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वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने की तैयारी

Preparation to recall professors attached to various departments for years भोपाल। वर्षों से विभिन्न विभागों में अटैच प्रोफेसरों को वापस बुलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार को ज्ञापन सौंपा है। जिसके बाद इन प्रोफेसरों को मूल पदस्थापना पर भेजने के तैयारी चल रही है। हालांकि कुछ इसे रोकने के लिए मंत्रियों और विभाग के आला अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, प्रदेश के कॉलेजों में वर्षों से प्रोफेसरों और कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। प्रोफेसरों की पदस्थापना कॉलेजों में होने के कारण उन पदों पर अतिथि विद्वान भी नहीं रखे जा रहे हैं।  ऐसे में प्रदेश के अधिकांश सरकारी कॉलेजों में नए असिस्टेंट प्रोफेसरों और अतिथि विद्वानों के भरोसे पढ़ाई चल रही है। जबकि विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर उच्च शिक्षा विभाग के कार्यालयों में बाबूगिरी कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो करीब सौ से अधिक प्रोफेसर विभाग, मंत्रियों और विधायकों के पास अटैच हैं। अकेले राजधानी में डेढ़ दर्जन प्रोफेसर मुख्यालय और अन्य विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। जबकि इनका वेतन उनकी मूल पदस्थापना वाले कॉलेजों से निकल रहा है।

पॉलिटेक्निक चौराहे के टावर पर चढ़ी फीजियोथैरेपिस्ट, नगर निगम की टीम ने सकुशल उतारा

Physiotherapist climbed the tower of Polytechnic intersection, Municipal Corporation team brought her down safely भोपाल। श्यामला हिल्स स्थित पॉलिटेक्निक चौराहा पर शुक्रवार शाम एक फीजियोथैरेपिस्ट मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वह टावर से कूदने की धमकी दे रही थी। सूचना पर पहुंची नगर निगम की टीम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला को टावर से नीचे उतार लिया। महिला को अयोध्या नगर थाने भेजा गया है। दरअसल, महिला ने अयोध्या नगर थाने में दो एफआईआर कराई थी और कोर्ट में मामला विचाराधीन है। विचाराधीन मामले में आरोपी पक्ष महिला पर दबाव बना रहा था। इसी से दुखी होकर वह टावर पर चढ़ गई थी। जानकारी के अनुसार 37 साल की महिला मूलत: सागर की रहने वाली है। उन्होंने मिनाल रेसीडेंसी में मकान खरीदा था। कुछ रुपए वह दे चुकी थी, जबकि कुछ रकम देनी बाकि थी। रुपए बाकि होने के कारण द्वारिका प्रसाद और ठेकेदार सुधीर शर्मा रुपए के लिए दबाव बना रहे थे। महिला ने अयोध्या नगर में दोनों के खिलाफ 2021 में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उसके साथ घर में घुसकर मारपीट की थी। उसकी भी एफआईआर कराई थी। महिला का कहना है कि आरोपी उसे घर से बेदखल कर चुके है। अब वह पुराने केस में समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। वह आरोपियों की शिकायत लेकर थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी मदद नहीं की। इसी से दुखी होकर वह श्यामला हिल्स के पॉलिटेक्निक चौराहा पहुुंची और टावर पर चढ़ गई।

12 आईपीएस अफसरों के तबादले; बैतूल, नीमच एसपी को हटाया; उज्जैन एसपी का भी ट्रांसफर

Transfer of 12 IPS officers; Betul, Neemuch SPs removed; Ujjain SP also transferred मध्यप्रदेश शासन ने 12 आईपीएस अफसरों के तबादले किए हैं। आदिवासी पिटाई कांड के बाद बैतूल एसपी सिद्धार्थ चौधरी को हटाया गया है। उन्हें सेनानी, 8वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल छिंदवाड़ा में पदस्थ किया गया है।उज्जैन एसपी सचिन शर्मा को मप्र भवन दिल्ली में अतिरिक्त आवासीय आयुक्त बनाया गया है। इनकी जगह दतिया एसपी प्रदीप शर्मा को उज्जैन का एसपी बनाया गया है। वहीं नीमच एसपी अमित तोलानी को सेनानी, 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल जावरा, रतलाम में पदस्थ किया गया है। अनिल सिंह कुशवाह को IG जबलपुर रेंज बनाया गया है।

