LATEST NEWS

धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए 6 जिलों में किसान पंजीयन 21 अक्टूबर तक

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि किसानों की मांग पर 6 जिलों में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की अवधि 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। किसान पंजीयन की अवधि नर्मदापुरम, रीवा, सतना, सिंगरौली, दमोह और बैतूल जिले के लिए बढ़ाई गई है। गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में 7 लाख 66 हजार से अधिक किसान पंजीयन कर चुके हैं। मोटे अनाज का उपार्जन 22 नवंबर और धान का उपार्जन 2 दिसंबर से किया जाएगा।  

राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत

आयुर्वेद को आगे बढ़ाना, भारतीय संस्कृति का प्रचार : राज्यपाल पटेल  हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भरपूर भंडार है : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा मानस भवन में समारोह का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाना, हमारी संस्कृति का प्रचार है। । प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के पास प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और औषधीय पेड़-पौधों के ज्ञान का खजाना मौजूद हैं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि आयुर्वेद के फायदों के बारे में आमजनों को जागरूक करें। राज्यपाल पटेल पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित शीर्ष आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पी.जी. निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। सम्मान समारोह का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से मानस भवन भोपाल में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान किया और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। न्यास की स्मारिका का लोकार्पण भी किया।       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य का विज्ञान है। यह मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, खान-पान और आचार-विचार पर केन्द्रित है। यह रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ जीवन शैली पर भी फोकस करता है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुष के क्षेत्र में हर्बल मेडिसिन, आयुर्वेद और योग टूरिज्म की असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने विशेष प्रयास किए जाए। उन्होंने बच्चों को समझाईश भी दी कि फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिन्क्स का सेवन नहीं करे। नियमित योग और कसरत करें। पौष्टिक आहार का सेवन करे।   कोविड के बाद आयुर्वेद के हॉलिस्टिक विजन की ओर लौट रहा विश्व       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद वेलनेस को प्रमोट करता है। वह उसी व्यक्ति को स्वस्थ मानता है जिसका शरीर संतुलन में हो। जिसकी सभी क्रियाएँ संतुलित हों और मन प्रसन्न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के अनुभव के बाद, सम्पूर्ण विश्व आयुर्वेदिक ज्ञान के हॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को विश्व भर में नई पहचान मिल रही हैं। केन्द्र सरकार ने आयुष मंत्रालय बनाने और ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद खोलने की पहल की है। जामनगर गुजरात में विश्व का पहला और इकलौता ग्लोबल सेन्टर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिंन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा खोला गया है। सेन्टर फॉर इंटीग्रेटेड मेडिसिन, एम्स द्वारा योग और आयुर्वेद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रिसर्च हो रही है। आयुष रिसर्च पोर्टल पर 40 हजार से अधिक स्टडीज का डेटा भी उपलब्ध हो गया है।      आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद एक जीवन पद्धति है। आयुर्वेद का भारतीय ज्ञान परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से प्रदेश में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष कार्य किए जा रहे है। मंत्री परमार ने कहा कि स्मृति न्यास के अंतर्गत आयुर्वेद लाईब्रेरी स्थापित की जाएगी। इस लाईब्रेरी का स्वरूप डिजिटल भी होगा ताकि विश्व भर के आयुर्वेद चिकित्सकों, छात्रों, शोधार्थियों और आमजनों को भी लाभ मिल सके। सांसद आलोक शर्मा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को बधाई दी। आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के विभिन्न आयोजनों के लिए स्मृति न्यास को साधुवाद दिया। भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) विधायक भगवान दास सबनानी ने आयुर्वेद चिकित्सा के प्रचार-प्रसार में पं. उद्धवदास मेहता के योगदान को याद किया।       राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने पं. मेहता के व्यक्तित्व और कृत्तिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यास के उद्देश्यों, कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ल ने समारोह की रूपरेखा और प्रतिभागियों की जानकारी दी। आभार समारोह के प्रायोजक झन्डु ईमामी के डॉ. आदित्य ने किया। सम्मान समारोह में झन्डु ईमामी के संजय भट्ट, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, विजेता प्रतिभागी, आयुर्वेद छात्र-छात्राएं, उनके परिजन, विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया

श्रमिकों के सम्पूर्ण कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध- श्रम मंत्री पटेल प्रदेश में श्रम विभाग ने प्राप्त की विशेष उपलब्धियाँ – श्रम मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने श्रम विभाग की उलब्धियों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मण्डल द्वारा प्रदेश में उज्जैन, पीथमपुर, भोपाल, जबलपुर एवं सतना में 05 आदर्श श्रम केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया गया है। श्रमोदय आदर्श आई टी आई-मुगालिया छाप में संचालित ट्रेड सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेंट, टैकनीशियन मैकाट्रोनिक्स, एडवांस सीएनसी मशीनिंग टेक्नीशियन केवल प्रदेश में श्रमोदय आईटीआई में ही संचालित है, यह विशेष उपलब्धि है। मंत्री पटेल ने कहा कि श्रम मण्डल की “अंतिम संस्कार सहायता योजना” का लाभ केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। इसके साथ ही मण्डल की “अनुग्रह सहायता योजना” (अध्यक्ष का विवेकाधीन कोटा) का लाभ पहले केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। पात्र दिव्यांग श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है, इस वर्ष 50 श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय किये जायेगें। मंत्री पटेल ने बताया कि मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें नियोजक का अभिदाय 30 रु. के स्थान पर 50 रु. प्रति छः माह एवं नियोजक का न्यनतम् अभिदाय 1500 के स्थान पर 2500 रु. प्रति छः माह वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। मण्डल दुद्वारा वर्तमान में संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इन्दौर की प्रतियोगिता 08 अक्टूबर को संपन्न हो चुकी है एवं 18 अक्टूबर को उज्जैन में प्रतियोगिता संपन्न हो रही है। शेष संभागों में भी निर्धारित तिथि पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायेंगी। मंत्री पटेल ने कहा कि मण्डल की योजनाओं का लाभ लेने के लिये ऑनलाइन आवेदन लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से करना होते है। अब लोक सेवा केन्द्र के साथ मण्डल द्वारा संचालित 27 श्रम कल्याण केन्द्रों पर भी श्रमिक अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकेगें। मण्डल को 95% अभिदाय ऑनलाईन प्राप्त हो रहा है। मण्डल में भी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन अभिदाय का भुगतान प्राप्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियोजकों को अभियोजन की कार्यवाही से निजात दिलाने हेतु प्रशमन का प्रावधान किया गया है, जिससे नियोजकों को अभियोजन प्रक्रिया से राहत मिली है। हितग्राहियों को हितलाभ का भुगतान उनके आधार बेस, बैंक अकाउंट में ही किया जाना सुनिश्चित किया गया है। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की उपलब्धियों के बारे में मंत्री पटेल ने जानकारी देते हुए बताया किमध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों की संतानों हेतु स्कूल छात्रवृत्ति योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत कक्षा 01 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को 2300 रूपये प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्ति का लाभ प्रदाय किया जायेगा।उन्होंने कहाई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर क्रय करने पर 40,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। “दिव्यांग सहायता अनुदान योजना” 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा दिव्यांगजन हेतु उपकरण क्रय करने पर 35,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। मंत्री पटेल ने बताया कि श्रमिक ग्रामीण आवास हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिन्हें “प्रधानमंत्री आवास योजना” (ग्रामीण) अंतर्गत आवास आवंटित होगा, उन्हें मंडल की ओर से 50,000 रूपये की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। “औजार/उपकरण खरीदी हेतु अनुदान योजना” 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा औजार/उपकरण की खरीदी करने पर मंडल की ओर से 10,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जायेगा। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के समस्त 16 नगर निगमों में पी.आई.यू. के माध्यम से 100 बिस्तर के श्रमिक विश्राम गृह का निर्माण किया जा रहा है। प्रति श्रमिक विश्राम गृह की लागत 6.10 करोड़ रूपये होगी। इनमें निःशुल्क ठहरने एवं रियायती दरों पर भोजन की व्यवस्था होगी। इनका संचालन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति द्वारा किया जायेगा। प्रदेश में 05 नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय सागर, रीवा, उज्जैन, शहडोल एवं बालाघाट में शुरू किये जावेगें। इन 05 नवीन श्रमोदय विद्यालयों की कुल निर्माण लागत 310 करोड़ रूपये एवं प्रति वर्ष कुल संचालन व्यय 50 करोड़ रूपये होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में अनुग्रह सहायता योजना एवं आयुष्मान भारत योजना में लाभान्वित किये गये हितग्राहियों का सोशल ऑडिट करवाया जा रहा है। मंडल की सभी योजनाओं में आधार आधारित भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें हितग्राही को उसके आधार से लिंक बैंक खातें में राशि डी.बी.टी. के माध्यम से प्राप्त होती है।  

मध्य प्रदेश बिजली की कुल आवश्यकता की 50 फीसदी पूर्ति सौर ऊर्जा से करेगा, सरकार ने बनाई कार्ययोजना

