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इंदौर में पंजाबी सिंगर करण औजला के शो से पहले नगर निगम ने जब्त किया सामान, टैक्स न भरने पर की कार्रवाई

इंदौर  इंदौर में पंजाबी सिंगर करण औजला के शो से पहले नगर निगम की टीम ने कार्यक्रम की जगह पर पहुंचकर सामान जब्त कर लिया। जानकारी के मुताबिक शो से पहले निगम को मनोरंजन कर जमा नहीं करवाया गया है। इस पर यह कार्रवाई की गई। पंजाबी सिंगर का आज शाम ही शो होना है। शो के लिए 3 हजार से 6 लाख रुपये तक के टिकट की बेचे जाने की बात सामने आ रही है। मंच से सामान जब्त, आयोजकों की मिन्नतें नाकाम जब कॉन्सर्ट की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, तभी नगर निगम के कर्मचारियों ने एक-एक करके स्टेज पर रखा कीमती साउंड सिस्टम और अन्य साजो-सामान गाड़ियों में भरना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने टीम को रोकने की कोशिश की, लेकिन निगम के अधिकारी मनोरंजन कर जमा न होने की बात पर अड़े रहे। यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि आयोजकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करोड़ों का कारोबार, पर टैक्स नहीं भरा खबर है कि इस शो के लिए टिकिटों की बिक्री धड़ल्ले से हुई है। 6 लाख रुपये तक के वीआईपी टेबल बुक होने की चर्चा है, लेकिन इस बड़े कारोबार के बीच सरकारी खजाने में जमा होने वाला मनोरंजन कर नहीं पहुंचा। इसी को आधार बनाकर निगम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। आयोजकों ने नहीं सीखा सबक यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में किसी बड़े सितारे के शो पर ग्रहण लगा हो। इससे पहले हनी सिंह के शो में भी एक करोड़ का सामान जब्त हुआ था। दिलजीत दोसांझ के मामले के बाद निगम ने स्पष्ट कर दिया था कि अब कार्यक्रम से पहले टैक्स चुकाना अनिवार्य होगा। बावजूद इसके, आयोजकों की इस लापरवाही ने अब हजारों प्रशंसकों के उत्साह को अनिश्चितता में डाल दिया है। कॉन्सर्ट की तैयारी में लगे कर्मचारी उस समय चौक गए जब नगर निगम की टीम वहां पहुंची और एक-एक करके स्टेज पर रखा साउंड सिस्टम और अन्य सामान उठाकर गाड़ी में रखने लगी। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें ऐसा न करने के लिए कहा, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों ने कार्रवाई जारी रखी।

प्रदेश के 42 जिलों में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें बर्बाद, 14 जिलों में आज भी खतरे का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली है कि हालात चिंताजनक बन गए हैं। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार पिछले 72 घंटों से सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण पूरे प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज़ आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 42 जिलों में इसका असर साफ देखने को मिला है। शुक्रवार को कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में पारा अचानक 23.9°C तक पहुंच गया, जो एक ही दिन में 10.6 डिग्री की गिरावट दर्शाता है। मौसम में इस बदलाव ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन नुकसान कहीं ज्यादा हुआ। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं, केला, पपीता और संतरे जैसी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज आंधी ने बढ़ाई तबाही बारिश के साथ चली तेज आंधी ने हालात और खराब कर दिए। आगर-मालवा में 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 54 किमी और नरसिंहपुर में 46 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण फसलें टूटकर गिर गईं और खेतों में पानी भर गया। धार और खरगोन में सबसे ज्यादा नुकसान धार जिले के मनावर क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश से केले और पपीते की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। एक किसान के करीब 2 हजार केले के पेड़ गिर गए, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ। वहीं खरगोन में तेज हवा से मक्का की फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि फसल तैयार थी, लेकिन मौसम ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।  रायसेन में हाईवे पर बर्फ जैसी चादर रायसेन जिले में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि नेशनल हाईवे पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। सड़क पर जमी ओलों की चादर ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि यह नजारा देखने लायक था, लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का संकेत बन गया। तापमान में गिरावट, ठंड का अहसास बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी 12.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं इंदौर में 15 डिग्री और भोपाल में 16.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की कमी आई है।  किसानों पर संकट, मुआवजे की मांग तेज बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। खड़ी और कटी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। कई किसान कर्ज में डूबने की आशंका जता रहे हैं और सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।  आगे भी ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता अभी कम होती नजर नहीं आ रही है। IMD ने शनिवार को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जैसे जिले शामिल हैं, जहां तेज़ आंधी और बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और 22 मार्च (रविवार) से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। तब तक लोगों को सतर्क रहने और किसानों को अपनी बची फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में करीब 70 स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है, जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। अचानक बदले इस मौसम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति के आगे सभी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा में सिंधी समाज का अहम योगदान

