राहुल गांधी पर शंकराचार्य का बड़ा बयान, खिलाफत करनेवालों पर कार्रवाई की मांग की
Shankaracharya’s big statement on Rahul Gandhi,
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अमरवाड़ा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा उपचुनाव प्रचार के आखिरी दिन यानी आज (8 जुलाई) को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव (Mohan Yadav) बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे हैं. मोहन यादव अमरवाड़ा में जनसभा को संबोधित किया. इसके बाद रोड शो के माध्यम से बीजेपी के लिए वोट मांगेंगे. वहीं कांग्रेस भी इस उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत लगा रही है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अमरवाड़ा सीट जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है. सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सीधे छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा पहुंचे. अमरवाड़ा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जनसभा किया और अब रोड शो में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सुबह 11 बजे अमरवाड़ा विधानसभा के बटकाखापा में जनसभा को संबोधित किया. इसके बाद दोपहर एक अमरवाड़ा में रोड़ शो कर फिर जनसभा को संबोधित करेंगे. इस चुनाव में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कमलेश प्रताप शाह को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से धीरेन शाह चुनाव लड़ रहे हैं. दरअसल, छिंदवाड़ा को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद तस्वीर धीरे-धीरे बदलती जा रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी सभा के दौरान यह भी कहा था कि छिंदवाड़ा कांग्रेस का गढ़ नहीं बल्कि गड़बड़ है. इस बयान से यह माना जा सकता है कि बीजेपी भी छिंदवाड़ा उपचुनाव को हल्के में नहीं ले रही है. आज थम जाएगा चुनावी शोर अमरवाड़ा उपचुनाव के लिए आज प्रचार-प्रसार का आखिरी दिन है. बुधवार को यहां पर मतदान होगा और 13 जुलाई को मतगणना होगी. कांग्रेस एक बार फिर इस सीट पर अपना कब्जा जमाना चाहती है, जबकि बीजेपी कांग्रेस से यह सीट छीनना चाहती है. दोनों ही पार्टी यहां एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, मगर परिणाम 13 जुलाई को सामने आएगा.
भोपाल मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव से नदी नाले उफान पर है, जिससे जल भराव जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। प्रदेश से द्रोणिका गुजरने के साथ ही तीन अलग-अलग वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। जिसके चलते भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर सहित इंदौर संभाग के कई जिलों में मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में लगातार चौथे दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल में देर रात से झमाझम बारिश का दौर जारी है। इंदौर संभाग के जिलों के साथ छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, शाजापुर, राजगढ़, निवाड़ी और सिवनी में भी तेज वर्षा हो सकती है। नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में तेज बारिश हो रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, शिवपुरी, श्योपुर कलां, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिले में बिजली के साथ भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। इंदौर, धार, सीहोर, देवास, शाजापुर, रायसेन, विदिशा, मुरैना, दतिया, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और डिंडोरी में मध्यम गरज के साथ बारिश हो सकती है। वहीं बुरहानपुर, राजगढ़, खंडवा, हरदा, खरगोन, नर्मदापुरम, झाबुआ, उज्जैन, अलीराजपुर, बड़वानी, आगर