भोपाल में SAGE University पर नशे के कारोबार के आरोप, युवा क्रांति संगठन ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
Allegations of drug trade at SAGE University in Bhopal; Yuva Kranti Sangathan submits memorandum to Police Commissioner. भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित SAGE University एक बार फिर विवादों में आ गई है। युवा क्रांति संगठन, मध्य प्रदेश ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय परिसर में कथित रूप से चल रहे नशे के कारोबार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित राजावत ने दावा किया कि पूर्व में हुए एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में विश्वविद्यालय परिसर के भीतर कथित तौर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए थे। इसी आधार पर संगठन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, कर्मचारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। जांच में दोषी मिलने पर एफआईआर की मांग युवा क्रांति संगठन का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपेक्षा जताई है। कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यपाल और UGC तक पहुंचेगा मामला अंकित राजावत ने कहा कि यदि पुलिस स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन पहले जनजागरण अभियान चलाएगा। इसके बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से भी शिकायत की जाएगी। ‘नशा युवाओं और समाज के लिए बड़ा खतरा’ संगठन के सदस्य राघवेंद्र मिश्रा ने कहा कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार की गतिविधियां होती हैं तो इसका सबसे अधिक नुकसान युवाओं, उनके परिवारों और पूरे समाज को होता है। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों को बढ़ावा देता है, इसलिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान का भी दिया हवाला संगठन ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस स्वयं “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान चला रही है। ऐसे में यदि किसी शिक्षण संस्थान पर नशे से जुड़े आरोप लगते हैं तो उनकी गंभीरता से जांच होना आवश्यक है, ताकि छात्रों के भविष्य और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विश्वविद्यालय का पक्ष आना बाकी फिलहाल इस मामले में SAGE University की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विश्वविद्यालय का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। स्पष्टीकरण (Disclaimer): यह समाचार युवा क्रांति संगठन द्वारा पुलिस कमिश्नर को दिए गए ज्ञापन और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा मामले की जांच अभी शेष है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।