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अहमदाबाद प्लेन क्रैश से पहले पायलट ने तीन बार दिया था सिग्नल, MayDay कॉल क्या होता है?

अहमदाबाद गुरुवार दोपहर गुजरात में एक विमान बड़ा हादसा हो गया। अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन से उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का विमान AI171 टेक ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश होकर पांच मंजिला इमारत में गिर गया। विमान में कुल 242 यात्री सवार थे। अब तक 50 शव निकाले जा चुके हैं। रेस्क्यू टीम मौके पर राहत कार्यों में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, टेकऑफ के तुरंत बाद ही पायलट ने ‘मेडे’ (Mayday) कॉल दी थी। इसके तुरंत बाद प्लेन क्रैश हो गया। मौटे तौर पर समझें तो यह किसी भी फ्लाइट के लिए सबसे गंभीर आपातकालीन सिग्नल होता है। पायलट आपातकालीन स्थिति में तीन बार मेडे कॉल का सिग्नल देता है। मेडे कॉल के तुरंत बाद ही एटीसी से संपर्क टूट गया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। Mayday कॉल आखिर होता क्या है और इसका मतलब क्या होता है? क्या है ‘Mayday’ कॉल? ‘Mayday’ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आपातकालीन सिग्नल है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब किसी विमान या जहाज को तत्काल मदद की जरूरत हो और स्थिति जानलेवा हो सकती हो। पायलट जब रेडियो पर तीन बार “Mayday, Mayday, Mayday” कहता है, तो यह संकेत होता है कि विमान में कोई गंभीर संकट है, जैसे इंजन फेल होना, आग लगना, तकनीकी खराबी आदि कुछ भी हो सकता है। Mayday शब्द कहां से आया? इस शब्द की शुरुआत 1920 के दशक में लंदन के क्रॉयडन एयरपोर्ट से हुई थी। वहां के रेडियो अधिकारी फ्रेडरिक स्टैनली मॉकफोर्ड ने इसे फ्रेंच शब्द maider (जिसका मतलब है “मदद करो”) से प्रेरित होकर बनाया था, ताकि इंग्लैंड और फ्रांस के बीच हवाई यातायात में यह आसानी से समझा जा सके। 1927 में इसे आधिकारिक तौर पर वैश्विक एविएशन सिस्टम में शामिल कर लिया गया। कैसे काम करता है यह सिग्नल? जैसे ही कोई पायलट “Mayday” कहता है, एयर ट्रैफिक कंट्रोल उस कॉल को प्राथमिकता देता है और सभी गैर-ज़रूरी रेडियो कम्युनिकेशन बंद हो जाते हैं। पायलट अपनी स्थिति, समस्या की प्रकृति, सवार लोगों की संख्या और ज़रूरी मदद के बारे में जानकारी देता है। इसके बाद रेस्क्यू और इमरजेंसी सर्विसेज तुरंत एक्टिव हो जाती हैं। अहमदाबाद प्लेन हादसे में क्या हुआ? एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने अहमदाबाद एय़रपोर्ट से 1.39 मिनट पर उड़ान भरी थी और कुछ ही मिनट बाद पायलट ने ‘Mayday’ कॉल दी। माना जा रहा है कि उड़ान भरते ही कोई गंभीर तकनीकी खराबी या सिस्टम फेलियर हुआ, जिसकी वजह से पायलट को इमरजेंसी सिग्नल देना पड़ा। Mayday सिग्नल के बाद विमान रडार से गायब हो गया और शहरी इलाके में एक इमारत पर जा गिरा।  

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नींव पर टिके भारत-साइप्रस संबंध, साइप्रस यात्रा पर जा रहे पीएम मोदी