मालवा, भिंड, भोपाल, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, पन्ना सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज में हल्की गरज के साथ वर्षा हो सकती है। सिवनी में ढाई इंच बारिश, सतना-खजुराहो में भी गिरा पानी इससे पहले रविवार को भी मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में ढाई इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में 1.7 इंच और खजुराहो में 1.3 इंच बारिश हुई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, नौगांव, बालाघाट जिले के मलाजखंड, बैतूल, धार, गुना, खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश की वजह से सिवनी में टेम्प्रेचर सबसे कम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी, मलाजखंड और खंडवा में भी पारा 30 डिग्री से कम रहा। इस बार एमपी में ऐसे पहुंचा मानसून 21 जून को 6 जिले- पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर में सबसे पहले मानसून पहुंचा। 23 जून को 26 जिले- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली में मानसून एंटर हुआ। 25 जून को 17 जिले- झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज जिलों में मानसून आया। 27 जून को 6 जिले- ग्वालियर, श्योपुरकलां, भिंड, मुरैना, दतिया और निवाड़ी में मानसून पहुंचा।
मुरैना बीती रात मुरैना जिले के कैलारस में एसबीआई बैंक के एटीएम को गैस कटर से काटकर लाखों रुपये की चोरी की गई। एटीएम काटने का शक हरियाणा के पलवल जिले की मेवात गैंग पर है। यह गैंग बीते पांच साल से ग्वालियर-चंबल अंचल में एसबीआई बैंक के एटीएमों काे ताबड़तोड़ तरीके से लूट रही है। मुरैना-ग्वालियर पुलिस ने दो साल पहले इस गैंग के सरगना सहित कुछ आरोपित दबोच भी लिए। इसके बाद भी इस गैंग का खौफ कम नहीं हुआ है। मुरैना के अलावा अंचल के ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी व अन्य जिलों में भी एटीएम कटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पहले शटर का ताला फिर 10 मिनट में काट दिया एटीएम कैलारस कस्बे के डोंगरपुर नहर की पुलिया पर स्थित जिस एटीएम को चोरों ने काटा है, उस पर सुरक्षा के लिए गार्ड शिवम सिंह सिकरवार तैनात था, जो शनिवार की रात 10 बजे एटीएम की शटर बंद करके उसमें ताला लगाकर घर चला गया। रविवार की सुबह वह एटीएम का शटर खोलने पहुंचा तब उसे गैस कटर से कटा हुआ एटीएम मिला। बदमाशों ने एटीएम काटने से पहले सीसीटीवी कैमरों पर काले रंग का स्प्रे कर दिया, इस कारण बदमाशों के चेहरे पहचान नहीं आ रहे, एक कैमरे की फुटेज में बदमाशों की कार दिखी है, जो क्रेटा या ब्रेजा कार जैसी नजर आ रही है। कैलारस पुलिस के अनुसार रात 2:35 मिनट पर जब हल्की-हल्की बारिश हो रही थी और सड़कों पर सन्नाटा था, तब गैस कटर गैंग एटीएम में घुसी। लगभग 10 मिनट में एटीएम को काटकर उसमें रखी राशि को लेकर भाग गए। इस एटीएम से कितनी राशि चोरी गई है, यह जानकारी एसबीआई के एटीएम संचालक करने वाले अफसराें के पास रहती है। कैलारस के जिस एटीएम को बदमाशों ने काटा है, उसमें कितनी राशि थी, यह जानकारी रविवार रात साढ़े 7 बजे तक पुलिस को नहीं मिल सकी। एटीएम कटने की सूचना सुबह ही बैंक के जिम्मेदार अफसरों को दी गई और लगभग तीन घंटे के बाद बैंक के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। एटीएम से छेड़छाड़ करने पर बैंक अफसराें को मोबाइल व कंप्यूटर पर अलर्ट मिल जाता है, एटीएम में भी सायरन बजने लगता है, लेकिन कैलारस के एटीएम कटने पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। केवल एसबीआई के एटीएम ही चोरों के निशाने पर 12-13 दिसंबर की रात सबलगढ़ कस्बे के एमएस रोड पर आंबेडकर स्कूल के पास स्थित एसबीआइ बैंक के एटीएम को गैस से काटकर 21.46 लाख रुपये की चोरी हुई थी। 10-11 जनवरी 2023 को मुरैना शहर के जीवाजीगंज में रामजानकी मंदिर के पास स्थित एसबीआइ एटीएम को गैस कटर से काटकर 14.36 लाख रुपये की चोरी हुई थी। 