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ई-रिक्शा को बचाने के चक्कर में दो बसें अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई, चालक की मौके पर मौत, 15 घायल

मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र के दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे 58 पर भंगेला गांव के समीप शनिवार की सुबह एक ई-रिक्शा को बचाने के चक्कर में दो बसें अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। इस हादसे में एक बस के चालक की मौत हो गई तथा बस मे सवार 15 लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया। सुबह-सुबह हुए इस सडक हादसे से घटना स्थल पर चीख पुकार मच गई और आवाज सुनकर दर्जनों ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही थाना खतौली पुलिस सहित जनपद के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए तथा सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के उदयपुर से पूजा ट्रांसपोर्ट की बस लेकर चालक राम गोपाल पुत्र सोहन सिंह निवासी नंगला बंजारा जनपद हरदोई गंज, परिचालक नरेंद्र कुमार निवासी राजस्थान के जयपुर से शनिवार प्रात: लगभग 25 टूरिस्ट यात्रियों को लेकर उदयपुर से सहारनपुर जा रहा था। जैसे ही बस खतौली में भांगेला गांव के निकट पहुंची तो आगे चल रहे कंटेनर से टकरा कर अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई, जिसमें चालक राम गोपाल की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए। इसी बीच पीछे से आ रही राजस्थान के उदयपुर से स्थित गजराज ट्रांसपोर्ट की बस का चालक मदनलाल पुत्र चुन्नीलाल, परिचालक अनिल कुमार लगभग 30 तीर्थ यात्रियों को लेकर हरिद्वार जा रहा था। भीड़ के साथ ई रिक्शा को बचाने के प्रयास में बस खाई में गिरकर पलट गई। बताया जा रहा है कि इस हादसे में चालक व परिचालक समेत नारायण लाल पुत्र गोमाजी निवासी राजसमंद राजस्थान, आसमोहम्मद पुत्र महफूज, निवासी ननोता सहारनपुर, शमशाद पुत्र बशीर, केसर पुत्र नारायण निवासी भगवानदाकल्ला राजस्थान, डाली देवी पत्नी रोशनलाल निवासी कुमेरा खेड़ा राजस्थान, हेमलता पत्नी बेरूलाल निवासी कुमेरा खेड़ा राजस्थान, रोशन लाल पुत्र नथ्थू लाल निवासी राजसमंद राजस्थान, कन्हैया लाल पुत्र बंसी लाल निवासी राजसमंद राजस्थान,दीपक जैन पुत्र शशि निवासी सहारनपुर, तेजपाल पुत्र जीतराम निवासी भैंस कोटर् श्रीनगर उत्तराखंड, पुष्पा पत्नी रामसिंह निवासी उदयपुर राजस्थान, रामसिंह पुत्र निर्मय सिंह निवासी उदयपुर राजस्थान, लक्ष्मण सिंह पुत्र निर्दय सिंह निवासी उदयपुर,जब्बार पुत्र इलयास निवासी कैली रिक्शा चालक घायल हो गए। पुलिस और ग्रामीणों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद मुजफ्फरनगर में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया और मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।  

कृपया सरकार और प्रशासन पर भरोसा रखें, मुझे विश्वास है कि जिसने भी अराजकता फैलाई है, उसे बख्शा नहीं जाएगा: सूरजपाल

हाथरस उत्तर प्रदेश के हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र स्थित फुलरई गांव में आयोजित हरिनारायण साकार विश्वहरि भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ के बाद पहली बार सूरजपाल सामने आया है। उसने इस घटना पर दुख जताया है। बाबा ने कहा कि दो जुलाई को हुई घटना से बहुत दुखी है। भगवान हमें इस दर्द को सहने की शक्ति दे। कहा कि उपद्रवी बख्शे नहीं जाएंगे। घटना को सूरजपाल ने बताया साजिश इस घटना के बाद पुलिस बाबा की तलाश कर रही थी। इसी बीच बाबा ने पहली बार मीडिया के सामने आकर बयान दिया है। उसने कहा कि कृपया सरकार और प्रशासन पर भरोसा रखें। मुझे विश्वास है कि जिसने भी अराजकता फैलाई है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मैंने अपने वकील एपी सिंह के माध्यम से समिति के सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे शोक संतप्त परिवारों और घायलों के साथ खड़े रहें और जीवन भर उनकी मदद करें। मैं पीड़ितों की मदद करूंगा। मृतकों के परिजनों के हमेशा साथ हूं। वहीं, इस घटना को सूरजपाल ने साजिश बताया है। मुख्य आरोपी गिरफ्तार बता दें कि हाथरस जिले के फुलरई गांव में 2 जुलाई को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। इस मामले के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर को शुक्रवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश सरकार की एजेंसियों ने उसे पकड़ने के लिए राज्य के साथ-साथ पड़ोसी राजस्थान तथा हरियाणा में तलाश शुरू कर दी थी। जिसके चलते पुलिस ने उसे कल गिरफ्तार कर लिया है। आज (6 जुलाई) देव प्रकाश मधुकर को हाथरस कोर्ट में पेश किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग में हुई भगदड़ की न्यायिक जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम आज यानी 6 जुलाई को हाथरस जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, टीम सुबह 11 बजे हाथरस पहुंचेगी और हाथरस के डीएम, एसपी सहित वहां के अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना की प्राथमिक जानकारी जुटाएगी। दोपहर बाद घटनास्थल के लिए रवाना होगी।

योगी सरकार का बनाया 3 सदस्‍यीय जांच आयोग सत्संग में भगदड़ के बाद हुईं 121 लोगों की मौत के मामले की जांच करेगा

