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लोकसभा चुनाव 2024: ग्राउंड रिपोर्ट ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से, सहारा समाचार टीम

Lok Sabha Elections 2024: Ground report from Gwalior parliamentary constituency, Sahara News Team ग्वालियर। ग्वालियर की लोकसभा सीट शुरू से ही काफी अहम रही है, क्योंकि विजयाराजे सिंधिया सहित राजघराने का हर सदस्य राजनीति से जुड़ा रहा। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत यहीं से की थी। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा अभी हाल ही में की है, जबकि भाजपा पहले ही कर चुकी थी, लेकिन खास बात यह है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। भाजपा ने भारत सिंह कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें विवेक नारायण शेजवलकर के स्थान पर मैदान में उतारा गया है। भारत सिंह कुशवाहा अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ग्वालियर ग्रामीण से चुनाव हारे थे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जो विधानसभा चुनाव में ग्वालियर दक्षिण से पराजित हुए थे। दोनों उम्मीदवार पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा की कुशवाह समाज के साढ़े तीन लाख वोटरों पर नजर है। वहीं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी होने का भी लाभ भारत सिंह कुशवाहा को मिला है। जबकि कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाकर शहर के वोटरों को साधने की कोशिश की है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस को विश्वास है कि विधानसभा चुनाव जीत दिलाने वाले लोकसभा में भी सहयोग करेंगे। इसलिए भाजपा को है जीत की उम्मीदग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में सिंधिया परिवार के अलावा ठाकुर क्षत्रिय वोटर की अहम भूमिका रही है और 19 लोकसभा चुनाव में से सिंधिया परिवार के सदस्यों ने 8 बार जीत दर्ज की है। जबकि इसमें भी ठाकुर क्षत्रिय वोटर ने सहयोग किया है। इस बार भी ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं और नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थक को ही उम्मीदवार बनाया गया हैं। यहां से माधवराव सिंधिया कांग्रेस और मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर पांच बार निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर यशोधरा राजे सिंधिया दो बार यहां से निर्वाचित हुईं। इसके अलावा विजयाराजे सिंधिया भी एक बार यहां से चुनाव जीती हैं। कांग्रेस ने अंतिम बार 2004 में जीत दर्ज की थी। जब रामसेवक सिंह निर्वाचित हुए थे। यह बात अलग है कि सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था लोकसभा चुनाव में दोनों नए चहरेलोकसभा चुनाव की दृष्टि से देखा जाए तो इस बार कांग्रेस व भाजपा दोनों ने ही नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। दोनों के समीकरण भी एक समान हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव हारने के तुरंत बाद ही दोनों अपने लिए लोकसभा के लिए वोट मांग रहे हैं। भारत सिंह कुशवाहा राममंदिर और हमारा परिवार मोदी परिवार को लेकर आगे चल रहे हैं। वहीं प्रवीण पाठक लोकतंत्र बचाओ के साथ ही राहुल गांधी की यात्राओं में उठाए गए मुद्दों का वोटर के सामने रख रहे हैं। जातीय समीकरणभाजपा ने ग्वालियर में अपनी जीत के लिए जातिगत समीकरण पर दांव खेला है। इस संसदीय क्षेत्र से पूर्व मंत्री भारत सिंह कुशवाह को अपना उम्मीद्वार बनाया है। तकरीबन साढ़े तीन लाख कुशवाह वोटर के सहारे भाजपा जनाधार मजबूत करेगी। जबकि कांग्रेस ब्राह्मण व क्षत्रिय के गणित लेकर चल रही है। प्रवीण पाठक का मानना है कि 19.59 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 5.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के वोटर हैं, जिनका कांग्रेस पर पूरा भरोसा है। जबकि ब्राह्मण समाज के 18 प्रतिशत से ज्यादा वोटर पर भी उन्हें पूरा विश्वास है। वहीं 25 प्रतिशत से ज्यादा पिछड़ा वर्ग भी कांग्रेस का समर्थन देगा। क्योंकि इसका प्रभाव विधानसभा चुनावो में देखने को मिला है। इस जातीय समीकरण के कारण ही भाजपा के द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी आधी सीटें विधानसभा की तीने में सफलता मिली थी। ग्वालियर संसदीय सीट में 8 विधानसभाग्वालियर संसदीय क्षेत्र में आने वाली आठ विधानसभाओं में से कांग्रेस व भाजपा के पास चार-चार विधायक हैं। यदि विधानसभा चुनाव का ट्रेंड रहता है तो भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी कड़ा होगा और हार जीत का अंतर बड़ा नहीं होगा। इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 6 लाख 96 हजार 246 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस को 6 लाख 82 हजार 233 वोट मिले हैं। इस हिसाब से मुकाबला कड़ा है। इसके अनुसार भाजपा को 14 हजार 13 वोट ही अधिक मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र की तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि भाजपा के पास दो सीट हैं। कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। वोट भी अधिक मिला है, लेकिन शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा मजबूत है। शहर में तीन सीटे हैं, जिनमें कांग्रेस के पास एक सीट है। पोहरी विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी ने 49 हजार 481 वोट से भाजपा के मंत्री को हराया था। जबकि भाजपा भितरवार और ग्वालियर विधानसभा में मजबूत है। इन विधानसभा को भाजपा ने बड़े अंतर से जीता था। डबरा, ग्वालियर दक्षिण व करैरा में मुकाबले करीबी रहे हैं। ग्वालियर संसदीय चुनाव में मुद्देइस संसदीय सीट की खास बात यह रही है कि यहां विकास के कोई मुद्दे नहीं रहे हैं। चाहे माधव राव सिंधिया ने विकास के नाम पर वोट मांगे हों। उस समय व्यक्ति के चेहरे पर लोगों ने वोट दिया था। क्योंकि मुद्दे विधानसभा चुनावो में ही इतने उठ जाते हैं कि लोकसभा में लोग सिर्फ चेहरे देखते हैं। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मुद्दे को लेकर ही वोटिंग होती रही है। इस बार प्रवीण पाठक शहर से और भारत सिंह कुशवाह ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। भाजपा हमेशा शहरी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाती रही है और लगातार जीतती रही है। इस बार ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा ने और शहरी क्षेत्र से कांग्रेस ने टिकिट दिया। यही सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा, लेकिन यह मुद्दा कितना कारगर रहेगा यह तो चुनाव बाद ही मालुम होगा। क्योंकि माहौल इस समय भाजपा के पक्ष में है।

