LATEST NEWS

नेम प्लेट आदेश पर कोर्ट जाएगा जमीयत उलेमा ए हिंद! दिल्ली में बुलाई बड़ी बैठक

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi Kanwar Yatra Nameplate Row: सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेम प्लेट वाले आदेश पर हर गुजरते दिन के साथ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस कड़ी में अब जमीयत उलेमा ए हिंद ने फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है. जमीयत उलेमा ए हिंद ने कहा कि इस फरमान को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी क्योंकि धर्म की आड़ में नफरत की राजनीति की जा रही है. कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) से जुड़े इस आदेश को भेदभावपूर्ण और सांप्रद्रायिक बताते हुए सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने की बात भी कही गई है. रविवार (21 जुलाई) को जमीयत उलेमा ए हिंद ने इस संबंध में अहम बैठक बुलाई है. जमीयत का यह भी कहना है कि उसकी कानूनी टीम इस आदेश के कानूनी पहलुओं पर विचार करने में जुटी है. ‘मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा’ प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulema e Hind) ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश की आलोचना करते हुए शनिवार (20 जुलाई) को कहा कि यह ‘भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक’ फैसला है तथा इससे संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का हनन होता है. बता दें कि मुजफ्फरनगर जिले में 240 किलोमीटर लंबे कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, ढाबों और ठेलों सहित भोजनालयों को अपने मालिकों या इन दुकानों पर काम करने वालों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश के कुछ दिन बाद शुक्रवार (19 जुलाई) को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के लिए ऐसा ही आदेश जारी करने का फैसला किया. क्या बोले मौलाना अरशद मदनी? जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा, ‘यह एक भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक फैसला है. इस फैसले से देश विरोधी तत्वों को लाभ उठाने का अवसर मिलेगा और इस नए आदेश के कारण सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है.’ मदनी ने यह भी कहा, ‘देश के सभी नागरिकों को संविधान में इस बात की पूरी आजादी दी गई है कि वे जो चाहें पहनें, जो चाहें खाएं, उनकी व्यक्तिगत पसंद में कोई बाधा नहीं डालेगा, क्योंकि यह नागरिकों के मौलिक अधिकार के विषय हैं.’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा संबधी आदेश मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला है. मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग एक तरफ जहां नेम प्लेट विवाद गहराता जा रहा है वहीं दूसरी ओर इस आदेश को मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर फल विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर नाम लिखने के लिए कहे जाने में उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता है.

जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, किसानों को सता रही फसल की चिंता

Heavy rain in the state stopped the wheels of trains, alert of heavy rain in the districts today

Heavy rain alert issued in districts, farmers worried about crop प्रदेश में मानसून सक्रिय है. इसका असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. MP Weather News: मध्य प्रदेश के मौसम विभाग ने रविवार को सीहोर (Sehore), बैतूल, नर्मदापुरम (Narmadapuram) में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून (Monsoon) अपना असर दिखने वाला है. एमपी के कई जिलों में मध्यम और हल्की बारिश हो सकती है. बारिश का यह क्रम अगले कुछ दिनों तक जारी रहने के आसार हैं. मध्य प्रदेश के मौसम विभाग के अधिकारी डॉ वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि हरदा, देवास, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, बुरहानपुर, शाजापुर, धार में मध्यम बारिश की संभावना है. इसके अलावा इंदौर, रायसेन, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, गुना, शिवपुरी, आगर, विदिशा, सांची, छिंदवाड़ा, श्योपुर कलां, जबलपुर में भी हल्की और मध्यम बारिश हो सकती है. राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को भी बारिश हुई थी.किसानों की बढ़ी चिंतामौसम विभाग की चेतावनी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है. एक किसान हरिराम चौधरी ने कहा कि अभी तक बारिश की वजह से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है. वर्तमान में वर्षा की जरूरत है लेकिन भारी बारिश की चेतावनी से चिंता भी बढ़ गई है. नदी के जल स्तर पर प्रशासन की नजरमौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन द्वारा नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. मध्य प्रदेश की नर्मदा, शिप्रा, चंबल, कालीसिंध, गंभीर आदि नदियों के जलस्तर में लगातर बढ़ोतरी हो रही है. राज्य में औसत बारिश की संभावनामौसम विभाग द्वारा बारिश को लेकर जिस प्रकार की संभावना जताई जा रही है उसके मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा सामान्य वर्षा के आंकड़े को छू जाएगा. वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में कम बारिश हुई है जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5% अधिक बारिश दर्ज की जा गई है.

जबलपुर में बनेगा टेक्सटाइल का अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

State-of-the-art skill development center for textile will be built in Jabalpur: Chief Minister Dr. Yadav