भोपाल में सीएम हेल्पलाइन में 5 हजार शिकायतें पेडिंग

5 thousand complaints padding in CM Helpline in Bhopal भोपाल। राजस्व प्रकरण और शिकायतों को निपटाने में अधिकारी सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि अब भी सीएम हेल्पलान पर लगभग पांच हजार शिकायतें लंबित हैं और लगभग पांच सौ राजस्व प्रकरण लंबित हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई टीएल बैठक के दौरान एडीएम और सीईओं ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए चेतावनी दी है।बैठक में एडीएम हरेद्र नारायण, जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह, सभी एसडीएम, डीप्टी कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार राजस्व महाअभियान के तहत भोपाल जिले को पहले स्थान पर लाने के लिए सभी तरह की शिकायतों, राजस्व प्रकरणों सहित अन्य विभाग के प्रकरणों का निराकरण करने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए थे। इसके बाद राजस्व अधिकारियों ने नामांतरण, बंटान, सीमांकन सहित अन्य काम को निपटाने का काम तो शुरू किया था लेकिन इसकी रफ्तार में फिर से कमी आ गई है।हालात यह है कि बैरसिया, कोलार, हुजूर, गोविंदपुरा, संत हिरदाराम नगर, शहर, एमपीनगर, टीटीनगर में लगभग 500 राजस्व प्रकरण लंबित हैं। जबकि सीएम हेल्पलाइन पर कुल 13 हजार शिकायतें विभिन्न विभागों की दर्ज हुई हैं। इनमें से पांच हजार शिकायतें अब भी लंबित हैं।टीएल बैठक में जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने विभागानुसार शिकायतों और प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिम्मेदार एसडीएम, तहसीलदारों को फटकार लगा दी। साथ ही चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द लंबित प्रकरण और मामलों का निराकरण करें।

हमीदया अस्पताल में हफ्ता वसूली की जांच जारी

Investigation of week recovery continues in Hamiday Hospital भोपाल। मप्र मानव अधिकार आयोग ने भोपाल जिले के तीन मामलों मे संज्ञान लिया है। भोपाल जिले के हमीदिया अस्पताल में असामाजिक तत्वों द्वारा कर्मचारियों से हफ्ता वसूली करने का मामला सामने आया है। असामाजिक तत्व रात के समय अस्पताल में घुसकर कर्मचारियों से हफ्ता वसूली कर रहे है। इस संबंध में अस्पताल कर्मचारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की है। मामले में संज्ञान लेकर आयोग ने अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल और पुलिस कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।इन मामलों में भी लिया संज्ञानआयोग ने भोपाल के शाहपुरा इलाके की एक बस्ती में रहने वाली 47 वर्षीय महिला के साथ एक युवक द्वारा शारीरिक दुराचार करने और मिसरोद थानाक्षेत्र में पुलिस विभाग के एक आरक्षक द्वारा युवती के साथ दुराचार और दैहिक शोषण करने के मामले में संबंधित अधिकारियों के जांच के निर्देश देने के साथ ही मामले की रिपोर्ट तलब की है।