लोकतंत्र को नोटतंत्र के जरिए खरीदना चाह रहे नकुलनाथ : विजयवर्गीय

Nakulnath wants to buy democracy through demonetization: Vijayvargiya भोपाल। कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं का चरित्र ही रहा है कि वह जनमत पर भरोसा नहीं करते। यही कार्य छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस और कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी नकुलनाथ कर रहे हैं। कांग्रेस छिंदवाड़ा में लोकतंत्र को नोटतंत्र के जरिए खरीदने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस सोचती है अब भी बांटो और राज करो चलेगा। कांग्रेस ने पहले देश बांटकर राज किया, अब छिंदवाड़ा को अपना गढ़ समझने वाले नकुलनाथ पैसा बांटकर राज करना चाहते हैं। मतदाता भगवान है और भगवान को खरीदने की सोचने वाली कांग्रेस रंगे हाथ पकड़ी गई है। यह बात प्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा में जिला कांग्रेस महामंत्री गिरीश साहू के बिसापुर गांव में रूपए बांटते पकड़े जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। विजयवर्गीय ने कहा कि न्याय-पत्र के झूठे वादे चले नहीं तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेता पैसों से बोली लगाकर लोकतंत्र के भगवान को खरीदने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। भाजपा इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करायेगी और कांग्रेस और नकुलनाथ के ठिकानों की जांच करने की मांग करेगी। कांग्रेस का लोकतंत्र पर विश्वास ही नहीं: मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी धनबल के आधार पर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। नोट बांटने का खुलासा होने से यह सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और वह लोगों को पैसों का लालच देकर खरीदने में जुटी है। कांग्रेस का लोकतंत्र पर विश्वास ही नहीं है। कांग्रेस पार्टी पहले नोट देकर वोट खरीदने का प्रयास करती है, जब चुनाव हार जाती है तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ती है।

भाजपा ने प्रदेश में झोंकी ताकत, पीएम मोदी समेत शीर्ष नेताओं की लगातार रैलियां

BJP shows strength in Madhya Pradesh, continuous rallies of top leaders including PM Modi भोपाल ! प्रदेश में सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा ने यहां पर पूरी ताकत झोंक रखी है। पार्टी के सभी शीर्ष नेता लगातार प्रदेश के दौरे कर रहे हैं। खुद पीएम मोदी एक दिन के अंतराल में दो बार आने के बाद एक बार फिर यहां पर चुनावी रैली करेंगे। जानिए कहां-कहां होंगी उनकी सभाएं। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मध्य प्रदेश में पूरा जोर लगाया हुआ है। इस बार पार्टी का लक्ष्य प्रदेश की सभी सीटों पर जीत दर्ज करने का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार यहां पर चुनावी अभियान में जुटे हुए हैं।पीएम ने एक दिन के अंतराल में दो बार महाकौशल अंचल का दौरा किया। अब 14 अप्रैल को मोदी फिर से प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वह नर्मदापुरम के पिपरिया में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने यहां से प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी को मैदान में उतारा है। प्रदेश में सबसे बड़ी जीत2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने इसी सीट से प्रदेश की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। यहां से बीजेपी के राव उदय प्रताप सिंह ने तेंदुखेड़ा से कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय शर्मा को चुनाव में हराया था। पीएम मोदी की रैली से नर्मदापुरम से जुड़ी बैतूल, विदिशा, जबलपुर, मंडला, दमोह एवं छिंदवाड़ा की सीटों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसके एक हफ्ते बाद मोदी वापस से मध्य प्रदेश में होंगे, जहां 20 अप्रैल को उनकी सागर में जन सभा प्रस्तावित है। यहां से भाजपा ने लता वानखेड़े को चुनाव में उतारा है। उनके विरुद्ध कांग्रेस के चंद्रभूषण सिंह बुंदेला मैदान में हैं। सागर लोकसभा सीट में तीसरे चरण के तहत सात मई को मतदान कराए जाएंगे। जेपी नड्डा भी करेंगे दौराइसके अलावा गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह ने भी मध्य प्रदेश में चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने मंडला और कटनी में जनसभा को संबोधित किया। इसके अलावा शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रदेश दौरे में होंगे। वह सीधी में प्रचार करेंगे।

‘मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ…’; पीएम ने करौली में कांग्रेस पर किया करारा वार

