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रेलवे का बड़ा फैसला: गोंदिया मरम्मत कार्य के चलते 14 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को झटका

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 14 ट्रेनें 5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक अलग-अलग तारीखों में रद्द कर दी गई हैं। इनमें 10 एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं, जिनमें बिलासपुर, रायपुर और गोंदिया मार्ग की ट्रेनें हैं। यह रद्दीकरण गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म 3 और अप मेन लाइन नंबर 5 पर मरम्मत के कारण किया गया है, जिससे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश और दिल्ली के यात्रियों को परेशानी हो सकती है। 18030 – शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस (4 अप्रैल से 24 अप्रैल) 18029 – लोकमान्य तिलक टर्मिनल-शालीमार एक्सप्रेस (6 अप्रैल से 26 अप्रैल) 18237 – कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (5 अप्रैल से 25 अप्रैल) 18238 – अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (7 अप्रैल से 27 अप्रैल) 12410 – हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस (2, 4, 6-9, 11, 13-16, 18, 20-22 अप्रैल) 12409 – रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस (4, 6, 8-11, 13, 15-18, 20, 22-24 अप्रैल) 12101 – लोकमान्य तिलक टर्मिनल-शालीमार एक्सप्रेस (4, 6, 7, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20, 21 अप्रैल) 12102 – शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस (6, 8, 9, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22, 23 अप्रैल) 12807 – विशाखापत्तनम-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (5, 7, 8, 9, 11, 12, 14-16, 18, 19, 21-23 अप्रैल) 12808 – हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस (7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23-25 अप्रैल) 68815 – बल्लारशाह-गोंदिया मेमू पैसेंजर (5 अप्रैल से 25 अप्रैल) 68816 – गोंदिया-बल्लारशाह मेमू पैसेंजर (5 अप्रैल से 25 अप्रैल) 78805 – गोंदिया-कटंगी डेमू पैसेंजर (5 अप्रैल से 25 अप्रैल) 78806 – कटंगी-गोंदिया डेमू पैसेंजर (5 अप्रैल से 25 अप्रैल)

सीएम ने सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर की दिन की शुरुआत, पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाए गए आयोजन

भोपाल  हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर दिन की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति और उज्जैन की गौरवशाली परंपरा को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सदियों से धर्म, ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित परंपराएं आज भी समाज को प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उज्जैन में आयोजित हो रहा विक्रमोत्सव अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय पंचांग और सभी प्रमुख पर्व विक्रम संवत पर आधारित हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसी क्रम में 19 मार्च 2026 को सृष्टि आरंभ दिवस और वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सुबह 10 बजे सूर्य उपासना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  मंत्री प्रभार वाले जिलों में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल  राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में मौजूद रहेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर और राजेंद्र शुक्ला रीवा में कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके अलावा कई कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री अपने-अपने आवंटित जिलों में कार्यक्रमों की अगुवाई करेंगे। विक्रमोत्सव–2026 का आयोजन 15 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगा। इस दौरान उज्जैन में विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और वैचारिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देशभर से आए कलाकार, विद्वान और सांस्कृतिक साधक अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपरा की समृद्ध झलक प्रस्तुत कर रहे हैं। भारतीय परंपरा को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास  उत्सव के अंतर्गत संगीत, नृत्य, नाटक, लोककला और संगोष्ठियों के जरिए सम्राट विक्रमादित्य की परंपरा और भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और पर्यटकों की भागीदारी से उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान और भी सशक्त रूप में उभरकर सामने आ रही है। बता दें कि विक्रमोत्सव 2025 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें “लॉन्गस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर” और WOW अवॉर्ड शामिल हैं। आने वाले समय में यह उत्सव भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार का सशक्त माध्यम बनेगा। 

रामपुर, गोरखपुर, आगरा और प्रयागराज सहित 10 जिलों के अधिकारियों से सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट, अहम निर्देश दिए