13-14 फरवरी 2023 की रात में शहर के बीचाेंबीच, मिल एरिया रोड स्थित एसबीआइ के एटीएम को काटकर और 19.97 लाख रुपये की चोरी हुई थी। ग्वालियर में इसी साल 10-11 जनवरी की रात में दो एटीएम कटे। पहला मुरार थाना क्षेत्र के एमएस चौराहा स्थित एसबीआइ एटीएम और दूसरा बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के शब्दप्रताप आश्रम के पास स्थित एसबीआइ बैंक का एटीएम 30 लाख रुपये से ज्यादा की चोरी हुई 16-17 दिसंबर 2021 की रात जौरा रोड पर एसबीआई के एटीएम को इसी तरह काटा गया, जिसमें से 27 लाख रुपये चोरी हुए थे। ग्वालियर में 19-20 फरवरी 2022 की रात में तीन एटीएम काटकर 47 लाख रुपये से ज्यादा की चोरी हुई थी। इनमें पड़ाव थाना क्षेत्र में सांईबाबा मंदिर के पास, ग्वालियर थाना क्षेत्र के सेवा नगर में और तीसरा एटीएम महाराजपुरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम का था। शिवपुरी में इसी साल 7-8 जनवरी की रात में कोलारस में एचडीएफसी बैंके क एटीएम को अखाड़कर ले जाने का प्रयास हुआ। शिवपुरी में ही 18-19 जनवरी 2023 की रात में लुकवासा में पुरानी पुलिस चौकी के पड़ोस में लगे एसबीआई के एटीएम को काटकर 8.40 रुपये की चोरी हुई थी। भिंड में 10 दिन पहले ही बायपास रोड पर निरंजना मैरिज गार्डन के पास स्थित एसबीआइ बैंक के एटीएम को गैस से काटकर लाखों रुपये की चोरी हुई। मेवात गैंग… देशभर में 10 साल में 200 से ज्यादा एटीएम काटे मेवात गैंग ने जनवरी 2022 में मुरैना व ग्वालियर में एक ही रात में तीन एटीएम काटे। इसके बाद मुरैना व ग्वालियर पुलिस ने 22 फरवरी 2022 को हरियाणा के पलवल जिले के हथीन थाना क्षेत्र के अंदरोला गांव में बदमाशों को पकड़ने गई, जहां पुलिस व बदमाशाें के बीच फायरिंग हुई। पुलिस के हाथ गैस कटर गैंग का मुखिया खुर्शीद पुत्र मदारी खान लग गया, जिसने पूछताछ में बताया कि उसकी गैंग में 30 से ज्यादा लोग हैं और बीते 10 साल में देशभर में 200 से ज्यादा एटीएम काटकर करोड़ाें रुपये चुरा चुके हैं। पहले यह बदमाश एटीएम को उखाड़कर ले जाते थे, बाद में इंटरनेट से एटीएम की पूरी जानकारी ली, गैस कटर से उसे 10 मिनट के अंदर काटना सीखा और उसके बाद एटीएम को काटकर रुपये चोरी करने लगे। चोरी के बाद भागने के लिए गूगल मैप की मदद लेते हैं।
जबलपुर 500 साल पुरानी और भव्य बाबड़ियां जिनसे मध्यप्रदेश की संस्कारधानी के नाम से मशहूर जबलपुर की प्यास बुझती थी, लेकिन अतिक्रमण और कचरे की वजह से इनके नामो निशां मिट गए. बदबू की वजह से लोग नाक-भौं सिकोड़ कर इन्हें कचरा घर मान यहां से चले जाते. सिर्फ अड़ोस-पड़ोस के लोगों को ही पता था कि यहां कभी बाबड़ियां थी. जबलपुर से सांसद रहे और वर्तमान में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह को इसकी जानकारी पता लगी तो उन्होंने सफाई अभियान चलाया. जनता को श्रमदान के लिए प्रेरित कर बाबड़ियों में उतरे. सीवेज रूपी दलदल को हाथों से बाहर निकाला. कई दिनों तक राकेश सिंह और लोगों ने श्रमदान कर सफाई की. फिर मोदी सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना से पुनुरुद्धार किया गया. अब यह बाबड़ियां टूरिज्म प्लेस बन चुकी हैं. गर्मियों में सुबह-शाम को यहां शहरवासी तफरीह करने आ रहे हैं. बाबड़ियां पानी से लबालब है. पानी इतना साफ है कि जलीय जीवन फिर से पनपने लगी है. मंत्री राकेश सिंह का जलसंरक्षण का यह पहला काम नहीं था, बल्कि जब वे पहली बार 2004 में सांसद बने थे तब से ही प्रयास कर रहे हैं. और इसकी प्रेरणा है पनिया कुआं… पनिया कुआं ने ऐसे दिखाई राह अमूमन कोई सांसद या जनप्रतिनिधि लोगों की समस्याएं सुलझाता है. सड़क, नाली, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई व पेयजल आदि पर काम करता है. लेकिन पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने इन सभी कामों के साथ ही कुएं, बाबड़ियों और तालाबों आदि को बचाने और उन्हें फिर से संवारने की मुहिम में भी लगे रहते हैं. राकेश सिंह अपने बचपन के एक किस्से को इसकी वजह बताते हैं. उनके मुताबिक बाल अवस्था में वे रहली में मौसी के घर जाते थे. वहां एक ऐसा कुआं था जो पूरे गांव की प्यास बुझाता था. इसी वजह से इसे लोग पनिया कुआं बोलते थे. वक्त के इसमें पानी कम हो गया. साल 2004-05 में राकेश सिंह पहली बार सांसद बने तो इस गांव में गए. उन्हें पनिया कुआं कचरे से पटा मिला. सिंह कहते हैं कि गांव वालों को भी कुएं की चिंता नहीं थी. पर मेरे अंदर उथल-पुथल मच गई. ऐसे में मैंने तय किया कि लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करूंगा. तब से कुएं, बाबड़ी और तालाबों का जीर्णोंद्धार ही जीवन का मकसद बन गया. जलरक्षा यात्रा से झुलस गया था चेहरा, पर था सुकून राकेश सिंह बताते हैं सांसद बनने के बाद जबलपुर में एक संग्राम शाह तालाब का जीर्णाद्धार कराया. पुराने गजेटियर में इसे जबलपुर का एयरकंडीशनर कहा गया है. लेकिन 2005-06 में यह तालाब कचरे से पट गया था. लोगों का साथ लेकर इसे संवार दिया. इसी तरह संसदीय क्षेत्र में कई काम हुए. फिर, लोगों में जल और जलस्रोतों को सहेजने की भावना जाग्रत करने के लिए जल रक्षा यात्रा निकाली. गर्मियों में पूरे संसदीय क्षेत्र की पैदल यात्रा की. झुलसा देने वाली गर्मियों में रोजना 20 से 25 किमी पैदल चलकर लोगों को पानी की महत्ता बताई. इस दौरान गांवों में पूराने कुंओं और तालाबों को साफ करवाया. नए तालाब बनवाए. जब यात्रा खत्म हुई तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा – आपका तो पूरा चेहरा झुलस गया है. लेकिन मुझे संतोष था कि इतने सारे जल स्रोतों का पुर्नजीवित कर पाया. इन प्रयासों से कई जगह वाटर लेवल बढ़ा और सिंचाई में भी वृद्धि हुई. जीर्णोद्धार का काम 500 साल पुराने पैटर्न पर किया गया. जबलपुर में गोंडवाना काल में 52 ताल और बावड़ियां थीं लेकिन धीरे-धीरे इन बावड़ियों और तालाबों पर कब्जे हो गए और इनका अस्तित्व खत्म हो गया. इन्हीं में से एक रानीताल के उजार पुरवा बावड़ी और दूसरी गढ़ा में राधा कृष्ण मंदिर के पास है. मंत्री राकेश सिंह बताते हैं कि जब बाबड़ियों में सफाई के उतरे तो 35 फीट तक कचरा भरा हुआ था. सफाई करना भी कम खतरनाक नहीं था. काई और कीचड़ से भरी सीढ़ियों पर लोगों ने कतारबद्ध होकर तगाड़ियों से कचरा बाहर निकाला. इस दौरान पूरी सावधानी बरती कि बाबड़ियों का मूल स्ट्रक्चर को नुकसान न पहुंचे. इसके बाद स्मार्ट सिटी मिशन से इनके टूटे-फूटे हिस्सों की मरम्मत की गई. इसके लिए सीमेंट की बजाए पूराने तरीके यानी चूना, उड़द दाल आदि से बने मसाले का प्रयोग किया गया. पीएम मोदी भी कर चुके हैं ट्वीट, आईआईटीयन भी आए मंत्री सिंह बताते हैं कि जबलपुर की बावड़ियों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की थी और प्रधानमंत्री के कहने पर ही उन्होंने इन बावड़ियों का नाम जल मंदिर किया है. खुद मोदी ने भी इस काम के लिए सिंह की तारीफ करते हुए ट्वीट किया था. तीन महीने पहले 11 मार्च को इन बाबड़ियों का लोकार्पण किया गया था. इन बाबड़ियों को देखने जल संरक्षण के लिए ख्यात और पद्मश्री महेश शर्मा समेत कई आईआईटीयन भी आ चुके हैं. रहवासी सुनील सिंह बताते हैं कि हम जब टूटी-फूटी इस बाबड़ी को देखते तो यह हमें खंडहर और कचरा घर जैसी लगती थी. अब देखते हैं तो इसकी भव्यता हमें रानी दुर्गावती के अव्वल दर्जे के आर्किटेक्ट का अहसास कराती है. नर्मदा के किनारे जबलपुर बसा है. यानी यहां पर पानी की कमी नहीं रही है. फिर भी रानी ने हर मोहल्ले में ही पानी के लिए बाबड़िया और तालाब (ताल) बनाए. इसी वजह से शहर के कई इलाकों के नाम इन्हीं तालों पर हैं, जैसे कि आधार ताल, चेरी ताल, रानी ताल आदि.
