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अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

Aravalli is our heritage, Rakesh Tikait roared at the Mahapanchayat of 6 districts on Yamuna Expressway. जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए और अधिकारियों को साफ कहा कि अब वादों से काम नहीं चलेगा, अब हमें ठोस फैसला चाहिए। भारतीय किसान यूनियन की इस महापंचायत में छह जिलों से किसान शामिल हुए। सभी किसानों ने एक सुर में मुआवजे और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं इस महापंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी ने माहौल को और गर्मा दिया। इसी दौरान राकेश टिकैत ने सराकार को समाधान के लिए 14 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है और अरावली विवाद पर भी बयान देते हुए चेतावनी दी है। पांच घंटों तक चली महापंचायतसोमवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिले के किसान बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। किसानों की यह महापंचायत पांच घंटों तक चली, जिसमें इकट्ठे हुए सभी किसानों ने अपनी मांगें खुलकर रखीं। किसानों का कहना था कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर उनसे जमीन तो ले ली, लेकिन उसके बदले उन्हें जो हक मिलना चाहिए था, वह अभी तक अधूरे हैं। इसी नाराजगी की वजह से किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरणों के खिलाफ आवाज उठाई। किसानों ने क्या-क्या मांगें रखीं?महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण इलाके में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन किसानों को 64.7% ज्यादा मुआवजा दिया जाए और जमीन के प्राइस यानी सर्किल रेट भी बढ़ाए जाएं। साथ ही किसानों ने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने नोएडा एयरपोर्ट और फैक्ट्रियों के लिए जमीन दी, उनके बच्चों को पढ़ाई और योग्यता के हिसाब से पक्की नौकरी भी दी जाए। इसके साथ ही 10% विकसित भूखंड देने, आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। किसानों ने इन मुद्दों का प्राथमिकता के साथ हल किए जाने की मांग की। राकेश टिकैत ने दी चेतावनी और कहा अरावली हमारी धरोहर हैराकेश टिकैत ने सरकार और प्राधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को सालों से सिर्फ आस्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर 14 जनवरी तक समाधान नहीं होगा, तो किसान लखनऊ कूच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन देने वाले किसानों को नौकरी और बसने का पूरा हक मिलना चाहिए।इतना ही नहीं, हाल ही में अरावली को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है और मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुद्दे पर भी उन्होंने बयान दिया और कहा कि अरावली हमारी धरोहर है और अगर इसे किसी को भी नष्ट नहीं करने देंगे। अगर फिर भी किसी ने कोशिश की, तो हम इसे बचाएंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदर्शन करेंगे और वहीं जाकर बैठ जाएंगे। अधिकारियों ने किसानों से की बातचीतमहापंचायत के दौरान जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरणों के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे बातचीत की। एडीएम एलए बच्चू सिंह, यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी ने वहा किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों का समाधान एक प्रक्रिया के अनुसार चल रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर भी काम चल रहा है और इस पर नए साल में फैसला किया जा सकता है। राकेश टिकैत ने किया ऐलानअधिकारियों से बातचीत के दौरान रोकेश टिकैत ने साफ कहा कि नोएडा एयरपोर्ट लगभग तैयार हो चुका है और उन्हें अभी तक न तो उन्हें 64.7% मुआवजा दिया गया है और न ही नौकरी या मकान बनाने के लिए जमीन के बदले कोई हक दिया गया है। उनका मानना है कि एक बार एयरपोर्ट चालू हो गया तो किसानों की आवाजें और कम कर दी जाएंगी, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। टिकैत ने ऐलान किया कि सराकर ने मांगे नहीं मानी तो 22 जनवरी के बाद लखनऊ की तरफ ट्रैक्टर मार्च किया जाएगा।इस मार्च में एक ट्रैक्टर और करीब 10 लोग शामिल होंगे। आगे उन्होेंने कहा कि किसान 15 दिन का राशन लेकर जाएंगे और वहीं डेरा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी में प्रयागराज में होने वाले शिविर में आंदोलन की आगे की प्लानिंग की जाएगी।

Kakori conspiracy:4600 रुपये की काकोरी ट्रेन लूट का क्या है सच, फांसी पर चढ़ने वाले Ram Prasad Bismil और अश्फाक उल्ला ने क्या देखा था सपना?

Kakori conspiracy: What is the truth behind the Kakori train robbery of Rs 4600? What did the hanged Ram Prasad Bismil and Ashfaqulla dream about? Kakori conspiracy / काकोरी के शहीद : राम प्रसाद बिस्मिल (Ram Prasad Bismil) , अशफाक उल्ला खान (Ashfaqulla Khan) और रोशन सिंह की शहादत को 98 साल पूरे हो गए। काकोरी कांड को अंजाम देने के लिए 19 दिसंबर 1927 ((Kakori Kand) को तीन लोगों राम प्रसाद बिस्मिल, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा दी गई थी। Ram Prasad Bismil : काकोरी कांड को जोगेशचन्द्र चटर्जी, प्रेमकृष्ण खन्ना, मुकुन्दी लाल, विष्णुशरण दुबलिश, सुरेशचन्द्र भट्टाचार्य, रामकृष्ण खत्री, मन्मथनाथ गुप्त, राजकुमार सिन्हा, ठाकुर रोशन सिंह, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, गोविन्दचरण कर, रामदुलारे त्रिवेदी, रामनाथ पाण्डे, शचीन्द्रनाथ सान्याल, भूपेन्द्रनाथ सान्याल, और प्रणवेश कुमार चटर्जी ने मिलकर अंजाम दिया। उनपर कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। नीचे की फोटो में अशफाउल्ला खान (Ashfaqulla Khan) की तस्वीर नहीं है। राजेंद्र लहरी को 17 दिसंबर 1927 को दी गई थी फांसी98 Years of Kakori Kand: राजेंद्र लाहिड़ी को 17 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई, जबकि दो दिन बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह को फांसी की सजा दी गई थी। वहीं चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजों से लड़ते हुए खुद को गोली मारकर जान दे दी। क्या काकोरी कांड सिर्फ पैसों की लूट था?प्रोफेसर शम्सुल इस्लाम बताते हैं कि लोग यह गलतबयानी करते हैं कि क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) से जुड़े क्रांतिकारियों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी थी और उनके पास पहनने तक के साबूत कपड़े भी नहीं बचे थे। वह सुधीर विद्यार्थी के हवाले से कहते हैं, ‘याद रहे सरकारी ख़ज़ाने को लूटने के पीछे का उद्देश्य हथियार व गोला-बारूद खरीदना नहीं था बल्कि एक छापाखाना स्थापित करना था ताकि समाजवादी साहित्य छाप कर नौजवानों, मज़दूरों, किसानों और बुद्धजीविओं के बीच प्रसारित किया जा सके।’ काकोरी ट्रेन कांड को कौन कर रहा था लीड?काकोरी उत्तर प्रदेश में लखनऊ से 17.5 किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा सा रेलवे स्टेशन था। राम प्रसाद बिस्मिल ने ट्रेन लूटने की योजना बनाई। उन्होंने इस काम के लिए नौ क्रांतिकारियों का चयन किया। उनके अलावा इस मुहिम में राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, सचींद्र बख्शी, अशफ़ाक़उल्ला ख़ां, मुकुंदी लाल, मन्मथनाथ गुप्त, मुरारी शर्मा, बनवारी लाल और चंद्रशेखर आज़ाद शामिल थे। 4600 रुपये का मिथक?राम प्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में लिखा, ‘कुली गार्ड के डिब्बे में रखे लोहे के संदूक उतार रहा था। उसमें ना ही जंजीर और ना ही ताले लगे होते हैं। बस उसी दिन मैंने यह तय कर लिया कि इसी को लूटना है। क्रांतिकारियों ने यह तय किया ट्रेन में यात्रा कर रहे किसी यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस काम के लिए क्रातिकारियों ने 8 अगस्त 1925 का दिन मुकर्रर किया, पर वो ट्रेन स्टेशन से छूटने के 10 मिनट बाद स्टेशन पहुंच पाए। 8 डाउन से लूटे थे 4600 रुपये8 अगस्त को योजना में कामयाबी नहीं मिलने के बाद उन्होंने यह तय किया अब इस काम को वे 9 अगस्त को अंजाम देंगे। अगले दिन वे चार माउज़र पिस्तौलें और रिवॉल्वर लेकर ट्रेन में सवार हुए और लखनऊ से शाहजहांपुर रूट पर 8 डाउन में सवार हो गए। काकोरी में ट्रेन की चेन खींची और लोहे का बक्सा उतार लिया। इस बक्शे में सिर्फ 4600 रुपये थे। क्रांतिकारियों पर कौन-कौन सी लगाई गई थीं धाराएंकाकोरी षड्यंत्र के बाद अंग्रेजी सरकार क्रांतिकारियों के पीछे कुत्तों की तरह पीछे लग गई। इस कांड को अंजाम देने वालों पर भारतीय दंड संहिता के तहत 121 A, 120B, 396 की धाराएं लगाई गईं। अंग्रेजी सरकार ने रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लहरी, रोशन सिंह, और अशफ़ाक़उल्ला ख़ां को राजद्रोह और षड्यंत्र रचने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई। बिस्मिल ने फंदे पर झूलने से पहले कहा था- ‘आई विश डाउनफाल ऑफ ब्रिटिश इम्‍पायर’। उन्होंने ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’ और ‘अंग्रेजी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए थे। देश पर जान न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारी यह मानते थे कि अंग्रेजी शासन तानशाही के रास्ते पर चल रही है और उन्हें तानाशाही व्यवस्था का अंत करना है। भारतीय कम्युनिस्टों से अश्फाक उल्ला ने की थी ये अपील सुधीर विद्यार्थी अपनी किताब ‘अशफ़ाकुल्लाह और उनका युग’ में लिखते हैं, ‘कम्युनिस्ट ग्रुप से अशफ़ाक़ की गुज़ारिश है कि तुम इस गैर-मुल्क की तहरीक को लेकर जब हिन्दुस्तान में आए हो तो तुम अपने को गैर-मुल्की ही तस्सवुर करते हो, देसी चीज़ों से नफ़रत, विदेशी पोशाक और तर्ज़-ए- मआशरत (जीने का अंदाज़) के दिल दादा हो, इस से काम नहीं चलेगा, अपने असली रंग में आ जाओ। देश के लिए जियो, देश के लिए मरो। मैं तुम से काफ़ी तौर पर मुत्तफ़िक़ (सहमत) हूं और कहूंगा कि मेरा दिल ग़रीब किसानों के लिए और दुखिया मज़दूरों के लिए हमेशा दुखी रहा है।’ किसानों और मजदूरों की हालत पर रोते थे अश्फाक उल्लासुधीर लिखते हैं, ‘मैं ने अपने आयाम-ए-फ़रारी (पुलिस से छुपकर रहने वाला काल) में भी अक्सर इनके हालात देखकर रोया किया हूं क्योंकि मुझे इनके साथ दिन गुज़रने का मौक़ा मिला है। मुझ से पूछो तो मैं कहूंगा कि मेरा बस हो तो मैं दुनिया की हर चीज़ इन के लिए वक़्फ़ (सुरक्षित) कर दूं। हमारे शहरों की रौनक़ इनके दम से है। हमारे कारखाने इन की वजह से आबाद और काम कर रहे हैं। हमारे पम्पों से इनके हाथ ही पानी निकालते हैं। ग़रज़ की दुनिया का हर एक काम इनकी वजह से हुआ करता है। गरीब किसान बरसात के मूसलाधार पानी और जेठ-बैसाख की तपती दोपहर में भी खेतों पर जमा होते हैं और जंगल में मंडराते हुए हमारी खुराक का सामान पैदा करते हैं। यह बिल्कुल सच है कि वह जो पैदा करते हैं, जो वह बनाते हैं, उनमें उनका हिस्सा नहीं होता। वह हमेशा दुखी और मुफ़लिस-उल-हाल (दरिद्र) रहते हैं। मैं इत्तेफ़ाक़ करता हूं कि इन तमाम बातों के ज़िम्मेदार हमारे गोरे आक़ा और उनके एजेंट हैं।’ क्या शहीदों के सपने हुए पूरे? आईआईटी, बंबई में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के पूर्व प्रोफेसर और वर्तमान समय में सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सेकुलरिज्म (सीएसएस) की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष राम पुनियानी क्रांतिकारियों के विचारों से सहमति जताते हुए कहते हैं … Read more

Gold Silver Rupee: सोना 7 हफ्ते के हाई पर, चांदी 2 लाख के करीब; रुपया 90.56 के नए निचले स्तर पर फिसला

Gold Silver Rupee: Gold at 7-week high, silver nears 2 lakh; Rupee slips to new low of 90.56 घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में सोना साढ़े सात हफ्तों के उच्च स्तर के करीब बना रहा। एमसीएक्स पर फरवरी सोने का वायदा 0.02% की हल्की बढ़त के साथ ₹1,32,496 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। यह बढ़त अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 25 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती के बाद बने सकारात्मक रुझान का विस्तार है। इसके उलट, मार्च सिल्वर वायदा में रिकॉर्ड स्तरों के पास प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली, और यह 0.54% गिरकर ₹1,97,861 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखा। चांदी हाल ही में ₹2 लाख प्रति किलो के नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंची थी। बुलियन में यह उतार-चढ़ाव कमजोर डॉलर इंडेक्स, वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी अस्थिरता और फेड की नीति के बाद निवेशकों की सोने-चांदी में बढ़ती दिलचस्पी के बीच देखने को मिल रहा है।पिछले सत्र में तेज बढ़तवहीं गुरुवार के कारोबार में सोना और चांदी दोनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के साथ बंद हुए। गोल्ड फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 2.06% की बढ़त के साथ ₹1,32,469/10 ग्राम पर सेटल हुआ। सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट 5.41% उछलकर ₹1,98,942 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी ने बनाया नया रिकॉर्डफेड की नीतिगत बैठक के बाद मिले संकेतों खासतौर पर 25 आधार अंकों की कटौती से कीमती धातुओं में मजबूत खरीद देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 65 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना रही है, जबकि सोना सात सप्ताह की ऊंचाई पर है।रुपये अपने नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचावहीं शुक्रवार सुबह रुपये में भारी कमजोरी देखने को मिली और यह 24 पैसे टूटकर 90.56 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी फंड के लगातार बहिर्वाह ने बाजार भावनाओं को कमजोर किया है।कीमती धातुओं की तेजी को लेकर विशेषज्ञों की रायकीमती धातुओं में हालिया तेजी पर टिप्पणी करते हुए पृथ्वी फिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि मजबूत फंडामेंटल्स आने वाले सत्रों में भी सोना और चांदी की कीमतों को सहारा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजारों में रुपये की कमजोरी भी बुलियन को समर्थन प्रदान कर रही है। जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,040 प्रति औंस और चांदी $57.70 प्रति औंस के मुख्य सपोर्ट स्तरों को बनाए रख सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आज के सत्र में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। डॉलर इंडेक्स में हलचल, वैश्विक वित्तीय बाजारों की अस्थिरता और महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले बाजार दिशा खोजेगा।घरेलू बाजार में सोने के दामदिल्ली22 कैरेट (स्टैंडर्ड गोल्ड): ₹99,168 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट (शुद्ध सोना): ₹1,06,784 प्रति 8 ग्राममुंबई22 कैरेट: ₹99,160 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट: ₹1,06,720 प्रति 8 ग्राम

सरकार इन किसानों को नहीं देगी 21वीं किस्त, तत्काल जानें

The government will not give the 21st installment to these farmers, know immediately नई दिल्ली। देश की तमाम राज्य सरकारें अपने नागरिकों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाती हैं। इनमें कई योजनाएं सीधे किसानों के लिए होती हैं। छोटे और सीमांत किसान अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और उन्हें सरकारी मदद की जरूरत होती है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। पीएम-किसान योजना के तहत अब तक किसानों को 20 किस्तें भेजी जा चुकी हैं। सरकार की ओर से 4 महीनों के अंतराल किस्त की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती रही है। योजना का मकसद छोटे किसानों को आर्थिक राहत देना और उनकी खेती से जुड़ी जीवनशैली में सुधार लाना है। इससे किसान अपनी जरूरतें आसानी से पूरी कर सकते हैं। अब कई किसान 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सभी इसके पात्र नहीं होंगे। कुछ किसानों के खाते में किस्त नहीं जाएगी। क्योंकि उनके दस्तावेज पूरी तरह अपडेट नहीं हैं। ऐसे किसानों को यह काम करने की जरूरत है। जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके।आपको बता दें 21वीं किस्त का लाभ कई किसानों को नहीं मिलेगा। जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी और भूसत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। उनके खाते में पैसे नहीं आएंगे। इन दोनों प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी है। तभी 21वीं किस्त का लाभ मिल पाएगा। इसलिए जिन किसानों ने अबतक यह काम नहीं करवाया है। उन्हें तुरंत अपने दस्तावेज अपडेट करने की जरूरत है। ई-केवाईसी पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा कर सकते हैं। और अपने भूसत्यापन के लिए भूलेख रिकॉर्ड की वेबसाइट या विभाग जाना होगा। इसके अलावा 21वीं किस्त पाने के लिए जरूरी है कि बैंक खाता, आधार कार्ड और नाम की जानकारी सही हो। अगर कोई जानकारी अधूरी या गलत पाई जाता है तो भुगतान नहीं होगा। अगर आपने भी नहीं करवाया यह काम तो तुरंत करवा लें।

आर्मी चीफ की चेतावनी: इस बार ऐसा जवाब देंगे कि पाकिस्तान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा

Army Chief’s warning: This time we will give such a reply that Pakistan will cease to exist. नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बीकानेर मिलिट्री स्टेशन सहित सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया। यहां उन्होंने सैनिकों की तत्परता की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी कि ऑपरेशन सिंदूर 1ण्0 में दिखाया गया संयम अब दोहराया नहीं जाएगा।जनरल द्विवेदी ने कहा कि इस बार हम कुछ ऐसा करेंगे कि पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि क्या वह नक्शे में बने रहना चाहता है या नहीं। अगर पाकिस्तान नक्शे में बने रहना चाहता है, तो उसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद बंद करना होगा। यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा संदेश है।जनरल उपेंद्र द्विवेदी बीकानेर पहुंचे तो सबसे पहले फ ॉरवर्ड एरिया का दौरा किया। यहां उन्होंने सैनिकों की ऑपरेशनल रेडीनेस चेक की। रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाके में काम करने वाले सैनिकों की मुश्किलें जानकर वे प्रभावित हुए। उन्होंने वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, पूर्व सैनिकों, सिविल अधिकारियों और जवानों से बात की।आतंकवाद पर कोई नरमी नहींउन्होंने सभी रैंकों के सैनिकों से कहा कि तकनीक को अपनाओ, ताकि हम हमेशा तैयार रहें। जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 1.0 में भारत ने बहुत संयम दिखाया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस बार हमारा जवाब ऐसा होगा कि पाकिस्तान को अपनी अस्तित्व पर सवाल उठाना पड़ेगा। अगर वह नक्शे में बने रहना चाहता है, तो आतंकवाद तुरंत बंद करेण् यह बयान सीमा पर तनाव को देखते हुए बहुत महत्वपूर्ण है। जनरल ने जोर देकर कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस है। पूर्व सैनिकों को सम्मान: राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहनाजनरल द्विवेदी ने बीकानेर के पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया। उन्होंने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल केहेम सिंह शेखावत, लेफ्टिनेंट कर्नल बीरबल बिश्नोई, रिसालदार भंवर सिंह और हवलदार नाकत सिंह को राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करते हैं। युद्धक्षेत्र में वर्चस्व बनाए रखने में मदद करते हैं।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की योजना अधूरी, बेटियों का बड़ा बजट नहीं हुआ इस्तेमाल

The ‘Save the Girl Child, Educate the Girl Child’ scheme remains incomplete, with a large budget for girls. भोपाल। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को सरकार पलीता लगा रही है। इस योजना का स्वीकृत फंड का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हुआ। जमीनी क्रियान्वयन और बालिकाओं तक योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है।बेटियों की कम हो रही संख्या को समान अनुपात में लाने के लिए सरकार की ओर से हर स्तर पर प्रयास किए जाते हैं, लेकिन उनका ग्राउंड जीरो पर असर दिखाई नहीं देता है। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गिरते लिंगानुपात को रोकना, कन्या भ्रूण हत्या पर से लगाना तथा बालिकाओं की शिक्षा और शारीरिक एवं मानसिक विकास से जुड़े कार्यों को गति देना है। यह योजना निश्चित तौर पर बदलाव ला सकती है, लेकिन संचालन के तौर तरीके इस योजना को आगे नहीं बड़ा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट बताती है कि इस योजना के तहत पिछले ग्यारह वर्षों में स्वीकृत राशि में से करीब एक तिहाई राशि का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। वर्ष 2024-25 (31 दिसंबर तक) में तो सबसे कम करीब 13 फीसद राशि ही खर्च हो पाई। ऐसे में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी सफलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। भ्रूण परीक्षण जैसे गैरकानूनी और अनैतिक कृत्य भी तकनीक के दुरुपयोग का ही परिणाम है। देश में लिंगानुपात गड़बड़ाने का एक कारण भ्रूण परीक्षण भी है। हालांकि इस पर कानूनन प्रतिबंध है, लेकिन चोरी-छिपे भ्रूण परीक्षण कराने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।हमारे समाज की रूढ़िवादी मानसिकता भी इसके लिए जिम्मेदार है। बेटे को प्राथमिकता और बेटियों को परिवार पर बोझ समझने की प्रवृत्ति आज भी मौजूद है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में समाज की इस सोच को बदलने का आह्वान भी शामिल है। इसके क्रियान्वयन में लापरवाही देखी जा रही है। जब इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का एक बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं किया जा रहा है, इससे कई बालिकाओं तक इसका लाभ पहुंचा हीं नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले ग्यारह वर्षों में इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का 100 फीसद इस्तेमाल कभी नहीं हो पाया। जबकि योजना के मुताबिक, इस राशि का इस्तेमाल लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, उनमें खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सुविधाएं और शौचालय के निर्माण जैसे कार्यों पर किया जाता है। जिला स्तर पर इस योजना को लागू करने के लिए धनराशि राज्य सरकार के माध्यम से प्रदान की जाती है। हकीकत यह भी सामने आई है कि कई जगह पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर ही अधिक राशि खर्च की गई है, जबकि बालिका शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर वास्तविक खर्च सीमित रहा। इससे साफ है कि इस योजना को जमीन पर उतारने में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इसकी जिम्मेदारी तय होना चाहिए, तभी यह योजना आगे बढ़ पाएगी।

कुतुब मीनार का बंद दरवाज़ा: 1981 की भगदड़ में 45 मौतें, क्यों 44 साल से पर्यटकों के लिए बंद है प्रवेश?

Why are the doors of Qutub Minar closed for 44 years: Read the report नई दिल्ली। Qutub Minar of closed door यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल दक्षिण दिल्ली के महरौली क्षेत्र का कुतुब कॉम्प्लेक्स हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। दुनिया की सबसे ऊँची ईंट से बनी मीनार कहे जाने वाली कुतुब मीनार केवल स्थापत्य कला और ऐतिहासिक वैभव का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि इसके भीतर एक ऐसा दर्दनाक अतीत भी छिपा है, जिसने इसकी पहचान को हमेशा के लिए बदल दिया। 1981 में हुए एक हादसे ने इस स्मारक के दरवाजे जनता के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिए। स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व Qutub Minar of closed door कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199 में रखी थी, जिसे बाद में इल्तुतमिश और फिर फिरोज शाह तुगलक ने पूरा कराया। करीब 73 मीटर ऊँची यह मीनार पाँच मंज़िलों में बनी है। लाल और पीले बलुआ पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी इसे देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह केवल स्थापत्य का अद्भुत नमूना नहीं, बल्कि दिल्ली सल्तनत के गौरव और उस दौर की तकनीकी क्षमता का प्रमाण भी है। कभी खुला था आम जनता के लिए Qutub Minar of closed door आज यह स्मारक केवल बाहर से निहारा जा सकता है, लेकिन एक समय था जब पर्यटकों को इसके भीतर प्रवेश और संकरी सीढ़ियों से ऊपर चढ़ने की अनुमति थी। लोग झरोखों से दिल्ली का मनोरम नज़ारा देखते और इस अद्भुत स्मारक का रोमांचक अनुभव अपने साथ ले जाते। स्कूलों और कॉलेजों के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर यहाँ आना अपनी उपलब्धि मानते थे। 4 दिसंबर 1981: वह काला दिन Qutub Minar of closed door इतिहास के पन्नों में दर्ज यह तारीख कुतुब मीनार के लिए अभिशाप बन गई। उस दिन सुबह से ही मौसम खराब था। आसमान में बादल छाए थे और दोपहर होते-होते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। संकरी और अंधेरी सीढ़ियों के भीतर लगभग 300 से अधिक लोग मौजूद थे। इसी दौरान अफरातफरी मच गई। बताया जाता है कि किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई और वह घबराकर नीचे की ओर भागी। अंधेरे में किसी ने यह अफवाह फैला दी कि मीनार गिर रही है। घबराहट और भगदड़ का ऐसा माहौल बना कि चीख-पुकार से सीढ़ियाँ गूँज उठीं। त्रासदी का मंजरकुछ ही मिनटों में भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, बच्चों और महिलाओं की चीखें दूर तक सुनाई दीं। इस अफरातफरी में 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे जो पिकनिक के लिए आए थे। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली के अस्पतालों में उस दिन का नज़ारा किसी युद्ध जैसी त्रासदी से कम नहीं था। स्थायी ताले की शुरुआतहादसे के बाद केंद्र सरकार और पुरातत्व विभाग ने तुरंत बड़ा फैसला लिया। सुरक्षा कारणों से कुतुब मीनार के भीतर पर्यटकों का प्रवेश हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। तभी से, यानी पिछले 44 सालों से, लाखों लोग केवल बाहर से इस ऐतिहासिक धरोहर को निहारने तक ही सीमित हैं। Read more: ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे सवाल और सीखइस घटना ने देशभर में स्मारकों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर गहन बहस छेड़ी। सवाल उठे कि क्या पर्याप्त रोशनी और निगरानी होती तो यह हादसा टल सकता था? क्या भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जा सकते थे? हालांकि समय के साथ तकनीकी सुविधाएँ काफी बेहतर हो चुकी हैं, पर कुतुब मीनार का दरवाजा अब भी बंद है। आज भी वही कसकदिल्ली घूमने आने वाले पर्यटक जब कुतुब मीनार के पास पहुँचते हैं तो उसकी भव्यता उन्हें रोमांचित करती है। लेकिन भीतर प्रवेश न मिलने पर निराशा भी होती है। बहुत से बुजुर्ग लोग आज भी बताते हैं कि उन्होंने बचपन में कुतुब मीनार की सीढ़ियाँ चढ़ी थीं और ऊपर से दिल्ली का नजारा देखा था। नई पीढ़ी उस अनुभव से वंचित है। कुतुब मीनार सिर्फ एक स्थापत्य धरोहर नहीं, बल्कि हमारे अतीत की चेतावनी भी है। यह याद दिलाती है कि सुरक्षा चूक कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। 1981 की भगदड़ ने न केवल मासूम जिंदगियाँ छीनीं, बल्कि एक अनोखी परंपरा को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया। आज जब हम इसकी सुंदरता को बाहर से निहारते हैं, तो साथ ही यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास केवल गौरवशाली नहीं होता, उसमें वे पीड़ादायक किस्से भी दर्ज रहते हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मोदी का विपक्ष पर करारा प्रहार कहा – मैं शिव भक्त हूं, जहर निगल लेता हूं: जनता ही मेरी भगवान, आत्मा की आवाज यहां नहीं तो कहां निकलेगी

Modi’s strong attack on the opposition said – I am a Shiv Bhakt, I swallow poison: The public is my God, if not here, then where will the voice of the soul come out पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के दरांग में कहा- जब भारत सरकार ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया था, उस दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था- मोदी, नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है। मैं भगवान शिव का भक्त हूं, सारा जहर निगल लेता हूं, मुझे कितनी भी गालियां दें। लेकिन बेशर्मी के साथ जब किसी और का अपमान होता है, तो मुझसे रहा नहीं जाता है। पीएम बोले- मेरे लिए तो मेरी जनता ही भगवान है। मेरे भगवान के पास जाकर मेरी आत्मा की आवाज वहां नहीं निकलेगी तो कहां निकलेगी, यही मेरे मालिक हैं, पूजनीय हैं, 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट कंट्रोल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के असम दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जिसकी लागत 6300 करोड़ है। शनिवार को गुवाहाटी पहुंचे पीएम ने खानापारा में पशु चिकित्सा मैदान में महान गायक भूपेन हजारिका की विशेष श्रद्धांजलि सभा में भी मौजूद रहे।

जनता से 8 साल की देरी का हिसाब कौन देगा? जीएसटी सुधार पर उठे सवाल

How can what was wrong yesterday be right today? What does the Modi government want to hide from the public on the GST controversy? Modi government a GST controversy आखिर 8 साल बाद भी मोदी सरकार माफी क्यों नहीं मांग रही? जनता से क्या छिपाना चाहती है? चिदंबरम ने पूछा – जो कल गलत था, आज सही कैसे?जीएसटी दरों में कमी के बाद भी मोदी सरकार ने जनता से माफी नहीं मांगी। आखिर सरकार क्या छिपाना चाहती है? जानिए 8 साल की देरी, विवाद और सुधार की अधूरी कहानी। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक टैक्स क्यों चुकाना पड़ा? आखिरकार केंद्र सरकार को बात समझ में आ गई। तीन सितंबर, 2025 को सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को तर्कसंगत बना कर कम किया। कर संरचना अब उस अच्छे और सरल कर के करीब है, जिसकी वकालत पिछले आठ वर्षों से कई राजनीतिक दल, व्यवसायी, संस्थान और व्यक्ति (जिनमें मैं भी शामिल हूं) करते रहे हैं। अगस्त, 2016 में जब संसद में संविधान (122वां संशोधन) विधेयक पर बहस हुई थी, तब मैंने राज्यसभा में भाषण दिया था। उसके कुछ अंश इस प्रकार हैं अडिग रुख Modi government a GST controversy‘मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि यूपीए सरकार ने ही सबसे पहले आधिकारिक तौर पर जीएसटी लागू करने के अपने इरादे का एलान किया था। 28 फरवरी, 2005 को बजट भाषण के दौरान लोकसभा में इसकी घोषणा की गई थी। ‘महोदय, चार प्रमुख मुद्दे हैं… Modi government a GST controversy‘अब मैं विधेयक के सबसे महत्त्वपूर्ण भाग पर आता हूं… यह कर की दर के बारे में है। मैं अभी मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट के कुछ अंश पढूंगा… कृपया याद रखें कि हम एक अप्रत्यक्ष कर पर विचार कर रहे हैं। अप्रत्यक्ष कर की परिभाषा के अनुसार, यह एक प्रतिगामी कर है। कोई भी अप्रत्यक्ष कर अमीर और गरीब दोनों पर समान रूप से लागू होता है… मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट कहती है: ‘उच्च आय वाले देशों में औसत जीएसटी दर 16.8 फीसद है भारत जैसी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में यह औसत 14.1 फीसद है।’ इस तरह दुनिया भर में 190 से अधिक देशों में किसी न किसी रूप में जीएसटी लागू है। यह 14.1 फीसद से 16.8 फीसद के बीच है।‘हमें करों को कम रखना होगा। साथ ही, हमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के मौजूदा राजस्व की रक्षा करनी होगी। …हम ‘राजस्व तटस्थ दर’ यानी आरएनआर के जरिए यह करते हैं। ‘मुख्य आर्थिक सलाहकार राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अन्य विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद 15 फीसद से 15.5 फीसद के आरएनआर पर पहुंचे और फिर सुझाव दिया कि मानक दर 18 फीसद होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने 18 फीसद कोई हवा से नहीं निकाला है। यह आपकी रपट से निकला है। ‘…किसी को तो जनता के लिए आवाज उठानी ही होगी। जनता की ओर से, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस दर को मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा अनुशंसित दर पर ही रखें, यानी मानक दर 18 फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए रपट के पैरा 29, 30, 52 और 53 पढ़ें। इसमें स्पष्ट रूप से तर्क दिया गया है… Modi government a GST controversy अठारह फीसद की मानक दर केंद्र और राज्यों के राजस्व की रक्षा करेगी, यह पर्याप्त होगी, मुद्रास्फीति-रोधी होगी, कर चोरी से बचाएगी और भारत के लोगों को स्वीकार्य होगी… यदि आप वस्तुओं और सेवाओं पर 24 फीसद या 26 फीसद कर लगाने जा रहे हैं, तो फिर जीएसटी विधेयक लाने की क्या आवश्यकता है? ‘अंतत: आपको कर विधेयक में एक दर रखनी ही होगी। मैं अपनी पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से मांग करता हूं कि जीएसटी की मानक दर, जो 70 फीसद से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होती है, वह अठारह फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए और निम्न एवं अन्य दर अठारह फीसद के आधार पर तय की जा सकती है। आठ वर्ष की पीड़ा Modi government a GST controversyवर्ष 2016 में भी मैंने यही बात कही थी, जो आज कह रहा हूं। मुझे खुशी है कि सरकार इस विचार पर सहमत हो गई कि दरों को युक्तिसंगत और कम किया जाना चाहिए। हालांकि, शुरुआत में सरकार का तर्क था कि अठारह फीसद की सीमा से राजस्व का भारी नुकसान होगा, खासकर राज्य सरकारों को। यह चिंता का एक बड़ा कारण था। आज दो कर दरें पांच फीसद और अठारह फीसद हैं! केंद्र के पास कर राजस्व बढ़ाने के कई तरीके हैं; अगर राज्य सरकारों को राजस्व का नुकसान होता है, तो सही कदम यही होगा कि उन्हें मुआवजा दिया जाए पिछले आठ वर्षों में सरकार ने उपभोक्ताओं से ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए कई जीएसटी दरों का इस्तेमाल किया। पहले वर्ष (जुलाई 2017 से मार्च 2018) में सरकार ने लगभग 11 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए। वर्ष 2024-25 में लगभग 22 लाख करोड़ रुपए संग्रहित किए गए। उपभोक्ताओं द्वारा अपनी मेहनत से कमाया गया पैसा सरकार ने जीएसटी के माध्यम से छीन लिया- इसे सही मायने में और उपहासपूर्वक गब्बर सिंह टैक्स कहा गया। उच्च जीएसटी दरें कम खपत और बढ़ते घरेलू कर्ज के कारणों में से एक थीं। यह बुनियादी अर्थशास्त्र है कि करों में कमी से खपत को बढ़ावा मिलेगा। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक कर क्यों चुकाना पड़ा? अभी बहुत कुछ बाकीदरों में कमी तो बस शुरुआत है। अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। सरकार को चाहिए कि- राज्यों, उत्पादकों और उपभोक्ताओं को एक ही जीएसटी दर (जरूरत पड़ने पर और छूट के साथ) के लिए तैयार करे; अधिनियमों और नियमों की धाराओं के लिए प्रचलित अस्पष्ट भाषा को खत्म करे; उन्हें सरल भाषा में फिर से लिखे; सरल फार्म और रिटर्न निर्धारित करे, फार्म भरने की आवृत्ति में तर्कसंगत कमी करे; कानून के अनुपालन को सरल बनाए: किसी छोटे व्यापारी या दुकानदार … Read more

जो खून बहना था वह बह गया, पैसे से लोगों की सोच बदलने गए मोदी : कांग्रेस नेता

The blood that was to be shed has been shed, Modi went to change people’s thinking with money: Congress leader नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर के दौरे पर हैं। यह उनका 2023 की जातीय हिंसा के बाद पहला दौरा है। इस यात्रा को राज्य में शांति और विकास को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने चुराचांदपुर और इंफाल में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। वहीं इस दौरे को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।कांग्रेस बोली-बहुत देर हो चुकी हैCongress leader Udit Raj ने बयान में पीएम मोदी के दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले ही कुकी और मैतेई दोनों समूह पीएम के खिलाफ विरोध जता रहे हैं और अब यह यात्रा ‘हीलिंग टचÓ नहीं मानी जाएगी। Congress leader Udit Raj का कहना है कि एक समय था जब पीएम जाकर बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन अब बहुत खून बह चुका है और सिर्फ 3 घंटे की यात्रा से कुछ नहीं होगा। वह भले ही कुछ परियोजनाओं की घोषणा करें लेकिन पैसों से लोगों की सोच नहीं बदली जा सकती। 2023 में भड़की थी जातीय हिंसाबता दें कि 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की थी, जिसमें कम से कम 260 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। इसके बाद से ही राज्य में तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. पीएम मोदी का यह दौरा लंबे समय से प्रतीक्षित था और इसे जनता और राजनीतिक दल दोनों करीब से देख रहे हैं। चुराचांदपुर और इंफाल ऐसे इलाके हैं, जहां हिंसा का असर सबसे ज्यादा रहा और अब यहां नए विकास कार्यों के जरिए माहौल को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। दौरे का महत्व और आगे की राहविशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा मणिपुर में शांति और पुनर्निर्माण के लिए एक बड़ा संदेश है। यह सिर्फ परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं बल्कि राज्य के लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश भी है. हालांकि विपक्ष इसे ‘बहुत देर से उठाया गया कदम बता रहा है। अब देखना होगा कि इस यात्रा से क्या सकारात्मक असर होता है और क्या यह मणिपुर में स्थायी शांति और विकास

संसद के परिसीमन 2026 को लेकर एक अनुमानित रिपोर्ट सामने आई है,

An estimated report has come out regarding the delimitation of Parliament 2026, भोपाल। जिसमें देश भर में लोकसभा और राज्यसभा सीटों की संख्या में बदलाव का खाका पेश किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल 800 लोकसभा सीटें और 432 (320+112) राज्यसभा सीटें होंगी, जो कुल मिलाकर 1132 संसद सदस्यों का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह परिसीमन 90% वजन जनसंख्या और 10% क्षेत्रफल के आधार पर किया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 121 लोकसभा सीटें और 47 राज्यसभा सीटें होंगी, जो कुल 168 सांसदों का प्रतिनिधित्व करेंगी। वहीं, बिहार में 61 लोकसभा और 24 राज्यसभा सीटें होंगी, जो कुल 85 सांसदों को जगह देंगी। महाराष्ट्र में 76 लोकसभा और 31 राज्यसभा सीटें होंगी, जिससे कुल 107 सांसद होंगे।क्षेत्रीय आधार पर देखें तो दक्षिण भारत में तमिलनाडु को 48 लोकसभा और 19 राज्यसभा सीटें मिलेंगी, जबकि तेलंगाना में 25 लोकसभा और 10 राज्यसभा सीटें होंगी। पश्चिमी भारत में गुजरात को 42 लोकसभा और 17 राज्यसभा सीटें मिलेंगी। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल को 57 लोकसभा और 23 राज्यसभा सीटें दी जाएंगी। उत्तरी भारत में राजस्थान को 46 लोकसभा और 18 राज्यसभा सीटें मिलेंगी।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों की संख्या में मामूली बदलाव होगा। उदाहरण के लिए, चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली को 1-1 लोकसभा सीट मिलेगी। इस परिसीमन से क्षेत्रीय और जनसंख्या के आधार पर संसद में प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की कोशिश की गई है।यह अनुमान 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार किया गया है, और इसके लागू होने पर संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह अभी केवल एक अनुमान है, और अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित समितियों द्वारा लिया जाएगा

ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसते युवा: कर्ज, लत और तबाही की ओर ले जाते ऐप्स, सरकार की चुप्पी चिंता का कारण

Youth getting caught in the trap of online gaming: Apps leading to debt, addiction and destruction, government’s silence is a cause of concern नई दिल्ली ! देश में ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग और ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, और इसके चपेट में लाखों युवा आ चुके हैं। जल्दी अमीर बनने का सपना, उन्हें एक ऐसे रास्ते पर धकेल रहा है जहाँ लत, कर्ज और कई बार आत्महत्या जैसे खतरनाक परिणाम सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई मामलों में सामने आया है कि युवा बार-बार इन ऐप्स पर पैसा लगाते हैं, हारते हैं, कर्ज लेते हैं और अंततः मानसिक अवसाद में चले जाते हैं। कई युवाओं ने तो कर्ज के बोझ तले आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम तक उठा लिया है। सरकार की नीतियों पर उठते सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने डिजिटल इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया”, और “मेक इन इंडिया जैसे अभियानों से युवाओं को नए भारत का सपना दिखाया था, लेकिन हकीकत यह है कि न नई नौकरियों का ठोस रोडमैप सामने आया, न तकनीकी शिक्षा को लेकर ठोस सुधार। सरकार की ओर से इन ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स को अप्रत्यक्ष रूप से मान्यता मिलने और इन पर किसी भी स्पष्ट नियमन की कमी से हालात और खराब हो रहे हैं। क्या चाहिए ठोस नीति और सख्त नियंत्रण विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि इन ऐप्स को लेकर स्पष्ट और सख्त कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि युवा इन लतों से दूर रहें और उनका भविष्य सुरक्षित हो।सवाल यह है कि जब युवाओं को इस देश का भविष्य कहा जाता है, तो फिर सरकार कब इन ऐप्स की लूट पर लगाम लगाएगी? मुख्य बिंदु वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस क़दम नहीं उठाए, तो डिजिटल गैंबलिंग से जुड़ा सामाजिक-आर्थिक संकट और गहराएगा। उद्योग का आकार जितना बड़ा होगा, उतना ही मुश्किल होगा इसे नियंत्रित करना। निष्कर्ष: तेज़ टेक्नोलॉजी और सुस्त नीति के बीच फँसते युवाओं को बचाने के लिए कई मंत्रालयों की समन्वित रणनीति और सख़्त नियम अनिवार्य हैं। वरना “डिजिटल इंडिया” का सपना, कर्ज़ और लत की स्याही से धुँधला हो सकता है।

लीडर वही जो उदाहरण बनकर नेतृत्व करे: आश्रम के बच्चों से लेकर रिकी पोंटिंग तक, समर्पण और चरित्र की प्रेरणादायक कहानियां

leadership inspirational stories discipline : When a papad and Ricky Ponting taught the lesson of dedication and character leadership inspirational stories discipline किसी भी संस्थान की आत्मा उसका नेतृत्व होता है – और एक सच्चा लीडर वही होता है जो अपने आचरण से समर्पण और चरित्र की मिसाल बन जाए। हाल ही में एक पारिवारिक मित्र के साथ अस्थि-विसर्जन के लिए ठाणे के श्री रामदास आश्रम जाने का अवसर मिला, जहाँ एक छोटी-सी घटना ने यह बात और पुख्ता कर दी। आश्रम में थके हुए तीर्थयात्रियों के लिए सादा किंतु आत्मा को तृप्त कर देने वाला भोजन परोसा गया। भोजन के दौरान एक बालक द्वारा माँगे गए एक अतिरिक्त पापड़ को लेकर हुई बातचीत ने मन को छू लिया। एक बड़ा बालक छोटे को समझा रहा था कि ‘तुलना मत करो, वे लोग उपवास पर हैं’। इस उम्र में इतनी परिपक्वता और अनुशासन देखकर मन श्रद्धा से भर गया।इसी दिन, एक और प्रेरक खबर मिली – आईपीएल टीम पंजाब किंग्स के कोच रिकी पोंटिंग की। भारत-पाक संघर्ष की खबर मिलते ही अधिकतर विदेशी खिलाड़ी देश छोड़कर चले गए, लेकिन पोंटिंग ने विमान से उतरने का साहसी निर्णय लिया। न सिर्फ खुद रुके, बल्कि उन्होंने दूसरों को भी लौटने का संदेश दिया, यह दिखाते हुए कि एक सच्चा लीडर मैदान के बाहर भी उतना ही समर्पित होता है। leadership inspirational stories discipline इन दोनों घटनाओं में एक गहरा संदेश है – चाहे वह आश्रम में संस्कार पाते बच्चे हों या विश्वस्तरीय कोच, नेतृत्व वही है जो अपने उदाहरण से दूसरों को दिशा दे। जब लीडर खुद अनुशासित होता है, तभी टीम में चरित्र और समर्पण के बीज पनपते हैं। यही है नेतृत्व का असली मतलब। leadership inspirational stories discipline

सड़क हादसों के घायलों को बड़ी राहत: अब मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज, राशि बढ़ाकर ₹2 लाख करने पर विचार

Big relief to road accident victims नई दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब देशभर में सड़क हादसों में घायल लोगों का ₹1.5 लाख तक इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा। यह स्कीम राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की निगरानी में लागू की गई है। सरकार इस योजना की राशि को बढ़ाकर ₹2 लाख करने पर भी विचार कर रही है। सड़क परिवहन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह सुविधा किसी भी सड़क पर हुई दुर्घटना में लागू होगी, चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग हो या ग्रामीण मार्ग। गोल्डन ऑवर में मिलेगा फ्री इलाज:सड़क हादसे के बाद का पहला घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ इलाज के लिए सबसे अहम होता है। यही वह समय होता है जब समय पर इलाज न मिलने से कई लोगों की जान चली जाती है। इस योजना का मकसद जान बचाना और तत्काल इलाज सुनिश्चित करना है। इलाज का खर्च और प्रक्रिया: गडकरी की पहल:जनवरी 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए कहा था कि सरकार कैशलेस इलाज योजना ला रही है। अब यह योजना देशभर में लागू कर दी गई है। हर साल 10 हजार करोड़ का अनुमानित खर्च:भारत में हर साल सड़क हादसों में 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान जाती है। इलाज पर प्रति व्यक्ति औसतन ₹50,000 से ₹2 लाख का खर्च आता है। सरकार को इस योजना से हर साल करीब ₹10,000 करोड़ का खर्च उठाना पड़ सकता है, लेकिन इससे लाखों जानें बचाई जा सकेंगी।

Ghibli ट्रेंड सिर्फ मजेदार फोटो नहीं, यह आपकी प्राइवेसी के लिए है खतरा?

Ghibli trend is not just a fun photo, is it a threat to your privacy? Ghibli AI ट्रेंड सिर्फ मजेदार इमेजेस नहीं, बल्कि आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा भी बन सकता है। जानें कि AI-Generated Ghibli पोर्ट्रेट्स कैसे आपकी डिजिटल सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं… Ghibli AI Trend: जब से ओपनएआइ ने चैटजीपीटी के घिबली-स्टाइल एआइ इमेज जनरेटर को लॉन्च किया है, तब से इसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। राजनेता हों या मशहूर हस्तियां, हर कोई घिबली के दिग्गज हयाओ मियाज़ाकी की खास शैली में अपने एआइ-जनरेटेड पोर्ट्रेट शेयर करता दिखाई देता है। एक ओर यह ट्रेंड हावी है तो दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल प्राइवेसी एक्टिविस्ट्स लोगों को इसके जोखिमों से रूबरू कर रहे हैं। उनका दावा है कि ओपनएआइ इस ट्रेंड का उपयोग एआइ प्रशिक्षण के लिए लाखों व्यक्तिगत छवियों को इकट्ठा करने के तरीके के रूप में कर सकता है। आलोचकों ने चेतावनी दी है कि वे अनजाने में ओपनएआइ को नया फेशियल डेटा सौंप रहे हैं जिससे प्राइवेसी संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। AI टूल्स के लिए जरूरी सुरक्षा उपायजनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) के तहत, ओपनएआइ को ‘वैध हित’ के कानूनी आधार के तहत इंटरनेट से इमेज-हार्वेस्टिंग (स्क्रेपिंग) का औचित्य सिद्ध करना चाहिए, जिसका अर्थ है कि उन्हें उपयोगकर्ता की गोपनीयता की रक्षा करने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे। डिजिटल प्राइवेसी एक्टिविस्ट्स के अनुसार ओपनएआइ या अन्य टूल्स यह प्रदर्शित करें कि डेटा संग्रह आवश्यक है, यह व्यक्तियों के अधिकारों का हनन नहीं करता है, और सख्त पारदर्शिता और जवाबदेही उपायों का पालन किया जाता है। सहमति और स्वतंत्रताएआई, टेक एंड प्राइवेसी एकेडमी की सह-संस्थापक लुइजा जारोव्स्की के अनुसार, जब लोग स्वेच्छा से इन छवियों को अपलोड करते हैं, तो वे ओपनएआइ को उन्हें संसाधित करने के लिए अपनी सहमति देते हैं (जीडीपीआर का अनुच्छेद 6.1.ए)। यह एक अलग कानूनी आधार है जो ओपनएआइ को अधिक स्वतंत्रता देता है, और इस तरह वैध हित संतुलन परीक्षण लागू नहीं होता है। कैसे सुरक्षित रखें अपना बायोमेट्रिक डेटाएआइ द्वारा जनरेट की गई छवियों के लिए व्यक्तिगत फोटो अपलोड करने से पहले दो बार सोचें।ऐसे कर सकते हैं अपनी गोपनीयता की सुरक्षासोशल मीडिया पर हाई-रिजॉल्यूशन वाली छवियों को साझा करने से बचें, एआइ प्रशिक्षण, डेटा वर्गीकरण और अन्य अनुप्रयोगों के लिए डेटा हार्वेस्टिंग की तकनीक इमेज-स्क्रेपिंग में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।डिवाइस को अनलॉक करने के लिए चेहरे की पहचान के बजाय पिन या पासवर्ड का उपयोग करें। ऐप्स की कैमरे तक एक्सेस को सीमित करें। समय-समय पर सेटिंग्स में एक्सेस को जांचते रहें।

EV: नितिन गडकरी का एलान – लिथियम बैटरी की कीमतों में गिरावट से ईवी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, जानें डिटेल्स

union minister nitin gadkari says fall in lithium battery prices will boost ev sector केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि लिथियम बैटरियों की कीमतों में कमी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लागत में काफी गिरावट आएगी। जिससे वे आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती बन जाएंगे। सोमवार को गडकरी ने कहा कि भारत में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है और इसमें सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्ट सेक्टर का है। इसलिए पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों से हटकर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बहुत जरूरी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि बैटरी तकनीक में हो रही प्रगति भारत को सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की तेल पर निर्भरता न सिर्फ आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है। बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये ईंधन आयात पर खर्च हो रहे हैं। इस वजह से साफ ऊर्जा को अपनाना देश के विकास के लिए जरूरी है। ठाणे में एक ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक साइकिल लॉन्च के मौके पर गडकरी ने कहा कि शहरीकरण बढ़ने के कारण साइक्लिंग को भी एक टिकाऊ शहरी परिवहन विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इतनी तेजी से बढ़ा है कि यह जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी ने कहा कि 2030 तक भारत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बन जाएगा, जिससे ग्लोबल ऑटो मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा। ईवी की लागत कम होगीगडकरी ने कहा कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में आई तेज गिरावट (अब 100 डॉलर प्रति kWh) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा सुलभ बना दिया है। और उनकी कीमतें पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर आने के करीब हैं। उन्होंने बताया, “कुछ साल पहले लिथियम की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट थी, जो अब घटकर लगभग 100 डॉलर रह गई है। यह और कम होगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी कम हो जाएंगी, जिससे आम लोगों को ये सस्ते में मिल सकेंगे।” गडकरी ने कहा, “प्रदूषण हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती है और इसका एक बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है।” उन्होंने दोहराया कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट होना सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही जरूरी नहीं है। बल्कि यह आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा। उन्होंने भारत में पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन समाधान की खोज में बैटरी से चलने वाले वाहनों (BEV) के महत्व को दोहराया। नई बैटरी तकनीकों पर शोधगडकरी ने कहा कि भारत में बैटरी तकनीक पर लगातार शोध हो रहा है, जिसमें सेमी-कंडक्टर्स, लिथियम-आयन, जिंक-आयन, सोडियम-आयन और एल्युमिनियम-आयन बैटरी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग एक बड़ा निर्यात अवसर है। जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और व्यापार संतुलन सुधरेगा। गडकरी ने हाल ही में हीरो के एक संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए पंजाब के लुधियाना की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, “भारत की 50 प्रतिशत टू-व्हीलर अब निर्यात की जा रही हैं, और हमें घरेलू बाजार से ज्यादा फायदा निर्यात से हो रहा है।” मंत्री ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, “बजाज और टीवीएस जैसे पारंपरिक दोपहिया वाहन निर्माताओं ने एक बार चार्ज करने पर 125 किलोमीटर की रेंज वाले वाहन बनाए हैं। लखनऊ और कानपुर शहरों के युवाओं ने 60 किलोमीटर की रेंज वाली बाइक का निर्माण शुरू कर दिया है।” इस अध्ययन से पता चलता है कि एक बाइक आम तौर पर प्रति दिन अधिकतम 24-26 किलोमीटर की यात्रा करती है। बायोफ्यूल और किसानों के लिए नई संभावनाएंगडकरी ने कहा कि सरकार कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें बायो-सीएनजी और बायो-एविएशन फ्यूल शामिल हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा दाता भी बनेंगे।” सरकार की नीति “आयात प्रतिस्थापन, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी” तकनीकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। गडकरी ने बताया कि सरकार पराली से बायोफ्यूल बनाने की योजना पर भी काम कर रही है> जिससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “हरियाणा के किसान धान की पराली जलाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। लेकिन अब हम इसे बायोफ्यूल में बदल रहे हैं। इस दिशा में 400 प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनमें से 60 पहले से ही काम कर रहे हैं।” शहरी परिवहन में साइक्लिंग को बढ़ावागडकरी ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष साइकिल ट्रैक बनाए जाने चाहिए। ताकि पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को प्रोत्साहन मिले, सड़क सुरक्षा बढ़े और ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। उन्होंने कहा, “भारत में नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे देश इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, वैकल्पिक ईंधन और ग्रीन मोबिलिटी समाधानों का प्रमुख केंद्र बन रहा है।” गडकरी ने दोहराया कि भारत हरित तकनीकों को अपनाकर प्रदूषण कम करने, आयात लागत घटाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। “पहले लोग विश्वास नहीं करते थे”गडकरी ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बाइक्स के बारे में बात की थी, तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “जब मैंने इलेक्ट्रिक कार और ई-बाइक की बात की थी, तो लोग हंसते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं।” उन्होंने बताया कि हाल ही में टाटा ने हाइड्रोजन सेल से चलने वाले ट्रक पेश किए हैं, जो भारत में उन्नत तकनीक और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गडकरी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक, युवा इंजीनियरों की प्रतिभा और कृषि नवाचारों के मेल से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहेगा।

अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका

Now Ghibli images can be created for free on ChatGPT, Sam Altman made a big announcement on the trend going viral, know how OpenAI का ChatGPT अभी काफी चर्चा में है. इससे Studio Ghibli स्टाइल की इमेज जनरेशन की बाढ़ आ गई है. कंपनी के नेटिव इमेज जेनरेशन फीचर रोलआउट करने के बाद से ही यूजर्स AI से फोटो को बनवा रहे हैं. Studio Ghibli को वायरल ट्रेंड बन चुका है. कंपनी ने बताया कि Studio Ghibli की वजह से महज एक घंटे में 10 लाख नए यूजर्स जुड़ गए. Sam Altman ने X पर ऐलान किया, “ChatGPT का लॉन्च 26 महीने पहले सबसे पागलपन भरे वायरल मोमेंट्स में से एक था, जब हमने 5 दिन में 10 लाख यूजर्स जोड़े थे. अब पिछले एक घंटे में ही 10 लाख यूजर्स और जुड़ गए.” उन्होंने आगे कहा, “अब इमेज जेनरेशन फ्री यूजर्स के लिए भी रोलआउट हो गया है.” यानी यूजर्स फ्री में ChatGPT से Ghibli Style Image बनवा सकते हैं. आपको बता दें कि 26 मार्च 2025 को OpenAI ने ChatGPT Plus, Pro और Team यूजर्स के लिए यह फीचर लॉन्च किया था. जापान के मशहूर Studio Ghibli स्टाइल आर्टवर्क ने सोशल मीडिया यूजर्स को इतना इंप्रेस किया कि लोग अपनी तस्वीरों को पॉपुलर ऐनिमे फिल्म्स की स्टाइल में बदलने लगे. हालांकि, फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर कुछ देरी के बाद आज यानी 1 अप्रैल 2025 को आया है. ChatGPT पर फ्री में बनेगी Ghibli Style इमेजआपको बता दें कि अभी Ghibli Style Image की धूम मची हुई है. सभी अपनी Ghibli Style Image बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. ChatGPT के फ्री ना होने पर यूजर्स इसके अल्टरनेटिव से अपनी Ghibli Style फोटो बनवा रहे हैं. लेकिन, अब इसके फ्री होने के बाद यूजर्स ChatGPT से ही Ghibli Style इमेज बनवा सकते हैं. आपको बस ChatGPT में अपना अकाउंट बनाना होगा. इसके बाद आप अपनी फोटो को इसमें अपलोड करके Ghibli Style में कन्वर्ट करने का कमांड दे सकते हैं. इसके बाद यह आपकी इमेज को Ghibli Style में बदल देगा. हालांकि, फ्री होने की वजह से इस पर थोड़ी लिमिट हो सकती है. Studio Ghibli से OpenAI को फायदाआपको बता दें ति OpenAI ने ChatGPT को नवंबर 2022 में लॉन्च किया था. यह एक कन्वर्सेशनल AI टूल था, जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स लेकर इंसानों जैसे जवाब देता है. अब इमेज जेनरेशन जैसे फीचर्स के साथ ये और भी पावरफुल हो गया है. अब Studio Ghibli स्टाइल इमेज ने ChatGPT को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, लेकिन OpenAI के सामने अब सिस्टम को स्टेबल रखने और बिजनेस वैल्यू देने की चुनौती है

नवरात्रि के 9 दिन व्रत रखने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान, जानिए एक्सपर्ट से

chaitra navratri fasting 9 days follow these expert suggested tips chaitra navratri fasting these : हिंदू धर्म में नवरात्रि का अहम महत्व है. इस दौरान 9 दिनों तक मंदिरों में लोगों के घरों में मां दुर्गा के नौ रूपो की पूजा की जाती है. कई लोग पूरे नौ दिनों तक व्रत भी रखते हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि नवरात्रि के पूरे व्रत रखने के दौरान किन बातों का ख्याल रखें. Navratri Fasting Tips: रविवार 30 मार्च को चैत्र नवरात्रि का त्योहार शुरू हो रहा है. इस दिन को हिंदू नववर्ष के तौर पर भी मनाया जाता है. नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और श्रद्धा से जुड़ा हुआ है. नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा होती है. वहीं, इस दौरान व्रत रखने का भी विधान है. कुछ लोग तो पूरे 9 दिनों तक उपवास रखते हैं. Read more: दिल्ली में बीजेपी गवर्नमेंट आते ही शुरू हुई बिजली समस्या, लोगों का धरना प्रदर्शन, आप ने दिल्ली सरकार को घेरा न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल कहती हैं कि नवरात्रि के व्रत का संबंध सिर्फ अध्यात्मिकता से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। इस दौरान आपकी बॉडी को ईटिंग हैबिट से ब्रेक मिलता है. लेकिन अगर आप पूरे नवरात्रि में उपवास रखने का सोच रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए एक्सपर्ट से जानने की कोशिश करते हैं. chaitra navratri fasting these करवाएं बॉडी चेकअप अगर आप पूरे नवरात्रि व्रत रखने का सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि क्या आपकी बॉडी हेल्दी है. इसके लिए आप अपना फुल बॉडी चेकअप करवाएं. इससे आपको शरीर का ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल के बारे में पता चल जाएगा. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं एक्सपर्ट कहती हैं कि व्रत के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और बॉडी का टेंपरेचर भी बैलेंस होगा. इस बार गर्मियों ने मार्च में ही दस्तक दे दी है. ऐसे में व्रत के दौरान कम पानी पीने से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है. ऑयली फूड से बचें नवरात्रि के व्रत से पहले आप ज्यादा मिर्च-मसाले और ऑयली चीजों को न खाएं. इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. आप हल्का और सादा भोजन करें. इसके अलावा, सीमित मात्रा में मीठे और नमक को खाएं. नवरात्रि के दौरान कैसा हो खाना? नवरात्रि के व्रत के दौरान भोजन में हल्का आहार लेना चाहिए. आमतौर पर लोग फल, दूध, साबूदाना, सिंघाड़े के आटे की रोटियां, आलू, मखाना, पनीर जैसी चीजें खाते हैं. इन चीजों से शरीर को ऊर्जा मिलती है. हालांकि, इन्हें ज्यादा तेल या घी में पकाने से बचें. इसके अलावा, हाइड्रेटिंग फल को डाइट में शामिल करें. रात के समय दूध पिया जा सकता है.

मरीजों को झटका ! 1 अप्रैल से इतनी बढ़ जाएगी जरूरी दवाइयों की कीमत

cancer and diabetes and other essential medicines drugs to get costlier from 1apri अगर आप रोजाना दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल से आपका दवा का खर्च बढ़ने वाला है. राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में इजाफा करने का फैसला किया है, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा. 4 दिन बाद मरीजों को करोड़ों का झटका लगने वाला है. अगर आप नियमित रूप से दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल से आपकी दवा की लागत बढ़ने वाली है. राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में इजाफा करने का फैसला किया है, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा. दरअसल,सरकार ने दवाओं की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण दवाओं को प्राइस कंट्रोल लिस्ट में शामिल किया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस पहल से मरीजों को हर साल लगभग 3,788 करोड़ रुपये की बचत होती है. हालांकि, अब इन नियंत्रित दवाओं के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. कितनी बढ़ सकती है कीमतरिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और एंटीबायोटिक्स जैसी आवश्यक दवाओं की कीमतों में 1.7% तक की वृद्धि हो सकती है. यह बढ़ोतरी नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा तय की जाती है, जो देश में दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने का काम करती है. इस कदम से दवा कंपनियों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें उत्पादन लागत में हो रही बढ़ोतरी से जूझना पड़ रहा था. हालांकि, मरीजों के लिए यह अतिरिक्त वित्तीय बोझ बन सकता है, जिससे उनकी दवाओं पर होने वाला खर्च बढ़ जाएगा. आइए जानते हैं किन दवाईयों की कीमतें बढ़ जाएंगी. क्यों बढ़ रही हैं दवाओं की कीमतें?NPPA के अनुसार, दवाओं की कीमतों में यह बढ़ोतरी मुद्रास्फीति आधारित मूल्य संशोधन के कारण की जा रही है. हर साल सरकार आवश्यक दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक संशोधन करती है. इस बार थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में वृद्धि के चलते दवा कंपनियों को कीमतें बढ़ाने की अनुमति दी गई है. किन दवाओं के दाम बढ़ेंगे?जो दवाएं राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची (NLEM) में शामिल हैं, उनकी कीमतें बढ़ेंगी. इसमें एंटीबायोटिक्स, पेन किलर, हृदय रोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल हैं. सरकार के इस फैसले से जिन लोगों को नियमित रूप से दवाओं की जरूरत होती है, उनके मासिक खर्च में वृद्धि होगी. बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए मुश्किलें. कई वरिष्ठ नागरिक और क्रॉनिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे.हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रीमियम दरें बढ़ने की संभावना है. पिछले साल भी बढ़े थे दामयह पहली बार नहीं है जब दवाओं की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं. 2023 में भी NPPA ने 12% तक की वृद्धि की थी, जिससे पहले से ही महंगाई से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा था.

शहरों में बदलता परिदृश्य: कॉर्पोरेट में सक्रिय महिलाएँ, संघर्षरत पुरुष, क्या खड़ी होने वाली बड़ी समस्या?

Changing scenario in cities: Women active in corporate, men struggling, is a big problem arising? शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती रोजगार भागीदारी और पुरुषों में बेरोजगारी की बढ़ती दर, दोनों ही समाज के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत हैं. जहां एक तरफ महिलाओं ने पारंपरिक सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कदम मजबूत किए हैं, वहीं दूसरी तरफ पुरुषों के लिए रोजगार के अवसरों की कमी बढ़ती जा रही है. यह असंतुलन न सिर्फ परिवारों के भीतर आर्थिक संरचना को प्रभावित कर रहा है, बल्कि समाज में नए सामाजिक और मानसिक दबावों को भी जन्म दे रहा है. ऐसे में इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि आखिर शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार में बढ़ रही भागेदारी का क्या कारण है और इस असंतुलन का भविष्य में हमारे समाज और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? क्या यह स्थिति समाज में नई समस्याओं को जन्म दे सकती है? क्या कहता है आंकड़ा हाल ही में ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसके अनुसार साल 2023-24 में 20 से लेकर 24 साल की उम्र के बीच पुरुषों में बेरोजगारी की दर 10% देखी गई, जबकि महिलाओं में यही दर पुरुषों से कम यानी 7.5% देखा गया है. इसी तरह, 25-29 साल की उम्र में भी पुरुषों की बेरोजगारी दर 7.2% है, जो महिलाओं से ज्यादा है. बेरोजगारी का ये आंकड़ा दर्शाता है कि शहरी इलाकों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन पुरुषों के लिए यह अवसर घटते जा रहे हैं. ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि पिछले कुछ सालों में शहरी भारत में महिलाओं का रोजगार 10% बढ़ा है. जबकि साल 2017-18 से लेकर 2023-24 तक, शहरी महिलाओं में रोजगार की दर 28% तक पहुंच गई है. दिलचस्प बात ये है कि इसी साल 40 साल और उससे ऊपर की उम्र वाली शहरी महिलाओं में रोजगार दर सबसे ज्यादा 38.3% दर्ज की गई. जिससे यह संकेत मिलता है कि महिलाएं अब बच्चों के बड़े होने के बाद अपने करियर पर ज्यादा ध्यान दे पा रही हैं. महिलाओं को नहीं है नौकरी की तलाश इसी रिपोर्ट के अनुसार भले ही देश में महिलाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके भारत की 89 मिलियन से ज्यादा शहरी महिलाएं अभी भी नौकरी की तलाश में नहीं हैं. यह संख्या जर्मनी, फ्रांस या यूनाइटेड किंगडम की पूरी जनसंख्या से भी ज्यादा है. इसका मतलब है कि अभी भी लाखों महिलाएं कामकाजी जीवन में शामिल नहीं हो पाई हैं. इस स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर पुरुषों को पर्याप्त नौकरी के मौके नहीं मिलेंगे और महिलाएं बेहतर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएंगी, तो आने वाले समय में समाज में असंतुलन बढ़ सकता है. एक ओर जहां महिलाओं के लिए रोजगार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरुषों की बेरोजगारी बढ़ने से समाज में तनाव और असंतोष का माहौल बन सकता है. महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई कंपनियां महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है, जैसे स्कूल और ऑफिस के घंटों को मिलाना और बच्चों के लिए चाइल्डकेयर की सुविधा देना. इसके अलावा ज्यादातर कंपनियां महिलाओं को घर से काम करने का विकल्प दे रही है, जिससे वे अधिक आराम से काम कर पा रही हैं, लेकिन घर से काम करने के दौरान नेटवर्किंग की समस्या भी खड़ी हो रही है, जिससे उनकी करियर ग्रोथ में रुकावट आ सकती है. इस शोध में यह भी बताया गया है कि अगर हम सिर्फ महिलाओं के रोजगार पर ध्यान देंगे और पुरुषों के रोजगार की चिंता नहीं करेंगे, तो भविष्य में इसे लेकर समाज में समस्याएं आ सकती हैं. इसलिए, महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान रूप से रोजगार के मौके बढ़ाने की जरूरत है, ताकि कोई भी समुदाय इससे प्रभावित न हो. पुरुषों में क्यों बढ़ रही है बेरोजगारी आजकल शहरी इलाकों में महिलाओं का रोजगार बढ़ रहा है, लेकिन पुरुषों के लिए बेरोजगारी एक बड़ी चिंता बन चुकी है. खासकर, जो पारंपरिक काम जैसे निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और कम कौशल वाला काम करते है. इसका मतलब है कि पहले जो काम पुरुषों के लिए आम थे, अब उनमें नौकरी के मौके कम हो गए हैं. इसके अलावा, नई तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने पुरुषों के लिए और भी मुश्किलें पैदा की हैं. पहले जो लोग मैन्युअल (हाथ से काम करने वाले) या कम कौशल वाले काम करते थे, उनके लिए अब इन कामों की जगह मशीनों और रोबोट्स ने ले ली है. अब ये लोग अपनी नौकरी छूट जाने के खतरे से जूझ रहे हैं. शहरी इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो रही है क्योंकि यहां रोजगार के मौके कम हो गए हैं और युवा पुरुषों को नौकरी ढूंढने में कठिनाई हो रही है. इसे एक बड़ी समस्या के रूप में देखा जा सकता है, जिसका समाधान समय रहते करना जरूरी है. असंतुलन का क्या होगा समाज पर असर? अगर यह असंतुलन जारी रहता है तो इसका समाज और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. पहले तो, यह पारिवारिक संरचनाओं को प्रभावित करेगा. पारंपरिक समाज में पुरुषों को कमाने वाले के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब महिलाएं भी कमाने वाली बन रही हैं. इससे परिवारों के भीतर भूमिकाओं में बदलाव आएगा और कई पुरुष इस बदलाव को स्वीकार करने में मुश्किल महसूस कर सकते हैं. इसके अलावा, बेरोजगारी की बढ़ती दर से पुरुषों के बीच निराशा और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण अपराधों में वृद्धि हो सकती है और समाज में अस्थिरता पैदा हो सकती है. महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर सीधा और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है. कुछ पुरुषों को यह बदलाव चुनौतीपूर्ण लग रहा है, क्योंकि पहले वे ही परिवार के मुख्य कमाने वाले होते थे. अब जब महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, तो पारंपरिक भूमिका … Read more

नई नवेली दुल्हन को मायके तो दामाद को ससुराल में क्यों मनानी चाहिए पहली होली, कलह और सास-बहू से जुड़ी है वजह

why newly married women should celebrate first holi in mayke know reason behind relationship between saas bahu हर साल की तरह इस साल भी भारत में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाना है। लोग रंग-बिरंगे रंगों में सराबोर होने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रंगों की बोछार के बीच लोग गिले-शिकवे भी भूल जाते हैं। नई नवेली दुल्हन अपने मायके में जाकर होली मनाती हैं यहां तक कि दामाद को भी ससुराल में होली मनाने के लिए कहा जाता है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर दुल्हन की पहली होली मायके तो दामाद की ससुराल में क्यों होना चाहिए। और, नई नवेली दुल्हन की तरह क्या प्रेग्नेंट महिलाओं को भी मायके में मायके में होली मनानी चाहिए। इसकी वजह सास-बहू और पति-पत्नी की रिश्तों से जुड़ी हुई है। जिसके बारे में कंटेंट क्रिएटर सोनिया चौहान ने भी बताया है।(सभी फोटो सांकेतिक हैं) सबसे पहले जानें कारण पौराणिक कथा के अनुसार, होलिका एक दिव्य वस्‍त्र को ओढ़कर प्रह्लाद को जलाने के लिए आग में बैठी थी, लेकिन जब प्रह्लाद ने भगवान विष्णु के नाम का जाप किय तो, होलिका का अग्निरोधक वस्त्र प्रह्लाद के ऊपर आ गया और वह बच गए, जबकि होलिका भस्म हो गई। कहते हैं कि जिस दिन होलिका आग में बैठी का काम किया, अगले दिन उसका विवाह भी होना था।उनके होने वाली पति का नाम इलोजी बताया जाता है, इलोजी की मां जब बेटे की बारात लेकर होलिका के घर पहुंची तो उन्होंने उसकी चिता जलते दिखी। बेटे का बसने वाला संसार उजड़ता देख बेसुध हो गईं और प्राण त्याग दिए। बस तभी से प्रथा चला आ रही है कि नई बहू को ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए। सास बहू के झगड़े से जुड़ा कारण होली और होलिका दहन के वक्त सास-बहू का साथ में रहना ठीक नहीं माना जाता है। नई दुल्हन के लिए कहा जाता है कि उसे अपनी पहली होली ससुराल के जगह मायके में मनाना चाहिए। जब सास -बहू अगर साथ में होलिका दहन देखती हैं तो घर में कलह की शुरुआत हो जाती है। सास-ससुर के साथ रिश्ते खराब होने लगते हैं, बिना बात के झगड़े भी होने लगते हैं। सास-बहू के रिश्तों में यदि तकरार हो तो उससे आने वाले समय में तनाव बढ़ जाता है।वहीं एक और धारणा है जो कहीं न कहीं सटीक रहती है कि शादी के तुरंत बाद दुल्हन ससुराल में कंफर्टेबल महसूस नहीं करती है, इसलिए मायके में होली मनाने का चलन है जिसे प्रथा का नाम दे दिया गया है।

International Women’s Day : क्या है वुमन डे का इतिहास? जानें इसे जुड़ी खास बातें

international womens day 2025 history significance and this year theme know here हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. जिसे हमेशा अलग-अलग थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए आर्टिकल में जानते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के शुरुआत कब और कैसे हुई, साथ ही इस साल की थाम के बारे में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. आजकल महिलाएं घरेलू कामों के अलावा भी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कौशल का प्रदर्शन करती हैं. ऐसे में इस दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर होता है. इस दिन का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और समानता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. ऑफिस, कॉलेज और कई जगहों पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सेलिब्रेट किया जाता है. इसकी शुरुआत के पीछे की कहानी के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता होगा. हर साल महिला दिवस को एक थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए जानते हैं इस आर्टिकल में इसका इतिहास और इस साल की थीम के बारे में. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास1908 में न्यूयॉर्क शहर में महिलाएं बेहतर कार्य स्थितियों, मतदान अधिकार और समान वेतन के लिए सड़कों पर परेड निकाली थी. 1910 में कोपेनहेगन में एक अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन आयोजित किया गया, जहां क्लारा जेटकिन ने महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा. पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 19 मार्च 1911 में ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और डेनमार्क में मनाया गया था. बाद में महिला दिवस की तारीख को बदलकर 8 मार्च कर दिया गया. तब से महिला दिवस पूरी दुनिया में 8 मार्च को ही मनाया जा रहा है. 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी थी. तब से हर साल इसे एक थीम का मनाया जाता है. पहले महिलाओं को समाज में एक सीमित दायरे में रखा जाता था, लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति में सुधार हुआ है. आज महिलाएं न केवल घर के कार्यों को संभालती हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष से सफलता की मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं. आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, लेकिन फिर भी महिलाओं को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी की समस्याएं आज भी महिलाओं की जिंदगी का हिस्सा है. इस दिन का उद्देश्य इन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना और समानता की दिशा में कदम बढ़ाना है. क्या है इस साल की थीम?इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए: अधिकार, समानता. सशक्तिकरण.” है. इस थीम का मतलब सभी महिलाओं के लिए सम्मान, अधिकार, शक्ति और अवसरों से उनके भविष्य को बेहतर बनाना है. इस दिन को मनाने का मतलब सिर्फ ये नहीं है कि हम महिलाओं की सराहना करें, बल्कियह भी है कि हम उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम करें. महिलाओं के लिएसम्मान,अवसर, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस इस दिशा में पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है.

टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में: ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से सेमीफाइनल हराया

Team India in the final of Champions Trophy: Defeated Australia by 4 wickets in the semi-final विराट कोहली ने करियर की 74वीं फिफ्टी पूरी की है। टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच बने चेज मास्टर विराट कोहली, जिन्होंने 84 रन की बेहद अहम पारी खेली। दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए सेमीफाइनल में कोहली ने रन चेज में 3 बड़ी साझेदारियां भी कीं। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ 91, अक्षर पटेल के साथ 44 और केएल राहुल के साथ 47 रन जोड़े। इन्हीं पार्टनरशिप ने रन चेज को आसान बनाया। आखिर में हार्दिक पंड्या ने तेजी से 28 रन बनाए और केएल राहुल ने छक्का मारकर जीत दिलाई। वे 42 रन बनाकर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी की और 265 रन का टारगेट दिया। ऑस्ट्रेलिया से कप्तान स्टीव स्मिथ ने 73 और एलेक्स कैरी ने 61 रन बनाए। इंडियन बॉलर्स ने ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट कर दिया। मोहम्मद शमी ने 3, रवींद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती ने 2-2 विकेट लिए।

चैंपियंस ट्रॉफी– भारत को 265 रन का टारगेट: सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ऑलआउट; शमी को 3, जडेजा–वरुण को 2–2 विकेट; स्मिथ–कैरी की फिफ्टी

Champions Trophy- India has a target of 265 runs दुबई । 38वें ओवर की तीसरी बॉल पर अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। 37वें ओवर की तीसरी बॉल में मोहम्मद शमी ने स्टीव स्मिथ (73 रन) को फुलटॉस पर बोल्ड किया।चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया टॉस जीतकर बल्लेबाजी कर रहा है। 49 ओवर के बाद टीम का स्कोर 10 विकेट के नुकसान पर 264 रन है।नाथन एलिस (10 रन) को शमी ने कोहली के हाथों कैच कराया। उन्होंने स्टीव स्मिथ (73 रन) और कूपर कोनोली (शून्य) के विकेट लिए। एलेक्स कैरी (60 रन) श्रेयस अय्यर के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हुए। वरुण चक्रवर्ती ने बेन ड्वारशस (19 रन) और ट्रैविस हेड (39 रन) के विकेट लिए। अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा ने जोश इंग्लिस (11 रन) और मार्नस लाबुशेन (29 रन) को पवेलियन भेजा। मैच दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है।

विश्लेषण: प्रयागराज महाकुम्भ 2025 मेले में हुई त्रासदी के बाद उठ रहे हैं कई सवाल

Analysis: Many questions are being raised after the tragedy at the Prayagraj Maha Kumbh 2025 fair सम्पादकीय लेख भोपाल। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थक चाहे जितनी कोशिश कर लें, कुम्भ मेले में हुई त्रासदी के पीछे उनके प्रशासन की लापरवाही और कुप्रबंधन को छिपाया नहीं जा सकता। जैसे-जैसे नए विवरण सामने आ रहे हैं, हादसे की भयावहता बढ़ती ही जा रही है। यह भी पता चला है कि 29 जनवरी की सुबह पहली भगदड़ के बाद, कुछ ही घंटों के भीतर थोड़ी दूरी पर दूसरी भगदड़ भी हुई थी। इसके अलावा कुम्भ में कुछ मर्तबा आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए दर्जनों आलीशान टेंट जलकर राख हो गए। आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या 30 बताई गई है। लेकिन मौनी अमावस्या के दिन स्नान के लिए जिस पैमाने पर भीड़ उमड़ी थी, उसके मद्देनजर यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। कपड़ों, जूतों, कम्बलों और अन्य निजी सामानों के अवशेष हर जगह बिखरे पड़े थे, जो इस बात के जीवंत साक्ष्य थे कि भीड़ में कुचलने के भय से श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने पर मजबूर हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी के कुछ ही घंटों के भीतर एक्स पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर दी थीं, लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन बहुत समय तक यही दिखावा करता रहा कि कुछ हुआ ही नहीं है। इसके बाद मोदी ने यूपी सीएम से चार बार फोन पर बात की, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक्स पर पोस्ट किया, तब जाकर यूपी प्रशासन को अपनी चुप्पी तोड़ने और सच्चाई स्वीकारने के लिए मजबूर होना पड़ा। हादसे के पूरे 17 घंटे बाद, 29 जनवरी को शाम 7 बजे उन्होंने भगदड़ की जिम्मेदारी लेते हुए बयान जारी किया और ऐसी घटना दोबारा होने से रोकने के इंतजाम करने का वादा किया। उसके बाद से, यूपी सरकार ने भीड़ को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले दो वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी पर लगाया है, अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नए सिरे से यातायात योजना बनाई है, लेकिन नुकसान पहले ही हो चुका था। जोशीमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हादसे के बाद योगी के इस्तीफे की मांग की है और उन पर इस मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। अन्य प्रमुख संतों और साधुओं ने सार्वजनिक रूप से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि कई लोग मन ही मन शंकराचार्य की भावनाओं को समर्थन करते हैं और वे इस बात से नाराज हैं कि मौनी अमावस्या का पवित्र दिन तीर्थयात्रियों के शवों से दागदार हो गया। शंकराचार्य ने कहा कि अगर उन्हें भगदड़ और उसके परिणामस्वरूप हुई मौतों के बारे में पता होता, तो वे मृतकों के लिए उपवास करते और आनुष्ठानिक रूप से तीर्थस्नान नहीं करते। यूपी के सीएम के रूप में आठ साल के अपने कार्यकाल में योगी ने खुद को हिंदुत्व के एक प्रखर चेहरे के रूप में स्थापित कर दिया है। इससे न केवल उन्हें संघ का समर्थन मिला जिसने लोकसभा चुनावों में यूपी में भाजपा की करारी हार के बावजूद हर परिस्थिति में उनका साथ दिया बल्कि उन्हें खुद को देश भर में एक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिली। आज वे मोदी के बाद भाजपा के दूसरे सबसे लोकप्रिय प्रचारक हैं। लेकिन कुम्भ हादसे के बाद एक सक्षम प्रशासक के रूप में उनकी छवि को झटका लगा कुम्भ का निर्बाध आयोजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की साख को मजबूत कर सकता था। किंतु प्रयागराज में हुए हादसे के बाद अब यूपी प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि वे कुम्भ शुरू होने से पहले और बाद में लगभग हर दूसरे दिन प्रयागराज का दौरा कर रहे थे, वे व्यक्तिगत रूप से वहां की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे और इस पर बारीकी से नजर रखे हुए थे कि कुम्भ के प्रबंधन के लिए जो प्रशासनिक मशीनरी उन्होंने लगाई थी, वह सुचारु रूप से काम कर रही है या नहीं। बीवीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था, उनकी गाड़ियों की अनियंत्रित आवाजाही और आम श्रद्धालुओं को नदी तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना, खाने-पीने की चीजों की ऊंची लागत आदि को लेकर भी अनेक श्रद्धालुओं में गुस्सा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम का निर्बाध आयोजन हिंदुत्व के प्रतीक और कुशल प्रशासक के रूप में योगी की साख को मजबूत करता, किंतु प्रयागराज में अफसरों की लापरवाही से हुए हादसे के बाद अब उनके नेतृत्व वाले प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। 26 फरवरी को मेला समाप्त होने के बाद यूपी की राजनीति में बहुत कुछ देखने को मिल सकता है।

महाकुंभ में फिर लगी आग, कई पंडाल चपेट में आए; कोई हताहत नहीं

Fire broke out again in Mahakumbh, many pandals got affected; no casualties महाकुंभ के सेक्टर 22 छतनाग झूंसी में बने टेंट सिटी में बृहस्पतिवार को आग लग गई। आग लगने नके कारणों का पता नहीं चल सका है। जब तक लोग कुछ समझ पाते आगे ने विकराल रूप धारण कर लिया। टेंट सिटी के दर्जन भर से अधिक टेंट जलकर राख हो गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। सूचना पाकर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुूंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बापू को दी श्रद्धांजलि; राहुल-खरगे ने भी याद किया

Mahatma Gandhi’s death anniversary: ​​President Murmu paid tribute to Bapu; Rahul-Kharge also remembered महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथी पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुर्मू ने गांधी की समाधि राजघाट पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मनोहर लाल खट्टर समेत अन्य नेताओं ने भी गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही बापू की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलिकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने बापू की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि गांधी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, वह भारत की आत्मा हैं, और हर भारतीय में आज भी जीवित हैं। उन्होंने आगे लिखा कि सत्य, अहिंसा और निडरता की शक्ति बड़े से बड़े साम्राज्य की जड़ें हिला सकती हैं – पूरा विश्व उनके इन आदर्शों से प्रेरणा लेता है। राष्ट्रपिता, महात्मा, हमारे बापू को उनके शहीद दिवस पर शत-शत नमन। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बापू को दी श्रद्धांजलिमहात्मा गांधी की पुण्यतिथी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बापू को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आप मुझे बेड़ियों से जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते। महात्मा गांधी बलिदान दिवस पर बापू को विनम्र श्रद्धांजलि। कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने भी बापू को किया यादबापू की पुण्यतिथि पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

Cabinet:16300 करोड़ रुपये के खनिज मिशन को मंजूरी दी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया एलान

Cabinet: Mineral mission worth Rs 16300 crore approved, Union Minister Ashwini Vaishnav announced केंद्रीय मंत्रीमंडल ने 16,300 करोड़ रुपये के खनिज मिशन को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को इसका एलान किया। इसके साथ ही कैबिनेट ने सी श्रेणी के भारी गुड़ से उत्पादित इथेनॉल की एक्स-मिल कीमत 56.28 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 57.97 रुपये प्रति लीटर करने को मंजूरी दे दी है। सरकार की ओर से निर्धारित इथेनॉल की कीमतें 2022-23 इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (नवंबर-अक्तूबर) के बाद से नहीं बढ़ाई गई हैं। गन्ने के रस, बी-हैवी गुड़ और सी-हैवी गुड़ से उत्पादित इथेनॉल की वर्तमान दरें क्रमशः 65.61 रुपये, 60.73 रुपये और 56.28 रुपये प्रति लीटर हैं। कैबिनेट के फैसले से पहले चीनी कंपनियों के शेयरों में दिखा एक्शनइस बीच, चीनी और इथेनॉल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी है। ईआईडी-पैरी, श्री रेणुका शुगर्स, बलरामपुर चीनी मिल्स और त्रिवेणी इंजीनियरिंग के शेयरों में दोपहर 1:10 बजे तक बीएसई सेंसेक्स पर 3.7%, 4.5%, 2.5% और 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 0.62% की बढ़त दिखी।

विपक्ष के 10 सांसद निलंबित, वक्फ बोर्ड संसदीय समिति की बैठक में हंगामे के बाद कार्रवाई

10 opposition MPs suspended, action taken after uproar in Waqf Board Parliamentary Committee meeting Waqf Board Parliamentary Panel: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को 10 विपक्षी सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों के नाम कल्याण बनर्जी, मोहम्मद जावेद, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, नासिर हुसैन, मोहिबुल्लाह, एम अब्दुल्ला, अरविंद सावंत, नदीमुल हक और इमरान मसूद शामिल हैं। बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल की आलोचना की और कहा कि उन्होंने विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया है। कल्याण बनर्जी ने जगदम्बिका पाल पर आरोप लगाया कि वे “जमींदारी” की तरह कार्यवाही चला रहे हैं, जिसका मतलब है कि वे तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। वहीं जेपीसी अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने कहा कि बैठक के दौरान विपक्ष के सांसद संसद की तरह हंगामा करने लगे। शोर मचाने के साथ ही अमर्यादित शब्दों का प्रयोग भी किया। इसके बाद सांसद निशिकांत दुबे प्रस्ताव लाए, इसके बाद सांसदों को निलंबित किया गया है। क्या बोले निशिकांत दुबे?जगदंबिका पाल ने आगे कहा कि बैठक के एजेंडे में कोई बदलाव नहीं हुआ। हमने 34 बैठकें कीं, 250 डेलिगेशन को बुलाया… किसी भी जेपीसी ने इतने लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं किया है। वहीं सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि विपक्ष, विशेष रूप से ओवेसी जी का मानना ​​था कि जम्मू-कश्मीर का पूरा प्रतिनिधित्व नहीं सुना गया और निर्वाचित प्रतिनिधियों को बुलाया जाना चाहिए था। आज की बैठक विपक्ष के सुझाव के आधार पर अध्यक्ष द्वारा स्थगित कर दी गई। मीरवाइज के सामने इन लोगों ने हंगामा किया, दुर्व्यवहार किया और संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ काम किया।

छोटे बच्चों को पिलाते हैं बॉटल से दूध तो जान लें खतरे, हो सकती हैं ये बीमारियां

Baby Bottle Feeding Risks : छोटे बच्चों के लिए मां का दूध सबसे पौष्टिक माना जाता है. यह उनकी ओवरऑल हेल्थ की ग्रोथ में अहम रोल निभाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चा मां का दूध जितना ज्यादा करेगा, उसका विकास उतना ही ज्यादा होता है. इससे बीमारियों का खतरा भी कम होता है. हालांकि, आजकल बिजी लाइफस्टाइल की वजह से कई बार वर्किंग वुमन अपने बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग कीबजाय बॉटल का दूध पिलाती हैं, जो बच्चे की सेहत (Child Health) के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. यह उन्हें कई तरह से प्रभावित कर सकती है और ग्रोथ में भी समस्याएं पैदा कर सकती है. इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. कितने समय बाद बच्चे को दे सकते हैं बॉटल का दूध वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, न्यूबॉर्न बच्चे को पहले 6 महीने तक सिर्फ मां का दूध (mother’s milk) ही पिलाना चाहिए. इससे बच्चों का डेवलपमेंट सही तरह होता है. उनकी बॉडी स्ट्रॉन्ग होती है और इम्यूनिटी बढ़ती है.अगर किसी वजह से मां को दूध कम बन रहा है या नहीं मिल पा रहा है यानी ब्रेस्ट फीडिंग पॉसिबल नहीं हो पा रहा है तो जन्म के दो या तीन हफ्ते बाद बॉटल का दूध दे सकते हैं. हालांकि, यह सिर्फ अस्थायी उपाय ही है, कम से कम छह महीने तक इससे बचने की ही कोशिश करनी चाहिए. बच्चे को बॉटल का दूध पिलाने के खतरे बच्चे जब मां का दूध पीते हैं तो उनकी इम्यूनिटी मजबूत होती है. जब बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग की बजाय बॉटल से दूध पिलाया जाता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है. जिससे वह बार-बार सर्दी-खांसी, बुखार जैसी समस्याओं की चपेट में आ सकता है. छोटे बच्चों को बॉटल का दूध पिलाने से उनमें मोटापा बढ़ सकता है. खासकर तब जब बच्चों को जानवरों या पाउडर वाले दूध ही पिलाए जाए. दरअसल, जानवरों के दूध में फैट ज्यादा होती है,जो बच्चे के वजन को काफी ज्यादा बढ़ा सकता है. बॉटल का दूध पीने से बच्चों की ग्रोथ धीमी हो सकती है. बॉटल दूध से बच्चों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक प्रवेश कर सकता है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को स्लो कर सकता है. इससे उनकी ओवरऑल हेल्थ कमजोर हो सकती है. रबड़ के निप्पल वाले बॉटल से दूध पीने से बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इससे लंग्स कमजोर हो सकते हैं. जिससे बच्चे को सांस की समस्याएं हो सकती हैं. कई मामलों में यह निमोनिया का खतरा भी बढ़ा सकता है. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Mahakumbh 2025: सबसे बड़ा अखाड़ा कौन सा है, कुंभ मेला का होते हैं मुख्य आकर्षण

mahakumbh 2025 biggest juna akhara in india kumbh mela akhadas history Mahakumbh 2025: महाकुंभ सनातन धर्म का सबसे बड़ा मेला है. इस मेले में देश-दुनिया से लाखों-करोड़ों लोग आते हैं. महाकुंभ में अखाड़े आकर्षण का प्रमुख केंद्र होते हैं. इस दौरान अखाड़ों का पेशवाई और नगरप्रवेश होता है. सभी अखाड़ों की अपनी भूमिका होती है. महाकुंभ 2025 प्रयागराज में साधु-संतों के अखाड़े प्रवेश कर रहे हैं. आइए जानते हैं महाकुंभ का सबसे बड़ा अखाड़ा कौन सा है. महाकुंभ शुरू – 13 जनवरी 2025महाकुंभ समाप्त – 26 फरवरी 2025अखाड़ा क्या है ? (What is Akhara) अखाड़ा नाम सुनते ही मन में कुश्ती की तस्वीर आती है लेकिन साधु-संतों के संदर्भ में अखाड़े एक तरह से हिंदू धर्म के मठ कहे जा सकते हैं. अखाड़ा साधुओं का वह दल होता है जो शस्त्र विद्या में निपुण होता है. किसने की अखाड़े की शुरुआत अखाड़ों की शुरुआत आदि शंकराचार्य ने की थी। कहा जाता है कि उन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र विद्या में निपुण साधुओं के संगठन बनाए थे. अभी कुल 13 अखाड़े हैं, जिन्हें 3 कैटेगरी शैव, वैष्णव और उदासीन में बांटा गया है. कितने अखाड़े हैं शैव अखाड़े- शैव संप्रदाय के कुल सात अखाड़े हैं। इनके अनुयायी भगवान शिव की पूजा करते हैं.वैष्णव अखाड़े – वैष्णव संप्रदाय के तीन अखाड़े हैं, जो भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा करते हैं.उदासीन अखाड़े – उदासीन संप्रदाय के भी तीन अखाड़े हैं, इस अखाड़े की अनुयायी ‘ॐ’ की पूजा करते हैं.महाकुंभ में सबसे बड़ा अखाड़ा कौन सा है ? श्री पंचदशनाम जूना आखाड़ा को शैव संप्रदाय का सबसे बड़ा अखाड़ा माना गया है. महा इसकी स्थापना उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में 1145 में हुई.इस अखाड़े के इष्ट देव शिव और रुद्रावतार दत्तात्रेय हैं. इसका मुख्यालय वाराणसी में हैं.यह अखाड़ा नागा साधुओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है.नागा साधुओं की सर्वाधिक संख्या इसी अखाड़े में पाई जाती है. इसमें लगभग 5 लाख नागा साधु और महामंडलेश्वर संन्यासी हैं.इस अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज हैं और अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरी हैं.जूना अखाड़े की पेशवाई महाराजाओं की शान-ओ-शौकत जैसी होती है. इसमें स्वर्ण रथ समेत कई तरह के वैभव नजर आते हैं. इस अखाड़े की पेशवाई में हाथी भी शामिल होता है.

World Hindi Day 2025 : वैश्विक पटल पर हिन्दी की बढ़ती प्रतिष्ठा

हर साल 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य हिन्दी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना और इसकी महत्ता को उजागर करना है। World Hindi Day 2025 की थीम “हिन्दी: वैश्विक संवाद का सेतु” है, जो हिन्दी को एक अंतरराष्ट्रीय संवाद की भाषा के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में एक और कदम है। इतिहास और महत्व: World Hindi Day 2025 की शुरुआत 10 जनवरी 2006 में हुई थी। यह दिन 1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन, दुनिया भर में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके महत्व को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हिन्दी दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। 50 से अधिक देशों में इसे पढ़ाया जाता है और लगभग 60 करोड़ लोग इसे अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 2025 में हिन्दी की भूमिका: इस वर्ष विश्व हिन्दी दिवस पर तकनीक, शिक्षा, और सांस्कृतिक संवाद के क्षेत्र में हिन्दी की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डिजिटल युग में हिन्दी की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। सोशल मीडिया, ब्लॉगिंग, और कंटेंट क्रिएशन में हिन्दी की प्रमुखता ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। वैश्विक मंच पर हिन्दी:-संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी:** संयुक्त राष्ट्र के कई मंचों पर हिन्दी में वक्तव्य दिए जा रहे हैं, जिससे इसकी प्रतिष्ठा बढ़ी है।-शिक्षा और तकनीक:** दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में हिन्दी भाषा को प्रमुख विषय के रूप में अपनाया जा रहा है।-सिनेमा और साहित्य:** हिन्दी सिनेमा और साहित्य ने वैश्विक दर्शकों को प्रभावित किया है। हिन्दी में अनुवादित साहित्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हो रहा है। भारत सरकार और हिन्दी का प्रचार-प्रसार: भारत सरकार ने हिन्दी के प्रचार के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें ई-हिन्दी पोर्टल, विश्व हिन्दी सम्मेलन, और विदेशी विश्वविद्यालयों में हिन्दी के शिक्षण को बढ़ावा देना शामिल है। विश्व हिन्दी दिवस के कार्यक्रम: 2025 में इस दिन को विशेष बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं: विश्व हिन्दी दिवस हमें हमारी मातृभाषा की शक्ति और महत्ता का एहसास कराता है। यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और विश्व से जुड़ने का माध्यम है। 2025 में, हमें हिन्दी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। आइए, इस दिन संकल्प लें कि हिन्दी को हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। “हिन्दी है हमारी पहचान, इसे बनाएं विश्व की शान!”

चुनाव आयोग में ही गड़बड़ी… EVM का बचाव करने पर राजीव कुमार पर भड़के संजय राउत

sanjay raut said on evm hack election commission महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं. संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया कहती है कि ईवीएम में गड़बड़ी है. चुनाव आयोग कहता है कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें तो लगता है कि आयोग में ही सारी गड़बड़ी है. मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेते हुए संजय राउत ने कहा कि राजीव कुमार रिटायर होंगे, इसके बाद भी उनके पास बढ़िया काम रहेगा. रिटायरमेंट के बाद मोदी-शाह उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बना देंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में ईवीएम में गड़बड़ी हुई है. चुनाव आयोग को गांवों में जाकर बैठना चाहिए, तभी उन्हें ईवीएम और बैलेट पेपर की सच्चाई उन्हें वाकई में समझ आएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है. हजारों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. चुनाव आयोग अब बीजेपी के ‘ताट के नीचे बैठा बिल्ली’ बन गया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के तिथियों के ऐलान के समय उन सभी सवालों का जवाब दिया, जिसके लेकर इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाए जा रहे थे. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव में वोट देने वाले किसी वोटर का नाम किसी भी तरीके से हटाया ही नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि अगर फॉर्म साथ में न हो. यहां तक कि अगर किसी की मौत हो गई हो तो उसका रिकॉर्ड भी इलेक्शन कमीशन की तरफ से रखा जाता है. इसके लिए सभी मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट को रिकॉर्ड में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी किसी का नाम गलती से हट जाता है तो हमारी तरफ से उसे नोटिस भेजा जाता है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक शायरी के जरिए कहा कि आरोपों और इल्जामातों का दौर चले कोई गिला नहीं…हर परिणाम में प्रमाण देते है…शक का इलाज तो हकिम लुकमान के पास भी नहीं है.

वोट दिया इसका मतलब ये नहीं कि मैं आपका मजदूर… बारामती में वोटर्स पर भड़के डिप्टी CM अजित पवार

Voted does not mean that I am your laborer… Deputy CM Ajit Pawar angry at voters in Baramati महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार उस वक्त अपना आपा खो बैठे, जब एक वोटर ने अपनी समस्या के बारे में उन्हें बताया, और समस्या के समाधान की बात कही. जिस पर पवार भड़के और बोले कि आपने वोट दिया इसका ये मतलब नही की आप मेरे मालिक हैं. अजित पवार का ये बयान अब राजनीतिक गलियारों की सुर्खियां बन चुका है. ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव के पहले जनता के हित की बात करने वाले नेता चुनाव के बाद जनता के साथ कैसा व्यवहार करते हैं. इसकी चर्चा हो रही है. परेशानी के जवाब में अजित पवार ने कहा कि आपने मुझे वोट दिया है, इसका मतलब ये नहीं कि आप मेरे बॉस यानी मालिक बन गए. क्या आपने मुझे अब खेतिहर मजदूर बना दिया है? बारामती पहुंचे थी डिप्टी सीएम पवार दरअसल बारामती की इस सभा में अलग अलग तहसीलों और गांवो से किसान अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे. जिनके समाधान की आस सबको थी. किसानों को उम्मीद थी कि जनसमस्याओं को अजित पवार सुनेंगे. और इन समस्याओं को सॉल्व करने को लेकर कुछ कदम उठाएंगे. लेकिन डिप्टी सीएम का ये रवैया देखकर हर कोई हैरान रह गया. बचाव में उतरे मंत्री संजय शिरसाट बयान के बाद वहां का माहौल कुछ गंभीर हो गया. जिसको देखते हुए कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट ने पूरा मोर्चा संभाला, और बचाव करते हुए कहा कि कभी-कभी जनप्रतिनिधि जब काम कर रहा होता है तो कुछ मतदाता कुछ मुद्दों पर अपनी जिद करने लगते हैं, लेकिन उसमें जनप्रतिनिधि के ही कमेंट्स या बयानों को हाईलाइट किया जाता है जबकि वोटर्स का बर्ताव कहीं नहीं दिखाया जाता. अधिकारियों से क्या बोले पवार? विदेश दौरे से लौटने के बाद डिप्टी सीएम अजित पवार ने रविवार को बारामती क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने कई नए कामों का शिलान्यास भी किया. अजित पवार ने कहा कि बारामती का रियल एस्टेट बाजार बढ़ रहा है, लेकिन मुंबई और पुणे के बड़े डेवलपर्स अभी तक इसमें एंटर नहीं कर पाए हैं. समस्याओं पर भड़कने के बाद उन्होंने अधिकारियों की भी क्लास लगा दी, और हिदायत दी कि काम में कोई कमी नहीं आनी चाहिए. हर समस्या समाधान किया जाए.

10 जनवरी को पूरे भारत में केंद्र सरकार का फूकेंगे पुतला… खन्नौरी बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत में ऐलान

farmer protest khanauri border jagjit singh dallewal 10 january central govt effigy burning announcement खन्नौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने आज हुई महापंचायत में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज करने का फैसला किया. किसानों ने ऐलान किया है कि वो 10 जनवरी को देशभर में केंद्र सरकार का पुतला फूकेंगे. इसके अलावा किसानों से आंदोलन में शामिल होने की भी अपील की गई है. पंजाब के खन्नौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की शनिवार को महापंचायत हुई. इसमें संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने 10 जनवरी को पूरे भारत में केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का फैसला किया है. महापंचायत को आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने संबोधित भी किया. डल्लेवाल ने कहा कि आज आब सब दूर-दूर से चलकर आए हैं. मैं आप सभी से मिलना चाहता था. डल्लेवाल ने कहा कि ये लड़ाई मेरी नहीं है. ये सब ऊपर वाले की मर्जी से हो रहा है. ये शरीर ऊपर वाले ने दिया है. जैसा भगवान करवाना चाहते हैं वैसे ही अब हो रहा है. मुझे पुलिस उठाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन रात को हरियाणा-पंजाब से सैकड़ों नौजवान खन्नौरी बॉर्डर पर पहुंच गए. मुझे विश्वास है कि हम लड़ाई जीतेंगे. डल्लेवाल बोले- हम शांत नहीं बैठ सकते उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि ये कठिन काम है, लेकिन किसी काम को कठिन देखकर हम आराम से नहीं बैठ सकते हैं. हमारे किसान परिवारों के 4 लाख किसानों ने सुसाइड किया है. ये हम नहीं कह रहे बल्कि सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की रिपोर्ट है, लेकिन असलियत में 7 लाख किसान सुसाइड कर चुके हैं. हम किसान नेता हैं, हम लोगों ने ऐसा कुछ नहीं किया सुसाइड रुक सकें. किसान नेता ने सुप्रीम कोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि डल्लेवाल की लाइफ काफी महत्वपूर्ण, लेकिन जिन 7 लाख किसानों ने सुसाइड किया है वो भी हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण थे.उन 7 लाख किसानों के बच्चे के लिए हमें शहादत दे देनी चाहिए. जब हम दिल्ली से आंदोलन खत्म करके वापस आए थे तो दूसरे राज्यों के लोगों ने हमें उलाहना दिया कि पंजाब के संगठन वापस जा रहे हैं. आंदोलन तेज करने की अपील डल्लेवाल ने आगे कहा कि अब मैं दूसरे राज्यों के किसानों से कहता हूं कि अपने राज्यों में आंदोलन तेज कर दीजिए. एमएसपी सबको चाहिए. आप सब अपने-अपने गांवों से एक-एक ट्राली खन्नौरी बॉर्डर पर जरूर भेजें ताकि पुलिस आंदोलन को खत्म ना कर सके. हालांकि, महापंचायत को संबोधित करते हुए बीच में डल्लेवाल की तबीयत भी बिगड़ गई जिसके बाद भाषण को जल्दी खत्म करा दिया गया.

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

rahul gandhi meets iit students said responsibility of the govt to provide quality education लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। ‘शिक्षा पर अधिक पैसा हो खर्च’ उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। सफलता का असली मतलब जानने की कोशिश की: राहुल गांधी उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ ‘शिक्षा प्रणआली पर विचार किया जाए’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ भारत को विश्व मंच पर समानता… राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’

Jammu Kashmir Army Vehicle Accident: बांदीपोरा में सेना का ट्रक खाई में गिरा… चार जवानों की मौत, दो घायल

Jammu Kashmir Army Vehicle Accident जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में बड़ा हादसा हुआ है। सेना का एक वाहन खाई में गिर गया। हादसे में चार सैनिकों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में शनिवार दोपहर यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि फिसलन के कारण सेना का एक ट्रक पहाड़ी से नीचे खाई में गिर गया। इस हादसे में चार जवानों की मौत हो गई। जबकि दो घायल हो गए। इनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। यह दुर्घटना बंदीपोरा के सदरकूट पाईन इलाके में हुई जहां सेना का ट्रक फिसलन के कारण खाई में जा गिरा। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और सेना के अन्य जवान राहत कार्य में जुट गए। इस घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

महाभारत से सीखें लाइफ मैनेजमेंट टिप्स: नए साल में 5 बातें अपनाएंगे तो मुश्किल कामों में भी मिल सकती है सफलता

Learn life management tips from Mahabharata: If you adopt these 5 things in the new year, you can get success even in difficult tasks नया साल 2025 शुरू हो गया है। पिछले साल मिली असफलताओं और अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे तो इस बार सफलता जरूर मिल सकती है। महाभारत के किस्सों से समझें लाइफ मैनेजमेंट की 5 टिप्स, जिन्हें फॉलो करने से आपकी प्रॉब्लम्स दूर हो जाएंगी और मुश्किल काम में भी सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी… 1. एकता बनाए रखें, साथियों पर भरोसा करें 2. अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं 3. लक्ष्य बनाएं और उसी पर पूरा ध्यान लगाएं 4. समय का ही सही उपयोग जरूर करें 5. विकल्पों का चयन सतर्कता से करें

3 जनवरी से कांग्रेस शुरू करेगी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान, इस वजह से टला था कार्यक्रम

Congress will start ‘Jai Bapu, Jai Bhim, Jai Constitution’ campaign from January 3, due to this the program was postponed. कांग्रेस शुक्रवार को पूर्व निर्धारित ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान का शुभारंभ करेगी। यह अभियान राज्यों, जिलों और ब्लॉक से शुरू होगा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन मध्य प्रदेश के महू (वर्तमान में डॉ. आंबेडकर नगर) शहर में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगा। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण टला था कार्यक्रमइस अभियान की शुरुआत पहले 27 दिसंबर को होनी थी। लेकिन 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे टाल दिया गया था। मनमोहन सिंह के निधन पर सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई थी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में फैसला लिया गया था कि मनमोहन सिंह को सम्मान देने के लिए इस अभियान को एक हफ्ते के लिए स्थगित किया गया था। आंबेडकर की जन्मभूमि पर होगा अभियान का समापनउन्होंने कहा, यह भरोसा करना मुश्किल है कि वह (मनमोहन सिंह) अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन अब तीन जनवरी से यह अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान का समापन डॉ. आंबेडकर की जन्मभूमि महू में 26 जनवरी को एक जनसभा के साथ होगा। 26 जनवरी को भारतीय संविधान को लागू हुए 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि कांग्रेस संविधान की सुरक्षा और भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सिद्धांतों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अभियान के तहत 27 दिसंबर को बेलगावी में एक रैली का आयोजन किया जाना था, लेकिन शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। ‘संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा’ भी शुरू करेगी कांग्रेसकांग्रेस के मुताबिक, 26 जनवरी 2025 से लेकर 26 जनवरी 2026 तक एक राष्ट्रीय पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसे संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा नाम दिया जाएगा। इस यात्रा में कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे और यह यात्रा गांव-गांव और शहर-शहर जाएगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने कहा कि अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में गुजरात में एआईसीसी की एक बैठक आयोजित की जाएगी।

कैसे हैं आपके प्रदेश के मुख्यमंत्री; किस पर कितने हैं केस दर्ज, कितनी है संपत्ति

how chief minister of your state how many cases registered against whom how much property there भारत के राजनीति में मुख्यमंत्री की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। वे न केवल राज्य के सबसे प्रभावशाली नेता होते हैं, बल्कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों और उनकी संपत्ति भी चर्चा का विषय बनते हैं। how chief minister of your state हाल ही में लोकतांत्रिक सुधार संघ (ADR) और राष्ट्रीय चुनाव निगरानी (NEW) ने देशभर के 31 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और उनकी संपत्ति का विश्लेषण किया है। इस रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कई मुख्यमंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में घिरे हुए हैं, जबकि कुछ अपनी संपत्ति के मामले में काफी संपन्न हैं। क्या आपके राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई आपराधिक मामले दर्ज हैं? भारत में 31 मुख्यमंत्रियों में से 13 (42%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 10 (32%) मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारतीय राजनीति में कई मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं, फिर भी वे सत्ता में बने रहते हैं। किन मुख्यमंत्रियों के खिलाफ कितने गंभीर आरोप हैं? तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी: इनके खिलाफ कुल 89 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 72 गंभीर आपराधिक मामले हैं। ये मामले भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज किए गए हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन: इनके खिलाफ 47 मामले हैं, जिनमें से 11 गंभीर आपराधिक मामले हैं। आरोपों में भ्रष्टाचार और जमीन कब्जाने के मामले शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू: इन पर कुल 19 मामले हैं, जिनमें 32 गंभीर IPC मामले हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते नायडू अक्सर विवादों में रहते हैं। कर्नाटका के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया: इन पर 13 मामले हैं, जिनमें 6 गंभीर IPC मामले शामिल हैं। भारत के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति कितनी है? भारत के 31 मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति 52.59 करोड़ रुपये है। कुछ मुख्यमंत्री अरबों की संपत्ति के मालिक भी हैं। चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश): उनकी संपत्ति 931.83 करोड़ रुपये है।-पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): उनकी संपत्ति 332 करोड़ रुपये से अधिक है।सिद्धारमैया (कर्नाटका): उनकी संपत्ति 51 करोड़ रुपये से अधिक है। क्या मुख्यमंत्री की संपत्ति आम नागरिक से कहीं अधिक होती है?मुख्यमंत्री की संपत्ति और आय आम नागरिक की तुलना में काफी अधिक होती है। उदाहरण के लिए, भारत में औसत राष्ट्रीय आय लगभग 1.85 लाख रुपये सालाना है, जबकि मुख्यमंत्री की औसत आय 13.64 लाख रुपये सालाना होती है, यानी उनकी आय लगभग सात गुना अधिक होती है। क्या मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई फाइनैंशियल स्कैंडल या कर्ज है? कुछ मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनके पास बड़ी संपत्ति के साथ-साथ कर्ज भी है। उदाहरण के लिए: पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): उनकी संपत्ति 332.56 करोड़ रुपये है, लेकिन उन्होंने 180.28 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। सिद्धारमैया (कर्नाटका): उनकी संपत्ति 51.94 करोड़ रुपये है, और उन्होंने 23.77 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश): उनकी संपत्ति 931.83 करोड़ रुपये है, लेकिन उन्होंने 10.32 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। भारत में कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं? भारत में महिला मुख्यमंत्री की संख्या बहुत कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मुख्यमंत्रियों में से सिर्फ 2 महिला मुख्यमंत्री हैं, जो केवल 6% हैं। यह आंकड़ा भारतीय राजनीति में महिला नेतृत्व की कमी को दर्शाता है। भारत के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले दर्शाते हैं कि राजनीति में बहुत सी जटिलताएँ होती हैं। हालांकि कुछ मुख्यमंत्री अपनी संपत्ति और पारदर्शिता के मामले में काफी अग्रणी हैं, वहीं कई ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं।

प्रयागराज महाकुंभ 2025: आध्यात्मिकता और संस्कृति का संगम

Prayagraj Mahakumbh 2025: Confluence of spirituality and culture प्रयागराज महाकुंभ 2025, भारतीय संस्कृति और धर्म का सबसे बड़ा उत्सव, 2025 में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता और भारतीयता के अद्भुत दर्शन का प्रतीक भी है। महाकुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर स्नान करने आते हैं। महाकुंभ का महत्व महाकुंभ का आयोजन हर 12 वर्षों में प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में होता है। यह पर्व पवित्र नदियों के संगम पर होता है, जो मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। पुराणों के अनुसार, अमृत मंथन की कथा से जुड़े इस आयोजन में स्नान, दान और तप का विशेष महत्व है। मुख्य तिथियां महाकुंभ 2025 के स्नान पर्व निम्नलिखित होंगे:मकर संक्रांति (14 जनवरी)पौष पूर्णिमा (25 जनवरी)मौनी अमावस्या (10 फरवरी)बसंत पंचमी (15 फरवरी)माघी पूर्णिमा (24 फरवरी)महाशिवरात्रि (8 मार्च) विभिन्न राज्यों से प्रयागराज आने का मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत से: पश्चिम भारत से: दक्षिण भारत से: पूर्व और पूर्वोत्तर भारत से: यात्रा और सुविधाएंविशेष ट्रेन और बस सेवाएं: IRCTC और राज्य परिवहन विभाग विशेष कुंभ ट्रेन और बसें चलाएंगे।स्मार्ट कार्ड: कुंभ मेला क्षेत्र में डिजिटल पेमेंट और यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड उपलब्ध रहेगा।स्वास्थ्य और सुरक्षा: मेले में अस्थाई अस्पताल, एंबुलेंस और सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। समापनप्रयागराज महाकुंभ 2025 एक ऐसा अवसर है जो न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धर्म और एकता की झलक भी प्रस्तुत करता है। देश के किसी भी कोने से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु इस अवसर का लाभ उठाकर आत्मिक शांति और पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं।

दिल्ली गए नीतीश कुमार महागठबंधन में करेंगे वापसी? सियासी अटकलों पर तेजस्वी यादव की दो टूक

Will Nitish Kumar, who went to Delhi, return to the Grand Alliance? Tejashwi Yadav bluntly on political speculations बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या महागठबंधन में वापसी करने जा रहे हैं? यह सवाल इन दिनों प्रदेश के सियासी गलियारों में तैर रहा है। बीते कुछ समय से जोर पकड़ रही ऐसी चर्चाओं पर अब नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस पर अपना दो टूक जवाब दे दिया है।बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों दिल्ली गए हुए हैं। तेजस्वी यादव ने इसके साथ ही बीपीएससी छात्रों के प्रदर्शन, उन पर लाठीचार्ज, परीक्षा रद कराने की मांग और भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने 2025 में होने वाले चुनावों की तैयारी पर भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री टायर्ड हैं और रिटायर्ड अधिकारी चला रहे सरकार: तेजस्वी बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सबसे पहले कहा कि मुख्यमंत्री टायर्ड हैं और रिटायर्ड अधिकारी सरकार चला रहे हैं। प्रतियोगिता परीक्षा का पेपरलीक बिहार में पहली बार नहीं हुआ है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?उन्होंने सवाल करते हुए कहा है कि बिहार की जनता जानना चाहती है। दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई? वे सोमवार को शहर के राजोपट्टी स्थित परिसदन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम, के तहत सीतामढ़ी पहुंचे हैं। हमारे सरकार से हटने के बाद होने लगे पेपरलीक : तेजस्वी उन्होंने कहा कि हमारे सरकार से हटने के तीन माह बाद से ही पेपरलीक होने लगा। मैट्रिक से लेकर बीपीएससी तक की परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब शिक्षा विभाग मेरे पास था तो कहां पेपर लीक हो रहा था?उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी बात का जवाब नहीं देते हैं न सदन में और न बाहर। यह सरकार जनता की नहीं है। आने वाले समय में जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। भाजपा की बी टीम ने छात्रों को गुमराह किया: यादव राजद नेता तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि राजधानी पटना के गर्दनीबाग में छात्र 15 दिन से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। लेकिन भाजपा की बी टीम के नेताओं ने गुमराह कर उन्हें गांधी मैदान में ले गए, जो प्रतिबंधित क्षेत्र है और उन पर वहां बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया गया।पानी के बौछार हो रही है। मुकदमा हो रहा है। सभी परेशान हैं। छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से कहा कि जात-पात में नहीं बंटें, तभी सफलता मिलेगी। तेजस्वी ने नीतीश को बताया पलटू ‘चाचा’ इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फिर पलटने की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पलटू चाचा के लिए महागठबंधन के दरवाजे बंद हैं। बता दें कि नीतीश कुमार इस समय दिल्ली में हैं। ऐसे में सियासी अटकलों को और हवा मिल रही है।हालांकि, तेजस्वी ने यह भी कहा कि वह पटना लौटने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए समय मांगेंगे। यदि सीएम के ऑफिस से समय मिलता है तो मुख्यमंत्री से मिलकर बीपीएससी के छात्रों की मांगों पर चर्चा जरूर करेंगे।इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर उनका नाम लिए बिना हमला बोला।तेजस्वी यादव ने जीतन राम मांझी, चिराग पासवान के साथ दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि कहां हैं ये लोग?पेपर लीक होने पर परीक्षा रद करने की मांग कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज हो रहा है, समस्या आती है तो गायब रहते हैं। नहीं तो ऊंची-ऊंची बातें करते हैं।

सेहत के लिए खतरा! क्या पैकेट बंद खाना वाकई सेहतमंद है? नई रिसर्च ने उठाए सवाल

food why packaged food items under question items included in research भारत में लोगों के खाने-पीने का तरीका बदल रहा है और यह बदलाव सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. ICMR ने बताया कि देश में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. भारतीयों की पसंद और नापसंद बदल रही है, खासकर तब जब बात खाने की होती है. पहले के समय में लोग ज्यादातर कच्ची सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाते थे, लेकिन आजकल पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का चलन बढ़ गया है.कुछ डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने मिलकर भारत में बिकने वाले पैकेट बंद फूड की जांच की है. यह जानने के लिए कि ये फूड सेहत के लिए कितने अच्छे या बुरे हैं. उन्होंने यह भी देखा कि पैकेट पर जो कुछ लिखा है, वह सही है या नहीं. यह रिसर्च Plos One नाम की एक मशहूर मैगजीन में छपी है. इस रिसर्च को करने वालों में ये लोग शामिल थे: चेन्नई के मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के डॉक्टर, भारत के मेडिकल रिसर्च काउंसिल के विशेषज्ञ और इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के प्रोफेसर. पैकेट बंद फूड: लेबल पर सही जानकारी, फिर भी सेहत के लिए खतरा! पैकेट बंद फूड के लेबल पर लिखी पोषण जानकारी हमें उस फूड में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बताती है. यह जानकारी ग्राहकों के लिए बहुत जरूरी होती है क्योंकि इससे वे यह तय कर सकते हैं कि वह फूड उनकी सेहत के लिए कितना अच्छा या बुरा है.इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने भारतीय बाजार में उपलब्ध 432 पैकेट बंद फूड के लेबल की जांच की. इनमें इडली मिक्स, ब्रेकफास्ट सीरियल, दलिया मिक्स, बेवरेज मिक्स और फूले हुए स्नैक्स जैसे पैकेज्ड फूड शामिल थे.रिसर्च में पाया गया कि 80% पैकेट बंद फूड में लेबल पर लिखी जानकारी सही थी. यानी जो पोषक तत्व लेबल पर लिखे थे, वे प्रोडक्ट में मौजूद थे. ज्यादातर पैकेज्ड फूड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. दरअसल, हमारे शरीर को एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है, लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो यह हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी हो सकती है. फूले हुए स्नैक्स में वसा की मात्रा ज्यादा मिली. वसा भी एनर्जी देता है, लेकिन ज्यादा वसा से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से क्या होता है? जब हम खाना खाते हैं तो वह ग्लूकोज में बदल जाता है. यह ग्लूकोज हमारे खून में मिल जाता है. इंसुलिन ग्लूकोज को हमारे शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है.ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से हमारे अग्न्याशय को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है. अगर यह ज्यादा समय तक चलता रहे, तो अग्न्याशय कमजोर हो सकता है और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है. पैकेट बंद फूड की जांच: कैसे पता चला कौन सा सेहतमंद है? पैकेट बंद फूड की जांच करने के लिए विशेषज्ञों ने एक खास तरीका अपनाया. उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के हिसाब से पैकेज के आगे और पीछे लिखी पोषण जानकारी की जांच की. इस अध्ययन में सिर्फ प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े पोषण संबंधी दावों का मूल्यांकन किया गया. विशेषज्ञों ने पैकेट बंद फूड में मौजूद प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच की. फिर उन्होंने एक खास सिस्टम का इस्तेमाल करके यह तय किया कि कौन सा फूड सेहतमंद है और कौन सा नहीं. यह जानकारी लोगों को सेहतमंद पसंद चुनने में मदद कर सकती है. पैकेट बंद फूड में क्या मिला? ज्यादातर पैकेट बंद फूड में 70% से ज्यादा एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से मिल रही थी. सिर्फ फूले हुए स्नैक्स ही ऐसे थे जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम थी. फूले हुए स्नैक्स में 47% से ज्यादा एनर्जी वसा से मिल रही थी. ज्यादा वसा से भी सेहत को नुकसान हो सकता है. सभी पैकेज्ड फूड में प्रोटीन की मात्रा 15% से कम थी. प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी होता है, इसलिए इसकी कमी सेहत के लिए अच्छी नहीं है.यह अध्ययन दिखाता है कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में कार्बोहाइड्रेट, वसा और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए हमें पैकेट बंद फूड का सेवन सीमित करना चाहिए. ताजा और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए. सभी पैकेट बंद फूड के लेबल पर पूरी जानकारी नहीं भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के मुताबिक, पैकेट बंद फूड के लेबल पर एनर्जी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, चीनी और कुल वसा की मात्रा ‘प्रति 100 ग्राम’ या ‘100 मिलीलीटर’ या ‘प्रति सर्विंग’ के हिसाब से लिखी होनी चाहिए. लेकिन अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में यह जानकारी पूरी तरह से नहीं दी गई थी. सिर्फ कुछ ब्रेकफास्ट सीरियल और कुछ पेय पदार्थों में ही प्रति सर्विंग जानकारी दी गई थी.कुछ प्रोडक्ट ने यह दावा किया कि उनमें साबुत अनाज हैं लेकिन इंग्रेडिएंट्स लिस्ट में साबुत अनाज का जिक्र नहीं था. यह ग्राहकों को गुमराह करने वाला है. अध्ययन में यह बात कही गई है कि एक स्पष्ट लेबलिंग सिस्टम होना चाहिए ताकि ग्राहक आसानी से सेहतमंद प्रोडक्ट का चयन कर सकें. घरेलू खर्च के आंकड़े क्या कहते हैं? 2022-23 के घरेलू खर्च सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय अब पैकेट बंद फ़ूड, पेय पदार्थों और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, जबकि घर पर बने खाने पर खर्च कम हो रहा है. यह बदलाव शहरों और गांवों दोनों जगह देखा जा रहा है.विशेषज्ञों का कहना है कि खानपान में यह बदलाव देश में मोटापा, डायबिटीज, हार्टअटैक जैसे बढ़ते बोझ का एक बड़ा कारण है. इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण में भी यह बात कही गई है कि भारत में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. कितना बड़ा है पैकेज्ड फूड का बाजार भारत में पैकेट बंद फूड का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है. 2023 में ये बाजार करीब 76.28 बिलियन डॉलर का था और 2030 तक इसके 116 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसका मतलब है कि … Read more

नीतीश रेड्डी ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जड़ा ऐतिहासिक शतक, भारत के सभी बल्लेबाज छूटे पीछे

nitish kumar reddy first indian batter to score hundred in australia at number 8 or below नीतीश कुमार रेड्डी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में शतक जड़ने में कामयाब रहे. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. नीतीश ने ये पारी 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए खेली. वह जब बल्लेबाजी के लिए उतरे थे को भारतीय टीम पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा था. नीतीश कुमार रेड्डी… क्रिकेट की दुनिया में नाम नया है, लेकिन कारनामा बड़ा करके दिखाया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में वह शतक जड़ने में कामयाब रहे. नीतीश रेड्डी की ये पारी एक अहम मौके पर आई. वह जब बल्लेबाजी करने उतरे तो टीम इंडिया ने 191 रन पर ही 6 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद नीतीश रेड्डी ने टीम इंडिया की पारी को संभालने का काम किया और मैदान के चारों ओर रन भी बनाए. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. उन्होंने इस पारी से ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. नीतीश रेड्डी का ऐतिहासिक शतक नीतीश रेड्डी ने इस सीरीज के पहले मुकाबले से ही दमदार खेल दिखाया है और हर अहम मौके पर टीम इंडिया के लिए रन बनाए हैं. मेलबर्न में भी उन्होंने ऐसे समय पर रन बनाए जब टीम इंडिया पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा है. वह इस मैच में 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, ऐसे में उनके साथ कोई भी फुल टाइम बल्लेबाज नहीं था. इन सब के बावजूद उन्होंने इस ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक का जमकर सामना किया और एक यादगार शतक जड़ा. उन्होंने 100 रन तक पहुंचने के लिए 171 गेंदें लीं. बता दें, नीतीश कुमार रेड्डी ने इस शतकीय पारी के साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास भी रच दिया है. वह नंबर-8 या उससे नीचे खेलकर ऑस्ट्रेलिया में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नंबर-8 पर खेलकर शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय हैं. इससे पहले रिद्धिमान साहा भी ये कारनामा कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये शतक भारत में लगाया था. बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीयनीतीश कुमार रेड्डी इसी के साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय भी बन गए हैं. नीतीश ने ये कारनामा 21 साल 216 दिन की उम्र में किया है. वहीं, इससे पहले कार्ल हूपर ने 21 दिन 011 दिन की उम्र में बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाया था.

रुपये में डॉलर के मुकाबले सबसे बड़ी गिरावट, 46 पैसे टूटकर नए ऑल टाइम लो 85.73 पर पहुंचा

Biggest fall in rupee against dollar, fell by 46 paise and reached new all time low of 85.73. अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और विदेशी पूंजी के निरंतर बाहर जाने के कारण शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे टूटकर नए ऑल टाइम लो 85.73 रुपये पर पहुंच गया। यह रुपये में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावअ है। विश्लेषकों के अनुसार, महीने के अंत और साल के अंत में भुगतान दायित्वों के लिए आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग के बीच डॉलर की मजबूती के कारण स्थानीय इकाई पर दबाव पड़ा। हालांकि, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू इक्विटी बाजारों से सकारात्मक संकेतों ने भारतीय इकाई में गिरावट को सीमित कर दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया कमजोर रुख के साथ 85.31 पर खुला और जल्द ही गिरकर 85.35 के अपने सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर से 8 पैसे की गिरावट थी। रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले 12 पैसे टूटकर 85.27 के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इससे पहले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 13 पैसे की गिरावट आई थी। इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत बढ़कर 107.93 पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी पर प्राप्ति बढ़ रही थी तथा 10 वर्षीय बांड 4.50 प्रतिशत के आसपास था। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.07 प्रतिशत बढ़कर 73.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 207.16 अंक यानी 0.26 प्रतिशत बढ़कर 78,679.64 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 88.50 अंक यानी 0.37 प्रतिशत बढ़कर 23,838.70 अंक पर था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) गुरुवार को पूंजी बाजार में शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 2,376.67 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

1 जनवरी 2025 से बदल जाएंगे 5 नियम जो डालेंगे आपकी जेब पर असर, ध्यान से कर लें नोट

rules changing from 1st jan 2025 new year things that can affect your finances नए साल के आगाज के साथ बेशक तारीख बदल जाएगी पर तारीख के साथ कुछ ऐसी चीजें भी बदलेंगी जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर आपकी जेब को भी प्रभावित करेंगी. 1 जनवरी 2025 से कुछ नए नियम लागू होंगे तो कुछ नए बदलाव होंगे, जिनके बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है. फिर चाहे टैक्स से जुड़ा मामला हो, यूपीआई पेमेंट हो, गैस सिलेंडर की कीमतें हों या फिर पीएफ अकाउंट से जुड़ा मामला. इस आर्टिकल में जानें 1 जनवरी 2025 होने वाले ऐसे ही बदलावों के बारे में. लग्जरी वस्तु खरीदने पर देना होगा ज्यादा टैक्स नव वर्ष 2025 में अगर आप कोई लग्जरी चीज खरीदते हैं तो अब आपको इसपर ज्यादा टैक्स देना होगा. दरअसल, बजट में किए गए प्रावधान के मुताबिक लिस्टेड लग्जरी आइटम जिसकी कीमत 10 लाख रु से ज्यागा है तो उसपर टीसीएस (Tax collected at source) का भी भुगतान करना होगा. ये नया नियम 1 जनवरी, 2025 से लागू प्रभावी होगा. वहीं इनकम टैक्स से जुड़े कई नियम नव वर्ष में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ लागू होंगे. 1 जनवरी 2025 से महंगा पड़ेगा कार खरीदना दिसंबर में जहां कार कंपनियां अपनी कारों में बंपर डिस्काउंट दे रही हैं, तो वहीं 1 जनवरी से ज्यादातर कंपनियों की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ने वाली है. इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा. दरअसल, 1 जनवरी, 2025 से हुंडई, महिंद्रा, टाटा, मारुति सुजुकी, मर्सिडीज-बेंज, होंडा, ऑडी आदि जैसी कई कार कंपनियां गाड़ियों की कीमतों को 3 प्रतिशत तक बढ़ाने जा रही हैं. उदाहरण के तौर पर 7 लाख रु की कार खरीदने के लिए नए साल में आपको 7 लाख 21 हजार रु चुकाने होंगे. इसके पीछे की वजह मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी है. ईपीएफओ का राहत देने वाला बदलाव नए साल में जहां कुछ चीजें आपकी जेब पर भारी पड़ेगी तो वहीं कुछ चीजें में राहत भी मिलेगी. इसी में से एक बदलाव ईपीएफओ पेंशन से जुड़ा हुआ है. साल पेंशन धारकों के लिए राहत लेकर आ रहा है. 1 जनवरी, 2025 से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पेंशन निकासी के नियमों को सरल बना दिया है. अब पेंशनभोगी देश के किसी भी बैंक से अपनी पेंशन निकाल सकेंगे. इसके लिए उन्हें किसी अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी. यह सुविधा पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत है. यूपीआई 123पे के नियमों में बदलाव नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की पेमेंट तकनीक यूपीआई 123पे की लिमिट 1 जनवरी 2025 से बढ़ा दी जाएगी. पहले इस पेमेंट सर्विस के जरिए अधिकतम 5 हजार रु तक का लेनदेन किया जा सकता था, लेकिन अब यह लिमिट बढ़ाकर 10 हजार रु कर दी गई है. गौरतलब है कि यूपीआई 123पे एक ऐसी सेवा है जिससे कीपैड फोन चलाने वाले यूजर बिना इंटरनेट कनेक्शन के यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं. LPG सिलेंडर की कीमतोें में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को ऑयल व गैस कंपनियां LPG की कीमतों का रिव्यू करती हैं. इसके बाद इनकी कीमतें घटाई या बढ़ाई जाती है. पिछले कुछ महीनों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं. हालांकि, 1 जनवरी 2025 को इसमें बदलाव भी किया जा सकता है. बता दें कि मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे है.

किसान दिवस 2024: अन्नदाता के सम्मान और स्वाभिमान का पर्व

Farmer’s Day 2024: Honoring food providers and Farmer’s Day भोपाल। हर वर्ष 23 दिसंबर को पूरे देश में किसान दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में किसानों के योगदान को सम्मानित करने और उनके संघर्षों को याद करने के लिए समर्पित है। चौधरी चरण सिंह ने किसानों के हक और उनकी उन्नति के लिए न सिर्फ महत्वपूर्ण नीतियां बनाई, बल्कि अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा उनके हितों के लिए समर्पित कर दिया। किसान दिवस हमें यह याद दिलाता है कि देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति का आधार हमारे अन्नदाता हैं। उनका अथक परिश्रम और त्याग ही हमें रोज भोजन की सुरक्षा प्रदान करता है। खेतों में सूरज की पहली किरण से लेकर देर रात तक उनका श्रम न सिर्फ उनकी जीविका का साधन है, बल्कि यह पूरी मानवता के जीवन का आधार है। चुनौतियों के बावजूद उम्मीद कायम आज के समय में किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन, बेमौसम बारिश, कर्ज़ का बोझ और बाजार में फसल के सही मूल्य का न मिल पाना उनकी स्थिति को और कठिन बना देता है। बावजूद इसके, भारतीय किसान अपनी मेहनत से हर बाधा को पार करते हुए देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करता है। समर्पण और समाधान की दिशा में कदम इस किसान दिवस पर हमें न केवल किसानों का आभार व्यक्त करना चाहिए, बल्कि उनके सामने आने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी विचार करना चाहिए। सरकार और समाज दोनों को मिलकर उनकी स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, जैसे कि नई तकनीकों का प्रसार, सिंचाई सुविधाओं का विकास, कर्ज़ माफी, और बाजार में फसलों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करना। आइए, इस किसान दिवस पर हम सभी अन्नदाता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करें और यह संकल्प लें कि हम उनके स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। किसान खुशहाल होगा, तो देश भी खुशहाल होगा। “जय जवान, जय किसान।”सहारा समाचार टीम भोपाल की ओर से आप सभी को किसान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

क्या है न्यायसंगत गुजारा भत्ता? सुप्रीम कोर्ट ने तय किए नए पैमाने, पति-पत्नी दोनों के लिए राहत

What is equitable alimony? Supreme Court sets new standards, relief for both husband and wife सुप्रीम कोर्ट के नए दिशानिर्देश के अनुसार, गुजारा भत्ता तय करते समय पहले ये देखा जाना चाहिए कि पति-पत्नी दोनों का समाज में क्या स्थान है, उनकी पृष्ठभूमि क्या है, उनके परिवार का क्या रुतबा है. नई दिल्ली ! यह बेहद दुखद है कि बेंगलुरू में 34 साल के अतुल सुभाष ने अपनी पत्नी के साथ तलाक, गुजारा भत्ता और अन्य मामलों को लेकर चल रहे कानूनी विवाद के चलते अपनी जान दे दी. उन्होंने मरने से पहले अपनी पत्नी पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने, पैसे ऐंठने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए. अतुल सुभाष ने अपने 24 पेज के सुसाइड नोट और 81 मिनट के वीडियो में आरोप लगाया कि वह पत्नी निकिता सिंघानिया को 40 हजार रुपये महीना गुजारा भत्ता के तौर पर दे रहे थे. फिर भी, पत्नी और उसके परिवार वाले सभी केस खत्म करने के लिए 3 करोड़ रुपये की रकम मांग रहे थे. इतना ही नहीं, बच्चे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये की डिमांड की जा रही थी. अतुल सुभाष की आत्महत्या ने यह दिखाया है कि तलाक-गुजारा भत्ता के मामलों में कानूनी प्रक्रिया कितनी मुश्किल और तनावपूर्ण हो सकती है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक मामले में गुजारा भत्ता को लेकर अहम फैसला सुनाया है. यह मामला दुबई के एक बैंकर, उनकी पत्नी और बच्चे के बीच कानूनी विवाद से जुड़ा था. इस मामले में कोर्ट ने गुजारा भत्ता तय करते समय 8 बातों का ध्यान रखने के लिए कहा है. अब भारत की अदालतें गुजारा भत्ता के मामलों में इसी फैसले को आधार मानकर काम करेंगी. पहले जानिए क्या है पूरा विवाद यह मामला दुबई के एक बैंक के सीईओ का है जिनकी साल 1998 में शादी हुई और 2004 में उनका पत्नी से विवाद हो गया. इसके बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई, जिसमें 20 साल तक यह बैंकर पारिवारिक अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक घूमता रहा. 2004 में बैंकर ने क्रूरता के आधार पर पत्नी से तलाक की अर्जी दायर की. इसके बाद पत्नी ने भी गुजारा भत्ता पाने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत याचिका दायर कर दी. यह केस 20 साल से अदालतों में घूम रहा है. परिवारिक अदालत से शुरू हुआ ये मामला पहले हाईकोर्ट में पहुंचा और फिर सुप्रीम कोर्ट. मुख्य सवाल यही है कि पत्नी को कितना गुजारा भत्ता मिलना चाहिए. फिर सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुंचा मामला? 2015 में बैंकर ने सभी अदालती फैसलों का पालन करते हुए खुद से गुजारा भत्ता बढ़ा दिया. हालांकि, जब उनकी पत्नी ने और भी ज्यादा गुजारा भत्ता मांगना शुरू किया, तो उन्होंने विरोध किया. पति को यह मंजूर नहीं था कि यह रकम बार-बार बढ़ती रहे, खासकर जब उसकी अपनी भी आर्थिक स्थिति ठीक न हो और उसे अपने बच्चों की जिम्मेदारी भी निभानी हो. बैंकर के वकीलों के अनुसार, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 26 एक वयस्क बच्चे को गुजारा भत्ता देने की अनुमति नहीं देती है. मगर, पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 26 को चुनौती दी और अदालत से अपने और अपने वयस्क बेटे को स्थायी गुजारा भत्ता देने का समाधान मांगा. पत्नी का कहना था कि इस कानून के हिसाब से बच्चों के बड़े होने पर ज्यादा पैसे मिलने चाहिए. उनके बेटा हाल ही में ग्रेजुएट हुआ है और अभी भी उन पर निर्भर है, इसलिए और उन्हें भी ज्यादा पैसे चाहिए. बैंकर को इस बात पर सबसे ज्यादा एतराज था कि उसकी पत्नी हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 26 का गलत इस्तेमाल करके ज्यादा पैसे मांग रही है. हालांकि वो पहले के फैसलों को मानता रहा था और गुजारा भत्ता बढ़ाने को भी तैयार था. यह पारिवारिक विवाद जब कानून का सवाल बन गया, तो माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले ने केस के सभी तथ्यों को ध्यान से समझा. उन्होंने मौजूदा कानून को भी ध्यान में रखा. सुप्रीम कोर्ट ने रजनेश बनाम नेहा (2021) और उसके बाद के फैसलों में दिए गए सिद्धांतों को दोहराया है. फिर कोर्ट ने कुछ बातें बताईं जिनके आधार पर यह तय किया जा सकता है कि गुजारा भत्ता देना जरूरी है या नहीं और अगर जरूरी है तो कितना. सुप्रीम कोर्ट के नए दिशानिर्देश के अनुसार, गुजारा भत्ता तय करते समय पहले ये देखा जाना चाहिए कि पति-पत्नी दोनों का समाज में क्या स्थान है, उनकी पृष्ठभूमि क्या है, उनके परिवार का क्या रुतबा है, ये सारी बातें शामिल हैं. कई बार सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण भी गुजारा भत्ता की राशि प्रभावित हो सकती है. साथ ही दोनों कितना कमाते हैं और उनकी कितनी संपत्ति है. अगर पति आर्थिक रूप से मजबूत होता है, तो उसे ज्यादा गुजारा भत्ता देने के लिए कहा जा सकता है. अगर पति-पत्नी दोनों कामकाजी हैं और उनकी आय लगभग बराबर है, तो गुजारा भत्ता की राशि कम हो सकती है या फिर शायद किसी को गुजारा भत्ता देने की जरूरत ही नहीं पड़े. लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह सिर्फ एक कारक है. गुजारा भत्ता तय करते समय अदालत बाकी 7 कारकों पर भी विचार करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने गुजारा भत्ता तय करते समय पति-पत्नी के जीवन स्तर को भी एक अहम कारक बताया है. गुजारा भत्ता तय करते समय अदालत यह भी देखेगी कि पति-पत्नी का समाज में क्या रुतबा है और वे कैसा जीवन जीते थे. उनके पास कितने मकान और गाड़ियां हैं, उनकी कीमत क्या है? उनका घर कितना बड़ा है, उसमें कितने एसी और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं? उनके घर में कितने नौकर-चाकर काम करते हैं? वे कितनी बार छुट्टियां मनाने जाते थे, भारत में या विदेश में? अगर पति-पत्नी अमीर थे और ऐशो-आराम की जिंदगी जीते थे, तो पत्नी को ज्यादा गुजारा भत्ता मिल सकता है ताकि वो भी वैसी ही जिंदगी जी सके. अदालत यह भी देखेगी कि पत्नी की उम्र क्या है, उसने कितनी पढ़ाई की है और क्या वो खुद कमा सकती है. अगर वह बेरोजगार है, तो उसे ज्यादा गुजारा भत्ता मिल सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा … Read more

यह भी आपके अधिकार: शादी वाली फोटो खोने पर फोटोग्राफर पर कर सकते हैं केस, मिलेगा मुआवजा

This is also your right: If you lose your wedding photos, you can file a case against the photographer and get compensation नई दिल्ली। शादी की तस्वीरें और वीडियो बहुत ज्यादा भावनात्मक महत्व रखते हैं। पीढ़ियों तक यादों को संजोकर रखने में इनका अमूल्य योगदान होता है। अब जबकि शादी की फोटोग्राफी के पैकेज लाखों में आने लगे हैं तो इस क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों को समझना बहुत जरूरी हो गया है। कानूनी उपाय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(7) के तहत फोटोग्राफी सेवाओं को भाड़े पर लेने वाला कोई भी व्यक्ति उपभोक्ता है। धारा 2(11) में उस कमी को परिभाषित किया गया है, जिससे उपभोक्ता को नुकसान होता है। कानून ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के लेन-देन को मान्यता देता है और शिकायत घटना के दो साल के भीतर उपभोक्ता आयोगों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज की जा सकती है। फोटोग्राफी सेवाएं अधिनियम की धारा 2(42) के तहत परिकल्पित “सेवाओं’ की परिभाषा के अंतर्गत आती हैं। अनुबंध संबंधी दायित्व उपभोक्ता मंच फोटोग्राफी सेवाओं में स्पष्ट अनुबंधों के महत्व पर जोर देते हैं। साक्षी कुमार बनाम राणा गुरतेज सिंह (2018) मामले में चंडीगढ़ राज्य आयोग ने कहा कि फोटोग्राफी अनुबंध में भले ही समय इतना मायने ना रखता हो, लेकिन फोटोग्राफरों को उचित समय के भीतर काम पूरा करना चाहिए। अनुबंध में स्पष्ट रूप से डिलीवरेबल्स (फोटो की संख्या, संपादन की जरूरत और डिलीवरी फॉर्मेट) का उल्लेख होना चाहिए। आयोग ने माना कि फोटो का चयन एक व्यक्तिगत मामला है और फोटोग्राफरों से उनके स्तर पर फोटो को शॉर्टलिस्ट करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती, क्योंकि उन्हें आमंत्रित लोगों का शादी वाले परिवार से जुड़ाव के बारे में पता नहीं होता। इस मामले में अगर फोटोग्राफर ने उचित प्रक्रिया का पालन किया और अनुबंध के अनुसार संपादित फोटो वितरित किए तो आयोग ने उनके अधिकारों की भी रक्षा की। डेटा लॉस और बैकअप एक बड़ी चिंता तकनीकी विफलताओं के कारण शादी की तस्वीरों का नुकसान होता है। सत्यम गुरुंग बनाम सैमडेन योल्मो (2024) मामले में जब एक फोटोग्राफर ने दावा किया कि बिजली गिरने से शादी की तस्वीरों वाली हार्ड डिस्क क्षतिग्रस्त हो गई थी तो पश्चिम बंगाल राज्य आयोग ने 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया। आयोग ने कहा कि कि पेशेवर फोटोग्राफरों को उपकरण और डेटा बैकअप के लिए उचित सुरक्षा उपाय करने शिकायतकर्ता को तकनीकी विफलताओं के दावों को विशेषज्ञ रिपोर्ट या फोरेंसिक विश्लेषण जैसे साक्ष्यों से साबित करना चाहिए। आयोग ने कहा कि पेशेवर फोटोग्राफर होने के नाते इस तरह के डेटा नुकसान को रोकने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए थी। ऐसे मामलों में केवल अग्रिम राशि वापस करने से फोटोग्राफरों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। समय पर डिलीवरी जगदीश चंद्र शर्मा बनाम आर.के. वर्मा (2005) मामले में दिल्ली राज्य आयोग ने एक ऐसे मामले पर विचार किया, जिसमें फोटोग्राफर ने पांच साल तक शादी का एल्बम नहीं दिया था। आयोग ने कहा कि “किसी की बेटी के विवाह समारोह के फोटो एल्बम का भावनात्मक मूल्य होता है और इसकी अहमियत कभी भी खत्म नहीं हो सकती, क्योंकि यह आने वाले समय के लिए यादों को संजोए रखता है।’ फोटोग्राफर को एल्बम देने और लंबित भुगतान जब्त करने का निर्देश दिया गया। इसी तरह, पी. मुरलीकृष्णुडु बनाम वरिकल्ला श्रीनिवास (2016) मामले में जब फोटोग्राफर 85% अग्रिम भुगतान लेने के बावजूद वादा किए गए समय पर एल्बम देने में विफल रहा तो जिला फोरम ने ब्याज सहित राशि वापसी का आदेश दिया। गुणवत्ता मानक फोटोग्राफरों की जिम्मेदारी केवल तस्वीरों की क्वांटिटी से कहीं अधिक है। फोटोग्राफरों को वादा किए गए गुणवत्ता मानकों के अनुसार संपादित तस्वीरें देनी सत्यम गुरुंग मामले में गूगल ड्राइव के माध्यम से असंपादित फोटो साझा करने को पर्याप्त नहीं माना गया। आयोग ने नोट किया कि विवाह फोटोग्राफी अनुबंधों में क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों मायने रखता है। अपने अधिकारों की रक्षा स्मृतियों को संजोने के महत्व के मद्देनजर उपभोक्ताओं को विस्तृत लिखित अनुबंध हासिल करना चाहिए, जिसमें डिलीवरेबल्स, समयसीमा और गुणवत्ता मानकों का उल्लेख किया गया हो। अनुबंध में बैकअप प्रक्रियाओं, संपादित फोटो की जरूरतों और तकनीकी विफलताओं के मामले में वैकल्पिक व्यवस्था का भी जिक्र होना चाहिए। उपभोक्ता को सभी कम्युनिकेशन और भुगतानों का रिकॉर्ड रखना चाहिए। उपभोक्ता आयोगों ने विवाह फोटोग्राफी मामलों में लगातार पर्याप्त मुआवजा दिया है। हालांकि मौद्रिक मुआवजा भावनात्मक नुकसान की पूरी तरह से भरपाई नहीं कर सकता, फिर भी यह कीमती यादों को खोने की पीड़ा को कम करने में मदद कर सकता है।

आंबेडकर वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा; कहा- देश से मांगे माफी

Congress demands Amit Shah’s resignation over Ambedkar’s statement; Said- apologize to the country नई दिल्ली ! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने शाह पर डॉ. आंबेडकर का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। वहीं, इस मुद्दे के चलते आज संसद में भी हंगामा जारी रहा। क्या है पूरा मामला?दरअसल, संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह ने कहा था कि ‘अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।’ शाह ने कहा था, ‘डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं। इसके अलावा, विपक्षी दल यह भी मांग कर रहा है कि शाह को सार्वजनिक रूप और संसद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। संसद के बाहर पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘हम आंबेडकर का अपमान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हैं; उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।’ इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कहा, ‘गृहमंत्री अमित शाह ने जो आज भरे सदन में बाबासाहेब का अपमान किया है, उससे ये फिर एक बार सिद्ध हो गया है कि भाजपा और आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया। संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को लागू करना चाहते थे। मगर बाबासाहेब ने ये नहीं होने दिया, इसलिए उनके प्रति इतनी घृणा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी सरकार के मंत्रीगण ये कान खोलकर समझ लें कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर जी भगवान से कम नहीं हैं। वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व गरीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे।’ दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान: डांगीकांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने भी शाह से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेना फैशन बन गया है। यह देश के दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान है।’ डांगी ने कहा, ‘शाह ने पूरे देश को दिखा दिया है कि भाजपा नेता किस तरह की सोच रखते हैं। वंचित और शोषित वर्ग जिसका अपमान किया गया है, यह वही वर्ग है जो उन्हें 240 से घटाकर 40 कर देगा। कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं मांग करता हूं कि अमित शाह को सार्वजनिक रूप से और सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बाबासाहेब के बारे में जो कहा है, उस पर विचार करते हुए वह संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्हें गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’ कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह की टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस नेताओं के मन में आंबेडकर के लिए ‘काफी नफरत’ है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर के साथ मतभेद रखेंगे। कांग्रेस ने नेहरू की आलोचना पर पीएम मोदी, शाह को लताड़ाजवाहरलाल नेहरू पर संविधान के पहले संशोधन के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाने के लिए भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अपने पसंदीदा लक्ष्य पर लगातार हमला करने वाले मास्टर हैं। वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में महारथी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘अनुच्छेद 19(2), 15(4), और 31(b) को प्रथम संशोधन के माध्यम से 18 जून, 1951 को भारत के संविधान में जोड़ा गया था। एक प्रवर समिति ने विधेयक की जांच की थी और उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है। अपने डिसेंट नोट के पैरा 2 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने निम्न बातें लिखीं थी।’ उन्होंने कहा, ’19(2) में प्रतिबंध से पहले उचित शब्द का जुड़ना एक बहुत ही अच्छा बदलाव है। यह 19(2) को न्यायसंगत बनाता है और मैं देश में नागरिकों के स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इस बदलाव के महत्व को कम नहीं करना चाहता। उचित शब्द वास्तव में, नेहरू ने खुद जोड़ा था। अनुच्छेद 19 (2) सरदार पटेल द्वारा 3 जून, 1950 को नेहरू को लिखे गए एक पत्र का अनुसरण करता है। अनुच्छेद 15(4) तब के मद्रास में चंपकम दोराईराजन मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण को खारिज किए जाने के बाद आया। अनुच्छेद 31(b) सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार, यूपी और अन्य राज्यों में जमींदारी उन्मूलन कानूनों को रद्द करने के परिणामस्वरूप आया था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले दोनों मास्टर डिस्टोरियन – प्रधानमंत्री और गृह मंत्री – पहले संशोधन की इस पृष्ठभूमि पर चुप रहे क्योंकि उन्हें अपने पसंदीदा लक्ष्य पर हमला करना था। लेकिन इस जोड़ी से सत्य और तथ्य पर पूरी तरह से कायम रहने की उम्मीद करना बेकार है।’

टीएमसी संसद का बड़ा बयान, सिंधिया हैं लेडी किलर, संसद में हंगामा

TMC’s big statement in Parliament, Scindia is a lady killer, uproar in Parliament नई दिल्ली ! टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेडी किलर कहा, इसके बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित कर दी गई। भाजपा ने बनर्जी को सस्पेंड करने की मांग की है। दरअसल बनर्जी सदन में डिजास्टर मैनेजमेंट पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और सिंधिया ने टोकना शुरू कर दिया। बात कोविड तक पहुंच गई। इसे लेकर दोनों सांसदों में तीखी बहस हुई। उस वक्त पीठासीन अधीकारी ए. राजा ने दोनों को टोकने की कोशिश की लेकिन कल्याण बनर्जी नहीं रूके।सिंधिया ने कहा कि किसके चेहरे पर खलबली है और किसके चेहरे पर मुस्कुराहट है आप खुद समझ सकते है। इस पर कल्याण बनर्जी बोले सिंधिया जी आप बहुत सुंदर दिखते है तो ये नहीं है कि आप सुंदर आदमी है, आप विलेन भी हो सकते है। सिंधिया ने कहा कि आप निजी टिप्पणी कर रहे है। मेरा नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया है। अगर मेरे परिवार के बारे में गलत बोलेंगे तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। सदन में इन दिनों सासंदों का जमावड़ा लगा हुआ है। सदन की कार्यवाही के दौरान कई प्रस्तावों और मुद्दों पर चर्चा हो रही है। बीते बुधवार को आपदा प्रबंधन ​अधिनियम में संशोधन को लेकर भी चर्चा की गई। इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ की भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भड़क गए और तृणमूल के एक सांसद को करारा जबाव दे डाला। दरसअल, सदन की कार्यवाही के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया को तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने लेडी किलर बता दिया। जिसके बाद सदन में हंगामा हो गया। हंगामा इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही स्थिगित करनी पड़ी और सांसद कल्याण बनर्जी को महाराज सिंधिया से माफी मांगनी पड़ी। सासंद कल्याण बनर्जी ने सदन में कहा की कोरोना महामारी के दौरान केन्द्र की मोदी सरकार का सहयोग नहीं मिला, तो महाराज सिंधिया ने इसका विरोध कर दिया। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया जिसके चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। क्या बोले सांसद बनर्जी लोकसभा की कार्यवाही के दौरान महाराज सिंधिया ने कहा की किसके चेहरे पर मुस्कुराहट है और किसके चेहरे पर खलबली है देख लीजिए। सिंधिया के इतना कहते ही कल्याण बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि आप जीतने सुंदर दिखाई देते है, उनते सुंदर आदमी नही है। आप विलेन भी हो सकते है। कल्याण बनर्जी ने इतना कहने के बाद सिंधिया को लेडी किलर कह दिया। बनर्जी के इतना कहते ही महाराज भड़क गए और दोंनो के बीच जमकर बहस शुरू हो गई। क्या बोले महाराज? सांसद कल्याण बजर्नी के इस बयान को लेकर महाराज सिंधिया ने कहा है कि कल्याण बनर्जी ने अपने बयान को लेकर मुझ से माफी मांगी। कोई भी इंसान अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करेगा। सिंधिया ने आगे कहा की कोई भी हो नीतियों, विचारों पर हमला करे, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर नहीं। अगर कोई करेगा तो उसे जवाब भी मिलेगा। भले ही कल्याण बनर्जी ने माफी मांगी, लेकिन देश की महिलाएंओं पर यह व्यक्तिगत हमला है, जिसके कारण में उनकी माफी स्वीकार नहीं करूंगा। वही महिला सासंदों ने कल्याण बनर्जी के निलंबन की मांग की है।

भाजपा MLA का अनोखा अन्दाज: पत्नी का नामांकन करने ले गये स्कूटर पर बैठा कर

BJP MLA’s unique style: Took his wife to file her nomination on a scooter लुधियाना। लुधियाना में निकाय चुनाव 21 दिसंबर को है। आज नामांकन भरने का आखिरी दिन है। बीती रात आम आदमी पार्टी ने अपने 94 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। वार्ड नंबर 70 से प्रत्याशी की घोषणा होना बाकी है। आज समस्त पार्टियों के उम्मीदवार नामांकन भरने के लिए अलग-अलग सेंटरों पर पहुंच रहे है। MLA गुरप्रीत गोगी पत्नी सुखचैन के साथ आज उनका नामांकन भरवाने स्कूटर पर सवार होकर पहुंचे। अक्सर विधायक गोगी चुनाव में किसी न किसी मुद्दे को लेकर चर्चा में रहते हैं। वहीं शिअद ने बीती रात 25 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। अब शिअद के 33 उम्मीदवारों की घोषणा होना बाकी है। कांग्रेस ने अभी तक दो लिस्टें जारी करके कुल 76 उम्मीदवारों का ऐलान किया है। अब कांग्रेस के 19, शिअद के 33 और भाजपा के 2 उम्मीदवारों की सूची जारी होना बाकी है। भाजपा द्वारा बदले उम्मीदवारों की सूची। भाजपा ने 2 वार्डों के बदले उम्मीदवार भाजपा ने 2 वार्डों से उम्मीदवार बदल दिए है। वार्ड नंबर 21 में भाजपा ने पहले इशप्रीत को टिकट दिया था लेकिन अब उसे हटा कर अनीता को उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह वार्ड नंबर 33 से लखविंदर कौर को प्रत्याशी घोषित करने के बाद उसका टिकट काट कर कुलदीप कौर को दिया है। समस्त पार्टियों के वर्करों में निकाय चुनाव को लेकर काफी उत्साह है। 400 से अधिक उम्मीदवार आज करेंगे नामांकन नगर निगम चुनाव को लेकर 25 दावेदारों ने नॉमिनेशन किया है। आज बुधवार को नॉमिनेशन का आखिरी दिन है। आज 400 से अधिक दावेदार नामांकन दाखिल करेंगे। आखिरी दिन होने के कारण कई सेंट्ररो में छुटपुट बहसबाजी या झड़प के मामले भी सामने आ सकते हैं, जिस कारण पुलिस ने सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हुए हैं। 9 दिसंबर से शुरु हुआ है नामांकन 9 दिसंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। 11 दिसंबर तक कुल 26 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र भरे जा चुके हैं। जबकि कई दावेदारों को जरूरी दस्तावेज कम होने के कारण वापस लौटना पड़ा। वहीं, नगर निगम, गलाडा से एनओसी लेने के लिए दावेदारों की भीड़ लग रही है। भाजपा, कांग्रेस, आप, शिअद और अन्य दावेदारों ने एनओसी लेने के लिए बिल्डिंग ब्रांच, प्रॉपर्टी टैक्स आदि ब्रांचों का रुख किया।

Bharat Darshan : मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि तक पहुंचाने का संपूर्ण मार्गदर्शन एवं कहा कहां घूमें

Bharat Darshan: Complete guidance to reach the birthplace of Shri Krishna in Mathura and where to visit. भोपाल ! मथुरा उत्तर प्रदेश राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगर है, जिसे विशेष रूप से हिंदू धर्म में श्री कृष्ण की जन्मभूमि के रूप में पूजा जाता है। यह नगर यमुना नदी के किनारे स्थित है और भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। मथुरा का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है। मथुरा का इतिहास मथुरा का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है और यह एक महत्वपूर्ण वैदिक नगर था। यह महाभारत काल में भी प्रमुख था और प्राचीन समय में मथुरा का महत्व धार्मिक दृष्टि से बहुत अधिक था। मथुरा को पौराणिक कथाओं में “मथुरापुर” के नाम से भी जाना जाता है। मथुरा का नाम संस्कृत शब्द ‘मात्र’ से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है ‘प्यार’ या ‘स्नेह’, और यह इस स्थान के महत्व को दर्शाता है। श्री कृष्ण और मथुरा श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। उनके जन्म से जुड़ी घटनाओं का वर्णन विशेष रूप से भगवद गीता, भागवतकथा, और महाभारत में मिलता है। कृष्ण का जन्म मथुरा के जेल में हुआ था, और उनकी माता देवकी और पिता वासुदेव थे। मथुरा के कंस के अत्याचारों से बचने के लिए वासुदेव ने कृष्ण को गोकुल में यशोदा के घर भेज दिया था। श्री कृष्ण ने अपने बाल्यकाल में मथुरा और गोकुल में कई लीलाएं की थीं, जो अब भी भक्तों के बीच प्रसिद्घ हैं। कृष्ण का जीवन मुख्य रूप से उनके बाल्यकाल, यवकाल, और द्वारका के शासनकाल पर आधारित है। मथुरा में उनकी कई महत्वपूर्ण लीलाएं, जैसे कि कंस का वध और अपने माता-पिता को कंस के अत्याचार से मुक्त करना, हुईं। मथुरा में भगवान कृष्ण से जुड़ी कई पवित्र जगहें हैं, जैसे कि *जन्मभूमि मंदिर, जहां श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, और *कंस किला, जो कंस द्वारा बनवाया गया था। मथुरा के प्रमुख स्थल मथुरा का सांस्कृतिक महत्व मथुरा का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व अत्यधिक है, और यह स्थान भारतीय संस्कृति, संगीत, कला, और साहित्य के प्रमुख केंद्रों में से एक रहा है। यहां की संस्कृति में राधा-कृष्ण की प्रेमकथा की प्रमुखता है, जो विभिन्न कला रूपों में व्यक्त की जाती है, जैसे कि संगीत, नृत्य, चित्रकला और साहित्य। मथुरा में आयोजित होने वाले प्रमुख उत्सवों में जन्माष्टमी, दीपावली, और राधा अष्टमी विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इन अवसरों पर मथुरा में लाखों श्रद्धालु आते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। इस प्रकार मथुरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है, जहां से भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और प्रेम की भावना फैलती है।

प्रियंका गांधी ने शपथ ली: राहुल की तरह हाथ में संविधान की कॉपी पकड़ी

Priyanka Gandhi took oath: held a copy of the Constitution in her hand like Rahul. नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन है। प्रियंका गांधी पहली बार संसद पहुंचीं। उन्होंने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। इस दौरान हाथ में संविधान की कॉपी ली। प्रियंका के साथ उनकी मां सोनिया और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। प्रियंका वायनाड सीट से उपचुनाव जीती हैं। प्रियंका के साथ नांदेड़ से उपचुनाव जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही अडाणी मुद्दे पर हंगामा होने लगा। राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। इसके बाद दोनों सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राहुल ने बुधवार को संसद के बाहर कहा था कि अडाणी पर अमेरिका में 2 हजार करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है। उन्हें जेल में होना चाहिए। मोदी सरकार उन्हें बचा रही है। पहली बार संसद में गांधी परिवार के तीन सदस्य केरल के वायनाड लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी की जीत के बाद लोकसभा में दोबारा कांग्रेस के 99 सांसद हो गए हैं। वायनाड सीट राहुल गांधी ने छोड़ी थी, जबकि नांदेड़ सीट कांग्रेस सांसद बसंतराव चव्हाण के निधन के चलते खाली हुई थी। इन पर हाल ही में उपचुनाव हुए हैं और दोनों ही सीटें कांग्रेस के पास वापस आ गई हैं। यह पहली बार हुआ है कि कांग्रेस पार्टी से जुड़े गांधी परिवार के 3 सदस्य एक साथ संसद के सदस्य होंगे। राहुल गांधी रायबरेली से और प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से लोकसभा सांसद हैं। जबकि सोनिया गांधी राजस्थान से राज्य सभा सांसद हैं।

औषधीय गुणों से भरपूर अर्जुन के पेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी,एवं फायदे

Detailed information and benefits related to Arjuna tree which is rich in medicinal properties. अर्जुन के पेड़ को औषधीय पेड़ माना जाता हैं क्यूंकि इसे बहुत सी दवाइयों के लिए उपयोगी माना जाता है। यह पेड़ ज्यादातर नदी और नालों के किनारे पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ सदाहरित रहता हैं। अर्जुन के पेड़ को अन्य कई नामो से जाना जाता हैं जैसे ,घवल और नदीसर्ज। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 60 -80 फ़ीट ऊँची रहती हैं। अर्जुन का पेड़ ज्यादातर उत्तर प्रदेश ,महाराष्ट्र ,बिहार और अन्य कई राज्यों नदियों के किनारे या सुखी नदियों के तल के पास पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ की लम्बाई काफी ऊँची रहती है। अर्जुन का पेड़ बहुत ही शुष्क इलाकों में पाया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ को किसी भी मिटटी में उगाया जा सकता है। अर्जुन के पेड़ को अनुनारिष्ट के नाम से भी जाना जाता है। इस पेड़ का उपयोग बहुत सालों से आयुर्वेदिक दवाइयों के लिए किया जा रहा है। अर्जुन के पेड़ का फल कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ का फल शुरुआत हल्के सफ़ेद और पीले रंग का होता हैं ,कुछ समय पश्चात जब फल में बढ़ोत्तरी होती हैं तो ये फल हरे और पीले रंग का दिखाई पड़ता हैं ,साथ ही इसमें से हल्की हल्की सुगंध भी आने लगती है। पकने के बाद ये फल लाल रंग का दिखाई पड़ने लगता है। अर्जुन के पेड़ के पत्ते हैं लाभकारी अर्जुन के पेड़ के पत्ते खाने से ये शरीर में जमा गंदे कॉलेस्ट्रॉल को बाहर निकलता हैं। इसका सेवन सुबह खाली पेट करना चाहिए। इन पत्तों का सेवन करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता हैं। अर्जुन की छाल से मिलने वाले फायदे अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से खून पतला होता हैं जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित बनाये रखता है। इस छाल के काढ़े का उपयोग दो से तीन महीने लगातार करना चाहिए। इस काढ़े के उपयोग से रक्तश्राव कम होता है। यह ह्रदय के रक्तचाप जैसी गतिविधियों की क्षमता में सुधार लाता है। पाचन किर्या में सहायक अर्जुन का पेड़ पाचन किर्या में सहायक होता हैं। इसकी छाल का चूर्ण बनाकर लेने से ये पाचन तंत्र को संतुलित बनाये रखता है। यह बड़े हुए चर्बी को कम करने में मदद करता हैं ,अर्जुन की छाल का सेवन लिवर जैसी समस्याओं के लिए बेहतर माना जाता है। यह वजन घटाने में भी सहायता प्रदान करती है। सर्दी खांसी में है लाभकारी अर्जुन के पेड़ की छाल का कड़ा बनाकर पीने से या फिर अर्जुन के चूर्ण में शहद मिलाकर खाने से सर्दी और खांसी दोनों में फायदा होता है। अर्जुन के पेड़ का रस औषिधि के रूप में सदियों से किया जा रहा हैं। हड्डियों के जोड़ने में मददगार अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग टूटी हुई हड्डियों या फिर मांसपेशियों में होने वाले दुखाव के लिए किया जाता हैं। इसमें छाल के चूर्ण को एक गिलास दूध में दो चम्मच चूर्ण मिलाकर पीने से हड्डियां मजबूत होती है। ये हड्डी में होने वाले दर्द से भी आराम दिलाता हैं। अल्सर बीमारी में है फायदेमंद अर्जुन का प्रयोग अल्सर जैसी बीमारी में भी किया जाता हैं। कई बार अल्सर का घाव जल्द ही नहीं भर पाता हैं। या फिर घाव सूखते ही दूसरे घाव निकल आते हैं ,इसमें अर्जुन के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर ,घाव को इससे धोये। ऐसा करने से घाव कम होने लगते हैं,साथ ही अल्सर जैसे रोग को भी नियंत्रित करता है। अर्जुन की छाल से होने वाले नुकसान अर्जुन के पेड़ को बहुत सी बीमारियों के लिए लाभकारी माना जाता हैं ,लेकिन इसके कुछ नुक्सान भी हैं जो शरीर पर गलत प्रभाव डालते है। सीने में जलन होना अर्जुन की छाल का सेवन बहुत से लोगो की सेहत के लिए ठीक नहीं रहता हैं, जिसकी वजह से उन्हें जी मचलना या घबराहट जैसी परेशानियां अक्सर हो जाती है। यदि आप छाल का सेवन कर रहे हैं और आपको ऐसा महसूस होता हैं की सीने में जलन या दर्द हो रहा हैं तो इसका उपयोग करना उसी वक्त छोड़ दे। पेट में दर्द या ऐठन का महसूस होना यदि छाल का उपयोग करने से आपको पेट में दर्द या और कोई परेशानी महसूस होती हैं तो छाल का सेवन करना बंद कर दे। हालाँकि अर्जुन एक आयुर्वेदिक जड़ीबूटी हैं लड़की कुछ लोगों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। एलेर्जी जैसो रोगों को जन्म देता हैं अर्जुन के पेड़ की छाल का घोल बनाकर शरीर पर लगाया जाता हैं, यह त्वचा के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं। लेकिन इसका लेप बहुत से लोगो के शरीर एलेर्जी से जुडी समस्याओं को भी खड़ा कर देता हैं। यदि इस लेप का उपयोग करने के बाद शरीर में खुजली जैसी परेशानिया हो तो इस लेप का उपयोग न करें। आयुर्वेद में अर्जुन के पेड़ को बहुत ही लाभकारी माना गया हैं। अर्जुन के पेड़ में सबसे ज्यादा उपयोग छाल का किया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ की छाल में मैग्नीशियम ,पोटेसियम और कैल्शियम पाया जाता है। इस पेड़ की छल का इस्तेमाल बहुत से रोगो में किया जाता हैं ,और ये लाभकारी भी है। अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग कैंसर सम्बंधित रोगो से निपटने के लिए भी किया जाता है। साथ ही इसके कुछ नुक्सान भी हैं। जो व्यक्ति पहले से किसी भी प्रकार की कोई दवाई ले रहा हैं ,उसे इसका सेवन डॉक्टर से परामर्श लेकर ही करना चाहिए।

अडानी मुद्दे पर चर्चा की विपक्षी मांग, शशि थरूर ने सरकार पर उठाए सवाल

Opposition demands discussion on Adani issue, Shashi Tharoor makes serious allegations against the government नई दिल्ली ! कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अडानी समूह से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, “दोनों सदनों के सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देशहित में संसद का सुचारू रूप से चलना बेहद महत्वपूर्ण है और सदन में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” थरूर ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का कर्तव्य है कि वह संवाद और चर्चा को प्राथमिकता दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे, ताकि देशहित से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें। विपक्षी दल लंबे समय से अडानी समूह के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। अब देखना होगा कि संसद का अगला सत्र इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान लेकर आता है या नहीं।

पर्थ टेस्ट-भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रन से हराया: दूसरी पारी में 238 रन पर सिमटी कंगारू टीम

Perth Test-India beats Australia by 295 runs: Kangaroo team all out for 238 runs in second innings जसप्रीत बुमराह ने मैकस्वीनी, लाबुशेन और हेड के विकेट लिए। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में 295 रन से हरा दिया है। टीम ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दूसरा मुकाबला 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में सोमवार को मैच के चौथे दिन 534 रन चेज कर रही कंगारू टीम को दूसरी पारी में 238 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले भारत ने 6 विकेट पर 487 रन पर दूसरी पारी घोषित कर दी थी। टीम इंडिया ने पहली पारी में 150 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 104 रन पर सिमट गई थी। भारत-ऑस्ट्रेलिया पहले टेस्ट का स्कोरबोर्ड दोनों टीमों की प्लेइंग-11भारत: जसप्रीत बुमराह (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्‌डी, हर्षित राणा और मोहम्मद सिराज।

भारत दर्शन : अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक पहुंचने का सम्पूर्ण मार्गदर्शन

Bharat Darshan: Complete guide to reach Ayodhya Shri Ram Janmabhoomi Temple भोपाल ! अयोध्या उत्तर प्रदेश में स्थित, भारतीय इतिहास और धार्मिक मान्यताओं का अभिन्न अंग है। यह भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में जानी जाती है, जो पूरे भारत और दुनिया भर के लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, इसकी भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध, हर भक्त के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। आइए जानते हैं कि भोपाल सहित मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से अयोध्या तक कैसे पहुंचा जा सकता है। भोपाल से अयोध्या तक की यात्रा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से अयोध्या पहुंचने के लिए तीन मुख्य साधन उपलब्ध हैं: रेल, सड़क, और हवाई मार्ग। रेल मार्ग: भोपाल से अयोध्या तक ट्रेन यात्रा सबसे लोकप्रिय और किफायती विकल्प है।मुख्य रेलवे स्टेशन: अयोध्या कैंट और फैजाबाद जंक्शन। प्रमुख ट्रेनें: साकेत एक्सप्रेस (भोपाल से फैजाबाद)।गोंडा एक्सप्रेस (भोपाल से अयोध्या के पास)।अन्य ट्रेनें लखनऊ होते हुए उपलब्ध हैं।समय: 12-15 घंटे।किराया: ₹400-₹1500 (स्लीपर से एसी क्लास)। सड़क मार्ग: भोपाल से अयोध्या सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। बसें और निजी वाहन द्वारा यात्रा करना सुविधाजनक है।मार्ग: भोपाल → झांसी → कानपुर → लखनऊ → अयोध्या।समय: 16-18 घंटे।बस किराया: ₹1000-₹2000।निजी वाहन से यात्रा करना चाहें तो यह यात्रा दर्शनीय स्थलों के साथ रोमांचक बन सकती है। हवाई मार्ग: भोपाल से अयोध्या के लिए सीधी उड़ान नहीं है, लेकिन लखनऊ तक फ्लाइट लेकर वहां से अयोध्या पहुंच सकते हैं।हवाई अड्डा: लखनऊ (चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा)।भोपाल से लखनऊ फ्लाइट: 1.5 घंटे।लखनऊ से अयोध्या: टैक्सी/बस द्वारा 140 किमी (2-3 घंटे)।किराया: ₹4000-₹8000। मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों से यात्रा मार्गदर्शन उत्तर प्रदेश:उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे लखनऊ, वाराणसी, और गोरखपुर से अयोध्या आसानी से पहुंचा जा सकता है।लखनऊ से अयोध्या: 140 किमी। टैक्सी और बसें 2-3 घंटे में पहुंचा देती हैं।वाराणसी से अयोध्या: 200 किमी, ट्रेन/बस द्वारा 4-5 घंटे। राजस्थान:जयपुर, कोटा और उदयपुर से अयोध्या के लिए ट्रेन और बसें उपलब्ध हैं। महाराष्ट्र:मुंबई और पुणे से ट्रेनें और फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़:रायपुर और बिलासपुर से ट्रेन और बसें आसानी से उपलब्ध हैं। गुजरात:अहमदाबाद और सूरत से लखनऊ होकर अयोध्या पहुंचा जा सकता है। अयोध्या में प्रमुख आकर्षण यात्रा के लिए उपयोगी सुझाव अयोध्या एक ऐसा शहर है, जो आध्यात्मिकता, भक्ति, और भारतीय इतिहास का प्रतीक है। भोपाल और आसपास के राज्यों से अयोध्या की यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से भी अद्वितीय है। चाहे आप रेल, सड़क, या हवाई मार्ग से जाएं, यह तीर्थ यात्रा आपको अनमोल अनुभव प्रदान करेगी। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन हर व्यक्ति के जीवन का एक यादगार हिस्सा बन सकते हैं। जय श्री राम!

‘उम्मीदवार की जाति, धर्म और नस्ल देखकर वोट…’, मतदाताओं से क्या बोले नितिन गडकरी?

‘Vote considering the caste, religion and race of the candidate…’, what did Nitin Gadkari say to the voters? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस ही थी जिसने अपने स्वार्थ के लिए संविधान को तोड़ा-मरोड़ा और अब वह इसका दोष भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मढ़ रही है. नितिन गडकरी ने काटोल में बीजेपी प्रत्याशी चरणसिंह ठाकुर के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सोमवार (10 नवंबर, 2024) को कहा कि भाजपा न तो डॉ. बी आर आंबेडकर का संविधान बदलेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी. नितिन गडकरी ने कहा, ‘हम न तो बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान बदलेंगे और न ही हमें किसी को ऐसा करने देंगे. संविधान की मूल संरचना को बदला नहीं जा सकता है.’ उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया. नितिन गडकरी ने कहा, ‘संविधान की मुख्य विशेषताएं जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता के साथ-साथ मौलिक अधिकारों को कोई भी नहीं बदल सकता है. आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने संविधान को तोड़-मरोड़ा. देश के इतिहास में कांग्रेस ही थी जिसने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का पाप किया और अब वे हम पर दोष मढ़ रहे हैं.’ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज ने लोगों को भगवान राम के राम राज्य के समान शिवशाही दी, जिसके बारे में महात्मा गांधी हमेशा कहते थे कि देश में इसे स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप राम राज्य स्थापित करना चाहते हैं तो यह नेताओं के हाथ में नहीं बल्कि जनता के हाथ में है. जाति, नस्ल, धर्म और भाषा के आधार पर मतदान न करें. कोई व्यक्ति अपनी जाति से नहीं बल्कि अपने गुणों से बड़ा होता है. छूआछूत और जातिवाद खत्म होना चाहिए.’ नितिन गडकरी ने कहा कि जो नेता अपनी योग्यता के आधार पर नहीं जीत सकते, वे चुनावी लाभ के लिए जाति का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप भोजन और स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति के पास उसकी जाति देखे बगैर जाते हैं. जब तक आप ईमानदार, गैर-भ्रष्ट नेताओं और दल को नहीं चुनते, तब तक आपका भविष्य नहीं बदलेगा.’ उन्होंने कहा कि महायुति सरकार लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई है. नितिन गडकरी ने पूछा कि क्या इनमें से कोई भी ऐसी योजना है जिसमें मुस्लिम और दलित आवेदन नहीं कर सकते?

मसाले, दूध, तेल में मिलावट पर कानून का शिकंजा: जानें सजा और प्रावधान

Now you will get 10 years imprisonment for selling adulterated milk and ghee, know what the law says भोपाल। भारत में मिलावटी चीजों की भरमार है.। खासतौर से जब आप खाद्य पदार्थों की बात करते हैं तो उसमें सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिलती है। मसाले, दूध, घी, तेल हर चीज में मिलावट होती है. चलिए आज इस खबर में जानते हैं कि अगर कोई मिलावट खोर खाने की चीजों में मिलावट करता पकड़ा गया तो उसे भारतीय कानून के तहत कितनी सजा होगी। क्या कहता है नियम-कानून भारत में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) बनाया गया है. इसके अलावा इसके तहत बनाए गए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों का भी पालन किया जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को भारतीय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट को प्रतिबंधित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होती है। कितनी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण करते पाया गया तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है. जुर्माने की बात करें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों को बनाने और बेचने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबकि, अपराध के गंभीरता को देखते हुए, इस तरह के मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मिलावटखोर को आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा हो सकती है। धारा 272 और 273 के तहत भी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) में भी मिलावटखोरी से संबंधित अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं। खासतौर से धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने के मामले में है। दरअसल, अगर किसी व्यक्ति द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे किसी जान जाने का खतरा ना हो तो यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 272 और 273 के तहत इसमें, मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वाले को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है या कोई बीमारी फैल जाती है या किसी के जान पर बन आती है तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

मल्लिकर्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर हमला: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना पर दोहरा रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें।

बीजेपी ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया तेज की, 22 नवंबर को दिल्ली में बड़ी बैठक

BJP speeds up the process of appointing a new president, big meeting in Delhi on November 22 बीजेपी ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है. 20 नवंबर को महाराष्ट्र और झारखंड में मतदान खत्म होते ही 22 नवंबर को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में बड़ी बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि जनवरी के तीसरे हफ्ते तक पार्टी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव खत्म होते ही बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तेज होगी. इस सिलसिले में बीजेपी ने 22 नवंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक 22 नवंबर को बीजेपी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों और सभी प्रदेश अध्यक्षों सहित संगठन से जुड़े लगभग सवा सौ शीर्ष नेताओं के साथ संगठन की चुनावी प्रक्रिया को लेकर वर्कशॉप किया जाएगा. ये बैठक बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुलाया है जिसमें गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रह सकते हैं. दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाली इस बैठक में बीजेपी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे. राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा इस बैठक में हर राज्य से प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री भी शामिल होंगे. सभी प्रदेशों के प्रभारी और सह प्रभारी के साथ साथ बीजेपी के सभी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बैठक में बुलाए गए हैं. प्रदेश चुनाव अधिकारी और सह अधिकारी भी बैठक में रहेंगे मौजूद संगठन में अध्यक्ष चुनाव के लिए नियुक्त किए गए राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण और तीनों सह चुनाव अधिकारी के अलावा सभी प्रदेशों में नियुक्त किए गए प्रदेश चुनाव अधिकारी और सह अधिकारियों को बैठक में रहना है. इस बैठक में देश भर से सक्रिय सदस्यता प्रमुखों को भी बैठक में बुलाया गया है. बैठक में बुलाए गए बीजेपी के सभी पदाधिकारियों और आगंतुक नेताओं को कहा गया है कि स्थानीय सक्रिय सदस्यता अभियान से लेकर अब तक की जितनी भी सांगठनिक चुनाव से संबंधित गतिविधियां चलाई गई हैं सबका विस्तृत विवरण लेकर आए. चुनाव के लिए नेशनल अपील कमेटी का गठन इससे अलग, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के मद्देनजर एक और अहम फैसला लिया है. बीजेपी संगठन चुनाव के केंद्रीय चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण ने नेशनल अपील कमेटी का गठन कर दिया है. इस कमेटी के कन्वीनर राधामोहन सिंह को बनाया गया है जबकि बीजेपी के तीन वरिष्ठ नेताओं को नेशनल अपील कमिटी का को-कन्वीनर विजयपाल सिंह तोमर, संजय भाटिया, गजेंद्र पटेल को बनाए गए हैं. ये अपील कमेटी बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव में किसी भी गड़बड़ी को रोकने का काम करता है साथ ही इस कमिटी के साथ चुनावी प्रक्रिया में की गई त्रुटियों की शिकायत भी की जा सकती है. दरअसल बीजेपी संविधान के नियम 4 के मुताबिक पार्टी के सांगठनिक चुनाव यानी अध्यक्षीय चुनाव के लिए एक नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति की जाती है. ये नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर अध्यक्ष के चुनाव के लिए अपनी टीम बनाता है, जो प्रत्येक राज्यों में रिटर्निंग ऑफिसर और को इंचार्ज बनाता है. इसी क्रम में बीजेपी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी एक नेशनल अपील कमेटी का गठन करता है जहां अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी की शिकायत और उसका निवारण किया जाता है. कैबिनेट मंत्रियों की बैठक शाह ने ली थी प्रगति रिपोर्ट बीजेपी अध्यक्ष पद चुनाव की गति में तेजी लाने को लेकर विगत मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह ने कैबिनेट मंत्रियों की बैठक बुलाई थी. बैठक में बीजेपी के संगठन मंत्री बीएल संतोष भी शामिल थे. मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्रियों के साथ की गई इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यवार सांगठनिक चुनाव की प्रगति रिपोर्ट लिया. उसके बाद अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को गति देने के लिए योजना बनाई गई. 22 नवबर को वर्कशॉप उसी बैठक में चर्चा के बाद ये निर्णय लिया गया कि 22 नवंबर को एक वर्कशॉप आयोजित कर पार्टी अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को तेज किया जाए और नेशनल अपील कमेटी का गठन कर चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जाय। माना जा रहा कि बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जनवरी के तीसरे हफ्ते तक पूरी कर ली जाएगी यानी पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष 15 जनवरी के बाद कभी भी मिल सकता है.

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ मालेगांव बम धमाका केस में जमानती वारंट जारी

Malegaon blast case: Bailable warrant issued against Sadhvi Pragya Singh Thakur for being absent in the hearing. Malegaon Bomb Blast Case : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद और भाजपा की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ एक बार फिर जमानती वारंट जारी हुआ है। ये जमानती वारंट एनआईए कोर्ट द्वारा मालेगांव बम धमाके के केस में चल रही पेशियों में शामिल न होने के कारण जारी किया गया है। कोर्ट ने मंगलवार को इस जमानती वारंट को ये कहते हुए जारी किया कि, मामले की बहस अपने अंतिम दौर में है, ऐसे में मुख्य आरोपी का कोर्ट में होना जरूरी है। दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर बीते लंबे समय से कोर्ट में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मेडिकल लगाकर अदालत की पेशियों में नहीं पहुंच रही हैं। इसी के चलते लंबे समय से ये मामला लंबित है। आरोपी पक्ष के इसी व्यव्हार को अनुचित मानते हुए मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ पेशी में शामिल न होकर कोर्ट का समय बर्बाद करने के चलते जमानती वारंट जारी किया है। इसी साल दूसरी बार मिला जमानती वारंटआपको बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं जब मालेगांव बम धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कोर्ट द्वारा जमानती वारंट जारी किया गया हो, इससे पहले इसी साल मार्च के महीने में भी उन्हें 10 हजार का जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। हालांकि, उस वारंट को ठाकुर के वकील ने जमानत के 10 हजार जमा करके मेडिकल लगाते हुए कहा था कि प्रज्ञा ठाकुर अस्वस्थ हैं, इसलिए वो पेशी में नहीं पहुंच सकेंगी। अब 8 महीने बीतने के बाद भी पेशी में न आने के चलते कोर्ट ने उनका मेडिकल रद्द करते हुए एक बार फिर जमानती वारंट जारी करते हुए 13 नवंबर तक किसी भी स्थिति में कोर्ट में पैश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र राज्य में मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित मालेगांव शहर की एक मस्जिद के पास बम ब्लास्ट हुआ था। इन धमाकों में 6 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मालेगांव उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले का एक सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका माना जाता है। धमाके के बाद 30 सितंबर 2008 को मालेगांव के आजाद नगर पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए थे। फिलहाल, मामले की सुनवाई स्पेशल एनआईए कोर्ट कर रही है।

सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला: निजी संपत्तियां ‘समुदाय के भौतिक संसाधन’ नहीं, राज्य नहीं कर सकता जबरन अधिग्रहण

Historic decision of the Supreme Court: Private properties are not ‘physical resources of the community’, the state cannot forcibly acquire them नई दिल्ली ! सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि सभी निजी स्वामित्व वाली संपत्तियां सामुदायिक संसाधन नहीं होतीं, जिन्हें राज्य आम भलाई के लिए अपने अधीन कर सकता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 8-1 के बहुमत से इस विवादास्पद मुद्दे पर फैसला सुनाया। तीन फैसले लिखे गएमुख्य न्यायाधीश ने अपने और छह सहयोगियों के लिए एक फैसला लिखा, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने एक समवर्ती लेकिन अलग फैसला लिखा और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने असहमति जताई। पीठ में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति नागरत्ना बीवी, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति एससी शर्मा और न्यायमूर्ति एजी मसीह शामिल थे।यह मामला संविधान के अनुच्छेद 31सी से संबंधित है जो राज्य द्वारा राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों को पूरा करने के लिए बनाए गए कानूनों की रक्षा करता है – संविधान सरकारों को कानून और नीतियां बनाते समय पालन करने के लिए दिशा-निर्देश देता है। अनुच्छेद 31सी जिन कानूनों की रक्षा करता है उनमें अनुच्छेद 39बी भी शामिल है। अनुच्छेद 39बी में प्रावधान है कि राज्य अपनी नीति इस प्रकार बनाएगा कि समुदाय के भौतिक संसाधनों का स्वामित्व और नियंत्रण इस प्रकार वितरित हो कि सर्वजन हिताय हो। किसी की निजी संपत्ति नहीं हो सकती पब्लिकइस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “क्या 39बी में इस्तेमाल किए गए समुदाय के भौतिक संसाधन में निजी स्वामित्व वाले संसाधन शामिल हैं? सैद्धांतिक रूप से, इसका उत्तर हां है, इस वाक्यांश में निजी स्वामित्व वाले संसाधन शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह न्यायालय रंगनाथ रेड्डी में न्यायमूर्ति अय्यर के अल्पमत के दृष्टिकोण से सहमत नहीं है। हमारा मानना ​​है कि किसी व्यक्ति के स्वामित्व वाले प्रत्येक संसाधन को केवल इसलिए समुदाय का भौतिक संसाधन नहीं माना जा सकता क्योंकि वह भौतिक आवश्यकताओं की योग्यता को पूरा करता है।”उन्होंने कहा, “39बी के अंतर्गत आने वाले संसाधन के बारे में जांच विवाद-विशिष्ट होनी चाहिए और संसाधन की प्रकृति, विशेषताओं, समुदाय की भलाई पर संसाधन के प्रभाव, संसाधन की कमी और ऐसे संसाधन के निजी लोगों के हाथों में केंद्रित होने के परिणामों जैसे कारकों की एक गैर-संपूर्ण सूची के अधीन होनी चाहिए, इस न्यायालय द्वारा विकसित सार्वजनिक ट्रस्ट सिद्धांत भी उन संसाधनों की पहचान करने में मदद कर सकता है जो समुदाय के भौतिक संसाधन के दायरे में आते हैं।”46 साल बाद पलटा फैसला1977 में, सात न्यायाधीशों की पीठ ने 4:3 बहुमत से फैसला सुनाया था कि निजी स्वामित्व वाली सभी संपत्ति समुदाय के भौतिक संसाधनों के दायरे में नहीं आती है। हालाँकि, अल्पमत की राय में, न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर ने माना कि सार्वजनिक और निजी दोनों संसाधन अनुच्छेद 39(बी) के तहत “समुदाय के भौतिक संसाधनों” के दायरे में आते हैं। अपने अलग फैसले में, न्यायमूर्ति नागरत्ना ने न्यायमूर्ति अय्यर के फैसले पर उनकी टिप्पणियों पर मुख्य न्यायाधीश से असहमति जताई।

राहुल गांधी की कारीगर समुदाय से मुलाकात: पेंटरों और कुम्हारों की चुनौतियों पर चर्चा और आर्थिक सशक्तिकरण की अपील

Rahul Gandhi meets artisan community: discusses challenges in life of painters and potters नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पेंटर और कुम्हार समुदाय के सदस्यों के साथ समय बिताया, उनके काम की बारीकियों को समझा और उनकी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों पर गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इन मेहनतकश कारीगरों के साथ काम में हाथ बंटाया और उनकी कठिनाइयों को नजदीक से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ये कारीगर हमारे घरों को अपनी कला से रोशन करते हैं, लेकिन उनके खुद के जीवन में खुशहाली और स्थिरता की कमी है। इसके लिए समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन हुनरमंदों को न केवल पहचान दे, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग भी करे। पेंटर समुदाय की चुनौतियाँ: सीमित अवसर, जोखिमपूर्ण काम और स्थायित्व की कमी राहुल गांधी ने पेंटर समुदाय के साथ चर्चा करते हुए पाया कि उनके काम में कई तरह की चुनौतियाँ हैं। इन कलाकारों का काम चाहे घरों की दीवारों पर हो या बड़े भवनों पर, इनमें कई जोखिम जुड़े होते हैं। अधिकतर पेंटर अनौपचारिक श्रम बाजार में काम करते हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित आय या भविष्य में स्थायित्व की कोई गारंटी नहीं मिलती। कई पेंटरों ने अपनी परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि इस समुदाय को बेहतर उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने पेंटरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, ताकि इस समुदाय को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके। कुम्हार समुदाय से बातचीत: पारंपरिक कला के संरक्षण की जरूरत राहुल गांधी ने कुम्हार समुदाय के साथ बातचीत करते हुए उनकी कला की बारीकियों को समझा। कुम्हारों की कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन आज, आधुनिकता के इस दौर में यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। कुम्हारों ने बताया कि पारंपरिक मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन अब प्लास्टिक और मशीनी उत्पादों के कारण उनकी मांग घटती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर कुम्हारों को उचित बाजार और सहयोग प्रदान करना चाहिए। यदि उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए, तो ये लोग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजीवनी मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस कला को आधुनिक बाजार में स्थान दिलाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भी आवश्यकता है। हुनरमंदों को मौके देने पर जोर: स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण राहुल गांधी का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले तो कारीगर और कलाकार अपनी कला से समाज में योगदान कर सकते हैं और एक आर्थिक संबल पा सकते हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि पेंटरों और कुम्हारों जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों के लिए वित्तीय योजनाओं, लोन स्कीम और सरकारी सब्सिडी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक आधार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय बाजारों और कला मेलों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जहां ये कलाकार सीधे अपने उत्पादों को बेच सकें और उचित मुनाफा कमा सकें। समाज के प्रति संदेश: कला और मेहनत की इज्जत करें राहुल गांधी ने इस मुलाकात के दौरान एक संदेश दिया कि समाज को इन मेहनतकशों के योगदान को समझना चाहिए और उनकी कला का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंटर और कुम्हार जैसे लोग हमारे घरों और समाज को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर हम इनकी कला और मेहनत की इज्जत करेंगे और इन्हें सहयोग देंगे, तो एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना हो सकती है। राहुल गांधी की यह पहल न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे नेता जनता के करीब जाकर उनकी असली समस्याओं को समझ सकते हैं और उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

पूर्वी लद्दाख में शांति की ओर कदम: भारतीय सेना ने डेमचोक में गश्त फिर से शुरू की, दिवाली पर हुआ मिठाईयों का आदान-प्रदान

Step towards peace in Eastern Ladakh: Indian Army resumes patrolling in Demchok, sweets exchanged on Diwali पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले प्रमुख बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने के कुछ ही दिनों बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार (1 नवंबर 2024) को डेमचोक में गश्त फिर से शुरू कर दी। सेना के सूत्रों ने इसे भारत-चीन संबंधों में स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है। सूत्रों के अनुसार, डेमचोक में गश्त शुरू हो चुकी है, और जल्द ही भारतीय सेना देपसांग में भी गश्त पर लौटेगी। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत सैनिकों ने टकराव वाले बिंदुओं से पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की थी। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति को बहाल करना है, जब लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में तनाव गहरा गया था। दिवाली पर सीमा पर मिठाईयों का आदान-प्रदान समझौते के ठीक एक दिन बाद, दिवाली के अवसर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विभिन्न सीमा बिंदुओं पर भारतीय और चीनी सैनिकों ने मिठाईयों का आदान-प्रदान किया। इसे दोनों देशों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इस परंपरागत आदान-प्रदान में दोनों पक्षों में सौहार्द और मित्रता का माहौल देखने को मिला। गलवान झड़प के बाद चार साल से जारी गतिरोध में सफलता जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था और पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध जारी था। लेकिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, हाल ही में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने गतिरोध समाप्त करने के एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति जताई है। इस समझौते को 2020 में उत्पन्न हुए मुद्दों को हल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। गश्त की बहाली से अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति की ओर वापसी सेना के सूत्रों का कहना है कि गश्त बहाली के लिए स्थानीय स्तर पर कमांडरों के बीच बातचीत जारी रहेगी। इसके साथ ही भारतीय सेना अप्रैल 2020 से पहले की गश्त वाली स्थिति और स्तर को बहाल करने का प्रयास करेगी। सत्यापन प्रक्रिया चल रही है और गश्त के तरीकों पर चर्चा और निर्णय हो रहे हैं। भारत-चीन के बीच यह प्रगति दोनों देशों के बीच शांति और सामंजस्य बढ़ाने का एक कदम है, जो आने वाले समय में स्थिरता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

जनगणना 2025: नई चुनौतियाँ और राजनीतिक रणनीतियाँ

Census 2025: New challenges and political strategies केंद्र सरकार ने देश में जनगणना कराने की पूरी तैयारी कर ली है। यह प्रक्रिया अगले साल से शुरू होकर एक साल में पूरी होगी और 2026 में इसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इस जनगणना में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि इस बार सर्वे में सम्प्रदाय की जानकारी भी पूछी जाएगी, जिससे देश के विभिन्न सम्प्रदायों की जनसंख्या के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकेंगी। जनगणना में कुल 30 सवाल शामिल होंगे, जो पिछली 2011 की जनगणना में पूछे गए 29 सवालों से एक अधिक है। देरी के कारण और नई समय-सीमायह जनगणना 2021 में ही होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। इसके बाद लोकसभा चुनावों के चलते इसे और आगे बढ़ाया गया। अब सरकार ने इस पर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं, क्योंकि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन किया जाएगा, जो 50 वर्षों से रुका हुआ है। संप्रदाय आधारित सवालों का राजनीतिक महत्वइस बार जनगणना में शामिल किए गए सम्प्रदाय आधारित सवाल विशेष चर्चा का विषय हैं। जनगणना में कबीरपंथी, रविदासी, दलित बौद्ध और अन्य सम्प्रदायों के बारे में पूछा जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य केवल आंकड़े इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि इन आंकड़ों के आधार पर सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाना और समाज में राजनीतिक समीकरणों को समझना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सम्प्रदाय आधारित आंकड़े राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि यह राजनीतिक दलों को इन सम्प्रदायों के आधार पर नीतियां बनाने और समर्थन प्राप्त करने में सहायता कर सकते हैं। परिसीमन और महिला आरक्षण2029 में लोकसभा सीटों में वृद्धि और महिला आरक्षण की संभावनाओं के चलते यह जनगणना और भी महत्वपूर्ण हो गई है। परिसीमन के आधार पर सीटों के पुनर्गठन से भारत के जनसांख्यिकीय बदलावों का सीधा असर चुनावी सीटों पर पड़ेगा, जो विभिन्न राज्यों के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित करेगा। जाति जनगणना पर चुप्पीहालांकि जाति जनगणना पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सम्प्रदाय की जानकारी पूछे जाने की तैयारी चल रही है। इससे राजनीतिक लाभ के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सहयोग मिलेगा। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं और उनकी जनसंख्या के अनुपात को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। आगामी जनगणना न केवल देश की जनसांख्यिकी को समझने का एक साधन होगी, बल्कि इसके माध्यम से राजनीतिक दलों को नई योजनाएं और विकास की दिशा तय करने का आधार मिलेगा। इस बार जनगणना के व्यापक परिणाम, भारतीय राजनीति और समाज दोनों पर गहरे असर डाल सकते हैं। इस बार जानकारी में लोगों से उनका संप्रदाय भी पूछा जाएगा। कबीरपंथी, रविदासी, दलित बौद्ध समेत देश के अलग-अलग राज्यों में कई संप्रदाय हैं। ऐसे में संप्रदाय भी राजनीति का एक बड़ा आधार हो सकता है। इस तरह 30 सवाल जनगणना में पूछे जाएंगे। ये हैं वो सवाल जिनका जवाब हर घर से लिया जाएगा व्यक्ति का नाम।परिवार के मुखिया से संबंध?लिंग?जन्मतिथि और आयु?मौजूदा वैवाहिक स्थिति?शादी के वक्त उम्र?धर्म?संप्रदाय?अनुसूचित जाति या जनजाति?दिव्यांगता (यदि हो तो)मातृभाषा कौनसी?कौन-कौन सी भाषाओं का ज्ञान?साक्षरता की स्थिति क्या?मौजूदा शैक्षणिक स्थितिउच्चतम शिक्षा कितनी?बीते साल का रोजगार?आर्थिक गतिविधि की श्रेणी?रोजगार?उद्योग की प्रकृति, रोजगार एवं सेवाएं?वर्कर्स की क्लास?गैर-आर्थिक गतिविधि ?कैसे रोजगार की चाह?काम पर जाने का माध्यम? (i) एक तरफ से दूरी।(ii) यात्रा का माध्यम। जन्म मूल स्थान पर ही हुआ या फिर कहीं और (दूसरे देश में हुआ हो तो उसका नाम)मूल स्थान पर हैं या पलायन किया? (a) क्या भारत में ही पलायन किया?(b) किस समय पलायन किया? मूल स्थान से पलायन का कारण?कितनी संतान? (a) बेटे कितने ?(b) बेटियां कितनी? जन्म लेने वाले कितने बच्चे जीवित? (a) बेटे कितने ?(b) बेटियां कितनी? बीते एक साल में पैदा बच्चों की संख्या?पलायन के बाद कितने साल से नए स्थान पर ?पलायन से पूर्व का मूल स्थान?

सुकमा में बड़ी सफलता: 24 लाख के इनामी 6 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, दंपती भी शामिल

Big success in Sukma: 6 Naxalites with a reward of Rs 24 lakh surrendered, couple also included सुकमा। छत्‍तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत सोमवार को बड़ी सफलता मिली, जब कुल 24 लाख रुपये के इनामी 6 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों में एक दंपती भी शामिल है, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत शासन की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह और सुकमा एसपी किरण चव्हाण के सामने आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इस मौके पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी और भविष्य में मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया। पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर किया सरेंडरआत्मसमर्पण के दौरान इन नक्सलियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे, लेकिन नियद नेल्ला नार और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण से बढ़ी सुरक्षा बलों की हौसलाअफजाईयह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को नई ताकत मिली है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन और पुनर्वास नीति की वजह से नक्सली संगठनों में फूट पड़ रही है, और कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर किया सरेंडरछत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे समाज में अपनी पहचान बना सकें। नीति के अंतर्गत उन्हें विभिन्न आर्थिक और सामाजिक योजनाओं का लाभ मिलता है। अधिकारियों ने बताया कि इन नक्सलियों को अब पुनर्वास योजना के तहत रोजगार, शिक्षा, और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा। क्षेत्र में शांति स्थापना की ओर एक कदमसुकमा जिले में आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा बलों और पुनर्वास नीति के संयुक्त प्रयासों के कारण नक्सली हिंसा का प्रभाव कम हो रहा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में और भी नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

वायनाड लोकसभा उपचुनाव: प्रियंका गांधी ने भरा नामांकन, सोनिया, राहुल और खरगे ने दिखाई एकजुटता

Wayanad Lok Sabha by-election: Priyanka Gandhi filed nomination, Sonia, Rahul and Kharge showed solidarity. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पर्चा भरा था। नामांकन पर्चा भरने के बाद उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो किया। बता दें कि वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी का सामना भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से होने वाला है। रोड शो में शामिल हुए ये नेताराहुल गांधी के अलावा प्रियंका के इस रोड शो में उनकी मां सोनिया गांधी और पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस रोड शो में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने किया लोगों को संबोधितरोड-शो में प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 35 सालों से मैं अलग-अलग चुनावों के लिए प्रचार कर रही हूं। यह पहली बार है जब मैं आपके समर्थन की मांग अपने लिए कर रही हूं। यह एक बहुत ही अलग एहसास है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे वायनाड से उम्मीदवार बनने का सौभाग्य दिया।” उन्होंने आगे कहा, “सत्य और अहिंसा ने मेरे भाई (राहुल गांधी) को एकता और प्रेम के लिए देशभर में 8000 किमी पैदल चलने के लिए प्रेरित किया। जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ थी, तब आप उनके साथ खड़े थे। मेरे भाई को लड़ने के लिए आपलोगों ने साहस दिया। मेरा पूरा परिवार आपका कर्जदार है। मुझे मालूम है कि उसे (राहुल गांधी) आपलोगों को छोड़ना पड़ा और मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं आपके और उसके बीच के संबंधों को मजबूत करूंगी। उन्होंने मुझे बताया कि आप किन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेरे भाई ने मुझे बताया कि आपलोगों की क्या तकलीफ है। मैं आपके घर आना चाहती हूं और आपसे सीधे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं।” कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रोड-शो को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “वायनाड देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से दो सांसद हैं, एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद।” प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रियाप्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आप जो ऊर्जा यहां देख रहे हैं, यह कुछ ऐसा है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे। हम चाहते थे कि प्रियंका गांधी किसी भी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि किस्मत हमारे पास चलकर आएगी। हम सभी उत्साहित हैं। हर तरफ उत्साह है। यह वायनाड और केरल के लिए दोहरा सौभाग्य है, क्योंकि इसे अब स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा- प्रियंका गांधी वाड्रा, लोकसभा की सदस्य, वायनाड, केरल।” नव्या हरिदास ने प्रियंका गांधी को दी चुनौतीभाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कांग्रेस को पहले ही कड़े मुकाबले की चुनौती दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी उपचुनाव में प्रियंका गांधी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।। उन्होंने कहा,”मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी हैं। मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि वायनाड में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने रायबरेली की सीट बरकरार रखने के लिए वायनाड की सीट छोड़ दी थी। जब वायनाड के लोगों को भूस्खलन का सामना करना पड़ा, तो उनके पास इन मुद्दों को उठाने के लिए संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था।” प्रियंका गांधी का पहला चुनावनव्या ने आगे कहा, “पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी ने शायद ही इस निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया हो। वे यहां के लोगों के मुद्दों को उठाने में भी नाकाम रहें। यह मेरा पहला लोकसभा चुनाव होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि वायनाड गांधी परिवार के लिए सिर्फ एक दूसरी सीट है। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ नव्या हरिदास का भी यह पहला चुनाव होगा। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव में एलडीएफ ने भी उम्मीदवार खड़ा किया। उन्होंने सत्यन मोकेरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

देश के कई CRPF स्कूलों को बम से उड़ानों की धमकी, मैनेजमेंट को भेजा ई-मेल

Bomb threats to many CRPF schools in the country, e-mail sent to management देशभर के कई सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इन स्कूलों में दो दिल्ली और एक हैदराबाद में है। सूत्रों के मुताबिक यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। देशभर के कई सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इन स्कूलों में दो दिल्ली और एक हैदराबाद में है। सूत्रों के मुताबिक यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। यह ई-मेल स्कूल मैनेजमेंट्स को सोमवार देर रात भेजे गए थे। यह धमकी रोहिणी के प्रशांत विहार में हुए जोरदार धमाके के ठीक अगले ही दिन आई है। इस धमाके में सीआरपीएफ स्कूल की दीवार उड़ गई थी। हालांकि इस धमाके में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन पास की दुकान का एक साइनबोर्ड और वहां पर खड़े वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली पुलिस इस मामले में खालिस्तानी लिंक की जांच कर रहा है। सोमवार को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में टेलीग्राम ऐप को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में टेलीग्राम से उस चैनल के बारे में जानकारी मांगी गई है, जिस पर बम की धमकी दी गई थी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को बम की झूठी धमकी मिली है। इन धमकियों में 100 से ज्यादा विमानों को धमकी दी गई है।

मदरसों को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने फंडिंग बंद करने और ट्रांसफर आदेश पर लगाई रोक

Relief to Madrassas: Supreme Court bans stop funding and transfer order नई दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की उन सिफारिशों पर रोक लगा दी, जिनमें शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act 2009) का पालन न करने वाले मदरसों की मान्यता रद्द करने, उनकी सरकारी फंडिंग रोकने और सभी मदरसों का निरीक्षण करने की बात कही गई थी। इसके साथ ही, कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गैर-मान्यता प्राप्त और सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले गैर-मुस्लिम विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने के आदेश पर भी रोक लगा दी है। NCPCR की सिफारिश क्या थी?NCPCR ने सिफारिश की थी कि जो मदरसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करते, उनकी सरकारी मदद बंद कर दी जानी चाहिए। आयोग ने सभी मदरसों का निरीक्षण करने की भी सिफारिश की थी, ताकि यह देखा जा सके कि वे शिक्षा के मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। सुप्रीम कोर्ट में इस सिफारिश के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने याचिका दायर की थी, जिस पर चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाने की अनुमति भी दी है, ताकि व्यापक रूप से सभी मदरसों की स्थिति पर विचार हो सके। पूरा मामला क्या है?एनसीपीसीआर ने उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा सरकार को पत्र लिखकर सभी मदरसों का निरीक्षण करने और उनकी जांच करने का निर्देश दिया था। यूपी के मुख्य सचिव ने इस पत्र के जवाब में सभी जिलाधिकारियों को मदरसों की विस्तृत जांच का आदेश दिया था। इसी तरह त्रिपुरा सरकार ने भी अगस्त में मदरसों की जांच के निर्देश दिए थे। उत्तर प्रदेश सरकार को दूसरा झटका:यह उत्तर प्रदेश सरकार को मदरसों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से मिला दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा अधिनियम, 2004 को रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई थी। उस मामले की याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से स्पष्ट है कि मदरसों की फंडिंग फिलहाल जारी रहेगी और गैर-मुस्लिम विद्यार्थियों को जबरन सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई तक, मदरसे अपनी वर्तमान स्थिति में कार्यरत रहेंगे।

उमर अब्दुल्ला का जवाब: NC को मुस्लिमों की पार्टी बताने वालों को किया स्पष्ट

Omar Abdullah’s reply: Clarified to those who call NC a party of Muslims जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में जनता को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला किया और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पार्टी को मुसलमानों की पार्टी बताने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि NC ने जम्मू से एक हिंदू डिप्टी सीएम बनाया है, जो इस बात का सबूत है कि उनकी पार्टी सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन चुनावों के बाद परिणाम यह दिखाते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने 2018 में चुनी हुई सरकार के गिरने के बाद लोगों को आई परेशानियों को स्वीकार किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे जम्मू-कश्मीर के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह सरकार सबकी होगी। इसमें सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व होगा। हम सिर्फ उन लोगों की सेवा नहीं करेंगे, जिन्होंने NC को वोट दिया है, बल्कि हम पूरे जम्मू-कश्मीर की आवाम की खिदमत करेंगे।” मुसलमानों की पार्टी का विवादउमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह उन लोगों के लिए स्पष्ट जवाब है, जिन्होंने पिछले चुनाव में NC के खिलाफ यह आरोप लगाया था कि यह पार्टी केवल मुसलमानों के लिए है। उन्होंने कहा, “जब हमें डिप्टी सीएम बनाना था, तो हमने जम्मू से एक हिंदू डिप्टी सीएम बनाया। मेरे खानदान से उनका कोई लेना-देना नहीं था।” इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने अभी तक हुकूमत में आने का कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि परिसीमन आयोग का गठन एक पार्टी के लाभ के लिए किया गया था, जिससे उनकी पार्टी को मुश्किलें बढ़ेंगी। उमर अब्दुल्ला ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि अब उन्हें लोगों की परेशानियों को दूर करने का काम करना है और उन्होंने कांग्रेस और NC के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मिलकर चुनाव लड़ा और सफलता हासिल की।

कथावाचक चिन्मयानंद बापू ,ने साधा निशाना, बोले- ‘ज्यादातर मूर्ख लोग ही राजनीति में आते हैं’

Storyteller Chinmayanand Bapu took aim, said – ‘Mostly fools come into politics’ MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां भागवत कथा करने पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने श्योपुर विधायक के भगवान शंकर पर दिए आपत्तिजनक बयान के वीडियो के बारे में बड़ी कही है। उन्होंने कहा कि मूर्ख लोग राजनीति में आ गए हैं। क्या बोले चिन्मयानंद बापूशिवपुरी में आयोजित कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि ज्यादातर मूर्ख लोग राजनीति में आ गए है, जिन्हें धर्मशास्त्र एवं धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। वह राजनीति में आकर कुछ भी बोल सकते है।यह वीडियो बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर पोस्ट किया है। बीजेपी इस मामले को भूनने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। श्योपुर विधायक के विवादित बयान को लेकर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। मंच के द्वारा एफआईआर करने का आवेदन दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

करवा चौथ: प्रकृति प्रेम का प्रतीक पर्व, परिवार और परंपराओं का मिलन

Karva Chauth: Festival symbolizing love of nature, union of family and traditions हम कोई भी व्रत-त्योहार मनाएं, वह किसी न किसी रूप में प्रकृति प्रेम का संदेश देता है. यह संदेश जल, जमीन और पेड़-पौधों को संरक्षित और सुरक्षित करने के प्रण से जुड़ा होता है. यह सच है कि हम प्रकृति को सुरक्षित रखेंगे, तभी हम दीघांयु होंगे, हम पीढ़ी- दर-पीढ़ी आगे बढ़ेंगे. दशहरा के बाद हम अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व दीपावली मनाते हैं, लेकिन इससे पहले हम कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को करवा चौथ भी मनाते हैं. स्त्रियां पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं. स्त्रियां जानती हैं कि जिस धरा पर हमारा सुखमय दांपत्य जीवन बीत रहा है, उसके लिए पृथ्वी और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करना जरूरी है, इसलिए वह करवा चौथ के अवसर पर ऐसे अनुष्ठान संपन्न करती है, जो प्रकृति की सुरक्षा और संरक्षण का भी संदेश देता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन स्त्रियां सुख-शांति और समृद्धि से परिपूर्ण दांपत्य-जीवन की कामना लिये करवा चौथ का व्रत रखती हैं. वास्तव में यह वत न सिर्फ स्त्रियों, बल्कि पुरुषों के भी प्रेम, समर्पण और त्याग का महापर्व है. यदि हम इसे विस्तृत रूप में देखें, तो यह सृष्टि और प्रकृति प्रेम का भी संदेश देता है. पौराणिक पात्र से जुड़ा है करवा चौथ मान्यता है कि महाभारत काल में द्रौपदी ने यह व्रत रखा था. पांडवों पर आयी विपत्ति को दूर करने की कामना के लिये द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण से मदद मांगी और करवा चौथ का व्रत रखा. सावित्री और सत्यवान के अलौकिक प्रेम संबंध की कथा को भी इससे जोड़ कर देखा जाता है. व्रत के शुभ मुहूर्त में सबसे पहले श्री गणेश की पूजा की जाती है. इसके बाद शिव- पार्वती और कार्तिकेय की पूजा की जाती है. व्रत खोलने से पहले इस दिन छलनी करवा चौथ 20 अक्तूबर के माध्यम से चंद्रमा दर्शन का विधान है. यह इंगित करता है कि दांपत्य संबंधों में तभी शीतलता होगी, जब हम एक-दूसरे के अवगुणों को छलनी से छान कर देखेंगे. करवा चौथ मानवीय मनोभावों के साथ- साथ प्रकृति के प्रति भी प्रेम प्रकट करने का संदेश देता है. संपूर्ण ब्र‌ह्मांड के प्रति आभार यदि आपने कभी करवा चौथ करती हुई स्त्री को गौर से देखा होगा, तो पाया होगा कि इस दिन वह चंद्रमा को मिट्टी के पात्र में शीतल कलश में मौजूद पानी और अन्य तत्व वनस्पति और खनिजों सहित हमारी धरती की समृद्धि का प्रतीक हैं. हम कलश को पांच तत्वों- आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी से जोड़ सकते हैं. इसके आधार पर मिट्टी या किसी धातु का बर्तन पृथ्वी या धरती का प्रतीक है. जीवन का आधार गंगा जल कलश हिंदू अनुष्ठानों में गहरा प्रतीकात्मक महत्व रखता है, जो समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतिनिधित्व करता है. कलश या करवा को पवित्र गंगा नदी के जल से भरा जाता है. यहां गंगा जल जीवन को बनाये रखने वाली दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है. जल जीवन का आधार है. गंगा तभी हमें ऊर्जा पूरित करेगी, जब उसका जल स्वच्छ रहेगा. जल लेकर अर्घ्य देती है. इसका आशय है, जहां से शीतलता और रोशनी मिले, उसके प्रति संवेदना की आर्द्रता जरूर प्रदान करना चाहिए, साथ ही यह संदेश मिलता है कि जल, थल और नभ यानी संपूर्ण ब्रह्मांड के प्रति हम आभार प्रकट करें. हम उन्हें स्वच्छ व संरक्षित रखने की कोशिश करें, हम ऐसा कोई भी कार्य न करें, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचे. ईश्वर के करीब लाता है यह पर्व करवा चौथ में पति के स्वास्थ और लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाता है. इसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक उपवास किया जाता है. इस अनुष्ठान के अंतर्गत शिव-पार्वती पूजा की थाली तैयार करना, चंद्रमा की पूजा करना और चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों जल और मठरी से व्रत तोड़ने का विधान है. यह एक-दूसरे के प्रति प्रेम-सम्मान और भक्ति का प्रतीक है. मन अशांत होने पर न हम मनुष्य के प्रति प्रेम प्रकट कर पाते हैं और न ही ईश्वर- पृथ्वी का चित्रण है कलश करवा चौथ के नाम में ‘करवा’ शब्द मिट्टी के बर्तन को संदर्भित करता है. पूर्ण कलश पृथ्वी का चित्रण है. भक्ति में ध्यान लगा पाते हैं. यदि हम गौर करें, तो करवा चौथ उपवास का मुख्य उद्देश्य मन को शांत कर ईश्वर और गुरु के करीब आना है.

जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों ने ग्रेनेड के साथ दो आतंकियों को किया गिरफ्तार

Jammu and Kashmir: Security forces arrested two terrorists with grenade Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के पुंछ में सुरक्षाबलों ने जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया है वह लोकल ही है. जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में सुरक्षाबल का तलाशी अभियान जारी है. Jammu Kashmir News: जम्मू कश्मीर के पुंछ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है. दोनों आतंकी स्थानीय बताई जा रहे हैं. सुरक्षाबलों ने आतंकियों के पास से दो ग्रेनेड बरामद किया है. ये दोनों हाइब्रिड आतंकवादी है. ये दिखने में तो सामान्य होते हैं, लेकिन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होते हैं या उनकी सहायता करते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है. आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबल चला रहे अभियान जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ और राजौरी के विभिन्न स्थानों पर आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बीते कुछ दिनों से सुरक्षाबल का तलाशी अभियान जारी है. इससे पहले बुधवार (16 अक्टूबर 2024) को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद गुरसाई टॉप इलाके के मोहरी शाहस्तर में पुलिस और सेना ने देर रात संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया था. आतंकवादियों की तलाश के लिए अतिरिक्त बल भी भेजा गया था. इस दौरान जंगल की ओर बढ़ रहे आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच कुछ देर तक गोलीबारी भी हुई थी. सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों को भी तैनात किया है. वहीं जम्मू के व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने डोडा का दौरा कर सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की. इस जिले में हाल के दिनों में कई आतंकवादी घटनाएं हुई हैं. पुंछ से आतंकियों का हेल्पर हुआ गिरफ्तार राजौरी जिले में तीन संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने शद्र शरीफ क्षेत्र के कुंदन और आसपास के गांवों में घेराबंदी कर गुरुवार (17 अक्टूबर 2024) तड़के तलाशी अभियान शुरू किया था. पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारतीय सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में आतंकियों का साथ देने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया था. सुरक्षा बलों ने उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे.

19 उपचुनाव सीटों की तारीखों की घोषणा: ECI आज 3:30 बजे कर सकता है

Announcement of dates of 19 by-election seats: ECI may announce today at 3:30 pm यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश की 19 सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान आज हो सकता है. इसमें यूपी से 10, राजस्थान से सात और एमपी की 2 सीटें हैं. निर्वाचन आयोग (ईसी) मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों की तारीखों के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान की कुल 19 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान भी कर सकता है. निर्वाचन आयोग चुनाव संबंधी विस्तृत जानकारी की घोषणा के लिए दिल्ली में दोपहर साढ़े तीन बजे संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करने वाला है. यूपी में करहल, मिल्कीपुर, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर समेत प्रदेश की कुल 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. वहीं राजस्थान में खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटें खाली हैं. इसके अलावा एमपी में बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होने हैं. इन 19 सीटों के अलावा निर्वाचन आयोग तीन लोकसभा और कम से कम अन्य 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भी घोषणा कर सकता है, जो विभिन्न कारणों से रिक्त हैं. लोकसभा की जो तीन सीटें रिक्त हैं उनमें केरल में वायनाड, महाराष्ट्र में नांदेड़ और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट सीट शामिल है. बात महाराष्ट्र विधानसभा की करें तो उसका कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी. गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था. नांदेड़ सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण और बशीरहाट सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के हाल में निधन के बाद इन सीट पर चुनाव कराना आवश्यक हो गया है. दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन में प्रेस वार्तामहाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग मंगलवार को चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान करेगा.भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बताया कि आज दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में आयोजित की जाएगी.

इंडिगो फ्लाइट में महिला के साथ छेड़छाड़, चेन्नई एयरपोर्ट पर आरोपी की गिरफ्तारी

Woman molested in Indigo flight, accused arrested at Chennai airport Woman molested in Indigo flight दिल्ली-चेन्नई इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान में एक महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना 9 अक्टूबर की है। आरोपी उड़ान के दौरान महिला को आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश कर रहा था। फ्लाइट लैंड होते ही पुलिस ने कार्रवाई की। नई दिल्ली : दिल्ली-चेन्नई इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान में एक महिला यात्री के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि इस पूरे मामले में इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। आरोपी पेशे से संगमरमर और टाइल बिछाने का काम करता है। यह घटना 9 अक्टूबर की बताई जा रही है। महिला का आरोप है कि 45 वर्षीय राजेश शर्मा उसके साथ इंडिगो एयरलाइंस में साथ ही ट्रेवल कर रहा था। बुधवार को उड़ान के दौरान, राजेश एक महिला के बगल में बैठा था। महिला ने आरोप लगाया कि उस आदमी ने उसे गंदे तरीके से छूने की कोशिश की। जब महिला ने सभी को बताया कि लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने गंदी हरकत करना जारी रखा। इसके बाद पायलट ने खुद उस शख्स की शिकायत की जिसके बाद आरोपी को फ्लाइट लैंड होते ही गिरफ्तार कर लिया गया।जैसे ही फ्लाइट ने लैंड किया, सुरक्षाकर्मी, पहले से ही विमान के उतरने का इंतजार कर रहे थे, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, महिला को भी हवाई अड्डे पर इंडिगो कार्यालय ले जाया गया, जहां से उसने लिखित में शिकायत दी। इस बीच, आदमी को हवाई अड्डे की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आगे की जांच जारी है। Read more : https://saharasamachaar.com/manager-of-livelihood-mission/ महिला जयपुर और दिल्ली की यात्रा के बाद घर लौट रही थी। एक पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया कि आरोपी, जो उसके पीछे बैठा था, ने उड़ान के दौरान कथित तौर पर महिला को आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश की थी। स्थानीय पुलिस ने महिला को लिखित शिकायत दर्ज कराने में मदद करने के बाद, जांच चल रही है। इंडिगो एयरलाइंस ने अभी तक इस घटना के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

हरियाणा विधानसभा चुनाव: ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने युवाओं से ‘बाहर निकलकर मतदान करने’ का आग्रह किया

अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मनु भाकर ने कहा कि एक ‘जिम्मेदार नागरिक’ के तौर पर उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डाला। Haryana assembly elections: Olympic medallist Manu Bhaker urges youth to ‘come out and vote’ हरियाणा ! दोहरी ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को युवाओं से बाहर निकलकर हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डालने का आग्रह किया।हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक में भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट और महिलाओं की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में दो कांस्य पदक जीतेअपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भाकर ने कहा कि एक ‘जिम्मेदार नागरिक’ के तौर पर उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डाला।भाकर ने एक्स पर लिखा, “मुझे स्याही लगी है! एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, मैंने आज सुबह हरियाणा विधानसभा चुनाव में गर्व के साथ अपना वोट डाला। मैं सभी युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बाहर निकलें और बड़ी संख्या में मतदान करें। आपका वोट मायने रखता है।”हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को मतदान शुरू हुआ और सुबह 11 बजे तक 22.70 प्रतिशत मतदान हुआ, भारतीय चुनाव आयोग ने कहा। चुनाव आयोग ने कहा कि हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों पर दोपहर 1 बजे तक 36.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोपहर 1 बजे तक अंबाला में 39.47 प्रतिशत, भिवानी में 38.27 प्रतिशत, फतेहाबाद में 40 प्रतिशत, हिसार में 38.34 प्रतिशत, करनाल में 39.74 प्रतिशत, रोहतक में 36.19 प्रतिशत, सोनीपत में 33.64 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान पंचकूला में हुआ, जहां दोपहर 1 बजे तक 25.89 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी सत्ता विरोधी लहर और किसान आंदोलन तथा पहलवानों के विरोध के मुद्दों पर सत्ता वापस लेने की कोशिश कर रही है। हरियाणा में मुख्य चुनाव लड़ने वाली पार्टियों में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के साथ-साथ इंडियन नेशनल लोकदल-बहुजन समाज पार्टी (आईएनएलडी-बीएसपी) और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)-आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन शामिल है। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल के अनुसार, 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में 2,03,54,350 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,07,75,957 पुरुष, 95,77,926 महिलाएं और 467 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल, 1,031 उम्मीदवारों के साथ 90 निर्वाचन क्षेत्रों में 20,632 मतदान केंद्र स्थापित

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर बड़ी खबर : संजय जोशी हो सकते हैं “राष्ट्रीय अध्यक्ष”

Big news regarding the post of National President of BJP: Sanjay Joshi may become the “National President” भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संजय जोशी अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते है। नई दिल्ली ! सूत्रों के मुताबिक संजय जोशी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसी के साथ पार्टी पार्टी के मंत्रियों से मिलना-जुलना शुरू हो गया है। भाजपा की वर्तमान राजनीति में यह नाम निश्चित ही चौंकाने वाला है। ऐसा नहीं है कि जोशी इस पद के योग्य नहीं है, उनकी गिनती कुशल संगठकों में होती हैं। यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि वर्तमान भाजपा में जिन नेताओं का दबदबा है, जोशी की उनके साथ बिलकुल भी पटरी नहीं बैठती। दरअसल, जगत प्रकाश नड्‍डा का भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल खत्म हो चुका है। वे एक्सटेंशन पर चल रहे हैं। पार्टी की एक व्यक्ति एक पद की नीति में भी फिट नहीं बैठते। ऐसे में अध्यक्ष के लिए नए नामों की चर्चा है। इन्हीं में एक नाम संजय जोशी का भी है। जोशी के बारे में कभी उनके सहयोगी रहे गोरधन झड़ाफिया ने कहा था- ‘अपार क्षमता वाले एक मूक कार्यकर्ता हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं में लोकप्रिय हैं’। भाजपा को बहुत अच्छे से समझते हैं जोशी : मैकेनिकल इंजीनियर की डिग्री वाले 62 वर्षीय संजय जोशी भाजपा के ‘मैकेनिज्म’ को भी बखूबी समझते हैं। वे संघ के पूर्वकालिक प्रचारक हैं। 1989-90 में संजय जोशी को आरएसएस ने संगठन को मजबूत करने के लिए गुजरात भेजा था। उस समय उन्हें संगठन मंत्री का पद दिया गया था, जबकि नरेन्द्र मोदी संगठन मंत्री के रूप पहले से ही काम कर रहे थे। दोनों ने ही मिलकर पार्टी को मजबूत किया और 1995 में भाजपा ने पहली बार गुजरात में सरकार बनाई। दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं : गुजरात में 1998 में भाजपा एक बार फिर सत्ता में आई। कहा जाता है कि मोदी उस समय गुजरात आना चाहते थे, लेकिन जोशी के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसी के बाद दोनों के बीच की दूरियां बढ़ गईं। केशुभाई फिर राज्य के सीएम बने। 2001 में राजनीतिक समीकरण बदले और मोदी की गुजरात में वापसी हुई और वे मुख्‍यमंत्री पद पर आसीन हो गए। कहा जाता है कि मोदी ने गुजरात लौटने के बाद संजय जोशी को दिल्ली रवाना करवा दिया। हालांकि उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। 2001 से 2005 के कार्यकाल में जोशी ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और मध्य प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने का काम किया। सीडी विवाद के बाद जोशी नैपथ्य में चले गए। संघ के करीब हैं जोशी : जोशी और मोदी के संबंधों की खटास किसी से भी छिपी नहीं है, लेकिन जोशी कई मौकों पर मोदी की तारीफ कर चुके हैं। नागपुर में जन्मे संजय जोशी संघ के काफी करीब हैं। वे पूर्णकालिक प्रचारक के तौर पर संघ में सक्रिय भी हैं। जेपी नड्‍डा के बयान कि भाजपा अब बड़ी हो गई है, उसे संघ की जरूरत नहीं है, इस बयान को लेकर संघ में नाराजगी है। संघ भी चाहता है कि अध्यक्ष पद पर संघ के प्रति समर्पित कोई व्यक्ति बैठे। यदि जोशी इस पद पर बैठते हैं तो संघ सरकार पर भी शिकंजा कस पाएगा। संजय जोशी वास्तव में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो यह भारतीय जनता पार्टी के भविष्य के लिए बेहद सुनहरा अवसर होगा आदरणीय संजय जोशी जी एक कर्मठ कर्मनिष्ठ भाव से कार्य करने वाले स्वयंमेव है और राष्ट्रीयता का भाव कूट कूट कर भरा हुआ है वर्तमान परिस्थितियों में भारतीय जनता पार्टी आयातित कार्यकताओं के बदौलत जो साम्राज्य खड़ा करने कि कोशिश कि है वह बेवजह किया गया है इसके कोई कारण नहीं है बल्कि बिना सोचे-समझे बिना विचार किए निर्णय का परिणाम है कि आज कांग्रेस मय भारतीय जनता पार्टी बनकर रह गया है इससे हम जैसे कार्यकताओं को काफी धक्का लगा और घर बैठ गया और ऐसे हजारों हजार कि संख्या में कार्यकर्ता घर बैठ गए क्योंकि आयातित कार्यकताओं कि वजह से स्वत ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया या वह आत्म सम्मान से समझौता नहीं किया वर्तमान परिस्थितियों में एक कर्मनिष्ठ भाव वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष कि जरूरत है और यह जरुरत संभवतः संजय जोशी जी पुरा करने कि दक्षता रखते हैं!!

स्वतंत्र SIT करेगी तिरुपति लड्डू प्रसाद मामले की जांच

Independent SIT will investigate Tirupati Laddu Prasad case Tirupati Laddu Row Hearing in Supreme Court: तिरुपति लड्डू प्रसाद मामले की जांच अब एक स्वतंत्र SIT करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार की तरफ से गठित SIT को लेकर उठ रहे सवालों के मद्देनजर नई जांची टीम का गठन किया है. इस जांच दल में 2 सीबीआई अधिकारी होंगे, 2 अधिकारी आंध्र प्रदेश पुलिस के होंगे और एक अधिकारी फूड स्टैंडर्ड एंड सेफ्टी अथॉरिटी यानी FSSAI का होगा. जांच की निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे. दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र तिरुपति बालाजी मंदिर में आंध्र प्रदेश की पिछली जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान चढ़ाए जा रहे प्रसाद में मिलावट का आरोप लगा था. यह आरोप आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लगाया था. उन्होंने कहा था कि प्रसाद में इस्तेमाल किए जा रहे घी में एनिमल फैट यानी पशुओं की चर्बी की मिलावट पाई गई है. इस बात के सामने आते ही लोगो में गहरी नाराजगी फैल गई थी. बाद में इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल हुई. सुनवाई के दौरान सीएम पर लगाया ये आरोप तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के करीबी रिश्तेदार वाई.वी. सुब्बा रेड्डी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका में इस बात पर सवाल उठाया गया कि चंद्रबाबू नायडू ने जांच पूरी होने से पहले ही राजनीतिक लाभ के लिए बयान दिया. उन्होंने कहा कि घी के जो 4 टैंकर नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के पास जांच के लिए भेजे गए थे, उन्हें प्रसाद बनाने में इस्तेमाल नहीं किया गया था. सॉलिसिटर जनरल ने राज्य सरकार की SIT को बताया उपयुक्त राज्य सरकार के निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राज्य सरकार की तरफ से बनाई गई SIT को जांच करने दिया जाए या किसी दूसरी संस्था को यह ज़िम्मा दिया जाए. इसका जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्य सरकार के SIT में सभी बेदाग और अच्छे अधिकारी हैं. उन्हें जांच करने देना चाहिए. बेहतर जांच के लिए उनकी निगरानी का काम एक केंद्रीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंप देना चाहिए. कपिल सिब्बल ने किया सॉलिसिटर जनरल के सुझाव का विरोध वाई.वी. सुब्बा रेड्डी के लिए पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस सुझाव का विरोध किया. उनकी मांग थी कि सुप्रीम कोर्ट अपनी तरफ से SIT का गठन करे. आखिरकार जस्टिस बी.आर. गवई और के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि वह एक SIT बना रहे हैं. इसमें 2 अधिकारी सीबीआई के होंगे, दो आंध्र प्रदेश पुलिस के होंगे और एक अधिकारी FSSAI का होगा. कोर्ट ने कहा कि SIT में आंध्र प्रदेश पुलिस के जो अधिकारी होंगे, उनका नाम आंध्र प्रदेश सरकार तय करेगी, FSSAI के अधिकारी का चयन FSSAI के अध्यक्ष करेंगे. कोर्ट का कहना था कि FSSAI खाद्य मिलावट के मामलों में विशेषज्ञ संस्था है. ऐसे में उसके एक अधिकारी की मौजूदगी से जांच बेहतर हो सकेगी. भविष्य में इस जांच से किसी को दिक्कत हो तो यहां वापस आ सकते हैं – सुप्रीम कोर्ट इस आदेश के साथ सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया है. यानी भविष्य में सुप्रीम कोर्ट या राज्य सरकार के पास कोई रिपोर्ट नहीं आएगी. SIT स्वतंत्र जांच करेगी और जांच के आधार पर अगर किसी पर मुकदमा चलाने की जरूरत हुई, तो वह निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर भविष्य में इस जांच को लेकर किसी को कोई समस्या होती है, तो वह वापस उसका दरवाजा खटखटा सकता है.

महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान ने कम स्कोर वाले मैच में श्रीलंका को 31 रनों से हराया

Women’s T20 World Cup: Pakistan beats Sri Lanka by 31 runs in a low-scoring match भोपाल ! पाकिस्तान ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में कम स्कोर वाले मैच में एशिया कप विजेता श्रीलंका को 31 रनों से हराया। पाकिस्तान ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में अपने एशियाई प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका को 31 रनों से हराया। कम स्कोर वाले मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 116 रनों पर आउट हो गई। एशिया कप विजेता श्रीलंका के लिए 117 रनों का लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और श्रीलंका को 20 ओवर में 85/9 पर रोक दिया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को 20 गेंदों में 30 रनों की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथु ने 3/19 का शानदार स्पेल किया। अथापथु की टीम की साथी सुगंदिका कुमारी और उदेशिका प्रबोधनी। हालांकि, तीनों की गेंदबाजी की कोशिशें बेकार गईं। छोटे स्कोर का बचाव करते हुए, बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल ने चार ओवर में 3/17 के शानदार आंकड़े के साथ पाकिस्तान की अगुआई की, जबकि ओमैमा सोहेल (2/17), नशरा संधू (2/15) और कप्तान सना (2/10) ने दो-दो विकेट लिए। टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और छठे ओवर में उसने 32 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। श्रीलंका मैच में शीर्ष पर था, लेकिन 10वें ओवर में ओमैमा सोहेल (19 गेंदों पर 18 रन) के रूप में अपना चौथा विकेट गिरने के साथ ही पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो गई। अपनी पारी के आधे चरण में, पाकिस्तान चार विकेट के नुकसान पर 57 रन के सामान्य स्कोर के साथ मुश्किल में था। बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी ने पाकिस्तान की पारी के शुरुआती दौर में सबसे ज़्यादा विध्वंसक भूमिका निभाई, इस अनुभवी खिलाड़ी ने सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली (14 गेंदों पर 11 रन) और गुल फ़िरोज़ा (4 गेंदों पर 2 रन) के विकेट लिए। हालांकि, अंत में पाकिस्तान ने जीत दर्ज की। संक्षिप्त स्कोर: पाकिस्तान: — 20 ओवर में (फ़ातिमा सना 30; चमारी अथापथु 3/18, सुगंधिका कुमारी 3/19, उदेशिका प्रबोधनी 3/20) श्रीलंका: 20 ओवर में 85/9 (नीलक्षी डी सिल्वा 22; सादिया इक़बाल 3/17)।

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर सुर्खियों में

Pandit Dhirendra Krishna Shastri of Bageshwar Dham is once again in the headlines. पटना ! बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध धार्मिक गुरु, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, हाल ही में एक बार फिर मीडिया और जनता के ध्यान का केंद्र बन गए हैं। उनकी शिक्षाएँ, प्रवचन और सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें लगातार सराहा जा रहा है, लेकिन इस बार उनकी चर्चा एक विशेष घटना के कारण हो रही है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपने भक्तों को कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा, ‘हिंदुओं के खिलाफ बड़ी साजिश हुई है. आपने हवस का पुजारी सुना है, लेकिन हवस का मौलवी नहीं. हवस का मौलवी क्यों नहीं हो सकता?’ उन्होंने आगे कहा, हिंदुओं उन्होंने साजिश की और तुमने स्वीकार कर लिया है. मुसलमान अपने मौलवियों का अपमान नहीं करते हैं, लेकिन हिंदू ऐसा करते हैं. हम किसी के विरोध में नहीं हैं. प्रायोजित तरीके से लोगों का ब्रेन वॉश किया जा रहा है. उनकी शिक्षाओं का असर केवल धार्मिक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी के बीच भी उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। पंडित जी ने न केवल धार्मिक विषयों पर चर्चा की, बल्कि समाज में फैली असमानताओं और injustices के खिलाफ भी आवाज उठाई। उन्होंने कहा, “हमें अपने धर्म को समझते हुए समाज में सुधार लाने के लिए आगे आना होगा।” Read more : https://www.facebook.com/share/v/RjhFFp6gbdF2HPGf/ हाल ही में, पंडित धीरेंद्र ने एक विवादास्पद बयान भी दिया, जो चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, उनके अनुयायियों ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि उनकी बातें हमेशा से समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से होती हैं। इस प्रकार, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं, और उनके अनुयायी उन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ सुनते हैं। उनकी शिक्षाएँ, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक प्रेरणा बन रही हैं, और यह स्पष्ट है कि उनका प्रभाव आने वाले समय में भी जारी रहेगा।

नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर दिखे भूपेंद्र सिंह हुड्डा-कुमारी सैलजा

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने करनाल के असंध में रैली को संबोधित किया. इस दौरान भूपिंदर सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा भी साथ नजर आए. हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा नजर आए. राहुल गांधी बारी बारी से दोनों को वक्त देते दिखे. करनाल में रैली के मंच से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का परचम इतना ऊंचा लहरा दिया है कि इनके सामने कोई और नेता टिक नहीं पा रहा है. कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों पर बीजेपी का कुशासन थोपा गया है. बीजेपी ने लोगों को धोखा देकर यहां राज किया. आज बदला लेने का समय आ गया है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है. हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के लोग सिर्फ कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं. लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस के 10-10 सालों के कार्यकाल को तौल लिया है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने हरियाणा को पीछे ले जाने का काम किया है. ये सिर्फ बातें बड़ी बड़ी करते हैं. हुड्डा ने किसानों की MSP को लेकर भी सैनी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के पक्ष में लहर चल रही है. कांग्रेस आ रही है और बीजेपी जा रही है. हरियाणा में चुनावी रैली में राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर प्रदेश को बर्बाद करने का आरोप लगाया. हरियाणा में बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रोजगार व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से खत्म कर दिया है.

जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी ने बताया RSS का प्लान

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste census

Rahul Gandhi told RSS’s plan on caste census हरियाणा के असंध में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूछा कि हरियाणा के युवा अमेरिका क्यों जा रहे हैं? जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिजग जनगणा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन में बीजेपी के लोग, ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं में बीजेपी के लोग. यहां आपको गरीब और दूसरी जाति के लोग नहीं मिलेंगे. इसलिए हम जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “बीजेपी वाले संविधान पर हमला कर रहे हैं. हिंदुस्तान में किसकी कितनी आबादी है, हम उसे चेक करने के लिए कहते हैं. आरएसएस कहती है कि जाति जनगणना करना चाहिए, लेकिन अंदर से मना कर देती है. गरीब पिछड़ा आपको कहीं बड़े पोस्ट पर नहीं मिलेगा.” ‘अमेरिका जाने के लिए जमीन बेचे’ कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मैं अमेरिका गया था, तो मैंने देखा कि एक कमरे में 15-20 लोग सो रहे थे. एक युवा ने मुझे बताया कि उनमें से कई ने अमेरिका आने के लिए 30-50 लाख रुपये का कर्ज लिया या अपनी जमीन बेची. जब मैंने उन्हें बताया कि वे उसी पैसे से हरियाणा में बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा करना संभव नहीं है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं करनाल गया, तो मैंने एक बच्चे को कंप्यूटर पर चिल्लाते हुए अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान (अमेरिका से) वापस आने के लिए कहते देखा…हरियाणा सरकार ने राज्य और उसके युवाओं को खत्म कर दिया है.” रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “ये लड़ाई हरियाणा नहीं, हिंदुस्तान को बचाने की है. देश की सारी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया गया है, जिस पर पूरा कंट्रोल नागपुर का है. उसमें हिंदुस्तान के 90 फीसदी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.”

किसान आंदोलन, कृषि कानून; क्या बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहीं कंगना रनौत ?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP? भोपाल ( कमलेश )। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के बयान बीजेपी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। कुछ ही समय में कंगना ने ऐसे दो बयान दिए हैं, जिससे बीजेपी ने तुरंत किनारा कर लिया। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह बीजेपी की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। पहले किसान आंदोलन और फिर अब तीनों कृषि कानूनों को लेकर कंगना ने जो कहा है, उससे पार्टी के अंदर भी उनके खिलाफ सुर उठने लगे हैं। कृषि कानूनों को लेकर कंगना रनौत ने पहले कहा कि मुझे पता है कि विवाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को भी इसकी मांग करनी चाहिए। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंगना ने खेत जताते हुए अपने शब्दों को वापस ले लिया। कंगना के बयान से बीजेपी को हरियाणा विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही थी। कंगना के बयान से हरियाणा में हो सकता था नुकसान हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को सभी 90 सीटों पर वोटिंग है, जिसके नतीजे आठ अक्टूबर को आएंगे। राज्य में पिछले एक दशक से बीजेपी की सरकार होने से पार्टी को पहले से ही एंटी इनकमबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। अग्निवीर, किसान संबंधी मुद्दे, बेरोजगारी आदि को लेकर राज्य की जनता में बीजेपी सरकार के खिलाफ कई बार नाराजगी भी देखी गई है। वहीं, टिकट कटने की वजह से बीजेपी कई नेताओं की बगावत भी झेल रही। ऐसे में चुनावी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कंगना के तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग करने वाला बयान हरियाणा में बीजेपी को और नुकसान पहुंचा सकता था। यही देखते हुए बीजेपी ने कंगना के बयान का खंडन करते हुए कहा कि यह उनका निजी बयान है। कुछ साल पहले दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा के भी बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के लिए लंबे समय तक बैठे थे। इसके बाद पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कांग्रेस ने मारा मौके पर चौका जैसे ही कृषि कानूनों पर कंगना रनौत ने बयान दिया, कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए उसे हरियाणा चुनाव में भुनाने की तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने विभिन्न रैलियों में कंगना के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन कृषि कानूनों को फिर से वापस नहीं आने देंगे। दीपेंद्र हुड्डा ने रैली में कहा, “750 किसानों ने अपनी शहादत देकर MSP और मंडी प्रणाली को भाजपा की तानशाही सरकार से बचाया है। काले कृषि कानून वापस लाने के मंसूबे रखने वाले तमाम भाजपा सांसदों को हमारी चुनौती है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद देश में ऐसी कोई ताकत नहीं जो ये कानून वापस लागू कर सके।” कांग्रेस के ओर से मुद्दा उठाए जाने के बीच बीजेपी ने भी कंगना के बयान से अपने आप को अलग किया। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बयान उन 3 कृषि कानूनों से संबंधित है, जिन्हें पहले बीजेपी सरकार ने रद्द कर दिया था। इस प्रकार, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान कंगना रनौत के व्यक्तिगत विचारों को दर्शाता है और किसी भी तरह से 3 कृषि कानूनों से संबंधित बयान में बीजेपी के विचारों को नहीं दर्शाता। मुझे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कंगना रनौत को बीजेपी द्वारा 3 कृषि कानूनों के विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।”

पं. दीनदयाल जी का दर्शन मानवता की भलाई का मार्ग दिखाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा से मानवता का भला करने का दर्शन दिया। उनका मानना था कि देश की जड़ों से जुड़कर हम कार्य करें और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक का भला करें। शांति के अग्रदूत के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को क्रियान्वित करते हुए विकास और जनकल्याण के कार्य पूरे देश में जारी है। उनके विचारों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए संपूर्ण प्रदेश में अभियान जारी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया के विभिन्न भागों तक हुआ है। जन-कल्याण की कई योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के लक्ष्य को समर्पित : सांसद शर्मा सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के आधार पर ही विश्व के सबसे बड़े संगठन ने अपना विस्तार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के पुनीत कर्तव्य को समर्पित हैं। उनकी जयंती पर प्रत्येक वार्ड, मोहल्ले और गांव-गांव में उनके विचारों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अधिक से अधिक लोगों को उनके विचार से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त-घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, विधायक भगवानदास सबनानी तथा अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

डंकी के चलते युवा क्यों हो रहे हैं पराए देशों में मजबूर, राहुल गांधी ने X पर किया पोस्ट

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में अमेरिका यात्रा से लौटे हैं। जिसके बाद वह पिछले दिनों हरियाणा में करनाल के घोघड़ीपुर गांव में पहुंचे थे, यहां उन्होंने अमेरिका में रहने वाले अमित के परिजनों से मुलाकात की। जोकि, वहां सड़क हादसे में घायल हो गया था। अब राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि बड़ी संख्या में युवा बेहतर रोजगार और अवसरों की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। भाजपा सरकार के 10 वर्षों के शासन में रोजगार के अवसरों की कमी के चलते यह स्थिति और गंभीर हो गई है। बेरोजगारी की इस बीमारी ने लाखों परिवारों को अपनों से दूर कर दिया है, जिससे न सिर्फ युवा बल्कि उनके परिजन भी पीड़ित हैं। पिछले एक दशक में भाजपा सरकार ने युवाओं से रोजगार के अवसर छीनकर उनके साथ गहरा अन्याय किया है। टूटी उम्मीदों और हारे मन से मजबूर होकर ये युवा यातनाओं की यात्रा करने को विवश हो रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट है कि अगर इन्हें अपने देश में, अपनों के बीच जीविका कमाने का पर्याप्त अवसर मिलता, तो ये कभी अपना वतन छोड़ने को तैयार न होते। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि सरकार बनने के बाद एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी जिससे हरियाणा के युवाओं को विदेश जाने की मजबूरी नहीं होगी। हम राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर इस समस्या का समाधान करेंगे, ताकि कोई भी युवा अपने सपनों के लिए अपनों से दूर न हो।

रामनाथ कोविन्द : प्रसाद के प्रति शंका पैदा करती है तिरुपति तिरुमाला जैसी घटनाएं

Ramnath Kovind: Incidents like Tirupati Tirumala raise doubts about Prasad

Ramnath Kovind: Incidents like Tirupati Tirumala raise doubts about Prasad नई दिल्ली। बीएचयू के आयुर्वेद विभाग की राष्ट्रीय संगोष्ठी में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा कि इस समय तिरुपति तिरुमाला प्रसादम की खबर आ रही है। लोगों के मन में प्रसाद के प्रति श्रद्धा होती है, लेकिन ऐसे मामले शंका उत्पन्न करते हैं। उन्‍होंने कहा, ”इस बार मुझे बाबा विश्वनाथ के दर्शन का सौभाग्य नहीं प्राप्त हो सका, लेकिन मेरे कुछ सहयोगी मंदिर गए थे। वह प्रसाद लेकर आए तो उस समय मेरे मन में तिरुमाला प्रसादम की बात खटकी। हर मंदिर और तीर्थस्थल की कहानी हो सकती है। मिलावटपन को हिंदू शास्त्रों में पाप कहा गया है।” खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट दुर्भाग्यपूर्णरामनाथ कोविन्द शनिवार को शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में भारतीय गाय, जैविक खेती व पंचगव्य चिकित्सा विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को दुर्भाग्यपूर्ण बताया!उन्‍होंने कहा क‍ि कहा कि किसान भी सोचता है कि अगर उसके पास सौ बीघा खेत है तो वह 10 बीघा खेती रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल के बगैर करना चाहता है। जो अन्न उन्हें या उनके परिवार को उपभोग करना है, इतना हिस्सा वह गौ आधारित खेती कर रहे, लेकिन वह किसान भूल जाता है कि गेहूं व धान की खेती तो ऐसे कर सकता है। मसाला और बाकी अन्न की खेती के लिए बाजार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। वह आइसोलेट होकर कैसे सोच सकते हैं। ऐसे में गोवंश के विज्ञानी देश को समाधान बताएं।

लड्डू विवाद के बाद कर्नाटक सरकार ने लिया बड़ा एक्शन, मंदिर प्रबंधन को आदेश

After the laddu controversy, Karnataka government took major action, ordered the temple management

After the laddu controversy, Karnataka government took major action, ordered the temple management बेंगलुरु। आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू परसाद के घी में जानवरों की चर्बी मिलने की बात से हर कोई परेशान है। इसे हिंदुओं की आस्था पर बड़ी आंच कहा जा रहा है। वहीं, इस विवाद के बाद अब कर्नाटक भी एक्शन में आ गई है। कर्नाट सरकार भी एक्शन मेंकर्नाटक की सिद्दरमैया सरकार ने एक निर्देश जारी किया है, जिसमें राज्य के मंदिर प्रबंधन निकाय के अंतर्गत आने वाले सभी 34,000 मंदिरों में नंदिनी ब्रांड के घी का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। कर्नाटक सरकार के नए निर्देश के अनुसार, उसके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों को मंदिर के अनुष्ठानों, जैसे कि दीपक जलाना, प्रसाद तैयार करना और ‘दसोहा भवन’ (जहां भक्तों को भोजन परोसा जाता है) में केवल नंदिनी घी का इस्तेमाल करना होगा। मंदिर के कर्मचारियों को ये आदेशकर्नाटक सरकार ने मंदिर के कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वो यह सुनिश्चित करें कि ‘प्रसाद’ की गुणवत्ता से कभी समझौता न किया जाए। कर्नाटक राज्य के धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के तहत सभी अधिसूचित मंदिरों में, सेवाओं, दीपकों और सभी प्रकार के प्रसाद की तैयारी और दसोहा भवन में केवल नंदिनी घी का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।

बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, BJP शासित राज्यों को लगा झटका

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि हमारी अनुमति के बिना कोई कार्रवाई नहीं हो। शीर्ष न्यायलय का यह आदेश उत्तर प्रदेश समेत सभी बीजेपी शासित राज्यों के लिए झटका है। यह रोक एक अक्टूबर तक के लिए लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण कार्रवाई के खिलाफ दाखिल जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है। जस्टिस बीआर गवई ने साफ किया कि सड़क, फुटपाथ या रेलवे लाइन को रोककर किए गए अवैध निर्माण पर यह निर्देश लागू नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा।

केंद्रीय रेशम बोर्ड ने झारखंड के कुरजुली गांव को बनाया टसर कीट उत्पादन का प्रमुख केंद्र

Central Silk Board made Kurjuli village of Jharkhand the main center of tussar moth production.