लखनऊ यूपी में आने वाले दिनों में एक के बाद एक बड़े धार्मिक पर्वों को देखते हुए सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर साफ संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने प्रदेश के 10 संवेदनशील जिलों के अधिकारियों से हालिया घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी जुड़े. बैठक का फोकस साफ था कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द हर हाल में बनाए रखना। 10 जिलों पर खास नजर, मांगी गई रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लिया. उन्होंने संबंधित जिलों के अधिकारियों से इन घटनाओं पर अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा तलब किया. सीएम ने दो टूक कहा कि अपराध की एक भी घटना पूरे माहौल को प्रभावित करती है, इसलिए हर शिकायत पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखना चाहिए, तभी कानून का असर जमीन पर नजर आएगा। त्योहारों को लेकर सख्त निर्देश बैठक में खास तौर पर चैत्र नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन अवसरों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति पैदा न होने पाए. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की उद्दंडता या माहौल बिगाड़ने की कोशिश को तुरंत रोका जाए और दोषियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए. प्रशासन को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। मंदिरों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश चैत्र नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष इंतजाम करने को कहा. उन्होंने साफ निर्देश दिए कि मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए. भीड़ प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है, ताकि किसी भी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने. प्रमुख मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी. जो परंपराएं पहले से चली आ रही हैं, उन्हीं का पालन सुनिश्चित किया जाए. इसका मकसद यह है कि किसी भी नई गतिविधि के कारण विवाद की स्थिति पैदा न हो। लाउडस्पीकर और स्टंटबाजी पर सख्ती सीएम योगी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज तय मानकों के भीतर ही रहनी चाहिए. यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है, तो तुरंत कार्रवाई करते हुए लाउडस्पीकर हटाए जाएं. इसके साथ ही उन्होंने बाइक स्टंटबाजी पर भी सख्त नाराजगी जताई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़कों पर इस तरह की गतिविधियों को तुरंत रोका जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. बैठक में चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई गई. मुख्यमंत्री ने पीआरवी-112 वाहनों की गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी ऐसी होनी चाहिए कि अपराधी वारदात करने से पहले ही डर जाएं। एलपीजी सप्लाई पर भी सरकार सख्त मुख्यमंत्री ने एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर आम जनता पर नहीं पड़ना चाहिए. कहीं भी कृत्रिम कमी, जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की तैयारी अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां तय प्रोटोकॉल के तहत पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर चूक न हो. मुख्यमंत्री ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया. उन्होंने कहा कि गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं मजबूत की जाएं, समय पर धनराशि जारी हो और चारे सहित सभी जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. बैठक से पहले पुलिस महानिदेशक ने जानकारी दी कि चैत्र नवरात्र, ईद और रामनवमी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार है. संवेदनशील इलाकों में फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।  

लेडी अफसर अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, KBC में जीते 50 लाख, अब जेल की तैयारी

 श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दी है. इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। दरअसल, साल 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद पीड़ितों के लिए राहत राशि का वितरण किया गया था. आरोप है कि बड़ौदा तहसील में उस समय पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर, करीब 25 पटवारियों और 100 से ज्यादा दलालों ने मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांट दी. यह गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर की ऑडिट में पकड़ में आई, जिसके बाद बड़ौदा थाने में FIR दर्ज कराई गई। 2.57 करोड़ का बाढ़ राहत घोटाला जांच में आरोप लगा कि राहत राशि वितरण के दौरान रिश्तेदारों और परिचितों को बाढ़ पीड़ित दिखाकर रकम उनके खातों में डलवाई गई. इस कथित घोटाले में तहलसील कार्यालय के कर्मियों और बिचौलियों की मिलीभगत बताई गई है. पुलिस जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी भी शामिल हैं. अब आगे क्या? गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता सिंह तोमर ने पहले हाई कोर्ट (ग्वालियर खंडपीठ) में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SLP के साथ अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई. 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी,अब या तो उन्हें स्वेच्छा से सरेंडर करना होगा या पुलिस गिरफ्तारी कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद राजस्व अमले और प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है. बड़ौदा थाने की पुलिस कभी भी अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी कर सकती है. कानूनी जानकारों के मुताबिक,अब उनके पास सरेंडर या कस्टोडियल इंटरोगेशन की स्थिति के लिए तैयार रहने के विकल्प हैं. KBC से लेकर विवादित पोस्ट तक का सफर बता दें कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं. पिछले वर्षों में सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं.  इतना ही नहीं, अमिता सिंह अपने बार-बार तबादलों लेकर पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुकी हैं. साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने से खफा होकर इस्तीफे के पत्र भी लिख चुकी हैं.    