उज्जैन उज्जैन के नीलंगगा इलाके की तीन दुकानों में सोमवार सुबह करीब पांच बजे आग लग गई। देखते ही देखते लाखों का माल जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड की तीन दमकलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस दौरान पूरा इलाका धुएं से भर गया था। फायरमैन अंकित राजपूत ने बताया कि सोमवार सुबह 5:00 बजे पता चला कि नीलगंगा थाना क्षेत्र की तीन दुकानों में भीषण आग लग गई है। सूचना मिलने के बाद ही हम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वहां हमने तुरंत आग को बुझाने का प्रयास किया। आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने के लिए तीन दमकलों का सहारा लेना पड़ा। घटनास्थल पर नीलगंगा थाना पुलिस भी पहुंच चुकी थी। पुलिस ने बताया कि जिन दुकानों में आग लगी है, उनमें एक टायर की, दूसरी फैब्रिकेशन और तीसरी दुकान डेंटिंग-पेंटिंग की है। पुलिस ने बताया कि आग सुबह पांच बजे लगी है। यह आग कैसे लगी और इस आग से कितना नुकसान हुआ है, इसकी जांच की जा रही है। उसके बाद ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
रीवा सोमवार सुबह शहर के सिरमौर चौराहा स्थित फ्लाइओवर पर सड़क हादसा हो गया। बाइक और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। कार की टक्कर के बाद युवक ओवरब्रिज से उछलकर नीचे गिर गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइक सवार सगे भाई हैं। करहिया सब्जी मंडी में सब्जी का व्यापार करते हैं। मृतक का नाम अमृतलाल जायसवाल (28) है। घायल का नाम प्रदीप जायसवाल (25) है। दोनों शहर के समान थाना के बेलौहा मोहल्ले में रहते हैं। मूल रूप से नईगढ़ी के रहने वाले हैं। फिलहाल मृतक का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
भोपाल मध्य प्रदेश में सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया. राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राजभवन में एक संक्षिप्त समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में रामनिवास रावत को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. खास बात यह है कि रामनिवास रावत को 2 बार मंत्री पद की शपथ लेनी पड़ी. दरअसल, पहले उनके मुंह से शपथ लेते समय राज्य मंत्री निकल गया था. इसके चलते दूसरी बार शपथ में ‘मध्यप्रदेश राज्य के मंत्री’ बुलवाकर शपथ दिलवाई गई. अब मोहन कैबिनेट में कुल 31 मंत्री हो गए हैं, 3 मंत्री पद अभी भी खाली हैं. श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा से 6 बार विधायक रहे रामनिवास रावत 30 अप्रैल को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस छोड़कर सत्तारूढ़ दल BJP में शामिल हो गए थे. हालांकि, रावत BJP में शामिल हो गए, लेकिन उन्होंने अभी तक राज्य विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया है. चुनावी रैली में बीजेपी में शामिल होने के बाद से रामनिवास रावत सत्तारूढ़ दल में शामिल होने की पुष्टि करने में हिचकिचा रहे थे. विधानसभा चुनाव के बाद 13 दिसंबर 2023 को पदभार ग्रहण करने वाले सीएम यादव ने 25 दिसंबर को अपने मंत्रिमंडल में 30 विधायकों को शामिल किया. रावत के शामिल होने के साथ ही मंत्रिमंडल की संख्या 31 हो गई है. बता दें कि एमपी सरकार की कैबिनेट में में कुल 34 मंत्री बन सकते हैं. CM ने रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राम निवास रावत को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पर नए दायित्व के लिए उन्हें बधाई दी है. CM ने कहा कि मंत्रिमंडल में नए सदस्य का आगमन हुआ है. रावत सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सक्रिय रहे सक्रिय हैं, वे चंबल अंचल के श्योपुर जैसे विकास की संभावना वाले जिले को प्रभावी प्रतिनिधित्व प्रदान कर रहे हैं. कैबिनेट मंत्री होने के नाते उनके अनुभव का लाभ पूरे मंत्रिमंडल और सभी प्रदेशवासियों को मिलेगा.