State-of-the-art skill development center for textile will be built in Jabalpur: Chief Minister Dr. Yadav मध्यप्रदेश में सेना के लिये तोप के साथ टैंक निर्माण भी होगारक्षा उपकरण निर्माण क्षेत्र में आएगा 600 करोड़ रूपये का निवेशमुख्यमंत्री की उपस्थिति में अशोक लीलैंड और आर्मड व्हीकल के बीच हुआ करारनामामध्यप्रदेश में हीरे मिलते हैं, उन्हें प्रदेश में ही तराशने का काम भी शुरू होगाजबलपुर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हुआ 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजननई औद्योगिक इकाइयों से 12 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, इकाइयों को सौंपे गये आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में उद्द्योग स्थापना का कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, रक्षा संस्थान के लिए एक टैंक निर्माण, फार्मा क्षेत्र और पर्यटन के क्षेत्र में नए-नए उद्योग प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज जबलपुर के “सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इनफॉरमेशन सेंटर” में रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की। यह सभी घोषणाएं उद्योगों के प्रोत्साहन से संबंधित हैं। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के अनेक प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में टेक्सटाइल के अति आधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की जायेगी, जिससे विशेष रूप से बहनों को रोजगार प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2024 की आज दूसरी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जबलपुर में हुई। इसमें ताईवान, मलेशिया, ब्रिटेन, फिजी और इंडोनेशिया के साथ और देश के विभिन्न राज्यों से बड़े उद्योगपति शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि गत मार्च-2024 में उज्जैन में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश की 29 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और 38 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया। प्रदेश के विभिन्न 10 स्थान से जन-प्रतिनिधि लोकार्पण और भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़े। इनमें कुल 1500 करोड रुपए का निवेश होगा और 4500 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। औद्योगिक इकाइयों को आशय-पत्र सौंपे गये, जिससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कुल 340 एकड़ भूमि के आवंटन के लिए आशय-पत्र सौंपे गये। कॉन्क्लेव में आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम पॉलिसी-2023 का विमोचन भी किया गया। अशोक लीलैंड का करारनामा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 600 करोड रूपये के निवेश के लिए अशोक लीलैंड और आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के बीच करारनामा हुआ। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में यह नया कदम है। यह रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश है। साथ ही सहयोग क्षेत्र में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रक्षा संस्थान के लिए अब तक तोप निर्माण का कार्य होता रहा है, अब सेना के लिए टैंक भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 16 औद्योगिक पार्क के माध्यम से कुल 517 लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों द्वारा पौने छः हजार करोड़ का निवेश किया गया, जिससे 20 हजार लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आज 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमिपूजन एक महत्वपूर्ण समेकित प्रयास है। प्रदेश के 10 स्थानों से मंत्री, सांसद, विधायक वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें नवीन इकाइयों की सौगात के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में अनेक विभागों ने उद्द्योग हितैषी नीतियों की जानकारी दी है। खनिज के क्षेत्र में उड़ीसा के बाद मध्यप्रदेश द्वितीय स्थान पर है। खदानों की निलामी में मध्यप्रदेश की पारदर्शी प्रक्रिया देश में अग्रणी मानी गई है। इसके लिये भारत सरकार द्वारा पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रदेश में हीरे का खनन तो होता है, अब इन्हें तराशने का कार्य भी किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। काल के प्रवाह में अनेक बाधाएं भी देश ने देखीं लेकिन भारत ने पराक्रम, परिश्रम और आत्मविश्वास से आगे बढ़ कर दिखा दिया है कि हमारी प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आएं। उन्होंने कहा कि श्रम के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश में प्रोत्साहनकारी नीतियां हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए कार्य हो रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्ष में विश्वविद्यालयों के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया गया है। प्रदेश में पहले कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 25 होने जा रही है। प्रदेश में सघन वन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में भी संभावनाओं को तलाश कर उन्हें साकार किया जायेगा। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 275 इकाइयां कार्य कर रही हैं। अकेले पीथमपुर में 60 इकाइयां हैं। हमारे प्रदेश से 160 से अधिक देशों को फार्मा प्रोडक्ट निर्यात किये जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में 150 प्रतिशत प्रोत्साहन के लिये हम तैयार हैं। प्रदेश में उद्योगों को पानी और बिजली की आपूर्ति पर विशेष राहत प्रदान की गई है। दो मेगा फूड पार्क आ रहे है। पहले से 8 फूड पार्क संचालित है। ऐसी इकाइयों की संख्या निरन्तर बढ़ाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वोल्वो आयशर के एमडी से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में रिसर्च सेंटर भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रारंभ में उद्योगों के विकास से संबंधित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। जबलपुर हाट के अंतर्गत विभिन्न लघु उद्योग इकाइयों और व्यवसायियों द्वारा उत्पाद सामग्री का विवरण प्रदर्शनी में दिया गया। उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों का शॉल और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उपस्थित अतिथियों में अडानी पॉवर, नेटलिंक, वैद्यनाथ ग्रुप दावत फूड्स, वोल्वो आयशर, एवीएनएल, एनसीएल, स्वराज शूटिंग लोहिया एनर्जी, आदि-शक्ति राइस मिल, फिनिक्स पोल्ट्री, इनफो-विजन दुबई और दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स (डिक्की) सहित अन्य अनेक उद्योग संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश की निवेश नीति और निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक अधो-संरचना और औद्योगिक कॉरिडोर की विशेषताओं के साथ निवेशक अनुकूल औद्योगिक नीति में सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन पर भी प्रकाश डाला। साथ ही सभी निवेशकों को आगामी … Read more

मप्र में उठी भील प्रदेश बनाने की मांग, आदिवासी नेताओं ने बांसवाड़ा की रैली में भरी हुंकार

