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विजयपुर और बुधनी में मतदान सम्पन्न, दिग्विजय सिंह ने शुरू की राजनीती, जाने क्या बोला

भोपाल मध्य प्रदेश में दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव खत्म होते ही राजनीति तेज हो गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में कई लोगों को मतदान नहीं करने दिया गया है. आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चुनाव को लेकर पत्रकार वार्ता बुलाई है. मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर सीटों पर हुए उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वीडियो वायरल करते हुए विजयपुर विधानसभा सीट पर बूथ क्रमांक 195 के अनुसूचित जाति के मतदाताओं को मतदान करने से रोकने का आरोप लगाया है. बीजेपी के पक्ष में मतदान करने का दबाव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि कई दबंगों ने विजयपुर और बुधनी में मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करने से रोका. उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज की जाएगी? पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधनी विधानसभा सीट पर भी मतदान प्रक्रिया को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रभावित किए जाने का आरोप लगाया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि बूथ क्रमांक 136 और 137 पर सरकार की योजनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं पर आशा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया. चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने किया पलटवार वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता हार के डर से गलत बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहां भी चुनाव होता है, वहां पर निर्वाचन आयोग का हस्तक्षेप होता है. ऐसी स्थिति में अगर कोई असंतुष्टि है तो निर्वाचन आयोग से उन्हें शिकायत करनी चाहिए.

महाराष्ट्र में CM Mohan Yadav ने सरकार बनाने जनमत साधने की अपील की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव महाराष्ट्र चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। बुधवार को नागपुर में उन्होंने चार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया और केंद्र सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का बखान किया। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में सरकार बनाने जनमत साधने की अपील भी की। सीएम मोहन यादव आज 14 नवंबर को भी महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान वो अमरावती और चंद्रपुर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम मोहन का चुनाव प्रचार कार्यक्रम महाराष्ट्र चुनाव के प्रचार प्रसार में सीएम मोहन आज 14 नवंबर को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। महाराष्ट्र की मेलघाट और अचलपुर विधानसभा में करेंगे पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन जनसभा करेंगे। इसके बाद 11.45 बजे भोपाल से चिखलदरा जिला अमरावती महाराष्ट्र रवाना होंगे। दोपहर 12.45 बजे अमरावती जिले की मेलघाट विधानसभा के चिखलदरा में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर 1.00 बजे – चुर्नी, चिखलदरा, जिला अमरावती में सार्वजनिक बैठक में शामिल होकर जनमत को साधेंगे। इसके बाद दोपहर 2.00 बजे चंदूरबाजार, अचलापुर में जनसभा संबोधित करेंगे। फिर शाम 5.15 बजे भोपाल आगमन शाम 6.30 बजे समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 125 वीं बैठक में शामिल होंगे। महायुति सरकार के लिए कही बड़ी बात नागपुर में अपनी रैलियों में सीएम मोहन यादव ने कहा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज के सपनों को पूरा कर रही है। साथ ही सनातन धर्म को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में विकास की गति लगातार बढ़ती रहे इसके लिए महायुति गठबंधन को भारी बहुमत से समर्थन देने का करें। कांग्रेस पर साधा निशाना इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को भगवान राम और कृष्ण से दिक्कत है। इसलिए कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते हैं। बहुमत से विजयी बनाने की अपील सीएम मोहन यादव ने जनता से अपील की कि वो भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उनके दमदार भाषणों से महाराष्ट्र की सियासत भी गरमाने लगी है।

खरगे के परिवार के साथ उस दिन क्या हुआ था, किसने जलाया था उनका घर, चुप्पी साध रखी: योगी