“VU” Jabalpur Veterinary College’s 77th Foundation Day was celebrated with great enthusiasm
सारंगपुर पचोर सारंगपुर के बीच तेज गति से अयोध्या की ओर से आ रही कार सरेड़ी गांव के पास खड़े कंटेनर से जा टकराई। जिसमें एक महिला सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो गंभीर घायल हो गए। पचोर थाना प्रभारी आकांशा शर्मा और पचोर के चिकित्सा प्रभारी डॉ. विकास शर्मा से मिली जानकारी अनुसार अत्तार रमिला पति मजबूल अहमद (30), हमजी खान पिता आमीन अत्तार (35), भगवान दगड़ू पवार (32) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दिलावर और अनिल पाटिल गंभीर घायल हो गए, जिन्हें पचोर शासकीय अस्पताल में पुलिस की मदद से इलाज के लिए लाया गया है। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शाजापुर रेफर किया गया है। मृतक के परिजन ने फोन पर पुलिस को बताया कि दुर्घटना में घायल और मृतक एक ही कंपनी में काम करते है। सोलापुर महाराष्ट्र के रहने वाले भगवान पवार के साथ सभी अयोध्या घूमने के लिए गए थे। भगवान पवार ने उन्हें रविवार की शाम फोन पर अयोध्या से वापस लौटने की जानकारी दी थी। रमिला और हमजी पति-पत्नी है और भगवान कार चला रहा था। पचोर पुलिस के अनुसार दोनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें शाजापुर से भी 11 बजे इंदौर के लिए रेफर कर दिया है। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि पुलिस ने आसपास जमा हुई भीड़ की मदद से कार के दरवाजे को तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।
नई दिल्ली एनटीए की एक और परीक्षा चर्चा में है. अब बात हो रही है सीयूईटी यूजी 2024 की. कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यूजी 15 से 29 मई, 2024 के बीच आयोजित किया गया था. फिर 7 जुलाई, 2024 को सीयूईटी यूजी आंसर की रिलीज की गई थी. अब एनटीए ने जानकारी दी है कि सीयूईटी यूजी 2024 परीक्षा को जुलाई में फिर से आयोजित किया जाएगा. सीयूईटी यूजी 2024 परीक्षा से जुड़ी हर डिटेल exams.nta.ac.in पर चेक कर सकते हैं. NTA सीयूईटी (यूजी) 2024 के लिए आयोजित परीक्षा के संबंध में 30 जून 2024 तक मिली सार्वजनिक शिकायतों को देख रहा है (CUET UG Answer Key 2024). अगर शिकायत सही पाई गई तो NTA इन उम्मीदवारों को चयनित केंद्रों पर 15 से 19 जुलाई के बीच किसी भी दिन परीक्षा दोबारा देने का मौका देगा. उम्मीदवारों के लिए सीयूईटी यूजी एडमिट कार्ड भी फिर से जारी किए जाएंगे. ऐसे सभी उम्मीदवार केवल सीबीटी(कंप्यूटर-आधारित टेस्ट) मोड में परीक्षा दे सकेंगे. 4 जवाबों पर आई आपत्ति स्टूडेंट्स ने NTA सीयूईटी यूजी आंसर की पर आपत्ति दर्ज करवाना शुरू कर दिया है. अभी तक 4 जवाबों पर आपत्ति दर्ज करवाई जा चुकी है. बता दें कि एनटीए ने सीयूईटी यूजी परीक्षार्थियों को 9 जुलाई तक आंसर की पर आपत्ति दर्ज करवाने का मौका दिया है. जिन अभ्यर्थियों को सीयूईटी यूजी आंसर की 2024 के किसी भी जवाब पर संशय हो, वह 9 जुलाई को शाम 5 बजे तक exams.nta.ac.in पर चैलेंज विंडो में उस पर आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं. सीयूईटी यूजी रिजल्ट कब आएगा? फिलहाल एनटीए ने सीयूईटी यूजी प्रोविजनल आंसर की जारी की है. इस पर दर्ज आपत्तियों का निवारण करने के बाद सीयूईटी यूजी फाइनल आंसर की रिलीज की जाएगी. फिर उसके आधार पर सीयूईटी यूजी रिजल्ट तैयार किया जाएगा. माना जा रहा है कि सीयूईटी यूजी रिजल्ट 10 जुलाई, 2024 के बाद कभी भी जारी किया जा सकता है. हालांकि यह भी हो सकता है कि सीयूईटी यूजी परीक्षा फिर से आयोजित होने के बाद सभी स्टूडेंट्स का रिजल्ट एक साथ ही तैयार किया जाए.