व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा सभी क्षेत्रों में सिंधी समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में होगी सिंधी समाज की पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी चेटीचंड पर्व की मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर आगे बढ़ रही है। हर समुदाय की परंपराओं और संस्कृति को सम्मान देना और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। चाहे व्यापार हो, शिक्षा हो या समाज सेवा, सिंधी समाज ने अपने परिश्रम समर्पण और सकारात्मक सोच से समाज को नई दिशा देते हुए प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में सिंधी समाज की विशेष पंचायत आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी समाज के नववर्ष के रूप में मनाये जाने वाले भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज बंधुओं को पर्व की मंगलकामनाएं दीं। विधायक भगवान दास सबनानी तथा सिंधी सेंट्रल पंचायत के प्रतिनिधि कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प वर्षा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भजन और सांगीतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चेटीचंड नव वर्ष के आरंभ का प्रतीक होने के साथ आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतिबिंब है। यह पर्व हमें भगवान झूलेलाल की शिक्षाओं के अनुरूप सद्भाव, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज ने संघर्ष और कठिनतम परिस्थितियों में स्वयं को पुनः स्थापित करने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। लगभग 1200 वर्ष पहले राजा दाहिर द्वारा विधर्मियों से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया योगदान इतिहास में दर्ज है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश विभाजन की कठिनाइयों का भी सिंधी समाज ने दृढ़ता और साहस के साथ सामना किया तथा संघर्ष कर पुन: स्वयं को स्थापित कर अपनी पहचान बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद हेमू कालानी का स्मरण किया और भारतीय राजनीति में लालकृष्ण आडवानी के योगदान की सराहना की। विधायक भगवान दास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव आम आदमी की समस्याओं की प्रति संवेदनशील हैं। उनके नेतृत्व में व्यापार, उद्योग, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और प्रदेशवासियों को इसका लाभ भी मिल रहा है। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय सहित समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।  

ईद की नमाज के बाद भोपाल में अमेरिका-इजराइल के खिलाफ नारे, सुन्नी और शिया के अलग-अलग कार्यक्रम

 भोपाल  ईद की नमाज के बाद भोपाल में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नमाज अदा करने के बाद सड़कों और इमामबाड़ा परिसर में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। शिया समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में इमामबाड़ा पहुंचे और इस बार ईद को शोक के साथ मनाने का फैसला किया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय पूरे देश में गम में डूबा हुआ है। भोपाल में भी राष्ट्रीय मुस्लिम त्यौहार कमेटी और स्थानीय शिया संगठनों ने ‘काली ईद’ का ऐलान कर दिया। लोगों ने ईद की रौनक छोड़कर सादगी अपनाई नए कपड़े नहीं पहने, घरों में पारंपरिक स्वीट्स नहीं बनाईं और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शोक जताया। भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे, जिससे गम का माहौल दिखा। इमामबाड़ा में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की। इसके अलावा फतेहगढ़ इमामबाड़ा में भी काली पट्टी बांधकर ईद मनाई गई। करौंद स्थित शिया जामा मस्जिद और अन्य इमामबाड़ों में ईद की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इमाम मौलाना अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “खामेनेई साहब जालिम के खिलाफ और मजलूम के साथ खड़े रहने वाले निडर रहबर थे। उनकी शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है, लेकिन शहादत विचारधारा को कमजोर नहीं करती, बल्कि मजबूत बनाती है।” इमाम बाकर हुसैन ने भी संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति की शहादत से आंदोलन नहीं रुकता।” सभा में खामेनेई जिंदाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे। शिया समुदाय के नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सादगी से अदा की जाए और फिलिस्तीन-ईरान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट रहा जाए। भोपाल के अलावा इंदौर, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह का मातम देखा जा रहा है।  

