभाग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद अपने पास रखा है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी को वित्त के साथ छह विभाग दिए हैं। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को परिवहन के साथ चार विभागों का जिम्मा सौंपा गया हैं। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को कृषि और ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन और जन अभाव अभियोग विभाग दिया हैं। मदन दिलावर को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। प्रारंभिक शिक्षा और संस्कृत शिक्षा भी उनके पास रहेगी। बाबूलाल खराड़ी को जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और हीरालाल नागर को ऊर्जा विभाग दिया गया हैं। दरअसल, 30 दिसंबर शनिवार को 22 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इसके बाद से विभाग के बंटवारे को लेकर एक्सरसाइज शुरू कर दी गई थी।

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