Central Silk Board made Kurjuli village of Jharkhand the main center of tussar moth production. रांची, रमेश अग्रवाल ! पश्चिमी सिंहभूम के पोड़ाहाट वन क्षेत्र में स्थित झारखंड का कुरजुली गांव, अब टसर सिल्क कीट उत्पादन के लिए देशभर में पहचान बना चुका है। हालांकि गांव में पक्की सड़कों और बिजली जैसी सुविधाओं का अभाव है, लेकिन 300 घरों वाले इस गांव ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। चार साल के भीतर, यहां के सभी परिवार टसर कीट पालन से अपनी जीविका चला रहे हैं और रोजगार के लिए बाहर गए लोग वापस लौट चुके हैं। इस बदलाव के चलते न सिर्फ कुरजुली, बल्कि आसपास के 10 गांवों में भी पलायन 99% तक रुक गया है। 2019-2020 में शुरू हुई थी पहलकेंद्रीय रेशम बोर्ड और वस्त्र मंत्रालय की पहल पर 2019-2020 में गांव के 136 ग्रामीणों ने व्यावसायिक रूप से टसर सिल्क कीट का उत्पादन शुरू किया था। यह गांव अब देश का सबसे बेहतर, उच्च गुणवत्ता और रोगमुक्त टसर कीट का उत्पादन कर रहा है। यहां से उत्पादित कीटों को केंद्रीय रेशम बोर्ड अनुसंधान, रांची और अन्य प्रमुख टसर उत्पादन केंद्रों में भेजा जाता है, जिनसे रेशम के वस्त्र तैयार किए जाते हैं। वस्त्र मंत्रालय ने इस गांव को देश के एकमात्र टसर कीट उत्पादक के रूप में संरक्षित किया है। पहले यहां परंपरागत रूप से टसर सिल्क कोकून की खेती होती थी। गांव के हर परिवार का मुख्य व्यवसाय टसर सिल्क कीट पालनगांव के हर परिवार ने टसर सिल्क कीट पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बना लिया है। वैज्ञानिकों और ग्रामीणों के बीच संवाद का परिणाम यह हुआ है कि आज हर परिवार अच्छी आय अर्जित कर रहा है। केंद्रीय रेशम बोर्ड के निदेशक, डॉ. एनबी चौधरी ने इस परियोजना को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा है। देश का एकमात्र टसर कीट प्रजनन केंद्रकुरजुली में देश का एकमात्र पी-4 टसर प्रजनन केंद्र भी स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र में सखुआ और आसन के पेड़ों की भरमार है, जो रेशम कीट पालन के लिए आदर्श माने जाते हैं। यहां के पर्यावरण की अनुकूलता के कारण कुरजुली अब टसर कीट प्रजनन के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। कुरजुली बना आत्मनिर्भरता की मिसालपिछले चार सालों में कुरजुली के प्रत्येक परिवार की वार्षिक आय ₹1.25 लाख से अधिक हो गई है। एक समय मजदूरी करने वाले ग्रामीण, अब स्वरोजगार से अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, पिछले साल मछुवा पूर्ति नामक ग्रामीण ने ₹1.31 लाख की वार्षिक आय अर्जित की। वहीं, महावीर हाईबुरु ने बताया कि अब कोई भी शहरों की ओर पलायन नहीं कर रहा है, क्योंकि गांव में ही उन्हें स्थायी रोजगार मिल रहा है। कुरजुली गांव की यह सफलता, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

मणिपुर में उग्रवादियों ने राज्यमंत्री के घर पर ग्रेनेड से किया हमला, शुरू की गई जांच

Militants attack Minister of State's house with grenade in Manipur, investigation initiated

Militants attack Minister of State’s house with grenade in Manipur, investigation initiated मणिपुर में चल रहे संघर्ष के बीच उग्रवादियों ने राज्य सरकार के एक मंत्री के घर को निशाना बनाया। उग्रवादियों ने उखरूल जिले में मंत्री काशिम वाशुम के घर पर ग्रेनेड से हमला किया। ग्रेनेड फटने से उनके घर की दीवारें और कुछ हिस्सा टूट गया। गनीमत रखी कि हमले के वक्त घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था। हमले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। एक अधिकारी ने बताया कि छींटे बरामद कर लिए हैं। ग्रेनेड हमले के बाद कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं। जांच के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी ने भी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। वाशुम राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायक हैं। वहीं तंगखुल नागा जनजाति के शीर्ष संगठन तंगखुल नागा लॉन्ग ने हमले की कड़ी निंदा की है और पुलिस से अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। तोड़फोड़ मामले में शामिल मणिपुर का युवक गिरफ्तारअसम पुलिस ने तोड़फोड़ गतिविधियों में शामिल होने के मामले में मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के 34 वर्षीय निवासी को गिरफ्तार किया है। मणिपुर पुलिस ने कहा कि युवक को 13 सितंबर को गुवाहाटी के बशिष्ठा पुलिस स्टेशन के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया था। युवक यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी का वित्त सचिव है। उस पर एनएच-2 के सपरमीना पुल को बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप है। मणिपुर पुलिस पहले से ही मामले में असम पुलिस के साथ काम कर रही है। वहीं सुरक्षा बलों ने जिरिबाम जिले के मोंगबुंग गांव में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान एक पिस्तौल, जिंदा गोला-बारूद, एक वॉकी-टॉकी सेट, 16 बम और बारूद से भरा एक बैग बरामद किया। मणिपुर में पिछले साल मई में मैतई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष शुरू हुआ था। जिसके बाद बाद से हिंसा में 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।

कोलकाता रेप कांडः ममता बनर्जी का इमोश्नल दांव! मैं हूं साथ, CM पद की नहीं पड़ी

Kolkata Rape Case: Mamata Banerjee's emotional bet! I am with you, I am not interested in the post of CM.

Kolkata Rape Case: Mamata Banerjee’s emotional bet! I am with you, I am not interested in the post of CM. कोलकाता ! सीएम ममता बनर्जी स्वास्थ्य विभाग के बाहर धरना मंच पर पहुंचीं, जहां जूनियर डॉक्टर “वी वांट जस्टिस” के नारों के बीच आंदोलन कर रहे हैं।ममता बनर्जी धरना स्थल पर पहुंचीमै आपका दर्द समझती हूं , मै आपके साथ हूंमुझे अपने पद की चिंता नही हैछात्र जीवन में मैने भी बहुत आंदोलन किया है

अयोध्या राम मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाला ,भागलपुर से गिरफ्तार हुआ मकसूद अंसारी

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple पटना ! अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी का कनेक्शन भागलपुर से भी जुड़ गया है. इंस्पेक्टर रजनीश कुमार पांडेय के नेतृत्व में अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम ने बरारी थानाक्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित मस्जिद गली से आमिर के सहयोगी मोहम्मद मकसूद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है उसके पास से पुलिस टीम चार मोबाइल भी बरामद किया है जिसमें उसकी तरफ से फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप पर अयोध्या धाम मंदिर उड़ाने की धमकी दी गई थी. यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को भी मारने की धमकी दी थी. बरामद मोबाइल से आमिर से जुड़ी जानकारी और अयोध्या धाम मंदिर को उड़ाने से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं. वहीं, शुक्रवार की देर रात यूपी पुलिस आरोपी को उत्तर प्रदेश लेकर चली गई. भागलपुर की पुलिस के सहयोग से हुई गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार अयोध्या से आई पुलिस टीम तकनीकी निगरानी में मकसूद को बांका जिले के अमरपुर सुल्तानपुर के पास से गिरफ्तार किया है, लेकिन अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम के अधिकारियों का दावा है कि मकसूद को बड़ी खंजरपुर के मस्जिद गली वाले उसके घर से गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी आनंद कुमार के निर्देश पर इंस्पेक्टर अभय शंकर के नेतृत्व में पुलिस टीम को सहयोग के लिए लगाया गया तब उसकी गिरफ्तारी में सफलता मिली. पुलिस टीम बरारी थाने की पुलिस के सहयोग से उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने का प्रयास करती रही, लेकिन फिलहाल स्वास्थ्य जांच कराते हुए उसे वहां के न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है. कई चौंकाने वाली मिली जानकारी अयोध्या से आई पुलिस टीम मकसूद अंसारी लेकर देर रात अयोध्या के लिए रवाना हो गई है. मकसूद आमिर से कई बार बात कर चुका है. तकनीकी जांच में इसके साक्ष्य मिले हैं. बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर निवासी मरहूम हाजी जौहर अंसारी के पुत्र मकसूद जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकी संगठन से जुड़े आमिर के संपर्क में था उससे जुड़े देश विरोधी पोस्ट भी शेयर किया करता था. साइबर ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है. संगठन के नाम पर भी लाखों रुपये इकट्ठा करने और नए लड़कों की संगठन में भर्ती को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है. यूपी एसटीएफ भी पहुंची थी साथ यूपी से एसटीएफ की टीम भी सादे लिबास में इनोवा गाड़ी से पहुंची थी जो वहां से आई स्पेशल टीम के साथ ही थी फिर मकसूद को लेकर रवाना हो गई.

मंकीपॉक्स वायरस कि पहली वैक्सीन को WHO ने दी मंजूरी

WHO approves the first vaccine for monkeypox virus

WHO approves the first vaccine for monkeypox virus नईदिल्ली। दुन‍िया भर में फैले एमपॉक्स के प्रकोप के बीच, WHO ने मंकीपॉक्स वायरस के खिलाफ पहली बार बवेरियन नॉर्डिक के टीके को मंजूरी देने की घोषणा की है. संशोधित वैक्सीनिया अंकारा-बवेरियन नॉर्डिक या एमवीए-बीएन को 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी वयस्कों में चेचक, एमपॉक्स और संबंधित ऑर्थोपॉक्सवायरस संक्रमण और बीमारी के खिलाफ टीकाकरण के लिए संकेत दिया गया है. WHO की मंजूरी तब आई है, जब संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य निकाय ने पिछले महीने अफ्रीका में इसके प्रकोप पर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था. टीके को मंजूरी के लिए WHO का मूल्यांकन बवेरियन नॉर्डिक की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है. इस वैक्सीन के लिए रिकॉर्ड की नियामक एजेंसी और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने समीक्षा की है.

ऑल इंडिया पंचायत परिषद के आय के स्रोत….

Sources of income of All India Panchayat Parishad….

Sources of income of All India Panchayat Parishad…. शीतला शंकर विजय मिश्रमुख्य महामंत्रीऑल इंडिया पंचायत परिषद एवं न्यासी सचिव मा० सदस्य गण आप सबकी माँग पर कि ऑल इंडिया पंचायत परिषद के आय के स्रोतों के सम्बंध में समस्त सदस्यों को जानकारी दूँ।इस सम्बंध में विवरण प्रस्तुत कर रहा हूँ।…….. 1-सम्बद्ध राज्य पंचायत परिषदों से प्राप्त वार्षिक संबद्धता शुल्क।2- महासमिति के मा० सदस्य गण से प्राप्त वार्षिक सदस्यता शुल्क।3-बलवंत राय मेहता पंचायती राज संस्थान [ फ़ाउंडेशन] की पौधशाला के प्लांटों की विक्री से अनुदान के रूप में प्राप्त धनराशि।4-त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं से प्राप्त अनुदान एवं सदस्यता शुल्क।5-गुजरात प्रदेश पंचायत परिषद एवं समस्त ज़िला पंचायतों से प्राप्त विशेष वार्षिक अनुदान की धनराशि।6-पंचायत संदेश पत्रिका की विक्री,विज्ञापनों एवं विभिन्न राज्यों के पंचायती राज ऐक्ट के प्रकाशन से प्राप्त धनराशि।7-केंद्र एवं राज्य सरकारों से अनुदान के रूप में प्राप्त धनराशि।[सुबोध कांत सहाय के कार्यकाल में केंद्र / राज्य सरकारों ने अनुदान देना बंद कर दिया था जबकि वह केंद्र में मंत्री थे लेकिन उन्होंने अनुदान जारी रखने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।उनकी बर्ख़ास्तगी के पश्चात् अनुदान प्राप्त करने का प्रयास चल रहा है8-बलवंत राय मेहता पंचायत अतिथि भवन के कक्षों में ठहरने वाले अतिथियों से प्राप्त धनराशि।[अतिथि भवन की स्थिति जर्जर है]9-क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका की विक्री एवं विज्ञापनों से प्राप्त धनराशि।10-महासमिति के मा० सदस्य गण , अखिल भारतीय पंचायत परिषद के मा० अध्यक्ष , प्रदेश पंचायत परिषद के अध्यक्ष गण एवं परिषद के मा० पदाधिकारियों से समय – समय पर प्राप्त चंदा आदि।11-जनसामान्य एवं अन्य संस्थानों से प्राप्त सहयोग धनराशि आदि।कृपया उपरोक्त आय के स्रोतों से अवगत हों और आय बढ़ाने में सहयोग करते हुए अपनी भूमिका का निर्वहन स्वयं सुनिश्चित करें।जय पंचायती राज।

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन 30 सितम्बर तक

Application on National Scholarship Portal till 30th September

Application on National Scholarship Portal till 30th September भोपाल ! भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय श्रम कल्याण संगठन जबलपुर द्वारा बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों के लिये वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में ‘नेशनल स्कॉलरशिपा पोर्टल’ (एनएसपी) पर प्री-मेट्रिक श्रेणी में शिक्षण के लिये आवेदन तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितम्बर 2024 तक कर दी गई है। पोस्ट मेट्रिक के लिये आवेदन करने की अंतिम 31 अक्टूबर निर्धारित है। शैक्षणिक सत्र वर्ष 2024-25 के लिये शिक्षा वित्तीय सहायता योजना में मध्यप्रदेश राज्य के बीड़ी, चूना पत्थर, डोलोमाईट, लौ-मैंग्नीज-क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कक्षा एक से उच्च शिक्षा गृहण करने पर एक हजार रूपये से 25 हजार रूपये तक छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये पात्र विद्यार्थियों के लिये नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल https://scholarships.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ हो चुकी है, जो कि 30 सितम्बर तक जारी रहेगी। ऑनलाइन आवेदन संबंधी या अन्य किसी प्रकार की जानकारी के लिये जबलपुर मुख्यालय के दूरभाष क्रमांक- 0761-4039-510, 403-9511 एवं 403-9513 और ई-मेल आईडी- wc.jabalpur@rediffmail.com, wcjab.commp.gov.in तथा कल्याण प्रशासक कार्यालय के दूरभाषा क्रमांक- 0731-270-3530 ई-मेल आईडी- waind@mp.gov.in पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित अपने नजदीकी औषधालय एवं केन्द्रीय चिकित्सालय सागर से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। संस्थान द्वारा सत्यापित नहीं किये गये आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

राहुल गांधी ने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों के लिए किया एक माह का वेतन दान, लोगों से भी मदद करने को कहा

Rahul Gandhi donated one month's salary for landslide victims in Wayanad, asked people to help too

Rahul Gandhi donated one month’s salary for landslide victims in Wayanad, asked people to help too पिछले 30 जुलाई को केरल के वायनाड में बड़ी प्राकृतिक आपदा आई थी. यहां आए भूस्खलन में 200 लोगों की मौत हो गई. कई गांव तबाह हो गए. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज यहां के पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक माह का वेतन दान दे दिया है. वायनाड के भूस्खलन पीड़ितों के लिए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़ा कदम उठाया है. राहुल गांधी ने दरियादिली दिखाते हुए अपने एक महीने का वेतन पीड़ितों की मदद के लिए दान दे दिया है. राहुल गांधी ने एक महीने की सैलरी यानी 2.3 लाख की मदद राशि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खाते में दान दी है. इस बाबत राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की. उन्होंने लिखा- वायनाड में हमारे प्रिय भाइयों और बहनों को विनाशकारी त्रासदी का सामना कर रहा है. राहुल गांधी ने आगे लिखा- इस संकट की घड़ी में उन्होंने भारी नुकसान झेला है. उनको हमारे जैसे लोगों की मदद की सख्त दरकार है. वायनाड के पीड़ितों को नुकसान से उबरने के लिए हमारे समर्थन की जरूरत है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मैंने प्रभावित लोगों की राहत और पुनर्वास के प्रयासों में मदद के लिए अपने पूरे महीने का वेतन दान कर दिया है. देश के जिम्मेदार नागरिकों से अपीलराहुल गांधी ने इसी के साथ देशवासियों से भी मदद की अपील की. उन्होंने कहा कि मैं देश के ईमानदार और संवेदनशील भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे जो कुछ भी कर सकते हैं, इस संकट में जरूर योगदान दें. राहुल गांधी ने कहा कि हर छोटे से बदलाव से फर्क पड़ता है. वायनाड हमारे देश का एक खूबसूरत हिस्सा है और हम मिलकर यहां के उन लोगों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने में मदद कर सकते हैं. यहां आई आपदा में लोगों ने बहुत कुछ खो दिया है. राहुल गांधी ने इसी के साथ कहा कि मददगार हमारी पार्टी के ऐप के जरिए सुरक्षित तरीके से अपना योगदान दे सकते हैं. उन्होंने लिखा- स्टैंड विद वायनाड. केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मदद राशि जमा करने के लिए नौ सदस्यों की समिति का गठन किया और एक ऐप भी बनाया है. केरल कांग्रेस ने कहा कि इच्छुक लोग सीधे डोनेशन भेज सकते हैं. 30 जुलाई को वायनाड में आई त्रासदीकेरल के वायनाड में पिछले 30 जुलाई को एक बड़ा भूस्खलन आया था. जिससे भारी तबाही मची थी. इस हादसे में 200 लोगों की मौत हो गई थी. कई लोग लापता भी हो गए थे. भूस्खलन के बाद यहां के कुछ गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए थे. जिसके बाद राहुल गांधी ने त्रासदी में बेघर हुए लोगों के लिए 100 घर बनवाने का वादा किया था.

फिल्म इमरजेंसी पर जबलपुर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, सेंसर बोर्ड ने कहा- अभी सर्टिफिकेट नहीं दिया

Jabalpur High Court put a stay on the film Emergency, Censor Board said - certificate has not been given yet

Jabalpur High Court put a stay on the film Emergency, Censor Board said – certificate has not been given yet जीतेंद्र श्रीवास्तवभोपाल ! फिल्म ‘इमरजेंसी’ 6 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक नहीं देगी. क्योंकि फिल्म की रिलीज पर एक बार फिर रोक लग गई है. कंगना रनौत की फिल्म पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जहां इस रोक लगा दी गई. दरअसल अभी फिल्म के लिए सिर्फ ऑनलाइन सर्टिफिकेट सीरियल नम्बर ही जारी किया गया है लेकिन अभी इसे सेंसर बोर्ड की ओर से सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है. यही नहीं कंगना की ‘इमरजेंसी’ के ट्रेलर पर भी रोक लगा दी गई है. दरअसल फिल्म के खिलाफ सिख समुदाय के कुछ लोगों ने और प्रतिनिधियों ने फिल्म के कुछ सीन को लेकर आपत्ति जताई है. उन्होंने फिल्म के खिलाफ याचिका दायर की और इसकी स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की बात कही, जिस पर हाईकोर्ट ने विचार करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर फिल्म रिलीज होने के बाद भी कोई आपत्ति होती है, तो याचिकाकर्ता कोर्ट आ सकते हैं. बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई‘इमरजेंसी’ को रिलीज कराने और सेंसर सर्टिफिकेट की मांग को लेकर फिल्म की को-प्रोड्यूस कंपनी जी इंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ली है. दायर याचिका में दावा किया कि सेंसर बोर्ड ने मनमाने तरीके और अवैध रूप से फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रोका है. याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए जस्टिस बी पी कोलाबावाला और फिरदौस पूनावाला की खंडपीठ के सामने रखा गया, जिस पर आज सुनवाई होगी. पंजाब में विरोध प्रदर्शनकंगना की इमरजेंसी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. उनकी फिल्म के खिलाफ पंजाब में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहा है. सिख समुदाय के लोगों का कहना है कि फिल्म में उनकी गलत छवि दिखाई गई है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. ‘इमरजेंसी’ में कंगना रनौत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के किरदार में नजर आएंगी. इस फिल्म की स्टोरी की बात करें तो यह 1975 में लगी ‘इमरजेंसी’ पर आधारित है. कंगना के अलावा फिल्म में अनुपम खेर, श्रेयस तलपड़े, महिमा चौधरी भी अहम रोल निभाते दिखाई देंगे.

DNA का फुल फॉर्म तो जान लेते… योगी के आरोप पर अखिलेश यादव ने कसा तंज?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi's allegation?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi’s allegation? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मैनपुरी में दिए ‘डीएनए’ वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते और अगर जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को सपा के गढ़ करहल विधानसभा क्षेत्र में बरनाहल स्थित इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में बोले थे कि गुंडई और अत्याचार सपा के डीएनए में है. कन्नौज का नवाब सिंह यादव इनका चेहरा है. भाजपा की सरकार में प्रदेश निवेश का हब बन रहा है. हम युवाओं को रोजगार दे रहे हैं, 2017 से पहले ऐसा नहीं होता था. सपा प्रमुख ने किया पलटवारइसी बयान पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते. इसके बाद उन्होंने डीएनए का फुल फॉर्म लिखा. इस पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि अगर मुख्यमंत्री फुल फॉर्म जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. इस पोस्ट में सपा प्रमुख ये आरोप भी लगा रहे हैं कि अरबों-करोड़ों में सांसद-विधायक की भर्ती करवाने वाले लोग जितना कम बोलें, उतना ही उनके सम्मान के लिए अच्छा है. समाजवादी पार्टी के मुखिया का यह पलटवार प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से भी जोड़ के देखा जा रहा है. ज्ञात हो कि प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव भाजपा और सपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन गए हैं. अक्सर होती है तीखी बहसअखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच अक्सर ऐसी तीखी बहस होती रहती है, जिसमें दोनों एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमला करने से भी नहीं चूकते हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक बार ऐसी ही बहस में योगी ने अखिलेश पर आरोप लगाया था कि अखिलेश ने सत्ता के लिए अपने पिता का अपमान किया है.

गणेश चतुर्थी पर चढ़ाएं नारियल की बर्फी, ये रही फटाफट बनने वाली रेसिपी

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में ढोल नगाड़ों के साथ बप्पा का स्वागत करते हैं और फिर उनकी पूजा में कई तरह के व्यंजन अर्पित करते हैं. मोदक के अलावा मोतीचूर के लड्डू, बेसन के लड्डू, और नारियल की बर्फी आदि मिठाइयां भगवान गणेश की पसंदीदा मानी गई हैं. गणेश चतुर्थी पर मोदक का भोग तो लगाया ही जाता है, इसके साथ ही आप बप्पा को प्रसन्न करने के लिए नारियल की बर्फी अर्पित कर सकते हैं. इसे बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है. इस बार गणेश चतुर्थी 6 सितंबर को है और यह उत्सव पूरे दस दिनों तक चलेगा जिसके बाद 17 सितंबर को गणपति विसर्जन किया जाएगा. इस दौरान लोग हर दिन बप्पा को अलग-अलग व्यंजनों के भोग लगाते हैं. फिलहाल जान लेते हैं नारियल की बर्फी की रेसिपी. नारियल की बर्फी बनाने के लिए इनग्रेडिएंट्सनारियल की बर्फी बनाने के लिए आप सूखा गोला या फिर एक नारियल ले सकते हैं. इसके साथ ही आपको चाहिए होगा कम से कम दो से तीन चम्मच देसी घी, दो से तीन हरी इलायची का पाउडर, गार्निश करने के लिए पिस्ता, बादाम, काजू जैसे नट्स ले सकते हैं. चाशनी के लिए चीनी, करीब एक से डेढ़ कप पानी, बर्फी जमाने के लिए एक प्लेट. बर्फी बनाने का पहला स्टेपसबसे पहले नारियल का छिलका हटाकर इसे कद्दूकस कर लें और फिर एक पैन में घी डालकर नारियल को हल्का भून लें, बस ध्यान रखें कि ये क्रिस्प न हो और न ही जलने पाए. इसके बाद खोया को भी सुनहरा भून लें और ठंडा होने के लिए रख दें. इस तरह तैयार करें चाशनीएक मोटे तले के पैन में नारियल और खोया के हिसाब से कम से कम एक या डेढ़ कप पानी लें और फिर उसमें चीनी डालें. चीनी जब पूरी तरह से घुल जाए और चाशनी चिपचिपी लगने लगे तो इसे पानी में या फिर थाली में एक बूंद डालकर देंखें, अगर चाशनी सही से सेट हो रही है तो इसमें खोया और नारियल डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें, साथ में चुटकीभर इलायची पाउडर भी डाल दें. बर्फी तैयार करने का फाइनल स्टेपमिश्रण तेजी से सेट होता है, इसलिए इसे गर्म रहते हुए ही घी लगी हुई प्लेट में मोटी लेयर में फैला दें. इसके बाद पिस्ता, बादाम और काजू जैसे नट्स से सजा लें या फिर ताजे नारियल को महीन काटकर ऊपर से फैला दें. 15 से 20 मिनट में बर्फी अच्छी तरह से सेट हो जाएगी फिर इसे चाकू से काट लें.

राम माधव की वापसी: भाजपा के लिए जम्मू-कश्मीर चुनाव में नए समीकरण

Ram Madhav's return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections

Ram Madhav’s return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections ” राजीव रंजन झा ” जम्मू-कश्मीर में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए विशेष महत्व का है। अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। ऐसे में भाजपा के लिए यह चुनाव एक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस चुनाव की तैयारी को और भी गंभीरता से लेने के लिए भाजपा ने अपने पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव को संघ से वापस बुलाकर जम्मू-कश्मीर की कमान सौंपी है। राम माधव का राजनीतिक सफरराम माधव, जो पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से आते हैं। वह आरएसएस के पहले प्रवक्ता बने थे और उनका जम्मू-कश्मीर की राजनीति में गहरा हस्तक्षेप रहा है। जब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब राम माधव राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर के प्रभारी थे। 2020 में जब जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के अध्यक्ष बने, तो राम माधव को नई टीम में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद वह संघ में वापस लौट गए थे। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राम माधव की भूमिकाराम माधव को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दो बड़े मामलों का श्रेय दिया जाता है। पहला, उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन कर भाजपा को जम्मू-कश्मीर में पहली बार सत्ता में आने में मदद की। हालांकि, यह सरकार 2018 में गिर गई। दूसरा, उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ भी गठबंधन बनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बैकआउट कर लिया। इसके बावजूद, राम माधव की वापसी को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भाजपा के लिए वर्तमान चुनौतियाँ2020 में पार्टी से हटाए जाने के बाद राम माधव ने संघ में वापसी की, लेकिन अब उन्हें फिर से भाजपा में लाया गया है। उनके वापसी को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर यह कि उन्हें पहले क्यों हटाया गया और अब क्यों वापस बुलाया गया। लेकिन ऐसी खबरें हैं कि राम माधव स्वयं पार्टी में लौटने के इच्छुक थे और संघ से उन्हें अनुमति मिल गई। हालांकि, संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अबकी बार भाजपा में जाने के बाद उनकी संघ में वापसी नहीं हो सकेगी। राम माधव की वापसी को लेकर पार्टी के भीतर भी कई चर्चाएँ हो रही हैं। भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है कि राम माधव का अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, खासकर जम्मू-कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव में। लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह चुनाव के बाद भी पार्टी में सक्रिय रहेंगे या नहीं। भाजपा के संगठन में कमियां और सुधार की आवश्यकता2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी, जिसका कारण बूथ स्तर की कमेटियों का निष्क्रिय होना माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी संगठन में एक अजीब तरह की बेचैनी, बिखराव और कर्तव्यबोध की कमी दिखाई दे रही है। भाजपा के संगठन में राम माधव की वापसी को पार्टी के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि उन्हें कितनी स्वतंत्रता और समय दिया जाएगा ताकि वह अपने अनुभव और क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें। भविष्य की चुनौतियाँ और संभावनाएँराम माधव की वापसी के बाद यह देखना होगा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर चुनाव में कितनी सफलता प्राप्त कर पाती है और क्या राम माधव की वापसी से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होता है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सुधार की आवश्यकता को समझते हुए, राम माधव की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। चुनावी नतीजे ही यह तय करेंगे कि राम माधव की वापसी भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है और क्या उनकी नियुक्ति से पार्टी को वह बढ़त मिल पाती है जिसकी उसे आवश्यकता है।

दिग्विजय सिंह ने की सोयाबीन के दाम बढ़ाने की मांग, पीएम-सीएम से की यह अपील

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM भोपाल। सोयाबीन खेती की लागत वर्ष 2011 से दो-तीन गुना बढ़ गई है, पर इसका मूल्य 4300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। इसका न्यूनतम मूल्य प्रति क्विंटल छह हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए। यह मांग पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से की है।13 साल पहले जो भाव था, आज भी वहीदिग्विजय ने कहा कि देश में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक सोयाबीन का उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है। वर्ष 2011 में प्रति क्विंटल भाव लगभग 4300 रुपये था। आज भी भाव इसके आसपास ही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन के उत्पादन पर भाव निर्भर करता है। इस वर्ष भी मूल्य में वृद्धि की संभावना नहीं है, इसलिए सरकार उपार्जन करे और लागत को देखते हुए न्यूनतम मूल्य 6000 रुपये प्रति क्विंटल से कम न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाने का लगाया आरोपदिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाए जाने का आरोप लगाया। इसमें बताया कि इन समूहों में ऐसे गांवों के किसानों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जो जैविक तो दूर साधारण कपास की खेती भी नहीं करते हैं।दिग्विजय ने कहा कि धार जिले के भीलकुंडा और उसके आसपास के गांवों के किसान इसका उदाहरण हैं। इन किसानों को उत्पादक बताकर उनसे खरीदी करना दर्शाया गया है। व्यापारियों के साथ मिलीभगत कर प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाण पत्र जारी कराए गए। इसको लेकर आयुक्त वाणिज्यिक कर इंदौर को करोड़ों रुपये के जीएसटी की चोरी की शिकायत भी की गई है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाए।

2 अक्टूबर को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, पढ़ें पूरी डिटेल्स

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete details

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete detailsसाल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगेगा। इससे पहले 8 अप्रैल को सूर्यग्रहण लगा था, जो अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, अटलांटिक, इंग्लैंड के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में देखा गया था। भारत में ग्रहण प्रभावी नहीं था। 2 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार ग्रहण होगा। इस दौरान रिंग ऑफ फायर नजर आएगा, जो सात मिनट 25 सेकंड तक दिखाई देगा। कहां दिखाई देगा 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण2 अक्टूबर 2024 का सूर्य ग्रहण की शुरुआत उत्तरी प्रशांत महासागर में हवाई के दक्षिण से होगी। यह दक्षिणी अटलांटिक महासागर में दक्षिण जॉर्जिया में खत्म होगा। सूर्य ग्रहण जिस इलाके से शुरू होगा और खत्म होगा। वह यात्रा 14 हजार 163 किमी की होगी। रिंग ऑफ फायर की घटना साउथ अमेरिका में चिली और अर्जेंटीना के दक्षिण एरिया में दिखाई देगी। स्पेस डॉटकॉम के अनुसा, रिंग ऑफ फायर का सबसे अच्छा नजारा रापा नुई नाम के सुदूर वोल्केनो द्वीप से दिखेगा। क्या भारत में दिखेगा साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण?अप्रैल में लगा पहला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आया था। अब दूसरा ग्रहण भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि जिस वक्त सूर्य ग्रहण शुरू होगा, तब भारत में रात होगी। अमेरिकी अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी नासा के यूट्यूब चैनल पर इस ग्रहण को लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। सूर्य ग्रहण के सूतक काल का समयसूतक काल उस अवधि को कहा जाता है जब सूर्य ग्रहण लगता है। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में एक आतंकी ढेर, सुरक्षाबलों और दहशतगर्दों के बीच मुठभेड़ जारी

One terrorist killed in Sopore, Jammu and Kashmir, encounter continues between security forces and terrorists

One terrorist killed in Sopore, Jammu and Kashmir, encounter continues between security forces and terrorists जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों से मुठभेड़ में एक दहशतगर्द को मार गिराया है। जानकारी के मुताबिक सोपोर को राफियाबाद में सोपोर पुलिस और 32 राष्ट्रीय राइफल की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाया हुआ है। फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्च ऑपरेशन चलाया है। सूत्रों के मुताबिक अभी कुछ आतंकी छिपे हो सकते हैं।

कीव में प्रधानमंत्री पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत ,भारत माता की जय के नारे

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai पीएम मोदी का यह यूक्रेन दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरे में पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे।

नेपाल में बड़ा सड़क हादसा, 40 भारतीय यात्री बस नदी में गिरी कई लोगों के मारे जाने की आशंका

Major road accident in Nepal, 40 Indian passenger bus falls into river, many feared dead

Major road accident in Nepal, 40 Indian passenger bus falls into river, many feared dead Nepal Bus Accident : नेपाल में बड़े हादसे की खबर सामने आई है. 40 भारतीय लोगों को लेकर जा रही बस एक नदी में गिर गई. बचाव कार्य जारी है. कई लोगों के मारे जाने की आशंका है. नेपाल पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि 40 लोगों को लेकर जा रही एक भारतीय यात्री बस तनहुन जिले में मार्सयांगडी नदी में गिर गई है. जिला पुलिस कार्यालय तनहुन के डीएसपी दीपकुमार राया ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि यूपी एफटी 7623 नंबर प्लेट वाली बस नदी में गिर गई. अधिकारी के अनुसार, बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी. कई लोग लापता, कुछ को किया रेस्क्यूअधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण नदी भी उफान पर है. बस में 40 लोग सवार थे, जिनमें से कुछ को रेस्क्यू किया गया. लेकिन कई लोग अब भी लापता हैं. नेपाल पुलिस ने बताया है कि यह हादसा तानाहुन जिले में हुआ है. बस उत्तर प्रदेश की है. लेकिन यह जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है कि बस में सवार लोग उत्तर प्रदेश में किस जिले से नेपाल गए थे. वहीं, उत्तर प्रदेश के रिलीफ कमिश्नर ने कहा कि नेपाल में हुई घटना के संबंध में पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बस में सवार लोग कहां के थे. इसके लिए संपर्क साधा जा रहा है.

जम्मू-कश्मीर के साथ मेरा खून का रिश्ता है – राहुल गांधी

I have blood relations with Jammu and Kashmir - Rahul Gandhi

I have blood relations with Jammu and Kashmir – Rahul Gandhi वहां के लोगों के दिलों में जो दुख-दर्द है, उसे मिटा कर उन्हें उनका statehood और representation वापस दिलाना ही मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य है।

रक्षाबंधन पर प्रियंका ने शेयर की बचपन की तस्वीर, राहुल गांधी के लिए लिखा प्यारभरा संदेश

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रक्षाबंधन के मौके पर अपने भाई और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश के साथ, उन्होंने तस्वीरों का एक कोलाज पोस्ट किया, जिसमें उनके बचपन की तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें से एक उनके पिता और पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी के साथ है। कोलाज में राहुल और प्रियंका की एक साथ एक छोटी खिलौना कार में खेलने की तस्वीर भी शामिल है। फुलवारी है भाई-बहन का रिश्ताअपनी पोस्ट में, प्रियंका ने भाई-बहन के रिश्ते की तुलना एक रंग-बिरंगे फूलों की क्यारी से की, जहां प्यारी यादें, साझा अनुभव और एक बढ़ती हुई दोस्ती फलती है, जो परस्पर सम्मान, प्यार और समझ पर आधारित है। प्रियंका ने लिखा कि भाई-बहन का रिश्ता उस फुलवारी की तरह होता है जिसमें सम्मान, प्रेम और आपसी समझदारी की बुनियाद पर अलग-अलग रंगों वाली यादें, संग के किस्से-कहानियां व दोस्ती को और गहरा करने का संकल्प फलता-फूलता है। भाई-बहन संघर्ष के साथी होते हैं, स्मृतियों के हमराही भी और संगवारी के खेवैया भी। आप सभी को राखी की हार्दिक शुभकामनाएं। रिश्ते को मजबूती से जोड़े रक्षा सूत्रइस बीच राहुल गांधी ने भी राखी के त्योहार पर देशवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने भाई-बहन के बीच के अटूट प्यार और स्नेह के बंधन पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर अपने और प्रियंका की एक तस्वीर साझा की। राहुल ने अपने संदेश में लिखा भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं स्नेह के पर्व, रक्षाबंधन की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। रक्षा का यह सूत्र आपके इस पावन रिश्ते को सदैव मजबूती के साथ जोड़े रहे।

भारत दर्शन: मां वैष्णो देवी घूमने से पहले जाने कहां कहां घूमे सम्पूर्ण यात्रा विडियो के माध्यम से

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video.

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video. क्या आप अपने व्यस्त दैनिक जीवन से आराम करने के लिए अद्भुत यात्रा अनुभवों की तलाश करते हैं? उसके बाद वैष्णो देवी की यात्रा की योजना बनाएं। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों में से एक है। यह आपको अस्थायी रूप से अपनी सभी चिंताओं और कठिनाइयों को एक तरफ रखने की अनुमति देता है और आपको माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर की शांति में डुबो देता है। वैष्णो देवी के पास घूमने के लिए कई तरह की जगहें हैं। जम्मू-कश्मीर में यह क्षेत्र त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में स्थित है। यदि आप इस स्थान की यात्रा करने का निर्णय लेते हैं तो नीचे वैष्णो देवी के पास घूमने के स्थानों की जाँच करें। आप अपने यात्रा कार्यक्रम की योजना बना सकते हैं और उसके आधार पर एक शानदार यात्रा कर सकते हैं। आप वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं: ट्रेन से: वैष्णो देवी तक पहुँचने के कई रास्ते हैं। श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन वैष्णो देवी का मुख्य रेलवे स्टेशन है, और त्रिची और इसके आसपास के क्षेत्रों में कार्य करता है। यह वैष्णो देवी से 16.5 किमी दूर स्थित है। हवाई मार्ग से: यदि आप हवाई मार्ग से वैष्णो देवी पहुंचना चाहते हैं, तो आप जम्मू हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर सकते हैं। यह हवाई अड्डा शहर से 50 किमी दूर स्थित है। सड़क मार्ग से : यदि आप जम्मू और कश्मीर में रहते हैं, तो आप कार या सार्वजनिक परिवहन द्वारा वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं। दुनिया में सबसे प्रसिद्ध तीर्थ मार्गों में से एक वैष्णो देवी यात्रा है, जो यात्रा करती है कटरा से वैष्णो देवी मंदिर। 13 किमी यात्रा का प्रारंभिक स्थान बाणगंगा है, जो कटरा के प्रमुख शहर से लगभग 2 किमी दूर है। माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ, यह पवित्र गुफा का समापन करता है। कटरा से वैष्णो देवी पहुंचने के लिए आप पालकी, पिठू, पोनी या पैदल भी जा सकते हैं। यदि आप पैसा खर्च करना चाहते हैं, तो आप नियमित रूप से निर्धारित रोपवे या हेलीकॉप्टर सेवा ले सकते हैं। रोपवे और हेलीकॉप्टर प्रस्थान समय की जाँच के बाद अपनी यात्रा की योजना बनाएं। आपको किसी भी चीज़ की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि रोपवे टिकट भवन में आसानी से उपलब्ध हैं। भले ही वैष्णो देवी जाने के लिए कभी भी बुरा समय न हो, लेकिन उत्सव के समय जाना सबसे अच्छा है। यह आपको देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने और शहर को एक अलग दृष्टिकोण से देखने में सक्षम बनाता है। आप वैष्णो देवी यात्रा पर एक स्थान ऑनलाइन आरक्षित कर सकते हैं क्योंकि यात्रा में भाग लेने से पहले पंजीकरण आवश्यक है। घूमने का समय: सारा दिन दूरी: वैष्णो देवी से 13 किमी माता वैष्णो देवी की यात्रा में सबसे पहले बस स्टैंड के पास स्थित कार्यालय से रजिस्ट्रेशन करवा कर आरएफआईडी प्राप्त कर ले। पैदल चलने के लिए लाठी या डंडा खरीदकर पैदल चलते हुए बाणगंगा के मुख्य द्वार पर पहुंच जाएं। बाणगंगा द्वार से ही यात्रा की शुरुआत होती है। गेट पर चेक करने के बाद पैदल चलते हुए आगे बढ़ाते जाना है। आगे जानें पर दो रास्ते विभाजित हो जाते हैं जो माता के दरबार तक जाते हैं। एक रास्ता है अर्धकुवारी से जो KM लंबा है और दूसरा रास्ता हिमकोटी मार्ग का है जो 5.5 किमी लंबा है। अधिकतर भक्त अर्धकुवारी के रास्ते हाथीमाता मार्ग से होकर जाते हैं। हाथीमाता मार्ग के रास्ते में बहुत ही लुभावने दृश्य देखने को मिलते हैं। बाणगंगा से पैदल रास्ता 12 किमी का है। रास्ते में अनेकों होटल, खानें पीने की अनेकों दुकानें देखने को मिलती हैं। वैष्णो देवी यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम | Vaishno Devi Kab Jaye वैष्णो माता की यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम मार्च से जून तक माना जाता है। मार्च से जून के बीच दर्शन करने के लिए मौसम अनुकूल रहता। सर्दियों के मौसम में यहां बहुत ठंडी पड़ती है और बर्फबारी होती रहती है। जिस कारण सर्दियों के मौसम में यहां का तापमान माइनस में पहुंच जाता है और ठंडी के कारण यात्रियों के आवागमन की संख्या कम हो जाती है। माता वैष्णो देवी के द्वार भक्तो के लिए हमेशा खुले रहते हैं। भक्त साल में किसी भी मौसम में घूमने जा सकते है।

भारत दर्शन: ताज महल घूमने से पहले जाने कहां कहां घूमे सम्पूर्ण यात्रा विडियो के माध्यम से 

Bharat Darshan: Know where you should go before visiting Taj Mahal through complete travel video

Bharat Darshan: Know where you should go before visiting Taj Mahal through complete travel video पौराणिक मान्यताओं के आधार पर लोग मानते हैं कि ताजमहल से पहले यहां बहुत ही पुराना शिव मंदिर हुआ करता था। इसमें एक ऐसा प्राकृतिक शिवलिंग था जहां पर अपने आप पानी रिसता था और अभी भी वहां से पानी गिर रहा है। इस प्रकार की मान्यता आसपास के लोगों के द्वारा मानी जाती है। ताजमहल में नीचे की तरफ भी कई मीटर की दूरी पर विभिन्न कमरों का निर्माण किया गया था। इन्हें हम गुप्त कमरे भी कह सकते हैं, लेकिन अभी तक इस बात का पता नहीं लगाया गया कि इन कमरों का निर्माण क्यों किया गया था और इनका इस्तेमाल किसलिए किया जाता था। भारत सरकार ने ताजमहल के ऐसे सभी गुप्त दरवाजे बंद कर दिए हैं जिनका अभी तक कोई ठिकाना ही नहीं है कि ये कहां तक जाते हैं और कहां खुलते हैं… https://youtu.be/rXS3IIY-Ypw इसके अंदर कमरे हैं भारत में कई ऐसे ऐतिहासिक भवन बनाए गए हैं जो किसी न किसी घटना या प्रेम कहानी का प्रतीक हैं। सम्राट शाहजहां बेगम मुमताज को इतना प्यार करता था कि उसकी मृत्यु के बाद उसने अपना होश-हवास खो बैठा और खाना-पीना भी छोड़ दिया। वह मुमताज़ की मृत्यु से इस कदर पागल सा हो गया कि उसने यह निर्णय लिया कि वह मुमताज़ की यादों को भूलने नहीं देगा और उसने किले के ही सामने यमुना नदी के किनारे ताजमहल का निर्माण करने का आदेश दिया। आज भी ताजमहल का रहस्य एक ऐसा रहस्य है जो पूरी तरह से अभी तक उजागर नहीं हुआ है। अर्थात यहां पर ताजमहल के बारे में पूर्णता किसी को ज्ञात नहीं है कि ताजमहल के बहुत से दरवाजे ऐसे हैं यह भी पता नहीं है कि यह दरवाजे कहां खुलते हैं। ताजमहल में ऐसी सुरंग बनी हुई है, जिन्हें अब बंद कर दिया गया है। यहां तक कि भारत सरकार ने भी आदेश दे दिया कि ताजमहल पर कोई भी रिसर्च नहीं करेगा तथा इसके अंदर के सभी दरवाजे तथा रास्ते बंद कर दिए गए। इनमें से ताजमहल के कुछ अद्भुत रहस्य हैं खास दरवाजा। ताजमहल में ऐसे कई दरवाजे हैं जिन्हें किसी न किसी मकसद से बनाया गया था। इसी में से एक है खास दरवाजा। ताजमहल में हमेशा शाहजहां इसी दरवाजे से प्रवेश किया करता था। यह दरवाजा यमुना नदी के किनारे ताजमहल से थोड़ी दूर स्थित है जहां पर नाव के द्वारा जाया जाता है।

शिवसेना UBT और MNS में ठनी, उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमला करने वालों को राज ठाकरे ने दी शाबाशी

Shiv Sena clashed with UBT and MNS, Raj Thackeray praised those who attacked Uddhav Thackeray's convoy.

Shiv Sena clashed with UBT and MNS, Raj Thackeray praised those who attacked Uddhav Thackeray’s convoy. महाराष्ट्र में शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के काफिले पर राज ठाकरे की पार्टी मनसे के कार्यकर्ताओं ने गोबर, नारियल और चूड़ियां फेंकीं. इसके बाद राज ठाकरे ने सभी कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉल कर उन्हें शाबाशी दी और अभिनंदन किया. दूसरी तरफ मनसे ने उद्धव ठाकरे के काफिले पर गोबर और नारियल से हमला करने की जिम्मेदारी ली. मनसे का कहना है कि यह घटना पहले हुई थी, जब शिवसेना के सदस्यों ने राज ठाकरे के वाहन पर सुपारी फेंकी थी. मनसे नेता अविनाश जाधव ने आगे किसी भी उकसावे पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है. ‘कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त’उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमले को लेकर शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा अब हमें पता चल गया कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी को ‘सुपारीबाज’ क्यों कहा जाता है. उद्धव ठाकरे जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है और वे बालासाहेब ठाकरे के बेटे हैं, अगर वे राज्य में सुरक्षित नहीं हैं तो वे (महायुति सरकार) आम लोगों की सुरक्षा कैसे करेगी. यह हमला राज्य सरकार की विफलता है. यहां कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. आनंद दुबे ने आगे कहा कि देवेंद्र फडणवीस की पुलिस, एकनाथ शिंदे की कथित शिवसेना और उनका ठाणे नगर जिला वहां ऐसे हमले हो रहे हैं. इसका मतलब ये सुपारी नहीं तो क्या है. पहले हम सुनते थे कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी सुपारियां लेते हैं. लेकिन अब तो स्पष्ट हो गया कि आप हमारे एरिये में आइये और हम आप ऊपर हमले करवाएंगे, पूरी की पूरी सरकार महायुति की फिर भी पुलिस की फैलीयर है. खुफिया एंजेसी की फैलीयर है तो किसपर विश्वास किया जाए आम इंसान कहां जाएगा. शिवसेना (UBT) नेता ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे जैसे बड़े नेता राज्य में सुरक्षित नहीं तो हम और आप कहां जाएं. क्या इसके लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को आप सत्ता देना चाहते हैं.

खूबसूरत पहाड़ियों और मंदिरों से घिरा हुआ मध्यप्रदेश का अमरकंटक, जानिये यहां के बारे में सबकुछ

Amarkantak of Madhya Pradesh is surrounded by beautiful hills and temples

Amarkantak of Madhya Pradesh is surrounded by beautiful hills and temples, know everything about it अमरकंटक नाम की उत्पत्ति को लेकर कई सारी कहानियां प्रचलित हैं. प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास ने इस स्थान का नाम अमरकूट बताया है क्योंकि यहां आम (अमरा) के बहुत सारे पेड़ थे. कहा जाता है किबाद में अमरकूट अमरकंटक बन गया. Amarkantak Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश स्थित अमरकंटक हिंदुओं का प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है जो अनूपपुर और शहडोल के तहसील पुष्पराजगढ़ में मेकल की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ शहर है. यहां सुप्रसिद्ध अमरकंटक मंदिर है जो 1065 मीटर की ऊंचाई पर बसा है. पहाड़ों और घने जंगलों मे बीच इस मंदिर की खूबसूरती अलग ही प्रतीत होती है. यह छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा है. यह जगह विंध्य, सतपुड़ा और मैदार की पहाड़ियों का मिलन स्थल है, जिसका दृश्य मन मोह लेने वाला होता है. अमरकंटक तीर्थराज के रूप में भी काफी प्रसिद्ध है. यही वजह है कि इस मंदिर को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं. अमरकंटक नाम की उत्पत्ति को लेकर कई सारी कहानियां प्रचलित हैं. प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास ने इस स्थान का नाम अमरकूट बताया है क्योंकि यहां आम (अमरा) के बहुत सारे पेड़ थे. कहा जाता है किबाद में अमरकूट अमरकंटक बन गया. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, जब भगवान शिव ने आग से त्रिपुरा को नष्ट कर दिया तो तीन में से एक राख अमरकंटक पर गिर गई, जो हजारों शिवलिंगों में बदल गई. ऐसा ही एक लिंग ज्वलेश्वर में आज भी पूजा जाता है. संस्कृत में अमरकंटक का अर्थ है अनंत स्त्रोत, जो भारत कि सबसे पवित्र नदी नर्मदा नदी से जुड़ा हुआ है. यहां कई सारे मंदिर हैं जो कि विभिन्न शासकों के युग का वर्णन करते हैं. अमरकंटक में प्रमुख आकर्षण नर्मदाकुंड और कलचुरी काल के प्राचीन मंदिर हैं. नर्मदाकुंड के मंदिर परिसर के भीतर 16 छोटे मंदिर हैं, जो शहर के मध्य में स्थित हैं. अमरकंटक के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलअमरकंटक में कई प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं. यहां टूरिस्ट नर्मदा नदी का उद्गम स्थल देख सकते हैं. कलचुरी का प्राचीन कालीन मंदिर देख सकते हैं. इसके अलावा, कर्ण मंदिर, पातालेश्वर मंदिर,सोनमुडा अमरकंटक, दूधधारा प्रपात अमरकंटक, कपिल धारा प्रपात अमरकंटक इत्यादि जगहों पर पर्यटक घूम सकते हैं. नर्मदा नदी का उद्गम स्थलअमरकंटक में नर्मदा नदी और सोनभद्रा नदियों का उद्गम स्थल है. यह आदिकाल से ही ऋषि और मुनियों की तपोभूमि रही है. नर्मदा का उद्गम यहां के एक कुंड से और सोनभद्रा के पर्वत शिखर से हुआ है. नर्मदा नदी यहां पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है. इस नदी को “मध्यप्रदेश और गुजरात की जीवनदायनी नदी” भी कहा जाता है. ऐसे में आप यहां नर्मदा नदी का उद्गम स्थल घूम सकते हैं.

ट्रेन ,ट्रैक और स्टेशन पर रील बनाने वाले हो जाओ सावधान, अब जाना होगा जेल , आरपीएफ की नजर

Those who make reels on trains, tracks and stations, be careful

Those who make reels on trains, tracks and stations, be careful, now they will have to go to jail, RPF is keeping an eye on them. जबलपुर। रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रेन और ट्रैक की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए रील (शाॅर्ट वीडियो) बनाने वालों पर रेलवे अब सख्त कार्रवाई करेगी। आरपीएफ ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर उन्हें जेल भी भेजेगी। हाल ही में रेलवे की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए कई रील इंटरनेट मीडिया में वायरल हुए हैं, जिसने रेलवे की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे की सुरक्षा से खिलवाड़ यह वीडियो रेलवे ट्रैक ही नहीं बल्कि ट्रेन और रेल परिसर पर सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले हैं। इसके बाद आरपीएफ के महानिदेशक ने इन शाॅर्ट वीडियो बनाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद जबलपुर समेत भोपाल और कोटा मंडल में ऐसे लोगों की तलाश शुरू कर दी है। आरपीएफ महानिदेशक के निर्देश के बाद जबलपुर मंडल की सीमा में आने वाले सभी रेलवे स्टेशन, ट्रैक और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में रेल संरक्षा से खिलवाड़ करते हुए वीडियो बनाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाड़ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।- मो. मुनव्वर खान, सीनियर डीएससी, जबलपुर रेल मंडल कैमरे से नजर, आरपीएफ रख रही खबर ट्रेनों की बढ़ती दुर्घटनाओं को राेकने के लिए अब रेलवे ट्रैक पर पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है।रेलवे ट्रैक के सुरक्षा से खिलवाड़ करने के वीडियो सामने आने के बाद अधि‍कारियों की चिंता बढ़ गई है।आरपीएफ ने ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए स्टेशन के साथ रेलवे फाटक पर कैमरों से निगरानी बढ़ा दी है।ऐसे लोगों पर कार्रवाई के निर्देश आरपीएफ के महानिदेशक के आदेश के बाद पश्चिम मध्य रेलवे के आरपीएफ आईजी, जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडल के सीनियर डीएससी ने सभी स्टेशन में बनी आरपीएफ थाना, चौकी पर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इधर आरपीएफ के साथ रेलवे अधिकारी और कर्मचारियों को भी रेल संरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह न करें

मनीष सिसोदिया को मिली जमानत, 17 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शुक्रवार (9 अगस्त 2024) को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत दे दी. न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया. इससे पहले अदालत ने 6 अगस्त को सिसोदिया की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मनीष सिसोदिया को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण व कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए 26 फरवरी, 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. जांच एसेंसी को बताया देरी के लिए जिम्मेदार सुनवाई के दौरान मनीष सिदोतिया के वकील ने कहा कि अक्टूबर में हमें बताया गया था कि 6-8 महीने में मुकदमा पूरा हो सकता है. हमने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो आरोपी दोबारा ज़मानत की मांग कर सकता है. आरोपी लंबे समय से जेल में है. ऐसे में इन्हें PMLA सेक्शन 45 में दी गई ज़मानत की कड़ी शर्तों से रियायत की मांग की गई. वहीं जांच एजेंसी ने आरोपी को मुकदमे में देरी के लिए जिम्मेदार बताया. ED ने कहा कि आरोपी गैरजरूरी दस्तावेज मांग रहे हैं. सैकड़ों आवेदन दाखिल किए, लेकिन कोई भी ऐसा रिकॉर्ड नहीं दिखाते. ED और CBI दोनों मामलों में बहुत अधिक आवेदन दाखिल नहीं हुए, इसलिए मुकदमे में देरी के लिए आरोपी को ज़िम्मेदार मानने के निचली अदालत और हाई कोर्ट के निष्कर्ष से हम सहमत नहीं हैं. ‘आरोपी को दस्तावेज देखने का अधिकार है’ सिसोदिया के वकील ने आग कहा, ED के वकील ने 3 जुलाई तक जांच पूरी करने की बात कही गई थी. यह अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट को बताए गई 6-8 महीने की सीमा के परे है. इस देरी के चलते निचली अदालत में मुकदमा शुरू हो पाने का सवाल ही नहीं था. व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है. इसका बिना उचित वजह के हनन नहीं हो सकता है. डेढ़ साल से जेल में बंद हैं मनीष सिसोदिया सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन में अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था. ईडी ने उन्हें नौ मार्च 2023 को सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. सिसोदिया ने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.

जमीन बेचना …. ‘अखिलेश यादव ने बीजेपी का किया नामकरण ? जाने नाम

Selling land…'Akhilesh Yadav named BJP? know name

Selling land…’Akhilesh Yadav named BJP? know name समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ बोर्ड संशोधक बिल को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है. सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा इस वक्फ बोर्ड संशोधन के बहाने जमीन को हथियाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. इस दौरान उन्होंने नजूल संपत्ति और अन्य जमीनों को लेकर भी हमला किया. अखिलेश यादव ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए एक्स पर लिखा- ‘वक्फ बोर्ड’ का ये सब संशोधन भी बस एक बहाना है. रक्षा, रेल, नज़ूल लैंड की तरह जमीन बेचना निशाना है. वक्फ बोर्ड की जमीनें, डिफेंस लैंड, रेल लैंड, नज़ूल लैंड के बाद ‘भाजपाइयों के लाभार्थ योजना’ की शृंखला की एक और कड़ी मात्र हैं. भाजपा क्यों नहीं खुलकर लिख देती:‘भाजपाई-हित में जारी’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि, ‘इस बात की लिखकर गारंटी दी जाए कि वक्फ बोर्ड की जमीनें बेची नहीं जाएंगी. भाजपा रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. उसे अपने नाम में ‘जनता’ के स्थान पर ‘जमीन’ लिखकर नया नामकरण कर देना चाहिए: भारतीय जमीन पार्टी. #नहींचाहिएभाजपा.’ बता दें कि आज केंद्र सरकार लोकसभा में वक्फ बोर्ड में बदलाव के लिए संशोधन बिल पेश करेगी. इस विधेयक को लेकर आज सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है. किरण रिजिजु इस बिल को सदन में पेश कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि विधेयक वक्फ की संपत्तियों की देखरेख के लिए लाया जा रहा है. वहीं विपक्षी दलों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन ने वक्फ बोर्ड बिल का विरोध करने का फैसला किया है. जिसके बाद इस बिल को लेकर आज भी सदन में हंगामा देखने को मिल सकता है. विपक्षी दलों ने इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की अपील की. वहीं मुस्लिम संगठनों में इसका विरोध देखने को मिल रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि वक्फ बोर्डों की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

‘लड़ते-लड़ते…’, विनेश फोगाट के संन्यास पर शशि थरूर की पोस्ट ने जीता दिल, जानें

'Fighting-fighting…', Shashi Tharoor's post on Vinesh Phogat's retirement won hearts, know

‘Fighting-fighting…’, Shashi Tharoor’s post on Vinesh Phogat’s retirement won hearts, know Shashi Tharoor reaction on Vinesh Phogat retirement: भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का ऐलान कर दिया है. उनके रिटायरमेंट पर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सिस्टम से पक गई लड़की’. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विनेश फोगाट की फोटो को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. बता दें कि पेरिस ओलंपिक में फाइनल मुकाबले से कुछ घंटे पहले विनेश फोगाट को वजन ज्यादा होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया था. शशि थरूर ने कही ये बात विनेश फोगाट ने संन्यास लेने के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस सिस्टम से पक गई है ये लड़की लड़ते-लड़ते थक गई है ये लड़की.’

गृह जिले के बाहर रहने वाले युवाओं को ऑनलाइन वोटिंग का अधिकार हो : गणेश सिंह

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh भोपाल। सतना सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में सरकार से आग्रह किया है कि गृह जिले से बाहर रह रहे युवाओं को बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। बीजेपी सांसद सिंह ने लोकसभा में कहा कि वोटिंग प्रतिशत गिरने के कारणों में एक वजह यह भी है कि अधिकांश युवा पढ़ने अथवा जॉब करने के सिलसिले में बाहर रहते है। वे वोटिंग नहीं कर पाते है। सतना सांसद गणेश सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा वर्ग जो नव मतदाता 18 से 25 साल तक के हैं, वे अपने गृह जिले से बाहर कोचिंग करने या पढ़ाई के लिये बड़े महाविद्यालयों में पढ़ने तथा निजी कम्पनियों में नौकरी करते हैं, जो घर से दूर रहने के कारण वोट करने नही आ पाते हैं। वोटिंग प्रतिशत कम होने का एक बड़ा कारण यह भी है। सिंह ने कहा कि ऐसे युवाओ को चुनाव के समय वापस घर आने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे कि तत्काल टिकट न मिल पाना, पढ़ाई के कारण समय का अभाव, छुट्टी न मिल पाना तथा आवागमन में आर्थिक व्यय की क्षति होती है। इसलिये वे अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाते है। सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि जिस प्रकार केन्द्रीय कर्मचारियों को गृह जिले से बाहर अन्यत्र स्थानों से वोटिंग के लिये बैलट पेपर की व्यवस्था की जाती है, उसी प्रकार यदि इन युवाओं के लिये उसी स्थान में बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग अथवा अन्य उपयुक्त माध्यम से वोटिंग का अधिकार दिलाने की व्यवस्था की जाय। इससे निश्चित ही वोट प्रतिषत बढ़ेगा और युवाओं में चुनाव प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।

राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव, INDIA या NDA, किसका पलड़ा भारी?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand? Rajya Sabha Election 2024: राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 3 सितंबर को उपचुनाव होगा. 9 राज्यों की इन 12 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने बुधवार को कार्यक्रम का एलान किया. तारीखों की घोषणा के साथ ही अब राजनीतिक दल जीत का फॉर्म्युला निकालने में जुट गए हैं. इन 12 सीटों पर जीत किसकी होगी, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन इस बार इन 12 सीटों में से करीब 10 पर कड़े मुकाबले की बात कही जा रही है. हालांकि कुछ सीटों पर कांग्रेस का तो कुछ पर बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. आइए जानते हैं कि इस चुनाव के बाद कैसे बदलेगा राज्यसभा का गणित. पहले जानिए कहां-कहां खाली हैं ये सीटें महाराष्ट्र में राज्यसभा की 2 सीटें, बिहार में 2 सीटें, असम में 2 सीटें, त्रिपुरा में 1, हरियाणा में 1, राजस्थान में 1 और मध्य प्रदेश में 1, ओडिशा में 1 और तेलंगाना में 1 सीट खाली है. क्यों खाली हुईं ये सीटें? इन 12 खाली सीटों में 10 ऐसी हैं जो उच्च सदन के सदस्यों के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद खाली हुईं, जबकि तेलंगाना और ओडिशा से एक-एक राज्यसभा सदस्य ने अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी जॉइन की इसलिए राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया. पहले इन 12 सीटों में क्या थी स्थिति? अगर इन 12 सीटों पर पहले की स्थिति की बात करें तो बीजेपी सबसे आगे थी. उसके सात साज्यसभा सांसद थे. महाराष्ट्र की दोनों सीटों पर बीजेपी का कब्जा था. बिहार में एक सीट पर बीजेपी तो एक सीट पर आरजेडी का कब्जा था. असम की दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. मध्य प्रदेश की 1 सीट पर बीजेपी, त्रिपुरा की एक सीट पर बीजेपी, हरियाणा की एक सीट पर कांग्रेस और राजस्थान की एक सीट पर भी कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की थी. इसके अलावा तेलंगाना में हाल में के. केशव राव ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) छोड़कर कांग्रेस जॉइन किया था, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया, जबकि ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) की सांसद ममता मोहंता ने बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद राज्यसभा सीट छोड़ दी थी. मध्य प्रदेश और त्रिपुरा में बीजेपी मजबूत राजनीतिक एक्सपर्ट बताते हैं कि बात लोकसभा चुनाव की हो या विधानसभा चुनाव की हो, जिस तरह से मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अब तक प्रदर्शन किया है, उससे साफ है कि यहां भी बीजेपी एकतरफा जीत दर्ज करते हुए एक सीट फिर से जीत दर्ज कर लेगी. इसके अलावा त्रिपुरा में भी बीजेपी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. असम में भी एकतरफा मुकाबले की बात राजनीतिक एक्सपर्ट कहते हैं कि बीजेपी असम में अभी काफी मजबूत स्थिति में नजर आती है. इसके अलावा पिछली बार भी दोनों सीटों पर उसी का कब्जा था. ऐसे में एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इस बार भी असम की दोनों सीटों पर बीजेपी जीत दर्ज कर सकती है. राजस्थान में बीजेपी आगे राजस्थान की एक सीट पर राज्यसभा के उपचुनाव होने हैं. इस सीट पर बीजेपी मजबूत बताई जा रही है. एक्सपर्ट बताते हैं कि पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी ने जिस तरह राजस्थान में प्रदर्शन किया है उससे बीजेपी एक बार फिर यहां जीत दर्ज कर सकती है. महाराष्ट्र और बिहार में कड़ी टक्कर महाराष्ट्र और बिहार की बात करें तो यहां कड़े मुकाबले की उम्मीद है. पिछली बार बिहार में एक सीट पर आरजेडी और एक पर बीजेपी को जीत मिली थी. इस बार भी काफी कड़ा मुकालब हो सकता है. वजह है विपक्षी दलों के पास भी पर्याप्त सीट होना. ओडिशा में बीजेपी तो तेलंगाना में कांग्रेस को बढ़त राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी ने इस बार ओडिशा में बीजेडी को विधानसभा चुनाव में सत्ता से उखाड़ फेंका है. इस बार उसके पास नंबर ज्यादा हैं इसलिए ओडिशा में बीजेपी का पलड़ा भारी है. वहीं तेलंगाना की बात करें तो यहां रेवंत रेड्डी की अगुवाई में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी. पार्टी के पास विधायकों की अच्छी संख्या है. एक्सपर्ट कहते हैं कि तेलंगाना में कांग्रेस बाजी मार सकती है. हरियाणा में इसलिए सबसे कठिन मुकाबला सभी राज्यों में से हरियाणा में ही सबसे कठि मुकाबला माना जा रहा है. दरअसल, 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में अब 87 सदस्य हैं. पार्टी के हिसाब से देखें तो भाजपा के पास 41 विधायक हैं. इनके अलावा दो विधायकों -निर्दलीय नयन पाल रावत और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) के गोपाल कांडा का भी भाजपा को समर्थन है. बीजेपी के पास कुल 44 विधायकों का समर्थन है. वहीं विपक्ष पर नजर डालें तो उनके पास 43 विधायक हैं. इनमें कांग्रेस के पास 28 विधायक, जननायक जनता पार्टी (जजपा) के पास 10 और तीन निर्दलीय (रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान), चौथे निर्दलीय बलराज कुंडू और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय चौटाला शामिल हैं. तीन निर्दलीय रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान ने पहले सरकार को समर्थन दिया था लेकिन हाल ही में उन्होंने कांग्रेस का समर्थन कर दिया.

गजब है बिहार! न सड़क, न नदी, 3 करोड़ की लागत से खेत में बना डाला पुल

Bihar is amazing! No road, no river, bridge built in the field at a cost of Rs 3 crore

Bihar is amazing! No road, no river, bridge built in the field at a cost of Rs 3 crore अररिया ! बीते कई महीनों से बिहार पुलों की वजह से बदनाम हो रहा है. आए दिन गिरते पुल भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं. पुल को लेकर अब एक नया मामला ऐसा सामने आया है जिसे सुन और देखकर लोग हैरान हो रहे हैं. राज्य के अररिया जिले के एक गांव में अनोखा पुल बना डाला. इसके लिए 3 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे. पुल के दोंनो ओर सड़क ही नहीं है. हैरान करने की दूसरी वजह ये है कि अक्सर पुलों का निर्माण नदी, नहर और नालों के लिए किया जाता है, लेकिन जिस जगह यह पुल बनाया गया है वहां इनमे से कुछ भी नहीं है. सोशल मीडिया पर इस अनोखे पुल की तस्वीरें जमकर शेयर हो रहीं हैं. अररिया के जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. पुल को एक खेत के बीच में बनाया गया है. उसके दोनों ओर ग्रामीणों की निजी जमीन है. ये पुल क्यों और किस लिए बनाया गया इसकी जांच की जा रही है. इसके लिए जिलाधिकारी ने जांच टीम बनाई है. मौके पर जाकर जानकारी इकट्ठा की जाएगी. उनका साफ कहना है कि जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. 6 महीने पहले हुआ अनोखे पुल का निर्माणयह अनोखा पुल जिले के रानीगंज ब्लॉक के गांव परमानंदपुर में किया गया है. सोशल मीडिया पर इस अनोखे पुल की तस्वीरें और वीडियो जमकर वायरल हो रही हैं. लोग इसको पोस्ट कर बिहार सरकार पर तीखे सवाल कर रहे हैं. गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, 6 महीने पहले इस पुल का निर्माण रुरल वर्क्स डिपार्टमेंट्स (RWD) ने किया था. हैरत की बात यह है कि इस पुल के लिए कोई कनेक्टिविटी नहीं है. दोनों ओर कोई सड़क नहीं बनाई गई है. विभाग द्वारा इस पुल के साथ करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क बननी थी. लेकिन पुल के आसपास सरकारी जमीन नहीं है बल्कि किसानों की निजी जमीन है. ऐसे में यहां पुल तो बन गया लेकिन कोई सड़क नहीं बनी. दोनों ओर नहीं हैं सड़कग्रामीणों का कहना है कि यह पुल किसी इस्तेमाल का नहीं है. 6 महीने से यह सिर्फ शोपीस बना हुआ है. उन्होंने बताया कि जहां पुल बना है एक मृत प्राय नदी दुलरदेई के लिए बनाया गया है. इस नदी में बरसात के दिनों में ही पानी नजर आता है. वहीं पुल निर्माण करने वाले विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि जमीनी विवाद के कारण आगे का काम रुका हुआ है. उनका कहना है कि यह पुल नहीं बल्कि एक बॉक्स कलवर्ट है जिसका इस्तेमाल जल मार्गों के लिए किया जाता है. उन्होंने बताया कि इसका निर्माण ग्रामीण सड़क योजाना के अंतर्गत किया गया है. अररिया जिलाधिकारी इनायत खान ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

Tirupati Balaji : जाने का बना रहे हैं मन, तो जाने से पहले मंदिर के बारे में जान लें कुछ खास बातें

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before going तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है, जहां हर दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु आकर माथा टेकते हैं। यह भारत में सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह पवित्र मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के पहाड़ी शहर तिरुमाला में स्थित है, जो भगवान विष्णु के अवतार वेंकटेश्वर को समर्पित है। कहा जाता है कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर मानवता को ‘कलियुग’ की कठिनाइयों और क्लेशों से मुक्ति दिलाने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इस अवधारणा के अनुसार, इस क्षेत्र को कलियुग वैकुंठम के रूप में जाना जाता है, और भगवान को कलियुग प्रत्यक्ष दैवम के रूप में जाना जाता है। आइये जानते हैं तिरुपति मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य। तिरुपति मंदिर के कुछ रोचक तथ्य भगवान तिरुपति बालाजी की जो मूर्ति रखी गई है वह गर्भगृह के मध्य में खड़ी हुई प्रतीत हो सकती है, लेकिन यह मूर्ति वास्तव में गरबा गुड़ी के दाहिने कोने की ओर थोड़ी सी है। तिरुपति बालाजी मंदिर का नाम भारत के सबसे अमीर मंदिरों में आता है और यहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे इसने टूरिस्ट रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। तिरुपति बालाजी मंदिर के गर्भगृह में देवता की मूर्ति के सामने रखे गए मिट्टी के दीपक भी बुझते नहीं हैं। ये दीपक कब जलाए गए और किसने जलाए, इसके बारे में कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड नहीं है। जब आप मुख्य मूर्ति की पीठ पर अपना कान लगाते हैं, तो आपको एक गरजते हुए समुद्र की आवाज सुनाई देती है। पहाड़ियों के बारे में एक तथ्य यह है कि,इनमें में से एक पर स्वामी का चेहरा है। देखने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह सो रहें हैं और आप वास्तव में उनका चेहरा देख सकते हैं। कहा जाता है कि यह मूर्ति इतनी मजबूत है कि कभी क्षतिग्रस्त नहीं हो सकती है। जब सिनामोमम कैम्फोरा पेड़ से प्राप्त कच्चा कपूर या हरा कपूर किसी पत्थर पर लगाया जाता है, तो इससे वस्तु पर दरारें पड़ जाती हैं। लेकिन, श्री तिरुपति बालाजी की मूर्ति पर कपूर की अस्थिर रासायनिक प्रतिक्रियाओं को कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भगवान वेंकटेश्वर का अभिषेक करने के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुएं केवल जंगल से एकत्र की जाती हैं। हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए पैसों में करोड़ों की विदेशी मुद्रा होती है, RBI उस पैसे को बदलने में TTD बोर्ड की मदद करता है। तिरुपति बालाजी- दर्शन नियम तिरूपति बालाजी मंदिर के सामान्य तौर पर दर्शन सुबह 6.30 बजे से शुरु हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि जब आप तिरुपति दर्शन करने जाते हैं तो, यहां दर्शन करने के भी कुछ नियम भी हैं। नियम के अनुसार दर्शन करने से पहले आपको कपिल तीर्थ पर स्नान करके , कपिलेश्वर के दर्शन करने होते हैं। इसके बाद ही वेंकटाचल पर्वत पर जाकर बालाजी के दर्शन करने चाहिए। वहीं इसके पश्चात देवी पद्मावती के दर्शन करें। यहां ये भी जान लें कि पद्मावती देवी का मंदिर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पत्नी पद्मावती लक्ष्मी जी को समर्पित है। माना जाता है कि जब तक भक्त इस मंदिर के दर्शन नहीं करते, तब तक आपकी तिरुमला की यात्रा पूरी नहीं होती।

Rupee-Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, महंगाई का लगेगा झटका

Rupee-Dollar: Historical fall in rupee against dollar, inflation will be shocked

Rupee-Dollar: Historical fall in rupee against dollar, inflation will be shocked Rupee-Dollar Update: डॉलर के मुकाबले रुपया ऑलटाइम लो पर जा लुढ़का है. करेंसी मार्केट में एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.96 के निचले लेवल तक जा फिसला है. इस गिरावट के बाद एक डॉलर के मुकाबले रुपया 84 के लेवल तक जाता दिख रहा है. पिछले सेशन में रुपया 83.86 के लेवल पर क्लोज हुआ था. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की शेयर बाजार में बिकवाली के बाद डॉलर की डिमांड बढ़ने के चलते रुपये में ये कमजोरी आई है. डॉलर के मुकाबले रुपये में सबसे बड़ी गिरावटमंगलवार के कारोबारी सत्र में फॉरेक्स मार्केट के खुलने पर एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.84 रुपये पर खुला लेकिन विदेशी बैंकों की ओर से डॉलर की भारी डिमांड के चलते रुपया 83.96 के लेवल तक नीचे जा फिसला जो कि एक डॉलर के मुकाबले रुपये में सबसे बड़ी गिरावट है. फिलहाल एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.94 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है. डॉलर की मांग में बढ़ोतरी आई है तो दो दिन के कारोबारी सत्र में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 13,400 करोड़ रुपये के स्टॉक्स बेच डाले जिसमें केवल सोमवार 5 अगस्त, 2024 को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के स्टॉक्स बेचे हैं. सस्ते कच्चे तेल के फायदे पर फिरेगा पानीडॉलर के मुकाबले रुपये में आई ये कमजोरी भारत के लिए बुरी खबर है. भारत के लिए इंपोर्ट महंगा हो सकता है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई है और ये 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है जो भारत के अच्छी खबर साबित हो सकती थी. लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी कच्चे तेल में गिरावट के फायदे पर पानी फेर सकता है. भारत अपने ईंधन खपत को पूरा करने के लिए 80 फीसदी आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है. ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी के बाद डॉलर में भुगतान कर कच्चा तेल आयात करने के लिए भारतीय तेल कंपनियों को ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेंगे. दाल-खाने का तेल होगा महंगाभारत में दाल की कीमतें वैसे ही आसमान छू रही है. देश में दाल की खपत को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर दाल इंपोर्ट करना पड़ रहा है. ऐसे में रुपये में कमजोरी और डॉलर की मजबूती के चलते दालों का आयात महंगा हो जाएगा जिसका असर घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है. भारत खाने के तेल की खपत को पूरा करने के लिए भी आयात पर निर्भर है. सोने की ज्वेलरी होगी महंगीदेश में इस महीने में रक्षा बंधन के साथ त्योहारी सीजन की शुरुआत हो रही है जिसमें सोने की ज्वेलरी की डिमांड बढ़ जाती है. रुपये में कमजोरी का असर सोने की कीमतों पर भी पड़ सकता है क्योंकि भारत अपने खपत के लिए आयातित सोने पर निर्भर है. 23 जुलाई, 2024 को पेश हुए बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी में कमी के बाद सोने के दामों में तेज गिरावट आ गई और सोना 5000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया. लेकिन रुपये में कमजोरी के चलते सोने के दामों में गिरावट से होने वाले फायदे पर पानी फिर सकता है. महंगे आयातित सोने के चलते सोने की ज्वेलरी महंगी हो सकती है. महंगी हो सकती है कारें-गैजेट्स !भारत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से लेकर ऑटोमोबाइल पोर्ट्स का इंपोर्ट करता है. एक तो देश में मानसून सीजन के चलते ऑटोमोबाइल सेल्स में गिरावट देखी जा रही है. रुपये में कमजोरी के बाद ऑटो पार्ट्स का इंपोर्ट महंगा हो जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स का आयात भी डॉलर में मजबूती से महंगा होगा. जिससे त्योहारी सीजन में कारें या गैजेट्स खरीदने के लिए ज्यादा पैसा चुकाने होंगे. विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावटविदेशी मुद्दा भंडार 671 बिलियन डॉलर के ऑलटाइन हाई को छूने के बाद नीचे आ गया है. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर डॉलर की डिमांड बढ़ने से रुपये में कमजोरी आ रही है. डॉलर के मुकाबले रुपये को और ज्यादा गिरने से बचाने के लिए आरबीआई अपने रिजर्व से डॉलर बेच सकता है. ऐसे में विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आ सकती है.

मुझे मालिक नहीं, भाई कहो.. क्या हुआ जब राहुल गांधी ने मोची रामचैत को किया फोन

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait?

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait? उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले सप्ताह एक मोची की दुकान पर गए थे. इस दौरान राहुल गांधी ने अपने हाथ से जुते की सिलाई की थी और बाद में मोची को एक मशीन भेजी थी. अब मोची रामचैतने राहुल गांधी के लिए रिटर्न दिया है, जो राहुल गांधी को खूब पसंद आया है. मोची रामचैत ने चमड़े का काला जूता बनाकर भेजा है, जो राहुल को खूब पसंद आए. इसके बाद उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. हालांकि, इस दौरान जब रामचैत ने राहुल को मालिक कहकर संबोधित किया तो उन्होंने टोक दिया और कहा कि मुझे मालिक नहीं, भाई कहो. राहुल गांधी ने शेयर किया 5 मिनट का वीडियो राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है और लिखा कि पिछले दिनों सुल्तानपुर से वापस आते वक्त रास्ते में जूतों के कारीगर रामचेत जी से मुलाकात हुई थी, उन्होंने मेरे लिए प्रेम भाव से अपने हाथों से बनाया एक बहुत ही कम्फर्टेबल और बेहतरीन जूता भेजा है. राहुल गांधी ने कहा कि कामगार परिवारों के ‘परंपरागत कौशल’ में भारत की सबसे बड़ी पूंजी छिपी है. देश के कोने-कोने में अलग-अलग स्किल वाली ऐसी करोड़ों प्रतिभाएं हैं. अगर इन ‘भारत बनाने वालों’ को जरूरी समर्थन मिले तो वह अपनी ही नहीं, देश की भी तकदीर बदल सकते हैं. मुझे मालिक नहीं, भाई कहो: राहुल गांधी जब रामचैत ने राहुल गांधी के लिए 2 जोड़ी जूते भेजे तो उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. राहुल ने कहा, ‘आपने मेरे लिए बहुत सुंदर जूता भेजा है. बहुत बहुत धन्यवाद.’ इसके बाद रामचेत ने कहा कि आपने हमे बहुत ऊपर उठा दिया है मालिक. इस पर राहुल गांधी ने उन्हें टोका और कहा कि आप मालिक ना कहो, भाई कहो. मालिक शब्द अच्छा नहीं है. 26 जुलाई को रामचैत की दुकान पर गए थे राहुल बता दें कि राहुल गांधी 26 जुलाई को सुल्तानपुर गए थे. इस दौरान उन्होंने रामचेत नाम के मोची से मुलाकात कर उनके काम और मुश्किलों के बारे में जाना था. इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक चप्पल भी सिली थी. अब राहुल गांधी ने इस मुलाकात का पूरा वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर किया है. कुलियों के एक समूह ने सोमवार (5 अगस्त) को दिल्ली राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ अपनी परेशानियों को शेयर किया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा. इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं.

पानी पर रेल चलाने वाले पहला देश बना भारत : लोगों ने रेल मंत्री को दिया धन्यवाद महोदय

India became the first country to run a train on water

India became the first country to run a train on water: People thanked the Railway Minister, Sir. रेल मंत्री की मेहनत को सलाम

राहुल गांधी की बात पर भरी संसद में शिवराज ने बोल दी बड़ी बात: देखें विडियो

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi's words

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi’s words राहुल की बात पर भरी संसद में शिवराज ने कह दी ऐसी बात कि कांग्रेसी बस सुनते रह गए…!

भारतीय बैडमिंटन स्टार : पेरिस में हार के बाद पीवी सिंधु ने लिया संन्यास?

Indian badminton star: PV Sindhu retires after defeat in Paris?

Indian badminton star: PV Sindhu retires after defeat in Paris? PV Sindhu Retirement Update: पीवी सिंधु (PV Sindhu) के लिए पेरिस ओलंपिक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. भारतीय स्टार शटलर को बैडमिंटन के वुमेंस सिंगल के प्री क्वार्टर फाइनल यानी राउंड 16 से बाहर होना पड़ा. राउंड 16 में सिंधु को चीन की बिंग जियाओ के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी. हार के बाद सिंधु ने अपने संन्यास को लेकर बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने 2028 में खेले जाने वाले ओलंपिक को लेकर बात की. बता दें कि राउंड 16 में पीवी सिंधु को चीन की बिंग जियाओ के खिलाफ 21-19, 21-14 से हार झेलनी पड़ी थी. इस हार के साथ सिंधु का लगातार तीसरे ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना चूर हो गया. हार के साथ सिंधु का अभियान खत्म हो गया. हार के बाद सिंधु से 2028 के लॉस एंजिल्स के ओलंपिक के बारे में पूछा गया. सिंधु ने जवाब देते हुए कहा, “अभी अगले ओलंपिक में चार हैं. मैं वापस जाकर थोड़ा आराम करूंगी. ब्रेक लेने के बाद देखूंगी कि क्या है. चार साल बहुत लंबा वक़्त है. फिलहाल वापस जाने का वक़्त है. मैं वो नतीजा नहीं दे पाई, जिसकी मुझे उम्मीद थी. यह दुखद है, लेकिन यह एक सफर है.” इसके अलावा भारतीय स्टार ने मुकाबले को लेकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे वह खुद पर काबू नहीं रख सकीं. भारतीय शटलर ने कहा, “मुझे लगता है कि मुझे अपनी गलतियों पर काबू रखना चाहिए, खासकर दूसरे मैच में. यह दुखद है कि मैं इसे जीत में नहीं बदल पाई. पहले मैच में स्कोर एक वक़्त पर 19-19 था. मैं हर प्वाइंट के लिए लड़ती रहीं. हम दोनों ही लड़ रहे थे. आप आसान खेल या आसान अंक की उम्मीद नहीं कर सकते. मुझे डिफेंसिव छोर पर गलतियों पर काबू रखना चाहिए. पिछले दो ओलंपिक में जीते थे मेडल गौरतलब है कि पीवी सिंधु ने पिछले दोनों ओलंपिक में मेडल जीते थे. 2016 के रियो ओलंपिक में भारतीय शटलर ने सिल्वर मेडल जीता था. इसके अलावा 2020 को टोक्यो ओलंपिक में सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्ज़ा किया था. इस बार पेरिस ओलंपिक में उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद की जा रही थी. हालांकि इस ओलंपिक में उनके हाथ कोई भी मेडल नहीं लग सका.

महाराष्ट्र सरकार ने दो शहरों का नाम बदलने का फैसला : औरंगाबाद-उस्मानाबाद का नाम

Maharashtra government decided to change the name of two cities: Name of Aurangabad-Osmanabad

Maharashtra government decided to change the name of two cities: Name of Aurangabad-Osmanabad Aurangabad-Osmanabad Cities Name Change: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (2 अगस्त) को महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को हरी झंडी दी, जिसमें राज्य के दो शहरों का नाम बदलने का फैसला किया गया था. महाराष्ट्र सरकार के जरिए राज्य के औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव रखने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. देश की शीर्ष अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया. दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसने राज्य सरकार के फैसले में किसी तरह की वैधानिक चुनौती नहीं देखी और उसे सही ठहराया. इसके बाद याचिकाकर्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आएगा. हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और अदालत ने इस याचिका को खारिज कर महाराष्ट्र सरकार के फैसले को हरी झंडी दिखा दी. फैसले की न्यायिक समीक्षा की जरूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नाम बदलना सरकार का अधिकार होता है. इसकी न्यायिक समीक्षा की जरूरत नहीं होती है. हाईकोर्ट ने आपकी बात सुनकर ही विस्तृत आदेश दिया है. हम उसमें दखल नहीं देंगे. इससे पहले 8 मई को हाई कोर्ट ने औरंगाबाद का नाम बदल कर छत्रपति संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव करने के राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया था. कोर्ट ने कहा था कि फैसला कानूनी रूप से सही है. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उस पर मोहर लगाई है.

केरल: वायनाड में जहां भूस्खलन ने मचाई थी तबाही, वहां पहुंचे राहुल-प्रियंका

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad.

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad. केरल के वायनाड में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. हताहतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. गुरुवार को सीएम विजयन ने रिव्यू मीटिंग की. सीएम ने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड के चूरलमाला में भूस्खलन स्थल पर पहुंचे हैं, जहां 30 जुलाई को भूस्खलन हुआ था. राहुल और प्रियंका वायनाड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी करेंगे. बाढ़-बारिश और लैंडस्लाइड की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. वहीं, 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सुबह 7 बजे तक कुल 256 पोस्टमॉर्टम किए गए हैं, जिनमें शवों के हिस्से भी शामिल हैं. इस प्रकार ये पूरे 256 शव नहीं हैं बल्कि कुछ शवों के अंग भी इसमें शामिल हैं. हमने 154 शव जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है. मुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावितमुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावित वाला इलाका है. यहां काफी नुकसान हुआ है. दोनों क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 190 फुट लंबा ‘बेली ब्रिज’ बनाया गया है. मुंडक्कई शहर में लगभग 450 से 500 घर थे मगर मुंडक्कई अब वायनाड के नक्शे से मिट चुका है. यहां कुछ भी नहीं बचा. कीचड़ और पत्थरों के अलावा कुछ भी नहीं है. बेली ब्रिज का निर्माण पूरा- CM विजयनवायनाड भूस्खलन पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को कहा कि आज एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. उसके बाद राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक भी हुई. बैठक में विपक्षी नेताओं ने भी हिस्सा लिया. मैं सेना के जवानों के प्रयासों की सराहना करता हूं. उन्होंने हमें बताया है कि फंसे हुए ज्यादातर लोगों को बचा लिया गया है. मिट्टी के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए मशीनरी लाना मुश्किल था और पुल बनाने से यह काम आसान हो गया. बेली ब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. सीएम बोले- रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगासीएम विजयन ने आगे कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. बचाए गए लोगों को अस्थायी रूप से शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है. पुनर्वास कार्य जल्द से जल्द किया जाएगा, जैसा कि हमने पहले की स्थितियों में भी किया है. मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि वे लोगों से मिलने और शिविरों के अंदर शूटिंग करने से बचें. आप उनसे शिविरों के बाहर बात कर सकते हैं, व्यक्तियों की गोपनीयता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है. लोकसभा में भी उठा मुद्दावायनाड लैंडस्लाइड का मुद्दा लोकसभा में भी बुधवार को उठाया गया था. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहा कि यह समय केरल के वायनाड की जनता के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने का है. इसके लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. शाह ने सदन को यह भी बताया कि वह आपदा प्रबंधन पर इसी सत्र में एक विधेयक भी लाएंगे. मंत्री ने कहा कि सरकार केरल की जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि वह उनको किसी भी मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ेगी.

नई संसद की छत से टपक रहा पानी, अखिलेश यादव ने Video शेयर कर कहा,,,,,

Water dripping from the roof of the new Parliament, Akhilesh Yadav shared the video and said,,,,

Water dripping from the roof of the new Parliament, Akhilesh Yadav shared the video and said,,,, दिल्ली-एनसीआर में बुधवार की शाम भारी बारिश हुई. इससे कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. शाम को ऑफिस से घर जाने वालों को भारी जाम का सामना करना पड़ा. भारी बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया था. वहीं नई संसद भवन की छत से बारिश के दौरान पानी टपने लगा था. इसका वीडियो समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शेयर किया है. अखिलेश यादव ने यह वीडियो शेयर करते हुए अपने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस नई संसद से अच्छी तो वो पुरानी संसद थी, जहाँ पुराने सांसद भी आकर मिल सकते थे. क्यों न फिर से पुरानी संसद चलें, कम-से-कम तब तक के लिए, जब तक अरबों रुपयों से बनी संसद में पानी टपकने का कार्यक्रम चल रहा है.’ उन्होंने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए आगे लिखा, ‘जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में बनी हर नई छत से पानी टपकना, उनकी सोच-समझकर बनायी गयी डिज़ाइन का हिस्सा होता है या फिर…’ दरअसल, भारी बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव से संसद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

INDIA Alliance Rally: भाजपा ने स्वार्थ के लिए केजरीवाल को जेल में डाला- अखिलेश

INDIA Alliance Rally: BJP put Kejriwal in jail for selfishness- Akhilesh

INDIA Alliance Rally: BJP put Kejriwal in jail for selfishness- Akhilesh दिल्ली ! मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बिगड़ते स्वास्थ्य और अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ इंडिया गठबंधन की जंतर मंतर पर एक बड़ी रैली हो रही है। रैली में आम आदमी पार्टी के बड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और गिरते स्वास्थ्य को लेकर इंडिया गंठबधन द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन में आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और संदीप पाठक मंच पर पहुंचे। मंच पर पहुंचे राम गोपाल यादवमंच पर समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार मात्र एक साल तक ही चलेगी। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से आप आदमी पार्टी के साथ है। वहीं शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना उद्धव गुट का डीएनए और इंडिया गठबंधन का डीएनए एक है। गुजरात के जो दो तानाशाह हैं वो सबसे डरपोक हैं। जब हमारी सरकारी आयेगी तो बताएंगे की ईडी और सीबीआई क्या है। यही इन दोनो तानाशाह को भी जेल में डालेगी। आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा पर षड्यंत्र का आरोप लगा रही है। आप का आरोप है कि भाजपा अरविंद केजरीवाल को जेल में मारना चाहती है। लगातार उनका ब्लड प्रेशर कम हुआ। तीन जून से सात जून के बीच 34 बार ब्लड प्रेशर गिरा। अखिलेश बोले– भाजपा ने अपने स्वार्थ के लिए केजरीवाल को जेल में डालासमाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा की इससे पहले भी दिल्ली में अरविंद केजीवाल के पक्ष में रैली की गई थी। उसमे भी कहा गया था कि अन्याय किया जा रहा है। भाजपा ने अपने स्वार्थ के लिए सीएम केजरीवाल को जेल में डाल दिया। यूपी ने इस बार भाजपा को हरा कर अपना फैसला समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन को जिताया है। भाजपा को यह पता होना चाहिए कि जनता उनके खिलाफ है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कहा कि मैंने चुनाव से पहले एक बात कही थी कि दिल्ली (केंद्र सरकार) के पास कई ऐसे संगठन हैं, जो समय-समय पर नेताओं को परेशान करते हैं, वो संगठन उन्हें न्याय नहीं मिलने देते… अगर हम सत्ता में आए तो हम ऐसे संगठनों को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। हमारे लोकतंत्र में किसी पर झूठा आरोप नहीं लग सकेगा।

INDIA Alliance Rally: अरविंद केजरीवाल की हेल्थ और गिरफ्तारी पर INDIA गठबंधन की रैली

INDIA Alliance Rally: INDIA Alliance Rally on Arvind Kejriwal's health and arrest

INDIA Alliance Rally: INDIA Alliance Rally on Arvind Kejriwal’s health and arrestDelhi AAP Rally Live Updates: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की हेल्थ को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार बीजेपी पर हमलावर है। आप ने बीजेपी पर सीएम केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। अरविंद केजरीवाल की जेल में बिगड़ती सेहत और उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ आज मंगलवार यानी 30 जुलाई को इंडिया गठबंधन के तमाम नेता जंतर-मंतर पर रैली में हिस्सा लेंगे। यह रैली आज दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक होगी। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर सोमवार को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर मंतर पर अरविंद केजरीवाल के समर्थन में INDIA ब्लॉक मंगलवार यानी 30 जुलाई को रैली करेगा। इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल के नेता हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का बार-बार गिर रहा शुगर लेवल- संजय सिंह आप सांसद ने कहा कि तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जेल में सीएम केजरीवाल का बार-बार शुगर लेवल गिर रहा है। वहीं, पार्टी ने केजरीवाल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके शुगर लेवल में 3 जून से 7 जुलाई के बीच 34 बार गिरावट आई है। अरविंद केजरीवाल को मारने की साजिश- आतिशी दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश है।

12810 Howrah-Mumbai Derail: झारखंड रेल हादसे के बाद रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

12810 Howrah-Mumbai Derail: Railways issues helpline numbers after Jharkhand train accident

12810 Howrah-Mumbai Derail: Railways issues helpline numbers after Jharkhand train accident रांची (12810 Howrah Mumbai Derailment)। मंगलवार तड़के झारखंड में भीषण रेल हादसा हो गया। हावड़ा-मुंबई मेल पहले से बेटरी से उतरी मालगाड़ी से जाकर टकरा गई। चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से पहले राजखरसावां और बड़ाबंबू के बीच हादसा हुआ। यात्री गाड़ी के 20 डिब्बे पटरी से उतरने से अब तक 2 की मौत की सूचना है, जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबरटाटानगर: 06572290324चक्रधरपुर: 06587 238072राउरकेला: 06612501072, 06612500244हावड़ा: 9433357920, 03326382217रांची: 0651-27-87115.एचडब्ल्यूएच हेल्प डेस्क: 033-26382217, 9433357920एसएचएम हेल्प डेस्क: 6295531471, 7595074427केजीपी हेल्प डेस्क: 03222-293764सीएसएमटी हेल्पलाइन ऑटो नंबर 55993पी एंड टी 022-22694040मुंबई: 022-22694040नागपुर: 7757912790

केरल : भूस्खलन ने मचाई तबाही, 24 लोगों की मौत, नदी में तैरते शव, सड़कें-ब्रिज टूटे, 200 घर तबाह…

Kerala: Landslide caused devastation, 24 people died

Kerala: Landslide caused devastation, 24 people died, bodies floating in the river, roads and bridges broken, 200 houses destroyed… Wayanad Landslides: नदी में तैरते शव, टूटी हुईं सड़के और ब्रिज… ये तबाही भरा नजारा केरल के वायनाड का है. यहां भीषण लैंडस्लाइड की चपेट में करीब 200 घर आ गए. अब तक 23 लोगों की मौत की खबर है. सैकड़ों लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. सेना मलबे में फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट करने की योजना बना रही है. इसके लिए सेना के हेलिकॉप्टर वायनाड के लिए रवाना हो गए हैं. उधर, इस हादसे पर पीएम मोदी और वायनाड से सांसद रहे राहुल गांधी ने दुख जताया है. पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की आर्थिक मदद का ऐलान भी किया है. केरल के वायनाड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते मंगलवार को तड़के 4 घंटे में 3 बड़े लैंडस्लाइड हुए. भूस्खलन की चपेट मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टमाला और नूलपुझा आ गए. इन गांवों के सैकड़ों घर भूस्खलन के चलते मलबे में दब कर तबाह हो गए. अकेले चूरलमाला में 200 घरों को नुकसान पहुंचा है. नदी में बहते मिले 6 शव मनोरमा न्यूज के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया कि अट्टामाला में ग्रामीणों को नदी में बहते हुए 6 शव मिले हैं. वहीं, सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं. भूस्खलन से सबसे ज्यादा प्रभावित चूरलमाला हुआ है. यहां घरों के बाहर खड़े वाहन, दुकानें और घर भूस्खलन की चपेट में आ गए. केरल स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी KSDMA ने बताया कि फायर फोर्स और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है. इसके अलावा एनडीआरएफ की और टीमें भी वायनाड पहुंच रही हैं. इसके अलावा रेस्क्यू में मदद के लिए कन्नूर डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स को भी वायनाड जाने का आदेश दिया गया है. हालांकि, भारी बारिश के चलते रेस्क्यू अभियान भी ठीक से नहीं चल पा रहा है. ‘स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है PMO’ केंद्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय (पीएमओ) ने दक्षिण भारत में भारतीय वायु सेना, नौसेना और सेना स्टेशनों को वायनाड में बचाव और राहत कार्यों में मदद करने का आदेश दिया. उन्होंने बताया कि पीएमओ ने स्थिति पर करीब से नजर रखी है और वह राज्य सरकार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा, केंद्र और राज्य दोनों सरकारें वायनाड के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मिलकर काम कर रही है.

कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया- उसी प्रकार आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा : राहुल गांधी 

similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi

Abhimanyu got trapped in the Chakravyuh in Kurukshetra and was killed – similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi नई दिल्ली। कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया – एक ऐसा चक्रव्यूह जिसे छह लोग नियंत्रित करते थे, और जिसे कमल के आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है। आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है और इसे मोदी, शाह, अडानी, अंबानी, डोभाल और भागवत नियंत्रित कर रहे हैं। इस आधुनिक चक्रव्यूह ने हमारे – युवाओं को बेरोज़गारी और पेपर लीक के चक्रव्यूह में फँसा दिया है – किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह में – मध्यम वर्ग को टैक्स के चक्रव्यूह में – एमएसएमई को टैक्स आतंकवाद के चक्रव्यूह में – जवानों को अग्निपथ के चक्रव्यूह में – एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यकों को अन्याय के चक्रव्यूह में उदाहरण के लिए, 2.5% पर शिक्षा बजट 20 वर्षों में सबसे कम है। और वित्त मंत्री ने पेपर लीक के बारे में बात तक नहीं की।  भारत ब्लॉक ने इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए पहला कदम उठाया है और तब तक लड़ता रहेगा जब तक कि भय के इस माहौल की जगह शिव जी की बारात नहीं आ जाती, जहाँ समान अवसर, न्याय और स्वतंत्रता हो। भाजपा को युवाओं को अभिमन्यु समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। वे अर्जुन हैं और इस चक्रव्यूह से मुक्त हो जाएंगे।

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कही ऐसी बात, निर्मला सीतारमण ने पकड़ लिया माथा

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget, Nirmala Sitharaman held her head लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के कई बयानों पर आपत्ति जताई. इस दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने भी नेता प्रतिपक्ष से सदन के नियमों का पालन करने की बात कही. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए. इस दौरान बजट की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ओबीसी की भागीदारी का सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट बनाने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक या ओबीसी समुदाय से हैं. उनके इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक मिनट से झेंप गई. उन्होंने आपना माथा पकड़ लिया. राहुल गांधी ने भाषण के दौरान स्पीकर से बजट के बाद हलवा समारोह की तस्वीर दिखाने की अनुमति मांगी लेकिन स्पीकर ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया. राहुल ने फिर तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2024 तैयार करने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि वे तस्वीर में मौजूद भी नहीं हैं. सदन में हंगामाकेंद्रीय बजट पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में हंगामा हो गया. गांधी पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आप सदन के नियम नहीं जानते, आप सदन के अध्यक्ष को चुनौती देते हैं. राहुल गांधी ने बजट भाषण में पेपर लीक मुद्दे का जिक्र न करने के लिए निर्मला सीतारमण पर हमला बोला. इस मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में देश में पेपर लीक के 70 मामले सामने आए हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 99% युवा केंद्रीय बजट 2024 में पेश किए गए इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि आपने युवाओं के लिए क्या किया? इस दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी खड़े हो गए. उन्होंने कहा कि अग्निवीर को लेकर नेता प्रतिपक्ष देश को गुमराह कर रहे हैं.

अतंरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर विशेषः इस साल अब तक 61 बाघों की मौत, 29 तो मध्य प्रदेश में ही मारे गए

International Tiger Day

Special on International Tiger Day: 61 tigers have died so far this year, 29 were killed in Madhya Pradesh alone. देश में टाइगर स्टेट के नाम से अपनी प्रतिष्ठा को कायम करने के बाद अब मध्य प्रदेश में बाघ संरक्षण के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। देशभर में इस साल अब तक 61 बाघों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें अकेले मध्य प्रदेश में ही 25 बाघ मारे गए हैं। ज्यादातर बाघों की मौत टाइगर रिजर्व में हुई है, जो चिंता का सबब बन गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 13, कान्हा टाइगर रिजर्व में आठ और पन्ना टाइगर रिजर्व में चार बाघ मारे गए हैं। 2023 में मध्य प्रदेश में 41 बाघों की मौत हुई थी, जो आंकड़ा इस बार बढ़ सकता है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक देश में 2012 से अब तक सबसे ज्यादा बाघों की मौतें मध्य प्रदेश में हुई है। इन 12 वर्षों में मध्य प्रदेश में ही 340 बाघों की मौत हुई है। इसके कारणों में बाघों के बीच क्षेत्र पर कब्जे की लड़ाई, शिकार और बीमारी शामिल है। जून में शिकारियों ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में घुसकर बाघ का शिकार किया था। उसका सिर काटकर साथ ले गए थे। इसके बाद बाघों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने अलर्ट जारी किया था। जुलाई में रायसेन जिले की आशापुरी बीट में एक बाघ का कंकाल मिला था। इसका गोली मारकर शिकार करने की आशंका व्यक्त की गई थी। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स नहीं बनीवाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि बाघों की मौत का सबसे बड़ा कारण उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों की उदासीनता है। केंद्र ने बाघों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स बनाने को कहा था, लेकिन अब तक राज्य सरकार ने इस पर काम नहीं किया। जब बाघों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी हथियार लेकर जंगल में उतरेंगे तो बाघों की सुरक्षा तो होगी ही, जंगल की अवैध कटाई और अवैध खनन पर भी अंकुश लगेगा। टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत शिकार की आशंका को ताकत दे रही है। शिकार नहीं रुकने का कारण यह है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी ही तय नहीं है। जिन मामलों में बाघों के शिकार की पुष्टि हुई है, उनमें भी शिकारियों को सजा का प्रतिशत बहुत कम है। केस दर्ज होता है। जांच होती है। लेकिन कितने लोगों को सजा दी गई, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

‘कोचिंग बिजनेस हो गए, छात्रों की मौत पर भड़के उप राष्ट्रपति धनखड़

Vice President Dhankhar angry over the death of students

‘Coaching has become a business, Vice President Dhankhar angry over the death of students दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से शनिवार को तीन छात्रों की मौत हो गई थी. राज्यसभा सभापति धनखड़ इस मामले पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं. दिल्ली ! उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली की कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से 3 UPSC छात्रों की मौत पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि कोचिंग आजकल बिजनेस बन गए हैं. हम अखबार पढ़ते हैं, उनमें पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी. दरअसल, शनिवार को दिल्ली में हुई बारिश के दौरान इस बेसमेंट में पानी भर गया था. बेसमेंट में कोचिंग की लाइब्रेरी चल रही थी. ऐसे में घटना के वक्त बेसमेंट में करीब 30 छात्र मौजूद थे. तभी बेसमेंट में करीब 10-12 फीट पानी भर गया. इसके चलते कई छात्र इसमें फंस गए थे. इनमें से कुछ छात्रों को रस्सी डालकर निकाल लिया या था. जबकि तीन छात्रों की मौत डूबने से हो गई थी. राज्यसभा में 3 छात्रों की मौत पर होगी चर्चा राज्यसभा में 3 यूपीएससी छात्रों की मौत पर चर्चा होगी. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिला है. इसमें सदस्यों ने अधिकारियों की लापरवाही के चलते दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है. मुझे लगता है कि युवा जनसांख्यिकीय को देश में आगे बढ़ाना है. मैंने पाया कि कोचिंग व्यापार बन गया है. जब भी हम अखबार पढ़ते हैं, उनके पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. कोचिंग में 3 छात्रों की मौत के मामले में चर्चा के लिए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने नोटिस दिया है. लोकसभा में भी उठा मुद्दा इससे पहले ये मुद्दा सोमवार को लोकसभा में भी उठा. लोकसभा में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा. उन्होंने इस मामले में जांच की भी मांग की.

बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 65% आरक्षण आदेश पर रोक बरकरार

Shock to Bihar government from Supreme Court

Shock to Bihar government from Supreme Court, stay on 65% reservation order remains intact Bihar Reservation News: बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से सोमवार (29 जुलाई) को बड़ा झटका लगा है. बिहार में आरक्षण को बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने के खिलाफ पटना हाईकोर्ट का फैसला फिलहाल बना रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से मना कर दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा है कि वह सितंबर में मामले पर विस्तृत सुनवाई करेगा. पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के आरक्षण बढ़ाने के फैसले को रद्द कर दिया था. फिर राज्य सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के उस फैसले को रद्द किया था, जिसमें सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के लिए पिछड़े वर्गों के आरक्षण में इजाफा किया गया था. बिहार सरकार ने पिछड़े वर्ग, एससी और एसटी समाज से आने वाले लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के लिए मिलने वाले आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी किया था. आरक्षण के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर हुई थीं याचिकाएं बिहार सरकार की तरफ से जब आरक्षण की सीमा बढ़ाई गई थी तो इस संबंध में पटना हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं, जिसमें राज्य के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई. हाईकोर्ट ने मार्च में इस संबंध में दायर रिट याचिकाओं के एक बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद 20 जून को हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को बड़ा झटका देते हुए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में राज्य द्वारा निर्धारित 65 फीसदी आरक्षण सीमा को रद्द कर दिया. सबसे ज्यादा आरक्षण देने वाला राज्य बन गया था बिहार बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में आधिकारिक तौर पर राज्य गजट में दो विधेयकों को नोटिफाई किया था. इसका मकसद पिछड़े और वंचित समाज के लोगों के आरक्षण की सीमा को बढ़ाना था. विधेयकों के साथ बिहार में उन बड़े राज्यों में शामिल हो गया, जहां सबसे ज्यादा आरक्षण दिया जा रहा था. आरक्षण सीमा को 65 फीसदी करने पर राज्य में कुल आरक्षण 75 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसमें 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाला रिजर्वेशन भी शामिल था.

IND Vs SL 1st T20I: आज से भारत के टी20 क्रिकेट का नया युग, श्रीलंका के खिलाफ पहला मैच

IND Vs SL 1st T20I: New era of India's T20 cricket from today

IND Vs SL 1st T20I: New era of India’s T20 cricket from today, first match against Sri Lanka नई दिल्ली। Sri Lanka vs India,1st T20I: शनिवार से भारत के टी20 क्रिकेट का नया युग शुरू होगा। भारतीय टीम नए हेड कोच गौतम गंभीर और नए कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज का पहला मैच खेलेगी। मैच का प्रसारण शाम 7 बजे सेमैच शाम 7 बजे से सोनी नेटवर्क पर टेलीकास्ट होगा। गौतम गंभीर बतौर खिलाड़ी दो बार के वर्ल्ड कप विजेता हैं, जबकि सूर्या इस छोटे फॉर्मेट के नंबर 1 बल्लेबाज हैं। गौतम IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाकर अपनी कोचिंग की ताकत दिखा चुके हैं। हालांकि उनके लिए भारतीय टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी आसान नहीं रहेगी। सूर्या के हाथों में भारत की कमानराहुल द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया पिछले सभी आईसीसी इवेंट के फाइनल में पहुंची थी और टी20 विश्व कप चैंपियन 2024 बनी। कप्तन के रूप में हार्दिक पंड्या की जगह सूर्याकुमार यादव को मौका दिया गया है, जबकि उनके पास कप्तानी का अनुभव कम है। श्रीलंकाई टीम नई कप्तान के नेतृत्व में खेलेगीअगले टी20 विश्व कप 2026 में भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होगा। टीम बनाने के लिए सलेक्टर्स के पास काफी समय है। शुभमन गिल को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में उपकप्तान बनाया गया है। चरिथ असलांका श्रीलंका टीम का नेतृत्व करने को तैयार हैं। ऐसे में सीरीज के धमाकेदार होने की पूरी संभावना है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच पिच रिपोर्ट (IND Vs SL 1st T20I Pitch Report)पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के अनुकूल है। डेथ ओवरों में गेंदबाजी काफी अहम हो जाती है। इस पिच पर स्पिनरों से ज्यादा पेसर की मदद मिलती है। हालांकि यहां बल्लेबाजों का खुलकर हाथ खोलने का मौका मिलता है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच वेदर रिपोर्ट (IND Vs SL 1st T20I Weather Report)एक्यूवेदर के अनुसार, दांबुला में बारिश की 88% संभावना है और 99% बादल छाए रहेंगे। इसके अलावा गरज के साथ बरसात की 53% संभावना है। तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच संभावित प्लेइंग 11 (IND Vs SL 1st T20I Probable Playing XI)भारत की संभावित प्लेइंग 11शुभमन गिल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज। श्रीलंका की संभावित प्लेइंग 11पथुम निसांका, अविष्का फर्नांडो, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), चरिथ असलांका (कप्तान), दासुन शनाका, कामिंडु मेंडिस, वानिंदु हसरंगा, महेश थीक्षाना, दिलशान मदुशंका, मथीशा पथिराना, बिनुरा फर्नांडो। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच ड्रीम11 (IND Vs SL 1st T20I Dream11 Predication)विकेटकीपर- ऋषभ पंत बल्लेबाज- कुसल मेंडिस, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), चरिथ असलांका, यशस्वी जायसवाल ऑलराउंडर- हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, दासुन शनाका, वानिंदु हसरंगा गेंदबाज- अर्शदीप सिंह (उपकप्तान), मथीशा पथिराना

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रभात झा का दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें करीब 26 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार दिमागी बुखार के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। दो दिन बाद प्रभात झा को एयरलिफ्ट कर दिल्ली के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह झा लंबे संघर्ष के बाद अनंत यात्रा पर निकल गए। उनका अंतिम संस्कार बिहार में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। झा मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की थी। सीएम और पूर्व सीएम पहुंचे थे मिलनेप्रभात झा का दिमागी बुखार के चलते न्यूरोलॉजिकल परेशानियां आ रही थी। जिसके चलते उनको कुछ दिन पहले भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसके बाद उनका हालचाल जानने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री पहुंचे थे। जिसके बाद उनको एयरलिफ्ट कर दिल्ली शिफ्ट किया गया था। जहां उनको रूटिन इलाज चल रहा था। बिहार के रहने वाले थे प्रभात झाप्रभात झा मूल रूप से बिहार के दरभंगा के हरिहरपुर गांव रहने वाले थे। उनका जन्म 4 जून 1957 को बिहार में हुआ था। वह बिहार से मध्य प्रदेश के ग्वालियर आ गए थे। यहां पर उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। उन्होंने ग्वालियर के पीजीवी कॉलेज से बीएससी, माध्व कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एमए और एमएलबी कॉलेज से एलएलबी की। प्रभात झा के परिवार में पत्नी रंजना झा और दो बेटे है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। फिर वह राजनीति में आए और भाजपा के सदस्य बन गए। पूर्व राज्यसभा सांसद भी रहे हैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुखभाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रभात झा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि प्रझात झा के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें।

MSP किया जा सकता है लागू! मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए ये है राहुल गांधी का मेगा प्लान

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi's mega plan to put pressure on Modi government

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi’s mega plan to put pressure on Modi government Rahul Gandhi on MSP: विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के किसान नेताओं के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें अपने सामने आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। संसद भवन परिसर में अपने कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद, गांधी ने अपने घोषणापत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करने की कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। MSP की कानूनी गारंटी की जा सकती है लागू उन्होंने कहा कि एक आकलन से पता चला है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू की जा सकती है। गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस देश भर के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस महत्वपूर्ण उपाय के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं से समर्थन जुटाएगी।अपनी बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हमने अपने घोषणापत्र में कानूनी गारंटी के साथ एमएसपी का उल्लेख किया है। हमने आकलन किया है और इसे लागू किया जा सकता है।” राहुल गांधी ने कहा, “हमने अभी एक बैठक की, जिसमें हमने तय किया कि हम INDIA गठबंधन के दूसरे नेताओं से बात करेंगे और सरकार पर दबाव डालेंगे कि देश के किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।” किसानों ने की कांग्रेस नेताओं से मुलाकात बैठक में केसी वेणुगोपाल, राजा बराड़, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, धर्मवीर गांधी, डॉ. अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जय प्रकाश भी मौजूद थे। इससे पहले, कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा आमंत्रित किए गए किसान नेताओं को संसद परिसर के अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में, किसान नेताओं को संसद में आने की अनुमति तभी दी गई, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे मिलने के लिए बाहर जाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि क्योंकि वे किसान हैं, इसलिए उन्हें संसद परिसर में प्रवेश करने दिया जा रहा है।उन्होंने कहा, “हमने उन्हें (किसान नेताओं को) हमसे मिलने के लिए यहां बुलाया था। लेकिन वे उन्हें यहां (संसद में) नहीं आने दे रहे हैं। क्योंकि वे किसान हैं, शायद यही कारण है कि वे उन्हें अंदर नहीं आने दे रहे हैं।” इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने सोमवार को घोषणा की कि वे पूरे देश में केंद्र सरकार के पुतले जलाएंगे और एमएसपी गारंटी को कानूनी बनाने की अपनी मांगों को पूरा करने के लिए एक नया विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। 31 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ इस विरोध के हिस्से के रूप में, वे विपक्ष द्वारा निजी विधेयकों का समर्थन करने के लिए एक “लंबा मार्च” भी निकालेंगे। इसके बाद, प्रदर्शनकारी किसान 15 अगस्त को देश भर में ट्रैक्टर रैली निकालेंगे, जब देश स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेताओं ने कहा कि किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च 31 अगस्त को 200 दिन पूरा करेगा और लोगों से पंजाब और हरियाणा सीमा पर खनौरी, शंभू आदि पहुंचने की अपील की। हरियाणा के जींद जिले में 15 सितंबर को एक रैली आयोजित की जाएगी और 22 सितंबर को पिपली में एक और रैली आयोजित की जाएगी।इससे पहले फरवरी में, हरियाणा सरकार ने अंबाला-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरिकेड्स लगा दिए थे, जब किसान यूनियनों ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में दिल्ली तक मार्च करेंगे।

IIT की परीक्षा पास करने के बाद भी बकरी चराने को मजबूर छात्रा, तेलंगाना के CM रेड्डी ने बढ़ाया मदद का हाथ

Telangana CM Reddy extends helping hand

Student forced to graze goats even after passing IIT exam, Telangana CM Reddy extends helping hand तेलंगाना। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी एक आदिवासी लड़की को वित्तिय सहायता देने के लिए आगे आए हैं। आईआईटी, पटना में सीट हासिल करने के बावजूद वित्तीय समस्याओं के कारण राजन्ना सिरसिला जिले की बदावथ मधुलता बकरियां चराने पर मजबूर थी। सीएम रेड्डी करेंगे मददमधुलता ने इस साल के जेईई में अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत 824वीं रैंक हासिल की थी और आईआईटी, पटना में भी सीट हासिल की थी। हालांकि, वित्तीय बाधाओं के कारण, परिवार फीस और अन्य खर्चों के लिए 2.5 लाख रुपये का इंतजाम नहीं कर सका। मधुलता आगे इंजीनियरिंग भौतिकी में बी.टेक करना चाहती है। मजदूर की बेटी मधुलता पिछले महीने अपने एडमिशन के लिए केवल 17,500 रुपये ही दे पाई थी। हालांकि, गरीब परिवार के पास ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों के लिए 2.51 लाख रुपये का इंतजाम नहीं कर सका। अपने पिता के बीमार होने के कारण मधुलता को परिवार का भरण-पोषण करने के लिए गांव में बकरियां चराने के लिए मजबूर होना पड़ा। फीस भरने की अंतिम तिथि 27 जुलाईआदिवासी कल्याण जूनियर कॉलेज, जहां से मधुलता ने 12वीं कक्षा पास की थी, के संकाय ने अधिकारियों से लड़की की मदद करने की अपील की थी, क्योंकि फीस भरने की अंतिम तिथि 27 जुलाई तक ही है। राज्य सरकार ने आदिवासी लड़की की दुर्दशा पर ध्यान दिया और उसकी शिक्षा जारी रखने में मदद के लिए वित्तीय सहायता के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद प्रतिष्ठित संस्थान में सीट हासिल करने के लिए मधुलता को बधाई दी। 1 लाख रुपये की ट्यूशन फीस माफमुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि आदिवासी कल्याण विभाग ने उसकी शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक राशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने कामना की वह तेलंगाना का नाम रोशन करे। आदिवासी कल्याण आयुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, छात्रा ने 2,51,831 रुपये की वित्तीय सहायता मांगी। राज्य सरकार ने 1 लाख रुपये की ट्यूशन फीस माफ कर दी और शैक्षणिक शुल्क, छात्रावास शुल्क, जिमखाना, परिवहन, मेस शुल्क, लैपटॉप और अन्य शुल्क के लिए 1,51,831 रुपये जारी किए।

बजट में भेदभाव का आरोप… संसद के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament नई दिल्ली (Parliament Monsoon Session 2024)। देश का विपक्ष लोकसभा में पेश आम बजट 2024-24 (Union Budget 2024-25) से खुश नहीं है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोपों से इनकार किया है। इस बीच, इस मुद्दे पर बुधवार को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव समेत तमाम बडे़ नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘कई राज्यों को बजट में न्याय नहीं मिला है। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं।’ वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘हम सभी मांग कर रहे थे कि किसानों को एमएसपी मिलना चाहिए, लेकिन समर्थन मूल्य किसानों के बजाय उन गठबंधन सहयोगियों को दिया जाता है जो अपनी सरकार बचा रहे हैं। सरकार महंगाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है। उत्तर प्रदेश को कुछ नहीं मिला।’ लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ने लगाई फटकारवहीं, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने फटकार लगाई। इससे पहले बजट पेश होने के बाद मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्ष दलो के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, राकांपा प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक-ओ-ब्रायन और कल्याण बनर्जी, द्रमुक के टीआर बालू, जेएमएम की महुआ माझी, आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और संजय सिंह समेत अन्य नेता शामिल हुए थे। बजट से खुश नहीं विपक्ष, बनाई विरोध की रणनीतिबैठक में तय हुआ है कि सरकार के भेदभाव के खिलाफ विरोध जताया जाएगा।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी नेता संसद भवन का बाहर जुटेंगे।प्रमुख विपक्षी नेता संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।कांग्रेस शासित राज्यों के CM 27 जुलाई को नीति आयोग की बैठक में नहीं जाएंगे।

बजट 2024 : ‘हमें किसी की भीख नहीं चाहिए, बंगाल से जलते हैं पीएम मोदी’, ममता बनर्जी

Budget 2024: 'We do not want anyone's alms, PM Modi is jealous of Bengal', Mamata Banerjee

Budget 2024: ‘We do not want anyone’s alms, PM Modi is jealous of Bengal’, Mamata Banerjee कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को संसद में पेश आम बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जनविरोधी व गरीब विरोधी बजट करार दिया है। विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में ममता ने कहा कि आम बजट में बंगाल के साथ फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पश्चिम बंगाल से जलते हैं। बंगाल की जनता जवाब देगीममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को किसी की भीख नहीं चाहिए। बंगाल की जनता फिर इसका जवाब देगी। ममता ने कहा कि बजट में आम आदमी व गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। बंगाल के साथ फिर पूरी तरह भेदभाव किया गया है। बंगाल का केंद्र पर 1.71 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है, पर हमारे राज्य को एक रुपया भी बजट में नहीं दिया गया है। दूसरे राज्यों से भेदभाव नहीं होना चाहिएबनर्जी ने कहा कि बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष तरजीह देने के सवाल पर ममता ने कहा कि हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन बंगाल सहित दूसरे राज्यों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह पूरी तरह राजनीतिक बजट है। ममता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल से जलते हैं।

बजट से किसानों को ज्यादा फायदा नहीं, कंपनियों को होगा मुनाफा- किसान नेता राकेश टिकैत

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit - farmer leader Rakesh Tikait

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit – farmer leader Rakesh Tikait वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारणम ने आज मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-2025 पेश कर दिया है. बजट में खेती और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं, लेकिन बजट से किसान ज्यादा खुश नहीं बताए जा रहे हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जमीनी स्तर पर इस बजट से कोई फायदा नहीं होने वाला है. सरकार फसलों की उचित कीमत देनी चाहिए. बजट पर निराशा जाहिर करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें (केंद्र को) यह बजट कागजों पर तो ठीक लगता होगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इससे किसानों को किसी तरह का कोई फायदा नहीं होने वाला है. कंपनियों को इसका लाभ जरूर होगा. जो आर्गेनिक या नेचुरल खेती की बात है तो इसके लिए कोई एनजीओ, कंपनी या फिर कोई संस्था होगी जो यह काम लेगी और कहेगी कि हमने इतने किसानों को खेती करना सिखाया. किसानों को सिखाने का इतना खर्चा आदि आएगा. मतलब यह कि सीधा लाभ उन्हें मिलेगा. किसानों को लाभ पहुंचाया जाएः टिकैतराकेश टिकैत ने कहा कि अगर किसानों को लाभ पहुंचाना है तो उसे उसकी फसलों की पूरी कीमत देनी होगी. इसके लिए खास प्रावधान करना पड़ेगा. किसानों को खेती के लिए मुफ्त में पानी चाहिए. मुफ्त में बिजली और सस्ती खाद चाहिए, किसानों के लिए खेती के उपकरणों पर जीएसटी कम करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि किसानों के स्वास्थ्य पर क्या किया गया. उनके लिए शिक्षा मुफ्त की जानी चाहिए. बजट में किसानों के लिए क्याइससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. साथ ही सरकार जलवायु अनुकूल बीज विकसित करने के लिए अनुसंधान की व्यापक समीक्षा भी करेगी. बजट में किसानों के उत्पादकता बढ़ाने और खेती में सहनीयता लाने के उपायों के एक हिस्से के रूप में बजट में कृषि अनुसंधान पर जोर देने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और राष्ट्रीय सहकारिता नीति जैसे विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है. बजट में किसानों की फसलों की उच्च उपज वाली 109 नई किस्मों और जलवायु अनुकूल 32 नई किस्मों को जारी करने की घोषणा की गई है.

किसान विरोधी एवं मोदी का सिंहासन बचाने वाला बजट: मल्लिकार्जुन खड़गे

Budget that is anti-farmer and will save Modi's throne: Mallikarjun Kharge

Budget that is anti-farmer and will save Modi’s throne: Mallikarjun Khargeये बहुत ही निराशाजनक बजट है, जो नरेंद्र मोदी का सिंहासन बचाने के लिए पेश किया गया है।इस बजट में किसानों के लिए MSP की गारंटी या खाद में सब्सिडी जैसा कुछ नहीं है। वहीं रेलवे में इतनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा, रेलवे भर्ती जैसी जरूरी चीजों की बात नहीं की गई। मोदी सरकार ने रेलवे का बजट बहुत कमजोर बनाया है।

आंध्र प्रदेश को बजट में मिला ‘बड़ा तोहफा’, विकास के लिए दिए 15,000 करोड़ रुपए

Andhra Pradesh got a 'big gift' in the budget, Rs 15,000 crore given for development

Andhra Pradesh got a ‘big gift’ in the budget, Rs 15,000 crore given for development Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। निर्मला सीतारमण ने बिहार को अतिरिक्त आर्थिक मदद देने को लेकर कहा कि बिहार के पीरपैंती में 21,400 करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट का नया बिजली संयंत्र स्थापित करने सहित बिजली परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। बिहार में नए हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज और खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। बहुपक्षीय विकास बैंकों से बाहरी सहायता के लिए बिहार सरकार के अनुरोध पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्री ने आंध्र प्रदेश के लिए खोला पिटारावित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्वित्त अधिनियम की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की है। राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम बहु-कार्यात्मक पुनर्गठन अधिनियम के माध्यम से विशेष वित्तीय संस्थान की बात कर रहे हैं। हम सहायता सुविधा दे रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी और भविष्य के वर्षों में अतिरिक्त राशि दी जाएगी।विकास के लिए दिए 15,000 करोड़ रुपएसीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रयास किए हैं। राज्य की पूंजी आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, हम बहुपक्षीय एजेंसियों के माध्यम से विशेष वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करेंगे। चालू वित्त वर्ष में, भविष्य के वर्षों में अतिरिक्त राशि के साथ 15,000 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। हमारी सरकार पोलावरम सिंचाई परियोजना के शीघ्र पूरा होने और वित्तपोषण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है जो आंध्र प्रदेश और उसके किसानों के लिए जीवन रेखा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा

Budget 2024: Announcement of investment of Rs 10 lakh crore under Pradhan Mantri Awas Yojana

Budget 2024: Announcement of investment of Rs 10 lakh crore under Pradhan Mantri Awas Yojana नई दिल्ली। सरकार अपने आम बजट में अर्बन हाउसिंग को लेकर खास प्लानिंग की है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया है कि पीएम आवास योजना के तहत शहरी आवास के विकास के लिए 10 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहरी आवास योजना 2.0 के तहत सरकार 1 करोड़ लोगों को आवास देगी। इसके अलावा वित्तमंत्री कहा है कि रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए रेगुलेशन के लिए बनाएं नियम जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि जो राज्य स्टाम्प ड्यूटी कम करते हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा सस्ते दर पर कर्ज के लिए ब्याज सब्सिडी योजना लाई जाएगी। इसके अलावा वित्तमंत्री कहा है कि रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए रेगुलेशन के लिए बनाएं नियम जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि जो राज्य स्टाम्प ड्यूटी कम करते हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा सस्ते दर पर कर्ज के लिए ब्याज सब्सिडी योजना लाई जाएगी। बजट को पेश करते दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि अगले पांच सालों में शहरी आवास के लिए 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पेश की जाएगी। रेंटल हाउसिंग को लेकर सरकार बेहतर उपलब्धता पर ध्यान दे ऱही है। इसके लिए कुशल और ट्रांसपेरेंट किराया का उपाय किया जाएगा। अब शहरी इलाकों में जमीन का ब्योरा डिजिटली कलेक्ट किया जाएगा। शहरी विकास के खास प्वॉइट क्या है पीएम आवास योजना किसको मिलता है लाभलोगों के अपना घर होने के सपने को पूरा करने के लिए भारत सरकार पीएम आवास योजना को पेश किया है। इस योजना के तहत लाखों लोगों के अपने घर का सपना पूरा हुआ है।सरकार उन लोगों को आर्थिक सहायता देती है, जो पक्का घर बनाने की इच्छा रखते है।इस योजना का हिस्सा बनने के लिए आपको कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। इसके लिए अगर आप इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते है तो आपके पास खुद का कोई मकान नहीं होना चाहिए।अगर परिवार में किसी भी परिवार के सदस्य की सरकारी नौकरी है तो वे भी योजना का लाभ नहीं ले सकते है।आर्थिक रुप से कमजोर और कम इनकम ग्रुप के कैटेगरी में शामिल परिवार की महिला मुखिया को योजना का लाभ मिलेगा।EWS से जुड़े लोगों की सालाना इनकम 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

Sensex:सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभला, निफ्टी 24,400 अंक से नीचे

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points केंद्रीय बजट से पहले घरेलू शेयर बाजार में हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इससे पहले घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सकारात्मक ढंग से कारोबार करते दिख रहे हैं। सुबह नौ बजकर 36 मिनट पर सेंसेक्स 28.52 (0.03%) अंकों की बढ़त के साथ 80,555.17 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, निफ्टी में 17.41 (0.07%) अंकों की मजबूती के साथ 24,526.65 के स्तर पर कारोबार होता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 200 अंकों की बढ़त दिखी जबकि निफ्टी 22550 के पार पहुंच गया पर ऊपरी स्तरों से बाजार में बिकवाली दिखी। वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, जबकि निफ्टी 24,150 अंक से नीचे रहा। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभल गया और 400 अंक पर पहुंचा। वहीं निफ्टी 24,400 अंक से नीचे रहा। भाषण शुरू होते ही बाजार लाल निशान में फिसलावित्त मंत्री के बजट भाषण के शुरू होने साथ ही बाजार लाल निशान में फिसले। उनका बजट भाषण इस समय भी जारी है। बजट भाषण शुरू होते है बाजार में फिसलन शुरू हो गई। फिलहाल, बीएसई का सेंसेक्स 127 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि निफ्टी में 53 अंकों की गिरावट नजर आई। वहीं बैंक निफ्टी में करीब 90 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। कृषि से जुड़े स्टॉक में उछालकृषि क्षेत्र को 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा के बाद कृषि से जुड़े स्टॉकों में 10 फीसदी उछाल देखा। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा झींगा पालन की योजना की घोषणा के बाद एपेक्स फ्रोजन फूड्स, अवंती फीड्स, वॉटरबेस शेयर में आठ फीसदी तक उछाल आया। बजट के दिन सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल निफ्टी के सबसे मजबूत और सबसे कमजोर शेयर

4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा, रोजगार के लिए 1.48 लाख करोड़ का प्रावधान

Prime Minister's package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment

Prime Minister’s package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज यानी 23 जुलाई को पेश कर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान देश के युवाओं की नाराजगी को दूर करने के लिए कई अहम कदमों का एलान किया। नीट-यूजी, नेट जैसी परीक्षाओं में धांधली और रोजगार की समस्या को लेकर केवल विपक्ष ही सरकार पर हमलावर नहीं है, बल्कि देश के युवाओं में भी रोष है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सरकार ने अंतरिम बजट में छात्रों-युवाओं के लिए क्या एलान किया और इससे पहले अंतरिम बजट में उनके लिए क्या-क्या घोषणाएं की गईं थीं। प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मुझे 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए पांच योजनाओं और पहलों के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस वर्ष हमने शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’ रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनावित्त मंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन योजना के तहत तीन योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) पर आधारित होगी। इसके अलावा इस योजना के तहत पहली बार नौकरी कर रहे कर्मचारियों और नियोक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा।’ योजना अ: पहली बार वालों के लिएयह योजना के तहत सभी क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक महीने की दिहाड़ी दी जाएगी। पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को तीन किस्तों में पहला वेतन दिया जाएगा। ईपीएफओ में पंजीकृत होने के साथ ही यह न्यूनतम राशि 15 हजार रूपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। योजना ख: विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ानाइस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में पहली बार नौकरी कर रहे अतिरिक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना में एक निर्दिष्ट पैमाने के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में आने वाले 30 लाख युवाओं और उनके नियोक्ताओं को मदद मिलेगी। योजना ग: नियाक्ताओं की मदद करनायह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं पर केंद्रित की गई है। एक लाख रुपये वेतन वाले सभी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा,’केंद्र सरकार नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के ईपीएफओ योगदान के लिए दो साल तक प्रति माह 3000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। यह योजना 50 लाख लोगों के अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्वीकृत है।’ ‘रोजगार से महिलाओं को जोड़ने की योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘हम रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योंगो के साथ मिलकर ‘महिला हॉस्टल’ और ‘बालगृहों’ की स्थापना करेंगे। यह योजना महिला कौशल कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी।’‘कौशल योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘कौशल योजना में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा।’ ‘कौशल ऋण योजना’वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ‘7.5 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना को संशोधित किया जाएगा। इससे हर वर्ष 25 हजार छात्रों को मदद मिलेगी।’ ‘शैक्षणिक ऋण योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘वे युवा, जो हमारी सरकार की योजनाओं से जुड़ने के लिए पात्र नहीं हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ऐसे युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ऋण देने में हम मदद करेंगे। घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए ऐसे युवाओं को शैक्षणिक ऋण दिया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर वर्ष एक लाख युवाओं को ‘ई वाउचर्स’ दिए जाएंगे। वार्षिक ब्याज सहायता के लिए सरकार की तरफ से कुल ऋण राशि का तीन प्रतिशत दिया जाएगा।’ अब जानते हैं अंतरिम बजट में क्या एलान किया गया थावित्त मंत्री ने एक फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट भाषण में बताया था कि स्किल इंडिया मिशन के तहत देश में 1.4 करोड़ युवाओं को ट्रेंड किया गया है। साथ ही 54 लाख को अपस्किल या रि-स्किल किया गया है। पीएम मुद्रा योजना के तहत युवा उद्यमियों को 43 करोड़ के मुद्रा योजना लोन दिए गए। देश में 3000 नए आईटीआई बनाए गए हैं। साथ ही देश में सात आईआईटी, 16 आईआईआईटी, सात आईआईएम, 15 एम्स और 390 यूनिवर्सिटीज का निर्माण किया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर हमेशा ही युवा वर्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों के अनुसार सरकार युवा वर्ग में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या को लगातार नजरअंदाज कर रही है। इसके साथ ही सेना में अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पिछले बजट में युवाओं के लिए हुए थे ये एलान युवाओं के लिए नौकरी के लिए बजट 2023 में सरकार ने 740 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों के लिए 38,800 अध्यापकों और सहयोगी स्टाफ की भर्ती करने का एलान किया था।प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 लॉन्च की गई थी। जिसके तहत लाखों युवाओं को कोडिंग, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक आदि की ट्रेनिंग दी जा रही है।30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर विभिन्न राज्यों में बनाने का एलान किया गया था।एमएसएमई सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत नौ हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने का एलान हुआ था।देश में साल 2014 तक बने 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का एलान किया गया। इस बार के बजट में युवाओं को सरकार से क्या अपेक्षा है?मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट से बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा वर्गा को भी कई अपेक्षाएं हैं। वर्तमान में देश में युवा वर्ग के सामने सबसे बड़ी समस्या रोज-रोटी सुनिश्चित करने की है। युवा वर्ग की ओर से लगातार सरकार से इस दिशा में मजबूत कदम उठाने की अपील की जा रही है। मोदी सरकार के पहले … Read more

बिहार को नहीं मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा, सरकार ने साफ कह दिया

Bihar will not get special state status, government clearly said

Bihar will not get special state status, government clearly said केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता. मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी कहा कि पहले राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की ओर से कुछ राज्यों को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया गया था, लेकिन उसके पीछे कई आधार थे. एनडीसी की ओर से राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा कई विशेषताओं के आधार पर दिया गया था, जिन पर विशेष विचार करने की जरूरत थी. अपने लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने बताया है कि जिन राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है उनमें पहाड़ी और कठिन भूभाग, कम जनसंख्या घनत्व या फिर आदिवासी आबादी का बड़ा हिस्सा, पड़ोसी देशों के साथ सीमाओं पर रणनीतिक स्थान, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के मामले में पिछड़ापन और राज्य के वित्त की गैर-व्यवहार्य प्रकृति शामिल हैं. इसी आधार पर कुछ राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है. अंतर-मंत्रालयी समूह की रिपोर्ट का भी जिक्रउन्होंने आगे कहा कि इससे पहले विशेष श्रेणी के दर्जे के लिए बिहार के अनुरोध पर एक अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने विचार किया था, जिसने 30 मार्च, 2012 को अपनी रिपोर्ट भी पेश कर दी थी. आईएमजी इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि मौजूदा एनडीसी मानदंडों के आधार पर, बिहार के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा का मामला नहीं बनता है. जेडीयू नेता बोले- बिहार को बहुत कुछ मिलेगासंसद में सरकार के लिखित जवाब पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. जेडीयू नेता संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा है कि बिहार को विशेष दर्जा नहीं मिल सकता है, लेकिन नीतीश कुमार ने कहा है की आने वाले दिनों में बिहार को केंद्र से बहुत कुछ मिलेगा. बिहार सरकार में मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि आने वाले समय को बिहार की यह मांग जरूर पूरी होगी. बीजेपी कोटे से मंत्री नीरज बबलू ने ने कहा कि केंद्र सरकार का बिहार पर विशेष ध्यान है. आरजेडी ने जेडीयू पर बोला हमलावहीं, आरजेडी के विधायक आलोक मेहता ने कहा कि जदयू हमेशा बिहार को विशेष दर्जे की राजनीति करता रहा है. अब केंद्र ने नीतीश की मांग खारिज कर दी है तो जदयू नेताओं को केंद्र सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए. नीतीश कुमार को एनडीए से अलग हो जाना चाहिए.

कांवड़ यात्रा रूट पर नेम प्लेट के आदेश पर SC ने लगाई रोक… सरकार को नोटिस जारी

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government 1 उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किया था आदेश2 एमपी-उत्तराखंड में भी लागू हुई थी व्यवस्था3 फैसले के खिलाफ दायर हुई थी 3 याचिकाएं नई दिल्ली (Kanwar Yatra nameplate controversy)। कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। यह रोक शुक्रवार, 26 जुलाई तक लगाई गई है। उसी दिन अगली सुनवाई होगी। जस्टिस हृषिकेश राय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई के दौरान कुछ अहम टिप्पणी भी की। जजों ने कहा कि दुकानदारों को मालिक की पहचान बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। हां, दुकानदारों को यह जरूर बताना होगा कि उनके यहां शाकाहारी या मांसाहारी, कौन-सा खाना मिलता है। यूपी में योगी सरकार के इस फैसले को एक गैर सरकार संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कुल मिलाकर तीन याचिकाएं कोर्ट के समक्ष थीं। बता दें, योगी सरकार की यह पहल पिछले दिनों से पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। यूपी में पहले कहा गया था कि चुनिंदा जिलों के लिए यह व्यवस्था लागू होगी, लेकिन बाद में सीएम कार्यालय से आधिकारिक रूप से जारी आदेश में बताया गया कि यह पूरे प्रदेश के लिए है। क्या था योगी सरकार का आदेशकावड़ यात्रा मार्ग में आने वाली दुकानों के बाहर संचालक का नाम लिखा हो।भोजनालयों, ढाबों, ठेलों समेत खाने-पीने की अन्य दुकानों के लिए आदेश जारी।सावन में कांवड़ यात्रियों की शुचिता को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है।आदेश जारी होते ही बहस छिड़ गई। कुछ ने समर्थन किया, तो कुछ ने विरोध।विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार हिंदू-मुस्लिम में भेद करना चाहती है। पूरे देश की नजर थी फैसले परसुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यूपी ही नहीं, पूरे देश की नजर थी। कारण यह है कि दुकानों के बाहर दुकानदार का नाम लिखने का मुद्दा अन्य राज्यों तक भी पहुंच गया था। उत्तराखंड में ऐसा ही आदेश जारी हो चुका है। मध्य प्रदेश में भी विधायकों ने इसके समर्थन में मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। यह सुनवाई सोमवार को हुई, जिस दिन पवित्र सावन माह आरंभ हुआ है।

मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराते हैं. मुझे नहीं लगता यहां जो कुछ हो रहा है, वह उसके मूल सिद्धांतों को भी समझते हैं? लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है.

नेम प्लेट आदेश पर कोर्ट जाएगा जमीयत उलेमा ए हिंद! दिल्ली में बुलाई बड़ी बैठक

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi Kanwar Yatra Nameplate Row: सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेम प्लेट वाले आदेश पर हर गुजरते दिन के साथ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस कड़ी में अब जमीयत उलेमा ए हिंद ने फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है. जमीयत उलेमा ए हिंद ने कहा कि इस फरमान को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी क्योंकि धर्म की आड़ में नफरत की राजनीति की जा रही है. कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) से जुड़े इस आदेश को भेदभावपूर्ण और सांप्रद्रायिक बताते हुए सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने की बात भी कही गई है. रविवार (21 जुलाई) को जमीयत उलेमा ए हिंद ने इस संबंध में अहम बैठक बुलाई है. जमीयत का यह भी कहना है कि उसकी कानूनी टीम इस आदेश के कानूनी पहलुओं पर विचार करने में जुटी है. ‘मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा’ प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulema e Hind) ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश की आलोचना करते हुए शनिवार (20 जुलाई) को कहा कि यह ‘भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक’ फैसला है तथा इससे संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का हनन होता है. बता दें कि मुजफ्फरनगर जिले में 240 किलोमीटर लंबे कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, ढाबों और ठेलों सहित भोजनालयों को अपने मालिकों या इन दुकानों पर काम करने वालों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश के कुछ दिन बाद शुक्रवार (19 जुलाई) को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के लिए ऐसा ही आदेश जारी करने का फैसला किया. क्या बोले मौलाना अरशद मदनी? जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा, ‘यह एक भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक फैसला है. इस फैसले से देश विरोधी तत्वों को लाभ उठाने का अवसर मिलेगा और इस नए आदेश के कारण सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है.’ मदनी ने यह भी कहा, ‘देश के सभी नागरिकों को संविधान में इस बात की पूरी आजादी दी गई है कि वे जो चाहें पहनें, जो चाहें खाएं, उनकी व्यक्तिगत पसंद में कोई बाधा नहीं डालेगा, क्योंकि यह नागरिकों के मौलिक अधिकार के विषय हैं.’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा संबधी आदेश मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला है. मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग एक तरफ जहां नेम प्लेट विवाद गहराता जा रहा है वहीं दूसरी ओर इस आदेश को मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर फल विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर नाम लिखने के लिए कहे जाने में उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता है.

Inflation: छह महीने में कितने महंगे हुए आलू-प्याज और टमाटर, आसमान छूती कीमतें?

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months, prices touching the sky? इस खबर को आप पढ़ना शुरू करें उससे पहले ऊपर दिए गए चित्र को एक बार फिर से देख लीजिए। चित्र में आलू, प्याज, टमाटर की जुलाई की कीमतें लिखी हैं। आप कहेंगे कि ये तो हमारे इलाके में मिल रही है कीमतों से बहुत कम है। तो हम आपको आंकड़ों के इस अंतर के बारे में पहले बता देते हैं। ये कीमतें जुलाई महीने में देशभर में ये सब्जियां जिस दाम पर बिक रही हैं उसका औसत है। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक 16 जुलाई को देश में टमाटर सबसे महंगा जहां बिका वहां इसकी कीमत 127 रुपये किलो रही। इसी तरह जहां यह सबसे सस्ता है वहां ये 24 रुपये किलो बिका। पूरे देश का औसत लें तो 16 जुलाई को टमाटर औसतन 69.86 रुपये/किलो बिका। ऐसे ही जुलाई महीने की औसत कीमत लें तो यह 61.66 रुपये/किलो है। इसलिए आपको ऊपर के चित्र में जो आंकड़े दिख रहे हैं वो आपके इलाके में मिल रहे टमाटर की कीमत से अलग हो सकते हैं। ऐसे ही बाकी सब्जियों का हाल है। अब खबर पर आ जाते हैं। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। टमाटर के दाम कई राज्यों में शतक लगा चुके हैं तो प्याज भी कई जगह 80 के आंकड़े को छू रही है। आलू के दाम में भी एक महीने में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है। दामों के इस इजाफे के चलते जून में थोक महंगाई दर 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। कीमतों में इस इजाफे के लिए मौसम को दोष दिया जा रहा है। मई में कीमतों में इजाफा शुरू हुआ तो कहा गया ज्यादा गर्मी के कारण फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा महंगाई है। जून में कहा गया कि ज्यादा बरसात होने की वजह से फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि हिन्दुस्तान में हर साल मई जून में मौसम कुछ इसी तरह का रहता है तो क्या हर साल मई-जून में आलू, प्याज टमाटर के दाम इसी तरह बढ़ते हैं? देश के कई हिस्सों में जनवरी-फरवरी में भीषण ठंड भी पड़ती है उस वक्त कीमतें कैसी रहती हैं? बीते तीन साल में जनवरी से जुलाई के दौरान आलू, प्याज टमाटर की कीमतों के इजाफे का क्या ट्रेंड रहा है? इस दौरान मौसम कैसा रहा है? एक मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दाल 100 रुपये से कम में मिल रही है, क्या देश के आकंड़े भी ऐसा ही कहते हैं? आइये समझते हैं…

मौसम: राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राज्य जलभराव से बेहाल

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत अधिकांश जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन बृहस्पतिवार को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में धूप खिली रही। उधर, केरल के कई जिलों और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन बाधित हो गया। जगह-जगह लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे। वहीं, राजस्थान के कई जिलों में भी झमाझम मानसूनी बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 24 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। 21 जुलाई के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, लेकिन बृहस्पतिवार को ज्यादातर इलाकों में धूप के कारण उमस काफी ज्यादा बढ़ गई। हालांकि, कांगड़ा, ऊना, चंबा, बिलासपुर और मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बारिश भी हुई। उत्तरी केरल के वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में पेड़ उखड़ने, संपत्ति को नुकसान पहुंचने और सड़कें टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। पलक्कड़ में एक स्कूल बस नहर में पलट गई। हालांकि, सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। मौसम विभाग ने वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए तीन दिन बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए इन तीनों जिलों के प्रशासन ने 19 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। 18 राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमानमौसम विभाग ने 19 जुलाई को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात में तेज हवा के साथ बिजली कड़कने का अनुमान है। पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने से आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पंजाब के 17 जिलों में 21 से दो दिन अलर्टमौसम विभाग ने पंजाब के 17 जिलों में 21 जुलाई से दो दिनों का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर शामिल। इस दौरान तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब में न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में पठानकोट में 63.2 एमएम की भारी बारिश दर्ज की गई।

शरद खेमे में 29 पार्षद जाने के बाद हरकत में आए अजित पवार, पुणे के पार्टी नेताओं की बुलाई बैठक

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ के पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले, बुधवार को पुणे में शरद पवार की मौजूदगी में राकांपा के 29 पार्षद राकांपा (शरद चंद्र पवार) पार्टी में शामिल हुए।

शुभेंदु अधिकारी बोले, बंद करो सबका साथ-सबका विकास, अब जो हमारे साथ…

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us…

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us… पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने चौंकाने वाला बयान दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे को भी बदलने की जरूरत बताई. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, हमें सबका साथ, सबके विकास की बात करने की जरूरत नहीं है. हम तय करेंगे कि जो हमारे साथ है, हम उसका साथ दें. इतना ही नहीं शुभेंदु ने कहा, हम जीतेंगे और हिंदुओं को बचाएंगे. खास बात ये है कि शुभेंदु अधिकारी जिस सबका साथ, सबका विकास को बंद करने की बात कह रहे हैं, वह नारा सबसे पहले पीएम मोदी ने ही दिया था. शुभेंदु अधिकारी ने एक कार्यक्रम में जय श्री राम का नारा लगाते हुए कहा, सबका साथ, सबका विकास बंद करो. इतना ही नहीं उन्होंने अल्पसंख्यक मोर्चे को भी बंद करने की बात कही. अधिकारी ने कहा, हम संविधान को बचाएंगे. उपचुनाव में हार की बताई वजह बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उपचुनाव में बीजेपी की हार की भी वजह बताई. उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव में हजारों लोग अपना वोट नहीं डाल सके. उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव में भी लाखों हिंदुओं को वोट डालने नहीं दिया गया. माना जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण से साफ कर दिया कि बीजेपी बंगाल में हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की दिशा में काम करेगी. बंगाल बीजेपी का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोटरों ने एकजुट होकर टीएमसी को वोट दिया. जबकि हिंदू वोटर अलग अलग पार्टियों में बंट गए. शुभेंदु ने पोर्टल किया लॉन्च इस मौके पर शुभेंदु अधिकारी ने एक पोर्टल भी लॉन्च किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, जैसा मैंने वादा किया था, मैंने एक पोर्टल लॉन्च किया है, जहां वे मतदाता अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिन्हें वोट नहीं डालने दिया गया. ऐसे लोगों की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा.

जोमैटो से अब 10 मिनट में ‘चखने’ के साथ होगी शराब की भी होम डिलीवरी

Now home delivery of liquor along with 'tasting' will be available from Zomato in 10 minutes

Now home delivery of liquor along with ‘tasting’ will be available from Zomato in 10 minutes Liquor Home Delivery: ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी के बढ़ते क्रेज के साथ उसका दायरा भी बढ़ता जा रहा है. अब स्विगी, जोमैटो और बिग बास्केट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आप सिर्फ फल-सब्जी या ग्रॉसरी का ऑर्डर नहीं कर सकेंगे बल्कि अब आप घर बैठे शराब भी मंगवा सकेंगे. अब 10 मिनट में आपके घर तक शराब की होम डिलीवरी होगी. अल्कोहल की होम डिलीवरी को लेकर फिलहाल विचार किया जा रहा है. माना जा रहा है कि अधिकारी इसके नफा-नुकसान का आंकलन कर रहे हैं. शराब की होम डिलीवरी जोमैटो, बिग बास्केट जैसे ऑनलाइन ऐप आपके घर पर शराब की डिलीवरी करेंगे. फिलहाल इसे कुछ चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया जाएगा. धीरे-धीरे इसका विस्तार देश के दूसरे शहरों में किया जाएगा. हालांकि शराब की ऑनलाइन डिलीवरी इतनी भी आसान नहीं है. अगर इसे लागू किया जाता है तो इसके लिए व्यवस्था बनानी होगी. केवाईसी , लिमिट, नियम आदि तय करने होंगे और उनका सख्ती से पालन भी करना होगा. किन शहरों में ऑनलाइन मंगवा सकते हैं शराब अगर आप दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु, गोवा और केरल जैसे राज्यों में रहते हैं तो आपके घर पर शराब की होम डिलीवरी होगी. स्विगी, बिग बास्केट, जोमैटो जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफार्म के जरिए शराब की होम डिलीवरी करवाने पर विचार किया जा रहा है. इन राज्यों में शराब की होम डिलीवरी की अनुमति देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट का खाका खींच रहे हैं. शुरुआती दौर में बीयर, वाइन और लिकर जैसे कम अल्कोहल वाले ड्रिंक की होम डिलीवरी होगी. हालांकि बता दें कि इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. फायदे-नुकसान का आकंलन शराब की होम डिलीवरी को लेकर फिलहाल नफा-नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. इसके लिए ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म, शराब कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब शराब की होम डिलीवरी की जा रही है. इससे पहले पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में पहले से ई कॉमर्स कंपनियां अल्कोहल की होम डिलीवरी करती है. दरअसल बड़े शहरों में लोगों के बदलते लाइफस्टाइल, बढ़ती आबादी और उकी जरूरतों को देखते हुए अल्कोहल की होम डिलीवरी पर विचार किया जा रहा है. जहां होम डिलीवरी, वहां बढ़ी सेल ओडिशा, पश्चिम बंगाल में शराब की होम डिलीवरी होती है. ऑनलाइन तरीके से इन राज्यों में शराब की बिक्री और डिलीवरी हो रही है. देखा गया कि ऑनलाइन बिक्री के बाद से इन राज्यों में अल्कोहल के सेल्स में 20 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. खासकर प्रीमियम ब्रांड्स की सेल बढ़ी है.

महाराष्ट्र सरकार लाई ‘लाडला भाई योजना’… 12वीं पास को 6 हजार, ग्रेजुएट को 10 हजार रुपए महीना मिलेंगे

Maharashtra government brought 'Ladla Bhai Yojana

Maharashtra government brought ‘Ladla Bhai Yojana’… 12th pass will get Rs 6 thousand, graduate will get Rs 10 thousand per month मुंबई (Ladla Bhai Yojana)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘लाडली बहना योजना’ की तर्ज पर ‘लाडला भाई योजना’ का एलान किया है। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर के विट्ठल मंदिर में महापूजा के बाद शिंदे ने मीडिया को इसकी जानकारी दी।सीएम शिंदे ने बताया कि ‘लाडला भाई योजना’ के तहत महाराष्ट्र सरकार 12वीं पास युवाओं को 6000 रुपए महीना देगी। इसके अलावा डिप्लोमा धारकों को 8000 रुपए और ग्रेजुएट को 10,000 रुपए महीना दिया जाएगा।एकनाथ शिंदे की इस घोषणा को इसी साल होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, विपक्ष युवाओं की बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बता रहा है। अब शिंदे सरकार ने इस योजना के तहत तोड़ निकालने की कोशिश की है।

क्या राहुल गांधी बनेंगे किसान रणनीति का नया चेहरा? MSP पर प्राइवेट बिल लाने की ऐसी है तैयारी

Will Rahul Gandhi become the new face of farmer strategy? Such is the preparation to bring private bill on MSP

Will Rahul Gandhi become the new face of farmer strategy? Such is the preparation to bring private bill on MSP

‘ED को करने दीजिए अपना काम, हम नहीं करेंगे हस्तक्षेप…’; वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले पर सीएम सिद्दरमैया का बयान

'Let ED do its work, we will not interfere…'; CM Siddaramaiah's statement on Valmiki Corporation scam

‘Let ED do its work, we will not interfere…’; CM Siddaramaiah’s statement on Valmiki Corporation scam

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा ED से जवाब : चुनाव से पहले ही केजरीवाल को गिरफ्तार क्यों किया

Supreme Court seeks answer from ED: Why was Kejriwal arrested even before the elections? सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। बता दें कि शराब नीति घोटाला मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा हुई अपनी गिरफ्तारी को लेकर केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ‘आप इससे इनकार नहीं कर सकते’न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ‘जीवन और स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप इससे इनकार नहीं कर सकते।’ पीठ ने राजू से कई अन्य सवाल पूछे। जांच एजेंसी से केजरीवाल की इस याचिका पर भी मांगा जवाबबता दें कि 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत यहां तिहाड़ जेल में बंद हैं। शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को ईडी को नोटिस जारी किया और केजरीवाल की याचिका पर उससे जवाब मांगा है। केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी अपना पक्ष रख रहे है।

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने संभाला 26वें नेवी चीफ का प्रभार, पैर छू लिया मां का आशीर्वाद

Admiral Dinesh Kumar Tripathi took charge as the 26th Navy Chief, touched the feet and got the blessings of his mother; एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ हैं. वह नौसेना के 26वें नौसेना प्रमुख हैं और इससे पहले वह नेवी में उप-प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे. वॉर एक्सपर्ट एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार (30 अप्रैल, 2024) को देश के 26वें नेवी चीफ का प्रभार संभाला. वह आर हरि कुमार के रिटायर (चार दशकों के शानदार करियर के बाद) होने पर नए नौसेना प्रमुख बने हैं. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी इससे पहले भारतीय नौसेना के उप-प्रमुख का पद संभाल रहे थे. पदभार संभालने से पहले नौसेना प्रमुख पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की. उन्हें दिल्ली के साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का जन्म 15 मई 1964 को हुआ था. वह मध्य प्रदेश में रीवा के सैनिक स्कूल से पढ़े हैं. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने गोवा के नेवल वॉर कॉलेज और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी कोर्स किया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक जुलाई 1985 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे. कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉर एक्सपर्ट वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का करीब 30 साल का लंबा और विशिष्ट करियर रहा है. उन्होंने भारतीय नौसेना के जहाज विनाश, किर्च और त्रिशूल की कमान भी संभाली है. नौसेना के उप प्रमुख का पद संभालने से पहले वह पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं. रियर एडमिरल के तौर पर वह ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं. वह भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के कमांडेंट भी रह चुके हैं. उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और नौसेना पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है. दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मां से यूं लिया आशीर्वाद

टी20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान

Team India announced for T20 World Cup बीसीसीआई ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है. रोहित शर्मा टीम की कप्तानी करेंगे. भारत ने टी20 विश्व कप 2024 के लिए टीम घोषित कर दी है. टीम इंडिया रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलेगी. रोहित के साथ-साथ यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत और संजू सैमसन को टीम में जगह मिली है. शुभमन गिल को रिजर्व प्लेयर्स की लिस्ट में रखा है. बोर्ड ने शिवम दुबे पर भी भरोसा जताया है. हार्दिक पांड्या को उपकप्तान बनाया गया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की सिलेक्शन कमेटी ने मंगलवार को ही बैठक की है. टीम इंडिया ने विकेटकीपर बैटर ऋषभ पंत और संजू सैमसन को टीम में जगह दी है. सैमसन और पंत आईपीएल 2024 में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. ऋषभ की लंबे वक्त के बाद टीम इंडिया में वापसी हुई है. वे कार एक्सीडेंट के बाद से ही मैदान से दूर थे. लेकिन आईपीएल के जरिए मैदान पर वापसी की और अपनी फॉर्म को भी साबित किया. उन्हें इसका फायदा मिला. सैमसन की बात करें तो उन्होंने आईपीएल 2024 में 9 मैच खेले हैं और 385 रन बनाए हैं. इस दौरान 4 अर्धशतक लगाए हैं. शिवम-अक्षर पर बोर्ड ने जताया भरोसा – बीसीसीआई ने शिवम दुबे और अक्षर पटेल पर भी भरोसा जताया है. शिवम आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे हैं. वे विस्फोटक बैटिंग करने में माहिर हैं. इसके साथ-साथ फिनिशर की भूमिका भी निभा लेते हैं. शिवम दुबे ने इस सीजन के 9 मैचों में 350 रन बनाए हैं. इस दौरान 3 अर्धशतक लगाए हैं. अक्षर की बात करें तो उन्होंने बॉलिंग के साथ-साथ बैटिंग में भी कमाल दिखाया है. शुभमन को रिजर्व प्लेयर्स की लिस्ट में मिली जगह – शुभमन गिल की जगह को लेकर काफी संशय चल रहा था. हालांकि बोर्ड ने नजरअंदाज नहीं किया. शुभमन को रिजर्व प्लेयर्स की लिस्ट में जगह मिली है. उनके साथ-साथ रिंकू सिंह, खलील अहमद और आवेश खान को भी इस लिस्ट में जगह मिली है. टी20 विश्व कप 2024 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम – रोहित शर्मा (कप्तान), हार्दिक पांड्या (उप कप्तान), यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल , अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज रिजर्व प्लेयर्स – शुभमन गिल, रिंकू सिंह, खलील अहमद और अवेश खान

भाजपा ने षड्यंत्र कर बम को मजबूर किया नामांकन वापस लेने पर

BJP conspired and forced Bam to withdraw his nomination. यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी 1- सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी। 2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी। 3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों में घेरना शुरु कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैकल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती।

महात्मा गांधी पर, कैलाश विजयवर्गीय ने कसा तंज

Kailash Vijayvargiya took a dig at Mahatma Gandhi इंदौर में आयोजित पत्रकारवार्ता में विजयवर्गीय ने कहा कि आज कांग्रेस एसटी, एससी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को दे रही है। कर्नाटक में यह ऐसा कर चुकी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों, वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है, जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह बात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को इंदौर में कही।

तेजस्वी ने खेला अलग ‘दांव’, चिराग के रिश्तेदार अब RJD के साथ

Tejashwi played a different ‘bet’, Chirag’s relatives are now with RJD चुनावी सभा के बाद सियासी हलचल तेज पटना ! बिहार में खगड़िया सीट को लेकर सियासत तेज हो गई है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान को अब अलग मुद्दे पर घेरा है। राजद प्रत्याशी के समर्थन में पूर्व उप मुख्यमंत्री ने सहरसा और सुपौल में चुनावी सभा की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनी तो 15 अगस्त को एक करोड़ युवाओं को दी जाएगी नौकरी सहरसा और सुपौल में रविवार को चुनावी सभा में राजद नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। कहा, मोदी जी कभी भी गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी की बात नहीं करते हैं। वे हिंदू, मुसलमान, मंदिर और मस्जिद की बात करते हैं। हम पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई वाली सरकार की बात करते हैं। वैसी सरकार लाएं जो गरीबी और महंगाई दूर करे, बेरोजगार को रोजगार दिलाए, किसान की आय दोगुनी करे, बिहार से पलायन रोके और निवेश लाए और औद्योगिक विकास करे ताकि लोगों को बाहर नहीं जाना पड़े। सुपौल में छातापुर की माधोपुर पंचायत स्थित कबीर कृपानाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय मैदान, सहरसा में पुराना उच्च विद्यालय सौरबाजार के मैदान और खगड़िया में आदर्श इंटर विद्यालय पीरनगरा के खेल मैदान में सभा हुई। तेजस्वी के साथ ये नेता रहे मौजूदतेजस्वी (Tejashwi Yadav) के साथ ही वीआइपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी, राज्यसभा सदस्य मनोज झा सहित गठबंधन के घटक दलों के नेता मौजूद थे। नेताओं ने मधेपुरा के राजद प्रत्याशी कुमार चंद्रदीप, सुपौल के राजद प्रत्याशी चंद्रहास चौपाल और खगड़िया के सीपीएम प्रत्याशी संजय कुमार को वोट देने की अपील की। इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि केंद्र में आइएनडीआइए की सरकार बनने पर 15 अगस्त को पूरे देश के एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए सहरसा में मेडिकल कॉलेज निर्माण को हरी झंडी दी। 17 महीनों के कार्यकाल में युवाओं को नौकरी दी। भाजपा वालों ने तो मेरे चाचा को हाइजैक कर लिया- तेजस्वी यादवसाढ़े चार लाख नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया। केंद्र में हमारी सरकार दी तो रक्षा बंधन के मौके पर बहनों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। दो सौ यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। किसानों के फसल की सब्सिडी बढ़ाई जाएगी। बिहार को विशेष दर्जा दिलाएंगे। तेजस्वी ने पिता लालू यादव के बारे में कहा कि उन्होंने रेल मंत्री बनने पर मधेपुरा में रेल इंजन कारखाना बनाया। भाजपा वालों ने तो मेरे चाचा को हाइजैक कर लिया। खगड़िया में उन्होंने कहा, एक तरफ महागठबंधन के उम्मीदवार खगड़िया के हैं, तो दूसरी ओर चिराग पासवान ने बाहरी को टिकट दिया है। वे भागलपुर के रहने वाले व्यापारी हैं। इधर जनबल वाले लोग हैं तो उधर धनबल वाले। जनता मालिक है। अब आपको तय करना है, आप किसे चुनते हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग संविधान को बचाने का काम कर रहे हैं, तो वे (एनडीए) लोकतंत्र और संविधान को खत्म करना चाहते हैं। चिराग जी के रिश्तेदार भी महागठबंधन के लिए वोट मांगने आएउन्होंने कहा, हमारे साथ चिराग (Chirag Paswan) जी के रिश्तेदार साधु पासवान भी महागठबंधन के लिए वोट मांगने आए हैं। इस दौरान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर, सिमरी बख्तियारपुर विधायक युसूफ सलाउद्दीन, अलौली विधायक रामवृक्ष सदा भी थे। वहीं, मुकेश सहनी ने कहा कि देश का संविधान खतरे में है। उसे बचाने की जिम्मेदारी आप लोगों की है। भाजपा सरकार लोगों को झूठे सपने दिखाकर लोगों को गुमराह कर रही हैं। देश कर्ज में डूबा हुआ है। सहनी ने मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आइएनडीआइए के घटक दल व राजद के प्रत्याशी चंद्रहास चौपाल को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को दिया झटका, कैंपेन गीत पर लगाई रोक; AAP ने केंद्र को घेरा

Election Commission gave a blow to Aam Aadmi Party, banned its campaign song; AAP surrounded the center चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए उसके चुनावी कैंपेन सॉन्ग पर रोक लगा दी है। हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। वहीं आप ने इसे केंद्र की तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं भी भाजपा का नाम नहीं है फिर इसपर रोक कैसे लगाई जा सकती है? नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, आयोग ने पार्टी के कैंपेन गीत पर रोक लगा दी है। बता दें, हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। दो मिनट के इस कैंपेन सॉन्ग में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी दिखे थे। इस गीत को पार्टी विधायक दिलीप पांडेय ने लिखा था। वहीं आयोग के इस कदम को आप ने केंद्र की तानाशाही बताया है। आप की वरिष्ठ नेता और मंत्री आतिशी ने कहा कि कैंपेन गीत में कहीं भी भाजपा का नहीं है। चुनाव आयोग को जेल का जवाब वोट से पर आपत्ति है जो कि सरासर गलत है। इसमें कुछ भी ऐसी आपत्तिजनक बातें नहीं है जिससे गीत पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस गीत से कहीं भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो रहा है। इसमें जो पिक्चर हैं वे सच हैं। आतिशी ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग एक प्रतिष्ठित संस्था है। जब इसके आयुक्त टीएन शेषन थे, तब उन्होंने इसकी मर्यादा को अधिक बढ़ाया था। उन्हें देश में निष्पक्ष चुनाव कराने का श्रेय दिया जाता है। उनके काम के जरिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। विपक्ष का प्रचार न रोके चुनाव आयोग: आतिशीउन्होंने कहा कि मैं आज के आयुक्त से यह अपील करती हूं कि वह ऐसा काम न करे जिससे आगे आनेवाले समय में 2024 के चुनाव को इस रूप में याद करे कि 2024 के चुनाव में लोकतंत्र खत्म हो गया। 2024 के चुनाव में भारत का चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा और 2024 में भारत का चुनाव पाकिस्तान का चुनाव बन गया। इसलिए चुनाव आयोग से अपील करती हूं कि विपक्ष का प्रचार रोकना बंद करे और BJP द्वारा जो आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उस पर भी एक्शन ले। गीत में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन: चुनाव आयोगदिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का कहना है कि आम आदमी पार्टी के कैंपेन गीत ‘जेल का जवाब वोट से’ में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल अपने कैंपेन गीत या चुनाव प्रचार के वीडियो में न्यायपालिका पर सवाल खड़े नहीं कर सकते हैं। किसी को जेल में होना न्यायपालिका से संबंधित मामला होता है।

दूसरे चरण के बाद भाजपा के लोग डिप्रेशन में… तेजस्वी यादव

BJP people in depression after second phase… Tejashwi Yadav तेजस्वी यादव ने कहा ने कहा कि दूसरे चरण की वोटिंग के बाद भाजपा के लोग डिप्रेशन में हैं. मोदी जी ने इतना झूठ बोला है कि देश की जनता अब सह नहीं पाती. ‘400’ वाली फिल्म पहले चरण में ही फ्लॉप हो गई. दूसरे चरण में तो चली ही नहीं. दूसरे चरण के मतदान के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा ने कहा कि दूसरे चरण की वोटिंग के बाद भाजपा के लोग डिप्रेशन में हैं. जनता कह रही है कि मोदी जी हैं तो मुद्दे की बात करना मुश्किल है, नौकरी मिलना मुश्किल है, विकास की बात करना मुश्किल है. तेजस्वी ने कहा कि मोदी जी ने इतना झूठ बोला है कि देश की जनता अब सह नहीं पाती. पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, किसान, रोजगार, इन मुद्दों पर पीएम मोदी बात नहीं करेंगे. ‘400’ फिल्म पहले चरण में ही फ्लॉप हो गई. दूसरे चरण में तो फिल्म चली ही नहीं. बता दें कि दूसरे चरण में 63.50 फीसदी वोटिंग हुई. इस चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 88 सीटों पर मतदान हुआ था. बिहार में 55.08 फीसदी वोटिंग दूसरे चरण में सबसे ज्यादा मतदान त्रिपुरा (80.32 फीसदी) में हुआ. पहले चरण में 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की 102 लोकसभा सीटों पर करीब 64 फीसदी वोटिंग हुई थी. बिहार में केवल 55.08 फीसदी वोटिंग हुई. इस चरण में बिहार की पूर्णिया सहित पांच लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ था. पहले चरण में भी यहां काफी कम मतदान हुआ था. पहले चरण की चार सीटों पर केवल 48 फीसदी वोटिंग हुई थी. दूसरे चरण की वोटिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि एनडीए को मिल रहा भारी समर्थन विपक्ष के लिए निराशा पैदा करने वाला है. बता दें कि तीसरे चरण की वोटिंग 7 मई को होगी. इस चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 94 सीट के लिए वोट डाले जाएंगे.

धधकते जंगल… सुलगते पहाड़ और सांसों पर संकट, अब भयावह आग पर काबू पाने का ये है प्लान

Blazing forests, smoldering mountains and breathing problems, now this is the plan to control the horrific fire. उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नैनीताल के पास भवाली दुगई स्टेट से सटे जंगल से बर्मा टोप के जंगलों तक पहुंच गई है। इसके अलावा आग की लपटें नैनीताल में हाईकोर्ट कॉलोनी के पास भी पहुंच गई हैं। नैनीताल में लड़ियाकांटा इलाके के जंगल में भी आग फैली हुई है। तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। यहां फैल रही आग पर काबू पाने के लिए सेना की मदद ली जा सकती है।जानकारी के अनुसार, नैनीताल के लड़ियाकाटा एयर फोर्स, पाइंस, गेठिया, बलदियाखान, एरीज, बारा पत्थर के पास जंगल क्षेत्र में आग लगी हुई है। जिसको काबू करने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर दमकल विभाग और वन विभाग है। कुमाऊं के जंगल में 26 जगह लगी आगकुमाऊं में जंगल धधक रहे है। आग की घटनाएं लगातार जारी हैं। बीते 24 घंटे में एक-दो नहीं बल्कि कुमाऊं के जंगलों में 26 जगहों पर आग लगी है। प्रदेश के 31 जगहों पर आग लगने की घटना हुई है, इसमें सर्वाधिक आग लगने की घटना कुमाऊं में 26 स्थानों पर हुई। गढ़वाल मंडल में कोई भी घटना नहीं हुआ है, जबकि वन्यजीव क्षेत्र में पांच स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में करीब 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है। ऐसा पाया जा रहा है आग पर काबूनैनीताल के आसपास के जंगल के क्षेत्र में लगी आग पर अब हेलीकॉप्टर की मदद से पानी डाला जा रहा है। नैनीझील और भीमताल की झील से पानी निकालकर वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से आग पर पानी बरसाया जा रहा है। जिसके चलते झील में नौकायन भी बंद है। शुक्रवार को सेना के जवानों ने हेलीकाप्टर से झील की रेकी भी की थी। ईओ प्रशिक्षु आईएएस राहुल आनंद ने बताया कि जिलाधिकारी वंदना सिंह के आदेश पर प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी अलर्ट हैं। विविध माध्यमों से सामंजस्य बनाकर वनाग्नि पर काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वायुसेना के अधिकारियों से भी बातचीत की गई।

मणिपुर हिंसा अपडेट : कुकी उग्रवादियों के हमले में सीआरपीएफ के दो जवानों की जान गई

Manipur violence update: Two CRPF soldiers killed in attack by Kuki militants मणिपुर में जारी हिंसा अभी थमती नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनाव के एक दिन बाद ही यहां कुकी उग्रवादियों ने नारानसेना इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर हमला किया है। इस हमले में दो जवानों की मौत की भी खबर है। मणिपुर पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कुकी उग्रवादियों ने आधी रात 12.30 बजे सीआरपीएफ के कैंप पर हमला किया और यह 2.15 बजे तक जारी रहा। हमले में मारे गए जवान राज्य के बिष्णुपुर जिले के नारानसेना इलाके में तैनात सीआरपीएफ की 128वीं बटालियन के हैं। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इस घटना में दो और लोग घायल भी हुए हैं। बताया गया है कि उग्रवादियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नरनसेना में इंडियन रिजर्व बटालियन के कैंप को निशाना बनाया। इस दौरान उग्रवादियों ने पहाड़ की चोटियों से अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस दौरान हमलावरों ने कैंप पर कई बम भी फेंके, जिनमें से एक सीआरपीएफ के आउटपोस्ट के बाहर ही फट गया। हमले में मारे गए मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर एन. सरकार हैं। इसके अलावा कॉन्स्टेबल अरूप सैनी की भी जान गई है। वहीं, घायलों में इंस्पेक्टर जादव दास और कांस्टेबल अफताब दास शामिल हैं। उन्हें गोलियों के छर्रे लगे हैं। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की खोज शुरू कर दी है। मणिपुर में लगातार जारी है हिंसा का दौरपिछले साल तीन मई को मणिपुर में हिंसा का दौर शुरू हुआ था। अभी तक वहां पर 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है। सुरक्षाबलों से जुड़े लोगों को भी वहां की हिंसा का शिकार होना पड़ा है। भारी संख्या में लूटे गए हथियारों की पूर्ण वापसी अभी तक नहीं हो सकी है। ज्यादातर लोगों को मणिपुर पुलिस पर भरोसा नहीं है, तो वहीं असम राइफल को लेकर भी समुदाय विशेष के लोगों में रोष देखा गया है। उपद्रवियों द्वारा आईईडी का डर दिखाकर सुरक्षा बलों के वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता था। स्थानीय पुलिस पर पक्षपात करने जैसे आरोप लग चुके हैं।

राहुल गांधी कि अमेठी से चुनाव लड़ने की सूगबूगाहट तेज , कांग्रेस की कोर टीम का अमेठी दौरा

Rumors of Rahul Gandhi contesting elections from Amethi intensify, Congress core team visits Amethi अमेठी की जंग: आज दिल्ली से आ सकती है कांग्रेस की कोर टीम, नामांकन के बाद पांच दिन खुद रहेंगे राहुल गांधी राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं। इस बात की सुगबुगाहट के साथ ही अमेठी में कांग्रेस की पूरी टीम सक्रिय हो गई है। शनिवार को राहुल गांधी की कोर टीम अमेठी का दौरा कर सकती है। अमेठी के सियासी रण में दांवपेच तेज हो गया है। शनिवार को राहुल गांधी की कोर टीम का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अगले सप्ताह राहुल गांधी भी अमेठी पहुंचेंगे। हालांकि तिथि अभी तय नहीं है। माना जा रहा है कि कोर टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्यक्रम जारी किए जाएंगे। पांचवें चरण में 20 मई को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। अभी तक कांग्रेस से प्रत्याशी का एलान नहीं हो सका है, लेकिन माना जा रहा है कि राहुल गांधी यहां से चुनाव लड़ेंगे। इसे लेकर संगठन ने तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में 1923 बूथों की कमेटियों को प्रभावी कर दिया गया है। हर बूथ पर 10 सदस्यों की टीम बनाई गई है, जिसमें पहली बार चार सदस्यों को पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी दी जा रही है। पहले पोलिंग पर सिर्फ तीन कार्यकर्ता होते थे, इस बार इनकी संख्या बढ़ाई गई है। अमेठी संसदीय सीट की पांचों विधानसभाओं के 130 न्याय पंचायत प्रभारियों को सक्रिय कर दिया गया है। उनसे पल-पल की जानकारी जुटाई जा रही है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अनिल सिंह कहते हैं कि कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं। हर स्तर पर हमारी रणनीति तैयार है। अमेठी में पांच दिन रहेंगे राहुल गांधीनामांकन के बाद राहुल गांधी अमेठी में पांच दिन रहेंगे। इस दौरान पार्टी हर विधानसभाओं में उनके कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है। कहीं पर सभा तो कहीं पर रोड शो…जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके लिए ब्लॉक अध्यक्षों से मंथन चल रहा है।

मालेगांव विस्फोट मामला: कोर्ट की चेतावनी के बाद पेश हुईं प्रज्ञा ठाकुर

Malegaon blast case: Pragya Thakur appeared after court’s warning, used thumb impression instead of signing महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास एक बाइक पर रखे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में अपना अंतिम बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार को मुम्बई की एक विशेष अदालत में पेश हुईं। मालेगांव बम विस्फोट मामले की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर इससे पहले कई बार स्वास्थ्य आधार पर अदालत में पेश नहीं हुई थीं। जिसके बाद विशेष अदालत ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि अगर ठाकुर 25 अप्रैल को पेश नहीं होतीं तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना होगा। चेतावनी के बाद वह NIA (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) के जांच वाले मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष गुरुवार को पेश हुईं, हालांकि उन्होंने दावा किया कि वह अब भी अस्वस्थ हैं। ठाकुर ने प्रश्न-उत्तर के प्रारूप में अपना बयान अदालत को सौंपा। उन्होंने एक आवेदन दायर कर बयान पर अंगूठा लगाने की अनुमति मांगी और कहा कि उनकी हथेलियों में अचानक कमजोरी आने के कारण वह कागज पर हस्ताक्षर करने में असमर्थ हैं। जिसके बाद अदालत ने इसकी अनुमति दे दी। ठाकुर और छह अन्य लोगों पर भारतीय दंड संहिता, विधिविरुद्ध क्रियाकलाप रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक तत्व अधिनियम, भारतीय शस्त्र अधिनियम और मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है। विशेष अदालत के न्यायाधीश एके लाहोटी इस मामले में शुक्रवार को भी बयान दर्ज करेंगे। पिछले महीने प्रज्ञा ठाकुर NIA के सामने पेश होने में विफल रही थीं, जिसके बाद विशेष अदालत ने ठाकुर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। बाद में वह व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुईं, जिसके बाद वारंट रद्द कर दिया गया। अदालत ने पूर्व में ठाकुर को कार्रवाई की चेतावनी दी थी जब वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए उसके समक्ष उपस्थित नहीं हुई थीं। 2008 में हुआ था मालेगांव ब्लास्ट उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास एक बाइक में हुए विस्फोट से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने की थी, बाद में इसे NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को स्थानांतरित कर दिया गया था।

महाराष्ट्र में मतदान प्रतिशत कम, इस राज्य में हो रही सबसे ज्यादा वोटिंग

Voting percentage is low in Maharashtra, maximum voting is happening in this state दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक महोत्सव की शुरुआत 19 अप्रैल को हो गई थी। आज इस महोत्सव का दूसरा चरण है। दूसरे चरण में 13 राज्यों के मतदाता 88 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिन 88 सीटों पर इस चरण में मतदान हो रहा है, उनमें आधी से अधिक सीटें यानी 52 भाजपा के पास हैं, वहीं कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं। ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक’पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने केरल के तिरुवनंतपुरम में मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक है। मतदान करके हम लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं, सबको अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए ताकि वे देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।’ इसरो चीफ ने किया मतदानकेरल में ISRO प्रमुख एस.सोमनाथ ने मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे मतदान करके बहुत खुशी हो रही है… मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे आकर मतदान करें। जिन लोगों ने अब तक मतदान नहीं किया उनसे मैं कहना चाहूंगा कि संकोच न करें, आएं और मतदान करें।’ कर्नाटक सीएम ने डाला वोटकर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मतदान किया। सीएम ने चामराजनगर के वरुणा में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

‘SC, ST और OBC का अधिकार छीन मुस्लिमों को देना चाहती है कांग्रेस’, भाजपा अध्यक्ष नड्डा का दावा

‘Congress wants to snatch away the rights of SC, ST and OBC and give them to Muslims’, claims BJP President Nadda. जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन हमारे एससी, एसटी और ओबीसी लोगों का अधिकार छीन कर मुस्लिमों को देना चाहते हैं। यही इनका छिपा हुआ एजेंडा है। कांग्रेस के घोषणापत्र में भी तुष्टीकरण स्पष्ट दिखाई दे रहा है। लोकसभा चुनाव को लेकर देशभर में एक अलग माहौल बना हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुसलमानों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, नड्डा ने दावा किया कि यह विपक्षी दल का छिपा हुआ एजेंडा है। जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन हमारे एससी, एसटी और ओबीसी लोगों का अधिकार छीन कर मुस्लिमों को देना चाहते हैं। यही इनका छिपा हुआ एजेंडा है। कांग्रेस के घोषणापत्र में भी तुष्टीकरण स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मनमोहन सिंह के बयान का दिया हवालाभाजपा अध्यक्ष ने साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों को देश के संसाधनों पर पहला अधिकार है। इस पर कांग्रेस ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ने जनता के समर्थन की कमी को देखते हुए चुनाव के दौरान ध्रुवीकरण के लिए झूठ फैलाने और सांप्रदायिक बंटवारे का सहारा लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की वीवीपैट और बैलेट पेपर से जुड़ीं याचिकाएं

Supreme Court rejected petitions related to VVPAT and ballot paper यमूर्ति संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने मामले में दो फैसले सुनाए। फैसला सुनाते हुए जस्टिस खन्ना ने कहा कि कोर्ट ने वीवीपैट से जुड़ीं सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों से 100 फीसदी सत्यापन की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने बैलेट पेपर से मतदान कराने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दिए दो बड़े निर्देशसुप्रीम कोर्ट ने दो निर्देश दिए हैं- पहला यह है कि सिंबल लोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिंबल लोडिंग यूनिट (एसएलयू) को सील कर दिया जाना चाहिए और उन्हें कम से कम 45 दिनों के लिए सहेज कर रखा जाना चाहिए। इसके अलावा दूसरा निर्देश यह है कि उम्मीदवारों के पास परिणामों के एलान के बाद इंजीनियरों की एक टीम की ओर से जांचे जाने वाले ईवीएम के माइक्रोकंट्रोलर प्रोग्राम को पाने का विकल्प होगा। इसके लिए उम्मीदवार को नतीजों के एलान के सात दिनों के अंदर आवेदन करना होगा। इसका खर्च भी उम्मीदवार को खुद को उठाना होगा। इससे पहले दो दिन की लगातार सुनवाई के बाद पीठ ने 18 अप्रैल को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, बुधवार को शीर्ष कोर्ट ने इस मामले को फिर से सूचीबद्ध किया था। तब शीर्ष कोर्ट ने अदालत से चुनाव आयोग से कुछ बातों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुरक्षित रखते हुए शीर्ष कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह चुनाव को नियंत्रित नहीं कर सकता, न ही एक सांविधानिक निकाय के लिए नियंत्रक अथॉरिटी के रूप में कार्य कर सकता है। गलत काम करने वाले के खिलाफ कानून के तहत नतीजे भुगतने के प्रावधान हैं।

सट्टा बाजार के चक्कर में कंगाल होते युवा

Youths are becoming poor because of the betting market युवाओं को इस खेल की लत लगी, वित्तीय जोखिम बना मानसिक बीमारी का कारण देखा देखी में एक नहीं कई टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते, कमलेश अहिरवार my11circle व dream11 यह बहुत ही खतरनाक बीमारी के तौर पर उभर रही है। इस खेल पर समय रहते रोक लगानी होगी या फिर कोई और स्थाई समाधान ढूंढना होगा। अन्यथा वित्तीय जोखिम के साथ साथ मानसिक बीमारी के जन्म का कारण बनने लगा है। चूंकि my11circle व dream11 एक ऐसा खेल है जो 39 व 59 रुपए में युवाओं को रातों रात करोड़पति बनने का सपना दिखा रहा है। कभी जीतने पर 1 करोड़ तो कभी दो करोड़ और आजकल 4 करोड़ की राशि जीतने पर दी जा रही है। इस चक्कर में लाखों युवाओं को इस खेल की लत लगी हुई है और अपनी वर्षों की मेहनत की कमाई को यूं ही बर्बाद करने में लगे हुए हैं। सरकारी क्षेत्र में तैनात कर्मचारी भी इसका शिकार बनते जा रहे है। आखिर बने भी क्यों न दिन में कोई चैनल खोलें तो my11circle व dream11 का विज्ञापन पल पल आपके आंखों के सामने चलता रहेगा। बड़े-बड़े सितारे इस खेल का प्रचार करते देखे जाते हैं और विज्ञापन के अंत में यह जरूर बोलते है कि इसमें वित्तीय जोखिम है और इसकी लत लग सकती है। जब आस पड़ोस में कोई आदगी करोड़पति बनता है तो दिमाग का कीड़ा और जाग जाता है कि जब यह जीत सकता है तो मैं क्यों नहीं। अव तो देखा देखी में एक नहीं 15-20 टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते है। लालच आता ही है। लेकिन यह लालच न आए उसके दृढ़ शक्ति बहुत कमजोर होती है। ऐसे भी कई लोग है जो ड्रीम 11 पर इसका शिकार हो रहें है। 59 रुपए लगा कर करोड़पति बनने का सपना जब टूट जाए तो कहते है 59 रुपए ही तो गए लेकिन 59 भी तो मुफ्त में गए क्योंकि सामने वाले तो पहले ही बोला था वित्तीय जोखिम है लेकिन आपने नहीं सुनी। करोड़ पति बनने के लिए एक नहीं कई कई टीमें लगाकर इंतजार में बैठे रहते है और बाद में वो पैसे भी डूब रहें है। इस बर्बादी में युवा पीढ़ी ही नहीं कई बुद्धिजीवी भी प्रतिदिन हजारों रुपए इस खेल में लगा रहे इस खेल में प्रतिदिन पैसे की वर्वादी देख गानसिक तनाव से पीड़ित हो रहें है। वहीं छोटी- छोटी बातों पर परिजनों से नोक झोंक भी हो जाती। युवाओं में तनाव व चिड़चिड़ापन देखा जा रहा है, ये खेल नशे की भाति युवाओं के मानसिक संतुलन को खोखला कर रहा है। समाज का एक बड़ा इस खेल को सही मानता है और एक घड़े ने इसे आधुनिक जुए की संज्ञा दी है। अब युवाओं और बुद्धिजीवियों को खुद तय करना है कि इस खेल में भाग लेना है या दुरी बनाना है। my11circle व dream11 एक ऐसी ऐप है, जिसपर लोग किसी भी मैच से पहले अपनी क्रिकेट टीम बनाते हैं यानी दोनों टीमों की खिलाड़यिों से अपने मन के हिसाब से खिलाड़ी चुनते हैं और फिर पॉइंट्स के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इस ऐप की शुरुआत साल 2016 में हुई थी और माना जाता है कि इस तरह के के गेम के लिए यह ऐप सेफ है, साथ ही जितने भी लोग इसमें टीम बनाते हैं, उनके पॉइंट्स की रैंक के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इसके माध्यम से आप क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के मैच में भी टीम बनाते हैं, जिनका पॉइंट सिस्टम अलग अलग है।

‘कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी : पीएम मोदी

‘Congress’ loot during life and even after life: PM Modi पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा में जनसभा को संबोधित करते हुए विरासत टैक्स का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार ने कुछ समय पहले कहा था कि मिडिल क्लास पर और ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। सरगुजा। पीएम मोदी आज छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विरासत टैक्स का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार ने कुछ समय पहले कहा था कि मिडिल क्लास पर और ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो Inheritance Tax लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। कांग्रेस आप पर विरासत टैक्स का बोझ लाद देगी: पीएम मोदीप्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, जब तक आप जीवित रहेंगे, तब तक कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी और जब जीवित नहीं रहेंगे, तब आप पर Inheritance Tax का बोझ लाद देगी। पूरी कांग्रेस पार्टी को अपनी पैतृक संपत्ति मानकर जिन लोगों ने अपने बच्चों को दे दी, अब वो नहीं चाहते कि भारतीय अपनी संपत्ति अपने बच्चों को दें।” पीएम मोदी का कांग्रेस पर वारवहीं, पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं विकसित भारत कहता हूं, तो कांग्रेस वालों का और दुनिया में बैठी कुछ ताकतों का माथा गरम हो जाता है। अगर भारत शक्तिशाली हो गया, तो कुछ ताकतों का खेल बिगड़ जाएगा। अगर भारत आत्मनिर्भर बन गया, तो कुछ ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए वो भारत में कांग्रेस और इंडी गठबंधन की कमजोर सरकार चाहते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब कांग्रेस का कहना है कि वो माता-पिता से मिलने वाली संपत्ति पर टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी संपत्ति बनाते हैं वो आपके बच्चे को नहीं मिलेगी। उसे कांग्रेस का पंजा आपसे छीन लेगा। पीएम ने कहा कि कांग्रेस का कहना है कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी। सैम पित्रोदा के बयान से मचा हंगामाकुछ दिनों पहले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने संपत्ति वितरण को लेकर अमेरिका के शिकागो में एक बयान दिया डाला। कांग्रेस नेता ने कहा, “अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को ट्रांसफर कर सकता है।” उन्होंने आगे कहा,”55 फीसदी सरकार द्वारा हड़प लिया जाता है। यह एक दिलचस्प कानून है। यह कहता है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब आप जा रहे हैं, आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए- पूरी नहीं, आधी। ये जो निष्पक्ष कानून है मुझे अच्छा लगता है।” सैम पित्रोदा के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता के बयान ने जब तूल पकड़ लिया तो कांग्रेस पार्टी और सैम पित्रोदा ने खुद इस मामले पर सफाई दी।

अगर कांग्रेस कुछ नहीं तो पीएम मोदी डरते क्यों हैं : मल्लिकार्जुन खरगे

If Congress is nothing then why is PM Modi afraid: Mallikarjun Kharge मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो आप भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में क्यों ले रहे हैं। आप (पीएम मोदी) कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं लेकिन आप विधायक खरीदते हैं। जब तक वे नेता कांग्रेस या किसी दूसरे दल में होते हैं वो भ्रष्ट होते हैं। तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,”पिछले कुछ दिनों में मैंने दस-बारह राज्यों का दौरा किया। इन राज्यों से हमें अच्छे रिस्पॉन्स मिल रहे हैं। इन मतदाताओं के ज्यादा चर्चे नहीं हो रहे। पीएम मोदी इन ‘अदृश्य’ मतदाताओं से डर रहे हैं। भ्रष्ट नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही भाजपा: कांग्रेस उन्होंने आगे बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो आप भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में क्यों ले रहे हैं। आप (पीएम मोदी) कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं लेकिन आप विधायक खरीदते हैं। जब तक वे नेता कांग्रेस या किसी दूसरे दल में होते हैं वो भ्रष्ट होते हैं, जैसी ही वो भाजपा में शामिल होते हैं उनके सारे दाग धुल जाते हैं।

30 अप्रैल को SC में फिर पेश होंगे बाबा रामदेव

Baba Ramdev will appear again in SC on April 30 अदालत ने पतंजलि के माफीनामे पर कही ये बात सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी रामदेव से दो दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित माफी को रिकॉर्ड पर पेश करने का आदेश दिया है। वहीं अदालत ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश दिया है। हालांकि कोर्ट में बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी हमने कल कई अखबारों में माफीनामा छपवाया है। नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद, बाबा रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना ​​मामले में आज सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण खुद अदालत में मौजूद थे। कोर्ट ने कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी रामदेव से दो दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित माफी को रिकॉर्ड पर पेश करने का आदेश दिया है। वहीं, अदालत ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश दिया है। माफीनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवालहालांकि, कोर्ट में बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी, हमने कल कई अखबारों में माफीनामा छपवाया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आखिर माफीनामा कल ही क्यों प्रकाशित किया गया। इसके अलावा बेंच ने ये भी सवाल उठाया कि आखिर माफीनामा उतना ही बड़ा छपा है, जितना बड़ा पतंजलि का विज्ञापन छपता है। केंद्र सरकार पर भी कोर्ट सख्तसुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि सह-प्रतिवादी के रूप में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सवाल पूछ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि देश भर के राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों को भी पार्टियों के रूप में जोड़ा जाएगा और उन्हें भी कुछ सवालों के जवाब देने होंगे।

जानिए बजरंगबली ने क्यों अपना हृदय चीरा और कैसे पड़ा हनुमान नाम ?

Know why Bajrangbali tore his heart and how he got the name Hanuman? देशभर में आज बड़े ही धूम-धाम के साथ भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ है। उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद महाकाल का हनुमान जी के स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भगवान शंकर से हनुमानजी को मिला वरदानहनुमान से शंकरजी के अवतार हैं और भोलेनाथ से हनुमान जी को वरदान मिला है कि हनुमान जी को किसी भी अस्त्र से नहीं मारा जा सकता। हनुमान जी क्यों रखते हैं अपने पास गदाहनुमान जी दुष्टों को संहार और भक्तों की समस्याओं का निदान गदा से करते हैं। हनुमान जी हाथ में हमेशा गदा होती है। क्या आपको ये मालूम है हनुमान जी को गदा कैसे प्राप्त हुई है। दरअसल बजरंगबली को गदा कुबेर देव मिली थी और साथ में ये भी आशीर्वाद दिया कि हनुमान को कभी भी किसी युद्ध में परास्त नहीं किया जा सकता है। भगवान हनुमान को यमराज से मिला वरदानभूत पिशाच निकट नहि आवै, महावीर जब नाम सुनावै…भगवान हनुमान का नाम लेते ही सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां फौरन ही भाग जाती हैं। धर्मराज यमराज से भी हनुमान जी को वरदान मिला हुआ है, उन्हें कभी भी यमराज का शिकार नहीं होने का वरदान प्राप्त है। सूर्यदेव से मिला हनुमान जी को तेजधार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को अमरता का वरदान मिला है। हनुमानजी कलयुग में साक्षात और जाग्रत देवता हैं। यह भक्तों की पूजा से जल्दी प्रसन्न होकर हर तरह की मनोकामनाओं का पूरा करते हैं। हनुमान जी भगवान शिव के ग्याहरवें अवतार हैं और उन्हें कई तरह की शक्तियां मिली है। मान्यता है कि सूर्यदेव से हनुमान जी को तेज प्राप्त है। सूर्य देव ने उन्हें अपने तेज का सौवां अंश दिया है इसी कारण हनुमान जी के सामने कोई नहीं टिक पाता। जब हनुमानजी ने अपना सीना चीर दिया…हनुमानजी आज भी इस धरती पर विचरण करते हैं। हनुमान जी कलयुग के देवता हैं। कलयुग में हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी होती है। नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियां हनुमानजी की आराधना करने से भाग जाती हैं। हनुमानजी ने भगवान राम के दिल में ऐसी जगह बनाई कि दुनिया उन्हें प्रभु राम का सबसे बड़ा भक्त मानती है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम के राज्याभिषेक के बाद दरबार में उपस्थित सभी लोगों को उपहार दिए जा रहे थे। इसी दौरान माता सीता ने रत्न जड़ित एक बेश कीमती माला अपने प्रिय हनुमान को दी। प्रसन्न चित्त से उस माला को लेकर हनुमान जी थोड़ी दूरी पर गए और उसे अपने दांतों से तोड़ते हुए बड़ी गौर से माला के मोती को देखने लगे। उसके बाद उदास होकर एक-एक कर उन्होंने सारे मोती तोड़-तोड़ कर फेंक दिए। यह सब दरबार में उपस्थित लोगों ने देखा तो सब के सब आश्चर्य में पड़ गए। जब हनुमान जी मोती तो तोड़ कर फेंक रहे थे तब लक्ष्मणजी को उनके इस कार्य पर बहुत क्रोध आया,इस बात को उन्होंने श्री राम का अपमान समझा। उन्होंने प्रभु राम से कहा कि ‘हे भगवन, हनुमान को माता सीता ने बेशकीमती रत्नों और मनकों की माला दी और इन्होंने उस माला को तोड़कर फेंक दिया। जिसके बाद भगवान राम बोले, ‘हे अनुज तुम मुझे मेरे जीवन से भी अधिक प्रिय हो, जिस कारण से हनुमान ने उन रत्नों को तोड़ा है यह उन्हें ही मालूम है। इसलिए इस जिज्ञासा का उत्तर हनुमान से ही मिलेगा। तब राम भक्त हनुमान ने कहा ‘मेरे लिए हर वो वस्तु व्यर्थ है जिसमें मेरे प्रभु राम का नाम ना हो। मैंने यह हार अमूल्य समझ कर लिया था, लेकिन जब मैंने इसे देखा तो पाया कि इसमें कहीं भी राम-नाम नहीं है। उन्होंने कहा मेरी समझ से कोई भी वस्तु श्री राम के नाम के बिना अमूल्य हो ही नहीं सकती। अतः मेरे हिसाब से उसे त्याग देना चाहिए। यह बात सुनकर भ्राता लक्ष्मण बोले कि आपके शरीर पर भी तो राम का नाम नहीं है तो इस शरीर को क्यों रखा है? हनुमान तुम इस शरीर को भी त्याग दो। लक्ष्मण की बात सुनकर हनुमान ने अपना वक्षस्थल नाखूनों से चीर दिया और उसे लक्ष्मणजी सहित सभी को दिखाया, जिसमें श्रीराम और माता सीता की सुंदर छवि दिखाई दे रही थी। यह घटना देख कर लक्ष्मण जी से आश्चर्यचकित रह गए,और अपनी गलती के लिए उन्होंने हनुमानजी से क्षमा मांगी । आज यानी 23 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस दिन हनुमान जन्मोत्सव पर भगवान हनुमान की विशेष रूप से पूजा आराधना की जाती है। ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति था। उन्हें उनके पिता पवन देव और माता अंजनी के पुत्र के रूप में जाना जाता है। एक दिन पवन पुत्र अपनी निद्रा से जागे तो उन्हें तीव्र भूख लगी। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा, जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े। दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे। उस दिन अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य पर ग्रहण लगाने वाला था, लेकिन जब तक सूर्य को ग्रहण लग पाता, उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। सारे संसार में अन्धकार व्याप्त हो गया। मनुष्य से लेकर सभी देवता तक बड़े व्याकुल हो गए और हनुमानजी को मनाने के लिए आ गए लेकिन, मारुति हठ करके बैठ गए। सभी देवताओं ने देवराज इंद्र से सहायता मांगी। इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो, इंद्र ने विवश होकर अपने वज्र से मारुति के हनु यानी ठोड़ी पर प्रहार किया, जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए। वहीं वज्र के प्रहार से पवन पुत्र मूर्छित होकर पृथ्वी पर आ गिरे और उनकी ठुड्डी टेढ़ी हो गई। जब पवन देवता को इस बात की जानकारी हुई तो वे बहुत क्रोधित हुए। उन्होंने अपनी शक्ति से पूरे संसार में वायु के प्रवाह को रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर जीवों में त्राहि-त्राहि मच उठी। इस विनाश को रोकने के लिए सारे देवगण पवनदेव से आग्रह करने पहुंचे कि वे अपने क्रोध को त्याग पृथ्वी पर प्राणवायु का प्रवाह करें। सभी देवताओं … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका ,जेल जाएंगी राखी सावंत

Supreme Court gave a blow, Rakhi Sawant will go to jail नई दिल्ली ! बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री राखी सावंत को बड़ा झटका दिया है और उनकी अग्रीम जमानत की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने राखी सावंत को निचली अदालत में चार सप्ताह के भीतर सरेंडर करने को कहा है. बता दें कि अभिनेत्री राखी सावंत पर अपने पूर्व पति आदिल दुर्रानी का कथित अश्लील वीडियो लीक करने का आरोप है. बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसलेल को राखी सावंत ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने राखी सावंत की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी. पूर्व पति आदिल दुर्रानी ने अश्लील वीडियो लीक करने के मामले मे राखी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. इसी मामले में अब राखी सावंत पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है. अब दोनों अलग रहते हैं. क्या है मामलायह मामला सावंत से अलग रह रहे उनके पति आदिल दुर्रानी की शिकायत के आधार पर उपनगरीय अंबोली थाने में सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था. दुर्रानी ने सावंत पर उन्हें बदनाम करने के लिए कई ऑनलाइन मंचों पर उन दोनों के निजी वीडियो पोस्ट करने का आरोप लगाया है. राखी सावंत ने क्या कहा है?गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी में राखी सावंत ने कहा कि उन्हें परेशान करने, उन पर दबाव डालने, झूठे एवं फर्जी मामले में उन्हें फंसाने की एकमात्र मंशा से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. राखी सावंत ने कहा कि यह प्राथमिकी कुछ नहीं बल्कि कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसमें कोई दम नहीं है. उन्होंने अपने वकील के मार्फत जमानत याचिका दायर की थी. निचली अदालत ने कहा क्या कहा था?अदालत ने कहा था कि अभिनेत्री राखी द्वारा कथित रूप से ‘प्रसारित या प्रकाशित’ सामग्री न केवल ‘अश्लील है बल्कि पूरी तरह यौन सामग्री है’. इसने कहा, ‘तथ्यों, आरोपों और घटना से जुड़ी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद (अदालत इस राय पर पहुंची है कि) यह अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है.’

पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा ,योग शिविर के लिए सर्विस टैक्स चुकाने का आदेश

Baba Ramdev got a big blow, Supreme Court ordered to pay service tax for yoga camp कोर्ट ने पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के जरिए आयोजित किए जाने वाले योग कैंपों में लगने वाली फीस पर सर्विस टैक्स लगाने का फैसला किया गया है. नई दिल्ली ! बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा. कोर्ट ने अपीलीय न्यायाधिकरण के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें ट्रस्ट को योग शिविरों के आयोजन के लिए प्रवेश शुल्क लेने पर सेवा कर का भुगतान करने को कहा गया था. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) की इलाहाबाद पीठ के पांच अक्टूबर, 2023 को आए फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. पीठ ने ट्रस्ट की अपील खारिज करते हुए कहा, “न्यायाधिकरण ने ठीक ही कहा है कि शुल्क वाले शिविरों में योग करना एक सेवा है. हमें इस आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं मिला. अपील खारिज की जाती है.” सीईएसटीएटी ने अपने आदेश में कहा था कि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट की तरफ से आयोजित आवासीय एवं गैर-आवासीय योग शिविरों में शामिल होने के लिए शुल्क लिया जाता है, लिहाजा यह ‘स्वास्थ्य और फिटनेस सेवा’ की श्रेणी में आता है और इस पर सेवा कर लगेगा. योग कैंप के लिए ली गई फीस, जो सर्विस के दायरे में आती है: न्यायाधिकरण योग गुरु रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के अधीन काम करने वाला यह ट्रस्ट विभिन्न शिविरों में योग प्रशिक्षण प्रदान करने में लगा हुआ था. न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कहा था कि प्रतिभागियों से दान के रूप में योग शिविरों के लिए शुल्क एकत्र किया गया था. हालांकि यह राशि दान के रूप में एकत्र की गई थी, लेकिन यह उक्त सेवाएं प्रदान करने के लिए शुल्क ही था. इसलिए यह शुल्क की परिभाषा के तहत आता है. 4.5 करोड़ रुपये का भरना होगा टैक्स सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, मेरठ रेंज के आयुक्त ने अक्टूबर, 2006 से मार्च, 2011 के लिए जुर्माना और ब्याज सहित लगभग 4.5 करोड़ रुपये के सेवा कर की मांग की थी. इसके जवाब में ट्रस्ट ने दलील दी थी कि वह ऐसी सेवाएं प्रदान कर रहा है जो बीमारियों के इलाज के लिए हैं. इसमें कहा गया था कि ये सेवाएं ‘स्वास्थ्य और फिटनेस सेवा’ के तहत कर-योग्य नहीं हैं. अब पतंजलि को ये 4.5 करोड़ रुपये भरने होंगे.

रेल प्रशासन ने डॉक्टर बी. आर अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई

Railway administration celebrated the birth anniversary of Dr. BR Ambedkar with great pomp. हरिप्रसाद गोहे आमला ! ऑल इंडिया एससीएसटी रेलवे एम्पलाईज एसोसिएशन शाखा अमला द्वारा डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती 16 अप्रैल को टिकट बुकिंग ऑफिस के सामने मनाई ! कार्यक्रम में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम नृत्य , गायन, ड्राइंग ,प्रतियोगिता में भाग लिया ! कार्यक्रम के अतिथि श्री मदन मोहन कटियार (प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय ),श्री एके जैन ( CCCOR) , श्री गजानन के इंगोले (ADEE), डॉ. लवी आर्य, डॉ.प्रदीप जयंत, डॉ.मुकेश बगद्रे, एसके गुप्ता (SS) कार्यक्रम में उपस्थित थे ! सभी डिपो इंचार्ज, एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनोज विश्वकर्मा नितिन देशमुख गणमान्य नागरिक एवं सभी रेलवे कर्मचारी संगठन, आमला के सभी सामाजिक संगठन , पत्रकार संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ता , पत्रकार साथी आप सभी कार्यक्रम में उपस्थित थे !

अपील: ” मुझे वोट देने की जरूरत नहीं है ” नितिन गडकरी

Request: “I don’t need to vote” Nitin Gadkari गडकरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में यदि मैंने किसी के साथ कोई भेदभाव किया है या दलितों और मुसलमानों के साथ अन्याय किया है तो मुझे वोट देने की कोई जरूरत नहीं है। यदि मैंने निष्ठा से काम किया है तो कृपया मुझे वोट दें। गडकरी ने कहा कि मैं अपनी जीत को लेकर 101 प्रतिशत आश्वस्त हूं। नागपुर ! केंद्रीय मंत्री और लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नितिन गडकरी ने कहा है कि यदि किसी को लगता है कि मैंने कोई भेदभाव किया है तो मुझे वोट देने की जरूरत नहीं है। मुझे जो भी पहचान मिली है, वह नागपुर के लोगों की है। मैंने भेदभाव किया हो तो वोट न देनाः गडकरीगडकरी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में यदि मैंने किसी के साथ कोई भेदभाव किया है या दलितों और मुसलमानों के साथ अन्याय किया है तो मुझे वोट देने की कोई जरूरत नहीं है। यदि मैंने निष्ठा से काम किया है तो कृपया मुझे वोट दें। उन्होंने कहा कि पूरे देश के लिए यह बेहद खुशी की बात है कि भगवान राम की जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण हो गया है। आज हम देशभर में रामनवमी मना रहे हैं। भगवान राम हमारे संस्कृति के प्रतीक है। आज भगवान राम के आशीर्वाद से हमने राम राज्य की स्थापना का संकल्प लिया है। वचन नामा’ जारी कियामंगलवार को नितिन गडकरी ने नागपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए ‘वचन नामा’ जारी किया। उन्होंने कहा, ”हमारी योजना नागपुर में जैविक फल, सब्जियां और खाद्यान्न बाजार खोलने की है। गडकरी ने कहा कि मैं अपनी जीत को लेकर 101 प्रतिशत आश्वस्त हूं। इस बार मैं बहुत अच्छे अंतर से चुनाव जीतूंगा। जनता के समर्थन, उनके उत्साह, पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत को देखते हुए, मैं 5 लाख से अधिक अंतर से जीतने की पूरी कोशिश करूंगा। 19 अप्रैल को होनी है वोटिंगमहाराष्ट्र के 48 संसदीय क्षेत्रों में से एक नागपुर में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा।इस सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी और वर्तमान में नागपुर पश्चिम से विधायक विकास ठाकरे के बीच मुकाबला होगा।

भाजपा अजा मोर्चा ने मनाई अंबेडकर जयंती, अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन किए अर्पित 

BJP Aja Morcha celebrated Ambedkar Jayanti, paid homage by garlanding Ambedkar statue. हरिप्रसाद गोहे  आमला । भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चाr के नेतृत्व में आज बस स्टैण्ड एवं नगर पालिका स्कूल स्थित डॉ अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर भाजपा अजा मोर्चा ने अंबेडकर जयंती मनाई । इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर ने कहा कि डॉ अंबेडकर अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे । उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष कर, शिक्षा के माध्यम से विश्व में अपनी पहचान बनाई । उन्होंने शोषित वर्ग के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया । वहीं मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने सभी वर्गो के विकास के लिए कार्य किया। आज भी उनके विचार प्रासंगिक है, भाजपा सरकार ने समाज के वंचित वर्ग के लोगो के लिए अनेको जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई है जिसका लाभ सभी को मिल रहा है । मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मण चौकीकर ने कहा कि भारत रत्न डॉ बाबासाहब अंबेडकर ने समाज के अंतिम छोर के वंचित और पीड़ित व्यक्ति के विकास के लिए हमेशा संघर्ष किया। साथ ही महिलाओं की शिक्षा और समानता के लिए भी विशेष प्रयास किए । अजा मोर्चा नगर मंडल, बस्ती संपर्क अभियान के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग के लोगो के उत्थान के लिए काम कर रहा है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर, मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख,प्रदेश कार्य सदस्य अशोक नागले, मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मण चौकीकर, प्रदीप ठाकुर, राजेश पंडोले, हरी यादव, भोला वर्मा, हेमंत गुगनानी, नितिन देशमुख, निलेश राठौर, रणधीर अतुलकर, प्रदीप चौहान, लीलाधर साबले, राजेश अमरोही, हरी मालवीय, शिवपाल उबनारे, कमलेश अतुलकर, निखिल, अन्नू यादव,शैलेश सोनी सहित समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मंडी सीट से कंगना रनौत को टक्कर देंगे विक्रमादित्य सिंह

Vikramaditya Singh will contest against Kangana Ranaut from Mandi seat शिमला । प्रतिभा सिंह ने कहा है कि पार्टी हाईकमान इस सीट से किसी बुवा को उतरना चाहती है। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह का नाम आगे किया गया है। जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस विक्रमादित्य सिंह को टिकट देने जा रही है। इस बात का ऐलान उनकी मां और मंडी सीट से मौजूदा सांसद प्रतिभा सिंह ने किया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी हाईकमान इस सीट से किसी युवा को उतरना चाहती है। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह का नाम आगे किया गया है। जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। प्रतिभा सिंह से हिमाचल की सीटों पर उम्मीदवार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि इसके लिए 2-3 नाम शॉर्ट लिस्ट किए गए हैं। अब ये पार्टी आलाकमान पर निर्भर करता है कि वह किसे चुनते हैं। वही मंडी सीट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सभी नेता ये मानते हैं कि इस बार पार्टी को किसी युवा नेता को यहां टिकट देना चाहिए। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह के नाम पर सहमति बनी है। सभी नामों का आधिकारिक ऐलान जल्द कर दिया जाएगा। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस बात के संकेत दे चुके हैं कि पार्टी इस बार मंडी से विक्रमादित्य को मौका दे सकती है। उन्होंने कहा है कि मंडी से इस बार कोई युवा नेता ही चुनावी मैदान में उतरेगा ये तय है। बता दें, बीजेपी ने इस सीट से बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद से ही ये सीट लगातार चर्चा में बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से विक्रमादित्य सिंह और कंगना रनौत के बीच जुबानी जंग भी काफी तेज होती नजर आ रही है जिसके बाद से ही अटकलों का बाजार गर्म है। राज्यसभा चुनाव के बाद से बढ़े तनाव को कम करने की कोशिश विक्रमादित्य सिंह को मंडी से उम्मीदवार बनाने की एक बड़ी वजह ये भी मानी जा रही है कि पार्टी आलाकमान इस एक कदम के जरिए राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर बढ़े तनाव औ गुटबाजी को कम करना चाहती है। इस राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी जिससे बीजेपी उम्मीदवार को जीत हासिल हुई थी। फिलहाल ये 6 बागी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं और इन 6 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी बीजेपी ने इन नेताओं को ही उम्मीदवार बनाया है। विक्रमादित्य सिंह ने दिया था इस्तीफा राज्यसभा चुनाव के बाद विक्रमादित्य सिंह ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफा देते हुए उनके खेमे के विधायकों की अनदेखी का आरोप लगाया था। इसके साथ उन्होंने ये भी कहा था कि पूरा चुनाव उनके पिता वीरभद्र सिंह के नाम पर हुआ लेकिन भारी मन के साथ कहना पड़ रहा है कि जिस व्यक्ति की वजह से हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी उसकी मूर्ती लगाने के लिए ही शिमला मॉल रोड मपर जमीन नहीं मिली।

70 करोड़ लोगों के पास जितना धन, उतना हिंदुस्तान में 22 लोगों के पास संपत्ति : राहुल गांधी

22 people in India have as much wealth as 70 crore people: Rahul Gandhi बस्तर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। नपं मुख्यालय के लालबहादुर शास्त्री स्टेडियम में दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जा कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं छत्‍तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में सिर्फ बस्‍तर लोकसभा सीट पर चुनाव हो रहा है। यहां कांग्रेस ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा को प्रत्‍याशी बनाता है। लखमा के समर्थन में ही शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दंतेवाड़ा जिले के गीदम में सभा का आयोजन हुआ। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी की सरकार पर जमकर आरोप लगाए। साथ ही कांग्रेस की सरकार बनने पर जनता के लिए कांग्रेस के वादों को याद दिलाया। उन्‍होंने अपने भाषण में कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। पूरा का पूरा फायदा 2-3 अरबपतियों को दे देते हैं। हिंदुस्तान में 22 लोग हैं जिनके पास उतना ही धन है जितना 70 करोड़ हिंदुस्तानी लोगों के पास है। पीएम मोदी 24 घंटा इन 22-25 लोगों की मदद करते रहते हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, हिंदुस्तान के सब बेरोज़गार युवाओं को सरकार ये अधिकार देगी कि एक साल के लिए निजी कंपनी में, PSUs में, सरकारी कार्यालयों में हिंदुस्तान के बेरोज़गार युवाओं को एक साल की नौकरी मिलेगी जिसमें उनका प्रशिक्षण होगा और 1 साल में उनके बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। अगर उन्होंने अच्छा काम किया तो उन्हीं संस्थाओं में उन्हें पक्की नौकरी मिलेगी। चुनावी सभा में राहुल गांधी ने बस्‍तर के विकास के लिए लोगों से कांग्रेस प्रत्‍याशी कवासी लखमा को वोट देने की अपील की। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, बस्तर में कांग्रेस हमेशा से मज़बूत रही है। भाजपा नेता 10 साल में उन्होंने क्या किया उसपर चर्चा नहीं कर रहे। उनका चुनाव प्रचार भी मुद्दों से हटकर जज़्बाती मुद्दों पर, धर्म, मंदिर-मस्जिद पर केंद्रित है। हम छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। सभा के एक दिन पहले शुक्रवार शाम को पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, लोकसभा चुनाव संचालन समिति के संयोजक व बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ बस्तर पहुंचे और सभा स्थल में तैयारियों का अवलोकन किया। बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जाबस्तर जिले का मुख्यालय जगदलपुर है तो बस्तर से 18 किलोमीटर दूर है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बस्तर आजादी से पहले रियासतकालीन राजधानी रही थी। लगभग 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आठ अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी जनसभा भी इसी बस्तर विकासखंड के ग्राम छोटे आमाबाल में हुई थी। बस्तर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की चुनावी जनसभा के लिए इसी विकासखंड को चुना है। निरीक्षण के दौरान धनेन्द्र साहू, मोहन मरकाम, राजमन बेंजाम, मलकीत सिंह, मिथलेश आदि भी उपस्थित थे। प्रियंका भी इसी दिन आई थींराहुल गांधी की बहन कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं। वह जगदलपुर में आयोजित कांग्रेस के भरोसे के सम्मेलन में शामिल हुई थीं। प्रियंका गांधी के दौरे के ठीक साल भर बाद इसी तारीख को बस्तर दौरे पर आ रहे हैं।

केजरीवाल से सामान्य अधिकारों को छीन कर सरकार उनके मनोबल को तोड़ना चाहती है : सांसद संजय सिंह

Government wants to break Kejriwal’s morale by snatching his normal rights: MP Sanjay Singh दिल्ली ! आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रताड़ित करना चाहती है। संजय सिंह ने प्रेस वार्ता कर कहा कि अरविंद केजरीवाल से सामान्य अधिकारों को छीन कर सरकार उनके मनोबल को तोड़ना चाहती है।अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल व पंजाब के सीएम भगवंत मान गए थे। इस दौरान जेल प्रशासन ने कांच की दीवार के आर-पार से ही मिलने की अनुमति दी। यह नियमों का उल्लघंन है। जेल प्रशासन के पास अधिकार है कि वह सामने बैठाकर मुलाकात करवा सकता है। उन्होंने बताया कि जेल का नियम 602 व 605 इसका अधिकार जेल प्रशासन को देता है।

परिषद के 66वें स्थापना दिवस की अनंत बधाइयाँ प्रिय आत्मीय जन

Heartfelt congratulations on the 66th Foundation Day of the Council, dear dear people. अखिल भारतीय पंचायत पंचायत परिषद { All India Panchayat Parishad} का 66वाँ स्थापना दिवस है।12अप्रैल 1958 में परिषद की स्थापना देव घर जसीडीह में तत्कालीन बिहार सम्प्रति झारखंड में हुई थी।आज परिषद के 66 बसंत पूर्ण हुए। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्नों को साकार करने के लिए अखिल भारतीय पंचायत परिषद ने 7.5लाख गाँवों के गण राज्य की स्थापना के लिए अनवरत संघर्ष किया और सफलताएँ प्राप्त की हैं। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक अधिकार तो मिले लेकिन अभी वह अधिकार आधे -अधूरे हैं।अभी संघर्ष शेष है।अमर शहीद बलवंत राय मेहता ,लोकनायक जय प्रकाश नारायण के द्वारा स्थापित परंपराओं एवं मापदंडों ,पदचिन्हों पर चलने के लिए हम लोग संकल्प बद्ध हैं। देश के 22 प्रदेशों में परिषद से सम्बद्ध प्रदेश / राज्य पंचायत परिषदें , त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएँ देश में तीसरी सरकार पंचायती राज की स्थापना करने के लिए प्रयत्न शील हैं।इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं पंचायती राज प्रेमियों तथा परिषद कार्य समिति , महा समिति के मा० सदस्यों , मा०पदाधिकारियों एवं कर्तव्य निष्ठ कर्मचारियों को परिषद एवं बलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन की ओर से अनंत हार्दिक बधाई देता हूँ।वर्तमान में अखिल भारतीयपंचायत परिषद की स्थिति पर मात्र इतना ही कहूँगा-बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ करना बाक़ी है।पंचायती राज क़ायम हो , यही अरमान बाक़ी है।चलो इस बे वफ़ा दुनिया में फिर से वफ़ा ढूँढें।ज़माना ढूँढ न पाया जिसे हम वो ख़ुदा ढूँढें॥मंज़िल मिले न मिले इसका ग़म नहीं।मंज़िल की जुस्तजू में मेरा कारवाँ तो है। जयपंचायती राजशीतला शंकर विजय मिश्रमुख्य महामंत्रीअखिल भारतीय पंचायत परिषदएवंन्यासी सचिवबलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन

‘मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ…’; पीएम ने करौली में कांग्रेस पर किया करारा वार

‘Modi was not born to rest…’; PM attacks Congress in Karauli राहुल गांधी की बीकानेर में सभा के बाद करौली-धौलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई। इसमें मोदी ने ईआरसीपी, किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ईआरसीपी का बड़ा लाभ करौली-धौलपुर को भी मिलेगा। यह इसलिए हल हुआ, क्योंकि हरियाणा में भी हमारी सरकार है और केंद्र में भी हम बैठे हैं। राजस्थान में लोकसभा चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को करौली-धौलपुर लोकसभा पहुंचे। बीजेपी ने यहां इंदू देवी जाटव को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात से आता हूं, पानी की दिक्कतों को भली भांति समझता हूं। हम हाथ जोड़कर बैठे नहीं रहते। मोदी बोले, कांग्रेस ने पानी में पैसा कमाने का काम किया। बीजेपी ने उसे जवाबदेही मानकर पूरा किया। मोदी ने कहा कि आने वाले सम में यहां घर-घर पानी पहुंचेगा, यह मोदी की गारंटी है। कांग्रेस ने नौकरियों में भी लूट के मौके तलाशे। कांग्रेस के राज में पेपर लीक इंडस्ट्री तैयार हो गई। मोदी ने गारंटी दी कि मोदी की सरकार आएगी तो पेपर लीक माफिया जेल जाएंगे। मोदी ने पूछा कि बताइए कि मोदी की गारंटी पूरी हो रही है कि नहीं। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ है। मैं काम करने के लिए पैदा हुआ हूं। पीएम मोदी ने इंडी अलायंस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग मोदी को कितनी गालियां दे दें, लेकिन जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। यह मोदी की गारंटी है। मोदी ने का कहा कि करौली-धौलपुर की यह धरती भक्ति और शक्ति की धरती है। यह उस बृज का क्षेत्र है, जहां की रज भी सर पर धारण करते हैं। यहां आपका यह आर्शीवाद देश के लिए बड़ा संदेश है। चार जून को क्या परिणाम होगा, वह आज करौली में स्पष्ट दिख रहा है। करौली बता रहा है, चार जून 400 पार। पूरा राजस्थान कह रहा है…फिर एक बार मोदी सरकार। 2024 का लोकसभा चुनाव, कौन सांसद बनेगा या कौन नहीं बन सकता है, इसके लिए नहीं है। यह चुनाव विकसित भारत को नई ऊर्जा देने का चुनाव है। समस्याओं के आगे कांग्रेस ने हाथ खड़े कर दिए। कांग्रेस दशकों को तक गरीबी हटाओ का नारा देती रही, लेकिन मोदी ने 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकालने का काम किया है। पीएम ने इन योजनाओं का किया जिक्रपीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि करौली-धौलपुर के सवा तीन लाख किसानों के खातों में 700 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। करौली में 80 हजार से ज्यादा किसानों को पशुओं के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा टीके मुफ्त टीके उपलब्ध करवाए हैं। राजस्थान में मोटा अनाज होता है। पहले मोटा अनाज पैदा करने वाले किसानों को कोई पूछता नहीं था। हमने दुनिया को बताया कि हमारा मोटा अनाज सुपर फूड है। आज वही मोटा अनाज श्री अन्न के रूप में जाना जा रहा है। पिछले वर्ष अमेरिका में व्हाइट हाऊस में मुझे निमंत्रण मिला। वहां भोज में सब कुछ वेजिटेरियन था और वहां हमारा मोटा अनाज भी था। इससे राजस्थान के किसानों को बहुत बड़ा लाभ होने जा रहा है। एनडीए सरकार की तमाम योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें पक्के घर, शौचालय और उज्ज्वला सिलेंडर की बात कही। उन्होंने कहा कि अब हम देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का काम कर रहे हैं। मोदी ने पूछा कि यह काम पहले होने चाहिए थे कि नहीं होने चाहिए थे।

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

मेरी मां-बहनें और पिता को किया गया परेशान’, तेजस्वी यादव का BJP पर हमला; बोले- हम डरने वाले नहीं हैं

‘My mother, sisters and father were harassed’, Tejashwi Yadav’s attack on BJP; Said- We are not afraid नई दिल्ली। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक रैली में शामिल हुए। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आलोचना की और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर भाजपा की सेल हैं। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आलोचना की और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर भाजपा की सेल हैं। उन्होंने कहा हमारे कई नेताओं पर इस समय छापे पड़ रहे हैं। ईडी आईटी की छापेमारी चल रही है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। राजद नेता ने महारैली में कहा, ‘ईडी, सीबीआई और आईटी बीजेपी की सेल हैं। लालू जी को कई बार परेशान किया गया है। मेरे खिलाफ मामले हुए हैं। मेरी मां, मेरी बहनें, मेरे जीजाजी, मेरे पिता के सभी रिश्तेदार, सभी के खिलाफ मामले थे। हमारे कई नेताओं पर इस समय छापे पड़ रहे हैं। ईडी, आईटी की छापेमारी चल रही है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम संघर्ष करेंगे। केवल शेर पिंजरे में बंद हैं। हम सभी शेर हैं। हम लड़ रहे हैं आपके लिए।’

व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं,ये लोकतंत्र बचाओ रैली है, INDIA गठबंधन

This is not a rally to save a particular person, this is a rally to save democracy, INDIAतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आज विपक्षी दल बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। रैली में I.N.D.I.A गुट के 28 दलों के नेता शामिल हुए। रैली में सभी का ध्यान अरविंद केजरीवाली की पत्नी सुनीता केजरीवाल के संबोधन पर था। INDIA गठबंधन की ‘महारैली’ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे पति को जेल में डाल दिया, क्या प्रधानमंत्री ने ये सही किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक सच्चे देश भक्त और ईमानदार व्यक्ति हैं? उन्होंने जनता से पूछा कि क्या केजरीवाल जी को इस्तीफा देना चाहिए? सुनीता केजरीवाल ने आगे कहा कि कि अरविंद केजरीवाल शेर हैं और वे ज्यादा दिन के लिए जेल में नहीं रहेंगे। रामलीला मैदान में भाजपा पर भड़की सुनीता केजरीवाल, ‘आपके अरविंद शेर हैं, ज्यादा दिन जेल में नहीं रहेंगे’ देश मुश्किल हालात से गुजर रहा – महबूबा मुफ्तीमहारैली’ को संबोधित करते हुए PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज देश बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है। देश में ऐसा हाल है कि ना कोई वकील, ना कोई दलील, ना कोई कार्रवाई, सीधा जेल। शायद कलयुग का अमृत काल इसी को कहते हैं कि आप बिना कुछ पूछे लोगों को जेल में डाल देते हैं। हमने जम्मू-कश्मीर में पिछले 5 साल तक यही देखा है, जब आप संविधान और कानून का उल्लंघन करते हैं तो वो देशहित में नहीं होता, बल्कि देशद्रोह होता है। ये लोकतंत्र बचाओ रैली ,कांग्रेसकांग्रेस ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ का उद्देश्य किसी व्यक्ति की रक्षा करना नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाना है। इस महारैली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद थे। इनके अलावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, शिवसेना प्रमुख (UBT) उद्धव ठाकरे, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रेयन, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी (पवार) शरद पवार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हुए। व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं ,कांग्रेस इधर कांग्रेस की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि रामलीला मैदान में आज होने वाली संयुक्त मेगा रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए की गई है। वहीं पंजाब के मंत्री और आप नेता बलबीर सिंह ने कहा है कि आज दिल्ली के रामलीला मैदान में ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के 140 भारतीयों के लिए लड़ रहे हैं। रैली में शामिल होंगे ये विपक्षी नेताआज रामलीला मैदान में होने वाली संयुक्त विपक्ष रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे से लेकर तेजस्वी यादव जैसे नेता शामिल होंगे। इसके अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। खास बात ये है कि इस रैली में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी शामिल होंगी और अरविंद केजरीवाल का संदेश पढ़ सकती है। मोदी सरकार के खिलाफ इससे पहले विपक्षी दलों ने संयुक्त रैली 17 मार्च को मुंबई के शिवाजी पार्क में की थी। देश तानाशाही की ओर जा रहा – उद्धव ठाकरेरैली को संबोधित करते हुए सबसे पहले उद्धव ठाकरे ने कहा कि कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल, आप दोनों चिंता मत करो, सिर्फ हम ही नहीं पूरा देश आपके साथ है। कुछ दिन पहले आशंका थी कि क्या हमारा देश तानाशाही की ओर चल रहा है? लेकिन अब ये आशंका नहीं, सच्चाई है। भाजपा को लग रहा होगा कि अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने से लोग डर जाएंगे लेकिन उन्होंने अपने देशवासियों को कभी पहचाना नहीं। लोकतंत्र व संविधान बचाने की लड़ाईकांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में शनिवार को कहा कि रैली में विपक्षी गठबंधन के सभी 28 घटक दल भाग लेंगे। जयराम रमेश ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है, इसलिए इसे ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ नाम दिया गया है। यह रैली एक पार्टी की रैली नहीं है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी रामलीली मैदान में होने वाली रैली को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ED द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्ष का जमावड़ा बता रही है।

AAP “केजरीवाल को आशीर्वाद” अभियान शुरू, पत्नी सुनीता ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर

AAP’s ‘Bless Kejriwal’ campaign started, wife Sunita released WhatsApp number दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने एक नया अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की सबसे भ्रष्टाचारी, तानाशाही ताकतों को ललकारा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल एक बार फिर मीडिया के मुखातिब हुईं। केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। पीसी के दौरान सुनीता केजरीवाल ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल केजरीवाल को आशीर्वाद देने के लिए आप इस नंबर पर व्हाट्सएप करें। सुनीता केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि अपने संदेश इस पर भेजिए। आप किसी भी पार्टी से हों। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में सुनीता केजरीवाल ने कहा कि मैं सुनीता केजरीवाल अरविंद जी की धर्मपत्नी, कल अरविंद केजरीवाल ने जो कोर्ट में कहां वो आपने सुना होगा, अगर नहीं सुना तो कृपया एक बार सुनिए। उन्होंने जो कोर्ट के सामने बोला उसक लिए बहुत हिम्मत चाहिए। सच्चे देशभक्त हैं वो। बिल्कुल ऐसे ही हमारे स्वतंत्रता सैनानी अंग्रेजों की तानाशाही से लड़ते थे। पिछले तीस साल से मैं उनके साथ हूं, देशभक्ति उनके रोम-रोम में बसी है। आप का नया अभियान शुरूआगे कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की सबसे भ्रष्टाचारी, तानाशाही ताकतों को ललकारा है। आपने अरविंद केजरीवाल को अपना भाई अपना बेटा कहा है, क्या आप इस लड़ाई में अपने भाई अपने बेटे का साथ नहीं देंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब साथ मिलकर ये लड़ाई लड़ेंगे। आप ने जारी किया व्हाट्सएप नंबरकेजरीवाल की पत्नी सुनीता ने कहा कि मैं आपको एक व्हाट्सएप नंबर दे रही हूं। व्हाट्सएप नंबर 8297324624 है। आज से हम एक अभियान शुरू कर रहे हैं जिसका नाम ‘केजरीवाल को आशीर्वाद’ है। इस नंबर पर आप अपने केजरीवाल को आशीर्वाद, दुआएं और प्रार्थनाएं भेज सकते हैं। कोई और भी संदेश देना चाहें तो वो भी दे सकते हैं। कई माताओं ने तो अपने बेटे के लिए मन्नत मांगी है। कई बहनों ने भी अपने भाई के लिए मन्नत मांगी है। वो भी लिखकर भेज सकते हैं।

ट्रेनों में चोरी की घटना रोकने के लिए रेलवे कोच के गेट पर लगाए हाईटेक कैमरे

Hi-tech cameras installed at railway coach gates to prevent theft in trains निशातपुरा कोच फैक्टरी में भोपाल मंडल सहित पमरे जोन की ट्रेनों के कोचों में लगाए जा सकते है कैमरे भोपाल। रेलवे लगातार यात्रियों को आधुनिक सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके लिए रोजाना नई-नई योजना पर काम कर रहा है। इसी के तहत अब रेलवे ट्रेनों में चोरी की घटनाएं पर लगाम लगाने के लिए कोचों गेट पर हाईटेक कैमरे लगाने जा रहा है। यह चेहरा पहचानने वाले आधुनिक सीसीटीवी कैमरे होंगे। जोकि मास्क लगा फेस भी पहचान सकेंगे। पमरे जोन व भोपाल रेल मंडल की ट्रेनों में निशातपुरा कोच फैक्ट्री में इन कैमरो लगाने पर योजना पर काम चल रहा है। दरअसल विगत दिनों पमरे जोन की जीएम शोभना बंदोपाध्याय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों द्वारा अन्य काम दिलाने की मांग की थी। जिसके बाद जोन मुख्यालय द्वारा इस काम को कोच फैक्टरी में कराने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड का यह है प्लानरेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस योजना के तहत करीब 38 हजार से अधिक कोच में 8 कैमरे लगाए जाएंगे। तो वहीं 2700 कोच में 5 कैमरे लगाए जाएंगे। तो कुछ कोचों में 4 व 6 कैमरे लगाने की योजना है। इससे ट्रेनों में चोरी की घटनाएं में कमी आ सकेगी। दरअसल पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए है। जब ट्रेनों में चोरी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियां सामने आई है। लेकिन तकनीकी की कमी के चलते कई बार चोर व इन गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ा नहीं जा सका। मास्क भी नहीं बचा सकेगा चोरों को रेलवे बोर्ड इस योजना के तहत टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगा। लेकिन पमरे जोन की योजना है कि जोन की ट्रेनों में निशातपुरा कोच फैक्टरी में ही इस कैमरों को लगाए जा सके। इसके लिए जल्द ही बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इन कैमरों में एक खास तरह की इमेज क्रॉपिंग टूल होगा। जोकि सनग्लास, स्कार्फ व चेहरा आधा ढंका होने पर भी पहचान हो सकेगी। इससे चोरी या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने वाले लोग मास्क का साहारे भी नहीं बच सकेंगे।

वोट देने से पहले बस एक क्लिक में जानें ‘नेताजी’ के आपराधिक रिकॉर्ड ,ECI

Before voting, know the criminal records of ‘Netaji’ in just one click, ECI निर्वाचन आयोग द्वारा इस केवाईसी (KYC) ऐप के उपयोग की गाइड लाइन भी जारी की गई है. इसका उपयोग बेहद आसान है. KYC ऐप एंड्रॉइड और iOS दोनों डिवाइस के लिए उपलब्ध कराया गया है. लोकसभा चुनाव-2024 में आप जिस उम्मीदवार को वोट देने जा रहे हैं, उसका चाल-चलन कैसा है? यह आप अब आसानी से जान सकते हैं. मोबाइल में एक क्लिक में उसका पूरा बायोडाटा आपके सामने होगा. इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (Election Commission of India) ने इसके लिए स्पेशल मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा नो योर कैंडिडेट (KYC) नाम से एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है. यह एप्लिकेशन नागरिकों या मतदाताओं को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास के बारे में जानने में मदद करता है.यह एप्लिकेशन एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. बेहद आसान है उपयोगनिर्वाचन आयोग द्वारा इस केवाईसी (KYC) ऐप के उपयोग की गाइड लाइन भी जारी की गई है. इसका उपयोग बेहद आसान है. उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाताओं को एप में राज्य के साथ चुनाव के प्रकार के प्रकार यानी असेम्बली कॉन्स्टीटुएन्सी या पार्लियामेंट्री कॉन्स्टीटुएन्सी का चयन करना होगा.इसके अलावा उम्मीदवार को नाम से खोजा का सकता है. मिलेगी तमाम जानकारियांइसके बाद अगर उम्मीदवार का आपराधिक इतिहास होगा, उसके संबंध में भी ऐप पर जानकारी मिलेगी. इस मोबाइल ऐप में उम्मीदवार के शपथ पत्र को लोड कर दिया गया है, जिसके माध्यम से मतदाता उसकी चल-अचल संपत्ति, विदेशी बैंक खाते और अपराधिक रिकॉर्ड सहित अन्य तमाम जानकारियां हासिल कर सकता है. ऐप को कैसे करें डाउनलोड और उपयोग आधिकारिक ऐप स्टोर या Google Play Store पर जाएं.Google Play और App Store से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक ‘KYC-ECI’ ऐप डाउनलोड करें.ऐप खोलें और ‘आगे बढ़ें’ पर टैप करें.कोई भी व्यक्ति उपर में दिए गए सर्च बॉक्स में अपना नाम दर्ज करके उम्मीदवार को खोज सकता है.विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र/संसदीय निर्वाचन क्षेत्र (सामान्य/अलविदा) की सूची खोजने के लिए नीचे ‘सिलेक्शन क्राइटेरिया’ बॉक्स पर क्लिक करें; 2019-2024 से अब तक हुए चुनावों की सूची; राज्य; उम्मीदवारों का विवरण जानने के लिए निर्वाचन क्षेत्र और सबमिट पर क्लिक करें.

केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ HC में सुनवाई पूरी, शाम तक आ सकता है फैसला

Hearing completed in HC against Kejriwal’s arrest, decision may come by evening याचिका में गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड को ‘अवैध’ बताते हुए केजरीवाल की तत्काल रिहाई की मांग की गई है। नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से हंगामा जारी है। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां अपने सर्वोच्च नेता की गिरफ्तारी का विरोध कर रही है, वहीं भाजपा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा मांग रही है। इस बीच, बुधवार का दिन अहम होने जा रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट में केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुबह एक दौर की सुनवाई के बाद दोपहर में दूसरे दौर की सुनवाई हुई। केजरीवाल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें पेश की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शाम 4.30 बजे तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया।याचिका में गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड को ‘अवैध’ बताते हुए केजरीवाल की तत्काल रिहाई की मांग की गई है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की कोर्ट में सुनवाई हुई। ईडी की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हमें समय से याचिका की प्रति नहीं दी गई है। इस मामले में हमें जवाब दाखिल करने का पर्याप्त समय दिया जाए।इस पर केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, याचिका में कुछ त्रुटि थी, इसमें संशोधन के बाद एजेंसी को याचिका की प्रति उपलब्ध करा दी गई थी।इस पर कोर्ट ने कहा मूल याचिका पर हम नोटिस जारी कर रहे हैं और अंतरिम राहत की मांग से जुड़े आवेदन पर कोर्ट आपको कुछ दिन में सुनवाई का मौका दे सकते हैं।सिंघवी में कहा, अंतरिम राहत मामले में तत्काल सुनवाई होनी चाहिए, इसके बाद भले कोर्ट याचिका खारिज करे, या स्वीकार्य। ये एक व्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है।इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। सप्लीमेंट्री मामलों को सुनने के बाद अदालत मामले में सुनवाई करेगी।दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा, दो दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में पानी और सीवर की समस्या को लेकर जल मंत्री आतिशी को पत्र भेजा था। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। भाजपा दिल्ली को बर्बाद करना चाहती है? क्या वे चाहते हैं कि लोग परेशान होते रहें? अरविंद केजरीवाल इससे बहुत दुखी हैं। तथाकथित शराब घोटाले में ईडी ने 250 से अधिक छापे मारे हैं। वे इसके पैसे की तलाश कर रहे हैं। अभी तक कुछ नहीं मिला। अरविंद केजरीवाल 28 मार्च को कोर्ट में सब बता देंगे। शराब घोटाले का पैसा कहां है बताएंगे…सबूत भी देंगे। जर्मनी के बाद अमेरिका ने भी उठाया केजरीवाल की गिरफ्तारी का मुद्दा जर्मनी के बाद अमेरिका ने भी केजरीवाल की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया है। अमेरिका ने कहा कि वह केजरीवाल की गिरफ्तारी की खबरों पर करीब से नजर रख रहा है और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का पक्षधर है। इस मामले में जर्मनी की प्रतिक्रिया पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका, लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्टू भाजपा में शामिल

Big blow to Congress in Punjab, Ludhiana MP Ravneet Bittu joins BJP. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए हैं। रवनीत लुधियाना से सांसद हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था।नई दिल्ली ! लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं का दल बदल शुरू हो गया है। अब पंजाब में कांग्रेस को झटका लगा है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए हैं। रवनीत लुधियाना से सांसद हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था। पीएम मोदी का जताया आभारबीजेपी में शामिल होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पंजाब से प्यार है। वे प्रदेश के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं। पंजाब को पीछे क्यों रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने गुरदासपुर से सांसद और एक्टर सनी देओल पर निशाना साधा। कहा कि कुछ नुमाइंदों के कारण पार्टी को नुकसान हुआ है। तीन बार से सांसद हैं रवनीत बिट्टूरवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के दिग्गज नेता है। वो तीन बार से सांसद हैं। साल 2009 में आनंदपुर साहिब सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2014 और 2019 में जीत हासिल की थी।

सरकार में आते ही लाएंगे रोजगार क्रांति…राहुल बोले- पेपर लीक की परेशानी से भी दिलाएंगे निजात

Will bring employment revolution as soon as he comes to government…Rahul said – Will also provide relief from the problem of paper leak लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर ऐलान किया है. उन्होंने कहा ये वक्त दो विचारधाराओं की नीतियों के फर्क को पहचानने का है. कांग्रेस युवाओं का भविष्य बनाना चाहती है और भाजपा उन्हें भटका रही है. लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, सभी राजनीतिक पार्टियां आपने अपने दांव चलने से पीछे नहीं हट रहीं हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने सरकार पर रोजगार के लिए निशाना साधा है. उन्होंने कहा अगर उनकी सरकार आती है तो वो सभी खाली पड़े सरकारी पदों को भरेंगे. पेपर लीक जैसी समस्याओं के लिए भी एक सख्त कानून बनायेंगे. कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने लिखा आज हर युवा की जुबान पर एक ही सवाल है क्या उनके लिए सरकार के पास कोई योजना भी थी? आगे उन्होंने लिखा गली-गली, गांव-गांव बीजेपी वालों से पूछा जा रहा है कि उन्होंने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का झूठ क्यों बोला गया था? उनका मानना है सरकार युवाओं को भटका रही है. कांग्रेस की गारंटीएक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट का सहारा लेते हुए राहुल गांधी ने लिखा है कांग्रेस ने युवा न्याय की योजना के तहत क्रांति लाने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा हमारी गारंटी है कि सरकार बनते ही हम खाली पड़े 30 लाख सरकारी पदों को भरेंगे. हर शिक्षित युवा को पहली नौकरी पक्की योजना के तहत 1 लाख रू सालाना की नौकरी देंगे. पेपर लीक से परेशान युवाओं को रिझाने के लिए उन्होंने कहा हमारी सरकार आते ही हम कानून बना कर पेपर लीक से भी मुक्ति दिलाएंगे. आपको बता दे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में पिछले कई सालों पेपर लीक एक बड़ी समस्या बन चुकी है. तोड़ना होगा भ्रम का जालराहुल गांधी ने आगे ट्वीट में लिखा कि ये वक्त दो विचारधाराओं की नीतियों के फर्क को पहचानने का है. कांग्रेस युवाओं का भविष्य बनाना चाहती है और भाजपा उन्हें भटकाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा अगर हमें रोजगार की क्रांति लानी है तो युवाओं को इस भ्रम का जाल तोड़ना होगा और अपने हाथों की तकदीर बदलनी होगी.

कर्नाटक के विधायक और खनन कारोबारी जनार्दन रेड्डी BJP में शामिल

Karnataka MLA and mining businessman Janardhan Reddy joins BJP रेड्डी पर 9 CBI मामले चल रहे हैं. 2008 से 2013 के बीच हुए अवैध खनन से जुड़े इन मामलों में CBI ने उन्हें आरोपी बनाया है. रेड्डी गंगावती निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. 2022 में उन्होंने बीजेपी से अलग होकर KRPP पार्टी बनाई थी.

कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण , देश-विदेश से उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

Ascension to the post of Acharya in Kundalpur, flood of devotees will come from India and abroad दमोह जिले के कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण के लिए 11 एकड़ में पंडाल बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। दमोह ! कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद पदारोहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश और विदेश से पहुंचने वाले यात्रियों और देश भर से आमंत्रित अतिथियों के रुकने, भोजन जैसी व्यवस्थाएं बड़े स्तर पर हो रही हैं। सबसे खास यहां बन रहा मुख्य पंडाल, जो 11 एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। जो अब तक का सबसे बड़ा पंडाल बताया जा रहा है। कुंडलपुर में यात्रियों की भीड़ और गर्मी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में भी इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही इसमें एक साथ 80 हजार से एक लाख लोगों तक के बैठने की व्यवस्था की गई है। 16 अप्रैल को करीब तीन लाख लोगों के आने की भीड़ को ध्यान में रखते हुए भी कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं यहां की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में मंचीय व्यवस्था भी अलग-अलग रहेगी। आचार्य संघ के करीब 400 मुनि, आर्यिकाओंके लिए एक बड़ा मंच बनाया जा रहा है। जो अपने आप में अलग नजर आएगा। इसके अलावा बतौर अतिथि पहुंचने वाले हिंदू संतों के लिए भी एक मंच बनाया जा रहा है। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने देश के ख्याति प्राप्त लोगों के लिए अलग मंच रहेगा। इसके अलावा दो और मंच इस पंडाल में होंगे। जहां से सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रावक श्रेष्ठियों के लिए मंच व्यवस्था रहेगी। दस हजार लोग एक साथ कर सकेंगे भोजनतीन बड़ी भोजन शालाएं यहां बनाई जा रही हैं, जिसमें वीआईपी से लेकर आम तक भोजन करेंगे। यह भोजनशालाएं भी आधुनिक होगी, जिसमें भोजन तैयार करने के सिस्टम से लेकर मेन्यू तक अलग होंगे। एक बार में 10 हजार लोग तक भोजन कर सकेंगे। वीआईपी आवास व्यवस्था पंडाल के सामने तालाब की ओर की गई है। एलईडी, साउंड के साथ कूलिंग की व्यवस्थामहोत्सव प्रभारी वीरेश सेठ ने बताया कि मुख्य पंडाल की छटा अपने आप में अलग होगी। इसमें 80 हजार से एक लाख लोग बैठकर महोत्सव देख सकेंगे। पंडाल में 50 से अधिक बड़ी एलईडी और साउंड भी लगाए जा रही है, जिससे दूर के लोगों को भी कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई और सुनाई दे। इसके अलावा गर्मी को ध्यान रखते हुए भी पंडाल में व्यवस्थाएं रहेंगी। इसके अलावा पानी, सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं मुख्य पंडाल में होंगी। कमिश्नर ने बैठक कर ली जानकारीकुंडलपुर महोत्सव की व्यवस्था देखने के लिए सागर कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र रावत, डीआईजी सुनील कुमार जैन, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक शुश्रकीर्ति सोमवंशी पहुंचे थे। कमिश्नर ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। पदारोहण महोत्सव में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आयेंगे। एक प्रतिनिधि मंडल ने नागपुर में जाकर उनसे मुलाकात की और कार्यक्रम में आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार्य करते हुए आने की सहमति दी। इसके साथ ही लगातार मुनि संघ कुंडलपुर की ओर विहार कर रहे हैं।

पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी भाजपा, अकाली दल के साथ नहीं हुआ गठबंधन

BJP will contest elections alone in Punjab, no alliance with Akali Dal शिरोमणि अकाली दल एनडीए में भाजपा की पुरानी सहयोगी थी, लेकिन किसान आंदोलन के बाद इस पार्टी ने भाजपा का साथ छोड़ दिया था चंडीगढ़ (सहारा समाचार)। पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन पर सहमति नहीं बन सकी है। यह जानकारी पंजाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने दी। बता दें, शिरोमणि अकाली दल एनडीए में भाजपा की पुरानी सहयोगी थी, लेकिन किसान आंदोलन के बाद सितंबर 2020 में इस पार्टी ने भाजपा का साथ छोड़ दिया था। अब बदली हुए हालात में पार्टी चाहती थी कि वह भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़े, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इससे पहले, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन लगभग तय माना जा रहा था। इसके लिए शिअद के प्रधान सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात होना थी। भाजपा ने इस बात के संकेत दिए थे।

टमाटर खाने से दूर हो सकती हैं कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां, जानें फायदे

Eating tomatoes can cure dangerous diseases like cancer, know the benefits टमाटर में विटामिन C ही नहीं सोडियम, फास्फोरस, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और सल्फर जैसे पावरफुल तत्व पाए जाते हैं. इसमें मौजूद ग्लूटाथियोन इम्यूनिटी बढ़ाकर कई तरह की बीमारियों से बचा सकता है. हेल्थ डेस्क सहारा समाचार, भोपाल ! टमाटर हर सब्जी की जान होता है. इसे सलाद, चटनी, सॉस और न जाने कितने सारे फूड्स को टेस्टी बनाने में उपयोग किया जाता है. यह सेहत के लिए जबरदस्त फायदेमंद है. इसमें (Tomatoes) ढेर सारे पौष्टिक तत्व और कई एंटीऑक्सिडेंट्स (Antioxidant) भी पाए जाते हैं, जो शरीर को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से भी बचा सकते हैं. इसके अलावा कब्ज और कमजोरी जैसी समस्याएं भी दूर करने में टमाटर उपयोगी हो सकते हैं. आइए जानते हैं टमाटर के क्या-क्या फायदे हैं… टमाटर क्यों इतना फायदेमंदटमाटर में लाइकोपेन नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो हार्ट की बीमारी और कैंसर के खतरे को कम करता है. टमाटर में विटामिन C ही नहीं सोडियम, फास्फोरस, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और सल्फर जैसे जरूरी और पावरफुल तत्व पाए जाते हैं. इसमें मौजूद ग्लूटाथियोन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ा देता है और प्रोस्ट्रेट कैंसर से भी शरीर की रक्षा करता है. यह एक अच्छे एंटीऑक्सिडेंट का काम करता है, इसीलिए यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सामान्‍य बनाने में मदद करता है. टमाटर के क्या-क्या फायदे हैं कैंसर का खतरा करें कमरिसर्च में पता चला है कि जब मोनोपॉज के बाद अगर महिलाएं टमाटर खाती हैं तो ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क काफी कम हो सकता है. इससे ग्लूटाथियोन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो हार्मोन्स पर सकारात्मक असर डालकर कैंसर का रिस्क कम होता है. वजन कम करेंलो कैलोरी फूड होने के कारण यह टमाटर आपके वजन को कंट्रोल में रखता है. इसमें पानी के साथ ही फाइबर भी काफी ज्यादा मात्रा में होता है. इस वजह से वजन कम करने में ये काफी मदद कर सकता है. वेट कंट्रोल करने वाले गुण की वजह से ही इसे ‘फिलिंग फूड’ नाम से भी जाना जाता है. शरीर को दे मजबूतीटमाटर में विटामिन और कैल्शियम पाए जाते हैं, जो हड्डियों के टिशूज़ हेल्दी रखकर उन्हें मजबूत बनाते हैं. टमाटर खाने से ब्रेन हैमरेज की का खतरा भी कम किया जा सकता है. इससे शरीर को मजबूती मिलती है. पाचन शक्ति बढ़ाएटमाटर में मौजूद क्लोरीन और सल्फर के कारण पाचन शक्ति बढती है और गैस-कब्ज जैसी परेशानी दूर हो जाती हैं. टमाटर हमारे शरीर से खराब पदार्थों को बाहर निकालने में भी मददगार होता है.Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी, 45 नामः दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से उतरा मैदान में

Congress’s fourth list released, 45 names: Digvijay Singh fielded from Rajgarh अब तक 184 उम्मीदवारों का ऐलानलोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार देर रात चौथी लिस्ट जारी की। इसमें 12 राज्यों के 45 नाम हैं। मध्यप्रदेश से 12, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र 4, तमिलनाडु से 7, मणिपुर 2, मिजोरम से एक, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से 2-2, छत्तीसगढ़, अंडमान निकोबार और असम से एक-एक उम्मीदवार का ऐलान किया। अब तक पार्टी 183 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से टिकट दी गई है। वहीं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ अजय राय को उतारा गया है।

CM अरविंद केजरीवाल जेल में रहकर चलाएंगे सरकार, डरे हुए तानाशाह का “कायराना” कृत्य , जीतू पटवारी

CM Arvind Kejriwal will run the government while in jail संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो घंटे से अधिक समय तक चली तलाशी और पूछताछ के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री, पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर शाम ईडी की टीम भारी फोर्स के साथ केजरीवाल के घर पहुंची थी। यहां तलाशी और पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दरअसल, 2 नवंबर से 21 मार्च के बीच ईडी ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए 9 समन भेजे थे। लेकिन केजरीवाल कोई ना कोई बहाना बनाकर ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे थे। वहीं जब उन्हें 9वां समन मिला तो वह इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनके द्वारा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई थी कि अगर वह पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होते हैं तो उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जाए। हालांकि हाईकोर्ट से केजरीवाल को राहत नहीं मिली। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।अब इस सवाल पर आते हैं कि क्या गिरफ्तारी के बाद अब अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चला सकते हैं? और क्या वो अब भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं? देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी पार्टी और मुख्यमंत्री को जेल से सरकार चलाने से रोकता हो। भारत के संविधान में भी इस पर स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया है। कानून में ये बताया गया है कि दोषी साबित होने से पहले कोई भी नेता जेल में रहते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक बने रह सकता है और जेल से सरकार को भी चला सकता है। इस हिसाब से अभी अरविंद केजरीवाल को जेल से दिल्ली की सरकार चलाने में कानूनी रूप से कोई परेशानी नहीं होगी।

आज चेन्नई और बेंगलुरु में भिड़ंत, रंगारंग कार्यक्रम के बाद खेला जाएगा इस सीजन का पहला मैच

Today, the first match of this season will be played after a clash between Chennai and Bengaluru, a colorful program. आज से आईपीएल 2024 का आगाज़ हो रहा है. आईपीएल के 17वें सीजन का पहला मैच चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा. चेन्नई और आरसीबी के मैच से पहले ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन होगा. इसमें बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स परफॉर्म करेंगे. अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ, सोनू निगम और एआर रहमान जैसे बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स परफॉर्म करेंगे. नए कप्तान के साथ उतरेगी चेन्नई सुपर किंग्स आरसीबी की टीम जहां नई जर्सी और नए नाम के साथ उतरेगी. वहीं चेन्नई सुपर किंग्स की टीम नए कप्तान के साथ उतरेगी. दरअसल, एमएस धोनी ने आईपीएल 2024 के आगाज़ से एक दिन पहले कप्तानी छोड़ने का एलान कर दिया. उन्होंने युवा ऋतुराज गायकवाड़ को कमान सौंपी है. नए नाम और नई जर्सी के साथ मैदान पर उतरेगी RCB आईपीएल 2024 से कुछ दिन पहले ही RCB ने अपना नाम बदला. साथ ही फ्रेंचाइजी ने इस सीजन के लिए नई जर्सी भी लॉन्च की. अब कोहली की टीम को ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ के नाम से जाना जाएगा. वहीं पहले RCB की टीम की जर्सी का कॉम्बिनेशन लाल और काले रंग का था, लेकिन अब जर्सी पर काले की जगह नीला रंग कर दिया गया है. स्पिनर्स की मददगार होगी पिच चेन्नई और आरसीबी का मुकाबला एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा. यहां की पिच स्पिनर्स के लिए मुफीद होती है. यही वजह है कि इस मैच में चेन्नई सुपर किंग्स फेवरेट है. दरअसल, आरसीबी के पास चेन्नई के मुकाबले कम असरदार स्पिनर हैं. आरसीबी की संभावित प्लेइंग इलेवन- फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), विराट कोहली, कैमरून ग्रीन, रजत पाटीदार, ग्लेन मैक्सवेल, महिपाल लोमरोर, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), कर्ण शर्मा, आकाश दीप, अल्जारी जोसेफ और मोहम्मद सिराज. चेन्नई सुपर किंग्स की संभावित प्लेइंग इलेवन- ऋतुराज गायकवाड़, रचिन रवींद्र/डेरिल मिचेल, अजिंक्य रहाणे/समीर रिजवी, शिवम दुबे, मोईन अली, रवींद्र जडेजा, एमएस धोनी (कप्तान और विकेटकीपर), दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर, महीष तीक्षणा और मुस्ताफिजुर रहमान.

देश में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है, दिग्विजय , जहां से पार्टी कहेगी वहां से चुनाव लडूंगा

Democracy is being strangled in the country, Digvijay, I will contest elections from wherever the party asks. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल है। साथ ही ईवीएम और इलेक्टोरल बांड को लेकर भी सवाल उठाए। भोपाल ! प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर हमला बोला। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है। देश में अघोषित आपातकाल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अकाउंट फ्रीज किए गए ताकि कांग्रेस चुनाव न लड़ पाए। कांग्रेस पंपलेट न छाप पाए। कांग्रेस के प्रत्याशियों को पैसा ना दे पाए। पूर्व सीएम ने कहा कि अन्य किसी पार्टी को इनकम टैक्स नहीं देना है। सिर्फ कांग्रेस पार्टी से इनकम टैक्स लेने का प्रावधान हुआ है। पूर्व सीएम ने इलेक्टोरल बांड को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी की गारंटी हफ्ता वसूली है। चंदा दो धंधा लो। कोविड में नकली दवाई बनाने वालों से भी चंदा लेकर उन्हें छोड़ा गया।

मुफ्त रेवड़ी कल्चर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज: क्या 2024 लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा असर?

Hearing in Supreme Court today on free revadi culture: Will it affect the 2024 Lok Sabha elections? चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट गुरुवार, 21 मार्च को राजनीतिक दलों द्वारा चुनावों के दौरान ‘मुफ्त’ रेवड़ियां देने की प्रथा के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। यह एक अहम सुनवाई है, क्योंकि 19 अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं। राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र भी सामने आने लगे हैं, जिनमें तमाम दावे किए जा रहे हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। पीठ में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएयाचिका में कहा गया है कि मतदाताओं से अनुचित राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि वे संविधान का उल्लंघन करते हैं। चुनाव आयोग को भी उचित उपाय करने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने वकील और पीआईएल याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया की दलीलों पर ध्यान दिया कि याचिका पर लोकसभा चुनाव से पहले सुनवाई की जरूरत है। अन्य महत्वपूर्ण बातें याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह घोषित करने का आग्रह किया है कि चुनाव से पहले निजी वस्तुओं या सेवाओं का वादा या वितरण, जो सार्वजनिक धन से सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए नहीं हैं, संविधान के अनुच्छेद 14 सहित कई अनुच्छेदों का उल्लंघन है।

सीएए लागू करने पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Supreme Court notice to Center on implementation of CAA याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सीएए) लागू करने की अधिसूचना जारी करने के बाद इसका विरोध जारी है। ताजा खबर यह है कि सीएए के खिलाफ दायर 230 से अधिक याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया। सर्वोच्च अदालत ने केंद्र से 8 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल की तारीख तय की। बता दें, याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है।याचिकाओं की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा की गई, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल हैं।पिछले हफ्ते वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केरल स्थित इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर एक याचिका का उल्लेख करते हुए कहा था कि सीएए को लागू करने का केंद्र का कदम संदिग्ध था क्योंकि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा किया गया।

चुनावी बॉन्ड की पूरी जानकारी का खुलासा करें, सुप्रीम कोर्ट ने SBI को खूब सुनाया

Supreme Court tells SBI to disclose complete details of electoral bonds नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीसरी बार SBI को फटकार लगाई। उसे चुनिंदा रवैया न अपनाने और 21 मार्च तक चुनावी बॉन्ड स्कीम से जुड़ी सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करने को कहा। इसके मुताबिक, SBI को यूनिक बॉन्ड नंबर्स बताने होंगे, जिससे खरीदार और उसे भुनाने वाले राजनीतिक दल के बीच संबंध का खुलासा होगा। चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि SBI को सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करना होगा। निर्वाचन आयोग को ये जानकारियां तुरंत अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी। 21 मार्च तक सारी जानकारी देंकोर्ट ने कहा, ‘आदेश को पूरी तरह से प्रभावी बनाने और भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए SBI के चेयरमैन और MD 21 मार्च को शाम 5 बजे से पहले एक हलफनामा दाखिल कर ये बताएं कि बॉन्ड की सभी जानकारियों का खुलासा कर दिया है और कोई भी जानकारी छिपाई नहीं है।’ SBI की ओर से पेश हुए वकील हरीश साल्वे ने कहा कि बैंक को उसके पास मौजूद सभी जानकारियों का खुलासा करने में कोई आपत्ति नहीं है। सोशल मीडिया पर हम पर भी कमेंट होते हैं: CJIसुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक बार जब अदालत फैसला सुना देती है, तो यह देश की प्रॉपर्टी बन जाता है और बहस के लिए खुला होता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र ओर से कहा, ‘बेबुनियादी बयानबाजी शुरू हो गई हैं। कोर्ट में पेश लोगों ने प्रेस को इंटरव्यू देना, कोर्ट को जानबूझकर शर्मिंदा करना शुरू कर दिया है।’ इस पर CJI ने कहा, ‘जज होने के नाते हम संविधान के मुताबिक फैसला करते हैं। हम कानून के मुताबिक काम करते हैं। हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक संस्था के तौर पर हमारे कंधे मजबूत हैं। हमारी अदालत को उस राजनीति में एक संस्थागत भूमिका निभानी है, जो संविधान और कानून के शासन द्वारा शासित होती है। यही एकमात्र काम है।’

एक्शन में चुनाव आयोग, 6 राज्यों के गृह सचिव हटाए

Election Commission in action, removed Home Secretaries of 6 states पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद चुनाव आयोग (EC) एक्शन में है। चुनाव आयोग ने सोमवार को 6 राज्यों के गृह सचिवों को हटा दिया। ये राज्य हैं – यूपी, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात।साथ ही पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। मिजोरम के प्रशासनिक सचिव को हटाया गया है। हिमाचल के सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जो तीन साल पूरे कर चुके हैं या अपने गृह जिलों में हैं। चंडीगढ़ के डीजीपी का पदभार संभालने के बाद सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना निश्चित रूप से एक चुनौती है। चुनाव को किस तरह से मैनेज किया जाए, इसके लिए आईजी और यूटी के एसएसपी हर छोटी से छोटी बात पर नजर रखकर इसकी तैयारी कर रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैयार है।

 7 चरणों में होगा लोकसभा चुनाव, 4 जून को आएंगे नतीजे

Lok Sabha elections will be held in 7 phases, results will come on June 4 नई दिल्ली। केंद्रीय चुनाव आयोग (EC) ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान की तारीखों का एलान कर दिया। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता में घोषणा के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 12 राज्यों में महिला मतदाताओं का अनुपात पुरुष मतदाताओं से अधिक है। यहां देखिए लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा हर अपडेट

लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कलः चुनाव आयोग दोपहर 3 बजे शेड्यूल जारी करेगा, आचार संहिता भी लागू हो जाएगी

Lok Sabha election dates announced tomorrow: Election Commission will release the schedule at 3 pm, code of conduct will also come into force. चुनाव आयोग CEC राजीव कुमार, EC सुखबीर संधू और ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को ही लोकसभा चुनावों को लेकर मीटिंग की है। आम चुनाव 2024 और राज्य विधानसभाओं के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए चुनाव आयोग शनिवार 16 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। यह दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। इसे ईसीआई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइवस्ट्रीम किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे देश में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। एक दिन पहले ही दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति गई है। ज्ञानेश कुमार और सुखबीर संधू नए चुनाव आयुक्तों ने शुक्रवार 15 मार्च को पदभार संभाला है। आयोग के तीनों अधिकारियों ने शुक्रवार को ही चुनाव कार्यक्रम को लेकर बैठक का आयोजन किया था। 2024 लोकसभा चुनाव में 97 करोड़ वोटर्स, 2 करोड़ नए मतदाता जुड़े 2024 लोकसभा चुनाव में 97 करोड़ लोग वोटिंग कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने 8 फरवरी को सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के वोटर्स से जुड़ी स्पेशल समरी रिवीजन 2024 रिपोर्ट जारी की थी। आयोग ने बताया कि वोटिंग लिस्ट में 18 से 29 साल की उम्र वाले 2 करोड़ नए वोटर्स को जोड़ा गया है। 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या में 6% की बढ़ोतरी हुई है। चुनाव आयोग ने कहा- दुनिया में सबसे ज्यादा 96.88 करोड़ वोटर्स लोकसभा चुनावों में वोटिंग के लिए रजिस्टर्ड हैं। साथ ही जेंडर रेशो भी 2023 में 940 से बढ़कर 2024 में 948 हो गया है।

वन नेशन-वन इलेक्शन पर कोविंद कमेटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी रिपोर्ट

Kovind Committee submits report to President Draupadi Murmu on One Nation-One Election यह रिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। इसमें रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत आठ सदस्य हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन यानी एक देश, एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। कमेटी के सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रिपोर्ट सौंपी। वन नेशन वन इलेक्शन पर कमेटी ने 18 हजार 626 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में 2029 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। कोविंद की अगुवाई में सितंबर 2023 में बनी थी कमेटीरिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं। क्या है पैनल के सुझाव? 2029 में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिशरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग के प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह 2029 से ही लागू होगा। साथ ही इसके लिए दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने होंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाए। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो सकेंगे।

लाइफ करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल में धूम धाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 

International Women’s Day celebrated with pomp in Life Career Senior Secondary CBSE School हरिप्रसाद गोहे आमला ।। लाइफ  करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल में तहसीलदार आमला श्रीमती पूनम साहू के मुख्य आतिथ्य , श्रीमती रश्मि सोनी प्राचार्या यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल  एवं श्रीमती शहनाज  खान के विशिष्ट आतिथ्य तथा श्रीमती संगीता यादव प्राचार्या लाइफ करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल की अध्यक्षता मे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।  कार्यक्रम में श्रीमती पूनम साहू ने अपने  मुख्य आतिथ्य उद्बोधन में ने उपस्थित जनों के समक्ष महिलाओं के अधिकारो एवं उनके अस्तित्व के महत्व के संबंध में अपने विचार सांझा किये, “उन्होंने कहा कि स्त्री होना अपने आप में एक गर्व की बात है क्योंकि स्त्री ही परिवार एवं समाज की सृजनकर्ता है एक स्त्री ही अपने घर परिवार और समाज को सुंदर बनाने का सामर्थ रखती है”एवं उनके विकास और उत्थान मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है l  विशिष्ट अतिथि श्रीमती रश्मि सोनी ने अपने उद्बोधन में  इस बात पर खेद जताया कि समाज की सृजनकर्ता  स्वयं अपने अधिकारों व अपने महत्व के प्रति जागरूक नहीं है , और अपने स्वयं के निर्णय लेने में भी सक्षम नहीं है उन्होंने कहा कि समानता  का अधिकार होने के बावजूद महिला अपने निर्णय स्वयं नहीं ले पाती है समाज मे समानता तभी संभव है जब एक महिला को भी अपने निर्णय स्वयं लेने का अधिकार हो वही कार्यक्रम अध्यक्षा श्रीमती संगीता यादव ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की सलाह दी l  कार्यक्रम में लाइफ करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल  एवं यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती ऋतु गुगनानी एवं श्रीमती सोनिका जोशी  ने किया  l

‘संसदीय विशेषाधिकार नहीं है रिश्वतखोरी’, ‘वोट के बदले नोट’ फैसले में CJI ने की अहम टिप्पणियां

‘Bribery is not a parliamentary privilege’, CJI made important comments in the ‘note for vote’ decision वोट के बदले नोट लेने के मामले में अभियोजन (मुकदमे) से छूट देने का फैसला सुनाया था। चीफ जस्टिस ने कहा कि ‘माननीयों को मिली छूट यह साबित करने में विफल रही है कि माननीयों को अपने विधायी कार्यों में इस छूट की अनिवार्यता है।’ सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में रिश्वत लेकर वोट देने वाले माननीयों को अभियोजन से राहत देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में पीवी नरसिम्हा राव के मामले में दिए अपने पिछले फैसले को पलट दिया। सात जजों की संविधान पीठ ने कहा कि संसदीय विशेषाधिकार के तहत रिश्वतखोरी की छूट नहीं दी जा सकती। जानिए क्या बोले सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ‘पीठ के सभी जज इस मुद्दे पर एकमत हैं कि पीवी नरसिम्हा राव मामले मे दिए फैसले से हम असहमत हैं।’ नरसिम्हा राव मामले में अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों-विधायकों को वोट के बदले नोट लेने के मामले में अभियोजन (मुकदमे) से छूट देने का फैसला सुनाया था। चीफ जस्टिस ने कहा कि ‘माननीयों को मिली छूट यह साबित करने में विफल रही है कि माननीयों को अपने विधायी कार्यों में इस छूट की अनिवार्यता है।’ मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ‘संविधान के अनुच्छेद 105 और 194 में रिश्वत से छूट का प्रावधान नहीं है क्योंकि रिश्वतखोरी आपराधिक कृत्य है और ये सदन में भाषण देने या वोट देने के लिए जरूरी नहीं है। पीवी नरसिम्हा राव मामले में दिए फैसले की जो व्याख्या की गई है, वो संविधान के अनुच्छेद 105 और 194 के विपरीत है।’ ‘माननीयों के भ्रष्टाचार से तबाह हो जाएगा संसदीय लोकतंत्र’मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम मानते हैं कि रिश्वतखोरी, संसदीय विशेषाधिकार नहीं है। माननीयों द्वारा किया जाने वाला भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी भारत के संसदीय लोकतंत्र को तबाह कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि जो विधायक राज्यसभा चुनाव के लिए रिश्वत ले रहे हैं उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि आज सात जजों की पीठ ने कहा है कि अगर सांसद पैसे लेकर सदन में सवाल पूछते हैं या वोट करते हैं, तो वे विशेषाधिकार का तर्क देकर अभियोजन से छूट का दावा नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैसे लेकर वोट देने या सवाल पूछने से भारत का संसदीय लोकतंत्र तबाह हो जाएगा।

दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का उद्घाटन, देवास में बनेगा देवी लोक

World’s first Vedic clock inaugurated, Devi Lok to be built in Dewas; PM will give a gift of Rs 17 thousand crores उज्जैन !प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान PM मोदी 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे।लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में हो रहे इस कार्यक्रम का पूरे प्रदेश के 500 स्थानों पर लाइव प्रसारण होगा। गुरुवार शाम 4 बजे पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना वर्चुअल संबोधन देंगे। इस दौरान PM मोदी मध्य प्रदेश में 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शाम चार बजे वर्चुअली लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। स्वीकृत हो चुके 16961 करोड रुपए से अधिक के कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान पूरे हो चुके प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, इसमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलपूर्ति, कोयला उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के प्रोजेक्ट शामिल है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना का शुभारंभ और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण भी करेंगे। वही महाकाल लोक की तर्ज पर देवास में देवी लोक भी बनाया जाएगा। विश्व की पहली वैदिक घड़ी का शुभारंभ उज्जैन के चिंतामन रोड स्थित जंतर मंतर वेधशाला परिसर में 85 फीट ऊंचे टावर पर विश्व की एकमात्र और पहले वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह समय के साथ मुहूर्त पर्व ग्रह नक्षत्र समेत कई जानकारियां दर्शाएगी। उज्जैन की वैदिक घड़ी दुनिया की पहली ऐसी डिजिटल वॉच होगी, जो इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) तो बताएगी ही साथ ही पंचांग और मुहूर्तों की भी जानकारी देगी। इस घड़ी में सूर्योदय-सूर्यास्त से लेकर सूर्य और चंद्र ग्रहण कब होगा, घड़ी यह भी बताएगी। उज्जैन में जंतर-मंतर पर 85 फीट ऊंचे टॉवर पर इसे लगाया गया है। इसके साथ ही वैदिक घड़ी का एप भी लॉन्च किया जाएगा। गुरुवार को इसका शुभारंभ शाम 4 बजे पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। वैदिक घड़ी की क्या है खासियत:इस घड़ी की एक खास बात यह भी है कि यह समय की गणना एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक की अवधि के आधार पर करती है. यह नक्षत्र, धूमकेतु, कालग्रहण, संचार, परिभ्रमण, तिथि वार, नक्षत्र, योग आदि की जानकरी उपलब्ध करायेगी. यह घड़ी दो सूर्योदयों के बीच की समयावधि को आईएसडी के अनुसार 30 भागों में विभाजित करती है. समय की गणना 0:00 बजे से सूर्योदय के साथ 30 घंटे (48 मिनट का एक घंटा) के लिए शुरू होगा. यह घड़ी वैदिक हिंदू पंचांग से 30 मुहूर्त, तिथि और विभिन्न अन्य समय के बारें में भी बताएगी. इसकी बारें में जानकारी देते हुए महाराजा विक्रमादित्य शोध संस्थान के निदेशक ने बताया कि ”यह दुनिया की पहली घड़ी होगी जिसमें भारतीय समय की गणना प्रदर्शित की जाएगी”. इस वैदिक घड़ी के लिए एक एप्लिकेशन भी तैयार किया गया है जिसकी मदद से मोबाइल, एलईडी, स्मार्ट टीवी, टैब में भी इसे इंस्टाल करके देखा जा सकता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह- सीजनल फ्लू से करें बचाव, जानिए इसके लिए क्या करें-क्या नहीं?

Health Ministry’s advice – Protect yourself from seasonal flu, know what to do and what not to do? फरवरी-मार्च के महीने में देश में मौसम में तेजी से बदलाव आने लगता है और बदलता मौसम कई प्रकार की बीमारियों और संक्रमण का कारक हो सकता है। विशेषतौर पर मौसम बदलने के कारण सीजनल फ्लू (इंफ्लूएंजा) के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनमें संक्रामक रोगों के विकसित होने का खतरा अधिक होता है। बच्चे और बुजुर्ग मौसमी फ्लू का अधिक शिकार होते हैं। मौसम में होने वाले परिवर्तन के साथ इस संक्रामक रोग से बचाव को लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी सीजनल फ्लू और इसके जोखिमों को लेकर लोगों को सावधान किया है। आइए जानते हैं इस संक्रमण से किस प्रकार से बचाव किया जा सकता है और सुरक्षात्मक तौर पर लोगों को क्या करना चाहिए-क्या नहीं? मौसमी फ्लू (इन्फ्लूएंजा) का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, मौसमी फ्लू को इन्फ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है, ये वायरल संक्रमण श्वसन समस्याओं का कारण बनता है। इसके कारण सर्दी-जुकाम के साथ बुखार, शरीर-सिर में दर्द के साथ थकान की समस्या हो सकती है। इन्फ्लूएंजा वायरस, संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर आसानी से फैल सकता है। फ्लू का टीकाकरण इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। डॉक्टर कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में कुछ प्रकार के बदलाव करके भी आप संक्रामक रोगों के खतरे से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। सीजनल फ्लू से बचाव के लिए क्या करें? स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट में सीजनल फ्लू से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इसको लेकर स्पष्ट जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं कि इस बदलते मौसम में स्वस्थ और फिट रहने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।छींकते और खांसते समय मुंह और नाक को ढकें।आंखों और नाक को बार-बार छूने से बचें।तरल पदार्थों-पानी का खूब सेवन करें।बुखार और शरीर में कुछ समय से दर्द महसूस हो रहा है तो पैरासिटामॉल लें। संक्रामक रोग से बचाव के लिए क्या न करें? स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीजनल फ्लू से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखने और उसे न करने की सलाह दी है। क्या है डब्ल्यूएचओ की सलाह? विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है, थोड़ी सी सावधानी आपको और परिवार के अन्य सदस्यों को इस संक्रामक रोग से सुरक्षित रख सकती है। मौसमी फ्लू आसानी से फैल सकता है, स्कूलों और नर्सिंग होम सहित भीड़-भाड़ वाली जगहों पर इसका प्रसार अधिक तेजी से होने का जोखिम रहता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो इससे निकलने वाली ड्रॉपलेट (संक्रामक बूंदें) हवा में फैल जाती हैं और निकटतम व्यक्तियों को संक्रमित कर सकती हैं। संचरण को रोकने के लिए, खांसते समय अपने मुंह और नाक को रुमाल से ढकना और नियमित रूप से अपने हाथ धोना जरूरी है।

संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती विशेष प्रकाशन

Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड को मिला बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड का पुरस्कार

Madhya Pradesh Tourism Board received the Best State Tourism Board award मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार नवाचार करने पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।प्रदर्शनी में बोर्ड ने प्रमुखता से सहभागिता कर देश एवं विदेशों से आए ट्रेवल एजेंट्स टूर आपरेर्ट्सहोटेलियर्स एवं विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को प्रचारित किया। भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार, नवाचार करने, पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रमुख ट्रेवल प्रदर्शनी एसएटीटीई (साउथ एशियन ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सचेंज) में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट बोर्ड के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। युवराज पडोले ने ग्रहण किया पुरस्कारवहीं, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग सदैव ही प्रदेश में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की सुलभता, सुगमता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड की ओर से यह सम्मान उपसंचालक युवराज पडोले ने ग्रहण किया। इस आधार पर मिला परस्कार एमपीटीबी स्टाल पर आगंतुकों को सांची, अमरकंटक, नर्मदा के घाटों और अन्य गंतव्यों के वर्चुअल टूर का अनुभव करने का भी मौका मिला। बोर्ड को यह सम्मान पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, राज्य की संस्कृति और विरासत के संरक्षण इत्यादि क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है।

बसंत के मौसम में घूमने जाएं भारत की ये 6 जगहें, लगती हैं अधिक खूबसूरत

Visit these 6 places of India in spring season, they look more beautiful. सर्दियां खत्म होने वाली हैं तो क्यों न बसंत मौसम की छुट्टियों में कहीं घूमने जाया जाए? अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो भारत की कुछ जगह घूमने के लिए बेस्ट हैं. भारत के अधिकांश जगहों पर सर्दी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है और बसंत का मौसम लगभग आने ही वाला है. भारत में सर्दी और गर्मी के बीच के मौसम को बसंत ऋतु कहा जाता है. ऐसे में अक्सर लोग गर्मी का मौसम आने से पहले ही घूमने का प्लान बना लेते हैं क्योंकि बसंत का मौसम अधिक समय तक नहीं रहता.अगर आप भी बसंत के मौसम में घूमने जाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ऐसी जगहें बता रहे हैं जो आपके लिए बेस्ट रहेंगी. इन जगहों में से आप अपने मुताबिक स्थान चुनें कि आप मौसम का लुत्फ उठाने जाना चाहते हैं या फिर खिलते हुए फूलों को देखने जाना चाहते हैं. कश्मीर धरती के स्वर्ग के रूप में फेमस कश्मीर का मौसम बसंत (मार्च से मई की शुरुआत तक) के मौसम में काफी अच्छा रहता है. इस दौरान आप कश्मीर के साथ-साथ श्रीनगर के इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में खिलते हुए ट्यूलिप आपका दिल जीत लेंगे. मुन्नार (केरल) अपने चाय बागानों और हरी-भरी हरियाली के लिए फेमस, मुन्नार बसंत मौसम के दौरान स्वर्ग में बदल जाता है. इस मौसम में यहां का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. आप यहां पहाड़ों के साथ-साथ हरियाली का मजा ले सकते हैं. शिलांग (मेघालय)  ईस्ट स्कॉटलैंड के रूप में जाना जाने वाला शिलांग बसंत ऋतु में काफी अच्छा रहकता है. जब यहां पर रोडोडेंड्रोन और ऑर्किड फूल खिलते हैं पूरा शहर काफी सुंदर दिखने लगता है. कूर्ग (कर्नाटक)  भारत का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला कूर्ग अपने कॉफी बागानों और धुंध भरी पहाड़ियों के लिए फेमस है. बसंत के दौरान यहां की पहाड़ियां कॉफी के फूलों की सुगंध और कॉफी की झाड़ियों को ढंकने वाले सफेद फूलों से काफी अच्छी लगती है. गुलमर्ग (कश्मीर) गुलमर्ग में अप्रैल से जून के आसपास आना चाहिए. यह वो मौसम होता है जब यात्रियों को हरे-भरे घास के मैदान और बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां देखने मिलती हैं. बसंत ऋतु में बर्फ पिघलना शुरू हो जाती है जिससे रंग-बिरंगे फूलों का कालीन बिछा हुआ नजर आता है. ऊटी (तमिलनाडु)  नीलगिरि पहाड़ियों में बसा, ऊटी एक फेमस हिल स्टेशन है जो अपने अच्छे मौसम और राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. बसंत ऋतु में यहां के वनस्पति उद्यानों में रंग भरती है जिसमें रोडोडेंड्रोन, ऑर्किड और गुलाब जैसे फूल पूरी तरह खिल जाते हैं

मैं किसान का बेटा हूं झुकूंगा नहीं, तानाशाह सरकार का मुकाबला करूंगा, सत्यपाल मलिक

I am a farmer’s son, I will not bow down, I will fight the dictatorial government, Satyapal Malik पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर और अन्य 30 ठिकानों पर सीबीआई ने आज गुरुवार सुबह छापा मारा है खबर है कि सीबीआई का ये एक्शन हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर किया गया है , उधर छापे की कार्रवाई के बाद सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर लिखा – मैं बीमार हूँ , अस्पताल में भर्ती हूँ, मैं किसान का बेटा हूँ घबराऊंगा नहीं। किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक्शनजो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के दौरान 2019 में 2200 करोड़ रुपये का सिविल काम के लिए ठेका हुआ था इसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ था , इस समय सत्यपाल मलिक वहां के राज्यपाल थे , उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें इस प्रोजेक्ट की दो फाइलों को मंजूर करने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। मलिक के दिल्ली स्थित घर सहित 30 अन्य ठिकानों पर CBI के छापेसीबीआई हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी जुटा रही है , बताया जा रहा है कि सीबीआई ने आज गुरुवार को दिल्ली स्थित घर पर सुबह सुबह छापा मरा साथ ही मलिक के करीबियों के करीब 30 अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है, उधर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। X पर मलिक ने लिखा – मैं किसान का बेटा, इन छापों से घबराऊंगा नहींउन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ।

राजकोट टेस्ट में इंग्लैंड 319 पर ऑलआउट: भारत को 126 रन की बढ़त

England all out for 319 in Rajkot Test: India lead by 126 runs मोहम्मद सिराज को 4 विकेट; बेन डकेट की सेंचुरी राजकोट टेस्ट में इंग्लैंड टीम 319 रन पर ऑलआउट हो गई। तीसरे दिन के दूसरे सेशन में मोहम्मद सिराज ने जेम्स एंडरसन को बोल्ड किया। इसी के साथ इंग्लैंड की पारी सिमट गई। भारत ने पहली पारी में 445 रन बनाए थे, इसलिए टीम को 126 रन की बढ़त मिली। मोहम्मद सिराज ने 4 विकेट लिए। 2-2 विकेट रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव को मिले। जबकि जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन के हाथ 1-1 सफलता लगी। इंग्लैंड से बेन डकेट ने 153 रन बनाए। कप्तान बेन स्टोक्स 41 और ओली पोप 39 रन बनाकर आउट हुए। इनके अलावा कोई और प्लेयर 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका।

विस्फोट के बाद पटाखा फैक्ट्री के आधा किलोमीटर के दायरे में बिखरे पड़े थे शवों के टुकड़े

After the explosion, pieces of dead bodies were scattered within half a kilometer of the firecracker factory. हरदा। हरदा की पटाखा फैक्ट्री सोमेश फायर वर्क में हुए विस्फोट के बाद आसपास रहने वाले लोगों को लगा कि भूकंप आया हो। घरों के खिड़की के शीशे टूट गए। बर्तन जमीन पर गिर पड़े और कच्चे मकानों की दीवारों में दरारें आ गई। फैक्ट्री के आधा किलोमीटर के दायरे में तो भयावह स्थिति है।शवों के टुकड़े बिखरे पड़े। कही पैर पड़े थे तो कही धड़। सड़क से गुजर रहे लोग भी हादसे का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद हरदा में एम्बुलैंस, दमकलों के सायरन ही गूंज रहे है। इस घटना का आंखों देखा हाल फैक्ट्री से एक किलोमीटर दूर बेरागढ़ वार्ड में रहने वाले जितेंद्र सैनी ने बताया। यदि उनकी बातों पर गौर करे तो हादसे में बड़ी संख्या में लोग शिकार हुए है। सड़क से गुजर रहे लोग भी हो गए घायल मैं सुबह घर पर ही था। 11 बजे अचानक धमका हुआ। खिड़की के शीशे टूट गए। बाहर निकल कर देखा तो आसमान में आग का गुबार नजर आया। चारों तरफ धुंआ ही धुंआ था। लगातार विस्फोट हो रहे थे। फैक्ट्री के आसपास के खेतों मे शवों के टुकड़े बिखरे पड़े थे। किसी का सिर गायब था जो किसी का हाथ।बस्तीवाले शवों को कपड़ों से ढक रहे थे। फैक्ट्री के पास से गुजरने वाली सड़क से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक भी घायल हो गए। फैक्ट्री का मलबा उड़कर उन्हें लगा। लोहे के 10-15 किलो के एंगल उड़कर खेतों में आ गए थे।हरदा के आसपास में पैर रखने की जगह नहीं है। फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों के परिजन बदहवास हालत में घूम रहे है। मोबाइल लगाकर फैक्ट्री में गए श्रमिकों की सलामती की तसल्ली परिजन कर रहे थे।

सरकार की उपलब्धियों से लेकर विकसित भारत के रोडमैप तक, पढ़ें वित्त मंत्री के संबोधन की बड़ी बातें

From the achievements of the government to the roadmap of developed India, read the important points of the Finance Minister’s address. नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में अंतरिम बजट पेश किया। इस दौरान बजट भाषण के दौरान उन्होंने बीते 10 वर्षों की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विकसित भारत के लिए सरकार का रोडमैप भी बताया। आइए जानते हैं उनके भाषण की अहम बातें.. जन कल्याणकारी योजनाएं और विकास के बूते हम लोगों तक पहुंचे उन्होंने कहा कि 10 वर्ष में अर्थव्यवस्था में काफी विकास हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसने तरक्की की है। जब वे प्रधानमंत्री बने, तब कई चुनौतियां मौजूद थीं। सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सरकार ने इन चुनौतियों का सामना किया। जन कल्याणकारी योजनाएं और विकास के बूते हम लोगों तक पहुंचे। देश को नया उद्देश्य और नई आशा मिली। जनता ने सरकार को फिर बड़े जनादेश के साथ चुना। हमने दोगुनी चुनौतियों को स्वीकार किया और सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ काम किया। हमने सामाजिक और भौगोलिक समावेश के साथ काम किया। ‘सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ हमने कोरोना के दौर का सामना किया और अमृतकाल में प्रवेश किया। इसके नतीजतन हमारा युवा देश के पास अब बड़ी आकांक्षाएं, उम्मीदें हैं।80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गयासीतारमण ने कहा कि पिछले 10 साल में हमने सबके लिए आवास, हर घर जल, सबके लिए बैंक खाते जैसे कामों को रिकॉर्ड समय में पूरा किया। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया। अन्नदाताओं की उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया। पारदर्शिता के साथ संसाधनों का वितरण किया गया है। हम असमानता दूर करने का प्रयास किया है, ताकि सामाजिक परिवर्तन लाया जा सके। प्रधानमंत्री के मुताबिक गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता, ये ही चार जातियां हैं, जिन पर हमारा फोकस है। उनकी जरूरतें, उनकी आकांक्षाएं हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। 25 करोड़ लोगों को विविध तरह की गरीबी से बाहर निकाला उन्होंने कहा कि गरीब का कल्याण, देश का कल्याण, हम इस मंत्र के साथ काम कर रहे हैं। ‘सबका साथ’ के उद्देश्य के साथ हमने 25 करोड़ लोगों को विविध तरह की गरीबी से बाहर निकाला है। भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए काम कर रहे हैं।बड़ी योजनाओं की प्रभावी तरीके से और स समय पूरा किया जा रहा वित्त मंत्री ने कहा कि लोग अच्छे से रह रहे हैं और अच्छी आमदनी कर रहे हैं। बड़ी योजनाओं की प्रभावी तरीके से और ससमय पूरा किया जा रहा है। जीएसटी ने एक देश, एक मार्केट और एक टैक्स की धारणा को मजबूत किया है। गिफ्टी आईएफएससी ने वैश्विक वित्तीय निवेश का रास्ता खोला है। अमृतकाल अमृतकाल के लिए सरकार ऐसी आर्थिक नीतियों को अपनाएं जो टिकाऊ विकास, सभी के लिए अवसरों, क्षमता विकास पर केंद्रित रहेंगी। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के साथ हम सुधारों का अगला चरण शुरू करेंगे। समय पर आर्थिक मदद, प्रासंगिक प्रौद्योगिकी, MSME को सशक्त बनाने जैसे पहुलओं पर नई नीतियों के जरिए काम होगा। हम ऊर्जा सुरक्षा पर भी काम करेंगे। तकनीक नई तकनीकों से कारोबार को मदद मिल रही है। लालबहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। अटलजी ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे और विस्तार देते हुए जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का नारा दिया है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह स्वर्णिम दौर है। एक लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त या कम ब्याज दर पर कोष वितरित किया जाएगा। इससे दीर्घकालिक वित्तीय मदद दी जाएगी। इससे निजी क्षेत्र को मदद मिलेगी। रेलवे तीन रेलवे कॉरिडोर ऊर्जा, खनिज और सीमेंट के लिए बनाए जाएंगे। पीएम गति शक्ति के तहत इनकी पहचान की गई है। इससे लागत कम होगी और सामान की आवाजाही सुगम होगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से विकास दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। 40 हजार सामान्य बोगियों को वंदे भारत के पैमानों के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत को बढ़ाया जा सके। विमानन अब देश में 149 विमानतल हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों को ‘उड़ान’ के तहत विस्तार दिया जा रहा है। देश की विमानन कंपनियां एक हजार नए विमान खरीद रही हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार छठी बार देश का बजट पेश कर रही है।

Union Finance Minister Nirmala Sitharaman is presenting the country’s budget for the sixth consecutive time today.  नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अंतरिम बजट 2024 पेश कर रही है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट से आम लोगों के साथ-साथ बच्चों के लिए काफी ज्यादा उम्मीद लगाई जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अंतरिम बजट 2024 पेश कर रही है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट से आम लोगों के साथ-साथ महिलाओं के लिए कई अहम घोषणाएं की गई है। केंद्र सरकार ने लखपति दीदी योजना के तहत नए वित्त वर्ष में 2 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है। बजट में महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। खुद निर्मला सीतारमण ने बनाया रिकॉर्ड केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार छठी बार देश का बजट पेश कर रही है। निर्मला सीतारमण ऐसी दूसरी वित्त मंत्री बन गई है, जो सबसे ज्यादा बार बजट पेश किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास था। वहीं सबसे ज्यादा 10 बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम ही है। मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम, अरुण जेटली और यशवंत सिन्हा ने 5 बजट पेश किए हैं।

सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ थे गॉधी

Gandhi was the “Mahatma” of goodwill and tolerance. राष्ट्रपिता की 76वीं पुण्यतिथि पर विशेष शहीद दिवस डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) महात्मा गॉधी ने अपने जीवन में अहिंसा का पालन कर यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़े शक्तिशाली युद्ध हैं। उनका यह उपदेश हमें आत्म-नियंत्रण, सद्भावना और सहिष्णुता की ओर प्रवृत्त करता है। उनके सिद्धांतों ने हमें बताया कि समस्त मानव जाति को एक परिवार की भावना के साथ जीना चाहिए। सभी को समानता और न्याय का अधिकार है। शहीद दिवस पर करते हैं महात्मा गॉधी का पुण्य स्मरण। 30 जनवरी को महात्मा गॉंधी की 76वीं पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाकर पूरा देश आज बापू का पुण्य स्मरण कर रहा है। भारत सदियों से वीरों की भूमि रहा है। देश में अनेक वीर-सपूतों ने जन्म लिया और अपनी शहादत से वतन की मिट्टी को पावन कर दिया। वीर-शहीदों की याद में ही हर वर्ष शहीद दिवस मनाया जाता है। हालांकि भारत में विभिन्न तिथियों में शहीद दिवस मनाने की परंपरा है। जनवरी, मार्च और नवंबर महीने में शहीद दिवस की तारीख अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन इन दिवसों की भावना एक ही है। हम जांबाज क्रांतिकारियों को याद कर उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने यह दिवस मनाते हैं। आज का शहीद दिवस गांधी जी की अहिंसात्मक सोच और उनके बलिदान के स्मरण का प्रतीक है। 1948 को इस दिन ही नाथूराम गोडसे ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। महात्मा गॉधी, जिन्हें कोई बापू कहता है तो कोई देश का राष्ट्रपिता। दोनों का अर्थ एक ही है। वे एक ऐसे महान आत्मा थे जो अपने आदर्शों और अनूठी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। बापू ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर आजादी की जंग लड़ी और देशवासियों का भी मार्गदर्शन किया।अहिंसा परमो धर्मः…. धर्म हिंसा तथैव चः … अर्थात अहिंसा ही मनुष्य का परम धर्म है और जब धर्म पर संकट आए तो उसकी रक्षा करने के लिए की गई हिंसा उससे भी बड़ा धर्म है। बावजूद इसके अहिंसा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने वाले गॉधी ने इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार में उतारा। अहिंसा परमो धर्मः को ही जीवन में अपनाया। हालांकि भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और महात्मा गाँधी की अंहिसा की धारणाएं अलग-अलग थीं फिर भी वेद, महावीर और बु़द्ध की अहिंसा से महात्मा गाँधी प्रेरित थे।महात्मा गाँधी ने अपने जीवन को भारतीय समाज के लिए समर्पित किया और अपने आदर्शों का पालन करते हुए आजादी के लिए संघर्ष किया। महात्मा गाँधी की शहादत ने यह सिखाने का मौका दिया कि हमें अपने मौलिक सिद्धांतों के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे जैसी भी परिस्थिति हो। उनका संदेश था कि सत्य, अहिंसा और ईमानदारी का पालन करते हुए हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करके एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। महात्मा गॉधी का मानना था कि एक मात्र वस्तु जो हमें पशु से भिन्न करती है वह है अहिंसा। व्यक्ति हिंसक है तो वह पशुवत है। मानव होने या बनने के लिए अहिंसा का भाव होना आवश्यक है। गॉधी जी की सोच थी कि हमारा समाजवाद अथवा साम्यवाद अहिंसा पर आधारित होना चाहिए। जिसमें मालिक, मजदूर एवं जमींदार, किसान के मध्य परस्पर सद्भाव पूर्ण सहयोग हो। निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी। सच्ची अहिंसा मृत्यु शैया पर भी मुस्कराती रहेगी। बहादुरी, निर्भिकता, स्पष्टता, सत्यनिष्ठा इस हद तक बढ़ा लेना कि तीर-तलवार उसके आगे तुच्छ जान पड़ें। यह अहिंसा की साधना है। शरीर की नश्वरता को समझते हुए उसके न रहने का अवसर आने पर विचलित न होना अहिंसा है। उनकी इसी सोच ने महात्मा गॉधी को देश का सबसे ज्यादा प्रभावशाली नेता बना दिया।जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रहों को एक मात्र हथियार बनाकर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी। सामाजिक और राजनीतिक सुधार में उनकी सार्वजनिक भूमिका का परिणाम ऐसा था कि उनके विचारों और आंदोलनों पर अमेरिकी और यूरोपीय समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और रेडियों पर चर्चा होने लगी थी। उनके काम को दुनियाभर के शीर्ष राजनेताओं द्वारा उत्सुकता से अनुसरण किया जाने लगा। जबकि अहिंसा या अहिंसा का दर्शन गॉधी का पर्याय बन गया था। अहिंसा का उनका अभ्यास अन्य धर्मां के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना का विस्तार था। सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें शांति का वैश्विक प्रतीक और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना दिया। अहिंसक विरोध आज गॉधीवादी विरासत की प्राथमिक अभिव्यक्ति है। गॉधी जी के अनुसार अहिंसा केवल एक दर्शन ही नहीं बल्कि कार्य करने की एक बेहतर पद्धति है। मानव के हृदय परिवर्तन का एक साधन है। यही वजह थी कि उन्होंने कभी भी अहिंसा को व्यक्तिक आचरण तक ही सीमित न रखकर उसे मानव जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में लागू किया। उनका मानना था कि सत्य सर्वोच्च कानून है। तो अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है। आत्म-समर्पण और सत्य के माध्यम से ही हम अद्वितीय भारत की ऊँचाइयों को छू सकते हैं। महात्मा गांधी ने दिखाया कि एक व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने मौलिक आदर्शों पर कैसे कड़ाई से अड़े रह सकता है और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।उनकी महानता को समझने का यह एक अद्वितीय अवसर है, जो हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में प्रेरित कर सकता है। क्योंकि सत्य की तरह ही अहिंसा की शक्ति भी कम नहीं है। वह भी असीम है। इसी सोच ने उन्हें सत्य और अहिंसा का पुजारी बना दिया। वे देश ही नहीं दुनिया में अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ बन गए। सत्य, प्रेम और अहिंसा के ऐसे महात्मा को हमारा शत्-शत् नमन्।

गणतंत्र दिवस 2024, जोश और राष्ट्रप्रेम की भावना जगा देंगे देशभक्ति के ये नारे

Republic Day 2024: These patriotic slogans will awaken the feeling of enthusiasm and patriotism बच्चों को गणतंत्र दिवस पर सिखाए आजादी के बाद भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए देश का संविधान आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। तब से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं। इस दिन पूरे देश में जश्न का माहौल होता है। स्कूल-कॉलेज, सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में झंडा रोहण किया जाता है। देशभक्ति के नारे लगाए जाते हैं और भारत की गौरवपूर्ण गाथा को गाकर गर्व महसूस किया जाता है। 26 जनवरी के मौके पर स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें बच्चे प्रतिभाग करते हैंं। वैसे तो गणतंत्र दिवस के लिए स्कूलों में तैयारी पहले से ही शुरू हो जाती है लेकिन अगर आपका बच्चा भी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहा है तो उसे देशभक्ति जगाने वाले जोशीले नारे सिखाएं। सुभाष चंद्र बोस रवीन्द्रनाथ टैगोर बाल गंगाधर तिलक श्यामलाल गुप्त लाल बहादुर शास्त्री बंकिम चंद्र चटर्जी इकबाल बिस्मिल अजीमाबादी आजादी की जंग में शामिल क्रांतिकारियों ने इन्हीं नारों के जरिए भारत को स्वतंत्र कराने के लिए देशवासियों को एकजुट किया था। गणतंत्र दिवस पर बच्चों को जोश से भर देने वाले देशभक्ति के नारे सिखाएं।

बेटियों का जहां सम्मान, वह घर स्वर्ग समान

Where daughters are respected, that home is like heaven. डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) हिंदू परिवार में जब किसी कन्या का जन्म होता है तो अक्सर कहा जाता है, बधाई हो! आपके घर में लक्ष्मी आई है। शास्त्रों में तो यह भी कहा गया है कि बेटी का जन्म पुण्यवान के घर ही होता है। कन्या को न सिर्फ देवी कहा जाता है बल्कि देवी की तरह पूजा भी जाता। लेकिन समाज में ऐसे दानव मौजूद हैं जिनके कारण देवियों के रूप में पूजी जाने वाली बेटियां असुरक्षित हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जानते हैं बालिकाओं की वास्तविक स्थिति और हालात के साथ उनके प्रति होने वाले अपराधों की वास्तविकता। 24 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। महिला बाल विकास मंत्रालय ने पहली बार 2008 में इस दिवस को मनाने की शुरूआत की थी। इस बार 17वां दिवस है। सवाल उठता है कि आखिर 24 जनवरी को ही यह दिवस क्यों मनाया जाता है? तो इसकी एक खास वजह है। इस दिन का नाता देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा है। इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। देश की बेटी के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की उपलब्धि को प्रतिवर्ष याद करने के साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने और जागरूकता लाने के उद्देश्य से 24 जनवरी का दिन महत्वपूर्ण माना गया। बालिकाओं व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से उन्हें बचाने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों व अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।कारण स्पष्ट है कि हर साल 60 हजार सें अधिक बच्चे गायब हो जाते हैं, जिनमें बालिकाओं का प्रतिशत अधिक होता है। देश में बालिकाओं के कुछ जोखिम, उल्लंघन और कमजोरियां हैं। जिनका सामना उन्हें केवल इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि वे लड़की हैं।यही वजह है कि बालिकाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी 19 दिसम्बर 2011 को प्रति वर्ष 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की घोषणा की। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण के उनके अधिकारों को सुनिश्चित करता है।देश में दो-दो बालिका दिवस मनाए जाने और भारत सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी व्यापक प्रचारित योजना के बावजूद भारत में अन्तरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संकल्पों का लक्ष्य करीब नहीं आ पा रहा है।आज भी इंदिरा गॉधी जैसी कुछ भारतीय महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर शक्तिशाली आवाज उठा रही हैं। भारत ने विश्व को कल्पना चावला जैसी अंतरिक्ष यात्री दी हैं। आज भारत की बेटियां न केवल फाइटर प्लेन चला रही हैं बल्कि युद्ध के मोर्चे पर भी तैनात हैं। चन्द्रयान-3 की सफलता में भी भारत की बेटियों का महत्वपूर्ण योगदान है। बावजूद इसके भारतीय समाज में पितृ सत्तात्मक विचारों, मानदंडों, परंपराओं और संरचनाओं के कारण ज्यादातर बालिकाएं अपने कई अधिकारों का पूरी तरह से उपभोग नहीं कर पा रही हैं। लैंगिक भेदभाव, सामाजिक मानदंडों और प्रथाओं के प्रचलन के कारण, बालिकाओं को बाल विवाह, किशोर गर्भावस्था, घरेलू काम, खराब शिक्षा और स्वास्थ्य, यौन शोषण और हिंसा की संभावनाओं का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल लिंगानुपात बढ़कर 1020 कन्या हो गया है। लेकिन यह लैंगिक तरक्की सुविधाभोगी और कथित पढ़े-लिखे जागरूक शहरियों के घरों में नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में हुई है। शहरों में आज भी प्रति हजार बालकों पर बालिकाओं की संख्या 985 ही है। मतलब यह कि शहरों में जहां गर्भावस्था में भ्रूण परीक्षण की सुविधाएं हैं, वहां बालिका भ्रूण अब भी सुरक्षित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में लिंगानुपात संतोषजनक है तो वहां चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यही वजह है नवजात से लेकर पॉंच साल से कम बच्चों की मृत्यु दर अधिक है। इनमें बालिकाओं का प्रतिशत सर्वाधिक है। इसी सर्वेक्षण के मुताबिक अब भी 18 साल से पहले 23 प्रतिशत किशोरों का विवाह हो जाता है जिनमें बालिकाएं ही अधिक होती हैं। बाल विवाह के कारण 15 से लेकर 19 साल उम्र की 6.8 प्रतिशत बेटियां गर्भवती या माताएं पाईं गईं।अपराध की बात करें तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार वर्ष 2022 में कुल 83,350 बच्चे गुम हुए। जिनमें 62,946 बालिकाएं थीं। इन गुमशुदा बालिकाओं में 1,665 का कहीं पता नहीं चला। ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2022 में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 1 लाख 62 हजार 449 मामले दर्ज हुए । जबकि 2021 में 1,49,404 मामले दर्ज हुए थे। एक साल के अंदर यह वृद्धि 8.7 प्रतिशत थी। पॉस्को एक्ट के तहत यौन अपराध के 39.7 प्रतिशत मामले दर्ज हुए। सबसे ज्यादा 20 हजार 762 मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए। राज्य बाल शोषण के मामले में मध्य प्रदेश में 20 हजार 415 अपराध दर्ज हैं, इनका देश में तीसरा नंबर है। महिलाओं के प्रति अपराध में प्रदेश के हालात ठीक नहीं हैं। सन् 2021 में बालिकाओं से बलात्कार के 37 हजार 511 मामले दर्ज हुये थे। जो 2022 में बढ़कर 38 हजार 30 हो गये। यौन हमलों की संख्या में 3.1 प्रतिशत तथा यौन उत्पीड़न में दशमल शून्य 4 की वृद्धि दर्ज की गयी। महिला पहलवानों द्वारा गत वर्ष लगाया गया यौन उत्पीड़न का मामला लोग भूले नहीं होंगे। पहलवानों ने सरकार पर व्यभिचारी को बचाने का आरोप लगाया था। लड़कियों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को राजनीतिक आधार पर माफ करना या उनको बचाना घोर सामाजिक अपराध भी है।इस तरह के आरोप देश के लिए श्राप के समान हैं। हमारा देश तब तक पूरी तरह से विकसित नहीं होगा जब तक कि बालक और बालिकाओं दोनों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने के लिए समान रूप से अवसर नहीं दिये जाते। प्रत्येक बच्चा अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का हकदार है, लेकिन उनके जीवन में और उनकी देखभाल करने वालों के जीवन में लैंगिक असमानताएं इस वास्तविकता में बाधा डालती हैं। शिक्षा, जीवन कौशल, खेल और बहुत कुछ के साथ निवेश करके और उन्हें सशक्त बनाकर लड़कियों के महत्व को बढ़ाना महत्वपूर्ण है।लड़कियों के महत्व में वृद्धि करके हम सामूहिक रूप से विशिष्ट परिणामों की उपलब्धि में योगदान दे सकते हैं, कुछ अल्पकालिक व अन्य मध्यम अवधि जैसे बाल विवाह को समाप्त करना … Read more

भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर हमले के विरोध में MP कांग्रेस का मौन धरना, नेता बोले- ये लोकतंत्र की हत्या

Silent protest of MP Congress in protest against the attack on ‘Bharat Jodo Nyay Yatra’, leader said – this is murder of democracy कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस (Congress) द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh),कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu patwari) और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान सभी ने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी हुई थी.ये धरना करीब 3 घंटे तक चला. ग्वालियर, इंदौर, अशोकनगर से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं. दरअसल कांग्रेस का आरोप है कि असम में राहुल गांधी की न्याय यात्रा पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया है. कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा को भारतीय जनता पार्टी की असम सरकार द्वारा रोकने का प्रयास किया गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी की यात्रा पर हमला कर व्यवधान पैदा किया जा रहा है. दूसरी तरफ ग्लावियर के फूलबाग में भी कांग्रेस विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी धरना दिया. कांग्रेस के विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि ये लोकतांत्रिक देश है और असम में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. इस मौके पर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि कल पूरे देश में लोग मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे लेकिन असम की सरकार राहुल जी को मंदिर में जाने से रोककर अलोकतांत्रिक काम कर रही थी. इसलिए आज हम गांधी जी की प्रतिमा के सामने बैठकर ऐसे लोगों को सदबुद्धि देने की प्रार्थना कर रहे हैं.इसी तरह से इंदौर में भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के नेतृत्व में कांग्रेसनी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. उधर अशोकनगर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय गांधी पार्क पर मौन धरना प्रदर्शन किया गया. इस धरने से पहले अशोकनगर विधायक हरी बाबू राय ने खुद झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की. हरी बाबू राय ने कहा कि जिस प्रकार हमारे नेता राहुल गांधी के प्रति व्यवहार किया जा रहा है वह अशोभनीय है.

खनिज ब्लॉक की नीलामी में MP अव्वल, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन

MP tops in auction of mineral blocks, conference of state mining ministers खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन भोपाल में आयोजित किया गया। यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। भोपाल। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन मंगलवार सुबह शुरू हुआ।केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हैं। इस सम्मेलन में 20 राज्यों के खनिज मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्रदान करने के लिए, खान मंत्रालय एवं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इस मौके पर “माइनिंग एंड बियॉन्ड’’ विषय पर प्रदर्शनी भी कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया, जिला खनिज प्रतिष्ठान सहित देश की प्रमुख खनन कंपनियो, निजी एजेंसियों और स्टार्ट-अप्स द्वारा अपनी उपलब्धियां को प्रदर्शित किया गया है।इस सम्मेलन के दौरान खनन क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। पहली बार यह सम्मेलन सितंबर 2022 में हैदराबाद में आयोजित किया गया था। सीएम मोहन यादव से की मुलाकातइस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार सुबह भोपाल पहुंचे। यहां पर उन्होंने सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम डा. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डा. यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान दोनों के बीच राज्य में कोयला एवं खनन क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्व रोशनी से जगमगा उठी अयोध्या नगरी

Ayodhya city illuminated with lights before Ram Mandir consecration ceremony अयोध्या में दिवाली जैसा माहौल… प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले रोशनी से नहाए राज सदन, पुराने मंदिर अयोध्या ! अयोध्या के पूर्व राजा का भव्य आवास राज सदन, विभिन्न मंदिर और यहां अन्य इमारतें राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर रोशनी से जगमगा उठी है, जिससे इस मंदिर नगरी में दिवाली उत्सव जैसा माहौल बन गया है। प्राचीन ‘अयोध्या नगरी’ को आकर्षक ढंग से सजाया गया है खासतौर से राम पथ और धर्म पथ की साज-सज्जा देखने लायक है। अयोध्या की गलियों में ‘राम आएंगे’ और ‘अवध में राम आए हैं” जैसी गीतों की गूंज सुनायी दे रही है और मंदिर शहर की इमारतें भगवा ध्वज से पटी पड़ी हैं।‘प्राण प्रतिष्ठा’ के दिन शहर में चकाचौंध रहने की उम्मीद है क्योंकि कई मकान, मंदिर और अन्य इमारतें रोशनी से नहायी हैं। अयोध्या के शाही परिवार का घर रहा राज सदन रोशनी से जगमग है। सैकड़ों लोग, स्थानीय निवासी और दर्शक शनिवार देर रात तक इसके सुशोभित द्वार ‘लक्ष्मीद्वार’ के सामने तस्वीरें या सेल्फी लेने के लिए उमड़ पड़े। प्रवेश द्वार के शीर्ष पर भगवान राम की धनुष और बाण लिए तस्वीर लगायी गयी है और ‘जय श्री राम’ के नारे गूंज रहे। प्रवेश द्वार के मेहराब के नीचे एक झूमर लगाया गया है। यह साज-सज्जा नजदीकी राम पथ से गुजरने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। अयोध्या में 22 जनवरी को दिवाली उत्सव या संभवतः उससे बड़े पैमाने पर उत्सव मनाएँ जाने की उम्मीद है। बेगमपुरा इलाके में कई महीनों पहले खुला लॉज प्रभाराज पैलेस शुक्रवार रात को रोशनी से जगमग हो उठा। अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे।

कूनो में चीते की मौत नामीबिया से लाए एक और चीते ने तोड़ा दम

भोपाल। मॉनीटरिंग टीम को चीता शौर्य अचेत अवस्था में मिला था। कूनो में अब तक दस चीतों की मौत हो चुकी है, इनमें सात चीते और तीन शावक शामिल हैं। लॉयन प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने बताया कि आज करीब सवा तीन बजे चीता शौर्य की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का खुलासा होगा। अब तक 7 चीते और 3 शावक की मौत कूनो में अब तक चीते और शावक को मिलाकर यह 10वीं मौत है। इनमें 7 चीते और 3 शावक हैं। प्रोजेक्ट चीता में सितंबर 2022 में आठ चीतों को नामीबिया से लाया गया था। इसके बाद फरवरी 2023 में 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। नामीबिया से लाया गया चीता शौर्य अपने सगे भाई गौरव के साथ आया था। दोनों हमेशा एकसाथ रहते थे, साथ शिकार करते थे। कुछ समय पहने दोनों की अग्नि और वायु चीते से भिड़ंत हुई थी। वे दोनों भी सगे भाई थे। इसमें अग्नि चीता गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बार चीतों को बाड़े में बंद कर दिया था। + कब-कैसे हुई चीतों की मौत… 26 मार्च 2023: साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत  नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत हो गई। वन विभाग ने बताया कि 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में साशा का ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें क्रियेटिनिन का स्तर 400 से ज्यादा था। इससे ये पुष्टि होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत में लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई। 27 मार्च : ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया साशा की मौत के अगले ही दिन मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया। ज्वाला को नामीबिया से यहां लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में इन शावकों को मिलाकर चीतों की कुल संख्या 23 हो  गई। 23 अप्रैल : उदय की दिल के दौरे से मौत साउथ अफ्रीका से लाए गए चीते उदय की मौत हो गई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि उदय की मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने से हुई। मध्यप्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि हृदय धमनी में रक्त संचार रुकने के कारण चीते क्की मौत हुई। यह भी एक प्रकार का हार्ट अटैक है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 22 रह गई।  9 मई : दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। जेएस चौहान ने बताया कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरेक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 21 रह गई। 23 मई : ज्वाला के एक शावक की मौत मादा चीते ज्वाला के एक शावक की मौत हो गई। जिएस चौहान ने बताया कि ये शावक जंगली 31 परिस्थितियों में रह रहे थे। 23 मई को श्योपुर में भीषण गर्मी थी। तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर गर्म हवा और लू चलती रही। ऐसे में ज्यादा गर्मी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी इनकी मौत की वजह हो सकती है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 20 रह गई। 25 मई : ज्वाला के दो और शावकों की मौत पहले शावक की मौत के बाद तीन अन्य को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया था। इनमें से दो और शावकों की मौत हो गई। अधिक तापमान होने और लू के चलते इनकी तबीयत खराब होने की बात आमने सामने आई थी। इसके बाद कूनो में एक शावक सहित 18 चीते बचे। 11 : मेल चीता तेजस की मौत चीते तेजस की गर्दन पर घाव था, जिसे देखकर अनुमान लगाया गया कि चीतों के आपसी संघर्ष में उसकी जान गई है। इस मौत के बाद कूनो में 17 चीते बचे थे। 14 जुलाई : मेल चीता सूरज की मौत चीते सूरज की गर्दन पर भी घाव मिला। कूनो प्रबंधन का अनुमान है कि चीतों के आपसी संघर्ष में ही सूरज की जान गई है। इससे नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 16 रह गई थी। 2 अगस्त : मादा चीता धात्री की मौत कूनो परिसर में ही मादा चीता धात्री का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम में इंफेक्शन से मौत की वजह सामने आई थी। धात्री की मौत होने के बाद चीतों की संख्या 15 रह गई थी। 03 जनवरी : आशा ने तीन शावक जन्मे इसी साल 03 जनवरी को श्योपुर जिले के कूनो बेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी आई। मादा चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। कूनो में अब 4 शावक समेत कुल 18 चीते हो गए थे। नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता आशा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नाम दिया था।  16 जनवरी 2024: नर चीते शौर्य की मौत नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क लाए गए नर चीते शौर्य ने दम तोड़ा। अब यहां 4 शावक समेत 17 चीते बचे हैं।

अमर बलिदानी वीरांगना आदिवासी वीरबाला शहीद बिन्दु कुमरे

Immortal Martyr Heroine Tribal Veerbala Martyr Bindu Kumre पूर्व कलेक्टर डॉ श्याम सिंह कुमरे (IAS) की बहन शहीद बिंदु कुमरे का बलिदान दिवस बरघाट में गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा लेखक- डाँ. श्यामसिंह कुमरे हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) भारत संघ का प्रमुख केन्द्रीय पुलिस बल है। यह सबसे पुराना केन्द्रीय अर्ध्द सैनिक बल (अब केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रूप में जानते है) में से एक है, जिसे 1939 में क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस के रूप में गठित किया गया था। क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस द्वारा भारत की तत्कालीन रियासतों में आंदोलनों व राजनीतिक अशांति तथा साम्राज्यिक नीति के रूप में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहायता की। हमारे देश की स्वतंत्रता के बाद 28 दिसम्बर 1949 को संसद के एक अधिनियम द्वारा इस बल का नाम केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल दिया गया था। तत्कालीन गृहमंत्री मा. सरदार वल्लभ भाई पटेल ने नव स्वतंत्र राष्ट्र की बदलती आवश्‍यकताओं के अनुरूप इस बल के लिए एक बहुआयामी भूमिका की कल्पना की थी। भारत संघ में रियासतों के एकीकरण के दौरान बल ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पाकिस्तानी घुसपैठियों और पाकिस्तानी सेना द्वारा शुरू किए गए हमलों के बाद इस बल को जम्मू-कश्‍मीर की पाकिस्तानी सीमा पर तैनात किया गया था। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की जाँबाज अमर शहीद बिन्दु कुमरे का नाम जिला-सिवनी एवं उसके आसपास के जिलों के युवाओं विशेषकर महिलाओं एवं युवतियों में देश प्रेम की भावना की अलख जगाता है। अमर शहीद बिन्दु कुमरे के बलिदान का स्मरण कर क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति का मस्तक गर्व से ऊंचा उठ जाता है।88 वीं वाहिनी के केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में पदस्थ अमर शहीद बिन्दु कुमरे को जम्मू एवं कश्‍मीर में पाकिस्तानी मुस्लिम आतंकवादियों जैश-ए-मोहम्मद का सफाया करने हेतु, उनके अदम्य साहस, वीरता, बहादुरी एवं कुशल योग्यता को दृष्टिगत रखते हुये तैनात किया गया था।ग्राम जावरकाठी जो कि जनजाति बाहुल्य ग्राम है। इस ग्राम में गणेश उत्सव में गणेश जी व शारदीय नवरात्रि में दुर्गा देवी जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करने की पुरानी परंपरा है। ग्राम जावरकाठी की रामायण मंडली प्रदेश में प्रसिध्द रही है तथा वर्ष 1956 में भोपाल में इस ग्राम की रामायण मंडली को पुरूष्‍कार प्राप्त हुआ था। देश की प्रथम महिला अमर शहीद वीरांगना बाला बिन्दु कुमरे का जन्म 07 अप्रैल 1970 को सिवनी जिला, बरघाट, मध्यप्रदेश के एक छोटे से ग्राम जावरकाठी बरघाट निवासी प्रतिष्ठित मालगुजार अनुसूचित जनजाति परिवार में हुआ था। माता श्रीमति गिंदिया जी-पिता स्व. श्री शिवनाथ जी (पटेल), दादी स्व.श्रीमति झिकिया जी, ताऊ स्व.श्री पन्नालाल जी, श्री धन्नालाल जी कुमरे (ग्राम-पटेल), ताई स्व.श्रीमति रूपा माय, स्व.श्रीमति सुहागा माय, श्रीमति फूलवती माँ, बडे भाई बैजनाथ, रामेश्‍वर, मेनसिंग, श्यामसिंह, सुजानसिंह, बिहारीलाल, शरदसिंह, बड़ी बहन बैजन्ती, जसवन्ती, पदमा, शिवरी, किरण, मंजू, सुधा के स्नेह एवं वात्सल्य में इनका बचपन बीता । इनकी प्राथमिक शिक्षा ग्राम-जावरकाठी, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा बरघाट में हुई, कुछ वर्षो के लिए विद्या अध्ययन हेतु अपनी बड़ी बहन बैजन्ती-लालसिंह जी के साथ राजनांदगांव में भी रही। बाल्यकाल से ही तैरना, निशानेबाजी, साइकिल एवं दो पहिया वाहन चलाने में बड़ी रूचि रखती थी। वे कुशाग्र बुध्दि की धनी थी व बहुत ही साहसी, देश प्रेमी, राष्ट्रवादी व अपनी भारतीय परम्परा, संस्कृति, सभ्यता और धर्म का गर्व से कठोरता पूर्वक पालन करने वाली थी। ग्राम-जावरकाठी स्थित कुलदेवी के दर्शन करने के पश्चात ही अपना कार्य प्रारंभ करती थी। चैत्र नवरात्री एवं शारदीय नवरात्री में बाल्यकाल से ही वृत रखती थी, साथ ही बडे़ देव की पूजा भी करती थी। वर्ष में दो बार नवा खाने के कार्यक्रम में विशेष रूप से भाग लेती थी। भारतीय सभ्यता, परम्परा, संस्कृति पर गर्व करती थी। देश-भक्ति के गीत गुनगुनाया करती थी। किन्ही भी विषम परिस्थितियों में अपने उद्देश्‍य से पीछे हटती नहीं थी। अपने उद्देश्‍य को पूर्ण करने हेतु बहुत ही जिद्दी थीं, उनमें राष्ट्रवाद का जुनून था। हमारे देश में पाकिस्तानी मुस्लिम आंतकवादियों से बदला लेने सेना में भर्ती होने का संकल्प बचपन से ही ले ली थी। इसलिये अवसर मिलते ही पैरा मिलिट्री फोर्स में भर्ती होने का अदम्य साहस दिखाया। के.रि.पु. बल में चयन के पश्चात अमर शहीद बिन्दु कुमरे ने आजीवन अविवाहित रहकर देश की रक्षा करने का संकल्प लिया था। वे चाहती तो ग्राम की अन्य बहन-बेटियों की तरह शिक्षक बनकर सामान्य जीवन जीने के रास्ते का चुनाव कर सकती थी किन्तु उनकी आत्मा में बसी राष्ट्रवाद, देशप्रेम की भावना ने व भारतीय भाई-बहनों का पाकिस्तानी मुस्लिम आतंकवादियों द्वारा किये जा रहे नरसंहार की घटनाओं ने उन्हे सी.आर.पी.एफ. में भर्ती होने का साहस एवं प्ररेणा दी। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के कुछ पुरूषकर्मी हिम्मत हारकर सेवा छोड़कर घर वापस आ गये थे लेकिन अमर शहीद बिन्दु कुमरे अपने कर्तव्यों की बेदी पर शहीद होने तक मोर्चे पर डटी रहीं। देश की प्रथम महिला शहीद (सी.आर.पी.एफ.) होने का गौरव अमर शहीद वीरांगना जनजाति बाला बिन्दु कुमरे को प्राप्त हुआ है। बल संख्या 971351827 अमर शहीद बिन्दु कुमरे, वर्ष 1997 में रिजर्व पुलिस बल में सि./जी.डी. के पद पर भर्ती हुई थी। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 88वीं बटालियन में पदस्थ अमर शहीद बिन्दु कुमरे की श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनाती के दौरान दिनांक 16 जनवरी 2001 को लष्कर-ए-तोयेबा के 6 फिदायीन पाकिस्तानी मुस्लिम आत्मघाती आतंकवादीयों ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर अचानक हमला कर दिया। सभी 6 फिदायीन पाकिस्तानी मुस्लिम आत्मघाती आतंकवादी भारतीय सेना की वर्दी में थे इसलिए उन्हें पहचानने में कुछ विलम्ब हुआ एवं लगभग 2.45 बजे हवाई अड्डे के प्रथम प्रवेश मार्ग जो कि टर्मिनल बिल्डिंग से करीब 2 कि.मी. दूर स्थित है के पास पहुचने में आतंकवादी सफल हो गये, जहां अमर शहीद बिन्दु कुमरे सहित वहां पर तैनात सी.आर.पी.एफ. के जवानों ने पाकिस्तानी मुस्लिम आत्मघाती आतंकवादियों को वहां पर रोका व ललकारा। लश्‍कर-ए-तोयेबा के 6 आत्मघाती फिदायीन पाकिस्तानी मुस्लिम आतंकवादियों ने अमर शहीद बिन्दु कुमरे सहित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के वहां पर तैनात जवानों पर ग्रेनेड से हमला किया। 06 फिदायीन पाकिस्तानी मुस्लिम आत्मघाती आतंकवादियों व अमर शहीद बिन्दु कुमरे सहित के.रि.पु. बल के जावनों के बीच करीब 3 घंटे से भी अधिक समय तक मुठभेड़ चली। अमर शहीद बिन्दु कुमरे ने अपने अदम्य साहस व वीरता के साथ देश हित में अपनी जान की … Read more

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी , “नल जल योजना” पर भ्रष्टाचारियों ने लगाया ग्रहण , अफसरो,विधायको से लेकर मंत्री तक बंटता है कमीशन

Prime Minister’s ambitious “Tap Water Scheme” has been eclipsed by the corrupt, commission is distributed from officers, MLAs to ministers. विशेष संवादाता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ,” नल जल योजना ” जिसके माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार के घर में नल से जल पहुंचने का कार्य किया जा रहा है । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की इस , नल जल योजना को , पब्लिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब इंजीनियर एसडीओ से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव इसमे कमिशन के रूप मे भारी कमाई कर रहे हैं । सरकार के नेता तक इस योजना में भ्रष्टाचार कर के पलीता लगाने में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 52 अब 55 जिलों में इस योजना को पूरा किया जाना है । प्रत्येक जिले में 200 करोड़ से 350 करोड रुपए तक का बजट है ।इस बजट को बंदर बांट की तरह बांटने में अधिकारी और कर्मचारी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं ।वर्तमान समय में विभाग के‌ प्रमुख सचिव संजय शुक्ला है, जो पिछले लगभग डेढ़ 2 सालों से पदस्थ हैं । इससे पहले भी संजय शुक्ला इस पद पर रह चुके हैं । जिसके कारण उन्हें इस विभाग के एसडीओ से लेकर चीफ इंजीनियर व ईएनसी की समस्त जानकारी है । “नल जल योजना ” में बड़ी मात्रा में सामान की सप्लाई का काम किया जाता है । बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां सप्लाई का काम विभाग में करती हैं, सूत्रों की माने तो पी एस ऐसे बड़े ठेकेदारों को डायरेक्ट बुलाकर उनसे बात करते हैं । जाति विशेष अधिकारी पर प्रमुख सचिव संजय शुक्ला का संरक्षण,12 वर्षो से जमे है राजधानी में शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संजय शुक्ला ने अपने सजातीय अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रखा था। मध्य प्रदेश के इस विभाग के एक अधिकारी, जो भोपाल राजधानी में पिछले 12 सालों से एक ही विभाग में पदस्थ हैं उन्हें हटाने के लिए विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखे लेकिन संजय शुक्ला ने अपने सजातिय अधिकारी को वहां से नहीं हटाया और मुख्यमंत्री और मंत्री की नोट सीटों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया ।मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है ,शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं ।जाहिर संजय शुक्ला डॉक्टर मोहन यादव को भी अपने जाल में फंसने का पूरा प्रयास करेंगे और इस मलाईदार पद पर बने रहने की कोशिश करेंगे अपने हथकंडे अपना कर‌ पी एस शुक्ला विभागीय मंत्री को भी दरकिनार कर देते हैं और मन माने तरीके से खुद तो काम करते ही हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी करवाते हैं मध्य प्रदेश में , “जल जीवन योजना “को पूरी तरह से पलीता लगाने का काम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर जारी है। यदि इसी तरह इस विभाग में “नल जल योजना ” को ठिकाने लगाने में यह अधिकारी और कर्मचारी लग रहे हैं ,तो निश्चित ही इस नल जल योजना का लाभ मध्यप्रदेश के गरीब जनता को नहीं मिल पाएगा और इसका ठीकरा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सिर पर फोड़ दिया जाएगा । मलाई अधिकारी~कर्मचारी खा जाएंगे ।यदि अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा इस तरह से योजना के पैसे का बंदरबाट किया जाएगा तो, इस योजना का कार्य गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया जा सकता जहां तक इस योजना का सवाल है ,देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहेंगे कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक आम गरीब जनता तक पहुंचे । जिस उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लागू किया है उसे योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे यदि यह लाभ आम नागरिक तक नहीं पहुंचता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर कर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाने चाहिए । विधायक व सांसदो तक जाता था कमिशन एक तरफ अधिकारी कर्मचारी इस काम में सप्लाई से लेकर काम करने वाले हर मामले में मोटी रकम कमीशन के रूप में ले रहे हैं,तो वहीं दूसरी तरफ सूत्रों पर भरोसा करें तो बड़े-बड़े ठेकेदार जो इस योजना में कार्य कर रहे हैं , उनसे स्थानीय विधायक से लेकर संसद तक चंदे के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं । विभाग का कमीशन सांसदों और विधायकों को दिए जाने वाला पैसा अगर इसी तरह बटता रहेगा तो इस योजना में संबंधित ठेकेदार योजना को पूरा गुणवत्ता के साथ कैसे कर पाएगा यह सोचने वाली बात है। मामले की जाचं हो मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और नल जल योजना की निष्पक्ष अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और जो लोग भी इसमें दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नल जल योजना को यह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाए बिना नहीं रहेंगे और ठीक रहा मध्य प्रदेश के योग्य शिक्षित योग्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सर पर फोड़ दिया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते प्रमुख सचिव शुक्ला विभाग में पदस्थ पी.एस . संजय शुक्ला की अपने विभाग में कितनी पकड़ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि वह अपने विभाग में सजातिय अधीनस्थ अधिकारियों की कितनी मदद करते हैं उनकी मदद करने के लिए यह अधिकारी अपने विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक की नोटशीट को रद्दी की टोकरी में डालकर उनके आदेशों की सरेआम अवेलना करते हैं । मुख्यमंत्री व मंत्री से जनता की आस अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए हैं शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए हैं और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की जगह अब सम्पतिया उईके बन गई हैं ।अब देखना यह होगा कि यह अधिकारी मुख्यमंत्री और अपने विभागीय मंत्री को ,अपनी गिरफ्त में लेने में सफल हो जाते हैं या मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे मनमाने तरीके से और जातिवाद के आधार पर भ्रष्टाचार के आधार पर कार्य करने वाले अधिकारी की विभाग से विदाई करते हैं ।

दुनिया में धाक जमाती हिंदी

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी महज एक भाषा नहीं बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की संस्कृति, सभ्यता, साहित्य और इतिहास को बयां करती है और उन्हें एकता के सूत्र में बांधती है। हिंदी भारतीयों के मान, सम्मान और स्वाभिमान की भाषा है। हिंदी भाषा ही नहीं यह भावों की अभिव्यक्ति है। हिंदी मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी हमारा ईमान है और हिंदी हमारी पहचान है। हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची परिचायक भी है। आइए जानते हैं विश्व हिंदी दिवस पर विश्व में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और उसका महत्व। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) 10 जनवरी को पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह बेहद गर्व की बात है। बहुल सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है। जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हिंदी भाषा वक्ताओं की ताकत है, लेखकों का अभिमान है। करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के साथ ही हमारी आन-बान, शान और अभिमान है। हिंदी को राष्ट्र की अस्मिता और प्रणम्य का प्रतीक माना जाता है। इसके हर शब्द में गंगा जैसी पावनता और गगन सी व्यापकता है। समुद्र सी गहराई और हिमालय सी ऊंचाई है, जो इसे महान बनाती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया विश्व हिंदी दिवस मना रही है।यदि हम हिंदी भाषा के विकास की बात करें तो यह कहना मुनासिब होगा कि पिछली शताब्दी मेंं हिंदी का तेजी से विकास हुआ है और दिनों-दिन इसका प्रभाव बढ़ रहा है। हिंदी का करीब एक हजार वर्ष पुराना इतिहास है। संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, जिसे देवभाषा भी कहा जाता है। माना जाता है कि हिंदी का जन्म भी संस्कृत से हुआ है। ज्यादातर शब्द संस्कृत, अरबी और फारसी भाषा से लिए गए हैं। यह मुख्य रूप से आर्यों और पारसियों की देन है। इस कारण हिन्दी अपने आप में एक समर्थ भाषा है।भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, बावजूद इसके हिंदी सबसे ज्यादा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। इसीलिए हिंदी भारत की सबसे प्रमुख भाषा है। 26 जनवरी 1950 को संसद के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को प्राथमिक भाषा माना गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर विदेशी धरती पर मातृभाषा का मान बढ़ाया। हिन्दी के जहां अंग्रेजी में मात्र 10 हजार मूल शब्द हैं। वहीं हिन्दी के मूल शब्दों की संख्या 2 लाख 50 हजार से भी अधिक है। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ हमारी राजभाषा भी है। हिन्दी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिन्दी की यह स्थिति हिन्दी भाषियों और हिन्दी समाज की देन है, हमें अहसास होना चाहिये कि हिन्दी दुनिया की किसी भी भाषा से कमजोर नहीं है। हिंदी भाषा के इतिहास पर पुस्तक लिखने वाला कोई हिंदुस्तानी नहीं बल्कि फ्रांसीसी लेखक ग्रेसिम द टैसी था। हिंदी के बढ़ते प्रभाव के कारण ही ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में अच्छा और सूर्य नमस्कार जैसे कई हिंदी शब्दों को शामिल किया गया है।हिंदी का वर्चस्व बढ़ाने के लिए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से इसकी वर्षगांठ के उपलक्ष में हर साल मनाया जाता है। आज दुनियाभर में अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी तीसरे नंबर की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सर्वे एजेंसी स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में 43. 63 प्रतिशत लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं।भारत के अलावा फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिनाद, टोबैगो, गुयाना, नेपाल, तिब्बत और पाकिस्तान में हिंदी बोली जाती है। इसके चलते इंटरनेट की दुनिया में अब हिंदी का वर्चस्व बढ़ रहा है।यही कारण है कि हिंदी आज दुनिया भर में इंटरनेट की पसंदीदा भाषा बन रही है। प्रति वर्ष 94 फीसदी हिंदी भाषी जुड़ रहे हैं, जबकि अंग्रेजी के महज 17 प्रतिशत हैं। गूगल-केपीएमजी रिसर्च, सेंसस इंडिया और आईआरएस की सर्वे रिपोर्ट को मानें तो आने वाले साल में हिन्दी में इंटरनेट उपयोग करने वाले अंग्रेजी वालों से ज्यादा हो जाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक 34 करोड़ लोग हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। हिंदी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने अपना एप हिन्दी में लॉन्च किया। ओएलएक्स, फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न कंपनियों के प्लेटफॉर्म पहले ही हिन्दी में उपलब्ध हैं। स्नैपडील भी हिन्दी में आ चुका है। 2023 तक 16.1 करोड़ लोगों ने डिजिटल पेमेंट के लिए हिन्दी का उपयोग किया। जबकि 2016 में यह संख्या 2.2 करोड़ थी। 2016 में डिजिटल माध्यम में हिन्दी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी। जो 2023 में बढ़कर 24.4 करोड़ तक हो गई।इसी को दृष्टिगत रखते हुए इस बार हिंदी दिवस मनाने की थीम “ हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता“ रखी गई है।विदेशों में हिंदी जनमानस के दिलो दिमाग पर अपनी छाप छोड़ रही है। लंदन में हिंदी पढ़ाई जा रही है। जर्मन में ऐसे स्कूल और गुरुकुल हैं जहां बच्चों को हिंदी के साथ ही संस्कृत भी पढ़ाई जाती है। क्योंकि हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह दुनिया की प्राचीन समृद्ध और सबसे सरल भाषा है। वर्तमान में दुनियाभर के करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं और लिखते भी हैं। कह सकते हैं कि दुनिया के भाल पर चंदन की भांति चमकने वाली हिंदी अपनी धाक जमा रही है।

हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों द्वारा चक्का जाम हड़ताल

Chakka jam strike by drivers in protest against hit and run law केंद्र सरकार के तीन कृषि काले कानून के बाद हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों द्वारा चक्का जाम हड़ताल दिनेश राज शर्मा जबलपुर ! केंद्र सरकार ने तीन कृषि काले कानून के बाद हिट एंड रन कानून के विरोध में गाड़ी चलाको, ड्राइवरों ने चक्का जाम कर हड़ताल पर बाघ्य हुए सरकार ने बिना सोचे समझे मोटर कानून में बदलाव करके चालक से एक्सीडेंट होने पर 10 साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना का प्रावधान किया जाना पूर्णतःगलत है कोई भी ड्राइवर या गाड़ी चालक जानबूझकर एक्सीडेंट नहीं करता जब गाड़ी का मालिक गाड़ी का इंश्योरेंस कराकर हर साल 25 से ₹30000 इसलिए चुकता है, कि रिस्क कवर हो गाड़ी का इंश्योरेंस है तो ड्राइवर से 5 लाख का जुर्माना लेने का प्रावधान क्यों किया गया?कांग्रेस पूर्व प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने जो इंश्योरेंस कंपनियों का प्राइवेटीकरण किया है उसको फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से एक तरफा कानून में बदलाव कर गाड़ी मालिक और ड्राइवर का गाड़ी का चक्का जाम के लिए मजबूर किया।कांग्रेस नेता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि सोशल मीडिया पर ट्रक ड्राइवर एवं बस चालक सोशल मीडिया पर हड़ताल पर जाने की विगत कई दिनों से चेतावनी दे रहे थे उसके बावजूद शासन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। और आम जनता को पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कमी से जूझने के लिए मजबूर कर दिया। अभी तो शुरुआत है शासन प्रशासन से मांग है कि ड्राइवर की मांगों पर तत्काल ध्यान दें । और आम जनता को राहत पहुचाने आवश्यक कदम शीघ्र उठाये।

देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार

Corona infection once again gained momentum in the country देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में 636 नए मामले, जेएन.1 के मरीज 200 पार स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में केरल में दो और तमिलनाडु में एक मरीज की संक्रमण से मौत हो गई। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी। देश में कोरोना संक्रमण के 636 नए मामले सामने आए हैं, जिससे उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,394 हो गई है। साथ ही नए उपस्वरूप जेएन.1 के 37 नए मामले मिलने के बाद इसके मरीजों की संख्या 200 पार कर गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में केरल में दो और तमिलनाडु में एक मरीज की संक्रमण से मौत हो गई। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी, लेकिन ठंड और वायरस के नए उपस्वरूप के कारण मामलों में तेजी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब तक संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक हो गई है। किस राज्य में कितने जेएन.1 वैरिएंट के मामलेजेएन.1 वैरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या बताने के लिए INSACOG ने राज्यवार आंकड़े भी जारी किए। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक केरल (83), गोवा (51), गुजरात (34), कर्नाटक (आठ), महाराष्ट्र (सात), राजस्थान (पांच), तमिलनाडु (चार), तेलंगाना (दो) ओडिशा (एक) और दिल्ली में एक मामला रिपोर्ट किया गया है। राज्यों को निगरानी बढ़ाने का निर्देशWHO के मुताबिक कोरोना वायरस के जेएन.1 सब-वैरिएंट को पहले बीए.2.86 का प्रकार माना गया। हालांकि, बीते कुछ हफ्तों में 40 से अधिक देशों में JN.1 मामले सामने आ चुके हैं। तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा है।

हिट एंड रन कानून के विरोध में मध्य प्रदेश में सड़कों पर उतरे चालक

यात्री परेशान, पेट्रोल की किल्लत शुरू पेट्रोल टैंकर चालक भी रविवार से हड़ताल पर हैं कई पंपों पर शुरू हुई किल्लत। रोजना सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा। हिट एंड रन के नए कानून को वापस लेने की मांग। केंद्र सरकार द्रारा लाये जा रहे हिट एंड रन के नए कानून को लेकर ड्राइवरों में रोष व्याप्त है। मध्य प्रदेश में चालक इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। पेट्रोल टैंकर चालकों की हड़ताल के बाद सोमवार को नादरा बस स्टैंड चौराहे पर बस ड्राइवरों ने चक्का जाम कर चौराहा जाम कर दिया। चौराहे पर वाहनों को खड़ा कर दिया गया। इससे चौराहा से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। ड्राइवर इस कानून को लाने का विरोध कर रहे हैं। इसमें में एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रविधान किया गया है। आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी 2 जनवरी को बैठक बुलाई। ड्राइवरों की हड़ताल का कर सकते हैं समर्थन। ड्राइवरों की तीन दीनी हड़ताल से ट्रक और बसों के थमे पहिए। जरूरी सामान की भी किल्लत हो सकती है। मध्यप्रदेश के इन जिलों में जारी है हड़तालखंडवा- यहां नए कानून के विरोध में ड्राइवर सड़क पर उतर आए हैं। खंडवा के धर्मकांटा क्षेत्र में कर रहे ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया है। इस हड़ताल में बस, ऑटो और लोडिंग वाहन चालक भी शामिल हैं। इसके अलावा खंडवा के पुनासा में संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के अफसरों को खुद ही अपनी गाड़ी चलाकर ऑफिस पहुंचना पड़ रहा है। देवास- देवास में भी ड्राइवरो की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। यहां बायपास चौराहे पर ड्राइवरों ने जाम लगा दिया है। इससे इंदौर-देवास मार्ग जाम हो गया है। भोपाल- राजधानी भोपाल में भी ट्रक हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। करोंद मंडी रोड पर ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया है। उज्जैन- साल के पहले दिन उज्जैन में भी ट्रक चालकों की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। शहर में ट्रक और बस के पहिए थम गए हैं। नरसिंहपुर- नरसिंहपुर जिले में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। हड़ताल के चलते जिले में डीजल-पेट्रोल की किल्लत हो गई है। हिट एंड रन के नए प्रस्तावित कानून को लेकर भारी वाहन चालकों में आक्रोश है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। नए कानून को लेकर ट्रक ड्राइवर हड़ताल कर रहे हैं। रविवार को पेट्रोल डीजल के टैंकरों के ड्राइवर ने विरोध स्वरूप अपना आंदोलन शुरू कर दिया। जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की किल्लत शुरू हो गई है

पांच हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश

Recommendation for appointment of Chief Justices in five High Courts, Collegium suggested names of these judges. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नाम की सिफारिश की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट समेत पांच उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नामों की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में जस्टिस संजीव खन्ना और बीआर गवई सदस्य हैं। जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो गया था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। एक प्रस्ताव में कहा गया है कि मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के नाम पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (जो उनका मूल उच्च न्यायालय है) का देश के उच्च न्यायालयों में कोई मुख्य न्यायाधीश नहीं है। 27 दिसंबर को जारी प्रस्ताव में न्यायमूर्ति नागू के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि वह एक योग्य न्यायाधीश हैं और उनमें उच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के लिए जरूरी उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा और आचरण है। न्यायमूर्ति नागू के नाम की अनुशंसा करते समय कॉलेजियम इस तथ्य पर विचार किया कि न्यायमूर्ति शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए सभी मानकों पर फिट और उपयुक्त हैं। न्यायमूर्ति बिश्नोई की अनुशंसा के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि उन्होंने बार और बेंच में पेशेवर नैतिकता का उच्च स्तर बनाए रखा है और उनका आचरण और सत्यनिष्ठा पर कोई दाग नहीं है। कॉलेजियम ने कहा कि न्यायमूर्ति भंसाली ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्याय देने का व्यापक अनुभव हासिल किया है।

योगी की राह पर मोहन

Mohan on the path of Yogiफैसलों मे दिख रहा है आत्मविश्वास. उदित नारायण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसलों मे उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि नजर आने लगी है ! गुना बस हादसे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक कड़े फैसले मे उन्होंने तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री और कलेक्टर तरुण राठी का तबादला करते हुए यह साफ सन्देश देने का प्रयास किया है कि प्रदेश मे अब कोई भी प्रशासनिक लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी ! एक तरफ जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री बनते ही बुलडोज़र कार्यवाही को अंजाम दिलाया हो या धान खरीदी तथा तेंदुपत्ता खरीदी का मूल्य सुनिश्चित करना हो, या गुना हादसे पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्यवाही हो इन सभी फैसलों मे मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास, और कड़े फैसले की झलक दिखाई देती है मुख्यमंत्री के ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूर्ण करने का एक मजबूत कदम है..

कोरोना के JN.1 वेरिएंट ने भारत में मचाया कोहराम, 24 घंटे में 5 लोगों की मौत, 529 नए मामले

The JN.1 variant of the coronavirus has caused havoc in India, with 5 deaths and 529 new cases reported in the last 24 hours. नई दिल्ली ! भारत में कोरोना के नए वेरिएंट JN.I ने कोहराम मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 24 घंटे के भीतर 529 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 5 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में भी JN.1 का पहला मामला सामने आया है। भारत में कोरोना के नए वेरिएंट JN.I ने कोहराम मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 24 घंटे के भीतर कोविड के 529 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 5 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में भी JN.1 का पहला मामला सामने आया है। दरअसल, JN.] वेरिएंट दिल्ली से लेकर भारत के 9 राज्यों में फैला हुआ है। वहीं महाराष्ट्र में तीन महीने में पहली बार कोविड-19 से मौत की खबर सामने आई है। वहीं 4,093 मरीज इलाज करा रहे है। रिपोर्ट के अनुसार JN.1 वेरिएंट गुजरात, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और दिल्ली जैसे राज्यों में पाया गया है। एक्सपर्ट के अनुसार, JN.1 के लक्षण हल्के हैं। इसलिए मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, JN.1 वेरिएंट में म्यूटेशन होता है। 24 घंटे में सामने आए 529 नए मामले स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 24 घंटों में कोविड-19 के 529 मामले और 5 मौतें दर्ज की गईं हैं। वहीं कोविड का JN.] वेरिएंट का पहला केस 8 दिसंबर को केरल में पाया गया था। इसके बाद यह 9 राज्यों में फैल गया। इसके साथ ही नई दिल्ली में JN.1 वेरिएंट का पहला मामला मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत में बुधवार सुबह 8 बजे तक 24 घंटे में 529 नए मामले दर्ज किए गए। अब तक कोविड के कारण 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बुधवार को 87 मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, देश में अब तक JN.1 के कुल 110 मामलों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में JN.1 के सबसे अधिक 36 मामले हैं। इसके बाद कर्नाटक में 34, गोवा में 14, महाराष्ट्र में 9, केरल में 6, राजस्थान में 4, तमिलनाडु में 4, तेलंगाना में 2 और दिल्ली में एक मामले सामने आए है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मामले बढ़ रहे हैं लेकिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ रही है क्योंकि अधिकतर मामलों में हल्के लक्षण है।

राहुल गांधी करेंगे ‘भारत न्याय यात्रा’, मणिपुर से 14 जनवरी से होगी शुरुआत, 6200 KM का होगा पूरा सफर

Rahul Gandhi will undertake the ‘Bharat Nyay Yatra’ starting from January 14th, beginning from Manipur. The entire journey will cover a distance of 6200 kilometers. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पहले ही पूरी कर चुके हैं. इस यात्रा में उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक का सफर तय किया था.नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘भारत न्याय यात्रा’ करने वाले हैं. पिछले साल सितंबर से लेकर इस साल 14 जनवरी तक भारत जोड़ो यात्रा करने के बाद अब राहुल इस नई यात्रा को करने जा रहे हैं. ‘भारत न्याय यात्रा’ लोगों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने के लिए की जा रही है. भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी, जो कश्मीर में जाकर खत्म हुई थी. राहुल ने इस यात्रा में दक्षिण से उत्तर का सफर किया था. वहीं, भारत न्याय यात्रा की शुरुआत पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से होगी, जो पश्चिम में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर खत्म होगी. इस तरह राहुल भारत न्याय यात्रा में पूर्व से पश्चिम की ओर सफर करने वाले हैं. पूरी यात्रा में 6200 किमी सफर तय किया जाएगा. ज्यादातर यात्रा बस के जरिए ही कवर की जाएगी, मगर कहीं-कहीं पैदल भी सफर किया जाएगा. भारत न्याय यात्रा को भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा संस्कृरण बताया गया है, जिसकी शुरुआत 14 जनवरी से होगी. यात्रा में क्या होने वाला है खास? कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को मणिपुर में भारत न्याय यात्रा को झंडा दिखाएंगे. इस तरह यात्रा की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो जाएगी. ये यात्रा 20 मार्च को जाकर मुंबई में खत्म होगी. भारत न्याय यात्रा 14 राज्यों के 85 जिलों से होकर गुजरेगी. मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से भारत न्याय यात्रा गुजरने वाली है. कैसे आया भारत यात्रा का विचार? कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार (27 दिसंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत न्याय यात्रा को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा, ’21 दिसंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से अपना मत रखा कि राहुल गांधी को पूर्व से पश्चिम की ओर एक यात्रा करनी चाहिए. राहुल गांधी भी सीडब्ल्यूसी की इस इच्छा को पूरा करने के लिए तैयार हो गए.’ उन्होंने कहा, ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी ने फैसला किया है कि 14 जनवरी से 20 मार्च तक मणिपुर से लेकर मुंबई तक भारत न्याय यात्रा की जाएगी. इस यात्रा में राहुल गांधी युवाओं, महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों से मुलाकात करने वाले हैं. बस यात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जाएगा. यात्रा में कुछ छोटे हिस्से को रुक-रुक कर पैदल भी कवर किया जाएगा.’ भारत जोड़ो यात्रा क्या थी? राहुल गांधी ने सितंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की थी, जो जनवरी 2023 में जाकर खत्म हुई. राहुल गांधी की यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को कन्याकुमारी से हुई. इस यात्रा के जरिए उन्होंने 4500 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल ही तय किया. इस यात्रा का मकसद भारत को एकजुट और देश को मजबूत करना था. कांग्रेस की इस यात्रा से उसका संगठन काफी मजबूत हुआ था. भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी, 2023 को कश्मीर में जाकर खत्म हुई. भारत जोड़ो यात्रा के जरिए 12 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों को कवर किया गया था. ये यात्रा जिस-जिस राज्य से होकर गुजरी, उस-उस राज्य में कांग्रेस नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया. कई प्रमुख हस्तियों को भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होते हुए देखा गया था.

वन विभाग ने वनों की सुरक्षा के लिए मांगी एस.ए.एफ की तीन अतिरिक्त कंपनियां

The Forest Department requested three additional companies of the Special Armed Forces (S.A.F.) for the protection of forests. उदित नारायण भोपाल। राज्य के वन विभाग ने मंत्रालय में दिये एक उच्च स्तरीय प्रेजेन्टेशन में एसएएफ की तीन अतिरित कंपनियां मांगी हैं। वर्तमान में एसएएफ की तीन कंपनियां क्रमशः आठवीं वाहिनी छिन्दवाड़ा, 15 वीं वाहिनी इंदौर एवं 26 वीं वाहिनी गुना के 221 सशस्त्र अधिकारी एवं कर्मचारी वन क्षेत्र में पदस्थ हैं जिन्हें 14 संवेदनशील वनमंडलों में संलग्न किया गया है। चूंकि वनकर्मियों को बंदूक चलाने का अधिकार नहीं दिया गया है, इसलिये वन विभाग ने एसएएफ की तीन अतिरिक्त कंपनियों को देने की और मांग की है। इसी प्रकार, प्रेजेन्टेशन में वन अधिकारियों को पुलिस की तरह वाहनों में बीकन लाईन लाइट लगाने, वन्य प्राणी के हमले में जनहानि होने पर 12 लाख रुपये हर्जाना देने, वन कर्मचारियों को पुलिस की तरह 13 माह का वेतन देने, पौष्टिक आहार भत्ता देने एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थी पर पुलिस की तरह नक्सल भत्ता देने की भी मांग की है जिससे वन कर्मियों का मनोबल बढ़ सके।

खून और पसीने से मिट्टी को सींच कर खिलाड़ी अपने देश के लिए मेडल लाता है, राहुल गांधी

After irrigating the soil with blood and sweat, the player brings a medal for his country. Rahul Gandhi वर्षों की जीतोड़ मेहनत, धैर्य एवं अप्रतिम अनुशासन के साथ अपने खून और पसीने से मिट्टी को सींच कर एक खिलाड़ी अपने देश के लिए मेडल लाता है। आज झज्जर के छारा गांव में भाई विरेंद्र आर्य के अखाड़े पहुंच कर ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया समेत अन्य पहलवान भाइयों के साथ चर्चा की। सवाल सिर्फ एक है – अपने अखाड़े की लड़ाई छोड़ अगर इन खिलाड़ियों, भारत की बेटियों को अपने हक और न्याय की लड़ाई सड़कों पर लड़नी पड़े तो कौन अपने बच्चों को यह राह चुनने के लिये प्रोत्साहित करेगा? यह किसान परिवार के निश्छल, सीधे एवं सरल लोग हैं, इन्हें तिरंगे की सेवा करने दीजिए। इन्हें पूरे मान और सम्मान के साथ भारत का सर गौरव से ऊंचा करने दीजिए।

हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर, पर्चे में दवाओं के नाम कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा.

Doctors at Hamidia Hospital will need to write the names of medicines in capital letters on prescriptions. हमीदिया अस्पताल में फरमान, पर्ची की जांच भी होगी भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर परिचय में दावों के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं, जिन परचों में जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। हमीदिया अस्पताल भोपाल के अधीक्षक डा. आशीष गोहिया ने बताया कि हम मॉनिटरिंग भी करेंगे हमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मानिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था। घसीटा राइटिंग से होता है कन्फ्यूजनडॉक्टरों की रेटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके। केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिखते हैं चिकित्सक :चिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानीटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है । अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं।ऐसे जारी होते रहे आदेश

कुछ तो था उनकी बातों में…

अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर विशेष   डॉ.केशव पाण्डेय  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है… हिमालय मस्तक है तो कश्मीर किरीट है। यह चन्दन की भूमि है…अभिनन्दन की भूमि है…यह तर्पण की भूमि है…यह अर्पण की भूमि है।….सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। चूंकि देश सर्वोपरि है और एक राजनेता को अव्वल अपने देश के के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब संसद के सत्र में यह बात कही तो वह उस दौर में राजनीतिक  प्रतिबद्धता की गारंटी बन गई। राष्ट्र के प्रति कुछ ऐसी ही सोच रखते थे अटल जी….। 25 दिसंबर को जन्मदिवस पर जानते पत्रकार से प्रधानमंत्री  बनने तक के राजनीतिक सफर की कभी न मिटने वाली अमिट कहानी… भारतीय राजनीति का जीवंत स्मारक बन चुके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज पूरा देश याद कर रहा है। जन-जन के प्रिय अटलजी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद वह पहले ऐसे व्यक्ति थे जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने। अटलजी लगातार 11 वार सदन में पहुंचे। नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहकर उन्होंने एक कीर्तिमान रचा। इस तरह उन्होंनें करीब पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपना जीवन व्यतीत किया।  अटलजी छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब 1942 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अंत के लिए शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने पत्रकार के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की। 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। आजादी के बाद वे एक ऐसे नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व दिया। सभ्यता, संस्कृति और वैभवशाली इतिहास से परिपूर्ण इस देश में वे जहां महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थन की बात करते थे तो वहीं भारत को दुनिया में एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखने की चाह रखते थे। उद्धरणानुसारः”अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, निःस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे”।  शिक्षा के दौरान अनेक साहित्यिक, कलात्मक और वैज्ञानिक उपलब्धियां उनके नाम रहीं। उन्होंने मासिक पत्रिका-राष्ट्रधर्म, हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र- पाञ्चजन्य के अलावा स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे दैनिक समाचार-पत्रों का संपादन किया। उन्होंने,  संसदीय यात्रा, मेरी इक्यावन कविताएं, संकल्प काल, शक्ति से शांति, फोर डीकेड्स इन पार्लियामेंट 1957-95, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान, कैदी कविराज की कुंडलियां और न्यू डाइमेंसंस ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी जैसी पुस्तकें लिखीं। –प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल इतना गौरवशाली रहा कि दो दशक के बाद भी उस कार्यकाल को न सिर्फ याद किया जाता है, बल्कि उस पर अमल भी किया जाता है। पोखरण परमाणु परीक्षण, आर्थिक नीतियों में दूरदर्शि्ृता। आधारभूत संरचना के विकास की बड़ी योजनाएं- राष्ट्रीय राजमार्ग और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अनुपम उदाहरण हैं। ऐसे प्रधानमंत्री कम ही हुए जिन्होंने समाज पर इतना सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। उनकी प्रशासनिक क्षमता सुशासन का प्रतीक बनी। अटलजी के 1998-99 के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को ’’दृढ़निश्चकय के एक साल’’ के रूप में जाना जाता है। क्योंकि मई 1998 में भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया था जिन्होंने परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। फरवरी 1999 में पाकिस्तान बस यात्रा ने उपमहाद्वीप की परेशानियों को सुलझाने के लिए एक नए दौर का सूत्रपात किया। दुनिया भर में इसे प्रशंसा मिली। आपसी समझौते के इस मामले में भारत की ईमानदार कोशिश ने वैश्विक समुदाय में अपनी छाप छोड़ी। लेकिन मित्रता को धोखे के रूप में कारगिल का युद्ध मिला। तब अटलजी ने विषम परिस्थितियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और सेना ने अपने पराक्रम से विजय हासिल की। कारिगल की जंग को प्रति वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।  देश के प्रति उनके निःस्वार्थ समर्पण और 50 वर्ष से अधिक तक देश और समाज की सेवा करने के लिए वर्ष 1992 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया। 1993 में कानपुर विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा। 1994 में उन्हें भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ चुना गया। मार्च 2015 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी एक नेता तो थे ही साथ ही कविताएं भी लिखा करते थे। उन्होंने देश के लिए भी कविताएं लिखीं। पत्रकार से प्रधानमंत्री बने अटलजी ने चार राज्यों से चुनाव जीतकर भारतीय राजनीति में अपनी छाप छोड़ी थी।  अविवाहित प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी ईमानदार और निर्लिप्त छवि को कायम रखा। कभी अपना हित नहीं देखा। लोकतंत्रवादी मूल्यों में इतनी गहरी आस्था थी कि हिन्दुत्ववादी होते हुए भी उनकी छवि धर्मनिरपेक्षता वाली रही। अटलजी की विलण प्रतिभा और वाकपुटता को देख, जय प्रकाश नारायण ने कहा था कि “इनके कंठ में सरस्वती का वास है“। जवाहर लाल नेहरू ने वाजपेयी जी को अद्भुत वक्ता की विश्वविख्यात छवि से नवाज था। ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कुछ तो था उनकी बातों में…जो आज भी लोगों के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है। उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन्।।

भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष संजय सिंह समेत पूरी टीम निलंबित, फैसलों पर भी रोक.

Indian Wrestling Federation President Sanjay Singh and the entire team suspended, halt on decisions as well. संजय सिंह पूर्व अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह को अध्यक्ष चुने जाने का भी खिलाड़ियों ने विरोध किया था। नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने दो दिन पहले अध्यक्ष चुने गए संजय सिंह के सभी फैसलों पर भी रोक लगा दी है। भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को निलंबित कर दिया है। दो दिन पहले ही WFI के नए अध्यक्ष संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था। अब खेल मंंत्रालय ने संजय सिंह द्वारा चुनी गई पूरी कार्यकारिणी को भी निलंबित कर दिया है। संजय सिंह पूर्व अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह को अध्यक्ष चुने जाने का भी खिलाड़ियों ने विरोध किया था।

फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन में क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्राइन, 4 साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं दिया जाना चाहिए- Central Drugs Standard Control Organisation.

According to the Central Drugs Standard Control Organisation, the combination of Chlorpheniramine Maleate and Phenylephrine should not be administered to children under 4 years of age in a fixed-dose combination. Manish Trivedi, Sahara Samachaar. नई दिल्ली ! सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के इस हफ़्ते लिए गए फ़ैसले के अनुसार फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन (एफडीसी) का इस्तेमाल करने पर दवा कंपनियों को दवा के लेबल पर लिखना होगा कि “एफडीसी का उपयोग 4 साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं दिया जाना चाहिए ! सरकार का यह फ़ैसला कुछ महीने पहले कई देशों में कफ़ सीरप पीने से 100 से अधिक बच्चों की मौत होने के बाद आया है. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि बच्चों के लिए एक अस्वीकृत सर्दी-रोधी दवा फॉर्मूलेशन के प्रमोशन को लेकर चिंता जताई गई थी. अब चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए एफडीसी का इस्तेमाल न करने की सिफारिश की गई. नियामक के आदेश के अनुसार, फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन (एफडीसी) का उपयोग करने पर दवा कंपनियों को अपने उत्पादों पर चेतावनी के साथ लेबल लगाने की ज़रूरत होगी. फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन में क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्राइन शामिल होते हैं. इसका उपयोग अक्सर सर्दी जुकाम के इलाज के लिए सिरप या गोलियों में किया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन भी पांच साल से छोटे बच्चों में खांसी और सर्दी के इलाज के लिए बिना डॉक्टर की पर्ची के सिरप या अन्य दवाई के उपयोग की सिफ़ारिश नहीं करता.

कांग्रेस में हलचल तेज़, लोकसभा चुनाव के लिए बनी, कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी.

There is a buzz in the Congress, as a manifesto committee has been formed for the Lok Sabha elections. नई दिल्ली ! MP से ओमकार सिंह मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी ! लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां !एआईसीसी ने लोकसभा इलेक्शन के लिए घोषणा पत्र कमेटी का किया गठन !मध्य प्रदेश से विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मिली जगह !वहीं पी चिदंबरम को कमेटी का चेयरमैन और छत्तीसगढ़ से टीएस सिंहदेव को बनाया संयोजक !देखिए सूची…पी. चिदंबरम – अध्यक्ष, टी.एस. सिंहदेव – संयोजक , सिद्धारमैया , प्रियंका गांधी वाड्रा , आनंद शर्मा , जयराम रमेश , डॉ. शशि थरूर , गायखंगम , गौरव गोगोई , प्रवीण चक्रवर्ती , इमरान प्रतापगढ़ी ,के. राजू , ओमकार सिंह , मरकाम , रंजीत रंजन , जिग्नेश मेवाणी , गुरदीप सप्पल

भारत में कोरोना वायरस के एक्टिव केस बढ़कर 3420 हुए.

The active cases of coronavirus in India have increased to 3,420. Corona virus spreading rapidly नई दिल्ली। भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के ताजा मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमित मरीजों की सबसे अधिक संख्या केरल में दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 423 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 266 केरल से और 70 पड़ोसी राज्य कर्नाटक से हैं। इस बीच केरल में कोरोना संक्रमण के कारण दो लोगों की मौत की भी खबर है। देश में फिलहाल कुल संक्रमित 3420केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोविड-19 के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 3,420 दर्ज की गई। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के कारण बढ़ती चिंता बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी है। पूरी दुनिया में बढ़ रहे कोरोना केसभारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की पूर्व महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि फिलहाल ताजा वेरिएंट JN.1 के एनालिसिस के लिए डाटा उपलब्ध नहीं हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल कहा है कि यह वेरिएंट BA.2.86 वेरिएंट से अलग है। वैश्विक स्तर पर कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने JN.1 से स्वास्थ्य को ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं जताई गई है। 4 सप्ताह में 52 फीसदी की बढ़ोतरीWHO ने कहा कि बीते 4 हफ्तों के दौरान नए कोविड ​​​​मामलों की संख्या में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें 850,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। WHO ने कहा है कि COVID-19 महामारी की शुरुआत के बाद से 17 दिसंबर तक वैश्विक स्तर पर 772 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और करीब 70 लाख लोगों की मौत हुई है।

पत्रकारों से सूत्र पूछने का अधिकार नहीं है – सीजेआई (सुप्रीम कोर्ट).

Do not have the right to question journalists’ sources,” says CJI (Supreme Court). नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा और उन्हें चेतवानी भी दी । मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूर्ण की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 और 22 के तहत पत्रकारों के मूल अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार के सूत्र नही पूंछ सकती है और न ही न्यायालय तब तक जब तक कि पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच और पुख्ता सबूत के दर्ज मुकदमे और गवाही की जांच नही हो जाती है । आज कल देखा जा रहा है कि पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है क्यों कि अधिकतर मामले में पुलिस खुद को श्रेष्ठ बनाने के लिए ऐसा करती है। इस संबंध में उच्च न्यायालय ने अब अपना कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा है अगर पुलिस ऐसा करती पाई जाती है तो फिर कोर्ट की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है व उस अधिकारी की सेवाये भी समाप्त की जायेगी ।

घुसपैठ हुई तो संसद से भग लिए BJP सांसद, बेरोजगार चला रहे इंस्टा-फेसबुक: राहुल

BJP MP expelled from Parliament in intrusion, unemployed running Insta-Facebook: Rahul Gandhi. दिल्ली ! संसद से सांसदों की सस्पेंशन के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन सड़कों पर है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. सत्र समाप्त हो चुका है और आज विपक्ष जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचा है. संसद में सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया गठबंधन आज जंतर-मंतर पहुंचा है. कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी समेत तमाम दलों के नेता विरोध में शामिल हुए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि 150 सांसदों को निलंबित करना सिर्फ उनका अपमान नहीं है बल्कि यह जनता का अपमान है. संसद में स्मोक हमले पर राहुल ने कहा कि जब घुसपैठ हुई तो बीजेपी के सांसद भग लिए. युवा बेरोजगार हैं और इसलिए वे इंस्टा-फेसबुक पर टाइम पास कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में युवा अपने फोन पर साढ़े 7 घंटे सोशल मीडिया पर रहता है, क्योंकि उनको रोजगार नहीं दिया, यही हिन्दुस्तान की सच्ची हालत है. इसलिए ये युवा संसद में कूद कर आए. यही भावना हिन्दुस्तान के हर युवा में है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.आज जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीताराम येचुरी और शरद पवार भी पहुंचे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता लखनऊ में भी सड़क पर उतरे हैं. वे बेगम हजरत महल पार्क के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन के ऐलान के बाद सरकार के खिलाफ विपक्ष का ये पहला विरोध-प्रदर्शन है.

साइबर ठग एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर बैंक खाता कर रहे खाली.

With the Help of Anydesk application, cyber fraudsters are emptying bank accounts. साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। पेंशन खाता अपडेट करने व बिजली कनेक्शन कटने से रोकने के नाम पर लिंक भेज कर रहे ठगीमोबाइल पर आने वाले किसी भी तरह के लिंक को न खोलें, वरना हो सकते हैं ठगी के शिकारवर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास छह मामले पहुंचे हैं। भोपाल। राजधानी में एक बार फिर साइबर ठगों ने पुराने बहानों से लोगों को फंसाना शुरू कर दिया है। ये शातिर बदमाश पेंशन खाता अपडेट करने, बिजली का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं और उनके ट्रांजेक्शन करने पर पूरी जानकारी मिलने पर खाते से रकम निकल लेते हैं। बाद में संदेह होने पर पीड़ित को जानकारी मिलती है और मामला थाने तक पहुंचता है।साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंचे मामले वर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे छह मामले पहुंचे हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पुराने तरीकों से झांसा देकर फर्जी एप डाउनलोड कराकर वारदात कर रहे हैं, ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है एनीडेस्क एपएनीडेस्क एप एक डिवाइस शेयरिंग एप्लीकेशन है, जिसकी मदद से आप अपने एक मोबाइल फ़ोन का पूरा एक्सेस दूसरे मोबाइल फोन को दे सकते हैं। मतलब अगर आप अपने एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल को एक्सेस करना चाहते हैं तो इस एप की मदद से कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन की मदद से दूसरे मोबाइल का डाटा देखने के साथ-साथ उस मोबाइल फोन को अपने फोन से एक्सेस कर सकते हैं। शातिर ठग इस एप को डाउनलोड कराकर लोगों के खाते में सेंधमारी कर रहे हैं।

कोर्ट ने 10 जनवरी तक बढ़ाई संजय सिंह की न्यायिक हिरासत

The court extended Sanjay Singh’s judicial custody until January 10th. दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कोर्ट संजय सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कोर्ट संजय सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कार्ट ने जमानत देने से मना कर दिया। उनके नई साल की शुरुआत जेल में ही बीतने वाली है। कोर्ट ने 10 जनवरी तक उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई है।

गोवा एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा की मौत, पूर्व सैनिक संगठन ने स्टेशन मैनेजर को ज्ञापन सौंपा.

Death of Army Subedar Major Krishnakant Sharma while boarding the Goa Express. ग्वालियर ! रेलवे स्टेशन पर अप गोवा एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा की मौत को लेकर पूर्व सैनिक संगठन ने स्टेशन मैनेजर से इस मामले में जांच की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार के लिए रेलवे की ओर से मुआवजा राशि देने की भी उनके द्वारा मांग की गई है। उन्होंने इस बात पर दुख जताया है कि रेलवे सुरक्षा बल जीआरपी या प्रबंधन का कोई भी सदस्य पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर नहीं पहुंचा है। दरअसल सोमवार रात को ग्वालियर के दीनदयाल नगर में रहने वाले सेना के नायब सूबेदार कृष्णकांत शर्मा छुट्टियां खत्म होने पर वापस अपनी ड्यूटी जा रहे थे। लेकिन ट्रेन में चढ़ने के दौरान वह ट्रैक पर चले गए और उनका शरीर दो टुकड़ों में बंट गया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई । इस घटना को लेकर पूर्व सैनिक संगठन ने गहरा क्षोभ जताया है और रेलवे प्रशासन पर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगा भी लगाया है। उनका कहना है कि ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान भीड़ पर काबू करने के लिए जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल तैनात रहता है लेकिन वह यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बेपरवाह रहते हैं जिसके कारण इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं। एक होनहार देश के जवान की इस दुर्घटना में मौत हुई है इसलिए रेलवे को इस मामले में सेना के जवान के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा देना चाहिए। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की अनदेखी पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए।

सशक्त, समृद्ध राष्ट्र की पहचान है “एकजुटता“

The recognition of a strong, prosperous nation is “Unity.” तरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस आज डॉ. केशव पाण्डेयआधुनिक युग में पूरी दुनिया एक गठबंधन की भावना के साथ आगे बढ़ रही है। जिसमें मानव एकजुटता की महत्वपूर्ण भूमिका है। विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी युग में यह वह अद्वितीय मौका है, जब हम सभी मिलकर समस्त मानव जाति के लिए एकमत और समृद्धि की दिशा में बेहतर काम कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस के अवसर पर आज हम इसके महत्व को समझेंगे और इसकी महत्वपूर्णता को भी जानेंगे। 20 दिसंबर को प्रति वर्ष अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एकजुटता के महत्त्व को बताना, गरीबी पर अंकुश लगाना एवं विकासशील देशों में मानव और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र ने 22 दिसंबर 2005 को इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस दिवस को विश्व एकजुटता कोष और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा बढ़ावा दिया जाता है, जो दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित हैं। विश्व एकजुटता कोष की स्थापना फरवरी 2003 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के ट्रस्ट फंड के रूप में की गई थी।विश्व में एकजुटता का दौर : मौजूदा परिवेश में बेशक कुछ देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं या फिर कुछ में टकराव की स्थिति है, बावजूद इसके दुनिया के अनेक देशों और समुदायों के बीच मित्रता, समरसता और एकजुटता के हालात जन्म ले रहे हैं। आपसी समझ, भावना, सहयोग, साझा जिम्मेदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने हमें एक समृद्धि भरे भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए मजबूती दी है। इस संदर्भ में यह दिवस हमें सकारात्मक रूप से सोचने और उस दिशा में आगे बढ़कर कार्रवाई करने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से सरकारों को सतत् विकास लक्ष्य के गरीबी और अन्य सामाजिक बाधाओं का जवाब देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति शिक्षा को बढ़ावा देकर या गरीबों, शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम लोगों की मदद करके इस दिवस में अपना योगदान दे सकता है। क्योंकि इस दिवस की थीम ही- “सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना“ है। अन्य अंतरराष्ट्रीय दिनों के विपरीत इस दिवस की थीम प्रति वर्ष एक समान ही रहती है।दरअसल, एकजुटता का अर्थ है- साझा लक्ष्यों और हितों के बारे में जागरूकता। जो एक ऐसे समाज में एकता की मनोवैज्ञानिक भावना को जन्म देकर संबंधों को मजबूत करता व बांधता है। इसका उद्देश्य पूरी दुनिया में, विशेषकर विकासशील देशों में सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना है।ताकि सामाजिक, आर्थिक विकास, मानवाधिकार और शांति को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के देशों और लोगों को एक साथ लाने का प्रयास किया जा सके। वैश्विक साझेदारी भी संयुक्त राष्ट्र की तरह वैश्विक सहयोग और एकजुटता की नींव पर ही बनाई जा सकती है। सतत विकास एजेंडा इसी पर केंद्रित है, जो लोगों को गरीबी, भूख और बीमारी से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध वैश्विक साझेदारी द्वारा समर्थित है। मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।यह दिवस हमें सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है ताकि हम सभी मिलकर समस्त विश्व के लिए सुधार कर सकें। विभिन्न सांघीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से हम एक बेहतर और संबलित समाज की दिशा में काम कर सकें।अंत में, अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस हमें एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट विश्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए संकल्पित करता है। हमें यहां एक मौका मिलता है कि हम सभी मिलकर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए काम करें और एक समृद्धि भरे भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह दिन सभी को समर्पित होना चाहिए ताकि हम समृद्धि और एकता की दिशा में आगे बढ़ सकें। क्योंकि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि और सशक्तता की प्रतीक है एकजुटता।

फिर बढ़ा कोरोना का खतरा, डायट में शामिल करें ये इम्यूनिटी बूस्टर जड़ी बूटियां.

The threat of COVID-19 has increased again; include these immunity-boosting herbs in your diet. ( L.K varma ) अदरक की तासीर गर्म होती है। इस मसालेदार जड़ में जिंजरोल होता है, जिसमें रोगाणुरोधी और सूजन-रोधी गुण होते हैं। सर्दी के मौसम में जहां इम्यूनिटी कमजोर होने से कई संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है, वहीं दूसरी ओर इन दिनों कोरोना संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यदि आप भी अपने शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं तो डायट में ऐसी जड़ी बूटियों को जरूर शामिल करना चाहिए, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। हल्दी, में कई औषधीय गुणों होते हैं। इसमें करक्यूमिन नाम का यौगिक होता है, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा हल्दी में सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह शरीर को किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। अदरक, की तासीर गर्म होती है। इस मसालेदार जड़ में जिंजरोल होता है, जिसमें रोगाणुरोधी और सूजन-रोधी गुण होते हैं। यह पाचन में सहायता करता है। सूजन कम होने से शरीर को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत होती है। लहसुन, भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर है। लहसुन में एसिलिन नाम का यौगिक होता है, जो इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है। एसिलिन रोगाणुरोधी और एंटीवायरल गुणों वाला एक यौगिक है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। अजवाइन, भी एक स्वादिष्ट जड़ी-बूटी है, जो विटामिन-C और खनिजों से भरपूर है। अजवाइन में रोगाणुरोधी गुण भी होते हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। इसके अलावा कोरोना से बचने के लिए तुलसी, एलोवेरा, त्रिफला आदि का भी सेवन कर सकते हैं।

केंद्र सर्कार द्वारा फर्जी दस्तावेज लगाकर चल रहे 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन बंद -अश्विनी वैष्णव.

Govt blocked over 1.32L mobile phones for financial fraud, cybercrime: Vaishnaw केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोबाइल धोखाधड़ी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल के तहत “फर्जी दस्तावेज लगाकर चल रहे ” 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं। भारत सरकार ने साइबर अपराधियों से 400,000 नागरिकों के 1,000 करोड़ रुपये से अधिक जब्त और बरामद किए हैं, केंद्र ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा धोखाधड़ी वाले मोबाइल फोन के उपयोग और साइबर अपराध पर उठाए गए सवालों की एक श्रृंखला पर संसद को सूचित किया।केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार द्वारा साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े 132,000 मोबाइल कनेक्शन की सेवाएं बंद कर दी गयी हैं, और इसके अतिरिक्त 278,000 कनेक्शन काट दिए गए हैं। वैष्णव ने कहा कि मोबाइल धोखाधड़ी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल के तहत “फर्जी दस्तावेजों पर प्राप्त” 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं।उन्होंने जवाब दिया कि सरकार ने धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन का पता लगाने के लिए एक प्रणाली विकसित की है। उन्होंने संसद में एक लिखित उत्तर में कहा, “एक बार पता चलने पर, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को ऐसे मोबाइल कनेक्शनों का पुन: सत्यापन करने का निर्देश दिया जाता है… पुन: सत्यापन में विफल रहने पर, ऐसे मोबाइल कनेक्शन काट दिए जाते हैं।” सरकार ने एक पोर्टल भी विकसित किया है – संचार साथी जो उपयोगकर्ताओं को उनके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जांच करने और अवैध कनेक्शन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है। वैष्णव ने लिखा, यह उपयोगकर्ताओं को अपने चोरी हुए या खोए हुए फोन की रिपोर्ट करने की भी अनुमति देता है, जिसके बाद नंबर सभी टीएसपी पर ब्लॉक कर दिए जाते हैं।उन्होंने कहा कि नागरिक मोबाइल या लैंडलाइन नंबर से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय कॉल की भी रिपोर्ट कर सकते हैं।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि टेक्स्ट-आधारित साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए, टेक्स्ट संदेशों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विश्लेषण के परिणामस्वरूप फरवरी 2023 और नवंबर 2023 के बीच टेक्स्ट-आधारित साइबर अपराध में 36% की कमी आई है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अवैध मोबाइल कनेक्शन से जुड़े 220,000 व्हाट्सएप खातों को बंद कर दिया गया है, और 2021 से 162 अवैध दूरसंचार सेट-अप का भंडाफोड़ किया गया है।वैष्णव ने कहा कि गलत बिक्री केंद्रों के खिलाफ 365 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 70,313 को काली सूची में डाल दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने कहा कि डिस्कनेक्ट किए गए मोबाइल फोन से जुड़े ‘बैंक और पेमेंट्स’ वॉलेट द्वारा भी 983,000 खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। सरकार सभी को 1963/1800110420 पर धोखाधड़ी और संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करने की सलाह देती है।

कंगाली से गुजर रही नई सरकार, योजनाओं के फंड में रोक, विकास कार्य ठप ही रहेंगे.

The new government, struggling with poverty, has imposed a halt on funds for projects, and development activities will remain stalled. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की नई सरकार के साथ ही वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने महाकाल परिसर विकास और तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं में व्यय करने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं वित्तीय संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार ने 38 विभागों की योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। सरकार ने इसके आदेश भी विभागों को भेज दिए हैं। बता दें, वर्तमान स्थिति में मध्यप्रदेश सरकार पर 331000 करोड रुपये से अधिक का कर्ज है। हालांकि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के अनुसार वे अभी भी 15000 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकती है। इधर, बताया जा रहा है कि जरूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार जल्द ही अनुपूरक बजट भी ला सकती है। वित्तीय संकट से उबारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को खर्च पर कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विभागों राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। सरकार के निर्देश के अनुसार विभागों को हर हाल में राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करना है। इसके साथ ही विभागों को राजस्व एकत्रित करने के लिए अन्य नए सोर्स भी विकसित करने के लिए कहा गया है। इन कामों पर नहीं किया जाएगा बिना अनुमति खर्च अनुग्रह राशि देने की योजना भी समाप्त

वन विभाग में कमीशन का खेल: चहेते सप्लायर को उपकृत करने मार्केट से हो रही है खरीदी.

The Game of Commission in Forest Department. उदित नारायण भोपाल। वन विभाग में कमीशनबाजी का खेल बदस्तूर जारी है। निर्वतमान वन मंत्री विजय शाह ने अपने कार्यकाल में कमीशनबाजी के खेल पर रोक लगाने की मंशा से प्रदेश स्तर पर एकजाई टेंडर करने के आदेश जारी किए थे। अफसरों ने उनके आदेश को धुंआ में उड़ाते वनमंडल स्तर पर खरीदी का क्रम जारी रखा है। ताज़ा मामला मंडला पूर्व और मंडला पश्चिम का है। दोनों ही वनमंडल की कमान एक ही अफसर के हाथ में है. यही वजह है कि डीएफओ ने अपने चहेते सप्लायर्स जैन बंदुओं को बिल्डिंग मैटेरियल्स और नीमखली गोबर खाद और उपजाऊ मिट्टी प्राय करने का वर्क आर्डर जारी कर दिया। सूत्रों के अनुसार डीएफओ को खरीदारी की इतनी जल्दबाजी थी कि वर्क आर्डर पहले जारी कर दिया और टेंडर बाद में बुलाई। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यालय से आदेश जारी है कि वर्मी खाद और नीमखली अनुसंधान एवं विस्तार शाखा से ही खरीदा जाए किंतु विभाग की शाखा से खरीदने पर कमीशन बाजी का खेल नहीं हो पता, इसलिए निविदा कर मार्केट से खरीदी की जा रही है, वह भी डीएफओ के पसंदीदा गगन जैन के फर्म से खरीदने का फरमान है। डीएफओ ने निविदा 15 दिसंबर को बुलवाई और वर्क आर्डर 14 दिसंबर को ही कर दिया। बिल्डिंग मैटेरियल सप्लाई का ऑर्डर भी अचल जैन की फर्म को दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पौधारोपण के कार्य अनुसंधान एवं विस्तार शाखा के द्वारा किया जाता है। मंडल वन मंडल में यह कार्य टेरिटोरियल डीएफओ कर रहे हैं. डीएफओ नित्यानंद ने पश्चिमी वन मंडल के लिए नीम खली गोबर खाद और उपजाऊ मिट्टी सप्लायर का ठेका गगन जैन की फर्म को दिया है। इन सामग्रियों की खरीदी मार्केट दर से कई गुना अधिक है। पश्चिमी वन मंडल में खरीदी का लेखा-जोखा नीम खली 7350 कुंटल गोबर खाद 881 कुंटल उपजाऊ मिट्टी 1742 कुंटल

संसद की सुरक्षा में सेंध के पीछे बेरोजगारी और महंगाई कारण- राहुल गांधी.

Unemployment and inflation are behind the security breach in Parliament, says Rahul Gandhi. 13 दिसंबर सामने आया था सनसनीखेज घटनाक्रम, आरोपियों से दिल्ली पुलिस कर रही पूछताछ, मास्टरमाइंड ललिता झा का टीएमसी से कनेक्शन सामने आया, नई दिल्ली। संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों से दिल्ली पुलिस की पूछताछ जारी है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अदालत में दायर अपनी रिमांड में सनसनीखेज खुलासे किए। पुलिस ने अदालत को बताया कि वारदात के कथित मास्टरमाइंड ललित झा और उसके साथी देश में अराजकता पैदा करना चाहते थे, ताकि सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर किया जा सके। संसद पर हमला सुरक्षा में बड़ी चूक जरूर है, लेकिन ऐसा क्यों हुआ? इस घटना के पीछे बेरोजगारी और महंगाई है, जिसके लिए मोदी सरकार की नीतियां जिम्मेदार है। ‘ राहुल गांधी ‘ संसद भवन में सुसाइड करने की थी प्लानिंगमुख्य आरोपी सागर शर्मा ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने पुलिस अधिकारियों को बताया कि सभी ने प्लान A, B और C बनाया था। इसके तहत संसद भवन के बाहर आत्महत्या के प्रयास की कोशिश भी शामिल थी। सागर शर्मा के मुताबिक, पहले संसद भवन के बाहर आत्महत्या का प्लान था। इसके लिए जेल (ज्वलनशील पदार्ध) खरीदने की कोशिश की गई। इसमें कामयाबी नहीं मिली तो संसद भवन के अंदर जाकर पीला धुआं छोड़ने की योजना बनी। पता चला है कि आरोपी पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते थे। आगे चलकर उनका उद्देश्य राजनीतिक पार्टी बनाने का भी था।

संसद मामला : पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने किया हमलावरों का समर्थन, भाजपा ने किया विरोध.

Parliament Case: Former Minister Sajjan Singh Verma expressed support for the attackers; BJP opposed the statement. कहा-देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की भोपाल। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संसद में हुए हमले को लेकर हमलावरों का समर्थन किया है। सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि जो हमलावर सदन के अंदर दाखिल हुए थे उन्होंने अपने विरोध की आवाज उठाई थी। बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर अब उनके पास कोई चारा नहीं था। इसलिए सदन के अंदर दाखिल होकर ऐसा कदम उठाया है। आज देश की यही स्थिति बन रही है। उन्होंने देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के बयानों पर किया पलटवारभाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक सज्जन सिंह वर्मा के संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी व राहुल गांधी भी करते हैं, इसे स्पष्ट करना चाहिए। अग्रवाल ने अपने ट़्वीटर एक्स हैंडल पर किए गए ट्वीट में कहा कि इनके दुर्जन विचारों को सुनिए…। उन्होंने लिखा कि वर्मा संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन कर रहे हैं। आखिर क्यों कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करती है। क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी करते हैं उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।

सूर्या के बाद चमके गेंदबाज, भारत ने जीता तीसरा टी20; साउथ अफ्रीका से सीरीज बराबर.

After Surya’s shining performance, India won the third T20; series leveled with South Africa. IND vs SA 3rd T20: भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को सीरीज के तीसरे टी20 मैच में 106 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया. जोहानिसबर्ग में खेले गए इस मैच में भारत ने 7 विकेट पर 201 रन बनाए जिसके बाद साउथ अफ्रीकी टीम को 13.5 ओवर में 95 रन पर ऑलआउट कर दिया

काशी के बाद अब मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सर्वे को मंजूरी.

After Kashi, now approval for a survey in the Mathura Shri Krishna Janmabhoomi case. श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया है. हाईकोर्ट ने विवादित परिसर का सर्वे कराने के आदेश दिया है.मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ गया है. मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल पर सर्वे को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने विवादित जमीन का सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने की मांग को भी मंजूरी दे दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष की याचिका को मंजूरी दे दी है. इस मामले में जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच दोपहर करीब दो बजे अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में ज्ञानवापी विवाद की तर्ज पर मथुरा के विवादित परिसर का भी सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने का आदेश दिया है. यह याचिका भगवान श्री कृष्ण विराजमान और सात अन्य लोगों द्वारा अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडेय और देवकी नंदन के जरिए दायर की गई थी. जिसमें दावा किया गया है कि भगवान कृष्ण की जन्मस्थली उस मस्जिद के नीचे मौजूद है और ऐसे कई संकेत हैं जो यह साबित करते हैं कि वह मस्जिद एक हिंदू मंदिर है .याचिका में किया गया था ये दावा हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के अनुसार याचिका में दावा किया गया था कि वहां कमल के आकार का एक स्तंभ है जोकि हिंदू मंदिरों की एक विशेषता है और शेषनाग की एक प्रतिकृति है जो हिंदू देवताओं में से एक हैं और जिन्होंने जन्म की रात भगवान कृष्ण की रक्षा की थी.याचिकाकर्ताओं ने अनुरोध किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सर्वेक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपने के विशेष निर्देश के साथ एक आयोग का गठन किया जाये. इस पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने का भी अनुरोध किया गया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस वर्ष मई में मथुरा की अदालत में लंबित श्री कृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े सभी मुकदमे अपने पास स्थानांतरित कर लिए थे. प्रयागराज कोर्ट के इस फैसले पर ,राजेश मणि त्रिपाठी पक्षकार एवं राष्ट्रीय प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल,महेंद्र तिवारी राष्ट्रीय सह प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल और उदित नारायण संगठन प्रभारी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ने खुशी जाहिर करते हुए माननीय न्यायलय का आभार ब्यक्त किया

आखिरी सांस तक आपके साथ खड़ा रहूंगा.

I will stand by you until my last breath. कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के इस्तीफे को लेकर किया खुलासा छिंदवाड़ा। भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई है, लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ अपने गढ़ छिंदवाड़ा में अपना किला बचाने में कामयाब रहे। लगभग 43 सालों से कमलनाथ छिंदवाड़ा की पहचान बनकर राजनीति में छाए हुए हैं। ऐसे में इस बार भी विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा की सातों सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है। कमलनाथ अब छिंदवाड़ा दौरे पर हैं और वे हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर आभार सभा कर रहे हैं। पांढुर्णा और सौंसर में बुधवार को कमलनाथ ने आभार सभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पांढुर्णा में कहा कि वे आखिरी सांस तक छिंदवाड़ा की जनता के बीच रहेंगे, वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। नहीं लेगें रिटायरमेंट कमलनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकों लेकर राजनीतिक गलियारो में यही चर्चा चल रही थी कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारण उन्हें पीसीसी चीफ पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। हालांकि आला कमान ने नाथ को दोबारा लोकसभा चुनाव तक की जवाबदारी दी है। ऐसे में कमलनाथ ने अपने गढ़ छिंदवाड़ा से आज इसको लेकर एक बड़ा बयान देकर यह साफ कर दिया है कि वे आने वाले समय में भी पूरी सक्रियता के साथ जनता के बीच रहेंगे और रिटायरमेंट नहीं लेंगे।आखिरी सांस तक जनता के साथ उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी आखिरी सांस तक जनता के साथ खड़े है। वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा की जनता का प्यार उन्हे पिछले 43 सालों से मिलता आ रहा है। आगे भी यह प्यार और स्नेह उन्हे मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए वह कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। लोकसभा चुनाव का फूंका बिगुल कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में मिली बंपर जीत के बाद अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छिंदवाड़ा की जनता ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया है। इसी तरह से लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को यही प्यार और विश्वास लोकसभा चुनाव में भी मिलेगा। इस दौरान उनके साथ उनके बेटे नकुलनाथ भी मौजूद थे।

भाजपा: अचर्चित चेहरों के हाथ कमान सौंपने में जोखिम मे नि:संदेह.

BJP: Taking the risk in entrusting key responsibilities to lesser-known faces without hesitation. उदित नारायण इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व ने हिंदी भाषी तीन राज्यों में भारी जीत के बाद जिन अचर्चित चेहरों के हाथों में सत्ता की कमान सौंपी है, उससे ‘चौंकना’ शब्द भी फीका लगने लगा है। यह कुछ वैसा ही था कि कोई जादूगर अपनी जेब में हाथ डाले और नोट किसी भीड़ में छिपे शख्स की जेब से निकले।मोदी- शाह ने मीडिया के तमाम अटकलों को बेकार साबित कर दिया है। लेकिन इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस असली हार्स रेस से भी ज्यादा रोमांचक होने लगी थी। दावेदारी और राजयोग में अदृश्य मुकाबला चल रहा था। मीडिया की आंखें और राजनीतिक भविष्यवाणियां उन्हीं चंद चेहरों के आसपास मंडरा रही थीं, जिन्हें परंपरागत रूप से कुर्सी की दौड़ में प्रथम पंक्ति में माना जाता रहा था। ऐसे कुछ नाम जो सीएम या फिर वो भी नहीं तो कम से कम डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के लिए नए सूट सिलवा चुके थे। लेकिन हाय री किस्मत!भाजपा आलाकमान ने इन फैसलों से छह संदेश दिए हैं। पहला तो कोई खुद को पार्टी से ऊपर न समझे, दूसरा भाजपा में संघ अभी भी पूरी तरह ताकतवर है, तीसरा भाजपा में कोई साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है, चौथा भाजपा ने आने वाले 15 साल तक राजनीति करने वाले नए खून की फौज तैयार कर दी है, पांचवां सोशल इंजीनियरिंग में भाजपा सभी राजनीतिक दलो से मीलों आगे है और छठा, इस बदलाव के जरिए भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की जमीन भी तैयार कर दी है और तकरीबन मुद्दे भी तय कर दिए हैं। मप्र में डा. मोहन यादव, छग में विष्णुदेव साय और राजस्थान में भजनलाल शर्मा बाकी दुनिया के लिए भले ही अचर्चित चेहरे रहे हों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को उनकी कार्यक्षमता पर भरोसा है। अब यह इन तीनो पर है कि मिले हुए अवसर को कामयाबी में वो कितना बदल पाते हैं। खुद को कितना साबित कर पाते हैं। हालांकि यह जोखिम तो हर उस प्रयोग में रहता है, जो राजनीति की प्रयोगशाला में पहली बार किया जाता है। मप्र में जब पहली बार शिवराज को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई थी तब कई लोगों ने उनकी नेतृत्व क्षमता और देसी छवि पर तंज कसा था, लेकिन वक्त के साथ शिवराज ने खुद को न सिर्फ साबित किया बल्कि अपरिहार्य बन गए। उन्होंने अपनी राजनीति की नई इबारत लिखी। इमोशनल पॉलिटिक्स का नया सिलेबस तय किया और पूरे 18 साल तक सीएम पद पर जमे रहे।हालांकि, पहली पारी के सीएम शिवराज और चौथी पारी के सीएम शिवराज में काफी अंतर था । उनका अपना आभा मंडल और काकस तैयार हो गया था। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी यथासंभव किनारे लगाया और शायद इसकी इंतिहा हो चुकी थी। यही स्थिति राजस्थान में वसुंधरा राजे की थी। राजे तो पहले से राज परिवार से हैं। लिहाजा कुर्सी पर विराजना उनके लिए नैसर्गिक अधिकार था। उन्होंने खुद को पार्टी और राज्य का भाग्य विधाता मान लिया था। अलबत्ता छग के 15 साल सीएम रहे और बाद में भाजपा में ही हाशिए पर डाल दिए गए डॉ रमनसिंह ने खुली बगावत के रास्ते पर जाने से खुद को बचाया और कुछ बेहतर पाने की आस जिंदा रखी।कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में इस तरह क्षत्रप संस्कृति को समाप्त पर ‘ एक हाईकमान कल्चर’ को लागू कर भाजपा ने बहुत बड़ा जोखिम लिया है, जो भविष्य में आत्मघाती भी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर ही पार्टी का पूरी तरह आश्रित हो जाना संगठन की आंतरिक कमजोरी को दर्शाता है। यानी जब मोदी भी नहीं रहेंगे, तब क्या होगा? इसके अलावा इन तीन राज्यों में बिल्कुल ताजा चेहरों की ताजपोशी के साथ राजनीतिक और जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश है। छग में आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय को सीएम बनाकर समूचे आदिवासी समुदाय को यह संदेश दिया गया है कि आदिवासी भी हिंदू ही हैं और वो हमारे लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह मप्र में बिल्कुल अप्रत्याशित चेहरे डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाकर यूपी और बिहार के यादवों को भी संदेश दिया गया है कि वो क्षेत्रीय पार्टियों के मोह से उबरें और भाजपा से जुड़ें। मप्र और राजस्थान में दलित डिप्टी सीएम बनाकर बहनजी मायावती और उनकी पार्टी के समर्थकों को संदेश है कि भाजपा में दलितों के लिए भी पूरी जगह है। दिलचस्प बात यह है कि विस चुनाव के दौरान तीनों राज्यों में कांग्रेस पूरे समय ओबीसी जातिजनगणना का मुद्दा उठाती रही, लेकिन जिस तेलंगाना में वह स्पष्ट बहुमत के साथ चुनाव जीती, वहां उसने किसी ओबीसी के बजाए रेवंत रेड्डी के रूप में एक अगड़े को ही मुख्यमंत्री बनाया। 26 विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक 19 दिसंबर को होनी है। उसमें लोकसभा सीटों के बंटवारे के किसी फार्मूले पर बात होती है या नहीं, यह देखने की बात है। लेकिन हो भी गया तो थके चेहरों और सतही जोश से लोकसभा चुनाव की जंग कैसे जीती जाएगी, यह देखने की बात है। बहरहाल चुनाव रणविजय शास्त्र की क्लास में भाजपा से कुछ तो सबक लेने ही चाहिए।

संसद की सुरक्षा में भारी चूक : दो घटनाएं, 4 गिरफ्तार, लोकसभा में धुआं ही धुआं.

Serious lapses in Parliament security: Two incidents, 4 arrested, chaos in the Lok Sabha दिल्ली: संसद पर हमले की बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है. दरअसल, बुधवार दोपहर करीब एक बजे दो लोग लोकसभा में दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद पड़े और पीली गैस का स्प्रे करने लगे. इसके बाद इनमें से एक शख्स लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की तरफ दौड़ने लगा. इन आरोपियों के सदन में कूदने के बाद वहां मौजूद सांसदों ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों आरोपियों को सदन के अंदर ही पकड़ लिया. इस घटना को लेकर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि घटना की जांच हो रही है. दोनों आरोपी पकड़े गए हैं और इनके पास से सभी तरह की सामग्री को जब्त कर लिया गया है. वहीं, संसद के बाहर नारेबाजी कर रही एक महिला और शख्स को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हालांकि, बाद में इन सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दर्शक दीर्घा अगले आदेश तक के लिए बंद इस घटना के बाद दर्शक दीर्घा को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है. दरअसल, दोनों युवकों ने दर्शक दीर्घा के जरिए ही घटना को अंजाम दिया. दो गुट में आए थे आरोपी बता दें कि आरोपी शख्स ने सदन के अंदर फ्लोरोसेंट गैस का छिड़काव भी किया. खास बात ये है कि हमला करने वाले लोग दो अलग-अलग ग्रुप में आए थे. एक ग्रुप संसद के अंदर गया जबकि दूसरा ग्रुप संसद भवन की इमारत के बाहर ही रुका रहा. दिल्ली पुलिस ने बाहर मौजूद आरोपियों को पकड़ा लिया है जबकि अंदर घुसे शख्स को संसद भवन के अंदर ही पकड़ लिया गया है. संसद के अंदर जो 2 लोग पकड़े हैं ,उनमें एक नाम सागर शर्मा है और दूसरे का नाम मनोरंजन डी है. ये दोनों कर्नाटक के हैं. बीजेपी सांसद ने कही ये बात बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि लोकसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान अचानक दो लड़के विजिटर्स गैलरी से नीचे कूद गए, उन्होंने पीले रंग की गैस भी छोड़ी. यह सिक्योरिटी लैप्स का मामला है. लोकसभा की सिक्योरिटी ब्रीच हुई है. हालांकि सांसदों ने तुरंत उन लड़कों को पकड़ लिया. “20 साल के थे दो युवक” वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अचानक करीब 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद पड़े और उनके हाथ में टिन के डिब्बे थे, जिनसे पीला धुआं निकल रहा था. उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर भागने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने नारे लगाए. यह धुआं जहरीला हो सकता था.संसद हमले की बरसी के दिन यह सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है !

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Rajendra Shukla, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Jagdish Devda, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव लेंगे शपथ, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Chief Minister of the state, Mohan Yadav, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal.

वन एवं पर्यावरण स्वीकृति हुई आसान, केंद्र ने किया वन एवं पर्यावरण नियमों में संशोधन.

Approval for forest and environment became easier as the central government made amendments to the forest and environmental regulations. उदित नारायण,    भोपाल। केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को सरल कर दिया है ताकि बड़े प्रोजेक्ट के क्लीयरेंस जल्द से जल्द मिल सके। नए संशोधन के तहत अब कंसलटेंट वन और पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए सीधे तकनीकी कमेटी को फॉरेस्ट और पर्यावरण  के लिए अपना प्रस्ताव भेज सकेंगे। यानी अब सिया कमेटी की भूमिका को निष्प्रभावी बना दिया गया है।  केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक डेटा संचालित तरीके से हितधारकों और तकनीकी मूल्यांकन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए, मंत्रालय ने जीआईएस, एडवांस डेटा एनालिटिक्स आदि जैसी उभरती तकनीकी परिवेश के दायरे का विस्तार किया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के नियमों में संशोधन करते हुए कठिन और जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने की कोशिश की है। अब से, सभी नए प्रस्ताव चाहे किसी भी प्रकार के हों, प्रारंभिक जांच के लिए सदस्य सचिव (एमएस), एसईएसी ( स्टेट  एक्सपर्ट अप्रैज़ल कमेटी ) को प्रस्तुत किए जाएंगे। परिवेश पोर्टल पर ही संबंधित एसईआईएए को स्पष्ट सिफारिशें करने के लिए विशेषज्ञ समिति (एसईएसी) द्वारा जांच और आगे विचार किया जाएगा। नए संस्करण ने अब एमएस, एसईएसी को उपरोक्त ओएम में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार मानक टीओआर जारी करने में सक्षम बना दिया है। क्या थी पुरानी व्यवस्था संशोधन के पहले तक व्यवस्था यह थी कि प्रोजेक्ट के कंसलटेंट को अपने प्रस्ताव को पहले सिया कमेटी के किंतु-परंतु बिंदुओं के सवालों जवाबों से गुजरना पड़ता था। इसके कारण प्रस्ताव को वन और पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था। कई बार ऐसा भी हुआ कि सरकारी प्रोजेक्ट भी सिया कमेटी के समक्ष ही महीना और वर्षों तक लंबित रहे। इन समस्याओं को लेकर कई बार भारत सरकार केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को शिकायत भी कई गई और इस शिकायत के आधार पर नया संशोधन आदेश जारी किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी नए व समर्पित कार्यकुशल लोगों को जिम्मेदारी देने में अग्रिम. 

The Bharatiya Janata Party is ahead in entrusting responsibilities to new and dedicated Party Workers. अनुपम सचान, सहारा समाचार   भोपाल..जब विधानसभा का चुनाव किसी मुख्यमंत्री के नाम के बगैर लड़ा जा रहा था तब यह चर्चा रही कि क्या इस बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री कोई नया चेहरा लेकर आएगी मोहन यादव का मुख्यमंत्री पद पर आसीन होना, देश को व प्रदेश को कई संदेश देता है. एक तो यह कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है जिसका कोई भी कार्यकर्ता किसी भी पद तक अपने सम्मान एवं परिश्रम के आधार पर दायित्व पा सकता है भारतीय जनता पार्टी नए व समर्पित कार्यकुशल लोगों को जिम्मेदारी देने में अग्रिम है छत्तीसगढ़ के लिए चुने गए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिन्होंने सरपंच बनने से लेकर लोकसभा और अब प्रदेश में मुख्य के पद को संभाला है यही संदेश देता है राजस्थान के लिए चुने गए मुख्य मंत्री भजन लाल शर्मा जो राजस्थान विधान सभा सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं  जब द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति पद को संभाला तब भी देश को यही संदेश मिला था राजनीति सत्ता का अहंकार नहीं सेवा का माध्यम है मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की जो मृदुल छवि थी. वह छवि बरक़रार है और जैसा कुशल नेतृत्व उन्होंने किया, उसके प्रशंसक कम नहीं हैं यही उम्मीद अब प्रदेश की जनता करती है एबीवीपी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करके वह संघटन में दी सेवाओं के अनुभव एवं उच्च शिक्षा मंत्री के बाद अब मोहन यादव मध्यप्रदेश को अपने विशिष्ट कौशल से देश प्रदेश को संपन्नता वह सुशासन से धड़कता हृदय देश बनाने में कोई कमी नहीं रखेंगे। भारत अब अच्छे से महसूस करता है कि यदि केंद्र में प्रखर राष्ट्रप्रेमी शासक आसीन हो तो प्रदेश में भी लीक से हटकर साम्प्रदायिक जातिवादी और क्षेत्रीय मानसिकता से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री चुना जाता है। तुष्टीकरण की राजनीति से देश अब मुक्त हो चला है और युवाओं को राजनीति में आकर काम करना एक अच्छा विकल्प दिखने लगा है।

भजनलाल शर्मा होंगे राजस्थान के नए मुख्यमंत्री, सांगानेर सीट से हैं विधायक

Bhajan Lal Sharma will be the new Chief Minister of Rajasthan. He is a legislator from the Sanganer constituency. जयपुर! राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। भाजपा की तरफ से विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का एलान किया है। रक्षामंत्री राजस्थान सिंह व पार्टी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की गई। राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। भाजपा की तरफ से विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का एलान किया है। रक्षामंत्री राजस्थान सिंह व पार्टी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की गई। भजन लाल शर्मा एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री और राजस्थान विधान सभा के सदस्य के रूप में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं । वह चार बार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव भी रहे । 2023 के राजस्थान विधान सभा चुनाव के बाद , उन्हें सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में चुना गया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों के अंतर से हराकर अपना स्थान सुरक्षित किया।

सर्दी के मौसम में तेजी से फैलता है इन्फ्लूएंजा वायरस.

 The influenza virus spreads rapidly during the cold weather. फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है, जो नाक, गला और फेफड़ों को संक्रमित करता है। The flu is caused by the influenza virus, which infects the nose, throat, and lungs. Manish Trivedi, Sub-Editor, Sahara Samachaar. ठंड के मौसम में बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इस मौसम में कई मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी और फ्लू का खतरा अधिक रहता है। फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है, जो नाक, गला और फेफड़ों को संक्रमित करता है। ठंड के मौसम में बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इस मौसम में इन्फ्लूएंजा वायरस अधिक सक्रिय रहता है। सर्दी में ठंडी हवाएं और गिरता तापमान सबसे ज्यादा परेशान करता है। इस मौसम में कई मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी और फ्लू का खतरा अधिक रहता है। इस मौसम में फ्लू लोगों को बेहद प्रभावित करता है। मेडिसिन विभाग के सह प्राध्यापक डा. अशोक ठाकुर ने बताया कि फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है, जो नाक, गला और फेफड़ों को संक्रमित करता है। जब फ्लू से पीड़ित लोग खांसते, छींकते या आपस में बात करते हैं तो ये वायरस हवा के जरिए एक-दूसरे में फैलने लगता है। यह वायरस सबसे आसानी से फैल जाता है। कोविड के प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए इससे बचाव के लिए हमें कोविड की तरह प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए। जैसे मास्क लगाकर रखें, बार-बार हाथ धोएं, भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। खासकर घर में यदि कोई व्यक्ति बीमार है, तो उससे दूरी बनाकर रखना चाहिए। इस मौसम में सबसे अधिक समस्या सांस के मरीज को होती है। उन्हें अपना विशेष तौर पर ध्यान रखने की आवश्यकता है। ऐसे में खानपान में ठंडी चीजों को नहीं खाना चाहिए। जिन लोगों की जिस भी तरह के खाने से एलर्जी है, उसे खाने से बचना चाहिए।सर्दी में मौसमी बीमारियों से बचाव करने के लिए टीका लगना जरूरी है। फ्लू से बचाव के लिए नियमित रूप से साबुन से अपने हाथ धोएं या फिर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। हाथों को अपनी आंखें, नाक, या मुंह को छूने से बचें।

22 जनवरी को होगा राम मंदिर का उद्घाटन, इससे पहले गर्भ गृह की फोटो आई सामने.

The inauguration of the Ram Temple will take place on January 22, and before this, a photo of the sanctum sanctorum has been revealed. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर है। जिसका उद्घाटन आने वाले नए साल यानी साल 2024 में 22 जनवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। The construction work of the Ram Temple in Ayodhya is in full swing. Its inauguration is set to take place on January 22, 2024, by the Prime Minister of the country, Narendra Modi, in the upcoming new year.” इसके प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी भी तेज हो चुकी है। मंदिर के लोकार्पण को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था की जा रही है। इसी बीच मंदिर के गर्भगृह की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई है। बता दें कि इन तस्वीरों को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और महासचिव चंपत राय ने अपने ऑफिशियल पेज एक्स (ट्वीटर पहले) पर शेयर किया है। महासचिव ने लिखी ये बातेंदरअसल, राम मंदिर ट्रस्च के महासचिव चंपत राय ने फोटोज शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “भगवान श्री रामलला का गर्भ गृह स्थान लगभग तैयार हो चुका है। हाल ही में लाइटिंग और फिटिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। जिसकी कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं।” इस तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दीवार और गुंबद पर शानदार नकाशी की गई है जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कितना प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा?मंदिर के निर्माण कार्य को लेकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि 95% कार्य पूरा कर लिया गया है और बाकी के कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि 22 जनवरी को मंदिर परिसर समेत पूरे शहर में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। जिसका सीधा लाइव प्रसारण किया जाएगा। इस दौरान भजन, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का भी प्रसारण होगा। इस भव्य समारोह के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएगी ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। वहीं, मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पुजारी को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। राम भक्त इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्वभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे।

आखिर अनुच्छेद 370 क्या था, सरकार ने इसे क्यों हटाया, फैसले के बाद घाटी में क्या बदला?

What is Article 370, Why Government remove article 370, after removal what are the changes in Ghati. धारा 370 भारतीय संविधान का एक विशेष अनुच्छेद था, जो जम्मू-कश्मीर को भारत में अन्य राज्यों के मुकाबले विशेष अधिकार प्रदान करता था। Article 370 was a special provision in the Indian Constitution that granted specific privileges to the region of Jammu and Kashmir, distinguishing it from other states in India. इसे भारतीय संविधान में अस्थायी और विशेष उपबन्ध के रूप में भाग 21 में शामिल किया गया था। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर आज सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा है कि 5 अगस्त 2019 का निर्णय वैध था और यह जम्मू कश्मीर के एकीकरण के लिए था। बता दें कि 2019 में जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला अनुच्छेद-370 खत्म कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण चार साल बाद यह अनुच्छेद फिर चर्चा फिर में आ गया है। इससे पहले कोर्ट में अनुच्छेद-370 हटाने को चुनौती दी गई थी। इससे जुड़ी 20 से ज्यादा याचिकाएं कोर्ट में थीं जिसको लेकर सोमवार को फैसला आया है। आइये जानते हैं कि अनुच्छेद 370 क्या है? सरकार ने इसे क्यों हटाया? अनुच्छेद-370 के बारे में5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद-370 खत्म कर दिया था। यह कानून जम्मू-कश्मीर में करीब सात दशक से चला आ रहा था। दरअसल, अक्तूबर 1947 में कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ एक विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कहा गया कि तीन विषयों के आधार पर यानी विदेश मामले, रक्षा और संचार पर जम्मू और कश्मीर भारत सरकार को अपनी शक्ति हस्तांतरित करेगा। इतिहासकार प्रो. संध्या कहती हैं, ‘मार्च 1948 में, महाराजा ने शेख अब्दुल्ला के साथ प्रधानमंत्री के रूप में राज्य में एक अंतरिम सरकार नियुक्त की। जुलाई 1949 में, शेख अब्दुल्ला और तीन अन्य सहयोगी भारतीय संविधान सभा में शामिल हुए और जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति पर बातचीत की, जिससे अनुच्छेद-370 को अपनाया गया।’ अनुच्छेद-370 के प्रावधान क्या थे? जम्मू-कश्मीर का संविधान 17 नवंबर 1956 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1957 को लागू हुआ था। 5 अगस्त 2019 को भारत के राष्ट्रपति ने एक आदेश जारी करके जम्मू और कश्मीर के संविधान को निष्प्रभावी बना दिया था। इसे ‘संविधान (जम्मू और कश्मीर के लिए आवेदन) आदेश, 2019 (सीओ 272)’ नाम दिया गया था। अनुच्छेद-370 हटने के बाद क्या हालात हैं?2019 में जब अनुच्छेद-370 खत्म किया गया था, तब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने कुछ हद तक स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की थी। घुसपैठ के जरिए हिंसा कराने की खूब कोशिश हुई, लेकिन सुरक्षाबलों ने सभी को नाकाम कर दिया गया। केंद्र सरकार ने विशेष तौर पर जम्मू कश्मीर के विकास पर फोकस करना शुरू कर दिया। अब हर बजट में जम्मू कश्मीर के लिए विशेष प्रावधान किए जाते हैं, ताकि यहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब जम्मू-कश्मीर संयुक्त राष्ट्र के दागी लिस्ट से बाहर हुआ। पिछले कुछ समय में राज्य में पर्यटन में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। जहां घाटी में दशकों बाद सिनेमा खुलने लगे हैं तो, वहीं पत्थरबाजी की घटनाएं और बंद के आव्हान लगभग शून्य हो चुके हैं। राज्य में निवेश की संभवनाएं लगातार बढ़ रही हैं और हर क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुल रहे हैं।

भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज, क्‍या आज घोषित होगा मप्र का मुख्‍यमंत्री या आलाकमान करेगा तय.

Excitement is high before the BJP legislative party meeting; will Madhya Pradesh’s Chief Minister be announced today, or will a consensus be reached. आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। Today, a meeting of the BJP legislative party has been called in the capital. There is a flurry of activity ahead of the Madhya Pradesh BJP legislative party meeting. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद अब मुख्‍यमंत्री चुनने की बारी है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। दिल्ली: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के चयन पर राज्य के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्मण ने कहा, “आज शाम विधायक दल की बैठक होगी। मनोहर लाल खट्टर की 3 सदस्यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। राजनीतिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि क्‍या आज घोषित होगा मध्‍य प्रदेश का मुख्‍यमंत्री या बैठक के बाद आलाकमान इस बारे में कोई निर्णय लेगा।केंद्रीय पर्यवेक्षक ये बोले हालांकि भोपाल पहुंंचने से पहले भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्‍मण ने एएनआइ से कहा है कि 3 सदस्‍यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक पार्टी के कार्यालय में दोपहर बाद होनी है। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डा के लक्ष्‍मण और भाजपा की राष्‍ट्रीय सचिव आशा लकड़ा भोपाल पहुंच चुकी हैं। मप्र भाजपा अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने विमानतल पर पर्यवेक्षकों का स्‍वागत किया। वीडी शर्मा ने कही ये बात भोपाल आगमन के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। वहीं मीडिया से बातचीत में वीडी शर्मा ने कहा कि हम राज्‍य के लिए मुख्‍यमंत्री चुनेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए विधायकों के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया है। बैठक से पहले विधायकों को किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से रोका गया है। 3 दिसंबर से ही चल रही अटकलें उल्‍लेखनीय है कि 3 दिसंबर को मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही मध्‍य प्रदेश में मुख्‍यमंत्री पद के लिए चर्चाओं का दौर आरंभ हो गया था।चल रही ये अटकलें , मप्र के मुख्‍यमंत्री के नाम को लेकर अनेक अटकलों का दौर जारी है। इनमें श‍िवराज सिंह चौहान के साथ ही नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, विष्‍णुदत्‍त शर्मा और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया का नाम प्रमुख है। इसके साथ ही भूपेंद्र सिंह, राकेश सिंह और सुमेर सिंह सोलंकी का नाम भी सामने आया है।

विधान सभा में प्रचंड बहुमत के बाद भी भाजपा को लोक सभा में खतरा.

Despite a sweeping majority in the legislative assembly, BJP faces a threat in the Lok Sabha. प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को अविश्वसनीय प्रचंड जीत मिली है, लेकिन इसके बाद भी खतरे की घंटी भी बजी है। दरअसल इस जीत के बाद भी दस लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस को भाजपा की अपेक्षा अधिक मत मिले हैं, जिसकी वजह से भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि इन दस में से नौ पर अभी भाजपा के सांसद हैं। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा को अगले साल के शुरुआती महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को अतिरिक्त मेहनत करने की चुनौती मिल गई है। दरअसल मई माह में लोकसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सीट तो पहले से ही चुनौती बनी हुई थी , ऐसे में उसके सामने नौ नई सीटों की भी चुनौती दिखना शुरु हो गई है। हालांकि इसी तरह के कुछ आसार बीते विधानसभा चुनाव में भी बने थे , लेकिन लोकसभा परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आए थे। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी कुछ इसी तरह के परिणाम आ सकते हैं। दरअसल इस बार अगर विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो , प्रदेश की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस जीती है। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पिछले चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली थी। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। अहम बात यह है कि इसके बाद भी प्रदेश की पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिनके परिणाम बताते हैं कि वे भाजपा के लिए बेहद सुरक्षित हैं। इसकी वजह है, इन सीटों की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को ही जीत मिली है और वह भी बड़े अंतर से। इनमें खजुराहो, होशंगाबाद, देवास, इंदौर और खंडवा लोकसभा की सीटें शामिल हैं। इनके अलावा सागर, दमोह, रीवा, सीधी, जबलपुर, विदिशा और मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में केवल एक-एक विधानसभा सीट पर ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस हिसाब से देखें तो यह सीटें भी भाजपा के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। दरअसल गुना में बामोरी और अशोकनगर सीट पर कांग्रेस को जीत मिली है , जबकि शेष सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। इसी तरह सागर में एक बीना पर कांग्रेस, दमोह में एक मलहरा पर कांग्रेस, सतना में दो सीट सतना और अमरपाटन पर कांग्रेस, रीवा में एक सेमरिया सीट पर कांग्रेस, सीधी में एक चुरहट पर कांग्रेस, शहडोल में एक पुष्पराजगढ़ पर कांग्रेस, जबलपुर में एक जबलपुर पूर्व पर कांग्रेस, विदिशा में एक सिलवानी पर कांग्रेस, भोपाल में दो भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य पर कांग्रेस, राजगढ़ में दो राघोगढ़, सुसनेर पर कांग्रेस, उज्जैन में दो महिदपुर, तराना पर कांग्रेस, मंदसौर में एक मंदसौर पर कांग्रेस, बैतूल में दो सीटें टिमरनी और हरदा पर कांग्रेस विजयी हुई है। वहीं शेष सीटों पर भाजपा जीती है।यह हैं चुनौती वाली सीटों का गणितजिन सीटों पर चुनौती दिख रही है उनमें लोकसभा सीट मुरैना भी शामिल है। इस सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर कांग्रेस को जीत मिल है। इन सीटों में श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अम्बाह है, जबकि भाजपा को सबलगढ़, सुमावली और दिमनी में जीत मिली है। इस सीट पर मिले मतों को देखें तो कांग्रेस को 5,00666 और भाजपा को 4,11601 मत मिले। इसी तरह से लोकसभा सीट भिंड की बत की जाए तो इस सीट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से चार पर कांग्रेस व चार पर भाजपा को जीत मिली है। इनमें अटेर, गोहद, भांडेर और दतिया में कांग्रेस, तो सेवड़ा, भिंड, लहार और मेहगांव में भाजपा को जीत मिली है। इस सीट पर भी मतों के मामले में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस को 532146 और भाजपा को 525252 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट पर भी भिंड की ही तरह कांग्रेस ने ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर पूर्व, डबरा, पोहरी पर जो भाजपा ने ग्वालियर, करैरा, ग्वालियर दक्षिण और भितरवार पर जीत दर्ज की है। इसी तरह से कांग्रेस को 700861 और भाजपा को 677611 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट टीकमगढ़ में तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है। इनमें टीकमगढ़, पृथ्वीपुर और खरगापुर शामिल है, जबकि भाजपा को जतारा, निवाड़ी,महाराजपुर, छतरपुर और बिजावरमें जीत मिली है। मतों की बात की जाए तो कांग्रेस को 531464 और भाजपा को 606817 मत मिले हैं। इसी तरह से मंडला लोक सभा सीट पर कांग्रेस को डिंडोरी, बिछिया, निवास, कैवलारी, लखनादौन सीटों पर , जबकि भाजपा को शहपुरा, मंडला, गोटेगांव में जीत मिली है। इसी तरह से कांग्रेस को 740509 और भाजपा को 628529 मत मिले हैं। लोकसभा सीट बालाघाट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से कांग्रेस को चार बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी में जबकि भाजपा को लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी सीट पर जीत मिली है। इस सीट के तहत आने वाली विस सीटों पर कांग्रेस को 735122 और भाजपा को 649037 मत मिले हैं।

भारत-साउथ अफ्रीका के बीच पहले T20I पर बारिश ने फेरा पानी.

Rain played spoilsport in the first T20I between India and South Africa. टॉस के लिए भी मैदान में नहीं आ सके कप्तान भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला डरबन में बारिश की भेंट चढ़ गया और टॉस भी नहीं हो सका. स्टोरी हाइलाइट्स: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला T20I हुआ रद्द बारिश के चलते पहले टी20 में फिरा पानी भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया. साउथ अफ्रीका के डरबन में होने वाले मैच से पहले टीम इंडिया का स्वागत बारिश ने किया और इसके चलते टॉस तक नहीं हो सका. जिससे टीम इंडिया के खिलाड़ी मैच होने का इंतजार करते-करते फिर बिना खेले होटल को लौट गए. इसके साथ ही फैन को भी भारत-साउथ अफ्रीका के बीच पहले टी20 का रोमांच देखने को नहीं मिला. डरबन के मैदान में मैच से पहले ही बारिश हो रही थी और बाद में रुकी ही नहीं, जिसके चलते इसे रद्द करना ही अंतिम विकल्प बचा. अब भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टी20 मैच 12 दिसंबर को ग्केबरा में खेला जाएगा. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया अपने घर में पांच मैचों की टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से हराने के बाद साउथ अफ्रीका पहुंची थी. जहां पर अगले साल 2024 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से इस सीरीज को काफी अहम माना जा रहा है. लेकिन तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले डरबन में होने वाले मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी.

राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन को विष्णु देव साई ने समर्थन पत्र सौंपा.

Vishnu Dev Sai presented a letter of support to Governor Shri Vishwabhusan Harichandan. भारतीय जनता पार्टी छ्त्तीसगढ़ के विधायक दल के नेता चुने जाने पर माननीय श्री Vishnu Deo Sai जी ने माननीय राज्यपाल श्री Biswa Bhusan Harichandan जी से मुलाकात कर उन्हें समर्थन पत्र सौंपा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रभारी माननीय श्री Om Prakash Mathur जी, माननीय केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव सह प्रभारी श्री Mansukh Mandaviya जी, माननीय केंद्रीय मंत्री एवं पर्यवेक्षक श्री Arjun Munda जी एवं माननीय प्रदेश अध्यक्ष एवं लोरमी विधायक श्री Arun Sao जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

गरीब, शोषित, पीड़ित और मजदूर वर्ग को उनका हक दिलाना ही मानवाधिकारो का उद्देश्य है: रविंद्र सिंह तोमर.

Empowering the poor, oppressed, distressed, and the labor class to ensure their rights is the aim of human rights: Ravindra Singh Tomar. ग्वालियर! अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवश 10 दिसंबर के अवसर पर मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दिल्ली अल्पसंख्यक दिल्ली सरकार सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में विशाल रैली का आयोजन कर एवं जनसभा कर आम जन को उनके मानवाधिकारो के प्रति जागरूक किया गया । रैली फूलबाग़ से महाराज बाड़े तक निकाली गयी एवं मानस भवन फूलबाग पर विशाल जनसभा मानवाधिकारों के संदर्भ में आयोजित की गयी जनसभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सदस्य अल्पसंख्यक आयोग (राज्यमन्त्री दर्जा ) रविंद्र सिंह तोमर ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग मजदूरों एवं ग्रामीण पिछड़े इलाको के लोगो के मानवाधिकारो का हनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है! काम के बदले उचित पारिश्रमिक मिले ये हर मजदुर का हर भारतीय का मौलिक अधिकार भी है और मानवाधिकार भी है परन्तु वर्तमान में ना केबल मजदूरों का वल्कि पड़े लिखे नौजवानो को प्राइवेट क्षेत्र में उचित मेहनताना नहीं दिया जा रहा है! और श्रम कानून का भी उल्ल्घन भी किया जा रहा परन्तु चुकी आम जन को उनके मानवाधिकारो का ज्ञान नहीं है जिसके आभाव में वे शोषण सहन करते है साथ ही श्री तोमर ने पुलिस द्वारा सबसे अधिक मानवाधिकार हनन की बात कही| तोमर ने बताया की संस्था मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग को सबसे ज्यादा पुलिस प्रताड़ना से संबधित शिकायत मिलती है एवं ज्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष की पुलिस द्वारा प्रथामिक सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी होती जबकि प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाना हर पीड़ित का अधिकार है! तोमर ने बताया की संस्था देश भर में मानवाधिकार जागरूकता कैंप एवं जनसुनवाई शिविर लगाकर आम जन को उनके मानवाधिकार के प्रति जागरूक कर रही है एवं मानवाधिकार हनन के शिकार पीड़ितों को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माध्यम से न्याय भी दिलवा रही है!इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष तोमर द्वारा शासन प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियो को उत्कृष्ट सेवा कार्य करने पर मानवाधिकार रत्न सम्मान दिया गया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मीना ने बताया कि कर्तव्यों की वकालत तो सब करते हैं लेकिन अगर हर व्यक्ति अमल करें तो मानव अधिकारों की जरूरत ही ना पड़े अपने अधिकारों को समझना और पालन करना यही मानव अधिकार बताता है ।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन कटारे, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सह सचिव भानु व्यास, संभागीय अध्यक्ष अखिलेश परिहार, जिला अध्यक्ष विष्णु जादौन ,प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंसाना प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग संजय कंसाना, ग्वालियर ग्रामीण अध्यक्ष प्राण सिंह छवाई ,विधान सभा अध्यक्ष सोनू जादौन, विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र महोबिया, जिला मीडिया प्रभारी सोनू कौशल, जिला महसचिव तरुण राठौर ,जिला सचिव धर्मेंद्र खटीक ,प्रदेश महासचिव नरेश तोमर ,जिला अध्यक्ष यूथ राहुल चौहान ,प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्म परमार ,जिला उपाध्यक्ष बहादुर कुशवाह उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट धर्म सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीना जी को स्मृति चिन्ह देकर फूल माला पहनकर सम्मानित किया गया। इनका किया सम्मान….. डीएसपी नागेंद्र सिंह भदोरिया ,टीआई अजय पवार ,टी आईआर बी परिहार , टी आई नरेंद्र वर्मा टी इला टंडन, टी आई प्रीति भार्गव ,टीआई जितेंद्र सिंह तोमर, टीआई राजेश तोमर, टी आई यशवंत गोयल, समाजसेवी सुधीर त्रिपाठी, एडवोकेट धर्म सिंह चौहान को मानव रन मेडल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कौन हैं मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद, लोकसभा चुनाव में BSP के लिए करेंगे कमाल?

Who is Mayawati’s successor Akash Anand, set to make a mark for BSP in the Lok Sabha elections? बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती के इस एलान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है। चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आकाश आनंद कौन हैं? लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती के इस एलान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है। चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आकाश आनंद कौन हैं? आकाश आनंद, बसपा सुप्रीमो मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। आकाश ने लंदन के बड़े कॉलेज से एमबीए की डिग्री हासिल की है। आकाश पिछले कई सालों से पार्टी में एक्टिव थे, यूथ को जोड़ने के लिए आकाश ने हाल में हुए तीन राज्यों के विधासनभा चुनाव की जिम्मेदारी संभाली थी। साल 2017 में हुई थी एंट्रीबता दें मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद की अचानक एंट्री नहीं हुई है। साल 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव हारने के बाद बसपा सुप्रीमो ने उन्हें जनता के सामने पेश किया था। साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने आकाश को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था। इसी समय बसपा का सपा के साथ गठबंधन टूट गया था और आकाश आनंद को पार्टी का नेशनल कॉर्डिनेटर घोषित किया गया है। मायावती ने घोषित किया उत्तराधिकारीइसके बाद साल 2022 में हुए हिलाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा के स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गई, जिसमें आकाश का नाम मायावती के बाद दूसरे नंबर पर था। उन्हें विभिन्न राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी कैडर को तैयार करने का काम भी सौंपा गया था। अब मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। हालांकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मायावती ही पार्टी की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि अन्य राज्यों में आकाश आनंद पार्टी का नेतृत्व करेंगे। बसपा के लिए करेंगे कमाल?सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर बसपा को बढ़ाने वाले आकाश आनंद परंपरागत राजनीति से इतर, हर मोर्चे पर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में कामयाब रहे हैं। सोशल मीडिया पर आकाश का अकाउंट काफी एक्टिव रहता है और वह युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए काफी कोशिशें भी कर रहे हैं। एक प्रश्न लगातार उठ रहा है कि क्या मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा के लिए कुछ कमाल करेंगे?

पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है हम आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में पोस्ट के बाद अफसरों में सन्नाटा.

In the cycle of positions upheaval occurs, Silence prevails among officers after the post in the IFS Association WhatsApp group is altered. उदित नारायण भोपाल। 1993 बैच के आईएफएस शशि मलिक ने सेवानिवृत के आठ महीने पहले एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप पर अपने भावनाओं को संकलित कर ब्लॉग के रूप में एक पोस्ट किया है। एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में ब्लॉग पोस्ट होते ही लोकसेवक बिरादरी में सन्नाटा खींच गया। मलिक ने लिखा है कि पदस्थापना को बदलवाने के फेर में हम ऐसे दुष्चक्र में फंस जाते कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें नहीं मिला पाते है. हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है।नए साल के जुलाई में रिटायर होने वाले शशि मलिक जहां भी सदस्य रहे, वहां सुर्खियों में बने रहे। वर्तमान में वे मुख्यालय के समन्वय शाखा में प्रमुख हैं। यहां का पदभार संभालते ही उन्होंने तृतीय और चतुर्थ कर्मचारी को कार्यालय में गणवेश (वर्दी) पहनकर आने की अनिवार्यता आदेश जारी कर सुर्खियों में है। इसकी वजह यह है कि मुख्यालय में ही उनके आदेश का माख़ौल उड़ाया जा रहा है। अपने तमाम पदस्थापनाओं के दौरान अनुभवों को समेटते हुए एक ब्लॉग में लिखा कि कई बार हम अपनी वर्तमान पद स्थापना से संतुष्ट नहीं होते है तथा येन-केन-प्रकारेण पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में हमारा कई प्रकार से दोहन किया जाता है। जिसका प्रभाव पुनः हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ता है। इस प्रकार हम एक दुष्चक्र में फंस जाते है जिससे निकलने का हमें कोई भी मार्ग नहीं मिलता है। हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है। इस दुष्वक्र में फंसकर हम न तो स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय ले पाते हैं तथा न ही कर्तव्यों का सम्पादन उचित रूप से कर पाते है, जिसकी हमसे अपेक्षा की जाती है। हम अपने वर्तमान की उस समय से तुलना करें, जब हम इस पवित्र शासकीय सेवा के सदस्य नहीं थे। उस समय हमारी विचारधारा क्या थी, हम क्या सोचते थे ? परन्तु शासकीय सेवा में आते ही हमारे विभिन्न प्रकार के स्वार्थ जाग्रत हो जाते हैं तथा हम उन्ही की पूर्ति में लग जाते है। हमें इस प्रकार की मानसिकता से बाहर निकलने की आवश्यकता है। जहां भी हमारी पदस्थापना होती है, हमें उसी में पूर्ण रूप से आनंद लेना चाहिए, क्योंकि कई बार इस दुष्चक्र में फंसकर जाने-अनजाने में हम कोई ऐसा कार्य कर जाते हैं कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें न मिला सकेंगे तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों होने दी जाए ? हमसे अपेक्षा की जाती है कि प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य को हम नौकरी समझ कर नही बल्कि एक पवित्र कार्य मानते हुये निष्काम भाव से पूर्ण करे। हमारे कर्तव्य पालन का केवल एक ही तरीका है।

एचडीएफसी बैंक जबलपुर शाखा द्वारा 46 केंद्रों में रक्तदान अभियान के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया.

HDFC Bank’s Jabalpur branch collected 4661 units of blood across 46 centers through a blood donation campaign. भोपाल! भारत का अग्रणी निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक ने शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से शुरू होने वाले अपने राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान के 15वें संस्करण का आयोजन जबलपुर के विजय नगर शाखा में किया। अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम परिवर्तन के तहत भारत के 1200 शहरों में 6,000 केंद्रों पर रक्तदान शिविर का संचालन किया गया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन निर्मला देवी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक श्री मुनेंद्र मिश्रा जी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री मिश्रा ने एचडीएफसी बैंक द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बैंक व्यवसायिक दायित्वों के निर्वाह के साथ साथ सामाजिक दायित्व के निर्वहन में भी देश का नंबर वन बैंक बन चुका है। एचडीएफसी बैंक के सर्किल हेड श्री अनूप शर्मा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस दान से बड़ा और कोई दान नहीं हो सकता। श्री शर्मा ने शहर के सभी युवाओं को स्वेच्छा से रक्तदान करने का आग्रह किया। गत माह में एचडीएफसी बैंक के जबलपुर सर्किल के द्वारा 45 विभन्न कैंपों के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया गया। एचडीएफसी बैंक अपने कर्मचारियों, ग्राहकों, कॉरपोरेट्स, रक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों सहित विभिन्न प्रकार के रक्त दानदाताओं को जुटाने के लिए तैयार है। इस साल एक अनोखे दृष्टिकोण में एचडीएफसी बैंक ने लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए ‘फीलिंग ऑफ सेविंग समवन नामक एक फिल्म लॉन्च की है। फिल्म व्यक्तियों को इस जीवन रक्षक कार्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है और रक्तदान की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर देती है। यह फिल्म बैंक के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जाएगी, यह जनता के बीच उनके योगदान के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करेगा और अभियान में बड़े पैमाने पर रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा। एचडीएफसी बैंक के कार्यकारी निदेशक, श्री भावेश ज़वेरी ने कहा, “एचडीएफसी बैंक में हम लोगों को इस प्रयास में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में बहुत गर्व महसूस करते हैं, क्योंकि दान किए गए रक्त की हर बूंद एक संभावित जीवन रक्षक है। अपने 15वें अखिल भारतीय रक्तदान अभियान के साथ हम नागरिकों को इस नेक काम में भाग लेने और अपना योगदान देने के लिए एक मंच देना चाहते हैं।” यह पहल 2007 में केवल 88 केंद्रों और 4000 दानदाताओं के साथ शुरू की गई थी जो केवल बैंक कर्मचारियों के बीच ही चलाई गई थी। पिछले कुछ वर्षों में इस अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया और इसमें कॉलेज के छात्रों, कॉरपोरेट्स और सेना और सेवा कर्मियों को शामिल किया गया। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डसा” से सबसे बड़े (सिंगल डे, मल्टीपुल वेन्यू) रक्तदान अभियान के रूप में मान्यता और प्रमाणन प्राप्त हुआ। 2022 में बैंक ने 25 लाख यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया। कुछ महत्वपूर्ण दानकर्ता 1500- कॉलेजों, 550 कॉरपोरेट्स और 105- रक्षा और सेवा कर्मियों से आए जिन्होंने रक्तदान अभियान में भाग लिया। एचडीएफसी बैंक के रक्तदान अभियान के बड़े पैमाने और व्यापक आधार ने देश के समग्र रक्त संग्रह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।रक्तदान शिविर का संचालन जबलपुर शाखा के ऑपरेशन प्रबंधक श्री लीजू जोसेफ ने किया एवं समस्त स्टाफ ने स्वेच्छा से रक्तदान करने आए बैंक के ग्राहकों एवं युवा वर्ग का आभार व्यक्त किया।

विष्णु देव साय होंगे छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में लगी मुहर

Vishnu Dev will be the new Chief Minister of Chhattisgarh, the seal was set in the legislative party meeting. आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय और रेणुका सिंह के नाम पर मुहर लग गई है। रायपुर! छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के पद को लेकर बना संशय रविवार को खत्म हो गया। भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित विधायकों की बैठक में विष्णु देव साय को नया मुख्‍यमंत्री चुना गया। हालांकि इसकी औप‍चारिक घोषणा होना बाकी है। रायपुर: छत्तीसगढ़ भाजपा विधायक दल की बैठक पर भाजपा नेता नारायण चंदेल ने कहा, “वे(विष्णुदेव साय) बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। हमारे प्रदेश अध्यक्ष हैं। बहुत सहज हैं, सरल हैं, विनम्र हैं और एक ऐसा चेहरा हैं जिसका कोई विरोध नहीं कर पाया..नव निर्वाचित विधायकों की बैठक रविवार को हुई। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में इस बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता का चयन किया गया। बैठक के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा व सर्वानंद सोनोवाल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम रायपुर के बीजेपी कार्यालय पहुंचे। बैठक में नवनिर्वाचित प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री व चुनाव सह प्रभारी डा. मनसुख मांडविया, भाजपा संगठन सह प्रभारी नितिन नबीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह भी उपस्थित रहे। इस बीच पर्यवेक्षक अर्जुन मुंडा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा था शाम तक छत्तीसगढ़ को मिल जाएगा नया मुख्यमंत्री। ओबीसी या आदिवासी का फार्मूला इससे पहले पार्टी सूत्रों ने कहा था कि प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में अगर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के चेहरे पर सहमति नहीं बनी तो पार्टी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आदिवासी मुख्यमंत्री के फार्मूले पर विचार कर सकती है। ओबीसी वर्ग से अरुण साव व ओपी चौधरी और आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय और रेणुका सिंह के नाम पर मुहर लगने की संभावना थी। बता दें कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 54 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बहुमत प्राप्त किया है। कांग्रेस 34 सीटों पर सिमट गई है। वहीं, एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के खाते में पहुंची है।

मध्य प्रदेश को नया आयम देने मोदी की गारंटी”

Modi’s guarantee to give Madhya Pradesh a new dimension. संपादकीय, उदित नारायण, Sahara Samachaarभोपाल। मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस का अहम मुद्दा भ्रष्ट सरकार ,भाजपा की छवि को सुधारने हेतु प्रधानमंत्री और अमित शाह ने मिलकर जो रणनीति बनाई उससे कांग्रेस के पास आती प्रतीत हो रही सत्ता हाथ से फिसल गई और आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व मध्य प्रदेश मे केंद्रीय नेतृत्व ने एक साफ सुथरी छवि का मुख्य मंत्री बनाने की कवायद तेज कर दी है, कल विधायक दल की बैठक के बाद निर्णय हो जायेगा कि जाएगा कि मोदी के विकसित भारत बनाने की गारंटी का जिम्मा मध्य प्रदेश मे किसके हाथ होगा, राजनैतिक विश्लेषकों की राय में तो मध्य प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत के बाद मुख्य मंत्री तय करना कठिन हो गया है। लेकिन प्रधानमंत्री, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष ने शायद अपना निर्णय मध्य प्रदेश इकाई को बता दिया है अब कुछ औपचारिकता ही शेष बची है !शिवराज और उनकी “मैनेजमैंट पॉलिटिक्स” लाख इस तथ्य को छुपाने ,दबाने का प्रयास करती रही पर इस कटु सत्य को नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से छुपने का कोई प्रश्न ही नही था ,और इसलिए मध्य प्रदेश का चुनाव “मोदी“ के चेहरे पर लड़े जाने का निर्णय लिया गया और तभी यह तय हो गया था कि मध्य प्रदेश में “शिवराज सरकार “का अंत समीप है ! शिवराज सिंह चौहान और उनके चाटुकार नौकरशाह और मीडिया मैनेजर गर्व से “लाड़ली बहना” का नाम लेते है ! सब जानते है यदि मोदी का चेहरा और “ ब्रॉड मोदी “की गॉरंटी नही होती तो मध्य प्रदेश की “लाडली बहनाये ““कमलनाथ से इस योजना का लाभ लेना पसंद करती ! महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. यथार्थ यह है कि 18 साल में मध्य प्रदेश गरीबी के उस पड़ाव पर पहुंच गया जहाँ महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. ! यदि मोदी की गॉरंटी नही होती तो शिवराज सिंह की भाजपा मध्य प्रदेश मे 80 सीटों पर सिमट जाती !मध्यप्रदेश के जानकार जानते है “लाडली बहना “ शिवराज की “मनी मैनेजमैंट “का उदाहरण है ! मध्य प्रदेश 3.85 लाख करोड के कर्जे मे है ! अपने भृष्टाचार और घोटालो को दबाने के लिए कर्जे उठाकर चुनाव के पहले गरीब लाचार बेरोजगार महिलाओ को 1200 रूपये प्रतिमाह की रिश्वत दी गई है ! नोट के बदले लाचार बेरोजगार कराह रही “बहनाओ “के वोट खरीदने के लिए यह योजना लाई गई थी ! यदि मोदी ने गॉरंटी न दी होती तो बहनाये सरकार के बहकावे में आने वाली नही थी ! देखा जाए तो भाजपा की नई सरकार को मध्यप्रदेश के कर्ज चुकाने हेतु 3.85 लाख करोड़ के “ मोदी पैकेज “की जरूरत पडेगी नही तो प्रदेश के दीवालिया होने का खतरा है !मजे की बात यह है शिवराज सिंह अभी भी खुद को “हीरो “बताकर मुख्य मंत्री बनने के सपने देख रहे थे ! वे चाहते थे कि लोग उन्हे मध्यप्रदेश की जीत का श्रेय दें। इसीलिए वो दिल्ली ना आकर मध्य प्रदेश से भावनात्मक बयान दे जनता और प्रधानमंत्री को सन्देश दे रहे है, बेशक संघ और संगठन के कृपापात्र शिवराज अब भी संगठन पर निगाहें जमाये है लेकिन भ्रष्टाचार और भावना मे चुनावी नुकसान मोल लेने मे संगठन भी साथ नहीं आएगा!तीन राज्यो की “जीत के शिल्पकार “अमित शाह को हर अंधकार को समाप्त करने की मोदी की गॉरंटी याद है इसलिए शिवराज का पुनःमुख्यमंत्री बनना सिर्फ उनकी खुली ऑखो का सपना है क्योकि अमित शाह इतने भोले नही हैं कि शिवराज सिंह पुनः मुख्य मंत्री बनाए। मध्यप्रदेश के 3.85 लाख करोड़ के शिवराज काल के कर्जो को चुकाने केन्द्र से पैकेज देते रहें और शिवराज सिंह को बीजेपी का राजनीतिक शिखर सौप दें ! इसलिए शिवराज सिंह को जाना होगा ! यकीन मानिए जो भी मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री होगा उसका कद और किरदार इतना ऊंचा और उज्जवल होगा मध्य प्रदेश मोदी की पसंद पर नाज कर सकेगा ! सोमवार को 18 साल के तिमिर के छंटने और नए सूर्योदय का इंतजार कीजिए !

INDIA गठबंधन’ का अहम मुद्दा बनेगा चुनावी पारदर्शिता.

The formation of the ‘INDIA Alliance’ will become a crucial issue for electoral transparency. जबलपुर में राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा का बड़ा बयान Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. भोपाल। जबलपुर पहुचे कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने कहा चुनाव में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर संसद, कोर्ट, चुनाव और जनता के बीच जाने का रास्ता खुला है। चुनाव में जो पारदर्शिता होनी चाहिए वह इस चुनाव में नहीं दिखी , चुनाव के पहले ग्राउंड में बदलाव का माहौल दिख रहा था । चुनावी नतीजों के बाद लोगों में आक्रोश दिख रहा है। विवेक तंखा ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था हो जिससे चुनाव निष्पक्ष रूप से हो संपन्न सकें, चुनाव में पारदर्शिता का मुद्दा INDIA गठबंधन का अहम विषय होगा । विपक्ष के अस्तित्व के लिए जरूरी है कि सब मिलकर लड़ाई लड़ें। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के इस्तीफे की अटकलों को बताया कमलनाथ और हाई कमान के बीच का मामला है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला न होने को लेकर विवेक तन्खा का कहना है कि मुख्यमंत्री के चयन को भाजपा की आंतरिक रणनीति का हिस्सा बतया है।

सीएम पद पाने दावेदार टस से मस नहीं, एमपी-राजस्थान और छत्तीसगढ़ में फंसा पेंच.

The aspirant claiming the Chief Minister position is not making headway despite efforts; caught in a deadlock between Tussle in Madhya Pradesh, Rajasthan, and Chhattisgarh. भाजपा को सीएम चुनने में जब भी 5 दिन से ज्यादा वक्त लगा, हो गया यह खेला, भाजपा को सीएम चुनने में आ रहा पसीना उदित नारायणभोपाल। विधानसभा चुनाव परिणाम 2023 के 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री नहीं चुन पाई है। बड़े से लेकर छोटे नेता तक एक ही बात कह रहे हैं- सबकुछ हाईकमान तय करेंगे। हाईकमान मतलब नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा। हालांकि, मुख्यमंत्री चुनने में हो रही देरी के गणित ने बड़े नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी है। बीजेपी ने जब भी मुख्यमंत्री चुनने में 5 दिन से ज्यादा का वक्त लगाया, तब पार्टी ने पुराने के बदले नए चेहरे को तरजीह दी।मसलन, 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी ने 9 दिन का समय लगाया था। उस वक्त राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा जैसे बड़े नेता मुख्यमंत्री की रेस में शामिल थे, लेकिन बीजेपी ने नए चेहरे महंथ योगी आदित्यनाथ को सीएम की कुर्सी सौंपी।उसी साल उत्तराखंड के चुनाव में भी बीजेपी को जीत मिली थी। पार्टी को यहां भी मुख्यमंत्री चुनने में 8 दिन का वक्त लग गया था। पार्टी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया था, जबकि बीएस खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक जैसे पुराने नेता यहां मजबूत दावेदार थे।इसी तरह सीएम सिलेक्शन के लिए हिमाचल (2017) और महाराष्ट्र (2014) में पार्टी को 7 दिन का वक्त लगा था। दोनों जगहों पर बीजेपी ने पुराने चेहरे को नकार कर नए चेहरे को कमान सौंपी थी।हिमाचल में धूमल और महाराष्ट्र में नितिन गडकरी मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार थे। हरियाणा (2014) में भी बीजेपी को मुख्यमंत्री चुनने में 6 दिन का वक्त लगा था। यहां पार्टी ने नए चेहरे मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया था। 2013 में लगे थे 3 दिन का वक्त2013 में भी भारतीय जनता पार्टी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बंपर जीत मिली थी। उस समय राजनाथ सिंह बीजेपी के अध्यक्ष थे। 2013 में पार्टी को मुख्यमंत्री चुनने में 3 दिन का वक्त लगा था। 8 दिसंबर को चुनावी नतीजे आए थे और 11 दिसंबर को पार्टी ने मध्य प्रदेश में शिवराज और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह को कमान देने की घोषणा कर दी थी। 12 दिसंबर को वसुंधरा राजे के नाम का ऐलान किया गया था। 2013 में चुनाव परिणाम आते ही बीजेपी ने इन राज्यों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया था। उस वक्त मध्य प्रदेश के लिए सुषमा स्वराज, राजीव प्रताप रूडी और अनंत कुमार को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। वेंकैया नायडू, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक थे, जबकि अरुण जेटली, अमित शाह और कप्तान सोलंकी बतौर पर्यवेक्षक बनकर राजस्थान गए थे। 5 दिन से कम का वक्त लगा यानी चेहरा रिपीट2019 में हरियाणा चुनाव के रिजल्ट के 3 दिन बाद ही बीजेपी ने मुख्यमंत्री नाम की घोषणा कर दी। पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को ही दूसरी बार राज्य की बागडोर संभालने की जिम्मेदारी सौंपी।गुजरात में भी 8 दिसंबर 2022 को चुनाव परिणाम आया, जिसमें बीजेपी को एकतरफा जीत मिली। पार्टी ने 3 दिन के भीतर ही मुख्यमंत्री का नाम ऐलान कर दिया। भूपेंद्र पटेल को ही पार्टी ने सीएम की जिम्मेदारी सौंपी। 2019 में महाराष्ट्र चुनाव परिणाम के 5 दिन बाद ही देवेंद्र फडणवीस को बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुन लिया था। हालांकि, शिवसेना की वजह से फडणवीस उस वक्त सरकार नहीं बना पाए थे। शिवसेना ने पावर शेयरिंग के मुद्दे पर बीजेपी से समर्थन वापस ले लिया था। सीएम हर बार रिपीट, एक अपवाद शिवराज के लिए खतरा2014 के बाद सत्ता में रहते हुए बीजेपी ने जिस भी राज्य में चुनाव जीती है, वहां के मुख्यमंत्री नहीं बदला है। हालांकि, 2021 का असम चुनाव इसका अपवाद है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यही डर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सता रहा है। 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव में जीत के बाद विजय रुपाणी को ही फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया था। 2019 में हरियाणा में भी यही हुआा। जीत के बाद पार्टी ने खट्टर पर ही भरोसा जताया। 2022 में यूपी, गोवा और उत्तराखंड में भी जीत के बाद बीजेपी ने मुख्यमंत्री नहीं बदला। उत्तराखंड में तो मुख्यमंत्री धामी विधानसभा का चुनाव भी हार गए थे। इसी तरह अरुणाचल में जीत के बाद पेमा खांडू और त्रिपुरा में जीत के बाद माणिक साहा की सत्ता बरकरार रही। दोनों चुनाव से पहले भी राज्य के मुख्यमंत्री थे। मुख्यमंत्री को लेकर क्यों फंसा है पेंच?पहला- राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 20 साल में पहली बार मुख्यमंत्री चेहरे के बिना बीजेपी चुनाव मैदान में उतरी थी। तीनों ही राज्य में बीजेपी का यह प्लान काम कर गया है। इसी वजह से मुख्यमंत्री तय करने में पार्टी को मशक्कत करनी पड़ रही है।दूसरा- पिछले 2 दशक राजस्थान में वसुंधरा राजे, छत्तीसगढ़ में रमन सिंह और मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के इर्द-गिर्द बीजेपी की राजनीति घूम रही है। कहा जा रहा है कि हाईकमान अब इसे खत्म करना चाहती है।तीसरा- राजस्थान में वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान काफी मजबूत स्थिति में हैं। लोकसभा चुनाव के नजदीक होने की वजह से बीजेपी कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती है। कहां कितने दावेदार, एक नजर इस पर भी बीजेपी कैसे चुनती है राज्यों में मुख्यमंत्री?भारतीय जनता पार्टी में भी मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया कांग्रेस की तरह ही है। चुनाव में जीत के बाद दिल्ली से पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं। पर्यवेक्षक सभी विधायकों से राय लेते हैं और आलाकमान को बताते हैं। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपना फैसला सुनाते हैं, जो विधायक दल की मीटिंग में बताया जाता है। कई बार पेंच फंसने पर सभी बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया जाता है और उसके बाद फैसला सुनाया जाता है। इस बार बीजेपी ने राजस्थान के लिए राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े, मध्य प्रदेश के लिए मनोहर लाल खट्टर, के लक्ष्मण और आशा लकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री चयन के लिए बीजेपी ने अर्जुन … Read more

मध्य प्रदेश में फिर डराने लगा कोरोना, इंदौर में मरीज मिलने के बाद मचा हड़कंप

COVID in Madhya Pradesh, as a patient in Indore tests positive. Doctors advise people to stay vigilant. इंदौर। मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। इंदौर में एक मरीज मिलने के बाद डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। एक बुजुर्ग की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वह सर्दी और बुखार से पीड़ित था। निजी लैब में कोविड जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को होम आईसोलेशन में रखा गया है। दो साल बाद भी कोविड का भय खत्म नहीं हुआ है। 70 वर्षीय बुजुर्ग की सर्दी खांसी के जांच के बाद कोविड पॉजिविट मिला है। इसके बाद मरीज का होम आईसोलेशन कर उपचार किया गया। मरीज की हालत ठीक है।कोविड नोडल अधिकारी डॉ अमित मालाकार ने बताया कि हरदा निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग सर्दी खांसी और बुखार से पीड़ित था। निजी लैब में कोविड जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिसके बाद मरीज को आईसोलेशन में रखकर उसका उपचार किया गया। फिलहाल मरीज की हालत ठीक है। मामला 24 नवंबर का है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच की गई, लेकिन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है। बता दे कि मामले के 16 दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट मरीज की सांझा नहीं की है।

भ्रष्टाचार दुःख का कारण, दंड ही इसका निवारण.

Corruption is the cause of sorrow; punishment is the solution to its elimination. काटनी होगीं भ्रष्टाचार की मजबूत होती जडेमहिला असिस्टेंट इंजीनियर करोड़ों के भ्रष्टाचार में फंसी…नगर निगम का अफसर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा …महिला सब इंस्पेक्टर का रिश्वत लेने का वीडियो वायरल…बाबू ने मांगी रिश्वत… रिश्वत लेने और भ्रष्टचार से जुड़े अनेक मामलों की ऐसी खबरें आए दिन समाचार-पत्रों की प्रमुख हेडलाइंस होती हैं। जिन्हें पढ़कर और सुनकर लगता है कि मानों आज भ्रष्ट आचरण वाले अधिकारी और कर्मचारी नियम विरुद्ध कार्य कर बनाई व्यवस्था को ध्वस्त कर तंत्र को दीमक की तरह चाट रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर पढ़िए मौजूदा परिवेश में जड़ जमाते भ्रष्टाचार की हकीकत को दर्शाती खास रिपोर्ट। डॉ. केशव पाण्डेय अंतराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस आज भ्रष्टाचार@भ्रष्ट+आचार : भ्रष्ट यानी बुरा या बिगड़ा हुअ…आचार का मतलब आचरण… अर्थात भ्रष्टचार का शाब्दिक अर्थ है वह आचरण जो किसी भी प्रकार से अनैतिक और अनुचित हो। जब कोई न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों के विरुद्ध जाकर अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए गलत आचरण करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है।मौजूदा दौर में भ्रष्टाचार एक जटिल सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्या है, जो सभी देशों को प्रभावित करती है। भ्रष्टाचार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर आर्थिक विकास को धीमा करता है और सरकारी अस्थिरता में योगदान देता है।भ्रष्टाचार वर्तमान में एक नासूर बनकर समाज को खोखला करता जा रहा है। धर्म का नाम लेकर लोग अधर्म को बढ़ावा दे रहे हैं। दोषी व अपराधी धन के प्रभाव में स्वच्छंद घूम रहे हैं। धन-बल का प्रदर्शन, लूट-पाट, तस्करी आदि आम बात हो गई है। भ्रष्टाचार का समाज और राष्ट्र में व्यापक असर हो रहा है।भ्रष्टाचार ऐसा अनैतिक आचरण है, जिसमें व्यक्ति खुद की छोटी इच्छाओं की पूर्ति हेतु देश को संकट में डालने से परहेज नहीं करता है। देश के भ्रष्ट नेताओं द्वारा किया गया घोटाला ही भ्रष्टाचार नहीं है अपितु एक ग्वाले द्वारा दूध में पानी मिलाना भी भ्रष्टाचार का स्वरूप है।सोने की चिड़िया कहे जाने वाले देश में आज भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। दुनियाभर में पीढ़ियों के सामने भ्रष्टाचार एक सबसे बड़ी चुनौती है। यही चुनौती दुनिया भर के लोगों की समृद्धि और स्थिरता को खतरे में डाल रही है। क्योंकि आज अधिकांश लोग अवैध तरीकों से धन अर्जित करने की चाह में भ्रष्टाचार कर रहे हैं और निजी लाभ के लिए देश की संपत्ति का शोषण। यह देश की उन्नति के पथ पर सबसे बड़ा बाधक तत्व है। व्यक्ति के व्यक्तित्व में दोष निहित होने पर देश में भ्रष्टाचार की मात्रा बढ़ रही है।यही वजह है कि भ्रष्टाचार का समाज के हर पहलू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह संघर्ष और अस्थिरता के साथ गहराई से जुड़ रहा है। जो सामाजिक और आर्थिक विकास को खतरे में डालकर लोकतांत्रिक संस्थानों और कानून के शासन को कमजोर कर रहा है।भ्रष्टाचार न केवल संघर्ष का कारण बनता है, बल्कि अक्सर इसके मूल कारणों में से एक है। यह कानून के शासन को कमजोर करके, गरीबी को बदतर बनाकर, संसाधनों के अवैध उपयोग को सुविधाजनक बनाकर और सशस्त्र संघर्ष के लिए वित्तपोषण प्रदान करके संघर्ष को बढ़ावा देता है और शांति प्रक्रियाओं को रोकता है।हैरान करने वाली बात यह है कि देश का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार के मामले में चौथे नंबर पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 294 मामले पंजीबद्ध हुए थे।प्रदेश में रिश्वत लेने के मामले सबसे ज्यादा हैं। इनमें लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू के पास 257 मामले आए। ट्रेप के मामले में भी प्रदेश तीसरे पायदान पर है। अनुपातहीन संपत्ति के मामले में भी पिछले वर्ष 2022 में 17 मामले दर्ज हुए थे। इस मामले में प्रदेश का पांचवा नंबर है।भ्रष्टाचार के बढ़ते संकट को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त राष्ट्र भ्रष्टाचार विरोधी और शांति, सुरक्षा और विकास के बीच महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करना चाहता है। इसके मूल में यह धारणा है कि इस अपराध से निपटना हर किसी का अधिकार और जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति और संस्था के सहयोग और भागीदारी से ही हम इस अपराध के नकारात्मक प्रभाव पर काबू पा सकते हैं। राज्य, सरकारी अधिकारी, सिविल सेवक, कानून प्रवर्तन अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज, शिक्षाविद, जनता और युवा सभी को समान रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ दुनिया को एकजुट करने में भूमिका निभानी होगी।क्योंकि भ्रष्टाचार वह दीमक है जो अंदर ही अंदर देश को खोखला कर रहा है। यह व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना है जो यह दिखाता है व्यक्ति लोभ, असंतुष्टि, आदत और मनसा जैसे विकारों के वजह से कैसे मौके का फायदा उठा सकता है।भ्रष्टाचार होने का प्रमुख कारण देश का लचीला कानून है। पैसे के दम पर ज्यादातर भ्रष्टाचारी बाइज्जत बरी हो जाते हैं, अपराधी को दण्ड का भय नहीं होता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि भ्रष्टाचारियों को कठोर से कठोर दंड मिले।यदि सतत विकास लक्ष्यों में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना है तो भ्रष्टाचार को रोकना, पारदर्शिता को बढ़ावा देना और संस्थानों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। कह सकते हैं कि समाज व राष्ट्र की उन्नति और लोगों की तरक्की के लिए भ्रष्टाचार की मजबूत होती जड़ों को समूल काटना होगा।

चाइना के यूरिया से भारत बनेगा आत्मानिर्भर ,जानिए पूरी कहानी.

India will become self-reliant in urea production with China’s assistance – learn the entire story. नई दिल्ली: चाइना से आया यूरिया, बोरी पे लिखा आत्मानिर्भर भारत, जानिए पूरी कहानी – यूरिया की एक बोरी की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह बोरी का फोटो दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी कंपनी इफको (इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड) का है। इस फोटो में यूरिया की बोरी पर एक ओर लिखा है ‘सशक्त किसान-आत्मनिर्भर भारत’ और वही दूसरी ओर इस खाद का उद्गम स्थल चाइना को बताया गया है। इसी भ्रम को लेकर इस बोरी की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसी बीच इफको के एमडी डॉ. यूएस अवस्थी ने इस वायरल फोटो पर टिप्पणी की हैं। डॉ. अवस्थी ने इस वायरल की जा रही फोटो को भ्रामक बताते हुए कहा कि ऐसा करने वाले लोगो के पास समझ का अभाव हैं। वैसे आजकल एआई के समय में तकनीकी तौर पर देखा जाए तो बहुत हद तक डॉ. अवस्थी की बात सही भी हैं। भारत में 30 मिलियन टन यूरिया उत्पादन की क्षमता है, जिसमें से 90% उत्पादन क्षमता का उपयोग किया जाता है। यूरिया की बाकि जरूरतो के लिए उर्वरक कंपनियां दूसरे देशों से आयात करती हैं। ये जानना जरूरी हैं कि भारत अभी तक आत्मनिर्भर नहीं हैं लेकिन भारत सरकार 2025-26 तक य़ूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर होने की कोशिश कर रहा हैं। आत्मनिर्भर भारत-सशक्त किसान‘ का नाराआत्मनिर्भर भारत-सशक्त किसान’ का नारा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक विकास योजनाओं के लिए इस नारे का इस्तेमाल किया और इसे लोकप्रिय बनाया। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की प्रमुख कड़ी है आत्मनिर्भर किसान। श्री नरेंद्र मोदी ने ‘सशक्त और समृद्ध किसान, आत्मनिर्भर भारत’ की पहचान बताई है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत, देश के कृषि क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। इन प्रयासों से देश के किसान लाभान्वित हो रहे हैं और सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। दरअसल, भारत लंबे समय से खेती-किसानी में अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए रासायिन‍क उर्वरकों का दूसरे देशों से आयात कर रहे हैं। जिसमें यूरिया का आयात सबसे अधिक है। भारत आजादी के 75 साल बाद भी हम उर्वरकों के उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर नहीं हो सका हैं. लेकिन, अब उस रास्ते पर चल रहे हैं जिसमें आयात को कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। काफी हद तक इसमें सफलता भी मिली है। सरकार कृषि क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए साल दर साल मजबूरी में खाद का आयात कर रही है।

सीएम के सलाहकार और पूर्व आईएएस केसरी अडानी की कंपनी में बने एडवाइजर.

Advisors to the Chief Minister and former IAS officer Kesari Adani are appointed as advisors in Adani’s company. भोपाल। मप्र के सीनियर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आईसीपी केशरी ने अडानी ग्रुप ज्वाइन कर लिया है। वह ग्रुप के एनर्जी सेक्टर को देखेंगे और वहां एडवाइजर की भूमिका में रहेंगे। केशरी ने ग्रुप ज्वाइन कर लिया है। केशरी का शासकीय अधिकारी के तौर पर एनर्जी सेक्टर में करीब दस साल का अनुभव रहा है और वह इस विभाग में प्रमुख सचिव, एसीएस स्तर के अधिकारी रहे हैं। केंद्र में भी उन्होंने इस सेक्टर में काम किया है। केशरी के रिटायरमेंट के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें दिसंबर 2022 में मीडिया सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया था। करीब एक साल इस पद पर काम करने के बाद उन्होंने हाल ही में आचार संहिता लगने के पहले 30 नवंबर को यह पद त्याग दिया था और इसके बाद ग्रुप में ज्वाइनिंग की उनकी प्रक्रिया शुरू हो गई थी। केशरी 1988 बैच के अधिकारी है और एनर्जी सेक्टर में उनके काम का लंबा अनुभव रहा है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान करीब साढ़े पांच साल तक वह ऊर्जा मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी (थर्मल) रहे। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और मप्र भवन, नई दिल्ली के आवासीय आयुक्त रहे आईसीपी केशरी बाद में मुख्य सचिव के वेतनमान पर पदोन्नत के बाद अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा भी रहे।केशरी आईएएस एमपी के साथ मप्र, छग और केंद्र में ग्रासरूट एंड पॉलिसी लेवल का अनुभवी अधिकारी बताया है। खासकर इन्फ्रा-पॉवर, रोड, एरिगेसन सेक्टर में। साथ ही लिखा है ज्वाइन्ड एनर्जी ग्रुप।

खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्ती से रोक, अवैध परिवहन में 4 वाहन जब्त.

Stringent measures to curb illegal mining, transportation, and storage of minerals, with the seizure of 4 vehicles involved in unauthorized transportation. विशेष संवाददाता, सहारा समाचार’ बालाघाट बालाघाट। जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति की 21 नवम्बर को हुई बैठक तथा कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा 5 दिसम्बर को जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्ती से रोक लगाये जाने के निर्देश दिये गए थे। निर्देश का पालन करते हुये खनिज अधिकारी श्री आर. के. खातरकर, खनिज निरीक्षक श्री सुरेश कुमार कुलस्ते एवं मुकेश वाडिवे द्वारा लालबर्रा क्षेत्र का 6 दिसम्बर बुधवार को औचक निरीक्षण कर बिना अभिवहन पारपत्र (ई.टी.पी.) के खनिज रेत तथा गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 04 वाहनों डम्फर- एमएच-35एजे-3213, ओडी-23-एल-4944, एमपी-22-जेसी-3510 तथा एमपी-28-एच-4427 को जप्त कर थाना लालबर्रा परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है। निर्देश के उल्लंघनकर्ता सईद हनीफ खान निवासी बोरी बरघाट, सईद अब्दूल जफ्फार निवासी सिवनी, देवेंद्र लक्ष्मीप्रसाद निवासी बरघाट तथा सुंदरलाल चम्पतलाल अहाने निवासी ओमठ छपारा के विरूद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण कायम किया गया है।

दिसंबर और जनवरी में घूमने जाने वाले यात्रियों का ट्रेन बिगाड़ेगी खेल.

The train will disrupt the plans of travelers going on vacation in December and January. कई रूटों पर रेलवे लगातार कर रहा ट्रेनों को निरस्त भोपाल। पमरे जोन व भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रेलवे की ओर से लगातार कैंसिल किया जा रहा है। भोपाल से ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा मुश्किलों भरी हो सकती है। यदि आप दिसंबर और जनवरी में ट्रेन से घूमने जाने की योजना बना रहे हैं तो थोड़ा संभल जाएं। दिसंबर अंत और जनवरी में ट्रेनों को रेलवे एक के बाद एक कर रद करने जा रहा है। रेलवे ने इन दिनों पटरियों की मरम्मत का काम तेज कर दिया है । तो वहीं नई परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार भी बढ़ाई जा रही है, ताकि लोकसभा चुनाव तक अटकी रेल परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। इस वजह से कई ट्रेनों को रद कर पटरियों पर काम करने की योजना है। रिजर्वेशन कराने से डर रहे यात्रीऐसे में दिसंबर व जनवरी में बाहर घूमने जाने वाले यात्रियों को अब ट्रेन में सफर के लिए रिजर्वेशन कराने वाले यात्री डर रहे है। दरअसल यात्रियों को लग रहा है रिजर्वेशन कराने के बाद यात्रा वाली तारीख पर अगर रेलवे ने ट्रेन निरस्त कर दी। तो सारी प्लानिंग बेकार हो जाएगी। बाहर यानी जिस जगह जाना है। वहां की कई होटल आदि की बुकिंग में घटा हो सकता है। तो वहीं कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बढ़ रही है। इसके चलते कई यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं होने के चलते भी परेशान होना पड़ रहा है। अब लखनऊ मंडल में चल रहे कार्यहाल ही में झांसी और भोपाल मंडल ने कई ट्रेनों को रद किया था और अब मथुरा स्टेशन पर जनवरी से काम शुरू होने जा रहा है। इस वजह से ट्रेनों को बड़ी संख्या में रद किया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर भोपाल मंडल व पमरे जोन से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में देखने को मिलेगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार इस वजह से लगभग 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित होंगी और लगभग इनमें यात्रा करने वाले 20 हजार से ज्यादा यात्रियों का सफर मुश्किलों भरा हो सकता है।जनवरी व फरवरी में यह ट्रेन रहेगी निरस्त 21,24,26,28,31 जनवरी और 02, 04 फरवरी तक को गाडी संख्या 12121 जबलपुर- निजामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 22,25,27,29 जनवरी से 01,03,05 फरवरी तक को निजामुद्दीन से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12122 निजामुद्दीन- जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इसके अलावा अन्य ट्रेनें भी निरस्त रहेगी।

भोपाल स्टेशन पर बनी 6 करोड़ की बिल्डिंग में यात्रियों को नहीं मिल रही सुविधाएं.

The building worth 60 million at Bhopal station lacks facilities for passengers  तीन साल पहले बनी थी बिल्डिंग, न फूड कोर्ट, न ही पैसेंजर लाउंज भोपाल। भोपाल स्टेशन पर करीब साढ़े तीन साल पहले करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से सेंकड एंट्री पर प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर नई बिल्डिंग बनाई थी। उस समय बिल्डिंग में यात्रियों को पैसेंजर लाउंज, फूड कोर्ट और बजट होटल जैसी शुरू होनी थी, ताकि सफर के दौरान यात्रियों को राहत मिल सके। लेकिन अभी तक यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिल सकी। तो वहीं रानीकमलापति स्टेशन पर आए दिन यात्रियों को कई नई सुविधा दी जा रही है।  उल्लेखनीय है कि स्टेशन बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर वीआईपी लाउंज, फर्स्ट फ्लोर पर फूड कोर्ट और सेकंड फ्लोर पर बजट होटल के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी के बीच करीब 8 साल पहले अनुबंध हुआ था। लेकिन अब आईआरसीटीसी पीछे हट गया। इसके बाद पिछले साल फिर से आईआरसीटीसी के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। जिसके बाद सहमति बन गई थी। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका। इस वजह से यह सब सुविधा यात्रियों को नहीं मिल पा रही है। तो वहीं भोपाल रेल मंडल के अधिकारी इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहे है।  आईआरसीटीसी ने पीछे खींचे हाथ  रेल सूत्रों के अनुसार आईआरसीटीसी द्वारा इस बिल्डिंग का उपयोग इसलिए नहीं किया जा रहा है कि यहां यात्रियों की संख्या कम है। यहां पर सिर्फ 8 से 10 ट्रेनें रुकती हैं। प्लेटफॉर्म नंबर 1 की ओर ज्यादा ट्रेनें रुकने से वहां यात्रियों की आवाजाही अधिक होती है, इसलिए उन्हें ज्यादा फायदा नहीं होगा। इस बिल्डिंग को आईआरसीटीसी नहीं ले रहा है। तो वहीं आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जितनी जगह की जरूरत थी रेलवे उससे ज्यादा जगह देना चाहता है। इसलिए मामला अटका हुआ है। उधर, रेल अधिकारियों का कहना है कि छह नंबर की नई बिल्डिंग पर यात्रियों को सुविधा को बढ़ाया गया है। आने वाले दिनों में ओर सुविधा बढ़ाई जाएगी। इस दिशा में नए तरीके से योजना पर काम चल रहा है। 132 ट्रेनें भोपाल स्टेशन पर रोजाना रुकती हैं। सबसे ज्यादा 46 ट्रेनें प्लेटफॉर्म-1 की ओर रुकती हैंसबसे कम 08 से10 ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर रुकती हैं।

नया जोश भरने की कवायद – नमो के जरिए 100 दिनों में पीएम से मिल सकेंगे भाजपा कार्यकर्ता

In the first 100 days, BJP workers can meet the Prime Minister through a renewed vigor strategy. क्यू आर कोड को स्कैन करके चैलेंज को एक्सेप्ट कर सकते हैं, भाजपा के कार्यकर्ता फील्ड पर उतरेंगे  उदित नारायण, ग्रुप एडिटर सहारा समाचार   भोपाल। विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव में जुट गई है। अपने कार्यकतार्ओं को हमेशा काम में लगाए रखने वाली भाजपा ने अब पार्टी वर्कर्स को लोकसभा के लिए 100 दिन का चैलेंज दिया है। इस चैलेंज के तहत कार्यकतार्ओं को भारतीय जनता पार्टी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही जिन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उन्हें इनका लाभ दिलवाना है।इसकी मॉनिटरिंग के लिए नमो एप का भी उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पोस्टर्स भी हर भाजपा कार्यालय में लगवा दिए गए हैं।  कार्यकतार्ओं में नया जोश भरने के लिए भाजपा उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका देने जा रही है। इसके लिए पार्टी ने 100 डे का एक चैलेंज तैयार किया है। इस चैलेंज को पूरा करने पर हर हफ्ते और महीने में पांच विजेताओं को चुना जाएगा। इन्हें आकर्षक पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसके लिए कार्यकर्ता क्यू आर कोड को स्कैन करके इस चैलेंज को एक्सेप्ट कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इससे भाजपा के कार्यकर्ता फील्ड पर उतरेंगे। खास बात है कि बेहतर काम करने वाले कार्यकर्ता को पीएम मोदी से भी मिलवाया जाएगा।  प्रदेश की 29 सीटों पर नजर – भारतीय जनता पार्टी की अब मध्यप्रदेश की 29 सीटों पर नजर है। हालांकि, अभी भाजपा के पास इनमे से 28 सीटें हैं। सिर्फ एक सीट छिंदवाड़ा ही कांग्रेस के हाथ में हैं। छिंदवाड़ा को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का गढ़ माना जाता है। वर्तमान में नाथ के बेटे नकुल यहां से सांसद हैं। इस बार के विधानसभा के चुनाव में भी कांग्रेस ने छिंदवाड़ा जिले की सभी सातों सीटों पर कब्जा किया है। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद यहां पर मोर्चा संभालने की बात कह रहे हैं।

नये वन भवन के बेचे गये तीन फ्लोर की रजिस्ट्री फिर रोकी.

Registration of the three floors sold in the new government building has been halted again. उदित नारायणभोपाल। राजधानी के तुलसी नगर में बने नये वन भवन के तीन फ्लोर को बेचे जाने के बाद इसकी रजिस्ट्री एक बार फिर रुक गई है। दरअसल इस भवन के तीन फ्लोर कर्मकार कल्याण मंडल, इलेक्ट्रानिक विकास निगम एवं स्टेट माईनिंग कारपोरेशन को करीब 60 करोड़ रुपये में बेचे गये थे ताकि वन भवन को बनाने में लगी भारी भरकम लागत 182 करोड़ रुपये की कुछ भरपाई हो सके। लेकिन 8 अगस्त 2023 को जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उक्त नये भवन का लोकार्पण किया था तब उन्होंने घोषणा कर दी थी कि अगर नवीन वन भवन में जगह की कमी पड़ती है तो पूरा परिसर वन भवन को दे दिया जायेगा। दरअसल सीएम को बताया गया था कि जगह की कमी होने से वन विभाग का जैव विविधता बोर्ड, राज्य बांस मिशन एवं इको पर्यटन बोर्ड नये वन भवन में स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। इसी कारण से सीएम ने उक्त घोषणा कर दी थी। लेकिन सीएम की यह घोषणा तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह ने सीएम घोषणा पोर्टल पर दर्ज नहीं होने दी। इस पर लोक परिसम्पत्ति विभाग जिसने उक्त तीनों फ्लोर की नीलामी कराई थी, ने वन विभाग को पत्र लिख कर कहा है कि वह वन भवन के बेचे गये तीन फ्लोर की रजिस्ट्री करा दे। वन विभाग ने भी वन बल प्रमुख को रजिस्ट्री कराने के लिये पत्र भेज दिया। लेकिन वन बल प्रमुख रमेश गुप्ता ने इनकी रजिस्ट्री यह कहकर रुकवा दी है कि वे उच्च स्तर पर बातचीत कर इन बेचे गये तीन फ्लोर को वापस वन मुख्यालय को दिलवायेंगे। नई सरकार के गठन होने पर यह उच्च स्तरीय बातचीत हो सकेगी।

झारखंड : कांग्रेस सांसद धीरज साहू व बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से नोट, देखकर इनकम टैक्स अधिकारियों की आंखें भी चौंधिया गईं.

In Jharkhand, Congress MP Dhiraj Sahu and addresses of Baudh Distilleries Private Limited left Income Tax officials astonished upon inspection of notes. कांग्रेस सांसद के आवास के अलावा उनसे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो रही है. इसमें सबसे बड़ी सफलता बौध स्थित बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से मिली है. झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर तीसरे दिन भी इनकम टैक्स की छापेमारी जारी है. रांची के रेडियम रोड स्थित सुशीला निकेतन में तीसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम रेड डालने में लगी है. बता दें कि इस छापेमारी में जितनी बड़ी मात्रा में नोटों के बंडल बरामद हुए हैं उसके बारे में जानकर सभी आश्चर्यचकित हो गए हैं. यहां नोटों की गिनती करने में मशीन भी खराब हो गए. जानकारी के अनुसार रांची के अलावा लोहरदगा और उड़ीसा के संबलपुर राउरकेला बोलांगीर और बौद्ध समेत आधा दर्जन ठिकानों को आयकर विभाग खंगाल रही है. कांग्रेस सांसद के आवास के अलावा उनसे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो रही है. इसमें सबसे बड़ी सफलता बौध स्थित बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से मिली है. ओडिशा और झारखंड में कंपनी के कई ठिकानों पर आईटी की रेड हुई. जहां 150 करोड़ से भी अधिक कैश बरामद हुआ है. यह कंपनी बलदेव साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है. तमाम खबरों के बीच छानबीन जारी है. आयकर विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. तीसरी बार के सांसद हैं धीरज साहू झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले धीरज साहू कांग्रेस के पुराने नेता हैं. 1977 में छात्र नेता के रूप में राजनीति की शुरुआत करने वाले धीरज साहू तीसरी बार के राज्यसभा सांसद हैं. इससे पहले वह 2010-2016 तक भी कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रहे. 2018 में उन्होंने झारखंड में विपक्ष के साझा उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी. साहू 2003-05 तक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सदस्य भी रहे हैं.

नवाब मलिक पर राजनीति गरमाई, शिंदे-फड़णवीस के रुख से दुविधा में अजित पवार.

Political heat rises over Nawab Malik, Ajit Pawar caught in dilemma between Shinde and Fadnavis. महाराष्ट्र ! महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से तल्खी आ गई है. नवाब मलिक को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने नाराजगी जाहिर की है. देवेंद्र फड़णवीस ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को एक पत्र भी लिखा है. वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी फड़णवीस के सुर में सुर मिलाया है, ऐसे में अजित पवार के सामने नया संकट खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र में एनसीपी के सीनियर नेता नवाब मलिक के मुद्दे पर बीजेपी एक बार फिर से आक्रामक हो गई है. प्रदेश के डिप्टी सीएम देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा है कि हम नवाब मलिक के साथ नहीं बैठ सकते. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि जिस नवाब मलिक पर देशद्रोह का आरोप है, उनके साथ नहीं बैठा जा सकता है. देवेंद्र फड़णवीस ने इसी बाबत राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भी एक चिट्ठी लिखी है. देवेंद्र फड़णवीस की इस चिट्ठी से प्रदेश की सियासत में नई हलचल मच गई है. सबसे खास बात ये कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी फड़णवीस के सुर में सुर मिला चुके हैं. एकनाथ शिंदे ने कहा है कि नवाब मलिक को लेकर हम अपने पिछले रुख पर कायम हैं. नवाब मलिक पर गंभीर आरोप हैं. उन्हें अभी कोर्ट ने बरी नहीं किया है. वो फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से जेल से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि नवाब मलिक का सत्तारूढ़ दलों की बेंच पर बैठना ठीक नहीं है. शिंदे ने फड़णवीस का किया समर्थनमुख्यमंत्री और सहयोगी उप मुख्यमंत्री के मिलते जुलते बयान के सामने आने के बाद अजित पवार के सामने नई दुविधा आ गई है. मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा है कि घटक दल अपनी-अपनी पार्टी कैसे चलाते हैं, ये उनका अपना मामला हो सकता है लेकिन राष्ट्रहित और जनहित का लक्ष्य हमारा एक समान होना चाहिए. इस मुद्दे पर हम एकजुट हैं. इसके साथ ही उन्होंने अजित पवार से अपील की है कि वे उचित रुख अपनाएंगे. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूरे मसले पर विपक्ष की भी कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा है विपक्ष को नवाब मलिक के मसले पर कुछ भी बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है. नवाब मलिक जब जेल में थे तब महाविकास अघाड़ी की सरकार थी. नवाब मलिक ने किया पलटवारपूरे मामले में नबाव मलिक ने भी प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होंने कहा कि जिस देवेंद्र फड़णवीस ने ऐसी चिट्ठी लिखी है, उनकी भूमिका दोहरी है. नवाब मलिक ने सवाल उठाया कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी सरकार बनाने के लिए पीडीपी और महबूबा मुफ्ती से कैसे गठबंधन कर लेती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अपनी सुविधा के हिसाब से नैरेटिव बनाती है. आज ही सदन में कई ऐसे नेता हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, तो उनके साथ वो कैसे सरकार चला रहे हैं.

इस्तीफा देने वाले BJP सांसदों को खाली करना होगा घर, 30 दिन की मोहलत!

BJP MPs resigning will have to vacate their homes within 30 days. दिल्ली ! विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद लोकसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. अब खबर है कि दिल्ली में आवास समिति की ओर से इस्तीफा देने वाले सांसदों को बंगला खाली करने को कहा है. पिछले दिनों 5 राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से 4 केंद्रीय मंत्रियों समेत 21 सांसद चुनाव मैदान में उतरे थे, जिसमें से 12 सांसदों को जीत मिली थी और इनमें से 11 सांसदों ने जीत के बाद सांसदी से इस्तीफा दे दिया था. अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि लोकसभा आवास समिति ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद संसद सदस्यता से इस्तीफा देने वाले उन सभी बीजेपी सांसदों को 30 दिन में सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया है. इनमें से 8 सांसदों को लोकसभा आवास समिति पूल से आवास आवंटित किया गया था. जबकि 3 सांसद केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उन्हें शहरी विकास मंत्रालय से आवंटन मिलता है. सूत्रों का कहना है कि नियम सिर्फ विपक्षी सांसदों के लिए ही नहीं, सभी के लिए सामान हैं. जिन लोकसभा सांसदों को 30 दिन में घर खाली करने का नोटिस दिया गया हैं उनमें राकेश सिंह, गोमती साय, अरुण साव, रिति पाठक, बाबा बालकनाथ, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दिया कुमारी और उदयप्रताप सिंह शामिल हैं. राष्ट्रपति ने स्वीकार किए इस्तीफेइससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और रेणुका सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इन तीनों मंत्रियों ने हाल में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी. इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू ने जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया. पीएम मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय और किसान कल्याण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को राज्य मंत्री के तौर पर जल शक्ति मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है. इसी तरह केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. जीत के बाद सांसदों ने दिया इस्तीफाइससे पहले बीजेपी ने फैसला किया था कि हाल में चुने गए उसके सभी 12 सांसद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और रेणुका सिंह ने इस्तीफा दे दिया. इन इस्तीफों के बाद माना जा रहा है कि वे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नई सरकारों में शामिल हो सकते हैं. छत्तीसगढ़ से लोकसभा सांसद रेणुका सिंह ने भरतपुर-सोनहत सीट से जीत दर्ज की थी. अन्य सांसदों में मध्य प्रदेश से उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक और राकेश सिंह के अलावा राजस्थान से राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और दिया कुमारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ से गोमती साई और अरुण साव शामिल हैं. मीणा के अलावा सभी सांसद लोकसभा सांसद थे.

युवाओं में अब इस बीमारी का खतरा, लगातार हो रहे शिकार.

The danger of this illness is now looming over the youth, becoming a continuous threat. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एकाकीपन को गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य खतरा घोषित किया है। जिसकी मृत्यु दर प्रतिदिन 15 सिगरेट पीने के बराबर है। आंकड़ों के अनुसार विश्व में 5 से 15 प्रतिशत किशोर अकेले हैं। बुजुर्गों में होने वाली एकाकीपन की समस्या ने अब युवाओं को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। कोविड के बाद इन आंकड़ों में वृद्धि हुई है। बुजुर्गों में होने वाली एकाकीपन की समस्या ने अब युवाओं को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। कोविड के बाद इन आंकड़ों में वृद्धि हुई है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मनोचिकित्सक केंद्र में रोजाना टेलीमानस पर 20 से 40 युवाओं के कॉल आ रहे हैं, जो एकाकीपन का शिकार है। इसमें ज्यादातर आईआईटी, नीट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले व घर से दूर रहने वाले युवा शामिल है। वहीं बुजुर्गों की ओपीडी में हर सप्ताह 30 मरीज आ रहे हैं। जिनमें 8 से 10 केस एकाकीपन से जुड़े हैं। एंग्जाइटी, डिप्रेशन और तनावमनोचिकित्सक डॉ. ललित बत्रा बताते हैं कि इंसान भावनाओं को शब्दों के जरिए अभिव्यक्त करता है। परिवार में उसकी यह जरूरतें पूरी हो जाती है। अकेलेपन से एंग्जाइटी, डिप्रेशन, तनाव जैसी समस्याएं पनपने लगती है। स्कूल-कॉलेज में बच्चों के बीच एक समूह बने, जिसमें वे अपने मन की बात साझा कर सकें। ये हैं दूर करने के उपायदिनचर्या को ठीक रखने का प्रयास करें।सोने और उठने का समय निर्धारित करें।मेडिटेशन और योगा करें।स्वयं को सामाजिक संवाद में शामिल करें।दोस्तों और परिजनों के साथ समय बिताए और मन की बात साझा करें।

विधानसभा की हार पर कांग्रेस का चिंतन, समीक्षा बैठक मे होगा कारणों पर मंथन.

Congress party is contemplating its defeat in the legislative assembly, and a review meeting will be held to analyze the reasons.  उदित नारायण  नई दिल्ली। हाल मे सम्पन हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों मे तेलंगाना को छोड़ 4 राज्यों मे करारी हार के बाद कांग्रेस के मिशन 2024 को करारा झटका लगा है, कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, महासचिव प्रियंका गाँधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पार्टी नेता आज से 2 दिन हार की समीक्षा करेंगे लेकिन वर्ष 2014 से लगातार चुनाव दर चुनाव हारने पर समीक्षा बैठक करने के बावजूद भी कांग्रेस अपने संगठन मे कोई मूलभूत परिवर्तन नहीं कर पाई है पार्टी मे दूसरी श्रेणी के नेताओं की भारी कमी है ऐसा नही है कि पार्टी मे अच्छे नेताओं की कमी है लेकिन पार्टी मे उनकी कोई सुनवाई नहीं होती कारण कांग्रेस नेतृत्व के आस पास मौजूद मण्डली प्रभावशाली और योग्य लोगो को नेतृत्व के पास फटकने नहीं देते ना ही उनके सुझाव पार्टी नेतृत्व तक पहुंच पाते है एक तरफ जहाँ भाजपा मे जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ अनेक सामाजिक और आर्थिक मामलो के जानकारों को सलाहकार नियुक्त किया जाता है वही कांग्रेस मे यह योग्यता विदेश मे पढ़ा होना और कुछ खास लोगों का कृपापात्र होना मात्र है, वर्ष 2004 मे इंडिया शाइनिंग नारे के बावजूद बाजपेई सरकार से सत्ता छीनने वाली कांग्रेस कांग्रेस को लगता है कि वह आज भी मोदी सरकार से ऊबकर सत्ता उनको सौप देगी लेकिन अब वक्त बदल चुका है डिजिटल युग मे आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं और एक प्रान्त से दूसरे प्रान्त और विश्व पटल तक की जानकारी प्राप्त कर रहा है, बिगत 10 सालों मे कांग्रेस ने चुनाव कि अपनी पिच तैयार करने मे नाकायाब रही है वह वैसे खेल रही है जैसे भाजपा उन्हें खिलाना चाह रही है, कांग्रेस को हार के मंथन मे कुछ बातों पर आत्म चिंतन कि आवश्यकता है जैसे – *बाहर से आने वालों पर मूल कैडर से ज्यादा भरोसा* दशकों से कांग्रेस पार्टी मे बाहर व दूसरी पार्टियों से आने वालों को संगठन मे बड़े पदों पर जिम्मेदारी दे दी जाती रही है जबकि मूल कैडर के कार्यकर्त्ता जस के तस रह जाते हैँ. *सालाहकारों के चयन, कार्यप्रणाली और अति निर्भरता* एक तरफ जहाँ और पार्टियों मे पार्टी के छोटे तथा जमीनी कार्यकर्त्ताओं की बातों को सुना व समझा जाता है वहीँ आज भी कांग्रेस मे विदेश से मैनेजमेंट पास आउट जमीनी हकीकत से दूर और स्वार्थी सालाहकारों की भरमार है वह नहीं चाहते कि नेतृत्व कोई ऐसा व्यक्ति पहुंचे जिससे उनकी कोई बात आलाकमान तक पहुंचे वो पार्टी से ज्यादा अपनी कुर्सी बचाने की जुगत मे लगे रहते हैँ राहुल गाँधी की अमेठी मे हार उनके प्रतिनिधियों और क्वार्डिनेटरों की कार्यशैली का ही परिणाम था. *हिंदी भाषी नेताओं की कमी* कांग्रेस मे ज्यादातर निर्णय दक्षिण भारत के नेताओं और सालाहकारों की सलाह से लिए जाते है जबकि हिंदी भाषी क्षेत्रो की राजनैतिक भूमि, परिस्थिति दक्षिण से बिलकुल अलग है दक्षिण मे जहाँ स्थानीय मुद्दे हावी रहते है मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत मे स्थानीय के साथ साथ राष्ट्रीय मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहते हैँ. *कमजोर संगठन* हिंदी भाषी क्षेत्रों मे कांग्रेस का संगठन बेहद कमजोर है राज्य से लेकर जिला और बूथ लेबल तक समर्पित कार्यकर्त्ता नहीं हैँ जहाँ भाजपा और स्वयंसेवक के कार्यकर्त्ता और सिमितियाँ बूथ तक मौजूद और सक्रिय है वही कांग्रेस मे पार्टी पदाधिकारी के अलावा कार्यकर्त्ता ही नहीं है कार्यकर्ताओ का सम्मान ना मिलना उनको हतोत्साहित करता रहा है. *दोहरी राजनैतिक शैली* इस दौर मे जहाँ भाजपा अपनी स्पष्ट नीति पर काम कर रही है वही कांग्रेस जनमानस तक अपनी कोई नीति पहुंचाने मे नाकायाब रहती है वजह है एजेंडा क्लियर ना होना पार्टी किसके साथ है और किसके खिलाफ जनता को यह स्थिति साफ नहीं हो पाती कांग्रेस को जरुरत है बेहतर रणनीतिकार की जो नेतृत्व और पार्टी को बिना अपना स्वार्थ देखे बेहतर रणनीति पर अग्रसर कर सके *संघर्षो मे कमी* विपक्ष मे बैठी कांग्रेस मे संघर्ष की कमी साफ झलकती है जनहित के मुद्दों पर पार्टी के कुछ नेता टेलीविज़न और संसद मे अवश्य बोलते देखे जाते है लेकिन सडक पर और जनता के बीच संघर्षो मे पीछे रहते है कारण पार्टी मे संघर्ष शील कार्यकर्त्ता कम चरणवन्दन और कुर्ताधारी नेताओं की बहुतायत होना है, *एक ही मुद्दे पर अटके रहना और स्थिति का अध्यन ना होना* कांग्रेस के ज्यादातर नेता निजी और संवेदनशील बयान और एक ही मुद्दे पर अटके रहते हैँ जमीनी स्तर पर कार्य ना करने के कारण जन भावना और जमीनी मुद्दों तथा जनता के मन की बात की बात विरोध और सहयोग की जानकारी ही नहीं रहती *संचार माध्यमो के उपयोग की कमी और ओवर कॉन्फिडेंस तथा आत्मनिर्भरता की कमी* संचार युग का आरम्भ करने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी के विचारों की पार्टी आज संचार माध्यम और डिजिटल मीडिया मे फिसड्डी साबित हो रही है जहाँ भाजपा मे बूथ लेबल तक के कार्यकर्त्ता डिजिटल माध्यमो से जुड़े और सक्रिय हैँ वही कांग्रेस के ज्यादातर ज़िलों मण्डलों और उनके सहयोगी संगठन के सोशल मीडिया अकाउंट तक नहीं हैँ कांग्रेस के नेता सिर्फ फेसबुक और ट्विटर पर पोस्ट डालने को डिजिटल मार्केट समझते है एक ओर जहाँ अन्य पार्टियों मे डिजिटल के प्रति आकर्षित होकर जनता से जुड़ रही है वही कांग्रेस आज भी पुराने कार्यशैली पर लगी है जहाँ भाजपा व अन्य ज्यादातर प्रचार डिजिटल एजेंसी और संचार माध्यम से कर रही हैँ वही कांग्रेस नेता हाथ पर हाथ धरे या अपने खास को काम दिला मौज मे रहते हैँ *चुनावी तैयारियों मे देरी* विना बेहतर प्रवंधन कोई लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता कठोर निर्णय लेने मे नेतृत्व सक्षम प्रतीत नहीं होता जहाँ भाजपा एक चुनाव के बाद तुरंत दूसरे चुनाव की तैयारी मे लग जाती है वही कांग्रेस नेता टिकट बितरण का इंतज़ार करते हैँ जहाँ जहाँ अन्य पार्टियों इलेक्शन मोड पर सक्रिय रहती हैँ वही कांग्रेस नेता और पार्टी रेस्ट मोड पर, ऐसे ही युवा और जुझारू नेताओं की कमी और नेतृत्व द्वारा उन्हें आगे ना बढ़ा कर पुराने और दरबारी नेताओ पर भरोसा तथा कमजोर आत्म विश्वास पार्टी को नीचे की तरफ ले जा रहा हैँ राहुल गाँधी जैसे सारीखे नेता को वयनाड जैसी … Read more

पुराने वाहनों पर 15 दिसंबर तक ही लग सकेगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट.

High-security number plates can only be affixed on old vehicles until December 15th. भोपाल । एक अप्रैल 2019 से पहले के पुराने वाहनों में हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट(एचएसआरपी)लगवाने के लिए परिवहन विभाग ने अंतिम तिथि 15 दिसंबर रखी है। लोग एसआइएएम पोर्टल पर एचएसआरपी लगवाने के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें संबंधित वाहन मालिक, इंजन नंबर, पता व अन्य जानकारी देकर आवेदन कर सकते हैं। वहीं वाहन-चार पोर्टल पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करने के बाद निर्धारित शुल्क जमा करके संबंधित वाहन कंपनी के नजदीकी शोरूम पर जाकर कागजात दिखा कर एचएसआरपी लगवा सकते हैं। बता दें कि पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगवाने को लेकर वाहन मालिकों में असमंसज है। लोगों जानकारी नहीं होने से परेशान हो रहे हैं। वाहन डीलरों का भी कहना है कि उनके पास पुराने वाहन मालिक कम ही संख्या में एचएसआरपी लगवाने के लिए शोरूमों पर पहुंच रहे हैं।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अहम आदेश, रिश्तेदार होने के कारण गवाह का प्रभाव नहीं होता कम.

Important directive from the Madhya Pradesh High Court: The relationship with the witness does not diminish the impact. जबलपुर। रिश्तेदार के गवाही के आधार पर सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस हृदयेश ने अपील को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू तथा तथ्यों के आधार पर सजा से दंडित किया है। गवाहों के रिश्तेदार होने के कारण उनका प्रभाव कम नहीं होता है। बता दें कि अपीलकर्ता सुकलू की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि सोमती बाई (40) पर कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला करने के आरोप में न्यायालय ने उसे पांच साल के कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने सजा सुनाने में स्वतंत्र गवाह के बयान को नजर अंदाज किया है। घटना का चश्मदीद गवाह नहीं होने के बावजूद रिश्तेदारों के गवाह के आधार पर सजा से दंडित किया गया। अपीलकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि रिश्तेदारों ने अभियोजन की कहानी के अनुसार अपने बयान दिए हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि गवाहों ने घटना नहीं देखी है, परंतु पीड़िता के शरीर में कुल्हाड़ी से आई चोटों के निशान अवश्य देखे हैं। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने पर कुल्हाड़ी से हमला किया है। रिश्तेदार होने के कारण गवाह का प्रभाव कम नहीं होता है। एकलपीठ ने अपील को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू के अनुसार उचित दंड से अपीलकर्ता को दंडित किया है।

भारत ने साउथ अफ्रीका में 62% टी-20 जीतेः

मुंबई। टीम इंडिया साउथ अफ्रीका दौरे के लिए रवाना हो चुकी है। 10 दिसंबर से शुरू हो रहे दौरे में टीम 3 टी-20, 3 वनडे और 2 टेस्ट की सीरीज खेलेगी। भारतीय टीम का साउथ अफ्रीका के मैदानों पर टी-20 रिकॉर्ड शानदार रहा है। टीम ने वहां 62 फीसदी मुकाबले जीते हैं। यानी कि टीम अफ्रीकी पिचों पर हर दूसरा मुकाबला जीत रही है। इतना ही नहीं, भारतीय टीम ने एकमात्र टी-20 वर्ल्ड कप भी साउथ अफ्रीका में जीता है। इस बार टी-20 सीरीज के मुकाबले 10, 12 और 14 दिसंबर को खेले जाएंगे। उसके बाद 17, 19 और 21 दिसंबर को वनडे मैच होंगे। फिर 26 दिसंबर से टेस्ट सीरीज शुरू होगी। टेस्ट-वनडे में खराब, लेकिन टी-20 शानदार प्रदर्शन क्यों…? अफ्रीकी सरजमीं पर भारत का टेस्ट और वनडे रिकॉर्ड खराब रहा है। टीम वहां अब तक कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी है, जबकि वनडे में 8 में से एक ही सीरीज जीत पाई है। वहीं, टीम ने वहां 4 में से 3 टी-20 सीरीज अपने नाम की हैं। भारतीय टीम ने अपना पहला और आखिरी टी-20 वर्ल्ड कप भी साउथ अफ्रीका में ही जीता था। 2007 में भारतीय टीम ने जोहान्सबर्ग में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को 5 रन से हराया था।

रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

तेलंगाना ! भट्टी विक्रमार्क डिप्टी सीएम, 11 मंत्री भी शपथ ले रहे; सोनिया, राहुल और प्रियंका मौजूद कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी ने 7 दिसंबर को तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भट्टी विक्रमार्क डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। 11 मंत्री भी शपथ ले रहे हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम एलबी स्टेडियम में हो रहा है। इसमें सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए। तेलंगाना कैबिनेट में मंत्री पद पाने वाले नेताओं की लिस्ट… 1) कोंडा सुरेखा 2) कोमाटी रेड्डी वेंकट रेड्डी 3) जुपल्ली कृष्णा राव 4) भट्टी विक्रमार्क 5) उत्तम कुमार रेड्डी 6) पोन्नम प्रभाकर 7) सीताक्का 8) श्रीधर बाबू 9) थुम्मला नागेश्वर राव 10) पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी 11) दामोदर राजनरसिम्हा राहुल ने लगाई थी रेवंत के नाम पर मुहर तेलंगाना में कांग्रेस की जीत के बाद 5 दिसंबर को दिल्ली में पार्टी नेताओं की बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई सीनियर नेता मौजूद थे। बैठक में राहुल गांधी ने रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लगी थी। रेवंत तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।

UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 15 IPS और 6 IAS अफसरों का तबादला, विजय किरन आनंद को मिली कुंभ मेले की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। यूपी सरकार ने बुधवार देर रात 15 आईपीएस और 6 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर लिस्ट जारी की है। जारी में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद को कुंभ मेले की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महानिरीक्षक निबंधन कंचन वर्मा को उनके स्थान पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा का जिम्मा सौंपा गया है।UP में 15 IPS अफसरों के तबादलेसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, योगी सरकार ने राज्य के 15 आईपीएस अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। जिसमें एक DIG रेंज और 3 एसपी बदले गए हैं। बुधावर देर रात जारी की गई तबादला लिस्ट के अनुसार IPS के. सत्यनारायण को एडीजी सीबीसीआईडी बनाया गया है, जबकि आईपीएस पवन कुमार को अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज बनाया गया है। इसके अलावा आईपीएस अधिकारी अरविंद मिश्रा को एसपी पावर कॉरपोरेशन लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह वर्तमान में एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना के पद पर कानपुर में तैनात थे। वहीं दूसरी तरफ आईपीएस शैलेंद्र राय को पुलिस अधीक्षक (SP) पीटीएस के पद पर मेरठ भेजा गया है। वह वर्तमान में आजमगढ़ में एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना के पद पर तैनात थे।

कमलेश्वर डोडियार ने बाइक से घूमकर लड़ा चुनाव, उसी बाइक पर विधायक लिखवाकर पहुंचे भोपाल

अब विधानसभा में सुनाई देगी आदिवासी की आवाज भारत आदिवासी पार्टी के विधायक डोडियार विधानसभा में देंगे अपनी आमद 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर लड़ा चुनाव, भाजपा और कांग्रेस को किया चित्त भोपाल। भारत आदिवासी पार्टी ने हाल ही के विधानसभा चुनाव में अपना परचम लहराते हुए एक विधायक को विधानसभा भेजने में कामयाब हुई है। पार्टी ने कमलेश्वर डोडियार को सैलाना से टिकट दिया और वे विधायक चुने गए। सैलाना सीट मध्य प्रदेश की वह एकमात्र सीट है जिसे बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल ने जीता हो। कमलेश्वर के विधायक बनने से आदिवासी वर्ग के लोगों को उम्मीद है कि वे आदिवासी वर्ग की समस्याओं को विधानसभा में रखेंगे। बता दें, विधायक डोडियार कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर भारत आदिवासी पार्टी से विधायक बनकर चर्चाओं में हैं। उन्होंने अपनी बाइक में बाकायदे एमएलए भी लिखवाया है। चुनाव के पहले पुलिस ने भेजा था जेल, एक सप्ताह में छूटेडोडियार चुनाव से पहले उस वक्त सुर्खियों में आए थ्ो, जब पुलिस ने उन्हें िगरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नामांकन के एक सप्ताह पहले ही वे जेल से छूटकर बाहर आए थे और 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर चुनाव लड़े और चुनाव जीत गए। रतलाम जिले की सैलाना सीट से जीते विधायक डोडियार ने बाइक से ही प्रचार किया था। सड़क पर बैठकर खाना खाया था और अब विधायक बनने के बाद अपने दस्तावेज जमा करने के लिए बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े। बाइक पर लिखवाया एमएलए, उसी से पहुंचे भोपाल विधायक डोडियार ने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोस्तों और साथियों से उधार लेकर चुनाव लड़ा हूं। अब बाइक से भोपाल भी जा रहे हैं। डोडियार का मानना है कि जल्दी ही विधायक की सैलरी से कार खरीद लेंगे, लेकिन अभी हमें बाइक से ही सफर करना होगा। पार्टी के इकलौते चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार बुधवार को विधायक चुने जाने के बाद भोपाल पहुंच गए हैं। हालांकि वे अभी विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। संभवत: गुरूवार को विधानसभा पहुंचकर अपने जीत का प्रमाणपत्र देंगे और बाकायदे अपनी आमद देने के साथ ही अपना परिचयपत्र जारी करवाएंगे।

22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

इसको लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. वहीं बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी इसको लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. वहीं खबर है कि कार्यक्रम में मंदिर बनाने वाले श्रमिकों को भी आमंत्रित किया जाएगा.