भोपाल मध्य प्रदेश अपनी आवश्यकता की 50 फीसदी बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा से करेगा। वर्ष 2030 तक लगभग 40 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। इसमें से आधी यानी 20 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार कार्ययोजना बनाकर काम रही है। आठ हजार मेगावाट सौर ऊर्जा की परियोजना मुरैना, शिवपुरी, सागर और धार में स्थापित करने पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहमति बनी है। आगर, धार, अशोकनगर, भिंड, शिवपुरी और सागर में साढ़े सात हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता की परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। बता दें कि प्रदेश में अभी 26 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है। इसमें से सौर ऊर्जा से सात हजार मेगावाट बिजली की पूर्ति हो रही है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 में जब 40 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, तब आधी बिजली की पूर्ति सौर ऊर्जा से हो जाए। इसे ध्यान में रखते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने कार्ययोजना बनाई है। इस योजना के तहत आठ हजार मेगावाट सौर ऊर्जा की परियोजना मुरैना में स्थापित की जाएगी। इस सौर ऊर्जा संयंत्र से बनने वाली बिजली का छह माह उपयोग उत्तर प्रदेश तो शेष छह माह मध्य प्रदेश करेगा। साढ़े सात हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं छह जिलों (आगर, धार, अशोकनगर, भिंड, शिवपुरी और सागर) में प्रस्तावित की गई हैं। इसके लिए 15 हजार हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। गांधीनगर में चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में अवाडा ग्रुप ने पांच हजार करोड़ और रिन्यू पावर ने छह हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। इसके अलावा जल संसाधन विभाग भी सौ मेगावाट की परियोजना पर काम कर रहा है। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में मध्य प्रदेश में तेजी से काम हो रहा है। कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 20 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा के माध्यम से प्राप्त हो।– मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग

किसान नरवाई ना जलाएं, सुपर सीडर का उपयोग करें, 25 अक्टूबर से होगी सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी

रबी के लिए किसानों को समय से मिलें उत्तम उर्वरक और बीज : एपीसी सुलेमान प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता डीएपी के समान ही गुणवत्ता युक्त है एनपीके किसान नरवाई ना जलाएं, सुपर सीडर का उपयोग करें 25 अक्टूबर से होगी सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) ने खरीफ-2024 के संबंध में भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग की बैठक ली भोपाल रबी फसलों के लिए किसानों को समय से उत्तम उर्वरक और बीज मिलना सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में सभी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। डीएपी के समान ही एनपीके गुणवत्ता युक्त है। इसमें फसलों के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व हैं। किसान नरवाई ना जलाएं, सुपर सीडर का उपयोग करें। प्रदेश में कहीं भी खाद, बीज का अवैध भंडारण, कालाबाजारी अथवा अमानक विक्रय न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन विक्रय के लिए किसानों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाए। एपीसी मोहम्मद सुलेमान ने यह निर्देश आज नर्मदा भवन में संपन्न भोपाल एवं नर्मदापुरम संभागों के लिए खरीफ-2024 की समीक्षा एवं रबी 2024- 25 की तैयारियों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, उद्यानिकी आदि विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, सचिव कृषि एम. सेलवेंद्रन, संभागायुक्त भोपाल संजीव सिंह, संभागायुक्त नर्मदापुरम के.जी. तिवारी, संबंधित जिलों के कलेक्टर्स, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभिन्न योजनाओं के सफल हितग्राहियों ने अपने अनुभव भी बैठक में साझा किए। एपीसी सुलेमान ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन का कार्य जारी है। आगामी 25 अक्टूबर से सोयाबीन की खरीदी की जाएगी, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। सोयाबीन खरीदी के लिए किसानों को टोकन दिए जाएं, जिससे उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। किसानों की सुविधा के लिए आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त केंद्र एक-दो दिन में खोल दिए जाएंगे। खरीदी में शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का प्रयोग किया जाए। सचिव कृषि सेलवेंद्रन ने बताया कि कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है। दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में 24 प्रतिशत उत्पादन के साथ प्रथम है। अनाजों के उत्पादन में 12% उत्पादन के साथ देश में द्वितीय और तिलहन के उत्पादन में 20% उत्पादन के साथ दूसरे स्थान पर है। प्रदेश की कृषि विकास दर 19 प्रतिशत है। देश में मध्यप्रदेश के सर्वाधिक 16.5 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती होती है। उन्होंने बताया कि रबी 2024-25 के लिए प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। रबी के लिए प्रदेश में कुल 16.43 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें 6.88 यूरिया, 1.38 डीएपी, 2.70 एनपीके, 4.08 डीएपी +एनपीके, 4.86 एसएसपी और 0.61 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध है। प्रदेश में रबी फसलों के अंतर्गत मुख्य रूप से चंबल एवं ग्वालियर संभागों में सरसों 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, सागर संभागों में चना, मसूर 20 अक्टूबर से 10 नवंबर तक, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, चंबल, सागर, नर्मदापुरम में गेहूं 1 नवंबर से 30 नवंबर तक तथा जबलपुर, रीवा एवं शहडोल संभागों में गेहूं एवं चना की फसलों की बोनी 15 नवंबर से 31 दिसंबर तक की जाती है। एपीसी सुलेमान ने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि वे सुनिश्चित करें कि उनके जिलों में नरवाई न जलाई जाए। किसानों को सुपर सीडर के प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाए। इसके प्रयोग से फसल कटाई के साथ ही बोनी भी हो जाती है। इससे खेतों में बची हुई नमी का अगली फसल में उपयोग हो जाता है, कम बीज लगता है और फसल पहले आ जाती है, जो किसानों के लिए अत्यधिक लाभदायक है। सभी जिलों में सुपर सीडर मशीन की किसानों को उपलब्धता सुनिश्चित करायें। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में रबी फसलों के लिए भी किसानों को शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण योजना का लाभ दिए जाना सुनिश्चित करें। हर जिले में “वन स्टॉप सेंटर” बनाए जाएं, जहां किसानों को सारी सुविधाएं मिल सकें। समिति स्तर पर अल्पावधि ऋणों की वसूली बढ़ाई जाए। जो प्राथमिक सहकारी समितियां ठीक से कार्य नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने निर्देश दिए की पैक्स के ऑडिट का कार्य अक्टूबर तक पूर्ण किया जाए तथा नवीन पैक्स के गठन की कार्रवाई की जाए। बताया गया कि ऋण महोत्सव के अंतर्गत आगामी 6 नवंबर तक किसानों को अ-कृषि ऋण वितरित किए जा रहे हैं। मत्स्य विभाग की समीक्षा में प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा ने बताया कि मध्यप्रदेश में 4.42 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र, जिसमें से 99% भाग में मत्स्य पालन किया जाता है प्रदेश में 2595 मछुआ समितियां पंजीकृत हैं, जिनसे 95417 मत्स्य पालक जुड़े हुए हैं। मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति मत्स्य उपलब्धता 7.5 किलोग्राम है। प्रदेश का पहला इंटीग्रेटेड एक्वापार्क भदभदा रोड भोपाल में स्थित है। प्रदेश में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना और मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना संचालित है। सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा दिए गए। मछुआ पालन की नई तकनीकी के इस्तेमाल के लिए मत्स्य पालक किसानों को प्रेरित किया जाए। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा में बताया गया कि भारत में दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। प्रदेश में 591 लाख किलोग्राम प्रतिदिन दूध का उत्पादन होता है। राष्ट्र का 9% दुग्ध उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति दुग्ध की उपलब्धता 644 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 459 ग्राम प्रतिदिन का है। प्रदेश में 7.5% पशुधन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 5.05 का है। वर्ष 2019 की पशु संगणना के अनुसार मध्यप्रदेश में गौ-वंश पशु संख्या देश में तीसरे स्थान पर 187.50 लाख है, वही भैंस वंश पशु संख्या चौथे स्थान पर 103.5 लाख है। प्रदेश में पशुओं के उपचार के लिए चलित पशु चिकित्सा वाहन (1962) संचालित है, जो कि स्थान पर जाकर पशुओं का इलाज करते हैं। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीकी से … Read more