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में जारी विधानसभा चुनाव के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रजाकारों के हमले में अपनी मां और बहन की हुई दुखद मौत पर जानबूझकर चुप्पी साध रखी है। योगी का दावा है कि मुस्लिम वोट खोने के डर से खरगे इस मामले पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। योगी के बयान के बाद सियासी हंगामा खड़ा हो गया है। आइए इस घटना के बारे में जानते हैं कि आखिर क्या हुआ था। साल 1946 में हैदराबाद के वर्वट्टी (अब कर्नाटक में है) में हैदराबाद के निजाम के कुछ सैनिक (रजाकर) घरों में आग लगा देते हैं। यह घर कांग्रेस के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का था। उस समय वह महज तीन साल के थे। घर में खरगे अपनी मां और बहन के साथ थे। उनके पिता खेत में काम कर रहे थे। इस घटना में खरगे की मां और बहन की जलकर मौत हो गई थी। इस घटना का खुलासा आज से करीब 2 साल पहले उनके बेटे प्रियांक खरगे ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान किया था। उन्होंने यह भी बताया कि इस हादसे में कैसे उनके पिता और दादा मपन्ना की जान बची। प्रियांक ने कहा कि निजाम के रजाकारों ने पूरे इलाके में तोड़फोड़ की और लूटपाट मचाया। इस दौरान उन्होंने घरों पर हमला किया। प्रियांक के मुताबिक, जिस समय हमला हुआ उस समय उनके दादा खेतों में काम कर रहे थे। उनके एक पड़ोसी ने बताया कि रजाकारों ने उनके घर में आग लगा दी है। इतना सुनते ही वह घर की तरफ भागे। वह सिर्फ मल्लिकार्जुन खरगे को बचा सके। उनकी पत्नी और बेटी की जलकर मौत गई। खरगे के पिता उन्हें लेकर जंगल की तरफ भाग गए। खरगे के मौसेरे भाई कल्याणी कांबले ने भी कुछ समय पहले इस घटना के बारे में चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि रजाकारों के कारण जब उनकी मां की मौत हो गई तो वह पिता मपन्ना के साथ पैदल निम्बुर के लिए निकल गए। वह करीब तीन महीने तक जंगल में भटकते रहे। इसके बाद वह अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचे। क्या कहा है योगी ने? योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने व्यक्तिगत क्षति उठाने के बाद भी हैदराबाद के निजाम के शासन में रजाकारों के इतिहास को आसानी से भुला दिया। उन्होंने दावा किया, ‘‘मल्लिकार्जुन खरगे के गांव में रजाकारों ने आग लगा दी थी तथा उनकी मां, बहन और एक रिश्तेदार उस हमले में मारी गयी थीं।’’ योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि खरगे इस तथ्य को दबा रहे हैं क्येांकि उन्हें डर है कि यदि उन्होंने निजाम की सेना द्वारा किये गये अत्याचारों के बारे में बोला तो वह मुस्लिम वोट गंवा बैठेंगे। उन्होंने कहा , ‘‘कांग्रेस इतिहास को नकारने की कोशिश कर रही है और खरगे ने वोट बैंक की राजनीति के लिए अपने परिवार के साथ जो कुछ हुआ था उसे आसानी से भुला दिया है।’’ रजाकार एक अर्धसैनिक बल था जो हैदराबाद की पूर्ववर्ती रियासत में सेवारत था। उसका प्राथमिक उद्देश्य हैदराबाद के मुस्लिम निजामों के शासन को बनाये रखना और हैदराबाद को भारत में विलय होने से रोकना था।

राज ठाकरे का नाम लेते ही भड़क गए उद्धव, मेरी बीमारी तक का मजाक बनाया और मैं साथ दूं?

मुंबई राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे माहिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके मुकाबले उद्धव सेना ने भी कैंडिडेट उतारा है। पहले चर्चाएं थी कि उद्धव सेना कैंडिडेट वापस ले सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस संबंध में जब उद्धव ठाकरे से पूछा गया तो उन्होंने सख्त रिएक्शन दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरा खून का रिश्ता तो महाराष्ट्र की जनता के साथ है। उन्होंने राज ठाकरे पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लुटेरों के साथ है, उससे मेरा क्या रिश्ता? मैं ऐसे लोगों को सपोर्ट करने की बात तो सपने में भी नहीं सोच सकता। अब बात ही खत्म, इसके आगे क्या कहना है। उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘महाराष्ट्र से मेरा खून का रिश्ता है। महाराष्ट्र मेरा परिवार है, कोरोना काल में मैंने जिस परिवार की जिम्मेदारी ली, उस परिवार को लूटा जा रहा है। ‘उन्होंने’ (राज ठाकरे) घोषणा की है कि देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बनेंगे। इसलिए महाराष्ट्र की लूट बड़े पैमाने पर होगी।’ उद्धव ठाकरे ने कहा कि डबल ट्रिपल इंजन महाराष्ट्र के लुटेरे हैं, जो भी उनका समर्थन करते हैं, वे लुटेरे हैं। राज ठाकरे के बारे में बात करते हुए उद्धव ने कहा कि उन्होंने मेरी बीमारी का भी मजाक उड़ाया था। भगवान न करे, जिन्होंने मेरी आलोचना की उन्हें उस पल या उस स्थिति का अनुभव अवश्य हुआ होगा। क्या मैं उन लोगों की मदद करूं, जिन्होंने मेरा मज़ाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मेरा मजाक बनाया। उन्होंने उनकी मदद की, जिन्होंने मेरी पार्टी तोड़ दी। उद्धव ने विषय बदलते हुए कहा कि राज ठाकरे इस बार मेरे पास नहीं आए, मैं निजी मामलों में नहीं जाना चाहता। मैं उन लोगों की मदद नहीं करूंगा, जो महाराष्ट्र को लूटने वालों की मदद करते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज की शपथ लेकर उद्धव ठाकरे ने ये बात कही। उद्धव और आदित्य की रैली न होने से लग रहे थे कयास दरअसल यह बात सामने आई है कि माहिम विधानसभा क्षेत्र में ठाकरे गुट के उम्मीदवार महेश सावंत के लिए उद्धव और उनके बेटे आदित्य की प्रचार सभा तय नहीं है। इसलिए राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा होने लगी कि उद्धव ठाकरे बिना प्रचार किए अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर रहे हैं। लेकिन अब उद्धव ठाकरे ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन दोनों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए वोट डाला