‘Modi was not born to rest…’; PM attacks Congress in Karauli राहुल गांधी की बीकानेर में सभा के बाद करौली-धौलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई। इसमें मोदी ने ईआरसीपी, किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ईआरसीपी का बड़ा लाभ करौली-धौलपुर को भी मिलेगा। यह इसलिए हल हुआ, क्योंकि हरियाणा में भी हमारी सरकार है और केंद्र में भी हम बैठे हैं। राजस्थान में लोकसभा चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को करौली-धौलपुर लोकसभा पहुंचे। बीजेपी ने यहां इंदू देवी जाटव को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात से आता हूं, पानी की दिक्कतों को भली भांति समझता हूं। हम हाथ जोड़कर बैठे नहीं रहते। मोदी बोले, कांग्रेस ने पानी में पैसा कमाने का काम किया। बीजेपी ने उसे जवाबदेही मानकर पूरा किया। मोदी ने कहा कि आने वाले सम में यहां घर-घर पानी पहुंचेगा, यह मोदी की गारंटी है। कांग्रेस ने नौकरियों में भी लूट के मौके तलाशे। कांग्रेस के राज में पेपर लीक इंडस्ट्री तैयार हो गई। मोदी ने गारंटी दी कि मोदी की सरकार आएगी तो पेपर लीक माफिया जेल जाएंगे। मोदी ने पूछा कि बताइए कि मोदी की गारंटी पूरी हो रही है कि नहीं। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ है। मैं काम करने के लिए पैदा हुआ हूं। पीएम मोदी ने इंडी अलायंस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग मोदी को कितनी गालियां दे दें, लेकिन जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। यह मोदी की गारंटी है। मोदी ने का कहा कि करौली-धौलपुर की यह धरती भक्ति और शक्ति की धरती है। यह उस बृज का क्षेत्र है, जहां की रज भी सर पर धारण करते हैं। यहां आपका यह आर्शीवाद देश के लिए बड़ा संदेश है। चार जून को क्या परिणाम होगा, वह आज करौली में स्पष्ट दिख रहा है। करौली बता रहा है, चार जून 400 पार। पूरा राजस्थान कह रहा है…फिर एक बार मोदी सरकार। 2024 का लोकसभा चुनाव, कौन सांसद बनेगा या कौन नहीं बन सकता है, इसके लिए नहीं है। यह चुनाव विकसित भारत को नई ऊर्जा देने का चुनाव है। समस्याओं के आगे कांग्रेस ने हाथ खड़े कर दिए। कांग्रेस दशकों को तक गरीबी हटाओ का नारा देती रही, लेकिन मोदी ने 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकालने का काम किया है। पीएम ने इन योजनाओं का किया जिक्रपीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि करौली-धौलपुर के सवा तीन लाख किसानों के खातों में 700 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। करौली में 80 हजार से ज्यादा किसानों को पशुओं के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा टीके मुफ्त टीके उपलब्ध करवाए हैं। राजस्थान में मोटा अनाज होता है। पहले मोटा अनाज पैदा करने वाले किसानों को कोई पूछता नहीं था। हमने दुनिया को बताया कि हमारा मोटा अनाज सुपर फूड है। आज वही मोटा अनाज श्री अन्न के रूप में जाना जा रहा है। पिछले वर्ष अमेरिका में व्हाइट हाऊस में मुझे निमंत्रण मिला। वहां भोज में सब कुछ वेजिटेरियन था और वहां हमारा मोटा अनाज भी था। इससे राजस्थान के किसानों को बहुत बड़ा लाभ होने जा रहा है। एनडीए सरकार की तमाम योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें पक्के घर, शौचालय और उज्ज्वला सिलेंडर की बात कही। उन्होंने कहा कि अब हम देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का काम कर रहे हैं। मोदी ने पूछा कि यह काम पहले होने चाहिए थे कि नहीं होने चाहिए थे।

मंडला में बोले अमित शाह- रामनवमी को 500 वर्ष बाद रामलला अपने घर में मनाएंगे जन्मदिन

Amit Shah said in Mandla – After 500 years of Ram Navami, Ram Lalla will celebrate his birthday in his home. मध्य प्रदेश के मंडला में परिवारवाद, आदिवासी कल्याण, गरीबी उन्मूलन, केंद्र की योजनाओं से बदलती भारत की तस्वीर जैसे विषयों पर केंद्रित रहा भाषण। मंडला। मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल मंडला में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस रामनवमी को पांच सौ वर्षों बाद श्रीरामलला अपने घर में जन्मदिन मनाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य को 55 वर्षों तक लटकाती रही, लेकिन हमारे मोदी जी रामलला को उनके घर ले आए। शाह ने आदिवासी विकास, सरकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ, विपक्षी गठबंधन की परिवारवाद की राजनीति तथा पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना आदि विषयों पर अपना भाषण केंद्रित रखा। शाह ने कहा कि हमारी सरकार ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड के एक लाख करोड़ रुपये उन जिलों में खर्च किए जहां खदानें हैं। आदिवासी अंचलों में इस राशि से केंद्र सरकार ने विकास कार्य किए जबकि विपक्ष की सरकारों ने देश के पैसे को डायनेस्टी मैनेजमेंट फंड बना दिया था। सभा के दौरान शाह ने मंडला से भाजपा के प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के द्वारा कराए गए विकास कार्यों को गिनाने के बाद कहा कि फग्गन सिंह को इन सब कामों के लिए वोट नहीं देना है। मोदी जी महान भारत की रचना करने वाले हैं, उसके लिए फग्गन सिंह को वोट देना है। इस वाक्य को मंडला के प्रत्याशी ओमकार सिंह मरकाम सहित कई कांग्रेस नेताओं ने इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर शेयर करते हुए कमेंट किया कि शाह भी फग्गन सिंह को वोट देने से मना कर रहे हैं। 10 वर्ष में 25 करोड़ गरीबों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का काम मोदी जी ने किया।

प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि…’, महाकौशल और विंध्य में PM मोदी पर जमकर बरसे जीतू पटवारी

Prime Minister had claimed that…’, Jitu Patwari lashed out at PM Modi in Mahakaushal and Vindhya पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आदिवासियों से वादा किया कि यदि केंद्र में गठबंधन की सरकार आई तो जिस बच्चे ने ग्रेजुएशन कर लिया है, उसे 8 हजार 500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) बुधवार (10 अप्रैल) को महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के दौरे पर थे. इस दौरान तेज आंधी के बीच पीसीसी चीफ जीतू पटवारी केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर बरसे. आमसभा के दौरान जीतू पटवारी ने आदिवासियों से पांच वादे भी किए. इस दौरान वह शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा. उन्होंने आदिवासी समाज की महिलाओं से पूछा कि शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों से 3000 रुपये का वादा किया था, मिल रहे हैं क्या, जिस पर पंडाल में उपस्थित महिलाएं बोली नहीं मिल रहे हैं. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने जनसभा के दौरान पंडाल में उपस्थित जनसमूह से कहा कि एक तरफ है कांग्रेस के फुंदेलाल मार्को यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. वह यहां यहां से विधायक भी हैं, जो सदैव आपके बीच रहते हैं. दूसरी तरफ हैं बीजेपी की सांसद हिमाद्री, जो यहां से जीतकर गईं तो दूसरी बार नहीं आईं. उन्होंने पूछा कि क्या किसी की मौत-मैयत में बैठने आईं, शादी विवाह में आईं, इस पर लोग बोले नहीं आईं. पटवारी ने पूछा कि सांसद निधि का पांच साल में 50 करोड़ मिलता है, आपके गांव में 4-5 पर लाख का काम तो करा दिया होगा, इसपर लोगों बोले नहीं कराया है. 30 रुपये लीटर पेट्रोल का था वादाजीतू पटवारी ने पूछा तो फिर सांसद आपने बनाया, जब गांव में नहीं आईं, सुख-दुख में नहीं आईं तो उन्हें वोट मिलना चाहिए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’, नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि पेट्रोल के दाम 30 रुपये लीटर हो जाएगा. पीएम मोदी ने दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, क्या आपके बच्चों को नौकरी मिली? 8 हजार 500 देने का वादापीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने वादा किया कि यदि केंद्र में गठबंधन की सरकार आई तो जिस बच्चे ने ग्रेजुएशन कर लिया है, उसे 8 हजार 500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे. इसके साथ ही महिलाओं के खाते में भी 8 हजार 500 रुपये दिए जाएंगे. जीतू पटवारी ने कहा कि मेरा वीडियो बनाकर रख लेना. जीतू पटवारी ने आगे कहा कि एक साल में 30 लाख नौकरी देंगे. जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज ने झांसा दिया था, जबकि राहुल गांधी सच्ची बात करते हैं.

छिंदवाड़ा जैसा जिला विश्व में कहीं नहीं है, जो प्यार आपने मुझे दिया है, वही नकुलनाथ को दीजिए

There is no district like Chhindwara anywhere in the world, give the same love you have given me to Nakulnath. भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने जब स्किल इंडिया का नाम भी नहीं सुना था, तब से छिन्दवाड़ा में स्किल सेन्टर संचालित हो रहे हैं। इन सेन्टरों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निरंतर रोजगार से जुड़ रहे हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सर्वाधिक स्किल सेन्टरों वाला जिला हमारा है। जब यह सुनता हूं तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी होती है। कभी लोग पूछते थे कौन सा छिन्दवाड़ा आज उसी छिन्दवाड़ा का नाम देश ही नहीं विदेशों में जाना जाता है और इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने जिले की जनता को देता हूं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने चौरई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दो जनसभाओं में कही। चौरई एवं चांद में आयोजित जनसभाओं में उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि मैंने तो कभी घोषणाएं नहीं की, किन्तु जो सपना हमने देखा था उसे साकार करने के लिये मैं निरंतर कार्यरत हूं, ताकि जो शेष है वह भी पूरा हो सके और मेरे जिले की आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे आज तक भाजपा पूरे नहीं कर पाई है, यह बात मत भूलिएगा। क्या कहा था 450 रुपए में सिलेण्डर देंगे, सस्ती दरों पर बिजली देंगे, माताओं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के िलए कम ब्याज दरों पर लोन देंगे, ये सब झूठ साबित हुए हैं।

कलेक्टर भिंड विधायक के इशारे पर कर रहे हैं काम, निर्वाचन आयोग से शिकायत

Collector is working on the instructions of Bhind MLA, complaint to Election Commission भोपाल।  पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव की भाजपा के पक्ष में कार्य करने की अनेक शिकायतें करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में श्रीवास्तव द्वारा चुनाव प्रभावित कर रहें है। नेता – प्रतिपक्ष डॉ सिंह का आरोप है कि भिण्ड जिले में सिन्ध नदी से रेत (बालू) का अवैध उत्खनन भाजपा के नेताओं से मिलकर लहार थाने के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक उप्र में ले जाकर बेची जा रही है। रेत माफियाओं के लठेतों द्वारा इन्ट्री के नाम से प्रति ट्रक 10 हजार व प्रति ट्रेक्टर ट्राली 2 हजार रूपये वसूल की जा रही है। जिसका उदाहरण भिण्ड नगर में रेत माफियाओं के लठैतो को इन्ट्री फीस न देने पर 3 अप्रैल 24 को 26 वर्षीय नवयुवक शिवमसिंह तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा है कि लहार क्षेत्र के स्थानीय विधायक के सजातीय थाना प्रभारियों की पदस्थापना कर दी गई है। इन थाना प्रभारियों की रिश्तेदारियां भाजपा के नेताओं से है। जिससे पुलिस के माध्यम से मतदाताओं में भय बनाया जा रहा है। चुनाव को प्रभावित करने हेतु क्षेत्र के काग्रेस कार्यकर्ताओं पर असत्य अपराध पंजीबद्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। काग्रेस कार्यकर्ताओं पर काग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने का दबाव डाला जा रहा है।  दांगी सहकारी संस्थाओं को बनाया खरीदी केंद्र वरिष्ठ नेता सिंह का कहना है कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने स्थानीय विधायक के आदेश से जिन सहकारी संस्थाओं को मप्र में उत्कृष्ठ होने से सम्मानित किया गया उन्हें गेहूँ, सरसों आदि अनाजों का खरीदी केन्द्र नहीं बनाया। इसकी वजह यह है कि इन संस्थाओं पर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष है। यह भिण्ड जिले की सर्वोत्तम संस्थाएं है। बीजेपी विधायक के इशारे पर अनेकों ऐसी संस्थाओं को खरीदी केन्द्र बनाया, जिनके कर्मचारियों पर गबन तथा संस्था की राशि वसूली होने के साथ-2 लाखों रूपये के घाटे में चल रही है।

मैदानी खबर: बालाघाट में भारती और सम्राट का खेल बिगाड़ने कंकर उतरे

Field news: In Balaghat, stones came to spoil the game of Bharti and Samrat बालाघाट में हमेशा की तरह मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही संभावित है लेकिन इनका खेल बिगाड़ने बसपा ने भी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। सांसद ढाल सिंह बिसेन का टिकट काट कर भाजपा ने पार्षद भारती पारधी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरसवार पर भरोसा किया है। क्षेत्र के तेजतर्रार समाजवादी नेता कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। देश, प्रदेश की तरह बालाघाट में माहौल भाजपा के पक्ष दिख रहा है लेकिन कई मसलों पर पार्टी का विरोध भी है।  भोपाल। महाकौशल अंचल की बालाघाट लोकसभा सीट का 2019 का चुनाव ढाल सिंह बिसेन ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीता था। बालाघाट में भाजपा की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी लेकिन पार्टी ने अपने इस सांसद का टिकट काट कर नगर पालिका की पार्षद भारती पारधी को दे दिया। प्रत्याशी घोषित होते ही लगाए गए पहले बैनर से ही ढाल सिंह बिसेन का फोटो गायब था। बिसेन की टिप्पणी थी, लीजिए अभी से मेरी फोटो हट गई। ऐसे में ढाल सिंह से ईमानदारी से काम की उम्मीद कैसे की जा सकती है। प्रचार अभियान से वे दूरी बनाए दिख भी रहे हैं। बालाघाट भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन काम तो कर रहे हैं लेकिन पूरी ताकत से नहीं क्योंकि वे अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। बावजूद इसके माहौल भाजपा के पक्ष में ज्यादा दिख रहा है।  कांग्रेस के सम्राट सरसवार भी कमजोर प्रत्याशी नहीं हैं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके पिता विधायक रहे हैं। इस नाते उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे उस स्थिति में भी कांग्रेस का पूरी ताकत से प्रचार कर रही हैं जब उनके पति कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। इस चुनाव में पति-पत्नी में ऐसे मतभेद हुए कि कंकर मुंजारे अपना घर छोड़कर एक झोपड़ी में रहने पहुंच गए हैं। पहले उन्होंने पत्नी अनुभा से कहा था कि वे घर छोड़कर चली जाएं क्योंकि मेरे घर में रहकर वे मेरे खिलाफ प्रचार नहीं कर सकतीं। विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष हिना कांवरे भी कांग्रेस के लिए मेहनत कर रही हैं। लिहाजा हार- जीत भाजपा-कांग्रेस के बीच ही तय है लेकिन कंकर मुंजारे के कारण मुकाबला तीन कोणीय दिखाई पड़ रहा है।  प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल 1999 में बालाघाट से सांसद रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। उनके प्रयास से जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे और एक अन्य नेता नगपुरे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है, वे इस समाज को साधने की कोिशश कर रहे हैं। कंकर मुंजारे और सामाजिक कारणों से यह वर्ग भाजपा से कटा दिखाई पड़ रहा है। वैसे भी आमतौर पर इस सीट में जातीय आधार पर भी वोट पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर पार्टियां टिकट देती हैं और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश भी होती है। चर्चा यह भी है कि जातीय समीकरणों के तहत भाजपा ने रणनीति के तहत कंकर मुंजारे को चुनाव लड़ाने में भूमिका निभाई है ताकि लोधी मतदाता कांग्रेस के पक्ष में एकमुश्त न जा सके। किसानों में धान का समर्थन मूल्य भी मुद्दा बालाघाट संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी चुनाव लड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने यहां किसान कर्जमाफी और धान के समर्थन मूल्य को मुद्दा बना दिया है। भाजपा प्रत्याशी और अन्य नेता प्रचार के लिए पहुंचते हैं तो किसान पूछते हैं कि धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए करने की घोषणा का क्या हुआ। इसे लेकर एक किसान ने भाजपा की भारती पारधी की गाड़ी ही रोक ली थी। कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने का वादा करती है और महिलाओं के बीच बताती है कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए मासिक देने का वादा किया गया था, वह भी पूरा नहीं हुआ। भाजपा राम लहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को गिना रही है। कांग्रेस की ओर से घोषणा पत्र में किए गए वादे बताए जा रहे हैं। 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार किया जा रहा है। विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस की ताकत बराबर विधानसभा में सदस्यता के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस की ताकत लगभग बराबर है। क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में दोनों दलों के पास 4-4 हैं। 4 माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी भाजपा ने जीती थीं जबकि बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट और बारासिवनी में कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस ने चार सीटें 56 हजार 697 वोटों के अंतर से जीती है जबकि भाजपा की जीत का अंतर 60 हजार 203 वोटों का रहा है। इस दृष्टि से भाजपा की बढ़त महज 3 हजार 506 वोटों की ही है। लोकसभा चुनाव में इस अंतर को कवर करना कठिन नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नतीजे लगभग इसी तरह के थे लेकिन भाजपा ने ढाई लाख वोटों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीत लिया था। इसकी वजह राष्ट्रीय स्तर भाजपा के पक्ष में बना माहौल रहा है। यह माहौल इस चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। दो जिलों तक फैला है बालाघाट लोकसभा क्षेत्र महाकौशल की बालाघाट लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों तक फैला है। इसके तहत बालाघाट जिले की 6 एवं सिवनी जिलेकी 2 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बालाघाट जिले की बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी और सिवनी जिले की दो विधानसभा सीटें बरघाट, सिवनी शामिल हैं। जहां तक बालाघाट सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 और 1996 में यहां से कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत जीते थे। इसके बाद से लगातार भाजपा का कब्जा है। दो बार गौरीशंकर बिसेन और एक बार प्रहलाद पटेल बालाघाट से सांसद रहे हैं। केडी देशमुख, बोध सिंह भगत और ढाल सिंह बिसेने भी एक-एक बार चुनाव जीते हैं। आमतौर पर बालाघाट में हार-जीत का अंतर एक लाख से कम रहा है लेकिन 2019 में पहली बार भाजपा ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह रिकार्ड टूटता … Read more

कांग्रेस को एक और झटका, मुरैना से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में होंगे शामिल

Another blow to Congress, former MLA from Morena Ajab Singh Kushwaha will join BJP. मुरैना ! मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.मुरैना से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाएंगे. सीएम मोहन यादव बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आम सभा को संबोधित करने के लिए मुरैना पहुंच रहे हैं. पहाड़गढ़ जनपद के मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की इस सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. कुशवाह कांग्रेस के टिकट पर सुमावली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. बीजेपी के टिकट पर भी सुमावली से चुनावी जंग लड़ चुके थे.

ग्राउंड रिपोर्ट: जबलपुर में भाजपा के आशीष लैंड लार्ड, कांग्रेस के दिनेश मांग रहे ‘एक नोट-एक वोट’

Ground report: BJP’s Ashish Land Lord, Congress’s Dinesh are demanding ‘one note-one vote’ in Jabalpur भोपाल। जबलपुर लोकसभा सीट में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला तो है लेकिन पलड़ा भाजपा का भारी है। ऐसा पहली बार नहीं है, भाजपा यहां लगातार जीत भी दर्ज करती आ रही है। 1991 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के श्रवण पटेल पहली बार मामूली अंतर 6 हजार 722 वोटों के अंतर से भाजपा के बापूराव परांजपे को हरा कर चुनाव जीते थे। इसके बाद से सीट पर भाजपा का कब्जा है और कांग्रेस एक अदद जीत के लिए तरस रही है। 1996 और 1998 के दो चुनाव बापूराव परांजपे ने जीते और 1999 में जयश्री बनर्जी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2004, 2009, 2014 और 2019 में भाजपा की ओर से लगातार राकेश सिंह ने कमल खिलाया। राकेश सिंह ने पिछला चुनाव साढ़े 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीता। मौजूदा माहौल देखकर कहा जा रहा है कि जीत का यह आंकड़ा और बढ़ने वाला है। लगातार चार जीत दर्ज करने वाले राकेश सिंह इस बार जबलपुर से मैदान में नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वे विधानसभा का चुनाव लड़े थे और इस समय राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। उनके स्थान पर भाजपा ने बिल्कुल नए चेहरे आशीष दुबे को प्रत्याशी बनाया है। वे तीन बार से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। उन्होंने ज्यादा संगठन में काम किया है और अब लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अपनी छवि के कारण आशीष भाजपा की पसंद बने हैं। वे कभी विवादों में नहीं रहे। उनकी बेदाग और निर्विवाद छवि है। आशीष की पारिवारिक पृष्ठभूमि भाजपाई है। उनकी गिनती जबलपुर के लैंड लार्ड के तौर पर होती है। कांग्रेस के दिनेश यादव भी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वे प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हैं। इससे पहले वे पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। कांग्रेस की ओर से वे महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी छवि भी अच्छी है लेकिन वे भाजपा के आशीष से काफी पिछड़ते दिखाई पड़ रहे हैं। जबलपुर में भाजपा जैसी जीत दर्ज करती है, उसे देखकर स्पष्ट है कि यहां जातीय और सामाजिक गणित फेल हो जाते हैं। बावजूद इसके कांग्रेस को जातीय आधार पर ही वोट मिलने की संभावना है। भाजपा द्वारा कराए गए काम बने चुनाव का मुद्दाजबलपुर प्रदेश का महानगर है, इसलिए यहां राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दो ंका खासा असर है। इसके साथ यहां सरकार द्वारा कराए गए काम भी मुद्दा बने हुए हैं। गांव-गांव तक सड़कों की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। सड़कों का जाल बिछा है। 4-5 फ्लाई ओवर बन कर तैयार हुए हैं। एक बड़ा फ्लाई ओवर बन रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी केंद्र और राज्य सरकार ने काफी काम किए है। भाजपा मोदी और राम लहर के साथ इन कामों को मुद्दा बना रही है। भाजपा के आशीष पारिवारिक संबंधों का हवाला देकर भी समर्थन मांग रहे हैं। कांग्रेस अपनी 19 माह की सरकार के कार्यों को गिना रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस किस तरह सभी किसानों का कर्ज माफ करने जा रही थी लेकिन भाजपा ने इसे रोक दिया। केंद्र एवं राज्य सरकार की महंगाई और रोजगार को लेकर नाकामिंया भी बताई जा रही है। कांग्रेस के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कांग्रेस के दिनेश को यादव समाज से भी काफी उम्मीद है। विधानसभा में भाजपा को हासिल है बड़ी बढ़तप्रदेश की कई अन्य सीटों की तरह जबलपुर में भी भाजपा को विधानसभा में बड़ी बढ़त हासिल है। लोकसभा क्षेत्र की 8 में से 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट है। 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा ने पाटन, बरगी, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट, जबलपुर पश्चिम, पनागर और सिहोरा विधानसभा क्षेत्रों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस सिर्फ जबलपुर पूर्व सीट ही जीत सकी है। जबलपुर पूर्व में कांग्रेस के लखन घनघोरिया 27 हजार 741 वोटों के अंतर से जीते हैं जबकि सातों सीटों में भाजपा की जीत का अंतर 2 लाख 36 हजार 359 वोट है। साफ है कि भाजपा को विधानसभा चुनाव से ही 2 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त हासिल है। कांग्रेस के लिए इस अंतर को पाटना बड़ी चुनौती है। जबलपुर जिले को मिलाकर बनी लोकसभा सीटजबलपुर लोकसभा सीट का भाैगोलिक एरिया बाहर नहीं गया। इसके तहत आने वाली सभी 8 विधानसभा सीटें जबलपुर जिले की ही हैं। जातीय आधार पर जरूर हर विधानसभा सीट की अलग-अलग स्थिति है। किसी सीट में दलित और आदिवासी ज्यादा हैं तो किसी में पिछड़े और ब्राह्मण। कुल मिलाकर दबदबा भाजपा का ही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तब भाजपा और कांग्रेस को बराबर 4-4 सीटें मिली थीं। बावजूद इसके 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के राकेश सिंह 4 लाख 54 हजार 744 वोटों के बड़े अंतर से जीते थे। अब तो विधानसभा में भी भाजपा का पलड़ा भारी है। माहौल भी भाजपा का है। ऐसे में यदि भाजपा के जीत का अंतर और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है तो गलत नहीं है। वैसे भी जबलपुर में भाजपा की जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता ही गया है। क्षेत्र में ब्राह्मण, दलित, पिछड़े वर्ग का दबदबाजबलपुर लोकसभा सीट में आमतौर पर जातीय आधार पर मतदान नहीं होता। सामाजिक समीकरण फेल होने की वजह से यहां हार-जीत का अंतर ज्यादा होता है। लोकसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के मतदाताओं का दबदबा है। ब्राह्मण एकमुश्त भाजपा के खाते में जा सकते हैं जबकि पिछड़े वर्ग का एक हिस्सा कांग्रेस को मिल सकता है। भाजपा प्रत्याशी ब्राह्मण और कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़े वर्ग से हैं। क्षेत्र में मुस्लिम और आदिवासी वर्ग के मतदाताओं की तादाद भी काफी है। इनमें मुस्लिम का अधिकांश वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है जबकि दलित और आदिवासी मतों में बंटवारा होगा। हालांकि इनका ज्यादा हिस्सा भी भाजपा के पक्ष में ज्यादा जाने की संभावना है। क्षेत्र के वैश्य, क्षत्रिय एवं अन्य जाितयों में भाजपा का दबदबा देखने को मिल रहा है।

भाजयुमो ने प्रदेश के सभी मंडलों पर मनाया भाजपा स्थापना दिवस

BJYM celebrated BJP Foundation Day in all the divisions of the state भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार ने भोपाल में वार्ड क्रमांक 50 के बूथ क्रमांक 202 पर महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई व कार्यकर्ताओं के यहां घर-घर पार्टी का झंडा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता कर नमो ऐप के माध्यम से डोनेशन किया।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा ही संगठन के भाव को समर्पित संगठन है। राष्ट्र सेवा और जन सेवा ही हमारे मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक यथा संभव माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागी बनकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रदेशभर में स्थापना दिवस मनाया है और माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह स्थापना दिवस हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा को निरंतर मिल रहे अपार जनसमर्थन के साथ हम सभी को मिलकर मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए अपनी भूमिका निभाना है। प्रदेश अध्यक्ष ने इंदौर संभाग में की बैठक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार शनिवार को इंदौर पहुंचे और उन्होंने इंदौर संभाग के युवा मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बीते चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसका उल्लेख हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरे मन से किया था। हमें इस बार भी लोकसभा चुनाव में दोगुनी ताकत के साथ संगठन कार्यों को सिद्धि तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि हम सभी कार्यकर्ताओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में एक सशक्त नेतृत्व मिला है। आज विदेशों में भी भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अंत्योदय की बात हमारे महापुरुषों ने सोची थी आज उसे मोदी जी के नेतृत्व में हम पूरा होते देख रहे हैं। इसलिए हम सभी मोर्चा कार्यकर्ताओं का भी ये दायित्व बनता है कि हम लाभार्थियों से संपर्क करें उन तक मोदी जी की राम राम भी पहुंचाएं और बदलते भारत की चर्चा युवाओं के साथ करें। उन्होंने कहा कि नवमतदाताओं को इस बात से जरूर अवगत कराएं कि कांग्रेस शासन में देभ की स्थिति क्या थी और मोदी जी के नेतृत्व में आज स्थिति कितनी बदल गयी है।