हाथरस उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 2 जुलाई को एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ मामले की जांच के लिए यूपी की योगी सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग हाथरस पुलिस लाइन पहुंचा है। यह जांच आयोग सत्संग में भगदड़ के बाद हुईं 121 लोगों की मौत के मामले की जांच करेगा। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर इस घटना के बाद दिल्ली भाग गया था और उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे शुक्रवार देर रात अपनी हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हाथरस में मची भगदड़ की इस घटना में 121 लोगों की मौत हो गई थी। मिली जानकारी के मुताबिक, मधुकर के वकील ए पी सिंह ने शुक्रवार देर रात दावा किया था कि उनके मुवक्किल ने दिल्ली में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि मधुकर को हाथरस पुलिस के ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ (एसओजी) की टीम ने हिरासत में लिया। हाथरस में एक अन्य पुलिस अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि उसे (मधुकर को) नजफगढ़ इलाके के पास दिल्ली से हिरासत में लिया गया। हालांकि, पुलिस ने सत्संग के मुख्य सेवादार मधुकर की गिरफ्तारी की अभी तक आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की है। घटना के सिलसिले में हाथरस के सिकंदरा राऊ पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में वह एकमात्र नामजद आरोपी है। मधुकर के वकील ए पी सिंह ने एक वीडियो संदेश में दावा किया था कि उनके मुवक्किल ने दिल्ली में आत्मसमर्पण कर दिया है, जहां उसका इलाज जारी है। सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि हमने हाथरस मामले में दर्ज प्राथमिकी में मुख्य आरोपी बताए जा रहे देवप्रकाश मधुकर का आज आत्मसमर्पण करा दिया है। उसका यहां इलाज चल रहा था इसलिए पुलिस, एसआईटी और एसटीएफ को दिल्ली बुलाया गया। वकील ने कहा कि हमने वादा किया था कि हम अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर नहीं करेंगे क्योंकि हमने कुछ गलत नहीं किया है। हमारा अपराध क्या है? वह एक इंजीनियर और हृदय रोगी हैं। चिकित्सकों ने कहा कि उनकी हालत अब स्थिर है और इसलिए हमने जांच में शामिल होने के लिए आज आत्मसमर्पण कर दिया। सिंह ने कहा कि पुलिस अब उसका बयान दर्ज कर सकती है या उससे पूछताछ कर सकती है, लेकिन उन्हें उसके स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ‘‘उसके साथ कुछ गलत न हो।” उन्होंने कहा कि हमने अग्रिम जमानत अर्जी दायर करने या अदालत जाने जैसा कोई कदम नहीं उठाया, क्योंकि इसे खुद को बचाने के प्रयास और डरकर उठाए गए कदम के रूप में देखा जाता… इस बारे में सवाल उठ रहे हैं कि वह (मधुकर) कहां है और क्या वह भाग गया है। उन्होंने कहा कि मधुकर जांच में शामिल होगा और कार्यक्रम में मौजूद ‘‘असामाजिक तत्वों” के बारे में जानकारी साझा करेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मधुकर की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। उच्चतम न्यायालय के वकील ने 3 जुलाई को दावा किया था कि वह प्रवर्चनकर्ता सूरजपाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि उर्फ ‘​​भोले बाबा’ का भी प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके सत्संग में भगदड़ मची थी। वकील ने कहा कि इस घटना के पीछे कुछ ‘‘असामाजिक तत्वों” का हाथ है। सिंह ने कहा था कि सूरजपाल राज्य प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है। इस मामले में गुरुवार तक ‘भोले बाबा’ के सत्संग की आयोजन समिति की दो महिला सदस्यों सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में दो जुलाई को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 110 (गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास), 126 (2) (गलत तरीके से रोकना), 223 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा), 238 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।  

हाथरस भगदड़ पर मायावती बोली- गरीबों को ‘भोले बाबा’ जैसे बाबाओं के अंधविश्वास के बहकावे में न आना चाहिए

हाथरस उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को लोगों को सलाह दी कि वे अपने दुखों को दूर करने के लिए हाथरस के भोले बाबा जैसे अनेकों और बाबाओं के अंधविश्वास व पाखंडवाद के बहकावे में न आएं। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सीएम मायावती ने अपने एक्स अकाउंट तीन पोस्ट किए। मायावती ने कहा, “देश में गरीबों, दलितों और पीड़ितों आदि को अपनी गरीबी और अन्य सभी दुःखों को दूर करने के लिए हाथरस के भोले बाबा जैसे अनेकों और बाबाओं के अंधविश्वास व पाखंडवाद के बहकावे में आकर अपने दुःख व पीड़ा को और नहीं बढ़ाना चाहिए, यही सलाह है।” मायावती ने कहा, “बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बताए हुए रास्तों पर चलकर इन्हें सत्ता खुद अपने हाथों में लेकर अपनी तकदीर खुद बदलनी होगी। इन्हें अपनी पार्टी बीएसपी से ही जुड़ना होगा, तभी ये लोग हाथरस जैसे काण्डों से बच सकते हैं, जिसमें 121 लोगों की हुई मृत्यु अति-चिन्ताजनक है।” मायावती ने आगे कहा कि हाथरस कांड में, बाबा भोले सहित अन्य जो भी दोषी हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे अन्य और बाबाओं के विरुद्ध भी कार्रवाई होनी जरूरी। इस मामले में सरकार को अपने राजनीतिक स्वार्थ में ढीला नहीं पड़ना चाहिए, ताकि आगे लोगों को अपनी जान ना गंवानी पड़े। बता दें कि हाथरस में भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ‘भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। इसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी। एफआईआर के अनुसार, सत्संग आयोजकों ने सबूत छिपाकर तथा बाबा के अनुयायियों की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फेंक कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की थी। ऐसा बताया जा रहा है कि भगदड़ तब मची जब कई श्रद्धालु उपदेशक के पैरों की मिट्टी लेने के लिए दौड़े थे। उनका मानना था कि इससे उनकी सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।  