रांची आज यानी बुधवार को झारखंड की 43 सीटों पर मतदान जारी है। इसके चलते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ वोट करने पहुंचे। दोनों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए वोट डाला। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की जनता से अपील करते हुए कहा है कि आज लोकतंत्र का पर्व है। आज हम लोगों ने अपने-अपने मतदान केंद्र में जाकर के अपने मतों का प्रयोग किया और मैं राज्य के हर एक नागरिक से अपील करता हूं कि लोकतंत्र के इस महापर्व को, इस व्यवस्था को और मजबूत करें। वर्षों बरस से चलने वाली इस लोकतंत्र के पर्व को हमें मनाना चाहिए और मजबूत करना चाहिए। बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव के 43 सीटों पर सुबह 7 बजे से ही मतदान जारी है। भारी संख्या में लोग मतदान केंद्र में जाकर मतदान कर रहे हैं। साथ ही अलग-अलग पार्टी के नेता भी सुबह से ही मतदान करने में जुटे हुए हैं।

जिस कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र का कोई अस्तित्व नहीं है वह पार्टी परिवार की चौखट से शुरू होती है और उसी चौखट पर समाप्त

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी और उसके विधायकों को लेकर विवादित बयान दिया था। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान की निंदा की है। उन्होंने बात करते हुए कहा, “जिस कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र का कोई अस्तित्व नहीं है, वहां पूरी पार्टी एक विशेष परिवार की चौखट से शुरू होती है और उसी चौखट पर समाप्त होती है। जहां विचारधारा और नेतृत्व की गंभीर कमी नजर आती है। पूरी कांग्रेस पार्टी आज संकट में है और एक मानसिक रूप से अस्थिर नेता पार्टी को चलाने की कोशिश कर रहा है, जो सिर्फ हताशा और निराशा का शिकार है। यही कारण है कि उनकी बयानबाजी पूरी तरह से बेतुकी और निरर्थक हो गई है।” झारखंड सरकार की नौकरियों में जेएमएम द्वारा 33 फीसदी आरक्षण की बात पर उन्होंने कहा, “जो लोग अपने घर में महिलाओं को सम्मान नहीं दे सकते, अपशब्द बोलते हैं और महिला उत्पीड़न करते हैं, उनके मुंह से महिला सशक्तिकरण की बातें बिल्कुल बेबुनियाद हैं। यह हार को देखकर किया गया सिर्फ एक राजनीतिक छलावा और ड्रामेबाजी है।” बता दें कि झारखंड में 13 नवंबर को होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। पहले चरण के तहत 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए कई जिलों में पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो गई है। राज्य के पांच जिलों पश्चिमी सिंहभूम, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और गढ़वा के दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में स्थित 225 मतदान केंद्रों पर चुनाव ड्यूटी के लिए प्रतिनियुक्त कर्मियों को सोमवार को रवाना कर दिया गया। पहले चरण के लिए 13 नवंबर को सुबह सात बजे से 43 विधानसभा सीटों पर वोटिंग शुरू हो जाएगी।

महाराष्ट्र के चिखली में राहुल गांधी की रैली रद्द, बयान जारी कर मांगी माफी, विमान में तकनीकी खराबी बानी वजह

महाराष्ट्र कांग्रेस नेता राहुल गांधी की महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के चिखली में होने वाली चुनावी रैली मंगलवार को रद्द कर दी गई, क्योंकि दिल्ली से आने वाली उनकी उड़ान में तकनीकी खराबी आ गई थी। राहुल गांधी दोपहर 12.30 बजे कांग्रेस उम्मीदवार राहुल बोंद्रे के लिए चिखली में जनसभा को संबोधित करने वाले थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक वीडियो बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने रैली रद्द करने का कारण बताया। उन्होंने कहा, “मुझे आज चिखली आना था, लेकिन मेरी उड़ान में तकनीकी खराबी के कारण मैं नहीं आ सका। मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। मुझे एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करना था और सोयाबीन किसानों से बातचीत करनी थी। सोयाबीन और कपास किसान बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।” मैं आप सभी से माफी चाहता हूं। मुझे आज चिखली आना था। वहां मुझे सोयाबीन के किसानों से मिलना था और एक जनसभा को संबोधित करना था, लेकिन हवाई जहाज में तकनीकी खराबी के कारण नहीं आ पाया। उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि भाजपा सरकार सोयाबीन और कपास किसानों को उचित मूल्य नहीं देती है। जैसे ही भारत ब्लॉक सरकार सत्ता में आएगी, हम आपकी समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास करेंगे।” पार्टी सूत्रों ने बताया कि गड़बड़ी के कारण गांधी का विमान दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान नहीं भर सका। कांग्रेस नेता आज गोंदिया जिले में एक रैली को संबोधित करेंगे। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे और मतों की गिनती तीन दिन बाद होगी।

संजय राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में पैसा बांटा जा रहा है, चुनाव आयोग को भी लपेटा

