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सपा के अखिलेश यादव के बाद अब ममता और उद्धव ने भी दिया आप पार्टी को समर्थन, लड़ाई तो भाजपा से है, कांग्रेस को दिया ज्ञान

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के संदीप दीक्षित और अजय माकन जैसे नेता आम आदमी पार्टी के खिलाफ आक्रामक हैं। नई दिल्ली विधानसभा सीट से ही संदीप दीक्षित उतरे हैं और ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस ने मजबूत कैंडिडेट दिए हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनाव में कोई गठबंधन नहीं है और खुलकर हमले संदीप दीक्षित की ओर से जारी हैं। लेकिन कांग्रेस को INDIA अलायंस के साथी ही पीछे हटने का ‘ज्ञान’ दे रहे हैं। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहले ही आप के साथ मंच साझा कर चुके हैं। यही नहीं उन्होंने एक बार फिर से दोहराया है कि वह AAP की चुनावी रैली में मंच साझा करेंगे। यही नहीं उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली में भाजपा को आम आदमी पार्टी ही हरा सकती है। कांग्रेस इस स्थिति में नहीं है। इसलिए हम उसकी बजाय आम आदमी पार्टी का ही समर्थन करेंगे। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी के नेता कुणाल घोष ने भी साफ कह दिया कि वे चाहते हैं कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ही सरकार बने। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए जरूरी है कि आम आदमी पार्टी मजबूत रहे और हम चाहते हैं कि वे लोग फिर से सत्ता में वापसी करें। इससे पहले बंगाल में भी ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हो पाया था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टॉप नेता अधीर रंजन चौधरी टीएमसी के ही यूसुफ पठान के हाथों हार गए थे। अब दिल्ली में भी टीएमसी ने कांग्रेस की बजाय आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का फैसला लिया है। यह कांग्रेस के लिए करारा झटका है। इसके अलावा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ उतर चुके उद्धव ठाकरे गुट ने भी आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर लड़ने की सलाह दी है। उद्धव सेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा था कि दिल्ली में AAP और कांग्रेस को साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। इस तरह आपस में लड़ने की बजाय भाजपा से मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली लड़ाई तो भाजपा से है। फिर आपस में दोनों दल क्यों लड़ रहे हैं।

दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा

भोपाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित भाजपा के दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा गया है। इनमें एक राय नहीं बनने से जिलाध्यक्षों की सूची मंगलवार को भी जारी नहीं हो सकी। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद को दिल्ली बुलाकर समन्वय का प्रयास किया। जिन जिलाध्यक्षों के नामों पर सहमति नहीं बन पाई है, उनको लेकर दिल्ली में नए सिरे से विचार विमर्श किया गया। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना सहित करीब 15 जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों पर दिग्गज नेताओं की आपस में सहमत नहीं है। ऐसे में अब केंद्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। बेटे के विवाह का आमंत्रण देने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री शिवराज इस बीच, बीते 24 घंटों में केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भोपाल में मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात हुई है। शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से भी उनके घर पहुंचकर भेंट की। शिवराज सोमवार को अपने पुत्र के विवाह का आमंत्रण देने भोपाल आए थे। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के घर पहुंचे और सारंग के पिता व भाजपा के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इन नेताओं के बीच लंबी राजनीतिक चर्चा भी हुई है। इन नेताओं की मुलाकात को भाजपा जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में फंसा पेंच सागर में पूर्व मंत्री व विधायक भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विधायक शैलेंद्र जैन अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लाबिंग कर रहे हैं। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का दबाव है। भोपाल में मंत्री, सांसद और विधायक अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने की जुगत में हैं। ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जयभान सिंह पवैया अपने-अपने चहेते को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए प्रयासरत है। विदिशा और जबलपुर में भी यही स्थिति है। ऐसे अन्य जिलों भी जहां राजनीतिक दबाव अधिक है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुने गए दो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की, लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी। जेपीसी समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे विष्णुदत्त शर्मा एक देश-एक चुनाव के क्रियान्वयन की दिशा में गठित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। इस बैठक में मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा हिस्सा लेंगे। मध्य प्रदेश से केवल विष्णुदत्त को इस समिति में जगह मिली है। इस समिति का उद्देश्य एक देश, एक चुनाव की अवधारणा को लागू करने की दिशा में ठोस सिफारिशें देना है। यह समिति 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्यों से मिलकर बनी है।