योगी सरकार के मंत्री का बड़ा बयान, कहा – हिन्दू देवी-देवताओं के नाम पर मुस्लिम दुकान पर न लिखें

मुजफ्फरनगर सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इस यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं. कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर में कांवड़ शिविर संचालकों के साथ बैठक की.  इस बैठक के बाद कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कांवड़ मेले में जो मुस्लिम लोग हिंदू देवी देवताओं के नाम पर अपनी दुकान चलाते हैं वो ऐसा ना करें. कपिल देव अग्रवाल ने कहा, ‘कांवड़ मेले में मुस्लिम लोग हिंदू देवी देवताओं के नाम पर अपनी दुकान चलाते हैं. वह अपनी दुकान चलाएं हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन वह हिंदू देवी देवताओं के नाम पर दुकान का नाम ना रखें क्योंकि बाहर से आने वाले कावड़िये वहां पर बैठकर चाय पानी पीते हैं और जब उन्हें पता चलता है तो उसमें विवाद का कारण बनता है. इसलिए इस मामले में पारदर्शिता होनी जरूरी है. जिससे बाद में कोई विवाद का कारण ना बन सके.’ सरकार ने दिए ये दिशा-निर्देश आपको बता दें कि कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने आगामी कांवड़ यात्रा और मुहर्रम के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर अधिकारियों के साथ एक बैठक की और उन्हें अलग-अलग दिशा- निर्देश दिए. कांवड़ यात्रा व मुहर्रम के जुलूस मार्गों को लेकर उन्होंने कहा कि डिजिटल वॉलिंटियर्स और सिविल डिफेंस का सहयोग लेकर सुरक्षा प्लान बनाया जाए. डीजीपी ने कहा कि किसी नई परंपरा की अनुमति न दी जाए और कावड़ यात्रा के मार्गों की पहली से जांच कर लें. इसके अलावा उन्होंने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और हॉटस्पॉट पर अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती का आदेश दिया. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और संवेदनशील जगहों पर अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए. संवेदनशील जगहों पर बढ़ेगी सुरक्षा इसके अलावा अधिकारियों को आदेश दिया कि जुलूस मार्गों पर लगे सीसीटीवी को एक्टिव रखा जाए और रेलवे स्टेशन तथा बस अड्डे पर सुरक्षा बढ़ाई जाए. अधिकारियोंसे कहा गया कि जोन सेक्टर स्कीम लागू कर अति संवेदनशील स्थलों पर चेकिंग को बढ़ाई जाए. डीजीपी ने इंटरनेट मीडिया की 24 घंटे निगरानी करने का भी निर्देश दिया जाए. सभी मार्गो के सर्वे का काम पूरा हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों-करोड़ों की तादात में शिव भक्त मुजफ्फरनगर होते हुए हरियाणा, राजस्थान ,दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की ओर प्रस्थान करते हैं, जिसे लेकर मुजफ्फरनगर जनपद कावड़ मेले के दौरान एक मुख्य बिंदु बन जाता है। इस बार के कावड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने भी सभी कावड़ मार्गों का सर्वे पूरा कर लिया है, जिसके बारे में जानकारी देते हुए मुजफ्फरनगर एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि हरिद्वार के बाद मुजफ्फरनगर में 219 किलोमीटर का कावड़ मार्ग है, जिसके चलते इस बार हर 2 किलोमीटर पर एक सिपाही की तैनाती की जाएगी और तकरीबन 2000 सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में इस कावड़ मेल को संपन्न कराया जाएगा। सुरक्षा को देखते हुए लगाए गए सीसीटीवी मुज़फ्फरनगर एसएसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि कावड़ शिविर संचालक और भंडारा संचालकों के साथ बैठक हुई है। बैठक में इस बात पर ज्यादा जोर दिया गया है जो कावड़ संचालक है, अपने यहां पर खास तौर पर फायर के बारे में काफी ध्यान रखें। अपने कावड़ शिविरों को इस प्रकार लगाएं कि सड़क पर जाम की स्थिति न बने। इसके साथ किसी भी प्रकार की कोई दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि यहां इस समय 8 कावड़ मार्ग है, जिनका सर्वे किया जा चुका है, इन क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। गंग नहर पटरी मार्ग पर हर 2 किलोमीटर पर एक सिपाही की तैनाती है होगी। 219 किलोमीटर के मार्ग पर तकरीबन 1800 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो कावड़ यात्री आ रहे हैं, जो वाहनों पर डीजे लगाए हैं और उनकी हाइट 20-20 फिट है, उन्हें बाईपास से निकाला जाएगा। उन्होंने अनुरोध कि वाहनों पर बनाए गए पंडाल को लिमिटेड साइज में बनाएं, ताकि किसी प्रकार की कोई भी दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि कानून को पालन सभी को करना होगा।    

मौसम विभाग ने बताया- देशभर में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी, यूपी में अगले पांच दिनों तक होने जा रही मूसलाधार बारिश