नई दिल्ली दो प्राचीन सभ्यताओं वाले देश भारत और साइप्रस भले ही भौगोलिक रूप से दूर हों, लेकिन उनके बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध सदियों से चले आ रहे हैं। इसी सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइप्रस यात्रा पर जा रहे हैं। यह 23 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। यह न केवल इन संबंधों को नया आयाम देगी, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है। यह यात्रा विशेष रूप से तुर्की और पाकिस्तान के लिए एक रणनीतिक संदेश है, जो भारत के खिलाफ एकजुट होकर क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नींव पर टिके भारत-साइप्रस संबंध ऐसा माना जाता है कि भारत और साइप्रस के बीच संबंध प्राचीन काल से चले आ रहे हैं। साइप्रस, भूमध्य सागर में स्थित एक छोटा द्वीपीय देश, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र रहा है। प्राचीन काल में भारतीय व्यापारी और बौद्ध मिशनरी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में सक्रिय थे, जिससे सांस्कृतिक और धार्मिक आदान-प्रदान हुआ। आधुनिक काल में, भारत और साइप्रस ने 1960 में राजनयिक संबंध स्थापित किए, जब साइप्रस को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली। दोनों देशों ने स्वतंत्रता के बाद से ही एक-दूसरे का समर्थन किया है। साइप्रस ने भारत के परमाणु परीक्षण (1998) और कश्मीर मुद्दे पर हमेशा भारत के पक्ष का समर्थन किया है। दूसरी ओर, भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत साइप्रस की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है, विशेष रूप से 1974 के तुर्की आक्रमण के बाद, जब तुर्की ने उत्तरी साइप्रस पर कब्जा कर लिया और इसे ‘तुर्की गणराज्य उत्तरी साइप्रस’ (TRNC) घोषित किया। इसे केवल तुर्की ही मान्यता देता है। 1974, 1983, 1984 के UNSC प्रस्तावों में तुर्की को साइप्रस से अपनी उपस्थिति और सेना वापस लेने के लिए कहा गया, तथा तथाकथित TRNC की स्थापना को “कानूनी रूप से अमान्य” बताया गया। भारत ने साइप्रस का समर्थन किया था। पाकिस्तान एकमात्र देश था जिसने 1983/1984 के UNSC साइप्रस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया था। साइप्रस का भारत के लिए रणनीतिक महत्व साइप्रस, अपनी छोटी आबादी (लगभग 10 लाख) और सीमित क्षेत्र के बावजूद, भारत के लिए कई कारणों से महत्वपूर्ण है साइप्रस, पूर्वी भूमध्य सागर में एक रणनीतिक स्थान पर स्थित है, जो यूरोप, एशिया और अफ्रीका को जोड़ता है। यह क्षेत्र ऊर्जा संसाधनों, विशेष रूप से प्राकृतिक गैस के लिए महत्वपूर्ण है। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, साइप्रस के साथ ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा, साइप्रस यूरोपीय संघ (EU) का सदस्य है और 2026 में EU काउंसिल की अध्यक्षता करेगा। भारत, जो EU के साथ अपने व्यापार और रणनीतिक संबंधों को मजबूत कर रहा है, साइप्रस के माध्यम से यूरोप में अपनी पैठ बढ़ा सकता है। भारत और साइप्रस के बीच रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ रहा है। साइप्रस ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का समर्थन किया है, और दोनों देश समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर सकते हैं। साइप्रस एक वित्तीय केंद्र है और भारतीय कंपनियों के लिए निवेश का आकर्षक गंतव्य हो सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं हैं। साइप्रस और तुर्की के बीच 1974 से तनाव है, जब तुर्की ने साइप्रस के उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया। भारत, साइप्रस और ग्रीस के साथ त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देकर तुर्की के क्षेत्रीय प्रभाव को संतुलित कर सकता है। इतिहास गवाह है भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और प्रथम साइप्रस राष्ट्रपति आर्कबिशप मकारियोस तृतीय ने संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों गुटनिरपेक्ष आंदोलन के प्रमुख व्यक्ति थे। मकारियोस बांडुंग सम्मेलन में एकमात्र यूरोपीय नेता थे। यह सम्मेलन एशिया और अफ्रीका के देशों के नेताओं की एक बैठक थी, जहां उन्होंने शीत युद्ध में तटस्थ रहने के लिए गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नींव रखी थी। साइप्रस के राष्ट्रपति मकारियोस ने 1962 में आजादी मिलने के बाद भारत का दौरा किया और चीनी आक्रमण के बाद भारत को अपने देश का समर्थन देने की पेशकश की थी। इतना ही नहीं, 1964 में, जब साइप्रस आंतरिक संकट में घिरा हुआ था, तब भारत ने पीड़ितों को मानवीय सहायता भेजी। भारत ने साइप्रस के शहरों के खिलाफ “तुर्की विमानों द्वारा की गई कार्रवाई” की भी निंदा की। कुल मिलाकर साइप्रस भारत का भरोसेमंद मित्र रहा है। इसने यूएनएससी की स्थायी सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया है। साइप्रस ने 2019 में पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत को समर्थन दिया था। यहां तक कि साइप्रस ने यूरोपीय संघ की बैठक में पहलगाम हमले का मुद्दा उठाया। साइप्रस ने लेबनान (2006/ऑपरेशन सुकून) और लीबिया (2011/ऑपरेशन सेफ होमकमिंग) से भारतीयों को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री मोदी की साइप्रस यात्रा: एक रणनीतिक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस यात्रा 15-17 जून को कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन से पहले हो रही है। यह एक सुनियोजित कूटनीतिक कदम है। यह यात्रा न केवल भारत-साइप्रस संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि तुर्की और पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संदेश भी देगी। यह यात्रा 2002 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा है, जब अटल बिहारी वाजपेयी ने साइप्रस का दौरा किया था। इससे पहले, इंदिरा गांधी 1983 में साइप्रस गई थीं। 23 वर्षों के अंतराल के बाद यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क को पुनर्जनन देगी। तुर्की-पाकिस्तान गठजोड़ के खिलाफ जवाब तुर्की ने हाल के वर्षों में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया है, विशेष रूप से कश्मीर मुद्दे पर और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सैन्य अभियानों के दौरान। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन ने पाकिस्तान के साथ इस्लामी एकजुटता का प्रदर्शन किया और भारत की नीतियों की आलोचना की। भारत की साइप्रस यात्रा तुर्की के लिए एक कूटनीतिक चेतावनी है, क्योंकि साइप्रस तुर्की का सबसे संवेदनशील मुद्दा है। 1974 में तुर्की के आक्रमण के बाद साइप्रस दो हिस्सों में बंट गया। भारत ने हमेशा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का समर्थन किया है, जो साइप्रस की एकता और क्षेत्रीय अखंडता की वकालत करते हैं। मोदी की यात्रा इस स्थिति को और मजबूत करेगी, जिससे तुर्की को अंतरराष्ट्रीय … Read more

अहमदाबाद हवाई अड्डे पर एयर इंडिया के विमान के उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त, एविएशन शेयरों में हाहाकार

अहमदाबाद सरदार वल्लभभाई पटेल अहमदाबाद हवाई अड्डे पर एयर इंडिया के विमान के उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की दुखद घटना की खबर और बाजार में मंदी के बीच गुरुवार को एविएशन कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। बजट एयरलाइन्स इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और स्पाइसजेट के शेयरों में 3.4% तक की गिरावट आई। इंडिगो के शेयर आज इंट्राडे में 3.4% गिरकर एनएसई पर 5,437.50 रुपये के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए, जबकि स्पाइसजेट के शेयर 2.6% गिरकर 44.30 पर आ गए। अन्य एविएशन शेयरों में भी गिरावट TAAL Enterprises Ltd के शेयर में आज 4% तक की गिरावट दर्ज की गई और यह शेयर 3,566.60 रुपये पर आ गया था। Taneja Aerospace and Aviation Ltd के शेयरों में 2% तक गिरकर 374.40 रुपये पर आ गए। Hindustan Aeronautics Ltd के शेयर 2% तक टूट गए। AFCOM Holdings Ltd के शेयर 1% तक टूट गए। Unimech Aerospace and Manufacturing Ltd के शेयर में 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। एयर इंडिया ने क्या कहा बता दें कि अहमदाबाद से लंदन जा रहा यह विमान उडान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में चालक दल और यात्रियों को मिलाकर 242 लोग सवार थे। एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन अहमदाबाद से लंदन जा रहे एअर इंडिया की विमान संख्या ए-171 के उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि करते इस दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए पीड़ित परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। चंद्रशेखरन एक बयान में कहा “मैं बहुत दुःख के साथ पुष्टि करता हूँ कि अहमदाबाद से लंदन के गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की उड़ान संख्या ए-171 आज दुखद दुर्घटना की शिकार हो गई। हमारी शोक संवेदनाएं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से प्रभावित सभी लोगों के परिजनों के साथ है। इस समय, हमारा ध्यान प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के लोगों को ढांढस बंधाने पर है।”  

रक्षा बजट ने खोली पोल- पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली के बीच चीन से 40 विमान खरीदने जा रहा