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान मे सरकार बनाने की कवायद तेज़, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर सहित विधानसभा लड़े 10 सांसदों का संसद और मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा

दिल्ली । मध्यप्रदेश समेत सभी 3 राज्यों मे सरकार बनाने की कवायद तेज़ हो गयी है राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश मे चुनाव लड़कर विधायक बनने वाले 10 सांसदों ने संसद की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है, इस्तीफ़ा देने वालो मे मध्यप्रदेश से केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, नरेन्द सिंह तोमर सांसद रीति पाठक, राकेश सिंह उदयप्रताप सिंह राजस्थान से राज्यवर्धन सिंह राठौर, दिया कुमारी, किरोड़ी लाल मीणा छत्तीसगढ़ से गोमती साईं और अरुण साव अभी कुछ और इस्तीफे दिए जा सकते हैँ गौरतलब है कि चार राज्यों मे भाजपा ने अपने 21 सांसदों को विधानसभा लड़ाया था अब भाजपा आलाकमान ने चुनाव जीते हुए सांसदों से मुलाक़ात की और और उन्हें संसद की सदस्यता छोड़ने का फैसला लिया गया पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्ढा के साथ सभी इस्तीफ़ा देने स्पीकर के पास पहुंचे,इस्तीफ़ा देने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल से मुख्य्मंत्री बनने के सवाल पर चुप्पी साधते हुए उन्होंने मुसुकराते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने की बात कह कर चले गए, जल्द ही भाजपा की तरफ से कुछ चौकाने वाले नामों की घोषणा हो सकती है

INDW vs ENGW: भारत-इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मैच आज, महिला क्रिकेट टीम दिखाएगी दम ‘वानखेडे स्टेडियम’

टीम इंडिया वानखेडे से शुरू करेगी अभियान भारतीय महिला टीम इंग्लैंड के खिलाफ कमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है. टीम को बुधवार से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है. हेड टू हेड इंग्लैंड टीम का पलड़ा भारी है.स्टोरी हाइलाइट्स:भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत बुधवार से मुंबई में खेले जाएंगे सभी मैचभारत की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में काफी समय बाद भारत की महिला टीम इंग्लैंड की महिला टीम के खिलाफ सीरीज खेलेगी. दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज और इकलौता टेस्ट खेला जाएगा. बीसीसीआई महिला सोशल मीडिया अकाउंट ने स्मृति मांधना, कप्तान हरमनप्रीत कौर और जमाइमा रोड्रिग्स की ट्रेनिंग करते हुए तस्वीरें शेयर की हैं. इन सभी मैचों का आयोजन मुंबई के वानखेड़े और डीवाई पाटिल स्टेडियम में होगा. फैंस के लिए बेहद अच्छी खबर है क्योंकि सभी इन मुकाबलों को मुफ्त में देख पाएंगे.हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी 16 सदस्यीय टीम को लीड करेंगी. जबकि स्मृति मांधना उप कप्तान हैं. रेणुका सिंह की चोट के बाद वापसी हो रही है. टीम में युवा टैलेंट्स भी हैं जिन्हें एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद टीम में मौका मिला है. वहीं वीमेंस प्रीमियर लीग में धांसू प्रदर्शन करने वाली श्रेयांका पाटिल और साइका इशाक की भी एंट्री हुई है.

तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे रेवंत रेड्डी, 7 दिसंबर को लेंगे शपथ कांग्रेस आलाकमान ने लगाई नाम पर मुहर.

The new Chief Minister of Telangana will be Revanth Reddy, who will take the oath on December 7. The Congress high command has stamped approval on the name तेलंगाना । कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक में बताया कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे. वह अनुभवी हैं, उन्होंने सभी के साथ काम किया है और वह पहले ही तेलंगाना के लोगों को वादा कर चुके हैं कि वह उनके लिए काम करेंगे.तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस के रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लग गई है. वह राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे और सात दिसंबर को पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस ने मंगलवार शाम को इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक में बताया कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे. वह अनुभवी हैं, उन्होंने सभी के साथ काम किया है और वह पहले ही तेलंगाना के लोगों को वादा कर चुके हैं कि उनके लिए काम करेंगे. उन्होंने बताया कि रेवंत रेड्डी सात दिसंबर को पथ की शपथ लेंगे.तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 64 सीटें जीतकर बीआरएस को सत्ता से बाहर कर दिया था. बीआरएस को 39 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था जबकि बीजेपी को यहां आठ ही सीटें मिली थीं. तेलंगाना में जीत का सबसे ज्यादा श्रेय रेवंत रेड्डी को मिल रहा है. यही वजह है कि सीएम पद के लिए सबसे ज्यादा चर्चा रेवंत रेड्डी की है. रेवंत रेड्डी तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं. रेड्डी तेलंगाना में कांग्रेस के उन तीन लोकसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने 2019 में जीत हासिल की थी. इस चुनाव में भी रेवंत तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के सामने कामारेड्डी विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, हालांकि, बीजेपी उम्मीदवार ने दोनों को मात दे दी.

राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ मे सीएम और डिप्टी सीएम के फॉर्मूले पर भा ज पा मे विचार.. सूत्र.

In Rajasthan, Madhya Pradesh, and Chhattisgarh, discussions are underway on the formula for the Chief Minister and Deputy Chief Minister, according to sources. *उदित नारायण* हाल मे सम्पन चुनावों मे तीन बड़े राज्यों मे भारी बहुमत हासिल कर भा ज पा अब 2024 के लोकसभा पर निगाहें जमा चुकी है, उसी के मद्देनज़र सामाजिक, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण के अनुरूप ही राज्यों मे मुख़्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का चयन करने की मैराथन बैठक चल रही है, बात करें अगर मध्य प्रदेश की तो शिवराज सिंह चौहान अभी रेस मे सबसे आगे नजर आ रहे हैँ उनके अलावा बड़े ओ बी सी नेता प्रहलाद पटेल, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलास विजयवर्गी, वी डी शर्मा के साथ कांग्रेस से भाजपा मे आये केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नामो का बाजार गर्म है, सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री के साथ इस बार मध्य प्रदेश मे 2 उप मुख्यमंत्री भी बनाये जा सकते हैँ, चर्चा है की मुख्यमंत्री ओ बी सी समाज से ही होगा शिवराज अपनी दावेदारी को लेकर कह चुके कह चुके हैँ की पार्टी जो जिम्मेदारी देगी वह उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे,बात राजस्थान की है तो राजस्थान मे अभी भी वसुंधरा राजे सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैँ लेकिन सूत्र बताते हैँ कि भाजपा नेतृत्व कोई चौकाने वाले निर्णय ले सकती है कई दावेदारों मे मजबूती से एक नाम पार्टी के मजबूत, संगठन मे मजबूत पकड़ वाले ओम माथुर का चर्चा मे आ रहा है मगर क्या लगभग 60 सीटों पर मजबूत पकड़ रखने वाली वसुंधरा राजे को मनाना आसान होगा चर्चा यहाँ भी मुख्यमंत्री के साथ एक उप मुख़्यमंत्री बनाने की भी है ,वही छत्तीसगढ़ मे पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की मजबूत दावेदारी के बीच छत्तीसगढ़ को पहली महिला मुख्यमंत्री मिलने की उम्मीद है इनमे रेणुका सिंह और डॉ सरोज पाण्डेय का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष साव भी दावेदारों मे एक है उम्मीद यहाँ भी मुख्यमंत्री के साथ एक उपमुख्यमंत्री बनाने की है.भाजपा नेतृत्व हर आगामी चुनाव का गुणा गणित पहले ही लगा कर फैसला लेता है इन सरकारों के गठन मे भी उसकी झलक दिखने की पूरी उम्मीद है भाजपा ने पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे और गृहमंत्री अमित शाह के प्रवंधन मे लड़ा है तो जाहिर है सरकार बनाने के फैसले मे प्रधानमंत्री की भूमिका अहम होंगी अब इंतजार भाजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक का है

राज्य शासन ने दो IPS अधिकारियों को सौंपे अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी.

The state government has assigned additional responsibilities to two IPS officers, orders issued. भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों को देखते हुए लगाई गई आचार संहिता के समाप्त होते ही शासन के रुके हुए कार्य प्रारंभ हो गए, आज मंगलवार को जहाँ पूरे प्रदेश में जनसुनवाई हुई वहीं प्रशासनिक द्रष्टि से आदेश भी जारी होना शुरू हो गए। इन्हें सौंपा SP नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार गृह विभाग ने आज मंगलवार 5 दिसंबर को दो अलग अलग आदेश जारी करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे हैं। शासन ने 2013 बैच के IPS अधिकारी कमांडेंट प्रथम वाहिनी SAF इंदौर सूरज वर्मा को उनके इस दायित्व के साथ साथ एसपी नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। DIG ग्वालियर के पास DIG SAF का अतिरिक्त प्रभार भी इसी तरह शासन ने 2007 बीच की IPS अधिकारी DIG ग्वालियर रेंज कृष्णावेणी देसवातु को उनके इस दायित्व के साथ साथ DIG SAF ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है, इन आदेशों का पालन तत्काल प्रभाव से होगा ।

राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या.

National Karni Sena Chief Mr. Sukhdev Singh Gogamani was shot dead in Jaipur. जयपुर। बहुत ही दुखद घटना 05/12/2023 को राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या कर दी गई है उनका इस तरह आकस्मिक निधन पूरे राजपूत समाज की अपूरणीय क्षति है पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तब तक आरोपी भाग गए। मामले की पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की एवं आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। वहीं लोगों ने राज्यशासन और प्रशासन से मांग है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।

आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को मिला राष्ट्रीय अवार्ड.

Commissioner Sandeep Rajak, a person with disabilities, received the National Award. *सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगजन आयुक्त राष्ट्रीय अवार्ड सक्षम मध्यप्रदेश के लिए गौरव* भोपाल: 4 दिसम्बर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय अवार्ड सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगता आयुक्त अवार्ड से मध्य प्रदेश के आयुक्त निःशक्तजन संदीप रजक को विज्ञान भवन में सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतिमा भौमिक, रामदास आठवले, के नारायण स्वामी सचिव राजेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव किशोर सुरवाड़े मंच पर मौजूद रहे। प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, दिव्यांगजनो हेतु शिक्षण, पुनर्वास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल, बाधा रहित वातावरण के साथ ही यूडीआईडी कार्ड बनाने में देश में सबसे बेहतर कार्य किया गया है। श्री रजक द्वारा निरंतर जिला स्तर पर चलित न्यायालय, एडवोकेसी बैठकों के माध्यम से दिव्यांगजनों की समस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया गया है। प्रदेश में कार्यरत शासकीय एवं अशासकीय संगठनों को साथ में लेकर प्रत्येक जिले में दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाने शिविरों, जनजागरुकता कार्यक्रम किए गए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर श्री रजक को राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही मप्र राज्य को सुगम्य भारत अभियान के कार्यान्वयन के लिए भी सम्मानित किया गया।-0-

आरजीपीवी पॉलिटेक्निक का पेपर कांड: शिकायत को दो माह बीते, कागजों में अटकी जांच, एफआईआर भी नहीं हुई.

The Paper scandal at RGPV Polytechnic: Two months have passed since the complaint; investigation stuck in paperwork, no FIR filed yet. – विवि की आंतरिक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपी भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेमेस्टर परीक्षा के पेपर बेचे जाने के कथित मामले में जांच कागजों में अटक गई है। शिकायत के दो माह बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस को विश्वविद्यालय की ओर से सही और स्पष्ट जांच प्रतिवेदन का इंतजार है, वहीं विवि प्रबंधन का कहना है कि वह एक विस्तृत आवेदन भेज चुका है, जिसके साथ प्राप्त वीडियो भी संलग्न किया गया था। विवि की कमेटी ने प्रबंधन को सौंपी रिपोर्ट मामले की शिकायत मिलने पर जांच के लिए विवि ने कमेटी का गठन किया था। जिसने शिकायत और प्राप्त वीडियो के आधार पर रिर्पोट तैयार कर प्रबंधन को सौंप दी है। इस रिर्पोट में लिखा है कि यह गंभीर प्रकृति का आपराधिक प्रकरण है। इसलिए समिति के द्वारा जांच किया जाना व्यवहारिक नहीं है, इसलिए पुलिस जांच होना जरूरी है। यह है पूरा मामला: दरअसल, कुछ माह पूर्व आरजीपीवी के पॉलिटेक्निक में कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी द्वारा इंजीनियरिंग डिप्लोमा के स्टूडेंट्स को पांच हजार रुपए प्रति पेपर बेंचने का कथित मामला सामने आया था। इसका एक कथित वीडियो भी सामने आया है। इस विडियो में कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी छात्र से कैश लेता नजर आ रहा है। इस विडियो को बतौर प्रूफ रखते हुए पॉलिटेक्निक प्रबंधन के पास लिखित शिकायत पहुंची थी।शिकायत पर पॉलिटेक्निक के प्राचार्य ने जांच के लिए आतंरिक कमेटी बनाई। जांच के आधार पर सिविल ब्रांच के कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी गौरव जैन, हिमांशु राय और सुरभि श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया। एक अन्य फैकल्टी सतीश अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पुलिस में भी आवेदन किया गया था, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई है।

बलिदान दिवस: अमीरों का लुटेरा…गरीबों का मसीह ‘टंट्या भील’

मध्यप्रदेश का जननायक टंट्या भील आजादी के आंदोलन में उन महान नायकों में शामिल है जिन्होंने आखिरी सांस तक अंग्रेजी सत्ता की नाक में दम कर रखा था। टंट्या भील को आदिवासियों का रॉबिनहुड भी कहा जाता है, क्योंकि वो अंग्रेजों के भारत की जनता से लूटे गए माल को अपनी जनता में ही बांट देते थे। टंट्या भील को टंट्या मामा के नाम से भी जाना जाता है। आज यानी 4 दिसंबर को उनका बलिदान दिवस मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं उनकी शौर्य गाथा को। बता दें कि इंदौर से लगभग 25 किलोमीटर दूर पातालपानी क्रांतिकारी टंट्या भील की कर्म स्थली है। यही वह जगह है जहां टंट्या भील अंग्रेजों की रेलगाड़ियों को तीर कामठी और गोफन के दम पर अपने साथियों के साथ रोक लिया करते थे। इन रेलगाड़ियों में भरा धन, जेवरात, अनाज, तेल और नमक लूट कर गरीबों में बांट दिया करते थे। टंट्या भील देवी के मंदिर में आराधना कर शक्ति प्राप्त करते थे और अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर आस पास घने जंगलों में रहा करते थे। टंट्या भील 7 फीट 10 इंच के थे और काफी शक्तिशाली थे, उन्होंने अंग्रेजों को थका दिया था। जानिए, कौन थे टंट्या मामा… इतिहासकारों की मानें तो साल 1842 खंडवा जिले की पंधाना तहसील के बडदा में भाऊसिंह के घर टंट्या का जन्म हुआ था। पिता ने टंट्या को लाठी-गोफन और तीर-कमान चलाने का प्रशिक्षण दिया। टंट्या ने धर्नुविद्या के साथ-साथ लाठी चलाने और गोफन कला में भी दक्षता हासिल कर ली। युवावस्था में अंग्रेजों के सहयोगी साहूकारों की प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने साथियों के साथ जंगल में कूद गया। टंट्या मामा भील ने आखिरी सांस तक अंग्रेजी सत्ता की ईंट से ईंट बजाने की मुहिम जारी रखी थी। टंट्या मामा का जन्म 1840 में खंडवा के पास पंधाना तहसील के गांव बरदा में होना ऐतिहासिक तथ्यों से प्रमाणित है। उनकी क्रांतिकारी गतिविधियां 1878 से 1889 तक रहीं। साल 1889 में उन पर जबलपुर में मुकदमा चला और 4 दिसंबर 1889 को उन्हें फांसी दे दी गई। वे मातृभूमि के लिए शहीद कर दिए गए।

भारतीय नौसेना दिवस आज, जानें इस दिन का इतिहास

Indian Navy Day 2023: आज के समय में दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में भारतीय सेना का नाम लिया जाता है। इसके पीछे की वजह है कि, भारत की तीनों सेनाएं थल, वायु और जल सेना हर तरफ से देश की सुरक्षा में तत्पर है। अगर इतिहास के पन्नों को उठा कर देखें तो भारत की सेनाओं ने हर जगह दुश्मनों को पस्त किया है। यही वजह है कि दुश्मन की सेना, भारतीय सेना के नाम से थर-थर कांपती है। जिस तरह से जमीन और हवा में भारतीय सेना के सैनिक मुस्तैद रहते हैं, ठीक उसी तरह से देश की सुरक्षा में जल सेना का भी बड़ा हाथ है। भारतीय नौसेना के जवान, जिन्हें हम जल प्रहरी कह सकते हैं, वह जल मार्ग की सुरक्षा में मुस्तैद रहते हैं। ऐसे में उनके इसी योगदान को सलाम करने के लिए हम 4 दिसंबर के दिन नौसेना दिवस मनाते हैं। इस दिन को मनाने की शुरुआत तब से हुई थी, जब 1971 में भारत पाक के युद्ध में भारतीय जल सेना ने देश को जीत दिलाई। इसी एतिहासिक दिन हर साल नोसेना दिवस मनाया जाता है। दुनिया की टॉप 10 नौसेना में से एक है भारतीय नौसेना भारतीय नौसेना दुनिया की टॉप 10 नौसेना में से एक है और इसका स्थान सातवें नंबर पर आता है. यह दक्षिण एशिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना है. भारतीय शस्त्र सेना में तीन प्रभाग होते हैं- भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना. भारतीय थल सेना हमारी धरती की रक्षा करती है. नौसेना पानी में रक्षा करती है और वायुसेना आकाश में हमारी रक्षा करती है. आधुनिक भारतीय नौसेना की नींव 17वीं शताब्दी में रखी है. ईस्ट इंडिया कंपनी ने समुद्री सेना के रूप में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की और 1934 में रॉयल इंडियन नेवी की स्थापना हुई. न झुकने दिया तिरंगे को, न युद्ध कभी ये हारे हैं,भारत माता तेरे वीरों ने दुश्मन चुन-चुन के मारे हैं।

कमलनाथ के नेतृत्व में ऐतिहासिक हार ने ,कांग्रेस को उप्र की तरह रसातल में धकेल दिया

भोपाल। मप्र में कांग्रेस नेता जमीनी नब्ज से बेखबर कैबिनेट बना रहे थे. पीसीसी पर बधाई के होर्डिग लगा रहे थे. नकुलनाथ चुनावी अभियान में 7 दिसंबर को उनके पिता कमलनाथ के मुख्यमंत्री की शपथ समारोह के लिए निमंत्रण बांट रहे थे। कांग्रेस नेताओं में इतनी गलतफहमी कैसे आई, इस पर शोध की जरूरत है। कमलनाथ ने मध्यप्रदेश की कांग्रेस को यूपी के रास्ते पर डाल दिया है. यह ढलान उत्तर भारत में कांग्रेस के रहे-सहे वजूद को भी रसातल पर पहुंचा देगा। बुढ़ापे में CM की कुर्सी से प्यार कमलनाथ और कांग्रेस को ही ले डूबा। अगर किसी युवा को नेतृत्व का मौका दिया गया होता तो इतनी शर्मनाक हार शायद नहीं होती। कमलनाथ के इर्द-गिर्द सलाहकारों और दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी जैसे चूके हुए नेताओं की प्रवीणता का ऐसा जाल बन गया था कि कमलनाथ को सच्चाई दिखाई ही नहीं पड़ रही थी। सपनों का महल ऐसा बना लिया गया था कि ‘जय जय कमलनाथ’ के अलावा कांग्रेसी विचारधारा के लोग भी नाशुक्रे लगने लगे थे। कमलनाथ की छिंदवाड़ा से जो राजनीति शुरू हुई थी, वह राजनीति छिंदवाड़ा से ही खत्म होती दिखाई पड़ रही है। अभी भी वक्त है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर अगर सच्चाई स्वीकार कर ली जाएगी तो जिंदगी का आखिरी दौर सुकून से बीत सकेगा अन्यथा चाटुकारों और सलाहकारों की गलतफहमी तो सब कुछ समाप्त ही कर देती है। कांग्रेस की हार ने यह भी साबित कर दिया है कि 2018 में कांग्रेस को जो भी बहुमत मिला था उसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया का योगदान था। पार्टी की नहीं, कमलनाथ -दिग्विजय की हार बीजेपी के 18 साल की सरकार के बाद भी कांग्रेस की पराजय नहीं बल्कि कमलनाथ- दिग्विजय सिंह जोड़ी की ही हार है. मध्यप्रदेश को लेकर दो दिन पहले जब एग्जिट पोल आए थे, तब सबसे ज्यादा विवाद कांग्रेस द्वारा पैदा किया गया था। एग्जिट पोल वाली एजेंसी और उनके मालिकों को ऐसा साबित कर दिया गया था कि जैसे उन्होंने सरकार से पैसा लेकर एग्जिट पोल बीजेपी के पक्ष में दिखाया है। सोशल मीडिया में तो यहां तक लिखा गया कि एग्जिट पोल में बीजेपी की प्रचंड जीत दिखाने वाली एजेंसियों को सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की मदद दी गई है। विभाग के नाम पर चैनल की एक सूची भी सोशल मीडिया पर वायरल की गई। कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित मीडिया से जुड़े लोग इस हद तक एक तरफा निर्णय सुना रहे थे कि जनसंपर्क के कुशल अधिकारियों की कार्य पद्धति को भी सवालों में खड़ा कर दिया था।

भारतीय क्रिकेट टीम ने पांचवें टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया को 6 रन से हराया

IND vs AUS, 5th T20: अर्शदीप सिंह ने आखिरी ओवर में पलट दी बाजी आखरी एक ओवर में बचाएं 10 रन , बन गए हीरो IND vs AUS, 5th T20: टीम इंडिया ने पांचवां टी20 जीतकर पांच मैचों की टी20 सीरीज पर 4-1 से कब्जा जमाया. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत की यह पहली टी20 सीरीज जीत है. टीम इंडिया ने आखिरी ओवर में अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी के दम पर मैच को अपने नाम किया । नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम ने पांचवें टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया को 6 रन से हराकर 5 मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली. टीम इंडिया को यादगार जीत दिलाने में युवा तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का अहम रोल रहा जिन्होंने आखिरी ओवर में 10 रन का बचाव करते हुए मेहमान टीम के जबड़े से जीत छीन ली. भारत का इस साल घर में यह आखिरी मैच था. अर्शदीप ने आखिरी ओवर में कातिलाना गेंदबाजी करते हुए मैच का पासा पलट दिया और भारत को रोमांचक जीत दिला दी. टीम इंडिया अब साउथ अफ्रीका के दौरे पर जाएगी जहां उसे 3 टी20, 3 वनडे और 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है.

CG .सीटों पर आए रुझान में भारतीय जनता पार्टी 24 सीटों पर तो कांग्रेस 22 सीटों पर लीड कर रही है।

In the trend of seats in Chhattisgarh, the Bharatiya Janata Party (BJP) is leading on 24 seats, while the Congress is leading on 22 seats. बीजेपी : 24 आगे, कांग्रेस : 22 आगे

2-3 दिसंबर 1984 की वो ठंडी काली रात… जब दहल गया था भोपाल

आज भी भयंकर सपने की तरह याद आती है गैस त्रासदी  गैस कांड की 3 दिसंबर को 39 वीं बरसी  उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में दो दिसंबर 1984 की सर्द रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव ने न केवल यहां हजारों लोगों की जान ले ली थी, बल्कि त्रासदी के 39 साल बाद भी यह जीवित बचे लोगों को एक भयंकर सपने की तरह याद है। इस हादसे के बाद यह कारखाना बंद किया जा चुका है। दो और तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को कीटनाशक कारखाने से जहरीली गैस के रिसाव के बाद कम से कम 3,787 लोग मारे गए और पांच लाख से अधिक लोग शारीरिक रूप से प्रभावित हुए। रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया  गैस पीड़ित और रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षण अधीक्षक महेंद्रजीत सिंह 79 ने बताया कि हादसे वाली दो दिसंबर की रात को मैं डर से कांप उठा। मैंने उस ठंडी रात में लोगों को मरते हुए देखा था। उस भयावह रात को याद करते हुए सिंह ने कहा कि उस रात लगभग दो बजे मेरा परिवार सो रहा था, जब यूनियन कार्बाइड कारखाने से कुछ ही दूरी पर स्थित रेलवे कॉलोनी में लोगों की चीख-पुकार ने हमें जगाया। हम घर से बाहर भागे और कारखाने से निकलने वाली गैस से बचने के लिए स्कूटर से और पैदल भागे। चार किमी दूर एक होटल में बिताई थी रात  ऑल इंडिया रिटायर रेलवेमेन फेडरेशन वेस्टर्न ज़ोन के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि उनके परिवार ने उनके घर से चार किमी दूर एक होटल में रात बिताई। कुछ साल बाद उन्होंने ने अपनी मां और छोटे भाई को खो दिया जो जहरीली गैस के संपर्क में आए थे। उन्होंने कहा कि गैस रिसाव के तीन दिन बाद, मैंने देखा कि हमारे घर के पास एक पीपल के पेड़ की पत्तियां गिर गई थीं और वह मृत और बेजान दिखाई दे रहा था। होशंगाबाद में ली शरण महेंद्र जीत सिंह ने बताया कि कि शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़-पौधों पर जहरीली गैस का असर देखा गया। उन्होंने बताया कि त्रासदी के बाद, ऐसी अफवाहें थीं कि फैक्ट्री से बची हुई जहरीली गैस निकलेगी। ऐसी अपुष्ट खबरों को देखते हुए हमने पड़ोसी होशंगाबाद जिले में शरण ली। महेंद्र जीत सिंह ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी में अपने कई सहयोगियों को खो दिया है और जो बच गए, वे बीमारियों, विशेषकर सांस लेने की समस्याओं के साथ जी रहे हैं। भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गए थे वहीं, सेवानिवृत्त सहायक स्टेशन मास्टर रामबली प्रसाद वर्मा बताया कि वह भाग्यशाली थे कि आपदा से बच गये। उन्होंने बताया कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की चारदीवारी के पास स्थित रेलवे केबिन में मेरी ड्यूटी 2 दिसंबर की रात 10 बजे खत्म हो गई। आधी रात के आसपास, जब फैक्ट्री से गैस लीक हुई, तब वर्मा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में अपने घर पर थे। उन्होंने कहा कि जहरीली गैस से बचने के लिए हम इधर-उधर भागे और कुछ दूर स्थित सेना के वाहन में शरण मिली। रामबली वर्मा और उनका परिवार दिन निकलने पर घर लौट आए, लेकिन कुछ घंटों बाद फिर से अपना घर छोड़ना पड़ा क्योंकि ऐसी अफवाहें थीं कि बची हुई जहरीली गैस तीन दिसंबर को सुबह 11 बजे के आसपास फिर निकाली जाएगी। इसके बाद वर्मा का परिवार इंदौर चला गया और चीजें ठीक होने पर वापस लौटा था। उन्होंने कहा कि जब मैं उस ठंडी रात के बारे में सोचता हूं, तो मैं कांपने लगता हूं। गैस के संपर्क में आने के कारण मुझे सांस लेने में दिक्कत आती है और दमा हो गया है।

हमारे पास डॉक्टरों की कमी है. भारत में प्रति 1000 जनसंख्या पर एक डॉक्टर है, विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना सबसे जरूरी – नीति आयोग के सदस्य विनोद के. पॉल.

We have a shortage of doctors. In India, there is one doctor per 1000 population, and it is crucial to increase the number of specialist doctors – says NITI Aayog member Vinod K. Paul. Manish Trivedi – Sahara Samachaar नई दिल्ली: नीति आयोग के सदस्य विनोद के. पॉल ने दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस) के स्थापना दिवस समारोह को बीते गुरुवार (30 नवंबर) को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों की पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल के लिए देश में एमबीबीएस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना सबसे जरूरी है. पॉल ने कहा, ‘हमारे पास डॉक्टरों की कमी है. भारत में प्रति 1000 जनसंख्या पर एक डॉक्टर है, अगर हम आयुष चिकित्सकों को जोड़ दें तो 1.3 डॉक्टर हैं, जबकि विकसित देशों में समान जनसंख्या के लिए तीन डॉक्टर हैं.’ ‘विशेषज्ञों की आवश्यकता और भी अधिक है.’ देश में विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने के लिए डीएनबी (डिप्लोमैट ऑफ नेशनल बोर्ड) पाठ्यक्रम और जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम (डीआरपी) का उपयोग किया जाना चाहिए. डीआरपी के तहत एक-चौथाई उम्मीदवारों को बेहतर शिक्षा और मरीजों की सेवा के लिए जिला अस्पतालों में तैनात किया जाता है. उत्तर प्रदेश में डीआरपी इस साल की शुरुआत में शुरू की गई है और सभी मेडिकल कॉलेजों के 768 उम्मीदवारों को तीन महीने की अवधि के लिए जिला अस्पतालों में तैनात किया गया है. एमबीबीएस छात्रों को पीजी पाठ्यक्रमों में सीट पाने के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि पीजी सीटों की संख्या बढ़ गई है और अधिक सीटें जोड़ने पर काम चल रहा है. अगर डीपीआर ठीक से लागू किया गया तो प्रत्येक जिला अस्पताल में 5 से 10 पीजी छात्र होंगे.’ ‘देश में 68,000 से अधिक पीजी मेडिकल सीटें हैं और अगर एक-चौथाई अस्पतालों में हैं तो इससे मरीजों की सेवा में सुधार करने में मदद मिलेगी और उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ेगी, क्योंकि कॉलेज अतिरिक्त छात्रों को ले सकते हैं.’ ‘देश में पीजी सीटें 32,000 से बढ़कर 63,000 से अधिक हो गई हैं और यूजी मेडिकल सीटें 52,000 से बढ़कर 1.8 लाख हो गई हैं. चुनौती देश में विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने की है.’ कार्यक्रम में शामिल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक और भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल ने कहा, ‘अनुसंधान केवल कुछ संस्थानों तक सीमित नहीं होना चाहिए. सभी संस्थानों को इसमें भाग लेना चाहिए.’ डॉ. बहल ने कहा, ‘इस साल आईसीएमआर ने 203 विभिन्न संस्थानों को 600 अनुदान दिए और उनमें से कई को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में नहीं जाना जाता था.’ समारोह में प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य, पार्थ सारथी सेन शर्मा और आरएमएलआईएमएस निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद भी उपस्थित थे.

केंद्र सरकार की आठवां वेतन आयोग गठित करने की कोई योजना नहीं – वित्तसचिव टी.वी. सोमनाथन.

There is no plan to constitute the Eighth Pay Commission by the Central Government,” said Finance Secretary T.V. Somanathan. Manish Trivedi, Sahara Samachaar नई दिल्ली: केंद्र सरकार की 48.67 लाख केंद्रीय कर्मचारियों तथा 67.95 लाख पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग गठित करने की कोई योजना नहीं है. यह बयान वित्तसचिव टी.वी. सोमनाथन ने दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने आठवां वेतन आयोग की जगह नई पेंशन योजना की समीक्षा पर फोकस किया है… वित्तसचिव ने गुरुवार को कहा, “आठवां वेतन आयोग गठित करने के संबंध में कोई योजना नहीं है… फिलहाल ऐसा कुछ लंबित नहीं है…” वर्तमान पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 फ़ीसदी योगदान दिया करते हैं, जबकि सरकार उसी खाते में कर्मचारी के मूल वेतन का 14 फ़ीसदी जमा किया करती है. यह योजना राजनीतिक रूप से विवादों को जन्म दे चुकी है, और विपक्ष-शासित कई राज्य सरकारें पुरानी पेंशन योजना की तरफ़ जा रही हैं, जिनके अंतर्गत पेंशनभोगी को उसके अंतिम मासिक वेतन के 50 फ़ीसदी की गारंटी मिलती है, और वह भी कर्मचारी की ओऱ से किसी भी योगदान के बिना. माना जा रहा है कि सरकार कुछ बदलाव कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर सकती है कि प्रत्येक कर्मचारी को उनके अंतिम वेतन का कम से कम 40 से 45 फ़ीसदी हिस्सा पेंशन के तौर पर हासिल हो.

एमपी पुलिस में 7 साल बाद दूर होगी कैडर की समस्या.

After 7 years, the cadre-related issues will be resolved in the Madhya Pradesh Police. नए साल में 13 अफसर होंगे प्रमोट, 26 आईजी में से 3 अफसरों का रिटायरमेंट प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33, रेंज और जोन में भेज जाएंगे आईजी, एडीजी फिर पीएचक्यू लौटेंगे उदित नारायण  भोपाल। प्रदेश में लगभग 7 साल बाद आईजी के पद की कमी दूर होने जा रही है। प्रदेश में एक साथ 13 आईपीएस अफसर आईजी के पद को एक जनवरी को मिलने जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आईजी रैंक के अफसरों की संख्या दो दर्जन पार हो जाएगी। इससे पहले करीब 2016 तक इतने पद भरे हुए थे। इसके बाद धीरे-धीरे इन पदों पर अफसरों की संख्या कम होती गई। एक जनवरी को वर्ष 2006 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी से पदोन्नत होकर आईजी के पद पदोन्नत होने जा रहे हैं। इन अफसरों की संख्या 13 होगी। प्रदेश में अभी 15 अफसर आईजी के पद पर पदस्थ हैं। इनमें से दो अफसर अब एडीजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं।  वर्ष 2000 से 2005 बैच के 13 अफसर जहां आईजी के पद पर पदस्थ रहेंगे। वहीं वर्ष 2006 बैच के अफसर आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनकी भी संख्या 13 होगी। ऐसे में प्रदेश में लंबे अरसे बाद इस पद पर 26 अफसर पदस्थ होंगे। आईजी के पद पर 26 अफसरों की संख्या सिर्फ जनवरी के महीने में ही रहेगी। इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष कपूरिया 31 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे तो यह संख्या घटकर एक कम हो जाएगी। कपूरिया के बाद जून 2024 में आरआरएस परिहार रिटायर होंगे और इसी साल के अक्टूबर में राजेश हिंगणकर भी रिटायर हो जाएंगे। यानि यह संख्या नवम्बर में घटकर 23 पर पहुंच जाएगी। हालांकि इसके बाद भी इनती संख्या में आईजी के पद प्रदेश पुलिस में अरसे बाद पदस्थ रहेंगे।  कम संख्या के कारण एडीजी को दिया था रेंज का प्रभार प्रदेश में जब आईजी रेंक के अफसरों की संख्या कम होना शुरू हुई तो उनकी जगह का काम एडीजी रेंक के अफसरों से करवाने का क्रम शुरू हुआ। इसके चलते एडीजी रेंक के अफसरों को रेंज में पदस्थ किया गया। हालात यह बने ही भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर का पद कॉडर में आईजी रेंक का मिला, लेकिन यहां भी एडीजी रेंक के अफसर ही पदस्थ हुए। भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर एडीजी मकरंद देउस्कर बने थे। अब देउस्कर इंदौर पुलिस कमिश्नर हैं। 90 बैच तक के अफसर एडीजी आईजी के पद पर अफसरों की कमी होने के चलते एडीजी के पद पर अफसरों की संख्या बढ़ गई थी। प्रदेश में अभी वर्ष 1990 से वर्ष 1999 तक के 34 अफसर एडीजी के पद पर पदस्थ हैं। हालांकि इसमें से अब वर्ष 1999 बैच के दो अफसर एडीजी हो जाएंगे। प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33 है। अस्थाई तौर पर डीजी के बढ़े थे दो पद- एडीजी रेंक पर अफसरों की संख्या ज्यादा होने के चलते डीजी के दो पद अस्थाई तौर से राज्य शासन को बढ़ाने पड़े थे। प्रदेश में तत्कालीन डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला थे, उस वक्त दो साल के लिए डीजी के दो अस्थाई पद बढाए गए थे। बाद में फिर से दो पद बढ़ाए गए। प्रदेश में डीजी के पांच पद कॉडर के हैं, जबकि पांच पद एक्स कॉडर के हैं। इनके अलावा दो अस्थाई पद हैं। इस तरह से प्रदेश में डीजी रेंक के 12 अफसर पदस्थ हैं।

भारत से सीरीज हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मैथ्यू वेड का छलका दर्द, बताया कहां कमजोर पड़ी टीम.

After losing the series to India, Australian captain Matthew Wade expressed his disappointment, pointing out the areas where the team faltered. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर में होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर 3-1 से कब्ज़ा जमा डाला. स्टोरी हाइलाइट्स: भारत ने ऑस्ट्रेलिया को चौथे टी20 में 20 रन से हराया भारत से सीरीज हार के बाद क्या बोले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मैथ्यू वेड ? सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर में होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर 3-1 से कब्ज़ा जमा डाला. भारत ने रायपुर के मैदान में होने वाले चौथे टी20 मैच में पहले खेलते हुए 174 रन बनाए. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 154 रन ही बना सकी और उसे 20 रन की हार के साथ सीरीज गंवानी पड़ी. जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने बताया कि खिलाड़ियों से कहां पर गलती हुई.हार के बाद क्या बोले मैथ्यू वेड ? ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों को नहीं झेल सके और अक्षर पटेल ने जहां तीन विकेट चटकाए. वहीं रवि बिश्नोई ने भी एक विकेट चटकाया. जिससे हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मैथ्यू वेड ने कहा कि हमें स्पिन गेंदबाजों को अच्छी तरह से नहीं खेला. जिससे विकेट गिरते चले गए और हम पर दबाव बढ़ गया था. हमने बल्ले से बढ़िया खेल नहीं दिखाया. अब जो भी खिलाड़ी टी20 टीम में खुद को स्थापित कर चुके हैं. उनसे सीखना होगा और अपनी गहराई को टीम में रखना वाकई महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप भी काफी नजदीक है. इस तरह सीरीज हारी ऑस्ट्रेलिया वहीं मैच की बात करें तो भारत के लिए बल्लेबाजी में सबसे अधिक 29 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के से 46 रन रिंकू सिंह ने बनाए. जबकि 37 रन यशस्वी जायसवाल और 19 गेंदों में अंत में तेजी से तीन छक्के व एक चौके से 35 रन विकेटकीपर जितेश शर्मा ने भी बनाए. जिससे भारत ने पहले खेलते हुए 9 विकेट पर 174 रन बनाए. इसके बाद अक्षर पटेल ने तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को हार के लिए मजबूर कर डाला. उनकी तरफ से सबसे अधिक 23 गेंदों में दो चौके व दो छक्के से 36 रन की नाबाद पारी कप्तान मैथ्यू वेड ने खेली लेकिन टीम को 20 रन की हार से नहीं बचा सके. भारत ने सीरीज के पहले दो मैचों में जीत दर्ज की और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे मैच में जीत से वापसी की लेकिन चौथे मैच में हार के साथ अब ऑस्ट्रेलिया सीरीज गंवा चुकी है. अंतिम और 5वां मैच रविवार तीन दिसंबर को खेला जाएगा.

पीएम मोदी के स्वागत में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा दुबई एयरपोर्ट.

Bharat Mata Ki Jai’ slogans echoed at Dubai Airport during the welcome of Prime Minister Modi. पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार रात दुबई पहुंचे. वह 1 दिसंबर को होने वाले COP28के वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगेजैसे ही पीएम मोदी दुबई हवाई अड्डे पर उतरे, एक होटल के बाहर इंतजार कर रहे भारतीय प्रवासियों ने ‘सारे जहां से अच्छा’ गाया और ‘भारत माता की जय’ के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. दुबई पहुंचने के बाद, पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि वो शिखर सम्मेलन की कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.उन्होंने कहा, “सीओपी-28 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई में उतरा हूं. शिखर सम्मेलन की कार्यवाही का इंतजार कर रहा हूं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.” पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर किया, जिसमें कल के उनके एक्शन-पैक कार्यक्रम का ओवरव्यू दिया गया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट COP28 का उच्च-स्तरीय खंड है, यह कहते हुए कि यह सुबह इस उच्च-स्तरीय जलवायु कार्यक्रम के उद्घाटन कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री अपना संबोधन देंगे. लेकिन जलवायु वित्त में परिवर्तन पर संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के बाद, प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात केसाथ एक कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे, जो हरित क्रेडिट पर ध्यान देगा, ये एक वो पहल है, जिसमें प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत रुचि है. बागची ने आगे कहा कि इस दौरान दिन में बड़ी संख्या में द्विपक्षीय कार्यक्रम होंगे. दुबई में COP28 जलवायु वार्ता से पहले अपने डिपार्चर नोट में, पीएम मोदी ने ये भी कहा कि G20 नई दिल्लीनेताओं की घोषणा में जलवायु कार्रवाई और सतत विकास पर ठोस कदम भी शामिल थे.

रायपुर में आज शाम को दिखेगा T-20 का रोमांच: देशभर से पहुंचे कैंस; प्लेयर्स को भाया छत्तीसगढ़ी खाना, मैच के बाद स्टेडियम में लेजर शो.

The excitement of T-20 will be visible in Raipur this evening: Fans arrived from across the country; Players relished Chhattisgarhi cuisine, laser show at the stadium after the match. रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम में आज शाम को भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने होंगी। वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार दोनों टीमों के बीच मैच होने जा रहा है। मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा। दर्शकों के लिए स्टेडियम के गेट 4 बजे से खोल दिए जाएंगे। मैच देखने देशभर से क्रिकेट फैंस रायपुर पहुंच चुके हैं। स्टेडियम में मैच के बाद लेजर शो की तैयारी की गई है। लेजर शो में देशभक्ति गीतों के साथ लेजर लाइट्स नजर आएंगी। पूरे स्टेडियम में इसके लिए खास बंदोबस्त किया गया है। डीजे बीट्स पर ये अनूठा लाइट म्यूजिक शो होगा। मैदान में आतिशबाजी भी की जाएगी। रायपुर में होने वाले इस मैच से पहले 28 नवंबर को गुवाहाटी में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया था। चौथे मैच से पहले श्रेयस अय्यर ने नेट्स पर बहाया पसीना चौथे मैच से पहले गुरुवार को श्रेयस अय्यर नेट्स पर पसीना बहाते दिखे। अय्यर को शुरुआती तीन मैचों में आराम दिया गया था। अय्यर आज के मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल हो सकते हैं। भारत पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है। प्रैक्टिस में दिखी खिलाड़ियों की मेहनत मैच से पहले गुरुवार को भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने खूब प्रैक्टिस की। यहां सूर्या की बिग्रेड नेट में पसीना बहाते दिखी। इंडियन प्लेयर्स पर गुवाहाटी में मिली हार का बदला लेने का प्रेशर साफ दिखा। खिलाड़ी पूरा जोर लगाते दिखे ताकि शुक्रवार को खेले जाने वाले मैच में जीत हासिल हो सके। प्लेयर्स को परोसे गए छत्तीसगढ़ के मिलेट फूड टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया से आए खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ का मिलेट फूड परोसा गया। मिलेट्स से बनी डिश और सूप खिलाड़ियों के लिए तैयार की गई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्लेयर्स की डाइट, कैलोरी को ध्यान में रखकर व्यंजन तैयार किए गए। फिंगर मिलेट रब, इसमें मिलेट को उबालकर सूप का फॉर्म दिया गया है। फॉक्सटेल मिलेट सुपर सैलेड बनाया गया है। सिरका, मस्टर्ड सॉस के साथ तैयार किया गया है। ऑर्गेनिक किनवा को फेटा चीज के साथ सैलेड का रूप दिया गया है। मिलेट से बने एनर्जी बार भी खिलाड़ियों को परोसे गए हैं। स्टेडियम है। करीब 85 यार्ड की बाउंड्री वाले इस स्टेडियम में खिलाड़ियों को रन बनाने में मशक्कत करनी पड़ती है। मैच से पहले एक्सपर्ट्स ने बताया कि इस मैदान में क्रिकेटर्स के बैट से बैक टू बैक शॉर्ट निकलें, ये मुश्किल होता है। इसलिए यहां चौके-छक्कों की बरसात कम होती है। टीम इंडिया के लिए रायपुर के मैदान पर जीत हासिल करना चैलेंजिंग होगा। ये खिलाड़ी आज आएंगे नजर भारतीय टीम : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और आवेश खान। ऑस्ट्रेलिया टीम : मैथ्यू वेड (कप्तान), जेसन बेहरेनडोर्फ, टिम डेविड, बेन ड्वारशुइस, नाथन एलिस, क्रिस ग्रीन, आरोन हार्डी, ट्रैविस हेड, बेन मैकडरमॉट, जोश फिलिप, तनवीर सांघा, मैट शॉर्ट और केन रिचर्डसन ।

बुंदेलखंड में आईएएस व आईपीएस विलेज रैपुरा (चित्रकूट) उत्तर प्रदेश: कभी डकैतों के लिए मशहूर था, अब आईएएस आईपीएस की है फैक्ट्री, हर घर में अफसर.!

Bundelkhand, the village of Raipura (Chitrakoot), Uttar Pradesh, was once infamous for dacoits but now boasts of IAS and IPS officers. It has transformed into a hub of factories, with every household having officers. Udit Narayanभोपाल। देश के हर गांव की अपनी एक विशेषता होती है और उसी वजह से वह अपनी पहचान बना लेता है, उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड अंचल के चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों का गढ़ माना जाता था । दरअसल इस इलाके में एक डकैत के खात्मे के बाद दूसरा डकैत बन जाता था, लेकिन अब इस पाठा क्षेत्र में डकैत नहीं बल्कि आईएएस और पीसीएस का जलवा है। इस छोटे से गांव के हर घर में एक सरकारी नौकर है। हम चित्रकूट जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर रैपुरा गांव कर रहे हैं।यह गांव कभी डकैतों के लिए मशहूर था, लेकिन अब इसकी पहचान आईएएस और आईपीएस हैं। दरअसल गांव के लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक लोग इस समय आईएएस, आईपीएस, पीसीएस जैसी विभिन्न सेवाओं में उच्चाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं । खास आज यह है कि रैपुरा गांव में हर घर में कोई न कोई सरकारी कर्मचारी-अधिकारी है।हर घर में एक सरकारी कर्मचारी रैपुरा गांव के इंटर कॉलेज रिटायर प्रधानाचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस गांव में लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग आईएएस, पीसीएस हैं। इन सभी की स्‍कूली पढ़ाई गांव में ही हुई है । हालांकि बाहर से उच्‍च शिक्षा हासिल कर अधिकारी बने हैं। साथ ही कहा कि इस गांव में हर एक घर में कोई न कोई सरकारी नौकरी में है। सिंह ने बताया कि वह जब स्कूल के प्रिंसिपल थे, तब स्कूल में बच्चों को दूसरों के बारे में बात कर प्रोत्साहित करते थे। इसका असर बच्‍चों पर सकारात्‍मक हुआ और गांव के युवाओं में सरकारी नौकरी हासिल करने की होड़ सी लग गई। कभी डकैतों के लिए मशहूर यह गांव सरकारी अफसरों के लिए पहचान रखता है। आईएएस और पीसीएस की भरमार महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि गांव के अभिजीत सिंह, रोहित सिंह, कुलदीप कुमार और सीपी सिंह (आईएएस), यदुवेंद्र शुक्ल (आईपीएस), तेज स्वरुप, सुरेन्द्र, राजेन्द्र ,प्रकाश कुमार, सुरेश चन्द्र पाण्डेय, प्रह्लाद सिंह और सुरेश गर्ग बतौर पीसीएस कार्यरत हैं। इसके अलावा भी कई युवा अधिकारी बनकर रैपुरा गांव का नाम रौशन कर रहे हैं। साथ ही बताया कि आज भी तमाम युवा सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए बाहर रहकर पढ़ाई में जुटे हैं । हर साल कोई न कोई छात्र आईएएस या पीसीएस की परीक्षा में सफल जरूर रहता है. पिछली बार भी यह रिकॉर्ड कायम रहा है ।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर, अब इस महीने में आएगी PM Kisan की 16वीं किस्त! खाते में आएंगे फिर 2-2 हजार, जानें EKYC पर ताजा अपडेट.

Important news for farmers: The 16th installment of PM Kisan will be credited this month! Another 2,000 rupees will be deposited in the accounts. Get the latest update on EKYC. उदित नारायणप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केन्द्र सरकार की किसानों के लिए चलाई जा रही कई योजनाओं में से एक बड़ी योजना है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते है। यह राशि हर 4 माह में 3 किस्तों में 2,000-2000 रुपये करके DBT के माध्यम से दी जाती है।अबतक योजना की 15वीं किस्त जारी हो चुकी है और अब 16वीं किस्त जारी की जानी है। कब आएगी पीएम किसान योजना की 16वीं किस्तपीएम किसान योजना के नियमानुसार, पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच , दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती है, ऐसे में संभावना है कि फरवरी से मार्च के बीच कभी भी 16वीं किस्त जारी की जा सकती है। हालांकि अगली किस्त जारी करने की कोई निश्चित तिथि अभी सामने नहीं आई है।ध्यान रहे अगली किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने eKYC, भू सत्यापन और आधार लिंक की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है और जिन्होंने ये तीनों काम नहीं किए है, उन्हें लाभ से वंचित किया जा सकता है।

भारतीय-संविधान दिवस आत्मचिंतन का पर्व………..

Indian Constitution Day is a day of introspection सलाहकार संपादक,,शीतला शंकर मिश्राहम भारत के लोगों ने 26नवम्बर1949को भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व लोकतंत्रात्मक गण राज्य बनाने के लिए संविधान को अंगीकृत,अधिनियमित व आत्मार्पित किया था।यही संविधान 26जनवरी 1950को लागू किया गया था।विश्व के सबसे बड़े संविधान की 74वीं वर्ष गाँठ का उल्लास स्वाभाविक है, लेकिन निराशा की खाइयाँ ढेर सारी हैं।संविधान दिवस को आत्मचिंतन दिवस के रूप में मनाने की आवश्यकता है। भारत का संविधान किसी क्रांति का परिणाम नहीं है। ब्रिटिश सरकार ने पराजित क़ौम की तरह भारत नहीं छोड़ा था। स्वाधीनता भी ब्रिटिश संसद के भारतीय स्वतंत्रता क़ानून 1947से मिली। भारतीय संविधान में ब्रिटिशसंसद द्वारा पारित 1935 के अधिनियम की ही अधिकांश बातें हैं। भारत ने भारत शासन अधिनियम 1935को आधार बनाकर गलती की थी। यह आरोप मै ही लगा रहा हूँ ऐसा नहीं है उस समय के विचारकों, क़ानून विदों ने भी लगाया था और आरोपों का उत्तर देते हुए डाक्टर अम्बेडकर ने स्पष्टीकारण दिया था कि उनसे इसी अधिनियम के आधार की अपेक्षा की गई है। भारत की संसदीय व्यवस्था, प्रशासनिक तंत्र व प्रधानमंत्री ब्रिटिश व्यवस्था की उधारी है। दुःखद है कि भारत ने अपनी संस्कृति व जन गण मन की भावना के अनुरूप अपनी राजव्यवस्था नहीं गढ़ी।जिसका परिणाम आप सबके समक्ष है।एक सैकड़ा से ऊपर संविधान संशोधनों के पश्चात् भी परिस्थितियों में मूल भूत सुधार नहीं हो सका है। सम्प्रति भारतीय संविधान और गणतंत्र संकट में है। संविधान सभा ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में मात्र 63 लाख 96हज़ार रुपए ही खर्च किये। जम कर बहस हुई,2473संशोधनों पर चर्चा हुई। आज संसद और विधान मंडलों के स्थगन शोर शराबे और करोड़ों रुपयों के खर्च विस्मय कारी हैं।संविधान में शतक से अधिक संशोधन हो चुके हैं। संवैधानिक तंत्र विफल हो गया है।राजनीति भ्रष्ट उद्योग बन गई है। संविधान के शपथी मंत्री, सांसद, विधायक जेल जा रहे हैं। अनेक जेल में रहकर मंत्री पद के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। जेल में रहकर अनेक जन प्रतिनिधि चुनाव लड़ रहे हैं, जीत भी रहे हैं।निराशा की खाईं गहरी है , राष्ट्रीय उत्सव अब उल्लास नहीं पाते। संवैधानिक संस्थाएँ धीरज नहीं देतीं। आम जन हताश और निराश हैं। राजनीतिक अड्डों में ही गण तंत्र के उल्लास का जग मग आकाश है 15-20%लोग ही संविधान के सुख और गणतंत्र के माल से अघाए हैं। शेष अस्सी प्रतिशत लोग भुखमरी में हैं। बावजूद इसके अर्थव्यवस्था मोदी मय है और राजनीतिक व्यवस्था गणतंत्र विरोधी है।मेरी दृष्टि में संविधान दिवस राष्ट्रीय आत्मचिंतन का पर्व होना चाहिए।जयहिंद

राज्यसभा में MP की 5 सीटों का नंबर गेमः कौन किस पर भारी

The number of seats for Members of Parliament (MP) in the Rajya Sabha is 5. मौजूदा 4 सीटों को बचाने भाजपा को चाहिए 152 विधायक; अप्रैल में खत्म होगा कार्यकाल मध्यप्रदेश में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। इन नतीजों से दो सवालों का जवाब मिलेगा। मध्यप्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी?अप्रैल 2024 में खाली हो रही राज्यसभा की 5 सीटों में से कितनी-किस पार्टी के खाते में जाएंगी। एमपी के 11 में से 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इनमें से 4 सीटें भाजपा जबकि 1 कांग्रेस के पास है। भाजपा को यदि यह आंकड़ा बरकरार रखना है तो विधानसभा में उसे 152 सीटें जीतना होंगी क्योंकि एक प्रत्याशी को जीतने के लिए न्यूनतम 38 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। राज्यसभा सांसद का चुनाव तय फॉर्मूले के तहत होता है। इसके मुताबिक, जिस पार्टी के पास विधायकों की संख्या अधिक होती है, उस पार्टी के उम्मीदवार की जीत तय होती है। पहले जानिए, कैसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। व्हिप के उल्लंघन से खत्म हो सकती है सदस्यता राज्यसभा चुनाव में लोकसभा और विधानसभा की तरह गुप्त मतदान नहीं होता है। राज्यसभा सांसद के नाम के आगे एक से चार तक का नंबर लिखा होता है। विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट देना होता है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए राजनीतिक दल रिक्त सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के साथ अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी करते हैं। यदि किसी विधायक ने व्हिप का उल्लंघन कर पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। नियमानुसार पार्टी विधानसभा सचिवालय को ऐसे विधायक की लिखित शिकायत करती है तो जांच के बाद उसकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो सकती है। किस फॉर्मूले से तय होती है जीत? राज्यसभा चुनाव के लिए एक फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। इसमें कुल विधायकों की संख्या को 100 से गुणा किया जाता है। इसके बाद राज्य में जितनी राज्यसभा की सीटें हैं, उसमें एक जोड़ कर भाग दिया जाता है। इसके बाद कुल संख्या में एक जोड़ा जाता है। फिर अंत में जो संख्या निकलती है, वह जीत का आंकड़ा होता है। 2020 में भाजपा ने ऐसे पलट दिया था नंबर गेम 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था जबकि दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया ने कांग्रेस की तरफ से नामांकन भरा था। इस चुनाव से तीन महीने पहले सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने 10 मार्च 2020 को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में मौजूदा विधायकों की कुल संख्या 206 रह गई थी क्योंकि 2 विधानसभा सीटें मुरैना जिले की जौरा और आगर-मालवा की आगर सीट विधायकों के निधन के बाद खाली थी।इस हिसाब से राज्यसभा के एक प्रत्याशी को कम से कम 52 वोट चाहिए थे। विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवार- ज्योतिरादित्य सिंधिया (56 वोट) और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (55 वोट) जीतने में कामयाब हुए थे। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह (57 वोट) ही जीत दर्ज कर सके थे। दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को केवल 38 वोट मिले थे। 5 विधायकों ने भी बदल लिया था पाला 2018 विधानसभा चुनाव के बाद बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ सरकार ने बहुमत का आंकड़ा पार किया था। इस चुनाव में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिली थीं लेकिन 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव से ठीक पहले बसपा के दो, सपा का एक और 2 निर्दलीय विधायकों ने पाला बदल लिया था। जिसका फायदा भाजपा को हुआ था। दिग्विजय को तीन वोट ज्यादा मिले थे 3 सीटों के चुनाव में भाजपा को दो वोटों का नुकसान हुआ था। गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह क्रॉस वोटिंग की थी। सुमेर सिंह सोलंकी के पक्ष में दिया गया भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का वोट निरस्त हो गया था। 3 सीटों पर चुनाव से ठीक एक दिन पहले 18 जून 2020 को कमलनाथ के निवास पर एक बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि दिग्विजय सिंह को 54 विधायक वोट देंगे लेकिन उन्हें 57 वोट मिले। यानी जिन तीन विधायकों को दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को वोट देना था, उन्होंने दिग्विजय सिंह को वोट दे दिया था। से ओबीसी, दलित और महिला वर्ग को साधा था। दरअसल, राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की राजनीति में ओबीसी एक बड़ा मुद्दा बन गया था। ओबीसी आरक्षण की वजह से पंचायत और निकाय चुनाव टल गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट के दखल के बाद निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ हुआ था। प्रदेश में ओबीसी वोटरों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। बीजेपी ने कविता पाटीदार के नाम की घोषणा कर एक बड़ा ओबीसी कार्ड खेला था। इसी तरह सुमित्रा वाल्मीकि को राज्यसभा में भेजकर दलित वर्ग को साधने की कोशिश की थी। जानकार कहते हैं कि यदि भाजपा फिर दलित, ओबीसी और महिला कार्ड खेलती है तो उसे मिशन 2024 में भी बड़ा फायदा होगा।

बरसों से चली आ रही परंपरा आज भी जिंदा, कार्यक्रम में सम्मिलित गांव के लोग.

The tradition that has been ongoing for decades is still alive today, with the people from the participating village in the program. Sitaram Kushwahaविदिशा, ग्यारसपुर के औलिजा ग्राम के लोग आज भी वर्षों पुरानी परंपरा को निभा रहे हैं ग्राम के सभी लोग ठाकुर बाबा के यहां पर पहुंचकर ढाल चढ़ाते हैं । ग्राम के सभी लोग धूमधाम से यह उत्सव मनाते हैं पूरा गांव इस कार्यक्रम में उमड पड़ता है जंगल के बीचो-बीच ठाकुर बाबा का स्थान है जहां पर लोग, आसपास से भी पहुंचते हैं और सैकड़ो लोग अपनी मन्नत लेकर ठाकुर बाबा के स्थान पर पहुंचते हैं और लोगों की यहां से मन्नत पूरी होती है ऐसा मानते हैं कि जो भी ढाल चढ़ते हैं बाबा उनकी मनोकामना पूर्ण करते हैं, गांव की सरपंच प्रतिनिधि किशोर कुशवाहा ने बताया है कि वर्षों से हम इस परंपरा को मनाते आ रहे हैं हमारे पूर्वज भी यहां पर आकर ग्यारस के बाद बारस को चबूतरा पर पहुंचकर पूरी विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं , और सभी ग्रामीण इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर प्रसाद चढ़ाते हैं और सभी के कल्याण की कामना करते हैं । और सभी को प्रसाद वितरण करते हैं ।

उज्जैन के किसान ने बोवनी करने के लिए प्रधानमंत्री से मांगा हेलीकॉप्टर

Farmer from Ujjain has requested a helicopter from the Prime Minister for aerial sowing. गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने पीएमओ को लिखा पत्र (SAHARA SAMACHAR) उज्जैन। उज्जैन में चिंतामन थाना क्षेत्र के गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने अपने खेत पर जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है। किसान का कहना है कि उसका खेत सुना और खाली पड़ा है और उसके खेत में वह कोई फसल की बोवनी नहीं कर पाया है। दरअसल, किसान के खेत के आसपास गांव के ही स्थानीय दबंग व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया है और वह किसान को खेत में नहीं जाने देते हैं। पीड़ित किसान का परिवार जब खेत पर पहुंचता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है। डर के चलते किसान ने खेत पर कोई फसल भी नहीं बोई है। किसान का कहना है कि मैंने लिखित में आवेदन देकर शिकायत की है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई है। अब किसान ने अपने खेत पर जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है और कहा है कि खेत तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद हैं। इसलिए अब वह हवाई मार्ग से सीधे खेत पर उतरेगा और खेत में बोवनी करेगा।

धर्म संसद में गाय को गौमाता का राष्ट्रीय दर्जा देने संतों ने उठाई आवाज.

Saints raised their voices in the Parliament of Religion to confer the national status of ‘Gau Mata’ (Mother Cow) on the cow. सरकार से जल्द गौमाता का राष्ट्रीय पशु का दर्जा हटाने की मांग, दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के संतों ने किया आंदोलन, हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने में यह एक अच्छा कदम साबित होगा Udit Narayan दिल्ली। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौमाता की रक्षा धर्म रक्षा है और गोमाता की हत्या धर्म हत्या है। अगर धर्म का रक्षण और पोषण करना है तो गाय का रक्षण और पोषण करना शुरू कर दें, धर्म का रक्षण और पोषण अपने आप हो जाएगा। जगतगुरु शंकराचार्य सोमवार को रामलीला मैदान में आयोजित गौमाता राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा आंदोलन के विशाल महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। शंकराचार्य ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि गोमाता के प्रति हमारी भावना को सत्ता में बैठे लोग नहीं समझ रहे है। एक तरफ देश में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ सबको अमृत देने वाली गौमाता की दुर्दशा हो रही है। महासम्मेलन में अलग-अलग राज्यों से गौमाता के लिए समर्पित साधु-संत, गौभक्त, गौशाला संचालक, सामाजिक, धार्मिक और सनातन संस्कृति से संबंधित संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। तीन पीठों के शंकराचार्य ने आंदोलन को दिया अपना समर्थन भारतीय गौ क्रांति मंच के संस्थापक और महासम्मेलन के आयोजक गोपालमणि महाराज ने बताया कि अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य ने वीडियो संदेश भेजकर इस आंदोलन को अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि गौमाता का खोया गौरव लौटाने का एकमात्र रास्ता है कि केंद्र सरकार गाय को पशु के दर्जे से हटाए और राष्ट्रमाता का दर्जा दे। गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय हमारे धर्म का हिस्सा है। जबसे हम लोगों ने गाय को धर्म से अलग किया, तभी से गौमाता की दुर्दशा शुरू हो गई है। जो इंसान गौमाता को धर्म की दृष्टि से देखेगा, वही उसकी रक्षा कर सकता है, इसलिए गाय को धर्म की तरह अपनाना होगा। गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवता का वास: देवकीनंदन ठाकुर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवता बसते है। अगर गाय की हत्या होती है तो वह सनातन धर्म की हत्या है। आरएसएस की ममता दास ने कहा कि गौमाता के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना जरूरी है। इसके लिए हम सबको मिलकर संकल्प लेना होगा। राजस्थान के स्वामी प्रकाशानंद ने कहा कि हमारे जितने भी वैदिक कर्म है, वे सभी गौमाता के बिना संपन्न नहीं होते। हमारी सनानत संस्कृति के अनुसार गाय को माता माना गया है, लेकिन हम गाय का दूध पीने के बाद उसे बाहर निकाल देते हैं, जबकि भगवान ने भी कहा है कि मैं गौ के भीतर रहता हूं। हमारी पूरी संस्कृति और सामाजिक ताना-बाना गौमाता के इर्द गिर्द घूमती है। इसलिए सभी देशवासी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करवाने के लिए आंदोलन करने के साथ-साथ स्वयं भी गौमाता का सम्मान करें। भाजपा सरकार गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने में देरी नहीं करेअब देखना यह है कि केंद्र सरकार संतों की मांग गाय को राष्ट्रीय गौमाता का दर्जा देती है या विचार में किसान आंदोलन जैसा स्वरूप लेने के लिए संत महात्माओं को विवश होना पडेगा। कुछ धार्मिक गुरूओं से चर्चा करने के बाद यह कहा जा सकता है कि जैसा कि भाजपा अपने आपको सनातन के प्रति वचनवद्ध है, तो फिर भाजपा सरकार गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने में देरी नहीं करनी चाहिए। पूर्व में भी भाजपा सरकार द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सनातन की रक्षा के लिए अनुकरणीय कदम उठा चुकी है। भाजपा सरकार के लिए यह अच्छा मौका है कि वह गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देती है। जिससे हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने में एक अच्छा कदम साबित होगा।

अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज क्यों नहीं खरीद पा रहे हैं.

In the Amrit Kaal, why are 80 crore people unable to purchase grains? Manish Trivedi यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के आधार पर है.  दिल्ली, छत्तीसगढ़ में एक चुनावी भाषण में मोदी ने भव्य घोषणा की कि 80 करोड़ गरीब भारतीयों को मुफ्त अनाज बांटने की योजना, को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जाएगा. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि यह ‘भारत के लोगों को मोदी की गारंटी’ है. सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, जो 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, उसे 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज क्यों बांटना चाहिए? दूसरी तरफ देखें, अगर भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है तो वैश्विक भूख सूचकांक में यह और नीचे क्यों गिर रहा है? 2023 ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत चार पायदान फिसलकर 125 देशों में से 111वें स्थान पर पहुंच गया. सरकार हंगर इंडेक्स रिपोर्ट की आलोचना करती है, लेकिन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत मुफ्त खाद्यान्न योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाकर इसका समर्थन कर रही है. जमीनी स्तर पर कुछ वास्तविक नतीजे दिखाने के लिहाज़ से दस साल का समय बहुत लंबा है, चाहे वह विकास हो, रोजगार हो, बचत दर, निजी निवेश, बढ़ा हुआ विदेशी निवेश या निर्यात आदि हो. इन सभी मामलों पर उपलब्ध डेटा खराब प्रदर्शन ही दर्शाता है. मनरेगा यानी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जिसे सरकार ने वास्तविक आर्थिक विकास, रोजगार और आय पैदा करने में कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताया. आज की तारीख में मोदी और उनकी सरकार की एक बड़ी विडंबना यह है कि ग्रामीण रोजगार गारंटी बजट का 93% हिस्सा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में ही खर्च हो गया है. पिछले महीने सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी जुलाई 2022 से जुलाई 2023 के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे) में सामने आया. सर्वे से पता चलता है कि स्व-रोजगार के आंकड़ों में भारी वृद्धि हुई है, जो 2022-23 में कुल काम में लगे लोग का 58% है. अर्थव्यवस्था में कुल एम्प्लॉयड लोगों का आंकड़ा लगभग 500 मिलियन से अधिक है. 2017-18 में स्व-रोज़गार श्रेणी, मुख्यतः ग्रामीण भारत में छोटे विक्रेता और व्यक्तिगत सर्विस प्रोवाइडर कुल एम्लॉयड का 52% थे. स्व-रोज़गार में बड़ी वृद्धि गैर-मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निम्न गुणवत्ता वाले रोज़गार में बढ़ोतरी का संकेत देती है. यह स्पष्ट है क्योंकि स्व-रोज़गार में से एक तिहाई अवैतनिक श्रमिक हैं जो बिना किसी वेतन के छोटे परिवार द्वारा चलाई जाने वाली इकाइयों में शामिल होते हैं. इसलिए स्व-रोज़गार का अनुपात और उसमें बिना वेतन के काम करने वालों का अनुपात पिछले 5 वर्षों में नाटकीय रूप से बढ़ गया है, खासकर नोटबंदी और महामारी के बाद. अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा के अनुसार, स्व-रोज़गार श्रेणी में अवैतनिक श्रमिकों की संख्या अवैतनिक श्रमिकों की संख्या 2017-18 में 4 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 9.5 करोड़ हो गई है. संभवतः अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी संरचनात्मक कमजोरी है क्योंकि श्रम बल सर्वे से यह भी पता चलता है कि 2017-18 और 2022-23 के बीच वास्तविक रूप से औसत नियमित मासिक वेतन में 20% से अधिक की गिरावट आई है. स्व-रोज़गार और कैज़ुअल (अस्थायी) श्रेणियों के लिए भी असल वेतन में गिरावट दिखती है. दरअसल में बीते पांच सालों में औसत वेतन में कोई वृद्धि न होना स्पष्ट रूप से रोज़गार की बिगड़ती गुणवत्ता को दर्शाता है. इस बात का पता खुद भी लगाया जा सकता है, बस जाकर किसी स्व-रोजगार करने वाले जैसे निर्माण या परिवहन में लगे लोग (उबर या ओला ड्राइवर) से पूछिए, वो बताएंगे कि उनका वेतन वास्तविक रूप से स्थिर है, भले ही रोजमर्र के जीवनयापन की लागत बढ़ गई हो. वेतन का स्थिर होना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति की कमी को भी दिखता है, जो हाल के वर्षों में हिंदुस्तान लीवर, बजाज ऑटो इत्यादि जैसी कंपनियों के लिए ग्रामीण मांग में वृद्धि की कमी में दिखी है. बजाज ऑटो जैसे दोपहिया वाहन निर्माता पांच या छह साल पहले की तुलना में आज 30 से 40% कम इकाइयां बेच रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ था. लक्जरी सेगमेंट- एसयूवी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल, हवाई यात्रा आदि मजबूत खपत बढ़ी है और जो कंपनियां इन जरूरतों को पूरा करती हैं, वे अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. निम्न मध्यम वर्ग की खपत अब तक के सबसे निचले स्तर पर नज़र आ रही है. श्रम बल सर्वे में दिखने वाला वेतन का स्थिर हो जाना मोटे तौर पर निचली 60 से 70% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी भारत के अमृत काल में प्रवेश की अपनी भव्य कहानी को लेकर लोगों को कैसे आश्वस्त करते हैं. कोई भी मोदी से एक सरल, सामान्य सवाल पूछ सकता है- अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज कैसे नहीं खरीद पा रहे हैं?

मजदूरों को सुरंग में फंसे हुए 160 घंटे से ज्यादा का समय, सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी की चूक का मामला.

Uttrakhand; Tunnel; Sahara Samachaar; Sahara India;

More than 160 hours of trapped laborers in a tunnel, due to the negligence of the company constructing the tunnel. उत्तराखंड में 41 मजदूरों को एक सुरंग में फंसे हुए 160 घंटे से ज्यादा का समय तो चुका है. सुरंग का यह नक्शा तब सामने आया जब केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने गुरुवार को सुरंग ढहने वाले स्थान का दौरा किया. इस बीच एक नक्शा सामने आया है जो सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी की चूक की ओर इशारा कर रहा है. मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, तीन किलोमीटर से अधिक लंबी सभी सुरंगों में आपदा के हालात में लोगों को बचने के लिए भागने का रास्ता होना चाहिए. नक्शा से ज्ञात हुआ है कि 4.5 किलोमीटर लंबी सिल्कयारा सुरंग के प्लान में भी बचकर निकलने के लिए एक मार्ग बनाया जाना था, लेकिन यह रास्ता बनाया नहीं गया. बचाव टीमें अब सुरंग के अंदर फंसे हुए मज़दूरों को बचाने के लिए योजनाएं भी लेकर आ रही हैं. सुरंग में फंसे 41 निर्माण मजदूरों के परिवारों के सदस्य, जिनमें से अधिकांश प्रवासी हैं, को अब चिंता होने लगी है मजदूरों के परिवारों के कुछ सदस्यों और निर्माण में शामिल अन्य श्रमिकों ने कहा कि अगर भागने का रास्ता बनाया गया होता तो अब तक मजदूरों को बचाया जा सकता था.

हरियाणा के नूंह में फिर तनाव! कुआं पूजने जा रहीं महिलाओं पर किया गया पथराव।

Tension again in Nuh of Haryana! Stones were pelted at women going to worship the well. सांप्रदायि विवाद से फिर सुर्खियों में आया हरियाणा का नूंह। पहले भी धार्मिक यात्रा पर किया था उपद्रवियों ने पथराव। संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। हरियाणा के नूंह में गुरुवार को एक बार फिर से एक समुदाय विशेष द्वारा पूजा करने जा रही महिलाओं पर पथराव की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि कुआं पूजन के कार्यक्रम में जा रही महिलाओं पर कुछ लोगों ने अचानक से पथराव कर दिया। गौशाला रोड स्थित कैलाश मंदिर के पास महिलाओं पर पथराव हुआ है। जिसके बाद दो समुदाय आमने-सामने हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। खुद नूंह एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया मौके पर मौजूद हैं और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है घटना गुरुवार करीब साढ़े 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को हेमंत पुत्र दयाराम के बेटे का कुआं पूजन था। गुरुवार शाम करी साढ़े आठ बजे नूंह शहर के वार्ड नंबर 5, कबीर मोहल्ले की महिलाएं कुआं पूजन के लिए बड़ी मस्जिद के पीछे से जा रही थीं, तभी उनके ऊपर मस्जिद की छत से पत्थर फेंके जाने लगे। महिलाओं ने फेंके गए पत्थरों को नजरअंदाज कर दिया और वह कुआं पूजने के लिए कैलाश मंदिर के लिए चल दीं। जब कुआं पूजने के बाद महिलाएं वापस आ रही थीं, तभी फिर से उनके ऊपर पथराव किया जाने लगा। बड़ी मस्जिद के पास भारी पुलिस बल तैनात महिलाओं ने परिजनों को फोन कर बताया कि बड़ी मस्जिद के ऊपर से उनके ऊपर पथराव किया जा रहा है। इस बात को सुनकर कबीर मोहल्ले के लोग बड़ी मस्जिद के पास पहुंच गए और वहां से पत्थर फेंकने वालों की फोटो खींचने लगे। फोटो खींच रहे लोगों पर भी मस्जिद से उपद्रवियों द्वारा पत्थर फेंके गए, जिसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया दल-बल के साथ बड़ी मस्जिद पहुंच गए और मस्जिद के चारों तरफ भारी पुलिस बाल लगा दिया। एसपी ने मस्जिद के मुफ्ती को लगाई फटकार वहीं बड़ी मस्जिद के इंचार्ज मुफ्ती जाहिद हुसैन को एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया ने मस्जिद से बाहर बुलाया और जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने महिलाओं के ऊपर पथराव किया है, उन लोगों को या तो अपने आप लेकर आओ नहीं तो मैं अपने तरीके से लेकर जाऊंगा। एसपी ने मुफ्ती जाहिद हुसैन से सख्त लहजे में कहा कि सड़क की तरफ से जो मस्जिद के दरवाजे निकाल रखे हैं, इनको बंद किया जाए। यह जो हो रहा है, वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पथराव करने वालों पर मुकदमा होगा दर्ज:- एसपी एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया ने बताया कि कबीर मोहल्ले में रामावतार के घर कुआं पूजन का कार्यक्रम था, जिसको लेकर महिलाएं कुआं पूजने गईं थी, तभी उनके ऊपर बड़ी मस्जिद के पास पथराप कर दिया गया। वहीं मौके पर अभी स्थिति सामान्य है। तनाव को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिन लोगों ने पथराव किया है, उनके खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। ब्रजंमडल यात्रा के दौरान भी फैली थी हिंसा  इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। कुछ महीने पहले ही यहां भारी हिंसा हुई थी, जिसमें एक मौलवी समेत छह लोगों की जान चली गई थी। हम आपको बता दें की इसी वर्ष विहिप ने नूंह में ब्रजमंडल यात्रा का आयोजन किया था, जिस पर बड़े पैमाने पर हमला किया गया था। उपद्रवियो ने इस यात्रा में शामिल लोगों की दर्जनों गाड़ियां जला दी थीं। साथ ही उन पर गोलियों और धारदार हथियारों से भी हमला किया था। इसकी प्रतिक्रिया में गुरुग्राम और फरीदाबाद में दंगे भड़क उठे थे, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उसके बाद पुलिस ने जब दंगाइयों पर नकेल कसी तो इलाके में धीरे-धीरे शांति आने लगी थी, लेकिन अब फिर हालात खराब करने की कोशिश की गई है।

पंचतत्व में विलीन हुए सहाराश्री।

Saharashree merged into Panchatattva. लखनऊ में हुआ अंतिम संस्कार, पोते ने दी मुखाग्नि। कई दिग्गज नेता, अभिनेता पहुंचे अंतिम दर्शन करने। संतोष सिंह तोमर लखनऊ। सहारा प्रमुख सहाराश्री सुब्रत रॉय का अंत‍िम संस्‍कार आज शाम बैकुंठधाम में हुआ और वह पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके दो पौत्रों ने उनको मुखाग्नि दी। इस मौके पर शमशान घाट पर मौजूद रहे सभी लोग नाम आंखों से सहाराश्री को अंतिम प्रणाम करते नजर आए। सहारा इंडिया परिवार के कर्मचारी उनको ‘सहारा प्रणाम’ कर रहे थे और ‘सहाराश्री अमर रहे’ के नारे लगा रहे थे और भारी मन से खुद से दूर होते अपने अभिभावक को देख रहे थे। सुब्रत रॉय को प्लेटफार्म नंबर 8 पर मुखाग्‍न‍ि दी गई। सहारा परिवार के लिए प्लेटफॉर्म 7 से लेकर 9 तक को रिजर्व रखा गया था और पूरे बैकुंठ धाम को फूलों से सजाया गया था। घाट पर सहाराश्री परिवार के लोगों के लिए पार्किंग आरक्षित कर दी गई थी।        सहारा इंडिया परिवार की ओर से इस सम्बंध में बताया गया कि सहाराश्री सुब्रत रॉय की अंतिम यात्रा गोमती नगर में सहारा शहर से होकर अंबेडकर चौराहा, गांधी सेतु होते हुए 1090 चौराहे से बैकुंठधाम पहुंची। मालूम हो कि 14 नवम्बर को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में सहाराश्री का निधन हो गया था। उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। सहारा श्री के निधन के बाद से ही उनके करीब रहे फिल्म अभिनेता, सिंगर, डायरेक्टर, नेता, मंत्री आदि वीआईपी लगातार श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। घाट पर भी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित नेता अभिनेताओं के साथ ही सहारा इंडिया परिवार के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। दाह संस्कार में नहीं पहुंचे बेटे, पोते ने दी मुखाग्नि मुंबई से चार्टर प्लेन से सुब्रत राय का पार्थिव शरीर शाम 4.20 बजे अमौसी एयरपोर्ट पर लाया गया था। सुब्रत राय का पार्थिव शरीर सहारा शहर पहुंचते ही मित्र व कर्मियों ने सहारा श्री अमर रहे के नारे भी लगाए गए थे। पार्थिव शरीर को लेने के लिऐ पत्नी सपना राय, भाई जयब्रत राय, बहन कुमकुम राय चौधरी, बहु रिचा और चांदनी राय के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य व दोस्त पहुंचे थे। जबकि सुब्रतो राय सहारा के दाह संस्कार के दौरान उनके दोनों बेटे सुशांतो और सीमांतो मौजूद नहीं थे। ऐसे में राय की चिता को उनके 16 वर्षीय पोते हिमांक ने मुखाग्नि दी। कई दिग्गजों ने सहाराश्री को दी अंतिम श्रद्धांजलि बुधवार की शाम को 5 बजे जैसे ही सहारा शहर में सहाराश्री का पार्थिव शरीर लाया गया था, उसी के बाद से श्रद्धांजलि देने के लिए दिग्गज पहुंचने लगे। गुरुवार को सुबह से ही खेल जगत से लेकर फिल्मी जगत और राजनीति क्षेत्र से जुड़े दिग्गज सहाराश्री के अंतिम दर्शन को पहुंचे। सुबह ही हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान धनराज पिल्ले श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे तो वहीं राज्य सभा सदस्य दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री नितिन अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद नरेश अग्रवाल, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव, प्रमोद तिवारी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, कांग्रेस विधान मंडल की नेता आराधना मिश्र, पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, गायक सोनू निगम और लखनऊ मेयर सुषमा खरकवाल, लखनऊ में सिटी मांटेसरी स्कूल के फाउंडर जगदीश गांधी, फिल्म अभिनेता राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर, बीबीडी के विराज दास, फिल्म निर्माता बोनी कपूर, अभिनेत्री गुल पनाग, गायिका सपना मुखर्जी, परसेप्ट लिमिटेड के संस्थापक हरिंद्र सिंह आदि ने सहारा शहर पहुंचकर सहाराश्री को श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय के निधन पर दुख जताया था। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय का निधन अत्यंत दुःखद है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति दें. ॐ शांति।’ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, ‘सहारा श्री सुब्रत राय जी का निधन उत्तर प्रदेश और देश के लिए भावनात्मक क्षति है। वह एक अत्यंत सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ संवेदनशील एवं विशाल हृदय वाले व्यक्ति थे जिन्होंने अनगिनत लोगों की सहायता की और उनका सहारा बने। भावभीनी श्रद्धांजलि।’

जम्मू कश्मीर में बस खाई में गिरी, हादसे में 38 की मौत।

42 सीटर बस में भरे थे 55 यात्री, अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बस। ओवरटेक करने के लिए दो बसों से लगी होड़ बनी भीषण हादसे की वजह। संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार दोपहर को बड़ी दर्दनाक खबर निकल कर सामने आई है। यात्रियों से खचाखच भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में अब तक 38 यात्रियों की जान चली गई, जबकि हादसे में 17 यात्री घायल हैं। इनमें से कई यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। चार घायलों को  जीएमसी जम्मू के लिए एयरलिफ्ट किया गया। घटनास्थल पर कोहराम मच गया। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।  जानकारी के अनुसार, डोडा जिले के बग्गर इलाके के त्रांगल में बुधवार दोपहर यह दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक बस अनियंत्रित होकर करीब 300 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे का शिकार हुई बस किश्तवाड़ से जम्मू की तरफ जा रही थी। दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। घायलों को इलाज के लिए जीएमसी डोडा ले जाया गया है। इनमें से भी कुछ की हालत गंभीर है। ऐसे में मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता हैपता चला है कि बस क्रमांक JK-02 CN-6555 बस में 55 लोग सवार थे। बस किश्तवाड़ से जम्मू जा रही थी। बटोत-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्रुंगल-अस्सार के पास बस अनियंत्रित होकर 300 फीट खाई में गिर गई।  चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह शुरुआती जानकारी में पता चला है कि यह बस 42 सीटर थी, लेकिन इसमें 55 यात्रियों को बिठाया गया था। बस रास्ते पर दौड़ते हुए दो अन्य बसों को ओवरटेक कर रही थी। तीनों बसों में आगे निकलने की होड़ मची थी। इसी बीच यह बस बेकाबू होकर खाई में गिर गई और बड़ा हादसा हो गया। ऊंचाई से गिरने की वजह से बस के परखच्चे उड़ गए। जिस जगह पर यह भीषण हादसा हुआ, वहां से एक सड़क गुजरी है, जिसके मोड़ पर गहरी खाई है। ऐसे में अनुमान है कि मोड़ पर ड्राइवर से बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। पीएम मोदी-उपराज्यपाल ने हादसे पर जताया दुख जम्मू कश्मीर के डोंडा में हुए भीषण बस हादसे में जान गवाने वाले सभी लोगों की दर्दनाक मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया है। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी हादसे दुख प्रकट किया है। मृतकों को दो लाख, घायलों को 50 हजार की मदद पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि “जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुई बस दुर्घटना दुखद है। उन परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। उन्होंने घोषणा करते हुए लिखा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और प्रत्येक घायल को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 50,000 रुपये दिए जाएंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जताया दुख वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक दुखद बस दुर्घटना के कारण बहुमूल्य जिंदगियों के नुकसान के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान चला रहा है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।” मृतक और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूं।”  लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं:- मनोज सिन्हा जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा,”डोडा में एक दुखद बस दुर्घटना में लोगों की मौत से बेहद दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं और दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावितों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए डिव कॉम और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है।” 21 मृतकों की अभी तक हुई पहचान डोडा बस हादसे में मारे गए 36 लोगों में से अभी तक 21 लोगों की पहचान हो पाई है। डोडा जिला प्रशासन ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया है। अफवाहों से बचने और सटीक जानकारी और सहायता के लिए नंबर जारी किए हैं। प्रशासन ने कहा कि लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। 01996233337 (डीसी कार्यालय डोडा) 01996233465 (एएच जीएमसी डोडा) 18001807122 (टोल फ्री नंबर) 9906320997, 9596776203 (नियंत्रण कक्ष)

चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और अरविंद केजरीवालको भेजा नोटिस।

Election Commission sent notice to Priyanka Gandhi Vadra and Arvind Kejriwal. प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, पीएम मोदी के खिलाफ बयान देने का है मामला। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते सांबेर की चुनावी रैली में दिया था विवादित बयान। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते चल रहे आरोप प्रत्यारोप के दौरान बिना सबूत पीएम मोदी पर झूंठे और अप्रमाणित बयान देने के चलते कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर उन्हें यह नोटिस भेजा गया है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने की वजह से उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी को भेजे नोटिस में कहा है, आयोग को दिनांक 10.11.2023 (प्रतिलिपि संलग्न) के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी से एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि मध्यप्रदेश के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में असत्यापित और गलत बयानबाजी की है। जो जनता को गुमराह करने और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की क्षमता रखता है। वहीं आम आदमी पार्टी को भी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। क्या कहा था प्रियंका गांधी ने? चुनाव आयोग के नोटिस के मुताबिक, भाषण के वीडियो और मध्यप्रदेश के सीबीओ के माध्यम से प्राप्त ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, प्रियंका गांधी ने कहा था, मोदी जी जो यह बीएचईएल था, जिससे हमें रोजगार मिलते थे, जिससे देश आगे बढ़ रहा था। इसका आपने क्या किया, किसको दे दिया, बताएं मोदी जी किसको दे दिया, अपने बड़े-बड़े उद्योगपति मित्रों को क्यों दे दिया। नोटिस में क्या कहा और कब तक मांगा जवाब? नोटिस में चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा से कहा है कि, आमतौर पर जनता मानती है कि वरिष्ठ नेता, वह भी एक राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक की ओर से दिए गए बयान सच हैं। ऐसे में अपेक्षा की जाती है कि नेता उसकी ओर से दिए गए बयानों की जानकारी हो और उसके पास तथ्यात्मक आधार हो। ताकि मतदाताओं को गुमराह करने की कोई संभावना न रहे। नोटिस में आगे कहा गया, इसलिए आपसे किसी अन्य राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने और 16 नवंबर, 2023 को 20:00 बजे तक कारण बताने के लिए कहा जाता है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आपके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। आम आदमी पार्टी को भी भेजा नोटिस  सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट साझा करने के मामले में चुनाव आयोग ने बुधवार को आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को इस नोटिस का जवाब देने के लिए 16 नवंबर को रात आठ बजे तक सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए बयानों पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

मासूम से हैवानियत के मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा ए मौत।

In a case of cruelty to an innocent child, the court awarded death sentence. 5 साल की मासूम बच्ची को न्यायालय से सौ दिन में मिला इंसाफ। दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को सुनाई मौत की सजा। विशेष संवाददाता नई दिल्ली / केरल। एर्नाकुलम जिले की अदालत ने 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में दोषी व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई है। मंगलवार को विशेष पॉक्सो एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अदालत के न्यायाधीश के सोमन ने अलुवा बाल दुष्कर्म और हत्या मामले में प्रवासी मजदूर अशफाक आलम को देश की सबसे बड़ी सजा सुनाई है। बता दें कि कोर्ट ने यह सजा उस दिन सुनाई है जिस दिन पूरे देश में बाल दिवस मनाया जा रहा है। इसके अलावा आज पॉक्सो अधिनियम की 11वीं वर्षगांठ भी है, जो 14 नवंबर 2012 को लागू किया गया था। अभियोजन पक्ष ने की थी फांसी की मांग जिस समय दोषी आलम को सजा सुनाई गई, उस वक्त पीड़िता के माता-पिता अदालत में ही मौजूद थे। आलम को चार नवंबर को दोषी ठहराया गया था। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि मामला दुर्लभतम श्रेणी में आता है और इसलिए दोषी को मौत की सजा दी जानी चाहिए। 100 दिन में दोषसिद्धि और सजा मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की यह घटना इसी वर्ष 28 जुलाई को हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच करने वाली केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2 सितंबर को POCSO अदालत में आरोपी के खिलाफ 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। एर्नाकुलम कोर्ट ने 7 सितम्बर को मामले की सुनवाई शुरू की थी। 16 सितम्बर को आरोप तय किए गए, जिसके बाद 4 अक्टूबर को सुनवाई शुरू हुई। आलम को 4 नवंबर को उसके अपराध के लिए दोषी ठहराया गया और अपराध के लिए 14 नवंबर को उसे मौत की सजा सुनाई गई। सभी 16 अपराधों में दोषी पाया गया आलम अभियोजन पक्ष ने कहा था कि सजा पर बहस के दौरान, आलम ने अदालत में दावा किया था कि अन्य आरोपियों को छोड़ दिया गया और सिर्फ उसको ही मामले में पकड़ा गया। इसके अलावा उसने कोई अन्य दलील नहीं दी। अदालत ने आरोपपत्र में आलम को सभी 16 अपराधों का दोषी पाया था। अभियोजन पक्ष ने पूर्व में कहा था कि 16 में से पांच अपराधों में मौत की सजा का प्रावधान है.। 28 जुलाई 2023 को हुई थी वारदात यह घटना इसी साल 28 जुलाई की है। एक बिहार का प्रवासी परिवार केरल में किराए पर रहता था। 28 जुलाई अशफाक ने बच्ची का उसके किराए के घर से अपहरण कर लिया और फिर दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और बच्ची का शव पास के अलुवा में एक स्थानीय बाजार के पीछे दलदली इलाके में फेंक दिया गया था। बच्ची के माता पिता की शिकायत पर छानबीन की गई तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश.

Cyber; Sahara Samachaar; India;

According to a report by the cybersecurity firm Cyfirma located in Singapore, India is the most targeted country on a global scale. Manish Trivedi इकोनॉमिक टाइम्स और द वायर हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा (Cyfirma) की ‘2023 इंडिया थ्रेट लैंडस्केप रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश है, जो सभी साइबर हमलों में से 13.7% का सामना करता है. 9.6% हमलों के साथ अमेरिका दूसरा सबसे अधिक लक्षित देश है. इसके बाद इंडोनेशिया और चीन ने क्रमश: 9.3% और 4.5% हमलों का सामना किया. साइफर्मा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि वैश्विक औसत की तुलना में भारत में विदेशी सरकार-प्रायोजित साइबर हमलों का अनुपात भी अधिक है.उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर पिछले तीन वर्षों में लगभग 68 प्रतिशत साइबर हमले सरकार प्रायोजित थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप भारत की संख्या को देखें, तो यह थोड़ा अधिक 72% है.’ कमजोर साइबर सुरक्षाजहां डिजिटलीकरण ने साइबर सुरक्षा की आवश्यकता को तेज कर दिया है, वहीं भारत के साइबर सुरक्षा नियम कमजोर और अपर्याप्त हैं. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट को 24 घंटे में हैकिंग के लगभग 6,000 प्रयासों का सामना करना पड़ा था. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैनसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के एक सप्ताह बाद हुआ था. अनुमानित 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर 2023 को बड़े पैमाने पर हुए एक डेटा उल्लंघन में आईसीएमआर के पास मौजूद 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेच दी गई थी.

देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार.

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Unemployment rate in the country crossing 10 percent in October. मनीष त्रिवेदीदिल्ली, भारत में बेरोजगारी, निजी सर्वेक्षण और अनुसंधान समूह सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार कर गई है। रिपोर्ट के अनुसार एक श्रम अर्थशास्त्री ने इस स्थिति के लिए धीमी पोस्ट-कोविड रिकवरी को जिम्मेदार ठहराया है। जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू सर्वेक्षण करता है, सीएमआईई के अनुसार अक्टूबर में बेरोजगारी दर 10.05 प्रतिशत थी, जो कि सितंबर में 7.09 थी। पिछले साल अक्टूबर का आंकड़ा 7.8 फीसदी था। बेरोजगारी दर कार्यबल में बेरोजगार लोगों का प्रतिशत है जो कार्यरत हैं या नौकरी की तलाश में हैं। सीएमआईई सर्वेक्षण में इस साल अक्टूबर में ग्रामीण बेरोजगारी दर 10.82 प्रतिशत और शहरी बेरोजगारी दर 8.44 प्रतिशत आंकी गई है। 2023-24 के पहले छह महीनों में बेरोजगारी दर लगभग 7-8 प्रतिशत थी। द टेलीग्राफ की इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में बाथ विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर और श्रम अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा ​​ने कहा कि संगठित क्षेत्र ने कोविड के प्रभाव को दूर कर लिया है, लेकिन असंगठित क्षेत्र, जो देश के लगभग 90 प्रतिशत कार्यबल को आजीविका प्रदान करता है, ने नहीं किया है। सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), नियोजित या नौकरी की तलाश में व्यक्तियों का अनुपात, 2017-18 में 49.8 प्रतिशत से बढ़कर 2022-23 में 57.9 प्रतिशत हो गया।

देश राज्यों से बड़ी खबर. 

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News from the Nation and States. AMU के स्टूडेंट्स से कनेक्शन, देश के खिलाफ रच रहे थे साजिश,’ अलीगढ़ से ISIS के दो आतंकी गिरफ्तार PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी से की बात, इस्राइल-हमास जंग पर की चर्चा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड बर्खास्त, विश्व कप में भारत से करारी हार के बाद उठाया गया बड़ा कदम नाइजीरिया में कनाडा हाईकमीशन पर हमला, दो की मौत, कई घायल दिवाली से पहले मिली गुड न्यूज, फिच ने बढ़ाया भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान कमाई के मामले में भी विराट कोहली ‘बादशाह’ BCCI से मिलते हैं हर साल 7 करोड़ रुपये,1000 करोड़ से ज्यादा है नेटवर्थ राजस्थान: हरिद्वार से जयपुर जा रही बस पुलिया की रेलिंग तोड़ रेलवे ट्रैक पर गिरी, चार लोगों की मौत, 26 घायल मैथ्यूज हुए टाइम आउट का शिकार, क्रिकेट के इतिहास में ऐसा हुआ पहली बार खेल भावना चाहिए तो नियम बदलो, टाइम आउट विवाद पर शाकिब की ‘बेशर्मी’ हाईकोर्ट ने समझाया ढोल गंवार…. का मतलब, स्वामी प्रसाद मौर्य को नसीहत गाजा में इजरायल का बड़ा ऐक्शन, आतंकी मूसा ढेर; हमास के 450 ठिकाने तबाह छत्तीसगढ़ की नक्सल प्रभावित 20 सीटों पर वोटिंग आज, मिजोरम की 40 सीटों के लिए भी होगा मतदान दिल्ली 20 नवंबर तक स्कूल बंद छुट्टियां घोषित, 13 नवंबर से ऑड-ईवन लागू केजरीवाल गिरफ्तार हों तो भी CM बने रहें:आप विधायकों ने पार्टी मीटिंग में कहा, ED ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए तलब किया है टाइम आउट का दर्द लेकर वर्ल्ड कप से विदा हुआ श्रीलंका, बांग्लादेश पर रहेगा दाग बांग्लादेश ने ODI वर्ल्ड कप में श्रीलंका को पहली बार दी मात, खेल भावना हुई तार-तार, खिलाड़ियों ने नहीं मिलाए हाथ 37वें राष्‍ट्रीय खेलों में महाराष्‍ट्र 60 स्‍वर्ण सहित 162 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। मुंबई के ‘वानखड़े स्टेडियम’ में सचिन तेंदुलकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। ‘दीपेश नंदा’ टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी के सीईओ और एमडी बने है। भारत-सिंगापुर रक्षा नीति की 15वीं वार्ता ‘नई दिल्ली’ में आयोजित की गयी है।  ‘साइमा वाजेद’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र का नेतृत्व करेंगी। कोलकाता के राजभवन के ‘सिंहासन कक्ष’ का नाम ‘सरदार वल्लभभाई पटेल’ के नाम पर रखा गया हैं। ‘नंदिनी दास’ को ब्रिटिश अकादमी पुस्तक पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया है। ‘एशियाई शूटिंग चैम्पियनशिप 2023’ में ‘ऐश्वर्या प्रताप सिंह’ ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। प्रसिद्ध लेखक ‘टी पद्मनाभन’ को ‘केरल ज्योति पुरस्कार 2023’ से सम्मानित किया गया हैं। ‘चीन’ देश ने 40वां अंटार्कटिका वैज्ञानिक अभियान शुरू किया है। इंग्लैंड के क्रिकेटर ‘डेविड विली’ ने विश्वकप 2023 के बाद संन्यास लेने की घोषणा की है। केरल राज्य में ‘पारुमला पेरुन्नल’ उत्सव मनाया गया है।  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में ‘इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो 2023’ का उद्घाटन किया है। ‘डॉ.एस.के. वसंथन’ को वर्ष 2023 के लिए ‘एज़ुथाचन पुरस्कार साहित्य’ के लिए चुना गया है। भारत और ‘संयुक्त अरब अमीरात’ ने शिक्षा के क्षेत्र में परस्‍पर सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है। यूनेस्को ने राजस्थान में ग्वालियर को ‘संगीत का शहर’ नाम दिया है। पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर और समाजिक कार्यकर्ता ‘दीनानाथ राजपूत’ को ‘रोहिणी नैय्यर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। भारतीय वायुसेना द्वारा ‘MiG-21 Bison’ को रिटायर किया गया है। ‘थ्रोटल एयरोस्पेस सिस्टम कंपनी’ (TAS) को उनके मल्टीपर्पज़ ड्रोन प्रोडक्ट DOPO के लिए DGCA से टाइप-सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। अर्जेंटीना के प्रसिद्ध फुटबॉलर ‘लियोनेल मेसी’ ने रिकॉर्ड 8वीं बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर का ‘Ballon d’Or’ पुरस्कार’ अपने नाम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ‘वर्ल्ड फ़ूड इंडिया प्रदर्शनी’ का उद्घाटन किया है। आईसीसी क्रिकेट विश्‍व कप 2023 के मैच में अफगानिस्तान ने ‘नीदरलैंड्स’ को सात विकेट से हराया है।  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘श्रीलंका’ के त्रिंकोमाली में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा का उद्घाटन किया है। ‘मनोरंजन मिश्रा’ को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का कार्यकारी निदेशक (ईडी) नियुक्त किया गया है। ‘डॉ.एस.के. वसंथन’ को वर्ष 2023 के लिए ‘एज़ुथाचन पुरस्कार साहित्य’ के लिए चुना गया है। ज्यूरिख इंश्योरेंस ग्रुप, ‘कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस’ की 51% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। चुनाव आयोग ने चुनावी साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए ‘शिक्षा मंत्रालय’ के साथ समझौता किया है। ‘केरल’ राज्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बहुभाषी माइक्रोसाइट लॉन्च करेगा। दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ‘राजेंद्र मेनन’ को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। अमेरिकी सेना द्वारा अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल ‘मिन्यूटमैन III मिसाइल’ का सफल परीक्षण किया गया है। ओडिशा राज्य सरकार ने ‘दक्षिण कोरिया’ के साथ आर्थिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए है। प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार और लेखिका ‘लीला ओमचेरी’ का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया हैं। 03 नवंबर को ‘विश्व जेलफिश दिवस’ मनाया गया है। अभिनेता ‘रणवीर कपूर’ को ‘हौसर पेन’ का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। EESL ने ‘नई दिल्ली’ में ‘राष्ट्रीय कुशल पाक कला’ कार्यक्रम शुरू किया है। भारत-सिंगापुर रक्षा नीति की 15वीं वार्ता ‘नई दिल्ली’ में आयोजित की गयी है।  ‘साइमा वाजेद’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र का नेतृत्व करेंगी। प्रसिद्ध लेखक ‘टी पद्मनाभन’ को ‘केरल ज्योति पुरस्कार 2023’ से सम्मानित किया गया हैं। मुंबई के ‘वानखड़े स्टेडियम’ में सचिन तेंदुलकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। ‘एशियाई शूटिंग चैम्पियनशिप 2023’ में ‘ऐश्वर्या प्रताप सिंह’ ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा.

Cyberattack; Cyber Security; India; Healthcare; Sahara Samachaar;

In the last 12 months, nearly 60% of healthcare organizations in India had to face cyberattacks. Manish Trivedi नई दिल्ली: पिछले 12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा है. इकोनॉमिक टाइम्स ने यूके स्थित साइबर सुरक्षा फर्म सोफोस के एक नए अध्ययन का हवाला देते हुए बताया है कि इनमें से, साइबर अपराधी लगभग 75% रैंसमवेयर अटैक में डेटा को सफलतापूर्वक एन्क्रिप्ट करने में सक्षम थे, जो पिछले तीन वर्षों में एन्क्रिप्शन की सबसे ऊंची दर है. अख़बार ने साइबर सुरक्षा फर्म के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि यह पिछले साल किए गए 61% डेटा एन्क्रिप्शन के मुकाबले बड़ी वृद्धि है. बताय गया है कि केवल 24% स्वास्थ्य सेवा संगठन साइबर अपराधियों द्वारा उनके डेटा को एन्क्रिप्ट करने से पहले रैंसमवेयर के अटैक को रोकने में सक्षम थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा 2022 में 34% था. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट पर 24 घंटे में करीब 6,000 हैकिंग प्रयास हुए थे. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैंसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के हफ्तेभर बाद हुआ था. अनुमान ही कि इसमें 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर, 2023 को बड़े पैमाने पर हुए डेटा ब्रीच (सेंधमारी) में आईसीएमआर के साथ 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेची गई. लेकिन हेल्थकेयर क्षेत्र डेटा ब्रीच का नया निशाना क्यों बन रहा है? साइबर जोखिम प्रबंधन फर्म एरेटे के अध्यक्ष एपीएसी राज शिवाराजू ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुराने सॉफ्टवेयर, पुराने सिस्टम और साइबर सुरक्षा में अपर्याप्त निवेश ने स्थिति खराब कर दी है. जैसे-जैसे भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऑनलाइन सिस्टम को सुरक्षित करना तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. ट्रेंड माइक्रो की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की पहली छमाही में साइबर सुरक्षा जोखिम की घटनाओं के लिए भारत को अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरा सबसे खराब देश बताया गया. साइबर ख़तरे का हाल कोलंबिया स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी टेनेबल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि भारतीय कंपनियां लगभग आधे साइबर अटैक को नहीं रोक सकती हैं. यह रिपोर्ट 825 आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के ऑनलाइन अध्ययन पर आधारित है, जिनमें से 69 भारतीय थे. टेनेबल इंडिया के कंट्री मैनेजर कार्तिक शाहनी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘आज के खतरे के माहौल में जब तक संगठन साइबर अटैक पर प्रतिक्रिया देते हैं, तब तक बाजी आधी हारी जा चुकी होती है.’ रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण आईटी और साइबर सुरक्षा टीमों के बीच समन्वय की कमी है, जिसे 43% भारतीय संगठनों ने स्वीकार किया है. शाहानी ने कहा कि संगठनों में आईटी और सुरक्षा टीमों के बीच लक्ष्यों के अलग होने के परिणामस्वरूप तालमेल की स्पष्ट कमी होती है, जिससे साझा लक्ष्य की दिशा में एकजुट होकर काम करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अध्ययन में उत्तर देने वाले कम से कम 78% भारतीयों का मानना है कि उनके संगठन प्रिवेंटिव साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित ज़्यादा संसाधनों के साथ साइबर अटैक से बेहतर बचाव कर सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से केवल सात (71%) संगठनों का कहना है कि उनकी आईटी टीमें पैचिंग और सुधार की तुलना में अपटाइम के बारे में अधिक चिंतित हैं. बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए कौशल की कमी इसके अलावा, भारत के साइबर सुरक्षा उद्योग में मांग और आपूर्ति के बीच गहरी खाई है. चीन के बाद सक्रिय इंटरनेट यूजर्स की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के बावजूद भारत में वैश्विक साइबर सुरक्षा नौकरियों का केवल 6% है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 तक इस उद्योग में केवल 40,000 नौकरियां थीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उद्योग को जरूरी कौशल को लेकर बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जहां मांग-आपूर्ति के बीच का अंतर 30% है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का साइबर सुरक्षा कार्यबल 2023 में लगभग 0.3 मिलियन था, जो 2022 में 0.21 मिलियन और 2021 में 0.1 मिलियन था. इसकी तुलना में, साइबर सुरक्षा पेशेवरों का वैश्विक कार्यबल लगभग 4.7 मिलियन था. इसमें यह भी कहा गया है कि साइबर सुरक्षा राजस्व के मामले में भारत 222 बिलियन डॉलर के वैश्विक राजस्व में से 2.50 बिलियन डॉलर का अनुमानित राजस्व पैदा कर रहा है. यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट पर आधारित है 

दादा ने पोते को गोली मारी, हत्यारा दादा गिरफ्तार।

Grandfather shoots grandson, killer grandfather arrested. दादा और पोते के बीच चल रहा जमीनी विवाद बना हत्या की वजह।बंदूक लेकर धमकी का वीडियो वायरल, बिहार के हाजीपुर की घटना। विशेष संवाददाता  बिहार। हाजीपुर से झकझोर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। एक सैन्य अनुभवी दादा ने अपने पोते की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना जमीन विवाद को लेकर हुई है। हत्या से पहले, आरोपी दादा ने अपने पोते को बंदूक लहराते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह ये धमकियां देते दिख रहे हैं। यह घटना बिहार के महनार थाना क्षेत्र के चकमगोला इलाके की है। जमीन के एक टुकड़े को लेकर पारिवारिक विवाद था। शुक्रवार की सुबह इसी बात को लेकर तीखी बहस हुई और बुजुर्ग दादा दिनेश सिंह ने अपने पोते विक्रम कुमार को धमकी देते हुए कहा कि अगर उसने गाली-गलौज की तो वह उसे गोली मार देंगे। विवाद इतना बढ़ गया कि दादा ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पोते को गोली मार दी। हत्या के एक दिन पहले का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे हत्यारोपी दादा बंदूक लहराते हुए दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में दिनेश प्रसाद सिंह को गोलीबारी के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह जब विक्रम कुमार टॉयलेट करने जा रहे थे तभी रास्ते को लेकर हुई बहस ने इस घटना को अंजाम दिया। इसी दौरान दिनेश प्रसाद सिंह ने उनके सीने में गोली मार दी। घायल विक्रम को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक ओपी क्षेत्र के चांदपुरा के विजय शंकर सिंह का 24 वर्षीय पुत्र विक्रम सिंह था। उनके छोटे भाई के मुताबिक विवाद जमीन के एक टुकड़े को लेकर था। भाई ने खुलासा किया कि इसी जमीन विवाद को लेकर दादा ने उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक विक्रम बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) का छात्र था और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। उनके पिता असम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में काम करते हैं। मृतक के भाई ने बताया कि विक्रम कुमार सिंह सुबह शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान दादा दिनेश प्रसाद सिंह ने बंदूक से उसके सीने में गोली मार दी। भाई ने बताया कि दादा ने पिछले गुरुवार को उसे जान से मारने की धमकी दी थी। एक वीडियो भी है जिसमें आरोपी भाई को बंदूक से धमकाता दिख रहा है, जिसमें जान से मारने की धमकी भी शामिल है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बंदूक दिखाकर धमकी देने की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके अलावा पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से एक बंदूक भी बरामद की है। फिलहाल पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। आरोपी दादा को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी बंदूक और लाइसेंस जब्त कर लिया गया है। एसडीपीओ प्रीतेश कुमार ने बताया कि जमीन और रास्ते के विवाद में विक्रम कुमार की गोली मारकर हत्या की गयी है। आरोपी दिनेश प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस मामले की गहन जांच की जा रही है। 

दिल्ली-NCR में देर रात भूकंप के झटके, कई सेंकड तक हुआ महसूस…सहम गए लोग.

Earthquake; Delhi; NCR; Sahara Samachaar;

Late-night tremors of an earthquake were felt in Delhi-NCR, with many people feeling it for several seconds… People were shaken. जीतेन्द्र रिछारिया, पैनी नज़रदिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग बुरी तरह से सहम गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 बताई गई। दिल्ली-एनसीआर में देर रात काफी देर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का झटका इतना तेज था कि लोग काफी सहम गए। भूकंप के झटके लगातार कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.9 बताई गई। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया गया। भूकंप का समय 11.32 मिनट रहा। भूकंप के झटके यूपी के साथ ही बिहार में महसूस किए। भूकंप का झटका इतना जबरदस्त था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक.

Dark Web' Data Breach; #India; #ICMR; Sahara Samachaar;

Sensitive personal data of 81.5 million Indian users leaked on the dark web. मनीष त्रिवेदीनई दिल्ली, भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा डेटा ब्रीच. 81.5 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा लीक हो गया है81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। जानकारी में आधार और पासपोर्ट विवरण, नाम, फोन नंबर और अस्थायी और स्थायी पते शामिल हैं।डेटा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा COVID-19 टेस्टिंग के दौरान जुटाई गई जानकारी से आता है।US मूल के साइबर सुरक्षा कंपनी रिसिक्यूरिटी के रिपोर्ट के अनुसार, 815 मिलियन भारतीयों की व्यक्तिगत पहचान सूचना डार्क वेब पर बेची जा रही है। आधार और पासपोर्ट जानकारी के साथ-साथ नाम, फ़ोन नंबर और पतों के विवरण ऑनलाइन बिक रहे हैं।

चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों को मिले चंदे के विवरण की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court of India; CJI; DY Chandrachurna; Sahara Samachaar;

Supreme Court will investigate the details of donations received by political parties through electoral bonds. नई दिल्ली: द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों को मिले चंदे के विवरण की जांच करेगा.2017 में एक वित्त विधेयक के माध्यम से पेश किए गए चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों की गुमनाम फंडिंग की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने चुनाव आयोग से 12 अप्रैल 2019 के शीर्ष अदालत के अंतरिम आदेश के अनुसार, राजनीतिक दलों के चुनावी बॉन्ड फंडिंग का विवरण तैयार रखने के लिए कहा है.

देश राज्यों से बड़ी खबरें.

News; Breaking News; International News; Sahara Samachaar;

National Headlines and State News 1 सरदार पटेल जयंती पर अमृत कलश यात्रा आज,विजय चौक पर मेरी माटी मेरा देश-अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश भर से 7500 कलशों में मिट्टी लेकर अमृत कलश यात्रा दिल्ली पहुंचेगी। यात्रा में शामिल लोग देश के विभिन्न हिस्सों से पौधे भी लेकर आएंगे 2 उपराष्ट्रपति बोले-कानूनी मामलों में उलझें तो सड़कों पर न उतरें, गुवाहाटी में कहा- लोग समन मिलते ही प्रदर्शन करते हैं, वे भी न्यायपालिका पर भरोसा रखें 3 जम्मू कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश बनने के चार साल बाद महकने लगे विकास और खुशहाली के फूल, पत्थरबाजी इतिहास के पन्नों में सिमटा 4 नागरिकों को राजनीतिक चंदे का स्रोत जानने का अधिकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार 5 कोविड के कारण भर्ती, ज्यादा मेहनत वाले काम… ICMR स्टडी में पता चली अचानक मौतों की वजह 6 गड़बड़ी फैलाने की ताक में भारत विरोधी ताकतें, केरल में धमाके के बाद दिल्ली-NCR समेत देशभर में अलर्ट 7 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने भेजा नोटिस, दो नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया 8 मराठा आरक्षण पर देर रात CM-डिप्टी CM की बैठक, दो सांसदों और एक विधायक ने इस्तीफा दिया, प्रदर्शनकारियों ने दो विधायकों के घर जलाए 9 मराठा आरक्षण के समर्थन में एकनाथ शिंदे गुट के 2 सांसदों का इस्‍तीफा, हेमंत पाटिल संग हेमंत गोडसे का राजीनामा 10 ‘मुझे डर लगता, प्रियंका-राहुल जब आते कुछ भी कह जाते’, वसुंधरा राजे ने कहा- जरूरी नहीं है कि यह उस पर अडिग रहे; किसानों का कर्जा आज भी माफ नहीं हुआ 11 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 12 राजस्थान:बीजेपी का 10 और कांग्रेस का 3 सीटों पर विरोध, चौथी लिस्ट के लिए दोनों पार्टी में फंसा है अभी भी पेंच ! 13 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 14 अस्पताल से छूटते ही ED की हिरासत में ममता के मंत्री ज्याेति प्रिया मलिक, देर रात हुआ ऐक्शन 15 अफगानिस्तान ने श्रीलंका को भी 7 विकेट से हराया, वर्ल्ड कप 2023 में जीता तीसरा मैच 16 ‘गाजा में सीजफायर के लिए कहना, मतलब इजरायल को हमास के सामने सरेंडर करने के लिए कहने जैसा है’; नेतन्याहू की दो टूक

कोविड और हार्ट अटैक पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का चौकाने वाला बड़ा बयान.!

Corona; Covid; Hearth Attack; Sahara Samachaar; Mansukh Mandaviya

Shocking statement by the Central Health Minister on COVID and heart attacks Manish Trivediनई दिल्ली : लगातार देश में आ रही हार्ट अटैक की खबरों से लोगों की नींद हराम हो गईं हैं,अगर देखा जाये तो सबसे अधिक युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं. लोगों के दिमाग में ये भी सवाल उठना शुरू हो गया है कि कहीं हार्ट अटैक बढ़ने की खबरों का कोविड से तो कोई संबंध नहीं है. जानिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का चौकाने वाला बड़ा बयान जरूर पढ़ें. स्वास्थ्य मंत्री ने साफ तौर पर इसका जवाब हां में दिया है. उन्होंने कहा कि जिस किसी व्यक्ति को कोविड की बीमारी हुई थी, उसे आने वाले दो-तीन सालों तक कोई भी कठिन और तनावपूर्ण कार्य से बचना चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को दो से तीन सालों तक कठिन एक्सरसाइज भी नहीं करना चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस संबंध में इंडियन काउंसल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक स्टडी का हवाला दिया है. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर ने इस संबंध में एक स्टडी की है. इसके अनुसार जिन्हें भी कोविड का इन्फेक्शन हुआ था, उन्हें आने वाले कम से कम दो सालों तक कठिन कार्य से बचना चाहिए. मंडाविया ने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिसके बाद इस पर स्टडी किया गया. मंत्री ने कहा कि 22 अक्टूबर को गुजरात के खेडा में गर्बा खेलते-खेलते 17 साल का एक लड़का हार्ट अटैक का शिकार हो गया. इस तरह की कई घटनाएं हुईं हैं,

जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर बकाया राशि 100 करोड़ रुपये प्रतिदिन से अधिक की गति से बढ़ी.

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Outstanding amount on intentionally unpaid loans has been increasing at a rate of more than 100 crore rupees per day. दिल्ली, द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2019 से जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर बकाया राशि 100 करोड़ रुपये प्रतिदिन से अधिक की गति से बढ़ी है. इसका तात्पर्य यह है कि तब से विलफुल डिफॉल्टर्स पर बकाया राशि कम से कम 1.2 ट्रिलियन या 1.2 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. बिजनेस स्टेंडर्ड ने अपनी रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी है. द हिंदू के मुताबिक, मार्च 2019 के बाद से प्रति दिन 100 करोड़ रुपये की यह भारी वृद्धि 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए उस दावे को पूरी तरह खारिज करती है कि पिछली यूपीए सरकार ने ‘घोटालों’ से बैंकिंग क्षेत्र को ‘बर्बाद’ कर दिया था, जबकि उनकी सरकार ने इसके ‘अच्छे वित्तीय स्वास्थ्य’ की बहाली की है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट ट्रांसयूनियन सिबिल के आंकड़ों पर आधारित है. अखबार ने लिखा है कि डेटा को वित्तीय संस्थानों द्वारा अपडेट किया जाता है. आंकड़े नवीनतम उपलब्ध संख्याओं को दर्शाते हैं. आगे कहा गया है, ‘यह राशि और भी अधिक हो सकती है क्योंकि कम से कम एक राष्ट्रीयकृत बैंक और एक निजी क्षेत्र के बैंक ने अभी तक जून के आंकड़े नहीं दिए हैं. कम से कम चार तिमाहियों से लगातार कुल राशि 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है.’ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में प्रस्ताव दिया है कि ऋण के गैर-निष्पादित संपत्ति बनने के छह माह के भीतर जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों को विलफुल डिफॉल्टर्स घोषित किया जाना चाहिए. केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर के अंत तक प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं. निजी क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने ऐसे ऋणों (जो वापस नहीं किए जा रहे हैं) में उनकी हिस्सेदारी में थोड़ी वृद्धि देखी है, लेकिन चिंता की बात यह है कि सार्वजनिक बैंकों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. जून 2023 में विलफुल डिफॉल्टर्स द्वारा न चुकाए गए कर्ज में उनकी हिस्सेदारी 77.5 फीसदी थी. जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर दस राष्ट्रीयकृत बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपये और बकाया है, जिसमें से भारतीय स्टेट बैंक के 80,000 करोड़ रुपये (जून माह तक) शामिल हैं. निजी क्षेत्र के बैंकों का बकाया कुल मिलाकर 53,500 करोड़ रुपये है.

आज रात लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण।

Lunar Eclips; India; Sahara Samachaar;

The last lunar eclipse of the year will occur tonight. भारत के साथ कई देशों में आएगा नजर। जानिए ग्रहण का समय एवं सूतक काल। ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें। संतोष सिंह तोमर भोपाल। साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28-29 अक्टूबर यानी आज शरद पूर्णिमा की रात लगेगा। 28 अक्टूबर की रात लगने वाला ये चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। आइए जानते हैं भारत में इस चंद्र ग्रहण का क्या समय रहेगा और इसका सूतक काल कितने बजे लगेगा। साल का आखिरी सूर्य ग्रहण शारदीय नवरात्रि के ठीक एक दिन पहले यानी 14 अक्तूबर को लगा था। आखिरी सूर्य ग्रहण के ठीक 14 दिन बाद आज शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। शरद पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से निकलने वाली किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। यही वजह है कि इस दिन लोग खुले आसमान के नीचे खीर बनाकर रखते हैं। हालांकि इस बार शरद पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की छाया पड़ने के कारण आसमान से अमृत नहीं बरसेगा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी जाने माने ज्योतिषाचार्य पंडित रामकुमार शास्त्री के अनुसार साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत के सभी राज्यों में दिखाई देगा। साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण लगना खगोलीय घटना के रूप में देखा जाता है। सूर्य की परिक्रमा के दौरान जब पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच में आ जाती है, तब चंद्रग्रहण लगता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह चंद्र ग्रहण आज कितने बजे लगेगा, साथ ही यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं और इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं। चंद्र ग्रहण का आरंभ और मोक्ष समय। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर यानी आज रात 11 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा और देर रात 3 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगा, उस समय इस ग्रहण की हल्की छाया पड़नी शुरू हो जाएगी, जिसे चंद्र ग्रहण की पेनब्रा स्टेज कहा जाता है। चंद्र ग्रहण का मुख्य चरण यानी अम्ब्रा स्टेज या गहरी छाया की बात की जाए तो ये 29 अक्टूबर की रात 1 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 2 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा, जिसकी अवधि 1 घंटा 19 मिनट रहेगी। ग्रहण का आरंभ मध्य रात्रि 1 बजकर 5 मिनट, मध्य 1 बजकर 44 मिनट और ग्रहण का मोक्ष 2 बजकर 40 मिनट पर होगा। चंद्र ग्रहण के सूतक काल का समय। यह चंद्र ग्रहण आज भारत में भी दृश्यमान होगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। आज रात लगने जा रहा खंडग्रास चंद्र ग्रहण चूंकि रात 1 बजकर 5 मिनट पर लग रहा है इसलिए इसका सूतक काल 9 घंटे पहले 28 अक्टूबर यानी आज शाम 04 बजकर 05 मिनट से शुरू हो जाएगा। चंद्र ग्रहण के समाप्त होने के साथ ही सूतक काल भी समाप्त हो जायेगा। सूतक काल के दौरान मंदिर एवं पूजा स्थलों के पट बंद रहेंगे और पूजा पाठ के साथ साथ ही सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। भारत के अलावा और कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण। यह चंद्र ग्रहण भारत के सभी राज्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भारत के साथ साथ दुनिया के अन्य देशों यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, उत्तर व पूर्व दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक महासागर, हिन्द महासागर, अंटार्कटिका आदि में भी दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि में लगेगा। चंद्र ग्रहण का राशियों पर शुभ – अशुभ प्रभाव। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आंशिक लगने जा रहा है, इसलिए ये काफी पीड़ादायक माना जा रहा है। इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव कुछ राशियों पर शुभ और कुछ राशियों पर अशुभ फल देने वाला रहेगा। यह चंद्र ग्रहण मेष, वृषभ, कन्या, मीन और मकर राशि के लिए बेहद अशुभ माना जा रहा है। साथ ही मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए ये चंद्र ग्रहण शुभ माना जा रहा है। क्या होता है आंशिक चंद्र ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है। इसमें ऐसा प्रतीत होता है कि, चंद्रमा सतह से कट रहा और पृथ्वी की छाया चंद्रमा के उस भाग में काली दिखाई देती है, जोकि पृथ्वी के निकट होती है। चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें। 1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए, जो कि दस गुना फलदायी माना जाता है। 2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों का दान देना चाहिए। 3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए. ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है। 4. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है। चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें। 1. चंद्र ग्रहण के दौरान क्रोध न करें, क्रोध करने से अगले 15 दिन आपके लिए खतरनाक हो सकते हैं। 2. चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन ग्रहण न करें, साथ ही पूजा पाठ करना भी वर्जित माना जाता है। 3. चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी सुनसान जगह या श्मशान भूमि के पास नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इस दौरान नकारात्मक शक्तियां काफी ज्यादा प्रभावी रहती हैं। 4. चंद्र ग्रहण के दौरान व्यक्ति को किसी भी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा अधिक रहती है। 5. ग्रहण की अवधि में पति-पत्‍नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। ऐसा करने से आपके घर की सुख-शांति खराब हो सकती है चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाएं रखें इस बातों का ध्यान। 1. चंद्रग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। 2. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खाना पकाने या खाने से बचना चाहिए। 3. गर्भवती महिलाएं भूलकर भी चाकू-कैंची या किसी भी धारदार चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 4. ग्रहण के सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को सोना नहीं चाहिए।

भारत की बेटी ने किया नाम रोशन, पैरा एशियन गेम्स में अरुणा सिंह तंवर ने जीता कांस्य पदक

पैरा एशियन गेम्स में अरुणा सिंह तंवर ने ताइक्वांडो में दिलाया कांस्य पदक प्रवेश सिंह, हांगझोऊ,(पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) पैरा ताइक्वांडो एथलीट अरुणा सिंह ने हांगझोऊ में हो रहे पैरा एशियन गेम्स में हर भारतवासी का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया जिसने भी यह खबर सुनी वो खुशी से झूम उठा उन्हे पैरा एशियन गेम्स में भारत पैरा ताइक्वांडो में कांस्य पदक प्राप्त हुआ गौरतलब हो की अरुणा सिंह भारत की पहली महिला पैरा ताइक्वांडो एथलीट है और टोक्यो 2020 पैरालंपिक गेम्स में शिरकत कर चुकी है हालांकि उन्हें उस समय गंभीर चोट का सामना करना पड़ा था । अरुणा सिंह k – 49 किलोग्राम में वर्ल्ड रैंक 4 पर आती है ।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर दिए बयान पर विपक्ष ने की आलोचना.

Smriti Irani; Global Hunger Index; Haiderabaad; Supriya Shrinathe; Priyanka Chaturvedi; Sahara Samachaar;

Union Minister Smriti Irani’s statement on the Global Hunger Index has faced criticism from the opposition. Manish Trivedi केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर कहा की ‘वे ये सूचकांक बनाते कैसे हैं? 140 करोड़ के देश के 3,000 लोगों को गैलप से फोन आता है और उनसे पूछा जाता है- क्या आप भूखे हैं? … मैं दिल्ली में मेरे घर से सुबह चार बजे निकली थी. मैंने कोच्चि जाने के लिए पांच बजे फ्लाइट पकड़ी. वहां एक कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने के बाद शाम पांच बजे यहां आने के लिए फ्लाइट ली. जब तक मुझे खाना मिलेगा, दस बज चुका होगा. अगर दिनभर में आपने कभी भी मुझे कॉल करके पूछा होता कि क्या मैं भूखी हूं, मैं बिल्कुल हां कहती.’ केंद्रीय मंत्री ने फिर कहा की ‘क्या आप यकीन करेंगे कि इस तरह का सूचकांक कह रहा है कि पाकिस्तान भारत से बेहतर कर रहा है.’ गुरुवार को हैदराबाद में फिक्की के एक कार्यक्रम में शामिल हुई ईरानी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे कहती दिख रही हैं कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स समेत कुछ सूचकांक जानबूझकर भारत की सच्चाई पेश नहीं करते.’ इस बयान पर विपक्ष की काफी तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी, अपने एक ट्वीट में कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय मंत्री के बयान की आलोचना की है, शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ईरानी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक ट्वीट में उन पर तंज़ करते हुए लिखा, ‘खाने के लिए समय न होना = बमुश्किल कुछ खाने के लिए होना! अगर अहंकार का चेहरा होता, तो मंत्रीजी जैसा ही होता.’

सड़क पर डोसा बनाने लगे राहुल गांधी, किनारे बैठकर लोगों के साथ खाया, देखने को हर कोई रुक गया

राहुल गांधी ने पहले डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. जगतियाल (तेलंगाना) : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को तेलंगाना के जगतियाल जिले में सड़क किनारे एक भोजनालय में डोसा बनाया. कांग्रेस सांसद ‘विजयभेरी यात्रा’ के तहत करीमनगर से जगतियाल के लिए रवाना हुए. वह रास्ते में नुकापल्ली बस स्टैंड पर रुके और एक भोजनालय में गए, जहां उन्होंने डोसा बना रहे एक व्यक्ति से बातचीत की.उन्होंने डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. राहुल ने डोसा बनाने के बाद सड़क किनारे बैठकर उसे लोगों के साथ खाया भी. राहुल ने अपने हाथ से लोगों को खुद बनाए गए डोसे का स्‍वाद भी चखाया. इस दौरान लोग काफी खुश दिखे. कांग्रेस नेता ने राहगीरों से बातचीत भी की और बच्चों को चॉकलेट भी बांटी.

कमलनाथ सरकार में लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं के साथ होगा न्याय फर्जी नर्सिंग कॉलेजों होंगे बंद – रवि परमार

Nursing Students; Fake Nursing Colleges; Ravi Parmar; NSUI; Jabalpur; INC; MP Congress; Kamalnath;

“In the Kamal Nath government, justice will be done with lakhs of nursing students; fake nursing colleges will be shut down – Ravi Parmar.”

ये रिश्ता क्या कहलाता है’ एक्ट्रेस शिवांगी जोशी डूबी इस शख्श के प्यार में

मुंबई – शिवांगी जोशी टीवी इडंस्ट्री की काफी फेमस एक्ट्रेस हैं और उनका बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग भी है. एक स्टार होने के बावजूद, शिवांगी अपनी पर्सनल लाइफ को खुद तक सीमित रखना पसंद करती हैं और अपनी लव लाइफ के बारे में बोलने से बचती हैं. हालांकि फैसल शेख उर्फ मिस्टर फैसू के चैट शो में उनके साथ बातचीत के दौरान एक्ट्रेस ने प्यार में होने के संकेत दिए. प्यार में पड़ी शिवांगी जोशी! टेलीविजन की फेमस अभिनेत्री शिवांगी जोशी अभी हाल ही में फैसल शेख उर्फ मिस्टर फेसू शो में पहुंचे थी। इस दौरान जब शिवांगी जोशी से पूछा गया कि क्या वह रिलेशनशिप में है तो हंसते हुए उन्होंने इस सवाल को टाल दिया। शिवांगी ने कहा कि मुझे इस सवाल का जवाब क्यों देना चाहिए उसके बाद फैसल ने शिवांगी से पूछा अब आपकी शादी का समय आ गया है। क्या आप तीन-चार साल में शादी करेंगे इसका जवाब देते हुए शिवांगी ने कहा, ‘बेशक मैं तब तक शादी कर लूंगी।’ इसी के साथ शिवांगी ने यह भी हिंट दिया कि वह किसी के साथ प्यार में पड़ चुकी हैं। फिर फैसू ने शिवांगी से पूछा, ‘तुम्हें शायद कोई पसंद है, है ना?’ इस सवाल का जवाब देते हुए ‘बरसातें- मौसम प्यार का’ एक्ट्रेस ने कहा, ‘प्यार भी हो सकता है’, इस स्टेटमेंट के बाद से एक्ट्रेस के फैंस ये जानने के लिए एक्साइटेड हो गए हैं कि आखिर किस शख्स के साथ शिवांगी प्यार में है. हालांकि, ये देखना दिलचस्प होगा कि वह इसे आधिकारिक तौर पर कब बताएगी. शिवांगी ने दिया बड़ा हिंट इसके बाद फैसल ने शिवांगी से पूछा कि,’तुम्हें शायद कोई पसंद है ना इस सवाल का जवाब देते हुए शिवांगी ने कहा, ‘प्यार भी हो सकता है।’ इस बयान के बाद शिवांगी जोशी के फैंस यह जानने के लिए काफी एक्साइटेड है कि आखिर किस शख्स के साथ शिवांगी प्यार में पड़ चुकी है। इसके अलावा उनसे पूछा गया कि, खतरों के खिलाड़ी 12 में उन्हें ‘टीवी की राजकुमारी’ का खिताब दिया गया इसका जवाब देते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि, ‘मुझे टीवी की राजकुमारी के बारे में तो पता नहीं लेकिन मैं किसी की राजकुमारी जरूर हूं।’ वही आपको बता दे शिवांगी जोशी का नाम मोहसिन खान के साथ भी जोड़ा जा चुका है साभार : BIG NEWS

भारतीय टीम को बड़ा झटका! हार्दिक पांड्या बांग्लादेश के खिलाफ हुए चोटिल; कोहली ने की गेंदबाजी

विश्व कप के 17वें मुकाबले में भारत और बांग्लादेश की टीमें आमने-सामने हैं। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जा रहा है। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शान्तो ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम पहले गेंदबाजी करने उतरी। नौवें ओवर में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या मैच के दौरान चोटिल हो गए। अभी उनकी चोट को मेडिकल टीम देख रही है। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि वह कितनी गंभीर है। बांग्लादेश की पारी के नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर लिटन दास ने सामने की ओर शॉट खेला। हार्दिक ने उनके शॉट को अपने पैर से रोकने का प्रयास किया। उसी दौरान उनके पैर में खिंचाव हो गया। मेडिकल टीम ने मैदान पर हार्दिक का उपचार किया। वह गेंदबाजी के लिए खड़े भी हुए, लेकिन दौड़ नहीं पाए। हार्दिक को बाहर जाना पड़ा। उनकी जगह विराट कोहली ने ओवर को पूरा किया। हार्दिक ने गेंदबाजी करने का प्रयास किया। वह दौड़ नहीं पा रहे थे। कप्तान रोहित शर्मा ने अनुभवी खिलाड़ी और पूर्व कप्तान विराट कोहली से बात की। दोनों ने जोखिम उठाने का फैसला नहीं किया। कोहली और रोहित ने हार्दिक से बात की और उन्हें मैदान से बाहर जाने के लिए कहा। हार्दिक ने गेंदबाजी की जिद छोड़ दी और मेडिकल टीम के साथ बाहर चले गए।

केरल के अफसर की इंदौर में मौत, देर रात साथियों के साथ डिनर किया, सुबह कमरे में मृत मिले

आदित्य शर्मा इंदौर. केरल के एक आईएएस अफसर की इंदौर में मौत हो गयी. ये अफसर स्मार्ट सिटी का दौरा करने आयी टीम में शामिल थे. आशंका है कि अधिकारी को होटल में हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई. फिलहाल पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है.कोच्चि की 35 सदस्य टीम इंदौर में स्मार्ट सिटी का दौरा करने आई थी. इन सभी सदस्यों को बायपास स्थित एक होटल में रुकवाया गया था. इस दौरान टीम में शामिल निगम सेक्रेट्री संजीत कुमार नहीं रहे. देर रात उन्होंने सबके साथ डिनर किया था. लेकिन सुबह वो मृत मिले. इसकी सूचना उनके परिवार दो फौरन दे दी गयी. नगर निगम के अधिकारियों ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव को कोच्चि ले जाने की व्यवस्था की. सॉलिड वेस्ट सिस्टम समझने आया था दल केरल से नगर निगम अधिकारियों का एक दल सॉलिड वेस्ट सिस्टम देखने इंदौर आया था. आईएचएस के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को समझने के लिए 35 सदस्य का एक दल केरल से इंदौर आया हुआ है. इनमें एक निगम सेक्रेट्री संजीत कुमार की मौत हो गई. उनके साथ आए अधिकारियों ने बताया सुबह जब उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया तो लॉक नहीं खुला. अंदर जाकर देखा तो वह बिस्तर पर बेहोश पड़े हुए थे. फौरन ही संजीत कुमार को नजदीक के अस्पताल लेकर गए वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हार्ट अटैक की आशंका साथी अफसरों के मुताबिक देर रात सभी लोगों ने एक साथ डिनर किया था. तब तक सब कुछ सामान्य था. आशंका जताई जा रही है संजीत कुमार को देर रात हार्ट अटैक आया और इस वजह से उनकी मौत हुई है. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. कनाडिया पुलिस मामले जांच कर रही है.

प्रियदर्शनी राजे और महाआर्यमन ने किया राजमाता का पुण्य स्मरण।

Priyadarshni Raje; Gwalior News; Gwalior

Priyadarshini Raje and Maharyaman performed the holy remembrance of the queen mother. विजयाराजे सिंधिया की 104वीं जयंती पर अम्मा महाराज की छत्री में श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे सैकड़ों नेता।प्रियदर्शनी राजे और महाआर्यमन ने किया राजमाता का पुण्य स्मरण” संतोष सिंह तोमरग्वालियर। जनसेवा के लिए राजपथ से लोकपथ का मार्ग चुनने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 104वीं जयंती गुरुवार को मनाई गई।राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती के अवसर पर सिंधिया परिवार की ओर से प्रियदर्शनी राजे और महाआर्यमन सिंधिया ने कटोराताल थीम रोड स्थित छत्री परिसर में पहुंचकर करुणा की मूर्ति राजमाता विजयराजे सिंधिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया।वहीं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के चलते भागदौड़ में व्यस्त केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिन की शुरुआत अपनी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए की। श्री सिंधिया ने अपने बचपन की एक फोटो ‘जिसमें उनकी दादी विजयाराजे सिंधिया उन्हें अपनी गोद में लिए हुए हैं।’ सोशल मीडिया X (एक्स) पर शेयर करते हुए लिखा “अपने सीधे-सरल स्वभाव और लोकसेवा के प्रति समर्पण के कारण मेरी आजीअम्मा आज भी मध्य प्रदेश और देश के कण-कण और जन-जन के दिलों में बसती हैं। राष्ट्र सेवा को अपनी प्राथमिकता मानने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी भारतीय जनसंघ एवं भाजपा की आधार स्तंभ थी, जिन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई पहचान देने का कार्य किया। वह आज भी हर घड़ी प्रकाशपुंज की भांति मेरा मार्गदर्शन करती हैं। उनकी जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका आशीर्वाद सदैव मेरे मध्य प्रदेश पर बना रहे, यही प्रार्थना है।”छत्री परिसर में सुबह से आदरांजलि अर्पित करने वालों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। दोपहर तक ग्वालियर-चंबल अंचल के अनेक नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शां को जीवन में अपनाकर राजमाता के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

ग्वालियर आ रहे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण, अतुल प्रधान व रविन्द्र भाटी को मुरैना पुलिस ने हिरासत में लिया।

संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। ग्वालियर गुर्जर ओबीसी एवं अन्य समुदाय द्वारा कथित रूप से किया जा रहे जेल भरो आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण को उनके अन्य साथियों के साथ मुरैना में ही हिरासत में ले लिया गया है। ग्वालियर में आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे थे। चद्रशेखर रावण को मध्य प्रदेश राजस्थान के बॉर्डर यानी चंबल की राजघाट पर हिरासत में ले लिया है। अभी मुरैना और ग्वालियर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर वार्तालाप कर रहे हैं, लेकिन चंद्रशेखर रावण आंदोल में जाने के लिए अड़े हुए हैं। हम आपको बता दें की कुछ दिन पहले ग्वालियर में आयोजित गुर्जर महापंचायत के दौरान ग्वालियर कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे गुर्जर समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय में जमकर पथराव व तोड़फोड़ करने के साथ ही शहर में कई स्थानों पर उपद्रवियों ने जमकर हंगामा और मारपीट की थी। जिसमे कई पुलीसकर्मियों को चोटें भी आईं थीं और पुलिस को इन उपद्रवियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करने के साथ ही बल प्रयोग भी करना पड़ा था। इस हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने गुर्जर समाज के कई नेता व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। इन मामलों में पुलिस ने करीब दो दर्जन से से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उपद्रवियों पर हुई कार्यवाही को खिलाफ भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण और यूपी के विधायक अतुल प्रधान व राजेन्द्र सिंह भाटी ने ग्वालियर में आज हजारों लोगों को साथ लेकर जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। मध्य प्रदेश में लागू चुनाव आचार संहिता के चलते पुलिस प्रशासन ने धारा 144 लगा रखी है। आचार संहिता का उलंघन करते हुए होने वाले इस आंदोलन को प्रशासन ने मंजूरी नहीं दी है। इस आंदोलन के विरोध में पुलिस प्रशासन द्वारा गुरुवार की सुबह से ही कड़ी मुस्तैदी की जा रही थी। ग्वालियर की सीमाओं से लगे हुए अन्य जिलों से भी संपर्क साधा जा रहा था। तभी पुलिस को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण के मुरैना की तरफ से आने की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने मुरैना पुलिस से सूचना का आदान प्रदान करते हुए चंद्रशेखर रावण, रविंद्र भाटी, अतुल प्रधान को चंबल नदी के पास से ही हिरासत में ले लिया है। मुरैना पुलिस ने इन्हें सराय छोला थाना क्षेत्र के अल्लाबेली चौकी पर बने चेकिंग पॉइंट पर ही हिरासत कर लिया था। उनसे पूछताछ की जा रही है। चंबल के राजघाट पर ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल और ग्वालियर कलेक्टर अक्षय कुमार भी मौके पर पहुंच गए हैं। इसके बाद चंद्रशेखर रावण और अतुल प्रधान आदि से मुरैना और ग्वालियर का पुलिस प्रशासन बातचीत कर रहा है, लेकिन बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर रावण ग्वालियर में आने के लिए अड़ा हुआ है। मौके पर 1000 की संख्या में पुलिस बल मौजूद है। अगर चंद्रशेखर रावण ग्वालियर में आने की जिद करता है, तो प्रशासन उसकी गिरफ्तारी कर सकता है।

अम्बेडकर छात्र संगठन ने कांग्रेसी महिला पार्षद का पुतला फूंका।

उज्जैन। एट्रोसिटी एक्ट और आरक्षण का विरोध करने से गुस्साए दलित समाज के एक संगठन ने उज्जैन नगर निगम की कांग्रेसी महिला पार्षद का पुतला दहन किया। बताया गया है कि यह कांग्रेस पार्टी की महिला पार्षद ब्राह्मण समाज की महिला है और ब्राह्मण्ड समाज की बैठक में महिला पार्षद द्वारा एट्रोसिटी एक्ट को पूरी तरह से समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई गई थी। बैठक में उठी इन मांगों के खिलाफ दलित समाज के एक संगठन ने महिला पार्षद का पुतला जलाकर आक्रोश जताया है। रविवार को टावर चौक पर अंबेडकर छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने कांग्रेसी महिला पार्षद माया राजेश त्रिवेदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला जलाया। इस पुतला दहन के दौरान दलित समाज की आक्रोशित महिलाएं भी वहां मौजूद थी। संगठन के अध्यक्ष राम सोलंकी ने बताया कि पार्षद माया त्रिवेदी ने एट्रोसिटी एक्ट हटाने और आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग करते हुए हमारे अधिकार खत्म करने की बात कही है। चुनाव के दौरान माया त्रिवेदी को केवल दलितों के वोट चाहिए और चुनाव के बाद दलितों के साथ भेदभाव करना है। यह कांग्रेस की दोहरी नीति है। इसके खिलाफ दलित समाज के लोगों ने पार्षद त्रिवेदी का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शित किया है। दरअसल शनिवार को महावीर जैन धर्मशाला रंग महल पर ऑल इंडिया ब्राह्मण्ड फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कांग्रेस पार्षद माया राजेश त्रिवेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थी। उस दौरान मंच से पार्षद त्रिवेदी ने एट्रोसिटी एक्ट को पूरी तरह से समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ देने की मांग उठाई है। इसके बाद से ही दलित समाज के लोगों में आक्रोश बना हुआ है। पार्षद की मांग का विरोध करते हुए दलित संगठन ने पुतला जलाया है।

थाना प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा का स्थानांतरण होने पर पत्रकारों व ग्रामीणों ने दी विदाई

ग्यारसपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा ग्यारसपुर तहसील के थाना हैदरगढ़ में स्थानांतरण होने से ग्राम के गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार साथियों और थाने के स्टाफ द्वारा विदाई दी गई विदाई कार्यक्रम में ग्यारसपुर के वरिष्ठ समाजसेवी प्रताप सिंह रघुवंशी के द्वारा उनके 6 माह के कार्यकाल के बारे में विस्तार से बताया गया एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों को सबके सामने रखा गया जिसमें उन्होंने कहा कि राजेश कुमार मिश्रा जी का कार्यकाल काफी अच्छा उन्होंने जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है सभी के साथ भाईचारा बनाकर उन्होंने अपने कार्यकाल में पुलिस एवं जनता के बीच अपनापन बनाए रखा है उन्होंने सेवा एवं सहयोग की भावना के साथ अपना कार्य किया है जिससे ग्यारसपुर थाना क्षेत्र के सभी नागरिक उनके कार्य कुशलता से काफी प्रभावित हुए विदाई कार्यक्रम में थाना प्रभारी मांगीलाल भाटी के द्वारा भी उन्हें विदाई दी गई सभी ग्रामीणों के द्वारा भी उन्हें तिलक लगाकर पुष्प माला पहनकर शाल श्रीफल से उनका स्वागत बंधन अभिनंदन एवं विदाई दी गई

ना सड़क बनी ना नाली की व्यवस्था, सड़कों में बह रहा गंदा पानी, स्वच्छता अभियान की उड़ाई जा रही धज्जियां

कटनी ।उमरियापान । सरकार के द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन नतीजा सिफर ही रहता है कोई देखने सुनने वाला नहीं है ग्रामीणों ने बताया कि घुघरा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव टोपी में ग्रामीणों को परेशानी से जूझना पड़ता है।गांव की अलग अलग सड़कें जर्जर हो चुकी है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रोड पर लोग कई बार हादसे का शिकार हो चुके हैं। गांव के अरविंद पटेल,अभिषेक पटेल,सुरेन्द्र यादव, सुमित पटेल,नीलेश पटेल,रामकुमार पटेल, सुमित दाहिया सहित अन्य लोगों बताया कि ग्राम पंचायत के द्वारा बनाई गई सड़कें बदहाल हो चुकी है। मार्ग पर जगह-जगह गढ्ढे खुले हुए हैं।गिट्टियां भी निकल आई हैं। इससे कई बार हादसे हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव सड़क तो बनी लेकिन नाली का निर्माण कार्य नहीं हुआ। सड़क खराब हो चुकी है। अब घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर बहता है। जिससे कि गंदगी सड़कों पर बहती है। लोग इसी गंदे पानी से होकर निकलते हैं। जिससे कि इस सड़क से निकलने वाले लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव गांव में साफ सफाई नहीं कराते हैं। जिससे की गांव में जगह जगह गंदगी फैली हुई है।उन्होंने बताया कि कुछ दिनों बाद नवरात्रि का पर्व शुरू होने वाला है। गांव में मातारानी की प्रतिमा स्थापित होने ही। सड़कों पर गढ्ढे और गंदगी होने से ग्रामीणों को परेशानी होती है।ग्राम पंचायत के द्वारा साफ सफाई नहीं कराई गई तो मातारानी के पंडाल में पहुचने वाले भक्तों को ज्यादा दिक्कत होगी।ग्रामीणों ने बताया कि टोपी गांव से नदी की तरफ जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इसे अधूरी छोड़कर कागजों पर सड़क को पूरा बताकर राशि आहरित की जा चुकी है। सड़क आज भी अधूरा पड़ा है। इस सड़क पर भी गढ्ढे होने और गंदा पानी बहने से ग्रामीणों को दिक्कतें आती है।अधूरी सड़क होने से लोग नदी तक नही पहुँच पाते हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर अवि प्रसाद से समस्याओं का निराकरण कराये जाने की मांग किया है। इनका कहना है।टोपी गांव में सड़क और नाली निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर प्रयास किये जा रहे हैं। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य कराया जाएगा।नवरात्रि पर्व के पहले गांव में साफ सफाई कराई जाएगी। कमलेश हल्दकार, सचिव ग्राम पंचायत घुघरा अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की समस्या का समाधान कब होता है

ठेला-टपरों को ग्राउण्ड में शिफ्ट किया जायेगा महापौर प्रीति संजीव सूरी का सख्त आदेश

कटनी। नगर पालिक निगम महापौर श्रीमति प्रीति संजीव सूरी द्वारा 4 अक्टूबर को सायं 6 बजे पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड स्थित बड़े ग्राउण्ड का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान वार्ड के नागरिकों की समस्यायें सुनते हुये वार्ड में फुटकर सब्जी, फल, चाट ठेला, फुल्की आदि विक्रेताओं द्वारा जगह-जगह ठेला लगाये जाते है, जिन्हें वार्ड के बड़े ग्राउण्ड में शिफ्ट कराने एवं स्थापित पोल में प्रकाश की व्यवस्था व गढ्ढों को बजरी डालकर समतल किये जाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर महापौर श्रीमति प्रीति संजीव सूरी, निगमाध्यक्ष मनीष पाठक, स्थानीय पार्षद शशिकांत तिवारी, एमआईसी सदस्य एवं पूर्व निगमाध्यक्ष संतोष शुक्ला, बीना बैनर्जी, सुभाष शिब्बू साहू पार्षद सीमा श्रीवास्तव, शकुन्तला सोनी, प्रभा गुप्ता सुमित्रा रावत सहायक यंत्री सुनील सिंह आशीष बिलैया एवं वार्ड के वरिष्ठजन मास्टर उदवानी, सुनील पुरूस्वानी, पिंकी जैन, डब्बू डुग्गल, पं. नारायणी उपस्थित रहे।

समाजसेवी भैया लाल श्रीवास्तव में तोड़ा अपना अनशन

ग्यारसपुर तहसील की हैदरगढ़ में मृगन्नाथ धाम की सड़क की मांग एवं अन्य मांगों को लेकर भैया लाल श्रीवास्तव अनशन पर बैठे हुए थे कि देर शाम ग्यारसपुर एसडीएम मनोज उपाध्याय ने क्षेत्र की जो भी मांगे थी उन सभी मांगों को लिखित में भैयालाल श्रीवास्तव को दे दिया है एवं जल्द ही उनकी सभी मांगों को पूर्ण किया जाएगा ऐसा आश्वासन देकर एसडीएम ने पानी पिलाकर भैया लाल श्रीवास्तव को धरना स्थल से स्वयं की इच्छा के अनुसार उठाया एवं भैया लाल श्रीवास्तव में बताया है कि समस्त ग्राम वासियों एवं क्षेत्र वासियों की मांग के अनुसार एसडीएम के द्वारा मांगों को जल्द पूर्ण करने का आश्वासन एवं लिखित में दिया है जिसके चलते मैंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है । आपको बता दें कि 3 अक्टूबर से भैया लाल श्रीवास्तव अपनी छह प्रमुख मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे और आज रात्रि 9:00 बजे उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया। मौके पर जनपद सदस्य मोकम सिंह कुशवाहा, नायब तहसीलदार राजेंद्र सेन, नितिन श्रीवास्तव, पवन सोनी, सहित क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे ।

33 सांसदों और 74 विधायकों के ख़िलाफ़ नफ़रती भाषण के मामले: एडीआर

सोर्स – न्यूज़ क्लिक नई दिल्ली: एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) ने सभी मौजूदा सांसदों और विधायकों के अलावा पिछले पांच वर्षों में देश में हुए चुनावों में असफल उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया है। विश्लेषण से पता चलता है कि कई मौजूदा सांसदों और विधायकों ने अपने ख़िलाफ़ ‘‘नफरती भाषण’’ से संबंधित मामलों की घोषणा की है। यह विश्लेषण सांसदों और विधायकों द्वारा पिछला चुनाव लड़ने से पहले दिए गए हलफनामों पर आधारित है। विश्लेषण के अनुसार, 33 सांसदों ने अपने ख़िलाफ़ नफरती भाषण से संबंधित मामलों की घोषणा की है, जिनमें से सात उत्तर प्रदेश से, चार तमिलनाडु से, तीन-तीन बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना से जबकि दो-दो असम, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से तथा एक-एक झारखंड, मध्य प्रदेश, केरल, ओडिशा और पंजाब से हैं।

भाजपा नेता पूर्व मंडी उपाध्यक्ष व निर्दलीय जनपद सदस्य सहित डेढ़ दर्जन लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ली

लालबर्रा। नगर मुख्यालय की ग्राम पंचायत पांढरवानी लालबर्रा अंतर्गत आने वाले ग्राम रामजीटोंला में आज वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व कृषि उपज मंडी उपाध्यक्ष रामजी माने सहित निर्दलीय जनपद पंचायत सदस्य बने दीपक कावरे व अठारह नवयुवकों ने कांग्रेस नेत्री अनुभा मुंजारे से कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर लिए है। ग्राम पंचायत पांढरवानी के ग्राम रामजीटोंला में श्रीमती अनुभा मुंजारे अपने जनसम्पर्क व कांग्रेस पार्टी प्रदेस अध्यक्ष कमलनाथ जी के आगामी विधानसभा चुनाव में 11 वचन व कांग्रेस पार्टी के प्रचार प्रसार हेतु पहुँची इस दौरान ही डेढ़ दर्जन ग्रामीणजनों ने कांग्रेस की रीति नीति से प्रभावित होकर कांन्ग्रेस में शामिल हुए हैं इन ग्रामीण जनों को कांग्रेस नेत्री श्रीमती अनुभा मुंजारे, लालबर्रा पांढरवानी सरपंच व जिला कांग्रेस सचिव अनीस खान, जिला कांग्रेस महामंत्री मनोहर अग्रवाल, जिला कांग्रेस सचिव श्रीमती उषा मिश्रा, जिला कांग्रेस सचिव व रमपुरी सरपंच कन्हैया राहंगडाले, पूर्व सोसायटी अध्यक्ष अनिल शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नितिन सांखला, ब्लाक कांग्रेस सचिव मुनेंद्र ठाकरे, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार टेम्भरे, वरिष्ट कांग्रेसी डॉ रामप्रसाद पंचेश्वर ने कांग्रेस पार्टी का गमछा व टोपी पहनाकर पार्टी में शामिल करवाया कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वालो में रामजी माने, दीपक कावरे, ईश्वरी सिंघनधुपे, विष्णु बाहेश्वर, निगम ठाकरे, जितेंद्र पंचेश्वर, श्यामलाल खैरवार, सुरेंद्र नागेश्वर, मुकेश कावरे, पप्पू कावरे, कमल कावरे, उमेश पंजरे, हरीश माने है जिसमे ज्यादातर युवा शामिल है जो विधानसभा चुनाव में प्रथम बार अपने मतदान का प्रयोग करेंगे। इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री अनुभा मुंजारे व सरपंच अनीस खान, मनोहर अग्रवाल, कन्हैया राहंगडाले, अनिल शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए छेत्रिय विधायक व केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन को आड़े हाथ लेकर कांग्रेस पार्टी की आगामी योजनाओं व कांग्रेस सरकार बनने पर कमलनाथ जी के किये गए वचन पत्र व जनहितैसी योजनाओं के बारे मे बताया, इस जनसम्पर्क कार्यक्रम में सेवक पंचेश्वर, कृष्ण कुमार लरहे, शैलेष केकती, नईम खान, चमन पंचेश्वर, दिलचंद, तपेश पंजरे, भगत राम पंचेश्वर, दुलीराम महाजन, सहित सैकड़ों महिलाएं व नागरिक उपस्थित थे।

आवास योजना में गड़बड़ झाला तय समय सीमा में नहीं बने मकान ठेकेदार पर अफसर मेहरबान

कटनी । 2017 में बिलहरी मार्ग पर झिंझरी मोड़ की पहाड़ी में जरुरतमंदाें के लिए 1512 आवासों के निर्माण की आधारशिला रखी गई। इनका निर्माण 18 माह में पूर्ण करने का काम ठेका कंपनी बीआरपी एसोसिएट को दिया गया। ठेका कंपनी ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास को पलीता लगाती रही और ठेकेदार पर नगर निगम के अफसर मेहरबान रहे। तय मियाद में काम नहीं किया गया, जिसपर आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हैरानी की बात तो यह है कि नगर निगम ने अतिरिक्त भुगतान किया, फिर कुछ माह पहले एक करोड़ रुपए जारी किए, ठेकेदार ने कुछ दिन काम लगाया और अब फिर काम बंद कर दिया गया है। ठेकेदार द्वारा काम बंद किए जाने पर एक बार फिर नगर निगम ने ठेकेदार को 20दिन पहले नोटिस जारी किया गया, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी के अनुसार यहां पर इडब्ल्यूएस के 792 जिसमें जी/पी+3, एलआइजी के 384 पी+6 व एमआइजी के 336 पी+6 फ्लैट बनने थे। 113.05 करोड़ की टेंडर लागत व एग्रीमेंट लागत 117.46 करोड़ रुपये तय की गई थी। 30 नवंबर 2017 से 18 माह में काम पूरा करना करना था। लेकिन ठेकेदार बीआरपी एसोसिएट ने काम समय पर नहीं किया और एमआइसी ने 29 मई 2020 तक के लिए वर्षाकाल छोड़कर 8 माह के लिए बढ़ाने पैरवी भी की थी, फिर 6 माह कोरोना के कारण बढ़े, लगातार मियाद बढ़ती रही, लेकिन एक भी भवन बनकर तैयार नहीं हुआ। नोटिस के जवाब में मांगा भुगतान नगर निगम द्वारा 20 दिन पहले ठेका कंपनी बीआरपी एसोसिएट को नोटिस दिया गया। बताया जा रहा है कि नोटिस कि जवाब में ठेकेदार ने फिर से 4 करोड़ रुपए मांग लिए हैं। ठेकेदार ने कहा है कि पहले भुगतान किया जाए, फिर काम शुरू करेंगे। कोई प्रभावी पहल न होने से काम ठप पड़ा है। उल्लेखनीय है कि यहां पर इडब्ल्यूएस के मकान 2 लाख रुपए में जरुरतमंदों को नगर निगम द्वारा दिया जाना था, जो आजतक नहीं दिया गया। इसके अलावा एलआइजी 16.50 लाख रुपए में व एमआइजी- 25.25 लाख रुपए में देने थे। यह महत्वाकांक्षी योजना धरी की धरी रह गई। 4 करोड़ का हो गया था अतिरिक्त भुगतान दो साल पहले नगर निगम द्वारा यह कहा जा रहा था कि ठेकेदार द्वारा 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान लेने के बाद भी काम बंद कर दिया गया है, जबकि ठेकेदार द्वारा कम भुगतान बताया जा रहा है। भोपाल मुख्यालय से जांच कमेटी गठित की गई थी, फिर जांच में 50 लाख रुपए का ही अतिरिक्त भुगतान होना बताया गया था। इजिस कंपनी की भी बेपरवाही नगर निगम के अनुसार इजिस द्वारा पूरे काम को देखा जा रहा था। स्वतंत्र कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा बिलिंग में गड़बड़ी की गई। पहले ज्यादा भुगतान करा दिया फिर डिफरेंस निकाल दिया गया। ठेकेदार को नोटिस दिया गया, ठेकेदार को पक्ष रखने का समय दिया गया है, समय पर जवाब न मिलने पर हटाने की कार्रवाई प्रचलित की गई, लेकिन अबतक बात नहीं बनी। बड़ी कंपनियाें के ठेकेदार टेंडर ले लेते हैं और फिर समय पर काम नहीं करते। मल्टी का काम न करने वाले ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। कंपनी ने फिर से 4 करोड़ रुपए भुगतान के लिए मांग की है। ठेकेदार को बुलवाया गया है। शीघ्र यदि काम नहीं शुरू किया जाता तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विनोद कुमार शुक्ला, आयुक्त नगर निगम

मुखबिर की सूचना पर हार जीत का दाव लगाते जुआरियों को दबोचा हुई कार्यवाही

कटनी। स्लीमनाबाद क्षेत्र, पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन के निर्देशन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केड़िया, एसडीओपी अखिलेश गौर के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के द्वारा टीम बनाकर गांधी जयंती 2 अक्टूबर को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिलने पर नदी किनारे जमे जुआ फड़ में छापामार करवाई की गई। पुलिस के मुताबिक ग्राम धूरी (बंधी) मे नदिया तला के पास कुछ लोग रूपये-पैसो का दाव लगाकर जुआ खेल रहे थे। सूचना पर मुखबिर के बताये स्थान पर दबिश दी गई, जहा ग्राम धूरी (बंधी) मे नदिया तला के पास पुलिस ने घेराबंदी कर श्रीकांत पिता सुसील यादव उम्र 28 साल निवासी बंधी धूरी थाना स्लीमनाबाद, छोटेलाल पिता बुध्दू कुशवाहा उम्र 31 साल निवासी धूरी थाना स्लीमनाबाद, गोविंद पिता प्रेमलाल कुशवाहा उम्र 26 साल निवासी खिरहनी थाना स्लीमनाबाद, अनिल पिता श्रीराम लोधी उम्र 38 साल निवासी धूरी थाना स्लीमनाबाद, सप्पू पिता राजकुमार यादव उम्र 30 साल निवासी खिरहनी थाना स्लीमनाबाद को घेराबंदी कर तास पत्‍तो से हारजीत का दाव लगाकरर जुआा खेलते पकडा गया। जिनके फड एवं पास से 4640/- रूपये एवं 52 तास पत्‍ते जप्‍त करते हुये आरोपियो के विरूद्ध धारा 13 जुआ एक्‍ट के तहत कार्यवाही की गई। जुआ खेलने वालो को रंगे हाथ पकड़ने में उपनिरी संतराम यादव, प्र.आर. अंजनी मिश्रा, आर. बृजेश सिंह, आर. रजनीश तेकाम, आर. सोने सिंह, आर. दुर्गेश विश्वकर्मा, आर. अभिषेक राजावत की सराहनीय भूमिका रही।

कई वरिष्ठ पत्रकारों को लोदी रोड पुलिस स्टेशन अकारण ले जाया गया.

वरिष्ठ पत्रकार सह चिन्तक उर्मिलेश जी, सोहेल हाशमी, अभिसार शर्मा, भाषा सिंह, संजय राजौरा, प्रबीर पुरकायस्थ, अनिन्द्यो चक्रवर्ती समेत कई साथियों के घर सत्ता शीर्ष के आदेश पर पुलिस अपना घिनौना चेहरा दिखा रही है. कईयों को लोदी रोड पुलिस स्टेशन अकारण ले जाया गया है.

पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर केंद्र और राज्य के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली, प्रदर्शन में शामिल नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम नामक संगठन की ओर से कहा गया है ​वह अगले कुछ दिनों तक सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करेगा. अगर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो संगठन सभी राज्यों में भाजपा के ख़िलाफ़ अभियान चलाएगी और लोगों से 2024 के आम चुनाव में पार्टी को वोट न देने के लिए कहेगी. पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के कई लाख कर्मचारी रविवार (1 अक्टूबर) को राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के इटावा से पहुंचे शिक्षक नेता सुनील बाजपेयी ने कहा कि अंडमान और लद्दाख समेत पूरे देश से 8 लाख से 10 लाख कर्मचारी जुटे थे. केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के संगठन, नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. एनएमओपीएस केंद्र और अधिकांश राज्यों द्वारा नई पेंशन योजना (एनपीएस) शुरू करने के बाद भर्ती किए गए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली के लिए देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है. पुरानी पेंशन योजना एक कर्मचारी को उनके अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन का हकदार बनाता है. 2004 में केंद्र द्वारा शुरू की गई और अधिकांश राज्यों द्वारा अपनाई गई नई पेंशन योजना में सेवारत कर्मचारी को अपनी पेंशन के लिए सरकार के बराबर योगदान करने की आवश्यकता होती है. इस योजना में योगदान की उच्चतम दर पर भी अंतिम पेंशन पुरानी पेंशन योजना के तहत बहुत कम है. एनएमओपीएस सदस्य बाजपेयी ने कहा कि केंद्र के रेलवे, रक्षा और डाक विभाग और सभी राज्य सरकार के विभागों के कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया. उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत और विपक्षी नेताओं जैसे कांग्रेस से उदित राज, आम आदमी पार्टी से संजय सिंह और समाजवादी पार्टी से कुलदीप यादव सहित कई नेताओं ने भाग लिया.’ बाजपेयी ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया कि एनएमओपीएस अगले कुछ दिनों तक सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो एनएमओपीएस सभी राज्यों में भाजपा के खिलाफ अभियान चलाएगी और लोगों से 2024 के आम चुनाव में पार्टी को वोट न देने के लिए कहेगी.’ द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के राष्ट्रीय संयोजक एवं महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘जो कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए हैं, वे नई पेंशन योजना का कड़ा विरोध कर रहे हैं. वे सेवानिवृत्ति के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया है और नई पेंशन योजना लेने के लिए मजबूर किया गया है.’ नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के नेता विजय कुमार बंधु ने बताया, ‘हमने पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने का आह्वान किया है और अपने संघर्ष से कई राज्यों में इसे सफलतापूर्वक वापस लाया गया है. हमारी टीम का मानना है कि अगर केंद्र सरकार इसकर (पुरानी पेंशन योजना) पुष्टि करती है, तो जिम्मेदारी राज्य सरकार पर नहीं होगी. यही कारण है कि हम दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध करने आए है.’ द टेलीग्राफ के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने नई पेंशन योजना में सुधार का सुझाव देने के लिए इस साल अप्रैल में एक समिति का गठन किया था. समिति को अभी अपनी रिपोर्ट सौंपनी बाकी है. हालांकि, बंधु ने कहा कि एनएमओपीएस पुरानी पेंशन योजना की वापसी चाहता है, बेहतर एनपीएस नहीं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ हमारे सरकारी अधिकारियों के गुस्से को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने कांग्रेस शासित राज्यों में ओपीएस लागू किया, क्योंकि यह उनका अधिकार है. 20 लाख लोगों की ये भीड़ एक कहानी कहती है कि भाजपा के दिन अब गिनती के रह गए हैं.’ रैली में टिकैत ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि किसान उनके साथ हैं, वहीं, आप के संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा संसद में भाषणों के दौरान पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने का मुद्दा उठाया है. सोर्स – द वायर हिंदी

विकास विरोधी लोगों को देश ने 60 साल दिए थे:-मोदी

ग्वालियर। चुनावी साल में पीएम मोदी लगातार मध्यप्रदेश का दौरा कर रहे हैं। आज पीएम मोदी ने एमपी के सबसे बड़े राजनैतिक केंद्र ग्वालियर चंबल को हजारों करोड़ों की सौगातें दीं। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने जहां डबल इंजिन की सरकार के फायदे बताए तो वहीं कांग्रेस पर भी जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि एक साल में किसी भी सरकार ने इतने विकास कार्य नहीं किए जितने मेरी सरकार ने एक दिन में किए हैं। सत्ता के भूखे लोगों के पेट में दर्द हो रहा है। विकास विरोधी लोगों को देश ने 6 दशक दिए थे। 60 साल कम नहीं हुए थे। उनके पास भी मौका था, नहीं कर पाए। पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश में किए गए विकास कार्यों को लेकर कहा कि ये जो विकास कार्य हैं ये डबल इंजन सरकार के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि मेरी सरकार बीते वर्षों में मध्य प्रदेश को बीमारु राज्य से देश के टॉप 10 राज्यों में ले आई है। यहां से अब हमारा लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश के टॉप 3 राज्यों में ले जाने का है। जिनको किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी पूजता है। क्या 2014 से पहले दिव्यांग शब्द सुना था। उन्हें पहले की सरकारें बेसहारा छोड़ दिए जाते थे। हमारी सरकार ने उनकी चिंता की। आज ग्वालियर में दिव्यांगजनों के लिए सौगात मिली है। जिनको किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी पूजता है। इतने सालों तक छोटे किसानों को किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी ने पूछा। हमारे देश में ढाई करोड़ ऐसे हैं, जो मोटा अनाज उगाते हैं। हमारी सरकार ने मोटे अनाज को दुनियाभर के बाजारों में ले गए। किसान सम्मान योजना, विश्वकर्मा योजना से हमने ऐसे लोगों के बारे मे हमने सोचा, उन्हें आगे बढ़ाने का हमने सोचा। इनको आगे बढ़ाने की गारंटी मोदी ने ली है। केंद्र सरकार ने ली है। डबल इंजिन की सरकार है विकास की गारंटी। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज इतने विकास काम सामने आए हैं, जो कोई सरकार एक साल में भी नहीं कर सकती। इतनी बार पर्दे खुले कि आप ताली बजाकर थक गए होंगे। मोदी ने कहा कि मेरे परिवार जनों, धरतेरस-दीपावली से पहले मप्र के गरीब सवा दो लाख परिवार आज अपने नए घर में गृहप्रवेश कर रहे हैं। आज कनेक्टिवटी के प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। प्रदेश के युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर बनने वाले हैं। ग्वालियर के साथ विदिशा, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, शाजापुर को नए स्वास्थ्य केंद्र मिले। ये केंद्र आयुष्मान योजना के तहत बने हैं। एमपी में आठ लेन की सड़कें बन रही हैं। मध्य प्रदेश के मेरे परिजनों को बहुत बधाई। साथियों ये इतने सारे काम हैं, ये डबल इंजिन के साझा प्रयासों का फल है। जब दिल्ली और भोपाल में जनता को समर्पित सरकार होती है, तो ये काम तेजी से होते हैं। डबल इंजिन की सरकार यानी एमपी का डबल विकास। हमारी सरकार मप्र को देश के टॉप 10 में ले आई है. अब एमी को टॉप थ्री में ले जाएंगे। उन्होंने जनता से पूछा कि जाना चाहिए कि नहीं। ये काम कौन कर सकता है, ये गारंटी कौन दे सकता है। एक जिम्मेदार नागरिक के नाते आपका एक वोट मप्र को टॉप तीन में ला सकता है। हर वोट ये सपना साकार करेगा। मेरे परिजनों एमपी का विकास और लोग नहीं कर सकते। विकास की गारंटी डबल इंजिन की सरकार है। युवाओं को लेकर हजारों रोजगार के अवसर बनेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आज इतने विकास कार्य सामने आ चुके हैं, जो कोई सरकार एक साल में नहीं कर पाई। इतनी बार पर्दे खुले कि आप ताली बजाकर लोग थक गए होंगे मोदी ने कहा कि मेरे परिवार जनों, धरतेरस-दीपावली से पहले मप्र के गरीब सवा दो लाख परिवार आज अपने नए घर में गृहप्रवेश करने वाले हैं। आज कनेक्टिवटी के प्रोग्राम का शुभारंभ कर दिया है. प्रदेश के युवाओं को लेकर हजारों रोजगार के अवसर बनेंगे। ग्वालियर के साथ विदिशा, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, शाजापुर को नए स्वास्थ्य केंद्र मिल सकेंगे। ये केंद्र आयुष्मान योजना के तहत होने वाले हैं। ग्वालियर से सुमावली के बीच चलने वाली लोकल ट्रेन का शुभारंभ हुआ। 411 करोड़ की लागत वाली गाड़ी को पीएम ने हरी झंडी दिखाई है। ग्वालियर और मुरैना के गरीब लोगों को इस ट्रेन से लाभ होने वाला है। ये ट्रेन 38 किमी दूरी को तय करने वाली है। दुनिया को भारत में अपना भविष्य दिख रहा है। प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, मध्य प्रदेश का विकास वो लोग नहीं कर सकते हैं, जिनके पास न तो कोई नई सोच है और न तो कोई रोड मैप है। इनकी केवल एक ही सोच है, भारत के विकास से नफरत, भारत की योजनाओं से नफरत। उन्होंने कहा आगे कहा, ये अपनी नफरत में भारत की उपलब्धियों को भूल जाते हैं। आज पूरी दुनिया में भारत का गौरवगान हो रहा है। आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। आज दुनिया को भारत में अपना भविष्य दिख रहा है। मगर जिनको कुर्सी के सिवा कुछ नहीं दिखता, उनको देश का डंका बजना अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि भारत 9 सालों में दसवें नंबर से पांचवें नंबर की आर्थिक ताकत बन गया है, लेकिन विकास विरोधी लोग ये दावा करने में लगे हैं कि ऐसा हुआ ही नहीं है। वो आज भी जात-पात को बांटने का पाप कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने पर देश को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा किया। देश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, विकास विरोधी कुछ लोगों को देश ने 60 साल दिये थे, उनके पास विकास करने का मौका था। फिर भी वह नहीं कर पाये. ये उनकी नाकामी है। उन्होंने कहा कि वह तब भी गरीबों की भावनाओं से खेलते थे और आज भी वही काम कर रहे हैं। वह तब से लेकर आज तक समाज को जाति- पाती में बांटने का पाप कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने गांधी परिवार पर तंज करते हुए कहा कि कुछ लोग पहले … Read more

पीएम नरेंद्र मोदी ने दिखाई मेमू ट्रैन को हरि झंडी, नरेंद्र तोमर लेकर पहुंचे सुमावली।

ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्वालियर मेला मैदान पर आयोजित हुए भव्य कार्यक्रम में ग्वालियर-सुमावली रेल मार्ग का वर्चुअल उदघाटन किया साथ ही मंच से रेलगाड़ी को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। जबकि केन्द्रीय मंत्री व मुरैना के दिमनी से भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह तोमर ने ग्वालियर से सुमावली तक मेमू ट्रेन में अपने समर्थकों के साथ सफर भी किया। बिरलानगर रेलवे स्टेशन से केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर मेमू ट्रेन में बैठे और आम यात्रियों व जनप्रतिनिधियों के साथ सुमावली रेलवे स्टेशन पहुँचे। ग्वालियर से सुमावली रेलमार्ग के बीच स्थित बिरलानगर, रायरू, बामोर गाँव व अम्बकेश्वर स्टेशन पर स्थानीय निवासियों ने हर्षोल्लास व उमंग के साथ मेमू ट्रेन का भव्य स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नेरोगेज ट्रैक को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने का कार्य बहुत जल्द पूर्ण किया जाएगा। जिसके बाद अंचल के लोगों का आवागमन बहुत सुलभ हो जाएगा। मेमू ट्रेन 3 अक्टूबर से प्रतिदिन अपने समयानुसार संचालित होगी। यह ट्रेन सुमावली के दिन में तीन फेरे लेगी। मेला मैदान में आयोजित हुए ग्वालियर – सुमावली रेलमार्ग व मेमू ट्रेन के उदघाटन अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, वीरेन्द्र कुमार व ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित राज्य सरकार के मंत्रिगण एवं महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे सतीश कुमार व मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

दिया जा रहा स्वच्छता का संदेश शहर में लगा कचरे का ढेर।

कटनी । स्वच्छता का संदेश देने की होड़ लगी हुई है और फोटो खिंचवाई जा रही हैं और पूरे शहर में कचरा का ढेर लगा हुआ है गली गली चौराहा चौराहा में गदगी फैली है सफाई कर्मियो की हड़ताल के कारण पिछले पांच दिनों से शहर में कचरा फैला हुआ है। पांच दिनों से शहर की सड़कों में झाड़ू नहीं लगी है। शहर की लगभग सभी सड़कों मंे कचरा फैला हुआ है। गौरतलब है कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 26 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जिन मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं कि उसमें नगर निगम, नगर परिषदों में सफाई कार्य में ठेका प्रथा को पूरी तरह से समाप्त कर स्थायी भर्ती करने, सफाई कर्मचारियों को सेवाकाल में रहते हुए मेडिकल के आधार पर स्वेच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर उनके परिवार के किसी एक सदस्य को सफाईदार या योग्यता अनुसार नियुक्ति दिए जाने, नगर निगम, नगर परिषदों में सफाई कामगार के पद से रोस्टर प्रणाली को मुक्त कर नियम में शिथिलिता किए जाने, सफाईदार वर्ग के कर्मचारी जो अन्य पदों पर कार्यरत है, उन्हें पद के नाम साथ सामान पद, सामान वेतन का लाभ दिए जाने, सफाई कर्मचारियों कि सेवा में रहते हुए आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के किसी एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने, दैनिक वेतन भोगी, संविदा और अंशकालीन सफाई कामगारों को नियमित किए जाने, आदर्श कार्मिक संरचना लागू किए जाने सहित अन्य मांगे शामिल है।

चावल माफिया गरीबों के चावल को हड़प कर बेच रहे है, एफआईआर दर्ज

विदिशा, लटेरी/ गरीबों को राशन मिलने वाले चावल की काली बाजारी लटेरी तहसील में काफी जोरों से की जा रही अभी कुछ दिनों पहले एसडीएम निकिता तिवारी द्वारा एक गोदाम से बड़ी मात्रा में चावल पकड़े थे इस कार्यवाही में करीब एक महीने बाद प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी वहीं लटेरी टीआई बी एस गौर द्वारा सुबह एक निजी गोदाम में से चावल भरकर बैरसिया ले जा रहे थे अचानक लटेरी पुलिस को सूचना लगी तो टी आई मौके पर पहुंचे और बिलोरो पिकअप बाहन को रॉक तो करीब 30 कुंटल अवैध चावल जप्त किया यह कार्रवाई सुबह 5:00 बजे की बताई जा रही है जब लटेरी के चावल माफिया गरीबों के चावल को हड़प कर बेच रहे है तो लटेरी की खाद्य अधिकारी आए दिन छुट्टी पर रहती जिसके चलते ऐसे चावल माफिया काफी जोरों से पनप रहे है खाद्य विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई न करते हुए एक बड़ा रूप में चावल जप्त होते हैं आज भी इस कार्रवाई में लटेरी खाद्य अधिकारी मौजूद नहीं थी जिला फूड अधिकारी रश्मि साहू ने कुरवाई की शिवानी दांगी फ़ूड अधिकारी को लटेरी भेज और फिर आगे की कार्रवाई जारी की इस मामले में अभी किसी के ऊपर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है मामले की जांच जारी है

महान खेल प्रशासक कै.माधवराव सिंधिया। कैलाशवासी माधवराव सिंधिया जी की 22वी पुण्यतिथि पर विशेष।

कैलाशवासी महाराज माधवराव सिंधिया का नाम देश के सक्रिय राजनेताओं में शुमार है। उन्होंने पांचवी लोकसभा से लेकर तेरहवीं लोकसभा तक लगातार नौ बार सांसद के रूप प्रतिनिधित्व किया। वे भारत सरकार के कई जिम्मेदार विभागों में मंत्री रहे। जिसमें उनके रेलमंत्री के कार्यकाल (1984-1989)को विशेष रूप से याद किया जाता है। नागरिक उड्डयन, पर्यटन व मानव संसाधन एवं विकास जैसे मंत्रालयों का दायित्व भी उन्होंने कुशलतापूर्वक संभाला। माधवराव सिंधिया का जन्म 10 मार्च 1945 ई. को समुद्रमहल, बम्बई (मुंबई), महाराष्ट्र में हुआ था। माधवराव सिंधिया, महाराजा जीवाजीराव सिंधिया एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया के एकमात्र पुत्र थे। माधवराव सिंधिया ने खेलों के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्यों का संपादन किया। उन्होंने खेल प्रशासक के रूप में देश-विदेश में खासी ख्याति प्राप्त की थी। उन्होंने क्रिकेट, हॉकी सहित कई खेलों को अपना प्रत्यक्ष समर्थन दिया। उन्होंने संसद में रहते हुए भी खेलों की आत्मा को जीवित रखा और कई बार संसद की क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे। वे स्वयं क्रिकेट, हॉकी, ब्रिज, गोल्फ आदि के अच्छे खिलाड़ी थे। माधवराव सिंधिया को क्रिकेट से अत्यधिक लगाव था, इसी कारण वे क्रिकेट प्रशासनिक बॉडी के सदस्य बने एवं कई बार विभिन्न क्रिकेट संघों के अध्यक्ष भी रहे। 1967 ई. में ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन की स्थापना हुई और 1976 ई. में माधवराव सिंधिया इस एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान माधवराव सिंधिया की कप्तानी में ग्वालियर ने सीनियर डिवीजन क्रिकेट टूर्नामेंट के मुकाबले में उज्जैन को हराया। माधवराव सिंधिया वर्ष 1982-83 ई. में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने और तब से लगातार 19 वर्षो तक, मृत्युपर्यंत एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर काबिज रहे। इस पद पर रहते उन्होंने एसोसिएशन और प्रदेश के क्रिकेट के विकास में जो महत्वपूर्ण कदम उठाए, वे मील के पत्थर साबित हुए। माधवराव सिंधिया 1991-1993 ई. तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने देश के इस संगठन को विश्व का सबसे धनी क्रिकेट संगठन के रूप में बदल दिया। माधवराव सिंधिया भारत में 1996 ई. में हुए ‘विल्स विश्वकप’ क्रिकेट मैंचों की समिति ‘पिल्कॉम’ के अध्यक्ष रहे। यह विश्वकप भारत, पाकिस्तान एवं श्रीलंका ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था। उनके नेतृत्व मेंं विश्वकप का सफल आयोजन हुआ था। माधवराव सिंधिया ने खेल प्रशासक के तौर पर ग्वालियर में क्रिकेट सुविधाओं का विकास पूर्ण मनोयोग से किया। ग्वालियर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट सुविधाएं उपलब्ध करवाईं। ग्वालियर के कैप्टन रूपसिंह क्रिकेट स्टेडियम को अत्याधुनिक एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया एवं उसमें सभी अत्यावश्यक सुविधाओं का विकास करवाया। ग्वालियर का रूपसिंह क्रिकेट स्टेडियम सेन्ट्रल जोन का पहला और देश का छठवां ऐसा क्रिकेट स्टेडियम है, जहॉं खिलाडियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। वे रूपसिंह स्टेडियम को इंग्लैण्ड के लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम की तरह भव्य और आकर्षक बनाना चाहते थे। माधवराव सिंधिया ने ग्वालियर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए अनेकों कार्य किए। रूपसिंह स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित हो सकें, इस हेतु 1984 ई. में पिच विशेषज्ञ सीताराम को नियुक्त किया। ग्वालियर स्टेडियम की गैटिंग पिच को निकलवाकर उसकी जगह ‘टर्फ पिच’ बनवायी। रूपसिंह स्टेडियम में 1989 ई. में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय मैच भारत एवं वेस्टइंडीज के बीच हुआ। रूपसिंह स्टेडियम, ग्वालियर में दिन-रात का मैच आयोजित करने के लिए फ्लड लाईट्स लगवाईं। यह फ्लड लाईट्स 1995 ई. में लगकर तैयार हुई और 21 फरवरी 1996 ई. में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूधिया रोशनी में पहला मैच रूपसिंह स्टेडियम में हुआ। रूपसिंह स्टेडियम में 1997 ई. में विश्व में प्रथम बार पांंच दिवसीय दिन-रात का मैच रणजी ट्राफी क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत ग्वालियर में खेला गया। माधवराव सिंधिया ने मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष रहते क्रिकेट खिलाड़ियों की सुख सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा। रेलमंत्री रहते उन्होंने रेलवे में खिलाड़ियों को नौकरी दिलवायी। उनके अध्यक्ष बनने के पहले मध्यप्रदेश के रणजी ट्राफी खिलाड़ियों को द्वितीय श्रेणी में यात्रा करनी पड़ती थी। उनके अध्यक्ष बनने के बाद खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी में यात्रा करने की सुविधा मिलना शुरू हुई। उन्होंने क्रिकेट खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवायीं। माधवराव सिंधिया ने ग्वालियर में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए भी कई कार्य किए। माधवराव सिंधिया स्वयं भी हॉकी बहुत अच्छी खेला करते थे। उन्हें ग्वालियर की जनता ने प्रत्यक्षत: छतरी मंडी खेल मैदान में स्थानीय खिलाड़ियों के साथ हॉकी खेलते देखा है। ग्वालियर के सिंधिया शासकों ने हॉकी की लोकप्रियता को देखते हुए 1919 ई. में स्थानीय स्तर पर ‘सिंधिया हॉकी गोल्ड कप’ की शुरुआत करवायी। 1924 ई. में इस प्रतियोगिता को अखिल भारतीय स्तर का दर्जा मिला। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद मध्यभारत हॉकी संघ ने सिंधिया गोल्ड कप हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन कराने की जिम्मेदारी ली। माधवराव सिंधिया ने रेल मंत्री बनते ही 1986 ई. में ग्वालियर में पृथक से ‘रेलवे हॉकी स्टेडियम’ की आधारशिला रखी एवं 1987 ई. में ‘एस्ट्रोटर्फ मैदान’ की व्यवस्था करवायी। इसका उद्घाटन भारत और पाकिस्तान के बीच हुए टैस्ट मैच के साथ हुआ। इस प्रकार माधवराव सिंधिया ने हॉकी को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवायीं। माधवराव सिंधिया जीवन पर्यन्त खेल एवं खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए कार्य करते रहे। माधवराव सिंधिया की मृत्यु एक विमान दुर्घटना में हुई। जब वे उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रचार हेतु दिल्ली से कानपुर जा रहे थे। 30 सितम्बर, 2001 को हुई इस दुर्घटना के समय उनकी आयु 56 वर्ष, 6 माह, 19 दिन की थी। माधवराव सिंधिया के अचानक निधन से सारा देश स्तब्ध रह गया। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, ‘वज्रपात हो गया! क्या काल भी इतना कू्र हो सकता हैं?’ ऐसे महान नेता एवं पथ प्रदर्शक सदियों में जन्म लेते हैं।

उद्भव उत्सव का आगाज 25 अक्टूबर से।

ग्वालियर। भारत देश ही नहीं दुनिया के तमाम देशों में ग्वालियर की पहचान बन चुका गीत, संगीत और नृत्य का अंतरराष्ट्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव “उद्भव उत्सव“ इस बार खास होने जा रहा है। 5 दिवसीय इस उत्सव में हिस्सा लेने वाली देश-विदेश की दो दर्जन से अधिक टीम एवं बैंड ग्वालियर में अपना रंग जमाएगे। नृत्य-संगीत के साथ संस्कृति के विविध रंग, देश-विदेश के कलाकारों के संग 25 अक्टूबर से देखने को मिलेगा। इस आयोजन में पहली बार शिरकत करने आ रहे मैसेडोनिया और एस्टोनिया देश के कलाकारों के साथ ही अन्य देशों के नृत्य, गीत-संगीत से जुड़े कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देते नजर आएंगे। उद्भव कल्चरल एंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय एवं सिंधिया कन्या विद्यालय की प्राचार्य निशी मिश्रा ने प्रेसवार्ता के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि 18वां सिंधिया कन्या विद्यालय “उद्भव उत्सव 2023“ का आयोजन 25 से 29 अक्टूबर तक सिंधिया कन्या विद्यालय में आयोजित किया जाएगा। देश के ख्याति प्राप्त इस उत्सव में इस बार रसिया, बुल्गेरिया, मैसेडोनिया, एस्टोनिया, मलेशिया व किर्गिजस्तान देशों के दलों ने अपनी सहमति दे दी है। जबकि देश के विभिन्न प्रांतोंं में दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की अनेक टीम और बैंड भी अपनी भागीदारी करेंगे। आयोजकों ने बताया का उत्सव का आगाज भव्य रंगारंग कार्निवाल के साथ होगा। जिसमें सभी भारतीय एवं विदेशी दल जल विहार इटालियन गार्डन से अपनी प्रस्तुतियां देते हुये बैजाताल के रास्ते से सिंधिया कन्या विद्यालय पहुंचेंगे। जहाँ भव्य समारोह में ‘‘उद्भव उत्सव 2023‘‘ का शुभारम्भ होगा। गौरतलब है कि उद्भव उत्सव में विगत वर्षों में फ्रांस, इटली, स्पेन, चीन, ईरान इजराइल, आस्ट्रिया, ताइवान, इजिप्ट, ग्रीस और स्लोवाकिया जैसे देशों के दलों ने ग्वालियर में अपनी-अपनी संस्कृतियों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दुनिया भर में वैश्विक एकता का संदेश दिया है। उत्सव के सहयोगी ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की चैयरपर्सन किरण भदौरिया ने बताया कि हम सभी मिलकर ग्वालियर को सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक बड़ा मंच बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। जहाँ एक ओर विभिन्न देशों की टीमें उद्भव उत्सव में आकर अपनी-अपनी संस्कृतियों की प्रस्तुति देती हैं, वहीं ‘‘उद्भव उत्सव‘‘ के चयनित दलों को विदेशों में होने वाले अन्तरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होता है। उद्भव उत्सव में माय एफएम रेडियो तथा लोकनाद डिजिटल पार्टनर होंगे। उत्सव में यह रहेगा खास उद्भव उत्सव में समूह नृत्य, एकल नृत्य तथा बैण्ड (आर्केस्ट्रा) प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी। समूह नृत्य प्रतियोगिताएं शास्त्रीय, अर्धशास्त्रीय एवं लोक नृत्य कैटेगरी में तथा एकल नृत्य प्रतियोगिताएं शास्त्रीय एवं अर्धशास्त्रीय कैटेगरीज में होंगी। बैण्ड (आर्केस्ट्रा) में समूह किसी भी विधा में अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। इस उत्सव के लिए प्रवीण शर्मा एवं आलोक द्विवेदी को संयुक्त रूप से आयोजन सचिव नियुक्त किया गया है। 29 अक्टूबर को होगा समापन अंतरराष्ट्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव “उद्भव उत्सव 2023“ का समापन 29 अक्टूबर को होगा। समापन समारोह पर गाला नाइट में चयनित भारतीय दल एवं विदेशी दलों के मध्य इण्टरनेशनल चैम्पियनशिप के लिये मुकाबला होगा। अंतरराष्ट्रीय ज्यूरी के माध्यम से विजेताओं को चयन किया जाएगा। 10 अक्टूबर तक करा सकते हैं पंजीयन उद्भव उत्सव में भाग लेने के इच्छुक दल एवं एकल प्रतिभागी मोबाइल नंबर 89660-66666 पर उद्भव के सचिव दीपक तोमर से संपर्क कर 10 अक्टूबर तक अपनी पंजीयन करा सकते हैं।

निगम सफाई मित्रों अधिकारी-कर्मचारियों के लिये केसीएस विद्यालय में 5 अक्टूबर को मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

कटनी। नगर पालिक निगम द्बारा नगर निगम के सफाई मित्रों अधिकारी कर्मचारियों के लिये चिकित्सा के क्षेत्र में मेगा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।।आगामी 5अक्टूबर को शहर के बीचों बीच स्थित केसीएस विद्यालय में विशाल चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जायेगा।शिविर में शहर सहित अन्य शहर से रोग विशेषज्ञ कुशल चिकित्सकों द्बारा पीडित जनों का उपचार किया जायेगा। महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी द्वारा स्वास्थ्य शिविर के लिये आज केसीएस स्कूल का निरीक्षण किया गया।इस मौके पर एम आईसी सदस्य शिब्बू साहू रमेश सोनी डीसी पवन कुमार अहिरवार नागेद पटेल आदेश जैन तेज भान आदि की उपस्थिति रही।

2 स्वास्थ्य कर्मचारी व उनके परिजनों के खिलाफ धारा 420 का मामला दर्ज

रायसेन, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हेंमत कुमार महोब, पूनम सिरोही, ओम प्रकाश महोबे, प्रीतम सिंह महोबे, साजिद अली, कैलाशनाथ, शहीद कुरैशी, अरविंद कुमार, विजय साहू, रामकुमार, ज्योति तोमर, महेश बाबू के खिलाफ धारा 420 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रायसेन के स्वास्थ्य विभाग में अभी कुछ ही दिन पहले भविष्य निधि में घोटाले का मामला सामने आया था। कोषालय की जांच के बाद, थाना कोतवाली पुलिस ने नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर 12 स्वास्थ्य कर्मचारी व उनके परिजनों के खिलाफ धारा 420 का मामला दर्ज कर लिया है। 1 करोड़ 92 लाख 32 हजार 727 रूपए के घोटाले की रकम है

एकजुट होकर कांग्रेसियों ने दिखाया दम जन आक्रोश यात्रा के माध्यम से दिया सरकार को संदेश सरकार पर कि आरोपी की बौछार भारी संख्या में लोग रहे मौजूद

कटनी। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा वैसे-वैसे चुनावी हलचल तेज होती जा रही है आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है ऐसे में कांग्रेस भला पीछे कैसे रह सकती है इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी शहर ने प्रदेश सरकार का बहिष्कार करते हुए जन आक्रोश यात्रा रैली निकाली। जिसमें एकजुटता के साथ वरिष्ठ जन एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस के नेतृत्व में निकाली गई जन आक्रोश यात्रा के दौरान आमजन का आक्रोश भी प्रदेश सरकार के खिलाफ देखने को मिला। जन आक्रोश यात्रा के दौरान उमडे जन सैलाब को देखकर प्रदेश में परिवर्तन की लहर का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश सरकार की नाकामियों को उजागर करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हवाला दिया कि सरकार लगातार कर्ज लेकर लोक लुभावन योजनाएं बना रही है। ताकि उसका वोट बैंक बढ जाए।सरकार को इस बात की कोई फ़िक्र नही है कि उसके कर्ज से आम आदमी की कमर टूट रही है। जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष विक्रम खम्परिया ने सरकार को घेरते हुए कहा कि शहडोल में मोदी जी ने कहा था कि जिस भी राज्य में 100 रुपए से ज्यादा कीमत में पेट्रोल मिल रहा है, वहां की सरकार जन विरोधी है। ऐसे में मौजूदा सरकार ने साबित कर दिया है कि वो जनता के साथ न्याय नही बल्कि लूट कर रही है। बेहिसाब बिजली बिलों को देख कर जनता कराह रही है और प्रदेश सरकार महज चुनाव जीतने के लिए कर्ज पर कर्ज लेकर जनता से वसूली कर ब्याज भर रही है। जन आक्रोश यात्रा कटनी रेलवे स्टेशन से प्रारंभ स्टेशन स्थित मेन रोड़ से दक्षिणमुखी हनुमान जी, सुभाष चौक, झंडा बाजार मार्केट, सराफा बाजार, छोटी मढिया, श्री जैन मंदिर, गांधीद्वार होते हुए अहिंसा चौक में संपन्न हुई। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने कहा कि कटनी में भी कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। खुल्लेआम दिन दहाड़े दुकानों को लूटा जा रहा है। और पुलिस महज खाना पूर्ति करके सरकार और जनता के आंखों में धूल झोंक रही है। उन्होंने कमलनाथ सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि मिलावट के खिलाफ़ जो काम कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ है उसे जनता भूली नही है। यात्रा में शामिल जिला कांग्रेस प्रभारी रमेश चौधरी ने भी भाजपा सरकार को आड़ेहांथों लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। श्री चौधरी ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भर्ती परीक्षाओं के लिए कुख्यात हो चुका है। व्यापम भर्ती घोटाले से हुई शुरुआत अब तक जारी है। क्या आपको अपने ही राज्य की कोई खबर नहीं मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है जहाँ पटवारी से लेकर मुख्यमंत्री तक की कुर्सी सौदे से हथियाई जा रही है। ये आपके लिए शर्म का विषय है या अभिमान का ? मध्यप्रदेश के 7 विभिन्न संगठनो, ठेकेदारों, डाक्टरों, बीजेपी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पत्र लिखकर बताया की मध्यप्रदेश में 50% कमीशन दिये बिना कोई काम नहीं होता। जन आक्रोश यात्रा में भारी संख्या में आम जनता के साथ सभी कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे

केंद्रीय मंत्री डॉ.वीरेंद्र कुमार ने किया शिल्प समागम मेले का उद्धघाटन।

ग्वालियर। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने शनिवार को ग्वालियर में आयोजित शिल्प समागम मेले का उद्धघाटन किया। उन्होंने कहा कि शिल्पियों के जीवन को और बेहतर बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शिल्प मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन मेलों के माध्यम से देश भर के शिल्पियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय की सुविधा उन्हें दिलाई जा रही है। शिल्प मेले के उद्धघाटन अवसर पर क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल, कमल माखीजानी एवं कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिककगण उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वर्ष 2001 से अपने शीर्ष नियमों के माध्यम से ऋण सहायता प्राप्त अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सफाई कर्मियों के लाभार्थियों के लिये प्रदर्शनी का आयोजन करके विपणन मंच प्रदान कर रहा है। क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि भारत सरकार की ओर से ग्वालियर में शिल्प समागम मेले का आयोजन किया गया है। मेले में देश भर के शिल्पियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करने का कार्य किया जा रहा है। ग्वालियर वासियों को भी इस मेले का अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिल्पियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस प्रकार के मेले कारगर साबित हो रहे हैं। इस मौके पर बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल और कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे। मेले के प्रमुख उत्पादों में असम के बेंत और बांस, हस्तशिल्प और हथकरघा के उत्पाद,बिहार के हथकरघा कार्य, मधुबनी पेंटिंग्स, दिल्ली के कपड़े, गुजरात के ड्रेस मैटेरियल (गुजराती कशीदाकारी) कच्छ शिल्प मनका से बने उत्पाद, हरियाणा के ड्रेस मैटेरियल, सिले-सिलाए कपड़े, हिमाचल प्रदेश के शॉल, स्टोल जैकेट, ऑर्गेनिक हनी, अचार, चाय, जम्मू कश्मीर के आरी वर्क, सोजनी वर्क, कश्मीरी शॉल, कर्नाटक के लकड़ी के खिलौने, अगरबत्ती ,केरल के स्क्रूपिन, जल जलकुंभी उत्पाद, मध्यप्रदेश के पीतल के उत्पाद, माहेश्वरी चंदेरी, बाग प्रिंट, सूट, ड्रेस मैटेरियल, साड़ी और अचार, महाराष्ट्र चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प की वस्तुएं, ड्रेस मैटेरियल, पंजाब के फुलकारी वर्क, पंजाबी जूती, ड्रेस मटेरियल, पुडुचेरी के चमड़े के उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, सिले-सिलाए कपड़े, राजस्थान केराजस्थानी जूती, चादरें, अल्लीक वर्क, अचार, खाखरा, तमिलनाडु के वस्त्र, लकड़ी के खिलौने, त्रिपुरा जूट, बेंत एवं बांस से बने उद, झाड़ू, उत्तराखण्ड के खेस, लोई, दारी, शॉल, ड्रेसमैटेरियल, जैकेट, कुर्ता और शर्ट, उत्तर प्रदेश के लकड़ी पर नक्काशी, कपड़े का काम, सॉफ्ट टॉय, चिकन वर्क, बनारसी साड़ी, पश्चिम बंगाल के कांथा स्टिच और कट वर्क ड्रेस मटेरियल साड़ी आदि। साथ ही मेले में देश भर के स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद लिया जा सकता है और प्रतिदिन शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

विदिशा जिले की गंजबासौदा में पहाड़ों से पत्थर के अवैध खनन को लेकर बोले कमलनाथ

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव, पीसीसी चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विदिशा जिले की गंजबासौदा में पहाड़ों से पत्थर के अवैध खनन को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान पर वार किए है और सलाह दी है कि कार्यकाल के कम से कम आखिरी एक महीने में इन काले कारनामों से तौबा कर लीजिए और प्रायश्चित यात्रा निकालिए। कांग्रेस बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेजी से चल रहा है। आए दिन कांग्रेस घोटालों, भर्तियों, कर्जमाफी और पेंशन समेत अलग अलग मुद्दों को लेकर शिवराज सरकार की घेराबंदी कर रही है।

राज्य में पांच महीने से लगा इंटरनेट पर प्रतिबंध आज हटा दिया जाएगा

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शनिवार (23 सितंबर) घोषणा की कि राज्य में पांच महीने से लगा इंटरनेट पर प्रतिबंध आज हटा दिया जाएगा. यह प्रतिबंध राज्य में तीन मई को हुई हिंसक जातीय झड़प के बाद लगाया गया था.

कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी निज्जर के घर की होगी कुर्की।

नई दिल्ली/ पंजाब। कनाडा में हाल ही में मारे गए भारत के मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पंजाब के जालंधर में स्थित घर पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने संपत्ति कुर्क करने का नोटिस चिपकाया है। निज्जर का घर जालंधर के गांव भारसिंहपुरा (फिल्लौर) में स्थित है। जिस पर ताला लगा हुआ है। यहां शनिवार को NIA की टीम पहुंची। निज्जर के घर पर जो नोटिस चिपकाया किया गया है वह मोहाली की स्पेशल CBI कम NIA कोर्ट से जारी हुआ है। नोटिस में कहा गया है कि NIA ने हरदीप सिंह निज्जर की अचल संपत्ति को जब्त करने के लिए याचिका दी है। इस मामले में रिश्तेदार-नजदीकी 11 अक्टूबर को स्पेशल NIA कोर्ट मोहाली में पेश होकर अपना पक्ष रख सकता है। कई आतंकी गतिविधियों में शामिल हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल में 40 मोस्ट वांटेड आतंकियों की जो लिस्ट जारी की थी, उसमें निज्जर का नाम था। कनाडा के ब्रैपटन शहर में खालिस्तान के हक में रेफरेंडम करवाने में उसकी भूमिका थी। पंजाब में हिंसा और क्राइम से जुड़े कई केसों में निज्जर और उसके संगठन का नाम सामने आया था। इसके बाद ही उसे वांटेड टेररिस्ट की लिस्ट में डाला गया। सितंबर-2020 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निज्जर को आतंकी घोषित कर दिया। इसके बाद निज्जर की जालंधर के भारसिंहपुरा गांव की प्रॉपर्टी भी कुर्क कर ली गई। हाल ही में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरी में एक गुरुद्वारे के बाहर 45 वर्षीय हरदीप सिंह निज्जर की इसी साल 18 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच काफी विवाद चल रहा है। कनाडा आरोप लगा रहा है कि निज्जर कनाडा का नागरिक था और उसकी हत्या भारत ने अपने एजेंट से करवाई है। कनाडा में RAW के अधिकारी पवन राय को देश छोड़ने के आदेश भी दिए हैं। भारत के पंजाब प्रान्त में जन्मा निज्जर यहीं आतंकवाद फैलाना चाहता था। हरदीप सिंह निज्जर पंजाब में जालंधर जिले के भारसिंहपुरा गांव का रहने वाला था। कनाडा में रहते हुए निज्जर प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीब आया। पन्नू और निज्जर की निकटता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निज्जर की हत्या के बाद से ही पन्नू तिलमिलाया हुआ है और कनाडा में भारत के खिलाफ और खालिस्तान के समर्थन में जनमत संग्रह करवाने का दावा कर रहा है

कलेक्टर ने किया विभिन्न शालाओं का भ्रमण

कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने आज राजगढ़ विकासखंड के बगा संकुल अंतर्गत ग्राम पाड़ली खाती एवं करेडी संकुल अंतर्गत ग्राम मोरपीपली शाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्‍होंने बच्चों के शैक्षणिक स्तर, एफएलएन, पुस्तकालय क्रियान्वन, गणवेश वितरण, पोषण आहार वितरण एवं 03 नवंबर को आयोजित होने वाली स्टेट अचीवमेंट सर्वे परीक्षा की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर दीक्षित द्वारा स्कूल में लगभग एक-एक घंटे स्टेट एजुकेशन अचीवमेंट सर्वे की तैयारी हेतु बच्चों को स्वयं के द्वारा करावाया। उन्‍होंने बच्चों को किस तरह से प्रश्न आएंगे तथा वह कैसे उनका बहुत आसानी से उत्तर दे सकते हैं शिक्षकों को अच्छी तैयारी कराने अध्ययन/ अभ्यास कराने, समय -समय पर प्राप्त साप्ताहिक टेस्ट लेने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर डी.पी.सी. राजेन्‍द्र कुमार, ए.पी.सी. ओ.पी. नामदेव, निपुण भारत से सुश्री गीताक्षी दीक्षित भी मौजूद रहें।

महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण के नारी शक्ति वंदन विधेयक पर बुधवार को संसद के निचले सदन लोकसभा की मुहर लग गई

महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण के नारी शक्ति वंदन विधेयक पर बुधवार को संसद के निचले सदन लोकसभा की मुहर लग गई। सभी दलों ने एकजुट होकर विधेयक का समर्थन किया। पर्ची से हुई वोटिंग में 454 सांसदों ने महिला आरक्षण बिल के पक्ष में वोट दिया और केवल दो वोट इसके विरोध में मिले। इसके साथ ही यह लोकसभा में पास हो गया।

पोस्ट ऑफिस विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने बरही के पुराने तालाब के पास बिखरे पड़े आधार कार्ड मिले

शब्द पावर न्यूज कटनी ।नगर परिषद बरही के अंतर्गत पुराने तालाब के पास खुले क्षेत्र में मूल आधार कार्ड बिखरे हो पड़े होने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मुख्य पोस्ट मास्टर मुख्य डाकघर कटनी को इस पूरे घटनाक्रम की जांच 7 दिन में करके जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का प्रस्ताव देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अपर कलेक्टर कटनी ने मुख्य पोस्ट मास्टर कटनी को लिखें पत्र में उल्लेखित किया है कि आधार कार्ड बिखरे पड़े होने की सूचना के बाद तहसीलदार बरही व नायब तहसीलदार बरही के द्वारा संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया गया। मौका स्थल की जांच कर वस्तु स्थिति का संदर्भित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसके अनुसार पुराने तालाब के पास एवं तालाब के अंदर लगभग 500से 600 मूल आधार कार्ड खुले में बिखरे हुए पाए गए ।आधार कार्ड बरही पोस्ट ऑफिस क्षेत्र अंतर्गत के हैं। जिन्हें मौके पर एकत्रित कर जप्त किया गया है। आधार कार्ड की जब्ती उपरांत पोस्ट ऑफिस बरही का निरीक्षण किया गया। वहां पर उपस्थित अधिकारी- कर्मचारियों से प्रकरण के संबंध में पूछताछ की गई एवं कथन अंकित किये गये। लेकिन पोस्ट आफिस कर्मियों द्वारा इस घटना के परिपेक्ष में संतोष जनक जवाब नहीं दिए गए। इस प्रकार इस जांच में पोस्ट ऑफिस प्रबंधन की लापरवाही प्रदर्शित होती है ।यह घटना अत्यंत गंभीर है ।जिससे पोस्टल विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह उठता है ।प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर मुख्य पोस्ट मास्टर कटनी को निर्देशित किया गया है कि वे 7 दिन के भीतर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें और दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करें।

टाइगर रिजर्व में पंजीकृत जिप्सी की समय-सीमा 10 से बढ़कर 15 साल हुई

भोपाल. प्रदेश के टाइगर रिजर्व के जिप्सी संचालकों के लिए खुशखबरी है कि अब वे अपनी जिप्सी 15 साल तक बेरोक-टोक संचालित कर सकते हैं. इस आशय के आदेश वन विभाग ने टाइगर रिजर्व के समस्त क्षेत्र संचालकों के लिए जारी कर दिए हैं. लंबे समय से या मांग लंबित थी. इस खुशखबरी के साथ एक खबर और है कि 1 अक्टूबर से नेशनल पार्क और चिड़ियाघरों के प्रवेश शुल्क में 5% की वृद्धि भी की जा रही है. यानि ₹120 से डेढ़ सौ रुपए तक प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी किए जाने की जा है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रभारी मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक अतुल श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि टाइगर रिजर्व के अंतर्गत संचालित पंजीकृत पर्यटक वाहन (जिप्सी) की समय-सीमा 10 वर्ष से बढ़कर 15 वर्ष कर दी है. बशर्तें जिप्सी की वर्तमान स्थिति अच्छी हो एवं संबंधित वाहनों का बीमा, पंजीकरण और फिटनेस आदि समस्त दस्तावेज जीवित होना चाहिए. वन विभाग के इस निर्णय से करीब 1300 जिप्सी संचालकों को लाभ पहुंचेगा. करोना कल से ही पर्यटक जिप्सी संगठनों द्वारा यह मांग की जा रही थी कि जब परिवहन नियमों के अंतर्गत एक वाहन को 15 वर्ष तक परिवहन को इजाजत देती है, तब वन विभाग जिप्सी के समय-सीमा 10 वर्ष तय किया जाना अनुचित है. जिप्सी संचालकों ने अपना ज्ञापन वन मंत्री डॉ विजय शाह को भी सौंपा था. 3 वर्ष के लंबे चिंतन-मंथन के बाद अब जाकर वन विभाग ने यह निर्णय लिया है. वन विभाग के इस निर्णय पर कान्हा टाइगर रिजर्व के जिप्सी संगठन के अध्यक्ष अरुण साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार और शासन ने हमारी सुन ली. 3 साल से लंबी हमारी मांग आज पूरी हो गई है. पंजीकृत जिप्सी बांधवगढ़ – 253 कान्हा – 247 पेंच – 270 सतपुड़ा – 246 पन्ना – 74 संजय डूबरी -7 प्रवेश शुल्क में 5% की वृद्धि वन्य प्राणी प्रेमी पर्यटकों के लिए टाइगर रिजर्व में सफारी करने के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 5% राशि अधिक देनी पड़ेगी. होटल व्यवसाय के दबाव में वन विभाग ने पिछले 5 सालों से प्रवेश शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की थी. जबकि देश के सभी टाइगर सफारी में प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई थी. राज्य शासन ने उदारता बढ़ाते हुए प्रवेश शुल्क में मामूली वृद्धि की है. नया प्रवेश शुल्क अक्टूबर से लागू होने की संभावना है. बांधवगढ़ होटल एसोसिएशन के ऋषि भट्ट का कहना है कि 5% वृद्धि अधिक नहीं है. प्रवेश शुल्क में प्रचलित दर में मात्र 120 से 150 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी. भट्ट का कहना है कि यह राशि इतनी अधिक नहीं है कि सैलानी ऐसे वाहन न कर सके.

एसडीओ फोरेस्ट के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने ताप्ती नदी बारादरी से लकड़ी का ज़खीरा जप्त किया

बुरहानपुर में ताप्ती नदी के बारादरी इलाक़े से वन विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार दोपहर एक बड़ी कार्येवाही करते हुए एसडीओ फॉरेस्ट अजय सागर के नेतृत्व में लकड़ियों का ज़खीरा पकड़ने में कामयाबी हासिल की है।बुरहानपुर वन विभाग के एसडीओ अजय सागर ने बताया कि मुखबिर द्वारा उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि ताप्ती नदी में लकड़ियों का बड़ा ज़ख़ीरा आया हुआ है। जिसके चलते उन्होंने यह कार्रवाई करते हुए लगभग 2 ट्राली सागवान की लकड़ियां जप्त की है। उन्होंने बताया कि अभी किसी पर नामजद कार्यवाही नहीं की गई है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में लकड़ी माफ़िया नदी के रास्तों से यह कारोबार करते हैं। बारिश ज्यादा होने के कारण सभी नदियां तूफान पर चलने के कारण बड़ी संख्या में लकड़ी माफिया द्वारा नदी किनारे लकड़ियां इकट्ठी कर ऊंची कीमत पर बेचने के फ़िराक में रहते हैं इससे पहले वन विभाग की टीम ने दबिश देकर कार्यवाही कर लकड़ी अपने कब्जे में लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है । इस कार्यवाही में एसडीओ फोरेस्ट अजय सागर, रेंजर लक्ष्य सिंह सोलंकी, एवं टीम के अन्य सदस्य मौजूद थे।

“अंग्रेजों से युद्ध मुसलमानों ने लड़ा था, भाजपा और RSS ने नहीं”

“अंग्रेजों से युद्ध मुसलमानों ने लड़ा था, भाजपा और RSS ने नहीं” AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान

23 लाख की रिस्वत लेने वाले 3 पुलिसकर्मियों पर F.I.R.

ग्वालियर। शहर के सिरोल थाना इलाके की पॉश टाउनशिप एमके सिटी के फ्लैट से क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलवाते पकड़े गए 15 सटोरियों ने पुलिस की पूंछ-तांछ में बहुत बड़ा राज उजागर किया जिसके चलते पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सटोरियों ने एक सब इंस्पेक्टर, दो पुलिस कर्मियों सहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति पर जेल में सड़ाने की धमकी देकर 23 लाख रुपये ऐंठने का खुलासा करते हुए सटोरिये के मोबाइल से पुलिसकर्मी द्वारा रकम को बैंक खाते में ट्रांसफर करने का राज उजागर कर दिया। आरोपी का मोबाइल चेक करने पर एक अकाउंट में 23 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन भी मिला है। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ग्वालियर के निर्देश पर तत्काल गोल का मंदिर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, क्राइम ब्रांच के हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव आहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध थाना सिरोल में मामला दर्ज कर लिया गया है। तीनों पुलिस कर्मियों को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उक्त पुलिस कर्मियों ने किसके खाते में 23 लाख रुपए ट्रांसफर किये है ये पड़ताल जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सिरोल थाना इलाके में क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगवाने वाला गिरोह सक्रिय है। सिरोल स्थित पॉश टाउनशिप एमके सिटी में फ्लैट नंबर ई-105 में सटोरिए फड़ जमाए बैठे हैं। पुलिस ने फ्लैट की घेराबंदी कर दबिश दी तो वहां खलबली मच गई। पुलिस ने फ्लैट के अलग-अलग रूम से 15 सटोरियों को पकड़ा है। इनके पास से के मोबाइल फोन और लेपटॉप सहित दो करोड़ से ज्यादा का लेनदेन और हिसाब किताब मिला। क्राइम ब्रांच व सिरोल थाना पुलिस ने पकड़े गए सटोरियों से पूछताछ की सटोरियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पकड़े जाने के ठीक पहले सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव और एक अन्य व्यक्ति द्वारा फ्लैट में पहुंच कर जेल में सड़ाने की धमकी देकर 23 लाख रुपए खाते से ट्रांसफर करने का मामला उजागर कर दिया। सटोरियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उक्त पुलिसकर्मियों ने किसी को भी रकम ट्रांसफर करने की बात ना बताने की भी धमकी दी थी। इस बात का खुलासा होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने मामले की जानकारी तत्काल पुलिस अधीक्षक ग्वालियर राजेश सिंह चंदेल को दी। मामले की पूरी हकीकत जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनके विरुद्ध मामला दर्ज करने के निर्देश दे दिये। जिसके बाद सिरोल थाना पुलिस ने गोला का मंदिर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, क्राइम ब्रांच के हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव आहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध धारा 384,389,294,506,34 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया। अब पुलिस अधिकारी मामले की विवेचना कर उक्त पुलिस कर्मियों के चौथे अज्ञात साथी के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही पुलिस कर्मियों द्वारा किसके खाते में 23 लाख रुपए ट्रांसफर किये गए हैं यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह है कि जिस प्रकार किसी आम नागरिक के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज होने के साथ ही पुलिस तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज देती है उसी प्रकार उक्त पुलिसकर्मियों को भी तत्काल गिरफ्तार किया जाएगा या फिर उन्हें विभागीय जांच के नाम पर आजाद घूमने दिया जाएगा ताकी वर्दी की धौंस दिखाकर या साम,दाम,दंड,भेद वाली नीति अपनाकर गवाह ओर सबूतों के साथ छेड़-छाड़ कर अपना बचाव कर सकें। शहर और अंचल से जुड़े हैं तार फ्लैट के तीन अलग-अलग रूम में बैठै स्टोरिए अलग-अलग इलाकों के सटोरियों को कवर कर रहे थे। इनके साथ एप के माध्यम से ग्वालियर और आसपास के शहरों के सट्‌टा खेलने वाले जुड़े थे। इनके मोबाइल में कई नाम कोडवर्ड में भी सेव हैं, इनका भी पुलिस पता लगा रही है। दतिया की गैंग यहां से खिला रही थी सट्‌टा पुलिस द्वारा पकड़े गए सटोरियों की पहचान आशीष रजक निवासी दतिया, विशाल कुशवाह निवासी दतिया, उदयभान कुशवाह निवासी दतिया, अमित कुशवाह निवासी दतिया, जितेंद्र परिहार निवासी दतिया, करण अहिरवार निवासी दतिया, बज्जू अहिरवार निवासी दतिया, विकास पाल निवासी दतिया, ऋ षभ विश्वकर्मा निवासी दतिया, आकाश रजक निवासी झांसी बाइपास, अनुराग देव निवासी सुंदर नगर लुधियाना, आशीष सोनी निवासी राधा कृष्ण का मंदिर, राजकुमार रैकवार निवासी दतिया, हृदेश पांडे निवासी दतिया, और अमित सोनी निवासी दतिया के रूप में हुई है। पुलिस का कहना इस मामले में एसएसपी ग्वालियर राजेश सिंह चंदेल का कहना है कि सिरोल थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवा रहे 15 सटोरिए पकड़े हैं। इनके पास से गोला का मंदिर थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, क्राइम ब्रांच के हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव आहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के द्वारा 23 लाख रुपए किसी बैंक खाते में ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। जिसपर तीनो पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए इनपर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

विदिशा, मुगलसराय में अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही

विदिशा, मुगलसराय में अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही विदिशा जिले के थाना मुगलसराय पुलिस द्वारा 01 आरोपी के कब्जे से 350 क्वार्टर लगभग 63 लीटर शराब जिसकी कीमत लगभग 35000/- रूपये जप्त की गई.

इंदौर, भंवरकुआं पुलिस की कार्रवाई 90 लाख की सिगरेट पकड़ी

इंदौर, भंवरकुआं पुलिस की कार्रवाई 90 लाख की सिगरेट पकड़ी इंदौर : भंवरकुआं पुलिस की कार्रवाई, GST चोरी के संदेह में पकड़ा कंटेनर, 90 लाख की K10 नामक #सिगरेट लेकर इंदौर के लोहा मंडी से हैदराबाद जा रहा था। ड्राइवर को किया गिरफ्तार

हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुखु ने दान की अपनी सारी जमा पूंजी

हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुखु ने दान की अपनी सारी जमा पूंजी हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुखु ने दान की अपनी सारी जमा पूंजी, हिमाचल के कम ने अपनी सारी जमा पूंजी राज्य में आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए दान की सीएम के बैंक अकाउंट में बचे सिर्फ 17 हजार रुपये.

भोपाल, डीबी मॉल में संचालित 10 डाउनिंग स्ट्रीट, पिचर बार एवं एजेंट जैक तथा एमपी नगर जोन- 2 स्थित सोसलाइट सेवन बार का लाइसेंस एक दिन के लिए सस्पेंड

भोपाल, डीबी मॉल में संचालित 10 डाउनिंग स्ट्रीट, पिचर बार एवं एजेंट जैक तथा एमपी नगर जोन- 2 स्थित सोसलाइट सेवन बार का लाइसेंस एक दिन के लिए सस्पेंड भोपाल: रात 12 बजे के बाद शराब परोसने और पार्टी कराने का मामला, डीबी मॉल में संचालित 10 डाउनिंग स्ट्रीट, पिचर बार एवं एजेंट जैक तथा एमपी नगर जोन- 2 स्थित सोसलाइट सेवन बार का लाइसेंस एक दिन के लिए सस्पेंड, 19 सितंबर को सस्पेंड रहेंगे इन चारों बार के लाइसेंस, आबकारी विभाग की कार्रवाई

“अभी संसद के विशेष का सत्र का एजेंडा नहीं आया है लेकिन इसमें देश के टुकड़े होने वाले हैं” – नाना पटोले

“अभी संसद के विशेष का सत्र का एजेंडा नहीं आया है लेकिन इसमें देश के टुकड़े होने वाले हैं” – नाना पटोले महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष – नाना पटोले ने कहा

यू एन ह्यूमन राइट चीफ वोल्कर ने, भारत में मुस्लिमों के प्रति हो रही हिंसा, भेदभाव और बयानबाज़ी पर बयान जारी किया

यू एन ह्यूमन राइट चीफ वोल्कर तुर्क ने भारत में मुस्लिमों के प्रति हो रही हिंसा, भेदभाव और भड़काव बयानबाज़ी पर बयान जारी कर कहा है कि : “भारत रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय हिंसा और भेदभाव का शिकार हो रहे हैं। मुसलमान अक्सर ऐसे हमलों का निशाना बनते हैं, हाल ही में उत्तर भारत में हरियाणा और गुरुग्राम में , मणिपुर में अन्य समुदाय भी मई से हिंसा और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं “।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव, पन्ना जिले में जनपद पंचायत शाहनगर के अध्यक्ष आशीष खरें हो सकते 58.पवई विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस से उम्मीदवार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर दावेदारों ने ताल ठोक कर मैदान क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, पन्ना जिले की जनपद पंचायत शाहनगर के अध्यक्ष आशीष खरें की दावेदारी से 58.पवई विधानसभा चुनाव में मुकाबला रोचक होगा l आशीष खरें पवई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे, लगातार 15 वर्षों से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जीतकर क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाया है l वर्ष 2006 में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के अध्यक्ष, वर्ष 2010 में यूथ कांग्रेस पवई के अध्यक्ष बने l वर्ष 2010 में जनपद पंचायत शाहनगर के 20.पुरैना जनपद क्षेत्र से सर्वाधिक मतों से चुनाव जीतकर विजई हासिल की, पुनः दूसरी बार वर्ष 2015 में 25.कचौरी जनपद क्षेत्र से जीत कर जनपद पंचायत शाहनगर से उपाध्यक्ष बने l आशीष खरे ने लगातार तीसरी बार वर्ष 2022 में 19.रोहनिया जनपद क्षेत्र से जीतकर अपना जलवा बरकरार रखा l आशीष खरें जनपद पंचायत शाहनगर के अध्यक्ष है l पवई विधानसभा क्षेत्र से उनकी दावेदारी कांग्रेस से सबसे सशक्त मानी जा रही है l आशीष खरे के जनसमर्थन में हजारों हाथ उठे हैं, हाईकमान के सर्वे में उन्हें क्षेत्र की जनता जनार्दन का साथ मिला है l पवई विधानसभा क्षेत्र की जन समस्याओं को उठाकर जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ निभाया l क्षेत्र में घर घर पहुंच कर जनसंपर्क कर रहे हैं, उनके साथ हजारों लोगों ने हाथ उठाकर कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की है l पवई विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है, आशीष खरे जनता का सहारा बनकर जनसेवा का कार्य कर रहे हैं l किसानों व गरीबों के साथ हाथ मिलाकर आशीष खरे दुख दर्द में सहारा बने हैं l जनपद पंचायत शाहनगर के अध्यक्ष आशीष खरे पवई विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस से प्रवल दावेदार है l

देश राज्यों से बड़ी खबर

देश राज्यों से बड़ी खबर 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लिया 2. जी20: शिखर सम्‍मेलन के संबंध में सभी जानकारी प्रदान करने के लिए ‘जी20 इंडिया’ मोबाइल ऐप 3. श्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम-मालवीय मिशन का शुभारंभ किया 4. ‘Green Hydrogen Pilots in India’ सम्मेलन का आयोजन किया गया 5. G20 शिखर सम्मेलन में डिजिटल इंडिया एक्सपीरियंस ज़ोन को प्रदर्शित किया जाएगा 6. वायु सेना और भारतीय ड्रोन संघ, उत्तर प्रदेश के हिंडन गाजियाबाद में भारत ड्रोन शक्ति- 2023 की सह-मेजबानी 25 सितम्‍बर से करेंगे 7. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा – भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते से वर्ष 2030 तक व्यापार दोगुना होने की संभावना 8. हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेफ सिटी योजना शुरू की जाएगी 9. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश की पहली सोलर सिटी सांची का लोकार्पण किया 10. जी-20 शिखर सम्मेलन में महाराष्ट्र की कोल्हापुरी चप्पल और पैठनी साड़ी शिल्प बाजार में प्रदर्शित की जाएगी 11. एनपीसीआई ने भुगतान मंच यूपीआई पर संवादात्‍मक लेनदेन सहित कई भुगतान विकल्‍पों का शुभारंभ किया 12. यूआईडीएआई की “रीइमेजिन आधार” थीम के साथ ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में वापसी 13. मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान के लिए जी-20 शिखर सम्मेलन स्थल पर अतिरिक्त स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किया 14. सरकार ने बैटरी ऊर्जा भंडारण योजना के विकास के लिए लगभग नौ हजार 400 करोड़ रुपये के प्रारंभिक परिव्यय को मंजूरी दी 15. भारत में सिंचाई क्षेत्र में विद्युत उपयोग बढ़ा: MIC के छठे संस्करण की रिपोर्ट 16. भारतीय वायुसेना के त्रिशूल अभ्यास का पश्चिमी वायु कमान की तत्परता हेतु परीक्षण 17. इज़रायली प्रधानमंत्री द्वारा एशिया और मध्य पूर्व से यूरोप को जोड़ने हेतु फाइबर ऑप्टिक लिंक का प्रस्ताव 18. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के शिक्षक डॉ. यशपाल सिंह को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया गया 19. ई-कॉमर्स निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इंडिया पोस्ट और शिपरॉकेट ने भागीदारी की 20. आरईसी ने एक्जिम बैंक के साथ 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विदेशी मुद्रा सावधि ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए 21. एशियाई टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भारत ने कांस्य पदक हासिल किया

नेताओं द्वारा आम आदमी की जमीन हड़पना दिनदहाड़े डक़ैती: मद्रास हाईकोर्ट

नेताओं द्वारा आम आदमी की जमीन हड़पना दिनदहाड़े डक़ैती: मद्रास हाईकोर्ट मद्रास हाईकोर्ट एक वृद्धा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि डीएमके वार्ड सचिव 13 साल से अधिक समय तक उनकी भूमि पर कब्ज़ा कर रखा था. अदालत ने कहा कि राजनीतिक ताक़त का इस्तेमाल करके एक शक्तिहीन आम आदमी से ज़मीन छीनना दिनदहाड़े हुई डक़ैती के अलावा कुछ नहीं है. सोर्स – द वायर

आज गोण्डा जिले में ग्रुप एम एवं बाल विकास परियोजना के सहयोग से ‘हेलो डाक्टर दीदी कार्यक्रम का शुभारंभ

आज गोण्डा जिले में ग्रुप एम एवं बाल विकास परियोजना के सहयोग से ‘हेलो डाक्टर दीदी कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला अधिकारी नेहा शर्मा जी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया कार्यक्रम का उद्देश्य 0 से 6 वर्ष के बच्चो के माता पिता,गर्भवती एवं धात्री महिलाएं को सही पोषण की जानकारी के लिए सही जागरूकता हो इसके लिए कार्यक्रम के सफलता कोच के द्वारा समुदाय में पोषण की जन जागरूकता को बढ़ाए जाने हेतु बच्चों के माता के साथ IPC सत्रों एवं कोलेट्रल के माध्यम से समूहों में कार्य किया जाएगा एवं आईवीआर सेवा के जरिए लाभार्थियों को फोन के माध्यम से भी जागरूक किया जाएगा,कार्यक्रम में जिले की जिलाधिकारी महोदय,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,जिला कार्यक्रम अधिकारी,पंचायत राज अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला विकास अधिकारी,प्रोजेक्ट डायरेक्टर,समस्त ब्लॉकों के खण्ड विकास अधिकारी,समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी,मुख्य सेविका आदि मौजूद रहे.। कार्यक्रम में कार्यक्रम के स्टेट प्रोग्राम मैनेजर श्री सुनील कुमार जी द्वारा कार्यक्रम पर वृस्तृत जानकारी दी गई कार्यक्रम का शुभारंभ लखनऊ ग्रुप में एम से आई निधि पाण्डेय जी द्वारा किया गया कार्यक्रम में हेलो डाक्टर दीदी कार्यक्रम से शशिकांत पाण्डेय ,उमेश तिवारी एवं अन्य जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुरैना, ब्राह्मण और धाकड़ समाज आमने सामने

मुरैना ज़िले में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब एक विनोद धाकड़ नाम के व्यक्ति ने फेसबुक पर लिखा “ब्राह्मण बेटियों के साथ बला**** करने पर 100 यज्ञ का फल मिलता है।” पोस्ट के खिलाफ ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतर आया और FIR के बाद आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने और NSA की कार्रवाई की मांग शुरु कर दी।

विपक्ष पर नज़र रखने की तैयारी, ई डी और सी बी आई को जल्द मिल सकता है नया बॉस

वर्तमान मे मे ई डी प्रमुख संजय मिश्रा को बार बार सेवा विस्तार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अवैध करार दिया है तथा 15 सितम्बर तक पद पर बने रहने कि अनुमति प्रदान की है, जाहिर है सरकार अपने भरोसेमंद अधिकारियो को अपना उल्लू सीधा करने हेतु अपने साथ रखना चाहती है इसीलिए चाहे संजय मिश्रा हो, अजय भल्ला हो या राजीव गाबा सभी को बार बार सेवा विस्तार करने मे सरकार गुरेज़ नहीं कर रही, विपक्ष का हमेशा यह आरोप रहा है कि सरकार के कृपापात्र अधिकारी विपक्षी नेताओं को निशाना बना कर देश मे विपक्ष के लिए नकारात्मक माहौल बनाने मे अहम भूमिका निभाते रहते है जिसकी बानगी गैर भा ज पा शाषित राज्यों मे देखने को मिलती रहती है, एक तरफ जहाँ अडानी या ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट तथा अन्य भ्रस्टाचारों पर जांच एजेंसियां आंखे मूंदे रहती हैं वही विपक्ष के मुद्दे पर चौबीसों घंटों नज़रें जमाए रहती हैं, सूत्रों की माने तो 18 सितम्बर के शुरू होने वाले विशेष सत्र मे नये सी आई ओ की नियुक्ति हो सकती है, ऐसा नही है की देश मे काबिल अफसरों की कमी है लेकिन हर अफसर सरकार का कृपापात्र तो नहीं हो सकता। बहरहाल अगर ऐसा होता है तो प्रवर्तन निदेशालय जो मनी लौंड्रिग, फेमा जैसे मामलो और सी बी आई जो भ्रस्टाचार एवं अन्य मामलो की जांच करती है उनके प्रमुख नव सृजीत सी आई ओ को रिपोर्ट करेंगे और सी आई ओ सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को, अब संसद के विशेष सत्र का इंतज़ार है जहाँ आने वाले 4 राज्यों के चुनावों का भविष्य भी तय होना है देश मे वन नेशन इलेक्शन की चर्चा जोरों पर है अब देश की निगाहें संसद के विशेष सत्र पर रहेंगी

मणिपुर, वकील के घर और कार्यालय में तोड़फोड़

मणिपुर, वकील के घर और कार्यालय में तोड़फोड़ मणिपुर में भीड़ द्वारा कुकी-ज़ो समुदाय से आने वाले हैदराबाद विश्‍वविद्यालय के एक प्रोफेसर का केस लड़ने वाले एक वकील के घर और कार्यालय में तोड़फोड़ की निंदा की है। एसोसिएशन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

एक देश एक चुनाव पर चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का बयान

एक देश एक चुनाव पर चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का बयान एक देश एक चुनाव पर चुनाव आयुक्त राजीव कुमार “हम चुनाव कराने के लिए तैयार है, हमारा काम समय से पहले चुनाव कराना है”

खजुराहो से लेकर राजनगर के अधिकारियों से बात करने के बाद भी साम 7 बजे तक लाइट नही सुधरी – ग्रामीण कलीम

खजुराहो से लेकर राजनगर के अधिकारियों से बात करने के बाद भी साम 7 बजे तक लाइट नही सुधरी – ग्रामीण कलीम विधुत विभाग वितरण केंद्र खजुराहो (ग्रामीण) राजनगर, कलीम खान का कहना है कि 3 बजे से लाइट गुल है खजुराहो से लेकर राजनगर के अधिकारियों से बात करने के बाद भी साम 7 बजे तक लाइट नही सुधरी आलम यह है कि आये दिन लाइट खराब रहती है राजनगर जे ,ई नही उठाते किसी का फोन कंट्रोल रूम का फोन हमेसा जाता है बन्द।

विदिशा, ग्यारसपुर, 2 से 4 दिन के अंदर पानी नहीं गिरा तो हमारी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी – किसान संघ ग्यारसपुर,

ग्यारसपुर तहसील क्षेत्र के ग्रामों में 20 दिन से बारिश न होने की वजह से किसने की सोयाबीन धन उड़द कि फसले पानी न मिलने के कारण सूखने लगी है । किसान संघ के द्वारा एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर किसने की फसलों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है । फुर्तला के किसान बुंदेल सिंह मैना ने बताया है कि 30 बीघा में हमारी धान की फसल लगाई थी परंतु बारिश न होने की वजह से सूखने लगी है और खेत में मोटी-मोटी दरार चलने लगी है । यदि 2 से 4 दिन के अंदर पानी नहीं गिरा तो हमारी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी । किसान संघ के द्वारा आवेदन देते हुए मांग की है कि किसानों को ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे बिजली मिलना चाहिए । जिन किसानों के पास पर्याप्त पानी है बिजली न मिलने के कारण वह अपनी फसल में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं । वहीं किसानों ने ग्यारसपुर में बड़ा जलाशय निर्माण की मांग की है जिससे की नहर के माध्यम से क्षेत्र में सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में बारह महीने पानी मिल सके । ज्ञापन देने वालों में किसान संघ के तहसील अध्यक्ष अरविंद जैन, सचिन कुंदन कुशवाह, हुकम कुशवाह, महेंद्र यादव, करोडी कुशवाह, तुलाराम लोधी, राजेश प्रजापति सहित दर्जनों की संख्या में किसान मौजूद रहे ।

भोपाल, ईटखेड़ी, एसडीओपी ईटखेड़ी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईटखेड़ी द्वारा जुए के फड पर कार्रवाई

भोपाल, ईटखेड़ी, एसडीओपी ईटखेड़ी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईटखेड़ी द्वारा जुए के फड पर कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भोपाल देहात प्रमोद कुमार सिंह द्वारा जुए की कार्रवाई हेतु निर्देश दिए गए थे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज चौरसिया एवं एसडीओपी ईटखेड़ी सुश्री मंजू चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईटखेड़ी दुर्जन सिंह बरकड़े द्वारा जुए के फड पर कार्रवाई की गई

देश राज्यों से बड़ी खबरें

1 साइबर अपराध को लेकर पीएम मोदी ने जताई चिंता, कहा- डार्क नेट-मेटावर्स का फायदा उठा रहे आतंकवादी संगठन 2 गहलोत सरकार के जाने का फैसला हो चुका है’, राजस्थान में बोले शाह; दूसरी परिवर्तन यात्रा की शुरुआत 3 ‘हिन्दू धर्म का नाश है INDIA का एजेंडा’, सनातन पर उदयनिधि स्टालिन के बिगड़े बोल से सियासी उबाल; बीजेपी ने जमकर घेरा 4 असम के सीएम ने कहा, “ये राहुल गांधी के लिए एक परीक्षा है. उन्हें इस बारे में निर्णय लेना होगा कि वह सनातन धर्म का सम्मान करते हैं या नहीं है. अगर उन्होंने डीएमके से नाता नहीं तोड़ा तो लोग पुष्टि कर देंगे कि वे हिंदू विरोधी हैं 5 ‘एक देश-एक चुनाव’ की कमेटी के लिए अधीर रंजन चौधरी ने पहले भरी थी हामी, बाद में क्यों किया इनकार 6 पीएम मोदी के शासन में भारत को मिली राॅकेट की गति’, ब्रिटिश मीडिया ने की सरकार की सराहना 7 मध्यप्रदेश:सनातन विरोधी ‘INDIA’ को हराओ, BJP चीफ नड्डा की अपील, जन आशीर्वाद यात्रा का किया श्रीगणेश 8 I.N.D.I.A में आसान नहीं सीटों का बंटवारा, दो महीने में तीन बैठकों के बाद भी नहीं निकला हल 9 नौसेना का तीन दिवसीय सम्मेलन आज से, शीर्ष कमांडर करेंगे समीक्षा 10 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि वन नेशन, वन इलेक्शन पर समिति बनाना एक चाल है. यह भारत के संघीय ढांचे को खत्म करने का एक हथकंडा है 11 युपी: मंत्री ने गांव वालों से पूछा उज्जवला का सिलिंडर मिला, जनता चिल्लाई नहीं; मौके पर मौजूद अफसर रह गए सन्न 12 प्रफुल्ल पटेल बोले- उद्धव चाहते तो बच जाती MVA सरकार, हमने ढाई साल के लिए CM पद मांगा था, लेकिन जवाब नहीं मिला 13 एक देश एक चुनाव में केंद्र की नीयत पर शक’, गहलोत बोले- पेट्रोल और डीजल में भारत सरकार लूट रही है, बदनाम हम होते हैं 14 पाकिस्तान में महंगाई से आवाम त्रस्त; अब चीनी की कीमतों ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, सर्वकालिक उच्च स्तर पर,चीनी की कीमतें रिकॉर्ड 220 के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। 15 भारत के दूसरे मैच पर भी बारिश का खतरा, मौसम विभाग ने 89% आशंका जताई; एशिया कप में आज नेपाल से पहली बार भिड़ेगा इंडिया

शिव की शरण शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 सितंबर को कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले महीने की बरसात नहीं होने के कारण सूखे की तरह की स्थिति और बिजली की कमी हो गई है, और उन्होंने लोगों से राज्य में अच्छी बरसात के लिए प्रार्थना करने की अपील की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महाकालेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना के बाद उज्जैन में पत्रकारों से मिलकर कहा कि राज्य सरकार अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के प्रयास कर रही है, लेकिन ऐसी स्थिति पूरे देश में प्रकट हो रही है।

जया वर्मा सिन्हा ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला।

जया वर्मा सिन्हा ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला। उन्हें इंडियन रेलवे के 166 वर्षों के इतिहास में इस पद पर पहली महिला बनाया गया है, साथ ही यह रेलवे बोर्ड के 166 वर्षों के इतिहास में भी पहली महिला है।

देश राज्यों से बड़ी खबरें

एक देश एक चुनाव पर कमेटी बनी, BJP को हराने के लिए I.N.D.I.A के 3 संकल्प; 4 साल बाद भारत-PAK वनडे आज 1 आदित्य- एल 1′ मिशन की उल्टी गिनती शुरू, कुछ ही घंटों में लॉन्च होगा देश का पहला सूर्य मिशन 2 राहुल गांधी बोले, ‘अब बीजेपी का जीतना नामुमकिन है’, दिल्ली में होगी I.N.D.I.A. की अगली बैठक 3 राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांग्रेस मुक्त भारत का सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेज भी अपने सुनहरे दिनों में भी पार्टी को खत्म करने में नाकाम रहे थे। 4 इंडिया के घटक दलों ने साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया. इसमें कहा कि राज्यों में सीट-बंटवारे की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी. आने वाले दिनों में घटक दल अलग-अलग स्थानों पर जनसभाएं भी करेंगे. इंडिया के दल विभिन्न भाषाओं में ‘जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया​’ के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे. 5 शरद पवार ने कहा कि हमारे गठबंधन की बैठक के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने ‘घमंड़िया’ शब्द का इस्तेमाल किया. इससे साबित होता है कि ‘घमंडिया’ कौन है? मैं वादा करता हूं कि हम नहीं रुकेंगे और हम गलत रास्ते पर नहीं जाएंगे. हम देश में एक स्वच्छ प्रशासन देने के लिए सब कुछ करेंगे 6 लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी ‘इंडिया’ ने भरी हुंकार, बनी कमेटियां, बीजेपी बोली- अंडा गठबंधन बन जाएगा | 7 4500 की प्लेट, 12 हजार रुपये का कमरा; मुंबई में विपक्ष के INDIA गठबंधन की मीटिंग का खर्च कितना? 8 5 स्टार होटल, 80 कमरे और 14 घंटे की बैठक… मुंबई में INDIA गठबंधन की मीटिंग खर्च को लेकर विवादों में घिर गई है. शिंदे सरकार में मंत्री उदय सामंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूछा है कि आखिर इस बैठक के लिए करोड़ों रुपए की फंडिंग किसने की है? 9 केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के घर चल रहा था जुआ, हारने पर हुए विवाद में बेटे के दोस्त की गोली मारकर हत्या 10 विस्तारा एयरलाइन का वजूद होगा खत्म, Air India से विलय को CCI ने दी मंजूरी 11 JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना की लोकसभा सदस्यता रद्द, 2019 चुनाव में इलेक्शन कमीशन को झूठा हलफनामा दिया था, सदन में पार्टी के एकमात्र सदस्य थे 12 आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को मिला दुनिया के शीर्ष बैंकर का सम्मान, पीएम मोदी ने दी बधाई 13 ED ने जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल को किया गिरफ्तार, बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का है मामला 14 मणिपुर हिंसा…बीते 3 दिन में 8 और मौतें, SC बोला- राज्य और केंद्र नाकेबंदी से खुद निपटें, चाहें तो राशन की एयर ड्रॉपिंग करवाएं 15 केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मेरी माटी-मेरा देश’ अभियान के अंतर्गत अमृत कलश यात्रा का शुभारंभ किया, कहा 28 से 30 अक्टूबर तक ऐसे 7,500 कलश देश की राजधानी पहुंचेंगे. 16 देर रात भूकंप के झटकों से हिला गुजरात का कच्छ, रिक्टर स्केल पर 4.5 तीव्रता 17 राजस्थान गहोलत के मंत्री रमेश मीना का विरोध, खाचरियावास के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चले लात-घूसे 18 गहलोत बोले- अब पद मेरे लिए बड़ी बात नहीं, कहा- अनुभव का कोई तोड़ नहीं, अंतिम सांस तक राजस्थान की सेवा करता रहूंगा 19 महाराष्ट्र के जालना में मराठा आरक्षण को लेकर प्रदर्शन, पुलिस ने लाठीचार्ज किया, 20 प्रदर्शनकारी घायल; पथराव में 18 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं 20 एशिया कप में आज भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। श्रीलंका के पल्लेकल में होने वाले इस मैच को लेकर फैंस बेहद उत्साहित हैं 21 भारतीय मूल के थर्मन शनमुगरत्नम ने जीता सिंगापुर के राष्ट्रपति पद का चुनाव, मिले 70 फीसदी वोट

दूसरों की भूमि को अपना बताने पर घिर गया चीन:

नई दिल्ली। चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत पड़ोसियों की भूमि पर कब्जे करना, उनकी संप्रभुता को चोट पहुंचाने की लगातार कोशिश करता रहता है। भारत के अरुणाचल प्रदेश समेत पड़ोस के कई क्षेत्रों को चीन अपना बताता है। इसका भारत कड़ा विरोध करता रहा है। हाल ही में चीन ने आधिकारिक रूप से “मानक मानचित्र” का 2023 संस्करण जारी कर उसमें भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन के हिस्से को अपना क्षेत्र बताया था। चीन अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत होने का दावा करता है। नए नक्शे में ताइवान और विवादित दक्षिण चीन सागर को भी चीनी क्षेत्र में शामिल किया गया है। मानचित्र में नाइन-डैश लाइन पर भी चीन ने अपना दावा किया है। दक्षिण चीन सागर क्षेत्रों पर वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया और ब्रुनेई भी अपना दावा करते हैं। वियतनाम, फिलीपिंस और मलेशिया ने कठोर शब्दों में की निंदा इधर, चीन के दबंग रवैये के खिलाफ वियतनाम भी खुलकर सामने आया है। वियतनाम सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि चीन उनके समुद्री क्षेत्र को अपना बताने का प्रयास कर रहा है। यह उनकी संप्रभुता के खिलाफ है। फिलीपींस और मलेशिया ने भी चीन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। जयशंकर ने कहा, चीन ने पहले भी ऐसे नक्शे जारी किए हैं जो उन क्षेत्रों पर दावा करते हैं जो चीन के नहीं हैं, जो अन्य देशों के हैं। ये उनकी पुरानी आदत है। यह कोई नई बात नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हमने आज चीन के तथाकथित 2023 ‘मानक मानचित्र’ पर चीनी पक्ष के साथ राजनयिक चैनलों के माध्यम से कड़ा विरोध दर्ज कराया है जो भारत के क्षेत्र पर दावा करता है। उन्होंने कहा, हम इन दावों को खारिज करते हैं क्योंकि इनका कोई आधार नहीं है।

देश राज्यों से बड़ी खबरें

1 मास्टर स्ट्रोक की तैयारी में मोदी सरकार! अचानक क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र,जल्द लोकसभा चुनाव की तैयारी? 18 से 22 सितंबर के बीच बुलाया गया संसद का विशेष सत्र 2 संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, अधीर रंजन चौधरी बोले- ऐसी क्या इमरजेंसी है? 3 मुंबई में I.N.D.I.A. की तीसरी बैठक, 28 दल आएंगे, कन्वीनर और सीट शेयरिंग पर चर्चा हो सकती है; राहुल गांधी 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे 4 इंडिया गठबंधन की बैठक के लिए विपक्षी दिग्गजों का मुंबई में जमावड़ा, राहुल और सोनिया गांधी भी पहुंचे 5 जी20 समिट में हिस्सा नहीं लेंगे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रिपोर्ट का दावा, दिल्ली में अगले महीने होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन की बैठक होने वाली है. ये बैठक 8 सितंबर से 10 सितंबर तक चलेगी 6 कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अडानी मुद्दे पर केंद्र को घेरेंगे. इससे पहले जयराम रमेश ने प्रेस काफ्रेंस की. 7 Adani Group: ‘शेल कंपनियों में 20 हजार करोड़ किसके?’, जयराम रमेश ने खड़े किए पीएम मोदी पर सवाल 8 केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि काफी जल्दी गैस के दामों की तरह लोगों को पेट्रोल-डीजल के दामों पर भी राहत मिल सकती है. दरअसल कैबिनेट मंत्री पुरी ने ऐसे संकेत दिए हैं कि तेल कंपनियों की स्थिति अच्छी है, जल्द इसको लेकर बड़ा फैसला हो सकता है 9 केंद्र बोला-J&K को राज्य बनाने की तारीख नहीं बता सकते, सुप्रीम कोर्ट में कहा- विधानसभा चुनाव कभी भी कराने को तैयार; पहले पंचायत इलेक्शन होंगे 10 नक्शे पर विवाद के बीच जी-20 से भी शी जिनपिंग का किनारा, व्लादिमीर पुतिन पहले ही नहीं आ रहे 11 हिम्मत है तो कराओ 70000 करोड़ के स्कैम की जांच, भतीजे अजीत पवार के खिलाफ शाह और मोदी को शरद पवार ने ललकारा 12 राजस्थान बीजेपी की परिवर्तन यात्राओं में होगी 72 सभाएं-हर दिन एक बड़ी जनसभा, प्रदेश के नेताओं के साथ केन्द्रीय मंत्री व अन्य राज्यों के सीएम भी आएंगे, 2 सितम्बर से शुभारंभ 13 बीजेपी की परिवर्तन यात्रा से पहले वसुंधरा की धार्मिक यात्रा, ठीक एक दिन पहले चारभुजा, नाथद्वारा और त्रिपुरा सुंदरी में देव दर्शन करेंगी 14 जयपुर में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकें खत्म, गोगोई बोले- ठोक बजाकर उम्मीदवार का चयन करेंगे, जादू की छड़ी नहीं जनता के विश्वास से सरकार आएगी 15 चंद्रयान-3-चांद ने एक और वीडियो शेयर किया है. जिसमें रोवर सुरक्षित मार्ग की तलाश में घुमते हुए दिख रहा है. रोटेशन को लैंडर इमेजर कैमरे द्वारा कैप्चर किया गया है. इसरो का कहना है कि रोवर के रोटेशन को देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो कोई बच्चा चंदा मामा के आंगन में अठखेलिया कर रहा हो और मां स्नेहपूर्वक देख रही हो. 16 X में जबरदस्त बदलाव की घोषणा, एलन मस्क बोले- अब ऑडियो और वीडियो कॉल की सुविधा देंगे 17 तेलंगाना:रक्षाबंधन पर भाई की हार्ट अटैक से मौत, रोती-बिलखती बहन ने आखिरी बार बांधी राखी, 18 गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार सेंसेक्स निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद, गौतम अडानी ग्रुप के सभी शेयर 3℅ तक लुढ़के, नए आरोपों से निवेशकों में हड़कंप

अमर शहीद मेहता एवं लोकनायक जे पी की आत्मा कराह रही है.

