Going to temple-mosque to worship or worship is not spirituality: Rajnath Singh
जयपुर ! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर-मस्जिद में जाकर पूजा या इबादत करना आध्यात्म नहीं है. उन्होंने कहा कि मन जितना बड़ा होगा, जीवन में कष्ट उतना ही कम होगा. राजनाथ ने कहा कि हम हमेशा से नॉलेज बेस्ट सोसायटी हैं और आज भी हमारा भारत नॉलेज बेस्ड सोसायटी है.
रक्षा मंत्री ने कहा कि दर्शनशास्त्र हो, गणित हो, मेडिकल साइंस हो, आर्किटेक्चर हो, नृत्य संगीत हो, मार्शल आर्ट हो या फिर अन्य कोई विधा हो, उन सब पर हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणालियों में विशेष ध्यान दिया गया है. ये और बात है कि किसी कारणवश या फिर मैकाले द्वारा निर्देशित शिक्षा पद्धतियों या फिर अन्य कारणों से ये बात दुनिया के सामने नहीं लाई गई कि हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली का ध्यान मैथ्स और साइंस पर भी उतना ही था.
Speaking at the Inaugural Ceremony of 'Shri Bhawani Niketan Sainik School' in Jaipur. https://t.co/Bsi6pU3aNX
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 23, 2024
उन्होंने कहा कि एक कारण यह हो सकता है कि उनको अपनी शिक्षा प्रणाली को बेहतर दिखाना था और हमारी शिक्षा व्यवस्था को कमतर. दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के जयपुर में एक सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया. इसी के मौके पर उन्होंने ये बातें कहीं. इस मौके पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी भी मौजूद रहीं.
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यह बिल्कुल भी नहीं था कि हमारा ध्यान केवल दर्शनशास्त्र और आध्यात्म पर था. हमारा ध्यान गणित और विज्ञान पर था. हमारा ध्यान खगोल और ज्योतिषशास्त्र पर भी था. रक्षा मंत्री ने कहा कि राजस्थान ऐतिहासिक रूप से भारत के इतिहास का एक केंद्र रहा है. यह धरती सिर्फ वीरता के लिए ही नहीं बल्कि अनोखी संस्कृति के लिए भी जानी जाती है.