प्रकृति और माँ का करें सम्मान,आओ लगायें एक पेड़ माँ के नाम जिलेवासी एकजुटता के साथ धरा को हरा-भरा बनाने कर रहे पौधरोपण शहडोल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने साढ़े 5 करोड़ पौधे लगाने का जो संकल्प लिया गया है। धरती मां को हरा भरा, स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने एवं पर्यावरण का संरक्षण करने हेतु मध्य प्रदेश शासन ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाकर सार्थक पहल की शुरुआत की है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश भर में पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कॉलेजों में अध्यनरत विद्यार्थी सहित जिले के अन्य लोगों द्वारा अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य समझकर उत्साह व उमंग के साथ पौधारोपण कर सहभागिता निभा रहे है। “एक पेड़ मां के नाम”अभियान के तहत आज पंडित शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल परिसर में दक्षिण वन मंडल विभाग द्वारा आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान कुलाधिपति प्रोफेसर रमाशंकर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री अरविंद शाह, दक्षिण वनमंडलाधिकारी श्रद्धा पेंद्रे सहित पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल के प्रोफेसर, वन विभाग के अधिकारी,कर्मचारी व अन्य लोगों ने भी पौधरोपण किया। ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत कोटमा प्रसंस्करण केन्द्र में नगरपालिका परिषद शहडोल के तत्वधान में नगरपालिका अध्यक्ष, श्री घनश्यामदास जायसवाल,उपाध्यक्ष नगर पालिका श्री प्रवीण शर्मा डोली,नगरपालिका परिषद शहडोल के पार्षद श्री सुशील रजक, श्री होल्कर परस्ते, श्री जीतेन्द्र सिंह जित्तू, श्री प्रभात पाण्डेय, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री अक्षत बुन्देला सहित अन्य लोगों ने फलदार एवं छायादार वृक्ष जैसे आम, जामुन, करंज, पीपल, नीम, बरगद के वृक्ष अपने मां के नाम पर रोपण किया गया। इसी प्रकार एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत तहसील कार्यालय जैतपुर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग व स्टाफ द्वारा लगभग 100 पौधे रोपित किए गए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत शासकीय महाविद्यालय जैतपुर में परिसर में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सक्सेना व राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों द्वारा पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए वृक्षारोपण किया गया।इसी प्रकार एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीएचसी गोहपारू, जयसिंहनगर सहित जिले के अन्य स्थानो पर लोगों ने पौधरोपण किया ।
जनकपुर एम.सी.बी. भरतपुर ब्लॉक के कुंवरपुर गांव में हैंडपंप खराब होने से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर से साईकिल व पैदल चलकर पानी की ढुलाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि कुंवरपुर के कोलपारा की आबादी लगभग 300 सौ के करीब है। इतनी आबादी की प्यास बुझाने के लिए गांव में आधा दर्जन हैंडपंप हैं। जिससे पूरे गांव के लोगों की पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन महज आज वो हैंडपंप सिर्फ प्रदर्शनी बन कर रह गया है। गांव के ही ग्रामीणों ने बताया की हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए कई बार शिकायत कर चुंके है, लेकिन अब तक सब कुम्भकर्णीय नींद में सोयें हुऐ हैं। हैंडपंपों के ठीक न होने से गांव में पानी की भारी किल्लत बढ़ती जा रही है। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए बहुंत ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। दूरदराज के इलाकों में कई किलो मीटर तक लोगों को जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया की हमारे द्वारा 28 जून को फोन के माध्यम से पी.एच.ई विभाग के एस.डी.ओ. को सूचित किया गया था किंतु आज तक किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
