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माढ़ोताल में जल गंगा संवर्धन अभियान से बदलेगी तस्वीर, 10 हजार पौधों के साथ होगा समग्र विकास

The picture will change with the Jal Ganga Samvardhan Abhiyan in Madhotal, overall development will take place with 10 thousand plants. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav के नेतृत्व में संचालित जनभागीदारी आधारित “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अभिलाष पांडे द्वारा क्षेत्र के माढ़ोताल में व्यापक स्वच्छता एवं पुनरुद्धार अभियान का सफल संचालन किया गया। यह पहल केवल सफाई अभियान तक सीमित नहीं रही, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। अभियान के अंतर्गत माढ़ोताल क्षेत्र में जल स्रोतों की सफाई, गाद निकालने और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने का कार्य किया गया। स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया, जिससे क्षेत्र में जागरूकता और सहभागिता दोनों में वृद्धि हुई है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र 5S—सेवा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, समर्पण और संस्कार के सिद्धांतों पर आधारित विकास मॉडल के साथ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। इसी कड़ी में माढ़ोताल को जल्द ही एक आधुनिक और सुव्यवस्थित जनोपयोगी स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत यहां 10,000 पौधों का रोपण कर हरितावरण को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वॉकिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए फूड ज़ोन विकसित किया जाएगा, जबकि बच्चों के मनोरंजन हेतु लघु रेल (ट्रेन) जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह समग्र विकास योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देगी, बल्कि क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। माढ़ोताल का यह रूपांतरण उत्तर विधानसभा के विकास को नई दिशा देने के साथ ही जनकल्याण की अवधारणा को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

नन्हे कदमों का स्वागत: आंगनबाड़ी बच्चों का भव्य विद्यारंभ समारोह

Welcoming Little Steps: Grand Vidyarambh Ceremony for Anganwadi Children विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। हनुमानताल साड़ियां कुआं स्कूल और खरमाई भानतलैया स्कूल में आंगनबाड़ी के नन्हे बच्चों के लिए सेक्टर स्तरीय विद्यारंभ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय से जोड़ना और उनके शिक्षा के प्रथम कदम को उत्सव के रूप में मनाना रहा। कार्यक्रम में वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार एवं हनुमानताल के पार्षद गोवर्धन कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, अभिभावक और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए। आयोजन में बच्चों और उनके अभिभावकों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीत, कविताएं और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की मासूम अदाएं और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावुक और आनंदित कर दिया। इस अवसर पर एसडीएम पंकज मिश्रा ने कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में माताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल बच्चों को विद्यालय से जोड़ते हैं, बल्कि उनके परिवारों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाते हैं। परियोजना अधिकारी रितेश दुबे ने बताया कि विद्यारंभ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश के समय एक सकारात्मक और आनंददायक वातावरण देना है, ताकि वे बिना किसी भय के शिक्षा की ओर अग्रसर हो सकें। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र, ग्रेजुएशन कैप और स्टेशनरी किट वितरित की गई। सभी अतिथियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस पहल की सराहना की।

जबलपुर में गूंजा भक्ति का स्वर—महिला समिति ने निकाली भव्य महाआरती यात्रा

The voice of devotion resonated in Jabalpur – the women’s committee organized a grand Maha Aarti procession. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर: शहर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब श्री बड़ी खेरमाई मंदिर महिला समिति द्वारा भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। यह धार्मिक आयोजन दुर्गा चौक स्थित दुर्गा मंदिर से प्रारंभ होकर श्री बड़ी खेरमाई मंदिर तक पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला गया। महिलाओं की बड़ी भागीदारी इस आयोजन की विशेष आकर्षण रही। पूरे मार्ग में भक्तिमय भजनों, जयकारों और दीपों की रोशनी से माहौल पूरी तरह भक्तिरस में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने मां खेरमाई की आराधना करते हुए सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। कार्यक्रम का सफल संचालन महिला समिति की अध्यक्ष रीता पाल के नेतृत्व में हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और एकता का संदेश प्रसारित हुआ। यह भव्य महाआरती न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में महिला शक्ति की सक्रिय भागीदारी का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