इस्लामाबाद पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली के बीच देश ने अपने रक्षा खर्च को बढ़ाते हुए चीन से अत्याधुनिक फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ फाइटर J-35A की खरीद की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। दरअसल पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में 20% की वृद्धि की है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 2,550 अरब रुपये (लगभग 9 अरब डॉलर) आवंटित किए गए हैं। इस वृद्धि का प्रमुख कारण चीन से 40 अत्याधुनिक जे-35ए स्टील्थ फाइटर जेट्स की खरीद का प्रस्ताव है, जो भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की सैन्य ताकत को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 40 J-35A स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने पर बातचीत टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से लिखा, पाकिस्तान चीन से 40 J-35A स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने पर बातचीत कर रहा है और अगस्त से इनकी डिलीवरी शुरू हो सकती है। J-35A एक ट्विन-इंजन मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसमें PL-17 मिसाइलें और अत्याधुनिक AESA रडार सिस्टम लगे हैं। इससे पाकिस्तान की एयर सुपीरियॉरिटी और स्ट्राइक क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है। पाकिस्तान एयरफोर्स ने इस सौदे को पहले ही मंजूरी दे दी है और पायलटों को चीन में ट्रेनिंग दी जा रही है। चीन ने कथित तौर पर पाकिस्तान को इस सौदे में 50% तक की छूट और लचीले भुगतान विकल्प दिए हैं, जो दोनों देशों के गहराते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है। वर्तमान में पाकिस्तान के लगभग 80% हथियार चीन से आते हैं। J-10C फाइटर जेट और HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे हथियारों का इस्तेमाल पाकिस्तान ने हाल ही में भारत के साथ सैन्य टकराव के दौरान किया था। आर्थिक संकट के बीच सैन्य खर्च पर सवाल पाकिस्तान का यह सैन्य उभार ऐसे समय में हो रहा है जब देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। पाकिस्तान पर चीन का 15 अरब डॉलर का कर्ज पहले ही आ रहा है। इसके अलावा, पाकिस्तान IMF से 6-8 अरब डॉलर के राहत पैकेज की मांग कर रहा है। कुल 269 अरब डॉलर के कर्ज में डूबा देश अपनी GDP का 1.9% से अधिक सिर्फ कर्ज चुकाने में खर्च कर रहा है। ऐसे में सामाजिक कल्याण, शिक्षा और आधारभूत ढांचे पर खर्च के लिए सरकार के पास सीमित संसाधन हैं। फिर भी, शहबाज शरीफ सरकार ने इस बार के बजट में कुल राष्ट्रीय खर्च को 7% घटाकर 17.57 ट्रिलियन रुपये कर दिया है, जबकि रक्षा खर्च को प्राथमिकता दी गई है। संसद में इस बजट पर खास बहस नहीं हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत किस हद तक देश के नीति निर्धारण में प्रभावी है। भारत के साथ बढ़ेगी तनाव की आशंका J-35A जैसे स्टील्थ जेट की खरीद से भारत-पाक संबंधों में और तनाव आ सकता है। पाकिस्तान जहां कूटनीतिक मंचों पर संयम और बातचीत की वकालत कर रहा है, वहीं अंदरखाने वह अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने में लगा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने हाल ही में चीन, खाड़ी देशों, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र से संपर्क साधा है ताकि भारत को “आक्रामक” और पाकिस्तान को “स्थिरता लाने वाला” देश बताकर वैश्विक समर्थन जुटाया जा सके। चीन में इस सौदे को लेकर भी विवाद छिड़ गया है। चीनी सोशल मीडिया पर नागरिकों ने सरकार के इस कदम को “वित्तीय और रणनीतिक रूप से लापरवाह” बताया है, खासकर क्योंकि जे-35ए अभी भी ट्रायल स्टेज में है और इसे चीनी वायु सेना में शामिल नहीं किया गया है। कुछ का कहना है कि पाकिस्तान की सीमित वित्तीय क्षमता को देखते हुए यह सौदा बीजिंग के लिए जोखिम भरा हो सकता है। डार ने हाल ही में चीन की यात्रा के दौरान भारत के साथ टकराव के समय चीन के समर्थन के लिए बीजिंग का आभार जताया और दोनों देशों के रिश्तों को “आयरन-क्लैड” करार दिया। इसके साथ ही, पाकिस्तान चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) का भी उपयोग अपने लिए आर्थिक जीवनरेखा सुनिश्चित करने में कर रहा है। भुखमरी से जूझ रहा पाकिस्तान वर्ल्ड बैंक की ‘पावर्टी एंड शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी’ रिपोर्ट के अनुसार, 2011-12 में भारत की कुल आबादी का 27.1% अत्यंत गरीबी में जी रहा था, लेकिन 2022-23 तक यह आंकड़ा घटकर केवल 5.3% रह गया। यानी 344.47 मिलियन (34.4 करोड़) की जगह अब 75.24 मिलियन (7.5 करोड़) लोग ही गरीबी रेखा से नीचे हैं- यानी 26.9 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया, जो पाकिस्तान की पूरी आबादी से भी ज्यादा है। इसके विपरीत, पाकिस्तान में 2017-18 से 2020-21 के बीच अत्यंत गरीबी 4.9% से बढ़कर 16.5% हो गई। यानी सिर्फ़ पांच साल में हालात तीन गुना खराब हो गए। वर्ल्ड बैंक ने महंगाई के मद्देनज़र गरीबी की परिभाषा में बदलाव करते हुए अब अत्यंत गरीबी की रेखा को $2.15 से बढ़ाकर $3 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कर दिया है। भारत ने इस बढ़े हुए मानक के बावजूद भी बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि पाकिस्तान ने हर पैमाने पर निराश किया है।  

अहमदाबाद प्लेन क्रैश में ब्रिटेन के 53, पुर्तगाल के 7 और कनाडा के एक यात्री और भारत के कुल 169 नागरिक सवार थे

अहमदाबाद अहमदाबाद से लंदन जा रहा विमान हादसे का शिकार हो गया। 242 लोगों को लेकर लंदन जा रहे प्लेन में अलग-अलग देशों के लोग सवार थे। इस प्लेन में ब्रिटेन के 53, पुर्तगाल के 7 और कनाडा के एक यात्री सवार थे। बाकी सभी यात्री भारत के नागरिक थे। इस प्लेन में सवार सभी यात्रियों की नाम समेत लिस्ट सामने आई है। लिस्ट में सभी यात्रियों की डिटेल साझा की गई है। इसके साथ ही उनके देश का नाम भी बताया गया है। हादसे में भारत के कुल 169 नागरिक सवार थे। हादसे वाले प्लेन में 12 क्रू मेंबर भई सवार थे। इस हादसे के बाद अब तक 50 शव बरामद किए जा चुके हैं। शव जली हुई अवस्था में हैं। शवों की पहचान नहीं हो पा रही है। इस हादसे को लेकर जानकारी सामने आई है कि प्लेन को टेक ऑफ करने से पहले जांच की गई थी लेकिन कोई कमी नहीं मिली। टेक ऑफ करने के बाद पायलट ने मेडे कॉल दी थी, जिसमें यह संकेत दिया जाता है कि प्लेन खतरनाक स्थिति में है। हालांकि, इस कॉल के बाद प्लेन को बहुत कम वक्त मिला और 242 लोगों को लेकर लंदन जा रहा विमान नीचे आकर एक बिल्डिंग से टकरा गया। इस हादसे के बाद यात्रियों के परिजनों के लिए एक पैसेंजर हेल्पलाइन साझा की है। यात्री के परिजन जानकारी के लिए हॉट लाइन नंबर 1800 5691 444 पर संपर्क कर सकते हैं। इस हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।  

भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में मचा त्राहिमाम, सूख रहे डैम, किसान भी सूखे से परेशान