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जरही में करीब 7:00 बजे अचानक बदला मौसम ने किसानो की चिंता बढ़ा दी और हवा तूफान के साथ गरज चमक शुरू हो गई बारिश कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई इस दौरान बड़े आकार के ओले गिरने से हजारों एकड़ में लगी फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है तेज हवा और बिजली की चमक के साथ करीब 20 मिनट तक बारिश हुई बे मौसम वर्षा के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी कटी हुई गेहूं दलहन फसल जैसे चना,मसूर,तुअर एवम तिलहन फसल अलसी को भारी नुक्सान पहुंचाया है। इस समय क्षेत्र में फसल कटाई का दौरा चल रहा है ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसने की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है खेतों में रखी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होना की आशंका है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल भींगने से गेहूं की फसल भींगने से चलिए गेहूं की फसल में चमक और गुणवत्ता में प्रभावित होने की आशंका बताई जा रही है। जिससे किसानों को उचित दाम मिलने मे परेशानी हो सकती है।

नवरात्र में कायस्थ समाज की बड़ी पहल: जबलपुर के अस्पताल को फ्रीजर डोनेट, जरूरतमंदों को मिलेगा निशुल्क लाभ

A major initiative by the Kayastha community during Navratri: Freezer donated to Jabalpur hospital, free benefits for the needy विशेष: संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर ! नवरात्र के पावन अवसर पर कायस्थ समाज ने एक सराहनीय पहल करते हुए लाइफ मेडिसिटी अस्पताल को बॉडी फ्रीजर डोनेट किया है। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में शव को सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है। अस्पताल के चालक मुकेश श्रीवास्तव ने इस पहल पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह समाज के लिए बेहद उपयोगी कदम है। उन्होंने बताया कि अक्सर गर्मी के मौसम में या अन्य कारणों से बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर की जरूरत पड़ती है, ऐसे में यह सुविधा बहुत राहत देगी। इस व्यवस्था के तहत अब अस्पताल में जरूरतमंद परिजनों को निशुल्क फ्रीजर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा मिलेगा। मुकेश श्रीवास्तव ने इस नेक कार्य के लिए समस्त कायस्थ समाज का आभार व्यक्त किया और विशेष रूप से दीप्ती जी सहित सभी सहयोगी परिवारों के योगदान की सराहना की।