रिश्ते में भरोसा, घर में सेंध—रिश्तेदार निकला नकबजन, 20.85 लाख की चोरी का खुलासा

Trust in relationship, home burglary—relative turns out to be burglar, theft of 20.85 lakh rupees revealed हरिप्रसाद गोहेआमला बैतूल ! आमला थाना क्षेत्र में हुई बड़ी नकबजनी की वारदात का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह रही कि चोरी करने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि फरियादी का ही रिश्तेदार निकला। आरोपी ने रिश्ते की आड़ में घर की रेकी कर वारदात को अंजाम दिया और बाद में चोरी के जेवर गिरवी रखकर कर्ज चुकता कर दिया। घटना 9-10 मार्च 2026 की दरम्यानी रात की है, जब वार्ड क्रमांक 6, कुन्बी मोहल्ला निवासी ओमकार टिकारे के घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर अज्ञात व्यक्ति अंदर घुसा। आरोपी ने अलमारी और पलंग पेटी तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात सहित 30 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी रविकांत डहेरिया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 23 मार्च को संदेही महेन्द्र उर्फ रंजीत देवड़े (32), निवासी इंदौर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली।जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फरियादी का रिश्तेदार है और आर्थिक तंगी व कर्ज के चलते उसने अपने ही परिचित के घर को निशाना बनाया। चोरी के जेवर उसने इंदौर स्थित एक गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रखकर करीब 8 लाख रुपये प्राप्त किए, जिनमें से बड़ी राशि से उसने अपना कर्ज चुका दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, नकदी और बैंक खाते में जमा राशि सहित कुल 20 लाख 85 हजार 200 रुपये का माल बरामद किया है। मुख्य बरामदगी में शामिल: सोने के जेवरात: ₹12.28 लाखचांदी के जेवर (440 ग्राम): ₹1.01 लाखनकद राशि: ₹4.57 लाखबैंक खाते में फ्रीज राशि: ₹2.98 लाख इस कार्रवाई में थाना आमला पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि घरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

आमला के प्रसिद्ध भजन गायक सुमित महतकर ने खाटूश्यामजी में दी अपने भजनो की प्रस्तुति ।

Famous Bhajan singer of Amla, Sumit Mahatkar presented his bhajans in Khatushyamji. हरिप्रसाद गोहे आमला।आमला के प्रसिद्ध भजन गायक श्याम प्रेमी सुमित महतकर श्याम भजनो की प्रस्तुति देने एवं बाबा श्याम के दर्शन के लिए अपनी टीम के साथ खाटू श्याम दरबार पहुंचे थे।उन्होंने वहां पहुंच बाबा के दर्शन किए और श्यामप्रेमियों के साथ भजन का आनंद लिया। सुमित महतकर ने टीम के साथ किर्तन शुरू होने से पहले बाबा के मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और सभी के लिए मंगल कामना की। खाटूश्यामजी में सुमित महतकर के भजन की प्रस्तुति ने श्यामप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से आए श्यामप्रेमियों ने श्याम की चौखानी धर्मशाला में बाबा के भजन का भरपूर आनंद लिया।सुमित महतकर को अन्य राज्यों से आए श्यामप्रेमियों ने खाटूश्याम जी, चुलकाना धाम, सिलीगुड़ी, लखनऊ यूपी जैसे तमाम नगरों में बाबा का किर्तन करने को कहा है। बहुत जल्द ही महानगरों में भी गायक सुमित महतकर द्वारा किर्तन किए जाएंगे ।

जबलपुर सेंट्रल जेल में महिला बंदियों के पुनर्वास की पहल, 7 दिवसीय फूड ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू

Jabalpur Central Jail begins 7-day food training program for rehabilitation of women prisoners विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव / अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। स्टेट इंस्टिटयूट ऑफ होटल मैनेजमेन्ट जबलपुर एवं केन्द्रीय जेल जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में महिला बंदियों के पुनर्वास हेतु 7 दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम “Regional Cuisine & Snacks” का शुभारंभ 17 मार्च 2026 को जेल परिसर में किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 19 महिला बंदियों को शामिल किया गया है, जिन्हें सात दिनों के दौरान 21 प्रकार के व्यंजनों की विधियां सिखाई जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि जेल से रिहा होने के बाद वे आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकें। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को संस्थान द्वारा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनके लिए भविष्य में रोजगार के अवसर और सुलभ हो सकेंगे।कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के प्राचार्य दविन्दर पाल सिंह सोढ़ी, कोऑर्डिनेटर शुभंकर भट्टी तथा फैकल्टी दीपक उप्रेती सहित अन्य स्टाफ का विशेष योगदान रहा, जो जेल परिसर में उपस्थित होकर महिला बंदियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी वर्ष 2024 में इसी संस्थान द्वारा बंदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे कई बंदियों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली थी। इस पहल को बंदियों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नियम विरुद्ध यात्री वाहनों पर आरटीओ की सघन कार्रवाई, 40,500 रुपये का राजस्व वसूला