महाराष्ट्र महाराष्ट्र चुनाव को लेकर राज्य में सियासी परा बढ़ा हुआ है. दोनों गठबंधन के नया एक-दूसरे पर हमलावर हैं. इसी बीच अब सामान की चेकिंग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत का बयान सामने आया है. उन्होंने  चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि ईसी पर्यवेक्षकों द्वारा हमारे सामान की जांच हो रही है. क्या वो इकनाथ शिंदे, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस, नरेंद्र मोदी, अमित शाह के हेलीकॉप्टरों, कारों की भी जांच कर रहे हैं, वहां पर क्या है? इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में पैसा बांटा जा रहा है. लगाए चुनाव में पैसे बांटने के आरोप शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आगे कहा, “क्या चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक यह नहीं देख पा रहे हैं कि महाराष्ट्र में पैसा कैसे बांटा जा रहा है? हम बार-बार उन्हें इसकी जानकारी दे रहे हैं. चुनावी सर्वों पर भी उठाए थे सवाल इससे पहले संजय राउत ने महाराष्ट्र चुनाव को लेकर आ रहे सर्वे के नतीजों पर भी बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था, “आप इन चुनावी सर्वो पर भरोसा ना करें. ऐसा ही एक सर्वे लोकसभा चुनाव में आया था. तब PM मोदी ने 400 पार की बात की थी. चुनाव में एमवीए 160-170 सीटें जीतेगी. 175 सीटें जीतेगा महायुति गठबंधन वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार को दावा किया कि 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन 175 सीटें जीतेगा. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख ने यह भी दावा किया कि वह बारामती सीट से एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीतेंगे. अजित पवार का मुकाबला भतीजे और शरद पवार की अगुवाई वाली राकांपा (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार युगेंद्र पवार से है. उपमुख्यमंत्री 1991 से इस सीट से विधायक हैं.  

हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता.” : मोहम्मद अदीब

नईदिल्ली वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक मीटिंग बुलाई गई थी. इस बैठक में राज्यसभा के पूर्व सांसद ने मोहम्मद अदीब (Mohammad Adeeb) भी शामिल हुए. इस दौरान मंच पर अपने संबोधन में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद हो गया है. मोहम्मद अदीब ने दावा किया, “ये मुसलमानों का एहसान है कि उन्होंने जिन्ना को मना किया, जिसके चलते पाकिस्तान का बॉर्डर लाहौर तक रह गया, नहीं तो ये लखनऊ तक होता.” उन्होंने आगे कहा कि मैं जिंदगी के तकरीबन अस्सी साल पूरे कर रहा हूं. पचास साल से ज्यादा सियासी गलियारों में घूमा हूं. आज हम अपने इलाके में एक गुनहगार की तरह बसर कर रहे हैं. अब तो देशद्रोही भी हो गए हैं, हमने ऐसे ऐसे लोगों को देखा, जो हमारे साथ थे और फिर अपनी सियासी जिंदगी बनाने के लिए हमको किस्मत के हवाले कर गए. जो लोग पाकिस्तान चले गए, उसका इल्जाम हमें दिया गया. ‘हमने गांधी-नेहरू को माना…’ मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, “हम मानते हैं, जो पाकिस्तान गए वो महावीर हो गए, लेकिन हमने तो अपना खून बांटा था, हमने तो जिन्ना को मना किया था और ठुकराया था. हमने लियाकत अली खान को नहीं माना था, हमने नेहरू गांधी और आजाद को माना था. हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता.” उन्होंने आगे कहा कि हमने पाकिस्तान को मुक्तसर कर दिया और तुम हमें सजा देते हो, हम पर जुल्म करते हो. अब तक जितने भी हमारे ऊपर हमले हुए हैं, सबसे बड़ा हमला आपकी औकात का है. हम पर फसाद हुए, हमारे घरों पर बुलडोजर चले, हम इसलिए नहीं बोले कि मेरा घर तो महफूज है क्योंकि हम अपनी जिंदगी के लिए जीते हैं. मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, “आज हमारे पास कुछ भी नहीं बचा. आप लोग हमारी कूवत है. हमने सबसे ज्यादा जो मुसीबत झेली है, वो ये है कि अब हमारी हैसियत नहीं रह गई. हम जब अलीगढ़ में पढ़ते थे, तो उस वक्त सियासी जमातें कहती थीं कि कहीं मियां नाराज न हो जाएं. मोहम्मद अदीब ने दिल्ली में आयोजित मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में ये बाते कहीं. उनकी स्पीच के वक्त मंच पर  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी और जनरल सेक्रेटरी फजलुर्रहीम मुजद्दिदी भी मौजूद थे. इसके अलावा कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, अमरैन महफूज रहमानी, समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी और कर्नाटक से राज्यसभा सांसद सैय्यद नसीर हुसैन भी मौजूद थे.