उमर अब्दुल्ला का जवाब: NC को मुस्लिमों की पार्टी बताने वालों को किया स्पष्ट

Omar Abdullah’s reply: Clarified to those who call NC a party of Muslims जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में जनता को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला किया और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पार्टी को मुसलमानों की पार्टी बताने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि NC ने जम्मू से एक हिंदू डिप्टी सीएम बनाया है, जो इस बात का सबूत है कि उनकी पार्टी सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन चुनावों के बाद परिणाम यह दिखाते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने 2018 में चुनी हुई सरकार के गिरने के बाद लोगों को आई परेशानियों को स्वीकार किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे जम्मू-कश्मीर के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह सरकार सबकी होगी। इसमें सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व होगा। हम सिर्फ उन लोगों की सेवा नहीं करेंगे, जिन्होंने NC को वोट दिया है, बल्कि हम पूरे जम्मू-कश्मीर की आवाम की खिदमत करेंगे।” मुसलमानों की पार्टी का विवादउमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह उन लोगों के लिए स्पष्ट जवाब है, जिन्होंने पिछले चुनाव में NC के खिलाफ यह आरोप लगाया था कि यह पार्टी केवल मुसलमानों के लिए है। उन्होंने कहा, “जब हमें डिप्टी सीएम बनाना था, तो हमने जम्मू से एक हिंदू डिप्टी सीएम बनाया। मेरे खानदान से उनका कोई लेना-देना नहीं था।” इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने अभी तक हुकूमत में आने का कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि परिसीमन आयोग का गठन एक पार्टी के लाभ के लिए किया गया था, जिससे उनकी पार्टी को मुश्किलें बढ़ेंगी। उमर अब्दुल्ला ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि अब उन्हें लोगों की परेशानियों को दूर करने का काम करना है और उन्होंने कांग्रेस और NC के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मिलकर चुनाव लड़ा और सफलता हासिल की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई प्रदेश के धार जिले की बिटिया भी है टीम की सदस्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में दक्षिण एशियाई फेडरेशन(सैफ) महिला फुटबॉल चैम्पियनशिप में भारतीय महिला फुटबॉल टीम की जीत पर टीम को बधाई दी है। भारत ने पाकिस्तान पर 5-2 से जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की टीम में मध्यप्रदेश के धार जिले के सरदारपुर की बेटी ज्योति चौहान भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भारत की इस विजय में ज्योति के किए गए गोल का भी योगदान है। ज्योति सहित सभी बेटियों की कड़ी मेहनत और संघर्ष से यह जीत मिली है जो देश के साथ प्रदेश की बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।  