इस्लामाबाद  भारत द्वारा अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का असर अब पाकिस्तान में साफ दिखने लगा है। पाकिस्तान के दो प्रमुख जलाशय झेलम नदी पर स्थित मंगला डेम और सिंधू नदी पर बना टर्बेला बांध अब पूरी तरह सूखने के करीब पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान की इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (IRSA) के अनुसार, बुधवार को पाकिस्तान ने अपने सभी प्रमुख जलस्रोतों से जितना पानी प्राप्त किया, उससे 11,180 क्यूसेक अधिक पानी छोड़ना पड़ा। इसका सीधा प्रभाव पंजाब और सिंध प्रांतों की जल आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है। भारत ने जम्मू-कश्मीर में जलाशयों की सफाई और फ्लशिंग प्रक्रिया शुरू की है, जिससे पाकिस्तान की ओर जल प्रवाह और कम हो गया है। भारत ने पाकिस्तान को जल डेटा साझा करना भी बंद कर दिया है, जो संधि के तहत पहले अनिवार्य था। आईआरएस के आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान में पानी का कुल इनफ्लो 2,41,611 क्यूसेक और कुल आउटफ्लो 2,52,791 क्यूसेक है। यानी कि पाकिस्तान हर दिन 11,180 क्यूसेक अधिक पानी खर्च कर रहा है। पंजाब प्रांत को इस साल 1,14,600 क्यूसेक पानी मिला, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 1,43,600 क्यूसेक था। यानी 20% की कमी देखी गई है। इसी तरह सिंध प्रांत की भी जल आपूर्ति में गिरावट आई है। IRSA की सलाहकार समिति ने पहले ही 1 मई से 10 जून तक के लिए 21% की पानी की कमी की चेतावनी दी थी। अब जून से सितंबर के अंत तक यह कमी 7% तक रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जल संकट से खरीफ की बुवाई पर भारी असर पड़ेगा। भारत ने स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधि को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्थगित किया गया है और जल प्रवाह या डेटा साझा करने की बाध्यता अब लागू नहीं है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने यह कड़ा कदम उठाया है। उस हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 9 से अधिक आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इसमें पाकिस्तान में मौजूद 100 से अधिक आतंकी मारे गए।  

दमोह में सरेराह महिला से मारपीट, आरोपी बादशाह खान गिरफ्तार, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया

 दमोह  मध्यप्रदेश के दमोह में महिला से जबरन धर्मांतरण और रेप का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले को जांच में लिया है। दरअसल घटना कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां घर में घुसकर महिला से मारपीट और रेप किया है। बादशाह खान ने स्थानीय महिला को प्रताड़ित कर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। आरोपी धर्म परिवर्तन कराकर महिला से जबरन शादी करना चाहता था। पीड़िता के द्वारा घटना की शिकायत करने से रोकने के लिए आरोपी ने सरेराह महिला से मारपीट की। चप्पल और लातों से मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर जिम्मेदारों को अवगत कराया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण उपरांत उसके बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी दीपक तिवारी अध्यक्ष बाल कल्याण समिति और अभिषेक तिवारी सीएसपी दमोह ने दी है।   बताया जा रहा है कि शहर के कोतवाली थाना इलाके में स्थित एक घर में घुसकर बदमाश ने न सिर्फ महिला के साथ मारपीट की, बल्कि आरोप ये भी है कि, इसके साथ रेप भी किया। आरोपी का नाम बादशाह खान बताया जा रहा है, जिसपर पीड़िता ने प्रताड़ित कर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने तक का आरोप लगाया है। आरोपी धर्म परिवर्तन कराकर महिला से जबरन शादी करना चाहता था। युवक ने पीड़िता को सरेराह पीटा पीड़िता का आरोप है कि, जब उसके द्वारा आरोपी से उसकी शिकायत करने की बात कही गई तो उसने सरेराह उसके साथ मारपीट कर दी। बदमाश ने महिला को चप्पल और लातों से बेरहमी से पीटा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि, इसी वीडियो के आधार पर स्थानीय लोगों ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी को इस सनसनीखेज घटनाक्रम से अवगत कराया। आरोपी को गिरफ्तार कर पहुंचाया जेल दमोह सीएसपी अभिषेक तिवारी द्वारा मीडिया को बताया कि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, दूसरी तरफ पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराकर उसके बयान दर्ज कराए, फिर उसी बयान के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

प्रॉपर्टी के विवाद में भाजपा नेता संतोष पांडे ने निजी कार्यालय में जहर खा लिया

खंडवा  प्रॉपर्टी के विवाद में भाजपा नेता संतोष पांडे निवासी सिंगाड़ तलाई ने अपने सिंगाड़ तलाई स्थित निजी कार्यालय में जहर खा लिया। जिससे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत से पहले उनके भाई प्रवीण पांडे ने उनका एक वीडियो बनाया है जिसमें वह प्रॉपर्टी के विवाद में कुछ लोगों का नाम लेकर उन पर रुपए नहीं लौटने और ना जमीन देने के आरोप लगा रहे हैं। मामले की जांच फिलहाल इंदौर में विजयनगर पुलिस कर रही है। घटना बुधवार दोपहर करीब 3 बजे की है। भाजपा नेता संतोष पांडे अपने सिंगाड़ सिंगर तलाई स्थित निजी कार्यालय पर थे। इस दौरान उनकी बालिका उन्हें चाय देने के लिए ऑफिस में गई। बालिका ने देखा कि बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे। उसने तुरंत सूचना स्वजन को दी। घर के पास ही कार्यालय होने से तुरंत मौके पर स्वजन पहुंचे। पांडे को लेकर खंडवा के निजी अस्पताल में गए। हालत गंभीर होने से डॉक्टर ने उन्हें इंदौर ले जाने की सलाह दी। इस पर सूजन उन्हें तत्काल एंबुलेंस से इंदौर के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। यहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद बताया की हालत काफी ज्यादा नाजुक है और उनके पास ज्यादा समय नहीं है। इस पर भाई प्रवीण पांडे ने डॉक्टर उसे अनुमति ली की क्या वह उनका वीडियो बना सकते हैं। प्रॉपर्टी विवाद में प्रताड़‍ित होकर जहर खाने की बात कही इस पर डॉक्टरों ने प्रवीण को वीडियो बनाने की अनुमति दी। भाई प्रवीण के अनुसार संतोष पांडे ने मौत से पहले वीडियो में प्रॉपर्टी के विवाद के चलते प्रताड़ित होकर जहर खाने की बात बताई। वीडियो में संतोष पांडे उपेंद्र मंडलोई, राजू मंडलोई और उमंग मंडलोई का नाम लेकर उनपर आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में वो कह रहे हैं कि ये लोग न तो रुपये दे रहे है और न जमीन दे रहे हैं। इसलिए मैंने जहर खा लिया है। रुपए का हिसाब-किताब भी बताया वीडियो में संतोष पांडे कह रहे हैं की उपेंद्र मंडलोई से उन्होंने 3:30 करोड रुपए में जमीन खरीदी थी। एक अन्य वीडियो में उन्होंने विजय बिरला सहित एक अन्य का नाम लेते हुए कहा कि यह दोनों उक्त जमीन में पार्टनर थे और पार्टनर पर पार्टनर बढ़ाते जा रहे थे। संतोष पांडे के इस तरह के बयानों के तीन अलग-अलग वीडियो जारी हुए हैं। जिसमें वह स्पष्ट रूप से इस प्रॉपर्टी का विवाद होकर कुछ लोगों के कारण आत्महत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच इंदौर में विजयनगर पुलिस कर रही है। कार्यालय में छोड़ा सुसाइड नोट भाजपा मैं जिला महामंत्री रह चुके संतोष पांडे के भाई प्रवीण पांडे ने बताया कि संतोष ने एक सुसाइड नोट भी अपने कार्यालय में छोड़ा है। जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है। हालांकि यह नोट अब तक परिवार को नहीं मिला है। प्रवीण पांडे ने बताया की संतोष ने सुसाइड नोट की जानकारी उन्हें इंदौर में जब उन्हें कुछ देर के लिए होश आया था उस समय दी थी। पत्नी, बच्चों को उठा ले जाने की धमकी का आरोप प्रवीण पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा की संतोष का जिन लोगों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। वह लोग संतोष की पत्नी को भी आए दिन धमकियां दे रहे थे। संतोष की पत्नी आरोप लगाया कि उक्त लोग उन्हें और उनके बच्चों को भी उठा ले जाने की धमकियां तक देते थे। पूरा विवाद करीब 2 महीने से चल रहा था जिसके कारण संतोष पांडे परेशान थे और प्रताड़ित होकर उन्होंने यह कदम उठा लिया।