ऑल इंडिया पंचायत परिषद [अखिल भारतीय पंचायत परिषद ] की वर्तमान दशा पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनक एवं परिषद के संस्थापक अध्यक्ष अमर शहीद बलवंत राय मेहता एवं लोकनायक जय प्रकाश नारायण की आत्मा स्वर्ग में कराह रही है जिसके लिए श्री सुबोध कांत सहाय ( भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री) जी आप और आपके धन एवं पद लोलुप सहयोगी ज़िम्मेदार हैं।आपने,अपने निजी लाभ के लिए 2013 में संस्था के प्रबंध तंत्र को विवादास्पद बना दिया और 2017 में रजिस्ट्रार आफ सोसाइटीज ने आदेश जारी करके प्रबंध कारिणी समिति को विवादास्पद घोषित कर दिया है तथा न्यायालय सिविल जज दिल्ली ने आपको मान्यता नहीं दी , आपकी सदस्यता को वैध नहीं माना, फिर भी आप , अपने को अध्यक्ष घोषित किए हुए हो जिसका दूर गामी परिणाम क्या होगा उसकी जानकारी हमको और आपको है जिसे संस्था और आपके हित में सार्वजनिक करना उचित नही होगा ।आपकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी बनती है कि समय रहते प्रबंध तंत्र के विवाद को दूर करने का उपक्रम कीजिए पद , धन लोभ त्यागिए परिषद से अपना निष्कासन स्वीकार कीजिए ताकि रजिस्ट्रार आफ सोसाइटीज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 19 के अंतर्गत सर्व मान्य गवर्निग बाडी की सूची जारी हो सके और सदा के लिए ऑल इंडिया पंचायत परिषद का विवाद समाप्त हो जाय । पंचायती राज आंदोलन को आगे बढ़ाने , पंचायती राज की तीसरी सरकार क़ायम करने एवं परिषद की अस्मिता की रक्षा तथा उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आप जैसे स्वार्थी व्यक्ति की संस्था को कोई आवश्यकता नहीं है। मेरा ,आपसे आग्रह है कि शुद्ध अंतःकरण एवं पवित्र मन , दृढ़ इक्षा शक्ति के साथ परिषद की परिस्थितियों पर खुले दिमाग़ से विचार करके विगत वर्षों की घटित घटनाओं एवं अपने अहंकार को त्याग कर अपनी पार्टी और अपने लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र राँची की राजनीति में सम्मिलित होइए। लोगों से मुझ पर अनर्गल दबाव डलवाना एवं अपनी ब्लैक मेलिंग की कोशिश अब बंद कीजिए , बहुत हो चुका अब आपको कोई भी पद देने की स्थिति में संस्था तैयार नहीं है। भविष्य में आपका मान बना रहे इसके लिए आपको ही अपना आचरण , क्रिया कलाप सुधारना होगा।हमारा आपको मशविरा है कि ..दुश्मनी जम कर कीजिए पर इतनी गुंजाइश रहे कि कभी हम मिल जाएँ तो शर्मिंदगी न हो जयपंचायती राज । शीतला शंकर विजय मिश्र मुख्य महामंत्री ऑल इंडिया पंचायत परिषद न्यासी सचिव बलवंत राय मेहता पंचायत पंचायती राज फ़ाउंडेशन । बलवंत राय मेहता पंचायत भवन , मयूर विहार फ़ेज़ -1 दिल्ली -91

वन-राजस्व सीमा विवाद में डीएफओ को अभयदान और एसडीओ हुए निलंबित

भोपाल. वन विभाग ने सीधी वन मंडल के अंतर्गत वन-राजस्व सीमा विवाद में चुरहट न्यायालय में कमजोर पैरवी करने के मामले में एसडीओ विद्याभूषण मिश्रा को निलंबित कर दिया. जबकि इस विवाद में राज्य शासन ने सीधी डीएफओ क्षितिज कुमार को ओआईसी बनाया था. चूंकि प्रकरण के शुरुआत में डीएफओ की कमजोर पैरवी के चलते चुरहट की निचली अदालत के फैसले को जिला न्यायाधीश ने खारिज कर दिया और निचली अदालत को पुन: सुनवाई करने के निर्देश दिए. इसके बाद जब जिला न्यायाधीश के निर्देश पर अपील हाईकोर्ट जबलपुर में करने की बारी आई तब डीएफओ कुमार ने स्वयं को कार्रवाई से बचाने के लिए एसडीओ विद्याभूषण मिश्रा को ओआईसी बना दिया. एसडीओ विद्या भूषण ने एक पंचनामा डीएफओ को प्रस्तुत किया, जिससे यह साबित हो रहा था कि डीएफओ की कार्रवाई दुर्भावनावश की गई है.और बस यही पंचनामा उनके निलंबन का कारण बना. यह प्रकरण बड़ा ही दिलचस्प है. डीएफओ ने अपनी गलत कार्रवाई को सही साबित करने के लिए यह पूरा प्रकरण अपने अंदाज से प्रस्तुत किया है. चुरहट रेंज के झूमर वन खंड के कक्ष क्रमांक- पी-992 के अंतर्गत फॉरेस्ट के मुनारों से बाहर बने कृष्णमणि तिवारी के मकान को फॉरेस्ट एरिया में बना बताकर डीएफओ ने पीओआर दर्ज किया. जबकि इसी भूमि पर बने मकान के संदर्भ में 1985-86 में निचली अदालत में तिवारी के पक्ष में फैसला दिया था. डीएफओ क्षितिज कुमार ने न्यायालय के पूर्व फैसले की अनदेखी करते हुए 2022 में दोबारा पीओआर काटकर अपराध पंजीबद किया. इसे लेकर चुरहट न्यायालय में सिविल सूट दायर किया गया. निचली अदालत वन विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया. निचली अदालत के फैसले को लेकर कृष्ण मणि तिवारी ने जिला न्यायालय के समक्ष रिवीजन पिटिशन दायर किया. जिला न्यायालय ने सुनवाई करते हुए निचली अदालत को पुन: सुनवाई के निर्देश दिए. जीपीएस रीडिंग और पंचनामे के तहत वन भूमि के बाहर है मकान जिला न्यायालय के निर्देश के बाद सीसीएफ रीवा ने एसडीओ विद्याभूषण मिश्रा को मौका-मुआयना करने का फरमान जारी किया. 5 रेंजर और सरपंचों के साथ एसडीओ मिश्रा ने जीपीएस से रीडिंग कर पंचनामा तैयार किया जिसमें यह पाया कि कृष्णमणि तिवारी का मकान वन भूमि की मुनारो से 30-40 फीट दूरी पर बना है. ऐसी स्थिति में डीएफओ सीधी लगातार एसडीओ पर दबाव बना रहे थे कि हाई कोर्ट जबलपुर में अपील करें. यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि जबलपुर हाईकोर्ट में डीएफओ को शपथ दावा देना होता है. इस प्रक्रिया से बचने के लिए शासन के निर्देश की अवहेलना करते हुए एसडीओ मिश्रा को प्रकरण का ओआईसी बना दिया. डीएफओ के निर्देश पर मिश्रा हाईकोर्ट गए भी और शासन के महाधिवक्ता के समक्ष अपनी बात रखी. महाधिवक्ता ने लिखित तौर पर उन्हें बताया कि निचली अदालत में मामला लंबित है, इसलिए हाईकोर्ट में अपील नहीं की जा सकती. इसके बाद एसडीओ के खिलाफ डीएफओ ने शासन को गुमराह करते हुए रिपोर्ट भेजी और इस आधार पर उनका निलंबन कर दिया गया. इनका कहना फॉरेस्ट वन भूमि पर बने मकान को राजस्व भूमि पर बना बताने का पंचनामा गलत प्रस्तुत किया जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया. राजेश राय, मुख्य वन संरक्षक रीवा भोपाल से सीनियर अधिकारी को भेज कर जांच कर लिया जाए कि मेरा मकान फॉरेस्ट भूमि पर है अथवा उसके बाहर बना है? अपने आप स्थिति क्लियर हो जाएगी. डीएफओ ने जानबूझकर मेरे खिलाफ राग द्वेष की भावना से प्रकरण दर्ज किया है. कृष्ण मणि तिवारी, झूमर गांव चुरहट

वन नेशन, वन इलेक्शन कमेटी का गठन, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद होंगे कमेटी के अध्यक्ष

केंद्र सरकार ने वन नेशन, वन इलेक्शन पर कमेटी का गठन किया है. केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कमेठी बनाई है. कमेटी के सदस्यों को लेकर आज ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा. जल्द ही इस कमेटी के अन्य सदस्यों के नाम की जानकारी भी दी जा सकती है.

भूमि अधिग्रहण बिल का अकेले सबसे बड़ा श्रेय राहुल गांधी को जाता है जिसके पास 2 रु भी आ रहा है उसको घर में राहुल गांधी की फोटो लगानी चाहिए – राकेश टिकैत

राकेश टिकैत, भूमि अधिग्रहण बिल का अकेले सबसे बड़ा श्रेय राहुल गांधी को जाता है जिसके पास 2 रु भी आ रहा है उसको घर में राहुल गांधी की फोटो लगानी चाहिए

‘अगर हम आपकी जेब से 5000 रुपए निकालकर 200 रुपए वापस कर दें। तो बताइए, आपको फायदा हुआ या नुकसान?’ : तेजस्वी यादव

‘अगर हम आपकी जेब से 5000 रुपए निकालकर 200 रुपए वापस कर दें। तो बताइए, आपको फायदा हुआ या नुकसान?’ : तेजस्वी यादव

जैसे-जैसे इंडिया गठबंधन आगे बढ़ेगा, सरकार सबको सिलेंडर फ्री में दे देगी :शिवसेना यूबीटी नेता

जैसे-जैसे इंडिया गठबंधन आगे बढ़ेगा, सरकार सबको सिलेंडर फ्री में दे देगी :शिवसेना नेता

देश राज्यों से बड़ी खबरें

1 ‘एक देश-एक चुनाव’ पर मोदी सरकार की बड़ी तैयारी, संसद के विशेष सत्र में ला सकती है बिल 2 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र, क्या पीएम मोदी देने वाले हैं कोई बड़ी खुशखबरी? 3 संसद के विशेष सत्र में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल लाने की अटकलों पर मल्लिकार्जुन खरगे बोले- आने दीजिए, लड़ाई जारी रहेगी 4 जल्द चुनाव के आसार कम, पर विपक्ष का खेल बिगाड़ सकता है विशेष सत्र; 5 मुंबई में ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक का दूसरा दिन, आज संयोजक और लोगो पर होगा फैसला 6 संसद का पांच दिनों का विशेष सत्र बुलाए जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि यह घबराहट में किया गया है. 7 राहुल का आरोप- 1 अरब डॉलर बाहर जा रहा, यह किसका पैसा है, जिस पर आरोप वह पीएम का करीबी 8 संसद का पांच दिनों का विशेष सत्र बुलाए जाने पर राहुल गांधी बोले,अडानी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ये घबराहट में किया गया है. इस तरह के पैनिक में मेरी सदस्यता रद्द कर दी गई थी. ये मामले पीएम मोदी के बहुत ही नजदीक हैं . जब भी अडानी के मामले पर बात करते हैं, पीएम मोदी घबरा जाते हैं और नर्वस होने लगते हैं 9 I.N.D.I.A के नेता बोले- देश-संविधान बचाने साथ आए, गरीबी-बेरोजगारी पर मोदी फेल, हमने अगर उम्मीदें पूरी नहीं कीं तो जनता माफ नहीं करेगी 10 अडानी ग्रुप के खिलाफ लगे आरोपों की जेपीसी से जांच कराई जाए, मामला देश की प्रतिष्ठा का है: राहुल गाँधी 11 ADITYA-L1 लॉन्चिंग की उल्टी गिनती आज से शुरू, सुर्य मिशन को लेकर ISRO चीफ ने बताया पूरा प्लान 12 भाजपा का मतदाताओं से जुड़ने का अभियान, अमित शाह आज देशभर में कॉल सेंटर का करेंगे उद्घाटन . 13 मोदी सरकार LPG सिलेंडर के बाद देने जा रही एक और तोहफा, जल्द मिल सकती है पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत. 14 गहलोत के ज्यूडिशियरी पर दिए बयान से वकीलों में गुस्सा,मुख्यमंत्री के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर की याचिका, सीजे को लिखा लेटर; पुतला भी जलाया 15 राजस्थान के लोग 44% विधायकों को उम्मीदवार नहीं चाहते, दैनिक भास्कर ऐप के सर्वे का रिजल्ट; कांग्रेस के 40% और भाजपा के 50% विधायक नापसंद 16 हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज बोले: जब से नरेंद्र मोदी पीएम बने तब से नहीं बढ़े गैस सिलिंडर के दाम,पागलों को सभी पागल ही दिखते हैं,मंत्री ने गैस सिलिंडर के बारे में कहा कि सरकार ने 200 रुपये दाम कम कर दिए हैं 17 इंडिया अलायंस की बैठक पर देवेंद्र फडणवीस का वार, बोले-‘इनके पास नहीं PM मोदी का तोड़’ 18 GDP : भारत ने 7.8 फीसदी की तगड़ी विकास दर हासिल की, अर्थव्‍यवस्‍था के मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी. 19 122 साल का रिकॉर्ड टूटा! अगस्त रहा सबसे गर्म महीना, सितंबर में गुड न्यूज दे सकता है मौसम 20 एशिया कप…श्रीलंका ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया, इस साल लगातार 11वां वनडे जीता; समरविक्रमा-असालंका के अर्धशतक, पथिराना ने झटके 4 विकेट

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एलपीजी सिलेंडर को लेकर एक के बाद एक दो बड़े फैसले

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एलपीजी सिलेंडर को लेकर एक के बाद एक दो बड़े फैसले किए गए हैं. इनमें पहला है कि रक्षाबंधन से पहले लोगों को राहत देते हुए सरकार ने उज्जवला स्कीम वाले सिलेंडर पर 200 रुपये सब्सिडी की घोषणा की है, वहीं दूसरा ये कि केंद्र ने इस योजना के तहत देश में 75 लाख नए एलपीजी कनेक्शन देने का निर्णय किया है.

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एलपीजी सिलेंडर को लेकर एक के बाद एक दो बड़े फैसले

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एलपीजी सिलेंडर को लेकर एक के बाद एक दो बड़े फैसले किए गए हैं. इनमें पहला है कि रक्षाबंधन से पहले लोगों को राहत देते हुए सरकार ने उज्जवला स्कीम वाले सिलेंडर पर 200 रुपये सब्सिडी की घोषणा की है, वहीं दूसरा ये कि केंद्र ने इस योजना के तहत देश में 75 लाख नए एलपीजी कनेक्शन देने का निर्णय किया है.

भोपाल के भाजपा कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते शिक्षक,

भोपाल के भाजपा कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते शिक्षक, 882 उम्मीदवारों के चयनित शिक्षकों के ओबीसी ग्रेड-3 के पदों के भर्ती पत्र की मांग करते हैं।

वर्चुअल वर्ल्ड : ए हार्ष रियलिटी ।

विश्व की आबादी बढ़ते बढ़ते 8 बिलियन से भी ज्यादा हो गई है । भौतिकता और आधुनिकता के इस दौर में जहां एक ओर मानवीय आबादी 800 करोड़ पहुंच रही है । मनुष्य जल , थल, नभ के बाद अंतरिक्ष में अपना एकाधिकार बताने में अनवरत लगा हुआ है । सूचना क्रांति और प्रौद्योगिकी इस युग में अपने उत्कर्ष पर है , करोड़ों लोग संपर्क क्रांति से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं , पर मानवीय संवेदनाएं कहीं विस्मृत होती जा रही हैं । सोचने की बात है कि , इतनी जनसंख्या होने के बाद भी आज लोग सबसे अधिक अकेलापन महसूस कर रहे हैं । मनोरोग बढ़ते जा रहे हैं । सोशल मीडिया और इंटरनेट ने एक दूसरे से बातचीत और संपर्क करने का जरिया आसान कर दिया है ,परंतु फिर भी अकेलापन बढ़ क्यों रहा है ? पहले दुनिया में लोग कम थे और जीने के साधन भी कम थे , पर फिर भी मुश्किलों से भरा जीवन होने के बाद भी लोग अकेला कम महसूस करते थे । वस्तुतः जब हम इस बात का तथ्यान्वेषण करते हैं , तब समझ आता है की , पहले मानवीय सभ्यताऐं , समाजों से विकसित हुईं । जिसके कारण महानतम सभ्यताओं के विकास में मानवीय मूल्य ,विकास की धुरी का कार्य करती रहे है । इसलिए कहा गया की मानव एक सामाजिक प्राणी हैं । और हमारी सामाजिक रीति रिवाज , मान्यताएं , धारणाएं सभी सहकार या कहें की समाज को साथ लेकर चलने और कार्य करने की पद्धति से विकसित होते चले आई , जिससे 19वी वा 20 वी सदी के पूर्वार्ध में इतनी क्रांतियां , युद्ध महामारी भुखमरी जैसी विभीषिका होने पर भी कभी सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का ऐसा अकाल जैसे आज है कभी नहीं हुआ । अब वापस विषय बिंदु पर आते हुए बात करते हैं , आज के समय की , आज इस युग में संपर्क क्रांति होने के बावजूद भी मनुष्य में अकेलापन और मनोरोग इतनी अधिक संख्या में क्यों विकसित होते जा रहें हैं ? अकेलापन एक मनः स्थिति है यह विकसित होती है निश्चित तौर पर लगातार एक सी , “लाइफ प्रैक्टिस” पर , क्योंकि जैसा जीवन हम गढ़ते हैं वैसा ही मनोविज्ञान हम अपने मानस में विकसित करते हैं । संसाधनों से सुख की अनुभूति प्राप्त करने की चाह ने मनुष्य को मानवीय संवेदना की प्राप्ति जो की सुख की है , शांति की है उसके लिए भी भगवादी बना दिया । जिससे आज मनुष्य संवेदनाओं कि अभिव्यक्ति के लिए भी यांत्रिक प्रौद्योगिकी या सूचना प्रौद्योगिकी पर निर्भर है । परिवार में लोग ज्यादा होते थे घर की अर्थव्यवस्था अच्छी ना भी हो तो भी मानसिक रोग कम थे ।पहले पड़ोस के लोग एक दूसरे की खबर रखते थे आज संपर्क करना आसान है , पर अकेलापन है शारीरिक स्वास्थ्य पर भी हम ध्यान देते हैं । पर मानसिक स्वास्थ्य के बारे में हम कितना ही जानते हैं ? भारत उत्सव का देश है पर हम कभी भी भौतिकता वादी और एकाकी नहीं थे । ” वसुदेव कुटुंबकम ” हमारी संस्कृति का आधार है , मूल तत्व है ।हम पूरी दुनिया को अपने परिवार जैसा मानते हैं और वही करने में विश्वास रखते हैं , जो सबके लिए अच्छा हो । फिर यह भौतिकता वाद कहां से आ गई । लोगों के पास दिल खोलकर अपने दुख और परेशानी बताने के लिए आज लोग ही नहीं है । सोशल मीडिया में जिस मित्र के 5000 कनेक्सशन हैं , उसके अपने माता पिता परिजन गांव में अलग घर में रह रहे हैं । सब अपने अपनी जिंदगी में इतने खोए हैं , कि रुक कर देख नहीं पा रहे हैं कि वह खुद और आसपास के लोग क्या महसूस कर रहे हैं । हम मनुष्य हैं और संवेदनाओं से भरे हुए हैं ।लोगों के प्रति संवेदनशील होना हम सबके लिए बहुत जरूरी है । जब हम सभी मानवीय संवेदनाओं को लेकर चलते हैं , तो कही ना कही हम संचार क्रांति और भौतिकता के युग में भी मानवीय पहलू के साथ जीवन यापन कर सकते हैं , जिससे हमारा मानवीय पहलू जीवित रह सके । मानसिक रोग और एकाकी पन से बचने का सबसे सरल साधन यही है । मानवीय भावनाओं के साथ साथ , हम सभी को ,मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक रोगों के बारे में जानना जरूरी है । ताकि इन उसमें होने वाले तनावों से बच सके हमारी छोटी-छोटी और बड़ी से बड़ी समस्या हल कर सकती है । आपकी इस विषय पर आपकी क्या राय है ?

लंदन का इंडिया क्लब हमेशा के लिए होगा बंद!

लंदन। लंदन में 70 साल पुराना ऐतिहासिक ‘इंडिया क्लब’ अब हमेशा के लिए बंद होने जा रहा है। यह क्लब कृष्ण मेनन सहित राष्ट्रवादियों के केंद्र के रूप में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी प्रारंभिक जड़ें जमाने के लिए जाना जाता था। अब एक लंबी लड़ाई हारने के बाद यह 17 सितंबर को हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। क्लब के मालिक याडगर मार्कर और उनकी बेटी फिरोजा इस ऐतिहासिक संस्थान को पिछले 26 सालों से चला रहे हैं। कुछ साल पहले उन्होंने सेव इंडिया क्लब कैंपन की शुरूआत की थी। अब उन्होंने इस कैंपन को बंद करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा बहुत भारी मन से हम इंडिया क्लब को बंद करने की घोषणा करते हैं, जिसका आखिरी दिन 17 सितंबर को जनता के लिए खुला रहेगा। क्या है इस ऐतिहासिक ‘इंडिया क्लब’ की कहानी भारत की आजादी की लड़ाई में इस इंडिया क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इंडिया लीग के लिए एक केंद्र के रूप में बनाया गया, यह क्लब लंदन में विभिन्न भारतीय संगठनों जैसे द इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन, इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन और इंडियन सोशलिस्ट ग्रुप के लिए एक मिलन स्थल के रूप में कार्य करता था। इसकी सदस्यता में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अंतिम वायसराय की पत्नी लेडी माउंटबेटन जैसे नाम शामिल हैं। अखबार ने इसे एक रमणीय टाइम कैप्सूल बताया जो आगंतुकों को 1960 के दशक में कलकत्ता की जीवंत आभा में ले जाता है। 1951 में लंदन में भारत के पहले उच्चायुक्त कृष्ण मेनन द्वारा स्थापित, इंडिया क्लब ने एक गहन मिशन चलाया। इसका जन्म स्वतंत्रता के बाद के भारत-ब्रिटिश सौहार्द के प्रतीक के रूप में हुआ था। इसके संस्थापक सदस्यों में से एक रहे कृष्ण मेनन बाद में यूके में पहले भारतीय उच्चायुक्त भी बने थे। भारत की स्वतंत्रता और विभाजन के बाद यह तेजी से ब्रिटिश, दक्षिण एशियाई समुदाय केंद्र में बदल गया। कृष्ण मेनन इसे ऐसी जगह बनाना चाहते थे। जहां गरीबी में जीवन बसर करने वाले युवा पेशेवर भारतीय खाना खा सकें और राजनीति पर चर्चा करके अपनी भविष्य की योजना भी बना सकें। क्या बोले संस्थापक सदस्यों के परिजन क्लब के संस्थापक सदस्यों में से एक, चंद्रन थरूर की बेटी, लेखिका स्मिता थरूर ने कहा ‘मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं बेहद दुखी हूं। मेरे पिता क्लब के संस्थापक सदस्य थे कुछ दिन पहले, जब मैंने पहली बार इंडिया क्लब के बंद होने की खबर सुनी तो मेरे मन में लगातार इसके बारे में ख्याल आता रहा। स्मिता के भाई, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसके बारे में काफी भावनात्मक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा ‘मुझे यह सुनकर दुख हुआ कि इंडिया क्लब, लंदन, सितंबर में स्थायी रूप से बंद होने वाला है। इसके संस्थापकों में से एक के बेटे के रूप में, मैं उस संस्था के बंद होने पर काफी दूखी हूं, जिसने लगभग तीन-चौथाई शताब्दी तक इतने सारे भारतीयों (और न केवल भारतीयों) की सेवा की. कई छात्रों, पत्रकारों और यात्रियों के लिए, यह घर से दूर एक घर था, जहां सस्ती कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाला भारतीय भोजन और साथ ही दोस्ती बनाए रखने के लिए एक सौहार्दपूर्ण माहौल मिलता था।

देश, राज्यों से बड़ी खबरें

1. चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने के स्‍थल का नाम शिव शक्ति होगा, 23 अगस्‍त का दिन राष्‍ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित 2. जल शक्ति मंत्रालय ने लघु सिंचाई योजनाओं की छठी गणना की रिपोर्ट जारी की 3. आरईसी पश्चिम बंगाल के रघुनाथपुर में 1, 320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए दामोदर वैली कॉरपोरेशन को ऋण प्रदान करेगा 4. पंचायती राज मंत्रालय की स्वामित्व योजना ने ई-गवर्नेंस 2023 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता 5. भारत ने 2024 में जी-20 की मेजबानी के लिए ब्राजील को बी-20 यानी बिजनेस 20 की अध्‍यक्षता सौंपी 6. इसरो के अध्‍यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा – सूर्य के अध्‍ययन के लिए भारतीय वेधशाला आदित्‍य एल-1 का प्रक्षेपण सितम्‍बर के पहले सप्‍ताह में होने की आशा 7. दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण ने डीपी वर्ल्ड के साथ रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए 8. भारत और यूरोपीय संघ के बीच नई दिल्ली में तीसरी उच्च स्तरीय वार्ता हुई 9. जी-20: प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकारों की दूसरी बैठक गुजरात के गांधीनगर में शुरू 10. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में पीएम मोदी के भाषणों पर आधारित “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” शीर्षक की पुस्तकों का विमोचन किया 11. सिडनी में ओसइंडेक्स-23 के 5वें संस्करण का आयोजन 12. भारतीय वायुसेना ने ‘नि-क्षय मित्र’ के तहत 765 टीबी रोगियों को सहायता देने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की 13. अलबामा और न्यूयॉर्क में दुर्लभ मच्छर जनित बीमारी ईस्टर्न इक्वाइन एन्सेफलाइटिस की सूचना मिली 14. मेटा का नया AI मॉडल 100 भाषाओं के अनुवाद और प्रतिलेखन में सक्षम 15. चैल वन्यजीव अभयारण्य में दुर्लभ ब्लैक बाज देखा गया 16. जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में बनिहाल रेलवे स्टेशन और खड़ी रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली रेल सुरंग पहली बार परीक्षण के तौर पर सफलतापूर्वक चलाई गई 17. नवी मुम्बई में झोपडपट्टी पुनर्वास प्राधिकरण योजना के अन्तर्गत झोपडपट्टियों का निर्माण किया जायेगा 18. वर्ष 2023 के समाप्त होने से पूर्व ही सड़कों की संचालन लागत वर्तमान 40% से घटकर 9% हो जाएगी: केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी 19. हबल स्पेस टेलीस्कोप ने अनियमित आकाशगंगा की छवि खींची 20. अंतर्राष्‍ट्रीय दृष्टिबाधित विश्‍व खेल 2023 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में ऑस्‍ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर, जीता स्‍वर्ण पदक 21. अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिबाधित विश्व खेलों में भारतीय पुरुष दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम को रजत पदक 22. कोपेनहेगन में विश्‍व बैडमिंटन चैंपियनशिप में एच.एस. प्रणय ने कांस्य पदक जीता 23. वयोवृद्ध गीतकार देव कोहली का मुंबई के जोगेश्‍वरी में निधन हुआ 24. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीस यात्रा के दौरान अज्ञात सैनिक की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की 25. मिस्र के काहिरा एयर बेस में आयोजित एक्सेरसाइज ब्राइट स्टार-23 में भारतीय वायु सेना ने भाग लिया 26. श्रीलंका के कैंडी में पवित्र दंत अवशेष मन्दिर में वार्षिक कैंडी एस्‍ला पेराहारा श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है 27. श्रीलंका ने अपने पहले कर्नाटक सांस्कृतिक महोत्सव की मेजबानी की 28. यूपी कैबिनेट ने 1,250 करोड़ रुपये की लागत से 18 अटल आवासीय विद्यालयों को दी मंजूरी 29. सिंगल-यूज प्लास्टिक पर बैन लगाएगा असम 30. इंडिया स्मार्ट सिटिज अवॉर्ड्स कॉन्टेस्ट (आईएसएसी) 2022 के विजेताओं की घोषणा 31. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण- 2023 में इंदौर ने पहला स्थान हासिल किया 32. यूनेस्को और तेलंगाना सरकार की साझेदारी 33. शिक्षा मंत्रालय ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन की शुरूआत की 34. अमृत माथुर की आत्मकथा ‘पिचसाइड: माई लाइफ इन इंडियन क्रिकेट’ 35. ईरान ने मुहाजिर-10 ड्रोन का उद्धाटन किया 36. पीएस श्रीधरन पिल्लई ने प्रकृति, पेड़ और भू-राजनीति पर तीन नई पुस्तकों का विमोचन किया 37. BHEL ने भारत के पहले कैटलिस्ट सेट का निर्माण किया 38. वित्त मंत्री द्वारा HSBC इंडिया की ग्रीन हाइड्रोजन साझेदारी शुरू की गई 39. रिलायंस रिटेल ने लॉन्च किया ‘यूस्टा’ फैशन स्टोर 40. CCI ने भारती एयरटेल पर लगाया जुर्माना 41. UPI Lite:200 की जगह अब 500 रुपये तक कर सकेंगे ऑफलाइन 42. नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता गोल्ड 43. पूर्व WWE चैंपियन ब्रे वायट का हार्ट अटैक से निधन 44.कोटा 22 छात्र सुसाइड मामला: कोचिंग संस्थानों को बड़ा निर्देश- NEET, JEE अभ्यर्थियों के नहीं लिए जाएंगे रेगुलर टेस्ट 45 ‘I.N.D.I.A गठबंधन से बाहर निकलने के लिए माहौल बना रही AAP’, मुंबई की बैठक से पहले कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित का बड़ा बयान 46 ‘राज्य के पास नहीं जनगणना का अधिकार’, केंद्र ने सप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा 47 BJP इसी साल दिसंबर में करा सकती है लोकसभा चुनाव’…ममता बनर्जी का दावा 48 उत्कृष्टता का उदाहरण हैं नीरज चोपड़ा, प्रधानमंत्री मोदी समेत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दी बधाई 49 PM मोदी ने रूस के राष्ट्रपति से की फोन पर बात, पुतिन ने G20 समिट में हिस्सा नहीं लेने की बताई वजह 50 कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगले महीने यूरोप जाएंगे, पांच दिन के दौरे पर रहेंगे 51 विपक्षी दलों की मीटिंग से पहले ओवैसी ने की तीसरे मोर्चे की सिफारिश, KCR से कहा- करें अगुवाई 52 ‘भारत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा’, PM Modi ने रोजगार मेले में युवाओं को दी गारंटी 53 ED अधिकारी के खिलाफ CBI ने दर्ज किया केस, 5 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप 54 Chandrayaan-3 Update: चांद पर प्रज्ञान रोवर के रास्ते में आया बड़ा गड्ढा, ISRO ने दूसरे रूट पर भेजा 55 यह तो J&K के अधिकार ही छीन लेता था, आर्टिकल 35A पर ऐसा बोले CJI 56 SC ने कहा- अनुच्छेद 35A ने लोगों के अधिकार छीने:370 पर सुनवाई के दौरान CJI बोले- भारतीयों को देश में कही भी रहने, नौकरी करने का हक 57 हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन… अरुणाचल और अक्साई चिन को फिर बताया अपना हिस्सा 58 गुजरात में व्हेल के बच्चे का रेस्क्यू:वन-विभाग के साथ 24 घंटे डटा रहा पूरा गांव, मछली की जान बचाकर ही लिया दम 59 कश्मीर पहुंची मिस वर्ल्ड-2021:मिस वर्ल्‍ड कैरोलिना बिलावस्‍का ने कश्मीरी व्यंजनों का लुत्फ उठाया, डल झील में शिकारा की सवारी भी की 60 लोकसभा के लिए एकजुट लेकिन राज्यों में नहीं हैं एक साथ, सपा MP चुनाव अकेले लड़ने की कर रही तैयारी 61 नीरज चोपड़ा ने नहीं दिया हंगेरियन महिला को भारतीय फ्लैग पर ऑटोग्राफ, तिरंगे का मान रख जीत लिया दिल

“कर्नाटक में कांग्रेस ग्रेजुएट युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ते की योजना दिसंबर से लागू करेगी”

कर्नाटक के डिप्टी CM डीके शिवकुमार का बयान, “कर्नाटक में कांग्रेस ग्रेजुएट युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ते की योजना दिसंबर से लागू करेगी”

मासूम बच्चों के मन में भेदभाव का ज़हर घोलना, स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफ़रत का बाज़ार बनाना – एक शिक्षक देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं कर सकता। – राहुल गाँधी

मासूम बच्चों के मन में भेदभाव का ज़हर घोलना, स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफ़रत का बाज़ार बनाना – एक शिक्षक देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं कर सकता। – राहुल गाँधी ये भाजपा का फैलाया वही केरोसिन है जिसने भारत के कोने-कोने में आग लगा रखी है। बच्चे भारत का भविष्य हैं – उनको नफ़रत नहीं, हम सबको मिल कर मोहब्बत सिखानी है।

व्यापार और वैश्वीकरण ने करोड़ों लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला

वीडियो संदेश के माध्यम से जयपुर में व्यापार और निवेश मंत्रियों की जी20 बैठक को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था में वर्तमान वैश्विक आशावाद और विश्वास का उल्लेख किया, इसका श्रेय निरंतर प्रयासों और रणनीतिक सुधारों को दिया। जयपुर। G20 व्यापार एवं निवेश मंत्रालयी बैठक (टीआईएमएल) जयपुर में 24 और 25 अगस्त को आयोजित की गई। इन दोनों ही बैठकों में G20 के सदस्य देशों, आमंत्रित देशों के व्यापार मंत्रियों एवं सचिवों, क्षेत्रीय समूहों एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि भाग लिया ।इस दौरान वैश्विक व्यापार और निवेश के मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। पीएम मोदी ने G20 ट्रेड और इनवेस्टमेंट मिनिस्टर की मीटिंग को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि व्यापार और वैश्वीकरण ने करोड़ों लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला है। इन विषयों पर हुई चर्चा इससे पहले G20 की व्यापार और निवेश कार्य समूह -टीआईडब्ल्यूजी की चौथी और अंतिम बैठक 21 एवं 22 अगस्त को जयपुर में हो चुकी है। पहली और दूसरी टीआईडब्ल्यूजी बैठकों के दौरान G20 के सदस्य, आमंत्रित देशों के बीच विकास एवं समृद्धि के लिए व्यापार, गतिशील व्यापार एवं वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं (जीवीसी), विश्व व्यापार में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को समेकित करने, व्यापार के लिए लॉजिस्ट्क्सि तथा विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सुधार पर व्यापक रूप से चर्चा की गई थी। वैश्विक चुनौतियों ने विश्व अर्थव्यवस्था की परीक्षा ली पीएम मोदी ने कहा कि महामारी से लेकर भू-राजनीतिक तनाव तक की मौजूदा वैश्विक चुनौतियों ने विश्व अर्थव्यवस्था की परीक्षा ली है। व्यापार और वैश्वीकरण ने करोड़ों लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला है। हमारे लिए एमएसएमई का मतलब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अधिकतम समर्थन है। पिछले नौ साल में सरकार के निरंतर प्रयास का ही नतीजा है कि देश आज पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत रेड टेप से रेड कार्पेट की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। भारत को खुलेपन, अवसरों और विकल्पों के संयोजन के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत डब्ल्यूटीओ के मूल में नियम-आधारित, खुली, समावेशी और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में विश्वास करता है। निवेश प्रक्रियाओं में विश्वास बहाल हो पीएम ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश प्रक्रियाओं में विश्वास बहाल करना एक परिवार की तरह G20 सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैश्विक व्यापार प्रणाली को धीरे-धीरे अधिक समावेशी भविष्य में परिवर्तित करने को सुनिश्चित करने के लिए कार्य समूह सामूहिक रूप से आगे बढ़ेगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया बैठक का महत्व केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को विश्वास है कि मंत्रिस्तरीय बैठक से ‘ठोस कार्रवाई योग्य परिणाम’ निकलेगा जो दुनिया को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा। एमएसएमई और व्यापार का विस्तार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए G20 सदस्य देशों के समर्थन से कार्रवाई करने के लिए “जयपुर कॉल” का आह्वान किया। G20 के लिए उन व्यवधानों को दूर करना भी महत्वपूर्ण है जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को समेकित करने में बाधा पहुंचाते हैं। भारतीय व्यंजनों की सजी गैलरी टीआईएमएम के दौरान प्रतिनिधियों के लिए भारतीय चाय, कॉफी, मसाले और मोटे अनाजों की एक व्यापक किस्म को प्रदर्शित करने के लिए एक अनुभव क्षेत्र (एक्सपेरिएंस जोन) का निर्माण किया गया हैं। साथ ही राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए जयपुर एक्सपेरिएंस पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में चंद्रयान-3 मिशन में शामिल इसरो टीम की महिला वैज्ञानिकों से मुलाकात की।

कर्नाटक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क मिशन कंट्रोल कॉम्प्लेक्स में चंद्रयान-3 मिशन में शामिल इसरो टीम की महिला वैज्ञानिकों से मुलाकात की।

सस्पेंड हुई भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता

विश्व कुश्ती संघ ने भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता को सस्पेंड कर दिया गया है. विश्व कुश्ती संघ ने 30 मई को भारतीय कुश्ती संघ को पत्र लिखा था और पत्र के जरिये विश्व कुश्ती संघ ने चेतावनी दी थी कि अगले 45 दिन में भारतीय कुश्ती संघ का चुनाव सम्पन्न हो ये मियाद 15 जुलाई तक थी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ. डब्ल्यूएफआई के निकाय में 15 पदों के लिए चुनाव 12 अगस्त को होने थे और इस दौरान सोमवार को उत्तर प्रदेश से भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह समेत 4 उम्मीदवारों द्वारा इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया गया था.

‘‘चंद्रयान-3 पर काम करने वाले ‘एचईसी’ (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) के इंजीनियरों को पिछले 17 महीनों से वेतन क्यों नहीं मिला – केसी वेणुगोपाल

केसी वेणुगोपाल ने कुछ खबरों का हवाला दिया जिनमें दावा किया कि अंतरिक्ष विभाग के बजट में कटौती की गई और ‘एचईसी’ (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) इंजीनियरों को कई महीने का वेतन नहीं मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आपको स्क्रीन पर आने और लैंडिंग के बाद श्रेय लेने की जल्दी थी, लेकिन आपकी सरकार वैज्ञानिकों और इसरो का सहयोग करने में इतनी बुरी तरह विफल क्यों रही?’’ उन्होंने ने सवाल किया, ‘‘चंद्रयान-3 पर काम करने वाले ‘एचईसी’ (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) के इंजीनियरों को पिछले 17 महीनों से वेतन क्यों नहीं मिला? आपने इतने महत्वपूर्ण मिशनों के लिए बजट में 32 प्रतिशत की कटौती क्यों की?’’ इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस ‘एलएम’ की सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिग कराई। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ।

“इंजीनियरिंग और दृढ़ता की इस अद्भुत उपलब्धि पर भारत को बधाई।- यूके स्पेस एजेंसी में चैंपियनिंग स्पेस डायरेक्टर प्रोफेसर अनु ओझा

चंद्रयान-3 मिशन की सफल लैंडिंग पर यूके अंतरिक्ष एजेंसी का संदेश। यूके स्पेस एजेंसी में चैंपियनिंग स्पेस डायरेक्टर प्रोफेसर अनु ओझा ओबीई ने कहा, “इंजीनियरिंग और दृढ़ता की इस अद्भुत उपलब्धि पर भारत को बधाई। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग इस बात का सबूत है कि हम एक नए अंतरिक्ष युग में रह रहे हैं, जहां दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां और कंपनियां चंद्रमा और उससे आगे की ओर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं।”

चुनाव में कांग्रेस चंबल की गहराई में दफन हो जाएगी, हम विकास के मुद्दों के बिना सरकार बनाएंगे – भाजपा प्रत्याशी प्रीतम लोधी

शिवपुरी की पिछोर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी प्रीतम_लोधी ने कहा- इस बार चुनाव में #कांग्रेस चंबल की गहराई में दफन हो जाएगी, हम विकास के मुद्दों के बिना सरकार बनाएंगे। भारतीय_जनता_पार्टी हमारा परिवार है, इसे सींचने में हमारे परिवार की तीन पीढ़ियों ने जीवन लगा दिया।

वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ “ये राष्ट्र की प्रगति का बहुत ही अहम् प्रतीक है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम ISRO और वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

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1 पीएम मोदी ब्रिक्स समिट के लिए साउथ अफ्रीका रवाना, जिनपिंग के साथ बैठक पर सस्पेंस; संगठन का मेंबर बनने की रेस में पाक-सऊदी समेत 40 देश 2 चंद्रयान-3 ने चांद की नई PHOTOS भेजीं, कल शाम 6 बजकर 4 मिनट पर लैंड करेगा, ISRO ने कहा- सभी सिस्टम सही काम कर रहे 3 चांद अब दूर नहीं: चंद्रयान-3 की सफलता को लेकर वैज्ञानिक आश्वस्त, बोले- गलतियों से ली सीख; किए ये बदलाव 4 अगले 25 सालों तक केंद्र में रहेगी BJP सरकार, 2024 में अधिक बहुमत से करेगी वापसी’- केंद्रीय मंत्री का दावा 5 एमपी में सरकार बनी तो जातिगत जनगणना कराएंगे’, खरगे का एलान- किसानों का कर्जा माफ, 500 में देंगे गैस सिलेंडर 6 सनी देओल लोकसभा चुनाव 2024 नहीं लड़ेंगे, गदर-2 हिट होने के बाद एक्टिंग पर फोकस करेंगे 7 चुनाव से पहले वरुण गांधी ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, क्या बीजेपी से बन जाएगी बात या रहेंगे वही तेवर!वरुण गांधी पीलीभीत पहुंचे, जहां उन्होंने बीजेपी के खिलाफ अपने पुराने तेवर दिखाए तो वहीं कई जगहों पर वो थोड़ा सॉफ्ट होते भी दिखे, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि वो चाहते क्या हैं 8 कीमतों पर दबाव अस्थाई, वित्त मंत्रालय बोला- एहतियाती कदमों और फसलों की नई आवक से मिलेगी राहत 9 2-4 महीने प्याज नहीं खाएंगे तो कुछ बिगड़ नहीं जाएगा’, बढ़ी कीमतों पर बोले महाराष्ट्र के पूर्व कृषि मंत्री,प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने इसके निर्यात पर 40 फीसदी शुल्क लगा दिया है. महाराष्ट्र के किसान इस फैसले का विरोध कर रहे हैं 10 ऐश्वर्या राय पर टिप्पणी कर बुरे फंसे मंत्री जी, राज्य महिला आयोग ने थमाया नोटिस; तीन दिन में मांगा जवाब 11 सर्वे रिपोर्ट में डेंजर जोन में गहलोत के मंत्री-विधायक,गहलोत की लोकप्रियता बरकरार,काफी विधायकों की टिकट काट कर इस बार चौंकाएगी कांग्रेस? 12 जयपुर में बनेगा कॉर्पोरेट ऑफिस जैसा कांग्रेस मुख्यालय, नई बिल्डिंग में कैफेटेरिया, जिम, लाइब्रेरी होंगे; राहुल-खरगे करेंगे शिलान्यास 13 राजस्थान भाजपा कांग्रेस से पहले घोषित करेगी 90-100 प्रत्याशी?, उम्र और लगातार 2 हार बनेगी टिकट में बाधा, बची सीटों पर घोषणा परिवर्तन यात्रा के बाद 14 फेमस हरियाणवी सिंगर राजू पंजाबी का 40 साल की उम्र में निधन, CM खट्टर ने भी ट्वीट कर जताया शोक 15 आने वाले महीनों में और सताएगी महंगाई, वित्त मंत्रालय ने सरकार और आरबीआई को किया आगाह 16 शीर्ष रूसी वैज्ञानिक को लूना-25 मिशन के क्रैश होने पर पहुंचा गहरा सदमा, अस्पताल में भर्ती. 17 पूरे दिन उठापटक के बाद मामूली तेजी के साथ बंद हुआ सेंसेक्स-निफ्टी, मिड कैप इंडेक्स लाइफटाइम हाई पर हुआ क्लोज

बाघ और मानव के बीच संघर्ष

विशेष टिप्पणी निरंतर हो रही बाघ और मानव के बीच संघर्ष की लड़ाई में हमेशा बाघ की ही जीत होती है। आज जो स्थितियां बांधवगढ़ में निर्मित हो रही ही वो मानव ने ही निर्मित की हे जिसका खामियाजा हमारे ग्रामीण बनवासी लोगो को उठाना पड़ रहा हे, निरंतर हो रहे कंक्रीट के निर्माण और वनों की अंधाधुंध कटाई ने हमारे बाघ के विचरण क्षेत्र को काफी संकुचित कर दिया है, जिससे बाघ का विचरण क्षेत्र प्रभावित हुआ है। लगातार बाघों की बढ़ती हुई संख्या से उनके रहवास की समस्या उत्पन्न हो गई है उनका कॉरिडोर पूरी तरह से नष्ट नष्ट हो चुका है बाघ आखिर कहां जाए, मानव ने नदियों की दिशाएं तक मोड़ दी अन्य जंगली जानवरों के रहने तक को उजाड़ दिया, बाघ का खाना पीना भी प्रभावित हो चुका है,महज शिकार की लालसा में बाघ ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तक दे रहा है, भोजन के लिए गायों बकरियां और पालतू जानवरों की तरफ उसने अपना रुख कर दिया है, यही कारण हे , मानव पर बाघ के आक्रमण का , टेरिटोरियल फाइटिंग बढ़ गई है जो शक्ति में कमजोर जीव है वह बाहर आकर गांव के आसपास मडराते हैं और जो शक्तिशाली हैं वह अपना वजूद घने जंगल में ही बनाए रखते हैं,। जो बाहर होते हे बही मानव के ऊपर शिकार की आशंका होने पर आक्रमण करते हैं। इस दिशा में गंभीरतापूर्वक विचार की आवश्यकता है ।कंक्रीट का निर्माण तुरंत बंद करना होगा वन परीक्षेत्र को विकसित करने की दिशा में सोचना होगा और जो मानव ने अपने स्वार्थों के कारण वनों को उजाड़ दिया, उन्हें पुनः स्थापित करना होगा । प्रतिबंधित क्षेत्र में आज भी निर्माण कार्य जारी है ,उसे रोकने की जरूरत है। शक्ति शाली लोगो को कोई बोलने वाला नही ।बिना एनओसी निर्माण या फिर नियम विरुद्ध एनओसी, पर रोक नही लगी तो आगे आने भविष्य बड़ा भयावह होगा जिसे रोक पाना मुश्किल होगा ।

भाजापा सांसद ने 56 करोड़ लोन नहीं चुकाया, कल नीलामी की नोटिस लगी और आज हट गई

बॅंक ऑफ बारोड़ा का भाजापा सांसद सन्नी देओल ने 56 करोड़ का लोन नहीं चुकाया कल नीलामी की नोटिस लगी और आज हट गई, ‘तकनीकी’ कारण बता दिया गया। आम आदमी दो महीने 56 सौ की क़िस्त न दे तो फ़ोन कर कर के पागल कर देंगे बैंक।

NCCF और NAFED 3 लाख की जगह 5 लाख टन प्याज खरीदेंगे -पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

7 अगस्त को दो अहम फैसले लिए गए, निर्यात पर 40 फीसदी टैक्स लगाया गया लेकिन इसके साथ ही NCCF और NAFED 3 लाख की जगह 5 लाख टन प्याज खरीदेंगे, ताकि हमारे किसानों को कोई दिक्कत न हो। दो लाख टन 2410 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। NCCF और NAFED विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 25 रुपये किलो की रियायती दर पर प्याज बेचेंगे। यह सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। यह काम कल से शुरू हो गया है। उपभोक्ता और किसान दोनों हमारे लिए मूल्यवान हैं। हमारे अन्नदाता (किसानों) को अच्छी कीमत मिले। मैं सभी किसानों को आमंत्रित करता हूं कि वे अपना प्याज अच्छे दामों पर बेचें और उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है: पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

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1 अफसरों से पहले मोदी को मिल जाती थी जानकारी, PM मोदी ने शेयर किया पुराना किस्सा, बोले – सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ जीना है 2 मणिपुर में थोवई कुकी गांव में हिंसा, 3 की मौत, पुलिस का दावा- जंगल में कटी लाश मिली, बॉडी पर चाकू के निशान थे 3 गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे ग्रेटर नोएडा, अभियान के तहत चार करोड़वां पौधा लगाया, भवनों का करेंगे उद्घाटन 4 गुजरात सरकार को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश : नर्मदा परियोजना में जमीन गंवाने वालों को बढ़ा हुआ मुआवजा दें 5 दिल्ली एयरपोर्ट पर बम की सूचना, विस्तारा की दिल्ली- पूना फ्लाइट की हुई जांच, लेकिन विमान में कुछ भी नहीं मिला. पुलिस के मुताबिक इस मामले में FIR दर्ज करके, कॉल करने वाले की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है 6 एक दिन प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करेंगे शरद पवार, महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख को है यकिन 7 बिहार के अररिया में पत्रकार की हत्या, घर में 4 अपराधी घुसे और जगाकर मार दी गोली 8 ये जंगलराज नहीं तो क्या है? बिहार के अररिया में दैनिक जागरण के पत्रकार को घर में घुसकर बदमाशों ने गोली मारी 9 मध्यप्रदेश-भाजपा की पहली लिस्ट में 50% हारे चेहरों पर दांव, 75 साल वाले को भी टिकट, 3 नेता पुत्र और ब्यूरोक्रेट की पत्नी को मौका 10 ‘अब मैं 2018 वाला नहीं 2023 का मॉडल हूं’, कमलनाथ ने बीजेपी के भ्रष्टाचार की लिस्ट जारी कर बीजेपी सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी करते हुए कहा कि ये सरकार प्रचार, भ्रष्टाचार और अत्याचार की सरकार है. 11 प्रदेश की हर विधानसभा सीट का रिपोर्ट कार्ड होगा तैयार, अन्य राज्यों के 200 बीजेपी विधायक 7 दिन राजस्थान में करेंगे कैंप, केन्द्रीय नेतृत्व को सौपेंगे रिपोर्ट 12 राजस्थान:कांग्रेसियों को निपटाने वाली आदत छोड़नी होगी, कांग्रेस पर्यवेक्षक के सामने नेता बोले नए-चेहरों को मौका मिले और टिकट अभी बांट दीजिए 13 लालू यादव फिर जेल जाएंगे? जमानत रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची सीबीआई, 25 अगस्त को सुनवाई 14 कर्नाटक में भाजपा को लगेंगे और झटके, कई विधायकों को तोड़ने की तैयारी में कांग्रेस;लोकसभा चुनाव से पहले हलचल तेज 15 एसबीआई रिपोर्ट: 2047 तक भारत की प्रति व्यक्ति आय पांच गुना बढ़ेगी, IT रिटर्न दाखिल करने वाले 588% ज्यादा होंगे 16 खत्म हुआ रिलायंस के निवेशकों का इंतजार, 21 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज पर होगी जियो फाइनेंशियल सर्विसज की लिस्टिंग 17 हिमाचल में 55 दिन में 113 लैंडस्लाइड, 330 की मौत, स्टेट डिजास्टर घोषित, 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान; छत्तीसगढ़ सीएम 11 करोड़ रुपए देंगे 18 गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार सेंसेक्स निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद

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देश राज्यों से बड़ी खबरें 1 पीएम मोदी ने जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया, कहा भारत में हम सभी को किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे हैं. 2 मोदी ने CM रहने के दौरान का किस्सा बताया, बोले- ग्राउंड पर मेरी पकड़ ऐसी थी कि अफसरों से पहले मिल जाती थी कोई भी जानकारी 3 सधे कदमों से चांद की राह पर लैंडर, अब महज 113 किमी दूर, सफल रही पहली डीबूस्टिंग 4 देश में 37 करोड़ से ज्यादा लोग करते हैं नशा, इनमें से 16 करोड़ शराब पीने वाले; 20 लाख नाबालिगों को गांजे की लत लगी 5 CAG रिपोर्ट- द्वारका एक्सप्रेस-वे की लागत अनुमान से ज्यादा, अफसरों ने रिपोर्ट खारिज की; नाराज गडकरी बोले- जिम्मेदारी तय करें 6 ADR की रिपोर्ट… राज्यसभा के 12% सांसद अरबपति, इनमें 6 भाजपा, 4 कांग्रेस और 3 AAP के; 33​​​​​​​% सांसदों के खिलाफ क्रिमिनल केस 7 हिंसा के बाद मणिपुर से म्यांमार भागे 212 लोगों को सेना लाई वापस, सीएम बीरेन सिंह ने कहा- थैंक्यू 8 यूपी कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का बड़ा दावा, राहुल गांधी अमेठी से लड़ेंगे चुनाव. 9 मानसून के दौरान बाढ़, बिजली गिरने और भूस्खलन से 2038 लोगों की मौत, गृह मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े 10 डरे हुए हैं पीएम मोदी, INDIA गठबंधन पर बोले जयंत चौधरी- मैं बहुत ज़िद्दी हूं, जो ठान लेता हूं वही करता हूं 11 कमलनाथ 2023 के नहीं, 1984 दंगों के मॉडल हैं’ BJP बोली- मोदी और शिवराज को उनके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं 12 केन्द्रीय मंत्री मुंडा बोले राजस्थान की जनता समझ चुकी है, बोले फ्री के लाभ से सत्ता में आने की तिकड़मबाजी कर रहे, अब जनता हिसाब करेगी 13 गहलोत बोले- अब घोषणाओं की जगह आगे की गारंटी दूंगा, कहा- सरकार बनने पर अब दी हुई गारंटी पूरी करेंगे, 20 अगस्त से कार्ड बांटेंगे 14 हिमाचल प्रदेश के आपदा पीड़ितों के लिए लिए राजस्थान देगा 15 करोड़, छत्तीसगढ़ सरकार 11 करोड़ 15 जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में भारत का विजयी आगाज, डकवर्थ लुईस प्रणाली से आयरलैंड को दो रन से हराया 16 अगस्त महीने में 100 वर्षों में सबसे कम बारिश होने का अनुमान, खरीफ फसलों को नुकसान से महंगाई बढ़ने का खतरा! 17 सुप्रीम कोर्ट बोला- अभद्र पोस्ट के लिए सजा मिलनी जरूरी, कहा- माफी मांग लेने से काम नहीं चलेगा, नतीजा भुगतना होगा 18 G20: डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रियों की बैठक में PM मोदी बोले, जन धन और आधार ने वित्तीय लेनदेन में क्रांति लाई 19 राहुल बाइक से पैंगोग पहुंचे, रास्ते के PHOTOS शेयर किए, कहा- मेरे पिता कहते थे, ये दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में शामिल 20 CAG की रिपोर्ट को गडकरी ने किया खारिज, बोले- द्वारका एक्सप्रेसवे में घोटाला नहीं, प्रॉफिट हुआ 21 ‘दागियों’ की बीजेपी में एंट्री पर हंसकर बोले नितिन गडकरी- हमारा साबुन इकोफ्रेंडली, दागियों की भाजपा में एंट्री पर नितिन गडकरी ने ली चुटकी 22 21 दिन में दूसरी बार एमपी जाएंगे शाह, शिवराज सरकार का रिपोर्ट कार्ड करेंगे जारी; चंबल-ग्वालियर पर फोकस 23 कांग्रेस में लौटे सिंधिया के ‘लेफ्टिनेंट’ रहे समंदर पटेल, 1200 कार लेकर इस्तीफा देने पहुंचे BJP दफ्तर 24 कैबिनेट प्रमोशन, 2 कमेटी के प्रमुख…, अर्जुन राम मेघवाल राजस्थान में बीजेपी की ओर से कहीं सीएम पद के दावेदार तो नहीं? 25 आचार संहिता से पहले कांग्रेस में टिकट देने की तैयारी, जयपुर में प्रदेश चुनाव समिति की पहली बैठक आज, हाईकमान पर छोड़ा जाएगा फाइनल फैसला 26 वसुंधरा राजे को लेकर BJP का क्या है प्लान? मोदी-शाह के लिए राजस्थान चुनौती 27 कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र में जो चल रहा है वह सही नहीं है। यह सरकार ज्यादा समय तक नहीं चलेगी। विजय वडेट्टीवार ने दावा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मुख्य कुर्सी (सीएम) को खतरा है। उन्होंने कहा कि मैं कह सकता हूं कि सितंबर तक राज्य का सीएम बदल जाएगा। शिंदे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे 28 सीएम योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या दौरे पर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने श्री राम जन्मभूमि परिसर में रामलला की पूजा अर्चना की और मंदिर निर्माण कार्य देखा 29 MP के छिंदवाड़ा के पास तेलंगाना एक्सप्रेस ट्रेन की पेंट्री कार में आग लगी, यात्रियों को कोई नुकसान नहीं 30 इंडियन इकोनॉमी के लिए गुड न्यूज… Moody’s ने कहा- ग्रोथ रेट शानदार, भारत पर भरोसा कायम

विजयराघवगढ़ क्षेत्र में विक्षिप्त युवती के साथ हुई दरिंदगी

कटनी / विजयराघवगढ़ थानातंर्गत बेनाम दरिन्दों ने एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती को अपनी हवस का शिकार बना डाला। शारीरिक रूप से कमजोर एवं मानसिक रूप विक्षिप्त मूकबधिर युवती के साथ चार माह पूर्व बेनाम बलात्कारी ने बलात्कार कर गर्भवती बना दिया। जुटाई गई जानकारी के अनुसार विजयराघवगढ़ थानांतर्गत एक गांव में 20 साल की विक्षिप्त युवती के साथ अज्ञात ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। जब युवती के पेट में चार माह का गर्भ ठहर गया तो इसकी जानकारी पीड़िता के परिवार को हुई। जिसकी सूचना फौरन समाजसेवी संस्था नारी शक्ति एक नई पहल को पता चली। संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़िता को न्याय मुहैया कराने की पहल की। नारी शक्ति एक नई पहल फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉक्टर नूपुर धमीजा सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता को भी मिली। संस्था की अध्यक्ष मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान में लेते हुए नारी शक्ति एक नई पहल के पदाधिकारी अधिवक्ता सुजीत द्विवेदी, अधिवक्ता अंजू रेखा तिवारी को जानकारी दी गई। पीड़िता को कानून सहायता उपलब्ध कराई गई। साथ ही सुरक्षित इलाज कराते हुए विधि के प्रावधानों का पालन करते हुए जिला न्यायालय के मार्गदर्शन में चिकित्सकों की एक टीम बनाकर जिला अस्पताल कटनी में संस्था के माध्यम से भर्ती करा गर्भपात कराया गया।

सिंधिया समर्थक समंदर पटेल कांग्रेस में शामिल हुए।

नीमच से भाजपा नेता और सिंधिया समर्थक समंदर पटेल आज कांग्रेस में शामिल हुए। समंदर 2018 में कांग्रेस में ही थे और पार्टी से जावद विधान सभा से टिकेट मांग रहे थे। टिकेट ना मिलने पर वो निर्दलीय चुनाव लड़ कर 33 हज़ार वोट हासिल किए थे जबकि कांग्रेस वो सीट चार हज़ार वोट से वो सीट हार गई थी। कांग्रेस से जुड़ने के बाद उन्होंने आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार का अड्डा कहा। “टिकट से लेकर बीजेपी में बोली लग रही है। मेरे कार्यकर्ताओं पर दर्जनों झूठे केस लगा दिए गए।” उन्होंने कहा कि पार्टी जिसको भी चाहेगी जावद से उसे जितने में योगदान देंगे।

देश राज्यों से बड़ी खबरें

देश राज्यों से बड़ी खबरें 1 चंद्रयान-3 का लैंडर और प्रॉपल्शन मॉड्यूल अलग हुए, अब 23 अगस्त को सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी 2 पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार ने की संविधान बदलने की बात तो भड़का विपक्ष, कहा- बीजेपी-RSS की घृणित सोच आई सामने 3 महिला कांग्रेस के कार्यक्रम में खरगे ने कहा, मुझे अध्यक्ष पद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कहने पर मिला है. खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस अगर संविधान और लोकतंत्र की हिफाजत नहीं करती तो मोदी कभी पीएम नहीं बनते. 4 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों का जल्द होगा एलान, 40 नामों पर लगी मुहर, पीएम नरेंद्र मोदी की बैठक में मध्य प्रदेश की उन सीटों पर चर्चा की गई, जिन्हें बीजेपी पिछले चुनावों में या तो हार गई थी या फिर कभी जीती ही नहीं है 5 CBI की स्पेशल 53 टीम करेगी मणिपुर हिंसा की जांच, 29 महिला अफसर भी शामिल 6 भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा दादर एवं नगर हवेली व दमन एवं दीव के दो दिवसीय दौरे पर 7 गुलाम नबी आजाद का जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में आजाद कहते दिख रहे हैं कि इस्लाम का जन्म 1500 साल पहले हुआ था। भारत में कोई भी बाहरी नहीं है। हम सभी इस देश के हैं। भारत के मुसलमान मूल रूप से हिंदू थे, जो बाद में कनवर्ट हो गए। 8 ‘नेहरू जी अपने काम के लिए जाने जाते हैं, नाम के लिए नहीं….’, PM संग्रहालय का नाम बदलने पर बोले राहुल गांधी 9 NCP चीफ शरद पवार की बीड में स्वाभिमान रैली आज, अजित गुट ने पोस्टर लगाए, लिखा- भतीजे को आशीर्वाद दे 10 ‘CM बनना है तो शरद पवार को NDA में लाओ, PM मोदी का अजित पवार से वादा’, कांग्रेस नेता का दावा 11 राजस्थान ‌: वसुंधरा राजे को बड़ा झटका, BJP की चुनाव अभियान और घोषणापत्र समिति में नहीं मिली जगह 12 प्रशांत किशोर बोले- नीतीश कुमार कहीं से भी चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं कर सकते, पलटी मार-मारकर फेविकॉल से कुर्सी पर चिपके 13 ‘गदर 2’ ने छह दिन में बना डाले छह रिकॉर्ड्स, कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों को दे डाली मात 14 बड़ी गिरावट के साथ कामकाज कर रहा शेयर बाजार सेंसेक्स निफ्टी दोनों लाल निशान पर

भाजपा ने आज प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की है लिस्ट जारी होने के बाद अब विरोध के स्वर भी दिखाई पड़ रहे हैं! छतरपुर से अर्चना गुड्डू सिंह के समर्थकों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया

मप्र भाजपा ने आज प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की है लिस्ट जारी होने के बाद अब विरोध के स्वर भी दिखाई पड़ रहे हैं! छतरपुर से अर्चना गुड्डू सिंह के समर्थकों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया है। अर्चना सिंह छतरपुर नपा की दो बार अध्यक्ष रह चुकी है पिछला चुनाव वह कम वोटो से हारी थी।

CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं

वर्तमान CAG गिरीशचंद्र मुर्मू इन्होंने बिना डरे सच बोलकर मोदी सरकार के भ्रष्टाचार की पर्ते खोलने का साहस किया है। CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं.. 1. पेंशन योजना के फंड में हेराफेरी 2. आयुष्मान भारत योजना का स्कैम 3. अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में अनियमितताएं इससे पहले ये गुजरात कैडर के 1985 बैच के ईयेज़ अधिकारी हैं गुजरात के सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के पहले लेफ्टिनेंट गवर्नर थे।

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर मार्ग में मकान का छज्जा गिरने से 5 की मौत

UP मथुरा में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक पुराने मकान का ऊपरी हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे भारी नुकसान हो गया है। मलबे की चपेट में आने से पांच लोगों के मौत की सूचना मिली है। घटना बांके बिहारी मंदिर मार्ग पर दुसायत के गिरधारी बागवाला की है। बताया गया कि हादसे में अन्य कई लोग घायल भी हैं।

CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं

वर्तमान CAG गिरीशचंद्र मुर्मू इन्होंने बिना डरे सच बोलकर मोदी सरकार के भ्रष्टाचार की पर्ते खोलने का साहस किया है। CAG मूर्मू ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के ये तीन साहसी खुलासे किए हैं.. 1. पेंशन योजना के फंड में हेराफेरी 2. आयुष्मान भारत योजना का स्कैम 3. अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में अनियमितताएं इससे पहले ये गुजरात कैडर के 1985 बैच के ईयेज़ अधिकारी हैं गुजरात के सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के पहले लेफ्टिनेंट गवर्नर थे।

शासन की करोड़ों की भूमि पर अतिक्रमण कर के बैठा ज्ञानगंगा कॉलेज, आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो करेगा फर्जीवाड़े  की जांच

युवा क्रांती के उपाध्यक्ष (मध्य प्रदेश) रुपेश सिंह ने जारी प्रेस विज्ञप्ति मे बताया कि युवा क्रांती के द्वारा ज्ञानगंगा इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संचालको द्वारा किये जा रहे फर्जीवाड़ा और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर के, उस पर अपने स्वामित्व बताकर बिल्डिंग बनाकर, उस पर संबद्धता प्राप्त की । इसके साथ ही ज्ञानगंगा इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी के द्वारा वहा प्रोफेसर्स की ‘झूठी जानकारी प्रदान करके राजीव गांधी प्रौद्योगिक विश्व विद्यालय एवं आल इंडिया टेक्निकल एजेकेशन की एफिलिएशन संबद्धता प्राप्त की गई। इस सम्पूर्ण प्रकरण के जैसे सेंकड़ों कॉलेजों की मान्यता फर्जी डॉक्युमेंट्स के आधार पर है । जिसकी जाँच के लिये युवा क्रांती द्वारा एक ज्ञापन माननीय अडिशनल कलेक्टर महोदय जबलपुर को सौंपा गया था जिस पर जांच के आदेश हो गये थे। जांच में विलम्ब होने से युवा क्रौती केरूपेश सिंह के द्वारा शार्थिक अन्वेषण ब्यूरो भोपाल में शिकायत दी गई थी। आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो भोपाल के द्वारा शिकायत को गंभीरता से लेकर बाँचे मे ले लिया गया है। साथ ही ज्ञानगंगा कालेज संचालको की नोटिस जारी कर दिये गये परंतु नियत 14 अगस्त की पेशी में कोई भी व्यक्ति ज्ञानगंगा इंस्टिट्यूट की तरफ से उपस्थित नहीं हुआ। जिसके उपरांत 23 अगस्त का नोटिस दिया गया है युवा क्रांती का आरोप है , कि ज्ञान गंगा इंस्टियूट आफ टेक्नोलाजी ने शासकीय भूमि पर निर्माण करके , शासन की करोड़ो रुपये की जमीन हडप ली है । साथ ही धोखा धडी करके , इसी सरकारी जमीन पर निर्मित भवन केआधार पर ज्ञान संगा-3 की संवद्धता प्राप्त कर ली है। शीघ्र ही युवा क्रांती के द्वारा तत्संबंध में सारे दस्तावेज और प्रमाण आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो को इस सोपे जावेगे ।

राहुल गांधी ने क्या आख़िरी पलों में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की रणनीति बदल ली?

भारतीय मीडिया में यह ख़बर पिछले दो दिनों से सुर्खियों में थी कि राहुल गांधी ही चर्चा की शुरुआत करेंगे. मंगलवार को राहुल गांधी का नाम भी लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के पास पहले वक़्ता के तौर पर भेजा गया था. मीडिया में इस बात की चर्चा ज़ोरों पर थी कि राहुल गांधी सांसदी बहाल होने के बाद लोकसभा में किस तेवर में बोलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आख़िरी मिनटों में राहुल गांधी ने चर्चा की शुरुआत करने से इनकार कर दिया. अभी तक यह रहस्य बना हुआ है कि राहुल गांधी ने ऐसा क्यों किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ राहुल के इनकार के बाद कांग्रेस के फ्लोर मैनेजरों ने ओम बिड़ला को सूचित किया कि असम से पार्टी के सांसद गौरव गोगोई चर्चा की शुरुआत करेंगे. गौरव गोगोई ने ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था. छोड़कर ये भी पढ़ें आगे बढ़ें ये भी पढ़ें समाप्त कांग्रेस नेता चर्चा की शुरुआत राहुल गांधी की ओर से नहीं होने पर कोई ठोस कारण नहीं बता रहे हैं लेकिन सत्ताधारी बीजेपी इससे ज़रूर हरकत में आ गई. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में चर्चा शुरू होने के दौरान ही पूछा कि राहुल गांधी का नाम स्पीकर के पास भेजा गया था लेकिन उनका नाम वापस क्यों लिया गया? इस पर गोगोई ने जवाब दिया कि “स्पीकर के चैंबर में हुई बातों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है, क्या ये भी बता जाएगा कि प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” इमेज स्रोत,ANI इस बयान पर ट्रेज़री बेंच, अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों ने कड़ी आपत्ति जताई. अमित शाह ने कहा, “ ये गंभीर आरोप है. आपको बताना चाहिए पीएम और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस की ओर से कौन बहस शुरू करेगा इसे लेकर पैदा हुए कंफ्यूजन पर कहा, “ये सबको पता था कि बहस की शुरुआत कौन करेगा.” मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में बोलने वाले दूसरे नेता थे निशिकांत दुबे. उन्होंने तंज़ वाली भाषा में कहा, “हमें उम्मीद थी की राहुल गांधी विपक्ष की ओर से पहले वक्ता होंगे लेकिन लगता है वो तैयारी करके नहीं आए और देर से सोकर उठे.” इमेज स्रोत,ANI कांग्रेस में भी कंफ्यूज़न छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें छोटी उम्र बड़ी ज़िंदगी उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर समाप्त ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस के सांसदों को भी इसका अंदाज़ा नहीं था कि राहुल गांधी प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत नहीं करेंगे, सभी अपने-अपने कारण बता रहे थे. अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक कांग्रेस के सांसद ने कहा, “शायद उन्हें लगा कि गोगोई को बहस शुरू करनी चाहिए क्योंकि वह पूर्वोत्तर से हैं और उन्होंने मणिपुर का दौरा किया था. गोगोई ने ही सदन को नोटिस दिया था और वही चर्चा शुरू करने वाले थे. राहुल गांधी की लोकसभा में वापसी ही एक दिन पहले हुई है.” एक अन्य सांसद ने अख़बार से दावा किया कि गांधी ने पहले नहीं बोलने का फ़ैसला किया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी सदन में मौजूद नहीं थे. वहीं तीसरे सांसद ने कहा कि राहुल गांधी “असहज” महसूस कर रहे थे इसलिए नहीं बोला. कांग्रेस के कुछ सांसद ये भी कह रहे थे कि वो सरकार को सरप्राइज़ करना चाहते थे. एक सांसद ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमने उनका (राहुल गांधी) नाम एक चाल के तहत दिया था. हमें पता था जैसे ही सरकार को पता चलेगा कि राहुल गांधी बोल रहे हैं, ट्रेज़री बेंच अपनी पूरी तैयारी के साथ आएगा और उनकी बहस को मुद्दे से भटकाना चाहेगा. लेकिन जब हमने ऐन मौक़े पर तय किया कि गोगोई बोलेंगे तो वो लोग हैरान परेशान हो गए, वो (सत्ता पक्ष के सांसद) लोग इसके लिए तैयार इमेज स्रोत,ANI राहुल गांधी के भाषण ना देने पर बीजेपी की आपत्ति मोदी सरकार के खिलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जब राहुल गांधी ने मंगलवार को भाषण नहीं दिया तो उस पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर एक पत्र दिया, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी बोलेंगे, बहस दोपहर में शुरू हुई, मुझे आश्चर्य है कि पाँच मिनट में ऐसी क्या समस्या आ गई कि उन्होंने भाषण ना देने का फ़ैसला ले लिया. इसके जवाब में कांग्रेस सांसद रंजन गोगोई ने कहा कि “सत्ता पार्टी के मंत्रियों को लोकसभा स्पीकर के चेंबर में हुई बातों को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाना चाहिए.” चेतावनी वाले लहजे में उन्होंने कहा कि “अगर इस तरह स्पीकर से हुई हमारी बात को सामने लाया जा रहा है तो फिर चेंबर में प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई है ये भी आपको बताना होगा.” गोगोई के इस बयान पर गृहमंत्री अमित शाह ग़ुस्से मे अपनी सीट से उठ गए और गोगोई से कहा, “ ये गंभीर आरोप है, आपको बताना चाहिए कि पीएम ने क्या कहा है.” प्रह्लाद जोशी ने स्पीकर से कहा, “आप स्पीकर और प्रधानमंत्री को लेकर ऐसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगा सकते. यह एक गंभीर मामला है.” इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने गौरव गोगोई से कहा मेरा चेंबर भी लोकसभा का हिस्सा है इसलिए ऐसे कोई बयान मत दीजिए जिसके पीछे सच्चाई ना हो. इमेज स्रोत,ANI निशिकांत दुबे का ‘बेटे और दामाद’ वाला बयान सत्ताधारी पक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपने पूरे भाषण में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के विरोधाभासों पर ज़ोर दिया. उन्होंने टीएमसी, डीएमके, जेडीयू और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे दलों के कांग्रेस के साथ अतीत के टकराव का विस्तार से ज़िक्र किया, उन्होंने तंज़ करते हुए कहा कि इस गठबंधन के ज़्यादातर लोग गठबंधन ‘इंडिया’ का “फुल फॉर्म नहीं बता पाएँगे”. निशिकांत दुबे ने अविश्वास प्रस्ताव को ‘ग़रीब के बेटे’ और ‘लोगों के लिए घर बनाने वाले’ व्यक्ति पर हमला बताया. दुबे ने सोनिया गांधी का नाम लेकर उनके बेटे और दामाद का ज़िक्र किया, उन्होंने अपने भाषण में कई बार ‘दामाद’ शब्द का प्रयोग किया जिस पर विपक्ष ने कई बार विरोध किया, उन्होंने कहा कि किसी का भी दामाद … Read more

जलवायु परिवर्तन को लेकर जी20 समूह के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं

मुताबिक़, यूक्रेन पर कड़ा रूख़ ना रखने को लेकर महीनों तक चली खींचतान के बाद, जी-20 समूह अब सितंबर में नेताओं की बैठक से पहले जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर आम सहमति नहीं बहना पाया है. जुलाई में ऊर्जा परिवर्तन, पर्यावरण और जलवायु पर दो जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठकों में उत्सर्जन का टारगेट, जीवाश्म ईंधन में कटौती और जलवायु वित्त सहित कई प्रमुख मुद्दों पर एक राय नहीं बन पाई और इसके बाद ही चिंताएं बढ़ गई हैं. पहली बैठक गोवा में जी-20 एनर्जी ट्रांजिशन वर्किंग ग्रुप (ईटीडब्ल्यूजी) की थी, उसके बाद बीते महीने चेन्नई में जी-20 पर्यावरण और जयवायु सस्टेनेबिलिटी वर्किंग ग्रुप (ईसीएसडब्ल्यूजी) की बैठक हुई. बैठक के बाद अध्यक्ष ने जो बैठक की सारांश रिपोर्ट बनाई उसमें ऐसे मुद्दे हैं, जिसमें जी-20 सदस्यों के बीच कोई ‘सहमति’ नहीं बन पाई. रूस और चीन अब भी यूक्रेन से संबंधित पैराग्राफ़ों पर जी-7 देशों के ख़िलाफ़ हैं. चीन का कहना है कि कोई भी “भूराजनीतिक” मुद्दे शामिल नहीं किए जाने चाहिए. वहीं अब ये असहमति जी7 देशों और विकासशील देशों के बीच उत्सर्जन टारगेट और जलवायु वित्त को लेकर भी देखी जा रही है. खासकर ‘फ़ेज़ आउट’ यानी कोयले के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद करना और जीवाश्म ईंधन के उत्पादन में कमी के प्रस्ताव का सऊदी अरब और भारत सहित कई देश विरोध कर रहे हैं. इन देशों का कहना है कि फ़ेज़ आउट की जगह “फेज़ डाउन” जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाएं. सहमति बनाना काफ़ी मुश्किल अख़बार सूत्रों के हवाले से लिखता है कि इस बातचीत से जुड़े लोगों के मुताबिक़ जी-20 वार्ताकारों ने जलवायु बैठक से पहले “रात भर और दो दिनों तक सुबह पाँ बजे तक” जलवायु मुद्दों पर चर्चा करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि आम सहमति से एक प्रस्ताव तैयार होना चाहिए. इस बैठक में अमेरिका के विशेष दूत जॉन केरी सहित कई देशों के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया. आख़िरकार जब सभी देशों के बीच तालमेल बैठाना असंभव लगने लगा तो भारतीय वार्ताकारों ने कहा कि वे मतभेद के सभी बिंदुओं को बयान में दर्ज करना करेंगे, ताकि 9 और 10 सितंबर को “नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान असहमति के मुद्दों पर समाधान निकालने का विकल्प” तलाशा जा सके. एक अधिकारी ने द हिंदू को बताया, “अगर हम बैठक के बाद ऐसी रिपोर्ट बनाएंगे जिसमें असहमति के कोई मुद्दे ही ना हों तो हम उन बिंदुओं को बाद में नहीं ला सकते हैं. फ़ंडिंग की कमी और भारत की चुनौती ईसीएसडब्ल्यूजी की बैठक के अंत में अध्यक्ष ने जो बयान जारी किया, उसके अनुसार, सदस्यों के बीच 2025 तक वैश्विक उत्सर्जन लक्ष्य को चरम पर पहुँचाने और 2035 तक उत्सर्जन में 60% की कटौती (2019 की तुलना में) करने का लक्ष्य रखा गया है. भारत सहित विकासशील देशों ने इस लक्ष्य के लिए प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है. एक मुद्दा और है, जिस पर विवाद है, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित विकसित देशों ने ग़रीब देशों को जलवायु परिवर्तन के तहत किए जा रहे बदलावों को लागू करने के लिए100 अरब डॉलर की आर्थिक मदद देने का वादा किया था. ये मदद 2020 से दी जानी थी. इस बैठक की सारांश रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारी ने दर्ज किया है कि जी -20 सदस्य इस बात पर भी सहमत नहीं थे, जिस पर वह पहले ही सहमत हो चुके हैं. चेन्नई में हुई बैठक की सारांश रिपोर्ट का पैराग्राफ़ 64 कहता है, “पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह के आदेश पर जी-20 सदस्यों के बीच अलग-अलग विचार हैं. ऊर्जा परिवर्तन के मुद्दों और उन्हें इस दस्तावेज़ में किस लहजे में लिखा जाए किया जाए, इस पर भी अलग-अलग विचार हैं. ” इसके अलावा, जलवायु विशेषज्ञ और कार्यकर्ता समूह इस बात से निराश हैं कि बैठक में जो उम्मीद थी उसके उलट जलवायु परिवर्तन का मुद्दा “हल्का” नज़र आ रहा है. संभव है ये नवंबर में दुबई में होने वाले संयुक्त राष्ट्र COP28 जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भी बातचीत को पटरी से उतार सकती है. जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के कार्यकारी सचिव साइमन स्टिल ने चेन्नई में बैठक के बाद कहा कि “हमें एक मज़बूत और एकमत संदेश की उम्मीद थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.” चौथी शेरपा बैठक अब 3-6 सितंबर को हरियाणा के मानेसर में होने वाली है, इसके बाद 5-6 सितंबर को वित्त और केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधियों की बैठक होगी. अब तक यूक्रेन युद्ध को लेकर में मतभेद मुख्य कारण रहा है, जिसके कारण अब तक जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया. लेकिन अब जलवायु परिवर्तन पर आम सहमति वाली भाषा चुन पाना वार्ताकारों के सामने चुनौती बढ़ा रहा है. भारत ऐसे जी20 बैठक की मेज़बानी नहीं करना चाहता, जहाँ बैठक के बाद “नेताओं के साझा बयान” जारी ना किए जा सकें.

India Vs West Indies 2nd T20 LIVE Score Update: भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज पर कसा शिकंजा… पंड्या ने किए 3 शिकार

India Vs West Indies 2nd T20 LIVE Score Update: वेस्टइंडीज के सामने 153 रनों का टारगेट है. टीम इंडिया के लिए तिलक वर्मा ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली. उन्होंने 41 गेंदों पर 51 रन बनाए. यह उनकी इंटरनेशनल करियर में पहली फिफ्टी रही. उनके अलावा ईशान किशन ने 27 और कप्तान हार्दिक पंड्या ने 24 रन बनाए. विंडीज के लिए अकील हुसैन, अल्जारी जोसेफ और रोमारियो शेफर्ड ने 2-2 विकेट लिए. भारतीय टीम में एक बड़ा बदलाव किया गया है. चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव टीम से बाहर हैं. उनकी जगह रवि बिश्नोई को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया. बताया गया है कि प्रैक्टिस के दौरान कुलदीप यादव को चोट लगी है. इस कारण वो दूसरे मैच से बाहर हैं. कप्तान पंड्या ने कहा कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है. सीरीज के पहले मैच में भारतीय टीम को 4 रनों से हार मिली थी. इस तरह वेस्टइंडीज सीरीज में 1-0 से आगे है. मैच में भारतीय कप्तान हार्दिक पंड्या ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया. भारतीय टीम में एक बड़ा बदलाव किया गया है. चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव टीम से बाहर हैं. उनकी जगह रवि बिश्नोई को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया. बताया गया है कि प्रैक्टिस के दौरान कुलदीप यादव को चोट लगी है. इस कारण वो दूसरे मैच से बाहर हैं. कप्तान पंड्या ने कहा कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है. सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम को 4 रनों से हार मिली थी. ऐसे में पंड्या के लिए यह मैच वापसी के लिहाज से काफी अहम है. पिछले मैच में बैटिंग कमजोर नजर आई थी. ऐसे में कप्तान पंड्या इस मैच में स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल को मौका दे सकते हैं. यदि ऐसा होता है, तो यह यशस्वी का वनडे में डेब्यू होगा. पिछले मुकाबले में तिलक वर्मा और मुकेश कुमार ने डेब्यू किया था.

Bankruptcy cases: What India can learn from UK’s urgent list system for fast resolutions

India could learn valuable lessons from the UK’s urgent list system for bankruptcy cases. With judges possessing a deep understanding of insolvency legislation and practical realities, the UK’s approach ensures complex and contentious cases are directed to specialised courts for faster resolution. “Insolvency cases need timely attention because there are often urgent matters to be dealt with, such as employee concerns, safety issues, and stock price movements. In such instances, someone needs to take control of the company quickly. We are able to appoint administrators outside of court, resulting in fewer delays. In addition, we can approach the insolvency courts on an urgent basis and receive prompt decisions,” says Kanika Kitchlu-Connolly, Partner at TLT’s India Group, a well-known law firm based in the UK. Connolly suggests that India could adopt a similar model to expedite insolvency proceedings and empower judges with technical knowledge and commercial acumen for more effective outcomes. In the UK, if the county court lacks insolvency expertise or if the case becomes complex or contentious, it will be referred to the next largest county court with the required expertise. The High Court may also hear cases that are particularly difficult or of high value. In addition, the High Court has specialised lists for bankruptcy. The judges presiding over these cases are experts in insolvency law; they are known as ICC judges (insolvency and companies court judges) and possess the technical knowledge, technical expertise, and commercial understanding relevant to insolvency matters,” adds Connolly. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. A lawyer expresses concern about the occurrence of creditors submitting baseless objections, and the courts frequently consider and entertain such petitions. Vidarbha Vs. Axis Bank case has also led to confusion over the admission of applications under Section 7 of the IBC. The Supreme Court ruled that the NCLT and NCLAT were mistaken in assuming that such applications must be admitted solely based on the presence of debt and default by the corporate debtor. The Court’s interpretation of the word “may” in Section 7(5)(a) suggested that it is not a mandatory provision, giving NCLTs discretion to admit or reject applications based on grounds presented by the corporate debtor. This has introduced uncertainty and prolonged the admissions process. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. A lawyer expresses concern about the occurrence of creditors submitting baseless objections, and the courts frequently consider and entertain such petitions. Vidarbha Vs. Axis Bank case has also led to confusion over the admission of applications under Section 7 of the IBC. The Supreme Court ruled that the NCLT and NCLAT were mistaken in assuming that such applications must be admitted solely based on the presence of debt and default by the corporate debtor. The Court’s interpretation of the word “may” in Section 7(5)(a) suggested that it is not a mandatory provision, giving NCLTs discretion to admit or reject applications based on grounds presented by the corporate debtor. This has introduced uncertainty and prolonged the admissions process. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. A lawyer expresses concern about the occurrence of creditors submitting baseless objections, and the courts frequently consider and entertain such petitions. Vidarbha Vs. Axis Bank case has also led to confusion over the admission of applications under Section 7 of the IBC. The Supreme Court ruled that the NCLT and NCLAT were mistaken in assuming that such applications must be admitted solely based on the presence of debt and default by the corporate debtor. The Court’s interpretation of the word “may” in Section 7(5)(a) suggested that it is not a mandatory provision, giving NCLTs discretion to admit or reject applications based on grounds presented by the corporate debtor. This has introduced uncertainty and prolonged the admissions process. IBC, once hailed as a game-changer, is now grappling with delayed decisions and conflicting judgments, posing significant challenges to the insolvency process. Under the IBC, the National Company Law Tribunal (NCLT) is entrusted with the task of ascertaining the occurrence of default within 14 days of receiving an insolvency application. This milestone has been breached to an alarming 140 days, and in a few cases, crossing 1,400 days, causing significant delays in the process. Adding to the complexity, numerous proceedings are deliberately initiated before the NCLT to intentionally delay the progress of the insolvency processes. A lawyer expresses concern about the occurrence of creditors submitting baseless objections, and the courts frequently consider and entertain such petitions. Vidarbha Vs. … Read more

शेयर बाजार ने रचा इतिहास, निफ्टी ने तोड़ डाले पुराने सभी रिकॉर्ड… अब नए शिखर पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद एक बार फिर बढ़त के साथ बंद हुआ। सोमवार को सेंसेक्स 367.47 (0.56%) अंकों की बढ़त के साथ 66,527.67 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 107.75 (0.55%) अंक चढ़कर 19,753.80 अंकों के स्तर पर बंद हुआ। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली रूप से 0.0100(0.0122%) प्रतिशत फिसलकर 82.2500 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। सोमवार को बाजार की तेजी में ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों का योगदान रहा। निफ्टी में पावर स्टॉक्स में सबसे ज्यदा तेजी दिखी। इनमें एनटीपीसी टॉप गेनर रहा। Trending Videos हफ्ते के पहले कारोबारी दिन निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर ये रहे फॉक्सकॉन ने मोबाइल उपकरण बनाने की फैक्ट्री ने के लिए तमिलनाडु से किया करार ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन ने कांचीपुरम में मोबाइल उपकरण बनाने का कारखाना लगाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एक आशय पत्र (एलओआई) पर सोमवार को हस्ताक्षर किए। कुल 1,600 करोड़ रुपये की लागत से इसकी स्थापना की जाएगी और इससे 6,000 नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ट्वीट किया कि उनकी मौजूदगी में राज्य सरकार और फॉक्सकॉन समूह के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान फॉक्सकॉन समूह का प्रतिनिधित्व यंग लियू ने किया। देश के फॉरेक्स रिजर्व में दर्ज की गई गिरावट, 1.987 अरब डॉलर घटकर 607 डॉलर हुआ 21 जुलाई को समाप्त हुए हफ्ते के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 1.987 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह 607.035 बिलियन पर पहुंच गया। आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई है। इससे पिछले हफ्ते में सात दिनों के दौरान ही विदेशी मुद्रा भंडार 12.743 अरब डॉलर बढ़कर 609.022 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। बता दें कि अक्तूबर 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार अक्तूबर 2021 में अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 645 अरब डॉलर पर पहुंचा था। उसके बार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपये को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक की ओर से फॉरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल करने के कारण इसमें गिरावट दर्ज की गई। आरबीआई की ओर बीते शुक्रवार को जारी जारी साप्ताहिक साख्यिकीय पूरक के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार के मुख्य घटक फॉरेन करेंसी असेट्स में 21 जुलाई को समाप्त हफ्ते के दौरान 2.414 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई औेर यह 537.752 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आरबीआई के अनुसार इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 41.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 45.614 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आठ प्रमुख बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों की वृद्धि दर पांच महीनों के उच्चतम स्तर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली के उत्पादन में गिरावट के कारण आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर जून 2023 में एक साल पहले इसी महीने की तुलना में घटकर 8.2 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि मासिक आधार पर यह पांच महीने का उच्चतम स्तर है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2022 में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत थी। हालांकि जून में उत्पादन वृद्धि पांच महीने के उच्च स्तर पर रही। जनवरी में प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर 9.7 प्रतिशत रही जबकि मई 2023 में यह 5 प्रतिशत थी। अप्रैल-जुलाई 2023-24 में आठ क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 13.9 प्रतिशत थी।

देश का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड , एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना

मुंबई। सीबीआई (CBI) ने एबीजी शिपयार्ड और उसके निदेशकों के खिलाफ 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की है. सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India), वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, कफे परेड, कोलाबा मुंबई ब्रांच के डीजीएम बालाजी सिंह समानता की शिकायत पर मेसर्स एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, मगदला विलेज, ऑफ डुमास रोड, सूरत, गुजरात कंपनी, ऋषि कमलेश अग्रवाल, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, गारंटर संथानम मुथास्वामी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अश्वनी कुमार, डायरेक्टर सुशील कुमार अग्रवाल, डायरेक्टर रवि विमल निवेदिता, डायरेक्टर मेसर्स एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और अज्ञात सरकारी लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, चीटिंग, क्रिमिनल बीच ऑफ ट्रस्ट, पोस्ट का दुरुपयोग करके कॉन्सॉर्टियम ऑफ बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ई स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ( मौजूदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ), ई स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (मौजूदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) जिसे आईसीआईसी बैंक लीड कर रहा था, टोटल 22,842 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. शिकायत में मौजूद आरोप और फैक्ट्स के मुताबिक आईपीसी 120बी, 409, 420 और 13(2), 13(1) (d), ऑफ प्रिवेंशन औ करप्शन एक्ट के तहत (1) एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, (2) ऋषि कमलेश अग्रवाल, (3) संथानम मुथोस्वामी, (4) अश्वनी कुमार, (5) सुशील कुमार अग्रवाल, (6) रवि विमल निवेतिया, (7) मेसर्स एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, (8) अज्ञात पब्लिक सर्वेंट और प्राइवेट लोगों के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है और सीबीआई के पीआई नई दिल्ली कमलेश चंद्र तिवारी को जांच करने के लिए आदेश दिया गया है. आठ नवंबर 2019 को दर्ज कराई गई थी पहली शिकायत बैंकों के संघ ने सबसे पहले आठ नवंबर 2019 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सीबीआई ने 12 मार्च 2020 को कुछ स्पष्टीकरण मांगा था. बैंकों के संघ ने उस साल अगस्त में एक नई शिकायत दर्ज की और डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच करने के बाद सीबीआई ने इस पर कार्रवाई की. अधिकारी ने कहा कि कंपनी को एसबीआई के साथ ही 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2468.51 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि वर्ष 2012-17 के बीच आरोपियों ने कथित रूप से मिलीभगत की और अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया, जिसमें धन का दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात शामिल है. सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी जहाज निर्माण और जहाज की मरम्मत का काम करती है. इसके शिपयार्ड गुजरात के दहेज और सूरत में स्थित है. इस बीच 22,842 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई मुंबई में एबीजी शिपयार्ड से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. इससे पहले नीरव मोदी ने बैंकों के साथ लगभग 13,200 करोड़ रुपए का घोटाला किया था.

IPL 2022 : ईशान को सबसे ज्यादा 15.25 करोड़ मिले, शार्दूल 10.75 करोड़ में, फुल डिटेल्स

बेंगलुरु। IPL 2022 का मेगा ऑक्शन बेंगलुरु में जारी है। बोली लगा रही 10 फ्रेंचाइजियों ने अब तक 41 खिलाड़ियों को खरीदा है। इनमें अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी ईशान किशन रहे हैं, जिन्हें 15.25 करोड़ में मुंबई ने खरीदा। उन पर बोली लगाने के लिए नीता अंबानी की मुंबई और गुजरात के बीच 10 मिनट तक लंबी होड़ चली। ईशान इस नीलामी के साथ आईपीएल में दूसरे सबसे महंगे भारतीय हो गए हैं। इससे पहले युवराज को 16 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था। ईशान ने अपने गुरु महेंद्र सिंह धोनी को भी पछाड़ दिया, जिन्हें चेन्नई ने 12 करोड़ में रिटेन किया है। ईशान के बाद दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी बिके दीपक चाहर। उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 14 करोड़ में खरीदा। मिडिल ऑर्डर बैट्समैन और विकेटकीपर निकोलस पूरन के लिए भी लंबी लड़ाई चली। करीब 8 मिनट की बोली के बाद पूरन को हैदराबाद ने 10.75 करोड़ में खरीदा। IPL मेगा AUCTION में अब तक बिके अहम खिलाड़ी… 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले युजवेंद्र चहल को 6.50 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। लेग स्पिनर के लिए मुंबई, राजस्थान और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल तक RCB के लिए खेलते हुए चहल को 6 करोड़ मिलते थे। 75 लाख के बेस प्राइस वाले राहुल चाहर को 5.25 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा। राहुल के लिए SRH, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और मुंबई ने बोली लगाई थी। पिछले साल राहुल को मुंबई से 1.9 करोड़ रुपए मिलते थे। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले कुलदीप यादव को 2 करोड़ में दिल्ली कैपटिल्स ने खरीदा। चाइनामैन गेंदबाज के लिए पंजाब और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनकी सैलरी 5.8 करोड़ रुपए थी। बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 2 करोड़ में दिल्ली ने खरीदा। रहमान का बेस प्राइस 2 करोड़ था और उनके लिए दिल्ली और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनको 1 करोड़ रुपए मिलते थे। लॉर्ड शार्दूल के नाम से मशहूर हो चुके 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले शार्दूल ठाकुर को 10.75 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा। इनके लिए पंजाब, गुजरात और दिल्ली ने दिलचस्पी दिखाई थी। पिछले साल CSK से खेलते हुए ठाकुर को 2.6 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले भुवनेश्वर कुमार को 4.20 करोड़ में SRH ने खरीदा। भुवी के लिए राजस्थान, मुंबई, SRH और लखनऊ ने बोली लगाई थी। स्विंग के बादशाह भुवनेश्वर कुमार को SRH से 8.50 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले इंग्लैंड के पेसर मार्क वुड को 7.50 करोड़ में लखनऊ ने खरीदा। वुड के लिए लखनऊ के अलावा दिल्ली ने बोली लगाई थी। 2018 में वुड को CSK की ओर से 1.50 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड को 7.75 करोड़ में RCB ने खरीदा। चेन्नई, लखनऊ, मुंबई, RCB और दिल्ली के बीच जोरदार बोलियां लगीं। IPL 2021 में CSK के लिए खेलते हुए हेजलवुड की सैलरी 2 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले कीवी तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन को 10 करोड़ में गुजरात टाइटन्स ने खरीदा। फर्ग्यूसन पर गुजरात और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनको केवल 1.60 लाख मिलते थे। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले प्रसिद्ध कृष्णा को 10 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। शानदार फॉर्म में चल रहे कृष्णा पर लखनऊ और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनको केवल 20 लाख मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले दीपक चाहर को 14 करोड़ में CSK ने खरीदकर अपने साथ जोड़ा। स्विंग में माहिर चाहर डेथ ओवर्स में तेज रन भी बना सकते हैं। उन पर हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनकी सैलरी 80 लाख थी। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले तेज गेंदबाज टी नटराजन को 4 करोड़ में सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदा। नटराजन के ऊपर SRH और गुजरात ने बोली लगाई थी। पिछले साल SRH से खेलते हुए उनकी सैलरी 40 लाख थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले विकेटकीपर ईशान किशन को 15.25 करोड़ में मुंबई ने खरीदा। ईशान पर मुंबई और पंजाब ने बोली लगानी शुरू की थी। पिछले साल उनकी आईपीएल सैलरी 6.20 करोड़ थी। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन को 10.75 करोड़ में हैदराबाद ने खरीदा। पूरन पर CSK, SRH और KKR ने बोली लगाई थी। पिछले साल पंजाब किंग्स से खेलते हुए उनकी सैलरी 4.2 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले दिनेश कार्तिक को 5.50 करोड़ में RCB ने खरीदा। RCB के अलावा चेन्नई ने भी उनके ऊपर बोली लगाई थी। KKR के लिए खेलते हुए उनकी सैलरी 7.40 करोड़ थी। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो को 6.75 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा। बेयरस्टो पर दिल्ली, पंजाब और हैदराबाद ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनकी सैलरी 2.20 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले अंबाती रायडू को 6.75 करोड़ में चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा। पिछले साल भी अंबाती CSK का ही हिस्सा थे। अंबाती पर उनकी चेन्नई, दिल्ली और हैदराबाद ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनको चेन्नई से 2.20 करोड़ मिलते थे। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले वॉशिंगटन सुंदर पर पंजाब, गुजरात और हैदराबाद ने दांव लगाया था। सुंदर को SRH ने 8.75 करोड़ में खरीदा। पिछले साल RCB से सुंदर को 3.20 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑलराउंडर मिचेल मार्श को 6.50 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा। मार्श पर SRH और गुजरात ने भी बोली लगाई। पिछले साल हैदराबाद में मार्श की सैलरी 2 करोड़ रुपए थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या को 8.25 करोड़ में लखनऊ ने खरीदा। पंड्या पर पंजाब, SRH और गुजरात ने भी बोली लगाई। पांड्या की मुंबई इंडियंस में सैलरी 8.8 करोड़ थी। हसरंगा पर पंजाब और RCB ने बोली लगाई थी। पिछले साल हसरंगा टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर रहे थे। पिछले साल RCB में उनकी सैलरी 50 लाख रुपए थी। कैरेबियाई ऑलराउंडर जेसन होल्डर को अपने साथ जोड़ने के लिए मुंबई, … Read more

NCP चीफ शरद पवार ने की पीएम मोदी की तारीफ, बोले – पीएम मोदी की प्रशासन पर अच्छी पकड़ है

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने पीएम मोदी नरेंद्र मोदी (PM Modi) की जमकर तारिफ की है. मुंबई में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में एनसीपी चीफ ने कहा कि पीएम मोदी की प्रशासन (Administration) पर अच्छी पकड़ है. यही उनका पक्ष काफी मजबूत करता है. शरद पवार ने कहा कि पीएम के कामकाज की शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बार जब कोई कार्य करते हैं तो वो इसे पूरा करना सुनिश्चित करते हैं. पवार ने कहा कि मोदी बहुत प्रयास करते हैं और काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देते हैं. उन्होंने कहा कि मोदी का स्वभाव ऐसा है कि एक बार जब वो किसी भी कार्य को हाथ में लेते हैं, तो वो ये सुनिश्चित करेंगे कि जब तक वो अपने निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाता, तक तक वो नहीं रुकेगा. सहयोगियों को साथ ले जाने का एक अलग तरीका एनसीपी चीफ ने आगे कहा कि पीएम इस बात पर भी जोर देते हैं कि उनकी सरकार की नीतियों के प्रभावी कार्यान्यवयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और उनके सहयोगी एक साथ कैसे आ सकते हैं. मोदी के पास अपने सहयोगियों को साथ ले जाने का एक अलग तरीका है और वो शैली मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों में नहीं थी. पवार ने कहा कि मेरी और तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह की राय थी कि तत्कालीन गुजरात के सीएम मोदी के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति नहीं की जानी चाहिए. पवार ने कहा कि जब मोदी गुजरात के सीएम थे, मैं केंद्र में था. जब पीएम सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाते थे, तब मोदी बीजेपी शासित राज्यों के सीएम के एक समूह का नेतृत्व करते थे और केंद्र पर हमला करते थे. मोदी लगातार सरकार पर हमला करते थे उन्होंने कहा कि तो ऐसी स्थिति में मोदी को कैसे जवाब दिया जाए, इस पर रणनीति बनाई जाती थी. मेरे अलावा यूपीए सरकार में कोई अन्य मंत्री नहीं था जो मोदी से बातचीत कर सके क्यों कि वो मनमोहन सिंह सरकार पर लगातार हमला करते थे. राज्यसभा सांसद ने कहा कि यूपीए की आंतरिक बैठकों मे वह उपस्थित सभी लोगों से कहते थे कि भले ही उनके और मोदी और उनकी पार्टी भाजपा के बीच मतभेद हों, किसी को ये नहीं भूलना चाहिए कि वो सीएम थे. उन्होंने कहा कि मैं बैठकों में कहा करता था कि हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि वो एक राज्य के सीएम हैं और लोगों ने उन्हें जनादेश दिया है, अगर वो यहां मुद्दों के साथ आ रहे हैं, तो ये सुनिश्चित करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है कि मतभेदों का समाधान हो और हित उनके राज्य के लोग प्रभावित नहीं है. उन्होंने कहा कि तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने उनकी राय का समर्थन किया.

क्या खत्म हो गया PM मोदी का करिश्मा … रैली के लिए भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सरकारी अफसरों पर

कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा क्या खत्म हो गया है। 28 दिसंबर को कानपुर में रैली के लिए भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सरकारी अफसरों के कंधों पर है। 16 विभागों को 70 हजार की भीड़ जुटाने का फिक्स टारगेट दिया गया है। यह विभाग अपनी अलग-अलग योजनाओं के 70 हजार लाभार्थियों को पीएम के कार्यक्रम में लेकर आएंगे। इन्हें लाने और ले जाने से लेकर खाने-पीने का इंतजाम भी सरकारी अफसर ही करेंगे। यानी पीएम मोदी के कार्यक्रम में दिखने वाली भीड़ भी सरकारी ही होगी। कार्यक्रम में 70 हजार लोगों की भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी डीएम विशाख जी. को दी गई है। उन्होंने सीएमओ से लेकर समाज कल्याण अधिकारी, आईटीआई के प्रिंसिपल, केडीए सचिव, परियोजना अधिकारी डूडा समेत 16 अलग-अलग विभागों को लाभार्थियों को लाने का लक्ष्य दिया है। सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लाभार्थियों को लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। विभाग की ओर से ही 2250 बसों का इंतजाम किया गया है। विभागों के चपरासी से लेकर बाबू और अफसरों को बस से लाभार्थियों को लाने और वापस निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के साथ ही खाने का भी इंतजाम करने की जिम्मेदारी दी गई है। मोदी के आगमन पर इन सभी विभागों में कामकाज ठप रहेगा। अगर किसी भी विभाग ने इसमें लापरवाही की तो संबंधित अफसर या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग, कृषि, उद्यान विभाग, खाद्य एवं रसद, समाज कल्याण, बैंक, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज, स्किल डेवलपमेंट, नगर निगम, डूडा और केडीए समेत 16 विभागों से 70 हजार लाभार्थियों को बुलाया गया है। योगी-मोदी की सभा में पहले भी जुटाई गई है भीड़ CM योगी की रविवार को प्रयागराज के लीडर प्रेस मैदान में जनसभा थी। इसमें भीड़ जुटाने के लिए जिले के आला अफसर पिछले तीन-चार दिनों से लगे थे। सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें। इसमें शिक्षा विभाग, एनआरएलएम, डूडा, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास विभाग जैसे सभी विभागों को शामिल किया गया था। सुल्तानपुर में 16 नवंबर को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने पीएम मोदी पहुंचे थे। मोदी की सभा में शामिल होने के लिए करीब 2 लाख लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया था। इतने लोगों को लाने-ले जाने के लिए सुल्तानपुर के DM ने 2 हजार बसें उपलब्ध कराई थीं। 19 नवंबर को महोबा जिले में PM नरेंद्र मोदी की रैली थी। आसपास के जिलों से भीड़ लाने के लिए 1,600 रोडवेज बसों का जुगाड़ किया गया था। डीएम मनोज कुमार ने परिवहन विभाग से बसों की मांग की थी।

सरकार ने 1.38 करोड़ टैक्सपेयर को दिया 1.44 करोड़ का ITR रिफंड, कैसे चेक करें

नई दिल्ली। अब तक 1.38 करोड़ टैक्सपेयर्स को 1.44 लाख करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिफंड दिया जा चुका है. आईटी डिपार्टमेंट ने यह जानकारी दी. अभी आईटीआर फाइलिंग का समय भी चल रहा है. इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 दिसंबर निर्धारित है. टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स रिफंड के बारे में कहा है कि 99.75 लाख रिफंड 2021-22 एसेसमेंट ईयर का है. इस एसेसमेंट ईयर की मियाद 31 मार्च 2021 को समाप्त होगा. अब तक 99.75 लाख लोगों को रिफंड के तौर पर 20,451.95 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. टैक्स रिटर्न की दी जानकारी दूसरी ओर, टैक्स विभाग ने आईटीआर फाइलिंग की भी जानकारी दी है. टैक्स विभाग ने कहा है कि 2020-21 वित्त वर्ष के लिए 21 दिसंबर तक 4 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हो चुकी है. 31 दिसंबर की डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही आईटीआर फाइलिंग में तेजी देखी जा रही है. आईटी विभाग ने एक ट्वीट में लिखा, अब तक 4 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की गई हैं. पिछले 7 दिन में ही 46.77 लाख आईटीआर दाखिल की गई है. 21 दिसंबर को 8.7 लाख आईटीआर दाखिल की गई. रिफंड के बारे में क्या कहा टैक्स विभाग ने रिफंड के बारे में इनकम टैक्स विभाग ने एक ट्वीट में लिखा है, 1,35,35,261 संस्थाओं को 49,194 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड जारी किया गया है और 2.11 लाख से अधिक मामलों में 95,133 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट टैक्स रिफंड जारी किया गया है. ट्वीट में कहा गया, “सीबीडीटी ने 1 अप्रैल, 2021 से 20 दिसंबर, 2021 तक 1.38 करोड़ से अधिक करदाताओं को 1,44,328 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया.” इससे पहले टैक्स रिटर्न के बारे में विभाग ने कहा, ‘आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 21 दिसंबर 2021 तक चार करोड़ से अधिक आईटीआर मिले हैं. पिछले एक सप्ताह में 46.77 लाख और 21 दिसंबर को 8.7 लाख आईटीआर रिटर्न दाखिल किए गए.’ मंत्रालय ने कहा कि करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की बढ़ी हुई अंतिम तिथि 31 दिसंबर है. आयकर विभाग ने करदाताओं को अंतिम तारीख याद दिलाने के लिए मैसेज और ईमेल भी भेजे हैं. विभाग ने आईटीआर जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है. रिफंड कैसे करें चेक जब रिफंड मिल रहे हैं तो इसे चेक करने का तरीका भी जान लेना चाहिए. आपको जानना चाहिए कि आईटीआर भरने के बाद भी क्यों अब तक रिफंड नहीं मिला. नियम के अनुसार अगर आपने रिटर्न भरा है तो रिफंड भी आएगा. रिफंड के बारे में जानने के लिए आपको इनकम टैक्स इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाना होगा. यहां आपको my account-my returns/forms सेक्शन में जाना होगा. यहां हो सकता है कि आपको यह लिखा मिले कि आपका आईटीआर प्रोसेस हो चुका है लेकिन इनक टैक्स डिपार्टमेंट अभी नो रिफंड की स्थिति में है. हो सकता है कि आपको यह लिखा दिखे कि टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड के लिए तैयार है, लेकिन आप तक चेक या ईसीएस क्रेडिट नहीं पहुंच पा रहा. इसकी वजह यह हो सकती है कि आपने जो पता दिया है, वह गलत हो या उस पते पर चेक या ईसीएस कोई नहीं ले रहा हो. यह भी हो सकता है कि आपने जो पता दिया है वह घर बंद हो. हो सकता है कि ईसीएस क्रेडिट के लिए जो अकाउंट नंबर दिया गया है, वह गलत हो. ऐसी स्थिति में रिफंड इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को वापस मिल जाता है. इसके लिए आपको अपनी जानकारी पुष्ट करनी चाहिए जो टैक्स डिपार्टमेंट को दिया है.

मध्यप्रदेश में हर महीने 1100 नवजात अस्पताल में ही तोड़ देते हैं दम

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले एक साल में सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान 13 हजार 530 नवजातों की मौत हुई। यानी रोजाना 37 बच्चों ने दम तोड़ा। हर महीने लगभग 1100। यह बात कोई और नहीं, मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कबूली है। वे एक सवाल का विधानसभा में जवाब दे रहे थे। सरकार की ओर से आया यह जवाब ही बच्चों के स्वास्थ्य और सुविधाओं के दावों पर कई सवाल खड़े कर रहा है। मामले में किसी तरह की लापरवाही से मौत हुई है या नहीं, न यह बताया, न इसे रोकने के लिए क्या तगड़े प्रबंध किए जाने वाले हैं, उस पर खुलकर कुछ ठोस रणनीति का जिक्र किया। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सरकार से पूछा था कि चाइल्ड इनटेंसिव केयर यूनिट में इलाज के दौरान पिछले पांच साल में कितने नवजात शिशुओं की मौत हुई? पटवारी ने पिछले दिनों भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हुए हादसे की जांच को लेकर सवाल किए थे, लेकिन इसका जवाब मंत्री डाॅ. चौधरी ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है। सरकार के इस जवाब ने बच्चों के इलाज के लिए किए जा रहे दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है। विधायक पटवारी ने हमीदिया हादसे को लेकर सरकार से पूछा था कि पिछले माह आग लगने और उसमें नवजात शिशुओं के मृत होने की घटना की जांच करने किस अधिकारी को नियुक्त किया था? क्या स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर कोई जांच की है? इस हादसे के लिए किन-किन दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई? लेकिन स्वास्थ्य मंत्री को इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने लिखित जवाब में कहा कि जानकारी एकत्र की जा रही है। मंत्री से पूछे गए सवाल के जवाब में यह सामने आया कि सरकारी अस्पतालों में नवजातों के इलाज की संख्या 2015-16 में 84,691 थी, जो 2019-20 में बढ़कर 1 लाख 12 हजार हो गई। जबकि यह आंकड़ा वर्ष 2020-21 में 99 हजार से ज्यादा रहा। यह आंकड़े बताते है कि प्रतिवर्ष इन गहन चिकित्सा इकाई में इलाज के दौरान 14 से 15 प्रतिशत बच्चों की मौत हो रही है। यानी हर 6 में से 1 नवजात ने दम तोड़ा। स्वास्थ्य मंत्री को कोविड मृतकों को सहायता राशि देने की जानकारी नहीं कोरोना संक्रमण से मरने वालों के आश्रितों को सरकार ने अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. चौधरी को इसकी कोई जानकारी नहीं है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार से पूछा कि प्रदेश में कोरोना से मरने वालों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 1 लाख रुपए से घटाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है? इसके लिए बनाए गए नियमों की जानकारी दें? इस राशि का वितरण कब किया जाएगा? इन सभी सवालों का कोई जवाब सरकार के पास नहीं है। डाॅ. चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि यह जानकारी एकत्रित की जा रही है। डाॅ. चौधरी ने पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक तरुण भनोत के एक सवाल के जवाब में कहा कि कोविड से हुई मौत के एवज में मिलने वाली अनुग्रह राशि के संबंध में कोई अधिसूचना सरकार की तरफ से जारी नही हुई है। कोरोना पॉजिटिव 448 मरीजों की होम आइसोलेशन में हुई थी मौत मध्य प्रदेश में काेरोना से अब तक 10 हजार 80 लोगों की मौत हुुई है। इसमें से 448 कोरोना मरीज ऐसे हैं, जिनकी होम आइसोलेशन में ही मौत हो गई थी। जिलेवार आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा नीमच में 102 कोरोना मरीजों ने घर में ही दम तोड़ दिया था।

महाठग की महा दीवानगी .. जैकलीन से किया 500 करोड़ की सुपरहीरो फिल्म बनाने का वादा

मुंबई। 200 करोड़ की महाठगी करने वाले कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीज को लाखों-करोड़ों के तोहफे ही नहीं वुमन सेंट्रिक सुपरहीरो फिल्म का लालच भी दिया था। सुकेश ने जैकलीन से कहा था कि वह उसके लिए 500 करोड़ के बजट की तीन पार्ट्स फिल्म का प्रोडक्शन करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वादा भी जैकलीन को लुभाने की प्लानिंग में से एक था। केस से जुड़े एक सूत्र ने खुलासा किया कि सुकेश अच्छी तरह से जानता था कि जैकलीन बॉलीवुड में काम की तलाश में हैं। वह बहुत ज्यादा फिल्में साइन नहीं कर रही थी, इसलिए सुकेश ने जैकलीन से फिल्म बनाने का वादा किया था जिसमें ए-लिस्ट प्रोड्यूसर्स के नाम हटा दिया गया था। फिल्म में हॉलीवुड वीएफएक्स कलाकार शामिल होने और इसे वर्ल्डवाइड शूट करने का झांसा भी दिया था। उसने जैकलीन से यह भी कहा था कि वह हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलिना जोली से मिलती-जुलती हैं और वह अपने इर्द-गिर्द बनी एक सुपरहीरो सीरीज की हकदार हैं। सुकेश के वादे पर भरोसा कर चुकी थीं जैकलीन जैकलीन ने भले ही पूरी सावधानी बरती लेकिन फिर भी वह सुकेश के इस वादे से आश्वस्त थी कि वह वास्तव में उसके लिए बड़े बजट की यह फिल्म प्रोड्यूस करेगा। सूत्र ने आगे खुलासा किया कि सुकेश ने फिल्म बजट, प्रोडक्शन पर पर्याप्त होमवर्क और रिसर्च किया था अपनी हर बातचीत के दौरान इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े नामों को शामिल किया था। 4 साल से सुकेश के संपर्क में थीं जैकलीन चार्जशीट में जैकलीन ने चंद्रशेखर के साथ अपनी मुलाकात के बारे में भी खुलासा किया है। उन्होंने कहा था, ‘मैं फरवरी 2017 से सुकेश से बात कर रही हूं। अगस्त 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मैं उनसे कभी नहीं मिली। उन्होंने मुझे बताया था कि वे सन टीवी के मालिक हैं और जयललिता के राजनीतिक परिवार से हैं।’ जैकलीन के अलावा नोरा फतेही के भी चंद्रशेखर से महंगे तोहफे लेने की खबर हैं। कथित तौर पर नोरा को सुकेश ने एक महंगी BMW दी थी। कौन है सुकेश चंद्रशेखर? सुकेश चंद्रशेखर कर्नाटक के बेंगलुरु का रहने वाला है। कहा जाता है कि उसने लैविश लाइफस्टाइल जीने के लिए 17 साल की उम्र से ही लोगों को ठगना शुरू कर दिया था। बेंगलुरु में ठगी करने के बाद उसने चेन्नई और दूसरे शहरों में भी लोगों को निशाना बनाया। सुकेश हाई-प्रोफाइल लोगों को फोन कर खुद को बड़ा सरकारी अफसर बताता था। 2007 में उसने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताते हुए बेंगलुरू डेवलपमेंट अथॉरिटी में काम कराने के बदले 100 से ज्यादा लोगों को ठगा था। इस मामले में सुकेश की गिरफ्तारी भी हुई थी। जेल से छूटने के बाद सुकेश ने दोबारा लोगों को ठगने का काम जारी रखा। सुकेश के ऊपर 30 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं। कहा जाता है कि तमिलनाडु में वो खुद को पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का बेटा बताता था। वो खुद को आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वायएसआर रेड्डी का भतीजा बताकर भी कई लोगों से ठगी कर चुका है।

ED के शिकंजे में बच्चन परिवार, सवालों की बौछार, ऐश्वर्या के होश उड़े

नई दिल्ली। पनामा पेपर लीक मामले में सोमवार को ऐश्वर्या राय बच्चन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 7 घंटे पूछताछ की। ऐश्वर्या से उनकी कंपनियों और बैंक अकाउंट्स के बारे में सवाल हुए। भास्कर को सूत्रों ने बताया कि ED ने ऐश्वर्या से पूछा कि उन्होंने 50 हजार डॉलर में खरीदी कंपनी महज 1500 डॉलर्स में क्यों बेच दी। अमिताभ बच्चन की बहू बनने के बाद कंपनियों को बंद क्यों कर दिया गया? ED ने सोमवार को उनसे दिल्ली के लोकनायक भवन में पूछताछ की। ED के अधिकारी ऐश्वर्या के लिए सवालों की लिस्ट पहले ही तैयार कर चुके थे। वे शाम 7:30 बजे ED ऑफिस से रवाना हुईं। सूत्रों के मुताबिक ऐश्वर्या ED दफ्तर के पिछले दरवाजे से निकलीं। उन्होंने ED के सामने केस से जुड़े कुछ दस्तावेज भी सब्मिट किए हैं। ऐश्वर्या से ED ने पूछे 5 सवाल 1. आप किन-किन कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर रही हैं? 2. अमिताभ बच्चन जिन कंपनियों में डायरेक्टर थे, बाद में उनके शेयर क्यों बेच दिए गए? 3. 2008 के बाद कंपनियों को क्यों बंद कर दिया गया? 4. क्या आपकी कंपनी ने RBI वित्तीय लेन-देन की मंजूरी ली थी? 5. 50 हजार डॉलर की कंपनी को महज 1500 डॉलर में क्यों बेच दिया? पनामा पेपर्स में 500 बड़े नाम दरअसल, पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। इनमें नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, बिजनेसमैन हर वर्ग के प्रमुख लोगों के नाम हैं। इन लोगों पर टैक्स की हेराफेरी का आरोप है, जिसको लेकर टैक्स अथॉरिटी जांच में जुटी है। पनामा पेपर्स मामले की लंबे समय से जांच चल रही है। ED के अधिकारी देश की कई बड़ी हस्तियों को जांच में शामिल कर चुके हैं। इसी कड़ी में एक महीने पहले अभिषेक बच्चन भी ED कार्यालय में पहुंचे थे। वे कुछ दस्तावेज भी ED अधिकारियों को सौंपे चुके हैं। ED सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में उनके पिता अमिताभ बच्चन को भी ED नोटिस देकर बुलाने वाली है। बच्चन परिवार का नाम क्यों? साल 2016 में ब्रिटेन में पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट लीक हुए थे। इसमें दुनियाभर के बड़े नेताओं, कारोबारियों और बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए थे। भारत की बात करें तो करीब 500 लोगों के नाम सामने आए थे। इसमें बच्चन परिवार का नाम भी शामिल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन को 4 कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी, लेकिन ये कंपनियां उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी। ऐश्वर्या को पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया था। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा उनके पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। यह कंपनी 2005 में बनाई गई थी। तीन साल बाद यानी 2008 में कंपनी बंद हो गई थी।

सिद्धू को मनाने के मूड में नहीं हाईकमान,CM चन्नी को भी मिलने से रोका

जालंधर। नवजोत सिद्धू का रवैया देख कांग्रेस हाईकमान भी अड़ गया है। सिद्धू को साफ संदेश भेज दिया गया है कि उनकी हर जिद अब पूरी नहीं होगी। इसी वजह से सिद्धू के इस्तीफे के 2 दिन बीतने के बाद भी हाईकमान ने उनसे बात नहीं की। यह देख अब पंजाब में सिद्धू के प्रधान बनने से जोश में दिख रहे विधायक और नेता भी उनका साथ छोड़ने लगे हैं। कैप्टन का तख्तापलट करते वक्त सिद्धू के साथ 40 विधायक थे, अब वे अकेले पड़ गए हैं। उनके समर्थन में सिर्फ रजिया सुल्ताना ने ही मंत्रीपद छोड़ा। उनके करीबी परगट सिंह डटकर सरकार के साथ खड़े हैं। बुधवार रात मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी चंडीगढ़ से पटियाला जाने की तैयारी में थे। ऐन वक्त पर यह दौरा टल गया। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें इनकार कर दिया। चुनाव की घोषणा में सिर्फ 3 महीने बचे हैं। ऐसे में उन्हें सरकार के काम पर फोकस करने को कहा गया है। हाईकमान सिर्फ परिणाम चाहता है ताकि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की बन सके। सिद्धू को मनाने के लिए हाईकमान के कहने पर CM चरणजीत चन्नी ने नवजोत के ही करीबी मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर राजा वडिंग की कमेटी बना दी है। वे पहले 2 बार सिद्धू से मिल चुके हैं, लेकिन आगे कोई बात नहीं हुई है। सिद्धू की शर्तें मानी तो सुपर-CM पर लगेगी हाईकमान की मुहर कांग्रेस ने पंजाब में पहला अनुसूचित जाति का CM बनाया है। पंजाब में 32% अनुसूचित जाति का वोट बैंक है। इसी को निशाना बना चन्नी सीएम बन गए। अगर सिद्धू की शर्तें मान ली तो DGP और AG को हटाना पड़ेगा। ऐसा हुआ तो सरकार कमजोर पड़ जाएगी। हाईकमान ने ऐसा करवा दिया तो सिद्धू के सुपर CM बनने पर मुहर लग जाएगी। ऐसे में चन्नी को लेकर विरोधी मुद्दा बनाकर कांग्रेस का यह दांव फेल कर देंगे। इसी वजह से सिद्धू के बिना बात किए अचानक इस्तीफा देने पर कांग्रेस हाईकमान ने उनसे दूरी बना ली है। हाईकमान ने नया प्रधान ढूंढने को कहा सिद्धू के अड़ियल रवैए को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने अब पंजाब में नए प्रधान के संकेत दे दिए हैं। कांग्रेस के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी बुधवार सुबह ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने कुछ नेताओं से मुलाकात और बातचीत की। चर्चा यही है कि सिद्धू के इस्तीफा वापस न लेने की सूरत में नया प्रधान बना दिया जाए। मंत्री पद पाने से आखिरी समय में चूके कुलजीत नागरा इसके बड़े दावेदार हैं। चर्चा पूर्व CM बेअंत सिंह के परिवार से जुड़े सांसद रवनीत बिट्‌टू की भी है। यह भी संभव है कि सुनील जाखड़ को वापस प्रधान बना दिया जाए ताकि उनकी भी नाराजगी दूर हो सके। सिद्धू की मनमानी नहीं आ रही रास सिद्धू भले ही मुद्दों की बात कर रहे हों, लेकिन उनके तरीके को लेकर कांग्रेस के भीतर ही नाराजगी है। सिद्धू ने इस्तीफा तब दिया, जब मंत्री चार्ज संभाल रहे थे। यह टाइमिंग सबको नागवार गुजरी। पहले इसके बारे में किसी से बात नहीं की। सीधे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जब सब पूछते रहे कि नाराजगी की वजह क्या है तो सोशल मीडिया पर फिर वीडियो पोस्ट कर दिया। CM चन्नी ने भी इस ओर इशारा किया कि वे पार्टी प्रधान हैं, परिवार में बैठकर बात करते। सिद्धू का यह रवैया किसी को रास नहीं आ रहा। जाे अब तक साथ थे, वो अलग होते चले गए कैप्टन अमरिंदर के विरोध के बावजूद सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रधान बने। इसमें अहम रोल मौजूदा डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा का रहा। नई सरकार बनी तो अब वे सिद्धू का साथ छोड़ गए। परगट सिंह सिद्धू के करीबी थे, उन्होंने भी सिद्धू के समर्थन में इस्तीफा न देकर किनारा कर लिया। अमरिंदर राजा वडिंग को मंत्री बनाने में सिद्धू ने खूब लॉबिंग की, वे मंत्री बन गए तो अब सिद्धू का सपोर्ट करके नहीं, बल्कि मध्यस्थ बनकर काम कर रहे हैं। इसी बड़ी वजह सिद्धू के अचानक लिए जाने वाले फैसले हैं। पहले कैप्टन और अब सिद्धू के चक्कर में टिकट न कटे, इसलिए विधायक और नेता कूदकर सरकार के पाले में चले गए हैं। इस बार अपने स्टाइल से खुद झटका खा गए सिद्धू नवजोत सिद्धू के अचानक फैसले लेने का स्टाइल समर्थकों को खूब रास आता रहा है। उनके बयान से लेकर हर बात पर अड़ जाने की खूब चर्चा रही। सिद्धू की जिद के आगे हाईकमान को कैप्टन को हटाना पड़ा। चरणजीत चन्नी का नाम भी सिद्धू ने ही आगे किया था। चन्नी सीएम बने तो अब सिद्धू की सुनवाई नहीं हो रही। संगठन प्रधान होने के बावजूद वे खुद उसकी सीमा लांघ गए। सब कुछ सार्वजनिक तरीके से कर रहे है। सीएम चन्नी ने भी यही बात कही थी कि अगर उन्हें कोई एतराज है तो वे बैठकर बात कर सकते हैं। वे जिद्दी नहीं हैं, फैसला बदला जा सकता है। हालांकि, सिद्धू चर्चा नहीं बल्कि सीधे मनमाफिक फैसला चाहते हैं, जिसे हाईकमान मानने को तैयार नहीं है।

MP : 90 साल की दादी मां तेज रफ्तार से दौड़ाती हैं कार

भोपाल. मध्य प्रदेश के देवास से एक ऐसा वीडियो (Dewas Old Women Driving Video) सामने आया है, जिसे देखकर कहा जा सकता है कि एज इज जस्ट अ नंबर…दरअसल एक 90 साल की बुजुर्ग महिला का कार चलाने का वीडियो सामने आया है. बुजुर्ग रेशमी बाई तंवर इस उम्र में गाड़ी चलाकर दूसरे बुजुर्गों को सीखते रहने का संदेश दे रही हैं. दरअसल 90 की उम्र आते-आते ज्यादातर बुजुर्ग (90 Year Old Women) सोचने लगते हैं कि वह कुछ नया नहीं सीख सकते. लेकिन रेशमी बाई तंबर ने इस सोच को काफी पीछे छोड़ दिया है. रेशम बाई तंवर का कहना है कि उनकी उम्र भले ही 90 साल है. लेकिन फिर भी उन्हें गाड़ी चलाना (Car Driving) बहुत अच्छा लगता है. उनका कहना है कि वह पहले भी बहुत बार गाड़ी चला चुकी हैं. इतना ही नहीं वह पहले ट्रैक्टर भी चला चुकी हैं. रेशमी बाई को गाड़ी चालाना बहुत ही पसंद है. 90 साल की उम्र में बुजुर्ग ने चलाई कार 90 साल की बुजुर्ग इस तरह से सदे हुए हाथों से ड्राइविंग कर रही हैं कि उन्हें देखकर लग रहा है कि वह ड्राइविंग में एक्सपर्ट हैं. गाड़ी चलाते हुए वह बहुत ही खुश दिख रही हैं. वेशभूषा से काफी साधारण दिखने वाली रेशमी बाई तंबर का ये वीडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. इसके साथ ही इस उम्र में सीखते रहने के उनके जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं. ‘रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं’ 90 साल की दादी का ये वीडियो देखकर सीएम शिवराज सिंह चौहान भी काफी खुश हैं. उनका कहना है कि दादी मां ने सभी को प्रेरणा दी है कि अपनी रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है. चाहे कितनी भी उम्र हो इंसान के भीतर जीवन जीने का जज्बा होना चाहिए. दादी मां रेशमी बाई के परिवार ने अब उनके लाइसेंस के लिए भी एप्लाई किया है.

महाराष्ट्र : खड़से ने दी बीजेपी को करारी चोट, जलगांव में BJP को बड़ा झटका

मुंबई। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ज़बर्दस्त झटका लगा है. जलगांव में बीजेपी में पार्टी के अंदर का असंतोष खुल कर सामने आ गया है. जिले के मुक्ताईनगर और बोधवड नगरपालिका से जुड़े 11 नगरसेवक (Corporators) आज (24 सितंबर, शुक्रवार) शिवसेना (Shiv Sena) में शामिल हो रहे हैं. ये सभी के सभी कॉर्पोरेटर्स मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) की मौजूदगी में शिवबंधन बांधेंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक जलगांव जिले के 11 नगरसेवकों ने बीजेपी को छोड़ने का फ़ैसला किया है. जलगांव जिले के ये सारे नगरसेवक एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) के समर्थक बताए जाते हैं. याद दिला दें कि एकनाथ खडसे पहले बीजेपी में ही थे. जब राज्य में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की सरकार बनी थी, तब वे नाराज हो गए थे. वे अपने आप को मुख्यमंत्री के पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार समझ रहे थे, क्योंकि वे फडणवीस सरकार बनने से पहले नेता प्रतिपक्ष भी थे. बाद में बीजेपी छोड़कर वे एनसीपी (NCP) में चले गए. जब से वे एनसीपी में गए हैं तब से बीजेपी को किसी ना किसी तरह से नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं. फिलहाल उनके खिलाफ जमीन घोटाले के मामले में ईडी की जांच शुरू है. एकनाथ खडसे बीजेपी को पहुंचा रहे हैं नुकसान, ईडी की कार्रवाई का बदला? महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री रहे एकनाथ खडसे पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है. ईडी ने पुणे के जमीन घोटाले से जुड़े मामले में उन पर कार्रवाई करते हुए उनकी 5.73 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है. उनका एक बैंक अकाउंट भी सील किया गया है. उस खाते में कुल 86 लाख रुपए डिपॉजिट थे. इसके अलावा ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनका लोनावाला का एक बंगला, जलगांव में तीन फ्लैट और जमीन भी जब्त कर लिए हैं. ये सारी प्रॉपर्टी एकनाथ खडसे, उनकी पत्नी मंदाकिनी खडसे और दामाद गिरीश चौधरी के नाम पर है. एकनाथ खडसे ने जब बीजेपी को छोड़ कर एनसीपी ज्वाइन किया था तब कहा था कि अगर मेरे पीछे ईडी लगाई गई तो मैं सीडी निकालूंगा (बीजेपी से जुड़े लोगों के भ्रष्टाचार का खुलासा करूंगा). लेकिन ईडी की जांच शुरू भी हो गई, लोग खडसे की सीडी का इंतजार ही कर रहे हैं. खडसे सीडी तो नहीं ला पाए, लेकिन बीजेपी को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं चूकते हैं. 11 नगरसेवकों की बीजेपी से छुट्टी करवा कर शिवसेना में शामिल करवाना खडसे के बदले की ही एक मिसाल है.

UP में चार साल में 42 साधु-संतों की हत्या ….संपत्ति का लालच मुख्य वजह

कांग्रेस ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया लखनऊ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की असमय मौत पर उत्तर प्रदेश में राजनीति शुरू हो गई है। चार साल के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 42 साधु-संतों की हत्या हुई है। कहीं संपत्ति का विवाद था तो कहीं वर्चस्व और गद्दी को लेकर हत्या की बाते सामने आईं। 2019 में श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हालात में मौत का राज अभी भी खुल नहीं सका है। इसी तरह 2018 में देवरिया में साधु सज्जाराम, हरभजन और चेले की हत्या, रायबरेली में पुजारी प्रेमदास की हत्या भी चर्चा में रही। 2019 में रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का मंदिर के गेट पर लटका मिला था। खास बात यह है उस समय रायबरेली के डीएम संजय खत्री थे, वही अब वर्तमान में प्रयागराज के डीएम हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो जारी किया था। जिसमें उत्तर प्रदेश के नक्शे पर जिलावार आंकड़ा जारी किया गया है। लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश में हत्याओं का अंबार है, यह कैसा रामराज्य है। प्रयागराज में आशीष गिरि सुसाइड केस: निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की 17 नवंबर 2019 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पुलिस ने रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने की बात कही थी। वह पिथौरागढ़ के रहने वाले थे और घटना के वक्त पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आश्रम दारागंज में रहते थे। औरैया का ट्रिपल मर्डर: 14 अगस्त 2018 को औरेया बिधूना कोतवाली के भयानक नाथ मंदिर में बदमाशों ने चारपाई में हाथ पैर बांधकर साधु लज्जाराम, हरभजन और सेवक की जीभ काटकर हत्या कर दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल किया, जिसमें आगजनी और पथराव में कई लोग घायल हुए थे। बुलंदशहर में गला रेता गया: बुलंदशहर के अनूपशहर थाना क्षेत्र में 28 अप्रैल 2020 को मंदिर में सो रहे साधु गरीबदास उर्फ जगनदास व शेर सिंह उर्फ सेवादास की गला रेतकर हत्या कर दी गई। कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी की हत्या: लखनऊ में कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी धीरेंद्र दास की उन्हीं के शिष्य ने साथियों के साथ मिलकर 24 अगस्त 2020 को हत्या कर दी। हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद सामने आया था। 32 तारीखों में 42 हत्याएं 07 अप्रैल 2017: गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मनोहर दास (50) की बेरहमी से हत्या। पुजारी के सर, पेट, सीना व गुप्तांग पर वार किया गया था। 20 जून 2017: कुशीनगर पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बेतिया गाँव में स्थित शिव मंदिर के पुजारी जय प्रकाश व उनकी पत्नी की गला काटकर हत्या। 14 जुलाई 2018: मेरठ के भगवानपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर में साधु क्रांति प्रसाद की पीट-पीटकर हत्या की गई। 18 जुलाई 2018: पीलीभीत में बाबा लाल गिरी की हत्या हुई। 19 अगस्त 2018: मेरठ में पुजारी विनोद व सेवादार सुल्तान की हत्या। 31 अगस्त 2018: पीलीभीत जिला स्थित ग्राम भूड़ कोनी दीनारपुर स्थित शिव मंदिर के पुजारी रामेश्वर दयाल (65) की गला रेत कर हत्या। 31 अगस्त 2018: बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में थालकला गांव के बाहर काले पहाड़ बाबा मंदिर के पुजारी शमशेर सिंह (65) की धारदार हथियार से हत्या। 13 अगस्त 2018: सुल्तानपुर के पयागीपुर में स्थित पहलवान वीर बाबा मंदिर के पुजारी श्यामलाल (75) की मंदिर परिसर में पीट-पीटकर हत्या। 12 अगस्त 2018: अलीगढ़ जिला के शेखूपुर सटकना में शिव मंदिर के महंत कालिदास, मंदिर में पुजारी सोनपाल और महेंद्र उर्फ बड़ेल की हत्या। 02 जनवरी 2019: रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का शव मंदिर के बाहर फांसी पर लटका मिला। 14 जून 2019: मथुरा में एक साधु की हत्या । 28 अक्टूबर 2019: मुरादाबाद में साधु राजेंद्र गिरि की हत्या। 18 जनवरी 2020: चित्रकूट में महंत अर्जुनदास की हत्या। 25 फरवरी 2020: पीलीभीत में पुजारी विष्णु सहाय की हत्या। 25 अप्रैल 2020: गोरखपुर के बुजारी कोईल दास की हत्या। 14 जुलाई 2020: मेरठ में सेवादार की हत्या। 01 सितंबर 2020: हदरोई में साधु हीरादास, साध्वी मीरा दास व उनके बेटे चेतराम की हत्या। 06 सितंबर 2020: कन्नौज में साधु शालिग्राम की हत्या। 24 सितंबर 2020: बागपत टीकरी में साधु की हत्या। 24 सितंबर 2020: मेरठ की सरधना गंग नहर में साधु वेशभूषा वाले युवक का शव मिला। 09 सितंबर 2020: बिजनौर के ग्राम पहाड़पुर खुर्द में मंदिर परिसर में सो रहे योगानंद महाराज की संदिग्ध परिस्थिति में मौत। 05 अक्टूबर 2020: मथुरा में साधु कैलाश नाथ की हत्या। 10 अक्टूबर 2020: गोंडा में इटियाथोक में रामजानकी मंदिर के महंत सम्राट दास की गोली मारकर हत्या। 11 अक्टूबर 2020: गोंडा में रामजानकी मंदिर के पुजारी बाबा सम्राट दास की गोलीमारकर हत्या। 09 अक्टूबर 2020: बागपत में यमुना नदी में साधु वेशभूषा वाले अधेड़ शव मिला। 05 दिसंबर 2020: गोरखपुर के हरपुर बुदहट में साधु ललई की गला रेतकर हत्या। 04 अप्रैल 2021: गोरखपुर के चौरीचौरा में साधु परोरा की सिर कुचलकर हत्या। 26 जून 2021: बिजनौर में गांव उमरी में मां काली मंदिर के पुजारी दयानंद गिरि की पीटपीट कर हत्या। 29 जून 2021: मेरठ के मुंडाली के बढ़ला गांव में साधु चंद्रपाल की ईंट से कुचलकर हत्या। 15 जुलाई 2021: बुलंदशहर के बुगरासी चौकी के गांव बुकलाना में चामुड़ा मंदिर की साध्‍वी की गला दबाकर हत्‍या। 24 जुलाई 2021: गोरखपुर के मकरहट स्थित रामजानकी मंदिर के साधु राजेंद्र बाबा की संदिग्ध हालात में मौत।

युवक ने शादी का झांसा देकर सौ से ज्यादा लड़कियों को ठगा

पुणे. महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित पिम्परी चिंचवाड़ पुलिस ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है, जिसने अब तक 100 से ज्यादा लड़कियों को शादी का झांसा देकर लाखो रुपये ऐंठे है। जानकारी के मुताबित आरोपी ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फ़िल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल ‘ देख हाईप्रोफाल लड़कियों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबित गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान प्रेमराज थेवराज के रूप में हुई हैं , प्रेम शादी की वेबसाइट मेट्रोमोनियल पर नौकरी पेशा , कारोबारी महिला, तलाकशुदा , और विधवा हुई महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी प्रेम मेट्रोमोनियल वेबसाइट से उनकी पर्सनल जानकारी निकाल कर उन्हें अपना  निशाना बनाया करता था। पिम्परी – चिंचवाड़ के अंतर्गत आनेवाले निगड़ी पुलिस के वरिस्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड़ के मुताबित आरोपी प्रेमराज ने पिम्परी – चिंचवाड़ की कई महिलाओं को अपना निशाना बनाया था, जिसमे से शिकार हुई महिला की फर्याद उनके पास आई थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछा कर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आरोपी प्रेमराज को धर दबोचा । पुलिस के मुताबित आरोपी ने शहर के रहने वाली एक लड़की को रेलवे का ठेकेदार बन कर मिला था। फिर उससे 12 लाख रुपये ऐंठ कर वह वहाँ से फरार हो गया । शिकायतकर्ता महिला के अनुसार आरोपी ने उन्हें चेन्नई बुलाकर फेक शादी भी की थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाते हुए पीड़ित महिला के द्वारा आरोपी को पैसे देने के बहाने पुणे बुलाया । आरोपी मंगवालर के दिन जैसे ही पुणे ऐयरपोर्ट पर पहुँचा, वहा पुलिस ने उसे घर दबोचा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने इससे पहले चेन्नई में एक महिला को अपना शिकार बनाते हुए 98 लाख रुपये का चूना लगाया था। पुलिस को आरोपी के पास से 13 अलग – अलग कंपनी के सिमकार्ड , 7 मोबाइल फ़ोन , 4 एटीएम कार्ड , 2 आधार कार्ड , पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले है। फिलहाल पुलिस आरोपी प्रेमराज को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाई कर रही है  

क्या मठ की अथाह संपत्ति बनी महंत नरेंद्र गिरि की मौत की वजह?

महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उनका शव उनके कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला था. उनके कमरे से एक सुसाइड नोट (Suicide Note) भी बरामद हुआ है. वहीं महंत की आत्‍महत्या को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं. महंत नरेंद्र गिरी की मौत को बाघंबरी गद्दी मठ (Baghambari Math) और निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) की अकूत धन-संपदा और वैभव को लेकर भी जोड़ा जा रहा है. बाघंबरी गद्दी मठ और निरंजनी अखाड़े से जुड़े लोग हत्‍या की भी आशंका जता रहे हैं. बाघंबरी गद्दी मठ और निरंजनी अखाड़े की अकूत धन-संपदा (Property Dispute) को लेकर विवादों का रिश्ता पुराना रहा है. मीडिया में आई तमाम रिपोर्ट के मुताबिक, मठ और अखाड़े की सैकड़ों बीघे जमीनें बेचने, सेवादारों और उनके परिवारीजनों के नाम मकान, जमीन खरीदने को लेकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके करीबी शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद लंबे समय से रहा है. मंहत नरेंद्र गिरि के अधीन संपत्तियां: बाघंबरी मठ: प्रयागराज के अल्लापुर इलाके में बाघंबरी गद्दी और मठ है, जो करीब 5 से 6 बीघे जमीन में है. यहां निरंजनी अखाड़े के नाम एक स्कूल और गौशाला भी है. दारागंज में भी अखाड़े की जमीन है. प्रयागराज में हनुमान मंदिर जिसे संगम तट पर लेटे हुए हनुमान जी के नाम से जाना जाता है, वो भी इसी बाघंबरी मठ का ही मंदिर है. जहां प्रयागराज और संगम आने वाले सभी श्रद्धालु मत्था जरूर टेकते हैं. मांडा (प्रयागराज) में 100 बीघा और मिर्जापुर के महुआरी में भी 400 बीघे से ज्यादा की जमीन बाघंबरी मठ के नाम है. मिर्जापुर के नैडी में 70 और सिगड़ा में 70 बीघा जमीन अखाड़े की है. प्रयागराज और आसपास के इलाकों में निरंजनी अखाड़े के मठ, मंदिर और जमीन की कीमत 300 करोड़ से ज्यादा की है, जबकि हरिद्वार और दूसरे राज्यों में संपत्ति की कीमत जोड़े तो वो हजार करोड़ के पार है. निरंजनी अखाड़े की कुंभ नगरी उज्जैन और ओंकारेश्वर में 250 बीघा जमीन, आधा दर्जन मठ और दर्जनभर आश्रम हैं. कुंभ नगरी नासिक में 100 बीघा से अधिक जमीन, दर्जनभर आश्रम और मंदिर हैं. बड़ोदरा, जयपुर, माउंटआबू में भी करीब 125 बीघा जमीन, दर्जन भर मंदिर और आश्रम हैं. हरिद्वार स्थित मुख्यालय के अधीन दर्जनभर मठ-मंदिर हैं. नोएडा में मंदिर और जमीन है तो वहीं वाराणसी में मंदिर और आश्रम के साथ करोड़ों की जमीन है.

पीएम मोदी के बर्थडे पर बना कीर्तिमान, महज 9 घंटे में 2 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगी

नई दिल्ली। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुक्रवार को महज 9घंटे में ही कोरोना वायरस के खिलाफ 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड बनाया है। अभी भी वैक्सीनेशन जारी है। यानी यह आंकड़ा अभी और ऊपर जाएगा। इससे पहले दोपहर डेढ़ बजे तक ही एक करोड़ से ज्‍यादा डोज लगाए जा चुके थे। वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हर सेकेंड 527 से ज्‍यादा डोज लगाए जा रहे हैं। हर घंटे 19 लाख से ज्‍यादा डोज दिए जा रहे हैं। राज्यों को 77.77 करोड़ से ज्‍यादा डोज मुहैया कराए गए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन के 77.77 करोड़ से ज्‍यादा डोज उपलब्ध कराए गए है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी वैक्सीन के 6.17 करोड़ से ज्‍यादा डोज उपलब्ध हैं। चौथे दिन एक करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लगे इससे पहले 27 अगस्त, 31 अगस्त और 6 सितंबर को देश में एक करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लगाए गए थे। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को आह्वान किया था कि देश में वैक्सीनेशन ड्राइव को रफ्तार देनी चाहिए। यह प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन का सबसे अच्छा तोहफा होगा। भाजपा ने इस मौके पर देशभर में अपनी यूनिट्स को निर्देश दिया था कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन का डोज लगाया जाए। 20 दिनों का सेवा और समर्पण अभियान BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने PM मोदी के जन्मदिन पर 20 दिनों का सेवा और समर्पण अभियान शुरू किया है, जो 7 अक्टूबर तक चलेगा। पार्टी इस दौरान मोदी के सार्वजनिक जीवन में दो दशक पूरा करने का भी जश्न मनाएगी। इसमें वह वक्‍त भी शामिल है, जिस दौरान मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे।

PM मोदी के जन्मदिन पर टि्वटर पर राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस ट्रेंड, लोग बोले- दो करोड़ नौकरियां कहां हैं?

नई दिल्ली। पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस नाम का टॉपिक ट्रेंड हो रहा है। जिसमें उनसे ‘दो करोड़ नौकरियां कहां हैं’ पूछा जा रहा है। सवाल पूछने वालों की फेरहिस्त में युवाओं के साथ-साथ कई राजनीतिक दिग्गज और रिटायर्ड IAS अधिकारी भी हैं। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीएम पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि देश अपने पीएम को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस की शुभकामनाएं दे रहा है। राम तीरथ (@IESramteerath) नाम के यूजर ने एक अखबार की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि अगस्त महीने में 15 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरियां गईं। ग्रेजुएट बड़ी संख्या में बेरोजगार हैं। वहीं गगनदीप कौर (@ikaur_deep) नाम की यूजर लिखती हैं जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए हैं भारत रोजगार मुक्त देश हो गया है। मोदी आपको एक और मास्टर स्ट्रोक के लिए साधुवाद। तो वहीं रिटायर्ड IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए पूछा है कि 2 करोड़ नौकरियां कहां हैं। प्रधानमंत्री की तस्वीरों का इस्तेमाल कर तमाम फनी मीम्स भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी नेता रहे किर्ती आजाद (@KirtiAzaad) ने हैशटैग राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस का इस्तेमाल करते हुए लिखा, नहीं चाहिए अच्छे दिन, बुरे दिन ही लौटा दो प्लीज। वहीं प्रतीक मिश्रा (@Prateek79077318) नाम के यूजर लिखते हैं कि सरकार रोजगार के नाम पर पैसा कमाती है, सबसे पहले वह कम सीटों वाली भर्तियों की जानकारी प्रकाशित करवाती है, इसके बाद आवेदन शुल्क के नाम पर 600 से 2000 रुपये लिए जाते हैं, फिर सेंटर्स के बारे में विकल्प पूछते हैं और आखिर में सेंटर को शहर से बाहर कर देते हैं। ट्विटर पर ट्रेंड के बीच मुकाबला: ट्विटर पर भी ट्रेंड के बीच एक तरह की रेस चल रही है, कभी राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस ट्रेंड कर रहा है तो कभी हैप्पी बर्थडे मोदी जी ट्रेंड में आगे निकल जा रहा है। इसके अलावा जुमला दिवस और श्री नरेंद्र मोदी का ट्रेंड भी लगातार रेस में बना हुआ है। यूथ कांग्रेस ने किया था ऐलान: पीएम मोदी के जन्मदिन को यूथ कांग्रेस द्वारा ​’राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ मनाने का ऐलान किया गया था। इसकी तैयारियों में यूथ कांग्रेस पहले से जुटी हुई थी। इसके लिए नुक्कड़ नाटक किए जाएंगे, देश के कई शहरों में पद यात्रा निकालने का भी ऐलान किया गया है। इधर, NDA ने कांग्रेस की इस तैयारी पर कहा है कि वह अपनी बेरोजगारी दूर करने के लिए बेरोजगार दिवस मना रही है।

विश्लेषण : एक झटके में क्यों बदल गई पूरी बीजेपी सरकार? क्या फेल हो गया गुजरात मॉडल ?

अहमदाबाद। गुजरात में बीजेपी सरकार के नए मंत्रिमंडल ने शपथ ले ली है. नई कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार वाले एक भी मंत्री को जगह नहीं दी गई है. बीजेपी ने सभी पुराने मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. यानी एक तरह से आगामी विधानसभा चुनावों से क़रीब एक साल पहले बीजेपी ने गुजरात में पूरी सरकार को बदल दिया है. विश्लेषक मानते हैं कि बीजेपी ने ये फेरबदल गुजरात में दरकती सियासी ज़मीन को रोकने और देशभर के बेजीपी नेताओं को संदेश देने के लिए किया है. सवाल ये भी उठ रहा है कि जिस गुजरात मॉडल का प्रचार बीजेपी ने देशभर में किया है, क्या अब वो कमज़ोर पड़ गया है? नए मंत्रियों में से चुनिंदा के पास ही सरकार में रहने का अनुभव है. इनमें से राघवजी पटेल 90 के दशक में शंकरसिंह वघेला सरकार में मंत्री रह चुके हैं, जबकि कृष्णानाथ राणा राज्य की नरेंद्र मोदी सराकर में मंत्री थे. राजेंद्र त्रिवेदी आनंदीबेन पटेल की सरकार में मंत्री थे. क्यों हुआ इतना बड़ा फ़ेरबदल? वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक जतिन देसाई मानते हैं कि बीजेपी को लग रहा था कि गुजरात में उसका मज़बूत किला दरक रहा है और अगर तुरंत कुछ नहीं किया गया तो हालात हाथ से बाहर हो जाएँगे. देसाई कहते हैं, “रूपाणी और उनकी टीम का प्रदर्शन बहुत ख़राब था और बीजेपी नेताओं को लगा कि इसके दम पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है. बीजेपी ने सरकार विरोधी लहर को कम करने और लोगों की नाराज़गी से बचने के लिए सरकार को बदला है.” वहीं बीबीसी गुजराती सेवा के संपादक अंकुर जैन कहते हैं, “इसके दो बड़े कारण हैं. पहला तो ये कि बीजेपी जनता को ये संदेश देना चाहती है कि अगर मंत्री भी काम नहीं कर करेंगे तो हम उन्हें भी हटा देंगे. आने वाले दिनों में हो सकता है कि बीजेपी इस बात को ज़ोर-शोर से जनता में उठाए कि पार्टी के लिए जनता पहले है और अपने नेता बाद में.” अंकुर कहते हैं, “भारतीय जनता पार्टी के लिए गुजरात मॉडल बेहद अहम है. नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने गुजरात में कई प्रयोग कर किए हैं. ऐसे में दूसरा कारण ये हो सकता है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह बाक़ी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को ये संदेश दे रहे हों कि अगर वो भी काम ठीक से नहीं करेंगे, तो उन्हें भी हटाया जा सकता है.” अंकुर जैन के मुताबिक़, “अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने गुजरात में इतना बड़ा फेरबदल करके देशभर के बीजेपी नेताओं और मंत्रियों को ये संदेश दे दिया है कि पूर्ण इम्यूनिटी या सुरक्षा किसी के पास नहीं हैं. पार्टी जब चाहे, जिसे चाहे हटा सकती है. यूपी या दूसरे राज्यों के सीएम को ये संदेश देने की कोशिश की गई होगी कि अगर आप पार्टी की नीति या लाइन के हिसाब से काम नहीं कर रहे हैं तो आपको भी बदला जा सकता है.” ख़तरे को भांप लिया है अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने? गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व इस बात को अच्छी तरह से समझता है कि अगर गुजरात में सियासी ज़मीन दरकी, तो वह केंद्र में उनकी सत्ता पर भी सवाल उठेंगे. विश्लेषक मानते हैं कि गुजरात में लोगों के असंतोष और नाराज़गी से नेतृत्व वाकिफ़ था और ऐेसे में पार्टी ने बड़ा क़दम उठाते हुए पूरी सरकार को ही बदल दिया है. अंकुर जैन कहते हैं, “कोरोना महामारी के दौरान बीजेपी सरकार ने अपनी रही-सही साख भी गँवा दी थी, ख़ासकर कोविड प्रबंधन को लेकर सरकार को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा. बीजेपा के शीर्ष नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने इस ख़तरे को भाँप लिया था. उन्हें लगने लगा था कि अगर ऐसे ही सब चलता रहा, तो 2022 के चुनाव में पार्टी को गुजरात में हार का सामना भी करना पड़ सकता है.” वहीं जतिन देसाई कहते हैं, “सरकारी आँकड़ों के मुक़ाबले वास्तविकता में कहीं अधिक लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई है और इसे लेकर गुजरात के लोगों में भारी असंतोष है. बीजेपी पूरी सरकार को हटाकर उस असंतोष को ही ख़त्म करने का प्रयास कर रही है.” “एंटी इन्कम्बेंसी और सरकार के ख़राब प्रदर्शन की वजह से लोगों में बीजेपी के ख़िलाफ़ जो भावना बन रही थी, उसे रोकने के लिए सरकार को बदला गया है. ख़ासकर मोदी और शाह के लिए गुजरात बेहद अहम है, ऐसे में पार्टी यहाँ कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है.” कुछ महीने पहले केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल में फ़ेरबदल हुआ था और अन्य पिछड़ा वर्ग से बड़ी तादाद में मंत्रियों को रखा गया था. प्रधानमंत्री मोदी की नई सरकार में 12 दलित मंत्री हैं और 27 ओबीसी मंत्री हैं. जतिन देसाई कहते हैं, “जिस तरह यूपी चुनाव को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार में ओबीसी मंत्रियों को जगह दी गई है उसी तरह गुजरात की नई सरकार में भी जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है.” गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है. पार्टी यहां कोई जोख़िम उठाना नहीं चाहती है गुजरात में सीएम और मंत्रियों को बदले जाने से पहले ही ये चर्चाएँ चलने लगी थीं कि सरकार में फ़ेरबदल हो सकता है. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ना सिर्फ़ मुख्यमंत्री को बदला बल्कि पूरी कैबिनेट को ही बदल दिया गया. क्या गुजरात मॉडल नाकाम हो गया है, इस सवाल पर देसाई कहते हैं, “गुजरात के विकास मॉडल की बात होती है, लेकिन अगर आप आँकड़ें देखेंगे तो सामाजिक विकास के सूचकांकों में गुजरात देश के बाक़ी राज्यों के मुक़ाबले काफ़ी पीछे है.” ”बीजेपी हाई कमान को ये लगता रहा था कि गुजरात उनका गढ़ है और वहाँ पार्टी का कुछ नहीं हो सकता. लेकिन अब पार्टी ने गुजरात के गढ़ में अपने सभी कमांडरों को हटा दिया है इससे ये तो बिल्कुल स्पष्ट है कि गुजरात में बीजेपी में और सरकार में सबकुछ ठीक नहीं है. पार्टी ने अपने अंदरूनी आकलन में ये भी स्वीकार किया होगा कि यहाँ क़िला दरक गया है.” समूची सरकार को हटाने के बाद ये सवाल उठा है कि ऐसे करके बीजेपी सरकार … Read more

EXCLUSIVE : टीम इंडिया में कलह, रोहित को उपकप्तानी से हटाना चाहते थे कोहली

नई दिल्ली। विराट कोहली ने गुरुवार को टीम इंडिया के टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। कोहली अक्टूबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के बाद इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। हालांकि वे टेस्ट और वनडे मैचों के कप्तान बने रहेंगे। कोहली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कप्तानी छोड़ने के फैसले की जानकारी दी और सभी को हैरानी में डाल दिया। विराट के कप्तानी छोड़ने के ऐलान के बाद एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। न्यूज एजेंसी PTI के सूत्रों के मुताबिक विराट कोहली उपकप्तानी के पद से रोहित शर्मा को हटाना चाहते थे। विराट लिमिटेड ओवर्स में रोहित को उपकप्तानी से हटाने के प्रस्ताव के साथ चयनकर्ताओं के पास गए थे। भारतीय कप्तान का ऐसा कहना था कि रोहित अब 34 साल के हो गए हैं। ऐसे में वनडे में केएल राहुल और टी-20 में ऋषभ पंत को उपकप्तान बनाना चाहिए। हालांकि कोहली का यह प्रस्ताव बोर्ड को पसंद नहीं आया, क्योंकि उनका मानना था कि विराट वास्तव में अपना कोई उत्तराधिकारी नहीं चाहते। पहले भी आई विवादों की बात वैसे से ये कोई पहला मौका नहीं है जब विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच विवादों की खबरें सामने आई हो। 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान ऐसी खबरें आई थी कि विराट और रोहित एक दूसरे से बात तक नहीं करते। हालांकि बाद में हेड कोच रवि शास्त्री ने इन सभी बातों से इनकार किया था। इतना ही नहीं एक खबर तो ये भी सामने आई थी कि रोहित ने विराट को सोशल मीडिया पर अनफॉलो तक कर दिया है। इस बात में कोई सच्चाई नहीं निकली थी। युवा खिलाड़ियों पर भरोसा नहीं करते कोहली रिपोर्ट में साथ ही ये भी कहा गया है कि भारतीय कप्तान को टीम में सभी खिलाड़ियों को समर्थन हासिल नहीं है। खासतौर पर विराट टीम के जूनियर खिलाड़ियों को बीच मझधार में छोड़ देते हैं। पीटीआई से बात करते हुए एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा- विराट के साथ समस्या संवाद की है। महेंद्र सिंह धोनी का कमरा 24 घंटे खुला रहता था और कोई भी खिलाड़ी अंदर जा सकता था। उनके साथ वीडियो गेम खेल सकता था, खाना खा सकता था और जरूरत पड़ने पर क्रिकेट के बारे में बात भी कर सकता था, लेकिन मैदान के बाहर कोहली से संपर्क कर पाना बेहद मुश्किल काम है। उपकप्तानी के लिए 3 दावेदार विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने पर रोहित शर्मा को टी-20 टीम का कप्तान बनाए जाने के पूरे चांस है और उपकप्तानी की जिम्मेदारी ऋषभ पंत और केएल राहुल को मिल सकती है। साथ ही तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी इस पद के रेस में आगे रहेंगे। BCCI के सूत्र ने कहा- पंत का दावा मजबूत है लेकिन लोकेश राहुल को नकारा नहीं जा सकता क्योंकि वह भी IPL कप्तान है। इतना ही नहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी छुपा रुस्तम साबित हो सकते हैं।

राहुल गांधी ने कहा- भाजपा वाले झूठे हिन्दू हैं, ये धर्म की दलाली करते हैं

नई दिल्ली . कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर से BJP पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि भाजपा ने जब GST लागू किया तो दुकानदारों के घर में लक्ष्मी डाली या निकाली? कांग्रेस ने जब मनरेगा लागू किया तब लोगों के घर में लक्ष्मी डाली या निकाली? राहुल ने कहा कि हमने RTI लागू करके करोड़ों लोगों के हाथों में दुर्गा की शक्ति डाली। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले अपने आपको हिंदू पार्टी कहते हैं और पूरे देश में लक्ष्मी और दुर्गा पर आक्रमण करते हैं। ये झूठे हिन्दू हैं। ये हिन्दू धर्म का प्रयोग करते हैं। ये धर्म की दलाली करते हैं। राहुल ने ये बातें महिला कांग्रेस के स्थापना दिवस पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कही। संघ और भाजपा की विचारधारा से कभी समझौता नहीं करूंगा आज देश में RSS वाली बीजेपी की सरकार है। इनकी विचारधारा और हमारी विचारधारा दोनों अलग हैं। या एक विचारधारा देश पर राज करेगी या दूसरी विचारधारा देश पर राज करेगी। कांग्रेस का कार्यकर्ता होने के नाते मैं बाकी दूसरी विचारधाराओं के साथ समझौता कर सकता हूं, लेकिन भाजपा और संघ की विचारधारा से कभी समझौता नहीं कर सकता। गांधीजी, सावरकर और गोडसे की विचारधारा में क्या अंतर है? ये एक बड़ा और गहरा सवाल है। RSS की विचारधारा ने उस हिन्दू की छाती में 3 गोली क्यों मारी? बीजेपी और संघ के लोग कहते हैं कि वो हिन्दू पार्टी हैं। पिछले सौ-दो सौ साल में किसी एक व्यक्ति ने हिन्दू धर्म को समझा हो और उसे अपने प्रैक्टिस बनाई है तो उस व्यक्ति का नाम महात्मा गांधी है। इसे हम भी मानते हैं और भाजपा-RSS के लोग भी मानते हैं। अगर महात्मा गांधी ने हिन्दू धर्म को समझा और उन्होंने पूरी जिंदगी हिन्दू धर्म को समझने में लगा दी तो RSS की विचारधारा ने उस हिन्दू की छाती में तीन गोली क्यों मारीं? जिसको पूरी दुनिया एक उदाहरण मानती है। नेल्सन मंडेला से लेकर मार्टिन लूथर किंग तक कहते थे कि महात्मा गांधी एक उदाहरण थे और गांधी ने अहिंसा को सबसे अच्छे तरीके से समझा और सिखाया। राहुल ने लक्ष्मी और दुर्गा का मतलब भी बताया राहुल ने लक्ष्मी और दुर्गा का मतलब भी बताया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं से पूछा कि लक्ष्मी का मतलब क्या है? किसी ने नारी शक्ति तो किसी ने धन से जोड़कर जवाब दिया। इस पर राहुल ने बताया कि जम्मू में मैंने किसी से ये सवाल पूछा तो उन्होंने बताया, लक्ष्मी वो शक्ति है जो घर में पैसा लाती है। गलत इंटरप्रिटेशन। लक्ष्मी शब्द लक्ष्य से आता है। लक्ष्य को जो शक्ति पूरा करती है उसे लक्ष्मी कहा जाता है। राहुल ने फिर दुर्गा का मतलब बताया। उन्होंने कहा- देखिए हमारा धर्म जो है बड़ा लॉजिकल है। दुर्गा शब्द आता है दुर्ग से। दुर्ग का मतलब किला। दुर्गा मतलब वो शक्ति जो रक्षा करती है। मतलब साफ है। जो लक्ष्य को पूरा करे वो लक्ष्मी और जो रक्षा करे वो दुर्गा।  लक्ष्मी और दुर्गा को भाजपा और कांग्रेस की योजनाओं से जोड़ा राहुल ने लक्ष्मी और दुर्गा को आज की राजनीति से जोड़ते हुए कहा- राजनेता का काम दुर्गा (रक्षा) और लक्ष्मी (लक्ष्य) की शक्तियों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का होता है। बिना भेदभाव के हर व्यक्ति के घर में दुर्गा मतलब रक्षा, लक्ष्मी मतलब लक्ष्य पूरा करने की शक्ति डालने का काम हर राजनेताओं का होता है। मैंने कुछ गलत बोला? ठीक पटरी पर चल रही है गाड़ी? अब सवाल पूछता हूं… जब मोदी जी ने नोटबंदी की तब उन्होंने हमारी माताओं-बहनों के घर में लक्ष्मी की शक्ति बढ़ाई या कम की? कम की न…। जब नरेंद्र मोदी जी ने किसानों पर तीन कानून लागू किए उनसे लक्ष्य पूरे करने वाली शक्ति उन्होंने छीनी या उनको दी?…छिनी। जब जीएसटी लागू किया। छोटे दुकानदारों के घर में उन्होंने लक्ष्मी और दुर्गा डाली या निकाली? और जब कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा लागू किया तो करोड़ों लोगों के घर में लक्ष्मी की शक्ति डाली या निकाली? जब हमने आरटीआई लागू किया तो करोड़ों लोगों के हाथों में दुर्गा की शक्ति डाली है या नहीं? जब हमने संविधान की लड़ाई लड़ी? वन मैन वन बोर्ड दिया तो हमने दुर्गा की शक्ति बढ़ाई या कम की? लक्ष्मी की शक्ति ज्यादा की या कम की? …तो ये हो क्या रहा है? वो पूरे देश में लक्ष्मी और दुर्गा पर आक्रमण करते हैं वो अपने आपको हिन्दू पार्टी कहते हैं। और पूरे देश में लक्ष्मी और दुर्गा पर आक्रमण करते हैं। जहां ये जाते हैं। कहीं ये लक्ष्मी को मारते हैं तो कहीं ये दुर्गा को मारते हैं। और फिर कहते हैं कि हम हिन्दू हैं। ये किस प्रकार के हिन्दू हैं? ये झूठे हिन्दू हैं। ये हिन्दू धर्म का प्रयोग करते हैं। ये हिन्दू धर्म की दलाली करते हैं। मगर ये हिन्दू नहीं हैं। राहुल ने भीड़ से पूछा…बात समझ आई..क्लियर थी? मीडिया को भी घेरा, कहा-टीवी पर ये मेरा भाषण नहीं दिखाएंगे राहुल ने अपने संबोधन में मीडिया को भी घेरा। उन्होंने कहा कि अभी जो मैं भाषण दे रहा हूं। यह टीवी पर चल ही नहीं सकता। यहां मीडिया के कई साथी हैं। उनसे पूछिए क्या ये भाषण उनके चैनल पर चलेगा? मैं बताता हूं, ये चल ही नहीं सकता। इस पर भीड़ में ठहाके गूंजने लगे। महात्मा गांधी के आसपास इसलिए रहती थीं महिलाएं.. राहुल गांधी ने आगे बताया कि महात्मा गांधी की तस्वीरों में आप लोगों ने देखा होगा कि उनके आसपास दो-तीन महिलाएं होती थीं। क्या आपने RSS प्रमुख मोहन भागवत के आसपास किसी महिला को देखा है? ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस महिलाओं का सम्मान करती है और उन्हें मंच देती है। मोदी और RSS देश को महिला प्रधानमंत्री नहीं दे सकते। कांग्रेस ने ऐसा किया है। कांग्रेस के निशान हाथ को हर धर्म से जोड़ा राहुल ने स्थापना दिवस पर महिला कांग्रेस का नया लोगो जारी जारी किया। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से इसका मतलब भी पूछा और आखिरी में खुद इसके बारे में बताया। राहुल ने कहा आपने भगवान शिव, महावीर, बुद्ध, गुरुनानक, जीसस क्राइस्ट, साईं बाबा सबकी तस्वीरों में सामने हाथ होता है। मुस्लिम धर्म में चिह्न … Read more

NCRB की रिपोर्ट … UP रेप के मामले में टॉप पर, बच्चों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध MP में

नई दिल्ली। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने बुधवार को 2020 में हुए अपराधों का डेटा जारी किया है। इसके मुताबिक 2020 में हर रोज औसतन 80 मर्डर हुए। सबसे ज्यादा हत्या के मामले उत्तर प्रदेश में आए। कुल अपराधों की बात करें तो 2019 के मुकाबले 2020 में क्राइम रेट में 28% का इजाफा हुआ है। किडनैपिंग, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले कम हुए हैं। 2020 में देश में कुल 66,01,285 मामले दर्ज हुए। जो 2019 के 51,56,158 मुकाबले 14,45,127 ज्यादा हैं। 2019 के मुकाबले 1% बढ़े मर्डर के मामले रिपोर्ट कहती है कि 2020 में देश में कुल 29,193 मर्डर हुए। यानी हर दिन औसतन 80 मर्डर। जो 2019 के 28,915 के मुकाबले 79 ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा 10,404 लोगों की हत्याएं आपसी विवाद की वजह से हुईं, वहीं 4,034 हत्याएं पुरानी दुश्मनी की वजह से हुईं। सबसे ज्यादा हत्या के मामले उत्तर प्रदेश में आए। उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा हत्याएं बिहार (3,150), महाराष्ट्र (2,163), मध्य प्रदेश (2,101) और पश्चिम बंगाल (1,948) में हुई हैं। राजधानी दिल्ली में पिछले साल 472 हत्याएं हुईं। जिन लोगों की हत्या हुई उनमें 38.5% की उम्र 30 से 45 साल के बीच थी, वहीं 35.9% की उम्र 18 से 30 साल के बीच थी। 16.4% की उम्र 45 से 60 साल के बीच थी, वहीं 4% ऐसे बुजुर्गों की हत्या हुई जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा थी। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,71,503 मामले दर्ज हुए। जो 2019 के 4,05,326 मामलों के मुकाबले 8.3% कम थे। इनमें सबसे ज्यादा 30% मामले पति और उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता करने के थे। वहीं 23% मामले शील भंग करने के इरादे से महिलाओं पर हमला करने के थे। 16.8% मामले किडनैपिंग के तो 7.5% मामले रेप के थे। बच्चों के खिलाफ अपराध के 42.6% मामले किडनैपिंग के बच्चों के खिलाफ अपराध के देश में 1,28,531 मामले दर्ज हुए। जो 2019 के मुकाबले 13.2% कम हैं। बच्चों खिलाफ होने वाले अपराधों में सबसे ज्यादा 42.6% मामले किडनैपिंग के हैं। बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा मामले भी 38.8% दर्ज हुए। दलितों के खिलाफ अपराध में 9.4% का इजाफा 2020 में दलितों के खिलाफ अपराध के कुल 50,291 मामले दर्ज हुए, जो 2019 के मुकाबले 9.4% ज्यादा हैं। इनमें 32.9% मामले मारपीट से आई साधारण चोट के थे। 8.5% मामले SC/ST एक्ट के थे। आदिवासियों के खिलाफ अपराध में भी 9.3% का इजाफा 2020 में आदिवासियों के खिलाफ अपराध के कुल 8,272 मामले दर्ज हुए। 2019 के मुकाबले आदिवासियों के खिलाफ अपराध में 9.3% का इजाफा हुआ है।

यूपी में प्रियंका गाँधी के मास्टर स्ट्रोक से अन्य दलों में खलबली

लखनऊ। यूपी चुनाव को लेकर सभी पार्टियां ताल ठोक रही हैं. कांग्रेस कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के मास्टर स्ट्रोक से अन्य दलों में खलबली मच गयी है। अगले साल होने वाले UP विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव और UP प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली या अमेठी की किसी सीट से मैदान में उतर सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो प्रियंका, गांधी परिवार की पहली सदस्य होंगी जो विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। इससे पहले गांधी परिवार के सभी सदस्यों ने सिर्फ लोकसभा चुनाव लड़ा है। सूत्रों का कहना है कि प्रियंका की पहली पसंद अमेठी है, क्योंकि वहां राहुल गांधी की हार का बदला लेने के लिए अमेठी में लोकसभा चुनावों की जमीन तैयार करेंगी, जिससे स्मृति ईरानी को 2024 के लोकसभा चुनावों में चुनौती दी जा सके। प्रशांत किशोर ने भी प्रियंका को दिया है सुझाव बीते दिनों लखनऊ में हुई मीटिंग में एडवायजरी कमेटी ने भी प्रियंका से कहा था कि उनके चुनाव मैदान में आने से कांग्रेस को UP में नई ताकत मिलेगी। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी प्रियंका को सुझाव दिया था कि उन्हें विधानसभा चुनाव में खुद मैदान में उतरना चाहिए। प्रियंका के चुनाव के लिए कांग्रेसियों ने कसी कमर प्रियंका गांधी ने चुनाव लड़ने या ना लड़ने को लेकर खुद कोई संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी के ऑफिस की तरफ से चुनावी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए रायबरेली और अमेठी के डेटा जुटाए जा रहे हैं। रायबरेली या अमेठी ही क्यों? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी के चुनाव हार जाने के बाद वहां गांधी परिवार का दबदबा कम हुआ है। वहीं, कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी की सेहत ठीक नहीं होने के चलते रायबरेली में भी गांधी परिवार का जनता से संपर्क कम हुआ है। ऐसे में प्रियंका के चुनाव लड़ने से अमेठी और रायबरेली क्षेत्र की जनता के साथ कांग्रेस के संबंधों को मजबूती मिल सकती है। रायबरेली और अमेठी बरसों से गांधी परिवार का गढ़ रहा है और प्रियंका इस रिश्ते को कमजोर नहीं होने देना चाहती हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद तो औपचारिक रूप से कह चुके हैं कि UP विधानसभा चुनाव में प्रियंका कांग्रेस का चेहरा होंगी। रायबरेली में अब तक सिर्फ 3 बार हारी है कांग्रेस रायबरेली में 1952 से लेकर 2019 तक लोकसभा चुनाव में सिर्फ तीन बार कांग्रेस हारी है। 1977, 1988 और 1996 में इस सीट पर कांग्रेस को हार मिली थी। इस सीट से फिरोज गांधी, इंदिरा गांधी, शीला कौल, अरुण नेहरू और सतीश शर्मा चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। अमेठी में 18 चुनाव में 16 बार कांग्रेस की जीत अमेठी में 17 लोकसभा और 2 उपचुनाव में कांग्रेस ने 16 बार जीत हासिल की है। सिर्फ तीन बार 1977, 1998 और 2019 में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। 1977 में इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में पहली बार कांग्रेस हारी थी। इसके बाद 1980 में संजय गांधी यहां से सांसद बने। संजय की मौत के बाद राजीव गांधी ने अमेठी की बागडोर संभाली। फिर 1999 में सोनिया गांधी ने चुनाव जीता। इसके बाद 2004, 2009 और 2014 में राहुल गांधी यहां से जीते , लेकिन 2019 में स्मृति ईरानी ने राहुल को हरा दिया था। कांग्रेस ने फंड जुटाने के लिए UP में नया तरीका भी निकाला है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि जिसे भी टिकट चाहिए उसे 25 दिसंबर तक पार्टी फंड में 11 हजार रुपए जमा कराने होंगे। टिकट के लिए पहले आवेदन पत्र जमा करना होगा।

दिल्ली में बारिश से हाहाकार, टूटा 46 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को बताया कि इस साल मानसून के अत्यधिक असामान्य मौसम में दिल्ली (Delhi Weather News) में अभी तक 1100 मिलीमीटर बारिश हुई जो कि 46 वर्षां में सबसे अधिक और पिछले साल दर्ज की गई बारिश से लगभग दोगुनी है. हालांकि ये आंकड़ें बदल सकते हैं, क्योंकि शहर में दिन में और बारिश का अनुमान है. बता दें कि दिल्ली में भारी बारिश की वजह से न सिर्फ इंदिरा गांधी एयरपोर्ट (IGI Airport) के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है बल्कि दिल्ली के कई इलाके पानी-पानी हो गए हैं. वहीं, कई जगह जलजमाव की वजह से ट्रैफिक जाम लग गया है. आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, ‘सफदरजंग वेधशाला ने 1975 के मानसून के मौसम में 1,150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की थी. इस साल बारिश पहले ही 1,100 के आंकड़ें को पार कर गयी है और मानसून का मौसम अभी खत्म नहीं हुआ है.’ आईएमडी के अनुसार, सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून के मौसम के दौरान 648.9 मिमी बारिश दर्ज की जाती है. मानसून का मौसम शुरू होने पर एक जून से 11 सितंबर तक शहर में सामान्य तौर पर 590.2 मिमी बारिश होती है। मानसून 25 सितंबर तक दिल्ली से चला जाता है. इसके अलावा अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 17-18 सितंबर के आसपास बारिश आने का अनुमान है. इस बारिश बना रही रिकॉर्ड साल 2003 में राष्ट्रीय राजधानी में 1,050 मिमी बारिश हुई थी. दिल्ली में 2011, 2012, 2013, 2014 और 2015 में मानसून के मौसम के दौरान क्रमश: 636 मिमी, 544 मिमी, 876 मिमी, 370.8 मिमी और 505.5 मिमी बारिश हुई. जबकि आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 2016 में 524.7 मिमी, 2017 में 641.3 मिमी, 2018 में 762.6 मिमी, 2019 में 404.3 मिमी और 2020 में 576.5 मिमी बारिश दर्ज की गयी. दिल्ली के लिए सितंबर में प्रचुर मात्रा में बारिश हुई। अभी तक इस महीने में 343.6 मिमी बारिश दर्ज की गयी जो कम से कम 12 वर्षों में सबसे अधिक है. इस साल सितंबर में हुई बारिश पिछले साल की तुलना में सबसे कम रही. पिछले साल सितंबर में शहर में 20.9 मिमी बारिश हुई थी. बहरहाल, दिल्ली में इस महीने की शुरुआत में लगातार दो दिन 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गयी. एक सितंबर को 112.1 मिमी और दो सितंबर को 117.7 मिमी बारिश दर्ज की गयी. जबकि शनिवार को शहर में 94.7 मिमी बारिश दर्ज की गयी. वहीं, दिल्ली में मानसून के 19 साल में सबसे देर से 13 जुलाई को दस्तक देने के बावजूद राजधानी में उस महीने 16 दिन बारिश दर्ज की गयी थी जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है. दिल्ली में बारिश के दिनों में 507.1 मिमी बारिश हुई जो औसत से तकरीबन 141 प्रतिशत अधिक है. जुलाई 2003 के बाद से यह इस महीने में हुई सबसे अधिक बारिश है. इसके अलावा शहर में अगस्त में महज 10 दिन बारिश हुई थी जो सात वर्षों में सबसे कम है और कुल मिलाकर 214.5 मिमी. बारिश हुई जो 247 मिमी की औसत बारिश से कम है.

UP : प्रबुद्ध सम्मेलन के रास्ते ब्राह्मणों को मनाने में जुटी बीजपी

कानपुर। भाजपा प्रबुद्ध सम्मेलन के बहाने ब्राह्मणों को मनाने का में लगी हुई है। इसी क्रम में कानपुर देहात के रानियां अकबरपुर से विधायक प्रतिभा शुक्ल ने शहर में कार्यक्रम आयोजित कर ब्राह्मणों को एकजुट करने का संदेश देने का कार्य किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थिति गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के नाम पर प्रमुख मार्गों और शहरों के नाम बदलने का कार्य चलता रहेगा। यह कलंक है, इनको तो मिटना ही होगा। इस दौरान जय श्री राम जय परशुराम के नारे भी लागये गये। हिंदुत्व के बहाने ब्राह्मणों को एक जुट दिखाने की कोशिश भी की गयी। भाजपा राष्ट्रवादी सोच रखती हैं जातिवादी नही मंत्री अजय मिश्र ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति में हमारी सोच कैसी हो इस पर चर्चा करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल ब्राह्मणों का सम्मेलन नहीं है। राष्ट्र के सम्मान को बढ़ाने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। हिंदुस्तान एक आध्यात्मिक देश है। हमारी पहचान धर्म और शिक्षा रही है। आज प्रबुद्ध सम्मेलन के नाम पर जातिगत सम्मेलन हो रहे है। जबकि भाजपा प्रबुद्ध सम्मेलन में यहां देश की चिंता कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के शशक्तिकरण, रोज़गार, सड़क, बिजली, ट्रैन, अच्छी कानून व्यवस्था पर काम करने के लिये भाजपा सरकार चुना गया है। अपमान से जुड़े नाम बदल जाते रहेंगे अजय मिश्र ने कहा कि बाबर, लोधी, गजनी, गोरी जैसे आक्रांताओं ने लूट के साथ, धर्म पर हमला किया। मंदिर मठों को तहस नहस किया गया। हमारी व्यवस्था को नष्ट किया गया। इसके पुनर्निर्माण की ज़रूरत है। देशबके प्रधानमंत्री ने अपने देश की संस्कृति को विश्व पटल पर रखा। शहरों और सड़कों का नाम बदलने का काम भाजपा करती रहेगी। क्योंकि जो चिन्ह देश के अपमान से जुड़े हुए हैं, उन्हें हबदलना होगा। अबकी बार कश्मीर में लोगों ने अपने घरों में तिरंगा फहराया, कृष्ण की झांकी लाल चौक में निकाली गई। भाजपा सत्ता के माध्यम से देशवाशियों को सुविधा संपन्न बनाने का काम कर रही है। ऐसे में राष्ट्र, देश समाज के लिए प्रबुद्ध वर्ग की बडी भूमिका। 25 करोड़ की मूर्ति के बहाने ब्राह्मण नेता बनने की फिराक़ में अनिल शुक्ल विधायक प्रतिभा शुक्ल के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित कर खुद का कद बढ़ाने की कोशिश की। पिछले कुछ समय से कई ब्राह्मण नेताओ के प्रयास है कि वह खुद को ब्राह्मणों का नेता साबित कर सके। आज के प्रबुद्ध सम्मेलन के माध्मय से कुछ ऐसा ही करते नज़र आये अनिल शुक्ल वारसी भी। उनका दावा है कि एक मंदिर बनाया जायेगा जिसमें 25 करोड़ की मूर्ति भगवान परशुराम की लगाई जायेगी। गृहराज्य मंत्री का है कानपुर से गहरा नाता केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र कानपुर के चौबेपुर ब्लॉक के एक गांव के ही रहने वाले हैं। BNSD इंटर कॉलेज से इन्होंने शिक्षा ली है। क्राइस्ट चर्च कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। DAV लॉ से वकालत की पढ़ाई की हुयी है। कानपुर से ही पढ़े अजय मिश्र को मोदी सरकार में गृह मंत्री अमित शाह के साथ काम करने का मौका मिला है।

गुजरात के CM विजय रुपाणी ने चुनाव से एक साल पहले छोड़ा पद

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने चुनाव से एक साल पहले अचानक इस्तीफा दे दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में समय के साथ दायित्व बदलते रहते हैं। भाजपा में यह स्वभाविक प्रक्रिया है। मुझे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली, जो मैंने पूरी की है। रुपाणी ने कहा कि जेपी नड्डा जी का भी मार्गदर्शन मेरे लिए अभूतपूर्व रहा है। अब मुझे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी मैं उसका निर्वहन करूंगा। हम पद नहीं जिम्मेदारी कहते हैं। मुझे जो जिम्मेदारी मिली थी वह मैंने पूरी की है। हम प्रदेश के चुनाव नरेंद्र मोदी जी की अगुवाई में लड़ते हैं और 2022 का चुनाव भी उन्हीं की अगुवाई में लड़ा जाएगा। बता दें रुपाणी ने 26 दिसंबर 2017 को दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा ने गुजरात में 182 सीटों में से 99 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। विधानमंडल दल की बैठक में रुपाणी को विधायक दल का नेता और नितिन पटेल को उपनेता चुना गया था। नए मुख्यमंत्री की रेस में 4 नाम शामिल रुपाणी के इस्तीफे के बाद ये अटकलें भी शुरू हो गई हैं कि अब अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री पुरषोत्तम रुपाला, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल और गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल के नाम आगे हैं। बीते कुछ दिनों से चल रही थीं नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें बीते कुछ दिनों से गुजरात सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लग रही थीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात करीब 8 बजे अचानक अहमदाबाद पहुंचे थे। उनके गुजरात आने का कोई तय शेड्यूल नहीं था। एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करने राज्य गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा, मेयर किरीट परमार और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन हितेश बारोट पहुंचे थे। हालांकि गुरुवात रात को अमित शाह अपनी बहन के घर पहुंचे थे तो लगा कि पारिवारिक काम से आए होंगे, लेकिन अब लग रहा है कि शायद सत्ता में बदलाव के सिलसिले में ही वे गुजरात पहुंचे होंगे। हार्दिक पटेल बोले- जनता को गुमराह कर रही भाजपा रूपाणी के इस्तीफे पर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। कोरोना में अव्यवस्था और नाकामी की वजह से लोगों में नाराजगी थी। ऐसे में भाजपा सीएम बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है। उसने उत्तराखंड में भी यही किया है।

BBC खुलासा : मोदी सरकार ने विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए

– BBC की रिपोर्ट – साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं  – इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे  नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में मोदी सरकार ने महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना (पीएमजेएवाई) के प्रचार पर जितना ख़र्च किया उससे कहीं अधिक ख़र्च नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे विवादित क़ानूनों से जुड़े विज्ञापनों पर किया। भारत में बेहतर इलाज के लिए ग़रीबों को आर्थिक मदद देने के लिए आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत हुई थी। साल 2020 में कोविड-19 महामारी का असर झेल रहे लोगों के लिए इसके दायरे को बढ़ाया गया था। बीबीसी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करते हुए कोरोना महामारी के दौर में विज्ञापन के ख़र्च में मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश की। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक़ अप्रैल 2020 से लेकर जनवरी 2021 के बीच मोदी सरकार ने विज्ञापनों पर कुल 212 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें से केवल 0.01 फ़ीसदी यानी 2 लाख 49 हज़ार रुपए सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना के विज्ञापन पर खर्च किए गए हैं। इस डेटा में आउटडोर मीडिया विज्ञापनों (सड़कों और बाहर लगने वाले पोस्टर वगैरह) पर ख़र्च का हिसाब शामिल नहीं है। भारत सरकार के ताज़ा आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार देश में केवल 3.76 फ़ीसदी लोग की स्वास्थ्य बीमा लेते हैं जबकि वैश्विक स्तर पर क़रीब 7.23 फ़ीसदी लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठाते हैं। तो सरकार ने खर्च कहां किया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर अक्सर विज्ञापनों में ज़रूरत से अधिक ख़र्च करने के आरोप लगते रहे हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं। इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे। बीबीसी यह पड़ताल करना चाहती थी कि मौजूदा सरकार किस मद में अधिक ख़र्च कर रही है।  इसके लिए सूचना के अधिकार के तहत भारत सरकार के ‘ब्यूरो ऑफ़ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ को सूचना के अधिकार के तहत अर्ज़ी भेजी गई। यह विभाग सरकार के दिए जाने वाले विज्ञापनों का लेखा-जोखा रखता है। आरटीआई के जवाब में ब्यूरो ने 2,000 पन्नों के दस्तावेज़ भेजे जिनमें मई 2004 से लेकर जनवरी 2021 के बीच प्रिंट मीडिया, टेलीविज़न, डिजिटल और आउटडोर प्लेटफ़ॉर्म पर सरकारी विज्ञापनों पर किए ख़र्च का हिसाब था। इन आंकड़ों को समझने पर सामने आया कि जिस वक्त कोरोना महामारी देश में क़हर बरपा रही थी, उस वक्त सरकार अपने कार्यकाल में लाए कुछ विवादित क़ानूनों के बचाव और उनके बारे में अधिक जागरूकता फैलाने के लिए विज्ञापन दे रही थी। इन क़ानूनों में नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे क़ानून शामिल थे जिन्हें लेकर हाल के महीनों में काफ़ी विवाद हुआ है। योजना के फ़ायदे के बारे में किसे कितनी जानकारी? साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 हज़ार रुपए से कम प्रति माह की आय वाले भारतीय परिवारों के लिए ये स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की थी। मोदी समर्थकों ने इस योजना को ‘मोदीकेयर’ कहा था और दावा किया कि ये योजना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा लांच की गई जानी मानी ‘ओबामाकेयर’ की तर्ज पर है। कोविड महामारी की पहली लहर के दौरान संक्रमण के मामले बढ़े तो इसका दवाब देश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ा जो मरीज़ों की बढ़ती संख्या के कारण चरमराने की अवस्था तक पहुंच गई। इस दौरान हज़ारों लोगों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख़ किया और कई परिवारों के लिए ज़रूरी पैसों की व्यवस्था करना बड़ी समस्या बन गया। ऐसे में सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया और कइयों के लिए ये सरकारी बीमा योजना बेहद अहम साबित हुई। अप्रैल 2020 में सरकार ने कहा कि निजी और सरकार के साथ जुड़े सार्वजनिक अस्पतालों में कोरोना वायरस की टेस्टिंग और कोविड-19 के इलाज का ख़र्च इस बीमा योजना के तहत कवर होगा। इसी साल 18 अगस्त को घोषणा की गई थी कि आयुष्मान योजना के तहत 2 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं . इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में लाभार्थियों को कैशलेस इलाज मिलता है और साल में एक परिवार के सदस्यों के इलाज पर 5 लाख तक के ख़र्च को कवर किया जाता है। आरटीआई के ज़रिए हमें पता चला कि 2018 के आख़िर से लेकर 2020 की शुरुआत तक सरकार ने आयुष्मान योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 25 करोड़ रुपयों से अधिक के विज्ञापन दिए हैं। मगर कोरोना महामारी के दौरान ये ख़र्च काफ़ी हद तक कम कर दिया गया और सरकार की सकारात्मक छवि दिखाने वाले अभियानों पर अधिक ख़र्च किया गया। इनमें सरकार का ‘मुमकिन है’ अभियान शामिल है जिसके केंद्र में पीएम मोदी की छवि थी। बीबीसी ने स्वास्थ्य योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले विज्ञापनों पर ख़र्च बनाम विवादित क़ानूनों के बारे में विज्ञापन के संबंध में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। केंद्र सरकार के आयुष्मान योजना में पंजीकरण कराने के बावजूद राजस्थान के सीकर में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद को अस्पताल का बिल देना पड़ा। राजेंद्र के भाई सुभाष चंद के पास प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड है। इस साल मई में कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। राजेंद्र ने बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह को बताया था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इस सरकारी योजना के तहत कौन से अस्पताल सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘अस्पताल के डॉक्टर ने आयुष्मान भारत येजना कार्ड को स्वीकार करने से मना कर दिया और मेरे भाई का इलाज करने से इनकार कर दिया। अब मुझे लगता है कि इस कार्ड के होने का हमारे लिए कोई फ़ायदा नहीं है।’ हालांकि राजस्थान राज्य स्वास्थ्य योजना की कार्यकारी अधिकारी अरुणा राजोरिया का कहना है कि आयुष्मान योजना के सभी लाभार्थियों को एसएमएस के ज़रिए एक … Read more

सिंगल मदर बनीं भोपाल की संयुक्ता, स्पर्म डोनेशन के जरिए दिया बेटे को जन्म

महिला ने बताया कि, मैं मां बनना चाहती थी, इसलिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण से बच्चा गोद लेने के लिए दो बार रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. MP : रुढ़िवादी सोच तोड़ सिंगल मदर बनीं भोपाल की संयुक्ता, स्पर्म डोनेशन के जरिए दिया बेटे को जन्म बिना पति के मां बना एक औरत के लिए आज के समय में भी बहुत बड़ा चैलेंज है. समाज ऐसी महिलाओं को स्वीकार नहीं करता है. इन जैसी और भी कई बातों और रुढ़िवादी सोच को तोड़कर भोपाल (Bhopal) की 37 साल की संयुक्ता बनर्जी ने अपने लिए कुछ अलग चुना है. हालांकि ये फैसला लेना इतना आसान नहीं था, लेकिन परिवार और दोस्तों से मिले सपोर्ट के बाद उसके लिए मुश्किले और आसान हो गई. संयुक्ता बनर्जी ने काफी सोचने के बाद बिना पार्टनर के ही मां (single mother) बनने का फैसला लिया और स्पर्म डोनेशन (sperm donation) के जरिए अगस्त में एक बेटे को जन्म दिया है संयुक्ता का आज अपने इस फैसले पर गर्व है. संयुक्ता का कहना है कि उनके परिवार और दोस्तों ने मानसिक और भावनात्मक बहुत सहयोग किया जिसकी वजह से उन्हें ये फैसला लेने में कोई मुश्किल नहीं आई. बच्चा गोद लेने का भी कोशिश की थी लेकिन गोद नहीं मिला उन्होंने बताया कि तीन बार बच्चा गोद लेने की कोशिश की थी, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. इसके बाद एक फैमिली डॉक्टर ने उन्हें आईसीआई तकनीक के बारे में बताया. जिसके बाद उनका मां बनने का सपना पूरा हो गया. सरोगेसी से मां बनना बहुत मंहगा प्रोसेस है संयुक्ता ने बताया कि उनकी शादी 20 अप्रैल 2008 में हुई थी. पति को बच्चा नहीं चाहिए था लेकिन मुझे मातृत्व का सुख लेना था. 2014 में दोनों की राहें अलग हो गईं और 2017 में तलाक हो गया. फिर मैंने नए सिरे से जिंदगी शुरू की. चूंकि मैं मां बनना चाहती थी, इसलिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण से बच्चा गोद लेने के लिए दो बार रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. इसके बाद मेरे फैमिली डॉक्टर ने सेरोगेसी, आईवीएफ, आईसीआई और आईयूआई जैसी तकनीक के बारे में बताया. इसमें बिना पार्टनर के भी मां बना जा सकता है. 24 अगस्त को दिया बेटे को जन्म उन्होंने कहा कि, मैंने आईसीआई तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया. इसमें बिना किसी के संपर्क में आए केवल स्पर्म डोनेशन लेना होता है. इसमें डोनर की पहचान गोपनीय रहती है. फरवरी में मुझे पता चला मैंने कंसीव कर लिया है. डॉक्टर की देखरेख में मैंने 24 अगस्त को बेटे को जन्म दिया. पहले मैंने सरोगेसी से बच्चा पैदा करने के बारे में सोचा था लेकिन यह तकनीक बहुत महंगी है. इसमें काफी रुपया खर्च होने के बाद भी सक्सेस रेट बहुत कम है. इसके बाद टेस्ट ट्यूब बेबी पर भी विचार किया लेकिन उसमें भी बात नहीं बनी. तब मैंने आईसीआई तकनीक को अपनाया. ‘मैं पापी हो गई हूं. मेरा पाप सामने आ गया’ संयुक्ता कहती हैं, अगर आप शादी के बंधन में हैं तो मां बने बिना एक महिला अस्तित्व ही न पूरा कर पाए. लेकिन अगर शादीनुमा संस्थान से या तो निकल गए हो या शादी ही नहीं की है तो एक महिला का मां बनना पाप माना जाता है. इस तरह से अब इस समाज की नजरों में मेरा एक पाप सामने आ चुका है और मैं पापी हो गई हूं वह कहती हैं कि मेरी मां 70 साल की उम्र में साये की तरह मेरे साथ खड़ी रहीं. कुछ दोस्तों ने भी हर मोड़ पर मेरा साथ दिया जिससे राह आसान हो गई.

MP : बीजेपी प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने बताया नेताओं को नालायक

मंत्री न बनाए जाने से नाराज नेताओं को प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने नसीहत दी भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी (Madhya Pradesh Bjp) के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव (muralidhar rao) ने गुरुवारो को पार्टी से नाखुश विधायक-सांसदों को सख्त लहजे में नसीहत देते हुए कहा है कि जो लगातार तीन-तीन, चार-चार बार से विधायक-सांसद बन रहे हैं, पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. ऐसे नेताओं के पास कहने को कुछ और नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर ऐसे नेता फिर भी ये कहते हैं कि उन्हें मौका नहीं मिला तो उनसे बड़ा नालायक कोई और नहीं है. उन्हें मौका मिलना भी नहीं चाहिए. दरअसल, बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने पार्टी के उन नेताओं पर निशाना साधा, जो लगातार पदों पर बन रहने की मांग करते हैं. मुरलीधर राव ने कहा कि लगातार 4 बार 5 बार से सांसद, विधायक बनना, लगातार प्रतिनिधित्व करना, यह जनता का दिया हुआ वरदाना होता है. ‘सब होने के बाद रोने वालों को नहीं मिलना चाहिए कुछ’ दरअसल मुरलीधर राव गुरूवार को भोपाल स्थित संत रविदास मंदिर में अनुसूचित जाति मोर्चा के संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उसी दौरान राव ने कहा कि लगातार 4 बार 5 बार से सांसद, विधायक बनना, लगातार प्रतिनिधित्व करना, यह जनता का दिया हुआ वरदाना होता है. इसके बाद रोने के लिए कुछ नहीं होना चाहिए, ऐसे नेता अगर कहे कि उन्हें मौका नहीं मिला तो उनसे बड़ा नालायक कोई नहीं, मुरलीधर राव ने कहा कि उन्हें मौका मिलना भी नहीं चाहिए. सीनियर नेताओं को बड़ी नसीहत दी है राव ने मुरलीधर राव की दो टूक लाइन के बाद‌ साफ है कि आने वाले दिनों में कई वरिष्ठ नेताओं का पत्ता कट सकता है और नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है. दरअसल इस बार मंत्रिमंडल में बीजेपी के कई सीनियर नेताओं को स्थान नहीं मिला था. ऐसे में ये नेता अपने तीखे बयानों के जरिए पद की मांग करते रहते हैं. इन्ही सब बातों को देखते हुए मंत्री न बनाए जाने की नाराजगी को लेकर ही प्रदेश प्रभारी ने सीनियर नेताओं को नसीहत दी है. इन नेताओं के लिए मुरलीधर राव का यह बयान बड़ा संदेश माना जा रहा है. राव अपने बयानों को लेकर मध्य प्रदेश में इन दिनों बहुत चर्चाओं में है. एक दिन पहले ही उन्होंने राजगढ़ में बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि संगठन के नेता दौरे करें. जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद करें वरना उनकी छुट्टी कर दी जाएगी.

भारत बंद की तैयारियां तेज:संयुक्त किसान मोर्चा ने तय किया राज्यवार बैठकों का कार्यक्रम

गाजियाबाद. कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्यवार बैठकों का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य एवं भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता युद्धवीर सिंह के अनुसार, किसान संगठन 11 सितंबर को पटना में एक सम्मेलन करेंगे। मध्यप्रदेश के सभी जिलों में तैयारी बैठकें 10 सितंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। उत्तर प्रदेश में एसकेएम के “मिशन यूपी’ की अहम बैठक 9 सितंबर को लखनऊ में होगी। 15 सितंबर को राजस्थान के जयपुर में किसान संसद होगी। युद्धवीर सिंह ने कहा कि ये सभी बैठकें कहीं न कहीं 27 सितंबर के प्रस्तावित भारत बंद की तैयारियों से जुड़ी हैं। अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार बैठकें-पंचायत करके सभी किसान-मजदूर संगठनों का समर्थन लिया जा रहा है। इन बैठकों के बाद ये संगठन अपने-अपने राज्य में बंदी के लिए जनसंपर्क करके जनसमर्थन हासिल करेंगे। महापंचायत पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार पांच सितंबर को यूपी के मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत पर किसान संगठनों ने एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनवाई है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट करके बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म 17 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन के सभी अधिकारिक प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम की जाएगी। चुनाव नजदीक देख किसान आंदोलन ने पकड़ा जोर जैसे-जैसे यूपी-उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह किसान आंदोलन फिर से जोर पकड़ रहा है। पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर महापचंायत और सात सितंबर की करनाल महापंचायत इसी का नतीजा है। करनाल में खुद राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी अपनी टीम को लेकर डटे हुए हैं। इधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने कह दिया है कि सभी राज्यों में एसकेएम की समितियां बनाई जाएं। साफ है कि किसान संगठन अब इस आंदोलन को दिल्ली बॉर्डर के साथ-साथ गांव-गांव, जिले-जिले तक ले जाना चाहते हैं।

37 करोड़ रुपए का इनामी अफगानिस्तान का गृहमंत्री; 13 साल पहले भारत को जख्म दिया था

काबुल. 20 साल बाद अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान छोड़ा। 20 साल बाद ही एक बार फिर तालिबान ने हुकूमत का औपचारिक ऐलान कर दिया। तालिबान घोषित आतंकी संगठन है और जाहिर सी बात है कि उसकी सरकार में दहशतर्दों को ही जगह मिलनी थी, और मिली भी। एक नाम और उसका ओहदा या कहें पोर्टफोलियो, अमेरिका और दुनिया को चौंका रहा है। ये नाम है सिराजुद्दीन हक्कानी। वो कितना खूंखार आतंकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने उस पर 50 लाख डॉलर (इंडियन करेंसी के मुताबिक करीब 37 करोड़ रुपए) का इनाम घोषित कर रखा है। सिराजुद्दीन और उसके पिता ने 2008 में काबुल के भारतीय दूतावास पर भी हमला कराया था। इसमें 58 लोग मारे गए थे। 2011 में अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ रहे जनरल माइक मुलेन ने हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का दायां हाथ और एजेंट बताया था। फिदायीन हमले इसके दिमाग की उपज फिदायीन हमलों का इतिहास कई दशक पुराना है। माना जाता है कि श्रीलंका में सिविल वॉर के वक्त इनकी शुरुआत हुई थी, लेकिन अफगानिस्तान में फिदायीन या आत्मघाती हमले शुरू करने वाला हक्कानी नेटवर्क और खास तौर पर यही सिराजुद्दीन हक्कानी माना जाता है। अफगानिस्तान में इन हमलों में अब तक हजारों बेकसूर मारे जा चुके हैं। सिराजुद्दीन ने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई की हत्या की साजिश भी इन्हीं हमलों के तहत रची थी। ये नाकाम रही। कहा जाता है कि सिराजुद्दीन का बाप और हक्कानी नेटवर्क की स्थापना करने वाला जलालुद्दीन हक्कानी 2013 या 2015 के बीच मारा गया, लेकिन सिराजुद्दीन 2001 के बाद से ही हक्कानी नेटवर्क का सरगना बना हुआ है। सिराजुद्दीन पाकिस्तान के वजीरिस्तान में ही रहता है। हक्कानी नेटवर्क को जानना जरूरी इसको संक्षिप्त में समझ लेते हैं। 1980 के आसपास सोवियत सेना ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। अमेरिका ने इसे अपनी तौहीन समझा। पाकिस्तान के साथ मिलकर स्थानीय कबीलों को हथियार और पैसा दिया। इनमें हक्कानी नेटवर्क भी शामिल था। इसके बाद तालिबान बना और अमेरिका ने इन गुटों से दूरी बनानी शुरू कर दी, लेकिन पाकिस्तान इन्हें पालता-पोसता रहा। ISI ने हक्कानी नेटवर्क का इस्तेमाल अफगानिस्तान और अमेरिका दोनों के खिलाफ किया। ये एजेंसी पैसे भी लेती और हमले भी कराती। अमेरिका की ये नाकामी ही कही जाएगी कि वो पाकिस्तान पर दबाव डालकर हक्कानी नेटवर्क को खत्म नहीं करा सका। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क: कितने पास, कितने दूर शायद कम लोगों को पता होगा कि तालिबान किसी एक संगठन का नाम नहीं है। इसमें कई गुट, कई कबीले और कई धड़े हैं। हक्कानी नेटवर्क को आप इनमें से एक मान सकते हैं। अफगान तालिबान अलग है और पाकिस्तान तालिबान अलग। बस एक चीज कॉमन है। ये सभी कट्टरपंथी और आतंकी संगठन हैं जो शरीयत के हिसाब से हुकूमत चलाना चाहते हैं। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क अपनी सुविधा के हिसाब से एक-दूसरे का इस्तेमाल करते हैं। अफगान तालिबान को सत्ता में आने के लिए हक्कानी नेटवर्क ने दिल-ओ-जान से मदद की। नतीजा सामने है। उसका सरगना अब अफगानिस्तान का होम मिनिस्टर होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो तालिबान और हक्कानी नेटवर्क एक होकर भी अलग हैं, और अलग होकर भी एक हैं। हक्कानी नेटवर्क का खूनी खेल 2001: सिराजुद्दीन हक्कानी नेटवर्क का चीफ बना 2008 : में भारतीय दूतावास पर हमला, 58 की मौत 2012 : में अमेरिका ने हक्कानी नेटवर्क को बैन किया 2014 : में पेशावर स्कूल पर हमला, 200 बच्चे मारे गए 2017 : काबुल में हमला, 150 से ज्यादा लोगों की मौत

शरिया क़ानून क्या है और ‘तालिबान के शासन’ में अफ़ग़ान महिलाओं के लिए इसके क्या मायने हैं?

नईदिल्ली। तालिबान ने कहा है कि वे इस्लाम की शरिया क़ानूनी प्रणाली की सख़्त व्याख्या के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान पर शासन करेंगे। इस समूह ने राजधानी काबुल पर क़ब्ज़ा करने के बाद अपनी जीत का दावा किया है। इसके साथ ही देश में अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना की उपस्थिति को क़रीब दो दशक बाद ख़त्म कर दिया है। अफ़ग़ानिस्तान में क्या हो रहा है? देश पर अपना नियंत्रण क़ायम कर लेने के बाद बुलाई गई पहली प्रेस वार्ता में, तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया और महिलाओं के अधिकारों जैसे मसलों से “इस्लामी क़ानून के ढांचे के तहत” निपटा जाएगा। हालांकि तालिबान ने अभी तक यह नहीं बताया कि व्यवहार में इसके क्या मायने होंगे। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई जिन्हें पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा की वक़ालत करने के चलते तालिबान ने 15 साल की उम्र में गोली मार दी थी, उन्होंने चेतावनी दी है कि शरिया क़ानून की तालिबान की व्याख्या अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए घातक हो सकती है। मलाला ने बीबीसी को बताया, “मुझे अफ़ग़ानिस्तान में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं सहित कुछ कार्यकर्ताओं से बात करने का अवसर मिला। उन्हें अपने आगे के जीवन को लेकर भरोसा नहीं हो रहा है।” उन्होंने कहा, “उनमें से कई लोग 1996-2001 के बीच देश में में जो हुआ था, उसे याद कर रहे हैं और वे अपनी सुरक्षा, अपने अधिकारों और स्कूल जाने के अधिकार को लेकर बहुत चिंतित हैं।” असल में, पहले जब तालिबान सत्ता में थे, तब महिलाओं को काम करने या शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी। आठ साल की उम्र से लड़कियों को बुर्क़ा पहनना पड़ता था। यही नहीं, महिलाओं को बाहर जाने की अनुमति तभी थी, जब उनके साथ कोई पुरुष संबंधी होते थे। इन नियमों की अवहेलना करने पर महिलाओं को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे जाते थे। शरिया क्या है? शरिया क़ानून इस्लाम की क़ानूनी व्यवस्था है। इसे इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक क़ुरआन और इस्लामी विद्वानों के फ़ैसलों यानी फ़तवों, इन दोनों को मिलाकर तैयार किया गया है। शरिया का शाब्दिक अर्थ- “पानी का एक स्पष्ट और व्यवस्थित रास्ता” होता है। शरिया क़ानून जीवन जीने का रास्ता बताता है। सभी मुसलमानों से इसका पालन करने की उम्मीद की जाती है। इसमें प्रार्थना, उपवास और ग़रीबों को दान करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य मुसलमानों को यह समझने में मदद करना है कि उन्हें अपने जीवन के हर पहलू को ख़ुदा की इच्छा के अनुसार कैसे जीना है। व्यवहार में इसका क्या मतलब है? शरिया किसी मुसलमान के दैनिक जीवन के हर पहलू के बारे में व्यवस्था देता है। उदाहरण के लिए, काम के बाद अपने सहयोगियों द्वारा पब में बुलाए जाने पर सोच में डूबा कोई मुसलमान सलाह के लिए शरिया विद्वान के पास जा सकता है ताकि यह तय हो सके कि वह अपने धर्म के क़ानूनी ढांचे के भीतर व्यवहार करे। दैनिक जीवन के अन्य क्षेत्रों, मसलन पारिवारिक क़ानून, वित्त और व्यवसाय के लिए मार्गदर्शन के लिए भी कोई मुसलमान शरिया क़ानून का रुख़ कर सकता है। शरिया के कुछ कठोर दंड क्या हैं? शरिया क़ानून अपराधों को दो सामान्य श्रेणियों में विभाजित करता है। पहला, ‘हद’, जो गंभीर अपराध हैं और इसके लिए अपराध तय किए गए हैं और दूसरा, ‘तज़ीर’ अपराध होता है। इसकी सज़ा न्याय करने वाले के विवेक पर छोड़ दी गई है। हद वाले अपराधों में चोरी शामिल है। इसके लिए अपराधी के हाथ काटकर दंड दिया जा सकता है। वहीं व्यभिचार करने पर पत्थर मारकर मौत की सज़ा दी जा सकती है। कुछ इस्लामी संगठनों का तर्क है कि ‘हद’ अपराधों के लिए दंड मांगने पर इसके नियमों में सुरक्षा के कई उपाय तय हैं। इसके लिए दंड तय करने से पहले काफ़ी ठोस सबूत की ज़रूरत होती है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने पत्थर मारकर मौत की सज़ा देने का विरोध किया है। उसका कहना है: “यह दंड यातना या अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक सज़ा तय करता है। इसलिए यह साफ़ तौर पर प्रतिबंधित है।” हालांकि सभी मुस्लिम देश हद अपराधों के लिए ऐसे दंड नहीं देते। सर्वेक्षणों की मानें तो ऐसे अपराधों के लिए कठोर दंड देने को लेकर मुसलमानों की राय बहुत बंटी हुई है। क्या धर्मांतरण के लिए फांसी दी जा सकती है? धर्म को छोड़ना, मुसलमानों के बीच एक बहुत ही विवाद का मसला है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश इस्लामी विद्वानों की राय है कि इसके लिए सज़ा मौत है। हालांकि मुस्लिम विचारकों का एक अल्पसंख्यक तबका (ख़ासकर पश्चिमी देशों से जुड़े लोगों का) मानता है कि आधुनिक दुनिया की वास्तविकता का अर्थ यह है कि इसके लिए दंड अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। ऐसे लोगों की यह भी राय है कि धर्मत्याग से इस्लाम को कोई ख़तरा नहीं है।क़ुरआन स्वयं घोषणा करता है कि धर्म में “कोई बाध्यता नहीं” होती। फ़ैसले कैसे होते हैं? किसी भी क़ानूनी प्रणाली की तरह शरिया भी काफ़ी जटिल है। इसका लागू होना पूरी तरह से जानकारों के गुण और उनकी शिक्षा पर निर्भर करता है। इस्लामी क़ानूनों के जज मार्गदर्शन और निर्णय जारी करते हैं। मार्गदर्शन को फ़तवा कहा जाता है। इसे औपचारिक क़ानूनी निर्णय माना जाता है। शरिया क़ानून के पांच अलग-अलग स्कूल हैं। चार सुन्नी सिद्धांत हैं- हनबली, मलिकी, शफ़ी और हनफ़ी और एक शिया सिद्धांत है जिसे शिया जाफ़री कहा जाता है। पांचों सिद्धांत, इस बात में एक-दूसरे से अलग हैं कि वे उन ग्रंथों की व्याख्या कैसे करते हैं जिनसे शरिया क़ानून निकला है।

कोरोना काल में शूटिंग बंद और सेक्स रैकेट शुरू, टॉप की मॉडल ने बताया सब कुछ

Mumbai: मुंबई में एक हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है. इस सेक्स रैकेट के मामले में टॉप की मॉडल और एक्ट्रेस को पकड़ा गया है. इनमें से एक टॉप की मॉडल है और कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम कर चुकी हैं और दूसरी एक्ट्रेस है जिसने टीवी सीरियलों में काम किया है. ये मॉडल और अभिनेत्री दो घंटे के दो लाख रुपए चार्ज किया करती थीं. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने इन्हें जुहू के एक फाइव स्टार होटल से पकड़ा है. इन मॉडल और अभिनेत्री को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट नहीं किया है बल्कि इन्हें सेक्स रैकेट के चंगुल से रेस्क्यू करने की बात कही है. अभिनेत्री और मॉडल की बजाए रैकेट चलाने वाली महिला दलाल को अरेस्ट किया गया है. गिरफ्तार होने के बाद पूछताछ में ईशा खान ने बताया कि वे इस सेक्स रैकेट को पिछले कई सालों से चला रही है. वह दो घंटे का दो लाख रुपए चार्ज किया करती थी. इसमें 50 हजार रुपए वह अपना कमीशन रखा करती थी और बाकी के डेढ़ लाख रुपए संबंधित मॉडल और ऐक्ट्रेस को दे दिया करती थी. पूछताछ में मॉडल व एक्ट्रेस ने बताई सेक्स रैकेट से जुड़ने की वजह पूछताछ में मॉ़डल और अभिनेत्री ने बताया कि कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन की वजह से शूटिंग बंद दी, काम नहीं मिल रहा था. इसलिए वे सेक्स रैकेट से जुड़ गईं. यह रैकेट कुछ इस तरह से चला करता था जिसमें ईशा खान ग्राहकों से संपर्क किया करती थी. वह ग्राहकों से मॉडल,अभिनेत्रियों और कॉल गर्ल्स के प्रोफाइल और फोटोग्राफ्स शेयर करती थी. ग्राहक जिसे पसंद कर लेते थे उनके साथ रेट, डेट और टाइम फिक्स कर लिया जाता था. फिर जुहू जैसे पॉश इलाकों में स्थित होटलों में कमरे बुक करवा दिए जाते थे. मॉडल को उस कमरे में भेज दिया जाता था. दो घंटे के लिए दो लाख रुपए वसूल किए जाते थे. दो घंटे के दो लाख रुपए में सौदा फिक्स मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने फर्जी ग्राहक बन कर ईशा खान से संपर्क किया. ईशा खान से कहा कि उन्हें और उनके एक दोस्त को टॉप मॉडल्स चाहिए. इसके बाद ईशा खान ने कई फोटो वाट्सअप पर भेजे. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने दो लड़कियों के फोटो सेलेक्ट किए. इनमें से एक ने कई विज्ञापनों में काम किया है और दूसरी ने कई टीवी सीरियलों में काम किया है. क्राइम ब्रांच ने ऐसे जाल बिछाया, सेक्स रैकेट का खेल सामने आया ईशा खान ने प्रति लड़की का दो घंटे का दो लाख रुपए में सौदा फिक्स किया. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने सौदे के लिए हां कर दी. जुहू का होटल भी बुक करा दिया गया. गुरुवार रात जैसे ही महिला दलाल और मॉडल व अभिनेत्री होटल के बाहर पहुंचे. क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया.

चयनित शिक्षकों का आंदोलन, भोपाल में BJP दफ्तर का घेराव, पुलिस ने धमकाया, रोने लगी महिलाएं

भोपाल. भोपाल में 10 घंटे से चल रहा चयनित शिक्षकों का आंदोलन शाम को खत्म हो गया। वे सुबह 9 बजे से BJP दफ्तर का घेराव कर धरने पर डटे थे। शाम को कलेक्टर अविनाश लवानिया और डीआईजी इरशाद वली पहुंचे और चयनित शिक्षकों से हटने को कहा, लेकिन जब वे नहीं माने तो कुछ समय की मोहलत दी और फिर एफआईआर दर्ज करने के लिए नाम-पते लिखे जाने लगे। साथ ही मोबाइल पर वीडियो भी बनाए गए। एफआईजार की चेतावनी के बाद अधिकांश महिला-पुरुष हट गए। कुछ तो पुलिस ने जबरदस्ती हटा दिया। कार्रवाई से चलते कई महिलाएं रोने लगी तो एफआईआर की बात सुनकर कई पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़ने लगी। इस दौरान बारिश भी होने लगी। कई महिलाएं छाता लेकर डटी रहीं, लेकिन जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ कम हुई तो उनके हौंसले भी पस्त हो गए। इन्हें चेतावनी दी गई कि यदि नहीं हटे तो एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी और फिर कहीं भी नौकरी नहीं मिलेगी। यह सुनकर महिलाएं डर गईं और आखिरकर वे हट गईं। हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाई महिलाएं पुलिस कार्रवाई के डर से कई महिलाएं पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी। वे रोने भी लगी। दूसरी ओर कई महिलाएं कार्रवाई का विरोध कर रही थी। उनका कहना था कि नियुक्ति के लिए धरना देने पर ही कोरोना का खतरा है, लेकिन राजनीतिक कार्यक्रमों से कोरोना नहीं फैलेगा? हालांकि, पुलिस की सख्ती से उनकी एक न चली। कई महिलाओं ने जब वीडयो-फोटो से इनकार किया तो जबरदस्ती की गई। हालांकि, डीआईजी ने जवानों को साफ तौर पर कहा कि मारपीट या अन्य तरीके से न हटाया जाए। बरसते पानी में कार्रवाई पुलिस बरसते पानी में कार्रवाई करती रही। शाम 7.30 बजे से सभी को मौके से हटा दिया गया था। वहीं धरनास्थल पर बेरिकेडिंग की गई। कार्रवाई के दौरान सड़क पर ट्रैफिक रोक दिया गया। इस कारण हबीबगंज रेलवे स्टेशन से एमपी नगर तक दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। इससे पहले सुबह 9 बजे प्रदेशभर से आए सैकड़ों चयनित शिक्षकों ने BJP ऑफिस का घेराव कर दिया। CM शिवराज सिंह चौहान से उनकी मांग थी कि उन्हें जल्द नियुक्ति दी जाए, ताकि वे परिवार का भरण-पोषण कर सकें। नारेबाजी के दौरान कई महिलाएं रो पड़ीं और कुछ बेहोश भी हो गईं। चयनित महिला शिक्षक ‘हम होंगे कामयाब’ का नारा लगाती रही। महिलाओं ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति की मांग को लेकर उठक-बैठक की तो कई महिलाएं सड़क पर नतमस्तक भी हो गईं। इस दौरान कुछ महिलाएं हाथों में राखी की थालियां सजाकर पहुंची। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को राखी बांधकर नियुक्ति पत्र तोहफे में लेकर जाऊंगी। हालांकि, उन्हें शाम को हटा दिया गया। 3 साल पहले चयन, अब तक नियुक्ति नहीं सुबह नारेबाजी के दौरान इंदौर की विनीता शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। अन्य महिला साथियों ने विनीता को संभाला। विनीता का कहना है कि 3 साल पहले उसका संविदा शाला शिक्षक वर्ग-1 के पद पर चयन हो गया था, लेकिन स्कूल में अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। इंदौर से आई एक अन्य चयनित शिक्षिका का कहना है कि नियुक्ति का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार सोई हुई है, हमारी मांग पूरी नहीं हो रही है। प्रदेशभर से आए चयनित शिक्षक सुबह 9 बजे से ही प्रदेशभर से चयनित शिक्षकों ने BJP दफ्तर के बाहर डेरा डाल दिया। कुल 3 हजार चयनित शिक्षकों में करीब एक हजार महिलाएं हैं। कई महिलाएं ऐसी थीं, जो अपने दुधमुंहे बच्चों को साथ लाई थी। किसी की गोद में बच्चा बैठा था तो किसी को उसके पिता संभाल रहे थे।

MP में नौकरी मांगने पर बरसाए लट्‌ठ, बेरोजगारों पर टूट पड़ी पुलिस, कई युवक घायल

भोपाल। सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर लंबे समय से भर्तियां नहीं होने से बुधवार को भोपाल में प्रदर्शन करने आए बेरोजगारों को रोजगार के बदले लाठी मिली। प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कई युवाओं को खदेड़ दिया। युवाओं का दावा है कि इसमें 24 से ज्यादा युवक घायल हो गए। आरोप है कि पुलिस ने जबर्दस्ती एक वैन में बैठाया और भोपाल से करीब 25 किमी दूर छोड़ आई। MP के बेरोजगार युवाओं के साझा मंच मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट ने 18 अगस्त को प्रदेशभर के युवाओं को भोपाल में एकजुट होने का आह्वान किया था। इसके चलते बुधवार सुबह से ही कई युवा रोशनपुरा चौराहे पर जुटने लगे, लेकिन पुलिस ने यहां पर चारों ओर से बैरिकेडिंग कर रखी थी, इसलिए संगठन ने लोकेशन बदली। इसके बाद वे नीलम पार्क में पहुंचने लगे, लेकिन आगे जाने से रोक दिया और लाठी भी बरसाई। जंगल में छोड़ा, कई साथियों को इलाज की जरूरत संगठन के मनोज रजक ने बताया कि नीलम पार्क पर पुलिस ने पकड़ लिया। संगठन के पदाधिकारी प्रमोद नामदेव, सुमेरसिंह बड़ोले, दिनेश ठाकुर, गोपाल प्रजापति समेत करीब 25 लोगों को पुलिस अपने वाहन में बैठाकर भोपाल से काफी दूर एक जंगल में लाई है। हमें गाड़ी में ही बंद कर रखा है। लाठी लगने से कई साथियों को चोट आई हैं, जिन्हें इलाज की जरूरत है। एक महिला साथी भी साथ है। रोजगार के लिए प्रदर्शन संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में पिछले कई सालों से कोई भी सरकारी भर्तियां नहीं निकाली गई हैं, जिसके कारण योग्य उम्मीदवार ओवरएज होकर परीक्षा से बाहर हो रहे हैं। यहां तक कि विभागों में तमाम पद खाली पड़े हुए हैं और लगातार सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने से निरंतर पद खाली होते जा रहे हैं। इसकी वजह से जो कार्यरत सरकारी कर्मचारी हैं उन पर काम का दबाव बहुत ज्यादा है। साथ ही सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली पर भी गलत प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को सभी विभागों में खाली पड़े पदों पर तुरंत स्थाई भर्ती करनी चाहिए। प्रदेश में पिछले 11 साल से शिक्षक भर्ती नहीं हुई है, जो अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा में पास हो चुके हैं, अपने डॉक्युमेंट सत्यापित करवा चुके हैं उन्हें भी पिछले 3 साल से अपनी नियुक्ति का इंतजार है। चाहे पुलिस, नर्सिंग या पैरामेडिकल स्टाफ की समस्याएं हो, किसी भी विभाग में भर्ती प्रक्रिया सुचारु रूप से नहीं चल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए मांग उठा रहे हैं, पर कोई हल नहीं निकल रहा है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों से लूट, उतना पैसा दिया नहीं जितना ले लिया

नई दिल्ली . कृषि पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट कहती है कि निजी बीमा कंपनियों को प्रीमियम के तौर पर जितनी राशि मिली और कंपनियों द्वारा नुकसान के एवज में जो राशि किसानों को दी गई, अगर इसकी तुलना की जाए तो बीमा कंपनियों ने 30 फीसदी से अधिक की बचत की है। भारत को किसानों का देश कहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में 13 जनवरी 2016 से एक नई योजना ”प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई)” के नाम पर शुरू की थी. इसे उन्होंने सभी किसानों के लिए बाध्यकारी भी बनाया। अगर इस योजना की पृष्ठभूमि पर गौर करें, तो साफ समझ में आता है, कि निजी बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य था। प्रधानमंत्री ने इस योजना से कृषि पर आश्रित गरीब किसानों को फायदा तो नहीं पहुंचाया, बल्कि अपनी आंखों के सामने उन्हें खूब लूटवाया। गरज यह कि पांच साल पहले शुरू की गई इस योजना से किसानों को तो फायदा नहीं हुआ। किंतु निजी बीमा कंपनियों ने जमकर इससे मुनाफा कमाया। कृषि पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट भी यही कहती है, कि इन वर्षों में निजी बीमा कंपनियों को प्रीमियम के तौर पर जितनी राशि मिली और कंपनियों द्वारा नुकसान के एवज में जो राशि किसानों को दी गई, इसकी तुलना की जाए, तो कंपनियों ने 30 फीसदी से अधिक की बचत की है। कृषि एवं कल्याण मंत्रालय की ओर से समिति को उपलब्ध कराये गये आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2016 से लेकर 14 दिसम्बर 2020 के दौरान, निजी बीमा कंपनियों ने किसानों से प्रीमियम के तौर पर 1,26, 521 करोड़ रुपए जमा कराए, जबकि बीमा कंपनियों ने नुकसान के एवज में किसानों को 87,320 करोड़ रुपए का भुगतान किया। यानी कंपनियों ने 69 फीसदी मुआवजे का भुगतान किया है। रिपोर्ट के अनुसार फसल का नुकसान होने पर किसानों ने 92,954 करोड़ रुपए का क्लेम किया था, लेकिन उन्हें 87,320 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया गया। आंकड़ों के मुताबिक इन सालों में सवा 9 करोड़ किसानों को ही मुआवजा दिया गया है। दिसम्बर 2020 तक किसानों को क्लेम का 5924 करोड़ रुपए नहीं दिया गया। रिपोर्ट पर गौर करें, तो साफ समझ में आता है, कि इस योजना का लाभ किसानों को कम और निजी बीमा कंपनियों को ज्यादा हुआ है। निजी बीमा कंपनियों ने कमाया 60 फीसदी से अधिक मुनाफा स्थायी समिति की रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक निजी बीमा कंपनियों ने वर्ष 2016 से 2020 के दौरान करीब 31फीसदी मुनाफा कमाया है। कई कंपनियों ने 50 से 60 फीसदी तक मुनाफा कमाया है। भारती एक्स 2017-18 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल हुई और तीन साल के दौरान कंपनी ने करीब 1576 करोड़ रुपए का प्रीमियम वसूला और क्लेम का करीब 439 करोड़ रुपए भुगतान किया’। इसी तरह रिलायंस जीआईसी लिमिटेड ने प्रीमियम के तौर पर 6150 करोड़ रुपए वसूला और किसानों को 2580 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया। जनरल इंडिया इंश्योरेंस को करीब 62 फीसदी, इफको को ने 52 और एचडीएफसी एग्रो ने करीब 32 फीसदी मुनाफा कमाया है। जबकि इस योजना की आत्मा में यह बताया गया था बीमा दावे के निपटान की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसानों को फसल बीमा योजना के संबंध में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े । मध्यप्रदेश में ऐसे लाखों किसान हैं, जिन्हें तीन साल से प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ नहीं मिला है। जिसकी वजह से उनके खेत सूने पड़े हैं और कृषि विभाग के अधिकारी इसे बकवास बताते हैं और बैंक जवाब देने को तैयार नहीं है। दरअसल प्रदेश के किसान बैंक और बीमा कंपनियों के बीच फुटबॉल बनकर रह गये हैं। मध्यप्रदेश में ऐसे दो लाख से अधिक किसान हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पिछले तीन साल से नहीं मिला है। न ही कहीं उनकी सुनवाई हो रही है। बीमा न मिलने के कारण सिवनी- मालवा के किसानों ने खरीफ की बुवाई बंद कर दी सिवनी-मालवा जिले के हिरण खेड़ा गांव के किसान ओमप्रकाश बताते हैं कि उनकी पुश्तैनी 52 एकड़ कृषि भूमि खरीफ सीजन में खाली पड़ी रहती है। ओमप्रकाश ने बताया, वर्ष 2013 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर पहली बार फसल बीमा का लाभ मिला था। तब केंद्र में यूपीए की सरकार थी। उसके बाद फसल बर्बाद होने पर कभी भी बीमा का लाभ नहीं मिला। लिहाजा परिवार ने निर्णय लिया कि खरीफ की बुवाई ही नहीं करनी क्योंकि इस मौसम में धान नहीं बो सकते, उसके लिए बहुत पानी की जरूरत है, जो सरकार से हमें नहीं मिलती। सरकार हमें तवा बांध से अक्टूबर से फरवरी तक ही पानी देती है। इसलिए इस दौरान हम लोग रबी के लिए पूरी तैयारी करते हैं। ताकि उसका पूरा लाभ लिया जा सके। रबी में हम लोग गेहूं बोते हैं। ओमप्रकाश का कहना है कि अगर खरीफ में सोयाबीन बोते हैं तो बारिश से पूरा सड़ जाती है। बहुत नुकसान होता है। फिर रबी की फसल के लिए पैसे ही नहीं बचते। इसी तरह होशंगाबाद के भी लाखों किसानों ने खरीफ के सीजन में खेतों को खाली छोड़ देते हैं। सीहोर जिले के लाखों हेक्टेअर में सोयाबीन फसल की बर्बादी इसी बरसात में हुई है, सीहोर जिले के करीब सवा तीन लाख हेक्टेअर में सोयाबीन की फसल बर्बाद हो चुकी है। अतिवृष्टि, इल्ली और अफलन के कारण दर्जनों गांव में फसल खराब हो चुकी है। अब इन किसानों को कर्ज चुकाने के साथ ही पूरा साल बिताने की चिंता भी सताने लगी है। इस जिले के सेवनिया गांव की महिला किसानों ने खेत की खड़ी फसल को काटकर बाहर फेंक दिया। कुछ गांवों के किसानों ने तो अपनी खड़ी फसल को काटकर गाय-भैंस मवेशी को खिला दिया, तो कहीं -कहीं किसान ट्रैक्टर से बखर चलाकर फसल को हांक रहे हैं। सीहोर किसानों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किसान एमएस मेवाड़ा ने बताया कि पिछले तीन सालों से सीहोर जिले के किसानों की फसलें खराब होती चली आ रही हैं, जिससे किसान कर्ज के बोझ में डूब गये हैं। उन्होंने कहा कि इस बार 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल से सोयाबीन का … Read more

PM मोदी की लोकप्रियता तेजी से घटी,अब सिर्फ 24% की पसंद,योगी टॉप-5 में नहीं-सर्वे

Mood of the Nation survey : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कोई बीजेपी सीएम टॉप 5 में नहीं नई दिल्ली। इंडिया टुडे के हालिया सर्वे देश का मूड (MOOD OF THE NATION) जारी किया गया है. सर्वे में कई सवालों के जवाब देशवासियों ने दिए हैं. इस सर्वे में मोदी की लोकप्रियता, एनडीए की विकफला, गांधी परिवार के बिना कांग्रेस, देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री समेत कई सवाल पूछे गए थे जिनके जवाब आ चुके हैं. आइए जानते हैं क्या कहता है सर्वे…. योगी टॉप-5 में नहीं-सर्वे देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पीएम मोदी की लोकप्रियता में गिरावट देखने को मिली है. पिछले साल 2020 में 66 फीसदी लोग नरेन्द्र मोदी को देश के अगले पीएम के तौर पर देख रहे थे. लेकिन इस बार 24 फीसदी लोगों ने ही मोदी के नाम पर मुहर लगाई है. वहीं योगी आदित्यनाथ पिछले साल 3 फीसदी से इस बार 11 फीसदी पर आ गए उन्हें जनता पीएम के दूसरे विकल्प के तौर पर देखती है. जबकि राहुल गांधी 10 फीसदी लोगों की पसंद के साथ तीसरे स्थान पर हैं. पिछले साल राहुल को 8 फीसदी लोगों ने पीएम के तौर पर पसंद किया था. इस लिस्ट में अरविंद केजरीवाल ,ममता बनर्जी, अमित शाह, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का नाम भी है.