कथावाचक चिन्मयानंद बापू ,ने साधा निशाना, बोले- ‘ज्यादातर मूर्ख लोग ही राजनीति में आते हैं’

Storyteller Chinmayanand Bapu took aim, said – ‘Mostly fools come into politics’ MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां भागवत कथा करने पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने श्योपुर विधायक के भगवान शंकर पर दिए आपत्तिजनक बयान के वीडियो के बारे में बड़ी कही है। उन्होंने कहा कि मूर्ख लोग राजनीति में आ गए हैं। क्या बोले चिन्मयानंद बापूशिवपुरी में आयोजित कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि ज्यादातर मूर्ख लोग राजनीति में आ गए है, जिन्हें धर्मशास्त्र एवं धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। वह राजनीति में आकर कुछ भी बोल सकते है।यह वीडियो बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर पोस्ट किया है। बीजेपी इस मामले को भूनने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। श्योपुर विधायक के विवादित बयान को लेकर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। मंच के द्वारा एफआईआर करने का आवेदन दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एपीसी बैठक का हुआ आयोजन

 डिंडौरी कलेक्टर  हर्ष सिंह की अध्यक्षता में एपीसी बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। उक्त बैठक में सीईओ जिला पंचायत  अनिल कुमार राठौर, उपसंचालक कृषि सुश्री अभिलाषा चौरसिया, उपसंचालक पशुपालन  एचपी शुक्ला, एलडीएम  रविशंकर सिंह, सहायक संचालक मत्स्य विभाग  राकेश चंदेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग की समीक्षा    हर्ष सिंह ने खरीफ फसल 2024 एवं रबी फसल 2024-25 की तैयारी हेतु किए जा रहे कार्यों एवं कृषि विभाग के प्रचलित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने उर्वरक व्यवस्था के तहत यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके उर्वरकों के वितरण, मांग एवं उपलब्धता की जानकारी ली एवं डीएपी के स्थान पर उपयोग किए जा रहे अन्य उवर्रक विकल्पों का विस्तृत चर्चा की। और तत्संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। हर्ष सिंह ने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कोदो-कुटकी सहित श्रीअन्न के प्रसंस्करण एवं ब्रांडिंग, कृषि विभाग के नवाचार, युवा उद्यमी संस्थाओं, पंरपरागत कृषि विकास योजना, जैविक खेती, पंजीकृत बीज, विक्रय प्रबंधन की समीक्षा की और लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।  सहकारिता विभाग की समीक्षा     कलेक्टर  हर्ष सिंह ने सहकारिता समिति संचालन, सदस्यता, समितियों के पुर्नगठन, समितियों के बहुउद्देशीयकरण, कृषि उपार्जन एवं वितरण, जनऔषधी केन्द्र व्यवसाय, कामन सर्विस सेंटर आदि के संबंध में सहकारिता विभाग की समीक्षा की। बताया गया कि 8 अक्टूबर से 6 नवबंर 2024 के मध्य ऋण महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर्ष सिंह ने सहकारिता बैंको के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।   पशुपालन विभाग की समीक्षा  कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए जिले के दुग्ध उत्पादन, मोबाइल वेटनरी योजना, पशु रोगों से संबंधित नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत मुर्गीपालन, बकरी पालन एवं चरीचारा विकास की जानकारी ली। उन्होंने पशुपालन के क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड एवं आचार्य श्री विद्यासागर गो-संवर्धन योजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने निराश्रित गो वंशों के व्यवस्थापन की स्थिति की जानकारी ली और गो वंशो को गौशालाओं में व्यवस्थित करने के लिए निर्देशित किए।   उद्यानिकी विभाग की समीक्षा   हर्ष सिंह ने जिले में फल, सब्जी, पुष्प, मसाला उत्पादन की समीक्षा की। उन्होंने उद्यानिकी विभाग को खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग, नवाचार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिले की भौगोलिक स्थितियों के अनुसार उद्यानिकी क्षेत्र में असीम संभावना है जिसके अनुसार कार्य योजना बनाकर उद्यानिकी क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि करें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के लक्ष्यों को सप्ताह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए।   मत्स्य विभाग की समीक्षा  कलेक्टर हर्ष सिंह ने मत्स्य उत्पादन की समीक्षा की जिसमें बताया गया कि वर्तमान में प्रति व्यक्ति मत्स्य उपलब्धता 10 किलाग्राम है जिसे 12 किलोग्राम करने का कार्य किया जा रहा है। जिले में 45 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं जिनके द्वारा मत्स्य पालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने मछली पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव खनिज कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में खनिज क्षेत्र में निवेश को पूर्ण प्रोत्साहन,11 औद्योगिक संस्थान निवेश के लिये आगे आये  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर मुख्यमंत्री दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित “संयुक्त उद्यम समझौता” हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। माईनिंग कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र फर्म/कम्पनी का नाम प्रोजेक्ट का विवरण स्थान 1 ल्यूगांग इंडिया, नई दिल्ली प्रदेश में माइनिंग उपकरण निर्माण इकाई स्थापना निवेश राशि 250 करोड़ – 2 इंडियन रेयर अर्थस, मुंबई रेयर मेटल्स क्लस्टर की स्थापना औद्योगिक क्षेत्र अचारपुर, जिला भोपाल 3 द कमोडिटी हब, गुरूग्राम हरियाणा कॉपर, रॉकफास्फेट तथा सिलीकॉन बेनीफिकेशन प्लांट की स्थापना, निवेश राशि 2000 करोड़ बालाघाट एवं खरगौन 4 श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, रायपुर छत्तीसगढ़ इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ उमरिया 5 व्रिज आयरन एवं स्टील लिमि. जल विहार कालोनी रायपुर इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ कोतमा शहडोल 6 बैर्री अलायज, कोलकाता प्रदेश में फेरो अलायज इकाई की स्थापना निवेश राशि 400 करोड़ – 7 इन्विनायर पेट्रोडाइन लिमिटेड कोल बेड मीथेन और कोल गैसीफिकेशन में निवेश राशि 5000 करोड़ बैतूल और छिंदवाड़ा 8 डालमिया सीमेंट, नई दिल्ली प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ सतना 9 जे.के. सीमेंट पन्ना जिले में स्थापित सीमेंट प्लांट का विस्तारीकरण निवेश राशि 2500 करोड़ पन्ना सिंगरौली एवं शहडोल जिले में आवंटित कोल ब्लॉक निवेश राशि 1000 करोड़ सिंगरौली एवं शहडोल 10 अंबुजा सीमेंट अहमदाबाद, गुजरात प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ रीवा 11 सागर स्टोन इंडस्ट्रीज, जबलपुर फोस्फोराईट से खाद विनिर्माण इकाई की स्थापना, निवेश राशि 500 करोड़ छतरपुर   कुल 19650   प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य … Read more