विधानसभा चुनाव में सबसे रोचक लड़ाई बारामती सीट पर, अजित पवार के लिए इस चुनाव में बहुत कुछ दांव पर

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में इस बार विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गए हैं। कई सीटों पर रिश्तेदार आमने-सामने हैं। इसमें भी सबसे रोचक लड़ाई बारामती सीट पर है, जहां डिप्टी सीएम अजित पवार का मुकाबला अपने भतीजे युगेंद्र से है। छह बार के विधायक और पिछले चुनाव में 1 लाख 69 हजार वोटों से जीते अजित के लिए यह चुनाव काफी आसाना होना चाहिए था। लेकिन युगेंद्र पवार के सामने आ जाने से बारामती में फाइट बिल्कुल टाइट है और अजित पवार के लिए करो या मरो के हालात बन गए हैं। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में अजित यहां मुंह की खा चुके हैं। तब उन्होंने सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दांव पर बहुत कुछ अजित पवार के लिए इस चुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है। पहले ही झटके खा चुके अजित अगर यहां हार जाते हैं उनकी सियासत ढलान की तरफ जाने लगेगी। इसकी झलक लोकसभा चुनाव में भी दिख चुकी है, जहां सुप्रिया सुले ने अजीत पवार की विधानसभा में भी अच्छी-खासी बढ़त बनाई थी। लोकसभा चुनाव में पत्नी की हार से अजित काफी दुखी थे। उन्होंने फैसला कर लिया था कि अब वह बारामती से कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि लोगों ने उनका काम पसंद नहीं किया। इसके बाद अजित के छोटे बेटे जय पवार को युगेंद्र के सामने उतारने की योजना बनी थी। लेकिन पार्टी द्वारा हुए दो सर्वे में इस बात के संकेत मिले थे कि जय पवार के सामने युगेंद्र बड़ी आसानी से जीत जाएंगे। बदली है रणनीति इस चुनाव में अजित पवार ने अपनी रणनीति भी बदली है। अब वह लोगों के बीच अधिक मुस्कुराते हैं। इतना ही नहीं, अजित ने अपना पहनावा भी बदला है। अब अजित पवार गुलाबी कपड़े पहनने पर अधिक जोर दे रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद उनके लिए यह चुनाव आसान नहीं होने जा रहा है। वैसे तो अजित पवार की फैन फॉलोविंग बारामती में काफी है, लेकिन यह शहरी क्षेत्र में ज्यादा है। बारामती शहर के तमाम युवा और व्यवसायी अजित को ही वोट देने की बात कहते हैं। वहीं, तमाम लोगों का यह भी मानना है कि अजित पवार ने बारामती के लिए बहुत कुछ किया है। युगेंद्र पर शरद पवार का वरदहस्त दूसरी तरफ युगेंद्र के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनके ऊपर शरद पवार का वरदहस्त होना है। इसके चलते लोग युगेंद्र को अधिक गंभीरता से ले रहे हैं। शरद पवार ने भी यह स्पष्ट संकेत दिया है कि यह चुनाव युगेंद्र बनाम अजित पवार नहीं, बल्कि शरद पवार बनाम अजित पवार है। युगेंद्र के नामांकन के दिन भी यह स्पष्ट नजर आया था। शरद पवार नामांकन के वक्त युगेंद्र के साथ मौजूद थे। जबकि लोकसभा चुनाव में जब उनकी बेटी सुप्रिया नामांकन करने गई थीं तब शरद पवार नहीं थे। शहरी वोटर बनाम ग्रामीण वोटर यह बात स्पष्ट है कि इस चुनाव में परिणाम शहरी वोटर बनाम ग्रामीण वोटर से तय होगा। वोटरों को लुभाने के लिए अजित का परिवार भी मैदान में हैं। जहां पत्नी सुनेत्रा गांव के लोगों से बात कर रही हैं, वहीं बेटा जय भी मैदान में पूरी तरह से सक्रिय है। इसके अलावा अजित खुद बारामती के 59 गांवों की यात्रा पर निकले हुए हैं। अजित पवार लोगों से यह भी कह रहे हैं कि लोकसभा में ताई यानी सुले को जिताया तो अब विधानसभा में दादा यानी मुझे जिताएं। उन्हें यह भी उम्मीद है कि महायुति सरकार की लड़की बहिन योजना उनके पक्ष में काम करेगी। ऐसा होने पर इस विधानसभा क्षेत्र की 1.87 लाख महिला वोटर उनके लिए वोट कर सकती हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में बीजेपी की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि ये भ्रष्टाचार के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। पीएम मोदी ने चिमूर की रैली आई भीड़ को संबोधित करते हुए केहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के क्या नतीजे आने वाले हैं, ये आप लोगों ने आज ही दिखा दिया है। ये जनसैलाब बता रहा है कि महाराष्ट्र में महायुति की भारी बहुमत से सरकार बनने जा रही है। पीएम मोदी ने सभा में कांग्रेस के 1984 के विवादित विज्ञापन के मुद्दे को भी उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 1984 के एक विज्ञापन को कोटा की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया था। संकल्प पत्र की तारीफ की पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज महाराष्ट्र बीजेपी को भी बधाई दूंगा, जिसने बहुत ही शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। इस संकल्प पत्र में लाड़की बहनों के लिए, हमारे किसान भाई-बहनों के लिए, युवाशक्ति के लिए, महाराष्ट्र के विकास के लिए एक से बढ़कर एक शानदार संकल्प लिए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महायुति के साथ-साथ केंद्र में NDA की सरकार यानी महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार, यानी विकास की डबल रफ्तार। महाराष्ट्र के लोगों पिछले 2.5 वर्षों में विकास की इस डबल रफ्तार को देखा है। आज महाराष्ट्र देश का वो राज्य है, जहां सबसे ज्यादा विदेशी निवेश हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र का तेज विकास, अघाड़ी वालों के बस की बात नहीं है। अघाड़ी वालों ने केवल विकास पर ब्रेक लगाने में ही पीएचडी की है। कामों को अटकाने, लटकाने और भटकाने में कांग्रेस वाले तो डबल पीएचडी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी।’ उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस लोगों को जाति के आधार पर बांट रही है। हमें एक रहना होगा ताकि समृद्धि बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस देश में 10 फीसदी आबादी आदिवासियों की है, जबकि कांग्रेस इन्हें जातियों में बांटना चाहती है ताकि उन्हें कमजोर कर सके। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी समुदाय बंट गया तो फिर ये लोग उनकी पहचान को ही खत्म कर देंगे। कांग्रेस के युवराज ने विदेश में यह बात कही थी। हमें कांग्रेस की साजिश से बचना है और एकजुट रहना होगा। इस तरह बंटोगे तो कटोगे और एक हैं तो सेफ हैं का नारा देने के बाद भाजपा ने एक और गियर चेंज किया है। अब भाजपा ने एकजुटता की बात करते हुए आरक्षण वाला कार्ड चल दिया है कि यदि एकजुटता टूटी तो फिर कोटा ही छिन जाएगा। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के दलित और आदिवासी समुदाय को लुभाने के लिए भाजपा ने यह फैसला लिया है। इससे पहले हरियाणा में भाजपा को जीत मिल चुकी है और इसके पीछे दलित वर्ग का समर्थन माना जा रहा है। ऐसे में वही रणनीति अब भाजपा महाराष्ट्र में चलने की कोशिश में है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब लगभग एक सप्ताह का ही चुनाव प्रचार है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सक्रियता बढ़ गई है और भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि एकता के नारे का असर भी दिख रहा है। इस बीच आरएसएस के कार्यकर्ताओं को भी साथ लेने की कोशिश की गई है। धारा 370 कांग्रेस की देन थी पीएम मोदी ने कहा कि हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा। महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए। जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है। यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया। हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया। कांग्रेस बांटना चाहती है पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं। हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10 फीसदी के आसपास है। कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए। आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है। एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज जातियों में बंटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है। इसलिए मेरा आपसे आग्रह है कि हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।