बजट की माया, कौन समझ पाया… साहित्य की भाषा में समझें

The illusion of the budget who could understand… understand in the language of literature भोपाल। मध्यप्रदेश का वित्त बजट 3 लाख, 14, हजार, 25 करोड़ के लिए वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया है, वह वास्तव में पूर्ण बजट न होकर 31 जुलाई 2024 तक के लिए लेखानुदान है। इस बजट में यह समझदारी तो परिलक्षित होती ही है कि आगत लोकसभा के चुनाव को देखते हुए कोई कड़वी दवा न दी जाए। अत: इसको चुनावी बजट तो कहा ही जा सकता है। बड़ी बात यह कि जैसा विपक्षी दल यह दुष्प्रचार कर रहे थे, कि मामाजी के जाते ही लाडली बहनों को मिलने वाली राशि बंद कर दी जाएगी, उस आशंका और दुष्प्रचार को मोहन सरकार ने यथावत रखने हेतु वित्तीय प्रावधान रखकर, निर्मूल कर दिया। दूसरी बात यह कि भाजपा की नए वोटर पर पैनी दृष्टि है अत: 12 कक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने वाली छात्राओं को अब साइकिल के स्थान पर ई स्कूटी देने हेतु बजट में प्रावधान रखना चतुराई का प्रमाण है। पहली बार पेपरलेस ई बजट प्रस्तुत करना डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ता हुआ एक कदम है। देश की जीडी पी में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 से बढ़कर 4.8 हो जाना आर्थिक स्थिरता और समृद्धि का परिचायक है।  इस बार का बजट युवा, महिला, बेटी और जनजातीय वर्ग को समर्पित है। साथ ही मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने वाला है भोपाल, इंदौर मेट्रो को गति देने हेतु फंड का आवंटन इसका प्रमाण है। सरकार द्वारा 1000 वाहनों को अपने बेड़े में से कम करके उनकी जगह प्रदूषण रहित ई वाहन चलाने की घोषणा करना जहां पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की स्वागत योग्य पहल है वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं से तालमेल स्थापित करने का प्रयास भी है। मिलेट्स को बढ़ावा देने हेतु सब्सिडी की योजना से किसानों की आय बढ़ेगी, सीएम राइज स्कूलों के लिए बजट में वृद्धि निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है। गरीबों को मकान की रजिस्ट्री की दर 5 प्रतिशत से 0 प्रतिशत कर देना भी राहत देने वाला कदम है। अनुसूचित जनजाति का बजट 37 प्रतिशत बढ़ा देना बताता है कि आदिवासी वोटों को सरकार अगले चुनावों में हाथ से नहीं जाने देना चाहती। भले ही बजट में कोई नया कर नहीं लगाया परंतु किसी तरह की कोई राहत भी नहीं दी गई। कुल मिलाकर नई सरकार मोदी के फुट प्रिंट पर चलती दिखाई दी। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतों में कमी होने की अपेक्षा थी जो पूरी नहीं हुई। मैं चूंकि साहित्यकार हूं तो अपनी बात कहूंगा कि अधिकांश राज्यों में सरकार द्वारा पुस्तक खरीदी योजना चलाई जाती है, जिससे सत्साहित्य को एवम साहित्यकारों को बढ़ावा मिलता है तथा सामाजिक उत्थान होता है। मध्यप्रदेश में भी यह योजना लागू थी परंतु कुछ वर्षों से पुस्तक खरीदी योजना बंद होने से साहित्यकारों में निराशा और आक्रोश है। साहित्यकार कई वर्षों से यह मांग करते आ रहे हैं परंतु इस बार भी सरकार ने निराश किया। आशा है मुख्यमंत्री इसपर ध्यान देंगे।

हमीदिया अस्पताल: एंबुलेंस चालकों का आरोप: शव ले जाने से पहले पार्किंग संचालक मांगता है कमीशन

Hamidia Hospital: Allegations of ambulance drivers: Parking operator demands commission before taking the dead body भोपाल। हमीदिया अस्पताल में पार्किंग व शव वाहन का संचालन विवाद की जड़ बन गया है। अकसर रात में यहां दो गुट एक दूसरे के लोगों को धमकाते व मारपीट करते हैं। हाल ही में इसका एक वीडियो भी वयरल हुआ था। वहीं अब करीब 11 एंबुलेंस चालकों द्वारा कोहफिजा थाने में लिखित शिकायत की गई है। जिसमें पार्किंग संचालक नरेंद्र गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लिखित आवेदन में कहा गया है कि पार्किंग संचालक शव ले जाने से पहले कमीशन मांगता है। उसकी बात ना मानने मारपीट व जान से मारने तक की धमकी देता है। इस मामले में पार्किंग संचालक नरेंद्र का कहना है कि यह वे लोग हैं जो प्रति माह 2 हजार रुपए का तय किराया नहीं दे रहे हैं। इनसे जब किराया मांगा गया तो, इन्होंने झूठा आरोप लगाना शुरू कर दिया। इनके पीछे सलमान और आरीफ नाम के लोगों का हाथ। जो अकसर हमीदिया परिसर में गुंडागर्दी करते हैं। परिजनों से वसूल रहे दो से ढाई गुना किरायापार्किंग को लेकर चल रहे इस विवाद से परेशान मरीजों व परिजनों को होना पड़ रहा है। परिजनों को हमीदिया से शव निवास तक ले जाने के लिए दो से ढाई गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। यह स्थिति बीते डेढ़ से दो साल से बनी हुई। अस्पताल प्रबंधन से लेकर प्रसाशन तक ने अब तक इस पर कोई कठोर कदम नहीं उठाए हैं। जिसके चलते अस्पताल की व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।

जेपी अस्पताल: हद है… किसी दूसरे मरीज का एक्स-रे देख डॉक्टर ने शुरू कर दी थी इलाज की तैयार