लखनऊ देशभर में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत के राज्यों में भारी बारिश की वजह से मुश्किलें होने लगी हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम और पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने जा रही है, जबकि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में पांच दिनों तक ऐसा मौसम जारी रहने वाला है। यूपी में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान में पांच जुलाई, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ में पांच और छह जुलाई, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश में पांच से नौ जुलाई, पंजाब, पश्चिमी मध्य प्रदेश में पांच से सात जुलाई, विदर्भ में आठ और नौ जुलाई, छत्तीसगढ़ में सात से नौ जुलाई के बीच तेज बारिश होगी। इसके अलावा, बिजली कड़कने की भी चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप में पांच जुलाई, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार में सात से नौ जुलाई, झारखंड में सात, ओडिशा में छह और आठ जुलाई, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5-9 जुलाई के बीच भारी बरसात होने वाली है। अन्य राज्यों की बात करें तो केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, इंटीरियर कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना में भी अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश आंधी तूफान के साथ हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश वहीं, हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को मूसलाधार वर्षा हुई जिसके कारण 77 मार्गों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। शिमला मौसम कार्यालय ने शनिवार को छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने, गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी के साथ ‘येलो’ अलर्ट जारी किया। राज्य में पिछले 24 घंटे में काफी वर्षा हुई है। मौसम कार्यालय के मुताबिक पालमपुर में सबसे अधिक 128 मिलीमीटर (मिमी)वर्षा हुई जबकि कतौला में 110 मिमी, बैजनाथ में 95 मिमी, जोगिंदरनगर में 64 मिमी, मंडी में 40 मिमी, कोठी में 36 मिमी, कुफरी में 33.2 मिमी, शिलारू में 32.5 मिमी, धर्मशाला में 26 मिमी, मनाली में 22 मिमी और खदराला में 21.6 मिमी बारिश दर्ज की गयी। आपात अभियान केंद्र के अनुसार, भारी बारिश के कारण मंडी में 67, चंबा में सात तथा कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और शिमला जिलों में एक-एक सड़क सहित 77 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गयीं तथा 236 ट्रांसफार्मर बाधित हो गए।  

जांजगीर जहरीली गैस हादसे में मृतकों के परिजनों 5-5 लाख रुपए देगी साय सरकार

रायपुर जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक के परिजनों को पांच – पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुंए की जहरीली गैस की चपेट में आने से 5 लोगों की दु:खद मौत की सूचना मिली थी। इस घटना में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा है कि हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के दल ने शवों को कुएं से निकाल लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आशंका है कि कुएं में जहरीली गैस के रिसाव के कारण उन सभी की मौत हुई। जांच के बाद ही इस संबंध में अधिक जानकारी मिल सकेगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुएं की जहरीली गैस की चपेट में आने से पांच लोगों की दुःखद मौत की सूचना मिली। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं। हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’’ आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिस पुराने कुएं में यह घटना हुई है, वह करीब चार माह से उपयोग में नहीं था क्योंकि जायसवाल ने अपने घर में बोरवेल करा लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि चूंकि कुआं लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं था और ढका हुआ भी था, इसलिए उसके भीतर जहरीली गैस का रिसाव होने लगा।’’ गौरतलब है कि जांजगीर जिला स्थित बिर्रा क्षेत्र के किकिरदा गांव में एक पुराना कुआं है। जिसे काफी समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। गांव के ही लोगों ने पुरानी लकड़ियों का छप्पर बनाकर कुएं को ढंक दिया था। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश और तेज हवा चलने के कारण कुएं के ऊपर बना लकड़ी का छप्पर कुएं के अंदर गिर गया था। जिसे निकालने गांव का एक आदमी कुएं के अंदर गया, जो काफी देर तक वापस नहीं आया। इसके बाद एक-एक कर 4 लोग और कुएं में उतरे और वापस बाहर नहीं आ सके। आशंका जताई जा रही है कि काफी दिनों से बंद रहने के कारण कुएं में जहरीली गैस निकलने लगी है, जिसकी चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई। हमारी सरकार पीड़ित परिजनों की हर संभव मदद करेगी : ऐसे में इस हादसे के मामले में राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को  5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की हैं। वहीं इस बीच मुख्यमंत्री से ने सोशल मीडिया के X पर  ट्वीट कर कहा कि, हमारी सरकार हर संभव मदद के लिए तत्पर हैं। जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से मौत हुई  हैं। इस मामले में मृतक के परिजनों को पांच – पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि “हमारी सरकार पीड़ित परिजनों की हर संभव मदद के लिए तत्पर है।”

हाधरस हादसे के बाद तीन बार ‘भोले बाबा’ ने आयोजकों से की थी बात, मैनपुरी वाले आश्रम के पास मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया था