हिंदू नववर्ष : विक्रम संवत को कई देशों ने अपनाया, 1.96 अरब वर्ष पहले बनी सृष्टि, अंग्रेजी कैलेंडर 58 साल पीछे

इंदौर  गुड़ी पड़वा पर्व को हिंदुओं का नववर्ष माना जाता है। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर सृष्टि की उत्पत्ति हुई थी इसलिए इसे हिंदुओं के नववर्ष की तरह मनाते हैं। उज्जैन में चैत्र प्रतिपदा से विक्रम संवत (वर्ष) की शुरुआत हुई। आज भी इसे गुड़ी पड़वा पर्व पर शिप्रा नदी के रामघाट पर आतिशबाजी और रंगारंग कार्यक्रम कर विक्रमोत्सव के रूप में मनाया जाता है।  हिंदू नववर्ष के कैलेंडर की शुरुआत उज्जैन शहर से हुई। इस कैलेंडर को विक्रम संवत या पंचांग भी कहा जाता है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत (वर्ष) की शुरुआत की थी, तभी से इस कैलेंडर के अनुसार हिंदू नववर्ष मनाया जाता है। नेपाल में पूरी तरह माना जाता है विक्रम संवत मान्यता है कि चैत्र की प्रतिपदा एकम के दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था, इसलिए गुड़ी पड़वा के दिन नववर्ष मनाया जाता है। करीब 1 अरब 96 करोड़ 58 लाख 81 हजार 126 वर्ष पहले सृष्टि की रचना मानी जाती है। विक्रम संवत भारतीय कालगणना का सबसे अचूक प्रामाणिक पंचांग है। शादी, तीज, त्योहार या अन्य कार्यक्रम इसी पंचांग से तय होते हैं। विक्रम संवत सबसे प्राचीन है। इसके बाद हिजरी, ईस्वी आदि आए थे। विक्रम संवत को नेपाल, मॉरीशस, सूरीनाम और यूक्रेन जैसे देशों में माना जाता है। नेपाल में तो पूरी तरह विक्रम संवत ही चलता है। पुरातत्वविद रमण सोलंकी ने बताया कि नव संवत्सर का मतलब नया साल होता है। संवत मतलब वर्ष होता है। भारत में आज भी अंग्रेजी कैलेंडर से ही काल की गणना की जा रही है। विक्रम संवत अंग्रेजी कैलेंडर से 58 वर्ष आगे है। अंग्रेजी कैलेंडर में वर्ष 2026 चल रहा है, जबकि 19 मार्च से विक्रम संवत 2083 शुरू होगा। दुनिया भर में 60 से अधिक संवत हिंदू कैलेंडर का पहला महीना चैत्र और आखिरी महीना फाल्गुन होता है। राजा विक्रमादित्य उज्जैन के राजा थे। विक्रमादित्य का जन्म 102 ईसा पूर्व हुआ था। उन्होंने 57 ईसा पूर्व भारत से शक साम्राज्य का पतन किया। शकों को हराने के बाद उन्होंने उनके कैलेंडर शक संवत की जगह इसी साल से विक्रम संवत शुरू किया। इसे आगे चलकर हिंदू कैलेंडर कहा है। दुनिया भर में 60 से अधिक संवत हुए, लेकिन विक्रम संवत सबसे ज्यादा प्रचलित है। उज्जैन में राजा विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत की शुरुआत उज्जैन से की गई इसीलिए इसका सीधा संबंध उज्जैन से है। 