Jaypee Hospital: This is too much… the doctor started preparing for treatment after seeing the X-ray of another patient भोपाल। राजधानी मॉडल अस्पताल जेपी में एक बार फिर इलाज के प्रति स्टाफ की लापरवाही उजागर हुई है। यदि मरीज चिकित्सक की बात मानकर इलाज शुरू करा देता तो उसको जो नुकसान होता उसकी भरपाई नामुमकिन थी। लेकिन मरीज ने समझदारी दिखाई और सेकेंड ओपिनियन के लिए वह एक निजी अस्पताल पहुंच गया, जहां पता चला कि उसे वो बीमारी ही नहीं है, जिसका इलाज जेपी अस्पताल के चिकित्सक बता रहे थे। दरअसल समीर सूफी नाम का एक मरीज 6 फरवरी को जेपी अस्पताल पहुंचा। उसकी दाढ़ में से अक्सर खून आता रहता है, यही समस्या लेकर वह जेपी अस्पताल गया और यहां डॉ. यश से चैकअप कराया। डॉ. यश ने मरीज का एक्स-रे कराने को कहा। एक्स-रे जेपी अस्पताल में ही हुआ था। एक्स-रे की रिपोर्ट देख डॉ. यश ने मरीज समीर से कहा कि आपका दाढ़ सढ़ गई है, इसे निकालना होगा। मरीज ने इस बात पर आपत्ति भी ली और कहा कि मुझे भोजन चबाने में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन चिकित्सक ने मरीज की बात को नकार दिया और दाढ़ निकलवाने की राय देता रहा।मरीज ने कराया फिर से एक्स-रेजेपी अस्पताल से निराश होकर लौटे समीर सूफी ने आठ फरवरी को करोंद स्थित पीपुल्स डेंटल अस्पताल में एक संपर्क किया। यहां चिकित्सक ने मरीज का फिर से एक्स-रे किया। इस एक्स-रे में मरीज की दाढ़ को एक दम स्वस्थ्य बताया और खून आने का कारण नस में परेशानी को बताया। इतना ही नहीं इस समस्या का इलाज बिना किसी चीर फाड़ या दाढ़ निकलवाने के बजाए सिर्फ दवाओं से बताया। इस मामले में अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मामले को दिखवाना पड़ेगा, किस स्तर पर गलती हुई है। यदि कहीं कोई चूक हुई है तो कार्रवाई भी की जाएगी।

अब विदेशी प्रोफेसर लेंगे आईआईआईटी में ऑनलाइन क्लास, विद्यार्थियों को मिलेगा कई विषयों में विशेष मागर्दशन

Now foreign professors will take online class in triple IIIT, students will get special guidance in many subjects भोपाल। राजधानी स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ने अपने विद्यार्थियों के विश्वस्तरीय शिक्षण के लिए चीन, ऑस्ट्रेलिया एवं जापान सहित अन्य देशों के प्रसिद्ध शिक्षकों के साथ अनुबंध किया है। यह विदेशी प्रोफेसर ऑनलाइन माध्यम से विश्वस्तरीय अनुसंधान एवं तकनीकों से विद्यार्थियों को अवगत कराएंगे। प्रोफेसरों में शियाओचिंग वेन, एथानासियोस वासिलकोस, सी टेंग सो, डॉण् वॉल्कर लिंडेंसट्रुथ, चंग नेन ली और गुरदीप सिंह जैसे अनुभवी एवं विश्व स्तरीय प्रोफेसर शामिल हैं। यह सभी यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न शोर्स, सुन्येत्सन यूनिवर्सिटी, कर्टीन यूनिवर्सिटी और यूआईए नॉर्वे जैसी विश्व प्रसिद्ध संस्थाओं में कार्यरत हैं।  प्रोफेसर अथानासियोस वी. वासिलकोस स्वीडन में लूलिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में पूर्णकालिक प्रोफेसर हैं। वे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल और स्पेस इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं। उनकी विशेषज्ञता साइबर-भौतिक प्रणालियों में सुरक्षा है। उन्होंने सुरक्षा और गोपनीयता, क्रिप्टोग्राफी, साइबर सुरक्षा के अर्थशास्त्र, क्रिप्टोकरेंसी प्रोटोकॉल, नेटवर्क, कॉम्प्लेक्स नेटवर्क, क्लाउड कंप्यूटिंग, बिग डेटा, मशीन लर्निंग, बायोकंप्यूटिंग में गहन शोध किया है। उन्होंने 1500 से अधिक शोध प्रकाशित किए हैं। ट्रिपल आईटी भोपाल ने प्रोण् वासिलकोस के साथ सहयोग किया है। वे ऑनलाइन व्याख्यान के माध्यम से कॉलेज के छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। यह है इन प्रोफेसर्स की विशेषज्ञताडॉ. सी तेंग सोह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में कर्टिन विवि में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।  विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के तहत इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर और गणित विज्ञान स्कूल में कार्यरत हैं। उन्होंने लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी, बैटन रूज से पोस्ट-डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की है। वे कंप्यूटर नेटवर्क, नेटवर्क, विश्वसनीयता, वायरलेस मेष नेटवर्क ट्रैफिक इंजीनियरिंग, पीयर-टू-पीयर नेटवर्क, एल्गोरिदम डिजाइन शामिल हैं। जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में निदेशक हैं प्रो. वोल्कर:प्रो. वोल्कर लिंडेनस्ट्रुथ वर्तमान में जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में फ्रेंकफर्ट इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडीज में निदेशक मंडल के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कई वैज्ञानिक पदों पर काम किया है और 1997 में आईकोर प्रौद्योगिकियों की स्थापना की है। उनके शोध का क्षेत्र कंप्यूटर विज्ञान और एआई सिस्टम है, जिसमें ऊर्जा, बिग डेटा, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और परमाणु भौतिकी पर प्रमुख ध्यान दिया गया है। प्रो. हुरा यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न से जुड़ेप्रोण् गुरदीप एस. हुरा वर्तमान में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न शोर से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 1972 में जबलपुर विवि (भारत) से बीई, 1975 में रूड़की विवि से एमई और 1984 में रूड़की विवि से पीएच.डी. प्राप्त की। मील का पत्थर साबित होगाट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो.आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि ट्रिपल आईटी के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय विदेशी प्रोफेसर्स का शिक्षण ट्रिपल आईटी भोपाल के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग कार्यवाही के नाम पर कांग्रेस नेताओं पर दबाव डाल रहा है : जीतू पटवारी