पीएम मोदी के टोक्यो यानी बनारस शहर की सड़कों पर चल रही हैं नावें

वाराणसी। “बनारस में बाढ़ नहीं आई, बल्कि ये उस कराहती गंगा के आंसू हैं, जिसके प्रवाह, गहराई और दिशा के साथ भाजपा सरकार लगातार मनमानी कर रही है। इसी सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी ने बनारसियों को भरमाने के लिए कहा था, ‘मैं आया नहीं, मां गंगा ने मुझे बुलाया है।’ सच यह है कि गंगा को लेकर पीएम मोदी के पास कोई नजरिया नहीं है। अगर कुछ है तो सिर्फ स्लोगन और जुमले। इनकी नीति और नीयत दोनों गलत है। बनारस की गंगा के साथ मनमाने ढंग से जो छेड़छाड़ किया जा रहा है, उसी का नतीजा है जलप्लावन।” यह बेबाक राय है चंचल की, जो बनारस के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे और जन-सरोकारों के प्रति स्पष्ट नजरिया रखने वाले मुखर समाजवादी चिंतक हैं। चंचल बेबाकी के साथ कहते हैं, ” नमामि गंगे” बेवकूफ बनाने वाली योजना है। हर नदी का अपना एक अलग स्वभाव होता है। सभी नदियों को बचाने का कोई एक तय तरीका नहीं होता। बारिश के दिनों में गंगा समेत दुनिया भर की नदियां बाढ़ लाकर खुद को साफ करती हैं। इनसे छेड़छाड़ करोगे तो डिजास्टर होगा ही। बनारस में इन दिनों बिना बारिश के बाढ़ इसलिए विकराल है कि सरकार ने गंगा का रुख बदलने और वाहवाही लूटने के लिए रेत पर “मोदी नहर” बनवा दी। विश्वनाथ कारिडोर का सारा मलबा गंगा में डालवा दिया। मणिकर्णिका घाट के सामने गंगा में प्लेटफार्म बनाकर उसके वेग को रोकने की गंदली कोशिश की गई। ऐसे में बनारस के लोगों को खतरनाक नतीजे तो भुगतने ही पड़ेंगे।” ‘स्मार्ट सिटी’ में चल रहीं नौकाएं बनारस में गंगा ने सचमुच खतरे का अलार्म बजा दिया है। नदी का जल लाल निशान पार कर चुका है। इसका असर वरुणा और गोमती पर भी है। ‘स्मार्ट सिटी’ की गलियों में नावें चलाई जा रही हैं। सामने घाट इलाके के लोग योगी सरकार का मुंह देख रहे हैं, लेकिन इनके पास जो कुछ पहुंच रहा है वह सरकार नहीं, सामाजिक संस्थाएं दे रही हैं। बनारस में गंगा के साथ वरुणा ने इस कदर तबाही मचाई है कि बनारसी साड़ियों का ताना-बाना डूब गया है। करघों की खटर-पटर बंद है। हजारों बुनकरों के सामने रोजी-रोटी की भीषण समस्या है। बाढ़ से घिरे लोगों की नजरें प्रशासन से मिलने वाली मदद की ओर गड़ी हुई हैं। ऐसे लोगों की संख्या हजारों में है जो अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। गंगा में उफान के कारण इसके तटवर्ती इलाकों के साथ-साथ वरुणा के मुहाने पर बसे रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। शहर के दर्जनों इलाकों में जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। वाराणसी शहर के दशाश्वमेध घाट पर स्थित जल पुलिस थाना भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल डूब गया है। हरिश्चंद्र घाट की सबसे ऊपरी सीढ़ी पर शवदाह किया जा रहा है। यही स्थिति सामने घाट, रमना, डोमरी, रामनगर आदि शवदाह स्थलों की है। बनारस का सीन यह है कि गंगा घाटों का आपसी संपर्क भी पूरी तरह टूट गया है। बलिया-गाजीपुर मार्ग पर आवागमन ठप है। चंदौली जिले में बलुआ घाट पार कर गंगा का पानी बाजार में पहुंच गया है। कोनिया, सामने घाट, सरैया, डोमरी, नगवा, रमना, बनपुरवा, शूलटंकेश्वर के कुछ गांव, फुलवरिया, सुअरबड़वा, नक्खीघाट, सरैया समेत कई इलाकों में बाढ़ ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सभी इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। आवागमन पूरी तरह से ठप है। बड़ी संख्या में लोग घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। पिछले दो-तीन दिनों से पलायन का सिलसिला तेज हो गया है। कुछ लोग अपने घरों का सामान लेकर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जा रहे हैं। बुनकरों के हिस्से में आई बाढ़ की तबाही गंगा और वरुणा नदी में आई बाढ़ की वजह से शहर के दर्जन भर मोहल्लों में लूम और करघों की धड़कन बंद हो गई हैं। हालत यह है कि बुनकरों को अब दो वक्त की रोटी जुटा पाना मुहाल हो गया है। घरों में पानी घुसने से बिजली की सप्लाई के साथ-साथ करघे और लूम खामोश हो गए हैं। नक्खीघाट की शकीला के घर में करीब एक फीट तक पानी भर गया है। शकीला के घर में जाने के लिए कोई भी रास्ता नहीं बचा है। करीब पांच फीट पानी भर जाने की वजह से आसपास के कुछ लोग यहां से पलायन कर चुके हैं। शकीला बताती हैं, “घर में पानी भर जाने की वजह से रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं। पेट के लिए उधार लेकर काम चला रहे हैं।” वरुणा नदी के किनारे किराये के मकान में रहने वाली सबीना अपने चार बच्चों को लेकर खुले आसमान के नीचे रहने पर विवश है। सबीना का पति बुनकर है। आश्रय की तलाश में भटक रही इस महिला की मदद के लिए न प्रशासन आगे आ रहा है, न सियासी दल। दरअसल वह वोट बैंक नहीं है। वह कहती है, “हम बिहारी हैं। बनारस की वोटरलिस्ट में हमारा नाम नहीं है, इसलिए हमारी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। कोई मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है।” नक्खीघाट पुल पर कई दिनों से मेला लग रहा है। सैकड़ों लोगों का हुजूम बाढ़ से होने वाली तबाही का मंजर देखने के लिए जुट रहा है। एनडीआरएफ की टीम वरुणा नदी में लगातार गश्त कर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दे रही है। हिदायतनगर के जावेद अख्तर बताते हैं, “हर तीन साल में ऐसी भीषण बाढ़ आती है। इससे पहले साल 2013, 2016 और 2019 में ऐसी ही भयानक बाढ़ आई थी। पिछली मर्तबा बाढ़ की वजह से करीब एक महीने तक कारख़ाना बंद रहा, जिसकी वजह से हमारी बरसों की बनाई गृहस्थी उजड़ गई थी।” सिधवा इलाके के नवाब अंसारी बताते हैं, “गंगा ने रौद्र रूप धारण किया तो अचानक वरुणा भी फुंफकार मारने लगी। कुछ ही घंटों में हमारे साथ-साथ पड़ोसियों की सारी गृहस्थी डूब गई। लूम और करघों पर चढ़ीं साड़ियां काली पड़ गई हैं। यह बात हमारी समझ में नहीं आ रही है कि नुकसान की भरपाई कैसे हो पाएगी?” नक्खीघाट पर प्रशासन ने तीन नावों की व्यवस्था की है। लोग इन्हीं नावों से अपने घर आ-जा रहे हैं, लेकिन … Read more

क्रिमिनल केस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त :MP-MLA के क्रिमिनल केस वापस नहीं ले सकेंगी राज्य सरकारें

नई दिल्ली. अब राज्य सरकारें सांसदों और विधायकों पर चल रहे क्रिमिनल केस वापस नहीं ले सकेंगी। इसके लिए संबंधित राज्य के हाईकोर्ट की मंजूरी जरूरी होगी। आपराधिक मामलों में सजा पाने वाले सांसदों और विधायकों को हमेशा के लिए चुनाव लड़ने से रोकने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही। कोर्ट ने सितंबर 2020 के बाद सांसदों-विधायकों के वापस लिए गए केस दोबारा खोलने को भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने यह पिटीशन दाखिल की थी। इसमें सांसदों-विधायकों के केस के जल्दी निपटारे के लिए स्पेशल कोर्ट बनाने की भी मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में 3 जजों की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। इसमें चीफ जस्टिस एवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विनीत सरन शामिल थे। MP-MLA के बंद मामले फिर खोलने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने के अजीत बनाम केरल सरकार केस में आए फैसले का हवाला देते हुए सभी स्टेट हाईकोर्ट से अपील की है कि वे सितंबर 2020 और उसके बाद सांसदों-विधायकों के खिलाफ वापस लिए गए सभी मामलों की फिर से जांच करें। CJI ने सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पेंडिंग केस और निपटाए गए केस का चार्ट पेश करने का आदेश भी दिया। चीफ जस्टिस ने CBI को फटकार लगाई मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट के सहयोगी वकील विजय हंसरिया ने कोर्ट को बताया कि उन्हें इस तरह के केसों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से स्टेटस रिपोर्ट मिल चुकी है, लेकिन CBI ने अभी तक स्टेटस रिपोर्ट सब्मिट नहीं की है। इस पर चीफ जस्टिस ने CBI को फटकार लगाते हुए कहा, ‘हम आश्वस्त हैं कि सरकार इस मुद्दे पर बहुत गंभीर है और कुछ करना चाहती है, लेकिन अब तक कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है। जब आप (CBI) स्टेटस रिपोर्ट भी फाइल नहीं करना चाहते, तो हमसे क्या उम्मीद कर सकते हैं?’ सरकार की तरफ से मौका देने की अपील इसके जवाब में CBI का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से स्टेटस रिपोर्ट सब्मिट करने के लिए और समय की मांग की। मेहता ने कहा, ‘हमने कल ED की ओर से एक रिपोर्ट दायर की थी। CBI के डायरेक्टर को भी जल्द से जल्द स्टेटस रिपोर्ट सब्मिट करने को कहा है।’ सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से इस केस में एक आखिरी मौका देने की अपील की। कर्नाटक ने 61 MP-MLA के केस वापस लिए इससे पहले, कोर्ट के सहयोगी वकील हंसरिया ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने 61 सांसदों-विधायकों के खिलाफ केस वापस ले लिए हैं। इस पर भी कोर्ट को विचार करना चाहिए। UP-उत्तराखंड में भी क्रिमिनल केस वापस हुए हंसरिया ने कहा कि यूपी और उत्तराखंड समेत कई राज्य सरकारों ने अपने आदेश के जरिए दोषी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ क्रिमिनल केस वापस ले लिए हैं। कोर्ट मित्र ने सुप्रीम कोर्ट से दखल की अपील की हंसरिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में ऑर्डर पास करना चाहिए कि संबंधित राज्य के हाईकोर्ट के आदेश के बिना राज्य सरकारें दोषी सांसदों-विधायकों के क्रिमिनल केस वापस नहीं ले सकें। CBI और स्पेशल कोर्ट सुनवाई जारी रखेंगे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि CBI कोर्ट और स्पेशल कोर्ट में MP-MLA के खिलाफ ऐसे केस की सुनवाई करने वाले जज अगले आदेश तक सुनवाई जारी रखेंगे। केस की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी चीफ जस्टिस ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के निवेदन पर मामले की सुनवाई 2 हफ्ते के लिए टाल दी। अब कोर्ट 25 अगस्त को इस मामले में सुनवाई करेगा।

500 रुपए में हो गई सिटी मजिस्ट्रेट और आर्मी के मेजर की शादी

धार. सरकारी अफसरों की शादी में अक्सर चमक-धमक और खर्चीले इंतजाम के लिए जाने जाते हैं, लेकिन धार में साेमवार काे सिटी मजिस्ट्रेट और सेना के मेजर ने बेहद सादगी से काेर्ट में शादी की। बिना बैंड-बाजा और बारात के हुई इस शादी में फूल-माला व मिठाई के नाम पर मात्र 500 रु. खर्च हुए। शादी के बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी का रजिस्ट्रेशन भी कराया। इस शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन के परिजन और स्टाफकर्मी शामिल हुए। मूलरूप से भाेपाल की रहने वाली सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जाेशी का रिश्ता दो साल पहले घर वालों ने भाेपाल में ही रहने वाले मेजर अनिकेत चतुर्वेदी के साथ तय किया था। अनिकेत सेना में मेजर हैं और वर्तमान में लद्दाख में तैनात हैं। काेराेना के चलते शादी दाे साल से टल रही थी। दोनों (शिवांगी और अनिकेत) ने घरवालों की सहमति से समाज में एक संदेश देने का भी निर्णय लिया। परिजनों की सहमति के बाद धार काेर्ट परिसर में सोमवार को बिना शोर शराबे और महंगे इंतजाम से दूर रहकर सादगी से कोर्ट मैरिज कर शादी का रजिस्ट्रेशन कराया। धार में तैनात शिवांगी जाेशी ने बताया कि पिछले दो साल से कोरोना काल चल रहा है। ऐसे समय में काेराेना याेद्धा के रूप में सेवा देना जरूरी समझा। इस काल में हमने कई लाेगाें काे खाेया है। इस समय संक्रमण कम जरूर हुआ, लेकिन काेराेना अभी गया नहीं है। लाेग भी नियमाें का पालन करें। उन्होंने बताया कि सादगी से शादी करने का मकसद ये संदेश देना था कि लोग शादियाें में फिजूलखर्च न करें। मैं शुरुआत से फिजूलखर्च के खिलाफ हूं। शादी में फिजूलखर्च से न केवल लड़की के परिवार पर बोझ पड़ता है बल्कि पैसों का दुरुपयोग भी होता है। शादी के बाद नवदंपती ने धारेश्वर मंदिर पहुंच कर भगवान धारनाथ से आशीर्वाद लिया। इस शादी में परिवार वालों के साथ कलेक्टर आलाेक कुमार सिंह, एडीएम सलाेनी सिड़ाना सहित स्टाफ के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। पहले भी दो अफसरों ने सादगी से की थी शादी IAS अफसर और जिपं सीईओ आशीष वशिष्ठ और एडीएम सलाेनी सिड़ाना ने भी ऐसे ही शादी की थी। वशिष्ठ और सिड़ाना वर्तमान में धार में ही तैनात हैं। दोनों भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2014 बैच के अफसर हैं। सारा काम सादगी के साथ किया गया था।

द्वारकाधीश मंदिर की 52 गज ध्वजा पर बिजली गिरी, मंदिर को नुकसान नहीं

द्वारका। गुजरात के द्वारका ( Dwarka) में मंगलवार को प्रसिद्ध द्वारकाधीश (dwarkadheesh) मंदिर के ध्वज दंड पर बिजली गिर गई। बिजली गिरने से मंदिर की 52 गज ध्वजा को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस हादसे में द्वारकाधीश मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और केवल मंदिर की दीवारें काली पड़ गईं। घटना मंगलवार दोपहर 2:30 बजे के लगभग हुई। झंडे पर बिजली गिरने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। मंदिर के आस-पास घनी बस्ती है। ऐसे में अगर रिहायशी इलाके में बिजली गिरती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। द्वारकाधीश मंदिर के ऊपर लगे झंडे का भी खास महत्व है। इसे 52 गज ध्वजा कहा जाता है। यह भारत का अकेला ऐसा मंदिर है, जहां दिन में 3 बार 52 गज की ध्वजा चढ़ाई जाती है। भक्तों के बीच इस ध्वजा को लेकर इतनी श्रद्धा है कि ध्वजा चढ़ाने के लिए कई बार उन्हें दो साल तक का इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब मंदिर के किसी हिस्से पर बिजली गिरी है। द्वारकाधीश ने शहर के लोगों को बड़े हादसे से बचा लिया। बिजली गिरने से मंदिर को नुकसान नहीं द्वारका के SDM निहार भेटारिया ने बताया कि मंगलवार दोपहर को बिजली गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर की जांच की है। बिजली से मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। केवल झंडे को ही नुकसान हुआ है। जांच के बाद मंदिर की गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं। द्वारका का जगत मंदिर द्वारकाधीश मंदिर गुजरात राज्य के द्वारका में गोमती नदी के तट पर स्थित है। इसे जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। भगवान कृष्ण को समर्पित द्वारकाधीश मंदिर भारत के सबसे प्रमुख और भव्य मंदिर में से एक है। इसे रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी के बाद हिंदुओं के चार पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन करने आते हैं। करीब 2200 साल पुराना तीर्थस्थल द्वारकाधीश मंदिर लगभग 2200 साल पुराना है, जिसका निर्माण वज्रनाभ ने किया था। इसके परिसर में भगवान कृष्ण के साथ-साथ सुभद्रा, बलराम, रेवती, वासुदेव, रुक्मिणी समेत कई देवी-देवताओं को समर्पित मंदिर भी हैं। जन्माष्टमी पर मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस उत्सव को देखने लाखों लोग पहुंचते हैं। रविवार को जयपुर में बिजली गिरने से 11 की मौत हुई थी जयपुर में तेज बारिश के बीच रविवार को आमेर महल में बने वॉच टावर पर बिजली गिर गई। यहां घूम रहे 35 से ज्यादा टूरिस्ट इसकी चपेट में आ गए। दरअसल, मौसम में आए बदलाव के बाद बड़ी संख्या में लोग आमेर की पहाड़ियों पर घूमने पहुंचे थे। यहां फोटोग्राफी और सेल्फी का सिलसिला चल रहा था कि अचानक बिजली गिर गई।

नवजोत सिद्धू का AAP में जाने के संकेत

जालंधर। पंजाब के सीएम पर हमलावर कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjyot sidhu) ने आम आदमी पार्टी (AAP) की तारीफ करके नए सियासी समीकरणों की ओर इशारा किया है। तीन दिन पहले AAP पर हमलावर सिद्धू ने अब उसकी तारीफ की सियासी गुगली फेंककर सबको चौंका दिया है। सिद्धू ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि पंजाब में विपक्षी पार्टी AAP ने हमेशा उनके विजन और काम को पहचाना है। 2017 में बेअदबी, ड्रग्स, किसान और करप्शन के मुद्दे हों या अब राज्य का मौजूदा बिजली संकट हो या फिर अब मैं पंजाब मॉडल पेश कर रहा हूं। वो जानते हैं कि वास्तव में पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है। बता दें कि तीन दिन पहले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के पंजाब में थर्मल प्लांट बंद करने की याचिका को लेकर सिद्धू ने हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि AAP चाहती है कि पंजाब में थर्मल प्लांट बंद हो जाएं। पंजाब में बिजली संकट से पंजाबियों को परेशानी हो और किसानों की फसल बर्बाद हो जाए। ट्वीट किए वीडियो में संजय सिंह व भगवंत मान कर रहे सिद्धू की तारीफ सिद्धू ने ट्वीट के साथ एक पुराना न्यूज वीडियो भी लगाया है। जिसमें उनके राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद पंजाब में AAP की ओर से उनके लिए माहौल बनाने की बात कही गई है। वीडियो में AAP नेता संजय सिंह उनकी तारीफ कर रहे हैं। संजय सिंह कहते हैं कि वो सिद्धू के इस साहसिक कदम और बहादुरी भरे फैसले का स्वागत करते हैं। सिद्धू और उनकी पत्नी अकाली दल के भ्रष्टाचार, ड्रग माफिया, किसानों की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इसी वीडियो में AAP के पंजाब अध्यक्ष भगवंत मान सिद्धू की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं। वे कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने रोल मॉडल से बड़ा नहीं हो सकता। अगर सिद्धू पार्टी में आते हैं तो मैं सबसे पहला व्यक्ति होऊंगा, जो उनका स्वागत करूंगा। पंजाब कांग्रेस में अभी भी अंदरूनी कलह चल रही है। हाईकमान की कमेटी के बाद CM कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर आए। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। सिद्धू के बारे में लगातार यह बात कही जा रही है कि वे मौजूदा कैप्टन सरकार में कोई भी पद लेने को तैयार नहीं हैं। पंजाब में राजनीतिक गणित को देखते हुए कांग्रेस किसी सिख चेहरे को पंजाब प्रधान का पद नहीं देना चाहती। ऐसे में सिद्धू को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाने की चर्चा चल रही थी। इसके बावजूद पूरे संकट का अभी तक कोई समाधान होता नजर नहीं आ रहा। इस वजह से यह माना जा रहा है कि कहीं सिद्धू इसके जरिए कोई सियासी संकेत तो नहीं दे रहे। पिछले महीने दिल्ली के CM और AAP के मुखिया अरविंद केजरीवाल पंजाब के दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने ऐलान किया था कि पंजाब में अगर AAP जीती तो सिख ही मुख्यमंत्री होगा। इस दौरान उन्होंने सिद्धू की तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा- वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, हम उनका सम्मान करते हैं।

वाजपेयी जिंदा थे तब तक भाजपा थी, अब तो गुजरातियों का कब्जा : राजभर

मुरादाबाद। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मुरादाबाद में BJP पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि भाजपा तब तक थी, जब तक अटल बिहारी वाजपेयी जिंदा थे। अब तो भाजपा पर गुजरातियों का कब्जा है। उन्होंने कहा कि यूपी के गर्वनर से लेकर गृह मंत्री, प्रधानमंत्री, CBI चीफ, ED चीफ, वित्त मंत्री, RBI गर्वनर तक गुजराती हैं। तंज कसा कि देश का पैसा लेकर भागने वाले और देश बेचने वाले गुजराती ही हैं। देश को खरीदने वाले भी गुजराती हैं। राजभर ने कहा, पीएम मोदी और भाजपा कहते थे कि काला धन वापस लाएंगे। लेकिन इनके समय में स्विस बैंक में काला धन और भी बढ़ गया है। भाजपा के शासनकाल में महज पिछले 3 साल में स्विस बैंक में 20,000 करोड़ रुपए जमा हुए हैं। भाजपा बताए कि यह धन किसका है। देश को लूटकर किसने स्विस बैंकों में रकम भरी है। राजभर ने कहा कि पीएम मोदी कहते थे कि देश नहीं बिकने दूंगा। लेकिन उन्होंने रेलवे, बैंक, LIC, एयरपोर्ट सब कुछ बेच डाला। बड़े कमाल की बात है कि देश बेचने वाला भी गुजराती है और उसे खरीदने वाला भी गुजराती है। बड़े-बड़े कार्पोरेट घराने गुजरात के हैं। देश की रकम लेकर विदेशों में भागने वाले भी गुजरात के ही हैं। जनता दवा को छटपटा रही थी, मोदी-योगी वोट को छटपटा रहे थे राजभर ने कहा कि जब कोरोना चरम पर था। तब जनता दवा, ऑक्सीजन और अस्पताल में बेड के लिए छटपटा रही थी। लेकिन जनता को ये सब मुहैया कराने के बजाए मोदी और योगी उस समय बंगाल में वोट के लिए छटपटा रहे थे। जनता इसे भूलेगी नहीं, हिसाब पूरा करेगी। गुंडे छोड़कर चले गए थे तो ये कहां से आए यूपी में पंचायत चुनाव में हुई हिंसा पर राजभर ने कहा, योगी कहते थे गुंडे प्रदेश छोड़कर चले गए हैं। अब गोली-बम चलाने वाले ये गुंडे फिर कहां से उतर आए। उन्होंने कहा कि वाजपेयी के जाने के साथ ही भाजपा में गुंडे, माफिया, भ्रष्टाचारियों का कब्जा हो गया है। भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है।–

पीएम मोदी पर बोले कमलनाथ- दाढ़ी बढ़ा ली तो अच्छे लगते हैं

भोपाल। कैबिनेट मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (नागर विमानन मंत्रालय) का पदभार संभाल लिया है। इस पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें बधाई दी। साथ में तंज भी कसा। कमलनाथ ने मोदी कैबिनेट में जगह मिलने पर कहा- यह बीजेपी और सिंधिया के बीच का मामला है। देखते हैं, अब ये गाड़ी आगे कैसे चलती है? कमलनाथ ने देश में महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों में वृद्धि के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा- महंगाई की कोई सीमा नहीं है। मोदीजी लंबे-लंबे भाषण देते थे। 2013-2014 के भाषण घोषणाएं, स्लोगन दिए थे स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया यह कहां है? उन्होंने दाढ़ी बढ़ा ली है, तो अच्छे लग रहे हैं। कमलनाथ ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के नए राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात कर सरकार की शिकायत की। राजभवन से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, राज्यपाल से मुलाकात के दौरान SC-ST वर्ग के साथ हो रही घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, SC-ST वर्ग के लोग मध्य प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं। इतनी घटनाएं हुई हैं, जितनी देश के इतिहास में नहीं हुईं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे आदिवासी इलाकों में काम करने का अनुभव है। मैंने राज्यपाल को अवगत कराया है कि प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लोग हैं, जितने देश में कहीं नहीं हैं। यहां वे सुरक्षित नहीं हैं। मैंने राज्यपाल को अवगत कराया कि प्रदेश का हर वर्ग परेशान है। किसान, छोटा व्यापारी परेशान है, नौजवान बेरोजगार है, बेरोजगारी घट नहीं बल्कि बढ़ रही है, हमारी अर्थव्यवस्था चौपट है। कमलनाथ ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस सरकार ने नीति बनाई थी, उसे सरकार लागू करे। नेमवार सहित अन्य बड़ी घटनाओं से राज्यपाल को अवगत कराया है। उप चुनाव की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि मैं 11 दिन अस्पताल में था। मुझे निमोनिया हो गया था। अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। अब मैं पूरे स्टेट का दौरा करूंगा। उप चुनाव में उम्मीदवारों का चयन करने के लिए कार्यकर्ताओं से बात की जा रही है।

जमीन घोटाले को लेकर चंपत राय और अनिल मिश्रा तलब

लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर के लिए कथित जमीन घोटाले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एक्शन के मूड में नजर आ रहा है। RSS के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ट्रस्ट को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। वे जल्द अयोध्या भी पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को चित्रकूट में चल रही संघ की बैठक में भी तलब किया गया है। उन्हें ट्रस्ट के काम से दूर भी किया जा सकता है। चंपत राय के पास विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष का भी दायित्व है। इसलिए वे ट्रस्ट को सहयोग देते रहेंगे। वहीं, ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा को संघ विचार प्रवाह के किसी संगठन में जिम्मेदारी देकर उनको भी ट्रस्ट के काम से दूर किया जा सकता है। फिलहाल ट्रस्ट ने नई जमीन की खरीद पर रोक लगा दी है। बिजैसी क्षेत्र में जमीन खरीद के दौरान दो करोड़ की जिस भूमि का 18 करोड़ में हुए सौदे को लेकर घोटाले के आरोप लगे थे, उसी के पास कोल डिपो क्षेत्र में कई हेक्टेयर जमीन का सौदा तय था, उसकी रजिस्ट्री होनी थी, उसे रोक दिया गया है। जमीन घोटाले के आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच भले ही संघ ट्रस्ट के पदाधिकारियों का बचाव करता दिखाई दे रहा हो, लेकिन अंदर ही अंदर छटपटाहट साफ नजर आने लगी है। यह मामला सामने आने के साथ ही RSS के वरिष्ठ पदाधिकारी सरकार्यवाह भैयाजी जोशी मामले पर निगाह बनाए हुए हैं। वे जल्द अयोध्या भी आ सकते हैं। ट्रस्ट के जिन पदाधिकारियों का नाम इस प्रकरण में सामने आया है, वे कानूनी तौर पर ट्रस्ट में बने रहेंगे, लेकिन ट्रस्ट में उनका प्रभाव खत्म कर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया जाना तय है। सूत्र बताते हैं कि भैयाजी जोशी की एंट्री यह बता रही है कि विपक्ष को कुछ कहने-सुनने का मौका न देते हुए ट्रस्ट के कई लोगों को उनके पद पर बनाए रखना है, लेकिन अब वे स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाएंगे। ट्रस्ट पर RSS सीधे निगाह रखेगा।

काशी में मोदी-योगी के खिलाफ लगे पोस्टर, हिंदू सेना अध्यक्ष बोले- देखते हैं कितने FIR होती हैं

वाराणसी। वाराणसी में विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फिर कई जगह पोस्टर लगाए हैं। अरुण ने पीएम-सीएम को हिंदू विरोधी और ढोंगी करार दिया है। साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्टर को पोस्ट किया है। पोस्टर खुद लगाने का दावा करने वाले अरुण ने चैलेंज किया है कि अब देखना है कि योगी सरकार कहां-कहां FIR करवाती है। अरुण पाठक ने इससे पहले 1 और 2 जुलाई को गाजीपुर और बलिया जिले के अलावा वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के समीप विवादित पोस्टर लगवाए थे। उनके खिलाफ सिगरा थाने में पुलिस की ओर से केस दर्ज किया किया गया था। पुलिस अब एक बार फिर अरुण की तलाश शुरू कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज की तैयारी में है। अरुण पाठक ने इस बार लंका और भेलूपुर थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगह सोमवार की देर रात विवादित पोस्टर लगवाए हैं। इसके साथ ही अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्टरों के वीडियो के साथ लिखा है कि मेरे लोगों ने कैंट स्टेशन के समीप पोस्टर लगाया तो सिगरा थाने में एफआईआर दर्ज किया गया। अब लोकतंत्र में अपनी बात रखने पर एफआईआर होगा तो लीजिए लंका, बीएचयू गेट, रथयात्रा और अस्सी घाट सहित कई अन्य जगह पर पोस्टर लगवा दिया हूं। अब देखना है कि लोकतंत्र की हत्यारी योगी सरकार कहां-कहां एफआईआर दर्ज कराती है। उधर, लंका और भेलूपुर थाना क्षेत्र में चिपकाए गए विवादित पोस्टर को लेकर डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि दोनों थाने के प्रभारियों को जांच करा कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस की एक टीम अरुण पाठक की तलाश करने के लिए लगाई गई है। कभी शिव सेना के कट्‌टर समर्थकों में शुमार रहे अरुण पाठक को बीते एक साल से वाराणसी में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया है। दरअसल, जुलाई 2020 में नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा भगवान राम को नेपाली बताया गया था। इससे नाराज होकर अरुण पाठक ने एक नेपाली युवक का सिर मुड़वा कर जय श्रीराम लिखा। इसके बाद नेपाल और चीन विरोधी नारेबाजी करा कर वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। प्रकरण को लेकर अरुण पाठक के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और 4 लोग जेल भेजे गए थे। हालांकि अरुण पाठक ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले लिया था। इसके बाद से अरुण पाठक वाराणसी में कहीं नजर नहीं आए।

मध्यप्रदेश में हर व्यक्ति 1244 रुपए का कर्जदार, 2 साल में शिवराज सरकार ने लिया 93353 करोड़ का कर्ज

भोपाल। प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर 2020 का 72 दिन का लॉकडाउन और 2021 में 40 दिन चला कोरोना कर्फ्यू भारी रहा। वित्तीय व्यवस्था इस कदर चरमराई कि सरकार को कोरोना से लोगों के इलाज, बिजली और कर्मचारियों के वेतन भत्तों के लिए 93,353 करोड़ रुपए कर्ज लेना पड़ा। आमदनी से 21 हजार करोड़ रुपए ज्यादा खर्च हो गए। इसकी बड़ी वजह केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी की राशि में कमी आना है। राज्य के स्वयं के करों का अनुमान गड़बड़ा गया। यह पहला मौका है जब किसी साल में प्रदेश का हर एक व्यक्ति 1244 रुपए का कर्जदार हो गया। सरकार के सामने चुनौती यह भी है कि बाजार से तय लिमिट से ज्यादा कर्ज ले नहीं सकते। राज्य ने केंद्र से जीएसडीपी का 1% ज्यादा कर्ज लेने की अनुमति मांगी है। इसके बाद ही आधारभूत ढांचे से जुड़े काम शुरू हो पाएंगे। इधर, सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की जरूरत थी जो नहीं मिल सके। मेट्रो रेल के पहले चरण का काम 2023 में पूरा होना था, लेकिन इसके लिए 1400 करोड़ की जरूरत है, यह काम आगे बढ़ सकता है। हमीदिया के 2000 बेड का अस्पताल की डेटलाइन लगातार बढ़ती जा रही है। इस अस्पताल के निर्माण में 650 करोड़ रुपए की लागत अनुमानित है अब तक 475 करोड़ रुपए ही मिल सके हैं। इसलिए अस्पताल का काम अब तक अधूरा है। कोविड पर खर्चा 1027 करोड़: कोरोना के इलाज पर 45 करोड़ मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से जारी किए, जो विभाग फ्रंट लाइन में थे, उनमें परिवार कल्याण विभाग का खर्च 419 करोड़, चिकित्सा शिक्षा का 119 करोड़, ऑटोनोमस हास्पिटल पर 88 करोड़ और मृतकों के परिजनों को मुआवजा और अन्य कामों पर 324 करोड़ खर्च। कोरोना कर्फ्यू से आय 45 फीसदी तक घटी: राज्य सरकार को स्वयं के करों से अप्रैल-मई और जून के महीने में 50 से 55 फीसदी ही आय हो सकी। अप्रैल और मई के 40 दिनों के कोरोना कर्फ्यू से आय 45 फीसदी तक घटी। यानी इन तीन महीनों में सामान्य स्थिति में 15 हजार करोड़ रुपए राजस्व आना था, लेकिन महज 6500 करोड़ रुपए ही आए। फरवरी में अनुमान था कि 61481 करोड़ रुपए मिलेंगे, लेकिन मार्च-अप्रैल में अनुमान 46025 करोड़ करना पड़ा। वहीं राज्य सरकार को मिले 43373 करोड़ रुपए। इस तरह 2651 करोड़ रुपए कम मिले।

UP में 24 घंटे में 3 बच्चियों से हैवानियत, मां-बाप के सामने बच्ची से गैंगरेप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश 24 घंटे के अंदर 3 मासूम बच्चियों के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। यहां मुरादाबाद में एक 16 साल की लड़की का उसके मां-बाप के सामने गैंगरेप किया गया और फिर एक अधेड़ से जबरन बच्ची की शादी करवा दी गई। उधर, प्रयागराज में एक 11 साल की बच्ची को मारने के बाद उसका हाथ काटकर खेत में फेंक दिया गया। बच्ची के साथ रेप की भी आशंका है। इसी तरह बांदा में तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ोसियों ने 5 साल की मासूम को मारकर नाले में फेंक दिया। 10 दिन पहले ही मासूम के पिता की भी मौत हो गई थी। मुरादाबाद : मां-बाप के सामने 8 लोगों ने लड़की का रेप किया यहां 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके मां- बाप के सामने 8 लोगों ने मिलकर रेप किया। लड़की के मां-बाप रो-रोकर बच्ची को छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हैवानों ने नहीं छोड़ा। आरोप है कि पीड़िता का भाई 10 दिन पहले गांव में ही रहने वाली अपनी प्रेमिका को लेकर फरार हो गया था। जब प्रेमी जोड़ा हाथ नहीं आया तो प्रेमिका के घर वालों ने सबक सिखाने के लिए लड़के के घरवालों को किडनैप कर लिया। सभी को अमरोहा लेकर गए। यहां मां-बाप के सामने ही प्रेमिका के दो भाइयों, तीन चाचाओं, पिता, एक मामा और एक अज्ञात ने प्रेमी की 16 साल की बहन के साथ रेप किया। इसके बाद जबरन बच्ची की शादी एक अधेड़ से करवा दी। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बांदा : 5 साल की बच्ची को मार डाला, नाले में मिली लाश बांदा में तंत्र-मंत्र के चक्कर में 5 साल की मासूम को पड़ोसियों ने मार डाला। पुलिस ने बच्ची के कपड़ों को पड़ोसियों के घर और शव को नाले से बरामद किया है। आरोपी पड़ोसियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना शहर कोतवाली के चमरौड़ी मोहल्ले की है। 5 साल की आरती घर के बाहर खेल रही थी। परिजनों के मुताबिक, काफी देर तक वह घर नहीं लौटी तो उससे ढूंढना शुरू किया। पुलिस को सूचना दी तो आसपास के घऱ में तलाशी ली गई। बच्ची कहीं नहीं मिली। आखिरी समय बच्ची को जिस घर के पास देखा गया था, पुलिस ने वहां सख्ती से पूछताछ की। छानबीन में घर के अंदर बच्ची के कपड़े मिल गए। कुछ ही दूरी पर नाले में उसका शव मिला। 10 दिन पहले ही बच्ची के पिता की मौत हुई थी। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान का कहना है कि पूरे मामले में संदिग्ध पड़ोसियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा। प्रयागराज में मंगलवार की दोपहर में 11 साल की बच्ची की लाश गांव के बाहर झाड़ी में मिली। उसका हाथ खेत में पाया गया। बच्ची तीन दिन से लापता थी। आशंका है कि रेप के बाद बच्ची की हत्या की गई है। गंगापार के सराय इनायत थाना अंतर्गत घरहरा चकिया गांव निवासी बलवंत प्रसाद मेहनत मजदूरी करता है। उसके दो बेटे व दो बेटियां है। तीसरे नम्बर की उसकी 11 साल की बेटी श्रद्धा 3 जुलाई को सुबह अपनी मां शकुंतला देवी के साथ शौच को गई थी। शौच के बाद शकुंतला वापस घर चली गई, जबकि बच्ची आम तोड़ने के लिए पास के बगीचे में रूक गई। जब काफी देर वह घर नहीं पहुंची तो घरवालों ने खोजबीन शुरू कर दी। परेशान परिजनों ने उसकी सराय इनायत थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रो पड़े लालू यादव, बोले – तेजस्वी, राबड़ी नहीं होते तो रांची में ही मर जाता

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सोमवार को अपना 25 वां स्थापना दिवस मना रहा है। पार्टी के सिल्वर जुबली समारोह में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने 30 मिनट तक राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी और राबड़ी नहीं होते, तो मैं रांची में ही खत्म हो जाता। वहीं, जनता से वादा करते हुए कहा कि जल्द पटना आएंगे और सभी से मुलाकात करेंगे। लालू के भाषण में चुनाव के दौरान जेल में रहने का मलाल भी नजर आया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान वह जेल में तड़पते रहे गए, बाहर नहीं आ सके। हालांकि, तेजस्वी से उनकी बात होती रहती थी। उन्होंने कहा, ‘तेजस्वी को चिंता नहीं करनी चाहिए। राजद का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। भविष्य में हम देश को आगे बढ़ाएंगे।’ RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद ने केंद्र और नीतीश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेरा राज जंगलराज नहीं, गरीबों का राज था। भाषण में लालू ने दोनों बेटों की तारीफ की तेज प्रताप यादव और तेजस्वी की तारीफ करते हुए कहा कि तेज प्रताप ने बहुत अच्छा भाषण दिया। उसकी बातों में दम है। तेजस्वी को बहुत कम उम्र में बिहार ने अपना नेता मान लिया है। वे बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं। सरकार पर हमला बोलते हुए लालू ने कहा- ‘देश में आर्थिक संकट है। सामाजिक ताने-बाने को खत्म किया जा रहा है। अयोध्या के बाद मथुरा… ये क्या नारा है। देश में क्या चाहते हैं? सत्ता के लिए लोगों को देश में तबाह करना चाहते हैं। संसद भी नहीं चल पाती है। इनको देखना चाहिए। लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि हम मिट जाएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे।’ बेरोजगारी को लेकर आंदोलन करेंगे तेजस्वी पार्टी के कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू प्रसाद न कभी झुके थे, ना झुकेंगे। उसी तरह तेजस्वी यादव भी कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बेरोजगारी के मुद्दे पर बहुत बड़ा आंदोलन करेंगे। लालू प्रसाद ने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी, वह आर्थिक न्याय के सवाल पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के मंत्री और विधायक ही सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कहा, ‘जिस समय पार्टी की स्थापना हुई थी, हम सभी बच्चे थे। जिस BN कॉलेज में मेरे पिताजी पढ़ते थे, उसी BN कॉलेज में मैंने एडमिशन लिया और उसी बेंच पर बैठना शुरू किया। हम जब बोलते हैं तो बहुत सारे लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं। हमारे पिताजी के भाषण का भी लोग मजाक उड़ाते थे।’ नीतीश की तुलना बहादुर शाह जफर से राज्यसभा सांसद और राजद के प्रवक्ता मनोझ झा ने स्थापना दिवस पर संकल्प पत्र पढ़ा। कहा, ‘हम गैर लोकतांत्रिक शक्तियों को खत्म करने का संकल्प लेते हैं।’ वहीं, ​​​​​​राजद नेता शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार की तुलना बहादुर शाह जफर से की। उन्होंने कहा कि जफर की पूरी मिल्कियत लाल किले के अंदर तक थी। नीतीश कुमार एक अणे मार्ग तक सीमित हो गए हैं। राजद के वरिष्ठ नेता आलोक मेहता ने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों का जवाब सोशल मीडिया से दिया जाएगा। इसलिए हर कार्यकर्ता सोशल मीडिया के मामले में पूरी जानकारी रखें। पटना में पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने रामविलास पासवान की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी रामविलास को श्रद्धांजलि दी। लालू प्रसाद साल 1997 में जनता दल से अलग हुए थे और अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल बनाई थी। यह पार्टी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है और बड़ा जनाधार भी रखती है, जिसकी वजह इसका ‘MY’ समीकरण है। इसमें 16 फीसदी यादव और 16 फीसदी मुसलमानों का तगड़ा वोट बैंक है। चिराग पर भी दिखेगा राजद का रुख लोजपा में इन दिनों दो गुट हो गए हैं। एक गुट के नेता स्व. रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान हैं और दूसरे गुट के पशुपति कुमार पारस। चिराग पासवान खुद को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हनुमान बताते हैं और दूसरी तरफ लालू प्रसाद सांप्रदायिकता के सवाल पर नरेन्द्र मोदी का विरोध करते रहे हैं। रामविलास पासवान की जयंती मनाने के बड़े राजनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैं। चिराग और तेजस्वी दोनों एक दूसरे को भाई भी कहते रहे हैं। सबसे खास बात यह कि चिराग और तेजस्वी के साझा राजनीतिक दुश्मन नीतीश कुमार हैं।

इंस्टाग्राम पर रोनाल्डो एक पोस्ट के लिए 11.9 करोड़ रुपए लेते हैं, विराट कोहली 5 करोड़

लंदन. पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंस्टाग्राम पर एडवर्टाइजिंग से सबसे ज्यादा कमाने वाले सेलिब्रिटीज में टॉप पर हैं। सोशल मीडिया मार्केटिंग फर्म हॉपर HQ (HopprHQ.com) के मुताबिक रोनाल्डो अपने अकाउंट पर एक पोस्ट के 11.9 करोड़ रुपए (1.6 मिलियन डॉलर) करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। वहीं, भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली इस मामले में 19वें नंबर पर हैं। विराट एक पोस्ट से 5.07 करोड़ रुपए कमाते हैं। हॉपर HQ फर्म इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों का आकलन करने के लिए एवरेज इंगेजमेंट, सेलिब्रिटीज कितनी जल्दी पोस्ट करते हैं और उनके फॉलोअर्स की संख्या जैसी बातों को ध्यान में रखती है। रोनाल्डो के आसपास कोई भी प्लेयर नहीं हॉपर HQ की रिपोर्ट के मुताबिक 5 बार के बैलॉन’डि ओर विजेता रोनाल्डो के आसपास कोई भी प्लेयर नहीं है। इस मामले में हॉलीवुड एक्टर ड्वेन जॉनसन दूसरे नंबर पर हैं। जॉनसन एक पोस्ट का 11.3 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। वहीं, पॉप स्टार एरियाना ग्रैंड इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। वे एक पोस्ट के एडवर्टाइमेंट से करीब 11.2 करोड़ रुपए लेती हैं। विराट कोहली अकेले भारतीय प्लेयर ओवरऑल स्पोर्ट्स की बात करें, तो रोनाल्डो के बाद मेसी का नंबर आता है। वे एड के एक पोस्ट से करीब 8.6 करोड़ रुपए कमाते हैं। भारत के विराट कोहली 395 सेलिब्रिटी की लिस्ट में अकेले भारतीय खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में ज्यादातर फुटबॉल स्टार्स का नाम है। इसमें डेविड बेकहम, रोनाल्डिन्हो, इब्राहिमोविच, गैरेथ बेल और मोहम्मद सालाह जैसे खिलाड़ी हैं। हॉपर HQ की लिस्ट में 6 भारतीय इस लिस्ट में सिर्फ 6 भारतीयों को जगह मिली। विराट के अलावा अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, इन्फ्लुएंसर कृतिका खुराना और आशना श्रॉफ, फोटोग्राफर और ट्रैवलर वरुण आदित्य और फूड ब्लॉगर और साउथ के सुपरस्टार वैंकटेश की बेटी आश्रिथा दग्गुबती शामिल हैं। आश्रिथा हालांकि, स्पेन में रहती हैं। खिलाड़ियों को इतना पैसा क्यों मिल रहा? अब हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्या है कि बस एक पोस्ट से इन सेलिब्रिटीज की इतनी कमाई हो जाती है? दरअसल इंस्टा या सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखना सेलिब्रिटीज के लिए वक्त काटने का जरिया ही नहीं है, बल्कि इससे उनकी बड़ी कमाई भी होती है। यानी वह जो भी लिखते हैं या पहनते हैं या जैसे भी दिखते हैं, उसके पीछे पूरी प्लानिंग होती है। यह उनकी कमाई से जुड़ी होती है। इंस्टा पोस्ट से फॉलोअर्स पर असर पड़ता है सेलिब्रिटीज की इंस्टा पोस्ट का सीधे उनके फॉलोअर्स पर असर होता है। उदाहरण के तौर पर विराट को ही लें। इंस्टा पर उनके 12.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं। अब अगर वे किसी भी प्रोडक्ट का प्रचार करते हैं, तो यह सीधे उनके करोड़ों फॉलोअर्स के पास पहुंच जाएगा। सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर का काम करते हैं यह एक तरह का विज्ञापन है, जिसमें किसी प्रोडक्ट को खरीदने या पसंद करवाने के लिए सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर का काम करते हैं। इसे इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग कहते हैं। इसमें सेलिब्रिटी को पोस्ट करने के पैसे मिलते हैं। इंस्टाग्राम इसके लिए सेलिब्रिटी को पैसे नहीं देता है, बल्कि वह ब्रांड देता है, जिसे वह प्रमोट कर रहे होते हैं। कुछ खास हो रहा है तो वह विज्ञापन है इंस्टा पर प्रमोशन के इतने पैसे मिलने के पीछे एक बड़ी वजह है इसका नैचुरल लगना। उदाहरण के तौर पर टीवी पर एडवर्टाइजमेंट देखने वाले लोग समझ जाते हैं कि यह एक एड है। वैसे ही इंस्टा पोस्ट में खिलाड़ी एक पूरी स्क्रिप्ट और अच्छे प्लानिंग के साथ उसे पोस्ट करते हैं। ऐसा लगता है मानो, वह खुद उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, अगर सेलिब्रिटी किसी खास ब्रांड के कपड़े पहनता है या कोई खास जूते पहने है या कोई जूस पी रहा है, तो यह भी एड का हिस्सा ही होता है। लोग सेलिब्रिटी के ब्रांड की तरफ खिंचते हैं लोग समझ जाते हैं कि यह ब्रांड इस सेलिब्रिटी का फेवरेट है। साथ ही उनके मन में उस ब्रांड को लेकर इच्छा भी जगती है। साथ ही उसे वह खरीदने भी जाते हैं। इससे उस ब्रांड और प्रोडक्ट का प्रचार हो जाता है। आम लोग भी इंस्टा पोस्ट से पैसे कमा सकते हैं इसके लिए सबसे पहले फॉलोअर्स बढ़ाने की जरूरत होती है। जब फॉलोअर्स बढ़ेंगे, तभी ब्रांड्स पार्टनरशिप करेंगे। दरअसल एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स होने पर ब्रांड में पार्टनरशिप मिल जाती है। इससे ये तय होता है कि आपकी बात कितनों पर असर डालेगी। इसके बाद अपना पसंदीदा फील्ड चुनें। जैसे- स्पोर्ट्स, ब्यूटी, फैशन, क्रिएटिविटी, मोटिवेशनल, स्प्रिरीचुअल या कुछ और। इसके बाद बारी आती है आपके कंटेंट और कौन उसे प्रमोट कर सकता है इसकी। यह बिजनेस प्लानिंग की तरह है। इसके अलावा सही हैशटैग का यूज करें, ताकि ज्यादातर लोग आपके करीब पहुंच सकें। बहुत से और प्रॉपर हैशटैग हों, तो लोगों के उस हैशटैग को डालने पर पोस्ट की पहुंच बढ़ेगी। फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए बेहतर पिक्चर या कंटेंट महत्वपूर्ण है। अगर आपकी दी गई तस्वीर अच्छी है तो आपकी लिस्ट में फॉलोअर्स बढ़ने लगेंगे।

किसान आंदोलन पर ISI की बुरी नजर, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले 7 माह से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। देश की खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में अलर्ट जारी किया है। मीडिया खबरों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ को अलर्ट रहने के लिए कहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, 26 जून किसान प्रदर्शन करने वाले हैं, जिसमें तैनात जवानों के खिलाफ आईएसआई के एजेंट हिंसा भड़का सकते हैं। इस संबंध में दिल्ली पुलिस को पत्र भी भेजा गया है। इसके बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है। दिल्ली में 3 मेट्रो स्टेशन बंद : दिल्ली मेट्रो ने किसान आंदोलन की आशंका के मद्देनजर येलो लाइन पर शनिवार चार घंटे के लिए 3 मुख्य स्टेशन बंद रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को किसानों के आंदोलन को 7 महीने पूरे हो जाएंगे। डीएमआरसी ने शुक्रवार रात को ट्वीट किया, ‘दिल्ली पुलिस के सुझाव पर, सुरक्षा कारणों से, येलो लाइन पर तीन मेट्रो स्टेशन- विश्वविद्यालय, सिविल लाइन्स और विधानसभा, शनिवार को जनता के लिए सुबह10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और हरियाणा के बीच सिंघू बॉर्डर के अलावा टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसान पिछले 7 माह से आंदोलन कर रहे हैं।

MP : BJP विधायक अजय विश्नोई ने कहा- मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला हैं

जबलपुर । नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के वेटनरी डॉक्टर विकास शर्मा से बातचीत में जिस तरह से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने पूरे वेटनरी कॉलेज को घटिया कहा, उससे जबलपुर में उनके खिलाफ जमकर आक्रोश दिख रहा है। अब बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने तल्खी के साथ सांसद के खिलाफ टिप्पणी की है। अपने बेबाक बोल के लिए प्रसिद्ध विधायक विश्नोई ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि सांसद मेनका गांधी घटिया महिला है। मैं शर्मिंदा हूं कि ये मेरी पार्टी की सांसद (नेता नहीं) है। विधायक अजय विश्नोई ने 26 जून शनिवार सुबह 8.25 बजे अपनी ये पोस्ट की। इस पोस्ट पर 399 लोगों ने जहां रि-पोस्ट किया। वहीं 443 लोगाें ने उनकी बेबाक टिप्पणी को पसंद किया है। विधायक ने लिखा है कि विगत दिवस सांसद मेनका गांधी ने पशुचिकित्सक डॉक्टर विकास शर्मा से जिन शब्दों में बात की, उससे वेटरनरी कॉलेज जबलपुर घटिया सिद्ध नही हो जाता है। परंतु यह जरूर सिद्ध हो जाता है कि मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला हैं। पूरे देश में वेटनरी डॉक्टर कर रहे विरोध प्रदर्शन बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ पूरे देश में वेटनरी डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के वेटनरी डॉक्टर्स और छात्रों भी उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय है, जिसे मेनका गांधी ने हाल ही में कथित रूप से घटिया बताया था और उनका ऑडियो वायरल हो गया था। बीजेपी सांसद मेनका गांधी पर FIR दर्ज करने की मांग वेटनरी डॉक्टर्स ने मेनका गांधी को लीगल नोटिस भेजने की बात करते हुए उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी है। डॉक्टरों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका दावा है कि जब तक अपने शब्दों पर वो माफी नहीं मांगती हैं, उनका विरोध जारी रहेगा। गुरुवार से उनके खिलाफ डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को छात्राओं और महिला अध्यापकों ने प्रदर्शन किया। डॉक्टर अपरा शाही, डॉक्टर अंजू नायक, डॉक्टर कविता राय ने कहा कि पशु चिकित्सकों की पढ़ाई पर बिना सोचे-समझे टिप्पणी करना सांसद मेनका गांधी को शोभा नहीं देता। उन्हें दुख है कि एक महिला होते हुए वह बयान देकर दूसरी महिला को अपमानित कर रही हैं। ऑडियो वायरल होने के बाद आक्राेश हाल ही में मेनका गांधी और वेटनरी डॉक्टर के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि किस तरह मेनका गांधी वेटरनरी डॉक्टर को न केवल गालियां दे रही हैं, बल्कि उसकी काबिलियत पर भी सवाल उठा रही हैं। यहां तक कि मेनका गांधी ने जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को भी घटिया बता दिया। जबकि जबलपुर के वेटनरी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र ना केवल देश बल्कि विदेशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये है पूरा मामला 21 जून को एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें चंडीगढ़ में प्रैक्टिस कर रहे जबलपुर वेटनरी विवि में पढ़े डॉक्टर विकास शर्मा से मेनका गांधी की फोन पर बात हुई थी। दरअसल चंडीगढ़ निवासी अंजली चौधरी अपना डॉग इलाज के लिए डॉक्टर शर्मा के पास लाई थी। उन्होंने उसका ऑपरेशन किया। मालिक उसे अपने घर ले गईं। जहां टांका टूट गया। बाद में इस डॉग का पैर काटना पड़ा। इसके बाद अंजली चौधरी ने इस मामले में मेनका गांधी से शिकायत की। इसी शिकायत पर मेनका गांधी ने फोन पर डॉक्टर के खिलाफ अपशब्द कहे और फिर कहां से डिग्री ली, पूछ कर वेटनरी विवि को देश का सबसे घटिया विश्वविद्यालय बता दिया।

बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय बन गए बाबा’

पटना। गेरुए रंग के कपड़े में इस व्यक्ति को पहचानने में थोड़ी दिक्कत जरूर होगी, लेकिन आप ध्यान से देखेंगे तो इन्हें पहचान भी जाएंगे। साथ में इनकी बातें भी याद आ जाएंगी। जी हां, ये हैं बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय। यह वही गुप्तेश्वर पांडेय हैं, जिन्होंने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में सुर्खियां बटोरी थी। बिहार चुनाव से पहले VRS लेकर चुनाव लड़ने की मंशा भी जताई थी। हालांकि, इस्तीफा देकर नेता बनने के चक्कर में राजनीतिक पेंच में फंस गए और टिकट भी नहीं मिला। अयोध्या में 16 जून का है यह वीडियो गुप्तेश्वर पांडेय अब प्रवचनकर्ता बन गए हैं। गेरुए रंग का कपड़ा पहनते हैं, माला पहनते हैं, आसन पर बैठते हैं और लोगों को ज्ञान की बातें सुनाते हैं। यह वीडियो अयोध्या का है। 16 जून को इन्होंने यह प्रवचन दिया था। प्रवचन में इन्होंने भगवान के अस्तित्व की चर्चा की थी कि उन्हें कैसे देखा जा सकता है, उन्हें देखने का साधन क्या हो सकता है। इसको लेकर उन्होंने कई उदाहरण दिए। बताया कि भगवान को देखने के लिए यंत्र-तंत्र और साधन होते हैं। तभी कोई भगवान के पास पहुंच सकता है। गुप्तेश्वर पांडेय का यह रूप देखकर सभी आश्चर्य कर रहे हैं। गायक और एक्टर के तौर पर भी दिखे गुप्तेश्वर पांडे का इस तरह का यह पहला रूप नहीं है। इससे पहले वो गायक के रूप में भी दिख चुके हैं। भगवान भोलेनाथ पर इनका एल्बम भी आ चुका है और उसमें एक्टिंग भी कर चुके हैं। सुपर कॉप के रूप में जाने जाने वाले गुप्तेश्वर पांडेय का यह चेहरा लोगों के सामने कम ही आ पाया था। VRS लेने के बाद इन्होंने अपने आपको अध्यात्म की तरफ मोड़ लिया है। आजकल इनका ज्यादा समय अयोध्या के हरिदास कॉलोनी के हरि सुदर्शन आश्रम में बीतता है। वे वहीं लोगों को धर्म की बात सुनाते हैं।

MP कैबिनेट बैठक में CM के सामने गृहमंत्री नरोत्त भड़के

भोपाल। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहली प्रत्यक्ष कैबिनेट बैठक में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा नाराज हो गए। बैठक में उन्होंने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के 3 सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए 10 हजार करोड़ के टेंडर करने पर आपत्ति ली। कोरोनाकाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय स्थिति को देखते हुए निविदा बुलानी चाहिए। संक्रमण में अन्य विभाग के बजट में कटौती कर दी गई, तो फिर इन प्राेजेक्ट पर इतना बजट क्यों? उन्होंने इसे लेकर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस से सवाल किए और नाराजगी जताई। मुख्य सचिव ने जवाब दिया कि चूंकि नर्मदा जल बंटवारे के तहत 2024 तक ज्यादा से ज्यादा पानी मप्र को मिले, इसके लिए पाइप लाइन डालकर पानी को लिफ्ट करना जरूरी है। हालांकि, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। गौरतलब है कि नर्मदा घाटी विकास मंत्रालय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास है, उनके सामने ही पूरा घटनाक्रम हुआ। मंत्रालय सूत्रों ने बताया, मुख्य सचिव के जवाब के बाद भी नरोत्तम मिश्रा नहीं रुके। वह दो-तीन सवाल करते गए। इस बीच, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव मामला की नजाकत भांप गए। चूंकि यह प्रस्ताव अनुसमर्थन के लिए कैबिनेट में लाया गया था। यदि इसे स्वीकृत नहीं करते, तो मुख्यमंत्री की मानहानि हो जाती। भार्गव ने यह कह कर मामला शांत कराया कि चूंकि एनवीडीए टेंडर जारी कर चुका है, इसलिए अब इस प्रस्ताव को स्वीकृत किया जाना उचित होगा। नाराजगी के कारण सात प्रोजेक्ट को लौटाना पड़ा सूत्रों ने बताया कि मध्य प्रदेश को आवंटित नर्मदा जल का उपयोग करने के लिए 3 सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई। नर्मदा घाटी विकास विभाग इन परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रित कर चुका है। वहीं, सात अन्य परियोजनाओं पर निर्णय नर्मदा नियंत्रण मंडल से प्रशासकीय स्वीकृति के बाद लिया जाएगा। कुल मिलाकर उन्हें नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी के चलते टालना पड़ा। कैबिनेट की प्रेस ब्रीफिंग नहीं की सूत्रों का कहना है, बैठक में मुख्य सचिव के साथ हुई नोकझोंक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा नाराज हो गए थे। यही वजह है कि उन्होंने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने के लिए प्रेस ब्रीफिंग नहीं की। बैठक से निकलकर गृहमंत्री सीधे आवास पर चले गए। अब भाजपा संगठन मनाने में जुटा पार्टी के अंतर्कलह को खत्म करने के लिए अब BJP संगठन अपनों की नाराजगी दूर करने की कोशिश में जुट गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बैठक में मुख्य सचिव के साथ हुई नोक-झोंक के बाद नाराज हो गए थे, अब पार्टी उन्हें मनाने की जद्दोजहद में जुट गई है। इससे जुड़ा है टेंडर का मामला NVDA ने वर्ष 2024 में नर्मदा जल बंटवारे संबंधी निर्णय के पुनरीक्षण की संभावना को देखते हुए निविदा आमंत्रित करने के लिए वित्त विभाग द्वारा तय सूचकांक (उपलब्ध राशि के हिसाब से निविदा बुलाने की सीमा) से छूट मांगी थी। जिस पर वित्त विभाग की भी राय थी कि विभाग को आवंटित बजट और भुगतान की क्षमता को देखते हुए ही निविदा आमंत्रित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इससे सहमति जताई। कहा कि नर्मदा जल के उपयोग को लेकर समय सीमा का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है, इसलिए विचार करके फिर से प्रस्ताव रखा जाए। बता दें कि नर्मदा घाटी विकास विभाग ने चिंकी-बोरास बैराज संयुक्त बहुउद्देश्यीय, सांवेर लघु सिंचाई और अपर नर्मदा परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित करने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। तीनों परियोजना की लागत 10 हजार 369 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 7 अन्य सिंचाई परियोजनाओं की लागत भी 10 हजार रुपए के आसपास है।

कानपुर में बस और टेम्पो की टक्कर में 17 की मौत

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया है। यहां के किसान नगर में हाईवे पर एसी बस और टेम्पो में भिड़ंत हो गई। इसमें अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 11 की उम्र 30 साल से भी कम थी। हादसे में करीब 15 लोग घायल हैं। इनमें 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री अमित शाह समेत देश के कई बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने PMNR फंड से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भी मृतकों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा दिए जाएंगे। घायलों को ले जाने के लिए एंबुलेंस भी कम पड़ गए हादसे की सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलाई, लेकिन घायलों और मृतकों के शव इतने ज्यादा थे कि एंबुलेंस भी कम पड़ गए। आनन-फानन में रेस्क्यू टीम ने लोडर के जरिए कई घायलों को हैलट हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसा उस वक्त हुआ, जब हाईवे पर DCM का ड्राइवर बस को ओवरटेक कर रहा था। इसी दौरान टेम्पो दोनों के बीच में फंस गया। सभी मृतक एक ही गांव के हादसे में जितने लोगों की मौत हुई है, उनमें सभी टेम्पो में सवार थे। उसमें करीब 18-19 लोग थे। सभी कानपुर के सचेंडी थानाक्षेत्र के लाल्हेपुर गांव के रहने वाले थे। बताया जाता है कि ये लोग एक बिस्किट फैक्टरी में काम करते थे। नाइट शिफ्ट में काम के लिए फैक्ट्री जा रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। कानपुर से सूरत जा रही थी बस जानकारी के अनुसार जय अंबे ट्रेवल्स की स्लीपर बस कानपुर से गुजरात के सूरत जा रही थी। इसमें करीब 115 लोग सवार थे। कानपुर से 15 किलोमीटर दूर बस जैसे ही किसान नगर पहुंची पीछे से एक DCM ने ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान सामने आ रहा टेम्पो बीच में फंस गया और ये हादसा हो गया। टेम्पो में सवार सभी लोगों की मौत होने की सूचना है। इसके अलावा बस में सवार कई लोगों की भी मौत हुई है। एक साथ 7 शव लेकर अस्पताल पहुंचा लोडर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा लोडर में भरकर कई शव अस्पताल पहुंचाए गए। एक लोडर में 7-7 शव रखकर हैलट अस्पताल लाए गए। दर्दनाक मंजर देखकर हर कोई सहम सा गया। हैलट अस्पताल प्रशासन की तरफ से अलर्ट जारी कर दिया गया है। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को घर से वापस बुला लिया गया है।

प्रेमी संग मिल पति का मर्डर, शव 4 टुकड़ों में काट किचन में दफनाया

मुंबई . मुंबई के दहिसर इलाके में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले पति की हत्या की और फिर उसके शव को किचन में ही दफना दिया। हालांकि, वे ज्यादा दिन तक अपने गुनाह को छिपा नहीं सके। महिला की 6 साली की बच्ची ने ही उसका राज खोल दिया। हत्या के 11 दिन बाद पुलिस ने शव को बरामद कर लिया। बच्ची ने पुलिस को बताया कि मां और उसके प्रेमी ने उसके सामने उसके पिता की हत्या की है। हत्या का राज खुलने के बाद फरार हुई महिला और उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कपड़े की दुकान में काम करता था मुंबई पुलिस के DCP (जोन 11) के विशाल ठाकुर ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले रईस की शादी साल 2012 में शाहिदा से हुई थी। शादी के बाद दोनों मुंबई आ कर दहिसर पूर्व के खान कंपाउंड में किराए के घर में रह रहे थे। रईस दहिसर में ही रेलवे स्टेशन के पास एक कपड़े की दुकान में नौकरी करता था, जबकि पत्नी ढाई साल के बेटे और 6 साल की बेटी के साथ घर पर रहती थी। अवैध संबंध की जानकारी मिलने के बाद से शुरू हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, पति की गैर हाजिरी में अनिकेत उर्फ अमित मिश्रा महिला के घर आने-जाने लगा। इस दौरान दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। कुछ दिनों बाद इसकी भनक रईस को लग गई। इस बात को लेकर रईस और शाहिदा के बीच झगड़े शुरू हो गए। लगातार बढ़ते झगड़े से तंग आकर शाहिदा ने प्रेमी संग मिलकर उसे हटाने की योजना बनाई। प्रेमी के साथ मिलकर चाकू से की हत्या विशाल ठाकुर ने बताया कि 20 मई को रईस के घर से बाहर जाने की जानकारी मिलते ही अमित फिर से शाहिदा से मिलने आया। इस दौरान दोनों आपत्तिजनक हालत में थे और अचानक रईस पहुंच गया। इसके बाद पहले पति-पत्नी के बीच जमकर मारपीट हुई। फिर शाहिदा ने चाकू घोंप कर रईस की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसका गला काटा। इस बीच उसकी 6 साल की बेटी अपने ढाई साले के भाई के साथ खेलने के बाद बाहर से घर आ गई। शाहिदा ने अपनी 6 साल की बेटी को भी धमकाया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे भी बाप की तरह काटकर जमीन में दफना देगी। शव के चार टुकड़े कर जमीन में दफनाया शाहिदा ने प्रेमी की मदद से रईस की लाश के 4 टुकड़े करके उसे किचन में ही दफना दिया। हालांकि, उसका फोन शाहिदा ने अपने पास ही रखा था। रईस के घर वालों का फोन आने पर शाहिदा कहती थी कि रईस बिना बताए कहीं चला गया है। रईस के गायब होने पर बढ़ा शक रईस के अचानक गायब हो जाने के बाद उसके दोस्तों को संदेह हुआ। उनमें से एक ने दहिसर पुलिस स्टेशन में जाकर केस दर्ज करवाया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अकेले में बच्ची का बयान दर्ज किया और इस मामले का खुलासा हुआ। बच्ची की गवाही के बाद पुलिस ने बुधवार को रईस की लाश को भी बरामद कर लिया है। शाहिदा ने भी अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।

UP : सरकार का फीडबैक लेकर वापस लौटे BJP के राष्ट्रीय महामंत्री, नहीं होती नेताओं की सुनवाई!

लखनऊ. संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने लखनऊ में बीजेपी के बड़े नेताओं और मंत्रियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नेताओं और संगठन के लोगों से सरकार के कामकाज के बारे में चर्चा की. बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बी एल संतोष(BL Santosh) के उत्तर प्रदेश दौरे से लौटने के बाद स्टेट बीजेपी(BJP) यूनिट समेत मंत्रियों की भी निगाहें अब दिल्ली पर लगी हुई है. बी एल संतोष ने लखनऊ में तीन दिन तक बैठक की. राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह ने मंत्रियों, संगठन के पदाधिकारियों, कुछ विधायकों और मीडिया टीम से मुलाकात की थी. यूपी बीजेपी के लखनऊ कार्यालय में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री बी एल संतोष ने तीन दिन बैठक की. बैठक के हर नेता या मंत्री ने यही कहा कि कोरोना प्रबंधन और जमीनी काम पर बात हुई. पदाधिकारियों ने कहा कि सेवा ही संगठन कार्यक्रम पर चर्चा हुई, लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं हुई. केंद्रीय संगठन मंत्री ने लगभग सोलह मंत्रियों से मुलाकात की जिसमें जयादातर ऐसे थे जो मुखर और नाराज रहते हैं. दोनों डिप्टी सीएम से मुलाकात हुई. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की सरकार से नाराजगी यूपी की सियासत में केशव प्रसाद मौर्या योगी सरकार के कई फैसलों में रज़ामंद नहीं माने जाते रहे हैं. वहीं डिप्टी सीएम होने के बावजूद दिनेश शर्मा को उतना महत्व कभी नहीं मिला जितना केशव को मिलता है. सिद्धार्थनाथ सिंह पहले से कम महत्वपूर्ण विभाग मिलने की टीस और बयानबाज़ी दोनों से चर्चा में रहते हैं. स्वाति सिंह भी अक्सर विवादों में रहती है. जानकारी के मुताबिक कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कोरोना काल में जिस तरह कार्यक्रम चलाये और लोगों की मदद की उसकी सबने तारीफ़ की. संगठन की शिकायत- नहीं होती सरकार में सुनवाई परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने मुद्दा रखा की अधिकारी मनमानी करते हैं. श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या भी कम महत्व वाल मंत्रिमंडल पाकर खुश हैं. जबकि चर्चा में रहने वाले बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी को भी लगता है कई फैसलों में उनको तवज्जों नहीं मिलती है. बैठक में संगठन की तरफ से भी शिकायत की गई. कार्यकर्ता और दर्जाधारियों ने कहा कि बड़े अधिकारियों की बात छोड़िये लेखपाल और थानेदार भी उनकी नहीं सुनता है. सरकार की तो बात ही अलग है. कई प्रकोष्ठ खाली है यहां तक की नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति तक नहीं की गई. केंद्रीय नेतृत्व को सौपेंगे फीडबैक राजनीति के गलियारों में तो यहां तक चर्चा है की प्रदेश में जनता से जुड़े सीधे महकमों का फीडबैक ही लेना होता तो कृषि मंत्री, पंचायती राज मंत्री, ग्रामविकास मंत्री, गन्ना मंत्री, नगर विकास मंत्री से मुलाकात नहीं की. सिर्फ उन्ही मंत्रियों से मुलाकात की जो सरकार के रवैय्ये या तवज्जो न मिलने से नाराज़ थे.माना जा रहा है कि दिल्ली लौटने पर केंद्रीय नेतृत्व को फीडबैक सौपेंगे, जिस पर एक दो दिन में कुछ कार्यवाही हो सकती है. जिसके बाद कई नेताओं और मंत्रियों की नजरें अब दिल्ली पर लगी हुई है.

बंगाल में दल-बदल की राजनीति:एक-दो नहीं बीजेपी के 33 विधायक TMC के संपर्क में

कोलकाता।  BJP के एक, दो नहीं बल्कि 33 विधायक ऐसे हैं, जो दोबारा सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जाना चाहते हैं। चुनाव के पहले TMC से भी 33 विधायक ऐसे थे, जो BJP में शामिल हो गए थे। इनमें से 13 को पार्टी ने टिकट दिया था। दावा किया जा रहा है कि 33 विधायक तो TMC के संपर्क में हैं ही, इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु भी तृणमूल जॉइन करना चाहते हैं। हालांकि BJP प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने इसे कोरी अफवाह करार दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे 33 का आंकड़ा दे रहे हैं, मैं उन्हें 72 की संख्या बता रहा हूं, क्योंकि यह दावा झूठा है। सुभ्रांशु के BJP में जाने की चर्चाएं तब शुरू हुईं थीं, जब उन्होंने अपनी एक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था। उन्होंने फेसबुक पर लिखा था कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार की आलोचना करने के बजाय आत्मनिरीक्षण करना बेहतर है। हालांकि भट्टाचार्य का कहना है कि सुभ्रांशु ने आवेश में आकर यह पोस्ट लिख दी थी। सुभ्रांशु रॉय को BJP ने बीजपुर से टिकट दिया था, लेकिन वे जीत नहीं सके। TMC जल्दबाजी में नहीं, विधायकों को रुकने का कहा ऐसी चर्चा है कि TMC भाजपा विधायकों को दोबारा पार्टी में शामिल करने के मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहती। TMC सांसद शुखेंदु शेखर राय ने कहा कि शनिवार को दोपहर 3 बजे पार्टी ऑफिस में हमारी मीटिंग है। उसमें इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि अब किसी को भी शामिल करने से पहले बहुत सारे सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। जैसे, जो आना चाहता है, वह पार्टी छोड़कर क्यों गया था। वह वापसी क्यों चाहता है। ये भी देखेंगे कि कहीं ये BJP की साजिश तो नहीं। घुसपैठ की कोशिश तो नहीं। ऐसे तमाम सवालों के जवाब मिलने के बाद ही पार्टी निर्णय लेगी कि किसी को शामिल करना है या नहीं। राय कहते हैं- सांसदों-विधायकों में से कई के नाम अभी सामने नहीं आए हैं, जबकि वे भी TMC में शामिल होना चाहते हैं। जो माहौल बना है, वही रहा तो बंगाल में BJP का पत्ता भी साफ हो सकता है। सरला मुर्मु, सोनाली गुहा खुलकर सामने आईं सरला मुर्मु, पूर्व विधायक सोनाली गुहा और फुटबॉलर से राजनेता बने दीपेंदू विश्वास ने साफ कर दिया है कि वे दोबारा TMC में शामिल होना चाहते हैं। सरला मुर्मु को TMC ने हबीबपुर से टिकट दिया था। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। अब वे TMC में वापसी चाहती हैं। इसी तरह पूर्व विधायक सोनाली गुहा भी घर वापसी के इंतजार में हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कहा है, ‘जिस तरह मछली पानी से बाहर नहीं रह सकती, वैसे ही मैं आपके बिना नहीं रह पाऊंगी, दीदी’। फुटबॉलर से राजनेता बने दीपेंदु विश्वास ने भी दीदी को पत्र लिखकर TMC में शामिल होने की इच्छा जताई है। जो BJP की जीत को लेकर आश्वस्त थे, वही गए बंगाल की 294 में से 213 सीटें TMC ने जीती हैं। 77 सीटों पर BJP को जीत मिली है। चुनाव के चंद महीनों पहले TMC के 50 से ज्यादा नेताओं ने BJP का दामन थाम लिया था। इसमें 33 तो विधायक थे। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि इस बार BJP ही जीतेगी। कई की आस BJP में आने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई थी, क्योंकि पार्टी ने उन्हें टिकट ही नहीं दिया। नेताओं की TMC से दूरी बनाने की तीन बड़ी वजहें थीं। पहली वजह, उनका टिकट काटा या बदला गया था। दूसरी, वे पार्टी जिस ढंग से चल रही थी, उससे खुश नहीं थे। तीसरी, वे BJP की जीत को लेकर आश्वस्त थे और उन्हें BJP से टिकट मिलने की भी उम्मीद थी। पर नतीजों ने दल-बदलुओं को बड़ा झटका दिया। इसलिए अब ये नेता घर वापसी चाहते हैं। बंगाल में पॉलिटिक्स से जुड़े बिना जीवन मुश्किल रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर विश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं कि बंगाल देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहां लोगों का जीवन पूरी तरह से राजनीति से जुड़ा है। पॉवर पॉलिटिक्स से यहां जीवन-यापन होता है। सामाजिक सुरक्षा मिलती है। जन्म से मृत्यु तक पॉवर पॉलिटिक्स का असर होता है। यही कारण है कि जो लोग चुनाव के पहले BJP में शामिल हुए, अब वे कुछ भी करके TMC की तरफ लौटना चाहते हैं। बंगाल में हर जगह सत्ता में रहने वाली पार्टी का इन्वॉल्वमेंट होता है। बिना पार्टी की सहमति के कोई कुछ नहीं कर सकता। अपोजिशन का कोई रोल यहां नहीं होता। यह कल्चर शुरू से है, जो आगे भी बनता दिख रहा है।

MP : कोरोना में महा पाप: मरीजों को लगा दिए 500 नकली रेमडेसिविर

जबलपुर. नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में पुलिस ने शहर के जाने-माने उद्योगपति और सिटी हॉस्पिटल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा के खिलाफ FIR दर्ज की है. मोखा पर आरोप है कि इसने 500 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कोविड मरीजों को लगा दिए. इन मरीजों में से कई की मौत होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस की टीमें सरबजीत की तलाश कर रही हैं. गौरतलब है कि विगत दिनों गुजरात पुलिस ने नकली रेमडेसीवीर मामले में सपन जैन को गिरफ्तार किया था. उसने पूछताछ में सरबजीत सिंह मोखा का नाम लिया. इसके बाद पुलिस ने 48 घंटे के अंदर नकली इंजेक्शन की चैन का भंडाफोड़ कर दिया. जांच में सामने आया कि सरबजीत ने 500 नकली इंजेक्शन इंदौर से बुलवाए थे. इन इंजेक्शन को उसके अस्पताल में भर्ती मरीजों को लगवा दिया गया और उनकी जान से बड़ा खिलवाड़ किया गया. कई धाराओं में दर्ज हुए मामले देर रात जबलपुर की ओमती थाना पुलिस ने इस मामले में धारा 274, 275, 308, 420 समेत डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया. पुलिस के मुताबिक, सरबजीत सिंह मोखा ने सपन जैन के साथ मिलकर बड़ी संख्या में यह नकली इंजेक्शन मरीजों को दिए हैं. इस वजह से कई मरीजों को अपनी जान तक खोनी पड़ी है. पुलिस ने इस मामले में सिटी हॉस्पिटल में कार्यरत मैनेजर देवेश चैरसिया पर भी मामला दर्ज किया. इस तरह होता गया मामले का खुलासा बता दें, गुजरात में नकली इंजेक्शन की फैक्ट्री पर पुलिस ने कुछ दिनों पहले रेड मारी थी. जांच में पता चला था कि करीब एक लाख फर्जी रेमडेसिविर इंजेक्शन देशभर के अलग-अलग राज्यों में बेचे गए हैं. इसी कड़ी में गुजरात पुलिस 7 मई को जबलपुर आई और आधारताल निवासी दवा व्यवसायी सपन जैन को गिरफ्तार कर ले गई. इसके बाद जबलपुर पुलिस भी हरकत में आई थी और लगातार दो दिनों से ताबड़तोड़ छापे मारे. सपन जैन की तीन दवा दुकानों को पहले ही सील कर दिया गया था, जबकि पूछताछ में दो बड़े अस्पतालों के नाम भी सामने आए थे. इसी जांच में सिटी अस्पताल के संचालक का नाम उजागर हो गया.

बिहार में पूर्व सांसद पप्‍पू यादव गिरफ्तार! BJP सांसद रूडी पर उठाया था सवाल

पटना। बिहार में जन अधिकार पार्टी के संयोजक और मधेपुरा के पूर्व सांसद राजेश रंजन यादव उर्फ पप्‍पू यादव को पटना की पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सांसद ने खुद ट्वीट कर बताया है कि उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि पटना के एएसपी स्‍वर्ण प्रभात का कहना है कि उन्‍हें हिरासत में लिया गया है। उन्‍होंने पिछले दिनों सारण से भाजपा के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी की सांसद निधि से खरीदी गई करीब 30 से 40 एंबुलेंस के बेकार पड़े रहने का मसला उठाया था। इस मामले में उन पर दो प्राथमिकियां भी दर्ज की गई हैं। पूर्व सांसद पर हाल के दिनों में अस्‍पतालों में अनधिकृत प्रवेश को लेकर कुछ और जगहों पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। शुरू में आ रही थी हाउस अरेस्‍ट की खबरें पटना के मंदिरी स्थित आवास से पूर्व सांसद को हिरासत में लेने के लिए पांच थानों की पुलिस को लगाया गया था। यह इलाका बुद्धा कॉलोनी थाने में पड़ता है। पुलिस मंगलवार की सुबह से ही उनके आवास के बाहर जुटने लगी थी। शुरू में कहा जा रहा था कि शायद उन्‍हें हाउस अरेस्‍ट किया गया है। लेकिन अब जो खबर मिल रही है, उसके अनुसार उन्‍हें लेकर पुलिस गांधी मैदान थाने में पहुंच गई है। पप्‍पू यादव अपनी ही गाड़ी में सवार होकर थाने तक पहुंचे, लेकिन उनके साथ पटना पुलिस की गाडि़यां भी थीं। खुद ट्वीट कर दी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पूर्व सांसद पप्‍पू यादव ने थोड़ी ही देर पहले ट्वीट कर खुद को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया है कि उन्‍हें गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाने में ले जाया गया है। अभी यह सामने नहीं आया है कि उन्‍हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है। बोले- उठाता रहूंगा आवाज, चाहे दे दो फांसी पूर्व सांसद ने एक और ट्वीट कर कहा है कि उन्‍हें कोरोना काल में जिंदगियां बचाने की सजा दी जा रही है। उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा है कि वे अपना मिशन बंद नहीं करेंगे, भले सरकार उन्‍हें फांसी दे दे। उन्‍होंने कहा है कि खुद की जान को हथेली पर रखकर वे कोरोना के मरीजों के बीच गए हैं और उनकी मदद की है।

MP : जयचंदों..छलचंदों के दम पर ही तो सरकार बनी

….गोपाल वाजपेयी, वरिष्ठ पत्रकार…. जनभावनाओं, जनता की जरूरतों को कुचलकर सिर्फ सत्ताप्राप्ति व चुनाव जीतने को जन्मसिद्ध अधिकार समझने वाली बीजेपी बंगाल में अप्रत्याशित हार से सदमे में है। केंद्रीय स्तर पर बीजेपी खेमे में गम का साया है। इधर , मध्यप्रदेश बीजेपी में बंगाल हार का गम कम है। इधर असली गम दमोह का है। दमोह में मिली करारी शिकस्त को सीएम शिवराज, शिवराज समर्थक मंत्री और प्रदेश संगठन पचा नहीं पा रहा है। दमोह में मिली हार के असली कारण सामान्य जानकारी रखने वाला भी समझ रहा है। लेकिन एमपी बीजेपी के बड़े नेता इससे इतर बयानों के तीर चलाकर अपने समीकरण मजबूत करने में लगे हैं। बीजेपी नेता दमोह हार का कारण जयचंदों ..छलचंदों को बता रहे हैं। दरअसल, बीजेपी नेताओं के साथ दिक्कत ये भी है कि इन्हें बोलने की बीमारी होती है। कैमरे के फ़्लैश ऑन होते ही ये शुरू हो जाते हैं। कई बार ऐसे शब्दों का प्रयोग कर देते हैं, जिनका न तो अर्थ, मतलब जानते हैं और न उन शब्दों का इतिहास। दमोह हार को लेकर बीजेपी नेता कथित रूप से जयचंदों..छलचंदों को तलाश रही है। वे शायद भूल रहे हैं कि एक साल पहले मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार का गठन इन्हीं जयचंदों..छलचंदों के दम पर हुआ था। अगर एक साल से पहले का इतिहास देखें तो हम पाएंगे कि जब से बीजेपी को सत्ता रोग लगा तब से ही इस पार्टी में जयचंदों की मौज हुई है। ये बीजेपी वो नहीं जब चाल, चरित्र और चेहरा इनका नारा था। अब पार्टी में जयचंदों का राज चलता है। ये दर्द उन बीजेपी नेताओं व कार्यकर्ताओं से बेहतर कौन समझ सकता है जो बीते 30 साल से ज्यादा समय से निःस्वार्थ भाव से आज भी लगे हैं लेकिन उन्हें न चुनाव में मौक़ा मिलता और न लाभ या सुविधा वाला कोई पद । मैं ऐसे कई नेताओं को व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ जिन्होंने पार्टी के लिए तन, मन , धन से सेवा की, ये 30 साल से लेकर आज भी उम्मीद के साये में ही काम कर रहे हैं । वहीं पार्टी में 5 से 7 पहले आये नेता बल्ले बल्ले कर रहे हैं। बहरहाल, जयचंदों.. छलचंदों को अगर बीजेपी नेता तलाशेंगे और उन्हें बाहर करेंगे तो पाएंगे कि आधी पार्टी ही साफ हो गयी। लेकिन आधी पार्टी साफ होने बाद जो बचेगा वही असली बीजेपी होगी, जिस पार्टी को संघर्ष के लिए जाना जाता था।

बीजेपी थिंकटैंक, बड़े बड़े नेताओं पर लगता है कुमति सवार है

गोपाल स्वरूप वाजपेयी कहते हैं कि इंसान का बुरा समय आने से पहले ईश्वर उसकी मति हर लेता है। अर्थात इंसान पर कुमति सवार हो जाती है। उसके सोचने व काम करने का ढंग पहले की तुलना में एकदम विपरीत होता है। बीजेपी के साथ ही ऐसा ही हो रहा है। बीजेपी थिंकटैंक, बड़े बड़े नेताओं पर लगता है कुमति सवार है। बीजेपी नेताओं में जनवरी से विवेक का नाश होना शुरू हो गया था । कैसे ? हम बताते हैं। जब देश को संभालने की जरूरत थी , तब कोरोना विजय उत्सव मनाने लगे, वैक्सीन उत्सव में झूमने लगे। जबकि इसी दौरान और इससे 4 माह पहले से विदेशों में कोरोना की दूसरी लहर प्रचंड रूप से बह रही थी। यह भी तय था कि ये लहर भारत में आएगी। कुछ जानकार लोग चेताते भी रहे। लेकिन जब दिमाग में कुमति सवार होती है, विनाश होना होता है तो विवेक उल्टा ही काम करता है। दूसरी लहर भारत में आ गयी वो भी अति प्रचंड रूप में। लोग अस्पताल के बाहर और अंदर मरने लगे। लाशों के अंबार लगने लगा। शमशान घाट कराहने लगे तो फुटपाथों पर दाह संस्कार होने लगे। ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचने लगा, मरीज तड़प तड़पकर मरने लगे। लगभग सभी राज्यों में यही हाल। इसके बाद भी बीजेपी की आंखों में बंगाल की सत्ता नाच रही थी। लाशों का अंबार लगता रहा , लेकिन पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह बंगाल में रैलियां करते रहे, अट्टहास करते रहे। देशभर से बीजेपी नेताओं का जमावड़ा बंगाल में हो गया। जनता तड़प तड़पकर सब देखती रही। और जब बंगाल चुनाव का नतीजा सामने आया तो बीजेपी में भूचाल आ गया। यहां लगा कि शायद बीजेपी पर अब कुमति का साया खत्म हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी इतने अहंकार में है कि उसे जनता के दर्द और उसकी भावनाओं से कोई लेना देना नहीं । बीजेपी समझने लगी कि चुनाव जीतना उसका जन्म सिद्ध अधिकार है। बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद वहां हिंसक वारदातें हुईं। इसमें बीजेपी समर्थकों के साथ अत्याचार की खबरें हैं। हिंसा किसी भी सभ्य समाज के लिए शुभ नहीं। बीजेपी ने इस हिंसा के खिलाफ पूरे देश में धरना कार्यक्रम घोषित कर दिया। लेकिन जनता सब देख रही है कि ये धरना क्यों और किसके खिलाफ किया जा रहा है। हिंसा के दौरान बंगाल में चुनाव आयोग व राज्यपाल का शासन चल है। आपका प्रशासन, आपकी पुलिस, आपका पैरा मिलिट्री फ़ोर्स। तो फिर धरना का मक़सद क्या है। क्या बीजेपी नेताओं ने , उसके थिंकटैंक ने यह नहीं सोचा कि इलाज के अभाव में हजारों लोग रोजाना मर रहे हैं , इनके लिए भी कम से कम श्रद्धांजलि का कार्यक्रम रख दें। ये न कर एकें तो मरीजों व जरूरतमंदों की सेवा के लिए कोई अभियान चला दें। लेकिन नहीं , इस पार्टी को हमेशा आपदा में अवसर चाहिए। जिन मुद्दों पर ये घिरते हैं उसकी काट के लिए नया शि गू फ़ा चाहिए, जिससे इनकी नाकामी छिप जाएं। इन्हीं हरकतों की वजह से अब बीजेपी का ग्राफ गिर रहा है और ये अब लगातार गिरेगा। क्योंकि ये पब्लिक है सब जानती है।

भाजपा की दमोह में करारी शिकस्त के बाद सुलगते सवाल

गोपाल स्वरूप वाजपेयी आसमान में उडऩे की मनाही नहीं है किसी को, शर्त इतनी है कि जमीन को नजरअंदाज ना करो । एक शायर की ये पंक्तियां मध्यप्रदेश के दमोह उपचुनाव में भाजपा की अप्रत्याशित हार के बाद प्रासंगिक हो रही हैं। वैसे विधानसभा की किसी भी एक सीट पर हार-जीत होना अमूनन सामान्य घटना मानी जाती है। लेकिन दमोह उपचुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता। एक तरफ सर्वसुविधा संपन्न चतुरंगिणी सेना, दूसरी तरफ हताश-निराश व बेमन से मैदान में उतरी सेना। एक तरफ सत्ताबल, धनबल, प्रशासन का बल और दूसरी तरफ सिर्फ चुनाव लडऩे की औपचारिकता। इसके बाद भी जो चुनाव नतीजा सामने आया, उससे भाजपा खेमे में खलबली मच गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा सहित प्रदेश के 20 से ज्यादा कैबिनेट मंत्री, 4 केंद्रीय मंत्री, भाजपा संगठन ने पूरा दमखम लगाया। सीएम शिवराज का एक पैर भोपाल में तो दूसरा पैर दमोह में रहा, प्रदेश के अधिकांश कैबिनेट मंत्री, वीडी शर्मा अपनी फौज के साथ 15 दिन डेरा डाले रहे। फिर भी करारी शिकस्त! कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन ने भाजपा प्रत्याशी राहुल लोधी को 17 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया। अब भाजपा झेंप मिटाने के लिए चाहे कुछ भी तर्क दे, बहाने बनाए, लेकिन सवाल सुलगने लगे हैं। आने वाले समय में ये सुलगते सवाल भाजपा के लिए नासूर बनेंगे अगर सही जवाब नहीं तलाशे गए और उन पर ईमानदारी से काम नहीं किया तो…! क्या दमोह की करारी शिकस्त के बाद भाजपा कुछ सबक लेगी? क्या भाजपा जनभावनाओं से खिलवाड़ कर सत्ताप्राप्ति व चुनाव में फतह की सनक व नशा दूर करेगी? क्या भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में सत्ता का दंभ सार्वजनिक नहीं होने लगा? सत्ता के दंभ का इस्तेमाल केवल निजी स्वार्थों को पूरा करने के लिए हो रहा है, क्या इसे जनता नहीं समझ रही? क्या मध्यप्रदेश में सीएम शिवराज की लोकप्रियता का सूर्यास्त हो चुका है? क्या सीएम शिवराज के खिलाफ पार्टी में कई लॉबी काम कर रही हैं? क्या दमोह की हार शिवराज की कुर्सी छिनने की वजह बनेगी? क्या सत्ता व संगठन में तालमेल सिर्फ दिखावे के लिए है? क्या सत्ता में सिंधिया गुट की ज्यादा दखलदांजी से पार्टी में असंतोष पनप रहा है? क्या प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा जिला इकाइयों को सक्रिय तरीके से संगठित करने में नाकाम साबित हो रहे हैं? वीडी शर्मा को काम करने का फ्रीहैंड नहीं है? क्या दमोह की हार निकट भविष्य में होने वाले निकाय चुनाव में असर दिखाएगी? कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लाशों का अंबार लगने से जनता में शिवराज सरकार के खिलाफ आक्रोश नहीं है? क्या दमोह चुनाव की कीमत पर शिवराज सरकार ने प्रदेश को मौत के मुंह में धकेला? सिर्फ अप्रैल माह में प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से सौ से ज्यादा लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है? कोरोना से हो रही मौत के आंकड़ों को छिपाने से जनता के बीच शिवराज सरकार की छवि धूमिल नहीं हो रही है? अस्पतालों से लेकर श्मशान घाटों तक जिंदा इंसानों व मृतकों की दुर्दशा के लिए किसे जिम्मेदार माना जाए? कोरोना कफ्र्यू के दौरान जरूरी काम से घर से निकले लोगों पर अफसरों ने जमकर गुंडागर्दी की, क्या इन घटनाओं से राज्य सरकार व भाजपा के प्रति लोगों में आक्रोश नहीं बढ़ा? दमोह में शिवराज सरकार और संगठन ने पूरा दम लगाया। यहां तक कि दमोह से लगे आठ-दस जिलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को बुला लिया गया। उन्हें बूथ व सेक्टर तक जिम्मेदारी दी गई। धन तो पानी की तरह बहाया गया। सरकार व संगठन लगभग अपनी जीत के प्रति पूरा आश्वस्त था। लेकिन सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेताओं को यह सुध नहीं रही कि जनता के बीच असल में चल क्या रहा है? वे यह सब देखकर भी आंखें बंद किए रहे कि कोरोनाकाल में इलाज के लिए लोग अस्पतालों में तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। श्मशान घाटों में शवों का अंबार लगा है। घर-अस्पतालों से निकल रहीं चीत्कारों की आग पर चुनावी जुमलों ने जैसे घी डाल दिया। पूरे प्रदेश में हाहाकार है और दमोह में कोरोना से पीडि़त व मृतकों के आंकड़ों को कम दिखाया गया, जबकि दमोह की हकीकत मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से जुदा नहीं थी। मुख्यमंत्री समेत भाजपा नेताओं के काफिले के सामने ही कोरोना में रैली-सभाओं को छूट दिए जाने पर पोस्टर दिखा दिए गए। बावजूद पार्टी इससे निश्चिंत बनी रहीं। दमोह की जनता सब देख रही थी। वह देख रही थी कि पूरे देश के साथ ही मध्यप्रदेश महामारी से जूझ रहा है। बीमारी से मरने वालों की लाशों के अंबार लग रहे हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन से लेकर दवाओं तक के लिए चीख-पुकार मची है। जनता सब समझ रही थी कि जब वो महामारी से कराह रही है, उसे सरकार की मदद और साथ की जरूरत है, जो नहीं मिली। उसी वक्त मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री समेत दर्जन भर से ज्यादा मंत्री दमोह में रैलियां करवाते हुए अपनी और अपनी पार्टी, अपने प्रत्याशी की ब्रांडिंग करते रहे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा पूरे समय दमोह में डेरा डाले नेताओं, कार्यकर्ताओं की बैठकें, सभाएं ले रहे थे। जनता सब देख रही थी कि और बखूभी समझ रही थी कि सरकार को जनता से ज्यादा सत्ता और चुनाव की पड़ी है। पूरे प्रदेश में लॉकडाउन, लेकिन दमोह में सब खुल्लमखुल्ला, चुनावी रैलियां और सभाएं बेहिसाब। प्रचार खत्म होते ही अगले दिन दमोह में कोरोना कफ्र्यू लगा दिया गया। दमोह की जनता सब देख रही थी और इंतजार कर रही थी मतदान का और भाजपा को सबक सिखाने का। और भाजपा को ऐसा सबक सिखाया, जिसका दर्द रह-रहकर तड़पाएगा, सताएगा। क्योंकि … एहसासों की नमी बेहद जरूरी है हर रिश्ते में, रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार और विशेषज्ञ सोशल मीडिया एंड शेयर मार्केट हैं)

MP : अब सभी नगरीय क्षेत्रों में शनिवार-रविवार लॉकडाउन

मध्यप्रदेश. मध्यप्रदेश में अब सभी शहरों (नगरीय क्षेत्रों) में शनिवार-रविवार दो दिन का लॉकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। चौहान ने कहा कि यह लॉकडाउन शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक यानी कुल 60 घंटे का होगा। सरकार का यह फैसला मध्यप्रदेश के सभी बड़े-छोटे शहरों में लागू होगा। भोपाल के कोलार क्षेत्र में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नौ दिन के लिए बड़े कंटेनमेंट जोन का ऐलान कर दिया है। 3 लाख की आबादी वाला कोलार प्रदेश का सबसे बड़ा कंटेनमेंट जोन क्षेत्र होगा। रतलाम जिले में नौ दिन का लॉकडाउन रहेगा। यहां 9 अप्रैल शुक्रवार की शाम 6 से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक सबकुछ बंद किया जा रहा है। खरगोन, कटनी और बैतूल में सात दिन तक 9 अप्रैल की शाम 6 बजे से 17 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक सब लॉक रहेगा। इससे पहले छिंदवाड़ा में आज 8 अप्रैल गुरुवार रात 8 बजे से लगातार सात दिन के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। एक दिन पहले को ही मध्यप्रदेश के सभी शहरों में नाइट कर्फ्यू की घोषणा की गई थी। लेकिन बुधवार को 24 घंटे में रिकॉर्ड 4324 कोरोना मरीज आने के बाद सरकार ने शनिवार-रविवार लॉकडाउन का ऐलान किया। इसकी घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी मंशा लॉकडाउन की नहीं रही है। मध्य प्रदेश के सभी छोटे और बड़े शहरों में अब शनिवार को भी लॉकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को यह ऐलान कर दिया। शुक्रवार शाम 6 से सोमवार के सुबह 6 बजे तक लगातार लॉकडाउन 60 घंटे का रहेगा। CM ने कहा कि मेरी मंशा कभी भी लॉकडाउन की नहीं रही है। बता दें कि एक दिन पहले ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया था। कोलार में 9 दिन के लिए बड़ा कंटेनमेंट जोन:तीन लाख की आबादी के लिए 9 अप्रैल शाम 6 बजे से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक लॉक; प्राइवेट जॉब वाले भी नहीं आ-जा सकेंगे प्रदेश में 7 अप्रैल तक एक्टिव केस की संख्या 27 हजार से ज्यादा हो चुकी थी। जबकि कोरोना की पहली लहर में एक्टिव केस का आंकड़ा 21 हजार से आगे नहीं बढ़ पाया था। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश के सभी शहरों में संडे लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। सभी सरकारी दफ्तर अगले 3 महीने तक सप्ताह में केवल 5 दिन ही खुलेंगे। इनकी टाइमिंग सुबह 10 से शाम 6 बजे तक रहेगी। शनिवार और रविवार दफ्तर पूरी तरह बंद रहेंगे। प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में आज गुरुवार से अगले आदेश तक रोजाना रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। छिंदवाड़ा जिले में रात 8 बजे से अगले 7 दिन तक टोटल लॉकडाउन रहेगा। CM शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार शाम को आपात बैठक में चर्चा के बाद यह फैसला लिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सहमति लेकर कलेक्टर शहरी क्षेत्र में रविवार के अलावा शनिवार को भी लॉकडाउन का आदेश जारी कर सकते हैं। प्रदेश के अधिक संक्रमित शहरी क्षेत्रों में कंटेनमेंट ज़ोन बनाए जाएंगे कंटेनमेंट एरिया में 7 से10 दिन तक का लाॅकडाउन लगाया जा सकेगा। 12 फीसदी पर संक्रमण दर, छोटे शहरों में भी 100 से अधिक केस पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 4,043 पॉजिटिव केस मिले हैं। हालात बिगड़ने का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पॉजिटिविटी रेट 12% पहुंच गया है। मौतों का आंकड़ा 4086 हो गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के बाद अब बड़वानी, उज्जैन और उमरिया में 100 से अधिक केस मिले हैं।

मुरैना में कारोबारी ने पत्नी, बेटे और बेटी की गला काटकर हत्या की, खुद भी फांसी पर लटका

मुरैना। पलिया कॉलोनी में दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां किराना कारोबारी सत्यदेव शर्मा ने पत्नी, बेटे और बेटी की गला काटकर हत्या कर दी। बाद में उसने खुद भी फांसी लगा ली। घटना का पता तब चला, जब सुबह 9 बजे दूध वाला घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। जवाब न मिलने पर उसने पड़ोसियों को सूचना दी और फिर पूरा मामला सामने आया। एक पड़ोसी नीरज ने छत से सत्यदेव के घर में झांका तो एक लटके हुए आदमी के पैर दिखाई दिए। नीरज ने शोर मचाया तो भीड़ लग गई। मोहल्लेवाले दरवाजा तोड़कर घर में घुसे तो सत्यदेव (45), उनकी पत्नी ऊषा (42), बेटे अश्विनी (12) और बेटी मोहिनी (10) के शव मिले। मुरैना आत्महत्या कांड:पत्नी के मायके से आने से पहले ही सत्यदेव नई रस्सी व चाकू लाया था, गृहक्लेश का कारण आ रहा सामने कुछ दिन पहले 65 लाख का मकान खरीदा सत्यदेव का परिवार समृद्ध है। कुछ दिन पहले ही सत्यदेव ने मुरैना मेें 65 लाख का मकान खरीदा है। एक अन्य मकान और 8 बीघा जमीन भी है। सत्यदेव के 3 भाई हैं, सभी के अपने मकान हैं। माता-पिता एक भाई के साथ गांव में रहते हैं। वे जब घटना स्थल पर पहुंचे तो बेसुध हो गए। रात 11 बजे दिखाई दी थीं कारोबारी की पत्नी कारोबारी की पड़ोसी 82 साल की कलावती ने बताया रात 11 बजे सत्यदेव की पत्नी ऊषा दिखाई दी थीं। घर से किसी तरह की लड़ाई की आवाजें भी नहीं सुनाई दीं। पुलिस और फॉरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटना की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। माता-पिता और मोहल्लेवालों से पूछताछ की जाएगी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर अर्पिता सक्सेना ने बताया कि तेज धारवाले हथियार से 3 लोगों का गला काटा गया है। इसके बाद सत्यदेव ने फांसी लगाई है।

MP में बेशर्म सिस्टम : सरकारी अस्पताल के कोविड वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई रुकी, 2 मरीजों की मौत

भोपाल। मध्यप्रदेश में राजधानी भोपाल के जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां जेपी अस्पताल के कोरोना वार्ड में बुधवार देर रात दो मरीजों की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि रात में ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई थी, जिसके कारण मरीजों की जान चली गई। जान गंवाने वाली 50 साल की रामरती अहिरवार ICU में भर्ती थीं, जबकि सीबी मेश्राम कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती थे। आरोपों पर जेपी के सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि ऑक्सीजन सप्लाई नहीं रुकी थी। दोनों मरीजों की हालत गंभीर थी। अब तक इस मामले में किसी तरह की जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं। 11 दिसंबर 2020 को हमीदिया के कोरोना वार्ड की दो घंटे बिजली गुल होने से ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई थी। तब ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रहे तीन मरीजों की मौत हो गई थी। हालांकि, जांच रिपोर्ट में क्लीनचिट दे दी गई थी। रामरती के बेटे जीवन ने भास्कर को बताया, ‘मां को 28 मार्च को जेपी में भर्ती कराया था, तब उन्हें तेज बुखार था। 29 को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बुधवार रात को मां की हालत अच्छी थी। उन्होंने मुझसे बात की, दलिया खाया और सो गई थीं। मैं रात में वार्ड के बाहर ही रुका था। रात ढाई बजे वार्ड में कोई मरीज बुरी तरह चिल्ला रहा था। तब मैं वार्ड में जाना चाहता था, लेकिन गार्ड ने अंदर नहीं जाने दिया। सुबह 7 बजे डॉक्टर ने फोन कर बताया कि मां की हालत बहुत खराब है, आकर देख लो। अंदर मां बेसुध पड़ी थीं। हम मां को दूसरे अस्पताल ले जाना चाहते थे, उन्हें बाहर भी ले आए, लेकिन अस्पताल वालों ने पुलिस बुला ली और हमें मां को नहीं ले जाने दिया। अगले दिन दोपहर में शव सौंपा गया। इसके लिए भी मुझे मिन्नतें करनी पड़ीं।’ एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव थी, फिर भी जान चली गई दूसरे मृतक सीबी मेश्राम को दो दिन पहले ही परिजनों ने यहां भर्ती किया था। उनको निमोनिया था। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो उनकी कोरोना जांच कराई गई, लेकिन एंटीजन टेस्ट निगेटिव था। ऐसे में RTPCR सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट नहीं आने की स्थिति में उनको कोरोना सस्पेक्टेड वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा था। जहां गुरुवार तड़के करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई।

मध्यप्रदेश में ऐसी है स्वास्थ्य सेवा ….. वाहन नहीं दिया तो पिता ठेले पर ले गया बेटे का शव

गुना। संदेहास्पद स्थिति में मंगलवार को हुई एक युवक की मौत के बाद भी समय पर पीएम न कर शव को घर भेज दिया गया। युवक के पिता ने इस पर आपत्ति ली और वह शव को बाइक से फिर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा। इसके बाद बुधवार काे पीएम कराया गया। असली कहानी इसके बाद शुरू होती है…जब शव ले जाने ने अस्पताल प्रबंधन ने कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया तो पिता ने एक हाथ ठेला किराए पर लिया और शव ले जाने लगा। इस शर्मसार घटना को देख नागरिक मंच कुंभराज और लोगों ने आपत्ति लेकर हंगामा किया, तब पुलिस ने एक ऑटो से शव के घर तक भिजवाया। सवाल: समय पर पीएम क्यों नहीं हुआ कुंभराज गीता नगर निवासी नितेश राव की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। मृतक के पिता हेमराज राव ने बताया कि उनके बेटे की अचानक तबीयत बिगड़ी। मंगलवार दोपहर 3.30 बजे स्वास्थ्य केंद्र कुंभराज पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कहा कि शव को ले जाएं। पिता को लगा कि पीएम होना चाहिए। पुलिस ने पंचनामा बनाया। पिता का कहना है कि वह शव को फिर से अस्पताल ले गया लेकिन समय रहते पीएम नहीं हो सका। इसलिए शव को पीएम रूम में रखवा दिया। सुबह हुआ हंगामा, तब आई पुलिस बुधवार सुबह 9 बजे युवक का पीएम हुआ, शव को परिजन ले जाने लगे तो कोई गाड़ी तक नहीं मिली। पिता का कहना है कि पैसे नहीं थे, इससे ठेला किराया से लेकर शव ले जा रहे थे। मृतक ढोल बजाकर अपनी जीविका चलता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद से ही आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। ठेले से जब शव ले जाने लगे तो नागरिक मंच कुंभराज ने आपत्ति ली, और कहा कि विकास के नाम पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, एक शव वाहन तक नहीं है। इसके बाद हंगामा हुआ तो पुलिस पहुंची और ऑटो से शव को भेजा।  

भोपाल में कोविड वॉर्ड के बाथरूम में 24 घंटे तक पड़ा रहा होमगार्ड जवान का शव

भोपाल. भोपाल के ज़िला अस्पताल जेपी हॉस्पिटल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां कोविड वॉर्ड (Covid 19 ) में भर्ती कराए गए एक होमगार्ड जवान का शव (Deadbody) 24 घंटे तक बाथरूम में पड़ा रहा और अस्पताल स्टाफ ने देखा तक नहीं. परिवार के लोग अपने बेटे को तलाशते हुए पुलिस तक पहुंच गए. मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बना दी गयी है. साथ ही स्टाफ नर्स सहित तीन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. आबकारी विभाग में पदस्थ होमगार्ड जवान पुष्पराज गौतम को भोपाल के जे पी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कोविड वैक्सीन लगने के दो दिन बाद उनकी तबियत बिगड़ गयी थी. पेट फूलने और दर्द होने पर परिवार ने उन्हें शनिवार को यहां भर्ती कराया था. लेकिन रविवार रात 8 बजे के बाद परिवार से उनका संपर्क नहीं हो पाया. वो अचानक लापता हो गए. दिनभर खोजने के बाद पिता ने सोमवार शाम हबीबगंज थाने में पुष्पराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. और अब 24 घंटे बाद मंगलवार शाम बाथरूम में उनकी लाश मिली. गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद तलाश रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की तो मंगलवार शाम पुष्पराज की लाश वार्ड के बाथरूम में पड़ी मिली. इससे पूरे अस्पताल में सनसनी फैल गई. जवान की मौत कैसे हुई, फ‍िलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है. पुष्पराज के परिवार वाले लगातार दावा कर रहे थे कि उनका बेटा अस्पताल से बाहर नहीं गया है. इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की. पुलिस का बयान पुलिस के मुताबिक पुष्पराज सिंह गौतम होमगार्ड में जवान थे. उन्‍हें कुछ दिन पहले ही कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया गया था. इसके दो दिन बाद उन्‍होंने स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की थी. शनिवार को उन्हें जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. भर्ती के दौरान उनकी कोरोना की रैपिड एंटिजन जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी. उसके बाद उन्हें कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर आरटी-पीसीआर तकनीक से जांच के लिए सैंपल लिए गए थे. लेकिन इसकी रिपोर्ट आने के पहले ही रविवार रात आठ बजे के करीब वह गायब हो गए. परिवार ने खोजबीन करने के बाद सोमवार शाम को हबीबगंज थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस के मुताबिक पुष्पराज कमला नगर में रहते थे. रविवार रात में करीब साढ़े आठ बजे के बाद से वह जेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से अचानक गायब हो गए थे. उनका मोबाइल भी बिस्तर पर ही था. स्टाफ पर कार्रवाई इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने एक्शन लिया है. लापरवाही करने पर सिस्टर इंचार्ज शामली वर्गीस, स्टाफ नर्स शीला श्रीवास्तव और मेट्रन सरोज मीना श्रीवास पर कार्रवाई की गयी है. इस मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बना दी गयी है. इसमें डॉक्टर वी के दुबे, एम एस खान और डॉ यूडी सक्सेना को शामिल किया गया है.

MP में नाइट कर्फ्यू लगभग तय : राज्य में 24 घंटे में 467 केस आए

भोपाल. मध्यप्रदेश में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के 467 नए केस आए हैं। इंदौर में 173 और भोपाल में 104 नए मरीज मिलने से सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके बाद से नाइट कर्फ्यू लगाने की अटकलें तेज हो गई हैं। एक महीने पहले एक फरवरी को 151 नए केस आए थे। बीते चार दिनों से 400 से ज्यादा केस आ रहे। इसे देखते हुए जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कम से कम इंदौर और भोपाल में नाइट कर्फ्यू लगाने पर निर्णय ले सकते हैं। क्योंकि सीएम ने पहले ही आगाह कर दिया था कि अगर भोपाल-इंदौर में पॉजिटिव की संख्या बढ़ती है तो नाइट कर्फ्यू लगा सकते हैं। हर दिन आंकड़े अब तेजी से बढ़ रहे हैं। 52 जिलों से 39 में नए केस आए प्रदेश के 52 जिलों में से 39 जिलों में शनिवार को जारी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबलपुर में 28, छिंदवाड़ा में 14, बुरहानपुर में 15, बैतूल में 11, सागर में 11, उज्जैन में 19 और जबलपुर में 11 पॉजिटिव मिले। इनके अलावा अलीराजपुर, अनूपपुर, बड़वानी, दमोह, देवास, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, होशंगाबाद, जबलपुर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, पन्ना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सतना, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, सीधी, सिंगरौनी, उमरिया और विदिशा में नए केस मिले। कुल 3,527 एक्टिव केस मध्यप्रदेश में अब तक कुल 2 लाख 64 हजार 214 कोरोना संक्रमित केस हो चुके हैं। इनमें से 2 लाख 56 हजार 819 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 3,868 संक्रमितों की कोरोना के कारण मौत की पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब कोरोना एक्टिव केस की संख्या 3,527 तक पहुंच गई है। अब तक कुल 58 लाख 63 हजार 341 सैंपल लिए जा चुके हैं। करीब 10 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है।

IAS अफसर से ब्लैकमेलिंग, महिला के खिलाफ ठाणे पहुंचे, महिला ने किया पत्नी होने दावा

भोपाल। शहर के लसूड़िया थाने में एक IAS अफसर संजीव वर्मा ने एक महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। शिकायत में कहा है कि महिला ब्लैकमेल कर रही है। उसने दस्तावेज में पति के रूप में मेरा नाम दर्ज कराया है। पासपोर्ट और मतदाता परिचय पत्र भी मेरा नाम लिखवा लिया है। उधर, महिला ने नंवबर 2016 अफसर पर शादी के बाद धोखा देने का आरोप लगाया था। वह थाने में इसकी शिकायत भी कर चुकी है। संतोष वर्मा वर्तमान में नगर प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ हैं। लसूड़िया टीआई इंद्रमणि पटेल के अनुसार संतोष वर्मा पिता रुमाल सिंह वर्मा की शिकायत पर आरोपी हर्षिता अग्रवाल निवासी ओमेक्स सिटी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी हर्षिता अग्रवाल एलआईसी एजेंट है। IAS अफसर संतोष वर्मा ने पुलिस को बताया कि महिला उनसे एलआईसी एजेंट के रूप में ही मिली थी। उनके एलआईसी के नाम पर दस्तावेज ले लिए थे। महिला ने बाद में धोखाधड़ी करते हुए दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और वोटर आईडी में मेरा नाम अपने पति के रूप में दर्ज करवा दिया। पुुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। महिला ने शिकायत में कहा था- साथ रखकर ज्यादती की नवंबर में युवती ने इसी थाने में शिकायत की थी। शिकायत में उसने कहा था कि उज्जैन के अपर कलेक्टर संतोष वर्मा ने शादी का झांसा देकर उन्हें साथ रखा और ज्यादती की। उसने संतोष के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी। इसी दौरान दोस्ती हुई, जो प्रेम में बदल गई। दोनों ने विवाह कर लिया था। जब वह हरदा में पदस्थ थे तब वे पत्नी की तरह सरकारी क्वार्टर में साथ रही थी। उसके बाद उनका उज्जैन ट्रांसफर हो गया तो युवती को टाउनशिप में घर दिलवाया था। वह घर संतोष वर्मा की मां के नाम पर है। अपर कलेक्टर का पहले ही विवाह हो चुका था, लेकिन उन्होंने छुपाया। बाद में शादी से इनकार कर दिया। उन्होंने इसकी शिकायत कई जगह की थी।

MP : मंत्री बंगलों की सजावट पर 10 महीने में खर्च हुई ‌4.58 करोड़ की राशि

भोपाल। मंत्रियों के बंगले सजाने में 10 महीने में 4.58 करोड़ से ज्यादा खर्च किए गए हैं। सबसे ज्यादा एक करोड़ रुपए सीएम हाउस पर खर्च हुए हैं। इसके बाद सबसे अधिक 56 लाख रुपए पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव के बंगले की साज-सज्जा में लगे हैं। यह जानकारी विस में पांचीलाल मेड़ा के एक प्रश्न के उत्तर में सामने आई है। पीडब्ल्यूडी मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों के बंगलों में 1 अप्रैल 2020 से 31 जनवरी 2021 तक साज-सज्जा में किए गए खर्च का ब्यौरा दिया। सीएम हाउस में बिजली के काम में 81 लाख से ज्यादा खर्च किए गए। वहां 18.52 लाख का सिविल वर्क हुआ है। मुख्यमंत्री के 74 बंगला स्थित एक अन्य बंगले बी-8 में 13.41 लाख का काम हुआ है। केवल सिविल वर्क देखा जाए तो मुख्यमंत्री निवास से ज्यादा काम गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बंगले पर हुआ है। इस दौरान सबसे कम मात्र 1495 रुपए का व्यय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया व पूर्व मंत्री इमरती देवी के बंगलों पर हुआ।

MP : कोरोना के इलाज पर 724 करोड़ रुपए खर्च:173 करोड़ प्राइवेट अस्पतालों को दिए

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना के इलाज पर 724 करोड़ रुपए खर्च हुए, जिसमें 173 करोड़ रुपए की राशि 8 प्राइवेट अस्पतालों में बंटी। इसमें खास यह है कि निजी अस्पतालों में बंटी राशि का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा (125 करोड़ रुपए) भोपाल और इंदौर के दो अस्पतालों को मिला। इसमें भोपाल के चिरायु चैरिटेबल फाउंडेशन को 70 करोड़ रुपए और इंदौर के सर अरविन्दो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस को 55 करोड़ रुपए दिए। बकाया बची 53 करोड़ रुपए की राशि इंडेक्स, अमलतास, RD गार्डी, LN मेडिकल काॅलेज, पीपुल्स मेडिकल काॅलेज में बंटी। यह जानकारी बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने दी है। प्रदेश के आठ निजी अस्पतालों को 173 करोड़ रुपए की राशि 28964 कोरोना मरीजों के इलाज के एवज में दी गई। इलाज के दौरान इन अस्पतालों में 956 लोगों की मौत हो गई। काढ़े की पैंकिंग में ही लग गए 8 करोड़ रुपए सरकार द्वारा दी गई खर्च की जानकारी से यह भी साफ हो गया कि प्रत्येक मरीज के इलाज पर करीब 61 हजार रुपए का खर्चा आया। इधर, 30 करोड़ रुपए के त्रिकटू काढ़े की पैकिंग पर 8 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई। कोरोना इलाज में खर्च हुई राशि के बारे में कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी, जीतू पटवारी, मनोज चावला और हर्ष गहलोत ने सवाल पूछे थे। जनता इलाज के लिए भटकती रही, सरकार ने चहेतों को रेवड़िया बांटी कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना जैसी आपदा में भी अवसर तलाशने में पीछे नहीं रही। व्यापमं कांड के दो कर्ताधर्ताओं चिरायु और अरविंदो को 70% से ज्यादा राशि बांट दी गई। जब जनता इलाज के लिए भटक रही थी तब सरकार चहेतों को रेवड़ियां बांटने में लगी थी। पैसा मरीजों के इलाज पर खर्च हुआ जरूरत हुई तो आगे भी जारी रखेंगे संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दे है नहीं, इसलिए बेवजह आरोप लगाती रहती है। कोरोना के मरीजों को इलाज की जरूरत थी तब क्या सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती। हमने मरीजों के इलाज में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। मरीजों के इलाज पर खर्च हुआ है। आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस की सरकार तो जैकलीन के ठुमकों और फोटोशूट में व्यस्त थी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में जब कोरोना पैर पसार रहा था, तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार तो जैकलीन के ठुमकों में व्यस्त थी। कमलनाथ, सलमान खान और जैकलीन के साथ फोटो सूट में व्यस्त थे। भाजपा की सरकार बनते ही हमने कोरोना के मरीजों के इलाज की व्यवस्था की।

उमा भारती बोलीं- राजस्व गया भाड़ में, शराबी भले ही भूखे मर जाएं लेकिन MP में शराबबंदी हो

ग्वालियर. मध्‍य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने फिर दोहराया है कि वो शराबबंदी नशामुक्ति अभियान चलाएंगी. यह मेरा सपना है जो जल्द पूरा भी होगा. वो यहां तक कह गयीं कि शराबी भले ही भूखा मर जाए लेकिन शराब बंद होना चाहिए. ग्वालियर आयी उमा भारती बोलीं, ‘मैंने कहा था यह आंदोलन नहीं अभियान है. मैंने कभी नहीं कहा कि 8 मार्च से अभियान शुरू करेंगे. बल्कि मैंने कहा था कि 8 मार्च को छोटी बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी.’ उन्होंने कहा कि शराबबंदी में स्वचेतना का जागरण होना चाहिए. मैं शिवराज और वीडी शर्मा से सहमत हूं और वह मुझसे सहमत हैं. अवैध शराब बंद हो प्रदेश में शराबबंदी ही नहीं नशाबंदी होनी चाहिए जो जागरण अभियान से भी अच्छा है. उमा ने सलाह देते हुए कहा कि सरकार को यह करना है नियम विरुद्ध दुकानें न खोली जाएं. आबकारी नियमों का पालन किया जाए, क्योंकि दो नम्बर की जो शराब बनती है वही अधिकतर जहरीली होती है. वह पूरी तरह से बंद हो. शराब से सख्त नफरत- भले ही शराबी भूखा मर जाए उमा भारती यहां तक कह गयीं कि मैंने शिवराजजी से कहा है जैसे ही राजस्व का रास्ता निकल आये आप शराबबंदी और नशाबंदी दोनों की तरफ आइए.मुझे शराब से इतनी नफरत है कि मेरा बस चले तो लोग भूखों मरते हैं तो मर जाएं राजस्व गया भाड़ में बस शराब बंद करो. उमा भारती ने दलील दी कि कोरोना में साबित हो गया शराब नहीं पीने से एक भी आदमी नहीं मरा.जैसे ही दुकानें खुलीं लोग मरना शुरू हो गए. इसका मतलब है कि शराब मृत्यु की कारक है शराब बंद करना मृत्यु का कारण नहीं है. शराब बंदी मेरी आस्था का विषय ये सपना जल्द पूरा होगा उमा भारती ने कहा मैं यह अभियान जरूर चलाऊंगी. यह मेरी आस्था है कि शराबबंदी हो. राममंदिर निर्माण में भी मेरी आस्था थी, हालांकि उसमें 30 साल लग गए थे. लेकिम शराब बंदी में सभी का समर्थन है और कम समय लगेगा. उमा का मानना है शराबखोरी से महिलाएं ज्यादा पीड़ित होती हैं.शराब पीकर मारपीट-अत्याचार और ज़ुल्म उन्हीं पर ढाए जाते हैं.दूसरी विचारणीय बात ये है कि गरीब वर्ग के लोग ही दो नंबर यानि अवैध शराब पीते हैं.अवैध शराब से राजस्व भी नहीं मिलता. राजस्व सिर्फ एक नंबर की शराब से मिलता है. उमा भारती ने कहा-वो शराबबंदी के बारे में इसलिए बोल पा रही हैं क्योंकि सीएम शिवराज और VD शर्मा संस्कारशील और संस्कृतिवान व्यक्ति हैं.दोनों ही बहुत अनुशासित व्यक्ति हैं.

इंदौर में पार्टी करके लौट रहे 6 दोस्तों की मौत, तेज रफ्तार कार खड़े टैंकर में घुसी

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में सड़क हादसे में छह दोस्तों की मौत हो गई। वे पार्टी करके लौट रहे थे। उनकी कार खड़े टैंकर में पीछे से भिड़ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि डंपर की स्टेपनी टूट गई और कार का अगला हिस्सा पिछली सीट से जा मिला। हादसा सोमवार रात करीब एक बजे निरंजनपुर चौराहे के पास हुआ। दो दोस्त सीट से उछलकर बोनट पर आ गिरे। उनमें से किसी का हाथ तो किसी का सिर धड़ से अलग हो चुका था। वे देवास की तरफ से आ रहे थे। हालांकि, अभी यह नहीं पता चला है कि वे पार्टी करने कहां गए थे और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। जान गंवाने वाले सभी दोस्तों की उम्र 19 से 30 साल थी। यह पता नहीं चला कि ये पार्टी करने कहां गए थे। हादसे की वजह भी अभी पता नहीं चल सकी है। जान गंवाने वाले सभी दोस्तों की उम्र 19 से 30 साल थी। यह पता नहीं चला कि ये पार्टी करने कहां गए थे। हादसे की वजह भी अभी पता नहीं चल सकी है। 4 की मौके पर ही मौत, 2 दोस्तों ने अस्पताल में दम तोड़ा लसूड़िया पुलिस के एसआई नरसिंह पाल ने बताया कि कार बुरी तरह डैमेज हो चुकी थी। इसे गैस कटर से काटकर शवों को बाहर निकालना पड़ा। इसमें कुल छह लोग ही सवार थे। चार की मौके पर ही मौत हो गई। दो दोस्तों की सांसें चल रही थीं, लेकिन एमवाय अस्पताल में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। जान गंवाने वाले सभी दोस्त इंदौर के ऋषि (19), 129 भाग्यश्री कॉलोनी, गोलू उर्फ सूरज (25), मालवीय नगर छोटू उर्फ चंद्रभान रघुवंशी (23), मालवीय नगर सोनू जाट (23), आदर्श मेघदूत नगर सुमित (30), भाग्यश्री कॉलोनी देव (28), 384/3 मालवीय नगर

MP : सीधी बस हादसे 47 मौत … हादसे के बाद मंत्री भोज पर सवाल

भोपाल। सीधी बस हादसे के बाद मौके पर जाने के बजाय परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के भोज में शामिल होने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री केके मिश्रा ने राजपूत की एक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसमें वह भदौरिया के निवास में भोजन करते दिखाई दे रहे हैं। जवाब में गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मैं सुबह से मुख्यमंत्री के साथ हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहा था। मंत्री भदौरिया ने बसंत पंचमी पर भोज रखा था, लेकिन यह सादा कार्यक्रम था। जहां मेरे अलावा कई मंत्री पहुंचे थे। मैं वहां कुछ देर ही रुक कर दाल-रोटी खाकर वापस आ गया था। कांग्रेेस के आरोप पर उन्होंने कहा, जो लोग हादसे के बहाने राजनीति करते हैं, मैँ उनकी निंदा करता हूं। बस हादसे में 47 लोगों की मौत होने पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 10 हजार हितग्राहियों के आवासों का लोकापर्ण कार्यक्रम रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे होने वाली कैबिनेट की बैठक को स्थगित कर दिया था। हालांकि देर शाम औपचारिक बैठक मंत्रालय में हुई। कांग्रेस ने सवाल इसलिए भी उठाए, क्योंकि हादसे का सीधे तौर पर वास्ता परिवहन मंत्री का है। वह मंगलवार को भोपाल में ही मौजूद रहे, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और राज्य मंत्री राम खिलेवान पटेल को घटना स्थल पर भेजा था। हालांकि राजपूत इस हादसे को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल हुए थे। बता दें, सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया का भोज पूर्व निर्धारित था, जिसमें सभी मंत्रियों को बुलाया गया था। इसमें मंत्री मोहन यादव, हरदीप सिंह डंग, ओमप्रकाश सकलेचा, ऊषा ठाकुर के अलावा प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत भी भोज में शामिल हुए थे, लेकिन कांग्रेस ने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को सीधी बस हादसे के लिए नैतिक रूप से जिम्मेदार मानते हुए भोज में शामिल होने पर सवाल खड़े किए हैं।

ग्वालियर व्यापार मेला मेला 15 फरवरी से 15 अप्रैल तक चलेगा

ग्वालियर. इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेला पहली बार दो महीने तक चलेगा। मंगलवार को ग्वालियर आए एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण बोर्ड की 42 वीं बैठक में 15 फरवरी से 15 अप्रैल तक मेला लगाने की अधिकृत घोषणा की। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, दंगल आदि पहले की तरह होंगे। इनमें कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। श्री सकलेचा ने कहा कि मेला की तैयारियों के लिए समय कम है लेकिन सभी लोग इसमें जुट जाएं और 15 फरवरी तक जितनी भी दुकानें तैयार हो सकती हैं, उनके साथ मेला शुरू करें। बुधवार से व्यापारियों को दुकानें लगाने के लिए कहा जाए। जिन व्यापारियों को पहले से दुकानें आवंटित हैं वे अपने स्टॉल तैयार करें। नए दुकानदारों को दुकान आवंटन 3 दिन बाद शुरू किया जाएगा। साल में 6 मेले लगाएंगे : सकलेचा बोेर्ड बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री सकलेचा ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में सालभर में 4 से 6 मेले आयोजित करने की प्लानिंग कर रही है। ऐसा होने से मेले की जगह का उपयोग होता रहेगा और व्यापारिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा। उन्हाेंने बताया कि होली और दीपावली पर भी इस साल से यहां मेले आयोजित करने की तैयारी है। मेला संचालन के लिए काम के हिसाब से समितियां गठित करेंगे, जो सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करेंगी।

उमा भारती के शराबबंदी कैंपेन से सरकार बैकफुट पर

भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के शराबबंदी को लेकर अभियान शुरू करने के ऐलान का असर नई आबकारी नीति पर पड़ता दिखाई दे रहा है. अब सरकार इसे 3 माह के लिए टालने पर विचार कर रही है. प्रदेश में नई आबकारी नीति 1 अप्रैल की बजाय अब 1 जुलाई से लागू करने की तैयारी है. तब तक प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव भी संपन्न हो जाएंगे. आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को पिछले सप्ताह भेज दिया था। हर साल 15 मार्च तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष (1अप्रैल से 31 मार्च) में शराब के ठेके 1 अप्रैल से शुरू हो सकें, लेकिन वर्ष 2020-21 के लिए प्रस्ताव तैयार होने से पहले ही नई शराब दुकानों को लेकर विवाद शुरू हो गया। उमा भारती के तेवर के बाद कांग्रेस के साथ भाजपा के अंदर भी नई चर्चा छिड़ गई है। आर्थिक संकट से जूझ रही राज्य सरकार आय बढ़ाने के लिए शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही थी, लेकिन राजनीतिक बवाल खड़ा होने के कारण उसे बैकफुट पर जाना पड़ा। बता दें कि मध्य प्रदेश में सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में 8,321 करोड़ रुपए की कमाई की थी, जबकि इस साल यानि 2020-21 में 10 हजार 318 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद थी. प्रदेश में इस समय 3605 शराब की दुकानें है, जबकि 10 साल पहले 2770 दुकानें थीं. आबकारी विभाग नई आबकारी नीति का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज चुका है. हर साल 15 मार्च तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) में शराब के ठेके 1 अप्रैल से शुरू हो सकें, लेकिन वर्ष 2020-21 के लिए प्रस्ताव तैयार होने से पहले ही नई शराब दुकानों को लेकर विवाद शुरू हो गया. उमा भारती के तेवर के बाद कांग्रेस के साथ भाजपा के अंदर भी नई चर्चा छिड़ गई है. आर्थिक संकट से जूझ रही राज्य सरकार आय बढ़ाने के लिए शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही थी, लेकिन राजनीतिक बवाल खड़ा होने के कारण उसे बैकफुट पर जाना पड़ सकता है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा था बढ़ाई जाए दुकानों की संख्या गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पिछले महीने दिए एक बयान में कहा था, अवैध शराब की रोकथाम के लिए प्रदेश में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए. इसको लेकर विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया था. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीच में बोलना पड़ा था कि नई शराब दुकानें खोलने का फिलहाल कोई विचार नहीं है. बावजूद इसके आबकारी विभाग ने नई दुकानें खोलने के प्रस्ताव कलेक्टरों से मांगने के लिए पत्र भेज दिया था, बाद में इसे वापस ले लिया था. निकाय चुनाव में नुकसान होने का भी डर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने प्रदेश में शराबबंदी को लेकर अभियान शुरू करने का ऐलान किया तो सीएम शिवराज घिरते नजर आए। यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने 4 फरवरी से रतलाम में नशाबंदी के खिलाफ अभियान चलाने की शुरुआत कर दी। जानकारों का मानना है कि नगरीय निकाय चुनाव से पहले उमा भारती के अभियान का असर भाजपा को नुकसान पहुंंचा सकता है। नई नीति को तीन महीने के लिए होल्ड करने की एक वजह यह भी मानी जा रही है। सरकार को राजस्व की चिंता दरअसल, मध्य प्रदेश में उमा भारती अकेली राजनेता नहीं हैं, जिन्होंने शराबबंदी की मांग की है। यदा-कदा इसे लेकर आवाजें उठती रही हैं। कभी सामाजिक संगठनों की तरफ से मांग उठती है तो कभी राजनीतिक दलों के भीतर ही बातें होती रही हैं। शराब बंदी की मांग के बीच सरकार आज तक इस सवाल का जवाब नहीं खोज पाई कि यदि शराब को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया तो इससे मिलने वाले राजस्व की भरपाई कहां से होगी?

उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी में कुलसचिव के सामने भिड़े दो प्रोफेसर; जमकर चले लात-घूंसे

उज्जैन. मध्यप्रदेश में उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी में शुक्रवार की शाम बेहद शर्मनाक वाकया सामने आया। यहां MBA के HOD और पूर्व HOD के बीच जमकर मारपीट हुई। एक दूसरे को इतने लात-घूंसे लगे कि दोनों ही लहूलुहान हो गए। दोनों के बीच कुलसचिव के सामने उनके कमरे में ही बहस शुरू हुई थी, जो बाहर आते ही मारपीट में बदल गई। बाद में कुलपति के सामने भी दोनों जमकर बहस करने लगे, तो कुलपति ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। स्थानीय विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। एडमिशन को लेकर भिड़े थे प्रोफेसर यूनिवर्सिटी के MBA विभाग के पूर्व प्रमुख कामरान सुल्तान यूनिवर्सिटी से ही LLM की पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा HOD डॉ. डीडी बेदिया नहीं चाहते कि प्रो. कामरान को इसमें एडमिशन मिले। इस बात पर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती है। शुक्रवार शाम को 6 बजे इसी विवाद में दोनों कुलसचिव के कमरे में भिड़े। हाथापाई में बेदिया के कपड़े फट गए, जबकि कामरान का चेहरा लहूलुहान हो गया। दोनों प्रोफेसरों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए प्रोफेसर बेदिया ने आरोप लगाया कि कामरान ने उनके कपड़े फाड़ दिए और नाखून से हमला किया। इधर, प्रोफेसर कामरान ने कहा, ‘बेदिया ने पहले मेरे चेहरे और गाल पर हमला किया। यह जानते हुए कि मैं दिव्यांग हूं, उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी।’ LLM की पढ़ाई सिर्फ बहाना, असली लड़ाई HOD की प्रो. बेदिया और प्रो. कामरान के बीच लड़ाई नई नहीं है। इनके बीच पूर्व कुलपति बालकृष्ण शर्मा के समय से यही स्थिति है। प्रो. कामरान का LLM में एडमिशन लेना प्रो. बेदिया को उतना नहीं अखर रहा है जितना HOD का पद फिर से पाने के लिए प्रो. कामरान का लगातार कोशिश रहना। दरअसल, प्रो. कामरान पूर्व कुलपति शर्मा के कार्यकाल में MBA डिपार्टमेंट के एचओडी थे। उन्होंने प्रो. कामरान को हटाकर प्रो. बेदिया को HOD बना दिया। नए कुलपति डॉ. कुलदीप पांडेय ने बेदिया को इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का भी HOD और हॉस्टल इंचार्ज बना दिया। इसी बात को लेकर दोनों प्रोफसरों में आपसी विवाद जारी है। मौजूदा HOD प्रो. बेदिया के क्लास में नहीं आने पर उन्हें टोकना भी दोनों के बीच विवाद की वजह बना। कुलपति ने जांच कमेटी बनाई प्रो. डीडी बेदिया और प्रो. कामरान के बीच मारपीट की घटना को कुलपति डॉ. कुलदीप पांडेय ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वे खुद इस पर शर्मिंदा हैं। उन्होंने बताया कि बेदिया को इंजीनियरिंग और हॉस्टल वार्डन पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इसके बाद प्रो. बेदिया ने शनिवार सुबह यूनिवर्सिटी पहुंचते ही MBA डिपार्टमेंट के HOD पद से इस्तीफा दे दिया। मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। एक महीने तक रोज हाजिरी लगाएंगे ​​​​​​दोनों प्रोफेसर दोनों प्रोफेसरों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगले एक महीने तक उन्हें सुबह-शाम कुलपति या कुलसचिव के ऑफिस जाकर साइन करने होंगे। इधर कुलपति ने बताया कि छात्रों ने शिकायत की है कि ये दोनों प्रोफेसर क्लास में भी नहीं जाते हैं। इस पर भी कार्रवाई की जा रही है। छात्र संगठनों ने प्रोफेसरों पर कार्रवाई की मांग की घटना को लेकर शनिवार को ABVP और NSUI ने कुलपति से मिलकर दोनों प्रोफेसरों पर कार्रवाई की मांग की है। ABVP ने घटनास्थल को पानी से धोकर नाराजगी जाहिर की। वहीं, NSUI ने यूनिवर्सिटी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कृषि मंत्री पर दिग्विजय सिंह का तंज, कहा- ‘तोमर के पास खेती नहीं, वो क्या जानें किसानी

भोपाल/नई दिल्‍ली. नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर जहां किसान आंदोलन ने केन्द्र सरकार की नींद उड़ा रखी है, वहीं अब राजनीतिक घेरेबंदी भी सरकार की परेशानी बढ़ा रही है. शुक्रवार को राज्यसभा में कृषि कानूनों को लेकर भाजपा और कांग्रेस में आमने सामने तीखी बहस हुई. राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) को लेकर कहा कि उन्हें किसानी की जानकारी ही नहीं है. दिग्विजय ने कहा,’प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के साथ बात करने के लिए दो मंत्री लगाए हैं. नरेंद्र सिंह तोमर जिनके पास खेती ही नहीं तो वो किसानी क्या जानते होंगे. दूसरे पीयूष गोयल जो कॉर्पोरेट सेक्टर के प्रवक्ता हैं. दोनों ही मंत्री किसानी को लेकर अनुभवहीन हैं और यह कृषि कानून पर कैसे किसानों को संतुष्ट कर सकते हैं.’ किसान आंदोलन के मसले पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खून से खेती कर सकती है. इस पर जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर आरोप लगा दिया कि वह हमेशा दंगे कराना चाहती है. जबकि कृषि कानून की पुरजोर खिलाफत करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि खून से खेती करना कांग्रेस का इतिहास नहीं रहा है. जो गोधरा में हुआ वो पानी की खेती थी या खून की खेती थी. भाजपा हमेशा नफरत और हिंसा की राजनीति करती आई है. कांग्रेस सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलती आई है. राज्यसभा में दोनों ही नेताओं के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई. दिग्विजय सिंह ने खून से खेती वाले तोमर के बयान के जवाब में यह तक कह दिया कि अगर ये सांप्रदायिक दंगे कराएंगे तभी इनको फायदा होगा. यही कारण है कि ओवैसी और भाजपा के बीच अच्छी दोस्ती है. कृषि कानून पर हमलावर है कांग्रेस केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानू को लेकर किसानों से लेकर राजनीतिक घेरा बंदी जारी है. कांग्रेस भी सरकार को कृषि कानून पर लगातार घेर रही है. पंजाब से शुरू हुए इस आंदोलन ने जब से दिल्ली के बॉर्डर सील कर रखे है, तब से कांग्रेस ने खुद किसानों के साथ खड़े होने की घोषणा की है. राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर किसान विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं. एक दिन पहले ही प्रियंका गांधी 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में ट्रैक्टर पलटने से किसान की मौत के बाद उसके घर पहुंची थीं. इससे उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल देखी गई. अब कृषि कानून को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने सामने खड़ी हो गई है.

MP : अवैध रेत खनन करने वाले लोग विधायक, मंत्रियों को हिस्सा देते हैं; हमले तो करेंगे ही : दिग्विजय सिंह

ग्वालियर . अवैध रेत उत्खनन करने वाले लोग शासन, प्रशासन, विधायक, मंत्रियों व मुख्यमंत्री को हिस्सा देते हैं। क्योंकि यह उनका ‘काम’ है। पैसे भी लेते हो और कार्रवाई भी करते हो। ऐसे में हमला होना तो तय है। सब मिली भगत है। यह बात एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को ग्वालियर में मीडिया से बात करते हुए कही है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शनिवार को ग्वालियर प्रवास पर आए हैं। स्टेशन के बाहर उन्होंने मीडिया से चर्चा की है। उन्होंने एक दिन पहले ग्वालियर पुलिस पर रेत माफिया के हमले पर भी अपनी बात कही है। उनका कहना है कि प्रशासन चाहे तो एक दिन में अवैध उत्खनन को बंद करा सकता है। पर अवैध रेत का उत्खनन करने वालों का हिस्सा प्रशासन, शासन, विधायक, मंत्री व मुख्यमंत्री तक जाता है। उनका कहना था कि यह भी ठीक है कि आप हिस्सा लेते हो और उसके बाद कार्रवाई करते हो। यह उनका रोजगार है और पैसा लेकर कार्रवाई करोगे तो वो हमला भी करेंगे। यह हुई थी घटना शुक्रवार सुबह ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना पुलिस ने चंबल से अवैध उत्खनन कर रेत का परिवहन करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई के लिए घेराबंदी की थी। इस घेराबंदी के दौरान पुलिस का दांव उल्टा पड़ गया था जब रेत माफिया ने पुलिस पर पथराव व फायरिंग शुरू कर दी। टीआई पुरानी छावनी सुधीर सिंह को रेत माफिया ने घेर लिया था। उनको ट्रैक्टर से कुचलने का भी प्रयास किया, लेकिन वह समय रहते नाले में कूद गए। इस दौरान टीआई सुधीर सिंह घायल भी हैं। इस मामले में 8 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है जिनसे दो कट्‌टे व कारतूस भी मिले हैं। 10 लोगों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। इसी हमले के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह के खिलाफ कड़ा बयान देकर हमला बोला है।

महंगे पेट्रोल पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा राम के राज में पेट्रोल 93 और लंका में 51 रुपए

भोपाल . देश में पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राम के भारत में पेट्रोल 93 रुपए, सीता के नेपाल में 53 रुपए और रावण की लंका में पेट्रोल 51 है। इसके बाद मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने निशाना साधते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने स्वामी के सोशल मीडिया पोस्ट पर रिप्लाई किया “आप ने ठीक कहा स्वामी जी, घोर कलियुग है। देश में लगातार पेट्रोल के दाम बढ़ने के कारण अब इसके 100 के पार पहुंचने की अटकलें तेज हो गई हैं। कई राज्यों में यह 94 रुपए के पार पहुंच चुका है।

मध्यप्रदेश में एक बड़ा राशन घोटाला, कैग की रिपोर्ट पर केस दर्ज

भोपाल . प्रदेश में स्कूल नहीं जाने वाली किशोरवय बच्चियों को दिए जाने वाले टेकहोम राशन में बड़ा घोटाला सामने आया है। जिन 2 लाख 8 हजार 531 बच्चियों का कोई अस्तित्व ही नहीं हैं, उनमें से करीब 1.71 लाख से अधिक को कागजों में ही हर साल करीब 60 करोड़ रुपए का टेकहोम राशन बांटे जाने का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसी) ने कैग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मप्र आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को इस मामले में केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने 1 फरवरी को ईओडब्ल्यू को जांच के आदेश के साथ बैतूल, ग्वालियर, डिंडोरी और सिंगरौली जिलों की कैग द्वारा की गई जांच रिपोर्ट भी भेजी है। कैग ने इन चार जिलों में पकड़ा है 4.27 करोड़ का घोटाला एनसीपीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने डेढ़ साल पहले विदिशा जिले के स्कूल और आंगनवाड़ियों का दौरा किया था। यहां बच्चियों के रजिस्ट्रेशन और उपस्थित में अंतर मिला था। इसके बाद आयोग ने मप्र के महिला बाल विकास विभाग से प्रदेशभर 11 से 14 साल की बच्चियों की ऐसी बच्चियों की जानकारी मांगी, जो स्कूल नहीं जाती हैं। महिला बाल विकास ने आयोग को बताया कि ऐसी 2 लाख 17 हजार 211 बच्चियां हैं, जो स्कूल नहीं जाती, उनमें से 1 लाख 71 हजार 365 को आंगनवाड़ियों के जरिए टेकहोम राशन दिया जाता है। आयोग ने इस जानकारी के बाद मप्र स्कूल शिक्षा विभाग को इन बच्चियों को स्कूली शिक्षा में दायरे में लाने के निर्देश देकर आउट ऑफ स्कूल (ड्रापआउट) बच्चों की जानकारी मांगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने आयोग को भेजी अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रदेश में सिर्फ 23 हजार 491 बच्चे ही ऐसे हैं जो स्कूल के दायरे से बाहर हैं, इनमें 11 से 14 साल की बच्चियों की संख्या सिर्फ 8680 है। दोनों विभागों द्वारा उपलब्ध कराए दस्तावेजों में बच्चियों के आंकड़ों में भारी अंतर को देखते हुए आयोग ने इन्हें कैग यानी अकाउंटेंट जनरल को परीक्षण के लिए भेज दिया। कैग ने सच्चाई पता लगाने के लिए रैंडमली प्रदेश के चार जिलों में प्रारंभिक जांच की। जांच के बाद यह सही पाया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े एकदम सही हैं, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उपलब्ध कराए आंकड़े गलत हैं। यानी जिन बच्चियों को कागजों में टेकहोम राशन दिया जा रहा है, उनका अस्तित्व ही नहीं हैं। इसके बाद कैग ने सभी 52 जिलों में इसकी जांच शुरू कर दी है।

पत्नी से बोला – मुंबई चलो, वहां एक ग्रुप से जुड़ा हूं जहां पत्नियां बदलकर एंजॉय करते हैं

ग्वालियर . एक महिला ने अपने पति पर वाइफ स्वैपिंग करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। आरोपी रेलवे कर्मचारी है। पीड़िता ने पति पर दुष्कर्म और अपने 25 लाख हड़पने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता पेशे से नर्स है। उसने शिकायत में कहा- पति कहता है, मुम्बई चलते हैं, मैं वहां एक ग्रुप में जुड़ा हूं, जहां पत्नी की अदला-बदली करके एंजॉय करते हैं। महिला की यह दूसरी शादी है। पहले पति से उसका तलाक हो चुका है। पुलिस ने आरोपी रेलवे कर्मचारी पर मामला दर्ज कर लिया है। गिरवाई निवासी शिकायतकर्ता नर्स का साल 2019 में पति से तलाक हो गया था। तलाक के बाद महिला को स्थायी भरण पोषण के लिए 25 लाख रुपए व 5 लाख रुपए के जेवरात मिले थे। इसके बाद उसकी जिंदगी में दूसरा पति विनोद बघेल आया। विनोद मूल रूप से दतिया का रहने वाला है। वह रेलवे में कर्मचारी है और अभी मुम्बई में पदस्थ है। जनवरी 2020 में उसने महिला को सोशल मीडिया के एक प्लेटफार्म पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। जिसे महिला ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद वह उसे रास्ते में मिला। विनोद ने कहा कि वह उसके बारे में सारी स्थिति जानता है और शादी करना चाहता है। उसने अपने परिजन को महिला के घर भेजा। महिला का परिवार भी उसकी शादी करना चाहते थे। इस पर दोनों परिवार में सहमति के बाद 26 जनवरी 2020 को दोनों की शादी हो गई। शादी से पहले ही किया दुष्कर्म महिला ने शिकायत में बताया है कि शादी पक्की होने के बाद ही विनोद ने उसके साथ गलत तरीके से शारीरिक संबंध बनाए। उसके विरोध करने पर भी नहीं माना। इसके बाद जब शादी हो गई तो 20 दिन साथ में रहा। तब भी वह गलत तरीके से शारीरिक शोषण करता रहा। इसके बाद यहां गिरवाई में एक मकान खरीदने के लिए महिला के पहले पति से भरण पोषण का मिला पैसा लेकर मकान खरीद लिया। इसका बाद में पता लगा कि मकान लोन पर लिया है और अब बैंक वाले परेशान कर रहे हैं। मुम्बई जाने से मना किया तो पीटा, छोड़ दिया हद तो तब हो गई जब शादी के बाद लॉकडाउन लग गया और पति लौटकर घर नहीं आया। इसके बाद महिला ससुराल से मायके आ गई। अभी कुछ दिन पहले पति आया तो बोला कि मेरे साथ मुम्बई चलना है। महिला ने कहा कि पहले तो आप कहते थे ग्वालियर ट्रांसफर ले रहे हो। इस पर रेलवे कर्मचारी पति ने कहा कि मुम्बई में उसने एक ग्रुप ज्वाइन कर रखा है। यह ग्रुप वीकेंड पर पार्टी करता है। इस ग्रुप में लाइफ पार्टनर को बदलकर सभी एन्जॉय करते हैं, इसीलिए तुमको वहां ले जा रहा हूं। जब महिला नहीं मानी तो आरोपी विनोद ने उसे पीटा और छोड़ दिया। इसके बाद बाद उसने थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

घर में अकेले थे मासूम, उन्होंने सबकुछ लूटा और फिर उनका गला भी घोंट गए

नई दिल्ली। रोहिणी के सेक्टर 35 में एक घर के अंदर दो मासूम बच्चों की संदिग्ध हालात में हत्या कर दी गई। दोनों बच्चे बुधवार सुबह मृत अवस्था में घर के अंदर मिले। घटना की जानकारी मिलने पर लोकल पुलिस पहुंची। दोनों बच्चों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पता चलेगा कि दोनों बच्चों की हत्या कैसे की गई। शुरुआती जांच में गला घोंटकर हत्या की बात सामने आ रही है। बच्चों में 6 साल का पूरव और 4 साल का अभी है। पिता का इलाके में ही डेयरी बूथ है। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर केस की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। मदर डेयरी बूथ चलाते हैं माता-पिता पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों बच्चे सेक्टर-35 रोहिणी शाहबाद डेयरी इलाके में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। पूरव स्कूल में पढ़ाई कर रहा था, जबकि अभी को स्कूल में दाखिला दिलवाने के लिए माता-पिता प्लान कर रहे थे। इनके माता-पिता की इलाके में मदर डेयरी बूथ है। परिवारवालों ने बताया कि सुबह माता-पिता बूथ पर चले गए थे। कमरे में दोनों बच्चे सो रहे थे। कुछ घंटे बाद जब वह वापस आए। कमरे में दोनों को सोते हुए देखा था। लेकिन जब दोनों काफी देर तक हिले नहीं उनको कुछ शक हुआ। दोनों को काफी देर तक हिलाया। लेकिन दोनों अचेतावस्था में पड़े थे। खुली मिलीं अलमारियां, जूलरी गायब उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। दोनों को तुरंत महर्षि वाल्मिकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों के गले पर हाथों की उंगलियों के निशान थे। इसके बाद पुलिस को वारदात की जानकारी दी गई। परिवारवालों ने बताया कि कमरे में रखी अलमारियां खुली पड़ी थीं, जिसमें से लाखों की जूलरी गायब है। उनका कहना है कि उनको शक है कि जब आरोपी घर में घुसे पूरव जाग गया होगा। उसने आरोपियों को देख लिया होगा। वह उनकी पहचान न बता दे, इसलिए बदमाशों ने दोनों की गला घोटकर हत्या कर दी। सोसायटी में कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने का भी आरोपी ने फायदा उठाया। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है। उससे पुलिस को साफ था कि आरोपी आसपास का ही रहने वाला है।

उम्र 11 साल, यू-ट्यूब देख सीखी हैकिंग, फिर पिता को ही ईमेल भेज मांगी 10 करोड़ की रंगदारी…

गाजियाबाद। खबर हैरान करने से ज्यादा परेशान करने वाली है। महज 11 साल की उम्र में एक बच्चे ने अपने मां-बाप की नींद उड़ा दी। एक महीने तक एक प्रोफेशनल अपराधी की तरह उन्हें परेशान करता रहा। परिवार पूरी तरह टूट चुका था। फिर बच्चे ने 10 करोड़ रुपये की रंगदारी का ईमेल किया। पिता ने साइबर सेल में शिकायत की। पुलिस ने जांच शुरू की तो घर के इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) से ही ईमेल आने का पता चला। परिवार के हर सदस्य से पूछताछ हुई तो पता चला 5वीं में पढ़ने वाले बच्चे ने यह हरकत की है। यह हैरान कर देने वाला मामला यूपी में गाजियाबाद के इंदिरापुरम का है। बच्चे के पिता इंदिरापुरम में रहते हैं। सरकारी विभाग में उच्च पद पर हैं। उन्हें कई दिनों से ईमेल पर धमकी मिल रही थी। उन्होंने अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से मदद मांगी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। करीब एक महीने से पूरा परिवार परेशान था। साइबर सेल से शिकायत के बाद मिली जानकारी लेकिन, पिछले दिनों 10 करोड़ रुपये की रंगदारी का ईमेल मिला। अब परिवार बुरी तरह डर गया। सीधे साइबर सेल पहुंचा और शिकायत की। पुलिस की जांच में जिस आईपी से ईमेल आता था, वह उसी घर की मिली। अब शक परिवार पर ही आ गया। हर सदस्य से पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की। इसी क्रम में 11 साल के बच्चे ने घटनाक्रम के बारे में बता दिया। यूट्यूब से जुटाई जानकारी साइबर क्राइम सेल के प्रभारी सुमित कुमार ने बताया बच्चे को कुछ समय पहले कंप्यूटर की ऑनलाइन क्लास के दौरान साइबर अपराध और उनसे बचने के संबंध में जानकारी दी गई थी। इस बारे में बच्चे ने यूट्यूब पर खूब विडियो देखी। किस तरह से ईमेल बनाते हैं और साइबर अपराध कैसे होता है आदि के बारे में विडियो देखी। यहीं से जानकारी जुटाकर उल्टे-सीधे मेल भेजने लगा। यह क्रम पिछले साल 24 जनवरी से 23 जनवरी के बीच तक चला। पुलिस बच्चे से अभी पूछताछ कर रही है। पता लगा रही है कि उसने इस तरह से ईमेल भेजकर अपने दोस्तों को भी परेशान तो नहीं किया है।

‘मैं राहुल गांधी से शादी करने जा रही हूं’- इंदौर एयरपोर्ट पर महिला ने खूब किया हंगामा

इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर सोमवार रात एक महिला ने खूब हंगामा किया। 4-5 बैग के साथ एयरपोर्ट पहुंची महिला एयरपोर्ट के अंदर पहुंचने के लिए मेन गेट तक पहुंच गई और अंदर जाने की जिद करने लगी। उसका कहना था कि उसे राहुल गांधी से शादी करने दिल्ली जाना है। बड़ी जद्दोजहद के बाद वह वहां से हटने को तैयार हुई। बिना टिकट पहुंची एयरपोर्ट महिला के पास सामान से भरे 4-5 बैग थे, लेकिन उसके पास टिकट नहीं था। वह सुरक्षाकर्मियों से बार-बार अंदर जाने देने की जिद कर रही थी। महिला के नहीं मानने पर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के समझाने के बाद वह अपने घर लौटने को राजी हुई राहुल गांधी से शादी का दावा सुरक्षाकर्मी और पुलिस वाले जब महिला को अंदर जाने देने को राजी नहीं हो रहे थे तो महिला ने यह कह कर सबको चौंका दिया कि उसकी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से शादी होने वाली है। सुरक्षाकर्मियों से उसने कहा कि वह जल्द ही राहुल की पत्नी बनने वाली हैं। फिर सारे लोग उसे सैल्यूट करेंगे। महिला ने यह भी कहा कि राहुल उससे मिलने नहीं आते, इसलिए वह शादी करने दिल्ली जा रही है। मानसिक रूप से असंतुलित है महिला काफी देर तक हंगामे के बाद पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क किया। महिला परदेशीपुरा क्षेत्र की रहने वाली है। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से असंतुलित है। महिला पहले भी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुकी है।

दिल्ली से लंदन के बाद इंडिया से सिंगापुर करें बस का सफर, बुकिंग शुरू

नई दिल्ली। भारत से यूनाइटेड किंगडम यानी दिल्ली से लंदन (Delhi to London Bus) तक बस से सफर करने के बाद अब एडवेंचर यात्रियों (Adventure Travel) के लिए मौका है कि वा भारत से सिंगापुर तक सड़क मार्ग से यात्रा कर सकें. गुरुग्राम बेस्ड एक यात्रा कंपनी ने जिस तरह की यात्रा के लिए बुकिंग (Travel Booking) शुरू की है, वो पांच देशों को कवर (Cross Border Journey) करने वाली है और एक तरफ से 20 दिनों का समय लेगी. 4500 किलामीटर से भी लंबे इस सफर में कई तरह के रोमांच यात्रियों के लिए होंगे क्योंकि काफी लंबा रूट समुद्री किनारों से गुज़रता है. ज़ाहिर है कि भारत से सिंगापुर के लिए अगर आप फ्लाइट लेते हैं तो कुछ ही धंटों में पहुंच सकते हैं, लेकिन यात्रा का रोमांच और अनुभव फ्लाइट से मिलना मुश्किल है. बस सेवा के ज़रिये इस तरह का अनुभव लिया जा सकता है. एडवेंचर आवेरलैंड कंपन ने भारत से द्वीप देश सिंगापुर तक की बस यात्रा के लिए बुकिंग शुरू की है, जो कि इस साल 14 नवंबर से शुरू होगी. जीवन का एक यादगार अनुभव होने वाली इस यात्रा के बारे में सब कुछ जानिए. कहां से शुरू होगी यात्रा और क्या होगा रूट? भारत के पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर की राजधानी इम्फाल से यह बस यात्रा शुरू होगी जो बीच में तीन देशों म्यांमार, थाईलैंड और मलेश्यिा होते हुए सिंगापुर पहुंचेगी. इम्फाल से म्यांमार के कोल, बगान होते हुए यंगून से थाईलैंड में प्रवेश किया जाएगा. यहां बैंकॉक और क्राबी होते हुए मलेशिया में बस एंट्री लेगी और फिर कुआलालंपुर से सिंगापुर तक पहुंचेगी. बस में क्या सुविधाएं होंगी? आरामदायक सीटों के बीच में पर्याप्त स्टिेंस और पार्टिशन होगा ताकि प्राइवेसी बनी रहे. इसके अलावा बस में टॉयलेट की सुविधा होगी. एक छोटा सा किचन होगा, जहां से कुछ चीज़ें मिल सकेंगी. वैसे रेडी टू ईट फूड का इंतज़ाम बस में होगा. अलकोहल ड्रिंक और फर्स्ट एड की सुविधा भी बस यात्रा में दी जाएगी. और वाई फाई कनेक्टिविटी यात्रियों के लिए रहेगी. बुकिंग का तरीका और किराया? भारत से सिंगापुर तक की बस यात्रा के लिए कंपनी ने ऑनलाइन बुकिंग शुरू की है, जो पहले आओ पहले पाओ के आधार पर है क्योंकि इस बस में सिर्फ 20 यात्री ही सफर कर सकेंगे. एक यात्री को 6.25 लाख रुपये किराया चुकाना होगा. इस रकम में यात्रा के दौरान लॉजिंग यानी रुकने की व्यवस्था, भोजन, ट्रांसपोर्ट, वीज़ा शुल्क, एयरपोर्ट ट्रांसफर आदि अन्य सुविधाएं भी शामिल होंगी. यात्रा के लिए क्या ध्यान रखें? इस बस से सिंगापुर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों का पापसेर्ट सबसे पहले 2022 तक वैध होना चाहिए. चूंकि यह यात्रा पांच देशों को कवर करेगी इसलिए वीज़ा की ज़रूरत होगी. कंपनी ने वीज़ा अरेंज करने का ऑफर दिया है. एक खास बात जो आपको इस यात्रा में ध्यान रखना होगी कि अगर आप कोई खास दवाएं आदि लेते हैं, तो उन्हें अपने साथ रखें. यह भी खयाल रखें कि ज्त्रयादातर रूट पर वेज भोजन उपलब्ध होगा लेकिन बहुत विकल्प नहीं होंगे.यह हिदायत भी दी गई है कि करंसी एक्सचेंज के लिए यूरो या अमेरिकी डॉलर कैरी करना बेहतर हो सकता है.

बड़ी खबर : सिक्किम में भारत-चीन की झड़प:चीन के 20 सैनिक घायल, 4 भारतीय जवान भी जख्मी

नई दिल्ली। भारत-चीन में तनाव के बीच दोनों देशों के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प की खबर है। सूत्रों के मुताबिक चीन ने LAC पर घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय जवानों ने रोका तो चीनी सैनिकों ने हाथापाई शुरू कर दी। भारतीय सेना ने इसका जवाब देते हुए चीन के सैनिकों को खदेड़ दिया। झड़प में चीन के 20 सैनिक घायल हो गए। भारत के भी 4 जवान जख्मी हुए हैं। घटना 3 दिन पहले सिक्किम के नाकुला की बताई जा रही है। 17 दिन पहले भी घुसपैठ हुई थी 8 जनवरी को चीन के एक सैनिक को भारतीय सीमा में घुसने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। घटना पूर्वी लद्दाख के पैगॉन्ग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से की थी। भारत ने 2 दिन बाद चीनी सैनिक को लौटा दिया था। चीन ने सफाई दी थी कि उसका सैनिक गलती से भारतीय इलाके में चला गया। इससे पहले अक्टूबर में भी चीन के सैनिक ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। अक्टूबर में डेमचोक सेक्टर में एक चीनी सैनिक को हिरासत में लिया गया था। 21 अक्टूबर को इसे चुशूल-मॉल्डो मीटिंग पॉइंट पर चीनी अफसरों को सौंप दिया गया था। वह दो दिन भारतीय सेना की हिरासत में रहा था। बातचीत की आड़ में चीन घुसपैठ की कोशिश कर रहा चीन एक तरफ आर्मी और डिप्लोमेटिक लेवल पर बातचीत कर रहा है। दूसरी तरफ घुसपैठ की कोशिश से बाज नहीं आ रहा। पूर्वी लद्धाख में तनाव के बीच भारत-चीन की सेनाओं के बीच 9वें राउंड की बातचीत रविवार को मोल्दो में 15 घंटे चली। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में भारत ने कहा कि विवाद वाले इलाकों से सैनिक हटाने और तनाव कम करने के प्रोसेस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब चीन पर है। ऐसा कहने की वजह यह मानी जा रही है कि चीन बार-बार अपनी बात से पीछे हट जाता है।

MP : कोरोना में आया फ्री राशन 51 हजार परिवारों को बांटा ही नहीं, 80 लाख रु. का घाेटाला

इंदौर। महू के बाद अब इंदौर में बड़ा राशन घोटाला उजागर हुआ है। राशन दुकान संचालकों ने अफसरों से मिलीभगत कर 51 हजार गरीब परिवारों के हक का करीब ढाई लाख किलो से ज्यादा अनाज बांटा ही नहीं। यह राशन कोरोनाकाल में आया था। कलेक्टर ने बताया कि तकरीबन 80 लाख रुपए का घोटाला हुआ है। इस घोटाले में सरकारी राशन दुकानदार भरत दवे, श्याम दवे और प्रमोद दहीगुडे के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निलंबित खाद्य अधिकारी आरसी मीणा सहित 31 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। यह है पूरा मामला कलेक्टर मनीष सिंह ने मंगलवार को बताया कि भरत दवे और प्रमोद दहीगुडे के साथ इनके परिचितों के बारे में शिकायतें मिली थीं। इनके द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों में या तो सामग्री दी ही नहीं जा रही या फिर कम वितरित हो रही है। इस पर 12 दुकानों को चिन्हित किया गया। 12 जनवरी को इन पर टीम ने दबिश देकर रिकार्ड एवं पीओएस मशीन जब्त कीं। उसी दिन टीम ने इन दुकानों में संग्रहित राशन सामग्री का भौतिक सत्यापन किया। जांच में अप्रैल 2020 से ही खाद्यान्न, शक्कर, नमक, दाल और केरोसिन की मात्रा कम या ज्यादा मिली। कई अनियमितताएं और भी पाई गईं। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड भरत दवे पर्दे के पीछे रहकर अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से राशन दुकानें संचालित कर सरकारी अनाज की हेराफेरी कर रहा था। 51 हजार परिवारों के राशन पर डाका टीम ने जब दुकानों का रिकार्ड देखा तो इसमें गेहूं 185625 किलो, चावल 69855 किलो, नमक 3169 किलो, शक्कर 423 किलो, चना दाल 2201 किलो, साबुत चना 1025 किलो, तुअर दाल 472 किलो, केरोसीन 4050.5 लीटर में गड़बड़ी मिली। माफियाओं ने 185625 किलो गेहूं और 69855 किलो चावल कुल मिलाकर 255480 किलो खाद्यान्न जिसकी कीमत 79,04,479 रुपए है, का गबन किया। प्रति व्यक्ति 5 किलो के मान से माफियाओं ने 51096 हितग्राहियों को राशन से वंचित किया। इसके अतिरिक्त मिट्टी का तेल (केरोसिन), नमक, शक्कर, चना दाल, साबुत चना, तुवर दाल में भी गबन किया। इन्होंने गरीबों को उचित जानकारी नहीं होने पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का राशन वितरित ही नहीं किया। ये सिर्फ मात्र हर महीने मिलने वाला राशन ही देकर उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक सत्यापन पीओएस मशीन में कर दे रहे थे। गरीबों का राशन बचा कर बाजार में बेच रहे थे।

MP : पांच दोस्तों ने मिलकर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया, बोरे में भरकर पटरी किनारे फेंका, जलाने की कोशिश

इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र में गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक युवती ने पांच युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि आरोपियों ने उसे चाकू मारने की कोशिश की और बोरे में भरकर पटरी किनारे फेंककर चले गए। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। आईजी हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि घटना भागरीथपुरा इलाके में स्थित रेलवे ट्रैक के पास की है। युवती ने बताया कि वह पाटनीपुरा क्षेत्र में कोचिंग पढ़ने जाती है। मंगलवार शाम यहां से लौटते समय उसे अक्षय नामक दोस्त मिला। उसके साथ एक युवक और था। युवती का आरोप है कि दोनों ने बातों-बातों में उसे कुछ सुंघाया और बाइक पर बैठाकर भागीरथपुरा रेलवे ट्रैक के पास ले गए। बोरे में बंद कर जलाने की कोशिश भी की रेलवे ट्रैक पर पहले से तीन लोग मौजूद थे, जो उनका इंतजार कर रहे थे। सभी ने मिलकर युवती के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर युवकों ने पीड़िता पर हमला कर दिया और बारी-बारी से रेप किया। युवती का आरोप है कि दुष्कर्म करने के बाद उन्होंने चाकू से हमला किया और बोरे में बंद कर उसे आग के हवाले करने की भी कोशिश की। इसके बाद सभी मौके से भाग गए। दुष्कर्म के बाद अस्पताल लेकर पहुंचा मंगेतर युवती ने बताया कि आरोपियों के मौका ए वारदात से भागने के बाद वह जैसे-तैसे बोरे से बाहर आई और अपने दोस्त को कॉल किया। मौके पर पहुंचा दोस्त ने उसे अस्पताल पहुंचाया। युवती को अस्पताल लेकर पहुंचे युवक ने बताया कि वह उसका मंगेतर है। जल्दी दोनों शादी होने वाले हैं। एक आरोपी की पहचान उजागर पीड़िता के दोस्त (मंगेतर) ने बताया कि उसे रात को युवती का फोन आया। जिसके बाद वह अपने दोस्त के साथ मौके पर पहुंचा और युवती को लेकर अस्पताल आया। उसकी हालत गंभीर थी और वह बेसुध अवस्था में मिली। पुलिस का कहना है कि युवती के बयान और युवक के बताए अनुसार पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। एक युवक का नाम अक्षय बताया जा रहा है, जो घटनास्थल वाले थाना क्षेत्र का है।

MP : दुष्कर्म कर पत्थरों में दबाया; जबड़ा-दांत टूटे, दिमाग में खून का थक्का जमा

बैतूल। सारनी के पास जांगड़ा गांव में चाचा ही 13 साल की बच्ची के साथ हैवानियत पर उतर आया। अपने खेत की मोटर बंद करने आई बच्ची को दरिंदे ने पाइप लगाने के बहाने बुलाया। फिर दो खेतों के बीच गुजर रहे नाले में उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने दरिंदे सुशील को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची भोपाल के एक निजी स्कूल की नौवीं की छात्रा है। कोरोनाकाल में जांगड़ा से दो किमी दूर के गांव छूरी स्थित स्कूल में पढ़ाई कर रही है। जनवरी में मध्य प्रदेश में दरिंदगी की यह चौथी घटना है। उमरिया, रीवा और सीधी में बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं हुई हैं।  आरोपी को चाचा कहती थी बच्ची आरोपी सुशील वर्मा (45) को बच्ची चाचा कहती थी और उसका खेत बगल में ही है। आरोपी ने दुष्कर्म की वारदात के बाद बच्ची के चेहरे और पेट पर पत्थर से वार किए। बच्ची को मरा समझकर बड़े पत्थरों से दबाकर अपने घर चला गया। उधर, जब बच्ची घर नहीं लौटी तो उसकी दो बहनें और पिता खेत पर पहुंचे। बच्ची को आवाज लगाने पर उसके कराहने की आवाज आई। रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में देखा तो वह पत्थरों में दबी थी। परिजन उसे निकालकर घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुंचे। बच्ची की हालत देखते हुए उसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। बच्ची का जबड़ा और दांत टूट गए हैं। मस्तिष्क में खून का थक्का जमा है। पेट में खून है, जिसे इंजेक्शन से निकाला जा रहा है। गले में नाखून के निशान हैं। गाल और कान में टांकें लगाए गए हैं। खून की उल्टियां हो रही हैं। पिता बोले- रोजाना की तरह स्कूल से लाैट कर मोटर बंद करने गई थी बच्ची के पिता ने बताया, ‘ मेरी बेटी रोजाना स्कूल से लौट कर खेत पर मोटर बंद करने जाती है। सोमवार शाम को घर से एक किलोमीटर दूर खेत पर गई थी। पौन घंटे तक लौट कर नहीं आई तो मैं बाइक से खेत पर देखने गया। वहां कोई नहीं दिखा तो सोचा कि वह खेत के रास्ते घर चली गई होगी। मैं बाइक से रोड के रास्ते आ गया। वापस घर गया, लेकिन बच्ची घर पर नहीं थी। फिर उसकी दो बड़ी बहनों को लेकर बाइक से खेत पर पहुंचा। तब तक अंधेरा हो गया था। हम मोबाइल की रोशनी में आवाज लगाने लगे। तब एक तरफ से किसी के कराहने की हल्की सी आवाज आई। उस तरफ गए तो बच्ची की हालत देख कलेजा फट गया। लहूलुहान बच्ची पत्थरों में दबी हुई थी। कपड़े अस्त-व्यस्त पड़े थे। उसे निकाल कर मैं और एक बेटी घोड़ाडोंगरी हॉस्पिटल गए। डेढ़ घंटे में उसको हाेश आया तो बाेली सुशील चाचा ने मेेरे साथ जबरदस्ती की है। पाइप लगाने के लिए बुलाया और नाले में ले जाकर गंदा काम करने लगे। मना किया तो मारा। उसके बाद क्या हुआ, होश नहीं। सुबह हम बच्ची को लेकर नागपुर भागे। खून की उल्टियां कर रही है। टांके लगे हैं, शरीर पर नाखून के निशान हैं। उसकी ऐसी हालत करने वाले को फांसी होना चाहिए।’ एसपी से बोली महिला- उसे तो गोली मार दो मंगलवार शाम को एसपी सिमाला प्रसाद घटनास्थल पहुंची। ग्रामीणों से जानकारी ली। एक महिला से एसपी कहने लगीं कि हम आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएंगे। महिला ने गुस्से में कहा-उसे तो आप गोली मार दो।

फिर कर्ज लेगी शिवराज सरकार, 10 माह के कार्यकाल में 17,500 करोड़ रुपए कर्ज लिया

भोपाल. कर्ज में डूबी शिवराज सरकार फिर एक हजार करोड़ का कर्ज़ लेने जा रही है. यह इस नए साल का पहला कर्ज़ होगा. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि कर्ज़ लेना एक निरंतर प्रक्रिया है क्योंकि चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, आपदा जैसी चीजों पर खर्च होता है. हमारी सरकार किसानों , गरीबों और आम आदमी सभी का ध्यान रखती है. कई जन हितैषी योजना हम चला रहे हैं. बजट में सभी का ध्यान रखा जाएगा. संबल जन हितैषी योजना है. इससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक को लाभ पहुंचेगा. 2 लाख 8 हजार करोड़ का कर्ज़ कर्ज़ लेने का ये पिछले साल अप्रैल से लेकर अब तक 18वां मौका है. इससे पहले 20 दिसंबर को 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज खुले बाजार से लिया गया था. बीजेपी सरकार अपने 10 माह के कार्यकाल में 17,500 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है. इस तरह मप्र सरकार पर कुल कर्ज का बोझ 2 लाख 8 हजार करोड़ रुपए हो चुका है. सरकार मार्च 2021 तक 1373 करोड़ रुपए का कर्ज और ले सकती है. वित्त विभाग ने 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. मध्य प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार ने एक माह पहले खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दे दी है. हर साल राजस्व में 10 से 12% की वृद्धि की जाती है, लेकिन मौजूदा वित्तीय वर्ष में राज्य को करीब 7 हजार करोड़ रुपए कम राजस्व मिला है. इसी तरह केंद्र से जीएसटी में राज्य की हिस्सेदारी का 6900 करोड़ रुपए कम मिला है.

MP में महिला से निर्भया जैसी दरिंदगी, गैंगरेप के बाद प्राइवेट पार्ट में डाली रॉड

मध्य प्रदेश में निर्भया गैंगरेप जैसी वारदात हुई है जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. कथित तौर पर चार लोगों ने एक अधेड़ महिला से बलात्कार किया और फिर उसके बाद दरिंदों ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाल दी. घटना शनिवार की देर रात जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर अमलिया थाना क्षेत्र में हुई है. पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला के पति की लगभग चार साल पहले ही मौत हो चुकी है. वो अपने दो नाबालिग बच्चों और अपनी बहन के साथ एक झोपड़ी में रहती थी. महिला वहीं एक छोटी सी दुकान चलाती थी. मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात आरोपी उसके घर आए और पानी मांगा. जब महिला ने पानी देने से मना कर दिया तो वे झोपड़ी में घुस गए और बारी-बारी से बलात्कार किया. दरिंदे इस पर भी नहीं माने और फरार होने के पहले उन्होंने पीड़िता के निजी अंगों में लोहे की रॉड डाल दी. पीड़िता को एक ऑटोरिक्शा में अमलिया पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद पीड़िता को बेहोशी की हालत में बेहतर इलाज के लिए तुरंत रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. अस्पताल के गायनो विभाग की एचओडी डॉ कल्पना यादव ने बताया, ”महिला को गंभीर हालत में सीधी से यहां लाया गया था, उसकी हालत ख़राब थी. गुप्तांगो में रॉड की वजह से अंदरूनी चोट थी जिसकी सर्जरी की गयी है, अभी वह खतरे से बाहर है और इलाज जारी है.’ रीवा रेंज के आईजी उमेश जोगा ने बताया कि पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पीड़ित महिला के ही गांव के रहने वाले हैं. पुलिस ने धारा 376, 324, 542, 34 के तहत मामला दर्ज किया है. इस घटना को जिन आरोपियों ने अंजाम दिया है उनकी पहचान लल्लू कोल, भाईलाल पटेल और 2 अन्य लोगों के रूप में हुई है. मामले की जांच सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जा रही है.

किसान आंदोलन : केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट बेहद खफा, कृषि कानूनों पर पर स्टे देने के संकेत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सरकार से काफी खफा नजर आ रहे हैं। किसान यूनियनों में से एक के वकील दुष्यंत दवे ने सुझाव दिया कि मामले को कल के लिए स्थगित कर दिया जाए। कोर्ट ने अब सरकार और पक्षकारों से कुछ नाम देने को कहा है। इन्‍हें कमेटी में शामिल किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि अब कमेटी ही बताएगी कि कानून लोगों के हित में हैं या नहीं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में टुकड़ों मे भी आदेश दे सकता है। इससे पहले सीजेआइ ने कहा कि कोर्ट को ऐसा लगता है केंद्र सरकार इस मुद्दे को सही से संभाल नहीं पा रही है। इसलिए हमें इस बारे में कोई कार्रवाई करनी पड़ेगी। यह बेहद गंभीर मामला है। सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि केंद्र सरकार और किसान संगठनों में हाल ही में मुलाकात हुई, जिसमें तय हुआ है कि चर्चा चलती रहेगी और इसके जरिए ही समाधान निकाला जाएगा। मुख्‍य न्‍यायाधीश ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार इस मुद्दे को हल करने की कोशिश कर रही है, हम उससे खुश नहीं हैं। हमें नहीं पता कि आपने कानून पास करने से पहले क्या किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम प्रस्ताव करते हैं कि किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए कमिटी बने। हम ये भी प्रस्ताव करते हैं कि कानून के अमल पर रोक लगे। इस पर जिसे दलील पेश करना है कर सकता है। इस पर एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि अदालत तब तक कानून पर रोक नहीं लगा सकती, जब तक कि यह नहीं पता चलता कि कानून विधायी क्षमता के बिना पारित हो गया है और कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। कोर्ट ने कहा कि आपने (केंद्र) इसे ठीक से नहीं संभाला है, हमें आज कुछ कार्रवाई करनी होगी। इसके बाद CJI ने पूछा कि क्या कुछ समय के लिए कानूनों को लागू करने से रोका नहीं जा सकता है? इस पर सीजेआइ ने कहा कि हम ये नहीं कह रहे किसी भी कानून को तोड़ने वाले को सुरक्षित करेंगे। अगर कोई कानून तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कानून के हिसाब से कारवाई होनी चाहिए। हमारा मकसद हिंसा होने से रोकना है। इसके बाद एटॉर्नी जनरल ने कहा कि किसान गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर ट्रैक्टर मार्च निकालने की योजना बना चुके हैं। इसका मकसद गणतंत्र दिवस की परेड में खलल डालना है। इससे देश की छवि को नुकसान होगा। हालांकि, किसानों के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि ऐसा कुछ भी होने नहीं जा रहा है। गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर कोई ट्रैक्टर नहीं चलेगा। हम किसी भी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। हमें सिर्फ रामलीला ग्राउंड जाने की अनुमति दी जाए। CJI ने कहा कि इस आंदोलन के दौरन कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है, बूढ़े और महिलाएं प्रदर्शन का हिस्सा हैं। ये आखिर क्या हो रहा है? अभी तक एक भी याचिका दायर नहीं की गई है, जो कहे कि ये कृषि कानून अच्छे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम सरकार से कानून वापस लेने के बारे में नहीं कह रहे हैं। हम सिर्फ इतना जानना चाह रहे हैं कि इसे कैसे संभाल रहे हैं। कानून के अमल पर ज़ोर मत दीजिए। फिर बात शुरू कीजिए। हमने भी रिसर्च किया है। एक कमिटी बनाना चाहते हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि 41 किसान संगठन कानून वापसी की मांग कर रहे हैं, वरना आंदोलन जारी करने को कह रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कुछ गलत हुआ, तो हममें से हर एक जिम्मेदार होगा। हम नहीं चाहते हैं कि हमारे हाथों किसी का खून बहे। चाहिए। सीजेआइ ने कहा कि अगर केंद्र कृषि कानूनों के क्रियान्वयन को रोकना नहीं चाहता है, तो हम इस पर रोक लगाएंगे। कोर्ट ने आंदोलनकारियों के वकील से पूछा कि आप आंदोलन को खत्म नहीं करना चाह रहे हैं, आप इसे जारी रख सकते हैं। इस स्थिति में हम ये जानना चाहते हैं कि अगर कानून रुक जाता है, तो क्या आप आंदोलन की जगह बदलेंगे जब तक रिपोर्ट ना आए या फिर जहां हैं, वहीं पर प्रदर्शन करते रहेंगे? बता दें कि पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने कानूनों को कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में डालने का सुझाव दिया था। इसके अलावा सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच मतभेद दूर करने के लिए समिति बनाने की भी तजबीज पेश की थी। किसान संगठनों और सरकार के बीच हुई बातचीत का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। किसान कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्‍मीद नहीं छोड़ी है। 15 जनवरी को किसान संगठनों और सरकार के बीच 9वें दौर की बैठक है। दरअसल, कानून खत्म किए बिना किसान संगठन धरना-प्रदर्शन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। सरकार कानूनों में सुधार करने के पक्ष में है, इन्‍हें रद करने के नहीं। यहीं पेंच फंसा हुआ है। आज प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। यह सुनवाई इसलिए और अहम हो जाती है, क्योंकि सरकार और किसान संगठनों के बीच 15 जनवरी को अगले दौर की बातचीत होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि किसानों के प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई है। जबकि, केंद्र ने अदालत को बताया था कि मामले को सुलझाने के लिए किसानों के साथ उसकी सकारात्मक बातचीत चल रही है। सरकार ने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों के बीच जल्द ही सभी मसलों पर आम सहमति बनने की उम्मीद है। इसके बाद ही शीर्ष अदालत ने मामले में सुनवाई 11 जनवरी तक स्थगित कर दी थी।

हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे, CM की रैली रद्द

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान अब भी केंद्र सरकार से दूरी बनाए हुए हैं। इस बीच, हरियाणा के करनाल में उस समय हंगामा हो गया, जब कैमला गांव में किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की रैली का विरोध किया। पुलिस ने किसानों को रोका तो दोनों के बीच झड़प शुरू हो गई। हंगामा इस कदर बढ़ा कि किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और वॉटर कैनन भी चलानी पड़ी। दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर करनाल के कैमला गांव में किसान महापंचायत रैली करने वाले हैं। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यहां गढ़ी सुल्तान के पास पुलिस ने नाका लगा रखा था। यहां आगे बढ़ रहे किसानों को रोका गया। जब वे नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां भी चलाईं। बेकाबू आंदोलनकारी हेलीपैड और रैली स्थल तक पहुंच गए। हेलीपैड को भी तोड़ दिया। प्रदेश भाजपा प्रमुख ओम प्रकाश धनखड़ के साथ बहस भी हुई। खराब मौसम का हवाला देकर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। दिल्ली में किसानों की बैठक दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों का संयुक्त मोर्चा एक अहम बैठक करेगा। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। किसान 26 जनवरी की तैयारियों का ऐलान भी कर सकते हैं। वहीं, कल यानी 11 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कृषि कानूनों को रद्द करने की अर्जी पर सुनवाई होनी है। इससे पहले भी बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि स्थिति में कोई सुधार नहीं है। हम किसानों की हालत समझते हैं।

दिल्ली से बेंगलुरु तक चोरी, गरीबों में पैसे बांटकर बनता है रॉबिनहुड

नई दिल्ली। पहले चोरी करना फिर उस पैसे को दान देना और हेल्थ कैंप लगवाने जैसे काम करना. ऐसा सब हमने अधिकतर फिल्मों में देखा है. लेकिन दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोहम्मद इरफान नाम के एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो अपने गैंग के साथ, दिल्ली, पंजाब और देश के दूसरों हिस्सों में चोरी करता था, फिर उसी चोरी के पैसों से महंगे कपड़े और गाड़ियां खरीदता था. वह अपने गृह जनपद बिहार के सीतामढ़ी से मार्च में जिला परिषद का चुनाव भी लड़ने वाला था. गरीबों का मसीहा बनने के लिए और इलाके में रसूख कायम करने के लिए इरफान चोरी के पैसों से सीतामढ़ी में स्वास्थ्य कैंप लगवाता था और पैसे भी दान करता था. क्राइम ब्रांच की डीसीपी मोनिका भारद्वाज के मुताबिक एक इनपुट के बाद इरफान उर्फ रॉबिनहुड को 7 जनवरी को नारायणा फ्लाईओवर के पास से पकड़ा गया. उसके पास से जगुआर और निसान की 2 महंगी कारें बरामद हुईं. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो अपने गैंग के साथ केवल पॉश इलाकों में चोरी करता है. खासकर उन घरों में चोरी करता है जो बंद होते हैं या फिर जिस घर के लोग शहर से बाहर होते हैं. चोरी के लिए घर को टारगेट करने से पहले रेकी की जाती थी. यहां तक कि पॉश सोसायटी में कई बार रेकी करने के लिए ये अपना हुलिया भी बदल लेते थे. चोरी भी केवल कैश और गहनों की होती है. निशानदेही पर पंजाब के जालंधर से भी इरफान के गैंग के 3 लोग पकड़े गए, जिसमें एक महिला शामिल है. इनके पास से फ्रांस मेड पिस्टल और गहने मिले. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि बीते साल उसके गैंग ने जालंधर में एक घर से 26 लाख रुपये, हीरे और बाकी गहनों की चोरी की थी. पुलिस के मुताबिक, इरफ़ान बिहार में लोकप्रिय युवा नेता बनना चाहता था. हालांकि कोविड के दौरान उसका चोरी का ये धंधा मंदा चल रहा था क्योंकि अधिकतर लोग अपने घरों में हैं. आरोपी ने यूपी, पंजाब, बेंगलुरु, दिल्ली में चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देने का दावा किया है. अन्य मामलों में उसकी भागीदारी का पता लगाने के लिए पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है.

आ गई बड़ी खुशखबरी, 16 जनवरी से भारत में लगने लगेगी कोरोना की वैक्सीन

नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना की स्थिति और टीकाकरण की तैयारियों को लेकर शनिवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने देश में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने की तारीख का ऐलान कर दिया। देश में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होगा। सबसे पहले करीब 3 करोड़ हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और इससे कम उम्र के उन लोगों को टीके लगेंगे जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे लोगों की तादाद करीब 27 करोड़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में टीकाकरण की तैयारियों और कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए शनिवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक की समीक्षा की। बैठक में कैबिनेट सेक्रटरी, पीएम के प्रिंसिपल सेक्रटरी, हेल्थ सेक्रटरी और दूसरे बड़े अधिकारी शामिल हुए। दरअसल, भारत में बनी दो कोरोना वैक्सीनों को सरकार ने लिमिटेड इमर्जेंसी यूज की इजाजत दे चुकी है।

नागपुर : सेक्स के दौरान रोमांच बढ़ाने के लिए महिला ने युवक के हाथ-पैर कुर्सी से बांधे, हुई मौत

नागपुर . न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने बताया कि नागपुर के खापरखेड़ा के एक लॉज में शुक्रवार को युवक की मौत हो गई. महिला और युवक का पिछले पांच साल से अफेयर चल रहा था. महिला ने नायलॉन की रस्सी से युवक के हाथ-पैर कुर्सी से बांध दिए थे. रोमांच हासिल करने के लिए कथित तौर पर महिला ने एक और रस्सी युवक के गले में बांध दी थी. बता दें कि कई कपल रिश्ते में रोमांच लाने के लिए सामान्य से हटकर कुछ एक्टिविटिज करते हैं. इस दौरान एक पार्टनर दूसरे के ऊपर हावी होने की कोशिश करता है, हालांकि, इस दौरान दूसरे की सहमति जरूर ली जाती है. इन्हें BDSM (बॉन्डेज, डिसिप्लीन, डोमिनेंस, सबमिशन, सैडोचिस्म, मैसकिजम) एक्टिविटी के तौर पर जाना जाता है. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवक के बंधे होने के दौरान ही महिला वाशरूम गई थी. इसी दौरान जिस कुर्सी से युवक बंधा था वह फिसल गई. इसकी वजह से युवक के गले में बंधी रस्सी टाइट हो गई. जब महिला कमरे में वापस आई तो उसने पार्टनर को जमीन पर अचेत गिरा पाया. उसने तुरंत मदद के लिए रूम सर्विस को बुलाया. रूम सर्विस के स्टाफ ने युवक की रस्सी खोली. इसके बाद जानकारी मिलने पर पुलिस भी पहुंची. घटना के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. युवक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि महिला ने अपने अफेयर की बात स्वीकार कर ली है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद, 2018 से भारत में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अपराध नहीं है. पुलिस ने युवक की मौत को लेकर दुर्घटना का केस दर्ज किया है. पुलिस ने लॉज के स्टाफ, वेटर और अन्य लोगों के बयान रिकॉर्ड भी किए हैं. युवक और महिला, दोनों के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है.

MP : राख से भरा ट्रक बस पर गिर गया, 5 लोगों की मौत

रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के छुहिया घाटी में ऊंचाई से एक गर्म राख से भरा ट्रक बस पर गिर गया, जिसमें कई लोग सवार थे. इस दर्दनाक सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी और प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि यह हादसा तब हुआ जब अल्ट्राटेक सीमेंट की बस स्कूल के छात्रों और कर्मचारियों को लेकर जा रही थी. बस जैसे ही छुहिया घाटी पहुंची वैसे ही उसके ऊपर ऊंचाई से गर्म राख से भरा ट्रक आ गिरा. इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई और 9 से 10 घायल हो गए. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया. इस हादसे के बाद शहडोल मार्ग पर भीषण जाम लग गया फिर पुलिस क्रेन की मदद से रास्ता साफ करवाया और यातायात सुचारू रूप से चलने लगा. डीपी सिंह, डीएसपी रीवा ने बताया कि छुहिया घाटी में बस के ऊपर ट्रक गिरने से 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई. जबकि 9 से- 10 लोग घायल हो गए. सभी घायलों को संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और अस्पताल में 1 महिला की मौत हुई. इस हादसे की जांच की जा रही है.

भारत बना रहा है कोरोना किलर नेजल स्प्रे, वैक्सीन की नहीं रहेगी जरूरत

नई दिल्ली। भारत को कोरोना वैक्सीन के मोर्चे पर जल्द ही एक और अच्छी खबर मिल सकती है. भारत बायोटेक देश में जल्द ही Nasal वैक्सीन का ट्रायल शुरू करने जा रहा है. नागपुर में इस वैक्सीन के पहले और दूसरे फेज का ट्रायल किया जाएगा. Nasal वैक्सीन को नाक के जरिए दिया जाता है, जबकि अभी तक भारत में जिन दो वैक्सीन (कोविशील्ड, कोवैक्सीन) को मंजूरी मिली है वो हाथ पर इंजेक्शन लगाकर दी जाती है. भारत बायोटेक के डॉ. कृष्णा इल्ला के मुताबिक, उनकी कंपनी ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के साथ करार किया है. इस Nasal वैक्सीन में दो की बजाय सिर्फ एक ही डोज देने की जरूरत होगी. रिसर्च में पाया गया है कि ये काफी बेहतरीन ऑप्शन है. डॉ. चंद्रशेखर के मुताबिक, अगले दो हफ्तों में Nasal Covaxin का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए हमारे पास जरूरी सबूत हैं कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन इंजेक्शन वाली वैक्सीन से बेहतर है. भारत बायोटेक जल्द ही इस ट्रायल को लेकर DCGI के सामने प्रपोजल रखेगा. जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वर-पुणे-नागपुर-हैदराबाद में भी इस वैक्सीन का ट्रायल होगा. जहां पर 18 से 65 साल के करीब 40-45 वॉलेंटियर्स का चयन किया जाएगा. गौरतलब है कि भारत बायोटेक अभी भी दो इंट्रा-नेसल वैक्सीन पर काम कर रहा है. दोनों ही वैक्सीन अमेरिका की हैं. आपको बता दें कि अभी तक जो भी वैक्सीन बाजार में आई हैं, उसमें व्यक्ति के हाथ पर ही टीका लगाया जाता है. लेकिन Nasal वैक्सीन को नाक के जरिए ही दिया जाएगा. चूंकि नाक से ही सबसे अधिक वायरस फैलने का खतरा रहता है, ऐसे में इस वैक्सीन के कारगर होने की अधिक संभावना है. वाशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसन की रिसर्च के मुताबिक, अगर नाक के द्वारा वैक्सीन दी जाती है तो शरीर में इम्युन रिस्पॉन्स काफी बेहतर तरीके से तैयार होता है. ये नाक में किसी तरह के इंफेक्शन को आने से रोकता है, ताकि आगे शरीर में ना फैल पाए. क्या इंजेक्शन से बेहतर साबित होगी ये वैक्सीन? एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इस तरह की वैक्सीन को मंजूरी मिलती है तो कोरोना से लड़ाई में ये गेम चेंजर साबित होगी. क्योंकि जो इंजेक्शन लगाया जाता है, उससे इंसान का सिर्फ निचला लंग ही सेफ हो पाता है. लेकिन अगर नाक के जरिए वैक्सीन दी जाती है तो उससे ऊपरी और निचला लंग दोनों सेफ होने की संभावना है. Nasal वैक्सीन मौजूदा वैक्सीन के मुकाबले कम खतरनाक और आसानी से दी जाने वाली वैक्सीन है. जो किसी भी इंसान के शरीर में तेजी से असर करती है. आपको बता दें कि भारत से पहले यूनाइटेड किंगडम में Nasal वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है. UK में कुल दो Nasal कोरोना वैक्सीन के फेज़ 1 का ट्रायल किया जा रहा है.

कॉमेडी किंग कपिल शर्मा ठग लिए साढ़े पांच करोड़ रुपये

मुंबई। कॉमेडी किंग कपिल शर्मा को मुंबई पुलिस द्वारा सीज की गई गाड़ियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले में पूछताछ के लिए समन किया गया. सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट के API सचिन वाजे ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था. कपिल CIU दफ्तर में अपना बयान दर्ज कराने के बाद यहां से रवाना हो गए हैं. उन्होंने कार डिजाइनर दिलीप छाबड़िया के खिलाफ अपना बयान दर्ज किया है. कपिल शर्मा ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने दिलीप छाबड़िया से उनकी वैनिटी वैन डिजाइन करने को कहा था, लेकिन बावजूद पेमेंट किए जाने के उन्होंने कपिल को गाड़ी डिलीवर नहीं की. कपिल शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक उन्होंने दिलीप छाबड़िया को साढ़े पांच करोड़ रुपये वैनिटी वैन डिजाइन करने के लिए दी थी. बता दें कि कपिल ने दिलीप छाबड़िया पर फ्रॉड करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें बतौर विटनेस (गवाह) अपना बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था. कपिल शर्मा ने बताया, “मैंने दिलीप छाबड़िया और उनके स्कैम के बारे में अखबार में पढ़ा था, जिसके बाद मैंने मुंबई पुलिस कमिश्नर से मिलने का फैसला किया. हमने दिलीप छाबड़िया से हमारे लिए एक वैनिटी वैन डिजाइन करने को भी कहा था, जिसके लिए उन्हें पूरी पेमेंट की जा चुकी थी.” पहले भी कराई थी शिकायत .हालांकि बावजूद इसके वह हमें गाड़ी डिलीवर नहीं कर सके. हमने इस सिलिसिले में पहले इकॉनमिक ऑफेंस विंग (आर्थिक अपराध शाखा) में भी शिकायत दर्ज कराई थी. मुझे खुशी है कि छाबड़ा जैसे लोग गिरफ्तार हो रहे हैं. ऐसे बहुत से सफेदपोश लोग हैं, जो ऐसी आपराधिक प्रवृत्तियों में लिप्त हैं. मुझे वो पूरी धनराशि नहीं पता है जो हमने उन्हें दी थी, इस बारे में मेरे अकाउंटेंट को ज्यादा पता होगा. किस तरह हुआ था पूरा लेनदेन? कपिल शर्मा ने दिलीप छाबड़िया को 5.30 करोड़ रुपये अपनी वैनिटी वैन डिजाइन करने के लिए मार्च 2017 और 2018 में दिए थे. जुलाई 2018 में दिलीप छाबड़िया ने 40 लाख रुपये की डिमांड और की क्योंकि जीएसटी लगना शुरू हो गया था. इसके बाद कपिल शर्मा NCLT के पास पहुंचे जिन्होंने दिलीप के अकाउंट फ्रीज कर दिए. इसके बाद दिलीप फिर से कपिल के पास पहुचे और 60 लाख रुपये और देने की बात कही लेकिन उन्होंने गाड़ी डिलीवर नहीं की. इसके बाद डीसी ने 12 से 13 लाख रुपये का बिल कपिल शर्मा को व्हीकल पार्किंग के लिए भेज दिया. सितंबर 2020 में कपिल शर्मा ने EOW से शिकायत की और आज आखिरकार उन्होंने अंतिम फैसला ले लिया. कपिल ने कहा कि हमने इस मामले में एक अलग शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने 5.30 करोड़ रुपये और बाद में 40 लाख रुपये डीसी को दिए थे. बाद में मांगे गए 60 लाख उन्होंने डीसी को नहीं दिए.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव द की मोदी को नसीहत, जो असहमत हैं उन्हें भी सुनें

नई दिल्ली . पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी की किताब ‘द प्रेसिडेंशियल इयर्स’ मंगलवार काे बाजार में आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह देते हुए उन्होंने लिखा कि उन्हें असहमति के स्वर भी सुनना चाहिए। विपक्ष काे राजी करने और देश के सामने अपनी बात रखने के लिए संसद में और ज्यादा बाेलना चाहिए। मोदी की केवल माैजूदगी ही संसद के काम में बहुत बदलाव ला सकती है। प्रणब ने लिखा, ‘पूर्व प्रधानमंत्रियाें- जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी या मनमाेहन सिंह, इन सभी ने संसद में उपस्थिति महसूस कराई है। प्रधानमंत्री माेदी काे अपने दूसरे कार्यकाल में इनसे प्रेरणा लेकर संसद में माैजूदगी बढ़ानी चाहिए।’ किताब के मुताबिक, ‘मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में संसद को सुचारू रूप से नहीं चला सकी। इसकी वजह उसका अहंकार और अकुशलता है।’ ‘नोटबंदी के बारे में नहीं बताया’ इसी क्रम में आगे लिखा है, ‘मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की, लेकिन इससे पहले मुझसे (तब प्रणब राष्ट्रपति थे) ही इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की। हालांकि, इससे मुझे कोई हैरानी नहीं हुई, क्योंकि ऐसी घोषणा के लिए आकस्मिकता जरूरी है।’ पूर्व राष्ट्रपति ने इस बारे में अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा है, ‘मैं UPA सरकार के समय विपक्ष के साथ लगातार संपर्क में रहता था। संसद चलाने का प्रयास करता था। सदनों में पूरे वक्त माैजूद रहता था।’ ‘नेपाल की भारत में शामिल होने की ख्वाहिश थी’ प्रणब ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है। इसके मुताबिक, ‘नेपाल भारत का राज्य बनना चाहता था, लेकिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने नेपाल के राजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इस पर नेहरू की प्रतिक्रिया थी कि नेपाल एक स्वतंत्र राष्ट्र है। उसे हमेशा ऐसे ही रहना चाहिए।’ प्रणब आगे लिखते हैं, ‘अगर पंडित नेहरू की जगह इंदिरा गांधी होतीं, तो शायद वे अवसर का फायदा उठातीं, जैसा उन्होंने सिक्किम के साथ किया।’ उनकी इस किताब में देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली के बारे में भी तमाम बातें हैं। ‘कांग्रेस जान नहीं पाई कि करिश्माई नेतृत्व खत्म हो चुका’ प्रणब के मुताबिक, ‘मुझे लगता है कि मेरे राष्ट्रपति बनने के बाद कांग्रेस ने पॉलिटिकल फोकस खो दिया। पार्टी ये पहचान नहीं पाई कि उसका करिश्माई नेतृत्व खत्म हो चुका है। यही 2014 के लोकसभा में उसकी हार के कारणों में से एक रहा होगा। उन नतीजों से मुझे यह राहत मिली कि निर्णायक जनादेश आया। लेकिन मेरी पार्टी रही कांग्रेस के प्रदर्शन से निराशा हुई।’

सहारा ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई … रियल एस्टेट ऑफिस सील

लखनऊ .  जिला प्रशासन ने सहारा ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन ने लखनऊ में सहारा इंडिया के रियल स्टेट के ऑफिस को सील कर दिया है. जिला प्रशासन और रेरा की टीम अलीगंज के कपूरथला स्थित सहारा इंडिया के रियल स्टेट के ऑफिस को सील करने पहुंची. सहारा के कई हाउसिंग प्रोजेक्टस पर पैसा जमा करने पर मकान ना देने और पैसा ना वापस देने का आरोप है. बता दें कि सहारा ग्रुप की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. इससे पहले भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (SEBI) ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय और उनकी दो कंपनियों से 62,600 करोड़ रुपये जमा करने को कहा था. सेबी ने कहा कि ​यदि कंपनी निवेशकों का पैसा सेबी के पास जमा नहीं करती है तो दोषी लोगों को हिरासत में लिया जाए. सेबी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सहारा समूह 2012 और 2015 के कोर्ट के आदेशों का पालन करने में विफल रहा है, जिसमें कहा गया था कि वह निवेशकों से जमा रकम को 15 फीसदी ब्याज सहित वापस करे. गौरतलब है कि कभी एक बड़ा कारोबारी साम्राज्य खड़ा करने वाले सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय की निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये की वापसी को लेकर सेबी से पिछले कई साल से टकराहट चल रही है. निवेशकों ने समूह की बॉन्ड योजनाओं में ये पैसा जमा किया है, जिसे सेबी अवैध बता चुका है. सहारा और सेबी की टकराहट तो पहले से चल रही है और इस बीच अब लखनऊ जिला प्रशासन ने भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर दी है.

बदायूं में महिला के साथ गैंगरेप, मुख्य आरोपी महंत पर 50 हजार का इनाम घोषित

बदायूं . उत्तर प्रदेश के बदायूं में महिला के साथ गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने STF को आदेशित किया है. जिला पुलिस के साथ एसटीएफ भी मामले की जांच करेगी. साथ ही आरोपियों पर NSA के तहत कार्रवाई का आदेश दिया गया है. सीएम योगी ने कहा कि बदायूं की घटना अत्यंत निंदनीय है. अभियुक्तों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले के मुख्य आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण फरार है. बुधवार को बदायूं जिले से हैवानियत की हदें पार करने वाली खबर सामने आई. दरअसल, उघैती इलाके में रविवार रात 50 वर्षीय महिला अपने गांव के मंदिर में पूजा करने के लिए गई थी. जिसके बाद महिला का शव संदिग्ध हालात में मिला था. पुलिस ने जब इस मामले की जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई तो गैंगरेप की पुष्टि हुई. पोस्टमार्ट्म रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के गुप्तांग पर चोटें आई हैं और महिला का पैर भी फैक्चर पाया गया है. पुलिस ने इस मामले में गैंगरेप, हत्या का मामला दर्ज किया है और तीन लोगों को नामजद किया है. पुलिस की ओर से इस मामले में एक्शन के लिए चार टीमें बनाई गई हैं. इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उघैती के थाना प्रभारी राघवेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है. अब तक कुल दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पुलिस को मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण की तलाश है. वहीं, डीएम ने कहा है कि मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा. परिवार ने पुलिस पर उठाए सवाल महिला रविवार को शाम 6 बजे पूजा के लिए गई थी. जब 2-3 घंटे बाद वापस नहीं लौटी तो परिवार वाले थाने गए. लेकिन उन्हें पुलिस ने रात 11 बजे तक अटेंड नहीं किया. परिवार का कहना है कि आरोपियों ने दरवाजे की कुंडी खटखटा के डेडेबॉडी फेंकी और भाग गए. परिवार का ये भी आरोप है कि पुलिस ने सुबह मामले को देखने की बात कही थी. इस वारदात के बाद से विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर है.

ताजमहल में शिव चालीसा पाठ कर रहे 4 युवकों ने भगवा झंडा लहराया

आगरा। आगरा में ताजमहल के अंदर भगवा झंडा लहराने और शिव चालीसा का पाठ करने का मामला सामने आया है। मामले में हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष और उसके साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। CISF ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का केस दर्ज कराया है। 4 जनवरी को चार युवक गौरव ठाकुर, सोनू बघेल, ऋषि लवानिया और विष्णु कुमार ताजमहल के अंदर पहुंचे। उन्होंने भगवा झंडा लहराया, शिव चालीसा का पाठ भी किया और वीडियो भी बनाया। सोशल मीडिया पर किया पोस्ट आरोपियों ने ताजमहल से ही वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया। जानकारी मिलने के बाद CISF के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया और ताजगंज थाना पुलिस को सौंप दिया। वहीं, थानाप्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में एक आरोपी गौरव ठाकुर ने बताया कि उन लोगों ने दूसरी बार ताज परिसर के अंदर भगवा झंडा लहराया है। इसके पहले अक्टूबर में दशहरे के दिन लहराया था। अक्टूबर में विजयादशमी के दिन भी गौरव ठाकुर ने ताजमहल परिसर में भगवा झंडा लहराकर शिव चालीसा का पाठ किया था। तब भी CISF जवानों ने गौरव को पकड़ लिया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। उस दौरान गौरव ने कहा था कि यह शिव मंदिर तेजोमहालय है, इसलिए शिव चालीसा का पाठ कर भगवा ध्वज फहराया। ताजमहल में भगवा ध्वज लहराने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व अब तक 5 बार हिंदू संगठनों ने भगवा ध्वज लहराया। पिछले साथ एक महिला ने ताजमहल में प्रवेश में कर पूजा-अर्चना करने का दावा किया था।

बड़े दिल वाले रतन टाटा …. 2 साल से बीमार पूर्व कर्मचारी से मिलने मुंबई से पुणे पहुंचे

मुंबई। टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा (83) मुंबई से पुणे तक का सफर कर अपने एक पूर्व कर्मचारी से मिलने पहुंचे। पूर्व कर्मचारी पिछले 2 साल से बीमार है। इसलिए रतन टाटा ने कार से करीब 150 किमी का सफर कर पुणे की फ्रेंड्स सोसायटी पहुंचे। इसका खुलासा सोशल मीडिया पर हुआ है। परिवार का खर्च उठाने की भी चर्चा पोस्ट करने वाले ने रतन टाटा की अपने पूर्व कर्मचारी से मिलने की फोटो शेयर की है। साथ ही लिखा, ‘इस मुलाकात के दौरान न मीडिया था, न बाउंसर थे। सिर्फ वफादार कर्मचारियों के लिए कमिटमेंट था। इससे सभी बिजनेसमैन को सीखना चाहिए कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता।’ चर्चा ये भी है कि रतन टाटा ने पूर्व कर्मचारी के परिवार का खर्च उठाने का भरोसा भी दिया है। कोरोनाकाल में भी कर्मचारियों के साथ नजर आए उद्योग जगत में कर्मचारियों की छंटनी को लेकर रतन टाटा ने कहा था कि कॉरपोरेट वर्ल्ड में हमदर्दी की कमी है। उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों से छंटनी नहीं करने की अपील की थी। टाटा ने कहा था कि ये वे लोग हैं, जिन्होंने आपके लिए जिंदगीभर काम किया, लेकिन थोड़ी बारिश क्या हुई आपने उन्हें बाहर ही कर दिया। क्या यही आपके मूल्यों की परिभाषा है। 26/11 हमले के पीड़ित कर्मचारियों के परिवारों की भी मदद की थी मुंबई के ताज होटल पर हुए 26/11 के आतंकी हमले के बाद भी रतन टाटा ने अपने कर्मचारियों की मदद की थी। वे करीब 80 पीड़ित कर्मचारियों के परिवारों से मिले थे और पूरा खर्च उठाने का वादा किया था।

दिल्ली में हनुमान मंदिर हटाने पर हंगामा

नई दिल्ली।  चांदनी चौक इलाके में प्राचीन हनुमान मंदिर तोड़े जाने जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को चांदनी चौक इलाके में मंदिर तोड़े जाने को लेकर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इससे पहले सोमवार को उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार ने कहा था कि हमने उपराज्यपाल से कहा है कि वे उच्च न्यायालय में प्रार्थना पत्र लगाकर मंदिर के पुनर्स्थापना के लिए अनुमति लें तथा उसी स्थान पर मंदिर को दोबारा स्थापित करें। उन्होंने कहा था कि अगर मंदिर की पुनर्स्थापना नहीं होती है तो वीएचपी आंदोलन के लिए मजबूर होगा।वहीं, विहिप प्रान्त प्रचार प्रसार प्रमुख महेंद्र रावत ने बताया था कि वीएचपी, बजरंगदल, मातृशक्ति,दुर्गावाहनी, अन्य हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना ने दिल्ली के  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर मांग की है कि हनुमान मंदिर स्थान पर बनने और मंदिर तोड़ने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। अभी तीन धार्मिक अतिक्रमण बरकरार वर्ष 2016 के आदेश में हाई कोर्ट ने लाल जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर व शीशगंज गुरुद्वारा के बाहर फुटपाथ पर निर्माण काे अतिक्रमण माना था, वहीं भाई मती दास चौक, पागल बाबा मंदिर व हनुमान मंदिर के साथ एक प्याऊ को पूरी तरह से अतिक्रमण माना था। इसे लेकर लाल जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर व शीशगंज गुरुद्वारा के अतिक्रमण को हटाने पर काफी विवाद भी हुआ था। एसआरडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अभी भी पागल बाबा मंदिर, प्याऊ व भाई मती दास चौक का अतिक्रमण बरकरार है।  

किसान आंदोलन में अब तक 54 मौतें, 4 और किसानों की जान गई

नई दिल्ली। किसान कृषि कानूनों के खिलाफ 39 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान अब तक 54 किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें से कुछ ने सुसाइड कर लिया और कइयों की जान बीमारियों, ठंड और हार्ट अटैक के चलते गई है। सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर रविवार को 4 किसानों की मौत हो गई। इनमें से दो हरियाणा और दो पंजाब के रहने वाले थे। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। एक अन्य किसान की हालत गंभीर है, जिसे रोहतक के PGI रेफर किया गया है। किसी की बॉडी ट्राली में तो किसी की टेंट में मिली जानकारी के मुताबिक, बहादुरगढ़ के करीब टीकरी बॉर्डर पर धरना दे रहे बठिंडा के 18 साल के जश्नप्रीत सिंह की शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे सिविल अस्पताल और फिर PGI ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हरियाणा के जींद के जगबीर का शव ट्राली में मिला। वो भी टीकरी बॉर्डर पर ही धरना दे रहे थे। उनकी उम्र 66 साल थी। सिंघु बॉर्डर पर सोनीपत के बलवीर सिंह और पंजाब के लिदवां निवासी निर्भय सिंह शनिवार रात को पार्कर मॉल के टेंट में सोए थे। सुबह जब साथियों ने जगाने की कोशिश की, तो उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा एक अन्य किसान को हार्ट अटैक आया है। उनकी हालत गंभीर होने के चलते उन्हें PGI रेफर किया गया है। 39 दिन में 54 मौतों के बाद उठी मुआवजे की मांग 26 नवंबर से दिल्ली बॉर्डर पर हजारों की तादाद में किसान धरना दे रहे हैं। इस दौरान 54 किसानों की जान जा चुकी है। परिवार और किसान संगठन इन किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। मौसम ने मुश्किल बढ़ाई, तंबुओं में पानी भरा दिल्ली और NCR के इलाके में शनिवार सुबह से रह-रहकर बारिश जारी है। रविवार को दूसरे दिन बारिश के बाद ठंड बढ़ती जा रही है। बारिश की वजह से कई किसानों के टेंट में पानी घुस गया, लेकिन किसान अपने मोर्चे पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती हैं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें… 7वें दौर की बातचीत में 2 मांगों पर सहमति बनी किसान संगठनों और केंद्र के बीच 4 जनवरी को 8वें दौर की बातचीत होनी है। किसानों के 4 बड़े मुद्दे हैं। पहला- सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। दूसरा- सरकार यह लीगल गारंटी दे कि वह मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी MSP जारी रखेगी। तीसरा- बिजली बिल वापस लिया जाएगा। चौथा- पराली जलाने पर सजा का प्रावधान वापस लिया जाए। 30 दिसंबर को 7वें दौर की बातचीत पांच घंटे की बातचीत के बाद बिजली बिल और पराली से जुड़े दो मुद्दों पर सहमति बन गई थी। सरकार किसानों की चिंताओं को दूर करने पर राजी है। इसके बाद किसान नेताओं ने भी नरमी दिखाई। कृषि कानून और MSP पर अभी भी मतभेद बरकरार हैं।

गाजियाबाद में श्मशान में छत गिरने से 18 की मौत, 24 घायल, 100 लोग छत के नीचे खड़े थे

नई दिल्ली। गाजियाबाद में एक श्मशान घाट में छत धंस गई है. इसकी चपेट में कई लोग आ गए हैं.इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है. 24 घायल हैं। बारिश से बचने के लिए लोग छत के नीचे खड़े हुए थे। हादसा गाजियाबाद थाने के मुरादनगर इलाके में हुआ है. तस्वीरों में कई लोग लेंटर के नीचे दबे हुए दिख रहे हैं. गाजियाबाद पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम घटनास्थल पहुंच गई है और राहत और बचाव कार्य में जुट गई है. बता दें कि रविवार सुबह दिल्ली एनसीआर में बारिश हो रही थी। ये श्मशान घाट मुरादनगर थाना क्षेत्र के उखरानी/ बम्बा रोड में स्थित है. मुरादनगर स्थित श्मशान घाट पर कुछ लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे. बारिश की वजह से ये लोग छत के नीचे थे तभी श्मशान घाट का लेंटर भरभराकर गिर गया. इसमें कई लोग मलबे में दब गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है. तस्वीरों से पता चल रहा है कि लेंटर का साइज काफी बड़ा है. इस वजह से पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए क्रेन बुलाया है. घटनास्थल पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके का रेस्क्यू अभियान जारी है. पुलिस का कहना है कि गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र के उखलारसी गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर परिजन और सगे संबंधी मृत व्यक्ति को दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे. परिजन मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर ही रहे थे तभी श्मशान घाट का लैंटर भरभरा कर गिर पड़ा. इसकी चपेट में आकर लगभग 2 दर्जन से ज्यादा लोग दबे गये अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया.

पाकिस्तान में कट्टरपंथियों ने हिंदू मंदिर को तोड़ा, आग लगा दी

नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां के करक जिले में कट्टरपंथियों ने हिंदू मंदिर को तोड़ दिया और उसमें आग भी लगा दी. इसे लेकर भारत ने पाकिस्तान के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है. वहीं पाकिस्तान की प्रांतीय सरकार ने क्षतिग्रस्त हिंदू मंदिर के पुनर्निर्माण की बात कही है. जारी बयान में प्रांतीय सरकार के मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिर का बिना किसी देरी के पुनर्निर्माण किया जाए और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं. इससे पहले, विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग को अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार के गंभीर मामलों से अवगत कराया. सूत्रों के मुताबिक भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान सरकार इस मामले की जांच करेगी और मंदिर के इस विध्वंस और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. भारत ने कहा कि यह पहली बार नहीं था जब पाकिस्तान में किसी मंदिर में तोड़फोड़ की गई. यह 1997 से चल रहा है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से मामले की जांच रिपोर्ट को साझा करने के लिए भी कहा है. भारत ने फिर दोहराया कि वह पाकिस्तान सरकार से अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में, अपने अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और उनकी देखभाल करने की उम्मीद करता है, जिसमें उनके धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी शामिल है.

‘जान दे रहा हूं ताकि कोई हल निकले’, गाजीपुर बॉर्डर के धरनास्थल पर किसान ने लगाई फांसी

नई दिल्ली। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर 38 दिन से किसानों का आंदोलन जारी है। यहां गाजीपुर बॉर्डर पर शनिवार को 75 साल के किसान कश्मीर सिंह ने शौचालय में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। किसान नेता अशोक धवाले ने बताया कि अब तक 50 किसानों की जान जा चुकी है। कश्मीर ने सुसाइड नोट में लिखा, ‘सरकार फेल हो गई है। आखिर हम यहां कब तक बैठे रहेंगे। सरकार सुन नहीं रही है। इसलिए मैं जान देकर जा रहा हूं। अंतिम संस्कार मेरे बच्चों के हाथों दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर होना चाहिए। मेरा परिवार, बेटा-पोता यहीं आंदोलन में निरंतर सेवा कर रहे हैं।’ किसान का शव बिना पोस्टमॉर्टम के परिजन को सौंप दिया गया है। यूपी पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है। किसान संगठनों ने आंदोलन के मद्देनजर 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया है। कहा कि हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, कर रहे हैं और ऐसा ही करेंगे। हम लोग दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए हैं, लेकिन नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया है। इससे पहले 30 दिसंबर को किसान और सरकार के बीच 7वें दौर की बातचीत में पूरा समाधान तो नहीं निकला, लेकिन विवाद के 2 मुद्दों पर सहमति बन गई थी। अब 4 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक है। उम्मीद की जा रही है कि इस दिन गतिरोध खत्म हो सकता है। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा है कि 4 जनवरी को सकारात्मक नतीजे आएंगे।

दिल्ली जा रहे किसानों पर पुलिस ने लाठियां भांजी, आंसू गैस छोड़ी, कई किसान जख्मी

अलवर। अलवर के शाहजहांपुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर गुरुवार दोपहर ट्रैक्टरों पर सवार कुछ किसान पुलिस के बैरियर तोड़कर दिल्ली की ओर कूच कर हरियाणा में घुस गए। हरियाणा पुलिस के जवान जब तक किसानों को रोकते तब तक 10 से 15 ट्रैक्टर बॉर्डर से आगे निकल गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस छोड़ी। इसमें कई किसान चोटिल हो गए। बाद में किसान नेताओं ने सबको शांत कराया। उन्होंने कहा किसान शांतिपूर्वक ही आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इधर, हरियाणा सीमा में घुस चुके 10 से 15 ट्रैक्टर चालकों को हरियाणा पुलिस ने बावल में रोक रखा है। कुछ किसानों को हिरासत में लिया गया है। गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे 10 से 15 ट्रैक्टर लेकर किसान एक साथ हरियाणा पुलिस की तरफ से बॉर्डर पर लगाए गए बैरियर हटाते हुए आगे निकल गए। कुछ सर्विस लेन की ओर से आगे बढ़ गए। काफी किसान एक साथ ट्रैक्टर लेकर आगे निकले तो पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और हल्का बल प्रयोग करके प्रदर्शनकारी किसानों को खदेड़ा। इसमें कई किसानों को चोट आई है। हालांकि बाद में काफी किसानों के ट्रैक्टरों को रोक दिया गया। मुश्किल से 10 से 15 ट्रैक्टर ही जा सके। आगे चलकर पुलिस ने उनको भी रोक दिया। किसान नेताओं ने संभाला मोर्चा इस घटनाक्रम से वहां हलचल मच गई। पीछे करीब दो किलोमीटर दूर तक के किसान बॉर्डर पर आ गए। बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान जुट गए। बाद में किसान नेता रामपाल जाट सहित अन्य ने उनको संभाला। यह भी कहा कि वे शांतिपूर्वक आंदोलन चाह रहे हैं। कोई भी जबरदस्ती करते हुए आगे नहीं जाएगा। इसके बाद किसान वहां बैठ गए। शाहजहांपुर- खेड़ा बॉर्डर पर 12 दिसंबर से किसान आंदोलनरत हैं। बॉर्डर पर हाइवे पर ही डटे हैं। हाइवे पर दो किमी तक किसान तंबू लगाकर किसान पड़ाव डाल चुके हैं। प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। तभी आंदोलन खत्म करेंगे। लेकिन, सरकार कानून वापस लेने काे तैयार नहीं है। इस कारण किसान दिल्ली कूच करना चाहते हैं। लेकिन, बीच में ही बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस आगे नहीं जाने दे रही। ऐसे में किसान बॉर्डर पर भी पड़ाव डाले हुए हैं। यहां राजस्थान व हरियाणा के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के भी काफी किसान हैं। नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल के बॉर्डर पर पड़ाव डालने पहुंचने से एक दिन पहले 25 दिसंबर को हरियाणा पुलिस ने जयपुर- दिल्ली हाइवे की दूसरी लेन भी बंद कर दी थी। पुलिस को पहले अंदेशा था कि सांसद के आने के बाद किसान दिल्ली कूच कर सकते हैं। इससे पहले 12 दिसंबर से जयपुर से दिल्ली जाने वाली लेन पर किसान डटे हुए थे।

Numerology Rashifal 2021: मूलांक से जानें, आपके लिए कैसा रहेगा नया साल

भोपाल.  हर किसी के मन में ये जिज्ञासा रहती है कि नया साल उनके लिए कैसा रहेगा. साल 2021 को लेकर लोगों में बहुत उत्साह है. जन्म तिथि का हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है. इसे मूलांक भी कहा जाता है. आइए अंक ज्योतिष राशिफल 2021 (Ank Jyotish Rashifal 2021) से जानते हैं कि अगला साल किन लोगों के लिए शुभ रहेगा और किन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. मूलांक 1- 1, 10, 19, 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 1 होता है. साल 2021 मूलांक 1 वालों के लिए सामान्य रहने वाला है. वर्ष की शुरुआत से ही आपको अपने अंदर एक नई ऊर्जा का एहसास होगा. कार्य क्षेत्र में आप खूब मेहनत करेंगे और आपकी ये मेहनत जल्द रंग लाएगी. ऑफिस के काम में आपको सफलता मिलेगी. प्रमोशन के पक्के योग बन रहे हैं. छात्रों के लिए भी साल 2021 बहुत अच्छा है. हालांकि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को बहुत मेहनत करनी पड़ेगी. व्यापार से जुड़े लोगों को इस साल सावधानी से काम लेना होगा. 2021 में किसी भी तरह का निवेश ना करें तो ही अच्छा होगा. वर्ष के मध्य में आपका बिजनेस सही दिशा में आगे बढ़ेगा. आर्थिक तौर पर यह साल आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा. पारिवारिक जीवन बढ़िया रहेगा. दांपत्य जीवन में कुछ मतभेद आ सकते हैं जिन्हें आप जल्द दूर कर लेंगे. मूलांक 2- 2, 11, 20, 29 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 2 होगा. नया साल मूलांक 2 में जन्मे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है. इस साल आपको आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा. छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने में सफलता मिलेगी. इस साल आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल करेंगे. प्रेम संबंधों के लिए ये साल बहुत अच्छा रहने वाला है. आप अपने रिश्ते में आगे बढ़ेंगे और विवाह के बारें में विचार करेंगे. नौकरी वालों के इस साल आपके ट्रांसफर के योग बनेंगे. इस साल लोगों के बीच आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी. शादीशुदा लोगों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इस साल आप किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं. आपका पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा और लोगों के साथ आपका स्नेह बढ़ेगा. इस साल अपने लिए भी कुछ समय निकालें. मूलांक 3- 3, 12, 21, 30 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 3 होता है. मूलांक 3 वालों के लिए वर्ष 2021 सामान्य रहने वाला है. इस साल आपके कुछ जरूरी कार्यों में रुकावट आ सकती है. आप आध्यात्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे. इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी. छात्र इस साल शुरूआत से ही मेहनत करेंगे. प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने की पूरी संभावनाएं बनेंगी. प्रेम संबंधों के लिए यह साल सामान्य रहने वाला है. कुछ लोगों का प्रेम विवाह हो सकता है. सरकारी क्षेत्र में आपको लाभ हो सकता है. नौकरी कर रहे लोगों को इस साल शुभ समाचार मिल सकते हैं. इस साल आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. इस साल आपके खर्चे बहुत बढ़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी. आपकी आमदनी इस साल ठीक रहेगी. साल 2021 में आपको मानसिक रूप से मजबूत रहना होगा. मूलांक 4- 4, 13, 22, 31 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 4 होता है. साल 2021 मूलांक 4 वालों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आ रहा है. इस साल आपकी ईमानदारी काम आएगी. आपकी लगनशीलता आपको इस साल सफलता दिलाएगी. आप की बहुत सारी इच्छाएं इस साल पूरी हो जाएंगी और आप खुशी का अनुभव करेंगे. नए साल में आपकी लव लाइफ आगे बढ़ेगी. यह साल प्यार से भरा रहेगा. विद्यार्थियों के लिए साल की शुरुआत अच्छी रहेगी. साल के मध्य में प्रतियोगिता में सफलता के प्रबल योग बनेंगे. मैनेजमेंट, सोशल सर्विस, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए ये साल उत्तम परिणाम लेकर आएगा. व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी साल 2021 लाभ लेकर आ रहा है. आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आपको धन लाभ होगा. शादीशुदा जीवन के लिए नया साल सामान्य रहेगा. साल के मध्य में कुछ समस्याएं आ सकती हैं. मूलांक 5- 5, 14, 23 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 5 होता है. साल 2021 मूलांक 5 वालों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा क्योंकि वर्ष 2021 का कुल योग 5 (2+0+2+1=5) है. मूलांक 5 वाले लोगों को इस साल का पूरा लाभ उठाने की कोशिश करनी चाहिए. इस साल आपकी सेहत अच्छी रहेगी और आप पूरी मेहनत से चुनौतियों का सामना करेंगे. इस साल छात्रों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी. इस साल आपको मेहनत का फल मिलेगा. प्रेम संबंधों के लिए भी ये साल बहुत अच्छा रहने वाला है. कुछ लोगों का प्रेम विवाह भी हो सकता है. पारिवारिक जीवन में कुछ उथल-पुथल हो सकती है. नौकरी करने वालों को साल 2021 में खुद पर ध्यान देने की जरूरत होगी. आर्थिक स्थिति से ये साल आपके लिए मिलाजुला रहेगा. व्यापार करने वालों को विदेशी संपर्कों का लाभ मिलेगा. मूलांक 6- 6, 15, 24 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होता है. अंक ज्योतिष के अनुसार यह वर्ष आपके लिए उत्तम परिणाम देने वाला साबित होगा. इस पूरे साल आप अपने प्रियतम को प्रसन्न रखने की कोशिश करेंगे. किसी लंबी यात्रा पर जानेंगे योग बनेंगे. विद्यार्थियों के लिए साल 2021 काफी अच्छा रहने वाला है. इस साल आप पढ़ाई में पूरी तरह मन लगाएंगे. आपको मेहनत के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे. साल की शुरूआत पारिवारिक जीवन के लिए अच्छी रहेगी. आपके मन में सबके लिए स्नेह की भावना रहेगी. इस साल आपकी नौकरी बदलने की पूरी संभावना है. इसमें आपको ज्यादा संतुष्टि मिलेगी. बिजनेस से जुड़े लोगों को इस साल जबरदस्त लाभ मिलेंगे. रिश्तो के मामले में आप काफी ईमानदार रहेंगे. इस साल आपको अपनी क्षमताओं का आंकलन करना चाहिए. मूलांक 7- 7, 16, 25 तिथि को जन्‍मे लोगों का मूलांक 7 होता है. मूलांक 7 वाले लोगों के लिए साल उन्नतिशील रहेगा. आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आपकी आमदनी बढ़ेगी. धन की प्रबलता से आप अपनी कई इच्छाओं को इस साल पूरा करने में सफल रहेंगे. छात्रों को इस साल पढ़ाई पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है. मेहनत से हीआपको सफलता का परिणाम मिलेगा, इसलिए खूब मेहनत करें. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे … Read more

हरियाणा में निकाय चुनाव:7 में से 5 में भाजपा-जजपा हारी, अम्बाला में मेयर पद गंवाया

चंडीगढ़। हरियाणा में बुधवार को घोषित 7 शहरी निकायों के चुनाव परिणाम चौंकाने वाले रहे। भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) गठबंधन को करारा झटका लगा। सत्ता में रहने के बावजूद यहां सात निकायों में से केवल दो में ही कमल खिल पाया। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच यह नतीजे भाजपा के लिए चेताने वाले हैं। वहीं, कांग्रेस गुटबाजी की वजह से सिर्फ एक निकाय में ही जीत हासिल कर पाई। तीनों नगरपालिकाओं के चेयरमैन पद पर निर्दलीयों ने कब्जा किया। इनमें दो पर जजपा और एक पर भाजपा ने गठबंधन में सिंबल पर प्रत्याशी उतारे थे। पंचकूला में भाजपा के कुलभूषण गोयल कांग्रेस से मेयर पद छीनने में कामयाब रहे। अम्बाला में भाजपा को मेयर पद गंवाना पड़ा। वहां पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी से उनकी पत्नी शक्ति रानी जीती हैं। भाजपा दूसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही। राजनीति के जानकार भाजपा-जजपा गठबंधन की हार में किसान आंदोलन को प्रमुख वजह बता रहे हैं। जहां-जहां चुनाव थे, वहीं आंदोलन का ज्यादा असर है। अम्बाला से आंदोलन शुरू हुआ था। सोनीपत में ये अभी चल रहा है। टिकरी बॉर्डर के लिए सांपला से ही जाना पड़ता है। रेवाड़ी में धरने का असर धारूहेड़ा तक है। सिरसा और उकलाना में भी प्रदर्शन चल रहे हैं।

कर्नाटक विधान परिषद के डिप्टी स्पीकर का शव मिला

बंगलुरू। कर्नाटक विधान परिषद के डिप्टी स्पीकर और JDS नेता एस एल धर्मेगौड़ा (64) का शव मंगलवार को चिकमगलूर के कडूर में रेलवे ट्रैक पर मिला। सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस भी फिलहाल सुसाइड के एंगल से ही जांच कर रही है। धर्मेगौड़ा की आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है सुसाइड नोट में विधान परिषद के हंगामे का जिक्र है। 15 दिसंबर को कर्नाटक विधान परिषद में भाजपा-JDS और कांग्रेस के सदस्यों के बीच धक्कामुक्की हुई थी। कांग्रेस सदस्यों ने धर्मेगौड़ा से भी धक्कामुक्की की थी और उन्हें चेयर से धकेल दिया था। इस घटना से धर्मेगौड़ा काफी परेशान थे। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक गौड़ा सोमवार शाम कार से अपने फार्महाउस से निकले थे, लेकिन काफी देर तक घर नहीं पहुंचे तो उनके परिवार और स्टाफ ने तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि गौड़ा रास्ते में अपने ड्राइवर को रोककर किसी से मिलने की बात कहकर अकेले आगे बढ़ गए थे। धर्मेगौड़ा का शव मिलने पर मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा दुख जताया है। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कहा है कि धर्मेगौड़ा का जान पूरे राज्य का नुकसान है, वे एक सज्जन नेता थे।

गुजरात में भाजपा को झटका , भरूच सांसद ने पार्टी से इस्तीफा दिया

भरूच . गुजरात की भरूच लोकसभा सीट से भाजपा सांसद रहे मनसुखभाई धनजीभाई वसावा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में उन्होंने गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल को मंगलवार को पत्र लिखा है। इसमें यह भी लिखा है कि वे जल्द ही संसद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने इस साल मई से लेकर दिसंबर तक PM और CM को पांच शिकायती पत्र लिखे थे। इसके बाद ही वे विवादों में आए। वसावा ने पांचों पत्रों में क्षेत्रीय मुद्दे उठाए थे। गुजरात के सीएम विजय रूपाणी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा था कि राज्य की आदिवासी लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनका शारीरिक शोषण कर उन्हें बेचा जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया था उनकी ओर से उठाए गए इस मुद्दे पर उन्हें आदिवासी इलाकों के लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में लिखा कि भारत के राजपत्र के माध्यम से नर्मदा जिला के 121 गांवों को ईको सेंसेटिव जोन में शामिल किया गया है। जोन घोषित होते ही सरकारी लोगों का किसानों की जमीनों पर दखल बढ़ गया है। इन गांवों के रहवासियों को जानकारी दिए बगैर और उन्हें विश्वास में लिए बगैर इको सेंसिटिव जोन में रख दिया गया। इसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से आदिवासी समाज की बहुत उपेक्षा की जा रही है। भाजपा सांसद रहे मनसुखभाई धनजीभाई वसावा ने पत्र में लिखा है कि भाजपा ने मुझे मेरी क्षमता से अधिक दिया। इसके लिए मैं पार्टी का आभारी रहूंगा। भाजपा सांसद रहे मनसुखभाई धनजीभाई वसावा ने पत्र में लिखा है कि भाजपा ने मुझे मेरी क्षमता से अधिक दिया। इसके लिए मैं पार्टी का आभारी रहूंगा। ये लिखा पत्र में… पत्र में वसावा ने लिखा है कि मेरी गलतियों के चलते पार्टी को नुकसान न पहुंचे, इसके चलते मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं। पत्र में आगे उन्होंने लिखा है कि भाजपा ने मुझे मेरी क्षमता से ज्यादा दिया है। इसके लिए मैं पार्टी का हमेशा आभारी रहूंगा। वहीं, मैंने भी पार्टी के साथ वफादारी निभाई है। साथ ही पार्टी और जिंदगी के सिद्धांत का पालन करने में बहुत सावधानी रखी है, लेकिन आखिरकार मैं एक इंसान हूं और इंसान से गलती हो जाती है, इसलिए मैं पार्टी से इस्तीफा देता हूं। वसावा ने ये भी कहा कि लोकसभा में सत्र शुरू होने से पहले वे सांसद पद से भी इस्तीफा दे देंगे।

इंदौर : हिंदू संगठनों की रैली पर पथराव, दर्जनभर युवक घायल

इंदौर। जिले के ग्राम चांदनखेड़ी में मंगलवार को हिंदू संगठनों पर दूसरे गुट के लोगों ने पथराव किया है। विवाद की सूचना मिलते ही इंदौर से भारी पुलिस बल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवाद की सूचना लगते ही अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया था, अब स्थिति नियंत्रण में है। पथराव में करीब दर्जन भर लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है। चांदनखेड़ी गांव सांवेर-गौतमपुरा रोड पर स्थित है। जानकारी अनुसार रैली गांव में एक धर्म स्थल के पास से गुजर रही थी, तभी कुछ लोगों ने पथराव किया है, जिससे रैली में शामिल लोगों को चोट आई है और करीब दर्जनभर युवक घायल हुए हैं। पथराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। रैली में शामिल लोग पत्थरबाजों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि रैली में शामिल हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे। रैली गांव में एक धर्म स्थल और दूसरे गुट के लोगों के क्षेत्र से गुजर रही थी। इस दौरान दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते विवाद शुरू हो गया और लोगों ने रैली पर पथराव कर दिया। इससे गांव में अफरा- तफरी मच गई और हालात तनावपूर्ण हो गए। सूचना मिलने पर इंदौर से पुलिस बल मौके पर पहुंची और स्थिति नियंत्रण करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया। उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार 25 दिसंबर को उज्जैन में भी हिंदू संगठन की रैली पर पथराव किया गया था। वहीं, इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि हम पथराव के कारण की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पथराव के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। जिन लोगों ने पथराव कर सांप्रदायिक सद्भाव का माहौल खराब करने की कोशिश की है, हम उनकी पहचान कर रहे हैं। उन्हें गिरफ्तार कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जेल भेजा जाएगा। मालूम रहे कि इसी तरह की घटना 25 दिसंबर शुक्रवार को उज्जैन में सामने आई थी। वहां भी बेगमबाग क्षेत्र में राम मंदिर निर्माण को लेकर धन संग्रह करने के लिए निकले हिंदूवादी कार्यकर्ताओं की रैली पर पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई थी।

MP : पन्ना से पैरा कमांडो बनकर गर्लफ्रेंड से मिलने भोपाल पहुंचा, आर्मी की खुफिया टीम ने दबोचा

भोपाल। पैरा कमांडो की यूनिफॉर्म पहनकर गर्लफ्रेंड से मिलने पन्ना से भोपाल पहुंचे जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने खुद को पैरा कमांडो का कैप्टन बताकर सोशल मीडिया पर भोपाल में रहने वाली एक लड़की से दोस्ती कर ली थी। आर्मी की खुफिया टीम ने मंगलवार दोपहर आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। हालांकि अब तक की जांच में आरोपी के किसी और तरह के संबंध सामने नहीं आए हैं। आरोपी का कहना है कि वह अपना शौक पूरा करने के लिए ही पैरा कमांडो की यूनिफॉर्म पहनता है। चूना भट्टी पुलिस के अनुसार मूलत: पन्ना के अजयगढ़ का रहने वाला 25 वर्षीय संदीप दीक्षित खेती किसानी करता है। मंगलवार दोपहर आर्मी की इंटेलिजेंस टीम ने संदीप को पकड़कर उनके हवाले किया था। बताया था कि यह पैरा कमांडो की यूनिफॉर्म पहनकर नहर के पास घूमते पकड़ा गया है। उसके पास से मिलिट्री में होने के किसी तरह के कागजात नहीं मिले। इस कारण चूना भट्टी पुलिस ने उसके खिलाफ सरकारी कर्मचारी ना होते हुए वर्दी का उपयोग करना और चाकू रखकर आम जगहों पर घूमने को लेकर अपराध दर्ज किया है। डेढ़ महीने से था लड़की के संपर्क में संदीप ने पुलिस को बताया कि उसका करीब डेढ़ महीने पहले सोशल मीडिया पर भोपाल के चूना भट्टी इलाके में रहने वाली एक लड़की से संपर्क हुआ था। उसने लड़की को बताया था कि वह पैरा कमांडो में कैप्टन है। इसके बाद उनकी दोस्ती अच्छी हो गई थी। वह तीसरी बार भोपाल उससे मिलने आया था। हालांकि उसके पहले वह पकड़ा गया। शौक के लिए पहनता है वर्दी संदीप ने पुलिस को बताया कि आर्मी वह जाना चाहता था, लेकिन उसका सिलेक्शन नहीं हो सका। उसने अपने इस शौक को पूरा करने के लिए आर्मी की वर्दी बनवाई थी। इसमें पूरी तरह से पैरा कमांडो को दी जाने वाली वर्दी की हूबहू नकल थी। मोनो से लेकर कंधे पर तीन स्टार तक लगाए गए थे। पुलिस पूछताछ में भी अब तक शौक के अलावा संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई है। हालांकि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया।

शिवसेना बोली – UPA की जिम्मेदारी शरद पवार को सौंप देनी चाहिए, मोदी-शाह के सामने विपक्ष बेअसर

मुंबई। दिल्ली में जारी किसान आंदोलन के बीच शिवसेना ने UPA अध्यक्ष को बदलने की मांग की है। शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि UPA की कमान शरद पवार को सौंपी जानी चाहिए। वर्तमान में सोनिया गांधी UPA की चेयरपर्सन हैं। शिवसेना की इस मांग के बाद एक बार फिर शिवसेना-कांग्रेस के बीच खटास बढ़ सकती है। कुछ दिन पहले सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिख उनसे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए योजनाओं को लागू करने को कहा था। सामना में छपे संपादकीय में लिखा है कि सोनिया ने अब तक UPA अध्यक्ष की भूमिका बखूबी निभाई, लेकिन अब बदलाव करना होगा। दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों का साथ देने के लिए आगे आना होगा। राहुल किसानों के साथ, लेकिन पवार सर्वमान्य नेता संपादकीय में लिखा गया है कि कई विपक्षी दल हैं जो यूपीए में शामिल नहीं हैं। उन दलों को साथ लाना होगा। कांग्रेस का अलग अध्यक्ष कौन होगा, यह साफ नहीं है। राहुल गांधी किसानों के साथ खड़े हैं, लेकिन कहीं कुछ कमी लग रही है। ऐसे में शरद पवार जैसे सर्वमान्य नेता को आगे लाना होगा। मोदी-शाह के आगे विपक्ष बेअसर सामना में लिखा गया कि अभी जिस तरह की रणनीति विपक्ष ने अपनाई है, वह मोदी और शाह के आगे बेअसर है। सोनिया गांधी का साथ देने वाले मोतीलाल वोरा और अहमद पटेल जैसे नेता अब नहीं रहे। इसलिए पवार को आगे लाना होगा। सरकार के मन में विरोधी दल का अस्तित्व ही नहीं दिल्ली की सीमा पर किसानों का आंदोलन शुरू है। इस आंदोलन को लेकर दिल्ली के सत्ताधीश बेफिक्र हैं। सरकार की इस बेफिक्री का कारण देश का बिखरा हुआ और कमजोर विरोधी दल हैं। फिलहाल, लोकतंत्र में जो गिरावट आ रही है, उसके लिए भाजपा या मोदी-शाह की सरकार नहीं, बल्कि विरोधी दल सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। वर्तमान स्थिति में सरकार को दोष देने की बजाय विरोधियों को आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है। देश का विरोधी दल पूरी तरह से दिवालिएपन के हाशिए पर खड़ा है।

MP : कुर्सी पीछे मिली तो भड़कीं प्रज्ञा ठाकुर; CM शिवराज के आने से पहले कार्यक्रम से चली गईं

भोपाल। राजधानी में शुक्रवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर भाजपा के जिला कार्यालय में नवनिर्मित ‘अटल भवन’ का लोकार्पण CM शिवराज सिंह चौहान ने किया। इसी कार्यक्रम में कुर्सी पीछे मिलने पर भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर भड़क गईं और CM शिवराज के कार्यक्रम में पहुंचने से पहले ही चली गईं। भाजपा के जिला कार्यालय के नए भवन के उद्घाटन पर भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। ज्यादातर के चेहरे पर मास्क नहीं था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। भाजपा के जिला कार्यालय के नए भवन के उद्घाटन पर भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। ज्यादातर के चेहरे पर मास्क नहीं था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। सांसद प्रज्ञा ठाकुर इससे पहले अटल जी की प्रतिमा के उद्घाटन के दौरान CM शिवराज, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, संगठन मंत्री सुहास भगत और अन्य भाजपा नेताओं के साथ मौजूद थीं। कार्यक्रम के बाद ही पुराने शहर में इमामी गेट स्थित भाजपा के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में सभी नेताओं को पहुंचना था। इसमें सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी शामिल थीं। वह कार्यक्रम में पहुंचीं, लेकिन मंच पर उन्हें पीछे की कतार में कुर्सी दी गई, इससे वह भड़क गईं। उन्होंने बैठने से इनकार कर दिया। स्थानीय भाजपा नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वह कार्यक्रम में CM शिवराज के पहुंचने से पहले ही रवाना हो गईं। नेताओं की सभा के लिए कोरोना नहीं भाजपा के जिला कार्यालय में नवनिर्मित ‘अटल भवन’ का लोकार्पण CM शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस दौरान इमामी गेट से जुमेराती तक हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और लोग एकत्र हो गए। इनमें ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। सवाल ये है कि क्या नेताओं की सभा के लिए, जिसमें खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद हों, वहां कोरोना को लेकर एहतियात नहीं बरता जाना चाहिए। ‘अटल भवन’ एक भवन है और कार्यकर्ता आत्मा सीएम शिवराज ने कहा कि यह ‘अटल भवन’ एक भवन है और कार्यकर्ता उसकी आत्मा है। यह सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को क्रियान्वित करवाने का केंद्र बने। जनता को अगर कोई तकलीफ हो तो वो कार्यालय में बेधड़क आएं और उनकी तकलीफ दूर की जाए। इसके लिए हर वॉर्ड में 11 लोगों की दीनदयाल समिति बनेगी।

सीएम शिवराज ने चेताया- आजकल अपन खतरनाक मूड में हैं

भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने होशंगाबाद के बाबई में अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर एक फिर से गुंडों को प्रदेश छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश छोड़ देना, नहीं तो 10 फीट जमीन के नीचे गाड़ दूंगा। सीएम शिवराज शुक्रवार को किसान सम्मान कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। CM शिवराज ने कहा कि ‘आजकल अपन खतरनाक मूड में हैं, गड़बड़ करने वालों को छोड़ेंगे नहीं। पूरे फॉर्म में है मामा अभी। एक तरफ माफियाओं के खिलाफ अभियान चल रहा है। मसल पावर का, रसूख का इस्तेमाल करके कहीं अवैध कब्जा कर लिया। कहीं भवन बना दिया। कहीं ड्रग माफिया है। सुन लो रे! मध्यप्रदेश छोड़ देना,10 फीट नीचे जमीन में गाड़ दूंगा। सुशासन का मतलब जनता परेशान न हो, गुंडे, बदमाश, फन्ने खां यह कोई नहीं चलने वाले अब।’ सुशासन का मतलब है, बिना परेशानी के काम हो जाए CM ने कहा कि सुशासन का मतलब है, बिना लिए दिए, निश्चित समय सीमा में सरकार द्वारा दी गई सेवाओं का लाभ जनता को मिल जाए और यह मैं सुनिश्चित करूंगा। गड़बड़ करने वालों को छोड़ेंगे नहीं। पावर, रसूख का इस्तेमाल करने वाले, जनता को परेशान करने वाले प्रदेश छोड़ दें।

कमलनाथ बोले- बहन, बेटियां ही सबसे ज्यादा असुरक्षित, क्या सिर्फ कन्या पूजन करना ही काफी है

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध को लेकर सरकार पर हमला बोला है। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज के हर कार्यक्रम से पहले कन्या पूजन के फैसले को लेकर ट्वीट किया है। कमलनाथ ने कहा कि हमारे समाज में बेटियों की सर्वत्र पूजा होती है। उनका सम्मान किया जाता है, यह हमारे सामाजिक संस्कार भी है। लेकिन क्या सिर्फ़ कन्या पूजन करना ही काफ़ी है। क्या उन्हें सुरक्षा देने का दायित्व सरकार का नहीं है? आंकड़ें ख़ुद स्थिति बया कर रहे है कि आपकी पूर्व की सरकार की बात करे या वर्तमान सरकार की। बहन-बेटियां ही सबसे ज़्यादा असुरक्षित रही है। प्रदेश में प्रतिदिन मासूम बच्चियां दरिंदगी का शिकार हो रही है। उन्हें आज सुरक्षा की सबसे ज़्यादा आवश्यकता है। एक तरफ़ आपकी सरकार हर कार्यक्रम से पहले कन्या पूजन का आदेश निकाल रही है। वहीं दूसरी तरफ़ शहडोल में एक माह में 30 मासूम बच्चे मौत की आग़ोश में समा चुके है। आपकी सरकार इस दिशा में गंभीर लापरवाह बनी हुई है। ऐसा लग रहा है कि स्थिति सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। मौत का आंकड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है। एक समीक्षा बैठक के बाद आप भी ग़ायब है। ज़रा उन मासूमों को सुरक्षा व समुचित इलाज देने का अपना दायित्व भी निभाइये। शिवराज जी आप प्रदेश में हर कार्यक्रम के पूर्व कन्या पूजन का निर्णय लीजिये , उसका सदैव स्वागत है क्योंकि हमारे समाज में बेटियों की सर्वत्र पूजा होती है , उनका सम्मान किया जाता है ,यह हमारे सामाजिक संस्कार भी है।

अरुणाचल में बीजेपी ने जेडीयू को तोड़ा : बिहार की राजनीति पर क्या होगा असर ?

नई दिल्ली/ पटना। अरुणाचल प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के 6 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। बिहार में बीजेपी के साथ सरकार चला रही जेडीयू के लिए यह अरुणाचल में एक बड़े झटके की तरह है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बिहार की राजनीति पर भी इसका असर होगा? हालांकि, बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से शुक्रवार को जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार दिया है। शुक्रवार को पटना में नीतीश कुमार ने सिर्फ इतना ही कहा कि कल से हम लोगों का कॉन्फ्रेंस (राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक) है। इसके अलावा उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। बीजेपी के साथ जेडीयू सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि केंद्र की मोदी सरकार में भी शामिल है। नीतीश कुमार के बयान से स्पष्ट है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जेडीयू इस मुद्दे पर चर्चा करेगी। गौरतलब है कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा और बहुमत के साथ सरकार बनाई है, लेकिन पहले लोक जनशक्ति पार्टी की ओर से नुकसान पहुंचाए जाने को लेकर जेडीयू के कुछ नेताओं के मन में बीजेपी के प्रति नाराजगी दिखी तो अब कैबिनेट विस्तार को लेकर भी काफी दिनों से बात अटकी हुई है। बिहार में इस बार नीतीश कुमार की पार्टी बीजेपी से पिछड़ गई है। ऐसे में तोलमोल की शक्ति जेडीयू की कुछ कम हो सकती है। लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि नीतीश को यह बात चुभी जरूर होगी और वह इसका बदला भी लेना चाहेंगे। अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के 7 विधायक थे। 6 विधायकों के पाला बदलने से सिर्फ एक विधायक ही पार्टी में बचा है। अरुणाचल विधानसभा द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार रमगोंग विधानसभा क्षेत्र के तालीम तबोह, चायांग्ताजो के हेयेंग मंग्फी, ताली के जिकके ताको, कलाक्तंग के दोरजी वांग्दी खर्मा, बोमडिला के डोंगरू सियनग्जू और मारियांग-गेकु निर्वाचन क्षेत्र के कांगगोंग टाकू भाजपा में शामिल हो गए हैं। जेडीयू ने 26 नवंबर को सियनग्जू, खर्मा और टाकू को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें निलंबित कर दिया था। इन छह विधायकों ने इससे पहले पार्टी के परिष्ठ सदस्यों को कथित तौर पर बताए बिना तालीम तबोह को विधायक दल का नया नेता चुन लिया था। अरुणाचल प्रदेश के प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बीआर वाघे ने कहा कि हमने पार्टी में शामिल होने के उनके पत्रों को स्वीकार कर लिया है।

MP : शुरू हुआ ठगी का नया खेल, फेक हेल्थ अफसर के झांसे से ऐसे बचा छात्र, आप भी रहें सतर्क

भोपाल। कोरोना कहर के बीच अब ठगों ने कोविड वैक्सीन को ठगी का नया हथियार बनाया है। भोपाल में एक छात्र को वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर ठगी का शिकार बनाने का प्रयास किया गया। आरोपी ने छात्र को जल्दी रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर वैक्सीन खत्म होने का झांसा देते हुए ओटीपी नंबर मांगा था। हालांकि, छात्र की समझदारी से वह ठगी का शिकार होने से बच गया। उसने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है। एएसपी रजत सकलेचा ने बताया कि शहर में रहने वाले एक छात्र को बुधवार को कॉल आया। कॉलर ने खुद को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा- भारत में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। इसी के संबंध में आपको कॉल किया गया है। रजिस्ट्रेशन फीस के 500 रुपए भरे जाने हैं। बाकी रुपए वैक्सीन लगाने के दौरान लिए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए आपके मोबाइल पर ओटीपी नंबर आएगा। आपको उसे शेयर करना है। इसके बाद आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। छात्र ने कॉलर से कहा कि अभी तो वैक्सीन ही नहीं आई, तो रजिस्ट्रेशन कैसे होने लगे? उसने समझदारी दिखाई और फोन काट दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि आरोपियों का पता नहीं चल पाया है। ऐसे फोन अटेंड न करें एएसपी सकलेचा के मुताबिक, कोरोना वैक्सीन के लिए आए फोन कॉल को अटेंड न करें। रजिस्ट्रेशन के नाम पर आप का आधार नंबर मांगा जाएगा। फिर कहेंगे कि आप के मोबाइल पर OTP आएगा, वो बताओ, रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और वैक्सीन जल्द मिल जाएगी। OTP बताते ही ठग एकाउंट को हैक कर लेगा। इस तरह से फंसाते हैं जाल में साइबर ठग किसी भी तरह ओटीपी नंबर हासिल करना चाहते हैं। इसके लिए एटीएम कार्ड से लेकर क्रेडिट कार्ड एक्सपायर होने, खाता सीज होने, ऑन ऑन लाइन पेमेंट एप बंद होने और खाते में रुपए ट्रांसफर करने के नाम पर लिंक को क्लिक करने तक का झांसा देते हैं। इसलिए किसी को भी एटीएम नंबर, खाता नंबर, पिन (पासवर्ड) और ओटीपी नंबर शेयर नहीं करना चाहिए।

RSS प्रमुख मोहन भागवत खिलाफ हो जाएं तो मोदी सरकार उनको भी आतंकी बता देगीः राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के मसले पर एक बार फिर सरकार को जमकर घेरा है. गुरुवार को राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर इन मसलों को उठाया. इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जो भी मोदी सरकार के खिलाफ बोलता है, ये उन्हें आतंकी बताना शुरू कर देते हैं. राहुल ने इसी दौरान कहा कि अगर कल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत खिलाफ हो जाएंगे, तो उन्हें भी आतंकी बता दिया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा लगाए गए किसान आंदोलन में खालिस्तानी समर्थकों का हाथ होने के आरोप पर राहुल गांधी ने जवाब दिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा, ‘बीजेपी, नरेंद्र मोदी जी का एक ही लक्ष्य है और वो किसान-मजदूर समझ गया है. उनका लक्ष्य अपने अमीर दोस्तों को फायदा पहुंचाना है, जो भी नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़े होते हैं वो उनके बारे में कुछ ना कुछ गलत बोलते रहते हैं.’ राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘किसान खड़े हो जाएंगे तो उसे आतंकवादी बोलेंगे, मजदूर खड़े हो जाएंगे तो उन्हें आतंकवादी बोलेंगे और एक दिन अगर मोहन भागवत खड़े हो जाएंगे तो कहेंगे ये भी आतंकवादी हैं. जो भी नरेंद्र मोदी जी से सवाल पूछने की कोशिश करेगा वो आतंकवादी है और नरेंद्र मोदी सिर्फ अपने दो-तीन लोगों के लिए काम कर रहे हैं जिनको वो पूरा हिंदुस्तान पकड़ा रहे हैं.’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को राष्ट्रपति से मुलाकात कर कृषि कानून के खिलाफ ज्ञापन सौंपा. इससे पहले भी राहुल गांधी विपक्ष के नेताओं के साथ मिलकर राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुके हैं. राहुल ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि देश का किसान तबतक पीछे नहीं हटेगा, जबतक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे. आज किसानों को पता है कि ये कानून उनके लिए नहीं हैं, ऐसे में कांग्रेस पार्टी किसानों की लड़ाई में उनके साथ है. केंद्र सरकार को तुरंत संसद का सत्र बुलाकर तीनों कानूनों को रद्द करना चाहिए. बता दें कि एक तरफ राहुल गांधी ने गुरुवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की, तो वहीं राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने जा रहे कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में भी लिया गया, इनमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल थीं.

हरियाणा: किसानों ने खोद डाला दुष्यंत चौटाला के लिए बनाया गया हेलीपैड

चंडीगढ़। हरियाणा के जींद में किसानों का उग्र प्रदर्शनदुष्यंत चौटाला के लिए बनाया गया हेलीपैड खोदामुख्यमंत्री के काफिले के आगे दिखाए थे काले झंडे हरियाणा के जींद जिले के उचाना में किसानों ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आने से पहले बनाए गए हेलीपैड को फावड़े से खोद डाला. इतना ही नहीं किसानों ने दुष्यंत चौटाला गो बैक के नारे भी लगाए. दरअसल दुष्यंत चौटाला के हेलिकॉप्टर को आज इस हेलीपेड पर लैंड करना था. किसानों के विरोध को देखते हुए दुष्यंत चौटाला का दौरा रद्द कर दिया गया. किसानों का कहना है कि जब तक दुष्यंत चौटाला किसानों का समर्थन नहीं करते तब तक उन्हें इस क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे. किसानों का कहना था कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इस्तीफा देकर किसानों के बीच में आएं. उन्होंने कहा कि यहां जो भी नेता आएगा उसका इसी तरह विरोध किया जायगा. हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर को दिखाए थे काले झंडे किसानों ने एक दिन पहले ही केंद्र सरकार के नए कृषि कानून का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के काफिले को रोक कर काले झंडे दिखाए थे और लाठियां भी चलाई थीं. इस मामले में हरियाणा पुलिस ने 13 किसानों के खिलाफ हत्या और दंगे के प्रयास का मामला दर्ज किया है. किसानों के खिलाफ अंबाला में ही मामला दर्ज किया गया है. जहां मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह ने मुख्यमंत्री खट्टर को उस वक्त काले झंडे दिखाए थे, जब उनका काफिला अंबाला शहर से गुजर रहा था. खट्टर आगामी निकाय चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने के लिए शहर में आए थे. ठीक उसी वक्त अग्रसेन चौक पर किसानों ने मुख्यमंत्री के काफिले को देखकर काले झंडे लहराए थे. उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की थी. पुलिस ने बुधवार को कहा कि कुछ किसानों ने काफिले की ओर बढ़ने की कोशिश की और कुछ समय के लिए रास्ता अवरुद्ध कर दिया था. पुलिस के मुताबिक उनमें से कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर लाठियां भी बरसाईं.

ग्वालियर : प्रेमी को बचाने के लिए नाबालिग ने थाने के बाथरूम में खाया जहर, बोली- अब दर्ज करो केस

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक नाबालिग लड़की अपने प्रेमी को बचाने के लिए पहले पिता से भिड़ी फिर उसने बहोड़ापुर थाने के टॉयलेट में जाकर जहर खा लिया. बताया जा रहा है कि पुरानी छावनी मोतीझील निवासी 17 साल की लड़की का पास ही रहने वाले रिंकू जाटव (19) से प्रेम प्रसंग चल रहा था. परिजन को इस बारे में पता लगा, तो उन्होंने लड़की की डांट लगाई और लड़के से कभी न मिलने के लिए कहा. इस पर दोनों ने भागने का मन बना लिया. बताया जा रहा है कि 13 दिसंबर को नाबालिग बहोड़ापुर क्षेत्र में एक शादी समारोह में आई थी. यहीं से वो अपने प्रेमी रिंकू के साथ भाग गई. लड़की के नाबालिग होने से पुलिस ने रिंकू के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया. दोनों पहले आगरा गए फिर कुछ दिन दिल्ली में रहे. पैसे खत्म होने के बाद ग्वालियर वापस लौट गए. इधर पुलिस दोनों को लगातार ढूंढ रही थी. मंगलवार रात 1 बजे दोनों ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना पहुंचे और पुलिस ने दोनों को पकड़कर बहोड़ापुर पहुंचा दिया. लड़की ने थाने के बाथरूम में जाकर खाया जहर पुलिस ने किशोरी के परिजन को बुलवा लिया और बेटी से रिंकू के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की बात कही, तो बेटी ने मना कर दिया. विवाद बढ़ा तो किशोरी ने बाथरूम जाने के लिए कहा. जिसके बाद महिला सिपाही उसे लेकर थाने के बाथरूम में पहुंची. जहां उसने जहरीला पदार्थ खा लिया. कुछ देर बाद लड़की बाहर निकलकर पिता से बोली, “करा दो मामला दर्ज, मैंने जहर खा लिया है, अब मैं हमेशा के लिए जा रही हूं.” ये बात सुनकर थाने में अफरा-तफरी मच गई. तुरंत ही लड़की को अस्पताल ले जाया गया. लड़की अपने प्रेमी और उसके घरवालों के खिलाफ कोई भी शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती है. लड़की की हालत अब ठीक है. उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. लेकिन पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

ब्रह्मलीन हुए बर्फानी बाबा, भक्तों का दावा- 150 साल थी उम्र

जयपुर। बर्फानी बाबा महाराज बुधवार देर रात अहमदाबाद में ब्रह्मलीन हो गए। गुरुवार को उनकी पार्थिव देह मेहंदीपुर बालाजी स्थित आश्रम में लाई गई। यहां शुक्रवार को आश्रम में उनको समाधि दी जाएगी। बर्फानी बाबा के अंतिम दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त आश्रम पहुंचे हैं। बाबा के कुछ भक्तों का दावा है कि कुछ दिन पहले ही बाबा ने अपना समाधि स्थल मेहंदीपुर बालाजी में बनाने के लिए कहा था। यहां उनका आश्रम भी है। भक्तों का दावा- 150 साल थी उम्र बर्फानी दादा के भक्तों का दावा है कि उनकी उम्र करीब 150 साल थी। उन्होंने कुंडलिनी जागरण में सिद्धी पा रखी थी। 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय बर्फानी बाबा मानसरोवर में साधना कर रहे थे। जिसके बाद युद्ध के अशांत माहौल को छोड़कर हरिद्वार आ गए थे। जहां से अमरकंटक पहुंचे और फिर वहां साधना की। अनुयायियों का दावा- पहले भी शरीर छोड़ चुके हैं बाबा अनुयायियों का दावा है कि बाबा पहले भी अपना शरीर छोड़ चुके हैं। इसके बाद वे नए शरीर में फिर से प्रकट होते हैं। कुंडलिनी जागरण के जरिए ही उन्होंने ये सिद्धी प्राप्त की है। इंदौर के मालवीय नगर में भी बर्फानी धाम की स्थापना की गई। जहां हर साल शरद पूर्णिमा पर हजारों अस्थमा रोगियों को औषधियुक्त खीर का वितरण किया जाता है।

बुलंद हौसले ….. कठुआ से जम्मू के बीच बस दौड़ा रहीं सांधर की पूजा

कठुआ । अगर कोई महिला सार्वजनिक परिवहन की चालक बनती है तो निसंदेह एक बुलंद हौसले का काम है। कठुआ जिले के पहाड़ी क्षेत्र बसोहली के गांव सांधर की पूजा निजी बस चालक है। उसकी हर कोई सराहना कर रहा है। वह कठुआ जिला ही नहीं, बल्कि जम्मू-कठुआ रूट पर निजी यात्री बस की पहली महिला चालक है। कठुआ-जम्मू रूट पर कोई भी उसे बस चलाते देखता है तो उसकी तारीफ किए बिना नहीं रहता। पूजा ने यात्री बस का स्टेयरिंग पकड़ कर साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। गांव सांधर की रहने वाली पूजा कहती हैं कि उन्हें पहले से ही बड़ी गाड़ी चलाने का शौक था, लेकिन परिवार वाले ऐसा नहीं चाहते थे। मैं ज्यादा पढ़ी लिखी भी नहीं हूं। इसके चलते उसके लिए ये काम सही था। कुछ साल पहले उन्होंने ड्राइविंग सीखने के लिए टैक्सी चलाई। इसके बाद जम्मू में ट्रक चलाया और अब स्थानीय ट्रांसपोर्टर ने बस चलाने का मौका देकर सपना पूरा कर दिया है। आज वह काफी खुश है। बचपन से ही बड़ी गाड़ी चलाने का शौक था मैं उन सभी महिलाओं को संदेश देती हूं, जो घर परिवार से ऐसा काम करने से पीछे रहती हैं। उन्हें भी मेरी तरह घर से ऐसा काम करने के लिए इजाजत नहीं मिलेंगी, लेकिन ऐसा नहीं है। मेरा बचपन से ही बड़ी गाड़ी चलाने का शौक था, लेकिन परिवार वाले ऐसा नहीं चाहते थे। मैं ज्यादा पढ़ी लिखी भी नहीं हूं, जिसके चलते उसके लिए ये काम सही था। कुछ साल पहले उसने ड्राइविंग सीखने के लिए टैक्सी चलाई, उसके बाद जम्मू में ट्रक चलाया और अब उसे स्थानीय एक ट्रांसपोर्टर ने उनकी ड्राइविंग को देखते हुए उसे अपनी लाखों की बस चलाने का मौका देकर उनका सपना पूरा कर दिया है। काफी मेहनत से इस मुकाम पर पहुंची आज वो पहली बार बस चलाकर काफी खुश है। काफी मेहनत से इस मुकाम पर पहुंची है। वह उन सभी महिलाएं को संदेश देती हूं, जो घर परिवार से ऐसा काम करने से पीछे रहती हैं हालांकि उन्हें भी मेरी तरह घर से ऐसा काम करने के लिए इजाजत नहीं मिलेंगी ,लेकिन ऐसा नहीं है,महिलाएं सब कुछ कर सकती है,इसलिए महिलाएं जो जिस क्षेत्र मेेंं रुचि रखती है,उसमें आगे आएं, मेरा परिवार भी, जो मेरे खिलाफ था, आज उसे देखकर खुश हो रहा होगा।

मंगल ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन, इन राशियों को मिलेगी तरक्की और होगा जबरदस्त लाभ

भोपाल।  मंगल ग्रह का 24 दिसंबर को राशि परिवर्तन होने जा रहा है। मंगल ग्रह, मेष राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में मंगल ग्रह 22 फरवरी 2020 तक रहेंगे। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में नीच और मकर राशि में उच्च के माने जाते हैं। मंगल ग्रह का यह राशि परिवर्तन कुछ राशियों के लिए अच्छी खबर लेकर आएगा तो कुछ राशियों के लिए परेशानियां पैदा होंगी। मंगल देव का यह राशि परिवर्तन कुछ जातकों के लिए शुभ समाचार लेकर आएगा। जानिए किन राशियों के जातकों को राशि परिवर्तन का मिलेगा लाभ- 1. मेष- मेष राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में प्राप्ति होगी। इस गोचर के दौरान नए कार्य शुरू करना शुभ होगा। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का भी निपटारा होगा। उच्च अधिकारियों से मधुर संबंध होंगे। 2. मिथुन- इस राशि के जातकों की परेशानियों का अंत होगा। नौकरी और बिजनेस में तरक्की होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसले आपके पक्ष में आ सकते हैं। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। 3. कर्क- नौकरी और व्यापार में तरक्की होगी। कार्यक्षेत्र में स्थान परिवर्तन संभव है। उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। छात्रों के लिए समय अनुकूल है। इस राशि के जातकों को सरकारी नौकरी मिलने का भी योग बन सकता है। 4. सिंह- इस राशि के जातकों की धर्म और अध्यात्म में गहरी रुचि होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सफलता की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। किसी बड़े सम्मान को प्राप्त कर सकते हैं। 5. धनु- छात्रों को सफलता मिलेगी। व्यापारियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। विदेशी कंपनी में नौकरी का प्रयास कर रहे हैं तो सफल होंगे। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। 6. कुंभ- इस गोचर के दौरान आपके फैसले और कार्यों की प्रशंसा होगी। धर्म और अध्यात्म के प्रति रूचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलने की संभावना है।

किसानों ने सरकार के बातचीत के न्यौते को किया खारिज, कहा- आग से न खेलें

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पर बैठे किसानों ने बुधवार को कहा है कि केंद्र सरकार सरकार आग से ना खेलें। आंदोलन को हल्के में ना लें। संयुक्त किसान मोर्चा का प्रेस कांफ्रेस कहा कि वो सरकार की ओर से मिले बातचीत के न्योते को खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर कोई बातचीत संभव नहीं है। बता दें कि किसान सरकार के प्रस्ताव को पहले भी खारिज कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों में संशोधन नहीं, रद्द करे। किसान नेताओं ने कहा कि हम तीनों कानून को रद्द करने के नीचे हम तैयार नहीं है। सरकार इस तरह के प्रस्ताव भेजकर सिर्फ साजिश रच रही है। हम पहले ही भी इसे खारिज कर चुके है। किसान सिर्फ अन्न पैदा नहीं करता है। उनके बेटे देश की सीमा पर सुरक्षा घेरा बनाते है। सीमा पर तैनात बेटों का भी मनोबल गिर रहा है। उनके मां-बाप सड़कों पर है। हम सरकार को चेतावनी देते है कि वह आग से ना खेलें। किसान जो कि सड़कों पर आया है उसे सम्मान पूर्वक मान ले। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार गुमराह कर रही है कि किसानों की हमने सारी बात मान ली है। किसान कभी भी बातचीत के लिए मना नहीं कर रहा है। मगर सरकार असल मुद्दे पर बात करें। किसान नेता शिवकुमार ने कहा कि केंद्र को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ वार्ता के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम गृह मंत्री अमित शाह को पहले ही बता चुके हैं कि प्रदर्शनकारी किसान संशोधनों को स्वीकार नहीं करेंगे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि सरकार को अपना हठी रवैया छोड़ देना चाहिए और किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए। ऑल इंडिया किसान सभा के नेता हन्नन मोल्ला ने कहा कि सरकार हमें थकाना चाहती है ताकि किसानों का आंदोलन खत्म हो जाए।

कर्ज से बचने के लिए रची अपनी हत्या की साजिश, दोस्त को उतार दिया मौत के घाट

पुणे । पुणे पुलिस ने एक ऐसे हत्यकांड का पर्दाफाश किया है जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे. 52 साल के एक शख्स ने अपने एक करोड़ रुपये के कर्ज को निपटाने के लिए खुद की ही हत्या की साजिश रच दी और उसे सच साबित करने के लिए अपने ही दोस्त को बलि का बकरा बना दिया और उसकी हत्या कर दी. पुणे के पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने कहा कि 20 नवंबर को हिंजवडी पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था. जांच अधिकारी बालकृष्ण सावंत को उदांशावाली दरगाह के मौलाना ने अधजले शव और कपड़े के बारे में जानकारी दी थी. पुलिस टीमों ने घटनास्थल से दो मोबाइल नंबर और आधे जले हुए कपड़े के साथ एक कागज भी बरामद किया. जो अधजला शव मिला था उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि व्यक्ति की मौत छुरा घोंपने की वजह से हुई थी और बाद में शव को जला दिया गया था. तीन दिनों की पूछताछ के बाद, एक व्यक्ति के पास वही मोबाइल नंबर मिला जो पुलिस ने अधजले शव के पास से बरामद किया था. पूछताछ में उस शख्स ने पुलिस को बताया कि वाईसीएम अस्पताल के बाहर एक भिखारी ने उसका नंबर मांगा था. इसके बाद पुलिस ने हिंजेवडी और पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र के आसपास से लापता लोगों के बारे में जानकारी हासिल की और ऐसे लोगों के आवासों के पास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की स्क्रीनिंग शुरू की. इस बीच, एक पुलिस टीम ने वाईसीएम अस्पताल के गेट के बाहर एक लापता भिखारी के बारे में पुष्टि की. आस-पास के सीसीटीवी फुटेज ने पुष्टि की कि लापता भिखारी और वक्कड़ क्षेत्र के एक लापता व्यक्ति को एक-दूसरे से बात करते हुए देखा गया था. पुलिस को तब शक हुआ कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे दो लोगों में से एक ने ही दूसरे की हत्या की होगी. इस बीच लापता व्यक्ति के सूटकेस से एक नोट भी बरामद हुआ जिसमें उन 7-8 लोगों के नामों का उल्लेख किया गया था जिन्हें लापता होने या हत्या होने की स्थिति में संभावित दोषी ठहराया गया था. कर्ज से बचने के लिए रची अपनी हत्या की साजिश पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि लापता व्यक्ति महबूब दस्तगीर शेख है. उसने लोगों से करीब 80 लाख रुपये का उधार लिया था. इसके बाद पुलिस को उसपर शक हो गया कि शेख ने उसी कर्जे से मुक्ति पाने के लिए अपनी मौत की साजिश रची.पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस ने आखिरकार दाउद रेलवे स्टेशन पर 52 वर्षीय शेख का पता लगाने में कामयाबी हासिल कर ली. उसकी पत्नी ने ही वाकाड पुलिस के पास एक गुमशुदगी दर्ज करवाई थी. हालांकि वो पुलिस को यह नहीं बता पाई थी कि उसका पति कब और कहां से लापता हुआ था. कर्ज से बचने के लिए रची अपनी हत्या की साजिश जांच के दौरान, महबूब शेख ने खुलासा किया कि उसने अपने दोस्त संदीप पुंडलिक मैनकर की हत्या की योजना बनाई थी. मेहबूब शेख संदीप को अपनी बाइक से अलग-अलग स्थानों पर ले गया. वहीं एक जगह उसने अपने दोस्त की चाकू से हत्या कर दी और फिर बानर क्षेत्र में उदांशावाली दरगाह के पास शव को जला दिया.जांच में यह भी सामने आया कि महबूब शेख के खिलाफ थाने में पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए थे. हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट ने पांच दिनों के पुलिस रिमांड में भेज दिया है.