एमपी में 30 एकड़ पर 2000 घर और 200 दुकानें बनेंगी, मिली सरकारी मंजूरी

 जबलपुर  मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में नर्मदा रोड स्थित तिलहरी क्षेत्र में शहर की पहली सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी। 30 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट को राजस्व विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड की ओर से जमीन के एवज में 11 करोड़ रुपए की राशि पहले ही जमा कराई जा चुकी है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सेटेलाइट सिटी का उद्देश्य एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर विकसित करना है, जो बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक सिटी और गुरुग्राम की तर्ज पर होगा। यहां रेसिडेंशियल, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सभी प्रकार की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी। शहर को मिलेंगे कई फायदे सेटेलाइट सिटी बनने से शहर में भीड़भाड़ कम होगी और संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार और औद्योगिक अवसर बढ़ेंगे तथा लोगों को बेहतर और शांत जीवनशैली मिलेगी। अभी यह है स्थिति     2 हजार आवासीय भवन और 200 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित     11 करोड़ रुपए हाउसिंग बोर्ड द्वारा राजस्व विभाग को दिए जा चुके     एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवास होंगे शामिल     8 गार्डन विकसित कर क्षेत्र को हरित बनाया जाएगा ऐसा होगा स्वरूप – बेहतर सड़क और परिवहन -किफायती से लेकर लग्जरी हाउसिंग -आइटी पार्क, उद्योग और संभावित एसईजेड -उच्चस्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं -हरित क्षेत्र, पार्क और ओपन स्पेस स्पोर्ट्स क्लब, क्लब हाउस सेटेलाइट सिटी के लिए जमीन को राजस्व विभाग से मंजूरी मिल गई है। राशि का आवंटन होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यहां विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, साथ ही 8 गार्डन भी बनाए जाएंगे। सुनील उपाध्याय, प्रोजेक्ट प्रभारी, हाउसिंग बोर्ड आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी सिटी सेटेलाइट सिटी में बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिए 9 से 12 मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में सर्विस एरिया, अंडरग्राउंड पार्किंग और पेयजल, बिजली जैसी सभी यूटिलिटीटी अंडरग्राउंड रहेंगी। कनेक्टिविटी के लिहाज से यह क्षेत्र और भी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यहां से रिंग रोड और डुमना एयरपोर्ट तक सीधी और सुगम पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वालों के लिए भी यह स्थान सुविधाजनक बनेगा। इसके अलावा, क्षेत्र को एक पूर्ण विकसित शहरी क्षेत्र के रूप में तैयार करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, शॉपिंग मॉल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा, ताकि यहां रहने वाले लोगों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।

किसानों के खाते में ₹4000 जमा होंगे एक साथ, जानें इस योजना की पूरी डिटेल

भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (CM Kisan Kalyan Yojana) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। इस योजना के तहत किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में ₹2000-₹2000 के रूप में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। हालांकि, राज्य के किसानों को अब तक 14वीं किस्त का इंतजार है, जबकि केंद्र की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी हो चुकी है। क्यों अटकी है 14वीं किस्त? पिछली 13वीं किस्त अगस्त 2025 में जारी की गई थी। इसके बाद से अब तक योजना के तहत अगली किस्त किसानों के खातों में नहीं आई है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही 14वीं और 15वीं किस्त को एक साथ जारी कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो किसानों के खाते में एक साथ ₹4000 ट्रांसफर किए जा सकते हैं। किन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ? जिनकी e-KYC पूरी नहीं है जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है जिनका भूमि रिकॉर्ड सत्यापित नहीं है जिनका नाम पीएम किसान सूची से हट चुका है कैसे चेक करें अपना नाम? किसान अपना स्टेटस देखने के लिए SAARA पोर्टल (saara.mp.gov.in) पर जाकर “Chief Minister Kisan Kalyan Yojana Beneficiary Status” विकल्प चुन सकते हैं। फिलहाल, सरकार की ओर से किस्त जारी करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही किसानों के खाते में राहत की रकम पहुंच सकती है।

उज्जैन में खुला नैवेद्य लोक, जहां इंदौर की छप्पन दुकान जैसा लजीज स्वाद मिलेगा

उज्जैन   इंदौर की छप्पन दुकान की तरह उज्जैन में भी नैवेद्य लोक की शुरुआत हुई है। सीएम मोहन यादव ने नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। भव्य नैवेद्य लोक उज्जैन के नानाखेड़ा में स्थित है। यहां 34 दुकानें बनाई गई हैं। नैवेद्य लोक में आपको शुद्ध शाकाहारी और लजीज व्यंजन मिलेंगे। यह उज्जैन वासियों के लिए बड़ी सौगात है। 18 करोड़ रुपए से हुआ है निर्माण वहीं, नैवेद्य लोक में बने इन दुकानों की साइज 62 वर्गफीट से लेकर 180 वर्गफीट तक है। इन सभी दुकानों की निर्माण लागत 18 करोड़ रुपए बताई जा रही है। दुकानों का निर्माण उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया है। 28 हजार स्क्वायर फिट में बने नैवेद्य लोक में दुकानों के साथ ही यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सुसज्जित ओपन थियेटर, साउंड सिस्टम, महिला, पुरुष, दिव्‍यांग जनों के उपयोगार्थ नवीन सेंसर उपकरण के साथ प्रसाधन कक्ष, सीसीटीवी कैमरा-सर्वर रूम, आपातकालीन विद्युत व्यवस्था के लिए डीजी सेट, पार्किंग, अंडर ग्राउंड विद्युत व्यवस्था, सीवरेज और लैंडस्केपिंग आदि सुविधाएं विकसित की गई हैं। लजीज व्यंजनों के साथ रोजगार भी मिलेगा वहीं, नैवेद्य लोक के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि इस नैवेद्य लोक में व्यंजनों के स्वाद के साथ ही रोजगार भी मिलेगा। इस कार्य के लिए मेरी ओर से सभी को बधाई। अति पिछड़े इलाके को किया गया विकसित नैवेद्य लोक की विशेषता बताते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि यहां अति पिछड़े इलाके को विकसित किया गया है। पहले यहां काफी गंदगी हुआ करती थी। इस नैवेध लोक के माध्यम से उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक विशेष सुविधा प्रदान करेगा। श्रद्धालु यहां मालवा के व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। सीईओ संदीप सोनी ने कहा कि इसे पूरी तरह से मॉल वाला लुक दिया गया है। लोग आएंगे तो उन्हें शानदार एंबियंस मिलेगा। गौरतलब है कि लोकार्पण के दिन ही वहां के लोगों की भीड़ उमड़ी है। इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने भी यहां व्यंजनों का स्वाद चखा है।