कमलनाथ को एमपी कांग्रेस में नहीं मिल रहा ‘भाव’? पूर्व सीएम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी

kamal nath not getting respect in mp congress former cm broke silence on news भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की खबरों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को पार्टी में किसी भी मतभेद से इनकार किया। कमलनाथ ने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और मोहन यादव सरकार को चुनौती देने के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में उपेक्षित होने पर नाराजगी जताई थी। महू में होने वाला है कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम यह नाराजगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित होने वाले कांग्रेस के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सलाह नहीं ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं ने भी कमलनाथ की बात का समर्थन किया था। सभी लोग हैं एकजुट कमलनाथ ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सभी कांग्रेसी पार्टी को मजबूत करने और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट हैं। विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी की राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की हालिया बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी की अटकलें निराधार हैं। कमलनाथ का यह स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के एक दिन बाद आया है। पटवारी ने भी इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। मीडिया पैनलिस्टों की सूची हो गई थी वापस हाल ही में, MPCC ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं की एक सूची जारी की थी। लेकिन, मीडिया को जारी करने के कुछ ही घंटों बाद यह सूची वापस ले ली गई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बाद सूची वापस ली गई। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बदलाव के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आती रही हैं।

दिल्ली में चुनावी इतिहास पर एक नजर, कांग्रेस पार्टी ने 39 सीटों पर जीत हासिल की थी, 2013 में आया था नया मोड़

नई दिल्ली दिल्ली में पहली बार विधानसभा चुनाव 1951 को हुए थे। उस समय कुल 48 सीटों पर चुनाव हुए थे। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 39 सीटों पर जीत हासिल की और बहुमत प्राप्त किया। इसके बाद चौधरी ब्रह्मप्रकाश को दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन उनका कार्यकाल विवादों में घिर गया। इसके बाद सरदार गुरमुख निहाल सिंह को दूसरा मुख्यमंत्री बनाया गया। 1956 में विधानसभा और मंत्रिपरिषद भंग: 1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के बाद दिल्ली की विधानसभा और मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया गया। इसके बाद दिल्ली में केंद्र का सीधा शासन लागू किया गया। यह दिल्ली की राजनीति के लिए एक बड़ा बदलाव था और इसने दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे को नया रूप दिया। मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का गठन (1966): दिल्ली में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 1966 में दिल्ली प्रशासन अधिनियम लागू किया गया, जिसके तहत मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का गठन हुआ। इस काउंसिल में 56 सदस्य चुने जाते थे, जबकि 5 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते थे। काउंसिल का काम दिल्ली के प्रशासन को संभालना था, लेकिन यह केवल सलाहकार भूमिका निभाती थी, क्योंकि इसके पास विधायी शक्तियां नहीं थीं। मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का कार्यकाल (1966-1990): 1966 से लेकर 1990 तक मेट्रोपॉलिटन काउंसिल दिल्ली के प्रशासन का संचालन करती रही। इस दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यकारी पार्षद बने, जिनमें मीर मुश्ताक अहमद, विजय कुमार मल्होत्रा, केदार नाथ साहनी और जग प्रवेश चंद्र जैसे नेता शामिल थे। हालांकि, काउंसिल को विधायी शक्तियां नहीं थीं, जिससे इसका कार्यक्षेत्र सीमित था। दिल्ली को फिर से विधानसभा कैसे मिली? 1987 में केंद्र सरकार ने सरकारिया समिति का गठन किया, जिसका उद्देश्य दिल्ली के प्रशासन से जुड़ी समस्याओं का समाधान ढूंढना था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता, लेकिन दिल्ली की जनता के मामलों को संभालने के लिए एक विधानसभा दी जा सकती है। इस सिफारिश को ध्यान में रखते हुए 1991 में संविधान के 69वें संशोधन को पारित किया गया, जिसके तहत दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का विशेष दर्जा मिला और फिर से दिल्ली विधानसभा का गठन हुआ। 1993 में हुआ पहला विधानसभा चुनाव: 37 साल बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 49 सीटों पर जीत हासिल की और मदन लाल खुराना को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया। हालांकि, यहां पर बीजेपी सरकार चलाने में विफल रही। उन्हें कम समय में 3 बार मुख्यमंत्री बदलने पड़े। 26 फरवरी 1996 को साहिब सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री बना दिया गया, लेकिन 12 अक्तूबर 1998 को उनको हटा दिया गया और बीजेपी ने सुष्मा स्वराज को नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। पार्टी के अंदर कार्यकाल के दौरान जारी रही और फिर 1998 में ही कांग्रेस ने वापसी कर बीजेपी को झटका दे दिया। शीला दीक्षित लगातार 3 बार रहीं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (कांग्रेस) ने तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने 1998 से 2013 तक लगातार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और उनके कार्यकाल में दिल्ली में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए। 2013 में आया था नया मोड़ दिल्ली में चुनावी इतिहास में एक बड़ा मोड़ 2013 में आया, जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी शुरुआत की। यह पार्टी अरविंद केजरीवाल द्वारा 2012 में बनाई गई थी। 2013 के विधानसभा चुनाव में AAP ने धमाकेदार शुरुआत की और दिल्ली विधानसभा में 70 सीटों में से 28 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।  4. 2015 में AAP की ऐतिहासिक जीत 2015 में हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। AAP ने 70 में से 67 सीटों पर विजय प्राप्त की, जबकि भाजपा और कांग्रेस को बहुत कम सीटें मिलीं। यह एक निर्णायक जनादेश था, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में विश्वास रखती थी। इस जीत के बाद, AAP ने दिल्ली में अपने शासन को मजबूत किया और कई जनहित योजनाओं की शुरुआत की। 5. 2019 में फिर AAP भारी दिल्ली में 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया। दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से BJP ने 6 सीटों पर जीत हासिल की। यह दिल्ली में BJP की बढ़ती हुई प्रभावी स्थिति का संकेत था। हालांकि, दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP ने फिर से 2020 में जीत हासिल की, जिससे दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच एक दिलचस्प राजनीतिक संतुलन बना। आप ने 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की, जो एक जबरदस्त सफलता थी। बीजेपी को 8 सीटें मिलीं, जो 2015 में जीती गई 3 सीटों से बहुत अधिक थी, लेकिन फिर भी यह AAP के मुकाबले बहुत कम थी। कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में कोई भी सीट नहीं जीती और उनका खाता भी नहीं खुला। अब फिर भाजपा और AAP के बीच प्रतिस्पर्धा दिल्ली में चुनावी राजनीति अब मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच होती है। भाजपा, जो राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पार्टी है, दिल्ली में भी प्रभावी रही है, जबकि AAP ने दिल्ली के स्थानीय मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत की है और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी छवि को आगे बढ़ाया है। दिल्ली के चुनाव अब पूरी तरह से इन दोनों दलों के बीच प्रतिस्पर्धा का रूप ले चुके हैं।  आप ने स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों पर जोर दिया, वहीं बीजेपी ने राष्ट्रीय सुरक्षा, शीश महल और हिंदुत्व जैसे मुद्दों को प्रमुख बनाया।