सेना के जवानों संग अश्लील वीडियो बनाकर करती थी ब्लैकमेल, मेरठ में गिरोह का भंडाफोड़

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने मास्टरमाइंड युवती और उसके गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने साइबर सेल की मदद से युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, सोशल मीडिया के माध्यम से मोबाइल नबंर बांटकर हनीट्रैप में फंसाने वाली युवती और उसके गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस ने युवती और उसके साथी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साइबर सेल और मेरठ पुलिस के साझा प्रयास में यह कार्रवाई हुई है. इस गैंग ने सेना के जवानों से ठगी भी की है. एसपी सिटी मेरठ अखिलेश नारायण ने बताया कि एक शख्स ने साइबर सेल और नौचंदी थाने में शिकायत की थी कि एक युवती और युवक ने गैंग बनाया हुआ है, जो कि हनीट्रैप से ब्लैकमेल करते हैं. वे कई लोगों को अपना शिकार बना चुके है. आश्चर्य की बात है कि ये लोग ज्यादातर सेना के जवानों को जाल में फंसाते हैं.इस मामले का खुलासा करते हुए थाना पुलिस ने क्षेत्र के कुटी चौराहे से आरोपी युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया. नौचंदी पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई वारदात करने की बात कबूल की है. इस गैंग की सरगना पहले दोस्ती करती थी, फिर सेना के जवान का अश्लील वीडियो बनाती थी, उसके बाद ब्लैकमेलिंग शुरू होती थी. इस गिरोह की तलाश में नौचंदी थाने की पुलिस लगी हुई थी. आरोपी युवती की कई फर्जी आईडी मिली है. मोबाइल फोन्स और सिम कार्ड्स भी मिले हैं. अलग-अलग आईडी से युवती लोगों से बात करती थी. अब पुलिस ने युवती द्वारा हनीट्रैप में फंसे पीड़ितों का पता लगाना शुरू कर दिया है.

महाराष्ट्र के 3000 किसान 100 से ज्यादा वाहनों से निकले दिल्ली की ओर

नासिक। महाराष्ट्र के नासिक से करीब 3000 हजार किसान 100 से ज्यादा वाहनों से दिल्ली कूच कर गए हैं। ये किसान 21 दिसंबर को निकले थे। ये लोग 25 दिसंबर को दिल्ली पहुंचकर कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान आंदोलन में शामिल होंगे। बुधवार को इन किसानों का मध्यप्रदेश की सीमा नेशनल हाइवे क्रमांक 3 पर सेंधवा में बड़ी बिजासन में नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर और उनके समर्थकों ने स्वागत किया। अखिल भारतीय किसान महासभा के डॉक्टर अजीत नवले ने बताया कि करीब 3000 किसान अलग-अलग रूट से दिल्ली गए हैं। सभी 25 दिसंबर को पहुंचकर किसान आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का कृषि कानून किसान विरोधी है। इसमें कई खामियां हैं। सभी किसान राशन का सामान साथ लेकर निकले हैं। जगह-जगह यात्रा का स्वागत भी किया जा रहा है। यात्रा के यहां पहुंचते ही सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। स्वागत के बाद मेधा पाटकर भी उनके साथ हो लीं।

भाजपा ने बिना पूछे मेरी फोटो छाप दी, इनकी बेशर्मी भी जियो के इंटरनेट जैसी अनलिमिटेड

चंडीगढ़। किसान आंदोलन के बीच भाजपा नए कृषि कानूनों के फायदे बता रही है। इसी दौरान एक पोस्टर सामने आया, जिसमें एक किसान मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) पर फसल खरीदे जाने की बात कह रहा है। पोस्टर में काफी खुश देख रहे इस किसान का नाम हरप्रीत सिंह है। यह पोस्टर पंजाब भाजपा ने जारी किया गया था। पोस्टर में हरप्रीत को एक खुशहाल किसान के रूप में पेश किया था। लेकिन, हकीकत में हरप्रीत दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन शामिल है। मामला सामने आने के बाद हरप्रीत ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा ने बिना पूछे मेरी फोटो छाप दी। इनकी बेशर्मी भी जियो के इंटरनेट जैसी अनलिमिटेड है। उधर, पंजाब भाजपा ने अपने फेसबुक पेज से पोस्टर वाली पोस्ट डिलीट कर दी है। हरप्रीत बोले- मैं तो सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन में हूं पंजाब के होशियारपुर में रहने वाले हरप्रीत सिंह का कहना है कि भाजपा ने उनकी 6-7 साल पुरानी फोटो का पोस्टर में इस्तेमाल किया है। इसके लिए मुझसे नहीं पूछा गया। मैं तो अपने किसान भाइयों के साथ आंदोलन में शामिल हूं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार भले ही कह रही हो कि ये कानून किसानों के फायदे के लिए है, लेकिन हम जानते हैं कि ये नुकसान का सौदा है। हम अपना आंदोलन तभी खत्म करेंगे, जब नए कृषि कानूनों को वापस लिया जाएगा। हरप्रीत सिंह की तस्वीर के इस्तेमाल पर पंजाब भाजपा के चीफ अश्विनी शर्मा ने कहा है कि हम मामले की जांच करवा रहे हैं। भाजपा को लीगल नोटिस भेजा कृषि कानूनों के पक्ष में सोशल मीडिया पर बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल करने के लिए पंजाब के पॉपुलर फोटोग्राफर, एक्टर और डायरेक्टर हार्प फार्मर ने भाजपा कार्यालय दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ के इंचार्ज को लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में सोशल मीडिया पर 7 दिन के अंदर माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा न करने पर क्रिमिनल और मानहानि का केस फाइल किया जाएगा। यह नोटिस पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हाकम सिंह के जरिए भेजा गया है।

महाराष्ट्र व कर्नाटक के बाद अब राजस्थान में भी न्यू ईयर पर रहेगा नाइट कर्फ्यू

जयपुर। न्यू ईयर की पार्टी पर रोक लग गई है। इस दौरान तीनों राज्यों में नाइट कर्फ्यू लगा रहेगा। महाराष्ट्र में मंगलवार रात से ही नाइट कर्फ्यू लागू है। कर्नाटक में आज रात 10 बजे से लग जाएगा। राजस्थान में 31 दिसंबर की रात से एक जनवरी की सुबह 6 बजे तक सबकुछ बंद रहेगा। राजस्थान सरकार ने कहा, 31 दिसंबर की रात 8 बजे से एक जनवरी की सुबह 6 बजे तक राज्य के सभी बड़े शहरों में नाइट कर्फ्यू लगा रहेगा। ये कर्फ्यू राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लगेगा। इस दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट, फार्म हाउस पर किसी भी तरह के कार्यक्रम या पार्टी का आयोजन नहीं होगा। आतिशबाजी करने और पटाखे बेचने पर भी रोक रहेगी। उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा की नाइट कर्फ्यू बुधवार की रात से शुरू होकर 2 जनवरी तक जारी रहेगा। इसके बाद हालात का जायजा लेकर आगे के लिए फैसला लिया जाएगा। नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। महाराष्ट्र में फिर से खुलेंगे टूरिस्ट प्लेस महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में एक बार फिर से टूरिस्ट प्लेस खोलने का आदेश जारी कर दिया है। सभी जगहों पर कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। हालांकि ये टूरिस्ट प्लेस कंटेनमेंट जोन के बाहर ही खुलेंगे। इसके साथ वाटर स्पोर्ट्स, नौका विहार, पार्क, इंडोर एंटरटेनमेंट एक्टिविटी की भी मंजूरी मिल गई है। केरल में हालात बिगड़ी देश में कोरोना संक्रमण के मामले में अब केरल की हालत चिंता बढ़ा रही है। यहां हर दिन 5-6 हजार केस आ रहे हैं। यहां मंगलवार को भी 6049 मरीजों की पहचान हुई। यह कुछ दिन पहले तक टॉप पर चल रहे महाराष्ट्र के मामलों से लगभग दोगुना है। यहां मंगलवार को 3106 केस आए। केरल में अब 61 हजार एक्टिव केस हैं, जबकि महाराष्ट्र में 58 हजार। देश में मंगलवार को 23 हजार 880 केस आए और 27 हजार 32 मरीज ठीक हो गए। 329 की मौत हुई। इस तरह एक्टिव केस में 3498 की कमी आई। देश में अब तक 1 करोड़ 99 हजार केस आ चुके हैं। 96.62 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.46 लाख की मौत हो चुकी है। कुल 2.87 लाख मरीजों का इलाज चल रहा है।

सस्ते में घर और प्लॉट खरीदने की कर रहे प्लानिंग, तो है बेहतर मौका, SBI के ई-नीलामी में लें हिस्सा

मुंबई. SBI शाखा में जाकर आप प्रॉपर्टी की नीलामी से संबंधित जानकारी ले सकते हैं। ई-नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति नीलामी की प्रक्रिया और संबंधित प्रॉपर्टी के बारे में किसी भी तरह की जानकारी के लिए निर्दिष्ट अधिकारी से संपर्क कर सकता है। नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर आप सस्ती कीमत में प्रॉपर्टी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके पास एक बेहतर मौका है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) लोन न चुकाने वाले लोगों की प्रॉपर्टी की नीलामी करेगा। ये उन लोगों की प्रापर्टी है जो लोन नहीं चुका पाए हैं और बैंक अपनी फंसी हुई रकम वापस निकाल रहा है। इसकी जानकारी बैंक की ओर से ट्वीट कर दी गई है। ये नीलामी ऑनलाइन होगी, इसमें रेसिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल हर तरह की प्रॉपर्टी खरीदने का मौका मिलेगा। नीलामी में कई कारें भी बेची जाएंगी। नीलामी की प्रक्रिया 30 दिसंबर को की जाएगी। बैंक ने ट्वीट में लिखा है कि क्या आप भी निवेश करने के लिए प्रापर्टी सर्च कर रहे हैं? अगर ऐसा है तो आप एसबीआई ई-ऑक्शन में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। नीलामी नियमों के अनुसार, ई-नीलामी की तारीख पर नीलामी वाले घंटों में बिडर्स को लॉग-इन कर बोली लगानी होगी। बैंक की वेबसाइट पर कुछ लिंक्स भी मौजूद हैं। इन पर जाकर प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी और उनकी लोकेशंस पता की जा सकती हैं।

तेलंगाना के डुब्बा टांडा गांव में बना सोनू सूद का मंदिर, गांव वाले बोले- वे हमारे लिए भगवान हैं

हैदराबाद। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच किए गए नेक कामों के चलते सोनू सूद की छवि मसीहा की बन चुकी है। तेलंगाना राज्य के गांव डुब्बा टांडा के लोगों ने 47 साल के सोनू के नाम पर एक मंदिर बनवाकर उन्हें सम्मानित किया है। रिपोर्ट्स की मानें तो गांव वालों ने इस मंदिर का निर्माण सिद्दीपेट जिला अधिकारियों की मदद से करवाया है। रविवार को हुआ लोकार्पण मंदिर का लोकार्पण रविवार को मूर्तिकार और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान एक आरती भी की गई। पारंपरिक पोशाक पहने स्थानीय महिलाओं ने लोकगीत गाए। जिला परिषद के सदस्य गिरी कोंडेल ने अपने एक बयान में कहा कि सोनू कोरोना महामारी के बीच जनता के लिए अच्छे काम कर रहे हैं। ‘सोनू हमारे लिए भगवान’ मंदिर की योजना बनाने वाले संगठन में शामिल रमेश कुमार ने इस दौरान बताया, “सोनू ने अच्छे कामों के चलते भगवान का ओहदा पा लिया है। इसलिए हमने उनके लिए मंदिर बनवाया। वे हमारे लिए भगवान हैं।” रमेश कुमार ने आगे कहा कि सोनू ने देश के सभी 28 राज्यों के लोगों की मदद की है और उनके इंसानियत भरे कामों के लिए उन्हें अवॉर्ड्स भी मिले हैं। वे कहते हैं, “सोनू ने लॉकडाउन के दौरान जिस तरह लोगों की मदद की है, उसके चलते उन्हें न केवल देश, बल्कि दुनियाभर में सम्मान मिला है। उन्हें यूनाइटेड नेशन की ओर से एसडीजी स्पेशल ह्युमेनीटेरियन एक्शन अवॉर्ड मिला। इसलिए अपने गांव की ओर से हमने उनका मंदिर बनवाने का फैसला लिया। भगवान की तरह, सोनू सूद के लिए भी प्रार्थना की जाएगी।” चिरंजीवी सीन के लिए पीटने से कर चुके इनकार हाल ही में सोनू सूद ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी नई छवि के चलते सुपरस्टार चिरंजीवी ने फिल्म ‘आचार्य’ के एक एक्शन सीन में उन्हें पीटने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था, “हम एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। इस दौरान चिरंजीवी सर ने कहा- फिल्म में तुम्हारा होना हमारे लिए सबसे बड़ी समस्या है, क्योंकि मैं एक्शन सीन में तुम्हे पीट नहीं सकता। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो लोग उन्हें गालियां देंगे।” (पढ़ें पूरी खबर) प्रवासी मजदूरों को पहुंचाया था घर लॉकडाउन के दौरान सोनू सूद ने मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों को देश के दूर-दराज इलाकों में स्थित उनके घर तक पहुंचाने में मदद की थी। उन्होंने और उनकी टीम ने मजदूरों के लिए टोल फ्री नंबर और वॉट्सऐप नंबर जारी किए थे। सोनू ने मजदूरों के लिए बस, ट्रेन और चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम भी कराया था। साथ ही फंसे हुए लोगों के खाने-पीने का इंतजाम भी किया था। बाद में उन्होंने रोजगार मुहैया कराने वाले लोगों और संस्थाओं के साथ मिलकर प्रवासी मजदूरों के लिए नौकरी पोर्टल भी लॉन्च किया। उनका अगला लक्ष्य बुजुर्गों के घुटनों के ट्रांसप्लांट का है, जिसे वे 2021 में हासिल करना चाहते हैं।

MP : चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल से सियासी उफान, 124 करोड़ का लेनदेन

भोपाल। चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल से उठे सियासी उफान के बीच आयकर के दस्तावेजों में नया खुलासा हुआ है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले हुए लेन-देन से जुड़ी आयकर विभाग की अप्रेजल रिपोर्ट में आठ विभागों के नाम के आगे 124 करोड़ 20 लाख रुपए का जिक्र किया गया है। इसमें सर्वाधिक राशि परिवहन विभाग और आबकारी विभाग के आगे लिखी है। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद राज्य सरकार द्वारा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को केस सुपुर्द करते ही जांच का दायरा तीन आईपीएस अधिकारियों और एक राज्य पुलिस सेवा के अफसर के साथ इन विभागों तक भी पहुंचेगा। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस केस के बारे में जानकारी दे दी गई है। एक-दो दिन बाद ईओडब्ल्यू को केस सौंपा जा सकता है। इस बीच रविवार को भाजपा दफ्तर पहुंचे मुख्यमंत्री से मीडिया ने इस केस के संबंध में सवाल किया कि सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों और विधायकों के साथ नेताओं के नाम भी शामिल हैं, इस पर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा। आयकर दस्तावेज में कंप्यूटर बाबा के नाम के आगे लिखा 25 लाख आम चुनाव में दिग्विजय सिंह भोपाल संसदीय सीट से प्रत्याशी रहे। आयकर के दस्तावेजों में उन्हें 90 लाख दिए जाने के साथ कंप्यूटर बाबा का भी जिक्र है। बाबा उस समय भोपाल में दिग्विजय के लिए ही प्रचार कर रहे थे। बाबाे नाम के आगे 25 लाख लिखा है। प्रतीक जोशी की डायरी में कई नाम अप्रैल 2019 में पड़े आयकर छापे के दौरान प्रतीक जोशी के घर से एक डायरी भी मिली, जिसमें चुनाव के लिए पैसा देने और लेने वालों के नाम लिखे हैं। इसी में कुछ विभागों के भी नाम हैं। साथ ही बैलेंस शीट व खर्च का भी उल्लेख है। इस सूची का मिलान ललित छजलानी घर से लैपटॉप में मिली सूची से किया गया, जो तकरीबन मिल रही है। छजलानी के घर से मिली सूची की एक्सएल फाइल को लोकसभा लिखा गया है। संजीव सिंह-रामबाई के नाम के आगे 50 लाख से अधिक का जिक्र अप्रेजल रिपोर्ट में बसपा विधायकों से जुड़ी जानकारी का भी जिक्र है। एक रसीद है, जिसमें बसपा विधायक संजीव सिंह के द्वारा 25 लाख लेने का जिक्र है। एक जगह सूची में संजीव सिंह के नाम के आगे 10 लाख लिखा है। इसी तरह बसपा की दूसरी विधायक रामबाई के नाम के आगे 36 लाख 50 हजार लिखा है। परिवहन, आबकारी, पीएचई सहित 8 विभागों से लेन-देन का जिक्र आयकर दस्तावेजों में परिवहन (फंड ऑफ ट्रांसपोर्ट) के सामने 58 करोड़ और एम. सिखरवार से 3 करोड़, आबकारी (फंड ऑफ एक्साइज) 38.8 करोड़, पीडब्ल्यूडी-नगरीय विकास से 7.2 – 7.2 करोड़, इरीगेशन-खनिज से छह-छह करोड़, ऊर्जा से 1.5 और पीएचई से 1.3 करोड़ लिखा है।

MP : कालेधन मामले में मंत्रियों के नाम आने से शिवराज सरकार में हड़कंप, कांग्रेस हमलावर

भोपाल। लोकसभा चुनाव 2029 में कालेधन का लेनदेन में सियासत गरमा गई है। जिन विधायकों के नाम केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की रिपोर्ट में आए हैं, वे कांग्रेस के हों या बीजेपी के सभी के स्वर एक समान ही हैं। उनका कहना है कि हमें बदनाम करने की साजिश हुई है। सत्ता दल और विपक्ष दोनों के नेताओं का नाम होने से सरकार कार्रवाई पर फैसला नहीं ले पा रही है। पहले एक्शन को भाजपा नगरीय निकाय चुनाव में मुद्दा बनाने जा रही थी, उससे पहले ही कांग्रेस ने पुरानी रिपोर्ट उछालकर मामला फिफ्टी-50 बनाने की कोशिश तेज कर दी है। बीजेपी-कांग्रेस के संदेही नेताओं ने ही आरोप से बचने के लिए एक स्वर में कहा कि यदि हमने चुनाव में पैसा लिया है तो जांच एजेंसियों ने अब तक नोटिस क्यों नही दिया? पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बयान भी कुछ इसी लाइन पर आया है। इसको लेकर सरकार भी सांसत में है। दरअसल, इस मामले में शिवराज सरकार के 2 मंत्री और 11 विधायक भी फंस रहे हैं, जो कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। सीबीडीटी की रिपोर्ट में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के मंत्री सहित 64 विधायकों के नाम हैं। इनमें से 13 विधायक रिपोर्ट आने से पहले बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। पार्टी बदलने के बाद भी उनके स्वर रिपोर्ट पर कांग्रेस जैसे ही हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बयान आ चुका है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिक्रिया नहीं आई। जबकि बीजेपी के 13 में से 8 विधायक (इसमें से दो प्रद्युमन सिंह तोमर और राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव मंत्री हैं) सिंधिया समर्थक हैं। इस रिपोर्ट में सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम नहीं है, लेकिन दिग्विजय सिंह पर लोकसभा चुनाव में 90 लाख रुपए मिलने के आरोप हैं। इस पर सफाई देने दिग्विजय सिंह ने शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई थी। उन्होंने कहा कि हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं। साथ ही, सवाल खड़ा किया – यह कैसी जांच है, अभी तक मुझे एक भी नोटिस देकर बयान नहीं लिए गए। दिग्विजय जैसा ही बयान सिंधिया के कट्टर समर्थक शिवराज सरकार के मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने दिया है। तोमर ने कहा -यदि लेन-देन में हम शामिल हैं तो अब तक नोटिस क्यों नहीं दिया गया? शिवराज सरकार में उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने भी कहा कि आरोप झूठे हैं। हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं। क्या वे बीजेपी में आने के बाद पवित्र हो गए? कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने इसको लेकर आगे की जांच की निष्पक्षता को लेकर बीजेपी से सवाल किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है – कमलनाथ को बदनाम करने की साजिश लोकसभा चुनाव के पहले रची गई थी। सीबीडीटी की कपोल-कल्पित रिपोर्ट में शिवराज सरकार में सिंधिया समर्थक दो मंत्रियों और कई विधायकों के भी नाम आए हैं। क्या उन पर भी एफआईआर होगी? वे बीजेपी में आने के बाद पवित्र हो गए हैं? CM की मुख्यसचिव से हो चुकी चर्चा मंत्रालय सूत्रों ने दावा किया है कि सीबीडीटी की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी के साथ बैठक हो चुकी है। इसमें तय किया गया है कि विधि विभाग की राय लेने के बाद रिपोर्ट ईओडब्ल्यू को सौंपने का निर्णय लिया जाएगा। शिवराज ने कहा था – दोषी कोई भी हो, कार्रवाई होगी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में कहा है कि रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर दोषी कोई भी हो, वैधानिकता के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

देश में जनवरी में वैक्सीनेशन शुरू, शायद महामारी का सबसे बुरा दौर खत्म

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई है कि देश में कोरोना वैक्सीन लगाने का काम जनवरी में शुरू हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में शायद कोरोना महामारी का सबसे बुरा दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जनवरी के किसी भी हफ्ते में भारत अपने नागरिकों को वैक्सीन देने की स्थिति में होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘मुझे निजी तौर पर लग रहा है कि जनवरी के किसी हफ्ते में वैक्सीन का पहला डोज दे दिया जाएगा। हम इस स्थिति में पहुंच चुके हैं। हालांकि, हमारी पहली प्राथमिकता है कि वैक्सीन सुरक्षित और इफेक्टिव रहे। इसके साथ हम किसी भी तरह का समझौता नहीं कर सकते हैं।’ हमारा रिकवरी रेट दुनिया में सबसे अच्छा हर्षवर्धन ने कहा, ‘कुछ ​महीनों पहले देश में कोरोना के 10 लाख एक्टिव केस थे, जो अब करीब तीन लाख हैं। संक्रमण के एक करोड़ मामले आ चुके हैं। इनमें से 95 लाख से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। हमारा रिकवरी रेट दुनिया में सबसे ज्यादा है। मुझे लगता है कि जितनी तकलीफों से हम गुजरे हैं अब वे खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इतना बड़ा देश होते हुए भी हम दूसरे बड़े देशों से बेहतर स्थिति में है।’ प्रायोरिटी वाले लोगों में से सभी को वैक्सीन लगाने की कोशिश स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार बीते चार महीनों से राज्य सरकारों के साथ मिलकर राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर वैक्सीनेशन की तैयारियां कर रही है। 260 जिलों में 20 हजार वर्कर्स को इसकी ट्रेनिंग दी गई है। हमारी कोशिश होगी कि हमारी प्राथमिकता में शामिल हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाई जाए, लेकिन कोई इसे नहीं लगवाना चाहे तो उस पर दबाव नहीं डाला जाएगा। कोरोना के खिलाफ हर तरह से तैयार रहना होगा भारत को पोलियो की तरह कोरोना मुक्त करना मुमकिन है? इस सवाल पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पोलियो और COVID-19 अलग-अलग बीमारियां हैं। पोलियो को खत्म करना वैज्ञानिक रूप से संभव था। आखिरकार कोरोनावायरस भी कम हो जाएगा और हम छिटपुट मामलों के बारे में सुनेंगे।

अमित शाह बोले- पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम पर, हम लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे

बीरभूम। पश्चिम बंगाल के अपने दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीरभूम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राज्य की टीएमसी सरकार को निशाने पर लेते हुए बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हुए हमले का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हम हिंसा का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे. आने वाले चुनाव में इस सरकार को हराकर दिखाएंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम सीमा पर है. तीन सौ से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है. इसकी जांच में एक इंच भी प्रोग्रेस दिखाई नहीं पड़ता है. अमित शाह ने कहा, “लोकतंत्र में सभी को अपनी आवाज उठाने का हक होना चाहिए. जनता तक अपनी बात पहुंचाने का हक होना चाहिए. जो शासन में होते हैं उनकी ये जिम्मेदारी होती है कि वो ये सुनिश्चि करें कि सभी राजनीतिक दल अपनी बात जनता तक पहुंचा पाएं.” केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “मैं मानता हूं कि भारत के सबसे बड़े दल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पर ये हमला केवल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पर हमला नहीं है, बंगाल में जो लोकतंत्र की व्यवस्था है उस पर हमला है. इसकी पूरी जिम्मेदारी तृणमूल कांग्रेस की सरकार की है. सत्ता का अहंकार जब सिर पर चढ़ जाता है तब इस प्रकार की घटनाएं आकार लेती हैं.” अमित शाह ने कहा, “मैं टीएमसी के सभी नेताओं को बताना चाहता हूं कि किसी गलतफहमी में मत रहिए कि इस तरह के हमले से भारतीय जनता पार्टी की गति रुकेगी और वह अपने कदम पीछे ले लेगी. जितना हिंसा का वातावरण बनेगा, बीजेपी बंगाल में खुद को मजबूत करने के लिए मेहनत करेगी. हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता. हिंसा का जवाब हम लोकतांत्रिक तरीकों से देंगे. आने वाले चुनाव में इस सरकार को हराकर दिखाएंगे.” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमला होने के बाद राज्य की मुखिया की ओर से जो प्रतिक्रिया आनी चाहिए थी, वो प्रतिक्रिया भी नहीं आई. ये चिंता की बात है. टीएमसी नेताओं के बयान इसका समर्थन करने वाले मालूम हुए. ममता सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यहां भ्रष्टाचार भी चरम सीमा पर है. साइक्लोन के राहत का जो पैसा भारत सरकार भेजती है, उसमें भी भ्रष्टाचार हुआ. कोरोना काल में पीएम नरेंद्र मोदी ने जो भोजन भेजा उसकी बोरियां की बोरियां गायब हो गईं. गरीब लोग भूखे रहे. इसकी जिम्मेदारी किसकी है?

किसान आंदोलन में 20 वीं मौत, बठिंडा में 22 साल के किसान ने जहर खाकर जान दी

नई दिल्ली। किसान आंदोलन में एक और सुसाइड की खबर सामने आई है। बठिंडा में 22 साल के किसान गुरलाभ सिंह ने रविवार को खुदकुशी कर ली। वह दो दिन पहले ही कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन से लौटा था। इससे पहले, 16 नवंबर को 65 साल के संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने गुरुमुखी में लिखे सुसाइड नोट में कहा था कि यह जुल्म के खिलाफ एक आवाज है। बठिंडा के कस्बा रामपुरा फूल के दयालपुरा में रहने वाला गुरलाभ 18 दिसंबर को ही अपने वापस आया था। वह हरियाणा के बहादुरगढ़ से सटे दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर धरने में शामिल था। उसने रविवार को जहर की गोलियां खाकर जान दे दी। शुरुआती जांच में पता चला है कि गुरलाभ सिंह छोटे स्तर का किसान था और उस पर करीब 6 लाख रुपए का कर्ज था। दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के बावजूद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान राजधानी के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। रविवार को बॉर्डर पर जमे प्रदर्शनकारी। दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के बावजूद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान राजधानी के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। रविवार को बॉर्डर पर जमे प्रदर्शनकारी। संत राम सिंह ने कोंडली बॉर्डर पर सुसाइड किया था संत राम सिंह ने कोंडली बॉर्डर पर खुदकुशी की थी। लोग उन्हें पानीपत के पॉर्क अस्पताल लेकर गये थे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बाबा राम सिंह करनाल के सिंघरा गांव के रहने वाले थे। वे सिंघरा के ही गुरुद्वारा साहिब नानकसर के ग्रंथी थे। उनके अनुयाइयों की तादाद लाखों में बताई जा रही है। संत राम सिंह ने किसान आंदोलन के समर्थन में 16 नवंबर को खुदकुशी की थी, सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था- यह जुल्म के खिलाफ आवाज है। संत राम सिंह ने किसान आंदोलन के समर्थन में 16 नवंबर को खुदकुशी की थी, सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था- यह जुल्म के खिलाफ आवाज है। आंदोलन के दौरान अब तक 20 से ज्यादा किसानों की मौत कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान दिल्ली बॉर्डर पर पिछले 25 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी उनका प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के दौरान अब तक अलग-अलग वजहों से 20 से ज्यादा किसानों की माैत हो चुकी है।

MP : सांसद प्रज्ञा की तबीयत बिगड़ी:सांस लेने में तकलीफ; AIIMS दिल्ली में भर्ती

भोपाल। राजधानी भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की तबीयत शुक्रवार को रात में अचानक बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में आ रही दिक्कत के कारण एम्स नई दिल्ली में भर्ती कराया गया है। उनमें कोरोना संक्रमण से मिलते जुलते लक्षण भी पाए गए थे। शुक्रवार की रात राजधानी दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती किया गया है। इस वजह से सांसद शनिवार को मुंबई की एक स्पेशल एनआईए कोर्ट में पेश नहीं हो पाईं। यह एक महीने में दूसरा मौका है, जब प्रज्ञा अदालत में तारीख पर पेश नहीं हुईं। राहत वाली बात ये रही कि उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। प्रज्ञा ठाकुर को फिलहाल एम्स के प्राइवेट वार्ड में रखा गया है। वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी रख रही है। वहीं एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। आज एम्स प्रज्ञा ठाकुर का हेल्थ बुलेटिन जारी करेगा, जिसमें स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी। एम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रज्ञा ठाकुर को सांस लेने में शुक्रवार रात करीब 10 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। तब उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। सांसद का ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि दवा देने के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और अब उनकी हालत स्थिर है। पल्मोनरी व कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। एम्स में उनकी कई तरह की जांच भी गई हैं। बीमार होने के कारण एनआईए कोर्ट में नहीं पेश हो पाईं मालेगांव में 2008 में हुए बम धमाकों के मामले में आरोपी भोपाल से BJP सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर शनिवार को मुंबई के एक स्पेशल एनआईए कोर्ट में पेश नहीं हुईं। यह एक महीने में दूसरा मौका है, जब प्रज्ञा अदालत में तारीख पर पेश नहीं हुईं। ठाकुर के वकील ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसकी वजह से वह अदालत नहीं पहुंच सकीं। अदालत में पांच आरोपी मौजूद थे। न्यायाधीश पीआर शित्रे ने दो अन्य आरोपियों की गैर मौजूदगी पर नाखुशी जाहिर की। अदालत ने इसके बाद सभी सातों आरोपियों को 4 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया। सांसद की तरफ से पेश वकील जेपी मिश्रा ने कहा, ‘दिल्ली के एम्स में ठाकुर का अप्रैल से ही इलाज चल रहा है। वह वहां जांच के लिए गईं थीं और उनकी मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों के निर्देश पर शुक्रवार को उन्हें भर्ती होना पड़ा।’ ठाकुर के अलावा एक अन्य आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी भी व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर अदालत में पेश नहीं हुआ। अगली पेशी में कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगी सांसद सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उनका लंबे समय से एम्स में इलाज चल रहा है। रूटीन चेकअप के लिए सांसद दिल्ली एम्स गई थी, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें एडमिट होने की सलाह दी। डॉक्टरों के सुझाव पर सांसद महोदय दिल्ली एम्स में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। स्वास्थ्य कारणों के चलते वह पेशी पर नहीं जा सकीं। लेकिन कोर्ट की अगली तारीख पर वह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखेंगी।

इंदौर में कोरोना से आबकारी सब इंस्पेक्टर की मौत

इंदौर। कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह आबकारी विभाग के सब इंसपेक्टर संतोष सिंह (44) की कोरोना के चलते मौत हो गई। इंदौर में अब तक 837 लोग कोरोना का शिकार हो चुके है। सीधी के रहने वाले संतोष सिंह लंबे समय से यहां पदस्थ थे। उनकी 12 साल की बेटी और 10 साल का बेटा है। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से वह कोविड-19 से जूझ रहे थे और निजी अस्पताल में भर्ती थे लेकिन रविवार सुबह उनका निधन हुआ है। 13 दिसम्बर को हाई कोर्ट जज की मौत कुछ दिनों पहले इंदौर हाईकोर्ट जज वंदना कसरेकर की भी कोरोना से मौत हुई थी और हाईकोर्ट में 52 से अधिक कर्मचारी इस संक्रमण का शिकार हुए थे जिसके बाद लगातार यह आंकड़ा बढ़ते जा रहा है। इंदौर में सबसे पहली मौत निरीक्षक देवेंद्र चन्द्रवंशी की कोविड-19 कॉल शुरू होते ही हुई थी। उन्हें भी लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रखा था लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी उनकी जान नहीं बचा पाए थे। इंदौर में अब तक कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 51563 है। शनिवार को एक ही दिन में 395 पॉजिजिव मिले थे। 837 लोगों की मौत हो चुकी है।

कैसे होता है सोशल मीडिया अकाउंट हैक? जानें इससे बचने के तरीके

भोपाल। सेलेब्रिटी, बिजनेसमैन या राजनेता का सोशल मीडिया अकाउंट हो जाता है । एक सर्वे की मानें, तो दुनियाभर में सोशल मीडिया हैकिंग के मामले बढ़े हैं। इनमें 22% इंटरनेट यूजर्स के सोशल मीडिया अकाउंट हैक किए जा चुके हैं। 14% ऐसे यूजर्स हैं, जिनका सोशल मीडिया अकाउंट एक से ज्यादा बार हैक किया जा चुका है। दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी सोशल मीडिया इस्तेमाल कर रही है, लॉकडाउन में सोशल मीडिया पर 59% वक्त ज्यादा दे रहे भारतीय हैकर्स किन तरीकों से करते सोशल मीडिया अकाउंट हैक? बैंगलुरु में रहने वाले साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट अविनाश जैन कहते हैं कि सभी सोशल मीडिया अकाउंट को हैक करने का तरीका हैकर्स का एक जैसा ही होता है। वह हैकर्स के हैक करने के दो तरीकों की जानकारी देते हैं। इन दो गलतियों का फायदा उठाते हैं हैकर्स 1. पहला: टेक्नीकल फ्लॉस (Technical Flaws) एक्सपर्ट कहते हैं कि आपके सोशल मीडिया अकाउंट, जैसे- फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और लिंक्डइन होते हैं। यूजर्स इन सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सोशल और प्रोफेशनल तौर पर लोगों से जुड़ने के लिए करते हैं। इन दो गलतियों की वजह से हैकर्स अकाउंट हैक कर सकते हैं। पहली तो अगर सोशल मीडिया की एप्लीकेशन में किसी तरह का लूपहोल होता है, तो इन्हीं टेक्नीकल फ्लॉस का फायदा हैकर्स उठाते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया की कंपनियों के पास अच्छे टेक्नीकल प्रोफेशनल की टीम होती हैं, लेकिन इसके बावजूद भी हैकर्स टेक्नीकल लूपहोल निकाल ही लेते हैं। 2. दूसरा- फिशिंग ट्रेप (Phishing Trap) एक्सपर्ट के मुताबिक, दूसरी गलती जिसका फायदा हैकर्स उठाते हैं। वह यूजर्स की गलतियां ही होती हैं। इसमें कई तरह से हैकर्स लोगों की ID हैक कर सकते हैं। इसको ऐसे समझ सकते हैं कि हैकर्स कॉल या मैसेज करके आपसे फिशिंग लिंक शेयर कर सकते हैं। जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे, तो आप फेसबुक, ट्विटर जैसी दिखने वाली साइट पर जा सकते हैं। इस पर वे लॉगिन करने को कहेंगे। अगर उनके झांसे में आकर लॉगिन करते हैं, तो हैकर्स अकाउंट का ID और पासवर्ड चुरा सकते हैं। उन्हें हैक करने में आसानी हो सकती है। कई बार प्राइवेसी सेटिंग बदलने के नाम पर भी हैकर्स OTP मांग सकते हैं। हैकिंग को कैसे रोक सकते हैं? एक्सपर्ट्स सोशल मीडिया पर हैकिंग से बचने के लिए सबसे ज्यादा यूजर्स को जागरुक रहने की सलाह देते हैं। वह कहते है कि किसी के साथ अपनी सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल शेयर करने से बचें। अगर कोई अनजान नंबर से आपके मोबाइल पर फोन करके OTP मांगता हैं, तो न दें। फिशिंग लिंक का ध्यान रखें। ऐसे लिंक पर ही क्लिक करें, जो ऑथेंटिक हो। कंपनियों को भी अपनी एप्लीकेशन की रेगुलर टेस्टिंग एंड ऑडिटिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर की टेस्टिंग IT प्रोफेशनल से कराते रहना चाहिए। इसकी चेकिंग के लिए थर्ड पार्टी IT कंपनियों से भी रिव्यू कराते रहना चाहिए। प्राइवेसी को लेकर भारत में किसी तरह का कानून है? एक्सपर्ट की मानें तो डेटा प्रोटेक्शन को लेकर इंडिया में फिलहाल किसी तरह का कानून नहीं बना है। 11 दिसंबर 2019 को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री ने पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल (PDP) संसद में पेश किया था। जो अभी तक पेंडिंग है। हालांकि, NCPI ने प्राइवेसी को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत देश का डेटा देश में ही रहना चाहिए, उसे बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, यूरोप में डेटा प्रोटेक्शन को लेकर GDPR नाम से कड़ा कानून बनाया गया है।

दिल्ली के बॉर्डर पर भीषण ठंड के बीच रात में खुले आसमान के नीचे सड़क पर डटे हैं किसान

नई दिल्ली. दिल्ली शीत लहर की चपेट में है, इसके बावजूद केंद्र के कृषि कानूनों (Agricultural Law) का दिल्ली की सीमाओं (Delhi border) पर विरोध कर रहे किसान (Farmer) अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. शहर में रविवार को पारा 3.4 डिग्री सेल्सियत तक गिर गया जो इस मौसम में अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के एक अधिकारी ने कहा, सफदरजंग वेधशाला में रविवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है. किसान आंदोलन शुरू हुए चार सप्ताह हो चुके हैं और इसके कारण सीमा पर कई बिंदुओं पर यातायात का मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसकी वजह से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. किसान आंदोलन जब से शुरू हुआ है तब से ही दिल्ली यातायात पुलिस लगातार ट्वीट कर सड़के बंद होने और वैकल्पिक मार्गों से जुड़ी जानकारी यात्रियों को दे रही है. दिल्ली यातायात पुलिस ने रविवार को ट्विटर के जरिए बताया कि टिकरी और धंसा बॉर्डर यातायात के लिए बंद है और झटिकारा बॉर्डर केवल दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खुला है. दिल्ली यातायात पुलिस ने कहा कि हरियाणा जाने वाले लोगों के लिए झड़ोदा, दौराला, कापसहेड़ा, बदूसराय, रजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं. यातायात पुलिस के अनुसार नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने के लिए गाजीपुर सीमा बंद है. यातायात पुलिस ने कहा कि दिल्ली आने वाले लोग आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा और भोपुरा बॉर्डर का वैकल्पिक मार्ग अपना सकते हैं. दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर केवल एक तरफ से खुला है और नोएडा से दिल्ली आने का रास्ता बंद है. यातायात पुलिस ने कहा, सिंघू, औचंदी, पियाउ मनियारी, सभोली और मंगेश बॉर्डर बंद है। कृपया लम्पुर, सफियाबाद और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर का उपयोग करें। यातायात को मुकर्बा और जीटीके रोड से मोड़ दिया गया है.

गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में तृणमूल के बागी शुभेंदु के साथ 10 विधायक भाजपा में आए

कोलकाता। दो दिन के बंगाल दौरे पर गए अमित शाह शनिवार को मिदनापुर पहुंचे। यहां उनकी रैली के दौरान TMC छोड़ चुके और ममता के खास रहे पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा का दामन थाम लिया। सांसद सुनील मंडल, पूर्व सांसद दशरथ तिर्की और 10 MLA ने भी भाजपा जॉइन की है। इनमें 5 विधायक तृणमूल कांग्रेस के हैं। इस पर शाह ने कहा कि चुनाव आते-आते दीदी (ममता बनर्जी) अकेली रह जाएंगी। शुभेंदु अधिकारी विधायकी छोड़ चुके हैं, हालांकि उनका इस्तीफा अब तक मंजूर नहीं हुआ है। अपने भाषण में शाह ने ममता बनर्जी को ही निशाने पर रखा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस महान भूमि को प्रणाम करता हूं, जहां शिक्षा शास्त्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर और शहीद खुदीराम बोस का जन्म हुआ। 18 साल का लड़का हाथ में गीता लेकर हंसते-हंसते फांसी पर झूल गया। उनकी शहादत के बाद लोगों में खुदीराम की धोती पहनने की होड़ लग गई थी। दूसरी पार्टियों के अच्छे लोग भाजपा से जुड़े शाह ने कहा कि शुभेंदु की अगुआई में आज सभी अच्छे लोग भाजपा से जुड़े हैं। दीदी कहती हैं कि भाजपा दलबदल कराती हैं। दीदी जब कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में आई थीं, वो क्या था। चुनाव आते-आते तृणमूल खाली हो जाएगी। जो हमारे साथ आ रहे हैं, वो मां-माटी-मानुष के नारे के साथ निकले थे। आपको 10 करोड़ बंगालियों का भविष्य नहीं दिखता। मैं बंगाल के किसानों को पूछना चाहता हूं कि मोदीजी जो 6 हजार रुपये दे रहे हैं, वो आपको क्यों नहीं मिल रहा। मोदी जी लोगों को आयुष्मान भारत योजना दे रहे हैं, ममता के रहते लोगों को ये नहीं मिल पाएगा। जब तक आप तृणमूल को उखाड़कर नहीं फेंक देते, 6 हजार नहीं मिलेंगे। मोदी जी जो भेजना चाहते हैं, वो लोगों को नहीं मिल रहा। ममता पर निशाना, सोनार बांग्ला बनाने का वादा अमित शाह ने कहा कि ममता दीदी, इस बार चुनाव परिणाम आएं तो देख लेना भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी। बंगाल में टोल बाजी बढ़ गई। गुंडों को शरण दी जा रही है। मोदी जी ने जो अम्फान तूफान आने के बाद जो पैसे भेजे, वो गुंडों के पास चले गए। हमने अनाज भेजा, वो ममता के कार्यकर्ताओं के हिस्से में चला गया। हाल ही में हमारे पार्टी अध्यक्ष नड्डा जी की गाड़ी पर पथराव किया गया। दीदी, जितनी हिंसा करोगी, भाजपा कार्यकर्ता उतना तेज जवाब देगा। दीदी, पूरा बंगाल आपको हटाने के लिए खड़ा हुआ है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि बंगाल के मजदूरों, किसानों, युवाओं की समस्याओं का समाधान मोदी जी सरकार ही कर सकती है। आपने तीन दशक कांग्रेस को मौका दिया। कम्युनिस्टों को 27 साल दिए। ममता को 10 साल दिए। हमें एक मौका दीजिए, बंगाल को सोनार बांग्ला बना देंगे। ये विधायक भाजपा में शामिल हुए तापसी मंडल, अशोक डिंडा, सुदीप मुखर्जी, सैकत पांजा, शीलभद्र दत्ता, दिपाली बिस्वास, शुक्र मुंडा, श्यांपदा मुखर्जी, बिस्वजीत कुंडू और बानाश्री मैती।   उन्होंने कहा कि ये संयोग ही है कि आज ही के दिन राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को भी फांसी हुई थी। युवाओं से कहना चाहता हूं कि देश के लिए मरने का मौका तो नहीं मिला, पर देश के लिए जीने का मौका जरूर मिला। खुदीराम बोस के सिद्धांतों पर चलकर हम भविष्य के काम करेंगे। खुदीराम बोस जितने बंगाल के थे, उतने भारत के लिए थे। बिस्मिल जितने यूपी के थे, उतने भारत के थे। बंगाल में जैसी ओछी राजनीति देखी जा रही है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई। शाह के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और कैलाश विजयवर्गीय मौजूद हैं। शहीद खुदीराम को यहां दी गई थी फांसी, चिता स्थल पर बना दिया था टॉयलेट भास्कर एक्सप्लेनर:बिहार के बाद अब बंगाल पर नजर: जानिए किस तरह दीदी के लिए खतरा बन गई है भाजपा इस दौरे में अमित शाह बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति का खाका खींचेंगे।पश्चिम बंगाल के चुनाव में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कोरोना संक्रमित होने के बाद यहां का चुनावी मोर्चा खुद अमित शाह ने संभाला है। ममता से तनातनी और चुनाव के कारण दौरा अहम इस समय केंद्र और ममता सरकार के संबंध अच्छे नहीं चल रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला, भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले और राज्य के अधिकारियों से जवाब-तलब के कारण यह तल्खी ज्यादा बढ़ गई है। इसी बीच अमित शाह का दौरा अहम हो जाता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा हर महीने पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। यहां अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। पहले नड्डा अक्टूबर में एक दिन के लिए उत्तरी बंगाल गए थे। कुछ दिन पहले ही वे दो दिन के दौरे पर पहुंचे थे।

24वां दिन: दिल्ली की सर्दी में किसान अब भी डटे, प्रधानमंत्री की अपील और कृषि मंत्री की चिट्‌ठी बेअसर

नई दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की चिट्‌ठी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद किसान आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी और हरियाणा बॉर्डर पर डटे हुए हैं। दिल्ली में बढ़ती ठंड और सर्द हवा के बीच भी वे पीछे हटने को तैयार नहीं है। आंदोलन कर रहे किसानों को समर्थन देने कई सेलेब्रिटी भी लगातार पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को सिंगर बब्बू मान और एक्ट्रेस स्वरा भास्कर पहुंची। मोबाइल चार्ज करने घर से सोलर पैनल लेकर आए मोबाइल चार्ज करने में परेशान न हो इसलिए किसान सोलर पैनल और ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज कर रहे हैं। एक किसान अमृत सिंह ने बताया कि वे अपने साथ सोलर प्लेट लेकर आए हैं कि अगर फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो जाएगी तो घर पर बात नहीं हो पाएगी। यहां कोई सुविधा मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार क्या सुविधा देगी, वह तो हमारी मांग तक नहीं मान रही है। चिदंबरम ने प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने MSP के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। यहां तीन तथाकथित झूठ हैं, जिन पर शायद वह टिप्पणी करना चाहें। किसानों के विरोध का समन्वय करने वाली AIKSCC ने कहा है कि किसान 900 रुपये प्रति क्विंटल पर धान बेच रहे हैं, हालांकि एमएसपी 1,870 रुपये प्रति क्विंटल है। क्या यह झूठ है? प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया था कि वह किसानों को भड़का रहा है। पूर्व वित्त मंत्री का यह बयान इसी आरोप के जवाब में आया है। उन्होंने तब्लीगी जमात और हाथरस मामले का भी जिक्र किया है। कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार ने किसानों पर 3 वार किए सुरजेवाला बोले- सत्ता संभालते ही मोदी सरकार ने किसानों को दरकिनार किया और सारे सरकारी संसाधन पूंजीपतियों को दे दिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों पर 3 वार किए।

MP : गंभीर आरोप… शिवराज के करीबी अफसर ने दो बार गुजरात के सीएम को 5-5 करोड़ रुपए भेजे

भोपाल। पूर्व मुख्मयंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्मयंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी अफसर नीरज वशिष्ठ पर गंभीर आरोप लगाए। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की रिपोर्ट में अफसरों के साथ कांग्रेस नेताओं के नाम उजागर होने के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सबसे करीबी अफसर नीरज वशिष्ठ ही पैसों का लेन-देन का काम देखते हैं। 2013 में आयकर ने छापे मारे थे, जिसमें कम्प्यूटर की जांच में यह जानकारी मिली थी कि 12 और 29 नवंबर 2013 को नीरज वशिष्ठ ने गुजरात के मुख्यमंत्री को 5-5 करोड़ रुपए दिए। ऐसी कई एंट्री आयकर विभाग को मिली थीं। दिग्विजय ने कहा कि उस समय डायरी और कम्प्यूटर से मिली जानकारी के आधार पर नीरज वरिष्ठ के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीरज वरिष्ठ प्रथम श्रेणी के अफसर हैं। प्रथम श्रेणी के अफसर पूर्व मुख्यमंत्री का ओएसडी नहीं बनाया जा सकता, लेकिन शिवराज सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ से कह कर नियमों के खिलाफ वशिष्ठ की पोस्टिंग कराई थी। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि सीबीडीटी की रिपोर्ट में जिन अफसरों के नाम हैं, वे ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच कर रहे थे। शिवराज सरकार के तीसरे कार्यकाल में 1 हजार करोड़ का घोटाला हुआ। जिसने यह घोटाला पकड़ा, वे सीएम के प्रमुख सचिव हैं। यदि पांच साल मौका मिलता, तो शिवराज सरकार के कई मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई हाेती। इससे बचने के लिए बीजेपी ने कमलनाथ सरकार को गिराया था। कमलनाथ सरकार के दौरान लोकसभा और विधानसभा चुनावों में काले धन के इस्तेमाल के मामले में पड़े इनकम टैक्स रेड के दस्तावेजों में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के नाम सामने आने के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में हड़कंप मच गया है। मामले में सफाई पेश करने के लिए एमपी कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। पीसी को दिग्विजय सिंह ने संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ जीतू पटवारी और अरुण यादव भी मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जांच करानी है, करा लें, कांग्रेस का कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है। हम जमीन से अदालत तक लड़ाई लड़ेंगे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने सांवेर की बैठक में कहा था कि कमलनाथ सरकार को गिराना जरूरी था, वरना हम बर्बाद हो जाते। उन्होंने कुछ दिन पहले ही स्वीकार किया था कि कमलनाथ की सरकार प्रधानमंत्री मोदी ने गिराई। उन्होंने ने कहा कि सीबीडीटी और आयकर विभाग ने गोपनीयता भंग की है। जानबूझकर लिस्ट लीक की गई है। इसकी जांच होना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने मीडिया को 5-5 करोड़ रुपए बैंक खाते से ट्रांसफर किए जाने के दस्तावेजी सबूत भी दिए हैं।

शर्मनाक हार के बाद बल्लेबाजों पर भड़के कोहली, कहा- जीत का जज्बा ही नहीं दिखाया

मेलबोर्न। शर्मनाक प्रदर्शन से बेहद आहत भारतीय कप्तान विराट कोहली ने माना कि उनके पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले डे नाइट टेस्ट मैच में मनोबल तोड़ने वाली हार को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं है. कोहली ने अपनी टीम के न्यूनतम स्कोर के लिए बल्लेबाजों को दोष दिया, जिन्होंने किसी तरह का जज्बा नहीं दिखाया. भारतीय टीम दूसरी पारी में अपने न्यूनतम स्कोर 36 रन पर आउट हो गई और ऑस्ट्रेलिया ने पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीतकर चार मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बनाई. कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना बहुत मुश्किल है. हमारे पास 60 रन के करीब बढ़त थी और इसके बाद हमारी पारी बिखर गई.’ कोहली ने कहा, ‘आप दो दिन तक कड़ी मेहनत करके खुद को अच्छी स्थिति में रखते हो और एक अचानक एक घंटे में स्थिति बदल जाती है और फिर जीत असंभव बन जाती है.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें आज थोड़ा जज्बा दिखाना चाहिए था. अपने इरादे जतलाने चाहिए थे. उन्होंने (ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों) पहली पारी में भी इन्हीं क्षेत्रों में गेंदबाजी की थी लेकिन तब हमारी मानसिकता रन बनाने की थी.’ कोहली ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने कुछ अच्छी गेंदें की, लेकिन उन्होंने पहली पारी की तुलना में कुछ खास नया नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह मानसिकता थी. यह स्पष्ट था. ऐसा लग रहा था कि रन बनाना बहुत मुश्किल है और गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ गया. यह जज्बे की कमी और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सही क्षेत्र में गेंद करने का संयोजन था.’ कोहली अब अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट जाएंगे. उनकी जगह बाकी बचे तीन टेस्ट मैचों में अजिंक्य रहाणे टीम की अगुवाई करेंगे. कोहली ने कहा, ‘निश्चित तौर पर आप टीम के प्रति प्रतिबद्ध होना चाहते हैं. बेहतर परिणाम वास्तव में अच्छा होता, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि खिलाड़ी बॉक्सिंग डे टेस्ट में मजबूत वापसी करेंगे.’ दूसरा टेस्ट मैच मेलबर्न में 26 दिसंबर से खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि भारतीय पारी इस तरह से बिखर जाएगी. पेन को मैन आफ द मैच चुना गया. पेन ने कहा, ‘वास्तव में मैंने ऐसा नहीं सोचा था. मैंने सुबह मीडिया से कहा था कि दोनों टीमों के पास ऐसा आक्रमण है जो जल्दी विकेट निकाल सकता है. ऐसी उम्मीद नहीं थी कि उनकी पारी इतनी जल्दी समाप्त हो जाएगी.’ पेन ने कहा, ‘जब हमारे गेंदबाज अपनी रणनीति पर काम करते हैं और विकेट से मदद मिलती है तो ऐसा हो सकता है.’ ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में अपनी नाबाद 73 रन की पारी के बारे में पेन ने कहा, ‘टीम के लिए उनके स्कोर के करीब पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण था. पांच विकेट 79 रन के स्कोर कुछ और विकेट गंवाने पर भारत का पलड़ा भारी हो जाता.’ पेन ने कहा, ‘श्रेय हमारे गेंदबाजों को जाता है. उन्होंने जिस तरह से गेंदबाजी की वह शानदार था, लेकिन हमारी बल्लेबाजी उम्मीद के अनुरूप नहीं रही.’

कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं की बैठक, निशाने पर सुरजेवाला

नई दिल्ली। दिल्ली में देर रात कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं की बैठक हुई है. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कांग्रेस के असंतुष्ट ग्रुप G-23 के नेता शामिल हुए हैं. ये सभी नेता रणदीप सुरजेवाला की प्रेस कॉन्फ्रेंस से नाराज हैं. इन नेताओं का कहना है कि अगर सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं तो मीटिंग की जरूरत ही क्यों है? बता दें कि 18 दिसंबर को रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि असंतुष्ट नेताओं की मुख्य मांग कांग्रेस का पूर्णकालिक अध्यक्ष चुनने की थी. अब जनवरी के अंत तक या फरवरी में चुनाव होने वाला है. इसी के साथ ही असंतुष्ट नेताओं की मांग पूरी हो गई है. कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी जल्द ही नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करने की प्रक्रिया शुरू करेगी. कांग्रेस के इलेक्टोरल कॉलेज, AICC के सदस्य, कांग्रेस कार्यकर्ता और सदस्य चुनेंगे कि सबसे उपयुक्त कौन है. लेकिन मेरे समेत 99.9 फीसदी लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी को ही पार्टी का अध्यक्ष चुना जाए.

इंदौर में सनसनीखेज चोरी: 60 लाख रुपए के सोने के आभूषण उड़ाए

इंदौर। इंदौर में शुक्रवार रात चोरी की बड़ी वारदात हुई। छोटा सराफा के खियालाल कॉम्प्लेक्स में सोने की ज्वेलरी बनाने के कारखाने में चाेरों ने धावा बोला और चार दुकान के ताले चटका दिए। चोर यहां से 50 से 60 लाख रुपए का एक किलो 300 ग्राम सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए हैं। थाने से महज 200 कदम की दूरी पर हुई इस चोरी में चोर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। पुलिस मामले में पड़ताल की बात कह रही है। बदमाश मालिक और स्टाफ के जाने पांच मिनट बाद ही आ धमके थे। शॉप कर्मी शाहरुख ने बताया कि सुबह मकान मालिक ने कॉल कर बताया कि आपके दुकान के ताले टूटे हुए हैं। वारदात करीब 10:30 बजे की है। चोर यहां आए और सबसे पहले उन्होंने कैमरे की दिशा को मोड़ दिया। कैमरा घुमाने से वह बंद हो गया। इसके बाद पौने 12 बजे के करीब एक चोर ऊपर गया तो वह वहां लगे कैमरे में कैद हो गया। चोर दुकान में रखा एक किलो 300 ग्राम सोना लेकर भागे हैं। हमारे यहां 8 कारीगर काम करते हैं। यहां सभी के बैैठक के पास जेवर बनाने के लिए थोड़ा-थोड़ा सोना रखा था। हमारे यहां करीब 50 से 60 लाख रुपए की चोरी हुई है। उन्होंने बताया कि हम रात में 10.25 बजे दुकान बंद कर निकले थे। बदमाश पूरी तरह से रैकी करके आए थे। वे हमारे जाने के पांच मिनट बाद ही तलघर स्थित दुकान पर आ धमके। कैमरे में कैद युवक ने मास्क लगा रखा था। चोरी की सूचना के बाद एफएसएल के अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। पुलिस का कहना है कि एक व्यक्ति सीसीटीवी में नजर आ रहा है। हुलिए के आधार पर चोर को तलाशा जा रहा है। प्रदेश में ज्वैलरी बनाने की सबसे बड़ी मंडी बता दें कि इंदौर का छोटा और बड़ा सराफा प्रदेश में ज्वैलरी बनाने की सबसे बड़ी मंडी है। यहां 1000 हजार से ज्यादा दुकानें और कारखाने हैं। यहां पर हजारों की संख्या में बंगली कारीगर ज्वैलरी डिजाइन करते हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की खरीदी-बिक्री का काम होता है। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के भी ज्वैलर यहां ज्वेलरी डिजाइन करवाते हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई बार यहां पर इस प्रकार की वारदात हो चुकी है। कई मामले में तो बंगाली कारीगरों ने ही व्यापारियों को चूना लगाया है। पुलिस की मानें, तो सस्ती दरों पर मिलने वाले कारीगरों यहां लाकर काम करवाया जाता है। कई व्यापारियों ने तो पुलिस को अपने यहां काम करने वाले कारीगरों की सही सूचना तक नहीं देते। इसी कारण कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं।

RSS के पहले प्रवक्ता एमजी वैद्य का 97 साल की उम्र में निधन

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारक और पहले आधिकारिक प्रवक्ता माधव गोविंद वैद्य का शनिवार को 97 साल की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और 5 बेटे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कोरोना से ठीक हो चुके थे उनके पोते विष्णु वैद्य ने बताया कि उनका निधन शनिवार दोपहर 3:35 बजे हुआ। वे कोरोना से संक्रमित भी हुए थे, लेकिन इससे उबर चुके थे। शुक्रवार को अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली। उन्होंने बताया कि वैद्य का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को नागपुर में उनके निवास पर रखा गया है। वैद्य संस्कृत के लेक्चरर भी थे एमजी वैद्य RSS के कई सालों तक प्रवक्ता रहे और कई दूसरे अहम पदों पर भी रहे। वे लंबे समय तक एक क्रिश्चियन कॉलेज में संस्कृत के लेक्चरर भी थे। उन्हें अपनी बेबाकी के लिए जाना था। अटल बिहारी बाजपेई की सरकार के दौरान उन्होंने कई बार केंद्र पर सवाल भी उठाए थे। गडकरी के लिए भाजपा पर सवाल उठाए थे 2013 में नितिन गडकरी के दोबारा भाजपा अध्यक्ष नहीं बन पाने पर वैद्य ने कहा था कि गडकरी भाजपा की अंदरूनी साजिश के शिकार हुए हैं। उन्होंने संदेह जताया था कि भाजपा में जो लोग गडकरी का विरोध कर रहे हैं, उनमें और यूपीए सरकार में साठगांठ है। ये नेता ही गडकरी के खिलाफ मीडिया को सामग्री उपलब्ध कराने में मददगार बने।

अगर आपको भी नहीं मिल रहा हनुमान चालीसा पाठ का लाभ जानें सही विधि और इसके लाभ

भोपाल। जब कभी भी किसी भक्त की निष्ठा की बात होती है तो हनुमान जी से बढ़कर और कोई नहीं | भगवान श्री राम के प्रति उनकी भक्ति सभी भक्तों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है | हनुमान जी के जैसा भक्त न कोई हुआ है और न होगा | इसलिए भगवान श्री राम के आशीर्वाद से हनुमान जी को यह वरदान प्राप्त है कि उनकी आराधना करने वाले भक्त हनुमान जी के साथ-साथ भगवान श्री राम का भी आशीर्वाद स्वतः ही पा लेते है | हमारे शास्त्रों में हर समस्या का समाधान वर्णित है | हनुमान चालीसा के पाठ द्वारा हनुमान जी की आराधना करना भी इन शास्त्रीय उपायों में से एक है | गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा में वो सभी चमत्कारी शक्तियाँ निहित है जो हमारे सभी संकटों को पल भर में दूर कर सकती है | हनुमान चालीसा पाठ का महत्व : – बचपन में हनुमान जी अपनी क्रीडाओं द्वारा ऋषि-मुनियों को तंग किया करते थे जिससे तंग आकर ऋषि द्वारा उन्हें यह श्राप मिला कि वे अपनी शक्तियों को भूल जाया करेंगे और दूसरों के द्वारा स्मरण कराने पर ही उन्हें अपनी शक्तियों का अहसास होगा | सम्पूर्ण हनुमान चालीसा के पाठ में हनुमान जी की शक्तियों का वर्णन किया गया है | इस पाठ के माध्यम से ही हम हनुमान जी की आराधना करने के साथ-साथ उन्हें उनकी शक्तियों का भी स्मरण कराते है जिससे वे शीघ्र प्रसन्न होकर हमें फलीभूत करते है | हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन करना चाहिए | इसलिए जितना शीघ्र हो सके आप इसे याद कर ले | सुबह का एक समय निश्चित कर प्रतिदिन उसी समय पर हनुमान चालीसा का पाठ करे | समय के चुनाव में ध्यान दे सुबह 6.15 am , 7.15 या 8.15 am इस प्रकार का समय चुने, व 6.45 am , 7.45 am ऐसे समय पर कोई भी पाठ-पूजा न करें | हनुमान जी के ऐसे मंदिर जहाँ हनुमान जी को चौला चढ़ाया जाता हो, उस मंदिर में जाकर हनुमान जी के चरणों से थोड़ा सा सिन्दूर एक डिब्बी में घर ले आये अब डिब्बी में और सिन्दूर व थोडा चमेली का तेल मिलाकर रखे ले | रोजाना पूजा पर बैठते समय सबसे पहले हनुमान जी का ध्यान करते हुए इस सिन्दूर से स्वयं को तिलक करे | लाल या पीले वस्त्र धारण कर लाल ऊनी आसन बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठ जाये साथ में एक लौटे में जल और प्रसाद रूप में कुछ मीठा रखे | अब चमेली के तेल का दीपक प्रज्वल्लित करे | पानी के लौटे को हनुमान जी की प्रतिमा के सम्मुख रखकर आदरपूर्वक उन्हें ग्रहण करने को कहे | अब थोड़े मीठे को भोग स्वरुप उनकी प्रतिमा के आगे रखे |

मेष राशि के लिए मंत्र … मेष लग्न या राशी के जातक इस मंत्र का जप करें

भोपाल। मेष राशि, सभी 12 राशियों की संख्या में प्रथम राशि है | मेष राशि का स्वामी मंगल गृह है | मेष राशि के जातक उर्जावान, उर्वर मष्तिष्क के स्वामी और प्रग्रतिशील विचारधारा के होते है | मंगल गृह के शुभ और अशुभ प्रभाव मेष राशि के जातकों को सीधे प्रभावित करते है | शास्त्रों में ग्रहों में अशुभ प्रभावों को कम करने व गृह को बल देने हेतु सभी रशियों के लिए विशेष मन्त्रों का उल्लेख मिलता है | राशी के अनुसार मंत्र जप न केवल आपके राशि गृह को बल देते है अपितु अन्य ग्रहों के भी अशुभ प्रभावों को शांत करते है | ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीनारायण नमः का जाप जिंदगी बदल देगा। मेष राशि के जातक उपरोक्त मंत्र का जप नियमित रूप से करें | प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर साफ़ कपड़े धारण कर पूजास्थल पर बैठ जाए | श्री लक्ष्मीनारायण जी की प्रतिमा पूजास्थल पर स्थापित कर ले | धुप-दीप आदि लगाकर पहले गणेश जी के स्तुति मंत्र द्वारा उनका स्मरण करें इसके पश्चात् आप उपरोक्त मंत्र का जप कम से कम 21 बार अवश्य करें | मेष राशि के जातक उपरोक्त मंत्र का जप पूर्ण करने के पश्चात् अपने ईष्ट देव या देवी के मंत्र का जप कर सकते है | इस मंत्र जप के कार्य को नियमित रूप से किया करें | एक से दो महीने में ही आपके जीवन में चमत्कारिक बदलाव होने लग जायेंगे | उपरोक्त मंत्र का जप न केवल मेष राशि वाले जातक को करना चाहिए अपितु जिस जातक के लग्न में मेष हो उसे भी इस मंत्र का जप करना चाहिए | दोनों स्थिति में उपरोक्त मंत्र के जप से समान फल की प्राप्ति होती है |

MP : विकास बनकर मिला वसीम, पहले की दोस्ती और फिर मंगलसूत्र पहनाकर जबरन बनाए शारीरिक संबंध

भोपाल. मध्य प्रदेश के उज्जैन के मुनिनगर से लव जिहाद के एक खबर आ रही है। यहां एक मुस्लिम युवक हिन्दू नाम बताकर दो साल तक महिला का शोषण करता रहा। असलियत पता चलने पर महिला ने थाने में शिकायत की है। प्राप्त समाचार के अनुसार, उज्जैन के मुनिनगर निवासी 35 वर्षीय महिला ने शुक्रवार को महिला थाने पहुंचकर लव जिहाद का आरोप लगाते हुए युवक के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची महिला ने बताया कि दो महीने पहले ही युवक के पर्स में पहचान पत्र देखा तो हकीकत का पता चला। जानें कैसे खुला राज महिला ने बताया कि परिचित महिला के माध्यम से युवक ने मोबाइल नंबर ले लिया फिर फोन व वीडियो कॉलिंग करने लगा। खुद का नाम विकास निवासी नागदा बताते हुए दोस्ती करने के बाद शारीरिक संबंध बनाए। दो साल से वह शादी का झांसा देकर फायदा उठा रहा था। महिला ने बताया दो महीने पहले युवक के पर्स से परिचय पत्र घर में गिर गया जिस पर वसीम अकरम निवासी बड़नगर अंकित था। युवती के गले में मंगलसूत्र पहनाने का भी किया नाटक पहचान सामने आने पर महिला को अहसास हुआ कि युवक नाम व धर्म बदलकर धोखा देकर शोषण कर रहा था। महिला ने थाना प्रभारी ज्योति दीखित को घटना की जानकारी दी। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 7 सितंबर 2018 को परिचित महिला के माध्यम से विकास उर्फ वसीम ने मोबाइल नंबर पता किया। फिर दोस्ती करने के बाद मिलने बुलाया व मेरी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। वह शादी का झांसा देता रहा। भरोसा दिलाने के लिए उसने गले में मंगलसूत्र पहनाने का नाटक भी किया, लेकिन शादी नहीं करते हुए कई बार फायदा उठाया। वीडियो कालिंग के दौरान उसने मेरे अश्लील फोटो खींच लिए थे जिनके माध्यम से वह मुझे ब्लैकमेल भी करने लगा था। 25 अक्टूबर 2020 को शादी का दबाव बनाने पर उसने मुझे अपशब्द कहे। इस दौरान उसका पर्स नीचे गिर गया। उसमें ड्राइविंग लाइसेंस पर उसका नाम वसीम पुत्र नासिर लिखा था व पता कोर्ट चौराहा बड़नगर का था। जबकि वसीम ने खुद को विकास निवासी नागदा बताते हुए दोस्ती की थी। उसकी सच्चाई सामने आने पर विरोध किया तो 17 दिसंबर को नासीर ने शादी से मना करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

बीजेपी करेंगे ज्वाइन, तृणमूल छोड़ने पर शुभेंदु को Z सुरक्षा और बुलेटप्रूफ गाड़ी

कोलकाता। ममता बनर्जी की तृणमूल से इस्तीफे के एक दिन बाद ही शुभेंदु अधिकारी को केंद्र से Z कैटेगरी की सुरक्षा मिलने का फैसला हो गया। गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से चर्चा के बाद शुभेंदु को बंगाल में Z सिक्योरिटी देने का फैसला लिया गया है। उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी भी मिलेगी। बंगाल के बाहर उन्हें Y+ सिक्योरिटी कवर मिलेगा। इधर, प. बंगाल विधानसभा के स्पीकर ने अधिकारी का इस्तीफा मंजूर करने से इनकार किया है। विधानसभा स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा- मैंने शुभेंदु का इस्तीफा मंजूर नहीं किया। उनका इस्तीफा संविधान और विधानसभा के नियमों के मुताबिक नहीं भेजा गया है। उन्होंने निजी तौर पर मुझे इस्तीफा नहीं सौंपा। मुझे नहीं मालूम कि उनका इस्तीफा सही है या नहीं और उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है या नहीं। जब तक मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल जाती, उनका इस्तीफा मंजूर करना संभव नहीं है। 1-2 दिन में भाजपा जॉइन कर सकते हैं ममता के करीबी रहे शुभेंदु ने बुधवार को विधायकी और गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वे पूर्वी मिदनापुर की नंदीग्राम सीट से विधायक थे। पिछले कुछ समय से पार्टी की लीडरशिप से दूरी बनाए हुए थे। शुभेंदु का जाना पार्टी के साथ ममता के लिए भी झटका है। 19 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह बंगाल दौरे पर जाएंगे। ऐसी अटकलें हैं कि इसी दौरान शुभेंदु भाजपा जॉइन कर सकते हैं। शुभेंदु के परिवार का 80 से ज्यादा सीटों पर असर शुभेंदु अधिकारी मिदनापुर जिले के बड़े नेता माने जाते हैं। उनका परिवार कई सालों से सियासत में है। शुभेंदु के पिता कांग्रेस से विधायक और सांसद रह चुके हैं। वे UPA सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री थे और अभी तृणमूल सांसद हैं। शुभेंदु खुद लगातार विधायक और सांसद का चुनाव जीतते आ रहे हैं। पहली बार उन्होंने 2006 में विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2009 में लोकसभा चुनाव जीते। 2014 में भी अपनी सीट पर कब्जा जमाया। 2016 में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतकर परिवहन मंत्री बने। शुभेंदु के एक भाई सांसद और दूसरे नगरपालिका अध्यक्ष हैं। इस परिवार का 6 जिलों की 80 से ज्यादा सीटों पर असर है।

IND vs AUS : डे नाइट टेस्ट में भारत मजबूत, अश्विन ने उड़ाई कंगारुओं की नींद

एडिलेड। एडिलेड में खेले जा रहे डे नाइट टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मेजबान ऑस्ट्रेलिया पर शिकंजा कस किया है. ऑस्ट्रेलिया को दूसरे दिन पहली पारी में 191 रन पर समेटने के बाद दूसरी पारी में भारत का स्कोर 9 रन 1 विकेट के नुकसान पर है. भारत को कुल 62 रन की बढ़त मिल गई है. पहली पारी में भारत ने 244 रन बनाए थे. दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर मयंक अग्रवाल पांच और ‘नाइट वॉचमैन’ के तौर पर आए जसप्रीत बुमराह खाता खोले बिना क्रीज पर थे. इससे पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 191 रन पर आउट करके दूसरे दिन शुक्रवार को 53 रन की बढ़त ले ली थी. ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए मार्नस लाबुशेन (47) और टिम पेन (नाबाद 73) को छोड़कर कोई बल्लेबाज टिक नहीं सका. टीम इंडिया के लिए रविचंद्रन अश्विन ने पहली पारी में 4 कंगारू बल्लेबाजों को पवेलियन लौटा दिया. इसके अलावा उमेश यादव ने 3 और जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट झटके. एडिलेड टेस्ट में अश्विन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं. अश्विन ने उड़ाई कंगारुओं की नींद अश्विन ने सबसे पहले स्टीव स्मिथ (1) फिर ट्रेविस हेड (7) उसके बाद डेब्यू कर रहे कैमरन ग्रीन (11) को भी पवेलियन भेज दिया. इसके बाद अश्विन ने नाथन लियोन (10) को भी आउट कर दिया. दिन के पहले सत्र में बुमराह ने मैथ्यू वेड (8) और जो बर्न्‍स (8) को आउट किया. वेड 14 के कुल स्कोर और बर्न्‍स 29 के कुल स्कोर पर आउट हुए. मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने किसी तरह पहले सत्र में ऑस्ट्रेलिया को तीसरा झटका नहीं लगने दिया. मोहम्मद शमी की गेंद पर हालांकि बुमराह ने लाबुशेन को जीवनदान दिया. दूसरा सत्र अश्विन के नाम रहा. अश्विन ने पहले स्मिथ को स्लिप पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया. स्मिथ 29 गेंदों पर एक रन बना पाए. फिर अश्विन ने ट्रेविस हेड (7) को अपनी ही गेंद पर कैच किया. डेब्यू कर रहे कैमरन ग्रीन (11) से ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़ी उम्मीद लगाए बैठी थी. अश्विन की एक छोटी गेंद पर उन्होंने पुल शॉट खेला और कोहली ने शॉर्ट मिडविकेट पर उनका शानदार कैच लपका. यहां ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 65 रनों पर चार विकेट हो गया. उमेश ने दिलाया बड़ा ब्रेकथ्रू दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने कोई और विकेट नहीं खोया. तीसरे सत्र में उमेश ने लाबुशेन को तीन रनों से अर्धशतक पूरा नहीं करने दिया. 119 गेंदों पर लाबुशैन ने 47 रन बनाए. कप्तान टिम पेन हालांकि यहां अंत तक खड़े रहे और 99 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 73 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्हीं के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने छह विकेट पर 111 रनों से 192 रनों तक का सफर तय किया. इस दौरान पैट कमिंस (0) को उमेश ने आउट किया. मिशेल स्टार्क (15) रन बनाकर रन आउट हुए. नाथन लियोन (10) को अश्विन ने कोहली के हाथों कैच कराया. उमेश ने जोश हेजलवुड (8) को आउट कर ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत किया. अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी भारत को सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ से निराशा हाथ लगी. चार रन बनाकर शॉ सात के कुल स्कोर पर पैट कमिंस की गेंद पर बोल्ड हो गए. मयंक (5) और नाइट वॉचमैन जसप्रीत (0) दिन का खेल खत्म होने पर नाबाद लौटे. भारत ने अपने बचे हुए 4 विकेट सिर्फ 11 रनों पर गंवा दिए इससे पहले भारत ने पहली पारी में 244 रन बनाए थे. दूसरे दिन भारत को अपने पुछल्ले बल्लेबाजों से उम्मीद थी कि वे 300 रन के पार पहुचाएंगे, लेकिन भारत ने अपने बचे हुए 4 विकेट सिर्फ 11 रनों पर गंवा दिए. गुलाबी गेंद के सामने भारतीय बल्लेबाज बेबस नजर आए. भारत ने दूसरे दिन अपना पहला विकेट रविचंद्रन अश्विन (15) के रूप में खोया. दिन की तीसरी ही गेंद पर पैट कमिंस की गेंद पर वह टिम पेन को कैच दे बैठे. फिर मिशेल स्टार्क ने ऋद्धिमान साहा (9) को आउट किया.

देश में 24 घंटे में सिर्फ 18 हजार संक्रमित मिले, यह बीते 6 महीने में सबसे कम

देश में कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों ने बुधवार को बड़ी राहत दी। सिर्फ 18 हजार 164 नए केस आए। यह 24 जून के बाद सबसे कम रहे। तब 16 हजार 868 केस आए थे। बीते 24 घंटे में 33 हजार 350 मरीज ठीक हो गए। 356 संक्रमितों की मौत हो गई। इससे इलाज करा रहे मरीज, यानी एक्टिव केस में 15 हजार 563 की कमी आई। यह करीब डेढ़ महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2 नवंबर को 21 हजार 447 एक्टिव केस कम हुए हुए थे। देश में अब तक 99.50 लाख लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं, इनमें से 94.89 लाख ठीक हो चुके हैं और 1.44 लाख ने इस महामारी से जान गंवा दी है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं। दिल्ली यहां बुधवार को 1547 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 2734 लोग ठीक हुए और 12 की मौत हो गई। अब तक यहां 6 लाख 11 हजार 994 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 13 हजार 261 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 5 लाख 88 हजार 586 लोग ठीक हो चुके हैं। 2. मध्यप्रदेश यहां बुधवार को 1079 केस आए। 1257 लोग ठीक हो गए और आठ मरीजों की मौत हो गई। यहां अब तक 2 लाख 26 हजार 788 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 2 लाख 11 हजार 25 ठीक हो गए, जबकि 3 हजार 433 की मौत हो गई। अभी 12 हजार 330 का इलाज चल रहा है। 3. गुजरात यहां बुधवार को 1160 लोग संक्रमित पाए गए। 1384 लोग ठीक हुए और 10 की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 31 हजार 73 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 12 हजार 547 मरीजों का इलाज चल रहा है। 2 लाख 14 हजार 323 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4203 की मौत हो चुकी है। 4. राजस्थान यहां बुधवार को 1247 केस आए। 2237 लोग ठीक हुए और 10 की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 94 हजार 831 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 14 हजार 510 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 लाख 77 हजार 743 लोग ठीक हो चुके हैं, 2578 की मौत हो चुकी है। 5. महाराष्ट्र यहां बुधवार को आंकड़ों में कुछ सुधार किया गया। 5914 केस कम किए गए। 3887 मरीज ठीक भी हो गए। 95 की मौत हुई। यहां अब तक 18.80 लाख केस आ चुके हैं। 17.69 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। 48 हजार 434 मरीजों की मौत हो चुकी है। अब कुल 61 हजार 454 मरीजों का इलाज चल रहा है।

MP : सत्ता का दम्भ, आम आदमी पर बंदिशें, बीजेपी की किसान सम्मेलन में उमड़े हजारों

इंदौर। शहर में बुधवार को कोरोना मरीजों का आंकड़ा 50,332 पर पहुंच गया। कोराना पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने आम लोगों पर तमाम पाबंदियां लागू कर रखी हैं। इनमें शादी समारोह में कितने लोग शामिल होंगे कि सूचना थाने पर देने से लेकर बाजार बंद होने का समय, रात का कर्फ्यू, स्कूल-कॉलेज, कोचिंग तक पर पाबंदियां शामिल है। इसके विपरीत दशहरा मैदान पर हुए भाजपा के किसान सम्मेलन पर किसी तरह की पाबंदी नजर नहीं आई। 22 नवंबर को जारी कलेक्टर के आदेश के अनुसार सभी प्रकार के धरना, प्रदर्शन और रैलियों पर रोक है, उसके बाद भी न सिर्फ इस आयोजन की अनुमति दी गई, बल्कि उसमें कोरोना प्रोटोकाॅल के उल्लंघन पर किसी तरह की कार्रवाई भी नहीं की गई। सम्मेलन में हजारों की भीड़ थी, लेकिन न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया, न ही मास्क का। यहां तक कि मंच पर बैठे नेताओं में से भी ज्यादातर ने मास्क उतार रखे थे। भाजपा ने घोषणा की है कि वह कृषि सुधार कानूनों के समर्थन में प्रदेश से एक लाख ट्रेक्टर पर 4 लाख किसानों को दिल्ली लेकर जाएगी। अब कांग्रेस विरोध में सम्मेलन करेगी भाजपा के सम्मेलन के बाद कांग्रेस नेता कृषि बिल के विरोध में किसान सम्मेलन करने की तैयारी कर रहे हैं। पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने सम्मेलन की मंजूरी देने पर आपत्ति लेते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से लोग परेशान हैं। ऐसे में बीच शहर में भीड़ एकत्र करने की अनुमति प्रशासन ने कैसे दे दी? अब कांग्रेस भी किसान सम्मेलन कर कृषि बिल का विरोध करेगी।

कमलनाथ की मुश्किल बढ़ी, मप्र कैडर के तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू में दर्ज होगा मामला

भोपाल। चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के मप्र कैडर में पदस्थ तीन अधिकारियों के समेत उन सभी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं जिन पर 2019 के आम चुनाव के दौरान कालाधन ले जाने के आरोप लगे थे। आयकर विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के परिजनों और उनके सहयोगियों के यहां मारे गए छापों के बाद आरोप लगाए गए थे। आयोग ने केंद्रीय मुख्य सचिव से भी इन अधिकारियों के खिलाफ उपयुक्त विभागीय कार्रवाई करने को कहा है। मप्र के मुख्य सचिव से भी इसी तरह की कार्रवाई करने को कहा गया है। आयकर विभाग ने छापों में पाया था कि 2019 के आम चुनाव में भारी मात्रा में नकदी का इस्तेमाल किया गया था। इसकी रिपोर्ट आयकर विभाग की शीर्ष संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने चुनाव आयोग को भेजी थी। आयोग ने कहा कि उसने इस रिपोर्ट के सभी पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद ही यह निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग से जारी बयान के मुताबिक सीबीडीटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि इन की अधिकारियों की एक राष्ट्रीय पार्टी की ओर से कुछ लोगों तक पहुंचाने में भूमिका रही है। आयोग ने अपने बयान में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया है। लेकिन यह बिलकुल स्पष्ट है कि यह बोर्ड का इशारा कांग्रेस पार्टी की ओर है। चुनाव आयोग ने मप्र के सीईओ को 28 अक्टूबर 2020 को ही यह रिपोर्ट भेज दी थी। इसमें सीईओ को निर्देश दिए गए थे कि वह तीन अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराए। 4 अफसरों पर हैं आरोप सुशोभन बैनर्जी, संजय माने और वी मधु कुमार आईपीएस अधिकारी हैं जबकि अरुण मिश्रा मप्र राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। यह था मामला आयकर विभाग दिल्ली की इंवेस्टिगेशन विंग ने 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़, सलाहकार राजेंद्र मिगलानी, मोजेर बियर कंपनी के मालिक भांजे रतुल पुरी और एक अन्य कारोबारी अश्विन शर्मा के 52 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे। 8 अप्रैल को आयकर विभाग ने 14.6 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी बरामद की थी। इसके साथ बड़े पैमाने पर डायरियां और कंप्यूटर फाइल जब्त की थीं। इनमें सैकड़ों करोड़ रुपए के लेनदेन के हिसाब थे। बाद में आयकर विभाग ने बताया था कि दस्तावेजों में यह प्रमाण मिले हैं कि 20 करोड़ रुपए की राशि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजा गया। इन छापों में कुल 281 करोड़ रुपए के लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले थे। यह पैसा विभिन्न कारोबारियों, राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों से एकत्र किया गया था। यह 20 करोड़ रुपए की नकदी हवाला के माध्यम से तुगलक रोड स्थित एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय को भेजी गई थी। भेजी गई राशि 20 करोड़ से बढ़कर 106 करोड़ निकली आयकर विभाग की जांच में यह सामने आया था कि कांग्रेस पार्टी के दिल्ली स्थित मुख्यालय को 20 करोड़ नहीं, बल्कि 106 करोड़ रुपए भेजे गए थे। इसके अतिरिक्त विकास ढिंगरा नामक व्यक्ति के खाते में 72 करोड़ रुपए भेजे गए। आयकर विभाग की यह जांच विकास ढींगरा नामक व्यक्ति पर भी केंद्रित रही। जिसमें पाया गया है कि ढींगरा अप्रैल 2019 को ही विदेशी चला गया था। इसके बाद अब तक नहीं लौटाा। हालांकि विभाग का दावा है कि वह इस रकम के लेनदेन का सीधे लाभार्थी नहीं है। वह केवल रकम एक जगह से दूसरी जगह भेजने का माध्यम भर है। दिल्ली के अकाउंटेंट ललित चलानी के तार कमलनाथ के करीबियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 7 अप्रैल 2019 को आयकर ने छापे मारे थे, उनमें मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी 5 लाेग शामिल थे ।जिसमें बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन के सबूत मिले थे। इसके बाद इकट्ठा किए गए सबूत और रिपोर्ट सीबीआई को भेज दिए गए थे। आयकर विभाग ने चुनाव आयोग को जो साक्ष्य और जांच रिपोर्ट सौंपी, उसमें लोकसभा चुनाव के दौरान 11 उम्मीदवारों को कथित तौर पर भारी रकम ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। यह जानकारी दिल्ली के एक शख्स ललित कुमार चेलानी के कम्प्यूटर से मिली थी। चेलानी एक अकाउंटेंट हैं, जो कमलनाथ के करीबी आरके मिगलानी के साथ काम कर चुके हैं। चलानी के खाते से ही ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी को रकम का भुगतान करने के सबूत आयकर को मिले थे। चलानी के जरिए 2 उम्मीदवारों मिली थी रकम सूत्रों के मुताबिक 11 लोकसभा उम्मीदवारों को चलानी के माध्यम से रकम मिली थी। हालांकि भुगतान से जुड़ी रसीदें सिर्फ दो उम्मीदवारों सतना से राजाराम प्रजापति और बालाघाट से मधु भगत के मामले में मिली थी। अन्य जिन उम्मीदवारों को फंड मिलने का आरोप है, वे हैं- मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन, मंडला से कमल मांडवी, शहडोल से प्रमिला सिंह, सीधी से अजय सिंह, भिंड से देवाशीष जरारिया, होशंगाबाद से शैलेंद्र सिंह दीवान, खजुराहो से कविता सिंह, भोपाल से दिग्विजय सिंह और दमोह से प्रताप सिंह लोधी।

कुत्‍ते के साथ फुटपाथ पर मासूम, पिता जेल में और मां छोड़कर गई

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक फोटो चर्चा में है। फोटो में एक 10 साल का बच्चा फुटपाथ पर कुत्ते के साथ सोता हुआ दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने पर पुलिस ने बच्चे की जानकारी जुटाई तो हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बच्चे का नाम अंकित है। उसके पिता जेल में हैं। मां उसे दो साल पहले छोड़कर कहीं चली गई। अंकित गुब्बारे बेचकर या चाय की दुकानों पर काम कर अपना गुजारा करता है। अब उसका डॉगी ‘डैनी’ ही उसका एक मात्र सहारा है। फोटो देखकर हर किसी का पसीजा दिल, पर मां को रहम नहीं आई हाड़ कंपाने वाली ठंड में अपने डॉगी डैनी को चादर में लपेटे फुटपाथ पर सोते हुए अंकित का फोटो जब सामने आया तो हर किसी का दिल पसीज गया। जिला प्रशासन ने बच्चे की सच्चाई खोजने का बीड़ा उठाया। पुलिस ने सोमवार को बच्चे को ढूंढ़ निकाला। अंकित हर रात शिव चौक के फुटपाथ पर सोता है। वह सुबह उठकर कभी चाय की दुकान पर कप प्लेट साफ करता है तो कभी सर्द रात में गुब्बारे और खिलौने भेज कर अपना और अपने साथी कुत्ते डैनी का पेट भरता है। रात होने पर यह बच्चा फुटपाथ को अपना बिस्तर बना एक चादर में सर्दी से बचने का प्रयास करता है। उसी चादर में अंकित का साथी डैनी भी उसके साथ सो जाता है। अंकित ने बताया, ”मैं शिव चौक पर रहता हूं। मैं आठ साल का था, तभी मां छोड़कर चली गई। यहीं बड़ा हो गया। यहां कुछ जानने वाले थे खालापार में। वहां एक अम्मा (शीला) के घर कुछ दिन रहा था।” अंकित का कराया गया एडमिशन, पुलिस ने परवरिश का बीड़ा उठाया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि अंकित के पिता जेल में हैं, जबकि मां का कुछ पता नहीं है। इसके अलावा अंकित कुछ जानकारी नहीं दे सका है। शहर कोतवाली पुलिस ने बच्चे को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े और जूते देकर बच्चे की परवरिश करने का बीड़ा उठाया है। फिलहाल बच्चे का एक स्कूल में एडमिशन कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही पुलिस इस बच्चे की मां व रिश्तेदारों की भी तलाश कर रही है।

कैलाश विजयवर्गीय बोले- किसी को बताना मत, कमलनाथ सरकार गिराने में मोदी जी का था अहम रोल

इंदौर। इंदौर में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है. किसान सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने में अगर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका थी तो वो नरेंद्र मोदी की थी. दरअसल, किसान आंदोलन और कृषि कानून पर छिड़ी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग शहरों में किसान सम्मेलन का आयोजन किया था. इंदौर में किसान सम्मेलन की ज़िम्मेदारी कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा को दी गयी थी. क्या बोले विजयवर्गीय? इसी में अपने भाषण के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ‘जब तक कमलनाथ जी की सरकार थी, एक दिन चैन से सोने नहीं दिया. अगर भाजपा का कोई कार्यकर्ता था कमलनाथ जी को सपने में भी जो दिखाई देता था वो नरोत्तम मिश्रा जी थे. तालियां बजाकर नरोत्तम मिश्रा जी का स्वागत करें. ये पर्दे के पीछे की बात कर रहा हूं आप किसी को बताना मत, मैंने आज तक किसी को नहीं बताई, पहली बार इस मंच पर बता रहा हूं कि कमलनाथ जी की सरकार गिराने में यदि महत्वपूर्ण भूमिका किसी की थी तो नरेंद्र मोदी जी की थी धर्मेंद्र प्रधान जी की नहीं थी. पर किसी को बताना मत ये बात, आज तक मैने किसी को नहीं बताई.’ बीजेपी की सफाई हालांकि, इस पूरे मसले पर एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ‘कैलाश विजयवर्गीय ने हास्य विनोद में बयान दिया था. मैं स्वयं वहां मौजूद था. उनका अंदाज वही था और उनके बयान को हास्य विनोद में लेना चाहिए’ हमारे आरोपों की हुई पुष्टि- कांग्रेस कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे आरोपों की पुष्टि खुद कैलाश विजयवर्गीय ने कर दी. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि ‘भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने किसान सम्मेलन के मंच से कांग्रेस के उन तमाम आरोपों की पुष्टि कर दी है कि प्रदेश की लोकप्रिय, जनादेश वाली कमलनाथ सरकार को बीच समय में नरेंद्र मोदी जी के इशारे पर गिराया गया है.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘भाजपा शुरू से ही झूठ कहती आई है कि कांग्रेस की सरकार गिराने में उसका कोई योगदान नहीं है, कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष के कारण प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिरी है लेकिन आज कैलाश विजयवर्गीय की स्वीकारोक्ति से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के आरोप पूरी तरह से सही हैं और भाजपा झूठ बोल रही थी एवं चुनी हुई कांग्रेस की सरकारों को असंवैधानिक तरीक़े से गिराने में देश के सर्वोच्च पद पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही हाथ है.’

MP : बंदर की मौत पर रोया पूरा गांव, डीजे के साथ निकली अंतिम यात्रा

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक बंदर की मौत पर पूरा गांव रोया. उसकी अंतिम यात्रा कुछ इस तरह निकाली मानो गांव के किसी व्यक्ति का निधन हो गया है. गांव के घर-घर से लोगों के रोने की आवाजें आ रही थीं और डीजे पर रामधुन के साथ बंदर की अंतिम यात्रा निकाली गई. दरअसल, यह मामला राजगढ़ के राजपुरा का है. यहां एक बंदर का आकस्मिक निधन हो गया, यह बंदर गांव में सबके यहां घूमता रहता था, जिससे लोगों का जुड़ाव बंदर के साथ हो गया था. उसके निधन पर गांव के लोगों ने उसे परिवार के एक सदस्य की तरह ही विदाई दी है. बंदर की हिंदू रीति रिवाज के माध्यम से शव यात्रा निकाली गई. अंतिम यात्रा में डीजे के साथ रामधुन बजाई गई, जिसमें ‘रघुपति राघव राजा राम सबको सन्मति दे भगवान’ जैसे गीतों के साथ यात्रा निकाली गई. इस यात्रा में गांव के लगभग सभी जन शामिल हुए. इतना ही नहीं इस यात्रा में पुरुष वर्ग के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं जो यात्रा के पीछे चल रही थीं. गांव के कुछ लोग डीजे पर थिरकते हुए चल रहे थे. राजपुरा गांव में एक बड़ा मंदिर भी है जिसमें सभी गांव के लोग इस मंदिर में कई तरह के धार्मिक आयोजन होते रहते हैं. लोग बताते हैं कि यह गांव बड़ा ही धार्मिक प्रवृत्ति का है. यही कारण है कि बंदर की मौत को कहीं न कहीं धार्मिक विधाओं से जोड़ते हुए उसकी अंतिम यात्रा में गांव के सभी लोग शामिल हुए.एक साथ पूजन करते हैं.

केजरीवाल ने विधानसभा में कृषि कानून की कॉपी फाड़ दी, कहा- अंग्रेजों से बदतर न बने सरकार

नई दिल्ली . दिल्ली विधानसभा में नए कृषि कानून पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान केजरीवाल ने कृषि कानून की कॉपी फाड़ी दी. उन्होंने कहा कि सरकार और कितनी जान लेगी? अब तक 20 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं. एक-एक किसान भगत सिंह बनकर आंदोलन में बैठा है. अंग्रेजों से बदतर न बने सरकार. सीएम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने बरेली में रैली की और तीनों बिलों के फायदे समझाने लगे कि तुम्हारी जमीन नहीं जाएगी, मंडी बंद नहीं होगी. भाजपा वाले बताएं इस कानून से फायदा क्या है? भाजपा वालों को एक लाइन रटवा दी गई है कि किसान देश में कहीं भी फसल बेच सकता है. हवा में बात करने से क्या होगा? किसानों को नहीं भाजपाइयों को भ्रमित किया गया है, भाजपाइयों को अफीम खिला दी गई है. कोरोना काल में क्यों ऑर्डिनेंस पास किया? अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हमारे वकील ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है. कोरोना काल में क्यों ऑर्डिनेंस पास किया? पहली बार राज्यसभा में बिना वोटिंग के 3 कानून को कैसे पास कर दिया गया? ये कानून भाजपा के चुनाव के फंडिंग के लिए बने हैं. जय जवान, जय किसान के नारे लगे बता दें कि कृषि कानून को लेकर दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया था. सत्र की शुरुआत होने पर मंत्री कैलाश गहलोत ने एक संकल्प पत्र पेश किया, जिसमें तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की बात कही गई. इसके बाद हर वक्ता को बोलने के लिए पांच मिनट का वक्त दिया गया. इस दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल, सोमनाथ भारती ने सदन में कृषि कानून की कॉपी को फाड़ा. उन्होंने इस दौरान जय जवान, जय किसान के नारे लगाए और कहा कि जो कानून किसानों के खिलाफ है, हमें उसे स्वीकार नहीं करेंगे.

धोनी के फार्म की सब्‍ज‍ियां मार्केट में उतरीं, सस्‍ते दामों में बिके ऑर्गेनिक टमाटर और गोभी

रांची। क्रिकेट में शानदार पारी खेलने के बाद अब महेंद्र सिंह धोनी एक मंझे हुए खिलाड़ी के तरह ही फार्म बिज़नेस में अपनी दूसरी पारी की शुरुआत कर रहे हैं. धोनी के फार्म में उगाई गई ऑर्गेनिक सब्जी अब मार्केट में बिक रही है और ग्राहकों को पसंद भी आ रही हैंं. मार्केट शेयरिंग के लिए धोनी मंझे बिजनेसमैन के तरह पेनेट्रैटिंग प्राइस पर भरोसा करते दिख रहे हैं. पेनेट्रैटिंग प्राइस का मतलब है शुरुडेली मार्केट में राजधानी रांची का होलसेल सब्जी मार्केट है. यहां फल मंडी से थोड़ा से आगे ये धोनी का कियोस्क है जिसमें उनके फार्म में उगाई गईं सब्जियों की बिक्री हो रही है.आत में कि‍सी भी प्रॉडक्‍ट को बाजार भाव से सस्‍ता बेचना. ऑर्गेनिक होते हुए भी उनके फार्म के गोभी और दूसरी सब्जियां बाजार की सब्जियों से सस्ती हैं. गोभी सिर्फ 10 रुपये प्रति किलो जबकि टमाटर सिर्फ 30 रुपये किलो बिक रहा है. होलसेल मात्रा में लेने पर ये और सस्ता मिलेगा. लिहाज़ा मार्केट में सब्जियों का रिस्पांस अच्छा है. दुकानदार अरशद आलम ने बताया कि सब्जियां ऑर्गेनिक हैं तो भी ग्राहक को भा रही हैं. बड़ी बात ये है कि बाजार से यहां की सब्जियां सस्ती भी हैं. धोनी का टैग और सब्जियां को ब्रांड धोनी खास भी बना रही है. ये हम नहीं, खुद ग्राहक कह रहे हैं. जल्द ही बाजार में मटर, स्ट्रॉबेरी और कड़कनाथ अंडा भी धोनी के फार्म से उपलब्ध करवाया जाएगा. पूरे फार्म से लेकर बाजार के आउटलेट पर खुद धोनी ही नज़र रख रहे हैं.

IND vs AUS डे-नाइट टेस्ट :पहले दिन टीम इंडिया का स्कोर 233/6

एडिलेड। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में खेले जा रहे 4 टेस्ट की सीरीज के पहले मैच का पहला दिन खत्म हो गया। इस डे-नाइट टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने पहले दिन 6 विकेट गंवाकर 233 बनाए। कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट करियर की अपनी 23वीं फिफ्टी लगाई। ऋद्धिमान साहा (9) और रविचंद्रन अश्विन (15) नाबाद हैं। मैच का स्कोरकार्ड देखने के लिए यहां क्लिक करें.. कोहली ने 180 बॉल पर सबसे ज्यादा 74 रन की पारी खेली। उन्होंने एडिलेड में अपने टेस्ट करियर के 500 रन भी पूरे कर लिए। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। कोहली का यह एडिलेड में चौथा टेस्ट है। उन्होंने अब तक 7 पारियों में 505 रन बनाए। इस दौरान 3 शतक और एक अर्धशतक भी जड़ा। कोहली के बाद राहुल द्रविड़ ने 4 टेस्ट की 8 पारियों में 401 रन बनाए हैं। पृथ्वी शॉ मैच की दूसरी बॉल पर आउट मैच में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने 32 रन पर ही दो विकेट गंवा दिेए। ओपनर पृथ्वी शॉ मैच की दूसरी बॉल पर ही बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। मिचेल स्टार्क ने उन्हें बोल्ड किया। इसके बाद मयंक अग्रवाल भी 17 रन बनाकर चलते बने। तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। पुजारा ने 18 रन बनाने के लिए 100 बॉल खेली तीसरा विकेट 100 रन पर गिरा। चेतेश्वर पुजारा 160 बॉल पर 43 रन बनाकर आउट हुए। नाथन लियोन की बॉल पर मार्नस लाबुशाने ने उनका कैच लिया। पुजारा ने कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 191 बॉल पर 68 रन की पार्टनरशिप की। पुजारा ने शुरुआती 18 रन बनाने के लिए 100 बॉल खेली थीं। कोहली और रहाणे के बीच 88 रन की पार्टनरशिप कप्तान विराट कोहली चौथे विकेट के तौर पर आउट हुए। उन्होंने रहाणे के साथ चौथे विकेट के लिए 168 बॉल पर 88 रन की जरूरी पार्टनरशिप की। पांचवां विकेट अजिंक्य रहाणे का गिरा। वे 92 बॉल पर 42 रन बनाकर आउट हुए। मिचेल स्टार्क ने उन्हें LBW किया। इसके बाद हनुमा विहारी 16 रन बनाकर जोश हेजलवुड की बॉल पर LBW हुए। कोहली को मिला जीवनदान भारतीय पारी के 36वें ओवर में कोहली आउट होने से बच गए। दरअसल, स्पिनर नाथन लियोन की बॉल कोहली के ग्लव्ज में लगकर विकेटकीपर टिम पेन के हाथों में चली गई थी। पेन और शॉर्ट लेग पर खड़े मैथ्यू वेड ने अपील की, जिसे अंपायर ने नकार दिया। वेड ने डिसिजन रिव्यू सिस्टम (DRS) लेने की बात कही, लेकिन कप्तान पेन ने मना कर दिया। हालांकि, बिग स्क्रीन पर जब रिव्यू दिखाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कोहली का कैच छूटा मैच के 27वें ओवर में पैट कमिंस की बॉल पर कोहली का कैच छूटा। कमिंस की बॉल कोहली के बैट और पैड में लगकर शॉर्ट लेग पर खड़े मैथ्यू वेड के पास गई। हालांकि गेंद उनके पास पहुंचने से पहले ही ड्रॉप हो गई। कोहली उस वक्त 5 रन बनाकर खेल रहे थे। कोहली का रिकॉर्ड भारतीय कप्तान कोहली के लिए टेस्ट में अब तक टॉस जीतना लकी रहा है। कोहली ने 2015 के बाद से अब तक जितनी बार भी टेस्ट में टॉस जीता है, तब भारत मैच हारा नहीं है। कोहली ने 2015 में टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। तब से अब तक 25 मैच (मौजूदा एडिलेड टेस्ट को छोड़कर) में टॉस जीता है। इस दौरान उन्होंने 21 टेस्ट जीते और 4 ड्रॉ खेले।

गृहमंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे से पहले टीएमसी विधायकों बागी तेवर, सीएम ममता की नींद उड़ी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस से नाता तोड़ने की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है, वहीं कुछ अन्य विधायकों और एक लोकसभा सांसद ने भी गृहमंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे से पहले बागी तेवर दिखाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दीं। इनमें से ज्यादातर नेता दक्षिण बंगाल के हैं, जहां बीजेपी का प्रदर्शन लोकसभा चुनाव में ठीक नहीं रहा था। उत्तर बंगाल में बीजेपी ने स्वीप किया था और उसे 7 में से छह सीटों पर जीत मिली थी। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुए जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर बंगाल में रैलियां करने में जुटी थीं। एक के बाद एक कई टीएमसी नेता पार्टी और नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जाहिर कर रहे हैं। बर्दवान पूर्व लोकसभा सीट से दो बार के सांसद सुनील मंडल ने पार्टी में सुधार की जरूरत बताते हुए प्रशांत किशोर की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। 2014 में मंडल की जीत से पहले यह सीट मार्क्सवादियों के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक था । पार्टी में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी आई-पैक की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए मंडल ने कहा, ”क्या यह स्वीकार्य है कि हम में से जिन लोगों ने लोगों के बीच जमीन पर काम किया और कार्यकर्ता के रूप में का करते हुए यहां तक पहुंचे, आई-पैक के पेड कर्मचारियों से निर्देश लें कि कहां और कैसे प्रदर्शन करना है?” मंडल ने कहा, ”बंगाल के लोग संवेदनशील और बुद्धिमान हैं। प्रदर्शन ही वोट नहीं दिला सकते हैं।” पूर्व बर्दवान में मंडल के समर्थन में कई पोस्टर देखे जा सकते हैं। अटकलें हैं कि अधिकारी और कुछ अन्य असंतुष्ट विधायक उनसे मुलाकात कर सकते हैं।” 24 परगना जिले में डायमंड हार्बर से विधायक दीपक हलधर, पूर्व बर्दवान जिले के कलना से विधायक बिश्वजीत कुंडु, पश्चिमी बर्दवान जिले के पंडाबेश्वर से विधायक जितेंद्र तिवारी ने भी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी की है। तिवारी ने बुधवार सुबह एक रैली में कहा, ”जहां तक बंगाल में पब्लिक सपोर्ट की बात है, ममता बनर्जी के बाद जो नाम आता है वह है शुभेंदु अधिकारी।” एक अन्य घटनाक्रम में वन मंत्री राजीब बनर्जी के समर्थकों ने पूर्वी मिदनापुर सहित कई जिलों में प्रदर्शन किए हैं। मंत्री ने मंगलवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कई बड़ी बातें कही थीं। उधर पार्टी में मची भगदड़ के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूच बिहार में एक रैली में कहा, ”लोग हर दिन अपना चरित्र नहीं बदल सकते हैं। आप हर दिन कपड़े बदल सकते हैं लेकिन विचारधारा नहीं। क्या आप लोगों, आम आदमी का मुझ में विश्वास है? जो लोग शुरुआत से पार्टी के साथ हैं, अब भी हैं। कुछ लोग जो बाद में आए, वे हमें छोड़ रहे हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।” बता दें, कूच बिहार साउथ सीट से टीएमसी के विधायक मिहिर गोस्वामी पिछले महीने ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

EPFO : इसी महीने आएगा PF खाते में पैसा, एक मिस्ड कॉल देकर जान सकते हैं अपना बैलेंस

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2019-20 के लिए करीब छह करोड़ अंशधारकों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों में दिसंबर के अंत तक एकमुश्त 8.5 प्रतिशत का ब्याज डालेगा। इससे पहले सितंबर में श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अगुवाई में हुई न्यासियों की बैठक में ईपीएफओ ने ब्याज को 8.15 प्रतिशत और 0.35 प्रतिशत की दो किस्तों में डालने का फैसला किया था। एक उच्चपदस्थ सूत्र ने कहा कि श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को 2019-20 के लिए ईपीएफ में एक बार में 8.5 प्रतिशत का ब्याज डालने का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव इसी महीने भेजा गया है। सूत्र ने कहा कि इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय की मंजूरी कुछ दिन में मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अंशधारकों के खातों में ब्याज इसी महीने डाला जाएगा। मिस्ड कॉल के जरिए जानें पीएफ का बैलेंस यूएएन पोर्टल पर रजिस्टर्ड सदस्य मिस्ड कॉल देकर अपना बैलेंस जान सकते हैं। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 011-22901406 पर मिस्ड कॉल दें। इसके बाद ईपीएफओ के संदेश के जरिए पीएफ की डिटेल मिल जाएगी। यहां भी आपका बैंक अकाउंट नंबर, पैन और आधार यूएएन से लिंक होना जरूरी ही। – ये कॉल दो घंटी के बाद अपने आप कट जाएगा। – इस सर्विस के लिए कोई भी पैसा नहीं लगेगा। मिस्ड कॉल सुविधा का फायदा उठाने के लिए पहले करना होगा ये काम 1 पोर्टल पर यूएएन के साथ मोबाइल नंबर एक्टिवेट होना चाहिए। 2 यूएएन की बैंक अकाउंट नंबर, आधार या पैन नंबर में से किसी एक से केवाईसी (KYC) होनी चाहिए। क्या होता है यूएएन नंबर- ईपीएफओ यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) की सर्विस देता है जिसके जरिए खाता धारक अपने पीएफ अकाउंट बैलेंस देख सकते हैं। ये नंबर बैंक अकाउंट की तरह ही होता है। अपने यूएएन नंबर को एक्टिवेट करने के लिए इस लिंक https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface पर क्लिक कर सकते हैं।

MP : BJP अध्यक्ष वीडी शर्मा बोले, अवॉर्ड वापसी करने वालों से छीन लो अवॉर्ड्स

रीवा। किसानों को समझाने के लिए बीजेपी एमपी के विभिन्न जिलों में किसान सम्मेलन कर रही है। एमपी बीजेपी के अध्यक्ष वीडी शर्मा रीवा में किसान सम्मेलन के दौरान भड़क गए हैं। किसानों के समर्थन में कई लोग अपने अवॉर्ड लौट रहे हैं। उसी को लेकर वीडी शर्मा ने कहा है कि उनसे अवॉर्ड्स छीन लो। रीवा किसान सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। यह कार्यक्रम रीवा शहर के एनसीसी ग्राउंड में आयोजित किया गया था। किसानों को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा कि ये वहीं लोग हैं जो मोदी जैसे देश भक्त को रोकने के लिए अवॉर्ड वापसी कर रहे हैं। अवॉर्ड वापसी का किसानों के आंदोलन से क्या संबंध हैं। ये लौटाने वाले लोगों का खेती और किसान से क्या संबंध है। छीन लें अवॉर्ड्स वीडी शर्मा ने कहा कि मैं देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि ऐसे देश घातक लोगों से अवॉर्ड्स छीन लेना चाहिए। इनसे कहना चाहिए कि तुम अवॉर्ड वापस करो। ये लोग देश के अंदर गलत व्यवस्था लाना चाहते हैं।

UP के संभल में रोडवेज की बस टैंकर से टकराई; 8 शव निकाले गए, 25 घायल

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार रोडवेज बस और टैंकर की भीषण टक्कर हो गई। इसमें बस में सवार आठ लोगों की मौत हो गई। 25 यात्री जख्मी हैं। इनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। हादसा मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे पर धनारी थाना इलाके में हुआ। हादसा घने कोहरे की वजह से हुआ। बताया जा रहा है कि मानकपुर की मढ़इयां गांव के पास गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली खड़ी थी। टैंकर ने इसे ओवरटेक किया, तभी बस सामने आ गई। बस में करीब 45 लोग सवार थे। यह चंदौसी से अलीगढ़ जा रही थी। मृतकों में बस के कंडक्टर और ड्राइवर भी शामिल हैं। हादसा इतना भीषण था कि टैंकर बस को चीरता हुआ चला गया। इससे बस का आधा हिस्सा सड़क पर बिखर गया। शोर सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अफसरों को पीड़ितों की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।

विदिशा: नई संसद की तरह हूबहू दिखता है ये मंदिर, औरंगजेब ने तोप से बरसाए थे गोले

विदिशा . मध्य प्रदेश के विदिशा के विजय मंदिर और भारत के नए संसद भवन की तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं. तस्वीर को देखकर कई यूजर्स भारत के नये संसद भवन को अमेरिका के पेंटागन की नकल बता रहे हैं. लेकिन इसका डिजाइन विदिशा के विजय मंदिर से मिलता जुलता दिखाई दे रहा है. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले नए संसद भवन की आकृति विदिशा के बीजा मंडल यानी विजय मंदिर से हूबहू मिलती है. भव्य विजय मंदिर त्रिभुजाकार है जिसकी आकृति साफ देखी जा सकती है. मंदिर के ऊंचे बेस को देखकर इसका आकार और नई संसद भवन की आकृति एक जैसी दिखती है. इस भव्य मंदिर को मुगल आक्रमण में तोड़ा गया था. इस मंदिर को परमार काल में परमार राजाओं ने बनवाया था. जिसे बाद में औरंगजेब ने ध्वस्त कर दिया था. अब यह मंदिर बीजा मंडल एएसआई के संरक्षण में है पिछले कुछ दिनों से यहां साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार के काम चल रहे हैं. इतिहास कारों का कहना है कि औरंगजेब ने इसे 1682 के लगभग तोपों से उड़वा दिया था. जिसके बाद मालवा का राज्य जब मराठों के पास आया. फिर से इसे खड़ा करने का प्रयास किया गया. इसकी ऊंचाई 100 मीटर के लगभग थी. इसका आधा मील में फैलाव बताया जाता है. देश का वर्तमान संसद भवन का डिजाइन भी मुरैना के 64 योगिनी मंदिर से मिलता है. अब नए भवन का डिजाइन भी मध्य प्रदेश के विदिशा के विजय मंदिर से मिलता-जुलता है.

अगले महीने से भारत में भी वैक्सीन लगने लगेगी

नई दिल्ली । सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) दिसंबर के अंत तक अपनी वैक्सीन कोवीशील्ड के अंतिम फेज के क्लिनिकल ट्रायल्स के डेटा को रेगुलेटर को सौंप देगी। अगर डेटा संतोषजनक रहता है तो कोवीशील्ड को जनवरी के पहले हफ्ते में इमरजेंसी अप्रूवल मिल सकता है। यानी जनवरी से वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हो सकती है। इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश फर्म एस्ट्राजेनेका ने मिलकर डेवलप किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SII अगले दस दिन में अंतिम डेटा रेगुलेटर को सौंप देगा। दरअसल, पिछले हफ्ते ही ड्रग रेगुलेटर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की मीटिंग हुई। इसमें कोवीशील्ड के साथ ही भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और फाइजर की वैक्सीन के डेटा पर चर्चा हुई। इन तीनों वैक्सीन के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा गया है। कमेटी ने तीनों ही वैक्सीन कैंडिडेट्स के इमरजेंसी अप्रूवल के आवेदन पर कुछ सवाल उठाए और कंपनियों से जवाब मांगे थे। फाइजर, सीरम और भारत बायोटेक ने मांगा इमरजेंसी अप्रूवल; कुछ ही हफ्तों में मिलेगी वैक्सीन कमेटी ने SII से कहा था कि भारत में चल रहे फेज-2/3 क्लिनिकल ट्रायल्स का सेफ्टी डेटा अपडेट किया जाए। साथ ही, UK और भारत में हुए क्लिनिकल ट्रायल्स का इम्युनोजेनेसिटी डेटा पेश किया जाए। इसके अलावा ब्रिटेन में ड्रग रेगुलेटर के इमरजेंसी अप्रूवल पर फैसले के बारे में भी पूछताछ की गई थी। फाइजर ने कमेटी से कुछ समय मांगा था। वहीं, भारत बायोटेक के कोवैक्सिन के फेज-3 ट्रायल्स के डेटा के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। भारत की टॉप वैक्सीन साइंटिस्ट और वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. गगनदीप कांग के मुताबिक, पिछले साल ही भारत के नए क्लिनिकल ट्रायल्स के नियम बने हैं। इसमें रेगुलेटर को आपात परिस्थितियों में बिना ट्रायल के भी दवा या वैक्सीन को इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी देने का अधिकार दिया है। डॉ. कांग के मुताबिक, इमरजेंसी यूज की परमिशन देने के बाद भी मॉनिटरिंग क्लिनिकल ट्रायल्स जैसी ही होती है। हर पेशेंट के डिटेल्स जरूरी होते हैं। उन पर नजर रखी जाती है। जिस कंपनी को अपने प्रोडक्ट के लिए कहीं और लाइसेंस मिला है, उसे प्री-क्लिनिकल और क्लिनिकल ट्रायल्स का पूरा डेटा रेगुलेटर को सबमिट करना होता है। जब कंपनी इमरजेंसी रिस्ट्रिक्टेड यूज की परमिशन मांगती है, तो रेगुलेटर के स्तर पर दो स्टेज में वह प्रोसेस होती है। सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी उस एप्लिकेशन पर विचार करती है। उसके अप्रूवल के बाद मामला अपेक्स कमेटी के पास जाता है। इस कमेटी में स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े विभागों के सचिव भी होते हैं।

गोरखपुर की मां-बेटी ने एक साथ एक ही मंडप में की शादी

गोरखपुर। वैसे तो यह साल हमारे लिए निराशा लेकर आया लेकिन इसी बीच कई यादगार पल भी सामने आए। ऐसा ही पल यूपी के गोरखपुर में दिखाई दिया। यहां के पिपरौली ब्लॉक में 53 साल की एक मां और उनकी 27 साल की बेटी का विवाह एक ही मंडप में हुआ। एक सामूहिक विवाह आयोजन के दौरान यह नजारा देखने को मिला। इसमें 63 और कपल भी शादी के बंधन में बंधे। 53 साल की इस महिला का नाम बेली देवी है। इनके पति हरिहर 25 साल पहले नहीं रहे। बेली देवी ने हरिहर के छोटे भाई जगदीश से शादी की जिसकी उम्र 55 साल है। बेली देवी ने बताया जगदीश एक किसान है। उसने शादी नहीं की। मेरे दो बेटे और दो बेटियों की शादी पहले ही हो चुकी है। मेरी सबसे छोटी बेटी की जब शादी तय हुई तो मैंने भी बच्चों की इजाजत लेकर मेरे देवर से शादी कर ली। इस शादी से मेरे सभी बच्चे बहुत खुश हैं। वहीं उनकी बेटी इंदु की शादी 29 साल के राहुल से हुई। इंदु के अनुसार, मेरी मां की शादी से हम बहन-भाईयों को कोई दिक्कत नहीं है। मेरी मां और अंकल दोनों ही हम सबकी देखभाल करते हैं। मुझे उन दोनों को एक साथ देखकर बहुत खुशी हो रही है।

कमलनाथ का बड़ा बयान, बोले- अब मैं आराम करना चाहता हूं, मैंने काफी कुछ हासिल किया

छिंदवाड़ा. मध्‍य प्रदेश के उपचुनावों में करारी हार झेलने वाले पूर्व मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने छिंदवाड़ा के सौसर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजनीति छोड़ने के संकेत दिए हैं. कमलनाथ ने कहा कि अब मैं आराम करना चाहता हूं, मुझे किसी भी पद की कोई महत्वाकांक्षा और लालच नहीं है, मैंने काफी कुछ हासिल किया है. मैं घर पर रहने के लिए तैयार हूं. हालांकि कमलनाथ के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी मैदान में आ गई. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. साथ ही उन्‍होने दावा किया कि 2023 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी. जबकि कमलनाथ के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि कमलनाथ ने छिंदवाड़ा की जनता से कहा कि जिस दिन जनता चाहेगी, उस दिन ही संन्यास ले लूंगा. कमलनाथ के इतना कहते ही छिंदवाड़ा की जनता ने कमलनाथ के पक्ष में जोरदार नारेबाजी कर कहा कि हम आपको एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं. नरेंद्र सलूजा ने सफाई देते हुए कहा की कमलनाथ राजनीति में रहते हुए जन सेवा का कार्य जारी रखेंगे. कमलनाथ के बयान के कई मायने मध्‍य प्रदेश उपचुनाव में 28 सीटों में से सिर्फ 9 पर जीत हासिल करने के कारण कमलनाथ के खिलाफ राज्‍य में आवाज उठ रही हैं. हालांकि छिंदवाड़ा में जनसभा में दिए उनके बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं. कांग्रेस के दिग्‍गज नेता कमलनाथ सिर्फ कोई पद छोड़ने की बात कर रहे हैं या राजनीति से विदाई लेने की बात कर रहे हैं, इस पर कयास लग रहे हैं. आपको बता दें कि मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री इन दिनों अपने बेटे के साथ छिंदवाड़ा के दौरे पर हैं, जो कि कमलनाथ और कांग्रेस का गढ़ माना जाता है.

कुतिया की गोद भराई का आयोजन, उसे फूलों से सजे झूले में बैठाया और आरती उतारी

मुंबई. ऐसे कई लोग हैं जो जानवरों के साथ बुरा सलूक करके इंसानियत को शर्मसार करते हैं, वहीं महाराष्ट्र के एक कपल ने अपने पालूत डॉगी के लिए भव्य गोद भराई का आयोजन किया। इस डॉगी का नाम लकी है जिसे परिवार के सरनेम कुलकर्णी के साथ लकी राहुल कुलकर्णी कहा जाता है। यू ट्यबर शैला टीक ने इस कपल के बारे में बताया। इस कपल ने ये भी बताया कि उनकी प्यारी बेटी लकी जल्दी ही मां बनने वाली है। इस कपल ने गोद भराई की रस्म में अपने रिश्तेदारों को भी आमंत्रित किया। इस खास दिन की तैयारी में भी उन्होंने काफी मेहनत की। उन्होंने लकी के लिए अपने झूले को फूलों से सजाया। लकी को महाराष्ट्र की पारंपरिक ड्रेस पहनाई। उसके बाद उसे फूलों से सजे झूले में बैठाकर गोद भराई की रस्म निभाई गई। घर वालों ने लकी की आरती भी उतारी। मेहमानों ने लकी की पूजा की और उसे उसकी पसंद का खाना भी खिलाया। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होते ही यूजर्स ने इस कपल की खूब तारीफ की। इंसानों की तरह एक पेट डॉग को इज्जत देना भी लोगों को खूब भाया।

एक रुपये किलो बिक रही थी गोभी, किसान ने तैयार फसल पर चला दिया ट्रैक्टर

समस्तीपुर। देश में नए कृषि कानूनों के खिलाफ 18 दिन से प्रदर्शन चल रहा है, वहीं बिहार के समस्तीपुर में गोभी का उचित मूल्य नहीं मिलने से एक किसान इतना टूट गया कि उसने लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चला दी. समस्तीपुर जिले के मुक्तापुर के किसान ओम प्रकाश यादव का कहना है कि गोभी की खेती में चार हजार रुपये प्रति कट्ठा का खर्च है और यहां मंडी में एक रुपये किलो भी नहीं बिक रहा है. अपनी पीड़ा बताते हुए ओम प्रकाश यादव ने कहा कि पहले तो गोभी को मजदूर से कटवाना पड़ता है, फिर बोरा देकर पैक करवाना होता है और ठेले से मंडी पहुंचाना पड़ता है, लेकिन वहां आढ़तिए एक रुपये प्रति किलो भी गोभी की फसल खरीदने को तैयार नहीं है. मजबूरन उसे अपनी फसल पर ट्रैक्टर चलवाना पड़ रहा है. किसान ने कहा कि दूसरी बार उसकी फसल बर्बाद हुई है, इससे पहले भी उसकी फसल को कोई खरीदने वाला नहीं था. ओम प्रकाश यादव ने कहा कि अब वे इस जमीन पर गेंहू रोपेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार से एक रुपया लाभ नहीं मिल रहा है. इससे पहले उनका काफी गेहूं खराब हो गया था तो सरकार से एक हजार 90 रुपया का मुआवजा मिला था. इस किसान ने कहा कि वह 8 से 10 बीघे में खेती करते हैं और सरकार की ओर से एक हजार रुपया क्षतिपूर्ति मिलता है. यहां के किसानों का कहना है कि जितने रुपये खर्च कर के वो गोभी को मंडी लेकर जाएंगे वहां पर उसका मूल धन भी वापस नहीं होने वाला है. लिहाजा फसल को खेत में ही नष्ट कर देना सही है. खेत में ट्रैक्टर चलाते देखकर आस-पास के लोग खेत पहुंच गए और खेत से गोभी उठाकर घर ले गए. अपनी फसल की कीमत न पाने वाला किसान फिलहाल लोगों को अपनी गोभी ले जाता देखकर ही संतुष्ट था. इस किसान ने कहा कि ये सब गांव के लोग और मजदूर हैं, सब्जी खाकर खुश होंगे.

ग्वालियर में किसानों पर लाठियां:कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन से रोका तो पुलिस से भिड़े किसान

ग्वालियर। कृषि कानून के खिलाफ सोमवार शाम 4 बजे कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे डबरा और चीनौर के किसानों को पुलिस द्वारा रोके जाने पर हंगामा हो गया। नाराज किसानों ने बेरिकेड्स फेंक दिए। यहां पुलिस से उनकी झड़प हुई। स्थिति संभालने पुलिस ने हल्के बल का भी प्रयोग कर किसानों को खदेड़ दिया। इसी समय किसानों से भरे अन्य वाहन वहां पहुंचे। भीड़ बढ़ने पर किसानों ने बेरिकेड्स हटाते हुए कलेक्टोरेट ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान कानून को वापस लेने की बात करते हुए किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया है। करीब दो घंटे हंगामा चलता रहा। कृषि कानून के विरोध में डबरा के चीनौर इलाके से करीब 150 से 200 किसान सोमवार को कलेक्टोरेट प्रदर्शन करने पहुंचे थे। ये सूचना पहले ही जिला प्रशासन और पुलिस को मिल गई थी। किसानों को कलेक्टोरेट नहीं पहुंचने देने के मकसद से पुलिस ने उन्हें कलेक्टोरेट पहाड़िया के नीचे ही मुख्य मार्ग पर घेरने की योजना बनाकर बेरिकेड्स लगा दिए, पर जैसे ही किसान जत्थों में आए, उन्हें रोका गया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आ रहे किसान यह देखकर नाराज हो गए और बेरिकेड्स हटा दिए। पुलिस ने हिदायत दी, लेकिन किसान नहीं माने। इस पर अफसरों ने बल पूर्वक स्थिति संभालने का इशारा कर दिया। फिर पुलिस जवानों ने किसानों पर हल्का बल प्रयोग करना शुरू कर दिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई, पर यहां किसानों ने समझदारी दिखाई। वे लगातार माइक पर अनाउंस करते रहे कि किसान भाई संयम से काम लें। यह हमें उग्र करने का प्रयास है। इसके बाद किसान वहीं ठहर गए। पुलिस ने भी लाठियां चलाना बंद कर दिया। इस समय तक कुछ और किसान जत्थे भीड़ में शामिल हो गए। संख्या बढ़ी, तो वह बेरीकेड्स हटाते हुए कलेक्टोरेट पहाड़ी पर ऑफिस के सामने पहुंच गए। किसानों ने वहां बैठकर धरना प्रदर्शन किया। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को कृषि कानून को वापस लेने ज्ञापन दिया। किसान नेता शैलेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि प्रदर्शन भारतीय किसान संगठन से जुड़े किसानों ने किया है। 172 से अधिक किसान संगठन है, पर कानून बनाते समय राय नहीं ली गई। यहां अपनी मांग लेकर आए, तो हमें उग्र करने के लिए लाठियां बरसाई जा रही हैं। यह ठीक नहीं है। अब किसानों के बीच जाएगी भाजपा अब कृषि कानून पर भ्रम की स्थिति दूर करने किसानों के बीच जाएगी भाजपा। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री भारत सिंह कुशवाह ने बताया कि 16 दिसंबर को ग्वालियर के फूलबाग मैदान पर किसान सम्मेलन करने जा रहे हैं। इसमें केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, खुद राज्यमंत्री भारत सिंह उपस्थित रहेंगे। इसमें किसानों को कृषि कानून के फायदे बताए जाएंगे। जिससे किसान आंदोलन को रोका जा सके।

BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर फिर विवादों में, कहा- राष्ट्र की रक्षा के लिए ज्यादा बच्चे पैदा करें क्षत्रिय

सीहोर. सांसद प्रज्ञा ठाकुर का विवादों से नाता टूट ही नहीं रहा. अब उन्होंने एक बार फिर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि क्षत्रियों को ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता तो राष्ट्र की रक्षा कौन करेगा. इसलिए क्षत्रिय ज्यादा बच्चे पैदा करें और उन्हें सैनिक बनाएं. ठाकुर ने यह बात सीहोर में आयोजित कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा जनसंख्या नियंत्रण कानून उन लोगों पर लागू होना चाहिए जो देश के विरोध में है. राष्ट्रहित की रक्षा के लिए ही क्षत्रियों को ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए. गौरतलब है कि सांसद पहले ही नाथूराम गोडसे और शहीद हेमन्त करकरे पर बयान देकर विवादों में आ चुकी हैं. मीडिया से चर्चा के दौरान सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने समाज की पुरानी वर्ण व्यवस्था का समर्थन किया और कहा कि अगर किसी जाति के व्यक्ति को उसकी जाति के नाम से संबोधित किया जाए तो उसमें बुरा मानने वाली बात नहीं. मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि देश में आरक्षण आर्थिक हालात पर आधारित हो. जो वास्तव में गरीब हैं उन्हें आरक्षण मिलना ही चाहिए.

बंगाल दौरे के 3 दिन बाद भाजपा अध्यक्ष नड्डा कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. उन्होंने ये जानकारी ट्विटर पर शेयर की है. उन्होंने कहा कि उनके संपर्क में आए लोग अपनी कोरोना जांच कराएं. फिलहाल जेपी नड्डा घर पर ही आइसोलेट हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने ट्वीट करके कहा कि कोरोना के शुरूआती लक्षण दिखने पर टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. मेरी तबीयत ठीक है, डॉक्टर्स की सलाह पर होम आइसोलेशन में सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा हूं. मेरा अनुरोध है, जो भी लोग कुछ दिनों में संपर्क में आएं हैं, वो स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जांच करवाएं. कोरोना के शुरूआती लक्षण दिखने पर मैंने टेस्ट करवाया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है, डॉक्टर्स की सलाह पर होम आइसोलेशन में सभी दिशा- निर्देशो का पालन कर रहा हूँ। मेरा अनुरोध है, जो भी लोग गत कुछ दिनों में संपर्क में आयें हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जाँच करवाएं। हाल में जेपी नड्डा बंगाल के दौर पर थे. इस दौरान उनके काफिले पर हमला भी हुआ था. जिस वक्त बीजेपी अध्यक्ष डायमंड हार्बर की ओर जा रहे थे, तब रास्ते में उनके काफिले पर पत्थर फेंके गए और हमला किया गया था. इस दौरान जेपी नड्डा तो सुरक्षित रहे, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय को चोट आई थी. वहीं, सीएम ममता बनर्जी ने हमले को बीजेपी की नौटंकी करार दिया था. इस पर भड़के बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि ममता बनर्जी को प्रशासन के बारे में पता नहीं है. हमलावरों को रोकना पुलिस का काम है. बंगाल में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है. तीन दिन के महाराष्ट्र दौरे पर जाने वाले थे नड्डा जेपी नड्डा 18 दिसंबर से तीन दिन के लिए महाराष्ट्र दौरे पर जाने वाले थे, लेकिन कोरोना के चलते ये दौरा लगभग रद्द है. बीजेपी अध्यक्ष का ये दौरा कई मायनों में खास था, क्योंकि उनके दौरे से पहले हाल ही में केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे पाटिल ने दावा किया था कि राज्य में आने वाले दो-तीन महीने में ही बीजेपी की सरकार बन सकती है.

राजस्थानः निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, निर्दलीयों का दबदबा, बीजेपी तीसरे स्थान पर पहुंची

जयपुर. राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों के अब तक आए नतीजों के मुताबिक बड़ा उलटफेर नजर आ रहा है. रविवार दोपहर 1:30 बजे तक 50 शहरी निकायों के कुल 1775 वॉर्डों में से 791 वार्डों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. नतीजों के मुताबिक, निर्दलीयों ने कांग्रेस और बीजेपी को दूसरे और तीसरे स्थान पर धकेल दिया है. इनमें से 296 वॉर्डों में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है, जबकि 268 पर कांग्रेस और 224 पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है. अभी पूरे नतीजे आने बाकी हैं. बता दें कि राजस्थान में आज 12 जिलों के पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव के परिणाम भी आ रहे हैं. कांग्रेस और BJP के अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी इन चुनाव परिणामों पर नजर जमाए हुए हैं. इन 12 जिलों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला जोधपुर भी है. इसके अलावा सिरोही को छोड़ दें तो बाकी सभी जिले सचिन पायलट के गढ़ माने जाते हैं. पहले ही 21 जिलों में चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए पक्ष में नहीं आए हैं. ऐसे में अगर इन 12 जिलों में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं मिलती है तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. इन चुनावों में 79.90 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. 50 निकायों के लिए 7249 उम्मीदवार मैदान में थे.

क्रिकेट : नटराजन की फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी, छोटे से गांव से बड़ा सफर

नई दिल्ली। किस्मत कभी भी, कहीं भी पलट सकती है। अगर मंजिल तक पहुंचने का जुनून हो और खुद को साबित करने की ललक हो, तो किसी भी सपने को पूरा किया जा सकता है। सितंबर से पहले तक पूरी दुनिया टी. नटराजन के नाम से अंजान थी, लेकिन अब यह नाम पूरे विश्व क्रिकेट में चर्चा का विषय बना हुआ है। यही नहीं, अब वे आने वाले टी-20 विश्व कप में टीम में जगह बनाने वाले सबसे बड़े दावेदार बन गए हैं। इसकी शुरुआत हुई नटराजन के यूएई में हुए आइपीएल के शानदार सफर से। आइपीएल का शानदार प्रदर्शन उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए फ्लाइट में जगह दिला गया, लेकिन किस्मत तब बदली जब टीम में शामिल वरुण चक्रवर्ती चोटिल हुए और नेट गेंदबाज के तौर पर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे नटराजन को टी-20 टीम में शामिल कर लिया गया। वहीं, नवदीप सैनी को कमर में चोट की शिकायत के बाद उन्हें वनडे टीम में भी शामिल कर लिया गया था। इसके बाद जो हुआ वह पूरी दुनिया ने देखा। सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए नटराजन ने आइपीएल में 60 से अधिक यॉर्कर गेंदें फेंकी थी। उन्होंने अपनी रफ्तार, डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी और सटीक लाइन लेंथ से सबको चौंकाया। नटराजन ने आइपीएल 2020 का पहला शिकार जहां विराट कोहली को बनाया, वहीं खतरनाक बल्लेबाज एबी डिविलियर्स को अपनी यॉर्कर गेंद से बोल्ड कर खूब वाहवाही लूटी। छोटे से गांव से बड़ा सफर : तमिलनाडु के चिन्नापामपट्टी गांव से निकलकर यूएई होते हुए ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया का हिस्सा बनने तक का नटराजन का सफर किसी खूबसूरत सपने के पूरा होने जैसा है। आइपीएल 2020 से पहले उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि वे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे। या यूं कहें कि उन्हें टी-20 लीग में भी खेलने की कम ही उम्मीद रही होगी, लेकिन यूएई में खेले गए आइपीएल ने इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के भाग्य बदल दिए। मां बेचती हैं सड़क किनारे चिकन नटराजन के मेंटर जयप्रकाश ने कहा था कि इस तेज गेंदबाज की मां ने बेटे की उपलब्धि के बाद भी सड़क किनारे चिकन बेचना नहीं छोड़ा। नटराजन भी इसके लिए उन्हें नहीं मना पाए। जयप्रकाश ने इसके पीछे का कारण बताते हुए उनकी मां के हवाले से कहा कि जब उनकी र्आिथक स्थिति अच्छी नहीं थी तब उनके इस काम से परिवार को बहुत मदद मिली थी। उधर, नटराजन ने अपने माता-पिता के लिए घर बनाया। बहनों की पढ़ाई की व्यवस्था की, तमिलनाडु के सेलम जिले के अपने गांव चिन्नापामपट्टी में अकादमी शुरू की और अपने साथियों को खेल नहीं छोड़ने के लिए प्रेरित किया। यह सब उन्होंने तमिलनाडु की गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारियों को संभालते हुए किया। एक्शन बदलकर मिली सफलता नटराजन ने 2015 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया लेकिन संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए उन पर रोक लग गई, हालांकि इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और पूर्व क्रिकेटरों की मदद से नए एक्शन के साथ वा पसी की। यहां से उन्होंने तमिलनाडु प्रीमियर 2016 में शानदार प्रदर्शन किया और नजरों में आए। फिर वे आइपीएल से जुड़े। उन्हें 2018 में सनराइजर्स ने चुना था लेकिन उन्हें इस बार अपना पहला मैच खेलने को मिला और उसके बाद वे टीम के अहम सदस्य बन गए। इतनी ज्यादा उम्मीद नहीं थी वनडे मैच में पदार्पण के बाद नटराजन ने कहा था कि मुझे इतनी ज्यादा उम्मीदें नहीं थी। मैं तो बस अपना काम करना चाहता था। वैसे मैं यहां एक नेट गेंदबाज के तौर पर आया था और कुछ खिलाड़ियों के चोटिल होने की वजह से मुझे खेलने का मौका मिला। मैं तो बस इस मौके का फायदा उठाना चाहता था। अब जबकि मैं आइपीएल से ही अच्छी फॉर्म में चल रहा था तो यह हो गया। यहां पर लोगों ने भी मुझे काफी उत्साहित किया और मेरा समर्थन किया। मुझे अच्छा करने के लिए आत्मविश्वास मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे करियर का आगाज करने वाले नटराजन ने दो विकेट हासिल किए थे। इसके बाद तीन टी-20 मुकाबले में इस गेंदबाज ने छह विकेट चटकाए। 30 रन देकर और तीन विकेट लेकर उन्होंने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। टी-20 सीरीज के दौरान उन्होंने 6. 91 की इकोनॉमी से रन दिए, जिसकी सभी ने तारीफ की। मैच जीतने में भी यह बहुत सहायक साबित हुई। गेंदबाजी देख मैकग्रा भी हुए कायल दूसरे टी-20 मैच में कमेंट्री करते हुए ग्लेन मैक्ग्रा भी नटराजन की गेंदबाजी के कायल दिखे। उन्होंने कहा था कि मैं नटराजन से बहुत प्रभावित हूं। वह निश्चित रूप से भारत के लिए इस दौरे की तलाश में थे। आशा करता हूं कि वह इसे जारी रखेंगे। सिडनी में नटराजन के बेहतरीन प्रदर्शन के दौरान ग्लेन मैकग्रा ने उनको लेकर यह टिप्पणी की थी। आइपीएल कप्तान का भी सीना चौड़ा :आइपीएल में नटराजन की टीम (सनराइजर्स हैदराबाद) के कप्तान डेविड वार्नर ने भी उनकी जमकर तारीफ की थी। वार्नर ने कहा था कि जीत, हार और ड्रॉ हम मैदान के अंदर और बाहर एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। मैं इस लड़के के लिए किसी दूसरे से कम खुश नहीं हूं। वह सही में एक अच्छा लड़का है, जो इस खेल से बहुत प्यार करता है। एक नेट गेंदबाज से भारत के लिए वनडे और टी-20 में पदार्पण करना शानदार उपलब्धि है। बहुत अच्छे दोस्त।

फिल्म अभिनेता सोनू सूद ने लॉन्च किया ‘खुद कमाओ घर चलाओ’

मुंबई। सोनू सूद हर बार मदद की नई मिसाल बना रहे हैं। अपनी प्रॉपर्टीज गिरवी रखकर भी वे इस काम को अंजाम दे रहे हैं। अब उन्होंने जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक छोटा सा प्रयास किया है। सोनू ने इस बात की घोषणा सोशल मीडिया पर की। सोनू जरूरतमंदों को छोटे लेवल पर काम शुरू करने ई-रिक्शा मुफ्त में देंगे। इस पहल को सोनू ने खुद कमाओ घर चलाओ नाम दिया है। सोनू बोले मकसद तो देश को बनाना है अपने इनीशिएटिव के बारे में वे लिखते हैं- कल की बड़ी छलांग के लिए आज एक छोटा सा कदम। एक छोटा सा प्रयास ताकि लोगों को सशक्त बनाने और छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए फ्री ई-रिक्शा देने का। खुद कमाओ घर चलाओ, मकसद तो इंडिया को बनाना है। इसके पहले पिछले दिनों यह बात सामने आई थी कि उन्होंने 10 करोड़ रुपए लोन पर लेकर जरूरतमंदों की मदद की है। अगला मिशन बुजुर्गों के घुटनों की सर्जरी सोनू सूद की मानें तो उनका अगला मिशन बुजुर्गों के घुटनों की सर्जरी कराना है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं बुजुर्गों के घुटनों की सर्जरी कराना चाहता हूं, ताकि उन्हें ऐसा महसूस न हो कि वे समाज का बेकार और उपेक्षित हिस्सा हैं। 2021 में घुटनों का ट्रांसप्लांट मैं अपनी प्राथमिकता में चाहता हूं।’ लॉकडाउन में सोनू ने ऐसे मदद की लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए सक्रिय रहे सोनू ने सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाया। हजारों लोगों के लिए खाने, पीने के सामान से लेकर पैसों तक की व्यवस्था की। पंजाब में पैरामेडिकल स्टाफ के लिए 1500 PPE किट्स उपलब्ध कराईं। पुलिस अफसरों को 25 हजार फेस शील्ड्स लेकर दीं। इस तरह लॉकडाउन के दौरान उन्होंने कई काम किए। अब भी वे लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए लोग सोनू से मदद मांगते रहते हैं। इसके अलावा, सोनू ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कोरोना वार्ड की बिजली गुल, पूर्व पार्षद की मौत

भोपाल. शुक्रवार रात हमीदिया अस्पताल की कोरोना यूनिट की बिजली गुल हो गई। ऐसे में इमरजेंसी बैकअप का सहारा लिया गया, लेकिन महज 10 मिनट में वह भी बंद हो गया। ऐसे में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक कोरोना वार्डों की बिजली ठप रही और कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों की मशीनें बंद हो गई थीं। वार्ड में चीख-पुकार मच गई। हाईफ्लो सपोर्ट पर चल रहे दो मरीजों की हालत बिगड़ गई। उनको वेंटिलेटर पर लिया, सीपीआर भी दिया गया। लेकिन, कांग्रेस से दो बार पार्षद रहे 67 वर्षीय मरीज अकबर खान की रात 10:40 बजे मौत हो गई। दूसरे मरीज की भी हालत खराब है। अकबर के भाई मेहबूद ने बताया कि जनरेटर में डीजल नहीं होने से वह चालू नहीं पाया था। सूत्रों की मानें तो शाम 5:48 बजे बिजली गुल हुई थी, जो दो घंटे बाद 7:45 बजे वापस आई। इस दौरान कोरोना वार्डों में कुल 64 मरीज भर्ती थे। इनमें से 11 गंभीर मरीजों को आईसीयू वार्ड में रखा गया था। हमीदिया में बिजली बैकअप के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। मेन सप्लाई कट होने पर बैकअप से ऑटोमेटिक सप्लाई शुरू होने लगती है। लेकिन, शुक्रवार को यह बैकअप भी काम नहीं आया। हमीदिया प्रबंधन इसके रखरखाव और डीजल पर हर साल 10 लाख रुपए रुपए खर्च करता है। डीजल की चोरी तो नहीं? हर दिन 20 लीटर डीजल मिलता है, फिर शुक्रवार को जनरेटर खाली कैसे था हमीदिया में जनरेटर के लिए हर दूसरे दिन 20 लीटर डीजल दिया जाता है। लेकिन शुक्रवार शाम उसमें डीजल नहीं था। आनन-फानन में डीजल मंगवाया गया, तब वह चालू हुआ। इसके बाद मैकेनिक को घर से बुलाया गया। मैकेनिक रॉयल मार्केट से पार्ट्स लेकर आया और जनरेटर सुधारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डीन-अधीक्षक को नोटिस दिया हमीदिया के डीन और अधीक्षक को नोटिस दिया है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को निलंबित किया है। अस्पताल के पावर बैकअप सिस्टम का सर्टिफिकेशन करने वाले इंजीनियर को भी निलंबित किया और डॉक्टर को नोटिस दिया है। -विश्वास सारंग, चिकित्सा शिक्षा मंत्री ट्रांसफाॅर्मर में फॉल्ट होने से बिजली गई थी। बैकअप से भी 10 मिनट ही सप्लाई मिल पाई। सभी वार्डों में डॉक्टर भेजे गए थे। किसी की मौत होने की जानकारी नहीं है। -डॉ. आईडी चौरसिया, अधीक्षक, हमीदिया

MP : परिवार ने सुबह किया अंतिम संस्कार, शाम को जिंदा वापस लौटा शख्स, जानें क्या है पूरा मामला

श्योपुर। अगर कोई परिवार अपने परिजन का अंतिम संस्कार कर दे लेकिन उसका परिजन शाम तक वापस आ जाए तो क्या होगा? जी हां, ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला मध्य प्रदेश के श्योपुर से सामने आया. जहां एक परिवार ने अपने परिजन का अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन वह शख्स जिंदा होकर लौट आया है. जिसे देख पुलिस और परिवारवालों के होश उड़ गए. जब पूरा मामला खुला तो हर कोई हैरान रह गया. दरअसल, यह मामला बड़ौदा के माताजी मौहल्ले का है. गुरुवार की शाम 7 बजे शहर के पुल दरवाजा श्मशान घाट के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव पुलिस को मिला था. पुलिस ने मृतक की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी ताकि उसकी शिनाख्त हो सके. वायरल तस्वीर को देखकर शुक्रवार की सुबह बड़ौदा के बंटी शर्मा ने मृतक को 4-5 दिन से गायब अपना भाई दिलीप शुक्ला बताया. बंटी शर्मा ने बताया कि दिलीप मानसिक रूप से कमजोर है. सके बाद बंटी शर्मा ने शव के पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने भी पंचनामा सहित अन्य कागजी कार्रवाई पूरी कर ली. दिलीप शुक्ला को मृत समझकर उसके परिजनों ने शुक्रवार सुबह को उसका विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया. लेकिन रात 8 बजे दिलीप घर लौट आया जिसे देखकर न सिर्फ आस पड़ोस के बल्कि परिवार के लोग भी चौंक गए. अंत्येष्टि के बाद अपने भाई को जिंदा देखकर घर में पसरा मातम खुशी में बदल गया. लेकिन अज्ञात शख्स की शिनाख्त कर उसका अंतिम संस्कार कर परिवार के सभी सदस्य अब पुलिस कार्रवाई के डर से कैमरे के सामने आने में कतरा रहे हैं. दिलीप के परिजनों का कहना है कि फोटो और हुलिया के आधार पर शिनाख्त करने में गलती हो गई है. वहीं, पुलिस अपनी कार्रवाई को जायज बता रही है. साथ ही अज्ञात शव की तस्वीर के सहारे उसकी नए सिरे से पहचान करने की जुगत में लग गई. फिलहाल अज्ञात शख्स के परिजन उसकी पहचान करने आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिस अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था वह भेला भीम लत गांव का रामकुमार आदिवासी था. उसके परिजन शुक्रवार शाम सिटी कोतवाली पहुंचेंगे. पुलिस के मुताबिक, अब उन्हें अस्थियां दिलवाई जाएंगी. वहीं अब इस अजीबो गरीब घटना की चर्चा दूर-दूर तक हो रही है कि आखिर अज्ञात लाश की शिनाख्त करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई.

राजद सुप्रीमो लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, खराब हुई किडनी, हालत चिंताजनक

रांची। चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता, पूर्व रेल मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ गई है। रांची के रिम्‍स में लालू की देखरेख कर रहे डॉक्‍टरों की टीम के प्रमुख डॉ उमेश प्रसाद ने बताया कि उनकी किडनी की कार्यक्षमता बेहद कम हो गई है। उन्‍हें कभी भी डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्‍टर ने लालू की हालत चिंताजनक बताई है। उन्‍होंने इस बारे में रिम्‍स निदेशक को लिखित सूचना दी है। लालू के इलाज में जुटे डॉ उमेश प्रसाद ने बताया कि उनकी हालत कभी भी बिगड़ सकती है। इस बारे में स्‍पष्‍ट तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है। हालत चिंताजनक है। इससे पहले शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने लालू की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए इसे छह सप्‍ताह की तारीख दे दी। यहां लालू के वकील देवर्षि मंडल ने कोर्ट से समय की मांग की थी। बीते दिन की सुनवाई के क्रम में कांग्रेस नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्‍बल नहीं पहुंच पाए थे। इधर सीबीआइ ने कोर्ट में दाखिल किए गए अपने जवाब में कहा है कि लालू की हालत स्थिर है। वे रिम्‍स में भर्ती होने के बावजूद फोन से राजनीति कर रहे हैं। उन्‍हें फिर से रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेजा जाना चाहिए। इधर शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट में लालू प्रसाद यादव की ओर से चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में दाखिल की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से बीते दिन रिम्‍स से बिहार के भाजपा विधायक को फोन कॉल करने के मामले में बिहार में दर्ज हुई एफआइआर का हवाला देते हुए कहा गया कि लालू की हालत स्थिर है। उन्‍हें जेल भेजा जाना चाहिए। लालू की ओर से सजा की आधी अवधि काटे जाने और गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने का हवाला देते हुए जमानत मांगी गई है। सीबीआइ ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए लालू की सजा अवधि पूरी नहीं होने के दस्‍तावेज दिए हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर सजायाफ्ता की कुल सजा की आधी अविध पूरी हो जाने पर जमानत दिए जाने का प्रावधान है। ऐसे में लालू के वकील आधी सजा पूरी होने का दावा करते हुए बेल की मांग कर रहे हैं। हालांकि निचली अदालत से लालू को दी गई सजा की सर्टिफाइड कॉपी उच्‍च न्‍यायालय को अबतक नहीं मिल सकी है। ऐसे में जमानत याचिका पर छह हफ्ते बाद अब सुनवाई होगी।

दिल्ली की सभी सीमाओं पर डंटे किसानों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

नई दिल्‍ली। किसान नेताओं ने शनिवार को नए कृषि कानूनों के वापसी की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। किसानों ने कहा है कि वह 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। इस बीच किसानों ने कई टोल प्‍लाजा पर कब्‍जा कर लिया है और कई दूसरी सड़कें जाम करने की चेतावनी दी है। उधर, हरियाणा में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। इससे सियासी हलचल बढ़ गई है जयपुर-दिल्ली सड़क करेंगे जाम किसान नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अध्यक्ष मंच पर 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। हम अपनी माताओं और बहनों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हैं। कल रविवार को 11 बजे जयपुर-दिल्ली सड़क को जाम करने के लिए हजारों किसान ‘दिल्ली चलो’ ट्रैक्टर मार्च करेंगे। बंद करेंगे पलवल-जयपुर रोड वहीं दिल्ली बुराड़ी निरंकारी ग्राउंड से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय महासभा प्रेम सिंह गहलावत ने कहा कि पलवल और जयपुर रोड को जयपुर से आए संगठन बंद करेंगे। किसान अंबानी और अडानी के माल पर भी धरना देंगे। सभी किसानों ने जिओ सिम और जिओ फोन का बहिष्कार किया है। उन्‍होंने कहा कि किसान हरियाणा के टोल नाके फ्री कराएंगे। किसानों के तेज होते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उत्‍तर प्रदेश में टोल प्लाजा नाकों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। यही नहीं सिघू बॉर्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उत्‍तर प्रदेश के एडीजी कानून व्‍यवस्‍था ने कहा है कि अभी तक किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है लेकिन शरारती तत्व अव्यवस्था न फैलाए इसलिए कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं हरियाणा के एक किसान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। मालूम हो कि कृषि मंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे। किसानों को जिन बिंदुओं पर आपत्ति है उस पर संशोधन के लिए बातचीत हो सकती है। बीते दिनों सरकार की ओर से आपत्ति वाले बिंदुओं पर एक प्रस्‍ताव भी किसान नेताओं के पास भेजा गया था जिसे उन्‍होंने ठुकरा दिया था। रक्षा मंत्री से मिले चौटाला इस बीच हरियाणा में भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। सनद रहे कि दुष्यंत चौटाला न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के मसले पर अपने इस्तीफे की चेतावनी भी दे चुके हैं। हालांकि इस मुलाकात के दौरान क्‍या बातें हुईं इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इससे सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।

दिल्‍ली की ओर बढ़ रहा सैकड़ों ट्रैक्‍टर ट्रालियों में किसानों का जत्‍था

पानीपत। किसानों ने एक दिन के लिए टोल नाकों को टोल फ्री करने की मुहिम छेड़ी है। कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के आह्वान पर टोल प्‍लाजा पर सुबह से ही किसान पहुंचने शुरू हो गए। दिल्‍ली चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के ज्‍यादातर टोल पर किसानों ने पहुंचकर फ्री करवाया। पानीपत के बाबरपुर और डाहर टोल प्‍लाजा सहित करनाल, यमुनानगर, अंबाला और जींद में भी टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्‍जा कर वाहनों को फ्री में जाने दिया। वहीं अभी अभी पानीपत से सैकड़ों की संख्‍या में ट्रैक्‍टर ट्रालियों में किसान पहुंचे। किसान पंजाब से दिल्‍ली जा रहे। इतनी भारी संख्‍या में किसानों की भीड़ देखकर प्रशासन सतर्क हो गया। वहीं टोल प्‍लाजा पर उनके समर्थन में नारे लगे। माॅल से लेकर हर स्तर पर किए गए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करनाल में कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग उठाते हुए किसान लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। एक तरफ जहां जिले के दोनों टोल प्लाजा फ्री कराने के साथ ही किसानों के जत्थे लगातार दिल्ली कूच कर रहे हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में धरने प्रदर्शन का सिलसिला भी जारी है। इसके अलावा एक कंपनी के विरोध में असंध में रोष जता रहे किसानों ने पेट्रोल पंप बंद करा दिया जबकि जिला मुख्यालय पर भी किसानों के तेवर देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मुख्य बाजार स्थित मॉल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है। शहर से लेकर गांव देहात तक हर स्तर पर भरपूर चौकसी बरती जा रही है। एसपी गंगाराम पूनिया खुद हर छोटी बड़ी गतिविधि की जानकारी लेने के साथ नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। हालांकि, बीती मध्यरात्रि से ही किसानों ने अपनी पूर्व घोषणा पर फौरी अमल करत हुए जिले के दोनों ही टोल प्लाजा को सामान्य आवागमन के लिए मुफ्त करा दिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी एहतियात बरतते हुए हालांकि, दोनों जगह कोई कार्रवाई नहीं की गई है लेकिन हर स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध अवश्य किए गए हैं। इसी क्रम में शहर के कुंजपुरा रोड स्थित रिलायंस मॉल के आसपास भी निगरानी रखी जा रही है ताकि यहां किसी प्रकार का हंगामा न हो सके। दोपहर एक बजे तक माॅल में स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान लगातार मोर्चा खोले हुए हैं। इसके तहत असंध क्षेत्र में किसान संगठनों के आह्वान पर क्षेत्र के किसानों ने अपने नेता छत्रपाल सिंधड की अगुवाई में पेट्रोल पंप के गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने पम्प पर तेल लेने के लिए आने वाले लोगों को भी नही आने दिया। पंप बंद कराने के साथ ही किसानों ने संघर्ष की प्रतिबद्धता भी दाेहराई। किसान नेता छत्रपाल सिंधड ने कहा कि सरकार जब तक किसानों की मांगें नहीं मानती, तब तक इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं। छोटे किसान एकमवीर सिंह ने कहा कि किसानों के संघर्ष में हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी। हाईवे पर हुक्का गुड़गुड़ा रहे किसान आंदोलनरत किसान हाईवे पर डेरा जमाए तो बैठे ही हैं, पूरी बेफिक्री के साथ हुक्का भी गुड़गुडा रहे हैं। दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर जमा किसान धरना प्रदर्शन करने के साथ ही हुक्का गुड़गुड़ाते हुए मौजूदा हालात को लेकर आपस में राय मशविरा करने में जुटे हैं। पंजाब की दिशा से आ रहे जत्थों में शामिल किसान भी कुछ समय उनके बीच बिता रहे हैं तो कई किसानों के साथ बच्चे भी यहां आकर पारिवारिक एकजुटता दर्शा रहे हैं। कमोबेश यही नजारा जींद हाईवे स्थित जिले के दूसरे टोल प्लाजा प्योंत पर भी नजर आ रहा है, जहां लगातार नारेबाजी कर रहे किसानों ने हर सीमा तक संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।

राजस्थान में वसुंधरा राजे विरोधी फिर हुए एकजुट, चुनौती देने की तैयारी में जुटे

जयपुर। राजस्थान भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विरोधी नेता एकजुट होने लगे हैं। ये विरोधी नेता अब आपसी मतभेद भुलकर एकजुट होकर वसुंधरा राजे को चुनौती देने की तैयारी में जुटे हैं। इन नेताओं में शनिवार को पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी भी शामिल हो गए। तिवाड़ी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। वे छह बार विधायक रहने के साथ ही दो बार राज्य सरकार में मंत्री रहे। तिवाड़ी के बाद अब पूर्व मंत्री सुरेंद्र गोयल के भी भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण गोयल ने भाजपा छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। तब जब्त हो गई थी जमानत 40 साल तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रदेश में भाजपा के संस्थापकों में शामिल रहे तिवाड़ी ने वसुंधरा राजे से मतभेद के कारण साल, 2018 में भाजपा छोड़कर भारत वाहिनी नाम से नई पार्टी बनाई थी। उन्होंने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उनकी जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद साल,2019 में लोकसभा चुनाव के समय वे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। करीब दो साल तक दो साल तक अलग रहने के बाद शनिवार को तिवाड़ी एक बार फिर भाजपा में वापस शामिल हो गए। उस समय जो भी मुद्दे थे, वह खत्म हो चुके हैं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। भाजपा में शामिल होने के मौके पर पत्रकारों से से बातचीत में तिवाड़ी ने कहा कि मैंने कभी भी कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण ही नहीं की। मेरे मन में हमेशा से भाजपा ही रही है। मैं शुरू से ही संघ से जुड़ा रहा हूं। वहीं, वसुंधरा राजे के विरोध से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उस समय जो भी मुद्दे थे, वह खत्म हो चुके हैं। तिवाड़ी ने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का अभी कोई इरादा नहीं है। वे अब पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं।

अमृतसर से 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में दिल्ली के लिए रवाना हुए 50 हजार किसान-मजदूर

अमृतसर। कृषि कानूनों के खिलाफ देश में किसान आंदोलन हो रहा है। दिल्ली की सीमा पर पंजाब-हरियाणा के हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। शुक्रवार को 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में करीब 50 हजार किसान-मजदूर अमृतसर से दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं। इनका कहना है कि अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूरे देश के रेलवे ट्रैकों को जाम किया जाएगा। दरअसल, किसान नेताओं ने बीते दिनों हुई बैठक में 15 मांगें रखी थी, जिनमें से सरकार 12 मांगें मानने को तैयार है। ऐसे में किसानों को लगता है कि ये तीनों कृषि कानून पूरी तरह सही नहीं हैं। इसी के चलते अब किसान अपना आंदोलन बढ़ाने जा रहे हैं। काफिले का नेतृत्व कर रहे किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रमुख सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि हम छह महीने के लिए राशन और सामान लेकर दिल्ली जा रहे हैं और हम दिल्ली को जीतने के बाद ही लौटेंगे। जालंधर से आगे बढ़े दोपहर बाद तक किसानों का जत्था जालंधर पहुंच चुका था। जालंधर-अमृतसर हाईवे पर एक साइड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगी हुई थी। इसके चलते जाम की स्थिति बन गई। दिल्ली रवाना होने से पहले किसानों ने श्री हरमंदिर साहिब में अरदास की। इसके बाद गोल्डन गेट पर इकट्‌ठा हुए। कृषि मंत्री की अपील का नहीं है असर 10 दिसंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील की है कि किसान अपना आंदोलन खत्म करें। सरकार किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार है। वह एक तारीख तय करें और हम उनकी हर शंकाओं को दूर करेंगे। कोरोना का खतरा है और ठंड भी काफी है। हम आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर चिंता में हैं। किसान संगठनों को हमारे दिए प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए। दिल्ली को घेरने की तैयारी दूसरी ओर माना जा रहा है कि सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं करेगी। सरकार ने किसानों के सामने कृषि कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में किसानों ने दिल्ली घेरने का मन बना लिया है। किसानों ने ऐलान कर दिया है कि किसान अब दिल्ली को और ज्यादा घेरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए किसानों ने आगरा-दिल्ली रोड और जयपुर-दिल्ली रोड को बंद करने की चेतावनी दी है। किसान 12 दिसंबर को टोल प्लाजा को फ्री करवा सकते हैं। ‘भाजपा को राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए’ राजनीतिक दलों के समर्थन के अलावा चीन-पाकिस्तान से फंडिंग के सवाल पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि इस तरह के जघन्य काम भाजपा ही कर सकती है। हम ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते। कहां-कहां से आए किसान? जत्थे में शामिल होने के लिए अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर से पहुंचे, जो ब्यास के पुल पर मिले। फिरोजपुर, जालंधर, कपूरथला, मोगा और फाजिल्का जिलों के किसानों का जत्था फिरोजपुर से रवाना हुआ। यहां से लुधियाना की दोराहा मंडी में पहुंचकर इकट्ठे अमृतसर से आ रहे जत्थे के साथ मिल जाएंगे। पुलिस बल भी सक्रिय जब से किसानों ने जयपुर-दिल्ली मार्ग और आगरा-दिल्ली रोड को जाम करने का ऐलान किया है। पुलिस एक्टिव हो गई है। भारी पुलिस बल को दोनों रास्तों पर तैनात किया जा रहा है।

राजस्थान में स्कूटी समेत जली महिला:स्कूल जा रही टीचर पर गिरी 11KV की लाइन

जयपुर। बांसवाड़ा जिले के नोगामा में गुरुवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। स्कूटी से स्कूल जा रही एक टीचर पर 11KV की बिजली की लाइन गिर गई। इससे स्कूटी जलकर खाक हो गई और टीचर की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। टीचर नीलम (25) पाटीदार नदी के करीब से गुजर रही थीं, तभी ऊपर से गिरा बिजली का तार स्कूटी से आकर चिपक गया। घटना से कुछ देर पहले ही इलाके में बारिश हुई थी। इससे सड़क गीली थीं और लोगों ने करीब जाकर महिला को बचाने की हिम्मत नहीं की। सास की मौत भी कुछ इसी तरह हुई थी मृतक बागीदोरा की रहने वाली थी और प्राइमरी स्कूल में टीचर थी। इसी मार्च में उनकी नौकरी के दो साल पूरे हुए थे। उनके पति उदयपुर में नौकरी करते हैं। उनका 5 साल का एक बेटा है। नीलम की सास की मौत भी कुछ इसी तरह हुई थी। वो किसी के साथ बाइक पर जा रही थीं, तब उनके ऊपर बंदर कूद गया था। इस हादसे में उनकी मौत हो गई थी। महकमे की लापरवाही मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने महिला के परिजन को घटना की सूचना दी और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बिजली विभाग को कॉल किया था। करीब 20 मिनट बाद लाइट बंद की गई। घटना से आसपास के लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि लाइन के तार जर्जर हो चुके हैं। विभाग मरम्मत का काम भी नहीं करता है। 6 महीने पहले भी बिजली का तार गिरने से दो पशुओं की मौत हो गई थी। बिजली का तार गिरने से हल्का धमाका हुआ। आग की लपटें देखकर आसपास लोग इकट्‌ठा हो गए, लेकिन किसी ने पास जाने की हिम्मत नहीं की। बिजली का तार गिरने से हल्का धमाका हुआ। आग की लपटें देखकर आसपास लोग इकट्‌ठा हो गए, लेकिन किसी ने पास जाने की हिम्मत नहीं की। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को वहां से दूर किया।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी न मिलने पर घर-घर फल और सब्जी पहुंचाने के लिए शुरू किया शॉप ऑन व्हील

जम्मू। जम्मू के रहने वाले 26 वर्षीय अताउल्लाह बुखारी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पढ़ाई की। फिर नौकरी नहीं मिली तो सब्जी और फल बेचने का काम शुरू किया। मगर तरीका बिलकुल नया और हाईटेक था। नतीजा ये रहा कि कम समय में ही अताउल्लाह का स्टार्टअप शॉप ऑन व्हील चर्चित हो गया। जम्मू के राजौरी जिले के अताउल्लाह का परिवार जम्मू शहर के बठिंडी इलाके में ही रहता है। वह चंडीगढ़ पढ़ाई करने गए, सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर लौटे भी मगर कोई खास नौकरी जम्मू में नहीं मिली। तो सोचा कि बाहर जाकर नौकरी तलाश की जाए लेकिन कोरोना ने घर पर ही बैठा दिया। अताउल्लाह के पास न तो नौकरी थी और नौकरी ढूंढने के ऑप्शन। एक दिन अचानक ख्याल आया कि कुछ अपना काम ही शुरू किया जाए। अताउल्लाह कहते हैं, ‘जैसे ही अनलॉक हुआ मैंने एक थ्री व्हीलर ऑटो फाइनेंस कराया और उसको ‘शॉप ऑन व्हील’ की तरह डिजाइन करवाया। इतना तो तय था के इन दिनों लोगों को अगर घर बैठे हाइजेनिक तौर पर साफ- सुथरी और अच्छी क्वालिटी की सब्जियां और फल मिलेंगे तो वह जरूर खरीदेंगे। इसलिए मैंने एक एक वेबसाइट www.flyekart.com डिजाइन की। सितम्बर में काम शुरू करने से पहले दो पढ़े-लिखे मगर रोजगार की तलाश कर रहे दोस्त अब्दुल मतीन और आमिर निसार से बात की तो वो भी साथ काम करने के लिए तैयार हो गए। हम तीनों ने तय किया के चाहे सब्जी महंगी मिले या कम बिके लेकिन हम क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करेंगे। शुरुआत में हमने जम्मू की मशहूर नरवाल मंडी से फल-सब्जियां खरीदकर, कम दाम पर लोगों के घरों तक अच्छी फल-सब्जी पहुंचानी शुरू की। आज हम जम्मू के करीब 100 घरों को ऑनलाइन और वॉट्सऐप ऑर्डर के जरिए सब्जी दे रहे हैं। इसके अलावा हम जम्मू के कई रिहायशी इलाकों और सोसाइटी में जाकर भी फल-सब्जी बेच रहे हैं।’ अताउल्लाह कहते हैं कि उन्होंने आगे की भी प्लानिंग की है। अब वो कई किसानों से भी बात कर रहे हैं ताकि ऑर्गेनिक सब्जियां भी खरीदकर बेच सकें। वहीं जैसे-जैसे डिमांड बढ़ रही है उसके मुताबिक कुछ और लोडिंग कैरियर खरीदकर उसे शॉप ऑन व्हील की तर्ज कर तैयार करके मार्केट में उतारेंगे और धीरे-धीरे इस कॉन्सेप्ट को जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों तक भी लेकर जाएंगे। अताउल्लाह बताते हैं ‘हम लोगों ने दो लाख रुपए में लोडिंग कैरियर फाइनेंस करवाया और फिर बाकी कुछ खर्च उसकी डिजाइनिंग पर किया। इसके बाद हमने काम शुरू किया तो प्रॉफिट होने लगा। हालांकि हम अभी इस काम में नए हैं तो प्रॉफिट से अधिक लोगों का सेटिस्फेक्शन जरूरी है। हमारी कोशिश है कि इस काम को और आगे लेकर जाएं और अपना अलग मुकाम बनाएं।

न कार न बग्गी… ट्रैक्टर पर निकली ओलिंपियन सुमित सांगवान की बारात

चंडीगढ़। केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को इंटरनेशनल बॉक्सर सुमित सांगवान का भी समर्थन मिला है। ओलिंपियन सुमित सांगवान ने किसानों को समर्थन देते हुए गुरुवार देर शाम ट्रैक्टर से बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचे। इस दौरान हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह भी उनके साथ नजर आए। सुमित के अनुसार, वे किसान परिवार से हैं। ऐसे में उनका फर्ज है कि वे अपने किसान भाइयों का साथ दें। इसलिए उन्होंने बारात ले जाने के लिए उन्होंने न कार इस्तेमाल की और न ही घोड़ा बग्गी। बल्कि परिजनों और दुल्हन के परिवार वालों से बात कर ट्रैक्टर से बारात ले गए। सुमित ने कहा कि वे शादी में शगुन के तौर पर मिलने वाली राशि को किसान आंदोलन में दान करेंगे। दिल्ली जाकर किसानों को बांटेंगे। खेल मंत्री संदीप सिंह भी मुझे और मेरी जीवनसंगिनी को आशीर्वाद देने पहुंचे थे और उन्होंने भी मेरी इस मुहिम को सराहा।

कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा को आया हार्ट अटैक, हुई एंजियोप्लास्टी

डांसर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा को शुक्रवार दोपहर करीब 2.30 बजे हार्ट अटैक आया। जिसके बाद उन्हें कोकिलाबेन हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। जहां उनकी एंजियोप्लास्टी सर्जरी हुई है। रेमो के हार्ट से ब्लॉकेज हटाने के बाद में उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। रेमो के साथ उनकी पत्नी लिजेल हैं।फैन्स ने की जल्द ठीक होने की दुआएं आईडब्ल्यूएम बज की खबर के अनुसार 46 साल के रेमो को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। रेमो और लिजेल के दो बेटे ध्रुव और गैब्रिएल हैं। इस बीच ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने बताया कि रेमाे अब ठीक हैं और वे रिकवर कर रहे हैं। वहीं उनके फैन्स और बॉलीवुड सेलेब्स भी उनके सेहतमंद होने के लिए दुआएं दे रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष नड्डा के काफिले पर पत्थर फेंके, कैलाश विजयवर्गीय भी घायल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल दौरे पर गए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर गुरुवार को तृणमूल (TMC) समर्थकों ने पथराव कर दिया। वे कोलकाता से 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर शहर जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोकने की कोशिश भी की। नड्डा की सुरक्षा में लापरवाही पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ममता बनर्जी सरकार से रिपोर्ट मांगी है। कैलाश विजयवर्गीय घायल भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी पर भी पत्थर फेंका गया। एक बड़ा पत्थर उनकी कार के शीशे को तोड़ते हुए अंदर जा लगा। विजयवर्गीय ने कहा कि इस हमले में वे घायल हुए हैं, पुलिस की मौजूदगी में गुंडों ने उन पर हमला किया। नड्डा ने भी कहा कि कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय घायल हुए हैं। नड्डा बोले- मां दुर्गा की कृपा से बचा नड्डा ने डायमंड हार्बर पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मीटिंग में कहा, “पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था नहीं रही और यह इनटॉलरेंस वाला राज्य बन चुका है। मां दुर्गा की कृपा से मैं यहां तक पहुंच पाया। ममता बनर्जी सरकार के दिन अब गिनती के रह गए हैं। हम इस गुंडाराज को हराएंगे।” बंगाल भाजपा के अध्यक्ष ने अमित शाह को चिट्ठी लिखी पश्चिम बंगाल में भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी राज्य सरकार के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। घोष ने बताया कि बुधवार को नड्डा के कार्यक्रमों पुलिस मौजूद नहीं थी। राज्य सरकार की तरफ से नड्डा की सुरक्षा में चूक हुई है। बंगाल भाजपा के वाइस प्रेसिडेंट मुकुल रॉय ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर भीड़, हमले हमले कोशिश

नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर भीड़ के बवाल को लेकर सियासत तेज हो गई है. दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नोटिस जारी किया है. डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी और बच्चों पर हमले की कोशिश की गई है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, ”दिल्ली के उपमुख्यंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर उनकी गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी और बच्चों पर हमले का प्रयास हुआ. हमने पुलिस को नोटिस जारी किया है. कैसे पुलिस के सामने गुंडे उनके घर में घुसे? कितने लोग गिरफ्तार हुए? जब एक जनप्रतिनिधि का परिवार सुरक्षित नहीं है तो जनता कैसे होगी?” दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से जवाब मांगा है. आयोग ने पूछा है कि आवास के बाहर इतनी बड़ी संख्या में भीड़ कैसे जुटी? सुरक्षा में कहां चूक हुई? इसके साथ ही दिल्ली पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी गई है और साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों के बारे में जानकारी के साथ-साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की तरफ से क्या कदम उठाए जा रहे हैं. यह भी पूछा गया है. इस घटना को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया है और उस वक्त की सीसीटीवी फुटेज शेयर की है. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ”आज बीजेपी के गुंडे मेरी गैरमौजूदगी में मेरे घर के दरवाजे तोड़कर अंदर घुस गए और मेरे बीवी बच्चों पर हमला करने की कोशिश की. अमित शाह जी आज आप दिल्ली में राजनीति में हार गए तो अब इस तरह से हमें निपटाएंगे?” वहीं, दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक बीजेपी कार्यकर्ता हुकुम सिंह ने दिल्ली पुलिस से दिल्ली के डिप्टी सीएम के घर के बाहर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था और घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया था. गुरुवार को लगभग 11:30 बजे एक भीड़ आई और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर के बाहर हंगामा किया और कैंप ऑफिस में घुस गई. दिल्ली पुलिस ने मौके से 6 लोगों को पकड़ लिया और मंदिर मार्ग थाने ले गए. शाम के वक्त डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सेक्रेटरी सी अरविंद ने दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में शिकायत दी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

राजस्थान : 21 जिलों के निकाय चुनाव में दिग्गज कांग्रेसियों के इलाके में लहराया भगवा

जयपुर। राजस्थान के 21 ज़िलों के पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्यों के लिए हुए चुनावों के नतीजों में सत्तारूढ़ कांग्रेस को ज़बरदस्त झटका लगा है. इन चुनावों के नतीजे लगातार आ रहे है और अब तक ज़िला परिषद सदस्यों के घोषित नतीजों के मुताबिक़ बीजेपी कुल 14 ज़िलों में बोर्ड बनाने की स्तिथि में आ चुकी है. जबकि कांग्रेस का सिर्फ़ पाँच ज़िलों में बोर्ड बनता दिख रहा है. ज़िला परिषद की कुल 636 सीटों के लिए चुनाव हुए और बीजेपी 323 कांग्रेस 246 सीटें जीत चुकी है. पंचायत समिति सदस्यों के लिए हुए चुनाव के अब तक घोषित नतीजों से साफ़ है कि ग्रामीण इलाक़ों में कमल कांग्रेस के पंजे पर भारी पड़ रहा है. कुल 4371 सीटों में से बीजेपी को 1836 और कांग्रेस को 1718 सीटों पर जीत मिली है. दिग्गजों ने डुबोई कांग्रेस की लुटिया कांग्रेस की गहलोत सरकार के मंत्री रघु शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पूर्व डिप्टी सी एम सचिन पायलट , खेल मंत्री अशोक चाँदना और सी एम अशोक गहलोत के ख़ास सरकारी उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी अपने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भी कांग्रेस को जीत नहीं दिला सके और इनके इलाक़ों में बीजेपी का भगवा झंडा लहरा गया. कांग्रेस की सादूलपुर विधायक कृष्णा पूनिया की सास और देवरानी दोनो ही उनके इलाक़े से पंचायत समिति का चुनाव हार गईं है. मोदी सरकार के मंत्री अर्जुन राम मेघवाल खुद भले ही बीकानेर से सांसद हों लेकिन उनके बेटे बीकानेर से ज़िला परिषद सदस्य का चुनाव हार गए है. सरदारशहर से कांग्रेस के एम एल ए भँवर लाल शर्मा की पत्नी मनोहरी देवी को उन्ही के देवर श्याम लाल ने पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में पराजित किया. राजस्थान में अगले साल तीन विधान सभा सीटों पर उप चुनाव होने है और कांग्रेस की ज़िला परिषद और पंचायत चुनावों की हार उसकी मुश्किलें बढ़ा सकती है. कांग्रेस के इन मंत्रियों को लगा झटका जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर में कांग्रेस का बोर्ड बन रहा है जिसकी वजह से इन ज़िलों से मंत्री बने हुए शालें मुहम्मद बी ड़ी कल्ला, भँवर सिंह भाटी और अर्जुन लाल बामनिया की इज़्ज़त बच गई और इनकी कुर्सी कमजोर होने से. लेकिन चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा अपने इलाक़े अजमेर सहकारिता मंत्री उदय लाल आँजना चित्तोड, खेल मंत्री अशोक चाँदना बूंदी, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा सीकर और वन मंत्री सुख राम विश्नोई जालोर से कांग्रेसी बोर्ड नहीं बनवाकर कमजोर साबित हुए है. बाड़मेर के ज़िला परिषद नतीजों में कांग्रेस और बीजेपी को बराबर बराबर सीटें मिली है और इसकी वजह से बाड़मेर से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी कमजोर साबित हुए है.

T 20 वर्ल्ड कप के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं नटराजन, कप्तान कोहली क्या बोले नट्टू के बारे में

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ट्वेंटी-ट्वेंटी सीरीज में डेब्यू करते ही टी नटराजन इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हो गए हैं. तीन मैचों की सीरीज में नटराजन ने ना सिर्फ 6 विकेट लिए बल्कि वह भारत के सबसे किफायती गेंदबाज भी साबित हुए. नटराजन के इस शानदार प्रदर्शन के बाद कप्तान विराट कोहली उनके मुरीद हो गए हैं और उन्हें अगले साल होने वाले ट्वेंटी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप के लिए बेहद ही अहम खिलाड़ी बताया है. कोहली ने कहा, ”नटराजन के बारे में बात करने की सबसे ज्यादा जरूरत है. मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह को हमने ट्वेंटी-ट्वेंटी सीरीज में आराम देने का फैसला किया. लेकिन नटराजन ने इन दिग्गज गेंदबाजों की अनुपस्थिति में अच्छी जिम्मेदारी निभायी और दबाव की परिस्थितियों में शानदार गेंदबाजी की.” वर्ल्ड कप में अहम साबित होंगे नटराजन विराट कोहली ने नटराजन को काफी मेहनत करने वाला खिलाड़ी बताया है. उन्होंने कहा, ”यह बेजोड़ है क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शुरुआती मैचों में खेल रहा है. वह बेहद धैर्यवान, विनम्र और कड़ी मेहनत करने वाला खिलाड़ी लग रहा है. वह जानता है कि वह क्या कर रहा है.” भारत को अगले साल अक्टूबर-नवंबर में टी20 विश्व कप की मेजबानी करनी है. कोहली ने कहा, ”मुझे विश्वास है कि वह अपने खेल पर कड़ी मेहनत करना जारी रखेगा और बेहतर गेंदबाज बनता जाएगा क्योंकि बायें हाथ का तेज गेंदबाज किसी भी टीम के लिये महत्वपूर्ण होता है. अगर वह इस तरह से गेंदबाजी करना जारी रखता है तो अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले यह हमारे लिये बहुत अच्छी बात होगी.” टीम इंडिया लिमिटिड ओवर सीरीज में अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा के बिना ही मेजबान पर उतरी थी. इसके बावजूद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से मात देकर वनडे सीरीज की हार का बदला लिया. 17 दिसंबर से टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी.

MP : कचरे के ढेर पर फुटपाथ पर ठंड में ठिठुरते मिले IIT कानपुर से पासआउट 92 साल के इंजीनियर

ग्वालियर. ग्वालियर में फुटपाथ पर ठंड में ठिठुरते कचरे के ढेर में खाना ढूंढ़ते मिले बुज़ुर्ग आईआईटियन। ये बुज़ुर्ग अपनी उम्र 92 साल और IIT कानपुर से पास आउट बता रहे हैं. इन बुज़ुर्ग सदस्य को स्वर्ग सदन आश्रम में पनाह मिली. ग्वालियर में स्वर्ग सदन आश्रम चलाने वाले युवक विकास गोस्वामी के पास किसी परिचित का फोन आया. उन्होंने बताया कि शिंदे की छावनी बस स्टैंड पर एक बुजुर्ग फुटपाथ पर पड़े हुए हैं. जब विकास अपने साथियों के साथ उनके पास पहुंचे चादर हटाया तो वो बुज़ुर्ग अंग्रेजी में उनसे बात करने लगे. ये सुनकर विकास थोड़ा चौंके. समझ गए कि ये कोई पढ़े-लिखे इंसान हैं. लेकिन हालात के सताए हुए हैं. IIT कानपुर के पास आउट विकास गोस्वामी ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम सुरेंद्र वशिष्ठ बताया और कहा कि वो बरेली के रहने वाले हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनका एक भतीजा है जो अभी वर्तमान में ग्वालियर के गांधीनगर इलाके में रहता है.इतना परिचय मिलने के बाद विकास उन बुज़ुर्ग सज्जन को स्वर्ग सदन आश्रम ले आए. जब उनसे धीरे-धीरे पूछताछ और बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा तो पता चला कि ये कोई और नहीं बल्कि ग्वालियर के मिशहिल स्कूल के टॉपर रहे सुरेंद्र वशिष्ठ हैं. उन्होंने 1969 में आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग किया और 1972 में लखनऊ के डीएवी कॉलेज से एलएलएम किया. उसके बाद दिल्ली के कनॉट प्लेस के रीगल स्थित खादी भंडार सहित कई जगह नौकरी भी की. भतीजा ग्वालियर में है लेकिन सुरेन्द्र वशिष्ठ इस हालत में कैसे पहुंचे यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है. हालांकि उनका कहना है कि उनका पूरा परिवार है. सब विदेश में रहते हैं. कभी-कभी मैं उनसे मिलने जाता हूं. कभी परिवार वाले भी उनसे मिलने आते रहते हैं. विकास ने जब सुरेंद्र के बताए गए भतीजे से संपर्क किया तो उन्होंने उनकी सारी बातें सच होने की पुष्टि की. लेकिन साथ ही ये भी कहा कि सुरेन्द्र अविवाहित हैं. जे सी मिल में थे पिता बुजुर्ग सुरेंद्र वशिष्ठ अपनी उम्र 92 साल बता रहे हैं. फिलहाल विकास गोस्वामी ने उन्हें अपने स्वर्ग सदन आश्रम में शरण दे दी है. सुरेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि उनके पिता ग्वालियर की जेसी मिल में काम करते थे. लोहिया बाजार में घर हुआ करता था.विकास गोस्वामी फिलहाल उनके परिवार का पता लगा रहे हैं. इससे पहले भी ग्वालियर के फुटपाथ में ठंड में ठिठुरते और कचरे में खाना ढूंढ़ते हुए पुलिस के एक पूर्व निरीक्षक मनीष मिश्रा मिले थे. उनकी मदद के लिए पहुंचे पुलिस वालों को मनीष ने पहचानकर नाम पुकार कर आवाज़ दी थी.

PM मोदी 10 दिसंबर को नए संसद भवन का भूमि पूजन करेंगे, लोकसभा स्पीकर ने न्योता दिया

नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर को दोपहर एक बजे दिल्ली में संसद भवन की नई बिल्डिंग का भूमि पूजन करेंगे। लोकसभा स्पीकर ओम प्रकाश बिड़ला ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने PM मोदी से उनके घर मुलाकात की और इसके लिए न्योता दिया। इसी सिलसिले में ओम बिड़ला ने पिछले सप्ताह अधिकारियों के साथ नई बिल्डिंग की साइट का जायजा भी लिया था। ओम बिड़ला ने कहा कि 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर हम नए संसद भवन में दोनों सदनों के सेशन की शुरुआत करेंगे। उन्होंने बताया कि नए भवन में लोकसभा सांसदों के लिए लगभग 888 और राज्यसभा सांसदों के लिए 326 से ज्यादा सीटें होंगी। पार्लियामेंट हॉल में कुल 1,224 सदस्य एक साथ बैठ सकेंगे। विरोध में विपक्ष, लेकिन सरकार अडिग जब देश में कोरोना फैला है, ऐसे वक्त नया संसद भवन बनाने पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और NCP की सांसद सुप्रिया सुले ने नया भवन बनाने की टाइमिंग और खर्च पर सवाल उठाया था। उनका कहना था कि इस समय नई बिल्डिंग बनाने के बजाय सरकार को कोरोना से लड़ने पर ध्यान देना चाहिए। इस साल की शुरुआत में सरकार ने नया संसद भवन बनाने के अपने फैसले को सही ठहराया था। टाटा को मिली जिम्मेदारी अधिकारियों ने सितंबर में बताया था कि नए भवन को त्रिकोण के आकार में डिजाइन किया गया है। इसे मौजूदा परिसर के पास ही बनाया जाएगा। इस पर 861.90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बिल्डिंग का काम एक साल में पूरा होने की उम्मीद है। इसे बनाने का जिम्मा टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मिला है। देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने इसके लिए 865 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। वहीं, सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की ओर से 940 करोड़ रुपये लागत बताई गई थी। आखिर में बाजी टाटा के हाथ लगी। अभी बना संसद भवन अंग्रेजों के राज में बना था। इसे एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। उन्होंने नई दिल्ली का कंस्ट्रक्शन और प्लानिंग भी की थी। गोल आकार में बना संसद भवन भारत की सबसे बेहतरीन इमारतों में शुमार है। इसके सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा बनी है। ​​​ सरकार ने बनाया सेंट्रल विस्टा का मास्टर प्लान सरकार ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच नई इमारतें बनाने के लिए सेंट्रल विस्टा का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसी इलाके में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के लिए 10 बिल्डिंग बनाई जाएंगी। राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा। सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान के मुताबिक, पुराने संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा। यह इमारत 13 एकड़ जमीन पर तैयार होगी।

सात साल बाद जेल से बाहर आया आसाराम का बेटा नारायण साईं 14 दिन की फरलो

सूरत। यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम का बेटा नारायण साईं शनिवार को करीब 7 साल बाद जेल से बाहर आया। सूरत की लाजपोर जेल से बाहर आते ही पुलिस उसे लेकर अहमदाबाद के लिए रवाना हो गई। गुजरात हाईकोर्ट ने मां की तबीयत ठीक न होने की वजह से नारायण साईं की 14 दिन की फरलो मंजूर की है। 14 दिन की जमानत की गुहार लगाई थी नारायण साईं ने भी अपने माता-पिता से मिलने के लिए 14 दिन की जमानत की गुहार लगाई थी। इन दिनों नारायण की मां की तबीयत खराब है और हार्टअटैक के चलते उनका दिल भी मात्र 40 फीसदी ही काम कर रहा है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने साईं की याचिका मंजूर की है। क्या है पूरा मामला 2013 में सूरत के आश्रम की दो साधिकाओं ने साईं के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी। साधिकाओं का आरोप था कि 2002 से 2004 के बीच नारायण साईं ने परिवार को मारने की धमकी देकर उनका शोषण किया था। इसके बाद वो फरार हो गया था, जिसे करीब एक महीने बाद पंजाब-दिल्ली बॉर्डर से अरेस्ट किया गया था। इसी मामले में नारायण साईं को आजीवन कैद की सजा सुनाई गई है। पैरोल और फरलो में अंतर पैरोल में कैदी को जेल से बाहर जाने के लिए एक संतोषजनक कारण बताना होता है। प्रशासन, कैदी की अर्जी को मानने के लिए बाध्य नहीं है। प्रशासन कैदी को एक समय विशेष के लिए जेल से रिहा करने से पहले समाज पर इसके असर को भी ध्यान में रखता है। पैरोल एक तरह की अनुमति लेने जैसी है। इसे खारिज भी किया जा सकता है। फरलो एक डच शब्द है। इसके तहत कैदी को अपनी सामाजिक या व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए कुछ समय के लिए रिहा किया जाता है। इसे कैदी के सुधार से जोड़कर भी देखा जाता है। तकनीकी तौर पर फरलो कैदी का मूलभूत अधिकार माना जाता है।

Ind vs Aus 1st T20I: भारत ने जीता पहला मुकाबला, ऑस्ट्रेलिया को 11 रन से दी पटखनी

नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला कैनबरा के मैदान पर खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान आरोन फिंच ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने 20 ओवर में केेएल राहुल के अर्धशतक और जडेजा की तेज 44 रन की पारी के दम पर 7 विकेट खोकर 161 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 162 रन का टारगेट मिला था, लेकिन ये टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 150 रन ही बना पाई और उसे 11 रन से हार मिली। इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है। ऑस्ट्रेलिया की पारी भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत काफी अच्छी रही और उन्होंने शॉर्ट के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की। फिंच का विकेट 35 रन पर चहल ने लिया जिन्हें जडेजा की जगह मैच में शामिल किया गया। स्मिथ को भी चहल ने 12 रन पर कैच आउट करवा दिया। ग्लेन मैक्सवेल को नटराजन ने दो रन पर आउट कर दिया। टी नटराजन ने शॉर्ट को 34 रन पर हार्दिक पांड्या के हाथों कैच आउट करवा दिया। मैथ्यू वेड 7 रन बनाकर चहल का शिकार बने तो वहीं हेनरिक्स 30 रन बनाकर दीपक चाहर की गेंद पर आउट हो गए। स्टार्क एक रन बनाकर आउट हुए जबकि स्वैपसन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से चहल व नटराजन ने तीन-तीन जबकि दीपक चाहर ने एक विकेट लिए। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को खराब शुरुआत मिली। 6 गेंदों में एक रन बनाकर शिखर धवन क्लीन बोल्ड हो गए। उनको मिचेल स्टार्क ने पवेलियन भेजा। इसके बाद केएल राहुल और कप्तान विराट कोहली के बीच एक साझेदारी हुई, लेकिन कोहली 9 गेंदों में 9 रन बनाकर मिचेल स्वेप्सन के शिकार बने। तीसरा विकेट संजू सैमसन के तौर पर गिरा जो 15 गेंदों में 23 रन बनाकर हेनरिक्स की गेंद पर स्वेप्सन के हाथों कैच आउट हुए। भारत के लिए केएल राहुल ने अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 37 गेंदों में 5 चौके और 1 छक्का अपनी पारी के दौरान जड़ा। भारत को चौथा झटका मनीष पांडे के रूप में लगा जो 8 गेंदों में 2 रन बनाकर एडम जैम्पा की गेंद पर जोश हेजलवुड के हाथों कैच आउट हुए। केएल राहुल के रूप में भारत को पांचवां झटका लगा जो 40 गेंदों में 51 रन बनाकर हेनरिक्स की गेंद पर एबॉट के हाथों कैच आउट हुए। हार्दिक पांड्या 15 गेंदों में 16 रन बनाकर हेनरिक्स की गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। वाशिंगटन सुंदर 7 रन बनाकर आउट हुए। जडेजा ने नाबाद 44 रन की पारी खेली। टी नटराजन का डेब्यू 2 दिसंबर को वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले टी नटराजन को 4 दिसंबर को टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भी डेब्यू करने का मौका मिला । वनडे मैच से पहले आइपीएल में यॉर्कर किंग बने टी नटराजन को प्रदर्शन के आधार पर ही टीम में जगह मिली। जसप्रीत बुमराह को टेस्ट सीरीज से पहले आराम दिया गया।

रजनीकांत 31 दिसंबर को पार्टी का ऐलान करेंगे, तमिल राजनीति में छठे बड़े फिल्मी सितारे की एंट्री

चेन्नई. दक्षिण के सुपर स्टार रजनीकांत (69) ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। एक्टर ने 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया। रजनीकांत ने गुरुवार को कहा कि पार्टी के बारे में औपचारिक घोषणा 31 दिसंबर को की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कड़ी मेहनत करेंगे और जीतेंगे। रजनीकांत पिछले कई महीनों से राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन पहली बार उन्होंने सियासी पारी को लेकर अपने पत्ते खोले हैं। पार्टी बनाने और विधानसभा चुनाव में उतरने के ऐलान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक और एक्टर की एंट्री होगी। इससे पहले वहां फिल्मी कलाकार राजनीति में कामयाबी हासिल करते रहे हैं। सालभर पहले कमल हासन से गठबंधन की बात कही थी रजनीकांत ने पिछले साल एक्टर कमल हासन के साथ गठबंधन करने की बात कही थी। तब रजनीकांत ने कहा था कि राज्य की जनता के हितों को देखते हुए यदि कमल हासन के साथ गठबंधन करने की स्थिति बनती है, तो वे जरूर एक-दूसरे के साथ आएंगे।

बैठक में किसानों ने ठुकराया सरकार का खाना, धरनास्थल सिंधु बॉर्डर से पैक होकर आया लंच

नई दिल्ली। दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसान नेताओं की बैठक जारी है. कृषि कानूनों पर सरकार और किसान नेताओं की चौथे दौर की बातचीत को 3 घंटे से ज्यादा का समय हो गया. इस मैराथन बैठक के दौरान लंच ब्रेक भी हुआ. इस दौरान किसान नेताओं ने सरकार की खातिरदारी मंजूर नहीं की और अपना खाना मंगाकर खाया. किसान नेताओं के लिए खाना सिंधु बॉर्डर से सफेद रंग की एंबुलेंस में पैक होकर आया था. सिंधु बॉर्डर पर लगे लंगर से किसान नेताओं के लिए खाना पहुंचा. किसान नेताओं ने पहले ही मन बना लिया था कि सरकार का खाना स्वीकार नहीं करेंगे. आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले 8 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं, सरकार किसानों को समझाने में जुटी है. सरकार का कहना है कि कृषि कानून किसानों के पक्ष में है. आज की बैठक में किसान नेताओं की तरफ से कविता तालुकदार अकेली महिला हैं. कविता एक सोशल एक्टिविस्ट हैं और इस आंदोलन की सेंट्रल कोऑर्डिनेशन कमिटी की मेंबर भी हैं. इस चर्चा में किसान नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कविता ने जबरदस्त दलीलें दी हैं. बैठक में कविता के सवालों ने कृषि मंत्रालय के पदाधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए. कविता ऑल इंडिया किसान संयुक्त समिति की भी सदस्य हैं. सरकार के जवाब के बाद किसान नेताओं ने पूछा कि सरकार आखिर क्यों गोल-गोल चक्रों में घूम रही है. सरकार और किसानों नेताओं की बातचीत दोपहर 12 बजे शुरू हुई. किसानों की ओर से MSP पर अपनी मांग रखी गई. किसानों ने अपनी ओर से दस पन्नों का खाका पकड़ाया. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कुल दस पन्नों का खाका सरकार को सौंपा गया. एंबुलेंस से आया किसानों के लिए खाना किसानों की ओर से कृषि सचिव को खाका सौंपा गया, जिसमें 5 मुख्य बिंदु हैं. APMC एक्ट में 17 प्वाइंट पर असहमति है, एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में 8 प्वाइंट पर असहमति है. इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में 12 प्वाइंट पर असहमति है.

कोरोना वैक्सीन पर बड़ी खुशखबरी, एम्स डायरेक्टर बोले- अगले महीने तक भारत को मिल जाएगा टीका

देश में कोरोना की दूसरी लहर थमती नजर आ रही है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के करीब 35 हजार नए मामले सामने आए हैं. कोरोना की थमती रफ्तार पर दिल्ली एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि हम कोरोना ग्राफ देख रहे हैं और अगर नियमों का पालन करते रहे तो यह गिरावट जारी रहेगी. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि आने वाले तीन महीने काफी महत्वपूर्ण हैं. अगर हम सावधानी बरतना जारी रखते हैं तो कोरोना महामारी के खतरे को टाल सकते हैं. कोरोना वैक्सीन पर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत में जो टीके बनाए जा रहे हैं, वह अंतिम चरण के ट्रायल में है. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने उम्मीद जताई कि इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत तक हमें कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी वैक्सीनाइजेशन की इजाजत मिल जाए. हमें वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जिससे जनता को वैक्सीन देना शुरू किया जा सके. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहना है कि कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छा डेटा उपलब्ध है कि टीके बहुत सुरक्षित हैं. वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता से कोई समझौता नहीं किया गया है. 70,000-80,000 स्वयंसेवकों ने टीका लगवाया, कोई महत्वपूर्ण गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया. डेटा से पता चलता है कि अल्पावधि में टीका सुरक्षित है. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जब हम बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगाते हैं, तो उनमें से कुछ को कोई न कोई बीमारी हो सकती है, जो टीके से संबंधित नहीं हो सकती है.

ऐसे जज्बे को सलाम फाइव स्टार होटल का शेफ नौकरी जाने के बाद सड़क किनारे बेच रहा बिरयानी

मुंबई . कोरोना के चलते ऐसे कई लोग हैं जिनकी नौकरी चली गई। इन सभी लोगों के लिए दो वक्त की रोटी जुटा पाना भी मुश्किल साबित हुआ है। इनमें से कई लोग आज भी रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं तो ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने अपना छोटा-मोटा बिजनेस शुरू कर आजीविका चलाई है। इन्हीं लोगों में अक्षय पारकर का नाम भी शामिल है जो मुंबई में रहने वाले एक शेफ हैं। महामारी से पहले वे एक इंटरनेशनल लग्जरी क्रूज और फाइव व सेवन स्टार होटल्स में शेफ की नौकरी करते थे। महामारी के चलते उनकी 8 साल पुरानी नौकरी छूट गई। ऐसे वक्त में अक्षय ने हार मानने के बजाय रोड़ साइड स्टॉल की शुरुआत की और पांच सितारा होटल की क्वालिटी वाली बिरयानी बेचने लगे। अक्षय की दिल जीतने वाली कहानी के बारे में लोगों को उस वक्त पता चला जब एक फेसबुक पेज ‘बीइंग मालवानी’ पर उनकी कहानी बयां की गई। अक्षय के इस फूड स्टॉल का नाम ‘पारकर बिरयानी हाउस’ है जो मुंबई में दादर के पास शिवाजी मंदिर के सामने है। इस व्यक्ति ने अपने मेनू में बिरयानी की तीन वैरायटी को शामिल किया जिसमें वेज, अंडा और चिकन बिरयानी शामिल हैं। उनकी हाफ प्लेट बिरयानी की कीमत 65 रुपए और फुल प्लेट बिरयानी 140 रुपए की है। इसके अलावा अक्षय पार्टीज और शादी के लिए भी बिरयानी के ऑर्डर लेते हैं। सोशल मीडिया पर अक्षय के जोश और जज्बे की लोग खूब तारीफ कर रहे हैं।

यूपी के सीएम योगी पहुंचे मुंबई टी शिवसेना तिलमिलाई , फिल्म सिटी को लेकर ठानी ठनी

मुंबई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुंबई दौरे पर हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में उन्होंने बुधवार को लखनऊ नगर निगम के बांड लॉन्च किए। इसके बाद योगी कई बॉलीवुड हस्तियों से मुलाकात करेंगे। योगी के इस दौरे को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है। यूपी में फिल्म सिटी बनाने के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा- कॉम्पटीशन अच्छी बात है, लेकिन किसी की धमकी नहीं चलेगी। योगी ने इसके जवाब में कहा, ‘हम कुछ नहीं ले जा रहे, मुंबई फिल्म सिटी यहीं रहेगी, यूपी में वहां के माहौल और जरूरतों के हिसाब से नई फिल्म सिटी बनाई जा रही है। वहीं, योगी जिस होटल में ठहरे हैं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( MNS) ने उसके बाहर एक पोस्टर लगाया है। इसमें आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उन्हें ‘ठग’ कहा गया है। महाराष्ट्र के उद्योग यहीं रहेंगे: उद्धव ठाकरे मंगलवार शाम को इंडियन मर्चेंट ऑफ चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स में बोलते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था, ‘महाराष्ट्र मैग्नेटिक राज्य है। उद्योगपतियों में आज भी महाराष्ट्र का आकर्षण कायम है। राज्य का कोई भी उद्योग बाहर नहीं जाएगा। इसके उलट, दूसरे राज्यों के उद्योगपति भी महाराष्ट्र आएंगे। राउत ने पूछा- क्या मुंबई के अलावा कहीं और भी जाएंगे योगी? इधर, शिवसेना सांसद संजय राउत ने पूछा कि क्या सीएम योगी दूसरे राज्यों में बनी फिल्म सिटी भी देखने जाएंगे? राउत ने कहा- मुंबई की फिल्म सिटी को दूसरी जगह शिफ्ट करना आसान नहीं है। दक्षिण भारत में भी बड़ी फिल्म इंडस्ट्री है। पश्चिम बंगाल और पंजाब में भी फिल्म सिटी हैं। क्या योगी जी इन जगहों पर जाकर कलाकारों से बात करेंगे या क्या वे केवल मुंबई में ही ऐसा कर रहे हैं? मनसे ने लगाए आपत्तिजनक पोस्टर राज ठाकरे की पार्टी MNS ने योगी के होटल के बाहर लगाए पोस्टर में लिखा, ‘कहां राजा भोज कहां गंगू तेली’, नाकाम राज्य की बेरोजगारी छुपाने के लिए मुंबई के उद्योग को UP ले जाने आया है ठग।’ उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच योगी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने शिवसेना और NCP पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां अंडरवर्ल्ड के जरिए बॉलीवुड पर दबाव बना रही है। कई फिल्म निर्देशक, निर्माता, कलाकार मुंबई छोड़कर यूपी आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अंडरवर्ल्ड के जरिए धमकाया जा रहा है।

शेयर बाजार : सेंसेक्स 44655 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद

मुंबई। अच्छे GST कलेक्शन जैसे मजबूत घरेलू संकेतों और एशियाई बाजारों में तेजी के चलते मंगलवार को शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 505.72 अंक ऊपर चढ़कर 44,655.44 के रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। क्लोजिंग के वक्त पिछला रिकॉर्ड स्तर 26 नवंबर को था, जब सेंसेक्स 44,259.74 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स का अब तक का हाइएस्ट लेवल 44,825.37 है, लेकिन 25 नवंबर का यह आंकड़ा इंट्रा-डे का है। शेयर बाजार में बने 2 और रिकॉर्ड निफ्टी का रिकॉर्ड लेवल: मंगलवार को निफ्टी इंडेक्स भी 140.10 अंक ऊपर चढ़कर पहली बार 13,109.05 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। कारोबारी दिन में इंडेक्स ने 13,128.40 को टच किया। हालांकि, इंडेक्स का हाइएस्ट लेवल 13,145.85 है, जो 25 नवंबर को इंट्रा-डे में बना था। मंगलवार को बाजार की तेजी को ऑटो और आईटी शेयरों ने लीड किया। निफ्टी ऑटो, आईटी और मेटल इंडेक्स में 1-1% से ज्यादा की बढ़त रही। मार्केट कैप: BSE में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप भी रिकॉर्ड 176.26 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा। इससे पहले यह 30 अक्टूबर को 157.90 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा था। यानी तब से अब तक टोटल मार्केट कैप 18.36 लाख करोड़ रुपए बढ़ चुका है। निफ्टी में सरकारी कंपनी गेल का शेयर 8% ऊपर बंद हुआ है। सन फार्मा और इंडसइंड बैंक के शेयर 5-5 फीसदी ऊपर बंद हुए। टेक महिंद्रा का शेयर भी 4% ऊपर बंद हुआ। वहीं, नेस्ले इंडिया का शेयर 2% नीचे बंद हुआ। ऑटो इंडेक्स में अमारा राजा बैट्रीज का शेयर भी 2% नीचे बंद हुआ है। सुबह BSE सेंसेक्स 286.11 अंक ऊपर 44,435.83 पर और निफ्टी 93.25 अंक ऊपर 13,062.20 पर खुला था।

बिहार में शख्स ने अपनी पत्नी और 5 बच्चों को कुल्हाड़ी से काटा हुई 4 बच्चों की मौत

बिहार में सीवान जिले के अलीमर्दनपुर गांव में एक सनकी बाप ने अपने पांच बच्चों और पत्नी पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। चार बच्चों की मौके पर मौत हो गई। पत्नी और एक बच्ची नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद भी जहर खाकर जान देने की कोशिश की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसका भी इलाज चल रहा है। आरोपी अवधेश चौधरी पुलिस को खुद ही फोन करके वारदात की सूचना दी थी। जिनकी मौत हुई उनमें अवधेश की बेटी ज्योति कुमारी, बेटा अभिषेक, मुकेश और भोला शामिल हैं। दूसरी बेटी अंजलि और पत्नी रीता देवी गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों को पटना रेफर किया गया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात रविवार देर रात की है। उन्होंने बताया कि आरोपी से हत्या की वजह पूछी तो उसने बस इतना कहा, ‘मन में आया और कर दिया।’ वारदात को अंजाम देने से कुछ देर पहले ही वह बाहर से अपने घर लौटा था। डीएम और एसपी के नंबर पर की थी कॉल अवधेश ने कहा कि बच्चों की हत्या के बाद उसने सीवान के DM और SP के सरकारी मोबाइल नंबर पर कॉल की थी, लेकिन कॉल को किसी ने रिसीव नहीं किया। इसके बाद उसने भगवानपुर हाट थाना को कॉल किया और वारदात की जानकारी पुलिस को खुद ही दी। तब जाकर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सीवान के SP अभिनव कुमार छुट्‌टी पर हैं। SDOP सदर SP के प्रभार में हैं।

इंदौर : कपड़े सुखाने बालकनी में कुर्सी रखकर खड़ी हो गई, बैलेंस बिगड़ने से छठी मंजिल से गिरी, मौत

इंदौर। लसूड़िया थानाक्षेत्र स्थित सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाली एक महिला छठी मंजिल से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। महिला कपड़े सुखाने के लिए बालकनी में कुर्सी रखकर उस पर खड़ी हो गई थी। बैलेंस बिगड़ने से वह सीधे छठी मंजिल से नीचे गिर गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मंगलवार को पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाली प्रमिला वैष्णव की छठीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई है। परिजनों ने बताया है कि कपड़े सुखाने के दौरान बैलेंस बिगड़ने के बाद नीचे गिरी हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। पति जितेंद्र ने बताया कि कल मैं घर पर ही था। पत्नी और मैं दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त थे। कपड़े सुखाने के लिए वह छठीं मंजिल में बालकनी पर गई थी। रस्सी थोड़ी ऊंची होने से उसने प्लास्टिक की चेयर लगा ली और उसके ऊपर खड़ी हो गई। टाइल्स के कारण चेयर फिसलकर संभवत हिल गई, जिससे उसका बैलेंस बिगड़ गया।

जानें … दुनिया की सबसे तेज खुफिया एजेंसी मोसाद के सबसे चर्चित मिशन

नई दिल्ली। मोसाद को दुनिया की एक सबसे तेज खुफिया एजेंसी माना जाता है। ऐसी खुफिया एजेंसी जो अपना निशाना नहीं चूकती है। मोसाद ने कई ऐसे मिशन को अंजाम दिया है जिसको सोचकर इंसान सिहर जाए। मोसाद का सफलता का ट्रैक रेकॉर्ड काफी प्रेरक रहा है। यही कारण है कि अमेरिका और भारत समेत दुनिया की कई खुफिया एजेंसिया मोसाद के साथ मिलकर ट्रेनिंग और कई सीक्रेट मिशन्स को अंजाम देती हैं। भारत तो अपनी खुफिया एजेंसी में काम करने वाले अधिकारियों की ट्रेनिंग तक इजरायली खुफिया एजेंसी के साथ करवाता है। ऑपरेशन थंडरबोल्ट ने दुनिया में दिखाया मोसाद का दम 27 जून 1976 को जब इजरायली यात्रियों से भरी फ्रांस के एक यात्री विमान को अरब के आतंकियों ने अपहरण कर लिया। तब मोसाद ने अपनी ताकत और बुद्धिमानी के दम पर हजारों किलोमीटर दूर स्थित देश से अपने 94 नागरिकों को सुरक्षित वापस निकाल लिया। युगांडा के एंतेबे हवाई अड्डे पर मोसाद के ऑपरेशन को आज भी पूरी दुनिया में सबसे सफल हॉइजैकर्स मिशन माना जाता है। इस ऑपरेशन में वर्तमान में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई जोनाथन नेतन्याहू भी शामिल हुए थे। हालांकि, उनकी ऑपरेशन के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। जब मोसाद ने रूसी मिग-21 लड़ाकू विमान को चुराया 60 के दशक में अगर कोई लड़ाकू विमान सबसे अडवांस्ड और फास्ट था तो वह मिग-21 विमान था। अगर यह कहें कि अमेरिका भी इससे डरता था तो शायद कुछ गलत नहीं होगा। इस विमान को पाने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए फी असफल हो गई थी, जिसके बाद इसकी जिम्मेदारी मोसाद को दी गई। पहली कोशिश में पकड़े जाने के बाद दिसंबर 1962 में मोसाद के एक एजेंट को मिस्र में फांसी दे दी गई। मोसाद ने दूसरी कोशिश इराक में की, लेकिन यह प्रयास भी असफल रहा। 1964 में मोसाद की महिला एजेंट ने एक इराकी पायलट को इस विमान के साथ इजरायल लाने के लिए मना लिया था। म्यूनिख ओलिंपिक में इजरायली टीम के हत्यारों को ढूंढ-ढूंढकर मारा मोसाद ने 1972 में हुए म्यूनिख ओलिंपिक में इजरायली टीम के 11 खिलाड़ियों के हत्यारों को कई देशों में ढूंढ-ढूंढकर मौत के घाट उतार दिया। इजरायली खिलाड़ियों की हत्या का आरोप ब्लैक सेप्टेंबर और फिलीस्तीन लिबरेशन अर्गनाइजेशन पर लगा था। मोसाद की लिस्ट में 11 आतंकी थे, जो म्यूनिख में इजरायली खिलाड़ियों की हत्या के बाद अलग-अलग देशों में जाकर छिप गए थे। लेकिन, मोसाद ने 10 साल के ऑपरेशन में सभी आतंकियों को खोजकर मार दिया। कहा जाता है कि मोसाद ने सभी 11 आतंकियों को 11-11 गोलियां मारी थी। अर्जेंटीना में दिया सबसे घातक मिशन को अंजाम मोसाद ने अर्जेंटीना में 11 मई 1960 को एक ऐसे मिशन को अंजाम दिया जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी। यह मिशन इतना सीक्रेट था कि अर्जेंटीना की सरकार को इसकी भनक तक नहीं लगी। मोसाद नाजी युद्ध अपराधी एडोल्फ एकमैन का अपहरण कर इजरायल लेकर आई। जिसके बाद उसे यहूदियों के खिलाफ किए गए अत्याचारों के लिए मुकदमा चलाकर सजा दी गई। इस मिशन को इजरायल के पांच एजेंटों ने अंजाम दिया था जिसने नाम बदलकर अर्जेंटीना में छिपे एडोल्फ एकमैन को ढूंढ निकाला। एकमैन को पकड़ने के बाद एक सीक्रेट लोकेशन पर ले जाकर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। उसके बाद टीम उसे गुपचुप तरीके से इजरायल लेकर आ गई। यासिर अराफात के करीबी को परिवार के सामने मारी 70 गोलियां मोसाद ने फिलीस्तीन के प्रसिद्ध नेता रहे यासिर अराफात का दाहिना हाथ कहे जाने वाले खलील अल वजीर को ट्यूनिशिया में उसके परिवारवालों के सामने गोलियों से छलनी कर दिया। खलील को अबू जिहाद के नाम से भी जाना जाता था। यह फिलीस्तीन के आतंकी संगठनों का मुखिया माना जाता था जिसके इशारे पर इजरायल में कई हमले भी हुए थे। इस मिशन को मोसाद के 30 एजेंट्स ने अंजाम दिया। ये एजेंट एक-एक कर टूरिस्ट बनकर ट्यूनिशिया पहुंचे। जहां उन्होंने अबू जिहाद के घर का पता लगाकर उसके परिवार के सामने 70 गोलिया मारी। उस वक्त ट्यूनिशिया के आसमान में उड़ रहे इजरायली प्लेन ने सभी कम्यूनिकेशन सिस्टम्स को ब्लॉक कर दिया था।

दिल्ली के सभी बॉर्डर पर किसानों का डेरा, बोले – देश में सभी कानून कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान जमे हुए हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है. लेकिन किसानों का एक गुट सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर ही डेरा डाले हुआ है और सरकार से बिना शर्त बातचीत की मांग कर रहा है.किसान नेता गुरनाम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस आंदोलन को कुचलने के लिए 30 से ज्यादा मुकदमा दर्ज हो चुके हैं. आज जगह जगह से और लोग आ रहे हैं. हरियाणा से किसान कुच कर रहा है. ये लड़ाई सिर्फ किसान की नहीं है, सबकी है. पैदावार करने वाले किसानों को कम भाव मिलेगा. ये सभी का आंदोलन है. उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज ने हमें समर्थन दिया . हरियाणा में सब मंडियां बंद रहेंगी. जो भी देश में कानून बन रहे हैं, वो सिर्फ कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं. पूरी जनता का शोषण कारपोरेट कर रही है. पूरे देश के नागरिक इस लड़ाई में शामिल हों. अपील करता हूं. जब तक बाते नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा. कहीं इससे भी कड़ा कदम ना उठाना पड़े. उससे पहले बातचीत के लिए आ जाएं.” प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगेंद्र यादव ने कहा, ”देश और दुनिया मे आज सब तरफ उत्सव मनाया जा रहा है, उसकी बधाई. किसान आज देश में अपनी छाप छोड़ने के लिए खड़े हैं. इस आंदोलन ने 5 झूठ का पर्दाफाश किया . पहला- ये आंदोलन किसानों का नहीं है. आप खुद चेक करें. दूसरा- किसानों को बरगलाने का काम किया जा रहा है. किसानों को सब पता है . तीसरा- सिर्फ पंजाब का आंदोलन है. यहां सब बैठे हैं. देश के कोने कोने से. उत्तराखंड से आए हैं. पंजाब के किसानों ने शुरुआत सभी किसानों के लिए की है. चौथा- इसकी कोई लीडरशिप नहीं है. 30 संगठनों का समहू है. इतनी अच्छी लीडरशिप मैंने कभी नहीं देखी. 30 किसान संगठन हर रोज मिल रहे हैं. क्लियर लीडरशिप है. पांचवां- पॉलिटिकल पार्टी ने करवाया. हरियाणा का किसान हमारे साथ है. ये आंदोलन ऐतिहासिक आंदोलन है.” भारती किसान यूनियन (दकुंडा) के जनरल सेक्रेट्री जगमोहन सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी को गुरु पर्व की बधाई दी और कहा, ” हमारे 30 संगठन की मीटिंग हुई. मुंह में राम राम बगल में छुरी. अमित शाह फ़ोन पर बात कर रहे हैं, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है. ये पंजाब का संघर्ष नहीं है. ये सभी का संघर्ष है . सभी की जो स्थिति है, हम जहां हैं वही रहंगे, और आगे कैसे बढ़ना है. आज देश के किसान अपने मन की बात सुनाने आए हैं.”

ND vs AUS मैच के दौरानभारतीय लड़के ने ऑस्ट्रेलिया की लड़की को प्रपोज किया, रिंग पहनी

सिडनी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेले जा रहे दूसरे वनडे के दौरान एक रोचक घटना कैमरे में कैद हो गई। टारगेट चेज करने उतरी टीम इंडिया का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। फैंस अपनी टीम से काफी निराश नजर आ रहे थे। लेकिन, मैदान के बाहर एक भारतीय युवा ने सभी का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में भारतीय युवक की तरफ से ऑस्ट्रेलियाई लड़की को प्रपोज करने पर लड़की ने हां कहा। लड़की ने युवक को गले लगाकर प्रपोजल स्वीकार कर लिया। इसके बाद वह रिंग पहनते हुए दिखाई देती है। वहां मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर दोनों को बधाई दी। मैदान में लगी बड़ी स्क्रीन पर इस अनोखे प्रपोजल को देखकर ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ताली बजाकर खुशी जताते नजर आए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि क्या यह आज का सबसे मुश्किल खेल था। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह के रिएक्शन दिए। एक यूजर ने कहा कि मैच के दौरान एक अच्छा मोमेंट। तो एक ने लिखा कि यहां तो मैच भारत ने ही जीता। भारतीय पारी के 20वें ओवर की घटना मैदान में प्रपोज करने का यह वाकया भारतीय पारी के 20वें ओवर में कैमरे में कैद हुआ। उस वक्त टीम का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 126 रन था। कप्तान विराट कोहली

Farmers Protest: किसान यूनियन का बड़ा ऐलान- हम बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे, वो खुली जेल है

नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (Farm Laws 2020) को वापस लेने तथा अपनी फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. किसान संघों ने रविवार दोपहर की मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया है. इसके बाद मीटिंग के फैलने की जानकारी देने के लिए किसान संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हम सरकार की ओर से बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्तव नामंजूर करते हैं. किसान संगठन बिना शर्त सरकार से बातचीत चाहता है. उन्‍होंने कहा कि बुराड़ी ओपन जेल की तरह है और वह आंदोलन की जगह नहीं है. किसानों ने कहा कि हमारे पास पर्याप्‍त राशन, हम 4 महीने तक हम रोड पर बैठ सकते हैं. आंदोलन कर रहे किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर ही डटे रहने का फैसला किया केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को फैसला किया कि वे राष्ट्रीय राजधानी के बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे और दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे. हजारों किसानों ने लगातार चौथे दिन रविवार को सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर अपना प्रदर्शन जारी रखा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को किसानों से अपील की थी कि वे बुराड़ी के संत निरंकारी मैदान चले जाएं. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए किसानों को इस मैदान की पेशकश की गई है. शाह ने यह भी कहा था कि निरंकारी मैदान में चले जाने के बाद केंद्र सरकार उनसे वार्ता करने को तैयार है. भारतीय किसान संघ (डकौंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल ने फोन पर बताया, ‘हमने फैसला किया है कि हम दिल्ली की सीमाओं पर जमे रहेंगे. हम बुराड़ी नहीं जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह फैसला किया है. बीकेयू (कादियान) के प्रमुख हरमीत सिंह कादियान ने भी कहा कि प्रदर्शनकारी बुराड़ी मैदान नहीं जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कादियान ने सिंघू बॉर्डर के नजदीक पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करने के लिए कोई शर्त नहीं थोपनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हम कोई पूर्व शर्त नहीं चाहते हैं. हम चाहते हैं कि बिना किसी शर्त के बैठक हो. हम बातचीत के लिए राज़ी हैं.’ किसान नेता ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान जल्द ही प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं. गौरतलब है कि ऑल-इंडिया किसान संघर्ष को-ओर्डिनेशन कमेटी, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के अलग-अलग धड़ों ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान किया था. किसान केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनको आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और उन्हें बड़े उद्योगपतियों के “रहम“ पर छोड़ दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के कई संगठनों को दूसरे चरण की बातचीत करने के लिए तीन दिसंबर को दिल्ली में आमंत्रित किया है.

लिफ्ट में फंसकर एक 5 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

मुंबई। मुंबई के धारावी इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां लिफ्ट में फंसकर एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई. ये पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है. बता दें कि मुंबई के धारावी इलाके की घोषी शेल्टर बिल्डिंग की लिफ्ट में ये हादसा हुआ है. दरअसल तीन भाई बहन ग्राउंड फ्लोर से चौथे मंजिल पर आने के लिए चढ़े. तीनों बच्चे खेलते हुए लिफ्ट में चढ़े और लिफ्ट का बटन दबा दिया, जिस वक्त ये हादसा हुआ तब करीब पौने 1 बजे हुए थे. कुछ ही पल में लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर से चौथी मंजिल तक आ गई, पहले दोनों लड़की बाहर निकली उसके बाद पांच वर्षीय हुजैफा बाहर निकलता है लेकिन इस से पहले की हुजैफा बाहर निकलता लिफ्ट के बाहर का लकड़ी का दरवाजा बंद हो जाता है, हुजैफा लिफ्ट के दरवाजे और बाहर के लकड़ी के दरवाजे के बीच मे फंस जाता है, और अगले ही पल लिफ्ट चल पड़ती है. हुजैफा भी लिफ्ट के साथ नीचे चला जाता है जिस से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो जाती है. हादसे के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की मदद से हुजैफा को बाहर निकाला जाता है. इस घटना में साहू नगर पुलिस ने ADR के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है.

MP में लव जिहाद : सलमान ने उमेश बनकर की लव मैरिज, अब बना रहा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद के खिलाफ विधेयक लाने वाली है, लेकिन उसके पहले ही भोपाल में लव जिहाद का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के निवास पर मदद मांगने एक युवती पहुंची। पीड़ित का आरोप है कि काफी दिनों तक उसका पति उमेश नाम से उसके साथ रहा, लेकिन बाद में असली चेहरा सामने आया। युवती ने कहा कि अब पति उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहा है। गृह मंत्री ने भोपाल डीआईजी को मामले की जांच का आदेश दिया है। पीड़ित को मदद का भरोसा दिया है। युवती का कहना है कि गेंहूखेड़ा इलाके में रहने वाले युवक से उसकी करीब साल भर पहले मुलाकात हुई थी। उस वक्त युवक ने अपना नाम उमेश बताया। पीड़ित युवती से मन्दिर में शादी कर ली। युवती का शादी के बाद एक बच्चा भी है। युवती का कहना है, बाद में पता चला कि उसके पति का नाम उमेश नहीं, बल्कि सलमान है। धर्म परिवर्तन के लिए दबाव युवती का आरोप है कि धर्म परिवर्तन ना करने पर उसे घर में प्रताड़ित किया जा रहा है. पीड़ित युवती की मानें, तो आरोपी पति ने उसके बच्चे को भी मारने की कोशिश की। इस पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है, मामले की जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लव जिहाद के खिलाफ कानून इधर, मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान करने की तैयारी कर रही है। हाल ही में इसका ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है, जिसके तहत लव जिहाद के आरोप सही पाए जाने पर दोषी के खिलाफ 10 साल तक की सजा हो सकती है।

बैटिंग से धमाल मचाने वाले हार्दिक पांड्या बोलिंग न कर पाने से हैं दुखी, क्या है आगे की रणनीति

नई दिल्ली। इंडिया के ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पंड्या ने शुक्रवार को कहा कि वह तभी गेंदबाजी करेंगे, जब समय सही होगा. साथ ही उन्होंने टीम से बहु- प्रतिभा वाले अन्य खिलाड़ियों को तराशने का आग्रह किया, सिडनी में शुरुआती वनडे में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के दौरान उनकी गेंदबाजी की काफी कमी महसूस की गई. यह हरफनमौला खिलाड़ी पीठ की सर्जरी के बाद अभी तक गेंदबाजी का भार संभालने के लिए तैयार नहीं है, जिससे टीम का संतुलन प्रभावित हो रहा है और यह बात खुद कप्तान विराट कोहली ने स्वीकार की. पंड्या ने शुक्रवार को टीम को मिली 66 रनों की हार के दौरान 76 गेंदों में 90 रनों की पारी खेली. उन्होंने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मैं अपनी गेंदबाजी पर काम कर रहा हूं. मैं गेंदबाजी करूंगा, जब सही समय होगा.’ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 374 रन बनाए. पंड्या ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जब वह मैच की परिस्थितियों में गेंदबाजी करना शुरू करें तो वह बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जरूरी रफ्तार हासिल कर पाएं. पंड्या ने कहा, ‘जब आप 375 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हो तो हर किसी को जज्बे के साथ खेलना चाहिए. इसके अलावा कोई कुछ नहीं कर सकता. आप ज्यादा योजना नहीं बना सकते.’ उन्होंने कहा कि भारत को हरफनमौला विकल्पों के बारे में विचार करना चाहिए क्योंकि छठा गेंदबाजी विकल्प वनडे टीम के संतुलन के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि शायद हमें किसी को ढूंढना होगा जो भारत के लिए खेल चुका हो और उन्हें तराशना चाहिए और उन्हें खिलाने का तरीका ढूंढना होगा.’ पंड्या ने कहा, ‘जब आप पांच गेंदबाजों के साथ उतरते हो तो यह हमेशा मुश्किल होगा क्योंकि अगर किसी का दिन अच्छा नहीं होगा तो उसकी भूमिका को भरने के लिए आपके पास कोई नहीं होगा.’ उन्होंने कहा, ‘चोट से ज्यादा यह छठे गेंदबाजी की भूमिका के बारे में है. अगर किसी का दिन अच्छा नहीं है तो इससे अन्य गेंदबाजों को मदद मिलेगी.’ उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछने पर उन्होंने चयनकर्ताओं से अपने बड़े भाई क्रुणाल को देखने का आग्रह किया, जो स्पिन ऑलराउंडर हैं. उन्होंने कहा, ‘आप अन्य के नाम ले सकते हैं. या फिर हमें पंड्या परिवार में ही देखना चाहिए.’ हार्दिक पंड्या ने नेट पर गेंदबाजी करना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी गेंदबाजी में 100 प्रतिशत होना चाहता हूं. मैं उस रफ्तार से गेंदबाजी करना चाहता हूं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए जरूरी हो.’ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के लिए 10 महीने बचे हैं और पंड्या ने संकेत दिया कि वह लंबे लक्ष्य और बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए गेंदबाजी शुरू करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘हम आगे के बारे में सोच रहे हैं. हम टी20 विश्व कप और अन्य महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के बारे में सोच रहे हैं, जहां मेरी गेंदबाजी ज्यादा अहम होगी.’

किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षाबलों ने हाईवे खोद डाला

पानीपत। दिल्ली करनाल हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया है। दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। यहां दिल्ली वाले छोर पर दिल्ली पुलिस की कई टुकड़ियां, हरियाणा वाले छोर पर हरियाणा पुलिस और इनके बीच BSF, RAF(रैपिड एक्शन फोर्स) और CISF की तैनाती की गई है। जवानों की यह तैनाती पंजाब और हरियाणा के किसानों को किसी भी तरह से दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए की गई है। पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते काफी समय से कृषि संबंधी नए कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध को आगे बढ़ाते हुए किसान संगठनों ने 26 नवंबर से ‘दिल्ली कूच’ का कार्यक्रम रखा है और इसमें शामिल होते हुए लाखों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं। इन किसानों में सबसे बड़ी संख्या पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से आए किसानों की ही है। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा और दिल्ली पुलिस कई तरह की रणनीति अपना रही है। पुलिस ने दिल्ली-करनाल हाईवे को जगह-जगह बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है और कई जगह तो नक्सलियों जैसी रणनीति अपनाते हुए सड़क तक खोद डाली है। सोनीपत जिले की गनौर तहसील का नजारा इसी कारण बिलकुल किसी नक्सली इलाके जैसा बन पड़ा है। जिस तरह बस्तर के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई पड़ते हैं, ठीक वैसे ही गड्ढे इन दिनों सोनीपत के नजदीक हाईवे पर दिख रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि बस्तर में ये गड्ढे नक्सलियों द्वारा किए जाते हैं, ताकि सुरक्षा बल के जवान उन तक न पहुंच सकें, जबकि सोनीपत में सड़क खोदने का काम खुद सुरक्षाबलों ने किया है, ताकि किसान इन सड़कों पर आगे न बढ़ सकें। सड़क खोदने के साथ ही यहां पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नक्सलियों जैसी एक अन्य रणनीति भी अपनाई है। हाइवे पर चलने वाले ट्रकों को रोककर पुलिसकर्मी ने आड़ा-तिरछा खड़ा करवा दिया गया है, जिसके चलते ये ट्रक ही कई किलोमीटर लंबे बैरिकेड बन गए हैं। किसानों का आरोप है कि ऐसा करके पुलिस आम ट्रक ड्राइवरों और उनकी निजी संपत्ति को अपनी ढाल की तरह वैसे ही इस्तेमाल कर रही है जैसे नक्सली आम लोगों को अपनी ढाल बनाने का काम करते हैं। सिरसा के रहने वाले किसान नेता सुरेश ढाका बताते हैं, ‘हमने इतने सालों में ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि किसी आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस इस हद तक गई हो। आज करनाल में किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आम ट्रक ड्राइवरों को अपनी ढाल बनाकर आगे खड़ा कर दिया था। वहां उनके लदे हुए ट्रक एक पुल पर खड़े करवा दिए थे और उनसे चाबियां छीन ली गई थीं, ताकि वे ट्रक हटा न सकें और इससे पूरी रोड जाम कर दी गई। लेकिन किसानों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने धक्के लगाकर ही ट्रकों को किनारे कर दिया और वहां लगे बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए।’ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते दो दिनों से कई बैरिकेड पार करते हुए पानीपत से आगे बढ़ चुके हैं और दिल्ली के काफी नजदीक आ गए हैं। लेकिन सोनीपत में खुदी हुई सड़कों और कई किलोमीटर में खड़े ट्रकों से जाम हुई सड़क को ये किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ पार कर सकेंगे? ये पूछने पर कुरुक्षेत्र से आए किसान जसमेर सिंह कहते हैं, ‘पुलिस चाहे कितने भी गड्ढे खोद ले किसानों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अगर वो एक-एक मुट्ठी भरकर मिट्टी भी इन गड्ढों में डालेंगे तो गड्ढे भर जाएंगे। ट्रकों को भी किसान हटाकर अपना रास्ता बना ही लेंगे, जैसे अब तक बनाते हुए यहां तक पहुंचे हैं, ऐसे ही दिल्ली तक भी पहुंच जाएंगे। हम पूरे महीने का राशन-पानी लेकर निकलें हैं। अब चाहे जितने भी दिन लगें, लेकिन बिना अपनी शर्तें मनवाए हम लौटने वाले नहीं हैं।’

MP : आरोपी, संदेही और गिरफ्तार व्यक्तियों का जुलूस नहीं निकाल सकेगी पुलिस

भोपाल . भोपाल. मध्यप्रदेश में अब न तो किसी बदमाश का जुलूस निकाला जाएगा और न ही उसे सार्वजनिक किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश ने इस संबंध में प्रदेश के सभी एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि अब जुलूस निकालने पर रोक लगा दी गई है। आरोपी, संदेही और गिरफ्तार लोगों को पुलिस सार्वजनिक नहीं करेगी। सभी पुलिस अधीक्षकों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करना होगा। अपराध अनुसंधान विभाग के एडीजी कैलाश मकवाना ने यह आदेश जारी किए। इतना ही नहीं किसी आरोपी या संदेही के फोटो भी सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। बदमाशों में खौफ बनाने जुलूस निकाला जाता था मध्यप्रदेश पुलिस ने बदमाशों और अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा करने के साथ ही लोगों में विश्वास बनाने के इरादे से इनका जुलूस निकालना शुरू किया था। इसका एक उद्देश्य यह भी था कि लोग इनके बारे में जाने, ताकि ऐसे लोगों से बचकर रहें। इसमें मुख्य रूप से चोरी, लूट, रेप, छेड़छाड़ और गुंडागर्दी करने वाले अपराधी होते थे। पिछले दिनों हाई कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए पुलिस को आरोपियों और संदिग्धों के फोटो जारी करने से रोक लगा दी थी। इसके बाद से मध्यप्रदेश में पुलिस ने सार्वजनिक रूप से आरोपी, संदेही और गिरफ्तार लोगों के फोटो देना बंद कर दिया।

पंजाब-हरियाणा के बाद अब यूपी में सड़कों पर उतरे किसान

मेरठ। कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन लगातार बड़ा होता जा रहा है. पंजाब-हरियाणा-दिल्ली के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी किसानों के प्रदर्शन का असर दिख रहा है. मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत में भी किसान सड़कों पर उतर गए हैं और हाइवे को जाम कर दिया गया है. बीते दिन ही उत्तर प्रदेश भारतीय किसान यूनियन की ओर से ऐलान किया गया था, वो शुक्रवार दोपहर को कृषि कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे. जिसका असर दिखना शुरू हो गया है. अब किसानों की ओर से दिल्ली-देहरादून हाइवे पर जाम लगाया जा रहा है. गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने बयान दिया था कि पंजाब-हरियाणा के किसानों की जो मांग है वो उसका समर्थन करते हैं, ऐसे में उनके संगठन के सभी किसान सड़कों पर उतरेंगे. प्रदर्शन को लेकर किसानों ने बीते दिन मुजफ्फरनगर में महापंचायत भी की थी. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में शुक्रवार को किसानों के प्रदर्शन होने की बात कही गई थी, लेकिन इसकी कोई झलक नहीं दिखी. पीलीभीत में किसान यूनियन के नेता मनजीत सिंह का कहना है कि कृषि कानूनों का वापस होना जरूरी है, हालांकि अभी प्रदर्शन को लेकर उन्हें कोई निर्देश नहीं मिला है. लखीमपुर में किसान नेताओं का कहना है कि पूर्वांचल में किसानों के प्रदर्शन का कोई असर नहीं है और यूपी के किसान सत्ता से डरने लगे हैं. इसके अलावा देवरिया, सहारनपुर जैसे शहरों में भी किसानों के आंदोलन का कोई बड़ा असर नहीं दिखा.

कोलकाता में भाजपा-पुलिस में झड़प भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया

कोलकाता : कोलकाता में गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। भाजपा कार्यकर्ता माझेरहाट ब्रिज को शुरू करने में हो रही देरी को लेकर विरोध कर रहे थे। वे कंस्ट्रक्शन साइट की तरफ बढ़ रहे थे, इस बीच पुलिस ने उन्हें रोका तो झड़प हो गई। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया था, इसलिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। कैलाश विजयवर्गीय भी प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे माझेरहाट ब्रिज का एक हिस्सा 4 सितंबर 2018 को गिर गया था। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद ब्रिज को गिराकर नए सिरे से काम शुरू किया गया था। ब्रिज अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। ब्रिज के काम में देरी होने पर भाजपा विरोध कर रही है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक गुरुवार के प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल होने वाले थे, लेकिन पुलिस ने पहले ही भीड़ को रोक दिया।

MP : पैसों के विवाद में अपने भाई, भाभी और भतीजी को जिंदा जलाया, खुद भी फांसी लगाई

अनूपपुर. जिले के जैतहरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनगवां में हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने पारिवारिक कलह के चलते अपने ही सगे भाई, भाभी और एक भतीजी और भतीजे को जिंदा जला दिया। इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद भी फांसी लगा ली। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि भतीजा शहडोल जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। घटना रात डेढ़ से दो बजे के बीच की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक ओमकार विश्वकर्मा (40) पिता छोटेलाल विश्वकर्मा, कस्तूरिया (35) पति ओमकार विश्वकर्मा, निधि (16) पिता ओमकार विश्वकर्मा हैं। वहीं, आशीष (17) पिता ओमकार विश्वकर्मा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी दीपक पिता छोटेलाल विश्वकर्मा ने फांसी लगा ली है। गांव में छोटेलाल के तीन पुत्र ओमकार विश्वकर्मा, चेतराम और दीपक साथ में घर में रहते थे। इनमें दीपक सबसे छोटा था। वे अपना अलग व्यवसाय कर रहे थे। छोटा भाई दीपक अविवाहित था। उसे गैरेज खोलने के लिए दोनों भाइयों ने एक साल पहले बैंक से 10 लाख रुपए लोन दिलवाया था। दीपक ने अपना व्यवसाय भी प्रारंभ कर दिया था, लेकिन किश्त समय पर ना जमा करने को लेकर दोनों में विवाद होता रहता था। रात डेढ़ बजे मौत का तांडव रात करीब डेढ़ बजे ओमकार विश्वकर्मा, अपनी पत्नी कस्तूरिया, बेटी निधि कमरे में सोए हुए थे। आरोपी दीपक ने पहले भाई के कमरे में दरवाजे के नीचे से पेट्रोल गिराकर आग लगा दी। कमरे में ओमकार, कस्तूरिया और बेटी निधि सोए हुए थे। इसके बाद दीपक ने आशीष के कमरे में भी पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग लगाते वक्त वक खुद भी झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर चेतराम और उसका परिवार भी जाग गया। उसने देखा तो पूरे घर में आग लगी हुई थी। घबराकर उसने अपने परिवार को बाहर निकाला। भतीजे आशीष के कमरे का दरवाजा खोलकर उसे निकाला। अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन आग फैलने के कारण वह अंदर नहीं जा सका। इसके बाद उसने दीपक के कमरे में खिड़की से झांका, तो वह फंदे पर लटका हुआ था। खुद ने भी लगा ली फांसी दीपक के सिर पर खून सवार था। आग लगाते समय वह खुद भी झुलस गया था। जलने के बाद कोई बाहर ना भाग पाए, इसलिए बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद खुद भी कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दीपक की नफरत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल को भी आग के हवाले कर दिया। आग की लपटें देख ग्रामीण भी जाग गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की। लोगों ने पुलिस को भी सूचना दी। दीवार पर लिखा- हत्या का कारण दीपक के कमरे में दीवार पर कोयले से कुछ शब्द लिखे हैं, जिसे इस हत्याकांड का कारण बताया जा रहा है। दीवार पर लिखा है कि ” चेतराम के साथ मिलकर जुग्गा उसे घर से भगा रहे थे। तेरा यहां कुछ नहीं है। वे जुआ खेलने का भी आरोप लगा रहे थे”

MP : कोरोना से डॉक्टर शुभम उपाध्याय 26 साल के डॉक्टर की मौत

भोपाल .  भोपाल में बुधवार को सागर के 26 वर्षीय डॉक्टर शुभम उपाध्याय की कोरोना से मौत हो गई। उन्होंने इलाज के दौरान भोपाल के चिरायु अस्पताल में​ दम तोड़ दिया। उनके इलाज के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ रुपए सहायता देने की घोषणा की थी, लेकिन इससे पहले ही शुभम की मौत हो गई। शुभम के अच्छे इलाज के लिए सागर में लोग न केवल धन जुटा रहे थे, बल्कि उनकी सलामती के लिए दुआएं भी की जा रही थीं। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से मार्च 2020 में डिग्री पूरी कर शुभम उपाध्याय निकले ही थे कि कोरोना का कहर शुरू हो गया। उन्हें सागर के कोविड सेंटर में ही पहली नियुक्ति मिली और वे यहां जी-जान से कोरोना मरीजों की सेवा में जुट गए। स्वयं की परवाह किए बिना इलाज करते हुए वे भी 28 अक्टूबर को कोरोना पॉजिटिव हो गए। चार दिन तक सागर में ही उनका उपचार किया गया। इसके बाद भोपाल लाया गया। यहां उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता चला गया। परिजन आर्थिक रूप से भी परेशान हो गए। ऐसे में सागर के लोगों ने आर्थिक मदद जुटाना भी शुरू कर दी। मध्यप्रदेश सरकार ने उनके इलाज के लिए पूरा खर्च लगभग एक करोड़ वहन करने की घोषणा कर दी थी। उनके दोनों फेफड़े 90% से ज्यादा खराब हो चुके थे। उन्हें चेन्नई ले जाना था लेकिन इसके पहले ही उन्होंने चिरायु अस्पताल भोपाल में दम तोड़ दिया।

क्रिकेट : फरवरी-मार्च में भारत – इंग्लैंड के बीच खेले जायेंगे 4 टेस्ट मैचों, 3 वनडे और 5 टी20

मुंबई। इंग्लैंड के अगले साल होने वाले भारत दौरे में सीमित ओवर की सीरीज को शामिल करने के लिए नियमित 5 के बजाय 4 टेस्ट कराए जाएंगे, जिसे इस साल के शुरू में कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) अध्यक्ष सौरव गांगुली ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान फरवरी-मार्च में होने वाली सीरीज के कार्यक्रम की पुष्टि की. उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड 4 टेस्ट मैचों, 3 वनडे और 5 टी20 के लिए भारत का दौरा कर रहा है, द्विपक्षीय सीरीज कराना काफी आसान है क्योंकि इसमें लोगों की संख्या कम होती है.’ उन्होंने कहा, ‘जब इसमें 8 टीमें, 9 टीमें, 10 टीमें होती हैं, तो यह और अधिक मुश्किल हो जाता है. हमें परिस्थितियों का आकलन करते रहना होगा क्योंकि काफी लोग दूसरी ‘वेव’ की बात कर रहे हैं.’ सीमित ओवर की सीरीज में पहले तीन टी20 और इतने ही वनडे शामिल थे, जिसका आयोजन इस साल सितंबर में किया जाना था. लेकिन इसे महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था. संशोधित कार्यक्रम में टी20 मैचों की संख्या को बढ़ा दिया गया है. बोर्ड ने भारत में अगले साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया है.

शादियों का ट्रेंड बदला जो मेहमान समारोह में नहीं आ सकते उनके लिए लाइव टेलीकास्ट

नई दिल्ली। काेराेना काल में शादियों का ट्रेंड ताे बदला ही है, मेहमानाें की सीमित संख्या की सरकारी गाइडलाइन के चलते नवाचार भी होने लगे हैं। 50, 100 या 200 मेहमान को बुलाने की बंदिशों की वजह से मेजबान नए सिरे से याेजना बना रहे हैं। सभी मेहमानों काे एक साथ नहीं बुलाकर अलग-अलग दिन विभिन्न रस्माें के लिए न्योता दिया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा कार्ड भी अलग-अलग छपवाए जा रहे हैं। इनमें बंदाेली, बारात और प्रीतिभोज के लिए अलग-अलग न्योते हैं, ताकि सबकी उपस्थिति अलग-अलग कार्यक्रमों में ही सही, लेकिन विवाह समाराेह में हाे जाए। सबसे बड़ा नवाचार शादी का लाइव टेलीकास्ट किया जाना है। जाे रिश्तेदार या परिचित ब्याह में शामिल नहीं हाे पा रहे हैं, उनके लिए आयाेजन का लाइव प्रसारण करवाया जा रहा है, ताकि वे घर बैठे ही शादी में शामिल हो सकें। इसके लिए कार्ड पर लाइव शादी का लिंक दिया जा रहा है। साथ ही कहा जा रहा है कि पासवर्ड शादी के लिए बनाए विशेष वॉट्सएप ग्रुप पर भेजा जाएगा। वेडिंग प्लानर बताते हैं कि कोरोना के चलते शादियों में भले मेहमानों की संख्या सीमित की गई हाे, लेकिन इसे किस तरह खुशनुमा बनाया जाए, इसी साेच के साथ नए आइडिए ईजाद किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक लाइव स्ट्रीमिंग है। शादियों के सीजन में 50-60% लाेग इसकी मांग कर रहे हैं। जो लोग स्थानीय स्तर पर शादी कर रहे हैं, वे रिश्तेदारों के लिए खाने के पैकेट घर पहुंचाने की भी मांग कर रहे हैं। सिनेमेटोग्राफर कमलेश सोनगरा ने बताया कि लाइव स्ट्रीमिंग डिवाइस से कैमरा जोड़कर शादी का लाइव प्रसारण होता है। लिंक व पासवर्ड पार्टी काे दिया जाता है। 60% शादी में ऐसे ऑर्डर आ रहे हैं। ऐसा बदलाव पहली बार है। ग्राफिक डिजाइनर राकेश पुरी के मुताबिक, ​​​​इस बार एक ही शादी में दाे-तीन तरह के कार्ड छपवाए जा रहे हैं। उनमें आयोजन भी अलग-अलग लिख रहे हैं। टैग अलग से बन रहे हैं, जिसमें प्रीतिभोज की थाली का भी जिक्र है। केटरिंग का काम करने वाले सोहन सिंह ने बताया कि घराें तक भाेजन पैकेट भेजने की परंपरा काेराेना काल में शुरू हुई है। कैटरिंग के पैकेज के साथ घर-घर खाना पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है।

क्रिकेट से संन्यास के बाद पूर्व कप्तान धोनी बेच रहे टमाटर-दूध

रांची। भारतीय क्र‍िकेट टीम के पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी संन्‍यास के बाद अपना ध्‍यान डेयरी फार्म के साथ-साथ ऑर्गेनिक खेती पर भी लगा रहे हैं. धोनी रांची के धुर्वा स्थित सेम्बो में 55 एकड़ में फार्मिंग कर रहे हैं जिसमें डेयरी फार्म के साथ-साथ ऑर्गेनिक खेती भी हो रही है. धोनी के फार्म हाउस में फिलहाल मौसमी सब्जी ही उत्पादित हो रही हैं. अभी उनके फार्म हाउस पर टमाटर, फूल गोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली की खेती हो रही है जिसमें अभी टमाटर का उत्पादन हो रहा है. धोनी के फार्म हाउस में हर दिन 80 किलो टमाटर टूट रहा है. बाजार में इसकी काफी डिमांड है और सुबह ही सभी टमाटर खत्म हो जाते हैं. दरअसल, टमाटर का उत्पादन पूरी तरह से ऑर्गेनिक रूप में किया जा रहा है. आने वाले 1 सप्ताह में धोनी के फार्म हाउस की उत्पादित गोभी का भी रांची के लोग स्वाद ले सकेंगे. फिलहाल धोनी के फार्म का टमाटर 40 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं, धोनी के फार्म हाउस में रोजाना लगभग 300 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है और इनका दूध सीधे बाजार में बिक रहा है. 55 रुपये किलो दूध का भाव रखा गया है जो कुछ ही घंटों में खत्म हो जाता है. धोनी के डेयरी फार्म की देखरेख कर रहे डॉक्‍टर व‍िश्‍वरंजन ने आजतक को बताया क‍ि धोनी ने भारतीय नस्ल की साहीवाल और फ्रांस के नस्ल की फ्रीजियन गाय को रखा है. धोनी की गौशाला में फिलहाल 70 गाय हैं. यह सभी पंजाब से लाई गई हैं. धोनी के फार्म हाउस की देखरेख शिवनंदन और उनकी पत्नी सुमन यादव करती हैं. इन्हीं के जिम्‍मे पूरा सब्जी का कारोबार है. शिवनंदन ने बताया कि अब तक लाखों रुपए उन्होंने धोनी के अकाउंट में डाल दिए हैं. धोनी अपने फार्म हाउस की उत्पादित सब्जी और डेयरी फार्म से काफी खुश हैं. शिवनंदन ने आज तक को बताया कि धोनी जब भी रांची में रहते हैं तो हर दो-तीन दिन पर अपने इस फार्म हाउस को देखने जरूर आते हैं. उन्होंने बताया कि जिस तरह से सब्जी का ऑर्गेनिक रूप से उत्पादन हो रहा है धोनी इसको देखकर काफी खुश हैं. सब्जी और दूध बेचकर जो भी पैसे मिलते हैं वह सीधे धोनी के बैंक अकाउंट में डाल दिए जाते हैं. धोनी डेयरी फार्म में रखी गई गायों के पास भी आकर कुछ पल जरूर बिताते हैं.