RTO cracks down on passenger vehicles violating rules, collects revenue worth Rs 40,500 विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव / अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशों के पालन में आरटीओ रिंकू शर्मा के नेतृत्व में नियम विरुद्ध संचालित यात्री वाहनों के विरुद्ध आरटीओ उड़नदस्ता द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। प्रभारी राजेंद्र साहू ने बताया कि जांच के दौरान वाहन क्रमांक MP 04 PA 0680 को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव एवं कर वंचन के कारण जब्त किया गया। वहीं, वाहन क्रमांक MP 20 E 6165 से 31,000/- रुपये का राजस्व वसूला गया। इसके अतिरिक्त 07 अन्य वाहनों पर चलानी कार्रवाई की गई।इस कार्रवाई में कुल 40,500/- रुपये का राजस्व वसूल किया गया। चलानी कार्रवाई के दौरान प्रभारी राजेंद्र साहू, परिवहन उप निरीक्षक अक्षय पटेल, परिवहन आरक्षक इम्तियाज हुसैन, पीयूष मरावी, सारंगधर महाले, उमाशंकर उपाध्याय, आशुतोष मोघे, धर्मेंद्र तोमर, धीरज खरे, शंकर झरिया एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

जबलपुर में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का 32वां युवा-युवती परिचय सम्मेलन संपन्न

The 32nd youth-girl introduction conference of All India Kayastha Mahasabha concluded in Jabalpur. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव / अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा आयोजित 32वां युवा-युवती परिचय सम्मेलन का 22 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विश्वास सारंग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रर्णीत वर्मा एवं अभिलाष पाण्डेय की भी विशेष उपस्थिति रही।सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया, जहां परिचय के माध्यम से वैवाहिक रिश्तों के लिए सार्थक संवाद स्थापित हुआ। आयोजन के दौरान समाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अतिथि विश्वास सारंग ने अपने उद्बोधन में ऐसे आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह मंच युवाओं को एक-दूसरे को समझने और मजबूत पारिवारिक संबंध बनाने का अवसर प्रदान करता है।आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज के युवाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जिसमें वे पारंपरिक मूल्यों के साथ आधुनिक सोच को जोड़ते हुए अपने जीवनसाथी का चयन कर सकें। कार्यक्रम का समापन उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

साईखेड़ा तालाब को साफ सुथरा, जलमग्न करने गायत्री परिवार ने छेड़ा अभियान ।

Gayatri Parivar launched a campaign to clean and submerge Saikheda pond. हरिप्रसाद गोहे आमला। साईखेड़ा के प्राचीन तालाब को स्वच्छ सुंदर जलमग्न करने गायत्री परिवार ने अभियान की अभिनव पहल की है।अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के प्रयाज अभियान तालाब जल स्त्रोत नदी शुद्धि अभियान के तहत ग्राम साईखेड़ा के पौराणिक तालाब की साफ सफाई अभियान का प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 22 मार्च 2026 को सुबह 10:00 बजे से शुरू किया । तालाब के चारों और गंदगी देखी जा सकती है दुखद स्थिति यह है कि इस तालाब में कुछ आस पास के लोग और कुछ अज्ञानता वश ऐसे धार्मिक लोग जो घर में पूजा पाठ करने के उपरांत घर की पूजन सामग्री तालाब में लाकर डाल रहे हैं और जल स्रोतों को गंदा कर रहे हैं कूड़ा करकट प्लास्टिक के पन्नी पूजन सामग्री प्लास्टिक की पन्नीयों में भरकर डाल रहे हैं गायत्री प्रज्ञापीठ आमला के प्रमुख ट्रस्टी बी पी धामोडे एवं शिशुपाल डडोरे रमेश बेले ने जल है तो कल है कार्यशाला का शुभ आरंभ करते हुए ग्रामीणों को जल के महत्व से अवगत कराया और बताया कि घर में जो भी पूजा पाठ होती है यज्ञ हवन आदि होते हैं उसकी सामग्री जल स्त्रोत में नहीं डालनी चाहिए इससे जल अशुद्ध होता है और जल जीव जंतुओं को काफी नुकसान होता है गायत्री प्रज्ञापीठ आमला तालाब को साफ रखने के लिए ग्रामीणों को जनजाग्रति के माध्यम से लोगों को जागृत करके जल के महत्व को समझाएगा और इसे सहेजेगा वरिष्ठ वकील मोहम्मद शफी खान ने ग्रामीण को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम धर्म में भी जल स्रोतों को साफ रखने की प्ररेणा दी गई है और प्रकृति के महत्व को रेखांकित किया गया है गायत्री परिवार इस दिशा में लगातार पुनीत कार्य कर रहा है श्री कृष्ण लीला फाउंडेशन के संयोजक राजेंद्र उपाध्याय पर्यावरण प्रेमी सदाराम झरबड़े ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब के आसपास जो अतिक्रमण और गंदगी व्याप्त है लोग खुले में शौच कर रहे हैं तालाब को गंदा कर रहे हैं तालाब के घाट अत्यधिक जीर्ण श्रीण अवस्था में है घाट पर गंदगी व्याप्त है सुधार होना चाहिए लोग मवेशी बांध रहे हैं गोबर खाद के लिए तालाब के पास इकट्ठा किया जा रहा है यह सभी जलस्त्रोतों के प्रति लापरवाही का नतीजा है जिसके लिए ग्राम पंचायत जिम्मेदार है ग्राम पंचायत को इस ओर ध्यान देना चाहिए तथा जो पत्थर के घाट बनाए हैं उन्हें साफ सुथरा कर आम लोगो के लिए उपयोगी बनाना चाहिए ग्राम साईखेड़ा के बुजुर्ग बाबूराव मकोड़े भूरेन्द्र मकोड़े पांडुरंग देशमुख आर के बनखेड़े मधुकर मकोड़े ने बताया कि यह तालाब सैकड़ो साल पुराना है पहले मालगुजार इसकी देख देख करते थे और जल के उपयोग कृषि कार्य पेयजल में करते थे बाद में ग्राम पंचायत साई खेड़ा के सरपंच और मालगुजार के मध्य न्यायालय में केस चला फिर यह तालाब ग्राम पंचायत साईखेड़ा को प्राप्त हुआ किंतु उसकी देखरेख और इसके जल स्रोतों में होने वाली गंदगी की रोक पर ग्राम पंचायत ध्यान नहीं देती है जिससे यह स्थिति बनी हुई है अभियान में गायत्री परिवार के श्रमदानीआसपास के ग्रामीण स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी मौजूद थे ।