समाजवादी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी, खुलकर किया आप पार्टी का समर्थन: अखिलेश यादव

नई दिल्ली समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया है। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। अखिलेश यादव के समर्थन के लिए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनका आभार जताया है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बहुत बहुत शुक्रिया अखिलेश जी। आपका हमेशा हमें सपोर्ट और साथ रहता है। इसके लिए मैं और दिल्ली की जनता आपकी आभारी है।” सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बयान देते हुए कहा है कि जो भारतीय जनता पार्टी को हराएगा, सपा उसका साथ देगी। दिल्ली मे कांग्रेस के पास मजबूत संगठन नहीं है, ऐसे में हमारा दल आम आदमी पार्टी को समर्थन देगा। मैं आम आदमी पार्टी के साथ मंच शेयर करूंगा। दिल्ली में भाजपा को आप ही हरा पाएगी। ऐसे में जो भाजपा को हराएगा, सपा उसके साथ है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने मंगलवार को चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया। दिल्ली में पांच फरवरी को एक चरण में चुनाव होगा और नतीजे की घोषणा आठ फरवरी को होगी। ईसीआई राजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली में कुल 1 करोड़ 55 लाख वोटर्स हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 83.49 लाख, महिला मतदाता 71.74 लाख और युवा मतदाता 25.89 लाख हैं। उधर, पहली बार वोट देने जा रहे मतदाताओं की कुल संख्या 2.08 लाख है। इसके अलावा, दिल्ली में 13 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। 100 साल से ऊपर के मतदाताओं की संख्या 830 है।

केजरीवाल ने ‘AAP’ का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च कर बीजेपी पर तंज किया, देश में गाली-गलौच वाली पार्टी को भी यह गाना पसंद आएगा