At the behest of the Central Government, the Income Tax Department is putting pressure on Congress leaders in the name of action: Jitu Patwari भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा हाल ही में कांग्रेस पार्टी के देश एवं प्रदेश के सैकड़ों नेताओं व कार्यकर्ताओं को समन जारी किये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की जा रही यह कार्यवाही केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा केवल दबाव डालने और राजनैतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर की जा रही है। जब-जब चुनाव आते हैं सत्ता में बैठी भाजपा का यह घिनौना कृत्य करने का तरीका सामने आने लगता है।   पटवारी ने कहा कि इससे पूर्व भी 2019 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ऐसी ही कार्यवाही राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार के दबाव में आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई थी, अवैधानिक तरीके से छापे मारी की गई थी, इस कार्यवाही को लेकर न्यायालय में भी चुनौती दी गई थी जो आज भी लंबित है। आयकर विभाग इस न्यायालयीन प्रक्रिया में न्यायालय के समक्ष दस्तावेज तक पेश नहीं कर सकी। इसी तरह अब 2024 में भी निकट भविष्य में लोकसभा चुनाव होना है तो फिर आयकर विभाग ने केंद्र सरकार के इशारे पर उसी तरह की कार्यवाही को दोहराना शुरू कर दिया है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं को कभी समन तो कभी नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आयकर विभाग से जारी नोटिस एवं समन में किसी भी करदाता से कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया, केवल उनकी उपस्थिति के आदेश जारी किये गये हैं। इनता ही नहीं समन जारी होने पर उनके विधिक जबाव भी पेश किये गये, जिसमें समन जारी करने के विधिक कारण भी चाहे गये हैं। आयकर विभाग द्वारा केवल एक पंक्ति का आदेश दिया गया है जिसमें कोई दस्तावेज नहीं, बल्कि कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों को दिल्ली स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। वहीं पटवारी ने यह भी कहा कि जो हमारे पूर्व साथी आज भाजपा में चले गये हैं, जो मौजूदा सरकार में मंत्री, विधायक हैं उनमें से किसी भी व्यक्ति को आयकर विभाग द्वारा एक भी समन अथवा नोटिस जारी नहीं किया गया है। इस तरह की पक्षपातपूर्ण राजनीति से स्पष्ट है कि आयकर विभाग स्वयं एक राजनैतिक पार्टी की तरह हर चुनाव के पूर्व मात्र सनसनी पैदा करने व राजनैतिक प्रतिद्धंदियों की मानहानि के उद्देश्य से काम करता है। पटवारी ने पत्रकारों से पूछे गए सवाल में कहा कि मैं राज्यसभा सदस्य की दौड़ में शामिल नहीं हूं। एक व्यक्ति एक पद की गरिमा पर कायम हूं और रहूंगा। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं के साथ किये जा रहे धोखे पर कहा कि किसानों को 2700 और 3100 रू. धान एवं गेहूं पर समर्थन मूल्य दे सरकार। वहीं महिलाओं को 3000 रूपयें और 450 रू. में सिलेण्डर देने की जो राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बात कही भी, उस पर भी सरकार अमल करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जितनी कोशिश आंदोलन को असफल बनाने में कर रही है, यदि उससे आधे प्रयास भी किसानों की मांगों व समस्याओं को सुनने में लगा दे तो बहुत हद तक असलियत समझ आ जाएगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के लोगों पर ईडी और आयकर का दबाव बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कुछ स्वार्थी प्रकार के नेता ईडी आयकर के डर से अपने धंधा बचाने स्वयं भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