हाथरस हाथरस हादसे के बाद कथावाचक सूरज पाल उर्फ ​​भोले बाबा ने तीन बार आयोजकों से बात की थी। इसके बाद उनके मैनपुरी वाले आश्रम के पास मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। 2 जुलाई को हाथरस में पुलराई मुगलगढ़ी गांव में भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में आयोजकों और सेवादारों को हादसे के लिए जिम्मेदार माना गया है। अफसरों के अनुसार भोले बाबा की चरण रज के लिए उनकी तरफ बढ़ रही महिलाओं को रोकने के बाद भगदड़ मची थी। हालांकि पुलिस अभी भी उनके ठिकाने के बारे में चुप्पी साधे हुए है। बाबा से अभी तक पूछताछ नहीं की गई है। बाबा के वकील एपी सिंह ने कहा है कि वह अभी आरोपी नहीं हैं और पुलिस जब भी उन्हें बुलाएगी उनके लिए उपलब्ध रहेंगे। मैनपुरी के डिप्टी एसपी (भोगांव) सुनील कुमार सिंह ने कहा कि बाबा हाथरस से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व मैनपुरी के बिछवान में अपने फार्महाउस-सह-आश्रम में नहीं थे। हालांकि उनके कुछ अनुयायियों ने इस संवाददाता को बताया कि वह आश्रम के अंदर थे। घटना के बाद से ही आश्रम के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि बाबा ने 2 जुलाई की दोपहर अपना मोबाइल बंद होने से पहले कुछ कार्यक्रम आयोजकों से कम से कम तीन बार बात की थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों से धर्मसभा के आयोजन के विभिन्न सुरक्षा पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। 80,000 लोगों के लिए मांगी गई अनुमति के मुकाबले 2.5 लाख लोग वहां मौजूद थे। सूरज पाल से पूछताछ/जांच की किसी संभावना के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक (अलीगढ़ रेंज) शलभ माथुर ने कहा कि अगर उनके बारे में कुछ है तो इसकी विधिवत जानकारी दी जाएगी। जांच साक्ष्य आधारित होगी। हमने जांच के तहत कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि आईजी ने संख्या बताने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, अतिरिक्त महानिदेशक (आगरा जोन) और आयुक्त (अलीगढ़) के नेतृत्व में एक जांच समिति ने पुलिस और प्रशासन के लगभग 100 अधिकारियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज करने के साथ अपनी रिपोर्ट को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। माथुर ने कहा कि अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर निर्णय लेना सरकार का काम है। जांच समिति के निष्कर्ष या संबंधित चीजें जांच समिति के सदस्यों के अधिकार क्षेत्र में हैं। जहां तक ​​जांच का सवाल है, जांच अब सर्कल अधिकारी (हाथरस शहर) द्वारा की जा रही है। हाथरस में विशेष अभियान समूह (एसओजी) को जोनल स्तर की एसओजी टीमों द्वारा भी सहायता प्रदान की जा रही है और इन टीमों का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (हाथरस) कर रहे हैं। हाथरस पुलिस ने गुरुवार को सिकंदरा देव पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में दो महिलाओं सहित छह सेवादारों को गिरफ्तार किया था। एफआईआर में मुख्य आयोजक वेदप्रकाश मधुकर को मुख्य आरोपी बताया गया है लेकिन बाबा का नाम एफआईआर में नहीं है। आईजी ने कहा कि घटना के बाद से बाबा और आयोजक छिपे हुए हैं। हाथरस पुलिस ने गुरुवार को वेदप्रकाश मधुकर की गिरफ्तारी के लिए 1 लाख रुपए के इनाम की भी घोषणा की। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 जुलाई को अपने हाथरस दौरे के दौरान कहा था कि एफआईआर में शुरू में केवल आयोजकों का नाम था लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ इसका दायरा बढ़ सकता है। एपी सिंह का कहना है कि आने वाले समय में सभी को सामने लाने का प्रयास करेंगे। आयोजकों में से एक वेदप्रकाश मधुकर वर्तमान में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में हैं। धर्मसभा में भगदड़ के दौरान उनके परिवार में भी एक मौत हो चुकी है। सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि वह गंभीर रूप से बीमार हैं और भगदड़ की घटना के बाद उनका स्वास्थ्य खराब है।  

हाथरस कांड के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर की नौकरी गई, 20 पंचायत में मनरेगा देखता था

हाथरस हाथरस भगदड़ के मुख्य आरोपी और भोले बाबा के मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर को एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद से हटा दिया गया है। यहां वह 2010 से अनुबंध पर 20 पंचायतों में मनरेगा के काम की देखरेख कर रहे थे। खंड विकास अधिकारी (शीतलपुर) दिनेश शर्मा ने खुलासा किया कि मधुकर का नाम एफआईआर में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आने के बाद प्रक्रिया हुई। हाथरस पुलिस ने भी उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। इसी के बाद उसे हटाने और उसकी संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। घटना के बाद से मधुकर फरार है। इसी कारण उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी निकाला गया है। पुलिस महानिरीक्षक, अलीगढ़ रेंज, शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि समागम (सत्संग) के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। हाथरस पुलिस द्वारा एफआईआर में नाम आने के बाद से वो फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और एनबीडब्ल्यू जारी किया गया है। टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। बताया जा रहा है कि शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद मधुकर को बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उसकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदरा राऊ कस्बे में रहते हैं। मधुकर अपने पैतृक गांव के निवासियों को भोले बाबा की संस्था से जोड़ने में सक्रिय था। मधुकर ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था लेकिन हार गया। मधुकर के गांव से करीब 30 लोग हाथरस में सत्संग में शामिल होने गए थे लेकिन सुरक्षित लौट आए।  

बदायूं में छेड़छाड़ से परेशान लड़की ने बीच सड़क उतार दी पैंट, ई-रिक्शा चालक को पीटा!