नई दिल्ली चुनाव आयोग आज बुधवार को दोपहर 2 बजे दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने वाला है। दिल्ली चुनाव को लेकर सियासी पार्टियों ने प्रचार अभियान भी तेज कर दिया है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पार्टी का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च किया है। इस गाने में दिल्ली सरकार की योजनाओं के बारे में बताया गया है। अरविंद केजरीवाल ने ‘AAP’ का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च करने के मौके पर बीजेपी पर तंज सकते हुए कहा, “देश में गाली-गलौच वाली पार्टी को भी यह गाना पसंद आएगा। वे इसे बंद कमरे में बैठकर सुन सकते हैं और थिरक सकते हैं।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में चुनाव एक त्योहार जैसा होता है, जहां लोग नाचते और झूमते हैं।   गाने को दिल्ली के लोगों को समर्पित कर रहे- केजरीवाल केजरीवाल ने आगे कहा, “पूरे चुनावी माहौल में, दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के लोगों को एक चीज का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है और वह है ‘AAP’ का कैंपेन सॉन्ग। मुझे लगातार फोन आते थे कि ‘आप का कैंपेन सॉन्ग कब लॉन्च हो रहा है?’ अब हम इस गाने को दिल्ली के लोगों को समर्पित कर रहे हैं। इस गाने का खूब प्रचार करें, क्योंकि यह हमारे दिल्लीवासियों के लिए है।” अरविंद केजरीवाल ने इस कैंपेन सॉन्ग को दिल्ली के लोगों के बीच और पार्टी के प्रचार में उत्साह बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने ‘‘विश्वसनीय सूत्रों” का हवाला देते हुए दावा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अगले कुछ दिनों में पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के घर पर छापेमारी करेगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए उनकी (केजरीवाल) यह ‘‘चाल” है क्योंकि उन्हें चुनाव हारने का डर है। सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ‘अगले कुछ दिनों में सीबीआई का छापा पड़ेगा’ केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने कुछ दिन पहले बोला था कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी जी को गिरफ्तार किया जाएगा और ‘आप’ के कुछ नेताओं के घर पर छापेमारी की जाएगी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, मनीष सिसोदिया जी के घर अगले कुछ दिनों में सीबीआई का छापा पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए ये गिरफ्तारियां और छापेमारी उनकी बौखलाहट का नतीजा है। केजरीवाल ने कहा, ‘‘अभी तक इन्हें हमारे खिलाफ कुछ नहीं मिला है और आगे भी कुछ नहीं मिलेगा। आप एक कट्टर ईमानदार पार्टी है।” 

दिल्ली विधानसभा चुनाव: संजय राउत कांग्रेस और AAP की जंग पर I.N.D.I.A. चिंतिंत बोले- मर्यादा में रहें, जनता देख रही है

मुंबई. दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही आम आदमी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने में जुटी हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन में लड़ी थी। अब विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ उतरने पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं को भाजपा की जीत का डर सताने लगा है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच छिड़ी जंग पर चिंता जताई है। संजय राउत ने दी नसीहत संजय राउत ने कहा कि इससे सिर्फ भाजपा को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि लड़ाई दिल्ली और पूरे देश में भाजपा के खिलाफ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने झगड़ा जिस लेवल पर चल रहा है, वह देश की जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि जब हम अगले लोकसभा में एक साथ लड़ने जाएंगे, तो लोग हमारे बर्ताव के बारे में सवाल करेंगे। राउत बोले- मर्यादा में रहें संजय राउत ने कहा कि ‘आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जो इंडिया ब्लॉक के सदस्य हैं, वह यहां लड़ रहे हैं। हम यहां अपनी ताकत क्यों खर्च करें। चुनाव से पहले अखाड़ा चल रहा है। अखाड़े में सब पहलवाल एक-दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं, ये ठीक नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल को जनता ने चुनकर 10 साल मुख्यमंत्री बनाया है, आप उन पर देशद्रोही का टैग लगाना चाहते हैं। आप एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ें, लेकिन मर्यादा और संयम के तहत रहना चाहिए, क्योंकि कभी न कभी एक साथ आना ही है।’ कांग्रेस ने लगाए थे आरोप आपको बता दें कि कांग्रेस नेता अलका लांबा ने मंगलवार को कहा था कि दिल्ली में केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी है। उन्होंने कहा कि जनता ने एक दशक का कार्यकाल देख लिया है और अब वह कांग्रेस के लिए वोट करेगी। भाजपा पर हमला बोलते हुए अलका ने कहा था कि उनके पास कोई एजेंडा नहीं है और वह केवल पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ते हैं।  

दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 की डेट का एलान आज 2 बजे चुनाव आयोग करेगा

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान आज दोपहर 2 बजे किया जाएगा। चुनाव आयोग ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदान और मतगणना की तारीख घोषित की जाएगी। मान जा रहा है कि राजधानी की सभी 70 सीटों पर एक ही चरण में 6 फरवरी को मतदान हो सकता है और 8 फरवरी को मतगणना हो सकती है। दिल्ली में विधानसभा की कुल सीट 70 राजधानी दिल्ली में 10 साल से आम आदमी पार्टी की सरकार है। आप ने 2015 में कुल 70 सीट में से 67 पर जीत दर्ज की थी। तब भाजपा को सिर्फ 3 सीट मिली थी और कांग्रेस का खाता नहीं खुला था। इसके बाद 2020 के विधानसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी का डंका बजा था। तब केजरीवाल की पार्टी ने 62 सीट जीती थी। भाजपा की झोली में 8 सीट गई थी, जबकि कांग्रेस एक बार फिर खाली हाथ रही थी। वहीं, दिल्ली में बीते पांच साल में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं। शराब नीति कांड में केजरीवाल समेत बड़े नेताओं की गिरफ्तारी बड़ा मुद्दा है। केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को सीएम बनाया गया है। वोटर्स लिस्ट को लेकर भी आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर लगातार हमला बोला है। आप नेताओं का कहना है कि भाजपा केंद्र में सत्ता में होने का गलत फायदा उठा रही है।  