महाराष्ट्र में शादी के 15 दिन बाद पत्नी ने की पति की कुल्हाड़ी से हत्या; वजह कर देगी हैरान

सांगली इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि महाराष्ट्र के सांगली जिले से एक और दिल दहला देने वाली घटना हुई है। यहां एक 27 साल की महिला ने कथित तौर पर अपने 53 साल के पति अनिल लोखंडे की हत्या कर दी। यह वारदात शादी के महज 15 दिन बाद ही हुई है। कुपवाड़ एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के सहायक निरीक्षक दीपक भंडवलकर ने कहा, “मंगलवार रात को दंपति में झगड़ा हुआ था। बुधवार को रात करीब 12.30 बजे जब अनिल सो रहा था, राधिका ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसने अपनी चचेरी बहन को इसके बारे में बताया। हमने महिला को गिरफ्तार कर लिया और उसे अदालत में पेश किया। अदालत ने हमें दो दिन की रिमांड दी है।” पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे सांगली जिले के कुपवाड़ तहसील स्थित उसके घर से उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “मामला काफी संवेदनशील है और हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।” पुलिस का कहना है कि अनिल लोखंडे ने 15 दिन पहले ही राधिका से दूसरी शादी की थी। लोखंडे की पहली पत्नी की कैंसर से मौत हो गई थी। वह इस शादी को पूर्ण करने के लिए अपनी नई पत्नी के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाने की जिद कर रहा था। इससे राधिका गुस्से में आ गई। उसने पति पर कुल्हाड़ी से वार करते हुए उसकी हत्या कर दी। अधिकारियों ने राधिका के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। 

अवैध खनन में मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी को राहत, बने रहेंगे विधायक

हैदराबाद  तेलंगाना हाईकोर्ट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने ओबुलापुरम माइनिंग कंपनी (ओएमसी) मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी की सजा को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें जमानत भी दे दी है। रेड्डी पर अवैध लौह अयस्क खनन का आरोप था। हाईकोर्ट ने रेड्डी के साथ दोषी ठहराए गए तीन अन्य लोगों को भी जमानत दे दी है। सीबीआई की विशेष अदालत ने पहले रेड्डी और अन्य को दोषी ठहराया था। सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 6 मई को जनार्दन रेड्डी और तीन अन्य लोगों को दोषी माना था। इनमें बी वी श्रीनिवास रेड्डी, वी डी राजगोपाल और महफूज अली खान शामिल हैं। बी वी श्रीनिवास रेड्डी जनार्दन रेड्डी के रिश्तेदार हैं और ओएमसी के प्रबंध निदेशक हैं। वी डी राजगोपाल आंध्र प्रदेश सरकार में खान एवं भूविज्ञान निदेशक थे। महफूज अली खान जनार्दन रेड्डी के सहायक रहे। अदालत ने इन सभी को सात साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद जनार्दन रेड्डी और अन्य ने हाईकोर्ट में अपील की। उन्होंने सजा को निलंबित करने और जमानत देने की मांग की। अदालत ने उनकी सजा को निलंबित कर दिया है। अदालत ने उन्हें 10-10 लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने यह भी कहा है कि वे अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते। सीबीआई ने इस मामले में 8 दिसंबर 2009 को एफआईआर दर्ज की थी। जनार्दन रेड्डी और अन्य के खिलाफ अपने चार्जशीट में केंद्रीय एजेंसी ने उन पर खनन पट्टे की सीमा चिह्नों के साथ छेड़छाड़ करने और कर्नाटक-आंध्र प्रदेश सीमा पर बेल्लारी रिजर्व वन क्षेत्र में अवैध रूप से खनन करने का आरोप लगाया। सीबीआई ने पहले कहा था कि आरोप है कि आरोपियों ने एक-दूसरे के साथ आपराधिक साजिश रची और सरकारी जमीनों और अन्य निजी व्यक्तियों की जमीनों में आपराधिक रूप से घुसपैठ करके लौह अयस्क के अवैध खनन के अपराध किए और इस तरह सरकार को 800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया।

कनाड़िया में मुकेश बनकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया …किया रेप,धर्म परिवर्तन के लिए धमकाया

कनाड़िया शहर के कनाड़िया क्षेत्र में एक युवती के साथ नकली पहचान से दोस्ती कर दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मुकेश बताकर पहले युवती से नजदीकियां बढ़ाईं, फिर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।  कनाड़िया थाना पुलिस ने 25 वर्षीय युवती की शिकायत पर मुकेश उर्फ यूसुफ पुत्र अय्यूब खान निवासी खजराना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376 (दुष्कर्म), 323 (मारपीट), 506 (धमकी) और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ऐसे बढ़ीं नजदीकियां युवती ने पुलिस को बताया कि वह मूलतः उज्जैन की रहने वाली है और वर्तमान में इंदौर की स्कीम नंबर 78 में एक डॉक्टर के यहां काम करती है। डेढ़ साल पहले वह एक सहेली की बर्थडे पार्टी में राउ स्थित एक ढाबे पर गई थी, जहां उसकी मुलाकात यूसुफ से हुई। उसने अपना नाम मुकेश बताया और फोन नंबर देकर किसी भी मदद के लिए संपर्क करने को कहा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। आरोपी युवती को अलग-अलग कारों से इंदौर में घुमाने लगा और मिलने उसके फ्लैट आने-जाने लगा। उसने उसे शादी का प्रस्ताव भी दिया और कहा कि वह नौकरी छोड़ दे, उसका सारा खर्च वही उठाएगा। कुछ समय बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए। जब सामने आई सच्चाई कुछ दिन पहले फ्लैट में शराब पार्टी के दौरान युवती को यूसुफ पर तब शक हुआ, जब उसका एक दोस्त उसे साहिल कहकर बुला रहा था। संदेह होने पर युवती ने उसका पर्स चुपके से देखा, जिसमें यूसुफ खान नाम की आईडी मिली। जब युवती ने उससे जवाब मांगा, तो आरोपी ने खुलासा किया कि वह मुस्लिम है और शादी के लिए युवती को धर्म परिवर्तन करना होगा। इंकार करने पर आरोपी ने मारपीट की और उसके फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दी। हिंदूवादियों की मदद से आरोपी पकड़ा गया घबराई युवती ने इस बात की जानकारी हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मानसिंह राजावत और अंकित विश्वकर्मा को दी। इसके बाद दोनों ने युवती के साथ मिलकर आरोपी को फ्लैट से पकड़ा और कनाड़िया पुलिस को सौंप दिया।  