कमलनाथ की जिद के आगे बौने पड़े प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और जीतू

State in-charge Jitendra Singh and Jitu were dwarfed by Kamal Nath’s stubbornness. भोपाल। ‘वक्त है बदलाव का’ यह स्लोगन कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दरमियान जारी किया था। स्लोगन का असर न तो मतदाताओं पर पड़ा और न ही कांग्रेस जनों पर दिखाई दे रहा है । अलबत्ता बदलाव के नाम पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी हाई कमान ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को नया अध्यक्ष मनोनीत कर दिया। नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब कांग्रेस में बदलाव होगा पर ऐसा नहीं हो रहा है। कमलनाथ के जमाने के वही पदाधिकारी आज भी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी महामंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एआईसीसी सदस्य को बहाल नहीं करवा पा रहे हैं। दरअसल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एआईसीसी सदस्य सिवनी के राजा बघेल को निष्कासित कर दिया था। यह बात अलग है कि एआईसीसी के सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं है पर कमलनाथ का का कद कांग्रेस में इतना ऊंचा है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक बौने नजर आते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश के मुख्य प्रभारी जितेंद्र सिंह तक ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लिखित और मौखिक आदेश देने के बाद भी आज तक राजा बघेल की बहाली नहीं हो पाई है। हद तो तब हो गई, जब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कुछ पदाधिकारी की उपस्थिति में स्पीकर ओपन कर टेलीफोन पर संगठन प्रभारी राजीव सिंह को बहाली के निर्देश दिए। बघेल को बहाल करने के निर्देश देते समय पटवारी ने एआईसीसी पदाधिकारी और प्रभारी जितेंद्र सिंह के लिखित और मौखिक फरमानों का संदर्भ दिया। पटवारी को उनके निर्देश पर दो-टूक जवाब मिला कि कमलनाथ ने निष्कासित किया है, इसलिए बहाल का आदेश जारी नहीं करेंगे। यह जवाब सुनकर पटवारी के पास बैठे कतिपय सीनियर पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। स्वाभाविक तौर पर उनके मन में एक यक्ष प्रश्न उठने लगा है कि क्या कमलनाथ के आगे प्रदेश अध्यक्ष की कोई भी साथ नहीं है? राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी यूं ही नहीं गूंज रहा है। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अभी तक अपनी कोई नई टीम नहीं बना पाए हैं। यहां तक कि पटवारी के सबसे नजदीकी पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दे पा रहे हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को पूर्व प्रदेश अध्यक्षों कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के समर्थक पदाधिकारियों के सहारे संगठन का संचालन करना पड़ रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मुख्य सिपहसालार रहे सज्जन वर्मा आज जीतू पटवारी के राइट हैंड माने जाते हैं। वैसे राजनीति में नेताओं की आस्था और निष्ठा बदलती रहती है।

प्राइवेट स्कूलों को देना होगा फीस सहित तीन साल का ब्यौरा

Private schools will have to give details of three years including fees भोपाल। मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 का पालन सुनिश्चित करने को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स, संभागीय संयुक्त संचालक और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा है कि वेबसाइट की लिंक पर सभी निजी स्कूल अनिवार्यतः अपना यूजर आईडी एक्टिवेट करना सुनिश्चित करेंगे। सभी निजी स्कूलों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए नियम की गई फीस संरचना की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। सभी निजी स्कूलों को बीते तीन वर्षों के संपरीक्षित लेखों की जानकारी भी अपलोड करनी होगी।