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत की

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु बजट में 10 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान सरगुजा ओलंपिक में बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना सुखद, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें युवा : श्रीमती गीता फोगाट सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने शासन की अनूठी पहल से जुड़ रहे है लोग रायपुर  नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी। साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।  मुख्यमंत्री साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है।             मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।           इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए।         मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।          मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी।               कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।             पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।            कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।           इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

LPG के लिए बड़ी खबर, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरेंगे भारतीय झंडे वाले दो गैस टैंकर

 नई दिल्ली दुनिया में जितना भी तेल और गैस समुद्र के रास्ते जाता है, उसका करीब 20 फीसदी सिर्फ एक रास्ते से गुजरता है होर्मुज की खाड़ी. यह एक बहुत ही पतली सी जलधारा है जो ईरान और ओमान के बीच में है. एक तरफ खाड़ी के देश हैं – UAE, कुवैत, सऊदी अरब, इराक. और इन सबका तेल बाहर जाने का एकमात्र समुद्री रास्ता यही है।  अब सोचिए – अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो क्या होगा? दुनिया के पांचवें हिस्से का तेल और गैस रुक जाएगा. कीमतें आसमान छू लेंगी. और भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगाते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ होगी।  हुआ क्या है अभी? ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग छिड़ी हुई है. ईरान ने धमकी दे दी कि जो भी जहाज होर्मुज से निकलने की कोशिश करेगा, उस पर हमला होगा।  बस इतना सुनते ही सैकड़ों जहाज वहीं लंगर डालकर रुक गए. कोई आगे जाने को तैयार नहीं. पिछले 24 घंटों में एक भी तेल का बड़ा जहाज होर्मुज से नहीं गुजरा. यह बहुत बड़ी बात है. मतलब रास्ता व्यावहारिक रूप से बंद पड़ा है।  भारत का क्या हाल है? भारत के 22 जहाज इस वक्त खाड़ी के अंदर फंसे हुए हैं. न आगे जा पा रहे हैं, न वापस आ पा रहे हैं. इनमें दो जहाज खास तौर पर चर्चा में हैं. पाइन गैस जिसे आईओसी यानी इंडियन ऑयल ने किराए पर लिया है. जग वसंत – जिसे बीपीसीएल ने किराए पर लिया है।  ये दोनों LPG टैंकर हैं. मतलब इनमें रसोई गैस जैसा ईंधन भरा है जो भारत के घरों तक पहुंचना है. ये दोनों जहाज UAE के शारजाह के पास लंगर डाले खड़े हैं. शनिवार को निकलने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।  मोदी सरकार क्या कर रही है? भारत सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत चाहता है कि उसके जहाज सुरक्षित और बिना रोक-टोक के निकल सकें।  और सबसे अहम बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दूसरे देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं ताकि इन जहाजों का सुरक्षित रास्ता निकाला जा सके. यह कूटनीति का खेल है. प्रधानमंत्री की कोशिश है कि ईरान तक यह बात पहुंचे कि भारत के जहाजों को जाने दिया जाए।  खबर के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान ने दो भारतीय LPG जहाजों को होरमुज से गुजरने दिया था. यानी ईरान ने भारत को थोड़ी रियायत दी. यह इसलिए भी समझ में आता है क्योंकि भारत और ईरान के रिश्ते पहले से ही ठीक-ठाक रहे हैं, और भारत ने हमेशा इस जंग में किसी एक तरफ खड़े होने से परहेज किया है।  पाकिस्तान वाला दिलचस्प किस्सा इस पूरी खबर में एक बहुत दिलचस्प बात और है. डेटा से पता चला है कि पाकिस्तान जाने वाला एक तेल का जहाज हाल ही में होर्मुज से गुजर गया. इसका मतलब यह है कि ईरान ने पूरी तरह रास्ता बंद नहीं किया है. वो चुन-चुनकर कुछ देशों को जाने दे रहा है. जिनसे उसके संबंध ठीक हैं, या जो उसके लिए काम के हैं – उन्हें रास्ता मिल रहा है।  यह एक तरह का दबाव का हथियार है. ईरान कह रहा है, “देखो, मैं सबको रोक सकता हूं, लेकिन जिसे चाहूं उसे जाने भी दे सकता हूं।  असली मुद्दा क्या है? यह सिर्फ कुछ जहाजों की कहानी नहीं है. यह उस रास्ते की कहानी है जिससे भारत का रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल आता है. अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत में गैस और तेल की कमी हो सकती है. कीमतें बढ़ सकती हैं और आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 

देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे के साथ यूपी बना एक्सप्रेस-वे हब

9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति, उत्तर प्रदेश बना देश की कनेक्टिविटी का ग्रोथ इंजन 63,383 किमी सड़कों और 35,433 किमी ग्रामीण मार्गों से मजबूत हुआ नेटवर्क देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे के साथ यूपी बना एक्सप्रेस-वे हब 16 एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ एविएशन कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान रेल, राष्ट्रीय जलमार्ग और फ्रेट कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को मिला बूस्ट सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है- संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है उत्तर प्रदेश – दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित-अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार लखनऊ उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव दर्ज करते हुए खुद को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, रेल, जलमार्ग, ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर काम हुआ है, जिसने विकास को नई गति दी है। प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार ने विकास की दिशा तय की है। वर्ष 2017 के बाद से 63,383 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जबकि 35,433 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। प्रतिदिन औसतन 19 किलोमीटर सड़क निर्माण की रफ्तार प्रदेश की तेज प्रगति को दर्शाती है। इसके साथ ही 1,740 पुलों का निर्माण कर आवागमन को और सुगम बनाया गया है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को बेहतर सड़कों से जोड़ने का व्यापक कार्य भी पूरा किया गया है। उत्तर प्रदेश आज देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन चुका है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में स्थित है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने क्षेत्रीय असमानताओं को कम करते हुए कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है। गंगा एक्सप्रेस-वे, जिसका लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट साबित होने जा रहा है। इसके अलावा विन्ध्य एक्सप्रेस-वे जैसी नई परियोजनाएं भी विकास के दायरे को और विस्तारित करेंगी। हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतर्राष्ट्रीय हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का एक प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बन जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। रेल और जलमार्ग के क्षेत्र में भी प्रदेश ने अपनी स्थिति मजबूत की है। करीब 16,000 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है। वहीं, 11 राष्ट्रीय जलमार्गों का जुड़ाव इसे लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई पहचान दे रहा है। वाराणसी में देश का पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल और 100 एकड़ में विकसित फ्रेट विलेज प्रदेश को निर्यात और माल ढुलाई का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जल क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है।  इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज मजबूत, आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक नए विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार ने न केवल आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाया है, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए भी नए द्वार खोले हैं। प्रदेश अब इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आम नागरिकों के जीवन को आसान बना “डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है। शानदार सड़क नेटवर्क और तेजी से हो रहा निर्माण आम नागरिकों के जीवन को आसान बना रहा है। यही कारण है कि प्रदेश आज सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।” संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई  “योगी सरकार के 9 वर्ष विकास, विश्वास और सुशासन के प्रतीक हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है।” दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी  “मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के नेतृत्व में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। आज प्रदेश देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के साथ विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी का उदाहरण बन चुका है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित की है।” अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार

जब सुनील ग्रोवर ने सड़क किनारे उठाया प्रेस, लोगों ने कहा – यही वजह है ये सबसे अलग है