अर्जुन राम मेघवाल ने कहा- अरविंद केजरीवाल की कथनी और करनी में फर्क है, बीजेपी इस बार दिल्ली में सरकार बनाएगी

बीकानेर केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और बीकानेर (पूर्व) की विधायक सिद्धि कुमारी ने बीकानेर के सुभाषपुरा में शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्घाटन किया। इस मौके पर स्थानीय पार्षद, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस नए शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर से बीकानेर के नागरिकों को उनके घर के पास ही उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता इस बार अरविंद केजरीवाल से 45 करोड़ रुपये के शीश महल का हिसाब मांगेगी, क्योंकि उनकी कथनी और करनी में फर्क है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी इस बार दिल्ली में सरकार बनाएगी। बीकानेर के विकास पर बात करते हुए मेघवाल ने बताया कि आगामी 7 फरवरी से इंडिगो एयरलाइंस की बीकानेर और दिल्ली के बीच हवाई सेवा शुरू होगी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि बीकानेर की कनेक्टिविटी को अन्य शहरों से जोड़ने के लिए भी काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में बीकानेर जिले में 17 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि बीकानेर जिले में हर दो वार्डों के बीच एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की योजना है, ताकि नागरिकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि शहरी आरोग्य साला एक नया विचार है, जिसका उद्देश्य गरीब बस्तियों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है। इस योजना के तहत डिस्पेंसरी के माध्यम से दवाइयां और डॉक्टर की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है। नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद होते हैं और कुछ गंभीर समस्याओं के मामले में मरीज को अन्य अस्पतालों में रेफर किया जाता है। अगर मरीज को किसी अस्पताल से पर्ची मिली हो तो दवाइयां यहां से वितरित की जाती हैं। इस तरह के नवाचार से स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार हो रहा है।

सीएम आतिशी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रोते हुए रमेश बिधूड़ी पर आरोप लगाया, मेरे बुजुर्ग पिता को लगातार गालियां दे रहे हैं

नई दिल्ली दिल्ली में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रोते हुए रमेश बिधूड़ी पर आरोप लगाया कि वह उनके बुजुर्ग पिता को लगातार गालियां दे रहे हैं और वोट मांग रहे हैं। उन्हें दिल्ली की जनता कभी माफ नहीं करेगी। आतिशी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते-बोलते भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी उनके पिताजी को गालियां देकर दिल्ली की जनता का अपमान कर रहे हैं। बिधूड़ी जी अपने काम के आधार पर वोट मांगें, वह मेरे बुजुर्ग पिताजी को गालियां देकर क्यों वोट मांग रहे हैं? दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी मीडिया से बातचीत के दौरान अचानक कैमरे के सामने रोने लगीं। आतिशी की भावुक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आतिशी से सवाल पूछा गया कि कालकाजी से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह सवाल सुनने के बाद आतिशी की आंखों में आंसू आ गए। आतिशी ने रोते हुए चुप्पी साध ली। कुछ देर बाद आतिशी ने खुद को संभाला और फिर रमेश बिधूड़ी पर पलटवार किया। आतिशी ने कहा कि मेरे पिता काफी बुजुर्ग हो गए हैं। वह चल फिर नहीं पाते। मैं रमेश बिधूड़ी जी को कहना चाहूंगी कि मेरे पिताजी जिंदगी भर शिक्षक रहे। उन्होंने दिल्ली के गरीब और लोअर मिडल क्लास से आने वाले हजारों बच्चों को पढ़ाया है। आज वो 80 साल के हो गए हैं। इसके बाद आतिशी रोने लगीं और उन्होंने अपने आप को संभाला। फिर कहा कि वह इतने बीमार रहते हैं कि बिना सहारे के चल नहीं पाते हैं। उन्होंने कहा कि आप चुनाव के लिए इतनी घटिया हरकत करेंगे कि बुजुर्गों को गालियां देने पर उतर आएंगे। इस देश की राजनीति इतनी घटिया स्तर पर गिर सकती है। मैं यह सोच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि रमेश बिधूड़ी जी खुद दक्षिण दिल्ली से 10 साल सांसद रहे। वह बताएं कि कालकाजी के लोगों को, उन्होंने इस इलाके के लिए क्या किया। वह जनता से कहें कि उनके 10 साल का काम मेरे 5 साल के काम से ज्यादा अच्छा था। उन्होंने कहा कि अगर मैंने 100 सीसीटीवी लगाए तो वो बताएं कि उन्होंने 1,000 सीसीटीवी लगवाए हैं। वह अपने किए हुए कामों को लेकर जनता से वोट मांगें। वह उनके बुजुर्ग पिता पर निशाना साध रहे हैं और उनको गालियां देते हुए वोट मांग रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने दिल्ली के केजरीवाल पर निशाना साधा, कहा-लंबी-लंबी बातें करते हैं