महिला अपराधों को लेकर विधानसभा में गरजें , जौरा पंकज उपाध्याय

Roar in the assembly regarding crimes against women, Jaura Pankaj Upadhyay भोपाल । प्रदेश में महिलाओं पर घटित अपराधों पर विधायक जौरा पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में उठाया मुद्दा सरकार ने दिया आधी अधूरी जानकारी प्रदेष में तेज से बढ रहे है अपराध  श्री पंकज उपाध्यायः- धन्यवाद, माननीय अध्यक्ष जी पहली बार ही सदन में आया हूं और पहली बार ही बोलने का मौका मिला है. आप जब अध्यक्ष बने थे, जब भी मैंने सोचा था कि बोला जाये, परंतु पता नहीं था कि सदन में किस तरह से बोला जाता है. आप जब अध्यक्ष बने थे तो हमें बडी प्रसन्नता हुई थी कि आप हमारे क्षेत्र के हैं और बडा गौरव है कि आप इस स्थान पर विराजित         अशोधित ध् प्रकाशन के लिए नहीं हैं बडा गरिमामय सदन है और उच्चकोटि के ज्ञानी यहां पर बैठे हुए हैं. श्री प्रहलाद सिंह पटेल जी हैं, हमारे संसदीय कार्य मंत्री आदरणीय कैलाश जी यहां पर हैं, पहली बार सदन में आया हूं, समझता हूं कुछ सीखने के लिये मिलेगा, कुछ गलती करूं तो आप मुझे क्षमा करियेगा. मैंने प्रश्न उठाया था उसका कोई यथोचित उत्तर नहीं दिया गया है, मेरा प्रश्न था कि प्रत्येक थाने में क्षेत्र में कितनी आबादी होनी चाहिये ? जब थाना बनता है और कितनी आबादी पर कितना पुलिस बल होना चाहिये. इसको कोई उचित जानकारी नहीं दी गयी है. मैंने खण्ड (ग) में पूछा था कि एससीएसटी महिला अपराधों की संख्या कितनी हुई है और अपराधों में किन-किन लोगों को सजा दी गयी है. उसकी भी अधूरी जानकारी दी गयी है. मैं जानकारी चाहता हूं. श्री पंकज उपाध्याय  माननीय अध्यक्ष जी, मैंने जानकारी चाही थी कि 7 थानों में वर्ष 2015 से 2023 तक कितनी एससीएसटी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज हुए और कितने लोग बरी हुए, यह तो साधारण सी जानकारी है, जिसको आप दे सकते थे. दूसरा कि मेरे विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 7 थाने हैं. एक थाना 90 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में आता है और दूसरा 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आता है. बागचीनी में 2 एसआई, 4 थाना प्रभारी और 14 आरक्षक हैं. जबकि निरार थाने में जो 500 स्क्वेयर मीटर में मात्र 1 एसआई, 3 प्रधान आरक्षक और 11 आरक्षक हैं और कोई अपराधों की जानकारी भी नहीं दी गयी है. महिला स्टॉफ की भी जानकारी नहीं दी गयी है. सम्पूर्ण विधान सभा क्षेत्र में स्टॉफ की मात्रा बहुत कम है. जैसा कि इन्होंने जो जानकारी दी है, उसमें देवगड में 14 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 4 हैं. चिन्नौनी में 22 आरक्षण होना चाहिये, परंतु वहां 11 आरक्षण हैं. हमारे जौरा में 22 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 20 हैं. लगभग आधा स्टॉफ है हम अपेक्षा करते हैं कि आप सुशासन लेकर आयेंगे. तो इस आधे स्टॉफ से तो हम सुशासन नहीं ला सकते हैं. क्योंकि हमारा क्षेत्र बडा अपराधों का क्षेत्र है, वहां पर बडे अपराध होते हैं. ऐसी ही महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं, वर्ष 2021 में इसमें 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वर्ष 2023 में तो इन्होंने जानकारी देना भी उचित नहीं समझा तो जो लूट हो रही हैं. मैंने एक चीज और पूछी थी कि चेन श्रेचिंग की घटनाएं लगातार बढती जा रही हैं. हमारे विधान सभा क्षेत्र में पिछले 3 दिन में 2-3 घटनाएं हो गईं. एक एफआईआर हुई है. श्रीमती पुष्पा गोयल नाम की हमारी चाची लगती हैं, श्री केशव गोयल जी की पत्नी हैं, उनकी सरेआम दिन दहाडे चेन लूट ली गई, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई. ऐसी कई सारी घटनाएं हैं जो चर्चा में भी नहीं आ पाती हैं. एफआईआर भी थानों में लिखाने में लोग हिचकिचाते हैं. (’क्र. 750) श्री पंकज उपाध्याय क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार सूची वर्ष 2015 से दिसम्बर 2023 तक की वर्षवार, विधान सभावार देवें तथा बतायें कि 2019 की तुलना में 2023 में किस- किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कितने प्रतिशत कमी हुई? (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने थाने हैं? प्रत्येक थाने का क्षेत्र एरिया कितना है तथा कितनी आबादी शामिल है? उक्त थानों में स्वीकृत पद किस-किस प्रकार के कितने हैं तथा नियुक्ति कितनी है तथा खाली पद कितने हैं? दिसम्बर 2023 अनुसार बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के थानों के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार वर्ष 2015 से 2023 तक की जानकारी देवें तथा बतावें कि वर्ष 2019 से 2023 तक प्रतिवर्ष किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कमी हुई? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 से 2023 तक में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में शीर्षवार, वर्षवार, थाने अनुसार बतायें कि सजायाबी की दर कितने प्रतिशत है? (ड.) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2018 से दिसम्बर 2023 तक नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाओं के गुम होने के कितने प्रकरण हुए तथा कितने नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाएं दस्तयाब की गईं?