केंद्र सरकार ने 43 मोबाइल ऐप पर बैन लगाया, इनमें 14 डेटिंग ऐप्स और ज्यादातर चाइनीज

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को 43 मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया। केंद्र ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 69A के तहत ये बैन लगाया है। केंद्र ने बताया कि ये ऐप ऐसी गतिविधियों में लिप्त हैं, जिनसे देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा के लिए खतरा हैं। बैन की गईं 43 ऐप्स में से 14 डेटिंग, 8 गेमिंग ऐप्स, 6 बिजनेस और फाइनेंस और एक इंटरटेनमेंट ऐप है। टिकटॉक के बाद एक और पॉपुलर ऐप पर स्नैक वीडियो एक्शन चीनी ऐप टिकटॉक को बैन कर चुकी केंद्र सरकार ने अब पॉपुलर चैट ऐप स्नैक वीडियो को बैन किया है। ये सिंगापुर बेस्ड चाइनीज सॉफ्टवेयर कंपनी है। इसके 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। टिकटॉक बैन होने के बाद यूजर्स के लिए ये सबसे बड़ा ऑप्शन बनी और महज 2 महीनों के अंदर करीब 5 करोड़ यूजर्स बढ़ गए। सबसे ज्यादा यूजर्स भारत में हैं। इन 43 ऐप्स को किया गया बैन 1. अली सप्लायर्स 2. अली बाबा वर्कबेंच 3. अली एक्सप्रेस- स्मार्टर शॉपिंग, बेटर लिविंग 4. अलीपे कैशियर 5. लालामोव इंडिया- डिलीवरी ऐप 6. ड्राइव विद लालामोव इंडिया 7. स्नैक वीडियो 8. कैमकार्ड- बिजनेस कार्ड रीडर 9. कैम कार्ड- BCR (वेस्टर्न) 10. सोल- फॉलो द सोल टु फाइंड यू 11. चाइनीज सोशल- फ्री ऑनलाइन डेटिंग वीडियो ऐप एंड चैट 12. डेट इन एशिया- डेटिंग एंड चैट फॉर एशियन सिंगल्स 13. वी डेट- डेटिंग ऐप 14. फ्री डेटिंग ऐप- सिंगल, स्टार्ट योर डेट 15. एडोर ऐप 16. ट्रूली चाइनीज- डेटिंग ऐप 17. ट्रूली एशियन- डेटिंग ऐप 18. चाइना लव- डेटिंग ऐप फॉर चाइनीज सिंगल्स 19. डेट माई एज- चैट, मीट, डेट 20. एशियन डेट 21. फ्लर्ट विश 22. गाइज ओनली 23. ट्यूबिट 24. वी वर्क चाइना 25. फर्स्ट लव लाइव – सुपर हॉट लाइव ब्यूटीज लाइव ऑनलाइन 26. रेला – लेस्बियन सोशल नेटवर्क 27. कैशियर वॉलेट 28. मैंगो टीवी 29. एमजी टीवी – ह्यूमन टीवी ऑफिशियल टीवी ऐप 30. वी टीवी – टीवी वर्जन 31. वी टीवी – सी ड्रामा के ड्रामा एंड मोर 32. वी टीवी लाइट 33. लकी लाइव- लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप 34. टाओवाओ लाइव 35. डिंग टॉक 36. आइडेंटिटी वी 37 . आइसोलैंड 2 : ऐशेज ऑफ टाइम 38. बॉक्सस्टार (अर्ली एक्सेस) 39. हीरोज इवोल्वड 40. हैप्पी फिश 41. जेलिपॉप मैच : डेकोरेट यूअर ड्रीम आइसलैंड 42. मंचकिन मैच : मैजिक होम बिल्डिंग 43. कॉनक्विस्ता 148 दिनों में 267 ऐप्स बैन किए गए गलवान झड़प 15 जून को हुई थी। चीन को कड़ा संदेश देने और उस पर दबाव बनाने के लिए सरकार ने पहली बार चीनी ऐप्स बैन किए। इसके बाद 148 दिन के भीतर 267 ऐप्स पर बैन लगाया जा चुका है और इनमें ज्यादातर ऐप चाइनीज हैं। ट्रम्प ने भी किया था चीनी ऐप्स को बैन, पर बाइडेन ने स्थिति स्पष्ट नहीं की अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने 18 सितंबर को वीचैट और टिकटॉक जैसे चीनी ऐप्स को बैन किया था। 20 सितंबर से यह बैन लागू होना था और 12 नवंबर को पूरी तरह से ऐप्स को बंद किया जाना था, लेकिन मामला अदालतों में उलझा रहा। ट्रम्प प्रशासन अक्टूबर में भी प्रयास कर रहा था कि बैन लागू रहे। हालांकि, अब चुनाव के बाद प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इस वजह से यह बैन फिलहाल प्रभावी नहीं है।

कोरोना पर पीएम मोदी क्यों बोले – हमें किनारे पर कश्ती नहीं डूबने देनी है

नई दिल्ली। देश में अभी कोरोना की वैक्सीन आने में वक्त है। और जब तक वैक्सीन न आ जाए, हिदायतें ही काम आएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश को ऐसी ही हिदायतें दी हैं। मंगलवार को वे बीते आठ महीने में नौवीं बार मुख्यमंत्रियों की बैठक ले रहे थे। 9 राज्यों के सीएम के साथ करीब चार घंटे चली इस मीटिंग के बाद प्रधानमंत्री बोले- ‘अभी यह तय नहीं है कि कोरोना वैक्सीन की एक डोज देनी होगी या दो। उसकी कीमत क्या होगी, यह भी तय नहीं है। अभी ऐसे किसी भी सवाल का जवाब हमारे पास नहीं हैं।’ हालांकि, प्रधानमंत्री ने वैक्सीन आने के बाद की बात जरूर की। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के बारे में तो वैज्ञानिक ही बताएंगे, लेकिन हमें वैक्सीन आने के बाद की तैयारी अभी से करनी होगी। यानी उसका स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन। इन 9 राज्यों के CM शामिल हुए मीटिंग में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, केरल के सीएम पिनाराई विजयन और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात उन राज्यों में शामिल हैं, जहां एक्टिव केस तेजी से बढ़ रहे हैं। मोदी ने कहा- वैक्सीन की रिसर्च आखिरी दौर में पहुंची है। भारत जो भी वैक्सीन देगा, वो वैज्ञानिक तौर पर खरी होगी। भारत सरकार हर डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रख रही है। अभी यह तय नहीं है कि वैक्सीन की एक डोज होगी, दो डोज होगी। कीमत भी तय नहीं है। इन सवालों के जवाब हमारे पास नहीं हैं। वैज्ञानिक हैं, जो वैक्सीन बनाने वाले हैं। कॉरपोरेट वर्ल्ड का भी कंपटीशन है। हम इंडियन डेवलपर्स और दूसरे मैन्यूफैक्चरर्स के साथ भी काम रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि वैक्सीन आने के बाद यही प्राथमिकता हो कि सभी तक पहुंचे। अभियान बड़ा होगा और लंबा चलने वाला है। हमें एकजुट होकर एक टीम के रूप में काम करना ही पड़ेगा। वैक्सीन को लेकर भारत के पास जैसा अनुभव है, वो बड़े-बड़े देशों को नहीं। भारत जो भी वैक्सीन देगा, वो वैज्ञानिक तौर पर खरी होगी। वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर राज्यों के साथ मिलकर खाका रखा गया है। फिर भी ये निर्णय तो हम सब मिलकर करेंगे।

CM शिवराज ने PM को बताया- प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा

भाेपाल . मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की कोल्ड चेन और टीकाकरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसके लिए जिलों में टास्क फोर्स बनेगी। मुख्यमंत्री ने पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के लिए ह्यूमन ट्रायल भी शुरू हो गए हैं। शिवराज ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। कोरोना के टीके को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने तैयारी कर ली है। इसके मुताबिक सबसे पहले प्रदेश के 5 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के करीब 30 लाख लोग जो 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं, उन्हें टीका लगाया जाएगा। सीएम ने कहा कि टीकाकरण अभियान कैसे किया जाए, इसकी व्यवस्था हमने बना ली है। मध्य प्रदेश पूरी तैयारी कर रहा है, स्वास्थ्य कर्मियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वैक्सीन आने पर नागरिकों को लगाई जा सके। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा करने के साथ वैक्सीन के वितरण की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्रियों से चर्चा की है। वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से चल रही यह बैठक दो चरणों में हुई। पहले चरण में प्रधानमंत्री उन आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, जहां कोरोना का कहर सबसे ज्यादा है। इसके बाद दोपहर 12 बजे से बाकी बचे राज्यों की स्थिति पर समीक्षा की। प्रधानमंत्री मोदी कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए अब तक कई बार राज्यों के साथ बैठक कर चुके हैं। मध्य प्रदेश की वर्तमान स्थिति की बात करें, तो पिछले एक सप्ताह में कोरोना केस तेजी से बढ़े हैं। जिसे देखते हुए भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित सात जिलों में नाइट कर्फ्यू भी लगाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से लगातार यह प्रयास भी हो रहे हैं कि जब भी कोरोना का टीका उपलब्ध होगा, उसके सुचारू वितरण की व्यवस्था हो सके। भारत फिलहाल पांच वैक्सीन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा हैं। इनमें से चार परीक्षण के दूसरे या तीसरे चरण में हैं जबकि एक पहले या दूसरे चरण में है।

MP : दिल टूटा तो प्रेमिका थाने पहुंची, बोली- 8 साल से मुझे चाहता था, अब दूसरी मिली तो मुझे छोड़ दिया

भोपाल. भोपाल में 25 साल की युवती से रेप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी पिछले करीब 8 साल से युवती को झांसे में लेकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। अब घर वालों द्वारा दूसरी जगह शादी पक्की कर देने पर प्रेमी ने युवती को छोड़ दिया। काफी मनौव्वल के बाद भी जब प्रेमी शादी के लिए तैयार नहीं हुआ, तो युवती ने जहांगीराबाद थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। जहांगीराबाद पुलिस के अनुसार 25 वर्षीय पीड़ित जहांगीराबाद इलाके में रहती है। करीब 8 साल पहले कोचिंग जाने के दौरान उसकी पहचान बरखेड़ी निवासी गौरव दांडे से हुई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि 1 दिसंबर 2016 को गौरव उसे अपने एक दोस्त के रूम पर ले गया। यहां पहली बार उसने उसके साथ ज्यादती की। उस समय वह 21 साल की थी। इसके बाद गौरव उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा। अब जब वह शादी की बात करने लगी, तो वह मुकर गया। उसे पता चला कि गौरव कि कहीं और शादी पक्की हो गई है, इसलिए अब वह उसके साथ संबंध नहीं रखना चाहता है। उसने गौरव को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। काम नहीं करता गौरव मामले की जांच कर रही एसआई रिद्धि शर्मा ने बताया कि आरोपी गौरव लॉकडाउन के पहले कोरियर कंपनी में जॉब करता था, लेकिन उसकी नौकरी छूट गई। अब वह छोटे-मोटे काम करता है। अभी नियमित कहीं भी नौकरी नहीं कर रहा। गौरव के दोस्त का पता नहीं एसआई रिद्धि ने बताया कि गौरव युवती को बरखेड़ी में अपने एक दोस्त के कमरे पर ले जाता था। वहीं पर उसने उसके साथ दुष्कर्म किया था। अब वह लड़का वहां नहीं रहता है। वह किराए का मकान छोड़कर जा चुका है। घर वाले एक-दूसरे को जानते थे एसआई रिद्धि ने बताया कि दोनों का घर कुछ दूर पर ही है। दोनों के परिवार भी एक दूसरे को जानते थे, लेकिन उन्हें दोनों के संबंध के बारे में जानकारी नहीं थी। दोनों ने कभी भी घर पर इसके बारे में जानकारी नहीं दी थी।

ड्रग्स केस में कॉमेडियन भारती सिंह और पति हर्ष लिंबाचिया को जमानत मिली, जेल से मुक्ति

कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया को मुंबई के नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) कोर्ट से जमानत मिल गई है। दोनों को 15,000-15,000 रुपए के बॉन्ड पर जमानत दी गई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने गांजा लेने के आरोप में भारती को शनिवार को और हर्ष को रविवार को गिरफ्तार किया था। रविवार को ही दोनों को NDPS कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 4 दिसंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजने के आदेश देते हुए कहा था कि जमानत अर्जी पर सुनवाई सोमवार को की जाएगी। भारती को कल्याण जेल में और हर्ष को तलोजा जेल में रखा गया था। NCB ने रविवार को भारती की ज्यूडिशियल कस्टडी और हर्ष की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया। कोर्ट ने कहा था कि भारती और हर्ष के घर-ऑफिस से मिला गांजा कम मात्रा में है। यह सिर्फ इस्तेमाल का मामला है, इसलिए पुलिस कस्टडी की जरूरत नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि जिन धाराओं के तहत दोनों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें सिर्फ एक साल साल की सजा का प्रावधान है, इसलिए रिमांड जरूरी नहीं। हर्ष के खिलाफ ड्रग्स फाइनेंस-ट्रांसपोर्टेशन की धाराएं हर्ष पर नारकोटिक्स एक्ट-1986 की धारा 27A लगाई गई है। यानी ड्रग्स के फाइनेंस और ट्रांस्पोर्टेशन की धाराएं लगाई गई हैं। शनिवार को NCB की रेड में भारती के घर और ऑफिस से 86.5 ग्राम गांजा मिला था। उन्होंने पति हर्ष के साथ गांजा लेने की बात कबूली थी। सूत्रों के मुताबिक, NCB ने भारती और हर्ष को एक ड्रग पैडलर के सामने बैठाकर भी सवाल किए, जिसके बाद दोनों ने गांजा लेने की बात कबूली। ड्रग पैडलर ने शुक्रवार को पूछताछ में भारती और हर्ष का नाम लिया था। इसके बाद शनिवार को इनके अंधेरी, लोखंडवाला और वर्सोवा के घरों और ऑफिस में रेड की गई थी। भारती के घर के स्टाफ से भी पूछताछ की गई थी। कौन हैं भारती सिंह? भारती सिंह स्टैंडअप कॉमेडियन और एक्ट्रेस हैं। वे द कपिल शर्मा शो में नजर आती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन लाफ्टर चैलेंज से की थी। इसके बाद उन्होंने कई कॉमेडी शो में काम किया किया, जिनमें कॉमेडी सर्कस, कॉमेडी सर्कस महासंग्राम, कॉमेडी सर्कस का जादू, कहानी कॉमेडी सर्कस की और कॉमेडी नाइट्स बचाओ जैसे शो शामिल हैं। भारती ने 2017 में राइटर हर्ष लिंबाचिया से शादी की। ड्रग्स केस में अर्जुन रामपाल समेत कई सेलेब्रिटीज से पूछताछ हो चुकी बॉलीवुड में ड्रग्स से जुड़े मामले में 20 नवंबर को अर्जुन रामपाल NCB के ऑफिस पहुंचे, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ हुई। अर्जुन से पहले उनकी लिव इन पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स से 2 दिन पूछताछ की गई थी। रामपाल के दोस्त पॉल बार्टेल की भी गिरफ्तारी हुई थी, वह 25 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में है। इनके अलावा NCB ने एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे जमानत पर हैं। दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह से भी पूछताछ हो चुकी है।

इंडियाज बेस्ट डांसर की ट्रॉफी अजय सिंह ने जीती, दूसरों के घरों में बर्तन मांजती थी मां

मुंबई. बेहतरीन पॉपिंग के लिए पहचाने जाने वाले टाइगर पॉप उर्फ अजय सिंह ने ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ का खिताब अपने नाम कर लिया है। 15 लाख की राशि के अलावा अजय को एक विटारा ब्रीजा कार भी बतौर इनाम मिली है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान अजय ने बताया कि वे इस जीती हुई राशि से अपनी मां के लिए एक घर खरीदना चाहते है। मेरी मां को मुझ पर गर्व है और मेरे लिए इस बात से बढ़कर कुछ नहीं गुरुग्राम से यही सपना लेकर मुंबई आया था कि मुझे ये शो कैसे भी जीतना है। इस सपने को पूरा करने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन आखिरकार मेरी मेहनत रंग लाई। मेरा सपना था अपना टैलेंट पूरी दुनिया के सामने लाने का और बहुत खुशी हुई वो सपना को पूरा होता देखकर। इस शो का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। अब तक सिर्फ कॉलेज शोज या लोकल कॉम्पटीशन में लोग मेरे टैलेंट की प्रशंसा करते थे और अब पूरे देश के लोगों से प्यार मिला। यकीन मानिये मैंने दिन-रात मेहनत की है, चाहे शो की शूटिंग के दौरान हो या लॉकडाउन का वक्त, मैं दिन-रात एक करके इस मुकाम तक पहुंचा हूं। मेरी मां को मुझ पर गर्व है और मेरे लिए इस बात से बढ़कर कुछ नहीं। मेरी मां दूसरों के घरों के बर्तन मांजती थी लेकिन अब वो ये काम नहीं करेंगी ऑडिशन के वक्त मेरी मां का सर झुका हुआ था और जिस दिन मेरी जीत हुई उस दिन भी उनका सर झुका हुआ था। वो बहुत ही साधारण औरत हैं और उनका हर सपना मेरा सपना है। अब तक वो दूसरों के घरों के बर्तन मांजती थीं लेकिन अब वो ये काम नहीं करेंगी। ट्रॉफी जीतकर जैसे ही मैं अपनी मां के पास गया, मैंने उनसे कहा कि अब वो दूसरों के घर का काम नहीं करेंगी। उनके बेटे ने कुछ पैसे कमा लिए हैं। वो बहुत फूट-फूटकर रोने लगीं। मेरी मां ने हमें बड़ा करने में बहुत संघर्ष किया है। मेरी पूरी कोशिश होंगी कि आगे उन्हें कोई संघर्ष ना करना पड़े। मैं अपनी मां के लिए घर खरीदना चाहता हूं मैं अपनी मां के लिए घर खरीदना चाहता हूं। वो बहुत सालों से काम कर रही हैं लेकिन उनका खुद का घर नहीं है। इस जीती हुई राशि से मैं अपने मां के लिए घर खरीदूंगा और उन्हें घर पर ही कुछ काम करने की राय दूंगा। मैं नहीं चाहता कि वो अब दूसरों के बर्तन मांजे। उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी आराम नहीं किया। मेरी ख्वाहिश है उन्हें आराम की जिंदगी देने की। अपने देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करना चाहता हूं आगे चलकर मैं अपने देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करना चाहता हूं। मुझे लगता है कि मेरे संघर्ष की शुरुआत अभी हुई है। मैं इंटरनेशनल लेवल पर अपनी परफॉरमेंस दिखाना चाहता हूं और भारत का झंडा हर देश में लहराने की ख्वाहिश है जिसके लिए पूरी मेहनत करूंगा। रितिक रोशन और टाइगर श्रॉफ को कोरियोग्राफ करना है मैं रितिक रोशन और टाइगर श्रॉफ का बहुत बड़ा फैन हूं। जिंदगी में कभी मौका मिला तो उन्हें कोरियोग्राफ करना चाहूंगा।

देश में वैक्सीन के इमरजेंसी यूज पर विचार कर रही सरकार

नई दिल्ली । देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 91 लाख के पार हो गया है। अब तक 91 लाख 39 हजार 560 लोग संक्रमित हो चुके हैं। राहत की बात है कि इनमें 85 लाख 60 हजार 625 लोग ठीक हो चुके हैं। अभी 4 लाख 43 हजार 125 मरीजों का इलाज चल रहा है। संक्रमण के चलते जान गंवाने वालों की संख्या अब 1 लाख 33 हजार 750 हो गई है। रविवार को 24 घंटे के अंदर 43 हजार 652 नए मरीज मिले। 40 हजार 586 लोग रिकवर हुए और 487 की मौत हो गई। इस बीच, केंद्र सरकार ने जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन को लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले बताया कि केंद्र सरकार कोविड-19 वैक्सीन के इमरजेंसी यूज पर भी विचार कर रही है। मतलब तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के बाद अगर सबकुछ सही रहा तो सरकार वैक्सीन के इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी दे सकती है। इमरजेंसी यूज के लिए नियम बनेगा केंद्र सरकार की ओर से वैक्सीन को लेकर बनाई गई टीम ने पिछले दिनों बैठक की। बताया जाता है कि इसमें वैक्सीन के प्राइज, खरीददारी, वैक्सीनेशन प्रॉसेस, स्टोरेज आदि मसलों पर बातचीत की गई। इसमें नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) विनोद पॉल, सरकार के चीफ साइंटिफिक एडवाइजर के. विजय राघवन और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण शामिल हुए थे। इसी में वैक्सीन के इमरजेंसी यूज को लेकर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी देने के लिए कुछ नियम बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित राज्य के प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बातचीत कर सकते हैं। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। बताया कि प्रधानमंत्री दो बैठकें करेंगे। सबसे पहले संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कॉन्फ्रेंसिंग होगी। दूसरी मीटिंग में अन्य राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों या प्रतिनिधियों से बातचीत होगी। इसमें वह वैक्सीन के वितरण प्रक्रिया, दूसरी लहर के रोकथाम जैसे मुद्दों पर बात करेंगे।

MP :भोपाल-इंदौर समेत 9 जिलों में ज्यादा संक्रमण, मुख्यमंत्री शिवराज बाजार बंद करने के पक्ष में नहीं

भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक घंटे की समीक्षा बैठक की। इसमें जिलों से आई क्राइसिस मैनेजमेंट रिपोर्ट पर मंथन हुआ। यह सामने आया कि प्रदेश में 9 जिलों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा, रतलाम, धार, दतिया, अशोकनगर, शिवपुरी जिलों में संक्रमण सबसे ज्यादा है। शिवराज ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि इन जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के फैसलों को लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे बंद के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होती हैं। लिहाजा, जिला प्रशासन सख्ती न बरते, बल्कि व्यापारियों से बाजार बंद करने की अपील करे। साथ ही उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए प्रेरित करे। मुख्यमंत्री ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए 24 नवंबर को फिर बैठक बुलाई है। युवाओं में ज्यादा संक्रमण जिलों के मिली रिपोर्ट में सामने आया कि बुजुर्गों की अपेक्षा युवाओं और महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में संक्रमण का रेट ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक 60 प्रतिशत युवा संक्रमित हैं। यह बात भी सामने आई कि युवा ज्यादा लापरवाह हैं। ऐसे में समाजसेवी संगठनों के सहयोग सेे युवाओं के बीच ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में हुए मंथन में यह भी सामने आया कि गांव की अपेक्षा शहरों में संक्रमण ज्यादा तेजी से फैल रहा है। भोपाल, इंदौर समेत 5 जिलों में नाइट कर्फ्यू प्रदेश में कोरोना के मामलों में तेजी देखते हुए सरकार ने 5 जिलों में 21 नवंबर से नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में रात 10 से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। नाइट कर्फ्यू के पहले दिन इन जिलों में सख्ती दिखाई गई। भोपाल में कर्फ्यू तो रात 10 बजे लगाया जाना था, पर कुछ दुकानदारों ने रात 8 बजे दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। इंदौर की मशहूर छप्पन दुकान रात 9 बजे ही बंद हो गई।

भारती और उनके पति को NCB ने हिरासत में लिया, ड्रग्स लेने का आरोप; भारती के 3 घरों पर

मुंबई. मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह के घर पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शनिवार को रेड की। भारती और उनके पति हर्ष पर ड्रग्स लेने के आरोप हैं। NCB दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एक ड्रग पैडलर से पूछताछ में इन दोनों का नाम सामने आया था। इसके बाद अंधेरी, लोखंडवाला और वर्सोवा स्थित घरों में रेड की गई । NCB ने यहां से नशीला पदार्थ भी बरामद किया है। इससे पहले, ड्रग्स केस में 20 नवंबर को अर्जुन रामपाल NCB के ऑफिस पहुंचे, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ हुई। अर्जुन से पहले उनकी लिव इन पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स से दो दिन पूछताछ की गई थी। रामपाल के दोस्त पॉल बार्टेल की भी गिरफ्तारी हुई थी, वह 25 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में है। भारती सिंह एक स्टैंडअप कॉमेडियन और एक्ट्रेस हैं। वे ‘द कपिल शर्मा शो’ में नजर आती हैं। भारती ने 2017 में राइटर हर्ष लिंबचिया से शादी की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन लाफ्टर चैलेंज से की थी। इसके बाद उन्होंने कई कॉमेडी शो में काम किया किया, जिनमें कॉमेडी सर्कस, कॉमेडी सर्कस महासंग्राम, कॉमेडी सर्कस का जादू, कहानी कॉमेडी सर्कस की और कॉमेडी नाइट्स बचाओ जैसे शो शामिल हैं।

ट्रक से टकराकर कार में आग लगी, मंदिर से लौट रहे एक ही परिवार के 7 लोगों की जलकर मौत

अहमदाबाद। गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में सड़क हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई। हादसा मालवन हाईवे पर शनिवार को तड़के करीब 5.30 बजे हुआ। ट्रक से टकराने के बाद कार गड्ढे में उतर गई और उसमें आग लग गई। कार में सवार सभी लोगों की जलकर मौत हो गई। लाशों को पहचानना मुश्किल था जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ परिवार कार से चोटीला मंदिर के दर्शन कर लौट रहा था। इसी दौरान दुर्घटना हो गई। कार इतनी बुरी तरह से जल गई थी कि शवों को पहचानना मुश्किल हो रहा था। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों के नाम सेजलबेन नायी (32) कैलाशबेन रमेशभाई नायी (35) हरेशभाई नायी (35) रमेशभाई मनसुखभाई नायी (38) ​​​​​​​हर्षिलबेन नायी (6) शीतल नायी (8) सनीभाई नायी (12)

हाईवे पर पुल से 20 फीट नीचे नदी में गिरी कार, दो महिलाओं की मौत, दोनों के पति गंभीर घायल

अहमदाबाद। गुजरात के जामनगर-खंभालिया हाईवे पर गुरुवार सुबह करीब 6 बजे एक सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दोनों के पति और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जामनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे का शिकार परिवार द्वारका का रहने वाला है, जो तड़के सुबह जामनगर के लिए निकला था। कार में ड्राइवर समेत पांच लोग सवार थे। द्वारका से जामनगर आते वक्त पाटिया गांव के पास ब्रिज पर कार अचानक अनियंत्रित हो गई और 20 फीट नीचे नदी में जा गिरी। नदी में पानी नहीं था। राहगीरों की सूचना पर स्थानीय लोगों ने पांचों के कार से निकाला और 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, तब तक दोनों महिलाओं की मौत हो चुकी थी। वहीं, ड्राइवर समेत मृतक महिलाओं के पति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष बोले- TMC के लोग नहीं सुधरे तो हाथ-पैर तोड़ देंगे

कोलकाता। बंगाल में चुनाव अगले साल होने हैं, लेकिन नेताओं के बोल अभी से बिगड़ने लगे हैं। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की पार्टी को धमकी दी है। उन्होंने TMC समर्थकों से कहा, “या तो सुधर जाओ, नहीं तो हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे, जान से भी मारे जा सकते हैं।” घोष ने रविवार को पश्चिमी मिदनापुर जिले के हल्दिया कस्बे की रैली में यह बयान दिया। ‘6 महीने में सुधर जाएं’ घोष ने कहा कि विधानसभा चुनाव राज्य की पुलिस के जिम्मे नहीं, बल्कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में करवाए जाएंगे। TMC के जो लोग अभी तक नहीं सुधरे हैं और आम आदमी को टॉर्चर कर रहे हैं, उन्हें अगले 6 महीने में सुधर जाना चाहिए। नहीं तो पसलियां तुड़वाकर अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। फिर भी नहीं माने तो श्मशान जाना पड़ेगा। ‘TMC सरकार के अब ज्यादा दिन नहीं बचे’ घोष ने कहा कि बंगाल में हमारी पार्टी जीती तो राज्य में फिर से लोकतंत्र बहाल होगा। मैं भरोसा देता हूं कि केंद्र सरकार बंगाल के लोगों के साथ है। राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाए जाएंगे। लोग बिना किसी डर के वोट डाल सकेंगे। TMC सरकार के अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। पिछले हफ्ते अमित शाह ने बंगाल का दौरा किया था बंगाल की 294 सीटों पर अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने की उम्मीद है। भाजपा ने यहां 200 सीटें जीतने का टार्गेट तय किया है। पिछले हफ्ते गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल का 2 दिन का दौरा किया था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति से यहां की महान परंपरा आहत हुई है। आपने कांग्रेस को मौका दिया, कम्युनिस्टों को मौका दिया, 2 बार ममता दीदी को मौका दिया। एक बार मोदी को मौका दीजिए। हम 5 साल में सोनार बांग्ला बनाने का वादा करते हैं।

शिवराज सरकार के खिलाफ यात्रा निकालने वाले कम्प्यूटर बाबा का आश्रम तोड़ा, बाबा को जेल भेजा

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में नामदेव दास त्यागी (कम्प्यूटर बाबा) के खिलाफ रविवार को अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई की गई। बाबा के गोम्मट गिरी वाले आश्रम को प्रशासन ने तोड़ दिया और बाबा को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। कम्प्यूटर बाबा वही हैं जिन्होंने हाल ही में मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में शिवराज सरकार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ यात्रा भी निकाली थी। प्रशासन ने 2 महीने पहले नोटिस दिया था इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर जम्बूडी हप्सी गांव में बाबा का आश्रम था। आरोप हैं कि गौशाला की 46 एकड़ जमीन पर कब्जा कर इसमें से 2 एकड़ जमीन पर आश्रम बना दिया गया। प्रशासन ने 2 महीने पहले कंप्यूटर बाबा को नोटिस देकर कागज पेश करने को कहा था। 2 हजार रुपए का फाइन लगाकर कब्जा हटाने के लिए भी कहा था। बाबा की तरफ से न तो कागज पेश किए गए, न ही कब्जा हटाया गया। ऐसे में ADM अजयदेव शर्मा रविवार सुबह नगर निगम की टीम और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और आश्रम तुड़वा दिया। विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने बाबा और उनके 4 सहयोगियों को पहले ही हिरासत में ले लिया था। कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह के लिए यज्ञ करवाया था बाबा का तालुल्क राजनीति से रहा है। इसलिए, उन्होंने लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञासिंह का विरोध किया था और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में यज्ञ किया था। दिग्विजय सिंह ने बाबा का आश्रम तोड़े जाने को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। भाजपा-कांग्रेस सरकारों में बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा मिला था नर्मदा नदी के किनारे पेड़ लगाने में हुए कथित घोटाले के खिलाफ मार्च 2018 में यात्रा निकालने की घोषणा की थी। जिसके बाद शिवराज सरकार ने पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक कमेटी बनाई, इसमें कम्प्यूटर बाबा को भी शामिल किया गया और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। लेकिन, सरकार बदली तो बाबा ने भी खेमा बदल लिया और कांग्रेस के पक्ष में चले गए। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने भी नर्मदा विकास के लिए समिति बनाकर बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।

रिपब्लिक भारत के अर्णब तलोजा जेल शिफ्ट, फोन इस्तेमाल करने का आरोप-रिपोर्ट

मुंबई। खुदकुशी के लिए उकसाने के एक मामले में गिरफ्तार, रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी को नवी मुंबई ते तलोजा सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. गिरफ्तारी के बाद अर्णब को अलीबाग म्यूनिसिपल स्कूल में एक क्वॉरन्टीन सेंटर में रखा गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यायिक हिरासत में होने के बाद भी अर्णब गोस्वामी किसी का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे और सोशल मीडिया पर एक्टिव थे. अर्णब को 5 नवंबर को मुंबई में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने 4 नवंबर को अर्नब को हिरासत में लेते समय उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। रायगढ़ क्राइम ब्रांच ने पाया कि अर्नब किसी और का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। तलोजा जेल शिफ्ट किए जाते वक्त गोस्वामी ने चिल्लाते हुए आरोप लगाया कि शनिवार शाम को अलीबाग जेल के जेलर ने उनके साथ मारपीट की है। उनकी जिंदगी खतरे में थी। उन्हें अपने वकील से बात करने की इजाजत भी नहीं दी गई। 4 नवंबर को हुई थी गिरफ्तारी अर्नब के साथ फिरोज शेख और नीतीश सारदा को 4 नवंबर को अलीबाग पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने कथित तौर पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक से काम कराने के बाद उन्हें भुगतान नहीं किया। इससे परेशान होकर अन्वय और उनकी मां ने 2018 में आत्महत्या कर ली थी।

MP : 7 माह में 10500 कराेड़ का कर्ज लिया, प्रदेश के हर नागरिक पर 34 हजार का कर्ज

भोपाल। कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। शिवराज सरकार 30 दिन में चौथी बार बुधवार को बाजार से 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। इससे पहले 7, 13 और 21 अक्टूबर को सरकार बाजार से 1-1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। शिवराज सरकार अपने 7 माह के कार्यकाल में 9वीं बार कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 4 अक्टूबर को 20 साल के लिए एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने की प्रक्रिया पूरी की गई है। सरकार के इस फैसले पर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी से सरकार को आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है कि “इससे पता चल रहा है कि हमारा प्रदेश कहां जा रहा है। सरकार ने हर नागरिक पर 34 हजार रुपए का कर्ज लाद दिया है।” पटवारी ने कहा कि चुनाव के दाैरान दाेनाें पार्टियों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। अब जनादेश पेटियों के भीतर है। जो निर्णय होगा, हमें मंजूर होगा। आशा है, लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आपका मत रहा होगा। मप्र में आर्थिक स्थिति ऐसी है कि शिवराज सिंह चौहान ने एक हजार करोड़ रुपए का फिर से कर्ज लिया है। मैंने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि पिछले 7 महीने में 9 बार कर्ज लिया, अब तक 10500 कराेड़ रुपए का कर्ज लिया है। पिछले 15 साल के इनके कार्यकाल की बात करें, तो शिवराज सरकार ने 2 लाख 5 हजार 993 करोड़ रुपए कर्ज लिया है। ऐसे में प्रदेश के हर नागरिक पर सरकार ने 34 हजार रुपए का कर्ज लाद दिया है। बजट का 15 फीसदी पैसा ब्याज में जा रहा यदि ऐसे ही आर्थिक हालात बदतर होते रहे, तो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का क्या होगा। आपको यह पता होना चाहिए कि हम इस कर्ज का करीब 16 हजार करोड़ प्रतिवर्ष ब्याज देते हैं। बजट का 15 फीसदी से ज्यादा हमारा ब्याज पर जाता है। मप्र में 40 साल के नीचे वाले युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। बच्चे को मुश्किलों से पढ़ाने के बाद नौकरी नहीं मिलने पर माता-पिता की मानसिक हालत बदतर हो रही है। मप्र में बेरोजगारी और किसानों की समस्या को लेकर रोज आत्महत्याएं हो रही हैं। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां खाली पड़ी हैं। छह महीने से स्कूल शिक्षा विभाग, नगरीय निकायों में वेतन नहीं बंटा है। ये लोग पेट्रोल डीजल में टैक्स बढ़ाकर इस भार को कम करने की कोशिश में हैं। विकास कार्यों के लिए कर्ज लिया गया मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सरकार की माली हालत पहले से ही खराब थी। कोरोना के कारण सरकार के राजस्व में भारी कमी आई है। जीएसटी में लगातार कमी के कारण सरकार की आर्थिक संकट की स्थिति में है। सरकार पर जनवरी से अब तक 22 हजार करोड़ का कर्ज बढ़ा है। केंद्र से 4440 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की पात्रता मिली है। नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार विकास कार्यों के लिए यह कर्ज लिया है। ब्याज पर 15 हजार करोड़ रुपए खर्च मध्य प्रदेश सरकार सिर्फ ब्याज पर ही करीब 15 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही हैl 2017 में यह ब्याज 12695 करोड़ों रुपए था, जो 2018 में 14432 करोड रुपए हो गयाl जबकि 2019 में 13751 करोड रुपए तथा 2020 में यह बढ़कर 16460 करोड़ रुपए होने की उम्मीद हैl

MP : उपचुनाव नतीजे के बाद शिवराज सरकार बचने के पूरे आसार, फिर बीजेपी खेमे में क्यों है धुकधुकी ?

भोपाल। मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर हुए उपचुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस जीत के दावे कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है है कि शिवराज सरकार को कोई खतरा नहीं नहीं है। इसके बाद भी बीजेपी खेमे में क्यों खलबली मची है ? बीजेपी नेता जीत के प्रति को आश्वस्त नहीं हैं ? भाजपा ने गुरुवार को लंच के बहाने 10 नवंबर को आने वाले उपचुनाव के परिणामों को लेकर होटल जहांनुमा रिट्रीट (लक्जरी रिजॉर्ट) में मंथन किया गया। होटल पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान जब लंच को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा- ‘ कार्यकर्ताओं के साथ फुरसत से बैठेंगे, खाना खाएंगे और गप्प भी करेंगे। इस लंच में भाजपा प्रबंध समिति ने चुनाव प्रभारियों से एक-एक सीट का फीडबैक लिया है। यहां पर हर सीट की जीत-हार की गणित बिठाई गई है। इसमें शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेता, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत समेत शिवराज सरकार के तमाम मंत्री और संगठन पदाधिकारी शामिल हुए। इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान सुबह संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने शारदा विहार पहुंचे थे। सूत्र बताते हैं कि संघ प्रमुख से मुलाकात में उपचुनाव और उसके परिणामों पर चर्चा हुई है। होटल में हुई बैठक में मीडिया की एंट्री नहीं दी गई। न ही इस बैठक की तस्वीरें पार्टी की तरफ से जारी की गईं। इससे जाहिर होता है कि बैठक में लंच से परे चुनाव परिणामों पर गहन मंत्रणा हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि हम हमेशा सुकून में रहते हैं, परिणामों की कोई चिंता नहीं है। कार्यकर्ताओं के चेहरे बता रहे हैं कि 10 नवंबर को नतीजे क्या आने वाले हैं। भाजपा किसी तरह की टेंशन में नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं ने मेहनत की है, आज उन्हें संगठन की तरफ से लंच दिया गया है। भाजपा को सबसे बड़ी चिंता 9 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को सरकार बरकरार रखने के लिए 9 सीटों की ही जरूरत है। जिन 28 सीटों पर चुनाव हुए, उनमें से 9 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 2018 के चुनाव में भाजपा को इन सीटों पर मुंह की खानी पड़ी थी और दलित वर्ग पर पकड़ भी कमजोर हो गई थी। वर्ष 2000 से 2015 तक संघ ने इस वर्ग के बीच में मेहनत की थी और कांग्रेस से दूर कर दलित वर्ग का पार्टी से जोड़ने का किया था। लेकिन शिवराज सरकार इसे संभाल नहीं सकी, यही वजह है कि यह वर्ग कांग्रेस की तरफ झुक गया था।

MP : चाइनीज पटाखे बेचे तो दो साल की सजा, लव जिहाद के लिए बनेगा सख्त कानून

भोपाल. मध्य प्रदेश में देवी-देवताओं की तस्वीरें लगे पटाखे नहीं बिक पाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस पर बैन लगा दिया है। बुधवार को शिवराज सरकार ने गृहमंत्री और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण सहित कई निर्णय लिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लव जिहाद और शादी के लिए धर्म परिवर्तन किसी भी रूप में मान्य नहीं होगा। यह पूर्ण रूप से अवैध और गैर-कानूनी है। इसके खिलाफ प्रदेश में कानून बनाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने चाइनीज पटाखों पर बैन लगा दिया है। अगर बाजार में चाइनीज पटाखे बिकते मिले तो एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें दो साल तक की सजा का प्रावधान होगा। इसके अलावा बेटियों से अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है। सीएम शिवराज ने गृह विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में अपराधी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस संबंध में नियमित रूप से फॉलोअप किया जाएगा। सरकार ने लोगों से अपील की है कि दिवाली पर चाइना का सामान न खरीदें। उन्होंने लोगों से मिट्‌टी के दीये खरीदने की अपील की है, जिससे स्थानीय कुम्हारों को रोजगार मिले। अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा ने बताया कि विस्फोटक अधिनियम की धारा 9-बी (1) (बी) के अंतर्गत अवैध पटाखों के भंडारण,‍ वितरण तथा विक्रय एवं उपयोग पर 2 साल की सजा का प्रावधान है, इसलिए कोई भी चीनी पटाखों का भंडारण, वितरण, विक्रय अथवा उपयोग न किया जाए। चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करें मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में रेत आदि खनिजों का अवैध रूप से खनन एवं परिवहन सख्ती से रोका जाए। इसी के साथ जो लाइसेंसधारी ठेकेदार हैं, उन्हें संरक्षण दिया जाए। साथ ही, फर्जी चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई हो, जिससे कोई जनता को ठग ना सके। इस संबंध में केवल इन कंपनियों के एजेंटों के विरूद्ध कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, उनके मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

अमेरिका में राजनैतिक संकट : राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे पर विवाद, ट्रम्प राष्ट्रपति रहेंगे या होगी विदाई ?

वाशिंगटन। अमेरिका के लोगों ने तीन नवंबर को मतदान किया है और मतदान खत्म होते ही गिनती शुरू हो गई है. अभी इलेक्टोरल वोट के नतीजे आने शुरू हुए हैं और जो बाइडेन-डोनाल्ड ट्रंप में कांटे की टक्कर चल रही है. अमेरिका का राष्ट्रपति कौन होगा? इस सवाल के जवाब का इंतजार हर कोई कर रहा है, ना सिर्फ अमेरिका बल्कि दुनिया की नजरें भी इस ओर हैं. लेकिन अभी तक जो संकेत मिल रहे हैं उससे साफ हो गया है कि अमेरिका में चुनावी नतीजे इतने आसानी से घोषित होने नहीं जा रहे हैं. जिसकी उम्मीद पहले से ही थी. शुरुआती रुझानों में जो बाइडेन आगे चल रहे हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि वो चुनाव जीत चुके हैं. ऐसे में अब ये लड़ाई अदालत और सीनेट के हवाले होती दिख रही है. क्योंकि अगर किसी भी उम्मीदवार ने मौजूदा नतीजों को नहीं माना, तो अमेरिकी इतिहास में ऐसी परिस्थिति खड़ी हो सकती है जो अभी तक सामने नहीं आई है. अभी क्या है अमेरिका की स्थिति? आपको बता दें कि अमेरिका के लोगों ने तीन नवंबर को मतदान किया है और मतदान खत्म होते ही गिनती शुरू हो गई है. मौजूदा डाटा के मुताबिक, जो बाइडेन करीब 224 इलेक्टोरल वोट पा चुके हैं जबकि डोनाल्ड ट्रंप के खाते में 213 वोट ही मिल पाए हैं. लेकिन, अभी ये सिर्फ शुरुआती आंकड़ा है और अंतिम आंकड़ा इससे काफी अलग हो सकते हैं. इस बार चुनाव नतीजों में इतनी देरी क्यों? दरअसल, अमेरिकी चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दस करोड़ के करीब वोट सिर्फ मेल-इन के जरिए डाले गए हो. यानी इलेक्शन डे से पहले ही दस करोड़ लोगों ने मतदान कर दिया. जबकि इस बार के चुनाव के लिए कुल 16 करोड़ वोटरों ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया था, ऐसे में आधे से अधिक वोट मेल के जरिए ही डाले गए हैं. अब अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स की मानें, तो कुछ राज्यों ने अभी सिर्फ उन वोटों को ही गिना है जो 3 नवंबर को डाले गए हैं. यानी राज्यों ने अभी मेल-इन वोटों को नहीं खोला है. हालांकि, जो छोटे राज्य हैं वहां दोनों वोटों की गिनती हो रही है. यही कारण है कि मौजूदा नतीजों को कोई अंतिम नहीं मान रहा है और मेल-इन वोटरों को गिने जाने तक इंतजार करना पड़ रहा है. अदालती लड़ाई की ओर बढ़ा अमेरिका चुनाव? सिर्फ वोटों की गिनती ही नहीं बल्कि नतीजों को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि कुछ राज्यों में वोटों की गिनती गलत हो रही है, ऐसे में वो सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं. यानी कुछ राज्यों के नतीजों को लेकर अदालती लड़ाई शुरू हो सकती है, जवाब में जो बाइडेन की टीम ने कह दिया है कि उनकी लीगल टीम तैयार है और अदालती लड़ाई मंजूर है. अगर ऐसा होता है तो नतीजों के लिए काफी दिनों की सुनवाई हो सकती है. अगर टाई हो गया अमेरिकी चुनाव तो ? अभी के रुझानों में जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुकाबला कांटे का चल रहा है. ऐसे में ये भी अंदेशा है कि अंत में मुकाबला टाई हो सकता है क्योंकि अब दोनों ही पार्टियां कुछ राज्यों में लीड कर रही हैं. अगर इलेक्टोरल वोट 269-269 पर जाकर रुकते हैं तो फिर हर किसी की नज़रें अमेरिकी सीनेट पर टिकी रहेंगी. हाउस ऑफ रिप्रेंजटेटिव सबसे पहले उपराष्ट्रपति पद का चुनाव करेगा, फिर वोटिंग के जरिए पूरी सीनेट अंत में राष्ट्रपति को चुनेगी. लेकिन इस प्रक्रिया में वक्त लग सकता है और पूरे नतीजे आने में दिसंबर तक का इंतजार करना पड़ सकता है. बता दें कि अमेरिका में लोगों की वोटिंग के बाद जो इलेक्टर्स चुने जाते हैं, वो ही राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. 14 दिसंबर को अमेरिकी सीनेट में वोटिंग होगी, जहां 538 इलेक्टर्स नए राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे. इनमें बहुमत के लिए 270 का आंकड़ा चाहिए.

अहमदाबाद में टेक्‍सटाइल गोदाम में आग लगने से धमाका, 9 लोगों की मौत, 2 की हालत गंभीर

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में बुधवार दोपहर को एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने व विस्फोट से बगल ही बने टेक्‍सटाइल गोदाम की छतें धराशायी हो गईं और आग गोदाम तक जा पहुंची। गोदाम में 24 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें से 9 की मौत हो गई। वहीं, 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मलबे में दबने के चलते हुईं मौतें सभी मौतें 4 गोदामों की छतों के मलबे में दबने के चलते हुईं। अन्य घायल कर्मचारी भी मलबे के चलते तेजी से भाग नहीं सके और लपटों की चपेट में आकर झुलस गए। केमिकल फैक्ट्री व इसके बाद गोदाम में लगी आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने में फायर ब्रिगेड की 24 गाड़ियां लगानी पड़ गईं। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। केमिकल फैक्ट्री में हुए 5 ब्लास्ट मिली जानकारी के अनुसार नानूभाई एस्टेट की केमिकल फैक्ट्री में एक के बाद एक 5 ब्लास्ट हुए। इन धमाकों से बगल ही बने कपड़े के गोदाम की छतें धराशायी हो गईं और वहां भी आग की लपटे जा पहुंची। गोदाम में करीब 24 लोग थे, जिनमें से अधिकतर मलबे की चपेट में आ गए। दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि केमिकल फैक्ट्री में एक बॉयलर में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी। कपड़े के गोदाम के मालिक का आरोप है कि यह केमिकल फैक्‍ट्री अवैध तौर पर चलाई जा रही थी।

ग्रेटर नोएडा में फ्लैट में मिली बुजुर्ग पति-पत्नी की लाश, मूर्तियों से सिर पर वार

नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाउसिंग सोसायटी में बुधवार को एक बुजुर्ग दंपति की हत्या का मामला सामने आया है. दोनों अपने फ्लैट में मरे मिले हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों के सिर पर घर में रखी मूर्तियों से हमला करके हत्या की गई है. सूचना मिलने के बाद बिसरख कोतवाली से पुलिस, डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम और क्राइम ब्रांच के इन्वेस्टिगेटर मौके पर पहुंचे हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चेरी काउंटी हाउसिंग सोसायटी में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. बुधवार की सुबह सोसाइटी के टावर नंबर बी-2 में नौवें फ्लोर पर एक फ्लैट में यह वारदात हुई है. इस फ्लैट में एक बुजुर्ग और उनकी पत्नी रुके हुए थे. सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि दोनों बुजुर्ग कुछ दिनों के लिए यहां रहने आए थे. दोनों की लाशें बुधवार की सुबह फ्लैट के भीतर पड़ी मिली हैं. लोग दोहरे हत्याकांड की आशंका जाहिर कर रहे हैं. बुजुर्गों के सिर पर घर में रखी मूर्तियों से वार किए गए हैं. पूरे घर में खून फैला मिला है. पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद बिसरख कोतवाली पुलिस मौके वारदात पर पहुंची है. छानबीन की जा रही है.

थाने पहुंची महिला बोली- पति मैचिंग साड़ी, लिपिस्टिक और चूड़ी नहीं दिलाते, केस दर्ज करो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पुलिस ने महिला उत्पीड़न के मामलों की त्वरित सुनवाई और समाधान के लिए हर एक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किया है. मिशन शक्ति के तहत स्थापित किए गए इस महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत हुए अभी कुछ दिन ही हुए हैं. रोज महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर यहां पर पहुंच रही हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा रही हैं. जिनमें ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा से संबंधित बताए जा रहे हैं. लेकिन चंदौली के थाने में स्थापित किए गए महिला हेल्प डेस्क एक ऐसा केस पहुंचा जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. शिकायतकर्ता महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उसके पति उसे मैचिंग की साड़ी, लिपस्टिक, चूड़ी और मेकअप का सामान नहीं दिलवाते हैं. लिहाजा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. इस अजीबोगरीब शिकायत को सुनने के बाद वहां पर तैनात महिला पुलिसकर्मी हक्की-बक्की रह गई. बताया जाता है कि बाद में शिकायत लेकर आई महिला को पुलिस कर्मियों ने काफी समझाया बुझाया और तब जाकर महिला मानी और महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने समझा बुझाकर उसे वापस घर भेज दिया. चंदौली कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मझवार मोहल्ले की एक विवाहिता सोमवार की दोपहर चंदौली कोतवाली में स्थापित किए गए महिला हेल्प डेस्क पर पहुंची. महिला हेल्प डेस्क पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने जब इस महिला से इसकी शिकायत सुनी तो कुछ देर के लिए तो उनको समझ में ही नहीं आया कि वह करे तो क्या करें. अपने पति की शिकायत लेकर पहुंची महिला ने बताया कि उसके पति उसे मैचिंग की साड़ी लिपस्टिक और चूड़ी नहीं दिलवाते हैं साथ ही साथ जब गैस खत्म हो जाती है तो उपले और लकड़ी पर खाना बनाने के लिए कहते हैं. महिला ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि पति की इन हरकतों से तंग आ गई है और वह चाहती है कि पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई करे. शिकायतकर्ता महिला की बातें सुनकर महिला पुलिस कर्मियों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर वे करें तो क्या करें. इसके बाद वहां मौजूद महिला पुलिस कर्मियों ने शिकायत करने आई महिला को काफी समझाया बुझाया और काउंसलिंग की. इसके बाद वह महिला मानी और वापस घर चली गई. इस संदर्भ में चंदौली के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि महिला शिकायत लेकर आई थी और हेल्पडेस्क पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उस की काउंसलिंग की. साथ ही साथ उसके पति को भी फोन पर समझाया. इसके बाद महिला वापस अपने घर चली गई. उत्तर प्रदेश पुलिस ने महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मिशन शक्ति की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए यूपी पुलिस के द्वारा विभिन्न तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे हैं.

राज्यसभा में बीजेपी बनी सबसे बड़ी पार्टी, BSP से भी ‘मजबूत’ हुई ट्यूनिंग

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के लिए अब राज्यसभा में बिलों को पास कराने की राह आसान हो गई है. ऐसा उत्तराखंड की एक और यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव नतीजों की वजह से हुआ है. यूपी की 10 सीटों में बीजेपी के खाते में 8 सीटें और उत्तराखंड की भी एक सीट बीजेपी के खाते में ही आई है. इसी के साथ बीजेपी राज्यसभा में 92 सांसदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. दूसरी तरफ कांग्रेस 38 सीटों के साथ ऊपरी सदन में अपने न्यूनतम स्तर पर है. राज्यसभा में बीजेपी के सहयोगी दलों के पास 22 सांसद हैं. इनमें एआईएडीएमके के 9, जेडीयू के 5, मनोनीत 4 के अलावा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, एजीपी, पीएमके और एनपीपी का एक-एक सांसद है. राज्यसभा में बीजेपी के 92 सांसद और सहयोगी दलों के 22 सांसद हैं यानी एनडीए के कुल सांसद 114 हैं. राज्यसभा में कुल सांसदों की संख्या 245 है यानी कि किसी भी बिल को पास कराने के लिए सरकार को 123 सांसदों की जरूरत होगी. फिलहाल राज्यसभा में एनडीए के पास 114 सांसद हैं यानी कि बहुमत से 9 सांसद दूर. ऐसे में कई मौके आए हैं जब बीजेडी, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने समय-समय पर महत्वपूर्ण बिल को लेकर सरकार का साथ दिया. इनमें ट्रिपल तलाक़, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने, सीएए जैसे बिल का नाम लिया जा सकता है. ऐसे में पूरी संभावना है कि अब सरकार को राज्यसभा में किसी भी महत्वपूर्ण बिल को लेकर कोई खास अड़चन पेश नहीं आएगी.

हिंदू युवकों ने बरसाना रोड की मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ा, जय श्रीराम के नारे लगाए

मथुरा। नंदबाबा मंदिर में 29 अक्टूबर को 2 मुस्लिमों के नमाज पढ़ने के विरोध में बरसाना रोड की ईदगाह में 4 युवकों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्रीराम के नारे लगाए। मामला सोशल मीडिया में आते ही पुलिस एक्शन में आ गई और चारों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि शाहरुख नाम के युवक ने चुनौती दी थी कि जब मुस्लिम, मंदिर में नमाज अता कर सकता है तो कोई हिंदू, ईदगाह में हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं कर सकता। इसका जवाब देने के लिए चारों युवकों ने ईदगाह में हनुमान चालीसा का पाठ किया। हालांकि, पुलिस ने इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा है, जांच की जा रही है। पुलिस ने चारों युवकों को घर से गिरफ्तार किया SSP गौरव ग्रोवर ने बताया कि खुद को हिंदूवादी संगठन का सदस्य बताने वाले सौरभ शर्मा, राघव मित्तल, कान्हा ठाकुर और कृष्णा ठाकुर मंगलवार को बरसाना रोड स्थित ईदगाह पर पहुंच गए। वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया। बाद में जय श्री राम के नारे लगाते हुए ईदगाह से बाहर निकल आए। गोवर्धन थाना पुलिस ने चारों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। मंदिर में नमाज पढ़ने वाला एक आरोपी कोरोना पॉजिटिव उधर, नंदबाबा मंदिर में मस्जिद पढ़ने वाले फैजल को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया। इससे पहले कोरोना टेस्ट में वह पॉजिटिव आया। इसलिए, उसे अस्थाई जेल में रखा जाएगा।

अफ्रीका के माली में फ्रांस ने की आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक, 50 आतंकी मारे गए

बमाको। फ्रांस ने माली में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। दावा है कि इस हमले में अलकायदा के करीब 50 आतंकी मारे गए हैं। फ्रांस की सेना के प्रवक्ता कर्नल फ्रेडरिक बार्बरी ने बताया कि चार आतंकी पकड़े गए हैं। एक फिदायीन जैकेट जब्त की गई है। यह संगठन यहां सेना के ठिकाने पर हमला करने वाला था। बुर्कीना फासो और नाइजर की सीमा के पास फ्रांसीसी ड्रोन को मोटरसाइकिलों का एक काफिला नजर आया था। इस पर दो मिराज विमानों से मिसाइल दागी गईं। फ्रांस ने पिछले हफ्ते इस इलाके में जिहादियों के खिलाफ अभियान शुरू किया था। फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने कहा, “मैं एक ऐसे ऑपरेशन के बारे में बताना चाहूंगी जो बेहद अहम है। इसे 30 अक्टूबर को अंजाम दिया गया। इसके तहत 50 से अधिक आतंकियों को मारा गया है और भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।” आईएस आतंकियों के खिलाफ भी चलाया जा रहा ऑपरेशन सेना के प्रवक्ता बार्बरी ने यह भी बताया कि माली में आईएस आतंकियों की विंग ‘इस्लामिक स्टेट इन ग्रेटर सहारा’ के खिलाफ भी एक ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसमें 3000 सैनिकों को लगाया गया है। यह ऑपरेशन करीब एक महीने पहले शुरू किया गया था। इसके नतीजे आने वाले दिनों में बताए जाएंगे। यूनाइटेड नेशंस ने शांति अभियानों के तहत माली में 13 हजार सैनिकों की तैनाती की है। वहीं, फ्रांस ने इस इलाके में 5100 सैनिकों को तैनात किया है। फ्रांस में धार्मिक टकराव में हुए हमले धार्मिक टकराव के कारण दो हफ्ते के अंदर हुए दो हमलों ने फ्रांस को हिला दिया है। पहले पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने वाले टीचर का सिर उन्हीं के छात्र ने कलम कर दिया था। इसके बाद नीस में चर्च के बाहर चाकू मारकर तीन लोगों की हत्या कर दी गई। शनिवार को भी एक अज्ञात बंदूकधारी ने चर्च में पादरी को गोली मार दी थी। इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने हमलों को बताया था इस्लामिक आतंकवाद लगातार हो रहे हमलों के कारण सरकार ने फ्रांस में तैनात सैनिकों की संख्या दोगुनी कर दी है। मैक्रों ने इन घटनाओं को इस्लामिक आतंकवाद करार दिया था। इसके बाद से ही वे मुस्लिम देशों के नेताओं के निशाने पर हैं। कई देशों में फ्रांसीसी सामान के बहिष्कार के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। ‘कार्टून का समर्थन नहीं करते’ एक मीडिया हाउस से बातचीत में फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा था कि पूरे मामले को गलत तरीके से समझा जा रहा है। वे पैगंबर मोहम्मद के कार्टून का समर्थन नहीं करते। इस कार्टून से कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसके बाद भी देश में अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा की जाएगी। इसमें कार्टून छपना भी शामिल है।

मधुबनी में रैली कर रहे नीतीश पर प्याज फेंके गए तो 5 बार बोले- फेंको, खूब फेंको

पटना। मधुबनी के हरलाखी में सीएम नीतीश कुमार की चुनावी सभा में लोगों ने आलू -प्याज फेंका। हालांकि, इनमें से कोई भी आलू-प्याज सीएम तक नहीं पहुंचा। इस दौरान भी नीतीश रैली को संबोधित करते रहे और उन्होंने कहा- जितना फेंकना है, फेंकते रहो। नीतीश के सुरक्षाकर्मी जब विरोध करने वालों को रोकने पहुंचे तो नीतीश ने उन्हें भी रोक दिया। कहने लगे कि उन्हें रोकिए मत, फेंकने दीजिए। इसके बाद लोगों की ओर से आलू-प्याज फेंकना बंद हो गया। नीतीश ने इसके बाद तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। पूछा कि जो आज नौकरी देने की बात कह रहा है, 15 सालों में कितने लोगों को उसने नौकरी दी। नीतीश ने कहा, “हमने बिहार में अर्थव्यवस्था 24 हजार करोड़ से 2 लाख 11 हजार करोड़ तक पहुंचाई। प्रदेश का विकास किया। पहले की सरकार के दौरान बिहार को 7 सौ मेगावाट बिजली मिलती थी, इसे बढ़ाकर हमने 6 हजार मेगावाट कर दिया। घर-घर बिजली देने का काम किया। मधुबनी पेंटिग को उद्योग में परिवर्तन करने के लिए इसे आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी से जोड़ा। इसके प्रशिक्षण के लिए सौराठ में विद्यालय देकर मिथिला और मैथिली का मान बढ़ाया।

फ्रांस में आतंकी हमले को जायज बताने वाले शायर मुनव्वर राणा पर केस

भोपाल. फ्रांस में हुए आतंकी हमले पर विवादित बयान देने के मामले में शायर मुनव्वर राणा पर FIR दर्ज हुई है। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार पांडेय ने नफरत फैलाने, शांति भंग और IT एक्ट में केस दर्ज करवाया है। वहीं, बेटी सुमैया ने कहा कि पापा अपनी बात पर अडिग हैं, वे पीछे नहीं हटेंगे। राणा ने फ्रांस में 16 अक्टूबर को हुए आतंकी हमले को सही ठहराते हुए कहा था, “हमला करने वाले की जगह मैं होता तो भी ऐसा ही करता। किसी को इतना मजबूर न करो कि वह कत्ल करने के लिए तैयार हो जाए। मोहम्मद साहब का कार्टून बनाकर हमलावर को कत्ल करने के लिए मजबूर किया गया। अगर कोई भगवान राम का विवादित कार्टून बनाएगा तो मैं उसका भी कत्ल कर दूंगा।” ‘पैगम्बर का कार्टून बनाना गुनाह है’ सुमैया कहती है, ‘मुकदमे के बाद पापा का कहना है कि किसी भी हाल में न तो अपनी बात से पीछे हटेंगे। न हम बेल के लिए जाएंगे। अगर सरकार चाहती है कि मुझे जेल भेजा जाए तो बेशक मुझे जेल में डाल दे। वह अपनी बात पर अडिग है। उनका मानना है कि सिर कलम करना गुनाह है तो पैगम्बर का कार्टून बनाना उससे भी बड़ा गुनाह है। क्योंकि आपने किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।’ राणा ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा था राणा ने फ्रांस में हुए हमले की निंदा करने पर प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ये राफेल की दरकार है, जो उन्हें ऐसा बयान देना पड़ा।” राणा ने ये भी कहा था, “मुसलमानों को चिढ़ाने के लिए फ्रांस में विवादित कार्टून बनाया गया। दुनिया में हजारों साल से ऑनर किलिंग होती है, अखलाक मामले में क्या हुआ, लेकिन तब किसी को तकलीफ नहीं हुई। किसी को इतना मजबूर न करो कि वह कत्ल करने पर मजबूर हो जाए।” फ्रांस में क्या हुआ था? पेरिस के पास कॉन्फ्लांस सेन्ट होनोरिन इलाके में एक टीचर ने पिछले महीने क्लास में पैगम्बर मोहम्मद साहब का कार्टून दिखाया था। इसके बाद हमलावर ने 16 अक्टूबर को टीचर की हत्या कर दी थी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इस घटना को इस्लामी आतंकवाद करार दिया था। हमलावर को पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था।

बांग्लादेश में हिंदू परिवारों पर हमला, कट्टरपंथियों ने कई घरों में आग लगा दी

ढाका . बांग्लादेश में कथित रूप से इस्लाम की निंदा संबंधी पोस्ट की अफवाह के चलते कोमिला जिले में कुछ कट्टरपंथियों ने कई हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ की और उनमें आग लगा दी। मीडिया ने सोमवार को यह खबर दी। बीडीन्यूज 24 डॉट कॉम ने खबर दी कि रविवार को इन घरों में तोड़फोड़ की गयी और उनमें आग लगा दी गई। इस घटना से पहले फ्रांस में रहने वाले एक बांग्लादेशी व्यक्ति ने अमानवीय विचाराधारा के खिलाफ कदम उठाने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों की कथित रूप से प्रशंसा की थी। मैक्रों ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को दिखाने पर पेरिस में एक शिक्षक का सिर कलम कर दिए जाने पर कड़े कदम उठाए हैं। खबर के अनुसार, पूर्बो धौर के बाल विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने पोस्ट पर टिप्पणी में मैक्रों की कार्रवाई का स्वागत किया था। फेसबुक पोस्ट के बारे में अफवाह फैलने पर शनिवार को इलाके में तनाव छा गया। इस खबर में बांगरा बाजार थाने के प्रभारी अधिकारी कमरुजम्मां के हवाले से बताया गया है कि पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनमें बाल विद्यालय का प्रधानाध्यापक और समीप के अंडकोट गांव का एक बाशिंदा शामिल हैं। जिले के उपायुक्त मोहम्मद अदुल फजल मीर ने इलाके का दौरा करने के बाद बीडीन्यूज 24 डॉट कॉम से कहा, अब स्थिति नियंत्रण में है। उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय लोगों ने गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों समेत कई अन्य लोगों के घरों पर हमला किया। जब उनसे पूछा गया कि प्रशासन ने हमलावरों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं तो उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई की है। कमरुजम्मां ने बताया कि हमले को लेकर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो देखेगी। पैगंबर मोहम्मद के काटूर्नों को लेकर फ्रांस के खिलाफ कई मुस्लिम बहुल देशों में पिछले कुछ समय से प्रदर्शन किया जा रहा है।

मथुरा के नंदबाबा मंदिर में 2 मुस्लिमों ने नमाज पढ़ी, 4 पर FIR

मथुरा .  नंदगांव के प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में नमाज पढ़ने का मामला सामने आया है। इसके फोटो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन ने चार लोगों पर केस दर्ज कराया है। मंदिर को गंगाजल से भी धोया गया। घटना 29 अक्टूबर की बताई जा रही है। कोरोना की वजह से मंदिर में भीड़ कम थी। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि मंदिर में नमाज पढ़ने वाले दिल्ली की खुदाई खिदमतगार संस्था के लोग हैं। इस बीच मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मामले में कानून सख्ती से काम करेगा। बताया जा रहा है कि मंदिर में चार युवक पहुंचे थे। इन्होंने अपना नाम फैजल खान, मोहम्मद चांद, नीलेश गुप्ता और आलोक बताया। इन युवकों ने खुद को हिंदू-मुस्लिम संस्कृति में विश्वास रखने वाला बताया। मोबाइल में तमाम संत-महंतों के साथ अपनी फोटो भी दिखाईं। इन्होंने मंदिर के सेवादार कान्हा गोस्वामी से दर्शन करने की अनुमति मांगी, तो उन्होंने अनुमति दे दी। जिस समय फैजल और मोहम्मद चांद नमाज पढ़ रहे थे, उनके दोस्त नीलेश गुप्ता और आलोक ने फोटो खींच ली। जिसे बाद में वायरल कर दिया। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस मंदिर में नमाज पढ़ने को लेकर साधु-संतों में गुस्सा है। सेवादार कान्हा गोस्वामी ने थाना बरसाना में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने फैजल, चांद, नीलेश और आलोक पर धारा 153ए , 295 और 505 में केस दर्ज किया है।

राजस्थान में गुर्जर आंदोलन, 60 ट्रेनें डायवर्ट, 220 बसें रुकीं

जयपुर। राजस्थान में मोस्ट बैकवर्ड क्लास (MBC) में बैकलॉग की भर्तियों समेत अन्य मांगों के लिए गुर्जरों ने फिर से आंदोलन शुरु कर दिया है। रविवार को भरतपुर के बयाना में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला गुट के लोग पीलूपुरा के पास रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। गुर्जर रातभर पटरियों पर जमे रहे, धरना आज भी जारी है। ट्रेनें-बसें रुकने से जनता परेशान आंदोलनकारियों ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक की फिश प्लेटें उखाड़ दीं। इसलिए, रविवार को 40 मालगाड़ियों समेत 60 ट्रेनें डायवर्ट करनी पड़ीं। दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा, 2 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। आज भी 4 ट्रेनें रद्द की गई हैं। रविवार को रोडवेज के पांच बड़े डिपो दौसा, हिंडौन, करौली, भरतपुर और बयाना की करीब 220 बसों को रोक दिया गया। इस वजह से त्योहारों के सीजन में जनता परेशान हो रही है। सरकार ने समझौते की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही सरकार की तरफ से खेल मंत्री अशोक चांदना रविवार को बैंसला से बात के लिए गए थे, लेकिन खाली हाथ ही जयपुर लौट गए। भास्कर से बातचीत में चांदना ने बताया, “मैं आंदोलन वाली जगह से एक किमी पहले तक पहुंच गया था, लेकिन भारी जाम की वजह से आगे नहीं जा सका। फिर किरोड़ी बैंसला से बात की। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं, आप मेरे बेटे विजय बैंसला से बात कर लें। विजय को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैं 2-4 मिनट में कॉल करता हूं, लेकिन मुझसे दोबारा संपर्क ही नहीं किया।” नहरा इलाके के 41 सदस्यीय गुर्जरों से हुए समझौते को बैंसला ने लॉलीपॉप बताया नहरा इलाके के 41 सदस्यीय गुर्जर प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से शुक्रवार शाम बात की थी। इस बातचीत में 14 पॉइंट्स पर हुए समझौते की कॉपी लेकर बयाना के SDM सुनील आर्य रविवार शाम करीब 5.30 बजे कर्नल किरोड़ी बैंसला के पास पहुंचे। जैसे ही SDM ने समझौता पढ़ना शुरू किया तो कर्नल ने कहा कि विजय बैंसला को बताएं। बाद में विजय बैंसला ने इस समझौते को लॉलीपॉप कहकर खारिज कर दिया। किरोड़ी बैंसला बोले- CM पर एक बार और भरोसा करना चाहिए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने खुद कहा, “मेरे पास CM अशोक गहलोत का फोन आया था। उन्होंने डिटेल में बात करने के साथ ही भरोसा दिलाया है कि गुर्जर समाज की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करेंगे। इसलिए हमें मुख्यमंत्री पर एक बार और भरोसा करना चाहिए।”

MP : हाथ की नस काटकर वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, बोली- मेरी मौत का जिम्मेदार प्रशासन है

भोपाल। एकता नगर में कांग्रेस नेता ईश्वर सिंह चौहान के ममेरे भाई तरुण राजपूत की हत्या से नाराज बेटी किरण ने एक बार फिर गोविंदपुरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किरण ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और अपना सुसाइड नोट पोस्ट करते हुए हाथ की नस काट ली। कहा कि अंधा और बहरा प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है। मेरी मौत का जिम्मेदार प्रशासन है। किरण ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और जानबूझकर गलत एफआईआर लिखने के आरोप भी लगाए हैं। डीआईजी इरशाद वली ने भी सोशल मीडिया के जरिए ही अपना जवाब दिया। लिखा कि युवती को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और अफसरों के संज्ञान में बात लाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पिछले केस में युवती की रिपोर्ट पर थाना गोविंदपुरा पुलिस कुल 12 लोगों पर केस दर्ज कर सभी आरोपियों जेल भेज चुकी है। इस मामले में चालान भी पेश किया जा चुका है। किरण ने एएसआई अरविंद सिंह कौरव पर एफआईआर में महिला को बचाने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि तत्कालीन विवेचना अधिकारी एसआई आरएन चौहान ने तथ्यों में हेरफेर कर गलत चार्जशीट पेश की। पुलिस ने गुंडों का साथ देकर हमारे केस को बिगाड़ दिया। हम सीएम के घर के बाहर खड़े होते हैं तो पुलिस वाले धक्का देकर भगा देते हैं।

बदलने लगी इकोनॉमी की तस्वीर, अक्टूबर में स्थिति सुधरने के 3 बड़े संकेत

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर लगातार अब अच्छी खबरें आ रही हैं. लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां थम गई थीं. लेकिन अब कई सेक्टर में ग्रोथ की रफ्तार कोरोना संकट से पहले जैसी देखने को मिल रही है. इस बीच कई आंकड़े सामने आए हैं, जो बता रहे हैं कि अक्टूबर में स्थिति बेहतर हुई है. आंकड़े पिछले साल के अक्टूबर के मुकाबले भी बेहतर दिख रहे हैं. GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार अर्थव्यवस्था की गाड़ी तेजी से पटरी पर दौड़ने लगी है, इस का पहला सबूत जीएसटी कलेक्शन से मिल रहा है. अक्टूबर महीने में जीएसटी कलेक्शन आठ महीने के बाद 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार किया है. इससे पहले फरवरी में जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये हुआ था. जीएसटी कलेक्शन में मार्च से गिरावट हावी था. अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1.05 लाख करोड़ रुपये रहा वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1.05 लाख करोड़ रुपये रहा. इससे पहले फरवरी- 2020 में जीएसटी कलेक्शन 1,05,366 करोड़ रुपये रहा था. जबकि सितंबर में जीएसटी कलेक्शन 95480 करोड़, अगस्त में जीएसटी कलेक्शन 86,449 करोड़, जुलाई में कलेक्शन 87,422 करोड़ रुपये रहा था. हालांकि अभी भी सरकार का जीएसटी कलेक्शन उसके निर्धारित लक्ष्य से बहुत पीछे है. बिजली खपत में शानदार इजाफा देश में बिजली की खपत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में बिजली की खपत 110.94 अरब यूनिट रही. पिछले साल के अक्टूबर की तुलना में 13.38 फीसदी अधिक है. पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 97.84 अरब यूनिट था. इसकी बड़ी वजह औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों की ओर से बिजली की मांग बढ़ना है. पैसेंजर व्हीकल्स की डिमांड में बढ़ोतरी कोरोना संकट के बीच अब लोग खर्च कर रहे हैं, लगातार ऑटो कंपनियां बेहतर नतीजे पेश कर रही हैं. अक्टूबर में वाहनों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है. खासकर पैसेंजर गाड़ियों की मांग में काफी तेजी देखी जा रही है. देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने अक्टूबर में कुल 1,82,448 वाहन बेचे, जो पिछले साल के अक्टूबर के मुकाबले 19 फीसदी और पिछले महीने के मुकाबले करीब 20 फीसदी ज्यादा है. टाटा की गाड़ियों की बिक्री अक्टूबर में 79 फीसदी बढ़ी वहीं दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी हुंडई मोटर्स ने अक्टूबर-2020 में कुल 68,835 गाड़ियां बेचीं, जबकि अक्टूबर- 2019 में कंपनी ने कुल 63,610 यूनिट्स की बिक्री की थी. इसके अलावा टाटा की गाड़ियों की बिक्री अक्टूबर में रिकॉर्ड 79 फीसदी बढ़ी है. टाटा मोटर्स ने कुल 23,600 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो कि अक्टूबर-2019 में 13169 यूनिट्स रही थी. यही नहीं, कंपनी का उम्मीद है कि फेस्टिव सीजन में और डिमांड बढ़ने वाली है. मांग बढ़ाने पर सरकार का फोकस गौरतलब है कि पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा कि अर्थव्यवस्था में अब सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर में गिरावट होगी या फिर शून्य के करीब रहेगी. बता दें, 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई थी. फिलहाल सरकार का जोर सार्वजनिक खर्च के जरिये आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर है.

उत्तर प्रदेश के अमेठी में दलित प्रधान के पति को जिंदा जलाया

लखनऊ. प्रधान के पति को अगवा करके जिंदा जला दिया गया। रात को वो अधजली हालत में मिले। लखनऊ के ट्रामा सेंटर ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद गांव में तनाव है और पुलिस बल तैनात किया गया है। अमेठी से सांसद स्मृति ईरानी ने इस मामले में दखल दिया और तत्काल कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि घटना मुंशीगंज के बंदोइया गांव की है। यहां ग्राम प्रधान छोटका के पति अर्जुन (40) गुरुवार सुबह घर से निकले थे। परिवार का आरोप है कि गांव के ही केके तिवारी, आशुतोष, राजेश मिश्रा, रवि और संतोष ने उन्हें अगवा कर लिया। अर्जुन काफी देर तक घर नहीं लौटे तो उनके बेटे सुरेंद्र ने पुलिस में इसकी सूचना दी। रात करीब साढ़े दस बजे अर्जुन ग्रामीण कृष्ण कुमार के अहाते में अधजली हालत में मिले। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया और आज सुबह उन्हें वहां से लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक का एक ऑडियो भी सामने आया मृतक का एक ऑडियो भी सामने आया है। इसमें वो उन्हीं लोगों पर खुद को जलाने का आरोप लगा रहे हैं, जिन पर उनके परिवार ने आरोप लगाया है। स्मृति ईरानी ने इस पूरे मामले की जानकारी ली है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही है। एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

इंसानियत शर्मसार : गुडगांव के फोर्टिस अस्पताल में रेप, वेंटिलेटर पर भर्ती युवती से रेप

गुड़गांव। फोर्टिस अस्पताल में जिंदगी बचाने के लिए लड़ रही 21 साल की युवती से रेप का मामला सामने आया है। लड़की वेंटिलेटर पर है। 22 से 27 अक्टूबर के बीच उससे रेप हुआ। पीड़ित को होश आने पर 28 अक्टूबर को उसने अपने पिता को टूटे-फूटे शब्दों में आपबीती बताई। आरोपी का नाम विकास बताया है। पुलिस को शक है कि वारदात में अस्पताल के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। CCTV फुटेज के आधार पर 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित के पिता ने बताया कि बेटी को सांस लेने में दिक्कत के चलते 21 अक्टूबर को उसे गुड़गांव के सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर 22 अक्टूबर को वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। अस्पताल में उसकी बेहोशी का फायदा उठाकर आरोपियों ने ज्यादती की। पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 29 अक्टूबर को केस दर्ज किया। पीड़ित अब भी बयान देने की स्थिति में नहीं इस मामले की जांच DCP (ईस्ट) मकसूद अहमद कर रहे हैं। पीड़ित की लिखावट में सामने आए नाम और अस्पताल के CCTV फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए 2 संदिग्धों से गुरुवार को करीब 3 घंटे पूछताछ की गई। पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी मांगा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित बयान देने की स्थिति में नहीं है। अस्पताल जांच में सहयोग कर रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने पुलिस कमिश्नर केके राव को पत्र लिखकर जल्द से जल्द जांच पूरी करने को कहा है। इसके साथ ही आयोग ने अस्पताल के CEO को निर्देश दिए हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं और अस्पताल प्रबंधन जल्द से जल्द कार्रवाई रिपोर्ट पेश करे।

बिहार के मुंगेर में गोलीकांड से गुस्साए लोगों ने पुलिस थाना फूंका, एसपी ऑफिस पर भी हमला

पटना। बिहार के मुंगेर में मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर आज फिर बवाल हुआ है. गुस्साए लोगों ने पूरब सराय थाने में आग लगा दी है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के विरोध में आज सैकड़ों युवा सड़क पर उतर आए थे और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे. यहां इन लोगों ने हंगामा किया. इस बीच चुनाव आयोग ने मुंगेर के हालात को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाने का आदेश दिया है. इसके साथ ही पूरे मामले की जांच मगध के डिविजन कमिश्नर को दे दी गई है, जो सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौपेंगे. नए डीएम और एसपी की तैनाती आज कर दी जाएगी. एसपी ऑफिस का भी घेराव, तोड़फोड़ भी शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया. पुलिस कार्यालय के आगे लगे बोर्ड को भी उखाड़ फेंका गया. प्रदर्शन कर रहे युवा का हुजूम पूरब सराय थाने पहुंचा. थाने के सामने खड़ी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया. इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गोलीकांड के विरोध में चेंबर आफ कॉमर्स ने आज मुंगेर बाजार बंद बुलाया है. चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल समेत कई पदाधिकारी बाजार में व्यवसायियों से दुकान बंद करने की अपील करते दिखे. इस वजह से अधिकतर दुकानें भी बंद हैं. फिलहाल, मुंगेर का माहौल तनावपूर्ण है और जगह-जगह पर पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है. डीएम बोले- किसी के भी आदेश पर नहीं चली गोली गोलीकांड पर मुंगेर के डीएम का कहना है कि दीनदयाल चौक पर उपद्रव और फायरिंग की जो घटना हुई थी, उसके बाद हालात को नियंत्रित किया गया. निश्चित तौर पर यह मुंगेर के लोगों के कारण ही संभव हो पाया था कि शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न हुआ और इसके लिए मुंगेर की जनता निश्चित तौर पर धन्यवाद की पात्र है. मुंगेर के डीएम ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा बहुत बड़ी साजिश रची गई थी और उसी साजिश के कारण यह घटना घटी है जिसका बहुत जल्द खुलासा हो जाएगा. मुफस्सिल थानाध्यक्ष और बासुदेवपुर ओपी अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटा कर लाइन हाजिर कर दिया गया है. लोगों से अपील है कि सभी लोग अपने घरों में रहें और शांति व्यवस्था बनाए रखें. मुंगेर के डीएम ने कहा कि पुलिस पर फायरिंग का आरोप लगा है तो एक बात स्पष्ट तौर पर हम लोग कहना चाहते हैं कि किसी प्रकार के बल प्रयोग का कोई आदेश नहीं दिया गया था और पुलिस पर लगे आरोपों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है. पुलिस के स्तर पर यदि कोई लापरवाही हुई है तो सजा इतनी कड़ी दी जाएगी, जिसे याद रखा जाएगा.

रैली में राहुल गाँधी बोले – मोदी और नीतीश अगली बार आएं तो पकौड़ा खिला देना

पटना। बिहार में वोटिंग के बीच आज जमकर चुनाव प्रचार चल रहा है. पक्ष और विपक्ष के दोनों बड़े स्टार कैंपेनर यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बिहार की धरती पर हैं. राहुल गांधी ने पश्चिमी चंपारण में रैली कर महागठबंधन के लिए वोट की अपील की है. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर टिप्पणी भी कीं. एनडीए के नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए जब राहुल गांधी कह रहे थे कि हमारे अंदर कमी ये है कि हम झूठ में उनका मुकाबला नहीं कर पाते. इसी दौरान स्टेज के सामने से रैली में मौजूद एक शख्स ने पकौड़ा तलने वाली बात याद दिलाई. इस पर राहुल ने अपना भाषण रोका और शख्स से पूछा कि क्या आपने पकौड़ा बनाया है. ये कहते हुए राहुल ने शख्स से कहा कि अगली बार आएंगे तो पकौड़ा बनाकर मोदी और नीतीश को खिला देना. इससे पहले राहुल गांधी ने रोजगार से लेकर किसानों के मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार की जमकर आलोचना की. साथ ही लॉकडाउन के दौरान मजदूरों की स्थिति पर भी सरकार को घेरा. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने मजदूरों को पैदल भगाया है. वहीं, कृषि कानूनों पर किसानों के विरोध का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि पंजाब में इस बार दशहरे के मौके पर रावण की जगह पीएम मोदी का पुतला जलाया गया है. राहुल ने कहा कि ये देखकर मुझे दुख हुआ क्योंकि पीएम को पुतला ऐसे नहीं जलना चाहिए, लेकिन किसानों ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वो दुखी हैं.

फरीदाबाद में कॉलेज से लौट रही छात्रा की गोली मारकर हत्या

फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में बदमाशों ने कॉलेज से लौट रही छात्रा की गोली मारकर हत्या दी। छात्रा बी कॉम फाइनल इयर में थी। परिजन के मुताबिक आरोपी तौसीफ छात्रा के साथ स्कूल में पढ़ता था। तभी से वह उस पर दोस्ती का दबाव बना रहा था। तौसीफ समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा निकिता तोमर सोमवार को अग्रवाल कॉलेज (वल्लभगढ़) में पेपर देने गई थी। शाम 4 बजे घर लौटते समय वह भाई का इंतजार कर रही थी। तभी कार से तौसीफ अपने कुछ दोस्तों के साथ आ गया। तौसीफ ने निकिता को गाड़ी में खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर कनपटी पर गोली मार दी। छात्रा के पिता मूलचंद तोमर ने बताया कि तौसीफ 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ता था। उसने कई बार दोस्ती के लिए निकिता पर दबाव बनाया। वह बेटी पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। 2018 में तौसीफ ने निकिता को अगवा किया था। हालांकि, तब बदनामी के डर से हमने समझौता कर लिया था। तुरंत कार्रवाई की मांग को लेकर रोड जाम में मृतक निकिता का बड़ा भाई नवीन तोमर। नवीन ने बताया कि वह रोज बहन को छोड़ने और लेने जाता था। एसीपी जयवीर राठी बताया कि आरोपी रेहान को नूंह से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले सोमवार देर रात तौसीफ को नूंह से गिरफ्तार किया था। वहीं, मंगलवार सुबह निकिता के परिजन ने बल्लभगढ़-सोहना मार्ग पर चक्काजाम किया।

महाराष्ट्र के पुणे में पति को नपुंसक बनाना चाहती थी नवविवाहिता, क्यों ?

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक शख्स ने अपनी पत्नी पर प्राइवेट पार्ट काट कर नपुंसक बनाने का आरोप लगाया है ताकि उसे आसानी से तलाक मिल सके. पीड़ित पति ने अपनी पत्नी और उसके ब्वॉयफ्रेंड के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें बेहद ही अजीब आरोप लगाया है. पति का कहना है कि पत्नी अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसका प्राइवेट पार्ट काटने की योजना बना रही थी ताकि नपुंसक बताकर वो तलाक ले सके. पीड़ित व्यक्ति का नाम सुभाष सुराले बताया जा रहा है. सुभाष का आरोप है कि पत्नी उसे नपुंसक बनाना चाहती है ताकि इस आधार पर वो तलाक लेकर अपने प्रेमी से शादी रचा सके. सुभाष की शादी इसी साल मार्च महीने में हुई थी. सुभाष ने बताया कि उसकी पत्नी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और शादी के बाद लॉकडाउन हो जाने की वजह से दोनों हनीमून के लिए नहीं जा सके थे. इसके बाद वो महाबलेश्वर गए जहां उनकी मुलाकात कौस्तुभ नाम के शख्स से हुई. सुभाष ने बताया कि कौस्तुभ ने उससे दोस्ती कर ली और होटल में ही तीनों ने खूब मस्ती की. इसी दौरान कौस्तुभ ने सुभाष को लॉकडाउन में नौकरी चले जाने की वजह से उनके घर में रहने की इजाजत मांगी और उसने दोस्त समझकर दे दी. सुभाष के मुताबिक महाबलेश्वर से लौटने के बाद कौस्तुभ उसी के घर पर रहने लगा और इस दौरान एक दिन उसने उसका मोबाइल फोन देख लिया. मोबाइल में उसने कौस्तुभ के साथ अपनी पत्नी की कई तस्वीरें देखी जिसके बाद उसे शक हो गया. शक होने पर उसने जब मैसेज खोलकर देखा उसे तब समझ आया की दोनों का शादी से पहले से अफेयर चल रहा था. जाति अलग होने की वजह से उसकी शादी नहीं हो पाई थी. सुभाष के मुताबिक उसने अपनी पत्नी के प्रेमी कौस्तुभ के मोबाइल में चैट देखा. चैट में वो और उसकी पत्नी दोनों उसे प्राइवेट पार्ट काटकर नपुंसक बनाने की साजिश रच रहे थे ताकि तलाक लेकर पत्नी अपने प्रेमी से शादी कर पाए.

कोरोना वैक्सीन के लिए करीब 52 हजार करोड़ का फंड, हर डोज पर 500 से 600 रु. खर्च होंगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि देश के हर नागरिक को वैक्सीन लगाई जाएगी। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने 130 करोड़ की आबादी तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए खाका तैयार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने वैक्सीन खरीदने और पूरे देश में इसके डिस्ट्रीब्यूशन के लिए करीब 51 हजार करोड़ रुपए का फंड निर्धारित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, करंट फाइनेंशियल ईयर में वैक्सीन के लिए पैसों की कमी न आए, इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक अफसरों का अनुमान है कि देश में हर व्यक्ति पर वैक्सीन का करीब 500 से 600 रुपए (6 से 7 डॉलर) का खर्च आएगा। ऐसी है सरकार की तैयारी देश में हर व्यक्ति को दो बार वैक्सीन लगाया जाएगा। एक डोज का खर्च करीब 2 डॉलर यानी लगभग 147 रु. आएगा। एक व्यक्ति के वैक्सीन के रख-रखाव और उसके ट्रांसपोर्टेशन पर 2 से 3 डॉलर यानी लगभग 219 रु. का खर्च आएगा। सरकार समर्थित पैनल ने भविष्यवाणी की है कि भारत संक्रमण के चरम पर है, फरवरी तक इसका प्रसार जारी रह सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था कि वैक्सीन देश के सभी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। ऐसा अनुमान है कि सरकार ने वैक्सीन के लिए पर्याप्त रकम जुटा ली है और आगे भी इसमें कोई कमी नहीं आएगी। मोदी सरकार ठोस कदम उठा सकती है सरकार के पैनल ने अनुमान लगाया है कि भारत में कोरोना का एक पीक आ चुका है। संक्रमण अभी फरवरी तक फैलेगा। कोरोना के चलते देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। इसलिए, मोदी सरकार आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदम उठा सकती है।

MP : कर्ज से परेशान एक और किसान ने की आत्महत्या

सागर। बीते दस दिनों में रहली विधानसभा में कर्ज से परेशान किसान द्वारा आत्महत्या करने का तीसरा मामला सामने आया है। रहली के पटना बुजुर्ग गांव में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खेत में पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान कर्ज से परेशान था, किसान को साहूकार लगातार परेशान कर रहे थे और साथ ही किसान बेटियों के शादी के लिए भी चिंतित था। लेकिन फसल खराब होने से किसान निराश हो गया और अपनी जान दे दी। किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही है, ऐसे ही एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खेत में जाकर आत्महत्या कर ली, किसान का शव खेत में पेड़ से लटका हुआ मिला। बीते दस दिनों में रहली विधानसभा में कर्ज से परेशान किसान द्वारा आत्महत्या करने की यह तीसरा मामला सामने आया है, रहली के पटना बुजुर्ग गांव में एक किसान सुखदेव कुर्मी ने कर्ज से परेशान होकर खेत में पेड़ पर रस्सी के फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार वालों के मुताबिक किसान कर्ज से परेशान था, किसान को साहूकार लगातार परेशान कर रहे थे और साथ ही किसान बेटियों के शादी के लिए भी चिंतित था लेकिन फसल खराब होने से किसान निराश हो गया और अपनी जान दे दी, इस पूरे मामले में एसडीएम रहली का कहना है तहसीलदार को जांच के निर्देशित दिए है । – 12 अक्टूबर को गढ़ाकाेटा थाना क्षेत्र के बाबूपुरा गांव के किसान 61 वर्षीय भाेला पिता मानीसंग लोधी कर्ज के चलते खेत में लगे पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। किसान की सोयाबीन की फसल कम निकली थी तथा उस पर 2 लाख रुपए का कर्ज था। – 15 अक्टूबर काे गाैरझामर थाना क्षेत्र के नीम घाटी के जंगल में 50 वर्षीय लाेकमन पिता कड़ाेरी विश्वकर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर भी कर्ज था। – 16 अक्टूबर को गढ़ाकाेटा के कुमेरिया निवासी 35 वर्षीय जगदीश कुर्मी का शव नयाखेड़ा चनौआ तालाब के पास जंगल में पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला था। किसान दस दिन से लापता था। कर्ज के कारण वह मानसिक तनाव में था।

Jio-क्वॉलकॉम ने की 5G की सफल टेस्टिंग, 1Gbps की स्पीड

मुंबई . रिलायंस जियो और US-बेस्ड क्वॉलकॉम, दोनों कंपनियां मिलकर भारत में होमग्रोन टेक्नोलॉजी बेस्ड 5G मोबाइल इंटरनेट को तेजी से उपलब्ध कराएंगी. इससे भारत को उन देशों की एक्सक्लूसिव क्लब में शामिल होने का मौका मिलेगा, जो यूजर्स को सुपरफास्ट 1 Gbps की स्पीड उपलब्ध कराती हैं. जियो ने क्वॉलकॉम के साथ मिलकर अपनी 5G टेक्नोलॉजी की सक्सेसफुल टेस्टिंग की है. ये घोषणा अमेरिका के सैन डियागो में हुए एक वर्चुअल इवेंट में की गई है. क्वॉलकॉम 5G समिट के दौरान रिलायंस जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमेन ने कहा कि क्वॉलकॉम और जियो मिलकर 5G टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकी इसकी लॉन्चिंग जल्द भारत में की जा सके. ये साझेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की प्रतिबद्धता पर आधारित है. उन्होंने जुलाई में घोषणा की थी कि जियो मेड-इन-इंडिया 5G टेक्नोलॉजी डेवलप कर रहा है. दोनों कंपनियों ने ये भी जानकारी दी है कि उन्होंने एक क्वॉलकॉम प्लेटफॉर्म की मदद से जियो की 5G सॉल्यूशन पर 1 Gbps की स्पीड भी प्राप्त की है. इसका मतलब ये है कि इससे 1GB फाइल साइज वाली किसी मूवी को महज एक सेकेंड में डाउनलोड किया जा सकेगा. इस साझेदारी में जियो की अमेरिकी सब्सिडियरी कंपनी रेडिसिस कॉर्पोरेशन भी शामिल है. जियो की 5G टेक्नोलॉजी पूरी तरह से स्वदेशी होगी. इसके लिए जियो ने होमग्रोन 5G RAN (रेडियो ऐक्सेस नेटवर्क) तैयार किया है जो अल्ट्रा हाई स्पीड आउटपुट देने के लिए परफेक्ट है. इसकी टेस्टिंग अमेरिका में कर ली गई है. स्वदेशी नेटवर्क होने से भारत को इक्विपमेंट्स के लिए चीनी कंपनियों जैसे Huawei और ZTE पर निर्भर होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐसे में नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी संभावित सुरक्षा संबंधी खतरे को भी टाला जा सकेगा.

‘आइटम’ वाले बयान पर राहुल बोले- भाषा अच्छी नहीं लगी, कमलनाथ बोले- माफी नहीं मांगेंगे

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज कैबिनेट की महिला मंत्री पर विवादित बयान दिया था। इसी पर राहुल ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आइटम वाले बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने करीब 45 घंटे बाद मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल ने कहा कि कमलनाथ भले ही मेरी पार्टी के हैं, वे चाहे जो भी हों, लेकिन जिस भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया है, मैं निजी तौर पर उसे पसंद नहीं करता। कमलनाथ ने माफी मांगने से इनकार किया कमलनाथ से जब राहुल के बयान पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा- वो राहुलजी की राय है, उनको जो समझाया गया कि किस संदर्भ में मैंने कहा था। मैंने तो साफ कर दिया कि किस संदर्भ में मैंने कहा था, इसमें और कहने की आवश्यकता नहीं है। मैं क्यों माफी मांगूंगा, मैंने तो कह दिया कि मेरा लक्ष्य किसी का अपमान करना नहीं था। अगर कोई अपमानित महसूस करता है, तो मुझे खेद है और ये कल मैंने कह दिया। शिवराज सिंह जनता के बीच जाएं और माफी मांगें। मैंने तो खेद जाहिर कर दिया है। कमलनाथ ने रविवार को डबरा में एक चुनावी सभा के दौरान शिवराज कैबिनेट की मंत्री इमरती देवी को आइटम कहा था। नाथ के इस बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेताओं ने मौन धरना दिया था। कमलनाथ और इमरती देवी में हुई थी बयानबाजी कमलनाथ के बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने सफाई दी कि आइटम अपमानजनक शब्द नहीं है। विधायक का नाम नहीं याद आ रहा था, इसलिए ऐसा बोल दिया। उधर, इमरती देवी ने जवाब में कहा- वो (कमलनाथ) बंगाल का आदमी है, वो महिला का सम्मान क्या जाने। कुर्सी जाने से पागल हो गए हैं। महिला आयोग ने कहा- ऐसे बयानों से व्यक्ति का चरित्र पता चलता है राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ माफी मांगने की बजाय बेतुकी सफाई दे रहे हैं। यह उनके लिए शर्मनाक है। ऐसे बयानों से व्यक्ति के चरित्र का पता चलता है। उनकी पार्टी को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। शिवराज के मंत्री ने भी दिया था विवादित बयान सोमवार को शिवराज के मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। बिसाहूलाल सिंह ने अनूपपुर से कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह कुंजाम की पत्नी को रखैल बताया था। विश्वनाथ सिंह ने चुनाव आयोग में दिए हलफनामे में पहली पत्नी का नहीं, बल्कि अपनी दूसरी पत्नी राजवती का जिक्र किया था। पहली पत्नी की मौत के बाद विश्वनाथ सिंह ने राजवती से ही शादी की थी।

MP : मंत्री बोलीं – सारे आतंकवादी मदरसों में पले, कश्मीर को आतंक की फैक्ट्री बना दिया

भोपाल.   प्रदेश की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने शिक्षा के संबंध में पूछे गए सवाल पर विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा- सारे आतंकवादी मदरसों में पले-बढ़े और जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद की फैक्ट्री बना डाला। पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा- सभी बच्चों को समान शिक्षा दी जानी चाहिए। धर्म आधारित शिक्षा कट्टरता फैला रही है। नफरत फैला रही है। ऐसे मदरसे जो हमें राष्ट्रवाद और समाज की मुख्यधारा से नहीं जोड़ सकते, हमें उन्हें ही सही शिक्षा से जोड़ना चाहिए और समाज को सबकी प्रगति के लिए आगे लेकर जाना चाहिए। उषा ठाकुर ने कहा- असम ने मदरसे बंद करके दिखा दिया है कि राष्ट्रवाद में बाधा डालने वाली चीजें राष्ट्रहित में बंद होनी चाहिए। मदरसों को मिलने वाली सरकारी मदद बंद होनी चाहिए। अगर कोई निजी तौर पर अपने धार्मिक संस्कार किसी को देना चाहता है तो संविधान उसे इसकी इजाजत देता है। संस्कृति मंत्री ने कमलनाथ पर भी बयान दिया उषा ठाकुर ने कहा- कमलनाथ ने कहा था कि मदरसे के इमाम को 5 हजार, मुअज्जिन को 4500 रुपए महीने सैलरी देंगे। वक्फ बोर्ड आर्थिक दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है। यहां कोई व्यवस्था करनी है तो उन्हीं के माध्यम से की जा सकती है। सरकार का इस पर अतिरिक्त खर्च दूसरे वर्गों का हक छीनने वाली बात है। कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि क्या निजी स्वार्थ के लिए वो धर्म, प्रथा-व्यवस्थाएं सबकुछ बलिदान कर देंगे। उन्होंने कहा- पाकिस्तान में 14% हिंदू था, ये अब एक फीसदी हो गया। ऐसे यातना सहने वालों को नागरिकता दी जाती है तो कांग्रेस को तकलीफ होती है, ऐसे राष्ट्रद्रोही चेहरे बेनकाब होने चाहिए।  

भाजपा सांसद वरुण गांधी अपने वोटर से बोले- मैं तुम्हारे बाप का नौकर नहीं

पीलीभीत। भाजपा से पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक ने रात के 9:30 बजे सांसद वरुण गांधी को फोन कर उनसे मदद लेनी चाही। लेकिन, सांसद ने उसे डांटकर कह दिया कि मैं तुम्हारे बाप का नौकर नहीं हूं। विपक्षी दलों के नेताओं ने जहां 1 मिनट 24 सेकेंड की इस ऑडियो क्लिप को वायरल कर दिया वहीं, वरुण समर्थकों ने भी एक वीडियो जारी किया है। इसमें फोन करने वाला युवक पुलिस की गिरफ्त में है। उसे पुलिस ने प्रोविजन स्टोर में शराब बेचते हुए पकड़ा था। समर्थक कह रहे हैं कि वरुण गांधी ने गलत काम करने वालों का कभी समर्थन नहीं किया और न ही पुलिस से सिफारिश की है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। 20 बोतल शराब के साथ पकड़ा गया था युवक वायरल ऑडियो में एक तरफ वरुण गांधी की आवाज है तो दूसरी तरफ सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के पकड़िया नौगवां गांव के रहने वाले सर्वेश की बताई जा रही है। वह अपने घर में प्रोविजन स्टोर चलाता है। रविवार को पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से 20 बोतल देशी शराब बरामद की थी। उसे पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, उसे 20 हजार के बांड पर रिहा कर दिया गया। सर्वेश ने मदद के लिए रात साढ़े नौ बजे सांसद वरुण गांधी को फोन किया और अपना परिचय दिया। इस दौरान वरुण गांधी बेहद शांत स्वर में बोलते हुए सुने जा सकते हैं। लेकिन, एक बिंदु पर उन्होंने कहा कि सुबह बात करना। रात में मैं बात नहीं करता। मैं तुम्हारे बाप का नौकर नहीं हूं। तब सर्वेश ने कहा कि आप हमारे सांसद हैं, अगर हम अपनी समस्या आप से नहीं कहेंगे तो किससे कहें? इसके बाद वरुण ने पूछा कि क्या तुमको पुलिस पकड़ने आ रही है। इसके बाद सर्वेश ने फोन काट दिया। 2009 में पहली बार सांसद चुने गए थे वरुण गांधी वरुण गांधी वर्तमान में पीलीभीत से सांसद हैं। वे 2009 में पहली बार सांसद चुने गए थे। 2009 और 2014 में वे सुल्तानपुर के सांसद थे। लेकिन, इस बार 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी सीट उनकी मां के निर्वाचन सीट से बदल दी गई थी। अब सुल्तानपुर से उनकी मां मेनका गांधी सांसद हैं।

कोरोना : देश में नए केस में 3 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, सिर्फ 45 हजार मरीज मिले, 70 हजार ठीक हुए

नई दिल्ली . कोरोना के ग्राफ में लगातार गिरावट आ रही है। सोमवार को सिर्फ 45 हजार 490 नए केस आए। 69 हजार 800 मरीज ठीक हो गए। इससे 24 हजार एक्टिव केस कम हो गए। अब 7.47 लाख मरीजों का इलाज चल रहा है। 17 सितंबर को यह आंकड़ा 10.17 लाख तक पहुंच गया था। नए केस में यह तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे कम केस 39 हजार 170 केस 20 जुलाई को आए थे। देश में अब तक 75.74 लाख केस आ चुके हैं, 67.30 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, 1.15 लाख मरीजों की इस बीमारी ने जान ले ली है। सोमवार को 589 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं। मध्यप्रदेश : राज्य में सोमवार को 1015 लोग संक्रमित पाए गए। 1287 लोग रिकवर हुए और 13 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 61 हजार 203 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें 12 हजार 996 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 45 हजार 421 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 2786 मरीजों की मौत हो चुकी है।

MP : क्या सीएम शिवराज फिर देंगे धरना ?? मंत्री व भाजपा उम्मीदवार बिसाहूलाल ने कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी को बताया रखैल

अनूपपुर: मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों जहां एक ओर उपचुनाव के लिए राजनीतिक दलों का ताबड़तोड़ प्रचार अभियान चल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर चुनावी सभा में विवादित बयानों की जैसे बाढ़ आ गई है। जी हां पूर्व सीएम कमलनाथ द्वारा इमरती देवी को लेकर कहे गए ‘आइटम’ को लेकर मचा बवाल अभी थमा नहीं कि भाजपा उम्मीदवार बिसाहूलाल सिंह ने इस आग को और हवा दे दी है। दरअसल बिसाहूलाल ने कांग्रेस प्रत्यासी विश्वनाथ सिंह कुंजाम की पत्नी को रखैल कह डाला। इतना ही नहीं उन्होंने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को भी चेतावनी देते हुए दुर्गति करने की बात कही है। दरअसल अनूपपुर से भाजपा उम्मीदवार बिसाहूलाल सिंह सोमवार को अपने इलाके में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्यासी विश्वनाथ सिंह कुंजाम की पत्नी उनकी रखैल है, इस बात का जिक्र उन्होंने शपथ पत्र में किया है। बिसाहूलाल यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल को भी चेतावनी दे डाली, उन्होंने कहा है कि 3 नवंबर के बाद जयप्रकाश अग्रवाल की दुर्गति कर दूंगा। अब देखना यह होगा कि पूर्व सीएम कमलनाथ द्वारा इतरती देवी को लेकर दिए बयान पर विरोध जता रहे भाजपा और सीएम शिवराज सिंह चौहान बिसाहूलाल के खिलाफ क्या एक्शन लेते हैं। जबकि सीएम शिवराज ने आज ही अपने बयान में कहा है कि मां, बहन और बेटियों का सम्मान उनके लिए सार्वोपरि है।

कवि कुमार विश्वास की 8 महीने पहले चोरी हुई कार पुलिस ने ढूंढ निकाली, अपने अंदाज में आभार जताया

नई दिल्ली . मशहूर कवि कुमार विशवास के गाजियाबाद की वसुंधरा कॉलोनी के घर से 8 महीने पहले चोरी हुई फॉर्च्यूनर एसयूवी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरामद कर लिया है। कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में यह जानकारी साझा करते हुए यूपी पुलिस को शुक्रिया कहा है। कुमार विश्वास ने ट्वीट किया, ”चौर्यकला विशारद” श्रीमान कामिल उर्फ आमिर, मो०कल्लू उर्फ मोमीन, काला उर्फ आरिफ व नसीबो उर्फ नसीबुद्दीन द्वारा 8 महीने पहले मेरे द्वार पर प्रदर्शित चौर्यकौशल पर @Uppolice के खोजी-प्रयास भारी पड़े! अनेक वाहनों के साथ-साथ यह रथ भी बरामद करने के लिए आईपीएस कलानिधि नैथानी और उनकी टीम का आभार।” कुमार विश्वास को कार मिलने के बाद ट्विटर पर खूब बधाई संदेश मिल रहे हैं। डॉ. पवन विजय नाम के यूजर ने लिखा, ”मुबारक़ हो! जिसका खोया फार्च्यून अगर नवरात्र में वापस मिल जाये तो उस पर लक्ष्मी की अहेतुक कृपा है।” इसके जवाब में विश्वास ने लिखा, ”अब समझ लो बालक! नवरात्र में वह फारच्यून(र) मिला है जिसका चालक “हरि” है।” 8 महीने पहले जब कुमार विश्वास की फॉर्च्यूनर चोरी हुई थी तब भी उन्होंने दिलचस्प अंदाज में ही लोगों को इसके बारे में बताया था। उस समय कुमार विश्वास ने ट्वीट किया था, ”फॉर्च्यूनर” चोरी हुई है ”फ़ॉर्च्यून” नहीं, चिल मारो यार ”प्यार” और ”संस्कार” सलामत रहें, ”कार” बहुत मिलेगीं।”

IPL 2020 : केएल राहुल ने रचा इतिहास, दुनिया के पहले बल्लेबाज बने

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन में ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान केएल राहुल चल रहे हैं। आईपीएल 36 मैच खेले जा चुके हैं और इस दौरान राहुल इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनके खाते में 500 से ज्यादा रन हैं, दूसरे नंबर पर किंग्स इलेवन पंजाब के ही मयंक अग्रवाल हैं, जो इस सीजन में 393 रन बना चुके हैं। राहुल ने रविवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ 77 रनों की पारी खेली और इस दौरान इस सीजन में 500 रनों का आंकड़ा भी पार कर लिया। आईपीएल के लगातार तीन सीजन में 500 का आंकड़ा पार करने वाले राहुल इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं। राहुल ने 51 गेंद पर 77 रनों की पारी खेली और इस दौरान उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। पिछले कुछ मैचों से राहुल की स्लो स्ट्राइक रेट के लिए आलोचना हो रही थी, उन्होंने इस मैच के साथ आलोचकों को भी जवाब दिया। मौजूदा सीजन में और कोई बल्लेबाज 500 के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। इसके अलावा राहुल दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज हो गए हैं, जिन्होंने आईपीएल के बैक टू बैक तीन सीजन में 500+ रन बनाए हैं। राहुल ने 2018 में 659 रन, 2019 में 593 रन बनाए थे। इस सीजन में वह 525 रन बना चुके हैं। राहुल ने 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के साथ आईपीएल करियर का आगाज किया था। इसके बाद वह सनराइजर्स हैदराबाद टीम में शामिल हुए फिर वापस आरसीबी में लौटे। 2017 में कंधे की चोट के चलते राहुल आईपीएल में हिस्सा नहीं ले सके थे और फिर 2018 में उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब ने 11 करोड़ रुपये में खरीदा था।

ख़ास तरह के 5 और 10 के सिक्कों की डिमांड, हो जायेंगे मालामाल

नई दिल्ली। पैसा कमाने का जरिया इन दिनों ई-कॉमर्स वेबसाइट पर भी ट्रेंड कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर आपके पास माता वैष्णो देवी के 5 और 10 के सिक्के हैं। मतलब कहने का ये हुआ कि आपके 5 और 10 के सिक्के में माता वैष्णो देवी की तस्वीर होनी चाहिए। इन सिक्कों को साल 2002 में जारी किया गया था। माता रानी की तस्वीर होने के कारण लोग इन सिक्कों को काफी लकी मान रहे हैं। हिंदू धर्म में माता वैष्णो देवी की पूजा की जाती है। इसलिए, लोग इस तरह के सिक्कों के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। आप इन सिक्कों की ऑनलाइन वेबसाइट पर नीलामी कर सकते हैं। किसान भी अपने पुराने सिक्कों को ऑनलाइन बेचकर अमीर बनने के इस मौके को हथिया सकते हैं। इन वेबसाइट पर कर सकते हैं ऑनलाइन बिक्री https://dir.indiamart.com/impcat/old-coins.html http://www.indiancurrencies.com/

इनकम टैक्स रिटर्न 30 नवंबर तक करें दाखिल, इन लोगों के लिए ITR फाइल करना है जरूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन बढ़ाकर 30 नवंबर, 2020 कर दी है। साथ ही सेल्फ असेसमेंट टैक्स के भुगतान की सीमा भी बढ़ाई गई है। जिन लोगों की सेल्फ असेसमेंट देनदारी एक लाख रुपए तक है, वे 30 नवंबर, 2020 तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि किन लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी है? जॉब कर रहे या रिटायर हो चुके लोगों को अक्सर लगता है कि उनके इनकम से टैक्स काट लिया गया है तो उन्हें ITR फाइल करने की जरूरत नहीं है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आप गलत हैं। दरअसल, ITR भरने और इनकम टैक्स (Income Tax) जमा करने में फर्क है। ITR भरने का मतलब सरकार को अपने आय और खर्च की जानकारी देना है। ITR भरने के बाद अगर टैक्स की देनदारी बनती है तो आपको टैक्स चुकाना पड़ता है। अगर आपको नौकरी, कारोबार या पेशे से टैक्स छूट की सीमा से अधिक आमदनी होती है तो आपके लिए ITR भरना जरूरी है। किन्हें भरना है ITR अगर आप भारत के नागरिक हैं या फिर प्रवासी भारतीय (Overseas Indian) हैं और किसी एक वित्त वर्ष में आपकी कुल सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको ITR जरूर फाइल करना चाहिए। अगर आपकी सालाना कमाई 2.5 लाख से अधिक है, लेकिन टैक्स डिडक्शन इनवेस्टमेंट जैसे हेल्थ इंश्योरेंस या मेडिकल इंश्योरेंस के बाद यदि आपकी कुल आय 2.5 लाख रुपये से कम हो जाती है तब भी आपको ITR फाइल करना होगा। इसके अलावा यदि आपको टैक्स फ्री कैपिटल गेन्स (Capital gains) या इक्विटी शेयर की बिक्री से आमदनी होती है, तब भी ITR फाइल करना जरूरी है। इस स्थिति में वास्तव में आप सरकार को कोई टैक्स तो नहीं चुकाते हैं, लेकिन अपनी आमदनी का एक ठोस सबूत जमा करते हैं। इन्हें मिलती है छूट अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है और आपकी कुल आमदनी 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो ITR फाइल करना जरूरी है। वहीं, उम्र 60 से 80 साल के बीच होने पर 3 लाख रुपये तक की आमदनी पर ITR फाइल करने से छूट मिलती है। वहीं, उम्र 80 साल या उससे अधिक होने पर 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर छूट मिलती है। यदि किसी एक वित्त वर्ष में आपकी कुल आमदनी सिर्फ कृषि और उससे जुड़े कार्य से होती है तो आपको ITR भरने की जरूरत नहीं है। साथ ही अगर आपकी कुल सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से कम है तब भी आपके लिए आईटीआर ITR भरना जरूरी नहीं है।

कोरोना पर खुशखबरी देश में फरवरी तक पूरी तरह से काबू में होगा कोरोना

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के मामले में राहत भरी है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में दुनिया भर में दूसरे पायदान पर पहुंच चुके भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। सरकार की ओर से बनाई गई वैज्ञानिकों के एक पैनल का कहना है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी अपने चरम से गुजर चुकी है और अब ढलान पर है। यानी कोरोना वायरस महामारी का सबसे बुरा दौर गुजर चुका है। सरकारी पैनल तो यहां तक कह रहा है कि फरवरी 2021 तक, यानी अगले करीब सवा चार महीनों में यह महामारी काबू में आ जाएगी। सरकारी पैनल का कहना है कि भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या एक करोड़ छह लाख से ज्‍यादा नहीं होगी। अभी भारत में कोरोना के करीब 75 लाख केस हैं। पैनल का कहना है कि वायरस से बचाव को लेकर किए जा रहे उपाय जारी रखे जाने चाहिए। पैनल ने महामारी के रुख को मैप करने के लिए कम्‍प्‍यूटर मॉडल्‍स का इस्‍तेमाल किया है। IIT हैदराबाद के प्रोफेसर एम. विद्यासागर की अध्यक्षता में बने इस पैनल ने कहा कि वायरस से बचाव को लेकर किए जा रहे उपाय जारी रखे जाने चाहिए। देशवासियों को सभी सावधानियों जैसे- मास्‍क, सोशल डिस्‍टेंसिंग, क्‍वारंटीन का पालन करते रहना होगा। फरवरी तक महामारी पर काबू होने की भी उम्मीद है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब लोग कोरोना से बचाव के नियमों का पूरी तरह से पालन करना जारी रखें। एक्टिव केस हो रहे हैं कम कोरोना महामारी को नियंत्रण में तभी माना जाएगा एक्टिव केस बहुत कम बचे हों। देश में एक्टिव केसों की संख्या में लगातार गिरवाट देखने को मिल रही है। जो कि अच्छे संकते मिल रहे हैं। 17 सितंबर को 10.7 लाख ऐक्टिव केसेज का पीक था। उसके बाद एक बार 26-27 सितंबर को थोड़ा उछाल देखा गया। हालांकि उसके बाद से तेजी से ऐक्टिव केसेज कम हुए हैं। 18 अक्‍टूबर तक देश में 7.83 लाख ऐक्टिव केस थे। टोटल केसेज में ऐक्टिव केसेज का हिस्‍सा अब केवल 10.45 फीसदी रह गया है। इसे 1% से कम पर लाना होगा। अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो सरकारी पैनल का अनुमान सही साबित हो सकता है।

MP : सिजेरियन से डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में 40 सेमी लंबा कपड़ा छोड़ा

उज्जैन। सिजेरियन से डिलीवरी के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए महिला के पेट में कपड़ा छोड़ ही दिया गया, जिससे महिला की जान पर बन आई। उसके पेट पर सूजन आने से आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। ऑपरेशन कर 40 सेमी लंबा कपड़ा महिला के पेट से निकाला गया है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया कविता पति कैलाश उम्र 25 साल निवासी आगर को परिवार के लोग झालावाड़ राजस्थान के अस्पताल में ले गए थे। यहां जांच में बच्चा उल्टा पाया तो 14 सितंबर को सीजर किया था। उसके बाद 29 सितंबर को मरीज के पेट पर सूजन आ गई, जिसके चलते उसे 10 दिनों तक आईसीयू में भर्ती रखा गया। सीटी स्कैन कराने पर पेट में कपड़े जैसा आया नजर परिवार के लोग स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर महिला को उज्जैन लेकर आए। यहां सीटी स्कैन करवाई गई, जिसमें महिला के पेट में कपड़े जैसा कुछ होना पाया गया। महिला का कोविड रैपिड एंटीजन भी पॉजिटिव पाया गया। उसके बाद 14 अक्टूबर को लैप्रोटॉमी के द्वारा पेट से 40 सेमी लंबा कपड़ा निकाला, जो ऑपरेशन में प्रयुक्त होने वाले कपड़े की तरह पाया गया। इससे आशंका है कि सीजेरियन के दौरान कपड़ा अंदर छोड़ दिया गया था। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना महाडि़क और डॉ. पीके राय ने ऑपरेशन कर कपड़ा निकाला।

MP : खंडवा में चुनावी सभा में किसान ने दम तोड़ा, सिंधिया ने श्रद्धांजलि दी फिर दिए भाषण

खंडवा। मांधाता विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी की चुनावी सभा में एक 70 साल के किसान की कुर्सी पर बैठे-बैठे मौत हो गई। यहां राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया सभा करने पहुंचे थे। बाद में जब सिंधिया मंच पर आए और घटना का पता चला तो पहले उन्होंने मौन श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभा को संबोधित किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीच सभा में किसान की मौत हुई। इसके बाद कुर्सी पर पड़ा रहा और बीजेपी नेताओं के भाषण चलते रहे। यह मानवीय संवेदना के साथ खिलवाड़ है। लोकतंत्र को खरीदने वालों ने राजनीति का स्तर शून्य कर दिया है। भाजपा की सभा में एक किसान की मौत हो गयी लेकिन सिंधिया जी बैठे रहे और नंदकुमार जी भाषण देते रहे। राजनीति जन सेवा का कार्य है लेकिन भाजपा और सिंधिया जी ने इसे अपने अहम की लड़ाई और राज करने का ज़रिया बना लिया है। सिंधिया रविवार दोपहर 1.10 बजे भाजपा प्रत्याशी नारायण पटेल के समर्थन में सभा करने मूंदी पहुंचे थे। सभा में पहुंचते ही उन्हें वहां मौजूद नेताओं ने बताया कि उंटावद निवासी 70 साल के किसान जीवन सिंह का कुछ देर पहले ही सभास्थल पर निधन हो गया। इस पर सिंधिया ने पहले घटना पर दुख जाहिर किया और दो मिनट का मौन रखा।

दिसंबर तक देश के लिए कोरोना टीके की 30 करोड़ तक खुराक बना लेंगे

नई दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट (एसएसआई) ने कहा कि वह दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन के 30 करोड़ डोज बना लेगा। संस्थान के कार्यकारी निदेशक डाॅ. सुरेश जाधव ने कहा कि डीसीजीआई से लाइसेंस मिलते ही टीके लॉन्च कर दिए जाएंगे। सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रेजेनेका के साथ मिलकर वैक्सीन बना रहा है। डॉ. जाधव ने कहा कि सीरम 5 अलग-अलग उत्पादों पर काम कर रहा है। जो डोज बनेंगे, उनमें से आधे भारत व आधे मिलिंडा-बिल गेट्स की संस्था गैवी के जरिए गरीब देशों की मदद के लिए भेजे जाएंगे। रूसी वैक्सीन के ट्रायल की सिफारिश: सीडीएससीओ की एक्सपर्ट कमेटी ने भारत में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-5 के दूसरे चरण के ट्रायल की सिफारिश की है। दो दिन में मंजूरी मिल सकती है। टीका कब मिलेगा? डाॅ जाधव ने कहा- हम दिसंबर में नियामक डीसीजीआई को तीसरे चरण के ट्रायल का डेटा उपलब्ध करा देंगे। नियामक संतुष्ट होते हैं तो हमें मार्केटिंग प्राधिकार के साथ एक महीने में टीके के आपात इस्तेमाल का लाइसेंस मिल सकता है। फिर हम प्रीक्वालिफिकेशन के लिए डब्ल्यूएचओ जाएंगे। उसके बाद टीके बाजार में आ जाएंगे। पहले किसे मिलेगा? सीरम ने कहा- टीका लगाने की प्राथमिकता सूची में सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मी होने चाहिए। दूसरे नंबर पर 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग हों। 18 साल से कम उम्र वालों पर बहुत कम परीक्षण चल रहे हैं, इसलिए हो सकता है कि उनका नंबर बाद में आए। 18 से 50 साल के उम्र के नागरिकों को आिखर में टीका लगाया जा सकता है।

कोरोना वैक्सीन को लेकर PM मोदी ने की बैठक, कहा- देश में हर किसी के पास पहुंचे वैक्सीन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति और वैक्सीन की स्थिति, वितरण और प्रशासन की तैयारियों को लेकर समीक्षा की. प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे जल्दी से जल्दी पूरे देश में कोरोना वैक्सीन पहुंच सके. साथ ही वैक्सीन का वितरण सुचारू रुप से होना चाहिए. साथ ही वितरण के लिए हमें चुनाव प्रबंधन के अनुभव का इस्तेमाल करना चाहिए. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक समुदाय की मदद करने के प्रयास में आगे बढ़ने का निर्देश देते हुए कहा कि हमें अपने अपने प्रयासों को तत्काल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रखना चाहिए. तेजी से पहुंच हो सुनिश्चितः PM मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश की भौगोलिक स्थिति और विविधता को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन की पहुंच तेजी से सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स, वितरण और प्रशासन में हर कदम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए. इसमें कोल्ड स्टोरेज चेन, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, मॉनिटरिंग मैकेनिज्म, एडवांस असेसमेंट और आवश्यक उपकरण तैयार करने की एडवांस प्लानिंग शामिल होनी चाहिए. कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर पीएम मोदी ने आगे निर्देश दिया कि हमें देश में चुनाव और आपदा प्रबंधन के सफल आयोजन के अनुभव का उपयोग करना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समान तरीके से वैक्सीन के वितरण और प्रशासन प्रणालियों को लागू किया जाना चाहिए. इसमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों, सिविल सोसाइटी के संगठनों, स्वयंसेवकों, नागरिकों और सभी आवश्यक डोमेन के विशेषज्ञों की भागीदारी होनी चाहिए. पूरी प्रक्रिया में एक मजबूत आईटी बैकबोन होना चाहिए और सिस्टम को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए ताकि हमारी स्वास्थ्य प्रणाली के लिए स्थायी मूल्य हो. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कोरोना केस और वृद्धि दर में लगातार गिरावट को नोट किया. पीएम मोदी के साथ बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, पीएमओ और भारत सरकार के अन्य विभागों के के अधिकारी हिस्सा लिया. पाकिस्तान शामिल नहीं कोरोना महामारी से निजात पाने के लिए भारत समेत कई देशों में वैक्सीन की खोज का काम जारी है. भारत में तीन वैक्सीन की खोज का काम एडवांस स्तर पर चल रहा है, जिनमें से 2 दूसरे चरण में हैं और एक तीसरे चरण में है. भारतीय वैज्ञानिक और रिसर्च टीम पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका में अनुसंधान क्षमताओं को सहयोग और मजबूत कर रहे हैं. साथ ही बांग्लादेश, म्यांमार, कतर और भूटान से अपने यहां क्लीनिकल ट्रायल की गुजारिश की गई है. हालांकि इन सबमें पाकिस्तान शामिल नहीं है. वैश्विक समुदाय की मदद करने के प्रयास में प्रधानमंत्री मोदी ने आगे निर्देश दिया कि हमें अपने अपने प्रयासों को तत्काल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि वैक्सीन वितरण प्रणाली के लिए वैक्सीनंस, दवाइयां और आईटी प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए पूरी दुनिया में पहुंचना चाहिए.

टीवी टीआरपी : बिग बी का कौन बनेगा करोड़पति और सलमान का बिगबॉस औंधे मुंह धराशाई

मुंबई। टीवी की दुनिया में बिग बॉस और कौन बनेगा करोड़पति जैसे शो दस्तक तो दे चुके हैं मगर अभी तक दर्शकों के मन में पूरी तरह से पकड़ नहीं बना पाए हैं. सलमान खान का पॉपुलर शो बिग बॉस और अमिताभ बच्चन का शो केबीसी इस हफ्ते भी टॉप 5 में जगह बना पाने में नाकामयाब रहा है. इसके अलावा पॉपुलर कॉमेडी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा दो पायदान नीचे खिसक गया है. बार्क द्वारा जारी की गई ताजा लिस्ट के मुताबिक पिछले बार की तरह इस बार भी कुंडली भाग्य ने टीआरपी में बाजी मारी है और पहला स्पॉट हासिल किया है. कुंडली भाग्य को कुल 7801 इंप्रेसन्स मिले हैं. सीरियल में धीरज धूपर और श्रद्धा आर्या की जोड़ी को काफी पसंद किया जा रहा है. दूसरे पर टीवी सीरियल अनुपमा है. अनुपमा को भी दर्शकों का बेशुमार प्यार मिल रहा है. इस सीरियल को कुल 7292 इंप्रेसन्स मिले हैं. तीसरे स्थान पर जी टीवी का सीरियल कुमकुम भाग्य है. सृति झा और शबीर अहलुवालिया की जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा ऑनस्क्रीन जोड़ियों में से एक रही है. इस शो को 6257 इंप्रेसन्स मिले हैं. मलाइका अरोड़ा के इंडियाज बेस्ट डांसर के सेट पर आने के बाद से इसकी टीआरपी में भी सुधार देखने को मिल रहा है. शो 5766 इंप्रेसन्स के साथ चौथे नंबर पर है. जबकी लोगों का चहेता कॉमेडी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा 5667 इंप्रेशन्स के साथ पांचवे स्थान पर है. कपिल शर्मा शो का भी अच्छा प्रदर्शन बता दें कि बार्क द्वारा जारी की गई टीवी शोज की ये टीआरपी रेटिंग्स 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक की है. इन शोज के अलावा छोटी सरदारनी, शक्ति अस्तित्व के एहसास का और द कपिल शर्मा शो भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. अब फैन्स के लिए ये देखने वाली बात होगी सी सलमान खान का शो बिग बॉस इस लिस्ट में आखिर कब एंट्री मारता है.

भोपाल -दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस 17 अक्टूबर से फिर दौड़ेगी, रिजर्वेशन शुरू

भोपाल। रेलवे बोर्ड ने नई दिल्ली से हबीबगंज के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को 17 अक्टूबर से चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस ट्रेन के लिए 14 अक्टूबर यानि आज से रिजर्वेशन शुरू हो गए हैं। साढ़े सात महीने बाद इस ट्रेन का संचालन शुरू होगा। दिल्ली और भोपाल आने-जाने के लिए शहर को लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मार्च में शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन को बंद कर दिया गया था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे रेल यातायात को बहाल किया जा रहा है। पहले लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाया गया। अभी भोपाल से दक्षिण भारत, महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेनें गुजर रही हैं। त्योहार नजदीक होने पर इन ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई है, जिसकी वजह से भोपाल जाने वाले यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि वेटिंग टिकट पर सफर करना फिलहाल प्रतिबंधित है। त्योहार की भीड़ को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 196 ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें नई दिल्ली से हबीबगंज (भोपाल) जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को भी 17 अक्टूबर से चलने की अनुमति दी है। नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भोपाल के हबीबगंज स्टेशन दोपहर बाद 2.25 बजे पहुंचती है। वहीं, भोपाल से शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर बाद 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना होती है। यह ट्रेन मथुरा, आगरा कैंट, मुरैना, ग्वालियर, झांसी, ललितपुर, भोपाल और हबीबगंज स्टेशन पहुंचती है। तीन ट्रेनों को चलाने का भेजा है प्रस्ताव उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने तीन ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें झांसी-पुणे एक्सप्रेस, ग्वालियर-छपरा (बरौनी मेल) एक्सप्रेस, झांसी-बांद्रा का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इस महीने इन ट्रेनों के चलने के आसार हैं। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। त्योहार की वजह से यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। बरौनी मेल के चलने से यूपी और बिहार के लिए ट्रेन मिल जाएगी। रेल यात्रियों को 10 ट्रेन की सौगात, भोपाल होकर जाएगी बलसाड़-पुरी विशेष ट्रेन भोपाल से बलसाड़-पुरी-बलसाड़ स्पेशल ट्रेन सप्ताह में एक दिन भोपाल से होकर चलेगी। यह गुरुवार से शुरू होगी। भोपाल मंडल से डॉक्टर अंबेडकर नगर-कामाख्या, बड़ोदरा-वाराणसी, उधना-दानापुर, सूरत-भागलपुर के मध्य स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन भी चलने लगेंगी। रेल प्रशासन द्वारा यह ट्रेन अगली सूचना तक चलाई जाएंगी। इन गाड़ियों का समय पहले से निर्धारित ट्रेन के समय के अनुसार ही चलेगा। भोपाल मंडल से होकर 6 ट्रेन सप्ताह में एक दिन रहेंगी, जबकि 4 गाड़ी सप्ताह में दो दिन रहेगी।

लॉकडाउन का असर : भारत जीडीपी के मामले में बांग्लादेश भूटान, श्रीलंका, मालदीव से पीछे

नई दिल्ली। पिछड़े देशों में गिने जाने वाले बांग्लादेश की पर कैपिटा (प्रति व्यक्ति) जीडीपी भारत की पर कैपिटा जीडीपी इस कैलेंडर साल में (जनवरी से दिसंबर) में ज्यादा हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने यह जानकारी दी है। आईएमएफ ने कहा है कि बांग्लादेश में प्रति व्यक्ति जीडीपी 1,888 डॉलर (करीब 1,38,400 रुपए) हो सकती है, जबकि भारत में यह 1,877 डॉलर (करीब 1,37,594 रुपए) हो सकती है। अगर आईएमएफ का अनुमान सही होता है तो भारत अपने क्षेत्र में जीडीपी के मामले में सिर्फ पाकिस्तान और नेपाल से आगे रह पाएगा। इसका मतलब है कि दक्षिण एशिया में भूटान, श्रीलंका, मालदीव और निश्चित रूप से बांग्लादेश भारत से आगे होंगे। एक तरफ जहां भारत का प्रदर्शन गिर सकता है वहीं नेपाल और भूटान की अर्थव्यवस्था इस साल बढ़ने की उम्मीद है। आईएमएफ ने इसी के साथ यह भी कहा है कि 2021 में भारत इसमें आगे हो जाएगा। 2021 में भारत में प्रति व्यक्ति जीडीपी एक लाख 48 हजार 190 रुपए होगी, जबकि बांग्लादेश के लोगों की जीडीपी एक लाख 45 हजार 270 रुपए होगी। अभी भारत में एक लाख 37 हजार 21 रुपए जबकि बांग्लादेश में एक लाख 37 हजार 824 रुपए प्रति व्यक्ति जीडीपी है। यह आंकड़ा एक डॉलर पर 73 रुपए के आधार पर है। पहली तिमाही के नतीजों ने बुरा असर डाला है आईएमएफ ने कहा है कि पहली तिमाही के नतीजों ने भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डाला है। ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में अभी इसकी मुश्किलें कम नहीं होने वाली हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की राह आगे काफी चुनौतीपूर्ण है। आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक पर नजर डालें तो कुछ ऐसा ही नजर आता है। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, देश की हालत बांग्लादेश से भी बदतर होने वाली है। इसकी प्रति व्यक्ति जीडीपी बांग्लादेश से भी नीचे हो जाएगी और यह सब लॉकडाउन का असर है। जीडीपी में इस साल 10 पर्सेंट गिरावट आई है इस साल भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 10 पर्संट गिरावट आई है। जबकि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति जीडीपी में 4 प्रतिशत की बढ़त है। प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में, भारत कुछ साल पहले तक बांग्लादेश से काफी ऊपर था। लेकिन देश में तेजी से निर्यात के कारण उसकी बढ़त में काफी अंतर आया है। इसके अलावा बीच की अवधि के दौरान जब भारत की बचत और निवेश काफी सुस्त थी तब बांग्लादेश ने इसमें बाजी मार ली। आरबीआई के अनुमान से ज्यादा है आईएमएफ का अनुमान भारत के लिए आईएमएफ का अनुमान आरबीआई के 9.5% के अनुमान से भी बदतर है। यह विश्व बैंक के पहले के अनुमान की तुलना में भी निराशाजनक है। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी में 9.6% की गिरावट की आशंका जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पेन और इटली के बाद भारत की जीडीपी में 10.3% की कमी दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा गिरावट है। सबसे बड़ी गिरावट आईएमएफ ने रिपोर्ट में कहा है कि विकासशील देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह सबसे बड़ी गिरावट होगी। आईएमएफ ने रिपोर्ट में कहा है कि चीन के अलावा अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएं 2020 में 5.7 फीसदी की की कमी देखेंगी। रिपोर्ट ने भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों में वायरस के फैलने से होने वाले जोखिम को भी बताया है। इन देशों की अर्थव्यवस्थाएं पर्यटन और कमोडिटीज़ जैसे सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों पर निर्भर हैं। 1990-91 की तुलना में ज्यादा गिरावट रिपोर्ट के साथ मौजूद आंकड़ों में कहा गया है कि 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था 1990-91 के संकट के बाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती है। इसमें आगे कहा गया है कि श्रीलंका के बाद भारत के दक्षिण एशिया में सबसे खराब अर्थव्यवस्था होने की संभावना है। हालांकि, आईएमएफ की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2021 में भारत में रिकवरी भी तेज होगी जो प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक बार फिर भारत को बांग्लादेश से आगे निकाल देगा।

मंदिरों को खोलने के लिए शिरडी से सिद्धिविनायक तक BJP का मोर्चा

मुंबई . महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को मुंबई में प्रदर्शन किया. इसके अलावा शिरडी में साधु-संत अनशन पर बैठ गए हैं. वहीं, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए कहा है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि 1 जून से आपने मिशन फिर से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन चार महीने बाद भी पूजा स्थल नहीं खोले जा सके हैं. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ सरकार ने बार और रेस्तरां खोले हैं, लेकिन दूसरी तरफ, देवी और देवताओं के स्थल को नहीं खोला गया है. आप हिंदुत्व के मजबूत पक्षधर रहे हैं. आपने भगवान राम के लिए सार्वजनिक रूप से अपनी भक्ति व्यक्त की. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि आपने आषाढ़ी एकादशी पर विट्ठल रुक्मणी मंदिर का दौरा किया था, क्या आपने अचानक खुद को धर्मनिरपेक्ष बना लिया है? जिस शब्द से आपको नफरत है? दिल्ली में पूजा स्थल खोले गए हैं लेकिन कोविड -19 मामलों में वृद्धि हुई है. इस बीच साईं मंदिर खोलने के लिए बीजेपी के आध्यात्मिक प्रकोष्ठ के महंतों ने शिरडी में एकदिवसीय अनशन शुरू किया है. कोरोना के कारण सूबे में सात महीनों से सभी मंदिर बंद है. एक तरफ सरकार ने शराब की दुकानें खोल दी हैं, मगर मंदिर बंद रखने से खफा साधु संतों ने अनशन शुरू कर दिया है. पुणे में भी बीजेपी का प्रदर्शन राज्य में मंदिर खोलने के लिए भाजपा आक्रमक नज़र आ रही है. आज पुणे के साथ कई शहरों में मंदिरों के बाहर आंदोलन किया गया. अनलॉक में कई व्यवसाय और सार्वजनिक सेवा बहाल की गई, लेकिन ऐसा होने के बाद भी राज्य सरकार ने अभी तक धार्मिक स्थल नहीं खोले. राज्य सरकार के इसी निर्णय के खिलाफ भाजपा ने प्रदर्शन किया. पुणे शहर के ग्रामदैवत तांबड़ी जोगेश्वरी मंदिर के बाहर भजन कर बीजेपी ने प्रदर्शन किया. कुंभकर्ण की नींद में सोई सरकार का प्रतीकात्मक पुतला भी बनाया गया. भाजपा के शहर अध्यक्ष जगदीश मलिक के अलावा कई भाजपा कार्यकर्ता इस आंदोलन में सहभागी हुए. सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई.

कोरोना : नए साल पर मिलेगा वैक्सीन का तोहफा, देशभर में डिस्ट्रीब्यूशन की प्लानिंग पर काम शुरू

नई दिल्ली.. देश के लिए अच्छी खबर है। कोरोना वैक्सीन पर तेजी से काम हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि उम्मीद है कि जैसे ही नया साल शुरू होगा, देश में कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी, वह भी एक से ज्यादा सोर्स के जरिए। देशभर में इसके डिस्ट्रीब्यूशन की प्लानिंग पर काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि जुलाई 2021 तक हम देश में वैक्सीन के 40-50 करोड़ डोज मुहैया कराकर देश के 20-25 करोड़ लोगों को वैक्सीन दे सकेंगे। इस बीच, देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 71 लाख 73 हजार 565 हो गया है। 710 लोगों ने दम तोड़ा। देश में एक्टिव केस में 21 दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई है। 24 घंटे में 25 हजार केस कम हुए हैं। इससे पहले 21 सितंबर को 28 हजार 653 केस कम हुए थे। मोदी बोले- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा- ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के मामले में लापरवाही न बरती जाए।’ मोदी ने डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की बायोग्राफी रिलीज होने के मौके पर यह बात कही। देश में पिछले दो हफ्तों में 10 लाख मामले बढ़े हैं। हालांकि, 24 घंटे में सामने आने वाले संक्रमितों की औसत संख्या अब 72 से 74 हजार के बीच हो गई है। दो हफ्ते पहले हर दिन 90 हजार से ज्यादा मामले सामने आते थे। अब तक 62.24 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 9 हजार 894 मरीजों की मौत हो चुकी है। रिकवरी का आंकड़ा बढ़ने से एक्टिव केस भी कम हो रहे हैं। बीते 24 घंटे में 71 हजार 559 लोग ठीक होने के साथ एक्टिव केस की संख्या घटकर 8.61 लाख हो गई। लगातार चार दिनों से देश में एक्टिव केस की संख्या 9 लाख से नीचे रही। ये आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।

हिंदू लड़की को मुस्लिम बहू दिखाने पर तनिष्क का ऐड विवादों में, लव जिहाद के समर्थन का आरोप

नई दिल्ली. टाटा ग्रुप का मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क अपने नए विज्ञापन के चलते विवादों में है। ब्रांड को सोशल मीडिया पर बुरी तरह से लोगों के गुस्सा का शिकार होना पड़ रहा है। दरअसल, फेस्टिव सीजन करीब है। ऐसे में तनिष्क ने अपने प्रमोशन के लिए नया विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन का प्लॉट इंटरकास्ट मैरिज पर आधारित है। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। इसके बाद से ट्विटर पर तनिष्क को ट्रोल करना जारी है। ट्विटर पर #BoycottTanishq के साथ ज्वेलरी ब्रांड का विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में भास्कर ने तनिष्क से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है। क्या है इस विज्ञापन में ? तनिष्क के इस प्रमोशनल ऐड में एक हिंदू लड़की को मुस्लिम फैमिली की बहू के रूप में दिखाया गया है। हिंदू लड़की की मुस्लिम के घर में शादी हुई है और उसकी गोदभराई यानी बेबी शावर के फंक्शन को दिखाया गया है। इसमें हिंदू कल्चर को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम फैमिली सभी तरह के रस्मो-रिवाज हिंदू धर्म के हिसाब से करती है। विज्ञापन के अंत में वह प्रेग्नेंट महिला अपनी सास से पूछती है, “मां ये रस्म तो आपके घर में होती भी नहीं है न?” इस पर उसकी सास जवाब देती है, “पर बिटिया को खुश रखने की रस्म तो हर घर में होती है न?” वीडियो में हिंदू-मुस्लिम परिवार को एकजुट दिखाने की कोशिश की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लांच की स्वामित्व योजना, गांवों के लोगों को आधार कार्ड जैसा प्रॉपर्टी कार्ड मिलेगा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक प्रॉपर्टी कार्ड योजना लांच की। उन्होंने कहा कि यह कार्ड गांवों में प्रॉपर्टी के अधिकारों में स्पष्टता लाएगा। किसान इस कार्ड के जरिये अपनी प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर वित्तीय संस्थानों से कर्ज ले सकेंगे। गांवों की स्थिति बदलने के लिए ऐतहासिक पहल देश के दो-तिहाई लोग गांवों में रहते हैं, जहां कुछ ही लोगों के पास पूरा लैंड रिकॉर्ड रहता है और प्रॉपर्टी को लेकर विवाद होता रहता है। स्वामित्व योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड वितरण की शुरुआत करते हुए एक वेबकास्ट में उन्होंने कहा कि गांवों की स्थिति बदलने के लिए यह एक ऐतिहासिक पहल है। गांवों के भूखंडों की मैपिंग करने के लिए सरकार ड्रोण टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहती है। अगले चार साल में सरकार करीब 6,20,000 गांवों में यह काम करना चाहती है। अपना मकान होते हुए भी लोगों को लोन लेने में होती है कठिनाई पीएम ने कहा कि अपना मकान होते हुए भी लोगों को लोन लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब ये लोग स्वामित्व योजना में दिए गए कार्ड को दिखाकर आसानी से लोन ले सकते हैं। इस महीने छह राज्यों के 750 से ज्यादा गांवों में एक लाख लोगों को डिजिटाइज्ड प्रॉपर्टी कार्ड मिलना शुरू हो जाएगा। आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम आधार कार्ड की तरह हर प्रॉपर्टी कार्ड में एक यूनीक नंबर होगा। मोदी ने सर्वे ऑफ विल्लेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विल्लेज एरियाज (स्वामित्व) योजना के कई लाभार्थियों से बात भी की। उन्होंने कहा कि देश के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

रेलवे का नया प्लान- मेल और एक्सप्रेस ट्रेन से हटाए जाएंगे स्लीपर कोच, सिर्फ AC बोगी रहेंगी

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे, रेल नेटवर्क को अपग्रेड करने पर विचार कर रही है. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से स्लीपर कोच को पूरी तरह खत्म कर दिए जाएगा. यानी इन ट्रेनों में सिर्फ एसी बोगियां ही रहेंगी. इस तरह की ट्रेन की रफ्तार 130/160 किमी प्रति घंटा होंगी. दरअसल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें के 130 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चलने पर नॉन-एसी कोच तकनीकी समस्याएं पैदा करती हैं. इसलिए इस तरह की सभी ट्रेनों से स्लीपर कोच को खत्म कर दिया जाएगा. लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में फिलहाल 83 एसी कोच लगाने का प्रस्ताव है. हालांकि इस साल के अंत तक कोच की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी जाएंगी. वहीं अगले साल कोच की संख्या 200 किए जाने का प्लान है. यानी कि आने वाले समय में यात्रा और ज्यादा आरामदायक और कम समय लेने वाला होगा. अच्छी बात यह है कि इसके बदले में किराया भी सामान्य एसी कोच के मुकाबले कम ही रखे जाने का प्लान है. हालांकि इसका यह मतलब कतई नहीं है कि अब नॉन एसी कोच होंगे ही नहीं. असल में नॉन एसी कोच वाली ट्रेन की रफ्तार एसी कोच वाली ट्रेनों के मुकाबले कम होगी. जानकारी की मुताबिक ऐसी ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जाएंगी. यह सारा काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, साथ ही नए अनुभवों से सबक लेते हुए ही आगे की योजना बनाई जाएगी. इससे पहले इंडियन रेलवे ने बुधवार को 39 नई पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है. ये सभी ट्रेनें स्पेशल ट्रेनों के रूप में चलाई जाएंगी. रेलवे की तरफ से सभी 39 ट्रेनों की लिस्ट जारी कर दी गई है, लेकिन अभी इन्हें कब से चलाया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. रेलवे के मुताबिक जल्द ही ये 39 नई स्पेशल ट्रेनें पटरी पर दौड़ती नजर आएंगी. सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, 9 अक्टूबर से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और नागपुर, पुणे, गोंदिया और सोलापुर के बीच 10 स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों को चलाया जाएगा. इन ट्रेनों में जनरल डिब्बे नहीं होंगे. बल्कि ये पूर्ण रूप से स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें होंगी, जिसमें बिना कंफर्म टिकट के यात्रा की इजाजत नहीं होगी. साथ ही इन ट्रेनों में भी वर्तमान में चल रहीं अन्य ट्रेनों की तरह ही इन ट्रेनों में भी कोरोना वायरस से संबंधित सभी नियमों का पालन करना होगा. इसमें सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, चेहरे पर मास्क आदि शामिल है. 17 अक्टूबर से प्राइवेट तेजस ट्रेनें भी दौड़ने लगेंगी. IRCTC ने बुधवार को इस बात की घोषणा की है. तेजस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत 8 अक्टूबर से हो गई है. बता दें कि कोरोना काल में तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन 7 महीने से बंद है. लेकिन अब इसे शुरू किया जा रहा है. कंपनी के मुताबिक 17 अक्टूबर से लखनऊ-नई दिल्ली और अहमदाबाद-मुंबई रूट पर इन ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू होगा.

MP : सीएम हाउस के सामने पॉलिटेक्निक चौराहे पर बने मोबाइल टावर चढ़ी लड़की

भोपाल .  भोपाल में छेड़छाड़ से परेशान एक युवती सीएम हाउस के सामने पॉलिटेक्निक चौराहे पर बने एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई. युवती का आरोप है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस उस पर और उसके परिवार पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रही है. मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को टावर से सुरक्षित उतारा और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. युवती ने बताया कि मैंने अपने साथी जमाल खान के कहने पर आकाश नाम के युवक को 60 हजार उधार दे दिए थे. जब मैंने पैसे मांगे तो आकाश ने मेरे पैसे नहीं लौटाए. एक दिन आकाश ने मुझे पैसे लौटाने के बहाने वीआईपी रोड पर बुलाया और मेरे साथ अश्लील हरकत की. मेरी शिकायत पर पुलिस ने आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. घटना की सूचना मिलने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्य संगीत शर्मा भी थाने पहुंचीं. रिपोर्ट वापस लेने का दबाव युवती ने बताया कि पुलिस कई दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई. आरोपी खुद होमगार्ड में जवान है और उसकी मां पुलिस मुख्यालय में सब इंस्पेक्टर. इसलिए पुलिस हम पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रही है. जहांगीराबाद पुलिस और कोहेफिजा पुलिस बार-बार पूछताछ के बहाने हमें धमका रही है. इस मामले की जांच करने वाली अधिकारी सब इंस्पेक्टर भी फोन करके हमें रिपोर्ट वापस लेने के लिए धमका रही है. हमें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है. युवती ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर मैं मोबाइल टावर पर न्याय के लिए चढ़ गई. मां के इलाज के लिए रखे थे पैसे एडिशनल एसपी राम सनेही मिश्रा ने बताया कि इस मामले में सभी पक्षों की बात सुनी जा रही है. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा. युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसने मां की डायलिसिस के लिए 60 हजार रुपए रखे थे. इन्हीं पैसों को उसने आरोपी आकाश को दिया. पुलिस सभी तत्वों को जांच करेगी. मिश्रा ने यह भी कहा कि मामला कोहेफिजा थाने का है. इसलिए इस पूरे मामले की जांच में कोहेफिजा पुलिस की मदद ली जाएगी. किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा. महिला आयोग की अध्यक्ष भी पहुंचीं थाने महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्य संगीता शर्मा ने बताया कि पुलिस महिला अपराधों को गंभीरता से नहीं ले रही है. सीएम हाउस के सामने एक युवती टावर पर चढ़कर खुदकुशी की कोशिश करती है. यह सरकार के लिए शर्मसार करने वाली घटना है. पुलिस को तत्काल इस मामले में एक्शन लेना चाहिए. शोभा ओझा ने बताया कि हमने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए.

MP : बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन के साथ कोलकाता में मारपीट

भोपाल। बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री अरविंद मेनन के साथ कोलकाता में मारपीट हो गई है। अरविंद मेनन ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर मारपीट का आरोप लगाया है। बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को पश्चिम बंगाल में चुनाव की जिम्मेदारी मिली है। इसी सिलसिले में वे कार्यकर्ताओं के साथ कोलकाता में चुनावी रणनीति पर काम कर रहे हैं। वहीं सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं। जिसके बाद उनके साथ मारपीट हुई हैं। जानकारी के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। बीजेपी नेता ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने मारपीट की घटना से इनकार कर दिया है।

गहरी साजिश : न 11 लाख रुपए लुटे , न क्रॉकरी कारोबारी जिंदा जला, वह जिंदा है, गिरफ्तार

हिसार ( हरियाणा) . राममेहर ने कहा था, ‘जल्दी आ जाओ मेरी जान खतरे में है…दो बाइकों पर सवार लोग मुझे मार डालेंगे…’। ये डायलॉग ड्रामे के निकले। खबर आई है कि मृतक राममेहर जिंदा है…। अगर थोड़ा फ्लैशबैक में जाएं तो हकीकत कुछ और ही दिखाई गई थी। दरअसल, पिछले दो दिन से इस शख्स को 11 लाख रुपए लूटे जाने के बाद लुटेरों द्वारा कार में ही जिंदा जला दिए जाने की बातें सुर्खियों में है। इसी मामले को पुलिस ने 72 घंटे के अंदर सुलझा लिया। उसे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सवाल उठता है कि उसने यह सारा ड्रामा क्यों रचा, इसका खुलासा भी पुलिस जल्द ही करने वाली है। साथ ही, कार में जो जला हुआ कंकाल मिला था। वह किसका था? बताते चलें कि 6 अक्टूबर की रात को हांसी के बरवाला रोड पर पुलिस को एक कार में किसी व्यक्ति के जिंदा जल रहे होने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें कंडक्टर सीट पर बैठा व्यक्ति पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। कार की नंबर प्लेट के आधार पर इसमें जिंदा जले व्यक्ति की शिनाख्त गांव डाटा निवासी राममेहर के रूप में हुई थी, जो बरवाला में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री चलाता है। परिजनों के मुताबिक, राममेहर बुरी तरह से घबराया हुआ था। उसने रात को अपने भांजे को मदद के लिए फोन भी किया था, जिसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। शुक्रवार को इस मामले में खुलासा हुआ है कि राममेहर जिंदा है और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बारे में हांसी के पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि लूट के बाद जिंदा जलाने की थ्योरी पहले दिन से हजम नहीं हो रही थी। पुलिस मानकर चल रही थी कि किसी नजदीकी का इसमें सारा खेल है। पुलिस को उस समय इस केस में लीड मिली, जब व्यापारी के मरने के बाद भी उसका फोन एक्टिव रहा। व्यापारी ने अपने नंबर से एक महिला को दिन में कई बार कॉल किया और घंटों तक बात हुई। इसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ी। वहीं सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि पुलिस ने महिला का नंबर ट्रेस किया और उसकी लोकेशन पर जाकर उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की। उसने बताया कि व्यापारी राममेहर जिंदा और वह बिलासपुर में रह रहा है। हांसी पुलिस ने तुरंत बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया और व्यापारी के जिंदा होने वाली बात कन्फर्म करवाई। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में ले लिया।

MP : मध्य प्रदेश के वीर सपूत शहीद जवान धीरेंद्र का गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के पड़िया निवासी सीआरपीएफ जवान धीरेंद्र त्रिपाठी का बुधवार को उनके गृह ग्राम में राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान वीर सपूत धीरेंद्र के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ हो गई। इससे पहले शहीद का शव सुबह गांव पहुंचा। यहां लोगों ने शहीद अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए। अंतिम विदाई देने सीएम शिवराज सिंह चौहान भी पड़िया गांव पहुंचे। उन्हें देखते ही शहीद की मां उनसे लिपट कर रोने लगी। बोलीं- मेरा बेटा लौटा दो और लिपटकर फफक पड़ीं। जिन्होंने मेरे लाला को मारा है, उन्हें मरवाओ। सीएम शिवराज ने कहा कि उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ गांव में शहीद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सीएम चौहान ने कहा कि CRPF के वीर जवान धीरेंद्र त्रिपाठी ने भारत माता की सुरक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे अमर शहीद के चरणों में मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से मैं श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। उनका परिवार अब हमारा और मध्य प्रदेश का परिवार है। अमर शहीद धीरेंद्र अपना परिवार छोड़कर गए हैं। हम इस परिवार के साथ खड़े हैं। हम धीरेंद्र को तो वापस नहीं ला सकते लेकिन सम्मानस्वरूप उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की श्रद्धा निधि भेंट करेंगे। गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित करेंगे और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी। सीएम ने कहा कि भारत माता के सच्चे सपूत पर हम सभी प्रदेशवासियों को गर्व है। अमर शहीद धीरेंद्र हम सभी की स्मृतियों में जीवित रहें, इसके लिए हम चर्चा करके उनके नाम पर एक संस्थान का नाम भी रखेंगे। शहीद धीरेंद्र की पत्नी, मेरी बहन अब सिर्फ पड़िया की बेटी नहीं, पूरे मध्य प्रदेश की बेटी है। धीरेंद्र के नाम पर पड़िया के शासकीय विद्यालय का नामकरण किया जाएगा और उनके परिवार व ग्रामवासियों से चर्चा कर एक सड़क का नामकरण भी उनके नाम पर किया जाएगा। एक बार फिर उनके चरणों में नमन करता हूं। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया।

सुशांत केस : जेल से रिहा हुईं रिया, ड्रग्स केस में 30 दिन बाद जेल से बाह, शर्तों के साथ जमानत

मुंबई . ड्रग्स मामले में गिरफ्तार एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाईकोर्ट से बुधवार को जमानत मिल गई। इसके बाद रिया शाम करीब साढ़े पांच बजे भायखला जेल से बाहर आईं। इससे पहले, सेशन कोर्ट ने मंगलवार को रिया की ज्यूडिशियल कस्टडी 14 दिन और यानी 20 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। एक महीने से जेल में बंद रिया ने लोअर कोर्ट से 2 बार अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि रिया ड्रग डीलर्स का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने अपने या किसी और के फायदे के लिए किसी भी तरह से ड्रग्स को आगे नहीं बढ़ाया है। फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि जमानत मिलने के बाद वह कोई अपराध कर सकती हैं। हालांकि, रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती और एक अन्य आरोपी अब्दुल बासित को जमानत नहीं दी गई है। फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा। वहीं, सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को जमानत मिल गई है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के सिलसिले में सामने आए ड्रग्स कनेक्शन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 8 सितंबर को रिया को गिरफ्तार किया था। NCB ने दावा किया कि ‘सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पूरे मामले को देखने में यह सामने आता है कि रिया यह बात जानती थी कि सुशांत ड्रग्स का सेवन करते थे और इस दौरान न केवल उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया गया बल्कि उनसे पूरी बात भी छिपाई गई।’ NCB ने रिया को शातिर अपराधी मानते हुए उसकी जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि उनके खिलाफ ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह ड्रग्स ट्रैफिकिंग में शामिल रही हैं। NCB ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक आपराधिक साजिश के तहत रिया ने ड्रग्स के लेन-देन के लिए अन्य आरोपियों का समर्थन किया, उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया और पैसे से भी उनकी मदद कीं। रिया ने माना- मिरांडा और सावंत को ड्रग्स के पैसे दिए NCB के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में यह कहा है कि रिया ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को ड्रग्स के पैसे चुकाए हैं, जो बाद में सुशांत को दी गई। यह साफ है कि जिन ड्रग्स के लिए पैसे चुकाए गए थे, वे निजी उपयोग के लिए नहीं थे बल्कि ऐसा किसी और को इनकी आपूर्ति कराए जाने के लिए गया और यह एनडीपीएस 1985 की धारा 27A के तहत आता है। रिया छूटी तो सबूत नष्ट होंगे: NCB NCB ने एक हलफनामे में यह भी कहा था कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है और अगर इस वक्त रिया को जमानत मिल जाती है, तो इससे छानबीन बाधित होगी। NCB ने यह भी कहा कि रिया मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रही है, यह साबित करने के लिए कई सबूत हैं। वह ड्रग पहुंचाने के काम में न सिर्फ मदद देती थीं बल्कि क्रेडिट कार्ड, नकद और ऐसे ही कई माध्यमों से इनका भुगतान भी करती थीं। रिया के वकील की दलील- सुशांत पहले से ड्रग्स लेते थे वहीं, एक्ट्रेस के वकील सतीश मानशिंदे ने अदालत में कहा था कि रिया के सुशांत की लाइफ में आने से पहले से ही वे ड्रग्स लेते थे। सुशांत को ड्रग्स की लत थी। यह बात 3 एक्ट्रेस कह चुकी हैं। रिया की तरह ही श्रद्धा कपूर और सारा अली खान ने भी कहा है कि सुशांत 2019 से पहले से ड्रग्स लिया करते थे। बेंच ने इन शर्तों पर रिया को जमानत दी। – रिया को जेल से रिहा होने के बाद 10 दिन तक करीबी पुलिस स्टेशन में हर रोज सुबह 11 बजे हाजिरी देनी होगी। – एक लाख रुपए मुचलका देना होगा। – पासपोर्ट जमा करवाना होगा। – कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगी। – यदि वे ग्रेटर मुंबई से भी बाहर जाती हैं, तो उन्हें जांच अधिकारी को इस बारे में पहले सूचना देनी होगी। – महीने के पहले सोमवार को रिया को एनसीबी के दफ्तर में भी हाजिरी देनी होगी। यह छह महीने तक करना होगा। – इस केस से जुड़े किसी भी गवाह से मिलने की अनुमति नहीं होगी। – अदालत की हर सुनवाई पर रिया को हर हाल में मौजूद रहना होगा। – वे किसी भी तरह से जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगी।

सुशांत केस को नेताओं-मीडिया ने फायदे के लिए बनाया ‘मर्डर’ : स्‍टडी में खुलासा

मुंबई। बॉलिवुड ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत के मामले में ‘मर्डर थ्योरी’ को कुछ नेताओं, पत्रकारों और मीडिया हाउसेस ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया हो सकता है। इस बात का खुलासा ट्वीट्स, यूट्यूब वीडियोज और ट्रेंड्स पर बेस्‍ड एक अनूठी अमेरिका स्टडी में हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, मिशिगन यूनिवर्सिटी में एक असोसिएट प्रफेसर के नेतृत्व में रिसर्चर्स की एक टीम ने यह स्टडी की है। यह स्टडी दिखाती है कि जो कॉन्‍टेंट बिल्कुल निराधार मर्डर थ्योरीज को प्रमोट कर रहा था, उन्हें सूइसाइड थ्योरी से कहीं ज्यादा ट्रैक्शन मिला। तमाम यूट्यूब वीडियोज और ट्वीट्स का विश्‍लेषण प्री-प्रिंट स्टडी बताती है कि राजनेताओं के अकाउंट्स सुशांत केस में नरेटिव को आत्‍महत्‍या से हत्‍या में बदलने में अहम रहे। रिसर्च टीम ने करीब 7 हजार यूट्यूब वीडियोज और 10 हजार ट्वीट्स का विश्लेषण किया। ये सभी करीब 2 हजार पत्रकारों व मीडिया हाउसेस और 1,200 नेताओं से जुड़े थे। सूइसाइड की जगह मर्डर के तौर पर किया गया पेश स्टडी में इशारा किया गया है कि खासतौर पर राजनेता शुरुआती स्‍टेज में केस को ‘सूइसाइड’ की जगह ‘मर्डर’ के तौर पर पेश कर मामले को अलग मोड़ देने की वजह बने। इसको बाद में मीडिया ने फॉलो किया। स्टडी में भावनात्मक विश्लेषण बताता है कि पॉलिटिकल अकाउंट्स ने जुलाई के मध्य में सीबीआई जांच की मांग को लेकर समन्वित कोशिशें शुरू कीं जबकि पत्रकारों ने अगस्त की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार विरोधी नरेटिव को पूरी ताकत लगाकर आगे बढ़ाया। इन लोगों को बनाया गया निशाना स्टडी में यह भी पाया गया कि रिया चक्रवर्ती, दिशा सालियन और सलमान खान इस पूरे केस में दुष्प्रचार अभियान के सबसे ज्यादा निशाने पर रहे। असोसिएट प्रफेसर जॉयजीत पाल के मुताबिक, इस बात की बहुत कम संभावना थी कि ऑनलाइन एंगेजमेंट ऑर्गेनिक था। पाल ने कहा, ‘पूरे सोशल मीडिया स्पेस को इतने प्रभावी रूप से हथियारबंद किया कि आप किसी भी ऐसे मुद्दे को, जिसमें भावनात्मक पहलू हो, उसे किसी ऐसी बात में बदल सकते हैं जिससे पूरा देश चिपका रहे।’ डेटा को लेकर विसंगतियां पाल ने कहा कि सुशांत केस आज के भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कहानी है जो फिल्‍म इंडस्‍ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से पैर जमाने के लिए काफी मेहनत करता है। इस कहानी को बहुत सारा ऑर्गेनिक रिस्पॉन्स भी मिला। पाल कहते हैं, ‘डेटा को लेकर बहुत सी विसंगतियां हैं लेकिन उसके भीतर एक पैटर्न है। आंकड़ों की दृष्टि से खासा अंतर है कि कितना एक पार्टी मर्डर के बारे में बात करती है और कितना दूसरी पार्टी थ्योरी के बारे में। डेटा के इतने स्तर पर इसके आर्गेनिक होने की बहुत कम संभावना है।’ मीडिया चैनल्स को मिला आर्थिक लाभ पाल कहते हैं, ‘जब नेताओं या मीडिया हाउसों ने सुशांत के बारे में बात की तो इसे ज्‍यादा एंगेजमेंट मिला। उसकी तुलना में जब उन्होंने किसी और विषय पर बात की तो वैसा एंगेजमेंट देखने को नहीं मिला। मीडिया चैनल्स जिन्होंने सुशांत की स्टोरी का प्रसार किया, उन्हें आर्थिक लाभ भी मिला।’

कोरोना पर अध्ययन : 70 फीसदी रोगी नहीं फैलाते वायरस 

नई दिल्ली . कोरोना के 70 फीसदी रोगी वायरस नहीं फैलाते हैं। इस बात की जानकारी आंध्रप्रदेश-तमिलनाडु में किए गए एक अध्ययन से हुई है। अमेरिका स्थित सेंटर फॉर डिसीज, डायनेमिक्स एंड इकोनॉमिक पॉलिसी (सीडीडीईपी) द्वारा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में किए गए एक नवीनतम अध्ययन से पता चला है कि कोरोना से संक्रमित सभी व्यक्ति वायरस को प्रसारित नहीं करते हैं। हालांकि, हमउम्र बच्चों में संक्रमण का प्रसार ज्यादा बताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कोरोना महामारी विज्ञान और संचरण गतिकी शीर्षक से अध्ययन साइंस पत्रिका के 30 सितंबर के संस्करण में प्रकाशित हुआ था। इस बाबत आंध्र प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि बर्कले में सीडीडीईपी, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के जांचकर्ताओं के एक दल ने 575,071 व्यक्तियों में बीमारी के संचरण पैटर्न का अध्ययन किया, जिसमें कोरोना के 84,965 मामलों की पुष्टि हुई। अधिकारी ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के राज्यों में हजारों संपर्क प्रशिक्षकों द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर महामारी विज्ञान का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक विश्लेषण है। अध्ययन के अनुसार, उजागर संपर्कों के संभावित अनुवर्ती परीक्षण से पता चला कि 70 प्रतिशत संक्रमित व्यक्तियों ने अपने किसी भी संपर्क को संक्रमित नहीं किया था, जबकि 8 प्रतिशत संक्रमित व्यक्ति 60 प्रतिशत नए संक्रमणों के लिए जिम्मेदार थे। अध्ययन में उन बच्चों में संक्रमण का उच्च प्रसार पाया गया, जो अपनी उम्र के आसपास के मामलों के संपर्क में थे। सूचकांक मामले से एक करीबी संपर्क में संचरण का जोखिम समुदाय में 2.6 प्रतिशत से लेकर घर में 9.0 प्रतिशत तक है। समान-आयु वाले संपर्क सबसे बड़े संक्रमण जोखिम से जुड़े हैं। हालांकि, इन दोनों राज्यों में 40-69 वर्ष की आयु में मृत्यु दर अधिक है। यह 5-17 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में 0.05 प्रतिशत और 85 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 16.6 प्रतिशत है। सीडीडीईपी के निदेशक डॉ. रामनयन लक्ष्मीनारायण के अनुसार, यह अध्ययन आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में महत्वपूर्ण संपर्क-ट्रेसिंग प्रयास से संभव हुआ, जिसमें हजारों स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल थे।

सुशांत केस : 5 साल में अभिनेता ने कमाए 70 करोड़ रुपए, फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

मुंबई . बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की मौत को एम्स की फॉरेंसिक टीम ‘आत्महत्या’ का मामला बता चुकी है। वहीं दूसरी ओर उनके बैंक खाते की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। सुशांत के सभी बैंक खातों में पिछले 5 साल के दौरान 70 करोड़ का लेन देने हुआ, जिसमें से सिर्फ 55 लाख रुपए ही रिया चक्रवर्ती से जुड़े पाए गए हैं। इनमें से अधिकांश, यात्रा, स्पा और गिफ्ट खरीदने पर खर्च किए गए थे। सीबीआई अब इन एंगल से मामले की करेगी जांच आत्महत्या का मामला स्पष्ट होने के बाद सीबीआई अब इसके कारणों की पड़ताल करेगी। इसमें रिया चक्रवर्ती और उनके भाई की भूमिका, बॉलीवुड में प्रोफेशनल राइवलरी और भाई-भतीजावाद; नशीली दवाओं के दुरुपयोग और राजपूत के मानसिक स्वास्थ्य का एंगल शामिल है। सुशांत के पिता ने दर्ज करवाया है 17 करोड़ की धोखाधड़ी का केस ड्रग्स केस में मुंबई की भायखला जेल में बंद रिया चक्रवर्ती के खिलाफ 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस सुशांत के पिता केके सिंह की ओर से पटना में दर्ज करवाया गया था। इसे संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज किया था और एक्ट्रेस से तीन बार पूछताछ की। हालांकि, ईडी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की है। इसी केस की जांच के दौरान राजपूत के बैंक खाते का फॉरेंसिक ऑडिट किया गया था। सुशांत की जानकारी में खर्च हुए ये पैसे सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट सीबीआई से भी साझा की गई है। इसमें यह कहीं भी साबित नहीं होता कि रिया ने सुशांत के पैसों की निकासी अपने या अपने परिवार के लिए की थी। ज्यादातर पैसे सुशांत की मर्जी से या उनकी जानकारी से ही खर्च किए गए थे। ये पैसे सुशांत की कुल इनकम के मुकाबले बहुत कम हैं। हालांकि, खाते से जुड़ी अन्य जानकारी अभी भी सार्वजनिक होना बाकी है। सीबीआई अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों से कर चुकी है पूछताछ सीबीआई ने इस मामले में दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की। इनमें चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्य, सुशांत राजपूत के परिवार के सदस्य, उनके स्टाफ और हाउस मैनेजर, बैंकों के कर्मचारी जहां वह खाते थे, उनके मनोचिकित्सक और कुछ दोस्त और परिचित शामिल हैं। एजेंसी ने पावना डैम रिसॉर्ट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है, जहां राजपूत छुट्टी मनाने गए थे।

वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बोले- हम चीन व पाकिस्तान को एक साथ सबक सीखा सकते हैं

नई दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने सोमवार को साफ कहा कि उत्तरी इलाके में मौजूदा हालातों में चीन के पास ऐसा कोई रास्ता नहीं कि वो हमें हरा सके। लद्दाख में हमारी पोजिशन मजबूत है और दो मोर्चों पर जंग के लिए भी तैयार हैं। भदौरिया ने कहा कि मौजूदा समय में पड़ोसियों की तरफ से बढ़ रहे खतरे को देखते हुए हमें मजबूती के साथ जंग के हर मोर्चे पर पूरी क्षमता से लड़ने की जरूरत है। मैं भरोसा दिलाता हूं कि ऑपरेशनली हम बेस्ट हैं। लद्दाख में तैनाती के बारे में एक सवाल के जवाब में एयरफोर्स ची‌फ ने कहा- हमने सभी जरूरी ऑपरेशनल लोकेशन पर तैनाती की है। हमारी पोजिशन अच्छी है और तनाव बढ़ता है तो चीन को बेहतर जवाब मिलेगा। ‘वायुसेना किसी भी विवाद से निपटने को तैयार’ भदौरिया के मुताबिक, वायुसेना किसी भी विवाद से निपटने के लिए तैयार है। अगर दो मोर्चों पर जंग होती है तो उस स्थिति में भी हम लड़ने के लिए मुस्तैद हैं। हमने रिकॉर्ड समय में राफेल, अपाचे और चिनूक को ऑपरेशन में शामिल किया और इन्हें अपने कॉन्सेप्ट से जोड़ा। अगले तीन साल में राफेल और एलसीए मार्क-1 स्क्वॉड्रन अपनी पूरी क्षमता के साथ ऑपरेट करेगी और इसके साथ एडिशनल मिग-29 भी शामिल होंगे, जिनका ऑर्डर किया जा रहा है। हमने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में भरोसा दिखाया है और अगले 5 साल में हम 83 एलएसी मार्क 1-ए को शामिल करने की शुरुआत करेंगे। एयरफोर्स डे पर ताकत दिखाएगा राफेल 8 अक्टूबर को पहली बार राफेल इंडियन एयरफोर्स डे परेड में शामिल होगा और आसमान में ताकत दिखाएगा। राफेल 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट है।

रेप ही नहीं, बुजुर्गों पर अत्याचार के मामले में भी देश में नंबर-1 है मध्यप्रदेश

भोपाल. देश में मध्य प्रदेश बुजुर्गों पर अत्याचार के मामले में नंबर वन है. यह खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2019 के आंकड़ों में हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में 2019 में बुजुर्गों से मारपीट के देशभर में सर्वाधिक मामले दर्ज हुए हैं. अब तक बुजुर्गों से मारपीट के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे हुआ करता था. साल 2019 में देशभर में बुजुर्गों से मारपीट के 6002 मामले दर्ज हुए थे. इनमें से 2012 मामले मध्य प्रदेश में हुए हैं. जबकि बुजुर्गों की हत्या, लूट समेत सभी तरह के अपराध मिला लिए जाएं तो देशभर में 27,696 अपराध हुए हैं. इनमें से मध्य प्रदेश में 4184 अपराध हुए हैं. इस लिहाज से मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है. जबकि महाराष्ट्र 6163 अपराधों के साथ पहले स्थान पर है. पुलिस की जांच में अधिकांश मामलों में बुजुर्गों से मारपीट करने वाले कोई और नहीं बल्कि उनके ही रिश्तेदार निकले हैं. वैसे बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए एक्ट में प्रावधान है, जिसके तहत बुजुर्ग की अपील में सक्षम अधिकारी 90 दिनों में प्रकरण में फैसला करें. जाने-अनजाने में प्रताड़ित किए जाने और घर से बेदखल किए जाने की स्थित में दोषी पाए जाने पर कम से कम 6 माह की सजा का प्रावधान है. थानों में बुजुर्गों की शिकायत प्राथमिकता से लिखी जाए. ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों का संबंधित थानों में वैरिफिकेशन हो. बुजुर्गों से मारपीट के मामले में शीर्ष पांच राज्य राज्य मामले मध्य प्रदेश 2012 महाराष्ट्र 973 आंध्रप्रदेश 571 छत्तीसगढ़ 554 तमिलनाडू 551 बुजुर्गों से सभी अपराध के मामले में शीर्ष पांच राज्य राज्य मामले महाराष्ट्र 6163 मध्यप्रदेश 4184 गुजरात 4088 तमिलनाडू 2509 आंध्रप्रदेश 2430 रेप के मामलों में भी आगे मध्य प्रदेश के लिए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के शर्मिंदा करने वाले आंकड़े सामने आए हैं. दलित बच्चियों से रेप , छेड़छाड़ के मामले में एमपी देश में पहले नंबर पर है. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार दलित बच्चियों के साथ रेप और छेड़छाड़ की घटना में प्रदेश देश में नंबर वन है. ये खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2019 आंकड़ों में हुआ है. 2019 में मध्य प्रदेश में दलित बच्चियों के साथ रेप की 214 घटनाएं हुई, दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र, तीसरे नम्बर पर हरियाणा है. महाराष्ट्र में दलित बच्चियों के साथ रेप की 181 घटनाएं और हरियाणा में 101 घटनाएं हुईं. देशभर में दलित बच्चियों के साथ रेप की कुल 1116 घटनाएं हुईं. दलित बच्चियों से छेड़छाड़ के मामले में भी देश में नंबर वन एमपी है.

MP: नहीं थम रहीं गैंगरेप की घटनाएं ,खरगोन, नरसिंहपुर, रीवा और अब होशंगाबाद में गैंगरेप

भोपाल . देश में रेप की घटनाएं लगातार सामने आ रही है. उत्तर प्रदेश के हाथरस के बाद मध्य प्रदेश के होशंगाबाद मे एक दलित महिला के साथ गैंगरेप की खबर सामने आई है. पीड़िता का आरोप है कि आदिवासी ग्राम पुनोर में गांव के दबंगों ने घर से उसे उठा लिया और उसके साथ रायसेन के सिलवानी में गैंगरेप किया. इस मामले में होशंगाबाद पुलिस ने राजेन्द्र किरार, धर्मेंद्र किरार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि चार आरोपी भी फरार हैं. बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पीड़िता का आरोप है कि दबंगों उसे घर से ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया. इस मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने जब पुलिस में दर्ज कराई तो पुलिस तुरंत एक्शन में आई और तीन लोगों को गिरफ्तार की है, हालांकि 4 लोग अभी भी फरार हैं. पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने के लिए कई जगहों पर छापा मार रही है. एमपी में रेप की घटनाओं पर राज्य कांग्रेस एमपी सरकार पर हमलावर है. एमपी कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि ,”बेटियों की चीख से दहला मध्यप्रदेश, भोपाल और रीवा में हुई घिनौनी वारदात; शिवराज की सत्ता हवस ने मध्यप्रदेश की बेटियों को फिर से असुरक्षित कर दिया है. शिवराज जी, जनता को यही दिन दिखाने के लिये ग़द्दारों के साथ मिलकर सरकार गिराई? बेटियों की ये चीख शवराज को कब सुनाई देगी.?”

कोरोना : जुलाई 2021 तक देश के 25 करोड़ लोगों तक पहुंचेगी वैक्सीन, 40 से 50 करोड़ डोज बनाने पर फोकस

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार देश के हर एक नागरिक तक वैक्‍सीन पहुंचाने की तैयारियां कर रही है। इस पर एक हाई लेवल कमेटी काम कर रही है। उन्होंने कहा, ”सरकार का लक्ष्य है कि जुलाई 2021 तक 20-25 करोड़ भारतीयों तक कोविड-19 वैक्सीन पहुंचाई जा सके। इसके लिए हमारा फोकस है कि हम तब तक वैक्सीन की 40 से 50 करोड़ डोज हासिल कर सकें। इसकी प्लानिंग पर काम चल रहा है। जरूरतमंदों को पहले मिलेगी वैक्सीन डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ”वैक्सीन तैयार होने के बाद, टीकाकरण का काम होगा। हेल्थ मिनिस्ट्री इसके लिए एक फॉर्म तैयार कर रही है। इसमें सभी स्टेट ऐसे लोगों की डिटेल्स देंगे, जिन्हें वैक्सीन की पहले जरूरत है। खासतौर पर कोविड-19 के मैनेजमेंट में लगे हेल्थ वर्कर्स, पुलिस स्टाफ आदि शामिल हैं। अक्टूबर तक इसकी प्लानिंग पर काम हो जाएगा। वैक्सीन के स्टोरेज के लिए स्टेट से कोल्ड चेन के अलावा वैक्सीन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है। देश में अब तक 65 लाख 53 हजार केस आ चुके हैं। इनमें 55 लाख 9 हजार लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 9 लाख 37 हजार मरीजों का इलाज चल रहा है। ये आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।

नवरात्रि : 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक देवी पूजा, 58 साल बाद शनि-गुरु अपनी राशियों में रहेंगे

BHOPAL > शनिवार, 17 अक्टूबर से देवी पूजा का नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि शुरू हो रहा है। ये पर्व 25 अक्टूबर तक रहेगा। इस बार नवरात्रि की शुरुआत में 17 तारीख को ही सूर्य का राशि परिवर्तन भी होगा। सुर्य तुला में प्रवेश करेगा। तुला राशि में पहले से वक्री बुध भी रहेगा। इस कारण बुध-आदित्य योग बनेगा। इसके साथ ही 58 साल बाद शनि-गुरु का भी दुर्लभ योग बन रहा है। इस नवरात्रि में शनि मकर में और गुरु धनु राशि में रहेगा। ये दोनों ग्रह 58 साल बाद नवरात्रि में एक साथ अपनी-अपनी राशि में स्थित रहेंगे। 2020 से पहले 1962 में ये योग बना था। उस समय 29 सितंबर से नवरात्रि शुरू हुई थी। इस बार पूरे नौ दिनों की रहेगी नवरात्रि इस साल नवरात्रि पूरे नौ दिनों की रहेगी। इसी दिन सूर्य तुला राशि में प्रवेश करके नीच का हो जाएगा। 17 तारीख को बुध और चंद्र भी तुला राशि में रहेंगे। चंद्र 18 तारीख को वृश्चिक में प्रवेश करेगा। लेकिन सूर्य-बुध का बुधादित्य योग पूरी नवरात्रि में रहेगा। नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी देवी शनिवार से नवरात्रि शुरू होने से इस बार देवी का वाहन घोड़ा रहेगा। नवरात्रि जिस वार से शुरू होती है, उसके अनुसार देवी का वाहन बताया गया है। अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू होती है तो देवी का वाहन हाथी रहता है। शनिवार और मंगलवार से नवरात्रि शुरू होती है तो वाहन घोड़ा रहता है। गुरुवार और शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होने पर देवी डोली में सवार होकर आती हैं। बुधवार से नवरात्रि शुरू होती है तो देवी का वाहन नाव रहता है।

सुशांत केस : एम्स के पैनल ने सुशांत की हत्या की आशंका को खारिज किया, यह खुदकुशी का मामला

नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के 110 दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है। एम्स के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में हत्या की आशंका से इनकार किया है। इंडिया टीवी से बातचीत में एम्स के फॉरेंसिक विभाग के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, ‘यह क्लियर कट खुदकुशी का मामला है। सुशांत का मर्डर नहीं हुआ था।’ हालांकि, अभी तक सीबीआई की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच के लिए 21 अगस्त को डॉ. सुधीर गुप्ता की लीडरशिप में एम्स के पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इसने 28 सितंबर को अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम को विसरा में किसी तरह का जहर नहीं मिला। कूपर हॉस्पिटल को नहीं दी गई क्लीनचिट सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में सुशांत की बॉडी का पोस्टमॉर्टम करने वाले मुंबई के कूपर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स को क्लीन चिट नहीं दी गई है। दरअसल, कूपर अस्पताल के डॉक्टर्स ने सुशांत की ऑटोप्सी की थी। बाद में इसके तरीके पर सवाल उठे थे। सुशांत के गले के निशान पर रिपोर्ट में कुछ भी नहीं बताया गया था। यहां तक की मौत की टाइमिंग का भी जिक्र नहीं था। इसके बाद सीबीआई ने इसकी जांच एम्स से कराने का फैसला किया था। मुंबई पुलिस की जांच में फाउल प्ले नहीं मिला था करीब तीन महीने पहले मुंबई पुलिस ने भी विसरा रिपोर्ट जारी की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद सुशांत का विसरा जांच के लिए कालीना फॉरेंसिक लैब को दिया गया था। लैब ने अपनी रिपोर्ट में दिवंगत अभिनेता के शरीर में किसी भी तरह का संदिग्ध केमिकल या जहर पाए जाने की बात से इनकार किया था। रिया के वकील ने कहा- सत्यमेव जयते एम्स की रिपोर्ट पर रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा, ‘हम सीबीआई के ऑफिशियल स्टेटमेंट का इंतजार कर रहे हैं। रिया की ओर से हम लगातार यही कहते आ रहे हैं कि

पीएम मोदी ने किया 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी अटल टनल का उद्घाटन

शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रोहतांग में अटल टनल का उद्घाटन किया। करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी यह दुनिया की सबसे लंबी टनल है। इसकी लंबाई 9.2 किमी है। इसे बनाने में 10 साल का वक्त लगा। हिमालय की पीर पंजाल पर्वत रेंज में रोहतांग पास के नीचे लेह-मनाली हाईवे पर इस बनाया गया है। इससे मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और चार घंटे की बचत होगी। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। उद्घाटन के बाद टनल में पहला सफर बस से लाहौल स्पीति जिले के 15 बुजुर्गों ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हरी झंडी दिखाकर एचआरटीसी की बस को रवाना किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज सिर्फ अटल जी का ही सपना पूरा नहीं हुआ है। आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला। राजनाथ जी ने बताया कि मैं यहां संगठन का काम देखता था। पहाड़ों-वादियों में बहुत उत्तम समय बिताता था। जब अटल जी मनाली में आकर रहते थे, तो उनके साथ गप्पें लड़ाता था। मैं और धूमल जी जिसे लेकर अटल जी से जो बात करते रहते थे, वो आज सिद्धी बन गया है।’ ‘लोकार्पण की चकाचौंध में वे लोग पीछे रह जाते हैं जिनकी मेहनत से ये पूरा होता है। उनकी मेहनत से इस संकल्प को आज पूरा किया गया है। इस महायज्ञ में पसीना बहाने वाले, जान जोखिम में डालने वाले मेहनतकश जवानों, मजदूर भाई-बहनों और इंजीनियरों को मैं प्रणाम करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘ये टनल भारत के बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी नई ताकत देने वाली है। हिमालय का ये हिस्सा हो, पश्चिम भारत में रेगिस्तान का विस्तार हो या फिर दक्षिण और पूर्वी भारत का तटीय इलाका। हमेशा से यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की मांग उठती रही है। लेकिन लंबे समय से बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट या तो प्लानिंग के लेवल से ही नहीं निकल पाए या फिर अटक गए, लटक गए या भटक गए।’ ‘एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस रफ्तार से 2014 में अटल टनल का काम हो रहा था, अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। आपकी आज जो उम्र है, उसमें 20 वर्ष और जोड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता।’ इससे क्या फायदा होगा? टनल से मनाली और लाहौल-स्पीति घाटी 12 महीने जुड़े रहेंगे। भारी बर्फबारी की वजह से इस घाटी का छह महीने तक संपर्क टूट जाता है। टनल का साउथ पोर्टल मनाली से 25 किमी है। वहीं, नॉर्थ पोर्टल लाहौल घाटी में सिसु के तेलिंग गांव के नजदीक है। टनल से गुजरते वक्त ऐसा लगेगा कि सीधी-सपाट सड़क पर चले जा रहे हैं, लेकिन टनल के एक हिस्से और दूसरे में 60 मीटर ऊंचाई का फर्क है। साउथ पोर्टल समुद्र तल से 3000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि नॉर्थ पोर्टल 3060 मीटर ऊंचा है। पहले यह रिकॉर्ड चीन के नाम था अटल टनल से पहले यह रिकॉर्ड चीन के तिब्बत में बनी सुरंग के नाम था। यह ल्हासा और न्यिंग्ची के बीच 400 किमी लंबे हाईवे पर बनी है। इसकी लंबाई 5.7 किमी है। इसे मिला माउंटेन पर बनाया गया है। इसकी ऊंचाई 4750 मीटर यानी 15583 फीट है। इसे बनाने में 38500 करोड़ रुपए खर्च हुए। यह 2019 में शुरू हुई। 24 दिसंबर 2019 को इस टनल का नाम दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल टनल रखने का फैसला किया था। टनल की विशेषताएं : इस टनल का निर्माण 2010 में शुरू हुआ था। 10.5 मीटर चौड़ी, 10 मीटर ऊंची टनल की खासियत 2958 करोड़ रुपए खर्च आया। 14508 मीट्रिक स्टील लगा। 2,37,596 मीट्रिक सीमेंट का इस्तेमाल हुआ। 14 लाख घन मीटर चट्टानों की खुदाई हुई। हर 150 मीटर की दूरी पर 4-जी की सुविधा।

MP : गैंगरेप … पीड़िता को अगवाकर 200 मीटर दूर खेत में ले गए थे लड़के, पीड़िता के से मारपीट

खरगोन। खरगोन जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर झिरन्या के मारुगढ़ गांव में तीन लड़कों ने 15 साल की लड़की को अगवा कर गैंगरेप करने की घटना को अंजाम दिया है। पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के दौरान घर में मौजूद पीड़िता के बड़े भाई के साथ भी आरोपियों ने जमकर मारपीट की और जल्दबाजी में बाइक छोड़कर भाग निकले। इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा – खरगोन में मासूम बेटी के साथ दरिंदगी की घटना, सीहोर में फिर एक किसान की खुदकुशी की घटना, भोपाल में युवा की रोजगार ना मिलने पर खुदकुशी की घटना इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है। पता नहीं शिवराज सरकार कब नींद से जागेगी और ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी? कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा- खरगोन में यूपी जैसी घटना, मध्यप्रदेश के खरगोन में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ तीन अज्ञात बदमाशों ने दुष्कर्म किया और लड़की के भाई से मारपीट की। शिवराज जी, यही राक्षसराज वापस लाने के लिये विधायक ख़रीदे थे..? “बेशर्म राज” यह है घटनाक्रम घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात की है। तीनों आरोपियों ने 15 साल की किशोरी को अगवाकर ​​​​200 मीटर दूर खेत में ले जाकर गैंगरेप किया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के दौरान घर में मौजूद बड़े भाई के साथ आरोपियों ने जमकर मारपीट की। भाई ने फोन पर परिजन और पुलिस को सूचना दी। घटना के कुछ देर के बाद तीन आरोपी भी दिखे। वह बाइक लेने आए थे, लेकिन बाइक चालू नहीं हुई तो उसे छोड़कर भाग गए। उनकी उम्र 20-30 साल के बीच है। पुलिस को शक है कि वे क्षेत्र के होकर इंदौर आने-जाने वाले हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक युवक (19) और छोटी बहन (15) के साथ खेत में टापरी बनाकर एक साल से मजदूरी कर रहे थे। पीड़िता ने कहा- मेरा मुंह कपड़े से बांध दिया था ताकि चिल्ला न सकूं रात करीब 3 बजे परिजन पीड़िता को लेकर गांव पहुंचे। यहां पीड़िता रोती रही। सुबह करीब 6 बजे पीड़िता की मां पहुंची तो उसने घटनाक्रम बताया। दो घंटे के बाद पुलिस को शिकायत की। पीड़िता ने बताया कि तीनों ने मुंह पर कपड़ा बांधा था। इसमें दो युवक आदिवासी बोली में बात कर रहे थे। जबकि एक हिंदी व निमाड़ी बोल रहा था। मेरा मुंह कपड़े से बांध दिया था। ताकि में चिल्ला न सकूं। ज्यादती के बाद मुझे गाली-गलौच करते हुए खूब लात-घूंसों से मारपीट की। मेरा गला दबा रहे थे। मुझे लगा अब नहीं बच सकेंगे। इसके बाद मुझे छोड़कर भाग गए। भाई को लकड़ियों से पीटा, परिजनों ने तलाशा तो रास्ते में बहन घायल मिली पीड़िता के भाई ने बताया रात 1 बजे तीन लोग आए और भाई से पीने के लिए पानी मांगा। इसके बाद वे चले गए। 10 मिनट के बाद दोबारा आए। इस बार शराब मांगी। इंकार किया तो मारपीट शुरू कर दी। दो बदमाश बहन को उठाकर खेतों की ओर ले जाने लगे। मैंने विरोध किया तो मुझे लकड़ियों से मारा। किसी तरह उनसे छूटकर गांव की तरफ भागा। खेत मालिक व बामनपुरी में परिजनों को मोबाइल से सूचना दी। इसके बाद बाइक लेकर 5 परिजन पहुंचे। परिजन ढूंढते हुए आईटीआई कॉलेज की ओर पहुंचे। यहां रास्ते मंे बहन घायल मिली। वे आसपास दिखे तो परिजनों ने तीनों का पीछा किया, लेकिन वह नहीं मिले। आरोपियों ने पीड़िता के भाई को लकड़ियों से पीटा। उसकी जांघों में सूजन आ गया। पीठ पर लकड़ी के निशान है। आरोपी जिस बाइक से आए थे वह 3 माह पहले ही इंदौर से चोरी हुई है। पुलिस ने बाइक को आसपास के लोगों से तस्दीक कराई। ताकि घटना की जानकारी मिल सके। किसी ने बाइक के बारे में जानकारी नहीं मिली। ग्रामीणाें के अनुसार पीड़िता के 5 भाई है। वह 5वीं तक पढ़ाई करने के बाद भाई के साथ खेत पर ही रहती थी। घटनास्थल से 200 मीटर दूर आईटीआई कॉलेज और पास में निर्माणाधीन कन्या परिसर भी है। एसपी शैलेंद्र चौहान के अनुसार इंदौर में बाइक के फुटेज की जांच कर रहे हैं। आरोपी क्षेत्र के हो सकते हैं, जिनका इंदौर आना-जाना हो। पीड़िता का मेडिकल कराकर अपहरण व गैंगरेप का केस दर्ज किया है। जल्द आरोपी पकड़े जाएंगे।

राहुल गांधी गिरफ्तार, धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिरे, गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे थे

नोएडा । उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका को ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने पहली बार रोका तो दोनों कार से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ गए। कुछ देर बाद ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के इकोटेक-1 थाना इलाके में पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिर गए। पुलिसवाले ने राहुल की कॉलर भी पकड़ी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल के हाथ में चोट लगी है। राहुल ने कहा, “पुलिस ने मुझे धक्का दिया, लाठी चार्ज किया, मुझे जमीन पर गिराया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इस देश में सिर्फ मोदी जी ही चल सकते हैं? क्या सामान्य आदमी नहीं चल सकता। हमारी गाड़ियां रोकी गई थीं, इसलिए हमने पैदल चलना शुरू किया। मैं गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलना चाहता हूं, ये मुझे रोक नहीं पाएंगे।” राहुल ने पुलिस से पूछा कि किस धारा में आप मुझे गिरफ्तार कर रहे हैं, जनता और मीडिया को बताइए? पुलिस ने कहा कि सर, वो सबको बता दिया जाएगा। आपने धारा-188 का वॉयलेशन किया है। धारा 188 क्या है? 1897 के महामारी कानून के सेक्शन 3 में जिक्र है कि अगर कोई कानून के निर्देशों और नियमों को तोड़ता है, तो उसे आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। उसे सजा भी दी जा सकती है। इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी के निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी यह धारा लगाई जा सकती है। 4 साल पहले राहुल-प्रियंका को नोएडा जाने से रोका गया था 2016 में भी राहुल और प्रियंका गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मुलाकात करने के लिए नोएडा पहुंचे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद दोनों को दिल्ली लौटना पड़ा था। प्रियंका का सवाल प्रियंका ने ट्वीट कर कहा है कि गैंगरेप की शिकार लड़की के पिता को जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया। वे जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? हाथरस के मामले में प्रियंका लगातार याेगी सरकार पर हमले कर रही हैं। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर मुख्यमंत्री से 3 सवाल पूछे। सबसे बड़ा सवाल यही था कि परिजन से जबरदस्ती छीनकर पीड़ित के शव को जलवा देने का आदेश किसने दिया? गांव को छावनी बनाया गया पीड़ित के गांव में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। कोई भी बाहरी व्यक्ति पीड़ित के घर तक न पहुंच सके, इसके लिए गांव के बाहर मेन रोड पर बैरिकेड लगाए गए हैं। मीडिया को भी गांव में आने की परमिशन नहीं है। गांव के एंट्री पॉइंट पर एडीएम लेवल के अधिकारी भी तैनात हैं। पुलिस ने कहा- दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हाथरस के एसपी विक्रांत वीर ने कहा है कि अलीगढ़ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर पर जख्मों की बात है, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि योगी को उनकी जगह पर यानी गोरखनाथ मठ भेज देना चाहिए। अगर उन्हें वह भी पसंद नहीं तो राम मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म कर रहे केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की घटनाओं का सभी को दुख है और चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिशों के नतीजे जल्द नजर आएंगे। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म के जरिए तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका राहुल-प्रियंका के पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित के गांव तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें गांव के अंदर जाने से रोक दिया। विरोध में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। क्या है पूरा मामला? हाथरस जिले के चंदपा इलाके के गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

हाथरस के बाद अब बलरामपुर जिले में दलित युवती से गैंगरेप, कमर और पैर तोड़ दिए

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश में हाथरस के बाद अब बलरामपुर जिले के गैंसड़ी इलाके में दलित युवती से गैंगरेप की घटना सामने आई है। यहां 22 साल की छात्रा को पहले किडनैप किया। फिर नशे के इंजेक्शन से बेहोश कर 2 आरोपियों ने दुष्कर्म किया। लड़की की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने साहिल और शाहिद नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ गैंगरेप और हत्या का केस दर्ज किया गया है। युवती कॉलेज की फीस जमा करने के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे घर से निकली थी। शाम तक नहीं लौटी तो घरवालों ने फोन किया, लेकिन फोन बंद था। शाम करीब 7 बजे युवती गंभीर हालत में रिक्शे से घर पहुंची। उसके हाथ पर कैनुला लगा था, बेहोशी की हालत में थी। बोल भी नहीं पा रही थी। परिजन तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। फिर डॉक्टर के कहने पर लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही युवती की मौत हो गई। ‘पेट में बहुत तेज जलन है, हम मर जाएंगे’ लड़की की मां ने बताया कि बेटी कॉलेज से लौट रही थी, रास्ते में कार में आए 3-4 लोगों ने उसे अगवा कर लिया। उसे नशे के इंजेक्शन देकर दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने बेटी की कमर और पैर भी तोड़ दिए, इसलिए न तो वह खड़ी हो पा रही थी और न ही बोल पा रही थी। बस इतना ही कह पाई कि पेट में बहुत तेज जलन हो रही है, हम मर जाएंगे। पुलिस ने कहा- किराना स्टोर का मालिक ही मास्टरमाइंड पुलिस का कहना है कि वारदात गैंसड़ी गांव में एक किराना स्टोर के पीछे के कमरे में हुई। पीड़ित की सैंडल उसी कमरे के बाहर मिली हैं। दुकान मालिक ही घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपियों ने दुष्कर्म और मारपीट के बाद पास के ही डॉक्टर से पीड़ित का इलाज करवाने की कोशिश की थी। पुलिस ने अंतिम संस्कार में फिर जल्दबाजी दिखाई न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार में पुलिस ने हाथरस के मामले की तरह ही जल्दबाजी दिखाई। बलरामपुर की पीड़ित का का अंतिम संस्कार भी भारी पुलिस बल की तैनाती में मंगलवार रात को ही करवा दिया गया। यह बात भी सामने आ रही है कि पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश की थी। हालांकि, लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की सहमति से ही अंतिम संस्कार किया गया।

MP : सीहोर में किसान ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, 7 लाख का बैंक का कर्ज था

सीहोर। प्रकृति की मार से बर्बाद हुए किसान अब खुदकुशी की राह पर चल पड़े हैं। इसका कारण यह है कि एक तरफ सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है तो दूसरी तरफ बैंक और सोसायटियों के कर्ज की चिंता उनको सता रही है। बुधवार को गांव नापलाखेड़ी में 55 वर्षीय एक किसान ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उन पर 7 लाख का बैंक का कर्ज था और फसलें खराब होने से वे बहुत परेशान थे। जबकि इस मामले में प्रशासन पारिवारिक विवाद बता रहा है।  इसी दिन केंद्र सरकार की टीमे भी नुकसान का निरीक्षण करने आई थी। मृतक के बड़े बेटे संतोष वर्मा ने बताया कि उनकी 6 एकड़ जमीन है। इसमें सोयाबीन बोई थी जो पूरी तरह से खराब हो चुकी है। घर सहित अन्य कामों के लिए उन्होंने बैंक और सोसायटी से करीब 7 लाख रुपए का कर्ज लिया था। फसलें खराब होने के बाद से ही वे चिंता में थे कि आखिर कर्ज कैसे चुकाएंगे। कुछ दिनों से वे ज्यादा परेशान थे। बेदाखेड़ी में देखा खेत आष्टा | बुधवार को टीम भोपाल-इंदौर हाईवे पर स्थित बेदाखेड़ी गांव पहुंची। गांव के अंतिम छोर पर रुकी और 10 मिनट रूककर एक किसान का खेत देखा तथा चर्चा कर आगे के लिए रवाना हो गई। इसके बाद डाबरी, डोडी में भी कुछ देर फसलों का जायजा लिया। बेदाखेड़ी गांव में किसान हिम्मत सिंह के खेत पर पहुंचकर फसल को देखा। 10 मिनट के अंतराल में रोड किनारे के खेत देखने के बाद किसानों से चर्चा कर निकल गए। बहुत देर कर दी आते-आते भारत सरकार की इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम ने जिले में विभिन्न गांवों में फसलों का निरीक्षण किया। हालांकि टीम उस समय आई है जब 70 प्रतिशत से अधिक रकबे में फसलों की कटाई हो चुकी है। टीम में संयुक्त सचिव भारत सरकार राजवीर सिंह, ,अवर सचिव हरित कुमार शाक्य शामिल थे। इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, कलेक्टर अजय गुप्ता भी टीम के साथ रहे।

Bigg Boss 14: सबसे चर्चित कंटेस्टेंट हैं राधे मां, हर हफ्ते लेंगी 25 लाख रुपए

मुंबई। टेलीविजन का सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो एक बार फिर से नए सीजन के साथ वापसी करने को तैयार है. शो के 14 सीजन को लेकर फैंस खासा एक्साइटेड है खासकर कंटेस्टेंट की लिस्ट को लेकर. इस बार सबसे चर्चित कंटेस्टेंट हैं राधे मां. शो के शुरू होने से पहले ही राधे मां सबसे ज्यादा चर्चाओं में हैं. वहीं अब मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी फीस से लेकर मेकर्स से एक बात पर असहमति तक कई तरह के चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं. बिग बॉस के घर में मेकर्स ने राधे मां की एंट्री कंफर्म कर दी है. बीते मंगलवार राधे मां का एक वीडियो कलर्स चैनल के ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट पर शेयर किया गया था, जिसमें वो बिग बॉस के घर में एंट्री लेती दिख रही थीं. वहीं बैकग्राउंड में उनकी आवाज भी सुनाई दे रही थी. इस बीच मीडिया रिपोर्ट में राधे मां की फीस को लेकर दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि राधे मां की फीस इतनी तगड़ी है कि वो ‘बिग बॉस 14’ की सबसे ज्यादा फीस पाने वाली कंटेस्टेंट बन गई हैं. इस रिपोर्ट में बिग बॉस फैन पेज के हवाले से बताया जा रहा है कि राधे मां को बिग बॉस के घर में रहने के लिए हर हफ्ते 25 लाख रुपए दिए जाएंगे. ये ऑफर इस सीजन में आने वाले सभी कंटेस्टेंट से ज्यादा है. हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसके अलावा स्पॉटबॉय की एक रिपोर्ट में राधे मां और शो के मेकर्स बीच असहमति का दावा किया जा रहा है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बिग बॉस के मेकर्स ने उनसे उनका त्रिशूल घर के बाहर ही छोड़कर जाने के लिए कहा था लेकिन राधे मां इसके लिए तैयार नहीं हुईं. बताया जा रहा है कि बिग बॉस के कंटेस्टेंट्स के लिए नियम है कि वो कोई ऐसी चीज घर में लेकर नहीं जा सकते जिससे सामने वाले को नुकसान पहुंच सके. अब देखना होगा कि इस असहमति का अंजाम क्या होगा.

क्या भारत में गुजर गया कोरोना वायरस संक्रमण का पीक ? रिकवरी रेट 100% बढ़ा

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले साढ़े 61 लाख के करीब पहुंच चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह 8 बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 70,589 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 61,45,291 हो गई। पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 के डेली केसेज में कमी आई है तो क्या भारत में कोरोना का पीक गुजर चुका है? आइए आंकड़ों के जरिए इस सवाल का जवाब तलाशते हैं। भारत में 12 सितंबर से 22 सितंबर तक कोरोना वायरस संक्रमण के हर दिन 90,000+ मामले सामने आए। 17 सितंबर को 93,199 नए मामले सामने आए जो अब तक किसी एक दिन में संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से कोरोना के नए मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। देश में करीब एक महीने बाद मंगलवार को कोविड-19 के एक दिन में 75 हजार से कम नए मामले सामने आए और एक हजार से कम लोगों की मौत हुई है। भारत में पहली बार नए मामलों में लगातार गिरावट पहली बार भारत में कोरोना के मामलों में इतने लंबे समय तक लगातार गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान एवरेज डेली टेस्ट भी बढ़े हैं, फिर भी नए मामलों में थोड़ा ही सही लेकिन लगातार गिरावट उम्मीदें बढ़ाने वाला है। इसी तरह टेस्ट पॉजिटिविटी रेट भी 8.7 प्रतिशत से गिरकर 7.7 प्रतिशत पर आ चुका है। भारत में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में मरीज इस बीमारी को मात भी दे रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने की तुलना में सितंबर में रिकवरी रेट 100 फीसदी बढ़ा है। वहीं, अब तक सामने आए कुल मरीजों में से 82 फीसदी स्वस्थ्य हो चुके हैं। बता दें, देश में कुल मरीजों का आंकड़ा साठ लाख के पार हो गया है। वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या 10 लाख से कम है। जिन राज्यों में पहले कोरोना तेजी से फैल रहा था, वहां अब राहत के संकेत मिल रहे हैं। मसलन दिल्ली में सोमवार को 1984 नए मामले सामने आए जो कि करीब एक महीने में सबसे कम हैं।

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर 3 नवंबर को वोटिंग, 10 नवंबर को नतीजे

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मंगलवार को 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, बिहार की एक लोकसभा सीट और मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान नहीं किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि इन राज्यों में कुछ मुश्किलें हैं, इसलिए मौजूदा स्थिति में उपचुनाव नहीं करवाने का फैसला लिया गया। भाजपा अपनी सत्ता बचाने और कांग्रेस नेता कमलनाथ छह महीने पहले खोई सत्ता वापस पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख भी दांव पर लगी है, क्योंकि जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की है। 28 में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था 28 सीटों में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था। प्रदेश में 230 सदस्यीय राज्य विस में बहुमत के लिए 116 सीटें होना जरूरी हैं। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की कोशिश है कि वह 20 या उससे ज्यादा सीटें जीत ले, जिससे की एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पलट सकती है।

उत्तराखंड के दौरे पर गयीं उमा भारती को कोरोना, हरिद्वार के पास क्वारंटीन

भोपाल। एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव हैं। वह अभी उत्तराखंड के दौरे पर हैं। उमा बीते दिनों पहाड़ की यात्रा पर गई थीं। उन्होंने केदारनाथ में दर्शन करते हुए वीडियो भी डाला था। कोरोना पॉजिटिव होने के जानकारी उन्होंने खुद ही ट्वीट कर दी है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उमा भारती ने ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच स्थित वंदे मातरम कुंज में खुद को क्वारंटीन किया है। उमा भारती ने देर रात ट्वीट कर लिखा है कि मैं आपकी जानकारी के लिए यह डाल रही हूं कि मैंने अपनी पहाड़ यात्रा की समाप्ति के अंतिम दिन प्रशासन को आग्रह करके कोरोना टेस्ट की टीम को बुलवाया, क्योंकि मुझे 3 दिन से हल्का बुखार था। मैंने हिमालय में कोविड के सभी विधिनिषेध एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। फिर भी मैं कोरोना पॉजिटिव निकली हूं। पूर्व सीएम ने बताया कि मैं अभी हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच वंदे मांतर कुंज में क्वारंटीन हूं, जो कि मेरे परिवार के जैसा है। 4 दिन बाद फिर से टेस्ट कराऊंगी और स्थिति ऐसी ही रही, तो डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार निर्णय लूंगी। मेरे संपर्क में आए लोगों से अपील है कि वो अपनी कोरोना टेस्ट करवाए एवं सावधानी बरते। गौरतलब है एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती एमपी उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के बाद हिमालय की यात्रा पर निकल गई थीं। यात्रा खत्म कर वह फिर से एमपी की राजनीति में सक्रिय होतीं। लेकिन उससे पहले ही वह कोरोना की चपेट में आ गई हैं। एमपी बीजेपी के नेताओं ने उन्हें जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

ड्रग्स मामले में पूछताछ के दौरान तीन बार रोईं फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण

मुंबई. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शनिवार को दीपिका पादुकोण से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। रिपोर्ट्स की मानें तो सवाल-जवाब के दौरान दीपिका एक बार नहीं, बल्कि तीन बार रो पड़ी थीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान एनसीबी के अधिकारियों ने उन्हें इमोशनल कार्ड न खेले की नसीहत दी थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका की आंखों में आंसू देख एनसीबी के अधिकारियों ने उनके हाथ जोड़ लिए। साथ ही कहा कि इमोशनल कार्ड खेलने की बजाय वे सबकुछ सच-सच बताती हैं, तो उनके लिए बेहतर होगा। दीपिका ने मानी ड्रग्स चैट की बात रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीबी की पूछताछ में दीपिका पादुकोण ने ड्रग्स चैट करने की बात स्वीकार की। हालांकि, उन्होंने ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया। दीपिका ने एनसीबी को बताया कि उनका पूरा ग्रुप डूप लेता है, जो कि सिगरेट है। इसमें कई नशीली चीजें होती हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एनसीबी ने जब दीपिका से चैट में इस्तेमाल हुए वीड और हशीश शब्दों के बारे में पूछा तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। जब उनसे पूछा गया कि वो जो डूप लेती हैं, क्या उसमें ड्रग्स भी होती है तो एक्ट्रेस ने चुप्पी साध ली। एक्ट्रेस के कई जवाबों से एनसीबी के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। दीपिका के दो फोन जब्त किए गए सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को दीपिका के एनसीबी दफ्तर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने सबसे पहले उन्हें आरोपों के बारे में बताया। डेटा का बैकअप लेने के लिए उनके 2 मोबाइल फोन ले लिए गए। उनसे कहा गया कि इस मामले में किसी संदिग्ध या आरोपी से बात नहीं करेंगी। उसके बाद एक अंडरटेकिंग पर साइन करवाए गए। उनसे कहा गया कि 3 फेज में पूछताछ की जाएगी, इसके लिए 3-4 राउंड हो सकते हैं। सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस से जुड़े ड्रग्स मामले की जांच कर रही एनसीबी के हाथ तीन साल पुरानी वॉट्सऐप ग्रुप चैट लगी थी। 28 अक्टूबर 2017 को हुई इस चैट में दीपिका, उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश और सुशांत की टैलेंट मैनेजर जया साहा के बीच ड्रग्स को लेकर हुई बातचीत हुई थी। चैट में दीपिका ने ‘हैश’ और ‘वीड’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए करिश्मा से पूछा था कि माल है क्या? इसके बाद दीपिका और करिश्मा को समन भेजा गया था। करिश्मा ने एनसीबी को बताया था कि इस वॉट्सऐप ग्रुप की एडमिन खुद दीपिका थीं। कोर्ट में पेश किए जाएंगे स्टेटमेंट शनिवार को एनसीबी ने दीपिका के अलावा सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से भी पूछताछ की। इससे एक दिन पहले एजेंसी के सामने रकुल प्रीत सिंह की पेशी हुई थी। एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर एमए जैन का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने जितने भी स्टेटमेंट रिकॉर्ड किए हैं, वो कोर्ट में सबमिट किए जाएंगे। जैन के मुताबिक, ड्रग्स एंगल में अब तक 18-19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बीजेपी की नई फौज तैयार, अनुभव-कुशलता और युवा जोश का सामंजस्य

नई दिल्ली. आठ महीने के लंबे इंतजार और तमाम कयासों के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी टीम की घोषणा कर दी. जेपी नड्डा को पिछले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जो टीम मिली थी, उसमें उन्होंने कई अमूलचूल परिवर्तन करते हुए अपनी टीम में अनुभव, संगठन कुशलता के साथ-साथ युवा जोश का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में वैसे तो कई बड़े-बड़े फैसले लिए हैं लेकिन सबसे चौंकाने वाला फैसला आरएसएस से बीजेपी में आए राम माधव और मुरलीधर राव को हटाना है. राम माधव ने ही मोदी सरकार बनने के बाद जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनवाकर घाटी में पार्टी को मजबूती दी थी. उसके बाद असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर एक के बाद एक सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. मिजोरम, नगालैंड और मेघालय में गठबंधन की सरकार बनाकर पूर्वोत्तर भारत में भी बीजेपी के पैर जमाने का काम किया था. हरियाणा में 2014 और 2019 में सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले डॉ अनिल जैन को भी महासचिव पद से हटा दिया गया है. छत्तीसगढ़ में रमन सिंह से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाली सरोज पांडेय भी महासचिव पद से मुक्त कर दी गई हैं. इनकी जगह जिन चेहरों को नड्डा ने टीम में जगह दी वो अचंभित करते हैं. जिन्हें प्रमोशन मिला है उनमें तरुण चुग पंजाब से आते हैं और अभी तक राष्ट्रीय सचिव के पद पर काम कर रहे थे, दिल्ली के प्रभारी थे. हालांकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की क्या पर्फोमेंस रही, ये किसी से छुपी नहीं है. इन चेहरों पर जताया भरोसा पिछले कुछ समय से बीजेपी ने जिस दलित चेहरे पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है उनमें दुष्यंत कुमार गौतम का नाम शामिल है. इन पर नड्डा ने भरोसा जताते हुए अपनी टीम में महासचिव बनाया हैं. कर्नाटक के सीटी रवि को महासचिव बनाया गया हैं. सीटी रवि कर्नाटक सरकार में संस्कृति, कन्नड़ और पर्यटन मामलों के मंत्री हैं और उनकी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से खास नहीं बनती है. इसलिए वो मंत्री पद से इस्तीफा देकर बीजेपी महासचिव के तौर पर काम करेंगे. इसके अलावा महिला कोटे से कांग्रेस से बीजेपी में आईं एनटी रामाराव की बेटी डी पुरदेंश्वरी को महासचिव बनाया गया है. चेन्नई में जन्मी पुरदेंश्वरी मनमोहन सिंह सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रही हैं. जाहिर है कि उन्हें आंध्र प्रदेश की नुमाइंदगी करने के लिए राम माधव की जगह दी गई है. डी पुरदेंश्वरी 2019 के लोकसभा में विशाखापट्टनम से चुनाव लड़ी थी और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी. असम चुनाव को देखते हुए नड्डा ने सांसद दिलीप सैकिया को महासचिव बनाया है. सैकिया असम में पिछलें दो दशकों से संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं. तेजस्वी सूर्या को बड़ी जिम्मेदारी जेपी नड्डा की नई टीम पर संगठन महासचिव बीएल संतोष की प्रभाव अच्छा खासा दिखता हैं. सीटी रवि को महासचिव के पद पर ताजपोशी और उनके करीबी माने जाने वाले युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें पूनम महाजन की जगह युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है. अनंत कुमार का कर्नाटक बीजेपी में ही नही बल्कि केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व में बड़ा नाम था. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी तेजस्वनी लोकसभा सीट बेंगलुरू दक्षिण से दावेदार थीं. हालांकि बीएल संतोष ने पूरी ताकत लगाकर अनंत कुमार की पत्नी की जगह तेजस्वी सूर्या को टिकट दिलाया था. जेपी नड्डा की नई टीम में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को उपाध्यक्ष बनाया गया है. वसुंधरा राजे और रमन सिंह पहले से ही अमित शाह की टीम से उपाध्यक्ष थे. इस बार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का नया नाम जुड़ गया हैं. नड्डा की नई टीम राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में भी कुछ नाम चौंकाते हैं जैसे मुकुल रॉय. हालांकि मुकुल रॉय को तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में आए लंबा अरसा हो चुका है. लेकिन उन्हें सरकार के बजाए संगठन में जिम्मेदारी मिली. पश्चिम बंगाल चुनाव में उनकी बड़ी भूमिका रहने वाली है. इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. उमा भारती, प्रभात झा, विनय सहस्त्रबुद्धे, ओम माथुर, श्याम जाजू और अविनाश राय खन्ना की उपाध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई है . प्रवक्ता बीजेपी ने 23 प्रवक्ताओं की भारी-भरकम फौज बनाई है. राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी इसकी अगुवाई करेंगे. इसमें पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ और सांसद हिना गवित, सांसद राजू बिस्टा, सांसद राजीव चंद्रशेखर, तेजतर्रार सांसद अपराजिता सारंगी समेत कई युवा चेहरों को जगह दी गई हैं लेकिन मीनाक्षी लेखी को प्रवक्ता पद से मुक्ति दे दी गई है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में दूसरी पार्टियों से आए नेताओ को भी तरजीह देते हुए उन्हें संगठन में जगह दी है. जेपी नड्डा की इस टीम में नए-पुराने चेहरों का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की गई है. नड्डा ने अपनी टीम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं के अनुभव का ध्यान रखते हुए स्थान दिया हैं. सबसे खास बात ये हैं कि उन्होंने अपनी टीम जातिगत आधार पर और सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देते हुए चुनी है. पद खाली वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि तमाम कोशिश के बाद भी जेपी नड्डा संगठन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण पद महासचिव पर सभी 10 महासचिवों की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं. संगठन के हिसाब से संगठन महासचिव समेत 10 महासचिव होने चाहिए लेकिन अभी एक महासचिव पद खाली है. मतलब साफ है कि कहीं न कहीं पार्टी में ऐसे अनुभवी लोगों की कमी है जिनको महासचिव बनाया जाए. वहीं अमित शाह के 6 साल अध्यक्षीय कार्यकाल में दो महासचिव समेत कई संगठन के पद खाली रहे. सूत्रों के मुताबिक जिन नेताओं को नड्डा की टीम में जगह नहीं मिली हैं, उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा सकता हैं. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल में फेरबदल भी जल्द होगा.

विटामिन D हो पर्याप्त तो कोरोना वायरस से मौत का खतरा आधा: स्टडी

भोपाल। कोरोना वायरस के जिन मरीजों में पर्याप्त मात्रा में विटामिन D की मात्रा मौजूद होती है उनकी मौत का खतरा 52 फीसदी कम होता है. एक नई स्टडी में इस बात की जानकारी मिली है. अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने यह स्टडी की है. रिसर्चर्स को इस बात की जानकारी मिली है कि जिन मरीजों में विटामिन डी की मात्रा पर्याप्त रूप से मौजूद थी, वैसे मरीजों के हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद मौत का खतरा आधा हो गया. वहीं, गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा भी विटामिन डी की वजह से 13 फीसदी कम पाया गया. स्टडी के दौरान पता चला कि जिन मरीजों में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, उनके वेंटिलेटर पर रखे जाने की जरूरत भी 46 फीसदी कम हो गई. वैज्ञानिकों का कहना है कि व्यक्ति के इम्यून सिस्टम में विटामिन डी का अहम रोल होता है जिसकी वजह से कोरोना मरीजों को फायदा होता है. बता दें कि औसतन अमेरिका के 42 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी पाई जाती है. वहीं, अश्वेत और बुजुर्ग लोगों में भी तुलनात्मक रूप से विटामिन डी की कमी अधिक होती है और ऐसे लोग कोरोना के भी अधिक शिकार हो रहे हैं. इससे पहले बोस्टन यूनिवर्सिटी के ही माइकल हॉलिक को एक रिसर्च में पता चला था कि ऐसे लोग जिनमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मौजूद है, उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा 54 फीसदी कम होता है. पिछली स्टडी को ही आगे बढ़ाने पर वैज्ञानिकों को कोरोना मरीजों और विटामिन डी के संबंधों को लेकर नई जानकारी मिली. हॉलिक की टीम ने तेहरान के अस्पताल के 235 कोरोना मरीजों के सैंपल लिए थे. कुल 67 फीसदी मरीजों में विटामिन डी की मात्रा 30 ng/mL से कम थी. एक्सपर्ट का कहना है कि अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों में भी विटामिन डी की मात्रा कम होती है, इसलिए स्पष्ट तौर से यह कहना मुश्किल है कि विटामिन डी की कमी नहीं होती तो कितने लोगों की जान बच सकती थी.

UP व दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनें फुल, दशहरा-दिवाली पर होने लगी वेटिंग

भोपाल। दशहरा और दीपावली के आसपास के दिनों में उत्तर प्रदेश व दक्षिण भारत तरफ जाने वाली लगभग सभी स्पेशल ट्रेनों में वेटिंग की स्थित बन गई है। एसी और स्लीपर दोनों ही श्रेणी में अभी से ही वेटिंग मिल रही है। ऐसे में यदि इन प्रदेशों तरफ आवागमन करने वाली स्पेशल ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, तो यात्रियों को त्योहारों के समय अपने घरों को लौटने में खासी परेशानी उठाना पड़ सकती है। हालांकि रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि 10 अक्टूबर के पहले कुछ स्पेशल ट्रेनें और बढ़ाए जाने की संभावना है। इसके लिए विभिन्न रेल मंडलों से प्रस्ताव व वेटिंग मांगी गई है। नई ट्रेनों की मांग: फीरोजपुर, जम्मू, रायपुर, कोटा, अमृतसर, पुणे, अहमदाबाद के लिए स्पेशल ट्रेनों की मांग बढ़ने लगी है। रेल यात्री उपयोगकर्ता व सलाहकार समिति के सदस्य निरंजन वाधवानी का कहना है कि हर दिशा में ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।

राजस्थान : 40 घंटे से हाईवे पर कब्जा, होटलों में लूटपाट, 30 वाहन फूंके, 700 पर केस

राजस्थान के डूंगरपुर में टीचर भर्ती में अनारक्षित पदों को आरक्षित करने की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन जारी है। 40 घंटे से जयपुर. उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे के 10 किमी इलाके में तनाव बना हुआ है। उपद्रवी हाईवे और आसपास की पहाड़ियों पर डटे हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर हाईवे पर बनी होटलों और दुकानों में तोड़फोड़-लूटपाट की। 30 वाहनों में आग लगा दी। अब तक 700 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ लोग बाइक पर आए थे, आंखों के सामने हमारी दुकान लूटकर ले गए। साथ ही वहां बने एक स्कूल में भी तोड़फोड़ की गई। एक्शन मोड में पुलिस एक्शन में आई पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है। 700 लोगों को नामजद भी किया गया है। प्रदर्शन के दौरान 7 कंटेनरों समेत 30 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। जयपुर ग्रामीण एसपी शंकर दत्त शर्मा को स्पेशल ड्यूटी पर लगाया गया है। रात 2 बजे तक पथराव, जलते रहे टायर डूंगरपुर सीमा के मोथली मोड़ पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। खेरवाड़ा से उदयपुर रोड पर ढाई किमी दूर टोल प्लाजा से सटे हाईवे पर देर रात तक पहाड़ियों से वाहनों पर पथराव हुआ। पत्थर राहगीरों को भी लगे। टायर भी जलाए गए। क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारी? प्रदर्शन करने वाले शिक्षक भर्ती के अनारक्षित 1167 पदों को एसटी वर्ग से भरने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कांकरी डूंगरी पहाड़ी पर 17 दिन से प्रदर्शन चल रहा था। शुक्रवार को उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर प्रदर्शन अराजकता की हदें पार कर गया। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे के 10 किमी तक के इलाके को कब्जे में ले लिया। पिछले 40 घंटे के अंदर करोड़ों की संपत्ति फूंक डाली। मकानों में भी तोड़फोड़-लूटपाट की गई। गुस्सा क्यों भड़का? कैंडिडेट 7 सितंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बातचीत कर उन्हें समझाया कि यहां पर पड़ाव न डालें। फिर भी प्रदर्शन जारी रहा। बिछीवाड़ा पुलिस ने कोविड महामारी के नियम तोड़ने और गैर जमानती धारा में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इसको लेकर कैंडिडेट का गुरुवार से गुस्सा भड़क उठा।

MP : बीमार मां को लेकर बच्चे 3 अस्पतालों में 2 दिन भटके; चौथे दिन बेड मिला, मौत

भोपाल। कोरोनाकाल में इंसानियत भी मरती जा रही है। प्राइवेट अस्पताल हों या सरकारी, सभी जगह बेपरवाह सिस्टम अब लोगों को मार रहा है। भोपाल के कोलार की 43 साल की संतोष रजक इसी बेपरवाही का शिकार हो गईं। वे दो दिन अस्पतालों में आईसीयू बेड के लिए भटकीं। जैसे-तैसे बेड मिला तो ठीक से इलाज नहीं हो पाया। अंत में उन्होंने गुरुवार को दम तोड़ दिया। बंसल में एक रात के इलाज का 41 हजार रु. बिल भरा 12 सितंबर की शाम करीब 6 बजे मां को सांस लेने में परेशानी हुई तो हर्ष उन्हें सिद्धांता अस्पताल ले गया। यहां हार्ट अटैक के लक्षण बताए तो हम रात 10 बजे बंसल अस्पताल ले गए। यहां कोरोना का सैंपल लिया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यहां कोविड आईसीयू बेड नहीं हैं, इसलिए अगले दिन दोपहर तीन बजे हमें एंबुलेंस से जेके अस्पताल भेज दिया गया। बंसल में एक रात के इलाज का हमने 41 हजार रु. बिल भरा। जेके में भी आईसीयू बेड खाली नहीं थे, तो उन्होंने भर्ती नहीं किया। जेके से हमें हमीदिया भेजा, तो वहां रात 9 बजे तक हम बेड का इंतजार करते रहे, लेकिन बेड खाली नहीं होने का कहकर हमें लौटा दिया। फिर हमने पीपुल्स अस्पताल में फोन लगाया तो पता चला, वहां आईसीयू बेड खाली हैं। हम रात 10:20 बजे पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंचे। यहां मरीज को भर्ती करने के पहले पांच दिन के 50 हजार रु. जमा करा गए। यहां इलाज महंगा पड़ता, इसलिए 14 की सुबह हमने कलेक्टर अविनाश लवानिया को आवेदन किया। उनके दखल के बाद मां को 14 सितंबर को दोपहर में जेपी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन, यहां भी इलाज के नाम पर खानापूर्ति हुई। मां की डेथ हुई, तब भी किसी ने हाथ नहीं लगाया यहां रात में अक्सर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाती है, कोई सुनता नहीं है। ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने पर मरीज के परिजन दूसरे वार्ड से खुद ही लाते हैं। 10 दिन इलाज के बाद जब गुरुवार को मां की डेथ हुई, तब भी किसी ने हाथ नहीं लगाया। हमें आईसीयू में बुलाकर पीपीई किट थमा दी और कहा- खुद पहन लो और अपनी मां को पहना दो। मेरे भाई और परिजनों ने पीपीई किट पहनकर मां को पैकिंग बैग में रखा, फिर उन्हें एंबुलेंस से विश्राम घाट लेकर गए।  

सीएम शिवराज कर रहे दनादन घोषणाएं, भारत सरकार का बजट भी कम पड़ जायेगा

भोपाल। मध्य प्रदेश में उपचुनाव के माहौल में घोषणाओं और आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला भी तेज हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस इन्हें चुनावी घोषणाएं बता कर खारिज कर रही है। शुक्रवार को पूर्व सीएम कमलनाथ ने तंज कसा कि शिवराज जितनी घोषणाएं कर रहे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए भारत सरकार का केंद्रीय बजट भी कम पड़ जाएगा। कमलनाथ ने एक बयान जारी कर कहा कि शुक्रवार को भी शिवराज प्रदेश के सागर, गुना व साँची के दौरे पर थे। वे पिटी हुई पिक्चर से झूठ का ट्रेलर दिखाते रहे, लेकिन जनता इनकी झूठ की पूरी पिक्चर पहले ही देख चुकी है। इसीलिये जनता ने उन्हें घर बैठाया था। अपने भाषणों में वे इतना झूठ बोल रहे हैं और इतनी झूठी घोषणाएं कर रहे हैं कि झूठ भी शर्मा रहा है। शिवराज की यदि रोज की करोड़ों रुपये की घोषणाओं का हिसाब लगाया जाए तो भारत सरकार का बजट भी कम पड़ जाए। कमलनाथ ने बताया कि किसान हर दौरे में अपनी खराब फसलें दिखाकर मुख्यमंत्री को आइना दिखा रहे हैं। इसका मुआवजा उन्हें आज तक नहीं मिला, जबकि शिवराज ने बड़े-बड़े दावे किए थे। प्रदेश की स्थिति यह है कि कर्मचारियों का डीए, एरियर, वेतनवृद्धि से लेकर सब कुछ आर्थिक संकट का हवाला देकर रोका जा चुका है। आज किसान राहत की मांग कर रहा है, युवा रोज़गार मांग रहा है, भोपाल में रोज हर वर्ग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन आर्थिक संकट का हवाला देकर उन्हें अनसुना किया जा रहा है। दूसरी ओर, शिवराज रोज करोड़ों रुपए की झूठी घोषणाएं कर रहे हैं। कमलनाथ ने कहा है कि बीजेपी के लोग ही शिवराज को घोषणावीर बताते हैं। प्रदेश की जनता रोज उनकी झूठी घोषणाओं को देख रही है। एक तरफ वे अपने भाषणों में बार-बार कह रहे हैं कि प्रदेश का खजाना खाली है तो दूसरी तरफ करोड़ों रुपए की झूठी घोषणाए सिर्फ़ जनता को चुनाव में गुमराह करने के लिए कर रहे हैं। जनता समझती है कि ये सब चुनावी घोषणाएं है जो कभी पूरी नहीं होंगी। जनता उनकी 15 वर्ष की आज तक पूरी नहीं हुई हज़ारों झूठी घोषणाओं की हक़ीक़त भी जानती है। कमलनाथ ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया। इसे खुद बीजेपी सरकार ने विधानसभा में लिखित रूप में स्वीकार किया, लेकिन इसको लेकर आज भी शिवराज- सिंधिया की जोड़ी झूठ परोस रही है। हमने कभी संबल योजना बंद नहीं की, उल्टा हमने शिवराज सरकार से ज्यादा हितग्राहियों को लाभ दिया। हमने कन्या विवाह योजना की बढ़ी हुई राशि हितग्राहियों को प्रदान की। अतिवृष्टि व बाढ़ में किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान किया। मैंने शिवराज की तरह बाढ़ पर्यटन नहीं किया और खराब फसलों को हाथ में लेकर खेतों में फोटो नहीं खिंचाये। मैंने तो किसानों को वास्तविक मुआवजा व सहायता प्रदान कर राहत प्रदान की लेकिन शिवराज और उनके साथ सिंधिया इन योजनाओं को लेकर झूठ परोस रहे हैं।

MP : सिंधिया बोले – भ्रष्टाचार ने तबाह कर दिया, प्रियंका के रोड शो से फर्क नहीं

अशोकनगर। बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनावों में बीजेपी सभी सीटें जीतेगी और कांग्रेस के लिए प्रियंका गांधी के प्रचार करने से भी इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जल्द ही दतिया जिले में पीतांबरा पीठ के दर्शन करने के लिए जाने वाली हैं। इस दौरान वे स्थानीय नेताओं से मिलने के अलावा रोड शो का भी कार्यक्रम है। एमपी में अशोकनगर जिले के राजपुर पहुंचे सिंधिया ने कहा कि यदि प्रियंका गांधी मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों के लिए होने वाले आगामी उपचुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में चुनाव प्रचार करतीं हैं, तो भी बीजेपी को जीतने में कोई कठिनाई नहीं होगी। सिंधिया ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘ये मेरा मध्य प्रदेश एवं मेरा ग्वालियर-चंबल संभाग सबका स्वागत करता है।’ उनसे मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी उपचुनाव में, विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में प्रियंका गांधी द्वारा चुनाव प्रचार करने की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया था। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सिंधिया का गढ़ कहलाता है और प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से 16 सीटें इसी इलाके में आती हैं। सिंधिया ने कहा कि सभी 28 सीटों पर बीजेपी का परचम लहराएगा और आगे आने वाले वर्षों में हम प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने की पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार ने भ्रष्टाचार कर प्रदेश को तबाह कर दिया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फिर से प्रदेश को विकास के मार्ग पर ले जाएंगे।

MP : चावल, यूरिया घोटाला के साथ फसल बीमा पर बीजेपी बैकफुट पर, कांग्रेस हमलावर

भोपाल. उपचुनाव में कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घोटालों को लेकर घेरने की रणनीति बनाई है। क्योंकि प्रदेश में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार की एजेंसियां सरकार को अलर्ट कर रही हैं. उप चुनाव सिर पर हैं ऐसे में विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. मध्य प्रदेश में बीते दिनों केंद्र सरकार ने बालाघाट-मंडला में हुए चावल घोटाले पर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए थे. केंद्रीय एजेंसी ने माना था कि प्रदेश में बालाघाट और मंडला में पोल्ट्री ग्रेड का चावल गरीबों को बांटा गया है. इसके बाद राज्य सरकार ने हरकत में आते हुए तत्काल पूरे मामले में एक्शन लेना शुरू किया. यूरिया घोटाला को लेकर केंद्र सरकार ने यूरिया घोटाले को लेकर भी प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर आगाह किया. केंद्र सरकार ने यूरिया घोटाले में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की जानकारी भी राज्य सरकार को दी. प्रदेश में सहकारी समितियों ने किसानों को यूरिया देने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया. इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार ने राज्य को दी. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पोर्टल में मध्य प्रदेश के 6511 गांव के नाम दर्ज नहीं हैं. इस पर भी केंद्र ने हाल ही में प्रदेश के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर जानकारी दी.इसके बाद सीएजी की रिपोर्ट में भोपाल और इंदौर में दूषित पानी सप्लाई और लोगों के स्वाद के साथ खिलवाड़ करने की रिपोर्ट दी गई. प्रदेश में हो रही गड़बड़ी पर केंद्रीय एजेंसियों के पत्रों पर सियासत छिड़ गई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद गड़बड़ियां हो रही हैं और प्रशासनिक अफसरों पर सरकार का कंट्रोल नहीं है. बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर जवाबी हमला बोला है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कांग्रेस ने तय कर लिया है कि मीठा-मीठा गप गप, कड़वा कड़वा थू थू. यानी कि केंद्रीय एजेंसियां जिसकी तारीफ करती हैं उसको लेकर विपक्ष बात नहीं करता है और जिसमें केंद्रीय एजेंसियां प्रदेश सरकार की गड़बड़ी की रिपोर्ट भेजती है,वहां कांग्रेस सियासत करने लगती है. केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट पर प्रदेश में तत्काल कार्रवाई होती है.

नहीं रहे बॉलीवुड के मशहूर गायक बालासुब्रमण्यम

मुंबई. 74 साल के सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे कोरोनावायरस संक्रमण से जूझ रहे थे। 5 अगस्त को हॉस्पिटल में एडमिट हुए बालू की हालत 48 घंटों से बेहद नाजुक बनी हुई थी और वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। कोरोना संक्रमण के कारण दोपहर एक बजे एसपी के फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था। एसपी का पार्थिव शरीर देर शाम 6 बजे उनके घर पहुंचा। बालू का अंतिम संस्कार शनिवार को रेड हिल्स तमाराईपक्कम स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा। एसपी के परिवार में उनके बेटे चरण, पत्नी सावित्री, बहन शैलजा और बेटी पल्लवी हैं, जो एसपी की हालत बिगड़ने पर सुबह से ही हॉस्पिटल में थीं। पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित बालासुब्रमण्यम ने 6 भाषाओं में 40 हजार से ज्यादा गाने गाए। बॉलीवुड में कमल हासन, संजय दत्त और सलमान खान की रोमांटिक फिल्मों के सबसे लोकप्रिय गाने एसपी ने ही गाए हैं। इनमें सागर, एक-दूजे के लिए, साजन, मैंने प्यार किया और हम आपके हैं कौन सबसे ऊपर है। आखिरी बार 5 अगस्त को फैन्स को मैसेज दिया था एसपी इंस्टाग्राम पर 5 अगस्त को आखिरी बार फैन्स से रूबरू हुए थे। एक वीडियो पोस्ट कर उन्होंने कहा था, “दो-तीन दिनों से मुझे थोड़ी परेशानी हो रही थी। सर्दी और बुखार भी था। मैं इसे आसानी से नहीं लेना चाहता था। जब जांच करवाने के लिए अस्पताल गया तो डॉक्टरों ने कहा कि यह कोरोना का हल्का मामला है। उन्होंने मुझे घर पर रहने और दवा लेने के लिए कहा। लेकिन, मैं ऐसा नहीं करना चाहता था क्योंकि मेरा परिवार बहुत चिंतित है। मैं अस्पताल में भर्ती हो गया। दो दिनों में मैं ठीक हो जाऊंगा। मैं यहां आराम करने के लिए आया हूं, इसलिए आप सभी का कॉल नहीं रिसीव कर सकता। मेरी चिंता के लिए धन्यवाद।”

MP : सिंधिया को घेरने के लिए पायलट को चुनाव मैदान में उतारेगी कांग्रेस

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव में कांग्रेस ने अपने से अलग हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए उनके पुराने दोस्त और राहुल गांधी के करीबियों को चुनाव प्रचार के मैदान में उतारा जा सकता है। राज्य में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव सियासी तौर पर कांग्रेस के पूर्व नेता और वर्तमान में भाजपा के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए सबसे अहम माने जा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा तो कमलनाथ की सरकार गिर गई और भाजपा को फिर से सत्ता संभालने का मौका मिला। राज्य में जिन 28 विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव होने वाले हैं उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके से आती हैं और इन क्षेत्रों की हार-जीत सिंधिया के राजनीतिक भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ग्वालियर-चंबल इलाके को सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इस इलाके में भारी बढ़त मिली थी। सिंधिया के करीब रहे नेताओं को मैदान में उतार सकती है कांग्रेस कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने सिंधिया को घेरने के लिए युवाओं की टीम चुनाव प्रचार में उतारने का मन बनाया है। इस टीम में राहुल गांधी के करीबियों में शामिल सचिन पायलट, आरपीएन सिंह, जितेंद्र सिंह सहित कई युवा नेताओं को प्रचार में आगे किया जा सकता है। कांग्रेस युवा नेताओं की जरिए सिंधिया को घेरना चाहती है और उसके लिए कभी सिंधिया के करीबी रहे साथी सबसे ज्यादा उपयोग के लायक लग रहे हैं। सिंधिया के दोस्त पायलट करेंगे कांग्रेस का प्रचार सूत्रों के मुताबिक, बीते रोज प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के दिल्ली दौरे के दौरान भी चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा हुई है। राज्य में कई विधानसभा क्षेत्रों में गुर्जर मतदाता है और वे चुनावी नतीजों को भी प्रभावित करते है। लिहाजा कमलनाथ चाहते हैं कि पायलट को उप-चुनाव के प्रचार में उनका उपयोग किया जाए। कमलनाथ पायलट को प्रचार के लिए राज्य में लाकर दूसरे नेताओं के प्रभाव को भी पार्टी के भीतर कम करना चाह रहे हैं। सिंधिया के प्रभाव को पायलट कम कर सकते हैं राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि कांग्रेस में सचिन पायलट की पहचान उर्जावान और अपनी बात को बेवाक तरीके से कहने वाले नेता की तो है ही, साथ ही आमजन के बीच भी पायलट को पसंद किया जाता है। सिंधिया के जाने से कांग्रेस को नुकसान हुआ है, उप-चुनाव में सिंधिया के प्रभाव को रोकने में कांग्रेस का नए और चमकदार चेहरे का उपयोग कारगर हो सकता है। कांग्रेस अगर ऐसा करने में सफ ल होती है तो चुनाव और भी रोचक हो जाएंगे। कांग्रेस चार सचिवों की नियुक्ति पहले ही कर चुकी है कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सियासत के नए समीकरण बन रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ चाहते हैं कि राज्य के उन नेताओं को ही सक्रिय किया जाए जो उनके करीबी हैं, वही दूसरे राज्यों के उन नेताओं को राज्य में प्रचार के लिए भेजा जाए जिनकी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से नजदीकियां हैं। राज्य में आगामी विधानसभा के उपचुनाव में नई कांग्रेस देखने को मिल सकती है। वैसे भी उपचुनाव के लिए पार्टी हाईकमान ने चार सचिवों की पहले ही तैनाती की है और वे कमलनाथ के साथ पार्टी हाईकमान के बीच रहकर चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर उतारने में लगे हैं।

ब्याह रचाओ, पैसा पाओ : जापान में युवा शादी से कतरा रहे, जोड़ों को चार लाख रुपए देगी

टोक्यो। जापान में सरकार ने घर बसाने के इच्छुक जोड़ों को छह लाख येन यानी करीब 4.25 लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि लोग शादी कर जल्द बच्चे पैदा करें और देश में तेजी से गिरती जा रही जन्म दर पर काबू पाया जा सके। इसके लिए सरकार अप्रैल से बड़े पैमाने पर इनाम देने का कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। जापान की आबादी करीब 12.68 करोड़ है पिछले साल जापान में ऐतिहासिक रूप से सबसे कम 8 लाख 65 हजार बच्चों का जन्म हुआ। जन्म की तुलना में मौत का आंकड़ा पांच लाख 12 हजार ज्यादा रहा। यह भी जन्म, मृत्यु में सबसे बड़ा अंतर है। सरकार काे उम्मीद है कि इस साल जन्मदर पिछले साल के 1.42% से कुछ अधिक 1.8% रहेगी। जापान की आबादी करीब 12.68 करोड़ है। जनसंख्या के हिसाब से जापान दुनिया का सबसे बुजुर्ग देश है। यहां 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर जन्म दर की स्थिति यही रही तो यहां 2040 तक बुजुर्गों की आबादी 35% से ज्यादा हो जाएगी। इस अंतर को पाटने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर यह अभियान शुरू किया है। योजना में शामिल होने के लिए सरकार ने कुछ शर्तें रखी हैं योजना में शामिल होने के लिए सरकार ने कुछ शर्तें रखी हैं। जैसे जोड़े की उम्र 40 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए और दोनों की कुल कमाई 38 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसी तरह जिन जोड़ों की उम्र 35 साल से नीचे की होगी, उनकी कुल कमाई 33 लाख रुपए से अधिक न हो। उन्हें 2.11 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। युवा पैसों की कमी की वजह से शादी नहीं कर रहे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी रिसर्च ने 2015 में एक सर्वे किया था। इसमें यह यह बात सामने आई कि 25-34 साल के करीब 30% अविवाहित लड़कों और 18% अविवाहित लड़कियों ने शादी न करने के फैसले की वजह धन की कमी को बताया। और भी देशों में जन्म दर बढ़ाने पर इनाम मिलता है इटली: यह इटली दूसरा ऐसा देश है, जहां तेजी से जन्म दर गिर रही है। यहां हर जोड़े को एक बच्चा होने पर सरकार की ओर से 70 हजार रुपए दिए जाते हैं। एस्ताेनिया: यूरोपीय देश एस्ताेनिया में जन्म दर बढ़ाने के लिए नौकरी करने वाले को डेढ़ साल तक पूरे वेतन के साथ छुट्‌टी दी जाती है। साथ ही तीन बच्चे वाले परिवार को हर महीने 300 यूरो यानी करीब 25 हजार रुपए का बोनस मिलता है। ईरान: यहां पुरुषों की नसबंदी पर पाबंदी है। यहां गर्भनिरोधक दवाएं उन्हीं महिलाओं को दी जाती हैं जिनको स्वास्थ्य कारणों से यह दवा लेना जरूरी होता है। ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवार को अतिरिक्त राशन दिया जाता है।

नाक बहने, छींक आने का मतलब कोरोना नहीं, जानें किस आयु में दिखाई देते हैं कौन लक्षण

नई दिल्ली . बच्चे को नाक बहने, बार-बार छींक आने या सीने में जकड़न की शिकायत हो तो घबराएं नहीं। जरूरी नहीं कि ये लक्षण आपके जिगर के टुकड़े के कोरोना संक्रमण की जद में आने का संकेत हों। मुमकिन है कि वह साधारण सर्दी-जुकाम या फ्लू से जूझ रहा हो। किंग्स कॉलेज लंदन के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर टिम स्पेक्टर ने ‘कोविड सिम्पटम स्टडी ऐप’ से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर यह दावा किया है। स्पेक्टर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे सर्दी-जुकाम से परेशान होकर बच्चे को कोरोना जांच के लिए अस्पताल लेकर न दौड़ें। इससे न सिर्फ टेस्टिंग की प्रक्रिया में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है, बल्कि संक्रमितों की समय रहते पहचान कर वायरस के प्रसार पर लगाम लगाने की कोशिशें भी प्रभावित हो रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक ब्रिटेन में कोरोना जांच करवाने वाले कुल संदिग्धों में 25 फीसदी ऐसे हैं, जिन्हें टेस्टिंग की जरूरत ही नहीं थी। मामूली सर्दी-जुकाम होने पर भी उन्होंने मन की तसल्ली के लिए कोरोना जांच करवाई। हर आयुवर्ग में अलग लक्षण -स्पेक्टर ने बताया कि सार्स-कोव-2 वायरस से संक्रमित अलग-अलग उम्र के मरीजों में अलग-अलग लक्षण उभर सकते हैं। 18 साल से कम और 65 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों में बुखार, खांसी और सूंघने-स्वाद चखने की क्षमता कमजोर पड़ जाए, यह जरूरी नहीं जबकि इन तीनों ही लक्षणों को व्यक्ति के कोरोना पीड़ित होने की मुख्य निशानी करार दिया जाता है। ऐसे में नाक बहने या छींक आने मात्र पर कोरोना जांच के लिए दौड़ने का कोई फायदा नहीं है। यह समय और संसाधनों की बर्बादी भर है। 52% बच्चों को बुखार-जुकाम नहीं -‘कोविड सिम्पटम स्टडी ऐप’ से मिले आंकड़ों पर नजर डालें तो ब्रिटेन में 18 साल से कम उम्र के 52 फीसदी संक्रमितों में सर्दी-जुकाम, बुखार और सूंघने की शक्ति कमजोर पड़ने जैसे लक्षण नहीं पनपे। वहीं, 33 प्रतिशत बच्चों में तो ऐप में दर्ज 20 में से एक भी लक्षण नहीं दर्ज किए गए। इसका मतलब यह है कि वे ‘एसिम्टोमैटिक’ थे। उनकी पहचान संक्रमित के संपर्क में आने के बाद हुई जांच के चलते की जा सकी। ‘कोविड सिम्पटम स्टडी ऐप’ पर ढाई लाख बच्चों का डाटा दर्ज है। इनमें 198 में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। 90% स्वैब जांच के नतीजे नेगेटिव -ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो देश में रोजाना दो लाख से अधिक संदिग्धों के स्वैब नमूने इकट्ठे किए जा रहे हैं। इससे जांच प्रक्रिया में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का काम धीमा पड़ रहा है और रिपोर्ट में देरी की शिकायत लगातार बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि लगभग 90 फीसदी मामलों में स्वैब जांच की रिपोर्ट नेगेटिव आती है। यानी लोग जल्दबाजी में कोरोना जांच करवा रहे हैं। इससे जो वास्तविक रूप में संक्रमित हैं, उन लोगों की पहचान में देरी हो रही है और कोरोना की रोकथाम में मुश्किल आ रही है। बच्चों में सबसे आम लक्षण- -55% बच्चों को थकान, सुस्ती की शिकायत होती है -54% में सिरदर्द और चक्कर जैसे लक्षण उभरते हैं -49% तेज बुखार और बदनदर्द का सामना करते हैं -38% के गले में खराश होती है, 35% की भूख मिट जाती है व्यस्कों में संक्रमण की निशानी -87% वयस्कों में थकान, सुस्ती की समस्या पनपती है -72% को सिरदर्द और चक्कर की शिकायत सताती है -60% की सूंघने, स्वाद महसूस करने की क्षमता खो जाती है -54% लगातार खांसी तो 49% गले में खराश की समस्या से परेशान रहते हैं

कश्मीर में एनकाउंटर:सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में 3 आतंकी मार गिराए; 2 जवान घायल

श्रीनगर। श्रीनगर के बाटमालू इलाके में सुरक्षाबलों ने गुरुवार को 3 आतंकी मार गिराए। आतंकियों की तरफ से हुए फायरिंग सीआरपीएफ के 2 जवान घायल हो गए और एक महिला की मौत हो गई। आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सिक्योरिटी फोर्सेज ने तड़के करीब 2.30 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इस बीच आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे पहले 5 सितंबर को सुरक्षाबलों ने बारामूला में 3 आतंकी मार गिराए थे। आतंकियों के पास 2 एके-47, 2 मैगजीन और एक पिस्टल मिली थी। पाकिस्तान से आतंकी घुसपैठ के इनपुट के बाद जम्मू-कश्मीर की पुलिस और आर्मी ने पिछले कई महीनों से सर्च ऑपरेशन छेड़ रखा है। सुरक्षाबलों ने इस साल 72 ऑपरेशंस में 177 आतंकी ढेर किए जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रीनगर के इलाके में इस साल 7 एनकाउंटर में 16 आतंकी मारे गए हैं। वहीं पूरे राज्य में 72 ऑपरेशंस में अब तक 177 आतंकी ढेर किए जा चुके हैं। अलग-अलग राज्यों के कुछ लोग आईएस में शामिल हो रहे सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि दक्षिण के राज्यों समेत अलग-अलग राज्यों से कुछ लोग आतंकी संगठन आईएस में शामिल हुए हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में आईएस की मौजूदगी से जुड़े 17 मामले दर्ज किए हैं और 122 आरोपी गिरफ्तार किए हैं।

ग्वालियर में चुनाव से पहले झड़प, शिवराज के मंत्री ने कांग्रेस नेता का गला पकड़ा

ग्वालियर. ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर उपचुनाव की जंग शुरू होने से पहले ही कांग्रेस और बीजेपी में सड़क पर झड़प होने लगी है. नगर निगम ने कमलनाथ के स्वागत के लिए लगाए कुछ पोस्टर हटाए तो कांग्रेसियों ने हंगामा खड़ा कर दिया. कार्यकर्ताओं ने फूलबाग चौराहा पर चक्काजाम कर दिया. इस दौरान केबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर यहां पहुंचे तो कांग्रेसियों ने उनका घेराव कर दिया. मंत्री भी आपा खो बैठे और कांग्रेस कार्यकर्ता से बदसुलूकी कर दी. इससे उत्तेजित कार्यकर्ताओ की उनसे और पुलिस से झड़प हो गई. 18 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ग्वालियर-चंबल के दो दिन के चुनावी दौरे पर आ रहे हैं.इस इवेंट को जोरदार बनाने के लिए शहर में कांग्रेस ने कमलनाथ के होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर लगाए हैं. फूलबाग पर लगे कुछ पोस्टर बैनर नगर निगम अमले ने हटा दिए.जब निगम का अमला पोस्टर बैनर हटा रहा था तो कांग्रेसियों को भनक लग गई.थोड़ी देर में पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता फूलबाग पर जमा हो गए. इन लोगों ने हंगामा कर दिया और फूलबाग चौराहे पर धरना देकर बैठ गए. कांग्रेसियों ने सिंधिया के खिलाफ भी नारेबाज़ी की. लाखन सिंह ने प्रशासन पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया. उनका आरोप है कि बीजेपी कमलनाथ और कांग्रेस के जोरदार माहौल से डर गई है. अब कांग्रेस को रोकने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. कैबिनेट मंत्री पहुंचे तो बवाल बढ़ा,झूमा झटकी जिस वक्त फूलबाग चौराहे पर कांग्रेसियों का धरना चल रहा था, उस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर मांझी समाज से मुलाकात करने पहुंच गए. मंत्री को आता देख कुछ कांग्रेसी उनके सामने नारेबाजी करने लगे.पहले मंत्री प्रधुम्न ने कांग्रेसियों को मना किया, लेकिन जब मंत्री के सामने अड़ गए तो मंत्री ने अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला पदाधिकारी नाज़िम खान का गला पकड़ लिया. मामला बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और कांग्रेसियों को हटाया. सिंधिया का पुतला फूंका, थाना घेरा मंत्री से विवाद के बाद भड़के कांग्रेसियों ने फूलबाग पर प्रदर्शन किया. कांग्रेसियों ने सिंधिया का पुतला फूंका और मंत्री पर कार्रवाई की मांग को लेकर 3 घंटे तक सड़क पर धरना दिया. देर शाम कांग्रेसियों ने पड़ाव थाना का घेराव किया.थाना परिसर में नारेबाजी कर कांग्रेसियों ने मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर और भाजपाईयों पर FIR की मांग की. कांग्रेस के आवेदन पर पुलिस अफसरों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.कांग्रेस ने 24 घंटे में कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनीदी है.

वैक्सीन का काम कर रहा मास्क

इंटरनेशनल जर्नल की रिपोर्ट में दावा- 90%वायरस रोक लेता है मास्क और इस तरह से मास्क वैक्सीन का काम कर रहा  | यह दावा इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की हाल ही में प्रकाशित एक ताजा शोध में किया गया है। इस रिपोर्ट को तैयार किया है अमेरिका के सैनफ्रांसिस्को के स्कूल ऑफ मेडिसिन की प्रोफेसर (मेडिसिन) मोनिका गांधी और एपिडियोमॉलिजी एंड बायोइन्फोमैटिक्स के प्रोफेसर जॉर्ज रदरफोर्ड ने। रिपोर्ट कहती है कि फेसमास्क काफी हद तक वैक्सीन जैसा ही काम कर रहा है।

कंगना ने ली शिवसेना से टक्कर

पांच  दिन बाद अभिनेत्री कंगना राणावतमुंबई से हिमाचल लौटीं, उन्होंने कहा- सोनिया की सेना ने आजाद कश्मीर के नारे लगवाए, वो दिन दूर नहीं जब आजादी की कीमत सिर्फ खून होगी|

सलमान खान की पेशी

काले  हिरण शिकार एवं  आर्म्स एक्ट प्रकरण में फिल्म अभिनेता सलमान खान को जिला एवं सेशन न्यायालय जोधपुर ने 28 सितम्बर को पेश होने के आदेश दिए हैं। मामले में आज सुनवाई चल रही थी। आज सलमान की याचिका पर काला हिरण शिकार प्रकरण व राज्य सरकार की याचिका पर आर्म्स एक्ट प्रकरण की सुनवाई पूरी नहीं हो पाई और सलमान को अगली सुनवाई तिथि पर खुद कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया।

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