बरेठा घाट में 51 हादसों के बाद 18 मौतें, टाइगर कॉरीडोर को फोर-लेन बनाने की मिली केंद्र से मंजूरी

बैतूल  मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के बरेठा घाट से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के महत्वपूर्ण हिस्से को अब फोरलेन बनाने की मंजूरी मिल गई है। यह वही इलाका है, जहां पिछले दो साल में सड़क हादसे हुए और 18 लोगों की जान चली गई। लगातार बढ़ते हादसों और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस सड़क को चौड़ा और सुरक्षित बनाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यह सड़क ग्वालियर से बैतूल तक करीब 634 किलोमीटर लंबा एक अहम हाईवे है, जो पूरी तरह मध्यप्रदेश के अंदर आता है। यह राज्य के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने वाला बड़ा मार्ग है और भोपाल से नागपुर जाने वाले कॉरिडोर का भी हिस्सा है। इस पर ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, लेकिन बरेठा घाट समेत करीब 21 किलोमीटर का हिस्सा बाकी था।  हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू होगा काम  दरअसल, यह इलाका टाइगर कॉरिडोर में आता है, यानी यहां से जंगली जानवरों की आवाजाही होती है। इसी कारण 1 अप्रैल 2022 को हाईकोर्ट ने यहां सड़क निर्माण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को वन्यजीव और पर्यावरण से जुड़ी कई मंजूरियां लेनी पड़ीं। अब वाइल्डलाइफ बोर्ड और केंद्र सरकार से सभी जरूरी अनुमति मिल चुकी है। जैसे ही हाईकोर्ट से स्टे हटाने का अंतिम आदेश आएगा, निर्माण काम शुरू कर दिया जाएगा। संकरी और घुमावदार सड़क, लगता है जाम  बरेठा घाट का यह हिस्सा अभी केवल दो लेन का है, जो बहुत संकरा और घुमावदार है। यहां भारी वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। साथ ही, दो जगह ऐसे ब्लैक स्पॉट हैं, जहां बार-बार हादसे होते हैं। कम चौड़ाई, तेज मोड़, ढलान और कम विजिबिलिटी इस रास्ते को और खतरनाक बनाते हैं। ब्लैक स्पॉट को ठीक करने भी बनाया प्लान  पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 के बीच यहां 51 एक्सीडेंट हुए, जिनमें 18 लोगों की मौत हुई और करीब 62 लोग घायल हुए। कई छोटे हादसे तो रिकॉर्ड में भी नहीं आ पाते, जिससे असली स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब इस पूरे हिस्से को 4 लेन में बदला जाएगा, जिससे सड़क चौड़ी होगी और ट्रैफिक आसानी से चल सकेगा। इसके साथ ही ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने के लिए खास प्लान बनाया गया है। यहां 3 छोटे पुल (माइनर ब्रिज), 38 बॉक्स कलवर्ट, 1 रेलवे अंडरब्रिज, 2 रोड ओवरब्रिज और 1 व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे। इससे ट्रैफिक सुचारू होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वन्य जीवों की सुरक्षा का ख्याल, बनेंगे 10 अंडरपास, 1 ओवरपास  सबसे खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में वन्यजीवों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। जानवरों की आवाजाही के लिए 10 अंडरपास और 1 ओवरपास बनाए जाएंगे, ताकि वे बिना खतरे के सड़क पार कर सकें। इसके अलावा सड़क पर क्रैश बैरियर, साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, नॉइज बैरियर और फेंसिंग जैसी सुविधाएं भी लगाई जाएंगी, जिससे यात्रियों और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा हो सके। पर्यटन स्थलों पर पहुंच भी बेहतर होगी  इस परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ सड़क हादसे कम होंगे, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आवागमन भी आसान हो जाएगा। सांची, भीमबेटका, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होगी। साथ ही, उद्योगों और व्यापार को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर, बरेठा घाट का यह फोरलेन प्रोजेक्ट आम लोगों के लिए सुरक्षित और आसान सफर की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। 