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally भील प्रदेश की मांग और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा ‘ SAHARA SAMACHAAR ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। भोपाल । राजस्थान के बांसवाड़ा में भील प्रदेश की मांग को लेकर हुए जमावड़े के बाद पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में हलचल बढ़ गई है। अलग प्रदेश की मांग पर जनजातीय समाज के नेताओं में दो फाड़ नजर आ रही है। जहां समाज के कुछ नेता इसके समर्थन में हैं तो कुछ जनप्रतिनिधि इसे विदेशी और विघटनकारी शक्तियों की साजिश बता रहे हैं। जो भी हो, लेकिन बांसवाड़ा के भानगढ़ में हुई रैली के बाद आदिवासी प्रदेश की मांग प्रदेश में फिर जोर पकड़ रही है। भील प्रदेश की मांग के इस आंदोलन में मध्यप्रदेश को धुरी क्यों माना जा रहा है? आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेता मध्यप्रदेश पर सबसे ज्यादा फोकस क्यों कर रहे हैं? एक दशक से भी पहले से चल रही भील प्रदेश की मांग अचानक आंदोलन में कैसे बदली और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा द सूत्र ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। सवाल: भील प्रदेश की मांग को लेकर राजस्थान के बांसवाड़ा में हुई आदिवासी समुदाय की रैली के बाद यह मामला क्यों चर्चा में है? पहले बताते हैं भील आदिवासी समाज की प्रदेश और देश में क्या स्थिति है। दरअसल, भील मूल रूप से जंगलों में रहने वाली जनजाति है। यह मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में निवासरत है। मध्यप्रदेश में इस जनजाति की संख्या करीब 60 लाख है। वहीं राजस्थान में 28 लाख, महाराष्ट्र में 18 लाख और गुजरात में 35 लाख भील आदिवासी हैं। यानी जनसंख्या के लिहाज से भील आदिवासी सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर और झाबुआ के अलावा रतलाम, धार, बड़वानी, खंडवा, खरगोन जिले भील आबादी बाहुल्य हैं। वहीं राजस्थान के उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ और महाराष्ट्र में जलगांव, नासिक, ठाणे, नंदूरबाग, धुलिया और पालघर में भील सबसे ज्यादा संख्या में रहते हैं। मध्य प्रदेश में भील जनजाति की आबादी 1.42 करोड़ यानी मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात प्रदेशों में भील समुदाय की आबादी। करोड़ 42 लाख से ज्यादा है। बाकी पूरे देश में भी भील आदिवासी लाखों की संख्या में बिखरे हुए हैं। सबसे ज्यादा आबादी होने की वजह से ही भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा और आदिवासी परिवार के आव्हान पर बांसवाड़ा में समुदाय की रैली निकाली गई थी। समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील आबादी बाहुल्य जिलों को जोड़कर अलग राज्य की मांग उठाई है। इस टैली के बाद राजनीतिक दलों से जुड़े भील समुदाय के जनप्रतिनिधियों लोगों में भी मतभेद सामने आ गए हैं। भाजपा नेता और थांदला के पूर्व विधायक कलसिंह भांबर ने इसे विदेशी ताकतों की साजिश बताया है तो सेलाना से निर्दलीय आदिवासी विधायक कमलेश्वर डोडियार भील प्रदेश की मांग का पुरजोर पक्ष ले रहे हैं। वहीं झाबुआ से कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने भील प्रदेश की मांग या विरोध में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक दशक पुरानी है मांग अब बात करते हैं अलग भील प्रदेश की मांग और अचानक उठ खड़े हुए इस आंदोलन की। भील प्रदेश की मांग एक दशक से भी पुरानी है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात से सीमावर्ती जिलों में बसे भील-भिलाला समुदाय के लोग यह मांग उठाते रहे हैं। आदिवासी समुदाय का संगठन जयस भी इस मांग के समर्थन में कई बार आंदोलन-टैलियां कर चुका है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने फरवरी माह में हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के सत्र में भी भील प्रदेश की मांग और सरकार की कार्रवाई का मामला उठाया था। अब इस समुदाय का अचानक एकजुट होना और राजस्थान के बांसवाड़ा से भील प्रदेश की मांग बुलंद करने का राजनीति पर क्या असर होगा यह तो आने वाले दिनों में ही नजर आएगा। फिलहाल आदिवासी समुदाय के सामाजिक संगठन भी इस मांग के समर्थन में उतर आए हैं। क्या कहते हैं समुदाय के जनप्रतिनिधि ? कुछ संगठन जनजाति समाज को गुमराह करने के लिए भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। भील प्रदेश कीमांग आज से नहीं जबसे मिशनरी इस अंचल में आए हैं तबसे शुरु हुई है। ये मांग उन्होंने रखी थी। साऊदी अरब के लोग नारा लगा रहे हैं जय जोहार का नाटा है भारत देश हमारा है। ये किसका षडयंत्र है। आज कहा जा रहा है हमारी बहन बेटियों को की मंगलसूत्र पहनना, मांग भरना हमारा रिवाज नहीं है। ये रिवाज युगों से चले आ रहे हैं। आदिवासी समुदाय युगों से हिंदू पद्धति, परम्पराओं से पूजा पाठ करता आ रहा है। हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज उससे जुड़े हैं। भानू भूरिया, बीजेपी नेता झाबुआ मांग तो जायज हैं, लेकिन जातिगत तौर पर देखा जाए तो यह देश को तोड़ने वाला होगा। क्षेत्रीयता और भाषा के आधार पट हो तो ऐसा होना चाहिए। भील प्रदेश की मांग के आंदोलन में कुछ लोग तो ठीक हैं, लेकिन अभी ऐसा नहीं लगता कि भील प्रदेश की आवश्यकता है। विक्रांत भूरिया, कांग्रेस विधायक, झाबुआ मुझे अभी इस आंदोलन की विस्तृत जानकारी नहीं है। अलग भील प्रदेश को लेकर जो मूवमेंट शुरु हुआ है उस पर मैं फिलहाल अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता कमलेश्वर डोडियार, निर्दलीय विधायक, सैलाना बीते 12 साल से पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। मैंने इस संबंध में फरवरी में विधानसभा सत्र में प्रश्न लगाकर जानकारी चाही कि भील प्रदेश गठन को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जानकारी इकट्ठा करने की सफाई दी गई। वहीं मुख्यमंत्री ने नए राज्य गठन की कार्रवाई का अधिकार केंद्र सरकार के पास होने का जबाव देकर पल्ला झाड़ लिया था।