बदायूं यूपी के बदायूं जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक किन्नर और ई-रिक्शा चालक की मारपीट होती नजर आ रही है। जांच पड़ताल में पता चला है कि ई-रिक्शा चालक ने किन्नर से छेड़छाड़ कर दी थी। इसके बाद किन्नर उसका रिक्शा लेकर चल दिया। पीछे से आए रिक्शा चालक ने किन्नर से जब इसका विरोध किया तो दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। बीच सड़क पर हो रही मारपीट के बीच में ही किन्नर ने अपनी पैंट उतार दी। इसके बाद भी किन्नर युवक को पीटता रहा। इसका किसी ने वीडियो बनाया और फिर वायरल कर दिया। हालांकि वीडियो हम आपको दिखा नहीं सकते। कुछ देर बाद लोगों ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया। हालांकि ई-रिक्शा चालक और किन्नर ने पुलिस से शिकायत नहीं की है। वायरल वीडियो चार-पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार उझानी स्थित बरी बाईपास चौराहे पर दोपहर समय एक किन्नर उझानी बरीवाले बाईपास पर खड़ा था। किन्नर को देखकर ई-रिक्शा चालक ने उस पर फब्तियां कस दीं। अपने साथ छेड़छाड़ होता देखकर किन्नर ने विरोध किया लेकिन इसके बाद भी ई-रिक्शा चालक नहीं माना। किन्नर रिक्शा चालक को ई-रिक्शा लेकर पैदल ही चल दिया तो पीछे से ई-रिक्शा चालक आ गया और विरोध करने लगा। इस पर किन्नर ने रिक्शा चालक को पीटना शुरू कर दिया। गाली-गलौज के साथ शुरू हुई इस मारपीट में लात-घूंसे तक चलने लगे। गुस्साए किन्नरे ने बीच सड़क पर ही अपनी पैंट उतार दी और अर्धनग्न हो गया। इसके बाद भी किन्नर रिक्शा चालक को पीटता रहा। बीच सड़क पर हो रही पिटाई का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। कुछ देर बाद अन्य लोगों के समझाने पर किन्नर और ई-रिक्शा चालक दोनों वहां से चले गए। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।  

भोजीपुरा के पूर्व विधायक बहोरन लाल मौर्य का विधान परिषद पहुंचना तय

लखनऊ भोजीपुरा के पूर्व विधायक बहोरन लाल मौर्य का विधान परिषद पहुंचना तय है। विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद बहोरन लाल के दिन बहुरने के साथ ही भाजपा में चर्चाओं का बाजार गर्मा उठा है। चर्चा केवल बहोरन लाल की ही नहीं बल्कि लाभार्थियों की लंबी होती फेहरिस्त को लेकर है। इससे पहले बहेड़ी से चुनाव हारे छत्रपाल गंगवार लोकसभा पहुंच चुके हैं। ऊंचाहार विधानसभा सीट से हारने वाले अमरपाल मौर्य हों या गाजीपुर से हारीं संगीता बलवंत बिंद, दोनों अब राज्यसभा के सदस्य बन चुके हैं। भाजपा में चुनाव हारने वालों को लगातार इनाम दिए जाने का सिलसिला जारी है। यह मुद्दा इन दिनों पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, सामाजिक समीकरण साधने के नाम पर पार्टी विधानसभा चुनाव हारने वाले चेहरों को फिर बैकडोर से उच्च सदन भेज रही है। हालांकि खुद की सीट गंवा देने वाले अपनी जाति का रुख कितना पार्टी की ओर मोड़ पाएंगे, यह शोध का विषय है। हालिया लोकसभा चुनाव के नतीजे इसकी चुगली खुद कर रहे हैं। असल में बीते सालों में पार्टी ने सामाजिक गुलदस्ते में हर जाति-बिरादरी के फूल सजाने की जो मुहिम शुरू की, उसका लाभ हर जाति के लोगों को मिला। यह अलग बात है कि गिने-चुनों को छोड़ इनमें से अधिकांश पार्टी की जगह अपने कायाकल्प में ही जुटे रहे। जिनके टिकट काटे वो भेज दिए उच्च सदन सिर्फ चुनाव हारने वालों को ही नहीं, बल्कि जिन्हें खराब सर्वे रिपोर्ट के चलते पार्टी ने विधानसभा के टिकट तक नहीं दिए वे भी रेबड़ियां पाने में पीछे नहीं हैं। मुगलसराय से 2017 में विधायक बनीं साधना सिंह का टिकट पार्टी ने काट दिया था। मगर अब वे राज्यसभा की सदस्य हैं। वो भी उसी चंदौली से जहां पहले से उनकी सजातीय दर्शना सिंह राज्यसभा सांसद थीं। बावजूद इसके चंदौली भाजपा हार गई। चौरी-चौरा से विधायक रहीं संगीता यादव का टिकट कटा तो उन्हें राज्यसभा से नवाजा जा चुका है। यह अलग बात है कि पूरब से पश्चिम तक यादवों का वोट सिर्फ सपा को मिला। सर्वे रिपोर्ट सही न होने के चलते भाजपा ने आगरा ग्रामीण सीट से तत्कालीन विधायक हेमलता दिवाकर का टिकट काट दिया था। अब हेमलता आगरा की मेयर हैं। 2017 का चुनाव कानपुर की आर्य नगर सीट से हारे सलिल विश्नोई को पार्टी ने 2021 में विधान परिषद भेज दिया था। फिर एमएलसी रहते हुए उन्हें 2022 का चुनाव सीसामऊ सीट से लड़ाया लेकिन जीत नहीं पाए। विधानसभा चुनाव हारे तेजेंदर निर्वाल अब शामली के जिलाध्यक्ष हैं।

Hathras पीड़ित परिवारों से मिलकर बोले Rahul Gandhi, ‘राजनीति नहीं होनी चाहिए, प्रशासन की गलती है’