सिंहस्थ के लिए 5900 करोड़ मंजूर, 568 प्रस्तावों पर सीएम ने दी मंजूरी

Rs 5900 crore approved for Simhastha, CM approves 568 proposals Ujjain Simhastha: सिंहस्थ 2028 के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है। परियोजनाओं में घाटों का निर्माण, नदी डायवर्जन, बांध, बैराज, सबस्टेशन, सड़कें और पुल शामिल हैं। 18 विभागों से 560 से अधिक परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है। सरकार 15 करोड़ भक्तों के आने की उम्मीद कर रही है। उज्जैन: सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। यह मंजूरी इस महीने की शुरुआत में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट कमेटी की बैठक में मिली। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सीएम ने कहा कि हर 12 साल में सिंहस्थ सभी को एक साथ लाता है। दुनिया भर से करीब 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन में कुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इन योजनाओं को मिली मंजूरीकैबिनेट समिति ने सिंहस्थ 2028 के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी। जिसमें 778.91 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण होगा। 1,024.95 करोड़ रुपये की लागत से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन शामिल है। क्षिप्रा पर होगा बांध का निर्माणक्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 14 और कान्ह नदी पर 11 प्रस्तावित बैराजों को मंजूरी दी गई, जिनकी लागत क्रमशः 74.67 करोड़ रुपये और 43.51 करोड़ रुपये है। नए ईएचवी सबस्टेशन की सौगातअन्य स्वीकृत परियोजनाओं में 198 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना और 250 करोड़ रुपये की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन शामिल है। स्वीकृत अतिरिक्त परियोजनाओं में शंकराचार्य चौराहे से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता और उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यहां भी होंगे विकास कार्यसाथ ही खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका और भरथरी गुफा से रणजीत हनुमान मार्ग का उन्नयन और क्षिप्रा नदी पर एक पुल भी शामिल है, जिसकी लागत भी 18 करोड़ रुपये है। सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक एक सस्पेंशन ब्रिज के साथ-साथ ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग और कावेरी नदी पर एक फुटब्रिज जैसे सुरक्षात्मक कार्यों को भी मंजूरी दी गई। 18 विभागों से 568 परियोजनाओं के प्रस्तावनगरीय प्रशासन और आवास के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि 18 विभागों में 568 परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगे घोषणा की कि इंदौर के लवकुश चौराहे को उज्जैन से जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन के सर्वेक्षण का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।

अहिल्या माता और शिवाजी पर सियासत: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, नाम परिवर्तन पर टकराव