अनुभवहीन महिला अधिकारियों की पोस्टिंग कर विंध्या हर्बल्स को बंद करने की साज़िश

Conspiracy to close Vindhya Herbals by posting inexperienced women officers

Conspiracy to close Vindhya Herbals by posting inexperienced women officers भोपाल। लघुवनोपज संघ की इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी (एमएसपी पार्क) अनुभवहीन महिला अधिकारियों की पोस्टिंग विंध्या हर्बल बंद की साजिश चल रही है। यही वजह है कि एमएसपी पार्क बरखेड़ा पठानी में उत्पादित होने वाली औषधियों की क्वांटिटी और क्वालिटी में निरंतर गिरावट आ रही है। औषधि के गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठे। जांच के आदेश भी हुए किंतु महिला अधिकारी के रसूख के चलते कई जांच के आदेश डंप कर दिए जा रहें हैं।  सीनियर अफसर की कमी बताकर एमएसपी पार्क के निर्माण से अब तक सबसे जूनियर और अनुभवहीन सीईओ बनाया गया। जबकि इसके पहले तक अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक से लेकर मुख्य वन संरक्षण स्तर तक के आईएफएस अधिकारी सीईओ के पद पर पदस्थ होते रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि विभाग में सीनियर अधिकारियों का एकदम अकाल पड़ गया हो, बल्कि अनुसंधान एवं विस्तार भोपाल में पदस्थ सीसीएफ राखी नंदा को एमएसपी पार्क का सीईओ बनाया जा सकता है। या फिर किसी सीनियर एपीसीसीएफ को अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि ऐसा करने पर लघु वनोपज संघ में सत्ता के दो केंद्र बिंदु स्थापित हो जाते।  ऑडिट में ढेरों कमियां लघुवनोपज संघ की इकाई लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी “विंध्या हर्बल” नाम से आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करता आ रहा है। विगत वर्षों में केंद्र निरंतर प्रगतिशील रहा लेकिन 2 वर्षों में प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्ट नीतियों से केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ। कभी भारत के 17 राज्यों में आयुर्वेदिक दवाओं को सप्लाई करने वाले केंद्र को आयुष मार्क के बिना ऑर्डर नहीं मिलेगा। आयुष मार्क के प्रथम ऑडिट में ढेरों कमियां निकलने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर रहे वन अधिकारी। बतौर एसडीओ दागी रही बना दी गई सीईओ एमएसपी पार्क की सीईओ अर्चना पटेल जब सीधी में एसडीओ के पद पर पदस्त थी तब तेंदूपते की गड़बड़ी में तत्कालीन वन बल प्रमुख यू प्रकाशम ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 (1) में निहित प्रावधानांतर्गत उनको “परिनिन्दा” के दण्ड से दण्डित कर प्रकरण समाप्त कर दिया था। यही नहीं, यहां पदस्थ सीईओ अर्चना पटेल को न तो आयुर्वेदिक दवाई उत्पादन का ज्ञान है न ही कभी मार्केटिंग की ज़िम्मेदारी निभाई। यही हाल रेंजर सुनीता अहीरवार का है। दिलचस्प पहलू यह भी है कि इन नौसिखिये महिला अधिकारियों का आपसी समन्वय नहीं होने के कारण आयुष विभाग मध्य प्रदेश ने तो विंध्या हर्बल्स को ऑर्डर देना ही बंद कर दिया है। पिछले दिनों एक छोटा सा ऑर्डर इस वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है। लेकिन सीईओ और रेंजर और प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार की आपसी खींचतान में उत्पादन ही शुरू नहीं हो पा रहा है। रॉ मैटेरियल और पैकेजिंग आइटम की ख़रीदी का टेंडर मार्च में होना था जो कि अभी इस माह किया है। सवाल यह है कि ऐसे में कब सप्लाई करेंगे दवाई? पहले फूलजले और फिर एसडीओ हटे  रेंजर और प्रभारी एसडीओ उत्पादन सुनीता अहीरवार की लापरवाही का आलम ये है कि वह अभी तक पिछले वित्तीय वर्ष का लेखा नहीं दे रहीं है। न तो उत्पादन कर रही है और न ही केंद्र का आयुष मार्क का सर्टिफ़िकेशन कराने का प्रयास रही है। अहिरवार के रसूख का आलम यह है कि जब सीईओ के पद पर रहे पीएल फूलजले ने अहिरवार को नोटिस जारी करने जा रहे थे तो उन्हें तत्काल वहां से हटा दिया। फेडरेशन के एमडी के आदेश पर एमएसपी पार्क के एसडीओ मणिशंकर मिश्रा ने अहिरवार के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए दस्तावेज मांगे तब उन्हें जांच से संबंधित कागज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसे लेकर एसडीओ मिश्रा ने एमडी विभाग ठाकुर को कई पत्र लिखें और  पत्र में यह उल्लेख किया कि आपने 7 दिन के भीतर जांच कर प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए थे किंतु दस्तावेज उपलब्ध होने के कारण मैं जांच शुरू नहीं कर पा रहा हूं। एसडीओ के पत्र को एमडी ठाकुर ने डस्टबिन में डाल दिया। जांच प्रारंभ न हो सके, इसके लिए एसडीओ मिश्रा को एमएसपी पार्क से फेडरेसन पदस्थ कर दिया।  विल-बाउचर को लेकर टकराव  अभी कुछ दिन पहले आई सहायक प्रबंधक रेंज़र प्रियंका बाथम को मिले काम जिसमें ख़रीदी के बिल वाउचर और अन्य प्रबंधन को लेकर एसडीओ सुनीता अहीरवार की खींचतान शुरू हो गई है। सुनीता अहीरवार डीडीओ का हक़ जताने के चक्कर में सबको अपने अधीन रखना चाहती है। ऐसी स्थिति में अन्य कर्मचारी भी परेशान है।आलम ये है कि तीनों महिला अधिकारी एक ही बात को अलग-अलग तरीक़े से प्रबंध संचालक को सूचित करती है। अगर यही आलम रहा तो केंद्र को घाटे में ताला डाल कर ये अधिकारी अपने मूल विभाग में वापस चले जायेंगे।

अभियान हरियाली और रास्ता :- शहर की सड़को के किनारे हरियाली लाने प्रदितिशील व्यापारी संघ चला रहा वृक्षारोपण अभियान

Greenery and departure campaign:- Greenery along the city roads, Natural Trade Association launched tree plantation campaign