मुंबई सुनील ग्रोवर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और उनके टैलेंट के आगे हर कोई नतमस्तक है। कपिल शर्मा के शो में उन्होंने सलमान खान से लेकर आमिर खान, गुलजार और अब हाल ही कादर खान बनकर जो किया, उसने हर किसी को अपना मुरीद बना लिया। बॉलीवुड सेलेब्स तो सुनील ग्रोवर को कादर खान के रूप में देख उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। और सुनील ग्रोवर हैं कि वह इस स्टारडम से परे एक आम जिंदगी जीते हुए फैंस को इम्प्रैस करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। वह कभी सड़क किनारे गन्ने का जूस बनाते दिख जाते हैं, तो कभी सरकारी नल पर कपड़े धोते, तो कभी चाय की टपरी पर चाय बेचते। और अब सुनील ग्रोवर सड़क किनारे लोगों के कपड़ों पर प्रेस करते दिखे, तो फैंस हैरान रह गए। सुनील ग्रोवर का वीडियो, लोगों के कपड़ों पर प्रेस करते दिखे सुनील ग्रोवर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह सड़क किनारे एक तंबू में कपड़ों पर प्रेस करते नजर आ रहे हैं। बराबर में एक आदमी बैठा है, जो सुनील ग्रोवर को प्रेस करता देख मुस्कुरा रहा है। शायद वह उस दुकान का मालिक है। वीडियो में सुनील ग्रोवर कोयले वाली प्रेस से पैंट पर इस्त्री कर रहे हैं और इस काम में ऐसे मशगूल हैं, जैसे उन्हें दीन-दुनिया से मतलब ही नहीं। वीडियो शेयर कर सुनील ग्रोवर ने लिखा है, ‘हैलो फ्रेंड्स, अच्छे कपड़े पहन लो।’ फैंस हुए सुनील ग्रोवर के मुरीद- ये बंदा अलग, लेजेंड है एकदम इस वीडियो पर फैंस और सेलेब्स के जबरदस्त कमेंट्स आ रहे हैं। एक फैन ने लिखा है, ‘सुनील सर आप लेजेंड हो। आपके जैसे बहुत कम लोग हैं इस धरती पर। आप इतने ज्यादा टैलेंटेड हैं कि आपकी तारीफ करने बैठो तो एक प्रकाश वर्ष भी कम पड़ जाए। और आपके जैसे टैलेंटेड लोग अक्सर बहुत डाउन टू अर्थ होते हैं। आपको भगवान सदा खुश रखे और आपको अच्छी सेहत दे।’ एक ने लिखा है, ‘ये बंदा ही अलग है।’ एक और कमेंट है, ‘सुनील ग्रोवर सभी किरदारों को प्रैक्टिली रियल लाइफ में एक्सपीरियंस करते हैं और फिर उन्हें पर्दे पर निभाते हैं। हर एक्टर को उनसे सीखना चाहिए।’ एक बोला, ‘ये सारा का सारा टैलेंट क्या भगवान ने आपमें भर दिया?’ सुनील ग्रोवर ने कपिल के शो में निभाए ये किरदार सुनील ग्रोवर ने कपिल शर्मा के शो में अभी तक जो किरदार निभाए हैं, उनमें गुत्थी, डॉ. मशूर गुलाटी, रिंकू भाभी, भिंडी भाई, चुटकी, डफली और इंजीनियर चुंबक मित्तल शामिल है। इसके अलावा उन्होंने शो में सलमान खान, आमिर खान, एसएस राजामौली, नवजोत सिंह सिद्ध, गुलजार, कपिल देव और हाल ही कादर खान की मिमिक्री की और सभी को हैरान कर दिया। सुनील ग्रोवर का स्ट्रगल, ऐसे मिला स्टारडम सुनील ग्रोवर को अपने करियर में बहुत स्ट्रगल करना पड़ा था। उन्होंने फिल्मों में करियर की शुरुआत अनीस बज्मी की फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ से की थी। इसमें उन्होंने तोताराम नाम के एक नाई का किरदार निभाया था, जो गलती से अजय देवगन की मूंछें काट देता है। फिर उन्होंने जसपाल भट्टी के साथ भी काम किया और कॉमेडी की बारीकियां सीखीं। सुनील ग्रोवर ने फिर फिल्मों में छोटे-मोटे रोल किए, पर पॉपुलैरिटी ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ से मिली थी। इसके बाद सुनील ग्रोवर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तब से वह कई सीरीज और ‘जवान’ जैसी फिल्में कर चुके हैं।

मार्शल आर्ट्स के दिग्गज चक नॉरिस का निधन, ‘वॉकर’ से मिली पहचान, अक्षय कुमार की आंखें हुईं नम