Politics on Ahilya Mata and Shivaji: Congress-BJP face to face, clash over name change इंदौर में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी (शिवाजी वाटिका) करने का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह कदम महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां के वोट बैंक को साधा जा सके। उनका कहना है कि यह देवी अहिल्या बाई होलकर की उपेक्षा है, जिन्होंने इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कांग्रेस बोली अहिल्या रेसीडेंसी नाम करना थारेसीडेंसी कोठी, जो लगभग 204 वर्ष पुरानी है और अंग्रेजी शासन के दौरान मालवा-निमाड क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता का केंद्र थी, का नामकरण शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने से कांग्रेस असहमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव ने भी सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना की और सुझाव दिया कि इसे देवी अहिल्या रेसीडेंसी कोठी नाम दिया जाना चाहिए था। गफ्फूर खां की बजरिया पर नहीं हुआ निर्णयसाथ ही, अन्य नामकरणों की भी बैठक में स्वीकृति दी गई, जिसमें फूटी कोठी ब्रिज का नाम सेवालाल महाराज ब्रिज और भंवरकुआं चौराहे का नाम टंट्या भील चौराहा रखा गया है। इसके अलावा, बीजेपी नेता वरुण पाल ने गफ्फूर खां की बजरिया का नाम बदलकर वीरांगना तुलसाबाई होलकर के नाम पर करने की मांग भी की थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों के अपने तर्कइस नामकरण विवाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत नामकरण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

उज्जैन में अनोखी घड़ी का अनावरण, खासियत यह कि 24 घंटे नहीं बल्कि 30 घंटे का समय दिखाती

उज्जैन शहर में अनोखी घड़ी का अनावरण किया गया, जो वैदिक समय प्रणाली पर आधारित है। ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ नाम की इस घड़ी को डॉ. आरोह श्रीवास्तव ने बनाया है। इस घड़ी की खासियत यह है कि यह 24 घंटे नहीं बल्कि 30 घंटे का समय दिखाती है, जो एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय के बीच का समय होता है। इस घड़ी में 60 मिनट की बजाय 48 मिनट का एक घंटा होता है और यह अलग-अलग मुहूर्त भी दिखाती है। जल्द ही इस घड़ी को मोबाइल ऐप, कलाई घड़ी और दीवार घड़ी के रूप में भी लॉन्च किया जाएगा। 30 कला का होता है एक मुहूर्त डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यह घड़ी प्राचीन भारतीय समय निर्धारण प्रणाली पर आधारित है जो 30 मुहूर्त दिखाती है। प्रत्येक मुहूर्त 30 कला का होता है, जो लगभग 48 मिनट के बराबर होता है। इस तरह यह घड़ी 24 घंटे में 30 मुहूर्त, 30 कला और 30 काष्ठ का रूपांतरण दिखाती है। सिर्फ समय नहीं बताती ये घड़ी यह घड़ी सिर्फ समय ही नहीं बताती बल्कि इसमें पंचांग और मुहूर्त देखने की सुविधा भी है। इसमें विक्रम संवत पंचांग, 30 मुहूर्त, योग, भद्रा, चंद्रमा की स्थिति, नक्षत्र, चौघड़िया, सूर्योदय, सूर्यास्त, सूर्य ग्रहण, चंद्रग्रहण इत्यादि की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। मुहूर्त भी बताती है ये घड़ी डॉ. श्रीवास्तव ने बताया, ‘यह घड़ी सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर समय बताएगी। बोलचाल की भाषा में अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल कहा जाता है। इस घड़ी में 24 घंटों को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है। हर मुहूर्त का एक धार्मिक नाम होता है।’ ग्राफिक्स का भी इस्तेमाल इस घड़ी की एक और खासियत यह है कि इसमें ग्राफिक्स का भी इस्तेमाल किया गया है। हर घंटे अलग-अलग तस्वीरें इस घड़ी में दिखाई देती हैं। साथ ही देश व दुनिया भर में सूर्यास्त और सूर्य ग्रहण व चंद्र ग्रहण को भी इसमें दर्ज किया जाएगा और लोगों तक उसकी जानकारी पहुंचेगी। इस घड़ी का उपयोग मोबाइल ऐप के जरिए भी किया जा सकेगा। यानी आप अपने मोबाइल फोन पर भी इस घड़ी का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस उद्देश्य से बनाई है घड़ी इस अनोखी घड़ी को बनाने का उद्देश्य लोगों को प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान से अवगत कराना है। यह घड़ी भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस घड़ी के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया, ‘वर्तमान में प्रचलित घड़ी मेकेनिकल होने से दिन व रात को बराबर 12-12 घण्टों में बांटती है परन्तु वास्तव में सम्पूर्ण विश्व में दिन व रात एक जैसे नहीं होते हैं। सूर्य उदय के समयानुसार हर शहर का दिन-रात का समय अलग – अलग होता है। यह वैदिक घड़ी सूर्य सिध्दान्त पर कार्य करती है। सूर्योदय से समय की गणना करती है दिन भर के 15 मुहूर्त व रात्रि के 15 मुहूर्त दर्शाती है। इसे भविष्य में शीघ्र ही मोबाइल एप रिष्टवॉच (कलाई घड़ी) दीवार घड़ी के रूप में लांच किया जावेगा।’

एमपी गजब : महाकाल मंदिर नियमों की धज्जियां उड़ाते नेता, गाज गिरी कर्मचारियों पर ,एक कर्मचारी को हटाया, तीन को नोटिस