Greenery and departure campaign:- Greenery along the city roads, Natural Trade Association launched tree plantation campaign हरिप्रसाद गोहेआमला । प्रगतिशील व्यापारी संघ आमला द्वारा बीते चार वर्षो से सतत जारी वृक्षारोपण का यह अभियान अब मुहूर्त रुप लेने लगा है । संगठन के बेहतर एवं सफल प्रयासों से शहर की मुख्य सड़कों के किनारे रोपित पौधो ने अब पेड़ का रूप लेना शुरू कर दिया है । संगठन का उद्देश्य अब सड़को के किनारे हरियाली लाना है । जिसके लिए संगठन से जुड़े कार्यकर्ता अध्यक्ष अनिल सोनी के मार्गदर्शन में इस वर्ष भी शहर में हरियाली और रास्ता अभियान चलाकर सड़को के किनारे वृक्षा रोपण कर हरियाली लाने पहल कर रहे है । संगठन द्वारा जारी वृक्षारोपण अभियान की नगर में प्रशंशा हो रही है । संगठन से जुड़े यशवंत चडोकार से प्राप्त जानकारी अनुसार विगत 4 वर्षों से लगातार प्रगतिशील व्यापारी संगठन अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए नगर को हरा भरा बनाने एवं पर्यावरण को संतुलित करने हेतू सड़क के विभिन्न मार्गों के किनारे पर वृक्षारोपण करता आ रहा है । प्रकृतिसेवा के इस क्रम में इस वर्ष भी संगठन द्वारा सड़क के किनारो पर वृक्षारोपण किया गया। जिसमें नीम, बादाम गुलमोहर, आम, लक्ष्मीतरु के पौधे शहर के रतेडा रोड, कोर्ट परिसर के सामने, जंबाडा रोड पर लगाए गए। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी ,सचिव सुभाष देशमुख, संरक्षक जयंत सोनी ,राजीव मदान चंद्रशेखर सोनी यशवंत चढ़ोकार ,राजेंद्र उपाध्याय, देवेंद्र सिंह राजपूत ,दिलीप चौकीकर, संतोष राठौर, राजेश धोटे , कपिल सिसोदे सहित कई सदस्यों ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित होकर पौधे लगाए एवं इन पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया । संघ द्वारा पूर्व में लगाए गए पौधे अब शहर के विभिन्न भागों में अपनी कहानी स्वयं कह रहे है, विगत वर्षों में प्रगतिशील व्यापारी संघ द्वारा लगाए ये पौधे अब वृक्ष बनने की ओर अग्रसर है एवं शहर का सौंदर्य बढाते हुए लहलहाने लगे हैं। आने वाले कल में निश्चित ही ये पौधे पर्यावरण की शुद्धता के साथ पृथ्वी पर बढ़ रहे तापमान से हम सबकी रक्षा करेंगे, थोड़ा ही सही लेकिन यदि सब मिलकर प्रयास करें और प्रत्येक व्यक्ति पांच पौधे लगाए तो पर्यावरण के स्वरूप को जरूर बदला जा सकता है। इस अवसर पर संघ द्वारा कहा गया कि प्रगतिशील व्यापारी संघ तो प्रकृति सेवा के लिए संकल्पित तो है ही,और आने वाले वर्षों में भी संघ द्वारा हरियाली व पर्यावरण हेतू प्रयास किये जाते रहेंगे, पर यही अपील हम सभी नागरिकों से भी करते है, सभी शहरवासी अगर पौधे लगाकर उनके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रहें तो बहुत जल्द सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे, एवं हमारा आमला वापस उसी रूप में आ जायेगा जैसा कुछ दशक पहले वो अपनी हरी-भरी तासीर के लिए जाना जाता था ।

बुंदेलखंड दर्शन: बहुत खास है यह किला, अदभुत है इसकी वास्तुकला

Bundelkhand Darshan: This fort is very special, its architecture is amazing

Bundelkhand Darshan: This fort is very special, its architecture is amazing ओरछा मध्य प्रदेश का एक बहुत ही सुंदर शहर है जो बुंदेलखंड में बेतवा नदी के किनारे बसा हुआ है। चलिए आज हम आपको यहां के कुछ आकर्षक स्थान के बारे में बताते हैं। कमलेश ( स्वतंत्र आवाज़ )ओरछा ! बुंदेलखंड इलाके के बसा हुआ बहुत ही खूबसूरत स्थान है। यह बेतवा नदी के किनारे मौजूद एक ऐतिहासिक स्थल है। जहां पर इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला के बेजोड़ नमूने देखने को मिलते हैं। पूजा में एक शानदार खिलाकर मौजूद है जो बुंदेला राजवंश की कविता और प्रभावशीलता को दर्शाने का काम करता है। ओरछा का सुंदर किलाओरछा किले को ओरछा कोठी के नाम से भी पहचाना जाता है। 16वीं शताब्दी में ऊर्जा के संस्थापक राजा रुद्र प्रताप सिंह ने इसे स्थापित किया था। यह किला बुंदेला राजपूत राजाओं की राजधानी के रूप में पहचान चाहता था। यह तीन तरफ से बेतवा नदी से घिरा हुआ है और एक तरह से प्राकृतिक सुरक्षा के बीच मौजूद है। इस किले के अंदर कुछ आकर्षक संरचनाएं बनी हुई हैंचलिए आपको इनके बारे में बताते हैं। रामराजा मंदिरओरछा के सबसे आकर्षक स्थलों में से एक राम राजा मंदिर भी है। यह देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां पर भगवान राम की राजा के रूप में पूजन की जाती है। यह प्रमुख तीर्थ स्थल के तौर पर पहचाना जाता है। इसके अलावा चतुर्भुज मंदिर अपने ऊंचे शिखर और भाव वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर आपको बुंदेला राजवंश की धार्मिक भक्ति और स्थापत्य कौशल की झलक देखने को मिलेगी। राजा महलयहां पुराना महल राजा महल राजा रुद्र प्रताप सिंह द्वारा बनवाया गया था। इसकी बाहरी दीवारों पर धार्मिक विषय और दैनिक जीवन को दर्शाते दृश्य चित्रों के रूप में दिखाई देते हैं। अंदरूनी हिस्से की नक्काशी बहुत ही सुंदर है। यहां पर खिड़कियां बालकनी और छत बनी हुई है। जहांगीर महलयह बहुत सुंदर महल है जिसका निर्माण राजा वीर सिंह देव ने मुगल सम्राट जहांगीर की एक दिवसीय ओरछा यात्रा के सम्मान में करवाया था। यहां पर पत्थरों की नक्काशी और जालीदार काम देखने लायक है। यह एक तरह से मुगल वास्तुकला की भव्यता को दर्शाता है। शीश महलबुंदेला राजाओं के लिए महल के रूप में निर्मित किया गया शीश महल अब हेरिटेज होटल में बदल चुका है। यह आने वाले मेहमानों को शाही विलासिता का अनुभव करने का मौका देता है। इसके नाम से जाहिर है कि यह दर्पण का महल है। इस सुंदर बनाने के लिए आश्चर्यजनक दर्पणों का इस्तेमाल किया गया है।