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने दिल्ली के केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल देश के दूसरे लालू प्रसाद यादव की तरह हैं। सोमवार को उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि जनता दल यूनाइटेड एनडीए के ही साथ रहेगी। दरअसल, राजद प्रमुख यादव के न्योते के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई थीं। ललन सिंह ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल इस देश के दूसरे लालू यादव के प्रतीक के रूप में जाने जाते हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त रहना, भ्रष्टाचार करना और उसके बाद बड़ी बड़ी लंबी लंबी बात करना। यह सब कुछ नहीं है। दिल्ली की जनता उनको जान गई है, समझ गई है।’ इस दौरान उन्होंने पूर्वांचल के मुद्दे को लेकर भी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘अभी चुनाव आता है, तो पूर्वांचलियों के प्रति उनका प्रेम जागता है। जब चुनाव खत्म हो जाता है, तो वह कहते हैं कि बिहार-यूपी के लोग 500 रुपये का टिकट कटाकर दिल्ली आ जाते हैं और दिल्ली आकर 5 लाख का इलाज कराकर चले जाते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘दिल्ली उनकी जागीर है क्या, दिल्ली देश की राजधानी है। हर राज्य के लोगों का हक है दिल्ली पर। इस बार दिल्ली की जनता उनको जवाब देगी।’ दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की जीत की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली के लोगों ने मन बना लिया है कि वह भाजपा की सरकार बनेगी, एनडीए की सरकार बनेगी।’ हालांकि, अब तक राजधानी में चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है।

सांसद संजय सिंह ने बड़ा दावा कर कहा-बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी को पार्टी सीएम फेस बनाने वाली है

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी को पार्टी सीएम फेस बनाने वाली है। उन्होंने कहा है कि अब लोगों को तय करना है कि उन्हें अरविंद केजरीवाल चाहिए या रमेश बिधूड़ी। उन्होंने कहा, बीजेपी जिस तरीके से रमेश बिधूड़ी के बचाव में उतर रही है, उससे साफ है कि पार्टी उन्हें सीएम फेस बनाने जा रही है। दिल्ली की मु्ख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ दिए गए विवादित बयान पर संजय सिंह ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी ने कल जिस तरह से भद्दा अपमानजनक बयान देने का काम दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री को किया, मैं समझता हूं इसका कोई दूसरा उदाहरण आपको नहीं मिलेगा कि राजनीति में रहने वाला व्यक्ति इतनी गंदी भाषा का प्रयोग एक महिला मुख्यमंत्री के लिए करें। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, कल क्या कहा है बीजेपी के प्रत्याशी रमेश विधूड़ी ने महिला मुख्यमंत्री के लिए कि अपना बाप बदल दिया। यही गुंडागर्दी की भाषा बोलते हो तुम लोग। आतिशी के पिताजी 80 साल की उम्र के हैं। वृद्धावस्था में हैं, बीमार हैं और ऐसी हालत में आप उनको गालियां दे रहे हैं। उनके मां-बाप को शर्म नहीं आती। मैं समझता हूं भारतीय जनता पार्टी इस देश की सबसे बड़ी गुंडों की पार्टी है।   कांग्रेस के दो नेताओं पर भी वार संजय सिंह ने कहा, यह पहले मौका नहीं है। इससे पहले इसी रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। चुनाव में कांग्रेस हमारे खिलाफ लड़ सकती है, कोई बात नहीं लेकिन जहां महिला सम्मान की बात आती है अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी सबसे पहले महिलाओं का सम्मान करती है। हमने कल प्रियंका गांधी को लेकर दिए बयान के खिलाफ बोला। उसपर बयान दिया। आम आदमी पार्टी के एक-एक नेता ने बयान दिया। मगर कांग्रेस नेता अजय माकन और संदीप दिक्सित ने एक शब्द नहीं बोला। राज्यसभा सांसद ने कहा, उससे साफ है कि वो उनसे मिले हुए हैं। चलो कांग्रेस के ये नेता आतिशी पर ना बोले लेकिन अपने नेता प्रियंका गांधी पर की गई टिप्पड़ी पर तो बोलिये। उन्होंने कहा, भाजपा को रमेश बिधूड़ी जैसे नेता चाहिए। दिल्ली को तय करना है कि उन्हे कैसे नेता चाहिए क्योंकि रमेश बिधूड़ी को भाजपा सीएम फेस बनाने जा रही है।