मंडला जग जाहिर है, मध्यप्रदेश सरकार लाखों करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज में फंसी हुई है।तब इस वित्तीय वर्ष के लिए 3,65,607 करोड़ का बजट पेश कर प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने स्पष्ट कर दिया है,कि कर्ज में डूबे प्रदेश का संचालन अब और कर्ज लेकर ही किया जा सकेगा।फिर दशकों से चली आ रही अतिथि शिक्षक व्यवस्था जैसे दर्जनों वर्गों के लाखों सरकारी पर अस्थाई कर्मियों की रोजी रोटी पर से संकट कैसे दूर करेगी सरकार। चुनाव के पूर्व किये गये वादों को पूरा करने इनके अनिश्चित रोजगार से अनिश्चितता को दूर कर निश्चित और नियमित रोजगार कैसे दे पायेगी सरकार।जबकि इस बार मध्यप्रदेश में सत्ता पलटने से बचाने वोटबैंक बढ़ाने के उद्देश्य से विधानसभा चुनाव के पहले प्रायः सभी वर्गों के साथ खुली बातचीत कर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी से वादा किया था,कि उनकी पार्टी की सरकार आने पर सभी वर्गों के रोजगार से अनिश्चितता खत्म करने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार करेगी।बजट आते तक इन सभी वर्गों को भारी इंतजार था पर जैसे ही बजट पेश किया गया सभी के परिवारों के भी रोजी-रोटी मात्र के सपने चूर चूर हो गए। इधर जीएसटी के बाद भी केंद्र सरकार राज्यों को उनका हिस्सा देने को तैयार नहीं है,और डॉक्टर मोहन यादव सरकार में उतना साहस भी है नहीं कि वह प्रदेश के वाजिब हक की मांग केंद्र से कर सके। अतिथि शिक्षक परिवार जिला अध्यक्ष पी.डी.खैरवार ने उक्त बयान जारी करते हुए बताया है,कि विगत दिवस विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण ने भाजपा सरकार के विकास के दावे की पोल भी खोल दी है।प्रति व्यक्ति आय में मामूली सी वृद्धि हुई है।जबकि कर्ज का बोझ अनियंत्रित बढ़ता ही जा रहा है। बता दें,कि विधानसभा चुनाव के पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा जो सरकारी कोष से करोड़ों का खर्च कर भोपाल लालपरेड मैदान में 2 सितंबर 2023 को अतिथि शिक्षकों की महापंचायत बुलाई गई थी। जिसमें पहुंचे लगभग दस से पंद्रह हजार अतिथि शिक्षकों के अलावा बड़े-बड़े मीडिया,विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों के सामने अतिथि शिक्षकों के लिए घोषणा की गई थी।घोषणा में स्पष्ट था,कि अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल सालाना अनुबंधित होगा। रोजगार नियमित चलता रहेगा।शिक्षा गारंटी गुरुजियों की तरह पात्रता परीक्षा लेकर रोजगार नियमित किया जाएगा।शिक्षक भर्ती में पचास फीसदी स्थान अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित किया जाएगा।दो अंक सत्रवार अधिकतम पांच सत्रों के बीस अंक बोनस के दिए जाएंगे। मानदेय दोगुना किया जाएगा।खैर मानदेय दोगुना तो चुनाव के पहले से ही दिये जाने लगा था। इन बिंदुओं पर की गई घोषणा का एक भी बिंदु इस बजट में सम्मिलित नहीं किया गया है। अतिथि शिक्षकों के सुनिश्चित रोजगार को देखते हुए इनके लिए भी जारी बजट पिछले वर्षों की तुलना में कम है। इसी तरह अन्य वर्गों के हित में भी सबकी अलग-अलग महापंचायत बुलाकर घोषणाएं की गईं थीं। और भी अधिक चिंता जनक है,कि प्रदेश में रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 40 लाख के आसपास पहुंच गई है।इनके सबके रोजगार की भी बात स्पष्ट नहीं की गई है।उधर सीएम राइज और पीएम स्कूलों के खोल दिए जाने के बाद भी प्रदेश में छात्रों का स्कूलों से ड्रॉप आउट होना बढ़ता सा जा रहा है। सरकार ना तो शिक्षा को लेकर उतनी चिंतित है,और ना ही अतिथि शिक्षक के माध्यम से उसे खाली पद भरकर बेरोजगारों को रोजगार देने की चिंता में है। इस बजट में संविदा कर्मचारी,आउटसोर्स कर्मियों,एम डी एम रसोइयों,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं,आशा कार्यकर्ता-ऊषा कार्यकर्ताओं एवं एमडीएम से जुड़े लाखों समूह संगठन कर्मचारियों की मांगों पर भी खामोशी दिखाई दे रही है। न्यूनतम वेतन भी पहली बार इस सरकार ने घटाया है। किसानों को 2700 रुपए गेहूं का समर्थन मूल्य देने और लाड़ली बहनों को 3000 देने की घोषणा पर भी सरकार ने चुप्पी साध ली है। लाड़ली बहनों और किसान सम्मान निधि के पात्रों की संख्या भी कम करने की जुगत में सरकार दिखाई दे रही है। प्रथमदृष्टया यह जनहितकारी नहीं जन विरोधी बजट दिखाई दे रहा है।जो कृषि संकट, बेरोजगारी तो बढ़ाएगा ही साथ ही आर्थिक संकट भी उत्पन्न करेगा, जिससे आगामी समय में आम उपभोक्ताओं के साथ- साथ अतिथि शिक्षकों को भी बेगारों की तरह अपने परिवार के लालन पालन में कई आर्थिक समस्याओं का सामना करने तैयार रहना पड़ेगा। इस बजट को देखकर आगामी पखवाड़े में केंद्र सरकार के आने वाले बजट में भी अपेक्षाएं हैं,कि प्रदेश सरकार ने जहां पर अपना ध्यान केंद्रित करना भूल गई है, वहां पर विशेष ध्यान देकर केंद्रीय बजट को जनकल्याणकारी बनाने का काम केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अवश्य करेगी। भवदीय पी.डी.खैरवार जिला अध्यक्ष अतिथि शिक्षक परिवार मंडला एवं संस्थापक अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्यप्रदेश।
Legal literacy and tree plantation program was organized in Life Career School.