Inflation: छह महीने में कितने महंगे हुए आलू-प्याज और टमाटर, आसमान छूती कीमतें?

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months, prices touching the sky? इस खबर को आप पढ़ना शुरू करें उससे पहले ऊपर दिए गए चित्र को एक बार फिर से देख लीजिए। चित्र में आलू, प्याज, टमाटर की जुलाई की कीमतें लिखी हैं। आप कहेंगे कि ये तो हमारे इलाके में मिल रही है कीमतों से बहुत कम है। तो हम आपको आंकड़ों के इस अंतर के बारे में पहले बता देते हैं। ये कीमतें जुलाई महीने में देशभर में ये सब्जियां जिस दाम पर बिक रही हैं उसका औसत है। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक 16 जुलाई को देश में टमाटर सबसे महंगा जहां बिका वहां इसकी कीमत 127 रुपये किलो रही। इसी तरह जहां यह सबसे सस्ता है वहां ये 24 रुपये किलो बिका। पूरे देश का औसत लें तो 16 जुलाई को टमाटर औसतन 69.86 रुपये/किलो बिका। ऐसे ही जुलाई महीने की औसत कीमत लें तो यह 61.66 रुपये/किलो है। इसलिए आपको ऊपर के चित्र में जो आंकड़े दिख रहे हैं वो आपके इलाके में मिल रहे टमाटर की कीमत से अलग हो सकते हैं। ऐसे ही बाकी सब्जियों का हाल है। अब खबर पर आ जाते हैं। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। टमाटर के दाम कई राज्यों में शतक लगा चुके हैं तो प्याज भी कई जगह 80 के आंकड़े को छू रही है। आलू के दाम में भी एक महीने में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है। दामों के इस इजाफे के चलते जून में थोक महंगाई दर 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। कीमतों में इस इजाफे के लिए मौसम को दोष दिया जा रहा है। मई में कीमतों में इजाफा शुरू हुआ तो कहा गया ज्यादा गर्मी के कारण फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा महंगाई है। जून में कहा गया कि ज्यादा बरसात होने की वजह से फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि हिन्दुस्तान में हर साल मई जून में मौसम कुछ इसी तरह का रहता है तो क्या हर साल मई-जून में आलू, प्याज टमाटर के दाम इसी तरह बढ़ते हैं? देश के कई हिस्सों में जनवरी-फरवरी में भीषण ठंड भी पड़ती है उस वक्त कीमतें कैसी रहती हैं? बीते तीन साल में जनवरी से जुलाई के दौरान आलू, प्याज टमाटर की कीमतों के इजाफे का क्या ट्रेंड रहा है? इस दौरान मौसम कैसा रहा है? एक मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दाल 100 रुपये से कम में मिल रही है, क्या देश के आकंड़े भी ऐसा ही कहते हैं? आइये समझते हैं…

मौसम: राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राज्य जलभराव से बेहाल

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत अधिकांश जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन बृहस्पतिवार को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में धूप खिली रही। उधर, केरल के कई जिलों और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन बाधित हो गया। जगह-जगह लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे। वहीं, राजस्थान के कई जिलों में भी झमाझम मानसूनी बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 24 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। 21 जुलाई के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, लेकिन बृहस्पतिवार को ज्यादातर इलाकों में धूप के कारण उमस काफी ज्यादा बढ़ गई। हालांकि, कांगड़ा, ऊना, चंबा, बिलासपुर और मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बारिश भी हुई। उत्तरी केरल के वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में पेड़ उखड़ने, संपत्ति को नुकसान पहुंचने और सड़कें टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। पलक्कड़ में एक स्कूल बस नहर में पलट गई। हालांकि, सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। मौसम विभाग ने वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए तीन दिन बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए इन तीनों जिलों के प्रशासन ने 19 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। 18 राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमानमौसम विभाग ने 19 जुलाई को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात में तेज हवा के साथ बिजली कड़कने का अनुमान है। पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने से आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पंजाब के 17 जिलों में 21 से दो दिन अलर्टमौसम विभाग ने पंजाब के 17 जिलों में 21 जुलाई से दो दिनों का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर शामिल। इस दौरान तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब में न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में पठानकोट में 63.2 एमएम की भारी बारिश दर्ज की गई।

पुलिसकर्मी को सोता हुआ देख कैदी अस्पताल से हुआ फरार

The undertrial prisoner escaped from the hospital after seeing the policeman sleeping.