दिल्ली में भाजपा चलने जा रही ‘लाडली बहना कार्ड’, पीएम ने भी किया इशारा

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही प्रचार की रफ्तार फुल स्पीड पकड़ चुकी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी के लिए 16 हजार करोड़ से अधिक की सौगातों के साथ दो जनसभाएं करके भाजपा के चुनावी अभियान को तेज कर दिया है। रविवार को रोहिणी के जापानी पार्क में पीएम ने एक तरफ जहां यह साफ कर दिया कि भाजपा की सरकार बनने पर दिल्ली में मुफ्त वाली स्कीमों को जारी रखा जाएगा तो वहीं दिल्ली की आधी आबादी को साधने की भरसक कोशिश की। पीएम ने यह भी इशारा कर दिया कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा जैसे राज्यों की तरह दिल्ली में भी पार्टी ‘लाडली बहना कार्ड’ चलने जा रही है। महिला सम्मान योजना की काट की ताक में भाजपा आम आदमी पार्टी ने वादा किया है कि चौथी बार उन्हें सत्ता मिली तो दिल्ली की हर महिला को मासिक 2100 रुपए की सहायता दी जाएगी। ‘आप’ ने इसके लिए ‘रजिस्ट्रेशन’ का दावा करते हुए महिलाओं को पीले कार्ड का वितरण भी किया है। ‘आप’ को उम्मीद है कि ‘महिला सम्मान योजना’ से महिलाएं बहुत आकर्षित हुई हैं और चुनाव में पार्टी को इसका अच्छा फायदा मिल सकता है। एमपी, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में महिलाओं के लिए इस तरह की योजनाओं को लागू करके सत्ता बचाने में कामयाब रही भाजपा दिल्ली में भी ‘लाडली बहना योजना’ का वादा कर सकती है। दिल्ली भाजपा के कई नेता अनौपचारिक रूप से कई बार यह बात कह चुके हैं। पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने रोहिणी की ‘परिवर्तन रैली’ में गिनाया कि महिलाओं के लिए उनकी सरकार ने क्या-क्या काम किया है। शौचालय बनाने से लेकर उज्ज्वला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना तक का जिक्र पीएम ने किया। पीएम ने कहा, ‘महिलाओं के हित में केंद्र सरकार अनेकों योजनाएं चला रही हैं। भाजपा की अनेकों राज्य सरकारें भी माताओं-बहनों के लिए विशेष योजनाएं चला रही है। आज दिल्ली के 75 लाख जरूरतमंदों को मुफ्त राशन भाजपा दे रही है। दिल्ली में बनने वाली भाजपा सरकार सुनिश्चित करेगी कि माताओं बहनों के लिए घर चालाना आसान हो। बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और नौकरी सहज और सुरक्षित हो। दिल्लीवालों की कमाई बढ़े और जेब में बचत अधिक हो।’ पीएम मोदी के इस बयान को इस बात की ओर इशारा माना जा रहा है कि भाजपा दिल्ली में भी ‘लाडली योजना’ का वादा कर सकती है। भाजपा जल्द ही संकल्प पत्र जारी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस योजना का ऐलान इसी के जरिए किया जाएगा। पार्टी घर-घर जाकर महिलाओं को इस संबंध में पर्ची भी दे सकती है। कितनी राशि का वादा कर सकती है भाजपा भाजपा से जुड़े कुछ सूत्रों ने बताया कि यह राशि ‘आप’ की ओर से घोषित 2100 रुपए से अधिक हो सकती है। पिछले साल मार्च में बजट के दौरान ‘आप’ सरकार ने महिलाओं को 1000 रुपए मासिक देने की घोषणा की थी। हाल ही में इसे कैबिनेट से पास करके लागू करने का दावा भी किया गया। हालांकि, दिल्ली सरकार ने कहा कि पैसा चुनाव बाद मिलेगा और राशि को बढ़ाकर 2100 रुपए किया जाएगा। भाजपा के एक नेता ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि उनकी पार्टी 2100 रुपए का ऐलान करने वाली थी, यह जानकर ‘आप’ ने अपनी योजना में 1000 रुपए को बढ़ाकर 2100 कर दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा अब इससे कुछ अधिक राशि देने का वादा कर सकती है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि 2500 रुपए का वादा किया जा सकता है।

‘चुनाव जीतने के बाद वह सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गालों जैसी बना देंगे, भड़की कांग्रेस-AAP: रमेश बिधूड़ी