‘उम्मीदवार की जाति, धर्म और नस्ल देखकर वोट…’, मतदाताओं से क्या बोले नितिन गडकरी?

‘Vote considering the caste, religion and race of the candidate…’, what did Nitin Gadkari say to the voters? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस ही थी जिसने अपने स्वार्थ के लिए संविधान को तोड़ा-मरोड़ा और अब वह इसका दोष भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मढ़ रही है. नितिन गडकरी ने काटोल में बीजेपी प्रत्याशी चरणसिंह ठाकुर के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सोमवार (10 नवंबर, 2024) को कहा कि भाजपा न तो डॉ. बी आर आंबेडकर का संविधान बदलेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी. नितिन गडकरी ने कहा, ‘हम न तो बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान बदलेंगे और न ही हमें किसी को ऐसा करने देंगे. संविधान की मूल संरचना को बदला नहीं जा सकता है.’ उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया. नितिन गडकरी ने कहा, ‘संविधान की मुख्य विशेषताएं जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता के साथ-साथ मौलिक अधिकारों को कोई भी नहीं बदल सकता है. आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने संविधान को तोड़-मरोड़ा. देश के इतिहास में कांग्रेस ही थी जिसने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का पाप किया और अब वे हम पर दोष मढ़ रहे हैं.’ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज ने लोगों को भगवान राम के राम राज्य के समान शिवशाही दी, जिसके बारे में महात्मा गांधी हमेशा कहते थे कि देश में इसे स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप राम राज्य स्थापित करना चाहते हैं तो यह नेताओं के हाथ में नहीं बल्कि जनता के हाथ में है. जाति, नस्ल, धर्म और भाषा के आधार पर मतदान न करें. कोई व्यक्ति अपनी जाति से नहीं बल्कि अपने गुणों से बड़ा होता है. छूआछूत और जातिवाद खत्म होना चाहिए.’ नितिन गडकरी ने कहा कि जो नेता अपनी योग्यता के आधार पर नहीं जीत सकते, वे चुनावी लाभ के लिए जाति का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप भोजन और स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति के पास उसकी जाति देखे बगैर जाते हैं. जब तक आप ईमानदार, गैर-भ्रष्ट नेताओं और दल को नहीं चुनते, तब तक आपका भविष्य नहीं बदलेगा.’ उन्होंने कहा कि महायुति सरकार लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई है. नितिन गडकरी ने पूछा कि क्या इनमें से कोई भी ऐसी योजना है जिसमें मुस्लिम और दलित आवेदन नहीं कर सकते?