MP Amazing: Leader flouting Mahakal Temple rules, got angry on employees, removed one employee, notice to three ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में राजनीतिक हस्तियों के प्रवेश पर एक बार फिर मंदिर प्रबंध समिति सवालों के घेरे में है। गुरुवार शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे पत्नी और दो अन्य लोगों के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गए और पांच मिनट से भी अधिक समय तक पूजन करते रहे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार रोका जाना चाहिए था। उज्जैन(Mahakal Mandir Ujjain)। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे और परिजनों सहित 4 लोगों के प्रवेश करने के मामले में एक कर्मचारी को हटाया गया। साथ ही सुरक्षा एजेंसी सहित तीन कर्मचारियों को नोटिस थमाया गया। नोटिस का जवाब 24 घंटे में मांगा गया है। महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने मंदिर समिति के कर्मचारी विनोद चौकसे को हटाया। विनोद की ड्यूटी मंदिर के सभामंडप व जलद्वार पर प्रभारी के रूप में थी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह और नंदीहॉल निरीक्षक, प्रोटोकॉल कर्मचारी और क्रिस्टल कंपनी को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। आम भक्तों में आक्रोशआम भक्त लंबे समय से महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जब प्रवेश की अनुमति ना होने के बाद भी वीआईपी अंदर जाते हैं, तो आम भक्त खुद को ढगा सा महसूस करते हैं। कई बार श्रद्धालु इसको लेकर आक्रोश भी जता चुके हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया कदमसहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी ने बताया महाकाल मंदिर में सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से मंदिर के आंतरिक क्षेत्र अर्थात गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम, सभा मंडप, गर्भगृह का गलियारा तथा संपूर्ण परिसर में व्यावसायिक दृष्टिकोण से वीडियोग्राफी करने पर रोक लगा दी गई है। पूर्व में मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया था। पहले कम था शुल्कमहाकाल महालोक को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, यहां कोई भी व्यक्ति निर्धारित शुल्क चुकाकर वीडियोग्राफी कर सकता है। प्रबंध समिति की बैठक में वीडियोग्राफी के शुल्क में वृद्धि की गई है। पहले मंदिर में वीडियोग्राफी करने पर 5100 रुपये शुल्क चुकाना होता था। लेकिन अब महाकाल महालोक में वीडियोग्राफी के लिए 51000 रुपये शुल्क चुकाना होगा।

मुरैना में पटाखा फैक्ट्री और गोदाम में जोरदार धमाका, गिर गए कई मकान… रेस्क्यू जारी

Huge explosion in firecracker factory and warehouse in Morena, many houses collapsed…Rescue continues मुरैना ! (Morena Pataka Factory Blast)। मुरैना के इस्लामपुरा में एक मकान में विस्फोट हो गया। जिससे एक मकान पूरी तरह से जमीदोज हो गया और उसके आसपास के तीन मकान और क्षतिग्रस्त हो गए। विस्फोट में मकान के मलबे में दो लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम का अमला रेस्क्यू करने में लगा हुआ है। अभी यह भी साफ नहीं हुआ है कि विस्फोट किस वजह से हुआ है। हालांकि मोहल्ले के कुछ लोगों का कहना था सिलेण्डर में विस्फोट हुआ है। लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि मकान में पटाखे बनाए जाते थे और उन्हें स्टोर कर रखा हुआ था। उनमें आग लगने से विस्फोट हुआ। घटनाक्रम के मुताबिक इस्लामपुरा में रहने वाले गजराज राठौर के मकान में शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे विस्फोट हो गया। जिससे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गजराज के बगल के दोनो घर व पीछे बना घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ लोगों का कहना है कि मकान गैस सिलेण्डर में आग लगने से विस्फोट हुआ है तो लोगों का यह भी कहना था कि गजराज सिंह पटाखे बनाने व स्टोर करने का काम करता था। पटाखों में आग लगने की वजह से विस्फोट हुआ। जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। Morena News: महिला व एक बच्चे सहित कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंकाविस्फोट के बाद मकान के मलबे में महिला व एक बच्चे सहित और भी लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम के कर्मचारी मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि खबर लिखे जाने तक मलबे से किसी को भी निकाला नहीं जा सका था। प्रशासन ने एसडीआरएफ को भी बुलाया है जिससे रेस्क्यू आपरेशन में तेजी लाया जा सके। Morena Blast: धमाका इतना तेज कि कांप गया मोहल्ला, मकानों में आई दरारइस्लामपुरा में मकान के धमाका इतना तेज था कि पूरा मोहल्ला कांप गया। लोगाें का कहना था कि धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे भूकंप आ गया हो। कई मकानों में धमाके की वजह से दरारें भी आ गई हैं। Morena Latest News: पहले भी इस्लामपुरा में हो चुके हैं विस्फोटपहले भी इस्लामपुरा में आतिशबाजी में विस्फोट होने की कई घटनाएं हो चुकी है। जिसमें आतिशबाजी बनाने वाले लोग न केवल जल गए थे, बल्कि मकान के मलबे में भी दब गए थे। इसके बाद भी इस्लामपुरा में पटाखे बनाने का काम लगातार जारी रहा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet