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असम : हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था

गुवाहाटी असम भाजपा अपने वर्तमान सदस्यता अभियान के तहत 60 लाख नए सदस्य बनाने के 100 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, असम में भाजपा की सदस्यता 58 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य इकाई ने हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था। कुल 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 91 ने पहले ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, “हमें पूरे असम में बेहतरीन प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इस त्योहारी सीजन में भी लोग हमारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। यह वाकई अभूतपूर्व है। केंद्रीय नेता भी हमारे प्रदर्शन से बहुत खुश हैं।” वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “असम के 91 विधानसभा क्षेत्रों में अब ‘बीजेपी सदस्यता 2024’ के तहत 40 हजार से ज्यादा सदस्य शामिल हुए हैं। बेहाली, करीमगंज उत्तर और मजबत निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को 40 हजार से ज्यादा सदस्य बनाने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई। 58.31 लाख नए सदस्यों के साथ असम भाजपा अपने निर्धारित लक्ष्य के 100 प्रतिशत के करीब है।” राज्य में भाजपा नेता सदस्यता अभियान में 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सीएम सरमा ने पहले कहा था, “हमारी पार्टी कॉलेज या विश्वविद्यालय चुनाव नहीं लड़ती है। हालांकि, उन्हें हमारी पार्टी का सदस्य बनाने में कोई रोक नहीं है। मैं ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा में युवाओं को शामिल करने पर जोर दें। वे भविष्य में इस देश के लिए हमारे मिशन को आगे बढ़ा सकते हैं।” इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कहा कि असम देश में पार्टी के सदस्यता अभियान में 85 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करके देश में सबसे आगे है।  

छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान में 36 लाख का आंकड़ा पार, रखा 50 लाख पार करने का लक्ष्य

रायपुर छत्तीसगढ़ में भाजपा अपने सदस्य बनाने के काम में जोर-शोर से जुटी हुई है. नतीजतन प्रदेश में अब तक 36 लाख लोगों को भाजपा का सदस्य बनाया जा चुका है. ये दावा प्रदेश संयोजक व प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने किया है. इनका कहना है कि जल्द ही 50 लाख के आंकड़े को भी पार कर लिया जायेगा. इसके लिए योजना बनाकर जमीनी स्तर पर काम भी शुरू कर दिया गया है. ऑफलाइन सदस्य बनाने का अभियान भी भारतीय जनता पार्टी के संगठन महापर्व-सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक व प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में चल रहे सदस्यता अभियान में 36 दिनों में छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के 36 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं. भाजपा के सदस्यता अभियान को प्रदेशभर में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और जो लोग ऑनलाइन सदस्य नहीं बन पा रहे हैं, उनकी मांग को देखते हुए प्रदेश में अब फार्म भरकर ऑफलाइन सदस्य बनाने का अभियान भी युद्धस्तर पर चल रहा है. लक्ष्य को पार करने में लगातार जुटे हैं प्रदेश संयोजक सिंहदेव ने ये भी कहा कि छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान को लेकर भाजपा ने विशेष अभियान भी चलाकर सदस्यता के लक्ष्य की प्राप्ति में बड़ी छलांग लगाई है.  जिनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्रीअरुण साव व विजय शर्मा समेत प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, सांसद-विधायक, पदाधिकारी व कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर सदस्यता के लक्ष्य को पार करने में लगातार जुटे हुए हैं. ये तैयारियां भी इधर सदस्यता को गति प्रदान करने प्रदेश के सभी पाँच संभागों से भारतीय जनता युवा मोर्चा की 20 रथयात्राएं शुरु हो चुकी हैं. पार्टी के सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों को भी अभियान की सफलता के लिए लक्ष्य सौंपकर जिम्मेदारी दी गई है. सिंहदेव ने कहा कि नमो ऐप, वेब साइट की लिंक, रेफरल लिंक और मिस्ड कॉल के जरिए सदस्यता अभियान को गति देने के बाद पार्टी कार्यकर्ता पूरे समर्पण के साथ जिन क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं है या जिन लोगों को ऑनलाइन सदस्य नहीं बनाया जा सक रहा हो, वहां घर-घर सम्पर्क करके फॉर्म भरकर ऑफलाइन सदस्यता अभियान में जुट गए हैं. ये अभियान भी होगा शुरू भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक सिंहदेव ने कहा कि इसी के साथ पार्टी के सक्रिय सदस्य बनाने का अभियान भी शुरू होने जा रहा है. प्रत्येक मंडल में 200 सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है. प्रदेशभर में चलने वाले सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव को सक्रिय सदस्यता अभियान का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है. पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर सतत समीक्षा का क्रम भी प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चल रहा है. अभी हाल ही में भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की मौजूदगी में हुई बैठक में जिला अध्यक्ष एवं जिला सदस्यता प्रभारी और महामंत्रियों से जिलेवार चर्चा करके सदस्यता के लिए लक्ष्य तय किया गया.

BJP विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने भावनाओं में आकर दिया इस्तीफा वापस लिया

BJP MLA Brijbihari Pateria withdrew his resignation out of emotion MP News: बृजबिहारी पटेरिया ने अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद कहा कि वह गुस्से में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है. सागर जिले के देवरी से BJP MLA Brijbihari Pateria ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. विधायक एक डॉक्टर के खिलाफ रिश्वत मांगने को लेकर थाने में एफआईआर दर्ज कराने गए थे, लेकिन शिकायत न लिखे जाने पर उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया और धरने पर बैठ गए. देर रात तक चले धरने के बाद डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद विधायक ने अपना इस्तीफा वापस लिया. दरअसल, सागर के केसली थाना क्षेत्र के ग्राम मेड़की में सर्पदंश से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर ने रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत लिखने की एवज जगह में 40 हजार रुपये मांगे. सबूत होने के बाद भी पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की. इसके बाद विधायक थाने पहुंचे, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई. इसके बाद BJP MLA Brijbihari Pateria ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम अपना इस्तीफा लिखकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और केसली पुलिस थाने में धरने पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने कहा, “सबूत और सत्ता पक्ष के होने के बाद भी अगर एफआईआर नहीं हो रही है तो इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है?” उन्होंने कहा, जब तक डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती तब तक धरने पर बैठे रहेंगे. इस्तीफा वापस लेने के बाद क्या बोले BJP विधायक?उन्होंने यह भी बताया कि “ऐसी जानकारी लग रही है कि शायद डॉक्टर की पत्नी भी पुलिस में है इसलिए पुलिस मामला दर्ज करने से बच रही है.” वहीं देर रात जब केसली पुलिस ने डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, तो बृजबिहारी पटेरिया ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. उन्होंने कहा, “वह आक्रोश में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है, मुख्यमंत्री जी के आदेश का मैं पालन करूंगा.” वहीं अब इस मामले ने प्रदेश का सियासी पारा बढ़ा दिया है. पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा, “मैंने विधायक बृजबिहारी पटेरिया से बात की और पूरा मामला जाना. प्रदेश की बीजेपी सरकार आमजन के प्रति बेहद संवेदनशील है, इस प्रकार के गैर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”

हरियाणा में नायब सिंह सैनी समेत मंत्रिमंडल में 14 सदस्य होंगे, मंत्रिमंडल में किसकी लगेगी लॉटरी

चंडीगढ़ हरियाणा में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत के बाद अब सबकी निगाहें नई सरकार और कैबिनेट के गठन पर टिकी हैं। हरियाणा सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। इसका मतलब है कि भाजपा को 11 नए चेहरों की तलाश करनी होगी, क्योंकि केवल अनिल विज ही वो सीनियर नेता हैं जिन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी है। अनिल विज को मंत्री पद मिल सकता है। बीजेपी जाटों, ब्राह्मणों, पंजाबी और दलितों सहित राज्य की विभिन्न जातियों को ध्यान में रखकर कैबिनेट का गठन करेगी। जातिगत समीकरणों और समुदायों की मांगों को संतुलित करते हुए सरकार बनाना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन बीजेपी ने हाल के दिनों में सफलतापूर्वक किया है। पिछले साल दिसंबर में, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव जीतने के बाद, पार्टी ने विधायकों और राज्य के नेताओं से परामर्श करने के बाद मुख्यमंत्रियों और मंत्रिमंडलों की घोषणा करने में अपना समय लिया। हरियाणा में भी इसी तरह के कदम उठाने की संभावना है। बीजेपी के पास अब दलित समुदाय से नौ विधायक हैं, आठ पंजाबी मूल के, सात ब्राह्मण और जाटों और यादवों में से प्रत्येक के छह विधायक हैं। पार्टी के पास गुर्जर, राजपूत, वैश्य और एक ओबीसी नेता भी हैं। इन दो दलित नेताओं में से एक मिल सकती है कैबिनेट में जगह इस सरकार में भाजपा के पास नौ दलित विधायक हैं, जिनमें से दो सबसे आगे हैं। एक हैं छह बार के विधायक कृष्ण लाल पंवार और दूसरे हैं दो बार के विधायक कृष्णा बेदी। पंजाबी मूल के आठ लोगों में सात बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज हैं, जो मार्च में मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के बाद नाराज हो गए थे। यह तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लोकसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद इस्तीफा देने के बाद हुआ था। पिछले महीने अपनी अम्बाला कैंट सीट जीतने वाले शविज ने तीसरी बार उस रिंग में अपनी टोपी फेंकी लेकिन उन्हें फिर से नजरअंदाज कर दिया गया। और यह पार्टी के लिए थोड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। कृष्ण मिड्ढा को क्या मिलेगी जगह जींद के विधायक कृष्ण मिड्ढा भी इस रेस में हैं, जिन्होंने लगातार तीसरी बार अपनी सीट जीती है। एक और अब तीन बार के विधायक यमुनानगर से घनश्याम दास अरोड़ा हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति को छोड़ दिया जा सकता है क्योंकि उनकी सीट अम्बाला क्षेत्र के भीतर है। अरोड़ा को हांसी से तीन बार के विधायक विनोद भयाना के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है। किस ब्राह्मण चेहरे को मिलेगा मौका फिर नंबर आता है ब्राह्मण को, इनमें बल्लभगढ़ से तीन बार के विधायक मूल चंद शर्मा शामिल हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में बरकरार रखा जा सकता है। एक और संभावित दो बार के लोकसभा सांसद अरविंद शर्मा हैं जिन्होंने गोहाना जीता। राम कुमार गौतम, जिन्होंने सफीदों को जीत दिलाई, जिसे भाजपा ने कभी नहीं जीता था। अहीरवाल बेल्ट से कौन होगा मंत्री भाजपा के लिए अहीरवाल बेल्ट के छह विधायक महत्वपूर्ण हैं जिन्होंने एक बार फिर पार्टी को भारी मतों से वोट दिया। कांग्रेस को हराने के लिए इस बार यह समर्थन महत्वपूर्ण था। इनमें बादशाहपुर से छह बार के विधायक राव नरबीर सिंह हैं। वह पहली सैनी सरकार में नहीं थे, लेकिन 2014 के चुनाव जीतने के बाद श खट्टर की अध्यक्षता वाली सरकार में थे। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव ने पहली बार अटेली सीट जीती है, लेकिन उनका नाम शॉर्टलिस्ट में है। साथ ही दो बार के विधायक लक्ष्मण यादव का नाम भी है। इस जाट विधायक को मिल सकती है जगह जाट हरियाणा की सबसे बड़ी उप-आबादी में से एक है। जाट नेता महीपाल ढांडा अब पानीपत (ग्रामीण) से दो बार के विधायक हैं और उनके बरकरार रहने की संभावना है। राई से दूसरी बार चुने गए कृष्ण गहलोत भी इस दौड़ में शामिल हैं। एक संभावित बड़ा नया नाम पार्टी के राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी का है। अन्य संभावित उम्मीदवारों में वैश्य समुदाय के पूर्व मंत्री विपुल गोयल शामिल हैं। हरियाणा में सबसे अमीर महिला और हिसार से निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने औपचारिक रूप से भाजपा को अपना समर्थन दे दिया है। इससे उनके नए मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।

बीजेपी का मातृ संगठन आरएसएस जातिगत जनगणना बात के बाद अब टीडीपी ने भी मांग दोहरा दी

नई दिल्ली देश भर में राजनीतिक दल और कई सामाजिक संगठन जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं। बिहार में तो नीतीश कुमार जब आरजेडी के साथ सरकार चला रहे थे, उसी समय उन्होंने जातिगत जनगणना करा दी थी। इसके बाद से ही वह पूरे देश में ऐसा करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा गठबंधन के एक और सहयोगी चिराग पासवान भी ऐसी मांग करते रहे हैं। यूपी से अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और ओपी राजभर भी यह दोहरा चुके हैं। इस बीच एनडीए सरकार के सबसे बड़े गठबंधन सहयोगी टीडीपी ने भी यह मांग दोहरा दी है। भाजपा का मातृ संगठन आरएसएस भी इसके पक्ष में बात रख चुका है। संघ का कहना था कि ऐसा किया जा सकता है, बस राजनीतिक इस्तेमाल न हो। तेलुगु देशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने दिए इंटरव्यू में जातिगत जनगणना को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि कास्ट सेंसस होनी चाहिए। यह जनता की भावना है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। नायडू ने कहा, ‘आप जातिगत जनगणना कराएं। फिर आर्थिक विश्लेषण करें। स्किल सेंसस करें। इससे आपको पता चलेगा कि किसकी क्या स्थिति है और फिर उसके आधार पर आर्थिक गैर-बराबरी दूर करने में मदद मिलेगी।’ नायडू ने कहा कि जनभावना है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए। यदि ऐसा है तो फिर उसका सम्मान जरूरी है। यह बात सही है कि देश में गरीबी सबसे बड़ा मुद्दा है। यहां तक कि आप निचली जाति से हैं और पैसे वाले हैं तो लोग आपका सम्मान करेंगे। समाज में आपकी इज्जत होगी। लेकिन आप भले ही ऊंची जाति के हैं, लेकिन गरीब हैं तो फिर कोई आपको महत्व नहीं देगा। यह सच्चाई है। इसलिए आर्थिक स्थिति ही समानता का सबसे बड़ा पैमाना है। इसलिए आपको समाज में संतुलन के लिए आर्थिक गैर-बराबरी खत्म करने के लिए ही काम करना होगा। बता दें कि आरएसएस ने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की मीटिंग के बाद जातिगत जनगणना को लेकर सधा हुआ जवाब दिया था। संघ का कहना था कि यदि समाज को ऐसा लगता है तो कराई जा सकती है, लेकिन इसका प्रयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। इससे समाज में वैमनस्यता बढ़ती है।

‘मोदी के कामों ने किया प्रेरित’, भाजपा में शामिल हुईं केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी

तिरुवनन्तपुरम  केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। 2020 में केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं श्रीलेखा केरल की पहली महिला डीजीपी रैंक की अधिकारी भी थीं। श्रीलेखा एक लेखिका भी हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद, श्रीलेखा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के करिश्मे ने उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। मुझे भाजपा की विचारधारा पर भरोसा है। उन्होंंने कहा कि मैं तीन हफ़्ते तक सोचने के बाद भाजपा में शामिल हो रही हूं। तीन हफ़्ते पहले भाजपा ने मुझसे पार्टी में शामिल होने के लिए संपर्क किया था। मैं सेवा में एक निष्पक्ष अधिकारी रही हूं। लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद अपने अनुभव के आधार पर, मुझे एहसास हुआ कि लोगों की सेवा करने का यही सबसे अच्छा तरीका है। वहीं केरल बीजेपी अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने श्रीलेखा को एक बहादुर अधिकारी बताते हुए कहा कि पूर्व आईपीएस अधिकारी केरल से परिचित थीं और उन्होंने पुलिस में कई सुधार किए। उन्होंने पुलिस बल में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। श्रीलेखा ऐसे समय में भाजपा में शामिल हुई हैं जब केरल में एडीजीपी एमआर अजीत कुमार की हाल के वर्षों में आरएसएस नेताओं के साथ बैठकों पर बहस हो रही है। वह पूर्व डीजीपी जैकब थॉमस के बाद सेवानिवृत्ति के बाद पार्टी में शामिल होने वाली दूसरी पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। फरवरी 2021 में भाजपा में शामिल होने के बाद, जैकब थॉमस ने इरिंजालकुडा विधानसभा क्षेत्र से राज्य विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के आर. बिंदु से हार गए थे। 1987 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रीलेखा के अपने करियर के अंत में केरल की माकपा सरकार के साथ संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। अपने सेवानिवृत्ति के दिन, उन्होंने डीजीपी-रैंक के अधिकारियों को दी जाने वाली औपचारिक विदाई पार्टी और गार्ड ऑफ ऑनर से परहेज किया था। तिरुवनंतपुरम की रहने वाली श्रीलेखा सिविल सेवा में शामिल होने से पहले एक कॉलेज लेक्चरर और एक बैंक अधिकारी थीं। उन्होंने विभिन्न जिलों में एसपी और बाद में डीआईजी और आईजी के रूप में कार्य किया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्होंने चार साल तक सीबीआई के साथ काम किया था। उन्होंने नौ पुस्तकें भी लिखी हैं।

भाजपा विधायक दल की बैठक कल मुख्यमंत्री निवास या हरियाणा निवास में होने की संभावना, शपथ ग्रहण हो सकती है जल्द

चंडीगढ़ हरियाणा में विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद अब सरकार बनने की स्थिति साफ हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी जहां हैट्रिक लगाते हुए लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री के पद को लेकर पार्टी हाई कमान पहले से ही नायब सिंह सैनी का नाम घोषित कर चुकी है। इस प्रक्रिया में भाजपा विधायक दल की बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास या हरियाणा निवास में होने की संभावना है।इसी सिलसिले में चंडीगढ़ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भी वीरवार को पहुंच सकते हैं आ नए चुने विधायकों से मुलाकात कर सकते हैं।हरियाणा में वर्ष 2014 से 2019 तथा 2019 से 2024 तक कमान साढ़े 9 साल मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल के पास ही रही है। हालांकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली ने दशहरा के पर्व के बाद विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा होने की बात कही है। इसी बीच अब मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले विधायकों के नामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो चुकी है। इस चुनाव में पार्टी के कईं दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के सम्मुख मंत्रिमंडल का गठन किए जाने के समय भौगोलिक और जातीय सभी समीकरणों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। हालांकि अनिल विज, मूलचंद शर्मा, विपुल गोयल सरीखे कुछ नाम ऐसे है, जिनका मंत्री बनना लगभग तय है।घरोंडा से विधायक हरविंद्र कल्याण का नाम विधानसभा अध्यक्ष के इस पद के लिए चर्चा में हैं। मंत्री के लिए चर्चा में यह नाम मुख्यमंत्री के अलावा हरियाणा की नई बनने वाली सरकार में मंत्री बनने की चाह रखने वाले नेताओं की लंबी फेहरिस्त है। इनमें कुछ नामों के बारे में हम आपकों बताने जा रहे हैं। इन नामों में पूर्व की बीजेपी सरकार में मंत्री रहे अनिल विज का इस बार भी मंत्री बनना करीब-करीब तय माना जा रहा है। हालांकि वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन साथ ही वह यह भी कह चुके हैं कि वह किसी भी पद पर अपना दावा नहीं जताएंगे और पार्टी की ओर से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसे बखूबी निभाएंगे। इसके अलावा पूर्व बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मूलचंद शर्मा का इस बार भी मंत्री बनना तय माना जा रहा है। इनके अलावा मनोहर पार्ट वन में राज्य मंत्री रहे कृष्णलाल पंवार, विपुल गोयल और कृष्ण बेदी का भी मंत्री बनना तय माना जा रहा है। इनके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव, रामकुमार गौतम, महीपाल ढांडा, प्रमोद विज, कृष्ण गहलावत, डॉ. कृष्ण मिड्ढा, विनोद भयाना, घनश्याम दास अरोड़ा, श्रुति चौधरी के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल है। यह बन सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष हरियाणा में चूंकि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता इस बार विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाए है तो इस सूरत में बीजेपी को नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव करना होगा। ऐसे में पूर्व में डिप्टी स्पीकर रहे रणबीर गंगवा का अलावा घरोंडा से विधायक हरविंद्र कल्याण का नाम इस पद के लिए चर्चा में हैं।गंगवा मंत्री बनना चाहते हैं। विजयदशमी के दिन 12 अक्टूबर को झोट ग्रह की संभावना।देश के पी एम नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह में से कोई बड़ी हस्ती भी शपथ ग्रहण में मौजूद रह सकती है। मुख्यमंत्री समेत हो सकते हैं 14 मंत्री 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री समेत कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि अपने कद्दावर नेताओं के अलावा भारतीय जनता पार्टी तीसरी पारी की सरकार में किन-किन नेताओं को मंत्री पद से नवाजने का काम करती है, क्योंकि मंत्री बनाते समय भारतीय जनता पार्टी को चुनावी समीकरण के साथ भौगोलिक और जातीय दोनों समीकरणों को ध्यान में रखन होगा।  

हरियाणा में और मजबूत हुई भाजपा, दो निर्दलीयों ने थामा बीजेपी का हाथ

नई दिल्ली हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद पार्टी का उत्साह बना हुआ है. इस बीच चुनाव में जीत दर्ज कर चुके दो निर्दलीय बीजेपी में शामिल हो गए हैं. चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज कर चुके राजेश जून और देवेंद्र कादियान बीजेपी में शामिल हो गए हैं. हरियाणा चुनाव के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और अन्य बीजेपी नेताओं के साथ बैठक के बाद दोनों विधायक बीजेपी में शामिल हो गए. देवेंद्र कादियान ने सोनीपत जिले में पड़ने वाली गन्नौर सीट से जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 35,209 वोटों के अंतर से हराया है. इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देवेंद्र कौशिक तीसरे नंबर पर रहे. बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के कारण देवेंद्र कादियान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था. गन्नौर सीट से कादियान ने निर्दलीय ही यह चुनाव जीत लिया. कादियान ने 10 सितंबर को वीडियो जारी कर बीजेपी को अलविदा कह दिया था. उन्होंने काफी भावुक होकर दावा किया था कि वह गन्नौर सीट से टिकट चाहते थे, लेकिन उन्हें बीजेपी ने टिकट नहीं दिया. इससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी. वहीं, राजेश जून कांग्रेस से टिकट न मिलने के कारण निर्दलीय ही बहादुरगढ़ सीट से खड़े हो गए थे. राजेश जून ने बीजेपी उम्मीदवार दिनेश कौशिक को 41,999 वोटों के अंतर से चुनाव हराया. हरियाणा में बीजेपी की हैट्रिक हरियाणा में बीजेपी ने हैट्रिक लगा दी है. ये अपने आप में रिकॉर्ड है, क्योंकि हरियाणा में कभी भी कोई पार्टी लगातार तीसरी बार चुनाव नहीं जीती है. इतना ही नहीं, हरियाणा के इतिहास में बीजेपी का ये अब तक की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस भी हैं. बीजेपी इससे पहले कभी भी इतनी ज्यादा सीटें नहीं जी सकी है. हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 48, कांग्रेस 37, आईएनएलडी 2 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटें जीती. इस बार बीजेपी ने 2014 और 2019 से भी बड़ी जीत हासिल करते हुए 48 सीटें जीत ली हैं. 2014 में बीजेपी ने 47 और 2019 में 40 सीटें जीती थीं. वहीं, नतीजों से पहले तक कांग्रेस की वापसी का अनुमान लगाया जा रहा था. लेकिन कांग्रेस इस बार 37 सीटें ही जीत सकी. 2 सीटें इनेलो को मिली हैं. वहीं, तीन निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं.  

विकास से समाज कल्याण के लिए सद्मूल्यों को करना होगा विकसित : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल Good values ​​will have to be developed for social welfare through development: Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है, इसे सही दिशा देकर मानव कल्याण से जोड़ने के लिए समाज में सद्मूल्यों को विकसित करना होगा। विकास को वरदान बनाना है तो समाज में प्रेम, दया, करुणा, परोपकार और शांति की भावना को जागृत करना होगा। ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों द्वारा जन-चेतना के लिए किये जा रहे कार्य सशक्त और समृद्ध भारत तथा वैश्विक खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित शिखर सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में (4 अक्टूबर) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सपनों के भारत के निर्माण का चल रहा है महायज्ञ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है आज भारत विश्व की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आगामी 5 वर्षों में हम तीसरी और वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। व्यापक स्तर पर तेज गति से विकास हो रहा है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने विकास के द्वार खोले हैं। नागरिकों को सक्षम बनाने के लिये उच्चस्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। विकास की राह के हर पड़ाव में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। इस विकास को स्थायी बनाने के लिये मानव जाति का जागृत होना आवश्यक है। इसके लिये भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और आध्यमिकता का पुनरुत्थान करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे 21 वीं सदी भारत की होगी। भारत विश्वगुरु होगा। वर्तमान वैश्विक पारिस्थितियों में भारत का नेतृत्व नितांत आवश्यक है। आर्थिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास पर भी कार्य करना होगा। विकसित, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिये भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की सोच पर सभी को चलना होगा। वैश्विक कल्याण के इस अहम दायित्व के निर्वहन के लिये आवश्यक है कि भारत का हर नागरिक सकारात्मक भूमिका निभाकर लोक-कल्याणकारी पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं, समाज और विश्व का कल्याण किया जा सकता है सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी कहते थे “आज मानव ने आकाश में पक्षी की तरह उड़ना सीख लिया है, मछली की तरह समुद्र में तैरना सीख लिया है लेकिन इंसान की तरह जमीन पर चलना नहीं सीख पाया।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वैश्विक कल्याण के लिये मानव मूल्यों को जागृत करना होगा। समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ कार्य कर रही हैं, परंतु ख़ुशी की बात है कि समाज को जोड़ने वाली, चिंतन करने वाली, वैश्विक कल्याण के भाव वाली संस्थाएँ और विचारक सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों को आशा भरी नज़रों से देख रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है आगामी पीढ़ी को भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। एक अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं का, समाज का और विश्व का कल्याणकारी भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल को ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। ब्रह्मकुमारी के राजयोगी बृजमोहन, राजयोगिनी सुश्री चन्द्रिका दीदी सहित 20 हजार से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल थे।

युवा कांग्रेस ने महिला अपराधों के खिलाफ निकाला मशाल जुलूस

Youth Congress takes out torch procession against crimes against women हरिप्रसाद गोहेआमला/बैतूल । मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और मासूम बच्चियों के साथ हो रही जघन्य घटनाओं के विरोध में, मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के आव्हान पर 5 अक्टूबर को बैतूल मे युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय पारधी के नेतृत्व में बेटी बचाव अभियान के तहत मशाल जुलूस निकाला गया।,मशाल जुलूस शांति मार्च की शुरुआत अंबेडकर चौक से होकर बैतूल के मुख्य मार्ग से होती हुए लल्ली चौक स्थित शहीद स्मारक पर समापन किया गया। इस जुलूस के माध्यम से युवा कांग्रेस ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और बढ़ते यौन शोषण पर सरकार को चेताया। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने इस अवसर पर कहा, प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां लगातार असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों का बढ़ना प्रदेश की बीजेपी सरकार की नाकामी को दर्शाता है। अगर समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो युवा कांग्रेस उग्र विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगी।जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विजय पारधी ने कहा, प्रदेश में लगातार महिलाओं और मासूम बच्चियों के साथ जघन्य अपराध हो रहे हैं। बीजेपी सरकार महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह विफल रही हैं! महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर इसी तरह विरोध करती रहेगी। यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो हम और भी बड़े आंदोलनों के लिए तैयार हैं। मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता भी शामिल हुई। इस दौरान महिला सुरक्षा और न्याय की मांग के नारे गूंजते रहे। जुलूस के अंत में नेताओं ने संकल्प लिया कि महिला सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बर्दाश्त की जाएगी।इस जुलूस में प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, समीर खान, रामू टेकाम, नगर कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया, नगर कार्यवाहक अध्यक्ष प्रशान्त राजपूत,अरुण गोठी, नवनीत मालवीय, ऋषि दीक्षित, विजय पारधी, युवा कांग्रेस के ज़िला कार्यवाहक अध्यक्ष राहुल छत्रपाल, सलाम भाई, राकेश माझी, राजकुमार दीवान, राकेश गंगारे, प्रीतेश गंगारे, आकाश भाटिया, गोविंद साहू, संजय साहू, मनोज आहूजा, अमर मसकोले, शेख आकिब, जेयपाल यादव, अभिषेक पवार, चिंटू ठाकूर, जितेंद्र पवार, जीतेंद्र इवने,मनोज आठनकर, दीपू सावनेरे, राशिद खान, राजा सोनी, राजेश गावंडे, राहुल परते, एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष जैद खान, सोनू राठौर, महेश थोटेकर, सरफराज खान, सेंटी वाघमारे, यसवंत हुडे, मोसिन खान, सनी मंडल, मोंटी जैन, निलेश बरड़े, प्रदीप कोकाटे,पंजाब अहाके, राजकुमार साहू, देवेश अठवेकर, निलेश धुर्वे, कुलदीप काजोड़े, राहुल चंदेलकर, गुलशन मिश्रा, बारस्कर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सदस्यता अभियान की समीक्षा में जुटी भाजपा, राजस्थान में नड्ढा लेंगे मीटिंग

जयपुर. प्रदेश में बीजेपी का सदस्यता अभियान संगठन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्ढा राजस्थान की वर्चुअल बैठक लेने वाले हैं। इससे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सदस्यता अभियान की समीक्षा के लिए समिति गठित कर दी। इस समिति का संयोजक ओंकारसिंह लखावत को बनाया गया है। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया व अनुसूचित जनजाति के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल को सदस्य बनाया है। जानिए मंत्री विधायकों का रिपोर्ट कार्ड सदस्यता अभियान की बात करें तो राजस्थान इस मामले में बहुत ही ज्यादा पिछड़ा हुआ है। राजधानी जयपुर में आदर्श नगर, सांगानेर और विद्याधर नगर टॉप पर हैं। वहीं डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा का विधानसभा क्षेत्र दूदू सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। आदर्श नगर की बात करें तो यहां विधानसभा चुनावों में बीजेपी हार गई थी। रवि नैयर यहां से बीजेपी के प्रत्याशी थे। नए सदस्य बनाने में जयपुर में यह विधानसभा टॉप पर रही है। भजनलाल v/s दीया कुमारी वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र सांगानेर दूसरे तथा डिप्टी सीएम दीया कुमारी का निर्वाचन क्षेत्र विद्याधर नगर तीसरे स्थान पर है। सांगानेर में 40232 नए सदस्य बनाए गए हैं, जबकि विद्याधर नगर विधानसभा में 40222 सदस्य बनाए गए हैं। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ की विधानसभा झोटवाड़ा 27958 सदस्यों के साथ इस सूची में चौथे नंबर पर है।   विधानसभा        नए बनाए सदस्य आदर्शनगर              46879 सांगानेर                  40232 विद्याधर नगर           40222 झोटवाड़ा                27958 सिविल लाइंस          26072 मालवीय नगर          25672 बगरू                    18696 चाकसू                   14794 आमेर                    13782 विराटनगर              13095 बस्सी                     10729 जमवारामगढ़            9615 चौमू                        7891 किशनपोल               8433 किशनपोल               5515 बीएल संतोष से लग चुकी है फटकार – पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पिछले दिनों बीजेपी ऑफिस में सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक लेकर जयपुर की स्थिति पर कड़ी नाराजगी भी जताई थी। कई पदाधिकारियों ने यह तर्क दिया कि राजस्थान में इस समय खेती हो रही है इसलिए लोग नए सदस्य नहीं बना पा रहे। इस पर बीएल संतोष ने कहा था कि खेत में भी जाना पड़े तो जाओ लेकिन नए सदस्य बनाओ। राजस्थान का रिपोर्ट कॉर्ड जिला     विधानसभा    सदसय बनाए      क्षेत्र संख्या   जयपुर            7     1,35,735 अजमेर            3      80493 चूरू           6      80301 सीकर           8      80233 भीलवाड़ा          7      71621 भरतपुर         7      70535 जैसलमेर      2      562190 जालौर        5      66244 जोधपुर        3      62190 जयपुर देहात      661324  

केंद्रीय कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान, चौहान ने बताया ऐसे होंगे किसान मालामाल?

Big announcement by Union Agriculture Minister, Chauhan told how farmers will become rich? भोपाल ! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्याज के दाम में इजाफा नहीं होगा. उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास प्याज का बंपर स्टॉक है. सरकार जरूरत पड़ने पर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति करेगी. आज (शुक्रवार) केंद्रीय मंत्री भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार ने सोयाबीन का मिनियम सपोर्ट प्राइज तय किर दिया है. पॉम आयल आने के कारण सोयाबीन की कीमत कम हुई है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के लिए भी अच्छी खबर सुनाई. पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि बासमती का मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइज समाप्त कर दिया गया है. गैर बासमती पर भी सरकार ने प्रतिबंध हटाया है. उन्होंने कहा कि खाद्य तेल के उत्पादन में 10 मिलियन टन का फर्क है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के पास प्याज का बंपर स्टॉक है. जरूरत पड़ने पर सरकार स्टॉक से प्याज रिलीज करेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर और हरियाणा चुनाव में बीजेपी जीत रही है. उन्होंने झारखंड विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया. बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है. किसानों के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री ने क्या दी खुशखबरी? शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड में भी बीजेपी को जनता का समर्थन मिलने का दावा किया. उन्होंने कहा कि हरियाणा में बीजेपी जीत की हैट्रिक लगायेगी. हरियाणा में विधानसभा के चुनाव 5 अक्टूबर को होंगे. मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार को किसानों का हितैषी बताया. उन्होंने खुशखबरी सुनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार कृषि के विकास और किसानों के हित में दो नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी. पीएम कृषि विकास योजना और कृषि उन्नत योजना से किसानों को लाभ मिलेगा. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की उन्नति के लिए केंद्र की मोदी सरकार लगातार प्रयासरत है.

हरियाणा विधानसभा चुनाव: ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने युवाओं से ‘बाहर निकलकर मतदान करने’ का आग्रह किया

अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मनु भाकर ने कहा कि एक ‘जिम्मेदार नागरिक’ के तौर पर उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डाला। Haryana assembly elections: Olympic medallist Manu Bhaker urges youth to ‘come out and vote’ हरियाणा ! दोहरी ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को युवाओं से बाहर निकलकर हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डालने का आग्रह किया।हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक में भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट और महिलाओं की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में दो कांस्य पदक जीतेअपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भाकर ने कहा कि एक ‘जिम्मेदार नागरिक’ के तौर पर उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डाला।भाकर ने एक्स पर लिखा, “मुझे स्याही लगी है! एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, मैंने आज सुबह हरियाणा विधानसभा चुनाव में गर्व के साथ अपना वोट डाला। मैं सभी युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बाहर निकलें और बड़ी संख्या में मतदान करें। आपका वोट मायने रखता है।”हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को मतदान शुरू हुआ और सुबह 11 बजे तक 22.70 प्रतिशत मतदान हुआ, भारतीय चुनाव आयोग ने कहा। चुनाव आयोग ने कहा कि हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों पर दोपहर 1 बजे तक 36.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोपहर 1 बजे तक अंबाला में 39.47 प्रतिशत, भिवानी में 38.27 प्रतिशत, फतेहाबाद में 40 प्रतिशत, हिसार में 38.34 प्रतिशत, करनाल में 39.74 प्रतिशत, रोहतक में 36.19 प्रतिशत, सोनीपत में 33.64 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान पंचकूला में हुआ, जहां दोपहर 1 बजे तक 25.89 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी सत्ता विरोधी लहर और किसान आंदोलन तथा पहलवानों के विरोध के मुद्दों पर सत्ता वापस लेने की कोशिश कर रही है। हरियाणा में मुख्य चुनाव लड़ने वाली पार्टियों में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के साथ-साथ इंडियन नेशनल लोकदल-बहुजन समाज पार्टी (आईएनएलडी-बीएसपी) और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)-आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन शामिल है। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल के अनुसार, 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में 2,03,54,350 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,07,75,957 पुरुष, 95,77,926 महिलाएं और 467 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल, 1,031 उम्मीदवारों के साथ 90 निर्वाचन क्षेत्रों में 20,632 मतदान केंद्र स्थापित

Mohan Cabinet Meeting:दमोह के सिंग्रामपुर में ‘ओपन एरिया’ में मोहन कैबिनेट की बैठक

Cabinet Meeting: Mohan Cabinet meeting in ‘Open Area’ in Singrampur, Damoh दमोह ! वीरांगना रानी दुर्गावती के 500वें जन्म शताब्दी के मौके पर सीएम मोहन यादव कैबिनेट की बैठक सिंग्रामपुर में हो रही है. इस बैठक के साथ मध्य प्रदेश सरकार कई सौगातें भी दे रही है. इसमें सबसे ज्यादा इस बात पर फोकस किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के बड़े शहर ही नहीं बल्कि छोटे-छोटे इलाकों के विकास के लिए भी बीजेपी सरकार आगे बढ़ रही है. मोहन यादव कैबिनेट की यह दूसरी बैठक हैं जो भोपाल से बाहर हो रही है. इससे पहले जबलपुर में कैबिनेट की बैठक हो चुकी है. अब इतिहास के पन्नों में दर्ज वीरांगना रानी दुर्गावती द्वारा स्थापित राजधानी सिंग्रामपुर में यह बैठक हो रही है. बैठक दोपहर एक बजे से शुरू हो चुकी है और इसके बाद दो बजे एक जनसभा आयोजित की जाएगी. इस मौके पर अक्टूबर महीने की लाड़ली बहन योजना की राशि भी लाभार्थियों के खाते में डाली जाएगी. सरकार की ओर से यह संदेश दिया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के बड़े शहर ही नहीं बल्कि छोटे शहरों तक भी सरकार विकास कर रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि एमपी कैबिनेट की यह पहली बैठक है जो ओपन एरिया में हो रही है. इस बैठक को लेकर मंत्रिमंडल के सदस्य भी काफी उत्साहित थे. आज ही लाड़ली बहनों के खाते में आएंगे पैसेमंत्री परिषद की बैठक में दमोह को लेकर बड़ी घोषणा की जा सकती है. इसके अलावा सरकार की ओर से एक करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खाते में 1,574 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी. इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के जरिए 55 लाख लोगों के खातों में 332.31 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी. इसी तरह 24 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में 450 रुपये में गैस रिफिलिंग योजना के तहत 28 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर बड़ी खबर : संजय जोशी हो सकते हैं “राष्ट्रीय अध्यक्ष”