हाथरस कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार सुबह हाथरस पहुंचे. यहं उन्होंने भगदड़ पीड़ित से मुलाकात की. उन्होंने इससे पहले अलीगढ़ पहुंचकर भी पीड़ितों से मुलाकात की थी.   उन्होंने हाथरस के ग्रीन पार्क में पीड़ितों से मुलाकात की. सभी पीड़ित इसी पार्क में इकट्ठा हुए थे. वह भगदड़ में जान गंवा चुकी मुन्नी देवी और आशा देवी के साथ घायल माया देवी से मिले. ये सभी हाथरस के नवीपुर खुर्द के रहने वाले हैं. राहुल गांधी इस हादसे में दम तोड़ चुकी ओमवती के परिवार के लोगों से भी मिले. बता दें कि इस हादसे में जान गंवाने वालों में हाथरस जिले के बीस और शहर के दस लोग शामिल हैं. राहुल गांधी ने क्या कहा? हाथरस पीड़ितों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि बहुत परिवारों को नुकसान हुआ है, बहुत लोगों की मौत हुई है. मैं इसको राजनीतिक प्रिज्म से नहीं कहना चाहता हूं. मगर प्रशासन की कमी तो है, गलतियां तो हुई हैं. ये पता लगाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि लेकिन सबसे जरूरी बात ये है कि मुआवजा सही मिलना चाहिए क्योंकि ये गरीब परिवार हैं और मुश्किल का समय है इनके लिए. तो मुआवजा ज्यादा से ज्यादा मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि पीड़ितों को दिल खोलकर मुआवजा देना चाहिए. ये गरीब लोग है, इनको पैसे की जरूरत है. अगर पैसा एक साल बाद देंगे तो इसका कोई फायदा नहीं होगा. वहां पुलिस की तरफ से व्यवस्था सही नहीं थी, ऐसा परिवार वालों ने बताया है. जो चिंता की बता है. राहुल गांधी शुक्रवार सुबह अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने यहां प्रेमवती के परिवार और शांति देवी के बेटे से मुलाकात की. राहुल गांधी पिलखना गांव के जिस घर पहुंचे थे, वहां हाथरस भगदड़ में घायल हो चुके दो पीड़ित परिवार के लोग भी मौजूद थे. राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से क्या कहा? राहुल गांधी ने अलीगढ़ पहुंचकर पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि वह संसद में इस मामले को उठाएंगे और उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे. अलीगढ़ में एक पीड़ित परिवार की सदस्य ने बताया कि राहुल गांधी ने हमें मदद का आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा कि पार्टी के माध्यम से हमारी पूरी मदद की जाएगी. उन्होंने हमसे पूरी घटना के बारे में पूछा कि घटना कैसे हुई थी. अलीगढ़ में भगदड़ पीड़ितों ने क्या कहा? राहुल गांधी ने अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचकर हाथरस की भगदड़ में दम तोड़ चुकी प्रेमवती की बहू सोनिया से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सोनिया ने आज तक को बताया कि मेरी सास में अंधविश्वास भरा हुआ था. अब अंधविश्वास का पर्दा हट गया. वो भगवान होता तो क्या अपने भक्तों को नहीं बचाता? हमने अपनी सास की मौत के बाद बाबा की फोटो उठाकर फेंक दी है. हाथरस में 3 पीड़ित परिवारों से मिलेंगे राहुल गांधी राहुल अलीगढ़ से सीधे हाथरस पहुंचेंगे, जहां वह तीन पीड़ित परिवारो से मिलेंगे. वह हाथरस भगदड़ में जान गंवा चुकीं मुन्नी देवी और आशा देवी के साथ घायल माया देवी के परिवार से भी मुलाकात करेंगे. बता दें कि मुन्नी देवी और आशा देवी हाथरस के नवीपुर खुर्द की रहने वाली हैं. वह इस हादसे में जान गंवा चुकी मुन्नी देवी, आशा देवी और घायल माया देवी के परिवार से मिलेंगे. वह जिला अस्पताल में  भर्ती हैं. राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. उत्तर प्रदेश के हाथरस में इस सप्ताह की शुरुआत में एक धार्मिक आयोजन में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इस घटना में स्वयंभू भगवान ‘भोले बाबा’ उर्फ ​​नारायण साकार हरि की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. आयोजन समिति से जुड़े छह लोग गिरफ्तार उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को कार्यक्रम की आयोजन समिति से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की आंतरिक जांच रिपोर्ट में प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल में गंभीर खामियों को पता चला है. मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख का इनाम हाथरस हादसे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी शलभ माथुर ने कहा कि मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख का इनाम रखा गया है. पुलिस जल्द ही कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाएगी. आईजी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भोले बाबा से पूछताछ की जाएगी. बाबा का रोल सामने आया, तो उसके खिलाफ करवाई की जाएगी. हालांकि FIR में भोले बाबा का नाम नहीं है. लेकिन भोले बाबा के अपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है. उनके फॉलोअर्स हर शहर में हैं, ऐसे में कई शहरों में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं. बाबा ने नौकरी से वीआरएस लिया था, न्यायिक आयोग इसमें प्रशासनिक लापरवाही की जांच करेगा. आईजी ने कहा कि जिन आरोपियों को पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया है, वह आयोजन समिति के मेंबर हैं. आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे. पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें 2 महिलाएं शामिल हैं. आरोपी खुद ही क्राउड मैनेजमेंट का काम करते थे. इस काम के लिए प्रशासन का हस्तक्षेप इन्हें स्वीकार नहीं था. वहीं, जिला मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने कहा कि भगदड़ के बाद 21 शवों को आगरा, 28 को एटा, 34 को हाथरस और 38 को अलीगढ़ ले जाया गया. उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को हाथरस त्रासदी की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया, जो इस संभावना की भी जांच कर रहा है कि भगदड़ के पीछे कोई साजिश थी. पैनल दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.  