इंग्लैंड में पहली बार हुआ ऐसा अनोखा कारनामा, ख्वाजा और मारक्रम डक पर लौटे पवेलियन

लंदन  साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC 2025 का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। मैच के पहले दिन गेंदबाजों का कहर रहा, दोनों टीमों ने मिलकर कुल 255 रन बनाए और 14 विकेट गिरे। कगिसो रबाडा, मार्को येनसन और मिचेल स्टार्क पूरे मैच में छाए रहे। इस दौरान कई रिकॉर्ड्स बने, लेकिन इस बीच एक बड़ी ही विचित्र घटना घटी जिसे देखने के बाद हर कोई हैरान था। इंग्लैंड की सरजमीं पर 145 साल और 561 टेस्ट मैचों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है। दरअसल, WTC फाइनल में दोनों टीमों के नंबर-1 बल्लेबाज यानी ऑस्ट्रेलिया के उस्मान ख्वाजा और साउथ अफ्रीका के एडन मारक्रम बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब दोनों टीमों के पहले बल्लेबाज खाता ही नहीं खोल पाए हो। उस्मान ख्वाजा 20 गेंदों में बिना कोई रन बनाए कगिसो रबाडा का शिकार बने। वहीं एडन मारक्रम को पारी के पहले ही ओवर में मिचेल स्टार्क ने बोल्ड किया। बात मुकाबले की करें तो, टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतीर ऑस्ट्रेलियाई टीम 212 रन ही बोर्ड पर लगाने में कामयाब रही। कगिसो रबाडा की घातक गेंदबाजी के आगे कंगारुओं ने घुटने टेक दिए। रबाडा ने 15.4 ओवर में 51 रन देकर 5 विकेट लिए। रबाडा ने इस 5 विकेट हॉल के साथ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में एलन डोनाल्ड को पीछे छोड़ दिया। डोनाल्ड ने अपने करियर में 330 विकेट लिए थे, वहीं रबाडा के नाम अब 71 मैचों में 332 विकेट हो गए हैं। वह अब इस फॉर्मेट में साउथ अफ्रीका के चौथे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। रबाडा इसी के साथ डब्ल्यूटीसी फाइनल में पांच विकेट लेने वाले काइल जैमीसन (भारत के खिलाफ 2021 फाइनल) के बाद सिर्फ दूसरे गेंदबाज बने। वह जैक्स कैलिस (1998 आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी फाइनल) के बाद आईसीसी टूर्नामेंट फाइनल में ऐसा करने वाले एकमात्र दक्षिण अफ्रीकी भी हैं। रबाडा की इस घातक गेंदबाजी के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क चमके। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका के 43 रन पर 4 विकेट गिराए। स्टार्क को दो तो कमिंस और हेजलवुड को 1-1 सफलता मिली। साउथ अफ्रीका अभी भी 169 रन पीछे है।

कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को ‘आतंक रोधी अभियानों में एक अभूतपूर्व साझेदार’ बताया

वाशिंगटन  संयुक्त राज्य अमेरिका के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को ‘आतंक रोधी अभियानों में एक अभूतपूर्व साझेदार’ बताया है. उन्होंने आईएसआईएस-खुरासान के खिलाफ अभियानों में इस्लामाबाद की भूमिका पर भी प्रकाश डाला. अमेरिकी संसद में हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमिटी की एक सुनवाई के दौरान जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को लेकर यह टिप्पणियां कीं. ऐसे समय में जब भारत ने अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने के लिए वैश्विक स्तर पर पैरवी तेज कर दी है, शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारी के इस बयान से हलचल मचने की संभावना है.  जनरल कुरिल्ला ने पाकिस्तान के बारे में कहा, ‘वह इस समय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, तथा काउंटर टेररिज्म में एक अभूतपूर्व साझेदार रहा है.’ अमेरिकी संसद की सशस्त्र सेवा समिति के समक्ष गवाही देते हुए जनरल कुरिल्ला ने भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखने की पुरजोर वकालत की तथा इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को अपनी साउथ एशिया को जीरो-सम लेंस (एक पक्ष का फायदा, दूसरे पक्ष का नुकसान) के माध्यम से नहीं देखना चाहिए.’  भारत और PAK दोनों से अमेरिका रखे अच्छे संबंध: कुरिल्ला उन्होंने कहा, ‘हमें पाकिस्तान और भारत के साथ संबंध बनाने की जरूरत है. मैं नहीं मानता कि अगर हम भारत के साथ संबंध रखते हैं तो हम पाकिस्तान के साथ संबंध नहीं रख सकते. हमें संबंधों के मेरिट को सकारात्मकता के लिए देखना चाहिए.’ कुरिल्ला की यह टिप्पणी भारत द्वारा पाकिस्तान को सीमापार आतंकवाद के समर्थन के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए बढ़ते कूटनीतिक प्रयास की पृष्ठभूमि में आई है. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद, भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए. दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सहमति बनने के बाद 10 मई को सैन्य तनाव समाप्त हुआ. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि आतंकवाद के पीड़ितों और अपराधियों की बराबरी नहीं की जा सकती. कुरिल्ला ने आईएसआईएस-खुरासान के खिलाफ पाकिस्तान के सैन्य प्रयासों की प्रशंसा की. उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर का नाम लेते हुए कहा कि इस्लामाबाद ने आईएसआईएस के लड़ाकों को निशाना बनाने के लिए अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर दर्जनों ऑपरेशन किए हैं. कुरिल्ला ने कहा कि अफगानिस्तान से संचालित आईएसआईएस-खुरासान, अमेरिका की धरती सहित दुनिया भर में हमले करने वाले सबसे सक्रिय आतंकवादी समूहों में से एक है. अमेरिकी जनरल ने आतंकवाद परस्त PAK से दिखाई हमदर्दी उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के साथ अभूतपूर्व साझेदारी के माध्यम से, अमेरिकी सैनिकों ने आईएसआईएस-खुरासान पर हमला किया और दर्जनों आतंकियों को मार गिराया. पाकिस्तान द्वारा खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने की वजह से हमने आईएसआईएस-खुरासान के कम से कम पांच बड़े कमांडर्स को पकड़ने में सफलता पाई.’ आईएसआईएस-खुरासान के पकड़े गए कमांडर्स में, कुरिल्ला ने मोहम्मद शरीफुल्लाह उर्फ ​​जफर का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर 2021 काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती बम विस्फोट में शामिल था, जिसमें 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी और 160 से अधिक नागरिक मारे गए थे. जनरल कुरिल्ला ने कहा कि मोहम्मद शरीफुल्लाह उर्फ ​​जफर की गिरफ्तारी के बाद मुनीर [पाकिस्तानी सेना प्रमुख] मुझे फोन करने वाले पहले व्यक्ति थे. उन्होंने मुझसे कहा कि मैंने उसे पकड़ लिया है, मैं उसे वापस अमेरिका प्रत्यर्पित करने को तैयार हूं. कृपया अपने रक्षा सचिव और राष्ट्रपति को इसके बारे में बता दें.’ जनरल कुरिल्ला ने आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को हुई मानवीय क्षति के बारे में भी बताया और खुलासा किया कि 2024 की शुरुआत से अब तक देश में 1,000 से अधिक आतंकवादी हमले हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 700 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और 2,500 नागरिक हताहत हुए हैं. कुरिल्ला की यह टिप्पणी पिछले महीने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के बाद युद्ध विराम को सुगम बनाने में अमेरिका की अहम भूमिका के दावों के बाद आई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम कराने का श्रेय लिया है, हालांकि उनकी टिप्पणियों से नई दिल्ली में नाराजगी है. भारत ने कई अवसरों पर अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के साथ युद्ध विराम कराने के दावों का खंडन किया है.  अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी द्वारा पाकिस्तान की तारीफ के बावजूद, भारत वैश्विक मंचों पर इस्लामाबाद के खिलाफ अपनी बात रखना जारी रखे हुए है. पहलगाम हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी एजेंडे को उजागर करने के लिए दुनिया भर की 33 राजधानियों में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे. विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रुसेल्स की यात्रा के दौरान आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी की पुष्टि की और कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद के प्रति अपनी प्रतिक्रिया में नए स्टैंडर्ड स्थापित किए हैं और अगर पाकिस्तान अपनी हरकतें जारी रखता है तो देश जवाबी कार्रवाई करने से पहले दो बार नहीं सोचेगा.  आतंकी PAK में चाहे कहीं हों, भारत जवाब देगा: जयशंकर जयशंकर ने न्यूज आउटलेट ‘पोलिटिको’ (Politico) को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. इसलिए हमारा संदेश उन्हें यह है कि यदि आप अप्रैल में किए गए बर्बर कृत्यों को जारी रखते हैं, तो आपको कीमत चुकानी होगी और हमारा जवाब आतंकवादी संगठनों और आतंकवादी नेतृत्व के खिलाफ होगा. हमें फर्क नहीं पड़ता कि वे (आतंकी और उनके संगठन) कहां हैं. यदि वे पाकिस्तान में बहुत अंदर भी बैठे हुए हैं, तो हम वहां जाकर जवाब देंगे.’ मीडिया से बातचीत में एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद पश्चिम को परेशान करने के लिए वापस आएगा. उन्होंने कहा, ‘मैं आपको एक बात याद दिलाना चाहता हूं- ओसामा बिन लादेन नाम का एक आदमी था. वह सभी लोगों में से, वेस्ट प्वाइंट के ठीक बगल में एक पाकिस्तानी सैन्य शहर में वर्षों तक सुरक्षित क्यों महसूस करता था? मैं चाहता हूं कि दुनिया समझे- यह केवल भारत-पाकिस्तान का मुद्दा नहीं है. यह आतंकवाद के बारे में है. और वही आतंकवाद अंततः आपको परेशान करने के लिए वापस आएगा.’  

Delhi में 13 00 से ज़्यादा झुग्गियों पर कार्रवाई…कालकाजी में चला बुलडोजर

 नई दिल्ली  कालकाजी में भूमिहीन कैंप में बुधवार की सुबह पूरी तरह उजाला भी नहीं हुआ था कि तभी DDA के बुलडोजर यहां पर बने करीब 1300 से अधिक झुग्गियों को तोड़ने के लिए निकल पड़े। कई लोगों की अभी नींद भी नहीं खुली थी। लेकिन बुलडोजर की आवाज से सब अपने-अपने घर से बाहर निकल गए। कई ऐसे लोग भी थे जो अपना सारा सामान भी नहीं निकाल पाए थे और चंद ही घंटों में 1300 से अधिक झुग्गियां मिट्टी में मिला दी गईं। लोग विरोध करें, इसके लिए पहले से ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्ध सैनिक बल के जवान भी तैनात थे। हालांकि यहां पर कई ऐसे परिवार भी थे जो 80 के दशक से यहां रह रहे थे। बताया जा रहा है कि इन 1300 झुग्गियों में करीब 2300 से अधिक परिवार रहता था। हर झुग्गी कम से कम दो मंजिल की बनी थी। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब 10 हजार से अधिक लोग इन झुग्गियों में रहते थे। हालांकि 1862 परिवार ऐसे भी है जिन्हें दो साल पहले ही कालकाजी एक्सटेंशन, पौकेट A में सरकार की तरफ से बने मकान दे दिए गए थे। लेकिन अभी भी 2300 से अधिक परिवार इन झुग्गियों में रह रहा था। जहां झुग्गियां तोड़ी गई हैं वह लगभग दो एकड़ में बनी थीं। अभी आसपास की कई झुग्गियां ऐसी हैं जो भूमिहीन कैंप के अंदर आती हैं। उसे भी तोड़े जाने का डर है। यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि 6 जून को नोटिस आया था कि यहां पर रहने वाले लोग 10 जून तक अपनी-अपनी झुग्गियां खाली कर दें। इसके बावजूद 2300 परिवार यहां से नहीं हटे थे। मकान में बदल चुकी थी झुग्गी भूमिहीन कैंप में हर झुग्गी पक्की थी और कम से कम दो मंजिल की थी। इन मकानों में मकान मालिक के अलावा किराएदार भी रहते थे। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग पूर्वी यूपी और बिहार के रहने वाले थे। कोई रेहड़ी-पटरी लगाता था तो कोई ई रिक्शा, ऑटो रिक्शा चलाता था। हालांकि सभी को पता था कि झुग्गी टूटने वाली है। लेकिन इतने सालों से रहने के चलते यहां से जाना नहीं चाहते थे। अभी भी करीब 1300 झुग्गी वालों को दूसरे जगह मकान नहीं मिला था। यही कारण था कि वह यहां से जाना नहीं चाहते थे। सुबह 4:00 बजे ही पहुंच गया था बुलडोजर यहां रहने वालों ने बताया कि भारी सुरक्षा के बीच सुबह 4:00 बजे ही 8 बुलडोजर पहुंच गया था। एक दिन पहले भी भारी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात थे। बुधवार सुबह उनकी संख्या और बढ़ा दी गई। सुबह 5:00 बजे से बुलडोजर ने तोड़फोड़ शुरू कर दी और 10:00 बजे तक सभी झुग्गियों को तोड़ दिया गया। बटला हाउस में तोड़फोड़ पर HC का राहत देने से इनकार बटला हाउस इलाके में प्रस्तावित तोड़फोड़ को लेकर आप विधायक अमानतुल्लाह खान द्वारा दायर जनहित याचिका पर कोई राहत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया। इलाके में बुधवार को ही तोड़फोड़ होनी थी। जस्टिस गिरीश कठपालिया और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि इस तरह की जनहित याचिका में संरक्षण का सामान्य आदेश पारित करने से व्यक्तिगत वादियों के मामले को जोखिम में डालने की संभावना है। बेंच के रुख को भांपते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने जनहित याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी। बेंच ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के वकील याचिका वापस लेने की अनुमति चाहते हैं ताकि याचिकाकर्ता जो एक जनहितैषी व्यक्ति हैं, बटला हाउस इलाके के स्थानीय निवासियों को तीन कामकाजी दिनों के भीतर उचित मंच पर उचित कार्यवाही शुरू करने के उनके अधिकार के बारे में सूचित करेंगे। इसी के साथ कोर्ट ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया। बेंच का मानना था कि कुछ पीड़ित लोगों ने कानूनी उपायों का फायदा उठाया है और कुछ को राहत भी मिली है। खान का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि विचाराधीन जमीन का डीमार्केशन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं किया गया था। वहीं डीडीए का प्रतिनिधित्व करने वाली एडवोकेट शोभना टकियार ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के खास निर्देश के कारण जनहित याचिका विचारणीय नहीं है, जिसमें केवल पीड़ितों को उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।