नई दिल्ली भाजपा के पूर्व सांसद और दिल्ली चुनाव में कालकाजी सीट से उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी का प्रियंका गांधी पर कथित विवादित टिप्पणी वाला एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में वह दिल्ली में कालकाजी की सड़कें प्रियंका गांधी के गालों जैसी बना देने की बात कहते नजर आ रहे हैं। रमेश बिधूड़ी ने एक कार्यक्रम में माइक पर बोलते हुए दिख रहे हैं कि ‘चुनाव जीतने के बाद वह कालकाजी की सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गालों जैसी बना देंगे।’ भाजपा ने शनिवार को ही बिधूड़ी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कालकाजी से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। रमेश बिधूड़ी के इस आपत्तिजनक बयान पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसकी निंदा की है। कांग्रेस ने इसे सभी महिलाओं का अपमान बताया है और रमेश बिधूड़ी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सफाई में क्या बोले बिधूड़ी भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने एबीपी न्यूज से बातचीत में अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ने हेमा मालिनी और पवन खेड़ा ने जब प्रधानमंत्री के पिताजी पर विवादित बयान दिया था क्या उसके लिए किसी ने माफी मांगी। बता दें कि, रमेश बिधूड़ी का विवादित बयानों से पुराना नाता है। पिछली लोकसभा में दक्षिणी दिल्ली से सांसद रहते हुए उन्होंने 21 सितंबर, 2023 को बसपा के तत्कालीन सांसद दानिश अली के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया था। जिसको लेकर संसद में काफी हंगामा हुआ था। इसे बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रमेश बिधूड़ी के आपत्तिजनक शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया था। बाद में बिधूड़ी ने माफी मांगी थी। गौरतलब है कि, भाषा के अनुसार कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद दानिश अली ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने संसद के भीतर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाले रमेश बिधूड़ी को दिल्ली विधानसभा चुनाव का टिकट देकर लोकतंत्र को कलंकित किया है। भाजपा ने शनिवार को ही बिधूड़ी को कालकाजी विधानसभा सीट से दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है। अली ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “शर्मनाक। भाजपा ने रमेश बिधूड़ी को कालकाजी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना कर फिर साबित कर दिया है कि भाजपा का संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक शिष्टाचार से कोई सरोकार नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के मंदिर में भद्दी गालियां देने वाले को पुरस्कृत कर भाजपा ने समूचे लोकतंत्र को कलंकित किया है। अली ने दावा किया किया यह टिकट देना इस बात साफ ऐलान है कि नफरत की राजनीति अभी रुकने वाली नहीं है, क्योंकि इसी तरह से आगे बढ़े बड़े नेता अब नई पीढ़ी के इस तरह के नेताओं को आगे बढ़ाएंगे।

उत्‍तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्‍यक्ष मथुरा दत्‍त जोशी का इस्‍तीफा, बीजेपी में हुए शामिल

 देहराूदन  नगर निकाय चुनाव से पहले भाजपा ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी, पूर्व दायित्वधारी बिट्टू कर्नाटक और पिथौरागढ़ के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने अपने समर्थकों के साथ शनिवार को भाजपा का दामन थाम लिया। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तीन निकायों में अध्यक्ष समेत पार्षद-सभासद के 40 पदों पर भाजपा की निर्विरोध जीत बताती है कि डबल इंजन की तरह नगर निकायों में भी भाजपा की सरकार आने वाली है। निकाय चुनाव में मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के तीनों वरिष्ठ नेताओं का भाजपा में स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इनकी ऊर्जा व क्षमता का लाभ पार्टी को निकाय चुनाव में मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की समझ पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि कांग्रेस में योग्य व अच्छे लोगों की कोई कीमत नहीं है। उन्होंने विधानसभा व लोकसभा चुनाव के साथ ही विस की केदारनाथ सीट के उपचुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तरह निकाय चुनाव में भी भाजपा बंपर जीत दर्ज करने वाली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कथन कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा, का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। इस कड़ी में उन्होंने सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों व उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसी माह से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर दिया जाएगा। साथ ही शीतकालीन यात्रा को राज्य की आर्थिकी के लिए गेम चेंजर बताया। कांग्रेस में ईमानदारी की कद्र नहीं: जोशी भाजपा में शामिल हुए वरिष्ठ नेता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि कांग्रेस में ईमानदारी व क्षमता से कार्य करने के बावजूद वहां इस सबकी कोई कद्र नहीं है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह पूरे मनोयोग से ताउम्र भाजपा की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसने उन्हें बहुत प्रभावित किया है। बिट्टू कर्नाटक व जगत सिंह खाती ने कांग्रेस के अपने अनुभव साझा किए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि तीनों वरिष्ठ नेताओं के भाजपा में आने से पार्टी संगठन और सशक्त होगा। अभिभावक के नाते वह सभी के सम्मान का ख्याल रखेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भी तंज कसा और कहा कि कांग्रेस में योग्य, सभ्य व समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।  

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