The undertrial prisoner escaped from the hospital after seeing the policeman sleeping. गुना । मध्य प्रदेश के गुना जिले में अस्पताल से एक कैदी के फरार होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि न्यायिक हिरासत में कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा 38 वर्षीय एक विचाराधीन कैदी मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल से फरार हो गया। कैदी को आज (गुरुवार तड़के) सुबह ही इलाज के लिए लाया गया था। विचाराधीन कैदी हुआ फरारअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मान सिंह ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि घटना सुबह करीब पांच बजे हुई। घटना के बाद विचाराधीन कैदी तेगा पारधी को पकड़ने के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कैदी को लेकर आए संतरी ने उसकी हथकड़ी ढीली कर दी, क्योंकि उसने उससे कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। लेकिन बाद में जब पुलिसकर्मी सो गया, तो पारधी भाग निकला। फरार कैदी पर है 15000 का इनामउन्होंने बताया कि आरोपी पर हत्या के प्रयास, डकैती और चोरी समेत 20 से ज्यादा मामलों में मुकदमा चल रहा था। ठाकुर ने बताया कि उस पर एक बार 15,000 रुपए का इनाम भी था। उसने राजस्थान और गुजरात में भी अपराध किए हैं। ठाकुर ने कहा, आरोपी को राजस्थान के चुरू जेल से गुना लाया गया था, जहां उस पर डकैती के एक मामले में मुकदमा चल रहा है। परसों दो अन्य कैदियों के साथ सीने में दर्द की शिकायत के बाद उसे जेल से अस्पताल लाया गया था। हिरासत से भागने के लिए एक और मामला दर्जपुलिस अधिकारी ने बताया कि हथकड़ी ढीली करने के बाद वह भाग निकला। उन्होंने कहा, हमने हिरासत से भागने के लिए आरोपी के खिलाफ अब नया मामला दर्ज किया है। यह पूछे जाने पर कि पारधी के साथ तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने कहा कि उसके भागने की जांच की जा रही है और उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। पारधी गुना के बिलाखेड़ी इलाके का निवासी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 20 जुलाई को जबलपुर में आरआईसी का करेंगे शुभारंभ

Chief Minister Dr. Yadav will inaugurate RIC in Jabalpur on July 20.

Chief Minister Dr. Yadav will inaugurate RIC in Jabalpur on July 20. मध्यप्रदेश में संतुलित और समतापूर्ण विकास की यात्रा आगे बढ़ाते हुए, राज्य सरकार शनिवार 20 जुलाई 2024 को सुबह 09:00 बजे से संस्कारधानी-जबलपुर में “नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक और सूचना केंद्र” में अपना दूसरा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन) आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्रीय क्षमता का दोहन कर औद्योगिक विकास में असमानताओं को दूर करना है। जबलपुर क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं और अवसरों से निवेशकों को रू-ब-रू करवाकर क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। नवाचारी सम्मेलन का उद्देश्य प्रमुख बाजारों से निवेशकों को एक साथ लाकर, सार्थक चर्चा करके सहयोग को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में प्रमुख उद्योगपतियों, विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों, नौकरशाहों और प्रमुख विदेशी प्रतिनिधियों सहित 3500 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। आरआईसी में वैधनाथ समूह, आईटीसी, वोल्वो आयशर, बेस्ट कॉर्प, एसआरएफ और दावत समूह जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह भाग लेंगे। आरआईसी में ताईवान, मलेशिया, यूके, फिजी, जापान और इंडोनेशिया का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख विदेशी प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली 60 से अधिक इकाईयों का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम के दौरान उद्योगपतियों के साथ आमने-सामने चर्चा करेंगे। विशिष्ट अतिथि एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप और पीडब्ल्यूडी मंत्री श्री राकेश सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। क्षेत्रीय सत्रों में होगी क्षेत्र विशेष में निवेश पर विस्तृत चर्चा क्षेत्र की संभावनाओं पर केंद्रित 5 क्षेत्रीय सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृषि, खाद्य एवं डेयरी प्र-संस्करण, रक्षा, खनन एवं खनिज, कपड़ा एवं परिधान तथा पर्यटन शामिल है। उद्योग संघों, स्टार्टअप्स और रक्षा, कपड़ा एवं परिधान के विशेषज्ञों के साथ गोलमेज चर्चा भी होगी। सम्मेलन में 300 से अधिक क्रेता-विक्रेता बैठकें और वन-टू-वन चर्चा भी होंगी। निवेशकों को महाकौशल का अनुभव प्रदान करने के लिए जबलपुर एक्सपो और रक्षा प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और नेटवर्किंग डिनर के साथ होगा, जिसमें क्षेत्र की संस्कृति और व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा।

ए रेवंत रेड्डी सरकार किसानों की कर्ज माफी के लिए योजना लाने जा रही

A Revanth Reddy government is going to bring a scheme for loan waiver of farmers

A Revanth Reddy government is going to bring a scheme for loan waiver of farmers तेलंगाना सरकार नई योजना शुरू करने जा रही है। जिसके तहत किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे। लगभग 70 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे। दरअसल तेलंगाना सरकार अपने चुनावी वादे के तहत कृषि ऋण माफी की तैयारी कर रही है। गुरुवार को शाम 4 बजे किसानों के खातों में एक लाख रुपये तक के ऋण माफी के पैसे जमा किए जाएंगे। तेलंगाना मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार 15 अगस्त तक 2 लाख रुपये तक के ऋण को माफ कर देगी। तेलंगाना सरकार अपने इस चुनावी वादों को पूरा करने की तैयारी कर रही है। गुरुवार को शाम 4 बजे किसानों के खातों में एक लाख रुपये तक के ऋण माफी के पैसे जमा किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि जिन किसानों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफ किए जा रहे हैं, उनके खातों में कुल 7,000 करोड़ रुपये जमा किए जाएंगे। जुलाई के अंत तक 1.5 लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए जाएंगे। साथ ही अगस्त में ऋण माफी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अगस्त में जब दो लाख रुपये तक के ऋण माफ कर दिए जाएंगे, तब ऋण माफ करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सीएम रेड्डी ने सुझाव दिया कि रायथु वेदिका में कृषि ऋण माफी योजना के लाभार्थियों की एक सभा आयोजित की जानी चाहिए। इस सभा में संबंधित जिलों के मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी इसमें शामिल होकर किसानों के साथ खुशियां बांटें। जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क भी सुबह बैंकर्स के साथ बैठक करेंगे। वहीं दो जिलों के लिए सचिवालय में एक वरिष्ठ अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। जो कलेक्टरों द्वारा ऋण माफी योजना पर उठाए गए संदेहों को समझ कर तत्काल उनका समाधान करेगा। ऋषि ऋण माफी की रहेंगी ये शर्तेंवहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड का उपयोग केवल परिवार की पहचान के लिए किया जाता है। राज्य में कुल राशन कार्डों की संख्या 90 लाख है तथा बैंक ऋण वाले किसान खातों की संख्या केवल 70 लाख है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 6.36 लाख किसान जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं और जिन्होंने कृषि ऋण लिया है, वे भी कृषि ऋण माफी का लाभ लेने के पात्र हैं।