महिलाओं के कपड़ों और ड्रेस कोड को लेकर सीरिया की नई सरकार ने लागू किया ड्रेस कोड

दमिश्क सीरिया में बशर अल-असद की दमनकारी शासन का जिस विद्रोही समूह ने अंत किया अब वो सीरिया पर शासन कर रहा. अहमद अल-शरा के नेतृत्व वाली सीरिया की नई अंतरिम सरकार ने  एक नया रुढ़िवादी इस्लामिक ड्रेस कोड जारी किया जिसके तहत, समुद्र तटों और स्विमिंग पूल में स्विमसूट पहनकर नहाने की मनाही हो गई है. महिलाओं को अब समुद्री तटों और स्विमिंग पूल में नहाने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले ढीले-ढाले स्विमवियर जिसे बुर्किनी कहा जाता है, पहनना होगा. पिछले साल दिसंबर में इस्लामिक विद्रोहियों के असद की सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद से यह पहला सांस्कृतिक बदलाव है. सीरिया की अंतरिम सरकार में पर्यटन मंत्री माजेन अल-सलहानी ने कहा कि नए दिशानिर्देश ‘सार्वजनिक हित की जरूरतों’ को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. पर्यटन मंत्री माजेन अल-सलहानी ने फेसबुक पर जारी निर्देश में कहा, ‘पब्लिक समुद्र तटों और स्विमिंग पूलों पर आने वाले सभी लोगों को, चाहे वो पर्यटक हों या स्थानीय लोग, सही स्विमवियर पहनना जरूरी है. स्विमसूट ऐसा होना चाहिए जो लोगों को देखने में बुरा न लगे और जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया हो. निर्देश में आगे कहा गया है, ‘पब्लिक समुद्र तटों और पूलों पर अधिक शालीन स्विमवियर (बुर्किनी या स्विमसूट जो शरीर के अधिकांश हिस्से को ढकता हो) की जरूरत है. समुद्र से किसी अन्य जगह पर जाते समय स्विमसूट के ऊपर समुद्र तट कवर-अप या ढीले-ढाले कपड़े पहनने महिलाओं के लिए जरूरी है.’ दिशा-निर्देशों में पुरुषों के लिए कही गई ये बात नए दिशा-निर्देशों के तहत पुरुषों को शर्ट पहनना अनिवार्य है, जिसके अनुसार ‘तैराकी की जगहों, होटल लॉबी और खाने-पीने की जगहों में टॉपलेस कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है.’ निर्देश में कहा गया है, ‘समुद्र तटों और स्विमिंग पूलों के बाहर पब्लिक जगहों में, कंधों और घुटनों को ढकने वाले ढीले कपड़े पहनना बेहतर तरीका है, पारदर्शी या अत्यधिक तंग कपड़े पहनने से बचें.’ मंत्रालय ने कहा कि हालांकि, अंतरराष्ट्रीय रिजॉर्ट्स और प्रीमियम होटलों, प्राइवेट समुद्र तटों और स्विमिंग पूल में पश्चिमी स्विमवियर पहनने की इजाजत होगी. मंत्रालय ने कहा कि लाइफगार्ड और समुद्र तटों की निगरानी करने वाले लोग नए नियमों को लागू कराना सुनिश्चित करेंगे. सीरिया में दिख रहा इस्लामिक शासन का प्रभाव स्विमसूट को लेकर नए नियम इस्लामिक समूह हयात अल-शाम (HTS) के प्रभाव को दिखाते हैं जो अब सीरिया पर शासन कर रहा है. HTS पहले अल-नुसरा फ्रंट के नाम से मशहूर था जिसे अमेरिका और ब्रिटेन ने आतंकवादी समूह घोषित कर रखा है. सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अल-शरा जिन्होंने ड्रेस कोड के निर्देश पर हस्ताक्षर किए हैं, वो एचटीएस का नेतृत्व करते हैं. HTS अलकायदा से जुड़ा समूह है जो 2016 में आतंकी समूह से अलग हो गया था. HTS के विद्रोह से ही असद की सत्ता का अंत हुआ. मार्च में अल-शरा ने एक अंतरिम संविधान पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत सीरिया पर पांच सालों तक इस्लामी शासन अनिवार्य रहेगा. अल-शरा ने दिसंबर में कहा था कि सीरिया के संविधान को फिर से लिखने में तीन साल लग सकते हैं, और संभवतः पांच साल के भीतर चुनाव हो सकते हैं. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स वॉच ने मार्च में कहा था कि अल-शरा का शासन मानवाधिकार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है.  कभी जिसे आतंकी मानता था अमेरिका, उसी से मिलाया ट्रंप ने हाथ कुछ समय पहले तक अमेरिका अल-शरा को आतंकवादी घोषित कर रखा था. उनके सिर पर एक करोड़ डॉलर (85 करोड़ रुपये से ज्यादा) का इनाम घोषित था लेकिन सीरिया की सत्ता संभालते ही अमेरिका ने अल-शरा से हाथ मिला लिया. मई में सऊदी अरब के अनुरोध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रियाद में अल-शरा से गर्मजोशी से हैंडशेक किया और 1979 से सीरिया पर लगाए सभी प्रतिबंधों को भी हटा दिया था. हालांकि, एचटीएस को अभी भी संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और ब्रिटेन एक आतंकी संगठन ही मानते हैं.   

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