स्वास्थ्य विभाग की जांच में खुलासा, 5 अस्पतालों के लाइसेंस किए गए रद्द

दुर्ग. जिले के कई निजी अस्पतालों में नर्सिंग होम अधिनियम के नॉर्म्स का पालन नहीं किया जा रहा है. 48 निजी अस्पतालों से मांगा स्पष्टीकरण इसकी शिकायत मिलने पर जिले में संचालित 124 निजी अस्पतालों का भौतिक निरीक्षण किया गया. इनमें से 5 अस्पतालों में खामी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किया गया है. अस्पताल नर्सिंग होम अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत तथा आयुष्मान योजना के अंतर्गत एम्पेनल्ड दुर्ग जिले के सभी निजी अस्पतालों का एक माह के भीतर भौतिक निरीक्षण कर यथा निर्धारित चेक लिस्ट अनुसार निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने 4 निरीक्षण टीम का गठन किया गया था. निरीक्षण टीम के प्रतिवेदन के आधार पर 48 निजी अस्पतालों में खामियां पाई गई, जिनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है. इनमें से 5 निजी अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त किया गया है. सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी से मिली जानकारी अनुसार जिले में संचालित 124 निजी अस्पतालों के निरीक्षण उपरांत टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट अनुरूप 48 अस्पतालों में कमी पाई गई, जिसके लिए 48 अस्पतालों को छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 के तहत स्पष्टीकरण 30 दिवस के भीतर प्रस्तुत किये जाने हेतु कलेक्टर द्वारा नोटिस जारी किया गया है. प्रत्येक निरीक्षण टीम में स्थानीय नगरीय निकाय, जिला आयुष कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य शामिल थे. डॉ. दानी के अनुसार अस्पतालों से प्राप्त जवाब की जांच हेतु गठित टीम द्वारा 48 अस्पतालों का पुनः निरीक्षण किया गया. निरीक्षण उपरांत 5 निजी अस्पतालों में पाई गई कमियों की पूर्ति किया जाना नहीं पाया गया, जो छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 की अनुसूची 1 का भाग ङ (अस्पताल एवं नर्सिंग होम) में विहित मानकों का स्पष्ट उल्लंघन होना पाया गया.

दुर्ग में अवैध गैस कारोबार का भंडाफोड़, 599 सिलेंडर जब्त; खाद्य विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप

दुर्ग. घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति एवं वितरण को निर्बाध रूप से बनाये रखने के लिए जिले में निरंतर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है. जांच के क्रम में ग्राम पंचायत रसमड़ा के बोरई इंडस्ट्रीयल ग्रोथ सेंटर में स्थित पापुशा गैसेस प्रा. लि. की आकस्मिक जांच जिला खाद्य कार्यालय के अधिकारियों द्वारा की गई. उक्त सेंटर में कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा 2 विभिन्न ब्रांडों गो गैस एवं गैस प्वाइंट के नाम से गैस सिलेंडरों की सप्लाई डीलर के माध्यम से उपभोक्ताओं को की जाती है. सार्वजनिक वितरण प्रणाली से भिन्न समानांतर विपणन प्रणाली के रूप में पापुशा गैसेस प्रा. लि. तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा कार्य किया जाना पाया गया. खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया से मिली जानकारी अनुसार फर्म की जांच में कुल 599 गैस सिलेंडर पाए गए. गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग के लिए 03 बुलेट भी पाए गए, जिसमें 2841 कि.ग्रा. एलपीजी भंडारित होना पाया गया. जांच के समय फर्म में विभिन्न सिलेंडरों में पेंटिंग का काम किया जा रहा था तथा सिलेंडरों के नेट वेट, टेयर वेट तथा सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट अंकित की जा रही थी. मांगे जाने पर उक्त कार्य से संबंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. फर्म द्वारा प्रस्तुत स्टाक पंजी तथा भौतिक सत्यापन में अंतर पाया गया. फर्म के मैनेजर द्वारा जानकारी दी गई कि अतुल रबर को डीलर के रूप में उनके द्वारा सप्लाई की जाती है किन्तु उक्त डीलर वैधता अथवा करार किये जाने आदि के संबंध में कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया. इस प्रकार उक्त फर्म का समानांतर विपणनकर्ता के रूप में कार्य करना पाया गया किन्तु फर्म द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया. फर्म द्वारा कलेक्टर दुर्ग को किसी प्रकार की जानकारी नही दी जा रही है. इस प्रकार पापुशा गैस प्रा.लि. रसमड़ा तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 की विभिन्न कंडिकाओं जैसे- एलपीजी के विक्रय का अप्राधिकृत कारोबार करने, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस उपस्करों के कब्जा, कार्यस्थल पर स्टाक और कीमत को प्रदर्शित नही करने, रजिस्टर का सही लेखा नहीं रखने, रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत नही करना आदि का उल्लंघन पाये जाने पर 599 नग गैस सिलेंडर तथा 2841 किग्रा एलपीजी जब्त किया गया.