शरद खेमे में 29 पार्षद जाने के बाद हरकत में आए अजित पवार, पुणे के पार्टी नेताओं की बुलाई बैठक

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ के पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले, बुधवार को पुणे में शरद पवार की मौजूदगी में राकांपा के 29 पार्षद राकांपा (शरद चंद्र पवार) पार्टी में शामिल हुए।

अखिलेश यादव का बड़ा ऑफर… ‘सौ विधायक लाओ, सरकार बनाओ

Akhilesh Yadav's big offer…'Bring 100 MLAs, form government'

Akhilesh Yadav’s big offer…’Bring 100 MLAs, form government’ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा में राजनीतिक चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर कहा है कि मानसून ऑफर है-100 लाओ और सरकार बनाओ। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अगर भाजपा में कोई भी नेता 100 विधायकों का समर्थन जुटा लेता है तो सपा मुख्यमंत्री पद के लिए उसे समर्थन दे सकती है। इसे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके साथ ही तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाओं के बीच दिल्ली से केशव के लखनऊ लौटने पर अखिलेश ने कटाक्ष भी किया है- लौट के बुद्धू घर को आए। यहां बता दें कि केशव प्रसाद मौर्य ने भी बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक्स के जरिये हमला बोलते हुए उन्हें सपा बहादुर की संज्ञा देते हुए कहा था कि यूपी और केंद्र दोनों ही जगह मजबूत सरकार है। 2017 की तरह 2027 में भी हम यूपी में सरकार बनाएंगे। उन्होंने सपा के पीडीए को धोखा करार दिया था।

टाईगर, चीता, तेंदुआ, कि मौतों का अड्डा बना प्रदेश, एक और मादा तेंदुआ कि मौत

The state became a den of deaths of tiger

The state became a den of deaths of tiger, cheetah and leopard, another female leopard died. बुरहानपुर । नयाखेड़ा-केरपानी रोड़ के पास मामा-भांजे बलडी में बुधवार को मादा तेंदुए का शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही बुरहानपुर डीएफओ विजय सिंह, एसडीओ अजय सागर सहित वन अमला मौके पर पहुंचा। शव का पीएम कराकर फोरेंसिक जांच के लिए सैंपल को इंदौर भेजा गया है। घाघरला के जंगल में मादा तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया। करीब दस दिन पहले इसी क्षेत्र में एक नर तेंदुआ बीमार अवस्था में मिला था। जिसका इंदौर में उपचार चल रहा है। एक ही क्षेत्र में तेंदुए का बीमार होना सवालों को जन्म दे रहा है। राजस्व की भूमि पर पर शव की जानकारी मिली थीएसडीओ अजय सागर ने बताया कि मामा-भांजे की राजस्व की भूमि पर एक वन्य प्राणी का शव पड़ा होने की सूचना किसान से मिली। सूचना मिलते ही बुधवार सुबह 11 बजे मौके पर वन अमला पहुंचा। शव करीब दो दिन पुराना मादा तेंदुए का है। जो वयस्क होकर करीब तीन वर्ष के करीब है। शरीर पर घाव अथवा चोट के नहीं थे न‍िशानशव पर कोई घाव या शिकार के कोई चोट के निशान भी नहीं पाए गए है। इससे वन विभाग को शिकार की आशंका नहीं है। संक्रामक बीमारी से मौत की बात बताई जा रही है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। एक माह बाद रिपोर्ट आने पर ही मौत का खुलासा हो पाएगा। हालांकि इसके पूर्व भी खेत में रेस्क्यू किए गए तेंदुए के पैर भी संक्रमण से ग्रसित पाए गए थे। 10 दिन पूर्व किया था तेंदुए को रेस्क्यूनयाखेड़ा गांव में चार माह से तेंदुए का आतंक चल रहा था। उसके द्वारा गोवंशी का शिकार किया जा रहा था।ग्रामीणों के अनुसार नौ जुलाई को किसान अकरम बाबू खां के खेत में तेंदुआ सुस्त अवस्था में मिला था।तेंदुए को वन विभाग ने रेस्क्यू किया था। जानकारी के अनुसार इसकी लोगों ने 10 फीट की दूरी से सेल्फी ली।लोगों से पता चला है कि इस दौरान तेंदुआ न तो गुर्रा रहा था और न ही उसके तेवर कोई आक्रामक थे।यह जानकारी भी मिली है कि तेंदुए के पीछे के पैर काम नहीं कर रहे थे। वह इससे कमजोर लग रहा था।तेंदुए को इसके बाद इंदौर कमला नेहरू संग्रहालय भेजा गया था। जहां उसका उपचार किया जा रहा है।तेंदुआ संक्रमण की बीमारी से ग्रसित पाया गया है। तेंदुआ किसी अन्‍य बीमारी से ग्रस्त बताया जा रहा है। क्षेत्र में और भी तेंदुए होने की आशंकाउल्लेखनीय है कि क्षेत्र में और भी तेंदुए होने की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि नेपानगर सहित आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक गांव में आए दिन तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी सामने आ रही है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet