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जयपुर में सीएम मोहन यादव की निवेशकों से मुलाकात, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पर होगी बात

भोपाल  पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) शनिवार को देश के उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे। जयपुर में 21 मार्च को बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। जिसमें टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले निवेशक शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में रहेंगे। वे जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित निवेशकों के बड़े कार्यक्रम (Investment Summit) में उद्योगपतियों से वन टू वन संवाद करेंगे। कार्यक्रम का नाम ‘इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश’ है। इस कार्यक्रम में खास प्रोजेक्ट और निवेश की नई योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। सीएम मोहन यादव उद्योगपतियों से मीटिंग कर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म के क्षेत्र में निवेश पर बात करेंगे। जयपुर में दूसरा बड़ा आयोजन एमपी सरकार (mp govt) की मंशा है कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग आएं और युवाओं के लिए रोजगार बढ़े। मोहन सरकार ने इसके लिए मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति भी बनाई है। इसमें उद्योग लगाने की और निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इससे निवेशकों को पूरी कागजी कार्यवाही में परेशानी न हो। कुछ दिन पहले भीलवाड़ा में एक्सटाइल सेक्टर को लेकर इसी प्रकार का आयोजन हो चुका है, इसके बाद यह दूसरा बड़ा आयोजन जयपुर में हो रहा है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि मध्यप्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ निवेश को धरातल पर उतारने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी का प्रवाह नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समग्र क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। एमपी में चल रहा है काम मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कई जिलों में नए उद्योग विकसित किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस हब और धार में पीएम मित्रा पार्क बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आईटी पार्क और स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर भी काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया है, जिससे खेती और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। जयपुर (jaipur) में होने वाले इस बड़े आयोजन का मकसद भी यह है कि राजस्थान और आसपास के निवेशकों को मध्यप्रदेश में आकर्षित किया जा सके और उनसे निवेश कराया जा सके। इससे मध्यप्रदेश में विकास बढ़े और रोजगार के नए-नए अवसर भी निर्मित हों।  

युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के ध्वजवाहक : मंत्री सारंग

विकसित भारत युवा संसद 2026: समापन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर भवन में आयोजित विकसित भारत युवा संसद-2026 प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवा प्रतिभागियों से संवाद किया एवं उनके विचारों की सराहना कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के 54 जिलों से चयनित 270 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से शीर्ष 3 प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह मंच केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए विचारों की ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रमुख ध्वजवाहक हैं। विकसित भारत-2047 का संकल्प तभी साकार होगा, जब युवा संस्कारित, अनुशासित और जिम्मेदार होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक, शोध एवं नेतृत्व के क्षेत्र में व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही प्रदेश एवं देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिये विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें खेलो एमपी यूथ गेम्स, प्रत्येक विधानसभा में खेल परिसर की स्थापना, पार्थ योजना, फिट इंडिया क्लब, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान, युवा उत्सव, खेलो बढ़ो अभियान तथा सहकारिता के माध्यम से खेल एवं युवा गतिविधियों को प्रोत्साहन शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को चेंजमेकर के रूप में विकसित करना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रक्रिया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना, उनके नेतृत्व, संवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना तथा समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके विचारों को मंच प्रदान करना है। इससे विकसित भारत 2047 के विज़न में युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित होगी।  

प्रभारी मंत्री उइके ने सरई में मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का किया अवलोकन

भोपाल सरई के संदीपनी विद्यालय मैंदान में आयोजित मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न बिमारियों जैसे नाक-कान-गला, सामान्य मेडिसन, हृदय रोग, श्वास एवं क्षय रोग (राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम), चर्म रोग, नेत्र रोग, मानसिक स्वास्थ्य, स्त्री रोग, सर्जरी एवं कैंसर, हड्डी रोग तथा दंत चिकित्सा कुष्ठ रोग स्क्रीनिंग, कैसर स्क्रीनिंग, क्षय रोग स्की्रनिंग, जैसी सेवाएं के लिये लगाये कैम्प का अवलोकन किया। उन्होंने शिविर में मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उपचार की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की और उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया गया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संतुलित आहार का स्वाद चखा और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। नवरात्रि के पावन अवसर पर मंत्री श्रीमती उइके ने कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में उपस्थित गर्भवती महिलाओं से संवाद किया, उनकी सेहत और देखभाल से जुड़ी जानकारी ली तथा उन्हें और उनके आने वाले बच्चों के स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों को उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवा एवं जनहित में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये प्रभारी मंत्री ने मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। शिविर का विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम, कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री के ने भी अवलोकन कर उपस्थित चिकित्सकों से शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओ के संबंध में जानकारी भी ली।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इंडियन हैबिटैट सेंटर का किया अवलोकन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में इंडियन हैबिटेट सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सेंटर के निदेशक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु श्री के.जी. सुरेश भी उपस्थित रहे। उन्होंने परिसर के संचालन और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।  

विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने के साथ विश्वस्तरीय कोच भी करने होंगे तैयार : मंत्री सारंग

भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का आयोजन भोपाल राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश कैनोइंग-कयाकिंग संघ द्वारा शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं देशभर से आए कोचों का सम्मान किया और उनसे संवाद भी किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के विकास के लिये किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप भारतीय खेल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आधुनिक खेल अवसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं तथा खिलाड़ियों और कोचों के लिए व्यापक सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण सत्र नहीं बल्कि भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने और भविष्य के चैंपियंस तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री श्री सारंग ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यदि भारत को विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने हैं, तो समान रूप से विश्वस्तरीय कोच तैयार करना अनिवार्य है। यह शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम इस दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। विश्वस्तरीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की सहभागिता रही, जिनमें अलेक्सांद्र निकोनोरोव, कतेरीना सालांडोवा, चाबा सान्टो, महमूदी ज़कारिया, ज्याँ मिशेल प्रोनों एवं एन्खजार्गल जिगिडसुरेन शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने अपनी तकनीकी दक्षता, अनुभव और आधुनिक कोचिंग पद्धतियों के माध्यम से भारतीय कोचों को उन्नत प्रशिक्षण तकनीकों एवं नवीन दृष्टिकोण से अवगत कराया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेलों में सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण, मानसिक सुदृढ़ता, तकनीकी समझ, संतुलित पोषण, प्रभावी रिकवरी तथा मजबूत सपोर्ट सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच, सपोर्ट स्टाफ और संपूर्ण खेल तंत्र का सामूहिक योगदान होता है।  

जल संरक्षण को बनाए जन आंदोलन, हर नागरिक निभाए जिम्मेदारी: मंत्री उईके

निगरी के मौहरी टोला स्थित तालाब के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्य का किया शुभारंभ भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत निगरी के मौहरी टोला स्थिति तालाब के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्य का विधिवत भूमि-पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज हम सब मौहरी टोला, ग्राम पंचायत निगरी, विकासखंड देवसर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य तालाब गहरीकरण एवं जल संरचना संवर्धन के लिए एकत्रित हुए हैं। यह केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि हमारे भविष्य को सुरक्षित करने का एक सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि निगरी क्षेत्र में कुल 5 जल संरचनाएं हैं, जिनमें से यह प्रमुख तालाब लगभग 2.50 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस तालाब का गहरीकरण हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है, जिससे हम वर्षा जल का अधिक से अधिक संचयन कर सकें और आने वाले समय में जल संकट से बच सकें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जल ही जीवन है। यदि आज हम जल का संरक्षण नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। तालाब के गहरीकरण से न केवल भू-जल स्तर बढ़ेगा, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, पशुओं के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और पूरे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन भी बेहतर होगा। उन्होने कहा कि मैं आप सभी से आग्रह करती हूँ कि इस कार्य को केवल शासन की योजना न समझें, बल्कि इसे अपनी जिम्मेदारी मानकर इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। जब जनभागीदारी जुड़ती है, तो हर अभियान सफल होता है। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खंत्री, सीईओ जिला पंचायत श्री जगदीश गोमे, जनपद अध्यक्ष देवसर श्री प्रणव पाठक सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने नई दिल्ली में किया प्रदर्शनी का अवलोकन

उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट बना प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भोपाल नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी सम्मेलन-2026 के दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ऊर्जा विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी, जबलपुर के कार्यपालक निदेशक (योजना एवं रूपांकन) श्री संदीप गायकवाड ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित अत्याधुनिक उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को बताया कि इस सूट को पहनकर लाइन स्टाफ 400 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में बिना विद्युत आपूर्ति बाधित किए ही खराबियों को दुरुस्त कर सकता है। यह तकनीक विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए लाइन स्टाफ को हॉटलाइन प्रशिक्षण के साथ-साथ ‘बेयर हैंड’ तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे उच्च वोल्टेज लाइनों पर सुरक्षित रूप से कार्य कर सकें। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को जानकारी दी गई कि जबलपुर स्थित संधारण कार्यालय में पदस्थ लाइनमेन श्री राजेंद्र कुमार कुशवाहा ने इस परिरक्षण सूट को पहनकर 400 केवी की चालू लाइनों में खराब डिस्क बदलने जैसे अत्यंत जटिल 60 से अधिक ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस तकनीक की उपयोगिता की सराहना करते हुए श्री कुशवाहा के उत्कृष्ट कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित भी किया।  

पुलिस कर्मियों की मानसिक मजबूती पर फोकस, भोपाल ऑफिसर्स मेस में योग एवं ध्यान सत्र आयोजित

विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कराया योग एवं ध्यान भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में पुलिस कर्मियों में मानसिक संतुलन, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोपाल स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में विशेष योग एवं ध्यान (मेडिटेशन) सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) द्वारा किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह दिवस मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं संतुलित जीवन की दिशा में प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्थान के साथ हुए एमओयू के बाद प्रदेश की पुलिस इकाइयों में ध्यान एवं योग गतिविधियों को व्यापक रूप से क्रियान्वित किया गया है। पुलिस की 24 घंटे की तनावपूर्ण ड्यूटी को देखते हुए यह पहल कर्मियों को मानसिक राहत देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड मेडिटेशन डे के अवसर पर प्रदेश के लगभग 2800 स्थानों पर 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की सक्रिय सहभागिता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। डीजीपी ने कहा कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आए हैं। पुलिस कर्मियों के ऊर्जा स्तर में वृद्धि, व्यवहार में सुधार, पारिवारिक संबंधों में मजबूती तथा तनाव में कमी देखी गई है। कई पुलिसकर्मियों द्वारा नकारात्मक आदतों, विशेष रूप से नशा छोड़ने की दिशा में, सराहनीय प्रयास किए गए हैं। अंत में उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित ध्यान एवं योग अपनाने का आह्वान किया तथा इस पहल के प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन कराने का सुझाव भी दिया। उन्होंने दाजी एवं संस्थान की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे पुलिस बल के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति अन्य ध्यान प्रणालियों से भिन्न है, जिसमें प्राण ऊर्जा के माध्यम से साधक की चेतना को उच्च स्तर तक विकसित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में व्यक्ति के मन पर अनुभवों, विचारों और भावनाओं के अनेक संस्कार जमा हो जाते हैं, जिससे मानसिक असंतुलन और तनाव उत्पन्न हो सकता है। हार्टफुलनेस में “क्लीनिंग” की प्रक्रिया के माध्यम से इन नकारात्मक प्रभावों को धीरे-धीरे दूर कर मन को हल्का और संतुलित बनाया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मनुष्य भी समाज और परिस्थितियों के कारण कई प्रकार की मानसिक पीड़ा का शिकार हो जाता है। ध्यान और आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति इन सीमाओं से मुक्त होकर अधिक स्वतंत्र और संतुलित सोच विकसित कर सकता है। श्री पटेल ने कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं बाहरी प्रभाव व्यक्ति के विचारों को प्रभावित करते हैं, इसलिए पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर जीवन को निष्पक्ष दृष्टि से देखना आवश्यक है। ध्यान का नियमित अभ्यास व्यक्ति के भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाता है तथा अनावश्यक मानसिक दबाव को कम करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य चेतना का विकास है और ध्यान इस दिशा में एक प्रभावी साधन है। नियमित ध्यान से एकाग्रता, आत्मनियंत्रण एवं निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है, जो पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। कार्यक्रम के दौरान Brighter Minds कार्यक्रम का भी विशेष उल्लेख किया गया, जो बच्चों के मस्तिष्क विकास, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को ऐसी विशेष तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनसे उनकी स्मरण शक्ति, ध्यान क्षमता तथा सीखने की गति में सकारात्मक सुधार होता है। इस पहल में अब तक लगभग 3000 बच्चों ने भाग लिया है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों, ध्यान अभ्यास एवं विशेष मानसिक अभ्यासों के माध्यम से अपने मस्तिष्क की क्षमता का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती रुचिवर्धन मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में उद्योग जगत के साथ औद्योगिक निवेश पर करेंगे संवाद

राज्य के निवेश समर्थक दृष्टिकोण का होगा प्रस्तुतीकरण भोपाल मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में ‘इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ निवेश पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इस सेशन में राज्य की नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक तत्परता और निवेश समर्थक दृष्टिकोण को देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जयपुर में होने वाले सेशन में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति, क्षेत्रवार प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता, अधोसंरचना विस्तार, लॉजिस्टिक नेटवर्क, कौशल विकास तंत्र और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का समग्र प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों की विस्तृत जानकारी देंगे। कार्यक्रम में प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भी अपने विचार रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योग जगत के साथ सीधे संवाद में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे और बताएंगे कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए स्थिर नीति वातावरण, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। वे निवेश को रोजगार सृजन, कौशल उन्नयन और औद्योगिक विस्तार से जोड़ने की राज्य की प्रतिबद्धता को सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मुख्य संबोधन राज्य की औद्योगिक दिशा और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को केंद्र में रखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चयनित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग में प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। जयपुर में आयोजित यह निवेश संवाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय उद्योग समुदाय से सीधे जोड़ने की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल साबित होगा।  

दिल दहला देने वाली घटना: इंदौर में मनोज को हुआ अनहोनी का अंदेशा, कुछ ही पलों में 8 लोगों की मौत

इंदौर इंदौर में हुए खौफनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया, जहां मनोज पुगलिया समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मनोज का आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस तेजी से वायरल हो रहा है। 7 परिजनों के साथ अग्निकांड का शिकार हुए मनोज पुगलिया को क्या कुछ घंटे पहले ही काल की क्रूरता का अहसास हो गया था? इंदौर के भीषण हादसे के बाद मनोज पुगलिया के वॉट्सऐप स्टेटस को देखकर लोग ऐसी ही चर्चा कर रहे हैं। मौत से कुछ घंटे पहले मनोज ने वक्त की ताकत का जिक्र किया था, जिसकी पहली लाइन थी कि ‘वह सबकुछ छीन सकता है।’ आगे उन्होंने कहा था कि यह सबकुछ छीन सकता है पर पहचान नहीं। इंदौर के बृजेश्वरी (एनएक्स) में हुए खौफनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया, जहां मनोज पुगलिया समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मनोज का आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने वक्त की इस ताकत का जिक्र करते हुए लिखा था, ‘वक्त सबकुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान नहीं छीन सकता।’ इन शब्दों को देखकर जहां मनोज के परिजन और रिश्तेदार भावुक हो जाते हैं तो उन्हें उनके लिए यह हौसला भी बन गया है, जिसे परिवार ने सहेजकर रख लिया है। और क्या लिखा था एक दिन पहले दोपहर 1.04 बजे मनोज ने दो स्टेट्स लगाए थे। एक में लिखा था, ‘वक्त सब कुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान कभी नहीं छीन सकता है। एक अन्य स्टेट्स में उन्होंने लिखा था, ‘कभी फुरसत में अपनी कमियों पर भी गौर करना चाहिए। दूसरों को आईना दिखाने की आदत अपने आप छूट जाएगी।’ मनोज पुगलिया का वॉट्सऐप स्टेटस मौत की इस भयावह रात का मंजर किसी डरावने सपने से कम नहीं था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया, जहां पूरा घर जलकर खाक हो चुका था। नीचे किचन, डायनिंग हॉल और बेडरूम था, जिसमें गैस गीजर, फ्रिज, एसी और भारी फर्नीचर मौजूद था- जो आग को और भी भड़काने का कारण बने। उस रात क्या-क्या हुआ रिश्तेदारों के मुताबिक, मनोज अपनी पत्नी सुनीता, साले विजय और सुमन के साथ नीचे ही सो रहे थे। हादसे की शुरुआत एक जोरदार धमाके जैसी आवाज से हुई- जैसे बाइक का टायर फटा हो। मनोज सबसे पहले जागे, लेकिन जैसे ही दरवाजा खोला, आग की विकराल लपटें भीतर घुस पड़ीं। हालात बिगड़ते देख उन्होंने सुनीता को बालकनी की ओर धकेला। बेटे सौरभ, सौमिल और हर्षित किसी तरह जाली तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब हुए, लेकिन हर कोई इतना खुशकिस्मत नहीं था। बचने को खूब छटपटाए थे मासूमों की चीखें उस रात गूंजती रहीं। रुचिका के बच्चे 11 साल की राशि और 8 साल का तनय, अपने नाना-नानी को बचाने के लिए नीचे दौड़े, लेकिन खुद ही आग के शिकंजे में फंस गए। सिमरन ने भी बाहर निकलने की कोशिश की, पर वह आग की भेंट चढ़ गई। बाद में उसका जला हुआ शव मिला। निकल नहीं पाए पापा और बाकी लोग बचे हुए सौरभ की जुबानी उस रात की दहशत रोंगटे खड़े कर देती है, ‘मैं मां और भाइयों को लेकर बाहर आ गया, लेकिन पापा और बाकी लोग अंदर ही फंस गए। मैंने बार-बार चिल्लाकर कहा- पापा, सिमरन, कार्तिक बाहर आ जाओ… लेकिन धुएं ने सबको निगल लिया।’ इस हादसे ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया। कई तरह की अटकलें इधर, हादसे के बाद अफवाहों का बाजार भी गर्म हो गया। गैस टंकियों, इलेक्ट्रिक लॉक और अन्य कारणों को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। परिवार ने साफ किया कि घर में इलेक्ट्रिक लॉक नहीं था और कई दावे बेबुनियाद हैं। गीजर, एसी और फ्रिज जैसे उपकरण फटने से आग और भयानक हो गई।

रानी अवंतीबाई के बलिदान को श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- यह अविस्मरणीय रहेगा

मातृभूमि की रक्षा की लिए रानी अवंतीबाई का बलिदान सदियों तक रहेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी अवंतीबाई की स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रूपए से निर्मित संग्रहालय का किया लोकार्पण सागर में रानी अवंतीबाई के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर हमने दी है वीरांगना को श्रद्धांजलि रानी अवंतीबाई बलिदान दिवस पर डिंडोरी में हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वीरांगनाओं की धरती है। रानी दुर्गावती से लेकर रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई तक हमारी लोकनायिकाओं और वीरांगनाओं ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे। मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी अवंतीबाई ने जो बलिदान दिया, वह सदियों-सदियों तक अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर डिंडोरी जिले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी अवंतीबाई के अटल साहस और अमर त्याग को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित भव्य संग्रहालय का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय हमें रानी अवंतीबाई के बल और बलिदान की याद दिलाता रहेगा। इस संग्रहालय में उनकी फोटो गैलरी और उनके शस्त्र हमारी आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ते हुए अपने नायकों के पराक्रम को भी याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म तत्कालीन सिओनी (वर्तमान सिवनी) जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। कहते हैं कि रणभूमि में उनकी तलवार जब चलती थी, तो अंग्रेजों के हौसले पस्त हो जाते थे। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की भूमिका ठीक वैसी ही थी, जैसी झांसी में रानी लक्ष्मीबाई की। जब अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप से उड़ाकर कायरता दिखाई, तब इस पूरे क्षेत्र में क्रांति की मशाल रानी अवंती बाई ने अपने हाथ में ली थी। सन् 1857 की क्रांति में रानी अवंतीबाई ने रेवांचल में मुक्ति आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद सन् 1858 में जब अंग्रेजों ने एक विशाल सेना के साथ उन पर हमला किया, त‍ब भी रानी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। अपने मान-सम्मान और देश की अस्मिता के लिए उन्होंने लड़ते-लड़ते, हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रानी अवंती बाई की शहादत को अविस्मरणीय बनाए रखने के लिए सागर में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडोरी जिला उनके हृदय के करीब है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिला प्रशासन डिंडोरी ने एक ही दिन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं और बेटियों की स्वास्थ्य जांच की। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी का नाम ‘एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। 14 से 15 साल की बेटियों को टीकाकरण (एचपीवी अभियान) में भी डिंडोरी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए डिंडोरी जिले में ‘पंखिनी अभियान’ चलाया जा रहा है। इसमें बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। यह एक अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए जिला प्रशासन डिंडोरी को बधाई भी दी। डिंडोरी जिले के ग्राम बालपुर में हुए रानी अवंती बाई बलिदान दिवस कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, जनपद पंचायत डिंडोरी की अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी बाई ठाकुर, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, नरेन्द्र राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

गौमांस विवाद के बाद असलम पर NSA, जमानत मिलने के बावजूद जेल गेट से फिर ले गई पुलिस

भोपाल  बहुचर्चित भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में 24 घंटे के भीतर ऐसा जबरदस्त मोड़ आया कि सब दंग रह गए। कोर्ट से जमानत मिलने की खुशी अभी अधूरी ही थी कि जेल की चौखट पर ही असलम कुरैशी की आजादी छिन गई। पुलिस ने कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए उसे फिर से हिरासत में ले लिया है और अब उस पर एनएसए यानी रासुका के तहत कार्रवाई की जा रही है। जेल के बाहर मची अफरातफरी असलम के परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात करीब 10 बजे जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसे जबरन एक लाल रंग की गाड़ी में बिठाकर ले जाया गया। परिजनों ने भौंरी बाईपास तक गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन पुलिस की फुर्ती के आगे वे नाकाम रहे। जब वे गांधी नगर थाने पहुंचे, तब जाकर पता चला कि यह कोई किडनैपिंग नहीं बल्कि पुलिस की प्रिवेंटिव एक्शन थी। जेल के बाहर 100 प्रदर्शनकारी हो गए इकट्ठा असलम की रिहाई की खबर मिलते ही जेल के बाहर 50 से 100 के करीब प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे। नारेबाजी और बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस को डर था कि त्योहारों के इस मौसम में शहर की शांति भंग हो सकती है। इसी इनपुट के आधार पर कलेक्टर ने तत्काल डिटेंशन वारंट जारी कर दिया। गो-मांस मिलने पर हुआ था हंगामा यह पूरा मामला भोपाल के एक स्लॉटर हाउस से जुड़ा है जहां भारी मात्रा में संदिग्ध प्रतिबंधित मांस मिलने का आरोप है। असलम कुरैशी इस स्लॉटर हाउस का ऑपरेटर है। उसे पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बुधवार को सेशन कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। अब एनएसए लगने के बाद उसकी मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।

इंदौर मेट्रो के दूसरे फेज की फाइनल टेस्टिंग, इमरजेंसी ब्रेक और स्टेशन प्रबंधन की पूरी जांच

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का काउंटडाउन शुरू हो गया है. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च 2026 तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण पूरा कर लिया है।  MPMRCL की ओर से बताया गया कि मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का निरीक्षण किया और स्टेशन मैनेजमेंट, यात्रियों की सुविधाओं, गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और आपातकालीन स्थितियों जैसे पैमानों पर प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया।  मेट्रो रेल प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6 किलोमीटर लंबे रूट पर कमर्शियल ऑपरेशन 31 मई 2025 को शुरू किए गए थे।  MPMRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर एस कृष्णा चैतन्य ने कहा, “CMRS से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के दूसरे चरण के कमर्शियल ऑपरेशन जल्द ही शुरू हो सकते हैं।  मूल योजना के अनुसार, शहर में 31.32 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर 7500.8 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है।   इसका निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और कमर्शियल इलाकों में आई बाधाओं के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई, और अब इसकी लागत बढ़ने की उम्मीद है।   

आनंद केवल अंतस से अनुभूत होता है, यह अर्थ क्रय से नहीं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आनंद एक ऐसी सुखानुभूति है, जो अर्थ क्रय से नहीं, अंतस से होती है अनुभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूजे के सुख में भी स्व का आनंद ढूंढ़ना है भारतीय संस्कृति की चेतना का आधार मुख्यमंत्री ने आनंदोत्सव के विजेताओं को किया पुरस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आनंद के आयाम राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिल प्रशासन अकादमी में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम मनुष्य आदतन सुख-सुविधाओं की वस्तुओं और विलासतापूर्ण जीवन में ही सुख ढूंढ़ते रहते हैं। भौतिक सुख की अभिलाषा सबको है पर आत्मिक सुख और शांति की दरकार कम ही लोगों को है। जबकि जीवन का आनंद भौतिकता में नहीं, मन के भावों की संतुष्टि में निहित है। उन्होंने कहा कि आनंद एक ऐसी सुख की अनुभूति है, जो धन से सुख-सुविधाओं के यंत्र वस्तुएं खरीदकर नहीं, बल्कि अपने अंतस में जागे मानवीय भावों के तृप्त होने पर भीतर से उपजती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित आनंद के आयाम-राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन कर राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगल आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 14 से 28 जनवरी तक मनाए गए आनंदोत्सव के विजेताओं को पुरस्कार के रूप में नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिए। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी विधा में प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रूपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रूपए दिए गए। मुख्यमंत्री ने फोटोग्राफी विधा में मिलिंद कुमार को प्रथम, शैलेंद्र बिहार को द्वितीय एवं सुसीमा अग्निहोत्री को तृतीय पुरस्कार दिया। वीडियोग्राफी विधा में सैयद अफजान को प्रथम, राजा खान को द्वितीय एवं जीवन रजक को तृतीय पुरस्कार दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम दूसरों के सुख में भी अपने आनंद की अनुभूति प्राप्त कर लें, यही सनातन संस्कृति की चेतना का आधार है। हम सभी को अपने कार्यों को पूरे आनंद, उत्साह और दक्षता के साथ संपादित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन में आनंद के आयाम, हमारे सुख और दु:ख के बीच के अंतर को समझने से पता चलते हैं। आदिकाल से भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की रही है, जिसमें परिवार की धारणा को विशेष महत्व दिया गया है। वर्ष 1956 के विश्व हिंदू सम्मेलन में मार्गेट थेचर ने भारत और इंग्लैंड की संस्कृति का मूल अंतर सबको समझाया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय परिवारों की व्यवस्था में अगर कोई एक सदस्य भी कमाई करता है तो पूरा परिवार आनंद और सम्मान के साथ जीवन जीता है। यह दुनिया में सिर्फ भारत में ही संभव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी के जीवन में भारी कष्टों से निवृत्ति के बाद मिले आनंद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यशोदा मैया और नंद बाबा ने कन्हैया के लालन-पालन में ही आनंद की अनुभूति की। उन्होंने कभी ये नहीं सोचा कि यह किसी और का शिशु है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुख और दु:ख बिना विचलित हुए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। जबकि महाभारत में उन्हीं के सैनिक उनके सामने युद्ध लड़ रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के आयोजन में साधु-संत भीषण गर्मी में अग्नि स्नान करते देखे जाते हैं। उनके शरीर पर मौसम और कांटों तक का कोई असर नहीं पड़ता है, क्योंकि वे भगवान के समीप साधना के मार्ग से आनंद में डूबते हैं। सनातन संस्कृति में हमारे संत अग्नि वस्त्र धारण कर समाज की कई उलझनों को दूर करने के लिए अपने जीवन का निचोड़ देते हैं। हरिद्वार से आए महर्षि मधुसूदन जी महाराज ने कहा कि संसार के भौतिक जगत को मापने का मापदंड मैटा फिजिक्स तय करती है। इसके दो भागों में संसार के तत्व ज्ञान और ब्रह्म ज्ञान का अध्ययन किया जाता है। आनंद की प्राप्ति के लिए वेदांत में कई स्थानों पर उल्लेख मिलता है। आनंद ही ब्रह्म है, जो पूरे संसार को गति प्रदान करता है। देश की गुलामी के समय बेलियम हेस्टिंग ने गीता को पढ़कर कहा था कि भारत अब लंबे समय तक गुलाम नहीं रहेगा, क्योंकि उन्होंने गीता में आनंद के तत्व ज्ञान को जाना था। बाद में गीता लंदन पहुंची और वहां हर विचारधारा के विद्वानों ने गीता को हाथों हाथ लिया। अमेरिका के विद्वान भी गीता के ज्ञान को परफेक्शन के रूप में देखा है। परफेक्शन अभ्यास से ही आता है। अमेरिकी जीवन सिद्दांत से देखें, तो जब कोई अपनी विधा में, अपने काम में परफेक्शन प्राप्त कर लेता है, तो वह योगी हो जाता है। आज हमारा भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फिर से विश्व गुरु बनने की यात्रा कर रहा है। आनंद विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आनंद विभाग प्रदेश के सभी ब्लॉक स्तर पर शासकीय सेवकों के लिए आनंद से रहने की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शासकीय सेवक स्वयं आनंदित रहना और नागरिकों के साथ कुशल व्यवहार करना सीख रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर कॉलेज तक मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे चित्त में प्रसन्नता है, तो समझिए सारा संसार खुश है। राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ता के रूप में दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के सचिव अभय महाजन, कमलेश पटेल, डॉ. जामदार सहित आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार, उप निदेशक प्रवीण गंगराड़े एवं बड़ी संख्या में प्रदेश के जिलों से आए आनंदक एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। राज्य आनंद संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक मनु दीक्षित ने सभी का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘सिंहस्थ-2028 में सनातन संस्कृति का वैभव देखेगी दुनिया

सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव पर धर्मनगरी उज्जैन में राम घाट पर हुआ भव्य आयोजन पार्श्व गायक विशाल मिश्रा की प्रस्तुति, ड्रोन शो, लेजर शो और भव्य आतिशबाजी ने बांधा समां उज्जैन  विक्रमोत्सव-2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन का परमात्मा ने भाग्य विशेष रूप से लिखा है। जो भी व्यक्ति एक बार उज्जैन आता है, उसका जीवन संवर जाता है। मां शिप्रा के पावन तट पर बसी यह नगरी अनादि काल से अस्तित्व में है और हर युग में इसकी महिमा अक्षुण्ण रही है। उज्जैन, जिसे प्राचीन काल में अवंतिका और उज्जयिनी के नाम से जाना जाता था, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का धाम है। वर्षप्रतिपदा के इस विशेष दिन विक्रम संवत 2083 के आगमन का उल्लास पूरे शहर में देखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विक्रमोत्सव-2026 अंतर्गत उज्जैन के राम घाट पर आयोजित सृष्टि आरंभ उत्सव का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन का उपयोग युद्ध में कर रही है, वहीं ड्रोन तकनीक उज्जैन में देवी-देवताओं की झलक आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रही है। यह सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है। करीब दो हजार वर्ष पूर्व उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांताओं को परास्त कर राष्ट्र की रक्षा की और सुशासन की मिसाल कायम की। उनका 32 पुतलियों वाला सिंहासन, नवरत्नों की विद्वता, वीरता और दानशीलता आज भी प्रेरणा का स्रोत है। आज विक्रमादित्य की इसी गौरवगाथा को पुनर्जीवित करते हुए पूरे प्रदेश में विक्रमोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव न केवल संस्कृति का उत्सव है, बल्कि सुशासन और प्रशासनिक आदर्शों की पुनर्स्थापना का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार का सिंहस्थ अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने वाला है। उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन बनाया जा रहा है, वहीं मां शिप्रा के तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नवीन घाट विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन को व्यापार और उद्योग की दृष्टि से भी विकसित किया जा रहा है। विक्रम उद्योगपुरी, मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 12,500 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र पूर्ण रूप से विकसित हो चुका है और अतिरिक्त 5 हजार एकड़ क्षेत्र में नया पार्क तैयार किया जा रहा है। साथ ही नए एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना से धार्मिक तीर्थाटन को नई ऊंचाई देने का प्रयास है। आने वाले समय में उज्जैन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक, औद्योगिक और वैश्विक पहचान का केंद्र बनेगा। जब 2028 में सिंहस्थ का विराट स्वरूप दुनिया के सामने आएगा, तब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति का वैभव देखेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, सृष्टि आरम्भ उत्सव के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन में भव्य और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिप्रा तट स्थित रामघाट,दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित इस महोत्सव में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद प्रसिद्ध पार्श्व गायक विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संगीत का आनंद लिया और नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। गुड़ी पड़वा, जिसे हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है, से पूरे शहर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी से आकाश को भर दिया रोशनी और रंगों से कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन-शो, लेजर-शो और आकर्षक आतिशबाजी रही, जिसने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया। ड्रोन-शो के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेशों का मनोहारी प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह अभिभूत हो उठा। विभिन्न साहित्य का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ का विक्रम पंचांग 2083, संस्कृति संचालनालय का कला पंचांग, बिमल कृष्ण दास की 84 महादेव, रामस्वरूप दास की ओरछाधीश, वीर भारत न्यास के महर्षि अत्रि, महर्षि अंगिरा, धनवंतरी, महर्षि अगस्त्य, भरत मुनि के भारत निधि मोनोग्राफ, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ की अष्टावक्र गीता, नारद गीता, ब्राह्मण गीता, गर्भ गीता, उत्तर गीता का विमोचन किया। विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित सृष्टि आरम्भ उत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ संगीत, संस्कृति और तकनीक के संगम के रूप में उज्जैन को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान प्रदान की। सृष्टि आरम्भ उत्सव ने उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आधुनिक आयोजन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज,विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विक्रमादित्य शोधपीठ निदेशक डॉ. श्रीराम तिवारी, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, राजेश कुशवाह, नरेश शर्मा, राजेंद्र भारती और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

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