भंडारा स्थलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व सार्वजनिक स्थानों पर सफाई, डस्टबिन और जनसुविधाओं का विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को भव्य बनाएगी योगी सरकार  -राम यंत्र स्थापना को लेकर नगर निगम ने कीं व्यापक तैयारियां -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित अयोध्या बनाने हेतु विशेष अभियान –  राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, घाटों व प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता और सौंदर्यीकरण अभियान -प्रस्तावित मार्गों, अंडरपासों और चौराहों पर हाईटेक सफाई, एंटी स्मॉग गन व जल छिड़काव की व्यवस्था -श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, वाटर कूलर, वाटर कियोस्क और प्रकाश व्यवस्था की व्यापक सुविधा -आवारा पशुओं पर नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष प्रबंधन योजना -भंडारा स्थलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व सार्वजनिक स्थानों पर सफाई, डस्टबिन और जनसुविधाओं का विस्तार अयोध्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति 19 मार्च को हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन वह रामनगरी पहुंचेंगी। यहां राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में राम यंत्र की स्थापना करेंगी। साथ ही वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह दौरा राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा, क्योंकि राम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर होगी, जो आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने का व्यापक अभियान चल रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं को भी कोई असुविधा न हो। अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प अब और मजबूत हो गया है, क्योंकि यह दौरा केवल एक आधिकारिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष के उत्सव और राम मंदिर की पूर्णता का प्रतीक बन रहा है। अयोध्या नगर निगम ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों, राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियान छेड़ा है। पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चल रहा है, जिसमें स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई शामिल है। सरयू तट पर जेटिंग मशीनों से घाटों की गहन धुलाई की जा रही है, ताकि स्नान घाट पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक दिखें। एंटी स्मॉग गन कर रहा धूल नियंत्रण प्रमुख चौराहों और अंडरपासों जैसे एयरपोर्ट अंडरपास, महोवरा अंडरपास, साकेत पेट्रोल पंप अंडरपास, अयोध्या धाम मेला क्षेत्र आदि पर हाईटेक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे हवा स्वच्छ रहे और यात्रा आरामदायक हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 81 वाटर कूलर लगाए गए हैं, जिनमें अयोध्या धाम क्षेत्र में 47 और फैजाबाद क्षेत्र में 31 शामिल हैं। इसके अलावा 25 वाटर कियोस्क स्थापित किए गए हैं। अयोध्या धाम में 18 और फैजाबाद में 7 स्थापित किए गए हैं। ये सभी 24×7 निःशुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों और भंडारा स्थलों पर वाटर टैंकर भी तैनात रहेंगे। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज आवारा पशुओं, खासकर गोवंश, पर सख्त नियंत्रण के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाया जाएगा, ताकि सड़कों पर कोई बाधा न रहे। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज है, जिससे पैदल यात्रियों को सुगम मार्ग मिले। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, धर्मशालाएं, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष सफाई और प्रबंधन योजना लागू है। पॉलीथीन मुक्त अयोध्या बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान   नागेश्वर नाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों के आसपास उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भंडारा स्थलों पर नियमित सफाई, डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था और जनसुविधाओं का विस्तार किया गया है। पॉलीथीन मुक्त अयोध्या बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से देशभक्ति गीतों के साथ स्वच्छता, अतिक्रमण न करने और पॉलीथीन मुक्त रहने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। घाट और अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। संत तुलसीदास घाट, सरयू स्नान घाट और विभिन्न अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग की गई है, ताकि शाम के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक लगे। सफाई कर्मचारियों की तैनाती राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर प्रस्तावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 500 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी राष्ट्रपति के प्रस्थान तक निरंतर सफाई कार्य सुनिश्चित करेंगे। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा उनकी ड्यूटी का पर्यवेक्षण किया जा रहा है, ताकि कोई चूक न हो। श्रद्धालु लेकर जाएंगे अच्छा अनुभव : नगर आयुक्त नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि यह दौरा राम मंदिर की भव्यता को नई ऊंचाई देगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि अयोध्या न केवल राष्ट्रपति के स्वागत में भव्य दिखे, बल्कि हर आने वाले श्रद्धालु को ‘रामनगरी’ की दिव्यता और स्वच्छता का अनुभव हो। हमारी कोशिश है कि रामनवमी पर आने वाले सभी श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाएं। नगर निगम का विशेष सफाई और सजावट अभियान महामहिम राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम अयोध्या ने व्यापक तैयारियां कीं हैं। एक सप्ताह के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें सरयू तट से लेकर पूरे नगर क्षेत्र में सफाई, फॉगिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी वाटर कियास्क, वाटर एटीएम, वॉटर टैंक की सफाई एवं मरम्मत कराकर इस दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के उपयोग लायक बनाया गया है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न चौराहों, पार्को एवं महापुरुषों की मूर्तियों को सजाने का प्रबंध किया गया है। साढ़े आठ किलोमीटर लंबे आवागमन मार्ग को जगह-जगह फूलों, एवं हरियाली के प्रतीक पेड़-पौधों से सजाया गया है। स्वागत के लिए खड़े होने वाले नौनिहालों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल के विशेष इंतजाम किए गए हैं। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु अयोध्या की आध्यात्मिक आभा के साथ ही विकास, सफाई, पेयजल व्यवस्था सहित अन्य कार्यों के लिए हो रहे नवाचारों से प्रेरणा लें। इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। -महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महापौर नगर निगम अयोध्या

मुकेश मल्होत्रा विजयपुर विधायक बने रहेंगे, लेकिन राज्यसभा में वोट का हक नहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. इस सीट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को बरकरार रखते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने उपचुनाव में दूसरे नंबर पर रहे रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था. विधायक बने रहेंगे मल्होत्रा हाईकोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित कर रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था. इसके बाद मुकेश मल्होत्रा ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर अपील के लिए समय मांगा था. इसके बाद हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि मुकेश मल्होत्रा के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए 15 दिन का समय है. मुकेश मल्होत्रा को विधायकी बचाने के लिए 20 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट से स्टे लाना होगा. अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है तो मुकेश मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे.  सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने मल्होत्रा को राहत दी। सुप्रीम कोर्ट की दो प्रमुख शर्तें जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बेंच ने मुकेश मल्होत्रा को विधायक के रूप में जारी रखने की अनुमति तो दी है, लेकिन अंतिम फैसला आने तक ये पाबंदियां भी लगाई हैं… वोटिंग राइट नहीं: मुकेश मल्होत्रा फिलहाल राज्यसभा के लिए मतदान नहीं कर सकेंगे। ऐसे में अब मुकेश जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे। वेतन पर रोक: जब तक कोर्ट इस मामले में अपना अंतिम निर्णय नहीं सुना देता, तब तक उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ते नहीं दिए जाएंगे। हालांकि, उन्हें विधायक निधि मिलेगी या नहीं…यह अभी साफ नहीं हुआ है। वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने बताया कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। दरअसल, विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने आदिवासी वोटों को ध्यान में रखकर मुकेश को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था।

सम्भागीय उड़नदस्ता टीम आरटीओ ने समय पर पहुंचकर ड्राइवर की बचाई जान

The Divisional Flying Squad team of RTO reached on time and saved the life of the driver. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव /अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। सम्भागीय परिवहन उड़नदस्ता आरटीओ को एक अन्य ड्राइवर से सूचना प्राप्त हुई कि नेशनल हाईवे नागपुर रोड स्थित तिंसी फाटक ओवरब्रिज के पास वाहन क्रमांक MH 49 AT 7397 के चालक के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मारपीट की गई है।सूचना मिलते ही सम्भागीय उड़नदस्ता टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। परिवहन आरक्षक इम्तियाज हुसैन ने तत्परता दिखाते हुए 108 एम्बुलेंस एवं 112 डायल सेवा को कॉल कर सहायता उपलब्ध कराई। घायल चालक को 108 एम्बुलेंस एवं पुलिस की सहायता से मेडिकल अस्पताल भिजवाया गया, जिससे समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी। घटना की सूचना संबंधित थाना को देकर वाहन को सुरक्षित रूप से बरगी थाने में खड़ा कराया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। मौके पर प्रभारी राजेंद्र साहू, परिवहन उप निरीक्षक अक्षय पटेल, आरक्षक इम्तियाज हुसैन, घनश्याम रजक एवं समस्त स्टाफ उपस्थित था।

बारिश और ओलों का कहर: राजस्थान, MP में अलर्ट, हरियाणा में सड़कों पर पानी, उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में बर्फबारी

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। राजस्थान में जयपुर सहित कई शहरों में बुधवार देर रात से ही घने बादल छाए हुए हैं। 20 मार्च तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। ठंडी हवाएं चलने से तापमान 2 से लेकर 9 डिग्री तक गिर गया। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर-ग्वालियर समेत 33 जिलों में आंधी-बारिश और 3 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान जताया है। उधर हरियाणा के रेवाड़ी में रात में हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरे। सड़कों पर पानी भर गया। आंधी के चलते सड़कों पर लगे होर्डिंग भी उखड़ गए। बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। वहीं हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओले गिरने की संभावना है। नगालैंड में तूफान-बारिश से तबाही, 46 परिवार प्रभावित नगालैंड में तेज तूफान और बारिश से 46 परिवार प्रभावित हुए हैं। चुमौकेडिमा और पेरेन जिलों में कई घरों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है। मोन जिले के एक सरकारी स्कूल को भी नुकसान हुआ, जिससे मिड-डे मील प्रभावित हुआ। हालांकि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है। अगले दो दिन मौसम का हाल 20-21 मार्च- मौसम विभाग ने दिल्ली में यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। राजस्थान में ओले गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में आंधी का अलर्ट है। नॉर्थ-ईस्ट में भी तेज बारिश की आशंका है।

दहेज में एक रुपया, शगुन में नारियल: सहारनपुर में आर्मी के मेजर ने कैप्टन दुल्हन संग सादगी से की शादी

  सहारनपुर  सहारनपुर में अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई, जहां इंडियन आर्मी के मेजर ने केवल एक रुपए का शगुन लेकर कैप्टन रैंक की लड़की से विवाह किया. दहेज के नाम पर सिर्फ एक नारियल लिया गया और पूरे सादगी भरे समारोह में समाज को बड़ा संदेश दिया गया. यह मामला सरसावा क्षेत्र के मीरपुर गांव का है, जहां लोगों ने इस शादी को मिसाल बताया। बता दें कि मीरपुर गांव निवासी चौधरी ओमपाल सिंह भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं और सरसावा आर्य जाट समाज विकास समिति के संयुक्त सचिव भी हैं. उन्होंने अपने बेटे मेजर मधुर चौधरी की शादी 16 मार्च 2026 को ब्रजमंडल की रहने वाली ज्योति सौरोत से कराई. खास बात यह रही कि शादी में दहेज बिल्कुल नहीं लिया गया, केवल एक रुपए का शगुन स्वीकार किया गया. दोनों ही भारतीय सेना में अधिकारी हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी तैनाती की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। परिवार के लोगों ने बताया कि दोनों परिवारों की मुलाकात धार्मिक यात्रा के दौरान मथुरा में हुई थी. बातचीत के दौरान जब ज्योति के परिवार ने बेटी के लिए योग्य रिश्ता तलाशने की बात कही, तब मधुर के परिवार ने बताया कि उनका बेटा सेना में मेजर है. यहीं से बातचीत आगे बढ़ी और धीरे-धीरे रिश्ता तय होकर शादी तक पहुंच गया। दूल्हे के पिता चौधरी ओमपाल सिंह ने कहा कि उनके लिए बहू ही सबसे बड़ा दहेज है. उन्होंने बताया कि उनका मकसद समाज को यह संदेश देना है कि लड़कियां बोझ नहीं होतीं और उन्हें पढ़ाकर आगे बढ़ाना चाहिए. उन्होंने जीवन में ही तय कर लिया था कि वह कभी दहेज नहीं लेंगे और युवाओं से भी अपील की कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं। सेना से रिटायर्ड चौधरी ओमपाल सिंह ने समाज को दहेज मुक्त शादी का बड़ा संदेश दिया है. उनके बेटे मधुर चौधरी, जो सेना में मेजर हैं, की शादी एक महिला सैन्य अधिकारी से हुई. खास बात यह रही कि मेजर के पिता ने दहेज के नाम पर केवल 1 रुपया लेकर यह विवाह संपन्न कराया. ओमपाल सिंह ने कहा कि वे समाज को संदेश देना चाहते हैं कि बेटियों को पढ़ाकर गुणवान बनाएं ताकि वे बोझ न बनें।

अफगान क्रिकेटर्स की दिल छूने वाली पहल, पाक एयरस्ट्राइक के घायलों से काबुल में की मुलाकात