हाथरस कांड में SIT आज शासन को सौंपेगी रिपोर्ट, DM-SSP के भी दर्ज किए गए बयान

हाथरस  उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ में 121 लोगों की मौत हुई है। हादसे की एसआईटी जांच रिपोर्ट शुक्रवार को शासन को सौंप दी है। एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर के नेतृत्व में चल रही जांच में डीएम-एसएसपी सहित 100 लोगों के बयान हुए हैं। दो जुलाई (मंगलवार) की दोपहर हुए इस हादसे के बाद ही मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी जांच का आदेश जारी किया गया। एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ और मंडलायुक्त चैत्रा वी को एसआईटी का जिम्मा देते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की, जिसमें सबसे बड़ा सवाल हादसे के मूल कारण, लापरवाही और अनदेखियों को उजागर करना है। हालांकि, यह रिपोर्ट बुधवार को ही देनी थी, लेकिन राहत और बचाव कार्य जारी रहने और बुधवार को मुख्यमंत्री के आने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी। अधिकारियों ने तीन दिन का समय मांग लिया। इसमें घटनास्थल पर तैनात एक-एक पुलिस और अन्य सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी, प्रारंभिक सूचना वाले कर्मी, एंबुलेंस कर्मी, डॉक्टर, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर, किसान, चश्मदीद, घायल, तहसील और जिला स्तर के अधिकारी, डीएम-एसपी आदि तमाम लोग शामिल हैं।

सुविधा और स्वच्छता के साथ-साथ महाकुंभ की सुंदरता को लेकर योगी सरकार कर रही काम

प्रयागराज संगमनगरी प्रयागराज में अगले वर्ष की शुरुआत में होने जा रहे महाआयोजन महाकुंभ 2025 को योगी सरकार भव्य और दिव्य बनाने के लिए जोरदार तैयारियों में जुटी है। योगी सरकार महाकुंभ में सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता के साथ-साथ महाकुंभ की सुंदरता को लेकर भी मिशन मोड में कार्य कर रही है। इस क्रम में महाकुंभ से पहले ही प्रयागराज को दुल्हन की तरह सजा दिया जाएगा। योगी सरकार की पूरे शहरी इलाके के सौंदर्यीकरण की योजना है, जिस पर कार्य भी शुरू हो चुका है। अयोध्या में रामलला के नव विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान जिस तरह की साज सज्जा की गई थी, उसी तरह प्रयागराज का कायाकल्प किया जाएगा। जगह-जगह ग्रीन बेल्ट, हार्टिकल्चर, थीमैटिक डेवलपमेंट समेत सैकड़ों स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। महाकुंभ के आयोजन के दौरान जब श्रद्धालु संगमनगरी पहुंचेंगे तो यहां की आभा देखकर न सिर्फ दंग रह जाएंगे, बल्कि पूरी तरह धार्मिक आस्था के रंग में सराबोर हो जाएंगे।   सीएम योगी ने दिए थे निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसके प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होंने महाकुंभ को स्वच्छता, सुविधा और सुरक्षा का मानक आयोजन बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा था। मुख्यमंत्री के अनुसार, महाकुंभ 2025 पूरे विश्व को सनातन भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत की ग्लोबल ब्रांडिंग का माध्यम बनेगा। हमें इसके सफल आयोजन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत की प्राचीन संस्कृति का परिचायक है। इसकी गरिमा के अनुरूप पूरे नगर को सजाया जाना चाहिए। कुंभ से जुड़े कथानक, सनातन संस्कृति के प्रतीकों आदि को चित्रित किया जाए। चौराहों पर कुंभ के लोगो लगाए जाने चाहिए। थीम आधारित द्वार, स्तम्भ, लाइटिंग के प्रयास होने चाहिए। प्रत्येक मार्ग पर ग्रीन बेल्ट का निर्माण सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रयागराज में 38 जंक्शन का सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा एजेंसी आबद्ध करके ट्रैफिक डेंसिटी एनालिसिस के प्रयोग से स्टडी करके डिजाइन तैयार किया गया है। इसके साथ ही 5 साल के मेंटीनेंस के साथ ग्रीन बेल्ट एवं स्कल्प्चर्स की स्थापना की जाएगी। कुल मिलाकर 19 जंक्शन पीडीए द्वारा, 15 जंक्शन पीडब्ल्यूडी एवं 2 जंक्शन का निर्माण सेतु निगम द्वारा किया जा रहा है। दूसरी तरफ, शहरी मार्गों का भी सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसके तहत 38 शहरी मार्गों (75 किलोमीटर) का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मेला प्राधिकरण द्वारा 8 आर्किटेक्ट आबद्ध कर प्रत्येक मार्ग पर ग्रीन बेल्ट, हार्टिकल्चर, लैंड स्केपिंग डेवलपमेंट, थीमैटिक डेवलपमेंट एवं गैप एनालिसिस पूर्ण किया जा रहा है। कुल 36 मार्ग पीडीए द्वारा और 2 मार्ग का सौंदर्यीकरण पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है। 4 थीमैटिक गेट का भी प्रस्ताव इसके अतिरिक्त लगभग 10 लाख वर्गफीट पर स्ट्रीट आर्ट व दीवारों पर कलाकृतियां बनाई जाएंगी। इसमें 5 लाख वर्गफीट कुंभ मेला मद से एवं 5 लाख वर्गफीट एनएमसीजी मद से प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा कार्य किया जाएगा। साथ ही,  4 थीमैटिक गेट बनाए जाने की भी योजना है। इन प्रस्तावित थीमैटिक गेट के नाम सरस्वती द्वार, शिव द्वार, गंगा द्वार और यमुना द्वार रखा जाएगा। इसकी निविदा प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त 108 स्तंभों का भी निर्माण होगा। इन्हें, नदी के किनारे की सड़कों, विषयगत द्वारों और स्थलों पर स्तंभों का प्रस्ताव किया जा रहा है। भारद्वाज आश्रम में 8 नग, 4 विषयगत द्वार में 48 नग और रिवर फ्रंट रोड में 52 नग स्थापित किए जाएंगे। इस योजना की कार्यदायी संस्था सीएंड डीएस है।  

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