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ मंत्री जमीर अहमद ने की नस्लीय टिप्पणी, रिजिजू ने राहुल गांधी को घेरा

चन्नापटना कर्नाटक के आवास मंत्री जमीर अहमद ने केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी की। जमीर के बयान पर सियासी हंगामा भी शुरू हो गया है। कुमारस्वामी की पार्टी जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने मंत्री की टिप्पणियों की निंदा की और उनके इस्तीफे की मांग की। चन्नापटना उपचुनाव में प्रचार के दौरान जमीर अहमद ने पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा समय में केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी को ‘काला कुमारस्वामी’ कहा। यह अक्षम्य अपराध है: जेडीएस जेडीएस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मंत्री जमीर अहमद का एक वीडियो साझा किया। इसमें मंत्री कथित तौर पर कुमारस्वामी पर नस्लीय टिप्पणी करते दिख रहे हैं। जेडीएस ने कहा, ‘आवास मंत्री जमीर अहमद ने चन्नपटना उपचुनाव में प्रचार के दौरान नस्लीय टिप्पणी की। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी को जमीर अहमद खान ने उर्दू में ‘काला कुमारस्वामी’ कहकर अपमानित किया है। यह अश्वेत लोगों का अपमान है। जमीर अहमद के मुंह से निकले नस्लीय घृणा के ये शब्द लोगों को समाज में शांति और व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। यह अक्षम्य अपराध है।” कानूनी कार्रवाई की उठाई मांग जेडीएस ने नस्लीय टिप्पणी पर कड़ी निंदा की और मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर और रामनगर जिला पुलिस से मंत्री जमीर अहमद के खिलाफ नस्लीय दुर्व्यवहार, जातिवाद और समाज में शांति भंग करने की कोशिश करने के आरोप में तुरंत उचित कानूनी कार्रवाई करने की अपील की। जेडीएस ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से तुरंत मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग की। किरेन रिजिजू ने भी की निंदा इस बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी जमीर अहमद की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा कि मैं कांग्रेस के मंत्री जमीर अहमद द्वारा केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी को ‘काला कुमारस्वामी’ कहने की कड़ी निंदा करता हूं। यह एक नस्लवादी टिप्पणी है। ठीक वैसे ही जैसे राहुल गांधी के सलाहकार ने दक्षिण भारतीयों को अफ्रीकी, पूर्वोत्तर को चीनी और उत्तर भारतीयों को अरब बताया था। घृणित भाषा निम्न स्तर को दर्शाती है जनता दल सेकुलर ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान को रि-पोस्ट किया और लिखा कि देश जमीर अहमद की एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणी की कड़ी निंदा करता है। इस तरह की घृणित भाषा राजनीतिक विमर्श में एक नए निम्न स्तर को दर्शाती है। सभ्य समाज में इसकी कोई जगह नहीं है। हम उन नेताओं से जवाबदेही की मांग करते हैं जो रचनात्मक संवाद के बजाय विभाजनकारी हमलों को चुनते हैं।” उल्लेखनीय है कि कर्नाटक की शिगगांव, संदूर और चन्नपटना सीट पर 13 नवंबर को उपचुनाव है। इस्तीफे के बाद यह तीनों सीटें खाली हुई हैं। 23 नवंबर को मतगणना होगी।

राहुल लोगों को भड़का रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है: भाजपा

नई दिल्ली महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है। सोमवार को भाजपा ने चुनाव आयोग से कहा कि वह राहुल गांधी के द्वारा फैलाए जा रहे झूठ की निंदा करें और उनपर उचित कार्रवाई भी करें। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि चुनाव आयोग को अगले सप्ताह महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव के लिए राहुल गांधी को “प्रचार के दौरान झूठ बोलने” पर फटकार लगानी चाहिए। उनकी निंदा करनी चाहिए और उन्हें भविष्य के लिए भी चेतावनी देनी चाहिए। राहुल के आरोप बेबुनियाद उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग को बताया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में झूठ बोला है। राहुल गांधी बोलते हैं कि भाजपा संविधान को कुचलना चाहती है, यह पूरी तरह से बेबुनियाद आरोप है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ‘एप्पल के आईफोन और बोइंग के हवाई जहाज महाराष्ट्र की कीमत पर अन्य राज्यों में बनाए जा रहे हैं’ यह आरोप पूरी तरह से झूठ है। राहुल को नोटिस जारी होने के बाद भी वह लगातार इस तरह के बयान दे रहे हैं।   राहुल कर रही विभाजन की राजनीति उन्होंने कहा कि वास्तव में महाराष्ट्र राज्य अप्रैल से जून 2024-25 तक कुल ₹ 70,795 करोड़ प्राप्त करके पूरे भारत में एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) में शीर्ष पर है। राहुल गांधी अपने बयानों से महाराष्ट्र के युवाओं को भड़का रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है। राहुल गांधी महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के लोगों के बीच विभाजन पैदा करना चाहते हैं। मेघवाल ने कहा कि केवल महाराष्ट्र में चुनाव में चुनावी लाभ हासिल करने के लिए वह लगातार भाजपा के खिलाफ झूठे, असत्यापित और निराधार आरोप लगा रहे हैं। भाजपा ने याद दिलाया पुराना नोटिस भाजपा ने आम चुनाव से पहले जारी किए गए चुनाव आयोग के 1 मार्च के परामर्श का हवाला दिया, जिसमें सभी राजनीतिक नेताओं से “चुनाव प्रचार में अत्यंत संयम और शालीनता बरतने तथा चुनाव प्रचार के स्तर को ‘मुद्दे’ आधारित बहस तक बढ़ाने” का आग्रह किया गया था। भाजपा ने चुनाव आयोग को उसके नोटिस की याद दिलाते हुए कहा कि राजनीतिक दल और उनके नेता “मतदाताओं को गुमराह करने के उद्देश्य से झूठे बयान या बिना तथ्यात्मक आधार के बयान नहीं देंगे”। भाजपा ने कहा कि इस तरह के परामर्शों का “कांग्रेस और उसके नेतृत्व तथा स्टार प्रचारकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उनका चुनावी उल्लंघन निरंतर जारी है।

‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसी बात बोलते हैं, क्या ये साधु का काम है? ऐसा कोई टेररिस्ट बोल सकता है, साधु नहीं बोल सकते: खड़गे

पलामू कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का नाम लेकर उन पर बड़ा जुबानी हमला किया। झारखंड की छतरपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री खुद को बैकवर्ड का बेटा बताते हैं, लेकिन वह फॉरवर्ड को सपोर्ट करते हैं। वह बैकवर्ड को कुचलने वालों को सपोर्ट करते हैं।” खड़गे ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि वे साधु का ड्रेस पहनते हैं, पर लोगों के बीच आकर ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसी बात बोलते हैं, क्या ये साधु का काम है? ऐसा कोई टेररिस्ट बोल सकता है, साधु नहीं बोल सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष यहीं नहीं रुके, उन्होंने योगी को लक्ष्य करते हुए कहा कि क्या उन्होंने गेरुआ वस्त्र प्रधानमंत्री की तरह झूठ बोलने के लिए पहना है? साधु तो करुणामय होते हैं। उन्होंने बहुत के घरों को बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया। जब राजीव गांधी को मानव बम से उड़ाया गया तो उनके टुकड़े-टुकड़े हो गए। टुकड़े जोड़कर उनकी अंतिम क्रिया की गई। ऐसा करने वाले लोगों को सोनिया गांधी ने माफ कर दिया। इसे करुणामय कहते हैं। भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप मढ़ते हुए खड़गे ने कहा कि ये हमें हिन्दू-मुसलमान में बांटने का काम कर रहे हैं। ‘बंटोगे तो कटोगे’ बोलने वाले खुद ही लोगों को बांट और काट रहे हैं। भाजपा के लोगों ने कुछ किया नहीं, पर देश को डराते फिरते हैं। वो चुनाव के समय हमारे लोगों को ईडी और इनकम टैक्स की रेड से डरा रहे हैं। असम के सीएम ने झारखंड में हमारे कार्यकर्ताओं को धमकी दी। लेकिन, हम डरने वाले नहीं हैं। यहां की जनता जब अंग्रेजों से नहीं डरी, तो इनसे क्या डरेंगे। हमारा स्लोगन एक ही है, ”हम डरेंगे तो मरेंगे, इसलिए हम डरेंगे नहीं।” समाज को बांटने वाले लोग फिर समाज को बांटने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी और शाह लोगों को बहुत डराते हैं। शाह को डराने का पावर मोदी जी ने दिया है। उन्हें सहकारिता मंत्रालय भी दिया गया है। क्या और कोई काबिल नहीं है? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”मोदी जी हमेशा ये कहते हैं कि भगवान ने मुझे आपकी सेवा के लिए भेजा है। वे ये नहीं बोलते कि मैं मां के पेट से पैदा हुआ हूं। वे कहते हैं कि मैं ऊपर से आया हूं। वे गुजरात से आकर वाराणसी में एमपी बने। लोग उनके उसूलों से नफरत करते हैं, इसलिए उनका वोट प्रतिशत घटा है। वे झूठ बोलने में माहिर हैं।” खड़गे ने आगे कहा, ”पहले चुनाव में उन्होंने काला धन वापस लाकर हरेक व्यक्ति के खाते में 15 लाख देने का वादा किया था। पर ये उनका झूठ था। उन्होंने दो करोड़ नौकरियां हर साल देने का वादा किया था, पर ये भी झूठ है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा भी उनका झूठा निकला। वे बेटियों की सुरक्षा की बात करते थे, पर मणिपुर में रोज बेटियों से रेप हो रहे हैं। राहुल गांधी मणिपुर गए, पर वहां जाने की हिम्मत पीएम में क्यों नहीं है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि वे झूठ बोलते हैं। उनकी पोल खुल गई है। इसलिए उनका ग्राफ गिर गया है। इनका झूठ ऐसा है कि अगर आसमान में चील उड़ रहा है, तो ये बोलेंगे कि देखो भैंस उड़ रही है।” खड़गे ने कहा कि झारखंड विधानसभा ने राज्य में पिछड़ों, एससी और एसटी का आरक्षण बढ़ाने के लिए प्रस्ताव पास कर भेजा है। यह गवर्नर के पास पड़ा है। वे आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का भला नहीं चाहते। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, “सुना है समंदर को बड़ा गुमान आया है, उधर ही ले चलो कश्ती जिधर तूफ़ान आया है।”

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