काबुल काबुल एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इंसानियत का चेहरा बनकर सामने आए हैं. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के अधिकारी और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाई। वनडे और टेस्ट कप्तान हसमतुल्लाह शाह‍िदी, अपने साथियों गुलबदीन नईब और कैस मोहम्मद के साथ काबुल के वजीर अकबर खान और इमरजेंसी अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब काबुल में हुए पाकिस्तानी हमले को लेकर अफगानिस्तान में भारी गुस्सा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा एक एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर किए गए एयरस्ट्राइक में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मीडिया के हवाले से जो खबर आ रही हैं, उसके अनुसार-पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान की सेना ने कुनार प्रांत के विभिन्न इलाकों में 124 रॉकेट दागे. हालांकि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन हालात इतने खराब हो गए कि करीब 7500 परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। कुनार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख जिया-उल-रहमान स्पिन घर ने बताया कि ये हमले  डूरंड लाइन के पास के इलाकों में किए गए, जिससे आम नागरिकों में डर का माहौल है और बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है। इस घटना पर संयुक्त राष्ट्र ने भी गंभीर चिंता जताई है और पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. राश‍िद खान और मोहम्मद नबी की आई थी काबुल अटैक पर प्रत‍िक्र‍िया वहीं अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राश‍िद खान ने भी इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि काबुल में नागरिकों की मौत की खबर से वे बेहद दुखी हैं. उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों, स्कूलों या अस्पतालों को निशाना बनाना ‘वॉर क्राइम’ है. वहीं मोहम्मद नबी ने भी इसे लेकर पोस्ट किया था। राशिद खान ने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस हमले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि रमजान जैसे पवित्र महीने में इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है और इससे नफरत और बढ़ेगी। इस बीच काबुल में हुए धमाकों और हमलों ने पाकिस्तान और तालिबान प्रशासन के बीच रिश्तों में बढ़ते तनाव को भी उजागर कर दिया है. दोनों देशों के बीच सुरक्षा मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न

राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में  विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में अलग से संचालनालय गठन,नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। हम उनकी चिंता कर नये विकास का कार्य कर रही है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें  लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह निवासरत है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।  हमारी सरकार समाज के महत्वपूर्ण किन्तु विकास में पीछे रह गये इन वर्गों के सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है। संकल्प को पूर्ण करने हेतु हमारी सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग,मंत्रालय गठित किया है, जिससे इन वर्गों के विकास के लिए गति प्रदान की जा सके तथा इनके लिए नवाचार योजनाओं को लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त इन वर्गों के समस्याओं पर सम्यक रुप से विचार कर समस्या का समाधान किया जा सके, जिससे यह समाज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सके।  पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया गया है। इसके लिए लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किया गया है। इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विभाग ने नवीन मुख्य बजट में इन वर्गों के शैक्षणिक विकास हेतु छात्रावास, आश्रम, प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थान स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति विद्यार्थी के खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है। इस हेतु रुपये 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भुगतान की व्यवस्था को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु नवाचार करते हुए निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं भुगतान चालू वर्ष में ही किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता की योजना मुख्य बजट में लाई गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेल्वे, बैंकिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के छ.ग. राज्य के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं के अध्ययन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संबंध में अभिरुचि के विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने मुख्य बजट में नवीन योजना मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लाई गई है, जिसके माध्यम से जिन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उनको अध्ययन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान में 55 विभागीय छात्रावास स्वीकृत है। वर्तमान में नवीन बजट में 06 जिलों (रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर, धमतरी, रायपुर, जशपुर) में अन्य पिछड़ा वर्ग पो. मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किये गये है। इस दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उक्त बैठक में उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल,राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री  ओपी चौधरी, मुख्य सचिव  विकासशील,मुख्यमंत्री के प्रमुख  सचिव  सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा परCM साय ने दी नववर्ष और नव ऊर्जा का संदेश

नववर्ष, नव ऊर्जा और नव संकल्प का संदेश: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने दी चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर और गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने इस मंगल अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी पावन अवसर से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नव शुरुआत और उत्सवधर्मिता का संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विविध स्वरूपों में प्रदेश की आस्था और संस्कृति गहराई से रची-बसी है। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच और आंतरिक चेतना का भी संचार करती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहे।

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