विधानसभा: लाइसेंस पटाखे का, बन रहे थे बम: बरैया

Assembly: License of firecrackers, bombs were being made: Baraiya भोपाल। हरदा विस्फोट मामले को लेकर गुरूवार को कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक राम किशोर दोगने ने दोषियों को फांसी देने की बात कही, तो दूसरी ओर से विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि लाइसेंस जरूर पटाखे का था, लेकिन वह इसमें बम बनाने लगे थे, क्योंकि पटाखों से इतना बड़ा विस्फोट नहीं हो सकता। बरैया ने कहा कि यदि सरकार से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करनी है तो कलेक्टर और एसपी पर एफआईआर करके जेल भेजा जाना चाहिए। क्योंकि यदि वह लोग समय-समय पर जांच करते रहते तो यह घटना नहीं होती। बरैया ने कहा कि मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही थी बम फैक्ट्री  कटारेकांग्रेस के विधायक और उपनेता हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही हरदा में वह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, जो कई लोगों की मौत का कारण बनी। कटारे ने कहा कि कई लोग अपने परिचितों को तलाश रहे हैं। ट्रांसफर करना यह हटाना कोई कार्रवाई नहीं है। विधायक रामेश्वर ने किया पलटवारकांग्रेस विधायकों के आरोपों को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बम, पटाखा, आतंकवाद इनकी जड़ कांग्रेस ही है। विपक्ष के विधायकों को चाहिए कि इस तरह का आचरण न करें और सदन की कार्यवाही में सहयोग करें।

16 से भोपाल स्टेशन से रवाना होगी आस्था स्पेशल ट्रेन, ढोल-नगाड़े के साथ होगा जश्न

Aastha special train will leave from Bhopal station from 16, will be celebrated with drums and drums दो आस्था स्पेशल ट्रेनों से मध्य भारत प्रांत के 2500 श्रद्धालु 16 को जाएंगे अयोध्या रामलला के दर्शन करने भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देश के अलग अलग राज्यों से श्रीरामलला के दर्शन करने अयोध्या जाने का सिलसिला जारी है। इसके लिए देश के अलग-अलग रेल मंडलों से आस्था स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही है। भोपाल रेल मंडल के बीना व कोटा से एक-एक आस्था स्पेशल ट्रेन अयोध्या जा चुकी है। अब भोपाल से 16 फरवरी को दो आस्था स्पेशल ट्रेनो के माध्यम से 2500 श्रद्धालू अयोध्या जाएंगे। 16 को भोपाल स्टेशन में ढोल नगाड़ो के साथ जश्न का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओ के विदाई के अलावा अयोध्या से लौटने पर उनका अभिनदंन भी किया जाएगा। 32 जिलों के श्रद्धालु जाएंगे भोपाल से बजरंग दल के प्रांताध्यक्ष सुशील सुडेले ने बताया कि मध्य भारत प्रांत के 2500 श्रद्धालू 16 फरवरी को भोपाल स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। 17 फरवरी को अयोध्या पहुचेगे। जहां भगवान श्री रामलला के दर्शन करेंगे। एवं 18 फरवरी को अयोध्या से रवाना होकर 19 को भोपाल वापस पहुच जाएगे। श्रीरामलला के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को भोपाल स्टेशन पर भव्य स्वागत अभिनंदन किया जाएगा। सुशील सुडेले ने बताया कि आस्था ट्रेन में बुकिंग करा ली गई है। जिसके माध्यम से अयोध्या जाने की तैयारी है। वही अयोध्या जाने वालो में विश्व हिंदु परिषद, बजरंग दल, संघ के सदस्यो के अलावा आम श्रद्धालू भी शामिल रहेंगे।भोपाल से बीना तक सभी स्टेशनो में स्वागतभोपाल से अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को भोपाल स्टेशन में स्वागत किया जाएगा।

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