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है, उसे ठीक करना है

A lot of junk has happened in Vidisha parliamentary constituency in last 3 decades, it has to be rectified. विदिशा-रायसेन लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा से ‘पुष्पेन्द्र अहिरवार’ का ‘चुनावी साक्षात्कार’ ये भी बोले शर्मा? पुष्पेन्द्र अहिरवार.भोपाल/विदिशा। विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी ने दो बार सांसद रहे प्रतापभानु शर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाकर उतारा है। यह सीट आजादी के बाद से ही कांग्रेस के लिए मुश्किल भरी रही है। यहां कुल 15 लोकसभा चुनाव में से कांग्रेस दो बार जीतने में कामयाब रही। यह सीट पर अटल विहारी वाजपेयी और रामनाथ गोयनका, जैसी शंखसियत को संसद भेज चुकी है। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान भी जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। हालही में तथाकथित राजनैतिक वनवास खत्म कर शिवराज सिंह चौहान फिर से मैदान में हैं। उनके मुकाबले के लिए कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा हैं। शर्मा इस सीट पर 33 साल बाद चुनावी मैदान में उतरे हैं। वे 1980 और 1984 में सांसद चुने गए थे। अब वादाखिलाफी बहुत हो चुकी है। इसके चलते बदलाव बेहद जरूरी है। विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है। उसको ठीक करने के लिए प्रताप भानू को फिर हथियार उठाने पड़ंेगे। वे हरिभूमि और आईएनएच चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से ‘चुनावी संवाद’ कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे। उनसे सीधी बात सवाल: आप लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, आपकी क्या है चुनावी रणनीति?जवाब: मैं कांग्रेस पार्टी का अिधकृत प्रत्याशी हूं। पूरी दमखम से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतूंगा भी। भाजपा ने जिस प्रत्याशी को मेरे सामने उतारा है, उन्होंने अपने संसदीय और मुख्यमंत्रित्व काल में ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसका उल्लेख किया जाए। उनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह जनता समझ चुकी है। लोकल मुद्दे इतने हो गए हैं कि उसका कोई सही प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है। बेतवा नदी की शुद्धि के लिए शिवराज ने 20 साल पहले कहा था, जो आज तक नहीं हुआ। उद्योग आएंगे, वे भी नहीं आए। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यहां की सांसद सुषमा स्वराज को रेल कारखाना दिया था, जिसका अिस्तत्व नहीं दिख रहा। रोजगार का मुद्दा वहीं का वहीं है। किसानों को फसल के दाम नहीं मिल रहे। महंगाई का मुद्दा तो बना ही हुआ है। ये सब स्थानीय मुद्दे हैं जिनसे लोग परेशान हैं। सवाल: जब शिवराज के प्यादे चुनाव जीत जाते हैं तो अब वजीर खुद मैदान में हैं, कैसे आप जीतेंगे?जवाब: क्षेत्र की जनता जनार्दन को समझने की जरूरत है। 30 साल के सांसद या मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज ने हमारे क्षेत्र को क्या दिया। नौजवाब को रोजगार के लिए कितने उद्योग लगाए। नेता तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता तो वहीं की वहीं खड़ी है। जनता के आशीर्वाद से हम जीतेंगे। नेता तो स्वार्थ की सौदेबाजी करते रहते हैं। भाजपा ने तो ‘दलबदल सेल’ खोल दिया है, यह कितना शर्मनाक है। भ्रष्टाचार के आवरण में भाजपा ढकी हुई है। लोगों को लालच देकर खरीद रही है। हो सकता है कि शशांक भार्गव हारने के बाद टेंशन आए हों तो वे भाजपा में फोटो खिंचाने चले गए। 50 साल के अनुभव से कह सकता हूं कि जिस तरह की गंदी राजनीति चल रही है, ऐसी कभी नहीं हुई। जब जनता ने ही तय कर लिया कि हमें बदलाव लाना है तो नेताओं के आने-जाने से कुछ नहीं होगा। सवाल: विधानसभा चुनाव के दौरान भी उतना ही आत्मविश्वास था, जितना आज है, इतना आत्मविश्वास कहां से लाते हैं?जवाब: हम वक्त की कसौटी पर खरे उतरे हैं। क्षेत्र की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मप्र में हमारी सरकार रही है। अभी हमारा प्रयास सरकार बनाने का था, लेकिन किसी कारणवश नहीं बना पाए। इसके कई कारण रहे हैं। प्रत्याशियों ने कई शिकायतें की। सबसे ज्यादा ईवीएम की शिकायतें की, जिनपर चुनाव आयोग मौन रहा है। परिणामों में हेराफेरी की शिकायतें भी आई हैं। यह सब आपने भी देखा है। ईवीएम पर नजर रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरा खेल और हेराफेरी इसी से संभव है। ईवीएम का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठ रहा है, यह हमें कहने की जरूरत नहीं है। सवाल: उसी ईवीएम से ही चुनाव हो रहे हैं तो आपके लिए गुंजाइश कहां बची है?जवाब: ईवीएम पर कड़ी निगाह रखेंगे। अब ईवीएम में हेराफेरी बिल्कुल नहीं होने देंगे। यदि हुआ तो उसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। अब हाथ पर हाथ धरे कांग्रेस नहीं बैठे रहेगी। क्योंकि अब नेता और जनता इस बात को अच्छी से समझ चुकी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दे उठाए हैं। आगे भी लड़ाई लड़ंेगे। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि ईवीएम से परिणाम दे रहे हैं, उसके साथ वीवीपेट की पर्ची की भी काउंटिंग की जाए, भले ही दो दिन लग जाएं, तभी परिणाम आएं। इससे डिजीटल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को लेकर लोगों में जो शंका है, वह दूर हो जाएगी। अगर मैं कांग्रेस को वोट दे रहा हूं, वो हमें नहीं मिल रहा है तो यह हमारे मताधिकार का हनन है। सवाल: आपके नेता तो पार्टी छोड़ रहे हैं, फिर कैसे जीत रहे हैं आप?जवाब: देखिए, भाजपा सारे साम-दाम-दंड अपनाकर हमारे नेताओं को तोड़ रही है। ईडी, सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है। यह भाजपा का छलकपट जनता देख रही है, वही इसका इस बार जवाब देगी। मेरा मानना है कि इस चुनाव के बाद दलबदलुओं की कोई औकात नहीं रहेगी। कोई 17 हजार कार्यकर्ता या नेता भाजपा में नहीं गए। मेरा दावा है कि भाजपा इन 17 हजार लोगों की लिस्ट प्रकाशित करे, तभी सच्चाई सामने आएगी। कुछ लोग पद या कमाने के लालच से सौदेबाजी करके गए हैं। यदि इस बार दिल्ली में सरकार बदली तो यही जाने वाले नेता उल्टी नाक से पांव रगड़ेंगे, ये मेरा दावा है। सवाल: शिवराज 10 लाख वोटों से जीतने का दावा कर रहे हैं तो आपका क्या होगा?जवाब: उनकी हवाहवाई बात करने की, घोषणावीर होने की पुरानी आदत है। मेरा दावा है कि वे 1 लाख से ज्यादा वोटों से हारेंगे। मप्र का इतिहास देख लीजिए कोई 10 लाख मतों से नहीं जीता। इसी से अंदाजा लगा लीजिए यह कितनी फर्जी … Read more

मेरी मां-बहनें और पिता को किया गया परेशान’, तेजस्वी यादव का BJP पर हमला; बोले- हम डरने वाले नहीं हैं

‘My mother, sisters and father were harassed’, Tejashwi Yadav’s attack on BJP; Said- We are not afraid नई दिल्ली। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक रैली में शामिल हुए। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आलोचना की और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर भाजपा की सेल हैं। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आलोचना की और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर भाजपा की सेल हैं। उन्होंने कहा हमारे कई नेताओं पर इस समय छापे पड़ रहे हैं। ईडी आईटी की छापेमारी चल रही है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। राजद नेता ने महारैली में कहा, ‘ईडी, सीबीआई और आईटी बीजेपी की सेल हैं। लालू जी को कई बार परेशान किया गया है। मेरे खिलाफ मामले हुए हैं। मेरी मां, मेरी बहनें, मेरे जीजाजी, मेरे पिता के सभी रिश्तेदार, सभी के खिलाफ मामले थे। हमारे कई नेताओं पर इस समय छापे पड़ रहे हैं। ईडी, आईटी की छापेमारी चल रही है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम संघर्ष करेंगे। केवल शेर पिंजरे में बंद हैं। हम सभी शेर हैं। हम लड़ रहे हैं आपके लिए।’

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