Big news regarding the post of National President of BJP: Sanjay Joshi may become the “National President” भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संजय जोशी अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते है। नई दिल्ली ! सूत्रों के मुताबिक संजय जोशी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसी के साथ पार्टी पार्टी के मंत्रियों से मिलना-जुलना शुरू हो गया है। भाजपा की वर्तमान राजनीति में यह नाम निश्चित ही चौंकाने वाला है। ऐसा नहीं है कि जोशी इस पद के योग्य नहीं है, उनकी गिनती कुशल संगठकों में होती हैं। यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि वर्तमान भाजपा में जिन नेताओं का दबदबा है, जोशी की उनके साथ बिलकुल भी पटरी नहीं बैठती। दरअसल, जगत प्रकाश नड्‍डा का भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल खत्म हो चुका है। वे एक्सटेंशन पर चल रहे हैं। पार्टी की एक व्यक्ति एक पद की नीति में भी फिट नहीं बैठते। ऐसे में अध्यक्ष के लिए नए नामों की चर्चा है। इन्हीं में एक नाम संजय जोशी का भी है। जोशी के बारे में कभी उनके सहयोगी रहे गोरधन झड़ाफिया ने कहा था- ‘अपार क्षमता वाले एक मूक कार्यकर्ता हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं में लोकप्रिय हैं’। भाजपा को बहुत अच्छे से समझते हैं जोशी : मैकेनिकल इंजीनियर की डिग्री वाले 62 वर्षीय संजय जोशी भाजपा के ‘मैकेनिज्म’ को भी बखूबी समझते हैं। वे संघ के पूर्वकालिक प्रचारक हैं। 1989-90 में संजय जोशी को आरएसएस ने संगठन को मजबूत करने के लिए गुजरात भेजा था। उस समय उन्हें संगठन मंत्री का पद दिया गया था, जबकि नरेन्द्र मोदी संगठन मंत्री के रूप पहले से ही काम कर रहे थे। दोनों ने ही मिलकर पार्टी को मजबूत किया और 1995 में भाजपा ने पहली बार गुजरात में सरकार बनाई। दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं : गुजरात में 1998 में भाजपा एक बार फिर सत्ता में आई। कहा जाता है कि मोदी उस समय गुजरात आना चाहते थे, लेकिन जोशी के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसी के बाद दोनों के बीच की दूरियां बढ़ गईं। केशुभाई फिर राज्य के सीएम बने। 2001 में राजनीतिक समीकरण बदले और मोदी की गुजरात में वापसी हुई और वे मुख्‍यमंत्री पद पर आसीन हो गए। कहा जाता है कि मोदी ने गुजरात लौटने के बाद संजय जोशी को दिल्ली रवाना करवा दिया। हालांकि उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। 2001 से 2005 के कार्यकाल में जोशी ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और मध्य प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने का काम किया। सीडी विवाद के बाद जोशी नैपथ्य में चले गए। संघ के करीब हैं जोशी : जोशी और मोदी के संबंधों की खटास किसी से भी छिपी नहीं है, लेकिन जोशी कई मौकों पर मोदी की तारीफ कर चुके हैं। नागपुर में जन्मे संजय जोशी संघ के काफी करीब हैं। वे पूर्णकालिक प्रचारक के तौर पर संघ में सक्रिय भी हैं। जेपी नड्‍डा के बयान कि भाजपा अब बड़ी हो गई है, उसे संघ की जरूरत नहीं है, इस बयान को लेकर संघ में नाराजगी है। संघ भी चाहता है कि अध्यक्ष पद पर संघ के प्रति समर्पित कोई व्यक्ति बैठे। यदि जोशी इस पद पर बैठते हैं तो संघ सरकार पर भी शिकंजा कस पाएगा। संजय जोशी वास्तव में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो यह भारतीय जनता पार्टी के भविष्य के लिए बेहद सुनहरा अवसर होगा आदरणीय संजय जोशी जी एक कर्मठ कर्मनिष्ठ भाव से कार्य करने वाले स्वयंमेव है और राष्ट्रीयता का भाव कूट कूट कर भरा हुआ है वर्तमान परिस्थितियों में भारतीय जनता पार्टी आयातित कार्यकताओं के बदौलत जो साम्राज्य खड़ा करने कि कोशिश कि है वह बेवजह किया गया है इसके कोई कारण नहीं है बल्कि बिना सोचे-समझे बिना विचार किए निर्णय का परिणाम है कि आज कांग्रेस मय भारतीय जनता पार्टी बनकर रह गया है इससे हम जैसे कार्यकताओं को काफी धक्का लगा और घर बैठ गया और ऐसे हजारों हजार कि संख्या में कार्यकर्ता घर बैठ गए क्योंकि आयातित कार्यकताओं कि वजह से स्वत ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया या वह आत्म सम्मान से समझौता नहीं किया वर्तमान परिस्थितियों में एक कर्मनिष्ठ भाव वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष कि जरूरत है और यह जरुरत संभवतः संजय जोशी जी पुरा करने कि दक्षता रखते हैं!!

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