जमीन अधिग्रहण पर नए कानून से किसानों को मिलेगा फायदा, मुआवजे में ये होगा खास प्रावधान

इंदौर  नए वित्त वर्ष से उन लोगों के लिए एक अच्छा नियम लागू होने जा रहा है जिनकी भूमि विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जा रही है। इस नए नियम से किसानो के साथ ही बहुत बड़े स्तर पर लोगों को एक नई राहत मिलने वाली है। दरअसल इस नए नियम लागू होने के बाद जमीन देने वाले किसानों और अन्य भू-स्वामियों को पूरी राशि बिना किसी कर कटौती के मिल सकेगी। इससे उन्हें फायदा होगा। सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाली मुआवज़ा राशि नए वित्त वर्ष से  Tax Free दरअसल अब सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाली मुआवज़ा राशि नए वित्त वर्ष (New FinancialYear) से कर-मुक्त (Tax Free ) होगी। केंद्र सरकार के इस नए प्रावधान को एक बड़े राहत भरे फैसले को तौर पर देखा जा रहा है।  खासकल उन लोगों के लिए ये फायदा देने वाले है जिनकी जमीन विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाली मुआवज़ा राशि टैक्स फ्री होने से उनको काफी लाभ होगा। पश्चिमी बाइपास, अयोध्या बाइपास, मेट्रो परियोजना से जुड़े भूमि मालिको को लाभ इस नए नियम से शहर में चल रहे तीन मेन प्रोजेक्टों पश्चिमी बाइपास, अयोध्या बाइपास और मेट्रो परियोजना से जुड़े भूमि स्वामियों को डायरेक्ट लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं के लिए करीब 400 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। प्रभावित लोगों जो मुआवज़ा राशि मिलेगी वो अब टैक्स के दायरे से बाहर रहेगी। नए नियम लागू होने के बाद जमीन देने वाले किसानों और अन्य भू-स्वामियों को पूरी राशि बिना किसी कर कटौती के मिल सकेगी। लिहाजा नए साल पर लागू होने वाले इस नियम से किसानों को फायदा होगा। 

जयपुर में सीएम मोहन यादव की निवेशकों से मुलाकात, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पर होगी बात