काउई , हवाई मार्शल आर्ट्स के उस्ताद और एक्शन स्टार चक नॉरिस का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, जिन्होंने ‘वॉकर’, टेक्सास रेंजर’ और कई टेलीविजन शो और फिल्मों में अपने रोल्स से एक खास शख्सियत का दर्जा हासिल किया था। इंटरनेट पर उनके कई पैरोडी बने और राष्ट्रपतियों ने भी उनकी खूब तारीफ की। नॉरिस का निधन गुरुवार को हुआ, जिसे उनके परिवार ने ‘अचानक निधन’ बताया है। परिवार ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, ‘हालांकि हम परिस्थितियों को गोपनीय रखना चाहते हैं, कृपया जान लें कि वे अपने परिवार से घिरे हुए थे और शांति में थे।’ अक्षय कुमार हुए इमोशनल अक्षय कुमार एक्टर बनने से पहले एक मार्शल आर्टिस्ट थे और सालों से उन्होंने एक्शन के मामले में इंडस्ट्री में एक मिसाल कायम की है। बहुत कम अभिनेता अपने एक्शन सीन खुद करते हैं, लेकिन अक्षय ने 90 के दशक में जिस तरह का एक्शन किया, उससे सभी हैरान रह गए। यही वजह है कि चक नॉरिस के निधन से उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा सदमा लगा है। ‘खिलाड़ी’ एक्टर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘एक मार्शल आर्टिस्ट के रूप में बड़े होते हुए, चक नॉरिस को ‘वे ऑफ द ड्रैगन’, ‘मिसिंग इन एक्शन’ और कई फिल्मों में देखना सिर्फ मनोरंजन नहीं था… बल्कि शिक्षा थी। अनुशासन, ताकत और पर्दे पर उनका कंट्रोल, मेरे साथ हमेशा रहेगा। उस प्रेरणा के लिए आभारी हूं जिसने मेरे व्यक्तित्व के एक हिस्से को आकार दिया।’ चक नॉरिस और मार्शल आर्ट्स फिल्मों और टीवी में स्टार बनने से पहले, चक नॉरिस ने मार्शल आर्ट्स में अपार सफलता हासिल की थी। वे छह बार विश्व प्रोफेशनल मिडिलवेट कराटे चैंपियन बने। उन्होंने कराटे की अपनी कोरियाई मूल की अमेरिकी शैली बनाई, जिसे कभी-कभी चुन कुक डो के नाम से जाना जाता है, और यूनाइटेड फाइटिंग आर्ट्स फेडरेशन की भी स्थापना की, जिसने दुनिया भर में 3,300 से अधिक चक नॉरिस सिस्टम ब्लैक बेल्ट प्रदान किए हैं। ब्लैक बेल्ट पत्रिका ने नॉरिस को अपने हॉल ऑफ फेम में 10वीं डिग्री ब्लैक बेल्ट धारक के रूप में शामिल किया, जो सर्वोच्च सम्मान है। कार्लोस रे नॉरिस का जन्म 10 मार्च, 1940 को रायन, ओक्लाहोमा में हुआ था और वे गरीबी में पले-बढ़े। 12 साल की उम्र में, वे अपने परिवार के साथ टोरेंस, कैलिफोर्निया चले गए और हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, 1958 में अमेरिकी वायु सेना में भर्ती हो गए। कोरिया में तैनाती के दौरान ही उन्होंने जूडो और तांग सू डो सहित मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण शुरू किया। फुटबॉल और जिम्नास्टिक में माहिर उन्होंने 1982 में एसोसिएटेड प्रेस को बताया, ‘मैं नॉर्थ टोरेंस हाई स्कूल में जिम्नास्टिक और फुटबॉल खेलता था। मैंने कुछ फुटबॉल खेला, लेकिन बेंच पर ही काफी समय बिताया। कोरिया में सेवा देने से पहले मैं कभी एथलेटिक नहीं था।’ 1962 में सेना से हुए रिटायर 1962 में सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने नॉर्थ्रॉप एयरक्राफ्ट में फाइल क्लर्क के रूप में काम किया और पुलिस अधिकारी बनने के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। इसी दौरान, उन्होंने एक मार्शल आर्ट स्टूडियो खोला, जिसमें बॉब बार्कर, प्रिसिला प्रेस्ली, डोनी और मैरी ऑसमंड, और स्टीव मैकक्वीन जैसे स्टार्स शामिल थे। ‘द रेकिंग क्रू’ से फिल्मों की शुरुआत चक नॉरिस ने 1968 में आई फिल्म ‘द रेकिंग क्रू’ में एक बॉडीगार्ड के रूप में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, जिसमें डीन मार्टिन के साथ उनका एक फाइट सीन भी शामिल था। मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में उनकी मुलाकात ब्रूस ली से भी हुई थी। उनकी दोस्ती 1972 में आई फिल्म ‘रिटर्न ऑफ द ड्रैगन’ में एक यादगार मुकाबले में तब्दील हुई, जिसमें ली ने रोम के कोलोसियम में नॉरिस के किरदार से लड़ते हुए उसे मार डाला।

NH-44 पर टोल विवाद बना हिंसक: सिवनी में निहंग सिखों ने कर्मचारियों पर किया जानलेवा हमला

सिवनी नेशनल हाईवे 44 (जबलपुर-नागपुर एनएच) में जिले के लखनादौन थाना अंतर्गत मड़ई टोल में निहंग सिखों के तीन वाहनों को रोकना टोल कर्मियों को भारी पड़ गया। टोल भरने की बात को लेकर निहंग सिखों व कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान कार से उतरकर जत्थे में शामिल कुछ निहंग सिखों ने टोल कर्मियों से मारपीट कर दी। इसके तत्काल बाद तीनों कार वाहन में सवार होकर निहंग सिखों का जत्था मौके से रवाना हो गया। घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। जानकारी के अनुसार निहंग सिखों का जत्था पंजाब से महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहा था, जो 20 मार्च की सुबह 9.40 मड़ई टोल में तीन वाहनों (पीबी 01 एफ 8387 टेम्पो ट्रैवलर, पीबी 09 एआर 4181 तथा पीबी 09 एपी 5266) में सवार होकर पहुंचा था। बगैर टोल दिए वाहन निकालने व बूम बैरियर तोड़ने का प्रयास टोल कर्मियों का आरोप है कि निहंग सिखों ने बगैर टोल का भुगतान किए वाहनों को निकालने का प्रयास किया, इस दौरान बूम बैरियर तोड़कर का प्रयास किया गया। रोकने पर कार सवार निहंग सिखों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कार से उतरकर पांच-छह निहंग सिखों लोगों ने टोल प्रभारी मुनेश सिंह बघेल से मारपीट शुरू कर दी। तलवार की मूठ, बेसबाल डंडों, लात, घूंसों से मारपीट की गई, जिससे मुनेश चोटिल हो गया। टोल प्लाजा पर अन्य कर्मियों के एकत्रित होने के बाद निहंग सिख अपने वाहनों में सवार होकर महाराष्ट्र की ओर भाग निकले। पूरा घटनाक्रम टोल में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुई है, इसके आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान करने में जुटी है। टोल मैनेजर की शिकायत पर जांच कर रही पुलिस मड़ई टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने पुलिस थाना लखनादौन थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपितों पर मारपीट का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने टोल प्रबंधन की शिकायत को जांच में लिया है। मारपीट कर मड़ई से खवासा की ओर निहंग सिखों के संबंध में टोल प्रबंधन ने कुरई पुलिस को तत्काल सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार कुरई पुलिस ने महाराष्ट्र की ओर जा रहे वाहनों में सवार निहंग सिखों को रोककर पूछताछ की गई, जिसमें मड़ई टोल कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। बाद में निहंग सिखों का वाहन खवासा टोल पार कर महाराष्ट्र नांदेड़ रवाना हो गया। थाना प्रभारी केपी धुर्वे ने बताया कि टोल कर्मियों से मारपीट मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज से की जा रही हैं। फुटेज में निहंग सिख नजर आ रहे हैं। टोल कर्मियों पर शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। इधर टोल मैनेजर का कहना है कि ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बनता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। ट्रेनों में करते हैं मुफ्त यात्रा जानकारी के अनुसार निहंग सिख देश की ट्रेनों में मुफ्त यात्रा करते हैं। निहंग रोज गुरबानी का पाठ करते हैं। बाणे में रहते हैं। अपना चोला और उसके साथ धारण किए जाने वाले सभी अस्त्र-शस्त्र धारण करना। सभी निहंग शस्त्र विधा में पारंगत होते हैं। इस विधा में हमले करने और रोकने की जरूरी तकनीक शामिल है। निहंग सिख गुरु ग्रंथ साहिब को मानने के साथ श्री दशम ग्रंथ साहिब व सरबलोह ग्रंथ को भी मानते हैं। निहंगों में भी अलग-अलग समूह होते हैं, जिनमें ब्रह्मचर्य तथा गृहस्थ जीवन का पालन करने वालों का भी अपना-अलग समूह है। निहंग सिख आमतौर पर अमृत धारण किए होते हैं। आए दिन होते मड़ई टोल में विवाद जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे 44 में स्थित मड़ई तथा खवासा टोल प्लाजा में आए दिन वाहन चालकों से टोल कर्मियों की कहासुनी व विवाद की घटना होती रहती हैं। प्रदेश व जिले के बाहर से आए कर्मचारी बड़ी संख्या में टोल प्लाजा में तैनात रहते हैं, जिन पर वाहन चालकों से अभद्रता करने का आरोप अक्सर लगता रहता हैं।

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