भोपाल  पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) शनिवार को देश के उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे। जयपुर में 21 मार्च को बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। जिसमें टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले निवेशक शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में रहेंगे। वे जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित निवेशकों के बड़े कार्यक्रम (Investment Summit) में उद्योगपतियों से वन टू वन संवाद करेंगे। कार्यक्रम का नाम ‘इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश’ है। इस कार्यक्रम में खास प्रोजेक्ट और निवेश की नई योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। सीएम मोहन यादव उद्योगपतियों से मीटिंग कर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म के क्षेत्र में निवेश पर बात करेंगे। जयपुर में दूसरा बड़ा आयोजन एमपी सरकार (mp govt) की मंशा है कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग आएं और युवाओं के लिए रोजगार बढ़े। मोहन सरकार ने इसके लिए मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति भी बनाई है। इसमें उद्योग लगाने की और निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इससे निवेशकों को पूरी कागजी कार्यवाही में परेशानी न हो। कुछ दिन पहले भीलवाड़ा में एक्सटाइल सेक्टर को लेकर इसी प्रकार का आयोजन हो चुका है, इसके बाद यह दूसरा बड़ा आयोजन जयपुर में हो रहा है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि मध्यप्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ निवेश को धरातल पर उतारने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी का प्रवाह नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समग्र क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। एमपी में चल रहा है काम मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कई जिलों में नए उद्योग विकसित किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस हब और धार में पीएम मित्रा पार्क बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आईटी पार्क और स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर भी काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया है, जिससे खेती और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। जयपुर (jaipur) में होने वाले इस बड़े आयोजन का मकसद भी यह है कि राजस्थान और आसपास के निवेशकों को मध्यप्रदेश में आकर्षित किया जा सके और उनसे निवेश कराया जा सके। इससे मध्यप्रदेश में विकास बढ़े और रोजगार के नए-नए अवसर भी निर्मित हों।  

युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के ध्वजवाहक : मंत्री सारंग

विकसित भारत युवा संसद 2026: समापन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर भवन में आयोजित विकसित भारत युवा संसद-2026 प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवा प्रतिभागियों से संवाद किया एवं उनके विचारों की सराहना कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के 54 जिलों से चयनित 270 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से शीर्ष 3 प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह मंच केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए विचारों की ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रमुख ध्वजवाहक हैं। विकसित भारत-2047 का संकल्प तभी साकार होगा, जब युवा संस्कारित, अनुशासित और जिम्मेदार होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक, शोध एवं नेतृत्व के क्षेत्र में व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही प्रदेश एवं देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिये विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें खेलो एमपी यूथ गेम्स, प्रत्येक विधानसभा में खेल परिसर की स्थापना, पार्थ योजना, फिट इंडिया क्लब, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान, युवा उत्सव, खेलो बढ़ो अभियान तथा सहकारिता के माध्यम से खेल एवं युवा गतिविधियों को प्रोत्साहन शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को चेंजमेकर के रूप में विकसित करना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रक्रिया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना, उनके नेतृत्व, संवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना तथा समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके विचारों को मंच प्रदान करना है। इससे विकसित भारत 2047 के विज़न में युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित होगी।  

प्रभारी मंत्री उइके ने सरई में मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का किया अवलोकन

भोपाल सरई के संदीपनी विद्यालय मैंदान में आयोजित मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न बिमारियों जैसे नाक-कान-गला, सामान्य मेडिसन, हृदय रोग, श्वास एवं क्षय रोग (राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम), चर्म रोग, नेत्र रोग, मानसिक स्वास्थ्य, स्त्री रोग, सर्जरी एवं कैंसर, हड्डी रोग तथा दंत चिकित्सा कुष्ठ रोग स्क्रीनिंग, कैसर स्क्रीनिंग, क्षय रोग स्की्रनिंग, जैसी सेवाएं के लिये लगाये कैम्प का अवलोकन किया। उन्होंने शिविर में मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उपचार की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की और उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया गया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संतुलित आहार का स्वाद चखा और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। नवरात्रि के पावन अवसर पर मंत्री श्रीमती उइके ने कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में उपस्थित गर्भवती महिलाओं से संवाद किया, उनकी सेहत और देखभाल से जुड़ी जानकारी ली तथा उन्हें और उनके आने वाले बच्चों के स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों को उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवा एवं जनहित में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये प्रभारी मंत्री ने मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। शिविर का विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम, कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री के ने भी अवलोकन कर उपस्थित चिकित्सकों से शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओ के संबंध में जानकारी भी ली।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इंडियन हैबिटैट सेंटर का किया अवलोकन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में इंडियन हैबिटेट सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सेंटर के निदेशक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु श्री के.जी. सुरेश भी उपस्थित रहे। उन्होंने परिसर के संचालन और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।  

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